आईफोन कैमरा के पास ब्लैक डॉट क्यों होती है? इसका यूज जान लेंगे तो रह जाएंगे हैरान
अगर आपने गौर किया है तो आईफोन प्रो मॉडल्स के कैमरा के पास एक ब्लैक डॉट होती है. आईफोन 17 प्रो मॉडल्स की बात करें तो इसे कैमरा मॉड्यूल में फ्लैशलाइट के नीचे प्लेस किया गया है. क्या आपने सोचा है कि यह ब्लैक डॉट क्यों होती है और इसका क्या काम होता है? आज हम आपको इस ब्लैक डॉट और इसके यूज के बारे में बताने जा रहे हैं. ब्लैक डॉट में लगा होता है सेंसर आईफोन प्रो मॉड्यूल में लगी यह ब्लैक डॉट एक LiDAR (लाइट डिटेक्शन एंड रेंजिंग) सेंसर होता है. इससे आईफोन अपने सराउंडिंग का पता लगाता है, जिससे फोटो क्वालिटी बेहतर करने, ऑगमेंटेड रिएलिटी ऐप्स चलाने और ऑब्जेक्ट को मेजर करने जैसे काम किए जाते हैं. इसके अलावा इससे लोगों की मौजूदगी का भी पता लगाया जा सकता है, जो दृष्टिबाधित लोगों के लिए एक एक्सेसिबिलिटी फीचर के तौर पर भी काम करता है. बता दें कि यह सेंसर सारे आईफोन में नहीं होता. ऐप्पल ने इसकी शुरुआत 2020 में आईफोन 12 प्रो से की थी और उसके बाद से लगातार इस सेंसर को अपग्रेड किया जाता रहा है. यह सेंसर बैकग्राउंड में अपना काम करता रहता है और आप इसे मैनुअली ऑन या ऑफ नहीं कर सकते. यह सेंसर काम कैसे करता है? इस सेंसर में एक लाइट एमिटर और रिसीवर लगा होता है. एमिटर से लाइट ऑब्जेक्ट की तरफ जाती है और वापस आकर रिसीवर पर रिसीव होती है. इससे एल्गोरिद्म कैमरा और ऑब्जेक्ट के बीच की दूरी का पता लगा लेता है. यह कम लाइट वाली कंडीशन में फोटो लेने और AR ऐप्स को यूज करने में ज्यादा काम आता है. सेंसर पर लगी ब्लैक डॉट एक प्रोटेक्टिव लेयर है, जो विजिबल लाइट को एब्जॉर्ब कर लेती है, लेकिन नियर-इंफ्रारेड लाइट इससे पास हो जाती है. ये भी पढ़ें- आईफोन की फेसआईडी नहीं कर रही काम? इस हिडन सेटिंग से बन जाएगी बात, ऐसे करें यूज
अगर आपने गौर किया है तो आईफोन प्रो मॉडल्स के कैमरा के पास एक ब्लैक डॉट होती है. आईफोन 17 प्रो मॉडल्स की बात करें तो इसे कैमरा मॉड्यूल में फ्लैशलाइट के नीचे प्लेस किया गया है. क्या आपने सोचा है कि यह ब्लैक डॉट क्यों होती है और इसका क्या काम होता है? आज हम आपको इस ब्लैक डॉट और इसके यूज के बारे में बताने जा रहे हैं.
ब्लैक डॉट में लगा होता है सेंसर
आईफोन प्रो मॉड्यूल में लगी यह ब्लैक डॉट एक LiDAR (लाइट डिटेक्शन एंड रेंजिंग) सेंसर होता है. इससे आईफोन अपने सराउंडिंग का पता लगाता है, जिससे फोटो क्वालिटी बेहतर करने, ऑगमेंटेड रिएलिटी ऐप्स चलाने और ऑब्जेक्ट को मेजर करने जैसे काम किए जाते हैं. इसके अलावा इससे लोगों की मौजूदगी का भी पता लगाया जा सकता है, जो दृष्टिबाधित लोगों के लिए एक एक्सेसिबिलिटी फीचर के तौर पर भी काम करता है. बता दें कि यह सेंसर सारे आईफोन में नहीं होता. ऐप्पल ने इसकी शुरुआत 2020 में आईफोन 12 प्रो से की थी और उसके बाद से लगातार इस सेंसर को अपग्रेड किया जाता रहा है. यह सेंसर बैकग्राउंड में अपना काम करता रहता है और आप इसे मैनुअली ऑन या ऑफ नहीं कर सकते.
यह सेंसर काम कैसे करता है?
इस सेंसर में एक लाइट एमिटर और रिसीवर लगा होता है. एमिटर से लाइट ऑब्जेक्ट की तरफ जाती है और वापस आकर रिसीवर पर रिसीव होती है. इससे एल्गोरिद्म कैमरा और ऑब्जेक्ट के बीच की दूरी का पता लगा लेता है. यह कम लाइट वाली कंडीशन में फोटो लेने और AR ऐप्स को यूज करने में ज्यादा काम आता है. सेंसर पर लगी ब्लैक डॉट एक प्रोटेक्टिव लेयर है, जो विजिबल लाइट को एब्जॉर्ब कर लेती है, लेकिन नियर-इंफ्रारेड लाइट इससे पास हो जाती है.
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