'अलगाववादी सोच वाले मौलाना...', मदनी का मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने किया खुलकर विरोध

मध्यप्रदेश के जबलपुर में आरएसएस से जुड़े मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने जमीयत- उलेमा-ए हिंद मौलाना महमूद मदनी के समुदाय असुरक्षा वाले बयान को खारिज कर दिया है.  MRM की तरफ से कहा गया है कि उनके जैसे अलगवादी सोच वाले मौलवी की वजह से भारतीय मुसलमानों की तरक्की में रुकी हुई है. संगठन के नेशनल कन्वीनर एस के मुद्दीन ने बयान जारी किया है. उन्होंने कहा है कि देश में मुसलमानों को पूरे संवैधानिक अधिकार और सुरक्षा मिली हुई है.  क्या था पूरा मामलाजमीयत-उलेमा-ए-हिंद के मौलवी महमूद मदनी ने शनिवार को भोपाल में बयान दिया था कि देश में बुलडोजर एक्शन, मॉब लिंचिंग, मुस्लिम वक्फ और इस्लामिक संस्थानों को कमजोर करने के लिए एक संगठन की तरफ से कोशिश की जा रही है. उन्होंने साथ ही कहा था कि बाबरी मस्जिद फैसला, और दूसरे अन्य फैसलों से साफ हुआ है कि कोर्ट सरकार दवाब में काम कर रही है.  'मुसलमान भारत में सबसे ज्यादा सुरक्षित' लेकिन उनकी बात से इत्तेफाक रखने वाले कई मुस्लिम नेताओं ने उनके बयान को गलत बताकर खारिज कर दिया है. एमपी के मदरसा बोर्ड के चेयरमैन मुद्दीन ने कहा कि भारत में मुसलमान किसी भी दूसरे देश से सबसे ज्यादा सुरक्षित हैं. आज देश दंगा मुक्त है. अब रोक के आदेश बेहद ही कम हो गए हैं. साथ ही उन्होंने कहा था कि 2014 में अखबारों और टेलीविजन चैनलों पर रोज दंगों की खबरें आती थीं. उन्होंने कहा कि मुस्लिम बेटे-बेटियां आज देश की आर्म्ड फोर्स समेत कई बड़ी एजेंसियों में देश की सेवा कर रही हैं. मदनी जैसे नेताओं के बयानों ने तरक्की की दौड़ में मुसलमानों को पीछे धकेल दिया है. साथ ही उन्होंने कि वन्दे मातरम इस्लाम के खिलाफ नहीं है, यह एक राष्ट्रीय गीत है, क्योंकि यह मातृभूमि को सलाम करता है.   'वंदे मातरम भारत का रष्ट्रीय गीत, इस्लाम के खिलाफ नहीं' उन्होंने कहा कि अपनी मिट्टी के प्रति समर्पण दिखाना, मुसलमानों का धर्म का हिस्सा है. आम मुस्लिम परिवार आज अपना परिवार पालने के लिए मेहनत कर रहे हैं. शांति से रह रहे हैं. मदनी जैसे नेता उन्हें गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं. आशांति की ओर धकेल रहे हैं.  उन्होंने सभी मुसलमानों से अपील की है कि वे ऐसे अलगाववादी सोच वाले मौलवियों से सावधान रहें. उनका खुलकर विरोध करें. वहीं, एमपी के भोपाल में विश्व हिंदू परिषद समेत दक्षिणपंथी संगठनों ने विरोध प्रदर्शन कर मदनी का पुतला जलाया है. 

Dec 2, 2025 - 19:30
 0
'अलगाववादी सोच वाले मौलाना...', मदनी का मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने किया खुलकर विरोध

मध्यप्रदेश के जबलपुर में आरएसएस से जुड़े मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने जमीयत- उलेमा-ए हिंद मौलाना महमूद मदनी के समुदाय असुरक्षा वाले बयान को खारिज कर दिया है.  MRM की तरफ से कहा गया है कि उनके जैसे अलगवादी सोच वाले मौलवी की वजह से भारतीय मुसलमानों की तरक्की में रुकी हुई है. संगठन के नेशनल कन्वीनर एस के मुद्दीन ने बयान जारी किया है. उन्होंने कहा है कि देश में मुसलमानों को पूरे संवैधानिक अधिकार और सुरक्षा मिली हुई है. 

क्या था पूरा मामला
जमीयत-उलेमा-ए-हिंद के मौलवी महमूद मदनी ने शनिवार को भोपाल में बयान दिया था कि देश में बुलडोजर एक्शन, मॉब लिंचिंग, मुस्लिम वक्फ और इस्लामिक संस्थानों को कमजोर करने के लिए एक संगठन की तरफ से कोशिश की जा रही है. उन्होंने साथ ही कहा था कि बाबरी मस्जिद फैसला, और दूसरे अन्य फैसलों से साफ हुआ है कि कोर्ट सरकार दवाब में काम कर रही है. 

'मुसलमान भारत में सबसे ज्यादा सुरक्षित'

लेकिन उनकी बात से इत्तेफाक रखने वाले कई मुस्लिम नेताओं ने उनके बयान को गलत बताकर खारिज कर दिया है. एमपी के मदरसा बोर्ड के चेयरमैन मुद्दीन ने कहा कि भारत में मुसलमान किसी भी दूसरे देश से सबसे ज्यादा सुरक्षित हैं. आज देश दंगा मुक्त है. अब रोक के आदेश बेहद ही कम हो गए हैं. साथ ही उन्होंने कहा था कि 2014 में अखबारों और टेलीविजन चैनलों पर रोज दंगों की खबरें आती थीं.

उन्होंने कहा कि मुस्लिम बेटे-बेटियां आज देश की आर्म्ड फोर्स समेत कई बड़ी एजेंसियों में देश की सेवा कर रही हैं. मदनी जैसे नेताओं के बयानों ने तरक्की की दौड़ में मुसलमानों को पीछे धकेल दिया है. साथ ही उन्होंने कि वन्दे मातरम इस्लाम के खिलाफ नहीं है, यह एक राष्ट्रीय गीत है, क्योंकि यह मातृभूमि को सलाम करता है.  

'वंदे मातरम भारत का रष्ट्रीय गीत, इस्लाम के खिलाफ नहीं'

उन्होंने कहा कि अपनी मिट्टी के प्रति समर्पण दिखाना, मुसलमानों का धर्म का हिस्सा है. आम मुस्लिम परिवार आज अपना परिवार पालने के लिए मेहनत कर रहे हैं. शांति से रह रहे हैं. मदनी जैसे नेता उन्हें गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं. आशांति की ओर धकेल रहे हैं. 

उन्होंने सभी मुसलमानों से अपील की है कि वे ऐसे अलगाववादी सोच वाले मौलवियों से सावधान रहें. उनका खुलकर विरोध करें. वहीं, एमपी के भोपाल में विश्व हिंदू परिषद समेत दक्षिणपंथी संगठनों ने विरोध प्रदर्शन कर मदनी का पुतला जलाया है. 

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow