अमेरिका में 23 साल की भारतीय छात्रा की मौत, वापस लाने के लिए जुटाया गया फंड; परिवार ने क्या बताया?

आंध्र प्रदेश की रहने वाली 23 वर्षीय छात्रा राज्यलक्ष्मी यर्लगड्डा (राजी) की अमेरिका में मौत हो गई है. जिसने हाल ही में अमेरिका के टेक्सास A&M यूनिवर्सिटी-कॉर्पस क्रिस्टी से ग्रैजुएशन की थी और अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी की तलाश में थी. बताया गया कि राज्यलक्ष्मी का शव उसके रूममेट्स ने सबसे पहले उनके कमरे में देखा था. हालांकि, उसकी मौत का पीछे के असली कारण का सामने आना अभी बाकी है, जिसकी जांच की जा रही है. दरअसल, राजी पिछले 2–3 दिनों से खांसी और सीने में दर्द की गंभीर समस्या से जूझ रही थी और शुक्रवार (7 नवंबर, 2025) की सुबह में उसकी मौत हो गई. राज्यलक्ष्मी के चचेरे भाई चैतन्य वाईवीके ने उसके अंतिम संस्कार और अन्य खर्चों के लिए गोफंडमी (GoFundMe) पर एक फंडरेजर भी शुरू किया है. जिसके माध्य्म से राजी का शव को अमेरिका से उसके पैतृक आवास तक पहुंचाया जा सके, उसका अंतिम संस्कार किया जा सके और उसने अपनी पढ़ाई के लिए जो लोन लिए थे. उसकी भरपाई की जा सके. डिग्री हासिल कर नौकरी की तलाश में थी राजी हैदराबाद आधारित अखबार द सियायत डेली की रिपोर्ट के मुताबिक, राज्यलक्ष्मी आंध्र प्रदेश के बापटला जिले के करंचेडु गांव की रहने वाली थी. उसने विजयवाड़ा के एक निजी कॉलेज से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की थी. साल 2023 में राजी उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका गई, जहां उसने कम्पयुटर साइंड में एमएस (MS) की डिग्री हासिल की. डिग्री हासिल करने के बाद राजी सक्रिय रूप से नौकरी की तलाश कर रही थी. रिपोर्ट के मुताबिक, राजी ने अपनी मौत से तीन दिन पहले अपने परिवार से बात करते हुए बताया था कि उसे बहुत जोर की खांसी और थकान महसूस हो रही थी. अपने परिवार को बेहतर जीवन देने के लिए अमेरिका गई थी राजी- चैतन्य वहीं, गो फंड मी पर उसके चचेरे भाई चैतन्य ने लिखा, ‘राजी अपने परिवार के बेहतर भविष्य के लिए अमेरिका गई थी. उसका परिवार अपने जीवनयापन के लिए करंचेडु में एक छोटे से खेत पर ही निर्भर है. वह एक उज्ज्वल और बेहद आशावान लड़की थीं. वह अपने माता-पिता की खेती में मदद करने और उन्हें बेहतर जीवन देने का सपना देखती थी. उसका परिवार अपने छोटे से खेत और पशुओं पर निर्भर है. राजी हमेशा चाहती थी कि वह अपनी मेहनत से अपने माता-पिता का सहारा बनें.’ यह भी पढ़ेंः CPI M leader Saira Shah Haleem: 'राहुल गांधी को करती हूं बहुत पसंद', CPI(M) नेता Saira Shah Halim ने ऐसा क्यों कहा?

Nov 10, 2025 - 17:30
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अमेरिका में 23 साल की भारतीय छात्रा की मौत, वापस लाने के लिए जुटाया गया फंड; परिवार ने क्या बताया?

आंध्र प्रदेश की रहने वाली 23 वर्षीय छात्रा राज्यलक्ष्मी यर्लगड्डा (राजी) की अमेरिका में मौत हो गई है. जिसने हाल ही में अमेरिका के टेक्सास A&M यूनिवर्सिटी-कॉर्पस क्रिस्टी से ग्रैजुएशन की थी और अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी की तलाश में थी. बताया गया कि राज्यलक्ष्मी का शव उसके रूममेट्स ने सबसे पहले उनके कमरे में देखा था. हालांकि, उसकी मौत का पीछे के असली कारण का सामने आना अभी बाकी है, जिसकी जांच की जा रही है.

दरअसल, राजी पिछले 2–3 दिनों से खांसी और सीने में दर्द की गंभीर समस्या से जूझ रही थी और शुक्रवार (7 नवंबर, 2025) की सुबह में उसकी मौत हो गई. राज्यलक्ष्मी के चचेरे भाई चैतन्य वाईवीके ने उसके अंतिम संस्कार और अन्य खर्चों के लिए गोफंडमी (GoFundMe) पर एक फंडरेजर भी शुरू किया है. जिसके माध्य्म से राजी का शव को अमेरिका से उसके पैतृक आवास तक पहुंचाया जा सके, उसका अंतिम संस्कार किया जा सके और उसने अपनी पढ़ाई के लिए जो लोन लिए थे. उसकी भरपाई की जा सके.

डिग्री हासिल कर नौकरी की तलाश में थी राजी

हैदराबाद आधारित अखबार द सियायत डेली की रिपोर्ट के मुताबिक, राज्यलक्ष्मी आंध्र प्रदेश के बापटला जिले के करंचेडु गांव की रहने वाली थी. उसने विजयवाड़ा के एक निजी कॉलेज से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की थी. साल 2023 में राजी उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका गई, जहां उसने कम्पयुटर साइंड में एमएस (MS) की डिग्री हासिल की. डिग्री हासिल करने के बाद राजी सक्रिय रूप से नौकरी की तलाश कर रही थी.

रिपोर्ट के मुताबिक, राजी ने अपनी मौत से तीन दिन पहले अपने परिवार से बात करते हुए बताया था कि उसे बहुत जोर की खांसी और थकान महसूस हो रही थी.

अपने परिवार को बेहतर जीवन देने के लिए अमेरिका गई थी राजी- चैतन्य

वहीं, गो फंड मी पर उसके चचेरे भाई चैतन्य ने लिखा, ‘राजी अपने परिवार के बेहतर भविष्य के लिए अमेरिका गई थी. उसका परिवार अपने जीवनयापन के लिए करंचेडु में एक छोटे से खेत पर ही निर्भर है. वह एक उज्ज्वल और बेहद आशावान लड़की थीं. वह अपने माता-पिता की खेती में मदद करने और उन्हें बेहतर जीवन देने का सपना देखती थी. उसका परिवार अपने छोटे से खेत और पशुओं पर निर्भर है. राजी हमेशा चाहती थी कि वह अपनी मेहनत से अपने माता-पिता का सहारा बनें.’

यह भी पढ़ेंः CPI M leader Saira Shah Haleem: 'राहुल गांधी को करती हूं बहुत पसंद', CPI(M) नेता Saira Shah Halim ने ऐसा क्यों कहा?

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