अमेरिका ने ट्रेड डील फैक्टशीट में क्यों किया इतना बड़ा बदलाव? भारतीय विदेश मंत्रालय ने दिया ये जवाब

अमेरिका ने हाल ही में ट्रेड डील फैक्टशीट में कुछ बदलाव किए थे, जिसको लेकर अब भारत की ओर से प्रतिक्रिया आई है. भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि अमेरिका की ओर से ट्रेड डील में किए गए बदलाव दोनों देशों के बीच बनी साझा समझ के अनुरूप हैं. MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि यह ट्रेड डील के सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने का संकेत है.  व्हाइट हाउस की ओर से जारी की गई फैक्टशीट में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं. ट्रंप प्रशासन की ओर से किए गए इन बदलावों से भारत को बड़ी राहत मिल सकती है. इस फैक्टशीट में जो सबसे बड़ी बात है वो है कि पहले अमेरिका ने भारत द्वारा 500 अरब डॉलर से अधिक अमेरिकी उत्पाद खरीदने को प्रतिबद्धता बताया था, लेकिन बाद में जारी हुई संशोधित फैक्टशीट में इसे खरीदने के इरादे या फिर योजना के रूप में दिखाया गया है.   विदेश मंत्रालय ने क्या जानकारी दी है ? उन्होंने बताया, 'हम आपसी फायदे वाले ट्रेड पर एक अंतरिम समझौते के साथ जॉइंट स्टेटमेंट पर सहमत हुए हैं. जॉइंट स्टेटमेंट एक फ्रेमवर्क है. इस मामले में हमारी साझा समझ को आधार बनाया गया है. यूएस फैक्टशीट में बदलाव दोनों देशों के बीच बनी साझा समझ को दर्शाते हैं.'  दोनों देशों के बीच हुई ट्रेड डील को लेकर जॉइंट स्टेटमेंट जारी किया गया था. इसके बाद 9 फरवरी को अमेरिका ने एक फैक्ट शीट जारी की थी. इसमें 9 फरवरी को दोनों देशों के बीच हुई ऐतिहासिक डील से जुड़ी अधिक जानकारी को जोड़ा गया है. हालांकि, 10 फरवरी को अमेरिका की तरफ से इस शीट में बदलाव किया गया.  नई फैक्टशीट में भारत ने यूएस के कृषि सामानों को लिस्ट से हटा दिया है. इसमें कुछ दालें शामिल हैं, जिन पर टैरिफ कम करने या खत्म करने पर सहमति जताई गई थी. डील में हुए नए बदलावों पर व्हाइट हाउस ने क्या बताया? व्हाइट हाउस की तरफ से कहा गया है कि भारत सभी यूएस इंडस्ट्रियल सामानों और यूएस के फूड प्रोडक्ट्स, कृषि के कई प्रोडक्ट पर अपने टैरिफ को खत्म करने या कम करने पर सहमत हुआ है. इनमें प्रोसेस्ड फल, कुछ दालें, सोयाबीन का तेल, वाइन और स्पिरिट्स समेत अन्य प्रोडक्ट शामिल हैं.  बदली हुई फैक्टशीट से अमेरिका के एनर्जी गुड्स, एयरक्राफ्ट, कीमती मेटल्स और दूसरी चीजों पर 500 बिलियन इन्वेस्ट करने के भारत के कमिटमेंट को भी एडिट किया गया है. इसमें लिखा गया है कि भारत ज्यादा अमेरिकी सामान खरीदने का इरादा रखता है.  दरअसल, दोनों देशों की बीच कई महीनों की बातचीत के बाद ऐलान किया गया है कि वे एक ट्रेड एग्रीमेंट पर पहुंच गए हैं. इस डील पर जोर अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने दिया था. इसके कुछ दिन बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने सोशल मीडिया से इसकी पुष्टी की थी. दोनों देशों की तरफ से 7 फरवरी को जॉइंट स्टेटमेंट जारी किया गया था. इसे अंतरिम फ्रेमवर्क बताया गया था.

Feb 12, 2026 - 20:30
 0
अमेरिका ने ट्रेड डील फैक्टशीट में क्यों किया इतना बड़ा बदलाव? भारतीय विदेश मंत्रालय ने दिया ये जवाब

अमेरिका ने हाल ही में ट्रेड डील फैक्टशीट में कुछ बदलाव किए थे, जिसको लेकर अब भारत की ओर से प्रतिक्रिया आई है. भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि अमेरिका की ओर से ट्रेड डील में किए गए बदलाव दोनों देशों के बीच बनी साझा समझ के अनुरूप हैं. MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि यह ट्रेड डील के सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने का संकेत है. 

व्हाइट हाउस की ओर से जारी की गई फैक्टशीट में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं. ट्रंप प्रशासन की ओर से किए गए इन बदलावों से भारत को बड़ी राहत मिल सकती है. इस फैक्टशीट में जो सबसे बड़ी बात है वो है कि पहले अमेरिका ने भारत द्वारा 500 अरब डॉलर से अधिक अमेरिकी उत्पाद खरीदने को प्रतिबद्धता बताया था, लेकिन बाद में जारी हुई संशोधित फैक्टशीट में इसे खरीदने के इरादे या फिर योजना के रूप में दिखाया गया है.  

विदेश मंत्रालय ने क्या जानकारी दी है ?

उन्होंने बताया, 'हम आपसी फायदे वाले ट्रेड पर एक अंतरिम समझौते के साथ जॉइंट स्टेटमेंट पर सहमत हुए हैं. जॉइंट स्टेटमेंट एक फ्रेमवर्क है. इस मामले में हमारी साझा समझ को आधार बनाया गया है. यूएस फैक्टशीट में बदलाव दोनों देशों के बीच बनी साझा समझ को दर्शाते हैं.' 

दोनों देशों के बीच हुई ट्रेड डील को लेकर जॉइंट स्टेटमेंट जारी किया गया था. इसके बाद 9 फरवरी को अमेरिका ने एक फैक्ट शीट जारी की थी. इसमें 9 फरवरी को दोनों देशों के बीच हुई ऐतिहासिक डील से जुड़ी अधिक जानकारी को जोड़ा गया है. हालांकि, 10 फरवरी को अमेरिका की तरफ से इस शीट में बदलाव किया गया. 

नई फैक्टशीट में भारत ने यूएस के कृषि सामानों को लिस्ट से हटा दिया है. इसमें कुछ दालें शामिल हैं, जिन पर टैरिफ कम करने या खत्म करने पर सहमति जताई गई थी.

डील में हुए नए बदलावों पर व्हाइट हाउस ने क्या बताया?

व्हाइट हाउस की तरफ से कहा गया है कि भारत सभी यूएस इंडस्ट्रियल सामानों और यूएस के फूड प्रोडक्ट्स, कृषि के कई प्रोडक्ट पर अपने टैरिफ को खत्म करने या कम करने पर सहमत हुआ है. इनमें प्रोसेस्ड फल, कुछ दालें, सोयाबीन का तेल, वाइन और स्पिरिट्स समेत अन्य प्रोडक्ट शामिल हैं. 

बदली हुई फैक्टशीट से अमेरिका के एनर्जी गुड्स, एयरक्राफ्ट, कीमती मेटल्स और दूसरी चीजों पर 500 बिलियन इन्वेस्ट करने के भारत के कमिटमेंट को भी एडिट किया गया है. इसमें लिखा गया है कि भारत ज्यादा अमेरिकी सामान खरीदने का इरादा रखता है. 

दरअसल, दोनों देशों की बीच कई महीनों की बातचीत के बाद ऐलान किया गया है कि वे एक ट्रेड एग्रीमेंट पर पहुंच गए हैं. इस डील पर जोर अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने दिया था. इसके कुछ दिन बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने सोशल मीडिया से इसकी पुष्टी की थी. दोनों देशों की तरफ से 7 फरवरी को जॉइंट स्टेटमेंट जारी किया गया था. इसे अंतरिम फ्रेमवर्क बताया गया था.

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow