अब जेब में कार्ड नहीं, फोन ही बनेगा मेट्रो पास! मिनटों में सेट करें ये कमाल का फीचर

Smartphone Tips: अगर आप रोज़ मेट्रो से सफर करते हैं तो मेट्रो कार्ड संभालकर रखना अपने आप में एक झंझट बन जाता है. कई बार कार्ड घर रह जाता है कभी खो जाता है और फिर टिकट काउंटर की लाइन में लगना मजबूरी बन जाती है. लेकिन अब इस परेशानी से छुटकारा मिल सकता है क्योंकि आप अपने स्मार्टफोन को ही मेट्रो कार्ड की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके लिए न तो किसी फिजिकल कार्ड की जरूरत है और न ही बार-बार टिकट लेने की. QR टिकट से संभव हुआ डिजिटल सफर दरअसल, मेट्रो स्टेशनों पर अब QR कोड बेस्ड टिकटिंग सिस्टम शुरू हो चुका है. इसी तकनीक की मदद से फोन में ऐसा QR कोड बनाया जा सकता है जिसे बार-बार इस्तेमाल किया जा सके. खास बात यह है कि यह QR कोड एक ही बार जनरेट करने के बाद तब तक काम करता है जब तक उसमें बैलेंस मौजूद रहता है. यानी हर सफर से पहले नया टिकट निकालने की टेंशन खत्म. Delhi Metro Sarthi App से बनता है वर्चुअल कार्ड फोन को मेट्रो कार्ड बनाने के लिए आपको Delhi Metro Sarthi App का इस्तेमाल करना होता है जिसे पहले Momentum 2.0 के नाम से जाना जाता था. यह ऐप Android और iPhone दोनों के लिए उपलब्ध है. ऐप डाउनलोड करने के बाद मोबाइल नंबर और OTP के जरिए लॉग इन किया जाता है. लॉगिन के बाद ऐप में वर्चुअल स्मार्ट कार्ड का विकल्प मिलता है, जहां न्यूनतम राशि रिचार्ज करते ही आपका डिजिटल मेट्रो कार्ड एक्टिव हो जाता है. इसके बाद फोन में एक ऐसा QR कोड आ जाता है जिससे आप गेट पर स्कैन करके मेट्रो में एंट्री और एग्जिट दोनों कर सकते हैं. वर्चुअल मेट्रो कार्ड के बड़े फायदे फोन में मौजूद वर्चुअल कार्ड का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अब आपको न तो कार्ड साथ रखने की जरूरत है और न ही उसके खराब होने या खो जाने का डर. अगर आप पहले से ज्यादा रकम रिचार्ज करते हैं तो भी बैलेंस फंसने की चिंता नहीं रहती. इसके अलावा, फिजिकल मेट्रो कार्ड की तरह इसमें कोई सिक्योरिटी डिपॉजिट भी नहीं देना पड़ता. लाइन में लगकर कार्ड रिचार्ज कराने की झंझट भी पूरी तरह खत्म हो जाती है. सफर होगा आसान और पूरी तरह डिजिटल अगर आप चाहते हैं कि मेट्रो में सफर करना और भी आसान हो जाए तो फोन को मेट्रो कार्ड में बदलना एक स्मार्ट फैसला है. एक बार सेटअप करने के बाद बस फोन निकालिए, QR कोड स्कैन कीजिए और बिना किसी रुकावट के सफर शुरू कर दीजिए. डिजिटल इंडिया के दौर में यह तरीका न सिर्फ सुविधाजनक है बल्कि समय और मेहनत दोनों की बचत भी करता है. यह भी पढ़ें: Redmi Note 15 Pro से लेकर OnePlus Nord CE 5 तक! ये हैं 30 हजार रुपये की रेंज में आने वाले बेस्ट गेमिंग फोन

Feb 3, 2026 - 18:30
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अब जेब में कार्ड नहीं, फोन ही बनेगा मेट्रो पास! मिनटों में सेट करें ये कमाल का फीचर

Smartphone Tips: अगर आप रोज़ मेट्रो से सफर करते हैं तो मेट्रो कार्ड संभालकर रखना अपने आप में एक झंझट बन जाता है. कई बार कार्ड घर रह जाता है कभी खो जाता है और फिर टिकट काउंटर की लाइन में लगना मजबूरी बन जाती है. लेकिन अब इस परेशानी से छुटकारा मिल सकता है क्योंकि आप अपने स्मार्टफोन को ही मेट्रो कार्ड की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके लिए न तो किसी फिजिकल कार्ड की जरूरत है और न ही बार-बार टिकट लेने की.

QR टिकट से संभव हुआ डिजिटल सफर

दरअसल, मेट्रो स्टेशनों पर अब QR कोड बेस्ड टिकटिंग सिस्टम शुरू हो चुका है. इसी तकनीक की मदद से फोन में ऐसा QR कोड बनाया जा सकता है जिसे बार-बार इस्तेमाल किया जा सके. खास बात यह है कि यह QR कोड एक ही बार जनरेट करने के बाद तब तक काम करता है जब तक उसमें बैलेंस मौजूद रहता है. यानी हर सफर से पहले नया टिकट निकालने की टेंशन खत्म.

Delhi Metro Sarthi App से बनता है वर्चुअल कार्ड

फोन को मेट्रो कार्ड बनाने के लिए आपको Delhi Metro Sarthi App का इस्तेमाल करना होता है जिसे पहले Momentum 2.0 के नाम से जाना जाता था. यह ऐप Android और iPhone दोनों के लिए उपलब्ध है. ऐप डाउनलोड करने के बाद मोबाइल नंबर और OTP के जरिए लॉग इन किया जाता है. लॉगिन के बाद ऐप में वर्चुअल स्मार्ट कार्ड का विकल्प मिलता है, जहां न्यूनतम राशि रिचार्ज करते ही आपका डिजिटल मेट्रो कार्ड एक्टिव हो जाता है. इसके बाद फोन में एक ऐसा QR कोड आ जाता है जिससे आप गेट पर स्कैन करके मेट्रो में एंट्री और एग्जिट दोनों कर सकते हैं.

वर्चुअल मेट्रो कार्ड के बड़े फायदे

फोन में मौजूद वर्चुअल कार्ड का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अब आपको न तो कार्ड साथ रखने की जरूरत है और न ही उसके खराब होने या खो जाने का डर. अगर आप पहले से ज्यादा रकम रिचार्ज करते हैं तो भी बैलेंस फंसने की चिंता नहीं रहती. इसके अलावा, फिजिकल मेट्रो कार्ड की तरह इसमें कोई सिक्योरिटी डिपॉजिट भी नहीं देना पड़ता. लाइन में लगकर कार्ड रिचार्ज कराने की झंझट भी पूरी तरह खत्म हो जाती है.

सफर होगा आसान और पूरी तरह डिजिटल

अगर आप चाहते हैं कि मेट्रो में सफर करना और भी आसान हो जाए तो फोन को मेट्रो कार्ड में बदलना एक स्मार्ट फैसला है. एक बार सेटअप करने के बाद बस फोन निकालिए, QR कोड स्कैन कीजिए और बिना किसी रुकावट के सफर शुरू कर दीजिए. डिजिटल इंडिया के दौर में यह तरीका न सिर्फ सुविधाजनक है बल्कि समय और मेहनत दोनों की बचत भी करता है.

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