अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी विवाद: एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर एफआईआर, गिरफ्तारी के बाद मिली जमानत
Azim Premji University: सरजापुर स्थित अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी में एबीवीपी के विरोध प्रदर्शन के बाद मामला गर्म हो गया है. इस मामले में सरजापुर थाना में एबीवीपी कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. सरजापुर पुलिस ने विरोध प्रदर्शन के संबंध में एबीवीपी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया और उन्हें अनेकल की अदालत में पेश किया. करीब 20 कार्यकर्ताओं को जमानत मिल गई और उन्हें रात करीब 3.30 बजे रिहा कर दिया गया. प्रदर्शन के दौरान मारपीट अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी के छात्रों ने दावा किया कि एबीवीपी के विरोध प्रदर्शन के दौरान एक छात्र के साथ मारपीट की गई. छात्रों का कहना है कि कश्मीर में महिलाओं के मुद्दों पर चल रहे एक कार्यक्रम को एबीवीपी सदस्यों ने बाधित किया. छात्रों के अनुसार एबीवीपी कार्यकर्ता जबरन परिसर में घुसे, चर्चा को रोक दिया और यूनिवर्सिटी की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया. कैंपस में बढ़ा तनाव छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि एबीवीपी सदस्यों ने उन्हें देश विरोधी कहा, जिससे कैंपस में तनाव और बढ़ गया और आपसी मतभेद गहरे हो गए. इस घटना के बाद छात्रों ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को मांगों की सूची सौंपते हुए दखल देने की मांग की. उनकी मुख्य मांगें इस प्रकार हैं- राज्य सरकार आरएसएस पर प्रतिबंध लगाए. तोड़फोड़ में शामिल एबीवीपी कार्यकर्ताओं के खिलाफ तुरंत कार्रवाई हो. कैंपस में छात्रों, शिक्षकों और शैक्षणिक चर्चाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए. देर रात तक चला विरोध प्रदर्शन घटना के बाद देर रात तक कैंपस में विरोध प्रदर्शन जारी रहा. छात्रों ने नारे लगाए और माहौल तनावपूर्ण बना रहा. पुलिस ने यूनिवर्सिटी के बाहर निगरानी रखी, लेकिन विरोध प्रदर्शन कैंपस के अंदर ही सीमित रहा. अलगाववाद को बढ़ावा देने का दावा पीटीआई के अनुसार एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी के खिलाफ प्रदर्शन किया. उनका आरोप था कि संस्थान में आयोजित एक कार्यक्रम जम्मू कश्मीर में अलगाववाद को बढ़ावा दे रहा था और भारतीय सेना का अपमान कर रहा था. यूनिवर्सिटी के बाहर पुलिस बल तैनात रहा और पूरे मामले पर नजर रखी गई.
Azim Premji University: सरजापुर स्थित अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी में एबीवीपी के विरोध प्रदर्शन के बाद मामला गर्म हो गया है. इस मामले में सरजापुर थाना में एबीवीपी कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है.
सरजापुर पुलिस ने विरोध प्रदर्शन के संबंध में एबीवीपी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया और उन्हें अनेकल की अदालत में पेश किया. करीब 20 कार्यकर्ताओं को जमानत मिल गई और उन्हें रात करीब 3.30 बजे रिहा कर दिया गया.
प्रदर्शन के दौरान मारपीट
अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी के छात्रों ने दावा किया कि एबीवीपी के विरोध प्रदर्शन के दौरान एक छात्र के साथ मारपीट की गई. छात्रों का कहना है कि कश्मीर में महिलाओं के मुद्दों पर चल रहे एक कार्यक्रम को एबीवीपी सदस्यों ने बाधित किया. छात्रों के अनुसार एबीवीपी कार्यकर्ता जबरन परिसर में घुसे, चर्चा को रोक दिया और यूनिवर्सिटी की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया.
कैंपस में बढ़ा तनाव
छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि एबीवीपी सदस्यों ने उन्हें देश विरोधी कहा, जिससे कैंपस में तनाव और बढ़ गया और आपसी मतभेद गहरे हो गए. इस घटना के बाद छात्रों ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को मांगों की सूची सौंपते हुए दखल देने की मांग की. उनकी मुख्य मांगें इस प्रकार हैं-
- राज्य सरकार आरएसएस पर प्रतिबंध लगाए.
- तोड़फोड़ में शामिल एबीवीपी कार्यकर्ताओं के खिलाफ तुरंत कार्रवाई हो.
- कैंपस में छात्रों, शिक्षकों और शैक्षणिक चर्चाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए.
देर रात तक चला विरोध प्रदर्शन
घटना के बाद देर रात तक कैंपस में विरोध प्रदर्शन जारी रहा. छात्रों ने नारे लगाए और माहौल तनावपूर्ण बना रहा. पुलिस ने यूनिवर्सिटी के बाहर निगरानी रखी, लेकिन विरोध प्रदर्शन कैंपस के अंदर ही सीमित रहा.
अलगाववाद को बढ़ावा देने का दावा
पीटीआई के अनुसार एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी के खिलाफ प्रदर्शन किया. उनका आरोप था कि संस्थान में आयोजित एक कार्यक्रम जम्मू कश्मीर में अलगाववाद को बढ़ावा दे रहा था और भारतीय सेना का अपमान कर रहा था. यूनिवर्सिटी के बाहर पुलिस बल तैनात रहा और पूरे मामले पर नजर रखी गई.
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