'अगर युद्ध जीतना है तो...', आचार्य प्रशांत ने पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान पर अटैक करने के लिए गीता का दिया हवाला

Pahalgam Terror Attack: पहलगाम हमले को लेकर देश के हर हिस्से में दुख और गुस्सा है. आध्यात्म से जुड़े लोग भी इस हमले की निंदा कर रहे हैं और आतंकवाद को बुरा बता रहे हैं. मशहूर लेखक और प्रशांत अद्वैत फाउंडेशन के प्रमुख आचार्य प्रशांत ने भी पहलगाम हमले पर गुस्सा जताया.  उन्होंने आतंकियों को चेतावनी दी कि भारत गीता की धरती है और गीता को मानने वाले लोग कभी भी अन्याय के सामने हार नहीं मानते. आचार्य प्रशांत ने कही ये बात मशहूर लेखक और प्रशांत अद्वैत फाउंडेशन के प्रमुख आचार्य प्रशांत ने कहा, "भारत और पाकिस्तान के रिश्तों को लेकर आज कई घटनाएं हो रही हैं. आपने देखा होगा कि अब तो कुछ कदम भी उठाए जा रहे हैं. अभी हम गीता की बात कर रहे थे. गीता में श्रीकृष्ण अर्जुन से कहते हैं कि ऐसा कोई समय नहीं था जब तुम, मैं या अन्य योद्धा नहीं थे. अगर इस बात को और आगे सोचें, तो यह भी सच है कि दुर्योधन भी सदा से रहे हैं. अगर श्रीकृष्ण और अर्जुन सदा थे तो दुर्योधन भी हमेशा से रहे हैं और आगे भी रहेंगे. इन दुर्योधनों से निपटने के लिए गीता की शिक्षा हमेशा जरूरी रहेगी." उन्होंने आगे कहा, "समाज में कई अंधी ताकतें होती हैं, जो हिंसा करती हैं, निर्दोषों की हत्या करती हैं, अंधी मान्यताओं पर चलती हैं और जो उनके विचारों से सहमत नहीं होते, उन पर हमला करती हैं. इन अंधी ताकतों से लड़ाई हमेशा से होती आई है. श्रीकृष्ण भी दुर्योधन को समझाने गए थे, पूरी कोशिश की थी, लेकिन जब वह नहीं माने तो युद्ध करना पड़ा. अगर युद्ध जीतना है तो सिर्फ हथियारों से नहीं जीता जा सकता, गीता जैसी शिक्षा भी जरूरी है. अगर अर्जुन को गीता का ज्ञान नहीं मिलता तो वह एक भी बाण नहीं चला पाते. आज के समय में जब धर्म के नाम पर भी युद्ध हो रहे हैं तो गीता की सीख पहले से भी ज्यादा जरूरी हो गई है." 'हमें एक देश के तौर पर इसका सामना करना होगा' आचार्य प्रशांत ने कहा कि "पहलगाम का आतंकी हमला सिर्फ कुछ लोगों की बेरहमी नहीं है, बल्कि यह उस नफरत का नतीजा है जो गहरी जड़ें जमा चुकी है. हमें एक देश के तौर पर इसका सामना करना होगा." 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की मौत हो गई और 10 से ज्यादा लोग घायल हुए. यह हमला आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े टीआरएफ ने किया था. इस हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच हालात और बिगड़ गए हैं. भारत ने पाकिस्तान के साथ सिंधु जल समझौता रोक दिया है और सभी पाकिस्तानी नागरिकों को देश छोड़ने का आदेश दिया है.

Apr 28, 2025 - 10:30
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'अगर युद्ध जीतना है तो...', आचार्य प्रशांत ने पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान पर अटैक करने के लिए गीता का दिया हवाला

Pahalgam Terror Attack: पहलगाम हमले को लेकर देश के हर हिस्से में दुख और गुस्सा है. आध्यात्म से जुड़े लोग भी इस हमले की निंदा कर रहे हैं और आतंकवाद को बुरा बता रहे हैं. मशहूर लेखक और प्रशांत अद्वैत फाउंडेशन के प्रमुख आचार्य प्रशांत ने भी पहलगाम हमले पर गुस्सा जताया. 

उन्होंने आतंकियों को चेतावनी दी कि भारत गीता की धरती है और गीता को मानने वाले लोग कभी भी अन्याय के सामने हार नहीं मानते.

आचार्य प्रशांत ने कही ये बात

मशहूर लेखक और प्रशांत अद्वैत फाउंडेशन के प्रमुख आचार्य प्रशांत ने कहा, "भारत और पाकिस्तान के रिश्तों को लेकर आज कई घटनाएं हो रही हैं. आपने देखा होगा कि अब तो कुछ कदम भी उठाए जा रहे हैं. अभी हम गीता की बात कर रहे थे. गीता में श्रीकृष्ण अर्जुन से कहते हैं कि ऐसा कोई समय नहीं था जब तुम, मैं या अन्य योद्धा नहीं थे. अगर इस बात को और आगे सोचें, तो यह भी सच है कि दुर्योधन भी सदा से रहे हैं. अगर श्रीकृष्ण और अर्जुन सदा थे तो दुर्योधन भी हमेशा से रहे हैं और आगे भी रहेंगे. इन दुर्योधनों से निपटने के लिए गीता की शिक्षा हमेशा जरूरी रहेगी."

उन्होंने आगे कहा, "समाज में कई अंधी ताकतें होती हैं, जो हिंसा करती हैं, निर्दोषों की हत्या करती हैं, अंधी मान्यताओं पर चलती हैं और जो उनके विचारों से सहमत नहीं होते, उन पर हमला करती हैं. इन अंधी ताकतों से लड़ाई हमेशा से होती आई है. श्रीकृष्ण भी दुर्योधन को समझाने गए थे, पूरी कोशिश की थी, लेकिन जब वह नहीं माने तो युद्ध करना पड़ा. अगर युद्ध जीतना है तो सिर्फ हथियारों से नहीं जीता जा सकता, गीता जैसी शिक्षा भी जरूरी है. अगर अर्जुन को गीता का ज्ञान नहीं मिलता तो वह एक भी बाण नहीं चला पाते. आज के समय में जब धर्म के नाम पर भी युद्ध हो रहे हैं तो गीता की सीख पहले से भी ज्यादा जरूरी हो गई है."

'हमें एक देश के तौर पर इसका सामना करना होगा'

आचार्य प्रशांत ने कहा कि "पहलगाम का आतंकी हमला सिर्फ कुछ लोगों की बेरहमी नहीं है, बल्कि यह उस नफरत का नतीजा है जो गहरी जड़ें जमा चुकी है. हमें एक देश के तौर पर इसका सामना करना होगा." 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की मौत हो गई और 10 से ज्यादा लोग घायल हुए. यह हमला आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े टीआरएफ ने किया था. इस हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच हालात और बिगड़ गए हैं. भारत ने पाकिस्तान के साथ सिंधु जल समझौता रोक दिया है और सभी पाकिस्तानी नागरिकों को देश छोड़ने का आदेश दिया है.

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