अगर खत्म नहीं हुआ इजरायल-ईरान तनाव से 150 डॉलर के पार जा सकती है कच्चे तेल की कीमत

Iran Israel Tension: इजरायल और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. इजरायल की तरफ से ईरान को परमाणु शक्ति संपन्न बनने से रोकने के लिए उसके महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर हमले किए गए. इसके बाद ईरान की तरफ से पलटवार किया गया. ऐसे में अब मध्य पूर्व में तनाव का सीधा असर कच्चे तेल की कीमत पर पड़ता हुआ दिख रहा है. बाजार के जानकारों का कहना है कि अगर ये तनाव जारी रहा तो कच्चे तेल की कीमत 150 डॉलर प्रति बैरल के पार जा सकती है. गौरतलब है कि ईरान पर इजरायली मिसाइल गिरते ही इसकी कीमत में करीब 7 से आठ प्रतिशत का इजाफा शुक्रवार को हो गया. ब्रेंट क्रूड ऑयल का भाव 78.5 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. हालांकि, उसके बाद ये 75 डॉलर के आसपास आ गया. तेल के प्रमुख उत्पादक देशों में संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब और कतर जैसे देश हैं. ऐसे में अगर ईरान और इजरायल के बीच तनाव बंद नहीं होता है तो जिस रास्ते से रिफाइंड प्रोडक्टस या एलएनजी की सप्लाई होती है, उसे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने के बाद तेल की आपूर्ति रुक सकती है.  भारत काफी इन देशों से बड़ी तादाद में तेल आयात करवाता है. ऐसे में अगर इन देशों से तेल की सप्लाई रुकती है तो एक बड़ा संकट पैदा हो सकता है. एक तरफ जहां देश में तेल की कीमतें बढ़ेंगी, महंगाई बढ़ जाएगी तो वहीं दूसरी तरफ इसके विकल्प के तौर पर भारत को उसका तलाश करना होगा. इससे पहले भी जब रूस ने यूक्रेन के ऊपर हमला किया था, उसके बाद कच्चे तेल की कीमत में भारी बढ़ोतीर देखी गई थी. रूस की तरफ से करीब 15 लाख बैरल तेल की रोजाना सप्लाई रोके जाने की वजह से ब्रेट क्रूड ऑयल की कीमत 139 डॉलर प्रति बैरल तक आ गई थी. ये भी पढ़ें: 20 रुपये वाला ये शेयर 5 साल में दिया 1450 प्रतिशत का रिटर्न, जिसने भी लिया जोखिम वो हुआ मालामाल

Jun 14, 2025 - 15:30
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अगर खत्म नहीं हुआ इजरायल-ईरान तनाव से 150 डॉलर के पार जा सकती है कच्चे तेल की कीमत

Iran Israel Tension: इजरायल और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. इजरायल की तरफ से ईरान को परमाणु शक्ति संपन्न बनने से रोकने के लिए उसके महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर हमले किए गए. इसके बाद ईरान की तरफ से पलटवार किया गया. ऐसे में अब मध्य पूर्व में तनाव का सीधा असर कच्चे तेल की कीमत पर पड़ता हुआ दिख रहा है. बाजार के जानकारों का कहना है कि अगर ये तनाव जारी रहा तो कच्चे तेल की कीमत 150 डॉलर प्रति बैरल के पार जा सकती है.

गौरतलब है कि ईरान पर इजरायली मिसाइल गिरते ही इसकी कीमत में करीब 7 से आठ प्रतिशत का इजाफा शुक्रवार को हो गया. ब्रेंट क्रूड ऑयल का भाव 78.5 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. हालांकि, उसके बाद ये 75 डॉलर के आसपास आ गया.

तेल के प्रमुख उत्पादक देशों में संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब और कतर जैसे देश हैं. ऐसे में अगर ईरान और इजरायल के बीच तनाव बंद नहीं होता है तो जिस रास्ते से रिफाइंड प्रोडक्टस या एलएनजी की सप्लाई होती है, उसे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने के बाद तेल की आपूर्ति रुक सकती है. 

भारत काफी इन देशों से बड़ी तादाद में तेल आयात करवाता है. ऐसे में अगर इन देशों से तेल की सप्लाई रुकती है तो एक बड़ा संकट पैदा हो सकता है. एक तरफ जहां देश में तेल की कीमतें बढ़ेंगी, महंगाई बढ़ जाएगी तो वहीं दूसरी तरफ इसके विकल्प के तौर पर भारत को उसका तलाश करना होगा.

इससे पहले भी जब रूस ने यूक्रेन के ऊपर हमला किया था, उसके बाद कच्चे तेल की कीमत में भारी बढ़ोतीर देखी गई थी. रूस की तरफ से करीब 15 लाख बैरल तेल की रोजाना सप्लाई रोके जाने की वजह से ब्रेट क्रूड ऑयल की कीमत 139 डॉलर प्रति बैरल तक आ गई थी.

ये भी पढ़ें: 20 रुपये वाला ये शेयर 5 साल में दिया 1450 प्रतिशत का रिटर्न, जिसने भी लिया जोखिम वो हुआ मालामाल

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