Yawning Ealth Problem: सुबह उठते ही उबासी ली और टूट गई रीढ़ की हड्डी, डॉक्टर से जानें क्यों हुआ ऐसा?

Yawning Spine Injury: अक्सर हम सुबह उठते ही स्ट्रेचिंग या उबासी लेते हैं. यह एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन ब्रिटेन में रहने वाली 36 वर्षीय महिला हैली ब्लैक के लिए यह आम सी उबासी उनकी जिंदगी का सबसे डरावना पल साबित हुई. एक साधारण सी उबासी ने उनकी रीढ़ की हड्डी को स्थायी नुकसान पहुंचा दिया और उन्हें जिंदगीभर के लिए शारीरिक दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है. चलिए आपको बताते हैं कि पूरा मामला क्या है और रीढ़ की हड्डी टूटी कैसे.  क्या हुआ था हैली ब्लैक के साथ? हैली ब्लैक एक मां हैं और तीन बच्चों की देखभाल करती हैं. एक सुबह वे अपनी नवजात बेटी के लिए दूध की बोतल बनाने उठीं. इसी दौरान उन्होंने अपनी बच्ची की तरह एक जोरदार उबासी ली. लेकिन जैसे ही उन्होंने ऐसा किया, उन्हें आधे शरीर में अचानक “इलेक्ट्रिक शॉक” जैसी सनसनी महसूस हुई. उनका दाहिना हाथ ऊपर ही अटक गया और ऐसा लग रहा था जैसे शरीर में दौरा पड़ गया हो. हैली के पति ने शुरुआत में इसे गंभीरता से नहीं लिया, लेकिन दर्द इतना असहनीय हो गया कि उन्हें एम्बुलेंस बुलानी पड़ी. अस्पताल जाते समय हर झटका उन्हें ऐसा महसूस करा रहा था जैसे उनकी रीढ़ की हड्डी फट रही हो. डॉक्टरों ने क्या पाया? शुरुआत में डॉक्टर भी हैली की स्थिति को समझ नहीं पाए. लेकिन एडवांस जांच में सामने आया कि उनकी C6 और C7 वर्टिब्रा (गर्दन की दो हड्डियां) अचानक आगे खिसककर स्पाइनल कॉर्ड पर दबाव बना चुकी थीं. इसी वजह से वे दाहिने हिस्से से पूरी तरह लकवाग्रस्त हो गई थीं. डॉक्टरों ने तुरंत ऑपरेशन किया. सर्जरी के दौरान उनकी हालत बेहद नाजुक थी और उन्हें सिर्फ 50-50 फीसदी उम्मीद थी कि वे बचेंगी या दोबारा चल पाएंगी. ऑपरेशन सफल रहा और हैली की कुछ क्षमताएं वापस आ गईं, लेकिन उनकी रीढ़ की हड्डी को स्थायी नुकसान हो चुका था. उबासी से कैसे हो सकता है इतना बड़ा खतरा? चिकित्सकों के मुताबिक, आमतौर पर उबासी लेना पूरी तरह सुरक्षित है. लेकिन अगर कोई व्यक्ति बहुत जोर से उबासी ले और उस दौरान गर्दन पर अचानक दबाव आ जाए, तो यह रीढ़ की कमजोर हड्डियों या पहले से मौजूद किसी समस्या को और बिगाड़ सकता है. C6 और C7 वर्टिब्रा गर्दन का अहम हिस्सा हैं, जो स्पाइनल कॉर्ड को सपोर्ट करते हैं. अगर ये हड्डियां अचानक खिसक जाएं तो नसों पर दबाव पड़ सकता है और लकवा जैसी गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है. हैली की जिंदगी पर असर इस घटना के बाद हैली और उनका परिवार पूरी तरह प्रभावित हुआ. उनका कहना है कि वे काम नहीं कर सकीं, बच्चों की देखभाल नहीं कर पाईं और यहां तक कि परिवार को आर्थिक संकट झेलना पड़ा. उन्हें फाइब्रोमायल्जिया नामक बीमारी भी हो गई, जिससे शरीर में लगातार दर्द और थकान बनी रहती है. हैली कहती हैं कि अब वे उबासी लेने से भी डरती हैं. हर बार जब उबासी आती है तो वे उसे रोकने की कोशिश करती हैं क्योंकि यह घटना उन्हें आज भी मानसिक और शारीरिक रूप से प्रभावित करती है. डॉक्टर क्या सलाह देते हैं? एक्सपर्ट मानते हैं कि यह बेहद दुर्लभ मामला है. लेकिन यह जरूर बताता है कि हमें अपने शरीर के संकेतों को हल्के में नहीं लेना चाहिए. अगर अचानक किसी स्ट्रेचिंग, उबासी या साधारण हरकत के बाद तेज दर्द, झनझनाहट या सुन्नपन महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. इसे भी पढ़ें- Newborn Baby Head Crust: न्यू बॉर्न बेबी के सिर पर क्यों जम जाती है पपड़ी, जानें कैसे करें देखभाल Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Sep 25, 2025 - 14:30
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Yawning Ealth Problem: सुबह उठते ही उबासी ली और टूट गई रीढ़ की हड्डी, डॉक्टर से जानें क्यों हुआ ऐसा?

Yawning Spine Injury: अक्सर हम सुबह उठते ही स्ट्रेचिंग या उबासी लेते हैं. यह एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन ब्रिटेन में रहने वाली 36 वर्षीय महिला हैली ब्लैक के लिए यह आम सी उबासी उनकी जिंदगी का सबसे डरावना पल साबित हुई. एक साधारण सी उबासी ने उनकी रीढ़ की हड्डी को स्थायी नुकसान पहुंचा दिया और उन्हें जिंदगीभर के लिए शारीरिक दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है. चलिए आपको बताते हैं कि पूरा मामला क्या है और रीढ़ की हड्डी टूटी कैसे. 

क्या हुआ था हैली ब्लैक के साथ?

हैली ब्लैक एक मां हैं और तीन बच्चों की देखभाल करती हैं. एक सुबह वे अपनी नवजात बेटी के लिए दूध की बोतल बनाने उठीं. इसी दौरान उन्होंने अपनी बच्ची की तरह एक जोरदार उबासी ली. लेकिन जैसे ही उन्होंने ऐसा किया, उन्हें आधे शरीर में अचानक “इलेक्ट्रिक शॉक” जैसी सनसनी महसूस हुई. उनका दाहिना हाथ ऊपर ही अटक गया और ऐसा लग रहा था जैसे शरीर में दौरा पड़ गया हो. हैली के पति ने शुरुआत में इसे गंभीरता से नहीं लिया, लेकिन दर्द इतना असहनीय हो गया कि उन्हें एम्बुलेंस बुलानी पड़ी. अस्पताल जाते समय हर झटका उन्हें ऐसा महसूस करा रहा था जैसे उनकी रीढ़ की हड्डी फट रही हो.

डॉक्टरों ने क्या पाया?

शुरुआत में डॉक्टर भी हैली की स्थिति को समझ नहीं पाए. लेकिन एडवांस जांच में सामने आया कि उनकी C6 और C7 वर्टिब्रा (गर्दन की दो हड्डियां) अचानक आगे खिसककर स्पाइनल कॉर्ड पर दबाव बना चुकी थीं. इसी वजह से वे दाहिने हिस्से से पूरी तरह लकवाग्रस्त हो गई थीं. डॉक्टरों ने तुरंत ऑपरेशन किया. सर्जरी के दौरान उनकी हालत बेहद नाजुक थी और उन्हें सिर्फ 50-50 फीसदी उम्मीद थी कि वे बचेंगी या दोबारा चल पाएंगी. ऑपरेशन सफल रहा और हैली की कुछ क्षमताएं वापस आ गईं, लेकिन उनकी रीढ़ की हड्डी को स्थायी नुकसान हो चुका था.

उबासी से कैसे हो सकता है इतना बड़ा खतरा?

चिकित्सकों के मुताबिक, आमतौर पर उबासी लेना पूरी तरह सुरक्षित है. लेकिन अगर कोई व्यक्ति बहुत जोर से उबासी ले और उस दौरान गर्दन पर अचानक दबाव आ जाए, तो यह रीढ़ की कमजोर हड्डियों या पहले से मौजूद किसी समस्या को और बिगाड़ सकता है. C6 और C7 वर्टिब्रा गर्दन का अहम हिस्सा हैं, जो स्पाइनल कॉर्ड को सपोर्ट करते हैं. अगर ये हड्डियां अचानक खिसक जाएं तो नसों पर दबाव पड़ सकता है और लकवा जैसी गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है.

हैली की जिंदगी पर असर

इस घटना के बाद हैली और उनका परिवार पूरी तरह प्रभावित हुआ. उनका कहना है कि वे काम नहीं कर सकीं, बच्चों की देखभाल नहीं कर पाईं और यहां तक कि परिवार को आर्थिक संकट झेलना पड़ा. उन्हें फाइब्रोमायल्जिया नामक बीमारी भी हो गई, जिससे शरीर में लगातार दर्द और थकान बनी रहती है. हैली कहती हैं कि अब वे उबासी लेने से भी डरती हैं. हर बार जब उबासी आती है तो वे उसे रोकने की कोशिश करती हैं क्योंकि यह घटना उन्हें आज भी मानसिक और शारीरिक रूप से प्रभावित करती है.

डॉक्टर क्या सलाह देते हैं?

एक्सपर्ट मानते हैं कि यह बेहद दुर्लभ मामला है. लेकिन यह जरूर बताता है कि हमें अपने शरीर के संकेतों को हल्के में नहीं लेना चाहिए. अगर अचानक किसी स्ट्रेचिंग, उबासी या साधारण हरकत के बाद तेज दर्द, झनझनाहट या सुन्नपन महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.

इसे भी पढ़ें- Newborn Baby Head Crust: न्यू बॉर्न बेबी के सिर पर क्यों जम जाती है पपड़ी, जानें कैसे करें देखभाल

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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