World Vegan Day: वीगन डाइट क्या है और इसमें क्या खाया जाता है? जानें फायदे
World Vegan Day: हर साल 1 नवंबर को दुनिया भर में वर्ल्ड वीगन डे मनाया जाता है. इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को पर्यावरण, जीव-जंतुओं की सुरक्षा और सेहत के प्रति जागरूक करना है. पिछले कुछ सालों में भारत सहित पूरी दुनिया में वीगन डाइट का क्रेज बहुत तेजी से बढ़ा है. फिल्म स्टार्स से लेकर बड़े-बड़े एथलीट तक इस लाइफस्टाइल को अपना रहे हैं. हालांकि, बहुत से लोग अब भी उलझन में रहते हैं कि आखिर वीगन डाइट क्या है और यह सामान्य शाकाहारी डाइट से कैसे अलग है. आइए वर्ल्ड वीगन डे के मौके पर जानते हैं कि वीगन डाइट का असल मतलब क्या है और इसमें क्या खाया जाता है. जानिए क्या होती है वीगन डाइट? सरल शब्दों में कहें तो वीगन डाइट पूर्ण रूप से पौधों पर आधारित यानी प्लांट-बेस्ड आहार है. सामान्य शाकाहारी लोग मांस-मछली नहीं खाते, लेकिन वे दूध, पनीर और घी जैसे डेयरी प्रोडक्ट्स का नियमित इस्तेमाल करते हैं. इसके विपरीत, वीगन डाइट का पालन करने वाले लोग किसी भी ऐसी चीज का सेवन नहीं करते जो जानवरों से प्राप्त होती हो. इसमें न केवल मांस, मछली और अंडा पूरी तरह प्रतिबंधित होता है, बल्कि दूध, दही, मक्खन, पनीर, छाछ और यहां तक कि शहद खाने की भी सख्त मनाही होती है. वीगन लाइफस्टाइल जीने वाले लोग अपनी दैनिक जिंदगी में चमड़े, सिल्क और ऊन जैसे पशु उत्पादों से बने कपड़ों का इस्तेमाल भी बंद कर देते हैं. वीगन डाइट में शामिल होने वाले खाद्य पदार्थ अक्सर लोगों को लगता है कि डेयरी प्रोडक्ट्स छोड़ने के बाद खाने के विकल्प खत्म हो जाते हैं, जबकि असल में ऐसा बिल्कुल नहीं है. वीगन डाइट में न्यूट्रिशन के लिए कई बेहतरीन और स्वादिष्ट विकल्प मौजूद हैं. गेहूं, चावल, ओट्स, बाजरा, मक्का और सभी प्रकार की दालें जैसे अरहर, मूंग, मसूर और चना इसका मुख्य हिस्सा होती हैं. गाय या भैंस के दूध की जगह सोया मिल्क, बादाम का दूध, नारियल का दूध और ओट्स मिल्क का धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जाता है. दूध से बने सामान्य पनीर की जगह सोयाबीन से तैयार टोफू का इस्तेमाल होता है, जो प्रोटीन का एक बहुत बड़ा और सुरक्षित स्रोत माना जाता है. इसके अलावा सभी प्रकार के मौसमी फल, हरी पत्तेदार सब्जियां, बादाम, अखरोट, काजू, मूंगफली के साथ-साथ चिया सीड्स और अलसी के बीज भरपूर मात्रा में खाए जाते हैं. यह भी पढ़ें: Brain Stroke: सोते-सोते कैसे आ जाता है स्ट्रोक, इन लक्षणों को कभी न करें नजरअंदाज स्वास्थ्य के लिहाज से इसके बेहतरीन फायदे चिकित्सकों और न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स के अनुसार, वीगन डाइट दिल की सेहत के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती है क्योंकि प्लांट-बेस्ड फूड में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बिल्कुल शून्य होती है. यह बढ़ता वजन घटाने, ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने और टाइप-2 डायबिटीज के खतरे को कम करने में भी काफी मददगार साबित हुई है. इसके अलावा भोजन में फाइबर की अधिक मात्रा होने के कारण यह शरीर के पाचन तंत्र को भी पूरी तरह दुरुस्त रखती है जिससे पेट से जुड़ी बीमारियां दूर रहती हैं. यह भी पढ़ें: AIIMS Research: एक ही परिवार में अलग-अलग सदस्यों को क्यों होती हैं अलग-अलग बीमारियां? एम्स करेगा स्टडी
World Vegan Day: हर साल 1 नवंबर को दुनिया भर में वर्ल्ड वीगन डे मनाया जाता है. इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को पर्यावरण, जीव-जंतुओं की सुरक्षा और सेहत के प्रति जागरूक करना है. पिछले कुछ सालों में भारत सहित पूरी दुनिया में वीगन डाइट का क्रेज बहुत तेजी से बढ़ा है. फिल्म स्टार्स से लेकर बड़े-बड़े एथलीट तक इस लाइफस्टाइल को अपना रहे हैं.
हालांकि, बहुत से लोग अब भी उलझन में रहते हैं कि आखिर वीगन डाइट क्या है और यह सामान्य शाकाहारी डाइट से कैसे अलग है. आइए वर्ल्ड वीगन डे के मौके पर जानते हैं कि वीगन डाइट का असल मतलब क्या है और इसमें क्या खाया जाता है.
जानिए क्या होती है वीगन डाइट?
सरल शब्दों में कहें तो वीगन डाइट पूर्ण रूप से पौधों पर आधारित यानी प्लांट-बेस्ड आहार है. सामान्य शाकाहारी लोग मांस-मछली नहीं खाते, लेकिन वे दूध, पनीर और घी जैसे डेयरी प्रोडक्ट्स का नियमित इस्तेमाल करते हैं. इसके विपरीत, वीगन डाइट का पालन करने वाले लोग किसी भी ऐसी चीज का सेवन नहीं करते जो जानवरों से प्राप्त होती हो.
इसमें न केवल मांस, मछली और अंडा पूरी तरह प्रतिबंधित होता है, बल्कि दूध, दही, मक्खन, पनीर, छाछ और यहां तक कि शहद खाने की भी सख्त मनाही होती है. वीगन लाइफस्टाइल जीने वाले लोग अपनी दैनिक जिंदगी में चमड़े, सिल्क और ऊन जैसे पशु उत्पादों से बने कपड़ों का इस्तेमाल भी बंद कर देते हैं.
वीगन डाइट में शामिल होने वाले खाद्य पदार्थ
अक्सर लोगों को लगता है कि डेयरी प्रोडक्ट्स छोड़ने के बाद खाने के विकल्प खत्म हो जाते हैं, जबकि असल में ऐसा बिल्कुल नहीं है. वीगन डाइट में न्यूट्रिशन के लिए कई बेहतरीन और स्वादिष्ट विकल्प मौजूद हैं. गेहूं, चावल, ओट्स, बाजरा, मक्का और सभी प्रकार की दालें जैसे अरहर, मूंग, मसूर और चना इसका मुख्य हिस्सा होती हैं.
गाय या भैंस के दूध की जगह सोया मिल्क, बादाम का दूध, नारियल का दूध और ओट्स मिल्क का धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जाता है. दूध से बने सामान्य पनीर की जगह सोयाबीन से तैयार टोफू का इस्तेमाल होता है, जो प्रोटीन का एक बहुत बड़ा और सुरक्षित स्रोत माना जाता है. इसके अलावा सभी प्रकार के मौसमी फल, हरी पत्तेदार सब्जियां, बादाम, अखरोट, काजू, मूंगफली के साथ-साथ चिया सीड्स और अलसी के बीज भरपूर मात्रा में खाए जाते हैं.
यह भी पढ़ें: Brain Stroke: सोते-सोते कैसे आ जाता है स्ट्रोक, इन लक्षणों को कभी न करें नजरअंदाज
स्वास्थ्य के लिहाज से इसके बेहतरीन फायदे
चिकित्सकों और न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स के अनुसार, वीगन डाइट दिल की सेहत के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती है क्योंकि प्लांट-बेस्ड फूड में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बिल्कुल शून्य होती है. यह बढ़ता वजन घटाने, ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने और टाइप-2 डायबिटीज के खतरे को कम करने में भी काफी मददगार साबित हुई है. इसके अलावा भोजन में फाइबर की अधिक मात्रा होने के कारण यह शरीर के पाचन तंत्र को भी पूरी तरह दुरुस्त रखती है जिससे पेट से जुड़ी बीमारियां दूर रहती हैं.
यह भी पढ़ें: AIIMS Research: एक ही परिवार में अलग-अलग सदस्यों को क्यों होती हैं अलग-अलग बीमारियां? एम्स करेगा स्टडी
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