WHO Warns of Rising Hypertension Cases: दुनिया में तेजी से बढ़ रहे हाइपरटेंशन के मामले, मौतों में भी इजाफा; WHO ने जारी की रिपोर्ट

Global Hypertension Cases Surge: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार दुनिया भर में हाइपरटेंशन के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. वर्तमान में दुनिया में लगभग 1.4 बिलियन (140 करोड़) लोग इस बीमारी से जूझ रहे हैं. हैरानी की बात यह है कि इनमें से केवल 20 प्रतिशत लोग ही अपना ब्लड प्रेशर नियंत्रित कर पा रहे हैं, जबकि बाकी या तो इलाज तक नहीं पहुंच पा रहे हैं या फिर उन्हें पता ही नहीं कि उन्हें यह समस्या है. WHO की रिपोर्ट के मुताबिक, हाइपरटेंशन अब मौतों का एक बड़ा कारण बन चुका है. यह बीमारी हर साल लाखों लोगों की जान ले रही है. रिपोर्ट में बताया गया है कि हर घंटे दुनिया में 1000 से अधिक लोगों की मौत स्ट्रोक और हार्ट अटैक जैसी बीमारियों से हो रही है, जिनका मुख्य कारण बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर है. यदि हाइपरटेंशन का समय पर और सही तरीके से इलाज किया जाए तो 2023 से 2050 तक लगभग 7.6 करोड़ मौतों को टाला जा सकता है. हाइपरटेंशन के बढ़ने की वजहें अनहेल्दी खान-पान, ज्यादा नमक और प्रोसेस्ड फूड का सेवन. शारीरिक गतिविधियों की कमी, व्यायाम न करना. धूम्रपान और शराब का सेवन. तनाव और अनियमित लाइफस्टाइल. जागरूकता की कमी – आधे से ज्यादा लोग यह तक नहीं जानते कि उन्हें हाइपरटेंशन है. स्वास्थ्य पर असर हाइपरटेंशन को अक्सर “साइलेंट किलर” कहा जाता है, क्योंकि यह धीरे-धीरे शरीर के कई अंगों को नुकसान पहुंचाता है. लंबे समय तक ब्लड प्रेशर बढ़ा रहने से: हृदय रोग और हार्ट फेलियर का खतरा बढ़ जाता है. स्ट्रोक यानी ब्रेन हेमरेज या ब्लॉकेज हो सकता है. किडनी फेलियर की समस्या हो सकती है. डिमेंशिया और अन्य न्यूरोलॉजिकल रोगों का खतरा बढ़ जाता है. इकोनामिक और सामाजिक बोझ रिपोर्ट बताती है कि निम्न और मध्यम आय वाले देशों को हार्ट और ब्लड़ प्रेशर से जुड़ी बीमारियों के कारण 2011 से 2025 के बीच लगभग 3.7 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर का आर्थिक नुकसान होने का अनुमान है. यह इन देशों की कुल GDP का करीब 2 प्रतिशत है. समाधान क्या है? WHO ने हाइपरटेंशन से निपटने के लिए कई कदम सुझाए हैं: प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाना और नियमित ब्लड प्रेशर जांच की सुविधा देना. WHO द्वारा अनुशंसित दवाओं की सस्ती और सुलभ उपलब्धता सुनिश्चित करना. लोगों में जागरूकता बढ़ाना ताकि वे अपने स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहें. हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाना- नमक का सेवन कम करना, व्यायाम करना, धूम्रपान और शराब से दूर रहना और तनाव को कम करना. हाइपरटेंशन एक इलाज योग्य और नियंत्रित करने योग्य बीमारी है. लेकिन यदि इसे नजरअंदाज किया गया तो आने वाले वर्षों में यह दुनिया भर में करोड़ों लोगों की जान ले सकती है. WHO की रिपोर्ट साफ संकेत देती है कि सरकारों और समाज को मिलकर इस समस्या से लड़ना होगा. नियमित जांच, जागरूकता और समय पर इलाज से लाखों जिंदगियां बचाई जा सकती हैं. इसे भी पढ़ें- Banyan Leaves Health Benefits: सुबह खाली पेट बरगद के पत्ते खाने से ठीक हो जाती है यह बीमारी, जानें कितना मिलता है फायदा? Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Sep 24, 2025 - 22:30
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WHO Warns of Rising Hypertension Cases: दुनिया में तेजी से बढ़ रहे हाइपरटेंशन के मामले, मौतों में भी इजाफा; WHO ने जारी की रिपोर्ट

Global Hypertension Cases Surge: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार दुनिया भर में हाइपरटेंशन के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. वर्तमान में दुनिया में लगभग 1.4 बिलियन (140 करोड़) लोग इस बीमारी से जूझ रहे हैं. हैरानी की बात यह है कि इनमें से केवल 20 प्रतिशत लोग ही अपना ब्लड प्रेशर नियंत्रित कर पा रहे हैं, जबकि बाकी या तो इलाज तक नहीं पहुंच पा रहे हैं या फिर उन्हें पता ही नहीं कि उन्हें यह समस्या है.

WHO की रिपोर्ट के मुताबिक, हाइपरटेंशन अब मौतों का एक बड़ा कारण बन चुका है. यह बीमारी हर साल लाखों लोगों की जान ले रही है. रिपोर्ट में बताया गया है कि हर घंटे दुनिया में 1000 से अधिक लोगों की मौत स्ट्रोक और हार्ट अटैक जैसी बीमारियों से हो रही है, जिनका मुख्य कारण बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर है. यदि हाइपरटेंशन का समय पर और सही तरीके से इलाज किया जाए तो 2023 से 2050 तक लगभग 7.6 करोड़ मौतों को टाला जा सकता है.

हाइपरटेंशन के बढ़ने की वजहें

  • अनहेल्दी खान-पान, ज्यादा नमक और प्रोसेस्ड फूड का सेवन.
  • शारीरिक गतिविधियों की कमी, व्यायाम न करना.
  • धूम्रपान और शराब का सेवन.
  • तनाव और अनियमित लाइफस्टाइल.
  • जागरूकता की कमी – आधे से ज्यादा लोग यह तक नहीं जानते कि उन्हें हाइपरटेंशन है.

स्वास्थ्य पर असर

हाइपरटेंशन को अक्सर “साइलेंट किलर” कहा जाता है, क्योंकि यह धीरे-धीरे शरीर के कई अंगों को नुकसान पहुंचाता है. लंबे समय तक ब्लड प्रेशर बढ़ा रहने से:

  • हृदय रोग और हार्ट फेलियर का खतरा बढ़ जाता है.
  • स्ट्रोक यानी ब्रेन हेमरेज या ब्लॉकेज हो सकता है.
  • किडनी फेलियर की समस्या हो सकती है.
  • डिमेंशिया और अन्य न्यूरोलॉजिकल रोगों का खतरा बढ़ जाता है.

इकोनामिक और सामाजिक बोझ

रिपोर्ट बताती है कि निम्न और मध्यम आय वाले देशों को हार्ट और ब्लड़ प्रेशर से जुड़ी बीमारियों के कारण 2011 से 2025 के बीच लगभग 3.7 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर का आर्थिक नुकसान होने का अनुमान है. यह इन देशों की कुल GDP का करीब 2 प्रतिशत है.

समाधान क्या है?

WHO ने हाइपरटेंशन से निपटने के लिए कई कदम सुझाए हैं:

  • प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाना और नियमित ब्लड प्रेशर जांच की सुविधा देना.
  • WHO द्वारा अनुशंसित दवाओं की सस्ती और सुलभ उपलब्धता सुनिश्चित करना.
  • लोगों में जागरूकता बढ़ाना ताकि वे अपने स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहें.
  • हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाना- नमक का सेवन कम करना, व्यायाम करना, धूम्रपान और शराब से दूर रहना और तनाव को कम करना.


हाइपरटेंशन एक इलाज योग्य और नियंत्रित करने योग्य बीमारी है. लेकिन यदि इसे नजरअंदाज किया गया तो आने वाले वर्षों में यह दुनिया भर में करोड़ों लोगों की जान ले सकती है. WHO की रिपोर्ट साफ संकेत देती है कि सरकारों और समाज को मिलकर इस समस्या से लड़ना होगा. नियमित जांच, जागरूकता और समय पर इलाज से लाखों जिंदगियां बचाई जा सकती हैं.

इसे भी पढ़ें- Banyan Leaves Health Benefits: सुबह खाली पेट बरगद के पत्ते खाने से ठीक हो जाती है यह बीमारी, जानें कितना मिलता है फायदा?

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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