West Bengal Assembly Elections: पश्चिम बंगाल में कांग्रेस गठबंधन करेगी या नहीं? राहुल गांधी-खरगे के साथ बैठक में लिया गया ये फैसला
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर बड़ी बैठक हुई. इसमें राहुल गांधी समेत कई नेता शामिल हुए. करीब 2 घंटे चली इस मीटिंग में कांग्रेस ने अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया है. पश्चिम बंगाल में अकेले चुनाव लड़ेगी कांग्रेस 5 फरवरी 2026 को मल्लिकार्जुन खरगे के घर पर हुई मीटिंग में राहुल गांधी, बंगाल कांग्रेस के अध्यक्ष शुभांकर सरकार और प्रभारी महासचिव गुलाम मोहम्मद मीर सहित बड़े नेता मौजूद रहे. इस बैठक में फैसला लिया गया कि बंगाल में कांग्रेस 294 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी. 2016 और 2021 के चुनाव में कांग्रेस ने लेफ्ट की पार्टियों के साथ गठबंधन किया था, लेकिन इस बार कांग्रेस ने कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई है. कांग्रेस के हालिया फैसले से लगता है कि पार्टी गठबंधन करने के मूड में नहीं है. इससे पहले अटकलें लगाई जा रहीं थीं कि 2011 की तरह कांग्रेस TMC के साथ गठबंधन करेगी. लेकिन अधीर रंजन चौधरी ने साफ कर दिया है कि आलाकमान का फैसला सोच समझकर लिया गया है, हम सब इस फैसले के साथ हैं. ममता बनर्जी ने भी किया था अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान इससे पहले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान किया था. ममता ने कहा था, 'बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) अकेले चुनाव लड़ती है. बाकी सभी पार्टियां TMC के खिलाफ चुनाव लड़ती हैं. उन्हें लड़ने दो. इससे कुछ नहीं होता है.' बंगाल के चुनाव में कांग्रेस का बेहद खराब प्रदर्शन बीते लोकसभा और विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की स्थिति पश्चिम बंगाल में बेहद खराब रही थी. 2024 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस को बंगाल से सिर्फ एक सीट मिली थी. 2021 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस खाता नहीं खोल सकी थी. लेफ्ट पार्टी को भी एक भी सीट नहीं मिली थी. 2019 के लोकसभा चुनावों की बात करें तो कांग्रेस को महज 2 सीटें मिल सकी थीं. हालांकि, 2016 में कांग्रेस और लेफ्ट फ्रंट ने पहली बार एक साथ चुनाव लड़ा था, जब कांग्रेस ने 44 सीटें जीती थीं और CPI(M) को 26 सीटें मिली थीं.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर बड़ी बैठक हुई. इसमें राहुल गांधी समेत कई नेता शामिल हुए. करीब 2 घंटे चली इस मीटिंग में कांग्रेस ने अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया है.
पश्चिम बंगाल में अकेले चुनाव लड़ेगी कांग्रेस
5 फरवरी 2026 को मल्लिकार्जुन खरगे के घर पर हुई मीटिंग में राहुल गांधी, बंगाल कांग्रेस के अध्यक्ष शुभांकर सरकार और प्रभारी महासचिव गुलाम मोहम्मद मीर सहित बड़े नेता मौजूद रहे. इस बैठक में फैसला लिया गया कि बंगाल में कांग्रेस 294 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी.
2016 और 2021 के चुनाव में कांग्रेस ने लेफ्ट की पार्टियों के साथ गठबंधन किया था, लेकिन इस बार कांग्रेस ने कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई है. कांग्रेस के हालिया फैसले से लगता है कि पार्टी गठबंधन करने के मूड में नहीं है. इससे पहले अटकलें लगाई जा रहीं थीं कि 2011 की तरह कांग्रेस TMC के साथ गठबंधन करेगी. लेकिन अधीर रंजन चौधरी ने साफ कर दिया है कि आलाकमान का फैसला सोच समझकर लिया गया है, हम सब इस फैसले के साथ हैं.
ममता बनर्जी ने भी किया था अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान
इससे पहले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान किया था. ममता ने कहा था, 'बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) अकेले चुनाव लड़ती है. बाकी सभी पार्टियां TMC के खिलाफ चुनाव लड़ती हैं. उन्हें लड़ने दो. इससे कुछ नहीं होता है.'
बंगाल के चुनाव में कांग्रेस का बेहद खराब प्रदर्शन
बीते लोकसभा और विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की स्थिति पश्चिम बंगाल में बेहद खराब रही थी. 2024 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस को बंगाल से सिर्फ एक सीट मिली थी. 2021 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस खाता नहीं खोल सकी थी. लेफ्ट पार्टी को भी एक भी सीट नहीं मिली थी. 2019 के लोकसभा चुनावों की बात करें तो कांग्रेस को महज 2 सीटें मिल सकी थीं. हालांकि, 2016 में कांग्रेस और लेफ्ट फ्रंट ने पहली बार एक साथ चुनाव लड़ा था, जब कांग्रेस ने 44 सीटें जीती थीं और CPI(M) को 26 सीटें मिली थीं.
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