Types of Turmeric: काली-पीली और नीली... कितनी तरह की होती है हल्दी और किन बीमारियों में आती है काम?

Turmeric Types and Uses: हल्दी अपने सूजन-रोधी और एंटीऑक्सीडेंट गुणों के लिए जानी जाती है. इसका नियमित सेवन जोड़ों की सेहत को बेहतर बनाता है, पाचन सुधारता है और इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है. यह त्वचा के लिए भी हल्दी फायदेमंद है और मुंहासों को कम करने और पिग्मेंटेशन घटाने में मदद करती है. चाहे आप हल्दी को खाने में इस्तेमाल करें या घरेलू नुस्खों में, यह आपकी सेहत को कई तरह से फायदा पहुंचाती है. यह कई तरह की होती है और हर तरह की हल्दी का अपना अलग महत्व है. कोई स्वाद के लिए खास है, तो कोई त्वचा और दवाइयों के लिए. अगर आप जानते हैं कि कौन-सी हल्दी किस काम की है, तो आप इसे सही तरीके से अपनी डाइट और लाइफस्टाइल में शामिल कर सकते हैं. सेहत सुधारनी हो, त्वचा निखारनी हो या खाने में सुनहरा रंग जोड़ना हो, हल्दी हर रूप में काम की है. सामान्य हल्दी सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली हल्दी यही है, जो आमतौर पर पाउडर के रूप में हर घर में मिल जाती है. यही वह पीली हल्दी है जो करी, सब्जी और दाल में रंग व स्वाद देती है. इसमें मौजूद कर्क्यूमिन इसे चमकीला रंग देता है और यही तत्व सूजन कम करने व शरीर को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों से बचाने में मदद करता है. खाना बनाने में यह स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद होती है. सफेद हल्दी सफेद हल्दी आम हल्दी की तुलना में कम पाई जाती है. इसका रंग पीला नहीं होता और स्वाद भी हल्का होता है. आयुर्वेद में इसे पाचन सुधारने और सूजन कम करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. कई एशियाई व्यंजनों, खासकर अचार और मसाला मिश्रण में इसका हल्का फ्लेवर देने के लिए उपयोग होता है. जंगली हल्दी जंगली हल्दी की खुशबू तेज होती है और इसका स्वाद भी सामान्य हल्दी से थोड़ा अलग होता है. इसका इस्तेमाल खाने में कम और आयुर्वेद व स्किन केयर में ज्यादा होता है. इसके पाउडर से फेस पैक बनाए जाते हैं, जो त्वचा की रंगत निखारने और दाग-धब्बे कम करने में मदद करते हैं. काली हल्दी काली हल्दी बहुत रेयर होती है और अंदर से इसका रंग गहरा, लगभग काला होता है। यह आमतौर पर रोज़मर्रा के खाने में इस्तेमाल नहीं की जाती. आयुर्वेद में इसे दर्द, सूजन, जोड़ों की परेशानी और सांस से जुड़ी दिक्कतों में उपयोगी माना जाता है. एलेप्पी हल्दी भारत के एलेप्पी शहर के नाम पर जानी जाने वाली यह हल्दी कर्क्यूमिन से भरपूर होती है. इसका रंग गहरा पीला और स्वाद तेज होता है. इसमें कर्क्यूमिन की मात्रा ज्यादा होने की वजह से इसे सेहत के लिहाज से बेहद असरदार माना जाता है. यही कारण है कि यह अच्छी क्वालिटी के मसालों और सप्लीमेंट्स में ज्यादा इस्तेमाल की जाती है. इसे भी पढ़ें- Fatty Liver Disease: चेहरा दे रहा है फैटी लिवर का अलर्ट? नजरअंदाज करने से पहले जान लें ये 5 संकेत

Jan 7, 2026 - 21:30
 0
Types of Turmeric: काली-पीली और नीली... कितनी तरह की होती है हल्दी और किन बीमारियों में आती है काम?

Turmeric Types and Uses: हल्दी अपने सूजन-रोधी और एंटीऑक्सीडेंट गुणों के लिए जानी जाती है. इसका नियमित सेवन जोड़ों की सेहत को बेहतर बनाता है, पाचन सुधारता है और इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है. यह त्वचा के लिए भी हल्दी फायदेमंद है और मुंहासों को कम करने और पिग्मेंटेशन घटाने में मदद करती है. चाहे आप हल्दी को खाने में इस्तेमाल करें या घरेलू नुस्खों में, यह आपकी सेहत को कई तरह से फायदा पहुंचाती है.

यह कई तरह की होती है और हर तरह की हल्दी का अपना अलग महत्व है. कोई स्वाद के लिए खास है, तो कोई त्वचा और दवाइयों के लिए. अगर आप जानते हैं कि कौन-सी हल्दी किस काम की है, तो आप इसे सही तरीके से अपनी डाइट और लाइफस्टाइल में शामिल कर सकते हैं. सेहत सुधारनी हो, त्वचा निखारनी हो या खाने में सुनहरा रंग जोड़ना हो, हल्दी हर रूप में काम की है.

सामान्य हल्दी

सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली हल्दी यही है, जो आमतौर पर पाउडर के रूप में हर घर में मिल जाती है. यही वह पीली हल्दी है जो करी, सब्जी और दाल में रंग व स्वाद देती है. इसमें मौजूद कर्क्यूमिन इसे चमकीला रंग देता है और यही तत्व सूजन कम करने व शरीर को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों से बचाने में मदद करता है. खाना बनाने में यह स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद होती है.

सफेद हल्दी

सफेद हल्दी आम हल्दी की तुलना में कम पाई जाती है. इसका रंग पीला नहीं होता और स्वाद भी हल्का होता है. आयुर्वेद में इसे पाचन सुधारने और सूजन कम करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. कई एशियाई व्यंजनों, खासकर अचार और मसाला मिश्रण में इसका हल्का फ्लेवर देने के लिए उपयोग होता है.

जंगली हल्दी

जंगली हल्दी की खुशबू तेज होती है और इसका स्वाद भी सामान्य हल्दी से थोड़ा अलग होता है. इसका इस्तेमाल खाने में कम और आयुर्वेद व स्किन केयर में ज्यादा होता है. इसके पाउडर से फेस पैक बनाए जाते हैं, जो त्वचा की रंगत निखारने और दाग-धब्बे कम करने में मदद करते हैं.

काली हल्दी

काली हल्दी बहुत रेयर होती है और अंदर से इसका रंग गहरा, लगभग काला होता है। यह आमतौर पर रोज़मर्रा के खाने में इस्तेमाल नहीं की जाती. आयुर्वेद में इसे दर्द, सूजन, जोड़ों की परेशानी और सांस से जुड़ी दिक्कतों में उपयोगी माना जाता है.

एलेप्पी हल्दी

भारत के एलेप्पी शहर के नाम पर जानी जाने वाली यह हल्दी कर्क्यूमिन से भरपूर होती है. इसका रंग गहरा पीला और स्वाद तेज होता है. इसमें कर्क्यूमिन की मात्रा ज्यादा होने की वजह से इसे सेहत के लिहाज से बेहद असरदार माना जाता है. यही कारण है कि यह अच्छी क्वालिटी के मसालों और सप्लीमेंट्स में ज्यादा इस्तेमाल की जाती है.

इसे भी पढ़ें- Fatty Liver Disease: चेहरा दे रहा है फैटी लिवर का अलर्ट? नजरअंदाज करने से पहले जान लें ये 5 संकेत

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow