TB Surveillance System: AI ने ढूंढा टीबी को रोकने का नया तरीका, घटेंगे मौत के आंकड़े! जानें कैसे काम करती है यह तकनीक?

New TB Technology: दुनिया में लंग्स की बीमारियों पर होने वाले सालाना सम्मेलन में इस बार डेल्फ्ट इमेजिंग और इपकॉन ने मिलकर CAD4TB+ नाम का एक नया एआई प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है. यह प्लेटफॉर्म पहली बार टीबी की पहचान, निगरानी, हॉटस्पॉट ढूंढने और भविष्य में इंफेक्शन कहां बढ़ सकता है, इन सबको एक ही जगह जोड़ता है. हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार यह टीबी से लड़ाई में एक बड़ा कदम है, क्योंकि टीबी आज भी दुनिया की सबसे घातक इंफेक्शन बीमारी है. टीबी के मरीजों की पहचान मुश्किल वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक 2024 में 1 करोड़ 7 लाख लोगों को टीबी हुई और 12 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हुई. सबसे खतरनाक बात यह है कि करीब 24 लाख मरीजों की पहचान ही नहीं हो पाती, जिससे बीमारी लगातार फैलती रहती है. खासकर अफ्रीका जैसे क्षेत्रों में टीबी के मामले और मौतें ज्यादा हैं. आज भी कई देशों में टीबी की जांच ठीक से नहीं हो पाती. दूर-दराज और कमजोर इलाकों में रहने वाले लोग स्क्रीनिंग से बाहर रह जाते हैं. CAD4TB+ इस कमी को पूरा करता है. यह डेल्फ्ट की AI एक्स-रे तकनीक और EPCON के डेटा सिस्टम को जोड़कर बताता है कि टीबी कहां ज्यादा है, कहां कम है और कहां फैलने की संभावना है. एक्सपर्ट का क्या कहना है? डेल्फ्ट इमेजिंग के CEO गुइडो गीर्ट्स ने कहा कि टीबी की जल्दी पहचान बहुत जरूरी है, खासकर उन जगहों पर जहां पहुंचना मुश्किल होता है. उन्होंने बताया कि CAD4TB की मदद से अब तक 5.5 करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग हो चुकी है और नए प्लेटफॉर्म CAD4TB+ के बाद यह काम और तेज और सटीक होगा. EPCON की CEO कैरोलाइन वैन काउवेलर्ट ने कहा कि इस साझेदारी का उद्देश्य फील्ड में होने वाली जांच को सीधे देश-स्तर की प्लानिंग से जोड़ना है. उनके मुताबिक, “हर एक्स-रे अब सिर्फ एक मरीज की रिपोर्ट नहीं रहेगा, बल्कि देश में टीबी कैसे फैल रही है, यह समझने का एक महत्वपूर्ण डेटा पॉइंट होगा.” कई देशों में मिल चुके इस सिस्टम के नतीजे नाइजीरिया में इसने टीबी हॉटस्पॉट पहचानकर उन जगहों पर ज्यादा मरीज पकड़ने में मदद की. दक्षिण अफ्रीका में एआई की मदद से मरीज ढूंढने की लागत काफी कम हुई. इसी तरह CAD4TB दुनिया के 90 से ज्यादा देशों में इस्तेमाल हो रहा है और 120 से अधिक वैज्ञानिक रिसर्च भी इसे सपोर्ट करते हैं. यह तकनीक शुरुआती पहचान में मदद करती है, जिससे इलाज जल्दी शुरू हो सके और मौतों को रोका जा सके. इसे भी पढ़ें- रस्सी कूद, दौड़ना या चलना... किस वर्क आउट में सबसे ज्यादा बर्न होती है कैलोरी? Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Nov 19, 2025 - 11:30
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TB Surveillance System: AI ने ढूंढा टीबी को रोकने का नया तरीका, घटेंगे मौत के आंकड़े! जानें कैसे काम करती है यह तकनीक?

New TB Technology: दुनिया में लंग्स की बीमारियों पर होने वाले सालाना सम्मेलन में इस बार डेल्फ्ट इमेजिंग और इपकॉन ने मिलकर CAD4TB+ नाम का एक नया एआई प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है. यह प्लेटफॉर्म पहली बार टीबी की पहचान, निगरानी, हॉटस्पॉट ढूंढने और भविष्य में इंफेक्शन कहां बढ़ सकता है, इन सबको एक ही जगह जोड़ता है. हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार यह टीबी से लड़ाई में एक बड़ा कदम है, क्योंकि टीबी आज भी दुनिया की सबसे घातक इंफेक्शन बीमारी है.

टीबी के मरीजों की पहचान मुश्किल

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक 2024 में 1 करोड़ 7 लाख लोगों को टीबी हुई और 12 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हुई. सबसे खतरनाक बात यह है कि करीब 24 लाख मरीजों की पहचान ही नहीं हो पाती, जिससे बीमारी लगातार फैलती रहती है. खासकर अफ्रीका जैसे क्षेत्रों में टीबी के मामले और मौतें ज्यादा हैं. आज भी कई देशों में टीबी की जांच ठीक से नहीं हो पाती. दूर-दराज और कमजोर इलाकों में रहने वाले लोग स्क्रीनिंग से बाहर रह जाते हैं. CAD4TB+ इस कमी को पूरा करता है. यह डेल्फ्ट की AI एक्स-रे तकनीक और EPCON के डेटा सिस्टम को जोड़कर बताता है कि टीबी कहां ज्यादा है, कहां कम है और कहां फैलने की संभावना है.

एक्सपर्ट का क्या कहना है?

डेल्फ्ट इमेजिंग के CEO गुइडो गीर्ट्स ने कहा कि टीबी की जल्दी पहचान बहुत जरूरी है, खासकर उन जगहों पर जहां पहुंचना मुश्किल होता है. उन्होंने बताया कि CAD4TB की मदद से अब तक 5.5 करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग हो चुकी है और नए प्लेटफॉर्म CAD4TB+ के बाद यह काम और तेज और सटीक होगा. EPCON की CEO कैरोलाइन वैन काउवेलर्ट ने कहा कि इस साझेदारी का उद्देश्य फील्ड में होने वाली जांच को सीधे देश-स्तर की प्लानिंग से जोड़ना है. उनके मुताबिक, “हर एक्स-रे अब सिर्फ एक मरीज की रिपोर्ट नहीं रहेगा, बल्कि देश में टीबी कैसे फैल रही है, यह समझने का एक महत्वपूर्ण डेटा पॉइंट होगा.”

कई देशों में मिल चुके इस सिस्टम के नतीजे

नाइजीरिया में इसने टीबी हॉटस्पॉट पहचानकर उन जगहों पर ज्यादा मरीज पकड़ने में मदद की. दक्षिण अफ्रीका में एआई की मदद से मरीज ढूंढने की लागत काफी कम हुई. इसी तरह CAD4TB दुनिया के 90 से ज्यादा देशों में इस्तेमाल हो रहा है और 120 से अधिक वैज्ञानिक रिसर्च भी इसे सपोर्ट करते हैं. यह तकनीक शुरुआती पहचान में मदद करती है, जिससे इलाज जल्दी शुरू हो सके और मौतों को रोका जा सके.

इसे भी पढ़ें- रस्सी कूद, दौड़ना या चलना... किस वर्क आउट में सबसे ज्यादा बर्न होती है कैलोरी?

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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