T-Mobile के CEO बने भारत के श्रीनिवास गोपालन, जानिए कितनी मिलेगी सैलरी
अमेरिकी दूरसंचार कंपनी T-Mobile ने अपने नए CEO के रूप में IIM अहमदाबाद के पूर्व छात्र श्रीनि गोपालन को नियुक्त किया है. यह बदलाव ऐसे समय में किया गया है जब कंपनी अमेरिका में मंदी के बीच 5G नेटवर्क के क्षेत्र में अपनी बढ़त बनाए रखना चाहती है. गोपालन वर्तमान में कंपनी में चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) के पद पर कार्यरत हैं और 1 नवंबर से वे CEO के रूप में जिम्मेदारी संभालेंगे. T-Mobile ने सोमवार को इस नियुक्ति की घोषणा की. गोपालन ने कहा कि माइक और बोर्ड ने मुझ पर जो भरोसा जताया है उसके लिए मैं आभारी हूं. T-Mobile के अगले अध्याय का नेतृत्व करना मेरे लिए सम्मान की बात है. माइक सीवर्ट की छाया में छह साल का सफर गोपालन के पूर्ववर्ती माइक सीवर्ट छह साल से T-Mobile के CEO रहे हैं. उन्होंने अप्रैल 2020 से अब तक कंपनी का नेतृत्व किया और स्प्रिंट के साथ 26 अरब डॉलर के विलय को सफलतापूर्वक अंजाम दिया. इस विलय ने अमेरिकी दूरसंचार उद्योग में नया प्रतिस्पर्धी माहौल तैयार किया और T-Mobile को AT&T और वेरिजोन के मुकाबले आगे ला दिया. अब माइक सीवर्ट कंपनी के वाइस-चेयरमैन बनेंगे और रणनीति एवं इनोवेशन पर ध्यान केंद्रित करेंगे. श्रीनि गोपालन कौन हैं? 55 वर्षीय श्रीनि गोपालन ने अपनी स्कूली शिक्षा दिल्ली पब्लिक स्कूल, आरके पुरम, नई दिल्ली से की. इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफंस कॉलेज से स्नातक की डिग्री प्राप्त की और IIM अहमदाबाद से MBA किया. गोपालन ने अपने करियर की शुरुआत एक्सेंचर और यूनिलीवर इंडिया जैसी कंपनियों में की. उन्होंने 2009 में पहली बार T-Mobile के UK डिवीजन में चीफ मार्केटिंग अफसर के रूप में काम किया. इसके बाद वे वोडाफोन और भारती एयरटेल में उपभोक्ता निदेशक के रूप में जिम्मेदारी निभा चुके हैं. मार्च 2025 में उन्होंने T-Mobile में फिर से COO के रूप में शामिल होकर कंपनी के संचालन का नेतृत्व संभाला. इसके अलावा, गोपालन डॉयचे टेलीकॉम जर्मनी के CEO भी रह चुके हैं और फाइबर नेटवर्क के विस्तार में योगदान दिया. उनकी अंतरराष्ट्रीय अनुभव और भारतीय बाजार की समझ उन्हें T-Mobile के CEO पद के लिए उपयुक्त बनाती है. गोपालन की सैलरी और लाभ T-Mobile में COO के रूप में गोपालन की सालाना सैलरी 1 मिलियन डॉलर थी. CEO बनने के बाद उनकी बेस एनुअल सैलरी 1.4 मिलियन डॉलर निर्धारित की गई है. इसके साथ ही उन्हें अन्य भत्ते और बोनस मिलेंगे, जो उन्हें कंपनी के उच्च पदाधिकारी होने के नाते दिए जाते हैं. T-Mobile के लिए नया अध्याय गोपालन के नेतृत्व में T-Mobile 5G नेटवर्क के विस्तार और अमेरिकी दूरसंचार बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करेगा. कंपनी का लक्ष्य है कि तेज नेटवर्क सेवा, बेहतर ग्राहक अनुभव और तकनीकी नवाचार के जरिए प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ा जाए. यह भी पढ़ें: MiG-21 की विदाई में चमकेगी स्क्वाड्रन लीडर प्रिया शर्मा की उड़ान, जानें उनकी पढ़ाई और सैलरी
अमेरिकी दूरसंचार कंपनी T-Mobile ने अपने नए CEO के रूप में IIM अहमदाबाद के पूर्व छात्र श्रीनि गोपालन को नियुक्त किया है. यह बदलाव ऐसे समय में किया गया है जब कंपनी अमेरिका में मंदी के बीच 5G नेटवर्क के क्षेत्र में अपनी बढ़त बनाए रखना चाहती है. गोपालन वर्तमान में कंपनी में चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) के पद पर कार्यरत हैं और 1 नवंबर से वे CEO के रूप में जिम्मेदारी संभालेंगे.
T-Mobile ने सोमवार को इस नियुक्ति की घोषणा की. गोपालन ने कहा कि माइक और बोर्ड ने मुझ पर जो भरोसा जताया है उसके लिए मैं आभारी हूं. T-Mobile के अगले अध्याय का नेतृत्व करना मेरे लिए सम्मान की बात है.
माइक सीवर्ट की छाया में छह साल का सफर
गोपालन के पूर्ववर्ती माइक सीवर्ट छह साल से T-Mobile के CEO रहे हैं. उन्होंने अप्रैल 2020 से अब तक कंपनी का नेतृत्व किया और स्प्रिंट के साथ 26 अरब डॉलर के विलय को सफलतापूर्वक अंजाम दिया. इस विलय ने अमेरिकी दूरसंचार उद्योग में नया प्रतिस्पर्धी माहौल तैयार किया और T-Mobile को AT&T और वेरिजोन के मुकाबले आगे ला दिया. अब माइक सीवर्ट कंपनी के वाइस-चेयरमैन बनेंगे और रणनीति एवं इनोवेशन पर ध्यान केंद्रित करेंगे.
श्रीनि गोपालन कौन हैं?
55 वर्षीय श्रीनि गोपालन ने अपनी स्कूली शिक्षा दिल्ली पब्लिक स्कूल, आरके पुरम, नई दिल्ली से की. इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफंस कॉलेज से स्नातक की डिग्री प्राप्त की और IIM अहमदाबाद से MBA किया.
गोपालन ने अपने करियर की शुरुआत एक्सेंचर और यूनिलीवर इंडिया जैसी कंपनियों में की. उन्होंने 2009 में पहली बार T-Mobile के UK डिवीजन में चीफ मार्केटिंग अफसर के रूप में काम किया. इसके बाद वे वोडाफोन और भारती एयरटेल में उपभोक्ता निदेशक के रूप में जिम्मेदारी निभा चुके हैं. मार्च 2025 में उन्होंने T-Mobile में फिर से COO के रूप में शामिल होकर कंपनी के संचालन का नेतृत्व संभाला.
इसके अलावा, गोपालन डॉयचे टेलीकॉम जर्मनी के CEO भी रह चुके हैं और फाइबर नेटवर्क के विस्तार में योगदान दिया. उनकी अंतरराष्ट्रीय अनुभव और भारतीय बाजार की समझ उन्हें T-Mobile के CEO पद के लिए उपयुक्त बनाती है.
गोपालन की सैलरी और लाभ
T-Mobile में COO के रूप में गोपालन की सालाना सैलरी 1 मिलियन डॉलर थी. CEO बनने के बाद उनकी बेस एनुअल सैलरी 1.4 मिलियन डॉलर निर्धारित की गई है. इसके साथ ही उन्हें अन्य भत्ते और बोनस मिलेंगे, जो उन्हें कंपनी के उच्च पदाधिकारी होने के नाते दिए जाते हैं.
T-Mobile के लिए नया अध्याय
गोपालन के नेतृत्व में T-Mobile 5G नेटवर्क के विस्तार और अमेरिकी दूरसंचार बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करेगा. कंपनी का लक्ष्य है कि तेज नेटवर्क सेवा, बेहतर ग्राहक अनुभव और तकनीकी नवाचार के जरिए प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ा जाए.
यह भी पढ़ें: MiG-21 की विदाई में चमकेगी स्क्वाड्रन लीडर प्रिया शर्मा की उड़ान, जानें उनकी पढ़ाई और सैलरी
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