Smart Investor बनो - Gold Investment के Tax Tricks जानो !| Paisa Live
अगर आप एक टैक्सपेयर हैं और सोने में निवेश (Gold Investment) कर रहे हैं, तो आपको इससे जुड़े टैक्स नियमों की जानकारी होना बेहद जरूरी है। सोना खरीदते समय 3% GST और ज्वेलरी के मेकिंग चार्ज पर 5% GST देना होता है। मतलब ₹1 लाख की ज्वेलरी पर कुल ₹3,500 GST देना होगा। वहीं, जब आप सोना बेचते हैं तो उस पर हुए मुनाफे पर कैपिटल गेन्स टैक्स देना पड़ता है। अगर आपने सोना 24 महीनों के भीतर बेचा, तो वह शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन्स (STCG) माना जाएगा और आपकी इनकम टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स लगेगा। 24 महीनों के बाद बेचने पर यह लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) हो जाता है, जिस पर इंडेक्सेशन के साथ 12.5% टैक्स लगता है। अगर आप रिटेल निवेशक हैं, तो लॉन्ग टर्म निवेश से टैक्स भी बच सकता है और रिटर्न भी अच्छा मिलेगा।
अगर आप एक टैक्सपेयर हैं और सोने में निवेश (Gold Investment) कर रहे हैं, तो आपको इससे जुड़े टैक्स नियमों की जानकारी होना बेहद जरूरी है। सोना खरीदते समय 3% GST और ज्वेलरी के मेकिंग चार्ज पर 5% GST देना होता है। मतलब ₹1 लाख की ज्वेलरी पर कुल ₹3,500 GST देना होगा। वहीं, जब आप सोना बेचते हैं तो उस पर हुए मुनाफे पर कैपिटल गेन्स टैक्स देना पड़ता है। अगर आपने सोना 24 महीनों के भीतर बेचा, तो वह शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन्स (STCG) माना जाएगा और आपकी इनकम टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स लगेगा। 24 महीनों के बाद बेचने पर यह लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) हो जाता है, जिस पर इंडेक्सेशन के साथ 12.5% टैक्स लगता है। अगर आप रिटेल निवेशक हैं, तो लॉन्ग टर्म निवेश से टैक्स भी बच सकता है और रिटर्न भी अच्छा मिलेगा।
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