Signs Of Dehydration: प्यास लगने का इंतजार करना पड़ सकता है भारी! शरीर दे रहा है ये 'खामोश' संकेत

What Are The Early Signs Of Dehydration: पानी कितना पीना है, कितनी बार पीना है और कब नहीं पानी है, इसको लेकर उतनी चर्चा नहीं होती, लेकिन यही शरीर की हर सेल्स को जीवित रखता है. एक एडल्ट शरीर का करीब 60 प्रतिशत हिस्सा पानी से बना होता है. थोड़ी-सी भी पानी की कमी मूड, याददाश्त, स्किन और डाइजेशन पर असर डाल सकती है. मुश्किल यह है कि प्यास हमेशा शुरुआती चेतावनी नहीं होती. जब तक मुंह सूखने लगे, तब तक शरीर पहले ही पानी की कमी झेल रहा होता है. चलिए आपको बताते हैं कि कब आपको पानी पीना चाहिए. क्यों पानी पीना हमारे लिए जरूरी? वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के अनुसार, पर्याप्त पानी शरीर के तापमान, ब्लड फ्लो और अंगों के सही कामकाज के लिए जरूरी है. खासकर गर्म मौसम, बीमारी या अधिक फिजिकल एक्टिविटी के दौरान डिहाइड्रेशन तेजी से हो सकता है. यह हमेशा गंभीर लक्षणों के साथ नहीं आता, बल्कि रोजमर्रा की छोटी असुविधाओं के रूप में सामने आता है. क्या होते हैं पानी की कमी के संकेत? लगातार थकान, जो पूरी नींद के बाद भी दूर न हो, पानी की कमी का संकेत हो सकती है। शरीर में तरल कम होने पर रक्त की मात्रा घटती है, जिससे दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इससे एकाग्रता भी प्रभावित हो सकती है. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ की रिपोर्ट के अनुसार, धीरे-धीरे बढ़ने वाला हल्का सिरदर्द भी डिहाइड्रेशन का शुरुआती संकेत है. पानी की कमी से ब्रेन के टिश्यू में अस्थायी सिकुड़न आ सकती है, जिससे दबाव बदलता है और दर्द महसूस होता है. त्वचा का बेजान और कसा हुआ महसूस होना भी संकेत हो सकता है. चेहरा धोने के बाद त्वचा में खिंचाव या महीन रेखाएं ज्यादा दिखना इस ओर इशारा करता है. हाथ की त्वचा को हल्के से खींचकर देखें, अगर वह सामान्य स्थिति में लौटने में समय लेती है, तो शरीर में पानी की कमी हो सकती है. यूरिन से भी मिलता है संकेत यूरिन का रंग भी बहुत कुछ बताता है. यूएस की हेल्थ के बारे में जानकारी देने वाली संस्था सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के अनुसार, हल्का पीला रंग सामान्य माना जाता है, लेकिन गहरा पीला या तेज गंध वाला यूरिन तरल की कमी का संकेत है. इसी तरह कब्ज या पाचन धीमा पड़ना भी पर्याप्त पानी न मिलने से जुड़ा हो सकता है, क्योंकि आंतें मल से पानी ऑब्जर्वेशन करती हैं. अचानक मीठा खाने की इच्छा भी कभी-कभी डिहाइड्रेशन से जुड़ी होती है. शरीर एनर्जी के लिए ग्लूकोज छोड़ने में पानी का उपयोग करता है, और कमी होने पर थकान बढ़ सकती है. मांसपेशियों में ऐंठन या अचानक चक्कर आना भी इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन का संकेत हो सकता है. ज्यादातर एक्सपर्ट वयस्कों के लिए दिन में 2 से 3 लीटर तरल लेने की सलाह देते हैं, हालांकि जरूरत उम्र, मौसम और एक्टिविटी पर निर्भर करती है कि आपको कितना पानी पीना चाहिए.  ये भी पढ़ें-Women Health Issues: भारत में 70% महिलाएं चुपचाप सहती हैं ये तकलीफें, डॉक्टर से जानें कब आपको सावधान होने की जरूरत? Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Mar 3, 2026 - 15:30
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Signs Of Dehydration: प्यास लगने का इंतजार करना पड़ सकता है भारी! शरीर दे रहा है ये 'खामोश' संकेत

What Are The Early Signs Of Dehydration: पानी कितना पीना है, कितनी बार पीना है और कब नहीं पानी है, इसको लेकर उतनी चर्चा नहीं होती, लेकिन यही शरीर की हर सेल्स को जीवित रखता है. एक एडल्ट शरीर का करीब 60 प्रतिशत हिस्सा पानी से बना होता है. थोड़ी-सी भी पानी की कमी मूड, याददाश्त, स्किन और डाइजेशन पर असर डाल सकती है. मुश्किल यह है कि प्यास हमेशा शुरुआती चेतावनी नहीं होती. जब तक मुंह सूखने लगे, तब तक शरीर पहले ही पानी की कमी झेल रहा होता है. चलिए आपको बताते हैं कि कब आपको पानी पीना चाहिए.

क्यों पानी पीना हमारे लिए जरूरी?

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के अनुसार, पर्याप्त पानी शरीर के तापमान, ब्लड फ्लो और अंगों के सही कामकाज के लिए जरूरी है. खासकर गर्म मौसम, बीमारी या अधिक फिजिकल एक्टिविटी के दौरान डिहाइड्रेशन तेजी से हो सकता है. यह हमेशा गंभीर लक्षणों के साथ नहीं आता, बल्कि रोजमर्रा की छोटी असुविधाओं के रूप में सामने आता है.

क्या होते हैं पानी की कमी के संकेत?

लगातार थकान, जो पूरी नींद के बाद भी दूर न हो, पानी की कमी का संकेत हो सकती है। शरीर में तरल कम होने पर रक्त की मात्रा घटती है, जिससे दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इससे एकाग्रता भी प्रभावित हो सकती है. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ की रिपोर्ट के अनुसार, धीरे-धीरे बढ़ने वाला हल्का सिरदर्द भी डिहाइड्रेशन का शुरुआती संकेत है. पानी की कमी से ब्रेन के टिश्यू में अस्थायी सिकुड़न आ सकती है, जिससे दबाव बदलता है और दर्द महसूस होता है. त्वचा का बेजान और कसा हुआ महसूस होना भी संकेत हो सकता है. चेहरा धोने के बाद त्वचा में खिंचाव या महीन रेखाएं ज्यादा दिखना इस ओर इशारा करता है. हाथ की त्वचा को हल्के से खींचकर देखें, अगर वह सामान्य स्थिति में लौटने में समय लेती है, तो शरीर में पानी की कमी हो सकती है.

यूरिन से भी मिलता है संकेत

यूरिन का रंग भी बहुत कुछ बताता है. यूएस की हेल्थ के बारे में जानकारी देने वाली संस्था सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के अनुसार, हल्का पीला रंग सामान्य माना जाता है, लेकिन गहरा पीला या तेज गंध वाला यूरिन तरल की कमी का संकेत है. इसी तरह कब्ज या पाचन धीमा पड़ना भी पर्याप्त पानी न मिलने से जुड़ा हो सकता है, क्योंकि आंतें मल से पानी ऑब्जर्वेशन करती हैं. अचानक मीठा खाने की इच्छा भी कभी-कभी डिहाइड्रेशन से जुड़ी होती है. शरीर एनर्जी के लिए ग्लूकोज छोड़ने में पानी का उपयोग करता है, और कमी होने पर थकान बढ़ सकती है. मांसपेशियों में ऐंठन या अचानक चक्कर आना भी इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन का संकेत हो सकता है.

ज्यादातर एक्सपर्ट वयस्कों के लिए दिन में 2 से 3 लीटर तरल लेने की सलाह देते हैं, हालांकि जरूरत उम्र, मौसम और एक्टिविटी पर निर्भर करती है कि आपको कितना पानी पीना चाहिए. 

ये भी पढ़ें-Women Health Issues: भारत में 70% महिलाएं चुपचाप सहती हैं ये तकलीफें, डॉक्टर से जानें कब आपको सावधान होने की जरूरत?

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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