Shardiya Navratri 2025: नवरात्रि में घट स्थापना के दौरान बरतें सावधानी! इस एक गलती से माता रानी होती है नाराज

Shardiya Navratri 2025: हिंदू धर्म में नवरात्रि का बहुत महत्व है. नवरात्रि के इन 9 दिनों में भक्त देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना और व्रत रखते हैं. नवरात्रि के पहले दिन ही घट स्थापना, मिट्टी के कलश से करना पवित्र और शुभ माना गया है. शास्त्रों के अनुसार नवरात्रि के दिनों में घट कलश की स्थापना न कि जाए या किसी अन्य धातु के कलश में कि जाए तो इससे व्रत का कोई लाभ नहीं मिलता. इसलिए घट की स्थापना मिट्टी के कलश में जल भरकर उसमें आम के पत्ते और ऊपर नारियल रख कर कि जाती है. पहले दिन की जाती है कलश की स्थापना नवरात्रि व्रत के पहले दिन पंचांग के अनुसार शुभ मुहूर्त में घट कलश की स्थापना की जाती है. पुराने समय से ही मिट्टी के कलश में घट की स्थापना करने की परंपरा थी, मगर समय के अनुसार परिवर्तन होने के कारण लोग अब मिट्टी के कलश की बजाए स्टील या अन्य धातु के कलश का इस्तेमाल करने लग गए है. नवरात्रि के दौरान मिट्टी का कलश स्थापित करने से दुर्गा मां प्रसन होती है और सुख-समृद्धि का आशिर्वाद देती हैं.  मिट्टी के कलश के पिछे की मान्यताएं धार्मिक ग्रंथो और मान्यताओं के मुताबिक नवरात्रि में मिट्टी के कलश को स्थापित करना ही पवित्र माना गया है. पौराणिक समय से ही इसी तरह नवरात्रि के पहले दिन घट स्थापना की जाती थी. जिससे देवी मां खुश होकर भक्तों को संपूर्ण फल प्रदान करती हैं. घट की स्थापना करते वक्त मिट्टी के कलश में शुद्ध जल भरकर उस पर 9 आम के पत्तों को रखकर उसके ऊपर पानी वाले नारियल पर कलावा बांधकर रखा जाता है. क्यों है मिट्टी के कलश का महत्वधार्मिक मान्यताओं के मुताबिक धरती की निर्माण वायु, अग्नि, जल, पृथ्वी, आकाश से मिलकर हुआ है. वहीं मिट्टी के घड़े में हम पानी भरकर आम के पत्ते, पानी वाला नारियल रखने को अग्नि, जल, वायु, पृथ्वी, आकाश को सृष्टि के निर्माण का प्रतीक मानते है. इसकी जगह अगर किसी और धातु के कलश को स्थापित किया जाता है, तो इससे नवरात्रि का फल नहीं मिलता.  Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

Sep 18, 2025 - 10:30
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Shardiya Navratri 2025: नवरात्रि में घट स्थापना के दौरान बरतें सावधानी! इस एक गलती से माता रानी होती है नाराज

Shardiya Navratri 2025: हिंदू धर्म में नवरात्रि का बहुत महत्व है. नवरात्रि के इन 9 दिनों में भक्त देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना और व्रत रखते हैं. नवरात्रि के पहले दिन ही घट स्थापना, मिट्टी के कलश से करना पवित्र और शुभ माना गया है.

शास्त्रों के अनुसार नवरात्रि के दिनों में घट कलश की स्थापना न कि जाए या किसी अन्य धातु के कलश में कि जाए तो इससे व्रत का कोई लाभ नहीं मिलता. इसलिए घट की स्थापना मिट्टी के कलश में जल भरकर उसमें आम के पत्ते और ऊपर नारियल रख कर कि जाती है.

पहले दिन की जाती है कलश की स्थापना 
नवरात्रि व्रत के पहले दिन पंचांग के अनुसार शुभ मुहूर्त में घट कलश की स्थापना की जाती है. पुराने समय से ही मिट्टी के कलश में घट की स्थापना करने की परंपरा थी, मगर समय के अनुसार परिवर्तन होने के कारण लोग अब मिट्टी के कलश की बजाए स्टील या अन्य धातु के कलश का इस्तेमाल करने लग गए है.

नवरात्रि के दौरान मिट्टी का कलश स्थापित करने से दुर्गा मां प्रसन होती है और सुख-समृद्धि का आशिर्वाद देती हैं. 

मिट्टी के कलश के पिछे की मान्यताएं 
धार्मिक ग्रंथो और मान्यताओं के मुताबिक नवरात्रि में मिट्टी के कलश को स्थापित करना ही पवित्र माना गया है. पौराणिक समय से ही इसी तरह नवरात्रि के पहले दिन घट स्थापना की जाती थी. जिससे देवी मां खुश होकर भक्तों को संपूर्ण फल प्रदान करती हैं.

घट की स्थापना करते वक्त मिट्टी के कलश में शुद्ध जल भरकर उस पर 9 आम के पत्तों को रखकर उसके ऊपर पानी वाले नारियल पर कलावा बांधकर रखा जाता है.

क्यों है मिट्टी के कलश का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक धरती की निर्माण वायु, अग्नि, जल, पृथ्वी, आकाश से मिलकर हुआ है. वहीं मिट्टी के घड़े में हम पानी भरकर आम के पत्ते, पानी वाला नारियल रखने को अग्नि, जल, वायु, पृथ्वी, आकाश को सृष्टि के निर्माण का प्रतीक मानते है.

इसकी जगह अगर किसी और धातु के कलश को स्थापित किया जाता है, तो इससे नवरात्रि का फल नहीं मिलता. 

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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