Rum peg: कितने ml का बनाना चाहिए रम का एक पैग? 99 पर्सेंट लोग कर देते हैं गलती

How Many ml in One Peg: शराब पीने वालों में एक सबसे आम गलती होती है पैग की सही मात्रा तय न कर पाना. खासकर रम की बात करें तो ज्यादातर लोग अंदाजे से पैग डालते हैं और यही आदत उनके पूरे पीने की एक्सपीरियंस को बदल देती है. दिलचस्प बात यह है कि 99 प्रतिशत लोग यह गलती रोजमर्रा में करते हैं और उन्हें पता भी नहीं चलता कि उनका बनाया हुआ सही है या फिर नहीं है. तो आखिर रम का एक सही पैग कितने एमएल का होना चाहिए, क्यों जरूरी है यह जानना और गलत पैग बनाने से क्या-क्या दिक्कतें हो सकती हैं. चलिए आपको बताते हैं कि पैग कितने एमएल का होना चाहिए. कितना होना चाहिए पैग? दुनिया भर में शराब की स्टैंडर्ड का नियम अलग-अलग देशों और ड्रिंक के हिसाब से तय किया गया है. भारत में एक पैग की सबसे ज्यादा स्वीकार की गई मात्रा 30 एमएल मानी जाती है. इसे सामान्य भाषा में "एक छोटा पैग" कहा जाता है. वहीं 60 एमएल को लार्ज पैग या डबल पैग कहा जाता है. लेकिन लोग क्या करते हैं कि घर पर या पार्टियों में अपनी मर्जी से पैग डालते हैं और अक्सर 45 से 50 एमएल डालकर भी मान लेते हैं कि यह 30 एमएल ही है. क्यों होती है दिक्कत? इस सवाल के जवाब पर आते हैं कि आखिर यह गलती क्यों होती है. दरअसल, ग्लास का आकार, उसकी चौड़ाई और हाथ की आदतें, ये तीनों चीजें मिलकर पैग की मात्रा गड़बड़ा देती हैं. अगर कोई ग्लास थोड़ा गहरा या चौड़ा हो, तो उसमें 30 ml डालने पर भी लगता है कि कम पड़ा है और लोग थोड़ा और डाल देते हैं. इससे होता क्या है कि पैग की मात्रा बढ़ जाती है और असर भी ज्यादा होता है. यही कारण है कि ज्यादातर लोग सोचते हैं कि उन्होंने तो सिर्फ एक पैग पिया है, लेकिन असल में उनकी मात्रा डेढ़ से दो पैग के बराबर हो जाती है. कैसे सही पैग तैयार करें? तो क्या किया जाए? सबसे आसान तरीका है कि आप घर में एक छोटा सा 30 एमएल का मापने वाला ग्लास रखें. इसे पहले से आपको अंदाजा होता रहेगा कि आप कितना पी रहे हैं. आप हर बार बिल्कुल सही मात्रा में पैग बना पाएंगे. गलत पैग का असर सिर्फ नशे पर नहीं पड़ता, बल्कि आपके मिक्सर के स्वाद पर भी फर्क डालता है. उदाहरण के लिए अगर आप 30 एमएल रम में 150 एमएल कोला डालते हैं तो स्वाद बैलेंस्ड आता है. लेकिन वही 50 एमएल रम डाल देंगे, तो पेय ज्यादा स्ट्रॉन्ग और तीखा लगेगा. इसीलिए बार में ड्रिंक हमेशा एक जैसे स्वाद के लगते हैं, क्योंकि मात्रा हमेशा सटीक रहती है. इसे भी पढ़ें: Protein Powder Safety: प्रोटीन पाउडर में गलती से भी नहीं मिलानी चाहिए ये 6 चीजें, वरना बनने की जगह बिगड़ जाएगी सेहत

Nov 13, 2025 - 19:30
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Rum peg: कितने ml का बनाना चाहिए रम का एक पैग? 99 पर्सेंट लोग कर देते हैं गलती

How Many ml in One Peg: शराब पीने वालों में एक सबसे आम गलती होती है पैग की सही मात्रा तय न कर पाना. खासकर रम की बात करें तो ज्यादातर लोग अंदाजे से पैग डालते हैं और यही आदत उनके पूरे पीने की एक्सपीरियंस को बदल देती है. दिलचस्प बात यह है कि 99 प्रतिशत लोग यह गलती रोजमर्रा में करते हैं और उन्हें पता भी नहीं चलता कि उनका बनाया हुआ सही है या फिर नहीं है. तो आखिर रम का एक सही पैग कितने एमएल का होना चाहिए, क्यों जरूरी है यह जानना और गलत पैग बनाने से क्या-क्या दिक्कतें हो सकती हैं. चलिए आपको बताते हैं कि पैग कितने एमएल का होना चाहिए.

कितना होना चाहिए पैग?

दुनिया भर में शराब की स्टैंडर्ड का नियम अलग-अलग देशों और ड्रिंक के हिसाब से तय किया गया है. भारत में एक पैग की सबसे ज्यादा स्वीकार की गई मात्रा 30 एमएल मानी जाती है. इसे सामान्य भाषा में "एक छोटा पैग" कहा जाता है. वहीं 60 एमएल को लार्ज पैग या डबल पैग कहा जाता है. लेकिन लोग क्या करते हैं कि घर पर या पार्टियों में अपनी मर्जी से पैग डालते हैं और अक्सर 45 से 50 एमएल डालकर भी मान लेते हैं कि यह 30 एमएल ही है.

क्यों होती है दिक्कत?

इस सवाल के जवाब पर आते हैं कि आखिर यह गलती क्यों होती है. दरअसल, ग्लास का आकार, उसकी चौड़ाई और हाथ की आदतें, ये तीनों चीजें मिलकर पैग की मात्रा गड़बड़ा देती हैं. अगर कोई ग्लास थोड़ा गहरा या चौड़ा हो, तो उसमें 30 ml डालने पर भी लगता है कि कम पड़ा है और लोग थोड़ा और डाल देते हैं. इससे होता क्या है कि पैग की मात्रा बढ़ जाती है और असर भी ज्यादा होता है. यही कारण है कि ज्यादातर लोग सोचते हैं कि उन्होंने तो सिर्फ एक पैग पिया है, लेकिन असल में उनकी मात्रा डेढ़ से दो पैग के बराबर हो जाती है.

कैसे सही पैग तैयार करें?

तो क्या किया जाए? सबसे आसान तरीका है कि आप घर में एक छोटा सा 30 एमएल का मापने वाला ग्लास रखें. इसे पहले से आपको अंदाजा होता रहेगा कि आप कितना पी रहे हैं. आप हर बार बिल्कुल सही मात्रा में पैग बना पाएंगे. गलत पैग का असर सिर्फ नशे पर नहीं पड़ता, बल्कि आपके मिक्सर के स्वाद पर भी फर्क डालता है. उदाहरण के लिए अगर आप 30 एमएल रम में 150 एमएल कोला डालते हैं तो स्वाद बैलेंस्ड आता है. लेकिन वही 50 एमएल रम डाल देंगे, तो पेय ज्यादा स्ट्रॉन्ग और तीखा लगेगा. इसीलिए बार में ड्रिंक हमेशा एक जैसे स्वाद के लगते हैं, क्योंकि मात्रा हमेशा सटीक रहती है.

इसे भी पढ़ें: Protein Powder Safety: प्रोटीन पाउडर में गलती से भी नहीं मिलानी चाहिए ये 6 चीजें, वरना बनने की जगह बिगड़ जाएगी सेहत

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