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    <title>Attention India Hindi &amp; : देश&amp;दुनिया</title>
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    <description>Attention India Hindi &amp; : देश&amp;दुनिया</description>
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    <dc:rights>Copyright 2024 Attention India&amp; All Rights Reserved.</dc:rights>
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        <title>&amp;apos;पूरे देश में होगा...&amp;apos;, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ी CJP, मीटिंग से ठीक पहले केंद्र सरकार को दिया अल्टीमेटम</title>
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        <description><![CDATA[ CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा है कि संगठन को मुआवजे और कानूनी कार्रवाई से जुड़े मुद्दों पर आज एक लिखित समझौता मिलने की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि आंदोलन से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार के साथ बातचीत चल रही है और संगठन को उम्मीद है कि इन विषयों पर आश्वासन दिया जाएगा. आशुतोष रांका ने कहा कि आंदोलन की सबसे प्रमुख मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से जुड़ी है. उन्होंने कहा कि संगठन सरकार की ओर से इस मांग पर आने वाली प्रतिक्रिया का भी इंतजार कर रहा है.
आशुतोष रांका ने कहा कि अगर धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते हैं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा. उनके अनुसार, ऐसी स्थिति में सीजेपी को जल्द ही आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए एक नया देशव्यापी आह्वान जारी करना पड़ सकता है. रांका ने कहा कि आंदोलन से जुड़े लोग अपनी मांगों को लेकर गंभीर हैं और उन्हें उम्मीद है कि सरकार उनकी बातों पर सकारात्मक निर्णय लेगी. उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आगे की रणनीति सरकार की प्रतिक्रिया और बातचीत के नतीजों पर निर्भर करेगी.

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CJP का मुख्य मुद्दा क्या है?
CJP का कहना है कि मुआवजे, कानूनी कार्रवाई और जवाबदेही जैसे मुद्दों पर ठोस कदम उठाए जाने की आवश्यकता है. संगठन का मानना है कि इन मामलों में स्पष्ट निर्णय और जिम्मेदारी तय होना जरूरी है, ताकि छात्रों और उनके परिवारों की चिंताओं का समाधान हो सके. उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में आंदोलन की दिशा को लेकर फैसला लिया जाएगा और अगर प्रमुख मांगों पर संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है तो विरोध प्रदर्शन को और व्यापक रूप दिया जा सकता है.
ये भी पढ़ें: &#039;धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा नहीं दिया तो...&#039;, CJP का क्या है &#039;प्लान बी&#039;? आशुतोष रांका ने दिया जवाब ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 25 Jul 2026 14:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>&amp;apos;मेट्रो बंद करो, रास्ते बंद करो और...&amp;apos;, राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर कसा तंज, पीएम मोदी को लेकर क्या कहा?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/मेट्रो-बंद-करो-रास्ते-बंद-करो-और-राहुल-गांधी-ने-केंद्र-सरकार-पर-कसा-तंज-पीएम-मोदी-को-लेकर-क्या-कहा</link>
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        <description><![CDATA[ राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के बीच 18 मेट्रो स्टेशनों को बंद किए जाने के फैसले पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों के आंदोलन को रोकने के लिए मेट्रो स्टेशन बंद कर सकती है, सड़कों पर पाबंदियां लगा सकती है, इंटरनेट सेवाएं बाधित कर सकती है और आम लोगों की आवाजाही मुश्किल बना सकती है, लेकिन बार-बार हो रहे पेपर लीक को रोकने में पूरी तरह विफल रही है. राहुल गांधी ने कहा कि अपने अधिकारों की मांग कर रहे छात्रों के साथ सरकार का रवैया बेहद कठोर और असंवेदनशील है.
राहुल गांधी ने सरकार पर साधा निशाना
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म &#039;एक्स&#039; पर पोस्ट करते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने लिखा, &quot;मेट्रो बंद करो. रास्ते बंद करो. दुकानें बंद करो. Internet बंद करो. खाना बंद करो. अपना हक़ मांग रहे छात्रों के ख़िलाफ सरकार ने ये क्रूर कदम उठाए. बस एक चीज बंद नहीं कर पाए, मोदी जी - पेपर लीक.&quot;

मेट्रो बंद करो।रास्ते बंद करो।दुकानें बंद करो।Internet बंद करो।खाना बंद करो।अपना हक़ मांग रहे छात्रों के ख़िलाफ़ सरकार ने ये क्रूर कदम उठाए।बस एक चीज़ बंद नहीं कर पाए, मोदी जी - पेपर लीक।
&amp;mdash; Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 25, 2026



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18 मेट्रो स्टेशन अगले आदेश तक बंद
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने शनिवार सुबह 7:30 बजे से राजधानी के 18 मेट्रो स्टेशनों को अगले आदेश तक बंद रखने की घोषणा की. डीएमआरसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म &#039;एक्स&#039; पर इसकी जानकारी देते हुए कहा कि सुरक्षा कारणों से यह फैसला लिया गया है और अगले निर्देश तक इन स्टेशनों पर यात्रियों का प्रवेश और निकास बंद रहेगा. हालांकि, राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट मेट्रो स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा पहले की तरह जारी रहेगी. डीएमआरसी ने यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद भी जताया है.
नई दिल्ली स्टेशन बंद करने की वजह नहीं बताई
डीएमआरसी ने अपने आधिकारिक बयान में यह जरूर बताया कि नई दिल्ली सहित 18 मेट्रो स्टेशन बंद किए जा रहे हैं, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया कि नई दिल्ली स्टेशन को बंद करने के पीछे क्या विशेष कारण है.
इन मेट्रो स्टेशनों पर लगी रोक
जिन मेट्रो स्टेशनों को बंद किया गया है उनमें लोक कल्याण मार्ग, नई दिल्ली, राजीव चौक, पटेल चौक, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, बाराखंभा रोड, सुप्रीम कोर्ट, सेवा तीर्थ, जनपथ, मंडी हाउस, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, आईटीओ, दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, खान मार्केट, जोर बाग, शिवाजी स्टेडियम और झंडेवालान शामिल हैं. झंडेवालान स्टेशन को बाद में इस सूची में जोड़ा गया.
20 जुलाई के प्रदर्शन के बाद बढ़ाई गई सुरक्षा
इन स्टेशनों को 20 जुलाई को हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद बंद किया गया है. उस दिन कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थकों और बड़ी संख्या में छात्रों ने जंतर-मंतर से संसद तक मार्च निकाला था. प्रदर्शनकारी कथित NEET पेपर लीक समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार सामने आ रही गड़बड़ियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए राजधानी के कई इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था. इसके बाद से दिल्ली में सुरक्षा इंतजाम और सख्त कर दिए गए हैं.
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        <pubDate>Sat, 25 Jul 2026 14:30:10 +0530</pubDate>
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        <title>CJP Protest: बैरिकेड्स और लोहे की चादरों से जंतर मंतर प्रोटेस्ट साइट सील, भारी पुलिस फोर्स के साथ सड़कें बंद</title>
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        <description><![CDATA[ CJP के नेतृत्व में चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच दिल्ली के जंतर-मंतर इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है. प्रदर्शन लगातार जारी रहने के कारण प्रशासन ने पूरे जंतर-मंतर क्षेत्र को बैरिकेड लगाकर सील कर दिया है. इलाके में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों और सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है. जंतर-मंतर के आसपास आने-जाने वाले रास्तों पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसी तरह की अप्रिय घटना न हो.
सुरक्षा एजेंसियां पूरे इलाके पर नजर बनाए हुए हैं. प्रदर्शन के चलते जंतर-मंतर और उसके आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं. फिलहाल जंतर-मंतर पर भारी सुरक्षा बल तैनात है और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है. हालांकि, पूरे इलाके में लोहे के बड़े-बड़े बैरिकेट्स को जंजीरों से लपेटा गया है. उन्हें जगह-जगह पर सील किया गया है, ताकी कोई भी प्रदर्शनकारी उसमें सेंध न लगा सके.
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जंतर-मंतर पर इंटरनेट सेवाएं बंद
जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक और परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी प्रदर्शन के बीच मध्य दिल्ली के कुछ इलाकों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दिए गए हैं. CJP 20 जून से मध्य दिल्ली में प्रदर्शन कर रही है और राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) प्रश्नपत्र लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है. इस बीच कानूनी सेवा संगठन सॉफ्टवेयर फ्रीडम लॉ सेंटर ने अपनी याचिका में केंद्रीय गृह मंत्रालय की तरफ से 17, 20, 22 और 23 जुलाई को मध्य दिल्ली के कुछ हिस्सों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद करने के लिए जारी किए गए आदेशों को रद्द करने का अनुरोध किया.
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        <pubDate>Sat, 25 Jul 2026 14:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>CJP, Protest:, बैरिकेड्स, और, लोहे, की, चादरों, से, जंतर, मंतर, प्रोटेस्ट, साइट, सील, भारी, पुलिस, फोर्स, के, साथ, सड़कें, बंद</media:keywords>
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        <title>कर्तव्य पथ हिंसा केस में बड़ा खुलासा, हत्या के प्रयास समेत 13 धाराओं में FIR; FRS कैमरों से 2 हजार से ज्यादा संदिग्धों की पहचान</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/कर्तव्य-पथ-हिंसा-केस-में-बड़ा-खुलासा-हत्या-के-प्रयास-समेत-13-धाराओं-में-fir-frs-कैमरों-से-2-हजार-से-ज्यादा-संदिग्धों-की-पहचान</link>
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        <description><![CDATA[ दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान 20 जुलाई को हुई हिंसा को लेकर कर्तव्य पथ थाना पुलिस की एफआईआर में कई बड़े खुलासे हुए हैं. संसद और रेल भवन के पास हुई झड़प के मामले में पुलिस ने हत्या के प्रयास (BNS 109(1)) समेत 13 गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है. एफआईआर में दावा किया गया है कि प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़कर संसद की ओर बढ़ने की कोशिश की, पुलिस पर पथराव और चप्पलें फेंकी, मारपीट की और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया. वहीं, दिल्ली पुलिस का कहना है कि इस हिंसा में 129 पुलिसकर्मी और 60 से अधिक प्रदर्शनकारी घायल हुए.
इंस्पेक्टर की शिकायत पर दर्ज हुई FIR
कर्तव्य पथ थाने में दर्ज एफआईआर थाने में तैनात एक इंस्पेक्टर की शिकायत पर दर्ज की गई है. इसमें रफी मार्ग पर हुई हिंसा के दौरान पुलिस की ओर से सामने आए घटनाक्रम का विस्तृत विवरण दर्ज किया गया है. एफआईआर के अनुसार, इंस्पेक्टर की ड्यूटी 20 जुलाई की सुबह 5 बजे से सी-हेक्सागन, जोन-11 (पिंक बूथ) पर लगी थी. इसी दौरान वायरलेस के जरिए सूचना मिली कि रेल भवन राउंडअबाउट के पास बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जमा हो गए हैं. सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, जहां हजारों प्रदर्शनकारी मौजूद थे.
&#039;बैरिकेड तोड़कर संसद की ओर बढ़ने की कोशिश&#039;
एफआईआर में कहा गया है कि मौके पर मौजूद पुलिस ने लाउडस्पीकर के माध्यम से घोषणा की कि BNSS की धारा 163 लागू है और प्रदर्शन की अनुमति नहीं है. प्रदर्शनकारियों से वहां से हटने की अपील भी की गई, लेकिन चेतावनी के बावजूद भीड़ नहीं हटी और लगातार नारेबाजी करती रही. पुलिस का आरोप है कि इसके बाद कुछ लोगों ने भीड़ को बैरिकेड तोड़कर संसद की ओर बढ़ने के लिए उकसाया. एफआईआर के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की और पुलिसकर्मियों को चारों तरफ से घेर लिया.
&#039;पुलिस पर पत्थर और चप्पलें फेंकी गईं&#039;
एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की और उन पर पत्थर तथा चप्पलें फेंकीं. पुलिस का दावा है कि हमले में कई जवान घायल हो गए. एफआईआर में यह भी आरोप लगाया गया है कि भीड़ ने पुलिसकर्मियों पर हत्या की नीयत से हमला किया. इसी आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109(1) यानी हत्या के प्रयास सहित कुल 13 गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है.
सरकारी संपत्ति और वाहनों को नुकसान पहुंचाने का आरोप
दिल्ली पुलिस ने एफआईआर में आरोप लगाया है कि हिंसा के दौरान सरकारी संपत्ति और निजी वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया गया. पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को क्षति पहुंचाई गई, जिससे हालात और बिगड़ गए. एफआईआर के मुताबिक, संसद और आसपास स्थित अन्य महत्वपूर्ण सरकारी संस्थानों की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस ने हालात को नियंत्रित करने के लिए हल्का लाठीचार्ज किया. इसके साथ ही भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए. पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने और प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए की गई.
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हत्या के प्रयास समेत 13 धाराओं में मामला दर्ज
कर्तव्य पथ थाने में दर्ज एफआईआर में हत्या के प्रयास के अलावा सरकारी कर्मचारी पर हमला, सरकारी कार्य में बाधा डालना, गैरकानूनी जमावड़ा, दंगा, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना और लोगों की जान को खतरे में डालने जैसी कुल 13 गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.
फेशियल रिकग्निशन सिस्टम से हो रही पहचान
दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने बताया कि जंतर-मंतर आने वाले लोगों पर नजर रखने के लिए फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है. पुलिस का दावा है कि इस तकनीक की मदद से अब तक 2 हजार से अधिक ऐसे लोगों की पहचान की गई है, जिनका पहले से आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और जो जंतर-मंतर पहुंचे थे. ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 25 Jul 2026 14:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>कर्तव्य, पथ, हिंसा, केस, में, बड़ा, खुलासा, हत्या, के, प्रयास, समेत, धाराओं, में, FIR, FRS, कैमरों, से, हजार, से, ज्यादा, संदिग्धों, की, पहचान</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>&amp;apos;धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, PM मोदी मांगें माफी&amp;apos;, राहुल गांधी ने सरकार के सामने रखी की तीन मांगें</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/धर्मेंद्र-प्रधान-का-इस्तीफा-pm-मोदी-मांगें-माफी-राहुल-गांधी-ने-सरकार-के-सामने-रखी-की-तीन-मांगें</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/धर्मेंद्र-प्रधान-का-इस्तीफा-pm-मोदी-मांगें-माफी-राहुल-गांधी-ने-सरकार-के-सामने-रखी-की-तीन-मांगें</guid>
        <description><![CDATA[ कथित NEET पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में गड़बड़ियों को लेकर केंद्र सरकार पर हमलावर कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को प्रेस वार्ता कर सरकार पर तीखा निशाना साधा. उन्होंने कहा कि अनशन पर बैठे छात्रों से उनकी बात हुई है और छात्रों की तीन प्रमुख मांगें हैं, जिन पर किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता. राहुल गांधी ने साफ कहा कि छात्रों की पहली और सबसे बड़ी मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की है.
राहुल गांधी ने बताई अपनी पहली मांग
राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों की तीन मांगें हैं और ये ऐसी मांगें हैं, जिन पर बातचीत या समझौते की कोई गुंजाइश नहीं है. उन्होंने कहा कि छात्रों का साफ मानना है कि शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय होनी चाहिए. राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भ्रष्ट, अयोग्य और अपनी जिम्मेदारियों के अनुरूप काम नहीं कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि छात्रों की पहली मांग यही है कि धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल पद से हटाया जाए.

देश के छात्रों की तीन मांग हैं, जिनसे समझौता नहीं हो सकता।&amp;bull; शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को कैबिनेट से हटाया जाए&amp;bull; छात्रों पर बर्बरता करने वालों पर सख्त एक्शन हो&amp;bull; नरेंद्र मोदी देश के छात्रों से माफी मांगें: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi pic.twitter.com/6b6pijW6Fp
&amp;mdash; Congress (@INCIndia) July 25, 2026



राहुल गांधी ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में इस बात की चर्चा चल रही है कि धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्रालय से हटाकर किसी दूसरे मंत्रालय की जिम्मेदारी दी जा सकती है. उन्होंने कहा कि यदि ऐसा होता है तो यह समाधान नहीं होगा. राहुल गांधी ने कहा कि भारत के छात्र और देश का कोई भी व्यक्ति इसे स्वीकार नहीं करेगा.
&#039;धर्मेंद्र प्रधान भ्रष्टाचार का प्रतीक बन चुके हैं&#039;
राहुल गांधी ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान अब केवल एक मंत्री नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार और छात्रों के भविष्य के साथ हुए नुकसान का प्रतीक बन चुके हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि देश की सबसे बड़ी पूंजी उसके छात्र और उनका भविष्य हैं, लेकिन मौजूदा हालात में उसी भविष्य को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है.

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राहुल गांधी की अन्य दो मांगे&amp;nbsp;

राहुल गांधी ने छात्रों की अन्य दो मांगों का जिक्र करते हुए कहा कि इन पर कोई समझौता नहीं हो सकता. उनकी अन्य दो मांगें हैं:

प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित बर्बरता और बल प्रयोग के लिए जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के छात्रों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगें.

 ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 25 Jul 2026 14:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>धर्मेंद्र, प्रधान, का, इस्तीफा, मोदी, मांगें, माफी, राहुल, गांधी, ने, सरकार, के, सामने, रखी, की, तीन, मांगें</media:keywords>
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        <title>CJP की ताकत देर से समझी सरकार? फास्ट ट्रैक कोर्ट, नया बिल और बातचीत, महज 36 घंटे में उठाए क्या&amp;क्या कदम</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/cjp-की-ताकत-देर-से-समझी-सरकार-फास्ट-ट्रैक-कोर्ट-नया-बिल-और-बातचीत-महज-36-घंटे-में-उठाए-क्या-क्या-कदम</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/cjp-की-ताकत-देर-से-समझी-सरकार-फास्ट-ट्रैक-कोर्ट-नया-बिल-और-बातचीत-महज-36-घंटे-में-उठाए-क्या-क्या-कदम</guid>
        <description><![CDATA[ नीट पेपर लीक के विरोध प्रदर्शन की जो चिंगारी 30 दिन पहले सुलगी थी वो अब देश के शिक्षा तंत्र के खिलाफ एक बड़े आंदोलन का रूप ले लिया है. दिल्ली के जंतर-मंतर से निकला ये गुस्सा अब धीरे-धीरे देश के दूसरे शहरों तक फैल गया है. केंद्र सरकार पहले तो इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया, लेकिन आखिरकार उसे अपनी चुप्पी तोड़नी पड़ी और बीते 36 घंटे के दौरान ताबड़तोड़ फैसले लेने पड़े. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने पीएम आवास के बाहर कांग्रेस सासंदों के साथ प्रदर्शन किया, जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद आगे आए और सरकार ने भीतर एक के बाद एक कई फैसले लिए गए.
फास्ट-ट्रैक कोर्ट का ऐलान
पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि पेपर लीक के आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे. पीएम मोदी ने कहा, &#039;इस संबंध में निर्देश दे दिए गए हैं कि संबंधित विभाग आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें. युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा.&#039; इसके कुछ ही घंटों भीतर दिल्ली हाई कोर्ट ने इसके लिए विशेष कोर्ट भी तय कर दिया. इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और PMO राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के बीच करीब 4 घंटे तक हाई-स्तरीय बैठक चली.&amp;nbsp;
इसके बाद सरकार ने अपना रुख बदला और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधियों को बातचीत का न्योता दिया. वार्ता के स्थान को लेकर काफी खींचतान के बाद आखिर में &#039;कॉन्स्टिट्यूशन क्लब&#039; को बातचीत के लिए चुना गया. भारी दबाव के बीच सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई करते हुए शिक्षा सचिव विनीत जोशी को पद से हटा दिया.
रील्स फॉर्मेट में वीडियो जारी कर पीएम मोदी का संदेश
पीएम मोदी एक दिन में दूसरी बार इस मुद्दे पर बोले. आधी रात को रील्स फॉर्मेट में वीडियो जारी किया, जिसे खासतौर पर युवाओं तक सीधा संदेश पहुंचाने के लिए बनाया गया था. उन्होंने कहा, &#039;मैं जानता हूं कि पेपर लीक कोई सामान्य बात नहीं है. यह लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों के लिए बेहद दर्दनाक है.&#039; उन्होंने इस मामले में और कड़ी कार्रवाई की भी बात कही थी, जिसे 24 जुलाई की शाम तक अमल में भी लाया गया. न्यूज एजेंसी आईएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक एजेंसी से जुड़े 47 लोगों को हटा दिया गया है और इसमें से कुछ लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी.
सरकार एनटीए के पुनर्गठन की योजना पर काम कर रही है. इसके तहत अगले एक महीने के भीतर एजेंसी की संरचना में बड़े बदलाव किए जाएंगे. एनटीए के कामकाज और परीक्षा संचालन प्रणाली में व्यापक सुधार किए जाएंगे. खास तौर पर एजेंसी द्वारा अपनाई जाने वाली आउटसोर्सिंग व्यवस्था को बदला जाएगा. यह बदलाव विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के आधार पर किए जाएंगे. सरकार का उद्देश्य ऐसी लीक प्रूफ व्यवस्था तैयार करना है, जिससे राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके और परीक्षा प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बने.
सोनम वांगचुक ने तोड़ा अनशन
दूसरी तरफ शिक्षा सुधारों की मांग को लेकर 25 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत ने सरकार की चिंता बढ़ा दी थी. रात को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह गुरुग्राम के अस्पताल पहुंचे. सरकार ने आश्वासन दिया कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी और पेपर लीक रोकने के कड़े कदम उठाए जाएंगे. इसके बाद सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त किया.
कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में शुक्रवार (24 जुलाई 2026) को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह की कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका के साथ बैठक हुई. बैठक के बाद आशुतोष रांका और सौरव दास ने कहा कि मंत्रियों के साथ करीब 10 मिनट तक बैठक हुई. उन्होंने कहा, &#039;हमने सरकार के सामने तीन मांगें रखीं. पीड़ितों के परिजनों को एक करोड़ मुआवजा, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और छात्रों पर दर्ज किए गए केस को वापस लिया जाए.&#039;
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ी सीजेपी
आशुतोष रांका ने कहा, &#039;धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे या कैबिनेट से बर्खास्तगी के बिना कुछ भी हमें मंजूर नहीं होगा. सरकार ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की हमारी मांग पर शनिवार दोपहर तक का समय मांगा है. हमने सरकार को बता दिया है कि पूरे देश में प्रदर्शन हो रहे हैं. अगर जल्द ही धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा या बर्खास्तगी नहीं हुई तो आंदोलन और तेज होगा.&#039;
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 23 जून को एक इंटरव्यू में सीजेपी को दहशतगर्दों की बी-टीम बताया था और आरोप लगाया था कि यह संगठन उन ताकतों की ओर से काम कर रहा है जिन्हें जनता पहले ही नकार चुकी है. सीजेपी ने 20 जून को जंतर-मंतर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया था. आठ दिन बाद सोनम वांगचुक और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के छह कार्यकर्ताओं ने भी वहां अनशन शुरू किया. करीब दो सप्ताह बाद सोशल मीडिया पर, वांगचुक की बिगड़ती सेहत के वीडियो वायरल होने के बाद आंदोलन ने गति पकड़ ली.
कैसे अचानक तेज हुआ आंदोलन?
18 जुलाई को पुलिस उन्हें जबरन सफदरजंग अस्पताल ले गई, जिससे छात्रों और प्रदर्शनकारियों में व्यापक आक्रोश फैल गया. इसके बाद 20 जुलाई को संसद तक विशाल मार्च निकाला गया, जिसमें पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले भी छोड़े. आंदोलन शांत होने के बजाय पुलिस कार्रवाई के बाद और तेज हो गया। जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ती गई और अंततः केंद्र सरकार को अपने रुख पर पुनर्विचार करना पड़ा। उसी दिन जेपी नड्डा ने पहली बार अपने आवास पर सीजेपी नेतृत्व के साथ औपचारिक बैठक की, जिससे राजनीतिक संवाद की शुरुआत हुई.&amp;nbsp;
केंद्रीय कैबिनेट ने शुक्रवार को पेपर लीक के मामलों में ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 25 Jul 2026 02:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>‘इंस्टाग्राम पर रहें एक्टिव, रील्स बनाकर करें पोस्ट और...’, कैबिनेट बैठक में PM मोदी की मंत्रियों को सलाह</title>
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        <description><![CDATA[ राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में नीट परीक्षा पेपर लीक के विरोध में जंतर मंतर पर जारी प्रदर्शन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार (24 जुलाई, 2026) को कैबिनेट की बैठक बुलाई. इस अहम बैठक में पीएम मोदी ने कई मुद्दों को लेकर कैबिनेट मंत्रियों के साथ चर्चा की. इसमें एक अहम मुद्दा छात्रों के साझ जुड़ाव और उनसे कनेक्शन बनाने को लेकर भी रहा, जिसे लेकर पीएम मोदी ने मंत्रियों को सलाह भी दी है.
कैबिनेट मीटिंग में पीएम मोदी ने मंत्रियों को क्या दी सलाह?
सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैबिनेट बैठक में मंत्रियों से एक बेहद अलग और अहम सवाल पूछा. उन्होंने पूछा कि आखिर सरकार के कितने मंत्री सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक्टिव हैं? इसके बाद उन्होंने मंत्रियों को सलाह देते हुए इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आउटरीज बढ़ाने को कहा है.
सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने कैबिनेट मंत्रियों को सलाह दी है कि आज का युवा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर काफी ज्यादा एक्टिव है, इसलिए सभी मंत्री भी इंस्टाग्राम पर एक्टिव रहें. मंत्री सरकार की योजनाओं और कामों के बारे में सोशल मीडिया पर रील बनाकर शेयर करें और उसके बारे में लोगों और युवाओं को बताएं. इसके साथ ही, पीएम मोदी ने कल गुरुवार (23 जुलाई, 2026) को बनाए गए वीडियो का भी युवाओं से आउटरीच बढ़ाने को लेकर जिक्र किया है.&amp;nbsp;

पीएम मोदी ने मंत्रियों को इंस्टाग्राम पर सक्रिय रहने को क्यों कहा?
दरअसल, नीट परीक्षा पेपर लीक के बाद प्रभावित छात्रों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, विशेषकर इंस्टाग्राम पर रील्स बनाकर राष्ट्रीय टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और केंद्र सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया. वहीं, जंतर जंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और छात्रों के आंदोलन को और व्यापक स्तर पर पहुंचाने में सोशल मीडिया और खासकर इंस्टाग्राम से काफी मदद मिली है. युवा और छात्र आंदोलन, सरकार और दिल्ली पुलिस की कार्रवाई से जुड़ी रील्स पोस्ट और शेयर कर रहे हैं, जिन्हें देखकर और ज्यादा छात्र में विरोध में शामिल हो रहे हैं. इसी पैटर्न को देखते हुए पीएम मोदी ने कैबिनेट की बैठक में अपने मंत्रियों से सोशल मीडिया और विशेष रूप से इंस्टाग्राम पर एक्टिव रहने की सलाह दी है.
यह भी पढ़ेंः सरकार 2 मांगों पर तैयार, प्रधान के इस्तीफे पर अड़ी सीजेपी, जानें दूसरे राउंड की बैठक में क्या हुआ ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 25 Jul 2026 02:30:11 +0530</pubDate>
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        <title>केंद्र ने दिल्ली में CRPF की और कंपनियां एयरलिफ्ट कीं, CJP प्रोटेस्ट को देखते हुए सरकार का बड़ा फैसला</title>
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        <description><![CDATA[ केंद्र सरकार ने दिल्ली में जारी स्टूडेंट प्रोटेस्ट कोलेकर अहम सुरक्षा कदम उठाए हैं. सरकार ने छत्तीसगढ़ से दिल्ली तक केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स की 10 और कंपनियों को एयरलिफ्ट का निर्देश जारी किया है. सीआईएफ ने भी दिल्ली मेट्रो सुरक्षा यूनिट के कर्मियों की छुट्टी रद्द कर दी हैं.&amp;nbsp;
पिछले एक महीने से नीट पेपर लीक को लेकर देशभर से प्रदर्शनकारी जुटे हुए हैं. साथ ही वह शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं.&amp;nbsp;
दिल्ली में हुई रिव्यू मीटिंग में क्या फैसला?
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, गुरुवार को दिल्ली में हुई रिव्यू मीटिंग में फैसला किया है कि स्वतंत्रता दिवस से पहले राष्ट्रीय राजधानी में तैनात की जानेवाली सभी सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज यूनिट की योजना से पहले रिपोर्ट करना चाहिए. अगले कुछ दिन में करीबन 150 सीएपीएफ कंपनियों को तैनात किए जाने की उम्मीद है.&amp;nbsp;
एक सीएपीएफ में लगभग 100 कर्मी होते हैं. कानून व्यवस्था बनाए रखने दिल्ली पुलिस की मदद के लिए पहले से ही 100 सीएपीएफ कंपनियां तैनात हैं. सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए शुक्रवार को छत्तीसगढ़ से दिल्ली तक सीआरपीएफ की 100 कंपनियों को एयरलिफ्ट किया जा चुका है.&amp;nbsp;
बंगाल से किए जा चुकी CRPF की 20 कंपनियां एयरलिफ्ट
इससे पहले सरकार ने कॉकरोच जनता पार्टी के बैनर तले आयोजित विरोध प्रदर्शन को देखते हुए पश्चिम बंगाल से राष्ट्रीय राजधानी तक सीआरपीएफ की 20 कंपनियों को एयरलिफ्ट किया गया. सुरक्षा को मजबूत करने के लिए आरएएफ की तीन यूनिट, एसएसबी, बीएसएफ और आईटीबीपुी के जवानों को तैनात किया गया है.&amp;nbsp;
सीआईएफ अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली मेट्रो यूनिट के जवानों को सिर्फ इमरजेंसी छुट्टी ही दी जा रही है. सुरक्षा के हालातों को देखते हुए दिल्ली एनसीआर में मेट्रो स्टेशनों पर ज्यादा जवानों की जरूरत है. सीआईएसएफ ने 250 स्टेशनों पर आतंकवाद रोधी सुरक्षा के लिए 13000 जवानों को तैनात किया गया है. पिछले चार दिनों से मेट्रो के 15 से 17 स्टेशनों को बंद कर दिया गया है. वहीं, सीजेपी ने प्रदर्शन जारी रखने को कहा है.&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 25 Jul 2026 02:30:10 +0530</pubDate>
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        <title>Exclusive: क्या CJP का प्रदर्शन बना वांटेड अपराधियों का नया ठिकाना? वहां पहुंचे 216 में से हुई 215 की पहचान</title>
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        <description><![CDATA[ देश की सरकार, शिक्षा व्यवस्था और परीक्षाओं से संबंधित व्यवस्थाओं के खिलाफ राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में स्थित जंतर मंतर पर जारी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन को लेकर शुक्रवार (24 जुलाई, 2026) को एक बड़ा खुलासा हुआ है. एबीपी न्यूज की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की तरफ से दावा किया गया है कि नई दिल्ली जिले में सीजेपी के प्रदर्शन स्थल पर 216 वांटेड अपराधी पहुंचे थे, जिसमें से अब तक 215 वांटेड अपराधियों की पहचान प्रदर्शन स्थल के आसपास लगाए गए फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम (FRS) कैमरों के जरिए हो चुकी है.
सूत्रों के मुताबिक, इन 215 वांटेड अपराधियों में कई ऐसे अपराधी भी शामिल हैं, जिनके खिलाफ विभिन्न आपराधिक मामलों में तलाश जारी है. दावा किया जा रहा है कि इनमें से कई लोग हिंसा भड़काने और दंगा जैसी स्थिति पैदा करने की मंशा से प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे हैं. ABP न्यूज के पास इन कथित अपराधियों की तस्वीरें और संबंधित जानकारी मौजूद है.
दिल्ली के अन्य इलाकों में आपराधिक घटनाओं में कमी

Delhi: Police personnel monitor through the FRS (Facial Recognition System). It helps identify criminals with previous involvement and alerts the concerned police personnel for verification. pic.twitter.com/NbYGZ9yOj3
&amp;mdash; IANS (@ians_india) July 24, 2026



सूत्रों का यह भी दावा है कि बड़ी संख्या में अपराधियों के प्रदर्शन स्थल पर मौजूद रहने के कारण दिल्ली के अन्य इलाकों में अपराध की घटनाओं में कमी दर्ज की गई. ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि क्या कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का प्रदर्शन वांटेड अपराधियों का अब नया ठिकाना बन गया है? दिल्ली पुलिस के FRS कैमरों ने कथित तौर पर प्रदर्शन में शामिल इन संदिग्धों की पहचान की है, जो आमतौर पर दिल्ली पुलिस तमाम बड़े भीड़-भाड़ वाले इवेंट्स पर लगाती है.&amp;nbsp;

दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन स्थल पर क्यों लगाए FRS कैमरे?
दरअसल, दिल्ली पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों को यह गुप्त सूचनाएं मिली हैं कि दिल्ली में जंतर मंतर पर जारी छात्र प्रदर्शन पर सीमा पार के आतंकवादी संगठन अपनी नजरें गड़ाए बैठे हैं और वो देश का माहौल खराब करने के लिए साजिश रच रहे हैं. ऐसे में दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली जिले के मौजूदा हालात को देखते हुए और कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए जगह-जगह पर फेशियल रिकॉगनिशन सिस्टम (FRS) कैमरे लगाए हैं, ताकि जंतर मंतर पर जारी प्रदर्शन में असामाजिक तत्व, अपराधी किस्म के लोग, वांटेड क्रिमिनलस या एंटी सोशल एलिमेंट न घुस पाएं.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ेंः एनटीए में बहुत बड़ा बदलाव, 47 अधिकारी बर्खास्त, कुछ और अफसरों पर गिरेगी गाज ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 25 Jul 2026 02:30:09 +0530</pubDate>
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        <title>प्रदर्शन के बीच पेपर लीक पर एक्शन में आयी मोदी सरकार, पिछले 24 घंटों में लिए गए ये 6 बड़े फैसले</title>
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        <description><![CDATA[ नीट पेपर लीक के खिलाफ कॉकरोच पार्टी (CJP) के नेतृत्व में चल रहे प्रदर्शन के बीच केंद्र सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रही है. पिछले 24 घंटे के दौरान सरकार ने परीक्षा प्रणाली में सुधार, जवाबदेही तय करने और जांच को तेज करने के लिए कई बड़े फैसलों की घोषणा की है.
सरकार ने ऐलान किया है कि नीट पेपर लीक से जुड़े मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाएगा, ताकि आरोपियों के खिलाफ मामलों का जल्द निपटारा हो सके. इसके साथ ही परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए संसद में नया विधेयक लाने की तैयारी भी की जा रही है.
प्रशासनिक स्तर पर भी बड़ा बदलाव करते हुए केंद्र सरकार ने शिक्षा सचिव को बदल दिया है. वहीं, जवाबदेही तय करते हुए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के 47 अधिकारियों को उनके पदों से हटा दिया गया है.
एक्शन में मोदी सरकार
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि नीट पेपर लीक के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों और अभ्यर्थियों पर कोई मामला दर्ज नहीं किया जाएगा. इसके अलावा, पेपर लीक प्रकरण से जुड़े उन अभ्यर्थियों के परिवारों को उचित मुआवजा देने का फैसला किया गया है, जिन्होंने कथित तौर पर इस मामले से जुड़े तनाव के कारण आत्महत्या कर ली.
इधर, दिल्ली पुलिस ने भी बड़ी कार्रवाई करते हुए परीक्षा पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में धांधली की जांच के लिए स्पेशल टास्क फोर्स (STF) का गठन किया है. यह STF पब्लिक एग्जामिनेशन (अनफेयर मीन्स की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के तहत बनाई गई है.
नई गठित STF UPSC, SSC, रेलवे भर्ती, IBPS, NTA और केंद्र सरकार की अन्य भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक तथा अनियमितताओं की जांच करेगी. केंद्र सरकार भविष्य में जिन परीक्षा संस्थाओं को अधिसूचित करेगी, उनके मामलों की जांच भी यही STF करेगी. सरकार का उद्देश्य जांच को अधिक पेशेवर, प्रभावी और समयबद्ध बनाना है, ताकि दोषियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके.
दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई
STF अभियोजन एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर काम करेगी, जिससे अदालतों में मामलों की सुनवाई तेजी से हो सके. इस विशेष इकाई की कमान क्राइम ब्रांच के डीसीपी के पास होगी, जबकि स्पेशल सीपी (क्राइम ब्रांच) इसके पूरे कामकाज की निगरानी करेंगे.
सरकार का कहना है कि इन कदमों का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में छात्रों का विश्वास बहाल करना, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करना और भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाना है.
ये भी पढ़ें: मोदी सरकार के इस मंत्री का प्रधानमंत्री की सलाह पर इस्तीफा, राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने किया स्वीकार ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 25 Jul 2026 02:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>अनशन तोड़ने के बाद सोनम वांगचुक से PM मोदी की अपील, &amp;apos;जल्द से जल्द अपना पुराना...&amp;apos;</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/अनशन-तोड़ने-के-बाद-सोनम-वांगचुक-से-pm-मोदी-की-अपील-जल्द-से-जल्द-अपना-पुराना</link>
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        <description><![CDATA[ सरकार से मांगें पूरी होने का आश्वासन मिलने के बाद सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अनशन समाप्त किया. उनके अनशन खत्म करने पर पीएम मोदी ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा, मैं सोनम जी से आग्रह करता हूं की वो डॉक्टरों की सलाह के अनुसार अपनी दिनचर्या रखें और जल्द से जल्द अपना पुराना वज़न फिर से प्राप्त करें. मैं प्रभु से प्रार्थना करता हूँ कि सोनम जी स्वस्थ रहें.
26 दिनों के बाद सोनम वांगचुक ने तोड़ा अनशन
सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह से मुलाकात के बाद अनशन तोड़ने का फैसला लिया. उन्होंने &amp;nbsp;कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नीट पेपर लीक को लेकर जंतर-मंतर पर जारी आंदोलन के समर्थन में 28 जून को अनशन शुरू किया था. इसी बीच तबीयत खराब होने के बाद सोनम को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इसके बाद दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर सोनम को मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, &#039;अभी-अभी केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह और लेह-लद्दाख की सर्वोच्च समिति के वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में मैंने 26 दिनों के बाद अपना अनशन तोड़ा. इससे पहले विभिन्न राजनीतिक दलों के 65 सांसदों ने मुझसे मुलाकात की थी या पत्र लिखकर मुझसे अनशन तोड़ने का आग्रह किया था. यह देश में संभावित हिंसा को देखते हुए और विभिन्न शर्तों पर लंबी बातचीत के बाद किया गया. मैं जल्द ही एक अलग वीडियो में इन शर्तों का विस्तार से वर्णन करूंगा. इस बीच, मैं आप सभी से आग्रह करता हूं कि किसी भी प्रकार की हिंसा को रोकने के लिए पूरी तरह सतर्क रहें.&#039;
छात्रों के नाम पीएम मोदी का वीडियो संदेश
इससे थोड़ी देर पहले पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश जारी करके देश के युवाओं, छात्रों और अभिभावकों से पेपर लीक पर रोक लगाने से जुड़े बड़े कदम उठाने की जानकारी दी थी. पीएम मोदी ने कहा कि इससे जुड़ा एक मसौदा शुक्रवार को होने वाली कैबिनेट की मीटिंग में पेश किया जाएगा. उन्होंने कहा, &#039;मैं जानता हूं कि पेपर लीक मामूली विषय नहीं है. लाखों छात्र और उनके अभिभावकों के लिए बहुत ही पीड़ादायक है इसलिए पेपर लीक की घटना से निपटने को लेकर अब तक पिछले ढाई महीने में अनेक कदम उठाए गए. गुनाहगारों को पकड़ा गया है, वे जेल में हैं. हमारा सबसे महत्वपूर्ण जिम्मा था कि छात्रों का एक साल बर्बाद न हो.&#039; ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 24 Jul 2026 10:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>अनशन, तोड़ने, के, बाद, सोनम, वांगचुक, से, मोदी, की, अपील, जल्द, से, जल्द, अपना, पुराना...</media:keywords>
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        <title>सोनम वांगचुक का 26 दिन का अनशन तोड़ने के बाद पहला बयान&amp; &amp;apos;मैंने कई शर्तों पर...&amp;apos;</title>
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        <description><![CDATA[ पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पेपर लीक मामले को लेकर पिछले 26 दिनों से अनशन पर थे, लेकिन उन्होंने अब अनशन तोड़ दिया है. वांगचुक ने गुरुवार और शुक्रवार की रात केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से मुलाकात के बाद यह फैसला लिया. उन्होंने कहा कि मैंने कई शर्तों पर चर्चा के बाद यह फैसला लिया है. वांगचुक ने यह भी कहा कि वे जल्द ही वीडियो जारी करके पूरी बात देश के सामने रखेंगे.
वांगचुक ने देर रात एक्स पर पोस्ट शेयर कर कहा, &#039;अभी-अभी केंद्रीय मंत्री श्री जे.पी. नड्डा, डॉ. जितेंद्र सिंह और लेह-लद्दाख के एपेक्स बॉडी के सीनियर नेताओं की मौजूदगी में मैंने 26 दिनों के बाद अपना खत्म कर दिया. इससे पहले विभिन्न राजनीतिक दलों के 65 सांसदों ने मुलाकात कर या पत्र पर हस्ताक्षर करके मुझसे अनशन तोड़ने का आग्रह किया था. यह फैसला कई शर्तों पर लंबी बातचीत और देश में हिंसा की आशंका को देखते हुए लिया गया है.&#039;

उन्होंने कहा, &#039;मैं जल्द ही एक वीडियो में इन शर्तों की विस्तृत जानकारी दूंगा. इस बीच, मैं आप सभी से अनुरोध करता हूं कि सतर्क रहें और कहीं भी किसी भी तरह की हिंसा न होने दें.&#039;

Just now in the presence of Union Ministers Sh. JP Nadda, Dr. Jitendra Singh and the senior leaders of Apex Body of Leh Ladakh I finally broke my fast after 26 days. Earlier 65 members of parliament from different political parties had visited or signed letters urging me to break&amp;hellip; pic.twitter.com/RFCet7Oksy
&amp;mdash; Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) July 23, 2026



वांगचुक की पत्नी गीतांजलि से क्या बोले नड्डा
इससे पहले, नड्डा ने वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो एवं अन्य लोगों की मौजूदगी में उन्हें सरकार का भरोसा दिलाते हुए कहा, &#039;सरकार दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण ढंग से विरोध-प्रदर्शन करने वालों और 20 जुलाई, 2026 को संसद तक मार्च में शामिल होने वालों के खिलाफ मामले दर्ज न करने को लेकर सकारात्मक रुख अपना रही है.&#039;
सौरव दास ने वांगचुक के अनशन तोड़ने पर क्या कहा
कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा, &#039;हम खुश हैं. हमने कल भी पत्र लिखकर सोनम सर से उपवास खत्म करने का अनुरोध किया था. यह आंदोलन जब तक हमारी मांग पूरी नहीं हो जाती तब तक जारी रहेगा. हम बहुत खुश हैं कि सरकार हमारा अनुरोध मान गई है कि बातचीत न्यूट्रल जगह पर हो. बातचीत के लिए कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया को चुना गया है.&#039;
यह भी पढ़ें : सोनम वांगचुक ने खत्म किया 26 दिन का अनशन, अभिजीत दीपके बोले- &#039;धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे...&#039; ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 24 Jul 2026 10:30:08 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>सोनम, वांगचुक, का, दिन, का, अनशन, तोड़ने, के, बाद, पहला, बयान-, मैंने, कई, शर्तों, पर...</media:keywords>
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        <title>सोनम वांगचुक के अनशन तोड़ने के बाद खत्म हो जाएगा आंदोलन? अभिजीत दीपके ने दिया जवाब, बोले&amp; &amp;apos;मुझे खुशी है कि...&amp;apos;</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/सोनम-वांगचुक-के-अनशन-तोड़ने-के-बाद-खत्म-हो-जाएगा-आंदोलन-अभिजीत-दीपके-ने-दिया-जवाब-बोले-मुझे-खुशी-है-कि</link>
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        <description><![CDATA[ नीट पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर 26 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सरकार से मिले आश्वासन के बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया है. सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त करने के बाद अभिजित दीपके का रिएक्शन सामने आया है.&amp;nbsp;
अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए कहा, &quot;हमें इस बात की बेहद राहत और खुशी है कि सोनम सर ने 26 दिनों के बाद अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी है. सर, आपकी जबरदस्त हिम्मत और कुर्बानी के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद. अपनी जान जोखिम में डालकर आपने पूरे देश की चेतना को जगाया है. आपकी जान इस देश के लिए बेहद कीमती है. कॉकरोच जनता पार्टी का जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं दे देते.&amp;nbsp;
&amp;nbsp;

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दिपके ने ट्वीट करते हुए लिखा, &quot;हमें राहत है और हम आभारी हैं कि सोनम सर ने 26 दिनों के बाद अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी है... कॉकरोच जनता पार्टी का जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं दे&amp;hellip; pic.twitter.com/aG0HXsID0A
&amp;mdash; ANI_HindiNews (@AHindinews) July 23, 2026



सरकार के आश्वासन के बाद लिया फैसला
सोनम वांगचुक ने केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा और जितेंद्र सिंह से मुलाकात के बाद अपना अनशन समाप्त किया. दोनों मंत्री गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल पहुंचे और सरकार की ओर से कई मुद्दों पर सकारात्मक रुख का भरोसा दिया. सरकार ने आश्वासन दिया कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले और 20 जुलाई को संसद मार्च में शामिल लोगों के खिलाफ दर्ज मामलों पर सकारात्मक विचार किया जाएगा.
ये भी पढ़ें: जंतर मंतर को लेकर गृह मंत्रालय का बड़ा आदेश, डेढ़ किमी के दायरे में बंद रहेगी मोबाइल इंटरनेट सर्विस
परीक्षा सुधार और पीड़ित परिवारों को राहत पर भी चर्चा
सरकार ने यह भी दोहराया कि संसद में प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा प्रणाली में सुधार पर चर्चा कराई जाएगी. साथ ही, हाल के नीट पेपर लीक मामलों से जुड़े आत्महत्या के पीड़ित छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा देने के प्रस्ताव पर भी सकारात्मक विचार किया जा रहा है.
सोनम वांगचुक ने क्या कहा
अनशन समाप्त करने के बाद सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया पर बताया कि केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा, जितेंद्र सिंह और लेह-लद्दाख एपेक्स बॉडी के नेताओं की मौजूदगी में उन्होंने 26 दिन बाद अपना अनशन समाप्त किया. उन्होंने कहा कि लंबी और गंभीर बातचीत, सरकार की ओर से मिले आश्वासनों और देश में संभावित हिंसा की स्थिति को देखते हुए यह फैसला लिया गया है.
प्रधानमंत्री मोदी ने भी दी प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोनम वांगचुक के अनशन खत्म करने पर कहा कि वह डॉक्टरों की सलाह का पालन करें और जल्द पूरी तरह स्वस्थ हों. प्रधानमंत्री ने उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना भी की. ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 24 Jul 2026 10:30:08 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>सोनम, वांगचुक, के, अनशन, तोड़ने, के, बाद, खत्म, हो, जाएगा, आंदोलन, अभिजीत, दीपके, ने, दिया, जवाब, बोले-, मुझे, खुशी, है, कि...</media:keywords>
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        <title>आधी रात को प्रधानमंत्री ने जारी किया वीडियो मैसेज तो राहुल गांधी ने ऐसा क्यों बोला&amp; &amp;apos;मिस्टर मोदी, हमारे...&amp;apos;</title>
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        <description><![CDATA[ नीट पेपर लीक मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देर रात जारी किए गए वीडियो पर लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सवाल उठाए हैं. राहुल गांधी ने सरकार के सामने प्रमुखता से तीन मांगें रखी हैं और देर रात जारी किए गए वीडियो को लेकर पीएम मोदी पर निशाना साधा.
राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, &quot;मिस्टर मोदी, हमारे छात्र धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं. आधी रात को जारी इस बेकार वीडियो से उनकी समझदारी का अपमान न करें.&quot; राहुल गांधी ने आगे कहा कि सरकार इन तीन मांगों को पूरा करे. इनमें पहली और मुख्य मांग है धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा.&amp;nbsp;

राहुल गांधी की दूसरी मांग है संसद चलो मार्च के दौरान छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर, उनका कहना है कि जिन्होंने भी छात्रों को पीटा है उन सभी को सजा दी जाए. राहुल गांधी की तीसरी मांग है कि सरकार इन छात्रों से माफी मांगे. इससे पहले राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मोदी सरकार पर गंभीर सवाल उठाए थे.

Mr. Modi, our students are demanding Dharmendra Pradhan&amp;rsquo;s resignation.Don&amp;rsquo;t insult their intelligence with this pathetic midnight video. 1. Sack Pradhan.2. Punish those who beat students.3. ⁠Apologise https://t.co/7SLB6pQqZx
&amp;mdash; Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 23, 2026



फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन को लेकर क्या कहापीएम मोदी ने अपने वीडियो में कहा कि अधिकारियों ने फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने को लेकर मसौदा तय कर लिया है और उन्होंने मुझे ये सौंप भी दिया है. इस पर आज शुक्रवार (24 जुलाई) को कैबिनेट में चर्चा होगी. कैबिनेट मंत्रियों के साथ सुझाव के बाद उसे अंतिम रूप दिया जाएगा. उन्होंने बताया कि सोमवार से संसद में चल रहे मानसून सत्र का दूसरा सप्ताह शुरू हो रहा है, उस दौरान संबंधित बिल को जल्द से जल्द सदन में पारित कराने का काम किया जाएगा.&amp;nbsp;
इससे पहले पीएम मोदी ने जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के बार-बार हिंसक होने को लेकर सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं और छात्रों के लिए बड़ी घोषणा की. पीएम मोदी ने कहा था कि हमारे युवाओं के कल्याण और भविष्य से अधिक कुछ भी महत्वपूर्ण नहीं है. उन्होंने ऐलान किया है कि पेपर लीक में जो भी शामिल हैं, उन्हें अदालत से तुरंत और कड़ी सजा दिलाने के लिए सरकार ने फास्ट-ट्रैक कोर्ट के गठन का फैसला किया है. अब उन्होंने बताया कि इस पर अमल भी हो रहा है.&amp;nbsp;
ये भी पढ़ें
सोनम वांगचुक ने खत्म किया 26 दिन का अनशन, अभिजीत दीपके बोले- &#039;धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे...&#039; ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 24 Jul 2026 10:30:06 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>आधी, रात, को, प्रधानमंत्री, ने, जारी, किया, वीडियो, मैसेज, तो, राहुल, गांधी, ने, ऐसा, क्यों, बोला-, मिस्टर, मोदी, हमारे...</media:keywords>
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        <title>सोनम वांगचुक ने किन शर्तों पर तोड़ा अनशन? वीडियो जारी कर बताया, बोले&amp; &amp;apos;26 दिन बाद खाने स्वाद अच्छा लगता है&amp;apos;</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/सोनम-वांगचुक-ने-किन-शर्तों-पर-तोड़ा-अनशन-वीडियो-जारी-कर-बताया-बोले-26-दिन-बाद-खाने-स्वाद-अच्छा-लगता-है</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/सोनम-वांगचुक-ने-किन-शर्तों-पर-तोड़ा-अनशन-वीडियो-जारी-कर-बताया-बोले-26-दिन-बाद-खाने-स्वाद-अच्छा-लगता-है</guid>
        <description><![CDATA[ मशहूर शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों के बाद अपना अनशन खत्म कर दिया है. उनका कहना है कि भूख हड़ताल खत्म करने के बाद अब सरकार से जवाबदेही मांगी जाएगी. उन्होंने शुक्रवार (24 जुलाई) को एक्स पर वीडियो पोस्ट कर सिलसिलेवार ढंग से अपनी बात रखी.
उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह उनसे मिलने आए थे. इसके अलावा उससे पहले कई पार्टियों के मिलाकर 65 सांसदों ने हमसे मिलकर और कागज पर साइन कर हमसे अनशन तोड़ने की अपील की थी. सोनम वांगचुक ने कहा कि उन्होंने (करीब 65 सांसदों) ने हमसे कहा है कि वो नीट पेपर लीक केस और एजुकेशन सिस्टम समेत तमाम मुद्दों को संसद में उठाएंगे. उन पर गंभीरता से चर्चा की जाएगी. &amp;nbsp;&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 24 Jul 2026 10:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>सोनम, वांगचुक, ने, किन, शर्तों, पर, तोड़ा, अनशन, वीडियो, जारी, कर, बताया, बोले-, 26, दिन, बाद, खाने, स्वाद, अच्छा, लगता, है</media:keywords>
    </item>
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        <title>क्यों हुआ पेपर लीक और क्यों चली लाठी? प्रियंका गांधी ने मांगा शिक्षा मंत्री&amp;गृह मंत्री और PM से जवाब</title>
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        <guid>https://hindi.attentionindia.com/क्यों-हुआ-पेपर-लीक-और-क्यों-चली-लाठी-प्रियंका-गांधी-ने-मांगा-शिक्षा-मंत्री-गृह-मंत्री-और-pm-से-जवाब</guid>
        <description><![CDATA[ CJP Protest: नीट पेपर लीक और छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज को लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि नीट परीक्षा में पेपर लीक और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को जवाब देना चाहिए.
प्रियंका का सरकार पर हमला
प्रियंका गांधी ने सवाल उठाया कि अब तक इन दोनों मंत्रियों की जवाबदेही क्यों तय नहीं की गई. उन्होंने कहा कि इसका जवाब खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि संसद की कार्यवाही नहीं चल पाने के लिए भी सरकार जिम्मेदार है. प्रियंका ने कहा कि सरकार को यह बताना चाहिए कि संबंधित मंत्री कब इस्तीफा देंगे और इस पूरे मामले की जवाबदेही कौन लेगा.
प्रियंका गांधी ने पत्रकारों से बाचतीत करते हुए कहा कि क्या आपने अमित शाह से पूछा कि छात्रों पर लाठियां क्यों चलवाईं, बच्चे हॉस्पिटल में क्यों हैं? किसलिए... क्या ये छात्र आतंकवादी हैं? उन्होंने आगे कहा कि जब आप सरकार से ये सवाल करेंगे, तब मैं आपके सवालों का जवाब दूंगी.
वहीं, मक्कल निधि मय्यम (एमएनएम) के संस्थापक और राज्यसभा सांसद कमल हासन ने भी नीट विवाद और छात्रों के आंदोलन को लेकर केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की. उन्होंने कहा कि जब बच्चे सवाल पूछते हैं तो उन्हें जवाब देने के बजाय बैरिकेड और लाठियां मिलती हैं, जो किसी भी लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है.
कमल हासन ने पूछे सवाल
सोशल मीडिया मंच &amp;lsquo;एक्स&amp;rsquo; पर लिखी अपनी पोस्ट में कमल हासन ने कहा, &quot;जब एक बच्चा रोया था, तभी हमें उसकी बात सुननी चाहिए थी. इसके बजाय हमने तब तक इंतजार किया, जब तक हमारे बहुत सारे बच्चों की मौत नहीं हो गई. ऐसा तंत्र, जिसमें सीखने की जगह कोचिंग, जिज्ञासा की जगह बेचैनी और मेधा की जगह अपराध ले लेते हैं, वह पूरी तरह से विफल है.&quot;
उन्होंने आगे कहा कि &quot;देश तब नाकाम हो जाता है, जब बच्चों को जवाब के बजाय बैरिकेड और लाठियां मिलती हैं.&quot; कमल हासन ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से अपना अनशन समाप्त करने की अपील करते हुए कहा कि देश को आगे के संघर्ष में उनकी अंतरात्मा की आवाज की जरूरत है.
उन्होंने देश के छात्रों के नाम संदेश देते हुए लिखा, &quot;आप हममें से सबसे बेहतर हैं. आपने अपना फर्ज निभाया है, अब देश की बारी है कि वह आपके प्रति अपना फर्ज निभाए. आपके सपने हमेशा हमारी नाकामियों से बड़े हों.&quot; नीट पेपर लीक और छात्रों के आंदोलन को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर दबाव बना रहा है. संसद के भीतर और बाहर इस मुद्दे पर राजनीतिक घमासान जारी है, जबकि विपक्ष परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जिम्मेदारी तय करने की मांग कर रहा है.
ये भी पढ़ें: CJP से बात करने जंतर-मंतर जाएंगे मंत्री? मानी शर्त, मोदी सरकार बोली- आइए बैठकर करें बात ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 23 Jul 2026 18:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>क्यों, हुआ, पेपर, लीक, और, क्यों, चली, लाठी, प्रियंका, गांधी, ने, मांगा, शिक्षा, मंत्री-गृह, मंत्री, और, से, जवाब</media:keywords>
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        <title>केजरीवाल का सवाल&amp; NEET पेपर लीक केस में CBI ने संजीव मुखिया को दी क्लीन चिट? एजेंसी बोली&amp; नहीं मिला सबूत</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/केजरीवाल-का-सवाल-neet-पेपर-लीक-केस-में-cbi-ने-संजीव-मुखिया-को-दी-क्लीन-चिट-एजेंसी-बोली-नहीं-मिला-सबूत</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/केजरीवाल-का-सवाल-neet-पेपर-लीक-केस-में-cbi-ने-संजीव-मुखिया-को-दी-क्लीन-चिट-एजेंसी-बोली-नहीं-मिला-सबूत</guid>
        <description><![CDATA[ NEET-UG 2024 पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ा बयान जारी करते हुए कहा है कि उसकी जांच में संजीव कुमार उर्फ संजीव मुखिया के खिलाफ कोई ऐसा सबूत नहीं मिला, जिससे यह साबित हो सके कि वह प्रश्नपत्र चोरी या उसे आगे बांटने की साजिश में शामिल था. वहीं, इस बयान के बाद आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं.
CBI ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि 2024 में बिहार पुलिस ने NEET-UG का प्रश्नपत्र चोरी होने का मामला दर्ज किया था. शुरुआती जांच में संजीव मुखिया पर शक जताया गया, क्योंकि उसका नाम पहले भी अन्य परीक्षा पेपर लीक मामलों में सामने आ चुका था. इसी आधार पर बिहार पुलिस ने उसे FIR में आरोपी बनाया था.
बाद में जांच CBI को सौंपी गई. एजेंसी का दावा है कि उसने पेपर चोरी करने, उसे आगे पहुंचाने और उससे लाभ उठाने वाले सभी लोगों की पहचान कर ली. इस मामले में अब तक 45 आरोपियों के खिलाफ कई चार्जशीट दाखिल की जा चुकी हैं.
CBI के अनुसार, विस्तृत जांच और पूछताछ के बावजूद संजीव मुखिया की NEET-UG 2024 पेपर लीक में संलिप्तता का कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं मिला. इसलिए उसके खिलाफ इस मामले में चार्जशीट दाखिल नहीं की गई. एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया कि उसे NEET मामले में जमानत मिली, लेकिन वह बिहार पुलिस द्वारा दर्ज अन्य मामलों में आरोपी होने के कारण न्यायिक हिरासत में रहा.
CBI ने यह भी कहा कि पूरी साजिश और उसमें शामिल सभी लोगों की पहचान की जा चुकी है तथा यह सुनिश्चित किया गया है कि कोई भी आरोपी कानून की प्रक्रिया से बच न सके. एजेंसी के मुताबिक, यह स्थिति 2024 में ही स्पष्ट कर दी गई थी और अब यह कहना कि संजीव मुखिया का नाम जानबूझकर चार्जशीट से हटाया गया, तथ्यों के आधार पर गलत है.
उधर, CBI के इस स्पष्टीकरण के बाद अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर केंद्र सरकार पर हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि &quot;2024 में NEET का पेपर लीक हुआ. मोदी सरकार ने कथित मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया, लेकिन CBI ने तय समय के भीतर चार्जशीट दाखिल नहीं की, जिससे उसे स्वतः जमानत मिल गई. अब CBI ने उसे क्लीन चिट दे दी.&quot; केजरीवाल ने आगे कहा, &quot;आप इससे बच नहीं पाएंगे, क्योंकि आपकी नीयत में खोट है.&quot;

लीजिए। मोदी जी की पूरी पोल खुल गई। 2024 में NEET का पेपर लीक हुआ। मोदी सरकार ने इसको मास्टरमाइंड कहकर गिरफ्तार किया। फिर सीबीआई ने जानबूझकर टाइम पे चार्जशीट दायर नहीं की जिसकी वजह से इसको तीन महीने में ही ऑटोमैटिक बेल दिलवा दी। और आज उसको CBI से मोदी जी ने क्लीन चिट दिलवा दी।&amp;hellip; https://t.co/bwbexAwjQa
&amp;mdash; Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) July 23, 2026



राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि छात्रों का गुस्सा जायज है, लेकिन किसी भी आंदोलन को हिंसक नहीं होना चाहिए. उनके मुताबिक, इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार किए जाने चाहिए. उन्होंने कहा कि छात्रों का भरोसा बहाल करना सरकार और संस्थाओं की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है.
वहीं, अभिनव बिंद्रा ने सोशल मीडिया मंच X पर लिखा, &quot;मैंने खुद को कभी राजनीतिक व्यक्ति नहीं माना. लेकिन मेरा मानना है कि कुछ मुद्दे ऐसे होते हैं जो हम सभी के हैं, चाहे हमारी राजनीतिक सोच कुछ भी हो. शिक्षा उन्हीं में से एक है.&quot; उन्होंने कहा कि हर छात्र को यह विश्वास होना चाहिए कि उसकी मेहनत का मूल्यांकन निष्पक्ष होगा. बिंद्रा ने जोर देकर कहा कि देश को ऐसी शिक्षा व्यवस्था की जरूरत है जो पारदर्शी, विश्वसनीय और पूरी तरह योग्यता आधारित हो, ताकि छात्रों का भरोसा फिर से मजबूत हो सके. ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 23 Jul 2026 18:30:09 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>केजरीवाल, का, सवाल-, NEET, पेपर, लीक, केस, में, CBI, ने, संजीव, मुखिया, को, दी, क्लीन, चिट, एजेंसी, बोली-, नहीं, मिला, सबूत</media:keywords>
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        <title>इधर सीजेपी से बातचीत के लिए तैयार हुई सरकार, उधर खरगे ने मोदी सरकार के सामने रखी ये शर्त</title>
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        <description><![CDATA[ नीट पेपर लीक के मुद्दे पर सड़क से लेकर संसद तक राजनीति गरमाई हुई है. सरकार की तरफ से कहा गया है कि वह NEET के मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष नई शर्तें थोपकर सदन रुकावट पैदा कर रहा है. इस बीच राज्य सभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार के सामने शर्त रख दी है. उन्होंने कहा कि हम चर्चा के लिए तभी तैयार होंगे, जब शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा होगा.
युवा सडकों पर लाठी खाने पर मजबूर: खरगे&amp;nbsp;
मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, &#039;पीएम मोदी ने ऐसा वातावरण बनाया जिससे युवा सडकों पर लाठी खाने पर मजबूर हुए. अब वह अपने ही सांसदों को विपक्ष की आवाज दबाने के लिए भड़का कर रहे हैं.&#039; संसद के मानसून सत्र के चौथे दिन गुरुवार (23 जुलाई 2026) को संसद भवन परिसर में नीट पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक टकराव देखने को मिला.
बीजेपी की यह प्रतिक्रिया लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के उस आरोप के बाद आई, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुंचाने और देश की शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद होने देने का आरोप लगाया था. दोनों पक्ष संसद के मकर द्वार के बाहर जमा हुए और एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी की.
सरकार छात्रों से बातचीत को तैयार
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार नीट पेपर लीक मुद्दे को लेकर संवेदनशील है और छात्रों के साथ बातचीत कर इसका हल निकालना चाहती है. उन्होंने कहा, &#039;धीरे-धीरे हम चर्चा करके समाधान की तरफ बढ़ सकते हैं और समाधान से ही नया रास्ता भी निर्धारित हो सकता है. जहां भी आप कहें... चाहे आप जेपी नड्डा के आवास पर कहें या आप कहें ऑफिस में तो वहां चर्चा हो सकती है. हमारे लिए ये प्रतिष्ठा का सवाल नहीं है.&#039;
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ी CJP
दूसरी तरफ जंतर-मंतर पर भी सीजेपी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ी हुई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक के मामलों में सख्ती दिखाते हुए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का ऐलान किया है. इसका मकसद दोषियों को जल्दी और कड़ी सजा दिलाना है. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इस पर तुरंत काम शुरू करने के निर्देश दिए. इसके थोड़ी देर बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और सीजेपी का रिएक्शन आया. राहुल गांधी ने कहा, &#039;छात्रों की मांगें साफ हैं. धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाएं. छात्रों से माफी मांगें. छात्रों के साथ हिंसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करें.&#039; CJP ने कहा, &#039;धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना होगा.&#039;
छात्रों का हित सरकार की प्राथमिकता: राजनाथ सिंह
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत के युवाओं का भविष्य सुरक्षित करना पीएम मोदी के नेतृत्व वाली NDA सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने कहा, &#039;पेपर लीक मामलों में तुरंत सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का पीएम मोदी का निर्णय युवाओं को सशक्त बनाने के प्रति उनके दृढ़ संकल्प और अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है. यह निर्णायक कदम उन लोगों के खिलाफ त्वरित और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करेगा, जो हमारे युवाओं की आकांक्षाओं और भविष्य को खतरे में डालते हैं.&#039;
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, &#039;विपक्ष से अनुरोध है कि चर्चा करें. विषय का राजनीतिकरण ना करें... भागे नहीं. चर्चा होगी तो इस मुद्दे पर और क्या कड़े नियम बन सकते है उस पर आगे बढ़ा जा सकता है.&#039; ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 23 Jul 2026 18:30:07 +0530</pubDate>
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        <title>सरकार ने बताया पाकिस्तान को क्यों नहीं भेजा कोई अलर्ट, सिंधु जल संधि पर भी दिया बड़ा संदेश</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/सरकार-ने-बताया-पाकिस्तान-को-क्यों-नहीं-भेजा-कोई-अलर्ट-सिंधु-जल-संधि-पर-भी-दिया-बड़ा-संदेश</link>
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        <description><![CDATA[ भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल संधि को लेकर जारी तनाव के बीच एक बार फिर बाढ़ संबंधी सूचनाओं को लेकर चर्चा तेज हो गई है. इस बीच भारत सरकार के सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान को किसी भी तरह की बाढ़ चेतावनी इसलिए नहीं भेजी गई, क्योंकि ऐसी स्थिति बनी ही नहीं थी.
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, चिनाब (अखनूर), तवी (जम्मू), सतलुज (फिरोजपुर) और रावी (माधोपुर) नदियों में मौजूदा जलप्रवाह निर्धारित असाधारण जलप्रवाह या उच्च बाढ़ की सीमा से काफी नीचे है. ऐसे में पाकिस्तान को अलर्ट भेजने की जरूरत नहीं पड़ी.
नहीं भेजा गया अलर्ट
सूत्रों ने बताया कि सिंधु जल संधि के अनुच्छेद IV(8) के तहत बाढ़ संबंधी जानकारी केवल उन्हीं परिस्थितियों में साझा की जाती है, जब असाधारण जलप्रवाह या बाढ़ की स्थिति दूसरे पक्ष को प्रभावित कर सकती हो. चूंकि फिलहाल ऐसी कोई स्थिति नहीं है, इसलिए भारत की ओर से कोई सूचना नहीं भेजी गई.
सरकार ने यह भी याद दिलाया कि अप्रैल 2025 में भारत ने सिंधु जल संधि को स्थगित (Abeyance) करने का फैसला लिया था. इसके बाद संधि के तहत भारत पर नियमित रूप से जानकारी साझा करने का दायित्व नहीं रह गया. हालांकि, भारत ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए उन परिस्थितियों में बाढ़ संबंधी सूचनाएं साझा करना जारी रखा है, जब वास्तव में असाधारण बाढ़ की आशंका उत्पन्न हुई है.
सूत्रों के अनुसार, बाढ़ संबंधी सूचनाओं का आदान-प्रदान केवल चिनाब, तवी, रावी और सतलुज के अंतिम निगरानी स्थलों (टर्मिनल साइट्स) पर दर्ज असाधारण जलप्रवाह तक सीमित रहता है. संधि में असाधारण जलप्रवाह की कोई निश्चित सीमा तय नहीं है. इसके लिए भारत-पाकिस्तान सिंधु आयोग की प्रचलित कार्यप्रणाली (Commission Practice) के आधार पर मानक तय किए जाते हैं.
पिछले साल 23 बार चेतावनी
सरकार ने यह भी जानकारी दी कि 2025 के बाढ़ सीजन के दौरान भारत ने भारतीय उच्चायोग के माध्यम से पाकिस्तान को 23 बाढ़ चेतावनियां भेजी थीं. वर्ष 2026 में भी यही व्यवस्था लागू है. लेकिन इस समय वाटर लेवल तय सीमा से नीचे होने के कारण पाकिस्तान को किसी प्रकार की चेतावनी भेजने की आवश्यकता नहीं पड़ी.
भारत सरकार का कहना है कि मौजूदा हालात में बाढ़ संबंधी प्रोटोकॉल का पालन तथ्यों और वास्तविक परिस्थितियों के आधार पर किया जा रहा है. इसलिए पाकिस्तान को अलर्ट नहीं भेजे जाने को लेकर लगाए जा रहे दावों का वास्तविक स्थिति से कोई संबंध नहीं है.
इसके पहले संयुक्त राष्ट्र में भारत ने सिंधु जल संधि पर अपना रुख एक बार फिर स्पष्ट करते हुए पाकिस्तान को दो टूक संदेश दिया है. संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने कहा कि सीमा पार आतंकवाद को राज्य की नीति के रूप में अपनाने वाले देश के साथ सामान्य सहयोग संभव नहीं है. पाकिस्तान द्वारा लगातार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सिंधु जल संधि का मुद्दा उठाए जाने के बीच भारत ने साफ किया कि असली मुद्दा पानी नहीं, बल्कि आतंकवाद है. जब तक सीमा पार आतंकवाद बंद नहीं होगा, तब तक भारत अपने मौजूदा रुख पर कायम रहेगा. ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 23 Jul 2026 18:30:06 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>सरकार, ने, बताया, पाकिस्तान, को, क्यों, नहीं, भेजा, कोई, अलर्ट, सिंधु, जल, संधि, पर, भी, दिया, बड़ा, संदेश</media:keywords>
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        <title>सऊदी अरब से दिल्ली पहुंचते ही NIA ने PFI के फरार आरोपी को दबोचा, 3 लाख रुपए का था इनाम</title>
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        <description><![CDATA[ केरल के चर्चित श्रीनिवासन हत्याकांड में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को बड़ी सफलता मिली है. एजेंसी ने प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) से जुड़े एक और फरार आरोपी मुहम्मदअली के.पी. को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI Airport) से गिरफ्तार किया है. आरोपी पिछले करीब चार वर्षों से सऊदी अरब में छिपा हुआ था.
NIA के अनुसार, मुहम्मदअली गुरुवार सुबह सऊदी अरब के रियाद से दिल्ली पहुंचा था. जैसे ही वह एयरपोर्ट पर उतरा, एजेंसी ने उसे हिरासत में ले लिया. मुहम्मदअली PFI की पलक्कड़ जिला इकाई का पूर्व अध्यक्ष रह चुका है. उसकी गिरफ्तारी के साथ ही इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 67 हो गई है.
केरल मर्डर केस में बड़ी सफलता
NIA ने मुहम्मदअली की गिरफ्तारी में मदद करने वाले को तीन लाख रुपये का इनाम घोषित किया था. उसके खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया था. जांच एजेंसी का आरोप है कि वह श्रीनिवासन की हत्या की साजिश रचने वाले प्रमुख आरोपियों में शामिल था और हत्या में शामिल हमलावरों को पनाह देने में भी उसकी अहम भूमिका थी.
इस मामले में अब तक 65 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है. मुहम्मदअली पर भारतीय दंड संहिता (IPC) और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं.
गौरतलब है कि 16 अप्रैल 2022 को केरल के पलक्कड़ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े नेता श्रीनिवासन की हत्या कर दी गई थी. सितंबर 2022 में NIA ने इस मामले की जांच अपने हाथ में ली थी.
चार साल बाद पकड़ा गया आरोपी
NIA का आरोप है कि श्रीनिवासन की हत्या PFI से जुड़े कैडरों द्वारा एक सुनियोजित साजिश के तहत की गई थी. एजेंसी का दावा है कि आरोपियों का उद्देश्य हिंसा के जरिए सांप्रदायिक तनाव फैलाना था. जांच में यह भी आरोप लगाया गया है कि PFI का एजेंडा वर्ष 2047 तक भारत में इस्लामिक शासन स्थापित करना था.
जांच एजेंसी के मुताबिक, PFI ने अलग-अलग उद्देश्यों के लिए कई विंग और विशेष इकाइयां बनाई थीं. चुनिंदा कैडरों को फिजिकल एजुकेशन और योग प्रशिक्षण की आड़ में हथियार चलाने की ट्रेनिंग दी जाती थी. NIA का यह भी दावा है कि संगठन की &quot;रिपोर्टर्स विंग&quot; संभावित टारगेट की जानकारी जुटाती थी, जबकि &quot;सर्विस टीम&quot; को हिंसक वारदातों को अंजाम देने की जिम्मेदारी सौंपी जाती थी.
अब NIA गिरफ्तार मुहम्मदअली से पूछताछ कर हत्या की साजिश, उसके नेटवर्क और इस मामले से जुड़े अन्य आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाने में लगी है. एजेंसी का कहना है कि मामले की जांच अभी भी जारी है. ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 23 Jul 2026 18:30:06 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>सऊदी, अरब, से, दिल्ली, पहुंचते, ही, NIA, ने, PFI, के, फरार, आरोपी, को, दबोचा, लाख, रुपए, का, था, इनाम</media:keywords>
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        <title>PM आवास के बाहर धरने पर बैठे राहुल गांधी को हिरासत में लेने पर आया नवीन पटनायक का रिएक्शन, बोले &amp; &amp;apos;यह बेहद ही...&amp;apos;</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/pm-आवास-के-बाहर-धरने-पर-बैठे-राहुल-गांधी-को-हिरासत-में-लेने-पर-आया-नवीन-पटनायक-का-रिएक्शन-बोले-यह-बेहद-ही</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/pm-आवास-के-बाहर-धरने-पर-बैठे-राहुल-गांधी-को-हिरासत-में-लेने-पर-आया-नवीन-पटनायक-का-रिएक्शन-बोले-यह-बेहद-ही</guid>
        <description><![CDATA[ बीजू जनता दल (बीजद) अध्यक्ष नवीन पटनायक ने नयी दिल्ली में छात्रों और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई को बुधवार को &#039;हैरान करने वाला&#039; करार दिया और नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की अपनी पार्टी की मांग दोहरायी.
एक सप्ताह के दिल्ली दौरे के बाद भुवनेश्वर लौटने पर पत्रकारों से बातचीत में पटनायक ने जारी छात्र आंदोलन का समर्थन किया. उन्होंने कहा, &#039;युवा छात्रों पर पुलिस की अनावश्यक हिंसा से हर कोई बेहद स्तब्ध है. केवल छात्रों के साथ ही नहीं, बल्कि संसद में नेता प्रतिपक्ष और कई अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ भी पुलिस ने बहुत कठोर व्यवहार किया. यह हैरान करने वाला है.&#039;
क्या बोले पटनायक?
पटनायक ने कहा कि परीक्षा से जुड़ी अनियमितताएं पूरे देश में एक बड़ा मुद्दा बन गई हैं. उन्होंने कहा, &#039;जैसा कि आप जानते हैं, पूरा देश उनके (धर्मेंद्र प्रधान के) इस्तीफे की मांग कर रहा है. यह मांग केवल भारत में ही नहीं, बल्कि विदेशों में स्थित हमारे दूतावासों के बाहर भी उठाई जा रही है.&#039; छात्र आंदोलन का उल्लेख करते हुए पटनायक ने कहा कि उन्होंने दिल्ली प्रवास के दौरान भी इस मुद्दे पर अपनी राय व्यक्त की थी.
&#039;पूरा देश धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांग रहा&#039;
उन्होंने कहा, &#039;युवा छात्रों के साथ जो हुआ, उसे लेकर पूरे देश में आंदोलन हो रहा है. इससे पूरा देश हैरान है. हम आंदोलन में शामिल रहे हैं और ओडिशा में भी आंदोलन करेंगे.&#039; प्रधान के इस्तीफे की मांग पर उन्होंने कहा, &#039;छात्रों के साथ जो हुआ, उसके बाद पूरा देश उनके इस्तीफे की मांग कर रहा है. उन्हें इस्तीफा देना चाहिए.&#039;
घायल छात्रों से मिला था बीजेडी डेलीगेशन
दिल्ली दौरे के दौरान पटनायक ने प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़प के बाद की स्थिति पर बीजद सांसदों के साथ चर्चा की थी. राज्यसभा सदस्य मानस रंजन मंगराज के नेतृत्व में पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने राम मनोहर लोहिया अस्पताल जाकर घायल छात्रों से मुलाकात की थी और उन्हें समर्थन का भरोसा दिया था. बीजद ने छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई पर संसद में एक विशेष चर्चा की मांग भी की है.
&amp;nbsp;
&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 23 Jul 2026 06:30:09 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>आवास, के, बाहर, धरने, पर, बैठे, राहुल, गांधी, को, हिरासत, में, लेने, पर, आया, नवीन, पटनायक, का, रिएक्शन, बोले, यह, बेहद, ही...</media:keywords>
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        <title>CJP Protest: जंतर&amp;मंतर के पास इंटरनेट बंद करने का जिक्र कर भड़की कांग्रेस, कहा &amp; &amp;apos;इसका मकसद...&amp;apos;</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/cjp-protest-जंतर-मंतर-के-पास-इंटरनेट-बंद-करने-का-जिक्र-कर-भड़की-कांग्रेस-कहा-इसका-मकसद</link>
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        <description><![CDATA[ दिल्ली में जंतर-मंतर के पास एक बार फिर बवाल हुआ है. कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के बीच प्रदर्शनकारियों और दिल्ली पुलिस के बीच झड़प हो गई. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे. जंतर-मंतर के आसपास इंटरनेट भी बंद किया गया है, जिस पर कांग्रेस ने निशाना साधते हुए कहा कि यह अभिव्यक्ति पर सीधा हमला है.
कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने एक्स पर पोस्ट कर आरोप लगाते हुए कहा, &#039;जंतर-मंतर के आसपास इंटरनेट बंद कर दिया है. जिससे भारी अफरा-तफरी मच गई है. यह अभिव्यक्ति की आजादी पर सीधा हमला है, जिसका मकसद भारत के युवाओं की आवाज को दबाना और दिल्ली पुलिस की बर्बरता को छिपाना है.&#039;
केसी वेणुगोपाल ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा, &#039;प्रधानमंत्री मोदी, सावधान हो जाइए, युवाओं के इस विरोध-प्रदर्शन को कुचलने के लिए उठाया गया कोई भी गलत कदम बेहद विनाशकारी साबित होगा और जनता आपको ऐतिहासिक सजा देगी.&#039;

PM Modi has cut off internet around Jantar Mantar, which is creating immense panic.This is a direct assault on freedom of speech, to silence the voice of India&amp;rsquo;s youth and hide the Delhi Police&amp;rsquo;s brutalities. Be warned, Mr. Modi - any untoward step to quash this youth protest&amp;hellip;
&amp;mdash; K C Venugopal (@kcvenugopalmp) July 22, 2026



प्रदर्शनकारियों और दिल्ली पुलिस के बीच झड़प
बता दें, नई दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे सीजेपी के विरोध प्रदर्शन के बीच एक बार फिर प्रदर्शनकारियों और दिल्ली पुलिस के बीच झड़प हुई. हमले में दिल्ली पुलिस के एसीपी गंभीर रूप से घायल और एनएसयूआई के कार्यकर्ता भी घायल हुए हैं. बवाल के बाद जंतर-मंतर के आसपास इंटरनेट सेवा को बंद कर दिया गया था. सूत्रों के मुताबिक अब इलाके में हालात सामान्य हैं, और इंटरनेट सेवा को बहाल कर दिया गया है.
एसीपी विवेक भगत हुए घायल
सूत्रों के मुताबिक, प्रदर्शन स्थल के पास पार्क होटल के सामने प्रदर्शनकारियों ने कुछ पुलिसकर्मियों को घेर लिया था. जानकारी के अनुसार, पुलिसकर्मियों को छुड़ाने के लिए पहुंचे ACP विवेक भगत इसी दौरान घायल हो गए. बताया जा रहा है कि उनके सिर पर डंडे &amp;nbsp;से वार किया गया, जिससे उन्हें चोट आई. इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है.
बवाल के बाद सख्त हुई सुरक्षा
सूत्रों के मुताबिक, रात करीब 9 बजे के आसपास इलाके में इंटरनेट सेवाएं बंद किए जाने का संदेश भी जारी हुआ. कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर पुलिस की मौजूदगी लगातार बढ़ाई गई है और अतिरिक्त बल तैनात किया गया है. स्थिति पर पुलिस की कड़ी नजर है और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है.
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&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 23 Jul 2026 06:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा देंगे या नहीं? केंद्र सरकार के बड़े अधिकारी ने साफ कर दी तस्वीर</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/धर्मेंद्र-प्रधान-इस्तीफा-देंगे-या-नहीं-केंद्र-सरकार-के-बड़े-अधिकारी-ने-साफ-कर-दी-तस्वीर</link>
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        <description><![CDATA[ केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की गुंजाइश कम है, क्योंकि सरकार के शीर्ष नेतृत्व का मानना है कि प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं के लिए उन्हें जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता. केंद्र के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार (22 जुलाई 2026) को इसकी जानकारी दी. प्रतियोगी परीक्षा में कथित अनियमितताओं के लिए जवाबदेही, शिक्षा प्रणाली में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर 20 जून से कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेतृत्व में छात्रों का विरोध-प्रदर्शन जारी है.
सरकार बातचीत करने के लिए तैयार
कांग्रेस सहित विभिन्न विपक्षी दल भी प्रधान को मंत्री पद से हटाने की मांग कर रहे हैं. अधिकारी ने बताया कि सरकार प्रदर्शनकारियों के साथ गंभीरता से बातचीत करने के लिए तैयार है. हालांकि, उन्होंने कहा कि बैठक की &amp;ldquo;जगह&amp;rdquo; को लेकर किसी को भी अड़ियल रुख नहीं अपनाना चाहिए, जैसा कि सीजेपी जोर दे रही है.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सोमवार को सीजेपी के दो प्रतिनिधियों के साथ अपने आवास पर मुलाकात थी. उन्होंने संगठन की मांग सुनी थी और भरोसा दिलाया था कि शीर्ष नेताओं से बातचीत के बाद उनसे फिर से संपर्क करेंगे.&amp;nbsp;तब से सरकार के भीतर कई दौर की बैठकें हुई हैं, जिनमें जेपी नड्डा के साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और शिक्षा मंत्री प्रधान सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए हैं.
सीजेपी और सरकार के बीच एक और बैठक के संकेत
सरकार की ओर से सीजेपी को उसकी मांगों पर एक और बैठक करने का संकेत भेजा गया है. हालांकि, सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि संगठन के प्रतिनिधि नड्डा से फिर से मिलने को तैयार हैं, लेकिन यह बैठक किसी मंत्री के आवास पर नहीं, बल्कि जंतर-मंतर या उसके आसपास किसी तटस्थ स्थान पर होनी चाहिए. सौरव दास ने ये भी कहा कि बैठक तभी की जानी चाहिए, जब सरकार की वास्तव में प्रदर्शनकारियों की मांगें मानने की मंशा हो.
सीजेपी ने प्रधान के इस्तीफे और नीट प्रश्नपत्र लीक विवाद के बाद कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजन के लिए एक-एक करोड़ रुपये के मुआवजे के अलावा शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करने वाले लोगों के खिलाफ दर्ज सभी प्राथमिकी वापस लिए जाने की मांग की है. अधिकारी ने नीट पुन:परीक्षा के सफल आयोजन का जिक्र करते हुए कहा, &#039;शिक्षा मंत्री के इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता. नीट प्रश्नपत्र लीक के लिए मंत्री को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता, क्योंकि वह इसमें व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं थे.&#039;
मुआवजा देने पर विचार करने को तैयार सरकार: अधिकारी
हालांकि, अधिकारी ने कहा कि सरकार नीट प्रश्नपत्र लीक विवाद के बाद कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजन को मुआवजा देने की मांग पर सकारात्मक रूप से विचार करने के लिए तैयार है.&amp;nbsp;उन्होंने कहा कि सरकार नीट प्रश्नपत्र लीक मामले पर संसद में विस्तृत चर्चा के लिए भी तैयार है, क्योंकि उसका मानना ​​है कि वहां वह विरोध-प्रदर्शनों के बाद सरकार की ओर से की गई कार्रवाई पर विस्तार से जवाब देने के साथ-साथ यह भी बता सकती है कि &amp;ldquo;मेडिकल प्रवेश परीक्षा की पुन: परीक्षा किसी सफलतापूर्वक आयोजित की गई.&#039;
अधिकारी के मुताबिक, &#039;अगर जरूरत पड़ी, तो हम दो-तीन दिन-या फिर जितना भी समय लगे-चर्चा के लिए तैयार हैं. लेकिन विपक्ष की अव्यावहारिक मांगों को पूरा नहीं किया जा सकता.&#039; ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 23 Jul 2026 06:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>धर्मेंद्र, प्रधान, इस्तीफा, देंगे, या, नहीं, केंद्र, सरकार, के, बड़े, अधिकारी, ने, साफ, कर, दी, तस्वीर</media:keywords>
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        <title>कैसे 1997 में पेपर लीक प्रदर्शन ने धर्मेंद्र प्रधान को बनाया छात्र नेता, आज उसी तरह के मामले में हो रही उनके इस्तीफे की मांग</title>
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        <description><![CDATA[ बात उस समय की है, जब साल 1997 था. उस समय ओडिशा में कांग्रेस की सरकार थी. तब मुख्यमंत्री हुआ करते थे, जानकी बल्लभ पटनायक. भुवनेश्वर में सीएम आवास पर कुछ ही किलोमीटर दूर कुछ छात्र जिनकी संख्या 1500 थी, जब वह परीक्षा के पेपर लीक के विरोध में राज्य सचिवालय के बाहर जमा हुए थे. उस प्रदर्शन में शामिल थे, देश के वर्तमान शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान, जिनके इस्तीफे की मांग लगातार की जा रही है. वजह है, नीट का पेपर लीक होना.&amp;nbsp;
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो प्रधान ने आरएसएस के स्टूडेंट ग्रुप यानी छात्र संगठन एबीवीपी से जुड़े नेता के तौर पर 1997 में हुए ओडिशा की सरकार के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल हुए. उन्हीं के नेतृत्व में इस प्रदर्शन को किया गया था. प्रधान ने उत्कल यूनिवर्सिटी से एंथ्रोपोलॉजी की पढ़ाई की है. नवंबर 1994 से 1997 में दो बार ABVP के राष्ट्रीय सचिव रहे.
1997 में हुए विरोध प्रदर्शन को याद करते हुए उनके जूनियर प्रशांत राउत के हवाले से न्यू इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी खबर में बताया था कि सचिवालय के सामने ओडिशा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया. करीबन उस समय 1500 स्टूडेंट प्रदर्शन में शामिल हुए. कार्रवाई से पहले विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण था.&amp;nbsp;
जब प्रधान की बुरी तरह से हुई थी पिटाई, हुआ था फ्रैक्चर
राउत ने कहा, &#039;उस समय वह बेहद डरे हुए थे. उस समय प्रधान की बुरी तरह पिटाई हुई थी. उन्हें फ्रैक्चर भी हुआ था. उस समय कैंपस चुनाव हिंसक हो जाया करते थे. बताया जाता है कि उस समय यह तय हो गया था कि प्रधान जीतने वाले हैं, तो जनता दल के सपोटर्स ने उनपर हमला कर दिया. वह आज सिर्फ किस्मत से जिंदा हैं.&#039;&amp;nbsp;
उनके छात्र जीवन में एक्टिव रहने और लंबे समय तक संगठनात्मक कामों में रहने के चलते बीजेपी में उनके करियर की नींव रखी गई. 2021 में एजुकेशन मिनिस्टर बनने से पहले पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस के केंद्रीय मंत्री रहे. उन्होंने कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय भी संभाला. कई दशक तक ओडिशा में उन्होंने बीजेपी का संगठन मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई. यह कोशिश 2024 में सफल हुई.
ओडिशा में बीजेपी के नेता, आरएसएस का मजबूत बैक सपोर्ट
बीजेपी ने ओडिशा में अपनी सरकार बनाई. नवीन पटनायक के नेतृत्व वाले बीजू जनता दल के दो दशक के शासन को खत्म करने में अहम भूमिका निभाई. ऐसे में माना जाता है कि प्रधान आरएसएस में अहम पैठ रखते हैं. बीजेपी अगर उन्हें हटाती भी है, तो यह एक बड़ा कदम माना जाएगा.&amp;nbsp;
धर्मेंद्र प्रधान का 1997 का प्रदर्शन उस समय चर्चा में आ गया, जब नीट यूजी पेपर लीक को लेकर विवाद चल रहा है. ऐसे में बड़ी तदाद में छात्र सीजेपी और सोनम वांगचुक की अपील पर संसद मार्च में शामिल हुए. अभी फिलहाल देशभर में उनके इस्तीफा की मांग की चर्चा गरम है. ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 23 Jul 2026 06:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>अनंतनाग में आतंकी हमले के बाद एक्शन में सिक्योरिटी फोर्स, पूरे कश्मीर घाटी से 1,000 OGWs लिए गए हिरासत में</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/अनंतनाग-में-आतंकी-हमले-के-बाद-एक्शन-में-सिक्योरिटी-फोर्स-पूरे-कश्मीर-घाटी-से-1000-ogws-लिए-गए-हिरासत-में</link>
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        <description><![CDATA[ जम्मू-कश्मीर के दक्षिणी हिस्से में स्थित अनंतनाग जिले में हुए आतंकवादी हमले में एक पुलिसकर्मी की हत्या के बाद सुरक्षा बलों ने व्यापक रूप से कार्रवाई शुरू कर दी है. सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों को समर्थन देने वालों और पूर्व में आतंकी गतिविधियों में शामिल रहने वाले लोगों के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान की शुरुआत की है.
अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, पूरे कश्मीर घाटी में विभिन्न हिस्सों में व्यापक रूप से चलाए गए अभियान के तहत सुरक्षा बलों की तरफ से अब तक 1,000 से ज्यादा ओवर ग्राउंड वर्कर्स (OGWs) को हिरासत में लिया गया है.
अधिकारी ने घटना के संबंध में दी जानकारी
एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि आतंकवादी हमले के तुरंत बाद सुरक्षा बलों और जम्मू कश्मीर पुलिस ने घाटी के सभी 10 जिलों में व्यापक रूप से तलाशी अभियान और छापेमारी शुरू कर दी. अब तक 1,000 से ज्यादा ओवर ग्राउंड वर्कर्स को हिरासत में लेने के बाद कई स्थानों पर, विशेष रूप से अनंतनाग जिले में, छापेमारी अभियान को और तेज कर दिया गया है.
आतंकी हमले के बाद सुरक्षा बलों ने की इलाके की घेराबंदी

#WATCH | Anantnag, J&amp;amp;K: Family members mourn the loss of Head Constable Ashiq Hussain Qureshi, who sacrificed his life in the line of duty. Head Constable Ashiq Hussain Qureshi, lost his life in a terror attack in Anantnag. pic.twitter.com/d5jG1ZIcw3
&amp;mdash; ANI (@ANI) July 22, 2026



अधिकारी ने बताया कि मृतक पुलिसकर्मी की पहचान हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन के रूप में हुई है, जो अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात थे. ड्यूटी पर तैनाती के दौरान बुधवार (22 जुलाई, 2026) को दोपहर करीब 12:30 बजे अनंतनाग के लाल चौक इलाके में एक आतंकवादी ने उन पर गोली चला दी, जिससे उनकी मौत हो गई. आतंकवादी हमले के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे अनंतनाग शहर की घेराबंदी कर दी और हमलावर की तलाश के लिए व्यापक रूप से सर्च ऑपरेशन शुरू किया.&amp;nbsp;

उपराज्यपाल और सीएम ने मृतक के प्रति जताई संवेदना
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की है और इस हमले को कायराना हरकत करार दिया है. इसके अलावा, उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री ने आतंकी हमले में मारे गए जम्मू-कश्मीर पुलिस के कांस्टेबल के शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना भी व्यक्त की है.
जम्मू-कश्मीर के DGP ने घटनास्थल का किया दौरा
इस बीच, जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (DGP) नलिन प्रभात और कश्मीर के पुलिस महानिरीक्षक (IGP) वीके बिर्दी ने घटनास्थल का दौरा किया और इलाके की सुरक्षा व्यवस्था और हालात की समीक्षा की.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ेंः संसद भवन के भीतर अखिलेश यादव और केसी वेणुगोपाल की तीखी नोकझोंक, जानें क्या है पूरा मामला? ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 23 Jul 2026 06:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>अनंतनाग, में, आतंकी, हमले, के, बाद, एक्शन, में, सिक्योरिटी, फोर्स, पूरे, कश्मीर, घाटी, से, 1, 000, OGWs, लिए, गए, हिरासत, में</media:keywords>
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        <title>&amp;apos;धर्मेंद्र प्रधान इतने अहम क्यों&amp;apos;, सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल को लेकर अभिजीत दीपके ने PM मोदी से पूछा</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/धर्मेंद्र-प्रधान-इतने-अहम-क्यों-सोनम-वांगचुक-की-भूख-हड़ताल-को-लेकर-अभिजीत-दीपके-ने-pm-मोदी-से-पूछा</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/धर्मेंद्र-प्रधान-इतने-अहम-क्यों-सोनम-वांगचुक-की-भूख-हड़ताल-को-लेकर-अभिजीत-दीपके-ने-pm-मोदी-से-पूछा</guid>
        <description><![CDATA[ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) पेपर लीक के मुद्दे को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन कर रही है. पार्टी का कहना है कि एग्जाम सिस्टम में सुधार और छात्रों को न्याय दिलाने के लिए उनका आंदोलन जारी रहेगा. इसी मांग को लेकर सोनम वांगचुक 25 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं. इस बीच CJP के प्रमुख अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर एक पोस्ट किया है. उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक 25 दिनों से अनशन पर हैं, लेकिन प्रधानमंत्री ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.
अभिजीत दीपके ने अपने पोस्ट में लिखा कि राजनीति केवल चुनावी रैलियां करने और चुनाव जीतने तक सीमित नहीं होती है, बल्कि जनता के प्रति जवाबदेह होने की भी जिम्मेदारी होती है. उन्होंने प्रधानमंत्री से सवाल करते हुए कहा कि देश को बताया जाना चाहिए कि अब तक सोनम वांगचुक से बातचीत क्यों नहीं की गई, ताकि इस मामले का समाधान निकल सके और उनकी भूख हड़ताल खत्म कराई जा सके.

It&amp;rsquo;s day 25 of @Wangchuk66&amp;rsquo;s hunger-strike. The PM is yet to break his silence.Mr. @narendramodi, politics is not just about doing election rallies and winning elections. It&amp;rsquo;s about being accountable and answerable to people. Tell the country why have you not reached out to&amp;hellip; pic.twitter.com/oECSB96m36
&amp;mdash; Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) July 22, 2026




ये भी पढ़ें: &#039;NEET को ही पूरी तरह खत्म कर दो&#039;, CJP प्रदर्शन के बीच विजय थलापति की बड़ी मांग, राहुल गांधी के प्रोटेस्ट पर क्या कहा?
अभिजीत दीपके ने धर्मेंद्र प्रधान को लेकर पूछा सवाल
अभिजीत दीपके ने आगे कहा कि देश यह भी जानना चाहता है कि शांतिपूर्ण तरीके से एक महीने से ज्यादा समय से प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस ने इतनी सख्त कार्रवाई क्यों की. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन में शामिल छात्रों के साथ पुलिस का व्यवहार बेहद कठोर रहा. अभिजीत दीपके ने अपने पोस्ट में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को लेकर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि देश को यह बताया जाना चाहिए कि इतने सारे छात्रों की मौत के बाद भी धर्मेंद्र प्रधान सरकार के लिए इतने महत्वपूर्ण क्यों बने हुए हैं.
ये भी पढ़ें: CJP Protest News LIVE: &#039;आपने सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल खत्म करवाने की कोशिश क्यों नहीं की&#039;, अभिजीत दीपके ने PM मोदी से पूछा ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 22 Jul 2026 13:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>धर्मेंद्र, प्रधान, इतने, अहम, क्यों, सोनम, वांगचुक, की, भूख, हड़ताल, को, लेकर, अभिजीत, दीपके, ने, मोदी, से, पूछा</media:keywords>
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        <title>Explained: वांगचुक और CJP की &amp;apos;जमीन&amp;apos; पर कांग्रेसी कब्जा! एक्सपर्ट्स से जानें कैसे राहुल के बाद आंदोलन का हुआ &amp;apos;कांग्रेसीकरण&amp;apos;?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/explained-वांगचुक-और-cjp-की-जमीन-पर-कांग्रेसी-कब्जा-एक्सपर्ट्स-से-जानें-कैसे-राहुल-के-बाद-आंदोलन-का-हुआ-कांग्रेसीकरण</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/explained-वांगचुक-और-cjp-की-जमीन-पर-कांग्रेसी-कब्जा-एक्सपर्ट्स-से-जानें-कैसे-राहुल-के-बाद-आंदोलन-का-हुआ-कांग्रेसीकरण</guid>
        <description><![CDATA[ 21 जुलाई 2026 को जब राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठे, तो कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और सोनम वांगचुक के आंदोलन ने एक नया मोड़ लिया. NEET पेपर लीक और पुलिस कार्रवाई के खिलाफ शुरू हुआ यह आंदोलन, अचानक कांग्रेस के &#039;किले&#039; में तब्दील होता नजर आने लगा. अब सवाल यह है कि क्या राहुल गांधी के दखल ने इस आंदोलन को कांग्रेस का बना दिया है?
CJP आंदोलन: शुरुआत और पहचान
CJP और सोनम वांगचुक का आंदोलन NEET पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर शुरू हुआ था. यह आंदोलन डिजिटल था. इसकी पहचान सोशल मीडिया, ऑनलाइन याचिकाएं और युवाओं की जुड़ाव थी. इसका कोई राजनीतिक चेहरा नहीं था. CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने साफ कहा था, &#039;हमें कोई राजनीतिक दल नहीं चाहिए, हमें बस इंसाफ चाहिए.&#039; सोनम वांगचुक ने भी किसी राजनीतिक पार्टी से दूरी बनाए रखी थी. यही इस आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत थी. यह जनता का आंदोलन था, किसी पार्टी का नहीं.
तो फिर कांग्रेस के दखल से क्या बदल गया?
21 जुलाई 2026 को कांग्रेस ने अपना सबसे बड़ा राजनीतिक कदम उठाया. राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, के.सी. वेणुगोपाल और पवन खेड़ा PM आवास (7, लोक कल्याण मार्ग) के बाहर धरने पर बैठ गए. उनकी मांगें थीं:

प्रधानमंत्री और गृह मंत्री का इस्तीफा: 20 जुलाई को छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के लिए.
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा: NEET पेपर लीक के मामले में.
संसद में चर्चा: 20 जुलाई की पुलिस कार्रवाई पर विस्तृत चर्चा.

राहुल गांधी ने कहा, &#039;हम कल की युवाओं के खिलाफ हुई क्रूरता का जवाब मांगने PM मोदी के घर आए हैं. PM और गृह मंत्री को भारत के युवाओं का भविष्य बर्बाद करने के लिए इस्तीफा देना चाहिए.&#039;
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को &#039;सबसे युवा विरोधी प्रधानमंत्री&#039; करार दिया. उन्होंने यह भी कहा कि देशभर में 152 परीक्षा पेपर लीक हुए हैं, जिससे 7.5 करोड़ छात्र प्रभावित हुए हैं. दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस के कई नेताओं को धरना स्थल से हिरासत में ले लिया. हालांकि, देर रात तक सभी नेताओं को रिहाई मिल गई.
इस पूरे मामले पर एक्सपर्ट्स की राय भी पढ़ते हुए चलें:
1. &#039;कांग्रेस ने आंदोलन को हाईजैक किया&#039;
पॉलिटिकल एक्सपर्ट रशीद किदवई के मुताबिक, &#039;CJP और सोनम वांगचुक का आंदोलन एक ग्रासरूट आंदोलन था, लेकिन कांग्रेस ने इसे अपने राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा बना लिया है. कांग्रेस का मकसद साफ है कि 2027 के चुनाव से पहले युवाओं और छात्रों को अपनी तरफ करना.&#039; उनका कहना है, &#039;कांग्रेस का दखल आंदोलन को ताकत तो देगा, लेकिन उसकी &#039;अराजनीतिक&#039; पहचान खत्म कर देगा.&#039;
2. &#039;आंदोलन ने कांग्रेस को मौका दिया&#039;
रशीद किदवई कहते हैं, &#039;CJP ने खुद कहा था हमें कोई राजनीतिक दल नहीं चाहिए. लेकिन जब पुलिस ने लाठीचार्ज किया और छात्रों को पीटा, तो आंदोलन को एक राजनीतिक सहारे की जरूरत थी. कांग्रेस ने वह मौका भांप लिया. अब यह आंदोलन कांग्रेस के बिना नहीं चल सकता, लेकिन कांग्रेस इस आंदोलन के बिना भी चल सकती है.&#039;
3. &#039;कांग्रेस की जमीन पर खड़ा हो गया आंदोलन&#039;
CSDS के संजय कुमार कहते हैं, &#039;CJP आंदोलन अब पूरी तरह से कांग्रेस के कब्जे में आ गया है. राहुल गांधी ने इसे अपनी &#039;नेशनल पॉलिटिक्स&#039; का हिस्सा बना लिया है. यह आंदोलन अब &#039;जनता का आंदोलन&#039; नहीं रहा, बल्कि &#039;कांग्रेस का आंदोलन&#039; बन गया है.&#039;
4. &#039;CJP का किला, कांग्रेस की छाया&#039;
रशीद किदवई का कहना है, &#039;CJP आंदोलन अभी भी अपनी जमीन पर खड़ा है, लेकिन कांग्रेस ने उस पर अपनी छाया डाल दी है. अब CJP और कांग्रेस को अलग-अलग नहीं देखा जा सकता. हालांकि, CJP के नेता अभिजीत दीपके और सोनम वांगचुक अभी भी &#039;अराजनीतिक&#039; बने हुए हैं. लेकिन कांग्रेस का समर्थन उनकी &#039;निष्पक्ष&#039; छवि को कमजोर कर रहा है.&#039;
5. &#039;कांग्रेस ने आंदोलन को वैधता दी&#039;
दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर और पॉलिटिकल एक्सपर्ट मिथिलेश कुमार के मुताबिक, &#039;कांग्रेस का दखल आंदोलन को एक &#039;राष्ट्रीय मुद्दा&#039; बनाने में मदद करेगा. लेकिन यह दोधारी तलवार है. कांग्रेस का समर्थन आंदोलन को जितना ताकत देगा, उतना ही इसे &#039;राजनीतिक&#039; भी बनाएगा.&#039;
कांग्रेस की राजनीति: एक बड़ी चाल बन गई?
राहुल गांधी और कांग्रेस ने इस आंदोलन को अपनी राजनीति का हिस्सा बनाकर तीन बड़े टारगेट हासिल किए हैं:

युवाओं से जुड़ाव: 2027 के चुनाव से पहले कांग्रेस ने युवाओं और छात्रों को अपनी तरफ करने की कोशिश की है.
विपक्षी एकजुटता: कांग्रेस ने INDIA गठबंधन को एक नया मुद्दा दिया है. अगर अन्य दल भी इस आंदोलन का समर्थन करते हैं, तो यह सरकार के खिलाफ एक बड़ा मोर्चा बन सकता है.
सरकार पर दबाव: राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग करके सरकार पर सीधा दबाव बनाया है.

तो क्या अब यह आंदोलन पूरी तरह कांग्रेसी हो गया है?
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, आंदोलन पूरी तरह से नहीं, लेकिन काफी हद तक हो गया है. CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके और सोनम वांगचुक अभी भी खुद को &#039;अराजनीतिक&#039; बताते हैं. लेकिन कांग्रेस का समर्थन और राहुल गांधी का दखल इस आंदोलन को एक राजनीतिक रंग दे चुका है.
हालांकि, यह कहना भी गलत नहीं है कि CJP की जमीन पर कांग्रेस का किला खड़ा हो गया है. CJP अब कांग्रेस के बिना नहीं चल सकता है. कांग्रेस ने इस आंदोलन को अपना &#039;किला&#039; बना लिया है और अब CJP इस किले का हिस्सा बन गया है. अब आगे तीन बड़ी संभावनाएं हैं:

INDIA गठबंधन का और मजबूत होना: अगर अन्य दल (SP, TMC, DMK) भी इस आंदोलन का समर्थन करते हैं, तो यह सरकार के खिलाफ एक बड़ा मोर्चा बन सकता है.
सरकार का और सख्त रुख: सरकार किसी भी कीमत पर इस्तीफा नहीं देगी. वह CJP और कांग्रेस को &#039;तोड़फोड़&#039; और &#039;साजिश&#039; करार दे सकती है.
आंदोलन का &#039;कांग्रेसीकरण&#039;: CJP का &#039;अराजनीतिक&#039; होने का नारा धीरे-धीरे खत्म हो सकता है. यह आंदोलन कांग्रेस के चुनावी एजेंडे का हिस्सा बन सकता है. ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 22 Jul 2026 13:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Explained:, वांगचुक, और, CJP, की, जमीन, पर, कांग्रेसी, कब्जा, एक्सपर्ट्स, से, जानें, कैसे, राहुल, के, बाद, आंदोलन, का, हुआ, कांग्रेसीकरण</media:keywords>
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        <title>उद्धव ठाकरे को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, 6 सांसदों के शिंदे गुट में विलय पर फिलहाल रोक से इनकार</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/उद्धव-ठाकरे-को-सुप्रीम-कोर्ट-से-बड़ा-झटका-6-सांसदों-के-शिंदे-गुट-में-विलय-पर-फिलहाल-रोक-से-इनकार</link>
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        <description><![CDATA[ शिवसेना यूबीटी के सांसदों के शिवसेना में विलय को मंजूरी देने वाले लोकसभा स्पीकर के आदेश पर फिलहाल रोक से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया है. शीर्ष अदालत ने स्पीकर ऑफिस और विलय करने वाले 6 सांसदों को नोटिस जारी किया है. अब इस मामले में 2 सप्ताह बाद सुनवाई होगी.
उद्धव गुट की ओर से पेश वकील देवदत्त कामत ने दलील दी कि ये सांसद एकतरफा विलय का फैसला नहीं ले सकते थे. हम अंतरिम आदेश की मांग कर रहे हैं. इस पर अदालत ने कहा कि हम नोटिस जारी कर रहे हैं. मामले की 2 सप्ताह के बाद सुनवाई होगी.&amp;nbsp;
कामत ने कोर्ट से मांग करते हुए कहा कि अंतरिम आदेश के लिए अगले सप्ताह सुन लीजिए तो अदालत ने स्पष्ट किया कि दो सप्ताह बाद ही सुनवाई होगी. वहीं शिंदे के वकील नीरज कौल ने कहा कि हम एक-एक बात का जवाब देंगे.&amp;nbsp;
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स्पीकर ने सत्र से पहले दी थी विलय की मंजूरी
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने संसद के मानसून सत्र से पहले शिवसेना यूबीटी के छह सांसदों को एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना में विलय को मंजूरी दी थी. इसके बाद अब उद्धव ठाकरे की शिवसेना में सिर्फ तीन सांसद ही रह गए हैं.
किन 6 सांसदों ने छोड़ा साथ?&amp;nbsp;-संजय देशमुख (यवतमाल)-संजय जाधव (परभणी)-संजय दीना पाटिल (मुंबई नॉर्थ ईस्ट)-नागेश पाटिल (हिंगोली)-ओमप्रकाश राजेनिंबाल्कर (धाराशिव)-बाबूसाहेब वाकचौरे (शिरडी)
उद्धव के लोकसभा में अब सिर्फ तीन सांसद
इन छह सांसदों के अलग हो जाने के बाद उद्धव ठाकरे के लोकसभा में सिर्फ तीन सांसद ही रह गए हैं. इनमें अरविंद सावंत (मुंबई दक्षिण), अनिल देसाई (मुंबई दक्षिण मध्य) और राजाभाऊ वाजे (नाशिक) शामिल हैं.
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        <pubDate>Wed, 22 Jul 2026 13:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>उद्धव, ठाकरे, को, सुप्रीम, कोर्ट, से, बड़ा, झटका, सांसदों, के, शिंदे, गुट, में, विलय, पर, फिलहाल, रोक, से, इनकार</media:keywords>
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        <title>&amp;apos;ढाई घंटे में शिकायत नहीं लिख पाए...दीपके को अरेस्ट नहीं किया&amp;apos;, BJP सांसद बांसुरी स्वराज का CJP पर पलटवार</title>
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        <description><![CDATA[ बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार संवेदनशीलता के साथ बातचीत करने के लिए पूरी तरह तैयार थी और प्रदर्शनकारियों की बात सुनना चाहती थी. बांसुरी स्वराज ने कहा कि जब प्रदर्शनकारी केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मिलने गए थे, तब वे अपनी मांगों की कोई लिखित सूची लेकर नहीं पहुंचे थे. उस समय नड्डा जी ने कहा कि अपनी मांग लिखित में दे दीजीए तो उन्हें अपनी मांग को लिख कर देने में ढाई घंटे लग गए. बांसुरी स्वराज ने कहा कि बैठक के दौरान सरकार की ओर से साफ तौर पर कहा गया था कि बातचीत के जरिए समाधान निकालने की पूरी कोशिश की जाएगी. साथ ही प्रदर्शनकारियों से आंदोलन रोकने की भी अपील की गई थी.
बांसुरी स्वराज के मुताबिक, उस समय प्रदर्शनकारियों ने आश्वासन दिया था कि वे ऐसा करेंगे, लेकिन बाद में वे अपने आश्वासन से पीछे हट गए. बांसुरी स्वराज ने यह भी आरोप लगाया कि आंदोलन के दौरान कई गलत बातें और भ्रामक दावे फैलाए गए. उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने ऐसे आरोप लगाए जिनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं था. बांसुरी स्वराज ने 12 साल की एक बच्ची के घायल होने के दावे को भी गलत बताया. उन्होंने कहा कि इस तरह की खबरें और आरोप सही नहीं हैं और इनका इस्तेमाल एक गलत माहौल बनाने के लिए किया गया.

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बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने मोदी सरकार का पक्ष रखा
दिल्ली में बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने NEET पेपर लीक मामले को लेकर मोदी सरकार का पक्ष रखा. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के युवाओं को राष्ट्र निर्माता मानते हैं और छात्रों के हितों को हमेशा सबसे ऊपर रखते हैं. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार छात्रों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इसी सोच के साथ NEET पेपर लीक मामले में तुरंत कार्रवाई की गई.
शिक्षा मंत्रालय का बांसुरी स्वराज ने किया बचाव
बांसुरी स्वराज ने बताया कि NEET परीक्षा 3 मई को आयोजित की गई थी. इसके बाद 11 मई को परीक्षा में गड़बड़ी की जानकारी सामने आई. उन्होंने कहा कि जैसे ही यह जानकारी मिली, उसी दिन शिक्षा मंत्रालय ने FIR दर्ज कराई और बिना किसी देरी के मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी. उन्होंने कहा कि सरकार ने इस मामले को बहुत गंभीरता से लिया और पूरी पारदर्शिता के साथ जांच आगे बढ़ाई. उन्होंने बताया कि CBI ने मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया. जांच के दौरान 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और सभी आरोपी अभी भी हिरासत में हैं. बांसुरी स्वराज ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिले और छात्रों को न्याय मिल सके.
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        <pubDate>Wed, 22 Jul 2026 13:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>ढाई, घंटे, में, शिकायत, नहीं, लिख, पाए...दीपके, को, अरेस्ट, नहीं, किया, BJP, सांसद, बांसुरी, स्वराज, का, CJP, पर, पलटवार</media:keywords>
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        <title>सोनम वांगुचक से देर रात हुई मुलाकात, आज CJP नेताओं संग सरकार की बैठक, क्या बन जाएगी बात?</title>
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        <description><![CDATA[ कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेतृत्व में पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन जारी है. संसद मार्च के बाद भी विरोध थमा नहीं है. सोनम वांगचुक अस्पताल में अनशन पर हैं और इसी बीच मोदी सरकार बातचीत की पहल करती दिख रही है. बुधवार (22 जुलाई) को सीजेपी प्रतिनिधियों के साथ बातचीत का एक और दौर देखने को मिलेगा. &amp;nbsp;
सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह आज सीजेपी प्रतिनिधियों से मिल सकते हैं. बता दें कि ये बैठक ऐसे समय में होने जा रही है, जब मंगलवार रात उन्होंने और जेपी नड्डा ने मेदांता अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक से मुलाकात की थी. सूत्रों के मुताबिक मोदी सरकार बातचीत के जरिए समाधान निकालने के लिए पूरी तरह तैयार है. देर रात हुई बैठक में सबसे अहम मुद्दा था कि छात्र आंदोलन पर संसद में चर्चा कराई जाए.&amp;nbsp;

बताया जा रहा है कि सरकार ने इस मांग पर सहमति जताई है. इससे लंबे समय से चला आ रहा गतिरोध खत्म हो सकता है. सोनम वांगचुक की भी यही मांग थी कि छात्र आंदोलन पर संसद में चर्चा हो. दिल्ली में हालिया प्रदर्शनों के बाद सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से मेदांता अस्पताल में शिफ्ट किया गया. यह सब दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर हुआ.&amp;nbsp;
बातचीत के दरवाजे खुले- सरकार&amp;nbsp;मोदी सरकार पहले भी कह चुकी है कि वह बातचीत के लिए तैयार है, भले ही राजधानी में प्रदर्शन तेज हो गए हों, लेकिन सरकार आंदोलनकारी छात्रों से संवाद की कोशिश कर रही है. यह ताजा बातचीत सरकार की ओर से की जा रही कोशिशों की एक कड़ी है. सोमवार को जेपी नड्डा ने सीजेपी प्रतिनिधियों से मुलाकात की थी. केंद्र ने कहा था कि बातचीत के दरवाजे खुले हैं.&amp;nbsp;
संसद में चर्चा की मांगइस बीच मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी के आवास की ओर मार्च करने को लेकर राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कई अन्य नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था. संसद के मानसून सत्र में भी ये मुद्दा लगातार गूंज रहा है और विपक्ष छात्र आंदोलन पर संसद में चर्चा की मांग कर रहा है.
ये भी पढ़ें&amp;nbsp;
Pakistan On CJP Protest: कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन पर क्या बोला पाकिस्तानी मीडिया, PAK एक्सपर्ट ने लगाई फटकार, जानें क्या कहा? ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 22 Jul 2026 13:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>सोनम, वांगुचक, से, देर, रात, हुई, मुलाकात, आज, CJP, नेताओं, संग, सरकार, की, बैठक, क्या, बन, जाएगी, बात</media:keywords>
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        <title>CJP Protest: ‘भेड़िये से भेड़ की मुलाकात’, जेपी नड्डा के हॉस्पिटल पहुंचने पर CJP फाउंडर अभिजीत दीपके का विवादित बयान</title>
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        <description><![CDATA[ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से आयोजित संसद मार्च के एक दिन बाद मंगलवार को सैकड़ों छात्र और समर्थक फिर जंतर-मंतर पहुंचे. उनका कहना है कि पुलिस के बल प्रयोग की कार्रवाई ने आंदोलन को कमजोर करने के बजाय और मजबूत किया है तथा वे अपना आंदोलन जारी रखेंगे. इस बीच दिल्ली के केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा कल हुए विरोध प्रदर्शन में घायल हुए लोगों से मिलने लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज पहुंचे. इस पर अभिजीत दीपके ने विवादित बयान दिया है. उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि भेड़िये से भेड़ की मुलाकात.
अभिजीत दीपके की यह टिप्पणी अब चर्चा का विषय बन गई है. यह बयान ऐसे समय में आया है जब छात्र और समर्थक लगातार आंदोलन कर रहे हैं और सरकार पर उनकी मांगों को नजरअंदाज करने का आरोप लगा रहे हैं. दूसरी ओर, सरकार के मंत्री घायल प्रदर्शनकारियों से मुलाकात कर रहे हैं और हालात पर नजर बनाए हुए हैं.


Wolf meeting sheep. https://t.co/eHSSD0QTJh
&amp;mdash; Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) July 21, 2026



ये भी पढें:&amp;nbsp;PM आवास के बाहर कांग्रेस का धरना खत्म, सरकार के सामने रखी ये 6 डिमांड, हिरासत में राहुल-प्रियंका
पेपर लीक के मुद्दे तक सीमित नहीं रहा प्रदर्शन
बता दें कि प्रदर्शन स्थल पर मौजूद कई छात्रों ने कहा कि यह आंदोलन अब कथित पेपर लीक के मुद्दे तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करने की व्यापक मुहिम बन गया है. इस दौरान जंतर-मंतर पर &amp;lsquo;&amp;lsquo;धर्मेंद्र प्रधान, इस्तीफा दो&amp;rsquo;&amp;rsquo; और &amp;lsquo;&amp;lsquo;एक इंच भी पीछे नहीं हटेंगे&amp;rsquo;&amp;rsquo; के नारे लगातार गूंजते रहे. स्नातकोत्तर छात्रा रितिका शर्मा ने कहा कि यह आंदोलन प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग को लेकर है. उन्होंने कहा, &amp;lsquo;&amp;lsquo;हममें से कई लोगों ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में वर्षों लगाए हैं. हम यहां राजनीति करने नहीं, बल्कि इसलिए आए हैं क्योंकि छात्रों को पारदर्शी और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था मिलनी चाहिए.&amp;rsquo;&amp;rsquo;&amp;nbsp;
ये भी पढें:&amp;nbsp; राहुल-प्रियंका को पुलिस ने किया डिटेन, अखिलेश यादव को PM आवास से हटाया गया ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 22 Jul 2026 01:30:08 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>CJP, Protest:, ‘भेड़िये, से, भेड़, की, मुलाकात’, जेपी, नड्डा, के, हॉस्पिटल, पहुंचने, पर, CJP, फाउंडर, अभिजीत, दीपके, का, विवादित, बयान</media:keywords>
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        <title>नाक से बहा खून, छाती पर चोट..., प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी के घायल होने की आई तस्वीर</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/नाक-से-बहा-खून-छाती-पर-चोट-प्रदर्शन-के-दौरान-राहुल-गांधी-के-घायल-होने-की-आई-तस्वीर</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/नाक-से-बहा-खून-छाती-पर-चोट-प्रदर्शन-के-दौरान-राहुल-गांधी-के-घायल-होने-की-आई-तस्वीर</guid>
        <description><![CDATA[ पीएम आवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, सपा चीफ अखिलेश यादव समेत कई नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया है. इस दौरान राहुल गांधी के नाक और छाती पर चोट लगने की खबर सामने आ रही है. कांग्रेस ने राहुल गांधी की जो तस्वीर शेयर की है उसमें उनके नाक के पास से खून बहता देखा जा सकता है.
पीएम आवास के बाहर से हटाए जाने के बाद राहुल गांधी ने कहा, &#039;प्रधानमंत्री मोदी, हर जोर आजमा लो, सारी ताकत लगा लो-छात्रों के इंसाफ की ये लड़ाई अब रोके न रुकेगी.&#039; ये नेता जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज के विरोध में लोक कल्याण मार्ग की ओर मार्च कर रहे थे. राहुल गांधी काफी देर तक सड़क पर ही डटे रहे और हटने से इनकार कर दिया. उन्हें कई पुलिसकर्मियों ने घेर लिया और फिर विपक्ष के दूसरे नेताओं के साथ पुलिस की गाड़ी में ले जाया गया.&#039;

मोदी जी, हर ज़ोर आज़मा लो, सारी ताकत लगा लो - छात्रों के इंसाफ की ये लड़ाई अब रोके न रुकेगी. pic.twitter.com/suXh8LkWzh
&amp;mdash; Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 21, 2026



यह विरोध प्रदर्शन संसद तक छात्रों के मार्च में पुलिस के दखल के एक दिन बाद हुआ. इससे पहले, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने खड़गे के घर से प्रधानमंत्री के आवास तक पार्टी कार्यकर्ताओं का नेतृत्व किया और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष के अभियान को तेज किया. हिरासत में लिए जाने से पहले राहुल ने लोगों से धरने में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि छात्रों पर हमला हर भारतीय परिवार पर हमला है और सरकार पर छात्रों की चिंताओं का जवाब न देने का आरोप लगाया.
इससे पहले केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह राहुल गांधी से मिले. कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बातचीत बेनतीजा रही क्योंकि पार्टी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा पेपर लीक पर संसद में चर्चा की मांग पर अड़ी रही.कांग्रेस सांसद नसीर हुसैन ने कहा कि पार्टी अपनी मांगें पूरी होने तक विरोध जारी रखेगी, हालांकि जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर संसद में चर्चा करने के लिए तैयार थी और आरोप लगाया कि बाद में कांग्रेस ने मंत्री के इस्तीफे को शर्त बना दिया.
कांग्रेस ने यह भी मांग की है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सोमवार के मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई के लिए माफी मांगें या इस्तीफा दें।इस विरोध प्रदर्शन को एनसीपी (SP) सांसद सुप्रिया सुले, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव समेत अन्य नेताओं का समर्थन मिला है. ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 22 Jul 2026 01:30:07 +0530</pubDate>
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        <title>CJP Protest: &amp;apos;जरूरत पड़ी तो कॉकरोच जनता पार्टी के खिलाफ सड़क पर उतरूंगी&amp;apos;, ममता बनर्जी का बड़ा बयान</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/cjp-protest-जरूरत-पड़ी-तो-कॉकरोच-जनता-पार्टी-के-खिलाफ-सड़क-पर-उतरूंगी-ममता-बनर्जी-का-बड़ा-बयान</link>
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        <description><![CDATA[ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शनकारी भारी बारिश और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद पूरी रात दिल्ली के जंतर-मंतर पर डटे रहे. प्रदर्शनकारी शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था में सुधार सहित अपनी विभिन्न मांगों को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. &amp;nbsp;एक दिन पहले ही प्रदर्शनकारियों ने संसद चलो मार्च निकाला था. इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बन गई थी और पुलिस ने मार्च को रोकने के लिए कार्रवाई की थी. इसके बाद भी प्रदर्शनकारी पीछे नहीं हटे और जंतर-मंतर पर अपना आंदोलन जारी रखा.
इसी बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) की नेता और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आंदोलन को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो वह खुद भी कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगी. ममता बनर्जी के इस बयान को आंदोलन के प्रति राजनीतिक समर्थन के रूप में देखा जा रहा है. उनके बयान के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक चर्चा और तेज हो गई है. हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि वह कब और किस रूप में प्रदर्शन में शामिल हो सकती हैं.


If needed, I will join protest staged by Cockroach Janata Party: Mamata Banerjee in Kolkata pic.twitter.com/zpJp6HOo6W
&amp;mdash; Press Trust of India (@PTI_News) July 21, 2026



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जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी है और प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर सरकार से बातचीत तथा ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. राजधानी में सुरक्षा एजेंसियां भी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे.
जंतर-मंतर पर हजारों लोग जमा हुए
सोमवार को संसद तक प्रस्तावित मार्च के लिए जंतर-मंतर पर हजारों लोग जमा हुए. प्रदर्शनकारियों के संसद की ओर मार्च करने की कोशिश के दौरान पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े और बल प्रयोग किया. हिंसा के लिए दोनों पक्षों ने एक-दूसरे को दोषी ठहराया. प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के लिए जवाबदेही तय करने, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर 20 जून को आंदोलन शुरू हुआ था.
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        <pubDate>Wed, 22 Jul 2026 01:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से मिली छुट्टी, गुरुग्राम के वेदांता में किए गए शिफ्ट</title>
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        <description><![CDATA[ नीट पेपर लीक के विरोध में आमरण अनशन कर रहे एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को मंगलवार (21 जुलाई, 2026) को दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और इसके बाद उन्हें गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया है. यह घटनाक्रम दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद सामने आया है.
दरअसल, दिल्ली हाईकोर्ट के मंगलवार (21 जुलाई, 2026) के आदेश के तहत सोनम वांगचुक को आगे के इलाज के लिए सफदरजंग अस्पताल से गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल के डॉक्टरों की टीम को सौंपा गया है. वहीं, उनके इलाज में किसी तरह की रुकावट न आए, इसके लिए वांगचुक के सभी मेडिकल रिकॉर्ड, जांच रिपोर्ट और उपचार संबंधी दस्तावेज भी मेदांता की मेडिकल टीम को सौंप दिया गया है.
शाम करीब साढ़े छह बजे वांगचुक को किया गया डिस्चार्ज
दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद मंगलवार (21 जुलाई) को शाम 6:40 बजे एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को VMMC और सफदरजंग अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया. डिस्चार्ज के समय उनके वाइटल पैरामीटर स्थिर पाए गए. हालांकि, पैनसाइटोपेनिया (Pancytopenia) की स्थिति अभी भी बनी हुई है. वहीं, सीरम पोटैशियम स्तर 3.4 mEq/L दर्ज किया गया.&amp;nbsp;

गीतांजलि आंग्मो की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने दिया आदेश
जंतर-मंतर पर आमरण अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक को तीन दिन पहले शनिवार (18 जुलाई, 2026) को दिल्ली पुलिस ने तबीयत बिगड़ने का हवाला देते हुए तत्काल राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल में डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में भर्ती कराया गया. वहीं, उनकी पत्नी डॉ. गीतांजलि आंग्मो ने अस्पताल प्रशासन पर आरोप लगाते हुए दिल्ली हाई कोर्ट से वांगचुक को दूसरे अस्पताल में भर्ती कराने की अनुमति के लिए याचिका दाखिल की.
दिल्ली हाई कोर्ट की एकल बेंच ने रविवार (19 जुलाई, 2026) को गीतांजलि आंग्मो की याचिका के विपरीत आदेश दिया. जिसके बाद, उन्होंने आदेश को चुनौती देते हुए फिर से याचिका दाखिल की. इस बार उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश यानी दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली दो जजों की बेंच ने सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से डिस्चार्ज कर मेदांता अस्पताल में भर्ती कराने के आदेश दिया.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ेंः &#039;वे कायर और....&#039;, जानें PM आवास के बाहर से पुलिस हिरासत में लेने पर क्या बोलीं प्रियंका गांधी ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 22 Jul 2026 01:30:05 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>सोनम, वांगचुक, को, सफदरजंग, अस्पताल, से, मिली, छुट्टी, गुरुग्राम, के, वेदांता, में, किए, गए, शिफ्ट</media:keywords>
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        <title>कांग्रेस सांसदों को भी नहीं पता था राहुल गांधी के धरने का &amp;apos;सीक्रेट प्लान&amp;apos;! अब हुआ बड़ा खुलासा</title>
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        <description><![CDATA[ कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधिकारिक आवास के एक गेट के निकट धरना देकर न केवल सरकार और पुलिस, बल्कि पार्टी के कई सांसदों को भी चौंका दिया. पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने घटनाक्रम की जानकारी देते हुए कहा कि शीर्ष नेताओं के लिए इतने उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में प्रदर्शन करने के लिए गोपनीयता बनाए रखना जरूरी था, क्योंकि इसकी जानकारी पहले मिल जाती तो इलाके की घेराबंदी की जा सकती थी.
कांग्रेस सांसदों को भी नहीं दी गई थी जानकारी
सांसदों से कहा गया था कि उन्हें पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के जन्मदिन पर बधाई देने के लिए 10, राजाजी मार्ग स्थित उनके आवास पर पहुंचना है. इसलिए कई सांसदों को आगे होने वाले घटनाक्रम की कोई जानकारी नहीं थी और वे खरगे के आवास पर पहुंच गए. इसके बाद उनसे राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का अनुसरण करने को कहा गया, क्योंकि शीर्ष नेता अचानक खरगे के आवास से करीब 500 मीटर दूर 7, लोक कल्याण मार्ग के गेट की ओर बढ़ने लगे.
इस घटनाक्रम की जानकारी फैलते ही पार्टी के अन्य नेता भी मौके पर पहुंच गए. कुछ शीर्ष नेताओं को ही इस कदम की जानकारी थी और दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित होने के बाद वे खरगे के आवास पर पहुंच गए थे. हालांकि, ज्यादातर सांसदों को योजना के बारे में कोई जानकारी नहीं थी.&amp;nbsp;
छत्रसाल स्टेडियम से बाहर आए राहुल गांधी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के बाहर धरना दे रहे लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और कई सांसदों को पुलिस ने कर लिया था. पुलिस उन्हें और बाकी कई नेताओं को छत्रसाल स्टेडियम लेकर पहुंची थी. अब राहुल गांधी समेत तमान नेताओं तो छोड़ दिया गया है.
प्रियंका गांधी ने कहा, &#039;कल छात्रों के साथ जैसी बर्बरता की गई, वो बहुत गलत थी. ये हमारे बच्चे हैं, देश का भविष्य हैं. हम संसद में फिर से छात्रों के मुद्दे को जरूर उठाएंगे. जब हम संसद में बच्चों के भविष्य से जुड़े जरूरी मुद्दे पर चर्चा की मांग करते हैं, तो सरकार &#039;वंदे मातरम&#039; के सम्मान पर चर्चा करने लगती है.&#039;वंदे मातरम&#039; का मतलब हमारी मातृभूमि की इज्जत है, इसलिए हमें अपने बच्चों का भविष्य सुरक्षित करना है, उनकी रक्षा करनी है.&#039; ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 22 Jul 2026 01:30:04 +0530</pubDate>
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        <title>CJP प्रदर्शन में बवाल: 118 पुलिसकर्मी घायल, हिरासत में 78 प्रदर्शनकारी, कई गाड़ियों को नुकसान</title>
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        <description><![CDATA[ दिल्ली में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच हुई झड़प में 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी एवं प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं. दिल्ली पुलिस के मुताबिक, इलाके में CJP के प्रदर्शन के दौरान हालात बिगड़ गए. पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों को कई बार समझाया गया और हटने के लिए कहा गया, लेकिन उन्होंने बात नहीं मानी और लागू प्रतिबंधात्मक आदेशों का उल्लंघन किया. पुलिस का दावा है कि प्रदर्शन कारियों ने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की, पुलिसकर्मियों पर पत्थर और दूसरी चीजें फेंकीं, सरकारी गाड़ियों में तोड़फोड़ की और हिंसा की, इससे कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था पर असर पड़ा.
झड़प में 118 पुलिसकर्मी घायल
झड़प में पुलिस के अनुसार 118 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए, जिनमें स्पेशल सीपी, जॉइंट सीपी, एडिशनल सीपी, डीसीपी, एडिशनल डीसीपी और एसीपी रैंक के अधिकारी भी शामिल हैं. कई महिला पुलिसकर्मियों को भी चोटें आई हैं. वहीं, करीब 60 प्रदर्शनकारियों के घायल होने की भी जानकारी है. घायल पुलिसकर्मियों का मेडिकल कराया जा रहा है. पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान 15 से 20 सरकारी वाहनों और अन्य सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया.

70 प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया
अब तक करीब 70 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है. पुलिस उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और अन्य संबंधित कानूनों के तहत दंगा, सरकारी कर्मचारी पर हमला, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई कर रही है. दिल्ली पुलिस ने कहा है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उसकी जिम्मेदारी है और हिंसा या गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
CJP के प्रदर्शन पर राहुल गांधी बोले, &#039;सत्ता हमेशा के लिए नहीं रहती, जवाबदेही जरूर तय की जाएगी&#039;
प्रदर्शन के दौरान हिंसा की जांच में जुटी दिल्ली पुलिस
दिल्ली पुलिस ने सीजेपी के &#039;चलो संसद&#039; प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा की जांच शुरू कर दी है. पुलिस सूत्रों का कहना है कि झड़पों में शामिल लोगों की पहचान करने के अलावा, जांचकर्ता इस बात की भी पड़ताल करेंगे कि क्या इस अशांति के पीछे कोई बड़ा षड्यंत्र था. हिंसा के संबंध में 70 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है, जबकि अलग-अलग जगहों से मिली शिकायतों के आधार पर कई एफआईआर दर्ज की जा रही हैं.
सीजेपी के विरोध प्रदर्शन के बीच सोनम वांगचुक का आया बड़ा बयान, बोले - &#039;मैं अपना उपवास...&#039; ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 21 Jul 2026 09:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>CJP, प्रदर्शन, में, बवाल:, 118, पुलिसकर्मी, घायल, हिरासत, में, प्रदर्शनकारी, कई, गाड़ियों, को, नुकसान</media:keywords>
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        <title>Telangana Politics: तेलंगाना के निजामाबाद में कांग्रेस&amp;BJP आमने&amp;सामने, विधायक पैदी राकेश रेड्डी के घर घेराव की तैयारी के बाद बढ़ा तनाव</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/telangana-politics-तेलंगाना-के-निजामाबाद-में-कांग्रेस-bjp-आमने-सामने-विधायक-पैदी-राकेश-रेड्डी-के-घर-घेराव-की-तैयारी-के-बाद-बढ़ा-तनाव</link>
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        <description><![CDATA[ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने निज़ामाबाद ज़िले के आर्मूर विधानसभा क्षेत्र के अंकापुर गांव में BJP MLA पैदी राकेश रेड्डी के घर का घेराव करने की तैयारी की और जवाब में MLA के समर्थक इकट्ठा हो गए और चेतावनी दी कि हम हमले का जवाब देंगे, जिससे एक बार फिर गांव में राजनीतिक तनाव बढ़ गया है. कांग्रेस के चुनावी वादों को पूरा न करने के आरोपों के बीच, दोनों तरफ से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए और स्थिति को कंट्रोल करने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया.
कांग्रेस नेताओं ने आर्मूर विधानसभा क्षेत्र में MLA के घर की घेराबंदी की मांग की, जिसके बाद अंकापुर में तनाव फैल गया. उनका आरोप है कि चुनाव के दौरान किए गए विकास के वादे पूरे नहीं किए गए. MLA राकेश रेड्डी के सोशल मीडिया पर वीडियो और पोस्ट में यह कमेंट किया गया है कि वह लोकल पॉलिटिकल चर्चाओं के दौरान इस्सापल्ली इलाके में BJP-कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच पिछली झड़प का जवाब देंगे, जो चर्चा का विषय बन गया है, जिसे कांग्रेस के नेता खुली धमकी के तौर पर दिखा रहे हैं.

ये भी पढ़ें: वांगचुक की पत्नी से हुई बर्बरता? दिल्ली पुलिस ने किया फैक्ट चेक, फिर CJP नेता ने बताई हकीकत!
BJP के कार्यकर्ता गुस्सा
कांग्रेस कार्यकर्ता बड़ी संख्या में अंकापुर में MLA के घर के पास जमा हुए. BJP के कार्यकर्ता भी बड़े-बड़े लाठियां लेकर तैयार खड़े थे, लोकल मीडिया और सोशल मीडिया पर ये सीन वायरल हो गए. दोनों तरफ के कार्यकर्ताओं के बीच हाथापाई, नारे और बहस होने से गांव में हाई-टेंशन का माहौल बन गया, और पुलिस ने और टेंशन रोकने के लिए कुछ इलाकों में सिक्योरिटी बढ़ा दी और बैरिकेड लगा दिए.&amp;nbsp;
कांग्रेस लीडर विनय रेड्डी का बयान
लोकल न्यूज आउटलेट्स ने बताया कि कांग्रेस लीडर विनय रेड्डी को हाउस अरेस्ट कर लिया गया है, जबकि रिपोर्ट्स सामने आईं कि MLA राकेश रेड्डी अंकापुर में थे और उन्होंने चेतावनी दी कि &amp;ldquo;हम हिंदुओं पर हमले बर्दाश्त नहीं करेंगे.&amp;rdquo; घटनाओं को और बढ़ने से रोकने के लिए, ज़िला पुलिस ऑफिसर कथित तौर पर और फोर्स तैनात कर रहे हैं, दोनों पार्टियों के नेताओं से बातचीत कर रहे हैं और एक्टिविस्ट्स को कानून अपने हाथ में न लेने की चेतावनी दे रहे हैं.
ये भी पढ़ें: CJP Protest LIVE: सीजेपी प्रदर्शन पर एक्शन में शाह, दिल्ली पुलिस ने की शांति की अपील, नड्डा से मिले CJP नेता ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 21 Jul 2026 09:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Telangana, Politics:, तेलंगाना, के, निजामाबाद, में, कांग्रेस-BJP, आमने-सामने, विधायक, पैदी, राकेश, रेड्डी, के, घर, घेराव, की, तैयारी, के, बाद, बढ़ा, तनाव</media:keywords>
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        <title>कॉकरोच जनता पार्टी के संसद मार्च के दौरान लाठीचार्ज पर भड़कीं ममता बनर्जी, कहा&amp; &amp;apos;असहमति जताना अपराध...&amp;apos;</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/कॉकरोच-जनता-पार्टी-के-संसद-मार्च-के-दौरान-लाठीचार्ज-पर-भड़कीं-ममता-बनर्जी-कहा-असहमति-जताना-अपराध</link>
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        <description><![CDATA[ तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने सोमवार को NEET पेपर लीक के मामले को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं पर पुलिस की कार्रवाई की निंदा की. बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर संवाद के बजाय बल प्रयोग का रास्ता अपनाने का आरोप लगाया.
संसद के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को संसद मार्ग के पास कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के हजारों समर्थकों ने &#039;चलो संसद&#039; मार्च के दौरान कथित तौर पर बैरिकेडिंग तोड़ने के प्रयास किए, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े. इस मामले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री बनर्जी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में प्रदर्शन से निपटने के सरकार के तरीके पर सवाल उठाए.
ये भी पढ़ें-&amp;nbsp;CJP के प्रदर्शन पर राहुल गांधी बोले, &#039;सत्ता हमेशा के लिए नहीं रहती, जवाबदेही जरूर तय की जाएगी&#039;
उन्होंने कहा, &#039;मैं आज दिल्ली में हमारे युवाओं और छात्रों पर की गई पुलिस की बर्बरता की कड़ी निंदा करती हूं.&#039; ममता बनर्जी ने सवाल किया, &#039;यह कैसी सरकार है जो अपने ही छात्रों से डरती है? यह कैसा लोकतंत्र है जो बातचीत के बजाय सवालों का जवाब लाठी और आंसू गैस से देता है?&#039;

I strongly condemn the police brutality unleashed on our youth and students in Delhi today.What kind of government fears its own students? What kind of democracy responds to questions with batons and tear gas instead of dialogue?The Nation belongs to its students, its&amp;hellip;
&amp;mdash; Mamata Banerjee (@MamataOfficial) July 20, 2026



असहमति अपराध नहीं: ममता बनर्जी
बनर्जी ने कहा कि असहमति जताना लोकतांत्रिक अधिकार है और देश इसके ममछात्रों, किसानों, महिलाओं, श्रमिकों और हर नागरिक का है.&amp;nbsp; उन्होंने कहा, &#039;असहमति अपराध नहीं है. बर्बरता शासन नहीं हो सकती.&#039;
उन्होंने कहा कि मैं अपने युवा भाई-बहनों के साथ मजबूती से खड़ी हूं. जवाबदेही पर कोई समझौता नहीं हो सकता. पूर्व सीएम ने कहा कि उनकी हिम्मत, मजबूती और अटूट जज्बे के लिए मैं उन सभी को सलाम करता हूं. उन्होंने देश को दिखाया है कि निडरता क्या होती है.
ये भी पढ़ें- CJP प्रदर्शन में बवाल: 118 पुलिसकर्मी घायल, हिरासत में 78 प्रदर्शनकारी, कई गाड़ियों को नुकसान
21 जुलाई को कोलकाता में रैली
ममता बनर्जी ने साथ ही आरोप लगाया कि 21 जुलाई को कोलकाता में होने वाली सालाना &#039;शहीद दिवस&#039; रैली से पहले उनकी पार्टी के धड़े को बैठकें और जुलूस निकालने से रोका जा रहा है. उन्होंने कहा कि इसके बावजूद समर्थक इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कोलकाता आ रहे हैं.
ममता बनर्जी को हाई कोर्ट से मिली रैली की मंजूरी
पूर्व मुख्यमंत्री ने मध्य कोलकाता के बिड़ला तारामंडल इलाके में तैयारियों का जायजा लेने के बाद यह दावा किया. कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश के बाद उनके गुट को वहां रैली करने की अनुमति मिली है.
बनर्जी ने पत्रकारों से कहा, &#039;हमारी सभाओं और जुलूसों की इजाजत नहीं दी जा रही है. दूर-दराज के जिलों से आने वाले कार्यकर्ताओं को ठहरने की जगह तक नहीं मिल रही है. फिर भी, वे स्नेह के कारण आ रहे हैं.&#039; ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 21 Jul 2026 09:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>कॉकरोच, जनता, पार्टी, के, संसद, मार्च, के, दौरान, लाठीचार्ज, पर, भड़कीं, ममता, बनर्जी, कहा-, असहमति, जताना, अपराध...</media:keywords>
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        <title>यूपी के लिए मौसम विभाग का रेड अलर्ट, दिल्ली&amp;बिहार से लेकर हरियाणा तक क्या है चेतावनी, जानें</title>
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        <description><![CDATA[ भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा अपडेट के मुताबिक मंगलवार (21 जुलाई) को कई राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ ही कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और नॉर्थ ईस्ट के कई इलाकों में तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है. कई जगहों पर भारी बारिश की आशंका जताई गई है. लोगों को जलभराव और भूस्खलन जैसी स्थितियों से सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के अलावा पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, यूपी और राजस्थान के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है. उत्तराखंड और हिमाचल में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा बना रहेगा. दिल्ली-एनसीआर में हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिससे तापमान में कुछ गिरावट दर्ज की जा सकती है.

IMD के मुताबिक यूपी के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में भी कई जगहों पर मध्यम से भारी बारिश की संभावना है. यूपी के 12 जिलों बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, कासगंज, एटा, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल और बदायूं में भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी से आने वाले मजबूत मानसूनी प्रवाह के कारण यूपी में अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है.&amp;nbsp;
यूपी को लेकर अलर्टमौसम विभाग ने बताया कि 21 जुलाई से 25 जुलाई तक दक्षिणी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. इस दौरान राज्य के अधिकांश हिस्सों में कुछ स्थानों पर बिजली चमकने और आंधी-तूफान आने का अनुमान है. मंगलवार को पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लगभग सभी मंडलों में आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश होने का अनुमान लगाया गया है.
MP छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की संभावनामध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कुछ जगहों पर भारी बारिश की संभावना है. गोवा और घाट क्षेत्रों में भी तेज बारिश का दौर बना रह सकता है. गुजरात के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश होगी, जबकि मराठवाड़ा में कई जगहों पर भारी बारिश का अनुमान है. दक्षिण भारत के केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और लक्षद्वीप के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. केरल और तटीय कर्नाटक में कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है.
जम्मू-कश्मीर में 16 लोगों की मौतजम्मू-कश्मीर में बारिश और भूस्खलन से जुड़ी घटनाओं में मरने वालों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है, जबकि 7 लोग अब भी लापता हैं. पुंछ और राजौरी में बाढ़ और खराब मौसम के कारण राहत और बचाव अभियान प्रभावित हुआ है. मौसम विभाग ने 23 जुलाई तक जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है.&amp;nbsp;
ये भी पढ़ें&amp;nbsp;
CJP प्रदर्शन में बवाल: 118 पुलिसकर्मी घायल, हिरासत में 78 प्रदर्शनकारी, कई गाड़ियों को नुकसान ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 21 Jul 2026 09:30:05 +0530</pubDate>
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        <title>सुरक्षाकर्मियों पर हमला, तोड़फोड़... प्रदर्शनकारियों के खिलाफ होगा सख्त एक्शन, CJP प्रोटेस्ट में दिल्ली पुलिस ने दर्ज की FIR</title>
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        <description><![CDATA[ सुरक्षाकर्मियों पर हमला, तोड़फोड़... प्रदर्शनकारियों के खिलाफ होगा सख्त एक्शन, CJP प्रोटेस्ट में दिल्ली पुलिस ने दर्ज की FIR ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 21 Jul 2026 09:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>&amp;apos;सिंहासन खाली करो, जनता...&amp;apos;, संसद मार्च में छात्रों पर लाठीचार्ज तो भड़के कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे, PM मोदी पर भी साधा निशाना</title>
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        <description><![CDATA[ जंतर मंतर से संसद तक मार्च संसद तक पहुंच गया है. इस दौरान दिल्ली पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए 20 से 25 मिनट तक आंसू गैस के गोले दागे गए हैं. इधर, सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मुख्य गेट बंद कर दिया गया है. सांसदों के आने जाने के लिए एक छोटा गेट खुला रखा गया है. यह प्रदर्शन ऐसे वक्त हो रहा है, जब देश का मॉनसून सत्र चल रहा है. अब इस पूरे मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र को निशाने पर लेते हुए मल्लिकार्जुन खड़गे ने निशाना साधा है.&amp;nbsp;
&amp;nbsp;
छात्रों पर हुए लाठी चार्ज को लेकर कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि ये सरकार नौजवानों और छात्रों पर लाठीचार्ज कर रही है. अगर आपको एग्जामिनेशन कंडक्ट नहीं आता है, तो सिंहासन खाली करो. जनता आएगी. ये लोग सत्ता में रहने लायक़ नहीं है. भगवान् के नाम पर चंदा चोरी हुआ, रामभक्त के नाम पर जनता से पैसे चोरी कर रहें हैं. &amp;nbsp;मोदी जी को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए है, क्योंकि उन्होंने Trust बनाया.
इसके अलावा खड़गे ने कहा, &#039;अपनी कमजोरी छिपाने के लिए पीएम मोदी ऐसे कहते हैं कि 56 साल के युवाओं की बात नहीं कर रहा हूं. ऐसी बातें प्रधानमंत्री नहीं करता है. मैं इस बयान की निंदा करता हूं. ये हटेंगे तो ही सख्ती आएगी.
मल्लिकार्जुन ने सदन में पीएम मोदी के भाषण पर कहा, &#039;PM मोदी का काम सिर्फ दूसरों को ताना मारना और मजाक उड़ाना है. पहले लोगों के सामने अपनी क्रेडिबिलिटी साबित करें. आपका वह &#039;56 इंच का सीना&#039; कहां गया? आप आज दूसरों की बुराई करते हैं, लेकिन मैं पूछता हूं: आपने देश के लिए असल में क्या किया है?&#039;
खड़गे ने कहा, &#039;आपने अपने फॉलोअर्स से ट्रस्ट बनाने को कहा ताकि वे चोरी कर सकें, और अब वे खुलेआम चोरी कर रहे हैं. आपने कानून बनाए और राम मंदिर ट्रस्ट के लिए लोगों को नॉमिनेट किया, और आपके अपने लोग इसमें शामिल हैं. फिर NEET का मामला है. लाखों स्टूडेंट्स परेशान हैं, अपने घर छोड़कर पूरी तरह बर्बाद हो गए हैं. उनकी जिंदगी बर्बाद करने के लिए कौन जिम्मेदार है? मोदी सरकार और खुद PM मोदी. वह ये सब सिर्फ अपनी कमजोरियों को छिपाने के लिए करते हैं. किसी भी प्राइम मिनिस्टर को ऐसा नहीं बोलना चाहिए. हर प्राइम मिनिस्टर प्रॉब्लम सॉल्व करने की बात करता है, न कि ऐसी बातें करता है जिनका बाद में मजाक उड़ाया जाए. मैं इस बयान की निंदा करता हूं, और PM मोदी को भविष्य में ऐसी बातें करने से बचना चाहिए. जब तक वे अगर वे रहेंगे, तो देश में खुशहाली नहीं आएगी. खुशहाली तभी आएगी जब वे चले जाएंगे.&#039;
&amp;nbsp;क्या धर्मेंद्र प्रधान देंगे इस्तीफा? CJP के प्रदर्शन के बीच गृहमंत्री अमित शाह से मिलने पहुंचे शिक्षा मंत्री
अभिजीत दीपके को पुलिस ने किया अरेस्ट, पुलिस ने किया दावे से इनकार
इधर, सीजेपी के सदस्य सौरभ दास ने कहा है कि अभिजीत दीपके को पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है. वहीं, पुलिस का कहना है कि उन्हें गिरफ्तार नहीं किया है. इसके अलावा सरकार ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने की कोशिश की है. सौरभ दास ने जेपी नड्डा से मुलाकात की है. सौरभ दास ने कहा है कि 2 घंटे इंतजार के बाद सिर्फ 10 मिनट की मुलाकात हुई है.
संसद भवन की बढ़ाई सुरक्षा, डिंपल यादव अरेस्ट
इसके अलावा खबर है कि प्रदर्शन को देखते हुए संसद भवन की सुरक्षा बढ़ाई गई है. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले दागे हैं. .बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज भी किया. पुलिस ने कई छात्रों को हिरासत में लिया है. कुछ प्रदर्शनकारी दिल्ली पुलिस की गाड़ी के ऊपर चढ़ गए.
इधर समाजवादी पार्टी ने दावा किया है कि सांसद और मैनपुरी से सांसद डिंपल यादव को हिरासत में लिया है. इस मामले में एक पोस्ट भी सपा ने जारी किया है. सपा ने इस कार्रवाई को निंदनीय करार दिया है.&amp;nbsp;
Parliament Monsoon Season Live: CJP के प्रदर्शन को लेकर संसद में भारी बवाल, मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र से किया सवाल- &#039;क्यों हुआ लाठीचार्ज&#039; ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 21 Jul 2026 01:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>CJP के सौरभ दास से मिलने के बाद मोदी सरकार का पहला रिएक्शन, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर हुई चर्चा?</title>
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        <description><![CDATA[ परीक्षा पत्र लीक के विरोध में &amp;lsquo;कॉकरोच जनता पार्टी&amp;rsquo; (CJP) के संसद मार्च के दौरान सोमवार को पुलिस ने हजारों की संख्या में जुटे युवाओं को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया. विरोध प्रदर्शन तेज होने के कारण सेंट्रल दिल्ली के बड़े हिस्से में यातायात ठप हो गया. इस सीजेपी प्रवक्ता से सौरभ दास और आशुतोष रांका ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की. सीजेपी प्रतिनिधि से मुलाकात के बाद सरकार का पहला बयान सामने आया है.
CJP के सौरभ दास से मिलने के बाद मोदी सरकार का रिएक्शन
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा, &#039;आज सुबह पहली बार प्रदर्शनकारियों की ओर से सरकार के साथ बातचीत का प्रस्ताव आया और सुबह 11:50 बजे से हमारी बातचीत चल रही है. बैठक अच्छे माहौल में हुई. उनके प्रतिनिधिमंडल के साथ शुरुआती बातचीत विस्तार से हुई और शाम करीब 4 बजे उन्होंने मुझे एक लिखित ज्ञापन सौंपा. मैंने सभी प्रदर्शनकारियों से अपना धरना खत्म करने और हालात सामान्य करने में प्रशासन की मदद करने का आग्रह किया है.&#039;

आज सुबह पहली बार प्रदर्शनकारियों की ओर से सरकार के साथ बातचीत करने का प्रस्ताव आया और सुबह 11:50 AM से ही हमारी बातचीत जारी है।सौहार्दपूर्ण वातावरण में मुलाकात हुई। उनके डेलीगेशन के साथ विस्तार से पहले मौखिक चर्चा हुई और उनके द्वारा लगभग 4 बजे मुझे लिखित याचिका दी गई।मैंने&amp;hellip; pic.twitter.com/HLCl20RBSp
&amp;mdash; Jagat Prakash Nadda (@JPNadda) July 20, 2026



धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ी CJP
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरभ दास ने कहा कि केंद्रीय मंत्री ने हमें भरोसा दिलाया है कि वे इस मामले पर सही स्तर पर बातचीत करेंगे. उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, मैं और आशुतोष रांका ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की है. हमने उनको अपनी मांगों के बारें बता दिया है, जिसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तुरंत इस्तीफा या उन्हें पद से हटाना शामिल है.&#039; उन्होंने कहा कि हम आगे की प्रक्रिया का इंतजार कर रहे हैं.
1 करोड़ के मुआवजे की मांग
स बीच, बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिए जाने की खबरें सामने आ रही हैं. आशुतोष रांका ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, &#039;जेपी नड्डा ने हमारी इन मांगों पर पार्टी नेतृत्व से चर्चा करने के लिए कुछ समय मांगा है. हमारी मागों में सोनम वांगचुक की तुरंत रिहाई, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और आत्महत्या करने वाले सभी नीट उम्मीदवारों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा शामिल है.
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा, &#039;हमारी मांगें स्पष्ट हैं. धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए. जिन बच्चों ने आत्महत्या की है, उनके परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाना चाहिए. इसके अलावा, सोनम वांगचुक को तुरंत रिहा किया जाना चाहिए.&#039; दिल्ली में सोमवार को तनाव बना रहा क्योंकि सीजेपी और उसके समर्थकों ने संसद चलो विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया.
दिल्ली में CJP का प्रदर्शन
प्रदर्शनकारियों ने नीट-यूजी पेपर लीक मामले में सरकार से जवाबदेही की मांग की. जब प्रदर्शनकारी संसद भवन की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे, तो उन्हें रोकने के लिए तैनात पुलिसकर्मियों से उनका सामना हुआ. पुलिस बल वहां कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात था. यह विरोध प्रदर्शन नीट-यूजी पेपर लीक मामले और परीक्षा से जुड़ी अन्य अनियमितताओं (जिनमें 12वीं सीबीएसई बोर्ड परीक्षा भी शामिल है) को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के लिए किया गया. इन घटनाओं के बाद देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता और विश्वसनीयता को लेकर चिंता बढ़ गई है. ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 21 Jul 2026 01:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>राम जन्मभूमि में कथित चंदा चोरी का मामला: SC ने यूपी सरकार से नए सिरे से SIT के गठन को कहा, 27 जुलाई को आदेश जारी करेगा कोर्ट</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/राम-जन्मभूमि-में-कथित-चंदा-चोरी-का-मामला-sc-ने-यूपी-सरकार-से-नए-सिरे-से-sit-के-गठन-को-कहा-27-जुलाई-को-आदेश-जारी-करेगा-कोर्ट</link>
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        <description><![CDATA[ सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से अयोध्या के राम जन्मभूमि चंदा चोरी मामले की जांच के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की एसआईटी बनाने के लिए कहा है. कोर्ट ने ऐसा तब कहा जब उसे जानकारी दी गई कि मामले में शुरू में गठित की गई एसआईटी अपना काम पूरा कर चुकी है और अब मामले की जांच पुलिस कर रही है.
इस मामले में दाखिल याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने 13 जुलाई को नोटिस जारी किया था और उत्तर प्रदेश सरकार से जांच की स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था. सोमवार, 20 जुलाई को हुई सुनवाई में राज्य सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में कोर्ट को दी जा चुकी है. इस पर जजों ने कहा कि उन्हें रिपोर्ट को पढ़ने के लिए कुछ समय चाहिए. वह कुछ दिन बाद सुनवाई करेंगे.

ये भी पढ़ें: CJP का अनशन और मार्च: आमने-सामने पुलिस-प्रदर्शनकारी, केजरीवाल से प्रियंका तक&amp;hellip; सरकार पर &amp;lsquo;हल्लाबोल&amp;rsquo;
पुलिस कर रही है जांच
चीफ जस्टिस सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली 3 जजों की बेंच ने इसके बाद सॉलिसिटर जनरल से पूछा कि मामले की जांच कौन कर रहा है? सॉलिसिटर जनरल ने बताया कि अब यह जांच पुलिस कर रही है. शुरू में जिस एसआईटी का गठन किया गया था, उसको आरोपों की शुरुआती जांच का जिम्मा सौंपा गया था. उसकी तरफ से आरोपों की पुष्टि के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है और आगे की जांच कर रही है.
दोबारा बने एसआईटी
चीफ जस्टिस ने कहा कि पुरानी एसआईटी में कुछ अच्छे अधिकारी थे. उन्हें विषय की पूरी जानकारी भी हो चुकी है. बेहतर होगा कि एक नई एसआईटी बनाई जाए. उसमें पहले जांच कर चुके अधिकारियों के अलावा और भी वरिष्ठ अधिकारियों को रखा जाए. इस पर मेहता ने कहा कि इस आदेश का पालन किया जाएगा.
27 जुलाई को आदेश
इसके बाद याचिकाकर्ताओं ने अपनी बात रखने की कोशिश की. वरिष्ठ वकील देवदत्त कामत ने कहा कि मंदिर निर्माण के समय बहुत सारे लोगों ने पैसे और सोना-चांदी का योगदान दिया था. इसका ब्यौरा सार्वजनिक किया जाना चाहिए. एक और वकील ने कहा कि अभी तक एफआईआर की कॉपी सार्वजनिक नहीं की गई है. कोर्ट इसका आदेश दे. इस पर चीफ जस्टिस ने कहा, &quot;हम मामले पर विचार कर सोमवार, 27 जुलाई को ज़रूरी आदेश जारी करेंगे.&quot;
राजनीति न करें-सुप्रीम कोर्ट
सुनवाई के दौरान जजों ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर संज्ञान ले लिया है. यह जरूरी नहीं कि हर व्यक्ति अब इस पर याचिका दाखिल करता रहे. इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए. कोर्ट राजनीति का मंच नहीं है. यह एक अपराध का मामला है. इसे उसी तरह से देखा जाएगा.
ये भी पढ़ें: &#039;क्या यह कोई युद्ध का इलाका है?&#039;, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले दागे तो CJP ने उठाए सवाल ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 21 Jul 2026 01:30:05 +0530</pubDate>
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        <title>हिंसक हुआ CJP का प्रदर्शन, abp न्यूज टीम पर अटैक, पुलिस की गाड़ियों को भी बनाया निशाना</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/हिंसक-हुआ-cjp-का-प्रदर्शन-abp-न्यूज-टीम-पर-अटैक-पुलिस-की-गाड़ियों-को-भी-बनाया-निशाना</link>
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        <description><![CDATA[ जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों ने एबीपी न्यूज की टीम पर हमला किया गया.&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 21 Jul 2026 01:30:04 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>हिंसक, हुआ, CJP, का, प्रदर्शन, abp, न्यूज, टीम, पर, अटैक, पुलिस, की, गाड़ियों, को, भी, बनाया, निशाना</media:keywords>
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        <title>वांगचुक की पत्नी से हुई बर्बरता? दिल्ली पुलिस ने किया फैक्ट चेक, फिर CJP नेता ने बताई हकीकत!</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/वांगचुक-की-पत्नी-से-हुई-बर्बरता-दिल्ली-पुलिस-ने-किया-फैक्ट-चेक-फिर-cjp-नेता-ने-बताई-हकीकत</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/वांगचुक-की-पत्नी-से-हुई-बर्बरता-दिल्ली-पुलिस-ने-किया-फैक्ट-चेक-फिर-cjp-नेता-ने-बताई-हकीकत</guid>
        <description><![CDATA[ CJP Parliament March: सीजेपी का प्रदर्शन अब बवाल में बदल गया है. दिल्ली पुलिस लगातार प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई कर रही है. सीजेपी प्रवक्ता ने सोनम वांगचुक की पत्नी के साथ मारपीट का आरोप लगाया है. जिसपर दिल्ली पुलिस ने फैक्ट चेक किया है, जिसे उन्होंने अगले ही पोस्ट में इसे स्पष्ट करते हुए लिखा है. जिसमें गीतांजलि वांग्मो के साथ हुई अभद्रता को स्पष्ट किया है.&amp;nbsp;
क्या अलर्ट जारी किया था, सीजेपी प्रवक्ता सौरभ दास ने?
सीजेपी के प्रवक्ता सौरभ दास ने करीबन दोपहर तीन बजे बताया था कि दिल्ली पुलिस ने गीतांजलि जी के बाल खींचे और उनके साथ मारपीट की. एक 12 साल की बच्ची का सिर फूट गया है. 40 से 50 लोगों के सिर फूटे हैं. उन्होंने दिल्ली पुलिस को टैग करते हुए पूछा कि यह सब क्या हो रहा है?&amp;nbsp;
दिल्ली पुलिस ने किया फैक्ट चेक
इस पर दिल्ली पुलिस ने फैक्ट चेक करते हुए प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर चल रही जानकारी गलत है. गीतांजलि नाम की 12 साल की लड़की के बारे में गलत जानकारी फैलाई जा रही है. इन पोस्ट्स में दावा किया गया है कि लड़की से साथ मारपीट की गई. उसके बाल खीचें गए. उसके सिर में चोट आई. साथ ही लगभग 40 से 50 अन्य लोगों के सिर भी फूट गए. यह जानकारी गलत है. कृपया गलत या गुमराह करने वाली जानकारी न फैलाएं और न ही उसे बढ़ावा दें.

TO BE CLEAR: SONAM WANGCHUK&amp;rsquo;S PARTNER @GitanjaliAngmo&amp;rsquo;s HAIR WAS PULLED. SHE WAS ASSAULTED BY THE DELHI POLICE!BRUTAL CRACKDOWN ONGOING AT JANTAR MANTAR! https://t.co/soRgky8914
&amp;mdash; Saurav Das (@SauravDassss) July 20, 2026



&#039;सिंहासन खाली करो, जनता...&#039;, संसद मार्च में छात्रों पर लाठीचार्ज तो भड़के कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे, PM मोदी पर भी साधा निशाना
सौरभ दास ने किया क्लियर, बताई सही जानकारी
इस पर सौरभ दास ने स्पष्ट किया है, साफ तौर पर बता दें, सोनम वांगचुक की पार्टनर गीतांजलि वांग्मो के बाल खींचे गए. दिल्ली पुलिस ने उनके साथ मारपीट की. जंतर-मंतर पर बर्बर कार्रवाई चल रही है.
क्या धर्मेंद्र प्रधान देंगे इस्तीफा? CJP के प्रदर्शन के बीच गृहमंत्री अमित शाह से मिलने पहुंचे शिक्षा मंत्री ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 21 Jul 2026 01:30:03 +0530</pubDate>
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        <title>CJP प्रोटेस्ट और इस्तीफे की मांग के बीच NEET के सेकंड टॉपर से मिले धर्मेंद्र प्रधान, बोले &amp; &amp;apos;मुझे भरोसा है...&amp;apos;</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/cjp-प्रोटेस्ट-और-इस्तीफे-की-मांग-के-बीच-neet-के-सेकंड-टॉपर-से-मिले-धर्मेंद्र-प्रधान-बोले-मुझे-भरोसा-है</link>
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        <description><![CDATA[ नीट पेपर लीक को लेकर दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर जारी विरोध प्रदर्शन और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की तरफ से लगातार इस्तीफे की मांग की बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने रविवार (19 जुलाई, 2026) को नीट यूजी 2026 के री-एग्जाम के ऑल इंडिया रैंक-2 (AIR-2) हासिल करने वाले छात्र पांशुल बंसल से मुलाकात की और उन्हें परीक्षा में सफलता के लिए बधाई भी दी.
धर्मेंद्र प्रधान की तरफ से यह फोटो उस समय एक्स प्लेटफॉर्म पर साझा की गई, जब एक दिन पहले शनिवार (18 जुलाई, 2026) को केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर आमरण अनशन कर रहे एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनस्थल से हटाकर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया. वहीं, दिल्ली पुलिस ने सीजेपी के सोमवार (20 जुलाई) को प्रस्तावित चलो संसद मार्च को रोकने के लिए BNSS की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दिया है.
नीट छात्र से मुलाकात पर क्या बोले धर्मेंद्र प्रधान?
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने रविवार (19 जुलाई, 2026) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर फोटो शेयर कर बताया कि उन्होंने हरियाणा के पांशुल बंसल से मुलाकात कर उन्हें उनकी उपलब्धि पर बधाई दी. उन्होंने यहा भी कहा कि पांशुल की परफॉर्मेंस भारत के युवाओं की मेहनत, समर्पण और उनकी आकांक्षाओं का प्रतीक है.&amp;nbsp;
उन्होंने कहा, &amp;lsquo;मुझे पूरा विश्वास है कि वह अपने बेहतरीन काम और सेवा से देश के हेल्थकेयर इकोसिस्टम में बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान देंगे.&amp;rsquo;

Met Panshul Bansal from Haryana, who has secured AIR 2 in NEET UG 2026. Congratulated him on this outstanding achievement and wished him success in his career . His accomplishment reflects the dedication, perseverance and aspiration of India&#039;s young minds. I am confident he&amp;hellip; pic.twitter.com/siO8NhoE7l
&amp;mdash; Dharmendra Pradhan (@dpradhanbjp) July 19, 2026



पाशुंल ने 720 में से 715 अंक किए हासिल
हरियाणा के फरीदाबाद के रहने वाले पांशुल बंसल ने नीट के री-एग्जाम में 720 में से 715 नंबर हासिल किए हैं. उन्होंने पंजाब के आर्यन गुप्ता के साथ नीट परीक्षा में सबसे ज्यादा नंबर हासिल किए, लेकिन टाई-ब्रेकिंग रूल्स के तहत उन्हें सेकंड रैंक मिली. &amp;nbsp;
दरअसल, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने शुरू में नीट यूजी 2026 परीक्षा के आयोजन के लिए 3 मई, 2026 की तिथि निर्धारित की थी, लेकिन परीक्षा से पहले पेपर लीक हो जाने की वजह से एनटीए ने परीक्षा को रद्द कर दिया और इसके बाद 21 जून, 2026 को दोबारा से नीट की आयोजित की गई.
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        <pubDate>Mon, 20 Jul 2026 05:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>CJP, प्रोटेस्ट, और, इस्तीफे, की, मांग, के, बीच, NEET, के, सेकंड, टॉपर, से, मिले, धर्मेंद्र, प्रधान, बोले, मुझे, भरोसा, है...</media:keywords>
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        <title>प्रकाश राज से लेकर शबाना आजमी तक..CJP के &amp;apos;संसद मार्च&amp;apos; से पहले कौन&amp;कौन पहुंचा जंतर&amp;मंतर</title>
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        <description><![CDATA[ सोमवार को मानसून सत्र शुरू होना है, इधर कॉकरोच जनता पार्टी जंतर मंतर से संसद तक मार्च (20 जुलाई) की तैयारी कर चुकी है. बड़ी संख्या पर लोग जंतर मंतर पर जमा हैं. इनके अलावा सोमवार को भी चलो संसद मार्च में बड़ी संख्या में भीड़ जुटने की उम्मीद है. रविवार को भी उनके समर्थन में कई बड़े नाम शामिल हुए. इनमें शबाना आजमी, प्रकाश राज जैसे नाम शामिल रहे. यह दोनों रविवार (19 जुलाई) की शाम प्रदर्शन स्थल पहुंचे. इधर, दिल्ली पुलिस ने बयान जारी करते हुए, इस तरह के किसी भी मार्च की अनुमति न देने की बात कही है.&amp;nbsp;
उनसे जुड़े वीडियो सामने आए हैं. इनके अलावा पूनम पांडे ने भी बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि यह छात्रों के बारे में है, राजनीति या धर्म के बारे में नहीं है. इनके अलावा पूनम पांडे ने सोनम वांगचुक का समर्थन किया है.&amp;nbsp;
शबाना आजमी ने प्रदर्शनकारियों का हाथ चूमा
शबाना आजमी ने प्रदर्शनकारी का हाथ चूमा. सीजेपी की तरफ से आजमी का वीडियो जारी किया गया. इसमें प्रकाश राज का अभिवादन करते हुए देखा जा सकता है. एक प्रदर्शनकारी ने शबाना आजमी को उनके पास बैठने और उनके हाथों को चूमने का एक वीडियो साझा किया. एक्टर ने जाने से पहले उनके चेहरे पर भी हाथ फेरा और समर्थन जताया. वहीं शबाना आजमी ने मंच से सोनम वांगचु को समर्थन दिया है.&amp;nbsp;
संसद मार्च पर दिल्ली पुलिस की दो टूक, कहा- न कोई परमिशन मांगी गई, न हमने दी, धारा 163 लागू
प्रकाश राज बोले- आज रात आपके साथ हूं
इधर, प्रकाश राज दूसरी बार जंतर मंतर पर पहुंचे. जहां उन्होंने भाषण दिया. इसमें उन्होंने कहा कि मैं आज रात आपके साथ हूं. मैं यहीं हूं. देखते हैं क्या होता है. इसके अलावा उन्होंने वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा कि हमारे देश के युवा सवाल पूछ रहे हैं. इसके अलावा उन्होंने कहा कि ये युवा हैं. जो एक मकसद से लड़ रहे हैं. आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के पूर्व शिक्षामंत्री मनीष सिसोदिया भी जंतर मंतर पर पहुंचे.
इनके अलावा लेखक डॉ. लक्ष्मण यादव भी प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे. म्यूजिक कंपोजर विशाल ददलानी ने भी एक वीडियो जारी किया है. उसमें उन्होंने अपील करते हुए कहा है कि अब भी नहीं जागे तो कब जागोगे. रालोपा के संस्थापक हनुमान बेनीवाल भी प्रदर्शनकारियों के समर्थन में पहुंचे. समाजवादी पार्टी से सांसद राजीव राय भी प्रदर्शनकारियों के समर्थन में पहुंचे. इनके अलावा समाजवादी सांसद प्रिया सरोज और कैराना सासंद इकरा हसन भी जंतर मंतर पहुंची.&amp;nbsp;
6 जून से जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रही सीजेपी6 जून से जंतर मंतर पर विरोध प्रदरशन जारी है. सीजेपी इस प्रदर्शन को होल्ड कर रही है. उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है. वहीं 28 जून से सोनम वांगचुक भूख हड़ताल पर बैठे हैं. अदालती हस्तक्षेप के बाद दिल्ली पुलिस सोनम वांगचुक को शनिवार को ले गई और उन्हें सफदरगंज अस्पताल में एडमिट किया है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Mon, 20 Jul 2026 05:30:09 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>प्रकाश, राज, से, लेकर, शबाना, आजमी, तक..CJP, के, संसद, मार्च, से, पहले, कौन-कौन, पहुंचा, जंतर-मंतर</media:keywords>
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        <title>CM रेवंत रेड्डी ने FIFA वर्ल्ड कप फाइनल से पहले फुटबॉलर मेसी को किया याद, वायरल हो रहा पुराना वीडियो</title>
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        <description><![CDATA[ जैसे-जैसे लियोनेल मेसी की अर्जेंटीना की टीम FIFA वर्ल्ड कप में आगे बढ़ रही है, इसी बीच सोशल मीडिया पर फुटबॉल के दिग्गज खिलाड़ी और तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का एक पुराना वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है.
इस वीडियो में स्टार फुटबॉलर लियोनेल मेसी को एक फ्रेंडली फुटबॉल मैच के दौरान मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के साथ तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद स्थित फुटबॉल मैदान पर हंसी-मजाक करते हुए देखा जा सकता है, जिसने फैंस का काफी ध्यान खींचा है.
रेड्डी और मेसी के वीडियो पर फुटबॉल फैन्स कर रहे रिएक्ट
सोशल मीडिया पर रेड्डी और मेसी के फैंस इस क्लिप को खूब शेयर कर रहे हैं और ग्लोबल फुटबॉल स्टारडम और भारतीय राजनीतिक नेतृत्व के इस अनोखे मिलन का जश्न मना रहे हैं. कई यूजर्स मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की खेल भावना की तारीफ कर रहे हैं, जबकि दूसरे लोग इस वीडियो के जरिए मेसी के वर्ल्ड कप अभियान के लिए अपना उत्साह और समर्थन जाहिर कर रहे हैं.
CM रेवंत रेड्डी ने एक्स पर शेयर किया पोस्ट
वहीं, तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने रविवार (19 जुलाई, 2026) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर किया है. पोस्ट में सीएम रेवंत रेड्डी ने लियोनेल मेसी के साथ उनके हैदराबाद आगमन के दौरान की तस्वीरों और बड़ी संख्या में फुटबॉल फैंस के साथ अपनी तस्वीर शेयर की है.&amp;nbsp;

Most of you know I am a die-hard sports and a #football lover. I loved the day we could bring GOAT #Messi to #Hyderabad to share the pitch with children of Telangana. But there is a deeper purpose and vision for my support of the FIFA World Cup. I am convinced one day&amp;hellip; pic.twitter.com/3vfoQ6i1pb
&amp;mdash; Revanth Reddy (@revanth_anumula) July 19, 2026



पोस्ट में उन्होंने लिखा, &amp;lsquo;आपमें से ज्यादातर लोग जानते हैं कि मैं खेलों, खासकर फुटबॉल का जबरदस्त प्रशंसक रहा हूं. मुझे उस दिन बहुत ज्यादा खुशी हुई थी, जब हम फुटबॉल के गोट (ग्रेटेस्ट ऑफ ऑल टाइम/GOAT) खिलाड़ी लियोनेल मेसी को हैदराबाद ला सके, ताकि वह तेलंगाना के बच्चों के साथ पिच शेयर कर सकें, लेकिन फीफा वर्ल्ड कप के प्रति मेरे समर्थन के पीछे मेरा एक और भी बड़ा उद्देश्य और दूरदृष्टि है.&amp;rsquo;
रेड्डी ने कहा, &amp;lsquo;मुझे पूरा विश्वास है कि एक दिन भारतीय फुटबॉल टीम फीफा वर्ल्ड कप के फाइनल में खेलेगी और भारत इस टूर्नामेंट की मेजबानी भी करेगा. मेरी इस बात को याद रखिए, उस भविष्य की फुटबॉल टीम के कई सितारे तेलंगाना से होंगे. फीफा वर्ल्ड कप के फाइनल्स का मजा उठाइए.&amp;rsquo;&amp;nbsp;
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        <pubDate>Mon, 20 Jul 2026 05:30:07 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>रेवंत, रेड्डी, ने, FIFA, वर्ल्ड, कप, फाइनल, से, पहले, फुटबॉलर, मेसी, को, किया, याद, वायरल, हो, रहा, पुराना, वीडियो</media:keywords>
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        <title>सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के बीच महात्मा गांधी के पोते का आया रिएक्शन, बोले &amp; &amp;apos;उन्होंने उपवास का इस्तेमाल केवल...&amp;apos;</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/सोनम-वांगचुक-की-भूख-हड़ताल-के-बीच-महात्मा-गांधी-के-पोते-का-आया-रिएक्शन-बोले-उन्होंने-उपवास-का-इस्तेमाल-केवल</link>
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        <description><![CDATA[ एक तरफ जंतर मंतर पर प्रदर्शन जारी है, तो वहीं सोनम वांगचुक भी भूख हड़ताल पर हैं. 20 जुलाई को यह सभी संसद तक मार्च निकालेंगे. ऐसे में कई लोगों को समर्थन देखने को मिल रहा है. अब इस पर महात्मा गांधी के पोते का बयान भी आया है.&amp;nbsp;
उन्होंने उपवास को लेकर अपनी बात रखी है. इतिहासकार और महात्मा गांधी के पोते राजमोहन गांधी ने पीटीआई से बात करते हुए कहा कि महात्मा गांधी ने सिर्फ सरकारों को ही नहीं, बल्कि लोगों की सोच को बदलने के लिए भी उपवास का सहारा लिया था.&amp;nbsp;
आयरलैंड में सबसे पहले हुई थी ब्रिटिश शासन के खिलाफ भूख हड़ताल
इसके अलावा उन्होंने कहा कि भारत से पहले आयरलैंड के लोगों ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ भूख हड़ताल की थी. इनके अलावा भगत सिंह और जतिन दास ने भी सबसे पहले &amp;nbsp;ज्यादा दिन तक भूख हड़ताल की थी. लेकिन महात्मा गांधी ने सबसे पहले भूख हड़ताल साउथ अफ्रीका में की थी. इसके अलावा उन्होंने अन्य छोटे और बड़े उपवास रखे थे.

VIDEO | Historian and Mahatma Gandhi&#039;s grandson Rajmohan Gandhi says, &quot;Gandhi used fasting to change minds, not just governments.&quot;(Full video available on PTI Videos - https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/r1k0sczQVO
&amp;mdash; Press Trust of India (@PTI_News) July 19, 2026



संसद मार्च पर दिल्ली पुलिस की दो टूक, कहा- न कोई परमिशन मांगी गई, न हमने दी, धारा 163 लागू
महात्मा गांधी ने अपने उपवास से लोगों के मन बदलने का काम किया
महात्मा गांधी ने के पोते राजमोहन गांधी ने कहा &#039;यह सच है कि कई भूख हड़ताल उन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ की थी. इसके अलावा उन्होंने कई बार भूख हड़ताल भारत के लोगों के मन में बदलाव को लेकर की थी. उन्होंने हिंदू और मुस्लिम की एकता को बनाए रखने के लिए भी उपवास किए. इसके अलाव उन्होंने कहा कि अगर सरकार बातचीत करे या उनकी मांगों को समझे तो उपवास को तुड़वाया जा सकता है. &#039;
6 जून से चल रहा जंतर मंतर पर प्रदर्शन
बता दें, 6 जून से सीजेपी जंतर मंतर पर शिक्षा के मुद्दे पर प्रदर्शन कर रही है. वहीं, सोनम वांगचुक ने 21 दिन तक भूख हड़ताल की. इसके बाद शनिवार को दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देकर उन्हें जबरन उठाकर अस्पताल में एडमिट कर दिया. रविवार को उनके परिजनों की मांग की याचिका की सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने अन्य अस्पताल में शिफ्ट करने से इनकार कर दिया है.&amp;nbsp;
Delhi Weather News: दिल्ली में गर्मी बरकरार, सामान्य से अधिक रहा पारा, नहीं हुई बारिश, कल क्या होगा? ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 20 Jul 2026 05:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>सोनम, वांगचुक, की, भूख, हड़ताल, के, बीच, महात्मा, गांधी, के, पोते, का, आया, रिएक्शन, बोले, उन्होंने, उपवास, का, इस्तेमाल, केवल...</media:keywords>
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        <title>हैदराबाद NPA में चौंकाने वाला मामला, महिला IPS ट्रेनी की शिकायत पर साथी ट्रेनी IPS के खिलाफ केस दर्ज</title>
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        <description><![CDATA[ हैदराबाद की सरदार वल्लभभाई पटेल नेशनल पुलिस एकेडमी (NPA) में एक महिला IPS ट्रेनी ने अपने साथी IPS प्रोबेशनर उदय कृष्ण रेड्डी के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई है. महिला अधिकारी का आरोप है कि रेड्डी ने चाकू की नोक पर धमकाया और उनके प्राइवेट वीडियो फैलाए, जिसके बाद हैदराबाद के अट्टापुर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया.
क्या है पूरा मामला?
हैदराबाद के अट्टापुर पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत के अनुसार, यह घटना नेशनल पुलिस एकेडमी में प्रोबेशन पर चल रहे दो IPS ट्रेनी से जुड़ी है. महिला अधिकारी का आरोप है कि रेड्डी ने उन्हें अश्लील मैसेज भेजे, भद्दी भाषा में गाली-गलौज की, उन्हें एक कमरे में ले गए, उनकी गर्दन पर चाकू रखा, प्राइवेट वीडियो रिकॉर्ड किए और बाद में वे वीडियो उनके पति को भेज दिए, जिसके कारण उन्हें पुलिस के पास जाना पड़ा.
ट्रेनी अधिकारी ने क्या लगाए आरोप?
अपनी लिखित शिकायत में, ट्रेनी अधिकारी ने बताया कि रेड्डी ने उन्हें बार-बार अश्लील तरीके से मैसेज किए और अपमानजनक टिप्पणियों से बेइज्जत किया. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रेड्डी ने उन्हें एकेडमी कैंपस के एक कमरे में जबरदस्ती बुलाया, गर्दन पर चाकू रखकर धमकाया और उनकी मर्जी के बिना प्राइवेट वीडियो रिकॉर्ड किए, जिन्हें बाद में उनके पति को भेज दिया गया.&amp;nbsp;

पुलिस ने मामले में शुरू की जांच
शिकायत के आधार पर, अट्टापुर पुलिस ने ट्रेनी IPS अधिकारी उदय कृष्ण रेड्डी के खिलाफ मामला दर्ज किया है और यौन उत्पीड़न, आपराधिक धमकी और संबंधित अपराधों के आरोपों की जांच शुरू कर दी है. जांच करने वाले अधिकारी शिकायत में बताए गए मैसेज और वीडियो की जांच कर रहे हैं. उम्मीद है कि वे शिकायत करने वाली महिला, आरोपी और एकेडमी के संभावित गवाहों के बयान दर्ज करेंगे.
इन आरोपों से प्रतिष्ठित नेशनल पुलिस एकेडमी में हलचल मच गई है, जहां देश के लिए भविष्य के IPS अधिकारियों को ट्रेनिंग दी जाती है. पता चला है कि सीनियर अधिकारी जांच पर बारीकी से नजर रख रहे हैं, क्योंकि यह मामला भारत के टॉप पुलिस ट्रेनिंग संस्थानों में से एक में सुरक्षा, व्यवहार और उत्पीड़न से निपटने के आंतरिक सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े करता है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Mon, 20 Jul 2026 05:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>सोनम वांगचुक और राम मंदिर चढ़ावा चोरी... मानसून सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक, संसद में विपक्ष उठाएगा ये मुद्दे</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/सोनम-वांगचुक-और-राम-मंदिर-चढ़ावा-चोरी-मानसून-सत्र-से-पहले-सर्वदलीय-बैठक-संसद-में-विपक्ष-उठाएगा-ये-मुद्दे</link>
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        <description><![CDATA[ संसद के मानसून सत्र के आरंभ होने से एक दिन पहले रविवार को सर्वदलीय बैठक में सरकार के विधायी एजेंडे और कुछ अन्य मुद्दों पर चर्चा की जाएगी. विपक्ष सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से जबरन हटाए जाने का मुद्दा इस बैठक में उठा सकता है. इस बैठक में सभी प्रमुख दलों के सदन के नेता शामिल होंगे और कई अहम मुद्दों पर चर्चा करेंगे, जिनमें अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी का मामला भी शामिल है.
सूत्रों का कहना है कि दिल्ली के जंतर-मंतर से पुलिस द्वारा वांगचुक को जबरन हटाए जाने का मामला इस बैठक में उठाया जा सकता है. राम मंदिर के चढ़ावे के कथित दुरुपयोग मामले को लेकर समाजवादी पार्टी ने घोषणा की है कि वह इस मामले को संसद में पुरजोर तरीके से उठाएगी. सरकार ने कुछ नए विधेयकों की घोषणा की है जिन्हें आगामी मानसून सत्र के दौरान लोकसभा या राज्यसभा में पेश किया जाएगा.

लोकसभा सचिवालय के एक बुलेटिन के मुताबिक राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 को पेश करने उस पर विचार करने और पारित कराने के लिए सूचीबद्ध किया गया है. यह विधेयक राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 में संशोधन का प्रावधान करता है. इसके जरिए सरकार राष्ट्रीय गीत &#039;वंदे मातरम्&#039; का अपमान करने या उसके गायन में बाधा डालने को दंडनीय अपराध बनाना चाहती है.
कौन-कौन से विधेयक पेश करेगी सरकारइसके अलावा जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक 2026 को भी पेश करने विचार करने और पारित कराने के लिए सूचीबद्ध किया गया है. इस विधेयक का उद्देश्य जन्म एवं मृत्यु के विलंबित पंजीकरण से संबंधित प्रावधानों को और अधिक सख्त बनाना है. सरकार आयकर (संशोधन) विधेयक, 2026 भी पेश करेगी, जो सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश करने वाले विदेशी निवेशकों को टैक्स छूट देने के प्रावधान को औपचारिक रूप देने वाला विधेयक है.
20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलेगा सत्रसंसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने तृणमूल कांग्रेस से अलग हुए समूह के नेता सुदीप बंद्योपाध्याय को भी इस सर्वदलीय बैठक के लिए आमंत्रित किया है. मानसून सत्र 20 जुलाई से आरंभ होगा और इसके 13 अगस्त तक चलने की संभावना है. संसद के प्रत्येक सत्र से पहले होने वाली इस बैठक में सरकार आमतौर पर अपने विधायी कार्यक्रम की जानकारी देती है और सभी दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से संचालित करने में सहयोग की अपील करती है.
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&#039;भविष्य की खुली नीलामी&#039;, पेपर लीक पर भड़के राहुल गांधी, बताया किस परीक्षा पेपर का कितना रेट ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 19 Jul 2026 13:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>सोनम, वांगचुक, और, राम, मंदिर, चढ़ावा, चोरी..., मानसून, सत्र, से, पहले, सर्वदलीय, बैठक, संसद, में, विपक्ष, उठाएगा, ये, मुद्दे</media:keywords>
    </item>
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        <title>बंगाल में अभिषेक बनर्जी के दफ्तर पर चला बुलडोजर, लॉकेट चटर्जी बोलीं&amp; &amp;apos;TMC की सरकार में...&amp;apos;</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/बंगाल-में-अभिषेक-बनर्जी-के-दफ्तर-पर-चला-बुलडोजर-लॉकेट-चटर्जी-बोलीं-tmc-की-सरकार-में</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/बंगाल-में-अभिषेक-बनर्जी-के-दफ्तर-पर-चला-बुलडोजर-लॉकेट-चटर्जी-बोलीं-tmc-की-सरकार-में</guid>
        <description><![CDATA[ तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी के ऑफिस पर प्रशासन की तरफ से की गई कार्रवाई के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में नया विवाद शुरू हो गया है. भारतीय जनता पार्टी (BJP) की प्रदेश महासचिव लॉकेट चटर्जी ने इस कार्रवाई का सपोर्ट किया है. उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार और अवैध निर्माण के खिलाफ सरकार की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी.
लॉकेट चटर्जी ने शनिवार (19 जुलाई 2026) को मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि पिछले 15 सालों के दौरान तृणमूल कांग्रेस सरकार के शासन में कई अनियमितताएं हुईं, लेकिन अब ऐसी चीजों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि जहां भी भ्रष्टाचार या अवैध निर्माण मिलेगा, वहां प्रशासन नियमों के अनुसार कार्रवाई करेगा और गैर-कानूनी ढांचों को हटाया जाएगा.
अधिकारियों के अनुसार, अमतला में स्थित अभिषेक बनर्जी के ऑफिस पर सुरक्षा व्यवस्था के बीच अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया गया. कार्रवाई के दौरान डायमंड हार्बर पुलिस जिले के बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था. पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में रखा गया ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो.

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चुनावी नतीजे के बाद से बंद था ऑफिस
प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि चुनावी नतीजे आने के बाद से यह ऑफिस बंद पड़ा था. अधिकारियों के मुताबिक, दक्षिण 24 परगना जिला प्रशासन ने कथित अवैध निर्माण को लेकर नोटिस जारी किया था. हालांकि तय समय के भीतर ऑफिस की ओर से कोई प्रतिनिधि जिला परिषद के सामने उपस्थित नहीं हुआ. इसके बाद प्रशासन ने सरकारी नियमों के तहत आगे की कार्रवाई शुरू की और परिसर खाली कराने की प्रक्रिया अपनाई. कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी मौके पर पहुंच गए और पूरे घटनाक्रम को देखने के लिए भीड़ जमा हो गई. कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार निगरानी करती रही और पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई.
पश्चिम बंगाल STF और CID पर गंभीर आरोप
इससे पहले 3 जुलाई को अभिषेक बनर्जी ने पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) पर गंभीर आरोप लगाए थे. उन्होंने दावा किया था कि उनके ऑफिस और उनसे जुड़े लोगों को राजनीतिक कारणों से परेशान किया जा रहा है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर किए गए एक पोस्ट में अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया था कि उनके कार्यालय या उनसे जुड़े करीब 25 लोगों को बिना उचित नोटिस के पूछताछ के लिए बुलाया गया या हिरासत में लिया गया. उन्होंने कहा था कि इन लोगों पर उनके खिलाफ झूठे बयान देने का दबाव बनाया जा रहा है. साथ ही उन्होंने फोन टैपिंग, परिवार के सदस्यों को परेशान करने और महिलाओं को भी धमकाने जैसे आरोप लगाए थे.
अभिषेक बनर्जी ने कार्रवाई पर क्या कहा?
अभिषेक बनर्जी ने इस पूरी कार्रवाई को राजनीतिक प्रताड़ना करार दिया था. वहीं प्रशासन और भाजपा का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह नियमों के तहत की जा रही है और इसका मकसद केवल अवैध निर्माण और अनियमितताओं पर रोक लगाना है. फिलहाल इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और आने वाले दिनों में इस विवाद के और बढ़ने की संभावना है.
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        <pubDate>Sun, 19 Jul 2026 13:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>Rajouri Flood: जम्मू&amp;कश्मीर में बाढ़ संकट, एक्शन में अमित शाह, LG और CM उमर अब्दुल्ला को किया फोन</title>
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        <description><![CDATA[ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में भारी बारिश के बाद पैदा हुए बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया. उन्होंने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से फोन पर बातचीत कर हालात की डिटेल जानकारी हासिल की. राजौरी जिले में रात भर हुई तेज बारिश के कारण कई इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है. इसके चलते जनजीवन प्रभावित हुआ है और प्रशासन राहत एवं बचाव कार्यों में जुटा हुआ है. गृह मंत्री अमित शाह ने प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए.
जम्मू-कश्मीर के राजौरी और पुंछ जिलों में रात भर हुई मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचा दी है. रात करीब एक बजे शुरू हुई तेज बारिश के बाद कई इलाकों में अचानक बाढ़ आ गई, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया. बाढ़ और भूस्खलन के कारण कई लोगों की जान चली गई, दर्जनों गाड़ियां बर्बाद हो गई और कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है.

&amp;nbsp;ये भी पढ़ें: सपा के बागी सांसदों को सर्वदलीय बैठक में बुलाने पर भड़का विपक्ष, पहले किया वॉकआउट, फिर हुआ शामिल
दरहाली नदी में आई बाढ़ 
अधिकारियों के अनुसार, राजौरी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के बाद उसका पानी बेला कॉलोनी में घुस गया. देखते ही देखते पूरा इलाका पानी में डूब गया. बेला बस स्टैंड पर खड़ी कई गाड़ियां तेज बहाव में बह गईं. कई घरों में पानी भर गया और लोग अपने घरों में फंस गए. बेला कॉलोनी और आसपास के इलाकों में पशुधन के नुकसान की भी खबरें सामने आई हैं. दरहाली नदी में आई बाढ़ ने राजौरी के बेला क्षेत्र में भारी नुकसान पहुंचाया है. इलाके के पार्क, बस स्टैंड और अन्य सार्वजनिक स्थानों को नुकसान हुआ है. वहीं थन्ना मंडी सब-डिविजन के चुरुंग, राजधानी और बेहरोट क्षेत्र भी अचानक आई बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. बेहरोट स्थित एक क्रशर यूनिट में काम कर रहे कुछ मजदूरों के फंसे होने की सूचना भी मिली है.
बादल फटने की घटनाएं सामने आई
मंजाकोट तहसील के कोटली कलाबन और गोलिनारी क्षेत्रों में बादल फटने की घटनाएं सामने आई हैं. इसके बाद आई तेज बाढ़ में स्थानीय कब्रिस्तान पूरी तरह बह गया और कई कब्रें नष्ट हो गईं. इस घटना से स्थानीय लोगों में गहरा दुख और चिंता का माहौल है. बाढ़ के कारण कई स्थानों पर वाहन डूब गए और अनेक इमारतों को नुकसान पहुंचा है. भारत मौसम विज्ञान विभाग ने एक दिन पहले ही भारी से बहुत भारी बारिश और अचानक बाढ़ की संभावना को लेकर चेतावनी जारी की थी. प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव दल भेज दिए हैं. अधिकारियों ने निचले इलाकों और जलाशयों के आसपास रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है.
&amp;nbsp;ये भी पढ़ें: सोनम वांगचुक अस्पताल में, CJP ने 20 जुलाई को किया मार्च का ऐलान, आगे क्या होगा, एक्सपर्ट्स ने बताया ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 19 Jul 2026 13:30:07 +0530</pubDate>
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        <title>सोनम वांगचुक अस्पताल में, CJP ने 20 जुलाई को किया मार्च का ऐलान, आगे क्या होगा, एक्सपर्ट्स ने बताया</title>
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        <description><![CDATA[ NEET पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर चल रहा कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन नए मोड़ पर पहुंच गया है. आंदोलन के प्रमुख चेहरे सोनम वांगचुक को स्वास्थ्य कारणों के चलते अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यह अभियान यहीं थम जाएगा या फिर नए स्वरूप में आगे बढ़ेगा.
इस बीच CJP नेता अभिजीत दीपके ने 20 जुलाई को मार्च निकालने और भूख हड़ताल शुरू करने का ऐलान कर दिया है. सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाकर अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद आंदोलन की दिशा को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. हालांकि CJP की ओर से साफ किया गया है कि विरोध प्रदर्शन फिलहाल समाप्त नहीं होगा. संगठन का कहना है कि 20 जुलाई को प्रस्तावित मार्च और भूख हड़ताल के जरिए सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश जारी रहेगी.

आंदोलन के बीच एक बड़ा सवाल यह भी उठ रहा है कि जिस व्यापक जनसमर्थन की उम्मीद CJP और आंदोलन से जुड़े लोगों को थी, वह अब तक दिखाई क्यों नहीं दिया. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बड़े राजनीतिक मुद्दों पर केवल प्रतीकात्मक विरोध से सरकारों पर दबाव बनाना आसान नहीं होता, जबकि दूसरी ओर आंदोलन से जुड़े लोग दावा कर रहे हैं कि लोगों में समर्थन तो है, लेकिन खुलकर सामने आने का माहौल नहीं है.
क्या बोले जानकारराजनीतिक मामलों के जानकार एस.के. शर्मा ने एबीपी लाइव से बातचीत में कहा कि किसी भी मंत्री का इस्तीफा केवल कुछ लोगों की मांग से नहीं हो सकता. उनके अनुसार सरकार संवैधानिक व्यवस्था के तहत काम करती है और किसी समूह के विरोध भर से शासन व्यवस्था में बदलाव नहीं आता. उन्होंने कहा कि इस पूरे आंदोलन में न तो कोई ठोस रणनीति दिखाई देती है और न ही ऐसा कोई संवैधानिक आधार, जिसके चलते सरकार पर इस्तीफे का दबाव बन सके. शर्मा के मुताबिक इसे राजनीतिक दलों का प्रचार अभियान या पब्लिसिटी स्टंट कहना ज्यादा उचित होगा.
&#039;भीड़ बढ़ने से संवैधानिक व्यवस्था नहीं बदलती&#039;एस.के. शर्मा ने कहा कि अगर विरोध प्रदर्शन में लोगों की संख्या कई गुना भी बढ़ जाए, तब भी उससे संविधान या सरकार की कार्यप्रणाली स्वतः नहीं बदल जाती. उनके अनुसार लोकतांत्रिक व्यवस्था तय प्रक्रियाओं के अनुसार चलती है और केवल सोशल मीडिया या धरना-प्रदर्शन के दबाव से किसी मंत्री का इस्तीफा नहीं हो सकता. उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे आंदोलनों का उद्देश्य कई बार केवल चर्चा में बने रहना होता है और उनका वास्तविक राजनीतिक प्रभाव सीमित रहता है.
राजनीतिक विश्लेषक बलविंदर सिंह ने इस पूरे घटनाक्रम को बिल्कुल अलग नजरिए से देखा. उनका कहना है कि जनता की आवाज चाहे कम लोगों के माध्यम से उठे या बड़ी भीड़ के साथ, उसे हमेशा के लिए दबाया नहीं जा सकता. बलविंदर सिंह का कहना है कि कई लोग विरोध प्रदर्शन से सहमत होने के बावजूद सरकारी कार्रवाई, सामाजिक बहिष्कार या आर्थिक नुकसान की आशंका के कारण खुलकर भाग लेने से बचते हैं.
अब आगे क्या होगाउन्होंने यह भी कहा कि वांगचुक के अस्पताल से बाहर आने के बाद आंदोलन की अगली रणनीति तय की जाएगी और यह अभियान आगे भी जारी रह सकता है. फिलहाल जंतर-मंतर पर चल रहे इस आंदोलन का अगला चरण 20 जुलाई के प्रस्तावित मार्च और भूख हड़ताल पर निर्भर माना जा रहा है. एक ओर कुछ राजनीतिक विश्लेषक इसे सीमित प्रभाव वाला विरोध प्रदर्शन मान रहे हैं, जबकि दूसरी ओर आंदोलन के समर्थकों का दावा है कि यह मुहिम अभी समाप्त होने वाली नहीं है. हालांकि, वांगचुक की गैरमौजूदगी के बावजूद यह आंदोलन कितनी गति पकड़ पाता है, यह तो आने वाले दिनों में ही पता चल पाएगा.
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        <pubDate>Sun, 19 Jul 2026 13:30:05 +0530</pubDate>
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        <title>TMC के बागी सांसदों को सर्वदलीय बैठक में बुलाने पर भड़का विपक्ष, पहले किया वॉकआउट, फिर हुआ शामिल</title>
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        <description><![CDATA[ संसद सत्र से पहले बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बागी सांसदों को भी बैठक में शामिल होने के लिए बुलाया गया. इस पर विपक्षी दलों ने कड़ा विरोध जताया और सिंबॉलिक वॉकआउट कर दिया. हालांकि, प्रेस कॉन्फ्रेंस करने के बाद विपक्षी नेता दोबारा बैठक में शामिल हो गए.
TMC ने उठाया बागी सांसदों का मुद्दा- धर्मेंद्र यादवइस बैठक के बाद समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि TMC के नेताओं ने सवाल उठाया कि आधिकारिक TMC सांसदों की जगह पहले बागी सांसदों की सूची क्यों दिखाई गई. उन्होंने कहा कि सरकार का यह कदम अलोकतांत्रिक है.
महुआ मोइत्रा ने कहा- यह गलत परंपराTMC सांसद महुआ मोइत्रा ने भी सरकार पर हमला बोलते हुए सवाल किया कि जब ये सांसद पार्टी छोड़ चुके हैं, तो उन्हें सर्वदलीय बैठक में क्यों बुलाया गया. उन्होंने कहा कि बागी सांसदों को आमंत्रित करना गलत परंपरा है.
विपक्ष ने किया प्रतीकात्मक वॉकआउटविवाद के बाद कांग्रेस के प्रमोद तिवारी, समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव, NCP (शरद पवार गुट) की सुप्रिया सुले और TMC की महुआ मोइत्रा समेत कई विपक्षी नेता बैठक से बाहर निकल गए. विपक्ष ने इसे प्रतीकात्मक वॉकआउट बताया. विपक्षी नेताओं ने बाहर आकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की और TMC के बागी सांसदों के मुद्दे पर सरकार को घेरा. इसके बाद सभी विपक्षी दलों के नेता दोबारा सर्वदलीय बैठक में शामिल हो गए.महुआ मोइत्रा ने साधा निशानामहुआ मोइत्रा ने कहा कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, डीएमके, जेएमएम, आम आदमी पार्टी, नेशनल कॉन्फ्रेंस, वाम दलों और शिवसेना (UBT) समेत पूरे विपक्ष ने सर्वदलीय बैठक से प्रतीकात्मक वॉकआउट किया. उन्होंने आरोप लगाया कि गैर-मान्यता प्राप्त NCPI को बैठक में बुलाया गया, जबकि उसके 20 बागी सांसदों के विलय को अभी तक लोकसभा अध्यक्ष ने मंजूरी नहीं दी है और उनकी अयोग्यता संबंधी याचिकाएं लंबित हैं. महुआ ने सवाल उठाया कि आखिर संसदीय कार्य मंत्री ने इन सांसदों को किस आधार पर बैठक का निमंत्रण दिया.
बीजेपी पर भड़कीं महुआ माझीजेएमएम की राज्यसभा सांसद महुआ माझी ने कहा कि बीजेपी लगातार दूसरे दलों के सांसदों को अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रही है और उसे अब भी कुछ सीटों की जरूरत है. उन्होंने कहा कि विपक्ष महिलाओं को आरक्षण देने के पक्ष में है, लेकिन सरकार ने इसे परिसीमन (Delimitation) से जोड़ दिया है. उन्होंने आशंका जताई कि 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन होने पर झारखंड में अनुसूचित जनजाति (ST) की सीटें कम हो सकती हैं. उन्होंने कहा कि अगर सरकार सीटें कम नहीं होने का भरोसा दे और विपक्ष सहमत हो, तो उनकी पार्टी अपने रुख पर विचार कर सकती है.
किरेन रिजिजू ने की अपीलवहीं, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है और इसी को लेकर सभी दलों के नेताओं की बैठक बुलाई गई थी. उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से संसद की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने में सहयोग की अपील की. रिजिजू ने कहा कि सरकार विपक्ष की बात सुनेगी और उम्मीद करती है कि विपक्ष भी सरकार की बात सुनेगा, क्योंकि संसद जितनी बेहतर चलेगी, देश को उतना ही फायदा होगा. ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 19 Jul 2026 13:30:04 +0530</pubDate>
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        <title>उद्धव गुट के सांसदों के शिंदे गुट में विलय को मिली मंजूरी, TMC के बागी सांसदों पर भी आया फैसला</title>
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        <description><![CDATA[ मॉनसून सत्र से पहले उद्धव ठाकरे और ममता बनर्जी को भी बड़ा झटका लगा है. मॉनसून सत्र शुरू होने से पहले लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने शनिवार को टीएमसी से अलग होकर बागी नेताओं की बनी NCPI में विलय करने वाले सांसदों को सदन में सीटिंग की मंजूरी दी है.
इनकी संख्या 20 है. अलग से लोकसभा में स्टेटस भी दिया गया है.&amp;nbsp;वहीं, यूबीटी शिवसेना यानी उद्धव ठाकरे की शिवसेना के 6 सांसदों के शिवसेना शिंदे गुट में विलय की मंजूरी दी है.
ममता बनर्जी की पार्टी से अलग हुए नेताओं को लोकसभा में सीटिंग की मंजूरी दी गई है. टीएमसी के पिछले बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद ज्यादातर विधायकों और सांसदों ने साथ छोड़ दिया है. उन्होंने एक अलग गुट बना लिया है. इनमें विधायकों की संख्या 60 है, और सांसद की संख्या 20 है. यह सभी सांसदों ने काकोली घोष को अपना नेता माना है.
यह भी पढ़ेंः&amp;nbsp;&amp;lsquo;यह शक पैदा करता है...&amp;rsquo; अस्पताल पहुंचे सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर क्या बोले उनके डॉक्टर?
इधर उद्धव ठाकरे भी लगातार पार्टी के पतन का दौर देख रहे हैं. हाल ही में शिवसेना यूबीटी में दूसरी सबसे बड़ी टूट हुई थी. पहले कई विधायक और सांसद अलग होकर शिंदे गुट में सम्मिलित होकर एनडीए में शामिल हो गए थे. अभी हाल ही में 6 सांसदों ने पार्टी को छोड़ दिया. यही हाल ममता बनर्जी की पार्टी का बंगाल में बना हुआ है.&amp;nbsp;
अभिषेक बनर्जी ने मान्यता न देने की अपील की थी
इधर, टीएमसी महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने एक पत्र लिखा था. यह पत्र स्पीकर को लिखा था. इस पत्र में अनुरोध किया था कि टीएमसी को अकेली पार्टी माना जाए. अलग गुट को मान्यता न दी जाए. इसके अलावा अभिषेक बनर्जी ने कहा था कि कानून किसी भी राजनीतिक पार्टी के अलग-अलग ग्रुप में बंटने को सही घटना नहीं मानता. यानी अभिषेक बनर्जी ने अलग गुट को मान्यता न देने को कहा था.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ेंः&amp;nbsp;Exclusive: &amp;lsquo;सोनम के सभी वाइटल्स नॉर्मल हैं, पर...&amp;rsquo;, सफदरजंग अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट पर वांगचुक की पत्नी का गंभीर आरोप ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 19 Jul 2026 01:30:09 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>उद्धव, गुट, के, सांसदों, के, शिंदे, गुट, में, विलय, को, मिली, मंजूरी, TMC, के, बागी, सांसदों, पर, भी, आया, फैसला</media:keywords>
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        <title>सरकार ने NCPI सांसदों को दिया न्योता, मानसून सत्र पर आयोजित ऑल पार्टी मीटिंग में चर्चा के लिए बुलाया</title>
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        <description><![CDATA[ संसद के मानसून सत्र की शुरुआत सोमवार (20 जुलाई, 2026) से होने वाली है. केंद्र सरकार ने सत्र की शुरुआत से एक दिन पहले रविवार (19 जुलाई, 2026) को लोकसभा और राज्यसभा में सभी राजनीतिक पार्टियों के फ्लोर लीडर्स की बैठक बुलाई है. सरकार ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) को छोड़कर नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में शामिल होने वाले 20 सांसदों को भी बैठक में शामिल होने के लिए न्योता दिया है.
सुदीप बंद्योपाध्याय को लिखे पत्र में क्या बोले रीजीजू?
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने शनिवार (18 जुलाई, 2026) को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी सांसदों के गुट के नेता सुदीप बंद्योपाध्याय के नाम एक पत्र भेजा है. पत्र में केंद्रीय मंत्री ने कहा, &amp;lsquo;सुदीप बंद्योपाध्याय जी, हाल ही में आप 19 अन्य सांसदों के साथ नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में शामिल हुए हैं और आपने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला जी से अपनी पार्टी को मान्यता देने का अनुरोध भी किया है, जो इस वक्त उनके विचाराधीन है.&amp;rsquo;
उन्होंने कहा, &amp;lsquo;मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि मैं आपको लोकसभा और राज्यसभा में राजनीतिक दलों के फ्लोर लीडर्स की बैठक में शामिल होने के लिए आमंत्रित कर रहा हूं. इस बैठक का मुख्य उद्देश्य संसद के आगामी मानसून सत्र के दौरान दोनों सदनों के सामने आने वाले महत्वपूर्ण मुद्दों और संभावित संसदीय विषयों पर चर्चा करना है.&amp;rsquo;&amp;nbsp;

काकोली दास दस्तीदार का नाम लेकर केंद्रीय मंत्री ने दिया आमंत्रण
केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा, &amp;lsquo;मैं संसद के दोनों सदनों के सुचारु रूप से संचालन के लिए आपके सहयोग चाहता हूं. यह बैठक रविवार (19 जुलाई, 2026) को सुबह 11 बजे नई दिल्ली स्थित संसद भवन एनेक्सी के मेन कमिटी रूप में आयोजित की जाएगी.&amp;rsquo;
उन्होंने कहा, &amp;lsquo;मैं इस महत्वपूर्ण बैठक में आपसे भाग लेने की अपेक्षा रखता हूं. इसके साथ ही, आपकी पार्टी की नॉमिनेटेड चीफ व्हीप डॉ. काकोली दास दस्तीदार से भी अनुरोध करता हूं कि वो भी इस बैठक में भाग लें.&amp;rsquo;&amp;nbsp;
यह भी पढ़ेंः सोनम वांगचुक के सपोर्ट में उतरे अन्ना हजारे, सरकार को दी नसीहत, बोले- &amp;lsquo;सब्र की परीक्षा न लें वरना...&amp;rsquo; ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 19 Jul 2026 01:30:07 +0530</pubDate>
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        <title>सोनम वांगचुक को जबरन अस्पताल ले जाने पर भड़के योगेंद्र यादव, बोले &amp; &amp;apos;आप उनको ले जा सकते हैं लेकिन...&amp;apos;</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/सोनम-वांगचुक-को-जबरन-अस्पताल-ले-जाने-पर-भड़के-योगेंद्र-यादव-बोले-आप-उनको-ले-जा-सकते-हैं-लेकिन</link>
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        <description><![CDATA[ सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने हॉस्पिटल में एडमिट कर दिया है. इस कार्रवाई का लगातार विरोध देखने को मिल रहा है. अब इस पर पॉलिटिकल एक्टिविस्ट योगेंद्र यादव ने सवाल उठाए हैं. उन्होंने इस कार्रवाई को शर्मनाक और कायरतापूर्ण करार दिया है. साथ ही गैरकानूनी बताया है.&amp;nbsp;
योगेंद्र यादव ने कहा, &#039;दिल्ली पुलिस की कार्रवाई शर्मनाक, कायरतापूर्ण और गैर कानूनी है. ऐसे में युवाओं और स्टूडेंट्स ने फैसला किया है कि आप सोनम वांगचुक को ले जा सकते हैं. लेकिन आप युवाओं की भावनाओं और जोश को नहीं तोड़ सकते. वे अपने संघर्ष के लिए तैयार हैं. युवाओं ने तय किया है कि आप सोनम वांगचुक को ले जा सकते हैं. लेकिन भूख हड़ताल जारी रहेगी. दीपके ने कमान संभाल ली है. सरकार को लगता है कि ऐसा करने से 20 तारीख का मार्च खत्म हो जाएगा, लेकिन युवाओं ने तय किया है कि मार्च होकर रहेगा. पार्लियामेंट मार्च होकर रहेगा.&#039;&amp;nbsp;
उस आदमी की मर्जी के खिलाफ घसीटकर ले गए: योगेंद्र यादवइसके अलावा योगेंद्र यादव ने कहा कि यह कायरतापूर्ण और शर्मनाक है. क्योंकि आपने अपने कामों को छिपाने के लिए सफेद चादरों को पर्दे की तरह लगाया. फिर उस आदमी को उसकी मर्जी के खिलाफ घसीटकर ले गए. यह बात कि आपको पर्दे के पीछे छिपना पड़ा. यह साबित करता है कि यह कितना शर्मनाक है. यह गैरकानूनी है, क्योंकि कोर्ट के ऑर्डर में कहीं भी यह नहीं लिखा था कि आप उसे जबरदस्ती ले जा सकते हैं, न हीं यह लिखा था कि आप उसे जबरदस्ती खिला सकते हैं. किसी भी डॉक्टर की रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि उनके वाइटल साइन कम हो रहे थे.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ें:&amp;nbsp;सोनम वांगचुक के बाद अब अनशन करेंगे अभिजीत दीपके, जंतर-मंतर पहुंचकर किया ऐलान
सोनम वांगचुक की पत्नी ने अस्पताल की रिपोर्ट पर उठाए सवालवहीं, इस मामले पर एबीपी न्यूज से बात करते हुए हुए सोनम वांगचुक की पत्नी डॉ. गीतांजलि ने अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट पर सवाल उठाए हैं. साथ ही पोटैशियम को लेकर दोबारा ब्लड टेस्ट कराने की मांग भी की. साथ ही अस्पताल की रिपोर्ट पर संदेह खड़ा किया है और वांगचुक को डिस्चार्ज करने की मांग की है.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ेंः&amp;nbsp;सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाने पर भड़के अधीर रंजन चौधरी, बोले - &#039;कांग्रेस पार्टी मानसून सत्र में...&#039; ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 19 Jul 2026 01:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>सोनम, वांगचुक, को, जबरन, अस्पताल, ले, जाने, पर, भड़के, योगेंद्र, यादव, बोले, आप, उनको, ले, जा, सकते, हैं, लेकिन...</media:keywords>
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        <title>अभिषेक बनर्जी के ऑफिस पर गरजा बुलडोजर तो आई बीजेपी की प्रतिक्रिया, बोले &amp; &amp;apos;खुद को राजकुमार...&amp;apos;</title>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल के कोलकाता में बंगाल के अमतला में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के ऑफिस पर बुलडोजर कार्रवाई पर बीजेपी की तरफ से टिप्पणी आई है. एक तरफ बीजेपी एमपी सुकांत मजूमदार ने बयान दिया है, तो दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल के प्रदेश अध्यक्ष सामिक &amp;nbsp;भट्टाचार्य ने बयान दिया है.&amp;nbsp;
यहां एक तरफ अभिषेक बनर्जी के ऑफिस पर हुई बुलडोजर कार्रवाई पर रिएक्शन देते हुए केंद्रीय मंत्री और बीजेपी एमपी सुकांत मजूमदार ने कहा है कि अगर यह अवैध कंस्ट्रक्शन था, तो इसे गिरा देना चाहिए. कोई भी अवैध सट्रक्चर खड़ा नहीं रहना चाहिए.&amp;nbsp;
उन्होंने कहा कि सिर्फ कानूनी कंस्ट्रक्शन ही रहने चाहिए. जब भी टीएमसी सरकार में सत्ता में थी, तो अभिषेक बनर्जी खुद को राजकुमार समझते थे. इसलिए उन्होंने जो चाहा वो किया. &amp;nbsp;उन्होंने एक ऑफिस बनाया. कोई सही प्लान भी नहीं था. जमीन का मालिकाना हक ही विवादित है.&amp;nbsp;
सुकांत मजूमदार के अलावा बीजेपी अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने कहा कि सरकार अवैध निर्माण को गिरा रही है. सरकार ने सभी दस्तावेजों की जांच पड़ताल के बाद ही ये फैसले लिए हैं. अगर किसी को लगता है कि कुछ गलत हुआ है, तो वे कोर्ट जा सकते हैं.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ेंः&amp;nbsp;सोनम वांगचुक के सपोर्ट में उतरे अन्ना हजारे, सरकार को दी नसीहत, बोले- &amp;lsquo;सब्र की परीक्षा न लें वरना...&amp;rsquo;
अभिषेक बनर्जी के ऑफिस पर बुलडोजर कार्रवाईदरअसल शनिवार को शुभेंदु सरकार ने ममता बनर्जी के भतीजे और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी के ऑफिस पर बुलडोजर चला दिया. पुलिस ने अभिषेक बनर्जी के ऑफिस को कथित रूप से अवैध बताकर गिराना शुरू कर दिया. यह ऑफिस दक्षिण 24 परगना में &amp;nbsp;अमतला में अमतला और बरुईपुर रोड पर स्थित था.&amp;nbsp;
जानकारी के मुताबिक, सुबह इस ऑफिस के पास बुलडोजर पहुंचे. उसे गिराया जाने लगा. प्रशासन ने बनर्जी के ऑफिस पर कुछ दिन पहले नोटिस जारी किया था. इसे अवैध बताया गया था. प्रशासन का कहना है कि यह बिल्डिंग बिना अनुमति के बनाई गई थी. बड़ी संख्या में पुलिस की तैनाती की गई. आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ेंः&amp;nbsp;Exclusive: &amp;lsquo;सोनम के सभी वाइटल्स नॉर्मल हैं, पर...&amp;rsquo;, सफदरजंग अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट पर वांगचुक की पत्नी का गंभीर आरोप ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 19 Jul 2026 01:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>अभिषेक, बनर्जी, के, ऑफिस, पर, गरजा, बुलडोजर, तो, आई, बीजेपी, की, प्रतिक्रिया, बोले, खुद, को, राजकुमार...</media:keywords>
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        <title>अभिषेक बनर्जी ने TMC के बागी गुट को दिया चैलेंज तो BJP ने किया पलटवार, कहा&amp; &amp;apos;शायद वो भी...&amp;apos;</title>
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        <description><![CDATA[ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी ने शनिवार (18 जुलाई, 2026) को पार्टी से बागी गुट के नेताओं को बड़ी चुनौती दी है. उन्होंने कहा कि जो लोग पार्टी को छोड़कर आज मुझे बुरा भला कह रहे हैं, मैं उन्हें चुनौती देता हूं कि अगर वे दीदी के पास वापस आ जाते हैं, तो मैं एक घंटे के भीतर पार्टी से इस्तीफा दे दूंगा.
अभिषेक बनर्जी के इस चुनौती के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने टीएमसी सांसद पर बड़ा पलटवार करते हुए चुटकी ली है. भाजपा ने कहा कि अगर वे 2018 में ऐसी बात बोल देते, तो आज वे टीएमसी का प्रतिनिधित्व करते हुए मुख्यमंत्री बन गए होते.
भाजपा सांसद ने अभिषेक बनर्जी पर कसा तंज
पश्चिम बंगाल के बिशनुपुर से सांसद और भाजपा नेता सौमित्र खान ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत करते हुए कहा, &amp;lsquo;बंगाल में एक कहावत है कि जब आत्मा शरीर छोड़कर निकलती है और उसे शांति मिल जाती है और हम श्मशान घाट जाते हैं, तो &#039;हरे कृष्ण, हरे कृष्ण&amp;hellip;&#039; का कीर्तन करते हैं. आज अभिषेक बनर्जी भी इसी भाव में बोल रहे थे.&amp;rsquo;
उन्होंने कहा, &amp;lsquo;अगर उन्होंने साल 2018 में हीं ऐसी बात कही होती, तो शायद वो भी तृणमूल कांग्रेस (TMC) का प्रतिनिधित्व करते हुए मुख्यमंत्री बन गए होते.&amp;rsquo;&amp;nbsp;
मैं नहीं चाहूंगा कि आप टीएमसी को छोड़कर जाएं- सौमित्र खान

#WATCH | Kolkata: On Abhishek Banerjee&#039;s statement, West Bengal Minister Saumitra Khan says, &quot;...There is a saying in Bengal: when the soul departs the body and finds peace, and we visit the cremation ground, chant &#039;Hare Krishna, Hare Krishna...&#039; Abhishek Banerjee spoke in this&amp;hellip; pic.twitter.com/51HXjgrjyX
&amp;mdash; ANI (@ANI) July 18, 2026



भाजपा सांसद ने कहा, &amp;lsquo;मैं उनसे कहना चाहता हूं कि आप न विधायक बन पाएंगे और न ही सांसद. हां, आप एक अच्छे &#039;जेलर&#039; जरूर बन सकते हैं. जेल के अंदर आप अच्छे से रहेंगे. हम भी कभी-कभार आपको देखने जाया करेंगे, लेकिन ये कभी नहीं चाहेंगे कि आप तृणमूल कांग्रेस को छोड़ो. क्योंकि जितने ज्यादा वक्त आप टीएमसी में बने रहेंगे, उतने समय तक और उतनी ही तेजी से भारतीय जनता पार्टी (BJP) आगे बढ़ती रहेगी.&amp;rsquo;
भाजपा नेता का टीएमसी पर आरोप
सौमित्र खान ने अभिषेक बनर्जी पर तंज कसते हुए कहा, &amp;lsquo;आप आखिर गुस्सा दिखा किसे रहे हो, खुद को. अभी राजनीति में आपको बहुत कुछ देखना बाकी है.&amp;rsquo; इसके साथ ही, उन्होंने टीएमसी को भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्याओं का जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने कहा कि हमारे 342 कार्यकर्ता मारे गए हैं, उनकी हत्या का जिम्मेदार अभिषेक बनर्जी की टीएमसी ही है.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ेंः TMC के बागी गुट के नेताओं को अभिषेक बनर्जी ने दी चुनौती, बोले- &#039;एक घंटे में इस्तीफा दे दूंगा अगर...&#039; ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 19 Jul 2026 01:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>अभिषेक, बनर्जी, ने, TMC, के, बागी, गुट, को, दिया, चैलेंज, तो, BJP, ने, किया, पलटवार, कहा-, शायद, वो, भी...</media:keywords>
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        <title>18 साल बाद अमेरिका छोड़ भारत लौटे Meta के इंजीनियरिंग लीडर, बोले&amp; ‘अब परिवार को दूर से नहीं देखना था’</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/18-साल-बाद-अमेरिका-छोड़-भारत-लौटे-meta-के-इंजीनियरिंग-लीडर-बोले-अब-परिवार-को-दूर-से-नहीं-देखना-था</link>
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        <description><![CDATA[ सिलिकॉन वैली में शानदार करियर, दुनिया की दिग्गज टेक कंपनियों में नेतृत्व की भूमिका और अमेरिका में 18 साल की जिंदगी. यह सब छोड़कर Meta के इंजीनियरिंग लीडर बालाजी गुरुराजन ने भारत लौटने का फैसला किया. वजह नौकरी नहीं, बल्कि परिवार था. बालाजी का भावुक LinkedIn पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. हजारों लोग उनकी कहानी से खुद को जोड़ रहे हैं और इसे &#039;रिवर्स ब्रेन ड्रेन&#039; के बढ़ते ट्रेंड की एक मिसाल बता रहे हैं.
बालाजी ने लिखा, &quot;18 साल बाद... एक महीने पहले मैं और मेरा परिवार अमेरिका में बिताए 18 साल समेटकर बेंगलुरु आ गए. हम अपने बुजुर्ग माता-पिता के करीब रहना चाहते थे, बच्चों को परिवार के बीच बड़ा होते देखना चाहते थे और जिंदगी के उस दौर को अब दूर से नहीं देखना चाहते थे.&quot;
पोस्ट के साथ उन्होंने एयरपोर्ट की एक तस्वीर भी साझा की, जिसमें सामान से भरी ट्रॉली उनके जीवन के एक बड़े अध्याय के समापन की कहानी बयां कर रही थी.
&#039;सिलिकॉन वैली ने मुझे बहुत कुछ दिया&#039;
बालाजी ने माना कि अमेरिका छोड़ना आसान फैसला नहीं था. उन्होंने Microsoft और LinkedIn जैसी कंपनियों में काम करने के बाद Meta में अपनी पहचान बनाई. उन्होंने लिखा, &quot;अब भी यह पूरी तरह वास्तविक नहीं लगता. बे एरिया ने मुझे मेरा करियर दिया, मेरी सबसे करीबी दोस्तियां दीं और टेक्नोलॉजी व नेतृत्व के बारे में सोचने का ऐसा नजरिया दिया, जिसे मैं पूरी जिंदगी अपने साथ रखूंगा.&quot;

भारत लौटकर फिर से शुरू हुई नई जिंदगी
भारत लौटने के बाद नई शुरुआत भी आसान नहीं रही. बच्चों के स्कूल, नया घर और रोजमर्रा की जिम्मेदारियों के बीच उन्होंने खुद को फिर से एक नई जिंदगी में ढालना शुरू किया.
उन्होंने लिखा, &quot;यह अपने आप में एक नया प्रोजेक्ट रहा है&amp;mdash;स्कूल, घर और उस शहर में दोबारा बसने की रोजमर्रा की चुनौतियां, जिसे मैं कई साल पहले छोड़कर गया था. यह अनुभव विनम्र बनाने वाला रहा है और ज्यादातर समय बेहद अच्छा भी.&quot;
Claude AI से बनाया नया ऐप
नई शुरुआत के बीच बालाजी ने एक साइड प्रोजेक्ट भी शुरू किया. उन्होंने Claude AI की मदद से Bhavitta नाम का एक ऐप बनाया है. यह उन लोगों के लिए तैयार किया गया है जो दो देशों, दो मुद्राओं और दो टैक्स सिस्टम के बीच अपनी वित्तीय योजना बनाते हैं या विदेश से भारत लौटने की तैयारी कर रहे हैं.
सोशल मीडिया पर लोगों ने कहा- &#039;यही असली सफलता है&#039;
बालाजी की पोस्ट पर हजारों प्रतिक्रियाएं आईं. एक यूजर ने लिखा, &quot;बेंगलुरु आपको तकनीकी विकास की रफ्तार से जरूर चौंकाएगा. मैं 12 साल पहले लौटा था और यह मेरे जीवन का सबसे अच्छा फैसला साबित हुआ.&quot;
एक अन्य यूजर ने कहा, &quot;ऐसा लगता है कि अब रिवर्स ब्रेन ड्रेन का दौर शुरू हो चुका है.&quot;
सबसे ज्यादा चर्चा एक टिप्पणी की हुई, जिसमें लिखा था, &quot;जब आप अपने माता-पिता के साथ बैठते हैं, उनकी आंखों में सुकून देखते हैं, तब बाकी सब चीजें पीछे छूट जाती हैं. यह वह खुशी है जिसे डॉलर से कभी नहीं खरीदा जा सकता.&quot;
एक अन्य यूजर ने सलाह देते हुए लिखा, &quot;भारत लौटने के बाद शुरुआती दो साल सबसे अहम होते हैं. एक-एक दिन आगे बढ़िए और परिवार का साथ बनाए रखिए.&quot;
क्या बदल रही है भारतीय प्रोफेशनल्स की सोच?
बालाजी गुरुराजन की कहानी सिर्फ एक व्यक्ति के घर लौटने की नहीं है. यह उन हजारों भारतीय पेशेवरों की बदलती सोच को भी दिखाती है, जो अब केवल वैश्विक करियर नहीं, बल्कि परिवार, जीवन की गुणवत्ता और अपनेपन को भी उतनी ही अहमियत दे रहे हैं. भारत के तेजी से बढ़ते टेक इकोसिस्टम के बीच ऐसे फैसले अब पहले की तुलना में कहीं अधिक आम होते जा रहे हैं.
पोस्ट के अंत में बालाजी ने सिर्फ एक लाइन लिखी, लेकिन उसी में उनके फैसले की पूरी भावना झलक गई&amp;mdash;&quot;फिलहाल, मैं आभारी हूं, थोड़ा जेट लैग्ड हूं और यहां आकर खुश हूं.&quot; ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 09:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>साल, बाद, अमेरिका, छोड़, भारत, लौटे, Meta, के, इंजीनियरिंग, लीडर, बोले-, ‘अब, परिवार, को, दूर, से, नहीं, देखना, था’</media:keywords>
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        <title>‘हम नहीं चाहते कि दोष हमारे या...’ यौन उत्पीड़न के दोषी आसाराम की अंतरिम जमानत याचिका पर SC ने राजस्थान सरकार से कहा</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/हम-नहीं-चाहते-कि-दोष-हमारे-या-यौन-उत्पीड़न-के-दोषी-आसाराम-की-अंतरिम-जमानत-याचिका-पर-sc-ने-राजस्थान-सरकार-से-कहा</link>
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        <description><![CDATA[ सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (17 जुलाई, 2026) को यौन उत्पीड़न के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम की अंतरिम जमानत याचिका पर सुनवाई की. याचिका में आसाराम के स्वास्थ्य का हवाला देते हुए अंतरिम जमानत की मांग की गई है, जिस पर सुनवाई के दौरान देश के सर्वोच्च अदालत ने राजस्थान की सरकार को दोषी आसाराम की स्वास्थ्य स्थिति से कोर्ट को अवगत कराने का निर्देश दिया है.
न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने राजस्थान सरकार की तरफ से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा, &amp;lsquo;हम नहीं चाहते हैं कि बाद में दोष हमारे या आपके सिर पर आए.&amp;rsquo;
20 जुलाई तक सरकार एफिडेविट फाइल कर देगी- मेहता
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि डॉक्टरों का कहना है कि यौन उत्पीड़न मामले के दोषी ठहराए गए आसाराम को अपने स्वास्थ्य समस्याओं को मैनेज करने के लिए लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव करने की जरूरत है. इस पर बेंच ने कहा, &amp;lsquo;हम नहीं चाहते हैं कि कोई अप्रिय घटना घटे.&amp;rsquo; इस पर मेहता को कोर्ट को आश्वस्त किया कि राजस्थान सरकार सोमवार (20 जुलाई, 2026) तक इस संबंध में एफिडेविट फाइल कर देगी.
राजस्थान हाई कोर्ट से नहीं मिली राहत, तो SC का खटखटाया दरवाजा
दरअसल, राजस्थान हाई कोर्ट ने भी 27 मई को हुई सुनवाई के बाद साल 2013 में एक नाबालिग के यौन उत्पीड़न मामले में आसाराम को दोषी मानते हुए उसकी उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा था. इसके बाद दोषी आसाराम ने स्वास्थ्य का हवाला देते हुए अंतरिम जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट की तरफ अपना रुख किया. सुप्रीम कोर्ट में यह मामला जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस पीबी वराले की बेंच के सामने सुनवाई के लिए आया.&amp;nbsp;

सुनवाई के दौरान दोषी आसाराम के वकील ने क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल ने कहा, &amp;lsquo;गैस्ट्रो से जुड़े समस्या की वजह से कुछ ब्लीडिंग हो रही है, लेकिन यह अस्थायी दिक्कत नजर आती है, उन्हें दवाइयां दी जा रही हैं.&amp;rsquo; इस पर बेंच ने कहा, &amp;lsquo;हम सिर्फ इतना कह रहे हैं कि उचित निर्देश लेकर आइए, क्योंकि हम नहीं चाहते हैं कि कोई अप्रिय घटना घटे.&amp;rsquo; जबकि दोषी आसाराम की तरफ से पेश वकील ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उनके मुवक्किल एक हाई-रिस्क पेशेंट हैं.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ेंः संसद में पेश होने से पहले ही वंदे मातरम बिल पर छिड़ गई बहस, कांग्रेस ने बताया संविधान के खिलाफ, जानें सरकार का तर्क ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 09:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>500 करोड़ के क्रिप्टो घोटाले में ED की बड़ी कार्रवाई, तीन आरोपी गिरफ्तार, 2.48 लाख लोग बने शिकार</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/500-करोड़-के-क्रिप्टो-घोटाले-में-ed-की-बड़ी-कार्रवाई-तीन-आरोपी-गिरफ्तार-248-लाख-लोग-बने-शिकार</link>
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        <description><![CDATA[ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने करीब 500 करोड़ रुपये के कथित क्रिप्टोकरेंसी घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों मिलन गर्ग, सुखदेव ठाकुर और अभिषेक शर्मा को गिरफ्तार किया है. तीनों को मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत गिरफ्तार कर शिमला की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 12 दिन की ईडी रिमांड पर भेज दिया गया है.
क्या है पूरा मामला?
ED के मुताबिक, इस मामले की जांच हिमाचल प्रदेश और पंजाब पुलिस की एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी. जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी सुभाष शर्मा, जो फिलहाल फरार है, ने अपने साथियों के साथ मिलकर Korvio, DGT, Hypenext और A-Global जैसे फर्जी क्रिप्टो निवेश प्लेटफॉर्म बनाए. इन प्लेटफॉर्म पर लोगों को कम समय में भारी और पक्का मुनाफा देने का लालच देकर निवेश कराया गया.
ईडी की जांच में क्या हुआ खुलासा?
जांच में पता चला कि ये पूरा नेटवर्क पोंजी स्कीम की तरह काम कर रहा था. नए निवेशकों से आए पैसे से पुराने निवेशकों को भुगतान किया जाता था. जब शक बढ़ने लगा तो डिजिटल रिकॉर्ड और वेबसाइट का डेटा भी मिटाने की कोशिश की गई. इसके बावजूद, ईडी को अहम डिजिटल सबूत मिले हैं.
एजेंसी के मुताबिक, इस घोटाले में 2.48 लाख से ज्यादा लोग ठगी का शिकार हुए और 219 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक के लेन-देन हुए. इससे निवेशकों को करीब 500 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है.&amp;nbsp;

मामले की तह तक जाने में जुटी ईडी
ED का दावा है कि मिलन गर्ग इस पूरे फर्जी क्रिप्टो नेटवर्क का तकनीकी मास्टरमाइंड था. उसने प्लेटफॉर्म तैयार किए, क्रिप्टो वॉलेट संभाले और निवेशकों के पैसे को अलग-अलग माध्यमों से इधर-उधर भेजने का काम किया. वहीं, सुखदेव ठाकुर और अभिषेक शर्मा निवेशकों को जोड़ने, नकदी इकट्ठा करने और उसे दूसरे आरोपियों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाते थे.
जांच में ये भी सामने आया है कि दोनों ने इस घोटाले से कमाई गई रकम से संपत्तियों में हिस्सेदारी भी हासिल की. इस मामले में ED पहले ही हेम राज और मासूम जुनेजा को भी गिरफ्तार कर चुकी है. अब एजेंसी ये पता लगाने में जुटी है कि इस घोटाले से कुल कितनी अवैध कमाई हुई और किन-किन लोगों तक ये पैसा पहुंचा.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ेंः &amp;lsquo;सेकेंड क्लास बोगियां होती हैं, यात्री नहीं...&amp;rsquo;, सुप्रीम कोर्ट ने क्यों लगा दी भारतीय रेलवे की क्लास, क्या था मामला? ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 09:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>500, करोड़, के, क्रिप्टो, घोटाले, में, की, बड़ी, कार्रवाई, तीन, आरोपी, गिरफ्तार, 2.48, लाख, लोग, बने, शिकार</media:keywords>
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        <title>&amp;apos;प्याज की कीमतों पर सरकारें गिर सकती हैं तो...&amp;apos;, सोनम वांगचुक ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर क्या कहा?</title>
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        <description><![CDATA[ शिक्षाविद और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने शुक्रवार को कहा कि अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का उनके शरीर पर प्रतिकूल असर होने के बावजूद वह अपने संकल्प पर अडिग हैं.
वांगचुक ने साथ ही कहा कि अगर प्याज की बढ़ती कीमतों को लेकर सरकारें गिर सकती हैं तो छात्रों के लिए जवाबदेही की मांग से भी राजनीतिक बदलाव आ सकता है.
सोनम वांगचुक ने अपने अनशन के 20वें दिन के अंत में साझा किए गए एक वीडियो संदेश में लोगों से 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी के प्रस्तावित संसद मार्च में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की. उन्होंने कहा कि लोगों की भागीदारी ही इस आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत है.
मैं अभी जिंदा हूं: वांगचुक
वांगचुक ने कहा, &#039;हां, मैं अभी जीवित हूं. मेरे शरीर का 20 प्रतिशत हिस्सा क्षीण हो गया है. पहले शरीर की चर्बी खत्म होती है, उसके बाद मांसपेशियां और फिर अंग प्रभावित होते हैं. अंत में मस्तिष्क. अभी वह समय नहीं आया है.&#039;
उन्होंने अपने स्वास्थ्य को लेकर समर्थकों को आश्वस्त करते हुए कहा, &#039;20वां दिन समाप्त होने वाला है. मैं यह बता दूं कि मेरा दिमाग अब भी ठीक है.&#039;
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर क्या बोले वांगचुक?
मौजूदा आंदोलन से जवाबदेही तय होने या केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की संभावना संबंधी सवालों का जिक्र करते हुए वांगचुक ने कहा कि लोग अक्सर जन आंदोलनों की ताकत को कम करके आंकते हैं.
वांगचुक ने प्याज की कीमतों का किया जिक्र
उन्होंने कहा, &#039;मैं आपसे पूछता हूं-भारत के लोग अपने बच्चों के जीवन और उनकी शिक्षा से ज्यादा प्यार करते हैं या प्याज से? प्याज की कीमतों में भारी वृद्धि को लेकर लोगों में फैले आक्रोश के कारण देश में पहले भी सरकारें गिर चुकी हैं.
उन्होंने कहा, &#039;भारत में जन आंदोलन के कारण तीन बार सरकारें गिरीं. एक बार 1980 में केंद्र सरकार गिरी. वर्ष 1998 में दिल्ली सरकार गिरी और उसी साल राजस्थान सरकार भी गिरी. ये आंदोलन किस मुद्दे पर हुए थे? प्याज की कीमतों पर.&#039;
वांगचुक ने कहा, &#039;यहां हम बच्चों के जीवन की बात कर रहे हैं. इस साल 20 से अधिक आत्महत्याएं हो चुकी हैं और आने वाले वर्षों में इनकी संख्या बढ़ सकती है. क्या हम इस आंदोलन के जरिये जवाबदेही तय नहीं करा सकते? क्या शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देंगे?&#039;
सोनम वांगचुक ने की संसद मार्च में जुड़ने की अपील
उन्होंने लोगों से 20 जुलाई के &amp;lsquo;चलो संसद&amp;rsquo; मार्च में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि आंदोलन की ताकत लोगों की भागीदारी में निहित है.
वांगचुक ने कहा, &#039;20 जुलाई को मेरे साथ संसद तक मार्च कीजिए. आप हमारी ताकत हैं. अन्यथा मैं कौन हूं? मैं क्या हूं? मैं अकेला, भूखा और बेकार इंसान हूं. आप ही ताकत हैं.&#039;
उन्होंने कहा, &#039;आपकी संख्या हमारी ताकत है. इसी ताकत ने प्याज के मुद्दे पर सरकारें गिराई हैं. हम केवल जवाबदेही की मांग कर रहे हैं.&#039;
CJP का 20 जून से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन
कॉकरोच जनता पार्टी 20 जून से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है. वह NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, कथित परीक्षा घोटालों की न्यायिक जांच और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग कर रही है. वांगचुक 28 जून को इस आंदोलन में शामिल हुए थे और तब से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं.&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 09:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>प्याज, की, कीमतों, पर, सरकारें, गिर, सकती, हैं, तो..., सोनम, वांगचुक, ने, धर्मेंद्र, प्रधान, के, इस्तीफे, पर, क्या, कहा</media:keywords>
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        <title>सोनम वांगचुक को धरने से हटाने के बाद अभिजीत दीपके का बड़ा दावा&amp; &amp;apos;दिल्ली पुलिस ने मुझे...&amp;apos;</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/सोनम-वांगचुक-को-धरने-से-हटाने-के-बाद-अभिजीत-दीपके-का-बड़ा-दावा-दिल्ली-पुलिस-ने-मुझे</link>
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        <description><![CDATA[ शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर से हटा दिया है और उन्हें अस्पताल लेकर गई है. इसके बाद कॉकरोच जनता पार्टी के चीफ अभिजीत दीपके ने बड़ा दावा किया है.
सीजेपी चीफ ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि दिल्ली पुलिस ने मुझे पीटा है और बाद में हिरासत में भी ले लिया है.&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 09:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>सोनम, वांगचुक, को, धरने, से, हटाने, के, बाद, अभिजीत, दीपके, का, बड़ा, दावा-, दिल्ली, पुलिस, ने, मुझे...</media:keywords>
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        <title>राज्यसभा में गृह मंत्री अमित शाह पहले पेश करेंगे वंदे मातरम बिल, अपमान करने पर होगी सख्त सजा</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/राज्यसभा-में-गृह-मंत्री-अमित-शाह-पहले-पेश-करेंगे-वंदे-मातरम-बिल-अपमान-करने-पर-होगी-सख्त-सजा</link>
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        <description><![CDATA[ Monsoon Session Bill: राष्ट्रीय गीत &amp;lsquo;वंदे मातरम्&amp;rsquo; का अपमान करने या उसके गायन में बाधा डालने को दंडनीय अपराध बनाने सहित कई बिल 20 जुलाई से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र के दौरान संसद में पेश किए जाने के लिए सूचीबद्ध किया गया है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस बिल पहले राज्यसभा करेंगे. इस बिल में प्रावधान किया गया है कि अगर कहीं कोई वंदे मातरम का अपमान करता है तो उसके खिलाफ कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है. जिस तरह से हमारे राष्ट्रगान जन गण मन को सम्मान दिया जाता है उसी तरह का सम्मान वंदे मातरम को भी देना जरूरी होगा.
वंदे मातरम के गाने से रोका तो होगी सजा
सूत्रों के मुताबिक सरकार के रणनीतिकार पूरी तरीके से आश्वस्त हैं कि जब जरूरत पड़ेगी किसी भी बिल के लिए चाहे उसके लिए दो तिहाई की भी जरूरत पड़ेगी तो सरकार के पास सदन में पर्याप्त नंबर हैं. बताया जा रहा है कि सरकार डीएमके के लोगों से भी संपर्क में है.
इस बिल के मुताबिक अगर जानबूझकर राष्ट्रगान या राष्ट्रीय गीत को बीच में रोकता है या इसे गाने के दौरान बाधा डालता है तो या किसी सभा में इस ऐसे गायन के दौरा हंगामा करता है तो उसे कारावास की सजा दी जाएगी जिसे तीन साल तक बढ़ाया जा सकता है. यह कैबिनेट में हाल में पारित किया गया है. यह बिल पहले राज्यसभा में पेश किया जाएगा. मोदी सरकार इससे पहले सभी सरकारी कार्यक्रमों में वंदे मातरम का गायन अनिवार्य कर चुकी है.
वंदे मातरम का अपमान होगा दंडनीय अपराध
लोकसभा सचिवालय के बुलेटिन के अनुसार, राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 को पेश करने, उस पर विचार करने और पारित कराने के लिए सूचीबद्ध किया गया है. यह विधेयक राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 में संशोधन का प्रावधान करता है. सूत्रों के अनुसार, इसके माध्यम से सरकार राष्ट्रीय गीत &#039;वंदे मातरम&#039; का अपमान करने या उसके गायन में बाधा डालने को दंडनीय अपराध बनाना चाहती है.
बीजेपी का कहना है कि पिछली सरकारों ने स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े वंदे मातरम को उसका उचित स्थान नहीं दिया, क्योंकि उन्होंने गीत में हिंदू प्रतीकों के कारण मुसलमानों के एक वर्ग की आपत्तियों के आगे घुटने टेक दिए थे.
लोकसभा सचिवालय ने एक बुलेटिन जारी कर यह भी बताया कि सरकार ने विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 (एफसआरए) को विचार और पारित कराने के लिए भी सूचीबद्ध किया है. यह विधेयक बजट सत्र के दौरान लोकसभा में पेश किया गया था लेकिन उस समय इस पर विचार और पारित नहीं कराया गया. माना जा रहा है कि उस समय केरल में विधानसभा चुनाव होने के कारण कुछ वर्गों, खासकर ईसाई परमार्थ संगठनों के विरोध के चलते इस विधेयक को आगे नहीं बढ़ाया गया. ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 17 Jul 2026 21:30:14 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>राज्यसभा, में, गृह, मंत्री, अमित, शाह, पहले, पेश, करेंगे, वंदे, मातरम, बिल, अपमान, करने, पर, होगी, सख्त, सजा</media:keywords>
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        <title>Explained: क्या इस बार पास होगा परिसीमन बिल? कैसे बजट सत्र के मुकाबले बदल गई मानसून सत्र की तस्वीर?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/explained-क्या-इस-बार-पास-होगा-परिसीमन-बिल-कैसे-बजट-सत्र-के-मुकाबले-बदल-गई-मानसून-सत्र-की-तस्वीर</link>
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        <description><![CDATA[ 20 जुलाई से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र में एक बार फिर संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026 यानी परिसीमन बिल को पास कराने की कोशिश होगी. अप्रैल 2026 के बजट सत्र में यह बिल 54 वोटों से गिर गया &amp;nbsp; था. लेकिन पिछले तीन महीनों में संसद का पूरा राजनीतिक गणित बदल गया है. विपक्षी गठबंधन में दरारें आ चुकी हैं, 37 सांसद चार अलग-अलग विपक्षी दलों से तोड़कर सत्ता पक्ष में आ गए हैं और कुछ क्षेत्रीय दल शर्तों के साथ समर्थन को तैयार हैं. सवाल यह है कि क्या NDA इस बार दो-तिहाई बहुमत का आंकड़ा पार कर पाएगी...
क्या है 131वां संशोधन बिल और क्यों है विवादित?
यह बिल दो बड़े काम करता है:

लोकसभा की सीटों को मौजूदा 543 से बढ़ाकर 850 तक करना
33 फीसदी महिला आरक्षण (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) को परिसीमन के बाद लागू करने का संवैधानिक आधार तैयार करना.

बिल के मुताबिक, हर एक राज्य में उसकी जनसंख्या के अनुपात में सीटों का सिद्धांत वापस लाया जाएगा. विवाद इसलिए है क्योंकि तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश जैसे दक्षिणी राज्यों को डर है कि &amp;nbsp; जनसंख्या के आधार पर सीटें बढ़ाने से उनकी सियासी ताकत घट जाएगी. जिन राज्यों ने जनसंख्या कंट्रोल में सफलता पाई है, वे अपने प्रतिनिधित्व में कमी से परेशान हैं.
अप्रैल 2026: जब बिल गिर गया था
17 अप्रैल 2026 को लोकसभा में वोटिंग हुई. कुल 528 सांसदों ने वोट डाले. संविधान संशोधन के लिए दो-तिहाई बहुमत यानी 352 वोट चाहिए थे. सरकार को 298 वोट मिले, जबकि विरोध में 230 वोट पड़े. यानी 54 वोट कम &amp;nbsp; पड़ गए थे.
कांग्रेस, TMC, DMK, शिवसेना (UBT), NCP (शरद पवार), सपा, RJD और वाम दल ने साथ मिलकर बिल को हराया. DMK प्रमुख एम.के. स्टालिन ने बिल की हार को &#039;तमिलनाडु की जीत&#039; करार दिया था.
तीन महीनों में कौन से बड़े बदलाव हुए?
अप्रैल से अब तक संसद का गणित पूरी तरह पलट चुका है. यह 1985 के दल-बदल कानून के बाद सबसे बड़ा दल-बदल है. 37 सांसद &amp;nbsp;चार विपक्षी दलों से तोड़कर सत्ता पक्ष में आ गए हैं.

TMC का बंटवारा: ममता बनर्जी की पार्टी के 20 सांसदों ने बगावत कर दी और नेशनल कॉमन पीपुल्स इनिशिएटिव (NCPI) नाम की नई पार्टी बनाकर NDA को समर्थन दे दिया.
शिवसेना (UBT) का कमजोर होना: उद्धव ठाकरे के गुट के 6 सांसद एकनाथ शिंदे के खेमे में शामिल हो गए.
AAP का विलय: आम आदमी पार्टी के 7 सांसद बीजेपी में विलय हो गए.

इन बदलावों के बाद NDA की ताकत 292 से बढ़कर 329 हो गई है. लोकसभा में फिलहाल तीन सीटें खाली हैं, इसलिए दो-तिहाई का आंकड़ा घटकर 360 हो गया है. यानी NDA अब 360 के आंकड़े से महज 31 वोट दूर है. अप्रैल में यह अंतर 62 वोट था.
&#039;मिशन 360&#039;: कहां से मिलेंगे बाकी के वोट?
केंद्र सरकार ने &#039;मिशन 360&#039; का नाम दिया है, यानी दो-तिहाई बहुमत हासिल करना. NDA की निगाहें कई विपक्षी दलों पर हैं:

DMK ने कांग्रेस से नाता तोड़ा: पार्टी ने कांग्रेस के करीब बैठना भी स्वीकार नहीं किया और INDIA गठबंधन की बैठक का बहिष्कार किया. स्टालिन ने अपने सांसदों को साफ कह दिया, &#039;पार्टी की विचारधारा और तमिलनाडु के हित राजनीतिक गठबंधनों से पहले आएंगे.&#039; वे इश्यू-बेस्ड समर्थन पर विचार करेंगे. सरकार को उम्मीद है कि अगर &#039;सभी राज्यों में 50 फीसदी सीट बढ़ाने&#039; की गारंटी बिल में शामिल की जाए, तो DMK समर्थन कर सकता है.
NCP (शरद पवार) 8 सांसद: सुप्रिया सुले ने साफ किया है कि अगर सरकार हर राज्य में 50 फीसदी सीट बढ़ाने की लिखित गारंटी दे, तो NCP समर्थन पर विचार कर सकती है. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा, &#039;हमारे पास बिल का टेक्स्ट नहीं है. जब होगा, 24 घंटे में जवाब देंगे.&#039; NCP ने अभी कोई आधिकारिक रुख नहीं अपनाया है.
शिवसेना (UBT) को कशमकश: संजय राउत ने कहा है कि अगर सरकार विपक्ष के संशोधनों को शामिल करती है, तो वे पुनर्विचार कर सकते हैं.
DMK और NCP(SP) का साथ: एकसाथ दोनों का समर्थन मिल जाए, तो NDA की संख्या 329 से बढ़कर 359 हो जाएगी. BJD और YSRCP जैसे कुछ और क्षेत्रीय दलों के समर्थन से 360 का आंकड़ा पार किया जा सकता है.

केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने दावा किया, &#039;अब NDA के पास दो-तिहाई बहुमत है. महिला आरक्षण और परिसीमन बिल पास हो जाएं&#039;.
विपक्ष की रणनीति: बिल को गिराने की कोशिश
विपक्षी गठबंधन INDIA अब पहले जैसा एकजुट नहीं रहा. TMC बंट चुकी है, शिवसेना (UBT) कमजोर हुई है, DMK कांग्रेस से अलग हो गया है और NCP (शरद पवार) समर्थन की शर्त रख रही है.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर सभी दलों की बैठक बुलाने की मांग की है. खरगे कहा, &#039;131वां संशोधन बिल अप्रैल में दो-तिहाई बहुमत हासिल करने में विफल रहा. अब सरकार संशोधित बिल ला रही है, जिसे देखे बिना कोई फैसला नहीं लिया जा सकता.&#039;
विपक्ष के लिए तत्काल उद्देश्य NDA को 360-वोट की सीमा से नीचे रखना है. अगर NDA दो-तिहाई समर्थन हासिल करने में विफल रहती है, तो संविधान संशोधन एक बार फिर गिर जाएगा. संसद में:

19 जुलाई: सर्वदलीय बैठक
20 जुलाई: मानसून सत्र शुरू
21 जुलाई: NDA संसदीय दल की बैठक (प्रधानमंत्री मोदी संबोधित करेंगे)
13 अगस्त: सत्र समाप्त

तो क्या मानसून सत्र में परिसीमन बिल पास होगा या नही?
चार बड़े बदलाव समीकरण को पूरी तरह बदल रहे हैं:

संख्यात्मक बदलाव: NDA अब 329 सांसदों के साथ 360 के आंकड़े से महज 31 वोट दूर है.
राजनीतिक बदलाव: TMC, शिवसेना (UBT) और AAP में बगावत/विलय से NDA मजबूत हुई है.
सामरिक बदलाव: NCP(SP) और DMK के शर्तों के साथ समर्थन से NDA और करीब आ सकती है.
बिल का फॉर्मूला: सरकार &#039;सभी राज्यों में 50 फीसदी सीट बढ़ाने&#039; की गारंटी देकर दक्षिणी राज्यों की चिंता दूर करने की कोशिश कर रही है.

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अब अगर NDA DMK के 22 और NCP(SP) के 8 सांसद अपने साथ ला पाई, तो बिल पास हो सकता है. अगर नहीं तो यह सत्र अप्रैल 2026 की तरह ही निराशा ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 17 Jul 2026 21:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Explained:, क्या, इस, बार, पास, होगा, परिसीमन, बिल, कैसे, बजट, सत्र, के, मुकाबले, बदल, गई, मानसून, सत्र, की, तस्वीर</media:keywords>
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        <title>Brij Bhushan Sharan Singh: &amp;apos;अगर इमारतें अवैध हैं तो...&amp;apos;, आजम खान की यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर एक्शन को लेकर क्या बोले बृजभूषण सिंह</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/brij-bhushan-sharan-singh-अगर-इमारतें-अवैध-हैं-तो-आजम-खान-की-यूनिवर्सिटी-पर-बुलडोजर-एक्शन-को-लेकर-क्या-बोले-बृजभूषण-सिंह</link>
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        <description><![CDATA[ समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की तरफ से स्थापित यूनिवर्सिटी की 38 इमारतों को गिराने के आदेश को लेकर भारतीय जनता पार्टी के नेता बृज भूषण शरण सिंह ने प्रतिक्रिया दी है. मीडिया से बातचीत के दौरान बृज भूषण शरण सिंह ने कहा कि उन्होंने जो जानकारी सुनी है, उसके अनुसार इस मामले में करीब 38 इमारतें शामिल हैं.&amp;nbsp;
बृज भूषण शरण सिंह ने कहा कि इनमें से अधिकांश इमारतों को कथित तौर पर गैर-कानूनी बताया जा रहा है. उन्होंने कहा, &#039;मैंने जो सुना है, उसके हिसाब से करीब 38 बिल्डिंग्स इसमें शामिल हैं और उनमें से ज़्यादातर कथित तौर पर गैर-कानूनी हैं. उन्हें क्यों गिराया जा रहा है या नहीं, यह मेरा विषय नहीं है. अगर वे गैर-कानूनी हैं तो उन्हें गिराया जा रहा है.

Gonda, Uttar Pradesh: On the demolition order of 38 buildings at the university founded by SP leader Azam Khan, BJP leader Brij Bhushan Sharan Singh says, &quot;From what I have heard, around 38 buildings are involved, and most of them are allegedly illegal. Why they are being&amp;hellip; pic.twitter.com/PyijAXySaa
&amp;mdash; IANS (@ians_india) July 17, 2026




ये भी पढ़ें: &#039;Don&#039;t Go. Bomb Hai, Please&#039;... इंडिगो फ्लाइट में मिला धमकी भरा नोट, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
बृज भूषण शरण सिंह ने मामले पर और क्या कहा?
बृज भूषण शरण सिंह ने इस मामले पर अधिक टिप्पणी करने से बचते हुए कहा कि यह संबंधित विभागों और प्रशासन का विषय है. उन्होंने संकेत दिया कि अगर किसी निर्माण को नियमों के विरुद्ध पाया जाता है तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है. आजम खान की यूनिवर्सिटी से जुड़े इस मामले को लेकर पहले से ही कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई चल रही है. अब 38 इमारतों को गिराने के आदेश के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है. वहीं इस पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं. फिलहाल संबंधित अधिकारियों की ओर से आदेश के आधार और आगे की कार्रवाई को लेकर प्रक्रिया जारी है.
ये भी पढ़ें: सहारनपुर से कोलकाता एयरपोर्ट तक... मस्जिद विवाद पर फिरंगी महली का बड़ा बयान, कहा- &#039;मुसलमान की शिनाख्त मिटाने की कोशिश&#039; ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 17 Jul 2026 21:30:10 +0530</pubDate>
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        <title>ED Raid: MP में 70 करोड़ की MDMA ड्रग्स तस्करी मामले में ED का बड़ा एक्शन! इंदौर&amp;मंदसौर में ताबड़तोड़ छापेमारी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/ed-raid-mp-में-70-करोड़-की-mdma-ड्रग्स-तस्करी-मामले-में-ed-का-बड़ा-एक्शन-इंदौर-मंदसौर-में-ताबड़तोड़-छापेमारी</link>
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        <description><![CDATA[ केंद्र सरकार के नशा मुक्त भारत अभियान के तहत ED ने मध्य प्रदेश में ड्रग्स तस्करी के बड़े नेटवर्क पर शिकंजा कसते हुए इंदौर और मंदसौर के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की. ये कार्रवाई करीब 70 करोड़ रुपये कीमत की 70 किलो एमडीएमए (मेफेड्रोन) ड्रग्स की कथित तस्करी से जुड़े मामले में की गई.&amp;nbsp;
ये जांच इंदौर क्राइम ब्रांच द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी. एफआईआर में एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत कई आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था. &amp;nbsp;जांच के दौरान ED को पता चला कि मामले का एक मुख्य आरोपी अपने सभी पुराने ठिकाने छोड़कर फरार हो गया था.

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ED की टीम ने आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी
ED की टीम ने तकनीकी निगरानी, खुफिया जानकारी और आधुनिक जांच तकनीकों की मदद से कई दिनों तक आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी. जांच के दौरान उसकी लोकेशन हैदराबाद, बीकानेर और इंदौर तक ट्रैक की गई. आखिरकार आरोपी को इंदौर के एक ऐसे पते से तलाश लिया गया, जिसकी जानकारी पहले एजेंसी के पास नहीं थी.इसके बाद उसके ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया. &amp;nbsp;छापेमारी के दौरान ED को कई अहम दस्तावेज, डिजिटल सबूत और आरोपियों की संपत्ति तथा वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड मिले है. कई दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए है. जिनकी फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी. एजेंसी अब ये पता लगाएगी कि ड्रग्स तस्करी से कमाए गए पैसे को कहां-कहां लगाया गया और मनी लॉन्ड्रिंग का पूरा नेटवर्क कैसे काम कर रहा था.&amp;nbsp;
ED को जांच के दौरान बैंक लॉकर भी मिला
जांच के दौरान एक आरोपी के रिश्तेदार के नाम पर बैंक लॉकर भी मिला है. ED अब उस लॉकर की अलग से तलाशी और जांच कर रही है. एजेंसी का मानना है कि बरामद सबूतों से ड्रग्स तस्करी से जुड़े वित्तीय नेटवर्क, संपत्तियों और इस पूरे रैकेट में शामिल अन्य लोगों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है. &amp;nbsp;ED ने कहा है कि मामले में सभी संदिग्ध लोगों की भूमिका और ड्रग्स से कमाई गई रकम के लेन-देन की गहन जांच जारी है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Fri, 17 Jul 2026 21:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>&amp;apos;शराब&amp;सिगरेट पर अतिरिक्त टैक्स लगाइए, लेकिन बेटियों को...&amp;apos;, SC ने दिया अदालतों में महिलाओं के लिए बेहतर व्यवस्था का आदेश</title>
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        <description><![CDATA[ देश की जिला और तहसील अदालतों में महिला वकीलों के लिए शौचालय समेत दूसरी बुनियादी सुविधाओं की कमी पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है. चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली बेंच ने इसे मानवाधिकारों का उल्लंघन बताते हुए राज्यों से कहा है कि वह 6 सप्ताह में इस बारे में कदम उठाएं.
महिला वकीलों को कार्यस्थल पर सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल देने को कोर्ट ने बेहद ज़रूरी बताया. चीफ जस्टिस ने सूर्य कांत ने कहा, &quot;हमारी बेटियां जर्जर इमारतों में और दयनीय स्थितियों में काम कर रही हैं. इस स्थिति में बदलाव हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. महिलाओं के लिए बुनियादी सुविधाएं न होना उनके आत्मसम्मान और काम करने की क्षमता को प्रभावित करता है.&quot;

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सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर आदेश दिया
सुप्रीम कोर्ट ने जिस याचिका पर यह आदेश दिया है, उसमें देश भर की अदालतों में महिला वकीलों के लिए बुनियादी सुविधाओं के अभाव और युवा वकीलों की आर्थिक चुनौतियों का सवाल उठाया गया है. याचिकाकर्ताओं ने हर कोर्ट में &#039;लेडीज बार रूम&#039; की मांग की है. साथ ही, जूनियर वकीलों को आर्थिक सहायता देने के लिए &#039;यंग लॉयर्स प्रोफेशनल असिस्टेंस फंड&#039; बनाने की भी मांग याचिका में की गई है. सारिका त्यागी, सीमा वशिष्ठ समेत 6 महिला वकीलों की इस याचिका पर कोर्ट ने 19 जून को नोटिस जारी किया था. नोटिस के बाद शुक्रवार, 17 जुलाई को मामला पहली बार सुनवाई के लिए लगा. केंद्र सरकार के लिए पेश अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमनी ने कहा कि याचिका में रखी गई मांगों पर वह राज्यों के एडवोकेट जनरल से बात करेंगे.
सुप्रीम कोर्ट ने एडवोकेट जनरल को लेकर क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट ने मामले को 6 सप्ताह बाद सुनवाई के लिए लगाने का निर्देश देते हुए सभी राज्यों के एडवोकेट जनरल से कहा कि वह 2 सप्ताह के भीतर अपने यहां की अदालतों में स्वच्छता सुविधाओं की जमीनी स्थिति पर एक रिपोर्ट तैयार कर राज्य सरकार को सौंपें. इस रिपोर्ट के आधार पर लोक निर्माण विभाग 4 सप्ताह के भीतर शौचालयों का निर्माण कार्य शुरू करे. कोर्ट ने कहा कि वह इस मामले में फंड या बजट की कमी का कोई बहाना स्वीकार नहीं करेगा. राज्य सरकारें चाहें तो धन जुटाने के लिए शराब या सिगरेट पर अतिरिक्त टैक्स लगा दें. उनके ऐसे कदम को सुप्रीम कोर्ट कानूनी मान्यता देगा.
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        <pubDate>Fri, 17 Jul 2026 21:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>UP के अलीगढ़ निवासी अमन की पैदलयात्रा पहुंची आदिलाबाद, CM विजय से मिलने के तमिलनाडु जा रहा युवक</title>
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        <description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश के अमन नाम के एक युवक ने उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से तमिलनाडु तक पदयात्रा शुरू की है. अमन की यह पदयात्रा गुरुवार (16 जुलाई, 2026) को तेलंगाना के आदिलाबाद जिले में पहुंच गई है. इससे पहले अमन ने AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी से मिलने के लिए अलीगढ़ से हैदराबाद तक पदयात्रा की थी.
अब एक बार फिर वह मुख्यमंत्री विजय थलपति से मिलने के लिए राष्ट्रीय ध्वज लेकर यूपी के अलीगढ़ जिले से तमिलनाडु तक पदयात्रा पर निकल पड़ा है. इस महीने तीन जुलाई को अमन ने अलीगढ़ से अपनी पदयात्रा शुरू की थी और आज गुरुवार (16 जुलाई, 2026) वह तेलंगाना के आदिलाबाद जिले में पहुंच गया है. उसकी पदयात्रा का आज 14वां दिन है.
थलापति विजय से मिलने क्यों जा रहा अमन?
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय थलपति के प्रति प्रशंसा उनके तरफ से किए जा रहे विकास कार्यों और जनता को दी जा रही कल्याणकारी योजनाओं पर खुशी व्यक्त करते हुए, अमन ने एबीपी न्यूज से बात की और कहा कि मुख्यमंत्री विजय थलपति से मिलने के लिए पदयात्रा करना उनकी इच्छा थी.
उन्होंने कहा कि देश को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय थलपति जैसे नेताओं की जरूरत है. उनके प्रति प्रशंसा के साथ-साथ, वह राज्य में उनके द्वारा की जा रही प्रगति से भी बहुत खुश हैं. उन्होंने कहा कि यह निर्णय पदयात्रा के दौरान लिया गया था.

सीएम विजय से मिलकर उनके कामों के लिए धन्यवाद करेंगे अमन
अमन ने बताया कि वह इससे पहले 2025 में AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी से मिलने के लिए पदयात्रा पर गए थे और उनसे मुलाकात भी की थी. उन्होंने कहा कि वह फिलहाल तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय थलपति से मिलने के लिए पदयात्रा पर हैं.
उन्होंने बताया कि वह आज तेलंगाना के आदिलाबाद जिले पहुंचे और यहां से हैदराबाद होते हुए 14 दिनों में तमिलनाडु पहुंचेंगे. वहां वह तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय थलपति से मिलेंगे और उनके द्वारा किए जा रहे विकास और कल्याणकारी कार्यों के लिए उन्हें धन्यवाद देंगे और उनसे आने वाले दिनों में देश की राजनीति में सक्रिय होने का अनुरोध भी करेंगे.
उन्होंने बताया कि पदयात्रा के दौरान कई लोग उनसे मिल रहे हैं और उनका समर्थन कर रहे हैं. वहीं, कुछ लोग गरीब होने के नाते उनका स्वागत कर रहे हैं और उनके साथ सहयोग कर रहे हैं और इसी वजह से वह अपनी पदयात्रा जारी रख रहे हैं.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Fri, 17 Jul 2026 05:30:10 +0530</pubDate>
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        <title>10,314 करोड़ रुपये के घोटाले में ED का बड़ा एक्शन, SAGA ग्रुप के करीबी रवि शंकर तिवारी गिरफ्तार</title>
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        <description><![CDATA[ देशभर के 30 लाख से ज्यादा निवेशकों के साथ कथित तौर पर 10,314 करोड़ रुपये की ठगी से जुड़े बहुचर्चित मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रवि शंकर तिवारी उर्फ रवि तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है. ED ने आरोपी रवि शंकर तिवारी को मंगलवार (14 जुलाई, 2026) को PMLA के तहत गिरफ्तार किया. गिरफ्तारी के अगले दिन बुधवार (15 जुलाई, 2026) को उसे दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया, जहां अदालत ने उसे 10 दिन की ईडी हिरासत में भेज दिया है.
ED के मुताबिक, ये मामला लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट कोऑपरेटिव सोसाइटी (LUCC), लस्टीनेस जनहित क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड (LJCC), ऑप्शन वन इंडस्ट्रीज लिमिटेड और उनसे जुड़े लोगों के खिलाफ दर्ज कई FIR से जुड़ा है. उत्तर प्रदेश के ललितपुर और मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ समेत देश के कई राज्यों में इन संस्थाओं के खिलाफ मामले दर्ज हैं.
ईडी की जांच में क्या हुआ खुलासा?
जांच में सामने आया कि इन संस्थाओं ने लोगों को जमा योजनाओं में निवेश करने पर भारी मुनाफे का लालच दिया. लाखों लोगों ने अपनी मेहनत की कमाई इन योजनाओं में जमा कर दी, लेकिन बाद में निवेश की रकम का कथित तौर पर गबन कर लिया गया. ED के मुताबिक, इस पूरे घोटाले में देशभर के करीब 30.51 लाख निवेशकों से लगभग 10,314 करोड़ रुपये की ठगी की गई. ये नेटवर्क पूरे देश में फैला हुआ था.
जांच में यह भी पता चला कि रवि शंकर तिवारी साल 2009 से समीर अग्रवाल के नेतृत्व वाले SAGA ग्रुप से जुड़ा हुआ था. वो समूह में वरिष्ठ पद पर काम करता था और एडवांटेज ट्रेडकॉम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, ऑप्शन वन इंडस्ट्रीज लिमिटेड, LUCC सहित SAGA ग्रुप की कई कंपनियों में टीम लीडर की भूमिका निभा रहा था.&amp;nbsp;

ईडी के सवालों का आरोपी ने नहीं दिया सही जवाब
जांच एजेंसी का दावा है कि रवि तिवारी ने विदेश में मौजूद समीर अग्रवाल की मदद से LUCC और LJCC के संचालन में सक्रिय भूमिका निभाई. PMLA की धारा 50 के तहत दर्ज बयान और अन्य जांच के दौरान ईडी को रवि तिवारी की भूमिका से जुड़े कई अहम सुराग मिले. जांच में ये भी सामने आया कि SAGA ग्रुप की विभिन्न कंपनियों से रवि तिवारी और उसके परिवार के बैंक खातों में बड़ी रकम जमा कराई गई थी. जब ईडी ने इन पैसों के स्रोत के बारे में पूछा तो रवि तिवारी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका.
आरोपी ने अपने और अपने परिजनों के नाम कई संपत्तियां खरीदीं
ईडी के मुताबिक, रवि तिवारी का कई कंपनियों में हित था. इन कंपनियों का इस्तेमाल कथित तौर पर अपराध से अर्जित रकम को अलग-अलग खातों में भेजने, घुमाने और निकालने के लिए किया गया. जांच में ये भी पता चला कि रवि तिवारी ने अपने और परिवार के सदस्यों के नाम पर कई आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियां खरीदीं, जिनके लिए कथित तौर पर घोटाले से हासिल धन का इस्तेमाल किया गया.
इस मामले में ED पहले ही कई अचल संपत्तियां जब्त कर चुकी है. एजेंसी अब रवि तिवारी से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क, धन के प्रवाह और अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है. ईडी का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Fri, 17 Jul 2026 05:30:09 +0530</pubDate>
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        <title>बेंगलुरु में 22 वर्षीय लॉ छात्रा की मौत, प्रेम संबंध विवाद में हत्या का आरोप; दो भाई गिरफ्तार</title>
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        <description><![CDATA[ कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के जीवन बीमा नगर इलाके में एक 22 वर्षीय लॉ छात्रा अमृता की इलाज के दौरान मौत हो गई. अमृता पर सोमवार (13 जुलाई, 2026) को उनके घर में घुसकर जानलेवा हमला किया गया था. दो दिनों तक अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ने के बाद बुधवार (15 जुलाई, 2026) की शाम उन्होंने दम तोड़ दिया.
पुलिस के अनुसार, 13 जुलाई को सूर्या नामक युवक ने अमृता के घर पहुंचकर उन पर चाकू से हमला कर दिया. बताया जा रहा कि हमले से पहले उसकी अमृता की मां के साथ कहासुनी हुई थी. शोर सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे, घायल अमृता को अस्पताल पहुंचाया और आरोपी सूर्या को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया.
पुलिस की जांच में क्या हुआ खुलासा?
जांच में सामने आया है कि करीब तीन साल पहले एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान अमृता के परिवार की पहचान सूर्या के भाई धनुष से हुई थी. बाद में धनुष और अमृता के बीच संबंध बने, लेकिन मार्च 2026 में अमृता ने उससे दूरी बना ली.
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अमृता को पता चला था कि धनुष पहले से शादीशुदा था, उसका तलाक हो चुका है और उसका एक बच्चा भी है. कथित तौर पर धनुष ने यह जानकारी उससे छिपाई थी. सच्चाई सामने आने के बाद अमृता ने रिश्ता खत्म कर दिया. रिश्ता टूटने के बाद दोनों परिवारों के बीच विवाद बढ़ गया.&amp;nbsp;

पुलिस ने हत्या का मामला किया दर्ज, जांच जारी
पुलिस का कहना है कि धनुष और उसके भाई सूर्या ने पहले अमृता के भाई तेजस को भी धमकी दी थी और बदला लेने की चेतावनी दी थी. आरोप है कि धनुष के कहने पर ही सूर्या ने अमृता के घर पहुंचकर उस पर हमला किया. गंभीर रूप से घायल अमृता का अस्पताल में इलाज चल रहा था, लेकिन बुधवार को उसकी मौत हो गई. बेंगलुरु पुलिस ने मामले को हत्या में तब्दील करते हुए सूर्या और धनुष दोनों को गिरफ्तार कर लिया है. मामले की आगे की जांच जारी है.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ेंः मानसून सत्र: &amp;lsquo;फिर वही करने जा रही सरकार&amp;rsquo;, परिसीमन बिल लाने की खबर से भड़के खरगे, PM मोदी को लेटर ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 17 Jul 2026 05:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>देश का पहला प्राइवेट रॉकेट इतिहास रचने को तैयार, श्री हरिकोटा से विक्रम&amp;1 भरेगा उड़ान, US&amp;चीन की उड़ेगी नींद</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/देश-का-पहला-प्राइवेट-रॉकेट-इतिहास-रचने-को-तैयार-श्री-हरिकोटा-से-विक्रम-1-भरेगा-उड़ान-us-चीन-की-उड़ेगी-नींद</link>
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        <description><![CDATA[ एक तरफ इसरो में इस्तीफों की खबर है, तो अब भारत का पहला प्राइवेट तौर पर बनाया गया ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-1 18 जुलाई को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर के पहले लॉन्च पैड से अपनी टेस्ट फ्लाइट के लिए तैयार है.&amp;nbsp;
देश में बना विक्रम-1 18 जुलाई की सुबह 11:30 बजे उड़ान भरेगा. स्काईरूट एयरोस्पेस के को फाउंडर और सीईओ पवन कुमार चंदाना ने कहा है कि कड़ी टेस्टिंग के बाद विक्रम-1 को उड़ान के लिए मंजूरी मिलना, भारत के अंतरिक्ष सफर में एक अहम पड़ाव है. ऐसे में माना जा रहा है कि यह पहली फ्लाइट सभी के लिए अंतरिक्ष के दरवाजे खोलने की स्काइरूट की महत्वाकांक्षा की शुरुआत है.&amp;nbsp;
इस पेलोड के साथ भारत के महान साइंटिस्ट सीवी रमन, डॉ. विक्रम साराभाई और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की 18 कैरेट सोने की बनी हुई छोटी रॉकेट होल्डिंग मूर्तियां और कॉसमॉस डायमंड्स का आर्टवर्क कॉस्मिक ब्लूम में उड़ान भरेंगे.&amp;nbsp;
लॉन्च पैड पर खड़ा है विक्रम-1, जांच हुई पूरी
स्काईरूट के विक्रम-1 के सभी स्टेज को सफलतापूर्वक जोड़कर लॉन्च पैड पर खड़ा कर दिया है. स्काईरूट के लॉन्च कंट्रोल सेंटर ने लॉन्च पैड पर व्हीकल की फाइनल इंटीग्रेड जांच पूरी कर ली है. साथ ही सभी टेलीमेट्री ग्राउंड स्टेशनों और ट्रैकिंग रडार के साथ इंटरफेस की जांच भी कर ली गई है.&amp;nbsp;
जारी बयान में बताया गया है कि संबंधित अधिकारियों ने जरूरी एयरस्पेस और समुद्री नोटिस जारी कर दिए हैं. साथ ही इस मिशन को ग्लोबल लॉन्च बिजनेस में भारत के प्राइवेट सेक्टर के आने का प्रतीक माना गया है.&amp;nbsp;
यह मिशन स्टेज से अलग होने, गाइडेंस, नेविगेशन, कंट्रोल और कुल मिलाकर व्हीकर की परफोर्मेंस से जुड़ा डेटा इकट्ठा करेगा. इसमें स्काईरूट के कमर्शियली काम करने वाली लॉन्च कंपनी बनने में मदद मिलेगी. पहली टेस्ट फ्लाइट में भारतीय और इंटरनेशनल कंपनियों के चार टेक्नोलॉजी डेमोंस्ट्रेशन पेलोड होंगे.&amp;nbsp;
क्या है इस रॉकेट की खासियत?
इस रॉकेट में शामिल है, बेंगलुरु स्थित स्पेस स्टार्टअप ग्रहा स्पेस की तरफ से बनाया गया सोलारस एस 3 सैटेलाइट, हैदराबाद स्थित स्टार्टअप कॉस्मोसर्व स्पेस की तरफ बनाया गया, एम्ब्रेस नाम का ऑर्बिट में मलबा हटाने वाला रोबोटिक आर्म, स्काईरूट का स्कोप सैटेलाइट और जर्मन न्यूस्पेस हार्डवेयर निर्माता DCUBED का ऑर्बिट में डेमोंस्ट्रेशन.&amp;nbsp;
चंदना ने कहा है कि 18 जुलाई को हम उत्सुक हैं कि विक्रम-1 असल में उड़ान के माहौल में कैसा प्रदर्शन करता है. यह हमारी पहली टेस्ट फ्लाइट है. इसे हमें बहुत काम का डेटा मिलेगा. यह स्काईरूट के लगातार लॉन्च करने की क्षमता विकसित करने के लक्ष्य के लिए आधार का काम करेगा.&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 17 Jul 2026 05:30:06 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>देश, का, पहला, प्राइवेट, रॉकेट, इतिहास, रचने, को, तैयार, श्री, हरिकोटा, से, विक्रम-1, भरेगा, उड़ान, US-चीन, की, उड़ेगी, नींद</media:keywords>
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        <title>पोलावरम परियोजना: आंध्र प्रदेश BJP चीफ बोले, &amp;apos;केंद्र के पूर्ण सहयोग से राज्य की बदलेगी तस्वीर&amp;apos;</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/पोलावरम-परियोजना-आंध्र-प्रदेश-bjp-चीफ-बोले-केंद्र-के-पूर्ण-सहयोग-से-राज्य-की-बदलेगी-तस्वीर</link>
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        <description><![CDATA[ आंध्र प्रदेश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण पोलावरम परियोजना पर तेजी से काम जारी है. इस बीच, गुरुवार (16 जुलाई, 2026) को केंद्रीय मंत्री भूपतिराजु श्रीनिवास वर्मा, राज्य मंत्री सत्य कुमार यादव, कई सांसद-विधायक, विधान परिषद सदस्यों और भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने परियोजना का दौरा किया. परियोजना के दौरे के बाद आंध्र प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष पीवीएन माधव ने परियोजना की प्रगति देखकर हर्ष जताया है.
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के पूर्ण सहयोग से पोलावरम परियोजना आंध्र प्रदेश की तस्वीर बदल देगी. परियोजना की प्रगति देखकर हमें बहुत खुशी हुई है. दाहिनी और बाईं दोनों नहरों का निर्माण पूरा हो चुका है.
अब तक परियोजना के कई महत्वपूर्ण चरण हो चुके पूरे- माधव
आंध्र प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पीवीएन माधव ने कहा, &amp;lsquo;आज हमें राष्ट्रीय परियोजना के रूप में विकसित की जा रही बहुआयामी पोलावरम परियोजना का दौरा करने का सौभाग्य मिला है. साल 2014 में एनडीए सरकार के सत्ता में आने के बाद इस परियोजना को नई गति मिली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह सुनिश्चित किया कि बाढ़ प्रभावित सभी गांवों का आंध्र प्रदेश में विलय हो, इससे परियोजना का मार्ग प्रशस्त हुआ.&amp;rsquo;
उन्होंने कहा, &amp;lsquo;पोलावरम को राष्ट्रीय परियोजना घोषित किया गया. इसके लिए अध्यादेश जारी किया गया. आंध्र प्रदेश सरकार के अनुरोध पर केंद्र सरकार ने परियोजना के निर्माण कार्य की जिम्मेदारी राज्य सरकार को सौंपी. मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व में परियोजना का कार्य तेजी से आगे बढ़ा और अब तक कई महत्वपूर्ण चरण पूरे किए जा चुके हैं. मुख्य स्पिलवे का निर्माण भी पूरा हो चुका है, जबकि अर्थ-कम-रॉकफिल डैम का निर्माण कार्य जारी है.&amp;rsquo;
कार्य प्रगति संतोषजनक है, बचा हुआ काम भी जल्द पूरा होगा- माधव
आंध्र प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा, &amp;lsquo;प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आज हमने परियोजना का दौरा किया. परियोजना की प्रगति देखकर हमें खुशी हुई. दाहिनी और बाईं दोनों नहरों का निर्माण पूरा हो चुका है. कल बुधवार (15 जुलाई, 2026) को मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कृष्णा-गोदावरी नदी जोड़ो कार्यक्रम का शुभारंभ किया. उन्होंने यह भी घोषणा की कि 10 अगस्त से बाईं नहर के माध्यम से गोदावरी का पानी अनकापल्ली तक पहुंचाया जाएगा.&amp;rsquo;&amp;nbsp;

उन्होंने कहा, &amp;lsquo;हमने बाईं नहर, हेड रेगुलेटर और अन्य निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया. कार्य की गति संतोषजनक है और हमें विश्वास है कि शेष कार्य भी शीघ्र पूरे हो जाएंगे. परियोजना पूरी होने के बाद उत्तर आंध्र सुजला श्रावंती योजना के तहत उत्तर आंध्र क्षेत्र तक पानी पहुंचाया जाएगा, जिससे लगभग पांच लाख एकड़ कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी.&amp;rsquo;
परियोजना के पूरा हो जाने के बाद कई राज्यों को मिलेगा फायदा
पीवीएन माधव ने कहा, &amp;lsquo;विशाखापट्टनम को पेयजल और औद्योगिक उपयोग के लिए लगभग 23.44 टीएमसी पानी उपलब्ध कराया जाएगा, जो इस परियोजना की बड़ी उपलब्धि होगी. यह सब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पूर्ण सहयोग से संभव हो पाया है. केंद्र सरकार अब तक इस परियोजना के लिए लगभग 30,500 करोड़ रुपये उपलब्ध करा चुकी है. इसके अतिरिक्त, लगभग 4,500 करोड़ रुपये की लागत से 960 मेगावाट जलविद्युत परियोजना विकसित की जा रही है. साथ ही इस परियोजना में नेविगेशन चैनल का भी प्रावधान है.&amp;rsquo;
उन्होंने कहा, &amp;lsquo;इस पहल के तहत भविष्य में कई अन्य सिंचाई परियोजनाएं भी शुरू होने की उम्मीद है. पोलावरम परियोजना केवल आंध्र प्रदेश ही नहीं, बल्कि गोदावरी का लगभग 80 टीएमसी पानी रायलसीमा की ओर मोड़कर कृष्णा बेसिन को भी स्थिरता प्रदान करेगी. इसके साथ ही तेलंगाना, कर्नाटक, छत्तीसगढ़ और ओडिशा को भी गोदावरी नदी के जल के बेहतर उपयोग से लाभ मिलेगा.&amp;rsquo;
उन्होंने आगे कहा, &amp;lsquo;यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है. राज्य और केंद्र सरकार मिलकर इस परियोजना को शीघ्र पूरा करने के लिए कार्य कर रही है और आज इसकी प्रगति देखकर हमें अत्यंत प्रसन्नता हुई. परियोजना से जुड़ी सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने और विस्तृत जानकारी देने के लिए हम एमईआईएल (MEIL) का भी आभार व्यक्त करते हैं.&amp;rsquo;&amp;nbsp;
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        <pubDate>Fri, 17 Jul 2026 05:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>पोलावरम, परियोजना:, आंध्र, प्रदेश, BJP, चीफ, बोले, केंद्र, के, पूर्ण, सहयोग, से, राज्य, की, बदलेगी, तस्वीर</media:keywords>
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        <title>आज कैसी है सोनम वांगचुक की तबीयत? बोले&amp; &amp;apos;मुझे अनशन तोड़ने को मत कहिए...&amp;apos;</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/आज-कैसी-है-सोनम-वांगचुक-की-तबीयत-बोले-मुझे-अनशन-तोड़ने-को-मत-कहिए</link>
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        <description><![CDATA[ Sonam Wangchuk Hunger Strike: जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधार की मांग उठाने वाले सोनम वांगचुक का अनशन गुरुवार को 19वें दिन में प्रवेश कर गया. लगातार उपवास के कारण उनकी सेहत कमजोर होती जा रही है, लेकिन उन्होंने साफ कर दिया है कि वह फिलहाल अपना अनशन खत्म नहीं करेंगे. उन्होंने समर्थकों से अपील की है कि उनसे अनशन तोड़ने की अपील करने के बजाय 20 जुलाई को प्रस्तावित &quot;चलो संसद&quot; मार्च में शामिल हों.
19 दिन के अनशन से काफी कमजोर हुए वांगचुक
देर रात जारी किए गए एक वीडियो संदेश में सोनम वांगचुक ने कहा, &quot;मैं पूरी तरह ठीक नहीं हूं, लेकिन इतनी भी खराब स्थिति में नहीं हूं.&quot; उन्होंने बताया कि उनकी तबीयत कमजोर जरूर है, लेकिन उनका संकल्प अभी भी मजबूत है. ताजा मेडिकल बुलेटिन के मुताबिक, 59 वर्षीय वांगचुक की हालत पर डॉक्टर लगातार नजर रखे हुए हैं. पिछले 24 घंटे में उनका वजन 400 ग्राम और अनशन शुरू होने के बाद अब तक करीब 8.9 किलोग्राम कम हो चुका है. फिलहाल उनका वजन 57.15 किलोग्राम दर्ज किया गया है.
डॉ. अशोक लांबा ने कहा, सोनम वांगचुक का वज़न अब तक 9 किलोग्राम से अधिक कम हो चुका है. हालांकि, वह अभी भी मानसिक रूप से पूरी तरह सतर्क और सचेत हैं. उन्होंने सरकार से अपील करते हुए कहा, &quot;सोनम वांगचुक हमारे देश का एक अनमोल रत्न&amp;nbsp; हैं. सरकार से हमारी विनती है कि उनके अनशन को समाप्त कराने के लिए गंभीर प्रयास करे और बातचीत के जरिए समाधान निकाले.&quot;
डॉक्टरों की निगरानी में चल रहा इलाज
मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, उनका रक्तचाप 105/76 mmHg, ब्लड शुगर 80 mg/dL और ऑक्सीजन स्तर 97 प्रतिशत दर्ज किया गया है. डॉक्टरों का कहना है कि वह पूरी तरह सचेत हैं और मानसिक रूप से भी सामान्य हैं, लेकिन उनकी स्थिति को देखते हुए 24 घंटे चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है.
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20 जुलाई को &#039;चलो संसद&#039; मार्च की अपील
वीडियो संदेश में सोनम वांगचुक ने समर्थकों से भावुक अपील करते हुए कहा कि उनसे अनशन समाप्त करने का आग्रह न करें. उन्होंने कहा कि यदि लोग वास्तव में उनके आंदोलन का समर्थन करना चाहते हैं, तो 20 जुलाई को होने वाले शांतिपूर्ण &quot;चलो संसद&quot; मार्च में शामिल होकर अपनी आवाज बुलंद करें.
&amp;nbsp;

I&amp;rsquo;m Not in good shape but not so bad either...Rather than asking me to break my fast please join me on 20th July... Peaceful March to the Parliament.#cockroachjanataparty #jantarmantar #cjpprotest #chalosansad pic.twitter.com/QZ6VyxVMAR
&amp;mdash; Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) July 15, 2026



अन्य छात्र नेता भी भूख हड़ताल पर
जंतर-मंतर पर वांगचुक के साथ कई छात्र संगठन भी आंदोलन में शामिल हैं. ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के मंच पर नेहा, मनीष और आमीन भी लगातार भूख हड़ताल पर बैठे हैं. संगठन के अनुसार, नेहा का वजन 5.85 किलोग्राम, जबकि मनीष और आमीन का वजन क्रमशः 8.2 और 8.3 किलोग्राम तक कम हो चुका है. तीनों का ब्लड शुगर स्तर भी सामान्य से नीचे पहुंच गया है. ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 16 Jul 2026 13:30:23 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>आज, कैसी, है, सोनम, वांगचुक, की, तबीयत, बोले-, मुझे, अनशन, तोड़ने, को, मत, कहिए...</media:keywords>
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        <title>NEET में 5 लाख की डील, 111 सवाल और कोचिंग कनेक्शन... CBI ने खोली परत&amp;दर&amp;परत साजिश</title>
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        <description><![CDATA[ NEET Paper Leak: NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले की जांच में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ा खुलासा किया है. एजेंसी ने स्पेशल कोर्ट को बताया कि महाराष्ट्र के लातूर स्थित एक कोचिंग सेंटर के संचालक ने परीक्षा से पहले केमिस्ट्री के सवाल हासिल करने के लिए कथित तौर पर 5 लाख रुपये दिए थे. CBI का दावा है कि यह पूरा मामला सुनियोजित साजिश का हिस्सा था और इसमें कई लोग शामिल थे.
कोचिंग संचालक पर गंभीर आरोप
CBI के मुताबिक, लातूर के कोचिंग सेंटर संचालक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर परीक्षा से पहले लीक हुए केमिस्ट्री के सवाल हासिल किए. एजेंसी ने कोर्ट में दाखिल जवाब में कहा कि इसके बदले कथित तौर पर 5 लाख रुपये का भुगतान किया गया था.
NTA पैनल से जुड़े व्यक्ति से मिले सवाल
जांच एजेंसी का आरोप है कि मोटेगांवकर को ये सवाल पी.वी. कुलकर्णी से मिले थे, जो नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के उस पैनल का हिस्सा थे जिसने NEET-UG 2026 का प्रश्नपत्र तैयार किया था. CBI ने यह भी बताया कि मोटेगांवकर का बेटा कुलकर्णी की केमिस्ट्री ट्यूशन क्लास में पढ़ता था और वहीं से कथित तौर पर ये सवाल उपलब्ध कराए गए.
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मोबाइल से मिले हाथ से लिखे सवाल
जांच के दौरान CBI ने मोटेगांवकर का मोबाइल फोन जब्त किया. एजेंसी के अनुसार, फोन में 36 तस्वीरें मिलीं, जिनमें पांच डुप्लिकेट थीं. इन तस्वीरों में हाथ से लिखे केमिस्ट्री के 132 सवाल दर्ज थे. CBI का दावा है कि इनमें से 111 सवाल NTA द्वारा तैयार किए गए NEET-UG 2026 के मास्टर क्वेशन सेट से मेल खाते हैं. एजेंसी का कहना है कि ये नोट्स कथित तौर पर कुलकर्णी की केमिस्ट्री क्लास में दिए गए सवालों के आधार पर तैयार किए गए थे.
जमानत का किया विरोध
CBI ने स्पेशल कोर्ट में मोटेगांवकर की जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया उपलब्ध साक्ष्य इस मामले में उनकी भूमिका की ओर इशारा करते हैं. इसलिए उन्हें जमानत देना जांच को प्रभावित कर सकता है.
क्या है पूरा मामला?
NEET-UG 2026 परीक्षा 3 मई को आयोजित हुई थी. पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद 12 मई को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने परीक्षा रद्द कर दी थी. इसके बाद 21 जून को दोबारा परीक्षा आयोजित की गई. फिलहाल CBI इस मामले में कई पहलुओं की जांच कर रही है और पूरे नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश में जुटी है. ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 16 Jul 2026 13:30:21 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>NEET, में, लाख, की, डील, 111, सवाल, और, कोचिंग, कनेक्शन..., CBI, ने, खोली, परत-दर-परत, साजिश</media:keywords>
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        <title>&amp;apos;हर जान की कीमत, अगर जरूरत पड़े तो...&amp;apos; सोनम वांगचुक को लेकर याचिका पर हाईकोर्ट का केंद्र सरकार को निर्देश</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/हर-जान-की-कीमत-अगर-जरूरत-पड़े-तो-सोनम-वांगचुक-को-लेकर-याचिका-पर-हाईकोर्ट-का-केंद्र-सरकार-को-निर्देश</link>
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        <description><![CDATA[ सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे हैं. उनकी भूख हड़ताल को लेकर एक जनहित याचिका (पीआईएल) दायर की गई थी, जिस पर गुरुवार (16 जुलाई) को दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. अदलात ने उनके स्वास्थ्य को लेकर गंभीर चिंता जाहिर की. कोर्ट ने कहा कि हर व्यक्ति की जान की अहमियत है. उसने केंद्र सरकार को एक निर्देश भी दिया है.
दिल्ली हाईकोर्ट ने वांगचुक के मामले पर सुनवाई करते हुए कहा कि हर नागरिक का जीवन अहम है और सरकार की जिम्मेदारी है कि उसके जीवन की रक्षा के लिए हरसंभव प्रयास करे. सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार की तरफ से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को आश्वस्त किया कि सोनम वांगचुक की हर दिन डॉक्टर जांच करेंगे. उन्होंने कोर्ट से बताया कि सोनम वांगचुक पर हर दिन नजर रखी जाती है और रिपोर्ट भी तैयार होती है.

अदालत ने सवाल किया कि क्या सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य की निगरानी के लिए कोई व्यवस्था तय की गई है कि नहीं. इस पर जवाब में सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि वांगचुक का रोजाना मेडिकल चेक-अप होता है. वे जब भी इजाजत देते हैं सरकारी डॉक्टर पहुंचते हैं. &amp;nbsp;
वांगचुक को लेकर कोर्ट ने क्या दिया निर्देश
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि वांगचुक की हर दिन डॉक्टर जांच को जारी रखें. उसने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि अगर डॉक्टरों की राय में किसी प्रकार के मेडिकल हेल्प की जरूरत महसूस होती है तो तुरंत उचित कदम उठाए जाएं. अदालत ने यह भी कहा कि हर व्यक्ति का जीवन अनमोल है और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है.
बता दें कि सोनम वांगचुक पिछले 19 दिनों से पेपर लीक के मामले को लेकर भूख हड़ताल पर हैं. उनके साथ कॉकरोच जनता पार्टी के सदस्य भी धरने पर हैं. दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा यह धरना अभी तक खत्म नहीं हो सका है.
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        <pubDate>Thu, 16 Jul 2026 13:30:20 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>हर, जान, की, कीमत, अगर, जरूरत, पड़े, तो..., सोनम, वांगचुक, को, लेकर, याचिका, पर, हाईकोर्ट, का, केंद्र, सरकार, को, निर्देश</media:keywords>
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        <title>उत्तर प्रदेश में ED का एक्शन! आतंकी फंडिंग और बांग्लादेशी&amp;रोहिंग्या घुसपैठ नेटवर्क के 13 ठिकानों पर रेड</title>
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        <description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश में कथित आतंकी फंडिंग और अवैध घुसपैठ से जुड़े एक बड़े नेटवर्क के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार (16 जुलाई 2026) को बड़ी कार्रवाई की. ED ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत राज्य के 13 अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की. यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर की गई है. जांच एजेंसियों का आरोप है कि एक संगठित गिरोह रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों की भारत में अवैध तरीके से घुसपैठ कराने का काम कर रहा था. इसके साथ ही उनके लिए फर्जी भारतीय पहचान पत्र तैयार कराए जा रहे थे और उन्हें देश के विभिन्न हिस्सों में बसाने की व्यवस्था की जा रही थी.
ED के अनुसार जांच के दौरान कुछ ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिनसे पता चलता है कि कुछ चैरिटेबल ट्रस्ट और अन्य संस्थाओं को विदेशों से बड़ी मात्रा में धनराशि प्राप्त हो रही थी. एजेंसी का आरोप है कि इस धन को कई बैंक खातों, कथित फर्जी खातों और विभिन्न वित्तीय लेनदेन के माध्यम से घुमाया जाता था. जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि प्राप्त धनराशि का इस्तेमाल कथित तौर पर अवैध गतिविधियों के लिए किया जा रहा था. ED को नकद निकासी और छोटी-छोटी रकम को अलग-अलग संदिग्ध व्यक्तियों तक पहुंचाने से जुड़े सुराग भी मिले हैं. एजेंसी अब इन वित्तीय लेनदेन की डिटेल जांच कर रही है.

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छापेमारी के दौरान ED ने क्या कब्जे में लिए?
छापेमारी के दौरान ED ने कई दस्तावेज, बैंकिंग रिकॉर्ड और डिजिटल उपकरण अपने कब्जे में लिए हैं. एजेंसी का कहना है कि बरामद दस्तावेजों और डिजिटल सबूतों की जांच की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क और धन के स्रोत का पता लगाया जा सके. ED ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी जारी है और शुरुआती जांच में मिले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. एजेंसी का मानना है कि आने वाले दिनों में जांच के दौरान और महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं. फिलहाल ED ने किसी अंतिम निष्कर्ष की घोषणा नहीं की है और मामले की डिटेल जांच जारी है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कथित नेटवर्क किस लेवल तक एक्टिव था और इसमें कौन-कौन लोग या एजेंसी शामिल थीं.
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        <pubDate>Thu, 16 Jul 2026 13:30:19 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>उत्तर, प्रदेश, में, का, एक्शन, आतंकी, फंडिंग, और, बांग्लादेशी-रोहिंग्या, घुसपैठ, नेटवर्क, के, ठिकानों, पर, रेड</media:keywords>
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        <title>Marital Dispute: पति से झगड़ा है तो उसकी नौकरी पर हमला क्यों? वैवाहिक विवाद पहुंचा दफ्तर तो सुप्रीम कोर्ट ने जताई चिंता</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/marital-dispute-पति-से-झगड़ा-है-तो-उसकी-नौकरी-पर-हमला-क्यों-वैवाहिक-विवाद-पहुंचा-दफ्तर-तो-सुप्रीम-कोर्ट-ने-जताई-चिंता</link>
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        <description><![CDATA[ वैवाहिक विवाद के दौरान पत्नियों की तरफ से पति के दफ्तर में शिकायत करने की प्रवृत्ति पर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताई है. जस्टिस बी वी नागरत्ना की अध्यक्षता वाली बेंच ने एक मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि आखिर इससे क्या हासिल होता है? पति की नौकरी छीनकर क्या मिलेगा?
सुप्रीम कोर्ट ने जिस मामले की सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की वह गाजियाबाद के एक दंपति से जुड़ा है. दोनों के बीच तलाक का मामला लंबित है. उन्होंने एक दूसरे के खिलाफ कई और केस भी दर्ज करवा रखे हैं. इनमें से एक केस मानहानि का भी है. उस केस को गाजियाबाद ट्रांसफर करवाने के लिए महिला ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है.

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पति ने मानहानि का यह मुकदमा कब दर्ज किया?
वायु सेना में काम करने वाले पति ने मानहानि का यह मुकदमा तब दर्ज करवाया, जब पत्नी ने उसके खिलाफ वायु सेना मुख्यालय में एक शिकायत दी. पत्नी ने उसपर नौकरी पर रहते हुए व्यापार करने का आरोप लगाते हुए मुख्यालय में एक ज्ञापन दिया. इसे अपनी मानहानि बताते हुए पति ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करवा दिया. पत्नी का कहना है कि पति ने अपने एक दोस्त के जरिए उस पर कई झूठे केस करवा रखे हैं. उनमें से एक केस वायु सेना से पति को मिले हेलमेट की चोरी का भी है. इस मामले में उसके भाई को भी आरोपी बनाया गया है. महिला के वकील ने जजों को बताया कि वायु सेना मुख्यालय जाने के पीछे उसका मकसद इस बारे में जानकारी जुटाना था.
जस्टिस नागरत्ना ने दोनों पक्षों से क्या कहा?
जस्टिस नागरत्ना ने दोनों पक्षों से कहा कि आप तलाक के लिए पहले से लड़ रहे हैं. फिर एक दूसरे के खिलाफ अलग से कई तरह की कार्रवाई क्यों कर रहे हैं? आप लोगों को एक दूसरे के खिलाफ दर्ज करवाए गए बाकी मुकदमे वापस लेने पर विचार करना चाहिए. &amp;nbsp;सुनवाई के दौरान जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि वैवाहिक विवाद में पत्नियों को गुजारा भत्ते की ज़रूरत पड़ती है. बाद में एकमुश्त सेटलमेंट भी होता है. ऐसे में पति की आमदनी का जरिया खत्म कर देने की कोशिश करना समझ से परे है. आखिरकार सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुलह के लिए अपने मध्यस्थता केंद्र में भेज दिया. कोर्ट ने कहा है कि दोनों पक्ष मध्यस्थ की मौजूदगी में समाधान निकालने का प्रयास करें. अगर विवाद नहीं सुलझता है तो फिर आगे सुनवाई की जाएगी.
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        <pubDate>Thu, 16 Jul 2026 13:30:16 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Marital, Dispute:, पति, से, झगड़ा, है, तो, उसकी, नौकरी, पर, हमला, क्यों, वैवाहिक, विवाद, पहुंचा, दफ्तर, तो, सुप्रीम, कोर्ट, ने, जताई, चिंता</media:keywords>
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        <title>ममता के करीबी मदन मित्रा ने बदला पाला तो आया TMC  का रिएक्शन, कहा &amp; &amp;apos;उनके जाने से...&amp;apos;</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/ममता-के-करीबी-मदन-मित्रा-ने-बदला-पाला-तो-आया-tmc-का-रिएक्शन-कहा-उनके-जाने-से</link>
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        <description><![CDATA[ ममता बनर्जी के करीब नेताओं में गिने जाने वाले टीएमसी के दिग्गज नेता और कमारहाटी से विधायक मदन मित्रा ने बुधवार (15 जुलाई) को अपने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया और विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले दूसरे गुट में शामिल हो गए. उन्होंने अभिषेक बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी वजह से ही पार्टी की यह हालत हुई है. मदन मित्रा के बागी गुट में शामिल होने पर टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने प्रतिक्रिया दी है.
टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने कहा, &#039;मुझे उनके जाने का बहुत दुख है. वे लंबे समय से हमारे साथ थे और चुनाव में हार के बाद भी हमारे साथ खड़े रहे.उनका जाने का फैसला निराशाजनक है.&#039;

#WATCH | Kolkata, West Bengal: On MLA Madan Mitra&#039;s resignation, TMC MP Saugata Roy says, &quot;... I am saddened that he has left. He was with us for a very long time and stood by us even after our election defeat. His decision to leave is disappointing...&quot; pic.twitter.com/jG9nWpZFTJ
&amp;mdash; ANI (@ANI) July 15, 2026



अभिषेक बनर्जी को ठहराया जिम्मेदार
मित्रा ने कहा, &#039;मैं टीएमसी के साथ था और आज भी टीएमसी में ही हूं. मैंने सिर्फ एक गुट से दूसरे गुट में कदम रखा है. पार्टी किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि सभी की है.&#039; उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट में उनके पास जो भी संगठनात्मक जिम्मेदारियां थीं, उनसे उन्होंने इस्तीफा दे दिया है. आगे कहा, &#039;मैं सिर्फ तृणमूल का विधायक नहीं हूं, मैं पूरे बंगाल का विधायक हूं. मैं विधानसभा का सदस्य हूं. मैंने तृणमूल के लिए सब कुछ छोड़ दिया. मेरे पास जो भी पद थे, उन सभी से मैंने इस्तीफा दे दिया.
बागी गुट में शामिल होने के बाद मदन मित्रा का आया पहला रिएक्शन, बोले - &#039;ममता बनर्जी का फोटो दिल में लेकिन...&#039;
ममता गुट को लगा बड़ा झटका
विधानसभा चुनाव में हार के बाद पार्टी में हुई टूट के बीच मदन मित्रा का यह कदम ममता बनर्जी के गुट के लिए एक और बड़ा झटका माना जा रहा है. इससे पहले 60 से ज्यादा विधायक ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले दूसरे गुट में शामिल हो चुके थे, जबकि ममता बनर्जी के साथ अब बहुत कम विधायक बचे हैं. मदन मित्रा को ममता बनर्जी के भरोसेमंद और वफादार नेताओं में से एक माना जाता था. उन्हें संगठन में कई अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं.
पत्नी-बेटे को ईडी ने भेजा समन
यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है, जब ईडी ने पश्चिम बंगाल के कथित नगर निकाय भर्ती घोटाले से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में मदन मित्रा की पत्नी और उनके बेटों को समन भेजा था. समन मिलने के बाद मित्रा ने मध्य कोलकाता में दूसरे गुट के विधायक संदीपन साहा के घर जाकर पूर्व तृणमूल विधायक स्वर्ण कमल साहा से मुलाकात की. इसके बाद उनके गुट बदलने की अटकलें तेज हो गईं थीं.
&#039;अभिषेक बनर्जी बहुत बुरे हैं...&#039;, TMC में टूट के बीच बोलीं ममता, बागियों को लेकर बड़ा ऐलान ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 16 Jul 2026 01:30:14 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>ममता, के, करीबी, मदन, मित्रा, ने, बदला, पाला, तो, आया, TMC, का, रिएक्शन, कहा, उनके, जाने, से...</media:keywords>
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        <title>परिसीमन और महिला आरक्षण पर बदल गया नंबर गेम? मानसून सत्र में फिर बिल पेश करने की तैयारी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/परिसीमन-और-महिला-आरक्षण-पर-बदल-गया-नंबर-गेम-मानसून-सत्र-में-फिर-बिल-पेश-करने-की-तैयारी</link>
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        <description><![CDATA[ केंद्र सरकार मानूसन सत्र में फिर से महिला आरक्षण और परिसीमन बिल लाने की तैयारी में है. इसको लेकर सभी राजनीतिक दलों के साथ सरकार चर्चा भी कर रही है. इसी बीच परिसीमन बिल पर सुप्रिया सुले के संकेत ने संसद के नंबर गेम को और दिलचस्प बना दिया है. सीटें बढ़ाने और 50 फीसदी आरक्षण की सीमा पर चर्चा की शर्त के साथ एनसीपी शरदचंद्र पवार समर्थन पर विचार कर सकती है. सरकार की नजर JMM, AAP और NC के सांसदों पर भी है, लेकिन इस खेल की सबसे बड़ी चाबी डीएमके के हाथ में है.
लोकसभा में टीएमसी और शिवसेना सांसदों के पाला बदलने के बाद अब एनडीए के पास 318 सांसद हैं. दो-तिहाई बहुमत के लिए 360 वोट चाहिए. यानी सरकार के सामने 42 अतिरिक्त वोट जुटाने की चुनौती है. हालांकि जब पिछले सत्र में बिल को लेकर वोटिंग हुई थी तब YSRCP ने बिल के पक्ष में मतदान किया था उसको जोड़ने के बाद 38 वोट की जरूरत रह जाती है.

लोकसभा का नंबर गेमकुल प्रभावी संख्या- 540, तीन सीटें अभी खाली है.दो-तिहाई बहुमत- 360NDA के पास 322 वोट अभी हैं.सरकार को चाहिए 38 अतिरिक्त वोट
अब सरकार की नजर विपक्षी खेमे के कई सांसदों पर है. समाजवादी पार्टी के 37 सांसद, आरजेडी के 4 सांसद और एनसीपी शरदचंद्र पवार के 8 सांसद. सूत्रों के मुताबिक JMM के 3 और NC के 2 सांसदों के साथ भी सरकार समपर्क में है. संसद में नंबर गेम ऐसा है हर सांसद का हिसाब हो रहा है.सरकार समर्थन जुटाने के साथ-साथ वोटिंग से दूरी के विकल्प पर भी काम कर रही है.
शरद पवार की पार्टी के 8 सांसद इस पूरे गणित में बड़ा फैक्टर हैं. अगर सभी राज्यों में 50 फीसदी तक सीटें बढ़ाने के फॉर्मूले पर सहमति बनती है तो एनसीपी शरदचंद्र पवार के रुख में बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा. 8 सांसद सरकार के साथ आते हैं तो सरकार द्वारा लाए जाने वाले बिल के समर्थन में संख्या 330 हो जाएगी. लेकिन फिर भी 30 वोट की जरूरत रहेगी, यानी गणित अभी भी पूरा नहीं हुआ है.&amp;nbsp; यहीं से शुरू होता है DMK FACTOR.
लोकसभा- 22 सांसदराज्यसभा- 8 सांसदकुल- 30 सांसद
डीएमके के पास लोकसभा में 22 सांसद हैं.अगर डीएमके सरकार के समर्थन में वोट करती है तो सरकार का आंकड़ा 352 तक पहुंच जाएगा. यानी 360 के बहुमत से सिर्फ 8 वोट दूर. और अगर डीएमके समर्थन के बजाय एब्सटेन करती है , तो सदन में मौजूद सांसदों की संख्या घटेगी और बहुमत का आंकड़ा भी नीचे आएगा. मतलब डीएमके चाहे समर्थन करे या दूरी बनाए दोनों ही स्थिति में उसका फैसला अहम है. इसीलिए कहा जा रहा है परिसीमन की चाबी अब भी डीएमके के हाथ में है.
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राज्यसभा में सरकार का नंबर गेमदो-तिहाई बहुमत- 164सरकार के पास- 155बंगाल उपचुनाव के बाद- 158चाहिए- 6 सांसदों का समर्थनया 12 सांसद ABSTAIN करें
राज्यसभा में सरकार का नंबर गेम लोकसभा के मुकाबले आसान दिखाई दे रहा है. बंगाल की तीन सीटों पर उपचुनाव के बाद सरकार की संख्या 158 हो जाएगी. दो-तिहाई बहुमत के लिए सिर्फ 6 सांसदों के समर्थन की जरूरत होगी. राज्यसभा में डीएमके के 8 सांसद हैं. मतलब यहां भी डीएमके समर्थन करे या एब्सटेन ,सरकार का काम आसान हो सकता है.
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        <pubDate>Thu, 16 Jul 2026 01:30:13 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>परिसीमन, और, महिला, आरक्षण, पर, बदल, गया, नंबर, गेम, मानसून, सत्र, में, फिर, बिल, पेश, करने, की, तैयारी</media:keywords>
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        <title>PM मोदी करेंगे हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब का दौरा, 26 हजार 770 करोड़ के विकास परियोजनाओं की सौगात</title>
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        <description><![CDATA[ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार (17 जुलाई, 2026) को हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब के दौरे पर जाने वाले हैं. इस दौरान पीएम मोदी तीनों राज्यों में 26,770 करोड़ से ज्यादा की लागत वाले विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और लोकार्पण करेंगे. राज्य स्तर पर बात करें, तो प्रधानमंत्री हरियाणा में 14,700 करोड़, चंडीगढ़ में 6,600 करोड़ और पंजाब में 5,470 करोड़ से ज्यादा की लागत वाले विकास परियोजनाओं को देश को समर्पित करेंगे.
हरियाणा में भारत के पहले हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे PM मोदी
पीएम मोदी के दौरे की शुरुआत हरियाणा से जिंद के शुरू होगी, जहां वे शुक्रवार (17 जुलाई) को सुबह 11 बजे जिंद रेलवे स्टेशन से जिंद और सोनीपत के बीच चलने वाले भारत के पहले हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे, जो रेलवे सेक्टर में साफ-सुथरी और टिकाऊ परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
यह ट्रेन पूरी तरह भारत में डिजाइन, विकसित और इंटीग्रेट की गई है और स्वदेशी तकनीक पर आधारित है. पीएम मोदी के इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करने के साथ ही भारत उन चुनिंदा देशों की लिस्ट में शामिल हो जाएगा, जहां हाइड्रोजन की ताकत से चलने वाली ट्रेनें संचालित होती हैं.
नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट्स का PM करेंगे उद्घाटन और शिलान्यास
इसके बाद, करीब साढ़े 11 बजे प्रधानमंत्री मोदी जिंद स्थित एकलव्य स्टेडियम में करीब 14,700 करोड़ की लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे, जिसमें 12,470 करोड़ से ज्यादा की लागत से तैयार नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट्स के साथ हेल्थ और कल्चरल प्रोजेक्ट्स भी शामिल हैं.
नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट के तहत पीएम मोदी करीब 9,680 करोड़ की लागत से बने 157.92 किमी लंबे फोर लेन, फुली-एक्सेस कंट्रोल वाले दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे (पैकेज 1 टू 5) देश को समर्पित करेंगे. इसके साथ, पीएम मोदी NH-7 और NH -344 के बीच 33.81 की लंबे फोर लेन अंबाला-काला अंब हाईवे, NH-352ए पर 40.60 किमी लंबे जिंद&amp;ndash;गोहाना ग्रीनफील्ड हाईवे और कुरुक्षेत्र में एलिवेटेड रेलवे ट्रैक को देश को समर्पित करेंगे. साथ ही, 24.27 की लंबे हांसी-बरवाला ब्राउनफील्ड हाईवे प्रोजेक्ट का शिलान्यास भी करेंगे.
इसके अलावा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हरियाणा में कई स्वास्थ्य और सांस्कृतिक परियोजनाओं का भी शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे. इसके बाद वे जनसभा को संबोधित भी करेंगे.&amp;nbsp;

चंडीगढ़ को मिलेगी 6,600 करोड़ के परियोजनाओं की सौगात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हरियाणा के दौरे को पूरा करने के बाद दोपहर करीब 1:45 बजे चंडीगढ़ पहुंचेंगे, जहां वे 6,600 करोड़ से ज्यादा की लागत की स्वास्थ्य, शिक्षा और रोड इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे. इसके बाद वे जनसभा को संबोधित करेंगे.
जालंधर में PM मोदी का कार्यक्रम
प्रधानमंत्री मोदी अपने तीन राज्यों के दौरे के आखिर में पंजाब के जालंधर पहुंचेंगे, जहां वे 5,470 करोड़ से ज्यादा की लागत वाली रेल और सड़क परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे. इन परियोजनाओं का उद्देश्य कनेक्टिविटी को बढ़ाने, यात्रियों की सुविधाओं का विस्तार करने के साथ क्षेत्र में आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है.
जालंधर दौरे के दौरान पीएम मोदी अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत करीब 1,570 करोड़ की लागत से विकसित जालंधर कैंट सहित 20 राज्यों के 75 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन करेंगे. साथ ही, PM मोदी 830 करोड़ रुपये की लागत से तैयार कई नई रेलवे लाइनों का उद्घाटन करेंगे और करटोली-अंबाला ट्रेन सर्विस और अमृतसर (छेहरटा)-वाराणसी रेल सेवा को भी हरी झंडी दिखाएंगे.
इसके अलावा, प्रधानमंत्री मोदी 3,070 करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत वाले नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे. इसमें दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे के 30.9 किमी लंबे पैकेज-6 का उद्घाटन और 25.2 किमी लंबे 6-लेन दक्षिणी लुधियाना ग्रीनफील्ड बाईपास की शिलान्यास शामिल है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Thu, 16 Jul 2026 01:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>मोदी, करेंगे, हरियाणा, चंडीगढ़, और, पंजाब, का, दौरा, हजार, 770, करोड़, के, विकास, परियोजनाओं, की, सौगात</media:keywords>
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        <title>मदन मित्रा ने छोड़ा ममता बनर्जी का साथ, तो भड़की महुआ मोइत्रा; जानें अभिषेक बनर्जी को लेकर क्या बोले बागी विधायक</title>
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        <guid>https://hindi.attentionindia.com/मदन-मित्रा-ने-छोड़ा-ममता-बनर्जी-का-साथ-तो-भड़की-महुआ-मोइत्रा-जानें-अभिषेक-बनर्जी-को-लेकर-क्या-बोले-बागी-विधायक</guid>
        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख ममता बनर्जी को बुधवार (15 जुलाई, 2026) को एक बार फिर से बड़ा झटका लगा है. बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद से उनकी पार्टी में फूट पड़ रही है. इस बीच पार्टी के वरिष्ठ नेता मदन मित्रा भी ममता बनर्जी का साथ छोड़कर ऋतब्रत बनर्जी के बागी टीएमसी गुट में शामिल हो गए हैं. वहीं, ममता बनर्जी की सहयोगी और लोकसभा में टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने मदन मित्रा के ऋतब्रत बनर्जी के साथ जाने को लेकर कड़ी टिप्पणी की है.
मदन मित्रा को लेकर क्या बोलीं महुआ मोइत्रा?
TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने बुधवार (15 जुलाई, 2026) को न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा, &amp;lsquo;मदन मित्रा का ऋतब्रत बनर्जी के बागी गुट के साथ जाना कोई हैरानी की बात नहीं है. कल मंगलवार (14 जुलाई, 2026) को मदन मित्रा की पत्नी, बहुओं और बेटों को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने तलब किया था, तो वे ईडी की बुलावे पर गए हैं. तो अब हमें यह समझना चाहिए कि जो आदमी परसों तक ऋतब्रत गैंग को गाली दे रहा था, वो आज अचानक वहां जाकर ऋतब्रत के बगल में बैठ रहा है.&amp;rsquo;&amp;nbsp;

#WATCH | Kolkata, West Bengal: On Madan Mitra quitting Mamata Banerjee&#039;s TMC and joining rebel TMC faction led by Ritabrata Banerjee, Mamata Banerjee&#039;s TMC MP Mahua Moitra says, &quot;It&#039;s not a surprise. Yesterday, his wife, daughters-in-law and sons were summoned by the ED. So, he&amp;hellip; pic.twitter.com/uvarccPytC
&amp;mdash; ANI (@ANI) July 15, 2026



उन्होंने कहा, &amp;lsquo;यह ईडी के खास बुलावे पर किया गया है, इसलिए हम उन्हें शुभकामनाएं देते हैं. हम उनके अच्छे भाग्य और अच्छी सेहत की कामना करते हैं. ऋतब्रत गैंग के साथ काम करने में उनका अच्छा समय बीते.&amp;rsquo;
ममता बनर्जी का साथ छोड़ने पर बोले मदन मित्रा
वहीं, दूसरी तरफ तृणमूल कांग्रेस (TMC) बागी विधायकों में शामिल हो चुके मदन मित्रा ने ममता बनर्जी का साथ छोड़ने को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने आरोप लगाया है कि अब तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व संगठन को मजबूत करने के बजाय सिर्फ और सिर्फ ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी को प्रमोट करने पर फोकस करते हुए काम कर रहा है.&amp;nbsp;
उन्होंने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा, &amp;lsquo;मैंने ममता बनर्जी के तृणमूल कांग्रेस (TMC) से इसलिए इस्तीफा दिया, क्योंकि अब मैं वहां पूरी ताकत के साथ काम नहीं कर पा रहा था. मैंने उन सभी समितियों के पदों से इस्तीफा दे दिया, जिसका मैं सदस्य रहा.&amp;rsquo;

#WATCH | Kolkata, West Bengal: After resigning from TMC, MLA Madan Mitra says, &quot;... I resigned because I was no longer able to work effectively within Mamata Banerjee&#039;s TMC. I have stepped down from all the committees I was part of. More and more of Mamata Banerjee&#039;s long-time&amp;hellip; pic.twitter.com/QiFebumEcf
&amp;mdash; ANI (@ANI) July 15, 2026



अभिषेक बनर्जी पर मदन मित्रा का बड़ा आरोप
मदन मित्रा ने कहा, &amp;lsquo;ममता बनर्जी के लंबे वक्त से सहयोगी रहने वाले लोग मेरे हिसाब से इसलिए उनका साथ छोड़कर जा रहे हैं, क्योंकि अब पार्टी नेतृत्व संगठन को मजबूत करने के बजाए सिर्फ अभिषेक बनर्जी के प्रमोशन पर फोकस कर रही है. टीएमसी सिर्फ एक व्यक्ति की तो पार्टी है नहीं, ऐसे में मैंने कई मौकों पर ममता बनर्जी के सामने इन मुद्दों को उठाया, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई.&amp;rsquo;
उन्होंने कहा, &amp;lsquo;मुझे लगता है कि अभिषेक बनर्जी ये चाहते हैं कि कोई भी फैसला सिर्फ उनके शर्तों और नियमों के मुताबिक बने. इसके अलावा वो किसी और को महत्वपूर्ण भूमिका निभाते नहीं देखना चाहते हैं और मुझे लगता है कि इसका नतीजा यह है कि पार्टी कमजोर हो रही है.&amp;rsquo;&amp;nbsp;
यह भी पढ़ेंः पत्नी को ED समन के एक दिन बाद करीबी मदन मित्रा ने छोड़ा ममता बनर्जी का साथ, जानें BJP ने क्या कहा ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 16 Jul 2026 01:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>मदन, मित्रा, ने, छोड़ा, ममता, बनर्जी, का, साथ, तो, भड़की, महुआ, मोइत्रा, जानें, अभिषेक, बनर्जी, को, लेकर, क्या, बोले, बागी, विधायक</media:keywords>
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        <title>जिस PoK के लिए अमित शाह ने खाई थी कसम, क्या वो अब वापस मिलने वाला है? बगावत के विद्रोह से संकेत</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/जिस-pok-के-लिए-अमित-शाह-ने-खाई-थी-कसम-क्या-वो-अब-वापस-मिलने-वाला-है-बगावत-के-विद्रोह-से-संकेत</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/जिस-pok-के-लिए-अमित-शाह-ने-खाई-थी-कसम-क्या-वो-अब-वापस-मिलने-वाला-है-बगावत-के-विद्रोह-से-संकेत</guid>
        <description><![CDATA[ PoK Protest: पीओके... यानी पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर... एक बार फिर सुर्खियों में है. पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के कई इलाकों में बीते कई हफ्तों से प्रदर्शन जारी हैं. प्रदर्शनकारी महंगाई, बेरोज़गारी, बिजली संकट, प्रशासनिक व्यवस्था और राजनीतिक अधिकारों जैसे मुद्दों को लेकर सड़कों पर हैं. कई जगह पाकिस्तान सरकार और सुरक्षा बलों के खिलाफ भी नारेबाज़ी हुई है. इन प्रदर्शनों के दौरान हिंसा और झड़पों की भी खबरें आई हैं.
हालांकि, सोशल मीडिया पर इन विरोध प्रदर्शनों को सीधे &quot;भारत में शामिल होने&quot; या &quot;पीओके भारत लौटने वाला है&quot; जैसे दावों से जोड़कर पेश किया जा रहा है. इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. ऐसे में सवाल यह है कि आखिर पीओके में विरोध क्यों हो रहा है? क्या ये आंदोलन सिर्फ स्थानीय अधिकारों का है या इसके पीछे कुछ और भी है? आइए समझते हैं.
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के रावलाकोट, मुज़फ्फराबाद, बाग और दूसरे इलाकों में पिछले कई सप्ताह से लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं. शुरुआत महंगाई, बिजली संकट, रोज़गार, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर हुई थी. लेकिन समय के साथ आंदोलन का दायरा बढ़ता गया और प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान सरकार की नीतियों और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाने शुरू कर दिए.
कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पें हुईं. स्थानीय संगठनों का आरोप है कि आंदोलन को दबाने के लिए बल प्रयोग किया गया, जबकि पाकिस्तान की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने की बात कही गई है.
विरोध क्यों हो रहा है?
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में शामिल हैं&amp;mdash;
महंगाई पर नियंत्रणलगातार बिजली कटौती खत्म करनाबेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएंरोजगार के अवसर बढ़ानाराजनीतिक अधिकारों और प्रतिनिधित्व को मजबूत करनाआंदोलन के दौरान गिरफ्तार लोगों की रिहाई
जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) समेत कई स्थानीय संगठनों का कहना है कि उनकी मांगें लंबे समय से अनसुनी की जा रही हैं.
चुनाव का विरोध
27 जुलाई को प्रस्तावित चुनावों को लेकर भी विरोध तेज हुआ. कुछ संगठनों ने आरोप लगाया कि आरक्षित सीटों और राजनीतिक प्रक्रिया में स्थानीय लोगों की वास्तविक भागीदारी नहीं है. इसी वजह से चुनाव के बहिष्कार का भी ऐलान किया गया.
इसी दौरान कुछ राजनीतिक दलों के चुनाव प्रचार का भी विरोध हुआ और कई जगह तनाव की स्थिति बनी.
क्या आंदोलन आजादी का है?
प्रदर्शनों के दौरान कुछ वीडियो में पाकिस्तान विरोधी नारे और आजादी की मांग भी सुनाई दी है. हालांकि पूरे आंदोलन को एक ही मांग से जोड़कर देखना सही नहीं होगा. स्थानीय स्तर पर अलग-अलग समूह अलग-अलग मांगें उठा रहे हैं. कुछ संगठन प्रशासनिक सुधार चाहते हैं, कुछ ज्यादा राजनीतिक अधिकारों की मांग कर रहे हैं और कुछ समूह पाकिस्तान से अलग होने की भी बात कर रहे हैं.
ऐसे में पूरे पीओके के आंदोलन को सिर्फ &quot;भारत में विलय&quot; की मांग बताना तथ्यात्मक रूप से सही नहीं माना जा सकता.
भारत का रुख
भारत लगातार यह कहता रहा है कि पूरा जम्मू-कश्मीर, जिसमें पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर भी शामिल है, भारत का अभिन्न अंग है.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह समेत कई वरिष्ठ नेता सार्वजनिक मंचों से कह चुके हैं कि पीओके भारत का हिस्सा है और भविष्य में वह भारत का हिस्सा बनेगा. भारत ने पीओके में प्रदर्शनकारियों पर कथित बल प्रयोग और मानवाधिकार उल्लंघन के मुद्दे भी कई बार उठाए हैं.
पाकिस्तान की चुनौती
पीओके में जारी विरोध पाकिस्तान के लिए इसलिए भी चुनौती बन गया है क्योंकि यह इलाका लंबे समय से राजनीतिक और आर्थिक असंतोष का सामना करता रहा है. आर्थिक संकट, बढ़ती महंगाई, ऊर्जा संकट और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर लोगों की नाराजगी लगातार बढ़ रही है. इन परिस्थितियों ने विरोध प्रदर्शनों को और तेज कर दिया है.
फिलहाल इतना जरूर कहा जा सकता है कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में असंतोष गहराता दिखाई दे रहा है. लेकिन यह कहना कि पूरा पीओके भारत में शामिल होने जा रहा है या जल्द भारत को सौंप दिया जाएगा- ऐसा दावा उपलब्ध और सत्यापित तथ्यों से सिद्ध नहीं होता. वास्तविक स्थिति यह है कि पीओके में बड़े पैमाने पर राजनीतिक, आर्थिक और प्रशासनिक मुद्दों को लेकर आंदोलन जारी है, जिसकी दिशा और परिणाम आने वाले समय में ही स्पष्ट होंगे.
ये भी पढ़ें: &#039;सुनो तुम मुसलमान हो क्या?&#039;, जबाव सुनकर US में भारतीय शख्स के ऊपर 15 बार किया धारदार चाकू से वार ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 16 Jul 2026 01:30:10 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>जिस, PoK, के, लिए, अमित, शाह, ने, खाई, थी, कसम, क्या, वो, अब, वापस, मिलने, वाला, है, बगावत, के, विद्रोह, से, संकेत</media:keywords>
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        <title>देश में कितने फीसदी लोगों के पास पासपोर्ट, कैसे होता है जारी? विदेश मंत्रालय ने सब साफ कर दिया</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/देश-में-कितने-फीसदी-लोगों-के-पास-पासपोर्ट-कैसे-होता-है-जारी-विदेश-मंत्रालय-ने-सब-साफ-कर-दिया</link>
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        <description><![CDATA[ क्या पासपोर्ट का इस्तेमाल नागरिकता वेरिफिकेशन करने के लिए किया जा सकता है? इस मुद्दे पर लंबे समय से बहस छिड़ी हुई है. बीते दिनों इस पर खूब सियासी बवाल देखने को मिला था. विदेश मंत्रालय ने मंगलवार (14 जुलाई) को साफ किया है कि पासपोर्ट ऐसा डॉक्यूमेंट है, जो भारतीय नागरिकों के देश से बाहर जाने को &#039;नियंत्रित करता&#039; है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पासपोर्ट एक स्थापित प्रक्रिया के तहत किए जाने वाले उचित &amp;lsquo;वेरिफिकेशन&amp;rsquo; के बाद जारी किया जाता है और मौजूदा समय में केवल 8 प्रतिशत से भी कम भारतीय नागरिकों के पास पासपोर्ट है.
क्या बोले रणधीर जायसवाल?
जायसवाल ने कहा, &#039;भारतीय पासपोर्ट ऐसा दस्तावेज होता है जिसे पासपोर्ट अधिनियम, 1967 के तहत भारत सरकार द्वारा भारतीय नागरिकों के भारत से बाहर जाने को नियंत्रित करने के लिए जारी किया जाता है.&#039; उन्होंने कहा, &#039;इसे एक तय प्रक्रिया के तहत जरूरी जांच-पड़ताल के बाद जारी किया जाता है. भारतीय नागरिकों या किसी भी अन्य व्यक्ति को पासपोर्ट जारी करने का काम &#039;पासपोर्ट कानून, 1967&#039; और &#039;पासपोर्ट नियम, 1980&#039; के तहत किया जाता है.&#039;
विदेश मंत्रालय के सीनियर अधिकारियों ने 24 जून को पासपोर्ट सेवा दिवस के मौके पर आयोजित प्रेस वार्ता में पासपोर्ट को यात्रा दस्तावेज बताया था, न कि नागरिकता साबित करने वाला दस्तावेज. ये टिप्पणियां इस सवाल के जवाब में आई थीं कि क्या निर्वाचन आयोग द्वारा कई राज्यों में कराए जा रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान पासपोर्ट को नागरिकता के प्रमाण के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है.
राहुल गांधी, जोसेफ विजय से जेपी नड्डा तक... जंतर-मंतर पर नीट के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए CJP ने भेजा न्योता
&#039;पासपोर्ट नागरिकता साबित करने का डॉक्यूमेंट नहीं&#039;
अधिकारियों ने कहा था कि पासपोर्ट विदेश यात्रा के लिए जारी किया जाता है और यह नागरिकता साबित करने वाला दस्तावेज नहीं है. इन टिप्पणियों पर कांग्रेस समेत कुछ विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए हैरानी जताई थी कि पासपोर्ट किसी व्यक्ति की नागरिकता का सबूत कैसे नहीं हो सकता. कांग्रेस ने विदेश मंत्रालय की आलोचना करते हुए आरोप लगाया था कि सरकार उन भारतीयों के नागरिकता अधिकारों को मनमाने ढंग से नकारने की जमीन तैयार कर रही है, जिनसे वह असहमत है.
12 बाइकर्स और एक SUV मालिक पर लद्दाख प्रशासन सख्त, संरक्षित इलाकों में गैरकानूनी तरीके से गाड़ी चलाने पर लगाया भारी जुर्माना
&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 15 Jul 2026 09:30:09 +0530</pubDate>
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        <title>12 बाइकर्स और एक SUV मालिक पर लद्दाख प्रशासन सख्त, संरक्षित इलाकों में गैरकानूनी तरीके से गाड़ी चलाने पर लगाया भारी जुर्माना</title>
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        <description><![CDATA[ लद्दाख में अधिकारियों ने 12 बाइकर्स और एक SUV के मालिक पर संरक्षित वन्यजीव इलाकों में गैर-कानूनी तरीके से गाड़ी चलाने के लिए जुर्माना लगाया है. वहीं, लद्दाख के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने पर्यटकों से अपील की है कि वे केंद्र शासित प्रदेश का आनंद जिम्मेदारी से लें और इसके बेदाग पर्यावरण और वन्यजीवों को बचाने में मदद करें.
बाइकर्स ने 10-10 हजार, तो SUV मालिक ने भरा 50 हजार जुर्माना
संरक्षित इलाकों में गैर-कानूनी ऑफ-रोडिंग की बढ़ती समस्या के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए लद्दाख प्रशासन ने बाइक सवार समूहों पर जुर्माना लगाया है. सरकारी प्रवक्ता ने मंगलवार (14 जुलाई, 2026) को बताया कि मोरीरी झील के पास पर्यावरण के नजरिए से संवेदनशील संरक्षित इलाकों में गैर-कानूनी तरीके से जाने के लिए 12 बाइकर्स पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है.
उन्होंने कहा कि पैंगोंग झील के पास SUV चलाने वाले एक और पर्यटक पर भी वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के नियमों का उल्लंघन करने के लिए 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है.
बाइकर्स का फेवरेट मोटोरिस्ट डेस्टिनेशन बना लद्दाख
पिछले कुछ सालों में, लद्दाख मोटरसाइकिल के शौकीनों के लिए देश की सबसे पसंदीदा जगहों में से एक बनकर उभरा है. हालांकि, पर्यटन में बढ़ोतरी के साथ-साथ अधिकारियों ने देखा है कि पर्यटक संरक्षित वन्यजीव इलाकों में जा रहे हैं और नाज़ुक वेटलैंड्स, झील के किनारों और संवेदनशील आवासों में गाड़ियां चला रहे हैं. इससे लद्दाख के अनोखे इकोसिस्टम को कभी न ठीक होने वाला नुकसान पहुंच रहा है और वन्यजीव परेशान हो रहे हैं.&amp;nbsp;

मामले पर क्या बोले लद्दाख के उपराज्यपाल?
केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने कहा, &amp;lsquo;लद्दाख के पहाड़, झीलें, नदियां और वन्यजीव इसकी सबसे बड़ी धरोहर हैं और ये सिर्फ यहां के लोगों की ही नहीं, बल्कि पूरे देश की हैं. हम लद्दाख की बेमिसाल खूबसूरती, संस्कृति और मेहमाननवाजी का अनुभव करने आने वाले हर पर्यटक का दिल से स्वागत करते हैं.&amp;rsquo;&amp;nbsp;
उन्होंने कहा, &amp;lsquo;मैं सभी पर्यटकों से अपील करता हूं कि वे हमारे शानदार नजारों और अनोखे वन्यजीवों का आनंद जिम्मेदारी से लें और ऐसी किसी भी गतिविधि से बचें, जिससे हमारे नाजुक पर्यावरण को नुकसान पहुंचे या संरक्षित आवासों में खलल पड़े.&amp;rsquo; उन्होंने आगे कहा, &amp;lsquo;प्रशासन पर्यटन को बढ़ावा देना जारी रखेगा, लेकिन साथ ही हम उन लोगों के खिलाफ सख्ती से कानून लागू करेंगे, जो लद्दाख की अनमोल प्राकृतिक धरोहर को खतरे में डालते हैं.&amp;rsquo;
उपराज्यपाल के निर्देशों के मुताबिक की गई कार्रवाई
यह सख्ती उपराज्यपाल के उन निर्देशों के बाद की गई है, जिनमें गैर-कानूनी ऑफ-रोडिंग को रोकने और लद्दाख के पर्यावरण की दृष्टि से नाज़ुक इलाकों को बचाने के लिए कहा गया था. प्रवक्ता ने कहा, &amp;lsquo;लद्दाख पर्यावरण संरक्षण बल (EPF) की हालिया तैनाती के बाद इस पहल को तेजी मिली है. इस बल में 100 पूर्व सैनिक शामिल हैं, जिन्हें पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील इलाकों की निगरानी करने और नियमों का उल्लंघन करने वालों का मौके पर ही चालान काटने का अधिकार दिया गया है.&amp;rsquo;
अधिकारी ने आगे कहा, &amp;lsquo;दोनों उल्लंघन वन्यजीव विभाग के कर्मचारियों और वन्यजीव मुखबिरों की सतर्क गश्त के दौरान पकड़े गए, जो संरक्षित इलाकों में प्रशासन की मजबूत निगरानी व्यवस्था को दर्शाता है.&amp;rsquo;&amp;nbsp;
यह भी पढ़ेंः दिल्ली के लोगों को अभी नहीं मिलेगी गर्मी और उमस से राहत, IMD ने कहा- 18-19 जुलाई से पहले बारिश के आसार नहीं... ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 15 Jul 2026 09:30:09 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>बाइकर्स, और, एक, SUV, मालिक, पर, लद्दाख, प्रशासन, सख्त, संरक्षित, इलाकों, में, गैरकानूनी, तरीके, से, गाड़ी, चलाने, पर, लगाया, भारी, जुर्माना</media:keywords>
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        <title>बेंगलुरु ISIS साजिश केस में बड़ा फैसला, NIA कोर्ट ने आरोपी मोहम्मद हनीफ खान को सुनाई 7 साल की सजा</title>
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        <description><![CDATA[ भारत की जांच एजेंसी NIA की बेंगलुरु स्थित विशेष अदालत ने 2020 के चर्चित अल-हिंद ISIS आतंकी साजिश मामले में मंगलवार (14 जुलाई, 2026) को बड़ी कार्रवाई की है. एनआईए की विशेष अदालत ने इस आतंकी साजिश मामले में अहम आरोपी मोहम्मद हनीफ खान को दोषी ठहराते हुए सात साल की कठोर कैद की सजा सुनाई है. इसके साथ ही, दोषी पर 48 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. मोहम्मद हनीफ खान अदालत की तरफ से इस आतंकी साजिश मामले में सजा पाने वाला पहला आरोपी है.
क्या था पूरा मामला?
NIA के मुताबिक, मोहम्मद हनीफ खान उस टीम का हिस्सा था, जिसने कर्नाटक के शिवनसमुद्र और गुंडलपेट के जंगलों में आतंकियों के प्रशिक्षण और छिपने के ठिकानों के लिए जगह तलाश की थी. जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ISIS का नेटवर्क खड़ा करने और उसका ठिकाना बनाने की साजिश में शामिल था.
एजेंसी की जांच में क्या हुआ खुलासा?

NIA के मुताबिक, इस पूरे षड्यंत्र का मास्टरमाइंड मेहबूब पाशा था, जिसने अपने घर पर कई बैठकें कर सांप्रदायिक हिंसा फैलाने, टारगेट किलिंग करने और ISIS के एजेंडे को आगे बढ़ाने की साजिश रची थी. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) का कहना है कि पाशा ने हनीफ को दो पिस्टल और 60 जिंदा कारतूस भी दिए थे. इतना ही नहीं, हनीफ ने साजिश के तहत कई आरोपियों को किराये की कार से बेंगलुरु से पश्चिम बंगाल भी पहुंचाया था.&amp;nbsp;
मॉड्यूल के ऑनलाइन हैंडलर की तलाश में NIA
ये मामला जनवरी, 2020 में पहले कर्नाटक पुलिस ने दर्ज किया था, जिसे बाद में NIA ने अपने हाथ में ले लिया. अब तक इस केस में 20 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है और सभी गिरफ्तार किए जा चुके है. एनआईए अब भी इस मॉड्यूल के ऑनलाइन हैंडलर की तलाश में जुटी है, जिसने पूरे नेटवर्क को खड़ा करने की साजिश रची थी.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ेंः 12 बाइकर्स और एक SUV मालिक पर लद्दाख प्रशासन सख्त, संरक्षित इलाकों में गैरकानूनी तरीके से गाड़ी चलाने पर लगाया भारी जुर्माना ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 15 Jul 2026 09:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>Weather Forecast Today: दिल्ली&amp;यूपी और हरियाणा&amp;पंजाब में आज होगी बारिश? मौसम विभाग ने जारी कर दिया ताजा अलर्ट</title>
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        <description><![CDATA[ दक्षिण पश्चिम मानसून कमजोर होने के कारण कई जगहों पर बारिश में बदलाव देखने को मिल रहा है. उत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश थम सी गई है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 15 जुलाई को नॉर्थ ईस्ट के अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है.&amp;nbsp;
मौसम विभाग के मुताबिक बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है. इन क्षेत्रों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है. इसके अलावा उत्तर भारत के उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में आज भारी बारिश के आसार हैं.&amp;nbsp;

IMD के मुताबिक पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश होगी. इस दौरान कहीं-कहीं गरज-चमक देखने को मिल सकती है. इसके अलावा मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी बाारिश के आसार हैं. कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. गुजरात, गोवा, महाराष्ट्र और सौराष्ट्र में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा.&amp;nbsp;
राजस्थान में बढ़ा पारादक्षिण पश्चिम मानसून कमजोर पड़ने के बीच राजस्थान में कई जगह हल्की बारिश हुई. बीते 24 घंटों के दौरान राज्य में कहीं-कहीं तेज हवाएं दर्ज की गईं. राज्य के कई हिस्सों में अब भी गर्मी पड़ रही है. अधिकतम तापमान गंगानगर में 41.5 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान सिरोही में 21.0 डिग्री सेल्सियस रहा. पश्चिम राजस्थान के जोधपुर व बीकानेर संभाग के अधिकतर भागों में आगामी एक सप्ताह तक मौसम शष्क रहेगा.&amp;nbsp;
रथ यात्रा के दौरान भयंकर बारिशरथ यात्रा के दौरान पुरी सहित ओडिशा के कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. इस बार रथ यात्रा 16 जुलाई को पुरी में आयोजित की जाएगी. मौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटों के दौरान बंगाल की खाड़ी और पश्चिम बांग्लादेश तट पर कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है. इस कारण बुधवार से शुक्रवार तक पुरी में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है. इस देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है.
मौसम विभाग के मुताबिक केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में कई जगहों पर हल्की से भारी बारिश होने की संभावना है. कुछ इलाकों में गरज के साथ बौछारें और तेज हवाएं भी चल सकती हैं. हालांकि दक्षिण के कुछ तटीय क्षेत्रों में उमस बनी रह सकती है.&amp;nbsp;
ये भी पढ़ें&amp;nbsp;
मुकदमे का फैसला अपने पक्ष में कराने के लिए जज की कुर्सी पर &amp;lsquo;काला जादू&amp;rsquo;, महिला गिरफ्तार ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 15 Jul 2026 09:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर आधी रात बवाल, परेड ग्राउंड में अड़कर बैठ गए कांग्रेसी, अब क्या होगा?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/राहुल-गांधी-के-कार्यक्रम-को-लेकर-आधी-रात-बवाल-परेड-ग्राउंड-में-अड़कर-बैठ-गए-कांग्रेसी-अब-क्या-होगा</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/राहुल-गांधी-के-कार्यक्रम-को-लेकर-आधी-रात-बवाल-परेड-ग्राउंड-में-अड़कर-बैठ-गए-कांग्रेसी-अब-क्या-होगा</guid>
        <description><![CDATA[ लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के 17 जुलाई को देहरादून में प्रस्तावित &amp;lsquo;छात्रों की गूंज&amp;rsquo; कार्यक्रम को लेकर परेड ग्राउंड की अनुमति पर शुरू हुआ विवाद मंगलवार देर रात धरना-प्रदर्शन में बदल गया. कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आधी रात परेड ग्राउंड पहुंचकर राज्य सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की. कांग्रेस ने कार्यक्रम का स्थान बदलने का फैसला किया है.&amp;nbsp;
राहुल गांधी अब छात्रों से परेड ग्राउंड के बजाय बन्नू स्कूल मैदान में संवाद करेंगे. कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि कार्यक्रम की तारीख में कोई बदलाव नहीं किया गया है. &amp;lsquo;छात्रों की गूंज&amp;rsquo; कार्यक्रम 17 जुलाई को ही आयोजित होगा. पार्टी का कहना है कि छात्रों और अभिभावकों की सुरक्षा तथा कार्यक्रम में किसी तरह की अव्यवस्था से बचने के लिए वैकल्पिक मैदान चुना गया है.

परेड ग्राउंड में कार्यक्रम की तैयारियों के लिए टेंट और अन्य सामग्री लेकर पहुंचे ट्रकों को मैदान में प्रवेश नहीं मिलने के बाद कांग्रेस नेताओं ने देर रात विरोध का फैसला किया. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह, वरिष्ठ नेता हरक सिंह रावत और प्रदेश सह प्रभारी मनोज यादव सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता कांग्रेस मुख्यालय से पैदल मार्च करते हुए परेड ग्राउंड पहुंचे. मैदान के आसपास पहले से पुलिस बल तैनात था. इसी के चलते कांग्रेस नेताओं और पुलिस के बीच नोकझोंक भी हुई. इसके बाद नेता और कार्यकर्ता परेड ग्राउंड में धरने पर बैठ गए और कार्यक्रम की अनुमति वापस लेने का विरोध किया.
फीस लेने के बाद रोकी गई अनुमति- कांग्रेस&amp;nbsp;गणेश गोदियाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने कार्यक्रम के लिए समय से आवेदन किया था और परेड ग्राउंड के इस्तेमाल के लिए करीब 1.77 लाख रुपये जमा कराए थे. उनका दावा है कि कांग्रेस को 15, 16 और 17 जुलाई के लिए मैदान उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी होने की जानकारी दी गई थी, लेकिन बाद में सरकार के दबाव में कार्यक्रम की अनुमति रोक दी गई. उन्होंने कहा कि निर्धारित शुल्क करीब 65 हजार रुपये बताया गया था, जबकि कांग्रेस ने उससे कहीं अधिक राशि जमा कराई. इसके बावजूद टेंट और दूसरे सामान से लदे ट्रकों को मैदान में प्रवेश नहीं दिया गया.
नगर आयुक्त आलोक पांडे का कहना था कि कांग्रेस को पत्र के माध्यम से अनुमति से जुड़ी शर्तों और जरूरी एनओसी की जानकारी दे दी गई थी, लेकिन संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए. नगर निगम उन दस्तावेजों और शर्तों के अनुपालन का इंतजार कर रहा था. दूसरी ओर कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री संगठन राजेंद्र भंडारी का कहना था कि पार्टी ने नगर निगम में आवेदन करने के साथ निर्धारित धनराशि जमा कर दी थी और उसी आधार पर तैयारियां शुरू की गई थीं.
सरकारी कार्यक्रम के कारण पैदा हुआ विवादपरेड ग्राउंड में 16 जुलाई को हरेला पर्व से जुड़ा सरकारी कार्यक्रम प्रस्तावित होने की बात कही गई. प्रशासनिक स्तर पर इन्हीं कार्यक्रमों के कारण मैदान उपलब्ध कराने में व्यावहारिक कठिनाई का भी हवाला दिया गया. कांग्रेस ने इस तर्क पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस सरकारी आयोजन के नाम पर राहुल गांधी के कार्यक्रम को रोका गया, देर रात मैदान में उससे जुड़ी कोई बड़ी गतिविधि दिखाई नहीं दे रही थी.
ढाई लाख से ज्यादा पंजीकरण का दावाकांग्रेस का दावा है कि राहुल गांधी के &amp;lsquo;छात्रों की गूंज&amp;rsquo; कार्यक्रम के लिए प्रदेशभर से ढाई लाख से अधिक विद्यार्थियों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया है. परेड ग्राउंड की क्षमता लगभग 50 हजार लोगों की मानी जाती है. इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए कार्यक्रम की भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा को लेकर पहले से सवाल उठ रहे थे. पार्टी का कहना है कि कार्यक्रम में राहुल गांधी उत्तराखंड के विद्यार्थियों से शिक्षा, भर्ती परीक्षाओं, रोजगार और युवाओं से जुड़े दूसरे विषयों पर संवाद करेंगे.
17 जुलाई को बन्नू स्कूल मैदान में कार्यक्रमकांग्रेस ने अब आधिकारिक रूप से स्पष्ट कर दिया है कि राहुल गांधी का कार्यक्रम 17 जुलाई को बन्नू स्कूल मैदान में आयोजित किया जाएगा. पार्टी के मुताबिक कार्यक्रम का स्वरूप और छात्रों के साथ संवाद की योजना पहले जैसी ही रहेगी, केवल आयोजन स्थल बदला गया है.
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        <pubDate>Wed, 15 Jul 2026 09:30:06 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>राहुल, गांधी, के, कार्यक्रम, को, लेकर, आधी, रात, बवाल, परेड, ग्राउंड, में, अड़कर, बैठ, गए, कांग्रेसी, अब, क्या, होगा</media:keywords>
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        <title>धार भोजशाला केस: सुप्रीम कोर्ट में बोला मुस्लिम पक्ष&amp; 800 साल पुरानी मस्जिद में नमाज रुकवा दी&amp;apos;,  CJI तुरंत बोले&amp; &amp;apos;संयम रखें...&amp;apos;</title>
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        <description><![CDATA[ सुप्रीम कोर्ट में धार भोजशाला मामले में सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष ने दलील दी कि मस्जिद में 800 सालों से नमाज हो रही थी, जिसे बंद करा दिया गया. हमें धार्मिक गतिविधियों से पूरी तरह बाहर कर दिया गया. इस पर चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने सभी पक्षों से संयमित रहने का अनुरोध किया. उन्होंने कहा कि कोर्ट में कही गई बातों का बाहर लोग गलत अर्थ लगा सकते हैं. यह केस पहली बार लगा है. इसे जल्द से जल्द सुनने की कोशिश की जाएगी.
मुस्लिम पक्ष के वकील हुजैफा अहमदी ने कहा, &amp;nbsp;&#039;पहले जो स्थिति थी उसे हाई कोर्ट ने बदल दिया. हमें धार्मिक गतिविधियों से पूरी तरह बाहर कर दिया गया. सुप्रीम कोर्ट आने का मौका तक नहीं दिया गया.&#039;
आंख के बदले आंख दुनिया को अंधा कर देगी- सिंघवी
अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, &#039;एक आंख के बदले आंख दुनिया को अंधा कर देगी. हो सकता है वहां मंदिर था. कुतुब मीनार के बारे में भी दावा है. ताज महल के बारे में भी दावा है. 700 साल तक धार भोजशाला में नमाज होती रही. अंग्रेजों के जमाने के दस्तावेज भी यह दिखाते हैं.&#039;
उन्होंने कहा, &#039;नमाज के साथ बसंत पंचमी और मंगलवार को पूजा होना धार्मिक सौहार्द का अच्छा उदाहरण था. इसे नहीं बदलना चाहिए था.&#039; उन्होंने बेंच से मांग की है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले तक पुरानी स्थिति बहाल की जाए.
वहीं सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल ने कहा, &#039;2 महीने हो गए फैसले को. तब से स्थिति बहुत बदल चुकी है.&#039; मुस्लिम पक्ष के वकीलों ने सॉलिसिटर जनरल की इस दलील का विरोध किया.
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800 साल पुरानी मस्जिद में नमाज रुकवाना सख्त कदम- मुस्लिम पक्ष
मुस्लिम पक्ष की एक और वकील मीनाक्षी अरोड़ा ने कहा, &#039;1995 में दोनों पक्षों में सहमति बनी कि दोनों सौहार्दपूर्ण तरीके से धार्मिक गतिविधि करेंगे. इस स्थिति को अचानक बदलना गलत था. 800 साल पुरानी मस्जिद है. वहां नमाज रुकवा देना बेहद सख्त कदम है.&#039;
इसके बाद CJI ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की. उन्होंने कहा कि पहले इस केस में सलमान खुर्शीद जिरह करते रहे हैं. उन्होंने विशेष ध्यान रखा था कि समाज में कोई गलत संदेश न जाए.
सॉलिसिटर जनरल ने क्या दी दलील?
सॉलिसिटर जनरल ने कहा, &#039;बस मैं यही कहना चाहता हूं कि अब 2 महीने बीत चुके हैं. हाई कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन ने उसके आधार पर कुछ कदम उठाए हैं. वहां शांति बनी हुई है.&#039;
वहीं हुजैफा अहमदी कोर्ट को आश्वस्त करने की कोशिश की कि पुरानी स्थिति बहाल की जा सकती है. इसके लिए उन्होंने 1935 और 1951 के कुछ पुराने आदेशों का हवाला भी दिया. &amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 14 Jul 2026 21:30:13 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>धार, भोजशाला, केस:, सुप्रीम, कोर्ट, में, बोला, मुस्लिम, पक्ष-, 800, साल, पुरानी, मस्जिद, में, नमाज, रुकवा, दी,  CJI, तुरंत, बोले-, संयम, रखें...</media:keywords>
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        <title>&amp;apos;नमाज के लिए मुस्लिम पक्ष को दी जाएगी जगह&amp;apos;, धार भोजशाला केस में सुप्रीम कोर्ट का आदेश, हाईकोर्ट के फैसले पर रोक नहीं</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/नमाज-के-लिए-मुस्लिम-पक्ष-को-दी-जाएगी-जगह-धार-भोजशाला-केस-में-सुप्रीम-कोर्ट-का-आदेश-हाईकोर्ट-के-फैसले-पर-रोक-नहीं</link>
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        <description><![CDATA[ धार भोजशाला विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अहम अंतरिम आदेश देते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के फैसले पर फिलहाल रोक लगाने से इनकार कर दिया. हालांकि अदालत ने मुस्लिम पक्ष को राहत देते हुए निर्देश दिया कि हर शुक्रवार दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक परिसर के नजदीक नमाज के लिए एक उपयुक्त खुली जगह उपलब्ध कराई जाए. साथ ही कोर्ट ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) को इमारत की मौजूदा स्थिति में कोई बदलाव नहीं करने का निर्देश दिया. मामले की अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद होगी.
सभी पक्षों को नोटिस, जल्द होगी विस्तृत सुनवाई
चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली पीठ ने मुस्लिम पक्ष की याचिकाओं पर नोटिस जारी करते हुए कहा कि सभी पक्षों की सुविधा के अनुसार जल्द सुनवाई की जाएगी. कोर्ट ने यह भी कहा कि मामले का जल्द निपटारा करने की कोशिश की जाएगी.
मुस्लिम पक्ष बोला- बिना मौका दिए बदल दी गई व्यवस्था
मुस्लिम पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता हुजैफा अहमदी ने दलील दी कि हाईकोर्ट के आदेश से पहले की व्यवस्था अचानक बदल दी गई और उन्हें सुप्रीम कोर्ट में अपील का अवसर तक नहीं मिला. उनका कहना था कि उन्हें धार्मिक गतिविधियों से पूरी तरह बाहर कर दिया गया है और हाईकोर्ट को अपने आदेश पर कुछ समय के लिए रोक लगानी चाहिए थी.
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सिंघवी ने कहा- सौहार्द की पुरानी व्यवस्था बनी रहनी चाहिए
वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि वर्षों से चली आ रही व्यवस्था को अचानक बदलना उचित नहीं है. उन्होंने कहा कि अंग्रेजों के समय के दस्तावेज भी बताते हैं कि भोजशाला परिसर में लंबे समय तक नमाज अदा की जाती रही. उनके मुताबिक बसंत पंचमी पर पूजा और शुक्रवार को नमाज की व्यवस्था धार्मिक सौहार्द का उदाहरण थी, जिसे बनाए रखा जाना चाहिए.
सिंघवी ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट के अंतिम फैसले तक पुरानी स्थिति बहाल की जानी चाहिए. उन्होंने यह भी तर्क दिया कि अभी परिसर में स्थायी मूर्ति स्थापित नहीं है और प्रतिदिन कार्डबोर्ड पर बनी तस्वीर लाकर पूजा की जाती है.
सॉलिसिटर जनरल बोले- दो महीने में हालात बदल चुके हैं
केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश को दो महीने हो चुके हैं और इस दौरान प्रशासन ने उसके अनुरूप कदम उठाए हैं. उन्होंने अदालत को बताया कि वर्तमान में वहां शांति बनी हुई है और इस स्तर पर व्यवस्था में बदलाव उचित नहीं होगा.
कोर्ट ने संयम बरतने की दी सलाह
सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की. उन्होंने कहा कि अदालत में कही गई बातों का बाहर गलत अर्थ निकाला जा सकता है, इसलिए सभी को जिम्मेदारी के साथ अपनी दलीलें रखनी चाहिए. उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पहले इस मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद भी इस बात का विशेष ध्यान रखते थे कि समाज में कोई गलत संदेश न जाए.
1995 की सहमति और पुरानी व्यवस्था का भी हुआ जिक्र
मुस्लिम पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मीनाक्षी अरोड़ा ने कहा कि वर्ष 1995 में दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी थी कि धार्मिक गतिविधियां सौहार्दपूर्ण तरीके से जारी रहेंगी. उनके अनुसार 800 वर्ष पुरानी मस्जिद में नमाज रुकवाना बेहद कठोर कदम है.
वहीं हुजैफा अहमदी ने 1935 और 1951 के कुछ पुराने आदेशों का हवाला देते हुए कहा कि पुरानी व्यवस्था को बहाल किया जा सकता है.
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हाईकोर्ट के आदेश और ASI की भूमिका पर भी हुई चर्चा
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने हाईकोर्ट के निर्देशों का अध्ययन किया. जजों ने हाईकोर्ट के उस निर्देश पर भी सवाल उठाया, जिसमें लंदन संग्रहालय से वाग्देवी की प्रतिमा वापस लाने का उल्लेख किया गया था. अदालत ने टिप्पणी की कि किसी संवैधानिक अदालत द्वारा ऐसा आदेश कैसे दिया जा सकता है.

सुप्रीम कोर्ट का अंतरिम आदेश
सुनवाई के अंत में सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की याचिकाओं पर नोटिस जारी करते हुए कहा कि अगली सुनवाई तय तारीख पर होगी. तब तक प्रत्येक शुक्रवार दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक मुस्लिम पक्ष को परिसर के नजदीक नमाज के लिए उपयुक्त खुली जगह उपलब्ध कराई जाएगी. साथ ही ASI को निर्देश दिया गया कि वह फिलहाल भोजशाला की इमारत की मौजूदा स्थिति में कोई बदलाव नहीं करेगा. हाईकोर्ट के फैसले पर फिलहाल कोई रोक नहीं लगाई गई है. ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 14 Jul 2026 21:30:11 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>नमाज, के, लिए, मुस्लिम, पक्ष, को, दी, जाएगी, जगह, धार, भोजशाला, केस, में, सुप्रीम, कोर्ट, का, आदेश, हाईकोर्ट, के, फैसले, पर, रोक, नहीं</media:keywords>
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        <title>मुकदमे का फैसला अपने पक्ष में कराने के लिए जज की कुर्सी पर ‘काला जादू’, महिला गिरफ्तार</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/मुकदमे-का-फैसला-अपने-पक्ष-में-कराने-के-लिए-जज-की-कुर्सी-पर-काला-जादू-महिला-गिरफ्तार</link>
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        <description><![CDATA[ कर्नाटक के चिक्कबल्लापुर से एक अलग ही किस्म का मामला सामने आया है. 21वीं सदी में इस तरह के जादू टोने की खबर ने सभी को अचरज में डाल दिया है. मामला ये है कि अदालत में चल रहे केस में एक महिला ने अपने पक्ष में फैसला कराने के लिए जो कुछ किया, उसने एक बार सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया है.
फैसला अपने पक्ष में कराने की कोशिश में एक 65 वर्षीय महिला को कथित तौर पर काला जादू करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. कर्नाटक पुलिस के अनुसार, मंजुला नाम की एक महिला फर्स्ट एडिशनल सीनियर सिविल जज एवं JMFC कोर्ट के परिसर में दाखिल हुई और जज की कुर्सी पर कथित तौर पर मंत्र फूंके हुए सफेद सरसों के दाने छिड़क दिए. बता दें कि ये पूरी घटना कोर्ट में लगे CCTV कैमरों में कैद हो गई है.

इस मामले के 2 दिन बाद जब सीसीटीवी फुटेज की जांच गई तो उस दौरान महिला की ये सारी हरकत सामने आई, जिसके बाद कोर्ट की मुख्य प्रशासनिक अधिकारी नेत्रा की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की. जांच के बाद आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है.
जज के चैंबर में जाकर टोना-टोटका कियापुलिस द्वारा सख्ती से की गई पूछताछ में महिला ने कथित तौर पर बताया कि वह अपने केस का फैसला अपने पक्ष में चाहती थी, इसलिए उसने जज के चैंबर में जाकर टोना-टोटका किया. पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ कर्नाटक अमानवीय कुप्रथाओं और काला जादू की रोकथाम एवं उन्मूलन अधिनियम, 2017 के तहत मामला दर्ज किया है.
आरोपी महिला को भेजा गया जेलकर्नाटक पुलिस ने आरोपी महिला मंजुला को अदालत में पेश किया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. फिलहाल पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है. पुलिस ये पता लगाने की भी कोशिश कर रही है कि इस मामले में क्या महिला के साथ और कोई भी शामिल था.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Tue, 14 Jul 2026 21:30:10 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>मुकदमे, का, फैसला, अपने, पक्ष, में, कराने, के, लिए, जज, की, कुर्सी, पर, ‘काला, जादू’, महिला, गिरफ्तार</media:keywords>
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        <title>Explained: मध्यस्थता के खिलाफ एकमत क्यों हिंदू&amp;मुस्लिम? संभल, वाराणसी और मथुरा विवाद समझौता ठुकराने के क्या नतीजे?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/explained-मध्यस्थता-के-खिलाफ-एकमत-क्यों-हिंदू-मुस्लिम-संभल-वाराणसी-और-मथुरा-विवाद-समझौता-ठुकराने-के-क्या-नतीजे</link>
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        <description><![CDATA[ काशी, मथुरा और संभल तीन बड़े धार्मिक विवाद. तीन ऐतिहासिक शहर और दोनों पक्षों को बातचीत की मेज पर लाने की सुप्रीम कोर्ट की एक कोशिश. लेकिन हिंदू और मुस्लिम दोनों ने एक सुर में कहा, &#039;नहीं, हमें कोर्ट का फैसला चाहिए, समझौता नहीं.&#039; यह एक ऐसा अनोखा मोड़ है जहां आमतौर पर आमने-सामने खड़े रहने वाले दोनों धड़े, मध्यस्थता ठुकराने पर एकमत हो गए. आखिर ऐसा क्यों हुआ, सुप्रीम कोर्ट मध्यस्थता क्यों कराना चाहती है और आगे रास्ते क्या बचे हैं...
सबसे पहले जानिए, ये तीनों मामले हैं क्या?
1. काशी (ज्ञानवापी मस्जिद विवाद) &amp;nbsp;
वाराणसी स्थित ज्ञानवापी मस्जिद और काशी विश्वनाथ मंदिर से सटा यह विवाद सदियों पुराना है. हिंदू पक्ष का दावा है कि औरंगजेब ने 1669 में यहां एक भव्य शिव मंदिर तोड़कर मस्जिद बनवाई थी. उनकी मांग है कि मस्जिद की जमीन उन्हें सौंपी जाए और वहां नियमित पूजा का अधिकार दिया जाए. मुस्लिम पक्ष ने पूजा स्थल अधिनियम 1991 का हवाला दिया और कहा कि मस्जिद वक्फ बोर्ड की संपत्ति है. सदियों से वहां नमाज होती आ रही है. फिलहाल यह मामला वाराणसी की सिविल कोर्ट में चल रहा है और साथ ही सुप्रीम कोर्ट में भी कई याचिकाएं लंबित हैं.
&amp;nbsp;

मुस्लिम पक्ष की मांग है कि मस्जिद में मुस्लिमों के नमाज के अधिकार सुरक्षित रहें

2. मथुरा (शाही ईदगाह विवाद)
मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद आमने-सामने हैं. हिंदू पक्ष का कहना है कि भगवान कृष्ण का जन्मस्थान होने के नाते यह जमीन मंदिर की है और औरंगजेब के आदेश पर 1670 में मंदिर का एक हिस्सा गिराकर वहां ईदगाह बना दी गई. याचिकाकर्ताओं ने पूरी 13.37 एकड़ जमीन पर अपना दावा पेश किया है. मुस्लिम पक्ष 1968 के एक समझौते का हवाला देता है, जिसके तहत दोनों पक्षों ने जमीन को लेकर अपने-अपने हक मान लिए थे. यहां भी मामला कोर्ट में विचाराधीन है और सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था.
&amp;nbsp;

हिंदू पक्ष की मांग है कि शाही ईदगाह मस्जिद हटाई जाए

3. संभल (शाही जामा मस्जिद विवाद)
यह तीसरा और नया उभरता विवाद है. उत्तर प्रदेश के संभल में स्थित शाही जामा मस्जिद को लेकर हिंदू पक्ष का दावा है कि यह मूल रूप से एक प्राचीन हरिहर मंदिर था, जिसे बाबर के समय में तोड़कर मस्जिद में बदल दिया गया. हाल ही में यहां एक सर्वे के दौरान हिंसा भड़क गई थी, जिससे यह मामला देश भर में सुर्खियों में आ गया. अभी यह विवाद स्थानीय अदालत में है, जहां हिंदू पक्ष ने मस्जिद परिसर में पूजा की अनुमति मांगी है.
&amp;nbsp;

मुस्लिम पक्ष की मांग है कि मस्जिद को ऐतिहासिक और वैध मस्जिद माना जाए

सुप्रीम कोर्ट ने मध्यस्थता की पेशकश क्यों की?
सुप्रीम कोर्ट इन तीनों विवादों को लेकर एक साथ सुनवाई कर रही थी. बार एंड बेंच के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट की सोच यह थी कि इन मामलों में ऐतिहासिक और धार्मिक भावनाएं इतनी गहरी हैं कि अदालती फैसले चाहे जो भी आएं, एक पक्ष की नाराजगी तय है. ऐसे में कोर्ट ने अयोध्या मामले की तर्ज पर &#039;कोर्ट-मॉनिटर्ड मीडिएशन&#039; यानी अदालत की निगरानी में सुलह का रास्ता सुझाया.
इसके पीछे मकसद सिर्फ कानूनी पेंच खत्म करना नहीं था, बल्कि एक ऐसा समाधान निकालना था जिससे आपसी सौहार्द बना रहे और आगे कोई टकराव न हो. लेकिन जब कोर्ट ने दोनों पक्षों से इस पर राय मांगी, तो जवाब ने सबको चौंका दिया.
मध्यस्थता के नियम क्या होते हैं?
अदालत की निगरानी में मध्यस्थता कोई आम सुलह-सफाई नहीं होती. इसके पीछे एक पूरा कानूनी ढांचा काम करता है:

यह मध्यस्थता पूरी तरह से गोपनीय प्रक्रिया होती है.
दोनों पक्ष अपनी-अपनी बात एक न्यूट्रल मध्यस्थ यानी मीडिएटर के सामने रखते हैं.
मध्यस्थ कोई फैसला नहीं सुनाता, बल्कि दोनों को एक ऐसे समाधान तक लाने की कोशिश करता है जो दोनों को मंजूर हो.
अगर बात नहीं बनती, तो यह प्रक्रिया बंद कर दी जाती है और मामला वापस कोर्ट में चला जाता है.
मध्यस्थता के दौरान कही गई कोई भी बात या दी गई कोई भी पेशकश, अदालत में सबूत के तौर पर इस्तेमाल नहीं की जा सकती.
इसके लिए दोनों पक्षों की राजी होना पहली और अनिवार्य शर्त है.

तो फिर दोनों पक्षों ने मध्यस्थता क्यों ठुकराई?
यहीं पर यह पूरा मामला दिलचस्प हो जाता है. दोनों पक्षों के वकीलों ने एक ही रुख अपनाया, &#039;हमें मध्यस्थता नहीं चाहिए.&#039; लेकिन दोनों की अपनी-अपनी दलीलें हैं.
हिंदू पक्ष की दलील: &amp;nbsp;

तीनों जगहों पर ऐतिहासिक और पुरातात्विक सबूत इस बात के मौजूद हैं कि वहां पहले भव्य मंदिर थे. भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की सर्वे रिपोर्ट्स में भी इसके संकेत मिले हैं.
जब सच्चाई हमारे पक्ष में है और सबूत मौजूद हैं, तो फिर समझौता क्यों किया जाए?
उन्हें पूरा भरोसा है कि अदालत उनके हक में फैसला सुनाएगी और उन्हें पूरी जमीन मिलेगी.
मध्यस्थता में बीच का रास्ता निकालने का मतलब होगा अपने हक से समझौता करना, जो उन्हें मंजूर नहीं.

मुस्लिम पक्ष की दलील:

पूजा स्थल अधिनियम, 1991 कहता है कि 15 अगस्त 1947 को किसी भी धार्मिक स्थल का जो स्वरूप था, उसे बदला नहीं जा सकता. सिर्फ अयोध्या विवाद को इससे अलग रखा गया था.
मुस्लिम पक्ष का कहना है कि जब संसद का बनाया कानून ही यह कहता है कि 1947 में जो मस्जिद थी, वह मस्जिद ही रहेगी, तो फिर मुकदमे की सुनवाई की गुंजाइश ही कहां बचती है?
मुस्लिम पक्ष का मानना है कि इन मुकदमों के होने पर ही सवाल है और ऐसे में समझौते का सवाल ही नहीं उठता.
इस्लामी कानून के तहत एक बार किसी जमीन को मस्जिद के लिए वक्फ कर दिया जाए, तो उसे वापस नहीं लिया जा सकता.
इस वजह से वे भी किसी भी तरह के समझौते से इनकार करते हुए सीधे कानूनी लड़ाई के पक्ष में हैं.

&#039;नफरत&#039; में भी एकता: दोनों एकमत कैसे हुए?
एक्सपर्ट्स का कहना है कि एक तरफ हिंदू पक्ष जहां ऐतिहासिक और पुरातात्विक सबूतों के दम पर कोर्ट से पूर्ण न्याय की उम्मीद लगाए बैठा है, वहीं दूसरी तरफ मुस्लिम पक ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 14 Jul 2026 21:30:09 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>Explained:, मध्यस्थता, के, खिलाफ, एकमत, क्यों, हिंदू-मुस्लिम, संभल, वाराणसी, और, मथुरा, विवाद, समझौता, ठुकराने, के, क्या, नतीजे</media:keywords>
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        <title>विजय सरकार को गिराने की थी साजिश? TVK विधायक को 35 करोड़ की रिश्वत केस की जांच में जुटी ED</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/विजय-सरकार-को-गिराने-की-थी-साजिश-tvk-विधायक-को-35-करोड़-की-रिश्वत-केस-की-जांच-में-जुटी-ed</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/विजय-सरकार-को-गिराने-की-थी-साजिश-tvk-विधायक-को-35-करोड़-की-रिश्वत-केस-की-जांच-में-जुटी-ed</guid>
        <description><![CDATA[ तमिलनाडु में TVK विधायक को 35 करोड़ की रिश्वत ऑफर केस में ईडी ने जांच शुरू कर दी है. ED ने चेन्नई के रॉयपेट्टा से जुड़े कथित अवैध मनी ट्रांसफर मामले की जांच शुरू कर दी है. इसके तहत ईडी अधिकारियों ने चेन्नई महानगर पुलिस से इस मामले से जुड़े दस्तावेजों की कॉपियां हासिल कीं. इस मामले में पुलिस पहले ही एक संदिग्ध के पास से 60 लाख रुपये की नकदी बरामद कर चुकी है. अब ईडी इस रकम के स्रोत और कथित धन लेनदेन के पूरे नेटवर्क की जांच करेगी.
यह मामला तब सामने आया जब तमिलनाडु की सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के उथनकरई विधानसभा क्षेत्र से विधायक एन. इलैयाराजा ने चेन्नई पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. अपनी शिकायत में विधायक ने आरोप लगाया कि तिरुनावुक्करासु नाम के एक व्यक्ति ने खुद को इंडियन पॉलिटिकल डेमोक्रेटिक स्ट्रैटेजीज (IDPS) नामक चुनावी सर्वेक्षण कंपनी का मालिक बताया.
TVK विधायक का क्या आरोप?
विधायक के अनुसार, आरोपी ने उनसे विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ लाए जाने वाले अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करने के लिए कहा. इसके बदले 35 करोड़ रुपये की रिश्वत देने की पेशकश की गई. विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि प्रस्ताव ठुकराने पर उन्हें धमकी दी गई. इलैयाराजा ने 29 जून को चेन्नई पुलिस कमिश्नर के पास &amp;nbsp;शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के आधार पर ट्रिपलिकेन पुलिस ने मामला दर्ज किया.
&#039;नमाज के लिए मुस्लिम पक्ष को दी जाएगी जगह&#039;, धार भोजशाला केस में सुप्रीम कोर्ट का आदेश, हाईकोर्ट के फैसले पर रोक नहीं
मामले की जांच में जुटी पुलिस
जांच के दौरान, पुलिस ने आरोप लगाया कि मुख्य आरोपी थिरुनावुक्करसु ने तमिलनाडु के पूर्व मंत्री वी. सेंथिल बालाजी और उनके भाई आर.वी. अशोक कुमार के कहने पर इलैयाराजा से संपर्क किया था. इस बीच, मद्रास हाईकोर्ट ने बुधवार (8 जुलाई) को सेंथिल बालाजी और अशोक कुमार को अग्रिम जमानत दे दी और उन्हें जांच में सहयोग करने और जरूरत पड़ने पर जांच अधिकारी के सामने पेश होने का निर्देश दिया. पुलिस ने साफ कर दिया है कि जांच जारी है और लक्ष्मण पेरुमल समेत अन्य आरोपियों का पता लगाने की कोशिशें तेज कर दी गई हैं. पेरुमल की भूमिका की भी जांच हो रही है.
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        <pubDate>Tue, 14 Jul 2026 21:30:08 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>विजय, सरकार, को, गिराने, की, थी, साजिश, TVK, विधायक, को, करोड़, की, रिश्वत, केस, की, जांच, में, जुटी</media:keywords>
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        <title>बंगाल नाव हादसे में 9 मछुआरों की मौत, PM मोदी ने जताया दुख, मृतकों के परिजनों को 2&amp;2 लाख का ऐलान</title>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में सुंदरबन के पास बंगाल की खाड़ी से बड़ी घटना सामने आई है. अधिकारियों ने सोमवार (13 जुलाई) को बताया कि इस महीने की शुरुआत में एक मछली पकड़ने वाली लापता हुई नाव में नौ मछुआरे मृत पाए गए हैं, जबकि छह मछुआरे लापता हो गए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस घटना पर दुख जताया है और मृतक के परिवारों और घायलों को आर्थिक मदद की घोषणा की है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में नाव पलटने से हुआ जानमाल का नुकसान बेहद &amp;nbsp;पीड़ादायक है. इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं. ईश्वर करे कि घायल जल्द से जल्द स्वस्थ हो जाएं.&#039; उन्होंने मृतकों के परिजनों को दो लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की मदद का ऐलान किया.

The loss of lives due to the capsizing of a boat in the South 24 Parganas district of West Bengal is deeply painful. My thoughts are with the bereaved families in this hour of grief. May the injured recover at the earliest. An ex-gratia of Rs. 2 lakh from PMNRF would be given&amp;hellip;
&amp;mdash; PMO India (@PMOIndia) July 13, 2026



2 जुलाई को निकली थी वोट
न्यूज एजेंसी IANS ने अधिकारियों के हवाले से बताया, रविवार (12 जुलाई) को पुलिस, वन विभाग और भारतीय तटरक्षक बल के कर्मियों ने चुल्काठी जंगल के पास रक्ताचार इलाके में डूबे हुए नाव का पता लगाया. नाव को बाहर निकाल कर तलाशी ली गई तो नौ मछुआरों के शव मिले. &#039;एफबी मां काली&#039; नाम की यह नाव 2 जुलाई को पूर्वी मिदनापुर जिले के शंकरपुर फिशरीज पोर्ट से 15 मछुआरों के साथ निकली थी.&amp;nbsp;
खराब मौसम के चलते टूटा संपर्क
बताया जा रहा है कि इलाके में खराब मौसम के कारण 5 जुलाई के बाद नाव से संपर्क टूट गया था. तब से सुंदरबन टाइगर रिजर्व के डिप्टी फील्ड डायरेक्टर चित्रक भट्टाचार्य के नेतृत्व में पुलिस, तटरक्षक बल, वन विभाग और मछुआरा संगठनों का एक संयुक्त तलाशी अभियान चल रहा था. अधिकारियों ने बताया कि लापता छह मछुआरों का अभी तक पता नहीं चल पाया है. बरामद शवों को पोस्टमार्टम के लिए काकद्वीप सब-डिविजनल अस्पताल भेजा गया है. बाकी मछुआरों का पता लगाने के लिए सोमवार को एक नया संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया गया.
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बढ़ सकती है मरने वालों की संख्या
अधिकारियों को आशंका है कि मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है.सुंदरबन मामलों के राज्य मंत्री दीपांकर जाना ने नाव को किनारे पर लाए जाने के बाद वहां का दौरा किया और तलाशी अभियान की समीक्षा की. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को घटना के बारे में सूचित कर दिया गया है और आगे की प्रशासनिक कार्रवाई के बारे में बातचीत चल रही है.रविवार शाम को सीतारामपुर घाट तक खींचकर लाए जाने से पहले, यह नाव दक्षिण 24 परगना जिले में बक्खाली तट से लगभग 35 किमी दूर चुल्काठी जंगल के पास पलटा हुआ मिला था.
अब पूर्व चुनाव कमिश्नर को भी नहीं SIR पर भरोसा! SY कुरैशी बोले- यह लोकतंत्र के साथ छेड़छाड़
&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 14 Jul 2026 04:30:09 +0530</pubDate>
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        <title>सुप्रीम कोर्ट में CJI के सामने महिला ने उतारा मंगलसूत्र, गिड़गिड़ाते हुए कहा&amp; माईलॉड! हमारा पूरा परिवार...</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/सुप्रीम-कोर्ट-में-cji-के-सामने-महिला-ने-उतारा-मंगलसूत्र-गिड़गिड़ाते-हुए-कहा-माईलॉड-हमारा-पूरा-परिवार</link>
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        <description><![CDATA[ देश के सर्वोच्च अदालत में मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच के सामने सोमवार (13 जुलाई, 2026) को एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने सभी को पूरी तरह से हैरान कर दिया. दरअसल, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया के सामने एक महिला याचिकाकर्ता, जो अपने केस की पैरवी खुद करने पहुंची थी, वो अपने केस की सुनवाई करवाने के लिए गिड़गिड़ाने लगी, लेकिन सभी तब हैरान हो गए जब महिला ने अपने गले से मंगलसूत्र निकाला और CJI से सुनवाई के लिए गुहार लगाने लगी.
कोर्ट रूम में महिला ने CJI से लगाई गुहार
बार एंड बेंचे के मुताबिक, याचिकाकर्ता महिला ने सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच से गुहार लगाते हुए कहा, &amp;lsquo;माईलॉर्ड, मैं हैदराबाद से आई हूं. एक शब्द हमारा भी सुन लीजिए, माईलॉर्ड. 15 साल से...&amp;rsquo; इस बीच सीजेआई ने टोकते हए कहा, &amp;lsquo;मैडम, आपका मामला अगले सोमवार को सुना जाएगा.&amp;rsquo; लेकिन महिला ने फिर से गुहार लगाते हुए कहा, &amp;lsquo;नहीं, प्लीज सर. मैं बस एक शब्द कहूंगी. 15 साल से हम जिंदगी नहीं जी रहे हैं. हमारी जिंदगी बर्बाद हो गई है. हमारा पूरा परिवार बर्बाद हो गया है. हम सब मिलकर यह अनुरोध कर रहे हैं, माईलॉर्ड.&amp;rsquo;
स्पेशल बेंच सुनेगी आपका मामला- CJI
इसके बाद मुख्य न्यायाधीश ने कहा, &amp;lsquo;अगले सोमवार को आपका केस सुना जाएगा. यह मामला एक विशेष बेंच को सुनना है. आप ऐसा कीजिए, आप मत आइएगा. आप ऑनलाइन पेश हो जाइए. आपको खुद आने की जरूरत नहीं है.&amp;rsquo;
तभी महिला ने कहा, &amp;lsquo;नहीं सर, हम आएंगे सर. हमारे दिल की जो बात है न सर, आपके दिल को टच होना चाहिए. क्योंकि हम कितनी तकलीफ में है. पूरा परिवार बर्बाद हो गया है, सर. हम बच्चों को खाना तक नहीं दे पा रहे हैं. शिक्षा नहीं दे पा रहे हैं, सर.&amp;rsquo;&amp;nbsp;

आप यात्रा करने में पैसे बर्बाद न करें- CJI
जस्टिस सूर्यकांत ने इस पर फिर से अपनी बात को दोहराते हुए कहा, &amp;lsquo;केस की सुनवाई के बाद ही फैसला किया जाएगा. सुनवाई के लिए अगले सोमवार की तारीख निर्धारित है, लेकिन मेरा एक सुझाव है आपको कि आप यात्रा करने में पैसे बर्बाद न करें.&amp;rsquo; इतना सुनते ही महिला ने फिर से कहा, &amp;lsquo;नहीं, सर, हम आएंगे सर. हमारी जिंदगी से बढ़कर कुछ नहीं है सर.&amp;rsquo; हालांकि, सीजेआई ने फिर से कहा कि आप ऑनलाइन सुनवाई में शामिल हो सकती हैं और जब तक आप चाहें, आपकी सुनवाई होगी.
इसके बाद महिला याचिकाकर्ता ने अपने गले से मंगलसूत्र निकालकर सीजेआई से कहा, &amp;lsquo;एक औरत के लिए उसके मंगलसूत्र से बढ़कर कुछ नहीं होता, सर. हमारे गले में अब क्या बचा है, सर.&amp;rsquo; तभी महिला की लगातार गुहार पर सीजेआई सूर्यकांत ने कहा, &amp;lsquo;अगले हफ्ते एक स्पेशल बेंच होगी. सिर्फ यही मामला बोर्ड के ऊपर उस स्पेशल बेंच के सामने लिस्ट होगा. केस वहीं सुना जाएगा और आपकी पूरी बात भी सुनी जाएगी.&amp;rsquo;&amp;nbsp;
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        <pubDate>Tue, 14 Jul 2026 04:30:08 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>सुप्रीम, कोर्ट, में, CJI, के, सामने, महिला, ने, उतारा, मंगलसूत्र, गिड़गिड़ाते, हुए, कहा-, माईलॉड, हमारा, पूरा, परिवार...</media:keywords>
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        <title>शरीर पर 51 बार चाकू से गोदा और नाले में बहाया शव…, नॉर्थ&amp;ईस्ट दिल्ली दंगे के खौफनाक मर्डर की कहानी</title>
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        <description><![CDATA[ North East Delhi Riots: उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान मारे गए आईबी अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड में दिल्ली की एक स्थानीय अदालत ने आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को दोषी करार दिया है. फरवरी 2020 में हुए सांप्रदायिक दंगों के दौरान 26 फरवरी को अंकित शर्मा का शव एक नाले से बरामद हुआ था. इस मामले में ताहिर हुसैन के अलावा जावेद, अनस, नसीम और कासिम को भी विभिन्न धाराओं में दोषी ठहराया गया है. हालांकि, साक्ष्यों के अभाव में छह अन्य आरोपियों को अदालत ने बरी कर दिया.
फरवरी 2020 में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के विरोध के बीच उत्तर-पूर्वी दिल्ली के कई इलाकों में हिंसा भड़क गई थी. चांद बाग, खजूरी खास और मुस्तफाबाद समेत कई क्षेत्रों में भारी पत्थरबाजी, आगजनी और गोलीबारी हुई थी. इस सांप्रदायिक हिंसा में 53 लोगों की जान गई थी और कई लोग घायल हुए थे.
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 25 फरवरी 2020 को आईबी अधिकारी अंकित शर्मा कार्यालय से घर लौटे थे. इलाके में तनाव का माहौल देखकर वे घर से बाहर निकले. आरोप है कि इसी दौरान दंगाइयों ने उन्हें पकड़ लिया और तत्कालीन आप पार्षद ताहिर हुसैन के घर की ओर ले गए, जहां उन पर धारदार हथियारों से हमला कर उनकी हत्या कर दी गई. बाद में उनका शव नाले में फेंक दिया गया.
दिल्ली दंगे का खौफनाम मर्डर
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण सिंह ने ताहिर हुसैन को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302 (हत्या), 153A (वैमनस्य फैलाना), 147 (दंगा), 148 (घातक हथियार के साथ दंगा) और धारा 149 के तहत दोषी ठहराया. हालांकि, उन्हें धारा 120B (आपराधिक साजिश) और धारा 109 (उकसाने) के आरोपों से बरी कर दिया गया. अदालत ने नाजिम, कासिम, जावेद और अनस को भी हत्या को छोड़कर अन्य आरोपों में दोषी ठहराया, जबकि हसीन उर्फ मुल्लाजी, फिरोज, गुलफाम, शोएब, समीर खान और मुंताजिम उर्फ मूसा को बरी कर दिया.
फैसला सुनाए जाने के दौरान ताहिर हुसैन अदालत में फूट-फूटकर रो पड़े. उनके वकील ने उन्हें सांत्वना दी. अदालत ने जमानत पर बाहर चल रहे अनस और जावेद को तुरंत हिरासत में लेने का भी आदेश दिया. फिलहाल अदालत ने सजा पर सुनवाई की तारीख तय नहीं की है और विस्तृत फैसले का इंतजार किया जा रहा है.
यह मामला अंकित शर्मा के पिता रविंद्र कुमार की शिकायत पर दयालपुर थाने में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है. शिकायत के अनुसार, अंकित शर्मा 25 फरवरी को कार्यालय से लौटने के बाद बाहर निकले थे, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं आए. बाद में स्थानीय लोगों ने परिवार को बताया कि उनकी हत्या कर दी गई है और शव चांद बाग पुलिया के पास खजूरी खास नाले में फेंक दिया गया है. इसके बाद पुलिस ने शव बरामद किया और जांच शुरू की.
पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक, ताहिर हुसैन 24 और 25 फरवरी 2020 को अपने घर और चांद बाग पुलिया के पास भीड़ का नेतृत्व कर रहे थे. आरोप है कि उन्होंने भीड़ को सांप्रदायिक रूप से भड़काया और हिंदुओं के खिलाफ हिंसा के लिए उकसाया. अभियोजन का दावा है कि उनके उकसावे के बाद भीड़ ने दुकानों और घरों में आग लगाई, पत्थरबाजी और पेट्रोल बम से हमले किए तथा अंकित शर्मा को पकड़कर उनकी हत्या कर दी.

अदालत ने क्या कहा
विशेष लोक अभियोजक मधुकर पांडे ने फैसले के बाद कहा कि यह किसी भी पक्ष की जीत नहीं, बल्कि पूरे समाज की हार है. उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार ने अपना बेटा खोया है और अब दोषी ठहराए गए लोगों के परिवार भी दुख झेलेंगे. उनके मुताबिक, ऐसे मामलों में अंततः समाज ही सबसे बड़ा नुकसान उठाता है.
वहीं, ताहिर हुसैन की वकील तारा नरूला ने फैसले पर निराशा जताते हुए कहा कि न तो अंकित शर्मा के परिवार को न्याय मिला और न ही ताहिर हुसैन को. उन्होंने कहा कि बचाव पक्ष इस फैसले को उच्च अदालत में चुनौती देगा. उनके अनुसार, अभी विस्तृत फैसला सामने नहीं आया है, इसलिए उसके अध्ययन के बाद आगे की कानूनी रणनीति तय की जाएगी.
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        <pubDate>Tue, 14 Jul 2026 04:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>शरीर, पर, बार, चाकू, से, गोदा, और, नाले, में, बहाया, शव…, नॉर्थ-ईस्ट, दिल्ली, दंगे, के, खौफनाक, मर्डर, की, कहानी</media:keywords>
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        <title>रंगारेड्डी में छह लोगों की जान लेने वाले हत्यारे राजकुमार ने कर ली आत्महत्या, पुलिस ने शव किया बरामद</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/रंगारेड्डी-में-छह-लोगों-की-जान-लेने-वाले-हत्यारे-राजकुमार-ने-कर-ली-आत्महत्या-पुलिस-ने-शव-किया-बरामद</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/रंगारेड्डी-में-छह-लोगों-की-जान-लेने-वाले-हत्यारे-राजकुमार-ने-कर-ली-आत्महत्या-पुलिस-ने-शव-किया-बरामद</guid>
        <description><![CDATA[ तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले के शाबाद में छह लोगों की हत्या के मामले में आरोपी राजकुमार ने आत्महत्या कर ली. उसका शव कोथुर में रेलवे ट्रैक पर मिला. रंगारेड्डी के देवालगुडा के शाबाद में राजकुमार ने हाल ही में छह लोगों की हत्या कर दी थी, यह बात जब सामने आई, तो पूरे सभी को चौंका दिया.
इन हत्याओं के बाद आरोपी राजकुमार ने अपने पिता को फोन करके कहा कि वह आत्महत्या कर लेगा. इस बात से परेशान उसके माता-पिता ने पुलिस को बताया. वे हत्याओं वाले दिन से ही उसे ढूंढ रहे थे. हालांकि, तीन दिन बाद छह लोगों की हत्या करने वाला हत्यारा राजकुमार अपने मामा के गांव में मृत पाया गया. उन्हें बताया गया कि कोथुर मंडल के पंजर में एक शव है.
पुलिस ने घटनास्थल से जहर की बोतल की बरामद
जब पुलिस जांच करने गई, तो उन्होंने पाया कि वह राजकुमार था. उन्होंने निष्कर्ष निकाला कि उसने आत्महत्या की होगी, क्योंकि उसके शव के पास एक जहर की बोतल भी मिली थी. राजकुमार ने शनिवार (11 जुलाई, 2026) को शाबाद में उस लड़की के परिवार और अपने परिवार को बेरहमी से मार डाला, जिसने उसके खिलाफ केस किया था.&amp;nbsp;&amp;nbsp;

शिकायतकर्ता लड़की के साथ अपने परिवार का भी किया खात्मा
वह शुक्रवार (10 जुलाई, 2026) की सुबह 11 बजे उस लड़की के घर गया, जिसने उसके खिलाफ POCSO केस किया था. जैसे ही उसने दरवाजा खोला, उसने लड़की की मां को मार डाला. फिर उसने लड़की की दादी की जान ले ली. फिर वह लड़की को जबरदस्ती ले गया. वहां से वह सीधा दैपालगुड़ा गया, जो पांच किलोमीटर दूर है. वहां, उसने चेरुवुगट्टू में लड़की का रेप किया और उसे मार डाला.
फिर वह अपने घर गया. जैसे ही उसने दरवाजा खोला, उसने अपनी पत्नी से बच्चों को दिखाने को कहा और उन्हें मार डाला. उसने अपने सोते हुए दो बच्चों का गला काट दिया. नशे में धुत होकर वह उन लोगों से बदला लेने के लिए पूरी रात हंगामा करता रहा, जिन्होंने उसके खिलाफ केस किया था.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ेंः छह हत्याओं में शाबाद CI सस्पेंड! आरोपियों की गिरफ्तारी पर दो लाख रुपये का इनाम ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 14 Jul 2026 04:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>भारत&amp;नेपाल सीमा पर SSB ने अमेरिकी नागरिक को पकड़ा, बिना वैध कागजात नेपाल में घुसने की कर रहा था कोशिश</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/भारत-नेपाल-सीमा-पर-ssb-ने-अमेरिकी-नागरिक-को-पकड़ा-बिना-वैध-कागजात-नेपाल-में-घुसने-की-कर-रहा-था-कोशिश</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/भारत-नेपाल-सीमा-पर-ssb-ने-अमेरिकी-नागरिक-को-पकड़ा-बिना-वैध-कागजात-नेपाल-में-घुसने-की-कर-रहा-था-कोशिश</guid>
        <description><![CDATA[ भारत और नेपाल की सीमा पर एक अमेरिकी नागरिक को बिना वैध यात्रा दस्तावेजों के नेपाल में घुसने की कोशिश के दौरान हिरासत में लिया गया है. पीटीआई के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले में सोनौली पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मैनिहवा इलाके में पिलर नंबर 516 के नजदीक सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने अपनी रूटीन पेट्रोलिंग के दौरान उसे हिरासत में लिया है.
मामले में महाराजगंज के एडिशनल एसपी ने दी जानकारी
वहीं, जब अमेरिकी नागरिक से पूछताछ की गई, तब उसने अपनी पहचान 36 वर्षीय जॉर्डन ब्राउन के रूप में बताई. अधिकारियों ने बताया कि वह 2025 में बिना किसी वैध कागजात के समुद्री रास्ते से भारत में दाखिल हुआ था.
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, महाराजगंज के एडिशनल एसपी सिद्धार्थ ने बताया कि जॉर्डन ब्राउन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है. उसके पास कोई भी वैध यात्रा दस्तावेज नहीं मिले हैं.
ब्राउन ने थाईलैंड में पासपोर्ट खोने का किया दावा- एडिशनल एसपी&amp;nbsp;

A US national was arrested near the India Nepal border in UP&#039;s Maharajganj district while allegedly trying to cross into Nepal without any valid travel documents. The Sashastra Seema Bal caught the man, who identified himself as Jordan Brown, 36, from California, during a routine&amp;hellip; pic.twitter.com/WCdSvcCTpn
&amp;mdash; G K Gourav (@GouravGKRepots) July 13, 2026



रिपोर्ट के मुताबिक, एक वीडियो मैसेज में एडिशनल एसपी सिद्धार्थ ने बताया, &amp;lsquo;सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने 11 जुलाई, 2026 को सोनौली के पास एक शख्स को बिना अनुमति के नेपाल में घुसने की कोशिश करते हुए पकड़ा. पूछताछ के दौरान उसने अपने नाम जॉर्डन ब्राउन बताया और कहा कि वह अमेरिका के कैलिफोर्निया का नागरिक है. उसने आगे बताया कि वह टूरिस्ट वीजा पर थाईलैंड गया था, लेकिन वहां उसका पासपोर्ट खो गया था. इसके बाद वो समुद्र के रास्ते होते हुए श्रीलंका पहुंचा और नवंबर 2025 में फिर समुद्र के रास्ते ही भारत आ गया.&amp;rsquo;
नवंबर 2025 से भारत में रह रहा है ब्राउन- सिद्धार्थ
एडिशनल एसपी सिद्धार्थ ने कहा, &amp;lsquo;नवंबर, 2025 में भारत आने के बाद से वो गोवा में रह रहा था. नेपाल जाने की कोशिश के दौरान एसएसबी ने उसे पकड़ लिया. उसके पास कोई वैध यात्रा के कागजात नहीं मिले हैं.&amp;rsquo;
उन्होंने आगे कहा कि जॉर्डन ब्राउन ने जो दावे किए हैं, उन्हें वेरिफाई किया जा रहा है. भारत में बिना वैध कागजात के प्रवेश करने के आरोप में उसके खिलाफ सोनौली थाने में इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट की धारा 21 और 23 के तहत मामला दर्ज किया गया है और आगे की जांच जारी है.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ेंः डोनाल्ड ट्रंप पर पेंसिल्वेनिया के बटलर में हुए हमले के दो साल पूरे, घटना के बारे में जानें क्या बोले अमेरिकी राष्ट्रपति? ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 14 Jul 2026 04:30:05 +0530</pubDate>
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        <title>जब मंत्री टिकट चेकर के भेष में बस में चढ़े, तो किसी ने उन्हें नहीं पहचाना।</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/जब-मंत्री-टिकट-चेकर-के-भेष-में-बस-में-चढ़े-तो-किसी-ने-उन्हें-नहीं-पहचाना</link>
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        <description><![CDATA[ जब मंत्री टिकट चेकर के भेष में बस में चढ़े, तो किसी ने उन्हें नहीं पहचाना। ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 13 Jul 2026 16:30:12 +0530</pubDate>
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        <title>घर के अंदर एक तेंदुआ है और लोग बाहर हैं—अब वे क्या करेंगे?</title>
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        <description><![CDATA[ घर के अंदर एक तेंदुआ है और लोग बाहर हैं&amp;mdash;अब वे क्या करेंगे? ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 13 Jul 2026 16:30:11 +0530</pubDate>
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        <title>संभल, मथुरा और ज्ञानवापी पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा&amp; मध्यस्थता से करें समाधान, हिंदू&amp;मुस्लिम पक्षकार बोले&amp; सुनवाई जरूरी</title>
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        <description><![CDATA[ सुप्रीम कोर्ट ने संभल, मथुरा और वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर प्रस्ताव दिया कि हिंदू-मुस्लिम पक्ष मध्यस्थता के जरिए समाधान निकालें, लेकिन दोनों ही पक्षों ने इस पर असहमति जताई. उन्होंने कहा कि जटिल कानूनी सवालों को देखते हुए कोर्ट में सुनवाई जरूरी है.
सुप्रीम कोर्ट ने 21 से 23 अगस्त के बीच &#039;समाधान समारोह&#039; के नाम से आयोजित हो रहे लोक अदालत कार्यक्रम के लिए इन मामलों के पक्षकारों को भी नोटिस भेजा था, लेकिन सभी ने असहमति जता दी है. समाधान समारोह में सुप्रीम कोर्ट में लंबित उन हजारों मुकदमों का निपटारा किया जाना है, जिनमें आपसी बातचीत या सहमति से समाधान संभव हो सकता है. इसके लिए देश भर के पक्षकारों को सूचना भेजी जा रही है. ऐसी ही सूचना मंदिर-मस्जिद विवाद के पक्षकारों को भी भेजी गई थी.
ज्ञानवापी मस्जिद का मामला क्या है?
ज्ञानवापी का मामला ज्ञानवापी परिसर के धार्मिक स्वरूप को लेकर परस्पर विरोधी दावों से जुड़े एक चल रहे दीवानी अदालती मुकदमे से उत्पन्न हुआ है. हिंदू पक्ष ने कहा है कि सोमनाथ व्यास के परिवार द्वारा मस्जिद के तहखाने में 1993 तक हिंदू प्रार्थनाएं की जाती थीं. वहीं मुस्लिम पक्ष ने इस दावे का विरोध किया है और यह तर्क दिया है कि मस्जिद की इमारत पर मुसलमानों का हमेशा से ही अधिकार रहा है.
ज्ञानवापी परिसर को लेकर मुख्य विवाद हिंदू पक्ष के इस दावे से जुड़ा है कि इस जमीन पर स्थित प्राचीन मंदिर का एक हिस्सा 17वीं शताब्दी में औरंगजेब के शासनकाल के दौरान नष्ट कर दिया गया था. जबकि मुस्लिम पक्ष का कहना है कि मस्जिद औरंगजेब के शासनकाल से पहले की है और समय के साथ इसमें कई बदलाव हुए हैं.
मथुरा का विवाद क्या है?&amp;nbsp;
श्री कृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद संरचना को लेकर ही शुरू हुआ है, जो हिंदू पक् द्वारा दीवानी अदालत में यह दावा करते हुए मुकदमा दायर करने के बाद सामने आया कि शाही ईदगाह मस्जिद कृष्ण जन्मभूमि की भूमि पर बनाई गई थी. यह दीवानी मुकदमा भगवान श्री कृष्ण विराजमान और कुछ हिंदू भक्तों की ओर से दायर किया गया था. हिंदू पक्ष ने मस्जिद को उसके वर्तमान स्थान से हटाने की मांग की है.
उनकी याचिका के अनुसार, ऐसे कई संकेत हैं जो इस बात का समर्थन करते हैं कि शाही ईदगाह मस्जिद वास्तव में एक हिंदू मंदिर है. मूल याचिका को सितंबर 2020 में एक दीवानी अदालत ने यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि पूजा स्थल अधिनियम, 1991 के तहत इस मामले को स्वीकार नहीं किया जा सकता. हालांकि, मथुरा जिला अदालत में अपील के बाद यह फैसला पलट दिया गया.
संभल मस्जिद का विवाद क्या है?
संभल की एक सिविल अदालत &amp;nbsp;ने 19 नवंबर, 2024 को एक अधिवक्ता आयुक्त को संभल में शाही जामा मस्जिद का सर्वे करने का निर्देश दिया. इस आदेश के बाद हुई पत्थरबाजी और गाड़ियों में आग लगाने की घटनाओं में कथित तौर पर चार लोगों की मौत हो गई. 24 नवंबर को प्रदर्शनकारियों और पुलिस कर्मियों के बीच हिंसा भड़क उठी, जब सर्वेक्षकों की एक टीम शाही जामा मस्जिद का दूसरा सर्वे करने के लिए चंदौसी कस्बे पहुंची. ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 13 Jul 2026 16:30:10 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>संभल, मथुरा, और, ज्ञानवापी, पर, सुप्रीम, कोर्ट, ने, कहा-, मध्यस्थता, से, करें, समाधान, हिंदू-मुस्लिम, पक्षकार, बोले-, सुनवाई, जरूरी</media:keywords>
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        <title>Explained: कहीं रिमझिम तो कहीं सूखा क्यों? 15 राज्यों में कुल 72% कम बारिश, क्या बिना बरसे गुजर जाएगा मानसून?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/explained-कहीं-रिमझिम-तो-कहीं-सूखा-क्यों-15-राज्यों-में-कुल-72-कम-बारिश-क्या-बिना-बरसे-गुजर-जाएगा-मानसून</link>
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        <description><![CDATA[ जून 2026 भारत के मानसून इतिहास का सबसे सूखा महीना रहा. देशभर में 40% बारिश की कमी ने चिंता बढ़ा दी थी. लेकिन जुलाई के पहले हफ्ते में मानसून ने ऐसी करवट बदली कि 9 जुलाई तक यह घाटा घटकर 14% पर आ गया. मुंबई में रिकॉर्ड बारिश हुई, मध्य और पश्चिमी भारत में अच्छी बारिश हुई. हालांकि, राहत मिली, लेकिन यह लंबी नहीं टिकी. 13 जुलाई 2026 तक एक बार फिर मानसून सुस्त पड़ गया और बारिश का घाटा बढ़कर 18% हो गया. इसके बावजूद कई जगहें ऐसी हैं, जहां पानी के छींटे तक नहीं पड़े. मौसम का अलग रंग-ढंग कहां और क्यों...
सबसे पहले जानें कि बारिश ने एक हफ्ते में कमाल कैसे दिखाया?
मौसम विभाग IMD के मुताबिक, 30 जून 2026 को देश में 40% बारिश की कमी थी, बीते 126 सालों का पांचवां सबसे सूखा जून रहा था. लेकिन फिर 1 जुलाई से मानसून ने जोर पकड़ा. 9 जुलाई तक पूरे देश में 205 मिमी &amp;nbsp; बारिश हुई, जो सामान्य 233.1 मिमी से 14% कम थी. मुंबई के जलाशय 10% से बढ़कर 49% भर गए, दिल्ली-NCR में भारी बारिश हुई, मध्य और पश्चिम भारत में अतिरिक्त बारिश दर्ज की गई.
तो फिर मानसून कहां और कितना सुस्त पड़ गया?
मानसून ने सबसे ज्यादा सुस्ती पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में दिखाई, जहां 37% की कमी दर्ज की गई है. सबसे ज्यादा मार इसी इलाके में पड़ी है. IMD के मुताबिक, बिहार में 53% कमी, झारखंड में 43%, मणिपुर और मिजोरम में 42% तक बारिश की कमी रही है. हालांकि, IMD ने अगले 2-3 दिनों में पूर्वोत्तर, बंगाल और बिहार में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है.
उत्तर प्रदेश: 17% की कमी, पर पूर्व-पश्चिम में अंतर
IMD के मुताबिक, UP में 1 जून से 13 जुलाई तक 158.8 मिमी बारिश हुई, जबकि सामान्य 190.9 मिमी है. यानी 17% की कमी, लेकिन यह आंकड़ा धोखा देता है:

पश्चिमी UP: 16% अतिरिक्त बारिश
पूर्वी UP: 35% की भारी कमी

40 जिलों में 13 जुलाई को एक दिन में बिल्कुल बारिश नहीं हुई. मेरठ में 194% और मुजफ्फरनगर में 191% अतिरिक्त बारिश हुई, जबकि 10 जिलों में 60-99% की भारी कमी दर्ज की गई.
15 राज्यों में 20% से अधिक की कमी



राज्य
बारिश की कमी


बिहार
153%


झारखंड
43%


पंजाब
लगभग 46% (28% से 46% तक)


मिजोरम
42%


मणिपुर
42%


छत्तीसगढ़
20% से अधिक


केरल
लगभग 30-34%


कर्नाटक
20% से अधिक


तेलंगाना
20% से अधिक


आंध्र प्रदेश
20% से अधिक


गुजरात
20% से अधिक



इसके अलावा उत्तर प्रदेश, हरियाणा, असम, मेघालय, मणिपुर और पश्चिम बंगाल भी बारिश को तरस रहे हैं. इन 15 राज्यों में से कुछ में तो कमी 73% तक पहुंच गई है. सबसे ज्यादा प्रभावित पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत का क्षेत्र है, जहां 37% की भारी कमी दर्ज की गई है.
कुछ जिलों में तो 73% तक की कमी दर्ज की गई. दूसरी ओर महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान और ओडिशा में सामान्य से ज्यादा बारिश हुई. ओडिशा में 12% अतिरिक्त बारिश दर्ज की गई.
अल नीनो: इस साल की मानसून कमजोरी की जड़
इस साल मानसून के कमजोर रहने की सबसे बड़ी वजह अल नीनो है. यह प्रशांत महासागर के मध्य और पूर्वी भाग में समुद्र की सतह के सामान्य से अधिक गर्म होने की प्राकृतिक घटना है. यह भारत में कमजोर मानसून और भयंकर गर्मी से जुड़ी है.

NOAA ने 11 जून 2026 को अल नीनो की शुरुआत की घोषणा की.
IMD ने पहले ही 84% संभावना के साथ सामान्य से कम बारिश का अनुमान लगाया था.
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि देश में 43% कम बारिश हुई है और जुलाई में भी मानसून कमजोर रहेगा.

IIT कानपुर के प्रोफेसर रघु मुर्तुगुड्डे के मुताबिक, &#039;अल नीनो अब अकेले काम नहीं कर रहा. मेयू-बाईयू फ्रंट भी मानसून की शुरुआत और बढ़ोतरी में देरी कर रहा है.&#039;
तो क्या यह मानसून सूखा ही गुजर जाएगा?
पर्यावरणविद सुभाष सी पांडे कहते हैं, &#039;मानसून ट्रफ एक कम दबाव की पट्टी है जो आमतौर पर मध्य भारत से होकर गुजरती है. यह अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी खींचकर बारिश कराती है. लेकिन इन दिनों यह ट्रफ हिमालय की तलहटी की ओर खिसक गई है. इसकी वजह से नमी वाली हवाएं मध्य और दक्षिण भारत तक नहीं पहुंच पातीं और वहां सूखा पड़ जाता है. जब तक यह ट्रफ वापस अपनी सामान्य स्थिति में नहीं आती, तब तक बड़े इलाकों में बारिश नहीं होगी.&#039;
IMD ने 12 जुलाई 2026 को चेतावनी जारी की:

अगले 6-7 दिनों में उत्तर-पश्चिम, पश्चिम-मध्य भारत के मैदानी इलाकों और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश कमजोर रहेगी.
पूर्वोत्तर भारत, पश्चिम बंगाल और बिहार में अगले 2-3 दिनों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है.
पूर्वी उत्तर प्रदेश में अगले 4-5 दिनों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है.

IMD ने जुलाई 2026 के लिए सामान्य का 94% बारिश होने का पूर्वानुमान लगाया है. पूरे मानसून सीजन (जून-सितंबर) में सामान्य का 90% बारिश का अनुमान है.
खरीफ फसलों पर क्या असर पड़ा?
मानसून की देरी और जून में सूखे का सीधा असर खरीफ फसलों की बुआई पर पड़ा है. सभी प्रमुख फसलों का बोया गया क्षेत्र पिछले साल की तुलना में कम है. इसकी वजह है मानसून कोर क्षेत्र, जहां सिंचाई सीमित है और किसान बुआई के लिए मानसून पर निर्भर हैं. अब भी बड़ी बारिश की कमी का सामना कर रहा है.
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि 111 उच्च-प्राथमिकता वाले जिले हैं, जहां सिंचाई कवरेज 25% से कम है. लगभग 60% किसान खरीफ फसल के लिए मानसूनी बारिश पर निर्भर हैं.
मानसून की असल तस्वीर क्या है?
2026 का मानसून बेहद उतार-चढ़ाव भरा रहा है. जून में 40% की भारी कमी, जुलाई के पहले हफ्ते में राहत और फिर 13 जुलाई तक घाटा बढ़कर 18% होना अल नीनो इफेक्ट है. सबसे बुरी स्थिति पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत की है, जहां 37% की कमी ने खरीफ फसलों को गहरा नुकसान पहुंचाया है. 15 राज्य 20% से ज्यादा कम बारिश झेल रहे हैं. ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 13 Jul 2026 16:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Explained:, कहीं, रिमझिम, तो, कहीं, सूखा, क्यों, राज्यों, में, कुल, 72, कम, बारिश, क्या, बिना, बरसे, गुजर, जाएगा, मानसून</media:keywords>
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        <title>तमिलनाडु में गौहत्या पर पूर्ण बैन नहीं! सुप्रीम कोर्ट ने पलटा हाई कोर्ट का फैसला, सरकार को जारी किया नोटिस</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/तमिलनाडु-में-गौहत्या-पर-पूर्ण-बैन-नहीं-सुप्रीम-कोर्ट-ने-पलटा-हाई-कोर्ट-का-फैसला-सरकार-को-जारी-किया-नोटिस</link>
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        <description><![CDATA[ तमिलनाडु में गौहत्या पर पूर्ण पाबंदी लगाने वाले मद्रास हाई कोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (13 जुलाई) को रोक लगा दी है. राज्य सरकार ने इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. उसने राज्य के नियमों का हवाला देते हुए कहा था कि 10 वर्ष से अधिक आयु के गोवंश की हत्या पर कानूनन रोक नहीं है. हाई कोर्ट ने इसके परे जाकर आदेश जारी कर दिया है.
&#039;बार एंड बेंच&#039; की रिपोर्ट के मुताबिक, न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने तमिलनाडु सरकार की अपील पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार की याचिका पर नोटिस जारी किया और अगली सुनवाई तक हाईकोर्ट के फैसले के प्रभाव पर रोक लगाने का आदेश दिया.

तमिलनाडु सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में क्या दी दलील
तमिलनाडु सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी थी कि मूल याचिका केवल बकरीद के मौके पर वैध बूचड़खानों के बाहर गाय और बछड़ों की कथित बलि के मुद्दे तक सीमित थी. सरकार का कहना था कि मद्रास हाईकोर्ट की खंडपीठ ने इस मसले से आगे बढ़ते हुए पूरे राज्य में गायों की हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्देश दे दिया, जो याचिका के दायरे से बाहर और कानून के मुताबिक नहीं है.
गौरतलब है कि मद्रास हाईकोर्ट ने 27 मई को दिए अपने आदेश में संविधान के अनुच्छेद 48 और 1976 में तमिलनाडु सरकार की जारी की गई गौहत्या निषेध संबंधी आदेश का हवाला देते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि बकरीद सहित किसी भी दिन गाय और बछड़ों की हत्या न होने दी जाए.
सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश के बाद फिलहाल हाईकोर्ट का निर्देश प्रभावी नहीं रहेगा. मामले की अगली सुनवाई में सर्वोच्च न्यायालय यह तय करेगा कि मद्रास हाईकोर्ट का आदेश कानून और संविधान के अनुरूप था या नहीं.
यह भी पढ़ें : बहरीन, कुवैत और जॉर्डन... धुआं-धुआं हुआ मिडिल ईस्ट, ईरान का अमेरिकी ठिकानों पर घातक हमला, ट्रंप को करारा जवाब ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 13 Jul 2026 16:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>30 दिन जेल में रहे तो PM&amp;CM पर क्या होगा एक्शन? संसदीय समिति ने दिया ये बड़ा सुझाव</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/30-दिन-जेल-में-रहे-तो-pm-cm-पर-क्या-होगा-एक्शन-संसदीय-समिति-ने-दिया-ये-बड़ा-सुझाव</link>
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        <description><![CDATA[ विपक्षी दलों की चिंताओं के बीच संसद की एक समिति ने सिफारिश की है कि अगर प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों को गंभीर अपराधों के आरोप में लगातार 30 दिनों तक हिरासत में रखा जाता है, तो उन्हें उनके पदों से हटाने के बजाय निलंबित किया जाना चाहिए. समिति ने एक ऐसी व्यवस्था का भी प्रस्ताव दिया है, जिसके तहत अगर ऐसे लोगों को बरी कर दिया जाता है या मुकदमे की कार्यवाही निर्धारित समय के भीतर आगे नहीं बढ़ती है तो निलंबन स्वत: खत्म हो जाएगा.
पद से हटाए जाने वाले प्रावधान का विपक्ष ने किया था विरोध
130वें संविधान संशोधन विधेयक की समीक्षा कर रही संसद की संयुक्त समिति ने दो खास और तीन सामान्य सिफारिशें कीं. पिछले साल अगस्त में पेश किए गए इस विधेयक में यह प्रावधान है कि अगर प्रधानमंत्री, मंत्री या मुख्यमंत्री हिरासत में रहने के 31वें दिन तक खुद इस्तीफा नहीं देते हैं, तो उन्हें स्वत: पद से हटा दिया जाएगा. विपक्ष ने इस विधेयक को विरोधी दलों की सरकारों को अस्थिर करने का एक जरिया बताया था. अधिकतर विपक्षी पार्टियों ने विधेयक की समीक्षा करने वाली संयुक्त समिति से दूरी बना ली थी. इस रिपोर्ट के इस सप्ताह स्वीकृत किए जाने की संभावना है.
संसदीय समिति ने की सस्पेंड करने की सिफारिश
समिति ने अपनी रिपोर्ट में प्रस्ताव दिया है कि &amp;lsquo;पद से हटाना&amp;rsquo; शब्द को &amp;lsquo;निलंबन&amp;rsquo; से प्रतिस्थापित किया जाए, यानि कि &amp;lsquo;जिन मंत्रियों पर विशिष्ट आपराधिक आरोप हैं, उन्हें कानूनी कार्यवाही के परिणाम आने तक स्थायी रूप से पद से हटाने के बजाय निलंबित किया जाना चाहिए.&amp;rsquo; इसमें गंभीर अपराधों को भी परिभाषित किया गया है, जिसमें कहा गया है कि इस शब्द का तात्पर्य उन अपराधों से होना चाहिए, जिनके लिए पांच वर्ष या उससे अधिक के कारावास की सजा हो सकती है.
निलंबन के स्वत: समाप्त होने का एक प्रावधान प्रस्तावित करते हुए इसमें कहा गया है कि यदि मंत्री बरी हो जाते हैं या मुकदमे की कार्यवाही निर्धारित समय के भीतर आगे नहीं बढ़ती है, तो निलंबन स्वतः समाप्त हो जाना चाहिए. संसदीय समिति ने कहा कि यह सुरक्षा उपाय दोबारा नियुक्ति सुनिश्चित करता है और यह भी ध्यान रखता है कि जिन लोगों को अदालतें दोषी नहीं पातीं, उनका निलंबन स्थायी न होने पाए. संयुक्त समिति ने ये भी सुझाव दिया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, उच्च संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों से जुड़े मामलों की सुनवाई त्वरित या विशेष अदालतों में होनी चाहिए.
संसदीय समिति ने क्या कहा?
समिति ने कहा कि प्रस्तावित कानून में एक अलग अनुसूची होनी चाहिए जिसमें पांच साल या उससे अधिक की सजा वाले अपराध शामिल हों, ताकि उन अपराधों की साफ पहचान हो सके, जिनके कारण निलंबन हो सकता है. यह विधेयक यह सुनिश्चित करने के मकसद से पेश किया गया था कि सरकारें जेल से न चलाई जाएं. अगर सिफारिशें मान ली जाती हैं तो गृह मंत्रालय प्रस्तावित संशोधनों के साथ केंद्रीय मंत्रिमंडल के पास जाएगा और बाद में लोकसभा में आधिकारिक तौर पर संशोधन विधेयक पेश किया जाएगा.
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        <title>‘आत्महत्या कर लूंगा...’ 2012 के यूपी चुनाव से पहले मनमोहन सिंह ने क्यों कही थी ये बात, चौंकाने वाला खुलासा</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/आत्महत्या-कर-लूंगा-2012-के-यूपी-चुनाव-से-पहले-मनमोहन-सिंह-ने-क्यों-कही-थी-ये-बात-चौंकाने-वाला-खुलासा</link>
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        <description><![CDATA[ &amp;lsquo;&amp;lsquo;मैं आत्महत्या कर लूंगा...&amp;rsquo;&amp;rsquo;, ये शब्द 2012 में प्रधानमंत्री रहे मनमोहन सिंह ने तत्कालीन मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) एस वाई कुरैशी से तब कहे थे, जब चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर कुछ मंत्रियों की बेतुकी बयानबाजी से आहत कुरैशी ने अपनी नाराजगी प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंचाई थी. पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने कुरैशी से यह भी कहा था कि चुनाव आयोग केवल भारत का गौरव नहीं, बल्कि देश के लोकतंत्र की आत्मा है और अगर हमने इसे खो दिया तो सबकुछ खो देंगे.
सलमान खुर्शीद से शुरू हुआ विवाद
इस दिलचस्प बातचीत का जिक्र कुरैशी ने अपनी आगामी पुस्तक &amp;lsquo;इंडिया एंड आई: ए हंड्रेड मेमोरीज, नॉट ए मेमॉयर&amp;rsquo; में किया है. अपनी किताब में पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त ने पूर्व पीएम मनमोहन सिंह को ऐसे नेता के रूप में याद किया है, जिनके लिए संवैधानिक मर्यादा केवल भाषणों तक सीमित नहीं थी, बल्कि वह उनके आचरण और सोच का अभिन्न हिस्सा थी. कुरैशी के मुताबिक, जनवरी 2012 में उत्तर प्रदेश में चुनाव हो रहा था. उस समय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद ने एक चुनावी रैली में वादा किया कि उनकी पार्टी सत्ता में आई तो नौकरियों में मुसलमानों के लिए आरक्षण 4.5 फीसदी से बढ़ाकर 9 फीसदी कर दिया जाएगा.
कांग्रेस और बीजेपी थी आमने-सामने
उन्होंने लिखा, &amp;lsquo;भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने इसे आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए तुरंत चुनाव आयोग में शिकायत की थी कि चुनाव प्रक्रिया शुरू होने और आचार संहिता लागू होने के बाद किसी नई योजना की घोषणा नहीं की जा सकती.&amp;rsquo; कुरैशी ने लिखा, &amp;lsquo;हमने चार दिन तक सुनवाई की. कांग्रेस की ओर से अभिषेक मनु सिंघवी और बीजेपी की ओर से अरुण जेटली ने पक्ष रखा. दो प्रखर कानूनी विद्वान इस पेचीदा सवाल पर तर्कों की धार आजमा रहे थे कि आखिर चुनावी वादे और मतदाताओं को प्रलोभन देने के बीच की लकीर कहां खींची जाए. आखिरकार चुनाव आयोग ने खुर्शीद की निंदा की.&amp;rsquo;
कांग्रेस के भीतर से चुनाव आयोग के खिलाफ उठा आवाज
कुरैशी के अनुसार, आचार संहिता के तहत आयोग के पास उपलब्ध यह सबसे कड़ी कार्रवाई थी. जुलाई 2010 से जून 2012 तक मुख्य चुनाव आयुक्त रहे कुरैशी बताते हैं कि आयोग की कार्रवाई से खुर्शीद स्पष्ट रूप से नाराज थे. इसके बाद कांग्रेस के भीतर से आवाजें उठने लगीं कि चुनाव आयोग अहंकारी या मनमाना हो गया है. कुरैशी ने किताब में लिखा है, &amp;lsquo;आलोचना मुझे कभी परेशान नहीं करती, लेकिन संस्थाओं की विश्वसनीयता को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाने वाली परोक्ष बयानबाजी मुझे परेशान करती है. इस तरह की बेतुकी बयानबाजी स्वीकार्य नहीं थी.&amp;rsquo;
इसी दौरान कुरैशी ने ईद के मौके पर अपने घर पर वार्षिक मिलन समारोह आयोजित किया. मेहमानों में तत्कालीन प्रधानमंत्री के प्रेस सचिव हरीश खरे भी थे. कुरैशी ने बातचीत के दौरान उनसे अपनी नाराजगी का जिक्र किया. हरीश खरे ने पूछा, &amp;lsquo;क्या मैं प्रधानमंत्री को बताऊं?&amp;rsquo; कुरैशी ने जवाब दिया, &amp;lsquo;हां. मैं आपको यही बताने के लिए तो कह रहा हूं.&amp;rsquo; अगले दिन कुरैशी का &amp;lsquo;रैक्स&amp;rsquo; (रिस्ट्रिक्टेड एक्सेस एक्सचेंज) फोन बजा. दूसरी ओर से कहा गया, &amp;lsquo;प्रधानमंत्री आपसे तत्काल बात करना चाहते हैं.&amp;rsquo; कुछ ही क्षण बाद मनमोहन सिंह फोन पर थे. उनकी आवाज में बेचैनी थी. उन्होंने कहा, &amp;lsquo;कुरैशी जी, क्या मैं आपसे तुरंत मिल सकता हूं?&amp;rsquo;
मैं आत्महत्या कर लूंगा: मनमोहन सिंह
कुरैशी के मुताबिक, मनमोहन सिंह के बोलने के अंदाज से ऐसा लगा मानो वह खुद उनसे मिलने आने को तैयार हों. उन्होंने जवाब दिया, &amp;lsquo;सर, आप प्रधानमंत्री हैं. आप जब कहेंगे, मैं आ जाऊंगा.&amp;rsquo; शाम सात बजे मुलाकात का समय तय हुआ. उस शाम कुरैशी प्रधानमंत्री आवास पहुंचे. कुरैशी ने कहा, &amp;lsquo;मनमोहन सिंह दरवाजे पर उनका इंतजार कर रहे थे. वह मुझे अंदर ले गए और अभी हम दोनों ठीक से बैठे भी नहीं थे कि उन्होंने बेहद व्यथित स्वर में कहा, &amp;lsquo;हरीश ने मुझे बताया कि आपने क्या कहा. अगर आप ऐसा सोचते हैं तो मैं आत्महत्या कर लूंगा.&amp;rsquo;
पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त लिखते हैं कि वह यह सुनकर स्तब्ध रह गए. उनकी शिकायत कुछ मंत्रियों के आचरण को लेकर थी, मनमोहन सिंह को लेकर नहीं. कुरैशी के अनुसार, पूर्व पीएम मनमोहन सिंह हमेशा चुनाव आयोग को भारत का गौरव और देश की सॉफ्ट पावर बताते थे. उनके लिए यह कल्पना करना भी असहनीय था कि कुरैशी को उनकी नीयत पर संदेह हो सकता है. मनमोहन सिंह ने उनसे कहा, &amp;lsquo;मुझे बिल्कुल पता नहीं था. अगर मुझे मालूम होता तो मैं उन्हें बुरी तरह फटकारता. अगर आपको कभी कुछ कहना हो तो बस फोन उठाइए और मुझसे बात कीजिए.&amp;rsquo;
चुनाव आयोग हमारे लोकतंत्र की आत्मा: मनमोहन सिंह
इसके बाद मनमोहन सिंह ने ऐसी बात कही, जिसे कुरैशी आज तक नहीं भूले. उन्होंने कहा था, &amp;lsquo;चुनाव आयोग केवल भारत का गौरव नहीं है, यह हमारे लोकतंत्र की आत्मा है. अगर हमने इसे खो दिया तो हम सबकुछ खो देंगे.&amp;rsquo; पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त लिखते हैं कि इस मुलाकात ने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया. इसकी वजह राजनीति नहीं थी, बल्कि उनका सामना ऐसे नेता से हुआ था, जिसके लिए संवैधानिक मर्यादा कोई दिखावटी बात नहीं, बल्कि उनके आचरण और सोच का अभिन्न हिस्सा थी.&amp;rsquo;
कुरैशी ने इस बातचीत की जानकारी तत्कालीन प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव टी. के. ए. नायर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन को भी दी. हरीश खरे ने भी मित्रों से इसका जिक्र किया. पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त के मुताबिक, इस मुलाकात के बाद चुनाव आयोग को लेकर की जा रही बयानबाजी बंद हो गई. चुपचाप संबंधित लोगों तक संदेश पहुंचा दिया गया था और इससे अधिक कुछ करने की जरूरत नहीं पड़ी.
कुरैशी लिखते हैं, &amp;lsquo;मैंने अपने जीवन में कई शक्तिशाली लोगों को देखा है, लेकिन बहुत कम ऐसे लोग मिले जिन्होंने सत्ता को इतनी सहजता से धारण किया और उसकी जिम्मेदारी का बोझ इतनी गहराई से ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 13 Jul 2026 00:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>‘आत्महत्या, कर, लूंगा...’, 2012, के, यूपी, चुनाव, से, पहले, मनमोहन, सिंह, ने, क्यों, कही, थी, ये, बात, चौंकाने, वाला, खुलासा</media:keywords>
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        <title>राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला; गड़बड़ियों पर RSS ने जताई चिंता, कहा &amp; &amp;apos;भविष्य में कोई...&amp;apos;</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/राम-मंदिर-चढ़ावा-चोरी-मामला-गड़बड़ियों-पर-rss-ने-जताई-चिंता-कहा-भविष्य-में-कोई</link>
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        <description><![CDATA[ कर्नाटक के बेलगावी में 12 जुलाई को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की बैठक हुई. यह संघ की अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक थी. इसमें कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई, लेकिन सबसे ज्यादा ध्यान जिस बात ने खींचा, उसमें अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे की गिनती में हुई अनियमितता की बैठक के बाद दुख जाहिर किया.&amp;nbsp;
बेलगावी में संघ की यह वार्षिक तीन दिवसीय बैठक थी. इस बैठक में अयोध्या राम मंदिर खजाना चोरी का मुद्दा गरमाया रहा. संघ ने अपनी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए, इस पूरे विवाद में कानूनी कार्रवाई पर विश्वास जताया है.&amp;nbsp;
राम मंदिर मामले पर क्या बोले संघ की बैठक में?&amp;nbsp;
बैठक के दौरान कहा गया कि तीर्थ क्षेत्र न्यास के निवेदन पर चल रही एसआईटी एवं पुलिस कारवाई निर्णायक मोड़ पर पहुंचेगी. तीर्थ क्षेत्र न्यास से यह अपेक्षा की गई कि वह यह सुनिश्चित करे कि भविष्य में ऐसी कोई घटना न हो, जिससे समस्त राम भक्त राम मंदिर के प्रति श्रद्धा और गहरी आस्था पर आघात हो.&amp;nbsp;
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बकायदा इससे जुड़ी एक प्रेस रिलीज भी बैठक को लेकर जारी की गई है. इसमें जनसांख्यिकी असंतुलन से होने वाली चुनौतियों, ड्रग्स और नशा मुक्ति, शिरोमणि रविदास महाराज की 650वीं जंयती वर्ष जैसे मुख्य मुद्दों पर चर्चा की गई.&amp;nbsp;
बैठक में मोहन भागवत, और दत्तात्रेय होसबाले रहे मौजूद
बैठक में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत, सरकार्यवाहक दत्तात्रेय होसबाले समेत 226 कार्यकर्ता उपस्थित रहे. बैठक में मार्च 2026 के बाद विभिन्न स्तरों पर संपन्न होने वाले ट्रेनिंग कैंप की समीक्षा की गई. इस साल देशभर में 83 संघ शिक्षा वर्ग, 12 कार्यकर्ता विकास वर्ग, इनमें कुल 18842 स्वयंसेवकों ने ट्रेनिंग प्राप्त की है. इनमें शाखा संचालन, संघर कार्यपद्धति, ग्राम विकास, कुटुम्ब प्रबोधन, आपदा प्रबंधन, पर्यावरण जैसे मुद्दे &amp;nbsp;शामिल रहे.&amp;nbsp;
होर्मुज स्ट्रेट कब खोलेगा ईरान? IRGC ने डोनाल्ड ट्रंप के सामने रखी ये शर्त, कहा- &#039;जब तक अमेरिका...&#039; ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 13 Jul 2026 00:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>राम, मंदिर, चढ़ावा, चोरी, मामला, गड़बड़ियों, पर, RSS, ने, जताई, चिंता, कहा, भविष्य, में, कोई...</media:keywords>
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        <title>चंद्रबाबू नायडू ने PM मोदी की तारीफ में पढ़े कसीदे, बोले &amp; &amp;apos;उनके नेतृत्व में भारत 2047 तक...&amp;apos;</title>
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        <description><![CDATA[ आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने दुनिया भर में अपनी अलग पहचान बनाई है और आज देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिल रहा है. मुंबई में पत्रकारों से बातचीत के दौरान चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई देना चाहते हैं क्योंकि भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी प्रतिष्ठा मजबूत की है. उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी एक मजबूत और प्रभावशाली नेता हैं, जिनका सम्मान केवल भारत में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में किया जाता है.
नायडू ने कहा कि वर्तमान समय में दुनिया के कई देश आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं. कई देशों की आर्थिक वृद्धि की रफ्तार धीमी पड़ गई है, लेकिन भारत लगातार तेज गति से आगे बढ़ रहा है. उन्होंने इसका श्रेय प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व को दिया. उन्होंने कहा कि भारत की आर्थिक प्रगति और विकास की गति यह दिखाती है कि देश सही दिशा में आगे बढ़ रहा है. नायडू ने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का अपना लक्ष्य जरूर हासिल करेगा.

#WATCH | Mumbai: Andhra Pradesh CM N Chandrababu Naidu says, &quot;I am very happy and congratulate our Prime Minister. India has earned global respect. He is a powerful leader, respected not only in India but across the world. If you look at economic growth, all nations are facing&amp;hellip; pic.twitter.com/YQKsilNc3f
&amp;mdash; ANI (@ANI) July 12, 2026




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भारत दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होगा- नायडू
नायडू ने &amp;nbsp;कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि आने वाले सालों में भारत दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में और मजबूत स्थिति हासिल करेगा तथा विकास के नए रिकॉर्ड बनाएगा. पश्चिम बंगाल के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि राज्य में अपार संभावनाएं मौजूद हैं. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल लंबे समय तक अपनी पूरी क्षमता का उपयोग नहीं कर पाया, लेकिन अब परिस्थितियां बदल रही हैं और राज्य के सामने नए अवसर खुल रहे हैं. उन्होंने कहा कि एक समय कहा जाता था कि बंगाल आज जो सोचता है, देश कल सोचता है. उनके अनुसार हाल के वर्षों में पश्चिम बंगाल अपनी उस भूमिका से कुछ दूर हो गया था, लेकिन अब राज्य फिर से नई सोच और नए अवसरों की ओर बढ़ रहा है.
पश्चिम बंगाल के बारे में नायडू ने क्या कहा?
नायडू ने कहा कि पश्चिम बंगाल के पास विकास के लिए सभी जरूरी संसाधन मौजूद हैं. राज्य की भौगोलिक स्थिति, मानव संसाधन, उद्योग और अन्य क्षमताएं इसे आगे बढ़ाने में मदद कर सकती हैं. उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में पश्चिम बंगाल में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे और राज्य का भविष्य काफी उज्ज्वल होगा. उनके अनुसार पश्चिम बंगाल के पास देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की पूरी क्षमता है.
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        <pubDate>Mon, 13 Jul 2026 00:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>चंद्रबाबू, नायडू, ने, मोदी, की, तारीफ, में, पढ़े, कसीदे, बोले, उनके, नेतृत्व, में, भारत, 2047, तक...</media:keywords>
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        <title>कतर के पूर्व अमीर के निधन पर राष्ट्रीय शोक, आधा झुका रहेगा तिरंगा, भारत सरकार का फैसला</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/कतर-के-पूर्व-अमीर-के-निधन-पर-राष्ट्रीय-शोक-आधा-झुका-रहेगा-तिरंगा-भारत-सरकार-का-फैसला</link>
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        <description><![CDATA[ भारत सरकार ने कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन के बाद एक दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है. 13 जुलाई को भारत में राष्ट्रीय शोक रहेगा. इस दिन पूरे देश में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा. साथ ही किसी भी तरह का आधिकारिक मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाएगा.&amp;nbsp;
पीएम मोदी ने कतर के पूर्व अमीर के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें एक दूरदर्शी नेता बताया है. साथ ही कहा कि वह भारत के सच्चे मित्र बने रहे. पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा है कि कतर के फादर अमीर महामहिम शेख हम बिन खलीफा अल थानी के निधन पर हमें गहरा दुख है. वह एक दूरदर्शी नेता थे. उन्होंने कतर को विकास और समृद्धि के उच्च स्तर तक पहुंचाया. हम उन्हें एक सच्चे मित्र के रूप में याद करते हैं. इनसे मुझे फरवरी 2024 में कतर की अपनी पिछली यात्रा के दौरान मिलने का सौभाग्य मिला था. उनकी आत्मा को अनंत शांति मिले. इशके अलावा संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू के जल्द ही कतर जाकर भारत सरकार की ओर से शोक संदेश पहुंचाने की उम्मीद है.&amp;nbsp;
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दुनियाभर के नेताओं ने पूर्व अमीर के निधन पर शोक व्यक्त किया
दुनिया भर के नेताओं ने कतर के पूर्व अमीर के निधन पर शोक व्यक्त किया है. पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ और यूएई के पीएम शेख मोहम्मद ने भी कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर शोक व्यक्त किया है. शेख हमद को महान नेता और राजनेता बताते हुए शरीफ ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है.&amp;nbsp;
यूएई के पीएम शेख मोहम्मद ने लिखा कि मेरे भाई शेख तमीम बिन हमद अल थानी और कतर के भाई बहनों जैसे लोगों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं. हमने अपने प्रिय फादर शेख अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी को खो दिया है. हम सभी के लिए बड़ी क्षति है. ईश्वर उन पर दया करे. उन्हें जन्नत में ऊंचा स्थान दे. कतर के लोगों और उनके चाहने वालों को सब्र और हिम्मत दे. हम सब ईश्वर के ही हैं. अंत में उन्हीं के पास लौटकर जाना है.&amp;nbsp;
कौन थे शेख हमद?हमद ने यूके में अपनी स्कूल शिक्षा पूरी करने के बाद 1971 में कतर की सेना (आर्म्ड फोर्सेज) जॉइन की. एलन फ्रॉमहर्ज की किताब कतर ए मॉर्डन हिस्ट्री के मुताबिक, बाद में उन्होंने 1995 में बिना किसी खून खराबे के जरिए तख्तापलट किया और सत्ता अपने हाथ में ले ली.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Mon, 13 Jul 2026 00:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>कतर, के, पूर्व, अमीर, के, निधन, पर, राष्ट्रीय, शोक, आधा, झुका, रहेगा, तिरंगा, भारत, सरकार, का, फैसला</media:keywords>
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        <title>कोलकाता एयरपोर्ट पर रनवे के नजदीक स्थित मस्जिद में नमाजियों की एंट्री पर रोक, जानें क्या है मामला?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/कोलकाता-एयरपोर्ट-पर-रनवे-के-नजदीक-स्थित-मस्जिद-में-नमाजियों-की-एंट्री-पर-रोक-जानें-क्या-है-मामला</link>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल में नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट के परिसर में स्थित 130 साल से ज्यादा पुरानी गौरीपुर जामा मस्जिद में मरम्मत कार्य की वजह से शनिवार (11 जुलाई, 2026) से लेकर अगले तीन दिनों के लिए नमाज अदा करने पर रोक लगा दी गई है. यह मस्जिद एयरपोर्ट के रनवे-2 से बस कुछ ही सौ मीटर की दूरी पर स्थित है, जिसे बांकड़ा मस्जिद के नाम से जाना जाता है.
संबंधित अधिकारी ने बताया कि अगले दो से तीन दिनों तक मस्जिद में निर्माण कार्य चलेगा. इस वजह से वहां नमाज के लिए लोगों के आने पर रोक लगाई गई है.
एयरपोर्ट परिसर में मस्जिद होने को लेकर BJP विधायक ने जताई चिंता
वहीं, पीटीआई भाषा से बातचीत में राजधानी कोलकाता के दमदम उत्तर से बीजेपी के विधायक सौरव सिकदर ने बड़ा आरोप लगाया है. उन्होंने कहा है कि एयरपोर्ट परिसर में मस्जिद होने की वजह से दोनों रनवे का पूरी क्षमता के साथ इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है और तो और इससे सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी पैदा होती हैं.
उन्होंने दावा किया कि नमाज के लिए आने वाले लोगों को एयरपोर्ट का पास या बैकग्राउंड वेरिफिकेशन कराने की जरूरत नहीं होती. क्योंकि एयरपोर्ट एक बेहद सुरक्षित क्षेत्र होता है और यह मस्जिद सबसे उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र यानी लेवल-3 में स्थित है, ऐसे में वहां प्रवेश करने वाले हर शख्स के पास फोटो वाला बायोमेट्रिक पास होने बहुत जरूरी है.&amp;nbsp;&amp;nbsp;

VIDEO | Kolkata: On proposed removal of the 136-year-old Bankra Masjid near the Kolkata airport, BJP MLA Sourav Sikdar says, &amp;ldquo;There is a mosque located right in the middle of the runway area at Kolkata Airport. It is situated at such a strategic location that two runways of the&amp;hellip; pic.twitter.com/38bzCIhYts
&amp;mdash; Press Trust of India (@PTI_News) July 11, 2026



BJP नेता ने सुरक्षा पर खतरे का दिया हवाला, TMC नेता ने जताया विरोध
सिकदर ने आगे कहा, &amp;lsquo;इस एयरपोर्ट से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री जैसे वीवीआईपी के अलावा हर महीने लाखों यात्रियों का आना-जाना होता है. मेरी पार्टी ने यह मुद्दा अधिकारियों के सामने उठाया है और दावा किया है कि मौजूदा व्यवस्था से सुरक्षा संबंधी खतरा हो सकता है.&amp;rsquo;
जबकि दूसरी तरफ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व विधायक और पूर्व मंत्री सिद्दीकुल्लाह चौधरी ने कहा कि जब इस मुद्दे पर अधिकारियों के साथ बातचीत जारी है, तो मस्जिद में नमाज पर रोक लगाने की कोई जरूरत नहीं थी. उन्होंने कहा, &amp;lsquo;यह मस्जिद 135 साल से अधिक पुरानी है और इस मुद्दे पर बातचीत जारी है. किसी भी सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए हम तैयार हैं. नमाज के लिए लोगों के प्रवेश पर रोक लगाने की कोई जरूरत नहीं थी.&amp;rsquo;&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sun, 12 Jul 2026 08:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>कोलकाता, एयरपोर्ट, पर, रनवे, के, नजदीक, स्थित, मस्जिद, में, नमाजियों, की, एंट्री, पर, रोक, जानें, क्या, है, मामला</media:keywords>
    </item>
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        <title>छह हत्याओं में शाबाद CI सस्पेंड! आरोपियों की गिरफ्तारी पर दो लाख रुपये का इनाम</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/छह-हत्याओं-में-शाबाद-ci-सस्पेंड-आरोपियों-की-गिरफ्तारी-पर-दो-लाख-रुपये-का-इनाम</link>
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        <description><![CDATA[ तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले के शाबाद पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में हुई सबसे अमानवीय घटना में पुलिस के व्यवहार पर शुरू से ही शक जताया जा रहा है. पीड़ित के परिजनों ने शिकायत की है कि राजकुमार नाम का आरोपी उनके बच्चे को परेशान कर रहा है, लेकिन मृतक के रिश्तेदार शनिवार (11 जुलाई, 2026) की सुबह से ही विरोध कर रहे हैं.
उनका कहना है कि पुलिस ने मामले को रफा-दफा कर दिया. वे शाबाद स्टेशन के बाहर बैठ गए और SI और CI के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. इस संदर्भ में पुलिस के उच्च अधिकारियों ने शुरू में यह पुष्टि करने के बाद कि स्टेशन CI क्रांति रेड्डी छह हत्याओं में लापरवाह थे, उन्हें सस्पेंड कर दिया गया.
पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया, तो दो दिन में कैसे मिली जमानत?
नाबालिग लड़की के माता-पिता ने 16 मई, 2026 को शाबाद पुलिस से शिकायत की थी कि राजकुमार उनके बच्चे को परेशान कर रहा था. ऐसा लगता है कि पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद आरोपी के खिलाफ POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज किया, लेकिन केस दर्ज होने के दो दिन बाद नाबालिग लड़की के घरवालों को शक तब हुआ, उन्होंने जब आरोपी राजकुमार को गांव में घूमते देखा और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.
उन्होंने कहा कि POCSO का केस दर्ज किया गया, तो उन्हें दो दिन में बेल कैसे मिल सकती है? उन्होंने शिकायत की कि वह पागलों की तरह घूम रहा था और हमें जान से मारने की धमकी दे रहा था, लेकिन पुलिस ने न सिर्फ इस मामले को नजरअंदाज किया, बल्कि उसे यह कहकर भगा दिया, &amp;lsquo;हम देख लेंगे. हमने चेतावनी दी है. तुम जाओ.&amp;rsquo;
गुस्साए लोगों ने पुलिस पर लगाया लापरवाही का आरोप
पुलिस से गुस्साए राजकुमार ने शुक्रवार (10 जुलाई, 2026) की रात नाबालिग लड़की के घर जाकर खून-खराबा किया. वह जानवर बन गया और उसने छह लोगों को बेरहमी से मार डाला. मृतक के घरवालों ने गुस्सा जताया, पर पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया, जिसकी वजह से इतना बड़ा जुर्म हुआ. उन्होंने शाबाद CI क्रांति रेड्डी और SSI के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. पीड़ितों के आरोपों की जांच करने वाले बड़े अधिकारियों ने CI क्रांति रेड्डी को सस्पेंड कर दिया.&amp;nbsp;

आरोपी को ढूंढने में लगी पुलिस की आठ टीमें
पुलिस की आठ टीमें शनिवार सुबह से ही राजकुमार की तलाश कर रही हैं, जिसने शुक्रवार की रात शाबाद में छह लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी और अपने माता-पिता को फोन करके भाग गया. पुलिस टीमें शाबाद पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाले गांवों में छानबीन कर रहे हैं. वहीं, राजकुमार के परिवारवालों, रिश्तेदारों, दोस्तों से पूछताछ की जा रही है.
इस बीच पता चला कि वह सुबह करीब 6 बजे शाबाद के बाहरी इलाके से रेलवे स्टेशन गया था. पुलिस को हाल ही में जानकारी मिली थी कि राजकुमार की कार नंदीगामा में है. अभी तक आरोपी का कहीं पता नहीं चला है. विपक्ष आलोचना कर रहा है कि पुलिस की लापरवाही के कारण छह लोगों की हत्या हुई. ऐसे में आरोपी राजकुमार को गिरफ्तार करना तेलंगाना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है.
पुलिस कमिश्नर ने की आरोपी की जानकारी देने के लिए इनाम की घोषणा
इस संबंध में पुलिस कमिश्नर ने कहा कि राजकुमार की पहचान में मदद करने वाली अहम जानकारी देने वालों को 2 लाख रुपये का नकद इनाम दिया जाएगा और सूचना देने वालों की जानकारी पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी.
वहीं, फ्यूचर सिटी कमिश्नरेट ने कहा कि आरोपी को पकड़ने के लिए जरूरी जानकारी देने वालों को जरूरी सुरक्षा दी जाएगी. जो लोग आरोपी के बारे में जानकारी देना चाहते हैं, वे चेवल्ला पुलिस कंट्रोल रूम नंबर 8712665324 पर फोन कॉल या व्हाट्सएप से जानकारी दे सकते हैं.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sun, 12 Jul 2026 08:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>अंबाला पुलिस स्टेशन कार ब्लास्ट केस में NIA की बड़ी कार्रवाई, पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी समेत 8 के खिलाफ चार्जशीट दाखिल</title>
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        <description><![CDATA[ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने हरियाणा के अंबाला स्थित बलदेव नगर पुलिस स्टेशन के बाहर जनवरी 2026 में हुए IED कार बम धमाके के मामले में पाकिस्तानी गैंगस्टर से आतंकी बने शहजाद भट्टी समेत 8 आरोपियों के खिलाफ पंचकूला स्थित विशेष NIA अदालत में चार्जशीट दाखिल की है.
NIA के अनुसार, शहजाद भट्टी इस साजिश का मास्टरमाइंड और पाकिस्तान में बैठा हैंडलर था. उसके अलावा जिन सात भारतीय आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है, जिनके नाम - करमजीत सिंह उर्फ टोनी, आकाश, सौरभ उर्फ सोबी, रमन कुमार, सत्यम, सुखदेव सिंह उर्फ सुखा, अमरजीत सिंह उर्फ अंबी है. इन सभी पर UAPA की धारा समेत अलग-अलग धाराओं में चार्जशीट दाखिल की गई है. &amp;nbsp;
एनआईए की जांच में क्या हुआ खुलासा?
NIA की जांच में खुलासा हुआ कि शहजाद भट्टी ने भारत में अपना आतंकी नेटवर्क तैयार किया था और स्थानीय सहयोगियों को पुलिस ठिकानों पर हमले के लिए विस्फोटक और अन्य लॉजिस्टिक की व्यवस्था करने का जिम्मा सौंपा था. आकाश भारत में भट्टी का प्रमुख ऑपरेटिव था, जो बाकी आरोपियों के साथ हमले की पूरी योजना का समन्वय कर रहा था.
पुलिस स्टेशन की पहले की गई थी रेकी&amp;nbsp;

जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पहले संभावित ठिकानों की रेकी की और उसके बाद गैस सिलेंडरों और विस्फोटक पदार्थों से भरी कार को बलदेव नगर पुलिस स्टेशन के परिसर में खड़ा किया. इतना ही नहीं, आरोपियों ने घटना का वीडियो भी बनाया, ताकि उसका प्रचार-प्रसार किया जा सके और लोगों में दहशत फैले.
सोशल मीडिया के जरिए भर्ती किए गए थे कट्टरपंथी
NIA के अनुसार, शहजाद भट्टी ने सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म के जरिए आरोपियों की भर्ती की और उन्हें कट्टरपंथ की ओर प्रेरित किया. डिजिटल, इलेक्ट्रॉनिक, दस्तावेजी और फॉरेंसिक साक्ष्यों से यह भी पुष्टि हुई कि हमले की पूरी योजना के दौरान आरोपी लगातार अपने पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में थे.
NIA का कहना है कि जांच में भर्ती, फंडिंग, हमले की योजना, विस्फोटक जुटाने और आतंकी वारदात को अंजाम देने की पूरी साजिश का खुलासा हो चुका है. एजेंसी का कहना है कि यह पूरा ऑपरेशन शहजाद भट्टी के निर्देशों पर संचालित किया गया था. मामले की जांच अभी भी जारी है.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ेंः PFI पर NIA ने कसा शिकंजा! 21 आरोपियों पर कोर्ट ने तय किए गंभीर आरोप, 29 जुलाई से शुरू होगी अहम सुनवाई ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 12 Jul 2026 08:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>&amp;apos;कांग्रेस सरकार गुमराह कर रही...&amp;apos;, कालेश्वरम प्रोजेक्ट को लेकर तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी और BRS नेता आमने&amp;सामने</title>
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        <description><![CDATA[ हैदराबाद में कालेश्वरम प्रोजेक्ट को लेकर मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी और BRS नेताओं के बीच वाकयुद्ध तेज हो गया है. जब पूछा गया कि सरकार गोदावरी में बाढ़ का पानी छोड़ने से क्यों पीछे हट रही है, तो कांग्रेस सरकार ने NDSA रिपोर्ट और बैराज की सुरक्षा को आधार बताया, जबकि BRS नेता हरीश राव ने तुम्मिडिहेट्टी और मेडिगड्डा में पानी की उपलब्धता पर पुराने लेटर और इंजीनियरिंग फैसलों का हवाला देते हुए सरकार के दावे को गलत बताया.&amp;nbsp;
प्रजाभवन में आयोजित की गई पावरपाइंट प्रेजेंटेशन
प्रजा भवन में अपने पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन में, रेवंत रेड्डी ने कालेश्वरम प्रोजेक्ट के कंस्ट्रक्शन में आई कमियों, रीडिज़ाइन और लागत में बढ़ोतरी की कड़ी आलोचना की. उनके मुताबिक, उस समय की सरकार ने रिटायर्ड इंजीनियरों की कमिटी की सिफारिशों को नज़रअंदाज़ किया और प्रोजेक्ट की लागत 38 हज़ार करोड़ रुपये से बढ़कर 1 लाख करोड़ रुपये हो गई.&amp;nbsp;
ये भी पढ़ें:&amp;nbsp;थार से आए बदमाश, गाड़ी से बांधकर ATM मशीन को निकाला बाहर, फिल्मी स्टाइल में कैश लेकर हुए रफूचक्कर
जवाब में, BRS नेताओं, खासकर हरीश राव का कहना है कि कांग्रेस सरकार पानी की उपलब्धता के नाम पर किसानों को गुमराह कर रही है. उन्होंने मीडिया को बताया कि सेंट्रल वॉटर बोर्ड ने साफ कर दिया था कि तुम्मिडीहेट्टी में पानी की कोई उपलब्धता नहीं है, और इसीलिए कालेश्वरम को फिर से डिज़ाइन किया गया.&amp;nbsp;
सरकार बीआरएस की कौनसी मांग का कर रही विरोध
लेटेस्ट खबर यह है कि कांग्रेस सरकार गोदावरी में बाढ़ का पानी ज़्यादा होने पर मोटर चालू करने और पानी पंप करने की BRS की मांग का विरोध कर रही है, और सुरक्षा की चिंता का हवाला दे रही है. सरकार का तर्क है कि NDSA रिपोर्ट में बताया गया है कि मेडिगड्डा और अन्नाराम बैराज की नींव कमज़ोर है, जिससे पूरी मरम्मत के बिना पंपिंग शुरू करना खतरनाक है.&amp;nbsp;रेवंत रेड्डी ने विपक्ष को चुनौती देते हुए कहा कि वह विधानसभा में खुली बहस के लिए तैयार हैं, जबकि BRS ने भी घोषणा की कि वह उसी मंच पर जवाब देने के लिए तैयार है. इसके साथ ही, कालेश्वरम का भविष्य सिर्फ इंजीनियरिंग का मुद्दा नहीं बल्कि एक राजनीतिक लड़ाई बन गया है.
वियतनाम में भारतीय पर्यटकों से भरी नाव पलटी, 15 की मौत, दूतावास ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 12 Jul 2026 08:30:06 +0530</pubDate>
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        <title>&amp;apos;हमारे विधायकों को दिया गया 20&amp;30 करोड़ का ऑफर&amp;apos;, उमर अब्दुल्ला के दावे पर आया BJP का रिएक्शन</title>
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        <description><![CDATA[ बीजेपी ने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के उस बयान पर कड़ा पलटवार किया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि बीजेपी नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के विधायकों को खरीदने की कोशिश कर रही है. पार्टी ने उनके इन आरोपों को बेहद गैर-जिम्मेदाराना और बेबुनियाद बताया है.&amp;nbsp;
बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने पत्रकारों से बात करते हुए आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री अपनी सरकार की नाकामियों और कुशासन को छिपाने के लिए ऐसे बेबुनियाद दावे कर रहे हैं. त्रिवेदी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बहुत ही गैर-जिम्मेदाराना और निंदनीय बयान दिया है. उन्होंने बेबुनियाद आरोप लगाया है कि बीजेपी उनकी पार्टी के विधायकों को तोड़ने की कोशिश कर रही है.&amp;nbsp;

बीजेपी की जम्मू-कश्मीर इकाई ने इस बयान की कड़ी निंदा की है और उनसे सीधे तौर पर कहा है कि या तो वे सबूत दें या फिर माफी मांगें. बीजेपी नेता ने आगे कहा कि नेताओं को तोड़ने की बात असल में मौजूदा सरकार के खराब कामकाज से लोगों का ध्यान हटाने की एक सोची-समझी कोशिश है. त्रिवेदी ने कहा, &quot;असल बात यह है कि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर में अपनी सरकार की नाकामी, काम न करने और कुशासन को छिपाने और इन मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए यह बेबुनियाद आरोप लगाया है. हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं और उनसे मांग करते हैं कि या तो वे सबूत दें या फिर अपने बयान के लिए माफी मांगें.&quot;
&#039;आरोपों के बजाय अपने काम पर ध्यान देना चाहिए&#039;त्रिवेदी ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेताओं को सलाह दी कि वे राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से दूर रहें और अपनी प्रशासनिक जिम्मेदारियों पर ध्यान दें. उन्होंने कहा, &quot;नेशनल कॉन्फ्रेंस पार्टी और उमर अब्दुल्ला को ऐसे बेबुनियाद आरोप लगाकर अपनी नाकामी का बदला लेने की कोशिश नहीं करनी चाहिए, बल्कि आरोपों के बजाय अपने काम पर ध्यान देना चाहिए.&quot;
उमर अब्दुल्ला ने क्या कहा थाबता दें कि उमर अब्दुल्ला ने शनिवार को बिना नाम लिए दावा किया कि बीजेपी ने जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस (JKNC) के एक विधायक को पाला बदलने के लिए 20-30 करोड़ रुपये और मंत्री पद का लालच दिया. अब्दुल्ला ने कहा कि विधायक ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया और उन्हें इस बारे में जानकारी दी. उप मुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने उमर अब्दुल्ला के दावों का पुरजोर समर्थन करते हुए आरोप लगाया कि बीजेपी की पूरी राजनीतिक नींव ही झूठ पर टिकी है.
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        <pubDate>Sun, 12 Jul 2026 08:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>थार से आए बदमाश, गाड़ी से बांधकर ATM मशीन को निकाला बाहर, फिल्मी स्टाइल में कैश लेकर हुए रफूचक्कर</title>
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        <description><![CDATA[ ओडिशा के बालासोर से चोरी डकैती की एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया है. बदमाशों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वो एटीएम ही उखाड़कर साथ ले गए. बीती रात (10 जुलाई) को रात में कुछ अज्ञात बदमाशों ने कथित तौर पर एक ATM को महिंद्रा थार SUV से रस्सी से बांधकर उखाड़ लिया.
बदमाशों ने न सिर्फ रस्सी से बांधकर एटीएम मशीन को उखाड़ा बल्कि उसे थार गाड़ी से घसीटते हुए भी ले गए. बदमाशों ने उसके बाद एटीएम मशीन को तोड़ दिया और सारा कैश निकालकर रफू चक्कर हो गए. यह घटना बालासोर जिले के खैरा थाना अंतर्गत तुदिगाडिया बाजार इलाके की बताई जा रही हैं, जहां रात करीब 2 बजे इस चौंका देने वाली घटना को अंजाम दिया गया है.

फिल्मी स्टाइल में दिया वारदात को अंजामशुरुआती जानकारी के मुताबिक, पांच से ज़्यादा लोग एक काली थार गाड़ी में एटीएम कियोस्क पर पहुंचे. उन्होंने कथित तौर पर एटीएम को एक रस्सी से गाड़ी से बांधा, मशीन को उखाड़ा और उसे घसीटते हुए वहां से ले गए. माना जा रहा है कि आरोपी ATM को एक सुनसान जगह पर ले गए, जहां उन्होंने उसे तोड़कर कैश निकाल लिया और भाग गए. भागने से पहले उन्होंने खराब हो चुकी मशीन को सड़क किनारे छोड़ दिया.
CCTV फुटेज खंगालने में जुटी पुलिसयह पूरी घटना पास में लगे CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है. पुलिस आरोपियों की पहचान करने और लूट में इस्तेमाल की गई गाड़ी का पता लगाने के लिए CCTV फुटेज की जांच कर रही है. चोरी हुई नकदी की सही रकम का अभी पता नहीं चल पाया है. इस डकैती से स्थानीय निवासियों में चिंता पैदा हो गई है. उन्होंने पुलिस प्रशासन से सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने और रात में गश्त बढ़ाने की मांग की है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sat, 11 Jul 2026 20:30:14 +0530</pubDate>
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        <title>‘साझा चुनौतियों के समाधान सामूहिक प्रयास से ही संभव’, BRICS ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर्स की बैठक में बोले नितिन गडकरी</title>
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        <guid>https://hindi.attentionindia.com/साझा-चुनौतियों-के-समाधान-सामूहिक-प्रयास-से-ही-संभव-brics-ट्रांसपोर्ट-मिनिस्टर्स-की-बैठक-में-बोले-नितिन-गडकरी</guid>
        <description><![CDATA[ केंद्रीय सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार (11 जुलाई, 2026) को ब्रिक्स देशों के बीच ट्रांसपोर्ट सिस्टम को ज्यादा टिकाऊ, लचीला, समावेशी और भविष्य की जरूरतों के लिए पूरी तरह से तैयार बनाने के लिए बेहतर सहयोग की अपील की है. उन्होंने कहा है कि ब्रिक्स समूह की सामूहिक ताकत इनोवेशन, पार्टनरशिप और साझा जिम्मेदारी के जरिए वैश्विक मोबिलिटी के भविष्य को दिशा दिखाने का एक बेहद ही अनोखा मौका प्रदान करती है.
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता ह्यूमैनिटी फर्स्ट के नजरिए को दिखाती है- गडकरी
महाराष्ट्र के नागपुर में भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत आयोजित तीसरे ब्रिक्स ट्रांसपोर्ट मंत्रियों की बैठक के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस बैठक को दुनिया की उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच ट्रांसपोर्ट को-ऑपरेशन को और मजबूत करने की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण कदम करार दिया है.
उन्होंने कहा, &amp;lsquo;रिजिलिएंस, इनोवेशन, को-ऑपरेशन और सस्टेनिबिलिटी के लिए निर्माण- के विषय पर आधारित भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता, वसुधैव कुटुम्बकम् यानी पूरी दुनिया एक परिवार है- की भावना से प्रेरित ह्यूमैनिटी फर्स्ट के नजरिए को दिखाती है. दुनिया की आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करने वाला ब्रिक्स समूह स्वच्छ, सुरक्षित, स्मार्ट और ज्यादा एफिशिएंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम्स के विकास का नेतृत्व करने के साथ-साथ सतत आर्थिक विकास और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने की विशेष क्षमता रखता है.&amp;rsquo;
भारत ने दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा रोड नेटवर्क किया विकसित- गडकरी
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ट्रांसपोर्ट को देश की आर्थिक विकास की रीढ़ बताते हुए सड़क, रेल, समुद्र और एविएशन के क्षेत्रे में भारत के रैपिड ट्रांसफोर्मेशन का जिक्र किया. उन्होंने कहा, &amp;lsquo;भारत ने दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा रोड नेटवर्क विकसित किया है. इसके साथ ही, एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे और मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी का तेजी से विस्तार किया है.
उन्होंने दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कोरिडोर, सोनमर्ग टनल और 10,000 किलोमीटर से ज्यादा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे जैसे रोड प्रोजेक्ट्स का जिक्र करते हुए कहा कि यह पहल पर्यावरणीय सेस्टेनिबिलिटी और टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन के साथ आधारभूत ढांचे के विकास के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दिखाती है. इस दौरान उन्होंने हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल को प्राइवेट इनवेस्टमेंट को आकर्षित करने के लिए एक सफल मॉडल बताया है.&amp;nbsp;

भारत ने ब्रिक्स देशों से किन मुद्दों पर सहयोग का किया आह्वान?
वहीं, ब्रिक्स देशों के बीच ज्यादा मजबूत सहयोग का आह्वान करते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, &amp;lsquo;इंफ्रास्ट्रक्चर के फाइनैंसिंग, कंजेशन, इमिशन, सड़क सुरक्षा और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी जैसी साझा चुनौतियों के समाधान सामूहिक रूप से कोशिश करने से ही संभव हो सकता है.&amp;rsquo;
उन्होंने ग्रीन हाइड्रोजन, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, वैकल्पिक फ्यूल, डिजिटल ट्रांसपोर्ट सिस्टम और सस्टेनेबल मल्टीमॉडल इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र के नौलेज शेयरिंग, कैपिसिटि बिल्डिंग, तकनीकी सहयोग और जॉइंट रिसर्च के जरिए सहयोग बढ़ाने के लिए भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया है.
उन्होंने आगे कहा कि इस बैठक में होने वाली बातचीत से ब्रिक्स देशों के बीच ट्रांसपोर्ट को-ऑपरेशन और ज्यादा मजबूत होगा. इससे प्रैक्टिकल, इनोवेटिव और पीपल-सेंट्रिक मोबिलिटी सॉल्यूशन्स को विकसित करने में मदद मिलेगी.
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        <pubDate>Sat, 11 Jul 2026 20:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>‘साझा, चुनौतियों, के, समाधान, सामूहिक, प्रयास, से, ही, संभव’, BRICS, ट्रांसपोर्ट, मिनिस्टर्स, की, बैठक, में, बोले, नितिन, गडकरी</media:keywords>
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        <title>India&amp;US Trade Deal: अमेरिका के 12.5% अतिरिक्त टैरिफ पर भारत का करारा पलटवार, कहा&amp; &amp;apos;एकतरफा फैसले...&amp;apos;</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/india-us-trade-deal-अमेरिका-के-125-अतिरिक्त-टैरिफ-पर-भारत-का-करारा-पलटवार-कहा-एकतरफा-फैसले</link>
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        <description><![CDATA[ भारत ने अमेरिका से कहा है कि दोनों देशों के बीच व्यापार से जुड़े मुद्दों का समाधान एकतरफा फैसलों के बजाय आपसी बातचीत और द्विपक्षीय व्यापार बातचीत के जरिए किया जाना चाहिए. भारत ने अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) से प्रस्तावित 12.5 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ पर दोबारा विचार करने की अपील की है. भारत का कहना है कि जबरन मजदूरी से जुड़े मुद्दों पर की गई सेक्शन 301 जांच में कई कमियां और खामियां हैं.
इस मामले में आयोजित सार्वजनिक सुनवाई के दौरान कॉर्मशियल विभाग के संयुक्त सचिव बृज मोहन मिश्रा ने कहा कि भारत जबरन मजदूरी को खत्म करने को अपनी कानूनी और अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी मानता है. भारत इस विषय को पूरी गंभीरता से लेता है और अंतरराष्ट्रीय कानूनों और सिद्धांतों का सम्मान करता है.
बृज मोहन मिश्रा ने कहा कि भारत, USTR की रिपोर्ट और भारत के खिलाफ निकाले गए नतीजों पर अपनी चिंता दर्ज कराना चाहता है. उनके अनुसार USTR ने ट्रेड एक्ट के सेक्शन 301(d) के तहत जरूरी कानूनी मानकों को पूरा नहीं किया है. केवल यह कहना कि किसी देश में जबरन मजदूरी से बने प्रोडक्ट के इम्पोर्ट पर रोक नहीं है, पर्याप्त सबूत नहीं माना जा सकता और इसे सेक्शन 301 के तहत गलत व्यापारिक व्यवहार नहीं कहा जा सकता.
8 जुलाई को हुई सुनवाई की लिखित रिपोर्ट, जिसे बाद में USTR की वेबसाइट पर प्रकाशित किया गया. उसके अनुसार भारत ने कहा कि पूरे देश पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने का कोई साफ आधार नहीं बताया गया है. भारत का यह भी कहना है कि USTR ने 46 अलग-अलग अर्थव्यवस्थाओं को एक ही कैटिगरी में रख दिया है, जबकि हर देश की परिस्थितियां अलग हैं.

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USTR की सेक्शन 301 जांच रिपोर्ट
USTR की सेक्शन 301 जांच रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि कई देशों में जबरन मजदूरी से बने सामानों के आयात को रोकने और उसके प्रभावी क्रियान्वयन में कमी है. भारत ने इस निष्कर्ष का विरोध करते हुए कहा कि यह जांच कुछ चुनिंदा देशों के उदाहरणों और व्यापक व्यापारिक आंकड़ों पर आधारित है, जबकि किसी खास देश या इंडस्ट्रिज के खिलाफ ठोस सबूत पेश नहीं किए गए हैं. भारत का कहना है कि रिपोर्ट यह मानकर चलती है कि जिन देशों को पॉइंट किया गया है, वहां से फोर्स लेबर से जुड़े प्रोडक्ट अमेरिका पहुंच रहे हैं, जबकि इसके सपोर्ट में सही ढंग से कोई सबूत मौजूद नहीं हैं.
भारत ने खासतौर पर कहा कि उसके मामले में ऐसा कोई मजबूत सबूत नहीं है, जिससे यह साबित हो कि भारत की पॉलिसी के कारण अमेरिकी इंडस्ट्रिज को नुकसान पहुंच रहा है या भारतीय प्रोडक्ट को गलत तरीके से फायदा पहुंचाया जा रहा है.
भारत ने USTR से की अपील
भारत ने USTR से अपील की कि रिपोर्ट में मौजूद कमियों को देखते हुए प्रस्तावित टैरिफ पर दोबारा विचार किया जाए. भारत का कहना है कि किसी भी व्यापारिक विवाद का समाधान भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार वार्ताओं के ढांचे के भीतर होना चाहिए, न कि इस तरह की एकतरफा जांच और टैरिफ के माध्यम से. भारत ने यह भी कहा कि वह किसी भी विशेष चिंता पर अमेरिका के साथ रचनात्मक बातचीत और परामर्श के लिए तैयार है. एग्रीकल्चरल एंड प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट डेवलपमेंट अथॉरिटी (APEDA) की ओर से वाशिंगटन स्थित भारतीय दूतावास में प्रथम सचिव श्रेयांस गुप्ता ने भी अपनी बात रखी. उन्होंने USTR की उस टिप्पणी पर आपत्ति जताई जिसमें कहा गया था कि भारत में जबरन मजदूरी से उत्पादित चावल का आयात किया जाता है और इससे अमेरिकी चावल उत्पादकों को नुकसान पहुंचता है.
भारत में चावल का इम्पोर्ट
भारतीय दूतावास में प्रथम सचिव श्रेयांस गुप्ता ने कहा कि भारत में चावल का इम्पोर्ट बहुत सीमित मात्रा में होता है और यह केवल कुछ खास किस्मों की मांग को पूरा करने के लिए किया जाता है. उन्होंने बताया कि भारत की तरफ से इम्पोर्ट किए जाने वाले चावल का कुल कीमत, अमेरिका को निर्यात किए जाने वाले भारतीय चावल के मुकाबले तीन प्रतिशत से भी कम है. उन्होंने यह भी कहा कि भारत में ऐसे सख्त नियम लागू हैं जो जबरन मजदूरी से उत्पादित चावल के निर्यात को रोकते हैं. भारत से अमेरिका को चावल निर्यात करने की अनुमति केवल उन्हीं चावल मिलों और प्रोसेसिंग यूनिट्स को दी जाती है जो कृषि मंत्रालय के साथ पंजीकृत होती हैं.
FICCI ने अतिरिक्त टैरिफ का विरोध किया
FICCI ने भी इस प्रस्तावित अतिरिक्त टैरिफ का विरोध किया है. फिक्की का कहना है कि इससे केवल भारतीय निर्यातकों पर ही नहीं बल्कि अमेरिकी निर्माता कंपनियों, आयातकों, खुदरा विक्रेताओं और आखिरकार अमेरिकी उपभोक्ताओं पर भी अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा. FICCI ने कहा कि अतिरिक्त टैरिफ लगाने से उन कंपनियों की लागत बढ़ेगी जो पहले से सभी नियमों और मानकों का पालन कर रही हैं. संगठन ने कहा कि भारत के कानूनी ढांचे, इंडस्ट्रिज की तरफ से अपनाए गए नियमों और दोनों देशों की मजबूत सप्लाई चेन को देखते हुए इस प्रस्ताव पर दोबारा विचार किया जाना चाहिए.
भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) ने भी कहा कि प्रस्तावित 12.5 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ उपलब्ध सबूतों से समर्थित नहीं है और इससे वह मकसद भी पूरा नहीं होगा जिसके लिए इसे लाया जा रहा है. CII के अनुसार USTR की रिपोर्ट यह साबित नहीं करती कि भारत की नीतियां अमेरिकी व्यापार पर किसी प्रकार का अनुचित बोझ डाल रही हैं.
USTR ने शुरू की थीं अलग-अलग जांच
USTR ने 11 और 12 मार्च 2026 को सेक्शन 301 के तहत दो अलग-अलग जांच शुरू की थीं. इनमें जबरन मजदूरी और अत्यधिक औद्योगिक क्षमता से जुड़े मुद्दों को लेकर कुल 60 अर्थव्यवस्थाओं की जांच की गई थी. 3 जून 2026 को USTR ने अपनी रिपोर्ट जारी की. इस रिपोर्ट में कई देशों से आने वाले आयात पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने का प्रस्ताव रखा गया. प्रस्ताव के अनुसार कनाडा, इक्वाडोर, यूरोपीय संघ, इंडोनेशिया, मैक्सिको और पाकिस्तान से आने वाले उ ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 11 Jul 2026 20:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>बांकीपुर में बीजेपी के प्रत्याशी बदलने के बाद नितिन नवीन का आया पहला रिएक्शन, बोले &amp; &amp;apos;नीरज कुमार सिन्हा का...&amp;apos;</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/बांकीपुर-में-बीजेपी-के-प्रत्याशी-बदलने-के-बाद-नितिन-नवीन-का-आया-पहला-रिएक्शन-बोले-नीरज-कुमार-सिन्हा-का</link>
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        <description><![CDATA[ बिहार की राजधानी पटना के बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने नीरज कुमार सिन्हा भारती को अपना प्रत्याशी घोषित किया है, जिन्हें शनिवार (11 जुलाई, 2026) को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने बधाई भी दी है. नितिन नवीन ने नीरज कुमार की सराहना करते हुए कहा कि बूथ से लेकर मंडल स्तर तक संगठन के लिए उनका निरंतर समर्पण इस दायित्व का आधार है.
नितिन नवीन ने पोस्ट शेयर कर दी बधाई
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर कर बांकीपुर सीट से पार्टी के उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा भारती को बधाई दी है. पोस्ट में नितिन नवीन ने एक पुरानी फोटो भी साझा की है, जिसमें वो नीरज कुमार सिन्हा भारती को गले लगाते हुए दिखाई दे रहे हैं.
वहीं, पोस्ट के कैप्शन में नितिन नवीन ने लिखा, &amp;lsquo;नमन् बांकीपुर! बांकीपुर की माटी से जुड़े युवा और समर्पित कार्यकर्ता नीरज कुमार सिन्हा भारती जी को भारतीय जनता पार्टी (BJP) का प्रत्याशी घोषित होने पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं.&amp;rsquo;&amp;nbsp;

नमन् बांकीपुरबांकीपुर की माटी से जुड़े युवा एवं समर्पित कार्यकर्ता श्री नीरज कुमार सिन्हा भारती जी को भारतीय जनता पार्टी का प्रत्याशी घोषित होने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ। बूथ से लेकर मंडल स्तर तक संगठन के लिए उनका निरंतर समर्पण इस दायित्व का आधार है। मुझे पूर्ण विश्वास&amp;hellip; pic.twitter.com/3UOnzeJhQN
&amp;mdash; Nitin Nabin (@NitinNabin) July 11, 2026



BJP उम्मीदवार को चुनाव में जीताने के लिए नितिन नवीन की अपील
उन्होंने आगे कहा, &amp;lsquo;बूथ से लेकर मंडल स्तर तक संगठन के लिए उनका निरंतर समर्पण इस दायित्व का आधार है. मुझे पूर्ण विश्वास है कि बांकीपुर की देवतुल्य जनता नीरज कुमार सिन्हा भारती जी को अपना आशीर्वाद देकर उन्हें प्रचंड मतों से विजयी बनाएगी और विकास और सुशासन की इस यात्रा को आगे बढ़ाएगी.&amp;rsquo;
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपने X पोस्ट में बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा भारती के नाम का एक हैशटैग #BankipurKaBetaNeeraj भी शेयर किया है.
नीरज कुमार से पहले अभिषेक बंटी को BJP ने दिया था टिकट
हालांकि, नीरज कुमार सिन्हा भारती से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बांकीपुर सीट से भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयूमो) के प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक कुमार सिन्हा उर्फ बंटी को अपना उम्मीदवार बनाया था, लेकिन अभिषेक बंटी ने व्यक्तिगत और पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए चुनावी मैदान से अपना नामांकन वापस ले लिया था.
अभिषेक बंटी के नामांकन वापस लेने के तुरंत बाद भाजपा आलाकमान ने बांकीपुर के नरेंद्र भारतीय मंडल के अध्यक्ष नीरज कुमार सिन्हा भारती को अपना नया आधिकारिक उम्मीदवार घोषित कर दिया.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ेंः बांकीपुर उपचुनाव: BJP ने फिर कर दी बड़ी गलती! पहले टिकट काटा, अब नए कैंडिडेट के बायोडेटा में गड़बड़ी? ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 11 Jul 2026 20:30:10 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>बांकीपुर, में, बीजेपी, के, प्रत्याशी, बदलने, के, बाद, नितिन, नवीन, का, आया, पहला, रिएक्शन, बोले, नीरज, कुमार, सिन्हा, का...</media:keywords>
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        <title>इधर ट्रंप ने जताई हत्या की आशंका, उधर मुज्तबा खामेनेई का आया बड़ा बयान, बोले &amp; &amp;apos;खून का बदला...&amp;apos;</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/इधर-ट्रंप-ने-जताई-हत्या-की-आशंका-उधर-मुज्तबा-खामेनेई-का-आया-बड़ा-बयान-बोले-खून-का-बदला</link>
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        <description><![CDATA[ ईरान के सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई अपने पिता की मौत का बदला लेना चाहते हैं. उन्होंने पिछले कुछ घंटों में एक के बाद एक कई पोस्ट जारी किए हैं. जिससे अमेरिका, इजरायल से ईरान का तनाव फिर बढ़ सकता है. अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के आखिरी वक्त में दोनों देशों के बीच मिसाइल हमले हुए थे. उसके बाद इन हमलों में कमी तो आई, लेकिन तनाव बरकरार है. मुज्तबा खामेनेई ने पोस्ट में लिखा है कि हमारा देश हुसैन (उन्हें शांति मिले) के खून का बदला लेना चाहता है.&amp;nbsp;
सिलसिलेवार तरीके से पढ़ें मुज्तबा ने अपने हालिया बयानों में क्या कहा है?&amp;nbsp;मुज्तबा के बयान की टोन बदले की आग में धधकती हुई नजर आ रही है. उन्होंने लिखा कि दुनिया भर में सच्चाई की तलाश करने वाले नेता शहीद इमाम सैयद अली खामेनेई के अंतिम संस्कार और दफन के बाद इमाम सैयद मुज्तबा खामेनेई का अहम संदेश. इमाम हुसैन, जिन्होंने इमाम जिनकी क्रांति की जीवन दायनी पुकार ने पैगंबर के मिशन की जबरदस्त और गूंजती हुई आवाज को इतिहास की गहराइयों तक पहुंचाया. आखिरकार ईरान की इस्लामी क्रांति को जन्म दिया. ईरान की इस्लामी क्रांति मूल रूप से हुसैनी थी. जो इमाम हुसैन के नारों और सिद्धांतों पर बनी और फली फूली थी.&amp;nbsp;
ईरान के शहीद नेता भी इन्हीं सिद्धांतो के साये में पले बढ़े थे. शहीद खामेनेई का चरित्र हुसैनी था. उनकी सोच हुसैन जैसी थी. शहीद खामेनेई ने हुसैन की तरह काम किया. इमाम हुसैन की तरह ही जिहाज और प्रतिरोध में हिस्सा लिया. शहीद खामेनेई ने इमाम हुसैन के आदर्शों के अनुसार जीवन जिया. हुसैन की विचारधारा के रास्ते पर अपना खून बहाया. शहादत पाई. हुसैन के मानने वालों में ऐसे लोग भी हैं, जिनका खून अब उनके रास्ते और विचारधारा और आदर्शों के अन्यायपूर्ण तरीके से बहाया जाता है, तो वह मुस्लिम समुदाय को कार्रवाई के लिए प्रेरित करता है. ताकि उनका आशूरा से और उनकी जगह कर्बला से जुड़ जाए.&amp;nbsp;
उन्होंने कहा कि यह वह जीवन देने वाली पुकार है. जो इमाम हुसैन की बेगुनाही और उनकी इस आवाज को दोहराती है कि क्या मेरी मदद के लिए कोई है? मुज्तबा ने कहा कि एक ऐसी गूंज, जो पूरे ईरान और उसके बाद इराक और अन्य देशों में फैलती है, और झूठ की नींव को हिला देती है. मैं ईरान, इराक, खासकर तेहरान, कोम, नजफ, कर्बला, और मशहद के लाखों लोगों की अविश्वसनीय दुश्मनों को पस्त करने वाली और ऐतिहासिक उपस्थिति के लिए दिल से आभार व्यक्त करता हूं.
ये भी पढ़ें:&amp;nbsp;थार से आए बदमाश, गाड़ी से बांधकर ATM मशीन को निकाला बाहर, फिल्मी स्टाइल में कैश लेकर हुए रफूचक्कर
मुज्तबा ने कहा कि हमारा देश हुसैन के खून का बदला लेना चाहता है. सालों से ईरानी राष्ट्र ने हुसैन के रास्ते पर अपने बच्चों की कुर्बानी दी है. हुसैन और उनके रास्ते के दुश्मनों से लड़ाई लड़ी है. &amp;nbsp;आज वह उनके खून और हमारे समय में हुसैन जैसे लोगों के खून का बदला लेना चाहता है. हमारे शहीद नेता के प्रति हे अन्यायपूर्ण तरीके से मारे गए नेता! हे ईश्वर के नेक बंदे! हम आपकी विरासत की रक्षा करने, आपके दिखाए सीधे रास्ते पर मजबूती से चलने, रास्ते की किसी भी कठिनाई से न डरने और अपने दिलों को ईश्वरीय वादों और शुभ संदेशों से जोड़ने का संकल्प लेते हैं. जैसा कि आपने किया था.
कौन थे हजर इमाम हुसैन?&amp;nbsp;दरअसल, इमाम हुसैन के इस बलिदान को जुल्म के खिलाफ लड़ने, बहादुरी और सत्य की जीत का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है. उनकी याद में हर साल मुहर्रम के महीने में दुनिया भर के मुसलमान शोक मनाते हैं. हजरत इमाम हुसैन की शहादत 10 अक्टूबर 680 ईस्वी को इराक के करबला में हुई थी. उन्होंने उमय्यद खलीफा यजीद के जुल्म और अलोकतांत्रिक शासन के समर्थन में खड़े होने इनकार कर दिया था. इसके बाद यजीद के हजारों की सेना उन्हें और उनके 72 साथियों को मार डाला था. पैगंबर मुहम्मद की मौत के बाद यजीद ने खुद को खलीफा घोषित कर दिया था. हुसैन से उसके नेतृत्व में शपथ लेने को कहा था. इमाम हुसैन ने इसे इस्लाम के खिलाफ माना था.
वियतनाम में भारतीय पर्यटकों से भरी नाव पलटी, 15 की मौत, दूतावास ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 11 Jul 2026 20:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>इधर, ट्रंप, ने, जताई, हत्या, की, आशंका, उधर, मुज्तबा, खामेनेई, का, आया, बड़ा, बयान, बोले, खून, का, बदला...</media:keywords>
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        <title>‘मानसिक दशा ठीक नहीं लगती, हम कोई कार्रवाई नहीं करेंगे’, सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ता के अशोभनीय आचरण पर बोले न्यायाधीश</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/मानसिक-दशा-ठीक-नहीं-लगती-हम-कोई-कार्रवाई-नहीं-करेंगे-सुप्रीम-कोर्ट-में-याचिकाकर्ता-के-अशोभनीय-आचरण-पर-बोले-न्यायाधीश</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/मानसिक-दशा-ठीक-नहीं-लगती-हम-कोई-कार्रवाई-नहीं-करेंगे-सुप्रीम-कोर्ट-में-याचिकाकर्ता-के-अशोभनीय-आचरण-पर-बोले-न्यायाधीश</guid>
        <description><![CDATA[ सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार (10 जुलाई, 2026) को एक याचिकाकर्ता ने बेहद अभद्र बर्ताव किया, लेकिन जजों ने उदारता दिखाते हुए उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की. कोर्ट ने याचिकाकर्ता से सहानुभूति जताते हुए कहा कि उसकी मानसिक दशा ठीक नहीं लगती. जस्टिस केवी विश्वनाथन और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने लिखित आदेश में यह भी दर्ज किया है कि अगर केस में कोई मेरिट होता, तो कोर्ट उसमें दखल देता.
आखिर कोर्ट ने क्या हुआ?
दरअसल, मामला दो पुलिस अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग कर रहे लखनऊ के याचिकाकर्ता प्रबल प्रताप और चंद्र भान की याचिका से जुड़ा है. दोनों याचिकाकर्ताओं की तरफ से प्रबल प्रताप कोर्ट में पेश हुआ. उसने अपनी बात की शुरुआत ही कोर्ट को आदेश देते हुए की. उसने कहा, &amp;lsquo;मिस्टर ज्यूडिशियल सर्वेंट (न्यायिक नौकर), मैं आदेश देता हूं कि इन अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज हो, क्योंकि मैं संप्रभु हूं. देश में साइबर क्राइम रोकने के लिए यह जरूरी है.&amp;rsquo;
मामले में सुप्रीम कोर्ट के जजों में क्या कहा?

सुप्रीम कोर्ट में हाईवोल्टेज ड्रामा! सुनवाई के दौरान एक वकील ने चीफ जस्टिस के खिलाफ अपशब्द कहे, कागज़ उछाले और जजों को पुलिस अधिकारी के खिलाफ FIR दर्ज करने का &#039;आदेश&#039; दिया. देखिए वीडियो! #SupremeCourt #ViralVideo #CJISuryakant #ABPNews pic.twitter.com/vWMDiEICmk
&amp;mdash; ABP News (@ABPNews) July 10, 2026



जजों ने हैरानी जताते हुए पूछा कि वह सुप्रीम कोर्ट को कैसे आदेश दे सकता है? इस पर याचिकाकर्ता ने अपने कागज बेंच की तरफ उछलते हुए चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) के बारे में भी बेहद आपत्तिजनक शब्द का प्रयोग किया. कोर्ट में मौजूद सुरक्षाकर्मी तुरंत उसे बाहर ले गए. इस आचरण से सकते में आए कोर्ट में मौजूद वकीलों को संबोधित करते हुए जस्टिस विश्वनाथन ने कहा, &amp;lsquo;हम इस व्यक्ति पर कोई कार्रवाई नहीं चाहते. वह परेशान लगता है. हमें उससे सहानुभूति है.&amp;rsquo;&amp;nbsp;
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा मामला लखनऊ का है. दोनों याचिकाकर्ता पुलिस के एक एसीपी और एसएचओ के साथ ही एक सॉफ्टवेयर कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग कर रहे हैं. निचली अदालत और हाई कोर्ट पहले ही उनकी मांग ठुकरा चुके हैं. अब सुप्रीम कोर्ट ने भी पाया है कि उनके पास ऐसा कोई तथ्य नहीं है, जिसके आधार पर मामले में दखल दिया जाए.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ेंः अवैध निर्माण पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, सर्वे के लिए बनेगी IIT दिल्ली के एक्सपर्ट्स की टीम, अधिकारियों को दी चेतावनी ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 11 Jul 2026 04:30:12 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>‘मानसिक, दशा, ठीक, नहीं, लगती, हम, कोई, कार्रवाई, नहीं, करेंगे’, सुप्रीम, कोर्ट, में, याचिकाकर्ता, के, अशोभनीय, आचरण, पर, बोले, न्यायाधीश</media:keywords>
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        <title>पाक के चक्कर में बांग्लादेश ने चली कश्मीर पर &amp;apos;गंदी चाल&amp;apos;, भारत ने ढाका में ही कर दी बोलती बंद!</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/पाक-के-चक्कर-में-बांग्लादेश-ने-चली-कश्मीर-पर-गंदी-चाल-भारत-ने-ढाका-में-ही-कर-दी-बोलती-बंद</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/पाक-के-चक्कर-में-बांग्लादेश-ने-चली-कश्मीर-पर-गंदी-चाल-भारत-ने-ढाका-में-ही-कर-दी-बोलती-बंद</guid>
        <description><![CDATA[ पाकिस्तान के चक्कर में बांग्लादेश ने कुछ ऐसा किया जिसकी वजह से भारत ने बोलती बंद कर दी है. भारत ने बांग्लादेश के एक इवेंट में अपने मैप को गलत तरीके से दिखाने पर एतराज जताया. ढाका में इंडियन हाई कमिशन ने एक डिप्लोमैट से कहा है कि जम्मू और कश्मीर भारत का अभिन्न अंग हैं.&amp;nbsp;
दरअसल, सेकंड सेक्रेटरी पूजा झा सोमवार को ढाका में बांग्लादेश इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल एंड स्ट्रैटेजिक स्टडीज में रिबिल्डिंग, रिन्यूइंग रिजनल इंटीग्रेशन, पाथवेज फॉर रिवाइटलाइजिंग सार्क नाम के एक फॉरेन पॉलिसी सेमिनार में शामिल हो रही थीं.&amp;nbsp;
क्या है पूरा विवाद ?
जहां बांग्लादेश के पूर्व हाई कमिश्नर, अहमद तारिक करीम एक प्रेजेंटेशन दे रहे थे. तभी बांग्लादेश की फॉरेन अफेयर्स स्टेट मिनिस्टर शमा ओबैद इस इवेंट में बतौर चीफ गेस्ट शामिल हुईं. इसी मैप में जम्मू और कश्मीर को पाकिस्तान का हिस्सा दिखाया गया. इसी बीच पूजा झा ने प्रेजेंटेशन के दौरान ही टोक दिया और कहा यह तार्किक तौर पर गलत है. उन्होंने कहा कि यहां दिखाया गया, भारत का मैप गलत है. जम्मू कश्मीर भारत का एक जरूरी हिस्सा है. यहां दिखाया गया मैप सही नहीं है.&amp;nbsp;

Indian diplomat Puja Jha objects to map of India on Jammu and Kashmir. She says_ &quot;The map of India you are using is incorrect. Jammu and Kashmir is an integral part of India&quot; ???????? ( historic and proud moment)pic.twitter.com/iJ4ez3SsId
&amp;mdash; Lity Munshi (@LityMunshi_) July 10, 2026



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आपत्ति के बाद एम्बेसडर करीम ने बात साफ करने की कोशिश की, कि मैप का इस्तेमाल सिर्फ दिखाने के मकसद से किया गया था. और असली बॉर्डर को नहीं दिखाता है. इसपर झा ने कहा कि मैं समझती हूं सर, लेकिन जम्मू और कश्मीर भारत का एक जरूरी हिस्सा है. इसे यहां गलत तरीके से दिखाया गया है. इसलिए मैं यह बस बताना चाहती थी. इसपर राजदूत करीम इस बात से सहमत दिखे.
इधर, जब उनसे पूछा गया कि डिप्लोमेट भारत से हैं. इस पर झा ने अपना पूरा परिचय दिया. कहा कि पॉइंट नोट किया गया. इसके बाद प्रेजेंटेशन जारी रखा गया. साथ ही क्षेत्रीय सहयोग की बात भी बांग्लादेश के मंत्री की तरफ से की गई. विदेश राज्य मंत्री शमा ओबैद ने दक्षिण एशिया में गहरे रीजनल कोऑपरेशन, पोटेंशियल और परफॉर्मेंस के बीच गैप कम करने की अपील की गई.&amp;nbsp;
&amp;lsquo;खत्म हुआ सीजफायर&amp;rsquo;, ट्रंप बोले- ईरान से बातचीत लिए तैयार यूएस, लेकिन तेहरान को दी ये वॉर्निंग ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 11 Jul 2026 04:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>पाक, के, चक्कर, में, बांग्लादेश, ने, चली, कश्मीर, पर, गंदी, चाल, भारत, ने, ढाका, में, ही, कर, दी, बोलती, बंद</media:keywords>
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        <title>‘कांग्रेस 117 सीटों के साथ फिर से सत्ता में आएगी’, तेलंगाना विधानसभा चुनाव को लेकर बोले CM रेवंत रेड्डी</title>
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        <description><![CDATA[ तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने शुक्रवार (10 जुलाई, 2026) को राज्य में होने वाले अगले विधानसभा चुनाव को लेकर अपने राजनीतिक आकलन के बारे में बताया. उन्होंने घोषणा की कि तेलंगाना में अगला विधानसभा चुनाव दिसंबर, 2028 के बजाय मई या जून 2029 में होने की संभावना है. उन्होंने कहा कि चुनाव क्षेत्रों के डिलिमिटेशन के बाद राज्य में विधानसभा और संसद की सीटों की संख्या बढ़ जाएगी.
खम्मम में आगामी विधानसभा चुनाव पर क्या बोले मुख्यमंत्री?
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने राज्य के खम्मम जिले के जगन्नाथपुरम में आयोजित एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि डिलिमिटेशन के बाद राज्य के मौजूदा 119 विधानसभा सीटें बढ़कर 182 और 17 लोकसभा सीटें 26 हो जाएंगी. उन्होंने विश्वास जताया कि कांग्रेस पार्टी नए चुनाव क्षेत्रों के संदर्भ में 182 सीटों में से 117 से ज्यादा सीटें जीतेगी और लगातार दूसरी बार सत्ता में आएगी.

Khammam, Telangana: Addressing a public meeting after releasing Rythu Bharosa funds to the farmers accounts, Chief Minister Revanth Reddy predicted that the next elections will not take place in December 2028 but in May or June of 2029. The number of Parliamentary seats in&amp;hellip; pic.twitter.com/YgOjdfkvqG
&amp;mdash; ANI (@ANI) July 10, 2026



विधानसभा में रेवंत रेड्डी की टिप्पणियों का राजनीतिक महत्व बढ़ गया है. हालांकि, चुनावी क्षेत्रों के डिलिमिटेशन का मामला केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में है, लेकिन उन्होंने भविष्य में आबादी के आधार पर राज्य में विधानसभा और संसद की सीटों की संख्या बढ़ाने की संभावना का जिक्र किया.&amp;nbsp;
कांग्रेस सरकार के विकास कार्यक्रम अगले चुनाव में जीत के ताकत बनेंगे- CM&amp;nbsp;

Khammam, Telangana: Chief Minister Anumula Revanth Reddy participated in the release of Rythu Bharosa funds to farmers, the distribution of e-Pattadar passbooks, and addressed a public meeting at Jagannadhapuram, Khammam. pic.twitter.com/qqApNM9wTS
&amp;mdash; IANS (@ians_india) July 10, 2026



मुख्यमंत्री ने कहा कि तेलंगाना में कांग्रेस सरकार की तरफ से लागू किए जा रहे कल्याण और विकास कार्यक्रम अगले चुनावों में जीत के लिए मुख्य ताकत होंगे. उन्होंने भरोसा जताया कि राज्य के लोग एक बार फिर कांग्रेस का साथ देंगे.
साथ ही, रेवंत रेड्डी ने पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (KCR) और BRS लीडरशिप की भी आलोचना की. उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के शासन से लोगों में नाराजगी है और लोग कांग्रेस सरकार के काम पर पॉजिटिव रिस्पॉन्स दे रहे हैं. उन्होंने विधानसभा में घोषणा की कि भद्राचलम श्री राम के साक्षी के तौर पर कांग्रेस दूसरी बार सत्ता में आएगी. हालांकि, राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि चुनाव शेड्यूल और चुनाव क्षेत्रों के डिलिमिटेशन जैसे मुद्दों पर आखिरी फैसले संवैधानिक और चुनावी प्रक्रियाओं के अनुसार लागू किए जाएंगे.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sat, 11 Jul 2026 04:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>‘कांग्रेस, 117, सीटों, के, साथ, फिर, से, सत्ता, में, आएगी’, तेलंगाना, विधानसभा, चुनाव, को, लेकर, बोले, रेवंत, रेड्डी</media:keywords>
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        <title>Ayatollah Ali Khamenei Funeral: &amp;apos;ईरान के लोग डरे नहीं, एकजुट और मजबूत दिखे&amp;apos;,खामेनेई के अंतिम संस्कार से लौटने पर सलमान खुर्शीद का बड़ा बयान</title>
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        <description><![CDATA[ ईरान में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला सैय्यद अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल होने के बाद कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने अपने अनुभव साझा किए. उन्होंने कहा कि इस यात्रा ने उन्हें और उनके साथ गए प्रतिनिधिमंडल के सभी सदस्यों को काफी प्रभावित किया. सलमान खुर्शीद ने बताया कि वह इस कार्यक्रम में कांग्रेस पार्टी के एकमात्र प्रतिनिधि के रूप में शामिल हुए थे. उन्होंने कहा कि ईरान से लौटते समय उनके मन में यह साफ धारणा थी कि यह एक बेहद मजबूत और व्यवस्थित समाज है. उनके अनुसार, देश ने जिन कठिन परिस्थितियों का सामना किया है, उसके बावजूद वहां के लोगों ने साहस, समझदारी, शांति, अनुशासन और बेहतर संगठन क्षमता का परिचय दिया.
सलमान खुर्शीद ने कहा कि ईरान में लोगों के बीच एकजुटता और अपने देश के प्रति समर्पण की भावना साफ दिखाई दी. अंतिम संस्कार के दौरान कई बड़े जुलूस निकाले गए थे, लेकिन विदेशी प्रतिनिधिमंडलों के लिए अलग कार्यक्रम आयोजित किए गए थे. उन्होंने बताया कि मृत नेता को श्रद्धांजलि देने के लिए विशेष कार्यक्रम रखे गए थे और प्रतिनिधियों के लिए अलग बैठकों का भी आयोजन किया गया था, जहां उन्हें अपने विचार रखने का मौका मिला.

#WATCH | Delhi | On attending the state funeral ceremony of Supreme Leader Ayatollah Seyyed Ali Khamenei in Iran, Congress leader Salman Khurshid says, &quot;I was very deeply impressed, and so was everybody in the group with me...I was representing the Congress Party, and I was the&amp;hellip; pic.twitter.com/MdGBXsulPF
&amp;mdash; ANI (@ANI) July 10, 2026




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ईरानी महिलाओं को काम करते हुए देखा गया
सलमान खुर्शीद ने कहा कि अपने पूरे दौरे के दौरान उन्होंने लोगों में न तो डर देखा, न निराशा और न ही तनाव. इसके विपरीत उन्होंने समाज में आत्मविश्वास, धैर्य और मजबूती महसूस की. उन्होंने कहा कि उन्हें ईरान किसी पुलिस राज्य जैसा नहीं लगा. महिलाओं की स्थिति पर उन्होंने कहा कि उन्होंने किसी तरह का उत्पीड़न नहीं देखा. उनके अनुसार, कई महिलाएं मीडिया, प्रोटोकॉल और सरकारी कार्यक्रमों में फोटोग्राफर और अन्य जिम्मेदार भूमिकाओं में काम करती नजर आईं. उन्होंने महिलाओं को सामान्य रूप से घूमते हुए और मोटरसाइकिल या स्कूटर पर सफर करते हुए भी देखा. उन्होंने कहा कि ईरानी समाज उन्हें काफी व्यवस्थित और अच्छी तरह संगठित लगा. उनके मुताबिक यह यात्रा उनके लिए एक प्रेरणादायक अनुभव रही और वह इसे एक ऐतिहासिक क्षण मानते हैं, जिसे दोबारा देखना शायद मुश्किल होगा.
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        <pubDate>Sat, 11 Jul 2026 04:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Ayatollah, Ali, Khamenei, Funeral:, ईरान, के, लोग, डरे, नहीं, एकजुट, और, मजबूत, दिखे, खामेनेई, के, अंतिम, संस्कार, से, लौटने, पर, सलमान, खुर्शीद, का, बड़ा, बयान</media:keywords>
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        <title>Goa CM Pramod Sawant: वन नेशन, वन इलेक्शन पर गोवा CM प्रमोद सावंत का समर्थन, कहा&amp; &amp;apos;संसाधनों की होगी बचत&amp;apos;</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/goa-cm-pramod-sawant-वन-नेशन-वन-इलेक्शन-पर-गोवा-cm-प्रमोद-सावंत-का-समर्थन-कहा-संसाधनों-की-होगी-बचत</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/goa-cm-pramod-sawant-वन-नेशन-वन-इलेक्शन-पर-गोवा-cm-प्रमोद-सावंत-का-समर्थन-कहा-संसाधनों-की-होगी-बचत</guid>
        <description><![CDATA[ गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने देश में एक साथ चुनाव कराने के विचार का सपोर्ट किया है. उन्होंने कहा कि &#039;एक देश, एक चुनाव&#039; सिस्टम लागू होने से शासन व्यवस्था अधिक स्थिर होगी, सरकारें लंबी अवधि की योजनाओं पर बेहतर तरीके से काम कर सकेंगी और सरकारी रिसोर्स का ज्यादा अच्छे तरीके से इस्तेमाल हो सकेगा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोवा सरकार इस प्रस्तावित संवैधानिक सुधार को लेकर केंद्र सरकार की तरफ से चलाए जा रहे परामर्श और विचार-विमर्श की प्रक्रिया का पूरा समर्थन करती है. उनके अनुसार, बार-बार चुनाव होने से एडमिनिस्ट्रेशन &amp;nbsp;सिस्टम और रिसोर्स पर ज्यादा बोझ पड़ता है, जबकि एक साथ चुनाव होने से डेवल्पमेंट वाले काम और पॉलिसी बनाने वाले कामों पर ज्यादा ध्यान दिया जा सकेगा.

STORY | &#039;One Nation, One Election&#039; can ensure governance stability, long-term planning: Goa CMGoa Chief Minister Pramod Sawant on Friday strongly backed the idea of holding synchronised elections in the country, saying such an arrangement could provide greater stability in&amp;hellip; pic.twitter.com/A3fDJHiTnA
&amp;mdash; Press Trust of India (@PTI_News) July 10, 2026




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प्रमोद सावंत का बयान
प्रमोद सावंत ने यह बयान भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लोकसभा सांसद पी. पी. चौधरी की अध्यक्षता वाली संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के साथ हुई चर्चा के बाद दिया. यह समिति संविधान (129वां संशोधन) विधेयक, 2024 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2024 की समीक्षा और जांच कर रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि एक साथ चुनाव कराने की व्यवस्था से चुनावी खर्च में कमी आएगी, प्रशासनिक मशीनरी पर दबाव घटेगा और सरकारों को लगातार चुनावी तैयारियों के बजाय जनहित और डेवल्पमेंट से जुड़े कामों पर ज्यादा टाइम देने का मौका मिलेगा.
केंद्र सरकार का एक देश, एक चुनाव पर रूख
केंद्र सरकार &#039;एक देश, एक चुनाव&#039; की अवधारणा को लेकर अलग-अलग राज्यों, राजनीतिक दलों और अन्य हितधारकों से राय ले रही है. इस प्रस्ताव के तहत लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं के चुनाव एक ही समय पर कराने की व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है.
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        <pubDate>Sat, 11 Jul 2026 04:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Goa, Pramod, Sawant:, वन, नेशन, वन, इलेक्शन, पर, गोवा, प्रमोद, सावंत, का, समर्थन, कहा-, संसाधनों, की, होगी, बचत</media:keywords>
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        <title>Viral News: कपड़ों की फैक्ट्री में भीषण आग, ऐसे भड़की लपटें जैसे फूट रहे हों पटाखे</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/viral-news-कपड़ों-की-फैक्ट्री-में-भीषण-आग-ऐसे-भड़की-लपटें-जैसे-फूट-रहे-हों-पटाखे</link>
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        <description><![CDATA[ Viral News: कपड़ों की फैक्ट्री में भीषण आग, ऐसे भड़की लपटें जैसे फूट रहे हों पटाखे
&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 16:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Viral, News:, कपड़ों, की, फैक्ट्री, में, भीषण, आग, ऐसे, भड़की, लपटें, जैसे, फूट, रहे, हों, पटाखे</media:keywords>
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        <title>Viral Video: हरिद्वार में चिराग पासवान ने लगाई आस्था की डुबकी, गंगा स्नान का वीडियो वायरल</title>
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        <description><![CDATA[ Viral Video: हरिद्वार में चिराग पासवान ने लगाई आस्था की डुबकी, गंगा स्नान का वीडियो वायरल ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 16:30:10 +0530</pubDate>
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        <title>Viral Video: स्कॉर्पियो ड्राइवर को किसने दिया गाड़ी चलाने का लाइसेंस? लापरवाही का वीडियो वायरल</title>
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        <description><![CDATA[ Viral Video: स्कॉर्पियो ड्राइवर को किसने दिया गाड़ी चलाने का लाइसेंस? लापरवाही का वीडियो वायरल ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 16:30:09 +0530</pubDate>
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        <title>Viral Video: चूहे के पिंजरे में क्या कर रहा था 5 फीट लंबा कोबरा?</title>
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        <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 16:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>Mamata Banerjee On BJP: &amp;apos;मुझे चुप कराना है तो मारना होगा&amp;apos;, ममता बनर्जी का BJP को चैलेंज, बागियों को दिया मैसेज</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/mamata-banerjee-on-bjp-मुझे-चुप-कराना-है-तो-मारना-होगा-ममता-बनर्जी-का-bjp-को-चैलेंज-बागियों-को-दिया-मैसेज</link>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख ममता बनर्जी ने भाजपा पर बड़ा हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा लगातार TMC नेताओं को परेशान कर रही है, लेकिन वह डरने वाली नहीं हैं. ममता बनर्जी ने एक वीडियो संदेश जारी करते हुए कहा कि अगर भाजपा उन्हें चुप कराना चाहती है तो उसे उनकी जान लेनी होगी. उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा उनकी आवाज दबाने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है.
ममता बनर्जी का यह वीडियो TMC सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया. वीडियो में ममता ने सीधे भाजपा को चुनौती देते हुए कहा कि उनकी पार्टी को तोड़ने और नेताओं को डराने का लगातार प्रयास किया जा रहा है. उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब टीएमसी छोड़कर गए तीन पूर्व सांसद भाजपा में शामिल हो चुके हैं और भाजपा ने उन्हें पश्चिम बंगाल के उपचुनाव के लिए उम्मीदवार भी बना दिया है.


A person with conviction speaks her mind. @MamataOfficial (with sub-titles in English) pic.twitter.com/R60DBd1RtT
&amp;mdash; Derek O&#039;Brien | ডেরেক ও&#039;ব্রায়েন (@derekobrienmp) July 10, 2026



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वीडियो में ममता बनर्जी ने क्या कहा?
वीडियो में ममता बनर्जी ने कहा, &#039;अगर आपको मुझे चुप करवाना है तो तुम्हें मुझे मारना होगा. तुमने इसके लिए अपनी तरफ से कोई कमी नहीं छोड़ी है.&#039; उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने उनकी पार्टी के कई बड़े नेताओं को निशाना बनाया है. उन्होंने कहा कि महुआ मोइत्रा, अभिषेक बनर्जी और कल्याण बनर्जी को भी परेशान किया गया. उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके घर तक पर हमला किया गया. ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी के उन नेताओं और कार्यकर्ताओं का भी जिक्र किया जो इस समय हिरासत में हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि लॉकअप में उनके नेताओं के साथ अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है. ममता ने कहा कि कई लोगों को जमीन पर सोने के लिए मजबूर किया जा रहा है. कुछ लोगों की कमर में रस्सी बांधकर और पैरों में बेड़ियां लगाकर घुमाया जा रहा है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ नेताओं का सिर मुंडवा दिया गया और उनके साथ बेहद अपमानजनक व्यवहार किया गया.
कुछ लोग TMC में रहने का दिखावा कर रहे हैं- ममता बनर्जी
ममता बनर्जी ने पार्टी छोड़कर जाने वाले नेताओं पर भी नाराजगी जाहिर की. उन्होंने कहा कि राजनीति में विश्वास सबसे बड़ी चीज होती है, लेकिन कुछ नेता जनता के भरोसे को तोड़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि जो लोग पार्टी के खिलाफ काम कर रहे हैं, उन्हें साफ फैसला करना चाहिए या तो वे टीएमसी में रहकर पार्टी के साथ काम करें या फिर खुलकर भाजपा में शामिल हो जाएं. ममता बनर्जी ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि कुछ लोग TMC में रहने का दिखावा कर रहे हैं, लेकिन काम भाजपा के लिए कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को पार्टी कार्यकर्ताओं को गुमराह करना बंद करना चाहिए. अगर कोई भाजपा में जाना चाहता है तो सीधे वहां चला जाए, लेकिन टीएमसी में रहकर भाजपा के लिए काम न करे.
पश्चिम बंगाल की 3 राज्यसभा सीटों पर उपचुनाव
पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद TMC को लगातार झटके लग रहे हैं. पार्टी के कई सांसद, विधायक और वरिष्ठ नेता बागी गुट के साथ चले गए हैं. इसी बीच भाजपा ने 24 जुलाई को होने वाले राज्यसभा उपचुनाव के लिए पूर्व TMC सांसद सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर रॉय और प्रकाश चिक बराइक को अपना उम्मीदवार बनाया है. ये तीनों नेता हाल ही में टीएमसी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए हैं. 24 जुलाई को पश्चिम बंगाल की तीन राज्यसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं. मतदान और मतगणना दोनों उसी दिन होंगे. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत के बाद भाजपा इन सीटों पर भी मजबूत स्थिति में दिखाई दे रही है.
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        <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 16:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Mamata, Banerjee, BJP:, मुझे, चुप, कराना, है, तो, मारना, होगा, ममता, बनर्जी, का, BJP, को, चैलेंज, बागियों, को, दिया, मैसेज</media:keywords>
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        <title>दक्षिण&amp;पश्चिम मानसून ने लिया प्रचंड रूप, देश के 18 राज्यों में तेज आंधी और मूसलाधार बारिश का अलर्ट, IMD ने जारी की चेतावनी</title>
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        <description><![CDATA[ भारत के अधिकतर राज्यों में अब दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह से पहुंच चुका है और इसने अब एक प्रचंड रूप ले लिया है. देश की राजधानी दिल्ली और एनसीआर के साथ, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, गोवा समेत कई अन्य राज्यों में लगातार बारिश हो रही है. इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शुक्रवार (10 जुलाई, 2026) को लेकर ताजा अपडेट जारी की. IMD ने कहा कि कल, 10 जुलाई को देश के 18 राज्यों में मूसलाधार बारिश होने वाली है. इसके अलावा, 85 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं भी चलेंगी. विभाग ने इस दौरान लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है.
किन-किन राज्यों के लिए मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी?
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, अगले 48 घंटे देश के अधिकांश राज्यों पर भारी पड़ने वाले हैं. जहां पहाड़ी राज्यों में मौसम का कहर सबसे ज्यादा देखने को मिल सकता है, वहीं झारखंड समेत पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में आकाशीय बिजली और वज्रपात का तांडव देखने को मिल सकता है. इसके अलावा, जिन राज्यों के लिए भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है, उन 18 राज्यों में उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम, मेघालय, महाराष्ट्र और केरल का नाम शामिल है.&amp;nbsp;

मौसम संबंधी चेतावनीमुख्य बिंदु(i) दक्षिण-पश्चिम मॉनसून राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के बाकी हिस्सों में भी आगे बढ़ गया है, और इस तरह आज, 09 जुलाई 2026 को पूरे देश में फैल गया है।(ii) दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश एवं उससे सटे क्षेत्रों पर बने सुस्पष्ट निम्न दाब क्षेत्र&amp;hellip; pic.twitter.com/s4tHLZmy0r
&amp;mdash; India Meteorological Department (@Indiametdept) July 9, 2026



वहीं, दक्षिण भारत के राज्यों में भी हल्की और छिटपुट बारिश होने की संभावनाएं जताई गई हैं. IMD ने मौसम अपडेट जारी कर बताया है कि इन राज्यों में बारिश के दौरान 80 से 85 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी. इसके अलावा, कुछ राज्यों में ओलावृष्टि होने की भी संभावना जताई गई है.&amp;nbsp;
कैसा रहेगा कल दिल्ली का मौसम?&amp;nbsp;

मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, देश की राजधानी दिल्ली और एनसीआर के इलाके में कल शुक्रवार (10 जुलाई, 2026) को भारी बारिश और तूफानी हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया गया है. दिल्ली में कल अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है.
उत्तर प्रदेश में दिखेगा मानसून का प्रचंड रूप
मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर, मेरठ, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, आगरा, कानपुर, बांदा, बिजनौर, पीलीभीत, बरेली, बहराइच, मोरादाबाद, सीतापुर, बलरामपुर, कुशीनगर, हरदोई, अयोध्या, उन्नाव, सुल्तानपुर, अमेठी और आजमगढ़ में चक्रवाती हवाओं के साथ अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 00:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>दक्षिण-पश्चिम, मानसून, ने, लिया, प्रचंड, रूप, देश, के, राज्यों, में, तेज, आंधी, और, मूसलाधार, बारिश, का, अलर्ट, IMD, ने, जारी, की, चेतावनी</media:keywords>
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        <title>POCSO मामले में केंद्रीय मंत्री बंदी संजय के आरोपी बेटे भागीरथ को मिली रेगुलर जमानत, 50 से ज्यादा दिन के बाद कोर्ट ने दी राहत</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/pocso-मामले-में-केंद्रीय-मंत्री-बंदी-संजय-के-आरोपी-बेटे-भागीरथ-को-मिली-रेगुलर-जमानत-50-से-ज्यादा-दिन-के-बाद-कोर्ट-ने-दी-राहत</link>
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        <description><![CDATA[ केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार के बेटे बंदी साई भागीरथ को तेलंगाना हाई कोर्ट ने गुरुवार (9 जुलाई, 2026) को रेगुलर जमानत दे दी है. कोर्ट की तरफ से आरोपी साई भागीरथ को 17 साल की लड़की के साथ कथित तौर पर यौन उत्पीड़न के मामले में POCSO एक्ट के तहत 50 दिनों से ज्यादा समय तक जेल में रहने के बाद यह जमानत दी गई है.
शर्तों के बाद हाई कोर्ट ने आरोपी को दी जमानत
वकील और बीजेपी नेता करुणा सागर ने इस संबंध में मीडिया से बातचीत में कहा कि हाई कोर्ट ने जमानत याचिका मंजूर करने का आदेश दिया और कुछ शर्तों के साथ एक लाख रुपये की जमानत राशि (श्योरिटी) जमा करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा, &amp;lsquo;जमानत की शर्तें और आधार तभी पता चलेंगे, जब आदेश की कॉपी अपलोड की जाएगी.&amp;rsquo;
इससे पहले मलकजगिरी की एक स्पेशल POCSO कोर्ट ने भागीरथ को कॉलेज में परीक्षा देने के लिए &amp;nbsp;20 जून को एक हफ्ते की अंतरिम जमानत दी थी.
पीड़िता की मां की शिकायत पर दर्ज हुई थी FIR, 8 दिन फरार था आरोपी
केंद्रीय राज्य मंत्री के बेटे साई भागीरथ को 16 मई को गिरफ्तार किया गया था. इससे एक हफ्ते से भी ज्यादा समय पहले, 8 मई को पीड़िता की मां की शिकायत पर उसके खिलाफ FIR दर्ज की गई थी. शुरुआत में उस पर POCSO एक्ट के तहत यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया गया था और बाद में गंभीर यौन उत्पीड़न (एग्रवेटेड सेक्सुअल असॉल्ट) के आरोप भी जोड़े गए.&amp;nbsp;

FIR दर्ज होने के बाद भागीरथ आठ दिनों तक फरार रहा, जबकि उसकी ओर से तेलंगाना हाई कोर्ट में गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा के लिए याचिका दायर की गई थी. कोर्ट की तरफ से सुरक्षा देने से इनकार करने के बाद उसे 16 मई को गिरफ्तार कर लिया गया. जहां उसके पिता बंदी संजय ने दावा किया कि उसने खुद सरेंडर किया था. वहीं तेलंगाना पुलिस और मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का कहना था कि उन्होंने उसकी लोकेशन का पता लगाकर उसे गिरफ्तार किया था.
पीड़िता की पैरवी कर रहे BRS नेता ने जमानत पर क्या कहा?
भारत राष्ट्र समिति (BRS) के नेता आरएस प्रवीण कुमार, जो पीड़िता के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं और इस मामले को संभालने के कांग्रेस सरकार के तरीके की आलोचना कर रहे हैं, ने कहा कि यह दुखद है कि भागीरथ को जमानत मिल गई, लेकिन कोर्ट के फैसले का सम्मान किया जाना चाहिए. उन्होंने कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया कि उन्होंने शिकायतकर्ता को पर्याप्त कानूनी सहायता नहीं दी.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 00:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>POCSO, मामले, में, केंद्रीय, मंत्री, बंदी, संजय, के, आरोपी, बेटे, भागीरथ, को, मिली, रेगुलर, जमानत, से, ज्यादा, दिन, के, बाद, कोर्ट, ने, दी, राहत</media:keywords>
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        <title>जब राम मंदिर की अपनी गौशाला नहीं, फिर 84 करोड़ की जमीन पर उगा चारा किसने खाया? कांग्रेस ने पूछे सवाल</title>
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        <description><![CDATA[ अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर गंभीर आरोप लगाए हैं. कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने दावा किया कि मंदिर में श्रद्धालुओं की तरफ से दिए गए दान में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.
राजपूत ने आरोप लगाया कि दान में गड़बड़ी केवल वित्तीय अनियमितता का मामला नहीं, बल्कि सनातन धर्म की आस्था से जुड़ा विषय है. सुरेंद्र राजपूत ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि ट्रस्ट की तरफ से 84 करोड़ रुपये में मंदिर से लगभग आठ किलोमीटर दूर जमीन खरीदने पर भी सवाल उठाए. उन्होंने पूछा कि जब मंदिर की अपनी कोई गौशाला नहीं है, तो उस जमीन पर उगाए जा रहे चारे का उपयोग किसके लिए किया जा रहा है.
सरकार जवाबदेही से नहीं बच सकती- सुरेंद्र राजपूत
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि राम मंदिर ट्रस्ट को सूचना के अधिकार के दायरे से बाहर रखा गया है. उनका कहना था कि यदि ट्रस्ट पूरी तरह धार्मिक संस्था है, तो उसमें बीजेपी से जुड़े लोगों को प्रमुख पदों पर क्यों नियुक्त किया गया?
राजपूत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने मंदिर का भूमिपूजन किया. ट्रस्ट का गठन कराया और शीर्ष स्तर की नियुक्तियां भी हुईं. ऐसे में यदि दान में कथित अनियमितता हुई है, तो सरकार जवाबदेही से बच नहीं सकती.
एसआईटी जांच पर कांग्रेस नेता ने उठाए सवाल
उन्होंने दावा किया कि राम मंदिर ट्रस्ट के अनुसार कुंभ के दौरान लगभग 16 करोड़ श्रद्धालुओं ने अयोध्या का दौरा किया था. उनके अनुसार, इतने बड़े स्तर पर प्राप्त दान को देखते हुए कथित वित्तीय गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच आवश्यक है.
वहीं, एसआईटी जांच पर सवाल उठाते हुए राजपूत ने आरोप लगाया कि जांच समिति के प्रमुख वीबी पंत के खिलाफ पहले से एफआईआर दर्ज है. उन्होंने पूछा कि जिस व्यक्ति पर स्वयं आरोप हों, उसे जांच की जिम्मेदारी कैसे सौंपी जा सकती है.&amp;nbsp;

कांग्रेस नेता ने पूर्व पुजारी की हत्या की जांच की उठाई मांग
कांग्रेस नेता ने पूर्व पुजारी महंत लाल दास का भी उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने राम मंदिर के राजनीतिकरण का विरोध किया था. उनके अनुसार, दानपात्र से 10 रुपये नहीं रखने के आरोप में उन्हें पद से हटा दिया गया था और बाद में उनकी हत्या कर दी गई. राजपूत ने इस पूरे घटनाक्रम की भी निष्पक्ष जांच की मांग की.
उन्होंने यह भी दावा किया कि राजस्थान के उद्योगपति राकेश सिंह ने मंदिर निर्माण के लिए मुफ्त पत्थर देने की घोषणा की थी, इसके बावजूद पत्थरों की खरीद की गई. साथ ही उन्होंने कहा कि L&amp;amp;T ने एक रुपये में मंदिर निर्माण करने की बात कही थी, लेकिन निर्माण पर लगभग 2,100 करोड़ रुपये खर्च किए गए.
200 किलो चांदी की ईंटों का हिसाब जारी करने की मांग
राजपूत ने श्रद्धालुओं की तरफ से दान किए गए छोटे आभूषणों और सिंधी समाज की ओर से दान की गई 200 किलोग्राम चांदी की ईंटों का भी हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की. उनका आरोप था कि ट्रस्ट में धार्मिक प्रतिनिधियों के बजाय ऐसे लोगों को रखा गया, जिनके कारण वित्तीय अनियमितताओं को बढ़ावा मिला.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ेंः राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर राज ठाकरे का बड़ा बयान, &#039;अगर किसी दूसरे दल की सरकार होती तो...&#039; ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 00:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>जब, राम, मंदिर, की, अपनी, गौशाला, नहीं, फिर, करोड़, की, जमीन, पर, उगा, चारा, किसने, खाया, कांग्रेस, ने, पूछे, सवाल</media:keywords>
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        <title>US&amp;Iran War Impact on India: ट्रंप का ऐलान और सीजफायर खत्म... मिडिल ईस्ट में फिर से जंग शुरू, भारत के लिए बन सकती परेशानी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/us-iran-war-impact-on-india-ट्रंप-का-ऐलान-और-सीजफायर-खत्म-मिडिल-ईस्ट-में-फिर-से-जंग-शुरू-भारत-के-लिए-बन-सकती-परेशानी</link>
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        <description><![CDATA[ West Asia Conflicts: मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच करीब चार महीने तक चले युद्ध के बाद सीजफायर होने पर क्षेत्र में शांति और वैश्विक ऊर्जा संकट से राहत मिलने की उम्मीद बन ही रही थी, कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से ईरान के साथ जंग का ऐलान कर दिया है. अमेरिका ने बुधवार (8 जुलाई, 2026) को ईरान के 90 ठिकानों पर हमला कर दिया है. ट्रंप की घोषणा और अमेरिका की कार्रवाई के बाद एक बार फिर से मिडिल ईस्ट क्षेत्र और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर वैश्विक स्तर पर टेंशन बढ़ गई है.
इस दौरान दुनिया भर के देश होर्मुज स्ट्रेट में स्वतंत्र नौवहन में मुश्किल आने, कच्चे तेल की आपूर्ति में कमी और तेल की कीमतों में बढ़ोत्तरी को लेकर काफी परेशान हैं. इसका संकट का असर भारत पर भी देखने को मिल सकता है. आइए आपको बताते हैं कि ट्रंप के ईरान पर नए हमले भारत को किन परेशानियों में डाल सकते हैं.
तेल-गैस की सप्लाई की टेंशन
फरवरी के अंत में शुरू अमेरिका-ईरान युद्ध की वजह से होर्मुज स्ट्रेट में नाकेबंदी कर दी गई, जिससे दुनिया की ऑयल सप्लाई चेन पर सबसे ज्यादा असर पड़ा. भारत में भी तेल और गैस आपूर्ति पर संकट के बादल मंडराने लगे. हालांकि, भारत ने अपनी तेल और गैस आपूर्ति में विविधता लाकर इसके प्रभाव को कम किया, लेकिन दुनिया की 20 प्रतिशत ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट भारत में तेल और गैस आपूर्ति के लिए भी बेहद अहम है. ऐसे में अगर अमेरिका-ईरान के बीच बात और ज्यादा बिगड़ती है और होर्मुज में रुकावट आती है, तो यह भारत के लिए परेशानी का कारण बन सकती है.
आयात बिल बढ़ने का टेंशन
पश्चिम एशिया में संघर्ष और तनाव के बढ़ने से भारत के लिए जो दूसरी सबसे बड़ी टेंशन हो सकती है, वो है देश के इंपोर्ट बिल यानी आयात बिल के बढ़ने का खतरा. क्योंकि भारत अपने दैनिक जरूरतों के लिए करीब 85 प्रतिशत कच्चे तेल इंपोर्ट करता है और उसे इसके लिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों के मुताबिक भुगतान करना होता है, तो ऐसे में इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल के दाम में बढ़ोत्तरी होती है, तो इसका सीधा असर भारत के इंपोर्ट बिल यानी आयात बिल पर देखने को मिल सकता है और इसका देश की अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ेगा.&amp;nbsp;&amp;nbsp;

देश में पेट्रोल-डीजल के दाम की कमी होने की उम्मीद कम
मिडिल ईस्ट में जंग की शुरुआत के बाद से इसका असर वैश्विक स्तर पर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में अप्रत्याशित बढ़ोत्तरी के रूप में देखने को मिल चुका है. भारत ने भी साल 2022 के बाद देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक के बाद एक करके कुल चार बार दाम बढ़ाए, इससे भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम में करीब 7 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई थी. हालांकि, अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर के बाद वैश्विक बाजार में कच्चे तेल के दाम में गिरावट आई और देश में पेट्रोल-डीजल के दाम में भी कमी की उम्मीद की जाने लगी, लेकिन दोबारा जंग के ऐलान के बाद यह उम्मीद भी अब कम होती नजर आ रही है.
महंगाई बढ़ने की टेंशन
वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की आपूर्ति घटने या उसके दाम में बढ़ोत्तरी का असर अक्सर देश की अर्थव्यवस्था पर देखने को मिलता है. इसके अलावा, कच्चे तेल की आपूर्ति घटने या उसकी कीमत बढ़ने की वजह से देश में महंगाई का खतरा भी बढ़ जाता है. क्योंकि तेल की कीमत बढ़ने से बाजारों में सामान महंगे हो जाएंगे और लोगों की जेब पर इसका सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ेगा.
शेयर बाजार से FPI तक पर असर
किसी भी तरह के वैश्विक संकट की स्थिति में इंवेस्टर्स सेफ इंवेस्टमेंट की तरफ अपना रुख करते हैं और शेयर बाजार में अचानक बिकवाली का सिलसिला शुरू हो जाता है. इससे देश के शेयर बाजार में ऐसा प्रभाव पड़ता है कि निवेशकों के लाखों-करोड़ों के निवेश पर पल भर में खतरा बढ़ जाता है और उनकी परेशानी बढ़ जाती है.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ेंः Explained: अमेरिका और ईरान जंग से बाज क्यों नहीं आ रहे? 90 ठिकानों पर हमलों में 3 मौतें, आखिर चाहते क्या दोनों देश? ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 00:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>US-Iran, War, Impact, India:, ट्रंप, का, ऐलान, और, सीजफायर, खत्म..., मिडिल, ईस्ट, में, फिर, से, जंग, शुरू, भारत, के, लिए, बन, सकती, परेशानी</media:keywords>
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        <title>Video: मौत के बाद भी सुरक्षित नहीं खामेनेई! शव को ईराक से ईरान फाइटर जेट के घेरे में लाया गया</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/video-मौत-के-बाद-भी-सुरक्षित-नहीं-खामेनेई-शव-को-ईराक-से-ईरान-फाइटर-जेट-के-घेरे-में-लाया-गया</link>
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        <description><![CDATA[ खामेनेई के सुपुर्द ए खाक से पहले अमेरिका और ईरान में युद्ध फिर से शुरू हो चुका है. इसी बीच एक फुटेज ने दुनिया का ध्यान अपनी तरफ खींचा है. जहां मिडिल ईस्ट में मातम पसरा है, तो वहीं मिसाइल हमले और बमबारी की जा रही है.&amp;nbsp;
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, ईरान के सबसे लंबे समय तक सुप्रीम नेता रहे अयातुल्ला अली खामेनेई के ताबूत को एक फाइटर जेट के साथ ईराक से ईरान वापस लाया गया. उन्हें गृहनगर मशहद में इमाम रजा के मकबरे में में दफनाया जाएगा.
इराक एस्कॉर्ट कर विमान मशहद लाया गया
शियाओं के पवित्र शहरों नजफ और कर्बला में अंतिम संस्कार की रस्मों के बाद उनके ताबूत को इराक से लाया गया था. .कई न्यूज एजेंसी ने फुटेज जारी किया है. इसमें फाइटर जेट को विमान के साथ जाते हुए दिखाया गया. इस विमान में सबसे बड़े परिवार के सदस्य के ताबूत शामिल थे. अयातुल्लाह खामेनेई ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर थे. 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में उनकी मौत हो गई थी. एक हफ्ते का साप्ताहिक शोक ईरान में जारी थी. इसी बीच अमेरिका ने समझौता खत्म कर ईरान पर फिर से हमला कर दिया है. फिलहाल दोनों तरफ से हमले किए जा रहे हैं.&amp;nbsp;

Iranian fighter jets escorted the plane carrying the late leader&amp;rsquo;s body as it departed Najaf for Mashhad.pic.twitter.com/iTuxzINDWa pic.twitter.com/xqC5OAwGYW
&amp;mdash; IRIB (Islamic Republic of Iran Broadcasting) (@iribnews_irib) July 9, 2026



भारत को परमाणु संपन्न न मानने वाले ऑस्ट्रेलिया से यूरेनियम डील! PM मोदी की क्यों बड़ी कूटनीतिक जीत?
बेटी समेत इन परिवार के लोगों के साथ खामेनेई होंगे सुपुर्द ए खाक
इधर, मशहद की सड़कों पर भीड़ जमा हो गई है. खामेनेई के साथ उनकी नन्हीं पोती, दामाद, बेटी और उनके बेटे मोजतबा खामेनेई की पत्नी जहरा हद्दाद अदेल को भी दफनाया जाएगा. ये सारे भी हमले में मारे गए थे. सरकारी टेलीविजन ने एक सूत्र के हवाले से बताया है कि दिवंगत नेता की व्यक्तिगत इच्छा थी कि उन्हें उनके गृहनगर मशहद दफनाया जाएगा. खामेनेई के शोक में पिछले कुछ वक्त तेहरान समेत अन्य जगहों पर भारी शोक सभाएं हुई हैं.&amp;nbsp;
चीन की जूता फैक्ट्री में भीषण आग, 28 लोगों की जलकर मौत, सामने आया खौफनाक Video ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 00:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Video:, मौत, के, बाद, भी, सुरक्षित, नहीं, खामेनेई, शव, को, ईराक, से, ईरान, फाइटर, जेट, के, घेरे, में, लाया, गया</media:keywords>
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        <title>अमरनाथ यात्रा के दौरान सुरक्षा बलों को मिली बड़ी सफलता, कठुआ में आतंकी ठिकाना ध्वस्त, दो ग्रेनेड मिले</title>
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        <description><![CDATA[ .अमरनाथ यात्रा के दौरान सुरक्षा बलों को जम्मू के कठुआ जिले में एक बड़ी कामयाबी मिली है. सुरक्षा बलों ने कठुआ जिले के सुफ़ैन इलाके में आतंकी ठिकाना ध्वस्त कर दो ग्रेनेड बरामद किए हैं. एबीपी न्यूज़ को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक जम्मू कश्मीर पुलिस जब आतंकियों के एक मददगार यानी ओवर ग्राउंड वर्कर से पूछताछ कर रही थी, तो उसने कबूला कि आतंकियों की मदद के साथ वह आतंकियों के लिए हथियार भी छिपाता था.
गहन पूछताछ में उसने सुरक्षा बलों को यह भी बताया कि उसके घर के पास ही सुफैन के जंगलों में आतंकियों ने एक ठिकाना भी बना रखा था, जहां पर वह हथियार छिपाते थे. ओवर ग्राउंड वर्कर से मिली इस जानकारी के बाद सुरक्षा बल हरकत में आ गए और फौरन उस जगह पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया, जहां पर ओवर ग्राउंड वर्कर ने आतंकियों का ठिकाना होने की बात कही थी.
सुरक्षा बलों को मिले दो ग्रेनेड
इस सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों को तलाशी के दौरान दो ग्रेनेड मिले. गौरतलब है कि इसी सुफैन इलाके में मार्च 2025 में आतंकियों से मुठभेड़ में चार जम्मू कश्मीर पुलिस के जवान शहीद हुए थे. यह इलाका पहाड़ी है और इस इलाके में आतंकियों की आवाजाही देखी गई है.
श्रद्धालुओं का सातवां जत्था जम्मू बेस कैंप से रवाना
उधर, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बुधवार (8 जुलाई) को अमरनाथ यात्रा के लिए श्रद्धालुओं का सातवां जत्था जम्मू बेस कैंप से रवाना हुआ. यात्रियों में बाबा बर्फानी के दर्शन को लेकर भारी उत्साह देखने को मिला. श्रद्धालुओं ने यात्रा की व्यवस्थाओं और सुरक्षा इंतजामों की सराहना करते हुए इसे संतोषजनक बताया.
भारतीय थल सेना प्रमुख ने भी सुरक्षा इंतजामों का लिया जायजा
भारतीय थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने अमरनाथ यात्रा के लिए किए गए सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की है. वह सेना की तैयारियों का जायजा लेने के लिए जम्मू-कश्मीर गए हैं. सेना प्रमुख जम्मू-कश्मीर स्थित भारतीय सेना के चिनार कोर के मुख्यालय पहुंचे. यहां उन्होंने भारतीय सेना की चिनार कोर से संबंधित विभिन्न सैन्य संरचनाओं का दौरा किया.
PoK में विरोध प्रदर्शन और अमरनाथ यात्रा के बीच एक्शन में सेना प्रमुख, LoC पर सुरक्षा हालात का लिया जायजा ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 12:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>Rahul Gandhi On Paper Leak: &amp;apos;कई सवाल असली पेपर से मेल खाते थे&amp;apos;, UGC&amp;NET पर राहुल गांधी का बड़ा हमला, पेपर लीक पर उठाए गंभीर सवाल</title>
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        <description><![CDATA[ देश में NEET पेपर लीक मामले को लेकर पहले से ही विवाद चल रहा है. इसी बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने UGC-NET परीक्षा को लेकर भी कई गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए परीक्षा प्रक्रिया और सरकार की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं.
राहुल गांधी ने कहा कि पिछले सप्ताह आयोजित UGC-NET परीक्षा से जुड़े जो आरोप सामने आए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं. उन्होंने दावा किया कि NEET पेपर लीक विवाद के कुछ ही हफ्तों बाद अब UGC-NET परीक्षा को लेकर भी गंभीर जानकारी सामने आ रही है.

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पोस्ट में राहुल गांधी ने क्या कहा?
अपने पोस्ट में राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि UGC-NET परीक्षा से ठीक पहले 100 पन्नों की एक पीडीएफ प्रसारित की गई थी. उनका कहना है कि यह पीडीएफ उस प्रश्नपत्र सेटिंग से जुड़ी थी, जिसकी जानकारी केवल राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के पास होती है. उन्होंने दावा किया कि इस पीडीएफ में मौजूद लगभग 90 सवाल UGC-NET के वास्तविक समाजशास्त्र (Sociology) प्रश्नपत्र में पूछे गए सवालों से मेल खाते हैं. राहुल गांधी के अनुसार, यही प्रश्नपत्र बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान जैसे राज्यों में करीब 2.25 लाख रुपये में बेचा जा रहा था.
कांग्रेस नेता ने कैसे आरोप लगाए?
कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि इसी नेटवर्क ने CSIR-NET, HTET और ADA जैसी आगामी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का दावा भी किया था. उन्होंने कहा कि यदि ये आरोप सही हैं तो यह देश की परीक्षा प्रणाली के लिए बेहद गंभीर मामला है. राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि NEET और NET जैसी परीक्षाओं में बार-बार सामने आ रहे विवादों के बावजूद सरकार कोई ठोस कदम उठाती नजर नहीं आ रही है. उनके अनुसार, लाखों छात्र वर्षों तक मेहनत करते हैं, लेकिन ऐसी घटनाएं उनकी मेहनत और भविष्य पर सवाल खड़े कर देती हैं.
राहुल गांधी की छात्रों से अपील
राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों की मेहनत और उनके भविष्य को लेकर सरकार गंभीर दिखाई नहीं दे रही है. राहुल गांधी ने यह भी कहा कि लोगों को प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री से जवाबदेही या त्वरित कार्रवाई की उम्मीद नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि न तो निष्पक्ष जांच होगी और न ही छात्रों को जल्द न्याय मिलेगा. अपने मैसेज के आखिर में राहुल गांधी ने छात्रों से एकजुट होकर आवाज उठाने की अपील की. उन्होंने कहा कि बदलाव लाने का सबसे बड़ा माध्यम छात्रों और युवाओं की सामूहिक आवाज है. उनका मानना है कि देशभर के छात्रों की एकजुट मांग ही शिक्षा व्यवस्था में सुधार और बड़े बदलाव का रास्ता तैयार कर सकती है.
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        <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 12:30:07 +0530</pubDate>
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        <title>अमरनाथ यात्राः जम्मू रेलवे स्टेशन पर शिव भक्तों के लिए प्रशासन ने की पूरी तैयारी, सुरक्षा&amp;सुविधा और सेवा के किए विशेष प्रबंध</title>
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        <description><![CDATA[ श्री अमरनाथ यात्रा 2026 में देशभर से पहुंच रहे श्रद्धालुओं को सुगम, सुरक्षित और सम्मानजनक यात्रा अनुभव देने के लिए उत्तर रेलवे, जम्मू मंडल द्वारा जम्मू रेलवे स्टेशन पर युद्धस्तर पर विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं. यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए मंडल ने सभी जरूरी प्रबंध पहले से ही सुनिश्चित कर दिए हैं.
रेलवे अधिकारी नियमित रूप से स्टेशन पर रख रहे निगरानी
जम्मू रेलवे स्टेशन पर रेलवे अधिकारी और पर्यवेक्षक लगातार मौजूद रहकर सभी व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं. यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिसके चलते आरपीएफ और जीआरपी के जवान स्टेशन परिसर में 24x7 तैनात हैं.
टिकट जांच स्टाफ, जीआरपी और आरपीएफ के साथ मिलकर नियमित गश्त कर रहे हैं. किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए वॉर रूम में लगे सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से स्टेशन के हर कोने पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है. ट्रेनों की समयबद्धता पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है. यदि कोई ट्रेन विलंब से है तो इसकी जानकारी यात्रियों को तुरंत पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम और SMS के माध्यम से दी जा रही है.
यात्रियों को रेलवे स्टेशन पर दी जा रही हर तरह की सुविधा
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्टेशन पर हेल्प डेस्क और सूचना केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां यात्रा संबंधी हर जानकारी और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है. प्लेटफार्मों पर पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था की गई है और स्वच्छता बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सफाईकर्मियों को तैनात किया गया है. आपात स्थिति से निपटने के लिए प्राथमिक उपचार केंद्र दिन-रात कार्यरत है. इसके साथ ही ट्रेनों और यात्रा से जुड़ी महत्वपूर्ण घोषणाएं नियमित अंतराल पर की जा रही हैं ताकि यात्रियों को सही समय पर सही जानकारी मिल सके.&amp;nbsp;

जम्मू स्टेशन पर व्यवस्थाओं को लेकर बोले अधिकारी
जम्मू के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक उचित सिंघल ने स्वयं स्टेशन पर पहुंचकर सभी व्यवस्थाओं की लगातार समीक्षा की. साथ ही यात्रियों को और बेहतर सुविधाएं देने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि श्री अमरनाथ जी यात्रा आस्था का प्रतीक है. जम्मू मंडल का यह संकल्प है कि यहां आने वाला हर श्रद्धालु सुरक्षित और सम्मान के साथ अपनी यात्रा पूरी करे.
उन्होंने कहा, &amp;lsquo;हमारे अधिकारी, पर्यवेक्षक, आरपीएफ और जीआरपी की टीम मिलकर दिन-रात कार्य कर रही है. हमारा प्रयास है कि यात्री के स्टेशन में प्रवेश से लेकर प्रस्थान तक उसे हर आवश्यक सुविधा मिले. हम स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त प्रबंध भी किए जाएंगे. सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध है कि वे रेलवे की घोषणाओं का पालन करें और यात्रा को सुखद बनाएं.&amp;rsquo;
उन्होंने आगे कहा कि जम्मू मंडल सभी यात्रियों से अपील करता है कि वे स्टेशन पर की जा रही उद्घोषणाओं को ध्यान से सुनें और किसी भी सहायता के लिए रेल मदद 139 या स्टेशन स्थित सहायता केंद्र से संपर्क करें.
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        <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 12:30:07 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>अमरनाथ, यात्राः, जम्मू, रेलवे, स्टेशन, पर, शिव, भक्तों, के, लिए, प्रशासन, ने, की, पूरी, तैयारी, सुरक्षा-सुविधा, और, सेवा, के, किए, विशेष, प्रबंध</media:keywords>
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        <title>तेलंगाना के निर्मल कॉलेज में बड़ी घटना, परीक्षा के दौरान नकल करते पकड़े जाने पर छात्र ने प्रिंसिपल पर किया हमला</title>
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        <description><![CDATA[ तेलंगाना के निर्मल जिले के भैंसा शहर से मंगलवार (7 जुलाई, 2026) को एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसे सुनकर हर कोई हैरान हो गया है, जहां एक सरकारी डिग्री कॉलेज के प्रिंसिपल पर सेमेस्टर परीक्षा के दौरान दखल देने पर एक छात्र की तरफ से कथित तौर पर हमला करने का मामला सामने आया है.
यह घटना गोपाल राव पाटिल सरकारी डिग्री कॉलेज में हुई, जहां प्रिंसिपल ने परीक्षा के दौरान एक छात्र को नकल करते हुए देख लिया. इसके बाद जब प्रिंसिपल ने छात्र से पूछताछ की और उसे ऐसा करने से रोका, तो कथित तौर पर दोनों के बीच बहस हो गई, जो बाद में कॉलेज परिसर के अंदर प्रिंसिपल पर शारीरिक हमले में बदल गई.
टीचिंग स्टाफ की सुरक्षा को लेकर उठने लगे सवाल

Student Attacks Principal for Catching Him Cheating in ExamStudent Attacks Principal at Gopalrao Patil Government Degree College in Bhainsa, #Nirmal District #TelanganaPrincipal Intervenes with Student Cheating During Semester ExamStudent Subsequently Attacks Principal&amp;hellip; pic.twitter.com/KktuG20sPV
&amp;mdash; Siraj Noorani (@sirajnoorani) July 8, 2026



जानकारी के अनुसार, प्रिंसिपल परीक्षा की निगरानी का काम कर रहे थे, तभी उन्होंने सेमेस्टर परीक्षा के दौरान छात्र को नकल करते हुए पकड़ा. अधिकारियों ने बताया कि टोके जाने पर छात्र गुस्से में आ गया और उसने कथित तौर पर प्रिंसिपल पर हमला कर दिया. इस घटना से फैकल्टी सदस्यों और छात्रों में चिंता फैल गई है, जिससे टीचिंग स्टाफ की सुरक्षा और परीक्षाओं के दौरान अनुशासन बनाए रखने में शिक्षण संस्थानों के सामने आ रही चुनौतियों पर सवाल उठने लगे हैं.&amp;nbsp;

मामले में पुलिस ने केस किया दर्ज
घटना के बाद प्रिंसिपल ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के आधार पर छात्र के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच शुरू कर दी गई है. पुलिस हमले से जुड़ी परिस्थितियों की जांच कर रही है और उम्मीद है कि वह जल्द ही गवाहों और कॉलेज के कर्मचारियों के बयान दर्ज करेगी. फिलहाल मामला दर्ज हो चुका है और जांच चल रही है. इस घटना ने एकेडमिक जगत में परीक्षा में नकल रोकने और अपनी ड्यूटी निभा रहे शिक्षकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत पर चर्चा छेड़ दी है.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ेंः &amp;lsquo;आप मेरा सिर काट दो, लेकिन...&amp;rsquo;, TMC में फूट के बीच भाजपा में शामिल होने की बात पर भड़कीं महुआ मोइत्रा ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 12:30:06 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>तेलंगाना, के, निर्मल, कॉलेज, में, बड़ी, घटना, परीक्षा, के, दौरान, नकल, करते, पकड़े, जाने, पर, छात्र, ने, प्रिंसिपल, पर, किया, हमला</media:keywords>
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        <title>&amp;apos;2&amp;3 दिनों में पूरे देश में....&amp;apos;, मौसम विभाग की चेतावनी, 23 राज्यों में भयंकर बारिश की भविष्यवाणी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/2-3-दिनों-में-पूरे-देश-में-मौसम-विभाग-की-चेतावनी-23-राज्यों-में-भयंकर-बारिश-की-भविष्यवाणी</link>
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        <description><![CDATA[ दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ने के कारण अगले 2-3 दिनों के अंदर ये पूरे देश को कवर कर लेगा. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक गुरुवार (9 जुलाई) को दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, मध्य प्रदेश समेत करीब 23 राज्यों में मूसलाधार बारिश की संभावना है. इस दौरान तेज आंधी तूफान के भी आसार हैं.
IMD के मुताबिक गुरुवार को पहाड़ी राज्यों हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. IMD ने कहा है कि दिल्ली में खासकर गुरुवार को बादल छाए रहेंगे और कुछ जगहों पर मध्यम बारिश के साथ 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. इसके अलावा पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में भी 9-12 जुलाई के दौरान कई जगहों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है.&amp;nbsp;

मौसम विभाग ने कहा है कि गुरुवार को पूर्वी यूपी के कुछ जिलों में बहुत भारी बारिश होने की संभावना है. विभाग ने बताया है कि डीप डिप्रेशन की वजह से यूपी में दक्षिण-पश्चिम मानसून फिर से सक्रिय हो गया है. पिछले 24 घंटों के दौरान पूर्वी यूपी के कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई, जबकि पश्चिमी यूपी के कई जिलों में भी ठीक-ठाक बारिश हुई. चित्रकूट में सबसे ज्यादा 144.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई.
मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिम बंगाल के उप-हिमालयी जिलों में अगले 2 दिनों के दौरान भारी बारिश की संभावना है. भारी बारिश की वजह से पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और मैदानी इलाकों में जलभराव की आशंका है. दक्षिण बंगाल में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की संभावना है.
मध्य प्रदेश से झारखंड तक रेड अलर्टमध्य प्रदेश के कई जिलों में गुरुवार को भारी बारिश की संभावना है. पूर्वी मध्य प्रदेश में 9-10 जुलाई के दौरान कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश हो सकती है. इसके अलावा बिहार और सिक्किम में भी बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है. इसके अलावा झारखंड में भी आज भारी बारिश की संभावना जताई गई है. इन राज्यों में 12 जुलाई तक रेड अलर्ट जारी किया गया है.
नॉर्थ ईस्ट में अलर्टनॉर्थ ईस्ट के असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भी आज बहुत भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है. नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भारी बारिश की संभावना है. इसके अलावा महाराष्ट्र में भी आज बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. गोवा और गुजरात के कई जिलों में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है.
बाढ़ की चेतावनी&amp;nbsp;IMD ने आज गुजरात के कई हिस्सों में आकस्मिक बाढ़ की चेतावनी जारी की है. इनमें राजस्थान के डूंगरपुर, चित्तौड़गढ़, उदयपुर और प्रतापगढ़ जिला भी शामिल है. इनके अलावा गोवा, मुंबई, ठाणे, पालघर और सिंधुदुर्ग में भी चेतावनी जारी की गई है. हिमाचल के शिमला और सिरमौर के अलावा उत्तराखंड के देहरादून और नैनीताल सहित कई पहाड़ी जिलों में भी आकस्मिक बाढ़ को लेकर चेतावनी दी गई है.
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        <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 12:30:05 +0530</pubDate>
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        <title>Explained: इंसाफ या पुलिस की नाकामी पर पर्दा! बारुईपुर रेप केस आरोपी की एनकाउंटर में मौत, किन सवालों में उलझी गुत्थी?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/explained-इंसाफ-या-पुलिस-की-नाकामी-पर-पर्दा-बारुईपुर-रेप-केस-आरोपी-की-एनकाउंटर-में-मौत-किन-सवालों-में-उलझी-गुत्थी</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/explained-इंसाफ-या-पुलिस-की-नाकामी-पर-पर्दा-बारुईपुर-रेप-केस-आरोपी-की-एनकाउंटर-में-मौत-किन-सवालों-में-उलझी-गुत्थी</guid>
        <description><![CDATA[ कोलकाता के दक्षिणी उपनगर बारुईपुर में एक ऐसी घटना हुई है जिसने पूरे पश्चिम बंगाल को हिला कर रख दिया है. एक नाबालिग लड़की के साथ रेप और हत्या के आरोपी की पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई. पुलिस का कहना है कि आरोपी ने हथियार छीनकर भागने की कोशिश की, लेकिन मानवाधिकार संगठनों से लेकर स्थानीय लोगों तक ने इस पूरी कार्रवाई पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं. क्या यह सच में इंसाफ था या फिर पुलिस ने अपनी नाकामी छिपा ली...
बारुईपुर में हुआ क्या था, जो बात एनकाउंटर तक पहुंची?
5 जुलाई 2026 को बारुईपुर थाना क्षेत्र के सूर्यपुर इलाके में एक नाबालिग लड़की का शव एक स्थानीय तालाब से बरामद हुआ. लड़की 4 जुलाई (शनिवार) से लापता थी. परिजनों का आरोप था कि हत्या से पहले उसके साथ बलात्कार हुआ. शुरुआती पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक, लड़की की मौत डूबने से हुई थी. लेकिन जब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आई, तो पुलिस ने यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (POCSO) की धाराओं के तहत रेप का मामला भी दर्ज किया.
यह घटना सामने आते ही इलाके में तनाव फैल गया. इतना गुस्सा था लोगों में कि भीड़ ने हत्या के शक में एक युवक की पिटाई कर दी, जिससे उसकी मौत हो गई.
आरोपी कौन था और कैसे हुई पुलिस से मुठभेड़?
पुलिस ने रविवार को एक आरोपी को गिरफ्तार किया. उसकी पहचान प्रभास मंडल के रूप में हुई. परिजनों ने CCTV फुटेज देखकर उसकी पहचान की थी.
7-8 जुलाई की दरमियानी रात पुलिस आरोपी प्रभास मंडल को क्राइम सीन रीक्रिएट कराने के लिए उसी तालाब के पास ले गई. पुलिस का दावा है कि इसी दौरान आरोपी ने एक पुलिसकर्मी की सर्विस रिवॉल्वर छीनकर भागने की कोशिश की. इसके बाद पुलिस ने उस पर गोली चला दी. घायल आरोपी को बारुईपुर उप-मंडलीय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
पुलिस पर पहले से ही थे आरोप
मुठभेड़ से पहले ही पुलिस की भूमिका पर सवाल उठ रहे थे. एक स्थानीय निवासी के मुताबिक, &#039;उस रात करीब साढ़े आठ बजे हमने पुलिस को सूचना दी थी, लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया. रविवार सुबह स्थानीय लोगों से जानकारी मिलने के बाद हमने इलाके के CCTV फुटेज खंगाले और खुद मुजरिम की पहचान कर उसे पकड़ लिया.&#039;
उन्होंने आगे दावा किया, &#039;मुजरिम ने थाने में अपना अपराध कबूल किया था. हम उसके साथ घटनास्थल पर गए और शव बरामद कराया. इसके बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की.&#039; यानी पुलिस ने शुरुआती शिकायत पर कार्रवाई नहीं की, तो स्थानीय लोगों ने खुद जांच की, आरोपी को पकड़ा और पुलिस के सामने पेश किया. फिर पुलिस मुठभेड़ में उसी आरोपी की मौत हो गई.
बीजेपी नेता पर आरोप और आरोपी की मां का दर्द क्या?
इस पूरे मामले में स्थानीय बीजेपी नेता शांतनु मंडल का नाम भी सामने आया. स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि शांतनु मंडल ने आरोपी को भागने में मदद की. हालांकि, शांतनु मंडल ने इन आरोपों से इनकार किया है. उन्होंने मीडिया से कहा, &#039;घटना की जानकारी मिलने के बाद हम थाना प्रभारी के पास गए और शिकायत दर्ज कराई. CCTV फुटेज देखने के बाद हमने एक व्यक्ति को पहचाना जो लड़की को ले जाते हुए दिखा था. हमने उसे खुद पकड़ा और उसने अपराध स्वीकार किया.&#039;
इस पूरी घटना में सबसे चौंकाने वाला पहलू आरोपी की मां का बयान था. उन्होंने ANI से कहा, &#039;दो पुलिसकर्मी मेरे घर आए थे. मैं अभी-अभी उठी थी. उन्होंने मुझे बताया कि मेरे बेटे की मौत हो गई है और पूछा कि क्या मैं अस्पताल जाना चाहती हूं. मैंने उनसे कहा कि मैं नहीं जा सकती, क्योंकि मेरे पति बीमार हैं.&#039;
उन्होंने आगे कहा, &#039;मैंने कहा कि आप लोग जो करना चाहते हैं, करिए. मुझे कोई आपत्ति नहीं है. मेरे बेटे ने जो किया, उसकी उसे सजा मिल गई. मैं उसका शव स्वीकार नहीं करूंगी. मैं उसका शव अपने घर भी नहीं लाऊंगी. उसने कोई अच्छा काम नहीं किया. उसने गलत किया था और उसी की उसे सजा मिली है. उसे मार दें या जो करना हो करें, मुझे कोई आपत्ति नहीं है. मुझे उसकी लाश नहीं चाहिए.&#039;
एक मां का अपने बेटे के लिए यह बयान बताता है कि इस घटना ने समाज को किस हद तक झकझोर दिया है.
मानवाधिकार संगठन ने क्या सवाल उठाए?
जहां एक तरफ पुलिस अपनी कार्रवाई को सही ठहरा रही है, वहीं मानवाधिकार संगठनों ने इस मुठभेड़ पर गंभीर सवाल उठाए हैं...
एसोसिएशन फॉर द प्रोटेक्शन ऑफ डेमोक्रेटिक राइट्स (APDR) के सदस्य रंजीत सूर का कहना है, &#039;यह मामला संदिग्ध है. यह व्यक्ति पूरे मामले का सबसे अहम गवाह था. उसकी मौत के बाद पुलिस अपनी सुविधा के अनुसार कहानी गढ़ सकती है और अपनी विफलताओं पर पर्दा डाल सकती है.&#039;
उन्होंने यह भी कहा कि देश के कई राज्यों में पुलिस मुठभेड़ों की कहानी लगभग एक जैसी होती है. यानी मुजरिम पुलिस का हथियार छीनकर भागने की कोशिश करता है और फिर मुठभेड़ में मारा जाता है.
&#039;हथियार छीनकर भागने&#039; का पैटर्न: यह कोई पहला मामला नहीं
बीते सालों में देश के अलग-अलग राज्यों में कई ऐसे मुठभेड़ के मामले सामने आए हैं, जिनमें पुलिस ने यही दावा किया कि मुजरिम ने पुलिस का हथियार छीनकर भागने की कोशिश की.
2019 में हैदराबाद में एक पशु चिकित्सक के रेप और हत्या के चार आरोपियों की पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई थी. पुलिस का दावा भी वही था कि क्राइम सीन रीक्रिएट करने के दौरान आरोपियों ने हथियार छीनकर भागने की कोशिश की. उस घटना के बाद एमनेस्टी इंटरनेशनल ने इसे &#039;एक्स्ट्रा-ज्यूडिशियल किलिंग&#039; (कानूनी प्रक्रिया के बाहर की हत्या) बताया था और इसकी निंदा की थी. संगठन ने कहा था कि दोषियों को निष्पक्ष न्यायिक प्रक्रिया के तहत सजा मिलनी चाहिए.
उत्तर प्रदेश के आंकड़े भी चौंकाने वाले हैं. यूपी पुलिस के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 9 साल के कार्यकाल में राज्य में 17,043 पुलिस मुठभेड़ की घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें 289 अपराधियों की मौत हुई. पुलिस का कहना है कि इनमें से कई मामलों में आरोपी क्राइम सीन रीक्रिएट करने के दौरान पुलिस का हथियार छीनकर भागने की को ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 20:30:15 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Explained:, इंसाफ, या, पुलिस, की, नाकामी, पर, पर्दा, बारुईपुर, रेप, केस, आरोपी, की, एनकाउंटर, में, मौत, किन, सवालों, में, उलझी, गुत्थी</media:keywords>
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        <title>NIA Raid in Panvel: ISIS मॉड्यूल जांच में बड़ी कामयाबी, NIA ने एक संदिग्ध को हिरासत में लिया, दूसरे की तलाश में हाई अलर्ट</title>
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        <description><![CDATA[ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने विशाखापत्तनम ISIS मॉड्यूल मामले की जांच के सिलसिले में बुधवार को नवी मुंबई के पनवेल इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया. इस दौरान NIA ने एक शख्स को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि एक अन्य संदिग्ध की तलाश जारी है.
सूत्रों के अनुसार, कुछ महीने पहले विशाखापत्तनम पुलिस ने आतंकी संगठन ISIS और अल-कायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) से कथित संबंधों के आरोप में 12 लोगों को गिरफ्तार किया था. जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपियों में से एक का संबंध पनवेल से सामने आया था. इसके बाद मामले में मिले इनपुट और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच का दायरा बढ़ाया गया.

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पनवेल में छापेमारी
पूछताछ के दौरान आरोपी ने पनवेल के दो अन्य लोगों के नाम भी बताए, जिनकी इस मामले में कथित संलिप्तता की जांच की जा रही है. इसी इनपुट के आधार पर NIA ने स्थानीय पुलिस की मदद से पनवेल में छापेमारी की. कार्रवाई के दौरान एक संदिग्ध को हिरासत में लिया गया है, जिससे NIA की टीम गहन पूछताछ कर रही है.
दूसरे आरोपी की तलाश
दूसरे संदिग्ध की तलाश में सर्च ऑपरेशन जारी है. अधिकारियों के अनुसार, संदिग्ध के संभावित ठिकानों पर भी जांच की जा रही है. एजेंसी आसपास के इलाकों में भी आवश्यक जानकारी जुटा रही है और मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है.
NIA की जांच तेज
सूत्रों के मुताबिक, मामले की संवेदनशीलता और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े पहलुओं को देखते हुए इस जांच को NIA को ट्रांसफर किया गया है. एजेंसी फिलहाल पूरे नेटवर्क और संभावित आतंकी लिंक की जांच में जुटी हुई है. जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि आरोपियों के संपर्क किन-किन लोगों से थे और क्या उनका संबंध किसी बड़े आतंकी नेटवर्क से था.
डिजिटल साक्ष्यों की जांच
सूत्रों के अनुसार, NIA डिजिटल उपकरणों, कॉल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया गतिविधियों और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी जांच कर रही है. एजेंसी का उद्देश्य पूरे मॉड्यूल की गतिविधियों, उसके संपर्कों और संभावित साजिश के हर पहलू का पता लगाना है. फिलहाल मामले में पूछताछ और सर्च ऑपरेशन जारी है तथा जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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        <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 20:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>NIA, Raid, Panvel:, ISIS, मॉड्यूल, जांच, में, बड़ी, कामयाबी, NIA, ने, एक, संदिग्ध, को, हिरासत, में, लिया, दूसरे, की, तलाश, में, हाई, अलर्ट</media:keywords>
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        <title>Indian Weapon Demand: ब्रह्मोस से आकाशतीर तक, दुनिया में बढ़ रही भारतीय हथियारों की मांग, इंडिया बनेगा डिफेंस किंग?</title>
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        <description><![CDATA[ भारत अब रक्षा क्षेत्र में सिर्फ हथियार खरीदने वाला देश नहीं रह गया है, बल्कि दुनिया के कई देशों को हथियार और डिफेंस सिस्टम मुहैया कराने वाला एक बड़ा सप्लायर बनकर उभर रहा है. ब्रह्मोस, अस्त्र, आकाश और आकाशतीर जैसे स्वदेशी हथियारों और डिफेंस सिस्टम &amp;nbsp;की मांग लगातार बढ़ रही है. इन सिस्टम ने अपनी क्षमता, भरोसेमंद प्रदर्शन और कम लागत के कारण कई देशों का ध्यान अपनी ओर खींचा है. पिछले कुछ सालों में भारत के डिफेंस एक्पोर्ट में तेजी से बढ़ोतरी हुई है और इसमें इन स्वदेशी हथियारों की बड़ी भूमिका रही है.
ब्रह्मोस मिसाइल भारत और रूस की साझेदारी में विकसित की गई दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल मानी जाती है. यह मिसाइल जमीन, समुद्र और हवा से लॉन्च की जा सकती है. फिलीपींस ब्रह्मोस खरीदने वाला पहला विदेशी देश बना, जहां इसे तटीय सुरक्षा के लिए तैनात किया गया है. इसके बाद वियतनाम और इंडोनेशिया ने भी ब्रह्मोस खरीदने के लिए समझौते किए हैं. वियतनाम के साथ यह सौदा करीब 700 मिलियन डॉलर का बताया जा रहा है, जबकि इंडोनेशिया ने भी सैकड़ों मिलियन डॉलर का ऑर्डर दिया है. इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात, थाईलैंड, सऊदी अरब, ब्राजील और चिली जैसे देश भी ब्रह्मोस में रुचि दिखा रहे हैं. इसकी तेज गति और सटीक निशाना लगाने की क्षमता इसे बेहद प्रभावी बनाती है.

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अस्त्र मिसाइल की खासियत
अस्त्र मिसाइल भारत की स्वदेशी एयर-टू-एयर मिसाइल है, जिसे DRDO ने डेवलप किया है. यह बियॉन्ड विजुअल रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल है, जिसे Su-30 MKI जैसे लड़ाकू विमानों पर लगाया जा सकता है. हाल ही में इंडोनेशिया ने अस्त्र मिसाइल खरीदने का फैसला किया है, जिसे भारत के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है. ब्राजील अपने ग्रिपेन लड़ाकू विमानों के लिए और आर्मेनिया अपने Su-30 विमानों के लिए इस मिसाइल में रुचि दिखा चुके हैं. वियतनाम, मलेशिया, अल्जीरिया और कई अन्य देश भी इसे खरीदने पर विचार कर रहे हैं. इसकी लंबी मारक क्षमता, आधुनिक रडार और इलेक्ट्रॉनिक सुरक्षा प्रणाली इसे अंतरराष्ट्रीय बाजार में लोकप्रिय बना रही है.
आकाश हवा में मार करने वाली मिसाइल सिस्टम
आकाश भारत की स्वदेशी सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल सिस्टम है. यह भारतीय सेना की एयर डिफेंस सिस्टम &amp;nbsp;का महत्वपूर्ण हिस्सा है. आकाश मिसाइल 25 किलोमीटर तक की दूरी पर दुश्मन के विमान, हेलीकॉप्टर और ड्रोन को निशाना बना सकती है. आर्मेनिया पहले ही इस प्रणाली को खरीद चुका है. फिलीपींस भी 200 मिलियन डॉलर से अधिक के संभावित सौदे पर बातचीत कर रहा है. इसके अलावा वियतनाम, संयुक्त अरब अमीरात, मलेशिया और मिस्र जैसे देश भी इस प्रणाली में रुचि दिखा रहे हैं. इसकी मोबाइल तैनाती क्षमता, आधुनिक रडार और एक साथ कई लक्ष्यों को निशाना बनाने की क्षमता इसे खास बनाती है.
भारत का स्वदेशी एयर डिफेंस कमांड और कंट्रोल सिस्टम
आकाशतीर भारत का स्वदेशी एयर डिफेंस कमांड और कंट्रोल सिस्टम है, जिसे भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) ने विकसित किया है. यह एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित प्रणाली है, जो अलग-अलग रडार और वेपन सिस्टम को जोड़कर एक सिंगल एयर डिफेंस नेटवर्क तैयार करती है. यह मॉर्डन खतरों जैसे ड्रोन हमलों और मिसाइल हमलों का प्रभावी तरीके से मुकाबला करने में सक्षम है. संयुक्त अरब अमीरात समेत कई देशों ने इस प्रणाली में रुचि दिखाई है. हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इसके प्रदर्शन ने इसकी विश्वसनीयता को और मजबूत किया है.
भारतीय हथियारों की बढ़ती मांग
भारतीय हथियारों की बढ़ती मांग के पीछे कई कारण हैं. सबसे बड़ा कारण इनका सफल प्रदर्शन और विश्वसनीयता है. ये हथियार &amp;nbsp;कम लागत वाले हैं और इनके रखरखाव में भी कम खर्च आता है. इसके अलावा कई देश अब रूस और पश्चिमी देशों के हथियारों पर अपनी निर्भरता कम करना चाहते हैं और भारत उन्हें एक भरोसेमंद ऑप्शन के रूप में दिखाई दे रहा है. आत्मनिर्भर भारत अभियान और भारत की मजबूत कूटनीति ने भी रक्षा निर्यात को बढ़ावा दिया है. आने वाले समय में भारत का रक्षा निर्यात और तेजी से बढ़ सकता है. ब्रह्मोस, अस्त्र, आकाश और आकाशतीर जैसे स्वदेशी रक्षा सिस्टम न केवल भारत की आय बढ़ाएंगे, बल्कि देश को वैश्विक रक्षा बाजार में एक मजबूत खिलाड़ी के रूप में स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 20:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Indian, Weapon, Demand:, ब्रह्मोस, से, आकाशतीर, तक, दुनिया, में, बढ़, रही, भारतीय, हथियारों, की, मांग, इंडिया, बनेगा, डिफेंस, किंग</media:keywords>
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        <title>Explained: भारत में बढ़ने वाले हैं पेट्रोल&amp;गैस के दाम! NATO में ट्रंप ने ईरान से शांति समझौता तोड़ा, आपके पास कितनी मोहलत?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/explained-भारत-में-बढ़ने-वाले-हैं-पेट्रोल-गैस-के-दाम-nato-में-ट्रंप-ने-ईरान-से-शांति-समझौता-तोड़ा-आपके-पास-कितनी-मोहलत</link>
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        <description><![CDATA[ 8 जुलाई 2026 को तुर्किये की राजधानी अंकारा में NATO समिट चल रही थी. इसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान ने पूरी दुनिया के बाजारों को हिलाकर रख दिया. ट्रंप ने कहा, &#039;ईरान के साथ हुआ सीजफायर समझौता अब पूरी तरह खत्म हो चुका है. मैं अब ईरान से कोई डील नहीं करना चाहता.&#039; ट्रंप ने अपने बयान में यह भी कहा कि अमेरिका ने पिछली रात ईरान पर जोरदार हमले किए हैं और खतरनाक लोगों को निशाना बनाया है. ट्रंप के बयान ने तेल-गैस की कीमतों को पंख लगा दिए और होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर बम गिरने लगे. तो क्या अब भारत में भी तेल-गैस महंगा हो जाएगा...
डोनाल्ड ट्रंप के बयान के 5 बड़े असर होंगे, जो भारत में उथल-पुथल मचा देंगे...
पहला असर: तेल के दाम में तुरंत उछाल
ट्रंप के इस बयान के फौरन बाद इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल आ गया. ब्रेंट क्रूड तेल की कीमत 5 फीसदी से ज्यादा उछलकर 78 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई. WTI क्रूड भी 74 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर यह तनाव लंबा चला और होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह बंद हो गया, तो कच्चे तेल की कीमतें 85 से 90 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकती हैं.
यहां एक बात समझना बहुत जरूरी है कि भारत अपनी जरूरत का करीब 90 फीसदी कच्चा तेल आयात करता है. यानी अगर दुनिया में तेल महंगा होता है, तो भारत को उसे खरीदने के लिए ज्यादा पैसे चुकाने पड़ते हैं. जब भारत को तेल के लिए ज्यादा पैसे चुकाने पड़ते हैं, तो वह सीधा असर हमारी जेब पर पड़ता है. पेट्रोल-डीजल से लेकर CNG और यहां तक कि रोजमर्रा की जरूरत की चीजों के दाम तक बढ़ जाते हैं. जैसा बीते दिनों देखने को मिला. पेट्रोल के दाम 15 रुपए तक बढ़े और सिलेंडर के लिए मारामारी शुरू हो गई.
दूसरा असर: भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट
ट्रंप के इस ऐलान का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी तुरंत दिखा. सेंसेक्स 1,600 अंक से ज्यादा टूट गया, जबकि निफ्टी 2 फीसदी से ज्यादा लुढ़क गया. इस गिरावट की वजहें साफ थीं:

निवेशकों का भरोसा टूट गया, क्योंकि ईरान के साथ शांति की उम्मीदें खत्म हो गईं.
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल देखने को मिला.
रुपए पर दबाव यानी तेल महंगा होने से भारत को ज्यादा डॉलर खरीदने पड़ते हैं, जिससे रुपया कमजोर होता है.

सीनियर मार्केट एनालिस्ट तिलोकचंद गागलानी के मुताबिक, अगर होर्मुज स्ट्रेट बंद हुआ तो क्रूड 85-90 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि भारत पर इसका बहुत बड़ा असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि भारत ने अपनी सोर्सिंग में विविधता ला ली है और रणनीतिक भंडार बना लिए हैं.
तीसरा असर: महंगाई बढ़ने का खतरा
मई 2026 में जब ईरान युद्ध अपने चरम पर था, तब भारत में थोक महंगाई (WPI) फरवरी 2026 के 2.2% से बढ़कर 9.7% हो गई थी. इसका मतलब है कि थोक में चीजें 9.7 फीसदी महंगी हो गई थीं, जो आम आदमी के लिए बड़ा झटका था.
अब जब ट्रंप ने फिर से तनाव बढ़ा दिया है, तो एक्सपर्ट्स को डर है कि अगर यह स्थिति लंबी चली, तो भारत की क्रूड इंपोर्ट बास्केट 75 डॉलर प्रति बैरल के पार जा सकती है. इससे आयात बिल बढ़ेगा, महंगाई बढ़ेगी, करंट अकाउंट डेफिसिट बिगड़ेगा और कंपनियों के मुनाफे पर दबाव पड़ेगा. हालांकि, भारत की डायवर्सिफाइड सोर्सिंग इन झटकों को कुछ हद तक कम कर सकती है.
चौथा असर: रुपए पर दबाव बढ़ना
जब कच्चा तेल महंगा होता है, तो भारत को उसे खरीदने के लिए ज्यादा डॉलर की जरूरत पड़ती है. इससे डॉलर की मांग बढ़ जाती है और रुपया कमजोर हो जाता है. कमजोर रुपए का मतलब है कि विदेश से आने वाली हर चीज मोबाइल फोन से लेकर मशीनरी तक महंगी हो जाती है. साथ ही, विदेश में पढ़ने वाले छात्रों और विदेश यात्रा पर जाने वालों की जेब भी ढीली हो जाती है.
पांचवां असर: पेट्रोल-डीजल-CNG की कीमतें कब और कितनी बढ़ेंगी?
यह सबसे बड़ा सवाल है, जो हर आम आदमी के मन में है...
एक्सपर्ट्स का कहना है कि कीमतें तो बढ़ेंगी, लेकिन फौरन नहीं. मई 2026 में जब ईरान युद्ध शुरू हुआ था, तब सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल 3 रुपए प्रति लीटर और CNG 2 रुपए प्रति किलो महंगा किया था. उस समय CNG दिल्ली में 79.09 रुपए प्रति किलो, नोएडा में 80.70 रुपए, गुरुग्राम में 84.12 रुपए और अजमेर में 88.44 रुपए हो गई थी. मुंबई में CNG 84 रुपए प्रति किलो हो गई थी.
अभी एक या दो हमले से तुरंत कीमतें नहीं बढ़ेंगी, लेकिन अगर तनाव लंबा चला, होर्मुज से शिपिंग बंद हुई या ग्लोबल LNG की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहीं, तो भारत में भी तेल-गैस महंगा हो जाएगा.
विदेश मामलों के जानकार और JNU के प्रोफेसर डॉ. राजन कुमार कहते हैं कि भारत में तेल कीमतें इस बात पर निर्भर करेगा कि कच्चा तेल कितना महंगा होता है. अगर क्रूड 75-78 डॉलर पर बना रहा, तो 2-4 हफ्तों में कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है. अगर होर्मुज बंद हुआ और क्रूड 85-90 डॉलर पर पहुंचा, तो बढ़ोतरी और ज्यादा हो सकती है.
8 जुलाई 2026 की सुबह तक पेट्रोल-डीजल-CNG की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया था. लेकिन यह बात ध्यान देने वाली है कि तेल की कीमतें पहले ही 75 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच चुकी हैं. यह कुछ हफ्ते पहले तक बहुत कम थीं.
भारत ने इन हालातों से निपटने के लिए कितनी तैयारी कर ली?
यह जवाब दो हिस्सों में है- अच्छी खबर और चिंता वाली खबर.
अच्छी खबर: भारत ने जमकर तेल का स्टॉक किया
जून 2026 के अंत तक भारत के पास कुल 104 मिलियन बैरल कच्चे तेल का भंडार था, जो एक साल के उच्चतम स्तर पर है. इसमें रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार (SPR), कमर्शियल स्टॉक और रिफाइनरी स्टॉक सब शामिल हैं.
रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार की बात करें, तो भारत के पास 39 मिलियन बैरल कैपिसिटी है. यानी तीनों रणनीतिक भंडारों- विशाखापत्तनम, मैंगलुरु और पादुर में कुल 39 मिलियन बैरल तेल रखा जा सकता है. इन रणनीतिक भंडारों से भारत को करीब 9.5 दिनों के आयात की कवर मिलती है. यानी अगर किसी वजह से तेल की आपूर्ति ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 20:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Explained:, भारत, में, बढ़ने, वाले, हैं, पेट्रोल-गैस, के, दाम, NATO, में, ट्रंप, ने, ईरान, से, शांति, समझौता, तोड़ा, आपके, पास, कितनी, मोहलत</media:keywords>
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        <title>ममता बनर्जी की TMC के खिलाफ ED का बड़ा एक्शन, पांच ठिकानों पर छापेमारी, बैंक अकाउंट में 440 करोड़ रुपये फ्रीज</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/ममता-बनर्जी-की-tmc-के-खिलाफ-ed-का-बड़ा-एक्शन-पांच-ठिकानों-पर-छापेमारी-बैंक-अकाउंट-में-440-करोड़-रुपये-फ्रीज</link>
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        <description><![CDATA[ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार (7 जुलाई, 2026) को पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) से जुड़े कथित पैसों की लेन-देन के मामले में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. ईडी ने करीब 440 करोड़ रुपये वाले टीएमसी के एचडीएफसी बैंक के अकाउंट्स की जांच शुरू की और अकाउंट को फ्रीज कर दिया और इस संबंध में मंगलवार (7 जुलाई) को पांच अलग-अलग जगहों पर छापेमारी भी की गई.
इस मामले में विधानसभा चुनाव के बाद सामने आए विवादित बैंक खातों के जरिए कथित रूप से गलत वित्तीय लेन-देन, पैसे जुटाने और रकन को इधर-उधर भेजने का आरोप है. जिन पर पहले ही डेबिट फ्रीज लगाया जा चुका है और ईडी अब मनी लॉन्ड्रिंग और फंड के सोर्स की जांच कर रही है.
ईडी की जांच में क्या हुआ खुलासा?
जांच के दायरे में केयरवेल ग्रुप की कंपनियां हैं, जो एविएशन सेक्टर में काम करती हैं. ED के मुताबिक, अप्रैल 2023 से जून 2026 के बीच AITC के खातों से करीब 160 करोड़ रुपये केयरवेल एविएशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और उससे जुड़ी एक दूसरी कंपनी को भेजे गए. एजेंसी का दावा है कि इसके बाद केयरवेल एविएशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने 2023 से 2026 के बीच करीब 82.96 करोड़ रुपये अपनी ही एक नई कंपनी को भेज दिए.
छापेमारी के दौरान ED को पता चला कि इस रकम का बड़ा हिस्सा एक कंपनी के जरिए एम्ब्रेयर लेगेसी 600 विमान और अगस्ता 109 एसपी हेलीकॉप्टर खरीदने में लगाया गया. ED के मुताबिक, इन दोनों की खरीद पर करीब 112 करोड़ रुपये खर्च किए गए. जांच एजेंसी का यह भी दावा है कि हेलीकॉप्टर खरीदने में कुछ विदेशी फंड का भी इस्तेमाल हुआ, लेकिन ज्यादातर पैसा सीधे AITC के खातों से आया था. &amp;nbsp;
मामले पर ईडी ने क्या कहा?
ED के मुताबिक, विमान और हेलीकॉप्टर खरीदने के बाद इन्हें किराये पर AITC को ही दिया गया. इसके बदले विमान इस्तेमाल करने के नाम पर बड़ी रकम का भुगतान किया गया. ED का कहना है कि पहली नजर में पूरा लेन-देन संदिग्ध लगता है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इन पैसों का असली इस्तेमाल किस मकसद से किया गया.&amp;nbsp;

बंगाल में ईडी की कार्रवाई पर राजनीतिक बवाल 
हालांकि, इस मामले को लेकर पश्चिम बंगाल की राजनीति गरमा गई है. टीएमसी इसे बदले की कार्रवाई बता रही है, जबकि भाजपा इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करार दे रही है. सूत्रों के अनुसार, जिन स्थानों पर छापेमारी की गई है, उनमें एक निजी एविएशन कंपनी केयरवेल एविएशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का दफ्तर भी शामिल है. &amp;nbsp;
आरोप है कि यह कंपनी पहले टीएमसी के वरिष्ठ नेताओं, जिनमें ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी का नाम भी लिया जा रहा है, को चार्टर्ड विमान उपलब्ध कराती थी. जांच एजेंसी अब इन वित्तीय लेनदेन और फंड के स्रोतों की पड़ताल कर रही है. &amp;nbsp;
मामला अब अदालत तक पहुंच चुका है. ममता बनर्जी गुट ने खातों पर लगी रोक को कोलकाता हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन अदालत ने तत्काल राहत देने से इनकार कर दिया. इसके बाद ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू से जांच तेज कर दी है. एजेंसी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि खातों में जमा यह भारी रकम कहां से आई और उसका इस्तेमाल किन उद्देश्यों के लिए किया गया. मामले की जांच जारी है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 20:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>ममता, बनर्जी, की, TMC, के, खिलाफ, का, बड़ा, एक्शन, पांच, ठिकानों, पर, छापेमारी, बैंक, अकाउंट, में, 440, करोड़, रुपये, फ्रीज</media:keywords>
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        <title>खत्म नहीं हो रहे विजय थलापति की राह में बिछे कांटे, अब हाई कोर्ट से लगा बड़ा झटका! क्या जाएगी CM की कुर्सी?</title>
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        <description><![CDATA[ तमिलनाडु में सबसे बड़ी पार्टी बनकर टीवीके प्रमुख विजय थलापति सरकार बनाने में भले कामयाब हो चुके हों, लेकिन अभी भी उनकी मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं. &amp;nbsp;मद्रास हाई कोर्ट ने मंगलवार (7 जुलाई) को तमिलनाडु सीएम विजय को नोटिस जारी करने का आदेश दिया है. यह आदेश पेरंबूर विधानसभा क्षेत्र से 2026 के विधानसभा चुनाव में हारे हुए डीएमके उम्मीदवार आर. डी. शेखर की ओर से दायर की गई चुनाव याचिका पर दिया गया.
जस्टिस वी. लक्ष्मीनारायणन ने मामले की अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद तय की है. डीएमके नेता शेखर ने कई आधार पर विजय के चुनाव जीतने को चुनौती दी है. इनमें चुनाव प्रचार के दौरान चुनाव आयोग के निर्देशों के विपरीत बच्चों का इस्तेमाल करने का आरोप भी शामिल है. उन्होंने विजय की ओर से पेश किए गए चुनावी हलफनामे में भी कई गड़बड़ियों का जिक्र किया है.
यातिकाकर्ता के क्या आरोप?
याचिका में कहा गया है कि विजय के तिरुचिरापल्ली और पेरंबूर विधान सभा सीटों के एफिडेविट में दो अलग-अलग नोटरी के अलग-अलग वेरिफिकेशन दर्ज हैं, जिससे ऐसा मालूम होता है कि विजय एक ही दिन दोनों नोटरी के सामने उपस्थित हुए थे. याचिकाकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि विजय ने अपने आयकर बकाया का खुलासा नहीं किया और सोशल मीडिया प्रचार पर हुए खर्च की डिटेल भी चुनावी खर्च में शामिल नहीं किया.
ED Raid On TMC: TMC पर ED का बड़ा एक्शन! 150 करोड़ के संदिग्ध लेन-देन की जांच में कई ठिकानों पर छापेमारी
लिमिट से ज्यादा चुनावी खर्च करने का आरोप
इसके अलावा, निर्धारित सीमा से अधिक चुनावी खर्च करने और चर्च और मंदिर परिसर में प्रचार करने का भी आरोप लगाया गया है, जिन्हें जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत भ्रष्ट आचरण माना जाता है. इन्हीं आधारों पर तिरुचिरापल्ली पूर्व विधानसभा क्षेत्र से चुनाव हारने वाले डीएमके उम्मीदवार इनिगो इरुधयराज ने भी टीवीके चीफ और मुख्यमंत्री विजय के निर्वाचन को हाई कोर्ट में चुनौती दी है.
पेरंबूर से विजय ने 53 हजार से ज्यादा वोटों से दर्ज की जीत
पेरंबूर विधानसभा क्षेत्र में विजय को 1 लाख 20 हजार 365 वोट मिले थे, जबकि आर. डी. शेखर को 66 हजार 650 वोट हासिल हुए. विजय ने 53715 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी. तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए 23 अप्रैल 2026 को मतदान हुआ था, जबकि चार मई को परिणाम घोषित किए गए थे.
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        <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 03:30:11 +0530</pubDate>
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        <title>खरीफ सीजन&amp; अल नीनो के असर को लेकर क्या तैयारी? PMO की हाईलेवल रिव्यू मीटिंग</title>
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        <description><![CDATA[ अल नीनों के प्रभाव और खरीफ सीजन को लेकर पीएमो में मंगलवार को हाई लेवल मीटिंग हुई. मीटिंग पीएम मोदी के प्रधान सचिव डॉ.पीके मिश्रा की अध्यक्षता में हुई. सेवा तीर्थ में हुई इस बैठक में कई मंत्रालयों और डिपार्टमेंट की तरफ से की गई तैयारियों की समीक्षा की गई.&amp;nbsp;
मीटिंग में खेती, बिजली, सहकारिता, पेयजल एवं स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, आर्थिक कार्य, पशुपालन, ग्रामीण विकास, पृथ्वी विज्ञान, कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD), सूचना एवं प्रसारण, उपभोक्ता मामले, वित्तीय सेवाएं, उर्वरक मंत्रालय तथा केंद्रीय जल आयोग सहित 15 से अधिक मंत्रालयों के सचिव और सीनियर अधिकारी मौजूद रहे.
मौसम विभाग ने मीटिंग में क्या जानकारी दी ?
मीटिंग की शुरुआत में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने जून और 7 जुलाई तक की वर्षा की स्थिति की जानकारी दी. मौसम विभाग के महानिदेशक ने बताया कि गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में मानसून लगभग 10 दिन की देरी से पहुंचा, लेकिन 7 जुलाई तक हुई बारिश के बाद देशभर में वर्षा की कमी घटकर माइनस 12 प्रतिशत रह गई है. उन्होंने बताया कि जुलाई के पहले सप्ताह में सामान्य से बेहतर बारिश दर्ज की गई है.
&#039;मित्र आप ऐसा मत किया करिए...&#039;, अखिलेश यादव को ओम प्रकाश राजभर ने दे दी यह क्या सलाह?
IMD की मानें तो जुलाई और अगस्त के दौरान कमजोर से मध्यम स्तर का अल नीनो प्रभाव देखने को मिल सकता है. हालांकि यह भी स्पष्ट किया गया कि एल नीनो वाले हर साल में सामान्य से कम बारिश होना जरूरी नहीं है. स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है क्योंकि जुलाई में पूरे मानसून की 30 प्रतिशत से अधिक बारिश होती है.&amp;nbsp;
कृषि सचिव ने खरीफ फसलों पर अल नीनो के संभावित प्रभाव से निपटने के लिए की गई तैयारियों की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि राज्यों के साथ क्रॉप वेदर वॉच ग्रुप की साप्ताहिक बैठकें आयोजित की जा रही हैं, जिनमें वर्षा, जलाशयों का जलस्तर, बुआई, कृषि इनपुट, बाजार की स्थिति तथा कीट एवं रोगों की निगरानी की जा रही है.
उन्होंने बताया कि देश के 262 संवेदनशील जिलों के लिए जिला कृषि आकस्मिक योजना को अपडेट किया गया है. भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने कृषि विज्ञान केंद्रों के लिए &#039;भारतीय कृषि में एल नीनो जोखिम प्रबंधन&#039; संबंधी मानक संचालन प्रक्रिया भी जारी की है.&amp;nbsp;
मीटिंग में बताया गया कि जलवायु अनुकूल फसल किस्मों और नई तकनीकों की बदौलत कम वर्षा के बावजूद पिछले वर्षों में खाद्यान्न उत्पादन स्थिर बना हुआ है.
&amp;nbsp;किसानों को इन योजनाओं से जोड़ने को कहा गया
मीटिंग में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और किसान क्रेडिट कार्ड के दायरे को संवेदनशील राज्यों में तेजी से बढ़ाने के निर्देश दिए गए. इसके अलावा कृषि, वित्तीय सेवाएं और सहकारिता विभागों को समयबद्ध तरीके से अधिकतम किसानों को इन योजनाओं से जोड़ने को कहा गया. पशुपालन एवं डेयरी विभाग को सूखे चारे, हरे चारे और पशु आहार की उपलब्धता का राज्य और जिला स्तर पर आकलन करने के निर्देश दिए गए।पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने बताया कि संवेदनशील जिलों में स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है.&amp;nbsp;
विभाग को जिला स्तर पर सूक्ष्म योजना और निगरानी मजबूत करने के निर्देश दिए गए. जल संसाधन विभाग ने भूजल और जलाशयों की स्थिति की जानकारी दी. फिलहाल स्थिति सामान्य बताई गई, लेकिन पूरे मानसून के दौरान लगातार निगरानी रखने पर जोर दिया गया. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने बताया कि हीटवेव, अधिक आर्द्रता और डेंगू के संभावित प्रकोप को लेकर एडवाइजरी जारी की गई है. निर्देश दिए गए कि सभी अलर्ट और सलाह जिला एवं स्थानीय स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाई जाए.
इस मुस्लिम देश के राष्ट्रपति हैं PM मोदी के फैन, भरे मंच से की जमकर तारीफ, बोले- &#039;वो ऐसे नेता जिनकी...&#039; ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 03:30:10 +0530</pubDate>
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        <title>हॉर्मुज के पास हुए ड्रोन हमले पर आया बड़ा अपडेट! गुजरात जा रहे LNG जहाज में सवार थे चार भारतीय</title>
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        <description><![CDATA[ Hormuz LNG Vessel Attack: सोमवार को हॉर्मुज में कतर के पास हुए एलएनजी कैरियर पर संदिग्ध ड्रोन हमले से जुड़ा बड़ा अपडेट सामने आया है. इस जहाज में चार भारतीय क्रू मेंबर सवार थे. यह जहाज गुजरात के दहेज जा रहा था. न्यूज एजेंसी ANI ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है. अधिकारियों की मानें तो सभी नागरिक सुरक्षित हैं.
न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, LNG अल रेकय्यात नाम के इस जहाज पर हॉर्मुज में ओमान की खाड़ी के पास हमला हुआ. RSPL ने DGCOMM को इससे जुड़ी जानकारी साझा की है. फिलहाल जो जानकारी सामने आई है, उससे जहाज को काफी नुकसान पहुंचा है.
जहाज में कितने लोग थे सवार? हमले से इंजन रूम में लगी थी आग
इस जहाज में 29 लोग सवार थे. इनमें चार भारतीय नागरिक शामिल थे. फिलहाल सभी सुरक्षित हैं. इसे पहले खबर आई थी कि हमले के बाद जहाज के इंजन रूम में आग लग गई थी. इससे धुआं निकला. हमले के दौरान सभी 29 लोग सवार थे.&amp;nbsp;

The targeting of the Qatari vessel &quot;Al-Rekayyat&quot; while transiting near the Strait of Hormuz constitutes an unacceptable attack on the security &amp;amp; safety of international maritime navigation, the security of global energy supplies, &amp;amp; a grave &amp;amp; explicit violation of international&amp;hellip;
&amp;mdash; د. ماجد محمد الأنصاري Dr. Majed Al Ansari (@majedalansari) July 7, 2026



चीन के &#039;दुश्मन&#039; को भारत देगा &#039;अस्त्र&#039;, PM मोदी ने इंडोनेशिया के साथ किए 20 करार
कतर ने ईरान पर लगाया हमले का आरोप, जानें क्या कहा है?&amp;nbsp;घटना ऐसे वक्त हुई है, जब ईरान अपने सुप्रीम नेता अयातुल्लाह खामेनेई को अंतिम विदाई दे रहा है. हॉर्मुज वैश्विक स्तर पर एक अहम ग्लोबल रूट है. इस पूरे मामले में कतर की तरफ से ईरान को इन हमलों को दोषी ठहराया है. कतर की तरफ से मैरिटाइम नेविगेशन सिक्योरिटी को लेकर सवाल उठाया गया है. साथ ही इस हमले को इंटरनेशनल कानून का उल्लंघन बताया है.&amp;nbsp;
ईरान से कतर ने की हमले रोकने की अपील
कतर की तरफ से बयान जारी किया गया है कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान तुरंत इस तरह के गतिविधियों को बंद करे. यह इलाके की सुरक्षा को कमजोर करती है. इंटरनेशनल मैरिटाइम नेविगेशन की सुरक्षा के लिए खतरा है. कतर के जहाज पर हुए इस हमले से एक बार फिर मिडिल ईस्ट में हालात बिगड़ने का खतरा बढ़ गया है.&amp;nbsp;
इधर ट्रंप ने दी ईरान को धमकी, उधर होर्मुज में बरसने लगी मिसाइलें, 24 घंटे में 3 जहाज पर अटैक ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 03:30:09 +0530</pubDate>
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        <title>Telangana ACB Raid: 200 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति मामले में DSP भीम रेड्डी गिरफ्तार, मेडिकल टेस्ट के बाद रिमांड की कार्रवाई</title>
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        <description><![CDATA[ कई दिनों की कार्रवाही और अवैध संपत्ति की जानकारी जुटाने के बाद तेलंगाना एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) ने DSP भीम रेड्डी को आय से अधिक संपत्ति के मामले में गिरफ़्तार किया है. जांच में उनसे जुड़ी 200 करोड़ रुपये से ज़्यादा की संपत्ति का पता चला था. यह गिरफ़्तारी अधिकारी से जुड़ी संपत्तियों, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य एसेट्स की तलाशी और जांच के बाद हुई है. हिरासत में लिए जाने के बाद, भीम रेड्डी का हैदराबाद के उस्मानिया जनरल हॉस्पिटल में मेडिकल टेस्ट कराया गया और फिर उन्हें आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए सुरक्षा के बीच ले जाया गया.
इस मामले ने काफ़ी ध्यान खींचा है क्योंकि ACB ने पहले DSP को तुरंत गिरफ़्तार करने के बजाय नोटिस जारी किया था, जब उन्होंने स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं का हवाला दिया था. उन्हें हिरासत में लेने में हुई देरी से आलोचना हुई थी और जांच की रफ़्तार पर सवाल उठे थे. हालाँकि, अधिकारियों ने आय के ज्ञात स्रोतों से ज़्यादा संपत्ति जमा करने के आरोपों की जांच जारी रखी और जांच के हिस्से के तौर पर ज़रूरी सबूत इकट्ठा करने के बाद गिरफ़्तारी की कार्रवाई की.

यह भी पढ़ें :&amp;nbsp;राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर बोले अशोक गहलोत- ट्रस्ट को भंग कर देना चाहिए, अभी भी वक्त है....&#039;
रिमांड की तैयारीमेडिकल टेस्ट के बाद, ACB अधिकारियों ने रिमांड की कार्रवाई के लिए भीम रेड्डी को न्यायिक अधिकारी के सामने पेश करने की प्रक्रिया शुरू की. जांचकर्ता मामले से जुड़े वित्तीय लेन-देन, संपत्ति के रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेज़ों की जांच जारी रखे हुए हैं ताकि कथित संपत्ति की पूरी सीमा का पता लगाया जा सके. यह गिरफ़्तारी राज्य की हाई-प्रोफ़ाइल भ्रष्टाचार जांचों में से एक में एक बड़ा घटनाक्रम है, और जैसे-जैसे मामला न्यायिक प्रक्रिया से आगे बढ़ेगा, और कानूनी व जांच संबंधी कार्रवाई की उम्मीद है.
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        <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 03:30:07 +0530</pubDate>
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        <title>Kerala Actress Ansiba Hassan Case: &amp;apos;जबरन माफीनामा लिखवाया&amp;apos; अंसीबा हसन का दावा, अदालती आदेश के बाद लक्ष्मी प्रिया और पुलिस अधिकारी पर मामला दर्ज</title>
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        <description><![CDATA[ अभिनेत्री अंसीबा हसन को त्रिपुनिथुरा महिला प्रकोष्ठ में गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में रखने और परेशान करने के आरोप में मलयालम अभिनेत्री लक्ष्मी प्रिया, उनके पति जयेश और एक महिला पुलिस अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी.
त्रिपुनिथुरा न्यायिक मजिस्ट्रेट पी. एम. अमीनाकुट्टी के निर्देश पर हिल पैलेस पुलिस ने सोमवार (6 जुलाई ) को प्राथमिकी दर्ज की. अदालत ने शनिवार को पुलिस को लक्ष्मी प्रिया, जयेश और महिला प्रकोष्ठ में तैनात उप निरीक्षक रेश्मा के खिलाफ मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था.

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व्हाट्सऐप विवाद की शुरुआत
यह मामला उस घटना से जुड़ा है, जिसमें लक्ष्मी प्रिया की शिकायत के बाद हसन को हिल पैलेस थाना स्थित महिला प्रकोष्ठ में तलब किया गया था. लक्ष्मी प्रिया ने आरोप लगाया था कि उन्हें हसन की ओर से एक व्हाट्सऐप संदेश मिला, जिससे उनके पारिवारिक जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा.
हिरासत में प्रताड़ना का आरोप
अदालत में दायर अपनी शिकायत में हसन ने आरोप लगाया कि उन्हें महिला प्रकोष्ठ में लगभग तीन घंटे तक रोककर रखा गया, मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और जबरन माफीनामा लिखवाकर उस पर हस्ताक्षर कराने के बाद छोड़ा गया. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बाद में उनकी जानकारी के बिना उस माफीनामे में बदलाव कर दिया गया.
अदालत पहुंचा मामला
हसन ने सबसे पहले इस मामले की शिकायत थ्रिक्काकरा के सहायक पुलिस आयुक्त से की थी, लेकिन प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज नहीं की. इसके बाद उन्होंने मामला दर्ज करने के निर्देश का अनुरोध करते हुए मजिस्ट्रेट अदालत का रुख किया.
जांच और कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि प्राथमिकी भारतीय न्याय संहिता और केरल पुलिस अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई है. अधिकारियों के अनुसार, जांच के तहत आरोपियों को पूछताछ के लिए तलब किया जाएगा.
टिनी टॉम पर मामला
हाल में मलयालम अभिनेता टिनी टॉम के खिलाफ भी अदालत के निर्देश पर मामला दर्ज किया गया था. उन पर हसन के खिलाफ सांप्रदायिक टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया है. हालांकि, टिनी टॉम ने इन आरोपों से इनकार किया है.
यह भी पढ़ें :&amp;nbsp;BJP के साथ आएंगे शरद पवार? दो बड़े नेताओं के बीच हुई बैठक ने बढ़ाया सियासी पारा, क्या हुई बात? ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 03:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Kerala, Actress, Ansiba, Hassan, Case:, जबरन, माफीनामा, लिखवाया, अंसीबा, हसन, का, दावा, अदालती, आदेश, के, बाद, लक्ष्मी, प्रिया, और, पुलिस, अधिकारी, पर, मामला, दर्ज</media:keywords>
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        <title>भारतीय सेना की सबसे घातक यूनिट IBG कहां की गई है तैनात? देश के पहले CDS का सपना पूरा</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/भारतीय-सेना-की-सबसे-घातक-यूनिट-ibg-कहां-की-गई-है-तैनात-देश-के-पहले-cds-का-सपना-पूरा</link>
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        <description><![CDATA[ सिक्किम से सटे चीन बॉर्डर पर डोकलाम विवाद के बाद तत्कालीन थलसेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने सेना की रणनीति में बदलाव की कोशिश की थी. 2017 में चीन की पीएलए ने सिक्किम से सटे डोकलाम में घुसपैठ की कोशिश की थी, लेकिन भारतीय सेना ने 72 दिनों तक चीनी सेना को डोकलाम में बांध कर रखा था. इसी विवाद के बाद 2019 में भारतीय सेना ने आईबीजी बनाने की तैयारी शुरू की.
आईबीजी- सेना के एक ब्रिगेड से थोड़ी बड़ी फॉर्मेशन है, जिसमें इंफैन्ट्री के साथ-साथ टैंक, आर्टिलरी, आर्मी एविएशन (अटैक हेलीकॉप्टर) भी शामिल होते हैं और एयर-डिफेंस भी शामिल हैं. जैसे कि किसी डिवीजन में होती हैं. जनरल रावत आईबीजी इसलिए बनाना चाहते थे, क्योंकि शांति-काल में स्ट्राइक कोर सीमा से दूर तैनात रहती हैं. युद्ध के हालात में उन्हें बॉर्डर पर भेजने में लंबा समय लगता है. बता दें कि स्ट्राइक कोर, वो कोर होती हैं जो जंग में दुश्मन की सीमा में घुसकर हमला करती हैं, जबकि दूसरी कोर का डिफेंसिव रोल होता है. वे सीमा पर हालात सामान्य बनाने का काम करती हैं.&amp;nbsp;

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बता दें कि आईबीजी अपने छोटे स्वरूप के चलते तेजी से बॉर्डर पर दुश्मन के खिलाफ लोहा लेने के लिए तैयार रहती है. जनरल रावत ने 2019 में पहली बार चीन के खिलाफ वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर आईबीजी ग्रुप को तैनात करने का मसौदा तैयार किया था लेकिन इसे 7 साल बाद अमली-जामा पहनाया जा सका है. इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप (IBG) को सेना ने सबसे नई स्ट्राइक कोर (माउंटेन स्ट्राइक कोर) जिसे ब्रह्मास्त्र के नाम से जाना जाता है, उसके अंतर्गत खड़ा किया है.
कहां है आईबीजी का हेडक्वार्टरआईबीजी का हेडक्वार्टर बंगाल के पानागढ़ में है और इसका एरिया ऑफ RESPONSIBILITY-AOR उत्तर-पूर्व से सटी पूरी चीन सीमा है. सेना ने शुरूआत में 5 आईबीजी को इस माउंटेन स्ट्राइक कोर के तहत तैयार किया है, क्योंकि सेना की ऑपरेशनल तैनाती क्लासीफाइड होती है, ऐसे में हम आपको आईबीजी की EXACT लोकेशन नहीं बता सकते हैं, लेकिन इतना बता सकते हैं कि ये सभी माउंटेन स्ट्राइक कोर ऑपरेशनल एरिया में तैनात की गई है.&amp;nbsp;
आईबीजी बनाने में 7 साल क्यों लगे&amp;nbsp;दरअसल सेना के मूलभूत ढांचे में बदलाव के लिए सरकार से परमिशन की जरूरत होती है क्योंकि इसके लिए नए अधिकारियों से लेकर फंड की भी जरूरत पड़ती है. ऐसे में ब्यूरोक्रेसी की तरफ से आईबीजी को बनाने में थोड़ा अड़ंगा जरूर लगाया गया था, लेकिन जब तत्कालीन सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने सार्वजनिक तौर से अपनी नाराजगी जाहिर की, तब जाकर सरकार ने री-स्ट्रक्चरिंग के लिए इजाजत दी. इस तरह&amp;nbsp;सेना ने जनरल रावत की मौत के बाद भी आईबीजी का प्लान जिंदा रखा और अब उसे चीन सीमा पर ट्रायल के तौर पर तैनात कर दिया है. माना जा रहा है कि चीन सीमा पर ट्रायल सफल रहने के बाद पाकिस्तान सीमा पर भी ऐसी आईबीजी तैनात की जाएंगी.&amp;nbsp;
जनरल रावत का सपना हुआ पूरायहां पर ये भी बताना जरूरी है कि पूर्व सीडीएस जनरल रावत जब सेना प्रमुख थे यानी 2016 से 2019 तक, उस दौरान कई दशक बाद भारतीय सेना ने सीमा पर चीन की सेना की &amp;lsquo;सलामी-स्लाइसिंग&amp;rsquo; पर रोक लगाई थी. 2020 में जब जनरल रावत सीडीएस के पद पर थे, तब गलवान घाटी की झड़प के दौरान भी भारतीय सेना ने चीनी सेना को घेर लिया था. उसके बाद से चीनी सेना ने 3488 किलोमीटर लंबी एलएसी, लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर घुसपैठ की कोशिश नहीं की.&amp;nbsp;
बता दें कि गलवान घाटी की झड़प में भी भारत को अपनी पूरी एक स्ट्राइक कोर को एलएसी पर तैनात करना पड़ा था. दिसंबर 2021 में जनरल रावत हेलीकॉप्टर क्रैश में शहीद हो गए. उस वक्त वो चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) के पद पर थे लेकिन जनरल रावत की मौत के बाद भी सेना ने आईबीजी प्लान को जिंदा रखा और हाल में रिटायर हुए थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने आईबीजी का सपना साकार किया.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Tue, 07 Jul 2026 15:30:16 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Telangana High Court : बुलडोजर से पहले हाई कोर्ट की एंट्री! ओवैसी परिवार के फातिमा इंस्टीट्यूशन को मिली बड़ी राहत</title>
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        <description><![CDATA[ तेलंगाना हाई कोर्ट ने सोमवार (6 जुलाई 2026) को ओवैसी परिवार की फातिमा एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन बिल्डिंग को न गिराने का स्टेटस को ऑर्डर जारी किया. इस बिल्डिंग पर आरोप है कि बंदलागुडा में सलकम चेरुवु FTL लिमिट के अंदर है. जस्टिस एनवी श्रवण कुमार की अगुवाई वाली बेंच ने ओवैसी एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन के मैनेजमेंट की तरफ से फाइल की गई एक पिटीशन पर यह मामला उठाया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि कांग्रेस सरकार उनकी बिल्डिंग को गिराने की कोशिश कर रही है. अगली सुनवाई 3 अगस्त तक के लिए टाल दी गई.
सुनवाई के दौरान, सरकार के वकील ने जवाब दिया और कोर्ट का ध्यान इस ओर दिलाया कि बिल्डिंग सलकम चेरुवु की FTL लिमिट के अंदर है और इसी मुद्दे पर एक दूसरी बेंच के सामने पहले से ही सुनवाई चल रही है. इसलिए यह तर्क दिया गया कि यह पिटीशन सुनवाई के लायक नहीं है, लेकिन बेंच ने इस बात को ध्यान में रखते हुए कि मैनेजमेंट ने बिल्डिंग को रेगुलराइज़ करने के लिए बिल्डिंग रेगुलराइज़ेशन स्कीम (BRS) के तहत अप्लाई किया था, ऑर्डर दिया कि आखिरी फैसला होने तक स्टेटस को बनाए रखा जाए.

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झील विवाद गहरायायह विवाद सलकम झील पर अतिक्रमण पर एक बड़ी सुनवाई का हिस्सा है, जो पिछले कुछ महीनों से हाई कोर्ट में चल रही है. कोर्ट ने बिल्डिंग परमिट और FTL तय करने जैसे मुद्दों पर सरकारी डिपार्टमेंट की तरफ से क्लैरिटी की कमी पर बार-बार अपनी नाराज़गी ज़ाहिर की है. बताया गया है कि इन इंस्टीट्यूशन में दस हज़ार से ज़्यादा स्टूडेंट पढ़ रहे हैं.&amp;nbsp;
3 अगस्त पर नजरमैनेजमेंट को नए स्टे ऑर्डर से कुछ समय के लिए राहत मिली है, लेकिन भविष्य इस बात पर निर्भर करता है कि 3 अगस्त को BRS एप्लीकेशन पर क्या फैसला आता है, साथ ही दूसरी बेंच के सामने पेंडिंग केस पर भी क्या फैसला आता है.
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        <pubDate>Tue, 07 Jul 2026 15:30:14 +0530</pubDate>
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        <title>Explained: महाराष्ट्र से कश्मीर तक तबाही! बादल फटे, पहाड़ टूटे और 13 मौतें, क्यों कुदरत के आगे धराशायी होती सरकारें?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/explained-महाराष्ट्र-से-कश्मीर-तक-तबाही-बादल-फटे-पहाड़-टूटे-और-13-मौतें-क्यों-कुदरत-के-आगे-धराशायी-होती-सरकारें</link>
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        <description><![CDATA[ मानसून ने इस बार जो रौद्र रूप दिखाया है, उसने एक बार फिर साबित कर दिया है कि कुदरत के आगे हमारी करोड़ों-अरबों की इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं कितनी बौनी हैं. पश्चिमी घाट की पहाड़ियां हो या हिमालय की वादियां, हर जगह पानी अपनी ताकत दिखा रहा है. इन हादसों की सबसे बड़ी त्रासदी सिर्फ मौतों का आंकड़ा नहीं है, बल्कि एक सवाल है जो हर साल गूंजता है- क्या हमने वाकई कुछ सीखा है और कैसे सरकारें फेल हो जाती हैं? आइए तबाही के सबसे बड़े केंद्र महाराष्ट्र से होते हुए पूरे देश की तस्वीर देखते हैं...
महाराष्ट्र: जब मिसिंग लिंक बना आफत का सबब
पिछले 3-4 दिनों में महाराष्ट्र में भारी बारिश से अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है. लेकिन जिस घटना ने सबको झकझोर कर रख दिया, वो है मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे पर हुआ भूस्खलन. ये वही एक्सप्रेस-वे है जिसे दो महीने पहले ही इंजीनियरिंग का चमत्कार बताया गया था. 6,695 करोड़ रुपए की लागत से बने &#039;मिसिंग लिंक&#039; प्रोजेक्ट का उद्घाटन मई 2026 में हुआ था. अब पहली ही बारिश में इसके सुरंग के पास का पिलर ढह गया.
सोमवार (6 जुलाई) तड़के करीब 100 टन मलबा सड़क पर आ गिरा, जिससे पूरा ट्रैफिक ठप हो गया. इसे साफ करने और यातायात बहाल करने में एजेंसियों को पूरे 18 घंटे लग गए. जिस सड़क को खंडाला घाट के खतरनाक मोड़ों से बचने और रोजाना डेढ़ लाख यात्रियों का आधा घंटा बचाने के लिए बनाया गया था, वो खुद ही एक बड़े खतरे में तब्दील हो गई.
राज्य के मंत्री शिवेंद्रराजे भोसले का कहना है कि यकीन करना मुश्किल है क्योंकि इतना बड़ा मलबा पहले कभी नहीं गिरा. लेकिन यह बयान उस सच्चाई को नहीं छुपा पाता जो पिछले कुछ हफ्तों से सामने आ रही है. जुलाई में ही इसी एक्सप्रेसवे के 13.3 किलोमीटर लंबे हिस्से पर गड्ढे उभर आए थे. अब भूस्खलन ने साफ कर दिया कि इस प्रोजेक्ट की नींव में ही कहीं कोई बड़ी चूक रह गई है.
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मिसिंग लिंक से मलबा हटाने में लगे 18 घंटे

मौत का सिलसिला: पुणे से मुंबई तक तबाही
अकेले पुणे में ही बारिश से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में चार लोगों की जान चली गई. विसापुर किले का एक हिस्सा तड़के भरभराकर गिर गया और मलबे के नीचे एक मकान दब गया, जिसमें एक ही परिवार के तीन लोग नंदू टिकोने, माउली टिकोने और अनौता नंदू टिकोने की दर्दनाक मौत हो गई.
पिंपरी चिंचवाड़ के निगडी इलाके में दीवार गिरने से एक मजदूर की जान चली गई और आठ लोग घायल हो गए. यह तस्वीर बताती है कि खतरा सिर्फ पहाड़ों से नहीं, बल्कि हमारे आसपास की कमजोर हो चुकी संरचनाओं से भी है. खेड़ तहसील में तो पानी का बहाव इतना तेज था कि मोटरसाइकिल सवार दो लोग बह गए, जिनका अब तक कुछ पता नहीं चल पाया है.
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पुणे में सड़कें जलमग्न हैं

ठप्प पड़ा मुंबई: जब लाइफलाइन बनी मौत का जाल
मुंबई में पिछले चार दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने शहर को पूरी तरह ठप कर दिया है. हालात इतने खराब हुए कि विधानसभा की कार्यवाही तक स्थगित करनी पड़ी. स्कूल, कॉलेज और सरकारी दफ्तर दो दिनों के लिए बंद कर दिए गए हैं. लेकिन असली कहानी उन लाखों यात्रियों की है जो मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेन और राजमार्गों पर फंसे रहे.
लोनावला के पास दो जगह भूस्खलन से रेलवे ट्रैक पर मलबा भर गया, जिससे मुंबई-पुणे के बीच सभी रेल सेवाएं निलंबित करनी पड़ीं. यही हाल मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर का रहा, जहां जलभराव के चलते पश्चिमी रेलवे की 40 से ज्यादा ट्रेनें प्रभावित हुईं और 10 ट्रेनों को रद्द करना पड़ा. सफर करने का कोई भी जरिया सुरक्षित नहीं बचा. शहर के निचले इलाकों में तो कई फुट पानी भर गया. पुणे के घोरवाड़ी रेलवे स्टेशन के पास एक निजी बस पानी में फंस गई, जिसमें से NDRF की टीम ने बड़ी मुश्किल से 37 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला.
आने वाले दिनों के डर को देखते हुए पूरे महाराष्ट्र में NDRF की 17 टीमें तैनात कर दी गई हैं. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नासिक और त्र्यंबकेश्वर में बादल फटने की आशंका जताई है, जहां 300 मिमी तक बारिश का अनुमान है. इस अलर्ट ने 2027 में होने वाले सिंहस्थ कुंभ की तैयारियों पर भी संकट खड़ा कर दिया है.
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मौसम विभाग ने मुंबई में बाढ़ का अलर्ट जारी किया है

जम्मू-कश्मीर: चिनाब घाटी में बाढ़ का कहर
महाराष्ट्र से निकलकर नजर डालें तो हिमालय की वादियों में भी मानसून ने जमकर तबाही मचाई है. जम्मू-कश्मीर की चिनाब घाटी में अचानक आई बाढ़ ने डोडा और किश्तवाड़ जिलों में भारी नुकसान पहुंचाया है. डोडा-किश्तवाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुए भूस्खलन ने ट्रक, डोजर और कई गाड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे यहां का संपर्क पूरी तरह कट गया. प्रशासन को मचैल माता यात्रा को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा.
सबसे बड़ा झटका किश्तवाड़ की 540 मेगावाट की क्वार पनबिजली परियोजना को लगा है. यहां एक बड़ा भूस्खलन हुआ जिसने परियोजना के बुनियादी ढांचे को बुरी तरह बर्बाद कर दिया. मलबे में कई गाड़ियां और मशीनें दब गईं, जिन्हें निकालने के लिए जेसीबी और भारी मशीनों से काम चल रहा है.
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मलबे में फंसे ट्रक-डंपर

हिमाचल में बादल फटा, तो वहीं ओडिशा डूबा
हिमाचल प्रदेश में भी हालात बेहद गंभीर हैं. शिमला के रामपुर उपमंडल की नरैण पंचायत में रविवार रात बादल फटने से बारांदली खड्ड में अचानक इतनी भीषण बाढ़ आई कि एक पैदल पुल और श्मशान घाट बह गया. खेल का मैदान मलबे से पट गया. चंबा में पहाड़ से पत्थर गिरने से एक किशोरी की दर्दनाक मौत हो गई और पंगोला नाला के उफान ने चंबा-तिस्सा मार्ग को ठप कर दिया.
कुल्लू में लारजी-सैंज मार्ग और पार्वती पावर स्टेशन के जलाशय का उफनना खतरे की घंटी बजा रहा है. मौसम विभाग ने कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला और सोलन के लिए अगले 2-3 दिनों तक भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया हुआ है.
इसके अलावा, ओडिशा में भी भारी बारिश ने कई शहरों को जलमग्न कर दिया है और पूरे राज्य में अलर्ट जारी है. हैरानी की बात ये ह ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 07 Jul 2026 15:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>&amp;apos;चीनी सेना 60 किमी भारत में घुस आई&amp;apos;? क्या है सच्चाई जानिए, सरकार का आ गया जवाब</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/चीनी-सेना-60-किमी-भारत-में-घुस-आई-क्या-है-सच्चाई-जानिए-सरकार-का-आ-गया-जवाब</link>
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        <description><![CDATA[ खबर आई कि चीनी सेना भारत की सीमा के भीतर 60 किलोमीटर तक घुस आई है. अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सुबांसरी जिले के तक्सिंग क्षेत्र में चीनी सेना 60 किलोमीटर अंदर घुसने और नए कैंप बनाने की खबरें सामने आई थीं. दावा इतना गंभीर है कि स्वाभाविक तौर पर लोगों के बीच चिंता और सवाल पैदा हो रहे हैं, लेकिन क्या वास्तव में ऐसा हुआ है? सरकार ने इस दावे पर स्थिति साफ कर दी है.
PIB Fact check ने इस वायरल दावे को पूरी तरह फर्जी बताया है. PIB Fact Check के मुताबिक, सोशल मीडिया पर साझा किए जा रहे वीडियो का भारत-चीन सीमा से कोई संबंध नहीं है. यानी जिस वीडियो को सीमा पर चीनी सेना की घुसपैठ बताकर फैलाया जा रहा है, वह भ्रामक है और गलत दावे के साथ प्रसारित किया जा रहा है.
PIB Fact Check ने स्पष्ट शब्दों में कहा है, &quot;यह दावा फर्जी है. सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जा रहे वीडियो भारत-चीन सीमा के नहीं हैं और इनका इस दावे से कोई संबंध नहीं है.&quot;

भारत-चीन सीमा से जुड़ी खबरें हमेशा संवेदनशील मानी जाती हैं. ऐसे में किसी भी अपुष्ट वीडियो या संदेश के वायरल होने से भ्रम फैल सकता है. यही वजह है कि सरकार ने लोगों से अपील की है कि सीमा सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर केवल आधिकारिक और सत्यापित स्रोतों से मिली जानकारी पर ही भरोसा करें.
फर्जी दावों के साथ वायरल होने वाले वीडियो और पोस्ट अक्सर पुराने, दूसरे देशों के या किसी अलग घटना के होते हैं, जिन्हें नए संदर्भ में पेश कर दिया जाता है. इससे न केवल लोगों में भ्रम पैदा होता है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों पर गलत सूचना भी तेजी से फैलती है.

⚠️ Fake News Alert!????Several social media accounts are circulating videos falsely claiming that the Chinese Army has entered 60 km inside India. #PIBFactCheck: ❌ This claim is #Fake. ✅ The videos being circulated are unrelated and not from the India-China border. ????&amp;hellip; pic.twitter.com/w322GReo5D
&amp;mdash; PIB Fact Check (@PIBFactCheck) July 7, 2026



असली खबर क्या थी?
पिछले दिनों अरुणाचल प्रदेश से लगी भारत-तिब्बत सीमा पर चीन की ओर से नई सड़क बनाए जाने का खुलासा ताजा सैटेलाइट तस्वीरों में हुआ था. यह सड़क उस विवादित क्षेत्र में दो बस्तियों को जोड़ती है, जो 1959 से चीन के नियंत्रण में है और वर्तमान में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के पार स्थित है. नई सड़क 2021 में बसाए गए एक गांव को 2026 में विकसित की गई नई बस्ती से जोड़ती है. इन बस्तियों में हेलिपैड और सीमेंट प्लांट जैसी दोहरे उपयोग (डुअल-यूज) वाली सुविधाएं भी दिखाई देती हैं.
भारत सरकार ने हालिया चीनी घुसपैठ के दावों को खारिज किया है. केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और भारतीय सेना का कहना है कि इस क्षेत्र में सीमा का औपचारिक निर्धारण नहीं हुआ है, इसलिए दोनों देशों की LAC को लेकर अलग-अलग धारणा है. रिजिजू के मुताबिक, ऐसी स्थिति में दोनों पक्षों की गश्त कभी-कभी एक-दूसरे के दावे वाले क्षेत्रों तक पहुंच जाती है, जिसे &#039;ट्रांसग्रेशन&#039; कहा जाता है, न कि घुसपैठ.
विशेषज्ञों का मानना है कि सीमा पर चीन का तेजी से बढ़ता बुनियादी ढांचा भारत के लिए रणनीतिक चुनौती है. इसी के जवाब में भारत भी अरुणाचल प्रदेश में सड़क, सुरंग और अन्य सीमा अवसंरचना परियोजनाओं को तेज़ी से आगे बढ़ा रहा है.&amp;nbsp;
क्या कहता है PIB Fact Check?
कई बार सही खबर को भी अलग कॉन्टेक्स्ट में पेश कर दिया जाता है और फर्जी धारणाएं बना ली जाती है. अगर आपके सामने भी ऐसा कोई संदिग्ध वीडियो, फोटो या दावा आता है, तो उसे बिना जांचे-परखे आगे साझा करने से बचें. पहले उसके स्रोत की पुष्टि करें और देखें कि क्या किसी आधिकारिक एजेंसी ने उस पर जानकारी जारी की है. गलत जानकारी को आगे बढ़ाना अनजाने में अफवाहों को बढ़ावा दे सकता है.
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        <pubDate>Tue, 07 Jul 2026 15:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>चीनी, सेना, किमी, भारत, में, घुस, आई, क्या, है, सच्चाई, जानिए, सरकार, का, आ, गया, जवाब</media:keywords>
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        <title>India&amp;Indonesia Defence: जिसके डर से थर&amp;थर कांपता है पाकिस्तान, इंडोनेशिया को वही हथियार देने जा रहा भारत, हो गई बड़ी डील</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/india-indonesia-defence-जिसके-डर-से-थर-थर-कांपता-है-पाकिस्तान-इंडोनेशिया-को-वही-हथियार-देने-जा-रहा-भारत-हो-गई-बड़ी-डील</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/india-indonesia-defence-जिसके-डर-से-थर-थर-कांपता-है-पाकिस्तान-इंडोनेशिया-को-वही-हथियार-देने-जा-रहा-भारत-हो-गई-बड़ी-डील</guid>
        <description><![CDATA[ भारत ने इंडोनेशिया के साथ मंगलवार (7 जुलाई) को ब्रह्मोस मिसाइल को लेकर करार किया. इससे एक तरफ देश के दक्षिण पूर्व एशियाई देश के साथ संबंध मजबूत होंगे और दूसरी तरफ देश की घरेलू डिफेंस इंडस्ट्री को बढ़ावा मिलेगा. साथ ही, इंडोनेशिया भारत में बनी &#039;अस्त्र&#039; एयर-टू-एयर मिसाइलें भी खरीदने वाला है. डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) की ओर से विकसित &#039;अस्त्र&#039; एक &#039;बियॉन्ड-विजुअल-रेंज&#039; मिसाइल है, जिसे तेजी से दिशा बदलने वाले दुश्मन के विमानों को ट्रैक करके नष्ट करने के लिए बनाया गया है.
भारत के इंडोनेशिया को ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल की अतिरिक्त बैटरीज भी देने की संभावना है. ये समझौते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंडोनेशिया यात्रा के दौरान किए गए, जो उनके तीन देशों के दौरे का पहला चरण था. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, &#039;हमारे देशों के बीच बढ़ता भरोसा हमारे रक्षा, सुरक्षा और समुद्री सहयोग को मजबूत कर रहा है. आज, हमने रक्षा आदान-प्रदान, आपदा प्रबंधन और औद्योगिक सहयोग को बढ़ाने के लिए एक समझौते पर सहमति व्यक्त की है.&#039;

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ब्रह्मोस दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल
ब्रह्मोस दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों में से एक मानी जाती है. यह मिसाइल जमीन, समुद्र और कुछ मामलों में हवाई प्लेटफॉर्म से भी दागी जा सकती है. इसकी सटीक मारक क्षमता और तेज स्पीड के कारण कई देशों ने इसमें रुचि दिखाई है. यह घोषणा ऐसे समय में हुई है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंडोनेशिया के दौरे पर हैं. साल 2023 के बाद यह उनकी दक्षिण-पूर्व एशियाई देश की पहली यात्रा है. इस दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा, समुद्री सुरक्षा, व्यापार और रणनीतिक सहयोग जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हो रही है.
भारत और इंडोनेशिया के रक्षा संबंध&amp;nbsp;
ब्रह्मोस और एस्ट्रा मिसाइलों की सप्लाई से भारत और इंडोनेशिया के रक्षा संबंध और मजबूत होंगे. साथ ही यह भारत की डिफेंस प्रोडक्शन क्षमता और ग्लोबल डिफेंस मार्केट में उसकी बढ़ती मौजूदगी को भी दर्शाता है. भारत पिछले कुछ वर्षों में रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के साथ-साथ अपने रक्षा उत्पादों का एक्सपोर्ट भी बढ़ा रहा है. इंडोनेशिया के साथ यह संभावित समझौता उसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.
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        <pubDate>Tue, 07 Jul 2026 15:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>India-Indonesia, Defence:, जिसके, डर, से, थर-थर, कांपता, है, पाकिस्तान, इंडोनेशिया, को, वही, हथियार, देने, जा, रहा, भारत, हो, गई, बड़ी, डील</media:keywords>
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        <title>‘किसकी क्या भूमिका रही’, चंदा चोरी पर चंपत राय&amp;अनिल मिश्रा का इस्तीफा, जानें ट्रस्ट का पहला रिएक्शन</title>
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        <description><![CDATA[ श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे मंजूर कर लिया गया है. कृष्ण मोहन को चंपत राय की जगह अंतरिम महासचिव नियुक्त किया गया है. ट्र्स्ट ने कहा, &#039;फंड जुटाने के अभियान और कॉर्पस डोनेशन से मिली कुल ₹3,264 करोड़ की रकम में से ₹2,370 करोड़ का इस्तेमाल निर्माण और कैपिटल खर्च के लिए किया गया है. शुरुआत से लेकर 31 मार्च, 2026 तक कुल ₹582 करोड़ का चढ़ावा मिला, जिसमें से ₹391 करोड़ का इस्तेमाल ऑपरेशनल खर्चों के लिए किया गया. बाकी फंड बैंक खातों में मौजूद है.&#039;
चंपत राय-अनिल मिश्रा का इस्तीफा
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने बयान जारी कर कहा, &#039;SIT की शुरुआती रिपोर्ट के बाद, जनरल सेक्रेटरी चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने नैतिक आधार पर इस्तीफा दे दिया. ट्रस्ट ने निष्पक्ष जांच के लिए नैतिक आधार पर उन दोनों के इस्तीफे स्वीकार कर लिए हैं. ट्रस्ट ने श्री गोपाल नागरकट्टे को विशेष आमंत्रित सदस्यों की सूची से हटाने का भी फैसला किया है. ट्रस्ट का मानना ​​है कि कानूनी जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद सच सामने आएगा और तब तक किसी पर भी आरोप लगाना ठीक नहीं है.&#039;
भक्त अपनी भेंट के इस्तेमाल की जांच कैसे करें?
ट्रस्ट ने कहा, &#039;कैश के अलावा, कई भक्तों ने भगवान श्री राम लल्ला को वस्तु के रूप में भी भेंट दी है. ऐसी कुल 2,926 भेंट मिली हैं. इन सभी का पूरा विवरण मिलने की तारीख समेत एक रजिस्टर में दर्ज किया जाता है और इंटरनल ऑडिटर के तौर पर काम करने वाली एक स्वतंत्र चार्टर्ड अकाउंटेंसी फर्म हर साल इनकी फिजिकल वेरिफिकेशन करती है. जो भक्त अपनी भेंट के इस्तेमाल की जांच करना चाहते हैं या उनसे जुड़ी जानकारी पाना चाहते हैं, उनसे अनुरोध है कि वे ट्रस्ट के अधिकारी से अपॉइंटमेंट लेकर अयोध्या आएं.&#039;

A meeting of the Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra (Trust) was held today.Out of the total amount of ₹3,264 crore received through the fund contribution campaign and corpus donations, ₹2,370 crore has been utilised for construction and capital expenditure. From the&amp;hellip; pic.twitter.com/tRkZLYQ5Mi
&amp;mdash; ANI (@ANI) July 6, 2026



हिंदू आस्था को कमजोर करने की कोशिश: ट्रस्ट
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने कहा, &#039;ट्र्स्ट प्रबंधन की पद्धति और प्रणाली की कमजोरियों को दूर करने और सशक्त बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया है. एसआईटी से अपेक्षित अनुशंसाओं से अतिरिक्त विशेषज्ञों से भी संवतंत्र परामर्श लेने का सुझाव दिया है, जिससे मंदिर प्रबंधन की एक आदर्श, कुशल और पारदर्शी व्यवस्था स्थापित हो सके. कुछ लोग इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना को श्रीरामलला मंदिर, हिंदू समाज और हिंदू आस्था को कमजोर करने के अवसर के रूप में उपयोग करने का प्रयास कर रहे हैं. आधारहीन आरोप जनमानस के समक्ष प्रस्तुत किए जा रहे हैं. इसका उद्देश्य सच सामने लाना नहीं, बल्कि भ्रम फैलाना है.&#039;
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        <pubDate>Mon, 06 Jul 2026 23:30:17 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>NSUI Elections: पेपर लीक विवाद के बाद NSUI का मास्टर प्लान! देशभर में संगठनात्मक चुनाव की तैयारी, समझें पूरा प्लान</title>
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        <description><![CDATA[ पेपर लीक के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरने के बीच कांग्रेस ने अब देशभर के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में अपनी छात्र इकाई नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) को मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है. पार्टी ने हर सरकारी और निजी कॉलेज, विश्वविद्यालय और शैक्षणिक संस्थान तक पहुंचने का रोडमैप तैयार किया है. इसके तहत NSUI देशभर में संगठनात्मक चुनाव कराएगी.
इस बारे में जानकारी देते हुए NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने बताया कि संगठन का उद्देश्य छात्रों की भागीदारी बढ़ाना और लोकतांत्रिक तरीके से नेतृत्व का चयन करना है. उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालयों में बीजेपी और आरएसएस ने शिक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया है. इसी वजह से NSUI कैंपस स्तर पर चुनाव कराकर छात्रों को अपना प्रतिनिधि चुनने का मौका देगी.

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विनोद जाखड़ उम्मीदवार को लेकर क्या कहा?
विनोद जाखड़ ने कहा कि जो उम्मीदवार कॉलेज या विश्वविद्यालय स्तर का चुनाव जीतेगा, वही NSUI का आधिकारिक प्रतिनिधि बनेगा. आगे चलकर इन्हीं प्रतिनिधियों में से प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों का भी चयन किया जाएगा. उनका कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया का मकसद छात्रों के हितों की रक्षा करना और संगठन को नीचे से ऊपर तक लोकतांत्रिक तरीके से मजबूत करना है. NSUI ने संगठनात्मक चुनाव के लिए तीन मुख्य सिद्धांत तय किए हैं. पहला, चुनाव सभी छात्रों के लिए खुले होंगे. दूसरा, सदस्यता और चुनाव प्रक्रिया सभी के लिए आसान और सुलभ होगी. तीसरा, पूरी चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रखी जाएगी.
चुनाव कितने चरण में होंगे?
चुनाव दो चरणों में कराए जाएंगे. पहले चरण में सभी राज्यों में सदस्यता अभियान चलाया जाएगा. इसके बाद कॉलेज और विश्वविद्यालय अध्यक्षों का चुनाव होगा. दूसरे चरण में चुने गए कॉलेज और विश्वविद्यालय अध्यक्ष जिला अध्यक्ष, जिला समिति, प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश समिति का चुनाव करेंगे. सदस्य बनने के लिए कुछ शर्तें भी तय की गई हैं. आवेदक का भारतीय नागरिक होना जरूरी होगा. उसे भारत के संविधान में आस्था रखनी होगी और वह किसी मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थान का छात्र होना चाहिए. सदस्यता के लिए आयु सीमा 16 से 27 वर्ष निर्धारित की गई है.
&amp;nbsp;NSUI का सदस्यता शुल्क क्या है?
आवेदन के साथ कॉलेज का पहचान पत्र और आधार कार्ड जमा करना अनिवार्य होगा. NSUI ने सदस्यता शुल्क तीन साल के लिए 45 रुपये तय किया है. कांग्रेस का कहना है कि इस नई व्यवस्था के जरिए संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत किया जाएगा और छात्रों को सीधे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने का अवसर मिलेगा.
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        <pubDate>Mon, 06 Jul 2026 23:30:16 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>चांदी चोरी से सोने के रामचरितमानस के गायब होने तक…, चंपत के इस्तीफे के बाद VHP ने बताई पूरी सच्चाई</title>
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        <description><![CDATA[ अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े विवाद के बीच विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने ट्रस्ट की बैठक में लिए गए फैसलों और जांच को लेकर अपनी बात रखी है. VHP के राष्ट्रीय संयुक्त महासचिव सुरेंद्र जैन ने कहा कि वह बैठक में शामिल नहीं थे, लेकिन बैठक में मौजूद सदस्यों ने उन्हें पूरी जानकारी दी. सुरेंद्र जैन के मुताबिक, बैठक में सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए. उन्होंने बताया कि नियमित नियुक्ति होने तक श्री कृष्णमोहन कार्यवाहक के रूप में जिम्मेदारी संभालेंगे.
एक-एक सामान सुरक्षित: VHP
राम मंदिर में दान और चढ़ावे को लेकर उठे सवालों पर सुरेंद्र जैन ने कहा कि बैठक में यह पाया गया कि एक-एक सामान सुरक्षित है. उनका दावा है कि दान में मिली चांदी की सभी वस्तुओं को सरकारी नियमों के अनुसार पिघलाया गया और उन्हें सरकारी मिंट में सुरक्षित रखा गया है. उन्होंने कहा कि इसका पूरा रिकॉर्ड भी मौजूद है कि कितना सामान था.
उन्होंने कहा कि जैसे ही यह मामला ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के संज्ञान में आया, उन्होंने खुद विशेष जांच दल (SIT) बनाने की बात कही. सुरेंद्र जैन के अनुसार, जांच पर किसी तरह का संदेह न रहे इसलिए चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा नैतिक आधार पर स्वीकार किया गया. सुरेंद्र जैन ने लोगों से अपील की कि यदि किसी के पास इस मामले से जुड़े तथ्य या सबूत हैं तो उन्हें जांच एजेंसियों को उपलब्ध कराएं, ताकि निष्पक्ष जांच हो सके. उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे को लेकर समाज में विभाजन पैदा करने की कोशिश नहीं होनी चाहिए.
चंपत राय पर लगे सभी आरोप झूठे: VHP
उन्होंने कहा कि बैठक में एक सर्च कमेटी बनाने का भी फैसला किया गया है, जो नियमित रूप से जिम्मेदारी संभालने वाले व्यक्ति के चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी. चंपत राय पर लगे आरोपों का जवाब देते हुए सुरेंद्र जैन ने कहा कि उनके भतीजे को लेकर जो बातें कही जा रही हैं, वे गलत हैं. उन्होंने यह भी कहा कि चंपत राय का अपना कोई मकान नहीं है और उन पर बार-बार झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं.
महिपाल सिंह को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर भी उन्होंने सफाई दी. उनका कहना है कि महिपाल सिंह कभी लेखा प्रभारी के दायित्व में थे ही नहीं, जबकि अक्सर उन्हीं का नाम इस मामले में लिया जाता है. उन्होंने कहा कि सभी आरोपों की जांच चल रही है और जांच पूरी होने के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी.
किसी तरह की गड़बड़ी सामने नहीं आई: वीएचपी
मीडिया से अपील करते हुए सुरेंद्र जैन ने कहा कि जांच पूरी होने से पहले मीडिया ट्रायल नहीं होना चाहिए और बिना तथ्यों के कहानियां नहीं चलाई जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि राम मंदिर को मिले चंदे का नियमित ऑडिट होता है और ट्रस्ट के अनुसार ऑडिट में किसी तरह की गड़बड़ी सामने नहीं आई है. फिलहाल इस पूरे मामले की जांच जारी है. जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ होगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और क्या किसी स्तर पर कोई अनियमितता हुई है.
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        <pubDate>Mon, 06 Jul 2026 23:30:15 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>SIR पर असदुद्दीन ओवैसी ने BRS को लगाई लताड़, PRC पर भी घेरा, बोले&amp; &amp;apos;एक दशक तक सत्ता में रहने के बावजूद...&amp;apos;</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/sir-पर-असदुद्दीन-ओवैसी-ने-brs-को-लगाई-लताड़-prc-पर-भी-घेरा-बोले-एक-दशक-तक-सत्ता-में-रहने-के-बावजूद</link>
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        <description><![CDATA[ AIMIM अध्यक्ष और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने शनिवार को तेलंगाना सरकार से अपील की कि वह योग्य नागरिकों को स्थायी निवास प्रमाण पत्र (PRC) जारी करे और अंतिम मतदाता सूची जारी होने से पहले जरूरी कदम उठाए.
हैदराबाद में वकीलों के लिए आयोजित &#039;स्पेशल इंटेंसिव रिविजन&#039; (SIR) वर्कशॉप में बोलते हुए ओवैसी ने कहा कि सरकार को मतदाता वेरिफिकेशन प्रक्रिया के दौरान नागरिकों को होने वाली मुश्किलों का इंतजार नहीं करना चाहिए.
ओवैसी ने कर्नाटक का दिया उदाहरण
कर्नाटक का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि वहां की कांग्रेस सरकार PRC जारी करती है और सवाल किया कि तेलंगाना में ऐसी व्यवस्था क्यों लागू नहीं की जा सकती. सभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कई राज्यों के आंकड़ों का जिक्र किया और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के बीच डॉक्यूमेंट की कमी की ओर इशारा किया. उनके बताए आंकड़ों के अनुसार, लगभग 52 प्रतिशत गरीब नागरिकों के पास जन्म प्रमाण पत्र नहीं हैं, जबकि लगभग 42 प्रतिशत के पास जाति प्रमाण पत्र और निवास प्रमाण पत्र नहीं हैं.
SIR प्रक्रिया पर उठाए सवाल, BRS पर साधा निशाना
उन्होंने तर्क दिया कि दस्तावेजों की जरूरतें समाज के कमजोर वर्गों पर बहुत ज्यादा असर डाल सकती हैं और जरूरी रिकॉर्ड व पहचान से जुड़े दस्तावेज आसानी से उपलब्ध कराने की जरूरत पर जोर दिया. ओवैसी ने SIR प्रक्रिया पर BRS के रुख की भी आलोचना की और आरोप लगाया कि तेलंगाना में एक दशक तक सत्ता में रहने के बावजूद पार्टी इस मुद्दे पर चुप रही.
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क्या बोले ओवैसी?
उन्होंने दावा किया कि पिछली सरकार तेलंगाना में वोटर वेरिफिकेशन के लिए बताए गए बारह जरूरी दस्तावेजों में से तीन के उपलब्ध न होने के बारे में चुनाव आयोग के सामने अपनी बात रखने में नाकाम रही. ये टिप्पणियां मतदाता दस्तावेजों, मतदाता सूची में संशोधन और नागरिकों के लिए सरकारी रिकॉर्ड की उपलब्धता पर चल रही चर्चाओं के बीच आई हैं.
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&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 06 Jul 2026 23:30:14 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>SIR, पर, असदुद्दीन, ओवैसी, ने, BRS, को, लगाई, लताड़, PRC, पर, भी, घेरा, बोले-, एक, दशक, तक, सत्ता, में, रहने, के, बावजूद...</media:keywords>
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        <title>चंदा चोरी पर चंपत राय का इस्तीफा, जानें कांग्रेस की क्या है पहली प्रतिक्रिया</title>
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        <description><![CDATA[ राम मंदिर चंदा चोरी मामले में चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद देश में राजनीति गरमा गई है. कांग्रेस ने कहा कि चंपत राय और अनिल मिश्रा की इस्तीफे मंजूर&amp;zwnj; करके राम मंदिर ट्रस्ट ने पूरी तरह यह स्वीकार कर लिया है कि पिछले एक महीने से देश को हिला देने वाली &#039;चंदा चोरी&#039; की रिपोर्टें वाकई सत्य हैं. कांग्रेस के मीडिया प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा कि पूरे ट्रस्ट को भंग कर इस प्रकरण की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराई जानी चाहिए.
ट्रस्ट का कोई जिम्मेदारी से बच नहीं सकता: कांग्रेस
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा, &#039;भगवान राम के मंदिर को वर्षों से लूटने वाले लोगों को हटाया जाना स्वागतयोग्य कदम है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है. उन्होंने कहा कि यह घोषणा ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष की ओर से की गई, जबकि वित्तीय मामलों की निगरानी, पारदर्शिता सुनिश्चित करने और ट्रस्ट की संपत्तियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी उन्हीं की थी. उनका कहना है कि ट्रस्ट का कोई भी सदस्य अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकता, क्योंकि उनके कार्यकाल में ही यह पूरा मामला चलता रहा.
उन्होंने कहा, &#039;यह स्वागत योग्य खबर है कि प्रभु राम के पावन मंदिर से वे लोग हटाए जा रहे हैं जो वर्षों तक इसे लूटते रहे, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है. आरएसएस के पूर्वी उत्तर प्रदेश प्रभारी कृष्णमोहन को राम मंदिर ट्रस्ट का महासचिव नियुक्त कर दिया गया है, जबकि खुद उन पर इस घोटाले को दबाने में भूमिका के आरोप हैं. उन्हें बड़े दायित्व से पुरस्कृत करने के बजाय ट्रस्ट से बाहर का रास्ता दिखाया जाना चाहिए था.&#039;
सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो जांच: कांग्रेस
उन्होंने कहा, &#039;देश टुकड़ों-टुकड़ों में इस्तीफे नहीं चाहता. उसे ट्रस्ट को पूरी तरह भंग करके उसका पुनर्गठन चाहिए.&amp;zwnj; देश ट्रस्ट के हर सदस्य के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट-निगरानी में&amp;zwnj; एक स्वतंत्र जांच चाहता है. जवाबदेही सिर्फ ट्रस्ट पर समाप्त नहीं होनी चाहिए. नरेंद्र मोदी तक भी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए, जिन्होंने ट्रस्ट का गठन किया और उसके कई सदस्यों की नियुक्ति की.&#039;
पवन खेड़ा ने कहा, &#039;इसकी जिम्मेदारी योगी आदित्यनाथ सरकार तक होनी चाहिए, जिसने वर्षों तक इस लूट और डकैती को प्रभावी जांच के बिना चलते रहने दिया. उस आरएसएस-वीएचपी माफिया की भी जिम्मेदारी तय किए जाने की जरूरत है, जिसने दशकों से करोड़ों भारतीयों की कीमत पर खुद को मालामाल करने के लिए भगवान राम के नाम का दोहन किया है.&#039; ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 06 Jul 2026 23:30:13 +0530</pubDate>
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        <title>West Bengal: तोड़फोड़ की तो फिर...सिर्फ जेब नहीं, संपत्ति भी जाएगी! सुवेंदु अधिकारी ने किसे दिया सख्त मैसेज?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/west-bengal-तोड़फोड़-की-तो-फिरसिर्फ-जेब-नहीं-संपत्ति-भी-जाएगी-सुवेंदु-अधिकारी-ने-किसे-दिया-सख्त-मैसेज</link>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा है कि राज्य सरकार सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए बने एक नए सख्त कानून के तहत तोड़फोड़ से हुए नुकसान की भरपाई संपत्ति की कीमत से तीन गुना ज़्यादा रकम वसूलकर करेगी. मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि औद्योगिक इकाइयों को निशाना बनाने पर भारी आर्थिक जुर्माना लगाया जाएगा.
भवानीपुर में शनिवार शाम नागरिक समाज और व्यापारिक समुदाय के सदस्यों के साथ हुई एक बैठक में उन्होंने कहा कि सभी को विरोध करने का अधिकार है, लेकिन यह विरोध हिंसा या औद्योगिक प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचाने वाला नहीं होना चाहिए.

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संपत्ति नीलामी की चेतावनी
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर आरोपी नुकसान की भरपाई नहीं करते हैं, तो उनकी संपत्तियों की नीलामी करके भी वसूली की जाएगी. पश्चिम बंगाल विधानसभा ने 28 जून को कानून-व्यवस्था से जुड़े दो विधेयक पास किए, जिनका मकसद संगठित अपराध और सार्वजनिक अव्यवस्था से निपटने के लिए सरकार की शक्तियों को और बढ़ाना है. ये कानून हैं - &amp;lsquo;पश्चिम बंगाल जन सुरक्षा एवं असामाजिक गतिविधियों पर नियंत्रण अधिनियम 2026 और पश्चिम बंगाल जनव्यवस्था रखरखाव (संशोधन) अधिनियम 2026&amp;rsquo;.









दो नए सख्त कानून




मुख्यमंत्री शुभेंदु ने कहा, &amp;lsquo;अगर कोई जबरदस्ती किसी औद्योगिक इकाई को बंद करता है और उसमें तोड़फोड़ करता है तो उसे जेल होगी और नुकसान से तीन गुना अधिक जुर्माना भरना होगा. अगर नुकसान की गई संपत्ति की कीमत एक करोड़ रुपये है तो उन्हें तीन करोड़ रुपये देने होंगे.&amp;rsquo; उन्होंने कहा कि जुर्माने की राशि तय करते समय नुकसान का आकलन संबंधित प्राधिकरण करेगा और भुगतान नहीं होने की स्थिति में दोषियों की संपत्ति की नीलामी कर वसूली की जाएगी. सरकार का दावा है कि इस कदम से हिंसक विरोध और औद्योगिक प्रतिष्ठानों पर हमलों पर प्रभावी रोक लगेगी.





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        <pubDate>Mon, 06 Jul 2026 11:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>West, Bengal:, तोड़फोड़, की, तो, फिर...सिर्फ, जेब, नहीं, संपत्ति, भी, जाएगी, सुवेंदु, अधिकारी, ने, किसे, दिया, सख्त, मैसेज</media:keywords>
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        <title>Manipur Voter List 2026: मणिपुर की वोटर लिस्ट में बड़ा उलटफेर! पुरुषों से फिर आगे निकलीं महिलाएं, 1.58 लाख नाम हटने से मची हलचल</title>
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        <description><![CDATA[ मणिपुर की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में एक बार फिर पुरुषों के मुकाबले महिला वोटरों की संख्या ज्&amp;zwj;यादा है. यह लिस्ट रविवार को &#039;स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन&#039; (एसआईआर) पूरा होने के बाद जारी की गई थी. मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) अरुण कुमार सिन्हा ने ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के बाद बताया कि 1 जुलाई, 2026 को योग्यता की तारीख मानते हुए, मणिपुर में कुल 19,34,399 रजिस्टर्ड वोटर हैं. इनमें 9,93,660 महिलाएं, 9,40,446 पुरुष और 293 थर्ड-जेंडर वोटर शामिल हैं.
सीईओ ने कहा कि ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में लिंगानुपात 1,057 है, जो राष्ट्रीय औसत से काफी अधिक है. 18-19 आयु वर्ग में 20,442 नए वोटर जोड़े गए हैं. सिन्हा ने बताया कि रिवीजन के बाद अलग-अलग कारणों से कुल 1,58,677 वोटरों (7.58 प्रतिशत) के नाम हटाए गए. इनमें 43,000 मृत (2.05 प्रतिशत), 34,740 ऐसे वोटर जिनका पता नहीं चला या जो अनुपस्थित थे (1.66 प्रतिशत), 72,473 स्थायी रूप से कहीं और चले गए वोटर (3.46 प्रतिशत) और अन्य कारण शामिल हैं.

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दावे-आपत्तियों का दौर85 नए पोलिंग स्टेशन बनने के बाद राज्य में इनकी कुल संख्या 3,041 हो गई है. दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया और वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद 6 सितंबर को फाइनल वोटर लिस्ट जारी होगी. सीईओ ने कहा कि 5 जुलाई से 4 अगस्त तक चलने वाली इस अवधि में कोई भी मतदाता या मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टी योग्य मतदाताओं को शामिल करने या अयोग्य नाम हटाने के लिए दावा या आपत्ति दर्ज करा सकती है. उन्होंने कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य 1 जुलाई, 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके सभी नए और छूटे पात्र मतदाताओं को शामिल करना है.
जांच प्रक्रिया शुरूकुल 60 ईआरओ और 84 एईआरओ तय समय में मिले दावों और आपत्तियों की जांच करेंगे. साथ ही, मतदाता अपनी व्यक्तिगत जानकारी में त्रुटियां सुधारने और वोटर लिस्ट में किसी गलत नाम पर आपत्ति दर्ज करा सकेंगे. सिन्हा ने कहा कि इस चरण का सफल समापन सभी 16 जिलों के जिला चुनाव अधिकारियों (डिप्टी मजिस्ट्रेट या कमिश्नर और कलेक्टर), 60 इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन अधिकारियों (ईआरओ), 84 असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन अधिकारियों (एईआरओ), 317 बीएलओ सुपरवाइजर और 2,956 पोलिंग स्टेशनों पर तैनात 2,956 बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के आपसी सहयोग और वॉलंटियर्स की मदद का नतीजा था.
अधिकारियों की भूमिकासीईओ ने बताया कि सभी 10 मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के फील्ड प्रतिनिधियों (जिनमें उनके जिला अध्यक्ष भी शामिल थे) ने भी इस प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लिया और उनके द्वारा 6,363 बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त किए गए. उन्होंने कहा, &quot;एसआईआर प्रक्रिया की शुरुआत में, मणिपुर में केवल 5,003 बीएलए थे. बीएलए की बढ़ी हुई संख्या इस महत्वपूर्ण चुनावी प्रक्रिया में राजनीतिक दलों और उनके प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी को दर्शाती है.&quot;
बीएलए की बढ़ी भागीदारीबीएलओ ने एन्यूमरेशन फॉर्म बांटने के लिए सभी मौजूदा मतदाताओं के घर-घर जाकर संपर्क किया. इसके बाद भरे हुए फॉर्म इकट्ठा करने के लिए उन्होंने कम से कम तीन बार और दौरे किए. सिन्हा ने कहा कि बीएलए ने भी यह सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रयास किए कि कोई भी पात्र मतदाता छूट न जाए. अनुपस्थित, दूसरी जगह चले गए, मृत और डुप्लिकेट मतदाताओं के फील्ड वेरिफिकेशन के लिए सभी 2,956 बीएलओ ने अपने-अपने बीएलए के साथ समन्वय बैठकें कीं. मतदाताओं को एन्यूमरेशन फॉर्म भरने में मदद देने के लिए मुख्य चुनाव अधिकारी और सभी 16 जिला चुनाव अधिकारियों (डीईओ) के कार्यालयों में हेल्प डेस्क भी बनाए गए.
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        <pubDate>Mon, 06 Jul 2026 11:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Manipur, Voter, List, 2026:, मणिपुर, की, वोटर, लिस्ट, में, बड़ा, उलटफेर, पुरुषों, से, फिर, आगे, निकलीं, महिलाएं, 1.58, लाख, नाम, हटने, से, मची, हलचल</media:keywords>
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        <title>संसद में रामलीला पर बड़ा मंथन, ओम बिरला बोले&amp; ‘नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सबकी जिम्मेदारी’</title>
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        <description><![CDATA[ दशहरे से पहले देशभर की रामलीला समितियों के संरक्षण, प्रचार-प्रसार और भविष्य को लेकर संसद भवन में अहम बैठक हुई. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने रविवार (5 जुलाई, 2026) को विभिन्न राज्यों से आए रामलीला समितियों के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि रामलीला केवल धार्मिक या सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सनातन परंपरा, नैतिक मूल्यों और सामाजिक चेतना की जीवंत पहचान है.
उन्होंने कहा कि बदलते समय में इस गौरवशाली परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाना और इसका संरक्षण करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है.
बैठक में रामलीला महासंघ के अध्यक्ष ने रखी मांग
बैठक में दिल्ली की विभिन्न रामलीला समितियों का प्रतिनिधिमंडल श्री रामलीला महासंघ के नेतृत्व में शामिल हुआ. महासंघ के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने लोकसभा अध्यक्ष के सामने मांग रखी कि जिस तरह दिल्ली की कई सरकारी एजेंसियां रामलीला के आयोजन के लिए निःशुल्क मैदान उपलब्ध कराती हैं, उसी तरह दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) भी अपने मैदान मुफ्त उपलब्ध कराए. इसके अलावा, रामलीला आयोजनों के लिए निःशुल्क बिजली देने की भी मांग उठाई गई.
इस दौरान श्री रामलीला महासंघ की ओर से अध्यक्ष अर्जुन कुमार और महामंत्री सुभाष गोयल ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को गदा और रामायण की प्रति भेंट कर सम्मानित किया. बैठक में शामिल प्रतिनिधियों को संसद भवन का भ्रमण भी कराया गया और उन्हें लोकसभा के साथ राज्यसभा की कार्यवाही की जानकारी दी गई.&amp;nbsp;

रामलीला समितियां भारतीय संस्कृति के वाहक- ओम बिरला
अपने संबोधन में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा, &amp;lsquo;सदियों से चली आ रही रामलीला की परंपरा ने भारतीय समाज को मर्यादा, कर्तव्य, त्याग, सेवा और राष्ट्रभक्ति जैसे मूल्यों से जोड़ने का काम किया है.&amp;rsquo; उन्होंने कहा, &amp;lsquo;देशभर की रामलीला समितियां भारतीय संस्कृति और लोक परंपराओं की मजबूत वाहक हैं, जिन्होंने पीढ़ी-दर-पीढ़ी भगवान श्रीराम के आदर्शों और जीवन मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाया है.&amp;rsquo;
उन्होंने आगे कहा, &amp;lsquo;आधुनिक दौर में नवाचार, तकनीक और जनभागीदारी के जरिए युवाओं को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने की जरूरत है. रामलीला सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम है, जो समाज के हर वर्ग को एक मंच पर लाने का काम करती है.&amp;rsquo;
बैठक के दौरान क्या बोले चांदनी चौके से सांसद प्रवीन खंडेलवाल?
बैठक में चांदनी चौक से सांसद प्रवीन खंडेलवाल भी मौजूद रहे. उन्होंने कहा कि रामलीला भारत की सांस्कृतिक आत्मा का जीवंत उत्सव है. यह केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय सभ्यता, संस्कारों और राष्ट्रीय चरित्र का प्रतिबिंब है. उन्होंने कहा कि संसद भवन में रामलीला समितियों को आमंत्रित कर संवाद स्थापित करना लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की भारतीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है.
बैठक में देशभर से आए रामलीला समितियों के प्रतिनिधियों ने भी अपने सुझाव और अनुभव साझा किए. रामलीला के संरक्षण, संवर्धन और व्यापक प्रचार-प्रसार को लेकर विस्तार से चर्चा हुई. सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने विश्वास जताया कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के मार्गदर्शन में देशभर की रामलीला समितियों को नई दिशा और ऊर्जा मिलेगी. इससे भारत की यह गौरवशाली सांस्कृतिक परंपरा आने वाली पीढ़ियों तक और अधिक मजबूती के साथ पहुंच सकेगी.
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        <pubDate>Mon, 06 Jul 2026 11:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>संसद, में, रामलीला, पर, बड़ा, मंथन, ओम, बिरला, बोले-, ‘नई, पीढ़ी, तक, पहुंचाना, हम, सबकी, जिम्मेदारी’</media:keywords>
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        <title>Andhra Pradesh Missing Fishermen: बंगाल की खाड़ी में उठा संकट! आंध्र प्रदेश के 7 मछुआरे समुद्र में लापता, तलाश में जुटे मरीन पुलिस</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/andhra-pradesh-missing-fishermen-बंगाल-की-खाड़ी-में-उठा-संकट-आंध्र-प्रदेश-के-7-मछुआरे-समुद्र-में-लापता-तलाश-में-जुटे-मरीन-पुलिस</link>
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        <description><![CDATA[ आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम तट के पास बंगाल की खाड़ी में एक मछली पकड़ने वाली नाव के खराब होने के बाद उस पर सवार 7 मछुआरे लापता हो गए हैं. मछुआरों की तलाश के लिए भारतीय तटरक्षक बल (कोस्ट गार्ड), भारतीय नौसेना, मरीन पुलिस और राज्य प्रशासन की ओर से बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है.
जानकारी के मुताबिक, सभी मछुआरे 1 जुलाई को विशाखापत्तनम फिशिंग हार्बर से समुद्र में मछली पकड़ने के लिए निकले थे. उन्हें 4 जुलाई तक वापस लौटना था. ईस्ट कोस्ट मैकेनाइज्ड फिशिंग बोट ओनर्स एसोसिएशन के अनुसार, समुद्र में नाव में तकनीकी खराबी आने के बाद उससे संपर्क टूट गया.

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लापता मछुआरों की हुई पहचान
लापता मछुआरों की पहचान अप्पालराजू, बंदिय्या, गरगय्या, सीतुडु, चिन्ना अम्मोरु, कारी चिन्ना और चिन्नय्या के रूप में हुई है. इनमें से छह मछुआरे विजयनगरम जिले के भोगापुरम के मुक्कम गांव के रहने वाले हैं, जबकि एक मछुआरा विशाखापत्तनम जिले के भीमुनीपट्टनम (भीमिली) का निवासी है.
मौसम की चेतावनी
ईस्ट कोस्ट मैकेनाइज्ड फिशिंग बोट ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष वी. जनकीराम ने बताया कि 3 जुलाई को बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने के बाद मत्स्य विभाग, मरीन पुलिस, बंदरगाह अधिकारियों और एसोसिएशन ने नाव के चालक दल से संपर्क किया था. उन्हें समुद्र में खराब होते मौसम और ऊंची लहरों को देखते हुए तुरंत वापस लौटने की सलाह दी गई थी.
संपर्क हुआ बंद
चेतावनी मिलने के कुछ समय बाद ही नाव से संपर्क पूरी तरह टूट गया. इसके बाद मछुआरों के परिजनों की चिंता बढ़ गई और उन्होंने प्रशासन को इसकी जानकारी दी. सूचना मिलते ही संबंधित एजेंसियां हरकत में आ गईं.
बचाव अभियान तेज
मामले की जानकारी मिलने के बाद भारतीय तटरक्षक बल, भारतीय नौसेना, मरीन पुलिस और अन्य एजेंसियों ने संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन शुरू किया. समुद्र में कई टीमें तलाश में जुटी हैं, जबकि नौसेना के हेलीकॉप्टरों को भी खोज अभियान में लगाया गया है.
मुख्यमंत्री के निर्देश
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने घटना की जानकारी मिलने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की. उन्होंने अधिकारियों को बचाव अभियान तेज करने, कोस्ट गार्ड के जहाजों की तैनाती बढ़ाने और सभी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने पुलिस के मरीन विंग के महानिरीक्षक और विशाखापत्तनम पुलिस आयुक्त को राहत और बचाव अभियान की निगरानी करने के लिए भी कहा. अधिकारियों ने बताया कि खराब मौसम के बावजूद लापता मछुआरों की तलाश लगातार जारी है. सभी एजेंसियां मिलकर उन्हें सुरक्षित खोजने के लिए हर संभव प्रयास कर रही हैं.
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        <pubDate>Mon, 06 Jul 2026 11:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>&amp;apos;2028 में कर्नाटक के मुख्यमंत्री बनेंगे प्रियांक खरगे&amp;apos;, कलबुर्गी में बोले कांग्रेस MLC टिप्पन्ना कामाकनूर</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/2028-में-कर्नाटक-के-मुख्यमंत्री-बनेंगे-प्रियांक-खरगे-कलबुर्गी-में-बोले-कांग्रेस-mlc-टिप्पन्ना-कामाकनूर</link>
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        <description><![CDATA[ कर्नाटक के गृह, ई-गवर्नेंस और कलबुर्गी-यादगीर जिले के प्रभारी मंत्री प्रियांक खरगे का कलबुर्गी शहर के पहले दौरे पर भव्य स्वागत किया गया. जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में बोलते हुए MLC टिप्पन्ना कामाकनूर ने कहा कि ये जबरदस्त सम्मान समारोह इस बात का सबूत है कि प्रियांक खरगे राज्य सरकार के सबसे महत्वपूर्ण और प्रमुख मंत्रियों में से एक हैं.
कामाकनूर ने कहा, &quot;प्रियांक खरगे एक लोकप्रिय गृह मंत्री हैं. वह 2028 के चुनावों में फिर से जीतेंगे. आज वह गृह मंत्री हैं, तो 2028 में वो मुख्यमंत्री बनेंगे.&quot; उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोली और कब्बालिंगा जैसे समुदायों को अनुसूचित जनजाति की श्रेणी में शामिल करने की राजनीतिक इच्छाशक्ति किसी के पास है तो वो केवल प्रियांक खरगे के पास है.

कामाकानूर ने बताया कि गुलबर्गा में निजशरण अंबिगाड़ा चौडय्या की मूर्ति लगाने का काम चल रहा है, जिसके लिए मंत्री ने 17 लाख रुपये का अनुदान जारी किया है. उन्होंने कहा, &quot;हम मूर्ति के अनावरण के लिए एक लाख लोगों को इकट्ठा करेंगे. हम मंत्री से ये भी अपील करते हैं कि बेंगलुरु में विधान सौधा के सामने अंबिगाड़ा चौडय्या की मूर्ति लगाई जाए.&quot;
&#039;खरगे में CM बनने की सभी योग्यताएं&#039;विधायक एम.वाई. पाटिल और अल्लामाप्रभु पाटिल ने कहा कि प्रियांक खरगे को उनकी क्षमताओं के मुताबिक विभाग सौंपे गए हैं. उन्होंने कहा, &quot;यह पहली बार है जब ई-गवर्नेंस विभाग मुख्यमंत्री के अलावा किसी अन्य मंत्री को दिया गया है. आईटी-बीटी उद्योग के नेताओं ने खुद मांग की थी कि आईटी-बीटी विभाग प्रियांक खरगे को दिया जाए, जो उनकी क्षमता को दर्शाता है.&quot; उन्होंने आगे कहा, &quot;हमने अपील की थी कि प्रियांक खरगे को डिप्टी सीएम बनाया जाए लेकिन उनमें मुख्यमंत्री बनने की भी सभी योग्यताएं हैं.&quot;
इन सबके अलावा नेताओं ने खरगे से ये भी अपील की थी कि वे मुख्यमंत्री से बात कर सूखे से राहत दिलाने की व्यवस्था करें, क्योंकि मुख्यमंत्री मंगलवार को जिले का दौरा करने वाले हैं. उन्होंने कहा कि जिले में सूखे जैसे हालात हैं और पीने के पानी की मांग बढ़ गई है. ऐसे में खरगे को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि राहत मिले. इससे पहले हजारों पार्टी कार्यकर्ताओं, समर्थकों और नेताओं ने गंज इलाके में नागेश्वर स्कूल के पास मंत्री खरगे का जोरदार स्वागत किया.&amp;nbsp;
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संसद में रामलीला पर बड़ा मंथन, ओम बिरला बोले- &amp;lsquo;नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सबकी जिम्मेदारी&amp;rsquo; ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 06 Jul 2026 11:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>TMC crisis: TMC हेडक्वार्टर पर किसका दावा? कब्जे को लेकर ममता&amp;रिताब्रता गुट आए आमने&amp;सामने</title>
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        <description><![CDATA[ टीएमसी में जारी अंतर्कलह के बीच शनिवार (4 जुलाई ) सुबह मामले में एक नया मोड़ आ गया, जब कोलकाता स्थित तृणमूल भवन पर रिताब्रता बनर्जी गुट द्वारा लगाए गए तालों को भवन मालिकों के प्रतिनिधियों ने कथित तौर पर बागी गुट से चाबियां हासिल करके खोल दिया. इस घटनाक्रम के बाद तृणमूल कांग्रेस के बागी नेताओं और ममता बनर्जी समर्थकों के बीच विवाद और बढ़ गया. अब दोनों पक्ष खुलकर पार्टी कार्यालय पर अपना अधिकार जता रहे हैं.&amp;nbsp;
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि भवन मालिकों का एक प्रतिनिधि इमारत परिसर पहुंचा और कथित तौर पर रिताब्रता बनर्जी के गुट से हासिल डुप्लिकेट चाबियों से भवन के ताले खोल दिए.&amp;nbsp; इसके बाद, भवन मालिकों के प्रतिनिधि ने मेट्रोपॉलिटन इलाके में स्थित किराये की इस इमारत की दूसरी और तीसरी मंजिल पर &#039;मरम्मत का काम&#039; शुरू करने के लिए प्रवेश किया. फिलहाल इसी इमारत में पार्टी का कामकाजी मुख्यालय है. स्थानीय प्रगति मैदान थाने के पुलिसकर्मियों और केंद्रीय बल के जवानों की मौजूदगी में यह घटनाक्रम हुआ. स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए उन्हें वहां तैनात किया गया था.

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इमारत पर दावारिताब्रता गुट के विधायक और मुख्य सचेतक अखरुज्जमां ने कहा कि भवन मालिकों के साथ समझौते पर पार्टी की ओर से फिरहाद हकीम ने हस्ताक्षर किए थे. उनके अनुसार, हकीम अब उनके गुट के साथ हैं, इसलिए इमारत से जुड़े फैसले वही करेंगे. अखरुज्जमां ने बताया कि भवन मालिकों से बात कर तीसरी और चौथी मंजिल के ताले खुलवाए गए हैं, जहां टीएमसी के युवा, महिला, छात्र और श्रमिक संगठनों के दफ्तर खोलने की योजना है.
मुख्यालय पर कब्जे की जंगशुक्रवार को विवाद तब और बढ़ गया, जब रिताब्रता बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट ने पार्टी मुख्यालय का नियंत्रण संभालकर ताले बदल दिए और नए बैनर लगाकर यहीं से काम करने का ऐलान किया. इससे एक दिन पहले बागी गुट ने निर्वाचन आयोग के समक्ष पार्टी के नाम, चुनाव चिह्न और संगठन पर अपना दावा पेश किया था. फिरहाद हकीम, जावेद खान, संदीपन साहा और अखरुज्जमां भी उनके साथ मौजूद थे.उन्होंने ईएम बाइपास स्थित कार्यालय के अंदर बैठक की और दावा किया कि उनका गुट ही &#039;असली तृणमूल&#039; है.कुछ ही देर बाद ममता बनर्जी समर्थक टीएमसी विधायक कुणाल घोष वहां पहुंचे और इस कदम की कड़ी आलोचना की.
बैनर से बवालअखरुज्जमां ने आरोप लगाया कि रिताब्रता गुट ने पार्टी कार्यालय पर &#039;कब्जा&#039; कर लिया है. घोष ने आरोप लगाया कि यह सब राज्य सरकार और पुलिस के समर्थन से हुआ है. शुक्रवार को मेट्रोपॉलिटन स्थित कार्यालय में लगे बैनर में अरूप रॉय को पार्टी अध्यक्ष के रूप में दिखाया गया था, हालांकि बैनर में किसी की तस्वीर नहीं थी. इसके विपरीत, कालीघाट गुट द्वारा लगाए गए फ्लेक्स में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तस्वीर थी. बागी गुट ने कहा कि वह ममता बनर्जी की तस्वीरों को नहीं हटाएगा क्योंकि वह अब भी उन्हें अपना मार्गदर्शक मानता है.
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        <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 19:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>TMC, crisis:, TMC, हेडक्वार्टर, पर, किसका, दावा, कब्जे, को, लेकर, ममता-रिताब्रता, गुट, आए, आमने-सामने</media:keywords>
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        <title>Karnataka News : SIR ड्यूटी ने ली 26 साल की अफसर की जान? रातभर काम, सुबह हादसा... गुस्से में उतरे कर्मचारी</title>
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        <description><![CDATA[ कर्नाटक के तुमकुरु जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य में लगी 26 वर्षीय ग्राम प्रशासनिक अधिकारी की सड़क हादसे में शनिवार( 4 जुलाई ) को मौत हो गई. पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी.
पुलिस के अनुसार एक ट्रक ग्राम प्रशासनिक अधिकारी के दोपहिया वाहन से टकरा गया था. इस घटना के बाद राजस्व विभाग के कर्मचारियों ने रातभर प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि एसआईआर के दौरान काम के अत्यधिक दबाव के कारण उनकी जान चली गई.ग्राम प्रशासनिक अधिकारी भुवना बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) की पर्यवेक्षक थीं.

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सुबह ड्यूटी, फिर हादसाबेंगलुरु ग्रामीण जिले के नीलामंगला तालुक के वरदनायकनहल्ली गांव की रहने वाली भुवना को गुलुरु के पास कुनिगल रोड पर हुए हादसे में सिर में गंभीर चोटें आईं और बाद में सिद्धागंगा अस्पताल में उनकी मौत हो गई. उनके परिजन रमेश के अनुसार, वह शुक्रवार देर रात तक हुई एसआईआर से जुड़ी समीक्षा बैठक में शामिल होने के बाद, सुबह करीब 6.30 बजे फील्ड ड्यूटी के लिए घर से निकली थीं.
कर्मचारियों का फूटा गुस्साइस घटना से राजस्व विभाग के कर्मचारियों में भारी आक्रोश फैल गया. कर्मचारियों ने तुमकुरु उपायुक्त कार्यालय के बाहर रात भर विरोध-प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि एसआईआर की प्रक्रिया के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों के लगातार दबाव के कारण यह दुखद घटना हुई.प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई तथा फील्ड स्तर के कर्मचारियों पर अत्यधिक कार्यभार कम करने की मांग की है
परिवार ने लगाए आरोपपरिवार वालों ने भुवना की मौत के लिए काम के भारी दबाव को भी ज़िम्मेदार ठहराया.रमेश ने कहा कि एसआईआर की ड्यूटी की वजह से वह काफी तनाव में थी.उन्होंने कहा, &amp;lsquo; कल वह यह कहकर घर से निकली थी कि वह बहुत ज़्यादा दबाव में है. हम एसआईआर के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन कर्मचारियों के काम के घंटे तय होने चाहिए. उनसे हद से ज़्यादा काम करवाया जा रहा है और फ़ील्ड विज़िट पूरी करने का उन पर बहुत ज़्यादा दबाव है. एक ही कर्मचारी पर बहुत ज़्यादा ज़िम्मेदारी डाल दी गई थी, और इसका असर विभाग के सभी लोगों पर पड़ रहा है.&amp;rsquo;
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
रमेश ने भुवना के भविष्य के लिए परिवार की योजनाओं को याद करते हुए कहा कि उसकी शादी की योजना थी और रिश्तेदारों ने हाल में उसके लिए अच्छा रिश्ता ढूंढना शुरू कर दिया था. उन्होंने कहा, &amp;lsquo;हमें उम्मीद थी कि उसे एक अच्छा परिवार मिलेगा और उसकी शादी हो जाएगी. लेकिन आज हम उसके नहीं होने शोक मना रहे हैं.&amp;rsquo;राजस्व विभाग के कर्मचारियों ने कहा कि अगर एसआईआर प्रक्रिया के दौरान कर्मचारियों पर बहुत ज़्यादा काम का दबाव डालने के लिए ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो वे अपना आंदोलन तेज़ कर देंगे.
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        <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 19:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>&amp;apos;ख्वाजा आसिफ मानसिक रूप से दिवालिया&amp;apos;, पाकिस्तान के रक्षामंत्री ने PM मोदी पर किया कमेंट तो भारत ने दिया करारा जवाब</title>
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        <description><![CDATA[ भारत सरकार ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ की तरफ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई हालिया टिप्पणी का कड़ा जवाब दिया है. सरकारी सूत्रों ने कहा कि ख्वाजा आसिफ के पास कोई गंभीर काम नहीं है और वह अपनी समझ से बाहर के मामलों पर बेवजह बयान देकर समय बिताते हैं. सरकारी सूत्रों ने ख्वाजा आसिफ को मानसिक रूप से अस्थिर बताया. उन्होंने कहा कि यह कोई नई बात नहीं है और पाकिस्तान में उन्हें रक्षा मंत्री जैसी अहम जिम्मेदारी मिलना ही वहां की मौजूदा स्थिति को दिखाता है. सूत्रों ने कहा कि उनके पास कोई नियमित काम नहीं है, इसलिए वह ऐसे विषयों पर भी बेबुनियाद और गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणी करते रहते हैं, जिनकी उन्हें पूरी जानकारी नहीं होती. सूत्रों ने यह भी कहा कि जलन कभी भी अच्छी बात नहीं होती, खासकर ऐसे व्यक्ति के लिए जो लगातार नफरत फैलाने वाले बयान देता हो.
भारत सरकार की यह प्रतिक्रिया उस समय आई, जब ख्वाजा आसिफ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिले सेशेल्स के सम्मान का मजाक उड़ाते हुए उसे बनावटी सम्मान बताया था. दरअसल, पिछले सप्ताह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सेशेल्स यात्रा के दौरान पर्यावरण संरक्षण और छोटे द्वीपीय देशों के विकास के लिए उनके योगदान के सम्मान में सेशेल्स का नया सर्वोच्च सम्मान गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन प्रदान किया गया था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस सम्मान को पाने वाले पहले व्यक्ति बने. यह सम्मान प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा से कुछ सप्ताह पहले ही शुरू किया गया था. सेशेल्स सरकार ने अपने राष्ट्रीय सम्मान प्रणाली में बदलाव करते हुए इस नए सम्मान की शुरुआत की थी.

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PM मोदी को मिले सम्मान को लेक विवाद
PM मोदी को मिले सम्मान को लेकर भारत में राजनीतिक विवाद भी हुआ. विपक्षी दलों ने सम्मान से जुड़े आधिकारिक दस्तावेज में स्पेलिंग और टाइपिंग की गलतियों का मुद्दा उठाया. इसके अलावा सम्मान से जुड़ी तस्वीर को लेकर भी सवाल उठाए गए और दावा किया गया कि उसे जल्दबाजी में तैयार किया गया तथा उसमें AI आधारित डिजिटल टूल का इस्तेमाल किया गया. इन विवादों के बाद सेशेल्स सरकार ने साफ किया कि प्रधानमंत्री मोदी को दिया गया सम्मान पूरी तरह वास्तविक है. सरकार ने बताया कि देश ने अपनी पुरानी राष्ट्रीय सम्मान व्यवस्था खत्म कर नई सम्मान प्रणाली लागू करने का फैसला किया था. इसी प्रक्रिया के तहत 24 जून को कैबिनेट ने गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन सम्मान को मंजूरी दी थी, जो प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा से कुछ दिन पहले हुई.
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        <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 19:30:08 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>ख्वाजा, आसिफ, मानसिक, रूप, से, दिवालिया, पाकिस्तान, के, रक्षामंत्री, ने, मोदी, पर, किया, कमेंट, तो, भारत, ने, दिया, करारा, जवाब</media:keywords>
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        <title>&amp;apos;चाहें तो एक शॉट में सब खत्म कर दें&amp;apos;, ट्रंप का ईरान पर भड़काऊ बयान, कांग्रेस ने केंद्र को घेरा, कहा&amp; &amp;apos;चुप क्यों&amp;apos;</title>
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        <description><![CDATA[ ईरान में एक तरफ शोक का आलम पसरा है, तो दूसरी तरफ ट्रंप की बयानबाजी जारी है. माना जा रहा है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई के अंतिम संस्कार में एक करोड़ करीबन 10 मिलियन लोग शामिल हुए हैं. अब इस पूरे विवाद में देश की पार्टी कांग्रेस भी कूद गई है. उनके राज्यसभा सांसद ने ट्रंप के बयान की खबर को एक्स पर रिपोस्ट करते हुए सवाल उठाए हैं. साथ ही इस बहाने पीएम नरेंद्र मोदी की मौजूदा एनडीए सरकार को निशाने पर लिया है.&amp;nbsp;
ट्रंप के कौनसे बयान जिसने सभी को चौंकाया?दरअसल, खामेनेई के लिए इतनी दिवानगी ट्रंप को पसंद नहीं आ रही है. इसलिए उनके कुछ बयानों ने चौंकाया जरूर है. एक बयान जिसमें उन्होंने कहा कि हमने खामेनेई के अंतिम संस्कार के लिए ईरान को छुट्टी दी है, वहीं दूसरा बयान कि अमेरिका ने युद्ध में ईरान की खूब पिटाई की. तीसरा बयान जिसमें उन्होंने कहा है कि वे सब वहीं हैं. एक शॉट में हम उन सभी को खत्म कर सकते हैं. लेकिन हम ऐसा नहीं करेंगे क्योंकि तब हमारे पास बातचीत करने के लिए कोई नहीं बचेगा. वे डील करने के लिए गिड़गिड़ा रहे हैं.

अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में दिखे तीन बेटे, ईरान के सुप्रीम लीडर मोज्तबा नहीं आए सामने, VIDEO
पवन खेड़ा ने क्या कहा मोदी सरकार को लेकर और ट्रंप की बयानबाजी पर?
अब इसी पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं. राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा ने इस पूरे विवाद पर एक पोस्ट किया है. उन्होंने कहा, &#039;खबरों के मुताबिक, ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में लगभग 1 करोड़ लोग शामिल हुए, जो शायद इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा अंतिम संस्कार जमावड़ा रहा होगा. श्रद्धांजलि देने के लिए कई भारतीय प्रतिनिधि भी ईरान गए थे.&#039;
उन्होंने कहा, &#039;राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भड़काऊ और गैर-जिम्मेदाराना धमकियां पश्चिम एशिया में शांति प्रक्रिया के लिए बेहद नुकसानदेह हैं.&#039;
उन्होंने कहा, &#039;हमारे लिए चिंता की बात यह है कि हमारे समझौतावादी प्रधानमंत्री और उनकी सरकार में इतनी नैतिक हिम्मत नहीं है कि वे अमेरिका में बैठे अपने आकाओं की ओर से हिंसा के लिए उकसाने वाली ऐसी गैर-जिम्मेदाराना बातों की निंदा कर सकें.&#039;
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        <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 19:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>चाहें, तो, एक, शॉट, में, सब, खत्म, कर, दें, ट्रंप, का, ईरान, पर, भड़काऊ, बयान, कांग्रेस, ने, केंद्र, को, घेरा, कहा-, चुप, क्यों</media:keywords>
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        <title>&amp;apos;12 सालों में पेपर लीक की 90वीं घटना&amp;apos;, कांग्रेस ने BJP को घेरा, दिल्ली में &amp;apos;छात्रों की गूंज&amp;apos; कार्यक्रम में शामिल होंगे राहुल</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/12-सालों-में-पेपर-लीक-की-90वीं-घटना-कांग्रेस-ने-bjp-को-घेरा-दिल्ली-में-छात्रों-की-गूंज-कार्यक्रम-में-शामिल-होंगे-राहुल</link>
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        <description><![CDATA[ NEET समेत प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के मुद्दे पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ देशव्यापी अभियान को रफ्तार दे दी है. 25 जून से 9 अगस्त तक 28 राज्यों और 28 शहरों में चल रहे अभियान के तहत 9 अगस्त को दिल्ली में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की मौजूदगी में &#039;छात्रों की गूंज&#039; कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. इसकी तैयारियों को लेकर रविवार (5 जुलाई, 2026) को दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी (DPCC) मुख्यालय में वरिष्ठ नेताओं की अहम बैठक हुई.
कार्यक्रम को लेकर दिल्ली में रणनीति तैयार
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव के निर्देश पर आयोजित बैठक में AICC दिल्ली प्रभारी काजी निजामुद्दीन, AICC सचिव और दिल्ली सह-प्रभारी दानिश अबरार और DPCC के महासचिव (संगठन) अनिल भारद्वाज ने महिला कांग्रेस, पूर्वांचल कांग्रेस और दिल्ली कांग्रेस यूनिवर्सिटी टीचर्स ऑर्गनाइजेशन (INTEC) के प्रतिनिधियों के साथ अभियान की तैयारियों की समीक्षा की.
बैठक में DPCC के उपाध्यक्ष अब्दुल हनान, महासचिव डॉ. पीके मिश्रा, महिला कांग्रेस अध्यक्ष पुष्पा सिंह, INTEC चेयरमैन पंकज गर्ग और पूर्वांचल कांग्रेस के चेयरमैन डॉ. सुधांशु कुमार भी मौजूद रहे.
28 राज्यों और 28 शहरों तक पहुंचाने की तैयारी
बैठक में काजी निजामुद्दीन ने कहा कि कांग्रेस पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में कथित भ्रष्टाचार को राष्ट्रीय मुद्दा बनाकर छात्रों की आवाज बुलंद करेगी. उन्होंने बताया कि राहुल गांधी की घोषणा के अनुसार 25 जून से 9 अगस्त तक देश के 28 राज्यों और 28 शहरों में अभियान चलाया जा रहा है. दिल्ली में प्रस्तावित &#039;छात्रों की गूंज&#039; कार्यक्रम से पहले 2 जुलाई से 6 जुलाई तक विधानसभा स्तर पर भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक छात्रों और युवाओं को अभियान से जोड़ा जा सके.
&#039;12 वर्षों में NEET पेपर लीक की 90वीं घटना&#039; का दावा
काजी निजामुद्दीन ने आरोप लगाया कि केंद्र में बीजेपी सरकार के कार्यकाल के दौरान प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों युवाओं के भविष्य को संकट में डाल दिया है. उन्होंने दावा किया कि हाल में सामने आया NEET पेपर लीक पिछले 12 वर्षों में इस परीक्षा से जुड़ी 90वीं ऐसी घटना थी. उनके मुताबिक, इन घटनाओं ने देश के लाखों अभ्यर्थियों का भरोसा परीक्षा व्यवस्था से कमजोर किया है.&amp;nbsp;

शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग
बैठक को संबोधित करते हुए अनिल भारद्वाज ने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में पेपर लीक और भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान को छात्रों का व्यापक समर्थन मिल रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में हुई अनियमितताओं और पेपर लीक के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई. उनका कहना था कि इसी वजह से छात्रों में नाराजगी बढ़ी है और वे इस अभियान से बड़ी उम्मीदें लगाए हुए हैं.
कांग्रेस ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री पर साधा निशाना
दिल्ली सह-प्रभारी दानिश अबरार ने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में कथित गड़बड़ियों के बावजूद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अब तक इस्तीफा नहीं दिया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर छात्रों के बीच जाएगी.
कांग्रेस का कहना है कि &#039;छात्रों की गूंज&#039; अभियान केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता, युवाओं के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता जैसे मुद्दों को राष्ट्रीय बहस के केंद्र में लाने का प्रयास है. पार्टी को उम्मीद है कि 9 अगस्त को दिल्ली में होने वाला कार्यक्रम इस राष्ट्रव्यापी अभियान का सबसे बड़ा पड़ाव साबित होगा.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 19:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>दलाई लामा के 91वें जन्मदिन पर &amp;apos;इटरनल लाइट&amp;apos; की प्री&amp;बुकिंग शुरू, 30 जुलाई को प्रकाशित होगी नई जीवनी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/दलाई-लामा-के-91वें-जन्मदिन-पर-इटरनल-लाइट-की-प्री-बुकिंग-शुरू-30-जुलाई-को-प्रकाशित-होगी-नई-जीवनी</link>
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        <description><![CDATA[ 14वें दलाई लामा के 91वें जन्मदिन के मौके पर वेस्टलैंड बुक्स ने उनकी नई जीवनी &#039;Eternal Light: The Life and Legacy of the 14th Dalai Lama&#039; की प्री-बुकिंग शुरू कर दी है. यह बुक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक डॉ. अरविंद यादव ने लिखी है. यह 30 जुलाई 2026 को प्रकाशित होगी.&amp;nbsp;
यह बुक दलाई लामा के जीवन की अहम घटनाओं, तिब्बत के आधुनिक इतिहास और निर्वासन में रह रहे तिब्बती समुदाय के संघर्ष तथा उनकी सांस्कृतिक पहचान को संजोए रखने के प्रयासों को सरल और तथ्यात्मक तरीके से पेश करती है. इसमें उनके बचपन से लेकर दुनिया के सबसे सम्मानित आध्यात्मिक नेताओं में शामिल होने तक की यात्रा का वर्णन किया गया है.
दलाई लामा ने पुस्तक के बारे में कहा कि उन्हें खुशी है कि यह जीवनी अंग्रेज़ी, हिंदी और तेलुगु में उपलब्ध होगी. इससे अधिक लोग तिब्बत के इतिहास और वहां के लोगों की चुनौतियों को समझ सकेंगे. उन्होंने उम्मीद जताई कि यह पुस्तक प्रेम, करुणा, सहिष्णुता, क्षमा, दया और मानवता की एकता का संदेश आगे बढ़ाएगी.

लेखक डॉ. अरविंद यादव ने कहा कि इस पुस्तक में दलाई लामा के जीवन से जुड़े कई ऐसे तथ्य शामिल हैं, जो अब तक व्यापक रूप से सामने नहीं आए थे. उनका मानना है कि पाठकों को इससे जीवन को बेहतर ढंग से समझने और प्रेरणा लेने का अवसर मिलेगा.
वेस्टलैंड बुक्स की प्रकाशक एवं संपादक मीनाक्षी ठाकुर ने कहा कि दलाई लामा के आशीर्वाद के साथ इस जीवनी को प्रकाशित करना उनके लिए सम्मान की बात है. उन्होंने बताया कि पुस्तक में दलाई लामा के बचपन और शुरुआती जीवन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी गई हैं. पुस्तक की प्री-बुकिंग शुरू हो चुकी है और यह सभी प्रमुख ऑनलाइन एवं ऑफलाइन बुकस्टोर्स पर उपलब्ध होगी.
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        <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 07:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>दलाई, लामा, के, 91वें, जन्मदिन, पर, इटरनल, लाइट, की, प्री-बुकिंग, शुरू, जुलाई, को, प्रकाशित, होगी, नई, जीवनी</media:keywords>
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        <title>30 दिन जेल में रहे तो जाएगी PM&amp;CM की कुर्सी! मोदी सरकार के इस बिल से संसद के मानसून सत्र में मचेगा गदर</title>
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        <description><![CDATA[ केंद्र सरकार की तरफ से शनिवार (4 जुलाई, 2026) को संसद के मानसून सत्र की तारीखों की घोषणा कर दी गई है. केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देशहित के मुद्दों पर चर्चा और बहस करने के लिए 20 जुलाई से 13 अगस्त तक लोकसभा और राज्यसभा का सत्र बुलाने की मंजूरी दे दी है. हालांकि, मानसून सत्र की घोषणा के साथ ही केंद्र सरकार के एक प्रस्तावित संशोधन विधेयक और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के ऑपरेशन सिंदूर के लेकर संसद में दिए बयान पर भी चर्चा बढ़ गई है.
दरअसल, केंद्र सरकार की तरफ से उस प्रस्तावित बिल की चर्चा हो रही है, जिस पर अभी संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की रिपोर्ट आनी बाकी है. इस बिल के तहत 30 दिनों तक जेल में रहने पर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री से लेकर मंत्रियों को अपने पदों से इस्तीफा देना होगा. इसके अलावा, संसद सत्र के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की ऑपरेशन सिंदूर पर दिए बयान को लेकर भी बहस होने की संभावना है.&amp;nbsp;
17 जुलाई को बिल पर जेपीसी की होगी बैठक
न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, संविधान के 130वें संशोधन विधेयक, 2025 की जांच कर रही संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) 17 जुलाई, 2026 को अपनी रिपोर्ट को स्वीकार करने के लिए बैठक करेगी.
रिपोर्ट के मुताबिक, जेपीसी की तरफ से इस बिल के उस विवादास्पद प्रावधान को हटाने की सिफारिश किए जाने की संभावना नहीं है, जिसके तहत प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री के अलावा केंद्र और राज्यों के मंत्रियों को अगर किसी गंभीर अपराध के मामले में गिरफ्तार किया जाता है और वे लगातार 30 दिन तक जेल में रहते हैं, तो उन्हें अपना इस्तीफा देना होगा और अगर वे इस्तीफा नहीं देते तो उन्हें अपने आप ही पद से हटाया जाएगा.&amp;nbsp;

On the recommendation of the Govt of India, Hon&amp;rsquo;ble President, Smt. Droupadi Murmu ji has approved the summoning of both the Houses of Parliament for the Monsoon Session 2026.The Session will commence on 20 July, 2026 and continue till 13 August, 2026 for meaningful debate,&amp;hellip; pic.twitter.com/TaEYH4F1cK
&amp;mdash; Kiren Rijiju (@KirenRijiju) July 4, 2026



हालांकि, जेपीसी अपनी रिपोर्ट में कुछ उपायों की सिफारिशें जरूर दे सकती हैं, जिसके मुताबिक अगर यह बिल कानून बनता है, तो इसका राजनीतिक फायदा लेने या गलत भावना के साथ इस्तेमाल न किया जा सके.&amp;nbsp;&amp;nbsp;

राजनाथ सिंह को लेकर क्या है विवाद?
दूसरी तरफ, विपक्ष संसद के मानसून सत्र में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के खिलाफ ब्रीच ऑफ प्रिविलेज का मामला भी जोर-शोर के साथ उठाने की तैयारी में है, जो पिछले साल संसद में ऑपरेशन सिंदूर पर उनके दिए बयान को लेकर हुए विवाद पर है.
दरअसल, हाल ही में इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों के साथ-साथ कांग्रेस ने राजनाथ सिंह पर लोकसभा को गुमराह करने का आरोप लगाया है. कांग्रेस का कहना है कि रक्षा मंत्री ने संसद में कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत का कोई सैनिक शहीद नहीं हुआ था, लेकिन बाद में सरकार की तरफ से सैनिकों की हताहतों की आधिकारिक पुष्टि उनके ही बयान को गलत साबित करता है.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ेंः Explained: 30 दिन जेल में रहे तो PM-CM की &#039;कुर्सी&#039; जाएगी! बीजेपी सरकार कानून लाने पर क्यों तुली, विपक्ष के तर्क क्या? ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 07:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>प्रधानमंत्री मोदी को ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले जान से मारने की धमकी, मेलबर्न पुलिस ने शुरू की जांच</title>
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        <description><![CDATA[ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अगले हफ्ते गुरुवार (9 जुलाई, 2026) को ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर रवाना होने से पहले उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई है. इस घटना के बाद से सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से अलर्ट हो गई हैं.
दरअसल, यह धमकी प्रधानमंत्री मोदी के लिए ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न शहर में आयोजित होने वाले &amp;lsquo;मेलबर्न मीट्स मोदी&amp;rsquo; प्रोग्राम के प्रचार के लिए किए गए सोशल मीडिया पोस्ट पर दी गई है. मेलबर्न में भारत के पीएम को जान से मारने की धमकी मिलने के बाद ऑस्ट्रेलिया के फेडरल पुलिस तुरंत हरकत में आई और मामले की जांच में जुट गई है.&amp;nbsp;
फेसबुक पोस्ट के कमेंट बॉक्स में दी गई धमकी
द ऑस्ट्रेलिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेलबर्न पहुंचने के बाद 9 जुलाई को स्थानीय मार्वल स्टेडियम में &amp;lsquo;मेलबर्न मीट्स मोदी&amp;rsquo; के नाम से एक कम्युनिटी प्रोग्राम का आयोजन किया जाने वाला है. जिसके प्रचार-प्रसार के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर पोस्ट शेयर किए गए हैं. इसी दौरान फेसबुक प्लेटफॉर्म पर शेयर किए गए पोस्ट के कमेंट बॉक्स में एक ऐसा कमेंट सामने आया, जिसने दोनों देशों के सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए.
रिपोर्ट के मुताबिक, पोस्ट के कमेंट बॉक्स में अबू मुस्तफा के नाम से एक टिप्पणी की गई, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनकी ऑस्ट्रेलिया यात्रा पर मारने की धमकी दी गई. कमेंट में लिखा था, &amp;lsquo;कार्यक्रम के दौरान स्टेडियम की छत को बंद कर देना चाहिए, नहीं तो वो ऑस्ट्रेलिया में अपनी मौत के लिए आएगा.&amp;rsquo;&amp;nbsp;&amp;nbsp;

धमकी के पीछे क्या है मकसद, जांच कर रही ऑस्ट्रेलियाई पुलिस
मामले से जुड़े सूत्रों के हवाले से द ऑस्ट्रेलिया टुडे ने रिपोर्ट में बताया कि जांचकर्ताओं ने फेसबुक पोस्ट पर कमेंट करने वाले शख्स के आईपी एड्रेस को ढूंढ निकाला है और अब यह जांच की जा रही है कि यह कमेंट किसने किया और इसके पीछे उस व्यक्ति का मकसद क्या था? इसके अलावा, इस बात की भी तफ्तीश की जा रही है कि क्या इस घटना के जरिए किसी आपराधिक कानून का भी उल्लंघन हुआ है.&amp;nbsp;
रिपोर्ट के मुताबिक, ऑस्ट्रेलिया में किसी भी देश के प्रमुख या राष्ट्राध्यक्ष की यात्रा के दौरान खतरा उत्पन्न करने की कोशिश को देश के लॉ इंफोर्समेंट एजेंसीज की तरफ से बेहद संजीदगी के साथ देखा जाता है और इसके खिलाफ गंभीर कार्रवाई भी का जाती है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 07:30:07 +0530</pubDate>
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        <title>‘आरोपियों को अपने किए पर बहुत पछतावा’, राम मंदिर चंदा चोरी मामले में बड़ा खुलासा</title>
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        <description><![CDATA[ अयोध्या के श्री राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामला थमने का नाम हीं नहीं ले रहा है. पूरा विपक्ष इस मामले को लेकर केंद्र में पीएम मोदी सरकार से लेकर उत्तर प्रदेश की सीएम योगी की सरकार के साथ-साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर निशाना साध रही है. इस बीच चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान बड़ा खुलासा किया गया है.
अधिकारियों ने बताया कि सभी आरोपियों ने इस मामले में अपने किए पर बहुत पछतावा जताया है. उन्होंने कहा कि आरोपियों का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड अभी तक सामने नहीं आया है. न हीं उनके पास इस तरह की चोरी की प्लानिंग करने का कोई पुराना तजुर्बा है. ऐसे में एक बहुत ही महत्वपूर्ण सवाल खड़ा हो रहा है कि अगर अभी तक मामले में गिरफ्तार आरोपियों को इस लेवल की चोरी की साजिश रचने और उसे अंजाम देने का अनुभव नहीं था, तो आखिर इस चोरी की प्लानिंग किसके कहने पर हुई?&amp;nbsp;
चंदा चोरी कांड के मास्टरमाइंड की तलाश में पुलिस
उत्तर प्रदेश के अयोध्या में श्री राम मंदिर देश के करोड़ों सनातन धर्मावलंबियों की आस्था के प्रतीक के रूप में स्थापित, जिसके निर्माण के लिए सैकड़ों सालों तक लोगों ने संघर्ष किया. वहीं, भगवान राम के मंदिर से दान की चोरी होना बेहद शर्मनाक घटना है और पुलिस इस चंदा चोरी कांड के मास्टरमाइंड की तलाश करने में पूरी तरह से जुटी हुई है.

मामले में अब अयोध्या पुलिस करेगी पूछताछ 
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तरफ से बनाई गई एसआईटी मामले की जांच कर रही है. अब अयोध्या पुलिस सोमवार (6 जुलाई, 2026) को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र (न्यास) ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों से पूछताछ करेगी. बता दें कि अभी तक इस मामले में अयोध्या पुलिस ने गोपाल राव और अनिल मिश्रा से कोई सवाल-जवाब नहीं किया. वहीं, अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने मामले में दोषी पाए जाने वाले लोगों के लिए पुलिस प्रशासन से कठोर सजा देने की मांग की है.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ेंः Ram Mandir Donation Scam: राम मंदिर चढ़ावा घोटाले पर RSS-VHP ने संभाला मोर्चा! दोषियों पर सख्त एक्शन लेने की डिमांड ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 07:30:06 +0530</pubDate>
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        <title>इंसानियत की मिसाल! भारतीय सेना ने रास्ता भटके PoK के युवक को सुरक्षित भेजा वापस</title>
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        <description><![CDATA[ भारतीय सेना ने शनिवार (4 जुलाई, 2026) को जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर से ऐसे काम किया है, जिसके बाद से सेना की काफी सराहना की जा रही है. दरअसल, भारतीय सेना के अधिकारियों ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के रहने वाले एक और युवक को इंसानियत के आधार पर वापस पाकिस्तान भेज दिया है, जो 30 मई, 2026 को भटककर सीमा पार कर जम्मू-कश्मीर के उरी में भारतीय सीमावर्ती इलाके में घुस गया था.
अधिकारियों ने कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के रहने वाले 22 साल के युवक जेशान अहमद मीर को जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले के उरी सेक्टर में कमान पोस्ट क्रॉसिंग पॉइंट पर सफलतापूर्वक पाकिस्तान भेज दिया गया है.
30 मई की शाम भटककर भारत में हो गया था दाखिल 
अधिकारियों ने इस घटना के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि 22 वर्षीय जेशान अहमद मीर पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के पैनकाडी गांव का रहने वाला था, जिसे भारतीय सेना के जवानों ने 30 मई, 2026 की शाम को उरी के हाजीपीर सेक्टर से हिरासत में लिया था.&amp;nbsp;

हिरासत में लिए जाने के बाद शुरुआती तौर पर उसे जरूरी पूछताछ और फॉर्मल कानूनी कागजात के लिए लोकल पुलिस को सौंप दिया गया था. सभी जरूरी फॉर्मेलिटीज के पूरा हो जाने के बाद भारतीय सेना के अधिकारियों ने अपने पाकिस्तानी समकक्षों से संपर्क किया और युवक को बारामूला जिले के उरी में कमान पोस्ट बॉर्डर क्रॉसिंग पर सौंप दिया.
पाकिस्तानी नागरिक को वापस भेजने का यह दूसरा मामला
भारतीय सेना की तरफ से सीमा पार से भटककर भारत में दाखिल होने वाले पाकिस्तानी नागरिक को वापस भेजने का कश्मीर घाटी में यह दूसरा मामला है. इससे पहले 19 जून, 2026 को भारतीय सेना ने पाकिस्तान के एक नागरिक को वापस उसके देश भेज दिया था, जिसे उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में नियंत्रण रेखा (LoC) पार करने के बाद पकड़ लिया गया था. पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा (KPK) के रहने वाले असद खान को 12 जून को कुपवाड़ा के सिमरी गांव में पकड़ा गया था, जब वह नियंत्रण रेखा (LoC) पार करके भारतीय इलाके में आ गया था.
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        <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 07:30:05 +0530</pubDate>
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        <title>Viral News: पति करता रहा इंतजार, दुल्हन हुई गायब!</title>
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        <description><![CDATA[ Viral News: पति करता रहा इंतजार, दुल्हन हुई गायब! ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 14:30:13 +0530</pubDate>
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        <title>Viral News: मुंबई में झमाझम बारिश, मौसम हुआ सुहाना!</title>
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        <description><![CDATA[ Viral News: मुंबई में झमाझम बारिश, मौसम हुआ सुहाना! ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 14:30:12 +0530</pubDate>
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        <title>Viral News: महंगी लिफ्ट नहीं, देसी जुगाड़ से किया कमाल!</title>
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        <description><![CDATA[ Viral News: महंगी लिफ्ट नहीं, देसी जुगाड़ से किया कमाल! ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 14:30:10 +0530</pubDate>
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        <title>Viral Video: मेयर ऑफिस में घुसकर दस्तावेजों की फोटो ली गई!</title>
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        <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 14:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>Viral Video: शादी में खाना बाद में... पहले चलीं कुर्सियां!</title>
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        <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 14:30:07 +0530</pubDate>
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        <title>सिंधु जल संधि: पाकिस्तान के हाथ काट देने वाले बयान पर भारत का करारा जवाब, MEA बोला&amp; सीमा पार आतंकवाद...</title>
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        <description><![CDATA[ सिंधु जल संधि पर भारत ने शुक्रवार (3 जुलाई 2026) को पाकिस्तान की धमकियों का करारा जवाब दिया है. विदेश मंत्रालय ने दो टूक कहा है कि सिंधु जल संधि पर भारत का रुख हमेशा एक जैसा रहा है. MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तान लगातार सीमा पार आंतकवाद का समर्थन करता है और उसे बढ़ावा देता है इसलिए यह संधि फिलहाल स्थगित है.
पाकिस्तान की चेतावनी को भारत ने दिया जवाब
विदेश मंत्रालय की यह प्रतिक्रिया तब आई है जब इस हफ्ते की शुरुआत में एक पाकिस्तानी मंत्री ने संधि को लेकर भारत को चेतावनी दी थी. पाकिस्तान ने कहा था कि इस्लामाबाद उन लोगों के हाथ काट देगा जो सिंधु नदी के पानी पर नियंत्रण करने की कोशिश कर रहे हैं. पाकिस्तान के क्लाइमेट चेंज मंत्री मुसादिक मलिक ने कहा, &#039;पड़ोसी देश (भारत) के प्रधानमंत्री के हाथ में एक नल का कंट्रोल है और वे कहते हैं कि वे पाकिस्तान में पानी की एक बूंद भी नहीं जाने देंगे. अगर किसी ने पाकिस्तान के हिस्से के पानी पर हाथ डाला या उसे रोकने की कोशिश की तो वे उसका हाथ काट देंगे.&#039;
इलाके की शांति का खतरा: इशाक डार
इस बयान से पहले पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने भी चेतावनी दी थी. अप्रैल 2025 में हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद से सिंधु जल समझौता सस्पेंड है. इस पर इशाक डार ने कहा कि अगर भारत इस समझौते के तहत पाकिस्तान के हिस्से का पानी रोकने की कोशिश करता है तो ये पानी का हथियार के रूप में इस्तेमाल करना होगा. उन्होंने चेतावनी दी कि इसके गंभीर नतीजे हो सकते हैं और इससे इलाके की शांति को खतरा हो सकता है.
इशाक डार ने कहा, &#039;कोई भी पक्ष एकतरफा तौर पर ऐसी संधि के तहत अपनी जिम्मेदारियों को सस्पेंड या समाप्त नहीं कर सकता, जिसमें ऐसा कोई प्रावधान न हो. बातचीत और अंतरराष्ट्रीय कानून के सम्मान के आधार पर देशों के बीच एक सेतु बने रहने चाहिए, ताकि वर्तमान और भविष्य की पीढ़ियों का भला हो सके.&#039;
ये भी पढ़ें : वैश्विक शांति के लिए एक मंच पर आए दलाई लामा और मैत्रेय दादाश्रीजी, ISCTH की युद्ध रोकने की अपील ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 02:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>सिंधु, जल, संधि:, पाकिस्तान, के, हाथ, काट, देने, वाले, बयान, पर, भारत, का, करारा, जवाब, MEA, बोला-, सीमा, पार, आतंकवाद...</media:keywords>
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        <title>WhatsApp यूजरनेम फीचर पर विवाद! मेटा की टीम ने सरकार से की मुलाकात; 3 दिन में मांगा जवाब</title>
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        <description><![CDATA[ भारत सरकार की तरफ से मैसेजिंग ऐप व्हाट्सऐप को भेजे गए नोटिस के बाद अब कंपनी हरकत में आई है. इससे पहले सरकार ने यूजरनेम फीचर को लेकर नोटिस जारी किया था. टीम मेटा ने मंत्रालय के अधिकारियों से इस संबंध में मुलाकात की है.&amp;nbsp;
अधिकारियों ने मीटिंग के दौरान मेटा को इस फीचर से जुड़ी सरकार की चिंता और सोच को लेकर विस्तृत रिपोर्ट की डिमांड की है. साथ ही इस मामले में रिपोर्ट सबमिट करने को लेकर मेटा को तीन दिन का समय दिया है. मेटा ने कहा है कि वह तय समय सीमा के भीतर अपना जवाब मंत्रालय को सौंपेगी.
क्या है पूरा मामला?&amp;nbsp;
दरअसल, पूरा बवाल वॉट्सऐप में यूजरनेम फीचर को लेकर है. मेटा का इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप पर यूजरनेम बेस्ट अकाउंट को रोलआउट किया जाना है. इसके लिए कंपनी ने यूजरनेम रिजर्व करने का ऑप्शन दिया. कंपनी ने बताया कि वह इस साल के अंत तक यूजरनेम फीचर को रोल आउट कर देगी.&amp;nbsp;
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मेटा को सरकार ने भेजा है नोटिस&amp;nbsp;
इस फीचर को लेकर सरकार ने बुधवार को मेटा को नोटिस भी भेजा था. साथ ही इसे रोलाउट करने के निर्देश दिए थे. इसके अलावा 3 दिन के भीतर &amp;nbsp;जवाब देने को कंपनी को कहा गया था. सरकार को आशंका है कि यूजरनेम बेस्ड फीचर को लेकर सरकार ने साइबर ठगी के खतरे की आशंका जाहिर की. यूजरनेम से लोग कन्फ्यूज हो सकते हैं. साथ ही फर्जी नाम का इस्तेमाल कर ठगी जैसी वारदात को अंजाम दे सकते हैं और लोगों को चुना लगा सकते हैं. &amp;nbsp;
मुश्किल हो सकती है यूजर बेस्ड अकाउंट की पहचान
यूजरनेम बेस्ड अकाउंट की पहचान मुश्किल हो सकती है. साथ ही मिलते जुलते यूजरनेम का इस्तेमाल कर लोग साइबर ठगी कर नुकसान पहुंचा सकते हैं. इसके अलावा फर्जी पहचान होने का खतरा रहेगा. साइबर ठग इस फीचर का फायदा उठा सकते हैं. इसमें असली नकली का भेद मिट जाएगा. ब्रांड और सेलिब्रिटी की नकल होने का खतरा भी बढ़ जाएगा. स्पैम मैसेज में बढ़ोतरी हो जाएगी. ईडी जैसी जांच एजेंसी के लिए एक चुनौती हो सकती है. सोशल इंजीनियरिंग अटैक का भी खतरा बढ़ेगा.&amp;nbsp;
इधर, मेटा की मैसेजिंग कंपनी व्हाट्सएप ने कहा है कि सेलिब्रिटी, और पब्लिस स्पेस में पॉपुलर लोगों के यूजरनेम को रिजर्व रखा जाएगा. यह एक ऑप्शनल सर्विस है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 02:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Jaipur Metro Phase 2: जयपुर की तेज होगी रफ्तार! PM मोदी करेंगे 13 हजार करोड़ की मेगा मेट्रो परियोजना का शिलान्यास</title>
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        <description><![CDATA[ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4 जुलाई को वर्चुअल माध्यम से जयपुर मेट्रो फेज-2 परियोजना का शिलान्यास करेंगे. मुख्य कार्यक्रम बालोतरा जिले के पचपदरा से आयोजित होगा, जबकि जयपुर में सवाई मानसिंह स्टेडियम के इंडोर हॉल में इसका सीधा प्रसारण किया जाएगा. जिला प्रशासन ने कार्यक्रम की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं. इस दौरान बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और आम नागरिक मौजूद रहेंगे. कार्यक्रम में राज्य की कई विकास परियोजनाओं की भी शुरुआत होगी. अधिकारियों के अनुसार, यह परियोजना जयपुर के सार्वजनिक परिवहन को नई दिशा देने वाली महत्वपूर्ण योजना मानी जा रही है.
करीब 13,037.66 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला जयपुर मेट्रो फेज-2 कॉरिडोर लगभग 41 किलोमीटर लंबा होगा. यह प्रह्लादपुरा से टोडी मोड़ तक विकसित किया जाएगा. इस कॉरिडोर में 36 मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे, जिनमें अधिकांश एलिवेटेड और कुछ भूमिगत स्टेशन होंगे. यह परियोजना जयपुर एयरपोर्ट, सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र, विश्वकर्मा औद्योगिक क्षेत्र, एसएमएस अस्पताल और शहर के कई प्रमुख आवासीय व व्यावसायिक इलाकों को बेहतर मेट्रो सुविधा से जोड़ेगी. परियोजना का निर्माण केंद्र और राजस्थान सरकार की संयुक्त भागीदारी में किया जाएगा.

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कम होगा ट्रैफिक का दबाव
जयपुर मेट्रो फेज-2 के शुरू होने से शहर में सड़क यातायात का दबाव कम होने की उम्मीद है. इससे लोगों का सफर पहले की तुलना में अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक होगा. ट्रैफिक जाम में कमी आएगी और प्रदूषण को नियंत्रित करने में भी मदद मिलेगी. बढ़ती आबादी और शहर के तेजी से हो रहे विस्तार को देखते हुए इस परियोजना को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया गया है. सरकार का मानना है कि इससे निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी और लोग सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करेंगे.
रोजगार और हरियाली
शिलान्यास कार्यक्रम के साथ जिला स्तरीय रोजगार उत्सव का भी आयोजन किया जाएगा. इस दौरान करीब 4,000 नव नियुक्त कार्मिकों को नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे. इसके अलावा राज्य सरकार के &#039;हरियालो राजस्थान&#039; अभियान के तहत जिले में 5 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है. कार्यक्रम के माध्यम से बुनियादी ढांचे के विकास, रोजगार सृजन और पर्यावरण संरक्षण जैसे तीन प्रमुख क्षेत्रों पर एक साथ जोर दिया जाएगा. अधिकारियों का कहना है कि यह आयोजन विकास और जनकल्याण से जुड़ी कई योजनाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा.
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        <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 02:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Jaipur, Metro, Phase, जयपुर, की, तेज, होगी, रफ्तार, मोदी, करेंगे, हजार, करोड़, की, मेगा, मेट्रो, परियोजना, का, शिलान्यास</media:keywords>
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        <title>TMC ऑफिस पर बागी गुट ने किया कब्जा! BJP बोली&amp; तृणमूल बंगाल में इतिहास हुई, सिर्फ भतीजा उनके साथ</title>
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        <description><![CDATA[ कोलकाता में टीएमसी के राजनीतिक भविष्य पर उस समय प्रश्न चिन्ह खड़ा हो गया था, जब पार्टी में विधानसभा चुनाव की हार के बाद फूट पड़ गई थी. पार्टी के एक धड़े ने बगावत करते हुए, खुद को औपचारिक रूप से असली टीएमसी का दर्जा दे दिया था. यह विवाद जगजाहिर भी हुआ. वहीं, चुनाव आयोग ने दोनों पक्षों से पूछा भी कि कौन असली टीएमसी है.&amp;nbsp;
अब खबर है कि बागी विधायक गुट ने पार्टी के दफ्तर पर कब्जा कर लिया है. बागी गुट के नेता और पश्चिम बंगाल में नेता विपक्ष रितब्रता बनर्जी समेत 60 विधायक तृणमूल कांग्रेस के हेडक्वार्टर पहुंचे और वहां पांच मिनट तक मीटिंग भी की. फिर बाहर निकलकर गेट पर ताला लटका दिया.&amp;nbsp;
बागी गुट ने दावा किया है कि हम असली टीएमसी हैं. दफ्तर पर हमारा अधिकार है. इसके बाद ममता बनर्जी समर्थक टीएमसी नेता कुणाल घोष के नेतृत्व में पार्टी कार्यालय पहुंचे. जहां लगातार हंगामे की खबर है.&amp;nbsp;

Rebel TMC faction seized control of Trinamool Bhavan on Friday, taking over the party&amp;rsquo;s long-standing headquarters at Kolkata&amp;rsquo;s Metropolitan Building and intensifying the ongoing leadership tussle.#TMC pic.twitter.com/hEKZJZFRRB
&amp;mdash; Ayantika Chattopadhyay ( অয়ন্তিকা ) (@honubroto) July 3, 2026



पूर्व नेतृत्व जनता और जमीनी कार्यकर्ताओं से कट गया: संदिपन साहाइससे एक दिन पहले TMC विधायक संदीपन साहा ने न्यूज एजेंसी IANS से कहा था कि पूर्व नेतृत्व जनता और जमीनी कार्यकर्ताओं से कट गया था, जिससे समस्याएं पैदा हुईं. पार्टी के भीतर लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन नहीं हो रहा था. हम चाहते हैं कि पार्टी अपनी विचारधारा के अनुरूप लोकतांत्रिक तरीके से चले, जहां हर सदस्य को अपनी बात रखने का अवसर मिले. सभी की राय सुनने और चर्चा के बाद सामूहिक रूप से निर्णय लिया जाए. यही हमारी इच्छा और उद्देश्य है.
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बीजेपी ने साधा निशाना?
वहीं, इस पूरे राजनीतिक विवाद पर बीजेपी ने भी बयान दिया है. बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने टीएमसी में चल रहे अंदरूनी मतभेद पर कहा, &#039;तृणमूल कांग्रेस पश्चिम बंगाल में एक इतिहास बन गई है. ममता बनर्जी को सांसद छोड़ गए. विधायक छोड़ गए. कार्यकर्ता छोड़ गए. पंचायत ब्लॉक के जो उनके पंचायत समिति के मेंबर थे, वे भी छोड़ गए, मेयर छोड़ गए. सिर्फ उनका भतीजा ही उनके साथ है. तृणमूल कांग्रेस का तो बहुमत उनके खिलाफ है. ममता बनर्जी अब अल्पमत में रह गई हैं. अब यह चुनाव आयोग को तय करना है कि कौन-सी पार्टी है और उसके नेता कौन है.&#039;

दिल्ली: भाजपा राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने टीएमसी में चल रहे अंदरूनी मतभेद पर कहा, &quot;तृणमूल कांग्रेस पश्चिम बंगाल में एक इतिहास बन गई है। ममता बनर्जी को सांसद छोड़ गए, विधायक छोड़ गए, कार्यकर्ता छोड़ गए, पंचायत ब्लॉक के जो उनके पंचायत समिति के मेंबर थे, वे भी छोड़ गए, मेयर&amp;hellip; pic.twitter.com/KMnSlWldjd
&amp;mdash; IANS Hindi (@IANSKhabar) July 3, 2026



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        <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 02:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>TMC, ऑफिस, पर, बागी, गुट, ने, किया, कब्जा, BJP, बोली-, तृणमूल, बंगाल, में, इतिहास, हुई, सिर्फ, भतीजा, उनके, साथ</media:keywords>
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        <title>ISRO&amp;DRDO समेत टॉप ऑफिस को बम से उडा़ने की धमकी मामले में एक्शन, दिल्ली पुलिस ने संदिग्ध से की पूछताछ</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/isro-drdo-समेत-टॉप-ऑफिस-को-बम-से-उडा़ने-की-धमकी-मामले-में-एक्शन-दिल्ली-पुलिस-ने-संदिग्ध-से-की-पूछताछ</link>
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        <description><![CDATA[ दिल्ली पुलिस ने फर्जी बम धमकी मामले में कार्रवाई की है. इस मामले में एक संदिग्ध से पूछताछ की गई है. 29 जून को देश के टॉप संस्थाओं के ऑफिसों को बम से उड़ाने की धमकी का मामला सामने आया था, जिसके बाद से पुलिस पूरी तरह से सचेत हो गई थी.&amp;nbsp;
धमकी भरे इमेल में एनआईए, इसरो, एनपीसीआईएल, डीआरडीओ, नागरिक उड्डयन मंत्रालय और दिल्ली न्यूयॉर्क एयर इंडिया फ्लाइट को बम से उड़ाने की चेतावनी दी गई थी. इसके बाद मुस्तैदी से सभी जगह की जांच की गई, जहां किसी तरह का विस्फोटक नहीं मिला.&amp;nbsp;
गाजियाबाद रहने वाले एक संदिग्ध से हुई पूछताछ
जांच में सभी धमकियां फर्जी पाईं गईं. तकनीकी जांच के आधार पर संदिग्ध का पता लगाते हुए &amp;nbsp;हुए पुलिस गाजियाबाद के संयोग नगर पहुंची. पुलिस ने संयोग नगर, बैंक कॉलोनी निवासी 36 साल के निशांत त्यागी से पूछताछ की.
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प्रारंभिक जांच में क्या आया सामने?
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि संदिग्ध साल 2008 से बीमारी से पीड़ित है और कई प्रतिष्ठित अस्पतालों में उसका इलाज चल चुका है. पूछताछ और तलाशी के दौरान कोई विस्फोटक या संदिग्ध सामग्री बरामद नहीं हुई. पुलिस अब ईमेल भेजने के उद्देश्य और पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है. जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
ISRO को भी दी थी बम से उड़ाने की धमकी
इस पूरे मामले में सबसे अहम था, ISRO. इसके मुख्यालय को एक ईमेल मिला था. इसमें बम होने की धमकी दी गई थी. ईमेल मिलते ही अधिकारियों ने तुरंत इमरजेंसी प्रोटोकॉल लागू कर दिया. पूरे परिसर को खाली किया गया. साथ ही आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी. जांच के लिए बम डिस्पोजल स्क्वॉड, अन्य सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंचे. टीमों ने पूरे इसरो कैंपस को सर्च किया था.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 02:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>IMD Monsoon Update:मानसून का महाअटैक! दिल्ली से यूपी तक झमाझम बारिश, कई राज्यों में बेहद भारी बारिश का रेड अलर्ट</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/imd-monsoon-updateमानसून-का-महाअटैक-दिल्ली-से-यूपी-तक-झमाझम-बारिश-कई-राज्यों-में-बेहद-भारी-बारिश-का-रेड-अलर्ट</link>
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        <description><![CDATA[ देशभर में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक 2 जुलाई को दक्षिण-पश्चिम मानसून दिल्ली, उत्तर प्रदेश के शेष हिस्सों, मध्य प्रदेश, हरियाणा, पंजाब के अधिकांश इलाकों और गुजरात के कुछ हिस्सों तक पहुंच गया है. अगले 2 से 3 दिनों में गुजरात, मध्य प्रदेश, हरियाणा, पंजाब के बाकी हिस्सों और राजस्थान के कुछ अन्य इलाकों में भी इसके आगे बढ़ने के लिए मौसम अनुकूल बना हुआ है.
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट पर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, जिसके अगले 2 से 3 दिनों में और मजबूत होने की संभावना है. इसके असर से अगले 5 दिनों तक मध्य भारत में मानसून सक्रिय रहेगा. 2 से 5 जुलाई के बीच दक्षिण गुजरात और कोंकण, 2 से 4 जुलाई तक सौराष्ट्र-कच्छ, 3 और 4 जुलाई को पश्चिमी मध्य प्रदेश व ओडिशा तथा 3 से 5 जुलाई तक मध्य महाराष्ट्र में कहीं-कहीं भारी से अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है.

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बीते दिन की बारिश
पिछले 24 घंटों में देश के कई हिस्सों में जोरदार बारिश दर्ज की गई. मुंबई समेत कोंकण में 21 सेंटीमीटर या उससे अधिक बारिश हुई. वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, मध्य महाराष्ट्र और ओडिशा में 12 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश दर्ज की गई. हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पश्चिमी मध्य प्रदेश और सौराष्ट्र-कच्छ में भी भारी बारिश हुई.
यूपी में मानसून
उत्तर प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून सभी हिस्सों तक पहुंच चुका है. पिछले 24 घंटों में पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में 12 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश हुई, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई. मौसम विभाग के मुताबिक अगले कुछ दिनों तक राज्य में बारिश का दौर जारी रह सकता है.
दिल्ली का मौसम
दिल्ली-एनसीआर में मानसून की एंट्री के साथ मौसम बदल गया है. 2 जुलाई को बादल छाए रहने, हल्की से मध्यम बारिश, आंधी-तूफान, बिजली गिरने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है. हवा के झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं. अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. 3 से 5 जुलाई तक भी बादल, हल्की बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है.
महाराष्ट्र में अलर्ट
मुंबई और आसपास के इलाकों में फिलहाल राहत के आसार नहीं हैं. मौसम विभाग ने 2 से 5 जुलाई तक कोंकण और 3 से 5 जुलाई तक मध्य महाराष्ट्र के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी और कहीं-कहीं अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका है.
सतर्क रहने की सलाह
मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है. आंधी-तूफान और बिजली गिरने के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े न हों. जलभराव वाले इलाकों में जाने से बचें, यात्रा से पहले ट्रैफिक की जानकारी लें और मौसम विभाग की ताजा एडवाइजरी का पालन करें.
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        <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 09:30:14 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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    <item>
        <title>India Japan Summit 2026: भारत&amp;जापान के बीच रक्षा क्षेत्र की पहली संयुक्त परियोजना, PM मोदी ने इसके सामरिक फायदे</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/india-japan-summit-2026-भारत-जापान-के-बीच-रक्षा-क्षेत्र-की-पहली-संयुक्त-परियोजना-pm-मोदी-ने-इसके-सामरिक-फायदे</link>
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        <description><![CDATA[ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को घोषणा की कि भारत और जापान ने रक्षा क्षेत्र में पहली सह-विकास परियोजना समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं. उन्होंने कहा कि यह दोनों देशों के रणनीतिक संबंधों को नई ऊंचाई देने वाला महत्वपूर्ण कदम है. हैदराबाद हाउस में जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची के साथ वार्षिक भारत-जापान शिखर सम्मेलन के बाद आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जापान ने भारत की विकास यात्रा में हमेशा महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
प्रधानमंत्री मोदी ने जापान की पीएम तकाइची को अपनी छोटी बहन बताते हुए कहा कि उनकी ये यात्रा भारत-जापान विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी के नए अध्याय की शुरुआत है. उन्होंने कहा कि जापान की प्रिसीजन टेक्नोलॉजी और भारत की सॉफ्टवेयर क्षमता का संगम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के वैश्विक विकास को नई गति देगा. रक्षा क्षेत्र में पहली संयुक्त विकास परियोजना पर समझौता भी इसी दिशा में बड़ा कदम है.

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नई रणनीतिक साझेदारी
प्रधानमंत्री मोदी ने जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री साने ताकाइची का स्वागत करते हुए कहा कि यह उनका भारत का पहला आधिकारिक दौरा है. उन्होंने कहा कि ताकाइची दूरदर्शी और लोकप्रिय नेता हैं तथा जापान के नारा प्रांत से आती हैं. जो भारत और जापान की साझा बौद्ध विरासत का प्रमुख केंद्र है.
हिंद-प्रशांत पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हाल ही में जी7 शिखर सम्मेलन में उन्होंने वैश्विक उथल-पुथल के दौर में पारस्परिक विश्वास को सबसे बड़ी रणनीतिक पूंजी बताया था और भारत-जापान संबंध इस कसौटी पर पूरी तरह खरे उतरते हैं. उन्होंने कहा कि स्वतंत्र. समृद्ध और नियम-आधारित हिंद-प्रशांत दोनों देशों की साझा प्राथमिकता है.
आर्थिक सुरक्षा रोडमैप
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और कई क्षेत्रों में जापान ने भारत की विकास यात्रा में उल्लेखनीय योगदान दिया है. उन्होंने बताया कि दोनों देशों ने आर्थिक सुरक्षा के लिए संयुक्त रोडमैप तैयार किया है. जिसके तहत सेमीकंडक्टर, क्वांटम टेक्नोलॉजी और एडवांस्ड मैटेरियल्स जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में आपूर्ति शृंखला मजबूत की जाएगी. ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में भी कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं.
बायोगैस पहल शुरू
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि दोनों देशों ने भारत-जापान बायोगैस पहल भी शुरू की है. इसके तहत भारत में 1,000 बायोगैस और जैविक उर्वरक संयंत्र स्थापित किए जाएंगे. इससे केंद्र सरकार की &#039;गोबरधन&#039; पहल को मजबूती मिलेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में सतत विकास. समृद्धि तथा रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे.
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        <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 09:30:12 +0530</pubDate>
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        <title>Petrol Diesel Price: पेट्रोल&amp;डीजल होगा सस्ता? सरकार का आया बड़ा बयान, कहा&amp; &amp;apos;भारत में...&amp;apos;</title>
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        <description><![CDATA[ अमेरिका-ईरान के बीच तनाव खत्म होने और होर्मुज के दोबारा शुरू होने के बाद वैश्विक स्तर पर क्रूड ऑयल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है, ऐसे में लोग पेट्रोल और डीजल की कीमतों में राहत मिलने की उम्मीद कर रहे थे. अब केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने साफ कर दिया है कि मौजूद स्थिति में ईंधन की कीमतों को कम करने की कोई ठोस वजह नहीं है.
पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर जवाब देते हुए हरदीप पुरी ने कहा कि वैश्विक स्तर पर क्रूड ऑयल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें काफी हद तक स्थिर बनी हुई हैं. उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों में पेट्रोल की कीमतों में केवल 5.58 प्रतिशत और डीजल की कीमतों में 6.23 प्रतिशत की ही बढ़ोतरी हुई है.
&#039;पेट्रोल-डीजल की कीमतें फिलहाल नहीं होंगी कम&#039;
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (ओएमसी) अभी भी करीब 2.18 लाख करोड़ रुपए के संचयी अंडर-रिकवरी (घाटे) की भरपाई कर रही हैं. इसके अलावा, इन कंपनियों के पास अभी भी ऐसे ईंधन का स्टॉक मौजूद है, जिसे तब खरीदा गया था, जब अंतरराष्ट्रीय मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें काफी ज्यादा थीं. ऐसे में फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती करना व्यावहारिक नहीं है.
क्या बोलें केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री?
पुरी ने कहा, &#039;इसलिए इस समय ईंधन की कीमतों को कम करने का सवाल जायज नहीं है.&#039; केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि सरकार ने अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में आए उतार-चढ़ाव का प्रभाव भारतीय उपभोक्ताओं पर काफी हद तक नहीं पड़ने दिया. उन्होंने हाल ही में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास बने तनाव का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौरान भी देश में कहीं भी पेट्रोल-डीजल की सप्लाई बाधित नहीं हुई.
उन्होंने कहा, देश के किसी भी पेट्रोल पंप पर ईंधन खत्म होने (ड्राई-आउट) की स्थिति नहीं आई. मंत्री के मुताबिक, देश भर में मौजूद करीब 1.07 लाख पेट्रोल पंप पूरे संकट के दौरान सामान्य रूप से चलते रहे. उन्होंने कहा कि सरकार ने वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से पैदा हुए ज्यादातर झटकों को खुद वहन किया, जिससे आम लोगों पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ा.
खोजते रह जाएंगे चीन-पाकिस्तान... बीच समंदर में गायब हो जाएंगे भारत के वॉरशिप, जापान से हो गई &#039;निंजा&#039; डील
एनर्जी स्ट्रक्चर को मजबूत करने पर सरकार का जोर - पुरी
पुरी ने कहा कि सरकार देश के एनर्जी स्ट्रक्चर को और मजबूत करने की दिशा में लगातार काम कर रही है. उन्होंने बताया कि 2030 तक भारत की रिफाइनिंग क्षमता बढ़कर 309.5 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष करने का टारगेट है. उन्होंने बताया कि इस दिशा में कई रिफाइनरी विस्तार परियोजनाएं और नई ग्रीनफील्ड रिफाइनरियां विकसित की जा रही हैं, जिनमें से कुछ परियोजनाएं अगले दो वर्षों में पूरी होने की उम्मीद है, जिससे देश की ऊर्जा सुरक्षा और रिफाइनिंग क्षमता दोनों मजबूत होंगी.
&#039;हमें नहीं पता जांच में क्या हो रहा, अगर लीपापोती की कोशिश हुई तो...&#039;, चंदा चोरी को लेकर भड़का VHP
&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 09:30:11 +0530</pubDate>
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        <title>खोजते रह जाएंगे चीन&amp;पाकिस्तान... बीच समंदर में गायब हो जाएंगे भारत के वॉरशिप, जापान से हो गई &amp;apos;निंजा&amp;apos; डील</title>
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        <description><![CDATA[ India Japan Defence Deal: भारत और जापान ने रक्षा क्षेत्र में पहली बार मिलकर एक बड़ा रक्षा उपकरण बनाने का फैसला किया है. दोनों देश अब नौसेना के लिए यूनिकॉर्न (Unified Complex Radio Antenna / NORA-50 Integration Mast) नाम का आधुनिक रेडियो एंटीना सिस्टम तैयार करेंगे. नई दिल्ली में जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे दोनों देशों की रक्षा साझेदारी में नया अध्याय बताया.
पीएम मोदी ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह परियोजना भारत और जापान के रक्षा संबंधों को नई मजबूती देगी. उन्होंने कहा कि दोनों देश मिलकर ऐसी आधुनिक रक्षा तकनीक विकसित करेंगे, जिससे समुद्री सुरक्षा मजबूत होगी, क्षेत्र में शांति बनी रहेगी और नियमों पर आधारित व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा.
क्या है यूनिकॉर्न सिस्टम?
यूनिकॉर्न एक आधुनिक नौसैनिक रेडियो एंटीना सिस्टम है. अभी ज्यादातर युद्धपोतों पर कई तरह के एंटीना अलग-अलग लगे होते हैं, लेकिन यूनिकॉर्न सिस्टम में इन सभी एंटीना को एक ही खास रडार डोम (रेडोम) के अंदर रखा जाता है. इससे युद्धपोत का रडार सिग्नेचर काफी कम हो जाता है और दुश्मन के रडार पर उसकी पहचान करना मुश्किल हो जाता है.
सिस्टम में क्या-क्या होगा?
यूनिकॉर्न सिस्टम में कई आधुनिक तकनीकें एक साथ मौजूद होंगी. इसमें टैक्टिकल डेटा लिंक, टैक्टिकल एयर नेविगेशन सिस्टम (TACAN), संचार प्रणाली, आइडेंटिफिकेशन फ्रेंड ऑर फो (IFF) और इलेक्ट्रॉनिक सपोर्ट मेजर्स (ESM) जैसे सिस्टम शामिल होंगे. इन सभी उपकरणों को एक ही कम रडार सिग्नेचर वाले रेडोम में रखा जाएगा, जिससे युद्धपोत पहले से ज्यादा सुरक्षित रहेगा.
जापान ने तैयार की है यह तकनीक
यूनिकॉर्न सिस्टम को जापान की तीन बड़ी कंपनियों ने मिलकर विकसित किया है. इनमें एनईसी कॉर्पोरेशन मुख्य कंपनी है, जबकि सांपा कोग्यो के.के. और द योकोहामा रबर कंपनी लिमिटेड भी इस परियोजना का हिस्सा हैं. फिलहाल यह सिस्टम जापान की नौसेना के मोगामी क्लास स्टेल्थ फ्रिगेट में लगाया जा रहा है. जापान अब तक ऐसे 12 युद्धपोत तैयार कर चुका है और 12 अन्य युद्धपोत बनाए जा रहे हैं.
भारत में भी होगा निर्माण
भारत में इस सिस्टम का सह-उत्पादन भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) करेगा. जापान डिजाइन और तकनीकी विशेषज्ञता देगा, जबकि भारत सिस्टम के निर्माण और एकीकरण का काम करेगा. इससे मेक इन इंडिया अभियान को भी बड़ी मजबूती मिलेगी. इस परियोजना के लिए नवंबर 2024 में टोक्यो स्थित भारतीय दूतावास में कार्यान्वयन संबंधी समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे. इसके तहत भारतीय नौसेना के युद्धपोतों पर यूनिकॉर्न सिस्टम लगाने के लिए दोनों देशों ने संयुक्त विकास पर सहमति बनाई थी. इस परियोजना को सितंबर 2022 में टोक्यो में हुई भारत-जापान मंत्रिस्तरीय बैठक में राजनीतिक मंजूरी मिल गई थी.
जापानी रक्षा तकनीक पाने वाला दूसरा एशियाई देश बना भारत
इस समझौते के बाद भारत जापान की रक्षा तकनीक हासिल करने वाला एशिया का दूसरा देश बन गया है. इससे पहले नवंबर 2023 में जापान ने फिलीपींस को एयर सर्विलांस रडार दिए थे. यह बदलाव जापान द्वारा 2014 में रक्षा उपकरण और रक्षा तकनीक के निर्यात संबंधी नियमों में किए गए बदलाव के बाद संभव हुआ.
यह भी पढ़ेंः अयोध्या राम मंदिर के &#039;चंदा चोरी&#039; पर PM मोदी को कांग्रेस का पत्र, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग
चीन के लिए क्यों अहम है यह सिस्टम?
रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक यूनिकॉर्न सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत इसकी स्टेल्थ क्षमता है. पूर्वी और दक्षिण चीन सागर जैसे इलाकों में चीन की नौसेना दूसरे देशों के युद्धपोतों की पहचान उनके रडार सिग्नेचर से करती है. यूनिकॉर्न सिस्टम युद्धपोत के रडार सिग्नेचर को और कम कर देता है. इससे दुश्मन के लिए जहाज की पहचान करना और उसकी निगरानी करना काफी मुश्किल हो जाता है.
इंडो-पैसिफिक में शांति पर दोनों देशों का जोर
भारत दौरे पर आईं जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने कहा कि भारत और जापान दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हैं. दोनों देशों का लक्ष्य इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को स्वतंत्र, सुरक्षित और समृद्ध बनाना है. उन्होंने कहा कि दोनों देशों की नई पहल पूरे क्षेत्र में शांति, स्थिरता और विकास को बढ़ावा देगी.
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        <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 09:30:10 +0530</pubDate>
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        <title>यूपी, बिहार, दिल्ली&amp;हरियाणा में होगी मानसूनी बारिश, मुंबई में &amp;apos;आफत&amp;apos;, जानें देश में आज कैसा रहेगा मौसम</title>
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        <description><![CDATA[ देशभर के साथ ही राजधानी दिल्ली में भी मानसून की एंट्री हो चुकी है. महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तराखंड और नॉर्थ ईस्ट में भारी बारिश देखने को मिल रही है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक शुक्रवार (3 जुलाई) को कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना है. IMD ने यूपी, बिहार, दिल्ली, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, बंगाल, राजस्थान और केरल में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है. इस दौरान 80 से लेकर 85 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की संभावना है.&amp;nbsp;
दिल्ली में आज शुक्रवार को मध्यम से तेज बारिश की संभावना है. कई इलाकों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश हो सकती है. राजधानी में बीते रोज गुरुवार की सुबह भी बारिश देखने को मिली. मौसम विभाग ने लोगों को जलभराव और ट्रैफिक जाम से सावधान रहने की सलाह दी है. बारिश के चलते तापमान में भी गिरावट होने के आसार हैं.

यूपी में गुरुवार से मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है. मौसम विभाग ने शुक्रवार को बांदा, चित्रकूट, सोनभद्र, महोबा, झांसी और ललितपुर में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. इसके अलावा प्रयागराज, वाराणसी, कानपुर समेत 44 जिलों में गरज-चमक और बिजली चमकने को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है.&amp;nbsp;
यूपी में कहां-कहां बारिश&amp;nbsp;मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल सिंह ने बताया कि 3-4 जुलाई को मानसूनी बारिश बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र में केंद्रित होगी. 5 जुलाई से प्रदेश में फिर से अच्छी बारिश का दाैर शुरू होगा. राज्य के बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, जौनपुर, गाजीपुर, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, रायबरेली, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा और औरैया में गरज चमक और वज्रपात का लेकर अलर्ट जारी किया गया है.
मिर्जापुर में बारिश का रिकॉर्डबता दें कि गुरुवार को मिर्जापुर के चुनार में सबसे ज्यादा 120 मिमी और आजमगढ़ में 114.6 मिमी बारिश दर्ज की गई. इसके अलावा पश्चिमी यूपी के संभल में 104 मिमी, बिजनौर में 62 मिमी और वाराणसी में 54.6 मिमी बारिश हुई. लखीमपुर खीरी और सुल्तानपुर समेत कई अन्य जिलों में भी जमकर बारिश देखने को मिली.&amp;nbsp;
मुंबई में आफत बनकर बरसे बदरादेश की आर्थिक राजधानी मुंबई में बुधवार शाम से गुरुवार सुबह तक शहर के कई इलाकों में 150 एमएम से 200 एमएम तक बारिश हुई है. महाराष्ट्र के मंत्री उदय सामंत ने गुरुवार को कहा कि राज्य सरकार स्थिति पर बारीकी से नजर रखे हुए है. उन्होंने कहा कि कल शाम से आज सुबह तक कई जगहों पर 175 और 200 मिलीमीटर तक बारिश दर्ज की गई है. मौसम विभाग ने मुंबई, ठाणे और पालघर के लिए रेड अलर्ट जारी किया है.
राजस्थान और हरियाणा पंजाब का हालराजस्थान के पूर्वी हिस्सों के अलावा पंजाब और हरियाणा में भी गरज-चमक के साथ भारी बारिश की संभावना है. कुछ इलाकों में तेज हवाएं भी चल सकती हैं. इसके अलावा नॉर्थ ईस्ट की बात करें तो असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड और सिक्किम में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है. कुछ इलाकों में भूस्खलन की भी आशंका जताई गई है.
ये भी पढ़ें&amp;nbsp;
India Japan Summit 2026: भारत-जापान के बीच रक्षा क्षेत्र की पहली संयुक्त परियोजना, PM मोदी ने इसके सामरिक फायदे ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 09:30:09 +0530</pubDate>
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        <title>ISRO मुख्यालय को बम से उड़ाने की धमकी, जांच के बाद पुलिस ने क्या बताया?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/isro-मुख्यालय-को-बम-से-उड़ाने-की-धमकी-जांच-के-बाद-पुलिस-ने-क्या-बताया</link>
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        <description><![CDATA[ भारतीय अंतिरक्ष अनुसंधान संगठन यानी इसरो (ISRO) के बेंगलुरु स्थित मुख्यालय को गुरुवार (2 जुलाई, 2026) को बम से उड़ाने की धमकी भरा एक ईमेल प्राप्त हुआ. इसके बाद पूरे इसरो मुख्यालय में हड़कंप मच गया. ईमेल के जरिए मिली धमकी के बाद स्थानीय पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की तरफ से तुरंत कार्रवाई की गई. पुलिस ने एहतियात के तौर पर तुरंत इसरो मुख्यालय परिसर को पूरी तरह से खाली करवाया, जिसके बाद बेंगलुरु पुलिस और बम निरोधक दस्ते पर पूरे इसरो मुख्यालय परिसर में बम की तलाश के लिए जांच अभियान चलाया.
हालांकि, अभी तक स्थानीय पुलिस या बम निरोधक दस्ते को किसी भी संवेदनशील चीज के मिलने की सूचना नहीं है. इसके बाद पुलिस ने अपनी सुरक्षा जांच को पूरा कर इस ईमेल को झूठी धमकी घोषित कर दिया है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां इस मामले में बेहद गंभीरता के साथ संबंधित कार्रवाई कर रही हैं.
सुरक्षा एजेंसियों ने बढ़ाई ISRO और आसपास के इलाकों की सुरक्षा
देश के प्रमुख वैज्ञानिक संस्थान और इसरो के मुख्यालय में बम की धमकी मिलने की सूचना ने ही सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं. हालांकि, बम होने की सूचना मिलने के बाद इमरजेंसी प्रोटोकॉल लागू करते हुए जांच अभियान संचालित किए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद बेंगलुरु पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने इसरो मुख्यालय के साथ-साथ आसपास के इलाकों की भी सुरक्षा कड़ी कर दी है.&amp;nbsp;

मामले को लेकर क्या बोले बेंगलुरु पुलिस कमिश्नर?
इस संवेदनशील मामले में बेंगलुरु पुलिस से लेकर देश की शीर्ष सुरक्षा एजेंसियां तक अलर्ट पर हैं. इस संबंध में जानकारी देते हुए बेंगलुरु पुलिस कमिश्नर सीमांत कुमार सिंह ने कहा है कि इसरो मुख्यालय जैसी अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण स्थान पर ऐसी धमकी को बेहद गंभीरता के साथ लिया जा रहा है. मामले में बेंगलुरु पुलिस देश की शीर्ष जांच एजेंसियों के साथ मिलकर जांच कर रही है.
उन्होंने आगे कहा कि इसरो में बम होने की धमकी ईमेल के जरिए मिली है. ऐसे में साइबर सेल ईमेल के आईपी एड्रेस, ईमेल भेजने वाले शख्स की पहचान और इसके पीछे उसका मकसद क्या था, इसका पता में पूरी तरह से जुटी हुई है.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ेंः बीच समंदर में दिखा इंडियन नेवी का दम, जब भारतीय जहाज को डकैतों ने की लूटने की कोशिश, यूं खदेड़ा ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 21:30:11 +0530</pubDate>
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        <title>अयोध्या राम मंदिर के &amp;apos;चंदा चोरी&amp;apos; पर PM मोदी को कांग्रेस का पत्र, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/अयोध्या-राम-मंदिर-के-चंदा-चोरी-पर-pm-मोदी-को-कांग्रेस-का-पत्र-सुप्रीम-कोर्ट-की-निगरानी-में-जांच-की-मांग</link>
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        <description><![CDATA[ अयोध्या राम मंदिर में चंदा चोरी का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है. इस मामले को लेकर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा राजनीतिक दबाव बढ़ा दिया है. कांग्रेस महासचिव (संगठन) और पब्लिक अकाउंट्स कमेटी चेयरमैन केसी वेणुगोपाल ने गुरुवार (2 जुलाई, 2026) को प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराने की मांग की है.
पीएम मोदी के नाम लिखे पत्र में क्या बोले वेणुगोपाल?
चिठ्ठी में वेणुगोपाल ने कहा है कि अयोध्या राम मंदिर में चंदा चोरी ने पूरे देश को झकझोर दिया है. करोड़ों श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम के नाम पर अपनी मेहनत की कमाई दान की थी, लेकिन इस आस्था के साथ विश्वासघात हुआ है.
उन्होंने कहा कि अयोध्या राम मंदिर का निर्माण सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सार्वजनिक भूमि पर हुआ और इसके संचालन के लिए भारत सरकार की ओर से एक सार्वजनिक ट्रस्ट का गठन किया गया. ऐसे में मंदिर प्रशासन और उसकी जवाबदेही पूरी तरह केंद्र सरकार के दायरे में आती है.
चोरी की पहले आईं चेतावनियां, लेकिन किया नजरअंदाज- वेणुगोपाल
कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि कथित चोरी को लेकर समय-समय पर कई चेतावनियां सामने आईं, लेकिन उन्हें नजरअंदाज किया गया. उनका दावा है कि जिम्मेदार लोगों ने जानबूझकर कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे करोड़ों रुपये के कथित गबन को संरक्षण मिला.&amp;nbsp;

एसआईटी जांच पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
पत्र में कांग्रेस ने अब तक की एसआईटी जांच पर भी सवाल उठाए हैं. वेणुगोपाल ने कहा कि अब तक की कार्रवाई केवल आंखों में धूल झोंकने जैसी है और इसका उद्देश्य कथित तौर पर बड़े आरोपियों को बचाना प्रतीत होता है.
कांग्रेस का कहना है कि ये केवल वित्तीय अनियमितता का मामला नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था के राजनीतिक और आर्थिक दुरुपयोग का गंभीर मुद्दा है. पार्टी ने प्रधानमंत्री से मांग की है कि पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में तत्काल और निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि सच सामने आ सके और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो.
यह भी पढ़ेंः &#039;ऑपरेशन सिंदूर पर संसद को किया गुमराह&#039;, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के खिलाफ विशेषाधिकार नोटिस, कांग्रेस-BJP भिड़े ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 21:30:10 +0530</pubDate>
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        <title>बीच समंदर में दिखा इंडियन नेवी का दम, जब भारतीय जहाज को डकैतों ने की लूटने की कोशिश, यूं खदेड़ा</title>
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        <description><![CDATA[ भारतीय नौसेना बुधवार (1 जुलाई 2026) को अदन की खाड़ी में समुद्री लुटेरे पर काल बनकर टूट पड़ी. भारत के लिए जरूरी सामान ले जा रहे कमर्शियल शिप से नेवी को मदद के लिए कॉल रिसीव हुआ. जिससे बाद वॉरशिप INS त्रिकंद ने तुरंत कार्रवाई की और समुद्री लुटेरों के मंसूबे पर पानी फेर दिया. अदन की खाड़ी में सक्रिय सोमाली समुद्री लुटेरों द्वारा अक्सर जहाजों को हाईजैक करने या लूटने की घटनाएं सामने आती रहती है.
इंडियन नेवी को देखते ही भागे लुटेरे
न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, समुद्री लुटेरों ने एमवी गोल्डन आर्सेनलन नामक जहाज पर धावा बोल दिया. लुटेरे इस जहाज पर चढ़ने की कोशिश करने लगे. इस पर एक इंडियन क्रू मेंबर सवार था. चालक दल ने तुरंत खुद को एक सुरक्षित कमरे में बंद करके एंटी-पाइरेसी प्रोटोकॉल एक्टिव कर दिया. क्षेत्र में तैनात आईएनएस त्रिकंद ने इमरजेंसी कॉल का जवाब दिया और जहाज की तरफ की बढ़ा. जैसे ही भारतीय नौसेना का वॉरशिप जहाज के करीब पहुंचा समुद्री लुटेरे जहाज पर कब्जा करने से पहले ही वहां से भाग गए.
जहाज को कोई नुकसान नहीं पहुंचा
इस घटना के बाद भारतीय नौसेना के मरीन कमांडो (मार्कोस) एमवी गोल्डन आर्सेनल शिप पर चढ़े और यह सुनिश्चित किया कि जहाज पर किसी तरह का कोई खतरा नहीं है. कुछ देर बाद में नेवी ने जहाज को पूरी तरह सुरक्षित घोषित कर दिया. चालक दल के किसी भी सदस्य के घायल होने या जहाज को कोई नुकसान पहुंचने की कोई सूचना नहीं मिली है.
अदन की खाड़ी दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री ट्रेड रूट में से एक है. अफ्रीका के &#039;हॉर्न ऑफ अफ्रीका&#039; इलाके के नजदीक होने की वजह से इस समुद्री रास्ते पर लंबे समय से समुद्री लुटेरों का खतरा बना रहता है. इस खतरे को देखते हुए भारतीय नौसेना इस इलाके में लगातार तैनात रहती है. नौसेना यहां अपने सबसे आधुनिक और लड़ाकू युद्धपोतों को तैनात रखती है, ताकि व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा की जा सके. पिछले दो सालों में भारतीय नौसेना ने अरब सागर और अदन की खाड़ी में समुद्री लुटेरों के खिलाफ ऐसे कई मिशन चलाए हैं.
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        <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 21:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Himachal Pradesh News: उफनते नाले ने रोकी एंबुलेंस, मौत से जंग लड़ रही महिला को एलएनटी मशीन के बकेट में बैठाकर कराया पार</title>
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        <description><![CDATA[ हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण जाहलमा नाला उफान पर है. नाले में जलस्तर बढ़ने से सड़क संपर्क पूरी तरह बाधित हो गया. इसी बीच एक गंभीर रूप से बीमार महिला को बेहतर इलाज के लिए कुल्लू रेफर किया गया, लेकिन तेज बहाव के कारण एंबुलेंस मरीज तक नहीं पहुंच सकी. ऐसे में महिला को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाने के लिए एलएनटी मशीन की मदद ली गई.
जाहलमा नाले में तेज बहाव होने की वजह से एंबुलेंस का आगे बढ़ना संभव नहीं था. मरीज को समय पर अस्पताल पहुंचाना जरूरी था, इसलिए मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था की. स्थानीय लोगों और परिजनों ने मिलकर महिला को एलएनटी मशीन के बकेट में बैठाया, ताकि उसे सुरक्षित नाले के दूसरी ओर पहुंचाया जा सके.
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एलएनटी बनी सहारा
एलएनटी मशीन की मदद से महिला मरीज को सावधानीपूर्वक नाला पार कराया गया. दूसरी ओर पहले से एंबुलेंस मौजूद थी, जिसने महिला को अपने साथ लेकर कुल्लू के लिए रवाना किया. इस पूरी प्रक्रिया के दौरान स्थानीय लोगों ने भी सहयोग किया, जिससे मरीज को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया जा सका.
वीडियो आया सामने
घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें परिजन और स्थानीय लोग महिला मरीज को एलएनटी मशीन के बकेट में बैठाते हुए दिखाई दे रहे हैं. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि उफनते नाले के कारण सामान्य आवाजाही पूरी तरह प्रभावित थी और मरीज को दूसरी ओर पहुंचाने के लिए मशीन का सहारा लेना पड़ा. लगातार बारिश के कारण लाहौल-स्पीति के कई इलाकों में सड़क संपर्क प्रभावित हो रहा है. ऐसे हालात में प्रशासन लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील कर रहा है.
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[परी शर्मा से मिले इनपुट पर आधारित] ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 21:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Himachal, Pradesh, News:, उफनते, नाले, ने, रोकी, एंबुलेंस, मौत, से, जंग, लड़, रही, महिला, को, एलएनटी, मशीन, के, बकेट, में, बैठाकर, कराया, पार</media:keywords>
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        <title>संयुक्त अभ्यास, रणनीतिक सहयोग और समुद्री सुरक्षा… भारत दौर पर आयीं जापान PM ताकाइची ने क्या&amp;क्या कहा</title>
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        <description><![CDATA[ बढ़ती वैश्विक अनिश्चितता के बीच गहरे आपसी सहयोग की जरूरत पर जोर देते हुए जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने गुरुवार &amp;nbsp;(2 जूलाई ) को कहा कि जापान और भारत को मिलकर खुशहाली के लिए अपनी-अपनी ताकत पर काम करना चाहिए. नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बातचीत के बाद संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने गर्मजोशी से स्वागत के लिए शुक्रिया अदा किया और पीएम मोदी के उन्हें प्यार से छोटी बहन कहने पर खुशी जताई.
साने ताकाइची कहा कि दोनों देशों की सोच काफी हद तक समान है और भाई-बहन की तरह संबंधों को और मजबूत करने के लिए दोनों प्रतिबद्ध हैं. पीएम ताकाइची ने कहा, &#039;जापान और भारत को एक साथ ज्यादा मजबूत और खुशहाल बनने के लिए अपनी-अपनी ताकत का फायदा उठाना चाहिए. मौजूदा वैश्विक हालात में ऐसा सहयोग पहले से कहीं अधिक जरूरी हो गया है.&#039;

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रणनीतिक सहयोग
दोनों नेताओं ने कई मुद्दों पर चर्चा की और साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए तीन प्रमुख क्षेत्रों की पहचान की. ताकाइची ने कहा कि पहला लक्ष्य भारत-जापान के रणनीतिक सहयोग को और गहरा करना है. उन्होंने हाल ही में अपडेट की गई एफओआईपी (फ्री एंड ओपन इंडो-पैसिफिक) नीति का जिक्र करते हुए कहा कि इसका फोकस आत्मनिर्भरता और लचीलेपन पर है.
समुद्री सुरक्षा पर
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी महासागर को क्षेत्रीय स्थिरता और विकास का माध्यम मानते हैं और उनकी &#039;ग्रेट ओशन&#039; पहल एफओआईपी के उद्देश्यों के अनुरूप है. दोनों पक्ष साझा लक्ष्यों को हासिल करने के लिए रणनीतिक सहयोग और समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने पर सहमत हुए.
जापानी पीएम ने बताया कि जापान की समुद्री सेल्फ-डिफेंस फोर्स का एक डिस्ट्रॉयर और भारतीय नौसेना का एक जहाज संयुक्त अभियान चलाने की योजना बना रहे हैं. हिंद महासागर में संयुक्त अभ्यास बढ़ाए जाएंगे. साथ ही नेवल मेंटेनेंस, रिपेयर और &#039;मेक इन इंडिया&#039; के तहत रक्षा उपकरणों में सहयोग मजबूत किया जाएगा.
नए दौर की साझेदारी
प्रधानमंत्री मोदी की &#039;विकसित भारत&#039; पहल का जिक्र करते हुए ताकाइची ने कहा कि दोनों देश भविष्य पर केंद्रित निवेश के जरिए अपनी अर्थव्यवस्थाओं को और मजबूत बनाना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि इस वर्ष दोनों देशों के राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे हो रहे हैं. उन्होंने विश्वास जताया कि भारत-जापान संबंध अब नए दौर में प्रवेश कर रहे हैं और अगली बार जापान में प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत का उन्हें बेसब्री से इंतजार रहेगा.
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        <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 21:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में खरगे की जगह सलमान खुर्शीद जाएंगे ईरान, कांग्रेस की तरफ से देंगे संदेश</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/अली-खामेनेई-के-अंतिम-संस्कार-में-खरगे-की-जगह-सलमान-खुर्शीद-जाएंगे-ईरान-कांग्रेस-की-तरफ-से-देंगे-संदेश</link>
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        <description><![CDATA[ अमेरिका और इजरायल के 28 फरवरी, 2026 को किए गए संयुक्त हमले में ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का राजकीय अंतिम संस्कार समारोह शुक्रवार (3 जुलाई, 2026) से लेकर अगले हफ्ते गुरुवार (9 जुलाई, 2026) तक आयोजित है, जिसमें शामिल होने के लिए ईरान ने भारत की दोनों मुख्य पार्टियों- भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस- के राष्ट्रीय अध्यक्षों को निमंत्रण दिया है.
मल्लिकार्जुन खरगे की तरफ से सलमान खुर्शीद जाएंगे ईरान
सूत्रों के हवाले से खबर है कि ईरान के न्योते पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की तरफ से पार्टी के विदेश विभाग के प्रमुख सलमान खुर्शीद शुक्रवार (3 जुलाई, 2026) के कार्यक्रम में शामिल होंगे. चूंकि, 3 जुलाई को कार्यक्रम है, ऐसे में इतने शॉर्ट नोटिस पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जाने में असमर्थ हैं.
ईरान में कांग्रेस का संदेश देंगे खुर्शीद
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस के विदेश विभाग के प्रमुख सलमान खुर्शीद ईरान में अपनी पार्टी का पक्ष रखते हुए आधिकारिक संदेश देंगे. हालांकि, अभी तक सलमान खुर्शीद के जाने को लेकर फ्लाइट बुक नहीं हो पाई है. ऐसे में उनकी यात्रा के लिए चार्टर्ड विमान से भी संभावना तलाशी जा रही है.&amp;nbsp;

ईरानी राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री मोदी को भी दिया निमंत्रण
वहीं, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने अपने दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार समारोह में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी निमंत्रण दिया था. ऐसे में भारतीय विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन अगले हफ्ते ईरान में भारत की ओर से शामिल हो सकते हैं.
ईरान में कब से कब तक होंगे कार्यक्रम?
दिवंगत ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार का कार्यक्रम 3 जुलाई से लेकर 9 जुलाई, 2026 तक आयोजित है. इसमें 4 और 5 जुलाई को राजधानी तेहरान में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जाएगा. इसके बाद 6 और 7 जुलाई को तेहरान के साथ-साथ मध्य ईरानी शहर कोम में खामेनेई की अंतिम यात्रा निकाली जाएगी और आखिरी दिन यानी 9 जुलाई, 2026 को देश के उत्तर-पूर्वी शहर मशहद में स्थित इमाम रजा दरगाह में अली खामेनेई को दफनाया जाएगा.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 05:30:12 +0530</pubDate>
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        <title>&amp;apos;सभी विभाग तालमेल बनाकर करें काम&amp;apos;, कम बारिश को लेकर कैबिनेट मीटिंग में बोले PM मोदी </title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/सभी-विभाग-तालमेल-बनाकर-करें-काम-कम-बारिश-को-लेकर-कैबिनेट-मीटिंग-में-बोले-pm-मोदी</link>
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        <description><![CDATA[ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार (1 जुलाई, 2026) को कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता की. इस बैठक में कम बारिश होने की वजह से उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों को लेकर विस्तृत रूप से चर्चा की गई.&amp;nbsp;
सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में हुई इस कैबिनेट बैठक में सभी प्रभावित विभागों को आपस में तालमेल बनाकर योजना के तहत काम करने का निर्देश दिया गया, जिसमें कृषि, पावर, जलशक्ति समेत केंद्र सरकार के 10 मंत्रालय शामिल हैं. बैठक में इन सभी मंत्रालयों ने आपस में मिलकर काम करने पर सहमति जताई है.&amp;nbsp;
कमजोर मानसून से देश में खेती पर असर
इस साल जून महीने में 38% बारिश की कमी दर्ज की गई, जिससे कुल खरीफ बुवाई 23% घटी, 236.46 से घटकर 182.72 लाख हेक्टेयर हो गई. इसमें तिलहन पर सबसे ज्यादा असर - 53% की गिरावट दर्ज की गई. वहीं, कपास बुवाई 35% घटी, धान बुवाई में करीब 25% की कमी, दलहन बुवाई 30% कम रही और मोटा अनाज बुवाई में 12% की गिरावट दर्ज की गई.&amp;nbsp;
दक्षिण-पश्चिम मानसून का नहीं दिखा असर
यह बैठक देश के कई राज्यों में मानसून की कमी की वजह से उत्पन्न हुई परिस्थितियों पर चर्चा के लिए बुलाई गई थी. दरअसल, देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की शुरुआत को एक महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है, लेकिन दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान समेत मध्य और पश्चिम भारत के राज्यों में आसमान से लगातार सिर्फ गर्मी बरस रही है. बारिश की आस में लोग आसमान की तरफ देख रहे हैं, लेकिन मौसम विभाग ने कहा कि मध्य भारत के राज्यों में अब तक औसतन 50 प्रतिशत कम बारिश हुई है. वहीं, जुलाई के महीने से भी ज्यादा उम्मीद नहीं है.&amp;nbsp;

दिल्ली से गुजरात तक, कहां क्या रहा बारिश का आंकड़ा&amp;nbsp;
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल देश के मध्य हिस्से में औसतन 50 प्रतिशत से कम बारिश हुई है. वहीं, उत्तर-पूर्वी भारत में बारिश का आंकड़ा 40 प्रतिशत से कम है, जबकि दक्षिण भारत में इस साल करीब 27 प्रतिशत कम बारिश हुई है.&amp;nbsp;
राज्यों के मुताबिक आंकड़ा देखें, तो दिल्ली में 50 प्रतिशत, हरियाणा में 29 प्रतिशत, उत्तर प्रदेश में 50 प्रतिशत, बिहार में 47 प्रतिशत, मध्य प्रदेश में 33 प्रतिशत, गुजरात में 82 प्रतिशत, झारखंड में 59 प्रतिशत, पंजाब में 47 प्रतिशत, महाराष्ट्र में 47 प्रतिशत और हिमाचल प्रदेश में औसतन 32 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 05:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>क्या पानी&amp;खून बहेगा एक साथ? 61 भारतीयों के साइन, पाक टूलकिट का हिस्सा बने राजनेता, क्यों भूल गए पहलगाम?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/क्या-पानी-खून-बहेगा-एक-साथ-61-भारतीयों-के-साइन-पाक-टूलकिट-का-हिस्सा-बने-राजनेता-क्यों-भूल-गए-पहलगाम</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/क्या-पानी-खून-बहेगा-एक-साथ-61-भारतीयों-के-साइन-पाक-टूलकिट-का-हिस्सा-बने-राजनेता-क्यों-भूल-गए-पहलगाम</guid>
        <description><![CDATA[ क्या पाकिस्तान के साथ रिश्ते सामान्य कर दिए जाने चाहिए? क्या आतंकवाद और बातचीत साथ-साथ चल सकती है? इन्हीं सवालों के बीच भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है. दरअसल, भारत और पाकिस्तान के 117 पूर्व राजनयिकों, नेताओं, शिक्षाविदों, कलाकारों और सामाजिक हस्तियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को एक खुला पत्र लिखकर दोनों देशों के बीच संवाद बहाल करने और संबंधों को सामान्य बनाने की अपील की है. इस पत्र के सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद भी तेज हो गया है.
यह खुला पत्र सेंटर फॉर पीस एंड प्रोग्रेस नामक संस्था की ओर से जारी किया गया है. इसमें कुल 117 लोगों के हस्ताक्षर हैं, जिनमें भारत के 61 और पाकिस्तान के 56 नागरिक शामिल हैं. पत्र पर भारत की ओर से नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला, पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती, आरजेडी सांसद मनोज झा, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर, मीरवाइज उमर फारूक, पूर्व केंद्रीय मंत्री सैफुद्दीन सोज, हुमायूं कबीर और प्रोफेसर अपूर्वानंद समेत कई प्रमुख नाम शामिल हैं. वहीं पाकिस्तान की ओर से पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद महमूद कसूरी, पूर्व राजनयिक अशरफ जहांगीर काजी, सांसद इस्फंदयार भंडारा, परमाणु वैज्ञानिक परवेज हुडभॉय और शास्त्रीय नृत्यांगना शीमा किरमानी सहित कई हस्तियों ने इस पर हस्ताक्षर किए हैं.
पत्र में दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों को फिर से बहाल करने, दोनों देशों में हाई कमिश्नरों की नियुक्ति करने, सामान्य वीजा सेवा दोबारा शुरू करने, अटारी-वाघा सीमा के जरिए व्यापार और यात्राएं बहाल करने, बस और रेल सेवाएं फिर से शुरू करने तथा कश्मीर सहित सभी लंबित मुद्दों पर बातचीत शुरू करने की अपील की गई है. हस्ताक्षरकर्ताओं का कहना है कि दोनों परमाणु शक्ति संपन्न देशों के बीच तनाव कम होना चाहिए और स्थायी शांति के लिए संवाद ही सबसे प्रभावी रास्ता है.
इस बीच पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत शुरू करने का सुनहरा अवसर है. उनका कहना था कि दोनों प्रधानमंत्रियों को आपस में बातचीत करनी चाहिए. वहीं मीरवाइज उमर फारूक ने कहा कि युद्ध किसी समस्या का समाधान नहीं है और सभी विवाद अंततः बातचीत के जरिए ही सुलझाए जा सकते हैं. आरजेडी सांसद मनोज झा ने भी दोनों देशों के बीच &amp;lsquo;पीपुल-टू-पीपुल कॉन्टैक्ट&amp;rsquo; यानी लोगों के स्तर पर सांस्कृतिक, साहित्यिक और सामाजिक संवाद बहाल करने की वकालत की.
हालांकि इस अपील के सामने आने के बाद देश में तीखी राजनीतिक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है. आलोचकों का कहना है कि हाल के वर्षों में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद, विशेषकर पहलगाम जैसे आतंकी हमलों के बाद ऐसे समय में बातचीत और रिश्ते सामान्य करने की मांग उचित नहीं है. उनका तर्क है कि जब तक पाकिस्तान अपनी धरती से संचालित आतंकवादी ढांचे पर प्रभावी कार्रवाई नहीं करता, तब तक सामान्य संबंधों की बात करना भारत के हित में नहीं होगा.
इस पूरे विवाद के बीच सिंधु जल संधि भी चर्चा का केंद्र बनी हुई है. भारत द्वारा संधि को स्थगित किए जाने के बाद पाकिस्तान लगातार चिंता जता रहा है. रिपोर्टों के मुताबिक पाकिस्तान कई बार भारत से नदियों के जलस्तर और पानी छोड़े जाने संबंधी जानकारी मांग चुका है, लेकिन भारत ने ऐसी सूचनाएं साझा करना बंद कर दिया है. पाकिस्तान का कहना है कि पानी की कमी से उसकी कृषि और अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ रहा है. वहीं भारत का स्पष्ट रुख है कि सीमा पार आतंकवाद और सामान्य द्विपक्षीय संबंध एक साथ नहीं चल सकते.
भारत सरकार पहले भी स्पष्ट कर चुकी है कि आतंकवाद और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकती. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कई मौकों पर यह कह चुके हैं कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं करता, तब तक संबंध सामान्य होने की संभावना बेहद सीमित है. ऐसे में भारत-पाकिस्तान संबंधों को लेकर जारी यह नई बहस आने वाले दिनों में और तेज होने की&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 05:30:09 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>क्या, पानी-खून, बहेगा, एक, साथ, भारतीयों, के, साइन, पाक, टूलकिट, का, हिस्सा, बने, राजनेता, क्यों, भूल, गए, पहलगाम</media:keywords>
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        <title>Petrol Diesel Price Cut : &amp;apos;अब होगी असली बचत!&amp;apos; नायरा एनर्जी ने घटाए पेट्रोल&amp;डीजल के दाम, लोगों ने जताई खुशी, बोले&amp; महंगाई में बड़ी राहत</title>
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        <description><![CDATA[ नायरा एनर्जी की ओर से बुधवार को पेट्रोल-डीजल की कीमतों में क्रमश: 5 रुपए और 3 रुपए की कटौती पर लोगों ने कहा कि इससे बढ़ती महंगाई के दौर में राहत मिलेगी. साथ ही अतिरिक्त बचत करने में मदद मिलेगी. समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में नायरा एनर्जी पेट्रोल पंप पर ईंधन लेने आए दीपक रोजवानी ने कहा कि यह कंपनी की ओर से लिया गया एक बहुत अच्छा फैसला है. इससे उबर, जोमैटो और स्विगी में काम करने वालों को काफी राहत मिलेगी. इससे बचत करने में भी मदद मिलेगी.
अन्य ग्राहक मुर्गेश सुतारिया ने कहा कि पहले पेट्रोल का दाम 107 रुपए प्रति लीटर था, लेकिन इस कटौती के बाद कीमत घटकर 102 रुपए प्रति लीटर पर आ गई है. इससे सभी को राहत मिली है. नायरा एनर्जी देश की सबसे बड़ी निजी ईंधन खुदरा नेटवर्क का संचालन करती है. कंपनी के पास देशभर में 7,000 से ज्यादा फ्यूल स्टेशन हैं.&amp;nbsp;

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कच्चे तेल में गिरावटनायरा एनर्जी की ओर से ईंधन की कीमतों में कटौती की वजह कच्चे तेल की कीमतों का नीचे आना है. अमेरिका-ईरान के बीच शांति वार्ता होने से मध्य पूर्व में तनाव कम हुआ है. इससे कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट देखी गई और डब्ल्यूटीआई क्रूड फ्यूचर्स का भाव घटकर 70 डॉलर प्रति बैरल से नीचे 69.73 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है.
सरकारी दरें स्थिरसरकारी तेल कंपनियों की ओर से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. नई दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपए प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपए प्रति लीटर पर स्थिर बना हुआ है.
एलपीजी में राहतइसके अतिरिक्त, तेल वितरक कंपनियों ने एक जुलाई से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कटौती का ऐलान किया है. राष्ट्रीय राजधानी में 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर का दाम 183.50 रुपए घटकर 2,930 रुपए हो गया है, जो पहले 3,113.50 रुपए था. 14 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है और यह 942 रुपए पर स्थिर है.
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        <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 05:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>India Pakistan Relations: भारत को पाकिस्तान की धमकी पर ममता बनर्जी गुट का बड़ा बयान, कहा&amp; &amp;apos;जब भी हम दुश्मनी...&amp;apos;</title>
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        <description><![CDATA[ भारत और पाकिस्तान के रिश्तों को फिर से पटरी पर लाने की कोशिश में दोनों देशों की करीब 100 से अधिक जानी-मानी हस्तियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ को एक साझा पत्र भेजा है. सेंटर फॉर पीस एंड प्रोग्रेस नामक संगठन की पहल पर लिखे गए इस पत्र में कुल 117 लोगों ने डिजिटल हस्ताक्षर किए हैं.
इस पत्र में दोनों देशों के बीच बढ़े तनाव को कम करने, बातचीत फिर शुरू करने, दिल्ली और इस्लामाबाद में उच्चायुक्तों की नियुक्ति, वीज़ा सेवाओं को सामान्य करने और बंद पड़े हवाई क्षेत्र को दोबारा खोलने की अपील की गई है. साथ ही धार्मिक-सांस्कृतिक यात्राओं को बढ़ावा देने, जम्मू-कश्मीर मुद्दे पर संवाद बहाल करने और 2004-2007 की व्यापक वार्ता प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की मांग भी शामिल है.&amp;nbsp;

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117 हस्तियों की अपील
भारत की तरफ से फारुक अब्दुल्ला, मीरवाइज उमर फारुक, महबूबा मुफ्ती, मनोज झा और हुमायूं कबीर सहित 61 लोगों ने इस पत्र पर दस्तखत किए हैं. पाकिस्तान की ओर से पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद महमूद कसूरी, पूर्व राजनयिक अशरफ जहांगीर काज़ी, नेशनल असेंबली सदस्य इस्फनयार भंडारा और परमाणु वैज्ञानिक परवेज़ हूदभॉय समेत 56 हस्तियों ने समर्थन जताया है.
टीएमसी का जवाबपाकिस्तान की ओर से सिंधु जल संधि को लेकर एक अंतरराष्ट्रीय मंच पर दिए गए बयान पर ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद सौगत रॉय ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए रॉय ने कहा कि पाकिस्तान अपनी ताकत को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहा है. उन्होंने याद दिलाया कि सिंधु नदी भारत से होकर ही पाकिस्तान में प्रवेश करती है, इसलिए जब भी पाकिस्तान की तरफ से शत्रुतापूर्ण रवैया दिखेगा, भारत सिंधु जल के मुद्दे पर सख्त कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा. उन्होंने साफ कहा कि पाकिस्तान के बयानों से भारत की नीति पर कोई असर नहीं पड़ेगा.
दोहरी कूटनीतिक चुनौतीममता बनर्जी की पार्टी TMC के सांसद का यह बयान ऐसे समय आया है जब एक तरफ शांति के पक्षधर लोग दोनों देशों के बीच संबंध सुधारने की पहल कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सिंधु जल संधि जैसे संवेदनशील मुद्दों पर भारत की राजनीतिक पार्टियां सख्त रुख अपनाए हुए हैं. यह घटनाक्रम दिखाता है कि भारत-पाकिस्तान संबंधों में सुधार की कोशिशें और सुरक्षा तथा जल-बंटवारे को लेकर सतर्कता, दोनों साथ-साथ चल रही हैं.
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        <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 05:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>&amp;apos;VIJAY&amp;apos; होगा नए सेना प्रमुख का मिशन! कांप उठेगा पाकिस्तान, जनरल धीरज सेठ ने बताया कैसी होगी फ्यूचर इंडियन आर्मी</title>
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        <description><![CDATA[ General Dhiraj Seth: भारतीय सेना के 31वें सेना प्रमुख का पदभार संभालने के बाद जनरल धीरज सेठ ने देश को अपना पहला संदेश दिया. उन्होंने कहा कि यह जिम्मेदारी उनके लिए गर्व और विनम्रता का विषय है. उन्होंने सेना के आधुनिकीकरण, स्वदेशी तकनीक, तीनों सेनाओं के बेहतर तालमेल और जवानों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संकल्प दोहराया. इसके लिए उन्होंने अपना विजन &#039;VIJAY&#039; भी पेश किया.
31वें सेना प्रमुख का पदभार संभाला
जनरल धीरज सेठ ने भारतीय सेना के 31वें सेना प्रमुख के रूप में पदभार संभाल लिया है. उन्होंने कहा कि भारतीय सेना के 31वें सेना प्रमुख का पद संभालना उनके लिए गर्व और विनम्रता दोनों का विषय है.
&#039;ड्यूटी, ऑनर और नेशन फर्स्ट&#039; के प्रति जताई प्रतिबद्धता
उन्होंने कहा कि वह &#039;ड्यूटी, ऑनर और नेशन फर्स्ट&#039; के सिद्धांतों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के साथ इस जिम्मेदारी को स्वीकार कर रहे हैं.
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प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री का जताया आभार
जनरल धीरज सेठ ने प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने उन पर विश्वास जताया और भारतीय सेना का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी सौंपी. उन्होंने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने कहा कि शहीदों का साहस, कर्तव्य के प्रति समर्पण और निस्वार्थ सेवा आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करती रहेगी. जनरल धीरज सेठ ने कहा कि मौजूदा सुरक्षा चुनौतियां लगातार बदल रही हैं और उनसे निपटने के लिए सेना के आधुनिकीकरण को नई गति और मजबूत संकल्प के साथ आगे बढ़ाना होगा.
भविष्य के लिए तैयार सेना बनाने का लक्ष्य
उन्होंने कहा कि उद्देश्य ऐसी तकनीक आधारित और भविष्य के लिए तैयार सेना बनाना है, जो हर स्तर पर सक्षम हो और कई क्षेत्रों में एक साथ प्रभावी तरीके से काम कर सके. उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री के &#039;डिकेड ऑफ ट्रांसफॉर्मेशन&#039; के विजन से प्रेरणा लेकर उन्होंने अपनी प्राथमिकताएं तय की हैं.
&#039;VIJAY&#039; विजन का किया ऐलान
जनरल धीरज सेठ ने बताया कि उन्होंने अपनी सभी प्राथमिकताओं को &#039;VIJAY&#039; नाम के एक संक्षिप्त रूप में रखा है, जिसमें हर अक्षर एक विशेष लक्ष्य को दर्शाता है.
V का मतलब Vigilance and Readiness
उन्होंने कहा कि V का अर्थ Vigilance and Readiness यानी सतर्कता और हर समय तैयार रहना है. उन्होंने कहा कि भारतीय सेना सीमाओं और उभरते खतरों पर लगातार नजर रखेगी और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी हर चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार रहेगी.
I का मतलब Innovation and Transformation
उन्होंने कहा कि I का अर्थ Innovation and Transformation यानी नई सोच और बदलाव है. उन्होंने कहा कि सेना में तकनीकी और सैन्य सिद्धांतों दोनों स्तरों पर नए समाधान अपनाए जाएंगे. उन्होंने कहा कि नई सोच, सेना की कार्यशैली और क्षमता विकास का अहम हिस्सा बनेगा. उन्होंने यह भी कहा कि बदलते युद्धक्षेत्र के अनुसार जरूरी बदलाव तेजी से लागू किए जाएंगे.
J का मतलब Jointness and Integration
उन्होंने कहा कि J का अर्थ Jointness and Integration यानी तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल और एकीकरण है. उन्होंने कहा कि भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना के बीच बेहतर समन्वय और सहयोग से सेना की परिचालन क्षमता और मजबूत होगी. उन्होंने कहा कि यह संयुक्त रणनीति राष्ट्र निर्माण में योगदान देगी और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में मदद करेगी.
A का मतलब Aatmanirbharta
उन्होंने कहा कि A का अर्थ आत्मनिर्भरता है. उन्होंने कहा कि देश में विकसित स्वदेशी तकनीक और क्षमताओं का अधिकतम उपयोग करके आत्मनिर्भर सेना बनाई जाएगी. उन्होंने कहा कि उनका सबसे बड़ा लक्ष्य स्वदेशी समाधानों के दम पर युद्ध जीतने की क्षमता विकसित करना है.
Y का मतलब Yoddha First
उन्होंने कहा कि Y का अर्थ Yoddha First यानी जवान सबसे पहले है. उन्होंने कहा कि उनके लिए सबसे नए अग्निवीर से लेकर सबसे वरिष्ठ पूर्व सैनिक तक हर व्यक्ति एक योद्धा है. उन्होंने कहा कि यही योद्धा भारतीय सेना की सबसे बड़ी ताकत हैं और उनके हित सर्वोच्च प्राथमिकता रहेंगे.
पूर्व सेना प्रमुखों को दिया सम्मान
जनरल धीरज सेठ ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी और सभी पूर्व सेना प्रमुखों को सम्मानपूर्वक याद किया. उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व और दूरदृष्टि की बदौलत भारतीय सेना आज एक मजबूत, सक्षम और भरोसेमंद सैन्य बल बनी है. जनरल धीरज सेठ ने कहा कि उनका विश्वास है कि प्रधानमंत्री द्वारा सशस्त्र बलों के लिए दिया गया &#039;VIJAY&#039; का मार्गदर्शक सिद्धांत भारतीय सेना की सफलता की मजबूत नींव है. उन्होंने कहा कि यही सिद्धांत सेना को हर परिस्थिति में विजय की ओर ले जाएगा. अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा कि &#039;जय&#039; ही &#039;विजय&#039; तक पहुंचने का रास्ता है. उन्होंने अपने संदेश का समापन &#039;जय हिंद&#039; और &#039;जय भारत&#039; के उद्घोष के साथ किया. ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 13:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>VIJAY, होगा, नए, सेना, प्रमुख, का, मिशन, कांप, उठेगा, पाकिस्तान, जनरल, धीरज, सेठ, ने, बताया, कैसी, होगी, फ्यूचर, इंडियन, आर्मी</media:keywords>
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        <title>Migration Partnership: भारत ने 26 देशों से ताबड़तोड़ कर डाले 28 समझौते, जयशंकर ने बताया इंडिया का असली प्लान</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/migration-partnership-भारत-ने-26-देशों-से-ताबड़तोड़-कर-डाले-28-समझौते-जयशंकर-ने-बताया-इंडिया-का-असली-प्लान</link>
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        <description><![CDATA[ विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मंगलवार ( 30 जून ) को बताया कि भारत ने 26 देशों के साथ 28 प्रवासन और गतिशीलता साझेदारी समझौतों (एमएमपीए) या उनके समकक्ष समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं. उन्होंने कहा कि कई अन्य देशों के साथ भी ऐसे समझौतों को लेकर बातचीत जारी है.
विदेश मंत्रालय द्वारा यहां आयोजित मानव संसाधन गतिशीलता मंच को संबोधित करते हुए जयशंकर ने अवैध प्रवासन और मानव तस्करी से निपटने के लिए देशों की सामूहिक जिम्मेदारी पर भी जोर दिया. जयशंकर ने कहा कि &#039;विश्वसनीय और सुरक्षित आवागमन के मार्ग&#039; मजबूत अर्थव्यवस्थाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं. जयशंकर ने कहा कि नयी दिल्ली अंतरराष्ट्रीय सहयोग में गतिशीलता को एक &#039;बहुत अहम स्तंभ&#039; मानती है और ये साझेदारियां &#039;आपसी फायदे, साझा जिम्मेदारी और लंबे समय तक चलने वाली स्थिरता&#039; पर आधारित हैं.

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सुरक्षित प्रवास पर जोर
विदेश मंत्री ने कहा कि जब ऐसी साझेदारियों का सही ढंग से प्रबंधन किया जाता है तो इनसे स्रोत देशों, गंतव्य देशों, नियोक्ताओं, कामगारों और समुदायों के लिए मूल्य का सृजन होता है. जयशंकर ने कहा, &#039;हम सुरक्षित, व्यवस्थित और कानूनी प्रवास सुनिश्चित करने के लिए द्विपक्षीय सहयोग की जरूरत को भी समझते हैं. अब तक भारत ने 26 देशों के साथ 28 &amp;lsquo;प्रवास और गतिशीलता साझेदारी समझौते&amp;rsquo; (एमएमपीए) या उनके समान समझौते किए हैं और कई अन्य समझौतों पर अभी बातचीत चल रही है.&#039;
मानव तस्करी पर सख्तीजयशंकर ने कहा कि अवैध प्रवास, शोषणकारी तौर-तरीकों, धोखाधड़ी करने वाले बिचौलियों और मानव तस्करी से निपटने के लिए देशों की सामूहिक जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है. विदेश मंत्री ने कहा, &#039;ये चुनौतियां कानूनी तौर पर आवाजाही के सिस्टम की विश्वसनीयता को कम करती हैं और कमज़ोर लोगों को जोखिम में डाल सकती हैं.&#039; इस मंच के लिए कई नीति-निर्माता, क्षेत्र के दिग्गज, नियोक्ता और पेशेवर इकट्ठा हुए हैं. इस मंच का मकसद विचारों का आदान-प्रदान करने, अनुभवों से सीखने और गतिशीलता के लिए नए तरीकों को खोजने के अवसर देना है.
बदलती दुनिया की जरूरतजयशंकर ने कहा कि दुनिया एक &#039;बड़े बदलाव&#039; से गुजर रही है और इसी के तहत, अलग-अलग महाद्वीपों में आबादी के पैटर्न तेजी से बदल रहे हैं. विदेश मंत्री ने कहा कि तकनीकी नवोन्मेष उद्योगों को अभूतपूर्व गति से बदल रहा है. कृत्रिम बुद्धिमता, ऑटोमेशन, डिजिटलीकरण और हरित बदलाव भी उन कौशलों को नए सिरे से परिभाषित कर रहे हैं जिनकी भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए ज़रूरत होगी.
प्रतिभा की ताकत
विदेश मंत्री ने कहा, &#039;लेकिन पुराने समय की चुनौतियां भी हमारे साथ बनी हुई हैं, चाहे वे स्वास्थ्य, उत्पादन, निर्माण या खेती से जुड़ी हों. साथ ही, समाज आपस में तेज़ी से जुड़ रहे हैं, और देशों की रचनात्मक रूप से सोचने की क्षमता भविष्य की समृद्धि की उनकी संभावनाओं पर काफ़ी असर डालेगी.&#039; इसलिए, मानव संसाधन गतिशीलता का मतलब सिर्फ लोगों का एक जगह से दूसरी जगह जाना नहीं है. यह &#039;उम्मीदों को मौकों से जोड़ने&#039; और &amp;ldquo;प्रतिभा को जरूरत से जोड़ने&#039; के बारे में है.
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इनपुट-भाषा ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 13:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Migration, Partnership:, भारत, ने, देशों, से, ताबड़तोड़, कर, डाले, समझौते, जयशंकर, ने, बताया, इंडिया, का, असली, प्लान</media:keywords>
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        <title>राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच करेगी ED? अयोध्या पुलिस लिखेगी चिट्ठी, चौंकाने वाला खुलासा</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/राम-मंदिर-चढ़ावा-चोरी-मामले-की-जांच-करेगी-ed-अयोध्या-पुलिस-लिखेगी-चिट्ठी-चौंकाने-वाला-खुलासा</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/राम-मंदिर-चढ़ावा-चोरी-मामले-की-जांच-करेगी-ed-अयोध्या-पुलिस-लिखेगी-चिट्ठी-चौंकाने-वाला-खुलासा</guid>
        <description><![CDATA[ राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. सूत्रों के मुताबिक, अयोध्या पुलिस की जांच में ये बात सामने आई है कि महाकुंभ के दौरान राम मंदिर में सबसे ज्यादा चोरी हुई. अयोध्या पुलिस इस मामले की जांच के लिए ईडी को भी पत्र लिखेगी.&amp;nbsp;
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए 8 आरोपियों में से कुछ आरोपी कुंभ से पहले भी छोटी-मोटी चोरी करते थे. मगर कुंभ के दौरान मंदिर में चढ़ावे और दान की रकम में भारी बढ़ोतरी हुई, जिसका आरोपियों ने फायदा उठाया और मिलकर बड़ी चोरी को अंजाम दिया. पुलिस के अनुसार चोरी की पूरी साजिश सभी 8 आरोपियों ने मिलकर रची थी.

पुलिस जांच में बड़ा खुलासा
जांच में पता चला है कि जीजा-साले की जोड़ी लवकुश मिश्रा और अनुकल्प मिश्रा ने सबसे ज्यादा रकम की चोरी की. जांच में दोनों से जुड़ी करीब आधा दर्जन से ज्यादा संपत्तियों की जानकारी पुलिस को मिली है. आरोपियों के वित्तीय लेन-देन और संपत्तियों की पूरी पड़ताल के लिए अयोध्या पुलिस आयकर विभाग की भी मदद ले रही है. जांच के दौरान SBI के कुछ कर्मचारियों की भूमिका भी पुलिस के शक के दायरे में आई है.
बैंक से मांगे रिकॉर्ड
उधर, अयोध्या पुलिस ने उन सात बैंकों से पिछले पांच साल के बैंकिंग रिकॉर्ड मांगे हैं, जहां गिरफ्तार किए गए आठों आरोपियों और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अकाउंट हैं. पुलिस के मुताबिक, जांच एजेंसियों ने बैंक स्टेटमेंट, केवाईसी डॉक्यूमेंट, जमा रिकॉर्ड और अन्य बैंकिंग डिटेल मांगी है, जिससे वित्तीय लेन-देन की पूरी कड़ी को दोबारा तैयार किया जा सके और श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित हेरफेर की जानकारी पता लगाई जा सके.
Ram Mandir Case Live: राम मंदिर चोरी केस में ED की एंट्री! जांच के लिए SIT को मिली 15 दिन की मोहलत
चढ़ावा चोरी मामले में कथित चोरी, गबन और हिसाब-किताब में हेराफेरी के आरोप के बाद प्रशासन ने जांच शुरू कराई. जांच के दौरान कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई और कुछ आरोपितों को गिरफ्तार भी किया गया है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित अनियमितता किस स्तर पर हुई, इसमें कितनी धनराशि प्रभावित हुई और किन-किन लोगों की भूमिका रही.
विपक्षी दलों ने इसे लेकर सरकार और मंदिर प्रबंधन पर सवाल उठाए हैं, जबकि सरकार का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा.
राम मंदिर एसआईटी आज नहीं देगी फाइनल रिपोर्ट? जांच के लिए मिले 15 और दिन! सपा बोली- ये सब बेकार है... ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 13:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>राम, मंदिर, चढ़ावा, चोरी, मामले, की, जांच, करेगी, ED, अयोध्या, पुलिस, लिखेगी, चिट्ठी, चौंकाने, वाला, खुलासा</media:keywords>
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        <title>भारत&amp;पाकिस्तान खत्म करें टेंशन, खोलें एयरस्पेस... 100+ दिग्गजों की PM मोदी और शहबाज शरीफ के पास पहुंची चिट्ठी </title>
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        <description><![CDATA[ भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते फिर से सामान्य हों, इसको लेकर दोनों देशो के 100 से ज्यादा बड़े लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शहबाज शरीफ को चिट्ठी लिखी है. इसमें मांग की गई है कि दोनों देशों के बीच टेंशन खत्म हो और वीजा सर्विस फिर से शुरू की जाए. इसके अलावा एयरस्पेस को भी दोबारा खोलने की मांग की गई है. इस चिट्ठी में फारुक अब्दुल्ला और मनोज झा समेत 117 लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं.&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 13:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>&amp;apos;ऑपरेशन सिंदूर पर संसद को किया गुमराह&amp;apos;, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के खिलाफ विशेषाधिकार नोटिस, कांग्रेस&amp;BJP भिड़े</title>
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        <description><![CDATA[ ऑपरेशन सिंदूर को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयान पर सियासी विवाद और तेज हो गया है. कांग्रेस ने उन पर संसद को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से विशेषाधिकार हनन की कार्यवाही शुरू करने की मांग की है. कांग्रेस का कहना है कि रक्षा मंत्री ने पहले कहा था कि ऑपरेशन के दौरान कोई भारतीय सैनिक शहीद नहीं हुआ, जबकि बाद में आधिकारिक जानकारी में छह सैन्यकर्मियों के शहीद होने की पुष्टि हुई. वहीं रक्षा मंत्रालय ने इन आरोपों को भ्रामक बताते हुए कहा है कि मंत्री के बयान को संदर्भ से हटाकर पेश किया गया.
राजनाथ सिंह के खिलाफ विशेषाधिकार हनन नोटिस की मांग
कांग्रेस सांसद और संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के खिलाफ विशेषाधिकार हनन की कार्यवाही शुरू करने की मांग की है. के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर हुई चर्चा के दौरान रक्षा मंत्री ने देश की जनता और सदन से झूठ बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि यह संसद को गुमराह करने वाला स्पष्ट और सीधा झूठ था.&#039;नो कैजुअल्टी&#039; बयान पर उठाए सवाल
कांग्रेस का कहना है कि जुलाई 2025 में रक्षा मंत्री ने कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कोई भारतीय सैनिक शहीद नहीं हुआ. लेकिन एक साल बाद खुद भारतीय सशस्त्र बलों ने बताया कि इस अभियान में पांच सेना के जवान और एक वायुसेना कर्मी सहित कुल छह सैन्यकर्मी शहीद हुए थे. के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि इन छह शहीदों के परिवारों और पूरे भारतीय सशस्त्र बलों का यह गंभीर अपमान है कि देश की जनता को उनकी बहादुरी और सर्वोच्च बलिदान की जानकारी नहीं दी गई.
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लोकसभा अध्यक्ष को लिखा पत्र
कांग्रेस नेता ने लोकसभा अध्यक्ष को लिखे पत्र में रक्षा मंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार हनन की कार्रवाई की मांग की है. केरल के अलाप्पुझा से सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने लोकसभा के नियम 223 के तहत विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है. उन्होंने अपने पत्र में 28 जुलाई 2025 को लोकसभा में पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर हुई चर्चा का उल्लेख किया है. पत्र में कहा गया है कि रक्षा मंत्री ने सदन में कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान ड्यूटी निभाते हुए कोई भारतीय सैनिक शहीद नहीं हुआ.
आधिकारिक बयान का हवाला
के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि हाल ही में जारी आधिकारिक बयान में पांच भारतीय सेना के जवानों और एक वायुसेना कर्मी के शहीद होने की जानकारी सामने आई है. उन्होंने कहा कि इससे साफ है कि लोकसभा में दिया गया बयान भ्रामक और तथ्यात्मक रूप से गलत था. कांग्रेस नेता ने कहा कि सदन को गुमराह करना या जानकारी छिपाना संसदीय विशेषाधिकार का उल्लंघन और सदन की अवमानना माना जाता है. उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से इस मामले में कार्रवाई शुरू करने का अनुरोध किया.
युद्ध स्मारक पर जोड़े गए छह शहीदों के नाम
यह मांग ऐसे समय आई है, जब हाल ही में नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहीद हुए छह सैन्यकर्मियों के नाम अंकित किए गए. सरकार ने पहली बार सार्वजनिक रूप से इन शहीद सैनिकों की पहचान उजागर की.
रक्षा मंत्रालय ने दावों को बताया भ्रामक
विवाद बढ़ने के बाद रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर चल रहे दावों को भ्रामक बताया. मंत्रालय ने कहा कि रक्षा मंत्री के भाषण के एक हिस्से को संदर्भ से हटाकर पेश किया गया है. रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, राजनाथ सिंह ने यह नहीं कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर में कोई सैनिक शहीद नहीं हुआ. मंत्रालय का कहना है कि उनका बयान उस गलत दावे का जवाब था, जिसमें कहा जा रहा था कि भारतीय वायुसेना के पायलट मारे गए थे. ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 13:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>ऑपरेशन, सिंदूर, पर, संसद, को, किया, गुमराह, रक्षामंत्री, राजनाथ, सिंह, के, खिलाफ, विशेषाधिकार, नोटिस, कांग्रेस-BJP, भिड़े</media:keywords>
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        <title>उत्तर प्रदेश के पहले दौरे पर जा रहे बीजेपी प्रेसिडेंट नितिन नबीन, जानें क्यों है ये खास</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/उत्तर-प्रदेश-के-पहले-दौरे-पर-जा-रहे-बीजेपी-प्रेसिडेंट-नितिन-नबीन-जानें-क्यों-है-ये-खास</link>
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        <description><![CDATA[ बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन पहली बार उत्तर प्रदेश के दौरे पर पहुंच रहे हैं. 3-4 जुलाई को नितिन नबीन लखनऊ के दौरे पर रहेंगे. नितिन नबीन जब से बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हैं, उसके बाद पहली बार आधिकारिक तौर पर उत्तर प्रदेश का दौरा करेंगे. हालाँकि इससे पहले वो एक बार मथुरा-वृंदावन का दौरा ज़रूर कर चुके हैं, लेकिन वह यह व्यक्तिगत कार्यक्रम था.
नितिन नबीन बिहार सरकार में मंत्री रहे और अब बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं. 5 बार के विधायक रहने के नाते नितिन नबीन का ज़मीनी अनुभव बहुत विशाल है. बिहार, यूपी का पड़ोसी राज्य है, दोनों ही राज्यों की संस्कृति और राजनीति आपस में मेल खाती हैं. जिस जातीय समीकरण के ताने बाने पर बिहार की राजनीति आगे बढ़ती है, उसी जातीय समीकरण का संपूर्ण विस्तार उत्तर प्रदेश की राजनीति में नज़र आता है. ऐसे में मूल रूप से बिहार से होने के नाते नितिन नबीन के अनुभव का फ़ायदा उत्तर प्रदेश में बीजेपी को मिल सकता है.
लखनऊ में कई कार्यक्रम में लेंगे हिस्सा
नितिन नबीन जब लखनऊ पहुंचेंगे तो कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे. कुछ बूथ अध्यक्षों के साथ भी वार्ता करेंगे. यूपी बीजेपी की नयी टीम के साथ भी चुनावी मंत्रणा करेंगे. यूपी बीजेपी की कोर ग्रुप के साथ भी बैठक करेंगे. यूपी बीजेपी के कोर ग्रुप में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक, संगठन महामंत्री धर्मपाल, यूपी बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी भी शामिल हैं. यह कहा जा सकता है कि उत्तर प्रदेश में बीजेपी जुलाई से आधिकारिक तौर पर चुनावी अभियान की शुरूआत कर देगी. नितिन नबीन यूपी विधानसभा चुनाव की रणनीति और चुनावी कार्यक्रम पर चर्चा करेंगे.
बीजेपी चुनावी अभियानों में जुटेंगे नितिन नबीन
यूपी बीजेपी के चुनावी अभियानों की समीक्षा करेंगे. इसके अलावा उत्तर प्रदेश बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं से भी मुलाकात करेंगे. इस बात की भी संभावना है कि नितिन नबीन यूपी बीजेपी कोर ग्रुप के नेताओं के साथ अलग अलग मुलाकात भी कर सकते हैं. सूत्र यह भी दावा कर रहे हैं कि यूपी बीजेपी की कोर ग्रुप की बैठक में संघ के पदाधिकारी भी मौजूद रहेंगे.

सूत्रों से यह भी पता चल रहा है कि यूपी में चुनाव की दृष्टि से चुनाव घोषित होने से पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रैलियों पर भी चर्चा हो सकती है. यही नहीं बीजेपी के अन्य वरिष्ठ नेताओं के यूपी दौरे पर की रूपरेखा भी इसी दौरे के दौरान तय हो जाएगी.
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बीएल संतोष संगठन के कई कामकाज की समीक्षा कर सकते हैंनितिन नबीन के साथ बीजेपी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष भी लखनऊ जाएंगे. बीएल संतोष का नितिन नबीन के साथ लखनऊ पहुंचना, कई सियासी सवालों का जवाब देता है. बीएल संतोष संगठन के कामकाज की समीक्षा कर सकते हैं. दोनों ही नेताओं का साथ पहुँचने का निहितार्थ यह भी है कि संघ और पार्टी दोनों एक पेज पर हैं. इसी संदेश को लेकर शायद बीएल संतोष और नितिन नबीन एक साथ यूपी दौरे पर जा रहे हैं.
यह भी पता चल रहा है कि नितिन नबीन और बीएल संतोष इस दौरे के दौरान ही यूपी बीजेपी के नए पदाधिकारियों को अलग अलग अभियानों का जिम्मा भी सौंप सकते हैं. सबसे महत्वपूर्ण रोल मीडिया, प्रचार और ब्रांडिंग का होगा. इसके अलावा चुनावी सर्वे, चुनावी मैनेजमेंट, चुनावी वॉर रूम, आईटी सेल और रैली संयोजक जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों पर इसी दौरे के दौरान चर्चा संभावित बताई जा रही है.
3-4 जुलाई को नितिन नबीन और बीएल संतोष के इस दौरे में ही विधानसभा प्रत्याशियों के लिए पैनल का प्रारूप भी तय किए जाने की संभावना है. यानि प्रत्याशी चयन में कितने लेयर होंगे और ज़िले से लेकर क्षेत्र, प्रदेश चुनाव समिति से लेकर केन्द्रीय चुनाव समिति तक टिकट बंटवारे के पैनल का आधार क्या होगा, यह इस बैठक में तय कर लिया जाएगा. इसीलिए नितिन नबीन और बीएल संतोष का एक साथ उत्तर प्रदेश दौरा करना महत्वपूर्ण है. इसे उत्तर प्रदेश में बीजेपी का चुनावी आग़ाज़ माना जा रहा है.
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        <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 01:30:12 +0530</pubDate>
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        <title>&amp;apos;संतान महिला देती है, पुरुष सिर्फ सहयोगी..&amp;apos;, IVF की मंजूरी देते हुए कोलकाता HC ने सुनाया अहम फैसला</title>
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        <description><![CDATA[ 2014 में शादी के बाद से इनफर्टिलिटी की समस्या से जूझ रहे, एक कपल को IVF कराने की कानूनी मंजूरी मिल गई. कलकत्ता हाईकोर्ट ने यह अहम फैसला सुनाया है. कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि अगर पत्नी कानून (ART-एक्ट 2021) के तहत शर्तों को पूरा करती है, तो उसका ट्रीटमेंट नहीं रोका जा सकता. वो भी सिर्फ इस वजह से कि उसके पति की उम्र तय सीमा से ज्यादा है.
क्या है पूरा मामलादरअसल, एक कपल ने हाईकोर्ट का दरवाजा इस वजह से खटखटाया, क्योंकि उन्हें संतान चाहिए थी. इसके लिए उन्होंने 2021 एक्ट ART यानी इन विट्रो फर्टिलाइजेशन के तहत इलाज कराने की अनुमति मांगी. कपल बैंक स्पर्म और ओवम को लेकर गर्भधारण चाहता है.
कोर्ट ने आदेश में मंजूरी देते हुए कहा है कि महिला ही गर्भधारण करती है. वह फिजिक्ल रूप से फिट हैं. इस वजह से उन्होंने ART एक्ट के तहत लाभ मिलना चाहिए.&amp;nbsp;

जस्टिस कृष्ण राव ने स्पष्ट किया कि पति की ज्यादा उम्र किसी भी तरह से पत्नी के संतान पैदा करने के अधिकार को वंचित नहीं कर सकती. कोर्ट ने यह फैसला 24 जून को सुनाया था.&amp;nbsp;
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कपल के वकील ने क्या कहा है?&amp;nbsp;कपल के वकील स्वप्नद्वीप रॉय हैं. उन्होंने बताया कि फीट होने के बाद भी हॉस्पिटल ने IVF करने से मना कर दिया. इस जोड़े में पति की उम्र 57 साल है. एक्ट के तहत पुरुष की उम्र 55 मान्य है. महिला की 50 साल मान्य है.&amp;nbsp;
वहीं, राज्य की तरफ से कोर्ट में कहा गया कि यह जोड़ा योग्य नहीं था. महिला की उम्र 49 साल है. पति की उम्र 57 साल है. यानी ART एक्ट की &amp;nbsp;21(g)(ii) के तहत IVF के लिए तय उम्र से ज्यादा है. इधर, कोर्ट ने अपने फैसले में जोर देकर कहा है कि IVF प्रक्रिया में पुरुष महिला का गर्भधारण में सहयोगी होता है, उसकी कोई भूमिका नहीं होती. बच्चे को जन्म महिला देती है.
यानी कोर्ट ने यह फैसले इसलिए सुनाया कि महिला की उम्र 49 साल है, जो कानून के तहत अधिकार देती है. कोर्ट ने अपने पूरे फैसले में व्यक्तिगत अधिकार पर जोर दिया है.&amp;nbsp;&amp;nbsp;
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&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 01:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>केंद्रीय सचिवों के साथ पीएम मोदी की चली 4 घंटे मैराथन बैठक, जानें सभी विभागों के साथ क्या हुई चर्चा</title>
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        <description><![CDATA[ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की &amp;nbsp;सभी केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के सचिवों की बैठक के साथ करीब 4 घंटे की बैठक खत्म हो गई है. इस बैठक में सरकार की योजनाओं और उनके क्रियान्वयन को लेकर चर्चा हुई, जिससे आम आदमी को फायदा मिले. ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ईज ऑफ लिविंग के लिए क्या-क्या प्रयास किए जा रहे हैं विभागों के साथ इसको लेकर भी मंथन हुआ.
बेहतर तालमेल और सही फैसले लेने के लिए उन्होंने &#039;पीएम गतिशक्ति&#039; (PM GatiShakti) प्लेटफॉर्म का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया. पीएम मोदी ने सचिवों से कहा कि सरकारी योजनाओं का असली मकसद तभी पूरा होगा, जब उनका सीधा और सकारात्मक असर आम लोगों के जीवन पर दिखाई दे.
पीएम मोदी ने भारत को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जब देश ब्रिटिश सत्ता से आजादी के 100 साल पूरे होने का जश्न मनाएगा. बैठक में उन्होंने सचिवों को गवर्नेंस और इंप्लीमेंटेशन पर ध्यान केंद्रित रखने और यह सुनिश्चित करने की सलाह दी कि सरकारी कार्यों, खास तौर पर जन-केंद्रित पहलों में कोई ढिलाई या देरी न हो.
पीएम मोदी ने इससे पहले अगले 10 वर्षों के लिए सुधार प्राथमिकताओं की रूपरेखा तैयार की थी. उन्होंने दावा किया था कि उनकी सरकार की &amp;lsquo;सुधार एक्सप्रेस&amp;rsquo; व्यवस्थागत बदलाव लेकर आई है और नागरिकों को महत्वपूर्ण रूप से लाभ पहुंचाया है.&amp;nbsp;
वरिष्ठ अधिकारियों ने संरचनात्मक सुधारों पर अपडेट दिया. यह समीक्षा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि केंद्र सरकार ने हाल ही में रेलवे सहित कई मंत्रालयों में &#039;52 सप्ताह में 52 सुधार&#039; जैसी महत्वाकांक्षी पहल शुरू की है, जिसमें इन्हें लागू करने की समय-सीमा स्पष्ट रूप से तय की गई है. प्रधानमंत्री मोदी ने हमेशा तय समय-सीमा के भीतर परिणाम हासिल करने के महत्व पर जोर दिया है, जिससे समय-समय पर समीक्षा सरकार के कामकाज का एक अहम हिस्सा बन गई है.
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        <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 01:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>केंद्रीय, सचिवों, के, साथ, पीएम, मोदी, की, चली, घंटे, मैराथन, बैठक, जानें, सभी, विभागों, के, साथ, क्या, हुई, चर्चा</media:keywords>
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        <title>1994 बैच के सीनियर IPS अमित कुमार को मिली बड़ी जिम्मेदारी, बनाए गए नए SPG चीफ</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/1994-बैच-के-सीनियर-ips-अमित-कुमार-को-मिली-बड़ी-जिम्मेदारी-बनाए-गए-नए-spg-चीफ</link>
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        <description><![CDATA[ सीनियर आईपीएस अधिकारी अमित कुमार एसपीजी चीफ नियुक्त किए गए हैं. सरकार ने मंगलवार को यह आदेश जारी किया है. एसपीजी प्रधानमंत्री की सुरक्षा का दायित्व संभालती है. इसके अलावा एसपीजी पीएम के सरकारी आवास पर साथ रहने वाले निकटतम लोगों की सुरक्षा का भी ध्यान रखती है
बिहार कैडर के 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं अमित कुमार
अमित कुमार बिहार कैडर के 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं. वह केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) में विशेष महानिदेशक के पद पर कार्यरत हैं. कार्मिक मंत्रालय की तरफ से जारी आदेश के अनुसार, मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने कुमार की एसपीजी में विशेष कार्य अधिकारी (ओएसडी) के रूप में नियुक्ति को उनके कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से मंजूरी दे दी है.&amp;nbsp;
आलोक शर्मा को 9 महीने का सेवा विस्तार दिया गया है
आदेश में कहा गया है कि कुमार वर्तमान एसपीजी निदेशक आलोक शर्मा का विस्तारित कार्यकाल अगले साल 31 मार्च को पूरा होने के बाद एसपीजी के निदेशक का पदभार संभालेंगे. शर्मा 60 साल की आयु पूरी होने पर मंगलवार को रिटायर होने वाले थे. उन्हें 24 जून को एसपीजी प्रमुख के रूप में नौ महीने का सेवा-विस्तार दिया गया था.
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जानें एसपीजी से जुड़ी जरूरी जानकारीSPG यानी स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप भारत की एक विशेष सुरक्षा बल है. यह पीएम, उनके परिवार, पूर्व पीएम, पूर्व राष्ट्रपति की सुरक्षा का जिम्मा संभालती है. यह बल केंद्र सरकार के कैबिनेट सचिवालय के अंतर्गत आता है. इंटेलिजेंस ब्यूरों के तहत यह फोर्स काम करती है. पीएम की सुरक्षा की नजर से इस फोर्स को बेहद ही महत्वपूर्ण माना जाता है. एसपीजी को सबसे पेशेवर और मॉर्डन सुरक्षा बलों में से एक माना जाता है.&amp;nbsp;
साल 1988 में इसकी स्थापना की गई थी. पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद इसको बनाया गया था. पीएम की सुरक्षा का अग्रिम घेरे की जिम्मेदारी भी एसपीजी ही संभालती है. इसका मुख्य काम है कि प्रधानमंत्री दुनिया के किसी भी कोने में जाए, उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाए.
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        <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 01:30:09 +0530</pubDate>
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        <title>पीएम मोदी ने ईरान के प्रेसिडेंट मसूद पेजेशकियन से की बात, मिडिल ईस्ट के मौजूदा हालात पर चर्चा</title>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से फोन पर बातचीत की. इस दौरान दोनों नेताओं के बीच क्षेत्र के मौजूदा हालात और आगे की स्थिति को लेकर विस्तार से चर्चा हुई.
बातचीत में राष्ट्रपति पेजेशकियन ने प्रधानमंत्री मोदी को पश्चिम एशिया के हालिया घटनाक्रमों और भविष्य की दिशा से अवगत कराया. प्रधानमंत्री मोदी ने क्षेत्र में बने संघर्षविराम और तनाव कम करने के प्रयासों का स्वागत किया.
पीएम मोदी ने एक बार फिर भारत का स्पष्ट रुख दोहराते हुए कहा कि सभी विवादों का समाधान केवल संवाद और कूटनीति के जरिए ही संभव है. उन्होंने पश्चिम एशिया में स्थायी शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के साथ-साथ समुद्री नौवहन और वैश्विक व्यापार की निर्बाध सुरक्षा के लिए लगातार प्रयास किए जाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया. भारत लगातार यह कहता रहा है कि पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता न सिर्फ क्षेत्र बल्कि पूरी दुनिया की आर्थिक और रणनीतिक सुरक्षा के लिए बेहद अहम है.
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ईरान से भारत ने बनाए रखा कूटनीतिक संबंध
पश्चिम एशिया में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच टकराव के कारण टेंशन बढ़ा है. इस वजह से भारत ने तेहरान के साथ हाई लेवल राजनीतिक, रणनीतिक और मानवीय स्तर पर लगातार संपर्क बनाए रखा.&amp;nbsp;

इस दौरान सरकार के प्रमुखों के बीच बातचीत से लेकर मंत्रियों की बैठकों और ब्रिक्स प्रोग्राम तक दोनों देशों के बीच बातचीत के रास्ते खुले हुए हैं. पीएम मोदी ने टकराव के बाद से दो बार ईरान के राष्ट्रपति से बात की है. इनमें क्षेत्र में बदलते हालात पर चर्चा और शांति, स्थिरता और बातचीत की जरूरत पर जोर दिया है. इस दौरान विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर अपने ईरानी काउंटरपार्ट्स अब्बास अराघची के साथ संपर्क में रहे. दोनों के बीच पांच से ज्यादा बार बातचीत हुई है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 01:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Suvendu Adhikari Govt: बंगाल में बड़ा कानून! बिना मुकदमे 12 महीने तक हिरासत का बिल विधानसभा में पेश</title>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के सरकार ने हाल ही में कई बड़े और नीतिगत फैसले लिए गए हैं. ताजा फैसलों में एक ऐसा विधेयक भी शामिल है, जिसे विधानसभा में पेश किया गया है. इस विधेयक में असामाजिक तत्वों को बिना मुकदमे के 12 महीने तक एहतियातन हिरासत में रखने का प्रस्ताव रखा गया है. इससे पहले भी सरकार ने कई बड़े फैसले लिए हैं, जिनकी वजह से राज्य की कई पुरानी योजनाओं और नीतियों में बदलाव देखने को मिला है.
सरकार के प्रमुख फैसलों में सबसे बड़ा फैसला सीबीआई जांच को पूरी स्वतंत्रता देने का बताया जा रहा है. इस फैसले के बाद सीबीआई को भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की जांच करने में पूरी छूट दी गई है. इसके अलावा राज्य में जनगणना शुरू करने का फैसला भी कैबिनेट स्तर पर लिया गया है. माना जा रहा है कि इससे राज्य की आबादी और सामाजिक स्थिति से जुड़ी नई जानकारी सामने आएगी.

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कल्याणकारी योजनाओं पर रोक लगाने का फैसला
सरकार ने धर्म के आधार पर चल रही कई कल्याणकारी योजनाओं पर रोक लगाने का भी फैसला लिया है. साथ ही ओबीसी सूची की समीक्षा करने का निर्णय भी लिया गया है. एक और बड़ा फैसला केंद्रीय योजनाओं को लेकर लिया गया है. राज्य में जो केंद्रीय योजनाएं लंबे समय से लंबित थीं, उन्हें जल्द लागू करने के निर्देश दिए गए हैं. इसके साथ ही सीमा क्षेत्रों में फेंसिंग के लिए बीएसएफ को जमीन उपलब्ध कराने की बात भी कही गई है.
कानून व्यवस्था के क्षेत्र में बड़ा बदलाव
कानून व्यवस्था के क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव किया गया है. पश्चिम बंगाल में भारतीय दंड संहिता (IPC) और CrPC की जगह नए आपराधिक कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS) को पूरी तरह लागू कर दिया गया है. इसके अलावा राज्य के सभी मदरसों का सर्वे कराने का आदेश भी दिया गया है. इस सर्वे का उद्देश्य उनकी कार्यप्रणाली और वैधता की जांच करना बताया जा रहा है. इन सभी फैसलों को राज्य की राजनीति और प्रशासन के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. आने वाले समय में इनका असर राज्य की व्यवस्था और जनता पर साफ तौर पर देखने को मिल सकता है.
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        <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 08:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>राम मंदिर ट्रस्ट पर उठे सवालों के बीच VHP का बड़ा बयान, अध्यक्ष आलोक कुमार ने किया बचाव, विपक्ष को लिया निशाने पर</title>
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        <description><![CDATA[ विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष अलोक ने अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से जांच को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए उठाए गए कदमों और विपक्ष के रवैये पर बयान दिया है. आलोक कुमार ने कहा कि इस पूरे मामले से यह साफ हो गया है कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट के ट्रस्टी पूरी गंभीरता के साथ चाहते हैं कि अयोध्या में जो भी घटना हुई है, उसकी निष्पक्ष जांच हो और जल्द से जल्द सच्चाई सामने आए. उन्होंने कहा कि जैसे ही मामला ट्रस्ट के ध्यान में आया, ट्रस्टियों ने तुरंत प्राथमिक जांच कराई. इस जांच में कुछ लोगों की गलती सामने आई, जिसके बाद 80 लाख रुपये वापस कराए गए. इसके बाद ट्रस्ट ने खुद मुख्यमंत्री से SIT बनाने की मांग की.
आलोक कुमार के मुताबिक जब SIT अयोध्या पहुंची, तब चंपत राय &amp;nbsp;ने खुद कहा कि वह महामंत्री हैं और सच्चाई सामने आनी चाहिए. उन्होंने जांच टीम से कहा कि सबसे पहले उनसे सवाल-जवाब किए जा सकते हैं. उन्होंने बताया कि SIT की शुरुआती रिपोर्ट आने के बाद जब रिपोर्ट ट्रस्ट को मिली, तो ट्रस्टियों ने पहला कदम FIR दर्ज कराने का उठाया. FIR में SIT जांच में शामिल 8 लोगों के नाम दर्ज किए गए हैं. इसके साथ ही अन्य लोगों का भी जिक्र किया गया है. ट्रस्ट ने साफ तौर पर कहा है कि पूरे मामले की पूरी और गहराई से जांच होनी चाहिए.

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&amp;nbsp;चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दिया
आलोक कुमार ने कहा कि जब यह बात सामने आई कि चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के पद पर बने रहने से जांच प्रभावित हो सकती है, तब दोनों ने तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे दिया. इससे जांच को तेजी से आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया. उन्होंने कहा कि ये चार बड़े कदम दिखाते हैं कि ट्रस्ट पूरी ईमानदारी से चाहता है कि दोषी लोगों की पहचान हो और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो.
आलोक कुमार ने विपक्ष पर निशाना साधा
विपक्ष पर निशाना साधते हुए आलोक कुमार ने कई पुराने राजनीतिक मामलों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि जब अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री थे, उन पर आरोप लगे, गिरफ्तारी हुई और जमानत भी खारिज हुई, लेकिन उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया और कहा कि वह जेल से ही काम करते रहेंगे. उन्होंने आगे कहा कि जब पूर्व प्रधानमंत्री पी. वी. नरसिम्हा राव अल्पमत में आ गए थे, तब JMM सांसदों को रिश्वत देने का मामला सामने आया, लेकिन उन्होंने भी इस्तीफा नहीं दिया. आलोक कुमार ने राजीव गांधी का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि बोफोर्स मामले में 64 करोड़ रुपये के आरोप लगे, लेकिन इस्तीफा नहीं दिया गया. इसके अलावा उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी भी जमानत पर बाहर हैं, लेकिन उन्होंने भी इस्तीफा नहीं दिया. आलोक कुमार ने कहा कि यही फर्क है चंपत राय के व्यवहार और कांग्रेस व आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के रवैये में.
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        <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 08:30:11 +0530</pubDate>
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        <title>तेलंगाना के वनापर्थी में दो&amp;पहिया वाहन से बचने की कोशिश में RTC बस पलटी, एक की मौत, 13 घायल</title>
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        <description><![CDATA[ तेलंगाना के वनापर्थी जिले के पेब्बेरू इलाके में सोमवार (29 जून, 2026) को एक बड़ा सड़क हादसा हो गया, जिसमें एक शख्स की मौत हो गई और 13 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. यह घटना उस सड़क पर हुई, जो पवित्र शहर मंत्रालयम को वनापर्थी शहर से जोड़ती है. इस भीषण घटना में मंत्रालयम से वनापर्थी जा रही एक सरकारी RTC बस शामिल थी, जिसमें कई यात्री सवार थे.
इस भीषण सड़क हादसे के पीछे का कारण सरकारी RTC बस के ड्राइवर के एक दोपहिया वाहन को बचाने की जिम्मेदार कोशिश थी, जिसमें वो नाकाम हो गया और बस सड़क के बीच डिवाइडर पर पलट गई. दरअसल, आरटीसी बस के आगे एक दोपहिया वाहन चल रहा था और अचानक ही बस की चपेट में आने लगा थे. ऐसे में दोपहिया चालक को बचाने को कोशिश में बस ड्राइवर ने एक जोरदार टर्न ली, लेकिन अचानक और तेजी से गाड़ी मोड़ने की वजह से बस का संतुलन पूरी तरह बिगड़ गया और बस पलट गई.
हादसे में मरने वाले यात्री की हुई पहचान
बस के पलटने से सवार यात्री और RTC इलेक्ट्रिकल इंजीनियर शिव प्रसाद की मौत हो गई और 13 अन्य लोग इस हादसे में घायल हो गए. दुर्घटना की सूचना मिलने ही पुलिस अधिकारी और मेडिकल स्टाफ घटनास्थल पर पहुंचे और बस में फंसे लोगों को निकालने में जुट गए. इस दौरान स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन की मदद की.&amp;nbsp;

बस दुर्घटना के बाद सड़क पर लगा लंबा जाम
मंत्रालयम से वनापर्थी जाने वाली सड़क के बीचों-बीच बस के पलट जाने की वजह से काफी देर से ट्रैफिक प्रभावित रहा और वहां से गुजरने वाले अन्य वाहनों के लिए भारी जाम लग गया. सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई. हालांकि, घटनास्थल पर पहुंची स्थानीय पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सड़क पर लगे जाम को हटाया और सड़क पर वाहनों की सुचारू आवाजाही फिर से बहाल कराई.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ेंः असमः ढेमाजी-जोनाई में बाढ़ से भारी तबाही, रेलवे पुल क्षतिग्रस्त, नदी में चार बहे, शाह ने लिया जायजा ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 08:30:10 +0530</pubDate>
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        <title>पूर्वोत्तर में बाढ़ से बहे पुल, यूपी&amp;दिल्ली में अब भी आग उगल रहा सूरज, मानसून आखिर कहां पहुंचा?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/पूर्वोत्तर-में-बाढ़-से-बहे-पुल-यूपी-दिल्ली-में-अब-भी-आग-उगल-रहा-सूरज-मानसून-आखिर-कहां-पहुंचा</link>
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        <description><![CDATA[ पूर्वोत्तर राज्यों में सोमवार को हुई भारी बारिश ने भारी तबाही मचाई, जिससे कई स्थानों पर सड़कें और पुल बह गए. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अरुणाचल प्रदेश और असम के मुख्यमंत्रियों से फोन पर बात कर हालात और नुकसान की जानकारी ली. अरुणाचल प्रदेश के कम से कम 12 जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ है, जबकि असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के अनुसार धीमाजी जिले के चार राजस्व मंडलों के 69 गांवों में करीब 16,000 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं.
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अगले पांच दिनों के दौरान पूर्वोत्तर भारत तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश होने की संभावना जताई है. विभाग ने कहा कि अगले दो दिनों के दौरान उत्तर प्रदेश और उससे सटे राज्यों में लू चलने, कुछ स्थानों पर भीषण लू की आशंका है. राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है.

अमित शाह ने CM पेमा खांडू को लगाया फोन
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू से फोन पर बात की और राज्य में भारी बारिश, अचानक आई बाढ़ तथा भूस्खलन से उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिए केंद्र की ओर से हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया. अधिकारियों के अनुसार, बातचीत के दौरान शाह ने प्रभावित क्षेत्रों, नुकसान और लोगों को राहत पहुंचाने की तैयारियों की जानकारी ली. उन्होंने राहत कार्यों तथा अन्य आवश्यक सहायता के लिए केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया.
अमित शाह ने हिमंत बिस्वा सरमा को भी किया फोन
अमित शाह ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से भी बातचीत कर नदियों का जलस्तर बढ़ने से हुए नुकसान की जानकारी ली. शर्मा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में बताया कि उन्होंने गृह मंत्री को राज्य में जारी राहत और पुनर्वास कार्यों की जानकारी दी. इस बीच, उत्तर भारत के कई राज्यों में सोमवार को भी भीषण गर्मी का असर बना रहा. हालांकि, दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के साथ जल्द राहत मिलने की संभावना है.
दिल्ली अब भी तब रही, तापमान 42 डिग्री के करीब
दिल्ली में लू का प्रकोप जारी रहा और ज्यादातर मौसम केंद्रों पर अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया. लगातार दूसरे दिन राजधानी में रात भी इस मौसम की सबसे गर्म रही. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, राजधानी के आधार केंद्र सफदरजंग में अधिकतम तापमान 42.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से पांच डिग्री अधिक है. हालांकि, शाम साढ़े चार बजे से साढ़े छह बजे के बीच दिल्ली और आसपास के इलाकों में गरज-चमक के साथ आंधी आई, जिससे तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई और तेज हवाएं चलीं.
राजस्थान के श्रीगंगानगर में तापमान 45 क्रॉस
राजस्थान में भी कई क्षेत्रों में भीषण गर्मी का दौर जारी रहा. श्रीगंगानगर राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 45.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि राजधानी जयपुर में अधिकतम तापमान 40.4 डिग्री सेल्सियस रहा. मौसम विभाग ने कहा कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं. इसके प्रभाव से इस सप्ताह राजस्थान के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है, जिससे गर्मी से राहत मिल सकती है. विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा फिलहाल गुजरात, मध्य प्रदेश, झारखंड और बिहार के कुछ हिस्सों से होकर गुजर रही है.
अगले 2 दिनों के भीतर किन राज्यों में पहुंचेगा मानसून?
आईएमडी ने कहा, &amp;lsquo;&amp;lsquo;अगले दो से तीन दिनों के दौरान गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं.&amp;rsquo;&amp;rsquo; उत्तराखंड में मैदानी क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहा, जबकि पर्वतीय इलाकों में यह सामान्य दर्ज किया गया. हालांकि, मौसम विभाग ने अगले तीन से चार दिनों के दौरान राज्य में अधिकतम तापमान में चार से छह डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने का अनुमान जताया है. मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का पूर्वानुमान जारी किया है. पौड़ी, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है. राज्य के सभी पर्वतीय जिलों में कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली, तेज बारिश और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है. मैदानी क्षेत्रों, विशेषकर हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर जिलों के कुछ हिस्सों के लिए भी इसी तरह की चेतावनी जारी की गई है.
पंजाब-यूपी और हरियाणा का मौसम कैसा?
इस बीच, पंजाब में भीषण गर्मी और अधिक नमी के कारण सोमवार को बिजली की मांग में अभूतपूर्व बढ़ोतरी दर्ज की गई. इससे राज्य की बिजली व्यवस्था पर भारी दबाव पड़ा और पंजाब राज्य विद्युत निगम लिमिटेड (पीएसपीसीएल) को केंद्रीय ग्रिड से रिकॉर्ड मात्रा में बिजली लेनी पड़ी. आईएमडी के अनुसार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई स्थानों पर अधिकतम तापमान सामान्य से काफी अधिक दर्ज किया गया. पूर्वी उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश के कुछ स्थानों तथा उत्तराखंड, हरियाणा और पंजाब के कई इलाकों में तापमान सामान्य से 3.1 से 5 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा.
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हिमाचल में बाढ़ से एक दर्जन गांवों का संपर्क कटा
हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले में अचानक आई बाढ़ के कारण मनाली-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया. अधिकारियों ने बताया कि इस आपदा के चलते करीब एक दर्जन गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है. स्थानीय लोगों के अनुसार, बाढ़ के साथ आए मलबे के कारण जिला मुख्यालय ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 08:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>पूर्वोत्तर, में, बाढ़, से, बहे, पुल, यूपी-दिल्ली, में, अब, भी, आग, उगल, रहा, सूरज, मानसून, आखिर, कहां, पहुंचा</media:keywords>
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        <title>बचा कौन रहा था? 3 महीने पहले ही चढ़ावा चोरी का चल गया था पता! राम मंदिर ट्रस्ट ने फिर भी कर दी गलती</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/बचा-कौन-रहा-था-3-महीने-पहले-ही-चढ़ावा-चोरी-का-चल-गया-था-पता-राम-मंदिर-ट्रस्ट-ने-फिर-भी-कर-दी-गलती</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/बचा-कौन-रहा-था-3-महीने-पहले-ही-चढ़ावा-चोरी-का-चल-गया-था-पता-राम-मंदिर-ट्रस्ट-ने-फिर-भी-कर-दी-गलती</guid>
        <description><![CDATA[ अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती करने वाले कर्मचारियों को बदलने के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने तीन महीने पहले ही सिफारिश की थी. पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्यों ने कथित तौर पर ऐसा होने से रोक दिया और कर्मचारियों को अपना काम जारी रखने दिया.&amp;nbsp;
SBI को शक था कि कोई मंदिर के दान-पात्रों से पैसे निकाल रहा है, इसलिए उसने कैश गिनने वाले कर्मचारियों को हटाने की सलाह दी थी. PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, आउटसोर्सिंग एजेंसी ने उन्हें बदलने की प्रक्रिया शुरू की, लेकिन आरोप है कि ट्रस्ट के अधिकारियों ने इसमें दखल दिया और उन्हें बदलने से रोक दिया. बताया जाता है कि SBI ने इन कर्मचारियों को एक आउटसोर्सिंग एजेंसी के जरिए 12,000 रुपये से 15,000 रुपये तक की सैलरी पर रखा था.

SBI के सूत्रों ने PTI को बताया कि मंदिर के मैनेजमेंट से जुड़े कई लोगों ने जो कि ट्रस्ट के सदस्य भी नहीं हैं, उन्होंने इस बात पर सवाल उठाया कि बैंक ने मंदिर में रोजाना मिलने वाले दान को गिनने के लिए पक्के कर्मचारियों की जगह आउटसोर्स किए गए कर्मचारियों का इस्तेमाल क्यों किया.&amp;nbsp;
क्या बोले पवन खेड़ा&amp;nbsp;कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भी दावा किया कि SBI ने तीन महीने पहले ही कैश गिनने वाले कर्मचारियों को बदलने की सिफारिश की थी. छत्तीसगढ़ के रायपुर में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि जब एसबीआई ने कर्मचारियों को हटाने की सिफारिश की थी तो उनकी रक्षा कौन कर रहा था? नागपुर या दिल्ली?.&amp;nbsp;
कपिल सिब्बल ने भी साधा निशानाउन्होंने दावा किया कि राम मंदिर में कथित दान चोरी तो बस शुरुआत है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अयोध्या की लूट झांकी है, काशी-मथुरा अभी बाकी है. &amp;nbsp;इससे पहले राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल ने भी सरकार पर तीखा हमला किया था. उन्होंने कहा कि इस सरकार को हराओ, राम को लूटा, देश को लूटा, अच्छे दिन का झूठा वादा.&amp;nbsp;
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने ट्रस्ट के अनुरोध पर 13 जून को जांच की और कैश व कीमती सामान के रखरखाव में गड़बड़ियां मिली, जिसके बाद पुलिस ने 25 जून को FIR दर्ज की. पुलिस ने 8 आरोपियों अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रमाशंकर यादव उर्फ ​​टीनू यादव को गिरफ्तार किया है.
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        <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 08:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>बचा, कौन, रहा, था, महीने, पहले, ही, चढ़ावा, चोरी, का, चल, गया, था, पता, राम, मंदिर, ट्रस्ट, ने, फिर, भी, कर, दी, गलती</media:keywords>
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        <title>Navshad Siddiqui Remark:  &amp;apos;एक की गलती पर पूरे मुसलमानों को दोषी ठहराना गलत&amp;apos;, ISF विधायक नवशाद सिद्दीकी ने तोड़ी चुप्पी</title>
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        <description><![CDATA[ इंडियन सेक्युलर फ्रंट के विधायक नवशाद सिद्दीकी ने एक बयान में कहा कि अगर कोई गलती करता है, तो उसके खिलाफ विरोध करना लोगों का अधिकार है. लेकिन उन्होंने सवाल उठाया कि किसी एक व्यक्ति की गलती के लिए सभी मुसलमानों को विरोध करने के लिए क्यों कहा जाए. उन्होंने कहा कि यही उनकी सबसे बड़ी आपत्ति है. नवशाद सिद्दीकी ने साफ कहा कि अगर कोई गलत बात करता है, तो उसका समर्थन नहीं किया जाना चाहिए.
उन्होंने कहा कि अपने छह साल के राजनीतिक करियर में उन्होंने कभी इस तरह की बातें नहीं कही हैं और न ही उनकी पार्टी ऐसे किसी व्यक्ति का समर्थन करती है जो इस तरह के बयान देता हो.
नवशाद सिद्दीकी ने कहा कि जिस खास भाषण को लेकर विवाद है, उस पर आज ममता बनर्जी ने भी बयान दिया है. नवशाद सिद्दीकी ने मुख्यमंत्री के बयान की सराहना की और उसका स्वागत किया. नवशाद सिद्दीकी ने एक दूसरे बयान में बताया कि एक बिल के खिलाफ कुल 17 विधायकों ने वोट किया.
उन्होंने कहा कि वह उन विधायकों में शामिल हैं जिन्होंने इस बिल का विरोध किया. उन्होंने कहा कि सबसे पहले उन्होंने खुद इस बिल के खिलाफ वोट किया. इसके अलावा ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कुछ विधायकों ने भी इस बिल के खिलाफ मतदान किया. कोलकाता में दिए गए इस बयान के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में चर्चा तेज हो गई है. उनके बयान को राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और विधानसभा के हालिया घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है.


Kolkata, West Bengal: ISF MLA Nawshad Siddiqui says, &quot;If someone makes a mistake, it is a person&amp;rsquo;s right to protest. Why should all Muslims protest? That is my biggest objection. Secondly, if there is anything offensive, in my six-year political career I have never said such&amp;hellip; pic.twitter.com/sg7ZO7ZcP3
&amp;mdash; IANS (@ians_india) June 29, 2026



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पश्चिम बंगाल की राजनीति का उभरता चेहरा
नवशाद सिद्दीकी पश्चिम बंगाल की राजनीति का उभरता हुआ चेहरा हैं. वह ISF के चेयरमैन और पश्चिम बंगाल विधानसभा में भांगर सीट से विधायक (MLA) हैं. नवशाद सिद्दीकी का जन्म 2 मई 1993 को पश्चिम बंगाल में हुआ. वह फुरफुरा शरीफ के प्रभावशाली सिद्दीकी परिवार से आते हैं, जिसकी धार्मिक और सामाजिक पहचान बंगाल में काफी मजबूत मानी जाती है. उनके बड़े भाई अब्बास सिद्दीकी ने 2021 में ISF की स्थापना की थी.
नवशाद ने अलिया विश्वविद्यालय से पढ़ाई की और राजनीति में आने से पहले सामाजिक व धार्मिक गतिविधियों से जुड़े रहे. उनकी पहचान खासतौर पर मुस्लिम, दलित और वंचित समुदायों की आवाज उठाने वाले युवा नेता के रूप में बनी.
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        <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 20:30:14 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Navshad, Siddiqui, Remark:, एक, की, गलती, पर, पूरे, मुसलमानों, को, दोषी, ठहराना, गलत, ISF, विधायक, नवशाद, सिद्दीकी, ने, तोड़ी, चुप्पी</media:keywords>
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        <title>एयरफोर्स की महिला अधिकारियों के रिटायरमेंट पर लगी रोक, परमानेंट कमीशन विवाद में HC का बड़ा फैसला</title>
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        <description><![CDATA[ दिल्ली हाईकोर्ट ने भारतीय वायुसेना की शॉर्ट सर्विस कमीशन की महिला अधिकारियों को अंतरिम राहत देते हुए उनकी सेवानिवृत्ति पर फिलहाल रोक लगा दी है. अदालत ने आदेश दिया है कि उनकी याचिकाओं पर सुनवाई पूरी होने तक उन्हें रिटायर नहीं किया जाएगा. मामले की अगली सुनवाई 1 जुलाई को होगी.
सोमवार (29 जून, 2026) को हाईकोर्ट उस याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें महिला अधिकारियों को परमानेंट कमीशन नहीं दिए जाने के एयरफोर्स के फैसले को चुनौती दी गई है. याचिकाओं में आरोप लगाया गया कि सुप्रीम कोर्ट ने मामला लंबित रहने तक उन्हें सेवा जारी रखने की इजाजत दी है, फिर भी वायुसेना ने उनका डिस्चार्ज ऑर्डर पास कर दिया.
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के वकील ने कोर्ट में बताया कि मार्च 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने महिला अधिकारियों के पक्ष में अंतरिम स्टे ऑर्डर पारित किया था, जिसके अनुसार उन्हें सेवा से रिलीज नहीं किया जाना था. वकील ने तर्क दिया कि जब कोर्ट की छुट्टियां थीं, तब एयरफोर्स ने जल्दबाजी में रिलीज ऑर्डर पारित कर दिए, जबकि मामला आर्म्ड फोर्सेड ट्रिब्यूनल (AFT) में लंबित था. उन्होंने आरोप लगाया कि एएफटी के सामने महिला अधिकारियों की सुनवाई से पहले ही 3 जून को उनका रिलीज ऑर्डर पास कर दिया गया.
हाईकोर्ट ने वकील से पूछा कि उन्होंने सीधे हाईकोर्ट का रुख क्यों किया है, जिस पर याचिकाकर्ताओं की ओर से बताया गया कि वह पहले एएफटी के पास ही गए थे. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद उन्होंने एएफटी का रुख किया था, लेकिन वहां समय पर सुनवाई नहीं हो पाई और उससे पहले ही महिला अधिकारियों की रिलीज के लिए ऑर्डर पास कर दिया गया. इस वजह से याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.
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साल 2023 और 2024 में इन महिला अधिकारियों की स्थाई कमीशन की अपील खारिज कर दी गई थी. साल 2013 में कमीशन प्राप्त इन अधिकारियों के लिए 2023 तक परमानेंट कमीशन के लिए विचार नहीं किया गया था. सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम संरक्षण देते हुए साफ कहा था कि जब तक उनका मामला लंबित है तब तक उन्हें सेवा से बर्खास्त नहीं किया जाएगा.
महिला अधिकारियों के अनुसार वायुसेना की 2019 की ह्यूमन रिसोर्स पॉलिसी में कुछ ऐसे प्रावधान थे, जो उनके करियर के लिए हानिकारक साबित हुए. अब दिल्ली हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एयरफोर्स के डिस्चार्ज ऑर्डर पर रोक लगा दी है और मामले को रोस्टर बेंच के पास भेज दिया है. अगली सुनवाई 10 जुलाई को कोर्ट की छुट्टियां खत्म होने के बाद होगी.
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        <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 20:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>एयरफोर्स, की, महिला, अधिकारियों, के, रिटायरमेंट, पर, लगी, रोक, परमानेंट, कमीशन, विवाद, में, का, बड़ा, फैसला</media:keywords>
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        <title>Weather Update: बस 48 घंटे और.. फिर बदलेगा मौसम का पूरा खेल! दिल्ली समेत इन राज्यों में लू पर बारिश का बड़ा वार</title>
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        <description><![CDATA[ देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी का असर जारी है, राहत के संकेत मिलने लगे हैं. पूर्वी उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा में लू की स्थिति बनी हुई है, जहां अधिकतम तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. दिल्ली में बीते दिन अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के आसपास, जबकि कुछ इलाकों में 42.1 डिग्री और सफदरजंग में 41.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 5 डिग्री अधिक है. न्यूनतम तापमान 28 से 31 डिग्री सेल्सियस रहने से रात में भी राहत नहीं मिल रही. IMD के अनुसार कल से तापमान में गिरावट शुरू होगी और आने वाले दिनों में मौसम बदलेगा.
दक्षिण-पश्चिम मानसून इस बार धीमी रफ्तार से आगे बढ़ा, लेकिन अब इसकी गति तेज हो गई है.&amp;nbsp; मानसून बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बड़े हिस्सों तक पहुंच चुका है. अगले दो दिनों में मौसम की परिस्थितियां अनुकूल रहने की वजह से मानसून उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश के बाकी हिस्सों में आगे बढ़ेगा. इसके बाद यह जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, लद्दाख, दक्षिण-पूर्वी राजस्थान और गुजरात के कुछ इलाकों तक पहुंचने की संभावना है. IMD का कहना है कि अगले कुछ दिनों में उत्तर भारत के बड़े हिस्से में मानसून सक्रिय हो जाएगा.गर्मी से राहत की उम्मीद.

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गर्मी से राहत की उम्मीद
दिल्ली में कल से गरज-चमक (थंडरस्टॉर्म) की गतिविधियां शुरू होने की संभावना है. अगले तीन दिन 40 से 50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी, जबकि कुछ जगहों पर हवा की गति 60 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है. 2 जुलाई के आसपास पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) के असर से उत्तर और पश्चिम भारत में बारिश बढ़ने की संभावना है. मौसम विभाग के सात दिन के पूर्वानुमान के अनुसार 30 जून और 1 जुलाई को गरज-चमक के साथ बारिश होगी और तापमान 36 से 38 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है. 2 जुलाई को कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होगी और अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस रह सकता है. इसके बाद 3 से 5 जुलाई तक रुक-रुक कर बारिश की संभावना है और तापमान 32 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है.
दिल्ली में मानसून की स्थिति
दिल्ली-एनसीआर में अगले पांच दिनों के दौरान मानसून से जुड़ी गतिविधियां बढ़ने की संभावना है. राजधानी में मानसून पहुंचने की कोई तय तारीख अभी नहीं बताई गई है. मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल बारिश की संभावना मुख्य रूप से &#039;वेस्टर्न डिस्टर्बेंस&#039; और स्थानीय मौसमी परिस्थितियों के कारण बन रही है. मानसून के लगातार आगे बढ़ने से आने वाले दिनों में हालात और अनुकूल होने की उम्मीद है. ऐसे में दिल्ली के लोगों को अगले दो-तीन दिन गर्मी, उमस और तेज आंधी का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन सप्ताह के आखिर तक मौसम काफी सुहावना हो सकता है.
&#039;फील्स लाइक&#039; तापमान और बारिश का हाल
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार &#039;फील्स लाइक&#039; तापमान हवा में अधिक नमी के कारण बढ़ता है. ज्यादा नमी की वजह से शरीर का पसीना जल्दी नहीं सूखता, जिससे वास्तविक तापमान से अधिक गर्मी महसूस होती है. जून में देशभर में सामान्य से करीब 40% कम बारिश हुई और लगभग 75% भौगोलिक क्षेत्र में 20% से ज्यादा वर्षा की कमी दर्ज की गई. मौसम विभाग ने पूरे मानसून सीजन में सामान्य का करीब 90% बारिश का अनुमान जताया है. कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी है. सिक्किम में रेड अलर्ट, जबकि असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. गोवा और महाराष्ट्र के कई इलाकों में भी भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका के चलते रेड अलर्ट है. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अल नीनो मानसून को प्रभावित करता है, लेकिन मौजूदा गर्मी का यही एकमात्र कारण नहीं है.
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        <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 20:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Weather, Update:, बस, घंटे, और.., फिर, बदलेगा, मौसम, का, पूरा, खेल, दिल्ली, समेत, इन, राज्यों, में, लू, पर, बारिश, का, बड़ा, वार</media:keywords>
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        <title>कोलंबो की भारत&amp;पाकिस्तान सीक्रेट मीटिंग में क्या हुआ? विदेश मंत्रालय ने दिया ये हैरान करने वाला जवाब</title>
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        <description><![CDATA[ बीते कुछ दिनों से कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि भारत और पाकिस्तान के बीच श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में एक अनौपचारिक बैठक ही हुई थी. इसे लेकर भारत सरकार ने कहा कि इसमें कुछ भी नया नहीं है और इसमें कुछ भी आधिकारिक नहीं है. इस तरह की अनौपचारिक बातचीत को ट्रैक-II डायलॉग कहा जाता है, जिसमें सरकार से अलग जैसे रिटायर्ड अधिकारी, साइंटिस्ट या अन्य लोग शामिल होते हैं ताकि बिना किसी राजनीतिक दवाब के दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के रास्ते तलाशे जा सकें.
बैठक में कुछ भी आधिकारिक नहीं: भारत
कोलंबो में भारत-पाकिस्तान के बीच &#039;ट्रैक 2&#039; बातचीत के बारे में पूछे जाने पर विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा, &#039;मैंने ऐसी खबरें देखी हैं और मुझे इनके बारे में जानकारी है. दुनिया भर में कई जगहों पर अलग-अलग विषयों पर ऐसे दर्जनों कार्यक्रम होते रहते हैं. इन कार्यक्रमों में कुछ भी नया या खास नहीं है. जहां तक हमारी बात है, ये निजी पार्टियों की ओर से आयोजित प्राइवेट कार्यक्रम हैं. हमारी नजर में इनमें कुछ भी आधिकारिक नहीं है.&#039;
हमारे लिए इस बैठक की कोई वैल्यू नहीं: MEA
विदेश सचिव ने कहा, &#039;मैं पाकिस्तान सरकार की ओर से तो कुछ नहीं कह सकता, लेकिन भारत सरकार की बात करें तो इन दौरों में कोई आधिकारिक भागीदारी, समर्थन या शामिल होना नहीं है. भारत से जो भी लोग इन कार्यक्रमों में हिस्सा लेते हैं- चाहे वे रिटायर्ड राजनयिक हों, रिटायर्ड सैन्य अधिकारी हों या सिविल सोसाइटी के सदस्य हों, वे अपनी बात रखते हैं और अपना नजरिया पेश करते हैं. वे किसी भी तरह से भारत सरकार के नजरिए का प्रतिनिधित्व नहीं करते और न ही कर सकते हैं. हम असल में इन कार्यक्रमों पर कोई ध्यान नहीं देते. हमारी नजर में इनकी कोई खास अहमियत नहीं है.&#039;

#WATCH | Victoria, Seychelles: On being asked about Track 2 India-Pakistan dialogue in Colombo, Foreign Secretary Vikram Misri says, &quot;I have seen the reports. I am aware of them. Dozens of these kinds of events take place in dozens of places around the world on a whole variety of&amp;hellip; pic.twitter.com/Z54aCxbTUr
&amp;mdash; ANI (@ANI) June 29, 2026



कोलंबो में हुई भारत-PAK सीक्रेट मीटिंग: रिपोर्ट
एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक कोलंबो के एक होटल में करीब दो दिनों तक चली इस बातचीत में भारत की तरफ से पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे, इंडिया फाउंडेशन के अध्यक्ष राम माधव और पूर्व राजनयिक रुचि घनश्याम शामिल हुए. पाकिस्तान की ओर से वहां के विदेश मंत्रालय के अधिकारी सज्जाद हैदर खान, पूर्व राजदूत शेरी रहमान और रिटायर्ड मेजर जनरल इसफंदियाम अली खान पटौदी मौजूद थे. रिपोर्ट में दावा किया गया कि इस बैठक में सीमा पार आतंकवाद, पानी बंटवारे और भविष्य में सैन्य टकराव को रोकने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई थी.
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        <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 20:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>कोलंबो, की, भारत-पाकिस्तान, सीक्रेट, मीटिंग, में, क्या, हुआ, विदेश, मंत्रालय, ने, दिया, ये, हैरान, करने, वाला, जवाब</media:keywords>
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        <title>Puri Rath Yatra 2026: होटल बुकिंग के नाम पर बड़ा फ्रॉड, 46 फर्जी वेबसाइटें ब्लॉक, श्रद्धालुओं के लिए पुलिस का अलर्ट</title>
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        <description><![CDATA[ ओडिशा पुलिस की अपराध शाखा ने कम से कम 46 ऐसी फर्जी वेबसाइटों को ब्लॉक किया है जो 16 जुलाई से शुरू होने वाली सालाना रथ यात्रा के दौरान पुरी आने वाले पर्यटकों को होटल में रहने की जगह और दूसरी सुविधाएं देने के नाम पर ठग रही थीं. अधिकारियों ने सोमवार (29 जून ) को यह जानकारी दी.&amp;nbsp;
अधिकारियों ने बताया कि ऑनलाइन होटल का कमरा बुक करते समय कथित तौर पर ठगी का शिकार हुए लोगों से कई शिकायतें मिलने के बाद अपराध शाखा के साइबर प्रकोष्ठ ने कार्रवाई शुरू की. &amp;nbsp;पुरी के एक पुलिस थाने में दर्ज कराई गई शिकायत में, राजस्थान के एक पर्यटक ने आरोप लगाया कि उसने एक वेबसाइट के जरिए अपने परिवार के लिए तीन कमरे बुक किए थे. होटल पहुंचने पर उन्हें पता चला कि उनके नाम पर ऐसी कोई बुकिंग नहीं की गयी थी.&amp;nbsp;

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46 फर्जी वेबसाइटें ब्लॉकपुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, &#039;सिर्फ पिछले हफ्ते ही, अपराध शाखा के साइबर विशेषज्ञों ने पर्यटकों को ठगने वाली 46 फर्जी वेबसाइटों का पता लगाया. सबसे ज्यादा-11 वेबसाइट - 27 जून को ब्लॉक की गईं, जबकि 20 जून और 22 जून के बीच ऐसे 15 पोर्टल को बंद किया गया.&#039; अधिकारी ने कहा, &#039;हम रथ यात्रा के दौरान पुरी आने वाले पर्यटकों को निशाना बनाने वाली नकली होटल बुकिंग वेबसाइटों की पहचान करने और उन्हें ब्लॉक करने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं.&#039;&amp;nbsp;
ऐसे रचते थे जालअधिकारी ने कहा कि धोखाधड़ी करने वाले सालाना त्योहार का फायदा उठा रहे थे. इस उत्सव में लाखों श्रद्धालु पुरी आते हैं. अधिकारी ने कहा, &#039;उन्होंने कमरे का आकर्षक किराया, वीआईपी दर्शन और दूसरी सेवाओं की पेशकश करने वाले नकली पोर्टल बनाए हैं और मासूम श्रद्धालुओं से अग्रिम भुगतान की मांग कर रहे हैं.&#039; काम करने के तरीके के बारे में बताते हुए अधिकारी ने कहा कि धोखाधड़ी करने वाले आम तौर पर असली होटलों की वेबसाइट की क्लोन बनाते थे या ऐसी मिलती-जुलती वेबसाइटें बनाते थे जो ऑनलाइन सर्च रिज़ल्ट में प्रमुखता से दिखाई देती थीं. अपराध शाखा के सूत्रों ने बताया कि पिछले एक साल में ओडिशा में ऑनलाइन होटल बुकिंग के दौरान ऐसे घोटालों में लगभग 30 पर्यटकों को करीब 5 लाख रुपये का नुकसान हुआ है.
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        <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 20:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Puri, Rath, Yatra, 2026:, होटल, बुकिंग, के, नाम, पर, बड़ा, फ्रॉड, फर्जी, वेबसाइटें, ब्लॉक, श्रद्धालुओं, के, लिए, पुलिस, का, अलर्ट</media:keywords>
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        <title>बीजेपी कार्यकर्ताओं को जान से मारने की धमकी के बाद हुमायूं कबीर पर कार्रवाई, पश्चिम बंगाल पुलिस ने किया अरेस्ट</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/बीजेपी-कार्यकर्ताओं-को-जान-से-मारने-की-धमकी-के-बाद-हुमायूं-कबीर-पर-कार्रवाई-पश्चिम-बंगाल-पुलिस-ने-किया-अरेस्ट</link>
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        <description><![CDATA[ बंगाल में पुलिस की तरफ से एआईजीयूपी यानी आम जनता उन्नयन पार्टी के चीफ और बंगाल के विधायक हुमायूं कबीर पर केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया है. पश्चिमी मेदिनुपुर में डेबरा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए हुमायूं कबीर को अरेस्ट किया है. यह कार्रवाई बीजेपी के युवा कार्यकर्ताओं की तरफ से शिकायत के बाद की गई है. उनपर विवादित बयान देने और जान से मारने का आरोप है. इससे जुड़ा वीडियो भी सामने आया है.&amp;nbsp;&amp;nbsp;
बीजेपी ने हुमायूं की तरफ से दी गई जान से मारने की धमकी पर भी आपत्ति जताई थी. दरअसल, कबीर ने मुर्शिदाबाद के रेजीनगर में हुई एक जनसभा में एक विवादित बयान दिया था. उन्होंने स्थानीय बीजेपी कार्यकर्ताओं पर जमकर निशाना साधा था. साथ ही फिजिक्ल असॉल्ट की भी बात कही.&amp;nbsp;

Paschim Medinipur, West Bengal: Police from Debra Police Station have arrested member of the Debra Block Panchayat Samiti Humayun Kabir. pic.twitter.com/o0b2tBqH5C
&amp;mdash; IANS (@ians_india) June 28, 2026



हुमायूं कबीर का हो रहा वीडियो वायरल
हुमायूं कबीर का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है. इसमें वो कहते हुए नजर आ रहे हैं कि चुनाव हारने के बावजूद स्थानीय बीजेपी नेता चुने हुए प्रतिनिधियों जितना वर्चस्व दिखा रहे हैं. उन्होंने मुख्यमंत्री शुवेंदु अधिकारी को भी चेतावनी जारी की. इसमें उन्होंने कहा कि मुर्शिदाबाद जिले में बीजेपी के राजनीतिक दबदबे को तुरंत खत्म किया जाए. उन्होंने कहा कि अगर वह अपने समर्थकों के साथ मैदान में उतरे तो ऐसा हमला करेंगे, कि बीजेपी का झंडा उठाने वाला कोई नहीं बचेगा.&amp;nbsp;

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इसके अलावा कबीर को कथित तौर पर यह भी कहते हुए सुना जा सकता है कि चुनाव हारने के बाद भी अनामिक घोष खुद को विधायक मानती हैं. यहां बीजेपी ऐसे व्यवहार करती है, जैसे उनके पास विधायक हो. वे डींगे मारते हुए और आक्रमक व्यवहार करते हुए घूमते हैं.
वीडियो में सीएम अधिकारी को चुनौती देते आ रहे नजर
कबीर ने वीडियो में कहा था कि मैंने कुछ दिन पहले सुवेंदु अधिकारी से कहा था. आप चुनाव जीतना चाहते थे, और आपकी पार्टी जीती भी, यह ठीक है. लेकिन अपने लोगों से कहिए कि मुर्शिदाबाद में अपनी डींगें मारना कम करें. जिस दिन मैं मुसलमानों को एकजुट करके मैदान में उतरूंगा, मैं इतना जोरदार पलटवार करूंगा कि आपकी पार्टी का झंडा उठाने वाला भी कोई नहीं बचेगा. अगर BJP मेरे खिलाफ बोलती है, तो क्या आप चाहते हैं कि मैं ऐसे अपमानजनक बयानों के खिलाफ चुप रहूं?
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        <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 03:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>बीजेपी, कार्यकर्ताओं, को, जान, से, मारने, की, धमकी, के, बाद, हुमायूं, कबीर, पर, कार्रवाई, पश्चिम, बंगाल, पुलिस, ने, किया, अरेस्ट</media:keywords>
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        <title>नई दिल्ली से लेकर उत्तराखंड तक बादलों का डेरा, केरल से बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/नई-दिल्ली-से-लेकर-उत्तराखंड-तक-बादलों-का-डेरा-केरल-से-बंगाल-और-पूर्वोत्तर-राज्यों-में-भारी-बारिश</link>
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        <description><![CDATA[ देश में बारिश अपने रंग में आ गई है. भीषण गर्मी से जूझती राजधानी दिल्ली में अचानक से आई बारिश तेंज आंधी को भी साथ लाई है. &amp;nbsp;वहीं, उत्तरी बंगाल और दक्षिणी राज्य केरलम में भारी बारिश से हालात बिगड़ते नजर आ रहे हैं. रविवार को दिल्ली एनसीआर में शाम को आसमान में घने बादल छा गए. कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इधर, IMD के मुताबिक पूर्वोत्तर भारत और पश्चिम बंगाल के उप-हिमालय में भारी बारिश हो सकती है. यह दौर अगले 5 दिन देखने को मिल सकता है.&amp;nbsp;
दिल्ली में किन जगहों पर बारिश का अलर्टदिल्ली में अगले 2 घंटे गन्नौर, सोनीपत, रोहतक, खरखौदा, चरखी, दादरी, मट्टनहेल झज्जर, फारुखनगर, कोसली, महेंद्रगढ़, सोहाना, रेवाड़ी और पलपल. नारनौल, बावल, नूंह, बड़ौत, दौराला, बागपत, मेरठ, खेकड़ा, मोदीनगर, पिलखुआ, हापुड़, गुलौटी, सिकंदराबाद, बुलंदशहर भिवाड़ी में बारिश होने के आसार हैं.&amp;nbsp;

पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश
पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत में काफी तेज बारिश हो रही है. उत्तर बंगाल के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में लगातार बारिश हो रही है. यहां हालात बिगड़ने लगे हैं. यहां के तीस्ता, जलढाका, दयना, लीश और घीश नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है. दार्जलिंग, कालिम्पोंग, जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार में भारी बारिश का अलर्ट है. साथ ही भूस्खलन और निदले मैदानी इलाकों में चेतावनी जारी की गई है.&amp;nbsp;
असम और मेघालय में 28 जून को उप हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्कम में 28 से 29 जून के बीच भारी बारिश हो सकती है. कई जिलों में गरज चमक की चेतावनी जारी की गई है.
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केरलम में भारी बारिश से बिगड़ रहे हालातIMD के मुताबिक, राज्य के 6 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. केरल में मॉनसून के बाद से बारिश ने अपने रंग पर है. इडुक्की, एर्नाकुलम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. IMD की मानें तो कन्नूर और कासरगोड में 29 जून, 30 जून और 1 जुलाई को ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. टोल फ्री नंबर 1077 और 1070 भी इन इलाकों के लिए जारी किए हैं.
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        <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 03:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>नई, दिल्ली, से, लेकर, उत्तराखंड, तक, बादलों, का, डेरा, केरल, से, बंगाल, और, पूर्वोत्तर, राज्यों, में, भारी, बारिश</media:keywords>
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        <title>असम के धेमाजी में डिकारी नदी का रौद्र रूप, जोनाई में फ्लैश फ्लड से भारी तबाही, टापू पर फंसे कई लोग</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/असम-के-धेमाजी-में-डिकारी-नदी-का-रौद्र-रूप-जोनाई-में-फ्लैश-फ्लड-से-भारी-तबाही-टापू-पर-फंसे-कई-लोग</link>
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        <description><![CDATA[ असम के धेमाजी जिले के जोनाई में लगातार हो रही बारिश और डिकारी नदी के जलस्तर में अचानक आई भारी वृद्धि ने भीषण तबाही मचा दी है. फ्लैश फ्लड के कारण जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है, जबकि 15 से अधिक लोग नदी के बीच स्थित एक चार (रेतीले टापू) पर फंस गए हैं.
डिकारी नदी का जलस्तर रविवार (28 जून, 2026) की सुबह अचानक बढ़ने से तेलाम के कोराइबाड़ी चार को चारों ओर से बाढ़ के पानी ने घेर लिया. इसके चलते वहां मौजूद 15 से अधिक लोग सुबह से ही फंसे हुए हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार, करीब 100 मवेशी भी उनके साथ चार पर फंसे हुए हैं. लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाना मुश्किल हो गया है.
SDRF की टीम के साथ रेस्क्यू में जुटे स्थानीय लोग
डिकारी नदी का उफनता पानी कई निचले इलाकों, रिहायशी बस्तियों, सड़कों और कृषि भूमि में घुस गया है. कई गांवों का संपर्क टूट गया है, जबकि अनेक परिवारों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जाना पड़ा है.
फ्लैश फ्लड के दौरान एक रिसॉर्ट संचालित कर रहा दंपति भी बाढ़ के पानी में फंस गया था. तेज बहाव के बीच स्थानीय लोगों और एसडीआरएफ की मदद से दोनों को सुरक्षित बाहर निकाला गया. वहीं, एक अन्य स्थान पर सड़क किनारे स्थित एक ढाबे में फंसे चार लोगों को भी सफलतापूर्वक बचा लिया गया.
एक अधिकारी ने बताया, &amp;lsquo;अचानक आई फ्लैश फ्लड में एक रिसॉर्ट चला रहा दंपति फंस गया था. तेज बहाव और तेजी से बढ़ते जलस्तर के कारण उनके पास पहुंचने में काफी कठिनाई हुई. हमने तुरंत पाडीघाट स्थित एसडीआरएफ टीम को सूचना दी. स्थानीय लोगों के सहयोग से आखिरकार दंपति को सुरक्षित बचा लिया गया. दूसरी जगह एक ढाबे में चार लोग फंस गए थे, जिन्हें भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया.&amp;rsquo;
नदी के बीच चार पर से लोगों का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
स्थानीय लोगों से सूचना मिलने के बाद जोनाई प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान शुरू किया और एसडीआरएफ की टीमों को मौके पर रवाना किया. हालांकि, कोराइबाड़ी चार में फंसे 15 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकालने का अभियान जारी था.
जिला प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और नदी किनारे तथा निचले इलाकों से दूर रहने की अपील की है. लगातार बारिश और डिकारी नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने चेतावनी दी है कि स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ेंः दिल्ली-UP वालों को कब मिलेगी राहत? IMD ने बताया मानसून की अगली चाल, जानें कब-कहां होगी बारिश ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 03:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>असम, के, धेमाजी, में, डिकारी, नदी, का, रौद्र, रूप, जोनाई, में, फ्लैश, फ्लड, से, भारी, तबाही, टापू, पर, फंसे, कई, लोग</media:keywords>
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        <title>Kailash Vijayvargiya Remark: &amp;apos;BJP सरकार के बाद हर अधिकारी खुद को RSS से जोड़ता है,&amp;apos; कैलाश विजयवर्गीय का बड़ा बयान</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/kailash-vijayvargiya-remark-bjp-सरकार-के-बाद-हर-अधिकारी-खुद-को-rss-से-जोड़ता-है-कैलाश-विजयवर्गीय-का-बड़ा-बयान</link>
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        <description><![CDATA[ कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि जब से भारतीय जनता पार्टी सत्ता में आई है, तब से लगभग हर सरकारी अधिकारी और कर्मचारी खुद को RSS से जुड़ा हुआ बताने की कोशिश करता है. उन्होंने यह भी कहा कि संगठन को सिर्फ अपनी संख्या बढ़ाने पर नहीं, बल्कि अच्छे इंसान तैयार करने पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए. भोपाल में एक कार्यक्रम के दौरान कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि जब भी कोई अधिकारी उनसे मिलने आता है, वह अक्सर अपने या अपने परिवार के RSS से जुड़े होने की बात जरूर करता है.
कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि आजकल जो भी अधिकारी उनके पास आता है, वह कहता है कि वह पहले शाखा में जाता था. कोई कहता है कि उसने शाखा में बेल्ट पहनी है, बैंड बांधा है और शॉर्ट्स भी पहने हैं. विजयवर्गीय ने मजाकिया अंदाज में कहा कि BJP सरकार बनने के बाद हर अधिकारी खुद को संघ से जुड़ा हुआ बताने लगा है. उन्होंने आगे कहा कि कई अधिकारी तो अपने परिवार के पुराने संबंधों का भी जिक्र करते हैं. कुछ अधिकारियों ने उनसे कहा कि उनके पिता भी शाखा में जाते थे. किसी ने बताया कि उनके पिता शाखा के प्रमुख भी रह चुके हैं. विजयवर्गीय ने कहा कि अब इतनी भीड़ हो गई है कि हर कोई अपने तरीके से संघ से जुड़ाव दिखाने की कोशिश कर रहा है

ये भी पढ़ें: कानपुर एयरपोर्ट पर ट्रेनिंग के दौरान बड़ा हादसा, चलते प्रोपेलर की चपेट में आई ट्रेनी पायलट
कैलाश विजयवर्गीय ने क्या कहा?
हालांकि, कैलाश विजयवर्गीय ने साफ कहा कि सिर्फ संख्या बढ़ना ही सब कुछ नहीं है. उनका कहना है कि अगर संगठन बड़ा हो रहा है लेकिन अच्छे लोग नहीं बन रहे हैं, तो फिर उस विकास का ज्यादा मतलब नहीं रह जाता. उन्होंने कहा कि आज हर जगह भीड़ है, लेकिन अच्छे इंसानों की कमी साफ दिखाई देती है. संगठन और विचारधारा दोनों बढ़ रहे हैं, लेकिन अगर अच्छे चरित्र वाले लोग नहीं होंगे तो उस विचारधारा की असली ताकत कमजोर पड़ जाएगी. कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि यह एक ऐसा मुद्दा है, जिस पर गंभीरता से सोचने की जरूरत है. उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब RSS के 100 साल पूरे होने को लेकर राजनीतिक बहस तेज है.
प्रियांक खड़गे ने RSS प्रमुख को लिखा लेटर
हाल ही में प्रियांक खड़गे ने RSS प्रमुख मोहान भागवत को एक खुला पत्र लिखा था. इस पत्र में उन्होंने संगठन की कानूनी स्थिति, फंडिंग, पदाधिकारियों और संवैधानिक जवाबदेही से जुड़े कई सवाल पूछे थे. मोहान भागवत ने इन सवालों को खारिज कर दिया. उन्होंने इसे सिर्फ एक राजनीतिक चाल बताया और कहा कि उन्हें इन सवालों का जवाब देने की कोई जरूरत नहीं लगती.
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        <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 03:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Kailash, Vijayvargiya, Remark:, BJP, सरकार, के, बाद, हर, अधिकारी, खुद, को, RSS, से, जोड़ता, है, कैलाश, विजयवर्गीय, का, बड़ा, बयान</media:keywords>
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        <title>&amp;apos;इस सम्मान को आदरपूर्वक स्वीकार...&amp;apos;, सेशेल्स के सर्वोच्च सम्मान मिलने पर आया PM मोदी का रिएक्शन</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/इस-सम्मान-को-आदरपूर्वक-स्वीकार-सेशेल्स-के-सर्वोच्च-सम्मान-मिलने-पर-आया-pm-मोदी-का-रिएक्शन</link>
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        <description><![CDATA[ भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन अवॉर्ड से नवाजा गया है. यह सेशेल्स का सबसे बड़ा अवॉर्ड है. उन्हें पर्यावरण संरक्षण और सस्टेनेबल डेवलपमेंट लीडरशिप, क्लाइमेट एक्शन, ग्रीन ग्रोथ को बढ़ावा देने की कोशिश के तहत यह सम्मान दिया गया है.
सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि छोटी द्वीपीय विकासशील देशों, क्लाइमेट रेजिलिएंस, इंटरनेशनल सपोर्ट और ब्लू इकॉनोमी के मैनेजमेंट के लिए उनके सपोर्ट को सराहा गया है. इसके अलावा भारत और सेशेल्स के बीच बढ़ती साझेदारी पर जोर दिया है.&amp;nbsp;

Grateful to the people and Government of Seychelles as well as President Herminie for conferring upon me the &amp;lsquo;Guardian of the Blue Horizon.&amp;rsquo;I humbly accept this honour and dedicate it to all those countries that are fighting the challenge of climate change and consider&amp;hellip; pic.twitter.com/iI4c7BjnFq
&amp;mdash; Narendra Modi (@narendramodi) June 28, 2026



नहीं रहे रूस के पूर्व उप-प्रधानमंत्री सर्गेई इवानोव, कभी पुतिन के सबसे मजबूत उत्तराधिकारी के रूप में उभरा था नाम
पीएम मोदी ने अपने बयान में इस अवॉर्ड को लेकर क्या कहा है?&amp;nbsp;इस अवॉर्ड के बाद पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट किया है. उन्होंने कहा कि गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन अवॉर्ड पाकर मैं बहुत विनम्र महसूस कर रहा हूं. मैं इस सम्मान को आदरपूर्वक स्वीकार करता हूं. इसे उन सभी देशों को समर्पित करता हूं, जो क्लाइमेट चेंज की समस्या से जूझ रहे हैं. जो पर्यावरण की रक्षा को आने वाली पीढ़ियों के प्रति अपने जिम्मेदारी मानते हैं.&amp;nbsp;

यूएन भी कर चुका चैंपियंस ऑफ द अर्थ अवॉर्ड से सम्मानित
इससे पहले मई 2026 में पीएम मोदी को फूड सिक्योरिटी, कृषि में बदलाव और सस्टेनेबल खेती को बढ़ावा देने के लिए एग्रीकोला मेडल से सम्मानित किया था. उन्हें सियोल शांति पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है. उसी साल यूएन ने उन्हें चैंपियंस ऑफ द अर्थ अवॉर्ड से सम्मानित किया था. यह संगठन का सर्वोच्च पर्यावरण सम्मान है. यह सम्मान उन्हें क्लाइमेट एक्शन और इंटरनेशनल स्तर पर पर्यावरण के सहयोग को बढ़ावा देने के लिए दिया गया था.
अयोध्या में रामलला के दर्शन करने जाएंगे अखिलेश यादव, कहा- रामनगरी में गोरखधंधा चल रहा है ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 03:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>इस, सम्मान, को, आदरपूर्वक, स्वीकार..., सेशेल्स, के, सर्वोच्च, सम्मान, मिलने, पर, आया, मोदी, का, रिएक्शन</media:keywords>
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        <title>बारात में खाना नहीं मिला—इसके बजाय बेल्ट से पिटाई हुई।</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/बारात-में-खाना-नहीं-मिलाइसके-बजाय-बेल्ट-से-पिटाई-हुई</link>
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        <description><![CDATA[ बारात में खाना नहीं मिला&amp;mdash;इसके बजाय बेल्ट से पिटाई हुई। ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 15:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>पुलिस और महिलाओं के बीच हुई झड़प का वीडियो वायरल हो गया है।</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/पुलिस-और-महिलाओं-के-बीच-हुई-झड़प-का-वीडियो-वायरल-हो-गया-है</link>
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        <description><![CDATA[ पुलिस और महिलाओं के बीच हुई झड़प का वीडियो वायरल हो गया है। ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 15:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>&amp;apos;राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर में जवानों की शहादत छिपाई&amp;apos;, विपक्ष का आरोप, BJP का पलटवार&amp; &amp;apos;इतिहास याद रखेगा कि...&amp;apos;</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/राजनाथ-सिंह-ने-ऑपरेशन-सिंदूर-में-जवानों-की-शहादत-छिपाई-विपक्ष-का-आरोप-bjp-का-पलटवार-इतिहास-याद-रखेगा-कि</link>
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        <description><![CDATA[ बीजेपी आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने &#039;ऑपरेशन सिंदूर&#039; को लेकर विपक्ष पर पलटवार करते हुए तीखा हमला बोला है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि विपक्ष को ऑपरेशन सिंदूर के वीर जवानों और पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए. उनका आरोप है कि विपक्ष ने कई महीनों तक झूठ फैलाया, शत्रु देश के प्रचार को बढ़ावा दिया और संसद में रक्षा मंत्री के बयान को तोड़-मरोड़कर पेश कर यह दिखाने की कोशिश की कि सरकार सैनिकों के बलिदान से इनकार कर रही है.विपक्ष ने लगाया था क्या आरोप?कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने एक्स पर एक पोस्ट में ऑपरेशन सिंदूर को लेकर संसद में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के दिए गए भाषण का एक वीडियो क्लिप साझा किया. उन्होंने आरोप लगाया कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ भारत की जवाबी कार्रवाई को लेकर संसद को गुमराह किया गया. साथ ही, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जान गंवाने वाले छह जवानों के नाम नेशनल वॉर मेमोरियल पर दर्ज किए जाने के बाद कांग्रेस ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पर आरोप लगाया कि उन्होंने इस संबंध में अहम जानकारी छिपाई.
&#039;रक्षा मंत्री के बयान को संदर्भ से काटकर पेश किया गया&#039;अमित मालवीय ने कहा कि सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है. उनके मुताबिक, रक्षा मंत्री का बयान एक विशेष संदर्भ में दिया गया था, जिसका उद्देश्य उस झूठे और दुर्भावनापूर्ण प्रचार का खंडन करना था जिसमें दावा किया जा रहा था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने अपने लड़ाकू पायलट खो दिए थे.
उन्होंने कहा कि इस तरह का झूठा प्रचार ऑपरेशन की सफलता को कमजोर करने और देश का मनोबल गिराने के लिए किया जा रहा था. मालवीय ने आरोप लगाया कि विपक्ष ने जानबूझकर रक्षा मंत्री के बयान की एक पंक्ति को संदर्भ से अलग कर राजनीतिक विवाद खड़ा करने की कोशिश की.

The Opposition owes an apology to the bravehearts of #OperationSindoor and to the nation.For months, they ran a campaign of calumny, spreading falsehoods, amplifying hostile propaganda, and even twisting the Raksha Mantri&amp;rsquo;s statement in Parliament to insinuate that the&amp;hellip; pic.twitter.com/3mMzZXpk7a
&amp;mdash; Amit Malviya (@amitmalviya) June 28, 2026



&#039;ऑपरेशन सिंदूर पूरी तरह सफल रहा&#039;बीजेपी नेता ने दावा किया कि ऑपरेशन सिंदूर पूरी तरह सफल सैन्य अभियान था. उन्होंने कहा कि इस अभियान में 100 से अधिक आतंकवादी और पाकिस्तानी सैन्यकर्मी मारे गए. इसके अलावा नियंत्रण रेखा (LoC) के पास पाकिस्तान के एयरबेस और सैन्य ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया गया. उन्होंने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों ने इस अभियान के दौरान अपनी सटीकता, पेशेवर क्षमता और दृढ़ संकल्प का शानदार प्रदर्शन किया.यह भी पढ़ें: कट्टरपंथियों के आगे झुकी शहबाज सरकार, पाकिस्तान के सबसे बड़े न्यूज चैनल Geo News पर लगाया बैन, जानें क्यों लिया ये फैसला
&#039;सरकार ने शहीदों के सम्मान में कोई कमी नहीं छोड़ी&#039;अमित मालवीय ने कहा कि सरकार ने उन सभी जवानों का पूरा सम्मान किया, जिन्होंने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया. उन्होंने बताया कि शहीद सैनिकों के नाम नेशनल वॉर मेमोरियल पर दर्ज किए गए हैं, जो उनकी वीरता को हमेशा याद रखने का प्रतीक है. उन्होंने यह भी कहा कि शहीदों के परिवारों को शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य कल्याणकारी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि उनके योगदान का सम्मान किया जा सके.यह भी पढ़ें: ईरान के 10 ठिकानों पर अमेरिका का अटैक, नेवी और एयरफोर्स ने दागीं मिसाइलें, CENTCOM ने जारी किया वीडियो

&#039;विपक्ष ने शहादत को राजनीति का हथियार बनाया&#039;अमित मालवीय ने आरोप लगाया कि जहां सरकार ने शहीदों का सम्मान गरिमा और कृतज्ञता के साथ किया, वहीं विपक्ष ने उनके बलिदान को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि इतिहास यह जरूर याद रखेगा कि कौन भारत के सैनिकों के साथ मजबूती से खड़ा रहा और किसने उनकी वीरता को बदनाम करने की कोशिश करने वालों का साथ दिया. ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 15:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>राजनाथ, सिंह, ने, ऑपरेशन, सिंदूर, में, जवानों, की, शहादत, छिपाई, विपक्ष, का, आरोप, BJP, का, पलटवार-, इतिहास, याद, रखेगा, कि...</media:keywords>
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        <title>‘सिर्फ ममता बनर्जी के समर्थकों को परेशान किया जा रहा है’, TMC नेता कुणाल घोष का शुभेंदु अधिकारी पर बड़ा आरोप</title>
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        <description><![CDATA[ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के विधायक कुणाल घोष ने पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार तृणमूल कांग्रेस में चल रही अंदरूनी खींचतान के बीच पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के वफादार विधायकों को निशाना बना रही है. कुणाल घोष ने कहा कि जो नेता ममता बनर्जी के साथ खड़े हैं और उस TMC के साथ जुड़े हैं जिसे ममता बनर्जी ने खुद बनाया था, उन्हें पुराने मामलों या दूसरे आरोपों में फंसाकर दबाव बनाया जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि दूसरी तरफ के नेताओं के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है.
न्यूज़ एजेंसी ANI के मुताबिक, कुणाल घोष ने कहा कि ममता बनर्जी का समर्थन करने वाले लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है और उन्हें परेशान किया जा रहा है. इस दौरान उन्होंने तारातला बिल्डिंग हादसे को लेकर भी मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पर निशाना साधा. मुख्यमंत्री ने गुरुवार को विधानसभा में कहा था कि जिस बिल्डिंग का प्लान पास हुआ था, उस पर कोलकाता के पूर्व मेयर और वरिष्ठ TMC नेता फिरहाद हकीम के साइन थे. इस पर कुणाल घोष ने सवाल उठाया कि अगर दस्तावेजों पर उनके हस्ताक्षर हैं तो फिर उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है. उन्होंने कहा कि सिर्फ ममता बनर्जी के करीबी नेताओं को ही टारगेट किया जा रहा है.

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तारातला में बिल्डिंग गिरने का हादासा
तारातला में कुछ दिन पहले एक बिल्डिंग गिर गई थी, जिसमें 17 लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हो गए थे. इस घटना के बाद यह मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया. इसी बीच TMC के बागी विधायकों के गुट, जो खुद को असली तृणमूल बता रहा है. उन्होंने कोलकाता में पार्टी के पूर्व पार्षदों के साथ एक बैठक की. इस बैठक में पार्टी की नई लीडरशिप और संगठन को लेकर चर्चा हुई. पूर्व पार्षद देबलीना बिस्वास ने बताया कि यह बैठक 22 जून को बने नए ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस बोर्ड ने बुलाई थी. उन्होंने कहा कि इस बैठक में पुराने पार्षदों को अपने-अपने इलाकों में आ रही दिक्कतों पर बात करने के लिए बुलाया गया था.
TMC से निकाले गए विधायक का दावा
TMC से निकाले गए विधायक संदीपन साहा ने दावा किया कि पार्टी के ज्यादातर विधायक, पुराने पार्षद और वरिष्ठ नेता अब उनके साथ हैं. उन्होंने कहा कि यह साफ हो चुका है कि आने वाले समय में तृणमूल कांग्रेस की अगली लीडरशिप कौन संभालेगा. उन्होंने कहा कि संगठन को मजबूत करने के लिए कोलकाता में यह बैठक की गई थी और इसमें कोलकाता नगर निगम के कई पार्षद भी शामिल हुए थे. इस महीने की शुरुआत में रीताब्रता बनर्जी के बागी गुट ने नई TMC लीडरशिप का ऐलान किया था. इसमें अरूप रॉय को चेयरपर्सन बनाया गया था और इस गुट ने दावा किया था कि उनके साथ कम से कम 58 विधायक हैं. इसके साथ ही इस गुट ने 30 सदस्यों की एक राष्ट्रीय कार्य समिति भी बनाई थी, जबकि ममता बनर्जी को पार्टी का मार्गदर्शक बनाए रखा गया है.
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        <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 15:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>‘सिर्फ, ममता, बनर्जी, के, समर्थकों, को, परेशान, किया, जा, रहा, है’, TMC, नेता, कुणाल, घोष, का, शुभेंदु, अधिकारी, पर, बड़ा, आरोप</media:keywords>
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        <title>&amp;apos;पेपर लीक बन गई मौसमी गतिविधि...&amp;apos;, सरकार पर फायर हुए अभिषेक मनु सिंघवी, जानें क्या कुछ कहा</title>
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        <description><![CDATA[ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सुप्रीम कोर्ट के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने देश में बार-बार पेपर लीक होने पर शनिवार (27 जून) को सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने महाराष्ट्र TET 2026 पेपर लीक मामले को लेकर जवाबदेही पर सवाल उठाए. न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए सिंघवी ने कहा कि आजकल यह (पेपर लीक) एक मौसमी गतिविधि बन गई है.
अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि हर तीन महीने में हर परीक्षा के साथ ऐसा होता है और कोई भी जिम्मेदारी नहीं लेता. TET 2026 पेपर लीक के लिए महाराष्ट्र के स्थानीय चेयरमैन को जिम्मेदार ठहराया जाएगा, जबकि महाराष्ट्र के मंत्री की कोई जिम्मेदारी नहीं है क्या? उन्होंने आगे कहा कि NEET पेपर लीक के लिए केंद्रीय मंत्री क्यों जिम्मेदार नहीं हैं. बात वही है.

कांग्रेस नेता ने बार-बार होने वाली इन घटनाओं को राजनीतिक जिद और जिम्मेदारी निभाने में नाकामी का सबसे बड़ा उदाहरण बताया है. सिंघवी ने कहा कि लगातार सामने आए ये मामले जिद्दी राजनीति के उदाहरण हैं. उनकी ये टिप्पणी महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद (MSCE) द्वारा 28 जून को होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को प्रश्न-पत्र लीक होने के आरोपों के बाद स्थगित किए जाने के बाद आई है.
3 लोग हिरासत में&amp;nbsp;भिवंडी पुलिस ने खुफिया जानकारी के आधार पर छापेमारी कर 3 लोगों को हिरासत में लिया है. अधिकारियों ने बताया कि कई सेट में प्रश्न-पत्र बरामद किए गए और उनकी जांच की गई, जिससे परीक्षा सामग्री के लीक होने की पुष्टि हुई. ठाणे पुलिस ने मामले की जांच के लिए SIT बनाई है. अधिकारियों ने कहा कि इसमें शामिल पाए जाने वाले सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.&amp;nbsp;
क्या बोले डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदेडिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने मास्टरमाइंड के खिलाफ महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (MCOCA) के तहत कार्रवाई समेत सख्त कदम उठाने का प्रस्ताव दिया है. शिंदे ने इस घटना को बहुत परेशान करने वाला बताया और भरोसा दिलाया कि किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार और परीक्षा में गड़बड़ी के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है.&amp;nbsp;
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&#039;इंदिरा गांधी के बाद सिर्फ PM मोदी ने ही...&#039;, शर्मिष्ठा मुखर्जी ने पिता प्रणब मुखर्जी की बातों को किया याद ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 15:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>पेपर, लीक, बन, गई, मौसमी, गतिविधि..., सरकार, पर, फायर, हुए, अभिषेक, मनु, सिंघवी, जानें, क्या, कुछ, कहा</media:keywords>
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        <title>‘शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था को वसूली का सिस्टम...’ महाराष्ट्र TET पेपर लीक पर भड़के राहुल गांधी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/शिक्षा-और-परीक्षा-व्यवस्था-को-वसूली-का-सिस्टम-महाराष्ट्र-tet-पेपर-लीक-पर-भड़के-राहुल-गांधी</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/शिक्षा-और-परीक्षा-व्यवस्था-को-वसूली-का-सिस्टम-महाराष्ट्र-tet-पेपर-लीक-पर-भड़के-राहुल-गांधी</guid>
        <description><![CDATA[ महाराष्ट्र में रविवार (28 जून, 2026) को होने वाले टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट यानी TET 2026 की परीक्षा को पेपर लीक होने की वजह से रद्द कर दिया गया है. जिसे लेकर अब विपक्ष महाराष्ट्र में भाजपा के देवेंद्र फडणवीस सरकार के साथ केंद्र सरकार पर निशाना साध रही है. वहीं, लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी शनिवार (27 जून, 2026) को महाराष्ट्र TET पेपर लीक को लेकर जमकर हमला किया है. उन्होंने कहा कि देश की शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था को वसूली का सिस्टम बना दिया गया है, जिससे देश का हर युवा असुरक्षित है.
नेता विपक्ष ने X प्लेटफॉर्म पर शेयर किया पोस्ट
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और वर्तमान में लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार (27 जून, 2026) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर किया. पोस्ट में राहुल गांधी ने लिखा, &amp;lsquo;एक और पेपर लीक. एक और परीक्षा रद्द. इस बार महाराष्ट्र का TET. देश की शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था को वसूली का सिस्टम बना दिया गया है, जिससे देश का हर युवा असुरक्षित है.&amp;rsquo;उन्होंने कहा, &amp;lsquo;यह सिर्फ पेपर लीक नहीं, यह युवाओं के भविष्य की चोरी है.&amp;rsquo;&amp;nbsp;

एक और पेपर लीक।एक और परीक्षा रद्द।इस बार महाराष्ट्र का TET।देश की शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था को वसूली का सिस्टम बना दिया गया है, जिससे देश का हर युवा असुरक्षित है। यह सिर्फ पेपर लीक नहीं,यह युवाओं के भविष्य की चोरी है।
&amp;mdash; Rahul Gandhi (@RahulGandhi) June 27, 2026



BJP सरकार पेपर लीक सरकार बन चुकी है- कांग्रेस
वहीं, कांग्रेस पार्टी ने भी अपने आधिकारिक एक्स हैंडल से इस संबंध में पोस्ट साझा कर बीजेपी सरकार पर आरोप लगाते हुए उसे पेपर लीक सरकार करार दिया है. कांग्रेस पार्टी ने अपने X पोस्ट में लिखा, &amp;lsquo;एक और पेपर लीक. महाराष्ट्र में TET का पेपर लीक हो गया है. कल ये परीक्षा होने वाली थी, जिसे रद्द कर दिया गया है.&amp;rsquo;

एक और पेपर लीक ????महाराष्ट्र में TET का पेपर लीक हो गया है। कल ये परीक्षा होने वाली थी, जिसे रद्द कर दिया गया है।BJP की सरकार में कोई ऐसा पेपर नहीं, जो लीक नहीं होता। ये सरकार &#039;पेपर लीक सरकार&#039; बन चुकी है। pic.twitter.com/ErIHxZWwJ2
&amp;mdash; Congress (@INCIndia) June 27, 2026



पार्टी ने आगे कहा, &amp;lsquo;भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार में कोई ऐसा पेपर नहीं, जो लीक नहीं होता. ये सरकार पेपर लीक सरकार बन चुकी है.&amp;rsquo;
नरेंदर हो या देवेंदर, सबका पेपर लीक- कांग्रेस

पेपर लीक सरकार pic.twitter.com/NOhbbfbvdF
&amp;mdash; Congress (@INCIndia) June 27, 2026



वहीं, एक अन्य X पोस्ट में कांग्रेस पार्टी ने पहले नीट यूजी 2026 की परीक्षा के पेपर लीक और अब महाराष्ट्र टीईटी के पेपर लीक का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधा है. पार्टी ने लिखा, &amp;lsquo;नरेंदर हो या देवेंदर, सबका पेपर लीक.&amp;rsquo;&amp;nbsp;
यह भी पढ़ेंः TET पेपर लीक पर भड़के ओवैसी, BJP सरकार पर साधा निशाना, पूछा- &#039;युवाओं को परेशान करने का जिम्मेदार कौन?&#039; ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 02:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>‘शिक्षा, और, परीक्षा, व्यवस्था, को, वसूली, का, सिस्टम...’, महाराष्ट्र, TET, पेपर, लीक, पर, भड़के, राहुल, गांधी</media:keywords>
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        <title>कोलकाता हादसा: 16 मौतों के बाद एक्शन में पुलिस, पूर्व मेयर फिरहाद हकीम और दो पूर्व पार्षदों के खिलाफ शिकायत दर्ज</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/कोलकाता-हादसा-16-मौतों-के-बाद-एक्शन-में-पुलिस-पूर्व-मेयर-फिरहाद-हकीम-और-दो-पूर्व-पार्षदों-के-खिलाफ-शिकायत-दर्ज</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/कोलकाता-हादसा-16-मौतों-के-बाद-एक्शन-में-पुलिस-पूर्व-मेयर-फिरहाद-हकीम-और-दो-पूर्व-पार्षदों-के-खिलाफ-शिकायत-दर्ज</guid>
        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के तारातला इलाके में बुधवार (24 जून, 2026) को दोपहर करीब 12 बजे एक निर्माणाधीन वेयरहाउस के ढह जाने की घटना में 16 लोगों की मौत और 17 अन्य के घायल होने की पुष्टि हो चुकी है. वहीं, अब तक इस मामले में 6 लोगों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है.
इस मामले में आगे की कार्रवाई करते हुए जिला पुलिस ने शुक्रवार (26 जून, 2026) को कोलकाता के पूर्व मेयर फिरहार हकीम के साथ कोलकाता नगर निगम (KMC) के दो पूर्व पार्षदों अनवर खान और शम्स इकबाल के खिलाफ शिकायत दर्ज की है.
दर्ज शिकायत के बारे में पुलिस ने दी जानकारी
पुलिस ने मामले को लेकर बताया, &amp;lsquo;हमें फिरहाद हकीम और दो पूर्व पार्षदों अनवर खान और शम्स इकबाल के खिलाफ शिकायतें मिली हैं. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इलाके में कई अवैध इमारतों का निर्माण किया गया है और इस मामले में तीनों की भूमिका की गहनता से जांच होनी चाहिए. ऐसे में मामले की जांच की जा रही है.&amp;rsquo;&amp;nbsp;

विधानसभा में मुख्यमंत्री के बयान के बाद दर्ज हुई शिकायत
फिरहाद हकीम और दो पूर्व पार्षदों के खिलाफ यह शिकायत ऐसे समय पर दर्ज कराई गई है, जब दो दिन पहले गुरुवार (25 जून, 2026) को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने विधानसभा में कहा था कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेतृत्व वाले कोलकाता नगर निगम के पूर्व बोर्ड ने गलतियों से भरे डिजाइन होने के बावजूद इस वेयरहाउस प्रोजेक्ट को मंजूरी दी थी. उन्होंने सदन में पूर्व मेयर फिरहाद हकीम का नाम लिए बिना ही उस पर निशाना साधा था.
हालांकि, कोलकाता पुलिस पहले ही इस मामले में फिरहाद हकीम के पूर्व स्पेशल ड्यूटी ऑफिसर (OSD) कालीचरण बनर्जी को गिरफ्तार कर चुकी है. इसके अलावा, एक सिटी कोर्ट ने कालीचरण बनर्जी को शुक्रवार (26 जून, 2026) की सुनवाई के बाद 4 जुलाई तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ेंः TET पेपर लीक पर भड़के ओवैसी, BJP सरकार पर साधा निशाना, पूछा- &#039;युवाओं को परेशान करने का जिम्मेदार कौन?&#039; ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 02:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>कोलकाता, हादसा:, मौतों, के, बाद, एक्शन, में, पुलिस, पूर्व, मेयर, फिरहाद, हकीम, और, दो, पूर्व, पार्षदों, के, खिलाफ, शिकायत, दर्ज</media:keywords>
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        <title>अगर चंपत राय&amp;अनिल मिश्रा का इस्तीफा, स्वीकार हुआ तो कौन लेगा जगह? राम मंदिर ट्रस्ट में आ सकता CEO सिस्टम</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/अगर-चंपत-राय-अनिल-मिश्रा-का-इस्तीफा-स्वीकार-हुआ-तो-कौन-लेगा-जगह-राम-मंदिर-ट्रस्ट-में-आ-सकता-ceo-सिस्टम</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/अगर-चंपत-राय-अनिल-मिश्रा-का-इस्तीफा-स्वीकार-हुआ-तो-कौन-लेगा-जगह-राम-मंदिर-ट्रस्ट-में-आ-सकता-ceo-सिस्टम</guid>
        <description><![CDATA[ देश में जो गरमाया हुआ मुद्दा है, वो राम मंदिर के खजाने में हेरफेर के आरोपों से जूझ रहा अयोध्या श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट है. अब इसके महासचिव चंपत राय और सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे की खबर की पुष्टी हो चुकी है. दोनों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. शनिवार को ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देवगिरी ने प्रेस रिलीज जारी की है.&amp;nbsp;
11 जुलाई को होगी ट्रस्ट की बड़ी बैठक
बयान में बताया गया है कि ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय और न्यासी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे मिले हैं. इन इस्तीफों पर ट्रस्ट की आगामी मीटिंग में विचार किया जाएगा. अब ऐसे में सवाल उठ रहा है कि अगर दोनों के इस्तीफे स्वीकार किए जाएंगे, तो इनका दायित्व कौन संभालेगा? ऐसे में सवाल उठना लाजमी है. वहीं, चर्चाएं भी तेज हो चुकी है. माना जा रहा है कि ट्रस्ट में सीईओ सिस्टम भी आ सकता है. यह सिस्टम राम मंदिर ट्रस्ट के लिए आ सकता है. इसमें एक ऑफिशियल अधिकारी की देखरेख में ट्रस्ट को चलाया जाएगा. 11 जुलाई को ट्रस्ट की बैठक होगी. कई अहम फैसले लिए जा सकते हैं.&amp;nbsp;
ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं को साफ कर दिया है कि रामलला को चढ़ाए गईं चांदी की ईंटे, आभूषण और अन्य मूल्यवान वस्तुएं ट्रस्ट के अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से सौंपी थीं. वह सभी सुरक्षित हैं. उनका पूरा हिसाब है.&amp;nbsp;
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: आरोपी मनीष यादव की बहन ने abp न्यूज़ से किया खुलासा, &#039;1 महीने पहले ही...&#039;
कौन ले सकते हैं अनिल मिश्रा की जगह?&amp;nbsp;
अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद सवाल है कि आखिर कौन उनकी जगह लेगा. ऐसे में कृष्ण मोहन का नाम उभरकर आ रहा है. कृष्ण मोहन आरोपियों पर हुई एफआईआर में वादी हैं. इसके बाद भी उनका नाम उभरकर सामने आया है. मोहन पहले गवर्नमेंट जॉब में थे. इसके बाद रिटायरमेंट के बाद संघ के चालक और जिला, प्रांत और क्षेत्रीय संघचालक का सफर तय किया. उन्हें मंदिर का दायित्व भी सौंपा. उनका दामन भी बेदाग है. उनके कार्यों की प्रशंसा संगठन का शीर्ष नेतृत्व करता है. वहीं, चंपत राय की जगह कौन लेगा, इसपर किसी तरह की सुगबुगाहट नहीं है.&amp;nbsp;

&#039;हार और खड़ाऊ भी चुरा लिए, हम रोते रह गए&#039;, राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर भावुक हुए इकबाल अंसारी ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 02:30:08 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>अगर, चंपत, राय-अनिल, मिश्रा, का, इस्तीफा, स्वीकार, हुआ, तो, कौन, लेगा, जगह, राम, मंदिर, ट्रस्ट, में, आ, सकता, CEO, सिस्टम</media:keywords>
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        <title>&amp;apos;नेशनल हिरोज को देश...&amp;apos;, ऑपरेशन सिंदूर के शहीदों को लेकर विपक्ष के आरोपों पर रक्षा मंत्रालय का जवाब</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/नेशनल-हिरोज-को-देश-ऑपरेशन-सिंदूर-के-शहीदों-को-लेकर-विपक्ष-के-आरोपों-पर-रक्षा-मंत्रालय-का-जवाब</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/नेशनल-हिरोज-को-देश-ऑपरेशन-सिंदूर-के-शहीदों-को-लेकर-विपक्ष-के-आरोपों-पर-रक्षा-मंत्रालय-का-जवाब</guid>
        <description><![CDATA[ पिछले साल यानी 2025 में हुए पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ भारत के सैन्य ऑपरेशन सिंदूर में 6 जवानों ने अपनी जान गंवाई थी. इनके नाम नेशनल वॉर मेमोरियल पर दर्ज किए हैं. वहीं, इस पर एक तरफ विपक्ष सियासत कर रहा है, विपक्ष ने रक्षामंत्री राजनाथ सिंह का संसद में दिए भाषण का एक वीडियो भी जारी किया है . इस पर रक्षा मंत्रालय ने बयान दिया कि 28 जुलाई 2025 को संसद में दिए रक्षामंत्री के भाषण को गलत तरीके से दिखाने की कोशिश की गई.&amp;nbsp;
कांग्रेस ने जहां एक तरफ इसे 6 जवानों की जानकारी छुपाने का आरोप सरकार के सिर मढ़ते हुए सैनिकों का अपमान बताया है तो वहीं आरोप लगाया कि देश की संसद को भी गुमराह किया गया.&amp;nbsp;
रक्षा मंत्रालय ने अपने बयान में क्या कहा है?&amp;nbsp;
भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि मीडिया और सोशल मीडिया पर कुछ ऐसी खबरें हैं, जिन्हें गलत तरीके से दिखाया गया है. प्रेस रिलीज जारी करते हुए कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान 6 बहादुर सैनिकों को सर्वोच्च शहादत को हाल ही में पहली बार मान्यता दी गई, या सार्वजनिक रूप से लाया गया, यह दावा पूरी तरह गलत है.&amp;nbsp;
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मंत्रालय ने कहा कि यह स्पष्ट किया जाता है कि देश ने इन शहीद नायकों को उन खबरों के आने से बहुत पहले ही सबसे पहले श्रद्धांजलि दी थी. 11 मई 2025 को आयोजित तत्कालीन मिलिट्री ऑपरेशन्स के महानिदेश ने इन बहादुर सैनिकों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी. साथ ही ऑपरेशन सिंदूर के दौरान ड्यूटी पर उनके बलिदान को मान्यता दी. इन बहादुर सैनिकों को वीरता पुरस्कार दिए गए. इसकी जानकारी 14 अगस्त 2025 की प्रेस विज्ञाप्ति में प्रकाशित की गई थी. यह भारतीय रक्षा बलों की सर्वोच्च परंपराओं के अनुरूप उनकी वीरता और सर्वोच्च बलिदान की औपचारिक और राष्ट्रीय मान्यता थी. इसके अलावा भारतीय सेना के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी इन बहादुर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी गई.&amp;nbsp;

देश नेशनल हिरोज को सम्मान देता रहा है: रक्षा मंत्रालय
मंत्रालय की तरफ से स्पष्ट किया गया कि इन नेशनल हिरोज को देश लगातार सम्मान देता रहा है. 15 जनवरी 2026 को जयपुर में आयोजित सेना दिवस परेड के दौरान सेना के चीफ ने इनमें से तीन बहादुर सैनिकों के परिवारों को सेना मेडल प्रदान किया. वायुसेना प्रमुख ने 8 अक्टूबर 2025 को भी ऐसा ही किया. वहीं, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीद सैनिकों के नाम अंकित करने को लेकर मुद्दा है तो इसके लिए प्रोटोकॉल और तय प्रकिया है. यह कहना उचित सम्मान नहीं दिया गया, यह तथ्यात्मक रूप से बेहद ही गलत है. मंत्रालय ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर अनावश्यक और निराधार विवाद खड़ा हो गया है.&amp;nbsp;
&#039;ऑपरेशन सिंदूर में 6 जवानों का बलिदान छिपाकर...&#039;, राजनाथ सिंह के संसद वाले भाषण का जिक्र कर बोले पवन खेड़ा ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 02:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>नेशनल, हिरोज, को, देश..., ऑपरेशन, सिंदूर, के, शहीदों, को, लेकर, विपक्ष, के, आरोपों, पर, रक्षा, मंत्रालय, का, जवाब</media:keywords>
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        <title>TMC Crisis: क्या BJP जॉइन करेंगी महुआ मोइत्रा? TMC सांसद ने दिया चौंकाने वाला जवाब</title>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों काफी हलचल देखने को मिल रही है. विधानसभा चुनाव के बाद TMC में बड़ी टूट की खबरें सामने आईं. कई सांसद और विधायक पार्टी से अलग हो गए. ऐसे माहौल में महुआ मोइत्रा को लेकर भी चर्चा तेज हो गई कि क्या वह भी BJP में जा सकती हैं. इन अटकलों को तब और हवा मिली जब महुआ मोइत्रा ने शुभेंदु अधिकारी की तारीफ की. इसके बाद राजनीतिक गलियारों में सवाल उठने लगे कि क्या महुआ भी ममता बनर्जी से दूरी बना सकती हैं. अब महुआ मोइत्रा ने खुद इन चर्चाओं पर खुलकर जवाब दिया है. बीबीसी हिंदी को दिए इंटरव्यू में जब उनसे पूछा गया कि क्या वह कभी भाजपा में जाएंगी, तो उन्होंने साफ शब्दों में इन अटकलों को खारिज कर दिया.
महुआ मोइत्रा ने कहा कि राजनीति में आने के लिए उन्होंने अपनी युवा उम्र और जिंदगी का बड़ा हिस्सा समर्पित किया है. उनका मकसद एक ऐसे भारत के लिए काम करना है जहां सभी धर्मों के लोग साथ रहें. उन्होंने कहा कि उनका सपना वही भारत है जो सेक्युलर और सबको साथ लेकर चलने वाला था. उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी ने देश में सांप्रदायिकता को बढ़ावा दिया है. महुआ ने कहा कि वह आखिरी सांस तक इसका विरोध करेंगी और जब तक जिंदा रहेंगी, भाजपा के खिलाफ लड़ाई जारी रखेंगी. इसी इंटरव्यू में महुआ मोइत्रा ने शुभेंदु अधिकारी के साथ अपने पुराने रिश्तों को भी याद किया. उन्होंने बताया कि जब दोनों एक ही पार्टी में थे, तब शुभेंदु ने उनका काफी साथ दिया था

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महुआ मोइत्रा ने किया शुभेंदु अधिकारी का जिक्र
महुआ ने कहा कि जब वह करीमपुर से चुनाव लड़ रही थीं, तब सिर्फ शुभेंदु अधिकारी ही उनके लिए प्रचार करने पहुंचे थे. उन्हें जब भी किसी मदद की जरूरत होती थी, शुभेंदु उनकी मदद करते थे. उन्होंने 2014 लोकसभा चुनाव का भी जिक्र किया. महुआ ने बताया कि उस समय उन्हें उम्मीद थी कि पार्टी उन्हें टिकट देगी, लेकिन बाद में टिकट नहीं मिला. इस वजह से वह पूरी रात रोती रहीं. उस मुश्किल समय में सिर्फ शुभेंदु अधिकारी ने उनका साथ दिया था. उन्होंने महुआ से कहा था कि चिंता मत करो, मैं हूं. हालांकि महुआ ने साफ किया कि आज दोनों अलग-अलग पार्टियों में हैं और अब बातचीत नहीं होती. जब उनके इस बयान पर राजनीतिक चर्चा तेज हुई तो महुआ मोइत्रा ने सफाई भी दी. उन्होंने कहा कि उनके हालिया इंटरव्यू के कुछ हिस्सों को गलत तरीके से पेश किया गया.
UCC को बीजेपी पर निशाना
इस बीच महुआ मोइत्रा ने समान नागरिक संहिता यानी UCC को लेकर भी भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार डर और दबाव की राजनीति कर रही है. महुआ का कहना है कि विभाजनकारी और सख्त नीतियों के जरिए विपक्ष को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है. ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पर हुई बैठक के बाद महुआ ने मीडिया से बातचीत में कहा कि भाजपा सरकार तृणमूल कांग्रेस को जमीनी स्तर पर कमजोर करना चाहती है. उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कार्यकर्ताओं को बैठकें और रैलियां करने से रोका जा रहा है ताकि पार्टी की पकड़ कमजोर की जा सके.
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        <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 02:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>TMC, Crisis:, क्या, BJP, जॉइन, करेंगी, महुआ, मोइत्रा, TMC, सांसद, ने, दिया, चौंकाने, वाला, जवाब</media:keywords>
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        <title>नेपाल&amp;दुबई से चलता था गैंग का नेटवर्क, दिल्ली का कुख्यात डॉन शब्बीर चौधरी गिरफ्तार</title>
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        <description><![CDATA[ दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली और ट्रांस-यमुना इलाके में लंबे समय से आतंक का पर्याय बने कुख्यात गैंगस्टर शब्बीर अली उर्फ शब्बीर चौधरी को गिरफ्तार कर लिया है. शब्बीर अप्रैल 2025 से मकोका के मामले में फरार चल रहा था और पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी थी. उसके गिरोह के नौ बदमाश पहले ही गिरफ्तार होकर जेल में बंद हैं.
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खुफिया सूचना पर हरियाणा से दबोचा गया कुख्यात आरोपी
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को पुख्ता मुखबिर और तकनीकी निगरानी से शब्बीर की लोकेशन का पता चला. इसके बाद टीम ने हरियाणा के शंभू बॉर्डर पर जाल बिछाकर उसे दबोच लिया और दिल्ली लेकर आई. पुलिस ने उसके कब्जे से एक कार और एक स्कूटी भी बरामद की है.
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दिल्ली से नेपाल और दुबई तक फैला था गैंग का नेटवर्क
पुलिस के मुताबिक शब्बीर चौधरी, हाशिम बाबा और अनवर चाचा के संगठित अपराध सिंडिकेट का सरगना है. यह गिरोह सीलमपुर, भजनपुरा, मौजपुर, शाहदरा समेत उत्तर-पूर्वी दिल्ली और ट्रांस-यमुना इलाके में रंगदारी, हत्या, हत्या की कोशिश, जमीन कब्जाने और अन्य संगीन वारदातों को अंजाम देता था. जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह के कुछ सदस्य नेपाल और दुबई से बैठकर भी नेटवर्क संचालित कर रहे थे.
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90 के दशक से अपराध की दुनिया में सक्रिय
शब्बीर मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर का रहने वाला है. साल 2008 में अपने भाई शमीम अहमद की हत्या के बाद उसने अपराध का रास्ता और तेज कर दिया. जेल के दौरान उसकी दोस्ती हाशिम बाबा और अनवर चाचा जैसे कुख्यात अपराधियों से हुई, जिसके बाद उसने अपना बड़ा गैंग खड़ा कर लिया.
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14 संगीन मामलों में नाम, कोर्ट से भी था वारंट
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक शब्बीर के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, अवैध हथियार और मकोका समेत 14 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं. साल 2024 के मकोका केस में वह वांटेड था. इसके अलावा भजनपुरा थाने के आर्म्स एक्ट मामले में कोर्ट ने उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी कर रखा था.
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स्पेशल सेल लगातार तोड़ रही है गैंग की कमर
दिल्ली पुलिस ने बताया कि इसी साल जनवरी में इस गिरोह के शार्पशूटर सोहेल उर्फ आलम को पिस्तौल और कारतूस के साथ गिरफ्तार किया गया था. वहीं दिसंबर 2025 में गिरोह के दो अन्य बदमाश जासिम उर्फ आलू और जहांगीर उर्फ इक्का को चार पिस्तौल और 14 कारतूस के साथ पकड़ा गया था..पुलिस का कहना है कि गैंग के प्रमुख सदस्य पहले से जेल में हैं और अब सरगना की गिरफ्तारी से गिरोह को बड़ा झटका लगा है.
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        <pubDate>Sat, 27 Jun 2026 10:30:11 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>नेपाल-दुबई, से, चलता, था, गैंग, का, नेटवर्क, दिल्ली, का, कुख्यात, डॉन, शब्बीर, चौधरी, गिरफ्तार</media:keywords>
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        <title>‘छोटे कर्मचारी करोड़ों की हेराफेरी कर सकते हैं या...’, राम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर प्रियंका गांधी वाड्रा ने उठाए सवाल</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/छोटे-कर्मचारी-करोड़ों-की-हेराफेरी-कर-सकते-हैं-या-राम-मंदिर-चढ़ावा-चोरी-को-लेकर-प्रियंका-गांधी-वाड्रा-ने-उठाए-सवाल</link>
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        <description><![CDATA[ अयोध्या के श्री राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी मामले को लेकर कांग्रेस पार्टी की महासचिव और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने शुक्रवार (26 जून, 2026) को बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि भगवान राम करोड़ों मन का पवित्र भाव हैं. उसी पवित्र भाव से लोग उनके मंदिर में माथा टेकते हैं और अपनी श्रद्धा से दान करते हैं. उन्होंने कहा कि राम मंदिर में चोरी करने वालों ने धर्म और आस्था की मूल भावना को खंडित करने का महापाप किया है.
कांग्रेस नेता ने एक्स प्लेटफॉर्म पर शेयर किया पोस्ट
केरल के वायनाड से कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शुक्रवार (26 जून, 2026) की रात एक पोस्ट शेयर किया. अपने पोस्ट में कांग्रेस सांसद ने लिखा, &amp;lsquo;सत्य और धर्म को स्थापित करने वाले मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम और उनके करोड़ों भक्तों की आस्था के साथ जो चोरी और लूट का कपटपूर्ण कृत्य किया गया है, उसने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है.&amp;rsquo;&amp;nbsp;

सत्य और धर्म को स्थापित करने वाले मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम और उनके करोड़ों भक्तों की आस्था के साथ जो चोरी और लूट का कपटपूर्ण कृत्य किया गया है, उसने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। भगवान राम करोड़ों मन का पवित्र भाव हैं। उसी पवित्र भाव से लोग मंदिर में माथा टेकते हैं और दान&amp;hellip;
&amp;mdash; Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) June 26, 2026



उन्होंने कहा, &amp;lsquo;भगवान राम करोड़ों मन का पवित्र भाव हैं. उसी पवित्र भाव से लोग मंदिर में माथा टेकते हैं और दान करते हैं. राम मंदिर में चोरी करने वालों ने धर्म और आस्था की मूल भावना को खंडित करने का महापाप किया है.&amp;rsquo;&amp;nbsp;

लीपापोती नहीं, पारदर्शी जांच हो- प्रियंका गांधी
इस दौरान कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने अयोध्या राम मंदिर में काम करने वाले छोटे कर्मचारियों के साथ बड़े पदाधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा, &amp;lsquo;यह सवाल भी महत्वपूर्ण है कि क्या छोटे कर्मचारी अकेले CCTV बंद कर हजारों करोड़ के चढ़ावे में हेराफेरी कर सकते हैं या इसके पीछे कुछ बड़े लोगों की मिलीभगत है?&amp;rsquo;
उन्होंने आगे कहा, &amp;lsquo;इस मामले में जांच के नाम पर लीपापोती करने की जगह पारदर्शी तरीके से जांच हो और जो भी लोग इस चौर्य कर्म में संलिप्त हैं, उन्हें कड़ी सजा मिले.&amp;rsquo;&amp;nbsp;
यह भी पढ़ेंः अयोध्या राम मंदिर दान चोरी पर भड़के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, कहा- ऐसा करने वालों को भगवान... ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 27 Jun 2026 10:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>‘छोटे, कर्मचारी, करोड़ों, की, हेराफेरी, कर, सकते, हैं, या...’, राम, मंदिर, चढ़ावा, चोरी, को, लेकर, प्रियंका, गांधी, वाड्रा, ने, उठाए, सवाल</media:keywords>
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        <title>KR पुरम ट्रिपल मर्डर केसः बेंगलुरु पुलिस ने मुख्य आरोपी के बॉयफ्रेंड को भी किया गिरफ्तार, शहर छोड़कर भाग गया था आरोपी</title>
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        <description><![CDATA[ कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के केआर पुरम ट्रिपल मर्डर केस में जिला पुलिस ने गुरुवार (25 जून, 2026) को बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. बेंगलुरु पुलिस ने मामले में आरोपी और मृतक सोमसुंदर और उनकी पत्नी मुथुलक्ष्मी के बड़ी बेटी श्वेता के बॉय फ्रेंड कैनेथ को भी गिरफ्तार कर लिया है. इससे पहले बेंगलुरु पुलिस ने मुख्य आरोपी श्वेता को पुडुचेरी से गिरफ्तार किया था.
पुलिस टीम के पास जानकारी थी कि कैनेथ भी वहीं कहीं छिपा है, जिसके बाद बेंगलुरु पुलिस ने पुडुचेरी पुलिस की मदद से उसे भी कल गुरुवार (25 जून, 2026) की शाम में गिरफ्तार कर लिया और अब उसे बेंगलुरु लाया जा रहा है.
हत्या को अंजाम देकर दोनों आरोपी हो गए थे फरार
दरअसल, ट्रिपल मर्डर को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपियों ने अपने मोबाइल को स्विच ऑफ कर दिया था और एक टू-व्हीलर लेकर भाग गए थे. हालांकि, बेंगलुरु से 200 किलोमीटर का रास्ता तय करने के बाद उनका टू-व्हीलर खराब होकर बंद हो गया. इसके बाद दोनों एक बस के जरिए पुडुचेरी पहुंच गए और वहां से दोनों अलग हो गए. हत्या की मुख्य आरोपी श्वेता कहीं और फरार होने की तैयारी कर रही थी, तभी उसे गिरफ्तार कर लिया गया था. श्वेता को 7 दिन की पुलिस कस्टडी में लिया गया है. वहीं, कैनेथ को बेंगलुरु लाया जा रहा है. उसके बाद उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा.&amp;nbsp;



पुलिस ने बताया कि CCTV की कड़ियों को जोड़कर लोकल इंटेलीजेंस की मदद से दोनों को अरेस्ट करने में पुलिस को कामयाबी मिली.
पुलिस को शुरू से बड़ी बेटी श्वेता पर था शक
बेंगलुरु पुलिस को पहले से शक था कि इस ट्रिपल मर्डर के पीछे परिवार की ही बड़ी बेटी श्वेता और उसके लिव-इन पार्टनर कैनेथ का हाथ है. शुरुआती जांच में यह बात भी सामने आई कि श्वेता के माता-पिता उसके रिश्ते का विरोध कर रहे थे और यही विरोध पूरे परिवार के अंत का कारण बन गया.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ेंः Bengaluru Triple Murder Case: प्रेमी के लिए बेटी बनी कातिल! माता-पिता और बहन को मौत के घाट उतारकर फरार, पुडुचेरी से गिरफ्तारी ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 27 Jun 2026 10:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>पुरम, ट्रिपल, मर्डर, केसः, बेंगलुरु, पुलिस, ने, मुख्य, आरोपी, के, बॉयफ्रेंड, को, भी, किया, गिरफ्तार, शहर, छोड़कर, भाग, गया, था, आरोपी</media:keywords>
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        <title>‘इस्लाम अपनाने से व्यक्ति सिर्फ मुस्लिम बनता है, न कि...’, धर्म परिवर्तन और आरक्षण पर मद्रास हाईकोर्ट का बड़ा फैसला</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/इस्लाम-अपनाने-से-व्यक्ति-सिर्फ-मुस्लिम-बनता-है-न-कि-धर्म-परिवर्तन-और-आरक्षण-पर-मद्रास-हाईकोर्ट-का-बड़ा-फैसला</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/इस्लाम-अपनाने-से-व्यक्ति-सिर्फ-मुस्लिम-बनता-है-न-कि-धर्म-परिवर्तन-और-आरक्षण-पर-मद्रास-हाईकोर्ट-का-बड़ा-फैसला</guid>
        <description><![CDATA[ देश में आए दिन कई ऐसे मामले सामने आते हैं, जिसमें धर्म परिवर्तन के बाद आरक्षण को लेकर विवाद होता है. एक ऐसे ही मामले को लेकर सुनवाई करते हुए मद्रास हाईकोर्ट ने शुक्रवार (26 जून, 2026) को एक बेहद अहम फैसला सुनाया है. मामले में फैसला सुनाते हुए हाईकोर्ट ने तमिलनाडु सरकार के उन आदेश को भी असंवैधानिक घोषित कर दिया, जिसमें यह कहा गया था कि हिंदू धर्म की पिछड़ी (BC), अति-पिछड़ी (OBC) या अनुसूचित जाति (SC) से अगर कोई व्यक्ति इस्लाम को अपनाकर मुस्लिम बन जाता है तो ऐसे लोगों को बैकवर्ड क्लास मुस्लिम का दर्जा दिया जाएगा और इसके साथ ही उन्होंने आरक्षण भी दिया जाएगा.
मद्रास हाई कोर्ट ने फैसले में क्या कहा?
वहीं, मद्रास हाईकोर्ट में जस्टिस जीआर स्वामीनाथन और जस्टिस पीबी बालाजी की दो जजों की बेंच ने मामले में अपना फैसला सुनाते हुए कहा, &amp;lsquo;कोई भी व्यक्ति इस्लाम को अपनाने के बाद सिर्फ एक मुसलमान ही बनता है, बस बात यहीं खत्म. वो बैकवर्ड क्लास मुस्लिम के दर्जे और आरक्षण का दावा बिल्कुल भी नहीं कर सकता है.&amp;rsquo; &amp;nbsp;&amp;nbsp;
किस मामले में मद्रास हाईकोर्ट ने सुनाया फैसला?
दरअसल, यह मामला तमिलनाडु के थूथुकुड़ी जिले के निवासी समीर अहमद की तरफ से दर्ज कराई गई याचिका के बाद सामने आया है. समीर अहमद का जन्म एक हिंदू परिवार में हुआ था और उसका नाम परमशिवम था, लेकिन साल 2015 में उसने इस्लाम को अपना लिया और अपना नाम समीर अहमद रख लिया. इसके बाद उन्होंने मुस्लिम रीति-रिवाजों के हिसाब से शादी भी की. यहां तक सब ठीक था, लेकिन धर्म परिवर्तन करने के बाद जब समीर ने तहसीलदार को मुस्लिम लेब्बाई जाति का सर्टिफिकेट लेने आवेदन दिया, तो तहसीलदार ने उसके आवेदन को खारिज कर दिया. बता दें कि मुस्लिम लेब्बाई जाति को तमिलनाडु में पिछड़े वर्ग के मुसलमानों का दर्जा मिला हुआ है.&amp;nbsp;

तहसीलदार की तरफ से आवेदन खारिज होने के बाद समीर ने मद्रास हाईकोर्ट ने इसके खिलाफ याचिका दाखिल की. उसने अपनी याचिका में तमिलनाडु सरकार के 9 मार्च, 2024 के उस आदेश का हवाला दिया, जिसमें धर्म परिवर्तन करने वाले मुसलमानों को आरक्षण देने की बात कही गई थी. वहीं, इस मामले को लेकर तमिलनाडु सरकार की ओर से तर्क दिया गया कि कनवर्ट होने वाले लोगों को आरक्षण इसलिए दिया जा रहा है ताकि वह अपनी पुरानी आरक्षित श्रेणी का फायदा उठा सकें. हालांकि, मद्रास हाई कोर्ट ने राज्य सरकार के इस तर्क को भी सिरे से खारिज कर दिया.
सिर्फ जन्म से तय होती है समुदाय की सदस्यता- हाईकोर्ट
हाईकोर्ट ने अपने फैसले में आगे कहा, &amp;lsquo;मुस्लिम समाज में भी कई ऐसे समुदाय हैं, जिनकी सदस्यता सिर्फ उस समुदाय में जन्म लेने से ही तय होती है, बेझिझक ऐसा कहा जा सकता है कि वे हिंदू धर्म की जातियों की तरह ही हैं. जैसे हिंदू धर्म में जाति जन्म से तय होती है, उसी तरह से कोई भी व्यक्ति जब राउथर, मरक्कयार या दक्कानी मुस्लिम समुदाय में जन्म लेता है, तभी वह उस समुदाय का सदस्य कहलाता है, लेकिन ऐसा कहना पूरी तरह से बेतुका है कि किसी को मुस्लिम समुदाय में बदला जा सकता है.&amp;rsquo;&amp;nbsp;
यह भी पढ़ेंः केंद्र के किस फैसले से परेशान हुए तमिलनाडु के CM थलापति विजय? पीएम मोदी को लिखी चिट्ठी, बोले- आप... ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 27 Jun 2026 10:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>‘इस्लाम, अपनाने, से, व्यक्ति, सिर्फ, मुस्लिम, बनता, है, न, कि...’, धर्म, परिवर्तन, और, आरक्षण, पर, मद्रास, हाईकोर्ट, का, बड़ा, फैसला</media:keywords>
    </item>
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        <title>थलापति विजय का बड़ा फैसला, जननायकन के प्रोड्यूसर को दिल्ली में दी बड़ी जिम्मेदारी, BJP&amp;DMK भड़की</title>
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        <description><![CDATA[ तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलापति विजय ने बड़ा फैसला किया है. तमिलनाडु सरकार ने जननायकन के प्रोड्यूसर और फिल्म निर्माता के. वेंकट नारायण को नई दिल्ली में राज्य सरकार का विशेष प्रतिनिधि नियुक्त किया. सीएम विजय के इस फैसले की बीजेपी और दूसरी पार्टियों ने आलोचना की.
तमिलनाडु सरकार ने 23 जून को जारी आदेश में एक साल के लिए इस अस्थायी पद पर नियुक्ति की है. यह पद दर्जे के लिहाज से मंत्री के समकक्ष माना जाता है. विपक्षी पार्टियों- द्रमुक, अन्नाद्रमुक और भाजपा ने इस कदम को लेकर तमिलगा मुनेत्र कषगम (टीवीके) सरकार की आलोचना की.
कौन हैं के. वेंकट नारायण?
चार्टर्ड अकाउंटेंट और लॉ ग्रेजुएट वेंकट नारायण बेंगलुरु स्थित &#039;केवीएन प्रोडक्शंस&#039; के फाउंडर हैं. नारायण, मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की फिल्म &#039;जननायक&#039; के निर्माता भी हैं. यह फिल्म प्रमाणन संबंधी मुद्दों के कारण अब तक रिलीज नहीं हो सकी है.
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थलापति विजय के फैसले पर भड़की बीजेपी
भाजपा की तमिलनाडु इकाई के अध्यक्ष नैनार नागेन्द्रन ने इस नियुक्ति पर हैरानी जताते हुए दावा किया कि मुख्यमंत्री विजय की सरकार ने तमिलनाडु के प्रतिनिधि के रूप में ऐसे व्यक्ति को नियुक्त किया है, जिसे तमिल भाषा का ज्ञान तक नहीं है.
नागेन्द्रन ने X पर कहा, &#039;जिस व्यक्ति का तमिलनाडु से कोई संबंध नहीं है, उसे केंद्र सरकार और तमिलनाडु सरकार के बीच सेतु की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी कैसे सौंपी जा सकती है? जो व्यक्ति हमारी मातृभाषा तमिल और हमारी तमिल संस्कृति को पूरी तरह नहीं जानता, वह दिल्ली में तमिलनाडु के लोगों की सोच व राज्य सरकार की आवाज को कैसे प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर सकता है?&#039;
उन्होंने नारायण की नियुक्ति पर सवाल उठाया, &#039;क्या उन्हें यह जिम्मेदारी इसलिए दी गई है क्योंकि वह मुख्यमंत्री अभिनीत फिल्म के निर्माता हैं या फिर इसके पीछे कांग्रेस का दबाव है?&#039;
विजय के फैसले पर DMK क्या बोली?
सरकार के फ़ैसले पर हैरानी जताते हुए द्रमुक नेता तिरुची शिवा ने कहा कि सवाल यह उठता है कि क्या नारायणन मेकादातु बांध के मुद्दे पर तमिलनाडु के पक्ष में खड़े होंगे, उसका प्रतिनिधित्व करेंगे और आवाज उठाएंगे.
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शिवा ने X पर कहा, &#039;मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने विधानसभा में कहा है कि उनकी सरकार कावेरी नदी पर मेकेदातु में नया बांध बनाने के कर्नाटक के रुख के आगे नहीं झुकेगी, क्योंकि इससे डेल्टा क्षेत्र के किसानों की आजीविका पर बहुत बुरा असर पड़ेगा. अब लोग तमिलनाडु सरकार से स्पष्टीकरण और आश्वासन का इंतजार कर रहे हैं क्योंकि नियुक्त किए गए विशेष प्रतिनिधि कर्नाटक राज्य से हैं.&#039;
दूसरे राज्य का शख्स कैसे हमारे अधिकार की रक्षा करेगा- AIADMK&amp;nbsp;
अन्नाद्रमुक ने इस नियुक्ति की कड़ी निंदा की और प्रशासन को कांग्रेस के नेतृत्व वाली कर्नाटक सरकार की &#039;प्रॉक्सी सरकार&#039; बताया. उसने यह जानना चाहा कि पड़ोसी राज्य का कोई व्यक्ति प्रस्तावित मेकेदातु बांध विवाद पर तमिलनाडु के अधिकारों की रक्षा कैसे कर सकता है. ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 27 Jun 2026 10:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Ketan Murder Case: सिया के पिता ने अपनी बेटी को भी केतन की तरह किले से धक्का देने की बात कही!</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/ketan-murder-case-सिया-के-पिता-ने-अपनी-बेटी-को-भी-केतन-की-तरह-किले-से-धक्का-देने-की-बात-कही</link>
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        <description><![CDATA[ Ketan Murder Case: सिया के पिता ने अपनी बेटी को भी केतन की तरह किले से धक्का देने की बात कही! ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 26 Jun 2026 18:30:12 +0530</pubDate>
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        <title>ऑपरेशन सिंदूर में शहीद हुए थे 6 भारतीय जवान, पहली बार सामने आए नाम, नेशनल वॉर मेमोरियल में मिली जगह</title>
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        <description><![CDATA[ 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने &#039;ऑपरेशन सिंदूर&#039; चलाया और पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में मौजूद आतंकवादियों के ठिकानों को निशाना बनाया था. इस ऑपरेशन में सेना के 6 वीर जवानों ने अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया. अब इन शहीदों के नाम नई दिल्ली के नेशनल वॉर मेमोरियल पर दर्ज किए जाएंगे. नेशनल वॉर मेमोरियल कि वेबसाइट पर इन शहीदों के नाम सार्वजनिक किए गए है.&amp;nbsp;
शहीदों में 5 आर्मी के जवान और एक वायुसेना के सार्जेंट
शहीदों में भारतीय सेना के 5 जवान और भारतीय वायुसेना के एक सार्जेंट शामिल हैं. दो शहीदों को सरकार ने उनकी बहादुरी के लिए सम्मानित भी किया है. इनमें राइफलमैन सुनील कुमार को मरणोपरांत वीर चक्र और सार्जेंट सुरेंद्र कुमार को मरणोपरांत वायु पदक से सम्मानित किया गया है. ऑपरेशन सिंदूर में शहीद होने वाले वीर सैनिकों में सूबेदार मेजर पवन कुमार, राइफलमैन सुनील कुमार, लांस नायक दिनेश कुमार, अग्निवीर मूड मुरली नाइक, हवलदार सुनील कुमार सिंह और भारतीय वायुसेना के सार्जेंट सुरेंद्र कुमार शामिल हैं.

सार्वजनिक किए गए शहीदों के नाम
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले इन सभी छह वीर जवानों के नाम आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक कर दिए गए हैं. शहीदों के नाम नई राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर अंकित किए जा रहे हैं, जिससे उनका बलिदान सदैव राष्ट्र की स्मृतियों में जीवित रहेगा. इन छह शहीदों में से दो को उनकी असाधारण वीरता के लिए सैन्य सम्मान भी प्रदान किए गए हैं.
राइफलमैन सुनील कुमार को मरणोपरांत वीर चक्र से सम्मानित किया गया, जो देश का तीसरा सर्वोच्च युद्धकालीन वीरता पुरस्कार है. वहीं, सार्जेंट सुरेंद्र कुमार को वायु पदक प्रदान किया गया. &amp;nbsp;ऑपरेशन के दौरान राइफलमैन सुनील कुमार लाइन ऑफ कंट्रोल पर तैनात थे. 8 जून को आयोजित रक्षा अलंकरण समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उन्हें मरणोपरांत वीर चक्र से सम्मानित किया.
लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई बने NSCS के नए मिलिट्री एडवाइजर, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान DGMO के तौर पर निभाई थी भूमिका
राष्ट्रीय युद्ध स्मारक का &amp;lsquo;त्याग चक्र शहीदों को समर्पित
राष्ट्रीय युद्ध स्मारक का &amp;lsquo;त्याग चक्र&amp;rsquo; देश के शहीदों को समर्पित है. इसमें ग्रेनाइट की 16 वृत्ताकार दीवारें हैं, जिनकी प्रत्येक ईंट पर स्वतंत्रता के बाद देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों के नाम, पद और यूनिट अंकित किए जाते हैं. अब ऑपरेशन सिंदूर के इन छह वीर सपूतों के नाम भी इसी गौरवशाली स्मारक का स्थायी हिस्सा बनेंगे. देश की सुरक्षा और सम्मान के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले इन वीर जवानों का बलिदान सदैव राष्ट्र को प्रेरित करता रहेगा.
भारत को अपने एयरस्पेस में एंट्री देने पर पाकिस्तान का बड़ा फैसला, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान लगाई थी रोक ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 26 Jun 2026 18:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>ऑपरेशन, सिंदूर, में, शहीद, हुए, थे, भारतीय, जवान, पहली, बार, सामने, आए, नाम, नेशनल, वॉर, मेमोरियल, में, मिली, जगह</media:keywords>
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        <title>केंद्र के किस फैसले से परेशान हुए तमिलनाडु के CM थलापति विजय? पीएम मोदी को लिखी चिट्ठी, बोले&amp; आप...</title>
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        <description><![CDATA[ तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने शुक्रवार (26 जून, 2026) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक चिट्ठी लिखी है. इस चिट्ठी में सीएम विजय ने केंद्र सरकार की तरफ से नेवेली लिग्नाइट कॉर्पोरेशन इंडिया लिमिटेड (NLC) में अपने हिस्सेदारी (इक्विटी) के प्रस्तावित विनिवेश (डिसइंवेस्टमेंट) की प्रक्रिया को आगे बढ़ने के फैसले का विरोध किया है. इसके साथ ही, उन्होंने पीएम मोदी से केंद्र सरकार के इस फैसले पर फिर से विचार करने का अनुरोध किया है.
पीएम मोदी को लिखे पत्र में क्या बोले सीएम विजय?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने कहा, &amp;lsquo;मैं भारत सरकार की तरफ से नेवेली लिग्नाइट कॉर्पोरेशन इंडिया लिमिटेड (NLC) में अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश को आगे बढ़ाने के फैसले पर तमिलनाडु सरकार की गहरी चिंता व्यक्त करने के लिए यह पत्र लिख रहा हूं, जिसमें अधिसूचना के मुताबिक पेड-अप इक्विटी का अधिकतम 3 प्रतिशत हिस्सा ऑफर फॉर सेल के जरिए बेचा जाना प्रस्तावित है, इसमें 2 प्रतिशत का बेस ऑफर और अतिरिक्त एक प्रतिशत का ग्रीन-शू ऑप्शन शामिल है.&amp;rsquo;&amp;nbsp;
उन्होंने कहा, &amp;lsquo;तमिलनाडु सरकार भारत सरकार की तरफ से NLC इंडिया लिमिटेड में अपनी हिस्सेदारी को और कम करने का कड़ा विरोध करती है. यह मुद्दा तमिलनाडु के लिए काफी ज्यादा महत्वपूर्ण है, क्योंकि NLC इंडिया लिमिटेड अपनी स्थापना, विकास और नियमित संचालन के जरिए हमारे राज्य से अभिन्न रूप से जुड़ा हुआ है.&amp;rsquo;&amp;nbsp;

Tamil Nadu Chief Minister Vijay has written to Prime Minister Narendra Modi opposing the Government of India&#039;s decision to proceed with the proposed disinvestment of its equity in Neyveli Lignite Corporation India Limited (NLC) and has urged a reconsideration of this decision.&amp;hellip; pic.twitter.com/mW4h5gO2BT
&amp;mdash; ANI (@ANI) June 26, 2026



ये सिर्फ एक लिस्टेड कंपनी नहीं, रणनीतिक राष्ट्रीय संपत्ति है- विजय&amp;nbsp;

CM जोसेफ विजय ने कहा, &amp;lsquo;तमिलनाडु सरकार का मत है कि एनएलसी इंडिया लिमिटेड सिर्फ एक लिस्टेड कंपनी नहीं है, बल्कि यह ऊर्जा सुरक्षा, मिनरल विकास और क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी एक रणनीतिक राष्ट्रीय संपत्ति (एसेट) है. भारत सरकार की हिस्सेदारी में किसी भी तरह की कमी ऐसे रणनीतिक महत्व वाले सार्वजनिक इंटरप्राइज में सरकारी स्वामित्व के संबंध में एक अवांछनीय मिसाल कायम करेगी.&amp;rsquo;
उन्होंने कहा, &amp;lsquo;केंद्र सरकार की तरफ से उठाए जा रहे इस कदम से चिंताएं न सिर्फ वित्तीय पहलुओं तक सीमित है, बल्कि यह राज्य, उसके नागरिकों और देश की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा के हितों से भी जुडा हुआ विषय है.&amp;rsquo; उन्होंने आगे कहा कि मुझे पूरी यकीन है कि भारत सरकार तमिलनाडु सरकार की तरफ से उठाई गई इन चिंताओं पर गंभीरता से विचार करेगी.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ेंः कर्नाटक सरकार का बड़ा फैसला, निजी फोटो-वीडियो लीक करने पर FIR दर्ज करना अब अनिवार्य ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 26 Jun 2026 18:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>केंद्र, के, किस, फैसले, से, परेशान, हुए, तमिलनाडु, के, थलापति, विजय, पीएम, मोदी, को, लिखी, चिट्ठी, बोले-, आप...</media:keywords>
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        <title>राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर FIR, इस्तीफा और गिरफ्तारी के बाद भी थम नहीं रहा विवाद, VHP ने उठाये ये सवाल</title>
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        <description><![CDATA[ राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के मामले में एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर दर्ज होने के बाद पूरे प्रकरण ने तूल पकड़ लिया है. राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद विपक्ष ने केंद्र और ट्रस्ट पर तीखे सवाल उठाए हैं. इस बीच विश्व हिंदू परिषद (VHP) के इंटरनेशनल प्रेसिडेंट आलोक कुमार ने कहा कि सिस्टम में में सुधार की जरूरत है.
एक और कमेटी बनाने की जरूरत नहीं: VHP
न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा, &#039;मुझे नहीं लगता इसके लिए एक और कमेटी बनाने की जरूरत है. आरोप सिर्फ दो ट्रस्टियों पर हैं, बाकी सब पर नहीं इसलिए सबसे जरूरी ये है कि व्यवस्था को सुधारा जाए और ऐसे लोगों को लाया जाए जिन्हें मंदिर मंदिर एडमिनिस्ट्रेशन का अनुभव हो. ऐसा इसलिए किया जाना चाहिए ताकि भगवान राम की सभी संपत्तियां पूरी तरह सुरक्षित रहें, भक्तों को परेशानी न हो और इस जगह से लोगों की आस्था और बढ़े. मुझे उम्मीद है कि ट्रस्टी ऐसा जरूर करेंगे.&#039;
किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाना चाहिए: VHP
आलोक कुमार ने कहा, &#039;मुझे इस बात से संतुष्टि है कि आरोप लगने के तुरंत बाद ही SIT बनाने की मांग उठी और ट्रस्ट ने खुद ही ऐसा किया. जिस दिन आरोपियों के नाम सामने आए, उसी दिन उनके खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई. मैं पुलिस से आग्रह करता हूं कि वह सभी आरोपियों चाहे वह कोई बड़ा अधिकारी हो या छोटा कर्मचारी. किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाना चाहिए.&#039;
इन आरोपियों को किया गया गिरफ्तार
इस मामले पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि आरोप सामने आते ही सरकार ने तत्काल एसआईटी गठित करने के निर्देश दिए थे. गुरुवार देर रात मंदिर के कर्मचारियों, नकदी गिनने वाले स्टाफ और कुछ पूर्व बैंक अधिकारियों समेत आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई. आरोप है कि इन सभी ने आपसी मिलीभगत से मंदिर की दान राशि का गबन किया. गिरफ्तार किए गए आरोपियों में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, रामाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू शामिल हैं.
ये भी पढ़ें : 94 साल की महालक्ष्मम्मा ने भारतीय पहचान वापस पाने US नागरिकता छोड़ी, बोलीं - &#039;अंतिम सांस फिर से भारतीय बनकर लेना है...&#039; ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 26 Jun 2026 18:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>&amp;quot;ये दिन आएगा , कभी नहीं सोचा था...&amp;quot; दान चोरी के आरोपों पर फूटा राम मंदिर की लड़ाई लड़ने वाले शख्स का गुस्सा</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/ये-दिन-आएगा-कभी-नहीं-सोचा-था-दान-चोरी-के-आरोपों-पर-फूटा-राम-मंदिर-की-लड़ाई-लड़ने-वाले-शख्स-का-गुस्सा</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/ये-दिन-आएगा-कभी-नहीं-सोचा-था-दान-चोरी-के-आरोपों-पर-फूटा-राम-मंदिर-की-लड़ाई-लड़ने-वाले-शख्स-का-गुस्सा</guid>
        <description><![CDATA[ अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कथित दान चोरी के आरोपों को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है. इस बीच राम जन्मभूमि मामले में हिंदू पक्ष के प्रमुख अधिवक्ताओं में शामिल रहे विष्णु शंकर जैन ने इस पूरे घटनाक्रम पर गहरी चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि यदि आरोपों में सच्चाई है तो मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जो भी दोषी हो, उसे कानून के सामने जवाब देना चाहिए.
उन्होंने कहा, &quot;राम मंदिर ट्रस्ट को लेकर अब तक जो घटनाक्रम सामने आया है, उससे हमें गहरा दुख और पीड़ा हुई है. जब हम पूरी कानूनी लड़ाई लड़ रहे थे, तब हमारा मुख्य उद्देश्य ऐसा राम मंदिर बनाना था, जो पूरे देश के लिए एक आदर्श हो. लेकिन अब विभिन्न समाचार रिपोर्टों के माध्यम से हमें यह जानकारी मिल रही है कि मंदिर ट्रस्ट के प्रबंधन, ट्रस्ट, ट्रस्टियों और विभिन्न अधिकारियों के खिलाफ इस तरह के आरोप लगाए गए हैं। यह बेहद दुखद है। इसकी जांच होनी चाहिए और जो भी दोषी हो, उसे अदालत के कटघरे में लाया जाना चाहिए।&quot;

#WATCH | Delhi: On alleged Ayodhya Ram Mandir donations embezzlement issue, Advocate Vishnu Shankar Jain says, &quot;We are deeply pained and saddened by the incident which has happened so far as the Ram Mandir Temple Trust is concerned and our primary aim and objective when we were&amp;hellip; pic.twitter.com/Pv2LlOFMmv
&amp;mdash; ANI (@ANI) June 26, 2026



विष्णु शंकर जैन उन अधिवक्ताओं में रहे हैं जिन्होंने सुप्रीम कोर्ट में राम जन्मभूमि मामले की सुनवाई के दौरान हिंदू पक्ष की ओर से अहम कानूनी भूमिका निभाई थी. उनका कहना है कि वर्षों तक चली कानूनी लड़ाई का उद्देश्य केवल मंदिर निर्माण नहीं, बल्कि ऐसा राम मंदिर बनाना था जो पूरे देश के लिए एक आदर्श बने.
आरोप बेहद निराशाजनक- &amp;nbsp;जैन
विष्णु शंकर जैन ने कहा, &quot;सबसे पहले मैं यह कहना चाहता हूं कि राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़ी जो घटनाएं सामने आई हैं, उनसे हमें गहरा दुख और पीड़ा हुई है. हमने पूरी कानूनी लड़ाई इसलिए लड़ी थी कि ऐसा राम मंदिर बने जो पूरे देश के लिए एक मॉडल बने. लेकिन आज विभिन्न समाचार रिपोर्टों के जरिए ट्रस्ट, ट्रस्टियों, प्रबंधन और अधिकारियों पर जिस तरह के आरोप सामने आए हैं, वह बेहद निराशाजनक है. हमने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि ऐसा दिन आएगा.&quot;
विष्णु शंकर जैन ने यह भी कहा कि वर्तमान एफआईआर में जिन लोगों के नाम हैं, जांच केवल वहीं तक सीमित नहीं रहेगी. उन्होंने कहा, &quot;अगर एसआईटी और पुलिस जांच के दौरान किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसे भी आरोपी बनाया जा सकता है. यह जरूरी नहीं कि अभी एफआईआर में जिसका नाम नहीं है, उसके खिलाफ आगे कार्रवाई न हो। जांच एजेंसी के पास पर्याप्त अधिकार हैं.&quot;
आस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा&quot;: मुख्यमंत्री
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र दान मामले में पहली एफआईआर दर्ज होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी सख्त रुख अपनाया. देवरिया में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा, &quot;जनभावनाओं से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. एसआईटी की रिपोर्ट मिलते ही कार्रवाई शुरू कर दी गई है. सच और झूठ को अलग किया जाएगा. जो भी लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ करेगा, उसे इसकी कीमत चुकानी होगी.&quot; उन्होंने कहा कि 19 जून को अयोध्या दौरे के दौरान भी उन्होंने स्पष्ट किया था कि अयोध्या करोड़ों लोगों की आस्था का प्रतीक है. साथ ही कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि यही वे लोग हैं जिन्होंने भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाए थे. ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 26 Jun 2026 18:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>ये, दिन, आएगा, कभी, नहीं, सोचा, था..., दान, चोरी, के, आरोपों, पर, फूटा, राम, मंदिर, की, लड़ाई, लड़ने, वाले, शख्स, का, गुस्सा</media:keywords>
    </item>
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        <title>नागरिकता का प्रमाण, पहचान और मीडिया से सोशल मीडिया तक बहस…, पासपोर्ट क्यों नहीं मजबूत दस्तावेज?</title>
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        <description><![CDATA[ मुद्दा सिर्फ पासपोर्ट का नहीं, बल्कि नागरिकता और पहचान का है. मीडिया से लेकर सोशल मीडिया तक, अदालत से लेकर संसद तक एक नई बहस छिड़ गई है. बहस की वजह विदेश मंत्रालय का वह बयान है, जिसमें कहा गया कि पासपोर्ट भारतीय नागरिकता का निर्णायक प्रमाण नहीं है. विदेश मंत्रालय के मुताबिक पासपोर्ट एक ट्रैवल डॉक्युमेंट है, जिसे विदेश यात्रा के लिए जारी किया जाता है. इस बयान के सामने आते ही देशभर में सवाल उठने लगे, क्योंकि आम धारणा यही रही है कि पासपोर्ट भारतीय नागरिकता का सबसे मजबूत प्रमाण है.
भारतीय नागरिकता साबित कैसे होगी?
इससे पहले विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़ी सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने भी आधार कार्ड को नागरिकता का प्रमाण मानने से इनकार किया था. जबकि SIR के लिए मांगे गए दस्तावेजों की सूची में पासपोर्ट सबसे ऊपर रखा गया है. ऐसे में जब आधार और पासपोर्ट दोनों को नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं माना जा रहा, तो आम नागरिक के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर भारतीय नागरिकता साबित कैसे होगी.
विपक्ष ने केंद्र सरकार पर उठाए सवाल
विदेश मंत्रालय के बयान के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं. विपक्षी दलों का आरोप है कि सरकार धीरे-धीरे उन दस्तावेजों की वैधता पर सवाल उठा रही है जिन्हें अब तक नागरिकता और पहचान का सबसे मजबूत आधार माना जाता रहा है. पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि पासपोर्ट जारी करने से पहले नागरिकता से जुड़े सभी दस्तावेजों की जांच होती है, इसलिए यह समझना मुश्किल है कि सरकार ऐसा बयान क्यों दे रही है. वहीं शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने सवाल उठाया कि अगर पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं है तो विदेश यात्रा के दौरान भारतीय नागरिक अपनी पहचान किस आधार पर साबित करेंगे.
पासपोर्ट को लेकर केंद्र का पक्ष
दूसरी तरफ केंद्र सरकार का कहना है कि विदेश मंत्रालय ने केवल कानूनी प्रक्रिया स्पष्ट की है. केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि पासपोर्ट एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है, लेकिन केवल पासपोर्ट होना नागरिकता का अंतिम और निर्णायक प्रमाण नहीं माना जा सकता. नागरिकता साबित करने के लिए अन्य कानूनी प्रक्रियाएं और दस्तावेज भी अहम होते हैं.
भारत में करोड़ों लोगों के पास सरकारी दस्तावेज मौजूद हैं. लगभग 135 करोड़ लोगों के पास आधार कार्ड, 95 करोड़ के पास वोटर आईडी, 78 करोड़ के पास पैन कार्ड, 21 करोड़ के पास राशन कार्ड, 20 करोड़ के पास ड्राइविंग लाइसेंस और करीब 13 करोड़ लोगों के पास पासपोर्ट है. लेकिन कानूनी दृष्टि से इनमें से कोई भी दस्तावेज अकेले नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं माना जाता. ये दस्तावेज पहचान, निवास, मतदान या सरकारी योजनाओं से जुड़ी पात्रता साबित करते हैं, नागरिकता नहीं.
पासपोर्ट को लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट की टिप्पणी
दरअसल पासपोर्ट अधिनियम 1967 की धारा 20 के अनुसार केंद्र सरकार जनहित में किसी गैर-भारतीय नागरिक को भी पासपोर्ट या यात्रा दस्तावेज जारी कर सकती है. इसी वजह से कानून पासपोर्ट और नागरिकता को दो अलग-अलग अवधारणाओं के रूप में देखता है. वर्ष 2013 में बॉम्बे हाई कोर्ट ने भी अपने एक फैसले में कहा था कि पासपोर्ट को नागरिकता के अंतिम प्रमाण के रूप में नहीं माना जा सकता.
तो फिर भारतीय नागरिकता मिलती कैसे है? नागरिकता अधिनियम 1955 के तहत नागरिकता पांच तरीकों से प्राप्त की जा सकती है- जन्म से, वंश से, पंजीकरण के जरिए, नेचुरलाइजेशन के जरिए और किसी क्षेत्र के भारत में विलय के आधार पर. लेकिन भारत में जन्मे अधिकांश लोगों को अलग से कोई नागरिकता प्रमाणपत्र जारी नहीं किया जाता. नागरिकता से जुड़े विवादों या जांच के मामलों में जन्म प्रमाणपत्र, माता-पिता के दस्तावेज, स्कूल रिकॉर्ड, भूमि रिकॉर्ड और अन्य सरकारी दस्तावेजों के आधार पर नागरिकता साबित करनी पड़ सकती है.
अब पासपोर्ट बनवाना हो गया महंगा
इस पूरे विवाद के बीच पासपोर्ट धारकों के लिए एक और बड़ी खबर सामने आई है. 1 जुलाई से पासपोर्ट बनवाना और उसका नवीनीकरण कराना महंगा हो गया है. 36 पेज वाले सामान्य पासपोर्ट की फीस 1,500 रुपये से बढ़ाकर 2,500 रुपये कर दी गई है, जबकि 60 पेज वाले पासपोर्ट की फीस 2,000 रुपये से बढ़कर 3,500 रुपये हो गई है. खोए या क्षतिग्रस्त पासपोर्ट को दोबारा बनवाने की फीस भी बढ़ा दी गई है. वहीं तत्काल पासपोर्ट, बच्चों के पासपोर्ट और पुलिस क्लियरेंस सर्टिफिकेट के लिए भी अब पहले से अधिक शुल्क देना होगा.
विदेश मंत्रालय के बयान ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है- अगर पासपोर्ट, आधार, वोटर आईडी और पैन कार्ड भी नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं हैं, तो आम नागरिक अपनी भारतीय नागरिकता किस आधार पर साबित करेगा? यही सवाल अब राजनीतिक बहस और जनचर्चा के केंद्र में है.
ये भी पढ़ें : कैबिनेट विस्तार की अटकलों के बीच राष्ट्रपति मुर्मू से मिले अमित शाह, क्या हैं इस मीटिंग के मायने? ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 26 Jun 2026 06:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>नागरिकता, का, प्रमाण, पहचान, और, मीडिया, से, सोशल, मीडिया, तक, बहस…, पासपोर्ट, क्यों, नहीं, मजबूत, दस्तावेज</media:keywords>
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        <title>300 फीट की ऊंचाई से धक्का, सीसीटीवी फुटेज और वो एक गलती… सिया के विश्वासघात की पूरी कहानी</title>
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        <description><![CDATA[ पुणे के लोहागढ़ किले से जुड़ा यह मामला सिर्फ एक कथित हत्या की कहानी नहीं है, बल्कि भरोसे, रिश्तों और विश्वासघात की ऐसी दास्तान है जिसने पूरे देश को झकझोर दिया है. 26 वर्षीय केतन अग्रवाल की मौत को शुरुआत में एक हादसा माना गया था. कहा गया कि ट्रेकिंग के दौरान उनका पैर फिसल गया और वे गहरी खाई में जा गिरे. लेकिन कुछ ही दिनों में इस कथित हादसे की परतें खुलनी शुरू हुईं और जांच एजेंसियों के सामने ऐसी तस्वीर उभरकर आई जिसने सभी को हैरान कर दिया.
पुलिस जांच के मुताबिक, केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी के बीच लंबे समय से नजदीकियां थीं. आरोप है कि दोनों अपने रिश्ते को आगे बढ़ाना चाहते थे, लेकिन सिया की शादी कुछ महीनों बाद केतन से होने वाली थी. जांच में सामने आए तथ्यों के अनुसार, इसी वजह से कथित तौर पर केतन को रास्ते से हटाने की साजिश रची गई.
कैफे में मिले सिया और चेतन&amp;nbsp;
जांच एजेंसियों को मिले सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल साक्ष्यों के अनुसार, 17 जून को पुणे के एक कैफे में सिया और चेतन की मुलाकात हुई थी. पुलिस का दावा है कि इसी मुलाकात के दौरान दोनों ने अगले दिन की योजना पर चर्चा की. जांच में यह भी सामने आया कि दोनों ने लोहागढ़ किले के बारे में जानकारी जुटाई और कथित तौर पर यह समझने की कोशिश की कि किसी घटना को हादसे का रूप कैसे दिया जा सकता है. हालांकि इन दावों की पुष्टि अदालत में साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही हो सकेगी.
पुलिस के अनुसार, 18 जून की सुबह सिया ने केतन को लोहागढ़ किले चलने के लिए राजी किया. बताया गया कि वहां दोस्तों की ओर से एक सरप्राइज प्लान किया गया है. केतन पहले जाने के लिए तैयार नहीं था, लेकिन सिया के आग्रह पर वह मान गया. इसी दौरान चेतन भी अलग रास्ते से लोहागढ़ के लिए रवाना हुआ. जांचकर्ताओं का दावा है कि यह पूरी यात्रा एक सुनियोजित योजना का हिस्सा थी.
सीसीटीवी से हुआ ये खुलासा
लोहागढ़ किले के टिकट काउंटर पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज जांच का सबसे अहम आधार बनी. फुटेज में केतन और सिया एक साथ किले की ओर जाते दिखाई दिए. बाद में जांचकर्ताओं ने देखा कि कुछ दूरी पर एक अन्य व्यक्ति भी चल रहा था, जिसने अपना चेहरा हुडी से ढक रखा था. पुलिस के अनुसार, बाद में उसकी पहचान चेतन चौधरी के रूप में हुई. यही वह सुराग था जिसने पूरे मामले को हादसे से हत्या की दिशा में मोड़ दिया.
पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान यह भी सामने आया कि इससे पहले भी सिया कथित तौर पर केतन को लोहागढ़ किले ले जा चुकी थी. आरोप है कि पहले भी उसे नुकसान पहुंचाने की कोशिश हुई थी, लेकिन उस समय केतन बच गया था. हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी न्यायिक प्रक्रिया का विषय है.
350 फीट गहरी खाई में दिया धक्का
18 जून को किले की ऊंचाई पर पहुंचने के बाद क्या हुआ, इसका पूरा सच अभी अदालत के सामने आना बाकी है. लेकिन पुलिस का दावा है कि इसी दौरान केतन को लगभग 350 फीट गहरी खाई में धक्का दिया गया. खाई इतनी गहरी और दुर्गम थी कि वहां तक पहुंचना भी बेहद मुश्किल था. रेस्क्यू टीम को शव तक पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ी थी. शुरुआत में इसे एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना माना गया, क्योंकि प्रत्यक्ष रूप से किसी साजिश का कोई संकेत नहीं था.
मामले ने नया मोड़ तब लिया जब केतन के परिवार ने हादसे की कहानी पर सवाल उठाए. परिवार का कहना था कि केतन एक अनुभवी ट्रेकर था और वह ऐसी जगहों से परिचित था. परिवार को यह भी असामान्य लगा कि सिया के मोबाइल में उस दिन की कोई तस्वीर नहीं थी और उसके व्यवहार में भी वैसा दुख दिखाई नहीं दे रहा था जैसा किसी मंगेतर की अचानक मौत के बाद स्वाभाविक रूप से दिखना चाहिए.
कैसे आई सच्चाई बाहर?
इसी संदेह के आधार पर पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड, लोकेशन डेटा और डिजिटल कम्युनिकेशन की जांच शुरू की. जांच में सिया और चेतन के लगातार संपर्क में होने की बात सामने आई. इसके बाद चेतन को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और पुलिस का दावा है कि यहीं से पूरे मामले की कड़ियां जुड़नी शुरू हुईं.
जांचकर्ताओं के मुताबिक, कथित साजिश का सबसे कमजोर लेकिन सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा वही सीसीटीवी फुटेज साबित हुआ जिसमें हुडी पहने व्यक्ति दिखाई दिया था. अगर टिकट काउंटर का कैमरा काम नहीं कर रहा होता, तो शायद यह मामला लंबे समय तक हादसा ही माना जाता. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किले के कई कैमरे बंद थे, लेकिन एक कैमरे ने पूरे घटनाक्रम की दिशा बदल दी.
आज यह मामला सिर्फ एक आपराधिक जांच नहीं रह गया है. यह उस विश्वास की कहानी भी बन गया है जो एक रिश्ते की नींव होता है. केतन जिस लड़की से शादी करने वाला था, उसी पर उसके परिवार और पुलिस की उंगली उठ रही है. दूसरी ओर सिया और चेतन के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम सच्चाई अदालत में पेश होने वाले साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया से ही तय होगी.
फिलहाल पुलिस इस मामले को सुनियोजित हत्या मानते हुए जांच आगे बढ़ा रही है, जबकि पूरा देश इस सवाल का जवाब तलाश रहा है कि आखिर एक रिश्ते में ऐसा क्या हुआ कि प्रेम, भरोसा और भविष्य के सारे सपने एक गहरी खाई में जाकर खत्म हो गए. ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 26 Jun 2026 06:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>बेंगलुरुः कन्नड़ अभिनेत्री कृषि थापंडा के फ्लैट में फंदे से लटका मिला शव, पुलिस ने शुरू की तफ्तीश</title>
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        <description><![CDATA[ कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के आरआर नगर के इलाके में पॉपुलर कन्नड़ अभिनेत्री कृषि थापंडा (Krishi Thapanda) के घर पर एक 45 वर्षीय व्यक्ति के मृत पाए जाने से सनसनी फैल गई है. मृतक का शव कृषि के घर में फंदे से झुलता हुआ मिला था, जिसकी पहचान वैशाक उपाध्याय के रूप में हुई है. वैशाक अपने पीछे पत्नी और एक 14 वर्षीय पुत्र को छोड़ गए हैं.
पुलिस ने मामले की गंभीरता से शुरू की जांच
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह घटना बुधवार (24 जून, 2026) की देर रात को सामने आया है, जब देर रात बंगारप्पा गुड्डा के पास स्थित एलिगेंट टैरेस के अपार्टमेंट के एक फ्लैट में वैशाक का शव फांसी के फंदे से लटका हुआ मिला. इस घटना की सूचना मिलते ही आरआर नगर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जांच में जुट गई.
अभिनेत्री के घर क्यों गया था मृतक?
सूत्रों ने बताया कि मृतक के वैवाहिक जिंदगी में उतार-चढ़ाव चल रहा था. बिजनेसमैन एवीआर रेड्डी की तरफ से दर्ज कराए गए एक मामले के बाद से मृतक वैशाक और उसकी पत्नी की बीच अक्सर विवाद होते रहते थे. इन वैवाहिक मतभेदों की वजह से वह अक्सर अभिनेत्री कृषि थापंडा के घर पर रूक जाता था और बुधवार (24 जून, 2026) को भी वो वहां आया था.&amp;nbsp;

दरअसल, वैशाक को पहले बिजनेसमैन एवीआर रेड्डी को कथित तौर पर धमकी देने के मामले में गिरफ्तार भी किया जा चुका था और यह मामला राजधानी के एचएएल पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था.
घटना के दौरान फ्लैट में मौजूद नहीं थी अभिनेत्री
वहीं, पुलिस ने यह भी बताया कि जिस वक्त यह घटना अभिनेत्री के घर पर घटी, उस वक्त कृषि थापंडा अपार्टमेंट में मौजूद नहीं थीं. वह इस वक्त महादेवपुरा के नजदीक स्थित क्षेमवन में एक मेडिटेशन प्रोग्राम में भाग लेने के लिए गई हुई थीं. स्थानीय पुलिस फिलहाल, वैशाक की मृत्यु के पीछे के कारणों और परिस्थितियों का पता लगाने के लिए गंभीरता से जांच कर रही है.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ेंः जिसकी हुड्डी से हुआ केतन अग्रवाल हत्याकांड का खुलासा, वो शख्स कौन है चेतन चौधरी? ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 26 Jun 2026 06:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>घुटनों तक पयजामा चढ़ा खेत में उतरे शिवराज, कृषि मंत्री ने UP समेत देशभर के किसानों से की ये अपील</title>
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        <description><![CDATA[ केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान उत्तर प्रदेश दौरे पर हैं. उन्होंने रोजाना एक पौधारोपण संकल्प के तहत जिले के आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज में पौधा रोपण किया. इस दौरान शिवराज ने वहां धान की रोपाई भी की. इसका एक वीडियो भी सामने आया है.&amp;nbsp;
शिवराज ने कहा है कि आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय उत्तरप्रदेश में खड़ा हूं. अपनी भांजियों के साथ. धान की रोपाई का काम प्रारंभ हो रहा है. एक विशेष बात. जमीन को उर्वरा बनाने के लिए यहां ढेंचा लगा दिया गया. उसके बाद जमीन में मिला दिया गया. यह एक हरित खाद्य है. इससे जमीन बुरबुरी हो गई. इससे धान के जो पौधे रोपे जा रहे हैं, उसकी जड़ें अच्छे से फैलेगी. पूरा पोषण मिलेगा.&amp;nbsp;
सोने की कीमत पर बड़ी भविष्यवाणी: 36% का आएगा बंपर उछाल! 2 लाख तक चढ़ सकता है भाव
कैमिकल से बचने की दी सलाह, शिवराज ने किसानों से की खेत बचाने की अपील
कृषि मंत्री ने कहा कि केवल फर्टिलाइजर नहीं, हम हरित खाद का उपयोग करें. भारत में सालों से ढेंचा मिला दिया जाता है. इसमें हम ढेंचा, गोबर की खाद डालते हैं. वो परंपरा जैसे समाप्त हो गई. कैमिकल की वजह से हमारी जमीन अपनी क्षमता खोती जा रही है. मैं यूनिवर्सिटी को बधाई दूंगा कि उन्होंने इस ढेंचे का प्रयोग परिसर में कई जगह किया है. किसान भाईयों से भी कहना है कि खेत हरे भरे भावी पीढ़ियों के लिए रखना है. तो यह ढेंचा का प्रयोग करें. कैमिकल फर्टिलाइजर धरती को बर्बाद कर देंगे. आने वाली पीढ़ियां खेत को तरस जाएंगे. ऐसे में खेत बचाओ के तहत यूपी आया हूं. आप भी अपना खेत बचाइए.&amp;nbsp;
यूपी पहुंचकर क्या बोले शिवराज सिंह चौहान?&amp;nbsp;यूपी पहुंचकर शिवराज सिंह ने कहा कि उत्तरप्रदेश आकर मन आनंद और प्रसन्नता से भर जाता हैं. यह देश का प्रमुख कृषि प्रदेश है, जहां देश का 38% गेहूं उत्पादन होता हैं. आज माननीय मुख्यमंत्री जी, उपमुख्यमंत्री, कृषि मंत्री जी एवं ग्रामीण विकास मंत्री जी के साथ कृषि और ग्रामीण विकास के विभिन्न विषयों पर व्यापक चर्चा होगी.
सोशल मीडिया पर 5 लाख फॉलोअर्स हैं तो आप भी कहलाएंगे &#039;सेलिब्रिटी&#039;, SEBI ने बनाया नया ड्राफ्ट ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 26 Jun 2026 06:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Investment Trading Scam: WhatsApp Stock Trading ग्रुप के जाल में फंसा शख्स, 1.22 करोड़ की ठगी, 6 आरोपी गिरफ्तार</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/investment-trading-scam-whatsapp-stock-trading-ग्रुप-के-जाल-में-फंसा-शख्स-122-करोड़-की-ठगी-6-आरोपी-गिरफ्तार</link>
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        <description><![CDATA[ हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने मंगलवार (23 जून ) को तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र के छह लोगों को गिरफ्तार किया. इन लोगों ने &#039;म्यूल बैंक अकाउंट&#039; का एक जटिल नेटवर्क चलाकर 1.22 करोड़ रुपये की इन्वेस्टमेंट ट्रेडिंग धोखाधड़ी को अंजाम दिया था. उन्होंने शहर के एक निवासी को नकली व्हाट्सएप स्टॉक ट्रेडिंग ग्रुप और धोखेबाज ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म के जरिए फंसाया था. यह जटिल वित्तीय घोटाला जनवरी 2026 में तब शुरू हुआ जब हैदराबाद के एक निवासी को &#039;282 BARCLAYS India High-Quality Stock Trading Research Group&#039; नाम के व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया.
पीड़ित को ऐसी फर्जी वेबसाइटों के माध्यम से निवेश करने के लिए राजी किया गया जो भारी रिटर्न और IPO अलॉटमेंट का वादा करती थीं. पूरा भरोसा दिलाने के लिए, गिरोह ने शुरू में पीड़ित को 1.05 लाख रुपये निकालने की अनुमति दी. असली होने का यकीन होने पर, पीड़ित ने 19 अलग-अलग वित्तीय ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 1.22 करोड़ रुपये का भारी निवेश कर दिया. इसके बाद धोखेबाजों ने नकली डिजिटल पोर्टल पर 15.69 करोड़ रुपये का फर्जी मुनाफा दिखाया और फिर अलॉट किए गए शेयर जारी करने के लिए अतिरिक्त 35 लाख रुपये की मांग की.

यह भी पढ़ें : जम्मू कश्मीर थाने में पुलिसवाले को आर्मी ने पीटा, कमांडिग ऑफिसर समेत 40 जवानों पर FIR
मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्कडीसीपी वी. अरविंद बाबू ने बताया कि आरोपी कमीशन और रिमोट एक्सेस के जरिए असली बिजनेस अकाउंट इस्तेमाल कर साइबर ठगी की रकम ठिकाने लगाते थे। जांच में एक YES बैंक अकाउंट 26 मामलों से जुड़ा मिला, जिसमें 1.10 करोड़ रुपये से ज्यादा का लेनदेन हुआ। वहीं परभणी के दो आरोपियों का सेंट्रल बैंक अकाउंट 18 मामलों से जुड़ा था, जिसके जरिए 3.37 करोड़ रुपये से अधिक का ट्रांजेक्शन हुआ। गिरोह OTP में हेरफेर कर अकाउंट एक्टिवेट कर अवैध ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के लिए मनी लॉन्ड्रिंग करता था।
पुलिस की चेतावनीइंस्पेक्टर वाई. गौरी नायडू की टीम ने छह आरोपियों को गिरफ्तार कर तीन मोबाइल, चार डेबिट कार्ड, दो चेकबुक, दो पासबुक और तीन एयरटेल सिम बरामद किए। पुलिस ने कहा कि CBI या कस्टम्स अधिकारी बनकर आने वाले धमकी भरे वीडियो कॉल से न घबराएं, क्योंकि कोई भी सरकारी एजेंसी डिजिटल गिरफ्तारी या स्काइप पर पैसों की मांग नहीं करती। ठगी का शिकार होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।यह भी पढ़ें :&amp;nbsp;Asaduddin Owaisi News: &#039;पासपोर्ट भी नहीं मान्य? ओवैसी का चुनाव आयोग पर सबसे बड़ा हमला, BJP पर लगाए सनसनीखेज आरोप&#039;
&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 26 Jun 2026 06:30:06 +0530</pubDate>
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        <title>ताश के पत्तों की तरह ढहा गोदाम, 8 की मौत... मलबे में दबी चीखों ने दहला दिया कोलकाता, PM ने किया मदद का ऐलान</title>
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        <description><![CDATA[ Kolkata Godown Collapse: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के तारातला इलाके में निर्माणाधीन गोदाम का शेड ताश के पत्तों की तरह ढह गया. इस दर्दनाक हादसे में अब तक 8 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 31 से अधिक लोग घायल हुए हैं. सभी घायलों को एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है. आशंका है कि मलबे के नीचे अभी भी कुछ लोग फंसे हो सकते हैं. राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है.
कैसे हुआ हादसा?
यह हादसा बुधवार दोपहर करीब 12:07 बजे तारातला के ब्रेस ब्रिज इलाके के पास स्थित एक निर्माणाधीन गोदाम में हुआ. अचानक कंक्रीट और लोहे की छत का हिस्सा भरभराकर गिर गया और वहां काम कर रहे मजदूर मलबे में दब गए. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गोदाम की छत तीन परतों में गिरी, जिससे नीचे काम कर रहे मजदूर पूरी तरह मलबे में दब गए. घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई.
मौत का आंकड़ा बढ़कर 8 पहुंचा
शुरुआत में तीन मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई थी. इसके बाद मलबे से लगातार शव निकाले गए और मृतकों की संख्या बढ़कर 8 हो गई. सभी मृतकों को एसएसकेएम अस्पताल में मृत घोषित किया गया. अब तक 31 लोग घायल अवस्था में अस्पताल पहुंचाए गए हैं. इनमें से कई की हालत गंभीर बताई जा रही है.
12 से 15 मजदूरों के फंसे होने की थी आशंका
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बताया कि हादसे के बाद 12 से 15 मजदूरों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई गई थी. सेना ने फंसे हुए लोगों से संपर्क स्थापित करने की भी कोशिश की थी. मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक 21 लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया था, जिनमें 18 जीवित और 3 मृत मिले थे. बाद में मृतकों की संख्या बढ़कर 8 हो गई.
सेना, NDRF और SDRF ने संभाला मोर्चा
हादसे के बाद भारतीय सेना, NDRF, SDRF, कोलकाता पुलिस, दमकल विभाग और कोलकाता नगर निगम की टीमें मौके पर पहुंचीं. मलबे में फंसे लोगों को खोजने के लिए स्निफर डॉग्स की भी मदद ली गई. भारी क्रेन और आधुनिक उपकरणों की सहायता से घंटों तक राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया.
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने किया दौरा
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी पहले घटनास्थल पहुंचे और बाद में एसएसकेएम अस्पताल जाकर घायलों का हालचाल लिया. उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है और पूरा प्रशासन बचाव कार्य में जुटा हुआ है. उन्होंने सेना, NDRF, SDRF, पुलिस और दमकल विभाग का आभार व्यक्त किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा सत्र चल रहा है, इसलिए मुआवजे को लेकर वह विधानसभा में स्पीकर की अनुमति से विस्तृत जानकारी देंगे.
प्रारंभिक जांच में प्लान को लेकर सवाल
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस परियोजना का प्लान 17 जनवरी 2026 को स्वीकृत किया गया था. जमीन का मालिकाना हक SMPA के पास है और जमीन शंभूनाथ बेहरा एवं उनके सहयोगियों के नाम लीज पर है. उन्होंने कहा कि शुरुआती जानकारी के अनुसार परियोजना के लिए गलत प्लान को मंजूरी दिए जाने की आशंका सामने आई है.
तीन गिरफ्तार, SIT का गठन
कोलकाता पुलिस ने घटना के बाद स्वतः संज्ञान लेते हुए एफआईआर दर्ज की है. पुलिस ने साइट सुपरवाइजर सैयद मोहम्मद गुलजार और दो श्रम आपूर्तिकर्ताओं मोहम्मद अताउल तथा सुभाष चौधरी को गिरफ्तार किया है. इसके अलावा चार अन्य लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है. मामले की जांच के लिए छह सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है. SIT का नेतृत्व सहायक पुलिस आयुक्त जॉयसूर्य मुखर्जी करेंगे. टीम में इंस्पेक्टर देबाशीष दत्ता, इंस्पेक्टर हीरक दलापति, इंस्पेक्टर सरफराज अहमद, सब-इंस्पेक्टर मानस भट्टाचार्य और सब-इंस्पेक्टर कुशल मंडल शामिल हैं.
आपदा प्रबंधन के लिए हेल्पलाइन जारी
नबन्ना स्थित आपदा प्रबंधन नियंत्रण कक्ष ने लोगों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं. 1070, 8697981070, 033-22143526, 033-22535185.&amp;nbsp;
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प्रधानमंत्री ने किया मुआवजे का ऐलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है. घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी. प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि राज्य सरकार प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है.
मुख्यमंत्री ने जताया दुख
सुवेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया पर जारी संदेश में कहा कि ब्रेस ब्रिज के पास निर्माणाधीन गोदाम गिरने की घटना बेहद दुखद है. उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़ी है और हर संभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी. उन्होंने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की भी कामना की.
&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 25 Jun 2026 18:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>ताश, के, पत्तों, की, तरह, ढहा, गोदाम, की, मौत..., मलबे, में, दबी, चीखों, ने, दहला, दिया, कोलकाता, ने, किया, मदद, का, ऐलान</media:keywords>
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        <title>Explained: पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण क्यों नहीं? विदेश मंत्रालय के बयान के मायने क्या, कैसे साबित होती सिटीजनशिप?</title>
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        <description><![CDATA[ अगर आपको लगता है कि भारतीय पासपोर्ट होने का मतलब आप भारतीय नागरिक हैं, तो आप अकेले नहीं हैं, लेकिन कानूनी तौर पर यह पूरी तरह सही नहीं है. 24 जून 2026 को 14वें पासपोर्ट सेवा दिवस के मौके पर विदेश मंत्रालय ने कहा, &#039;पासपोर्ट एक ट्रैवल डॉक्यूमेंट है, नागरिकता का दस्तावेज नहीं.&#039; इस पर शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे ने सवाल उठाया, &#039;क्या हम गैर-भारतीयों को भी ट्रैवल डॉक्यूमेंट के तौर पर पासपोर्ट देते हैं&#039;? तो जावेद अख्तर ने तो इसे &#039;बेतुका&#039; तक कह दिया. एक्सप्लेनर में समझते हैं आखिर पासपोर्ट क्यों नागरिकता साबित नहीं करता है...
पासपोर्ट के नागरिकता दस्तावेज नहीं होने की 5 बड़ी वजहें हैं...
पहली वजह: पासपोर्ट अधिनियम, 1967 की धारा 20
इसके मुताबिक, &#039;कानून खुद गैर-नागरिकों को पासपोर्ट जारी करने की इजाजत देता है.&#039; यह प्रावधान इसलिए रखा गया ताकि विदेशों में रहने वाले उन लोगों को यात्रा की सुविधा मिल सके जो भारतीय नागरिक नहीं हैं, लेकिन भारत से संबंध रखते हैं (जैसे OCI कार्डधारक). इस पावर को सिर्फ MEA के वरिष्ठ अधिकारी इस्तेमाल करते हैं, जिसमें कड़ी सुरक्षा होती है.
अधिनियम की धारा 3 के मुताबिक, &#039;कोई भी व्यक्ति भारत से तब तक नहीं जा सकता जब तक उसके पास वैध पासपोर्ट या ट्रैवल डॉक्यूमेंट न हो.&#039; इसमें &#039;नागरिक&#039; शब्द का इस्तेमाल नहीं हुआ है, बल्कि &#039;व्यक्ति&#039; कहा गया है. यानी कानून खुद पासपोर्ट को नागरिकता से नहीं जोड़ता.
मद्रास हाईकोर्ट ने भी 2023 में एक मामले में धारा 20 का हवाला देते हुए कहा कि यह प्रावधान केंद्र सरकार को गैर-नागरिकों को भी पासपोर्ट जारी करने का अधिकार देता है.
दूसरी वजह: बॉम्बे हाईकोर्ट का 2013 का फैसला
सितंबर 2013 में बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला दिया. चार अवैध प्रवासियों ने भारतीय नागरिकता का दावा किया था. इन चारों के पास पासपोर्ट, आधार कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र थे. कोर्ट ने साफ कहा, &#039;पासपोर्ट, आधार कार्ड या जन्म प्रमाण पत्र अकेले नागरिकता साबित करने के लिए काफी नहीं हैं.&#039;
हाईकोर्ट ने कहा कि 1 जुलाई 1987 के बाद जन्मे लोगों को यह साबित करना होगा कि उनके माता-पिता में से कोई एक या दोनों भारतीय नागरिक हैं. कोर्ट ने उन चारों की नागरिकता का दावा खारिज कर दिया और उन्हें 6 महीने की जेल की सजा सुनाई. यानी कोर्ट ने 13 साल पहले ही साफ कर दिया था कि पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं है.
अगस्त 2025 में बॉम्बे हाईकोर्ट ने फिर दोहराया, &#039;आधार, पैन कार्ड, पासपोर्ट या वोटर ID को नागरिकता का निर्णायक प्रमाण नहीं माना जा सकता.&#039; जस्टिस अमित बोरकर ने बाबू अब्दुल रूफ सरदार मामले में कहा, &#039;सिटीजनशिप एक्ट, 1955 ही नागरिकता तय करने का मुख्य और नियंत्रित कानून है. सिर्फ आधार कार्ड, पैन कार्ड या वोटर ID होने से कोई नागरिक नहीं बन जाता.&#039;
तीसरी वजह: सुप्रीम कोर्ट का 2025 का फैसला
12 अगस्त 2025 को सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने बिहार स्पेशल इंटेन्सिव रिवीजन (SIR) मामले में कहा, &#039;आधार का इस्तेमाल सिर्फ पहचान के प्रमाण के तौर पर किया जाएगा, नागरिकता के सबूत के तौर पर नहीं.&#039;
सितंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने फिर दोहराया, &#039;आधार नागरिकता का पूर्ण प्रमाण नहीं है. यही वजह है कि इसे सिर्फ एक सहायक दस्तावेज के रूप में शामिल किया गया है.&#039; कोर्ट ने यह भी कहा कि आधार अधिनियम खुद के मुताबिक, आधार नंबर नागरिकता या निवास स्थापित नहीं करता है.&#039; हालांकि यह फैसला आधार पर था, लेकिन इसने नागरिकता और पहचान के बीच का फर्क साफ कर दिया. कोई भी सरकारी दस्तावेज अपने आप में नागरिकता का प्रमाण नहीं है.
चौथी वजह: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पासपोर्ट की स्थिति
पासपोर्ट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सिर्फ एक ट्रैवल और आइडेंटिटी डॉक्यूमेंट है. विदेश मंत्रालय के मुताबिक, &#039;पासपोर्ट विदेश में भारतीयों की राष्ट्रीयता की पुष्टि करता है, लेकिन यह नागरिकता का दस्तावेज नहीं है.&#039;
पासपोर्ट मैनुअल भी कहता है, &#039;पासपोर्ट मुख्य रूप से राज्य के अपने नागरिकों को जारी किया गया एक पहचान और यात्रा दस्तावेज है.&#039;
राष्ट्रीयता और नागरिकता में बहुत बारीक फर्क है. राष्ट्रीयता आपके देश से जुड़ाव को दिखाती है, जबकि नागरिकता आपको वोट देने, सरकारी नौकरी पाने और संवैधानिक अधिकारों का हक देती है.
वीजा-फ्री देशों का डेटा भी बढ़ा है:

27 देश भारतीयों के लिए वीजा-फ्री हैं.
47 देश वीजा ऑन अराइवल है.
66 देश इलेक्ट्रॉनिक वीजा देते हैं.
हेनले पासपोर्ट इंडेक्स 2026 के मुताबिक, भारत 80वें स्थान पर है और 55 देशों में बिना वीजा या वीजा ऑन अराइवल मिलता है.

पांचवी वजह: भारत में नागरिकता का कोई &#039;एक&#039; दस्तावेज नहीं
भारत में नागरिकता साबित करने के लिए कोई एक दस्तावेज नहीं है. नागरिकता अधिनियम, 1955 के तहत नागरिकता जन्म, वंश, पंजीकरण या क्षेत्र के विलय के जरिए मिलती है.
नागरिकता साबित करने के लिए जरूरी दस्तावेजों में शामिल हैं:

जन्म प्रमाण पत्र (1987 से पहले जन्मे लोगों के लिए)
माता-पिता की नागरिकता के दस्तावेज (1987 के बाद जन्मे लोगों के लिए)
विदेश मंत्रालय या गृह मंत्रालय से जारी नागरिकता प्रमाण पत्र
विदेश मंत्रालय से मिला प्राकृतिकरण प्रमाण पत्र या पंजीकरण प्रमाण पत्र

फरवरी 2020 में गृह मंत्रालय ने संसद में साफ कहा, &#039;आधार, पासपोर्ट, वोटर ID, PAN कार्ड या जन्म प्रमाण पत्र, इनमें से कोई भी अकेले नागरिकता साबित नहीं करता है.&#039;
विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, &#039;पासपोर्ट कई सरकारी एजेंसियों के दस्तावेजों के आधार पर बहुत सावधानी से जांच के बाद जारी किया जाता है.&#039; यह जांच नागरिकता साबित नहीं करती, यह सिर्फ सफर की इजाजत देती है.
तो फिर पासपोर्ट का मतलब क्या है?
इसका मतलब यह नहीं है कि पासपोर्ट बेकार है. लगभग हर भारतीय नागरिक के पास पासपोर्ट होता है और यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आपकी पहचान का सबसे मजबूत दस्तावेज है. लेकिन कानूनी तौर पर, पासपोर्ट ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 25 Jun 2026 18:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Explained:, पासपोर्ट, नागरिकता, का, प्रमाण, क्यों, नहीं, विदेश, मंत्रालय, के, बयान, के, मायने, क्या, कैसे, साबित, होती, सिटीजनशिप</media:keywords>
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        <title>Passport Debate: पासपोर्ट, आधार, वोटर ID नहीं...फिर कौन सा डॉक्यूमेंट भारतीय नागरिकता का असली सबूत? जानें क्या कहता है कानून</title>
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        <description><![CDATA[ विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पासपोर्ट सेवा दिवस के मौके पर यह बात कही कि भारतीय पासपोर्ट एक यात्रा दस्तावेज है नागरिकता का सबूत नहीं. इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर खूब बहस छिड़ गई और लोग पूछने लगे कि अगर पासपोर्ट, आधार कार्ड और वोटर आईडी नागरिकता का सबूत नहीं हैं तो फिर असली सबूत क्या है.पासपोर्ट का नागरिकता का सबूत न होना कोई नई बात नहीं है. यह बात सालों से कानून में लिखी हुई है. पासपोर्ट को लेकर एक बात बार-बार कही जाती है कि यह किसी व्यक्ति की भारतीय नागरिकता का सबूत है, लेकिन कानूनी तौर पर यह बात सही नहीं है. पासपोर्ट सिर्फ एक यात्रा दस्तावेज है नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं. यह कोई नई बात नहीं है यह बात सालों से कानून में लिखी हुई है.
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पासपोर्ट एक्ट क्या कहता है
पासपोर्ट एक्ट 1967 की धारा 20 में साफ लिखा है कि केंद्र सरकार चाहे तो किसी ऐसे व्यक्ति को भी पासपोर्ट या यात्रा दस्तावेज दे सकती है जो भारत का नागरिक नहीं है. शर्त सिर्फ यह है कि सरकार को लगे कि यह जनहित में जरूरी है. यानी कानून खुद मानता है कि पासपोर्ट और नागरिकता दो अलग अलग चीजें हैं. आम तौर पर भारतीय पासपोर्ट भारतीय नागरिकों को ही मिलता है, लेकिन यह कोई पूरी तरह से बंधा हुआ नियम नहीं है. धारा 20 के तहत इसमें छूट का प्रावधान है.
बॉम्बे हाई कोर्ट का फैसलासाल 2013 में बॉम्बे हाई कोर्ट ने भी अपने एक फैसले में यही बात साफ कही थी कि पासपोर्ट होने का मतलब यह नहीं है कि वह व्यक्ति भारत का नागरिक ही है. कोर्ट ने कहा था कि पासपोर्ट को नागरिकता के अंतिम सबूत के तौर पर नहीं देखा जा सकता.
जन्म और वंश से नागरिकता26 जनवरी 1950 से 1 जुलाई 1987 के बीच भारत में जन्मे हर व्यक्ति को नागरिकता मिली. 1987-2003 के बीच माता या पिता में से एक के भारतीय नागरिक होने पर भी नागरिकता मिलती थी. 2003 के बाद दोनों माता-पिता भारतीय नागरिक हों या एक नागरिक हो और दूसरा अवैध प्रवासी न हो. विदेश में जन्मे बच्चे को भारतीय माता-पिता के आधार पर वंश से नागरिकता मिल सकती है, बशर्ते उसका जन्म एक वर्ष के भीतर भारतीय दूतावास में पंजीकृत कराया जाए.
रजिस्ट्रेशन और नेचुरलाइजेशन से नागरिकता
भारतीय मूल के लोगों के लिए या कुछ खास स्थितियों में आवेदन करके रजिस्ट्रेशन के जरिए नागरिकता मिल सकती है. कोई विदेशी नागरिक जो गैर कानूनी प्रवासी न हो, अगर भारत में लगातार बारह साल रहता है तो केंद्र सरकार उसे नेचुरलाइजेशन सर्टिफिकेट दे सकती है. शपथ लेने के बाद वह व्यक्ति भारत का नागरिक बन जाता है.
क्षेत्र के विलय से नागरिकता
अगर कोई नया क्षेत्र भारत में शामिल होता है तो वहां के लोगों को भी सरकार आदेश के जरिए नागरिकता दे सकती है.
नागरिकता का प्रमाणभारतीय नागरिकता का कानूनी आधार नागरिकता अधिनियम, 1955 है, जो तय करता है कि कौन भारत का नागरिक है और नागरिकता पांच तरीकों से कैसे मिलती है. इन प्रक्रियाओं के बाद जारी सिटिजनशिप सर्टिफिकेट (नागरिकता प्रमाण पत्र) ही नागरिकता का औपचारिक प्रमाण होता है. पासपोर्ट, आधार, वोटर आईडी और पैन कार्ड केवल पहचान के दस्तावेज हैं. पासपोर्ट एक्ट, 1967 की धारा 20 के तहत विशेष परिस्थितियों में गैर-नागरिक को भी पासपोर्ट जारी किया जा सकता है, इसलिए पासपोर्ट नागरिकता का अंतिम कानूनी प्रमाण नहीं माना जाता.
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        <pubDate>Thu, 25 Jun 2026 18:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Arunachal Pradesh Flood: अरुणाचल प्रदेश में आया जलजला! कई लापता, 3 की मौत, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू बोले&amp; हम ...&amp;apos;</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/arunachal-pradesh-flood-अरुणाचल-प्रदेश-में-आया-जलजला-कई-लापता-3-की-मौत-केंद्रीय-मंत्री-किरेन-रिजिजू-बोले-हम</link>
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        <description><![CDATA[ अरुणाचल प्रदेश के लोअर सुबनसिरी जिले में भारी बारिश के चलते अचानक बढ़ आ गई है. भारत के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू बाढ़ को लेकर संवेदना जाहिर की है. उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि अरुणाचल प्रदेश के केई पन्योर जिले में बाढ़ और लैंडस्लाइड से हुई जान-माल की क्षति और तबाही से बहुत दुखी हूं. दुखी परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं और घायलों के जल्दी ठीक होने की प्रार्थना करता हूं. हमारे लोगों की सुरक्षा और भलाई हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है. बचाव, राहत और बहाली के काम चल रहे हैं और प्रभावित लोगों को हर मुमकिन मदद दी जा रही है. हम इस मुश्किल समय में हर प्रभावित परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं.
अरुणाचल प्रदेश के कीई पन्योर जिले में लगातार 48 घंटे से हो रही भारी बारिश के कारण बुधवार को अचानक आई बाढ़ (फ्लैश फ्लड) से कम से कम तीन लोग लापता हो गए, जबकि करीब 20 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं. स्थिति को देखते हुए पड़ोसी राज्य असम में भी नदी जलस्तर बढ़ने की आशंका के चलते हाई अलर्ट जारी किया गया है. अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगले एक-दो दिनों में कई निचले जिलों में नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है. सुबनसिरी नदी बेसिन के ऊपरी क्षेत्रों में हुई ज्यादा बारिश के कारण अचानक बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई है, जिससे नदी के फ्लो में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है.

Deeply saddened by the loss of lives &amp;amp; the devastation caused by the floods &amp;amp; landslides in Keyi Panyor District in Arunachal Pradesh. My heartfelt condolences to the bereaved families &amp;amp; prayers for the speedy recovery of those injured.The safety &amp;amp; well-being of our people&amp;hellip; pic.twitter.com/TvEtqP3int
&amp;mdash; Kiren Rijiju (@KirenRijiju) June 25, 2026




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कब हुई सबसे ज्यादा बारिश
अरुणाचल प्रदेश के लोअर सुबनसिरी जिले में भारी बारिश और फ्लैश फ्लड की खबरों के बाद असम सरकार भी हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है. आशंका है कि इसका असर असम के निचले इलाकों में देखने को मिल सकता है. क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, गुवाहाटी और मौसम विज्ञान केंद्र, ईटानगर से प्राप्त जानकारी के अनुसार, याजाली में पिछले 24 घंटों के दौरान 72.8 मिमी बारिश दर्ज की गई. इसमें से अधिकांश बारिश 24 जून की सुबह 6 बजे से 9 बजे के बीच हुई. आधिकारिक बयान के अनुसार, उपग्रह और रडार चित्रों से सुबह अत्यधिक बारिश की पुष्टि हुई है, जिसके कारण ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में नदी के प्रवाह में अचानक वृद्धि दर्ज की गई.
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        <pubDate>Thu, 25 Jun 2026 18:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Arunachal, Pradesh, Flood:, अरुणाचल, प्रदेश, में, आया, जलजला, कई, लापता, की, मौत, केंद्रीय, मंत्री, किरेन, रिजिजू, बोले-, हम, ...</media:keywords>
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        <title>200 करोड़ के महाठगी मामले में जैकलीन फर्नांडीस ने वापस ली अपनी याचिका, सुप्रीम कोर्ट से मिली ये खास राहत</title>
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        <description><![CDATA[ बॉलीवुड एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडीस ने गुरुवार (25 जून, 2026) को वह याचिका वापस ले ली है, जिसमें उन्होंने 200 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अपने खिलाफ आरोप तय करने को लेकर दिल्ली की अदालत के आदेश को चुनौती दी थी. उन्होंने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी.
सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें कानून के तहत उपलब्ध उचित उपायों का सहारा लेने की स्वतंत्रता दी है. जस्टिस बी. वी. नागरत्ना और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच के सामने उनकी याचिका लगी थी. जैकलीन के वकील ने कोर्ट में दलील दी कि वह इस मामले में आगे उचित उपाय अपनाना चाहती हैं, इसलिए याचिका वापस लेने की अनुमति दी जाए. सुप्रीम कोर्ट ने उनके इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए याचिका वापस लेने की इजाजत दे दी. इससे पहले 11 जून को जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा ने जैकलीन की याचिका की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था.
30 मई को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशायल की तरफ से धन शोधन मामले में पेश किए गए सबूतों के आधार पर जैकलीन, ठग सुकेश चंद्रशेखर, उसकी पत्नी लीना पॉलोस और 14 अन्य के खिलाफ पीएमएलए के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया था. कोर्ट ने नगर पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ की ओर दर्ज एक अन्य मामले में चंद्रशेखर और 20 अन्य के खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून (मकोका) के प्रावधानों समेत विभिन्न धाराओं के तहत आरोप तय करने का भी निर्देश दिया था.
जैकलीन फर्नांडीस ने आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जांच के दौरान जैकलीन को कई बार समन भेजा था और बाद में एजेंसी ने एक पूरक आरोपपत्र में पहली बार उन्हें आरोपी बनाया. ईडी का आरोप है कि जैकलीन लगातार सुकेश चंद्रशेखर के संपर्क में थीं और उन्हें सुकेश की सहयोगी पिंकी ईरानी के माध्यम से कीमती उपहार मिले थे.
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अभियोजन पक्ष के अनुसार, चंद्रशेखर जेल से ही एक संगठित आपराधिक गिरोह संचालित कर रहा था और लोगों से ठगी करता था. जांच एजेंसी ने आरोप लगाया कि फर्जी कॉल, एन्क्रिप्टेड ऐप और नकली पहचान का इस्तेमाल करके आरोपियों ने शिकायतकर्ता अदिति सिंह और उनके परिवार से बड़ी रकम ठगी की थी.
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        <pubDate>Thu, 25 Jun 2026 18:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>200, करोड़, के, महाठगी, मामले, में, जैकलीन, फर्नांडीस, ने, वापस, ली, अपनी, याचिका, सुप्रीम, कोर्ट, से, मिली, ये, खास, राहत</media:keywords>
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        <title>6 दिनों की पड़ताल, 15 पन्नों की रिपोर्ट और निशाने पर चंपत राय…, SIT रिपोर्ट के खुलासे से मच सकता है हड़कंप</title>
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        <description><![CDATA[ अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के कथित मामले ने अब बड़ा मोड़ ले लिया है. 6 दिनों तक चली गहन पड़ताल के बाद एसआईटी ने अपनी 15 पन्नों की शुरुआती जांच रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है. हालांकि इस रिपोर्ट को पूरी तरह गोपनीय रखा गया है और इसकी आधिकारिक जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है, लेकिन सूत्रों के हवाले से जो बातें निकलकर सामने आ रही हैं, वे आने वाले दिनों में बड़ा हड़कंप मचा सकती हैं.
कर्मचारियों की नियुक्ति प्रक्रिया में गड़बड़ी का खुलासा
सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी की इस प्राथमिक रिपोर्ट में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को संदिग्ध माना गया है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि राम मंदिर में कर्मचारियों की नियुक्ति प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ियां पाई गई हैं. कई ऐसे कर्मचारी काम करते मिले, जिनकी नियुक्ति का कोई लिखित आदेश मौजूद नहीं था और न ही उनकी पृष्ठभूमि की ठीक से जांच की गई थी. यही नहीं, चढ़ावे की गिनती और उसकी निगरानी करने वाली प्रणाली में भी लापरवाही के संकेत मिले हैं, जिससे पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े हो गए हैं.
जांच में यह भी सामने आया है कि मंदिर में आने वाले चढ़ावे में असामान्य उतार-चढ़ाव देखने को मिला. बैंक स्टेटमेंट और श्रद्धालुओं की संख्या के आंकड़ों का मिलान करने पर कई बार ऐसा पाया गया कि भक्तों की संख्या बढ़ी, लेकिन चढ़ावे की रकम कम दिखाई गई. इस विसंगति को लेकर पूछताछ में यह तर्क दिया गया कि उस दौरान नोटों की बजाय सिक्कों का चढ़ावा ज्यादा था, लेकिन यह जवाब जांच एजेंसियों को संतुष्ट नहीं कर पाया.
श्रद्धालु के चढ़ावे का कोई व्यवस्थित रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं
एसआईटी रिपोर्ट में कुछ कर्मचारियों की संपत्ति में पिछले पांच वर्षों के दौरान तेजी से बढ़ोतरी का भी जिक्र किया गया है, जिसने संदेह को और गहरा कर दिया है. हालांकि सबसे बड़ी बात यह है कि जांच एजेंसी अब तक यह स्पष्ट नहीं कर पाई है कि कुल कितना चढ़ावा आया और उसमें से कितना कथित रूप से गायब हुआ. वजह यह है कि हर श्रद्धालु के चढ़ावे का कोई व्यवस्थित रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं मिला, जिससे सटीक आंकड़ा तय करना मुश्किल हो गया है.
इधर, चढ़ावे के हिसाब को लेकर श्रद्धालुओं का गुस्सा भी बढ़ता जा रहा है. कई लोग सामने आकर अपने दिए गए दान का हिसाब मांग रहे हैं. सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे ने जोर पकड़ लिया है. आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि एक महिला से चांदी की प्रतिमा जमा करवाई गई लेकिन उसे आज तक न तो रसीद मिली और न ही उस प्रतिमा का कोई हिसाब दिया गया. इसी तरह 200 किलो चांदी की ईंटों के गायब होने का मामला पहले ही चर्चा में है, जिससे विवाद और गहरा गया है.
अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर उठाए सवाल
राजनीतिक स्तर पर भी यह मामला अब तेजी से तूल पकड़ रहा है. समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव लगातार इस मुद्दे को उठाकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने इसे आस्था से जुड़ा मामला बताते हुए आरोप लगाया है कि यह सिर्फ आर्थिक गड़बड़ी नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं के विश्वास के साथ धोखा है. वहीं विश्व हिंदू परिषद ने भी इस मामले में एफआईआर दर्ज करने, तेज जांच और फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की मांग की है.
सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी अब जांच का दूसरा चरण शुरू करना चाहती है, ताकि सभी तथ्यों को और पुख्ता किया जा सके और दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जा सके. माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में बड़ी कार्रवाई हो सकती है और कई लोगों पर शिकंजा कस सकता है.
इस पूरे विवाद के बीच सबसे बड़ा सवाल वही बना हुआ है-क्या चंपत राय और अन्य पदाधिकारी इस जांच में बच पाएंगे या फिर कार्रवाई की जद में आएंगे? यह मामला अब सिर्फ एक कथित चोरी का नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास का बन चुका है, जिसका जवाब देश इंतजार कर रहा है. ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 25 Jun 2026 02:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>यूपी में बंधुआ मजूदरों को बंधक बनाने के मामले पर गरमाई सियासत, प्रियंका गांधी ने उठाए सवाल</title>
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        <description><![CDATA[ Priyanaka Gandhi On Bonded Labour Issue: यूपी के मुजफ्फरनगर जनपद के मांडी स्थित एक फैक्ट्री में मजदूरों को बंधुआ बनाने का खुलासा हुआ था. इसके साथ ह्यूमन ट्रैफिकिंग से जुड़ा मामला सामने आया था. अब यहां पुलिस ने छापेमारी कार्रवाई की. इसमें 12 मजदूरों को बंधनमुक्त किया है. वहीं, इस पर देश भर में सियासत देखने को मिल रही है. राहुल गांधी के बाद अब खुद प्रियंका गांधी ने इस मुद्दे को उठाया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर जमकर लताड़ लगाई है.&amp;nbsp;
प्रियंका गांधी ने कहा- यह ऐसा मामला, जिसे सभ्य समाज नहीं करेगा स्वीकार
प्रियंका ने एक्स पर लिखा कि यूपी के मुजफ्फरनगर में बंधुआ मजदूरी का ऐसा दिल दहलाने वाला मामला सामने आया है, जो किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार नहीं किया जा सकता. खबरों के मुताबिक, मजदूरों को बंधक बनाकर रखा गया थां. उन्हें मेहनताना देने की जगह भयानक यातनाएं दी जाती थीं. सूखी रोटी और मवेशियों का चारा खिलाया जाता थां. धारदार हथियारों और कोड़े से मारा जाता था. कुत्तों से कटवाया जाता था. यह सिर्फ कुछ व्यक्तियों पर क्रूरता नहीं, बल्कि मानवीय गरिमा पर और हमारे संविधान पर हमला है. मामले में सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और दोषियों को ऐसी सजा मिलनी चाहिए जो नजीर बने.
&#039;पार्टी के निर्देशों का पालन नहीं किया तो होगी सख्त कार्रवाई&#039;, SIR को लेकर तेलंगाना CM की नेताओं को चेतावनी
मजदूरों को काम का लालच देकर फैक्ट्री में काम पर लाया जाता था
यूपी पुलिस और मुजफ्फरनगर जनपद में लेबर डिपार्टमेंट की प्रशासनिक टीम ने मिलकर फैक्ट्री पर छापा मारा था. उन्होंने 13 मजदूरों को बंधक बनाया हुआ था. यह सभी नागरिक, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, झारखंड, बिहार, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपद के अलावा नेपाल से थे. इन्हें अच्छे रुपये में काम का लालच देकर फैक्ट्री में काम करने को लाया गया था. यहां लाने के बाद उन्हें पैसे तो दूर, पूरी तरह बंधक बना लिया गया. उनसे 24 घंटे काम कराया जाता था.&amp;nbsp;
मुजफ्फरनगर में बंधुआ मजदूरी के मामले में खुलासा, भड़के राहुल गांधी ने केंद्र पर साधा निशाना ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 25 Jun 2026 02:30:11 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>यूपी, में, बंधुआ, मजूदरों, को, बंधक, बनाने, के, मामले, पर, गरमाई, सियासत, प्रियंका, गांधी, ने, उठाए, सवाल</media:keywords>
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        <title>यूपी BJP की टीम फाइनल, पंकज चौधरी को सौंपी गई लिस्ट, केन्द्रीय नेतृत्व की हरी झंडी का इंतजार</title>
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        <description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी की नई प्रदेश टीम को लेकर संगठनात्मक गतिविधियां तेज हो गई हैं. सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय नेतृत्व ने यूपी बीजेपी की टीम को लगभग अंतिम रूप दे दिया है और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी को संभावित नामों की सूची सौंप दी गई है. अब इस सूची पर अंतिम सहमति और औपचारिक मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है.
नई टीम के गठन में संगठनात्मक संतुलन और युवा नेतृत्व को विशेष महत्व दिया गया है. इसी क्रम में भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए 35 वर्ष की आयु सीमा तय की गई है. माना जा रहा है कि इस मानक के आधार पर ही युवा मोर्चा के नए नेतृत्व का चयन किया जाएगा.
पंकज चौधरी से मिले विनोद तावड़े
इस बीच प्रदेश संगठन को लेकर अहम बैठकों का दौर भी जारी है. बुधवार को बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े और यूपी बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी के बीच मुलाकात हुई. दोनों नेताओं के बीच करीब आधे घंटे तक चर्चा चली. बैठक में प्रदेश टीम के लिए प्रस्तावित सभी नामों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया.

लिस्ट को केंद्रीय नेतृत्व जल्द कर सकता है फाइनल
जानकारी के मुताबिक संगठन की नई टीम में शामिल किए जाने वाले पदाधिकारियों के नामों पर व्यापक चर्चा हो चुकी है. अब सूची को केंद्रीय नेतृत्व की अंतिम स्वीकृति मिलने का इंतजार है. मंजूरी मिलते ही प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी अपनी नई टीम की घोषणा कर सकते हैं.
राजनीतिक हलकों में नई टीम को लेकर उत्सुकता बनी हुई है. संगठन से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं की नजरें अब केंद्रीय नेतृत्व के अंतिम निर्णय पर टिकी हैं. माना जा रहा है कि मंजूरी मिलते ही प्रदेश संगठन की नई टीम का ऐलान कर दिया जाएगा.
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        <pubDate>Thu, 25 Jun 2026 02:30:09 +0530</pubDate>
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        <title>फर्जी एनकाउंटर, महापंचायत और FIR…, भरत तिवारी केस में घिरी सम्राट सरकार, इंसाफ मांग रहा बिहार</title>
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        <description><![CDATA[ Bharat Tiwari Encounter: बिहार के भोजपुर में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर मामले ने अब बड़ा सामाजिक और राजनीतिक रूप ले लिया है. इसी कड़ी में आज भरत तिवारी के गांव बिलौटी में एक सर्वदलीय महापंचायत का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए. इस महापंचायत में ब्राह्मण समाज के लोग, कई सामाजिक संगठन और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी पहुंचे. महापंचायत का मुख्य उद्देश्य भरत तिवारी को न्याय दिलाना और कथित फर्जी एनकाउंटर की सच्चाई सामने लाना था. महापंचायत से पहले ही माहौल गर्म हो चुका था.
समर्थकों ने गांव के बोर्ड पर &amp;ldquo;शहीद भरत नगर&amp;rdquo; लिखकर अपने विरोध और सम्मान दोनों का प्रदर्शन किया. लोगों का कहना है कि भरत तिवारी ने गांव और बाढ़ पीड़ितों के लिए संघर्ष किया था, इसलिए उसे शहीद का दर्जा मिलना चाहिए और गांव का नाम भी उसके नाम पर रखा जाना चाहिए.
हथियार फेंका फिर क्यों मारी गोली?
गौरतलब है कि 17 जून को बिहार पुलिस ने भरत तिवारी का एनकाउंटर किया था. पुलिस की कार्रवाई के तुरंत बाद परिजनों ने इसे फर्जी बताते हुए गंभीर आरोप लगाए थे. उनका कहना था कि भरत तिवारी ने सरेंडर कर दिया था, फिर भी उसे गोली मार दी गई. यही सवाल अब आंदोलन का केंद्र बन चुका है.अगर उसने हथियार डाल दिए थे, तो उसे क्यों मारा गया?
महापंचायत में शामिल लोगों की जुबान पर एक ही मांग थी- भरत तिवारी को इंसाफ मिले और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो. इस दौरान तीन प्रमुख मांगें सामने आईं. पहली, एनकाउंटर की निष्पक्ष और न्यायिक जांच; दूसरी, दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई; और तीसरी, बाढ़ प्रभावित गांवों की समस्याओं का समाधान. इस पूरे मामले में भावनात्मक पहलू भी काफी मजबूत रहा.
महापंचायत में भरत तिवारी की मां ने रोते हुए अपने बेटे के लिए न्याय की गुहार लगाई और कहा कि जिसने भी उनके बेटे को मारा है, उसे फांसी मिलनी चाहिए. उनकी इस अपील ने वहां मौजूद लोगों को भावुक कर दिया और आंदोलन को और तेज कर दिया. दरअसल, इस मामले की शुरुआत तब हुई थी जब भरत तिवारी ने फेसबुक लाइव के जरिए हथियार के साथ सिस्टम को खुली चुनौती दी थी. इसके बाद 16 जून को पुलिस ने उसे मानसिक रूप से अस्वस्थ बताया, लेकिन अगले ही दिन 17 जून को उसी व्यक्ति का एनकाउंटर कर दिया गया. यही विरोधाभास अब सबसे बड़ा सवाल बन गया है.
फंस गई सम्राट सरकार
भरत तिवारी के बारे में लोगों की राय भी दो हिस्सों में बंटी हुई है. कुछ लोग उसे अपराधी मानते हैं, तो महापंचायत में जुटी भीड़ उसे गरीबों का मसीहा और व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाने वाला क्रांतिकारी बता रही है. यही वजह है कि अब यह मामला सिर्फ एक एनकाउंटर नहीं, बल्कि जनआंदोलन का रूप ले चुका है. सरकार ने बढ़ते दबाव को देखते हुए इस मामले की न्यायिक जांच के आदेश दे दिए हैं. इसके साथ ही, भरत तिवारी की मां की शिकायत पर डीएसपी, एसएचओ और अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई है.
जगदीशपुर के डीएसपी राजेश शर्मा को पद से हटाकर मुख्यालय अटैच कर दिया गया है और उनकी जगह नए अधिकारी की तैनाती की गई है. इस बीच, बिहार से लेकर उत्तर प्रदेश तक इस मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है. मोतिहारी और बहराइच जैसे शहरों में कैंडल मार्च निकाले गए और विभिन्न संगठनों ने न्याय की मांग को लेकर आवाज बुलंद की. राजनीतिक स्तर पर भी यह मुद्दा गर्माता जा रहा है.
रोहिणी आचार्य से लेकर प्रशांत किशोर तक कई नेताओं ने सरकार पर सवाल उठाए हैं और पारदर्शी जांच की मांग की है. कुल मिलाकर, भरत तिवारी एनकाउंटर अब एक बड़े राजनीतिक और सामाजिक विवाद का रूप ले चुका है. सवाल सिर्फ एक व्यक्ति की मौत का नहीं, बल्कि कानून, व्यवस्था और न्याय प्रणाली की विश्वसनीयता का है. अब सबकी नजर न्यायिक जांच पर टिकी है- क्या सच्चाई सामने आएगी या यह मामला भी राजनीति की भेंट चढ़ जाएगा.
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        <pubDate>Thu, 25 Jun 2026 02:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>विमान को रखा गया था होल्ड पर....पाक एयरस्पेस में Air India फ्लाइट को लेकर DGCA ने क्या बताया?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/विमान-को-रखा-गया-था-होल्ड-परपाक-एयरस्पेस-में-air-india-फ्लाइट-को-लेकर-dgca-ने-क्या-बताया</link>
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        <description><![CDATA[ 22 जून 2026 को एयर इंडिया की फ्लाइट AI-479 जो दिल्ली से अमृतसर जा रही थी, उसी समय लैंडिंग के दौरान अपना रास्ता भटक गई और पाकिस्तान के एयरस्पेस में एंट्री कर गई. बर्ड स्ट्राइक के बाद रनवे जांच के चलते विमान को लैंडिग से होल्ड पर रखा गया था. यह जानकारी डीजीसीए ने दी है. सोमवार को पाकिस्तान के एयरस्पेस में एयर इंडिया की फ्लाइट घुसने का मामला सामने आया था.&amp;nbsp;
पाकिस्तान के एयरस्पेस पर जाने को लेकर DGCA ने क्या बताया ?
डीजीसीए के मुताबिक, जब विमान को रडार गाइडेंस के जरिए अप्रोच कराया जा रहा था, तो कुछ समय के लिए पाकिस्तान के एयरस्पेस में चला गया. इसकी जानकारी तुरंत पाकिस्तान एयर ट्रैफिक कंट्रोल एटीसी को दी गई. साथ ही तालमेल बनाए रखा. बाद में फ्लाइट को अमृतसर की जगह वापस दिल्ली की ओर डायवर्ट कर दिया गया. इसके बाद उनकी सुरक्षित लैंडिंग हो सकी. &amp;nbsp;अब इस पूरे मामले पर अमृतसर से जुड़े एयर ट्रैफिक कंट्रोलर और ऑपरेटिंग क्रू के खिलाफ अंतरिम कार्रवाई की गई. एयर इंडिया फ्लाइट की तरफ से पाकिस्तान एयरस्पेस में एंट्री पर डीजीसीए ने यह जानकारी साझा की है.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ें :&amp;nbsp;6 दिनों की पड़ताल, 15 पन्नों की रिपोर्ट और निशाने पर चंपत राय&amp;hellip;, SIT रिपोर्ट के खुलासे से मच सकता है हड़कंप
पाकिस्तान ने कब बैन कर रखा है अपना एयरस्पेसपाकिस्तान एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ने भारतीय रजिस्ट्रेशन वाले सभी विमानों को चाहें वो कमर्शियल हों, या मिलिट्री, के लिए अपना एयरस्पेस अप्रैल 2025 से बंद कर रखा है. यह बैन हर महीने नोटम के जरिए बढ़ाया जाता रहा है. जिस रात AI-479 रास्ता भटका उस समय भी यह बैन लागू था और 24 जून की सुबह तक के लिए बढ़ाया गया था. इसके बाद 16 जून को जारी एक नए नोटम से इसे 24 जुलाई तक और आगे बढ़ा दिया गया है. यही वजह है कि जैसे ही विमान पाकिस्तान के लाहौर फ्लाइट इंफॉर्मेशन रीजन में दाखिल हुआ वहां की एयर ट्रैफिक अथॉरिटी ने फौरन चेतावनी जारी कर दी.
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        <pubDate>Thu, 25 Jun 2026 02:30:07 +0530</pubDate>
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        <title>बांग्लादेश में राम के अपमान पर भड़का भारत, कट्टरपंथियों को लेकर तारिक रहमान को दी ये कड़ी नसीहत</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/बांग्लादेश-में-राम-के-अपमान-पर-भड़का-भारत-कट्टरपंथियों-को-लेकर-तारिक-रहमान-को-दी-ये-कड़ी-नसीहत</link>
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        <description><![CDATA[ बांग्लादेश में धार्मिक असहिष्णुता को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच ढाका समेत कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं. स्थानीय मीडिया के अनुसार, गाइबांधा जिले में भगवान राम की सबसे ऊंची प्रतिमा बनाने के विरोध में एक प्रदर्शन के दौरान कट्टरपंथी इस्लामवादियों ने कथित तौर पर उनकी तस्वीर का अपमान किया. भारत ने इस पर बयान जारी कर कहा कि बांग्लादेश सरकार अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करे.
चरमपंथियों पर नकेल कसे बांग्लादेश: भारत
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बांग्लादेश में हिंदू देवी-देवताओं के मंदिरों को अपवित्र करने की खबरों के बारे में पूछे गए एक सवाल का भी जवाब दिया. उन्होंने ने कहा, &amp;lsquo;हमने बांग्लादेश में हिंदू देवी-देवताओं (के मंदिरों) और उनकी मूर्तियों को अपवित्र करने की उन घटनाओं के बारे में रिपोर्ट देखी है, जिसे लेकर विरोध-प्रदर्शन हुए हैं.&amp;rsquo; उन्होंने कहा, &amp;lsquo;&amp;lsquo;हम उम्मीद करते हैं कि बांग्लादेश सरकार वहां चरमपंथियों पर नकेल कसेगी और अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी.
तारिक रहमान के सलाहकार को लेकर भारत का बयान
विदेश मंत्रालय ने कहा कि बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के सलाहकार जाहिद उर रहमान को अपनी यात्रा का उद्देश्य दोबारा बताने के बाद भारत में प्रवेश की अनुमति दे दी गई थी, लेकिन उन्होंने ढाका लौटने का फैसला किया. हफ्ते भर से अधिक समय पहले, नयी दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन अधिकारियों ने रहमान को कुछ देर के लिए रोक लिया था क्योंकि उनका सुरक्षा कारणों के कारण ब्लैक लिस्टेड था. इसके बाद, बांग्लादेश ने भारत के समक्ष विरोध दर्ज कराया था.&amp;nbsp;
अपनी मर्जी से ढाका लौटे जाहिद उर रहमान: भारत
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, &amp;lsquo;बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के सलाहकार 14 जून को दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन वीजा के साथ निजी पासपोर्ट पर भारत आए थे, ताकि वह &#039;इंडियन ओशन रिम एसोसिएशन&#039; के वरिष्ठ अधिकारियों की समिति की 28वीं बैठक में शामिल हो सकें. दिल्ली एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन अधिकारियों ने उनसे पूछताछ की और इस बात की पुष्टि होने के बाद कि उनकी यात्रा का उद्देश्य बहुपक्षीय बैठक में शामिल होना है, उन्हें देश में प्रवेश की अनुमति दे दी गई. हालांकि, उन्होंने अपनी मर्जी से ढाका लौटने का फैसला किया.&amp;rsquo; ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 24 Jun 2026 10:30:17 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>बांग्लादेश, में, राम, के, अपमान, पर, भड़का, भारत, कट्टरपंथियों, को, लेकर, तारिक, रहमान, को, दी, ये, कड़ी, नसीहत</media:keywords>
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        <title>India &amp;UK Trade Deal: पीयूष गोयल का बड़ा दावा! 99% टैरिफ खत्म, ब्रिटेन का बाजार भारतीयों के लिए खुला</title>
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        <description><![CDATA[ केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को कहा कि भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (सीईटीए) लोगों के हितों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जिससे किसानों, कारोबारियों, कारीगरों और आम नागरिकों को लाभ मिलेगा. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि ब्रिटेन के प्रीमियम बाजार तक पहुंच मिलने से महिला उद्यमियों, युवाओं, स्टार्टअप्स और एमएसएमई के लिए वैश्विक अवसर बढ़ेंगे, जबकि देश के मूल हितों से कोई समझौता नहीं होगा.
गोयल ने कहा कि 15 जुलाई से लागू होने वाला यह ऐतिहासिक समझौता भारतीय उत्पादों को ब्रिटेन के बाजार में व्यापक पहुंच देगा. इसके तहत लगभग 99 प्रतिशत टैरिफ लाइनों पर शुल्क तत्काल समाप्त कर दिया जाएगा, जो लगभग 100 प्रतिशत व्यापार मूल्य को कवर करता है. इससे भारतीय निर्यातकों को विशेष रूप से श्रम-प्रधान क्षेत्रों में बड़ा लाभ मिलेगा. पिछले वर्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की मौजूदगी में इस समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे.

यह भी पढ़ें :&amp;nbsp;George Kurian: केंद्रीय मंत्रिमंडल में बदलाव की आहट के बीच PM मोदी के मंत्री का इस्तीफा, जानें कौन हैं जॉर्ज कुरियन?
किसानों की होगी बल्ले-बल्लेमंत्री के अनुसार, किसानों को प्रीमियम निर्यात बाजारों तक पहुंच मिलेगी, जबकि उनके घरेलू हित सुरक्षित रहेंगे. मछुआरों को समुद्री उत्पादों के निर्यात में लाभ होगा और श्रमिकों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. हल्दी, काली मिर्च, इलायची, आम का गूदा, अचार और दालों जैसे प्रसंस्कृत कृषि उत्पादों को ब्रिटेन में शुल्क-मुक्त प्रवेश मिलेगा, जिससे कृषि निर्यात, किसानों की आय तथा गुणवत्ता, पैकेजिंग और प्रमाणन को बढ़ावा मिलेगा.
कृषि हित रहेंगे सुरक्षितगोयल ने स्पष्ट किया कि भारत के संवेदनशील कृषि क्षेत्रों को समझौते से बाहर रखा गया है. डेयरी उत्पाद, अनाज, मोटे अनाज (मिलेट्स), सेब, ओट्स और खाद्य तेल जैसे क्षेत्रों को शामिल नहीं किया गया है. उन्होंने कहा कि यह कदम खाद्य सुरक्षा, घरेलू मूल्य स्थिरता और कमजोर किसान समुदायों के हितों की रक्षा के लिए उठाया गया है.
उद्योगों को मिलेगी उड़ानमंत्री ने कहा कि शुल्क-मुक्त पहुंच से भारतीय विनिर्माण क्षेत्र को भी बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा. पारंपरिक कारीगरों, औद्योगिक केंद्रों और छोटे व्यवसायों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में बढ़त मिलेगी. फुटबॉल, क्रिकेट उपकरण, रग्बी बॉल और खिलौने बनाने वाली भारतीय कंपनियां ब्रिटेन में तेजी से विस्तार कर सकेंगी. गोयल ने कहा कि तिरुपुर के करघों से लेकर बेंगलुरु की प्रयोगशालाओं, सूरत के हीरा कारीगरों और हैदराबाद के सॉफ्टवेयर विशेषज्ञों तक, यह समझौता भारतीय अर्थव्यवस्था के हर महत्वपूर्ण क्षेत्र को नई विकास संभावनाएं प्रदान करेगा.यह भी पढ़ें :&amp;nbsp;थलापति विजय ने विधानसभा के अंदर की MK स्टालिन की मिमिक्री, द्रविड़ नेता की तरह लहराया हाथ, DMK ने किया वॉकआउट, VIDEO वायरल ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 24 Jun 2026 10:30:16 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>बेंगलुरु में दिल दहला देने वाली वारदात, एक ही परिवार के तीन लोगों की बेरहमी से हत्या</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/बेंगलुरु-में-दिल-दहला-देने-वाली-वारदात-एक-ही-परिवार-के-तीन-लोगों-की-बेरहमी-से-हत्या</link>
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        <description><![CDATA[ कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से सोमवार (22 जून, 2026) को एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां एक ही परिवार के तीन लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई. पुलिस को शक है कि इस ट्रिपल मर्डर के पीछे परिवार की ही बड़ी बेटी और उसका लिव-इन पार्टनर हैं. शुरुआती जांच में सामने आया कि बेटी के रिश्ते का विरोध उसके माता-पिता कर रहे थे और यही विरोध पूरे परिवार के लिए मौत की वजह बन गया.
चाकू मारकर परिवार के तीन सदस्यों की हत्या
बेंगलुरु के केआर पुरम थाना क्षेत्र के सीगेहल्ली स्थित साई ग्रीन अपार्टमेंट में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक फ्लैट से तीन लोगों के शव बरामद हुए. मृतकों की पहचान 55 वर्षीय सोमसुंदर, उनकी पत्नी मुथुलक्ष्मी और 20 वर्षीय बेटी सुप्रिया के रूप में हुई है. तीनों की चाकू से गोदकर हत्या की गई.
पुलिस जांच में शक की सुई परिवार की बड़ी बेटी श्वेता और उसके बॉयफ्रेंड केनेथ की तरफ घूम रही है. बताया जा रहा है कि दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे और श्वेता के माता-पिता इस रिश्ते का लगातार विरोध कर रहे थे. पुलिस को आशंका है कि इसी विवाद ने खूनी रूप ले लिया.&amp;nbsp;

मामले पर क्या बोले बेंगलुरु पुलिस कमिश्नर?
बेंगलुरु पुलिस कमिश्नर सीमांत कुमार सिंह ने कहा, &amp;lsquo;केआर पुरम पुलिस स्टेशन लिमिट्स में कल सोमवार (22 जून, 2026) की शाम एक हत्या की घटना रिपोर्ट हुई है. प्राथमिक जानकारी के मुताबिक एक ही परिवार के तीन लोगों का मर्डर हुआ है. ऐसा पता चला है कि एक लड़की और उसके साथ रहने वाले युवक ने मिलकर लड़की के पिता, मां और छोटी बहन की हत्या की है. इसकी पुष्टि की जा रही है.&amp;rsquo;
उन्होंने कहा, &amp;lsquo;दोनों आरोपियों को पकड़ने के लिए छह विशेष टीमों का गठन किया गया है. पिता ने मरने से पहले जो बयान दिया, उसके आधार पर इन दोनों पर शक है. हत्या के पीछे का मकसद और पूरी साजिश आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही साफ हो पाएगी.&amp;rsquo;
उन्होंन आगे कहा कि पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या यह हत्याकांड पहले से सुनियोजित था. वारदात के बाद दोनों आरोपी फरार हो गए हैं और उनकी तलाश के लिए छह स्पेशल टीमें बनाई गई हैं. घटनास्थल से सबूत जुटाए जा रहे हैं और शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए ईस्ट प्वाइंट अस्पताल भेज दिया गया है.
एक बेटी पर अपने ही माता-पिता और बहन की हत्या का आरोप, रिश्तों के कत्ल की यह कहानी कई सवाल खड़े कर रही है. क्या प्यार में बाधा बनने पर पूरे परिवार को रास्ते से हटाने की साजिश रची गई थी? इन सवालों के जवाब अब आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही सामने आएंगे.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ेंः गंगा किनारे हुई पार्टियों पर चुनिंदा गुस्से पर भड़के असदुद्दीन ओवैसी, दोहरे मापदंड को लेकर उठाए सवाल ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 24 Jun 2026 10:30:14 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>बेंगलुरु, में, दिल, दहला, देने, वाली, वारदात, एक, ही, परिवार, के, तीन, लोगों, की, बेरहमी, से, हत्या</media:keywords>
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        <title>12 भारतीयों की मौत पर कतर के अमीर शेख तमीम दु:खी, भारत लगाया फोन, कॉल के बाद पीएम मोदी बोले&amp; &amp;apos;हम दोनों ने...&amp;apos;</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/12-भारतीयों-की-मौत-पर-कतर-के-अमीर-शेख-तमीम-दुखी-भारत-लगाया-फोन-कॉल-के-बाद-पीएम-मोदी-बोले-हम-दोनों-ने</link>
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        <description><![CDATA[ Qatar Gas Plant Accident: कतर के रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी स्थित एलएनजी कॉम्प्लेक्स में हुए विस्फोट और आग की घटना में 12 भारतीय नागरिकों की मौत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी से फोन पर बातचीत की. प्रधानमंत्री ने हादसे में जान गंवाने वाले भारतीयों के प्रति संवेदना जताने के लिए कतर के अमीर का आभार व्यक्त किया.
पीएम मोदी ने एक्स पर दी जानकारी
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि उन्होंने कतर के अमीर से बातचीत की और हादसे में जान गंवाने वाले भारतीयों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की. दोनों नेताओं ने मृतकों के परिजनों के दुख में साझेदारी जताई और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की.
&amp;nbsp;

I thank His Highness the Amir of Qatar for his phone call and condolences on the loss of lives of Indian nationals in the tragic accident at Ras Laffan Industrial City in Qatar. We both share the grief of the families who have lost their loved ones and pray for the speedy&amp;hellip;
&amp;mdash; Narendra Modi (@narendramodi) June 23, 2026

&amp;nbsp;
भारत-कतर नागरिकों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और कतर दोनों देश अपने नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. दोनों देशों ने इस दुखद घड़ी में एक-दूसरे के साथ मजबूती से खड़े रहने का भरोसा दिया. प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के अनुसार, बातचीत के दौरान पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात पर भी चर्चा हुई. प्रधानमंत्री मोदी ने क्षेत्र में शांति स्थापित करने के लिए कतर की सकारात्मक भूमिका की सराहना की और उम्मीद जताई कि ये प्रयास स्थायी शांति और स्थिरता का रास्ता खोलेंगे.
द्विपक्षीय सहयोग मजबूत करने पर सहमति
दोनों नेताओं ने भारत और कतर के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई. साथ ही भविष्य में भी लगातार संपर्क में रहने पर सहमति जताई गई. प्रधानमंत्री मोदी ने हादसे के बाद घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने और प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करने के लिए कतर सरकार का धन्यवाद किया.
रास लाफान गैस प्लांट में हुआ था भीषण हादसा
गौरतलब है कि रविवार शाम कतर के रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी स्थित बरजान गैस सप्लाई सुविधा में भीषण विस्फोट और आग लग गई थी. यह संयंत्र कतरएनर्जी एलएनजी द्वारा संचालित किया जाता है. हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था.
13 लोगों की मौत, 66 घायल
कतर के ऊर्जा राज्य मंत्री साद शरीदा अल-काबी ने दोहा में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि हादसे में कुल 13 लोगों की मौत हुई है, जबकि 66 लोग घायल हुए हैं.
भारतीय दूतावास ने की पुष्टि
दोहा स्थित भारतीय दूतावास ने सोमवार को पुष्टि की थी कि मृतकों में 12 भारतीय नागरिक शामिल हैं. दूतावास ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि कतर प्रशासन प्रभावित परिवारों और घायलों को हर संभव सहायता उपलब्ध करा रहा है. हादसे के बाद भारत और कतर के बीच लगातार संपर्क बना हुआ है. दोनों देश प्रभावित लोगों की सहायता और राहत कार्यों को लेकर समन्वय के साथ काम कर रहे हैं.
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        <pubDate>Wed, 24 Jun 2026 10:30:13 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>भारतीयों, की, मौत, पर, कतर, के, अमीर, शेख, तमीम, दु:खी, भारत, लगाया, फोन, कॉल, के, बाद, पीएम, मोदी, बोले-, हम, दोनों, ने...</media:keywords>
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        <title>मॉस्को पहुंचे CJI सूर्यकांत, भारत और रूस के सुप्रीम कोर्ट के बीच हुई डील, जानें इसका क्या होगा फायदा?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/मॉस्को-पहुंचे-cji-सूर्यकांत-भारत-और-रूस-के-सुप्रीम-कोर्ट-के-बीच-हुई-डील-जानें-इसका-क्या-होगा-फायदा</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/मॉस्को-पहुंचे-cji-सूर्यकांत-भारत-और-रूस-के-सुप्रीम-कोर्ट-के-बीच-हुई-डील-जानें-इसका-क्या-होगा-फायदा</guid>
        <description><![CDATA[ India Russia MoU: भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत इन दिनों रूस के दौरे पर हैं. इस दौरान भारत के सुप्रीम कोर्ट और रूस के सुप्रीम कोर्ट के बीच न्यायिक सहयोग को मजबूत बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए. मॉस्को में मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और रूस के सुप्रीम कोर्ट के चेयरमैन इगोर क्रासनोव ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए. दोनों देशों की सर्वोच्च अदालतों के बीच सहयोग बढ़ाने की दिशा में यह अपनी तरह का पहला समझौता है.
कई क्षेत्रों में बढ़ेगा न्यायिक सहयोग
भारत और रूस के सुप्रीम कोर्ट के बीच हुए इस समझौते के तहत दोनों देशों की न्यायिक संस्थाएं कई क्षेत्रों में एक-दूसरे का सहयोग करेंगी. इसमें सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग, न्यायिक अनुभवों के आदान-प्रदान और न्यायिक अधिकारियों के प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया जाएगा.
समझौते के तीन प्रमुख क्षेत्र
इस समझौते के तहत तीन प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाया जाएगा.

न्यायिक अनुभवों का आदान-प्रदान
अदालतों में सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग
पेशेवर प्रशिक्षण और कर्मचारियों का विकास

भारत और रूस के सामने समान चुनौतियां
बैठक के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि भारत और रूस जैसे बड़े और विविधता वाले देशों में न्याय व्यवस्था का संचालन अपने आप में बड़ी जिम्मेदारी है. उन्होंने दोनों देशों की न्यायिक व्यवस्थाओं के बीच कई समानताओं का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि न्यायिक अकादमियों के बीच सहयोग, संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम, शोध कार्य और दोनों देशों की न्यायिक प्रणालियों के बेहतर अनुभवों को साझा करने की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं.
यह भी पढ़ें : ब्रिक्स NSA बैठक में बोले चीन के विदेश मंत्री वांग यी- भारत की मदद के लिए तैयार है बीजिंग, बशर्ते&amp;hellip;
न्यायिक संस्थाओं को मिलेगा सहयोग का लाभ
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि भारत और रूस के सुप्रीम कोर्ट के बीच निरंतर संवाद और सहयोग से दोनों देशों की न्यायिक संस्थाएं और मजबूत होंगी. इससे न्याय देने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी और बेहतर बनेगी. उन्होंने कहा कि दोनों देशों की कानूनी परंपराएं भले ही अलग-अलग ऐतिहासिक पृष्ठभूमि से विकसित हुई हों, लेकिन आज दोनों देशों की न्यायिक संस्थाओं के सामने जनता का भरोसा बनाए रखने और तेजी से बदलती दुनिया के अनुरूप खुद को ढालने जैसी चुनौतियां समान हैं.
अदालतों में तकनीक के बढ़ते उपयोग पर जोर
बैठक में न्यायिक व्यवस्था में तकनीक और विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग पर भी चर्चा हुई. मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि न्याय व्यवस्था को तकनीक का संतुलित और जिम्मेदार उपयोग करना होगा. उन्होंने कहा कि न्याय का भविष्य इस बात पर निर्भर करेगा कि तकनीकी बदलावों को मानवीय मूल्यों के साथ किस प्रकार जोड़ा जाता है. तकनीक अदालतों तक पहुंच को आसान बनाती है, लेकिन न्याय प्रदान करना हमेशा एक मानवीय प्रक्रिया ही रहेगा.
भारत में तेजी से हो रहा न्यायपालिका का डिजिटलीकरण
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि भारत में अदालतों के डिजिटलीकरण का उद्देश्य न्याय तक पहुंच को आसान और प्रभावी बनाना है, न कि न्याय के मूल सिद्धांतों को बदलना. उन्होंने बताया कि भारतीय न्यायपालिका में ई-फाइलिंग, ऑनलाइन सुनवाई, रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण, एआई आधारित अनुवाद और वर्चुअल न्यायिक सहायता जैसी सुविधाएं लगातार बढ़ाई जा रही हैं.
वन केस, वन डेटा पहल का किया जिक्र
मॉस्को में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने &quot;वन केस, वन डेटा&quot; पहल का भी उल्लेख किया. उन्होंने बताया कि इस पहल का उद्देश्य सभी न्यायिक प्लेटफॉर्म पर प्रत्येक मामले के लिए एक मानकीकृत डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना है. उन्होंने कहा कि ऑनलाइन मध्यस्थता और सुलह प्रक्रियाओं को बढ़ावा देने के लिए भी तकनीक का तेजी से उपयोग किया जा रहा है. इससे न्यायिक प्रक्रियाओं में तेजी आएगी और विवादों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित हो सकेगा.
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        <pubDate>Wed, 24 Jun 2026 10:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>मॉस्को, पहुंचे, CJI, सूर्यकांत, भारत, और, रूस, के, सुप्रीम, कोर्ट, के, बीच, हुई, डील, जानें, इसका, क्या, होगा, फायदा</media:keywords>
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        <title>दरगाह के पास दीपक जलाने की अनुमति दिए जाने के खिलाफ SC पहुंची विजय सरकार, जानें पूरा मामला</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/दरगाह-के-पास-दीपक-जलाने-की-अनुमति-दिए-जाने-के-खिलाफ-sc-पहुंची-विजय-सरकार-जानें-पूरा-मामला</link>
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        <description><![CDATA[ तमिलनाडु सरकार ने मद्रास हाईकोर्ट के उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है जिसमें राज्य में थिरुपरनकुंद्रम पहाड़ी पर दीप जलाने की अनुमति दी गई थी. सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने तमिलनाडु सरकार के वकील बी. करुणाकरन के माध्यम से 11 जून को यह याचिका दाखिल की.
वकील ने पुष्टि की कि यह याचिका मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै पीठ के 6 जनवरी के उस आदेश को चुनौती देती है, जिसमें सिंगल बेच के एक दिसंबर 2025 के फैसले को बरकरार रखा गया था. उस आदेश में कहा गया था कि त्योहार के दिन पारंपरिक रूप से दीप जलाया जाएगा.
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार हाईकोर्ट ने 6 जनवरी के अपने आदेश में कहा था कि इस धार्मिक प्रथा को लेकर कानून-व्यवस्था की जो आशंका जताई जा रही है, वह केवल एक काल्पनिक डर है. अदालत ने यह भी स्पष्ट किया था कि जिस स्थान पर पत्थर का स्तंभ (दीपस्तंभ/दीपथूण) स्थित है, वह श्री सुब्रमण्यम स्वामी मंदिर की संपत्ति है और वर्तमान में वक्फ बोर्ड का इस मामले में कोई अधिकार नहीं बनता.
हाईकोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा था, &#039;यह मानना मुश्किल और हास्यास्पद है कि अपने क्षेत्राधिकार में स्थित मंदिर की भूमि पर वर्ष में एक विशेष दिन मंदिर प्रतिनिधियों द्वारा दीप जलाने से सार्वजनिक शांति भंग हो जाएगी.&#039; हाईकोर्ट ने अपने आदेश में का कि ऐसा सिर्फ तभी हो सकता है जब ऐसी अशांति स्वयं राज्य प्रायोजित करे. हम प्रार्थना करते है कि कोई भी राज्य राजनीतिक उद्देश्यों के लिए इस स्तर तक नहीं गिरे.&#039;
यह मामला राम रविकुमार और अन्य की याचिका से जुड़ा है, जिसमें हर साल कार्तिगई दीपम उत्सव के दौरान थिरुपरनकुंद्रम पहाड़ी स्थित प्राचीन पत्थर स्तंभ पर पवित्र दीप जलाने की अनुमति देने की मांग की गई थी. एक दिसंबर 2025 को एकल न्यायाधीश ने याचिका स्वीकार करते हुए त्योहार के दिन दीप जलाने का आदेश दिया था.
तत्कालीन द्रमुक सरकार, मंदिर प्रबंधन और थिरुपरनकुंद्रम स्थित हजरत सुल्तान सिकंदर बधुशा औलिया दरगाह ने इस आदेश के खिलाफ अपील दायर की थी. राज्य सरकार ने सार्वजनिक व्यवस्था का हवाला देते हुए कहा था कि पहाड़ी के शिखर पर, जो दरगाह के पास स्थित है, दीप जलाने से सांप्रदायिक तनाव उत्पन्न हो सकता है.
हाईकोर्ट की खंडपीठ ने अपने आदेश में यह भी कहा था कि वक्फ बोर्ड का इस मामले में कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है. सुनवाई के दौरान वक्फ बोर्ड की ओर से यह दावा किया गया था कि दीपस्तंभ दरगाह का है, जिसे अदालत ने भ्रामक और अनुचित टिप्पणी बताया. ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 18:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा योजना के खिलाफ याचिका दाखिल, केरल हाईकोर्ट ने की खारिज</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/महिलाओं-के-लिए-मुफ्त-बस-यात्रा-योजना-के-खिलाफ-याचिका-दाखिल-केरल-हाईकोर्ट-ने-की-खारिज</link>
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        <description><![CDATA[ केरल हाईकोर्ट ने संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) सरकार की प्रियदर्शिनी योजना को चुनौती देने वाली एक जनहित याचिका सोमवार को खारिज कर दी. इस योजना के तहत महिलाओं और ट्रांसजेंडर लोगों को केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (KSRTC) की साधारण बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलती है.
मुख्य न्यायाधीश सौमेन सेन और जस्टिस श्याम कुमार वी एम की बेंच ने कहा कि यह योजना सरकार का एक नीतिगत फैसला है, जिसका मकसद कामकाजी महिलाओं को फायदा पहुंचाना है, और इसमें दखल देने का कोई आधार नहीं मिला.
यह याचिका मोहम्मद फिरदौस द्वारा दायर की गई, जिन्होंने खुद को जनहित में कार्य करने वाला नागरिक और करदाता बताया. अपनी याचिका में फिरदौस ने तर्क दिया कि यह योजना भेदभावपूर्ण है और संविधान के अनुच्छेद 14 और 15 का उल्लंघन करती है, क्योंकि इसमें महिलाओं और ट्रांसजेंडर लोगों के लिए बिना किसी आय सीमा या शर्त के मुफ्त बस यात्रा की सुविधा दी गई है.
याचिकाकर्ता ने यह भी दावा किया कि इस योजना से सरकारी खजाने पर हर दिन लगभग दो करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा, जो सालाना करीब 800 करोड़ रुपये होगा. जनहित याचिका में उस तरीके पर सवाल उठाए गए, जिससे इस नीति को मंज़ूरी दी गई और जिस तेज़ी से इसे लागू किया गया.
यह भी पढ़ें:- दरगाह के पास दीपक जलाने की अनुमति दिए जाने के खिलाफ SC पहुंची विजय सरकार, जानें पूरा मामला
याचिका का विरोध करते हुए राज्य सरकार ने कहा कि दिल्ली, पंजाब, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल जैसे कई राज्यों में पहले से ही ऐसी योजनाएं लागू की जा रही हैं. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने कहा कि इस योजना में ऐसा कुछ भी नहीं है, जो किसी वैधानिक प्रावधान के विपरीत हो. इसके साथ ही अदालत ने याचिका को खारिज कर दिया. प्रियदर्शिनी योजना, विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान यूडीएफ द्वारा किए गए पांच प्रमुख वादों में से एक थी. सत्ता में आने के बाद यूडीएफ सरकार ने यह योजना लागू की.
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        <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 18:30:09 +0530</pubDate>
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        <title>सदी का सबसे सूखा जून बनने की कगार पर जून 2026, MP, महाराष्ट्र और गुजरात में हाहाकार; सामान्य से 85% तक कम बरसे बादल</title>
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        <description><![CDATA[ देश में मानसून को लेकर जो हालत बनी है, वह अब सीधे तौर पर एक रिकॉर्ड की तरफ बढ़ रही है. मौसम विभाग के आंकड़े बता रहे हैं कि अगर अगले पांच दिनों में बारिश ने रफ्तार नहीं पकड़ी तो जून 2026 इस पूरी सदी का सबसे सूखा जून बन सकता है. &amp;nbsp;यह सिर्फ एक अंदेशा नहीं है बल्कि अभी तक के आंकड़े इसी दिशा में इशारा कर रहे हैं.
भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक चार जून से 22 जून के बीच देश में सिर्फ 52.1 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि इस दौरान सामान्य तौर पर 97.6 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी यानी अब तक 46 प्रतिशत बारिश की कमी है. महीने में अब सिर्फ कुछ दिन बचे हैं और इतनी बड़ी कमी को पूरा करना लगभग नामुमकिन जैसा दिख रहा है.&amp;nbsp;
महाराष्ट्र-गुजरात में बारिश की उम्मीद
राहत की एक खबर यह है कि मुंबई और आसपास के इलाकों में मानसून की नमी पहुंचने लगी है. गुजरात के सूरत वाले इलाके में भी हवाओं के साथ नमी फैल रही है. अरब सागर की तरफ से मानसून फिर ताकत पकड़ रहा है. इसी वजह से अगले चौबीस से 48 घंटों में महाराष्ट्र गुजरात और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में बारिश बढ़ने की उम्मीद है, लेकिन सवाल यह है कि यह बारिश कितनी असरदार होगी. मौसम के जानकारों का कहना है कि सिर्फ हल्की या बीच बीच में होने वाली बारिश से इतना बड़ा घाटा पूरा नहीं होगा.&amp;nbsp;
अगर अगले पांच दिनों तक लगातार और अच्छी बारिश नहीं हुई तो महीने के आखिर तक यह कमी और गहरी हो जाएगी और जून 2026 रिकॉर्ड बुक में सबसे सूखे महीने के तौर पर दर्ज हो सकता है. राज्यों के हिसाब से देखें तो हालत पहले से ही चिंता बढ़ाने वाली है. मध्य प्रदेश में 58 प्रतिशत बारिश की कमी है. महाराष्ट्र में 85 प्रतिशत और गुजरात में 84 प्रतिशत तक बारिश कम हुई है. छत्तीसगढ़ और झारखंड दोनों में 71 प्रतिशत की कमी है, जबकि मेघालय में यह आंकड़ा 81 प्रतिशत तक पहुंच गया है. इन राज्यों में अगर अगले कुछ दिन भी सूखे निकल गए तो हालत और बिगड़ सकती है.

सैटेलाइट तस्वीरों से क्या पता चला?
मौसम विभाग की 22 जून की सैटेलाइट तस्वीरों में इसकी वजह भी साफ दिखती है. पिछले कई दिनों से बादलों की गतिविधि बंगाल की खाड़ी पूर्वी भारत और हिमालय के इलाकों तक सीमित रही है जबकि मध्य और पश्चिमी भारत का बड़ा हिस्सा साफ आसमान के साथ सूखा ही रहा, जब तक यह पैटर्न पूरी तरह नहीं बदलता तब तक बारिश की कमी का पूरा हो पाना मुश्किल है.
इस सूखे का असर खेती पर साफ दिखने लगा है. बुआई का काम पिछड़ गया है गर्मी बढ़ गई है और कई राज्यों में पानी की उपलब्धता पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं. मध्य प्रदेश महाराष्ट्र गुजरात और छत्तीसगढ़ के किसान अब भी अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं जिससे खरीफ की बुआई बड़े पैमाने पर शुरू हो सके. अगले पांच दिन सिर्फ मौसम के लिए नहीं बल्कि पूरे सीजन के लिए बहुत अहम हैं.&amp;nbsp;
अगर इस दौरान बारिश ने ठीक से रफ्तार पकड़ ली तो कुछ राहत मिल सकती है लेकिन अगर यह दौर भी सूखा निकल गया तो जून 2026 का नाम इस सदी के सबसे सूखे महीने के तौर पर पक्का हो जाएगा.
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        <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 18:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>सिंधु जल संधि पर PAK रक्षा मंत्री ने दी युद्ध वाली गीदड़भभकी, अब भारत ने दिया ये करारा जवाब</title>
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        <description><![CDATA[ पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ की ओर से भारत को सिंधु जल संधि और युद्ध की धमकी देने वाले बयान पर भारत ने कड़ा रुख अपनाया है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान ऐसे बयान अपनी नाकामियों को छिपाने और मानवाधिकारों के उल्लंघन से ध्यान भटकाने के लिए देता है. उन्होंने कहा कि भारत इन मनगढ़ंत दावों को पूरी सख्ती के साथ खारिज करता है. इस दौरान उन्होंने दुनिया का ध्यान PoK में हो रहे विरोध प्रदर्शन और पाकिस्तान सरकार की गलत नीतियों की ओर खींचा.
भारत ने पाकिस्तान सरकार की बर्बरता को किया उजागर
रणधीर जायसवाल ने कहा, &#039;पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले इलाकों में हो रहे विरोध प्रदर्शन दशकों से वहां की सरकार की पुरानी नीतियों का नतीजा है. इन नीतियों में आर्थिक शोषण, मौलिक अधिकारों का हनन और प्रशासन के द्वारा आम नागरिकों का दमन शामिल है. इसके जवाब में पाकिस्तानी सरकार ने पुलिस की बर्बरता, जरूरी सामान और दवाओं की सप्लाई रोकना, इंटरनेट बंद करना और निहत्थे नागरिकों के खिलाफ जानलेवा हमले का इस्तेमाल किया.&#039;
सिंधु जल संधि पर ख्वाजा आसिफ की गीदड़भभकी
भारत ने सिंधु जल संधि (आईडब्ल्यूटी) को लेकर अपना रुख दोहराते हुए शुक्रवार को स्पष्ट किया कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को पूरी तरह और विश्वसनीय तरीके से बंद नहीं करता, तब तक यह संधि स्थगित रहेगी. इस पर पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा था कि अगर पाकिस्तान को महसूस हुआ कि उसकी जल सुरक्षा खतरे में है तो वह भारत के खिलाफ सैन्य कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगा.&#039;
पाकिस्तान न्यूज चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा था, &#039;पानी पाकिस्तान की नेशनल सिक्योरिटी का अहम हिस्सा है. अगर भारत सिंधु नदी की धारा को रोकने की कोशिश करेगा तो इसे गंभीर खतरे के रूप में देखा जाएगा. हम भारत के खिलाफ युद्ध करने से नहीं हिचकेंगे.&#039;
कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन को भारत ने बताया अवैध
भारत ने पिछले महीने भी सिंधु जल संधि, 1960 के तहत कथित रूप से गठित तथाकथित कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन के फैसले को खारिज करते हुए उसे अवैध बताया था. एमईए ने कहा था कि 15 मई 2026 को अवैध रूप से गठित तथाकथित मध्यस्थता कोर्ट ने सिंधु जल संधि की व्याख्या और अधिकतम जल भंडारण क्षमता से जुड़े मामले में एक फैसला जारी किया था, जिसे भारत पूरी तरह अस्वीकार करता है.
पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने की कार्रवाई
सिंधु जल संधि पर भारत और पाकिस्तान के बीच 19 सितंबर 1960 को हस्ताक्षर हुए थे. यह संधि सिंधु नदी प्रणाली की नदियों के जल उपयोग से संबंधित है.पिछले वर्ष पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपने संप्रभु अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए संधि को स्थगित करने का निर्णय लिया था. भारत का कहना है कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देना विश्वसनीय और स्थायी रूप से बंद नहीं करता, तब तक संधि बहाल नहीं की जाएगी.
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        <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 18:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>JB Mather Alleges Corruption: जेबी माथेर का बड़ा हमला, बोलीं&amp; सत्ता के खेल में बिक रहे सांसद, खत्म हो रही राजनीतिक नैतिकता</title>
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        <description><![CDATA[ कांग्रेस की राज्यसभा सदस्य जेबी माथेर ने जॉर्ज कुरियन के इस्तीफे, महाराष्ट्र के &#039;ऑपरेशन टाइगर&#039;, और टीएमसी में चल रहे अंदरूनी कलह को लेकर केंद्र पर निशाना साधा. जेबी माथेर ने आरोप लगाया कि देश में राजनीतिक नैतिकता लगातार कमजोर हो रही है और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. जॉर्ज कुरियन के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए जेबी माथेर ने आईएएनएस से कहा कि मंत्रिमंडल में किसे शामिल करना है और किसे नहीं, यह सरकार और पार्टी का विशेषाधिकार है.
जेबी माथेर ने आरोप लगाया कि अल्पसंख्यकों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जा रहा है. हर वर्ग को सम्मान और उचित प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए.महाराष्ट्र में &#039;ऑपरेशन टाइगर&#039; और सांसदों की खरीद-फरोख्त के आरोपों पर जेबी माथेर ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि एक तरफ भाजपा सांसदों को खरीद रही है और दूसरी तरफ सत्ता में बैठे लोग हर संभव तरीके से लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार शीर्ष स्तर तक पहुंच चुका है और इसे गंभीरता से जांचा जाना चाहिए.

यह भी पढ़ें : Explained: NEET UG री-एग्जाम पेपर खत्म, सवाल अधूरे! अंडरगारमेंट्स में फोन से लेकर हिजाब तक कैसे बना बवाल?
सांसद खरीद-फरोख्त आरोपजेबी माथेर ने कहा कि विपक्षी नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जाते हैं, लेकिन बाद में उन्हें भाजपा में शामिल कर &#039;वाशिंग मशीन&#039; की तरह साफ कर दिया जाता है.यह प्रवृत्ति लोकतंत्र के लिए खतरनाक है. आज देश में &#039;लोकतांत्रिक भ्रष्टाचार&#039; देखने को मिल रहा है, जहां पद का दुरुपयोग, संविधान की शपथ का उल्लंघन और राजनीतिक लाभ के लिए संस्थाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है.लखनऊ और दिल्ली में हाल ही में हुई आग की घटनाओं का जिक्र करते हुए, उन्होंने कहा कि 15 छात्रों की मौत बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी घटनाएं बार-बार क्यों हो रही हैं और सुरक्षा मानकों की निगरानी करने वाली व्यवस्थाएं कहां हैं.&amp;nbsp;
&#039;वाशिंग मशीन&#039; राजनीतिजेबी माथेर ने कहा कि चाहे डबल इंजन सरकार हो या कोई और व्यवस्था, अगर ऐसी घटनाओं को रोका नहीं जा सकता तो यह गंभीर चिंता का विषय है.उजेबी माथेर ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए पर्याप्त मुआवजे की मांग की और कहा कि हादसों के कारणों की गहन जांच होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों.
टीएमसी में हाल के घटनाक्रम और राजनीतिक बदलावों पर टिप्पणी करते हुए जेबी माथेर ने कहा कि देश ऐसे दौर से गुजर रहा है जहां राजनीतिक नैतिकता लगभग खत्म होती जा रही है. जेबी माथेर ने कहा कि कई नेता पैसे, सत्ता और दबाव के जाल में फंसकर फैसले ले रहे हैं. उन्होंने इसे टीएमसी का आंतरिक मामला बताया, लेकिन कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक मूल्यों और नैतिकता का कमजोर होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है.यह भी पढ़ें :&amp;nbsp;थलापति विजय ने विधानसभा के अंदर की MK स्टालिन की मिमिक्री, द्रविड़ नेता की तरह लहराया हाथ, DMK ने किया वॉकआउट, VIDEO वायरल ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 18:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Mather, Alleges, Corruption:, जेबी, माथेर, का, बड़ा, हमला, बोलीं-, सत्ता, के, खेल, में, बिक, रहे, सांसद, खत्म, हो, रही, राजनीतिक, नैतिकता</media:keywords>
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        <title>TMC बागी गुट से मिला ममता को ऑफर, ऋतब्रत बनर्जी बोले&amp; अगर वो चाहें तो...</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/tmc-बागी-गुट-से-मिला-ममता-को-ऑफर-ऋतब्रत-बनर्जी-बोले-अगर-वो-चाहें-तो</link>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी गुट ने सोमवार (22 जून 2026) को वरिष्ठ पार्टी विधायक अरूप रॉय को असली टीएमसी का अध्यक्ष नामित किया. ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के बागी नेताओं ने एक विशेष सत्र में सदस्यों ने अरूप रॉय को सर्वसम्मति से पार्टी का अध्यक्ष चुना. इस दौरान उन्होंने पूर्व सीएम ममता बनर्जी को बागी गुट वाले टीएमसी के साथ आने का ऑफर दिया.
ऋतब्रत बनर्जी ने ममता को दिया ऑफर
कोलकाता में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने कहा, &#039;पूर्व मंत्री अरूप बिस्वास, विधायकों फिरहाद हकीम, रथिन घोष, सबीना यास्मीन को बागी तृणमूल का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया. सवाल असली या नकली होने का नहीं है, हम तृणमूल कांग्रेस हैं और आज के विशेष सत्र की कार्यवाही के बारे में निर्वाचन आयोग को सूचित करेंगे. अगर ममता बनर्जी (बागी तृणमूल गुट की) मुख्य सलाहकार बनना चाहती हैं, तो उनका स्वागत है.&#039;
उन्होंने कहा, &amp;lsquo;हमने पार्टी के नियमों के अनुसार काम किया है और यह विशेष सत्र आहूत किया है. क्या सही है और क्या गलत, इसका फैसला निर्वाचन आयोग करेगा.&amp;rsquo; उन्होंने बताया कि नवगठित नेतृत्व जल्द ही विभिन्न स्तरों पर पार्टी के संगठनात्मक ढांचे का गठन शुरू करेगा. उन्होंने कहा, &amp;lsquo;हम जल्द ही जिला समितियों, प्रदेश इकाई और प्रवक्ताओं के एक पैनल का गठन करेंगे.&#039;
टीएमसी के बागी गुट का बड़ा दावा
यह विशेष सत्र पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद पार्टी में पैदा हुई संकट के बीच आयोजित किया गया. कुछ ही दिन पहले पार्टी के 80 में से 58 विधायकों ने विपक्ष के नेता पद के लिए ऋतब्रत बनर्जी के दावे का समर्थन किया था और पार्टी नेतृत्व की पसंद को खारिज कर दिया था. बागी गुट का दावा है कि इसके बाद उनकी संख्या और बढ़ गई है.
हाल ही में पार्टी को संसद में एक और झटका तब लगा जब उसके 28 में से 20 लोकसभा सदस्य कथित तौर पर तृणमूल संसदीय दल से अलग हो गए और उन्होंने नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) में विलय कर लिया. इन सांसदों ने बीजेपी नेतृत्व वाले एनडीए को समर्थन देने की भी घोषणा की. ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 10:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>TMC, बागी, गुट, से, मिला, ममता, को, ऑफर, ऋतब्रत, बनर्जी, बोले-, अगर, वो, चाहें, तो...</media:keywords>
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        <title>क्रॉस वोटिंग के &amp;apos;झूठ&amp;apos; का फैसला करेंगे भगवान? कर्नाटक BJP में &amp;apos;मंदिर शपथ&amp;apos; पर बवाल, दिल्ली तलब हुए नेता!</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/क्रॉस-वोटिंग-के-झूठ-का-फैसला-करेंगे-भगवान-कर्नाटक-bjp-में-मंदिर-शपथ-पर-बवाल-दिल्ली-तलब-हुए-नेता</link>
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        <description><![CDATA[ कर्नाटक विधान परिषद (MLC) चुनाव में हुई क्रॉस वोटिंग के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र की ओर से विधायकों को धर्मस्थला स्थित श्री मंजुनाथेश्वर मंदिर में शपथ दिलाने के प्रस्ताव पर अब पार्टी के भीतर ही मतभेद उभरने लगे हैं.
बीवाई विजयेंद्र ने रविवार (21 जून, 2026) को कहा था कि विधान परिषद चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों की पहचान करने के लिए भाजपा विधायक दल की बैठक दक्षिण कन्नड़ जिले के धर्मस्थला स्थित प्रसिद्ध श्री मंजुनाथेश्वर मंदिर में बुलाई जाएगी. उनका कहना था कि कर्नाटक के लोगों की इस मंदिर के प्रति गहरी आस्था है और ऐसी मान्यता है कि भगवान मंजुनाथेश्वर के समक्ष कोई झूठ नहीं बोल सकता.
MLC चुनाव में क्रॉस वोटिंग को लेकर मचा बवाल
दरअसल, गुरुवार (18 जून, 2026) को हुए विधान परिषद चुनाव में भाजपा और जेडीएस के पक्ष में कुल 11 क्रॉस वोटिंग के मामले सामने आए थे, जिससे गठबंधन की काफी किरकिरी हुई. इस घटना से पार्टी का शीर्ष नेतृत्व भी नाराज बताया जा रहा है. इसी सिलसिले में प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र और नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक को दिल्ली तलब किया गया है, जहां वे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और अन्य वरिष्ठ नेताओं को पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट सौंपेंगे.
इस बीच विजयेंद्र ने कहा है कि दिल्ली से लौटने के बाद भाजपा विधायक दल की बैठक की तारीख तय की जाएगी और यह बैठक एक सप्ताह के भीतर धर्मस्थल में आयोजित हो सकती है.
धर्मस्थल लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र- प्रह्लाद जोशी
हालांकि, केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने इस प्रस्ताव पर असहमति जताई है. धारवाड़ में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि धर्मस्थल लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और उसे पार्टी के आंतरिक विवादों से दूर रखा जाना चाहिए.&amp;nbsp;

जोशी ने कहा, &amp;lsquo;जहां तक धर्मस्थल जाकर वचन दिलवाने की बात है, मुझे लगता है कि जो कुछ हुआ उससे प्रदेश अध्यक्ष को काफी पीड़ा हुई है, इसलिए उन्होंने ऐसी बात कही होगी. मैंने उनसे फोन पर बात की है. धर्मस्थल लाखों भक्तों की श्रद्धा का केंद्र है. पार्टी के भीतर जो हुआ है, उसकी जांच के लिए फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी बनाई गई है. हो सकता है कि सच्चाई सामने आने में थोड़ा समय लगे, लेकिन आज नहीं तो कल सच सामने आ ही जाएगा. मैंने विजयेंद्र को सलाह और आग्रह किया है कि वे इस फैसले पर फिर से विचार करें और धर्मस्थल जैसी पवित्र जगह को पार्टी के झमेले से दूर रखें.&amp;rsquo;
भाजपा के पूर्व मंत्री सुरेश कुमार ने मामले पर क्या कहा?
भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सुरेश कुमार ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से इस कदम को उचित नहीं बताया है. वहीं, राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर सभी विधायक मंदिर में जाकर क्रॉस वोटिंग से इनकार कर दें, तो पार्टी के लिए वास्तविक दोषियों की पहचान करना और भी मुश्किल हो सकता है. यही कारण है कि पार्टी के कई वरिष्ठ नेता इस प्रस्ताव को फिलहाल टालने की सलाह दे रहे हैं. ऐसे में अब सबकी निगाहें दिल्ली में होने वाली भाजपा नेतृत्व की बैठक और उसके बाद लिए जाने वाले फैसले पर टिकी हैं.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 10:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>क्रॉस, वोटिंग, के, झूठ, का, फैसला, करेंगे, भगवान, कर्नाटक, BJP, में, मंदिर, शपथ, पर, बवाल, दिल्ली, तलब, हुए, नेता</media:keywords>
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        <title>India Monsoon: मानसून फिर पकड़ेगा रफ्तार! इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी, खेती पर भी दिखेगा बड़ा असर</title>
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        <description><![CDATA[ भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक मानसून की उत्तरी सीमा फिलहाल हरनाई, सोलापुर, हैदराबाद, भद्राचलम, कोरापुट, फूलबनी, रांची, जमुई और मुजफ्फरपुर तक पहुंच चुकी है. &amp;nbsp;इसका मतलब है कि दक्षिण और पूर्वी भारत के बड़े हिस्से मानसून की चपेट में आ चुके हैं लेकिन उत्तर भारत दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान अब भी मानसून का इंतजार कर रहे हैं. गुजरात और मध्य भारत के कई हिस्सों में भी इसकी पहुंच अधूरी है.
मानसून ने इस साल केरल में हल्की देरी से एंट्री ली लेकिन असली चिंता उसके बाद सामने आई जब इसकी प्रगति अचानक धीमी पड़ गई. मौसम विज्ञान में इसे &amp;ldquo;मॉनसून ब्रेक&amp;rdquo; या &amp;ldquo;वीक फेज़&amp;rdquo; कहा जाता है. इसी वजह से सैटेलाइट तस्वीरों में बादलों का फैलाव कम नजर आया और कई इलाकों में बारिश अचानक घट गई यानी मॉनसून खत्म नहीं हुआ बल्कि उसका एक्टिव फेज कमजोर पड़ गया.

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23 जून के आसपास मिल सकता है अगला पुश
IMD के मुताबिक अब हालात फिर से अनुकूल हो रहे हैं और 23 जून के आसपास मानसून एक बार फिर तेजी पकड़ सकता है. इससे महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में मानसून आगे बढ़ने की संभावना है यानी अगले कुछ दिन मानसून की चाल तय करने वाले साबित हो सकते हैं. 19 से 25 जून के बीच पूर्वोत्तर भारत - असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश समेत कई राज्यों में व्यापक से लेकर बहुत भारी बारिश की चेतावनी है.
पूर्वी भारत में आंधी-बिजली का अलर्ट जारी
पूर्वी भारत में बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में भी भारी बारिश और आंधी-बिजली का अलर्ट जारी किया गया है. दक्षिण भारत में फिलहाल छिटपुट बारिश जारी है लेकिन 20 जून के बाद इसमें तेजी आ सकती है. &amp;nbsp;वहीं पश्चिम भारत में 22 जून के बाद कोंकण और गोवा में बारिश बढ़ने की उम्मीद है. &amp;nbsp;दूसरी तरफ उत्तर भारत-दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी यूपी में अभी मानसून नहीं पहुंचा है यहां सिर्फ प्री-मॉनसून गतिविधियां जैसे आंधी, बिजली और हल्की बारिश देखने को मिल रही हैं. इस साल एल नीनो को भी मानसून की कमजोरी से जोड़कर देखा जा रहा है. प्रशांत महासागर में पानी के गर्म होने से वैश्विक हवा के पैटर्न बदलते हैं जिससे भारत तक नमी पहुंचाने वाली हवाएं कमजोर हो सकती हैं हालांकि यह सीधे तौर पर बादलों को गायब नहीं करता लेकिन मानसून के कमजोर पड़ने की पृष्ठभूमि जरूर तैयार करता है.
खेती पर डबल मार -कहीं बाढ़, कहीं सूखा
IMD के बुलेटिन में सीधे फसल नुकसान का आंकड़ा नहीं दिया गया है लेकिन कृषि परामर्श से साफ संकेत मिलते हैं कि किसानों पर दो तरफा दबाव बन रहा है. जहां मानसून पहुंच चुका है जैसे असम, मेघालय, बिहार और पश्चिम बंगाल वहां भारी बारिश और जलभराव का खतरा है जिससे धान की नर्सरी प्रभावित हो सकती है. जहां मानसून अभी नहीं पहुंचा जैसे उत्तर भारत और कुछ मध्य-पश्चिमी इलाके वहां लू और सूखे की स्थिति बनी हुई है, जिससे सिंचाई लागत बढ़ रही है. आंधी और तेज हवा वाले इलाकों में कटी फसल को नुकसान का भी खतरा बना हुआ है.
खरीफ सीजन पर असर - बुवाई में देरी और बढ़ता जोखिम
खरीफ फसलें पूरी तरह मानसून पर निर्भर होती हैं, और अभी सबसे बड़ा असर बुवाई पर दिख रहा है. कई जगहों पर बुवाई टल गई है तो कहीं किसान सूखी मिट्टी में जोखिम लेकर बुवाई कर रहे हैं. इससे लागत बढ़ रही है और अगर बारिश की कमी बनी रहती है तो उत्पादन पर भी असर पड़ सकता है.
तीन हिस्सों में बंटी मानसून की कहानी
इस साल मानसून को तीन हिस्सों में समझा जा सकता है.पहले देरी से शुरुआत फिर बीच में ब्रेक और अब असमान असर जहां एक तरफ भारी बारिश है तो दूसरी तरफ सूखा. यही असंतुलन इस साल की सबसे बड़ी चुनौती बनता जा रहा है क्योंकि भारत में मानसून सिर्फ मौसम नहीं बल्कि खेती और अर्थव्यवस्था की रीढ़ है.
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        <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 10:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>लखनऊ अग्निकांडः घायल लोगों से मिलने KGMU पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, हादसे को लेकर क्या कहा?</title>
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        <description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित एक कोचिंग सेंटर में भीषण अग्निकांड में 15 लोगों की मौत के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सोमवार (22 जून, 2026) की रात अचानक लखनऊ पहुंचे. उन्होंने घटनास्थल पर पहुंचकर अधिकारियों से घटना के बारे में विस्तृत जानकारी ली और कोचिंग सेंटर में लगी आग की वजह से मरने वाले लोगों के परिजनों के प्रति दुख जताया है. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह घटना में घायल हुए लोगों से मिलने के लिए केजीएमयू पहुंचे और उनका हालचाल जाना.&amp;nbsp;
उन्होंने कहा कि यह एक बहुत दुर्भाग्यपूर्ण घटना है. मैं सभी शोक संतृप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस भीषण की विशेष जांच के लिए आदेश दे दिए हैं. जांच में घटना को लेकर जिसकी भी जिम्मेदारी पाई जाएगी. उसके खिलाफ जो भी जरूरी कार्रवाई होगी, वो की जाएगी.&amp;nbsp;&amp;nbsp;

#WATCH | Lucknow coaching institute fire incident | Defence Minister Rajnath Singh visits King George&#039;s Medical University (KGMU) and meets the injured of the fire incident.15 people lost their lives in the fire incident. pic.twitter.com/dSMb5b8IPm
&amp;mdash; ANI (@ANI) June 22, 2026






राजनाथ सिंह ने X पोस्ट कर जताई संवेदना

लखनऊ के अलीगंज इलाके में एक कोचिंग सेंटर में आग लगने से हुआ हादसा मन को व्यथित करने वाला है। इस कठिन घड़ी में मेरी संवेदनाएँ सभी शोकाकुल परिवारों के साथ हैं। इसके साथ ही मैं सभी घायलों के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं। प्रशासन राहत एवं बचाव कार्यों में तत्परता से&amp;hellip; pic.twitter.com/mDUKImqZf1
&amp;mdash; Rajnath Singh (@rajnathsingh) June 22, 2026



रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस घटना के बाद सोमवार शाम करीब साढ़े सात बजे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो पोस्ट किया. उन्होंने न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा, &amp;lsquo;लखनऊ के अलीगंज इलाके में एक कोचिंग सेंटर में आग लगने से हुआ हादसा मन को व्यथित करने वाला है. इस कठिन घड़ी में मेरी संवेदनाएं सभी शोकाकुल परिवारों के साथ हैं. इसके साथ ही, मैं सभी घायलों के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं. प्रशासन राहत और बचाव कार्यों में तत्परता से जुटा है और पीड़ितों को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है. मैं तुरंत लखनऊ प्रस्थान कर रहा हूं.&amp;rsquo;&amp;nbsp;

घायलों से मिलने अस्पताल पहुंचे रक्षा मंत्री&amp;nbsp;

Lucknow, Uttar Pradesh: On the coaching centre fire incident, Union Defence Minister Rajnath Singh says, &quot;This is a very unfortunate incident. I express my condolences, and a thorough investigation into the entire matter will be conducted, as the Chief Minister has directed.&quot; pic.twitter.com/YWo228I3jm
&amp;mdash; IANS (@ians_india) June 22, 2026



रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भारतीय वायु सेना के विमान से लखनऊ पहुंचे. इसके बाद वह सीधे अलीगंज इलाके में आग लगने वाली जगह पर पहुंचे और अधिकारियों के पूरी घटना की जानकारी ली. घटनास्थल पर स्थिति का निरीक्षण करने के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह राजधानी लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) पहुंचे और कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग की वजह से घायल लोगों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना, डॉक्टरों से उनकी स्थिति की जानकारी ली और उनके जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना की.
यह भी पढ़ेंः Lucknow Fire: कोचिंग सेंटर में 15 स्टूडेंट्स की मौत पर आया राहुल गांधी का रिएक्शन, जानें क्या कहा? ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 10:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>लखनऊ, अग्निकांडः, घायल, लोगों, से, मिलने, KGMU, पहुंचे, रक्षा, मंत्री, राजनाथ, सिंह, हादसे, को, लेकर, क्या, कहा</media:keywords>
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        <title>हैदराबाद के कपरा में मुस्लिम लड़के को पाकिस्तानी कहने पर विवाद, सोसाइटी सेक्रेटरी ने बिना शर्त मांगी माफी</title>
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        <description><![CDATA[ तेलंगाना में भड़काऊ बयानों को सार्वजनिक रूप से वापस लेने की यह पहली अहम घटना है. दरअसल, हैदराबाद के बाहरी इलाके कपरा में जनप्रिया लेक फ्रंट सोसाइटी की मैनेजिंग कमेटी के सेक्रेटरी मनोज कुमार ने पिछले मंगलवार (16 जून, 2026) को एक मुस्लिम लड़के से बिना शर्त माफी मांगी.
उन्होंने एक सिविक मुद्दे पर हुई तीखी बहस के दौरान उस लड़के को पाकिस्तानी कहा था. यह माफी तब मांगी गई जब समुदाय के लोगों ने दखल दिया और स्थानीय पुलिस ने सुलह की कोशिशें शुरू कीं. यह घटना रिहायशी इलाकों में तुरंत जवाबदेही और शांतिपूर्ण तरीके से विवाद सुलझाने का एक दुर्लभ उदाहरण है.
विवाद के पीछे का क्या था कारण?
जानकारी के अनुसार, कोडंगल की रहने वाली शेख नसीमा कापरा में जनप्रिय लेक फ्रंट अपार्टमेंट में रहती हैं. खराब सेहत की वजह से उनके रिश्तेदार का बेटा नदीम उनकी देखभाल के लिए हैदराबाद आ गया. इसी बीच, नसीमा के छोटे बेटे की दोस्त प्राची भी जरूरी वजहों से उनके घर में रहने लगी. पड़ोसियों ने प्राची के अपनी पालतू बिल्लियों को बालकनी में रखने पर ऐतराज जताया, जिसके बाद झगड़ा बढ़ गया.&amp;nbsp;

A disturbing incident at Janapriya LakeView Apartments under Malkajgiri police limits. Muslim Boy threatened, called &#039;Pakistani&#039; in Malkajgiri. The accused continued threatening the boy even in the presence of police personnel. Hope @TelanganaDGP and @MalkajgiriCop take swift&amp;hellip; pic.twitter.com/X6ax23qAoa
&amp;mdash; Mohammed Zubair (@zoo_bear) June 18, 2026



विवाद के बाद सोसायटी सेक्रेटरी ने क्या कहा?
इस विवादित घटना पर गहरा अफसोस जताते हुए सोसाइटी सेक्रेटरी ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी. उन्होंने कहा कि उनके शब्द पूरी तरह से अनजाने में और अचानक गुस्से में निकले थे. मनोज ने कहा, &amp;lsquo;मैं उन सभी लोगों से माफी मांगता हूं जिन्हें मेरी बातों से दुख पहुंचा है. मैं उस युवा लड़के से भी दिल से माफी मांगता हूं. मेरे शब्द जानबूझकर नहीं कहे गए थे.&amp;rsquo;
उन्होंने मुस्लिम समुदाय के प्रति अपने लंबे समय से चले आ रहे सम्मान पर भी जोर दिया और बताया कि उनके ज्यादातर किरायेदार इसी समुदाय से हैं और उनका मकसद कभी भी उनका या उनकी धार्मिक आस्था का अपमान करना नहीं था.&amp;nbsp;

मामले को लेकर स्थानीय पुलिस इंस्पेक्टर ने क्या कहा?
मामले की गहराई से जांच करने पर स्थानीय रिपोर्टों से पता चला कि बहस शुरू में रिहायशी परिसर के अंदर पार्किंग और रखरखाव जैसे छोटे से सिविक मुद्दे पर शुरू हुई थी, जो जल्द ही तीखी बहस में बदल गई. कानून-व्यवस्था बिगड़ने से रोकने के लिए तनावपूर्ण स्थिति की जानकारी तुरंत स्थानीय अधिकारियों को दी गई. कपरा पुलिस इंस्पेक्टर प्रभाकर रेड्डी ने पुष्टि की कि दोनों पक्षों को औपचारिक काउंसलिंग के लिए स्थानीय पुलिस स्टेशन बुलाया गया था.
इंस्पेक्टर रेड्डी ने कहा, &amp;lsquo;हमें भड़काऊ बयानों के बारे में शिकायत मिली और हमने तुरंत सेक्रेटरी को बुलाया. अच्छी तरह से काउंसलिंग के बाद, उन्हें अपनी गलती का एहसास हुआ और उन्होंने लिखित रूप में बिना शर्त माफी मांगी. हमने बिना कोई औपचारिक आपराधिक मामला दर्ज किए मामले को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझा लिया है.&amp;rsquo;
यह घटना दक्षिणी राज्य में एक बहुत ही महत्वपूर्ण मिसाल कायम करती है, जहां भड़काऊ बयानों के कारण अक्सर तुरंत सुलह के बजाय लंबी कानूनी लड़ाई होती है. स्थानीय पुलिस अधिकारियों के त्वरित हस्तक्षेप और उसके बाद सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की निवासियों ने काफी सराहना की है, जिससे हाउसिंग सोसाइटी में सांप्रदायिक सद्भाव बहाल हो गया है.
युवक और उसके परिवार ने औपचारिक माफी को स्वीकार कर लिया है. समुदाय के नेताओं का मानना है कि खुली बातचीत और सख्त जवाबदेही का यह तरीका इसी तरह के विवादों को सुलझाने के लिए एक मॉडल के रूप में काम करना चाहिए, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि रिहायशी इलाकों में होने वाली छोटी-मोटी बहसें भविष्य में बड़े सांप्रदायिक तनाव का रूप न लें.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ेंः लखनऊ अग्निकांड में अब तक 15 बच्चों की मौत, राष्ट्रपति ने जताया दुख, जानें खड़गे ने क्या कहा ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 10:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>हैदराबाद, के, कपरा, में, मुस्लिम, लड़के, को, पाकिस्तानी, कहने, पर, विवाद, सोसाइटी, सेक्रेटरी, ने, बिना, शर्त, मांगी, माफी</media:keywords>
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        <title>शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद किसे &amp;apos;नकली हिंदू&amp;apos; कह रहे हैं?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/शंकराचार्य-अविमुक्तेश्वरानंद-किसे-नकली-हिंदू-कह-रहे-हैं</link>
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        <description><![CDATA[ शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद किसे &#039;नकली हिंदू&#039; कह रहे हैं? ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 14:30:12 +0530</pubDate>
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        <title>ज़मीन के विवाद में महिला वकील के भाई को गोली मारी गई, घटना CCTV में कैद हुई।</title>
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        <description><![CDATA[ ज़मीन के विवाद में महिला वकील के भाई को गोली मारी गई, घटना CCTV में कैद हुई। ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 14:30:10 +0530</pubDate>
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        <title>धुआँ चिंताजनक है—नोएडा की एक फ़ैक्टरी में ज़बरदस्त आग लगी है!</title>
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        <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 14:30:09 +0530</pubDate>
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        <title>TMC का रामेंदु इसलिए बच गया क्योंकि वह पुलिस के साथ था, अगर वह अकेला होता, तो जनता उसके साथ क्या करती?</title>
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        <description><![CDATA[ TMC का रामेंदु इसलिए बच गया क्योंकि वह पुलिस के साथ था, अगर वह अकेला होता, तो जनता उसके साथ क्या करती? ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 14:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>TMC, का, रामेंदु, इसलिए, बच, गया, क्योंकि, वह, पुलिस, के, साथ, था, अगर, वह, अकेला, होता, तो, जनता, उसके, साथ, क्या, करती</media:keywords>
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        <title>रोहिणी आचार्य ने फादर्स डे पर यह खास वीडियो क्यों शेयर किया?</title>
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        <description><![CDATA[ रोहिणी आचार्य ने फादर्स डे पर यह खास वीडियो क्यों शेयर किया? ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 14:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>NEET Re&amp;Exam: ‘जमीन पर नहीं, सिर्फ कागजों पर मौजूद सारी व्यवस्थाएं’, दिल्ली में कूलिंग जोन की व्यवस्था पर अभिभावकों ने जताई नाराजगी</title>
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        <description><![CDATA[ नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की ओर से रविवार (21 जून, 2026) को आयोजित किए गए नीट यूजी 2026 के रि-एग्जाम के लिए राष्ट्रीय राजधानी में कुल 97 एग्जाम सेंटर बनाए गए, जिसके बाहर दिल्ली सरकार की तरफ से अभ्यर्थियों के परिजनों के लिए कूलिंग जोन भी बनाए गए, ताकि जो अभिभावक अपने बच्चों को एग्जाम सेंटर पर छोड़ने के बाद वहीं रुक जाएं, तो उन्हें इस भीषण गर्मी के बीच छायादार और हवादार बैठने की जगह मिल सके, लेकिन कई अभिभावकों का कहना है कि यह कूलिंग जोन सिर्फ नाम के ही नजर आए.
परीक्षा देने आए अभ्यर्थियों के अभिभावकों ने कहा कि कूलिंग जोन में सिर्फ नाम का ही था, लोग कूलिंग जोन को छोड़कर आसपास लगे बड़े पेड़ों के नीचे और अन्य जगहों पर छांव में बैठने को मजबूर हुए, क्योंकि कूलिंग जोन में लगाए गए कूलर की मोटर नहीं चल रहे, टूटे कूलर लगाए गए, उनमें पानी तक नहीं भरा गया. ऐसे में कूलिंग जोन वार्म जोन बन गया.
दिल्ली सरकार ने कूलिंग जोन को लेकर किया दावा
दिल्ली सरकार की तरफ से दावा किया गया था कि हर कूलिंग जोन में पीने के लिए ठंडा पानी, चाय, शिकंजी के साथ ओआरएस की व्यवस्था की गई. इसके साथ शौचालय की व्यवस्था भी की गई है, लेकिन परीक्षार्थियों के परिजनों ने इन दावों पर सवाल खड़े किए.

VIDEO | NEET-UG re-exam: Delhi Education Minister Ashish Sood says, &quot;We have arranged cooling zones at around 100 centers so that families coming from far away can sit without any anxiety or problems.&quot; pic.twitter.com/wnqvuBIaz3
&amp;mdash; Press Trust of India (@PTI_News) June 21, 2026



परीक्षार्थियों के परिजनों ने व्यवस्था पर जताई नाराजगी
जबकि दिल्ली के पुष्प विहार के सेक्टर-3 स्थित केंद्रीय विद्यालय के बाहर बने कूलिंग जोन को लेकर परीक्षार्थियों के अभिभावकों ने कहा कि यहां बेसिक फेसिलिटीज का अभाव है. वाटर कूलर लगाया गया, लेकिन वो खराब है. पीने के लिए ठंडा पानी नहीं मिला. कूलर भी खराब था और गर्म हवा फेंक रहा है, क्योंकि उसमें पानी नहीं भरा गया.&amp;nbsp;

Delhi: At Kendriya Vidyalaya, Sector 3, Pushp Vihar, where NEET re-exam is being conducted, a parent pointing out at lack of basic facilities says, &quot;First of all, there should be water here, but there has been no drinking water available since I arrived. Neither lemon water nor&amp;hellip; pic.twitter.com/w6D8vQy0NR
&amp;mdash; IANS (@ians_india) June 21, 2026



इसके अलावा, अगर किसी को उपचार की जरुरत हो, तो उसके लिए स्वास्थ्य डेस्क तो बनाया गया, लेकिन न तो वहां कोई दवा नजर आई और न ही डॉक्टर दिखाई दिए. इतना ही नहीं, शौचालय भी बहुत गंदा था और लोग पेड़ के छाव में बैठने के लिए मजबूर हुए.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ेंः NEET Re-Exam: दीवार फांदने के बाद भी नहीं मिली एग्जाम सेंटर में एंट्री, कुछ मिनटों की देरी से छात्राओं की छूटी परीक्षा ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 02:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>NEET, Re-Exam:, ‘जमीन, पर, नहीं, सिर्फ, कागजों, पर, मौजूद, सारी, व्यवस्थाएं’, दिल्ली, में, कूलिंग, जोन, की, व्यवस्था, पर, अभिभावकों, ने, जताई, नाराजगी</media:keywords>
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    <item>
        <title>राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में भड़की VHP, सरकार से कर दी बड़ी मांग,  कहा &amp; ‘दोषियों को...’</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/राम-मंदिर-चढ़ावा-चोरी-मामले-में-भड़की-vhp-सरकार-से-कर-दी-बड़ी-मांग-कहा-दोषियों-को</link>
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        <description><![CDATA[ अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले को लेकर विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने रविवार (21 जून, 2026) को बड़ी मांग रखी है. उन्होंने कथित अनियमितताओं की जांच को लेकर कहा कि इस मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए. इसके साथ, जो भी इस मामले में दोषी पाया जाए, उसे कानून के मुताबिक कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए.
मामले पर क्या बोले VHP के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष?
न्यूज एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में वीएचपी के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा, &amp;lsquo;अभी इस मामले की जांच जारी है, तो हमें जांच के नतीजों का इंतजार किया जाना चाहिए और किसी की भी प्रतिष्ठा को खराब करने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए.&amp;rsquo; उन्होंने कहा, &amp;lsquo;राम मंदिर के लिए करोड़ों की संख्या में परिवारों ने धन दान किया है और यह दान पुण्य का धन है.&amp;rsquo;
उन्होंने आगे कहा, &amp;lsquo;मैं इस बात से संतुष्ट हूं कि जैसे ही इस मामले को लेकर आरोप लगाए जाने लगे, वैसे ही श्री राम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक पत्र लिखकर जांच के लिए एक एसआईटी (SIT) गठित करने का आग्रह किया.&amp;rsquo;&amp;nbsp;

चंपत राय सबसे पहले SIT के सामने हुए पेश- आलोक कुमार
आलोक कुमार ने कहा, &amp;lsquo;एसआईटी की टीम अयोध्या पहुंच चुकी है. चंपत राय सबसे पहले एसआईटी के सामने पेश हुए और उन्होंने कहा कि महासचिव होने के नाते यह उनकी पहली जिम्मेदारी है. हम चाहते हैं कि इस मामले में गहनता से जांच की जाए, न कि सिर्फ सहानुभूति के आधार पर.&amp;rsquo;
उन्होंने कहा कि कानून के मुताबिक उन सभी को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए, जिसने किसी भी अपराध को अंजाम दिया है, फिर चाहे वो विश्वासघात हो या लापरवाही. उसकी पहचान की जानी चाहिए, फिर चाहे वो कोई भी हो, लेकिन जांच की रिपोर्ट आने से पहले किसी को भी सबकी छवि खराब करने का हक नहीं है.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ेंः NEET Re-Exam: &amp;lsquo;जमीन पर नहीं, सिर्फ कागजों पर मौजूद सारी व्यवस्थाएं&amp;rsquo;, दिल्ली में कूलिंग जोन की व्यवस्था पर अभिभावकों ने जताई नाराजगी ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 02:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>राम, मंदिर, चढ़ावा, चोरी, मामले, में, भड़की, VHP, सरकार, से, कर, दी, बड़ी, मांग, कहा, ‘दोषियों, को...’</media:keywords>
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    <item>
        <title>नीट परीक्षा देने गलत सेंटर पर पहुंच गया छात्र, पुलिसकर्मी बना मददगार, बाइक से टाइम पर सही केंद्र पहुंचाया</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/नीट-परीक्षा-देने-गलत-सेंटर-पर-पहुंच-गया-छात्र-पुलिसकर्मी-बना-मददगार-बाइक-से-टाइम-पर-सही-केंद्र-पहुंचाया</link>
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        <description><![CDATA[ तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के त्रिमुलघेरी इलाके में नीट-यूजी 2026 के री-एग्जामिनेशन के दौरान एक अभ्यर्थी सैयद मोहम्मद हसन हाशमी गलती से अपने निर्धारित केंद्र के बजाय केंद्रीय विद्यालय, त्रिमुलघेरी पहुंच गए. यह घटना रविवार (21 जून, 2026) की सुबह परीक्षा शुरू होने से कुछ देर पहले की है, जब उन्हें अपनी भूल का एहसास हुआ.
त्रिमुलघेरी पुलिस स्टेशन के पुलिस कांस्टेबल मदन ने तुरंत मामले में संज्ञान लिया और अभ्यर्थी को अपनी बाइक पर बिठाकर उनके सही केंद्र केवी बोलारम पहुंचाया, जिससे वे समय पर परीक्षा में शामिल हो सके. अभ्यर्थी के पिता और आसपास के लोगों ने पुलिसकर्मी की इस त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई की सराहना की है.
गलती का एहसास होने के बाद अभिभावक ने पुलिस से मांगी मदद
जानकारी के अनुसार, सैयद मोहम्मद हसन हाशमी नीट परीक्षा देने के लिए निकले थे, लेकिन भीड़-भाड़ और परीक्षा केंद्रों की समानता के चलते वह गलती से केंद्रीय विद्यालय, त्रिमुलघेरी पहुंच गए. जबकि उनका निर्धारित केंद्र केवी, बोलारम था. जब उन्हें यह भूल समझ में आई, तो वह काफी परेशान हो गए और उन्होंने मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी मदन से मदद मांगी. त्रिमुलघेरी पुलिस स्टेशन के पुलिस कांस्टेबल मदन ने बिना देरी किए अभ्यर्थी को अपनी बाइक पर बिठाया और उन्हें सही केंद्र केवी, बोलारम पहुंचाया, जिससे वह परीक्षा शुरू होने से पहले ही अपने केंद्र पर पहुंच गए और उन्होंने अपनी परीक्षा सुचारू रूप से दी.&amp;nbsp;

Delhi: At Kendriya Vidyalaya, Sector 3, Pushp Vihar, where NEET re-exam is being conducted, a parent pointing out at lack of basic facilities says, &quot;First of all, there should be water here, but there has been no drinking water available since I arrived. Neither lemon water nor&amp;hellip; pic.twitter.com/w6D8vQy0NR
&amp;mdash; IANS (@ians_india) June 21, 2026



अभ्यर्थी के पिता ने पुलिसकर्मी का जताया आभार
इस घटना के बाद अभ्यर्थी के पिता ने पुलिसकर्मी मदन का आभार व्यक्त किया और कहा कि अगर वह समय पर अपने सही केंद्र नहीं पहुंच पाते, तो उनके बेटे का एक साल बर्बाद हो जाता. उन्होंने पुलिस की इस संवेदनशीलता और तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे समय में पुलिसकर्मियों की मदद अमूल्य होती है. आसपास के लोगों ने भी पुलिसकर्मी मदन के इस कदम की सराहना की और कहा कि यह पुलिस और आम जनता के बीच बेहतर तालमेल का उदाहरण है.
त्रिमुलघेरी पुलिस स्टेशन के पुलिस कांस्टेबल मदन ने कहा, &amp;lsquo;मेरा कर्तव्य था कि अभ्यर्थी को समय पर उसके परीक्षा केंद्र तक पहुंचाया जाए. नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में किसी भी अभ्यर्थी को गलत केंद्र के कारण वंचित नहीं होना चाहिए. मैंने बस अपनी जिम्मेदारी निभाई.&amp;rsquo; उन्होंने आगे कहा कि पुलिस हमेशा जनता की मदद के लिए तत्पर है और ऐसी स्थितियों में हर पुलिसकर्मी वैसा ही व्यवहार करेगा.
यह भी पढ़ेंः NEET Re-Exam: &amp;lsquo;जमीन पर नहीं, सिर्फ कागजों पर मौजूद सारी व्यवस्थाएं&amp;rsquo;, दिल्ली में कूलिंग जोन की व्यवस्था पर अभिभावकों ने जताई नाराजगी ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 02:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>नीट, परीक्षा, देने, गलत, सेंटर, पर, पहुंच, गया, छात्र, पुलिसकर्मी, बना, मददगार, बाइक, से, टाइम, पर, सही, केंद्र, पहुंचाया</media:keywords>
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        <title>फादर्स डे पर पिता को लगा दोहरा आघात, मां ने दो मासूम बेटों को दिया जहर, तेलंगाना में दिल दहला देने वाली घटना</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/फादर्स-डे-पर-पिता-को-लगा-दोहरा-आघात-मां-ने-दो-मासूम-बेटों-को-दिया-जहर-तेलंगाना-में-दिल-दहला-देने-वाली-घटना</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/फादर्स-डे-पर-पिता-को-लगा-दोहरा-आघात-मां-ने-दो-मासूम-बेटों-को-दिया-जहर-तेलंगाना-में-दिल-दहला-देने-वाली-घटना</guid>
        <description><![CDATA[ तेलंगाना के खम्मम जिले के गांधीनगर इलाके में रविवार (21 जून, 2026) को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां 35 वर्षीय स्वाति ने कथित तौर पर अपने दो बेटों, 7 वर्षीय वेदिक कुमार और पांच वर्षीय तनिष्क को चूहा मारने की दवा पिलाकर उनकी हत्या कर दी और फिर खुद भी वही जहरीला पदार्थ खा लिया. यह घटना शनिवार (20 जून, 2026) की शाम करीब 7 बजे खम्मम शहर के पंपिंग वेल रोड स्थित उनके किराये के मकान में तब घटी, जब पति-पत्नी के बीच पारिवारिक विवाद चरम पर था.
दोनों बच्चों को स्थानीय लोगों ने तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया, जबकि स्वाति की हालत गंभीर बनी हुई है और वह जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है. इस दुखद घटना ने पूरे इलाके में मातम पैदा कर दिया है, खासकर फादर्स डे के पावन अवसर पर पिता को अपनी दोनों संतानों को एक साथ खोने का गहरा सदमा सहना पड़ा है.
पति-पत्नी के बीच चल रहा था विवाद, मां ने उठाया बड़ा कदम
पुलिस के अनुसार, स्वाति और उसके पति गोपाल लिंगराजू, जो मूल रूप से खम्मम ग्रामीण मंडल के गुर्रालापाडू गांव के निवासी हैं, पिछले दो सालों से गांधीनगर में किराये के मकान में रह रहे थे. लिंगराजू पाल व्यापार के साथ-साथ एक मोबाइल दुकान पर काम करता है. पिछले कुछ समय से दंपति के बीच गुर्रालापाडू वापस जाने को लेकर तीखा विवाद चल रहा था.&amp;nbsp;
परिवार के बड़ों ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन स्वाति ने वापस जाने से साफ इनकार कर दिया, जिससे तनाव और बढ़ गया. इसी विवाद के चलते शनिवार (20 जून, 2026) की शाम को उसने कथित तौर पर एक कोल्ड ड्रिंक में चूहा मारने की दवा मिलाई और अपने दोनों बेटों को पिला दी, इसके बाद उसने खुद भी वही जहरीला पेय पी लिया.&amp;nbsp;
मामले पर तेलंगाना पुलिस ने क्या कहा?

खम्मम थ्री-टाउन पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में पारिवारिक विवाद ही इस घटना का मूल कारण प्रतीत होता है. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि हमने मामला दर्ज कर लिया है और सभी पहलुओं से जांच कर रहे हैं. अभी तक मृत बच्चों के पिता का बयान दर्ज नहीं किया गया है. स्वाति की हालत नाजुक बनी हुई है, उसके होश में आने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी. पुलिस ने बताया कि आस-पड़ोस के लोगों ने जहर खाने के बाद परिवार को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक बच्चों की जान निकल चुकी थी.
फादर्स डे के दिन परिवार पर गिरा पहाड़
यह घटना खम्मम शहर के गांधीनगर इलाके में हुई है, जो थ्री टाउन पुलिस स्टेशन की सीमा में आता है. पड़ोसियों ने बताया कि दंपति के बीच अक्सर झगड़े होते रहते थे, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि मामला इतना भयानक रूप ले लेगा. स्थानीय लोगों ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और प्रशासन से ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है.
पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है और आत्महत्या के नोट की तलाश भी कर रही है, हालांकि अभी तक कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है. फादर्स डे के दिन दोनों बच्चों की मौत ने पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ गिर गया है और समाज में एक बार फिर मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक विवादों के समाधान की गंभीर आवश्यकता पर बहस छेड़ दी है.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ेंः नीट परीक्षा देने गलत सेंटर पर पहुंच गया छात्र, पुलिसकर्मी बना मददगार, बाइक से टाइम पर सही केंद्र पहुंचाया ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 02:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>फादर्स, डे, पर, पिता, को, लगा, दोहरा, आघात, मां, ने, दो, मासूम, बेटों, को, दिया, जहर, तेलंगाना, में, दिल, दहला, देने, वाली, घटना</media:keywords>
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    <item>
        <title>‘मूर्खों की जमात...’, कोलकाता में सड़क का नाम बदलने पर गरमाई सियासत, CM शुभेंदु के बयान पर कांग्रेस का पलटवार</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/मूर्खों-की-जमात-कोलकाता-में-सड़क-का-नाम-बदलने-पर-गरमाई-सियासत-cm-शुभेंदु-के-बयान-पर-कांग्रेस-का-पलटवार</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/मूर्खों-की-जमात-कोलकाता-में-सड़क-का-नाम-बदलने-पर-गरमाई-सियासत-cm-शुभेंदु-के-बयान-पर-कांग्रेस-का-पलटवार</guid>
        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार (20 जून, 2026) को कोलकाता नगर निगम (KMC) की तरफ से शहर के एक प्रमुख सड़क सुहरावर्दी एवेन्यू का नाम बदलकर गोपाल मुखर्जी रोड किए जाने के फैसले का स्वागत किया है, जिसके बाद कांग्रेस ने कोलकाता नगर निगम के इस फैसले पर पलटवार करते हुए बीजेपी और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पर निशाना साधा है.
पवन खेड़ा ने भाजपा पर साधा निशाना
भाजपा पर निशाना साधते हुए कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने रविवार (21 जून, 2026) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर किया है. उन्होंने कहा, &amp;lsquo;मूर्खों की जमात है यह भाजपाइयों की. हसन सुहरावर्दी और हुसैन सुहरावर्दी में फर्क ही नहीं पता इन जाहिलों को.&amp;rsquo;&amp;nbsp;

मूर्खों की जमात है यह भाजपाइयों की। हसन सुहरावर्दी और हुसैन सुहरावर्दी में फ़र्क़ ही नहीं पता इन जाहिलों को। https://t.co/DR8GXy93Ly
&amp;mdash; Pawan Khera ???????? ಪವನ್ ಖೇರಾ (@Pawankhera) June 21, 2026



राजनीतिक विज्ञान आपको ये बात नहीं सिखाता- जयराम 
वहीं, कांग्रेस के राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने कहा, &amp;lsquo;हसन सुहरावर्दी, जिनके नाम पर इस सड़क का नाम रखा गया था, वो कलकत्ता यूनिवर्सिटी के कुलपति (वाइस चांसलर) थे. उनके बाद श्यामा प्रसाद मुखर्जी कुलपति बने थे, जबकि श्यामा प्रसाद मुखर्जी के पिता सर आशुतोष मुखर्जी उनसे कुछ साल पहले इस पद पर रह चुके थे, लेकिन पूरा राजनीतिक विज्ञान आपको इस तरह की बातें नहीं सिखाता है.&amp;rsquo;

Hassan Suhrawardy after whom the road was named was Vice Chancellor of Calcutta Univ. Syamaprasad Mookerjee had succeeded him while SPM&amp;rsquo;s father Sir Ashustosh Mookerjee had preceded him by some years. But Entire Political Science doesnt teach you such stuff. https://t.co/m3x8WTknCf
&amp;mdash; Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) June 21, 2026



सड़क का नाम बदलने पर क्या बोले बंगाल के मुख्यमंत्री?

आईएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कोलकाता नगर निगम के अंतर्गत आने वाले सड़क के नाम बदलने को ऐतिहासिक भूल को सुधारने वाला कदम करार दिया है.&amp;nbsp;मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इसे लेकर X प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट शेयर किया. उन्होंने कहा कि कोलकाता नगर निगम की तरफ से लिया गया यह ऐतिहासिक फैसला न्यायपूर्ण और समायोचित है. दशकों तक शहर की एक महत्वपूर्ण सड़क का नाम ऐसे व्यक्ति के नाम पर रहा, जिस पर सत्ता का दुरुपयोग कर राजनीतिक लाभ के लिए निर्दोष नागरिकों के नरसंहार को बढ़ावा देने के आरोप लगते रहे हैं.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ेंः फादर्स डे पर पिता को लगा दोहरा आघात, मां ने दो मासूम बेटों को दिया जहर, तेलंगाना में दिल दहला देने वाली घटना ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 02:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>‘मूर्खों, की, जमात...’, कोलकाता, में, सड़क, का, नाम, बदलने, पर, गरमाई, सियासत, शुभेंदु, के, बयान, पर, कांग्रेस, का, पलटवार</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>Congress vs Tharoor: मोदी की तारीफ पर कांग्रेस के वार पर घिरे शशि थरूर का पलटवार, कहा, &amp;apos;मैंने कुछ गढ़ा नहीं...&amp;apos; </title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/congress-vs-tharoor-मोदी-की-तारीफ-पर-कांग्रेस-के-वार-पर-घिरे-शशि-थरूर-का-पलटवार-कहा-मैंने-कुछ-गढ़ा-नहीं</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/congress-vs-tharoor-मोदी-की-तारीफ-पर-कांग्रेस-के-वार-पर-घिरे-शशि-थरूर-का-पलटवार-कहा-मैंने-कुछ-गढ़ा-नहीं</guid>
        <description><![CDATA[ Tharoor Hits Back: कांग्रेस सांसद शशि थरूर और उनकी ही पार्टी के बीच शुरू हुआ नया विवाद अब खुलकर सामने आ गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जी-7 शिखर सम्मेलन में कथित तौर पर उठाए गए एक मुद्दे का जिक्र करने पर कांग्रेस नेतृत्व ने थरूर को निशाने पर लिया, तो थरूर ने सोशल मीडिया पर लंबा जवाब देकर अपनी स्थिति स्पष्ट की है.
विवाद की शुरुआत उस बयान से हुई जिसमें थरूर ने कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी ने युद्ध और संघर्ष के दौरान कॉमर्शियल जहाजों पर काम करने वाले नागरिक नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा मजबूती से उठाया. कांग्रेस ने इसे मोदी के प्रति &quot;अत्यधिक प्रशंसा&quot; के रूप में देखा और सवाल उठाए.

My senior colleague Dr Shashi Tharoor&#039;s admiration for PM Modi appears to have transcended the limitations of the physical world. He now seems capable of hearing what Modi doesn&#039;t even say.According to the official MEA readout of the Modi&amp;ndash;Trump meeting on the sidelines of the&amp;hellip; pic.twitter.com/6U7BFRxAgZ
&amp;mdash; Pawan Khera ???????? ಪವನ್ ಖೇರಾ (@Pawankhera) June 20, 2026



कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने तंज कसते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि शशि थरूर की प्रधानमंत्री मोदी के प्रति प्रशंसा अब वास्तविक दुनिया से भी आगे निकल गई है और वह अब वे बातें भी सुनने लगे हैं जो प्रधानमंत्री ने कही ही नहीं.
इस आलोचना के बाद थरूर ने एक्स पर विस्तृत प्रतिक्रिया दी. उन्होंने साफ किया कि उन्होंने प्रधानमंत्री के शब्दों को गढ़ा नहीं, बल्कि उन रिपोर्टों का संदर्भ दिया था जो व्यापक रूप से प्रकाशित हो चुकी थीं.
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थरूर ने लिखा, &quot;जो लोग मानते हैं कि मैंने वे शब्द &#039;सुने&#039; जो नरेंद्र मोदी ने जी-7 में कभी कहे ही नहीं, मैं केवल उन व्यापक रूप से प्रकाशित रिपोर्टों का उल्लेख कर रहा था जिनमें उनकी टिप्पणियों का जिक्र था. मैं व्यापक रूप से पढ़ता हूं और जो पढ़ता हूं उसे याद रखता हूं. अपने पूरे जीवन में मुझ पर कभी भी तथ्यों या बयानों को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप नहीं लगा और मैं उन रिपोर्टों के अपने सारांश पर कायम हूं.&quot;

For those who believe I &amp;ldquo;heard&amp;rdquo; words that @narendramodi never said at the G-7, I was merely alluding to widely published reports about his remarks. If you want to hear a report, here&amp;rsquo;s one:https://t.co/dWkVwhWY0NOtherwise this was Google Gemini&amp;rsquo;s summary:&amp;ldquo;At the G7&amp;hellip;
&amp;mdash; Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) June 20, 2026



अपने पोस्ट में थरूर ने एक वीडियो लिंक और एआई प्लेटफॉर्म गूगल जेमिनी द्वारा तैयार सारांश का भी हवाला दिया. इसके अनुसार जी-7 आउटरीच सत्र में प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक समुद्री मार्गों की सुरक्षा और नागरिक नाविकों की रक्षा का मुद्दा उठाया था.
थरूर ने विशेष रूप से उस घटना का उल्लेख किया जिसमें ओमान की खाड़ी में तीन भारतीय नाविकों की मौत हुई थी. उन्होंने कहा कि उनका बयान केवल भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और सिद्धांतों की रक्षा से जुड़ा था, न कि किसी राजनीतिक दल के समर्थन से.
उन्होंने लिखा, &quot;मुझे यह असाधारण लगता है कि भारतीय नागरिक नाविकों की सुरक्षा से जुड़े एक बयान को पक्षपातपूर्ण राजनीतिक विवाद में बदल दिया गया. तीन भारतीयों ने अपनी जान गंवाई. मेरी टिप्पणी हमारे नागरिकों की सुरक्षा और इस सिद्धांत के बारे में थी कि नागरिक नाविक कभी भी सैन्य कार्रवाई का लक्ष्य नहीं होने चाहिए.&quot;
थरूर यहीं नहीं रुके. उन्होंने आगे कहा, &quot;अगर कुछ लोग इस चिंता का समाधान करने के बजाय राजनीतिक अंक बटोरने में अधिक रुचि रखते हैं, तो यह मेरे बारे में नहीं बल्कि उनके बारे में अधिक बताता है.&quot;
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        <pubDate>Sun, 21 Jun 2026 10:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Congress, Tharoor:, मोदी, की, तारीफ, पर, कांग्रेस, के, वार, पर, घिरे, शशि, थरूर, का, पलटवार, कहा, मैंने, कुछ, गढ़ा, नहीं... </media:keywords>
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        <title>डेढ़ लाख सीसीटीवी, 50 हजार+ जैमर, हर परीक्षा केंद्र पर 50 सुरक्षाकर्मी... नीट परीक्षा के लिए NTA ने क्या&amp;क्या किए इंतजाम, जानें पूरी डिटेल</title>
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        <description><![CDATA[ राष्ट्रीय टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने देशभर में रविवार (21 जून, 2026) को होने वाले नीट यूजी 2026 की दोबारा परीक्षा के लिए अपनी पूरी तैयारी कर ली है. परीक्षा की पूर्व संध्या यानी शनिवार (20 जून, 2026) को राष्ट्रीय टेस्टिंग एजेंसी ने आधिकारिक रूप से बयान जारी कर पूरी तैयारियां की जानकारी साझा की है. एनटीए ने कहा कि हमने निष्पक्ष, सुरक्षित और कैंडिडेट-फ्रेंडली परीक्षा का आयोजन सुनिश्चित करने के लिए व्यापक रूप से तैयारियां कर ली हैं.
एनटीए ने बताया कि रविवार (21 जून, 2026) को यह परीक्षा देशभर के 551 शहरों में स्थित 5,440 सेंटरों और विदेशों में स्थित 14 एग्जाम सेंटर्स पर आयोजित होने वाली है. परीक्षा को अंग्रेजी के साथ-साथ 12 भारतीय भाषाओं में भी आयोजित किया जा रहा है.
परीक्षा के लिए NTA ने क्या-क्या की तैयारियां?
NTA ने जारी आधिकारिक बयान में पूरी तैयारियों का खाका साझा किया है. इसमें बताया गया कि परीक्षा 95,000 से ज्यादा सेंटरों पर आयोजित होगी, जो पूरी तरह से सीसीटीवी से लैस हैं. परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षित माहौल निर्माण और निगरानी के लिए कुल 1,38,560 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी निगरानी राष्ट्रीय, राज्य और मंत्रालय स्तर पर वर्चुअल माध्यम से की जा रही है.
इसके साथ, इलेक्ट्रॉनिक गड़बड़ियों और नकल की कोशिशों को रोकने के लिए 51,311 जैमर लगाए गए हैं, जिसमें से 17,054 ECIL की तरफ से और 34,257 जैमर BEL की तरफ से लगाए गए हैं.
सफल परीक्षा के लिए कितने लोग काम पर लगे?
परीक्षा के दिन किसी भी असुविधा और परेशानी से बचने के लिए एनटीए (NTA) ने भारी संख्या में कर्मचारियों को भी तैनात किया है. 95000 से ज्यादा परीक्षा सेंटरों में से हर एक में दो इनविजिलेटर तैनात किए जाएंगे और हर सेंटर पर 10 से ज्यादा अतिरिक्त परीक्षा कर्मी तैनात किए गए हैं.&amp;nbsp;

On the eve of the NEET (UG) 2026 examination, the National Testing Agency (NTA) has put in place comprehensive arrangements to ensure a fair, secure and candidate-friendly examination. The examination, scheduled for Sunday, 21 June 2026, is being conducted across 5,440 centres in&amp;hellip; pic.twitter.com/btTqAAWj44
&amp;mdash; ANI (@ANI) June 20, 2026



इसके साथ, परीक्षा के लिए आने वाले अभ्यर्थियों के वेरिफिकेशन को मजबूत बनाने के लिए 38,795 फिस्किंग कर्मियों और 48,448 बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन कर्मियों की तैनाती की गई है. बायोमेट्रिक व्यवस्था को दोगुना किया गया है, जबकि इसमें फेस ऑथेंटिकेशन का भी सहारा लिया गया है, ताकि जांच पूरी तरह से हो और सेंटरों पर लाइनें कम लगें.
इसके अलावा, सभी 5,440 परीक्षा सेंटरों पर एक सेंटर सिस्टम ऑफिसर (CSO) तैनात किया गया है, जो सीसीटीवी फीड की निगरानी करेगा और किसी भी तकनीकी समस्या के सामने आने पर उनके तुरंत निपटारा करेगा.
निगरानी और सीसीटीवी मॉनिटरिंग के लिए क्या हैं इंतजाम?
एनटीए ने एग्जाम सेंटरों पर करीब 6,700 ऑब्जर्बर्स की भी तैनाती की है. इनके साथ 100 से ज्यादा वर्चुअल ऑब्जर्बर केंद्रीय स्तर पर लाइव सीसीटीवी फुटेज की निगरानी कर रहे हैं. वहीं, सीसीटीवी फुटेज का एआई-बेस्ड उपकरणों की मदद से भी एनालाइज किया जा रहा है, ताकि किसी भी समस्या की पहचान की जा सके. इसी तरह से राष्ट्रीय, राज्य और मंत्रालय स्तर पर भी मल्टी-लेयर्ड निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है.
सुरक्षा और लॉजिस्टिक के इंतजाम कैसे?
वहीं, परीक्षा के दौरान पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य और जिला प्रशासन, पुलिस, अर्द्धसैनिक बलों, भारतीय वायुसेना और डाक विभाग के कर्मियों की भी व्यापक रूप से तैनाती की गई है. औसतन देखें, तो देशभर में फैले प्रत्येक परीक्षा सेंटर पर 40 से 50 सुरक्षा कर्मी तैनात किए गए हैं.
परीक्षा से जुड़ी गोपनीय सामानों को रखने वाली करीब 1,500 बैंक शाखाओं में बैंक अधिकारियों की तैनाती की गई है. वहीं, डाक विभाग देशभर में करीब 700 कलेक्शन सेंटरों से OMR शीटों को जमा करने के लिए समन्वय करेगा.
एनटीए ने बताया कि सभी राज्यों के मुख्य सचिवों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठकें आयोजित की गईं और जिलों ने सेंटरों की व्यवस्थाओं की पुष्टि की है. जबकि शनिवार (20 जून, 2026) को देशव्यापी मॉक ड्रिल आयोजित की गई. जिसमें जैमर, सीसीटीवी, फ्रिस्किंग स्टाफ और बायोमेट्रिक सिस्टम सहित सभी सिस्टम्स की जांच की गई. को-ऑर्डिनेटर्स ने कस्टोडियन बैंकों में रखी परीक्षा सामग्री का वेरिफिकेशन कर उसकी उपलब्धता सुनिश्चित की.&amp;nbsp;

परीक्षार्थियों के अनुकूल अपनाए गए उपाय
एनटीए ने कहा कि राज्य सरकारों के सहयोग से परीक्षा केंद्रों पर छात्रों के लिए पीने का पानी, ORS, एंबुलेंस और अभिभावकों के लिए छायादार वेटिंग एरिया जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है.
जबकि परीक्षार्थियों के लिए प्रत्येक एग्जाम हॉल में दीवार घड़ी लगाई गई है. अतिरिक्त रफ वर्क पेज उपलब्ध कराए जाएंगे (बाएं हाथ से लिखने वाले अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए बुकलेट के शुरू में अतिरिक्त पेज दिए जाएंगे) और एंट्री फॉर्मैलिटीज में लगने वाले समय की भरपाई के लिए परीक्षा की समय में जरूरी विस्तार किए गए हैं.
अफवाहों के खिलाफ कार्रवाई के लिए क्या है तैयारी?
वहीं, इसके साथ एनटीए परीक्षा के पहले और परीक्षा के दौरान सोशल मीडिया पर लगातार नजर बनाए हुए है और अफवाह फैलाने के साथ तथाकथित पेपर लीक जैसे फर्जी दावों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रहा है, क्योंकि ऐसे दावे परीक्षार्थियों में गैर-जरूरी तनाव पैदा करते हैं. ऐसे में अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे सिर्फ एनटीए की ओर से जरूरी सूचनाओं पर ही विश्वास करें और जिन सूचनाओं की पुष्टि न हो, उसे सिरे से नजरअंदाज करें.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ेंः NEET Re-Exam: नागपुर के स्टूडेंट को अबूधाबी में मिला सेंटर तो आया राहुल गांधी का रिएक्शन, कहा- &#039;NTA को परीक्षा करवाने का...&#039; ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 21 Jun 2026 10:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>International Yoga Day 2026: 10 लाख लोगों के साथ कोलकाता में करेंगे पीएम मोदी योगाभ्यास, रेड रोड पर होगा कार्यक्रम का आयोजन</title>
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        <description><![CDATA[ International Yoga Day: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में इंटरनेशनल योग दिवस के मौके पीएम नरेंद्र मोदी योगाभ्यास करेंगे. इस दौरान करीबन 10 लाख लोगों की भीड़ मौजूद रहेगी. जानकारी आयुष मंत्रालय की तरफ से जारी की गई है.&amp;nbsp;
आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने कहा है कि पीएम मोदी 21 जून को 12वें इंटरनेशनल योग दिवस के लिए कोलकाता पहुंच गए हैं. यहां राष्ट्रीय समारोह आयोजित किया जाएगा. कोलकाता देश के योग की राजधानी बनने के लिए तैयार है. भारत सरकार की तरफ से इस कार्यक्रम का आयोजन रेड रोड पर किया जाएगा. इंटरनेशनल योग दिवस से पहले कोलकाता में हावड़ा ब्रिज के पास ड्रोन शो का आयोजन किया गया. इसमें योग मुद्राएं और सांस्कृतिक प्रतीक दिखाए गए.

VIDEO | Drone show lit up the sky near Howrah Bridge in Kolkata ahead of &#039;International Yoga Day&#039;, showcasing yoga poses and cultural icons.(Full video available on PTI Videos - https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/sMZohAC4Ih
&amp;mdash; Press Trust of India (@PTI_News) June 20, 2026



पहली बार इंटरनेशनल योग दिवस का मुख्य प्रोग्राम कोलकाता में हो रहा हैआयुष मंत्रालय की तरफ से जारी बयान में सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने बताया कि यह पहली बार है, जब इंटरनेशनल योग दिवस का मुख्य प्रोग्राम कोलकाता में हो रहा है. यहां रविवार की सुबह 35 हजार लोग मौजूद रहेंगे. करीबन 10 लाख लोग पूरे कोलकाता में पीएम मोदी के साथ योग करेंगे. सरकार के पोर्टल पर करीबन 7 लाख लोगों रजिस्ट्रेशन कराया है.&amp;nbsp;
हर राज्य में अपनी तरह से मनाया जाएगा योग दिवस
वहीं, मंत्रालय की ज्वाइंट सेक्रेटरी मोनालिसा दास ने कहा कि इंटरनेशनल योग दिवस का प्रोग्राम हर साल अलग-अलग जगह होता है. हर राज्य में इसे अपने तरीके से मनाया जाता है. कोलकाता में 4 जगह पर रन फॉर योग का आयोजन किया जाएगा. इसमें 10 हजार लोग भाग लेंगे. जिलेभर में रन फॉर योग का आयोजन किया जाएगा. पीएम मोदी के साथ योग गुरू उमंग त्यागी योग करेंगे.&amp;nbsp;
क्या है इंटरनेशनल योग दिवस का इतिहास
इस दिवस को मनाने की पहल पीएम नरेंद्र मोदी की तरफ से की गई थी. इन्होंने यूएनजीए में अपनी स्पीच के दौरान योग दिवस को घोषित करने के लिए प्रस्ताव रखा था. इस प्रस्ताव को समर्थन मिला. 11 दिसंबर 2014 को यूएन संकल्प 69/131 की तरफ से 21 जून को इंटरनेशनल योग दिवस घोषित किया. पहला ऑफिशियलल योग दिवस 21 जून 2015 को मनाया गया था.&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 21 Jun 2026 10:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>CJP Protest: पानी, बिजली बंद करने का ऑर्डर PM से आया या गृहमंत्री से? जंतर मंतर पर दिल्ली पुलिस से अभिजीत दीपके ने पूछा सवाल</title>
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        <description><![CDATA[ Cockroach Janta Party Protest: देश की राजधानी दिल्ली में स्थित जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का विरोध प्रदर्शन शनिवार (20 जून, 2026) को देर रात होने के बाद भी लगातार जारी है. सीजेपी के अध्यक्ष अभिजीत दीपके और बड़ी संख्या में मौजूद उनके समर्थक थाली बजाकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. इस बीच अभिजीत दीपके ने दावा किया है कि दिल्ली पुलिस प्रदर्शन की जगह (जंतर-मंतर) पर प्रदर्शनकारियों को खाना, पानी, स्ट्रीट लाइट और वॉशरूम तक जाने की अनुमति नहीं दे रही है.
अभिजीत दीपके ने दिल्ली पुलिस से क्या सवाल किया?
इसके साथ ही, सीजेपी अध्यक्ष ने विरोध प्रदर्शन के मंच से माइक पर बोलते हुए दिल्ली पुलिस से सवाल किया कि क्या जंतर मंतर पर पानी, बिजली बंद करने का आदेश प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) से आया है या फिर गृह मंत्री (अमित शाह) से? इस सवाल को पूछते हुए दीपके ने अपने X प्लेटफॉर्म हैंडल पर एक वीडियो पोस्ट शेयर किया है. जिसमें वो दिल्ली पुलिस के जवानों और अधिकारियों से पूछते नजर आ रहे हैं कि पानी रोकने और लाइट बंद करने का फरमान किसने दिया है.&amp;nbsp;

जंतर मंतर पर पानी, बिजली बंद करने का ऑर्डर प्रधानमंत्री से आया या गृहमंत्री से? pic.twitter.com/kXoe5eyhGa
&amp;mdash; Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) June 20, 2026



आपकी नौकरी नहीं जाएगी, ये मेरी जिम्मेदारी- दीपके
उन्होंने पुलिस से आगे कहा, &amp;lsquo;मैं जानता हूं कि आप उनके आदेशों का उल्लंघन नहीं सकते हैं, इसलिए आप मुझे सिर्फ उनके नाम बता दीजिए, मैं उनसे खुद रिक्वेस्ट कर लूंगा.&amp;rsquo; उन्होंने यहां तक कहा, &amp;lsquo;मैं आप लोगों के ऊपर कोई मुसीबत नहीं आने दूंगा. आप लोगों की ड्यूटी नहीं जाएगी, ये मेरी जिम्मेदारी है. आप सिर्फ उनके नाम बता दीजिए, कि क्या प्रधानमंत्री ने कहा है? गृह मंत्री ने कहा है? शिक्षा मंत्री ने कहा है? या फिर दिल्ली की मुख्यमंत्री ने आपलोगों से पानी और बिजली बंद करने को कहा है.&amp;rsquo;
दिल्ली पुलिस की दी हुई समयसीमा खत्म, फिर भी नहीं हट रहे प्रदर्शनकारी
दिल्ली पुलिस की तरफ से कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन के लिए एक तय समयसीमा दी गई थी, जो कि खत्म हो गई, लेकिन सीजेपी के समर्थकों का प्रदर्शन लगातार जारी है. रात के अंधेरे के बावजूद बड़ी संख्या में सीजेपी के प्रदर्शनकारी जंतर मंतर पर थाली पीटकर नारे लगा रहे हैं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग कर रहे हैं.
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        <pubDate>Sun, 21 Jun 2026 10:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>International Yoga Day 2026 Live: कोलकाता में PM मोदी और गुजरात में अमित शाह कर रहे योग, दिल्ली से लेह तक कार्यक्रम</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/international-yoga-day-2026-live-कोलकाता-में-pm-मोदी-और-गुजरात-में-अमित-शाह-कर-रहे-योग-दिल्ली-से-लेह-तक-कार्यक्रम</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/international-yoga-day-2026-live-कोलकाता-में-pm-मोदी-और-गुजरात-में-अमित-शाह-कर-रहे-योग-दिल्ली-से-लेह-तक-कार्यक्रम</guid>
        <description><![CDATA[ Yoga Day 2026 Live: 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार 21 जून 2026 को कोलकाता के रेड रोड से देश के सबसे बड़े योग कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे हैं. इस मौके पर वह देशवासियों को योग का संदेश देंगे और हजारों योग साधकों के साथ कॉमन योग प्रोटोकॉल सत्र में भाग लिया.
इस वर्ष की थीम- &amp;lsquo;योगा फॉर हेल्दी एजिंग&amp;rsquo;
केंद्र सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम &amp;lsquo;योगा फॉर हेल्दी एजिंग&amp;rsquo; रखी गई है. यह थीम बढ़ती उम्र में स्वस्थ और सक्रिय जीवन, शारीरिक फिटनेस, मानसिक संतुलन, भावनात्मक मजबूती और बेहतर जीवन गुणवत्ता में योग की भूमिका को रेखांकित करती है.
रेड रोड पर जुटेंगे हजारों योग साधक
प्रधानमंत्री का कार्यक्रम रविवार सुबह कोलकाता के रेड रोड पर आयोजित किया जाएगा. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में योग साधक, छात्र-छात्राएं, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और आम नागरिक शामिल होंगे. इस दौरान प्रधानमंत्री उपस्थित लोगों को संबोधित भी करेंगे.
योग को वैश्विक जन-आंदोलन बनाने पर रहेगा जोर
माना जा रहा है कि अपने संबोधन में प्रधानमंत्री योग को भारत की प्राचीन विरासत के साथ-साथ वैश्विक जन-आंदोलन के रूप में स्थापित करने पर जोर देंगे. वह योग के माध्यम से स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली अपनाने का संदेश भी देंगे.
दुनिया भर में 2500 स्थानों पर होंगे कार्यक्रम
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर इस वर्ष दुनिया भर में करीब 2,500 स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. इनमें 210 से अधिक भारतीय मिशन और पोस्ट भी भाग ले रहे हैं. इससे स्पष्ट है कि योग अब केवल भारत की परंपरा नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य, सामंजस्य और सामूहिक कल्याण का प्रतीक बन चुका है.
2015 में हुई थी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत वर्ष 2015 में हुई थी, जब संयुक्त राष्ट्र महासभा ने भारत के प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी. तब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर वर्ष देश और विदेश के अलग-अलग शहरों से योग दिवस कार्यक्रम का नेतृत्व करते रहे हैं.
कई शहरों से कर चुके हैं योग दिवस का नेतृत्व
प्रधानमंत्री नई दिल्ली, चंडीगढ़, लखनऊ, मैसूर, न्यूयॉर्क, श्रीनगर और विशाखापत्तनम सहित कई शहरों में आयोजित योग दिवस के मुख्य कार्यक्रमों में भाग ले चुके हैं. हर वर्ष योग दिवस के आयोजन का दायरा और सहभागिता बढ़ती जा रही है.
कोलकाता में दिख रहा खास उत्साह
इस बार कोलकाता में आयोजित कार्यक्रम को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है. रेड रोड पर सुरक्षा, यातायात और प्रतिभागियों की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं. प्रशासन की ओर से कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं.
भारत की सॉफ्ट पावर को मिलेगी मजबूती
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में होने वाला यह आयोजन राजनीतिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. एक ओर प्रधानमंत्री योग को जन-जन तक पहुंचाने के अभियान को आगे बढ़ाएंगे, वहीं दूसरी ओर यह आयोजन भारत की सॉफ्ट पावर और पारंपरिक ज्ञान प्रणाली की वैश्विक स्वीकार्यता को भी मजबूत करेगा.
योग केवल व्यायाम नहीं, जीवनशैली का माध्यम
योग दिवस के माध्यम से केंद्र सरकार यह संदेश देने का प्रयास करेगी कि योग केवल व्यायाम नहीं है, बल्कि स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का एक प्रभावी माध्यम है. नियमित योगाभ्यास शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 21 Jun 2026 10:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>International, Yoga, Day, 2026, Live:, कोलकाता, में, मोदी, और, गुजरात, में, अमित, शाह, कर, रहे, योग, दिल्ली, से, लेह, तक, कार्यक्रम</media:keywords>
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        <title>इंडियन नेवी में शामिल होंगे दूनागिरी, संशोधक और अग्रय युद्धपोत, जानें कितने खतरनाक, चीन&amp;पाकिस्तान के उड़ जाएंगे होश</title>
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        <description><![CDATA[ कोलकाता में रविवार (21 जून 2026) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में भारतीय नौसेना को तीन फ्रंटलाइन युद्धपोत मिलने जा रहे हैं. ये तीनों जंगी जहाज, कोलकाता स्थित गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) द्वारा तैयार गए हैं. रविवार को पीएम मोदी कोलकाता में योग दिवस के कार्यक्रम में शामिल होंगे और फिर नौसेना की कमीश्निंग सेरेमनी में हिस्सा लेंगे. जिन तीन युद्धपोत को जीआरएसई ने नौसेना के लिए तैयार किया है, उनमें एंटी सबमरीन वॉरफेयर के लिए आईएनएस अग्रय, समुद्री युद्ध के लिए स्टील्थ फ्रीगेट आईएनएस दूनागिरी और हाइड्रोग्राफिक सर्वे शिप आईएनएस संशोधक शामिल हैं.
भारतीय नौसेना के मुताबिक, कोलकाता के श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट पर आयोजित होने वाली तीनों स्वदेशी जंगी जहाज की कमीश्निंग सेरेमेनी की खुद पीएम मोदी अध्यक्षता करेंगे. भारतीय नौसेना के वॉरशिप डिजाइन ब्यूरो द्वारा संकलित किए गए और कोलकाता के गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई) द्वारा तैयार गए ये जहाज समुद्री युद्ध, हाइड्रोग्राफिक सर्वे और एंटी-सबमरीन वॉरफेयर (पनडुब्बी-रोधी युद्ध) में अहम परिचालन क्षमताएं दिखाते हैं. नौसेना के मुताबिक, ये युद्धपोत क्षमता विकास, ब्लू-वॉटर ऑपरेशन्स को मजबूत करने, समुद्री क्षेत्र की जानकारी बढ़ाने और बदलते खतरों से तटीय इलाकों को सुरक्षित रखने के प्रति नौसेना के संतुलित दृष्टिकोण को दर्शाते हैं

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नौसेना ने जारी किया बयान
नौसेना ने एक बयान जारी कर कहा कि ये तीनों युद्धपोत भारत के स्वदेशी जहाज निर्माण इकोसिस्टम की बढ़ती परिपक्वता को दिखाते हैं, जिसमें स्वदेशी सामग्री 75 प्रतिशत से अधिक है. इनके निर्माण में भारतीय उद्योगों की बड़ी भागीदारी रही, जिसमें 200 से ज्यादा एमएसएमई शामिल थे और इससे बड़ी संख्या में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी सृजित हुए. इन युद्धपोतों का भारतीय नौसेना में शामिल होना &amp;lsquo;आत्मनिर्भर भारत&amp;rsquo; की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है. यह भारत सरकार, भारतीय नौसेना, सार्वजनिक क्षेत्र के शिपयार्डों, निजी उद्योगों और एमएसएमई के समन्वित प्रयासों का प्रतीक है.
आईएनएस दूनागिरी
नौसेना के प्रोजेक्ट 17ए के तहत निर्मित पांचवां स्टील्थ फ्रिगेट &amp;lsquo;दूनागिरी&amp;rsquo; अत्याधुनिक हथियारों और उन्नत सेंसर प्रणालियों से सुसज्जित है. इसमें सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस तथा मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली शामिल है, जो भारतीय नौसेना की युद्धक क्षमता व समुद्री प्रभुत्व को उल्लेखनीय रूप से सुदृढ़ करती हैं.
आईएनएस संशोधक
नौसेना के चौथे सर्वेक्षण जहाज &amp;lsquo;संशोधक&amp;rsquo; को तटीय एवं गहरे पानी में हाइड्रोग्राफिक सर्वे करने और रक्षा व असैन्य कार्यों के लिए समुद्र-विज्ञान तथा भू-भौतिकीय डेटा इकट्ठा करने के लिए डिजाइन किया गया है. यह जहाज स्वायत्त और दूरस्थ रूप से संचालित जलमग्न वाहनों सहित अत्याधुनिक सर्वेक्षण प्रणालियों से लैस है, जो समुद्र के भीतर सटीक और व्यापक सर्वेक्षण करने में सक्षम हैं.
आईएनएस अग्रय
अरनाला श्रेणी के एंटी-सबमरीन वॉरफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट का चौथा युद्धपोत &amp;lsquo;अग्रय&amp;rsquo; हल्के टॉरपीडो, स्वदेशी रॉकेट लॉन्चर और अत्याधुनिक शैलो-वॉटर सोनार प्रणाली से लैस है. यह उथले समुद्री क्षेत्रों में पनडुब्बी-रोधी खतरों का प्रभावी ढंग से पता लगाने, उनकी निगरानी करने और उनका मुकाबला करने में सक्षम है.
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        <pubDate>Sat, 20 Jun 2026 18:30:14 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>भारत बना FATF का उपाध्यक्ष तो असदुद्दीन ओवैसी का आया रिएक्शन, पाकिस्तान को लेकर कर दी बड़ी मांग</title>
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        <description><![CDATA[ टेरर फंडिंग पर शिकंजा कसने वाले FATF के उपाध्यक्ष के तौर पर भारतीय नागरिक विवेक अग्रवाल को नियुक्त किया गया है. FATF एक इंटरनेशनल इंस्टीट्यूशन फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स है. अब इससे पाकिस्तान की टेंशन बढ़ने वाली है. अब इस पूरे मामले पर AIMIM चीफ का रिएक्शन आया है.
ओवैसी ने पीएम मोदी से पाकिस्तान को लेकर की ये मांग
अग्रवाल की यह नियुक्ति भारत के लिए उपलब्धि मानी जा रही है. देश लंबे वक्त से आतंकवाद के फाइनेंशियल और मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ जीरो टॉलरेंस पॉलिसी पर जोर देता रहा है. अब इस पर AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने बयान जारी किया है. उन्होंने कहा है कि विवेक अग्रवाल FATF के वाइस प्रेसिडेंट चुने जाने वाले पहले भारतीय हैं. नरेंद्र मोदी सरकार को पाकिस्तान को वापस ग्रे लिस्ट में लाना चाहिए.

Vivek Agarwal is the first Indian to have been elected Vice President of FATF,what @narendramodi government must do is to bring back Pakistan in Grey List.USA list of TRF is of no real use,UN listing is needed of TRF,Modi government should have &amp;amp; must have tried to list ISI also&amp;hellip;
&amp;mdash; Asaduddin Owaisi (@asadowaisi) June 20, 2026



क्या बोले ओवैसी?
साथ ही ओवैसी ने कहा है कि &#039;TRF (पाकिस्तान समर्थित एक प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन) के बारे में USA की लिस्ट का कोई खास फायदा नहीं है. TRF को UN की लिस्ट में शामिल करने की जरूरत है. मोदी सरकार को ISI को भी लिस्ट में शामिल करने की कोशिश करनी चाहिए थी और करनी ही चाहिए. हमें नवंबर 2025 में लाल किले पर हुए सुसाइड ब्लास्ट को याद रखना चाहिए.&#039;
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इससे पहले विवेक अग्रवाल FATF में भारतीय डेलीगेशन को लीड कर चुके हैं. साथ ही वित्तीय खुफिया ईकाई (FIU-IND) के निदेशक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं.
क्या होती है ग्रे लिस्ट जिसके लिए ओवैसी कर रहे मांग? 
अगर FATF किसी भी देश को ग्रे लिस्ट या ब्लैक लिस्ट में डालता है, तो IMF यानी इंटरनेशनल मॉनिट्री फंड, वर्ल्ड बैंक और एडीबी यानी एशियन डेवलपमेंट बैंक जैसी वैश्विक संस्थाएं उसे कर्ज देने पर कड़ी शर्तें लगा देती हैं या लोन रोक देती हैं.
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        <pubDate>Sat, 20 Jun 2026 18:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>भारत, बना, FATF, का, उपाध्यक्ष, तो, असदुद्दीन, ओवैसी, का, आया, रिएक्शन, पाकिस्तान, को, लेकर, कर, दी, बड़ी, मांग</media:keywords>
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        <title>शशि थरूर ने किया PM मोदी का समर्थन तो राहुल गांधी पर BJP हुई हमलावर, कहा&amp; &amp;apos;हो गए बेनकाब&amp;apos;</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/शशि-थरूर-ने-किया-pm-मोदी-का-समर्थन-तो-राहुल-गांधी-पर-bjp-हुई-हमलावर-कहा-हो-गए-बेनकाब</link>
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        <description><![CDATA[ अपनी बेबाक और स्पष्ट बयानबाजी के लिए जाने जाने वाले कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने एक बार से कुछ ऐसा कर दिया है, जिससे भाजपा (BJP) को एक बार फिर से कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधने का मौका मिल गया है. भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कहा कि राहुल गांधी बेनकाब हो चुके हैं.
दरअसल, कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने फ्रांस में जी-7 समिट के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से उठाए गए मुद्दों पर अपनी बात कही है. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने डोनाल्ड ट्रंप के सामने भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दे को मजबूती से रखा है. थरूर के इस बयान के बाद देश में राजनीतिक बवाल मच गया.
राहुल गांधी को लेकर भाजपा ने क्या कहा?
लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए भाजपा ने कहा कि वे पूरी तरह से बेनकाब हो चुके हैं. एक कांग्रेस नेता की तरफ से पीएम मोदी की खुले तौर पर तारीफ राहुल गांधी के झूठ का पर्दाफाश कर रहा है. भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने अपने X पोस्ट में कहा, &amp;lsquo;शशि थरूर ने राहुल गांधी को बेनकाब कर दिया है. कांग्रेस नेता खुलकर पीएम मोदी की कूटनीति की तारीफ कर रहे हैं. जब भारत के राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा की बात आएगी, तब पीएम मोदी सबसे आगे नजर आएंगे और जब देश के विरोध में आवाज उठाने की बात आएगी, तब राहुल गांधी बाकी सबको पीछे छोड़ देंगे.&amp;rsquo;&amp;nbsp;&amp;nbsp;

Shashi Tharoor exposes Rahul Gandhi.Congress Leader praises PM @narendramodi Ji&amp;rsquo;s diplomacy.When it Comes to Protecting India&#039;s National Interest PM Modi comes first;When it comes to speaking against India&#039;s National interest Rahul Gandhi leaves everyone behind! pic.twitter.com/zJIr5RiTRh
&amp;mdash; Pradeep Bhandari(प्रदीप भंडारी)???????? (@pradip103) June 20, 2026



पीएम मोदी और ट्रंप की बैठक पर क्या बोले थरूर?
फ्रांस के एवियन में आयोजित जी-7 समिट के इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 16 महीने के बाद आमने-सामने होकर द्विपक्षीय बैठक की. इस बारे कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने शुक्रवार (19 जून, 2026) को कहा, &amp;lsquo;पीएम मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ निजी और सार्वजनिक, दोनों बैठकों में भारत की स्थिति को पूरी तरह से स्पष्ट किया है. इस बात को सामने रखना बहुत जरूरी है कि युद्ध के माहौल में कमर्शियल जहाजों पर तैनात नाविकों को किसी भी तरह से निशाना न बनाया जाए. वे सैनिक नहीं है और पीएम मोदी ने यह बात स्पष्ट तरीके से अमेरिकी राष्ट्रपति से कही है.&amp;rsquo;&amp;nbsp;

#WATCH | Delhi | On the bilateral meeting between PM Modi and US President Donald Trump, Congress MP Shashi Tharoor says, &quot;PM Modi made his point clear both in the public and private meeting with the President. It is important to convey the message that in wartime, civilian&amp;hellip; pic.twitter.com/0PMRjNNObK
&amp;mdash; ANI (@ANI) June 19, 2026



नाविकों का मार देना कोई उपाय नहीं- थरूर
भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर चिंता जताते हुए थरूर ने आगे कहा, &amp;lsquo;कई चिंताओं के बीच हमारे कई भारतीय नाविक हैं, जो कि भारतीय झंडे वाले जहाजों के साथ-साथ अन्य देशों के जहाजों पर भी तैनात हैं. अगर वे आपकी नाकेबंदी का किसी तरह से उल्लंघन करते हैं, तो आप उन्हें रोकने के लिए किसी दूसरे तरीके पर काम करें, लेकिन उन्हें जान से मार देना कोई सही उपाय नहीं है.&amp;rsquo;&amp;nbsp;
शशि थरूर का यह बयान तब सामने आया जब कांग्रेस पार्टी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की तरफ से यह आरोप लगाए गए कि जी-7 समिट के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप के साथ बैठक में पीएम मोदी ने चुप्पी साध ली थी और अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत के साथ कई अन्य जरूरी मुद्दों पर भारत के विचारों को खुलकर नहीं रखा.
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        <pubDate>Sat, 20 Jun 2026 18:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>शशि, थरूर, ने, किया, मोदी, का, समर्थन, तो, राहुल, गांधी, पर, BJP, हुई, हमलावर, कहा-, हो, गए, बेनकाब</media:keywords>
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        <title>TMC में फूट के बीच बंगाल में कांग्रेस ने किया विधायक दल के नेता&amp; उपनेता का ऐलान, इन्हें सौंपी जिम्मेदारी</title>
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        <description><![CDATA[ एक तरफ बंगाल में टीएमसी में फूट मची हुई है, तो वहीं अब कांग्रेस ने राज्य नेतृत्व को लेकर बड़ा फैसला लिया है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कांग्रेस विधायक दल के नेता और उपनेता की नियुक्ति है. साथ ही पार्टी ने तत्काल प्रभाव से इसकी मंजूरी दे दी है. पार्टी ने इससे जुड़ा आदेश भी जारी कर दिया है.&amp;nbsp;
AICC ने प्रेस रिलीज जारी करते हुए आदेश में कहा है कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. इसके तहत पश्चिम बंगाल में कांग्रेस विधायक दल का नेता और उपनेता की नियुक्ति की गई है. यहां पार्टी ने जुल्फिकार अली को पार्टी का नेता घोषित किया है. वहीं, मम को उपनेता नियुक्त किया है.&amp;nbsp;
जुल्फिकार अली के बारे में जानें
जुल्फिकार अली पश्चिम बंगाल की राजनीति के एक जाने माने नेता है. मुर्शिदाबाद के रानीनगर निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस के विधायक हैं. उनका बैकग्राउंड बिजनेस से जुड़ा हुआ है. उन्होंने माध्यमिक शिक्षा हासिल की है.&amp;nbsp;
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जानें कौन हैं मोताब शेख ? 
कांग्रेस पार्टी से उपनेता बनाए गए मोताब शेख एक भारतीय राजनीतिज्ञ है. वह मुर्शिदाबाद के फरक्का विधानसभा से विधायक हैं. उनकी शुरुआती शिक्षा मुर्शिदाबाद जिले के फरक्का से हुई है. वह अपना एक बिजनेस चलाते हैं. चुनाव आयोग को दिए हलफनामे में उन्होंने अपने पास 17 करोड़ की संपत्ति बताई थी. हाल की चुनाव में उन्होंने बीजेपी के सुनील चौधरी को 8 हजार 193 वोटों के अंतर से हराया था.
इन सभी बैंकों में 400 करोड़ रुपये जमा
बंगाल पुलिस ने ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस पार्टी के तीन बैंक अकाउंट्स फ्रीज कर दिए हैं. अब HDFC बैंक में मौजूद कांग्रेस के तीन अकाउंट्स से पैसे नहीं निकाले जा सकते हैं. इन सभी बैंक में पार्टी के 400 करोड़ रुपये जमा हैं. पश्चिम बंगाल में चुनावी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर की लड़ाई अब पार्टी के पैसे और संपत्तियों पर आ गई है.
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        <pubDate>Sat, 20 Jun 2026 18:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>TMC, में, फूट, के, बीच, बंगाल, में, कांग्रेस, ने, किया, विधायक, दल, के, नेता-, उपनेता, का, ऐलान, इन्हें, सौंपी, जिम्मेदारी</media:keywords>
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        <title>Pawanraje Nimbalkar Murder Case: पवनराजे निंबालकर मर्डर केस में CBI का बड़ा फैसला, बरी आदेश को हाई कोर्ट में देगी चुनौती</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/pawanraje-nimbalkar-murder-case-पवनराजे-निंबालकर-मर्डर-केस-में-cbi-का-बड़ा-फैसला-बरी-आदेश-को-हाई-कोर्ट-में-देगी-चुनौती</link>
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        <description><![CDATA[ कांग्रेस (I) के नेता पवनराजे निंबालकर हत्याकांड मामले में मुंबई की सेशंस कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. 20 जून 2026 को मुंबई की सेशंस कोर्ट 55 ने इस चर्चित मामले में सभी आरोपियों को बरी कर दिया. यह मामला 3 जून 2006 का है, जब पवनराजे निंबालकर की नवी मुंबई में दिन-दहाड़े हत्या कर दी गई थी. इस हमले में उनके ड्राइवर की भी मौत हो गई थी. इस घटना ने उस समय महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा हंगामा खड़ा कर दिया था.
इसके बाद बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश पर मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंपी गई थी. लंबी जांच के बाद CBI ने 20 अगस्त 2009 को चार्जशीट दाखिल की. इसके बाद 4 जून 2010 को सप्लीमेंट्री चार्जशीट भी दाखिल की गई. CBI की चार्जशीट में पद्मसिंह बाजीराव पाटिल समेत कुल 9 आरोपियों के नाम शामिल थे. जांच के दौरान एक आरोपी को सरकारी गवाह यानी अप्रूवर भी बनाया गया था.

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CBI फैसले से सहमत नहीं है
मामले में लंबे समय तक ट्रायल चला और कई गवाहों के बयान दर्ज किए गए. ट्रायल पूरा होने के बाद अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुनाया. सेशंस कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि पेश किए गए सबूत आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं. इसी आधार पर अदालत ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया. हालांकि CBI इस फैसले से सहमत नहीं है. एजेंसी का कहना है कि उसने आरोपियों के खिलाफ मजबूत और पर्याप्त सबूत अदालत के सामने पेश किए थे. CBI ने साफ किया है कि वह ट्रायल कोर्ट के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती देगी. अब इस मामले पर सबकी नजर बॉम्बे हाई कोर्ट पर रहेगी, जहां CBI जल्द अपील दायर कर सकती है. यह मामला एक बार फिर कानूनी और राजनीतिक चर्चा का बड़ा विषय बन गया है.
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        <pubDate>Sat, 20 Jun 2026 18:30:09 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>Pawanraje, Nimbalkar, Murder, Case:, पवनराजे, निंबालकर, मर्डर, केस, में, CBI, का, बड़ा, फैसला, बरी, आदेश, को, हाई, कोर्ट, में, देगी, चुनौती</media:keywords>
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        <title>स्पीकर ओम बिरला से मिले अभिषेक बनर्जी, बागी टीएमसी सांसदों के खिलाफ उठाने जा रहे ये कदम</title>
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        <description><![CDATA[ तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने शुक्रवार (19 जून 2026) को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर पार्टी के 20 बागी सांसदों को अयोग्य ठहराने की मांग की. उन्होंने इन 20 लोकसभा सदस्यों के खिलाफ ओम बिरला को 20 याचिकाएं सौंपीं और संविधान की 10वीं अनुसूची और सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कदम उठाने का आग्रह किया.
अभिषेक बनर्जी ने उम्मीद जताई कि ओम बिरला संविधान के मुताबिक काम करेंगे और संविधान का गला नहीं घोटेंगे. टीएमसी से बगावत करने वाले 20 सांसदों ने &amp;lsquo;नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया&amp;rsquo; (एनसीपीआई) में विलय करने और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का हिस्सा बनने की घोषणा की है.
लोकसभा स्पीकर से मिले ओम बिरला
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात के बाद अभिषेक बनर्जी ने संसद परिसर में कहा कि संविधान की 10वीं अनुसूची में यह बिल्कुल स्पष्ट है कि एक पार्टी का दूसरी पार्टी में विलय संसदीय दल या विधायक दल की संख्या के आधार पर नहीं होता है, बल्कि इसके लिए जरूरी है कि पूरी पार्टी का दो-तिहाई विलय हो.
अभिषेक बनर्जी ने कहा, &amp;lsquo;20 सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात की और खुद को एक अलग समूह के रूप में मान्यता देने की मांग की. बाद में हमें पता चला कि इन सांसदों ने एनसीपीआई नाम की दूसरी पार्टी में शामिल होने का दावा किया है. किसी ने इस पार्टी का नाम नहीं सुना था. यहां तक कि इन सांसदों ने भी पहले इसका नाम नहीं सुना था.&amp;rsquo;
उन्होंने कहा कि संविधान की 10वीं अनुसूची में यह बिल्कुल स्पष्ट है कि यदि कोई सदस्य स्वेच्छा से अपनी पार्टी की सदस्यता छोड़ता है, तो वह सांसद के रूप में अयोग्य हो जाता है. उनके मुताबिक, यदि कोई व्यक्ति किसी पार्टी के चुनाव चिह्न पर जीतता है और दो साल बाद कहता है कि वह दूसरी पार्टी में शामिल हो रहा है, तो उसकी सदस्यता समाप्त हो जानी चाहिए.
संविधान के हिसाब से काम करेंगे स्पीकर: अभिषेक बनर्जी
उन्होंने कहा, &amp;lsquo;इसी आधार पर मैंने तृणमूल कांग्रेस के लोकसभा नेता के रूप में इन 20 सांसदों के खिलाफ अलग-अलग 20 अयोग्यता याचिकाएं दी हैं. लोकसभा अध्यक्ष ने कहा है कि मैं दूसरे पक्ष को सुनूंगा और फिर आपको बुलाऊंगा.&amp;nbsp;उनका कहना था, &amp;lsquo;मैं उम्मीद करता हूं कि लोकसभा अध्यक्ष संविधान के हिसाब से काम करेंगे और संविधान का गला नहीं घोटेंगे.&amp;rsquo;
टीएमसी सांसद ने कहा, &amp;lsquo;अगर आपको (बागियों) तृणमूल से दिक्कत है तो सदस्यता से इस्तीफा दीजिए और बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़िए.&amp;rsquo; लोकसभा अध्यक्ष ने इन 20 बागी तृणमूल कांग्रेस सांसदों की मांग पर फैसला लेने से पहले अभिषेक बनर्जी को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया था.
इन सांसदों ने एनसीपीआई में विलय के बाद खुद को अलग समूह के रूप में मान्यता देने की मांग की है. अभिषेक बनर्जी ने पिछले सप्ताह भी लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर आग्रह किया था कि तृणमूल कांग्रेस के भीतर अलग गुट होने का दावा करने वाले किसी भी समूह को कोई मान्यता, दर्जा या सुविधा न दी जाए. उन्होंने कहा था कि संविधान और दल-बदल विरोधी कानून किसी मौजूदा राजनीतिक दल के भीतर अलग समूह बनाने की अनुमति नहीं देते.
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        <pubDate>Sat, 20 Jun 2026 10:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>मणिपुर की जातीय हिंसा मामलों में NIA की बड़ी कार्रवाई, ज्वाइंट ऑपरेशन में 10 आरोपी गिरफ्तार</title>
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        <description><![CDATA[ Manipur Violence: मणिपुर में जातीय हिंसा से जुड़े मामलों की जांच कर रही NIA ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. यह कार्रवाई मणिपुर पुलिस और CRPF के साथ मिलकर संयुक्त अभियान के तहत की गई.
NIA के मुताबिक शुक्रवार को इम्फाल ईस्ट, इम्फाल वेस्ट, बिष्णुपुर, चुराचांदपुर, उखरूल, चंदेल और फेरजावल जिलों में एक साथ कई स्थानों पर छापेमारी की गई. जांच के दौरान मिले सबूतों के आधार पर 6 अलग-अलग हिंसा मामलों में 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया.
मणिपुर हिंसा में बड़ा एक्शन
NIA ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका मणिपुर में जातीय तनाव के दौरान हुई कई हिंसक घटनाओं में सामने आई है..इन पर सुरक्षा बलों पर हमले, हथियार और गोला-बारूद की लूट तथा बैंक डकैती जैसी घटनाओं में शामिल होने के आरोप है.
NIA के मुताबिक, येअभियान खुफिया जानकारी, तकनीकी एविडेंस और फील्ड इन्वेस्टिगेशन के आधार पर चलाया गया., इसका मकसद हिंसा और आतंकी गतिविधियों में शामिल लोगों की पहचान कर उन्हें कानून के दायरे में लाना है. एजेंसी का कहना है कि कार्रवाई किसी एक समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि अपराध और हिंसा में शामिल सभी लोगों के खिलाफ की जा रही है.
नेटवर्क खंगालने में जुटी एजेंसी
जांच एजेंसी को उम्मीद है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में हिंसा की साजिश, घटनाओं को अंजाम देने के तरीके और उनके सहयोगी नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलेगी..साथ ही NIA ये भी जांच कर रही है कि विभिन्न हिंसक घटनाओं और उनमें शामिल व्यक्तियों या संगठनों के बीच कोई संबंध है या नहीं..
NIA ने कहा कि मणिपुर हिंसा से जुड़े अन्य मामलों की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे हो सकते है.
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        <pubDate>Sat, 20 Jun 2026 10:30:12 +0530</pubDate>
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        <title>क्रिप्टो के जरिए 2500 करोड़ रुपये से ज्यादा के अवैध विदेशी लेनदेन का खुलासा, ED की बड़ी कार्रवाई</title>
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        <description><![CDATA[ ED ने क्रिप्टोकरेंसी के जरिए कथित तौर पर किए जा रहे बड़े पैमाने पर अवैध विदेशी धन क्रॉस बॉर्डर मनी ट्रांसफर के मामले में बड़ी कार्रवाई की है. ED की बेंगलुरु जोनल ऑफिस ने 17 जून को FEMA के तहत बेंगलुरु स्थित छह परिसरों पर छापेमारी की. ED के मुताबिक कई कंपनियां वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (VDA) यानी क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल कर भारत और विदेशों के बीच धन का लेनदेन कर रही थी. शुरुआती जांच में 2500 करोड़ रुपये से अधिक के FEMA उल्लंघन का मामला सामने आया है.
ED ने जिन प्रमुख कंपनियों के ठिकानों पर तलाशी ली, उनमें Transak, Carret, Xpat, Onramp.money और Onmeta) शामिल है. ED को शिकायत मिली थी कि कुछ कंपनियां भारतीय रिजर्व बैंक की अनुमति के बिना क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से विदेशों में पैसे भेजने और मंगाने का काम कर रही है. जांच में सामने आया कि ये कंपनियां इंटरनेट और सोशल मीडिया पर खुलेआम ऐसे विज्ञापन चला रही थी. जिनमें क्रिप्टो के जरिए तेजी से अंतरराष्ट्रीय क्रॉस बॉर्डर मनी ट्रांसफर सुविधा देने का दावा किया जाता था.
जांच एजेंसी का कहना है कि ये कंपनियां &quot;ऑन-रैम्प&quot; और &quot;ऑफ-रैम्प&quot; सेवाएं उपलब्ध कराती थी. इसके जरिए ग्राहक अपने बैंक खाते से पैसे जमा कर क्रिप्टोकरेंसी खरीदते थे और बाद में उसे बेचकर दूसरे देश में भुगतान प्राप्त कर लेते थे. ED के मुताबिक किसी व्यक्ति को विदेश से भारत या भारत से विदेश पैसा भेजना होता था तो वो पहले इन प्लेटफॉर्म पर रजिस्ट्रेशन करता था.
ग्राहक कंपनी के बैंक खाते में जमा करता था पैसे
इसके बाद ग्राहक कंपनी के बैंक खाते में पैसा जमा करता था. उस रकम से USDT जैसी स्टेबल क्रिप्टोकरेंसी खरीदी जाती थी..क्रिप्टो को दूसरे देश या भारत के एक्सचेंज पर ट्रांसफर किया जाता था, बाद में उसे बेचकर प्राप्त राशि लाभार्थी के खाते में भेज दी जाती थी. कई मामलों में ग्राहक टीडीएस का दावा भी कर सकते थे.
ED का कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया में RBI द्वारा निर्धारित नियमों जैसे पर्पज कोड, FIRC और अन्य अनिवार्य प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया जा रहा था. जांच में सामने आया कि मोक्षाग्ना टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (Xpat) के जरिए अमेरिका में मौजूद ग्राहकों से पैसा लिया जाता था. इसके बाद रकम को क्रिप्टो में बदलकर भारत भेजा जाता था और यहां क्रिप्टो बेचकर प्राप्त धन भारतीय ग्राहकों को वितरित किया जाता था. ED के मुताबिक कंपनी का मुख्य संचालक अमेरिका में रहकर पूरे नेटवर्क को नियंत्रित कर रहा था..जबकि भारत में उसके परिवार के सदस्य संचालन में मदद कर रहे थे.
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ईडी ने क्या दावे किए हैं
ED ने दावा किया है कि ट्रांसाक टेक्नोलॉजी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने भी बिना RBI की अनुमति के क्रॉस बॉर्डर लेनदेन से जुड़ी सेवाएं दी. जांच में ये भी सामने आया कि कंपनी ने अपने मुनाफे को क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर अमेरिका स्थित अपनी सहयोगी कंपनी को भेजा. Carret नामक मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए ग्राहकों को क्रिप्टो खरीदने और बेचने की सुविधा दी जाती थी. ED का आरोप है कि कंपनी विदेशी रेमिटेंस ऐप्स के साथ ओटीसी (OTC) डील कर भारत में बिना अनुमति क्रॉस बॉर्डर मनी ट्रांसफर &amp;nbsp;का काम कर रही थी. तलाशी के दौरान ED को ऐसे संकेत भी मिले हैं कि कुछ कंपनियां टैक्स हेवन देशों में बनाई गई शेल कंपनियों और विदेशी क्रिप्टो ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रही थी.. इससे आधिकारिक बैंकिंग चैनलों को दरकिनार कर धन का लेनदेन किया जा रहा था.
ईडी ने कुछ कंपनियों के बैंक खाते पर लगाई रोक
कार्रवाई के दौरान ईडी ने कुछ कंपनियों के बैंक खातों पर रोक लगा दी है. इन खातों में करीब 6 करोड़ रुपये की राशि मौजूद थी..एजेंसी का मानना है कि इन खातों का उपयोग अवैध विदेशी क्रॉस बॉर्डर मनी ट्रांसफर के लिए किया जा रहा था. ED ने कहा है कि ये जांच अभी शुरुआती चरण में है.. अब तक के साक्ष्यों से 2500 करोड़ रुपये से अधिक के FEMA उल्लंघन के संकेत मिले है. मामले में आगे की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे हो सकते है.
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        <pubDate>Sat, 20 Jun 2026 10:30:11 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>क्रिप्टो, के, जरिए, 2500, करोड़, रुपये, से, ज्यादा, के, अवैध, विदेशी, लेनदेन, का, खुलासा, की, बड़ी, कार्रवाई</media:keywords>
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        <title>क्या चरवाहे ने 10  गायों को मौत के घाट उतारा ? तेलंगाना के इस गांव में चौंकाने वाला मामला</title>
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        <description><![CDATA[ रंगा रेड्डी जिले के कोथुर मंडल के कुम्मरीगुडा गांव में एक पशु बाड़े में यूरिया मिला पानी पीने से आज सुबह दस गायों की रहस्यमय तरीके से मौत हो गई. इसके बाद पुलिस ने फरार चरवाहे की तलाश शुरू कर दी है. यह दुखद घटना 19 जून सुबह तब सामने आई जब पशु मालिक ने अपने दस कीमती दुधारू पशुओं के शवों को बाड़े में बुरी हालत में बिखरा हुआ पाया.
मरने वाले पशुओं में लक्ष्मी, गंगा, सरस्वती और सात अन्य स्वस्थ गायें शामिल थीं. उनमें जहर के गंभीर असर और पेट की तकलीफ के लक्षण दिखे. पशु चिकित्सकों की शुरुआती जांच से पता चलता है कि पशुओं ने अपने रोजाना के पीने के पानी में घुली हुई जानलेवा मात्रा में यूरिया खाद पी ली थी. पशुओं को चारा-पानी देने वाला मुख्य देखभाल करने वाला व्यक्ति इतनी बड़ी संख्या में हुई मौतों के तुरंत बाद रहस्यमय तरीके से वहाँ से गायब हो गया. परेशान मालिक को मरे हुए पशुओं के पास बेबस होकर रोते हुए पाया गया. यह ध्यान रखना जरूरी है कि इस दुखद घटना में किसी भी इंसान को चाहे वह स्थानीय निवासी श्रीनिवास रेड्डी हों या खेत के मजदूर - कोई जानलेवा चोट या शारीरिक नुकसान नहीं पहुंचा.
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हालात का जायजा लेने और पानी के कुंडों और पशुओं के अवशेषों से जरूरी फोरेंसिक नमूने इकट्ठा करने के लिए वरिष्ठ स्थानीय अधिकारी और अनुभवी पशु चिकित्सक तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे. चरवाहे के अचानक गायब होने से जान-बूझकर जहर देने या पशुओं के संवेदनशील इलाके के पास केमिकल रखने में भारी लापरवाही बरतने का शक पैदा हुआ.&amp;nbsp;
कोथुर पुलिस अधिकारियों ने बड़े पैमाने पर शुरू किया तलाशी अभियान
कोथुर पुलिस अधिकारियों ने गायब देखभाल करने वाले का पता लगाने के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया है. कोथुर पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस ऑफिसर एम. रवि कुमार ने चल रही जांच की पुष्टि की और ग्रामीण पुलिस टीम द्वारा की गई तत्काल प्रशासनिक कार्रवाई के बारे में जानकारी दी.

इंस्पेक्टर एम. रवि कुमार ने कहा कि घबराए हुए पशु फार्म मालिक का फोन आने के तुरंत बाद हमारी पेट्रोलिंग यूनिट कुम्मरीगुडा गाँव पहुंची. हमने पूरे पशु बाड़े के इलाके को सुरक्षित कर लिया है और यूरिया की मौजूदगी की पुष्टि के लिए एडवांस्ड फोरेंसिक लैब टेस्टिंग के लिए पानी के जरूरी नमूने इकट्ठा किए है. एक खास सर्च टीम फरार चरवाहे को तेजी से ढूंढ रही है और हम उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लेंगे.
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अच्छी बात यह है कि किसी इंसान को कोई शारीरिक चोट या जान का नुकसान नहीं हुआ. हम पीड़ित को पूरी कानूनी और भावनात्मक मदद दे रहे हैं और साथ ही औपचारिक कानूनी शिकायत पर तेजी से कार्रवाई कर रहे हैं. स्थानीय पुलिस ने इस जानलेवा घटना के पीछे के असली मकसद का पता लगाने के लिए आधिकारिक तौर पर एक शुरुआती आपराधिक मामला दर्ज किया है. ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 20 Jun 2026 10:30:10 +0530</pubDate>
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        <title>Ladakh Off Roading: लद्दाख के हनले में ऑफ&amp;रोड ड्राइविंग पर बड़ा एक्शन, महिंद्रा फॉर्च्यूनर समेत ड्राइवर जब्त</title>
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        <description><![CDATA[ लद्दाख के ठंडे रेगिस्तानी इलाके में देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक आ रहे हैं और यहां पर्यटन तेज़ी से बढ़ रहा है. लेकिन, कुछ लापरवाह पर्यटकों की हरकतों से यहां के नाज़ुक पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है, जिसके चलते अधिकारियों को कार्रवाई करनी पड़ रही है.
ऐसी ही एक घटना में चांगथांग हाई एल्टीट्यूड कोल्ड डेज़र्ट वाइल्डलाइफ़ सैंक्चुअरी में ऑफ़-रोड ड्राइविंग का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद, लद्दाख के वाइल्डलाइफ़ डिपार्टमेंट ने तुरंत कार्रवाई करते हुए हनले इलाके में एक सफ़ेद महिंद्रा फ़ॉर्च्यूनर SUV को जब्त कर लिया और उसके ड्राइवर को हिरासत में ले लिया. वाइल्डलाइफ़ डिपार्टमेंट की एक टीम को हनले भेजा गया और उस गाड़ी और ड्राइवर को पकड़ लिया गया. अब ड्राइवर पर कानून की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.

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जंगली जानवर का पीछा कर रहा था ड्राइवर
स्थानीय लोगों के अनुसार, सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में गाड़ी को एक जंगली जानवर का पीछा करते हुए और पर्यावरण के लिहाज़ से बेहद संवेदनशील वाइल्डलाइफ़ हैबिटैट (वन्यजीवों के आवास) के अंदर सीधे ऑफ़-रोडिंग करते हुए देखा गया. यह उल्लंघन चांगथांग हाई एल्टीट्यूड कोल्ड डेज़र्ट वाइल्डलाइफ़ सैंक्चुअरी के नाज़ुक इकोसिस्टम में स्थित हनले के पास हुआ. सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस वीडियो से काफ़ी हंगामा हुआ. लोगों के गुस्से और पर्यावरण को लेकर चिंता को देखते हुए, वाइल्डलाइफ़ डिपार्टमेंट की एक खास टीम को उस इलाके में भेजा गया, जिसने उस गाड़ी का पता लगाया.
ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया गया
SUV और ड्राइवर दोनों को शुक्रवार सुबह हिरासत में ले लिया गया ताकि उन्हें कानूनी अधिकारियों के सामने पेश किया जा सके. चांगथांग वाइल्डलाइफ़ सैंक्चुअरी का ऊंचा पहाड़ी इलाका पर्यावरण के लिहाज़ से बेहद संवेदनशील है. स्थानीय नेता और संरक्षण समूह, जैसे कि वाइल्डलाइफ़ कंजर्वेशन एंड बर्ड्स क्लब ऑफ़ लद्दाख (WCBCL)&amp;mdash;अक्सर इस बात पर ज़ोर देते हैं कि ऑफ़-रोडिंग से चांगथांग के चरागाहों को भारी और कभी न ठीक होने वाला नुकसान पहुंचता है और पर्यावरण पर बुरा असर पड़ता है. चरागाहों पर गाड़ी चलाने से ऊपरी मिट्टी की पतली परत नष्ट हो जाती है, जिसमें नमी कम होती है और जिसे प्राकृतिक रूप से दोबारा बनने में सैकड़ों साल लगते हैं. लापरवाही से गाड़ी चलाने और जानवरों का पीछा करने से लुप्तप्राय स्थानीय जीवों पर सीधा बुरा असर पड़ता है. हनले घाटी पैलास कैट, तिब्बती भेड़िया, तिब्बती सैंड फ़ॉक्स और ब्लैक-नेक्ड क्रेन के लिए प्रजनन की एक अहम जगह है.
लद्दाख में पर्यटकों की लापरवाह हरकत
इससे पहले भी लद्दाख में पर्यटकों को अपनी लापरवाह हरकतों से इकोसिस्टम को नुकसान पहुंचाते हुए कई वीडियो में देखा गया है. पिछले हफ़्ते, चुशुल के पूर्व काउंसलर कोंचक स्टेनज़िन ने सोशल मीडिया पर ऐसे ही पर्यटकों के एक समूह के ख़िलाफ कार्रवाई की मांग की थी. &quot;हम अपने पर्यावरण के लिहाज से संवेदनशील इलाके में गैर-ज़िम्मेदार पर्यटकों से ऐसे बर्ताव की उम्मीद नहीं करते. मैं लद्दाख पुलिस, ADGP लद्दाख, @utladakhtourism और @deptofwildlifeprotectionleh से जरूरी कार्रवाई करने की अपील करता हूं. हम अपने पर्यटकों का सम्मान करते हैं, लेकिन यह जरूरी है कि वे हमारी प्राकृतिक सुंदरता का भी सम्मान करें. आइए, मिलकर अपने पर्यावरण की रक्षा करें!&quot;
मशहूर हस्तियों ने कड़ी निंदा की
लद्दाख की मशहूर हस्तियों और आम लोगों ने इन हरकतों की कड़ी निंदा की है. साथ ही, उन्होंने ज़िले के हिसाब से पर्यटन के सख़्त नियम बनाने और वन्यजीवों के रहने की जगहों को साफ़ तौर पर चिह्नित करने की मांग शुरू कर दी है, ताकि पर्यटकों की लापरवाही से लद्दाख के इकोसिस्टम को हमेशा के लिए नुकसान न पहुंचे.
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        <pubDate>Sat, 20 Jun 2026 10:30:09 +0530</pubDate>
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        <title>‘तुम लोग परजीवी हो, जेल में बंद...’, कॉकरोच वाली टिप्पणी पर बवाल के बाद CJI सूर्यकांत ने फिर किसे सुनाई खरी खोटी?</title>
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        <description><![CDATA[ भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत की तरफ से कुछ वक्त पहले दिए गए कॉकरोच वाले बयान पर देशभर में खूब बवाल हुआ था. अब सीजेआई ने बुधवार (17 जून, 2026) को एक मामले की सुनवाई करते हुए फिर से एक ऐसा ही बयान दे दिया है. सीजेआई एक आरोपी की जमानत याचिका को खारिज करते हुए कहा कि तुम लोग परजीवी हो, तुम्हारा जेल में रहना ही समाज के लिए बेहतर है.
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में बुधवार (17 जून, 2026) को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच साइबर अपराध से जुड़े एक मामले में आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी. इस दौरान सीजेआई आरोपी को जमानत देने से इनकार करते हुए कड़ी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि साइबर अपराधी परजीवी हैं, जो लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करते हैं, उन्हें धोखा देते हैं और उन्हें पकड़ना भी मुश्किल होता है. ऐसे अपराधियों का जेल की सलाखों के पीछे रहना ही समाज के हित में है.
सुनवाई के दौरान क्या-क्या बोले सीजेआई?
देश के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने मामले की सुनवाई के दौरान साइबर अपराध के मामलों पर चिंता जताई और साथ-ही-साथ आरोपी को कड़ी फटकार भी लगाई. उन्होंने कहा, &amp;lsquo;तुम लोग परजीवी हो, जो निवेशकों से करोड़ों रुपये ठगते हो. साइबर अपराधियों के प्रति हमें बहुत सख्त होना ही पड़ेगा. तुम लोग किसी एक राज्य तक सीमित नहीं रहते. तमिलनाडु में किसी से फ्रॉड करते हो और फिर से वहां से जम्मू चले जाते हो. समाज का भला इसी में है कि तुम जैसे लोग जेल की सलाखों के भीतर ही बंद रहें.&amp;rsquo;&amp;nbsp;

CJI के कॉकरोच वाले बयान पर मच गया था बवाल
इससे पहले सीजेआई सूर्यकांत ने एक मामले की सुनवाई के दौरान भी इसी तरह की टिप्पणी कर दी थी, जहां उन्होंने कथित तौर पर बेरोजगार युवाओं की तुलना कॉकरोच से कर दी थी. इसके बाद उनके बयान को लेकर देशभर में खूब बवाल हुआ. यहां तक उनके बयान का हवाला देते सोशल मीडिया पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नाम से एक नई ऑनलाइन राजनीतिक पार्टी भी उभरकर सामने आ गई. &amp;nbsp;
उन्होंने कहा था कि बेरोजगार युवा आगे चलकर मीडिया, सोशल मीडिया और RTI एक्टिविस्ट बन जाते हैं और फिर सिस्टम पर ही हमला शुरू कर देते हैं. हालांकि, जब बवाल काफी ज्यादा बढ़ गया तब सीजेआई ने अपने टिप्पणी पर सफाई देते हुए कहा था, &amp;lsquo;मेरी टिप्पणी को गलत तरीके से पेश किया गया है. मेरा बयान उन लोगों के लिए था, जो नकली और फर्जी डिग्री लेकर कानूनी पेशे में घुस जाते हैं.&amp;rsquo;
यह भी पढ़ेंः &#039;महिला वकीलों के लिए BCI का फॉर्मूला सही&#039;, सुप्रीम कोर्ट ने मांगा अंतिम प्रस्ताव ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 21:30:14 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>‘तुम, लोग, परजीवी, हो, जेल, में, बंद...’, कॉकरोच, वाली, टिप्पणी, पर, बवाल, के, बाद, CJI, सूर्यकांत, ने, फिर, किसे, सुनाई, खरी, खोटी</media:keywords>
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        <title>Explained: शिवसेना के 6 सासंद मिलने से NDA कितना मजबूत, दोनों सदनों में कितनी बढ़ेंगी सीटें? पढ़ें पूरा एनालिसिस</title>
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        <description><![CDATA[ महाराष्ट्र की सियासत में एक और बड़ा उलटफेर हुआ है. सूत्रों के मुताबिक, उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) के 6 लोकसभा सांसदों ने पार्टी छोड़कर अलग गुट बना लिया है और 19 जून को शिवसेना के 60वें स्थापना दिवस पर वे एकनाथ शिंदे के गुट में शामिल हो जाएंगे. यह टूट &amp;lsquo;ऑपरेशन टाइगर&amp;rsquo; अभियान के तहत हुई, जिसे शिंदे गुट पिछले कई दिनों से चला रहा था. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इन छह सांसदों के अलग गुट को मान्यता दे दी है. इस कदम से सत्तारूढ़ NDA को लोकसभा और राज्यसभा दोनों में बड़ा फायदा होने वाला है. आइए इसके पूरे गणित और राजनीतिक फायदों को समझते हैं...
लोकसभा में NDA की ताकत कितनी बढ़ जाएगी?
इस टूट से पहले NDA के पास लोकसभा में 293 सीटें थीं. इससे पहले ही तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 बागी सांसदों ने NDA का समर्थन करने का फैसला किया था, जिससे NDA की सीटें बढ़कर 313 हो गई थी. अब इसमें शिवसेना (UBT) के छह सांसदों के शामिल होने से NDA का आंकड़ा 319 तक पहुंच जाएगा.
हालांकि, लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत (जो संविधान संशोधन के लिए जरूरी है) के लिए 363 सीटों की जरूरत होती है. 319 सीटों के साथ NDA अभी भी इस आंकड़े से 44 सीटें पीछे है. लेकिन यह संख्या NDA को संसद में काफी मजबूत स्थिति देगी और अहम विधेयक पास कराने में मदद करेगी.
राज्यसभा में NDA की स्थिति क्या है? &amp;nbsp;
राज्यसभा की बात करें तो NDA पहले से ही दो-तिहाई बहुमत के काफी करीब पहुंच चुका है. हाल ही में 10 राज्यों की 27 राज्यसभा सीटों में से 24 पर निर्विरोध चुनाव हुए, जिसमें NDA को बड़ा फायदा हुआ. 18 जून को 12 राज्यों की 26 सीटों पर होने वाले चुनाव, TMC और शिवसेना (UBT) में हुई टूट से NDA की राज्यसभा में स्थिति और मजबूत होने की उम्मीद है. राज्यसभा में दो-तिहाई बहुमत हासिल करना NDA के लिए बेहद अहम है, क्योंकि इससे वह संविधान संशोधन जैसे अहम मुद्दों पर विपक्ष पर निर्भर नहीं रहेगा.
शिंदे गुट को क्या फायदा होगा?
इन छह सांसदों के शामिल होने के बाद एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के लोकसभा में सांसदों की संख्या 7 से बढ़कर 13 हो जाएगी. इसके साथ ही शिंदे गुट NDA के भीतर तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बन जाएगा. वहीं, उद्धव ठाकरे के पास अब लोकसभा में सिर्फ तीन सांसद बचेंगे.
इस टूट से क्या-क्या फायदे होंगे?
इस टूट के 4 बड़े राजनीतिक फायदे हैं:

संविधान संशोधन में आसानी: लोकसभा और राज्यसभा दोनों में NDA की बढ़ती संख्या के साथ, सरकार के लिए परिसीमन विधेयक जैसे संविधान संशोधन विधेयक पास कराना आसान हो जाएगा. TMC ने इस साल की शुरुआत में परिसीमन विधेयक को हराने में अहम भूमिका निभाई थी.
विपक्ष का कमजोर होना: यह टूट विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक के लिए एक बड़ा झटका है. महाराष्ट्र में विपक्ष कमजोर होगा और NDA को राज्य में राजनीतिक रूप से मजबूती मिलेगी.
कानूनी पेंच से बचाव: दलबदल विरोधी कानून (10वीं अनुसूची) के तहत अगर किसी दल के दो-तिहाई सांसद अलग हो जाएं तो उन्हें अयोग्य नहीं ठहराया जा सकता. शिवसेना (UBT) के नौ सांसदों में से छह (यानी दो-तिहाई) के अलग होने से ये सांसद अयोग्यता से बच गए हैं. इसलिए इन्होंने अलग गुट बनाकर स्पीकर से मान्यता मांगी.
शिंदे गुट का उभार: इस टूट के साथ ही एकनाथ शिंदे ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ी ताकत हैं. शिवसेना के 60वें स्थापना दिवस पर इन सांसदों का शामिल होना शिंदे के लिए एक बड़ी जीत है.

शिवसेना (UBT) की टूट का क्या है पूरा मामला?
ये छह सांसद मंगलवार रात चार्टर्ड विमान से दिल्ली पहुंचे और ओम बिरला से मुलाकात करके अलग गुट बनाने का पत्र सौंपा. स्पीकर ने इस गुट को मान्यता दे दी. इन सांसदों ने दिल्ली में एकनाथ शिंदे और उनके बेटे सांसद श्रीकांत शिंदे से भी मुलाकात की. वहीं, उद्धव गुट ने इन सांसदों को व्हिप जारी कर बैठक में बुलाया और स्पीकर से किसी भी बागी गुट को मान्यता न देने की अपील की, लेकिन उनकी यह अपील नाकाम रही.
शिवसेना (UBT) के 6 सांसदों का शिंदे गुट में शामिल होना NDA के लिए एक बड़ी राजनीतिक जीत है. लोकसभा में NDA की संख्या 319 तक पहुंचने से सरकार को अहम विधेयक पास कराने में मदद मिलेगी. राज्यसभा में भी NDA दो-तिहाई बहुमत के करीब पहुंच गया है. इस टूट ने विपक्षी इंडिया गठबंधन को कमजोर किया है और एकनाथ शिंदे की राजनीतिक स्थिति को मजबूत किया है. अब देखना यह होगा कि उद्धव ठाकरे इस बड़े झटके से कैसे उबरते हैं और क्या NDA आने वाले दिनों में और दलों को अपने साथ जोड़ पाता है. ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 21:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Explained:, शिवसेना, के, सासंद, मिलने, से, NDA, कितना, मजबूत, दोनों, सदनों, में, कितनी, बढ़ेंगी, सीटें, पढ़ें, पूरा, एनालिसिस</media:keywords>
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        <title>जहांगीर खान के लिए थाने पर हमला करने वालों को सीएम शुभेंदु की चेतावनी&amp; न सिर्फ जेल होगी, संपत्ति की भी नीलामी...</title>
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        <description><![CDATA[ तृणमूल कांग्रेस के नेता जहांगीर खान (TMC) को छुड़ाने के लिए पुलिस स्टेशन पर हमला करने वालों को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सख्त चेतावनी दी है. शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि दक्षिण 24 परगना जिले के फाल्टा पुलिस थाने पर धावा बोलकर हवालात में बंद टीएमसी नेता को छुड़ाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि न सिर्फ इन लोगों को जेल में डाला जाएगा, बल्कि इनकी संपत्तियां जब्त करके नीलामी की जाएगी.
इस घटना के सिलसिले में अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और पुलिस ने इस हमले के लिए जहांगीर खान की पत्नी को मुख्य साजिशकर्ता बताया है. जहांगीर खान को रंगदारी समेत विभिन्न आरोपों में मामला दर्ज होने के बाद 8 आठ जून को उत्तरी बंगाल में भारत-नेपाल सीमा के पास से गिरफ्तार किया गया था.
बुधवार (17 जून, 2026) को फाल्टा में राज्य सरकार के जनसंपर्क कार्यक्रम &amp;lsquo;जनकल्याण शिविर&amp;rsquo; को संबोधित करते हुए सीएम शुभेंदु अधिकारी ने इस घटना का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों और अर्धसैनिक बलों पर हमले के वीडियो में दिख रहे किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा.&amp;nbsp;
शुभेंदु अधिकारी ने कहा, &#039;मैं मंगलवार को कर्सियांग में था. मैंने टेलीविजन पर देखा कि माफिया की पत्नी के नेतृत्व में कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों और अर्धसैनिक बलों पर हमले की कोशिश की. फाल्टा में कानून का शासन है. कोई माफिया कितना भी बड़ा क्यों न हो, भाजपा सरकार उन्हें सबक सिखाएगी.&#039;
यह भी पढ़ें:- बंगाल पुलिस की बड़ी कार्रवाई, तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक के पांच बैंक खाते फ्रीज
लोगों के एक ग्रुप ने जहांगीर खान की रिहाई की मांग को लेकर मंगलवार को फाल्टा में विरोध प्रदर्शन किया था. इस प्रदर्शन का नेतृत्व जहांगीर खान की पत्नी कथित तौर पर कर रही थीं, जिसके बाद पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने भीड़ को तितर-बितर कर दिया था. सोशल मीडिया पर इसके कुछ वीडियो भी सामने आए हैं, जिसमें दिख रहा है कि पुलिस की ओर से खदेड़े जाने के बाद प्रदर्शनकारी भाग रहे हैं और पास के जलाशयों में कूद रहे हैं.
सीएम शुभेंदु ने कहा, &#039;वीडियो में दिख रहे लोगों को बख्शा नहीं जाएगा. मैं इस मंच से पुलिस अधीक्षक को निर्देश दे रहा हूं कि वे राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत मामला दर्ज करें. उन्हें ऐसी सजा मिलनी चाहिए कि भविष्य में कोई भी पुलिस, सरकारी कर्मचारियों या अर्धसैनिक बलों पर हमला करने की हिम्मत न कर सके.&#039; उन्होंने कहा, &#039;उन्हें न सिर्फ जेल होगी, बल्कि हमला करने वालों की संपत्तियां भी जब्त कर उनकी नीलामी की जाएगी. हमारी डबल-इंजन सरकार ऐसा करेगी. कानून का शासन स्थापित करना ही हमारा उद्देश्य है.&#039; उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार किसी भी तरह की अराजकता को बर्दाश्त नहीं करेगी और उन्होंने लोगों से कानून को अपने हाथ में न लेने का आग्रह किया.
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        <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 21:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>जहांगीर, खान, के, लिए, थाने, पर, हमला, करने, वालों, को, सीएम, शुभेंदु, की, चेतावनी-, न, सिर्फ, जेल, होगी, संपत्ति, की, भी, नीलामी...</media:keywords>
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        <title>रजिस्ट्री में खो गई अहम केस की फाइल तो CJI ने दिया सख्त निर्देश&amp; मैं देखूंगा ये कैसे हुआ, मुझे पूरी डिटेल चाहिए</title>
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        <description><![CDATA[ देश के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत (CJI Surya Kant) ने बुधवार (17 जून, 2026) को उस शिकायत पर कड़ा संज्ञान लिया है, जिसमें आरोप लगाया गया कि सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में एक अहम केस की फाइल गुम हो गई, जिसकी वजह से एक जरूरी मामला सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं हो सका.
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत (CJI Surya Kant) ने कहा कि वह खुद इस मामले को देखेंगे. यह मामला तब सामने आया जब एक वकील ने सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस वी. मोहना की बेंच के समक्ष इस घटना का उल्लेख किया. वकील ने कहा कि इस महीने की शुरुआत में एक याचिका दायर की गई थी, लेकिन सुनवाई के लिए उसे अभी तक सूचीबद्ध नहीं किया गया है.
वकील ने बेंच को बताया कि उन्होंने इस बारे में रजिस्ट्रार को पत्र लिखा था, लेकिन मामला कोर्ट में सूचीबद्ध नहीं हो पाया क्योंकि ऐसा प्रतीत हो रहा है कि रजिस्ट्री से फाइल कहीं खो गई है. उन्होंने कोर्ट से आग्रह किया कि याचिका को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाए.
वकील ने कहा, &#039;एसएलपी 8 जून को दायर की गई थी, लेकिन आज तक रजिस्ट्री में इसका पंजीकरण नहीं हुआ है. हमने रजिस्ट्रार को एक पत्र भी लिखा है. ऐसा लगता है कि केस की फाइल रजिस्ट्री में खो गई है और इसी वजह से इसे अदालत के समक्ष सूचीबद्ध नहीं किया गया है.&#039;
यह भी पढ़ें:- सभी 22 लाख छात्र क्यों दें दोबारा एग्जाम? NEET UG परीक्षा को लेकर नई याचिका, CJI सूर्यकांत ने सुनते ही दिया ये जवाब
सीजेआई सूर्यकांत ने कहा, &#039;अगर रजिस्ट्री में फाइल गुम हो गई है, तो यह गंभीर मामला है. अगर हमारी रजिस्ट्री में जरूरी मामलों की फाइलें खो रही हैं, तो क्या आपको लगता है कि मैं सिर्फ उन्हें सूचीबद्ध करने का ही आदेश दूंगा? मुझे कुछ और भी करना होगा.&#039; उन्होंने वकील को विस्तृत जानकारी देने को कहा.
सीजेआई सूर्यकांत ने कहा, &#039;मैं इस खामी की जांच करना चाहता हूं और पता लगाना चाहता हूं कि इसके पीछे क्या वजह है.&#039; उन्होंने वकील से कहा, &#039;अपने एओआर (एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड) से कहें कि वह आज ही मुझे शिकायत दें. मैं उपलब्ध हूं.&#039; मुख्य न्यायाधीश ने वकील से कहा कि वह सीजेआई को शिकायत उनके चैंबर में दे सकते हैं और उनके आवास पर भी शिकायत दे सकते हैं.
सीजेआई की अगुवाई वाली बेंच ने मई महीने में भी सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री को कड़ी फटकार लगाई थी. बेंच ने रजिस्ट्री के बर्ताव को &#039;बेहद खराब&#039; बताया और कहा कि उसके अधिकारी ऐसे व्यवहार कर रहे हैं जैसे वे सुपर चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई से भी बढ़कर) हों. बेंच ने निवेश से जुड़े धोखाधड़ी के मामले में एक आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की थी.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ें:- &#039;महिला वकीलों के लिए BCI का फॉर्मूला सही&#039;, सुप्रीम कोर्ट ने मांगा अंतिम प्रस्ताव ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 21:30:10 +0530</pubDate>
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        <title>PM Modi @ G7 Summit: G7 Summit में पीएम मोदी का IMPACT पर जोर: सिर्फ GDP नहीं, यह पूछना होगा कि विकास किसके लिए?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/pm-modi-g7-summit-g7-summit-में-पीएम-मोदी-का-impact-पर-जोर-सिर्फ-gdp-नहीं-यह-पूछना-होगा-कि-विकास-किसके-लिए</link>
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        <description><![CDATA[ फ्रांस के एवियन में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समावेशी और टिकाऊ आर्थिक विकास का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया. &amp;lsquo;सभी के लिए संतुलित, साझा और सतत आर्थिक विकास&amp;rsquo; विषय पर बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज विकास को केवल GDP या व्यापार के आंकड़ों से नहीं आंका जा सकता.
उन्होंने कहा, &quot;असली सवाल यह नहीं है कि विकास कितना हुआ, बल्कि यह है कि विकास किसके लिए, किसके साथ और किस दिशा में हो रहा है.&quot; प्रधानमंत्री ने भारत के विकास मॉडल को समावेशी, लोकतांत्रिक और जनभागीदारी पर आधारित बताया. उन्होंने कहा कि भारत की विकास यात्रा &amp;lsquo;सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास&amp;rsquo; के मंत्र से प्रेरित है.

पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने जी20 की अध्यक्षता और भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा (IMEC) जैसी पहलों के जरिए साझा विकास के अपने दृष्टिकोण को दुनिया के सामने रखा है. उन्होंने जोर देकर कहा कि साझा विकास ही आकांक्षाओं को वास्तविकता में बदल सकता है.
प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया में जारी संकट का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि ईंधन, उर्वरक और खाद्य आपूर्ति श्रृंखलाओं में आई बाधाओं का असर लंबे समय तक ग्लोबल साउथ के देशों पर पड़ता रहेगा. ऐसे में सबसे कमजोर देशों को इन संकटों का बोझ अकेले नहीं उठाना चाहिए.
ये भी पढ़ें: ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम पर भी हो बात...G7 देशों की मांग पर ट्रंप का सपोर्ट
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों से अपील की कि वे ऐसे सहयोगी तंत्र विकसित करें, जिससे विकासशील देश वैश्विक झटकों का सामना कर सकें और अपनी आर्थिक मजबूती बनाए रख सकें.
पीएम मोदी ने IMEC की तर्ज पर अफ्रीका, लैटिन अमेरिका और प्रशांत द्वीपीय देशों के साथ नई कनेक्टिविटी परियोजनाओं का भी प्रस्ताव रखा. उन्होंने कहा कि G7 देशों की पूंजी, भारत की प्रतिभा और ग्लोबल साउथ के देशों की भागीदारी को मिलाकर &quot;इंटरनेशनल मोबिलाइजेशन पार्टनरशिप फॉर एक्सेलेरेटिंग कनेक्टिविटी एंड ट्रेड (IMPACT)&quot; जैसी पहल शुरू की जा सकती है.
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने &amp;lsquo;ग्लोबल स्किल्स पार्टनरशिप&amp;rsquo; बनाने का सुझाव दिया. उन्होंने कहा कि जहां कई विकसित देश वृद्ध होती आबादी की चुनौती का सामना कर रहे हैं, वहीं भारत और ग्लोबल साउथ के पास युवा प्रतिभा, कौशल और उद्यमिता की अपार क्षमता है, जिसे वैश्विक विकास के लिए उपयोग में लाया जा सकता है.
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        <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 21:30:09 +0530</pubDate>
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        <title>कर्नाटक में फिर शुरू हुई रिसॉर्ट पॉलिटिक्स, कांग्रेस ने विधायकों को रिसॉर्ट में रखने का किया फैसला</title>
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        <description><![CDATA[ कर्नाटक में एक बार फिर रिसॉर्ट पॉलिटिक्स देखने को मिल रही है. राज्य में गुरुवार (18 जून, 2026) को होने वाले विधान परिषद (MLC) चुनावों से पहले सत्तारूढ़ कांग्रेस ने अपने विधायकों को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें रिसॉर्ट में ठहराने का फैसला किया है.
क्रॉस-वोटिंग की आशंका और विपक्षी दलों की तरफ से कथित तौर पर विधायकों को अपने पक्ष में करने की कोशिशों को रोकने के लिए कांग्रेस ने मंगलवार (16 जून) से लेकर मतदान के दिन 18 जून तक अपने विधायकों को एक रिसॉर्ट में रखने की योजना बनाई है.
क्रॉस वोटिंग की आशंका के कारण कांग्रेस ने लिया फैसला
कांग्रेस विधायक दल (CLP) की मंगलवार (16 जून) को हुई बैठक के बाद विधायकों को यहीं रिसॉर्ट वंडरला एम्यूजमेंट पार्क में रखा जाएगा, जो बेंगलुरु से लगभग 28 किलोमीटर दूर है. विधायक यहीं ठहरेंगे और मतदान के दिन सीधे विधानसभा ले जाए जाएंगे.
दरअसल, कर्नाटक विधान परिषद की सात सीटों के लिए चुनाव हो रहा है. कांग्रेस ने बीके हरिप्रसाद, टिप्पन्नप्पा कामकनूर, पीवी मोहन, बीएस शिवन्ना और विनय कार्तिक प्रकाश को उम्मीदवार बनाया है. वहीं, जेडी(एस) ने गोविंदराजू को मैदान में उतारा है, जबकि भाजपा ने लिंगराज पाटिल और रघु आर. को उम्मीदवार बनाया है.&amp;nbsp;

सात सीटों के लिए कुल आठ उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं, जिससे मुकाबला बेहद रोचक और कांटे का हो गया है. ऐसे में क्रॉस-वोटिंग चुनाव परिणामों को प्रभावित करने वाला महत्वपूर्ण कारक बन सकता है.
एक सीट पर चुनावी मुकाबला बन गया निर्णायक
कर्नाटक विधानसभा में वर्तमान में 222 सदस्य हैं, जबकि दो सीटें रिक्त हैं. किसी भी उम्मीदवार को जीत के लिए 28 वोटों की आवश्यकता होगी. मौजूदा संख्या बल के आधार पर कांग्रेस चार सीटें जीतने की मजबूत स्थिति में है, जबकि भाजपा के खाते में दो सीटें जाना लगभग तय माना जा रहा है.
हालांकि, सातवीं और आखिरी सीट के लिए मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है. कांग्रेस के विनय कार्तिक प्रकाश और जेडी(एस) के गोविंदराजू के बीच सीधी टक्कर मानी जा रही है. यही सीट चुनाव का सबसे चर्चित और निर्णायक मुकाबला बन गई है. इसी अंतिम सीट को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं और कांग्रेस ने अपने विधायकों को एकजुट बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतते हुए उन्हें रिसॉर्ट में रखने का फैसला किया है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 04:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>कर्नाटक, में, फिर, शुरू, हुई, रिसॉर्ट, पॉलिटिक्स, कांग्रेस, ने, विधायकों, को, रिसॉर्ट, में, रखने, का, किया, फैसला</media:keywords>
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        <title>ईरान से यूएस की डील पर ओवैसी को नहीं रहा भरोसा, जानें डोनाल्ड ट्रंप को लेकर क्या कहा?</title>
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        <description><![CDATA[ AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मंगलवार (16 जून, 2026) को अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित समझौते पर सहमति बनने को लेकर बड़ा बयान दिया है. इस दौरान उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर भी बड़ी टिप्पणी की है. उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप पर कोई भी यकीन नहीं कर सकता है. वो सुबह में एक बात कहते हैं, दोपहर में उसको बदल देते हैं और शाम में फिर एक नई बात कर देते हैं.
उन्होंने कहा, &amp;lsquo;अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने जिस तरीके के इस जंग की शुरुआत की, इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था में भूचाल आ गया और आर्थिक संतुलन बिगड़ गया. इसके साथ पूरे एशिया, विशेषकर दक्षिण एशिया में तेल और गैस की आपूर्ति पर संकट छा गया.&amp;rsquo;
मोदी ने नेतन्याहू से क्यों नहीं कहा कि तमाशा बंद करो- ओवैसी
हैदराबाद से लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में कहा, &amp;lsquo;मुझे अफसोस इस बात का है कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायल जाकर वहां की संसद (नेसेट) में खड़े होकर कहा था कि हम इजरायल के साथ हैं, तो प्रधानमंत्री मोदी ने पहले यह बात नेतन्याहू, जो उनके काफी करीबी दोस्त भी हैं, को क्यों नहीं कहा कि ये तमाशा बंद कर दो, इससे सबकी अर्थव्यवस्था खराब हो रही है.&amp;rsquo;&amp;nbsp;

#WATCH | On the US&amp;ndash;Iran Peace Deal, AIMIM President Asaduddin Owaisi says in an interview with ANI, &quot;No one can trust Trump... The way Donald Trump and Benjamin Netanyahu initiated the war, it caused turbulence in the entire global economy and disturbed the economic equilibrium.&amp;hellip; pic.twitter.com/ZB3DVVhJIO
&amp;mdash; ANI (@ANI) June 16, 2026



इजरायल एक नरसंहार करने वाला देश है- ओवैसी
उन्होंने कहा, &amp;lsquo;सीजफायर हुआ है, लेकिन सवाल यह है कि क्या अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी बात पर कायम रहेंगे. क्या वो इजरायल को रोक पाएंगे, क्योंकि इजरायल के लोग आज भी कह रहे हैं कि हम अपनी मनमानी करेंगे. ये तो एक नरसंहार करने वाला देश है, जिसने करीब 6 लाख फिलिस्तीनियों को खत्म कर दिया और लेबनान पर बमबारी कर रहा है. हम तो उम्मीद कर रहे हैं कि शांति कायम हो जाए और लोग अमन-चैन से अपनी जिंदगी गुजार सकें.&amp;rsquo;
अमेरिका के प्रति मोदी सरकार की विदेश नीति पर किया सवाल
ओवैसी ने कहा, &amp;lsquo;भारत के बहुत बड़ी तादाद में नागरिक खाड़ी क्षेत्र में रहते हैं, फिर चाहे वो दुबई हो, सऊदी अरब हो और अगर वहां रहने वाले हमारे लोगों को कुछ होगा तो हमारे जो रेमिटेंस हैं, उसे क्षति पहुंचेगी. ऐसे में यह बहुत अहम मामला हो जाता है.&amp;rsquo;
उन्होंने कहा, &amp;lsquo;हमलों में हमारे तीन नाविक मारे गए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसकी निंदा करने के लिए एक शब्द तक नहीं बोलते हैं. वो इतना क्यों डरते हैं अमेरिका से? हमारे लाखों की संख्या में नाविक समुद्री जहाजों पर काम करते हैं और देश को फॉरेंस एक्सचेंज को बढ़ाते हैं, तो इस तरह की अगर विदेश नीति उनकी अमेरिका के प्रति है कि हम बिल्कुल ही खामोश रह जाएंगे. अमेरिका बोलेगा कि तेल ले लो, तो ले लेंगे, कहेगा कि मत लो, तो नहीं लेंगे.&amp;rsquo;
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        <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 04:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>ईरान, से, यूएस, की, डील, पर, ओवैसी, को, नहीं, रहा, भरोसा, जानें, डोनाल्ड, ट्रंप, को, लेकर, क्या, कहा</media:keywords>
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        <title>दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तानी ISI के 7 आतंकियों को दबोचा, राजधानी में करने वाले थे बड़ा हमला, कई हथियार बरामद</title>
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        <description><![CDATA[ दिल्ली पुलिस ने मंगलवार (16 जून, 2026) को आतंकवाद के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के लिए काम करने वाले सात आतंकवादियों को गिरफ्तार कर लिया है. यह आतंकवादी देश की राजधानी दिल्ली और NCR के इलाकों में बड़े आतंकवादी हमले को अंजाम देने की फिराक में थे.
पुलिस ने इन आतंकवादियों को गिरफ्तार कर इनके पास से भारी मात्रा में हथियार बरामद किए हैं, जिसमें पांच पिस्तौल, 41 जिंदा कारतूस, एक स्कॉर्पियो कार, सात मोबाइल फोन और कई डिजिटल सबूत भी शामिल हैं. दिल्ली पुलिस ने यह भी बताया कि ये आतंकी पंजाब के रास्ते से भारत में ड्रग्स और अवैध हथियारों की तस्करी भी करते थे.
दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी
दिल्ली पुलिस की ओर से इस बड़ी कार्रवाई की जानकारी मंगलवार (16 जून, 2026) को रात करीब साढ़े नौ बजे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर करके दी गई. पोस्ट में दिल्ली पुलिस ने कहा, &amp;lsquo;आतंक के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने बड़ा प्रहार किया है. स्पेशल सेल की टीम ने पाकिस्तानी एजेंसी ISI के लिए काम करने वाले 7 आतंकियों को गिरफ्तार कर लिया है.&amp;rsquo;&amp;nbsp;

आतंक के खिलाफ दिल्ली पुलिस का बड़ा प्रहार @CellDelhi की टीम ने पाकिस्तानी एजेंसी ISI के लिए काम करने वाले 7 आतंकियों को किया गिरफ्तार। पाकिस्तान से पंजाब के रास्ते भारत में ड्रग्स व अवैध हथियारों की सप्लाई किया करते थे ये आतंकी। पाकिस्तानी आतंकी शाहजाद भट्टी और उसके सहयोगी&amp;hellip; pic.twitter.com/GLQgHWjgg8
&amp;mdash; Delhi Police (@DelhiPolice) June 16, 2026



दिल्ली पुलिस ने कहा, &amp;lsquo;ये आतंकवादी पाकिस्तान से पंजाब के रास्ते भारत में ड्रग्स और अवैध हथियारों की सप्लाई किया करते थे और ये सभी पाकिस्तानी आतंकवादी शहजाद भट्टी और उसके सहयोगी अजमल गुज्जर के निर्देश पर दिल्ली-NCR में बड़ी आतंकी घटना को अंजाम देने की फिराक में थे. इनके पास कई हथियार, गाड़ी, मोबाइल और डिजिटल सबूत बरामद हुए हैं.&amp;rsquo;
दिल्ली पुलिस की चौकसी से राजधानी पर से टला खतरा
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की कड़ी चौकसी और इस बड़ी कार्रवाई से राष्ट्रीय राजधानी पर से एक बड़ा खतरा होने से पहले ही टल गया. फिलहाल इस मामले में दिल्ली पुलिस अपनी जांच को आगे बढ़ा रही है. वहीं, गिरफ्तार किए गए आतंकवादियों से पूछताछ के बाद और भी जानकारियां सामने आने की संभावनाएं हैं. &amp;nbsp;
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        <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 04:30:08 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>दिल्ली, पुलिस, की, स्पेशल, सेल, ने, पाकिस्तानी, ISI, के, आतंकियों, को, दबोचा, राजधानी, में, करने, वाले, थे, बड़ा, हमला, कई, हथियार, बरामद</media:keywords>
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        <title>16 करोड़ के कोयला घोटाले में केंद्रीय मंत्री किशन रेड्डी ने लिखा पत्र, CM रेवंत रेड्डी से कर डाली ये मांग</title>
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        <description><![CDATA[ सिंगरेनी कोलरीज कंपनी लिमिटेड में कोयले के स्टॉ घोटाले के आरोप में तेलंगाना में राजनीतिक बखेड़ा खड़ा हो गया है. इस मामले में केंद्रीय कोयला मंत्री और सिकंदराबाद से बीजेपी सांसद किशन रेड्डी ने सीएम रेवंत रेड्डी से लेटर लिककर मामले की जांच की मांग की है.
मुख्यमंत्री&amp;nbsp; को पत्र में क्या लिखा है?&amp;nbsp;
10 जून को लिखे पत्र में किशन रेड्डी ने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि एससीसीएल के स्टॉक से लगभग 1600 करोड़ के 40 लाख टन कोयला गायब होने की बात सामने आई है. कोयला गायब होना और अन्य संबंधित खबरें बेहद ही गंभीर है. इनकी तुरंत जांच होना चाहिए.&amp;nbsp;
उन्होंने अपने पत्र में कहा है कि आपका ध्यान 1600 करोड़ रुपये के मूल्य की 40 लाख टन कोयला गायब होने की खबरों की ओर दिलाना चाहता हूं. इससे कंपनी को भारी नुकसान पहुंचा है. केंद्रीय मंत्री ने साफ कहा है कि अगर यह आरोप सही होते हैं, तो कंपनी की वित्तीय स्थिति और भविष्य पर असर पड़ेगा. केंद्रीय मंत्री ने SCCL की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि तेलंगाना सरकार बकाया राशि का भुगतान न होने पर कंपनी कमजोर हो सकती है.&amp;nbsp;
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दरअसल, सिंगरेनी कोलरीज कंपनी लिमिटेड में तेलंगाना सरकार और केंद्र की ज्वाइंट पार्टनरशिप है. इसका इक्विटी रेशो 51:49 है. केंद्रीय मंत्री ने साफ कहा है कि इस मामले में जांच तुरंत की जानी चाहिए. इससे गड़बड़ियों का पता लगाया जा सके.&amp;nbsp;
ट्रेड यूनियन संगठनों ने केंद्रीय मंत्री से की मामले में दखल देने की मांग
ANI को दिए इंटरव्यू में केंद्रीय मंत्री ने बताया कि अपने पत्र में तेलंगाना के मुख्यमंत्री से इस मामले में स्पष्टता और जवाबदेही की मांग की गई है. साथ ही कहा कि मामले में राजनीतिक दलों, ट्रेड यूनियनों और कर्मचारियों ने मामले को उठाया है. इस वजह से राज्य सरकार से जवाब मांगना पड़ा. इस मामले में लगातार मीडिया में कई खबरें सामने आई हैं. &amp;nbsp;राजनीतिक पार्टियों, ट्रेड यूनियन ऑर्गेनाइजेशन और कर्मचारियों ने पत्र लिखकर स्पष्टता की मांग की है. इसके कामकाज की देखरेख को लेकर केंद्र की भूमिका शून्य ही रही है.&amp;nbsp;
झारखंड राज्यसभा चुनाव: NDA के विधायक करेंगे &#039;अंतरात्मा&#039; की आवाज पर मतदान, INDIA गठबंधन की बैठक ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 04:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>करोड़, के, कोयला, घोटाले, में, केंद्रीय, मंत्री, किशन, रेड्डी, ने, लिखा, पत्र, रेवंत, रेड्डी, से, कर, डाली, ये, मांग</media:keywords>
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        <title>US हमले में 3 भारतीयों की मौत पर ट्रंप के सामने PM मोदी की दो टूक, जी&amp;7 के मंच से दुनिया को दिया संदेश</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/us-हमले-में-3-भारतीयों-की-मौत-पर-ट्रंप-के-सामने-pm-मोदी-की-दो-टूक-जी-7-के-मंच-से-दुनिया-को-दिया-संदेश</link>
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        <description><![CDATA[ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार (16 जून, 2026) को फ्रांस के एवियन में आयोजित जी-7 देशों के नेताओं की बैठक को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत का मुद्दा उठाया और दुनिया को संदेश दिया. उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय साझेदारियां और वैश्विक एकजुटता तभी सार्थक बन सकती हैं, जब हम साझा चुनौतियों का मिलकर समाधान करें.
उन्होंने कहा कि भारत का दृढ विश्वास है कि दुनिया के विभिन्न हिस्सों में चल रहे तनावों और युद्धों का स्थायी समाधान बातचीत, कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के मार्ग से ही संभव है.&amp;nbsp;
बैठक को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने क्या कहा?
जी-7 समिट के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बगल में बैठ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो टूक कहा कि हम पश्चिम एशिया में शांति प्रयासों में हुई प्रगति का स्वागत करते हैं. इस संघर्ष से पश्चिम एशिया में हमारे मित्र देशों को जान-माल का नुकसान झेलना पड़ा है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में मैरिटाइम ट्रेड में आई बाधा के कारण पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा है. भारत के कई नागरिकों को जान गंवानी पड़ी.&amp;rsquo;
उन्होंने कहा, &amp;lsquo;ग्लोबल मैरिटाइम ट्रेड के माध्यम से सभी देशों को आपस में जोड़ने वाले नाविकों की सुरक्षा हमारा दायित्व है. हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि समुद्री मार्ग सुरक्षित रहें और नाविक बिना डर के अपना कार्य कर सकें.&amp;rsquo;&amp;nbsp;

The interactions with world leaders continue at the G7 Summit in Evian.@G7 pic.twitter.com/ZOrAaffrcX
&amp;mdash; Narendra Modi (@narendramodi) June 16, 2026



आज का विश्व पहले से कहीं अधिक इंटर-कनेक्टेड और इंटर-डिपेंडेंट- PM मोदी
पीएम मोदी ने कहा, &amp;lsquo;आज का विश्व पहले से कहीं अधिक इंटर-कनेक्टेड और इंटर-डिपेंडेंट है. किसी भी देश की ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि सिर्फ उसकी सीमाओं के भीतर तय नहीं होती. मोबिलिटी, डेटा, कैपिटल और तकनीक, ये सभी हमें आपस में जोड़ते हैं.&amp;rsquo; उन्होंने कहा, &amp;lsquo;ऐसे समय में साझेदारियों का महत्व स्वाभाविक रूप से बढ़ जाता है, लेकिन साझेदारियां तभी सफल होती हैं जब उनके केंद्र में विश्वास हो. आज सबसे महत्वपूर्ण स्ट्रैटजिक ऐसेट कोई मिनरल, तकनीक या मार्केट नहीं, बल्कि आपसी विश्वास है.&amp;rsquo;

Shared my thoughts at the Outreach Session on &amp;lsquo;Forging New Partnerships and Rebuilding International Solidarity&amp;rsquo; at the G7 Summit in Evian. In a world that is getting more interconnected and interdependent than ever before, this subject becomes all the more vital. But,&amp;hellip; pic.twitter.com/NjNddWGtFF
&amp;mdash; Narendra Modi (@narendramodi) June 16, 2026



उन्होंने आगे कहा, &amp;lsquo;विश्वास की तकनीक और सप्लाई चेन्स को हथियार के रूप में नहीं, वैश्विक भलाई के लिए इस्तेमाल किया जाएगा. विश्वास की विकास के अवसर कुछ देशों तक सीमित नहीं रहेंगे. विश्वास की वैश्विक संस्थान सभी देशों की आकांक्षाओं को पूरा करने में सक्षम होंगे.&amp;rsquo;&amp;nbsp;
कोविड ने हमें आईना दिखाया- PM मोदी
पीएम मोदी ने कहा, &amp;lsquo;पिछली सदी में मानवता को दो विश्व युद्धों से गुजरना पड़ा. अनेक बलिदानों के बाद विश्व समुदाय ने शांति, स्थिरता और समृद्धि की ओर बढ़ने के लिए व्यवस्थाएं विकसित की. इन व्यवस्थाओं का आधार भी भरोसा ही था, लेकिन अनेक दशकों से, अनेक पीढ़ियों के योगदान से बनाए गए विश्वास को आज चोट पहुंच रही है. कोविड ने हमें आईना दिखाया कि भरोसा और एकजुटता के दावे कितने खोखले थे.
उन्होंने कहा, &amp;lsquo;अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति रोनल्ड रेगन ने कहा था कि Trust but Verify (विश्वास करो, लेकिन सत्यापन भी करो). यह आज के समय में भी प्रासंगिक है. भावी पीढ़ियों के प्रति हमारा दायित्व है कि हम नए युग के अनुरूप भरोसेमंद नियमों पर आधारित दुनिया का निर्माण करें.&amp;rsquo;&amp;nbsp;
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        <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 04:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>हमले, में, भारतीयों, की, मौत, पर, ट्रंप, के, सामने, मोदी, की, दो, टूक, जी-7, के, मंच, से, दुनिया, को, दिया, संदेश</media:keywords>
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        <title>ममता बनर्जी के घर जाते समय कल्याण बनर्जी ने क्या किया?</title>
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        <description><![CDATA[ ममता बनर्जी के घर जाते समय कल्याण बनर्जी ने क्या किया? ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 16:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>ममता, बनर्जी, के, घर, जाते, समय, कल्याण, बनर्जी, ने, क्या, किया</media:keywords>
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        <title>जेल से बाहर निकलते ही रोशन आनंद के मुँह से सबसे पहला शब्द &amp;apos;फैसल खान&amp;apos; निकला!</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/जेल-से-बाहर-निकलते-ही-रोशन-आनंद-के-मुँह-से-सबसे-पहला-शब्द-फैसल-खान-निकला</link>
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        <description><![CDATA[ जेल से बाहर निकलते ही रोशन आनंद के मुँह से सबसे पहला शब्द &#039;फैसल खान&#039; निकला! ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 16:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Explained: 2023 में महज 840 वोट, खाते में सिर्फ 75 रुपए... अब कैसे 20 सासंदों के साथ बंगाल की पहचान बनी NCPI?</title>
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        <description><![CDATA[ नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI)... एक पार्टी जिसे 2023 के त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में महज 840 वोट मिले, जिसके तीनों उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई. इसके पास 2022-23 में सिर्फ 75 रुपये नकद बचे थे. फिर अचानक एक दिन वही पार्टी लोकसभा की सबसे बड़ी क्षेत्रीय ताकतों में से एक बन जाती है- 20 सांसदों के साथ. 15 जून 2026 को NCPI अचानक भारतीय राजनीति के केंद्र में आ गई. तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 बागी सांसदों ने इस अल्पज्ञात पार्टी के साथ विलय का ऐलान कर दिया. यह कदम इतना चौंकाने वाला था कि खुद NCPI के कुछ संस्थापक सदस्यों को भी इसकी भनक नहीं थी. आखिर यह NCPI क्या है, &amp;nbsp;इतिहास क्या रहा है, TMC के बागी सांसदों ने इसी पार्टी को क्यों चुना और इस विलय का भारतीय राजनीति पर क्या असर पड़ेगा...
NCPI का जन्म: एक NGO से पार्टी बनने तक सफर
NCPI का सफर 2020 में शुरू हुआ. इसे मूल रूप से एक ऐसे मंच के रूप में बनाया गया था, जो जनजातीय कल्याण, राष्ट्रवाद और शासन सुधार पर फोकस करे. हालांकि इसका मुख्यालय पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले में था, लेकिन पार्टी ने अपनी शुरुआती संगठनात्मक मौजूदगी त्रिपुरा में बनाई.
जनवरी 2023 में NCPI ने चुनाव आयोग में एक रजिस्टर्ड अनरिकग्नाइज्ड पॉलिटिकल पार्टी(RUPP) के रूप में पंजीकरण कराया. पार्टी का रजिस्टर्ड पता हावड़ा जिले के संकरैल इलाके में एक मकान था, जो उत्तिया कुंडू और उनकी पत्नी शिवली कुंडू की संपत्ति है.
दिलचस्प बात यह है कि यह मकान सिर्फ पार्टी दफ्तर नहीं था. इसमें एक NGO (जागो बिश्वा), एक बांग्ला साप्ताहिक अखबार और एक असंगठित महिला श्रमिक संघ भी चलता था. स्थानीय लोगों को तो यह भी नहीं पता था कि यहां कोई राजनीतिक पार्टी भी है. एक स्थानीय निवासी ने कहा, &#039;हम सभी इसे एक NGO के रूप में जानते थे जो अनाथ बच्चों की शिक्षा के लिए काम करता है.&#039;
पार्टी के संस्थापक सदस्यों में शांतनु दे (शांतनु साहा) का नाम आता है, जो खुद को पार्टी का राष्ट्रीय संगठन सचिव बताते हैं. हालांकि बाद में इन्हीं की पहचान को लेकर विवाद भी हुआ.
NPCI का चुनावी सफर: 840 वोट और जमानत जब्त
NCPI का चुनावी इतिहास बेहद मामूली रहा है. पार्टी ने अब तक सिर्फ 2023 के त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में ही चुनाव लड़ा है.
पार्टी ने सात सीटों पर उम्मीदवार उतारने की कोशिश की, लेकिन चार की नॉमिनेशन खारिज हो गईं. आखिरकार चावामानु, अम्बासा, करामचरा और कैलाशहर सीटों पर चुनाव लड़ा. पार्टी का चुनाव चिह्न &#039;पेन निब&#039; (कलम की नोक) था.
चुनावी नतीजों में NCPI को कुल 840 वोट मिले. यह राज्य में कुल वैध वोटों का सिर्फ 0.03% था. तीनों उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई. चावामानु सीट पर NCPI उम्मीदवार बर्जेदा त्रिपुरा को 536 वोट मिले, जो NOTA (500 वोट) से महज 36 वोट ज्यादा थे. पार्टी ने 2024 का लोकसभा चुनाव भी नहीं लड़ा.
NCPI का 2023 का चुनाव नारा काफी मजेदार था- &#039;अपने अधिकारों को बचाने के लिए, राजनीतिक दलबदलुओं को अस्वीकार करें. सामाजिक कार्यकर्ताओं का समर्थन करें, राजनीतिक हस्तियों का नहीं.&#039; यही पार्टी अब दलबदलुओं की पनाहगाह बन गई है.
NCPI की आर्थिक स्थिति भी उतनी ही कमजोर थी जितनी उसकी चुनावी ताकत:

2022-23 के वित्तीय वर्ष के अंत में पार्टी के पास सिर्फ 75 रुपये नकद बचे थे.
पार्टी को कुल 1.13 लाख रुपये का दान मिला था.
पार्टी का दफ्तर एक आवासीय मकान था, जहां एक NGO, एक अखबार और एक महिला संघ भी चलता था.
2023 के पंचायत चुनावों में NCPI ने 11 सीटों पर उम्मीदवार उतारे, लेकिन सभी हार गए.

यह वही पार्टी है जिसे अब 20 सांसदों का समर्थन हासिल है. जो NDA का दूसरा सबसे बड़ा घटक बन गया है.
20 TMC सांसदों ने NCPI को क्यों चुना?
इसके पीछे कई कानूनी पेच हैं:

दल-बदल विरोधी कानून (Anti-Defection Law) के तहत, अगर कोई सांसद अपनी पार्टी छोड़ता है, तो उसकी सदस्यता जा सकती है. लेकिन अगर किसी पार्टी के दो-तिहाई (2/3) सदस्य किसी दूसरी पार्टी में विलय करते हैं, तो दल-बदल विरोधी कानून लागू नहीं होता. TMC के लोकसभा में कुल 28 सांसद थे. 20 सांसद दो-तिहाई से भी ज्यादा हैं. इसलिए यह गुट कानूनी तौर पर TMC से अलग हो सकता था, बिना अपनी सदस्यता खोए.
यहां एक और पेच है कि अगर ये सांसद बिना किसी पार्टी के अलग होते, तो उन्हें संसद में अलग समूह के रूप में मान्यता नहीं मिलती. इसलिए उन्हें किसी मौजूदा पार्टी में विलय करना पड़ा. इसी कानूनी जरूरत ने NCPI को चुना. एक ऐसी पार्टी जो पश्चिम बंगाल-केंद्रित है और जिसका कोई मजबूत नेतृत्व नहीं है, इसलिए बागी सांसदों को अपनी मर्जी से चलने की आजादी मिलेगी.
NCPI ने सोशल मीडिया पर एक ग्राफिक शेयर किया, जिसमें दावा किया गया कि पश्चिम बंगाल में NCPI के 20 सांसद हैं, BJP के 12, TMC के 8 और कांग्रेस के 1. पार्टी ने कहा, &#039;20 लोकसभा सीटों के साथ, NCPI पश्चिम बंगाल की सबसे बड़ी संसदीय ताकत के रूप में उभरती है.&#039; बड़ा बागी सांसदों में काकोली घोष दस्तीदार, सुदीप बंदोपाध्याय, सातब्दी रॉय और यूसुप पठान जैसे नेता शामिल हैं. इन सांसदों ने लोकसभा में अलग से बैठने की व्यवस्था की मांग की और घोषणा की कि वे NDA के साथ काम करेंगे.

NDA को मिला बड़ा झटका या बड़ा फायदा?
NDA के लिए यह एक बड़ी जीत है. NCPI अब NDA का दूसरा सबसे बड़ा घटक बन गया है. इससे पूर्वी भारत में NDA की मौजूदगी मजबूत हुई है. पश्चिम बंगाल में TMC कमजोर हुई है. TMC के लिए यह एक बड़ा झटका है. पार्टी के 28 में से 20 सांसद यानी 71% अलग हो गए. TMC के प्रवक्ता नीलांजन दास ने तंज कसा, &#039;जो लोग ट्विन फ्लावर्स (TMC का चुनाव चिह्न) पर जीते थे, वे अब उस पार्टी में शरण मांग रहे हैं जिसके बारे में बंगाल ने कभी नहीं सुना.&#039;
NCPI के लिए यह एक ऐतिहासिक मौका है, लेकिन चुनौती भी है. पार्टी को अब अपनी अचानक मिली संसदीय ताकत को एक स्थायी राजनीतिक संगठन में बदलना है. सवाल यह है कि क्या NCPI एक अस्थायी वाहन बनक ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 16:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>6 कुत्तो ने छोटी बच्ची पर किया हमला</title>
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        <description><![CDATA[ 6 कुत्तो ने छोटी बच्ची पर किया हमला6 कुत्तो ने छोटी बच्ची पर किया हमला ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 16:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>&amp;apos;Big Joke, नया खिलौना मिलते ही...&amp;apos;, गठबंधन टूटने के बाद राहुल गांधी पर फायर हुई DMK, लगाए ये आरोप</title>
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        <description><![CDATA[ तमिलनाडु में गठबंधन टूटने के बाद से द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) और कांग्रेस के बीच मतभेद और दरार लगातार बढ़ती जा रही है. एमके स्टालिन की पार्टी ने लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी पर तीखा निशाना साधा है. डीएमके ने आईटी विंग और अपने &#039;मुखपत्र मुरासोली&#039; के जरिए राहुल गांधी को &#039;बड़ा मजाक&#039; बताते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने विपक्षी एकता को कमजोर किया है. डीएमके के इस बयान से इंडिया गठबंधन की एकजुटता पर सवाल खड़े हो रहे हैं.
डीएमके के मुखपत्र ने इंडिया ब्लॉक की मीटिंग में पार्टी के शामिल न होने के फैसले और तमिलनाडु में गठबंधन तोड़ने को लेकर कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा. मुखपत्र &#039;मुरासोली&#039; ने सोमवार (15 जून) को अपने संपादकीय में राहुल गांधी के इंडिया ब्लॉक की मीटिंग के बाद के बयानों को लेकर आरोप लगाया कि उनकी वजह से ही विपक्षी दलों के बीच दरारें बढ़ी हैं. संपादकीय में कहा गया कि राहुल गांधी एकता का उपदेश देते हैं, लेकिन राज्यों में उसकी एकता को किसने कमजोर किया?&#039;&amp;nbsp;

कांग्रेस-राहुल गांधी पर लगाए आरोप
मुखपत्र में आरोप लगाया गया कि राहुल गांधी और कांग्रेस ने कई राज्यों में इंडिया ब्लॉक में शामिल पार्टियों के हितों के खिलाफ काम किया, जबकि वह बीजेपी को चुनौती देने की स्थिति में थीं. वहीं, डीएमके की आईटी विंग ने पोस्ट कर लिखा, &#039;जब कांग्रेस अपने राजनीतिक वजूद के लिए संघर्ष कर रही थी, उस समय डीएमके ने उनका साथ दिया, लेकिन जैसे ही उनको एक नया &#039;आकर्षक खिलौना&#039; दिखाई दिया, वह पाला बदलकर उनके साथ भाग गए.&#039; पोस्ट में राहुल गांधी को &#039;एक बड़ा मजाक&#039; &amp;nbsp;बताया गया.
DMK से तोड़ा गठबंधन
तमिलनाडु में कांग्रेस के डीएमके से गठबंधन तोड़कर टीवीके के साथ सरकार में शामिल होने के बाद यह हमले हुए हैं. कांग्रेस ने 2026 का तमिलनाडु विधानसभा चुनाव डीएमके के साथ मिलकर लड़ा था, उसे 5 सीटों पर जीत मिली थी. डीएमके के सत्ता से बाहर होने और टीवीके के सरकार बनाने के बाद कांग्रेस स्टालिन से अलायंस तोड़कर टीवीके के साथ चली गई थी और डीएमके विपक्ष में अकेले पड़ गई.
तमिलनाडु में कांग्रेस ने डीएमके से तोड़ा गठबंधन, विजय की पार्टी TVK को दिया समर्थन
इंडिया गठबंधन की मीटिंग में डीएमके ने नहीं लिया था हिस्सा
तमिलनाडु को छोड़ दें तो राष्ट्रीय स्तर पर भी दोनों के बीच दूरियां बढ़ी हैं. हाल ही में इंडिया ब्लॉक की मीटिंग से भी डीएमके नदारद रही थी, उसने साफ कहा कि वह कांग्रेस की ओर से की जाने वाली मीटिंग में हिस्सा नहीं लेगी.
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        <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 16:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>नेशनलिस्ट सिटिजन पार्टी: 2022 में बनी, लोकसभा का कभी चुनाव नहीं लड़ी, अब 22 सांसद, है न कमाल, जानिए सबकुछ</title>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल समेत आज देशभर में एक पार्टी की काफी चर्चा हो रही है. इस पार्टी का नाम है, नेशनलिस्ट सिटिजन पार्टी. यह ऐसी पार्टी है, जिसने कभी लोकसभा चुनाव नहीं लड़ा, लेकिन उसके पास 22 सांसद हैं. इस कमाल के पीछे हैं, पश्चिम बंगाल के टीएमसी के वो बागी सांसद, जिन्होंने लोकसभा स्पीकर में एनडीए को समर्थन देने और अलग बैठने की मांग करते हुए, पत्र सौंपा है.&amp;nbsp;
ऐसे में हम आपको नेशनलिस्ट सिटिजन पार्टी यानी NCPI से जुड़ी जानकारी साझा कर रहे हैं. इस पार्टी की स्थापना और इतिहास देखें तो 2022 में इसे स्थापित किया गया. हालांकि, इस पार्टी की पब्लिसटी बेहद ही कम है. इस पार्टी ने 2023 में त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में सिर्फ तीन जगह की सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे. इस पार्टी के प्रमुख शेवली कुंडी, जो अध्यक्ष हैं. इसके अति कुंडू उपाध्यक्ष हैं, साथ ही मुख्य नेताओं में शामिल हैं. इसके संगठन सचिव शांतनु डे हैं.&amp;nbsp;
इस पार्टी ने साल 2023 में त्रिपुरा का चुनाव लड़ा &amp;nbsp;था. इस चुनाव में बहुत कम वोट मिले थे. इनमें उदाहरण के तौर पर चावामानु में 536 वोट, कैलाशहर में 286 वोट मिले. पश्चिम बंगाल में इस पार्टी ने कभी चुनाव नहीं लड़ा, लेकिन अब 22 सांसदों की पार्टी हो चुकी है.&amp;nbsp;
कहां है पार्टी का हेडक्वार्टरअगर इस पार्टी के हेडक्वार्टर की बात करें, तो इसका मुख्यालय पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले के गांव हाट गाछा में एक साधरण सी इमारत में हैं. यहीं से पार्टी का सारा कामकाज होता है. इसमें करीबन 1 हजार से ज्यादा लोग सदस्य हैं. 2026 में पार्टी असम और बंगाल चुनाव लड़ने की योजना बना चुकी थी, लेकिन आर्थिक समस्याओं के चलते चुनाव नहीं लड़ पाई.&amp;nbsp;
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पार्टी के पास कुल कितनी जमा पूंजी
इससे पहले वित्तीय स्थिति की बात करें, तो 31 मार्च 2023 के अनुसार पार्टी के पास संपत्ति के नाम पर कुल 1,13,075 रुपए है. अंत में जनरल फंड में 425 रुपये की कमी है. सिर्फ 75 रुपये कैश बैलेंस बचा है. यह पार्टी जागो बिस्वा नाम के ई अखबार और सामाजिक ट्रस्ट से जुड़ी हुई है. पश्चिम बंगाल असंगठित महिला कर्मी एसोसिएशन नाम से गैर लाभकारी संगठन चलाती है. बीजेपी की हालिया बंगाल जीत का जश्न मनाया था.&amp;nbsp;
22 सांसदों के शामिल होने का किया विरोध
हाल ही में टीएमसी के बागी सांसदों को शामिल करने का फैसला लिया है. ऐसे में अब इसके संगठन सचिव शांचनु डे विरोध कर रहे हैं. उनका मानना है कि इन बागी नेताओं का नाम भ्रष्टाचार से जैसै मामलों में शामिल हो चुका है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 00:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>बॉर्डर पर तनाव! भारत से जाने वालों की लगी भारी भीड़, बांग्लादेश ने लेने किया इनकार</title>
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        <description><![CDATA[ भारत और बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर पर एक बार फिर तनाव की स्थिति पैदा हो गई है. असम के मानकाचार सेक्टर में सीमा पर स्थित &#039;नो-मैन्स लैंड&#039; में पिछले कुछ दिनों से 9 बांग्लादेशी नागरिक फंसे हुए हैं, जिन्हें बांग्लादेश बॉर्डर गार्ड (BBG) वापस लेने से लगातार इनकार कर रहा है. इसे लेकर भारतीय सीमा सुरक्षा बल (BSF) और बांग्लादेश बॉर्डर गार्ड के बीच एक उच्च स्तरीय मीटिंग हुई भी हुई, लेकिन लंबी चर्चा के बाद भी BBG अपनी जिद पर अड़े रहे.
 भारत-बांग्लादेश सीमा पर बढ़ा तनाव
एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक BSF के सूत्रों ने कहा कि बॉर्डर पर स्थिति सामान्य बनाने को लिए आज एक बार फिर दोनों के सीमा बलों के बीच नए दौर की बैठक आयोजित की जाएगी. यह मामला तब गरमाया जब रविवार (14 जून 2026) को 9 लोगों को बॉर्डर की कंटीली तारों के बीच नो-मैन्स लैंड में संदिग्ध परिस्थितियों में देखा गया. इस घटना की खबर फैलते ही मानकाचार सेक्टर में भारत-बांग्लादेश सीमा पर अचानक भारी तनाव फैल गया. सुरक्षा के लिहाज से भारतीय सीमा पर सतर्कता और गश्त बढ़ा दी गई है.
वापस भारत नहीं जाएंगे: बांग्लादेशी युवक
रिपोर्ट के मुताबिक एक वीडियो में युवक कह रहा है, &#039;हम सभी बांग्लादेश के नागरिक हैं और काम की तलाश में भारत आए थे. हमारे पास यह साबित करने के लिए पुख्ता कानूनी दस्तावेज हैं कि हम बांग्लादेशी हैं. भले ही हमें मार दिया जाए और हमारी लाश नदी में फेंक दी जाए, लेकिन हम वापस भारत नहीं जाएंगे.&#039; सोशल मीडिया पर कुछ और वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें &#039;नो-मैन्स लैंड&#039; में फंसे ये लोग रोते हुए दिखाई दे रहे हैं. उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि अब उनका आगे क्या होगा और वे कहां जाएंगे.
BSF धुसपैठिए को भारत आने से रोका
भारतीय सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने हाल ही में भारत की सीमा पार करने की कोशिश कर रहे कई बांग्लादेशी नागरिकों को वापस खदेड़ा है. पिछले सिर्फ एक हफ्ते के भीतर असम पुलिस और BSF ने मिलकर 21 घुसपैठियों को भारत में अवैध रूप से घुसने से रोका है.
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने घुसपैठ रोकने के लिए पुलिस और BSF के जवानों की जमकर तारीफ की. उन्होंने रविवार (14 जून 2026) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, &#039;सीमाओं की सुरक्षा और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना हमारी प्राथमिकता है. असम पुलिस और BSF के आपसी तालमेल की वजह से 21 घुसपैठियों की तुरंत पहचान की गई और उन्हें भारत में घुसने से रोक दिया गया.&#039;
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        <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 00:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>कर्नाटक के मैसूरु के रेस्टो&amp;बार में लगी भीषण आग, दो लोगों की जलकर मौत, कई घायल</title>
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        <description><![CDATA[ कर्नाटक के मैसूरु में सोमवार (15 जून, 2026) को एक बड़ी दुर्घटना की खबर सामने आई है. दरअसल, मैसूरू के आरटी नगर नगर इलेक में दत्तागल्ली के पास स्थित फॉक्स डेन रेस्टो-बार में भीषण आग लग गई, जिसकी चपेट में आकर दो लोगों की मौत हो गई है, जबकि छह अन्य लोग मामूल रूप से घायल हो गए हैं.
सूत्रों के मुताबिक, हादसे में मरने वाले दोनों लोगों की पहचान की पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग के निवासी 26 वर्षीय शाहीन और नेपाल के निवासी 24 वर्षीय प्रकाश के रूप में पुष्टि की जा चुकी है.
आग लगने से पहले तेज धमाके की आवाज सुनाई दी- चश्मदीद
स्थानीय पुलिस ने बताया कि जब रेस्टो-बार में भीषण आग लगी, उस वक्त घटनास्थल पर करीब 25 लोग मौजूद थे. इस घटना में 6 लोग घायल हो गए, जिनका फिलहाल नजदीकी अस्पताल में इलाज कराया जा रहा है.&amp;nbsp;

Mysuru, Karnataka: A fire broke out at Fox Den Liquor Garage Bar and Restaurant near Netaji Circle in Mysuru&amp;rsquo;s Dattagalli area, reportedly due to a short circuit. More than 25 people were inside at the time. Several sustained injuries, seven people were rescued, and an&amp;hellip; pic.twitter.com/6aHuifMyup
&amp;mdash; IANS (@ians_india) June 15, 2026



अधिकारियों ने बताया कि कुछ लोग बुरी तरह से आग से झुलस गए हैं, जबकि कुछ लोग आग और धुएं से भरी इमारत से अपनी जान बचाकर निकलने की कोशिश के दौरान घायल हो गए. जबकि चश्मदीदों ने बताया कि आग लगने से पहले एक तेज धमाके की आवाज सुनाई दी, जिसके बाद देखते ही देखते आग ने पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया.
शार्ट सर्किट बताया जा रहा कारण, असली वजह की जांच में जुटी पुलिस
शुरुआती जांच के मुताबिक, शॉर्ट सर्किट को आग लगने का मुख्य कारण माना जा रहा है. अधिकारियों के मुताबिक, बार के अंदर मौजूद LED सेल्फी बूथ और सजावट में इस्तेमाल की गई नकली घास ने आग को तेजी से फैलने में मदद की.
अधिकारियों ने बताया कि जैसे ही इस भीषण दुर्घटना की सूचना मिली, वैसे ही दमकल और आपातकालीन सेवाओं की टीमें मौके पर पहुंच गई. रेस्क्यू टीम ने इसके बाद कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला. हालांकि, पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है और रेस्टो-बार में आग लगने के सटीक कारणों की जांच कर रही है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 00:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>रेवंत रेड्डी ने केंद्र पर मेट्रो विस्तार में देरी का लगाया आरोप, फंडिंग के मसले पर किशन रेड्डी पर बनाया दबाव</title>
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        <description><![CDATA[ तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने सोमवार (15 जून, 2026) को हैदराबाद मेट्रो विस्तार के भविष्य को लेकर सीधा हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया है कि प्रशासनिक और राजनीतिक रुकावटों के कारण प्रोजेक्ट के अगले चरण के लिए जरूरी फंड जारी नहीं हो पा रहा है.
सचिवालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जो प्रोजेक्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के लिहाज से एक बड़ी उपलब्धि हो सकता था, वह अब देरी, वित्तीय विवादों और राजनीतिक दखलंदाजी में उलझ गया है. इससे शहर के सबसे महत्वपूर्ण ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट्स में से एक की रफ्तार पर खतरा मंडरा रहा है.
कांग्रेस सरकारों के समय हुई थी मेट्रो प्रोजेक्ट की शुरुआतः रेड्डी
रेवंत रेड्डी ने मेट्रो प्रोजेक्ट की शुरुआत पिछली कांग्रेस सरकारों के समय से बताई और कहा कि हैदराबाद को ग्लोबल सिटी बनाने के लिए वर्ल्ड-क्लास पब्लिक ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत थी. उन्होंने आरोप लगाया कि तेलंगाना बनने के बाद प्रोजेक्ट के पहले चरण में काफी देरी हुई. उन्होंने दावा किया कि पिछली सरकार के समय उठाई गई आपत्तियों के कारण समय-सीमा कई साल पीछे चली गई और प्रोजेक्ट की लागत काफी बढ़ गई.
दूसरे चरण के आगे बढ़ाने की कोशिश में मुश्किलः रेड्डी
मुख्यमंत्री के अनुसार, कंस्ट्रक्शन में देरी और कोविड-19 महामारी के आर्थिक असर के कारण मेट्रो ऑपरेटर पर वित्तीय बोझ बढ़ गया. उन्होंने कहा कि हजारों करोड़ रुपये के इंफ्रास्ट्रक्चर एसेट्स बनाने के बावजूद, प्रोजेक्ट को ऑपरेशनल नुकसान उठाना पड़ रहा है, जिससे मौजूदा ढांचे के तहत आगे विस्तार करना आर्थिक रूप से मुश्किल हो गया है. उन्होंने तर्क दिया कि इससे दूसरे चरण को आगे बढ़ाने की कोशिशें मुश्किल हो गईं.
केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी पर CM रेड्डी ने लगाया आरोप
उनकी आलोचना का मुख्य केंद्र फंडिंग की मंजूरी और इंतजाम में केंद्र की भूमिका थी. रेवंत रेड्डी ने दावा किया कि तेलंगाना ने मेट्रो विस्तार को आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाने के लिए कई विकल्प तलाशे थे, जिसमें कम ब्याज दर वाले फंडिंग मैकेनिज्म हासिल करना भी शामिल था. हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय अधिकारियों और अन्य स्टेकहोल्डर्स के साथ व्यापक बातचीत के बावजूद प्रक्रियात्मक मंजूरी और फंड ट्रांसफर अटके हुए हैं.
मुख्यमंत्री ने बार-बार केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी की भूमिका पर सवाल उठाए और स्पष्टता की मांग की कि क्या केंद्र प्रस्तावित विस्तार में शामिल होना चाहता है या तेलंगाना को स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ने देना चाहता है. उन्होंने तर्क दिया कि अगर केंद्र की भागीदारी मुश्किल हो रही है, तो राज्य को जरूरी मंजूरी और क्लीयरेंस के साथ खुद प्रोजेक्ट को पूरा करने की अनुमति दी जानी चाहिए.
उनके अनुसार, मंजूरी को लेकर अनिश्चितता उन फैसलों में देरी कर रही है, जो सीधे तौर पर हैदराबाद की भविष्य की ट्रांसपोर्ट जरूरतों को प्रभावित करते हैं.

राज्य सरकार से जुड़े प्रोजेक्ट्स की रफ्तार धीमी करने की कोशिशः रेड्डी
रेवंत रेड्डी ने इस विवाद को व्यापक राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता से भी जोड़ा और आरोप लगाया कि मौजूदा राज्य सरकार से जुड़े प्रोजेक्ट्स की रफ़्तार धीमी करने की कोशिशें की जा रही हैं. उन्होंने सुझाव दिया कि मेट्रो विस्तार से जुड़े प्रशासनिक फैसले राजनीतिक होड़ की भेंट नहीं चढ़ने चाहिए, खासकर तब जब बात सार्वजनिक बुनियादी ढांचे और शहरी आवागमन की हो.
यह विवाद तेजी से फैलते मेट्रोपॉलिटन इलाके में मास ट्रांजिट इंफ्रास्ट्रक्चर (सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था) के बढ़ते महत्व को उजागर करता है. लाखों यात्रियों के लिए. यह बहस सिर्फ फंडिंग या राजनीतिक मतभेदों के बारे में नहीं है, बल्कि शहरी आवागमन, ट्रैफिक जाम और कनेक्टिविटी के भविष्य के बारे में है. मंजूरी, फंड ट्रांसफर और प्रोजेक्ट को लागू करने से जुड़े सवाल अभी भी अनसुलझे हैं, इसलिए अब ध्यान इस बात पर है कि क्या मेट्रो विस्तार का अगला चरण आगे बढ़ेगा या लंबे समय से चल रहे संस्थागत और राजनीतिक गतिरोध में फंसा रहेगा.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ेंः Noida International Airport: जेवर एयरपोर्ट से उड़ी पहली कमर्शियल फ्लाइट, किसान बने पहले यात्री; बोले- &amp;lsquo;बचपन का सपना...&amp;rsquo; ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 00:30:08 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>रेवंत, रेड्डी, ने, केंद्र, पर, मेट्रो, विस्तार, में, देरी, का, लगाया, आरोप, फंडिंग, के, मसले, पर, किशन, रेड्डी, पर, बनाया, दबाव</media:keywords>
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        <title>जेवर एयरपोर्ट से उड़ी पहली फ्लाइट में 28 महिलाओं समेत 170 किसानों ने की लखनऊ तक की यात्रा, CM योगी का जताया आभार</title>
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        <description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश के नोएडा में बने जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सोमवार (15 जून, 2026) को पहली विशेष उड़ान संचालित की गई. यह पहली उड़ान इसलिए विशेष थी कि क्योंकि इस विमान में जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण के लिए भूमि समर्पित करने वाले किसान यात्री के रूप में सवार थे. जेवर से लखनऊ के लिए संचालित इस पहली फ्लाइट से राजधानी पहुंचे इन किसानों का मुख्यमंत्री आवास पर भव्य स्वागत और सम्मान किया गया. जिसके बाद किसानों ने अपने उद्गार व्यक्त किए, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को स्मृति चिह्न प्रदान किया और उनके प्रति आभार भी प्रकट किया.
इस दौरान मुख्यमंत्री ने किसानों से संवाद करते हुए कहा कि जेवर अब वह क्षेत्र बन गया है, जहां &amp;lsquo;कुबेर&amp;rsquo; भी आना चाहते हैं. उन्होंने कर्मशियल फ्लाइट शुरू करने के लिए इंडिगो एयरलाइन के प्रति भी धन्यवाद ज्ञापित किया.
यह एयरपोर्ट आपकी तकदीर बदल देगा- CM योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा, &amp;lsquo;जब हमारी कैबिनेट ने जेवर में एयरपोर्ट निर्माण के लिए प्रस्ताव पारित किया था, तो मैंने नोएडा के जिलाधिकारी समेत अन्य अधिकारियों से कहा था कि 100 दिन के भीतर जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई प्रारंभ हो जाए, लेकिन इस अवधि तक कार्रवाई प्रारंभ नहीं हुई. मैंने वहां पहुंचकर समीक्षा बैठक की, तो पता चला कि कोई प्रगति नहीं हुई है. तब मैंने ग्रेटर नोएडा में स्थित गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय में लगभग 100 किसानों के साथ बैठक की. मैंने उनसे कहा कि एयरपोर्ट बनाना है तो किसानों ने जमीन देने से इनकार कर दिया. असमंजस की स्थिति थी, तो मैंने कहा कि हम यहां विकास करना चाहते हैं, फिर भी लोगों ने मना कर दिया. इसके बाद मैंने उनसे अनुरोध किया कि एक घंटे का समय है, सोचिए कि यह एयरपोर्ट आपकी तकदीर बदल देगा.&amp;rsquo;

आज नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के रूप में जेवर ने एक नया इतिहास रच दिया है... pic.twitter.com/viTGgPFhSu
&amp;mdash; Yogi Adityanath (@myogiadityanath) June 15, 2026



वक्त सबका आता है, कुछ बन जाते हैं तो कुछ बिखर जाते हैं- CM योगी
CM योगी ने कहा, &amp;lsquo;मैंने बुजुर्गों से अनुरोध किया कि विकास का मॉडल क्या होता है, यह दिखाने का समय है. वक्त सबका आता है, कुछ बन जाते हैं और कुछ बिखर जाते हैं. जो अवसर का लाभ लेता है, इतिहास उसी का बनता है. जो मौके को गंवा देता है, वह अवसर से बिखर जाता है.&amp;rsquo;
उन्होंने कहा, &amp;lsquo;आपने मुझ पर विश्वास किया. यीडा और यूपी के नागरिक उड्डयन विभाग ने कार्रवाई को युद्धस्तर पर बढ़ाया, तो परिणाम यह रहा कि 13 हजार एकड़ से अधिक भूमि अधिग्रहण पर कार्य शुरू हुआ. चार फेज में एयरपोर्ट बनेगा, पहले फेज की कार्रवाई संपन्न हुई.&amp;rsquo;
आज का दिन एविएशन सेक्टर के लिए ऐतिहासिक- CM योगी

डबल इंजन सरकार जो बोलती है, वह करके दिखाती है।यशस्वी प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी की प्रेरणा एवं अन्नदाता किसानों के योगदान का प्रतिफल है कि आज भारत के सबसे अधिक संभावनाओं वाले नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, जेवर से कमर्शियल फ्लाइट का शुभारंभ हुआ।इस अवसर पर हवाई अड्डे&amp;hellip; pic.twitter.com/qMy5Ot0OOa
&amp;mdash; Yogi Adityanath (@myogiadityanath) June 15, 2026



सीएम योगी ने कहा, &amp;lsquo;भारत में सर्वाधिक संभावनाओं वाले नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने आज से कमर्शियल फ्लाइट शुरू की है. ऐसे में आज का दिन जेवर, गौतमबुद्ध नगर, पश्चिमी उप्र, प्रदेश और देश के एविएशन सेक्टर के लिए ऐतिहासिक है. इसके पीछे प्रेरणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की और योगदान किसानों का है.&amp;rsquo;
अब &amp;lsquo;कुबेर&amp;rsquo; भी आना चाहते हैं जेवर- CM योगी&amp;nbsp;
सीएम योगी ने कहा, &amp;lsquo;जेवर अब पुराना जेवर नहीं रहा, इसने इतिहास रच दिया है. जेवर क्षेत्र नौ साल पहले उत्तर प्रदेश की आपराधिक गतिविधियों का केंद्र बन गया था. शाम होते सड़कों पर आना-जान बंद हो जाता था. बेटी असुरक्षित थीं, नौजवान के सामने भविष्य का संकट और किसानों के लिए कोई सुविधा नहीं थी. किसानों का उत्पीड़न भी किसी से छिपा नहीं था. सड़क, बिजली, स्वास्थ्य सुविधा, स्कूल, रोजगार, गरीबों के लिए कोई पहल नहीं होती थी, लेकिन आज बड़ी से बड़ी कंपनियां जेवर आना चाहती हैं. वहां अब कुबेर भी आना चाहते हैं.&amp;rsquo;
किसानों को अब 600 रुपये प्रति किलो का लाभ मिलेगा- CM योगी
सीएम योगी ने कहा, &amp;lsquo;जेवर एयरपोर्ट भारत का पहला कार्गो और MRO केंद्र बनने जा रहा है. अन्न, फल, मत्स्य, सब्जी आदि पैदा करने वाला उत्तर प्रदेश का किसान यहां कार्गो से अपने उत्पादों को दुनिया में पहुंचाएंगे. स्थानीय बाजार में उन्हें दाम भले कम मिले, लेकिन दुनिया के बाजार में कई गुना दाम मिलेगा.&amp;rsquo;
उन्होंने कहा, &amp;lsquo;आम का दाम यहां अधिकतम 50 रुपये पहुंचेगा, लेकिन दुनिया के बाजार में 800 से 1000 रुपये किलो बिकता है. 200 रुपये प्रति किलो कार्गो खर्च जोड़ लें, तब भी किसान को 600 रुपये का लाभ मिलेगा. जिस किसान को यहां 10 रुपये प्रति किलो का लाभ नहीं मिल पा रहा, उसे 600 रुपये का लाभ मिलेगा, तो वह समृद्ध बनेगा.&amp;rsquo;
दुनिया के पांच बड़े विश्वविद्यालय कैंपस आएंगे जेवर- CM योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, &amp;lsquo;फूड प्रोसेसिंग यूनिट, सेमीकंडक्टर यूनिट, डेटा सेंटर, फिल्म सिटी, ट्वाय पार्क, अपरैल पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क, आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स की विश्वस्तरीय सिटी भी जेवर क्षेत्र में स्थापित होगी. विश्व रैंकिंग वाले दुनिया के पांच बड़े प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय यहां कैंपस स्थापित करने आ रहे हैं.
किसानों से कहा था कि आपकी सोच से ज्यादा पैसा मिलेगा- CM योगी&amp;nbsp;

मैंने ग्रेटर नोएडा में कहा था...हम आपको आपका हक देंगे...हम लोगों ने वही कार्य किया... pic.twitter.com/FeHjaxY6F7
&amp;mdash; Yogi Adityanath (@myogiadityanath) June 15, 2026



उन्होंने कहा, &amp;lsquo;जब किसानों ने पहली रजिस्ट्री की, तो वे विधायक धीरेंद्र सिंह के साथ मेर ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 00:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>जेवर, एयरपोर्ट, से, उड़ी, पहली, फ्लाइट, में, महिलाओं, समेत, 170, किसानों, ने, की, लखनऊ, तक, की, यात्रा, योगी, का, जताया, आभार</media:keywords>
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        <title>‘भारत की सुधार एक्सप्रेस रुकेगी नहीं, चलती रहेगी’, फ्रांस में आयोजित भारत इनोवेट्स 2026 में बोले PM मोदी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/भारत-की-सुधार-एक्सप्रेस-रुकेगी-नहीं-चलती-रहेगी-फ्रांस-में-आयोजित-भारत-इनोवेट्स-2026-में-बोले-pm-मोदी</link>
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        <description><![CDATA[ जी-7 देशों के नेताओं की बैठक के लिए फ्रांस के दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (14 जून, 2026) को इनोवेशन और तकनीक के जरिए दुनिया के लिए एक दीर्घकालिक भविष्य के संबंध में भारत का नजरिया पेश किया. उन्होंने कहा कि भारत अब वैश्विक समाधानों का सिर्फ एक उपभोक्ता नहीं रहा, बल्कि अब उनमें अहम योगदान देने वाला देश बन गया है. इस कार्यक्रम में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भी मौजूद थे.
दुनिया के लिए निमंत्रण है भारत इनोवेट्सः PM मोदी
पीटीआई भाषा के मुताबिक, फ्रांस के नीस में जी-7 देशों की बैठक के इतर आयोजित भारत इनोवेट्स 2026 कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, &amp;lsquo;भारत इनोवेट्स दुनिया के लिए एक निमंत्रण है कि वे भारत के साथ मिलकर वैश्विक एनोवेशन का अगला अध्याय लिखें. भारत के युवा नवोन्मेषक ऐसे समाधान खोज रहे हैं, जिनसे पूरी मानवता को लाभ हो सकता है.&amp;rsquo;
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में उच्च-तकनीक, डिफेंस और इनोवेशन जैसे कई अहम क्षेत्रों में अपनी सरकार की ओर से किए गए सुधारों का जिक्र किया. उन्होंने जोर देकर कहा, &amp;lsquo;भारत की सुधार एक्सप्रेस रुकेगी नहीं, बल्कि चलती रहेगी.&amp;rsquo;&amp;nbsp;

Bharat innovates with scale and speed.Bharat innovates for a sustainable future.And Bharat innovates for the whole world.@BharatInnov2026 pic.twitter.com/1CBpja6Pxt
&amp;mdash; Narendra Modi (@narendramodi) June 14, 2026



भारत के DNA है इनोवेशनः PM मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, &amp;lsquo;एक दशक पहले दुनिया भारत को तकनीक अपनाने वाले देश के तौर पर देखती थी, लेकिन अब यह देश तकनीकी प्रदाता के तौर पर उभर रहा है. भारत एक दीर्घकालिक भविष्य के लिए इनोवेशन कर रहा है. भारत दुनिया के लिए इनोवेशन कर रहा है. इनोवेशन भारत के DNA में है.&amp;rsquo;
भारत के टैलेंट और यूरोपियन कैपिटल के बीच ब्रिज है ये मंचः PM मोदी

Bharat Innovates का ये मंच, भारत के टैलेंट और यूरोपियन कैपिटल के बीच एक ब्रिज बन रहा है। एक ऐसा प्लेटफॉर्म्स, जहां भारत के young minds को यूरोपियन एक्सपर्टीज से जुड़ने का अवसर मिल रहा है। आज 21वीं सदी का भारत बदलाव के एक बहुत बड़े दौर से गुजर रहा है। आज भारत में एक startup&amp;hellip; pic.twitter.com/tpurNSQE2z
&amp;mdash; BJP (@BJP4India) June 14, 2026



इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और फ्रांस के संबंधों पर भी बात की. उन्होंने कहा, &amp;lsquo;भारत और फ्रांस के बीच एक खास साझेदारी है. इसमें जुड़ाव, दृढ़ विश्वास, इनोवेशन, प्रेरणा और साझा नजरिया शामिल है.&amp;rsquo; इस कार्यक्रम का मकसद भारत, फ्रांस और अन्य देशों के शीर्ष इनोवेशन स्टार्टअप और वेंचर कैपिटल फंड को साथ लाना है.
उन्होंने कहा, &amp;lsquo;भारत इनोवेट्स का ये मंच, भारत के टैलेंट और यूरोपियन कैपिटल के बीच एक ब्रिज बन रहा है. एक ऐसा प्लेटफॉर्म्स जहां भारत के यंग माइंड्स को यूरोपियन एक्सपर्टीज से जुड़ने का अवसर मिल रहा है.&amp;rsquo;&amp;nbsp;
यह भी पढ़ेंः G7 Countries: G7 देशों का दुनिया की इकोनॉमी पर कितना कंट्रोल, जानें किसके पास कितना पैसा? ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 11:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>‘भारत, की, सुधार, एक्सप्रेस, रुकेगी, नहीं, चलती, रहेगी’, फ्रांस, में, आयोजित, भारत, इनोवेट्स, 2026, में, बोले, मोदी</media:keywords>
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        <title>ममता बनर्जी&amp;TMC से नहीं, वोटर्स से धोखा... विधायक कुणाल घोष का बागियों पर बड़ा हमला</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/ममता-बनर्जी-tmc-से-नहीं-वोटर्स-से-धोखा-विधायक-कुणाल-घोष-का-बागियों-पर-बड़ा-हमला</link>
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        <description><![CDATA[ तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसदों ने रविवार को स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात की. पार्टी के 20 विधायकों ने एनडीए को समर्थन देने और एक क्षेत्रिय दल में विलय की बात कही है. वहीं, अब इस पर टीएमसी विधायक कुणाल घोष ने बागियों पर बड़ा निशाना साधा है.&amp;nbsp;
उन्होंने कहा है कि वे सांसद निर्दलीय सांसद के तौर पर नहीं चुने गए थे. वे टीएमसी के उम्मीदवार के तौर पर चुने गए थे. उन्हें वोट देने वाले वोटर बीजेपी विरोधी हैं. अब वे एनडीए में जा रहे हैं. यह न सिर्फ ममता बनर्जी और टीएमसी के साथ धोखा है. बल्कि उन सभी वोटरों के साथ भी धोखा है, जिन्होंने उन्हें वोट दिया था.&amp;nbsp;

#WATCH | Kolkata, West Bengal: TMC MLA Kunal Ghosh says, &quot;Those MPs were not elected as independent MPs. They were elected as the Trinamool Congress, and the voters who supported them are anti-BJP. Now, they are shifting to the NDA. This is not only a betrayal of Mamata Banerjee&amp;hellip; pic.twitter.com/qKr5xA4pyb
&amp;mdash; ANI (@ANI) June 14, 2026



क्या हो सकता है बागी सांसदों का अगला कदम?
चर्चा है कि टीएमसी कांग्रेस के बागी गुट एक उत्तर पूर्व की पार्टी में विलय करने पर विचार कर सकते हैं. वह पार्टी NDA का हिस्सा होगी. हालांकि आधिकारिक जानकारी का भी इंतजार है. सूत्रों के मुताबिक त्रिपुरा की नेशनल नेशनलिस्ट सिटीजन पार्टी में तृणमूल कांग्रेस का यह बागी गुट विलय करने की योजना बना रहा है. शताब्दी राय ने कहा कि हम नेशनलिस्ट सिटीजन पार्टी के साथ जा रहे हैं.
एयर इंडिया क्रैशः &amp;lsquo;रनवे पर ही निकल आई थी इमरजेंसी पावर डिवाइस&amp;rsquo;- जांच पर उठे नए सवाल; FIP ने मांगा जवाब
क्या रहा रविवार का पूरा राजनीतिक घटनाक्रमस्पीकर से रविवार को 20 सांसदों ने मुलाकात की है. दो तिहाई से ज्यादा सांसदों ने स्पीकर से मिले हैं. बागी गुट की तरफ से सुदीप बंदोपाध्याय ने कहा है कि टीएमसी के असली सिंबल पर दावा करेंगे. उन्होंने बताया कि एक सिस्टम है दो तिहाई पार्टी की हिस्सेदारी चले जाते हो तो पहले दिन क्लेम नहीं कर सकते कि हमें ये पार्टी का नाम दे दो. जब जुलाई में पार्लियामेंट चलेगा तो हम तृणमूल में आएंगे, तब हम बोलेंगे कि हम लोगों को तृणमूल दो क्यों कि हमारे दो तिहाई है.
यह भी पढ़ेंः&amp;nbsp;एअर इंडिया प्लेन क्रैशः हादसे के सालभर बाद AAIB का बयान तो आया, लेकिन जवाब नदारद! सवाल अब भी बरकरार- कैसे गई 260 लोगों की जान? ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 11:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>ममता, बनर्जी-TMC, से, नहीं, वोटर्स, से, धोखा..., विधायक, कुणाल, घोष, का, बागियों, पर, बड़ा, हमला</media:keywords>
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        <title>एयर इंडिया क्रैशः ‘रनवे पर ही निकल आई थी इमरजेंसी पावर डिवाइस’&amp; जांच पर उठे नए सवाल; FIP ने मांगा जवाब</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/एयर-इंडिया-क्रैशः-रनवे-पर-ही-निकल-आई-थी-इमरजेंसी-पावर-डिवाइस-जांच-पर-उठे-नए-सवाल-fip-ने-मांगा-जवाब</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/एयर-इंडिया-क्रैशः-रनवे-पर-ही-निकल-आई-थी-इमरजेंसी-पावर-डिवाइस-जांच-पर-उठे-नए-सवाल-fip-ने-मांगा-जवाब</guid>
        <description><![CDATA[ गुजरात के अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 पिछले साल 12 जून, 2025 को उड़ान भरते ही जमीन पर गिर गई थी. इस हादसे को एक साल हो चुका है, लेकिन जांच को लेकर सवाल अभी भी खत्म नहीं हुए हैं. भारत के पायलट संगठन फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स यानी FIP ने अब सरकारी जांच एजेंसी AAIB को पत्र लिखकर कहा है कि जांच रिपोर्ट में कुछ आंकड़े सही नहीं लगते हैं.
क्या है असल मुद्दा?
दरअसल, विमान में एक इमरजेंसी पावर डिवाइस (Emergency Power Device) होता है, जिसे RAT कहते हैं. यह एक छोटी टर्बाइन होती है, जो विमान के बाहर निकलती है और बिजली की आपात आपूर्ति करती है. जांच रिपोर्ट में कहा गया था कि ईंधन बाधित होने के 4 से 5 सेकंड के भीतर RAT ने काम करना शुरू कर दिया, लेकिन जब अमेरिकी वकीलों की टीम ने बोइंग-787 के सिमुलेटर यानी नकली विमान पर यही परीक्षण किया तो पाया कि असल में यह काम करने में करीब 18 सेकंड लगते हैं.
क्यों अहम है यह फर्क?
FIP का कहना है कि अगर रिपोर्ट की टाइमिंग सही है, तो इसका मतलब है कि RAT उस वक्त से भी पहले बाहर निकल आई थी जब पायलट ने कोई स्विच छुआ होगा. सीधे शब्दों में कहें, तो विमान में कुछ गड़बड़ रनवे पर दौड़ते वक्त या उससे भी पहले शुरू हो गई थी. एक कैमरे की फुटेज में भी दावा किया गया है कि RAT उड़ान भरने से पहले ही बाहर दिख रही थी.
इससे पहले भी आए थे संकेत&amp;nbsp;

On this day, Air India Flight AI171, departed Ahmedabad Airport at 13:38 local time on a scheduled service to London Gatwick, carrying 230 passengers and 12 crew members. Just 32 seconds after becoming airborne, the aircraft crashed into a Medical College hostel complex in&amp;hellip; pic.twitter.com/dKLWD2rCt9
&amp;mdash; Breaking Aviation News &amp;amp; Videos (@aviationbrk) June 12, 2026



FIP ने यह भी बताया कि विमान के उड़ान भरने से करीब 14 मिनट पहले यानी सुबह 7 बजकर 53 मिनट से ही विमान के कंप्यूटर सिस्टम खराबी के संदेश भेज रहे थे. बिजली प्रणाली हाइड्रोलिक्स (Hydraulics) और उड़ान नियंत्रण से जुड़े इन संदेशों को ACARS कहते हैं. बचे हुए यात्री ने भी बताया था कि उन्हें तेज आवाज सुनाई दी थी और केबिन की लाइटें मंद पड़ गई थीं.
FIP ने क्या रखी मांग?
पायलट संगठन चाहता है कि AAIB खुद बोइंग-787 सिमुलेटर पर टेस्ट करे और FIP का एक प्रतिनिधि भी वहां मौजूद रहे. साथ ही अहमदाबाद एयरपोर्ट की सुरक्षा कैमरे की पूरी वीडियो FIP को दी जाए. इसके अलावा, यह भी जांच की जाए कि एअर इंडिया के पास खुद सिमुलेटर होने के बाद भी उसने यह जानकारी AAIB को क्यों नहीं दी?
यह पत्र नागरिक उड्डयन मंत्री, प्रधानमंत्री कार्यालय और DGCA को भी भेजा गया है. हालांकि, इस पर AAIB और एअर इंडिया की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक जवाब नहीं आया है.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ेंः एअर इंडिया प्लेन क्रैशः हादसे के सालभर बाद AAIB का बयान तो आया, लेकिन जवाब नदारद! सवाल अब भी बरकरार- कैसे गई 260 लोगों की जान? ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 11:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>एयर, इंडिया, क्रैशः, ‘रनवे, पर, ही, निकल, आई, थी, इमरजेंसी, पावर, डिवाइस’-, जांच, पर, उठे, नए, सवाल, FIP, ने, मांगा, जवाब</media:keywords>
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        <title>Delhi Student Protest: ओल्ड राजेंद्र नगर में छात्र शक्ति का प्रदर्शन, पेपर लीक और भर्ती में देरी के खिलाफ 15 जून को होगी सभा</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/delhi-student-protest-ओल्ड-राजेंद्र-नगर-में-छात्र-शक्ति-का-प्रदर्शन-पेपर-लीक-और-भर्ती-में-देरी-के-खिलाफ-15-जून-को-होगी-सभा</link>
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        <description><![CDATA[ देश में लगातार परीक्षा और भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर उठ रहे सवालों के बीच छात्रों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों का एक समूह कल राजधानी दिल्ली में जुटने जा रहा है. 15 जून को ओल्ड राजेंद्र नगर में प्रस्तावित इस छात्र सभा के जरिए परीक्षा व्यवस्था से जुड़े उन मुद्दों को सामने लाने की कोशिश की जाएगी, जिन्हें लेकर लंबे समय से छात्र समुदाय अपनी चिंता जताता रहा है.
आयोजकों के मुताबिक यह शांतिपूर्ण जुटान शाम 4 बजे मदर डेयरी, ओल्ड राजेंद्र नगर के पास आयोजित किया जाएगा. इस कार्यक्रम में NEET, CBSE, SSC, UPSC, UPSI, CUET समेत विभिन्न प्रतियोगी और भर्ती परीक्षाओं से जुड़े छात्र और अभ्यर्थी शामिल हो सकते हैं. दावा किया जा रहा है कि यह किसी एक परीक्षा या किसी एक भर्ती प्रक्रिया तक सीमित कार्यक्रम नहीं होगा, बल्कि अलग-अलग परीक्षाओं से जुड़े उम्मीदवार साझा मंच पर अपनी बात रखेंगे.

ये भी पढ़ें: भारतीय सेना ने अपनी वर्दी में किए कई नए बदलाव, कोलोनियल पीरियड की चीजों को हटाकर स्वदेशी को जोड़ा, रॉयल शब्द भी हटाया
आयोजकों ने प्रदर्शन को लेकर क्या कहा?
आयोजकों का कहना है कि हाल ही के वर्षों में परीक्षा प्रणाली को लेकर छात्रों के बीच कई तरह की चिंताएं सामने आई हैं. कई बार पेपर लीक की घटनाएं चर्चा में रहीं, कई जगह उम्मीदवारों ने मूल्यांकन और परिणाम प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए, जबकि भर्ती परीक्षाओं में देरी और प्रक्रिया की अनिश्चितता को लेकर भी लगातार आवाज उठती रही है. ऐसे में इस सभा का उद्देश्य इन मुद्दों को एक जगह लाकर उन पर चर्चा करना और सुधार की मांग को संगठित तरीके से सामने रखना बताया जा रहा है.
कई तरह के मुद्दों को प्रदर्श में उठाया जाएगा
बताया गया है कि कार्यक्रम के दौरान पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितताओं के अलावा मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता, भर्ती प्रक्रिया में जवाबदेही, परीक्षा केंद्रों पर उम्मीदवारों को आने वाली दिक्कतें, रिजल्ट और भर्ती में देरी, इन सबका छात्रों के करियर और मानसिक दबाव पर पड़ने वाले असर जैसे मुद्दे उठाए जाएंगे. छात्रों का कहना है कि कई उम्मीदवार वर्षों तक तैयारी करते हैं और ऐसे में किसी भी तरह की प्रक्रिया संबंधी गड़बड़ी उनके भविष्य को सीधे प्रभावित करती है.
शांतिपूर्ण तरीके से समर्थन करने की अपील
इस पहल से जुड़े प्रतिनिधियों का कहना है कि उनका मकसद केवल विरोध दर्ज कराना नहीं बल्कि परीक्षा व्यवस्था में व्यावहारिक और दीर्घकालिक सुधार की मांग करना है. उनका कहना है कि देश के लाखों छात्र और अभ्यर्थी ऐसी प्रणाली चाहते हैं जो समयबद्ध हो, जहां प्रक्रिया स्पष्ट हो, मूल्यांकन पारदर्शी हो और उम्मीदवारों को अपनी बात रखने का भरोसेमंद तंत्र मिले. आयोजकों ने छात्रों से इस पहल का शांतिपूर्ण तरीके से समर्थन करने की अपील की है. उनका कहना है कि यह मुद्दा केवल परीक्षा देने वाले छात्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं के अवसर, रोजगार और भविष्य से भी जुड़ा हुआ है. ऐसे में परीक्षा और भर्ती प्रणाली में भरोसा मजबूत करने के लिए संवाद, जवाबदेही और सुधार को लेकर गंभीर चर्चा की जरूरत है.
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        <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 11:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Delhi, Student, Protest:, ओल्ड, राजेंद्र, नगर, में, छात्र, शक्ति, का, प्रदर्शन, पेपर, लीक, और, भर्ती, में, देरी, के, खिलाफ, जून, को, होगी, सभा</media:keywords>
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        <title>&amp;apos;कल्याणकारी समाज का निर्माण सरकार की जिम्मेदारी...&amp;apos;, मुख्य आर्थिक सलाहकार ने ये क्यों कहा है?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/कल्याणकारी-समाज-का-निर्माण-सरकार-की-जिम्मेदारी-मुख्य-आर्थिक-सलाहकार-ने-ये-क्यों-कहा-है</link>
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        <description><![CDATA[ Indian Economic Adviser V Ananta Nageshwaran: भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन ने भारत की आर्थिक स्थिति को लेकर स्थिति स्पष्ट की है. उन्होंने कहा है कि एक कल्याणकारी समाज का निर्माण करना लोकतांत्रिक सरकार की जिम्मेदारी है. हालांकि, हमेशा सवाल यही होता है कि क्या वो इसका खर्च वहन कर सकेंगी?
मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन ने न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए कहा कि इस मुद्दे को भावनात्मक नजरिए से इतर समझदारी भरे नजर से देखना चाहिए. साथ ही सवाल पूछा जाना चाहिए कि क्या इससे लोगों की मदद हो पा रही है या नहीं. या इसे किसी ओर तरीके से किया जा सकता था.&amp;nbsp;
यह सरकार और समाज के बीच एक समझौता है: नागेश्वरन&amp;nbsp;
उन्होंने कहा कि अगर सोच समझकर लाई गई मुफ्त सुविधाओं से समाज को फायदा होता है, तो यह सरकार और समाज के बीच एक समझौता है. नागेश्वरन ने कहा कि विकसित देशों में कल्याणकारी खर्च होते हैं. वे भी कुछ सवालों से जूझ रहे हैं. उन्होंने पेंशन, बेरोजगारी, बीमा, स्वास्थ्य सुविधाओं के वादे किए हैं. जी-7 देश भी इससे जूझ रहे हैं. उन्होंने भी ये वादे किए थे. मुझे लगता है कि आम तौर पर कल्याणकारी समाज बनाना लोकतांत्रिक सरकार की जिम्मेदारी है. इसलिए यह नहीं कह सकते कि सरकार की तरफ से कोई लाभ नहीं होना चाहिए.&amp;nbsp;
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आर्थिक सलाहकार ने कहा है कि आबादी के कुछ वर्गों को मदद की जरूरत है. इन लाभों को शिक्षा और कौशल विकास जैसे पैमानों में सुधार से जोड़ा जा सकता है. क्या आप इन लाभों को आबादी उस खास वर्ग तक सीमित रखना चाहते हैं, जो इसके हकदार हैं? इसके बिना वह जीवित नहीं रह पाएंगे. आपको उन्हें एक खास स्तर तक लाना होगा. जहां वह कॉम्पिटिशन कर सकें. क्या आप वास्तव में फ्री सर्विस के अलावा दूसरे खर्चों के जरिए उनकी मदद कर सकते हैं? क्या आपको इसे सबसे लिए बनाना चाहिए? क्या आपको इसे बिना समय सीमा के बनाना चाहिए?&amp;nbsp;
आर्थिक सलाहकार ने कहा कि क्या आपको कुछ शर्तें जोड़ना चाहिए. इसलिए नहीं कि उन्हें किसी तरह के पैसे वापस करने हैं, बल्कि ऐसी शर्तें जो असल में उनके अपने भले के लिए हों. जैसे आपको अपने बच्चों की पढ़ाई लिखाई में सुधार दिखाना होगा, आपको उन्हें स्कूल भेजना होगा. तब मैं आपको यह दूंगा.&amp;nbsp;
उन्होंने कहा कि हमें देखना होगा कि क्या आप कम से कम ऐसी शर्तें जोड़ रहे हैं, जिनसे लोगों की जिंदगी की क्वालिटी बेहतर हो. ये सभी सवाल हैं. मुझे लगता है कि यह वह सवाल हैं, जो हमें पूछना चाहिए. इसी दिशा में हमें आगे बढ़ना चाहिए.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 11:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>कल्याणकारी, समाज, का, निर्माण, सरकार, की, जिम्मेदारी..., मुख्य, आर्थिक, सलाहकार, ने, ये, क्यों, कहा, है</media:keywords>
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        <title>ओमान की खाड़ी में डूबने लगी नाव, 14 भारतीय थे सवार, US नेवी ने रेस्क्यू में की इंडियन नेवी की मदद</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/ओमान-की-खाड़ी-में-डूबने-लगी-नाव-14-भारतीय-थे-सवार-us-नेवी-ने-रेस्क्यू-में-की-इंडियन-नेवी-की-मदद</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/ओमान-की-खाड़ी-में-डूबने-लगी-नाव-14-भारतीय-थे-सवार-us-नेवी-ने-रेस्क्यू-में-की-इंडियन-नेवी-की-मदद</guid>
        <description><![CDATA[ ओमान के तट के पास 14 भारतीय नागरिकों को लेकर जा रही एक नाव रविवार को समुद्र में डूबने लगी, जिसके बाद अमेरिकी नौसेना, भारतीय नौसेना और एक व्यापारी जहाज की मदद से बड़े स्तर पर बचाव अभियान शुरू किया गया. शुरुआती जानकारी के मुताबिक नाव ओमान के रस अल हद्द से करीब 80 समुद्री मील पूर्व में संकट में फंस गई थी, जिसके बाद तत्काल राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया.
अमेरिकी नौसेना ने भेजा अलर्ट, भारतीय नौसेना को दी सूचनासरकारी सूत्रों के अनुसार, अमेरिकी नौसेना को रविवार सुबह धौ के संकट में होने की सूचना मिली थी. इसके बाद अमेरिकी नौसेना ने तटीय अधिकारियों और भारतीय नौसेना को अलर्ट जारी किया, ताकि समय रहते बचाव अभियान शुरू किया जा सके.
P-8 विमान ने समुद्र में गिराया लाइफ राफ्टसूत्रों के मुताबिक अमेरिकी नौसेना के P-8 समुद्री निगरानी विमान ने घटनास्थल पर पहुंचकर समुद्र में एक लाइफ राफ्ट (जीवनरक्षक नाव) गिराई और पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी की. धौ के डूबने की स्थिति बनने के बाद उसमें सवार लोग लाइफ राफ्ट पर पहुंच गए.
व्यापारी जहाज MV Jabal Ali 9 ने भी की मददबचाव अभियान में पास से गुजर रहे सेंट किट्स एंड नेविस के झंडे वाले व्यापारी जहाज MV Jabal Ali 9 को भी शामिल किया गया. यह जहाज सोहार से मुंबई की ओर जा रहा था. अमेरिकी P-8 विमान के अनुरोध पर जहाज को संकटग्रस्त नाव की ओर भेजा गया ताकि यात्रियों की मदद की जा सके.

The Mission has learnt of an incident involving an Indian Flagged Mechanised Sailing Vessel Virat 1, off the coast of Oman, reportedly embarked with 14 Indian crew. Search and Rescue is being coordinated with the Omani authorities and vessels in vicinity of the incident: Embassy&amp;hellip; pic.twitter.com/Us61cBuUVw
&amp;mdash; ANI (@ANI) June 14, 2026
नाव में सवार सभी 14 लोग भारतीय नागरिकसरकारी अधिकारियों ने बताया कि धौ में सवार सभी 14 लोग भारतीय नागरिक हैं. फिलहाल उनकी स्थिति को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन बचाव अभियान पर लगातार नजर रखी जा रही है.
होर्मुज स्ट्रेट के पास बढ़ा रणनीतिक महत्वयह घटना ओमान के पूर्वी तट के पास हुई, जो होर्मुज स्ट्रेट के निकट स्थित है. हाल के महीनों में अमेरिका-ईरान तनाव और पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के कारण यह इलाका बेहद संवेदनशील और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बन गया है.
समुद्री यातायात पहले से ही प्रभावितक्षेत्र में जारी तनाव के चलते व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही पहले से प्रभावित है. कई शिपिंग कंपनियां और समुद्री एजेंसियां अतिरिक्त सतर्कता बरत रही हैं. रिपोर्टों के अनुसार, खाड़ी क्षेत्र और होर्मुज स्ट्रेट के आसपास सैकड़ों जहाज और हजारों नाविक लंबे समय से बाधित समुद्री गतिविधियों का सामना कर रहे हैं.
नाव डूबने की वजह अभी स्पष्ट नहींफिलहाल धौ के डूबने के कारणों का पता नहीं चल पाया है. अधिकारियों का कहना है कि बचाव अभियान जारी है और पूरे मामले की जांच की जा रही है. उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही सभी भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाल लिया जाएगा. ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 14 Jun 2026 19:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>ओमान, की, खाड़ी, में, डूबने, लगी, नाव, भारतीय, थे, सवार, नेवी, ने, रेस्क्यू, में, की, इंडियन, नेवी, की, मदद</media:keywords>
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        <title>Bandi Sanjay Convoy: बीच रास्ते में सरपट दौड़ रही थी मंत्री जी की कार! अचानक हुआ कुछ ऐसा कि उड़ गए सभी के होश, जानें पूरा मामला</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/bandi-sanjay-convoy-बीच-रास्ते-में-सरपट-दौड़-रही-थी-मंत्री-जी-की-कार-अचानक-हुआ-कुछ-ऐसा-कि-उड़-गए-सभी-के-होश-जानें-पूरा-मामला</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/bandi-sanjay-convoy-बीच-रास्ते-में-सरपट-दौड़-रही-थी-मंत्री-जी-की-कार-अचानक-हुआ-कुछ-ऐसा-कि-उड़-गए-सभी-के-होश-जानें-पूरा-मामला</guid>
        <description><![CDATA[ केंद्रीय गृह राज्य मंत्री और करीमनगर के सांसद बंदी संजय के निर्वाचन क्षेत्र के दौरे के दौरान एक अप्रत्याशित घटना हुई; उनके काफिले की एक गाड़ी एक मुख्य सड़क पर बने बड़े गड्ढे में फंस गई. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में स्टाफ के लोग गाड़ी को बाहर निकालने के लिए मशक्कत करते दिख रहे हैं. इस घटना ने एक सामान्य जन-संपर्क कार्यक्रम को स्थानीय बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) की खराब हालत की मिसाल बना दिया है.
इस घटना ने लोगों का ध्यान खींचा है क्योंकि यह उस सड़क पर हुई जिसके बारे में स्थानीय लोगों का कहना है कि हज़ारों यात्री रोज़ाना इसका इस्तेमाल करते हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार, इस सड़क पर गड्ढे एक आम समस्या बन गए हैं और वाहन चालकों को अक्सर रोज़ाना सड़क के खराब हिस्सों से गुज़रना पड़ता है. कई निवासियों का कहना है कि बारिश के मौसम में स्थिति और खराब हो जाती है, जब गड्ढों को पहचानना मुश्किल हो जाता है और वे ड्राइवरों के लिए ज़्यादा खतरनाक हो जाते हैं.

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चश्मदीदों ने घटना के संबंध में क्या बताया?
चश्मदीदों ने बताया कि जब स्टाफ के लोग गाड़ी को निकालने की कोशिश कर रहे थे तो काफिले की आवाजाही कुछ देर के लिए रुक गई. ये तस्वीरें तेज़ी से ऑनलाइन फैल गईं और कई यूज़र्स ने कहा कि अगर किसी सरकारी काफिले को ऐसी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है, तो आम यात्रियों को बिना किसी मदद या सुरक्षा इंतज़ाम के उसी रास्ते पर यात्रा करते समय और भी बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ता होगा. इस घटना ने सड़क के रखरखाव, बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता और विकास के दावों व ज़मीनी हकीकत के बीच के अंतर पर फिर से बहस छेड़ दी है. शहरी योजनाकार और परिवहन विशेषज्ञ अक्सर कहते हैं कि खराब सड़कें न केवल परेशानी का कारण बनती हैं, बल्कि वाहनों को नुकसान, ट्रैफिक जाम और सुरक्षा जोखिमों का कारण भी बनती हैं. बड़े गड्ढे खासकर दोपहिया वाहन चालकों, आपातकालीन वाहनों और सार्वजनिक परिवहन सेवाओं के लिए खतरनाक हो सकते हैं.
खराब सड़कों को लेकर बोले स्थानीय लोग?
स्थानीय निवासियों ने इस घटना को रोज़मर्रा की ज़िंदगी को प्रभावित करने वाली एक बड़ी समस्या का प्रतीक बताया है. कई लोगों का तर्क है कि खराब सड़कें ज़मीनी स्तर पर शासन-प्रशासन की स्थिति का सबसे साफ़ संकेत हैं क्योंकि वे रोज़ाना की यात्रा, आर्थिक गतिविधियों और सार्वजनिक सुरक्षा पर सीधा असर डालती हैं. सड़क की हालत के बारे में बार-बार की शिकायतें अक्सर मॉनसून के मौसम में बढ़ जाती हैं, जब जलभराव के कारण सड़क के गड्ढे छिप जाते हैं. वायरल वीडियो ने एक सामान्य राजनीतिक दौरे को बुनियादी ढांचे की जवाबदेही पर एक बड़ी चर्चा में बदल दिया है. कई लोगों के लिए, इस घटना का महत्व गाड़ी के फंसने में नहीं, बल्कि इस बात में है कि यह घटना उस सड़क पर हुई जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर आम जनता रोज़ाना करती है. इसलिए, इस घटना के बाद समय पर मरम्मत, बेहतर रखरखाव के तरीकों और मज़बूत निगरानी व्यवस्था की मांग फिर से उठने लगी है, ताकि ज़रूरी सार्वजनिक बुनियादी ढांचा सुरक्षित और काम करने की हालत में बना रहे.
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        <pubDate>Sun, 14 Jun 2026 19:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Bandi, Sanjay, Convoy:, बीच, रास्ते, में, सरपट, दौड़, रही, थी, मंत्री, जी, की, कार, अचानक, हुआ, कुछ, ऐसा, कि, उड़, गए, सभी, के, होश, जानें, पूरा, मामला</media:keywords>
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        <title>TMC Crisis: बंगाल की राजनीति में हलचल! अर्जुन सिंह बोले&amp; टूट की कगार पर TMC, पीएम मोदी का नहीं कोई मुकाबला</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/tmc-crisis-बंगाल-की-राजनीति-में-हलचल-अर्जुन-सिंह-बोले-टूट-की-कगार-पर-tmc-पीएम-मोदी-का-नहीं-कोई-मुकाबला</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/tmc-crisis-बंगाल-की-राजनीति-में-हलचल-अर्जुन-सिंह-बोले-टूट-की-कगार-पर-tmc-पीएम-मोदी-का-नहीं-कोई-मुकाबला</guid>
        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल के नॉर्थ 24 परगना में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के अंदर चल रहे राजनीतिक घटनाक्रम पर राज्य के कैबिनेट मंत्री अर्जुन सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि वह यह नहीं बता सकते कि TMC के अंदर क्या चल रहा है, लेकिन उन्हें यह देखकर खुशी है कि पार्टी टूटने की कगार पर पहुंच गई है. अर्जुन सिंह ने कहा, &quot;मैं यह नहीं कह सकता कि TMC के अंदर क्या हो रहा है, लेकिन मुझे खुशी है कि उनकी पार्टी टूटने की कगार पर है.&quot; इसके अलावा उन्होंने ये भी कहा कि हम पहले से जानते थे कि ऐसा ही होगा और इसके बारे में बताए भी थे.
कैबिनेट मंत्री अर्जुन सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी तारीफ की. अर्जुन सिंह ने कहा कि पीएम मोदी का मुकाबला केवल भारत में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में भी कोई नहीं कर सकता. उनके अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नेतृत्व वैश्विक स्तर पर मजबूत माना जाता है और उनकी लोकप्रियता देश की सीमाओं से बाहर भी दिखाई देती है


#WATCH | North 24 Parganas, West Bengal: On TMC crisis, WB Cabinet Minister Arjun Singh says, &quot;... I can&#039;t say what is happening within the TMC, but I am happy that their party is on the verge of breaking...&quot; pic.twitter.com/uqmKqh2zCx
&amp;mdash; ANI (@ANI) June 14, 2026



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TMC के भीतर राजनीतिक हलचल
अर्जुन सिंह का यह बयान ऐसे समय में आया है जब TMC के भीतर राजनीतिक हलचल और अंदरूनी मतभेदों को लेकर लगातार चर्चाएं हो रही हैं. हालांकि उन्होंने पार्टी के अंदर की स्थिति पर विस्तार से कोई टिप्पणी नहीं की, लेकिन उन्होंने यह जरूर कहा कि उन्हें TMC की मौजूदा स्थिति देखकर खुशी है.
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        <pubDate>Sun, 14 Jun 2026 19:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>TMC, Crisis:, बंगाल, की, राजनीति, में, हलचल, अर्जुन, सिंह, बोले-, टूट, की, कगार, पर, TMC, पीएम, मोदी, का, नहीं, कोई, मुकाबला</media:keywords>
    </item>
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        <title>भारतीय सेना ने अपनी वर्दी में किए कई नए बदलाव, कोलोनियल पीरियड की चीजों को हटाकर स्वदेशी को जोड़ा, रॉयल शब्द भी हटाया</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/भारतीय-सेना-ने-अपनी-वर्दी-में-किए-कई-नए-बदलाव-कोलोनियल-पीरियड-की-चीजों-को-हटाकर-स्वदेशी-को-जोड़ा-रॉयल-शब्द-भी-हटाया</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/भारतीय-सेना-ने-अपनी-वर्दी-में-किए-कई-नए-बदलाव-कोलोनियल-पीरियड-की-चीजों-को-हटाकर-स्वदेशी-को-जोड़ा-रॉयल-शब्द-भी-हटाया</guid>
        <description><![CDATA[ भारतीय सेना ने रविवार (14 जून, 2026) को अपने यूनिफॉर्म के नियमों में से कोलोनियल पीरियड के कई नियमों को पूरी तरह से हटा दिया है. दरअसल, यह बदलाव भारत की संप्रभु पहचान के साथ सैन्य परंपराओं को जोड़ने के एक व्यापक कोशिश के तहत किया गया है. जिसके तहत अब निरीक्षण करने वाले अधिकारियों के तलवार ले जाने की अनिवार्यता के साथ-साथ कुछ मेस ड्रेस के साथ पाउच बेल्ट के इस्तेमाल को अब खत्म कर दिया गया है.
इसके अलावा, सैन्य बलों के लिए कई स्थानों पर रॉयल जैसे पुराने शब्दों का इस्तेमाल भी अब बंद कर दिया गया है. इसके स्थान पर भारतीय सेना स्वदेशी बंडी जैकेट को सिविल फॉर्मल ड्रेस के हिस्से के तौर पर पेश कर रही है.
आर्मी यूनिफॉर्म-2026 के पैम्फलेट में दी गई पूरी जानकारी

Indian Army drops colonial-era dress customs; brings in Bandis, battlejackets under new uniform codeRead @ANI Story| https://t.co/klN8OjiwhX #IndianArmy #UniformCode #BandiJackets #BattleJackets pic.twitter.com/iKbLxZ0xUA
&amp;mdash; ANI Digital (@ani_digital) June 14, 2026



न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, भारतीय सेना की ओर से यूनिफॉर्म से संबंधित किए गए व्यापक बदलाव की विस्तृत जानकारी आर्मी यूनिफॉर्म-2026 के पैम्फलेट में जारी कर दी गई है, जो सेना के ड्रेस नियमों का रेगुलेट करता है और इसके साथ सेना की तरफ से कोलोनियल पीरियड से इस्तेमाल किए जा रहे चिह्नों और शब्दावली को जानबूझकर हटाने लिए उठाए गए कदम को दर्शाता है.
इन बदलावों के पीछे स्वदेशीकरण और राष्ट्रीय लोकचार के साथ अलाइनमेंट के टाइटल के साथ तर्क को स्पष्ट किया गया है. नए नियमों में यह कहा गया है कि देश की भावनाओं और विकसित संप्रभु पहचान को ध्यान में रखते हुए, सेना के यूनिफॉर्म पैम्फलेट के इस संस्करण में कई सुनियोजित सुधारों को शामिल किया गया है.&amp;nbsp;

क्या-क्या किए गए बदलाव?
भारतीय सेना की ओर से यूनिफॉर्म में किए गए बदलावों में से एक है बंद गले का कोट, जिसे आमतौर पर बंड़ी जैकेट कहा जाता है. यह एक ऐसा परिधान है, जो किसी भी पूरे बाजू के शर्ट या कुर्ता के ऊपर से पहना जाता है. इसके साथ ही इसमें मैचिंग फॉर्मल ट्राउजर और बंद जूते भी शामिल हैं. यह नया ड्रेस अधिकारियों के लिए एक फॉर्मल पोशाक के रूप में जोड़ा गया है.
जबकि दूसरी तरफ सेना के मेस ड्रेस नंबर 5 और 6 से अधिकारियों की तरफ से कमर में बांधा जाने वाला पाउच बेल्ट भी हटा दिया गया है. साथ ही, रिव्यू ऑफिसर्स की तरफ से तलवार लेकर जाने को भी ऑप्शनल यानी वैकल्पिक बना दिया गया है.
आधुनिकीकरण और सैन्य परंपराओं के संरक्षण के बीच संतुलन की कोशिशः सेना
भारतीय सेना का कहना है कि ये सुधारों को आधुनिकीकरण और सैन्य परंपराओं के संरक्षण के बीच एक संतुलन बनाने की कोशिश है. नियमों के अनुसार, सामूहिक रूप से यह सुधार भारतीय सेना की गरिमा, कार्यक्षमता और स्थायी परंपराओं को बचाते हुए कोलोनियल पीरियड के निशानों की प्रोग्रेसिव रिव्यू को दिखाते हैं.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ेंः 3 दशक बाद &#039;टैंक अधिकारी&#039; के हाथों में भारतीय सेना की बागडोर, जानिए कौन हैं पेरिस से पढ़े नए आर्मी चीफ लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 14 Jun 2026 19:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>भारतीय, सेना, ने, अपनी, वर्दी, में, किए, कई, नए, बदलाव, कोलोनियल, पीरियड, की, चीजों, को, हटाकर, स्वदेशी, को, जोड़ा, रॉयल, शब्द, भी, हटाया</media:keywords>
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        <title>दीदी के हाथ से गई TMC? भूपेन्द्र यादव के घर बागी सांसदों की बैठक, काकोली बोलीं&amp; कल स्पीकर से करेंगे अलग गुट की मांग</title>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल में 15 सालों तक शासन करने वाली पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के हाथ से उनकी अपनी पार्टी तृणमूल कांग्रेस अब जाते हुए दिखाई दे रही है. टीएमसी के 20 से ज्यादा सांसद अब पार्टी का साथ छोड़ने के कगार पर खड़े हैं और भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय गठबंधन गठबंधन (NDA) का साथ देने की बात कर रहे हैं. टीएमसी के बागी सांसदों ने रविवार (14 जून, 2026) को केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के घर पर एक बैठक की है. जिसके बाद टीएमसी के बागी सांसदों में शामिल काकोली घोष दस्तीदार ने कहा कि हम कल सोमवार (15 जून, 2026) को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के मुलाकात करेंगे और उनसे एक अलग गुट के रूप में मान्यता देने की मांग करेंगे.
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के आवास पर हुई बैठक में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 14 से 15 बागी सांसदों के मौजूद होन की खबर है. इसमें सांसद काकोली घोष दस्तीदार, सयोनी घोष, माला रॉय, शताब्दी रॉय, शर्मिला सरकार, प्रसून बनर्जी, सुदीप बंद्योपाध्याय, अरुप चक्रवर्ती, पार्था भौमिक, जगदीश बसुनिया समेत कई अन्य के नाम शामिल हैं.
काकोली घोष दस्तीदार बनीं बागी गुट की नेता
टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी की करीबी कही जाने वाली सांसद काकोली घोष दस्तीदार अब बागी सांसदों की गुट नेता बन गई है. उन्होंने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के साथ हुई बैठक के बाद कहा है कि उनके साथ अब कुल 22 सांसद हैं. इससे पहले उन्होंने 20 सांसदों के साथ का दावा किया था.
हालांकि, उन्होंने गुट में शामिल हुए दो नए सांसदों के नामों को उजागर नहीं किया है. उन्होंने कहा है कि जब वो लोग औपचारिक रूप से शामिल हो जाएंगे, तभी उनके नामों को सार्वजनिक कर दिया जाएगा. ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 14 Jun 2026 19:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>ममता को झटका, TMC का टूटना लगभग तय! लोकसभा स्पीकर से मिलेंगे 20 सांसद, सामने रखेंगे ये बड़ी मांग</title>
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        <description><![CDATA[ तृणमूल कांग्रेस में चल रही उठापटक अब आखिरी दौर में पहुंच सकती है. पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद सुदीप बंदोपाध्याय ने शनिवार (13 जून) ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की. वे इससे पहले शताब्दी रॉय के साथ केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से मिलने पहुंचे थे. अब खबर है कि टीएमसी के 20 सांसद सोमवार (15 जून) को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात करेंगे. उनके सामने एक बड़ी मांग रखने वाले हैं.
टीएमसी के 20 सांसद सोमवार को लोकसभा स्पीकर से मुलाकात करके अलग ब्लॉक की मांग करेंगे. एबीपी आनंदा की रिपोर्ट के मुताबिक टीएमसी के बागी सांसदों को एनडीए का समर्थन भी मिलेगा, जिसके बाद एक अलग ब्लॉक के तौर पर मान्यता की मांग करेंगे. उनके लिए लोकसभा में अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस से अलग बैठने की व्यवस्था की जाएगी.
अमित और सुदीप के बीच करीब 30 मिनट तक चली मीटिंग
सुदीप बंदोपाध्याय शनिवार सुबह ही दिल्ली पहुंचे. वे शताब्दी रॉय के साथ भूपेंद्र यादव के मोतीलाल नेहरू मार्ग स्थित घर गए. उन्होंने भूपेंद्र यादव से मुलाकात की और स्पीकर को भेजे जाने वाले लेटर पर साइन भी किए. इसके बाद सुदीप गृहमंत्री अमित शाह से मिलने पहुंचे. यह मीटिंग 30 मिनट से ज्यादा चली. अब लेटर पर साइन करने वाले TMC के 20 सांसद सोमवार को स्पीकर ओम बिरला से मिलेंगे.

बढ़ती जा रही टीएमसी की आंतरिक कलह
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से ही टीएमसी के भीतर आंतरिक कलह बढ़ती जा रही है. पार्टी पहले ही राज्य विधानसभा में अपने संसदीय दल पर नियंत्रण खो चुकी है और अब लोकसभा में भी बगावत के संकेत स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं.
1 जून को लोकसभा में टीएमसी सांसदों के एक बड़े वर्ग ने पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी के नेतृत्व के खिलाफ असंतोष जाहिर किया था. उसी दिन, जब ममता बनर्जी और पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी दिल्ली में विपक्षी &#039;इंडिया&#039; गठबंधन की बैठक में शामिल थे, तब लोकसभा में टीएमसी सांसदों के बीच विभाजन की खबरें सामने आई थीं.
यह भी पढ़ें : &#039;अगले 24 घंटे में डील फाइनल&#039;, पाकिस्तानी PM शहबाज शरीफ का बड़ा दावा, समझौते के लिए तैयार अमेरिका-ईरान? ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 14 Jun 2026 03:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>सयानी घोष के खिलाफ बड़ा एक्शन, TMC ने युवा अध्यक्ष पद से हटाया, अर्नब बनर्जी को सौंपी जिम्मेदारी</title>
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        <description><![CDATA[ तृणमूल कांग्रेस ने सयानी घोष के खिलाफ बड़ा एक्शन लेते हुए उन्हें टीएमसी यूथ के प्रेजिडेंट पद से हटा दिया है. सयानी के बागी सांसदों की लिस्ट में शामिल होने की चर्चा है. जहां एक तरफ टीएमसी में फूट पड़ी हुई है. सोमवार को पार्टी के बागी सांसद लोकसभा स्पीकर से मुलाकात करेंगे, तो वहीं, अब पार्टी ने बड़ा फेरबदल किया है. न्यूज एजेंसी ANI ने बताया कि टीएमसी ने बताया कि अर्नब बनर्जी को राज्य के तृणमूल युवा कांग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, तो वहीं कुणाल घोष को उत्तरी कोलकाता संगठनात्मक जिले का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. कुणाल ने नॉर्थ कोलकाता ऑर्गेनाइज़ेशनल डिस्ट्रिक्ट के प्रेसिडेंट पद के लिए MP सुदीप बंद्योपाध्याय की जगह ली है.
पार्टी में लगातार बढ़ रही आंतरिक कलह
इधर, बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से ही टीएमसी के भीतर आंतरिक कलह मची हुई है. यह थमने का नाम नहीं ले रही है. &amp;nbsp;पार्टी पहले ही राज्य विधानसभा में अपने संसदीय दल पर कंट्रोल खो चुकी है. लोकसभा में भी बगावत के संकेत स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं.

1 जून को लोकसभा में टीएमसी सांसदों के एक बड़े वर्ग ने पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी के नेतृत्व के खिलाफ असंतोष जाहिर किया था. उसी दिन, जब ममता बनर्जी और पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी दिल्ली में विपक्षी &#039;इंडिया&#039; गठबंधन की बैठक में शामिल थे, तब लोकसभा में टीएमसी सांसदों के बीच विभाजन की खबरें सामने आई थीं.
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ममता के घर हुई वर्किंग कमिटी की बैठक में क्या हुआ?&amp;nbsp;
TMC प्रमुख ममता बनर्जी के घर पर वर्किंग कमेटी की बैठक हुई थी. सुखेंदु शेखर रॉय और सुष्मिता देव ने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है. इसलिए दो पद खाली हो गए. &amp;nbsp;सुदीप बंद्योपाध्याय, माला रॉय और एक और व्यक्ति, जो दूसरी तरफ चले गए हैं और अलग गुट बना रहे हैं, उन्हें वर्किंग कमेटी से हटा दिया गया है. सौगत रॉय और ज्योतिप्रिय मल्लिक को वर्किंग कमेटी में शामिल किया गया है. सुदीप बंद्योपाध्याय की जगह कुणाल घोष को कोलकाता उत्तर का अध्यक्ष बनाया गया है. &amp;nbsp;सायनी घोष को तृणमूल युवा कांग्रेस के अध्यक्ष पद से हटा दिया गया है. &amp;nbsp;
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(Input: बिजेंद्र सिंह) ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 14 Jun 2026 03:30:10 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>सयानी, घोष, के, खिलाफ, बड़ा, एक्शन, TMC, ने, युवा, अध्यक्ष, पद, से, हटाया, अर्नब, बनर्जी, को, सौंपी, जिम्मेदारी</media:keywords>
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        <title>ममता समेत 5 TMC नेताओं की बढ़ी मुश्किल, सांसद काकोली घोष के बेटे ने भेजा लीगल नोटिस, कहा&amp; &amp;apos;शराब से जुड़े आरोप झूठे&amp;apos;</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/ममता-समेत-5-tmc-नेताओं-की-बढ़ी-मुश्किल-सांसद-काकोली-घोष-के-बेटे-ने-भेजा-लीगल-नोटिस-कहा-शराब-से-जुड़े-आरोप-झूठे</link>
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        <description><![CDATA[ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद डॉ. काकोली घोष दस्तिदार के बेटे और मनोचिकित्सक डॉ. बैद्यनाथ घोष दस्तिदार ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, सांसद सौगत रॉय, कल्याण बनर्जी, महुआ मोइत्रा और पूर्व विधायक सोनाली गुहा को कानूनी नोटिस भेजा है. उनका आरोप है कि इन नेताओं द्वारा उनके बारे में झूठे और मानहानिकारक बयान दिए गए हैं, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है.&amp;nbsp;
बैद्यनाथ घोष की ओर से जारी प्रेस बयान में कहा गया है कि उन्होंने बरासात विधानसभा सीट से कभी भी विधायक का टिकट नहीं मांगा था. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह दावा पूरी तरह झूठा और भ्रामक है कि उन्होंने टीएमसी से चुनाव लड़ने के लिए टिकट की मांग की थी.&amp;nbsp;
शराब से जुड़े आरोपों को बताया झूठा
उन्होंने यह भी कहा कि सोनाली गुहा द्वारा लगाए गए आरोप, जिनमें कहा गया कि वह, उनके भाई और उनकी मां डॉ. काकोली घोष दस्तिदार नियमित रूप से शराब का सेवन करते हैं, पूरी तरह निराधार और असत्य हैं. उन्होंने इन आरोपों को उनकी व्यक्तिगत और पेशेवर छवि खराब करने की कोशिश बताया.&amp;nbsp;

बैद्यनाथ ने बताया कि उनकी अधिवक्ता पूजा शुक्ला ने ममता बनर्जी, सांसद सौगत रॉय, कल्याण बनर्जी, महुआ मोइत्रा और सोनाली गुहा के नाम पर एक कानूनी नोटिस तैयार किया है, जिस पर उन्होंने हस्ताक्षर कर दिए हैं और इसे सोमवार को भेजा जाएगा.
कानूनी नोटिस के जरिए क्या की गई मांग
कानूनी नोटिस में संबंधित नेताओं से मांग की गई है कि वे उनके खिलाफ दिए गए कथित झूठे और मानहानिकारक बयानों को वापस लें, सार्वजनिक रूप से खंडन करें और माफी मांगें. नोटिस में यह भी कहा गया है कि यदि 15 दिनों के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो डॉ. बैद्यनाथ घोष दस्तिदार अपने सम्मान की रक्षा के लिए मानहानि सहित उपलब्ध सभी कानूनी उपाय अपनाएंगे.
प्रेस बयान में बैद्यनाथ ने दोहराया कि उन्होंने कभी भी बरासात विधानसभा क्षेत्र से राजनीतिक टिकट की इच्छा नहीं जताई और उनके संबंध में फैलाए जा रहे दावे तथ्यों पर आधारित नहीं हैं. उन्होंने कहा कि वह अपनी प्रतिष्ठा की रक्षा के लिए कानूनी प्रक्रिया का सहारा लेने के लिए तैयार हैं.
यह भी पढ़ें : ममता को झटका, TMC का टूटना लगभग तय! लोकसभा स्पीकर से मिलेंगे 20 सांसद, सामने रखेंगे ये बड़ी मांग ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 14 Jun 2026 03:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>ममता, समेत, TMC, नेताओं, की, बढ़ी, मुश्किल, सांसद, काकोली, घोष, के, बेटे, ने, भेजा, लीगल, नोटिस, कहा-, शराब, से, जुड़े, आरोप, झूठे</media:keywords>
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        <title>&amp;apos;2024 का चुनाव हम हारे नहीं...&amp;apos;, INDIA गठबंधन की बैठक में राहुल का बड़ा बयान, 2029 को लेकर क्या कहा?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/2024-का-चुनाव-हम-हारे-नहीं-india-गठबंधन-की-बैठक-में-राहुल-का-बड़ा-बयान-2029-को-लेकर-क्या-कहा</link>
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        <description><![CDATA[ INDIA गठबंधन की बैठक में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सहयोगी दलों के नेताओं के सामने राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण संबोधन दिया. राहुल गांधी ने एक ऑडियो जारी कर इंडिया गठबंधन में अपने भाषण को साझा किया है. राहुल गांधी ने विपक्षी दलों से आपसी मतभेदों को भुलाकर &quot;प्रतिरोध की राजनीति&quot; अपनाने का आह्वान किया और कहा कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में पारंपरिक चुनावी रणनीतियां पर्याप्त नहीं हैं.
बैठक में राहुल गांधी ने स्पष्ट शब्दों में कहा था कि कांग्रेस पार्टी भाजपा और आरएसएस के साथ किसी भी तरह के समझौते की कल्पना भी नहीं कर सकती. उन्होंने कहा कि कांग्रेस का मूल चरित्र एक &quot;प्रतिरोध आंदोलन&quot; का है और पार्टी संविधान तथा लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष करती रहेगी.
नीलकंठ की तरह विष पीने को तैयारराहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के बारे में जो बातें कही गईं, उनका जवाब देना मेरा काम नहीं है. मेरा काम तो शैव परंपरा की तरह सब कुछ अपने भीतर समाहित कर लेना है. जैसे नीलकंठ शिव ने विषपान किया था. मेरे या कांग्रेस पार्टी के खिलाफ आपके मन में जो भी आलोचना है. हम उसे स्वीकार करेंगे और मुस्कुराते हुए स्वीकार करेंगे.
सयानी घोष के खिलाफ बड़ा एक्शन, TMC ने युवा अध्यक्ष पद से हटाया, अर्नब बनर्जी को सौंपी जिम्मेदारी
&quot;2024 का चुनाव हम हारे नहीं&quot;
सूत्रों के अनुसार राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि विपक्ष को यह समझने की जरूरत है कि 2024 के लोकसभा चुनाव का राजनीतिक संदेश भाजपा के खिलाफ था. उन्होंने दावा किया कि &quot;हम 2024 का चुनाव हारे नहीं थे&quot; और विपक्षी दलों को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना चाहिए.
सहयोगी दलों को संदेशबैठक में राहुल गांधी ने विपक्षी दलों के नेताओं को भरोसा दिलाया कि कांग्रेस गठबंधन को एकजुट रखने के लिए हर आलोचना और असहमति को स्वीकार करने को तैयार है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की भूमिका सभी सहयोगी दलों को &quot;प्रेम और स्नेह&quot; के साथ जोड़कर रखने की है.
&quot;प्रतिरोध ही सबसे बड़ा हथियार&quot;
राहुल गांधी ने कहा कि आने वाले समय में विपक्ष को &quot;रेजिस्टेंस मोड&quot; में काम करना होगा। उन्होंने भारत जोड़ो यात्रा, शिक्षा और सामाजिक मुद्दों पर आंदोलनों का उल्लेख करते हुए कहा कि जनता के बीच लगातार संघर्ष और प्रतिरोध ही सबसे प्रभावी राजनीतिक हथियार साबित होगा।
इंडिया गठबंधन की एकजुटता के लिए हर अपमान मंजूर&amp;nbsp;राहुल गांधी ने कहा कि मेरे लिए यह कोई राजनीतिक कर्तव्य नहीं रह गया है. यह एक धार्मिक और आध्यात्मिक कर्तव्य है। इस समूह को एकजुट रखने और सफल बनाने के लिए मुझे जितना भी अपमान सहना पड़े, मैं सहने को तैयार हूं.
राहुल ने आगे कहा ममता जी लगभग 90 प्रतिशत आश्वस्त हैं कि उनका चुनाव उनसे छीना गया. उद्धव जी लगभग 40 प्रतिशत आश्वस्त हैं. तेजस्वी जी भी लगभग 40 प्रतिशत आश्वस्त हैं. मैं कहता हूं&amp;mdash;100 प्रतिशत चुनाव चोरी किए जा रहे हैं.&amp;nbsp;
यह भी समझिए कि सोशल मीडिया पर प्रभाव रातों-रात नहीं बनता। मेरे यूट्यूब पर एक करोड़ फॉलोअर्स हैं, लेकिन मेरा अकाउंट पूरी तरह दबाया जा रहा है. राहुल के मुताबकि पूरा तंत्र, मीडिया, सोशल मीडिया, कानूनी व्यवस्था, नौकरशाही और खुफिया एजेंसियां, इस सरकार को सत्ता में बनाए रखने के लिए एक दिशा में काम कर रहे हैं. राहुल गांधी ने कहा कि लोग पूछते हैं कि नीतीश जी क्यों चले गए। वह मेरे कारण नहीं था, न ही कांग्रेस के कारण.

संस्थाओं पर नियंत्रण का आरोपराहुल गांधी ने कथित तौर पर आरोप लगाया कि भाजपा ने राज्य की प्रमुख संस्थाओं पर प्रभाव स्थापित कर लिया है. उन्होंने कहा कि विपक्ष को यह मानकर चलना चाहिए कि राजनीतिक संघर्ष अब केवल चुनावी मैदान तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा का भी सवाल है.
2029 की तैयारी पर जोरराहुल गांधी ने विपक्षी नेताओं से निराशा छोड़ने और भाजपा को चुनौती देने के लिए एकजुट रणनीति बनाने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष साथ खड़ा रहता है तो आने वाले चुनावों में भाजपा को पराजित किया जा सकता है. INDIA गठबंधन की बैठक में राहुल गांधी का यह संबोधन विपक्षी खेमे के लिए एक राजनीतिक रोडमैप के रूप में देखा जा रहा है.
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        <pubDate>Sun, 14 Jun 2026 03:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>2024, का, चुनाव, हम, हारे, नहीं..., INDIA, गठबंधन, की, बैठक, में, राहुल, का, बड़ा, बयान, 2029, को, लेकर, क्या, कहा</media:keywords>
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        <title>IMA Passing Out Parade 2026: IMA में रचा गया इतिहास, पहली बार पासिंग आउट परेड में शामिल हुईं 9 महिला कैडेट्स, 515 जेंटलमैन कैडेट भी बने सेना अधिकारी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/ima-passing-out-parade-2026-ima-में-रचा-गया-इतिहास-पहली-बार-पासिंग-आउट-परेड-में-शामिल-हुईं-9-महिला-कैडेट्स-515-जेंटलमैन-कैडेट-भी-बने-सेना-अधिकारी</link>
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        <description><![CDATA[ भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) के इतिहास में शनिवार (13 जून 2026) का दिन सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया. वह पल जिसका इंतजार शायद दशकों से था पहली बार IMA की पासिंग आउट परेड (POP) में नौ महिला कैडेट्स ने सैन्य अफसर के रूप में कदम रखा. इन नौ बेटियों के कंधों पर जब रैंक सजी, तो वह सिर्फ एक समारोह नहीं था &amp;nbsp;वह भारतीय फौज की बदलती तस्वीर का ऐलान था.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मौजूदगी में यह ऐतिहासिक परेड आयोजित हुई. सुबह 6:40 बजे जब कैडेट्स के जूतों की कदमताल उस मैदान पर गूंजी, जहां से न जाने कितनी पीढ़ियों के फौजी निकले हैं तो माहौल में एक अलग ही जज्बा था. चैटवुड भवन के सामने जब राष्ट्रपति मुर्मू ने सलामी ली, तो उनके चेहरे पर गर्व साफ दिख रहा था.

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515 कैडेट्स ने पार किया अंतिम पग
इस बार की परेड में कुल 515 जेंटलमैन कैडेट्स ने प्रशिक्षण पूरा कर सेना की वर्दी थामी. इनमें 481 भारतीय कैडेट थे, जिनमें नौ महिला कैडेट्स शामिल रहीं. इसके अलावा 16 मित्र देशों के 34 कैडेट्स ने भी अकादमी से प्रशिक्षण पूरा कर अपने-अपने देश की सेनाओं में कमीशन हासिल किया. परेड के बाद शॉपिंग सेरेमनी का आयोजन हुआ &amp;nbsp;वह भावुक क्षण जब परिजनों ने अपने बेटे-बेटियों के कंधों पर स्टार लगाए. इस बार इस रस्म का मतलब और गहरा था, क्योंकि नौ परिवारों के लिए यह पल पहली बार किसी बेटी के अफसर बनने का जश्न था.
यह बदलती तस्वीर है-राष्ट्रपति मुर्मू
राष्ट्रपति मुर्मू ने इस मौके को सिर्फ एक समारोह नहीं, बल्कि देश की बदलती सोच और बढ़ती ताकत का प्रतीक बताया. उन्होंने कहा कि महिला अफसरों का IMA से पास आउट होना यह साबित करता है कि भारत की बेटियां अब हर मोर्चे पर देश की रक्षा के लिए तैयार हैं. गौरतलब है कि यह दूसरा मौका है जब किसी महिला राष्ट्रपति ने IMA की परेड में मुख्य अतिथि की भूमिका निभाई. इससे पहले पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल भी यहां सलामी ले चुकी हैं.
शुक्रवार को ही पहुंचीं देहरादून
राष्ट्रपति मुर्मू एक दिन पहले शुक्रवार को जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचीं, जहां राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.), मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, मुख्य सचिव आनंदबर्द्धन और डीजीपी दीपम सेठ ने उनका स्वागत किया. इसके बाद वे राष्ट्रपति निकेतन पहुंचीं और विभिन्न गणमान्य व्यक्तियों से मुलाकात की. परेड में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत सेना व प्रशासन के तमाम वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे.
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        <pubDate>Sun, 14 Jun 2026 03:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>IMA, Passing, Out, Parade, 2026:, IMA, में, रचा, गया, इतिहास, पहली, बार, पासिंग, आउट, परेड, में, शामिल, हुईं, महिला, कैडेट्स, 515, जेंटलमैन, कैडेट, भी, बने, सेना, अधिकारी</media:keywords>
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        <title>&amp;apos;आतंकवाद के आकाओं तक नहीं पहुंचेगा सिंधु नदी का पानी&amp;apos;, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह का पाकिस्तान को दो टूक संदेश</title>
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        <description><![CDATA[ भारत ने एक बार फिर आतंकवाद को पालने-पोषने वाले पाकिस्तान को सिंधु नदी के पानी को लेकर दो टूक संदेश दे दिया है.&amp;nbsp;रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आतंकवाद को पाकिस्तान के समर्थन की निंदा करते हुए शुक्रवार को कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार आतंकवाद प्रायोजित करने वालों तक सिंधु नदी का पानी नहीं पहुंचने देगी.
तेलंगाना में बीजेपी की ओर से आयोजित &#039;इंटेलेक्चुअल मीट&#039; को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, &#039;ऑपरेशन सिंदूर के जरिए सरकार ने दुनिया को दिखा दिया कि जो शांति और सद्भाव की भाषा नहीं समझते, उन्हें उन्हीं की भाषा में कैसे जवाब दिया जाता है.&#039;
राजनाथ सिंह ने विपक्ष को घेरा
उन्होंने &#039;ऑपरेशन सिंदूर&#039; और सैनिकों की बहादुरी पर सवाल उठाने के लिए कांग्रेस और विपक्ष के अन्य नेताओं की आलोचना की. रक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार ने साफ़ कहा था कि अगर भारत के ख़िलाफ़ आतंकी हमले हुए, तो वह पाकिस्तान को अनाज और पानी की आपूर्ति रोक देगी.
ये भी पढ़ें-&amp;nbsp;&amp;nbsp;&#039;पानी को रोकने की कोशिश....&#039;, फिर रोने लगा पाकिस्तान, सिंधु जल समझौते को लेकर भारत को दी गीदड़भभकी
आतंकवाद के आकाओं तक नहीं पहुंचने देंगे सिंधु का पानी: रक्षामंत्री
राजनाथ सिंह ने कहा, &#039;पहलगाम में आतंकी हमले के बाद, सिंधु जल संधि को रोकते हुए हमने कहा कि जिनकी आंखों के आंसू सूख चुके हैं, उन्हें हमसे पानी की उम्मीद नहीं करनी चाहिए. हम सिंधु का पानी आतंकवादियों के संरक्षकों और मानवता के दुश्मनों तक नहीं पहुंचने देंगे.&#039;
उन्होंने कहा कि भारत दुनिया में एक विश्वसनीय साझेदार के रूप में उभरा है और उसने हमेशा आपदाओं का सामना करने वाले देशों की मदद की है. राजनाथ सिंह ने कोविड-19 महामारी के दौरान कई देशों को भारत द्वारा दी गई सहायता का उल्लेख करते हुए कहा कि दुनिया भर में भारत को &amp;lsquo;&amp;lsquo;विश्व बंधु&amp;rsquo;&amp;rsquo; के रूप में देखा जाता है. उन्होंने यह भी कहा कि भारत के दुश्मनों को यह नहीं भूलना चाहिए कि देश के पास न केवल टीके हैं, बल्कि ब्रह्मोस मिसाइल भी है.
राहुल गांधी को लेकर क्या बोले राजनाथ?
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस देश को एक खास परिवार की जागीर मानती है. एक लेखक का हवाला देते हुए सिंह ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी 2014 से पहले कहा करते थे कि 2024 में उनका समय आएगा.
राजनाथ सिंह ने कहा कि इससे पता चलता है कि राहुल गांधी का मानना ​​था कि लोगों का भरोसा जीतने के लिए कड़ी मेहनत करने के बजाय उन्हें अपने समय का इंतज़ार करना चाहिए. सिंह ने कहा कि एक तरफ़ भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी हैं, और दूसरी तरफ़ अन्य; यही दोनों के बीच का फ़र्क है.
ये भी पढ़ें-&amp;nbsp;दाने-दाने को मोहताज पाकिस्तान चला मुकाबला करने..., डिफेंस बजट बढ़ाया, जानें भारत के मुकाबले कहां
रक्षामंत्री ने कहा कि भारत के बजट का हर रुपया देश की सुरक्षा को मजबूत करने में इस्तेमाल किया जा रहा है और सरकार पर किसी भी तरह के भ्रष्टाचार का कोई आरोप नहीं हैं. उन्होंने कहा, &#039;हम अगले चुनाव (जीतने) की चिंता नहीं करते, बल्कि अगली पीढ़ी की चिंता करते हैं. हम इस बात को लेकर चिंतित नहीं हैं कि अगले चुनाव में क्या होगा-हम इस बात को लेकर चिंतित हैं कि अगली पीढ़ी के साथ क्या होगा. हमारी नीयत बिल्कुल साफ है. हमारे शब्दों और कार्यों में कोई अंतर नहीं है.&#039; ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 15:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>आतंकवाद, के, आकाओं, तक, नहीं, पहुंचेगा, सिंधु, नदी, का, पानी, रक्षामंत्री, राजनाथ, सिंह, का, पाकिस्तान, को, दो, टूक, संदेश</media:keywords>
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        <title>भारतीय क्रू मेंबर्स को ले जा रहे शिप लियाकी फ्रीडम पर ओमान की खाड़ी में अमेरिका ने किया अटैक? MEA ने बताई हकीकत</title>
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        <description><![CDATA[ ओमान तट के पास भारतीय चालक दल वाले जहाज लियाकी फ्रीडम से संपर्क टूटने की खबर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर उस पर हमले की अफवाह तेजी से फैल गई. हालांकि भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने तुरंत स्थिति साफ करते हुए कहा कि जहाज के मास्टर से संपर्क हो चुका है, सभी क्रू सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं और हमले की खबरें पूरी तरह झूठी और बेबुनियाद हैं.
विदेश मंत्रालय ने जारी किया फैक्ट चेकविदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर फैक्ट चेक जारी करते हुए कहा कि लियाकी फ्रीडम पर किसी तरह का हमला नहीं हुआ है. मंत्रालय ने लोगों से अपील की कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही फर्जी और भ्रामक खबरों से सावधान रहें और उन पर भरोसा न करें.
जहाज से कुछ समय के लिए टूटा था संपर्कफॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया के अनुसार, जहाज का वीएचएफ (VHF) रेडियो कुछ समय तक जवाब नहीं दे रहा था, जिससे चिंता बढ़ गई थी. हालांकि संगठन ने जहाज की लोकेशन ट्रैक कर ली थी और उसके समुद्र में सुरक्षित होने की जानकारी मिली.
अमेरिकी हमलों के बाद बढ़ी थी चिंताहाल के दिनों में ओमान की खाड़ी में भारतीय चालक दल वाले कई जहाजों पर हमलों की घटनाओं के बाद लियाकी फ्रीडम को लेकर भी आशंका जताई गई. इसी वजह से संपर्क टूटने की खबर सामने आते ही सोशल मीडिया पर हमले की अफवाह फैल गई.

Fake News Alert!Please stay alert against such false and baseless claims and posts on social media. pic.twitter.com/Xn8I65LdKu
&amp;mdash; MEA FactCheck (@MEAFactCheck) June 13, 2026



तीन भारतीय नाविकों की हो चुकी है मौतपिछले कुछ दिनों में खाड़ी क्षेत्र में भारतीय चालक दल वाले जहाजों पर हुए हमलों में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो चुकी है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इन हमलों की जिम्मेदारी अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई को बताया था, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसके लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया था.
जयशंकर ने अमेरिका के सामने दर्ज कराया विरोधविदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से फोन पर बात कर भारतीय नाविकों की मौत पर भारत का कड़ा विरोध दर्ज कराया. उन्होंने कहा कि कमर्शियल जहाजों पर इस तरह की घातक कार्रवाई किसी भी स्थिति में उचित नहीं है.
यह भी पढ़ें: &#039;कमर्शियल जहाजों पर कार्रवाई उचित नहीं&#039;, एस जयशंकर ने ओमान की खाड़ी में तीन भारतीयों की मौत पर मार्को रुबियो को सुनाया
यह भी पढ़ें: अमेरिका ने 30 से ज्यादा देशों को की बायोलैब्स की फंडिंग, कुर्सी छोड़ने से पहले FBI डायरेक्टर तुलसी गबार्ड का बड़ा दावा
सेटेबेलो जहाज हादसे में गई थी तीन भारतीयों की जानपालाऊ ध्वज वाले जहाज एमटी सेटेबेलो पर हुए हमले में तीन भारतीय नाविक लापता हो गए थे, जिनकी बाद में मौत की पुष्टि हुई. केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि मृतकों के पार्थिव शरीर जल्द भारत लाने की व्यवस्था की जा रही है.
अन्य जहाजों के चालक दल सुरक्षितइस सप्ताह एमटी जलवीर के इंजन रूम में आग लगने के बाद चालक दल को ओमान के शिनास बंदरगाह पहुंचाया गया, जहां सभी भारतीय नाविक सुरक्षित बताए गए. वहीं एमटी मैरिवेक्स पर हुए हमले के बाद भी उसमें सवार 24 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया था.
अफवाहों से बचने की अपीलविदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि लियाकी फ्रीडम पर हमले की खबर पूरी तरह गलत है. सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें और सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट खबरों को साझा करने से बचें. ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 15:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>भारतीय, क्रू, मेंबर्स, को, ले, जा, रहे, शिप, लियाकी, फ्रीडम, पर, ओमान, की, खाड़ी, में, अमेरिका, ने, किया, अटैक, MEA, ने, बताई, हकीकत</media:keywords>
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        <title>अभिषेक बनर्जी के खिलाफ बड़ा एक्शन, सुबह&amp;सुबह TMC महासचिव के घर पहुंची कोलकाता पुलिस और सेंट्रल फोर्स के जवान</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/अभिषेक-बनर्जी-के-खिलाफ-बड़ा-एक्शन-सुबह-सुबह-tmc-महासचिव-के-घर-पहुंची-कोलकाता-पुलिस-और-सेंट्रल-फोर्स-के-जवान</link>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हलचल मचाने वाले एक नाटकीय घटनाक्रम में शनिवार (13 जून 2026) को पुलिस और केंद्रीय बलों की एक बड़ी टीम ने पश्चिम मेदिनीपुर जिले के एक थाने में दर्ज मामले के सिलसिले में तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पर छापेमारी की. एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी. यह घटनाक्रम पश्चिम बंगाल अपराध अन्वेषण विभाग (सीआईडी) द्वारा राज्य विधानसभा से जुड़े कथित जाली हस्ताक्षर मामले में बनर्जी से पूछताछ करने के ठीक दो दिन बाद और कई जांच एजेंसियों की तरफ से उन्हें लगातार नए समन भेजे जाने के बीच हुआ है.&amp;nbsp;
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक पश्चिम मेदिनीपुर के शालबनी थाने और कोलकाता पुलिस के अधिकारियों की टीम तड़के तीन बजे के बाद बनर्जी के पतुआपारा स्थित आवास के बाहर पहुंचीं. केंद्रीय बल के जवानों ने परिसर के बाहर मोर्चा संभाला जबकि पुलिस अधिकारियों ने घर के अंदर घुसने की कोशिश की. तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पुलिस टीम ने ताला तोड़ा और बनर्जी के परिसर में घुस गईं. पुलिस की अचानक कार्रवाई की खबर मिलने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी तुरंत अभिषेक के घर पहुंचीं. यह अभियान चार घंटे से अधिक समय तक चला और पुलिसकर्मी सुबह परिसर के अंदर मौजूद रहे.

3 AM Saturday June 13. Police arrive at Abhishek Banerjee&amp;rsquo;s @abhishekaitc&amp;rsquo;s Kalighat residence in Kolkata. 5 AM: Disaster Management team called in to break open locks.6:30 AM: Search begins, from second floor to terrace, lasting 90 minutes.Outcome? Seizure report says : NIL.&amp;hellip; pic.twitter.com/bkMFPYVjf2
&amp;mdash; Sagarika Ghose (@sagarikaghose) June 13, 2026



&amp;nbsp;
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अभिषेक बनर्जी का बड़ा दावा
आज सुबह (13 जून 2026) कई अधिकारी अभिषेक बनर्जी के घर से बाहर निकलते और घर में दोबारा जाने से पहले बाहर बातचीत करते देखे गए. घर से बाहर निकलने के बाद पत्रकारों से बातचीत में बनर्जी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने ताला तोड़कर पूरे घर की तलाशी ली. अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि उन्होंने ताला तोड़ा, घर में घुसे और हर कमरे की तलाशी ली. हालांकि, अधिकारियों ने तुरंत यह स्पष्ट नहीं किया कि यह अभियान किस मामले के सिलसिले में किया गया था.
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        <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 15:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>NEET, NTA और SSC... परीक्षा घोटालों के खिलाफ मैदान में उतरेंगे राहुल गांधी, कोटा से शुरू करेंगे आंदोलन</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/neet-nta-और-ssc-परीक्षा-घोटालों-के-खिलाफ-मैदान-में-उतरेंगे-राहुल-गांधी-कोटा-से-शुरू-करेंगे-आंदोलन</link>
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        <description><![CDATA[ कांग्रेस ने पेपर लीक, परीक्षा में गड़बड़ी और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर देशव्यापी अभियान के पहले चरण की घोषणा की है. कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने जानकारी दी कि कांग्रेस 17 जून को राजस्थान के कोटा से इसकी शुरुआत करेगी. केसी वेणुगोपाल ने अपने बयान में कहा, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के मार्गदर्शन और राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने पेपर लीक, परीक्षा में गड़बड़ी, बेरोजगारी और सरकार की ओर से भारत के युवाओं के साथ लगातार हो रहे धोखे के बढ़ते संकट के खिलाफ एक देशव्यापी अभियान के पहले चरण की घोषणा की है.कोटा से शुरूआत करेंगे राहुल गांधीउन्होंने कहा कि राहुल गांधी भारत के छात्रों और युवाओं के लिए सबसे भरोसेमंद और विश्वसनीय आवाज बनकर उभरे हैं. वे छात्रों, युवा संगठनों, शिक्षकों और परीक्षा घोटालों से सीधे प्रभावित सभी लोगों को एक साथ लाने के लिए बड़े छात्र सम्मेलनों की एक श्रृंखला आयोजित करेंगे. इसकी शुरुआत कोटा (17 जून), इलाहाबाद (10 जुलाई), पटना (11 जुलाई) और दिल्ली (14 जुलाई) से होगी. यह अभियान उन लाखों युवा भारतीयों की मुश्किलों को उजागर करेगा जिनका भविष्य पेपर लीक, परीक्षा की बढ़ती लागत और निष्पक्ष व पारदर्शी भर्ती और शिक्षा प्रणाली सुनिश्चित करने में सरकार की विफलता के कारण बार-बार खतरे में पड़ रहा है.देशव्यापी होगा अभियानवेणुगोपाल ने कहा कि देशव्यापी अभियान के तहत, पार्टी देशभर में एनएसयूआई, यूथ कांग्रेस, पीसीसी, डीसीसी और स्थानीय इकाइयों के माध्यम से बड़े पैमाने पर छात्रों तक पहुंचकर राहुल गांधी के आह्वान को दोहराएगी. फिजिकल और डिजिटल निमंत्रण, कैंपस में संपर्क, कोचिंग सेंटरों, विश्वविद्यालयों, स्कूलों और युवा केंद्रों पर बातचीत, सोशल मीडिया अभियान, लाइव स्क्रीनिंग और छात्रों के साथ सीधे संवाद का काम बड़े पैमाने पर किया जाएगा.

The Indian National Congress announces the first phase of a nationwide campaign against paper leaks, exam irregularities, unemployment, and the systematic betrayal of India&amp;rsquo;s youth by the Modi government.Here is the statement by Congress General Secretary (Org.) Shri&amp;hellip; pic.twitter.com/d0THgzZZPg
&amp;mdash; Congress (@INCIndia) June 13, 2026


कांग्रेस नेता ने अपने बयान में कहा, राहुल गांधी के इस दृढ़ विश्वास को ध्यान में रखते हुए कि युवा भारतीयों की उम्मीदों की बलि भ्रष्टाचार, अक्षमता या राजनीतिक उदासीनता की वजह से नहीं दी जानी चाहिए, यह आंदोलन छात्रों को राजनीतिक जुड़ाव से ऊपर उठकर एकजुट करने और प्रभावित युवाओं को अपने अनुभव साझा करने तथा बार-बार परीक्षा की विफलताओं और पेपर लीक घोटालों के लिए जवाबदेही की मांग करने के लिए एक मंच प्रदान करने का प्रयास करेगा.राहुल गांधी की मांगों को दोहराएगी कांग्रेसउन्होंने आगे कहा, यह आंदोलन विपक्ष के नेता राहुल गांधी की ओर से पहले उठाई गई मांगों को सड़कों पर लाएगा, जिसमें नीट का विकेंद्रीकरण, परीक्षा शुल्क खत्म करना, पेपर लीक रैकेट में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे सहित सरकार के उच्चतम स्तरों पर जवाबदेही तय करना शामिल है.केसी वेणुगोपाल ने कहा कि इन मुद्दों को बार-बार उठाकर राहुल गांधी ने योग्यता, निष्पक्षता और हमारे युवाओं के लिए समान अवसर की उपलब्धता की रक्षा को राष्ट्रीय महत्व का एक अहम मुद्दा बना दिया है. इसलिए, कांग्रेस पार्टी भारत के युवाओं के सामने मौजूद संकट पर संसद में व्यापक चर्चा की मांग करेगी और उनके हितों, अधिकारों और भविष्य की रक्षा के लिए विधायी उपायों की वकालत करेगी. ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 15:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>NEET, NTA, और, SSC..., परीक्षा, घोटालों, के, खिलाफ, मैदान, में, उतरेंगे, राहुल, गांधी, कोटा, से, शुरू, करेंगे, आंदोलन</media:keywords>
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        <title>IAF Aircraft Crash: असम के जोरहाट में बड़ा हादसा, इंडियन एयरफोर्स का AN&amp;32 एयरक्राफ्ट क्रैश, सामने आया वीडियो</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/iaf-aircraft-crash-असम-के-जोरहाट-में-बड़ा-हादसा-इंडियन-एयरफोर्स-का-an-32-एयरक्राफ्ट-क्रैश-सामने-आया-वीडियो</link>
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        <description><![CDATA[ असम के जोरहाट एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना का एक AN-32 परिवहन विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया. यह विमान एयरबेस पर उतरने की कोशिश कर रहा था, तभी हादसे का शिकार हो गया. शुरुआती जानकारी के मुताबिक यह एक कार्गो विमान था, जिसका इस्तेमाल सैन्य सामान और जरूरी सामग्री की ढुलाई के लिए किया जाता है. घटना के बाद मौके पर राहत और जांच का काम जारी है.
लैंडिंग के दौरान हुआ हादसा
भारतीय वायुसेना के अनुसार, यह दुर्घटना उस समय हुई जब AN-32 विमान जोरहाट एयरफील्ड पर उतरने की कोशिश कर रहा था. लैंडिंग के दौरान अचानक विमान हादसे का शिकार हो गया.

असम के जोरहाट में IAF का AN-32 एयरक्राफ्ट क्रैश हो गया है. इसका वीडियो सामने आया है.#IAFPlanecrash #IAF #planecrash #assamplanecrash pic.twitter.com/1mywX8b0uv
&amp;mdash; Rishi Kant (@rishika60597768) June 13, 2026



इंडियन एयरफोर्स ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि IAF का AN-32 एयरक्राफ्ट लैंडिंग के दौरान क्रैश हो गया. इस घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच कमेटी बना दी गई है.

An IAF An-32 aircraft met with an accident today while landing at Jorhat.A court of inquiry is being constituted, to ascertain the cause of the accident. @DefenceMinIndia@SpokespersonMoD@HQ_IDS_India@adgpi@IndiannavyMedia@indiannavy
&amp;mdash; Indian Air Force (@IAF_MCC) June 13, 2026



सप्लाई ले जाने के लिए इस्तेमाल होता है AN-32
AN-32 भारतीय वायुसेना का परिवहन विमान है, जिसका उपयोग सैनिकों, सैन्य उपकरणों और अन्य जरूरी सामान की ढुलाई के लिए किया जाता है. यह विमान दुर्गम इलाकों में भी संचालन के लिए जाना जाता है.
पायलट की मौत की आशंका
शुरुआती रिपोर्टों में आशंका जताई जा रही है कि इस हादसे में पायलट की जान जा सकती है. हालांकि भारतीय वायुसेना की ओर से अभी तक किसी आधिकारिक हताहत की पुष्टि नहीं की गई है.
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राहत और जांच अभियान जारी
हादसे के बाद एयरफोर्स और बचाव दल मौके पर पहुंच गए हैं. राहत कार्य जारी है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है. वायुसेना ने कहा है कि मामले में विस्तृत जानकारी का इंतजार किया जा रहा है. IAF अधिकारियों के अनुसार, जोरहाट एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायु सेना के AN-32 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट के क्रैश होने के बाद दुर्घटना स्थल पर आग बुझाने का काम चल रहा है.
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        <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 15:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>IAF, Aircraft, Crash:, असम, के, जोरहाट, में, बड़ा, हादसा, इंडियन, एयरफोर्स, का, AN-32, एयरक्राफ्ट, क्रैश, सामने, आया, वीडियो</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>यूएस&amp;ईरान वॉर के इफैक्ट्स पर मुख्य आर्थिक सलाहकार का बड़ा बयान, जानें देश की इकोनॉमी पर क्या कहा</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/यूएस-ईरान-वॉर-के-इफैक्ट्स-पर-मुख्य-आर्थिक-सलाहकार-का-बड़ा-बयान-जानें-देश-की-इकोनॉमी-पर-क्या-कहा</link>
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        <description><![CDATA[ Domestic Market Demand Holds Indian Economy: मिडिल ईस्ट के युद्ध को लेकर भारत की आर्थिक स्थिति पर बात करते हुए मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. आनंत नागेश्वरन ने कहा है कि मिडिल ईस्ट में युद्ध शुरु होने के बाद दो महीने गुजर गए हैं. ऐसे में जो आंकड़े सामने आए हैं, उससे पता चलता है कि सबसे बुरा दौर गुजर चुका है. भारत सुरक्षित स्थिति में है. देश वैश्विक उथल-पुथल का आत्मविश्वास के साथ सामना कर रहा है.&amp;nbsp;
NDTV के मुताबिक, उन्होंने बताया कि दो बातें दिखाती हैं. पहली भारत को चिंता करने की जरूरत क्यों नहीं है. इसकी वजह है, भारत में घरेलू मांगे अच्छी बनी हुई है. नॉमिनल जीडीपी ग्रोथ के 12 प्रतिशत तक पहुंचने की संभावना है.&amp;nbsp;
नागेश्वरन ने कहा है कि मुझे लगता है कि अभी शुरुआती दिन हैं. हमारे पास कॉर्पोरेट टैक्स रेवेन्यू या पर्सनल कंजप्शन, पर्सनल टैक्सेशन के बारे में बात करने के लिए मौजूदा एक महीने का डेटा है. यह उत्साहजनक है.&amp;nbsp;
मुख्य आर्थिक सलाहकर &amp;nbsp;ने कहा कि हाई फ्रीक्वेंसी इंडिकेटर्स से पता चला है कि Domestic Demand अच्छी बनी हुई है. इसका मतलब है, कंपनियों के लिए बेहतर रेवेन्यू होगा. इसके अलावा उन्होंने कहा कि फाइनेंशियल ईयर की चौथी तिमाही यानी फोर्थ क्वाटर में भारती कंपनियों की मुनाफेदारी में सुधार हुआ था.&amp;nbsp;
नॉमिनल जीडीपी ग्रोथ 12 प्रतिशत होने की संभावना: मुख्य आर्थिक सलाहकार
इसके अलावा उन्होंने बताया कि दूसरी अच्छी खबर यह कि नॉमिनल जीडीपी ग्रोथ 12 प्रतिशत होने की संभावना है. यह अनुमान से ज्यादा होना है. इसका मतलब है कि हमारे अनुमान से बेहतर रेवेन्यू मिलेगा. उन्होंने रेवेन्यू के प्रति उदासीन न होने की नसीहत दी है. इसके अलावा उन्होंने पड़ोसी देशों की आर्थिक स्थिति पर कहा है कि वहां घरेलू आर्थिक सुस्ती सबसे बड़ी वजह है. इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. इससे तेल की कीमतें भी कम हो रही हैं, एक्सपोर्ट के लिए यूरिया बाजार भी खुल रहा है. ऐसे में यह दोनों बातें, भारत की अर्थव्यवस्था और हमारी बाहरी स्थिति के लिए काफी मददगार साबित हो रही है.&amp;nbsp;
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मुख्य आर्थिक सलाहकार ने बताया कि आज ईरान और अमेरिका के बीच शांति की उम्मीदें तब बढ़ गईं, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि इस हफ्ते के अंत तक कोई डील साइन हो सकती है. तेहरान ने कहा है कि समझौते पर आखिरी फैसला नहीं लिया है. ऐसे में डील अगर फाइनल हो जाती है, तो एक बड़ी कूटनीतिक कामयाबी होगी. इस युद्ध में हजारों लोग मारे गए हैं.
अगर युद्ध जारी रहा तो....आर्थिक सलाहकार ने कहा है कि अगर तेल का उत्पादन बंद रहता है, और अमेरिका तय करता है कि उसका रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व उस लेवल पर आ गया है, जहां उसे फिर से भरने की जरूरत है. अगर फाइनेंशियल ईयर की दूसरी छमाही में तेल की कीमत 100 डॉलर के ऊपर चली जाती है, तो जीडीपी के 6 प्रतिशत रहने की संभावना है.
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        <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 23:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>यूएस-ईरान, वॉर, के, इफैक्ट्स, पर, मुख्य, आर्थिक, सलाहकार, का, बड़ा, बयान, जानें, देश, की, इकोनॉमी, पर, क्या, कहा</media:keywords>
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        <title>MP&amp;MLAs को खरीदकर नहीं झुका सकता… TMC में टूट पर अभिषेक की दो टूक, केस की टाइमिंग पर उठाए सवाल</title>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल सीआईडी ने शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी को कथित जाली हस्ताक्षर मामले में पूछताछ के दूसरे दौर के लिए 14 जून को पेश होने का नया समन जारी किया. CID अभिषेक बनर्जी को नोटिस देने उनके घर पहुंचे थे. इस नोटिस को देने के लिए सीआईडी के अधिकारियों को 3 घंटे से ज्यादा समय तक इंतजार करना पड़ा. इस बीच टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा कि वह जांच एजेंसियों का हमेशा सहयोग करते आए हैं. &amp;nbsp;उन्होंने कहा कि विधायकों और सांसदों को खरीदकर टीएमसी को झुकाया नहीं जा सकता.
जांच एजेंसियों को हमेशा करता सहयोग: अभिषेक बनर्जी
अभिषेक बनर्जी ने कहा, &#039;आप जानते हैं कि CID ने मुझे बुलाया था. मैं वहां 5.30 घंटे तक रहा. मुझे 14 जून को फिर से बुलाया गया है. मैं जाऊंगा. मैं इस तरह की जांच में हमेशा सहयोग करता हूं. मुझे किसी और मामले में भी समन भेजा जा सकता है. मैंने उनसे कहा है कि वे किसी और को नोटिस दे दें क्योंकि मैं वहां नहीं था, लेकिन मैंने सुना है कि वे इंतजार कर रहे थे. अगर वे तब नोटिस देना चाहते हैं जब मैं वहां नहीं हूं और किसी और को नोटिस लेने की इजाजत नहीं है तो उन्हें मेरे घर लौटने तक इंतजार करना होगा. मैं एजेंसियों के साथ हमेशा सहयोग करता हूं.&#039;
अभिषेक ने लगाया बातें लीक करने का आरोप
टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कहा, &#039;चुनाव के दौरान उन्होंने मेरे खिलाफ डीजे को लेकर कोई शिकायत नहीं की थी. बंगाल में अब सरकार बदल गई है और वे बार-बार मेरे खिलाफ मामले दर्ज कर रहे हैं. अमित शाह के भड़काऊ बयानों के लिए उनके खिलाफ FIR क्यों नहीं होनी चाहिए? कई लोग CID से मिली जानकारी के आधार पर मेरे पेश होने से जुड़ी खबरें चला रहे हैं. जब मैं इस कोर्ट में चल रहे मामले के बारे में कोई जानकारी शेयर नहीं कर रहा हूं, तब जो बातें लीक की जा रही हैं, उसके खिलाफ हम हाई कोर्ट (HC) जाएंगे.&#039;
&#039;सांसद-विधायकों को खरीदकर नहीं झुका सकते&#039;
टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा, &#039;हम इस लड़ाई में एक इंच भी पीछे नहीं हटेंगे. आप हमें झुका नहीं सकते, हम एजेंसियों से डरने वाले नहीं हैं. विधायकों और सांसदों को खरीदकर टीएमसी को झुकाया नहीं जा सकता. आपने कहा था कि आप अन्नपूर्णा भंडार देंगे, लेकिन अब हालात बिल्कुल अलग हैं.&#039;
ये भी पढ़ें : ममता बनर्जी की बढ़ी मुसीबत, साम्प्रदायिक टिप्पणी को लेकर हेयर स्ट्रीट थाने में एफआईआर ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 23:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>NDA को समर्थन देने के लिए कौन&amp;कौन तैयार? TMC के 19 लोकसभा सांसदों के साइन वाली चिट्ठी सोशल मीडिया पर वायरल</title>
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        <description><![CDATA[ ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस के 19 बागी लोकसभा सांसदों के समर्थन को लेकर मचे बवाल के बीच हस्ताक्षर वाला एक कथित पत्र सामने आया है, जो लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को लिखा गया है. इस चिट्ठी में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से अनुरोध किया गया है कि काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में एक अलग गुट को मान्यता दिया जाए. इसके साथ ही पत्र में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को समर्थन देने की भी बात कही गई है.
किन-किन सांसदों ने एनडीए को दिया समर्थन?
पीटीआई भाषा के मुताबिक, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को भेजे गए हस्ताक्षरित पत्र के सामने आने से उन सांसदों के बारे में तस्वीर साफ होती नजर हो रही है, जो पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में पार्टी के करारी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी के नेतृत्व को चुनौती दे रहे हैं. हालांकि, इस पत्र की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है.&amp;nbsp;

According to Sources here is the list of 19 out of 20 TMC breakaway MPs that sent their names to the Lok Sabha Speaker&amp;rsquo;s Office on May 18th.1. Kakoli Ghosh Dastidar2. Satabdi Roy3. Bapi Haldar4. Dr. Sharmila Sarkar 5. Prasun Bandyopadhyay6. Jagadish Barma Basunia7. Asit&amp;hellip; pic.twitter.com/MM2rPhYuaf
&amp;mdash; ANI (@ANI) June 12, 2026



सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में वायरल हो रहे 19 बागियों के साइन वाले पत्र के मुताबिक, पत्र में साइन करने वालों में बारासात की सांसद काकोली घोष दस्तीदार, बीरभूम की सांसद शताब्दी रॉय, मथुरापुर के सांसद बापी हलदर, बर्धमान पुरबा की सांसद शर्मिला सरकार, कूचबिहार के सांसद जगदीश चंद्र वर्मा बसुनिया और बोलपुर के सांसद असित मल का नाम शामिल हैं.
नामों की लिस्ट पर बागी सांसद ने क्या दी प्रतिक्रिया?
इस संबंध में टीएमसी के एक बागी सांसद ने पीटीआई-भाषा को बताया, &amp;lsquo;जो लिस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हुई है, वह पूरी तरह से असली है. इसमें कुछ और भी लोगों के नाम आगे जोड़े जा सकते हैं.&amp;rsquo; जबकि बागी गुट के करीबी सूत्रों का दावा है कि सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष को घोष दस्तीदार के नेतृत्व में एक अलग संसदीय गुट बनाने की जानकारी दी और अपनी अलग राजनीतिक पहचान बनाए रखते हुए NDA का समर्थन करने के फैसले से उन्हें अवगत कराया.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ेंः टीएमसी के बागी गुट सोमवार को स्पीकर से करेंगे मुलाकात, रविवार को होगी बैठक, भड़के कीर्ति आजाद ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 23:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>NDA, को, समर्थन, देने, के, लिए, कौन-कौन, तैयार, TMC, के, लोकसभा, सांसदों, के, साइन, वाली, चिट्ठी, सोशल, मीडिया, पर, वायरल</media:keywords>
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        <title>मिडिल ईस्ट से प्रभावित प्राइवेट स्टूडेंट पर केंद्र ला सकती है नई पॉलिसी...जानें सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने क्या बताया?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/मिडिल-ईस्ट-से-प्रभावित-प्राइवेट-स्टूडेंट-पर-केंद्र-ला-सकती-है-नई-पॉलिसीजानें-सुप्रीम-कोर्ट-में-सरकार-ने-क्या-बताया</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/मिडिल-ईस्ट-से-प्रभावित-प्राइवेट-स्टूडेंट-पर-केंद्र-ला-सकती-है-नई-पॉलिसीजानें-सुप्रीम-कोर्ट-में-सरकार-ने-क्या-बताया</guid>
        <description><![CDATA[ Education News: केंद्र सरकार ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने बताया कि वह मिडिल ईस्ट के उन प्राइवेट स्टूडेंट को राहत देने के लिए एक नीति लाने पर विचार कर रही है. इनके रिजल्ट मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध की स्थितियों के बीच सीबीएसई ने जारी नहीं किए हैं. प्राइवेट स्टूडेंट वह होते हैं, जो नियमित स्कूल के माध्यम से नहीं बल्कि सीधे एजुकेशन बोर्ड में रजिस्ट्रेशन कराकर एग्जम देते हैं.&amp;nbsp;
जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह और न्यायमूर्ति विजय बिश्नोई की अवकाशकालीन पीठ को केंद्र की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि सरकार इस संबंध में जल्द ही निर्णय लेने पर विचार कर रही है. मेहता ने कहा कि यह एक व्यापक मुद्दा है. सरकार इसी तरह की स्थिति वाले विद्यार्थियों के लिए एक नीति तैयार करने पर विचार कर रही है. इसके बाद पीठ ने मामले की सुनवाई 22 जून तक स्थगित कर दी. यह याचिका सऊदी अरब में रहने वाले प्रवासी छात्र प्रांशु जिगरकुमार पटेल ने दायर की है. पटेल ने सीबीएसईको उसके 12वीं कक्षा के एग्जाम रिजल्ट में सुधार के बाद घोषणा करने का निर्देश देने का अनुरोध किया है.&amp;nbsp;
Explained: मस्क के एक ट्रिलियन डॉलर, गिनेंगे तो लगेंगे 31,700 साल, 60 साल तक दुनिया खाएगी भरपेट खाना, भारतीयों को मिलेंगे 60000
याचिका में CBSE की तरफ से रिजल्ट घोषित न किए जाने को चुनौती दी गई
याचिका में सीबीएसई द्वारा परिणाम घोषित न किए जाने को चुनौती दी गई है. जबकि खाड़ी देशों में सुरक्षा स्थिति के कारण परीक्षाएं रद्द होने पर छात्रों के लिए एक विशेष मूल्यांकन योजना बनाई गई थी. सीबीएसई ने 13 मई को 12वीं कक्षा का परिणाम घोषित किया था लेकिन याचिका के अनुसार पटेल का परिणाम घोषित नहीं किया गया. उनकी स्थिति आरएल (बाद में परिणाम) दिखाई गई.&amp;nbsp;

पटेल का कहना है कि यह स्पष्ट नहीं किया गया कि सुधार परीक्षा में शामिल होने वाले निजी अभ्यर्थी भी इस मूल्यांकन योजना के दायरे में आते हैं या नहीं. याचिका में कहा गया है कि पश्चिम एशियाई देशों में परीक्षाएं रद्द होने से प्रभावित निजी अभ्यर्थियों को भी सीबीएसई की विशेष मूल्यांकन योजना का लाभ मिलना चाहिए. इससे पहले दिल्ली उच्च न्यायालय ने इस याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया था.
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        <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 23:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>मिडिल, ईस्ट, से, प्रभावित, प्राइवेट, स्टूडेंट, पर, केंद्र, ला, सकती, है, नई, पॉलिसी...जानें, सुप्रीम, कोर्ट, में, सरकार, ने, क्या, बताया</media:keywords>
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        <title>चांदी मसूद मर्डर केसः पीड़ित की मां ने जीजा को मुख्य आरोपी बताया, पारिवारिक विवाद बना जांच का मुख्य बिंदु</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/चांदी-मसूद-मर्डर-केसः-पीड़ित-की-मां-ने-जीजा-को-मुख्य-आरोपी-बताया-पारिवारिक-विवाद-बना-जांच-का-मुख्य-बिंदु</link>
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        <description><![CDATA[ तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और इलेक्ट्रीशियन एसके महबूब, जिन्हें चांदी मसूद के नाम से जाना जाता था, की हत्या की जांच एक अहम मोड़ पर पहुंच गई है. पीड़ित की मां ने सीधे तौर पर उनके जीजा पर हत्या का आरोप लगाया है. उनका बयान इस मामले में एक बड़ी घटना है, जिसने पहले ही पीड़ित की सोशल मीडिया पर मौजूदगी और अपराध की हिंसक प्रकृति के कारण लोगों का काफी ध्यान खींचा है. जांचकर्ता अब घटनाओं के पूरे क्रम का पता लगाने के लिए परिवार से जुड़े विवादों, गवाहों के बयानों और फॉरेंसिक सबूतों की बारीकी से जांच कर रहे हैं.
अब तक की जांच में क्या हुआ खुलासा?
शुरुआती जांच से मिली जानकारी के अनुसार, परिवार में काफी समय से तनाव चल रहा था. पुलिस का मानना है कि निजी और घरेलू मामलों से जुड़े मतभेदों के कारण पीड़ित और कुछ रिश्तेदारों के बीच रिश्ते खराब हुए होंगे. जांचकर्ता अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या वे विवाद समय के साथ बढ़े और अंततः जानलेवा टकराव का कारण बने.
पुलिस सूत्रों का कहना है कि कथित तौर पर एक तीखी बहस हिंसक हो गई, जिसके बाद बेरहमी से हमला किया गया और पीड़ित को गंभीर चोटें आईं. जांचकर्ताओं को शक है कि हमले में एक से ज्यादा लोग शामिल हो सकते हैं और वे कथित तौर पर शामिल हर व्यक्ति की भूमिका की जांच कर रहे हैं. अधिकारियों ने घटना से जुड़ी सही परिस्थितियों का पता लगाने के लिए भौतिक सबूत इकट्ठा करना, गवाहों के बयान दर्ज करना और उपलब्ध सभी जानकारियों की समीक्षा करना शुरू कर दिया है.
पारिवारिक विवाद का पहलू बना जांच का मुख्य केंद्र&amp;nbsp;

एक अहम घटनाक्रम तब सामने आया जब पीड़ित की मां ने सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया कि उन्होंने हमला होते देखा और बीच-बचाव करने की कोशिश की. उनके बयान के अनुसार, हमले को रोकने की कोशिश की गई, लेकिन वह हिंसा को रोक नहीं पाईं. जांच के दौरान इकट्ठा किए गए अन्य सबूतों के साथ उनके बयान की भी बारीकी से जांच किए जाने की उम्मीद है. उनके आरोपों ने पारिवारिक विवाद के पहलू पर फिर से ध्यान केंद्रित किया है, जो अब जांच का मुख्य केंद्र लग रहा है.&amp;nbsp;
घटना से आसपास के इलाके में फैली दहशत
इस हत्या से इलाके में दहशत फैल गई और जल्द ही इसने आसपास के इलाकों से परे भी लोगों का ध्यान खींचा. घटना की खबर फैलते ही स्थानीय लोग घटनास्थल के पास जमा हो गए, जबकि पुलिस ने इलाके को सुरक्षित किया और कानूनी कार्रवाई शुरू की. सोशल मीडिया पर पीड़ित की लोकप्रियता ने इस मामले में लोगों की दिलचस्पी और बढ़ा दी है, जिससे यह हाल के दिनों में स्थानीय अपराध की सबसे ज़्यादा चर्चा वाली कहानियों में से एक बन गया है.
अधिकारियों ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है और सभी उपलब्ध सुरागों पर काम कर रहे हैं. उनका मुख्य ध्यान इसमें शामिल हर व्यक्ति की पहचान करने, घटना के पीछे के मकसद का पता लगाने और यह पक्का करने पर है कि इकट्ठा किए गए सबूत कानूनी कार्रवाई में मददगार साबित हों.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 23:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>चांदी, मसूद, मर्डर, केसः, पीड़ित, की, मां, ने, जीजा, को, मुख्य, आरोपी, बताया, पारिवारिक, विवाद, बना, जांच, का, मुख्य, बिंदु</media:keywords>
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        <title>RBI का नया मैसेज आया है, अपडेट नहीं की अपनी जानकारी तो खाते से हाथ धो बैठेंगे! जानिए सरकार का क्या है कहना</title>
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        <description><![CDATA[ हाल के दिनों में सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर एक संदेश तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नाम का इस्तेमाल कर लोगों को डराने की कोशिश की जा रही है. वायरल मैसेज में दावा किया जा रहा है कि प्राप्तकर्ता का बैंक खाता संदिग्ध वित्तीय लेनदेन से जुड़ा हुआ पाया गया है और यदि तुरंत कार्रवाई नहीं की गई तो उसका बैंक अकाउंट ब्लॉक किया जा सकता है.
मैसेज के साथ एक APK फाइल भी भेजी जा रही है, जिसे डाउनलोड करने और अपनी बैंकिंग या व्यक्तिगत जानकारी साझा करने के लिए कहा जाता है. कई लोगों को यह संदेश व्हाट्सएप पर मिला है, जिसके बाद इसके वास्तविक होने को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हो गई. चूंकि संदेश में RBI का नाम और बैंक खाते के बंद होने की चेतावनी दी गई है, इसलिए कुछ लोग इसे सच मानकर दिए गए निर्देशों का पालन करने की कोशिश कर सकते हैं.
क्या है वायरल दावे की सच्चाई?
इस वायरल दावे की जांच में पता चला कि यह संदेश पूरी तरह फर्जी है. भारत सरकार की आधिकारिक फैक्ट चेक एजेंसी PIB Fact Check ने इस संदेश को भ्रामक और धोखाधड़ी का हिस्सा बताया है.

RBI PHISHING SCAM ‼️Did you also receive a #WhatsApp message in the name of RBI, along with an APK file , alleging that your bank account is linked to suspicious transactions and asking for financial details to avoid account blockage ❓#PIBFactCheck:❌ This message is&amp;hellip; pic.twitter.com/XoA4lBaVo8
&amp;mdash; PIB Fact Check (@PIBFactCheck) June 11, 2026



जानिए क्या कहा है सरकार ने
PIB Fact Check के अनुसार, साइबर ठग RBI के नाम का दुरुपयोग कर लोगों की बैंकिंग और निजी जानकारी चुराने की कोशिश कर रहे हैं. इसके लिए वे APK फाइल, संदिग्ध लिंक और फर्जी चेतावनी वाले संदेश भेज रहे हैं. जैसे ही कोई व्यक्ति APK फाइल डाउनलोड करता है, उसके मोबाइल फोन की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है और साइबर अपराधी संवेदनशील जानकारी तक पहुंच बना सकते हैं.
एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि RBI इस प्रकार के संदेश भेजकर किसी व्यक्ति से बैंकिंग विवरण, पासवर्ड, OTP या अन्य गोपनीय जानकारी नहीं मांगता. लोगों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी अज्ञात APK फाइल को डाउनलोड न करें और संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें.
PIB ने यह भी बताया कि RBI व्हाट्सएप पर केवल अपने दो ब्लू-टिक सत्यापित नंबरों के माध्यम से ही संवाद करता है। यदि किसी अन्य नंबर से RBI के नाम पर कोई संदेश प्राप्त होता है, तो उसकी सत्यता की जांच अवश्य करनी चाहिए.
निष्कर्ष
फैक्ट चेक में वायरल दावा फर्जी साबित हुआ है. RBI के नाम पर भेजा जा रहा यह व्हाट्सएप संदेश एक फिशिंग स्कैम है, जिसका उद्देश्य लोगों की बैंकिंग और व्यक्तिगत जानकारी चोरी करना है. ऐसे संदेशों से सावधान रहें और किसी भी संदिग्ध फाइल या लिंक पर क्लिक करने से बचें. ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 11:30:14 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>RBI, का, नया, मैसेज, आया, है, अपडेट, नहीं, की, अपनी, जानकारी, तो, खाते, से, हाथ, धो, बैठेंगे, जानिए, सरकार, का, क्या, है, कहना</media:keywords>
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        <title>NEET 2026: फिर से होगी NEET की परीक्षा! NTA के सर्कुलर पर क्या बोली सरकार?</title>
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        <description><![CDATA[ NEET (UG) 2026 को लेकर सोशल मीडिया पर इन दिनों एक कथित सर्कुलर तेजी से वायरल हो रहा है. इस सर्कुलर में दावा किया जा रहा है कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET UG) 2026 की पुनर्परीक्षा (Re-Examination) आयोजित की जाएगी. वायरल दस्तावेज को कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, मैसेजिंग ऐप और छात्र समूहों में साझा किया जा रहा है, जिससे परीक्षा की तैयारी कर रहे लाखों अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है.
वायरल सर्कुलर में पुनर्परीक्षा से जुड़ी कथित जानकारी दी गई है, जिसके चलते कई छात्र इसकी सत्यता को लेकर सवाल उठा रहे हैं. परीक्षा और प्रवेश प्रक्रिया से जुड़े मामलों में छोटी-सी जानकारी भी अभ्यर्थियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है, इसलिए ऐसे दावे तेजी से फैल जाते हैं और चिंता का कारण बनते हैं.

क्या है वायरल दावे की सच्चाई?
वायरल सर्कुलर की जांच के बाद भारत सरकार की आधिकारिक फैक्ट-चेकिंग एजेंसी PIB Fact Check ने इसे पूरी तरह फर्जी बताया है. PIB ने स्पष्ट किया है कि NEET (UG) 2026 की पुनर्परीक्षा को लेकर कोई भी आधिकारिक सर्कुलर जारी नहीं किया गया है.
PIB Fact Check के अनुसार, सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जा रहा दस्तावेज भ्रामक है और इसका राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) या किसी अन्य अधिकृत संस्था से कोई संबंध नहीं है. एजेंसी ने छात्रों और अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे ऐसे अपुष्ट और गैर-आधिकारिक दस्तावेजों पर भरोसा न करें और न ही उन्हें आगे साझा करें.
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विशेषज्ञों का कहना है कि परीक्षा संबंधी फर्जी नोटिस और सर्कुलर अक्सर छात्रों की चिंता और असमंजस का फायदा उठाकर वायरल किए जाते हैं. ऐसे मामलों में केवल आधिकारिक वेबसाइटों और मान्यता प्राप्त सरकारी स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करना चाहिए.

Claim: A purported NEET (UG) 2026 Re-Examination circular is being circulated on social media.#PIBFactCheck⚠️ Beware! This circular is #fake.❌ No such circular has been issued regarding the NEET (UG) 2026 Re-Examination.???? Candidates are advised not to trust, share, or&amp;hellip; pic.twitter.com/g7lQoKVQDc
&amp;mdash; PIB Fact Check (@PIBFactCheck) June 10, 2026



PIB ने यह भी स्पष्ट किया है कि NEET (UG) 2026 से जुड़ी किसी भी आधिकारिक घोषणा, परीक्षा कार्यक्रम, परिणाम या अन्य महत्वपूर्ण सूचना के लिए अभ्यर्थियों को केवल NTA की आधिकारिक वेबसाइट (neet.nta.nic.in) पर ही जाना चाहिए.
निष्कर्ष
फैक्ट चेक में वायरल दावा फर्जी पाया गया है. NEET (UG) 2026 की पुनर्परीक्षा को लेकर सोशल मीडिया पर प्रसारित सर्कुलर वास्तविक नहीं है। NTA या किसी सक्षम प्राधिकरण ने ऐसी कोई घोषणा नहीं की है. छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर भरोसा करें और भ्रामक सामग्री को साझा करने से बचें.
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        <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 11:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>NEET, 2026:, फिर, से, होगी, NEET, की, परीक्षा, NTA, के, सर्कुलर, पर, क्या, बोली, सरकार</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>शांति की राह पर नॉर्थ&amp;ईस्ट, 1&amp;2 राज्यों को छोड़कर हट जाएगा AFSPA, गृह मंत्री अमित शाह का बड़ा एलान</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/शांति-की-राह-पर-नॉर्थ-ईस्ट-1-2-राज्यों-को-छोड़कर-हट-जाएगा-afspa-गृह-मंत्री-अमित-शाह-का-बड़ा-एलान</link>
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        <description><![CDATA[ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार (11 जून 2026) को कहा कि अगले साल एक या दो राज्यों को छोड़कर पूरे पूर्वोत्तर से सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम (AFSA) हटा लिया जाएगा. असम-नगालैंड सीमावर्ती इलाकों में खनिज तेल से जुड़े कामकाज को आसान बनाने के लिए केंद्र, असम और नगालैंड के बीच तीन-पक्षीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के दौरान शाह ने कहा कि अफस्पा के दायरे में आने वाले इलाकों का कम होना शांति का संकेत है.
शांति की राह पर पूर्वोत्तर
उन्होंने कहा, &amp;lsquo;मुझे भरोसा है कि एक-दो राज्यों को छोड़कर, हम अगले साल पूरे पूर्वोत्तर से अफस्पा हटा लेंगे.&amp;rsquo; इस एमओयू पर हस्ताक्षर को एक ऐतिहासिक पल बताते हुए अमित शाह ने कहा कि इसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित पूर्वोत्तर के लक्ष्य में आ रही आखिरी बाधा को दूर कर दिया है. इस एमओयू का मकसद असम-नगालैंड सीमा पर विवादित क्षेत्र (डीएबी) में तेल और खनिजों की खोज करना है. अधिकार-क्षेत्र से जुड़े मतभेदों के कारण इस इलाके में तीन दशकों से ज्यादा समय तक खोज का काम रुका रहा.
एमओयू को लेकर क्या बोले अमित शाह?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सिर्फ एक एमओयू से रोजाना 1,000-1,500 बैरल निकालने की क्षमता को 10 गुना बढ़ाया जा सकता है. उन्होंने कहा, &amp;lsquo;सिर्फ एक ही क्षेत्र से 15,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का तेल निकालने की संभावना है. अगर हम नगालैंड में फैले तेल के भंडार को निकालें तो हम अपनी तेल की जरूरतों के लिए दूसरे देशों पर निर्भरता कम कर पाएंगे.&amp;rsquo;
पीएम मोदी के कार्यकाल की तारीफ करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, &#039;दशकों पुरानी नक्सलवाद, आतंकवाद और धारा 370 आदि की समस्या को 12 वर्षों में हमारी सरकार ने समाप्त किया. मोदी जी के नेतृत्व में भारत आज crisis management का वैश्विक मॉडल बनकर उभरा है, जिसका विश्वभर में शोध हो रहा है. मोदी जी के नेतृत्व में आज NDA 80% भूभाग और 76% आबादी का प्रतिनिधित्व करते हुए सुशासन और विकास की राजनीति को आगे बढ़ा रहा है.
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        <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 11:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>शांति, की, राह, पर, नॉर्थ-ईस्ट, 1-2, राज्यों, को, छोड़कर, हट, जाएगा, AFSPA, गृह, मंत्री, अमित, शाह, का, बड़ा, एलान</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>आजमगढ़ में पुलिस भर्ती परीक्षा 2026 का पेपर लीक हुआ? सरकार की तरफ से आया बयान, कहा... </title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/आजमगढ़-में-पुलिस-भर्ती-परीक्षा-2026-का-पेपर-लीक-हुआ-सरकार-की-तरफ-से-आया-बयान-कहा</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/आजमगढ़-में-पुलिस-भर्ती-परीक्षा-2026-का-पेपर-लीक-हुआ-सरकार-की-तरफ-से-आया-बयान-कहा</guid>
        <description><![CDATA[ सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में आयोजित पुलिस भर्ती परीक्षा-2026 से जोड़कर साझा किया जा रहा है. वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक हो गया है और इसी से संबंधित दृश्य वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे हैं. परीक्षा से जुड़े इस दावे ने अभ्यर्थियों और उनके परिजनों के बीच चिंता पैदा कर दी है.
वायरल पोस्ट में यह संकेत देने की कोशिश की जा रही है कि आजमगढ़ में आयोजित पुलिस भर्ती परीक्षा की गोपनीयता भंग हो गई है और पेपर लीक होने की घटना सामने आई है. चूंकि प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं अक्सर सुर्खियां बनती हैं, इसलिए यह दावा तेजी से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फैलने लगा. कई यूजर्स बिना सत्यापन किए वीडियो को साझा कर रहे हैं, जिससे भ्रम और बढ़ रहा है.
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क्या है वायरल दावे की सच्चाई?
वायरल वीडियो की जांच के बाद यह दावा भ्रामक और गलत पाया गया है. आजमगढ़ पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जा रहा वीडियो पुलिस भर्ती परीक्षा-2026 से संबंधित नहीं है.

फैक्ट चेक में सामने आया कि वायरल वीडियो 17 अप्रैल 2026 का है और यह गौतमबुद्ध नगर के नोएडा क्षेत्र से जुड़ा हुआ है. वीडियो का आजमगढ़ में आयोजित पुलिस भर्ती परीक्षा-2026 या किसी कथित पेपर लीक मामले से कोई संबंध नहीं है. यानी एक पुराने वीडियो को नए संदर्भ में पेश कर गलत जानकारी फैलाने की कोशिश की जा रही है.

???? खण्डन | अफवाहों से सावधान ????सोशल मीडिया पर #नोएडा का एक पुराना वीडियो प्रसारित कर जनपद आजमगढ़ में आयोजित पुलिस भर्ती परीक्षा-2026 का प्रश्नपत्र लीक होने* संबंधी भ्रामक एवं असत्य सूचना फैलाई जा रही है।फैक्ट चेक करने पर ज्ञात हुआ कि वायरल वीडियो दिनांक 17.04.2026 का है तथा&amp;hellip; pic.twitter.com/6sXujKvCrx
&amp;mdash; AZAMGARH POLICE (@azamgarhpolice) June 8, 2026



आजमगढ़ पुलिस ने अपने स्पष्टीकरण में कहा है कि परीक्षा को लेकर फैलाई जा रही अफवाहें पूरी तरह निराधार हैं. साथ ही चेतावनी दी गई है कि परीक्षा संबंधी भ्रामक पोस्ट, अफवाह या असत्य सूचना प्रसारित करने वालों की साइबर माध्यम से निगरानी की जा रही है. ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है.
पुलिस ने अभ्यर्थियों और आम जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल हो रही अपुष्ट सूचनाओं पर विश्वास न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों से जारी जानकारी को ही सही मानें.
निष्कर्ष
फैक्ट चेक में वायरल दावा फर्जी साबित हुआ है. सोशल मीडिया पर जिस वीडियो को आजमगढ़ पुलिस भर्ती परीक्षा-2026 के पेपर लीक से जोड़कर साझा किया जा रहा है, वह वास्तव में नोएडा का पुराना वीडियो है. इसका परीक्षा या किसी प्रश्नपत्र लीक घटना से कोई संबंध नहीं है. इसलिए वायरल दावे पर विश्वास करने की बजाय आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें.
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        <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 11:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>आजमगढ़, में, पुलिस, भर्ती, परीक्षा, 2026, का, पेपर, लीक, हुआ, सरकार, की, तरफ, से, आया, बयान, कहा... </media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>Hyderabad Actress Death: &amp;apos;मांग पूरी नहीं की तो पब्लिक कर देंगे मटीरियल...&amp;apos;, एक्ट्रेस की मौत से सनसनी! परिवार बोला&amp; धमकियों से थी परेशान</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/hyderabad-actress-death-मांग-पूरी-नहीं-की-तो-पब्लिक-कर-देंगे-मटीरियल-एक्ट्रेस-की-मौत-से-सनसनी-परिवार-बोला-धमकियों-से-थी-परेशान</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/hyderabad-actress-death-मांग-पूरी-नहीं-की-तो-पब्लिक-कर-देंगे-मटीरियल-एक्ट्रेस-की-मौत-से-सनसनी-परिवार-बोला-धमकियों-से-थी-परेशान</guid>
        <description><![CDATA[ हैदराबाद में एक युवा एक्ट्रेस की मौत ने लोगों में चिंता पैदा कर दी है. आरोप है कि यह कदम उठाने से पहले उसे महीनों तक उत्पीड़न, धमकी और ब्लैकमेल का सामना करना पड़ा था. इस मामले ने लोगों का ध्यान खींचा है, क्योंकि आरोप है कि पीड़िता पर दबाव बनाने और उसे धमकाने के लिए उसके प्राइवेट वीडियो का इस्तेमाल किया गया, जिससे वह गहरे मानसिक तनाव में थी.&amp;nbsp;
परिवार के सदस्यों के आरोपों के अनुसार, वह युवती एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में करियर बनाने के सपने के साथ शहर आई थी और शॉर्ट-फ़िल्म प्रोजेक्ट्स से जुड़ी थी. रिश्तेदारों का दावा है कि उसके सपने धीरे-धीरे एक लंबे संघर्ष में बदल गए, जब कुछ लोगों ने कथित तौर पर उसके प्राइवेट फुटेज का इस्तेमाल उसे डराने-धमकाने के लिए किया. परिवार का आरोप है कि उसे बार-बार धमकियां दी गई, जिसमें यह चेतावनी भी शामिल थी कि अगर खास मांगें पूरी नहीं की गई तो उस मटेरियल को पब्लिक कर दिया जाएगा.

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मानसिक दबाव महसूस कर रही थी पीड़िता
परिवार का कहना है कि पीड़िता कई महीनों तक लगातार मानसिक दबाव में रही. उनका आरोप है कि लगातार उत्पीड़न ने उसकी मानसिक स्थिति पर बुरा असर डाला और उसे अकेलापन महसूस होने लगा. इन दावों ने चिंता बढ़ा दी है क्योंकि ये डिजिटल शोषण और दबाव बनाने व शोषण के लिए पर्सनल कंटेंट के गलत इस्तेमाल से जुड़े बढ़ते खतरों को उजागर करते हैं. इस मामले ने मदद मांगने की कोशिशों के बाद मिले रिस्पॉन्स पर भी सवाल उठाए हैं. रिश्तेदारों का आरोप है कि इस दुखद घटना से पहले ही उत्पीड़न के बारे में अधिकारियों को जानकारी दी गई थी. उनका मानना है कि अगर शुरुआती दौर में ही मजबूती से दखल दिया गया होता तो स्थिति को और बिगड़ने से रोका जा सकता था.
ज़िम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग
पीड़िता की मां अब न्याय चाहती हैं और उत्पीड़न के लिए कथित तौर पर ज़िम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रही हैं. भावनात्मक और आर्थिक मुश्किलों का सामना कर रहा परिवार लगातार जवाबदेही और आरोपों के हर पहलू की गहन जांच की अपील कर रहा है. समुदाय के लोगों और सोशल एक्टिविस्ट्स ने भी चिंता जताई है और जल्द कार्रवाई की मांग की है.
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        <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 11:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Hyderabad, Actress, Death:, मांग, पूरी, नहीं, की, तो, पब्लिक, कर, देंगे, मटीरियल..., एक्ट्रेस, की, मौत, से, सनसनी, परिवार, बोला-, धमकियों, से, थी, परेशान</media:keywords>
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        <title>दहशतगर्दी के पीछे वर्दी…, निहत्थों पर अंधाधुंध फायरिंग में आज 16 की मौत, विरोध मार्च के बीच गूंज रही PoK की आवाज</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/दहशतगर्दी-के-पीछे-वर्दी-निहत्थों-पर-अंधाधुंध-फायरिंग-में-आज-16-की-मौत-विरोध-मार्च-के-बीच-गूंज-रही-pok-की-आवाज</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/दहशतगर्दी-के-पीछे-वर्दी-निहत्थों-पर-अंधाधुंध-फायरिंग-में-आज-16-की-मौत-विरोध-मार्च-के-बीच-गूंज-रही-pok-की-आवाज</guid>
        <description><![CDATA[ पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओके) से एक बार फिर बेहद हृदयविदारक और पाकिस्तानी फ़ौज के नरसंहार की तस्वीरें सामने आई हैं. जानकारी के अनुसार रावलाकोट में सुबह जब 60 हज़ार से 70 हज़ार प्रदर्शनकारी ईदगाह मैदान पर बैठे हुए थे तभी पाकिस्तानी सेना और रेंजर्स ने निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर बिना चेतावनी दिए अंधाधुंध फायरिंग कर दी.
फायरिंग के बाद खेतों से लेकर सड़को तक हर जगह खून ही खून दिखायी दे रहा है.पाकिस्तानी सेना और रेंजर्स द्वारा निहत्थे प्रदर्शनकारीयो पर AK-47 राइफलों से गोलीबारी में आज 16 लोगो की मौत की पुष्टि हो चुकी है जबकि 37 से ज़्यादा लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है. शुक्रवार से जारी पाकिस्तानी सेना के नरसंहार में अब तक 53 आम नागरिकों की मौत हो चुकी है.

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गोलीकांड पर फूटा जनाक्रोशगोलीकांड के बाद रावलाकोट के खाई गाला गांव में भी गोलीकांड के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूट पड़ा, स्थानीय ग्रामीणों ने बाजार बंद कर महिलाओं और बच्चो के साथ पाकिस्तान सेना के खिलाफ विरोध मार्च निकाला और हज़ारो लोगो ने एक स्वर में नारेबाजी करते हुए कहा, &amp;ldquo;ये जो दहशतगर्दी है, उसके पीछे वर्दी है.&amp;rdquo; फायरिंग की घटना के बाद भी आंदोलनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं दिखे और अभी भी पीओके के कोने कोने से रावलाकोट आए बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी रावलाकोट के ईदगाह ग्राउंड में डटे हुए हैं और आंदोलन जारी रखने का ऐलान कर चुके हैं.
संघर्ष जारी रखने का ऐलानआंदोलन के प्रमुख आयोजकों में शामिल सरदार अमन खान ने गोलीकांड के बाद प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए संघर्ष को निर्णायक चरण में ले जाने की बात कही और चेतावनी देते हुए कहा की आंदोलन को किसी भी कीमत पर रोका नहीं जाएगा और अगर अब प्रदर्शनकारीयो&amp;nbsp; पर हमला किया जाए तो एक भी हमलावर अपने पैरो से वापस नहीं जाना चाहिए. महंगाई से पीड़ित पीओके की जानता सस्ते आटा, चावल, बिजली और 12 निर्वासित सीटो को खत्म करने के लिए मंगवार से सड़को पर है और हर दिन पाकिस्तानी सेना आम निहत्थे लोगो पर गोली चला रही है.यह भी पढ़ें :&amp;nbsp;पंजाब-हरियाणा, चंडीगढ़-दिल्ली, यूपी, सब जगह आएगी &#039;आफत&#039;, मौसम विभाग की नई चेतावनी ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 19:30:14 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>दहशतगर्दी, के, पीछे, वर्दी…, निहत्थों, पर, अंधाधुंध, फायरिंग, में, आज, की, मौत, विरोध, मार्च, के, बीच, गूंज, रही, PoK, की, आवाज</media:keywords>
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        <title>पीएम मोदी के 12 साल पूरे होने पर शत्रुघ्न सिन्हा ने दी बधाई, पोस्ट में ममता बनर्जी को किया टैग</title>
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        <description><![CDATA[ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के प्रधानमंत्री के रूप में सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित रहने का एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है. उनकी इस उपलब्धि पर राजनीति, सामाजिक और विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियां प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन और नेतृत्व की सराहना कर रही हैं. इसी क्रम में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ सांसद और अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने पर शुभकामनाएं दी हैं.
शत्रुघ्न सिन्हा ने गुरुवार (11 जून, 2026) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म &#039;एक्स&#039; पर एक पोस्ट साझा करते हुए प्रधानमंत्री मोदी के स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य की कामना की. शत्रुघ्न सिन्हा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म &#039;एक्स&#039; पर लिखा, &#039;खेल भावना के साथ, समाज और देश के हमारे मित्र और मार्गदर्शक, माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके कार्यकाल के 12 साल पूरे होने पर बहुत-बहुत शुभकामनाएं. यह शायद अब तक का सबसे लंबा कार्यकाल है. आपके उज्ज्वल भविष्य, अच्छे स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना करता हूं. जय हिंद.&#039; उन्होंने अपने पोस्ट में यशवंत सिन्हा, ममता बनर्जी और आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल को भी टैग किया.
शत्रुघ्न सिन्हा का पोस्ट काफी चर्चा में है, क्योंकि वह वर्तमान में विपक्षी दल तृणमूल कांग्रेस के सांसद हैं. ऐसे में राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर प्रधानमंत्री को दी गई उनकी शुभकामनाओं को सकारात्मक राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मई 2014 में पहली बार देश के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी. इसके बाद वर्ष 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में भी उनके नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को जीत मिली और वह लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बने. इस दौरान उन्होंने कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की पहलों का नेतृत्व किया और भारत की वैश्विक भूमिका को मजबूत करने की दिशा में काम किया.
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प्रधानमंत्री के लंबे कार्यकाल और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से लगातार जनादेश प्राप्त करने को भारतीय राजनीति की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है. उनके इस रिकॉर्ड पर देशभर से बधाइयों का सिलसिला जारी है. दरअसल टीएमसी के 19 सांसदों ने काकोली घोष को अपना नेता और एनडीए को समर्थन करने के लिए लोकसभा स्पीकर को पत्र लिखा है इस लिस्ट में आसनसोल लोकसभा सीट से सांसद शत्रुघ्न सिन्हा का नाम भी शामिल है.
शत्रुघ्न सिन्हा 1980 के दशक से भाजपा में सक्रिय रहे. 2019 में वह भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए. इसके बाद मार्च 2022 में कांग्रेस का दमन छोड़कर वह टीएमसी में शामिल हुए और आसनसोल लोकसभा का उपचुनाव जीता. इसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने एक बार फिर भाजपा प्रत्याशी को 3 लाख से ज्यादा मतों से हराया.
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        <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 19:30:12 +0530</pubDate>
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        <title>Tamil Nadu Power Outage: एक्टर विजय की TVK सरकार के सामने सबसे बड़ा संकट, मानसून के आते ही अघोषित बिजली कटौती से पूरा राज्य अंधेरे में, जनता सड़कों पर</title>
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        <description><![CDATA[ तमिलनाडु में मानसून की दस्तक के साथ ही बिजली संकट ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है. राज्य के कई हिस्सों में अघोषित बिजली कटौती से लोग परेशान हैं और जगह-जगह विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं. ऐसे समय में अभिनेता से नेता बने विजय की TVK सरकार के सामने यह सबसे बड़ी प्रशासनिक चुनौती बनकर उभरी है. बढ़ती बिजली मांग, कमजोर वितरण व्यवस्था और लगातार फॉल्ट की शिकायतों ने सरकार की कार्यक्षमता पर सवाल खड़े कर दिए हैं. जनता राहत की मांग कर रही है, जबकि सरकार हालात को नियंत्रित करने के लिए आपात कदम उठाने में जुटी है.
तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती को लेकर जनता का गुस्सा बढ़ता जा रहा है. शहर और उपनगरों में कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन होने के बाद राज्य सरकार ने स्थिति संभालने के लिए बड़ा कदम उठाया है. बिजली मंत्री सीटीआर निर्मल कुमार ने खुद अब सड़कों पहर हैं और125 पेट्रोलिंग वाहनों और 125 विशेष बिजली मरम्मत टीमों को रवाना किया, जबकि पूरे अभियान की निगरानी के लिए 10 उच्चस्तरीय मॉनिटरिंग टीमें गठित की गई हैं. इन टीमों का नेतृत्व आईएएस अधिकारी करेंगे.
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राजधानी चेन्नई में रिकॉर्डतोड़ मांग
दरअसल, 10 जून को चेन्नई ने 5008 मेगावाट की रिकॉर्ड बिजली मांग दर्ज की, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है. इसके बावजूद शहर के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित होने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं. लोगों का आरोप है कि रात के समय बिना किसी पूर्व सूचना के बिजली काटी जा रही है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है.
बिजली मंत्री निर्मल कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री ने हालात पर गंभीर चिंता जताई है और उसी के निर्देश पर आपदा प्रबंधन मॉडल की तर्ज पर विशेष टीमें बनाई गई हैं. प्रत्येक टीम को वाहन और जरूरी उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं ताकि बिजली फॉल्ट की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई की जा सके.
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बिजली पर राजनैतिक रार
इस बीच, बिजली संकट को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है. डीएमके सांसद टीकेएस एलंगोवन ने विपक्षी आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि बिजली विभाग राज्य सरकार के अधीन है, न कि चेन्नई कॉरपोरेशन के. वहीं कुछ नेताओं ने दावा किया कि सरकार के प्रयासों के बावजूद व्यवस्था के भीतर मौजूद भ्रष्ट और असामाजिक तत्व कामकाज को प्रभावित कर रहे हैं.
चेन्नई से लेकर ईरोड तक मरम्मत का काम
उधर, बिजली बोर्ड ने 12 जून को रखरखाव कार्यों के चलते चेन्नई के पल्लावरम, मिनजूर और मंबलम समेत कई इलाकों में सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक बिजली आपूर्ति बंद रहने की घोषणा की है. अधिकारियों का कहना है कि मरम्मत कार्य पूरा होते ही बिजली बहाल कर दी जाएगी.
लगातार बढ़ती बिजली मांग और बार-बार हो रही कटौती ने राज्य की बिजली व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. अब निगाहें इस बात पर हैं कि सरकार की नई रणनीति चेन्नईवासियों को राहत दिलाने में कितनी सफल साबित होती है.
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        <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 19:30:11 +0530</pubDate>
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        <title>तेजस प्रोजेक्ट में बड़ा फर्जीवाड़ा, HAL ने हैदराबाद की कंपनी के खिलाफ दर्ज कराई FIR, देश की सुरक्षा से बड़ा खिलवाड़</title>
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        <description><![CDATA[ सरकारी रक्षा कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने अपने महत्वाकांक्षी तेजस एमके-1ए लड़ाकू विमान कार्यक्रम से जुड़े एक कथित फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए हैदराबाद स्थित कंपनी TEC Aero Devices के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है. कंपनी पर स्पेयर पार्ट्स की आपूर्ति के दौरान 199 फर्जी टेस्ट रिपोर्ट जमा करने का आरोप है.
HAL के एयरक्राफ्ट डिवीजन के डिप्टी जनरल मैनेजर रानू गुप्ता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार TEC Aero Devices को 28 मार्च 2022 से कुल 18 परचेज ऑर्डर जारी किए गए थे. ये ऑर्डर LCA-83 Mk-1A (तेजस एमके-1ए) परियोजना के तहत विभिन्न पुर्जों की आपूर्ति के लिए दिए गए थे.

शिकायत में कहा गया है कि कंपनी ने आवश्यक सैंपल, टेस्ट रिपोर्ट और अन्य दस्तावेज जमा करने के बाद 35 श्रेणियों के कुल 172 पुर्जों के निर्माण के लिए HAL से स्वीकृति प्रमाण पत्र प्राप्त किए थे. परचेज ऑर्डर की शर्तों के अनुसार थोक आपूर्ति के समय कंपनी को संबंधित पुर्जों की मूल टेस्ट रिपोर्ट भी जमा करनी थी.
TEC Aero Devices ने सौंपा माफीनामाHAL को उस समय शक हुआ जब गुणवत्ता नियंत्रण विभाग ने कंपनी से टेन्साइल स्ट्रेंथ, हार्डनेस, ब्रेक लोड, शियर टेस्ट, नॉन-डिस्ट्रक्टिव टेस्टिंग (NDT), माइक्रोस्ट्रक्चर और सॉल्ट स्प्रे टेस्ट से जुड़ी मूल रिपोर्टें मांगीं. कंपनी इन रिपोर्टों को प्रस्तुत करने में विफल रही है. लगातार फॉलोअप के बाद TEC Aero Devices के प्रतिनिधियों ने HAL कार्यालय का दौरा किया और 22 नवंबर 2023 को एक माफीनामा सौंपा, जिसमें उन्होंने स्वीकार किया कि Axis Inspection Solutions, Hyderabad के नाम से दो गलत रिपोर्ट जमा की गई थीं.
इसके बाद HAL ने मामले की गहन जांच शुरू की. 29 नवंबर 2023 को HAL की एक ऑडिट टीम ने Axis Inspection Solutions में जांच की. ऑडिट के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि TEC Aero Devices द्वारा जमा की गई 199 में से एक भी टेस्ट रिपोर्ट Axis Inspection Solutions द्वारा जारी नहीं की गई थी. जांच में पता चला कि फरवरी 2023 से सितंबर 2023 के बीच आठ महीनों की अवधि में जमा की गई सभी 199 टेस्ट रिपोर्ट फर्जी थीं.
नकली रिपोर्ट तैयार कर जमा करने का आरोपAxis Inspection Solutions ने भी HAL को लिखित रूप से सूचित किया कि TEC Aero Devices ने उनकी कंपनी के नाम और हस्ताक्षरों का दुरुपयोग करते हुए नकली रिपोर्ट तैयार कर जमा की थीं. फर्जीवाड़े के खुलासे के बाद HAL ने TEC Aero Devices के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उसे 10 मार्च 2027 तक तीन वर्षों के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया. HAL ने यह भी स्पष्ट किया कि संबंधित अवधि तक कंपनी को किसी प्रकार का वित्तीय भुगतान नहीं किया गया था.
इसके अलावा, Axis Inspection Solutions के पत्र के आधार पर TEC Aero Devices को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया. हालांकि, 20 दिसंबर 2023 को कंपनी ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए मामले में नरमी बरतने की अपील की. इसके बावजूद HAL ने 6 जनवरी 2024 को कंपनी को स्वीकृत आपूर्तिकर्ताओं की सूची से हटाने का निर्णय लिया.
मामले को लेकर HAL के भीतर कई दौर की बैठकें हुईं और आखिरकार कंपनी के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू करने का फैसला लिया गया. आंतरिक प्रक्रियाओं के चलते शिकायत दर्ज करने में कुछ देरी हुई, लेकिन अब HAL ने TEC Aero Devices के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की है.
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        <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 19:30:10 +0530</pubDate>
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        <title>&amp;apos;अभी और 4 राज्यसभा सांसद इस्तीफा देंगे...&amp;apos;, अभिषेक बनर्जी पर जमकर बरसे रिजू दत्ता, लगाए गंभीर आरोप</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/अभी-और-4-राज्यसभा-सांसद-इस्तीफा-देंगे-अभिषेक-बनर्जी-पर-जमकर-बरसे-रिजू-दत्ता-लगाए-गंभीर-आरोप</link>
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        <description><![CDATA[ बंगाल चुनाव में हार के बाद से ममता बनर्जी की टीएमसी में भगदड़ मची हुई है. रोजाना कोई ना कोई नेता या तो पार्टी छोड़ रहा है या फिर किसी के बागी नेताओं के साथ जाने की खबरें आ रही हैं. गुरुवार को टीएमसी के तीसरे राज्यसभा सांसद ने प्रकाश चिक बरेक ने इस्तीफा दिया है. इसके पीछे के कारणों को लेकर कभी टीएमसी के प्रवक्ता रहे रिजू दत्ता ने अभिषेक बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाए हैं.
टीएमसी के पूर्व नेता रिजू दत्ता ने गुरुवार को ममता बनर्जी के भतीजे और टीएमसी के महासचिव अभिषेक बनर्जी पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि जिन चार्टेड प्लेन में अभिषेक बनर्जी घूमते हैं और जो इलेक्शन में वो 2-3 हेलीकॉप्टर से घूम रहे थे, ये सब कहां से आया इसकी जांच होनी चाहिए.

उन्होंने आगे कहा कि कल्याण बनर्जी जो बोल रहे हैं वहीं बात कई लोग बोल रहे है. पार्टी के हर तरह के नेता को अभिषेक बनर्जी बदनाम करते हैं. दत्ता ने आगे कहा कि दीदी (ममता बनर्जी) के चलते हम लोग टीएमसी को मानते थे और उनसे जुड़े थे लेकिन अभिषेक बनर्जी के चलते कई लोग पार्टी छोड़कर चले गए हैं और ये सिलसिला अभी आगे भी जारी रहेगा. अभी कोई और नेता पार्टी छोड़ेंगे, हालांकि उन्होंने पार्टी छोड़ने वाले अन्य नेताओं के नामों का जिक्र नहीं किया है.
अभिषेक बनर्जी पर लगाए गंभीर आरोपरिजू दत्ता ने ममता के भतीजे पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अभिषेक बनर्जी का सिर्फ एक काम है और वो है सिर्फ पैसा बनाना. उन्हें सिर्फ पैसों से मतलब है. उन्होंने आगे कहा कि अभी और 4 राज्यसभा सांसद इस्तीफा देंगे.&amp;nbsp;
टीएमसी के पूर्व प्रवक्ता ने कहा कि अभिषेक बनर्जी के कारण टीएमसी खत्म हो रही है. इसके अलावा तृणमूल कांग्रेस के कांग्रेस में विलय को लेकर उन्होंने कहा कि टीएमसी पार्टी कांग्रेस के साथ मर्ज नहीं कर सकती है लेकिन कांग्रेस और टीएमसी का बंगाल में गठबंधन हो सकता है.
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&#039;ममता बनर्जी अगर अभिषेक के साथ तो मैं...&#039;, कल्याण बनर्जी ने TMC प्रमुख को दे दिया अल्टीमेटम ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 19:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>भूपेंद्र यादव से मिलने पहुंचीं सयानी घोष, सीएम शुभेंदु भी हैं साथ, अब क्या करेंगी ममता बनर्जी</title>
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        <description><![CDATA[ तृणमूल कांग्रेस के 19 बागी सांसदों लिस्ट जारी होने के बाद इस बात की अटकलें तेज हो गई है कि पार्टी पर से ममता बनर्जी का वर्चस्व खत्म हो गया है. बागी सांसदों में टीएमसी की फायरब्रांड नेता सायानी घोष, शत्रुघ्न सिन्हा और यूसुफ पठान का नाम भी शामिल है. सूत्रों के मुताबिक इस बीच सायानी घोष केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से मिलने पहुंची हैं. उनके साथ पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी हैं.
TMC के 28 में से 19 सांसद बागी
टीएमसी के बागी सांसदों ने लोकसभा स्पीकर को हस्ताक्षर करके एक पत्र सौंपा है. हालांकि इस संबंध में पार्टी की ओर से आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है. लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस के कुल 28 सांसद हैं. बागी 19 सासंदों के दावे सही साबित होते हैं तो यह ममता बनर्जी के लिए बड़ा झटका माना जाएगा. एक ममता और अभिषेक बनर्जी दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान के साथ बैठक कर खोई राजनीतिक जमीन हासिल करने की जुगत में लगी हुई हैं तो दूसरी तरफ पहले विधायक और अब सांसदों के बागी तेवर ने उनकी टेंशन बढ़ा दी है.
कांग्रेस में विलय को लेकर TMC का बयान
तृणमूल कांग्रेस के कांग्रेस में विलय की अटकलों को सिरे से नकारते हुए पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नीत गुट के एक वरिष्ठ नेता ने बुधवार को कहा कि इस तरह की कोई योजना नहीं है. ममता बनर्जी ने मंगलवार (9 जून 2026) को कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ मुलाकात की थी जिसके बाद संभावित विलय की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया.

दोनों नेताओं के बीच हुई बैठक की जानकारी हालांकि किसी भी पक्ष ने सार्वजनिक नहीं की, लेकिन सूत्रों का कहना है कि ममता ने विपक्ष की एकजुटता पर जोर दिया और कहा कि &amp;lsquo;इंडिया&amp;rsquo; गठबंधन को विभिन्न जन-मुद्दों पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का मुकाबला करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए.
तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने बुधवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की. दोनों नेताओं की मुलाकात को कांग्रेस और तृणमूल के बीच चल रही बातचीत का ही एक हिस्सा माना जा रहा है, जो इस हफ्ते की शुरुआत में दिल्ली में हुई &amp;lsquo;इंडिया&amp;rsquo; गठबंधन की बैठक के बाद हो रही है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 03:30:12 +0530</pubDate>
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        <title>ओमान तट पर जहाज के ऊपर अमेरिका का हमला, 24 भारतीयों में से 3 लापता, भारत ने की कड़ी निंदा</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/ओमान-तट-पर-जहाज-के-ऊपर-अमेरिका-का-हमला-24-भारतीयों-में-से-3-लापता-भारत-ने-की-कड़ी-निंदा</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/ओमान-तट-पर-जहाज-के-ऊपर-अमेरिका-का-हमला-24-भारतीयों-में-से-3-लापता-भारत-ने-की-कड़ी-निंदा</guid>
        <description><![CDATA[ ओमान तट के पास एक वाणिज्यिक जहाज पर हुए हमले की भारत सरकार ने कड़ी निंदा की है. विदेश मंत्रालय (एमईए) ने बुधवार को बताया कि जहाज पर सवार 24 भारतीय चालक दल के सदस्यों में से 21 को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि तीन भारतीय अब भी लापता हैं और उनकी तलाश जारी है.
यूएस हमले में तीन भारतीय लापता
विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, &amp;ldquo;हम ओमान तट के पास वाणिज्यिक पोत &amp;lsquo;सेटेबेलो&amp;rsquo; पर हुए हमले की कड़ी निंदा करते हैं. जहाज पर मौजूद 24 भारतीयों में से 21 को सुरक्षित निकाल लिया गया है, जबकि तीन भारतीयों के लापता होने की सूचना है.&amp;rdquo; मंत्रालय ने बताया कि ओमान स्थित भारतीय दूतावास स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में है और खोज एवं बचाव अभियान की निगरानी कर रहा है.
मंत्रालय ने यह भी कहा कि क्षेत्र में जहाजों पर लगातार हो रहे हमले बेहद चिंताजनक हैं और यह वहां जारी संघर्ष का सीधा परिणाम हैं. बयान में कहा गया, &amp;ldquo;हम सभी पक्षों से तत्काल तनाव कम करने और कूटनीतिक समाधान की दिशा में चल रही वार्ताओं को सफल बनाने की अपील करते हैं, ताकि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल हो सके.&amp;rdquo;
सरकार ने की कड़ी आलोचना&amp;nbsp;
इसके साथ ही भारत ने स्पष्ट किया कि वाणिज्यिक जहाजों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना तुरंत बंद होना चाहिए तथा अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप समुद्री मार्गों पर निर्बाध आवागमन और व्यापार बहाल किया जाना चाहिए. इससे पहले ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म &amp;lsquo;एक्स&amp;rsquo; पर जानकारी दी थी कि उसे ओमान तट के पास एक जहाज से जुड़ी घटना की सूचना मिली है और वह स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है.
गौरतलब है कि हाल के दिनों में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच समुद्री मार्गों पर हमलों की घटनाएं बढ़ी हैं. विदेश मंत्रालय ने पहले भी इस पर चिंता जताते हुए कहा था कि 100 दिनों से अधिक समय से जारी संघर्ष ने न केवल मानवीय संकट को बढ़ाया है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति पर भी गंभीर प्रभाव डाला है.
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        <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 03:30:11 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>ओमान, तट, पर, जहाज, के, ऊपर, अमेरिका, का, हमला, भारतीयों, में, से, लापता, भारत, ने, की, कड़ी, निंदा</media:keywords>
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        <title>जेवर एयरपोर्ट पर विमान की सफल लैंडिंग और टेकऑफ, ग्राउंड सिस्टम का टेस्ट पूरा, जानें कब से कर सकेंगे यात्रा</title>
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        <description><![CDATA[ नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब नियमित उड़ानों की शुरुआत के बेहद करीब पहुंच गया है. 15 जून से प्रस्तावित कमर्शियल ऑपरेशन से पहले एयरपोर्ट पर ऑपरेशन रेडनेस और टर्नअराउंड ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा किया गया. इस दौरान इंडिगो के विमान ने एयरपोर्ट पर दो बार सफल लैंडिंग और दो बार टेक ऑफ कर रनवे ग्राउंड सिस्टम और संचालन प्रक्रिया का परीक्षण किया.&amp;nbsp;
जानकारी के मुताबिक दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से इंडिगो का A320 विमान फ्लाइट 6E 5601 सुबह निर्धारित समय पर उड़ान भरकर जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचा एयरपोर्ट के हवाई क्षेत्र में पहुंचने के बाद विमान ने अलग-अलग ऊंचाइयों और एंगल पर उड़ान भरते हुए रनवे इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम और ईयर नेविगेशन प्रक्रियाओं की जांच की.
विमान की लैंडिंग और टेकऑफ को कई बार किया गया टेस्ट
ट्रायल के दौरान विमान ने रनवे 28 पर सफल अप्रोच और लैंडिंग की. इसके बाद दोबारा टेकऑफ कर एयरपोर्ट के आसपास कम ऊंचाई पर उड़ान भरते हुए विभिन्न ऑपरेशनल प्रक्रियाओं का परीक्षण किया गया. विमान को अपरों एरिया में ले जाकर ग्राउंड ऑपरेशन की भी जांच की गई.&amp;nbsp;

ग्राउंड स्टाफ ने इस दौरान टॉकिंग विमान में ईंधन भरने बैगेज हैंडलिंग और कार्गो प्रबंध जैसी प्रक्रियाओं का तय समय के भीतर सफल अभ्यास किया पूरे ट्रायल का उद्देश्य यह जांचना था कि एयरपोर्ट नियमित यात्री उड़ानों के लिए पूरी तरह तैयार है या नहीं. ट्रायल पूरा होने के बाद इंडिगो की फ्लाइट 6e 5601 दोबारा दिल्ली के लिए रवाना हुई. एयरपोर्ट प्रबंधन के अनुसार ट्रायल के नतीजे संतोषजनक रहे और सभी प्रमुख सिस्टम निर्धारित मानकों के अनुरूप काम करते पाए गए.
15 जून से शुरू हो जाएगा कमर्शियल ऑपरेशन
विमान की सफल लैंडिंग और टेक ऑफ के बाद अब 15 जून से प्रस्तावित कमर्शियल ऑपरेशन शुरू होने के बाद नोएडा ग्रेटर नोएडा पश्चिम उत्तर प्रदेश और आसपास के लाखों यात्रियों को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है इससे दिल्ली एयरपोर्ट का दबाव कम होगा क्षेत्र कनेक्टिविटी को भी नई गति मिलेगी.
इनपुट - रविन्द्र जयंत
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        <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 03:30:10 +0530</pubDate>
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        <title>दिल के खुश रखने को गालिब....कांग्रेस ने शेयर किया नेहरू&amp;मोदी का कार्टून; 12 साल पूरे होने पर कसा तंज</title>
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        <description><![CDATA[ Congress Share Cartoon About Narendra Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने12 साल पूरे करने और देश के सबसे ज्यादा दिन तक निर्वाचित रहने वाले पीएम बनने और देश विदेश से मिल रही तारीफ के बीच अब कांग्रेस ने करारा तंज कसा है. बकायदा एक कार्टून भी शेयर किया है, जिस पर एक वाक्य भी लिखा हुआ है. कांग्रेस ने इस को रात 9 बजे अपने सोशल मीडिया पर जारी किया है.&amp;nbsp;
क्या है कांग्रेस के इस पोस्ट में ?&amp;nbsp;इस पोस्ट को कांग्रेस के औपचारिक सोशल मीडिया हेंडल पर जारी किया गया है. इस पोस्ट में एक कार्टून है. इसमें नेहरू जी का कद बड़ा बताया है, और पीएम नरेंद्र मोदी का कद छोटा बताया है. साथ ही एक कैप्शन लिखते हुए कहा है कि दिल के खुश रखने को &amp;lsquo;गालिब&amp;rsquo; ये ख्याल अच्छा है. साथ ही एक आंख मारने वाली इमोजी भी लगाई है. इस कैरिकेचर में नरेंद्र मोदी, पूर्व पीएम नेहरू की ओर ऊपर देखकर कह रहा है कि नेहरू जी मैंने आपका रिकॉर्ड तोड़ दिया है.&amp;nbsp;



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इस मामले में नेहरू अभी भी आगेबता दें, प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को केंद्र सरकार के प्रमुख के तौर पर 12 साल पूरे किए. चुने हुए प्रधानमंत्री के तौर पर 4,399 दिनों के कार्यकाल के साथ उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ दिया. अगर 1947 से 1952 तक के उस दौर को भी जोड़ा जाए, जब जवाहरलाल नेहरू बिना आम चुनाव के प्रधानमंत्री थे, तो उनका कुल कार्यकाल 6,131 दिनों का बनता है. इसलिए कुल कार्यकाल के मामले में नेहरू अब भी आगे हैं, जबकि निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में लगातार कार्यकाल में मोदी ने नया रिकॉर्ड बनाया है.

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        <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 03:30:09 +0530</pubDate>
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        <title>78 साल पुराना सपना हुआ साकार, जोजीला टनल से बदलेगी लद्दाख की तस्वीर, जानें कैसे पर्यटन&amp;कारोबार को मिलेगी रफ्तार</title>
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        <description><![CDATA[ लद्दाख को कश्मीर घाटी के जरिए देश और दुनिया से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित ऐतिहासिक &#039;जोजीला टनल&#039; (Zojila Tunnel) में खुदाई (ब्रेकथ्रू) का काम पूरा हो गया है. 9 जून 2026 को टनल की खुदाई पूरी होते ही जम्मू-कश्मीर और लद्दाख, दोनों केंद्र शासित प्रदेशों के लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई. लद्दाख के कारगिल के रहने वाले 78 वर्षीय गुलाम अब्बास भी उन चुनिंदा लोगों में शामिल रहे, जिन्हें इस अधूरी टनल के जरिए द्रास के मिनिमार्ग से कश्मीर घाटी के सोनमर्ग तक का 13.15 किलोमीटर का सफर तय करने का मौका मिला.
गुलाम अब्बास ने भावुक होते हुए बताया, &quot;मेरे बाप-दादा ने भी यह सपना देखा था कि जोजीला दर्रे की कठिन चढ़ाई चढ़े बिना हम कश्मीर पहुंच जाएं. आज 78 साल बाद मेरा यह सपना पूरा हो गया है और मैं बेहद खुश हूं.&quot;
समुद्र तल से 16,430 फीट की ऊंचाई पर स्थित जोजीला दर्रा बेहद जोखिम भरा मार्ग है, जहां हर साल 10 से 20 फीट तक भारी बर्फबारी होती है. सर्दियों में तापमान माइनस 20 से 30 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क जाने के कारण यहाँ अक्सर हिमस्खलन (Avalanche) होता है, जिससे जान-माल का भारी नुकसान होता है. इसके चलते दिसंबर से अप्रैल के बीच लद्दाख का संपर्क बाकी दुनिया से पूरी तरह कट जाता था और आपातकालीन स्थितियों में लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ता था.

35 वर्षीय स्थानीय निवासी मोहम्मद यासीन ने बताया, &quot;पहले जब सड़क बंद होती थी, तो हमें डर लगता था कि अगर कोई बीमार हो गया तो अस्पताल कैसे पहुंचेगा. लेकिन अब इस टनल के बन जाने से हम किसी भी समय इलाज के लिए श्रीनगर के अस्पताल पहुंच सकते हैं.&quot;
इस टनल के बन जाने से लद्दाख और कश्मीर के पर्यटन उद्योग तथा स्थानीय कारोबार को एक नई उड़ान मिलने की उम्मीद है. सोनमर्ग में हस्तशिल्प (हैंडीक्राफ्ट) की दुकान चलाने वाले अब्दुल मजीद और टूर गाइड फिरदौस अहमद के अनुसार, वर्ष 2025 में 5.5 किलोमीटर लंबी सोनमर्ग टनल के शुरू होने से इलाके में पर्यटन का स्वरूप पहले ही बदल चुका है. अब जोजीला टनल के चालू होने से दोनों तरफ सालभर पर्यटकों और व्यापारिक ट्रकों की आवाजाही जारी रहेगी. सोनमर्ग के घोड़ा चालक इरफान अहमद ने उम्मीद जताई कि पूरे साल काम मिलने से स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में सुधार होगा और क्षेत्र का तेजी से विकास होगा.
टनल की वजह से पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
यह परियोजना न केवल कनेक्टिविटी सुधारेगी बल्कि शीतकालीन पर्यटन (विंटर टूरिज्म) के नए रास्ते भी खोलेगी. रूस के साइबेरिया के बाद दुनिया के सबसे ठंडे स्थान के रूप में मशहूर द्रास के निवासी मोहम्मद कासिम ने कहा, &quot;जिस तरह लोग सर्दियों में बर्फबारी का मजा लेने गुलमर्ग और सोनमर्ग आते हैं, अब वे द्रास और कारगिल आकर भी स्कीइंग और स्नो मोबाइल जैसे एडवेंचर स्पोर्ट्स का आनंद ले सकेंगे.&quot;
गौरतलब है कि जनवरी 1995 में द्रास में न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड माइनस 60 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया था. वर्ष 2012 में इस परियोजना की रूपरेखा बनने और 2018 तथा 2021 में नए सिरे से काम शुरू होने के बाद, अब टनल बोरिंग का काम पूरी तरह संपन्न हो चुका है. अब स्थानीय लोगों और पर्यटकों को बस उस दिन का इंतजार है जब इसे पूरी तरह यातायात के लिए खोल दिया जाएगा.
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        <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 03:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>चुनाव में हार और TMC में बगावत के बाद नहीं थम रहीं अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें, BJP ने इस मामले में दर्ज कराई शिकायत</title>
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        <description><![CDATA[ बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली हार और पार्टी के भीतर बगावत की सुलगी आग के बीच तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और संसदीय दल के नेता अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं. बीजेपी नेता और डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी रहे अभिजीत दास उर्फ बॉबी ने अब एक 8 साल पुराने मामले में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है.
बीजेपी नेता ने लगाए ये आरोप
बीजेपी नेता अभिजीत दास उर्फ बॉबी ने डायमंड हार्बर थाने में 21 दिसंबर 2018 को कपाटहाट इलाके में हुए कथित सशस्त्र हमले की दोबारा जांच और एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर शिकायत दी है. अभिजीत दास का आरोप है कि उस दिन एक राजनीतिक सभा में जाते समय उनकी गाड़ी को रोककर धारदार हथियारों, तलवारों और बमों से लैस लोगों ने हमला किया था. इस घटना में वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जबकि उनके कई सहयोगी भी जख्मी हुए थे.

मामले की दोबारा जांच की मांग की
उनका दावा है कि यह हमला पूर्व नियोजित राजनीतिक साजिश का हिस्सा था. उन्होंने कहा कि साल 2018 और 2023 में भी शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन अब तक कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई. इसी वजह से उन्होंने मामले की फिर से जांच की मांग करते हुए नया आवेदन दिया है. शिकायत के साथ जमा दस्तावेजों में अभिषेक बनर्जी, सुमित राय, गौतम अधिकारी समेत कुल 6 लोगों के नामों का उल्लेख किया गया है. साथ ही घटना में कथित रूप से शामिल 150 से 160 हथियारबंद लोगों की भूमिका की भी जांच की मांग की गई है.
पुलिस ने शुरू की जांच
भाजपा नेता ने सीसीटीवी फुटेज की जांच, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज करने, मोबाइल लोकेशन खंगालने और मेडिकल रिकॉर्ड की समीक्षा समेत कई मांगें रखी हैं. उनका कहना है कि यह सिर्फ उन पर व्यक्तिगत हमला नहीं था, बल्कि राजनीतिक गतिविधियों को बाधित करने की एक संगठित कोशिश थी. वहीं, शिकायत के आधार पर डायमंड हार्बर थाने की पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.
कौन हैं मीनाक्षी नटराजन? राहुल गांधी की वो खास नेता जिनके राज्यसभा नॉमिनेशन पर छिड़ गई &#039;जंग&#039;
CID जारी कर चुकी नोटिस
इससे पहले अभिषेक बनर्जी के खिलाफ बीते दिनों सीआईडी ने नोटिस जारी किया था. यह नोटिस राज्य विधानसभा में विपक्ष के लिए आरक्षित महत्वपूर्ण पदों से संबंधित एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव में पार्टी के कुछ विधायकों के हस्ताक्षरों में विसंगति के मामले में चल रही जांच के सिलसिले में पूछताछ के लिए भेजा गया. हालांकि, टीएमसी सांसद ने कलकत्ता हाईकोर्ट में इस समन को चुनौती दी है, जिस पर बुधवार(10 जून) को सुनवाई होगी.
पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू को पीछे छोड़ने के बाद बोले पीएम मोदी- &#039;सबसे बड़ी कसौटी...&#039; ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 15:30:14 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>चुनाव, में, हार, और, TMC, में, बगावत, के, बाद, नहीं, थम, रहीं, अभिषेक, बनर्जी, की, मुश्किलें, BJP, ने, इस, मामले, में, दर्ज, कराई, शिकायत</media:keywords>
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        <title>कांग्रेस में होगा TMC का विलय? अटकलों के बीच राहुल गांधी से मिले अभिषेक बनर्जी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/कांग्रेस-में-होगा-tmc-का-विलय-अटकलों-के-बीच-राहुल-गांधी-से-मिले-अभिषेक-बनर्जी</link>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद तृणमूल कांग्रेस बिखरती हुई नजर आ रही है. पार्टी के नेता बैक टू बैक इस्तीफा दे रहे हैं. इन सबके बीच सियासी गलियारों से आई एक खबर ने खलबली मचा दी. टीएमसी के कांग्रेस पार्टी में विलय की अटकलों के बीच टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने डेरेक ओ ब्रायन के साथ 10 जनपथ पर लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की. दोनों के बीच मीटिंग का एजेंडा क्या रहा, इसकी जानकारी सामने नहीं आ पाई है.

Delhi | TMC MP Abhishek Banerjee is meeting LoP Lok Sabha Rahul Gandhi at 10, Janpath, Delhi. Yesterday, TMC chairperson Mamata Banerjee met Congress Parliamentary Party Chairperson Sonia Gandhi
&amp;mdash; ANI (@ANI) June 10, 2026



ममता बनर्जी-सोनिया गांधी की हुई थी मुलाकात
इससे पहले टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने मंगलवार (9 जून) को कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी से उनके आवास 10 जनपथ पर मुलाकात की थी. दोनों नेताओं के बीच करीब एक घंटे तक बातचीत हुई. 24 घंटे के अंदर यह दूसरा मौका था जब ममता बनर्जी और सोनिया गांधी की मुलाकात हुई. सोमवार (8 जून) को इंडी अलायंस की बैठक में दोनों नेताओं की मुलाकात हुई थी.

मीटिंग के दौरान सोनिया गांधी और ममता बनर्जी के बीच गर्मजोशी भी देखने को मिली थी, जब दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को गले लगाया था. देखा जाए तो ममता बनर्जी की यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब टीएमसी गंभीर राजनीतिक संकट का सामना कर रही है. बंगाल चुनाव में हार के बाद पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ता दिखाई दे रहा है. पहले कुछ विधायकों के असंतोष की खबरें सामने आई थीं, वहीं अब पार्टी के कुछ सांसदों के एनडीए को समर्थन देने की घोषणा ने टीएमसी नेतृत्व की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं.
ये भी पढ़ें- चुनाव में हार और TMC में बगावत के बाद नहीं थम रहीं अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें, BJP ने इस मामले में दर्ज कराई शिकायत
TMC के पास कांग्रेस में विलय के अलावा कोई विकल्प नहीं - रिजू दत्ता
टीएमसी के कांग्रेस में विलय की अटकलों पर पार्टी के निष्कासित नेता रिजू दत्ता का भी बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, &#039;ममता दीदी के पास अब टीएमसी का कांग्रेस में विलय करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है! कम से कम उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान तो मिलेगी और बंगाल में अल्पसंख्यक वोट बैंक बिखरने के बजाय उनके समर्थन में एकजुट हो सकता है. मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य में अभिषेक बनर्जी के लिए कोई जगह नहीं है.&#039;

The only option left for Mamata Di is to merge TMC with INC !Atleast, she will have a national footing, and the minority vote bank in Bengal might rally behind her rather than fragmenting&amp;hellip;No place for Abhishek Banerjee in current political scenario&amp;hellip;
&amp;mdash; ???????????????? ???????????????????? (@RijuDutta_84) June 9, 2026



ममता बनर्जी को एक और बड़ा झटका, सुष्मिता देव ने राज्यसभा से दिया इस्तीफा, TMC भी छोड़ी
&amp;nbsp;
&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 15:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>कांग्रेस, में, होगा, TMC, का, विलय, अटकलों, के, बीच, राहुल, गांधी, से, मिले, अभिषेक, बनर्जी</media:keywords>
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        <title>&amp;apos;विवाद कहीं का भी हो, दिल्ली HC कर सकता है CAPF मामले की सुनवाई&amp;apos;, सुप्रीम कोर्ट का आदेश</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/विवाद-कहीं-का-भी-हो-दिल्ली-hc-कर-सकता-है-capf-मामले-की-सुनवाई-सुप्रीम-कोर्ट-का-आदेश</link>
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        <description><![CDATA[ सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (9 जून, 2026) को अपने फैसला में कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट सीमा सुरक्षा बल समेत केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के कर्मियों की सेवा समाप्ति के मामलों की सुनवाई कर सकता है, भले ही कार्रवाई का कारण राष्ट्रीय राजधानी के बाहर क्यों न उत्पन्न हुआ हो.
जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने बीएसएफ के कांस्टेबल की याचिका पर पुनर्विचार करते हुए यह आदेश दिया. कांस्टेबल ने याचिका में बिना किसी पेंशन लाभ के अपनी बर्खास्तगी को चुनौती दी थी. कांस्टेबल को इस आधार पर बर्खास्त किया गया था कि उसने अपनी पहली पत्नी के रहते हुए बिना उसकी अनुमति के दूसरी शादी कर ली थी.
याचिकाकर्ता को पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के नारायणपुर में &amp;lsquo;कारण बताओ नोटिस&amp;rsquo; जारी किया गया था, जहां उसकी तैनाती थी. कांस्टेबल निर्धारित समय सीमा के भीतर जवाब देने में विफल रहा, जिसके बाद कमांडेंट ने 2022 में उसे बिना किसी पेंशन लाभ के सेवा से बर्खास्त कर दिया.
बर्खास्तगी के आदेश से परेशान होकर कांस्टेबल ने सेवा में पुनः बहाली के लिए एक वैधानिक याचिका दायर की, जिसे खारिज कर दिया गया. सेवा से बर्खास्तगी के आदेशों और अपनी वैधानिक याचिका को खारिज किए जाने के खिलाफ कांस्टेबल ने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया, लेकिन यहां भी उसकी याचिका खारिज कर दी गई. हाईकोर्ट ने कहा कि वह याचिका पर सुनवाई के लिए उपयुक्त मंच नहीं है. इसके बाद याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया.
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बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चूंकि केंद्र सरकार के कार्यालयों और सीएपीएफ की कमांडिंग ऑथिरिटी/जनरल डायरेक्टर का ऑफिस दिल्ली में है इसलिए हाईकोर्ट के पास संविधान के अनुच्छेद 226(1) के तहत ऐसी याचिकाओं पर सुनवाई का अधिकार है. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अनुच्छेद 226(1) प्रतिवादी प्राधिकरण के स्थान के आधार पर हाईकोर्ट को क्षेत्राधिकार का प्रयोग करने का अधिकार देता है, फिर वाद चाहे कहीं भी उत्पन्न हुआ है.
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        <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 15:30:11 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>विवाद, कहीं, का, भी, हो, दिल्ली, कर, सकता, है, CAPF, मामले, की, सुनवाई, सुप्रीम, कोर्ट, का, आदेश</media:keywords>
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        <title>ममता बनर्जी को एक और बड़ा झटका, सुष्मिता देव ने राज्यसभा से दिया इस्तीफा, TMC भी छोड़ी</title>
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        <description><![CDATA[ बंगाल में ममता बनर्जी को एक और बड़ा झटका लगा है. कांग्रेस से तृणमूल कांग्रेस में आईं सुष्मिता देव ने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने टीएमसी भी छोड़ दी है. सुष्मिता देव को ममता का करीबी माना जाता था.&amp;nbsp;
ये भी जानकारी सामने आई है कि सुष्मिता देव ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा से मुलाकात भी की है. जिसके बाद ये भी अटकलें लगाई जा रही हैं कि वो बीजेपी में शामिल हो सकती हैं. इतना ही नहीं बीजेपी उन्हें असम से राज्यसभा भी भेज सकती है.&amp;nbsp;
2014 में सिलचर से चुनी गई थीं सांसद
सुष्मिता देव असम के सिलचर की रहने वाली हैं. वह 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की टिकट पर सिलचर से सांसद चुनी गई थीं. इसके अलावा कांग्रेस ने उन्हें महिला कांग्रेस का अध्यक्ष भी बनाया था. सुष्मिता पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता संतोष मोहन देव की बेटी हैं.&amp;nbsp;

ममता बनर्जी ने भेजा था राज्यसभा
साल 2021 में उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी और ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी में शामिल हो गईं, जिसके बाद ममता बनर्जी ने एक महीने बाद ही उन्हें राज्यसभा भेज दिया था. वह संसद की कई प्रमुख समितियों में भी शामिल थीं और महिलाओं के मुद्दों पर मुखर होकर अपनी बात रखती थीं.&amp;nbsp;
बंगाल में हार के बाद बिखरी TMC&amp;nbsp;&amp;nbsp;
पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में हार के बाद ममता बनर्जी की टीएमसी बिखर गई है. पहले टीएमसी के 58 विधायक बागी हो गए और उन्होंने ममता बनर्जी को चुनौती देते हुए विधानसभा में अपना नेता प्रतिपक्ष रितब्रता बनर्जी को बनवाया. उसके बाद टीएमसी के करीब 20 लोकसभा सांसदों का एक गुट अलग हो गया. उन सांसदों ने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के घर पर मीटिंग की, जिसमें बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी भी मौजूद थे.&amp;nbsp;
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शुखेंदु शेखर रॉय ने दिया था इस्तीफा
उसके बाद राज्यसभा में भी टीएमसी में टूट होने लगी. शुखेंदु शेखर रॉय ने पहले राज्यसभा से इस्तीफा दिया. उन्होंने टीएमसी छोड़ते हुए आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के बारे में खुलकर बोलने के बाद उन्हें पार्टी में अलग-थलग कर दिया गया था. रॉय ने बंगाल में टीएमसी की हार पर कहा कि आरजी कर के मुद्दे को लेकर तो नाराज की थी ही, लेकिन उसके अलावा भी कई सारे मुद्दे थे जिसको लेकर के जनता के दिल में गुस्सा था और वह जब आरजी कर हुआ उसके बाद सामने आया.
TMC के राज्यसभा में कितने सांसद?
शुखेंदु शेखर के बाद अब सुष्मिता देव ने राज्यसभा से इस्तीफा दिया है. वह टीएमसी की दूसरी राज्यसभा सांसद हैं, जिन्होंने पार्टी छोड़ी है. &amp;nbsp;बता दें कि टीएमसी के राज्यसभा में 13 सांसद थे, जिनमें से दो का इस्तीफा हो चुका है, अब सिर्फ 11 सांसद बचे हैं.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 15:30:10 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>ममता, बनर्जी, को, एक, और, बड़ा, झटका, सुष्मिता, देव, ने, राज्यसभा, से, दिया, इस्तीफा, TMC, भी, छोड़ी</media:keywords>
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        <title>Explained: PM मोदी ने 12 साल में कैसे बना दिया &amp;apos;भगवा भारत&amp;apos;? आखिर कैसी स्ट्रेटजी रही, जो पहले किसी को नहीं सूझी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/explained-pm-मोदी-ने-12-साल-में-कैसे-बना-दिया-भगवा-भारत-आखिर-कैसी-स्ट्रेटजी-रही-जो-पहले-किसी-को-नहीं-सूझी</link>
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        <description><![CDATA[ कोई भी बड़ी तब्दीली बिना सोची-समझी स्ट्रैटजी के नहीं आती. पिछले 12 सालों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को जिस तरह से एक बिल्कुल नई दिशा और नई पहचान दी है, वह अपने आप में एक केस स्टडी है. जब 2014 में उन्होंने कार्यभार संभाला था, तब देश एक नहीं बल्कि कई मोर्चों पर मुश्किलों से जूझ रहा था. अब 2026 में आकर भारत ने जापान को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना दी है और मोदी लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री हैं, यानी देश के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले चुने हुए प्रधानमंत्री. तो आखिर वो कौन सी गेम-चेंजिंग स्ट्रैटजी थी, जो पहले कभी किसी के दिमाग में नहीं आई?
&#039;जन-भागीदारी&#039; मॉडल : हर नागरिक को विकास का साथी बनाने वाली सबसे बड़ी स्ट्रैटजी
मोदी सरकार की सबसे बड़ी और सबसे कामयाब स्ट्रैटजी थी &#039;जन-भागीदारी&#039; का मॉडल. पिछली सरकारों के जमाने में विकास को सरकारी मशीनरी और नौकरशाही का काम समझा जाता था. लेकिन मोदी ने यह गेम बदल दिया. अगर नेहरू के जमाने में डेवलपमेंट का मॉडल था &#039;सरकार चलाएगी, लोग फायदा उठाएंगे&#039;, तो मोदी ने कहा- &#039;हर नागरिक को खुद डेवलपमेंट ड्राइवर बनना होगा.&#039; उन्होंने 2022 में अपने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में यह साफ कहा था कि &#039;गवर्नमेंट-ड्रिवेन डेवलपमेंट&#039; की जगह अब &#039;सिटीजन-ड्रिवेन डेवलपमेंट&#039; लानी होगी.
तो कैसे काम किया यह मॉडल?
सरकार ने &#039;सबका साथ, सबका विकास&#039; को आगे बढ़ाते हुए हर योजना को एक &#039;जन आंदोलन&#039; में बदल दिया. उदाहरण के लिए:

स्वच्छ भारत मिशन: सिर्फ शौचालय बनाने की सरकारी स्कीम नहीं थी. इसे सेलिब्रिटीज, स्कूली बच्चों, RWA, NGO और आम नागरिकों की भागीदारी वाला जन-आंदोलन बना दिया गया. नतीजतन, 10 करोड़ से ज्यादा टॉयलेट बने, खुले में शौच की समस्या लगभग खत्म हो गई. यह सफलता सिर्फ पैसे से नहीं, बल्कि लोगों की सोच बदलने से आई.
जल शक्ति अभियान: पानी बचाने के लिए सरकार ने &#039;कैच द रेन&#039; जैसे अभियान चलाए, जहां पंचायतों, कम्युनिटी ग्रुप्स और स्थानीय लोगों को खुद पानी स्टोरेज और संरक्षण के काम में जोड़ा गया.
डिजिटल पेमेंट्स: भारत UPI में दुनिया का लीडर कैसे बना? सरकार ने डिजिटल पेमेंट्स को सिर्फ शहरी इलाकों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि छोटे किराना स्टोर, सब्जी वालों, ऑटो वालों को भी डिजिटल बनाया. आज देश में UPI से 300-314 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का लेन-देन होता है, जो पिछले सालों की तुलना में सैकड़ों गुना ज्यादा है.
कोविन से लेकर डिजीलॉकर: कोविड के दौरान 220 करोड़ से ज्यादा वैक्सीन डोज कोविन के जरिए लगाई गईं, जो एक ग्लोबल मॉडल बन गया. वहीं, आज डिजीलॉकर पर 70 करोड़ से ज्यादा यूजर्स रजिस्टर्ड हैं और 850 करोड़ से ज्यादा डॉक्यूमेंट्स स्टोर हैं.
इकोनॉमी: 2014 में &#039;फ्रेजाइल फाइव&#039; से 2026 में दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था तक का सफर

जब मोदी सरकार 2014 में आई, तो इकोनॉमी 5% से भी कम ग्रोथ रेट पर थी. इनवेस्टर एंग्जाइटी, पॉलिसी पैरालिसिस और भ्रष्टाचार के बड़े-बड़े घोटालों ने निर्णय लेने की क्षमता को फ्रीज कर दिया था. लेकिन आज 2026 में, देश 7.7% की GDP ग्रोथ के साथ दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है.
साल-दर-साल कैसे बदलती गई भारत की तस्वीर?
पहला टर्म (2014-2019)&amp;ndash; नींव रखने का दौर

2014 (पहला ही साल): जन धन योजना लॉन्च की गई. आज 58 करोड़ से ज्यादा अकाउंट खुल चुके हैं, जिनमें से 56% से ज्यादा अकाउंट महिलाओं के हैं और 67% ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में हैं. यह डायरेक्टर बेनेफिट ट्रांसफर (DBT) की रीढ़ बनी.
2015: डिजिटल इंडिया की नींव रखी गई. यह &#039;प्लेटफार्म स्टेट&#039; की तरफ पहला कदम था. उसी साल प्रधानमंत्री मुद्रा योजना भी शुरू हुई.
2016: बड़ा झटका- नोटबंदी. इस फैसले ने डिजिटल ट्रांजेक्शन और कालेधन के खिलाफ मुहिम को तेज कर दिया. उसी साल स्टार्टअप इंडिया के साथ एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा दिया.
2017: गुड्स एंड सर्विस टैक्स (GST) लागू हुआ. वह सुधार जो 1980 के दशक से हर पिछली सरकार को लाने में नाकाम रही थी. इससे 30 राज्यों के सेमी-सेपरेट मार्केट्स को एक सिंगल मार्केट में मिला दिया गया.
2018: आयुष्मान भारत ने नए आयाम रचे. दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी स्वास्थ्य बीमा योजना लॉन्च हुई.
2019: अनुच्छेद 370 को हटाया गया. भारत के राजनीतिक एकीकरण का अधूरा काम पूरा हुआ.

दूसरा टर्म (2019-2024)- संकट का दौर और बाद में तेज रफ्तार

2020: गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत गरीबों के लिए फूड सिक्योरिटी सुनिश्चित की गई. कोविड में 80 करोड़ से ज्यादा लोगों को मुफ्त राशन दिया गया.
2021: गति शक्ति योजना ने इंफ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग और एग्जीक्यूशन को बदल दिया.
2022: अग्निपथ स्कीम ने आर्मी में भर्ती के तौर-तरीकों में बड़ा बदलाव किया.
2023: महिला आरक्षण बिल पारित हुआ, जिससे विधानसभाओं और लोकसभा में महिलाओं के लिए सीटें रिजर्व होंगी.
2024: अयोध्या में राम मंदिर का भव्य निर्माण कराया, जो 500 साल बाद पूरा हुआ. इसी साल लोकसभा चुनाव में बीजेपी को 240 सीटों के साथ बहुमत नहीं मिला, लेकिन NDA के साथ मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री बने.

तीसरा टर्म (2024-वर्तमान)- तेजतर्रार रिफॉर्म्स का दौर
2025: सालभर में कई बड़े कदम उठाए गए:

GST 2.0 के जरिए टैक्स सिस्टम को सरल और कंप्लायंस को आसान बनाया गया.
शांति बिल के जरिए न्यूक्लियर एनर्जी सेक्टर को प्राइवेट पार्टिसिपेशन के लिए खोला गया.
एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंडको दोगुना करके 2 लाख करोड़ रुपए किया गया.
लाल सिंड्रोम (माओवाद) पर अंकुश लगाने के लिए ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान आधारित आतंक को अब युद्ध के अधिनियम की तरह ट्रीट किया गया.
नक्सलवाद को बेअसर करने के लिए संरचनात्मक कार्रवाई करते हुए विकास कार्यों को गति दी गई.

2026: सरकार ने अपने 12वें साल में भी रफ्तार नहीं छोड़ी:

फरवरी 2026: &#039;सेवा तीर्थ&#039; दफ्तर के उद्घाटन के तुरंत बाद, मोदी ने चार बड़े कल्य ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 15:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Explained:, मोदी, ने, साल, में, कैसे, बना, दिया, भगवा, भारत, आखिर, कैसी, स्ट्रेटजी, रही, जो, पहले, किसी, को, नहीं, सूझी</media:keywords>
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        <title>मोदी सरकार के 12 साल को दुनिया ने माना लोहा, ग्लोबल लीडर्स बोले&amp; वैश्विक मुद्दों पर भारत बड़ी आवाज</title>
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        <description><![CDATA[ केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के 12 साल पूरे होने पर दुनियाभर के नेताओं ने उन्हें बधाई दी. वैश्विक नेताओं ने उनके बेहतरीन शासन, विकासशील देशों के लिए उनकी आवाज उठाने और एक मजबूत भारत के उनके विजन की तारीफ की है. इसे लेकर बीजेपी ने सरकार की प्रमुख उपल्बधियों, सुधार और कल्याणकारी पहलों को प्रदर्शित करने के लिए एक राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू किया है.
श्रीलंका के राष्ट्रपति ने पीएम मोदी को भेजा बधाई संदेश
श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने 8 जून 2026 को पत्र लिखकर पीएम मोदी को बधाई दी. उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के लोगों का पीएम मोदी पर अटूट भरोसे को दिखाता है. उन्होंने भारत में हुए आर्थिक और सामाजिक बदलावों की सराहना की और कहा कि पीएम मोदी का विज़न श्रीलंका सहित कई देशों को प्रेरित करता है.
पीएम मोदी ने 4-6 अप्रैल 2025 को श्रीलंका का दौरा किया था. इस दौरान उन्हें श्रीलंका का सर्वोच्च नागरिक सम्मान &#039;मित्र विभूषण&#039; दिया गया था. भारत ने पड़ोसी पहले (Neighbourhood First) की नीति के तहत 2022 के आर्थिक संकट में श्रीलंका की बड़ी मदद की थी.
पापुआ न्यू गिनी बताया &#039;रोल मॉडल&#039;
पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्री जेम्स मारापे ने वीडियो संदेश में पीएम मोदी को नेतृत्व का एक आदर्श उदाहरण और रोल मॉडल बताया. पीएम मोदी के काम का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारत में 20 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी से बाहर निकालना एक अद्भुत और ऐतिहासिक काम है. पीएम मोदी ने मई 2023 में पापुआ न्यू गिनी का ऐतिहासिक दौरा किया था. वे वहाँ जाने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री थे. उन्होंने वहां भारत-प्रशांत द्वीप सहयोग मंच (FIPIC-III) के शिखर सम्मेलन में भाग लिया था.
&#039;वैश्विक मुद्दों पर भारत बड़ी आवाज&#039;
त्रिनिदाद और टोबैगो की प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर ने बधाई देते हुए कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक मुद्दों पर एक प्रमुख आवाज बनकर उभरा है. उन्होंने पीएम मोदी के एक साधारण पृष्ठभूमि से उठकर 140 करोड़ लोगों के देश का लगातार तीन बार नेतृत्व करने के सफर की सराहना की. साथ ही भारत की विदेश नीति, आर्थिक तरक्की और इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास को सराहा.
पीएम मोदी ने 3-4 जुलाई 2025 को त्रिनिदाद और टोबैगो का दौरा किया था. 26 सालों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री का यह पहला द्विपक्षीय दौरा था. यह दौरा त्रिनिदाद और टोबैगो में भारतीय प्रवासियों के आगमन की 180वीं वर्षगांठ के अवसर पर हुआ था.
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        <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 23:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>मोदी, सरकार, के, साल, को, दुनिया, ने, माना, लोहा, ग्लोबल, लीडर्स, बोले-, वैश्विक, मुद्दों, पर, भारत, बड़ी, आवाज</media:keywords>
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        <title>TMC MLA Sabyasachi Dutta: कोलकाता में TMC के पूर्व विधायक सब्यसाची दत्ता पर फिर फेंके गए अंडे, कोर्ट परिसर के बाहर हंगामा</title>
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        <guid>https://hindi.attentionindia.com/tmc-mla-sabyasachi-dutta-कोलकाता-में-tmc-के-पूर्व-विधायक-सब्यसाची-दत्ता-पर-फिर-फेंके-गए-अंडे-कोर्ट-परिसर-के-बाहर-हंगामा</guid>
        <description><![CDATA[ कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व विधायक और बिधाननगर नगर निगम के पूर्व अध्यक्ष सब्यसाची दत्ता पर कोर्ट से बाहर लाए जाते समय एक बार फिर अंडे फेंके गए. इससे पहले भी उन्हें अदालत ले जाते समय प्रदर्शनकारियों ने निशाना बनाया था. सब्यसाची दत्ता को मंगलवार को कथित जबरन वसूली और आपराधिक धमकी के मामले में गिरफ्तार किया गया था. पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के रायगाछी स्थित उनके घर से पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया. यह कार्रवाई एक व्यापारी की शिकायत के आधार पर की गई, जिसने दत्ता पर जबरन वसूली से जुड़ी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया था. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की और मामले की जांच शुरू कर दी.
पूर्व नगर प्रमुख रहे सब्यसाची दत्ता ने 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बारासात सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा. अब जांच आगे बढ़ने के साथ उन्हें बिधाननगर अदालत में पेश किया गया. अदालत में पेशी के दौरान माहौल काफी तनावपूर्ण रहा. पुलिस जब उन्हें अदालत लेकर जा रही थी, तब पुलिस स्टेशन और अदालत परिसर के बाहर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए. इसी दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने उन पर अंडे और टमाटर फेंके. अदालत परिसर के बाहर भी विरोध जारी रहा और वहां मौजूद लोगों में काफी नाराजगी देखी गई.

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सब्यसाची दत्ता के चेहरे पर गोबर भी पोत दिया
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, हंगामे के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर सब्यसाची दत्ता के चेहरे पर गोबर भी पोत दिया, जिससे अदालत परिसर में और अधिक तनाव का माहौल बन गया. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह मामला एक व्यवसायी की शिकायत से जुड़ा है. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सब्यसाची दत्ता ने जबरन वसूली की और आपराधिक धमकी दी. शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर राजारहाट इलाके में स्थित उनके फ्लैट से उन्हें गिरफ्तार किया. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने पुष्टि की कि उन्हें चल रही जांच के तहत हिरासत में लिया गया है.
सब्यसाची दत्ता पश्चिम बंगाल की राजनीति का जाना-पहचाना चेहरा
फिलहाल पुलिस ने आरोपों से जुड़ी ज्यादा जानकारी सार्वजनिक नहीं की है. माना जा रहा है कि रिमांड की कार्यवाही के दौरान अदालत में इस मामले से जुड़े अन्य तथ्यों पर भी चर्चा होगी. सब्यसाची दत्ता पश्चिम बंगाल की राजनीति का एक जाना-पहचाना चेहरा रहे हैं. उन्होंने पहले बिधाननगर नगर निगम के अध्यक्ष के रूप में काम किया था. वर्ष 2019 में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम लिया था. हालांकि कुछ समय बाद वे फिर से ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस में लौट आए. हाल ही में उन्होंने 2026 के विधानसभा चुनाव में बारासात सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन जीत हासिल नहीं कर सके.
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        <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 23:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>TMC, MLA, Sabyasachi, Dutta:, कोलकाता, में, TMC, के, पूर्व, विधायक, सब्यसाची, दत्ता, पर, फिर, फेंके, गए, अंडे, कोर्ट, परिसर, के, बाहर, हंगामा</media:keywords>
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        <title>DK Shivakumar Video: कर्नाटक के CM डीके शिवकुमार का अनोखा अंदाज! कार्यक्रम में समर्थकों पर फेंके सेब, वीडियो वायरल</title>
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        <description><![CDATA[ कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में वह कनकपुरा में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान सेब के टुकड़े लेकर वहां मौजूद लोगों की ओर फेंकते हुए दिखाई दे रहे हैं. यह वीडियो उनके कनकपुरा के होराहल्ली दौरे के दौरान रिकॉर्ड किया गया था, जहां समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया. स्वागत के दौरान स्थानीय लोगों ने उन्हें एक बड़ी &quot;गजमाला&quot; पहनाई, जो ताजे सेब और फूलों से बनाई गई एक पारंपरिक माला थी.
वीडियो में देखा जा सकता है कि डीके शिवकुमार माला से एक सेब निकालते हैं, उसका एक टुकड़ा खाते हैं और फिर बाकी सेब वहां मौजूद समर्थकों की ओर फेंकने लगते हैं. कार्यक्रम में मौजूद लोग भी उत्साह के साथ उनकी ओर से फेंके गए सेबों को पकड़ने की कोशिश करते दिखाई देते हैं. यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं. कुछ समर्थकों ने इसे जनता के साथ उनका सहज और स्नेहपूर्ण व्यवहार बताया है. उनका कहना है कि यह लोगों के साथ जुड़ने का एक अनौपचारिक तरीका था.

A video showing Karnataka Chief Minister DK Shivakumar interacting with supporters during a public event in Horahalli has sparked discussion on social media.In the viral clip, Shivakumar is seen plucking apples from a traditional fruit garland, taking a bite, and then tossing&amp;hellip; pic.twitter.com/rFigNwdRo9
&amp;mdash; Hate Detector ???? (@HateDetectors) June 9, 2026




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वीडियो पर लोगों ने दिया रिएक्शन
कई लोगों ने इस पर सवाल भी उठाए हैं. आलोचकों का कहना है कि किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में आधा खाया हुआ फल या खाने की चीज लोगों की ओर फेंकना उचित नहीं माना जा सकता. वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए एक सोशल मीडिया यूज़र ने लिखा, &#039;क्या डीके शिवकुमार खुद को भगवान समझते हैं? सेब की माला से एक टुकड़ा ऐसे निकाल रहे हैं जैसे वह भोग हो और उसे जनता में बांट रहे हों. यह कैसा तर्क है?&amp;rdquo;
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        <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 23:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Defence Land Solar Project: UP के सीतापुर में शुरू होगा मेगा ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दी मंजूरी, जानें पूरी बात</title>
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        <description><![CDATA[ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उत्तर प्रदेश के सीतापुर में रक्षा मंत्रालय की जमीन पर बनने वाले पहले बड़े सोलर पावर प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है. यह रक्षा विभाग की जमीन पर अपनी तरह का पहला नवीकरणीय ऊर्जा प्रोजेक्ट होगा, जिसमें सोलर पावर के साथ बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) की सुविधा भी होगी. माना जा रहा है कि यह परियोजना भविष्य में बनने वाले सोलर और एनर्जी स्टोरेज प्रोजेक्ट्स के लिए एक नया उदाहरण बनेगी.
इस परियोजना के तहत सीतापुर के एक्स-कैंटोनमेंट क्षेत्र में रक्षा मंत्रालय की लगभग 850 एकड़ खाली जमीन पर 250 मेगावाट क्षमता का सोलर पावर प्लांट लगाया जाएगा. इसके साथ बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम भी स्थापित किया जाएगा, जिससे बिजली को जरूरत के समय इस्तेमाल करने के लिए सुरक्षित रखा जा सकेगा. सरकार का कहना है कि यह परियोजना पूरे उत्तर प्रदेश में रक्षा प्रतिष्ठानों की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगी. साथ ही लंबे समय तक बिजली खरीद पर होने वाले खर्च में भी बड़ी बचत होगी, जिससे सरकारी खजाने पर आर्थिक बोझ कम होगा.

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खाली पड़ी डिफेंस प्लॉट का बेहतर इस्तेमाल
यह परियोजना रक्षा मंत्रालय की उस पहल का हिस्सा है, जिसके तहत खाली पड़ी डिफेंस प्लॉट का बेहतर इस्तेमाल किया जा रहा है. इस योजना को एनटीपीसी (NTPC) के माध्यम से विकसित किया जाएगा. परियोजना को लागू करने के लिए प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया अपनाई जा रही है, ताकि रक्षा प्रतिष्ठानों को सबसे बेहतर दर पर बिजली मिल सके और अधिकतम बचत हो. रक्षा मंत्रालय, सेना मुख्यालय (IHQ), डायरेक्टरेट जनरल डिफेंस एस्टेट्स (DGDE) और एनटीपीसी मिलकर इस परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए काम करेंगे. यह परियोजना राष्ट्रीय सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा, नई तकनीक और पर्यावरण संरक्षण जैसे कई महत्वपूर्ण लक्ष्यों को एक साथ आगे बढ़ाने का प्रयास है.
सोलर और बैटरी स्टोरेज आधारित प्रोजेक्ट्स के लिए जरूरी
सरकार का मानना है कि इस पहल से स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा, पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम होगी और रक्षा प्रतिष्ठानों के लिए लंबे समय तक स्थिर और सुरक्षित बिजली उपलब्ध हो सकेगी. परियोजना पूरी होने के बाद सीतापुर का यह सोलर पावर प्रोजेक्ट रक्षा मंत्रालय की जमीन पर बनने वाली देश की सबसे बड़ी नई ऊर्जा परियोजनाओं में शामिल होगा. साथ ही यह आने वाले &amp;nbsp;समय में रक्षा क्षेत्र में बनने वाले सोलर और बैटरी स्टोरेज आधारित प्रोजेक्ट्स के लिए एक महत्वपूर्ण मानक भी स्थापित करेगा.
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        <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 23:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>पीएम खुद रख रहे नजर... नीट रीएग्जाम पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने की NTA अधिकारियों से मीटिंग</title>
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        <description><![CDATA[ Dharmendra Pradhan on NEET Exam 2026: नीट यूजी पेपर लीक मामले में इस्तीफे की मांग के बीच केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान में मंगलवार को दोबारा से होने वाली परीक्षा को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा है कि दोबारा परीक्षा के बाद की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रहने चाहिए. इसके लिए सीबीआई जांच का काम सौंपा जाना चाहिए. पेपर लीक के बाद परीक्षा को रद्द कर दिया गया था, अब 21 जून को दोबारा से परीक्षा होना है.&amp;nbsp;
NTA के अधिकारियों से मिले शिक्षामंत्री
इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने एनटीए के मुख्यालय में अधिकारियों से मीटिंग की. साथ ही दोबारा होने वाली परीक्षा का जायजा लिया. प्रधान ने मीडिया से कहा कि सरकार ने एक हाई लेवल सिस्टम शुरू किया है, जिससे प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो सके.&amp;nbsp;
प्रधान ने बताया कि सीबीआई पेपर लीक मामले की गहराई से जांच कर रही है. भरोसा है कि सीबीआई गड़बड़ियों का पता लगा लेगी. मैंने सीबीआई से कहा है कि जो लोग दोषी पाए जाएं और पकड़े जाएं, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए. साथ ही इस मामले में फार्स्ट ट्रैक कोर्ट में तेजी से सुनवाई हो.&amp;nbsp;

खुद पीएम मोदी रख रहे हैं दोबारा होने वाली परीक्षा पर नजर: शिक्षामंत्री
शिक्षामंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि केंद्र सरकार यह पक्का करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है कि आने वाली दोबारा परीक्षा पूरी ईमानदारी के साथ हो सके. खुद पीएम इनपर नजर रख रहे हैं. उन्होंने कहा कि पहले भी कई चुनौतियां रही हैं. इस बार भी चुनौतियां हैं. मैं खुद स्वास्थ्य मंत्री से मिलूंगा. सभी राज्यों के मुख्यमंत्री सहयोग कर रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस परीक्षा के आयोजन पर नज़र रख रहे हैं. सभी को भरोसा रखना चाहिए कि पहले हुई गलतियां दोबारा नहीं दोहराई जाएंगी.
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प्रधान ने कहा कि केंद्र सरकार राष्ट्रीय स्तर के जरूरी मुद्दों से निपटने के लिए पूरी तरह से तालमेल बिठाकर काम कर रही है. सीनियर अधिकारी इसपर नजर रख रहे हैं. इसके अलावा उन्होंने बताया कि एनटीए नीट परीक्षा प्रक्रिया की कई बार समीक्षा की गई है. एनटीए ऑफिस का दौरा भी किया. मैंने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर सहयोग का अनुरोध किया है. हम पहले भी समर्थन मिला है. इस बार भी ज्यादा ध्यान दिया जाएगा. सभी राज्य अपनी अपनी तैयारियां कर रहे हैं. देश के 551 शहरों में परीक्षा आयोजित की जाएंगी.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 23:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>पीएम, खुद, रख, रहे, नजर..., नीट, रीएग्जाम, पर, शिक्षा, मंत्री, धर्मेंद्र, प्रधान, ने, की, NTA, अधिकारियों, से, मीटिंग</media:keywords>
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        <title>47 सालों के बाद लक्षद्वीप में शराब पर से क्यों हटाया गया बैन? केंद्र सरकार का इसके पीछे मकसद क्या?</title>
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        <description><![CDATA[ भारत सरकार ने हाल ही में केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप में पूर्ण शराबबंदी को खत्म करते हुए शराब की खरीद-बिक्री करने के लिए एक बार फिर से अनुमति दे दी है. केंद्र सरकार शुक्रवार (5 जून, 2026) को 47 साल पुराने लक्षद्वीप मद्यनिषेध विनियमन अधिनियम, 1979 को रद्द करते हुए केंद्र शासित प्रदेश में शराब की खरीद-बिक्री के लिए इस साल नया कानून लक्षद्वीप आबकारी विनियमन, 2026 लेकर आई है.
पिछले कानून के लागू होने के बाद द्वीपसमूह में शराब पर लगभग पूर्ण प्रतिबंध था, हालांकि कवरत्ती और बंगाराम आईलैंड्स् के सरकारी बार और टूरिस्ट रिजॉर्ट्स को सीमित तौर पर छूट दी गई थी. ऐसे में यह सवाल उठता है कि मुस्लिम बहुत केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप में 47 सालों के लंबे अंतराल के बाद शराब बिक्री की अनुमति क्यों दी गई?
लक्षद्वीप में शराब पर क्यों लगाया गया था बैन?
दरअसल, लक्षद्वीप में शराबबंदी 1979 में लागू की गई थी. चूंकि केंद्र शासित प्रदेश में मुस्लिम आबादी करीब 97 प्रतिशत है और इस्लाम में शराब पीने को निषिद्ध माना जाता है, इसलिए मुस्लिम बहुल आबादी को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया था. इसके चलते लक्षद्वीप भारत के उन चुनिंदा इलाकों में शामिल हो गया, जहां शराब की बिक्री पर बैन है.
कई दशकों तक अलग-अलग प्रशासनिक सरकारों ने भी इस बैन को बनाए रखा. उनका तर्क था कि यह स्थानीय सामाजिक परिस्थितियों और लोगों की पसंद के अनुरूप है. राजनीतिक दलों और सामुदायिक संगठनों ने भी शराब की उपलब्धता बढ़ाने के प्रस्तावों का विरोध किया और कहा कि यह स्थानीय सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं के अनुरूप नहीं होगा.&amp;nbsp;

लक्षद्वीप में शराब संबंधी नियम क्यों बदले गए?
वहीं, केंद्र शासित प्रदेश में इस बड़े बदलाव के पीछे सबसे बड़ा कारण लक्षद्वीप को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की केंद्र सरकार की योजना मानी जा रही है. दरअसव, अधिकारियों का लंबे समय से कहना था कि लक्षद्वीप में शराब पर लगे बैन की वजह से यह हिंद महासागर में मौजूद अन्य पर्यटन स्थलों के मुकाबले पर्यटकों को ज्यादा प्रभावित नहीं कर पाता था. दूसरी तरफ हिंद महासागर में हीं मौजूद मालदीव के टूरिस्ट रिसॉर्ट्स में शराब उपलब्ध होते हैं.
जनवरी 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लक्षद्वीप की यात्रा के दौरान कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर शेयर की थी, जिनमें वे स्थानीय लोगों से मिलते, समुद्र किनारों के सुंदर नजारों का आनंद लेते और स्नॉर्कलिंग करते दिखाई दिए थे. इसे लक्षद्वीप को विदेशी पर्यटन स्थलों के ऑप्शन के रूप में पेश करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना गया था.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ेंः लक्षद्वीप में फिर से बिकेगी शराब, भारत सरकार ने पूर्ण शराबबंदी कानून को किया खत्म, नियमों के साथ जारी किया आदेश ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 11:30:17 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>सालों, के, बाद, लक्षद्वीप, में, शराब, पर, से, क्यों, हटाया, गया, बैन, केंद्र, सरकार, का, इसके, पीछे, मकसद, क्या</media:keywords>
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        <title>TMC सांसद&amp;विधायकों के सुर हुए बागी! बंगाल की सियासत में मचा बवाल, क्यों टूट रही ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/tmc-सांसद-विधायकों-के-सुर-हुए-बागी-बंगाल-की-सियासत-में-मचा-बवाल-क्यों-टूट-रही-ममता-बनर्जी-की-तृणमूल-कांग्रेस</link>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस वक्त बड़ा बवाल मचा हुआ है. 15 सालों तक बंगाल की सत्ता में बनी रहने वाली ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) में इस वक्त विरोध, विद्रोह और फूट के सुर काफी ज्यादा सुनाई दे रहे हैं. चाहे बंगाल विधानसभा में पार्टी के विधायकों की बात हो, या संसद में टीएमसी के सांसदों की, राज्य के लेकर केंद्र तक पार्टी के नेताओं में सुर ममता बनर्जी से पूरी तरह विपरीत यानी बागी नजर आ रहे हैं.
दिल्ली में केंद्रीय मंत्री के घर जुटे कई टीएमसी सांसद
इसी कड़ी में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कई सांसद और नेता सोमवार (8 जून, 2026) की दोपहर में केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता भूपेंद्र यादव के आवास पर इकट्ठा हुए. इन नेताओं में सबसे बड़ा नाम सुखेंदु शेखर रॉय का था, जिन्होंने राज्यसभा सीट से हाल ही में अपना इस्तीफा दे दिया था. यूं तो पार्टी की ओर से इस मुलाकात को सिर्फ एक शिष्टाचार भेंट का नाम दिया गया है, लेकिन बंगाल की राजनीति की जानकार इस मुलाकात के पीछे छिपे दूसरे कारणों को बहुत करीब से देख रहे हैं, जिसका मतलब टीएमसी की भीतर ममता बनर्जी के खिलाफ बगावत है.
TMC नेताओं से मीटिंग करने पहुंचे CM शुभेंदु अधिकारी

वहीं, टीएमसी के बागी सांसद बाद में सोमवार (8 जून) की शाम एक बार फिर से सांसद शताब्दी रॉय के आवास पर जमा हुए. शताब्दी रॉय के आवास पर हुई टीएमसी नेताओं की मीटिंग की चर्चा इसलिए काफी ज्यादा होने लगी, क्योंकि इस मीटिंग पर खुद पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी शामिल हुए थे. शुभेंदु अधिकारी के साथ टीएमसी नेताओं की मीटिंग टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है. जबकि दूसरी तरफ टीएमसी सांसद काकोली घोष ने दावा किया है कि पार्टी के 20 सांसद बंगाल के विकास के लिए केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम करेंगे.
दिल्ली में सुखेंदु शेखर रॉय, तो राज्य में ऋतब्रत बनर्जी कर रहे बागियों का नेतृत्व
टीएमसी के भीतर राज्य से दिल्ली तक कई विधायक से लेकर सांसद तक बागी हो गए हैं. केंद्र में सुखेंदु शेखर रॉय बागी सांसदों का नेतृत्व कर रहे, तो राज्य में ऋतब्रत बनर्जी बागियों के नेता बनकर सामने आए हैं. बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी के 80 विधायक जीतकर सामने आए, लेकिन इस वक्त टीएमसी के 80 में से 60 विधायक ऋतब्रत बनर्जी के खेमे की तरफ जा चुके हैं और ममता बनर्जी के पास मात्र 20 विधायकों का ही समर्थन रह गया है. बंगाल विधानसभा में बागी टीएमसी नेताओं ने ऋतब्रत बनर्जी को अपने नेता विपक्ष के रूप में स्वीकार किया है.
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        <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 11:30:16 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>TMC, सांसद-विधायकों, के, सुर, हुए, बागी, बंगाल, की, सियासत, में, मचा, बवाल, क्यों, टूट, रही, ममता, बनर्जी, की, तृणमूल, कांग्रेस</media:keywords>
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        <title>सूरज से उठा महातूफान धरती से टकराने की ओर बढ़ा, आसमान में दुर्लभ नजारा, जानें भारत पर क्या असर</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/सूरज-से-उठा-महातूफान-धरती-से-टकराने-की-ओर-बढ़ा-आसमान-में-दुर्लभ-नजारा-जानें-भारत-पर-क्या-असर</link>
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        <description><![CDATA[ अमेरिकी एजेंसियों NASA और NOAA Space Weather Prediction Center ने G3 स्तर के इस भूचुंबकीय तूफान को लेकर चेतावनी जारी की है. इसका असर इतना मजबूत हो सकता है कि भारत के उत्तरी हिस्सों, खासकर लद्दाख में, नॉर्दर्न लाइट्स यानी अरोरा दिख सकते हैं. 8 जून की रात आसमान में एक दुर्लभ नजारा दिखने की संभावना है क्योंकि सूरज से निकला एक शक्तिशाली सोलर स्टॉर्म आज धरती से टकरा सकता है.
6 जून को सूरज की सतह पर Active Region 4461 नाम के क्षेत्र में M1.8 श्रेणी का सोलर फ्लेयर फटा था. इसके साथ ही एक विशाल प्लाज्मा बादल जिसे CME यानी Coronal Mass Ejection कहा जाता है अंतरिक्ष में निकला और अब तेज रफ्तार से धरती की ओर बढ़ रहा है. &amp;nbsp;
सूरज से उठे तूफान की स्पीड ने डराया
वैज्ञानिकों के अनुसार यह बादल करीब 1400 किलोमीटर प्रति सेकंड की रफ्तार से यात्रा कर रहा है और आज इसके धरती के मैग्नेटिक फील्ड से टकराने की संभावना है. इस सोलर स्टॉर्म को G3 यानी &amp;lsquo;Strong&amp;rsquo; श्रेणी में रखा गया है. आसान भाषा में समझें तो सोलर तूफानों को G1 से G5 तक मापा जाता है जिसमें G1 सबसे हल्का और G5 सबसे खतरनाक होता है.
G3 स्तर के तूफान में सैटेलाइट सिग्नल प्रभावित हो सकते हैं, GPS में गड़बड़ी आ सकती है, रेडियो संचार बाधित हो सकता है और कुछ जगहों पर पावर ग्रिड पर भी असर पड़ सकता है. एजेंसियों ने 8 जून के लिए G3 और 9 जून के लिए G2 स्तर का अलर्ट जारी किया है.
आसमान में दुर्लभ नजारा
इस घटना का सबसे दिलचस्प पहलू इसका दृश्य असर है. आज रात करीब 11:30 बजे से लेकर 9 जून की रात 2:30 बजे के बीच लद्दाख के हान्ले जैसे ऊंचे और अंधेरे इलाकों में अरोरा दिखने की संभावना सबसे ज्यादा मानी जा रही है. हान्ले करीब 4500 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है और यहां Indian Astronomical Observatory मौजूद है जहां जनवरी 2026 में भी अरोरा रिकॉर्ड किया गया था.
यह पहली बार नहीं है जब भारत की धरती से भी अरोरा देखने का मौका बन रहा हो. 2024 में लद्दाख के हान्ले स्थित Indian Astronomical Observatory में बड़े सोलर तूफानों के दौरान अरोरा रिकॉर्ड किया गया था. उस साल मई में G5 यानी एक्सट्रीम श्रेणी का भूचुंबकीय तूफान आया था जो पिछले दो दशकों में सबसे शक्तिशाली घटनाओं में से एक माना गया.
भारत के इन शहरों से दिखेगा नजारा
लद्दाख के अलावा नुब्रा वैली, पैंगोंग त्सो, कश्मीर के ऊंचे इलाके और उत्तराखंड की पहाड़ियों में भी हल्की लाल या गुलाबी चमक दिखाई दे सकती है लेकिन इसके लिए आसमान का साफ होना जरूरी है. वहीं दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे बड़े शहरों में यह नजारा देख पाना मुश्किल है क्योंकि यहां लाइट पॉल्यूशन बहुत ज्यादा है और मौसम भी बाधा बन सकता है.
दुनिया के अन्य हिस्सों में यह नजारा ज्यादा स्पष्ट दिख सकता है. स्कॉटलैंड, आइसलैंड, स्कैंडिनेवियाई देश, कनाडा और अमेरिका के उत्तरी राज्यों में अरोरा का शानदार दृश्य देखने को मिल सकता है. वहीं दक्षिणी गोलार्ध में न्यूजीलैंड, तस्मानिया और अर्जेंटीना-चिली के दक्षिणी हिस्सों में भी आसमान रंगीन हो सकता है.
सूरज से तूफान कब उठता है?
अरोरा तब बनता है जब सूरज से आए charged कण धरती के वायुमंडल की ऊपरी परत में मौजूद गैसों से टकराते हैं. इस प्रक्रिया में ऊर्जा निकलती है, जो हरे, लाल और बैंगनी रंग की रोशनी के रूप में आसमान में लहराती दिखाई देती है. यह नजारा विज्ञान और प्रकृति का अनोखा संगम है. हालांकि वैज्ञानिकों के अनुसार सोलर स्टॉर्म की सटीक तीव्रता और असर आखिरी समय में बदल सकता है. ऐसे में अरोरा दिखने की संभावना जरूर है लेकिन इसकी कोई पक्की गारंटी नहीं है. फिलहाल पूरी दुनिया की नजर आज रात आसमान पर टिकी हुई है.
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        <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 11:30:14 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>सूरज, से, उठा, महातूफान, धरती, से, टकराने, की, ओर, बढ़ा, आसमान, में, दुर्लभ, नजारा, जानें, भारत, पर, क्या, असर</media:keywords>
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        <title>कॉकरोच के बाद देश में लॉन्च हुई &amp;apos;इश्क करो पार्टी&amp;apos;, सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज ने बनाई, महुआ को ऑफर</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/कॉकरोच-के-बाद-देश-में-लॉन्च-हुई-इश्क-करो-पार्टी-सुप्रीम-कोर्ट-के-पूर्व-जज-ने-बनाई-महुआ-को-ऑफर</link>
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        <description><![CDATA[ कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के सुर्खियों में आने के बाद अब सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने नई पार्टी का गठन किया है. काटजू के अनुसार, &#039;इश्क करो पार्टी&#039; भारत के सामने मौजूद गंभीर समस्याओं से निपटने का एक गंभीर प्रयास करेगी. इतना ही नहीं काटजू ने टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा को भी अपनी नई पार्टी में शामिल होने का प्रस्ताव दिया.&amp;nbsp;
काटजू ने अपने फेसबुक पोस्ट में सीजेपी की जमकर आलोचना की और उसके संस्थापक को मूर्ख कहा. बता दें कि अभिजीत दीपके राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित नीट परीक्षाओं में खामियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं.
जस्टिस काटजू ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि लोग इस पार्टी को मजाक समझ सकते हैं. लड़कों और लड़कियों के बीच रोमांस को बढ़ावा देने के लिए एक तरह का वैलेंटाइन डे. उन्होंने आगे कहा कि लेकिन यह पूरी तरह से गलतफहमी है. भारत की गरीबी, बच्चों में कुपोषण, बेरोजगारी और इसी तरह की अन्य समस्याओं को लोगों के बीच &#039;एकता&#039; के जरिए दूर किया जा सकता है.

Aims and objectives of Ishq Karo PartyBy Justice Katju, patron of IKPSome people may think that the formation of the newly created IKP is a joke, a kind of Valentine&#039;s Day for promoting romance between boys and girls. But that is a total misconception.In fact it is a very&amp;hellip;
&amp;mdash; Markandey Katju (@mkatju) June 8, 2026



सभी लोगों के प्रति प्रेम (इश्क) रखना चाहिए- काटजूकाटजू ने कहा कि हमें जाति, धर्म, नस्ल आदि के भेदभाव के बिना अपने सभी लोगों के प्रति प्रेम (इश्क) रखना चाहिए, तभी हम आधुनिक सोच वाले नेताओं के नेतृत्व में एक शक्तिशाली जनसंघर्ष चला सकते हैं, ताकि हमारे लोग अपनी दयनीय स्थिति से मुक्ति पा सकें. उन्होंने नेताओं पर सत्ता के लालच में जनता की वास्तव में परवाह न करने का आरोप लगाया. उन्होंने आगे बताया कि आईकेपी का मकसद इस बुराई से लड़ना और अपने लोगों की एकता को बढ़ावा देना है. हमें जाति, धर्म, नस्ल आदि के भेदभाव के बिना अपने सभी लोगों के प्रति प्रेम (इश्क) रखना चाहिए.&amp;nbsp;

सीजेपी की जमकर आलोचना की6 जून को जब कॉकरोच जनता पार्टी ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया तो काटजू ने पार्टी की विचारधारा और उसके संस्थापक अभिजीत दिपके की आलोचना करते हुए कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे से कोई फर्क नहीं पड़ेगा. उन्होंने कहा कि अभिजीत दीपके के मूर्ख होने का प्रमाण इस बात से स्पष्ट है कि उनकी प्रमुख मांगों में से एक भारत के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है. अगर वह इस्तीफा दे देते हैं तो उनकी जगह कोई दूसरा मंत्री आ जाएगा. इससे क्या फर्क पड़ेगा?&amp;nbsp;
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Mahua Moitra On TMC: &#039;पहले इस्तीफा दें, फिर BJP के टिकट पर चुनाव लड़ें&#039;, महुआ मोइत्रा का बागी नेताओं पर तीखा हमला ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 11:30:13 +0530</pubDate>
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        <title>Monsoon Update: पीक पर पहुंचा मॉनसून, दिल्ली,  यूपी&amp;बिहार में कब होगी भयंकर बारिश, मौसम विभाग ने बता दी तारीख</title>
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        <description><![CDATA[ दक्षिण-पश्चिम मॉनसून अब लगातार आगे बढ़ रहा है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक मॉनसून ने अरब सागर के कई और हिस्सों के साथ-साथ महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना को भी कवर कर लिया है. आने वाले 7 दिनों में केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, पूर्वोत्तर राज्यों और पश्चिम बंगाल में भारी बारिश की संभावना है.
IMD के मुताबिक दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में 11 और 12 जून को तेज धूल भरी आंधी चलने की संभावना है. इस दौरान हवाओं की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है. कुछ इलाकों में ओले गिरने की भी आशंका है. पश्चिमी राजस्थान में धूलभरी आंधी का अलर्ट जारी किया गया है. 11 से 14 जून के बीच इन राज्यों में बारिश होने की संभावना है.&amp;nbsp;
यूपी-बिहार में कब होगी बारिशउत्तर प्रदेश में 10 से 14 जून के बीच बारिश का दौर शुरू हो सकता है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में 12 जून को तेज आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की गई है. इसके अलावा मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 9 से 14 जून तक कई स्थानों पर बारिश के आसार हैं. बिहार में 10 से 12 जून के बीच भारी बारिश हो सकती है, जबकि ओडिशा में 11 और 12 जून को जोरदार बारिश का अनुमान है. झारखंड, बिहार और गंगा के किनारे वाले पश्चिम बंगाल के क्षेत्रों में 10 से 12 जून तक आंधी-तूफान का खतरा बना रहेगा.

कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड का मौसमपहाड़ी राज्यों की बात करें तो जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 11 और 12 जून को गरज के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है. केरल और कर्नाटक में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है. आज (9 जून) दोनों राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु में 12 जून तक गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान है. इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है.&amp;nbsp;
नॉर्थ ईस्ट में लगातार बारिशनॉर्थ ईस्ट के राज्य असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले 7 दिनों तक यानी 14 जून तक लगातार भारी बारिश होने की संभावना है. इस दौरान मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है.
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कॉकरोच के बाद देश में लॉन्च हुई &#039;इश्क करो पार्टी&#039;, सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज ने बनाई, महुआ को ऑफर ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 11:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>‘फौरन कम करें तनाव’, ईरान&amp;इजरायल के ताजा मिलिट्री एक्शन से मिडिल ईस्ट में हड़कंप, भारत ने जारी की एडवाइजरी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/फौरन-कम-करें-तनाव-ईरान-इजरायल-के-ताजा-मिलिट्री-एक्शन-से-मिडिल-ईस्ट-में-हड़कंप-भारत-ने-जारी-की-एडवाइजरी</link>
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        <description><![CDATA[ मिडिल ईस्ट में इजरायल और ईरान के बीच दोबारा जंग शुरू होने क बाद भारत ने चिंता जाहिर की और दोनों पक्षों से तुरंत तनाव कम करने की अपील की है. तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए ईरान में मौजूद भारतीय दूतावास ने एडवाइजरी की है, जिसमें भारतीय नागरिकों को फिलहाल ईरान की यात्रा न करने की सलाह दी गई है. साथ ही, जो भारतीय इस समय ईरान में रह रहे हैं, उन्हें जल्द से जल्द किसी भी उपलब्ध साधन से देश छोड़ने के लिए कहा गया है.
फौरन कम करें तनाव: ट्रंप
विदेश मंत्रालय ने कहा, &#039;8 अप्रैल को हुए अस्थायी सीजफायर के बाद दोनों (ईरान-इजरायल) का एक-दूसरे पर पहली सीधी अटैक है. यह टकराव पिछले 100 से अधिक दिनों से चल रहा है, जिसकी वजह से न केवल आम लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है, बल्कि दुनिया की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति पर भी बहुत बुरा असर पड़ा है. सभी पक्ष नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बातचीत के जरिए शांतिपूर्ण हल निकालें.&#039;
इजरायल ने सोमवार (8 जून 2026) तेहरान की ओर से मिसाइल हमले के जवाब में मध्य और पश्चिमी ईरान में हवाई हमले किए. इससे पहले 7 अप्रैल को भारत ने एक एडवाइजरी जारी कर अपने नागरिकों से अगले 48 घंटे तक जहां हैं, वहीं रहने को कहा था.
अभी तक कितने भारतीय लौटे देश?
यह एडवाइजरी उस समय जारी किया गया था जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि यदि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की नाकेबंदी समाप्त नहीं की तो एक पूरी सभ्यता नष्ट हो जाएगी. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जंग शुरू होने के समय ईरान में लगभग 9,000 भारतीय मौजूद थे, जिनमें छात्र भी शामिल थे. अब तक करीब 1,800 भारतीय स्वदेश लौट चुके हैं.
लेबनान पर इजरायल के लगातार हमलों से गु्स्सा होकर रविवार (7 जून 2026) को ईरान ने इजरायल पर हमला किया. इजरायल ने अमेरिका की बात को दरकिनार करते हुए बिना किसी पूर्व चेतावनी के लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी इलाकों पर अचानक हवाई हमले कर दिए थे. इजरायल का दावा है कि उसने यह कदम इसलिए उठाया क्योंकि ईरान समर्थित हिज्बुल्लाह के लड़ाकों ने रविवार को ही इजरायल पर गोलीबारी की थी. ईरान लगातार यह मांग कर रहा है कि इस पूरे क्षेत्र में शांति के लिए लेबनान में युद्धविराम होना सबसे जरूरी है.
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        <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 19:30:11 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>‘फौरन, कम, करें, तनाव’, ईरान-इजरायल, के, ताजा, मिलिट्री, एक्शन, से, मिडिल, ईस्ट, में, हड़कंप, भारत, ने, जारी, की, एडवाइजरी</media:keywords>
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        <title>Assam Government: असम में मंत्रियों के विभागों का बंटवारा, CM हिमंत बिस्वा सरमा ने अपने पास रखे अहम मंत्रालय</title>
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        <description><![CDATA[ असम सरकार में मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा कर दिया गया है. मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्यपाल की मंजूरी के बाद मंत्रिपरिषद के सभी सदस्यों को उनके विभाग सौंप दिए गए हैं. मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा अपने पास कई महत्वपूर्ण विभाग रखेंगे, जिनमें गृह विभाग, राजनीतिक विभाग, लोक निर्माण विभाग (सड़क और भवन), राष्ट्रीय राजमार्ग, बिजली विभाग, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, प्रिंटिंग और स्टेशनरी विभाग शामिल हैं. इसके अलावा जो विभाग किसी अन्य मंत्री को नहीं दिए गए हैं, वे भी मुख्यमंत्री के पास रहेंगे.
अश्विनी राय सरकार को सामाजिक न्याय और अधिकारिता, मृदा संरक्षण तथा अल्पसंख्यक कल्याण एवं विकास विभाग की जिम्मेदारी दी गई है.अशोक सिंघल को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के साथ-साथ चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान विभाग का प्रभार सौंपा गया है.बिमल बोरा को सांस्कृतिक मामलों, उद्योग, वाणिज्य एवं सार्वजनिक उपक्रम विभाग और एक्ट ईस्ट पॉलिसी मामलों की जिम्मेदारी मिली है.बिस्वजीत दैमारी को हथकरघा, वस्त्र एवं रेशम उद्योग, खेल एवं युवा कल्याण, कौशल विकास, रोजगार एवं उद्यमिता तथा स्वदेशी और जनजातीय आस्था एवं संस्कृति विभाग दिए गए हैं.

With the approval of the Hon&amp;rsquo;ble Governor of Assam, I am pleased to announce the allocation of portfolios amongst the members of the Council of Ministers of the Government of Assam, as follows:1. Dr. Himanta Biswa Sarma, Chief Minister-Home &amp;amp; PoliticalPWD (Buildings &amp;amp;&amp;hellip;
&amp;mdash; Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) June 8, 2026




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किसको मिला कौन सा विभाग
जयंत मल्लाबरुआ वित्त विभाग के साथ-साथ पर्यावरण एवं वन तथा खान एवं खनिज विभाग की जिम्मेदारी संभालेंगे.कौशिक राय को खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले, आवास एवं शहरी विकास तथा सहकारिता विभाग सौंपे गए हैं.केशव महंत को राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, जलवायु परिवर्तन और सामान्य प्रशासन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है.कृष्णेंदु पॉल को लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, पहाड़ी क्षेत्र विकास और बराक घाटी विकास विभाग का प्रभार मिला है.नीलिमा देवी को पशुपालन एवं पशु चिकित्सा तथा मत्स्य पालन विभाग सौंपा गया है. पीयूष हजारिका कृषि, सिंचाई और संसदीय कार्य विभाग की जिम्मेदारी संभालेंगे.डॉ. रनोज पेगु को स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, मैदानी जनजातीय मामलों और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग दिया गया है.सुशांत बोरगोहेन को जल संसाधन और न्यायिक विभाग का प्रभार सौंपा गया है.
हिमंत बिस्वा सरमा सभी मंत्रियों को शुभकामनाएं दी
विभागों के बंटवारे के बाद मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सभी मंत्रियों को शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि पूरी मंत्रिपरिषद समर्पण और ईमानदारी के साथ मिलकर काम करेगी और असम के लोगों की सेवा करते हुए राज्य के विकास और समृद्धि को नई गति देगी.
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        <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 19:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Assam, Government:, असम, में, मंत्रियों, के, विभागों, का, बंटवारा, हिमंत, बिस्वा, सरमा, ने, अपने, पास, रखे, अहम, मंत्रालय</media:keywords>
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        <title>Exclusive: मिडिल ईस्ट में फिर शुरू हुई जंग! भारत के पास कितने दिन के कच्चे तेल का स्टॉक? हरदीप पुरी ने दिया जवाब</title>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच लगातार जारी युद्ध और तनाव की वजह से वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति पर संकट छाया हुआ है. वहीं, मिडिल ईस्ट में एक बार फिर से जंग के शुरू होने के बाद भारत सरकार ने देश में पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और लिक्वीफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) सिलेंडरों के दामों में भी ताजा बढ़ोत्तरी की है. इस बीच भारत के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पूरी ने बताया है कि इस गंभीर मुश्किल के समय देश के पास कितने दिन के कच्चे तेल का स्टॉक बना हुआ है. &amp;nbsp;&amp;nbsp;
देश में कितने दिनों का ऊर्जा स्टॉक मौजूद?
&amp;lsquo;इनसाइड आउड विथ मेघा प्रसाद&amp;rsquo; में एक्सक्लूसिव इंटरव्यू देते हुए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा, &amp;lsquo;इस वक्त देश में कच्चे तेल, नेचुरल गैस के साथ-साथ एलपीजी की कहीं कोई कमी नहीं है.&amp;rsquo; वहीं, जब उनसे पूछा गया कि पिछले 48 घंटे में मिडिल ईस्ट में गंभीर होते हालात के बाद देश में कच्चे तेल और गैर रिजर्व की क्या स्थिति रहेगी, इस पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अगर ऐसी कोई स्थिति 30 से लेकर 60 दिन भी बनी रही, तो हम उसे मैनेज कर लेंगे.

LIVE | हरदीप पुरी SUPER EXCLUSIVEदेखिए मेघा प्रसाद (@MeghaSPrasad) के साथ#HardeepSinghPuri #PetroleumMinister #Interview #ABPNews https://t.co/3gj3vh5fIU
&amp;mdash; ABP News (@ABPNews) June 8, 2026



उन्होंने कहा, &amp;lsquo;मैनेज करने का तरीका क्या होता है कि हम अपनी खपत में कमी कर लेंगे, लेकिन अभी हमारे स्थिति ऐसी नहीं है कि हमें किसी भी तरह के खपत में कोई कमी करनी पड़े और हमारे पास इस वक्त 60 दिन के कच्चे तेल का, 60 दिनों के नेचुरल गैस और 60 दिनों से ज्यादा का एलपीजी का पूरा स्टॉक रिजर्व है.&amp;rsquo;&amp;nbsp;
पेट्रोल, डीजल और एलपीजी के दामों पर बोले केंद्रीय मंत्री
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा, &amp;lsquo;भारत सरकार ने साल 2022 के फरवरी महीने में पिछली बार पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाए थे. उसके बाद कई समस्याओं और चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन फिर भी दाम नहीं बढ़े. इस दौरान फरवरी, 2022 से अभी 2026 तक दुनिया के बड़े युद्ध हो चुकी हैं, जिसमें 2022 से रूस-यूक्रेन युद्ध और इस साल 28 फरवरी से अमेरिका-इजरायल और ईरान का युद्ध के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में नाकेबंदी है.
उन्होंने कहा कि इस समय जापान के अलावा भारत इकलौता ऐसा देश है, जिसनें उपभोक्ताओं के लिए इतने कम पेट्रोल, डीजल और एलपीजी के दाम बढ़ाए हैं. उन्होंने कहा कि ऐसा होने के पीछे वजह है कि पीएम मोदी ने तीन बार सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी कम की है, जो पहली बार नबंवर, 2021 में हुई, दूसरी मई, 2022 में और तीसरी बार अभी हाल ही में कुछ दिनों पहले हुई.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ेंः LPG Price Hike: एलपीजी गैस सिलेंडर और होगा महंगा, केंद्र सरकार ने कर दिया साफ, कारण भी बता दिया ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 19:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Exclusive:, मिडिल, ईस्ट, में, फिर, शुरू, हुई, जंग, भारत, के, पास, कितने, दिन, के, कच्चे, तेल, का, स्टॉक, हरदीप, पुरी, ने, दिया, जवाब</media:keywords>
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        <title>ममता बनर्जी को बड़ा झटका, TMC के 20 सांसदों की लोकसभा स्पीकर को चिट्ठी, एनडीए को किया समर्थन</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/ममता-बनर्जी-को-बड़ा-झटका-tmc-के-20-सांसदों-की-लोकसभा-स्पीकर-को-चिट्ठी-एनडीए-को-किया-समर्थन</link>
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        <description><![CDATA[ Rebel TMC MPs To Support NDA: तृणमूल कांग्रेस प्रमुख Mamata Banerjee को बड़ा झटका लगा है. पार्टी के 20 सांसदों ने लोकसभा स्पीकर Om Birla को पत्र लिखकर एनडीए में शामिल होने की इच्छा जताई है. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, Kakoli Dastidar ने कहा कि उनके समेत 20 सांसदों ने बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए को समर्थन देने का फैसला किया है.
ममता को बड़ा झटका
काकोली दस्तीदार ने कहा कि वे पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों को स्वीकार करते हैं और मानते हैं कि उनका राजनीतिक भविष्य एनडीए के साथ अधिक सुरक्षित है. इससे पहले, पार्टी में टूट की अटकलों के बीच सुखेंदु रॉय और काकोली दस्तीदार के नेतृत्व में टीएमसी के 16 सांसदों ने Suvendu Adhikari से मुलाकात की थी.
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी विधायकों में यदि दो-तिहाई संख्या में टूट होती है, तो उन पर दल-बदल कानून लागू नहीं होगा. संविधान की दसवीं अनुसूची के अनुसार, लोकसभा में टीएमसी के कम से कम 19 सांसदों को पार्टी छोड़ना होगा, तभी यह प्रावधान प्रभावी माना जाएगा.

इससे पहले, Sukhendu Roy ने तृणमूल कांग्रेस से राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा देते हुए आरोप लगाया था कि Mamata Banerjee के नेतृत्व वाली सरकार भ्रष्टाचार और महिलाओं के खिलाफ अत्याचार में लिप्त रही है.
बागी सांसदों ने लोकसभा स्पीकर को लिखा पत्र
इन सांसदों ने लोकसभा में अलग बैठने की व्यवस्था के लिए भी स्पीकर को पत्र लिखा है. शुभेंदु अधिकारी से मिलने वाले सांसदों में काकोली दस्तीदार, पार्थ भौमिक, जगदीश बसुनिया, देव, शताब्दी रॉय, रचना बनर्जी, कालिपदा सोरेन, अरूप चक्रवर्ती, असित मल, शत्रुघ्न सिन्हा, प्रसुन बनर्जी, प्रतिमा मोंडल और बापा हलीदार शामिल हैं.
टीएमसी के बागी सांसदों ने भूपेंद्र यादव से की मुलाकात
तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी, पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी और कई वरिष्ठ सांसद जहां विपक्षी &amp;lsquo;इंडिया&amp;rsquo; गठबंधन के नेताओं की बैठक में शामिल हुए, वहीं ऐसी खबरें आईं कि करीब एक दर्जन असंतुष्ट तृणमूल कांग्रेस सांसद केंद्रीय मंत्री और भाजपा के पश्चिम बंगाल चुनाव प्रभारी भूपेंद्र यादव के मोतीलाल नेहरू मार्ग स्थित आवास पर इकट्ठे हुए. कई लोगों ने इस बैठक को इस बात का संकेत माना कि पार्टी के विधायकों में बगावत अब संसद तक पहुंच रही है, जिसमें राय भी शामिल हुए.
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        <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 19:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>ममता, बनर्जी, को, बड़ा, झटका, TMC, के, सांसदों, की, लोकसभा, स्पीकर, को, चिट्ठी, एनडीए, को, किया, समर्थन</media:keywords>
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        <title>देश के पास 60 दिनों का तेल&amp;गैस रिजर्व भंडार, हरदीप पुरी ने बताया संकट से बचने का &amp;apos;मेगा प्लान&amp;apos;</title>
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        <description><![CDATA[ मिडिल ईस्ट में तनाव और संघर्ष की स्थिति लगातार बनी हुई है. बीते लगभग 100 दिनों से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने की वजह से दुनिया के कई देशों में कच्चे तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हुई है. इसका असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों पर भी देखने को मिल रहा है. भारत भी इस स्थिति से पूरी तरह अछूता नहीं है, क्योंकि देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है.
देश में बढ़ती ईंधन कीमतों और तेल-गैस की उपलब्धता को लेकर केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी एबीपी न्यूज के साथ एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में भारत का लगभग 90 प्रतिशत कच्चा तेल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते आता है. इसके अलावा देश अपनी करीब 60 प्रतिशत एलपीजी गैस भी इसी मार्ग से आयात करता है. उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी निर्भरता के बावजूद भारत उन देशों में शामिल है जहां पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमतों में अपेक्षाकृत कम बढ़ोतरी हुई है. उन्होंने दावा किया कि जापान के बाद भारत दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है, जिसने गैस, पेट्रोल-डीजल के दाम सबसे कम बढ़ाए हैं.

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तेल और गैस के बारे में &amp;nbsp;हरदीप सिंह पुरी ने क्या कहा?
तेल और गैस के भंडार को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत पूरी तरह तैयार है और किसी तरह की घबराहट की जरूरत नहीं है. उन्होंने बताया कि देश के पास फिलहाल लगभग 60 दिनों के लिए तेल और गैस का रिजर्व मौजूद है. अगर सप्लाई में किसी प्रकार की रुकावट आती है, तब भी यह भंडार देश की जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगा और आवश्यक सेवाओं पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा.
हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि फरवरी 2022 से लेकर अब तक भारत ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में हुए उतार-चढ़ाव के बावजूद घरेलू बाजार में स्थिति को काफी हद तक संतुलित रखा है. सरकार ने सप्लाई चेन को मजबूत बनाए रखा और ईंधन की उपलब्धता में कोई बड़ी कमी नहीं आने दी. उन्होंने कहा कि वैश्विक बाजार की परिस्थितियों के अनुसार प्रतिक्रिया देना जरूरी होता है, लेकिन मौजूदा समय में घबराने जैसी कोई स्थिति नहीं है और हालात नियंत्रण में हैं.
एलपीजी गैस की प्रोडक्शन में बढ़ोतरी
हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि मौजूदा वक्त में देश में घरेलू स्तर पर एलपीजी गैस की प्रोडक्शन बढ़ा दी गई है. पहले 32000 मेट्रिक टन प्रोडक्शन होता था, जो अब बढ़कर 54 हजार पहुंच गया है. उन्होंने आगे कहा कि इस साल से भारत अमेरिका से एलपीजी गैस खरीद रहा है. इसके अलावा और भी कई देश है, जहां से गैस को खरीदा जा रहा है.
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        <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 19:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>हत्या को अंजाम देने 1400 KM का सफर, DU प्रोफेसर देबस्मिता पॉल के मर्डर केस में बड़ा खुलासा, पुलिस के हत्थे चढ़े आरोपी</title>
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        <description><![CDATA[ Delhi University Professor Debasmita Paul Murder Case: दिल्ली में हुई डीयू की प्रोफेसर की हत्या के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. जानकारी सामने आई है कि प्रोफेसर की हत्या करने के लिए एक जोड़े ने 1400 किमी का सफर तय किया. यह घटना पूरी फिल्मी कहानी सी नजर आती है. पुलिस ने पश्चिम बंगाल के बर्दवान के रहने वाले रामप्रसाद दास और बनश्री दास नाम के एक जोड़े को गिरफ्तार किया है. इनपर आरोप है कि इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर देबस्मिता पॉल की हत्या की है.
पॉल से इन कपल का क्या रहा है कनेक्शन
जब इस पूरे मामले में गहन जांच की गई, तो कई आरोप इस दंपत्ति पर लगे हैं. दरअसल, प्रोफेसर की हत्या प्रॉपर्टी विवाद को लेकर की गई. आरोपी दिल्ली आए थे. इसके बाद उन्होंने पॉल के अपार्टमेंट में एक भारी चीज से उनपर हमला कर दिया फिर उनकी कलाई की नस भी काट दी. यह जोड़ा बर्दवान में पॉल के दादाजी के घर में किराएदार के तौर पर रहता था. दोनों को पुलिस की एक टीम ने बादमतला इलाके से पकड़ा है.&amp;nbsp;

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अधिकारियों ने पूरी घटना के बारे में क्या जानकारी दी?&amp;nbsp;अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि पाल घर के अंदर मृत अवस्था में पाई गई थी. उनके सिरपर गहरी चोट के निशान थे. उनकी कलाई की नसें भी कटी हुई थीं. उन्होंने यह भी कहा कि लूटपा का कोई संकेत नहीं मिला. क्योंकि घर में गहने और नकदी सुरक्षित पाए गए. पुलिस ने पश्चिम बंगाल के इस जोड़े को गिरफ्तार कर, दिल्ली यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर की हत्या का मामला महज तीन दिन में ही सुलझा लिया है. हत्यारों ने प्रॉपर्टी विवाद के चलते इस वारदात को अंजाम दिया. वह बंगाल से लगभग 1400 किमी का सफर कर इसे अंजाम देने दिल्ली पहुंचे थे.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 03:30:09 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>हत्या, को, अंजाम, देने, 1400, का, सफर, प्रोफेसर, देबस्मिता, पॉल, के, मर्डर, केस, में, बड़ा, खुलासा, पुलिस, के, हत्थे, चढ़े, आरोपी</media:keywords>
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        <title>CM हिमंत बिस्वा सरमा ने 16 मंत्रियों को दी बड़ी जिम्मेदारी, असम के 35 जिलों का बनाया ‘गार्जियन’</title>
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        <description><![CDATA[ असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार (7 जून, 2026) को राज्य के 35 जिलों के लिए 16 कैबिनेट मंत्रियों को गार्जियन मंत्री के रूप में नियुक्त करने की घोषणा की है. इन मंत्रियों की जिम्मेदारी उन्हें सौंपे गए जिलों के समग्र विकास के लिए विभिन्न सरकारी विभागों के साथ समन्वय स्थापित करने की होगी.
इसके साथ ही, वे आपातकालीन परिस्थितियों और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान उन जिलों के लिए मुख्य संपर्क व्यक्ति यानी पॉइंट पर्सन के रूप में कार्य करेंगे. दरअसल, यह घोषणा तब सामने आई है, जब असम में एक बार फिर से भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार बनने के बाद शुक्रवार (5 जून, 2026) को जब राज्य मंत्रिमंडल के विस्तार हुआ, तब मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा था कि नए मंत्रियों के बीच विभागों का आवंटन एक हफ्ते के भीतर कर दिया गया.
मुख्यमंत्री सरमा ने X पोस्ट में दी जानकारी

I am pleased to announce the allocations of Guardian Districts to the Hon&amp;rsquo;ble Ministers of the Government of Assam.The allocations are as follows-1. Shri Rameswar Teli &amp;ndash; Tinsukia, Jorhat2. Shri Atul Bora &amp;ndash; Kamrup (Metro), Dhemaji3. Shri Charan Boro &amp;ndash; Kokrajhar, Baksa,&amp;hellip;
&amp;mdash; Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) June 7, 2026



इस संबंध में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार (7 जून, 2026) की दोपहर में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर किया. जिसमें सरमा ने लिखा, &amp;lsquo;मुझे असम सरकार के कैबिनेट मंत्रियों को गार्जियन जिलों का आवंटन करते हुए खुशी हो रही है. मुझे विश्वास है कि मंत्री जिला प्रशासन के साथ मिलकर विकास और समृद्धि की हमारी यात्रा को और गति देंगे.&amp;rsquo;
किन-किन कैबिनेट मंत्रियों को सौंपी गई गार्जियन की जिम्मेदारी
सीएम हिमंत बिस्वा सरमा के X पोस्ट के मुताबिक, असम सरकार में कैबिनेट मंत्री रमेश्वर तेली को तिनसुकिया और जोरहाट, अतुल बोरा को कामरूप (मेट्रोपॉलिटन) और धेमाजी, चरण बोरो को कोकराझार, बक्सा और चिरांग और अजंता नियोग को मोरीगांव और कामरूप जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
इन चार नेताओं ने पिछले महीने 12 मई को सीएम सरमा के साथ मंत्री पद की शपथ ली थी और उन्हें विभाग भी सौंपे जा चुके हैं. वहीं, शुक्रवार (5 जून, 2026) को शपथ लेने वाले अन्य 12 मंत्रियों को अभी विभाग नहीं सौंपे गए हैं, लेकिन उन्हें भी गार्जियन जिलों के जिम्मेदारी सौंप दी गई है.
इन नेताओं में अश्विनी राय सरकार है, जिन्हें को बोंगाईगांव और बरपेटा, अशोक सिंघल को दरांग और धुबड़ी, बिमल बोरा को शिवसागर और चराइदेव, बिस्वजीत दैमारी को नलबाड़ी और सोनितपुर, जयंत मल्ला बरुआ को तामुलपुर और ग्वालपाड़ा, कौशिक राय को श्रीभूमि और हैलाकांडी, केशव महंत को दक्षिण सलमारा-मनकाचर और उत्तर लखीमपुर, कृष्णेंदु पॉल को दीमा हसाओ और कछार, नीलिमा देवी को बजाली और उदालगुड़ी, पीयूष हजारिका को नगांव, होजाई, कार्बी आंगलोंग और पश्चिम कार्बी आंगलोंग, रणोज पेगू को बिस्वनाथ और गोलाघाट और सुशांत बोरगोहेन को डिब्रूगढ़ और माजुली जिलों की जिम्मेदारी दी गई है.
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        <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 03:30:08 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>हिमंत, बिस्वा, सरमा, ने, मंत्रियों, को, दी, बड़ी, जिम्मेदारी, असम, के, जिलों, का, बनाया, ‘गार्जियन’</media:keywords>
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        <title>बॉर्डर पर अब नहीं करना होगा लंबा इंतजार, अमित शाह लॉन्च करेंगे नया &amp;apos;डिजिटल सिस्टम&amp;apos;, यात्रियों और कार्गो को मिलेगी एंड&amp;टू&amp;एंड सुविधा</title>
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        <description><![CDATA[ Amit Shah will Launch Land Port Managment System: नई दिल्ली में बेहतर और सुरक्षित बॉर्डर मैनेजमेंट के अपने वादे को पूरा करते हुए केंद्रीय गृहमंत्री और सहकारिता मंत्री अमित शाह मंगलवार 9 जून को नई दिल्ली के लैंड पोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम को लॉन्च करेंगे. इसे भारत की बॉर्डर इन्फ्रास्ट्रक्चर के डिजिटल बदलाव की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है.&amp;nbsp;
एक आधिकारिक प्रेस रिलीज की मानें तो यह प्लेटफॉर्म भारत के सभी लैंड पोर्ट्स को एक डिजिटल सिस्टम के तहत लाने के लिए बनाया गया है. ताकि इसे रियल टाइम लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट और रेगुलेटरी के मामले में एयरपोर्ट और सीपोर्ट के बराबर लाया जा सके.&amp;nbsp;
गृहमंत्री अमित शाह ने वादा किया है कि नया सिस्टम कार्गो और यात्रियों की प्रोसेसिंग के लिए एंडटूएंड डिजिटल वर्कफ्लो देगा. इनमें स्लॉट बुकिंग, पेमेंट, रियल टाइम ट्रैकिंग और सिंगल विंडो क्लीयरेंस जैसी सुविधाएं शामिल हैं. इससे कागजी कार्रवाई में होने वाली देरी खत्म होगी. बॉर्डर क्रांसिंग पर इंतजार का समय कम होगा.&amp;nbsp;
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बॉर्डर पर लगातार बढ़ी है आवाजाही
यह एक न्यूट्रल और ओपन प्लेटफॉर्म के तौर पर काम करेगा. एपीएमएस सरकारी एजेंसियों और प्राइवेट ऑपरेटरों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करेगा. इसे ICEGATE, ULIP और मोटर व्हीकल इकोसिस्टम के साथ पूरी तरह से जोड़ा जाएगा. इसे बॉर्डर मैनेजमेंट इंटरऑपरेबल और पारदर्शी बनेगा. यह लॉन्च ऐसे समय में हो रहा है, जब बॉर्डर पार गतिविधियां बढ़ रही है.&amp;nbsp;

2014-15 के बाद से लैंड पोर्ट्स के जरिए होने वाला EXIM (आयात-निर्यात) व्यापार लगभग 5,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 2024-25 में 82,800 करोड़ रुपये हो गया है. कार्गो वाहनों की आवाजाही 1.1 लाख से बढ़कर 6.69 लाख और यात्रियों की आवाजाही 1.7 लाख से बढ़कर 25.8 लाख हो गई है.
विज्ञप्ति में बताया गया है कि गृह मंत्रालय के तहत एक वैधानिक निकाय, लैंड पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (LPAI) वर्तमान में पाकिस्तान, नेपाल, भूटान, बांग्लादेश और म्यांमार के साथ भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर 15 लैंड पोर्ट्स का संचालन करती है. LPMS का लॉन्च 2047 के लिए भारत के विकसित भारत लक्ष्य की दिशा में एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है.
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        <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 03:30:07 +0530</pubDate>
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        <title>बंगाल हार के बाद पहली बार दिल्ली में ममता, DMK ने दिखाया ठेंगा, इंडिया गठबंधन की बैठक में कौन&amp;कौन होगा शामिल?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/बंगाल-हार-के-बाद-पहली-बार-दिल्ली-में-ममता-dmk-ने-दिखाया-ठेंगा-इंडिया-गठबंधन-की-बैठक-में-कौन-कौन-होगा-शामिल</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/बंगाल-हार-के-बाद-पहली-बार-दिल्ली-में-ममता-dmk-ने-दिखाया-ठेंगा-इंडिया-गठबंधन-की-बैठक-में-कौन-कौन-होगा-शामिल</guid>
        <description><![CDATA[ देश की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस के नेतृत्व में सोमवार (8 जून, 2026) को इंडिया गठबंधन की होने वाली बैठक को लेकर इस वक्त खूब चर्चा हो रही है. कांग्रेस पार्टी इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों के साथ कल सोमवार (8 जून, 2026) को नई दिल्ली स्थित संविधान क्लब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को ऊर्जा आपूर्ति संकट, LPG सिलेंडरों के बढ़ते दामों, सीबीएसई विवाद, नीट परीक्षा में गड़बड़ी के साथ-साथ 2029 के आगामी लोकसभा चुनावों की रणनीति पर मंथन करने और विपक्षी एकजुटता को मजबूत करने के विषय पर चर्चा करेगी.
हालांकि, विपक्षी गठबंधन के सहयोगी दलों की होने वाली अहम बैठक में तमिलनाडु के पूर्व सीएम एमके स्टालिन की पार्टी डीएमके ने न शामिल होने का फैसला किया है. डीएमके ने फिलहाल खुद को इस बैठक से अलग रखा है और उसने अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं कराने का फैसला किया है. जबकि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी पहली बार दिल्ली में आयोजित बैठक में शामिल होने वाली हैं. इंडिया गठबंधन की होने वाली इस बैठक को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्षी दलों के नेताओं की तरफ से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं हैं.
इंडिया गठबंधन की बैठक बहुत महत्वपूर्णः केसी वेणुगोपाल&amp;nbsp;

#WATCH | Delhi: On the INDIA bloc meeting tomorrow, Congress General Secretary (Organisation), KC Venugopal, says, &quot;After the meeting, we will tell the agenda. We are discussing the current political situation in the country. The way in which the Government of India is bulldozing&amp;hellip; pic.twitter.com/95Cxy8DTuz
&amp;mdash; ANI (@ANI) June 7, 2026



कांग्रेस पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा, &amp;lsquo;इंडिया गठबंधन की यह बैठक बहुत महत्वपूर्ण है. हम बैठक के बाद इसके पीछे के एजेंडे की जानकारी सार्वजनिक रूप से साझा करेंगे.&amp;rsquo; उन्होंने कहा, &amp;lsquo;इस बैठक में देश की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों पर चर्चा होगी. केंद्र सरकार जिस तरह से लोकतांत्रिक मूल्यों को दरकिनार कर रही है, उस भी विचार-विमर्श होगा. छात्रों से जुड़े मुद्दे भी चर्चा के प्रमुख विषय होंगे. इसके अलावा भी बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जानी है.
आए तो ठीक, नहीं तो उन्हें जबरन नहीं बुलाया जा सकताः उदित राज
कांग्रेस नेता उदित राज ने इंडिया गठबंधन की होने वाली अहम बैठक में डीएमके के शामिल न होने को लेकर बयान दिया है. उन्होंने कहा, &amp;lsquo;वे आते हैं, तो अच्छा है, नहीं तो फिर भी संविधान को और लोकतंत्र को बचाने की हमारी लड़ाई जारी रहेगी. उन्हें जबरन तो बुलाया नहीं जा सकता है.&amp;rsquo; उन्होंने कहा, &amp;lsquo;डीएमके की जो विचारधारा है, वो कहीं से भी आरएसएस और भारतीय जनता पार्टी (BJP) से मेल नहीं खाती है, तो आखिर में वो किसे ताकत देना चाहते हैं. इस देश में सिर्फ दो ही धूरी हैं, एक कांग्रेस और दूसरा बीजेपी. उन्हें किसी न किसी के साथ तो रहना ही है. अगर वे न्यूट्रल रहते हैं, तो ये बीजेपी को समर्थन देने जैसा ही होगा.&amp;rsquo;

#WATCH | Delhi: On the INDIA bloc meeting tomorrow, Congress leader Udit Raj says, &quot;... Our fight to save democracy and the Constitution will continue. Those who will come will be a good thing; we cannot force anyone to come. DMK&#039;s ideology does not match the BJP&#039;s in any way, so&amp;hellip; pic.twitter.com/QTFRCZ96X8
&amp;mdash; ANI (@ANI) June 7, 2026



उन्होंने आम आदमी पार्टी (AAP) पर टिप्पणी करते हुए कहा, &amp;lsquo;जहां तक आम आदमी पार्टी की बात है, तो वो तो भाजपा का बाई-प्रोडक्ट है. वो ये न भूलें कि अन्ना आंदोलन अपने आप में कुछ नहीं था और अरविंद केजरीवाल भी अपने आप में कुछ नहीं थे. उनके पीछे आरएसएस और भाजपा का समर्थन था, जिसकी वजह से वो खड़े हो गए थे. तो ऐसे में अगर आम आदमी पार्टी कांग्रेस या इंडिया गठबंधन के साथ नहीं आती है, तो वे परोक्ष रूप से भाजपा की मदद ही कर रहे हैं.&amp;rsquo;
क्या विपक्ष को छात्रों, बढ़ती महंगाई की चिंता नहीं होनी चाहिएः मनोज
वहीं, राजद से राज्यसभा सांसद मनोज कुमार झा ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा, &amp;lsquo;इस वक्त देश के लिए सबसे महत्वपूर्ण विषय पश्चिम एशिया और ईरान में जो हो रहा है और उसका असर भारत पर क्या हो रहा है, वो है. चंद घंटों पहले LPG सिलेंडर के दाम में 29 रुपये की वृद्धि हुई है, ये मार किस पर पड़ रही है, निम्न आय वर्ग और मध्यम वर्ग पर. क्या इस बात की चिंता देश के विपक्ष को नहीं करनी चाहिए?&amp;rsquo;

#WATCH Delhi: On the INDIA bloc meeting tomorrow, RJD MP Manoj Kumar Jha says, &quot;... The price of LPG cylinders has increased by Rs 29. Shouldn&#039;t the opposition be concerned about this? Shouldn&#039;t the opposition be concerned about the tampering with the future of students and&amp;hellip; pic.twitter.com/qyOUDM2gvX
&amp;mdash; ANI (@ANI) June 7, 2026



उन्होंने कहा, &amp;lsquo;यहां छात्रों और नौजवानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है, क्या इसकी चिंता विपक्ष को नहीं करनी चाहिए? मैं समझता हूं कि इस संदर्भ में कल होने वाली इंडिया गठबंधन की मीटिंग को देखा जाएगा. क्योंकि आज की तारीख में यही राष्ट्रीय मुद्दे हैं &amp;ndash; बेरोजगारी, छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़, निम्न और मध्यम आय वर्ग की जिंदगी को तहस-नहस करने की कोशिश, सरकार का ढुलमूल रवैया और उसके अलावा संस्थाओं और संस्थानों पर जो कब्जे और आधिपत्य की प्रवृति है वो.&amp;lsquo;
जहां कांग्रेस है, वहां कोई गठबंधन नहीं हो सकताः रेखा शर्मा
दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी (BJP) की नेता रेखा शर्मा ने इंडिया ब्लॉक की मीटिंग पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, &amp;lsquo;इंडिया गठबंधन जैसी कोई चीज अब नहीं रह गई है. हम सभी देख लिया कि जहां भी कोई ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 03:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>बंगाल, हार, के, बाद, पहली, बार, दिल्ली, में, ममता, DMK, ने, दिखाया, ठेंगा, इंडिया, गठबंधन, की, बैठक, में, कौन-कौन, होगा, शामिल</media:keywords>
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        <title>‘अभिषेक बनर्जी के लिए खड़े होकर ताली बजाना...’, TMC के बागी MLA ऋतव्रत बनर्जी ने खोले राज</title>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार मिलने के बाद से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर लगातार नेताओं और कार्यकर्ताओं में टूट और विरोध के सूर सुनाई दे रहे हैं. इस बीच टीएमसी के बागी विधायक ऋतब्रत बनर्जी ने रविवार (7 जून, 2026) को पार्टी के आंतरिक कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाते हुए अभिषेक बनर्जी से जुड़े गहरे राज खोले दिए हैं.
उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन की समीक्षा के लिए बुलाई गई बैठक में विधायकों को अभिषेक बनर्जी के सम्मान में खड़े होकर तालियां बजाने (स्टैंडिंग ओवेजन) के लिए कहा गया था.
बैठक में पार्टी को लेकर कोई प्रस्ताव नहीं थाः ऋतव्रत
इंडिया टुडे को दिए इंटरव्यू में टीएमसी के बागी विधायक ऋतब्रत बनर्जी की टिप्पणियों ने पार्टी के भीतर चल रहे मतभेदों को खुलकर सामने ला दिया. उन्होंने कहा कि 6 मई, 2026 को पश्चिम बंगाल के कालीघाट में हुई बैठक, जो चुनाव नतीजे आने के दो दिन बाद आयोजित की गई थी, में विधायक दल के प्रदर्शन की समीक्षा के बजाए सिर्फ अभिषेक बनर्जी को सम्मानित करने का प्रस्ताव रखा गया.
उन्होंने कहा, &amp;lsquo;विधायक दल को लेकर कोई प्रस्ताव नहीं था. सिर्फ एक ही प्रस्ताव था कि सब लोग खड़े होकर अभिषेक बनर्जी को स्टैंडिंग ओवेजन दें.&amp;rsquo; उन्होंने दावा करते हुए कहा, &amp;lsquo;कई विधायक ऐसा करने को लेकर सहज नहीं थे. हर कोई झिझक रहा था. मैं भी झिझक रहा था, लेकिन मेरे पास खड़ा न होने की हिम्मत नहीं थी. इसलिए मैं आधा ही खड़ा हुआ. मैं अपनी कुर्सी से पूरी तरह नहीं उठा.&amp;rsquo;&amp;nbsp;

चुनावी हार के बावजूद जीत का माहौल बनाया जा रहा थाः बनर्जी
टीएमसी के बागी विधायक ने आगे कहा, &amp;lsquo;हर कोई जानता है कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सबसे बड़ी जिम्मेदारी कौन है.&amp;rdquo; उनकी इस टिप्पणी को व्यापक रूप से अभिषेक बनर्जी की तरफ एक संकेत माना जा रहा है. उन्होंने यह भी दावा किया कि चुनावी हार के बावजूद पार्टी नेतृत्व जीत का माहौल बनाने की कोशिश कर रहा था.
ऋतब्रत बनर्जी ने कहा, &amp;lsquo;पार्टी कह रही थी कि हम चुनाव नहीं हारे हैं. हमने 80 सीटें जीती हैं. उस समय भाजपा ने 207 सीटें जीती थीं.&amp;rsquo; उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार यह प्रचार किया जा रहा था कि पार्टी वास्तव में 180 सीटें जीत चुकी है और 100 सीटें छीनी जा रही हैं.&amp;nbsp;
यह भी पढे़ंः TMC में बगावत के बाद ममता बनर्जी का बड़ा दांव, भतीजे अभिषेक के &#039;पर&#039; कतरे, डेरेक ओ&#039;ब्रायन को मिली ये जिम्मेदारी ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 03:30:06 +0530</pubDate>
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        <title>हरियाणा में 661 करोड़ का घोटाला, CBI ने चंडीगढ़ से दिल्ली तक छह ठिकानों पर की छापेमारी</title>
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        <description><![CDATA[ केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने शनिवार (6 जून) को IDFC फर्स्ट बैंक/AU फाइनेंस बैंक से जुड़े बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी मामले की जांच के सिलसिले में 6 परिसरों में तलाशी ली. यह मामला हरियाणा सरकार के 8 विभागों और चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश के 2 विभागों (चंडीगढ़ नगर निगम और क्रेस्ट चंडीगढ़) में सरकारी निधियों के गबन से संबंधित है.
तलाशी अभियान चंडीगढ़, पंचकूला और दिल्ली एनसीआर में स्थित परिसरों पर चलाया गया, जिनमें हरियाणा कैडर के वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और मेसर्स विपम कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशक के आवासीय परिसर शामिल हैं. यह तलाशी अनियमितताओं और अपराध की आय प्राप्त करने के संबंध में की गई.&amp;nbsp;
क्या है पूरा मामला
जांच के दौरान ऐसे सबूत सामने आए हैं जिनसे पता चलता है कि सरकारी कर्मचारियों ने बैंक अधिकारियों के साथ मिलीभगत करके खाते खोलने, धन हस्तांतरण और बाद में धन के गबन में सहायता की थी. आरोप है कि उन्होंने इस मिलीभगत और निष्क्रियता के बदले अनुचित लाभ प्राप्त किए. मेसर्स विपम कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड नोएडा, के खाते में अपराध की धनराशि प्राप्त हुई, जिसे बाद में निदेशक के निजी खाते में स्थानांतरित कर दिया गया. तलाशी अभियान के दौरान आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल उपकरण, संपत्ति दस्तावेज और अन्य संबंधित सामग्री जब्त की गई.

सीबीआई ने हरियाणा राज्य सतर्कता एवं एसीबी से एक मामला और चंडीगढ़ के आर्थिक अपराध पुलिस स्टेशन में दर्ज दो मामलों में जांच की. ये मामले आपराधिक साजिश, सरकारी धन के दुरुपयोग और बैंक अधिकारियों एवं सरकारी कर्मचारियों की मिलीभगत से किए गए संबंधित अपराधों से संबंधित हैं. हरियाणा सरकार के 8 विभाग और चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश के 2 विभाग, अर्थात् चंडीगढ़ नगर निगम और क्रेस्ट चंडीगढ़, इस धोखाधड़ी से प्रभावित हुए, जिसके परिणामस्वरूप 661 करोड़ रुपये का गबन हुआ.
पंचकूला स्थित सीबीआई कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल
प्रारंभिक जांच पूरी करने के बाद, सीबीआई ने पंचकूला स्थित सीबीआई न्यायालय में प्रथम आरोप पत्र दाखिल कर दिया है, जिसमें हरियाणा विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड और हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद (हरियाणा सरकार के दो विभागों) के लोक सेवकों की भूमिका का विस्तृत विवरण दिया गया है. आरोप पत्र में हरियाणा सरकार के आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू फाइनेंस बैंक में जमा सरकारी धन की धोखाधड़ी से हेराफेरी करने के तौर-तरीकों का भी स्पष्टीकरण दिया गया है.
तीनों मामलों में जांच सक्रिय रूप से जारी है और इसमें शामिल सभी लोगों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा रही है. अतिरिक्त आरोप पत्र जल्द ही दाखिल किया जाएगा. सीबीआई वित्तीय अपराधों और सार्वजनिक धन के दुरुपयोग की निष्पक्ष और गहन जांच के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है.
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        <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 15:30:19 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>हरियाणा, में, 661, करोड़, का, घोटाला, CBI, ने, चंडीगढ़, से, दिल्ली, तक, छह, ठिकानों, पर, की, छापेमारी</media:keywords>
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        <title>&amp;apos;हर सिलेंडर पर करीब 700 रुपये का नुकसान&amp;apos;, घरेलू गैस के दाम बढ़ने पर सरकार का आया बयान, PAK&amp;अमेरिका से की तुलना</title>
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        <description><![CDATA[ केंद्र सरकार ने घरेलू रसोई गैस सिलेंडर (LPG) की कीमत में 29 रुपये की बढ़ोतरी कर दी है. इस फैसले का बचाव करते हुए केंद्र सरकार ने सफाई भी जारी की है. सरकार ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतों में तेज उछाल के बावजूद भारत में परिवारों को रसोई गैस दुनिया के अन्य देशों की तुलना में सस्ती कीमत पर मिल रही है.&amp;nbsp;
दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत अब 942 हो गई है, जो पहले 913 रुपये थी. वहीं प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के लाभार्थियों को साल में चार बार 300 रुपये की सब्सिडी मिलने के बाद सिलेंडर ₹642 में उपलब्ध होगा. हालांकि, पिछले साल यह सब्सिडी साल में 9 बार देने की घोषणा की गई थी.&amp;nbsp;
ये भी पढ़ें- 942 रुपये के पार हुआ घरेलू सिलेंडर, जानिए दाम बढ़ने के बाद अब खाते में कितनी आएगी सब्सिडी?
LPG सिलेंडर में अब तक 89 रुपये की बढ़ोतरी
इससे पहले सात मार्च को घरेलू रसोई गैस के दाम 60 रुपये प्रति सिलेंडर बढ़ाए गए थे. इस तरह से 14.2 किलोग्राम के रसोई गैस सिलेंडर के दाम कुल मिलाकर 89 रुपये बढ़ चुके हैं. &amp;nbsp;ताजा बदलाव से पहले सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियों को प्रत्येक सिलेंडर की बिक्री पर 703 रुपये का नुकसान हो रहा था. सरकार ने बताया कि पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में आपूर्ति बाधित होने के कारण एलपीजी का वैश्विक बेंचमार्क &amp;lsquo;सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस&amp;rsquo; फरवरी के बाद लगभग 46 प्रतिशत बढ़ गया है. इसके चलते घरेलू एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति की वास्तविक लागत 1,600 रुपये से अधिक हो चुकी है.

तेल कंपनियों को करीब 60 हजार करोड़ का नुकसान: केंद्र
सरकार का कहना है कि घरेलू उपभोक्ता केवल 942 का भुगतान कर रहे हैं, जबकि शेष लागत का बड़ा हिस्सा सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियां और सरकार वहन कर रही हैं. सरकार के मुताबिक, घरेलू एलपीजी पर नुकसान पिछले वित्त वर्ष में बढ़कर लगभग₹60,000 करोड़ हो गया, जो एक वर्ष पहले 41,338 करोड़ थी. इस नुकसान की आंशिक भरपाई के लिए केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम कंपनियों को ₹30,000 करोड़ की क्षतिपूर्ति देने को मंजूरी दी है. &amp;nbsp; &amp;nbsp;
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पाकिस्तान, नेपाल और अमेरिका से कम है LPG के दाम: सरकार
सरकार ने यह भी कहा कि संकट के दौरान देश में एलपीजी की उपलब्धता बनाए रखने के लिए घरेलू उत्पादन में 60 प्रतिशत से अधिक वृद्धि की गई और अमेरिका, कनाडा तथा अल्जीरिया जैसे देशों से अतिरिक्त आयात की व्यवस्था की गई. सरकार का दावा है कि भारत में घरेलू एलपीजी की कीमतें पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका समेत कई देशों और अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया तथा कनाडा जैसे विकसित देशों की तुलना में अब भी कम हैं. सरकार के अनुसार, कीमतों में यह संशोधन उपभोक्ताओं को वैश्विक कीमतों के पूरे असर से बचाने और देशभर में रसोई गैस की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 15:30:17 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>हर, सिलेंडर, पर, करीब, 700, रुपये, का, नुकसान, घरेलू, गैस, के, दाम, बढ़ने, पर, सरकार, का, आया, बयान, PAK-अमेरिका, से, की, तुलना</media:keywords>
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        <title>TMC में बगावत के बाद ममता बनर्जी का बड़ा दांव, भतीजे अभिषेक के &amp;apos;पर&amp;apos; कतरे, डेरेक ओ&amp;apos;ब्रायन को मिली ये जिम्मेदारी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/tmc-में-बगावत-के-बाद-ममता-बनर्जी-का-बड़ा-दांव-भतीजे-अभिषेक-के-पर-कतरे-डेरेक-ओब्रायन-को-मिली-ये-जिम्मेदारी</link>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस बगावत से जूझ रही है, इसी को देखते हुए ममता बनर्जी ने पूरे संगठन को भंग कर दिया था. 5 जून को फिर से टीएमसी का संगठन बनाया गया है, जिसमें अभिषेक बनर्जी की जिम्मेदारियों को कम किया गया है. इसके अलावा&amp;nbsp;डेरेक ओ&#039;ब्रायन और डोला सेन को राष्ट्रीय संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया. ये दोनों नेता राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के सहयोगी होंगे.&amp;nbsp;
टीएमसी ने पश्चिम बंगाल प्रदेश तृणमूल कांग्रेस कमेटी के पुनर्गठन की भी घोषणा की है. जारी की गई सूची को ही प्रारंभिक नियुक्तियों के रूप में बताया गया है हालांकि बाद में और नाम जोड़े जाने की उम्मीद है. चंद्रिमा भट्टाचार्य को प्रदेश अध्यक्ष नामित किया गया है.
चंद्रिमा भट्टाचार्य बनीं बंगाल टीएमसी अध्यक्ष
वरिष्ठ नेता चंद्रिमा भट्टाचार्य को पश्चिम बंगाल प्रदेश तृणमूल कांग्रेस कमेटी का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है तो वहीं सुब्रता बख्शी राष्ट्रीय कार्यकारी समिति में उपाध्यक्ष के रूप में बने रहेंगे. पार्टी ने बंगाल इकाई के लिए चार उपाध्यक्षों के नाम भी घोषित किए. इनमें सजदा अहमद, ममता ठाकुर, नयना बंद्योपाध्याय और स्वाति खांडेकर शामिल हैं.
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राज्य महासचिवों की भी नियुक्ति
इसके अलावा टीएमसी ने राज्य महासचिवों की भी नियुक्ति की है. इनमें बाबर अली, पुलक रॉय, आशिमा पात्रा, अरूप बिस्वास और राजीब बनर्जी शामिल हैं. राज्य महासचिवों के अलावा नए कार्यकारी सदस्यों की भी नियुक्ति की गई है. इनमें ज्योतिप्रियो मुल्लिक, डॉ. राणा चटर्जी, बिदेश बोस, त्रिनंकुर भट्टाचार्य, जया दत्ता, तपस चटर्जी, वसुंधरा गोस्वामी और गौतम देब हैं.

सायोनी घोष को कौनसी जिम्मेदारी?
तृणमूल युवा कांग्रेस (टीएमवाईसी) का सायोनी घोष को अध्यक्ष नियुक्त किया गया है और मधुरिमा ठाकुर को महासचिव बनाया गया है. महिला तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी माला रॉय को सौंपी गई है. तृणमूल छात्र परिषद (टीएमसीपी) का अध्यक्ष प्रियंका अधिकारी को नियुक्त किया गया है.
इंडियन नेशनल तृणमूल ट्रेड यूनियन कांग्रेस (आईएनटीटीयूसी) का अध्यक्ष मोलॉय घटक को बनाया गया है. इसके अलावा हॉकर्स भारत सरकार विंग का अध्यक्ष मदन मित्रा को नियुक्त किया गया है. टीएमसी एससी/एसटी विंग के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी बिरबाहा हांसदा को सौंपी गई है.
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&#039;सुरक्षा कवर के दावे सच्चाई&amp;hellip;&#039;, सोशल मीडिया पर भड़के अभिषेक बनर्जी, जानें किसे और क्या दी नसीहत ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 15:30:16 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>TMC, में, बगावत, के, बाद, ममता, बनर्जी, का, बड़ा, दांव, भतीजे, अभिषेक, के, पर, कतरे, डेरेक, ओब्रायन, को, मिली, ये, जिम्मेदारी</media:keywords>
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        <title>&amp;apos;हम थलापति विजय की TVK को समर्थन देंगे, ये DMK को पहले ही बताया था&amp;apos;, INDIA ब्लॉक में घमासान के बीच चिदंबरम का दावा</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/हम-थलापति-विजय-की-tvk-को-समर्थन-देंगे-ये-dmk-को-पहले-ही-बताया-था-india-ब्लॉक-में-घमासान-के-बीच-चिदंबरम-का-दावा</link>
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        <description><![CDATA[ INDIA ब्लॉक की मीटिंग से पहले घमासान के बीच कांग्रेस के सीनियर नेता और पूर्व गृहमंत्री पी चिदंबरम ने कहा है कि उनकी पार्टी ने तमिलनाडु में थलापति विजय की पार्टी टीवीके को समर्थन देने से पहले डीएमके को इसकी जानकारी दे दी थी. तमिलनाडु में 23 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव में डीएमके के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ने वाली कांग्रेस, सरकार गठन के लिए टीवीके को समर्थन देने वाली पहली पार्टी थी.&amp;nbsp;
कांग्रेस ने टीवीके को अपने पांच विधायकों का समर्थन दिया, जिससे उसके लिए सरकार बनाना संभव हो सका. चिदंबरम ने शनिवार को एक न्यूज चैनल से कहा, &#039;यदि टीवीके सदन में बहुमत हासिल करने में विफल रहती, तो ऐसी स्थिति में हम एक और चुनाव टालना चाहते थे. गठबंधन सहयोगियों की भी यही व्यापक भावना थी. जनता भी दोबारा चुनाव नहीं चाहती थी.&#039;
चिदंबरम बोले- हमने गठबंधन के सहयोगियों को दी थी जानकारी
उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने टीवीके सरकार को समर्थन देने के अपने फैसले की जानकारी सीपीआई, वीसीके और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) सहित अन्य सहयोगी दलों को भी दी थी. चिदंबरम ने कहा, &#039;फर्क सिर्फ इतना है कि हमने टीवीके को समर्थन देने की घोषणा अपने सहयोगियों से एक दिन पहले कर दी थी.&#039;
ये भी पढ़ें- &#039;हर सिलेंडर पर करीब 700 रुपये का नुकसान&#039;, घरेलू गैस के दाम बढ़ने पर सरकार का आया बयान, PAK-अमेरिका से की तुलना
DMK ने कांग्रेस के इस कदम को बताया विश्वासघात
गठबंधन की चुनावी हार के तुरंत बाद उदयनिधि स्टालिन के नेतृत्व वाली डीएमके की यूथ विंग ने एक बैठक आयोजित कर प्रस्ताव पारित किया, जिसमें कांग्रेस पर द्रमुक के साथ &#039;विश्वासघात&#039; करने का आरोप लगाया गया. डीएमके के सीनियर नेता टी आर बालू ने भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने गठबंधन को वोट देने वाले लोगों के साथ धोखा किया है.&amp;nbsp;
विजय की टीवीके को मिली थीं 108 सीटें&amp;nbsp;
साल 2026 के विधानसभा चुनाव में अभिनेता-नेता विजय के नेतृत्व वाली टीवीके 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन वह साधारण बहुमत के लिए आवश्यक 118 सीटों के आंकड़े से पीछे रह गई. सरकार बनाने के लिए उसे कम से कम 10 और विधायकों के समर्थन की जरूरत थी. राज्य में पांच सीटें जीतने वाली कांग्रेस विपक्षी दलों में से सबसे पहले टीवीके के समर्थन में आई. इसके बाद वीसीके, भाकपा और माकपा ने भी समर्थन दिया, जिनके पास दो-दो विधायक थे. इन दलों के समर्थन से टीवीके बहुमत का आंकड़ा पार करने में सफल रही और सरकार बनाने का दावा पेश कर सकी.
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        <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 15:30:14 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>हम, थलापति, विजय, की, TVK, को, समर्थन, देंगे, ये, DMK, को, पहले, ही, बताया, था, INDIA, ब्लॉक, में, घमासान, के, बीच, चिदंबरम, का, दावा</media:keywords>
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        <title>&amp;apos;हिटलर से प्रेरित होकर...&amp;apos;, तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी का HYDRAA को लेकर विवादित बयान, भड़की बीजेपी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/हिटलर-से-प्रेरित-होकर-तेलंगाना-cm-रेवंत-रेड्डी-का-hydraa-को-लेकर-विवादित-बयान-भड़की-बीजेपी</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/हिटलर-से-प्रेरित-होकर-तेलंगाना-cm-रेवंत-रेड्डी-का-hydraa-को-लेकर-विवादित-बयान-भड़की-बीजेपी</guid>
        <description><![CDATA[ HYDRAA Controversy:&amp;nbsp;तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का एक बयान राजनीतिक विवाद का कारण बन गया है. रेवंत रेड्डी ने हैदराबाद डिजास्टर रिस्पॉन्स एंड एसेट प्रोटेक्शन एजेंसी (HYDRAA) के नाम को लेकर ऐसा दावा किया, जिस पर भाजपा और बीआरएस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. भाजपा ने मुख्यमंत्री के बयान को कांग्रेस की &quot;हिटलर और आपातकाल वाली मानसिकता&quot; का उदाहरण बताते हुए उनसे माफी मांगने की मांग की है.
बेंगलुरु कार्यक्रम में दिया बयान
शनिवार को बेंगलुरु में आयोजित एक कार्यक्रम में बातचीत के दौरान रेवंत रेड्डी ने दावा किया कि HYDRAA नाम और इसकी अवधारणा को लेकर उन्हें प्रेरणा मिली थी. रेड्डी ने कहा कि &quot;हाइड्रा&quot; हिटलर का पसंदीदा शब्द था और उसकी मुख्य टीम को भी हाइड्रा कहा जाता था, जो किसी की भी हत्या कर सकती थी. उन्होंने कहा कि इसी से प्रेरित होकर उन्होंने एजेंसी का नाम HYDRAA रखा.
हालांकि इतिहास के जानकारों ने इस दावे पर सवाल उठाए हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि हिटलर की किसी टीम को &quot;हाइड्रा&quot; कहे जाने का कोई ऐतिहासिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है. उनका कहना है कि &quot;हाइड्रा&quot; शब्द का संबंध द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान ब्रिटिश रॉयल एयर फोर्स के एक सैन्य अभियान से जुड़ा रहा है.
भाजपा ने कांग्रेस पर साधा निशाना
रेवंत रेड्डी के बयान के बाद भाजपा ने कांग्रेस और तेलंगाना सरकार पर हमला तेज कर दिया. भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस की खतरनाक &quot;हिटलर और आपातकाल वाली मानसिकता&quot; एक बार फिर सामने आ गई है. उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि रेवंत रेड्डी खुलेआम कह रहे हैं कि उन्हें HYDRAA बनाने की प्रेरणा हिटलर से मिली. यह कांग्रेस की तानाशाही सोच को दर्शाता है. उन्होंने कहा कि आपातकाल से लेकर आज तक कांग्रेस जनता की आवाज दबाने का काम करती रही है.
केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने भी की आलोचना
केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने भी मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने रेवंत रेड्डी का वीडियो साझा करते हुए एक्स पर लिखा कि कांग्रेस की खतरनाक &quot;हिटलर और आपातकाल वाली मानसिकता&quot; फिर से खुलकर सामने आ गई है. उन्होंने आरोप लगाया कि रेवंत रेड्डी हैदराबाद में की गई कार्रवाई की तुलना ईरान और इजराइल जैसे संघर्षग्रस्त क्षेत्रों में हुई तबाही से कर रहे हैं, जो कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भाषा से मेल खाती है. किशन रेड्डी ने कहा कि आपातकाल से लेकर हिटलर तक, कांग्रेस हमेशा जनता की आवाज दबाने की राजनीति करती रही है. उन्होंने मुख्यमंत्री से तेलंगाना की जनता से बिना शर्त माफी मांगने की मांग की. ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 15:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>हिटलर, से, प्रेरित, होकर..., तेलंगाना, रेवंत, रेड्डी, का, HYDRAA, को, लेकर, विवादित, बयान, भड़की, बीजेपी</media:keywords>
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    <item>
        <title>&amp;apos;धमकियों के कारण घर...&amp;apos;, कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन खत्म होते ही आया अभिजीत दीपके का पहला रिएक्शन, जानें क्या कहा</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/धमकियों-के-कारण-घर-कॉकरोच-जनता-पार्टी-का-प्रदर्शन-खत्म-होते-ही-आया-अभिजीत-दीपके-का-पहला-रिएक्शन-जानें-क्या-कहा</link>
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        <description><![CDATA[ राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में स्थित जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का विरोध प्रदर्शन शनिवार (6 जून, 2026) को शाम के वक्त खत्म हो चुका है. प्रदर्शन के खत्म होने के बाद पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपना पहला रिएक्शन दिया है. उन्होंने कहा कि वो अपने माता-पिता से मिलने के लिए अपने घर जा रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि उनके माता-पिता को धमकियां मिलने के बाद अपना घर भी छोड़ना पड़ा था.
सोशल मीडिया पोस्ट में क्या बोले अभिजीत दीपके?
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने शनिवार (6 जून, 2026) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया शेयर की. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, &amp;lsquo;मैं अपने माता-पिता से मिलने घर जा रहा हूं. उनसे आखिरी बार मिले हुए एक साल से भी ज्यादा समय हो गया है. उन्होंने पिछले 15 दिनों में बहुत कुछ झेला है और धमकियों की वजह से उन्हें अपना घर भी छोड़ना पड़ा था. अब मैं उन्हें वापस उनके घर लेकर जा रहा हूं.&amp;rsquo;&amp;nbsp;

Going home to see my parents, it&amp;rsquo;s been more than a year since I last met them. They&#039;ve suffered a lot over the last 15 days and had to leave home because of threats. Will be taking them back to home. FYI, today&amp;rsquo;s protest was just a trailer. Thank you for showing up in such&amp;hellip;
&amp;mdash; Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) June 6, 2026



आज का प्रदर्शन सिर्फ ट्रेलरः अभिजीत दीपके
अभिजीत दीपके ने X पोस्ट में आगे कहा, &amp;lsquo;आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि आज का प्रदर्शन तो सिर्फ एक ट्रेलर था. इतनी बड़ी संख्या में पहुंचकर अपना समर्थन देने के लिए आप सभी का दिल से धन्यवाद!&amp;rsquo; इसके साथ ही पोस्ट के आखिर में उन्होंने लाल दिल का इमोजी भी जोड़ा था.

तिरंगे और बाबा साहेब अंबेडकर की तस्वीरों के साथ नजर आए लोग

They said cockroaches will never come on the ground&amp;hellip; pic.twitter.com/awz1GdoKVq
&amp;mdash; Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) June 6, 2026



वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने शनिवार (6 जून, 2026) को दोपहर करीब चार बजे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो पोस्ट शेयर किया. इस वीडियो में दिल्ली स्थित जंतर मंतर पर हजारों की संख्या में लोग नजर आए, जो कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थन में और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली भारत सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे थे. वीडियो में काफी संख्या में लोग तिरंगा झंडा और डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीरों के साथ भी नजर आए. वहीं, इस वीडियो पोस्ट के कैप्शन में अभिजीत दीपके ने लिखा, &amp;lsquo;वो कहते हैं कि कॉकरोच कभी भी जमीन पर नहीं आते हैं.&amp;rsquo;
यह भी पढ़ेंः तय समय से पहले ही खत्म हुआ कॉकरोच जनता पार्टी का प्रोटेस्ट, गर्मी बढ़ी तो AC गाड़ी में बैठ गए अभिजीत दीपके ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 23:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>धमकियों, के, कारण, घर..., कॉकरोच, जनता, पार्टी, का, प्रदर्शन, खत्म, होते, ही, आया, अभिजीत, दीपके, का, पहला, रिएक्शन, जानें, क्या, कहा</media:keywords>
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        <title>&amp;apos;क्या उनसे बेहतर...&amp;apos; सरफराज को नहीं मिली टीम इंडिया में जगह तो शशि थरूर का रिएक्शन, जानें क्या कहा</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/क्या-उनसे-बेहतर-सरफराज-को-नहीं-मिली-टीम-इंडिया-में-जगह-तो-शशि-थरूर-का-रिएक्शन-जानें-क्या-कहा</link>
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        <description><![CDATA[ मुंबई से और फर्स्ट क्लास के धुरंधर बल्लेबाज सरफराज खान को टीम इंडिया में शामिल न किए जाने को लेकर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सवाल उठाया है. साथ ही बीसीसीआई और चयन समिति के फैसले पर सवाल उठाया है. उन्होंने बकायदा एक पोस्ट करते हुए बीसीसीआई, चीफ सिलेक्टर अजीत आगरकर, कोच गौतम गंभीर से सवाल किया है. इस पोस्ट में थरूर ने सरफराज को भी टैग किया है.&amp;nbsp;
थरूर ने लिखा-सरफराज खान को शामिल न किए जाने से हैरान हूं
कांग्रेस नेता ने लिखा कि &amp;nbsp;श्रीलंका दौरे के लिए इंडिया A टीम में मुंबई के बल्लेबाज और टेस्ट टीम से बाहर चल रहे सरफराज खान को शामिल न किए जाने से हैरान हूं. क्या टेस्ट टीम के बाहर उनसे बेहतर कोई बल्लेबाज है? किसी का भी फर्स्ट-क्लास रिकॉर्ड उनके आस-पास भी नहीं है. सेलेक्टर इसे कैसे सही ठहरा सकते हैं?&amp;nbsp;

Shocked by the exclusion of Mumbai batter &amp;amp; Test discard Sarfaraz Khan from the India A squad for Sri Lanka. Is there a better batsman outside the Test team than him? No one&amp;rsquo;s first-class record comes close. How can the selectors justify this? @sarfankhan97 @imAagarkar&amp;hellip;
&amp;mdash; Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) June 6, 2026



थरूर पहले भी उठा चुके हैं सिलेक्शन कमिटी के फैसले पर सवाल
शशि थरूर इससे पहले भी टीम सिलेक्शन को लेकर सवाल उठा चुके हैं. पहले भी भारतीय टीम के चयन पर खुलकर अपनी बात रख चुके हैं. इससे पहले जब जुलाई 2024 में भारतीय टीम श्रीलंका दौरे पर जा रही थी, तब वनडे सीरीज के लिए टीम का ऐलान किया गया था. तब वनडे में शतक बनाने के बावजूद संजू सैमसन को बाहर रखा गया था. इसके अलावा जिम्बाब्वे के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करने वाले अभिषेक शर्मा को मौका न देने पर भी आलोचना की थी.&amp;nbsp;

यह भी पढ़ें:&amp;nbsp;पहले ही दिन बुरी तरह पिटी बॉबी देओल की बंदर, एक करोड़ कमाना भी नहीं हुआ नसीब, शॉकिंग है कलेक्शन
ध्रुव जुरेल को सौंपी गई है इंडिया ए की कमान
श्रीलंका दौरे के लिए इंडिया ए स्क्वॉड को चुना गया है, उनमें ध्रुव जुरेल (कप्तान), देवदत्त पडिक्कल (उपकप्तान), साई सुदर्शन, आयुष पांडे, ऋतुराज गायकवाड़, शेख राशिद, हर्ष दुबे, अंशुल कंबोज, सारांश जैन, गुरनूर बराड़, एन जगदीशन (विकेटकीपर), अमन मोखाडे, आकिब नबी, यश ठाकुर, जीशान अंसारी शामिल हैं. इनमें सरफराज को टीम में जगह नहीं दी गई है.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ें:&amp;nbsp;&amp;lsquo;मां-बहन&amp;rsquo; के प्रमोशन में छाईं माधुरी दीक्षित, 5 लेटेस्ट साड़ी लुक्स देख गुनगुनाएंगे &amp;lsquo;धक-धक करने लगा&amp;rsquo; ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 23:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>क्या, उनसे, बेहतर..., सरफराज, को, नहीं, मिली, टीम, इंडिया, में, जगह, तो, शशि, थरूर, का, रिएक्शन, जानें, क्या, कहा</media:keywords>
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        <title>&amp;apos;सुरक्षा कवर के दावे सच्चाई…&amp;apos;, सोशल मीडिया पर भड़के अभिषेक बनर्जी, जानें किसे और क्या दी नसीहत</title>
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        <description><![CDATA[ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी ने शनिवार (6 जून, 2026) को पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में हुए हमले के केंद्रीय सुरक्षा कवर मांगने के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा कि ये सभी दावे झूठे, बेबुनियाद और सच्चाई से कोसों दूर है.
उन्होंने कहा कि मैंने हमले के सात दिन बीत जाने के बाद भी किसी तरह की सुरक्षा व्यवस्था की मांग नहीं की है. यह घटना केंद्र और राज्य (पश्चिम बंगाल), दोनों सरकारों की निगरानी में हुई है, उन्हें पहले घटना से जुड़े गंभीर सवालों के जवाब देने चाहिए.
केंद्र और राज्य सरकार घटना से जुड़े सवालों का दे जवाबः अभिषेक
टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने इस संबंध में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शनिवार (6 जून, 2026) को एक पोस्ट शेयर किया. उन्होंने कहा, &amp;lsquo;ऐसी कई खबरें सामने आईं हैं, जिसमें यह दावा किया जा रहा है कि मैंने पिछले महीने की 30 तारीख यानी 30 मई, 2026 को पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में मुझ पर हुए हमले के बाद केंद्रीय सुरक्षा कवर की मांग की है. यह दावा पूरी तरह से झूठा, बेबुनियाद और सच्चाई से कोसों दूर है.&amp;rsquo;

A section of the media is reporting that I have sought Central security cover following the attack on me in Sonarpur on the 30th of last month. This claim is entirely baseless and far from the truth.I have not sought any security cover in the seven days since the attack. The&amp;hellip;
&amp;mdash; Abhishek Banerjee (@abhishekaitc) June 6, 2026



उन्होंने कहा, &amp;lsquo;हमले के बाद बीते सात दिनों में मैंने किसी भी तरह की सुरक्षा व्यवस्था की मांग नहीं की है. यह घटना केंद्र और राज्य (पश्चिम बंगाल), दोनों सरकारों की निगरानी में हुई है और इस घटना से जुड़ी परिस्थितियों को लेकर उठ रहे गंभीर सवालों के जवाब दोनों को देना चाहिए.&amp;rsquo;&amp;nbsp;

एक महीने में राज्य में जघन्य अपराधों की कई घटनाएं घटीः अभिषेक
अभिषेक बनर्जी ने कहा, &amp;lsquo;इससे भी ज्यादा चिंता की बात यह है कि पिछले एक महीने में पश्चिम बंगाल में यौन उत्पीड़न और कई अन्य जघन्य अपराधों की घटनाएं सामने आई हैं, जिनका शिकार आम नागरिक हुए हैं, लेकिन उनमें से कई घटनाओं पर बहुत कम या बिल्कुल ही ध्यान नहीं दिया गया है. नागरिकों की सुरक्षा उन लोगों की सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए, जिन्हें राज्य की सत्ता की जिम्मेदारी सौंपी गई है.&amp;rsquo;
उन्होंने आगे कहा, &amp;lsquo;मैं राज्य और केंद्र की सुरक्षा एजेंसियों से अनुरोध करता हूं कि वे पश्चिम बंगाल के नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर अपना ध्यान फोकस करें, बजाए इसके कि कुछ भ्रामक सूचनाओ और राजनीतिक रूप से प्रेरित कहानियों को बढ़ावा मिलने दिया जाए. जनता सुरक्षा, जवाबदेही और सच्चाई जानने की हकदार है.&amp;rsquo;
यह भी पढे़ंः क्या पार्टी पर अपना कंट्रोल खोते जा रही हैं ममता बनर्जी? 30 साल बाद अधर में TMC का राजनीतिक भविष्य&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 23:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>सुरक्षा, कवर, के, दावे, सच्चाई…, सोशल, मीडिया, पर, भड़के, अभिषेक, बनर्जी, जानें, किसे, और, क्या, दी, नसीहत</media:keywords>
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        <title>सीजेपी के प्रोटेस्ट में हंगामा करने की कोशिश, दिल्ली पुलिस ने 6 लोगों को किया अरेस्ट</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/सीजेपी-के-प्रोटेस्ट-में-हंगामा-करने-की-कोशिश-दिल्ली-पुलिस-ने-6-लोगों-को-किया-अरेस्ट</link>
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        <description><![CDATA[ CJP Protest at Jantar Mantar: नई दिल्ली के जंतर मंतर पर इंटरनेट पर शुरू हुआ कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन तय समय से पहले खत्म हो चुका है. सोशल मीडिया पर इस प्रदर्शन की चर्चाएं देखने को मिल रही है. प्रोटेस्ट साइट से कई तरह के वीडियो सामने आ रहे हैं. इसके अलावा जानकारी मिली है कि पुलिस ने कुछ लोगों को अरेस्ट भी किया है.&amp;nbsp;
इधर, पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने एक वीडियो भी जारी किया. दिपके ने अपने पोस्ट में कहा कि कॉकरोच कभी जमीन पर नहीं आएंगे. इस वीडियो में प्रदर्शन स्थल पर मौजूदा भीड़ नजर आई.&amp;nbsp;
शिक्षामंत्री के इस्तीफे के मांग को लेकर हुआ प्रदर्शन
सीजेपी का यह प्रोटेस्ट केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के लिए किया जा रहा है. यह नीट पेपर लीक और सीबीएसई कक्षा 12वीं के रिजल्ट में गड़बड़ी के विवाद के बीच हो रहा था. जहां दिपके ने जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया. वहीं एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक भी इस आंदोलन में शामिल हुए.
ये भी पढ़ें:&amp;nbsp;CJP Protest: भारत में लैंड करते ही कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके का पहला रिएक्शन, जानें क्या कहा?
दिपके ने दी क्या चेतावनी?&amp;nbsp;
दिपके शनिवार सुबह अमेरिका से नई दिल्ली पहुंचे थे. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर प्रधान शाम 5 बजे तक इस्तीफा नहीं देते हैं, तो पूरे देश में आंदोलन किया जाएगा. सीजेपी नाम की इस पार्टी को पिछले महीने बनाया गया. इंटरनेट पर सीजेआई के कॉकरोच वाले बयान के बाद इस संगठन का गठन किया. देखते ही देखते ही इस पार्टी के पेज से बड़ी संख्या में युवा लोग जुड़े थे. सीजेपी का प्रदर्शन शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर हो रहा है.&amp;nbsp;
सीजेपी ने कई मांगे की है. इनमें प्रधान के इस्तीफे के अलावा, संगठन ट्रेनिंग के बाद ही एजुकेशन सिस्टम के डिजिटलीकरण की मांग कर रहा है. आंदोलन का फोकस युवाओं के मुद्दों पर है. 18 साल के रौनक ने बताया कि पार्टी के भविष्य के बारे में पता नहीं लेकिन उन मुद्दों पर बात हो रही है, जो मायने रखती है.

&amp;nbsp;दिल्ली पुलिस ने 6 लोगों को किया अरेस्ट
इधर, अधिकारियों ने पीटीआई न्यूज एजेंसी को बताया कि जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान दो गुटों के बीच संभावित टकराव को रोकने के लिए 6 लोगों को अरेस्ट किया गया है. 6 लोगों इसलिए गिरफ्तार किया है, क्योंकि यह लोग प्रदर्शन स्थल पर हंगामा करने की कोशिश कर रहे थे. दिल्ली समेत अन्य संवेदनशील इलाकों में करीबन 1 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं.&amp;nbsp;
ये भी पढ़ें:&amp;nbsp;Cockroach Janta Party Protest LIVE: कॉकरोच जनता पार्टी का जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन, अभिजीत दीपके भी मौजूद, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 23:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>सीजेपी, के, प्रोटेस्ट, में, हंगामा, करने, की, कोशिश, दिल्ली, पुलिस, ने, लोगों, को, किया, अरेस्ट</media:keywords>
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        <title>&amp;apos;TMC नेताओं के लिए दरवाजे बंद, चाय पिलाने का…&amp;apos; भाजपा नेता का बड़ा बयान</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/tmc-नेताओं-के-लिए-दरवाजे-बंद-चाय-पिलाने-का-भाजपा-नेता-का-बड़ा-बयान</link>
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        <description><![CDATA[ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पश्चिम बंगाल इकाई के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने शनिवार (6 जून, 2026) को राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) में पड़ी फूट पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि ये तो होना ही था. तृणमूल कांग्रेस में तो फूट पड़नी ही थी, क्योंकि टीएमसी की कोई विचारधारा तो है नहीं.
उन्होंने आगे कहा कि पश्चिम बंगाल में सत्ता से बाहर होने के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) की लूट और भ्रष्टाचार की दुकान बंद हो गई है, तो अब लड़ाई होनी ही है.
टीएमसी नेताओं को भाजपा में करेंगे शामिल?
वहीं, बंगाल भाजपा अध्यक्ष समित भट्टाचार्य ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कई सांसदों और नेताओं के बीजेपी के संपर्क में होने की खबरों पर कहा, &amp;lsquo;भारतीय जनता पार्टी (BJP) के दरवाजे बंद हैं. पश्चिम बंगाल की जनता ने हमें टीएमसी के खिलाफ ही जनादेश दिया है. उनके नेता इधर-उधर घूम रहे हैं, तो कोई मिल जाता है तो उन्हें चाय पिला देते हैं, इसका मतलब ये नहीं कि पार्टी में शामिल कर लें.&amp;rsquo;
राहुल गांधी को लेकर बोले बंगाल भाजपा अध्यक्ष?

समिक भट्टाचार्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान पर कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के बयानों को देख लें. वो विदेश में जाकर क्या-क्या बयान देते हैं. किसी भी मुद्दे पर देश के साथ खड़े नहीं होते हैं. आज कांग्रेस पैरासाइट बन गई है. कभी कॉकरोच, तो कभी चूहों के पीछे भागती है. अब उनमें जनता के सामने आने की हिम्मत नहीं रही.&amp;nbsp;
कॉकरोच जनता पार्टी को लेकर क्या बोले बंगाल भाजपा अध्यक्ष?
इस दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पश्चिम बंगाल प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य से जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन को लेकर सवाल किया गया, तब उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार तो सबका है, लेकिन ये कौन लोग हैं, ये सबको पता है. विपक्ष अब जनता के सामने नहीं आ पा रहा है, तो पीछे से ऐसे प्रदर्शन कर रहा है.&amp;nbsp;
यह भी पढे़ंः &#039;सुरक्षा कवर के दावे सच्चाई&amp;hellip;&#039;, सोशल मीडिया पर भड़के अभिषेक बनर्जी, जानें किसे और क्या दी नसीहत ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 23:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>TMC, नेताओं, के, लिए, दरवाजे, बंद, चाय, पिलाने, का…, भाजपा, नेता, का, बड़ा, बयान</media:keywords>
    </item>
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        <title>बंगाल में ममता बनर्जी की TMC को एक और झटका, कांग्रेस के लिए आई गुड न्यूज</title>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव हारने के बाद टीएमसी में टूट पड़ चुकी है. एक ओर ममता बनर्जी के सामने पार्टी को एक बनाए रखने की चुनौती है, वहीं दूसरी ओर नेता पार्टी छोड़कर जा रहे हैं. ममता बनर्जी को शुक्रवार (05 जून) को एक और बड़ा झटका लगा, जब कूचबिहार जिले की मेखलीगंज नगर पालिका के अध्यक्ष और पांच पार्षदों ने पार्टी छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया. इसके बाद नगर निकाय पर पर अब कांग्रेस का शासन हो गया है.
बंगाल के उत्तरी हिस्से में हुआ यह राजनीतिक घटनाक्रम टीएमसी के भीतर जारी राजनीतिक उथल-पुथल और सिलसिलेवार दलबदल के बीच सामने आया है, जिसने राज्यभर में पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को हिलाकर रख दिया है. नौ वार्ड वाली मेखलीगंज नगरपालिका पर हाल तक टीएमसी का नियंत्रण था, जिसमें पार्टी के आठ और भाजपा का एक पार्षद था. अब अध्यक्ष प्रभात पाटनी और पांच अन्य पार्षदों के पाला बदलने से कांग्रेस नगर पालिका &amp;nbsp;में बहुमत में आ गई है और उसने टीएमसी से इस नगरपालिका की सत्ता छीन ली है.
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कांग्रेस में शामिल होकर क्या बोले नगर पालिका चेयरमैन?
हालांकि, एक पार्षद ने संकेत दिया है कि वह टीएमसी में बने रहेंगे. कांग्रेस में शामिल होने के बाद पाटनी ने कहा कि आगे और दलबदल हो सकते हैं. उन्होंने कहा, &#039;मैं कोलकाता स्थित कांग्रेस कार्यालय में पार्टी में शामिल हुआ हूं. मेखलीगंज लौटने के बाद दो और पार्षद भी औपचारिक रूप से कांग्रेस में शामिल होंगे.&#039;
टीएमसी छोड़ने के कारणों पर उन्होंने कहा कि पार्टी आंतरिक संघर्षों में उलझी हुई है, जिससे जनता के लिए काम करना मुश्किल हो गया है. पाटनी ने कहा, &#039;टीएमसी के भीतर रहकर अब काम करना संभव नहीं है. पार्टी अपने आंतरिक संघर्षों में व्यस्त है. मैंने क्षेत्र के विकास और आम लोगों के हितों की रक्षा के लिए कांग्रेस में शामिल होने का फैसला किया है.&#039;
BJP से लड़ेगी कांग्रेस: पाटनी
उन्होंने भाजपा पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस केंद्र की सत्तारूढ़ पार्टी के खिलाफ लड़ाई का नेतृत्व करेगी. उन्होंने कहा, &#039;भाजपा ने सत्ता में आने से पहले डर खत्म भरोसा कायम का वादा किया था, लेकिन आज स्थिति अलग है. हमें कांग्रेस के बैनर तले भाजपा से लड़ना होगा. लोगों की आजीविका खतरे में है क्योंकि रेहड़ी-पटरी वालों को हटाया जा रहा है. ये हमारे भविष्य के आंदोलन के मुद्दे होंगे.&#039; पाटनी ने कहा कि उन्होंने टीएमसी नेतृत्व से संपर्क नहीं किया क्योंकि जिला नेतृत्व पहले से ही संकट से जूझ रहा था और गंभीर चर्चा की स्थिति में नहीं था.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 11:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>30 लोगों की कोर टीम, 11 लाख से ज्यादा मेंबर्स... कॉकरोच जनता पार्टी के अभिजीत दीपके ने बताया पूरा प्लान</title>
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        <description><![CDATA[ भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) की एक टिप्पणी के आधार पर सोशल मीडिया पर बनी डिजिटल पॉलिटिकल पार्टी, जिसे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) कहा जाता है, वो अब अपने पैरों को वास्तविक दुनिया की जमीन पर उतारने की मशक्कत में जुटी हुई है. इस ऑनलाइन पार्टी के सोशल मीडिया हैंडल्स पर शुरुआती दौर में 2 करोड़ से ज्यादा लोगों पर फॉलो किया था, जिसे बाद में देश में बैन कर दिया गया.
हालांकि, कॉकरोच जनता पार्टी फिलहाल एक ऑनलाइन पॉलिटिकल पार्टी है, लेकिन इसने देश की राजधानी दिल्ली में शनिवार (6 जून, 2026) को प्रदर्शन करने का ऐलान किया है. ऐसे में यह सवाल उठने लगे कि आखिर कॉकरोच जनता पार्टी की टीम में कितने लोग हैं. इसके अलावा, पार्टी को समर्थन देने वाले लोगों की संख्या कितनी है, जिस पर CJP के मालिक अभिजीत दीपके ने पूरी जानकारी साझा की है.
कॉकरोच जनता पार्टी की टीम में कितने लोग शामिल?
इस बारे में अभिजीत दीपके ने कहा कि उनकी पार्टी में 11 लाख से ज्यादा रजिस्टर्ड सदस्य हैं, जिन्होंने खुद ही पार्टी की वेबसाइट पर जाकर मेंबरशिप ली है. उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी से जुड़े 60 प्रतिशत लोग की उम्र सीमा 17 साल से 28-29 साल के बीच है, जबकि पार्टी में 17 प्रतिशत मेंबर्स की उम्र सीमा 30 से 35 साल के बीच है. दीपके ने आगे कहा कि पार्टी की ब्लॉक हो चुके सोशल मीडिया हैंडल्स पर शुरुआती दौर में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को फॉलो करने वालों की संख्या दो करोड़ से ज्यादा थी.&amp;nbsp;

पार्टी की कोर टीम में हैं 25 से 30 लोगः दीपके
अभिजीत दीपके से जब उनकी टीम के बारे में पूछा गया कि तब उन्होंने कहा कि मैंने शुरुआत तो अकेले ही की थी, लेकिन अब मेरे साथ लाखों लोगों का साथ है और कॉकरोच जनता पार्टी के लिए 25 से 30 लोगों की एक कोर टीम भी बन चुकी है.
उन्होंने कहा कि क्योंकि यह कुछ एक मजाक के तौर पर शुरू हुआ था और मैं समझ नहीं पा रहा था कि इसको आगे कैसे बढ़ाऊं. ऐसे में मैंने कुछ लोगों से इसके बारे में बातचीत की, जो सपोर्ट करना चाहते थे. इसके बाद आज हमारी 25-30 लोगों की एक कोर टीम बन चुकी है.
यह भी पढ़ेंः अन्नामलाई के BJP छोड़ने के बाद इस्तीफों की लगी झड़ी, वाइस प्रेसिडेंट और सेक्रेटरी समेत 15 नेताओं ने पार्टी छोड़ी ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 11:30:12 +0530</pubDate>
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        <title>Cockroach Janta Party Protest: &amp;apos;कोई हिंसा नहीं, पुलिसकर्मियों के लिए फूल और किताब&amp;apos;, दिल्ली में जंतर&amp;मंतर पर प्रदर्शन से पहले CJP की गाइडलाइंस</title>
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        <description><![CDATA[ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 6 जून यानी आज दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक बड़े विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है. यह संगठन पहली बार इस स्तर पर जंतर-मंतर में बड़ा पब्लिक प्रोग्राम कार्यक्रम करने जा रहा है. पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके सुबह 8 बजे अमेरिका से दिल्ली पहुंचने वाले हैं. उनका कहना है कि प्रदर्शन शुरू होने से पहले वह पुलिस से जरूरी अनुमति और औपचारिक प्रक्रिया पूरी करेंगे. इसके बाद सुबह 9 बजे जंतर-मंतर पर प्रदर्शन शुरू करने की योजना है.
CJP के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर 2 करोड़ से अधिक फॉलोअर्स हैं. ऐसे में यह देखने वाली बात होगी कि इस प्रदर्शन में कितनी संख्या में लोग शामिल होते हैं. पार्टी का कहना है कि देश की शिक्षा व्यवस्था ने एक करोड़ से अधिक छात्रों को निराश किया है और उनके भविष्य को लेकर चिंता बढ़ा दी है. संगठन ने नीट पेपर लीक मामले से जुड़ी कथित गड़बड़ियों का भी उल्लेख किया है. इसके साथ ही हाल में हुई CBSE परीक्षाओं और OSM से जुड़े मुद्दों पर भी चिंता जताई गई है.

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प्रदर्शन सभी लोगों के लिए- CJP
CJP ने पहले ही स्पष्ट किया था कि यह प्रदर्शन सभी लोगों के लिए खुला रहेगा, चाहे उनका किसी भी राजनीतिक दल से संबंध हो. संगठन ने देशभर के छात्रों, उनके अभिभावकों और युवाओं से शांतिपूर्ण तरीके से इस आंदोलन में शामिल होने की अपील की है. प्रदर्शन से एक दिन पहले CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका और वरुण दास ने एक वीडियो जारी किया. उन्होंने कहा कि अब वह दिन आ गया है जब लोग जंतर-मंतर पर जमा होकर शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की मांग करेंगे. उन्होंने कहा कि उनका मकसद लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना है ताकि उनकी आवाज को नजरअंदाज न किया जाए.
CJP की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील
CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका और वरुण दास ने बताया कि अभिजीत दीपके पहले एयरपोर्ट पहुंचेंगे और वहां से पुलिस से सहयोग और आवश्यक अनुमति मांगेंगे. सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करने के बाद वे जंतर-मंतर जाएंगे और शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराएंगे. उन्होंने कहा कि यह आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक, शांतिपूर्ण और सद्भावना के साथ किया जाएगा. CJP के नेताओं ने यह भी कहा कि देश में छात्र परेशान हैं और पिछले एक महीने में छह छात्रों द्वारा आत्महत्या किए जाने का जिक्र करते हुए उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की मांग की. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की कि शिक्षा व्यवस्था में लोगों का भरोसा वापस लाने के लिए इस विषय पर कदम उठाया जाए.
CJP का प्रदर्शन कब होगा शुरू?
CJP ने अपने समर्थकों से विशेष रूप से कहा है कि किसी भी तरह की हिंसा में शामिल न हों. यदि कोई शरारती तत्व माहौल खराब करने की कोशिश करे तो उसका वीडियो बनाकर तुरंत दिल्ली पुलिस को जानकारी दें. पार्टी ने दोहराया कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा. यह प्रदर्शन 6 जून को सुबह 9 बजे दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट इलाके में स्थित जंतर-मंतर पर आयोजित किया जाना है. CJP की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, प्रतिभागियों को पहले पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के पास एकत्र होने की सलाह दी गई है.
दिल्ली पुलिस ने CJP के प्रदर्शन पर क्या कहा?
दिल्ली पुलिस ने कहा है कि प्रस्तावित प्रदर्शन के लिए अभी तक CJP की ओर से कोई औपचारिक अनुमति आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार उन्हें इस कार्यक्रम की जानकारी मुख्य रूप से सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से मिली है. कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए केंद्रीय दिल्ली में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है.
प्रदर्शन में शामिल के लिए दिशा निर्देश
CJP ने प्रदर्शन में शामिल होने वालों के लिए कुछ दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं. संगठन ने लोगों से राष्ट्रीय ध्वज और एक पुस्तक साथ लाने, सभी गतिविधियों को रिकॉर्ड करने, किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना पुलिस को देने तथा गर्मी से बचने के लिए पर्याप्त पानी पीने, सनस्क्रीन लगाने और टोपी पहनने की सलाह दी है. साथ ही कहा गया है कि यदि संभव हो तो अकेले न आएं, किसी भी उकसावे या विवाद में न पड़ें और भूखे पेट प्रदर्शन में शामिल न हों.
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        <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 11:30:11 +0530</pubDate>
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        <title>बंगाल में TMC को एक और झटका,  ममता बनर्जी के करीबी और पूर्व विधायक शौकत मोल्ला को NIA ने किया अरेस्ट</title>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल में टीएमसी को एक और झटका लगा है. नेशनल जांच एजेंसी एनआईए ने भांगर विस्फोट मामले के मुख्य संदिग्ध और तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक शौकत मोल्ला को गिरफ्तार कर लिया है. शौकत मोल्ला की गिरफ्तारी बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले से शुक्रवार को हुई है.
एनआईए ने मोल्ला को &#039;फरार&#039; घोषित किए जाने के कुछ घंटों बाद यह कार्रवाई की. दक्षिण 24 परगना जिले के दक्षिण बामुनिया गांव में 19 मार्च को हुए एक बम विस्फोट में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए. उस स्थान पर &amp;nbsp;कथित तौर पर बम बनाए जा रहे थे.
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भांगर बम विस्फोट मामले में एक्शन
एनआईए के अधिकारी ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया, &#039;भांगर बम विस्फोट मामले की जांच के तहत हमने शौकत मोल्ला को गिरफ्तार कर लिया है. उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा और आगे की कानूनी कार्यवाही की जाएगी.&#039; तृणमूल नेता की गिरफ्तारी के साथ ही इस मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों की कुल संख्या बढ़कर चार हो गई है.
एनआईए के अनुसार, गुरुवार सुबह शौकत मोल्ला के जीवनतला स्थित आवास पर छापेमारी की गई थी, लेकिन वह घर पर मौजूद नहीं थे. एजेंसी ने उनके बेटे इमरान मोल्ला से पूछताछ की और तलाशी अभियान चलाया.&amp;nbsp;
टीएमसी के ये नेता भी हो चुके हैं गिरफ्तार
पुलिस ने इससे पहले सुरेंद्रनाथ कॉलेज आर्म्स केस में पारितोष दत्ता को गिरफ्तार किया था. इसके अलावा टीएमसी नेता तिलक कुमार चक्रवर्ती को हल्दिया से गिरफ्तार किया गया. इन्हें पूर्व मेदिनीपुर में नौकरी घोटाले के मामले में पकड़ा गया. कोलकाता पुलिस आयुक्त मनोज वर्मा ने बताया कि टीएमसी नेता राजीब बनर्जी को भी पकड़ा गया है, इन्हें बीरभूम से चावल राशन घोटाले के मामले में गिरफ्तार किया गया है.
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        <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 11:30:10 +0530</pubDate>
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        <title>BJP छोड़ने के बाद अन्नामलाई ने नई पार्टी का किया ऐलान, CM थलापति विजय को लेकर दिया बड़ा बयान</title>
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        <description><![CDATA[ भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद अपने पहले 23 मिनट के संबोधन में के. अन्नामलाई ने तमिलनाडु की राजनीति को लेकर बड़ा संदेश दिया. उन्होंने कहा कि राज्य के लोग जिस बदलाव की उम्मीद कर रहे हैं, वह केवल एक मुख्यमंत्री के भरोसे संभव नहीं है. बिना किसी का नाम लिए उन्होंने मुख्यमंत्री विजय पर भी परोक्ष टिप्पणी की और कहा कि तमिलनाडु को बदलने के लिए पूरी राजनीतिक व्यवस्था में बदलाव जरूरी है.
अन्नामलाई ने अपने नए राजनीतिक आंदोलन की रूपरेखा पेश करते हुए बताया कि यह आंदोलन आगे चलकर एक राजनीतिक दल का रूप लेगा और वर्ष 2031 के विधानसभा चुनाव में हिस्सा लेगा.
&amp;lsquo;एक मुख्यमंत्री तमिलनाडु नहीं बदल सकता&amp;rsquo;
अपने संबोधन में अन्नामलाई ने कहा कि तमिलनाडु के लोग यह मान रहे हैं कि एक व्यक्ति सब कुछ बदल सकता है, लेकिन ऐसा संभव नहीं है. उन्होंने कहा, &quot;एक मुख्यमंत्री तमिलनाडु को नहीं बदल सकता. न ही 234 विधायक और न ही 39 सांसद अकेले राज्य की स्थिति बदल सकते हैं.&quot;
अन्नामलाई का यह बयान ऐसे समय आया है जब अभिनेता से राजनेता बने विजय ने राजनीति में प्रवेश के बाद मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है और उनकी पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है.
पंचायत से लेकर शीर्ष स्तर तक बदलाव की जरूरत
अन्नामलाई ने कहा कि अगर तमिलनाडु को बदलना है तो पंचायत प्रतिनिधियों, पार्षदों, महापौरों और शीर्ष नेतृत्व तक पूरी व्यवस्था में बदलाव करना होगा.उन्होंने कहा, &quot;हमें आम आदमी की राजनीति को मजबूत करना होगा, व्यक्तिपूजा की राजनीति को नहीं.&quot; उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति में साफ-सुथरी छवि वाले लोगों को लाने की जरूरत है.
&amp;lsquo;ईमानदार और सक्षम लोगों को राजनीति में लाना होगा&amp;rsquo;
पूर्व आईपीएस अधिकारी अन्नामलाई ने कहा कि राजनीति को स्वच्छ बनाने के लिए पूरी व्यवस्था में बदलाव जरूरी है. उन्होंने कहा, &quot;हमें ईमानदार, सक्षम और कुशल लोगों को राजनीति में लाना होगा, जो योजनाओं को पूरा कर सकें और परियोजनाओं को जमीन पर उतार सकें.&quot;
10 घंटे में 10 लाख लोग आंदोलन से जुड़े
अन्नामलाई ने दावा किया कि उनके नए राजनीतिक आंदोलन को लोगों का जबरदस्त समर्थन मिल रहा है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि आंदोलन शुरू होने के महज 10 घंटे के भीतर 10 लाख से अधिक लोगों ने सदस्यता ली.
उन्होंने लिखा, &quot;हमारे राजनीतिक आंदोलन ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है. 10 घंटे में 10 लाख से अधिक लोगों ने पंजीकरण कराया है. यह हमारी साझा सोच और मिशन पर लोगों के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है.&quot; साथ ही उन्होंने आंदोलन से जुड़ने वाले सभी लोगों का आभार भी व्यक्त किया.
&amp;lsquo;पार्टी में नहीं होंगे स्थायी विधायक, सांसद या मंत्री&amp;rsquo;
अन्नामलाई ने कहा कि उनका नया आंदोलन किसी राजनीतिक दल से जुड़ा नहीं है. इसका नाम &quot;वी द लीडर&quot; रखा गया है और यह कोयंबटूर स्थित एपीजे अब्दुल कलाम सेंटर फॉर एथिक्स एंड पॉलिटिक्स के तहत काम करेगा. उन्होंने कहा कि भविष्य में यही आंदोलन राजनीतिक दल का रूप लेगा और चुनाव लड़ेगा.
अन्नामलाई ने बताया कि उनकी पार्टी बनने के साथ ही स्पष्ट नियम लागू किए जाएंगे. उन्होंने कहा, &quot;कोई स्थायी नेता नहीं होगा, कोई स्थायी विधायक नहीं होगा, कोई स्थायी सांसद नहीं होगा और कोई स्थायी मंत्री नहीं होगा.&quot; उनका कहना था कि राजनीति में नए लोगों के लिए लगातार अवसर बनते रहने चाहिए.
&amp;lsquo;तमिलनाडु की राजनीति ठहराव का शिकार हो गई है&amp;rsquo;
अन्नामलाई ने कहा कि राज्य की राजनीति में लंबे समय से ठहराव की स्थिति बनी हुई है. उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था को बदलने की जरूरत है और उनका आंदोलन किसी एक व्यक्ति से बड़ा होगा. उन्होंने कहा कि आंदोलन उनके व्यक्तिगत नेतृत्व से ऊपर होगा और इसका उद्देश्य व्यवस्था में व्यापक बदलाव लाना है.
PM मोदी का सम्मान करूंगा, लेकिन असहमति भी जताऊंगा
अपने संबोधन में अन्नामलाई ने भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर भी संदेश दिया. उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सम्मान करते रहेंगे, लेकिन जरूरत पड़ने पर साहस के साथ अपनी असहमति भी जताएंगे.
उन्होंने यह भी बताया कि भाजपा छोड़ने का फैसला उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से आमने-सामने मिलकर साझा किया था. अन्नामलाई ने कहा कि उनकी भाजपा से कोई दुश्मनी नहीं है और अब वह भाजपा को उसी तरह देखेंगे जैसे अन्य राजनीतिक दलों को देखते हैं.
&amp;lsquo;तमिलनाडु में नई पार्टी के लिए पर्याप्त जगह है&amp;rsquo;
अन्नामलाई ने कहा कि तमिलनाडु में नई राजनीतिक शक्ति के लिए पर्याप्त अवसर मौजूद हैं. उन्होंने कहा, &quot;हमें व्यक्तिपूजा की राजनीति से बाहर निकलना होगा. यह आम आदमी की राजनीति होगी और सिद्धांतों पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा.&quot; उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी उन्होंने कहा था कि तमिलनाडु में राजनीतिक रिक्तता पैदा हुई है क्योंकि द्रमुक और अन्नाद्रमुक दोनों अपने बड़े नेताओं को खो चुके हैं.
विजयकांत के साथ इंटर्नशिप से शुरू हुई राजनीतिक यात्रा
अन्नामलाई ने अपनी राजनीतिक यात्रा का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि वर्ष 2009 में उन्होंने आईआईएम लखनऊ में एमबीए की पढ़ाई के दौरान दिवंगत अभिनेता और डीएमडीके संस्थापक विजयकांत के चुनाव अभियान में तीन महीने की इंटर्नशिप की थी. उन्होंने कहा कि संस्थान से विशेष अनुमति लेकर वह सीधे विजयकांत के साथ लोकसभा चुनाव अभियान में जुड़े थे. अन्नामलाई के अनुसार यही अनुभव उनकी सार्वजनिक जीवन और राजनीति की 17 वर्ष लंबी यात्रा की शुरुआत बना.

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राजनीति में आने से पहले रजनीकांत से हुई थी चर्चा

अन्नामलाई ने यह भी खुलासा किया कि भाजपा में शामिल होने से पहले उनकी अभिनेता रज ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 11:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>अन्नामलाई को इस्तीफा देने से रोकने के लिए BJP ने किस राज्यसभा सीट से दिया था ऑफर? अब किसके पाले में गई उम्मीदवारी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/अन्नामलाई-को-इस्तीफा-देने-से-रोकने-के-लिए-bjp-ने-किस-राज्यसभा-सीट-से-दिया-था-ऑफर-अब-किसके-पाले-में-गई-उम्मीदवारी</link>
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        <description><![CDATA[ भारतीय जनता पार्टी (BJP) की तमिलनाडु इकाई के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रह चुके के. अन्नामलाई ने शुक्रवार (5 जून, 2026) को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है, जिसे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने स्वीकार भी कर लिया है. अन्नामलाई का इस्तीफा तमिलनाडु की राजनीति में एक बहुत बड़ा घटनाक्रम है और भाजपा के लिए एक झटके के तौर पर भी देखा जा रहा है, लेकिन इस बीच एक रिपोर्ट सामने आई है जिसमें यह कहा जा रहा है कि भाजपा ने पूर्व IPS अधिकारी के.
अन्नामलाई को आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारी का ऑफर भी दिया था, जिसे उन्होंने इनकार कर दिया था. हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक रूप से कोई जानकारी सामने नहीं आई है.
भाजपा के उम्मीदवारों की लिस्ट से अन्नामलाई बाहर
सूत्रों के हवाले से हिंदुस्तान ने रिपोर्ट किया है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अन्नामलाई को राज्यसभा में लाने का ऑफर दिया था, लेकिन जब उन्होंने उम्मीदवारी से इनकार कर दिया, तब पार्टी ने गुरुवार (4 जून, 2026) को राज्यसभा चुनाव के लिए अपने 11 उम्मीदवारों के नाम की पहली लिस्ट जारी कर दी.
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, आंध्र प्रदेश की चार सीटों पर राज्यसभा चुनाव होने वाले हैं. जिनमें से एक सीट पर भाजपा ने के. अन्नामलाई को उतारने की पेशकश की थी, लेकिन अब भाजपा ने उस एक सीट पर से भी अपना दावा छोड़ दिया है. भाजपा की तरफ से जारी किए गए 11 प्रत्याशियों की लिस्ट में अन्नामलाई का नाम शामिल नहीं किया गया.&amp;nbsp;

An Important Announcement https://t.co/IcEnfaZGRK
&amp;mdash; K.Annamalai (@annamalai_k) June 5, 2026



अन्नामलाई की जगह किसे मिली राज्यसभा की सीट?
रिपोर्ट के मुताबिक, आंध्र प्रदेश की चार राज्यसभा सीटों पर उम्मीदवारों के चयन के लिए गुरुवार (4 जून, 2026) को एनडीए के गठबंधन पार्टियों के बीच गंभीर बैठक चली, जिसमें राज्य के मुख्यमंत्री और तेलुगु देशम पार्टी (TDP) प्रमुख एन. चंद्रबाबू नायडू और उपमुख्यमंत्री और जन सेना प्रमुख पवन कल्याण भी शामिल रहे. बैठक में पहले तय किया गया था कि राज्य की चार में दो सीटें टीडीपी के हिस्से में जाएगी.
इसके साथ ही एक सीट भाजपा और एक जेएसपी को मिलने वाली थी, लेकिन अन्नामलाई के इस्तीफे से समीकरण बदल गए. भाजपा ने उस एक सीट पर से भी अपना दावा खत्म कर दिया और वह राज्यसभा सीट तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के खाते में चली गई है.
यह भी पढ़ेंः Explained: अन्नामलाई के इस्तीफे ने तोड़ा दक्षिण भारत जीतने का ख्वाब! बीजेपी का हिंदुत्व एजेंडा क्यों बार-बार फेल, अब किसे मिलेगा मौका? ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 18:30:14 +0530</pubDate>
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        <title>विधायक टूटे लेकिन सांसदों को नहीं जाने देंगे..., TMC के बिखड़े किले को संभालने के लिए नींद से जगी ममता</title>
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        <description><![CDATA[ तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने पार्टी के 28 साल के इतिहास में पहली बार हुए विभाजन के बाद पार्टी से और अधिक विधायकों के पाला बदलने को रोकने के प्रयास शुरू कर दिए हैं. वह व्यक्तिगत रूप से बागी विधायकों से संपर्क साध रही हैं, जबकि वरिष्ठ नेता अन्य विधायकों को एकजुट रखने के लिए काम कर रहे हैं. पार्टी सूत्रों ने बताया कि ममता बनर्जी ने पिछले दो दिनों में हावड़ा, मुर्शिदाबाद और उत्तर दिनाजपुर के कई विधायकों से बात की है, जिनमें से कई को ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी खेमे की बैठकों में भाग लेते देखा गया था.
तृणमूल के 58 विधायकों ने पार्टी विधायक दल पर नियंत्रण कर लिया और निष्कासित विधायक ऋतब्रत बनर्जी को विपक्ष का नेता चुना. पार्टी को एकजुट रखने के प्रयास ऐसे समय में किए जा रहे हैं, जब तृणमूल की संस्थापक खुद को एक ऐसी असहज स्थिति में पाती हैं, जहां उन्हें उन नेताओं को बनाए रखने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, जिन्हें उन्होंने कभी खुद चुना था और राजनीतिक रूप से मजबूत किया था.
तृणमूल के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, &amp;lsquo;ममता बनर्जी विधायकों से व्यक्तिगत रूप से बात कर रही हैं और उनसे शुक्रवार (5 जून 2026) को कालीघाट में होने वाली बैठक में शामिल होने का अनुरोध कर रही हैं. प्रयास यह है कि संवाद के रास्ते खुले रहें और सुलह की संभावना तलाशी जाए.&amp;rsquo; सूत्रों के अनुसार, पार्टी सांसदों की टूट की आशंका के चलते इस मोर्चे पर भी प्रयास किए जा रहे हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक तृणमूल के दो भरोसेमंद सांसदों- एक लोकसभा से और एक राज्यसभा से को पार्टी के सहयोगियों से संपर्क करने और उन्हें ऋतब्रत बनर्जी खेमे द्वारा बनाई जा रही नई तृणमूल के लिए संगठन को न छोड़ने के लिए राजी करने का काम सौंपा गया है. यह पहल तृणमूल कांग्रेस के शेष नेतृत्व के भीतर बढ़ती चिंता को दर्शाती है कि यदि बागी विधायकों के विद्रोह को जल्द ही नियंत्रित नहीं किया गया तो यह सांसदों और स्थानीय निकाय सदस्यों को भी अपने खेमे में जोड़ सकते हैं.
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        <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 18:30:12 +0530</pubDate>
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        <title>Sahara Desert Death: सहारा रेगिस्तान में दर्दनाक हादसा! ट्रक खराब होने के बाद प्यास से 49 मौत, 50 KM पैदल चलकर बचे सिर्फ 2</title>
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        <description><![CDATA[ अफ्रीकी देश नाइजर के सहारा रेगिस्तान में एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है. रेगिस्तान के बीच एक ट्रक खराब हो जाने के कारण उसमें सवार 49 लोगों की प्यास से मौत हो गई. चारों तरफ फैली रेत, भीषण गर्मी और पानी की एक बूंद तक न मिलने के कारण यह सफर लोगों के लिए मौत का सफर बन गया. हालांकि दो लोग किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रहे और पूरी घटना की जानकारी अधिकारियों तक पहुंचाई.
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार यह सभी लोग माली में एक मुस्लिम धार्मिक त्योहार में शामिल होने के बाद वापस लौट रहे थे. यात्रा के दौरान उनका ट्रक सहारा रेगिस्तान के एक सुनसान इलाके में खराब हो गया. ट्रक खराब होने के बाद यात्री और चालक काफी देर तक उसे ठीक करने की कोशिश करते रहे, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली

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49 लोगों की जान चली गई
यह घटना आगाडेज प्रांत के अस्समाका क्षेत्र के पश्चिम में करीब 80 किलोमीटर दूर हुई. अस्समाका नाइजर और अलजीरीया की सीमा के पास स्थित एक महत्वपूर्ण सीमा चौकी है और यह माली की सीमा के भी करीब है. स्थानीय प्रशासन के अनुसार ट्रक में मौजूद लोगों के पास मौजूद पानी धीरे-धीरे खत्म हो गया. रेगिस्तान की तेज गर्मी और कठिन परिस्थितियों में बिना पानी के लंबे समय तक टिक पाना संभव नहीं था. सहायता मिलने की कोई उम्मीद भी नहीं थी, क्योंकि यह इलाका बेहद दूर-दराज और सुनसान है. इसी कारण एक-एक कर 49 लोगों की जान चली गई.
सहारा रेगिस्तान बेहद खतरनाक
सरकार ने बताया कि हादसे में जान गंवाने वाले लोगों को सामूहिक कब्रों में दफनाया गया. वहीं दो लोग किसी तरह हिम्मत जुटाकर पैदल निकल पड़े. उन्होंने 50 किलोमीटर से अधिक दूरी पैदल तय की, रास्ते में पानी मिला और बाद में वे अस्समाका पहुंच गए. वहां पहुंचकर उन्होंने अधिकारियों को पूरे हादसे की जानकारी दी. यह इलाका उन प्रवासियों और यात्रियों के लिए भी जाना जाता है जो अफ्रीका के विभिन्न देशों से यूरोप पहुंचने की कोशिश करते हैं. सहारा रेगिस्तान का यह मार्ग बेहद खतरनाक माना जाता है. इससे पहले भी कई लोग रास्ता भटकने, पानी खत्म होने, भूख और अत्यधिक गर्मी के कारण अपनी जान गंवा चुके हैं.
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        <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 18:30:11 +0530</pubDate>
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        <title>Firhad Hakim Resignation: &amp;apos;यह सिर्फ कुर्सी नहीं, बड़ी जिम्मेदारी है&amp;apos;, मेयर पद छोड़ने के बाद भावुक हुए फिरहाद हकीम</title>
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        <description><![CDATA[ फिरहाद हकीम ने कोलकाता म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के मेयर पद से इस्तीफा दे दिया है. इस्तीफे के दौरान उन्होंने अपनी पार्टी की प्रमुख ममता बनर्जी का आभार जताते हुए कहा कि उन्हें इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए अवसर दिया गया था. फिरहाद हकीम ने कहा कि दिसंबर 2018 में पूर्व मेयर सोवन चटर्जी के अचानक इस्तीफा देने के बाद कोलकाता म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के पार्षदों ने उन्हें मेयर के रूप में चुना था. इसके बाद से उन्होंने पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया.
फिरहाद हकीम ने कहा कि मेयर का पद केवल एक कुर्सी नहीं बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी है. उनका मानना है कि इस पद पर रहते हुए जनता और शहर के प्रति जवाबदेही सबसे महत्वपूर्ण होती है. इसी सोच के साथ उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान अपनी जिम्मेदारियों को निभाने का प्रयास किया. फिरहाद हकीम ने कहा कि अब वह इस जिम्मेदारी को आगे नहीं निभा सकते हैं और इसी कारण उन्होंने मेयर पद छोड़ने का फैसला लिया है. उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान सहयोग करने वाले सभी पार्षदों, अधिकारियों और नागरिकों का भी आभार व्यक्त किया. उनके इस्तीफे के बाद अब कोलकाता म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में नए मेयर के चयन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है.

Kolkata: Resigning from the post of Mayor of Kolkata Municipal Corporation, TMC leader Firhad Hakim says, &quot;I am thankful to our leader Mamata Banerjee. In December 2018, I was elected (as the Mayor) by the councillors of the Kolkata Municipal Corporation after the abrupt&amp;hellip; pic.twitter.com/5cT5oYeHK2
&amp;mdash; ANI (@ANI) June 5, 2026




ये भी पढ़ें: विधायक टूटे लेकिन सांसदों को नहीं जाने देंगे..., TMC के बिखड़े किले को संभालने के लिए नींद से जगी ममता
बॉबी हकीम के नाम से मशहूर &amp;nbsp;फिरहाद
फिरहाद हकीम, जिन्हें बॉबी हकीम के नाम से भी जाना जाता है, दिसंबर 2018 से कोलकाता नगर निगम (KMC) के मेयर थे. उनका इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल और TMC के भीतर असंतोष की खबरें सामने आ रही हैं. कई रिपोर्टों में कहा गया है कि हालिया राजनीतिक घटनाक्रम और पार्टी के अंदर बढ़ते मतभेदों के बीच उन्होंने पद छोड़ने का फैसला किया.
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        <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 18:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Explained: पेपर लीक का लंबा इतिहास लेकिन सजा सीमित क्यों? कैसे कुछ ही आरोपी पहुंचते कटघरे और ज्यादातर बच निकलते</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/explained-पेपर-लीक-का-लंबा-इतिहास-लेकिन-सजा-सीमित-क्यों-कैसे-कुछ-ही-आरोपी-पहुंचते-कटघरे-और-ज्यादातर-बच-निकलते</link>
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        <description><![CDATA[ NEET UG से लेकर UGC-NET, UP बोर्ड से लेकर रेलवे भर्ती, हर बड़ी परीक्षा लीक के बाद कुछ दिन सुर्खियां, कुछ गिरफ्तारियां, एक जांच कमेटी और फिर... खामोशी. सवाल वही है कि क्या कभी असली सरगना पकड़े गए? क्या किसी को कड़ी सजा मिली? ज्यादातर मामलों में दोषी या तो बरी हो जाते हैं या केस सालों अदालतों में लटकने के बाद दम तोड़ देता है. लेकिन यह सिर्फ एक अखबार की कहानी नहीं है. NCRB के आंकड़े, कई राज्यों के पुलिस रिकॉर्ड और शिक्षा कार्यकर्ताओं के सर्वेक्षण, सब एक ही तस्वीर बयान करते हैं कि भारत में परीक्षा लीक करने वालों के लिए सजा की गारंटी न के बराबर है. आइए एक्सप्लेनर में समझते हैं कि पेपर लीक की इकोलॉजी क्या है, आंकड़े क्या कहते हैं, नया कानून कितना असरदार है और आखिर इस खेल में सजा इतनी दुर्लभ क्यों है?
पेपर लीक अब सिर्फ चोरी नहीं, एक अंडरवर्ल्ड इकोनॉमी
पहले यह समझना जरूरी है कि पेपर लीक अब किसी एक परीक्षा केंद्र का मामला नहीं है. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट समेत कई पड़तालें दिखाती हैं कि यह एक जैसी अर्थव्यवस्था बन चुकी है, जिसमें कोचिंग संचालक, प्रिंटिंग प्रेस मालिक, परीक्षा बोर्ड के कर्मचारी और स्थानीय प्रशासन तक शामिल रहते हैं. पेपर लीक का सबसे बड़ा बाजार सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप हैं, जहां एक पेपर की कॉपी मिनटों में हजारों छात्रों तक बेची जाती है. रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) परीक्षा लीक, यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती, और हाल की NEET विवाद सबमें वॉट्सऐप और टेलीग्राम ग्रुप की केंद्रीय भूमिका पाई गई. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह अवैध धंधा सालाना सैकड़ों करोड़ रुपये का है.
आंकड़े क्या कहते हैं: सजा दर 10% से भी कम
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, पिछले एक दशक में परीक्षा लीक के जिन मामलों में FIR दर्ज हुई, उनमें से 10 फीसदी से भी कम में दोषसिद्धि हुई. राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की 2022 की रिपोर्ट भी इसी ओर इशारा करती है:

शिक्षा से जुड़े धोखाधड़ी के मामलों (जिसमें पेपर लीक शामिल है) में चार्जशीट दाखिल होने की दर भले 70% हो, लेकिन सजा की दर मात्र 12-15% रहती है.
मध्य प्रदेश का तो रिकॉर्ड और भी खराब है. 2013 से 2023 के बीच व्यापमं घोटाले को छोड़ दें तो सामान्य पेपर लीक केस में सजा की दर 5% से भी कम पाई गई.
राजस्थान में शिक्षक भर्ती परीक्षा लीक (2022) जैसे हाई-प्रोफाइल केस में 100 से अधिक आरोपी पकड़े गए, लेकिन अब तक सिर्फ 3 को सजा हुई है और वे भी मुख्य आरोपी नहीं थे.

पेपर लीक मामले में सजा इतनी मुश्किल क्यों है?
पेपर लीक के मामले में सजा का सवाल बेहद पेचीदा है. जब कोई बड़ी परीक्षा लीक होती है तो कुछ दिनों तक मीडिया में छाने और कुछ गिरफ्तारियों के बाद असली दोषी अक्सर बच निकलते हैं. इसके पीछे सिर्फ एक या दो नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था से जुड़ी कई परतें हैं जो एक साथ काम करती हैं:

जांच का कमजोर ढांचा और सीमित संसाधन: पेपर लीक के ज्यादातर मामलों की शुरुआती जांच स्थानीय पुलिस करती है. अक्सर उनके पास साइबर अपराध, डिजिटल फोरेंसिक और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप की तह तक जाने की एक्सपर्टीज नहीं होती. आज का पेपर लीक का खेल वॉट्सऐप, टेलीग्राम और डार्क वेब पर चलता है, लेकिन जांच एजेंसियां पारंपरिक तरीकों पर ही निर्भर रहती हैं. दूसरी समस्या यह है कि लीक की साजिश अक्सर एक राज्य से दूसरे राज्य तक फैली होती है. यानी सर्वर कहीं और, खरीदार कहीं और बिचौलिया कहीं और. स्थानीय पुलिस का अधिकार क्षेत्र सीमित होता है और अंतर-राज्यीय समन्वय में समय और सबूत दोनों खो जाते हैं.
राजनीतिक संरक्षण और प्रभाव: कई पेपर लीक मामलों में जांच की दिशा ऊपर से तय होती है. जब आरोपियों का ताल्लुक नेता या नौकरशाह से निकलता है तो मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, कई उदाहरण हैं जहां नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी सालों टाली गई, या चार्जशीट ही दाखिल नहीं की गई. जांच अधिकारी के तबादले, फाइलों का गुम हो जाना और गवाहों का मुकर जाना इस खेल के आम लक्षण हैं.
सबूतों का अभाव और गवाहों का न होना: पेपर लीक का अपराध डिजिटल होता है और सबूत बहुत नाजुक होते हैं. फोन, लैपटॉप और सर्वर से डेटा डिलीट कर देना या एन्क्रिप्ट कर देना आम बात है. अक्सर पुलिस जब तक कार्रवाई करे, तब तक सबूत नष्ट किए जा चुके होते हैं. दूसरी ओर, छात्र और अभिभावक डर के मारे गवाही देने से कतराते हैं. जिन छात्रों ने पैसा देकर पेपर खरीदा होता है, वे भी खुद को फंसाने के डर से चुप रहते हैं. ऐसे में अदालत में अपराध सिद्ध करना बहुत मुश्किल हो जाता है और आरोपी उचित संदेह के लाभ पर बरी हो जाते हैं.
न्यायिक प्रक्रिया की सुस्त रफ्तार: भारत में एक मुकदमे को निपटने में औसतन 6 से 10 साल लग जाते हैं. पेपर लीक के केस भी इससे अछूते नहीं हैं. इतने लंबे समय में गवाह मुकर जाते हैं, सबूत कमजोर पड़ जाते हैं और पीड़ितों की रुचि खत्म हो जाती है. जांच और मुकदमे की यही सुस्त रफ्तार आरोपियों के लिए सबसे बड़ी ढाल है. जब तक फैसला आता है, उनका करियर और जीवन कहीं और आगे बढ़ चुका होता है और सजा का डर खत्म हो जाता है.
नए कानून की सीमाएं: 2024 का &#039;लोक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम&#039; कागजों पर बहुत सख्त है, 10 साल की कैद और 1 करोड़ रुपए तक का जुर्माना. लेकिन इसमें जांच की समय-सीमा तय नहीं है, न ही फास्ट-ट्रैक सुनवाई का अनिवार्य प्रावधान है. सबसे अहम बात, कानून चाहे जितना सख्त हो, अगर उसे लागू करने वाली मशीनरी (पुलिस, अभियोजन, न्यायालय) में वही पुरानी खामियां हैं तो नतीजा वही रहेगा.
पीड़ित छात्र असंगठित और कमजोर: पेपर लीक के शिकार लाखों छात्र और अभिभावक बिखरे हुए होते हैं. उनके पास न तो कानूनी लड़ाई के लिए पैसे होते हैं, न ही सामूहिक आवाज उठाने का कोई मजबूत मंच. नतीजतन, सरकार और जांच एजेंसियों पर जनता का दबाव कुछ दिनों से ज्यादा नहीं टिकता और फिर सब कुछ सामान्य हो जाता है.  ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 18:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Explained:, पेपर, लीक, का, लंबा, इतिहास, लेकिन, सजा, सीमित, क्यों, कैसे, कुछ, ही, आरोपी, पहुंचते, कटघरे, और, ज्यादातर, बच, निकलते</media:keywords>
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        <title>कॉकरोच जनता पार्टी पर RJD सांसद मनोज कुमार झा की एक चिट्ठी और मच गया बवाल, जानें पूरा मामला</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/कॉकरोच-जनता-पार्टी-पर-rjd-सांसद-मनोज-कुमार-झा-की-एक-चिट्ठी-और-मच-गया-बवाल-जानें-पूरा-मामला</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/कॉकरोच-जनता-पार्टी-पर-rjd-सांसद-मनोज-कुमार-झा-की-एक-चिट्ठी-और-मच-गया-बवाल-जानें-पूरा-मामला</guid>
        <description><![CDATA[ भारत की राजनीतिक चर्चा बदलने वाली कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में स्थित संविधान क्लब में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की, जिसे लेकर देश की राजनीति में काफी ज्यादा बवाल मच गया है. CJP के कार्यक्रम के लिए राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राज्यसभा सांसद मनोज कुमार झा ने संविधान क्लब के आंवटन के लिए अपने आधिकारिक लेटर हेड के जरिए सिफारिश की थी. हालांकि, आवंटन को लेकर मचे बवाल के बीच RJD सांसद मनोज कुमार झा ने गुरुवार (4 जून, 2026) को यह स्पष्टीकरण दिया कि आखिर क्यों उन्होंने CJP के कार्यक्रम के लिए सिफारिश की.
पत्र आवंटन पर RJD सांसद ने दिया स्पष्टीकरण
RJD के राज्यसभा सांसद मनोज कुमार झा ने इस संबंध में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, &amp;lsquo;आपने मेरा पत्र देखा ही होगा, एक पत्रकार हैं, जिनसे मैं सोशल मीडिया के जरिए जुड़ा था और मेरे दिल्ली यूनिवर्सिटी के कुछ साथी थे, जो मेरे सीनियर हैं. मुझे बताया गया कि उन्हें संविधान क्लब में एक कार्यक्रम आयोजित करना है, खासतौर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करना है और कुछ नहीं. तो ऐसा तो मैं अक्सर करता हूं, हर दूसरे-तीसरे दिन किसी न किसी सिविल सोसाइटी के लिए.&amp;rsquo;&amp;nbsp;

#WATCH | Delhi: On the Cockraoch Janata Party (CJP), Rajya Sabja MP Manoj Jha says, &quot;You have seen my letter. If you were to read the contents of my letter, it concerns a journalist with whom I was connected on social media, as well as some of my colleagues from Delhi University&amp;hellip; pic.twitter.com/0koWHFchut
&amp;mdash; ANI (@ANI) June 4, 2026



उन्होंने कहा, &amp;lsquo;कई बार लोग, जिनमें पत्रकार भी शामिल हैं, जो शादी या किसी अन्य कार्यक्रम के लिए वेस्टर्न कोर्ट के लिए सिफारिश की मांग करते हैं, तो वो भी करता हूं. अभी स्वर्ण जयंती में शरद यादव जी के लिए कार्यक्रम है, उसके लिए सिफारिश की है. अमुमन प्रतिदिन, रेलवे रिजर्वेशन, एम्स के लिए चिट्ठियां, उनकी भी सिफारिश करता हूं. तो मुझे बताया गया कि उन्हें एक कार्यक्रम करना है, लेकिन जब शाम को उसकी तस्वीरें सामने आईं, तब मुझे एहसास हुआ कि यह क्या था और जब सच्चाई को जानें बिना जब मोटिव बनाए जाने लगे, तो इस पर मैं क्या ही कह सकता हूं.&amp;rsquo;
मैं सिविल सोसाइटी के संगठनों के अक्सर सिफारिशें करता हूं- मनोज झा
राजद सांसद मनोज कुमार झा ने कहा, &amp;lsquo;अगर संविधान क्लब के मेरे पुराने रिकॉर्ड्स को देख लीजिए, तो अपने सार्वजनिक जीवन में मैं कितने ही सिविल सोसाइटी के संगठन, चाहे वह रिक्शा खींचने वाले हो, ऑटो चलाने वाले, घरेलू कर्मचारियों का संगठन हो, सभी के लिए सिफारिश करता रहता हूं. मैं सुलभ हूं, इसलिए लोग अप्रोच करते हैं और उसके बाद, तो इस पर कम से कम मेरी ओर से पटाक्षेप माना जाए.&amp;rsquo;
CJP को लेकर क्या बोले राजद सांसद?
वहीं, जब उनसे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को लेकर प्रतिक्रिया पूछी गई, तब मनोज कुमार झा ने कहा, &amp;lsquo;मैं इस मामले में बहुत स्पष्ट हूं कि जिस भी फेनोमेना की वैचारिकी स्पष्ट न हो, उस पर किसी भी तरह की टिप्पणी नहीं करूंगा और यह (सीजेपी) एक डिजिटल फेनोमेना ही बनकर रहेगा.&amp;rsquo;&amp;nbsp;
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        <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 06:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>कॉकरोच, जनता, पार्टी, पर, RJD, सांसद, मनोज, कुमार, झा, की, एक, चिट्ठी, और, मच, गया, बवाल, जानें, पूरा, मामला</media:keywords>
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        <title>कांग्रेस के राज्यसभा उम्मीदवार का ऐलान, खरगे और पवन खेड़ा को कर्नाटक से उतारा, देखें पूरी लिस्ट</title>
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        <description><![CDATA[ कांग्रेस ने कर्नाटक, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु और झारखंड के लिए राज्यसभा उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है. पार्टी ने कर्नाटक से मल्लिकार्जुन खरगे, पवन खेड़ा और मंसूर अली खान को उम्मीदवार बनाया है. मध्य प्रदेश से मीनाक्षी नटराजन, राजस्थान से नीरज डांगी, तमिलनाडु से प्रवीण चक्रवर्ती और झारखंड से प्रणव झा को उम्मीदवार बनाया गया है.
पवन खेड़ा को मिला तपस्या का फल
कांग्रेस के मीडिया और प्रचार विभाग के चेयरमैन पवन खेड़ा बीते कुछ दिनों से देश की राजनीति के केंद्र में रहे हैं. पार्टी उन्हें कर्नाटक कोटे से उच्च सदन भेजेगी. साल 2022 में कांग्रेस ने जब 10 राज्यसभा उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की थी तो उसमें पवन खेड़ा का नाम नहीं था. तब उन्होंने कहा था, &#039;शायद मेरी तपस्या में कुछ कमी रह गई.&#039; तब ये सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था. अब पार्टी ने उन्हें उनकी तपस्या का फल दे दिया.

The Congress President, Shri @kharge, has approved the candidature of the following persons as Congress candidates to contest the biennial/bye-elections to the Council of States from the states mentioned against their names???? pic.twitter.com/4x4cQNB0kb
&amp;mdash; Congress (@INCIndia) June 4, 2026



मंसूर अली खान पूर्व केंद्रीय मंत्री के. रहमान खान के पुत्र हैं और लंबे समय से कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी में अलग-अलग भूमिकाओं में सक्रिय हैं. वह पिछले लोकसभा चुनाव में बेंगलुरु सेंट्रल क्षेत्र से कांग्रेस के उम्मीदवार थे, हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा था.
नीरज डांगी पर पार्टी ने दोबारा भरोसा जताया
एससी समुदाय से आने वाले नीरज डांगी पर पार्टी आलाकमान ने एक बार फिर भरोसा जताया है. उन्हें राजस्थान से रिपीट किया गया है. कांग्रेस ने मध्य प्रदेश से पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन को राज्यसभा की उम्मीदवार बनाया है. वह राहुल गांधी की कोर टीम की पुरानी और अहम सदस्य रही हैं.
मीनाक्षी नटराज मंदसौर से लोकसभा सांसद रह चुकी हैं. मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का राज्यसभा का कार्यकाल इसी महीने खत्म हो रहा है, हालांकि उन्होंने पहले ही राज्यसभा नहीं जाने की अपनी इच्छा जाहिर कर दी थी.
कांग्रेस ने तमिलनाडु से प्रवीण चक्रवर्ती को टिकट दिया है. वह वर्तमान में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के दो प्रकोष्ठों &amp;lsquo;प्रोफेशनल कांग्रेस&amp;rsquo; और प्रोद्यौगिकी एवं डेटा विभाग के प्रमुख हैं. तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के साथ कांग्रेस का गठबंधन कराने में उनकी अग्रणी भूमिका मानी जाती है. टीवीके प्रमुख और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने बुधवार (3 जून 2026) को AIADMK के राज्यसभा सदस्य सी.वी. षणमुगम के इस्तीफे के बाद खाली हुई सीट कांग्रेस को देने की घोषणा की थी.
झारखंड से प्रणव झा कांग्रेस के उम्मीदवार
कांग्रेस ने अपने राष्ट्रीय सचिव प्रणव झा को झारखंड से उम्मीदवार बनाया है. वह मूल रूप से झारखंड के निवासी हैं और वर्तमान में कांग्रेस अध्यक्ष कार्यालय से संबंद्ध हैं. संसद के उच्च सदन की 24 सीट के लिए 18 जून को चुनाव होगा. राज्यसभा की इन सीटों के लिए चुनाव उन 10 राज्यों में होंगे जहां मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 21 जून से 19 जुलाई के बीच अलग-अलग तारीखों पर समाप्त हो रहा है.
राज्यसभा चुनाव आंध्र प्रदेश, गुजरात और कर्नाटक की चार-चार सीट, मध्य प्रदेश और राजस्थान की तीन-तीन सीट, झारखंड की दो सीट औरमणिपुर, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम की एक-एक सीट पर होंगे. नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख आठ जून है.
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        <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 06:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>कांग्रेस, के, राज्यसभा, उम्मीदवार, का, ऐलान, खरगे, और, पवन, खेड़ा, को, कर्नाटक, से, उतारा, देखें, पूरी, लिस्ट</media:keywords>
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        <title>भारत&amp;अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर बातचीत हुई पूरी, समझौते के लिए दोनों पक्षों ने जताई प्रतिबद्धता</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/भारत-अमेरिका-के-बीच-ट्रेड-डील-को-लेकर-बातचीत-हुई-पूरी-समझौते-के-लिए-दोनों-पक्षों-ने-जताई-प्रतिबद्धता</link>
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        <description><![CDATA[ भारत और अमेरिका ने गुरुवार (4 जून, 2026) को राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में हुई बातचीत के खत्म होने के बाद व्यापार समझौते तक पहुंचने के लिए अपनी प्रतिबद्धता को फिर से दोहराया. इस संबंध में भारत सरकार की तरफ से एक आधिकारिक बयान जारी कर जानकारी साझा की गई है, जिसके तहत जून महीने की शुरुआत सोमवार (1 जून, 2026) से गुरुवार (4 जून, 2026) तक अमेरिकी मुख्य वार्ताकार की भारत यात्रा के दौरान चार दिनों तक चली बातचीत के बाद दोनों देश अंतरिम व्यापार समझौते के और ज्यादा करीब पहुंच गए हैं.
अमेरिकी पक्ष के साथ वार्ता पर भारत सरकार ने क्या कहा?
भारत सरकार की ओर से बयान में कहा गया, &amp;lsquo;अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (USTR) का एक प्रतिनिधिमंडल व्यापार समझौते पर चर्चा को आगे बढ़ाने के लिए 1 से 4 जून, 2026 तक भारत के दौरे पर आया था, जिसका नेतृत्व मुख्य वार्ताकार कर रहे थे. बातचीत के दौरान दोनों पक्षों ने सामानों के व्यापार, नॉन-टैरिफ मेजर्स, सीमा शुल्क और व्यापार सुविधा, इकोनॉमिक सिक्योरिटी अलाइनमेंट के साथ-साथ अन्य पारस्परिक हितों के क्षेत्रों पर रचनात्मक और सकारात्मक चर्चा की.
सरकार ने कहा, &amp;lsquo;इन चर्चाओं में सहयोग और व्यावहारिकता की भावना दिखाई दी और दोनों पक्षों ने एक ऐसे पारस्परिक रूप से फायदा पहुंचाने वाले समझौते को अंतिम रूप देने को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है, जो भारत और अमेरिका के द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक संबंधों को मजबूत करेगा.&amp;rsquo;

#WATCH | Delhi | Citi India CEO, K Balasubramanian, says, &quot;The India-US corridor is very important for India... Even if you look at the investments coming into the country from this corridor, it continues to be quite robust... We are all excited and waiting for the trade deal to&amp;hellip; pic.twitter.com/eSVMCBLlKS
&amp;mdash; ANI (@ANI) June 4, 2026



अमेरिका ने भारत समेत 60 देशों को दी कार्रवाई की धमकी&amp;nbsp;
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब अमेरिका ने भारत सहित दुनिया भर 60 देशों के खिलाफ व्यापारिक कार्रवाई (ट्रेड एक्शन) की चेतावनी दी है. अमेरिका का आरोप है कि इन देशों ने फोर्स्ड लेबर से बने सामानों के आयात पर बैन लगाने और उसे प्रभावी ढंग से लागू करने में नाकामी दिखाई है.
इस संबंध में USTR ने मंगलवार (2 जून, 2026) को एक आधिकारिक बयान जारी किया था. जिसमें USTR ने कहा कि यूएस ट्रेड एक्ट, 1974 की धारा 301 के तहत यह नतीजा निकलता है कि इन 60 अर्थव्यवस्थाओं (देशों) की नीतियां, कार्यप्रणालियां और तरीके गलत हैं और अमेरिकी व्यापार पर बोझ डालते हैं या उस पर प्रतिबंध लगाते हैं, इसलिए अमेरिकी व्यापार कानून के तहत इनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है.
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        <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 06:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>भारत-अमेरिका, के, बीच, ट्रेड, डील, को, लेकर, बातचीत, हुई, पूरी, समझौते, के, लिए, दोनों, पक्षों, ने, जताई, प्रतिबद्धता</media:keywords>
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        <title>जगतगुरू शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद गौरक्षा यात्रा लेकर पहुंचे फर्रुखाबाद, केंद्र और यूपी सरकार पर साधा निशाना</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/जगतगुरू-शंकराचार्य-स्वामी-अविमुक्तेश्वरानंद-गौरक्षा-यात्रा-लेकर-पहुंचे-फर्रुखाबाद-केंद्र-और-यूपी-सरकार-पर-साधा-निशाना</link>
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        <description><![CDATA[ ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने भारत में गौरक्षा को लेकर भारत और उत्तर प्रदेश सरकार पर एक बार फिर से निशाना साधा है. उन्होंने गुरुवार (4 जून, 2026) को केंद्र और उत्तर प्रदेश की प्रदेश सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार के शासनकाल में गौ हत्या बढ़ गई है. उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि गौ माता को राजमाता का दर्जा दिया जाए.
वहीं, गोरक्ष पीठ के महंत पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि निचली अदालत सुप्रीम कोर्ट को मानने से इनकार करे, तो उसको दंडित करना चाहिए. उन्होंने गोरक्ष पीठ के महंत योगी आदित्यनाथ को कहा कि वो असली हिंदू नहीं हैं.
2014 के बाद से भारत में बढ़ा बीफ का एक्सपोर्ट
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि साल 2014 के बाद भारत में बीफ का एक्सपोर्ट काफी ज्यादा बढ़ गया है. जब से ऐसे लोग सत्ता में आए, यही हमारी चिंता का कारण है. प्रदेश की गौशालाओं में गायों की स्थिति भी अत्यंत गंभीर है. गायों की रक्षा की जगह वहां उनकी तड़प-तड़पकर मौतें हो रही हैं. उन्होंने आगे कहा कि गौशाला में भोजन, पानी की समुचित व्यवस्था प्रदेश सरकार की तरफ से नहीं की जा रही है.&amp;nbsp;
उन्होंने अपने कन्नौज प्रवास के दौरान जिला प्रशासन के उनके प्रति रवैये की भी घोर निंदा की और कहा कि ऐसे नकली हिंदुओं पर धिक्कार है. प्रदेश सरकार की तरफ से मेरी आवाज को दबाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार सनातन विरोधी नहीं होती, तो आज सनातन विरोधी कार्य नहीं करती.
योगी आदित्यनाथ को लेकर बोले अविमुक्तेश्वरानंद
इसके अलावा, गोरक्ष पीठ के महंत को लेकर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि भेष साधु का, जब तक आचरण साधु का न हो, तब तक साधु कहा जाना संभव नहीं है. उन्होंने प्रदेश सरकार पर कहा कि गली-गली में गुंडे घूम रहे और उठवा रहे. हमको और जनता को डरा रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह राम का देश है, रावण का नहीं. गोरक्ष पीठ का महंत ऐसा होगा किसी ने सोचा भी नहीं होगा.
यह भी पढे़ंः यूपी में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को सड़क किनारे बितानी पड़ी रात! अस्थायी टेंट में नहीं था बिजली, पंखे का इंतजाम ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 06:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>जगतगुरू, शंकराचार्य, स्वामी, अविमुक्तेश्वरानंद, गौरक्षा, यात्रा, लेकर, पहुंचे, फर्रुखाबाद, केंद्र, और, यूपी, सरकार, पर, साधा, निशाना</media:keywords>
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        <title>970 करोड़ का मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क: म्यांमार से सुपारी तस्करी मामले में ED की मिजोरम में बड़ी छापेमारी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/970-करोड़-का-मनी-लॉन्ड्रिंग-नेटवर्क-म्यांमार-से-सुपारी-तस्करी-मामले-में-ed-की-मिजोरम-में-बड़ी-छापेमारी</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/970-करोड़-का-मनी-लॉन्ड्रिंग-नेटवर्क-म्यांमार-से-सुपारी-तस्करी-मामले-में-ed-की-मिजोरम-में-बड़ी-छापेमारी</guid>
        <description><![CDATA[ ED ने म्यांमार से भारत में अवैध रूप से लाई जा रही सूखी सुपारी की तस्करी और उससे जुड़े करीब 970 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क के मामले में बड़ी कार्रवाई की है. ED की आइजोल सब-जोनल ऑफिस टीम ने गुरुवार (4 जून) को मिजोरम के चम्फाई जिले में 9 अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की.
ये कार्रवाई PMLA के तहत की गई. छापे स्थानीय कारोबारियों और कथित तौर पर तस्करी नेटवर्क से जुड़े लोगों के घरों और व्यावसायिक परिसरों में मारे गए. ED की जांच की शुरुआत सीबीआई की एंटी करप्शन ब्रांच, इंफाल द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर हुई थी. ये एफआईआर म्यांमार से भारत में सूखी सुपारी की बड़े पैमाने पर तस्करी से जुड़े मामले में दर्ज की गई थी. इस मामले की जांच का आदेश गुवाहाटी हाई कोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया था.

जांच में सामने आया कि म्यांमार के नागरिक तिआउ नदी के रास्ते बिना किसी कस्टम क्लीयरेंस के सूखी सुपारी भारत में लाते थे. ये माल मिजोरम के जोखावथार और चम्फाई इलाके में स्थानीय सहयोगियों को सौंपा जाता था. इसके बाद सुपारी को चम्फाई के गोदामों में रखा जाता और फिर ट्रकों के जरिए असम-मिजोरम सीमा पर स्थित वैरेंगटे तक पहुंचाया जाता था. इस पूरे नेटवर्क को असम के सिलचर स्थित व्यापारी और फाइनेंसर आर्थिक मदद देते थे. इनके द्वारा बैंकिंग चैनलों के जरिए बड़ी रकम मिजोरम में मौजूद सहयोगियों के खातों में भेजी जाती थी.&amp;nbsp;
ED के मुताबिक म्यांमार के सप्लायर्स को भारतीय मुद्रा में भुगतान किया जाता था, जिसे बाद में सीमा के पास काम करने वाले मनी एक्सचेंजर्स के जरिए म्यांमार की मुद्रा में बदला जाता था. जांच में ये भी सामने आया कि साल 2021 से 2024 के बीच चम्फाई जिले में सुपारी के परिवहन के लिए 251.19 करोड़ रुपये के SGST और 86.25 करोड़ रुपये के CGST से जुड़े ई-वे बिल जारी किए गए. ये ई-वे बिल कथित तौर पर फर्जी प्लांटेशन सर्टिफिकेट और नकली कस्टम क्लीयरेंस दस्तावेजों के आधार पर बनाए गए थे.
ED ने पाया कि जिन बागान मालिकों के नाम पर दस्तावेज तैयार किए गए थे, वे GST में पंजीकृत ही नहीं थे. ED के मुताबिक तस्करी में शामिल स्थानीय लोगों को प्रति किलो सुपारी पर 2 से 15 रुपये तक कमीशन दिया जाता था. ये लोग माल की खरीद, परिवहन, सुरक्षा और कस्टम से जुड़ी प्रक्रियाओं में मदद करते थे.
कैसे चल रहा था फर्जीवाड़ा, ईडी ने किया खुलासा
ED ने खुलासा किया कि जब कस्टम विभाग सुपारी की खेप जब्त कर लेता था, तब कुछ स्थानीय लोगों को सामने लाकर उन्हें माल का दावा करने वाला दिखाया जाता था. इसके बदले उन्हें लाखों रुपये दिए जाते थे. कई मामलों में कस्टम अधिकारियों के सामने यह दिखाने के लिए कि माल कानूनी रूप से आयात किया गया है. फर्जी और असंबंधित बिल ऑफ एंट्री भी पेश किए गए.
बैंक खातों की जांच में ED को पता चला कि वर्ष 2013 से 2025 के बीच आरोपियों के विभिन्न खातों के जरिए 970 करोड़ रुपये से अधिक की संदिग्ध रकम का लेन-देन हुआ. एजेंसी का मानना है कि यही रकम इस तस्करी नेटवर्क से अर्जित अपराध की कमाई यानी Proceeds of Crime है.
छापेमारी के दौरान ED ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए है. .इनमें जमीन और संपत्तियों के कागजात, कारोबार से जुड़े रिकॉर्ड, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शामिल है. एजेंसी अब इन दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है. ED ने कहा है कि मामले में आगे की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे हो सकते है.
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        <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 06:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>मोदी सरकार ने तेल संकट के बीच लिया बड़ा फैसला, जारी किया 10 हजार करोड़ का फंड</title>
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        <guid>https://hindi.attentionindia.com/मोदी-सरकार-ने-तेल-संकट-के-बीच-लिया-बड़ा-फैसला-जारी-किया-10-हजार-करोड़-का-फंड</guid>
        <description><![CDATA[ पश्चिम एशिया में चल रहे संकट की वजह से ईंधन की बढ़ती कीमतें एविएशन सेक्टर पर भारी दबाव डाल रही हैं. तेल संकट के बीच मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. बुधवार (3 जून) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को 10 हजार रुपये के ATF फंड को मंजूरी दी गई है. इस फंड से ATF की कीमतों को स्थिर बनाए रखने के लिए ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को मदद दी जाएगी.
फंड जारी करने का मकसद एयरलाइंस को एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की बढ़ती और अस्थिर कीमतों की वजह से होने वाले नुकसान से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को बचाना है. एटीएफ प्राइस स्टेबलाइजेशन सपोर्ट 36 महीनों तक लागू रहेगी. हालांकि इसकी हर साल समीक्षा की जाएगी या फिर तब तक जारी रहेगी, जब तक पूरी अग्रिम राशि की वसूली और एडजस्टमेंट नहीं हो जाता, जो भी पहले हो.
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, पश्चिम एशिया में जारी संकट की वजह से अंतरराष्ट्रीय एटीएफ कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है. मार्च 2026 में ATF की कीमत लगभग 60.50 रुपए प्रति लीटर थी, जो मई 2026 तक बढ़कर 142 रुपए प्रति लीटर पहुंच गई. यानी महज दो महीनों में कीमतें लगभग 2.5 गुना बढ़ गई हैं, जिससे एयरलाइंस की लागत पर भारी दबाव पड़ा है.
(इस खबर को अपडेट किया जा रहा है) ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 13:30:14 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>एशियन गेम्स के ट्रायल्स से बाहर हुईं विनेश फोगाट, फिर भी जिद पर अड़ा WFI तो सुप्रीम कोर्ट ने दिया ये जवाब</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/एशियन-गेम्स-के-ट्रायल्स-से-बाहर-हुईं-विनेश-फोगाट-फिर-भी-जिद-पर-अड़ा-wfi-तो-सुप्रीम-कोर्ट-ने-दिया-ये-जवाब</link>
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        <description><![CDATA[ सुप्रीम कोर्ट ने पहलवान विनेश फोगाट के एशियन गेम्स के ट्रायल्स में हिस्सा लेने के खिलाफ कुश्ती संघ की याचिका पर सुनवाई गुरुवार (4 जून, 2026) को बंद कर दी है. कोर्ट को बताया गया कि विनेश ट्रायल्स में हिस्सा ले चुकी हैं और हारकर बाहर भी हो चुकी हैं. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने आगे सुनवाई को गैरजरूरी बताया.
कुश्ती संघ (WFI) ने हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसमें विनेश को ट्रायल्स में जाने की अनुमति दी गई थी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मामले से जुड़े कानूनी सवाल खुले हैं. हाईकोर्ट चाहे तो उन पर विचार कर सकता है.
बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार कुश्ती संघ ने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने की मांग की है. कुश्ती संघ की तरफ से सीनियर एडवोकेट डीएन गोवर्धन ने कोर्ट से अनुरोध किया है कि पैरा नंबर 31 से आगे का हाईकोर्ट का आदेश रद्द कर दिया जाना चाहिए, क्योंकि इसमें तो यहां तक कह दिया गया है कि डब्ल्यूएफआई की कार्रवाई दुर्भावनापूर्ण और निंदनीय है. हालांकि, कोर्ट ने आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है.
सुप्रीम कोर्ट ने कुश्ती संघ से कहा है कि हाईकोर्ट की इन टिप्पणियों का सिंगल बेंच के पास लंबित मामले की सुनवाई पर कोई असर नहीं पड़ेगा. कोर्ट ने यह भी कहा कि हाईकोर्ट के निष्कर्षों को सुप्रीम कोर्ट ने नहीं दोहराया है और मुद्दे अभी भी अनसुलझे हैं.&amp;nbsp;
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यह मुद्दा विनेश फोगाट को एशियन गेम्स के ट्रायल्स में शामिल होने के लिए इजाजत देने से जुड़ा है. पहले हाईकोर्ट ने विनेश फोगाट को ट्रायल्स में जाने की अनुमति दे दी थी और फिर 29 मई को सुप्रीम कोर्ट ने भी फैसले को बरकरार रखा. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने विनेश को इजाजत देने के लिए हाईकोर्ट की तरफ से अपनाए गए दृष्टिकोण पर विचार करने के लिए मामले को लंबित रखा था.
कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट ने आदेश में मातृत्व पर पन्ने दर पन्ने खर्च कर दिए, जबकि असली मुद्दा इंटरनेशनल टेस्टिंग एजेंसी (ITA) के मानदंडों से जुड़ा है क्योंकि विनेश फोगाट डोपिंग टेस्ट में शामिल नहीं हुईं.
सुप्रीम कोर्ट ने विनेश को फटकार भी लगाई थी कि वह 2024 से गायब हैं, कभी मातृत्व और कभी &amp;nbsp;बतौर विधायक हरियाणा विधनासभा की कार्यवाही में व्यस्त होने का हवाला दिया. 2026 के डोपिंग टेस्ट में भी शामिल नहीं हुईं. कोर्ट ने उनसे कहा था कि हमें समझना होगा कि भारतीय खेल, विश्व खेलों से जुड़े हुए हैं. खिलाड़ी की उपलब्धियों का सम्मान होना चाहिए, लेकिन देश हर बात से पहले है.
हाईकोर्ट ने विनेश फोगाट को घरेलू प्रतियोगिताओं और 2026 के एशियन गेम्स के ट्रायल्स के लिए अयोग्य ठहराए जाने की डब्ल्यूएफआई की कार्रवाई को निंदनीय और बदले की भावना से प्रेरित बताया था. उन्होंने कहा था कि मातृत्व अवकाश के बाद वापसी कर रही खिलाड़ी से ऐसा व्यवहार अस्वीकार्य है.
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(निपुण सहगल के इनपुट के साथ) ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 13:30:13 +0530</pubDate>
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        <title>IPL Founder Lalit Modi: BJP नेता वसुंधरा राजे के साथ कैसा था ललित मोदी का रिश्ता? धमाकेदार इंटरव्यू में कर दिया खुलासा</title>
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        <description><![CDATA[ इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी (Lalit Modi) ने कहा है कि राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को आईपीएल जैसे बड़े स्तर के क्रिकेट टूर्नामेंट बनाने के उनके विज़न पर पूरा भरोसा था और उन्होंने क्रिकेट के क्षेत्र में उनके काम को देखा था. लंदन में एएनआई को दिए एक खास इंटरव्यू में ललित मोदी ने कहा कि उन्होंने जो आईपीएल का प्रोडक्ट बनाया है, वह पूरी दुनिया के लिए बहुत संतोषजनक, शानदार और मनोरंजक है. ललित मोदी भी कहा कि आईपीएल की वजह से ही आज बीसीसीआई को ज्यादा ताकत मिली है.
ललित मोदी ने कहा कि वह वसुंधरा राजे ही थीं, जिन्होंने शुरुआत से ही मेरे विज़न पर भरोसा किया. हम दोस्त थे. हमारी दोस्ती राजनीति से ऊपर रही है. दोनों परिवारों के बीच भी लंबे समय से अच्छे संबंध रहे हैं, जिसके कारण एक-दूसरे पर भरोसा और मजबूत हुआ. वसुंधरा राजे जानती थीं कि मैंने क्रिकेट के लिए क्या किया है, खेलों के लिए क्या किया है और &#039;मोदी एंटरटेनमेंट नेटवर्क&#039; के साथ क्या काम किया है. हम अच्छे दोस्त थे, ललित मोदी ने कहा.

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व्यापार से जुनून का सफरआईपीएल के पूर्व चेयरमैन ने बताया की क्रिकेट उनके लिए पहले एक व्यापार था, लेकिन बाद में यह उनका जुनून बन गया और कहा कि जब उन्होंने ईएसपीएन (ESPN) की जिम्मेदारी मर्डोक परिवार को सौंपी, उसके बाद से क्रिकेट उनके जीवन का मुख्य एजेंडा बन गया. जब ललित मोदी से पूछा गया कि क्या वसुंधरा राजे ने उन्हें कभी चेतावनी दी थी कि वह उन लोगों के खिलाफ जा रहे हैं, जो बाद में उनके पीछे पड़ जाएंगे तो उन्होंने कहा कि भारत छोड़ने के बाद भी कोई उनके पीछे नहीं पड़ा था.
ललित ने बताया कि भारत छोड़ने तक मुझे नहीं पता था कि कोई मेरे पीछे पड़ा हुआ है. यहां तक कि जब मैंने भारत छोड़ा, तब भी कोई मेरे पीछे नहीं आया. यह केवल शशि थरूर वाले मामले से ठीक पहले की बात थी, जब लोग दूसरे कारणों से मेरे पीछे पड़े, लेकिन जो प्रोडक्ट मैंने बनाया (आईपीएल), उसके लिए किसी ने मेरा विरोध नहीं किया. आज भी लोग मेरे काम की तारीफ करते हैं. इसलिए असल में कोई भी इस प्रोडक्ट के खिलाफ नहीं गया है. मैंने जो प्रोडक्ट बनाया है, वह दुनिया को खुशी देने और मनोरंजन करने वाला है.
आईपीएल ने बढ़ाई बीसीसीआई की ताकतललित मोदी ने कहा हमने इसे ऐसा बनाया कि पूरा परिवार मिलकर देख सके. आज हम जिस पीढ़ी में जी रहे हैं, वहां 15, 17, 18 साल के लड़के-लड़कियां टेस्ट क्रिकेट या इंडिया क्रिकेट के बारे में ज्यादा नहीं जानते, वे सिर्फ आईपीएल को जानते हैं और आगे भी इसी को जानेंगे. यह पूछे जाने पर कि क्या आईपीएल की वजह से आज बीसीसीआई के पास ज्यादा ताकत और पैसा है, ललित मोदी ने कहा, &#039;बिना किसी शक के&#039; और यही वजह है कि आज हर कोई इसमें शामिल होना चाहता है. बीसीसीआई का कोई खर्च नहीं था, सिर्फ कमाई थी. जब आईपीएल शुरू हुआ था, तब यह बीसीसीआई की कुल कमाई का सिर्फ 1% था, आज हम 90% हैं और अगले तीन सालों में हम 95% हो जाएंगे.
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        <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 13:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>IPL, Founder, Lalit, Modi:, BJP, नेता, वसुंधरा, राजे, के, साथ, कैसा, था, ललित, मोदी, का, रिश्ता, धमाकेदार, इंटरव्यू, में, कर, दिया, खुलासा</media:keywords>
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        <title>2022 के एआईएडीएमके निष्कासन मामले में याचिका वापस लेने की अर्जी,  4 जून को मद्रास HC करेगा सुनवाई</title>
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        <description><![CDATA[ मद्रास हाईकोर्ट गुरुवार (4 जून, 2026) को उस याचिका पर सुनवाई करेगा, जिसमें 2022 में एआईएडीएमके के कई वरिष्ठ नेताओं को पार्टी से निष्कासित किए जाने के खिलाफ दायर मामले को वापस लेने की अनुमति मांगी गई है. यह मामला जस्टिस एन. कुमारेश बाबू की अदालत में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है. बुधवार को प्रक्रिया संबंधी देरी के कारण अदालत इस अनुरोध पर विचार नहीं कर सकी थी.
यह विवाद 2022 में एआईएडीएमके के भीतर शुरू हुए नेतृत्व संघर्ष से जुड़ा है, जब पार्टी दो गुटों में बंट गई थी. एक गुट का नेतृत्व एडप्पादी के. पलानीस्वामी (EPS) और दूसरे का नेतृत्व ओ. पन्नीरसेल्वम (OPS) कर रहे थे. पार्टी के भीतर चल रही इस खींचतान के बीच 11 जुलाई 2022 को एआईएडीएमके की महत्वपूर्ण जनरल काउंसिल बैठक आयोजित की गई थी.
बैठक से पहले ओ. पन्नीरसेल्वम ने मद्रास हाईकोर्ट में याचिका दायर कर इस बैठक पर रोक लगाने की मांग की थी. हालांकि, अदालत ने अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद बैठक निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार हुई.
जनरल काउंसिल की बैठक में कई प्रस्ताव पारित किए गए, जिन्होंने पार्टी की नेतृत्व व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया. इनमें एक प्रमुख प्रस्ताव के तहत ओ. पन्नीरसेल्वम, मनोज पांडियन, जे.सी.डी. प्रभाकर और वैथिलिंगम को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था. इसके बाद इन चारों नेताओं ने अपने निष्कासन को चुनौती देते हुए मद्रास हाईकोर्ट का रुख किया था. तब से यह मामला एआईएडीएमके के नेतृत्व विवाद से जुड़े अन्य मामलों के साथ लंबित है.
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बाद के राजनीतिक घटनाक्रमों ने इस मामले की परिस्थितियों को बदल दिया. जे.सी.डी. प्रभाकर बाद में तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) में शामिल हो गए और वहां स्पीकर बनाए गए. वहीं ओ. पन्नीरसेल्वम और उनके कुछ सहयोगी बाद में द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) में शामिल हो गए. इन बदली हुई परिस्थितियों को देखते हुए जे.सी.डी. प्रभाकर और अन्य याचिकाकर्ताओं ने हाल ही में हाईकोर्ट को पत्र लिखकर मामले को वापस लेने की अनुमति मांगी है.
बुधवार को सुनवाई के दौरान जस्टिस कुमारेश बाबू को बताया गया कि याचिका वापस लेने संबंधी पत्र हाईकोर्ट रजिस्ट्री से अदालत तक नहीं पहुंचा है. इसी कारण अदालत इस अनुरोध पर कोई फैसला नहीं ले सकी. स्थिति को देखते हुए जज ने मामले की सुनवाई गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दी और इसे फिर से सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया. अब उम्मीद है कि मद्रास हाईकोर्ट याचिकाकर्ताओं के मामले को वापस लेने के अनुरोध पर विचार करेगा और उचित आदेश जारी करेगा.
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        <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 13:30:10 +0530</pubDate>
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        <title>&amp;apos;मैं नरेंद्र मोदी के करीब था...&amp;apos;, ललित मोदी का बड़ा दावा, BJP के नेताओं से रिश्तों का खोला पूरी सीक्रेट</title>
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        <description><![CDATA[ पूर्व आईपीएल चेयरमैन और क्रिकेट प्रशासक ललित मोदी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को &#039;क्रिकेट का बड़ा प्रशंसक&#039; बताते हुए कहा कि उनके और पीएम मोदी के बीच ज्यादातर बातचीत अहमदाबाद में क्रिकेट इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास को लेकर होती थी. लंदन में ANI को दिए एक विशेष इंटरव्यू में ललित मोदी ने कहा कि पीएम मोदी ने हमेशा गुजरात में क्रिकेट के विकास में गहरी दिलचस्पी दिखाई.
&#039;हमारी बातचीत सिर्फ क्रिकेट को लेकर होती थी&#039;ललित मोदी ने कहा, &#039;नरेंद्र मोदी क्रिकेट के बड़े प्रशंसक थे. अहमदाबाद में क्रिकेट इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर उनकी दिलचस्पी थी और हमारी बातचीत क्रिकेट तक सीमित थी.&#039; उन्होंने आगे कहा, &#039;मैं नरेंद्र मोदी के करीब था, लेकिन वह नजदीकी क्रिकेट को लेकर थी, राजनीति को लेकर नहीं.&#039;
नरेंद्र मोदी स्टेडियम पर बयान के बाद छिड़ी थी बहसललित मोदी की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब हाल ही में उन्होंने अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम को लेकर एक बयान दिया था. उन्होंने कहा था कि अगर मौका मिले तो वह इस स्टेडियम को गिराकर दोबारा बनाएंगे ताकि दर्शकों को और बेहतर अनुभव मिल सके. दुनिया के प्रमुख क्रिकेट स्टेडियमों में गिने जाने वाले इस मैदान को लेकर दिए गए उनके बयान के बाद काफी चर्चा हुई थी.

&#039;मैं स्टेडियम की आलोचना नहीं कर रहा था&#039;अपने पुराने बयान को स्पष्ट करते हुए ललित मोदी ने कहा कि वह स्टेडियम की आलोचना नहीं कर रहे थे, बल्कि भारतीय खेल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए और बड़े विजन की बात कर रहे थे. उन्होंने कहा, &#039;आज यह भारत का सबसे अच्छा स्टेडियम है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है. मैंने कहा था कि मैं इसे गिरा दूंगा. अगर मैं इसे गिराने की बात करता हूं तो बाकी स्टेडियमों को भी गिराना होगा. मैंने साफ कहा था कि यह आज भारत का सबसे बेहतरीन स्टेडियम है. लेकिन अगर मुझे अंतरराष्ट्रीय स्तर का फैन एक्सपीरियंस देना हो, तो मैं इसे भी दोबारा बनाऊंगा.&#039;
दुनिया के बड़े स्टेडियमों से की तुलनाललित मोदी का कहना है कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के पास आज जितनी आर्थिक ताकत और वैश्विक प्रभाव है, उसे देखते हुए भारत को दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित खेल मैदानों की बराबरी करने वाले स्टेडियम बनाने चाहिए. उन्होंने कहा, &#039;आज आप वेम्बली स्टेडियम, लॉर्ड्स, बार्सिलोना का कैंप नो, मैनचेस्टर यूनाइटेड का ओल्ड ट्रैफर्ड और मैनचेस्टर सिटी का एतिहाद स्टेडियम देखिए. ये सभी हमारे किसी भी स्टेडियम से कहीं बेहतर हैं. आज BCCI के पास पहले से कहीं ज्यादा पैसा है, इसलिए हमें और बड़े स्तर पर सोचना चाहिए.&#039; ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 13:30:10 +0530</pubDate>
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        <title>नेतन्याहू के साथ फोन पर गर्मागरम बहस के बाद बोले ट्रंप&amp; ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोज्तबा से चाहता हूं मुलाकात</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/नेतन्याहू-के-साथ-फोन-पर-गर्मागरम-बहस-के-बाद-बोले-ट्रंप-ईरान-के-नए-सुप्रीम-लीडर-मोज्तबा-से-चाहता-हूं-मुलाकात</link>
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        <description><![CDATA[ मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच स्थाई शांति के लेकर अभी तक कोई समझौता नहीं हो पाया है. हालांकि आए दिन दोनों देशों की तरफ संभावित डील को लेकर अलग-अलग दावे किए जाते हैं. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार (3 जून 2026) को कहा कि वह ईरान के सुप्रीम लीडर मोज्तबा खामेनेई से मिलना चाहते हैं. उन्होंने दावा किया कि ईरान परमाणु हथियार विकसित नहीं करने पर सहमत हो गया है.
ट्रंप ने मोज्तबा खामेनेई से मिलने की इच्छा जताई&amp;nbsp;
न्यूयॉर्क पोस्ट के पॉडकास्ट को दिए इंटरव्यू में जब राष्ट्रपति ट्रंप से मोज्तबा खामेनेई के साथ बातचीत की संभावना के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, &#039;मैं उनसे मिलना चाहूंगा.&#039; ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्हें अब तक खामेनेई से मिलने का &#039;सौभाग्य&#039; नहीं मिला है. उन्होंने कहा, &#039;मैं सभी से मिलना चाहता हूं. हालांकि ये इस बात पर निर्भर करता है कि हालात कैसे रहते हैं. किसी समय हम शायद मिलेंगे.&#039;
मोज्तबा ने मार्च की शुरुआत में ईरान के सर्वोच्च नेता का नया पदभार संभाला. उन्होंने अपने पिता अयातुल्ला अली खामेनेई का स्थान लिया, जिनकी अमेरिका-इजरायल के हवाई हमले में मृत्यु हो गई थी. हालांकि, वह (मोज्तबा) अभी तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं और न ही उन्होंने अपनी आवाज में कोई भाषण जारी किया है.
सीजफायर वार्ता में शामिल हैं मोज्तबा: ट्रंप
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि मोज्तबा खामेनेई सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं, लेकिन वे सीजफायर वार्ता में स्पष्ट रूप से शामिल हैं. उन्होंने आगे कहा, &#039;मुझे लगता है कि ईरानी उनका बहुत सम्मान करते हैं. खराब स्वास्थ्य के बावजूद वे वार्ता से संबंधित स्वीकृतियां दे रहे हैं. जब उनसे पूछा गया कि अगर ईरान के साथ फिर से दुश्मनी शुरू होती है तो स्थिति कैसी होगी? इस पर उन्होंने कहा, &#039;फिलहाल जमीनी सैनिकों की कोई जरूरत नहीं है. हमने अकेले हवाई हमलों से ही उनकी सेना के एक महत्वपूर्ण हिस्से को नष्ट कर दिया है.&#039;
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मंगलवार (2 जून 2026) को कांग्रेस (संसद) की एक समिति को बताया कि मोज्तबा खामेनेई जीवित हैं और उनकी सक्रियता लगातार बढ़ रही है. उन्होंने सीनेट की विदेश संबंध समिति को बताया, &#039;मुझे लगता है कि ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि वह किसी न किसी स्तर पर तेजी से सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं.&#039;
नेतन्याहू के साथ हुई तीखी बातचीत
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ फोन पर तीखी बातचीत के कुछ दिन बाद ट्रंप ने मोज्तबा खामेनेई से मिलने की ईच्छा जताई है. इंटरव्यू में अमेरिकी राष्ट्रपति ने बेंजामिन नेतन्याहू के साथ फोन पर हुई बातचीत के दौरान अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने की बात भी स्वीकार की.&amp;nbsp; विदेश संबंध समिति को बताया, &#039;मुझे लगता है कि ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि वह किसी न किसी स्तर पर तेजी से सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं.&#039;
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        <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 01:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>नेतन्याहू, के, साथ, फोन, पर, गर्मागरम, बहस, के, बाद, बोले, ट्रंप-, ईरान, के, नए, सुप्रीम, लीडर, मोज्तबा, से, चाहता, हूं, मुलाकात</media:keywords>
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        <title>दीमक लगे करोड़ों का कैश, AC बेडरूम, कंडोम, रिवॉल्वर...कोलकाता के सबसे पुराने सुरेंद्रनाथ कॉलेज में मिला TMC की अय्याशियों का अड्डा</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/दीमक-लगे-करोड़ों-का-कैश-ac-बेडरूम-कंडोम-रिवॉल्वरकोलकाता-के-सबसे-पुराने-सुरेंद्रनाथ-कॉलेज-में-मिला-tmc-की-अय्याशियों-का-अड्डा</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/दीमक-लगे-करोड़ों-का-कैश-ac-बेडरूम-कंडोम-रिवॉल्वरकोलकाता-के-सबसे-पुराने-सुरेंद्रनाथ-कॉलेज-में-मिला-tmc-की-अय्याशियों-का-अड्डा</guid>
        <description><![CDATA[ कोलकाता के एक सबसे पुराने और प्रतिष्ठित कॉलेजों में से एक सुरेंद्रनाथ कॉलेज इन दिनों सुर्खियों में बना हुआ है. यहां एक स्टूडेंट विंग के रूम में करीबन एक करोड़ रुपए कैश से भरे दो बॉक्स मिले. इनमें से अधिकतर कैश में दीमक लग गई. सत्तारुढ़ बीजेपी ने टीएमसी को जिम्मेदार ठहराया है.&amp;nbsp;
दरअसल, बंगाल में पिछले कुछ सालों में छात्र संघ के चुनाव नहीं हुए. इसकी वजह पिछले साल जून में साउथ कोलकत्ता लॉ कॉलेज के स्टूडेंट विंग के कमरे में 24 साल की छात्रा का गैंगरेप हुआ था. इसके बाद कोलकाता हाईकोर्ट ने टीएमसी सरकार को निर्देश दिया था कि कॉलेजों में स्टूडेंट विंग के कमरे बंद कर दिए जाएं. इसी के तहत सुरेंद्र नाथ कॉलेज के स्टूडेंट विंग के कमरे को बंद कर दिया गया था.&amp;nbsp;
कई आपत्तिजनक सामाग्री भी बरामद
इनके अलावा कॉलेज कैंपस में तलाशी के दौरान कई आपत्तिजनक सामाग्री भी बरामद की गई है. कॉलेज के अंदर दो बेडरूम भी मिले हैं. इनमें एसी, अटैच्ड बाथरूम, बेड, महंगे गद्दे, तकिए लगे थे. &amp;nbsp;इसके अलावा कॉलेज कैंपस से दो एसी बेडरूम, शराब की बोतलें, गर्भनिरोधक के पैकेट, और रिवॉल्वर बरामद हुई. इसके लिए&amp;nbsp;
अधिकारियों का कहना है कि इन रूम का इस्तेमाल टेरेस फैसिलिजिट के तौर पर किया जाता है. इन कमरों का इस्तेमाल टीएमसी के दबंग छात्र नेता देबाशीष बंद्योपाध्याय और उनके बेटे शिबाशीष करते थे. कर्मचारियों से मालिश करवाई जाती थी. देबाशीष बंद्योपाध्याय ने हालांकि, इन सभी दावों से इनकार कर दिया है.&amp;nbsp;

आखिर कैसे हुआ ये खुलासा?&amp;nbsp;द टेलीग्राफ ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि सुरेंद्रनाथ कॉलेज ने छात्र संघ का कमर उस वक्त खोला, जब बीजेपी सरकार ने कॉलेजों के स्टूडेंट विंग के फंड से किए खर्चों को ऑडिट करने के आदेश दिए.&amp;nbsp;
इस पूरे मामले में बीजेपी ने कार्रवाई की मांग की है. साथ ही ईडी जांच की मांग भी पार्टी की तरफ से की गई है. बीजेपी विधायक सजल घोष ने बताया कि यह कैश कॉलेज में चल रहे एडमिशन रैकेट से जुड़े हो सकते हैं. टीएमसी छात्र संघ (TMCP) के नेता लाखों रुपए एडमिशन के एवज में लेते थे. भ्रष्टाचार से कमाया पैसा कालीघाट पहुंचता था. कालीघाट पर ममता बनर्जी का आवास था. टीएमसी ने इस मामले में किसी तरह का रिएक्शन फिलहाल अभी तक नहीं दिया.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 01:30:10 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>दीमक, लगे, करोड़ों, का, कैश, बेडरूम, कंडोम, रिवॉल्वर...कोलकाता, के, सबसे, पुराने, सुरेंद्रनाथ, कॉलेज, में, मिला, TMC, की, अय्याशियों, का, अड्डा</media:keywords>
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        <title>BK Hariprasad: कर्नाटक कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष बने बीके हरिप्रसाद, डीके शिवकुमार की जगह संभालेंगे जिम्मेदारी</title>
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        <description><![CDATA[ BK Hariprasad: कर्नाटक में लगातार कांग्रेस संगठनात्मक बदलाव के अलावा सरकार में भी फेरबदल कर रही है. अब डीके शिवकुमार को सिद्धारमैया की जगह मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी सौंपने के बाद कांग्रेस ने बीके हरिप्रसाद को बुधवार को कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस की जिम्मेदारी सौंपते हुए, उन्हें अध्यक्ष पद पर नियुक्त किया है. हरिप्रसाद पार्टी के सीनियर नेता हैं. इसके अलावा वह पार्टी में रहते हुए कई जिम्मेदारी संभाल चुके हैं.&amp;nbsp;
बीके हरिप्रसाद वर्तमान में कर्नाटक विधान परिषद के सदस्य हैं. उनका कार्यकाल इसी महीने खत्म होने वाला है. मोदी सरकार, बीजेपी और आरएसएस के मुखर आलोचक माने जाते हैं. इससे पहले वह राज्यसभा के सदस्य रह चुके हैं.
बिलावा कम्युनिटी से आने वाले अन्य पिछड़ा वर्ग के बिलावा समुदाय के हरिप्रसाद का जन्म 29 जुलाई 1954 को हुआ था. जनार्दन पुजारी और एस बंगारप्पा भी कर्नाटक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं.
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राज्यसभा में उपसभापति पद के थे उम्मीदवार
इससे पहले हरिप्रसाद विपक्ष की ओर से राज्यसभा के उपसभापति पद के उम्मीदवार थे. उनका मुकाबला एनडीए के हरिवंश नारायण सिंह से हार मिली थी. साल 1999 में उन्होंने लोकसभा चुनाव बंगलुरु दक्षिण सीट से लड़ा था. उन्हें केंद्रीय मंत्री रह चुके और बीजेपी नेता अनंत कुमार से हार का सामना करना पड़ा था. हरिप्रसाद से पहले डीके शिवकुमार 6 साल से प्रदेश अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाल रहे थे. 2 जुलाई 2020 को वह केपीसीसी के अध्यक्ष बने. उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष की कमान तब संभाली थी, जब राज्य में कांग्रेस की स्थिति ठीक नहीं थी. यह कोरोना का समय था. उनपर अवैध मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगे थे. सीबीआई और ईडी की जांच चल रही थी. जेल से लौटने के बाद AICC के निर्देशों के मुताबिक, उन्हें प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई थी.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 01:30:09 +0530</pubDate>
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        <title>TMC की टूट पर हुमायूं कबीर का पहला रिएक्शन, कहा&amp;  खेल तो अब शुरू होगा...</title>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस पार्टी में टूट पर आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के प्रमुख हुमायूं कबीर ने तंज कसा है. इस दौरान उन्होंने अभिषेक बनर्जी पर जमकर निशाना साधा. हुमायूं कबीर ने कहा, &#039;अभिषेक बनर्जी ने कुछ विधायकों को नहीं बुलाया और गलत तरीके से शोभनदेव चट्टोपाध्याय को विपक्ष का नेता चुन लिया. यह सही तरीका नहीं है.&#039;
खेल तो अब शुरू होगा: हुमायूं कबीर&amp;nbsp;
हुमायूं कबीर ने 2021 में ममता बनर्जी को मुख्यमंत्री बनाए जाने को लेकर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा, &#039;ममता बनर्जी 2021 का चुनाव हार गई थीं. विधायकों ने उनके लिए 213 सीटें जीती थीं ताकि वह सीएम बन सकें, लेकिन चुनाव न जीतने के बावजूद, उन्हें नेता चुना गया और वह सीएम बन गईं.&#039; जाली दस्तावेज को लेकर उन्होंने टीएमसी पर तंज कसा और कहा कि अभी तो खेल शुरू हुआ है.
उन्होंने कहा, &#039;अगर कोई जाली दस्तखतों वाला कोई खत भेजता है तो BJP उसे स्वीकार नहीं करेगी. अब सीएम शुभेंदु अधिकारी हैं. वह उनके साथ पिछले 4 सालों में जो कुछ भी हुआ, उसके खिलाफ कदम उठा रहे हैं. उन्होंने TMC को तोड़ दिया है. अब, 60 विधायक और ऋतब्रत बनर्जी पार्टी को चुनौती दे रहे हैं. खेल तो अब शुरू होगा और TMC की क्या स्थिति है ये अगले दिन पता चल जाएगा.&#039;

लोकसभा सासंद भी छोड़ेंगे टीएमसी का साथ: हुमायूं
हुमायूं कबीर ने कहा, &#039;मैंने 6 महीने पहले कहा था कि TMC बंगाल में चुनाव हारेगी, सत्ता खो देगी और पार्टी टूट भी जाएगी. आज ठीक यही हो रहा है. 60 से ज्यादा विधायक उनके खिलाफ बगावत कर रहे हैं और एक नई TMC की मांग कर रहे हैं. मेरे पास जानकारी है कि कुल 41 सांसदों में से, लगभग 20 TMC सांसद भी ममता बनर्जी का साथ छोड़ने, अभिषेक बनर्जी को चुनौती देने और लोकसभा स्पीकर पर दबाव डालने की योजना बना रहे हैं.&#039;
TMC का मतलब ममता बनर्जी: कुणाल घोष
टीएमसी में चल रही राजनीतिक हलचल पर पार्टी नेता कुणाल घोष ने कहा, &#039;TMC का मतलब ममता बनर्जी और ममता बनर्जी का मतलब ही TMC है. सभी कार्यकर्ता दीदी के साथ खड़े हैं. कुछ लोगों ने TMC के चुनाव चिह्न पर और दीदी की तस्वीर का इस्तेमाल करके चुनाव जीता, लेकिन अब वे दूसरे खेमे के जाल में फंस रहे हैं. ये लोग निर्दलीय नहीं हैं, ये TMC के ही हैं. वे कहते हैं कि वे ममता दीदी का सम्मान करते हैं, लेकिन अगर वे ऐसा करते हैं तो वे शोभनदेव चट्टोपाध्याय को स्वीकार क्यों नहीं कर पाते?&#039;
ऋतब्रता बनर्जी के गुट को स्पीकर ने दी मान्यता
तृणमूल कांग्रेस से निष्कासित नेता ऋतब्रता बनर्जी ने बुधवार को कहा कि पश्चिम बंगाल विधानसभा के अध्यक्ष ने विधायक दल के रूप में मान्यता देने संबंधी तृणमूल कांग्रेस के बागी गुट की मांग को स्वीकार कर लिया है. उन्होंने पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी से इसके मुख्य सलाहकार के रूप में कार्य करने का अनुरोध किया है. यह घटनाक्रम, 58 बागी विधायकों द्वारा तृणमूल से निष्कासित नेता ऋतब्रता बनर्जी को विधायक दल के नेता के रूप में समर्थन देने और विधानसभा अध्यक्ष रतींद्र बोस को अपने इस निर्णय से अवगत कराये जाने के बाद हुआ है.
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        <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 01:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>दिल्ली होटल में आग के बाद FIR, मालिक गिरफ्तार, LG की इमरजेंसी बैठक, अब होने जा रहा बड़ा एक्शन, 5 बड़ी बातें</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/दिल्ली-होटल-में-आग-के-बाद-fir-मालिक-गिरफ्तार-lg-की-इमरजेंसी-बैठक-अब-होने-जा-रहा-बड़ा-एक्शन-5-बड़ी-बातें</link>
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        <description><![CDATA[ Malviya Nagar Hotel Fire:&amp;nbsp; राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक होटल में भीषण आग लगने से 21 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 18 विदेशी नागरिक शामिल हैं. यह दर्दनाक हादसा हौज रानी इलाके की एक पांच मंजिला &amp;lsquo;बेड एंड ब्रेकफास्ट&amp;rsquo; इमारत में हुआ. शुरुआती जांच में आग लगने की वजह संदिग्ध सिलेंडर विस्फोट मानी जा रही है, हालांकि शॉर्ट सर्किट की आशंका से भी इनकार नहीं किया गया है.
इस मामले में होटल मालिक लवकेश बजाज को गिरफ्तार कर लिया गया है. इससे पहले लवकेश बजाज और उनकी पत्नी फरार थे. जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने दोनों के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी कर दिया था, ताकि वे देश छोड़कर भाग न सकें. उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार छापेमारी की जा रही थी. आइये इस घटना से जुड़ी पांच बड़ी बातें जानते हैं-
1-घटना के बाद उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने अधिकारियों के साथ आपात बैठक कर एक महीने का विशेष फायर सेफ्टी अभियान चलाने का आदेश दिया है. इसके तहत होटल, गेस्ट हाउस, नर्सिंग होम और कोचिंग संस्थानों की जांच की जाएगी. साथ ही अग्नि सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों को सील करने के निर्देश दिए गए हैं.
2-बताया गया कि आग सुबह करीब 8:30 बजे &amp;lsquo;फ्लोरिश स्टे बी एंड बी&amp;rsquo; में लगी और तेजी से पूरी इमारत में फैल गई. इमारत में केवल एक ही प्रवेश और निकास द्वार था, खिड़कियां स्थायी रूप से बंद थीं और मुख्य दरवाजा सेंसर आधारित था, जिससे यह इमारत एक तरह से &amp;lsquo;मौत का जाल&amp;rsquo; बन गई.

3-जांच में यह भी सामने आया है कि इमारत में बिना अनुमति अतिरिक्त मंजिलें बनाई गई थीं और अग्नि सुरक्षा से जुड़ी आवश्यक मंजूरी भी नहीं ली गई थी. हादसे के दौरान धुएं और आग से बचने के लिए लोग खिड़कियां तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश करते और मदद के लिए गुहार लगाते नजर आए. एक महिला अपने बच्चे के साथ तीसरी मंजिल से कूद गई, जबकि स्थानीय लोगों ने नीचे गद्दे बिछाकर कई लोगों को बचाने की कोशिश की.
4- होटल के सामने कंबल की दुकान के मालिक अरमान ने लोगों को कूदते देख उनकी चोट से बचाने के लिए तुरंत सड़क पर अधिक से अधिक रजाइयां और गद्दे बिछा दिए, जबकि अन्य लोगों ने घायलों को सीपीआर देकर मदद की. अरमान ने &amp;lsquo;पीटीआई-भाषा&amp;rsquo; से कहा, &amp;ldquo;उस समय हमने किसी और चीज के बारे में नहीं सोचा, बस जरूरत के अनुसार गद्दे और रजाइयां उपलब्ध कराईं.&amp;rdquo; एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी शेख अली ने बताया कि आग लगने के कारण दरवाजे बंद हो गए थे और खिड़कियां पूरी तरह से सील थीं, जिससे अंदर फंसे लोग काफी देर तक बाहर नहीं निकल सके. स्थानीय निवासियों के अनुसार, लोगों को बचाने के लिए खिड़कियां और मुख्य द्वार तोड़ने हेतु पत्थरों और हथौड़ों का इस्तेमाल किया गया.
5-एक अन्य निवासी आसिफ ने दावा किया कि इमारत में मौजूद अग्निशामक यंत्र इतनी बड़ी आग से निपटने के लिए अपर्याप्त थे. सड़क के उस पार स्थित मैक्स अस्पताल में घबराए और स्तब्ध परिजन अपने प्रियजनों की तलाश में इकट्ठा हो गए. वे घायल और मृतकों की सूची खंगालते रहे और लगातार फोन करते रहे. एक व्यक्ति ने रोते हुए कहा, &amp;ldquo;तस्वीरों से हम उन्हें पहचान नहीं पा रहे, सभी बुरी तरह झुलस गए हैं.&amp;rdquo; इन्हीं लोगों में शामिल नमित गोयल ने बताया कि उनके छह रिश्तेदार इस हादसे की चपेट में आ गए, जिनमें से चार की पहचान हो चुकी है, जबकि दो की पहचान अभी बाकी है.&amp;nbsp;
मैक्स अस्पताल के अनुसार, वहां लाए गए 39 लोगों में से 18 को मृत घोषित किया गया, जबकि 15 को आईसीयू में भर्ती कराया गया, जिनमें से आठ वेंटिलेटर पर हैं और उनकी हालत गंभीर है. कई लोग धुएं के कारण सांस लेने में दिक्कत से जूझ रहे थे, कुछ मामूली रूप से झुलसे थे और कुछ को फ्रैक्चर हुआ था. पांच घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि एक गंभीर रूप से झुलसे मरीज को सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया.
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में 13 मरीज भर्ती किए गए, जिनमें से तीन इमारत से कूदने के कारण घायल हुए थे. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, बचाव कार्य के दौरान 10 पुलिसकर्मी भी घायल हो गए. इस घटना पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई.
ये भी पढ़ें: 21 मौतें, होटल मालिक का नाम लवकेश बजाज, पुलिस की छापेमारी, 10 बड़ी बातें ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 01:30:06 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>दिल्ली, होटल, में, आग, के, बाद, FIR, मालिक, गिरफ्तार, की, इमरजेंसी, बैठक, अब, होने, जा, रहा, बड़ा, एक्शन, बड़ी, बातें</media:keywords>
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        <title>EU&amp;पाक के ज्वाइंट स्टेटमेंट को भारत ने किया खारिज, कहा&amp; J&amp;amp;K और लद्दाख भारत का अटूट हिस्सा</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/eu-पाक-के-ज्वाइंट-स्टेटमेंट-को-भारत-ने-किया-खारिज-कहा-jk-और-लद्दाख-भारत-का-अटूट-हिस्सा</link>
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        <description><![CDATA[ India Hits Out Pak EU on JK Statement: भारत के विदेश मंत्रालय ने यूरोपीय संघ और पाकिस्तान की तरफ से जारी एक संयुक्त बयान में जम्मू कश्मीर के जिक्र को जोरदार तरीके से खारिज कर दिया है. भारत ने इस बयान को गैरजरूरी करार दिया है. साथ ही बेवजह का बताया है.&amp;nbsp;
मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत संयुक्त प्रेस बयान में जम्मू कश्मीर के किसी भी जिक्र को पूरी तरह खारिज करता है. उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश भारत का अभिन्न और अटूट हिस्सा हैं.&amp;nbsp;
ऐसे बेवजह के जिक्र को पूरी तरह से खारिज करते हैं: जायसवाल
जायसवाल ने कहा कि जम्मू कश्मीर के जिक्र के संबंध में हम यह कहना चाहेंगे, कि हम भारत के आंतरिक मामलों पर संयुक्त प्रेस बयान में ऐसे बेवजह के जिक्र को पूरी तरह से खारिज करते हैं.&amp;nbsp;
भारत से सीमा विवाद को लेकर बयान से भड़के लोग, विपक्ष और छात्र कर रहे नेपाल PM बालेन शाह के इस्तीफे की मांग
जिन्हें अधिकार नहीं उन्हें टिप्पणी करने से बचना चाहिए: जायसवाल
जायसवाल ने कहा है कि जम्मू कश्मीर के जिक्र के संबंध में हम यह कहना चाहेंगे कि हम भारत के आंतरिक मामलों पर संयुक्त प्रेस बयान में ऐसे बेवजह के जिक्र को पूरी तरह से खारिज करते हैं. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने यह भी कहा कि जिन संस्थाओं का इस मुद्दे पर कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है, उन्हें इस पर टिप्पणी करने से बचना चाहिए.

उन्होंने आगे कहा कि जम्मू कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश भारत के अभिन्न और अटूट हिस्से हैं. इन लोगों का ऐसे मामलों में कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है. उन्हें इन पर कोई भी टिप्पणी करने से बचना चाहिए. ये टिप्पणियां यूरोपीय संघ पाकिस्तान के संयुक्त बयान में जम्मू कश्मीर के जिक्र के बाद आई है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 09:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>&amp;apos;पीएम मोदी Gen Z से ज्यादा Gen Z और मिलेनियल से हैं ज्यादा मिलेनियल&amp;apos;, नेपाल के सत्ताधारी दल के चीफ से बोले BJP प्रेसिडेंट</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/पीएम-मोदी-gen-z-से-ज्यादा-gen-z-और-मिलेनियल-से-हैं-ज्यादा-मिलेनियल-नेपाल-के-सत्ताधारी-दल-के-चीफ-से-बोले-bjp-प्रेसिडेंट</link>
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        <description><![CDATA[ नेपाल के राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के अध्यक्ष रबि लामिछाने ने मंगलवार (2 जून, 2026) को राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में स्थित भारतीय जनता पार्टी (BJP) के मुख्यालय में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात की. इस मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने राजनीति में जेन-जी (Gen Z) की बढ़ती भूमिका और संभावनाओं पर चर्चा की.
उन्होंने विशेष रूप से लोकतांत्रिक भागीदारी, सार्वजनिक संवाद और भविष्य के नेतृत्व को आकार देने में जेन-जी की भूमिका को लेकर गंभीर बातचीत की. इस दौरान भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का देश के युवाओं के साथ जुड़ाव पर प्रकाश डाला.
पीएम मोदी के बारे में क्या बोले BJP अध्यक्ष?
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने कहा, &amp;lsquo;पीएम मोदी का युवाओं के साथ एक अद्वितीय व्यक्तिगत जुड़ाव है. मोदी जी मिलेनियल्स से भी ज्यादा मिलेनियल और जेन-जी के साथ जेन-जी से भी ज्यादा जुड़े हुए हैं, क्योंकि वे युवाओं की आकांक्षाओं, उनकी भाषा और ऊर्जा को स्वाभाविक रूप से समझते हैं.&amp;rsquo;
उन्होंने कहा, &amp;lsquo;तकनीक और स्टार्टअप्स से लेकर खेल, इनोवेशन और देश के निर्माण तक मोदी जी ने लगातार युवाओं को भारत की विकास यात्रा के केंद्र में रखा है.&amp;lsquo;&amp;nbsp;

???????????????????????????????????????????????????? ????????????????-???????????????????? ????????????????! BJP National President Shri @NitinNabin warmly hosted Rabi Lamichhane, Chairman of Nepal&amp;rsquo;s Rastriya Swatantra Party, and his delegation at BJP Headquarters in Delhi under the Know BJP initiative. Shri Nitin Nabin&amp;hellip; pic.twitter.com/fZK0YBSBGO
&amp;mdash; BJP (@BJP4India) June 2, 2026



BJP के विदेश मामलों के प्रभारी ने दी जानकारी
रिपोर्ट के मुताबिक, भाजपा के विदेश मामलों के विभाग के प्रभारी विजय चौथाईवाले ने एक बयान में कहा, &amp;lsquo;नेपाल की सत्ताधारी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन ने साझा सभ्यतागत विरासत, सांस्कृतिक संबंधों और मजबूत जन-केंद्रित संबंधों पर आधारित भारत और नेपाल के बीच घनिष्ठ और ऐतिहासिक संबंधों को रेखांकित किया.&amp;rsquo;
उन्होंने कहा कि नबीन ने इस बात पर जोर दिया कि इस तरह की बातचीत से भाजपा और आरएसपी के बीच लोकतांत्रिक संवाद मजबूत होता है और दलों के बीच जुड़ाव गहरा होता है. नबीन ने भाजपा की यात्रा, विचारधारा, संगठनात्मक ढांचे और राजनीतिक जुड़ाव के लिए उसके जन-केंद्रित दृष्टिकोण के बारे में जानकारी साझा की.
यह भी पढ़ेंः नितिन नबीन ने सभी भाजपा प्रदेश अध्यक्षों के साथ की बैठक, केंद्र के 12 साल पूरे होने पर बड़े कार्यक्रमों की रूपरेखा तय ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 09:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>पीएम, मोदी, Gen, से, ज्यादा, Gen, और, मिलेनियल, से, हैं, ज्यादा, मिलेनियल, नेपाल, के, सत्ताधारी, दल, के, चीफ, से, बोले, BJP, प्रेसिडेंट</media:keywords>
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    <item>
        <title>‘संवैधानिक आजादी का उल्लंघन’, बंगाल के मदरसों में वंदे मातरम को अनिवार्य बनाने पर बोला पर्सनल लॉ बोर्ड</title>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल के मदरसों में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम को अनिवार्य रूप से गाया जाना बनाने पर काफी ज्यादा बवाल मचा हुआ है. इस बीच ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने इस सरकारी फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई है. बोर्ड ने पश्चिम बंगाल सरकार की तरफ से मान्यता प्राप्त मदरसों में सुबह की प्रार्थना के दौरान राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के सभी पांच छंदों का पाठ अनिवार्य करने के फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि यह लोगों की धार्मिक पहचान और संवैधानिक आजादी का उल्लंघन है.
पर्सनल लॉ बोर्ड ने की सरकारी फैसले की वापसी की मांग
पीटीआई भाषा की रिपोर्ट के मुताबिक, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने मंगलवार (2 जून, 2026) को पश्चिम बंगाल की भाजपा सरकार की ओर से जारी किए गए आदेश के विरोध में एक आधिकारिक बयान जारी किया. जिसमें बोर्ड ने पश्चिम बंगाल की शुभेंदु अधिकारी की भाजपा सरकार से इस फैसले को वापस लेने की मांग की है.
AIMPLB के प्रवक्ता सैयद कासिम रसूल इलियास ने आधिकारिक बयान देते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल की सरकार को इस फैसले से जुड़ी अधिसूचना को वापस लेना चाहिए. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार का यह निर्देश बिजॉय इमैनुएल बनाम केरल राज्य के मामले में आए सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के विपरीत है, जिसमें शीर्ष अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा था कि किसी भी नागरिक को राष्ट्रीय या धार्मिक समारोह में भाग लेने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है.&amp;nbsp;

एक समुदाय की परंपरा को दूसरे पर थोपना गलतः इलियास
इलियास ने आगे कहा, &amp;lsquo;मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड यह स्पष्ट करना जरूरी समझता है कि वंदे मातरम के कुछ छंदों में ऐसी अवधारणाएं हैं, जिन्हें मुसलमान एकेश्वरवाद (तौहीद) के इस्लामी सिद्धांत के साथ असंगत मानते हैं. इसलिए मुस्लिम छात्रों को गाना सुनाने के लिए मजबूर करना उनकी धार्मिक पहचान और संवैधानिक आजादी पर सीधा उल्लंघन है.&amp;rsquo; उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि एक धर्मनिरपेक्ष देश को एक समुदाय की धार्मिक या सांस्कृतिक परंपराओं को दूसरे पर नहीं थोपना चाहिए.
यह भी पढ़ेंः वंदे मातरम गाने को लेकर मचा बवाल, अब आया शशि थरूर का रिएक्शन, कहा- &#039;मुझे लगता है ये...&#039; ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 09:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>डीके शिवकुमार की शपथ से पहले राहुल गांधी का बड़ा फैसला, सिद्धारमैया को दिल्ली में दी ये बड़ी जिम्मेदारी </title>
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        <description><![CDATA[ कर्नाटक में डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री पद की शपथ से पहले राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने बड़ा फैसला लिया है. पूर्व सीएम सिद्धारमैया को कांग्रेस की वर्किंग कमेटी (CWC) का सदस्य बनाया गया है. सीडब्ल्यूसी पार्टी के सबसे बड़े फैसले लेने वाली बॉडी है. बता दें कि बुधवार यानी आज शाम करीब चार बजे डीके शिवकुमार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे.
कांग्रेस की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सिद्धारमैया को तुरंत प्रभाव से CWC का सदस्य नियुक्त किया है.

Hon&#039;ble Congress President Shri @kharge has appointed Shri @siddaramaiah as Member of the Congress Working Committee, with immediate effect. pic.twitter.com/QHH7fYHqnJ
&amp;mdash; Congress (@INCIndia) June 2, 2026



कर्नाटक में आज 64 साल के डीके शिवकुमार 34वें मुख्यमंत्री के पद की शपथ लेंगे. उनके साथ करीब 10 विधायक भी मंत्री पद की शपथ लेंगे, जिनमें सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र सिद्धारमैया (45) भी शामिल हैं, जोकि MLC हैं.
ये भी पढ़ें-&amp;nbsp;शुभेंदु सरकार के खिलाफ ममता का बड़ा धरना, शामिल होने पहुंचे TMC के सिर्फ 5 विधायक और 6 सांसद
राहुल गांधी-खरगे होंगे शपथग्रहण में मौजूद
डीके शिवकुमार के शपथग्रहण समारोह में राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी मौजूद रहे हैं. शिवकुमार के साथ शपथ लेने वाले 10 मंत्रियों की संभावित सूची में सिद्धारमैया कैबिनेट के कई वरिष्ठ और दो युवा चेहरे - मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे प्रियांक खरगे और कृष्णा बायरेगौड़ा शामिल हैं. कांग्रेस की कोशिश होगी कि पहले राउंड में कैबिनेट का गठन कर्नाटक में जाति समीकरणों को बैलेंस में रखकर किया जाए.
कांग्रेस साधेगी जातीय समीकरण
इसीलिए एमबी पाटिल और ईश्वर खंड्रे- दोनों ही लिंगायत समुदाय से आते हैं. दलित समुदाय से आने वाले जी परमेश्वर, वोक्कालिगा समुदाय से आने वाले रामलिंगा रेड्डी, एसटी समुदाय से सतीश जरकीहोली और ईसाई केजे जॉर्ज आज शपथ ले सकते हैं. कैबिनेट के लिए मुस्लिम उम्मीदवार मौजूदा स्पीकर और पूर्व मंत्री यूटी खादर हो सकते हैं. सिद्धारमैया की जगह OBC चेहरा उनके बेटे यतींद्र हो सकते हैं, जबकि दलित चेहरा प्रियांक खरगे हो सकते हैं.
सिद्धारमैया सरकार के जिन मंत्रियों को झटका लग सकता है, उनमें शिवराज तंगदागी, मंकल वैद्य, बिरथी सुरेश और ज़मीर अहमद खान शामिल हैं. कर्नाटक में नए कैबिनेट बनाने की प्रक्रिया में डिप्टी चीफ मिनिस्टर और मौजूदा शिवकुमार की जगह राज्य कांग्रेस के नए प्रेसिडेंट की नियुक्ति भी हो सकती है.
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        <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 09:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>डीके, शिवकुमार, की, शपथ, से, पहले, राहुल, गांधी, का, बड़ा, फैसला, सिद्धारमैया, को, दिल्ली, में, दी, ये, बड़ी, जिम्मेदारी </media:keywords>
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        <title>डीके शिवकुमार आज बनेंगे कर्नाटक के CM, कैबिनेट में होंगे कितने मंत्री? जानें</title>
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        <description><![CDATA[ डीके शिवकुमार आज (3 जून) को कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. शाम 4 बजे लोकभवन में राज्यपाल थावर चंद गहलोत डीके को सीएम पद की शपथ दिलाएंगे. कांग्रेस आलाकमान के कहने पर सिद्धारमैया के इस्तीफा देने के बाद वह मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने जा रहे हैं. शिवकुमार को शनिवार को औपचारिक रूप से कांग्रेस विधायक दल का नेता चुना गया था.
10-12 विधायक बन सकते हैं मंत्री
सूत्रों का कहना है कि शिवकुमार के साथ 10 से 12 विधायक मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं. मंत्रिमंडल विस्तार इस महीने होने वाले राज्यसभा और विधान परिषद चुनाव के बाद होने की संभावना है. इससे पहले मंगलवार (2 जून) को उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी में पार्टी आलाकमान के साथ मंत्रिमंडल को लेकर चर्चा की थी. सिद्धारमैया भी बैठक में शामिल हुए थे.

दोनों ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी के साथ विस्तृत चर्चा की. इसके बाद दोनों नेताओं ने कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और पार्टी के कर्नाटक प्रभारी रणदीप सुरजेवाला के साथ अलग से बातचीत की.
कौन-कौन ले सकता है शपथ?
शिवकुमार और सिद्धरमैया मंगलवार (2 जून) रात बेंगलुरु के लिए रवाना हो गए. सूत्रों ने बताया कि बुधवार को जी परमेश्वर, प्रियंक खरगे, रामालिंगा रेड्डी, एमबी पाटिल और यतीन्द्र सिद्धरमैया मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं. कर्नाटक में मुख्यमंत्री सहित मंत्रिपरिषद में अधिकतम 34 मंत्रियों को शामिल किया जा सकता है.
मंत्रिमंडल में बैलेंस बनाने की होगी कोशिश
सूत्रों का कहना है कि नए मंत्रिमंडल में पुराने और नए चेहरों का मिश्रण देखने को मिल सकता है. जातीय समीकरण, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और सिद्धरमैया समर्थक नेताओं को ध्यान में रखते हुए संतुलन बनाने की कोशिश की जाएगी. यह भी चर्चा है कि कई उपमुख्यमंत्री बनाए जा सकते हैं और सिद्धरमैया मंत्रिमंडल के कुछ सदस्यों को नए मंत्रिमंडल से बाहर किया जा सकता है.
पार्टी सूत्रों के अनुसार, मंत्री पद के दावेदारों की लंबी कतार और उपलब्ध पदों की सीमित संख्या के बीच शिवकुमार के सामने संतुलन साधने की बड़ी चुनौती है. उन्हें हर कदम बेहद सावधानी से उठाना होगा, क्योंकि मंत्रिमंडल में जगह नहीं पाने वाले नेताओं की नाराजगी बड़े स्तर पर असंतोष का रूप ले सकती है.
&#039;हम आपको आराम नहीं करने देंगे&#039;, सिद्धारमैया ने छोड़ी कर्नाटक CM की कुर्सी तो बोले कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल
सिद्धारमैया बने CWC मेंबर
रविवार (31 मई) को शिवकुमार से मुलाकात के बाद सिद्धरमैया के बेटे और कांग्रेस के विधान परिषद (एमएलसी) सदस्य यतींद्र सिद्धरमैया ने कहा था कि उन्हें अगले मंत्रिमंडल में जगह मिलने की पूरी उम्मीद है. उन्होंने दावा किया था कि पार्टी नेतृत्व ने उन्हें मंत्री पद देने का आश्वासन भी दिया है. इस बीच, पार्टी ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने वाले अपने सीनियर नेता सिद्धरमैया को मंगलवार (2 जून) को कांग्रेस कार्य समिति (CWC) का सदस्य नियुक्त कर दिया.
&#039;ऐसे नेता की तलाश...&#039;, डीके शिवकुमार के बाद कौन होगा कर्नाटक कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष? खड़गे ने दिया जवाब ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 09:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>डीके, शिवकुमार, आज, बनेंगे, कर्नाटक, के, CM, कैबिनेट, में, होंगे, कितने, मंत्री, जानें</media:keywords>
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        <title>वेदांता ग्रुप पर ईडी का कसा शिकंजा, फेमा उल्लंघन मामले में दिल्ली से मुंबई तक छापेमारी</title>
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        <description><![CDATA[ ED Raids on Vedanta Group: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत चल रही जांच के सिलसिले में दिल्ली और मुंबई में वेदांता समूह से जुड़े दो ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया है. वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई कथित तौर पर समूह की कंपनियों द्वारा अपनी मूल कंपनी को किए गए &amp;lsquo;ब्रांड फीस भुगतान&amp;rsquo; से जुड़ी है. जांच एजेंसी ने इन संदिग्ध लेन-देन से संबंधित दस्तावेज और रिकॉर्ड जब्त किए हैं, जिनकी फेमा के प्रावधानों के तहत जांच की जा रही है.
वेदांता पर ईडी का शिकंजा
अधिकारियों ने बताया कि ईडी की टीमों ने दिल्ली और मुंबई में एक-एक स्थान पर तलाशी ली, जो सोमवार को शुरू होकर अब पूरी हो चुकी है. जांचकर्ता इन भुगतानों से जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड और समझौतों की बारीकी से समीक्षा कर रहे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि ये लेन-देन विदेशी मुद्रा नियमों के अनुरूप थे या नहीं.
वेदांता समूह के एक प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी जांच में पूरा सहयोग कर रही है और मांगी गई सभी जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है. उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी सभी लागू कानूनों और नियमों का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध है.&amp;nbsp;
FEMA उल्लंघन के तहत एक्शन
समाचार एजेंसी आईएएनएस ने सूत्रों के हवाले से बताया कि अब ईडी अधिकारी तलाशी के दौरान एकत्र किए गए दस्तावेजों का विश्लेषण कर आगे की कार्रवाई तय करेंगे. हालांकि, इस मामले में अभी तक ईडी की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.

इस बीच, वेदांता लिमिटेड ने हाल ही में स्टॉक एक्सचेंजों को जानकारी दी थी कि सुप्रीम कोर्ट ने उसकी सहायक कंपनी तलवंडी साबो पावर लिमिटेड (टीएसपीएल) के खिलाफ बिजली उपलब्धता से जुड़ी कथित गलत जानकारी के मामले में फैसला सुनाया है. इसके तहत कंपनी पर लगभग 127 करोड़ रुपये का जुर्माना और विलंब भुगतान अधिभार लगाया गया है.
ये भी पढ़ें: &#039;50 विधायकों ने होटल में की बैठक, चुनाव चिह्न पर चाहते हैं कब्जा&#039;, TMC में टूट पर रिजू दत्ता का बड़ा दावा ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 17:30:15 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>वेदांता, ग्रुप, पर, ईडी, का, कसा, शिकंजा, फेमा, उल्लंघन, मामले, में, दिल्ली, से, मुंबई, तक, छापेमारी</media:keywords>
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        <title>&amp;apos;लड़ेंगे या मरेंगे&amp;apos;, बंगाल पुलिस को ममता का ठेंगा, अभिषेक की पिटाई के खिलाफ बिना इजाजत धरने पर बैठीं</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/लड़ेंगे-या-मरेंगे-बंगाल-पुलिस-को-ममता-का-ठेंगा-अभिषेक-की-पिटाई-के-खिलाफ-बिना-इजाजत-धरने-पर-बैठीं</link>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल में सत्ता बदलने के बाद ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर अंदरूनी कलह और पार्टी नेताओं पर हुए हमले के बाद सियासी पारा चढ़ गया है. टीएमसी में टूट की खबर अब खुलकर सामने आने लगी है, जिसके बाद ममता बनर्जी के लिए नई चुनौती सामने आ गई है. इस बीच पूर्व सीएम ममता पार्टी के कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नेताओं पर हुए हमले को लेकर विरोध प्रदर्शन करने कोलकाता के एस्प्लेनेड के Y-चैनल स्थित धरना स्थल पर पहुंची हैं. उनके साथ अभिषेक बनर्जी और कई विधायक भी मौजूद हैं.
लड़ेंगे या मरेंगे: ममता की बीजेपी को चुनौती
कोलकाता पुलिस ने सोमवार (1 जून 2026) को ममता बनर्जी को विरोध प्रदर्शन करने की अनुमित नहीं दी थी. इसके बाद भी बंगाल की पूर्व सीएम विरोध प्रदर्शन करने पहुंची हैं. धरने पर बैठीं ममता बनर्जी ने कहा, &#039;बंगाल में पुलिस TMC नेताओं को धमका रही है. अपने कार्यकाल के दौरान मैं सभी लोगों के साथ खड़ी रहती थी चाहे उनकी विचारधारा मेरी पार्टी से न मिलती हो.&#039; उन्होंने बीजेपी को अंतिम चुनौती देते हुए कहा, &#039;लड़ेंगे या मरेंगे.&#039;&amp;nbsp;
बीजेपी अध्यक्ष फोन करके मांगते थे मदद: ममता बनर्जी
अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले का जिक्र करते हुए ममता ने कहा कि जिन लोगों ने कभी उनसे मदद मांगी थी, उन्होंने डायमंड हार्बर सांसद पर जानलेवा हमले के समय कोई समर्थन नहीं दिया. ममता बनर्जी ने कहा, &#039;बीजेपी अध्यक्ष कई बार मुझे फोन करके मदद मांगते थे, लेकिन मैंने यह बात कभी मीडिया को नहीं बताई. बीजेपी को छोड़कर सभी राजनीतिक दलों से मेरे अच्छे संबंध हैं, लेकिन जब भी बीजेपी ने मदद मांगी, मैंने उनकी मदद की है. मैंने उनके बुरे समय में उनकी सहायता की है. मैंने उन्हें व्यक्तिगत रूप से फोन भी किया था. मैं यहां हूं और यहां रहूंगी.&#039;
ममता बनर्जी ने बीजेपी को चुनौती देते हुए कहा कि अगर वे चाहें तो उन्हें गिरफ्तार कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि अगर उन्हें कोलकाता में विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी गई तो वह दिल्ली चली जाएंगी. विरोध प्रदर्शन वाली जगह पर भारी भीड़ जमा हो गई है, जिसमें पार्टी सांसद कल्याण बनर्जी भी शामिल हैं.

#WATCH | Kolkata, West Bengal: TMC Chairperson Mamata Banerjee holds a protest at Kolkata&#039;s Rani Rashmoni Avenue over attacks on party leaders, including her nephew Abhishek Banerjee, and other issues. pic.twitter.com/rLyuLSrTp4
&amp;mdash; ANI (@ANI) June 2, 2026



ममता ने लगाया पार्टी तोड़ने का आरोप
ममता बनर्जी ने 1 जून को कहा था, &#039;पुलिस एक राजनीतिक दल को तोड़ने की कोशिश कर रही है. अगर आप मुझे यहां लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन नहीं करने देंगे तो मैं दिल्ली चली जाऊंगी. हमारी INDIA गठबंधन की बैठक भी है. बंगाल में एसआईआर के जरिए हमें हराया गया. 177 विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव में धांधली हुई और EVM को हैक किया गया. मैं स्वयं पीड़ित हूं. जब मैं 13,000 वोटों से जीत रही थी, तब मुझे मतगणना केंद्र से जबरन बाहर निकाल दिया गया.&#039;

चुनाव के बाद पहली बार सड़क पर उतरीं ममता बनर्जी
ममता बनर्जी हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों में अपनी पार्टी की भारी हार के बाद पहली बार सड़कों पर उतरी हैं. ऐसे में उनकी अपनी पार्टी के विधायकों की भागीदारी को लेकर अनिश्चितताएं बढ़ रही हैं. सोमवार को दो विधायकों को निष्कासित किए जाने के बाद सवाल खड़े हो रहे हैं कि विधानसभा चुनावों में अपनी पार्टी और अपनी व्यक्तिगत हार के बाद पूर्व मुख्यमंत्री के इस पहले सार्वजनिक कार्यक्रम में उनके साथ पार्टी के कितने विधायक शामिल होंगे.
ये भी पढ़ें : TMC टूटी तो रितब्रता बनर्जी को मिलेगी ये बड़ी जिम्मेदारी, ममता बनर्जी को झटका देने की इनसाइड स्टोरी ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 17:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>लड़ेंगे, या, मरेंगे, बंगाल, पुलिस, को, ममता, का, ठेंगा, अभिषेक, की, पिटाई, के, खिलाफ, बिना, इजाजत, धरने, पर, बैठीं</media:keywords>
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        <title>पांच पन्नों का इस्तीफा सौंपा.. क्या अन्नामलाई ने सच में कर लिया बीजेपी से किनारा, गृहमंत्री अमित शाह से भी की मुलाकात</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/पांच-पन्नों-का-इस्तीफा-सौंपा-क्या-अन्नामलाई-ने-सच-में-कर-लिया-बीजेपी-से-किनारा-गृहमंत्री-अमित-शाह-से-भी-की-मुलाकात</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/पांच-पन्नों-का-इस्तीफा-सौंपा-क्या-अन्नामलाई-ने-सच-में-कर-लिया-बीजेपी-से-किनारा-गृहमंत्री-अमित-शाह-से-भी-की-मुलाकात</guid>
        <description><![CDATA[ BJP Tamil Nadu Ex President K Annamalai Left Party: तमिलनाडु के बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष के अन्नामलाई ने मंगलवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव बीएल संतोष से मुलाकात की है. उन्होंने साथ ही पांच पन्नों का इस्तीफा सौंपा है. ये मुलाकातें, अन्नामलाई के पार्टी छोड़ने की अटकलों की बीच जारी है. के अन्नामलाई ने गृहमंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की है, साथ ही एक किताब भी उन्हें दी है.
ऐसे में अब खबर है कि यह पूर्व आईपीएस अधिकारी एक नई राजनीतिक पार्टी शुरू करने की योजना बना रहे हैं. इसका दृष्टिकोण उनके सहयोगियों के अनुसार धर्मनिरपेक्ष और तमिल प्रथम ही होगा. ऐसे में इस संगठन को अगले सात से आठ महीने में शुरू किया जा सकता है. यह संगठन तमिलनाडु में बीजेपी और द्रविड़ पार्टियों के खुद को एक विकल्प के तौर पर पेश करेगा.
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किस तरह की पार्टी बनाना चाहते हैं अन्नामलाई?&amp;nbsp;
अन्नामलाई के करीबियों का कहना है कि वह ऐसी पार्टी की कल्पना करते हैं, जो तमिल पहचान को राष्ट्रीय दृष्टीकोण से जोड़ता हो. साथ ही विरोधी पार्टियों का विरोध करते समय मुद्दों पर आधारित हो. माना जा रहा है कि अन्नामलाई और बीजेपी में मतभेद पिछले कुछ महीनों से जारी है. अन्नामलाई हाल ही के चुनाव में उम्मीदवारों को चयन को लेकर नाखुश थे. अन्नामलाई का इस अलगाव को लेकर तर्क है कि बीजेपी को गठबंधन पर निर्भर रहने की बजाय राज्य में एक स्वतंत्र संगठनात्म आधार बनाने पर ध्यान देना चाहिए.

केंद्र सरकार की इस नीति कर चुके हैं विरोध
अन्नामलाई के भविष्य को लेकर अटकलें तब और तेज हो गईं, जब उन्होंने हाल ही में केंद्र सरकार के CBSE कक्षा 9 के छात्रों के लिए तीन भाषा अनिवार्य नीति को लागू करने के फैसले की आलोचना की. इस कदम को तमिलनाडु के माता-पिता और स्टूडेंट्स के लिए चिंता का विषय बताया.
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        <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 17:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>पांच, पन्नों, का, इस्तीफा, सौंपा.., क्या, अन्नामलाई, ने, सच, में, कर, लिया, बीजेपी, से, किनारा, गृहमंत्री, अमित, शाह, से, भी, की, मुलाकात</media:keywords>
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        <title>Hyderabad Politics: हैदराबाद में जन सेना कार्यक्रम पर बड़ा विवाद! अनुमति, अदालत और पवन कल्याण के बयान से गरमाई राजनीति</title>
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        <description><![CDATA[ हैदराबाद में जन सेना के एक प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक विवाद तब और गहरा गया, जब अनुमति, कानूनी कार्यवाही और विरोधी राजनीतिक नेताओं के सार्वजनिक बयानों पर असहमति के चलते यह मुद्दा सुर्खियों में आ गया. इन घटनाक्रमों ने तेलंगाना स्थापना दिवस कार्यक्रमों के दौरान राजनीतिक भागीदारी, सार्वजनिक सभाओं को नियंत्रित करने में कानून प्रवर्तन की भूमिका और राज्य में राजनीतिक जगह पाने के लिए बढ़ती प्रतिस्पर्धा पर बहस छेड़ दी है.
यह मुद्दा तब ज़ोर पकड़ा जब जन सेना ने तेलंगाना स्थापना दिवस समारोहों से जुड़े एक बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम की योजना की घोषणा की. पार्टी ने इस कार्यक्रम को समर्थकों से जुड़ने और जन कल्याण के मुद्दों को उजागर करने के एक अवसर के रूप में पेश किया. हालांकि, सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन से जुड़ी चिंताएं जल्द ही चर्चा का केंद्र बन गईं, जब अधिकारियों ने प्रस्तावित सभा के लिए अनुमति देने से इनकार कर दिया. इस फ़ैसले ने तुरंत एक राजनीतिक और कानूनी लड़ाई छेड़ दी, जिसमें पार्टी नेताओं ने तर्क दिया कि लोकतांत्रिक गतिविधियों को कानून के दायरे में अनुमति दी जानी चाहिए.

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अनुमति मांगने के लिए हाई कोर्ट के रूख
विवाद तब और गहरा गया जब जन सेना ने राहत और कार्यक्रम के लिए अनुमति मांगने के लिए उच्च न्यायालय का रुख किया. इस कानूनी कदम ने व्यापक ध्यान आकर्षित किया, क्योंकि इस कार्यक्रम से जुड़ा राजनीतिक महत्व लगातार बढ़ रहा था. हालांकि, पार्टी द्वारा दायर याचिका स्वीकार नहीं की गई, जिससे प्रस्तावित सभा के भविष्य को लेकर नई अनिश्चितता पैदा हो गई. इस झटके के बावजूद, समर्थकों ने अपनी तैयारियां जारी रखीं और उम्मीद जताई कि कानूनी और प्रशासनिक माध्यमों से स्थिति का समाधान अभी भी हो सकता है.
पवन कल्याण ने मीडिया को क्या कहा?
इस राजनीतिक ड्रामे में और इज़ाफ़ा करते हुए, जन सेना प्रमुख पवन कल्याण ने हैदराबाद से मीडिया को संबोधित करने की योजना की घोषणा की और विश्वास जताया कि पत्रकारों के साथ बातचीत के लिए अंततः अनुमति मिल जाएगी. उनकी टिप्पणियों ने आगे की चर्चा को जन्म दिया, विशेष रूप से इसलिए क्योंकि सार्वजनिक सभा पर पहले प्रतिबंध लगाए गए थे. एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के इस बड़े विवाद का हिस्सा बनने की संभावना जल्द ही राजनीतिक बहस का विषय बन गई.
तेलंगाना स्थापना दिवस से जुड़े कार्यक्रम में तनाव
इस बीच, गन पार्क के पास तेलंगाना स्थापना दिवस से जुड़े कार्यक्रमों के दौरान भी तनाव की खबरें आईं, जहां विभिन्न राजनीतिक समूहों के समर्थकों के बीच ज़ुबानी झड़प हुई. नारों और जवाबी नारों ने इस मुद्दे के इर्द-गिर्द बढ़ते प्रतिस्पर्धी राजनीतिक माहौल को दर्शाया. विभिन्न पार्टियों के नेताओं ने एक-दूसरे की आलोचना की, जिसमें हर पक्ष अपनी स्थिति को जनहित और तेलंगाना की राजनीतिक आकांक्षाओं के अनुरूप पेश करने की कोशिश कर रहा था.
तेलंगाना की बदलती राजनीति
इन घटनाक्रमों ने उस मुद्दे को, जो शुरू में केवल अनुमति से जुड़ा एक मामला था, एक व्यापक राजनीतिक मुकाबले में बदल दिया है, जिसमें कानूनी चुनौतियां, सार्वजनिक संदेश और लोकतांत्रिक भागीदारी से जुड़े सवाल शामिल हैं. जानकारों का कहना है कि यह विवाद न केवल प्रस्तावित कार्यक्रम की वजह से, बल्कि इसलिए भी चर्चा में आया है क्योंकि यह तेलंगाना की बदलती राजनीतिक गतिशीलता को दर्शाता है. कई पार्टियों के अपने प्रभाव का विस्तार करने की कोशिशों के बीच, जन सेना के कार्यक्रम को लेकर चल रही बहस राज्य की सबसे बारीकी से देखी जाने वाली राजनीतिक घटनाओं में से एक बन गई है.
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        <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 17:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>17 साल के सार्थक सिद्धांत ने CBSE के OSM प्रक्रिया में खोजी कई खामियां, संसदीय समिति के सामने दिया प्रेजेंटेशन</title>
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        <description><![CDATA[ CBSE परीक्षा, रिजल्ट और ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) पोर्टल को लेकर जारी विवाद के बीच 17 वर्षीय छात्र सार्थक सिद्धांत मंगलवार (2 जून, 2026) को संसदीय समिति के सामने पेश हुए, जहां उन्हें शिक्षा, महिला, बच्चे, युवा और खेल से संबंधित संसदीय स्थायी समिति के सामने प्रेजेंटेशन देने के लिए बुलाया गया था. संसदीय समिति ने सीबीएसई की क्लास 12 की परीक्षाओं में इस्तेमाल की जा रही ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम और छात्रों की तरफ से उठाई गई समस्याओं और चिंताओं की समीक्षा की.
प्रेजेंटेशन के बाद कमेटी के अध्यक्ष और कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह ने कहा कि समिति अब इस मामले में सीबीएसई के जवाब का इंतजार करेगी. उन्होंने न्यूज एएनआई से बातचीत में कहा, &amp;lsquo;उन्होंने (OSM सिस्टम से प्रभावित छात्रों में से एक सार्थक सिद्धांत) अपना प्रेजेंटेशन दे दिया है. अब सीबीएसई की तरफ से दिए गए जवाबों पर फैसला लेना कमेटी का काम है.&amp;rsquo;&amp;nbsp;
संसदीय समिति की नजर में कैसे आए सार्थक सिद्धांत?

#WATCH | Delhi: Sarthak Sidhant, one of the students affected by the CBSE&#039;s &#039;On-Screen Marking&#039; (OSM) system, arrived at the Parliament House Annexe to give a presentation before the Parliamentary Standing Committee on Education, Women, Children, Youth, and Sports. This committee&amp;hellip; pic.twitter.com/xnnd7YfD5z
&amp;mdash; ANI (@ANI) June 2, 2026



दरअसल, 17 वर्षीय छात्र सार्थक सिद्धांत तब चर्चा में आए जब उन्होंने सेंट्रल पब्लिक प्रोक्योरमेंट (Central Public Procurement) पोर्टल पर उपलब्ध टेंडर दस्तावेजों की समीक्षा के बाद अपनी जांच के नतीजों को अपने ब्लॉग में प्रकाशित किया. उन्होंने अपने नतीजों में यह आरोप लगाया कि सीबीएसई ने कोएम्प्ट एडुटेक को लाभ पहुंचाने के लिए नियमों में बदलाव किए.

#WATCH | Ranchi, Jharkhand | A class 12th student, Sarthak Sidhant, says, &amp;ldquo;&amp;hellip;I have written a blog that compares the tender documents of CBSE. I have uploaded and published it&amp;hellip; There were at least 15 discrepancies, as per my blog. I would like to highlight three or four of them.&amp;hellip; pic.twitter.com/TtL7DgOe9M
&amp;mdash; ANI (@ANI) May 30, 2026



सार्थक ने अपने ब्लॉग पोस्ट में आरोप लगाया कि बोर्ड ने तीन अलग-अलग टेंडर राउंड्स में पात्रता (एलिजीबिलिटी) और तकनीकी जरूरतों में ऐसे बदलाव किए, जिनसे कोएम्प्ट एडुटेक (Coempt EduTeck) को फायदा हुआ.&amp;nbsp;

सार्थक ने किन नियमों में बदलाव का किया जिक्र?
सार्थक सिद्धांत ने ANI से बातचीत में कहा, &amp;lsquo;मेरे ब्लॉग के मुताबिक कम से कम 15 विसंगतियां थीं. मैं उनमें से तीन या चार को उजागर करना चाहूंगा. पहले मैं कोएम्प्ट के बारे में बैकग्राउंड बताना चाहता हूं. इसे पहले ग्लोबरीना (Globarena) के नाम से जाना जाता था और इसका रिकॉर्ड काफी संदिग्ध रहा है. कोएम्प्ट की वजह से 23 छात्रों ने सुसाइड किया था.&amp;rsquo;
उन्होंने कहा, &amp;lsquo;पहली बड़ी विसंगति खराब प्रदर्शन (Poor Performance) से संबंधित तीन शर्तों को नई RFP (Request for Proposal) से पूरी तरह हटा दिया गया. पहले की RFP में पहले कभी ब्लैकलिस्ट किया गया हो जैसी शर्त थी, जबकि नई RFP में इसे बदलकर वर्तमान में ब्लैकलिस्ट हो कर दिया गया. बोर्ड ऐसा सर्विस प्रोवाइडर क्यों चाहेगा, जिसे पहले ब्लैकलिस्ट किया जा चुका हो?&amp;rsquo;
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        <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 17:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>साल, के, सार्थक, सिद्धांत, ने, CBSE, के, OSM, प्रक्रिया, में, खोजी, कई, खामियां, संसदीय, समिति, के, सामने, दिया, प्रेजेंटेशन</media:keywords>
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        <title>नितिन नबीन ने सभी भाजपा प्रदेश अध्यक्षों के साथ की बैठक, केंद्र के 12 साल पूरे होने पर बड़े कार्यक्रमों की रूपरेखा तय</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/नितिन-नबीन-ने-सभी-भाजपा-प्रदेश-अध्यक्षों-के-साथ-की-बैठक-केंद्र-के-12-साल-पूरे-होने-पर-बड़े-कार्यक्रमों-की-रूपरेखा-तय</link>
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        <description><![CDATA[ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की अध्यक्षता में सोमवार (1 जून, 2026) को पार्टी के देश के सभी राज्यों के प्रदेश अध्यक्षों की एक अहम बैठक संपन्न हुई. बैठक में पार्टी के संगठन के महामंत्री बीएल संतोष सहित अन्य सभी राष्ट्रीय महासचिव भी मौजूद रहे. इस अहम बैठक का उद्देश्य भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों और जनसंपर्क अभियानों की विस्तृत रूपरेखा तैयार करना है.
इस साथ ही, भाजपा की अहम बैठक में संगठनात्मक कार्यों की समीक्षा और विभिन्न राज्यों में पार्टी की गतिविधियों का आकलन किया गया, आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों की तैयारियों और नई रणनीतियों पर गहन चर्चा हुई. इसके अलावा, संगठन के विस्तार और बूथ स्तर तक पार्टी को और मजबूत बनाने की दिशा में ठोस कदमों पर चर्चा की गई.
बैठक में किन-किन मुद्दों पर की विस्तृत चर्चा
सूत्रों के अनुसार, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की अध्यक्षता में हुई बैठक में सोशल मीडिया पर अत्यधिक निर्भरता कम करने और पार्टी की पारंपरिक ताकत, घर-घर संपर्क अभियान, को फिर से मजबूती से लागू करने पर विशेष जोर दिया गया. इसमें यह भी फैसला लिया गया कि सभी संपर्क अभियानों में पार्टी, राज्य सरकारों और केंद्र सरकार के विकास कार्यों को प्रमुखता दी जाए और कार्यकर्ताओं से प्राप्त सूचनाओं और फीडबैक पर ही भरोसा रखा जाए.&amp;nbsp;

नितिन नबीन ने पार्टी के सभी प्रदेश अध्यक्षों को दिए सख्त निर्देश
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने सभी प्रदेश अध्यक्षों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि वे अपने-अपने राज्यों में कार्यकर्ताओं की समस्याओं और चिंताओं का ध्यान रखें और उनमें किसी भी तरह की निराशा या हताशा का भाव नहीं आने देना चाहिए. यह बैठक पार्टी को आगामी चुनावी साल में पूर्ण रूप से तैयार करने और संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
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        <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 05:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>6 साल बाद फिर खुलेगा लिपुलेख दर्रा, जून के पहले हफ्ते से शुरू होगा भारत&amp;तिब्बत सीमा व्यापार</title>
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        <description><![CDATA[ उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के ऐतिहासिक लिपुलेख दर्रे से होने वाला भारत-तिब्बत सीमा व्यापार करीब छह सालों के लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर से शुरू होने जा रहा है. कोविड-19 महामारी के कारण साल 2020 से बंद यह पारंपरिक व्यापार जून 2026 के पहले हफ्ते से फिर से संचालित होगा. सीमा व्यापार के फिर से शुरू होने से व्यांस, दरमा और चौंदास घाटी सहित पूरे सीमांत इलाके में उत्साह का माहौल है.
विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी किए गए परमिटः जिलाधिकारी
पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने इस संबध में बताया कि भारत सरकार के विदेश मंत्रालय की ओर से व्यापार संचालन के लिए जरूरी ट्रेड परमिट जारी कर दिए गए हैं और उसे व्यापारियों और उनके सहायकों को वितरित किए जा रहे हैं. जिला प्रशासन ने व्यापार कार्यालय, कस्टम कार्यालय सहित सभी जरूरी व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं, ताकि व्यापार सुचारू रूप से संचालित हो सके.
ट्रेड ऑफिस के उद्घाटन के पहले दिन 10 आवेदन प्राप्तः उपजिलाधिकारी
वहीं, उपजिलाधिकारी और व्यापार अधिकारी धारचूला आशीष जोशी ने बताया कि सोमवार (1 जून) को धारचूला में ट्रेड कार्यालय का विधिवत उद्घाटन किया गया. पहले ही दिन 10 व्यापारियों के आवेदन प्राप्त हुए हैं और आवेदन प्रक्रिया लगातार जारी है. उन्होंने कहा कि व्यापारियों की हर समस्या के समाधान के लिए प्रशासन पूरी तरह तत्पर है.
सीमा व्यापार को लेकर किए गए नए बदलाव
इस साल सीमा व्यापार में एक महत्वपूर्ण बदलाव भी किया गया है. पहली बार भारतीय व्यापारी अपने सामान को वाहनों के माध्यम से भारत-तिब्बत सीमा स्थित इंडो-तिब्बत ट्रेड प्वाइंट तक पहुंचा सकेंगे. इसके बाद उन्हें सिर्फ लगभग दो किलोमीटर पैदल चलकर चीन क्षेत्र में प्रवेश करना होगा. व्यापारियों का मानना है कि इससे समय, श्रम और लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी.&amp;nbsp;

सीमा व्यापार से अन्य कारोबारियों को मिलेगा लाभ
लिपुलेख व्यापार मार्ग सदियों से सीमांत क्षेत्र की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार रहा है. इस व्यापार के तहत भारतीय व्यापारी गुड़, मिश्री, माचिस और अन्य आवश्यक वस्तुएं तिब्बत ले जाएंगे, जबकि वहां से ऊन, चरू, कंबल और अन्य पारंपरिक उत्पाद भारत लाए जाएंगे. व्यापारियों का कहना है कि सीमा व्यापार के फिर से संचालन से स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलेगा और परिवहन, होटल व्यवसाय और अन्य छोटे कारोबारियों को भी प्रत्यक्ष लाभ होगा.
स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और व्यापार के नए मौके बनेंगेः सचिव
वहीं, व्यापार संघ के सचिव दोलत सिंह रायपा ने सीमा व्यापार शुरू होने पर खुशी जताते हुए जिला प्रशासन, राज्य सरकार और केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया. उन्होंने विश्वास जताया कि इस साल का व्यापार नए कीर्तिमान स्थापित करेगा. करीब छह सालों बाद शुरू हो रहा भारत-तिब्बत सीमा व्यापार न सिर्फ सीमांत क्षेत्रों की पारंपरिक आर्थिक गतिविधियों को नई गति देगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और व्यापार के नए अवसर भी लेकर आएगा. सीमांत क्षेत्र के लोग अब इस व्यापार सीजन से बड़ी उम्मीदें लगाए हुए हैं.&amp;nbsp;
रिपोर्टः नीरज मेहता
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        <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 05:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>साल, बाद, फिर, खुलेगा, लिपुलेख, दर्रा, जून, के, पहले, हफ्ते, से, शुरू, होगा, भारत-तिब्बत, सीमा, व्यापार</media:keywords>
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        <title>DMK और AIADMK मिलकर बनाने वाले थे सरकार, तमिलनाडु के CM विजय ने किया बड़ा खुलासा, बताई प्लानिंग</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/dmk-और-aiadmk-मिलकर-बनाने-वाले-थे-सरकार-तमिलनाडु-के-cm-विजय-ने-किया-बड़ा-खुलासा-बताई-प्लानिंग</link>
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        <description><![CDATA[ तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने सोमवार (1 जून 2026) को खुद के खिलाफ विधायकों की खरीद-फरोख्त करने के आरोपों को खारिज कर दिया. उन्होंने मुख्य प्रतिद्वंद्वी दलों DMK और AIADMK पर आरोप लगाया कि वे लूट मचाने के लिए चोरी-छिपे सरकार बनाने की कोशिश कर रहे हैं. 10 मई को मुख्यमंत्री पद पर आसीन होने के बाद पहली बार जनसभा को संबोधित करते हुए विजय ने डीएमके पर हमला बोला और उनकी पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) की लगातार आलोचना करने का आरोप लगाया.
DMK और AIADMK मिलकर बनाने वाले थे सरकार
उन्होंने कहा कि डीएमके की परिवार की राजनीति ही 23 अप्रैल के विधानसभा चुनाव में उसकी हार का कारण बनी. विजय ने कहा, &#039;जनता ने मुझे मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि प्रथम सेवक बनाया है. डीएमके जितनी ज्यादा उनकी आलोचना करेगी, उतना ही अधिक लाभ टीवीके को मिलेगा.&#039; मुख्यमंत्री ने कहा कि 4 मई 2026 को चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद दोनों द्रविड़ दलों ने मिलकर सौदेबाजी की और गुपचुप तरीके से सरकार बनाने की कोशिश की ताकि लूट मचाते रहें.
सीएम विजय ने दावा किया कि दोनों दलों को डर था कि अगर टीवीके सरकार बना लेगी तो उनका काम यानी लूट और भ्रष्टाचार खत्म हो जाएगा. उन्होंने डीएमके को &amp;ldquo;बुरी ताकत&amp;rdquo; और AIADMK को &amp;ldquo;खत्म हो चुकी ताकत&amp;rdquo; बताया. टीवीके चीफ ने कहा, &#039;जैसाकि मैंने पहले कहा था, मुकाबला केवल टीवीके और DMK के बीच है, बाकी कोई मायने नहीं रखता.&#039; उन्होंने कहा कि लोग उन्हें पेरम्बू का विधायक कहते हैं, लेकिन उनके लिए तिरुचिरापल्ली के लोग बहुत करीब हैं.
भविष्य के सभी चुनावों में मिलेगा समर्थन: विजय
सीएम विजय ने ये भी कहा कि दिवंगत मुख्यमंत्री एम.जी. रामचंद्रन (एमजीआर) को भी उनके पहले चुनाव में इतने वोट नहीं मिले थे, जितने उन्हें मिले हैं. उन्होंने कहा, &#039;मैं खुद की तुलना एमजीआर से नहीं कर रहा हूं. मैं एमजीआर, अन्ना और पेरियार के दिखाए रास्ते पर चलने वाला आपका विजय हूं, बस इतना ही.&#039; विजय ने यह भी कहा कि अगर थोड़ा और समर्थन मिला होता तो परिणाम और बेहतर होते, लेकिन उन्हें विश्वास है कि भविष्य के सभी चुनावों में पूरा समर्थन मिलेगा.
उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी टीवीके ने जाति, धर्म और वोट के बदले पैसे जैसी बाधाओं को तोड़ा है. उन्होंने कहा कि टीवीके सरकार सभी का ख्याल रखेगी और राज्य के अधिकारों और धर्मनिरपेक्षता पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा.
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        <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 05:30:10 +0530</pubDate>
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        <title>तमिलनाडु के CM विजय सभी कार्यक्रमों में क्यों पहनते हैं काला सूट&amp;पैंट? TVK चीफ ने कर दिया खुलासा</title>
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        <guid>https://hindi.attentionindia.com/तमिलनाडु-के-cm-विजय-सभी-कार्यक्रमों-में-क्यों-पहनते-हैं-काला-सूट-पैंट-tvk-चीफ-ने-कर-दिया-खुलासा</guid>
        <description><![CDATA[ तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज करने के बाद जब टीवीके प्रमुख सी. जोसेफ विजय राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के लिए पहुंचे थे, तब सफेद शर्ट और काले रंग के सूट-पैंट पहनने को लेकर उनकी काफी चर्चा हुई थी. इसके बाद मुख्यमंत्री जोसेफ विजय के पदभार ग्रहण करने के बाद भी अक्सर काले सूट-पैंट में नजर आए हैं, जिसे लेकर मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने सोमवार (1 जून, 2026) को खुलासा कर दिया है. उन्होंने सवाल किया कि क्या ब्लेजर पहनना सिर्फ प्रभावशाली लोगों का अधिकार है और कहा कि उनके पहनावे में काले रंग का प्रतीकात्मक महत्व है. &amp;nbsp;
सत्ता पर काबिज होने के बाद पहली बार सभा को किया संबोधित&amp;nbsp;

Tiruchirappalli | Tamil Nadu CM Vijay says, &quot;Many people are talking about me wearing a coat. Why? Aren&amp;rsquo;t we allowed to wear a coat and a suit? Should only those in power and the dominant forces be the ones wearing coats and suits? These two colours reflect the two sides of the&amp;hellip; pic.twitter.com/fmwu4E5Obi
&amp;mdash; ANI (@ANI) June 1, 2026



पीटीआई भाषा के मुताबिक, मुख्यमंत्री विजय ने तमिलनाडु में 23 अप्रैल, 2026 को हुए विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने के बाद तिरुचिरापल्ली में अपनी पहली रैली में तिरुचि-पूर्व विधानसभा इलाके के वोटरों का आभार व्यक्त किया. इसके बाद उन्होंने अपने कार्यक्रमों में ब्लेजर और सफेद-काले रंग के कपड़े पहनने को लेकर की जा रही टिप्पणियों का उल्लेख करते हुए विजय ने कहा कि इस बात को लेकर लगातार चर्चा हो रही है. दरअसल, तमिलनाडु में आमतौर पर नेता सफेद कमीज और धोती पहनते हैं.&amp;nbsp;

जिसे लेकर सीएम विजय ने सवाल किया, &amp;lsquo;क्यों? क्या हम सभी को कोट और सूट नहीं पहनना चाहिए? क्या यह केवल सत्ता में बैठे लोगों के लिए है या केवल प्रभावशाली वर्गों के लिए?&amp;rsquo; उन्होंने कहा कि उनका काला ब्लेजर और सफेद कमीज पहनना इस बात का प्रतीक है कि विजय हर मामले में ब्लैक एंड व्हाइट यानी पूरी पारदर्शिता और स्पष्टता के साथ काम करेंगे.
लोग समझते हैं कि काले रंग का मतलब क्या हैः विजय
मुख्यमंत्री ने इस बारे में विस्तार से बताए बिना यह भी कहा कि लोग यह भी समझते हैं कि काले रंग का क्या मतलब है. तमिलनाडु में लगभग एक सदी पहले द्रविड़ आंदोलन के उदय के साथ काला रंग उत्पीड़न के खिलाफ प्रतिरोध, आत्मसम्मान, सामाजिक न्याय और समानतावादी आदर्शों के प्रति निष्ठा का प्रतीक माना जाता रहा है.
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        <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 05:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>तमिलनाडु, के, विजय, सभी, कार्यक्रमों, में, क्यों, पहनते, हैं, काला, सूट-पैंट, TVK, चीफ, ने, कर, दिया, खुलासा</media:keywords>
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        <title>ऑनलाइन सट्टेबाजी का दायरा अब इन्फ्लुएंसर्स और मशहूर हस्तियों तक पहुंचा, तेलंगाना CID ने तेज की जांच</title>
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        <description><![CDATA[ Hyderabad News: तेलंगाना में अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी की गतिविधियों को लेकर चल रही एक बड़ी जांच का दायरा अब सट्टेबाजी करने वालों और प्लेटफॉर्म से आगे बढ़कर मशहूर हस्तियों के प्रचार और सोशल मीडिया पर होने वाले प्रमोशन तक पहुंच गया है.&amp;nbsp;
अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान जिन कई जानी-मानी हस्तियों की पहचान हुई है. उनसे ऑनलाइन जुए के खिलाफ लोगों में जागरूकता फैलाने के प्रयासों में सहयोग करने के लिए संपर्क किया गया है. वहीं, कुछ लोग अभी भी इस पहल में सहयोग नहीं कर रहे हैं. यह घटनाक्रम राज्य के उस व्यापक अभियान का एक अहम हिस्सा है, जिसका मकसद युवाओं और समाज के कमजोर तबकों के बीच ऑनलाइन सट्टेबाजी के बढ़ते प्रभाव पर लगाम लगाना है.
जांच के इस फेज में मशहूर हस्तियों और डिजिटल इन्फ्लुएंसर्स की उस भूमिका पर खास ध्यान दिया गया है, जिसके तहत वे विज्ञापनों, वीडियो और सोशल मीडिया अभियानों के जरिए सट्टेबाजी से जुड़े ऐप्स का प्रचार करते हैं.&amp;nbsp;
जांच के दौरान कई जानी मानी हस्तियों की पहचान सामने आई है
अधिकारियों के मुताबिक, जांच के दौरान कई जानी-मानी हस्तियों की पहचान की गई और उन्हें ऐसे प्लेटफॉर्म का प्रचार न करने की सलाह दी गई. जांचकर्ताओं का मानना है कि मशहूर हस्तियों वाले प्रचार सामग्री का लोगों के व्यवहार पर गहरा असर पड़ सकता है. यह उन्हें ऐसी गतिविधियों में शामिल होने के लिए उकसा सकती है, जो राज्य के कानूनों के तहत प्रतिबंधित हैं.
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वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि पहचान की गई ज़्यादातर हस्तियों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है और वे उन जागरूकता अभियानों में हिस्सा लेने के लिए राज़ी हो गई हैं, जिनमें ऑनलाइन जुए से जुड़े वित्तीय और सामाजिक जोखिमों के बारे में बताया जाता है. खबरों के मुताबिक, कई मशहूर हस्तियों ने ऐसे वीडियो संदेश जमा किए हैं, जिनमें लोगों को सट्टेबाजी वाले ऐप्स से दूर रहने की सलाह दी गई है.&amp;nbsp;
अधिकारी इन जागरूकता प्रयासों को सट्टेबाजी वाले प्लेटफॉर्म के आकर्षण को कम करने का एक अहम जरिया मानते हैं, खासकर युवाओं के बीच, जो ऑनलाइन कंटेंट बनाने वालों और मशहूर हस्तियों से बहुत ज़्यादा प्रभावित होते हैं.
अधिकारियों ने पूरे मामले को लेकर क्या जानकारी दी है?&amp;nbsp;
यह जांच सट्टेबाजी वाले ऐप्स से जुड़े प्रचार गतिविधियों के विभिन्न कानूनी और वित्तीय पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है. अधिकारियों ने संकेत दिया कि यह मामला अभी भी समीक्षा के दायरे में है और चल रही जांच के नतीजों के आधार पर आगे के फैसले लिए जा सकते हैं. हालांकि अधिकारियों ने इसमें शामिल लोगों की पहचान जाहिर नहीं की है, लेकिन उन्होंने यह साफ कर दिया है कि ऐसे प्रचार से जुड़े हर व्यक्ति से सहयोग की उम्मीद की जाती है.
कानून लागू करने वाली एजेंसियों ने साथ ही साथ डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के ज़रिए चल रहे अवैध सट्टेबाजी के नेटवर्क के खिलाफ भी अपनी कार्रवाई तेज कर दी है. पूरे राज्य में ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े सैकड़ों मामले दर्ज किए गए हैं, जो कानून लागू करने वाली एजेंसियों के सामने मौजूद चुनौती की गंभीरता को दर्शाते हैं. जांचकर्ताओं ने बड़ी संख्या में सट्टेबाजी वाले ऐप्स की पहचान की है और संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर इन प्लेटफॉर्म तक लोगों की पहुंच को रोकने के लिए कदम उठाए हैं. राज्य के भीतर इनकी उपलब्धता को सीमित करने के लिए अतिरिक्त तकनीकी उपाय भी लागू किए गए हैं.

अधिकारियों ने इस बात पर ज़ोर दिया कि ऑनलाइन सट्टेबाजी अभी भी प्रतिबंधित है और चेतावनी दी कि प्रचार अभियान ऐसी गतिविधियों को वैध दिखाने का एक भ्रामक माहौल पैदा कर सकते हैं. नागरिकों को पुलिस माध्यमों और साइबर अपराध रिपोर्टिंग तंत्रों के ज़रिए सट्टेबाज़ी से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी देने के लिए प्रोत्साहित किया गया है.&amp;nbsp;
अधिकारियों का मानना है कि जनता का सहयोग, सख्त कार्रवाई और प्रभावशाली लोगों का जिम्मेदाराना रवैया ऑनलाइन जुए के प्रसार को रोकने तथा लोगों को आर्थिक नुकसान और उससे जुड़े सामाजिक बुराइयों से बचाने में अहम भूमिका निभाएगा.
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        <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 05:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>West Bengal Cabinet Expansion Highlights:: शुभेंदु अधिकारी के &amp;apos;स्पेशल 35&amp;apos;, बंगाल में BJP कैबिनेट का पहला विस्तार, देखें मंत्रियों की पूरी लिस्ट</title>
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        <description><![CDATA[ Bengal Cabinet Expansion Highlights: पश्चिम बंगाल में शुभेंदु कैबिनेट का सोमवार (1 जून) को पहला विस्तार हुआ. लोक भवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में 13 कैबिनेट मंत्री और 22 राज्य मंत्रियों ने शपथ ली, जिनमें से तीन को स्वतंत्र प्रभार दिया जाएगा. इससे पहले 9 मई को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी (CM Suvendu Adhikari) ने पांच अन्य मंत्रियों के साथ शपथ ली थी. तब से सरकार केवल छह मंत्रियों के साथ काम कर रही थी और मुख्यमंत्री अकेले 41 विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे.
मुख्यमंत्री सहित 41 सदस्यों का होगा मंत्रिमंडलपश्चिम बंगाल विधानसभा के आकार के अनुसार राज्य में मुख्यमंत्री के अलावा अधिकतम 44 मंत्री बनाए जा सकते हैं. सोमवार को 35 नए मंत्रियों के शामिल होने के बाद सरकार में मुख्यमंत्री को छोड़कर कुल 40 मंत्री हो जाएंगे. यानी मुख्यमंत्री सहित मंत्रिपरिषद की कुल संख्या 41 होगी.
अनुभव को प्राथमिकता देने की रणनीतिसूत्रों का कहना है कि केवल 13 नए कैबिनेट मंत्रियों को शामिल करना भाजपा की अपेक्षाकृत छोटे मंत्रिमंडल की रणनीति को दर्शाता है. माना जा रहा है कि प्रशासनिक अनुभव रखने वाले विधायकों को ही कैबिनेट स्तर की जिम्मेदारी दी जा रही है, जबकि अन्य नेताओं को राज्य मंत्री के रूप में मौका दिया जाएगा. इससे सरकार के कामकाज को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने में मदद मिलने की उम्मीद है. ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 17:30:11 +0530</pubDate>
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        <title>Swapan Dasgupta: पेशे से पत्रकार, पद्म भूषण से सम्मानित... कौन हैं स्वपन दासगुप्ता, जो शुभेंदु सरकार में बने मंत्री</title>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल में कैबिनेट विस्तार के तहत भाजपा के 35 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली. मंत्रिपरिषद के गठन में 13 नेताओं को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है, जबकि 3 विधायकों को राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 19 विधायकों को राज्य मंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई. इस क्रम में रासबिहारी विधानसभा सीट से जीत हासिल करने वाले स्वपन दासगुप्ता ने भी शुभेंदु अधिकारी के मंत्रिमंडल में मंत्री पद की शपथ ली.
स्वपन दासगुप्ता भारत के जाने-माने पत्रकार, लेखक और सार्वजनिक जीवन से जुड़े प्रमुख व्यक्तित्व हैं. उनका जन्म 3 अक्टूबर 1955 को एक प्रतिष्ठित बंगाली वैद्य परिवार में हुआ था. उन्होंने पत्रकारिता और लेखन के क्षेत्र में लंबे समय तक महत्वपूर्ण योगदान दिया है और देश के प्रमुख समाचार संस्थानों में उच्च पदों पर काम किया है.

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स्वपन दासगुप्ता का करियर
स्वपन दासगुप्ता ने अपने करियर के दौरान कई प्रतिष्ठित अखबारों और पत्रिकाओं में संपादकीय जिम्मेदारियां संभालीं. उन्होंने द स्टेट्समैन, द डेली टेलीग्राफ, द टाइम्स ऑफ इंडिया, द इंडियन एक्सप्रेस और इंडिया टुडे जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों में काम किया. अपनी लेखन शैली, राजनीतिक समझ के कारण उन्होंने पत्रकारिता जगत में विशेष पहचान बनाई. वे साल 2003 तक अलग-अलग एडिटर के पोस्ट पर एक्टिव रहे. पत्रकारिता और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने वर्ष 2015 में उन्हें देश के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण से सम्मानित किया. यह सम्मान उन्हें साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में शानदार कामों के लिए दिया गया था.
राज्यसभा के लिए मनोनीत किए गए थे स्वपन दासगुप्ता
अप्रैल 2016 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने स्वपन दासगुप्ता को राज्यसभा के लिए मनोनीत किया था. इसके बाद वे राज्यसभा के सदस्य बने और वर्ष 2022 तक इस पद पर रहे. राज्यसभा में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने विभिन्न राष्ट्रीय और सामाजिक मुद्दों पर अपनी राय रखी और सार्वजनिक जीवन में सक्रिय भूमिका निभाई. राज्यसभा सदस्य रहने के दौरान स्वपन दासगुप्ता ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की औपचारिक सदस्यता नहीं ली थी. वे एक लेखक, पत्रकार और राजनीतिक मामलों के जानकार के रूप में अपनी अलग पहचान बनाए हुए थे.
चुनावी राजनीति में एंट्री
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में जब भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें रासबिहारी विधानसभा सीट से अपना उम्मीदवार घोषित किया, तो उनकी उम्मीदवारी काफी चर्चा में रही. लंबे समय तक पत्रकारिता और सार्वजनिक जीवन से जुड़े रहने के बाद चुनावी राजनीति में उनकी एंट्री को लेकर राजनीतिक गलियारों में खूब चर्चा हुई. रासबिहारी जैसी महत्वपूर्ण सीट से मैदान में उतरने के कारण वे चुनाव के दौरान लगातार सुर्खियों में बने रहे.
कैबिनेट मंत्री के रूप में अन्य लोगों ने लिया शपथ
पश्चिम बंगाल में कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ लेने वालों में स्वपन दासगुप्ता के अलावा दीपक बर्मन, तपस रॉय, डॉ. शंकर घोष, मनोज कुमार ओरांव, अर्जुन सिंह, गौरी शंकर घोष, जगन्नाथ चट्टोपाध्याय, कल्याण चक्रवर्ती, अजय पोद्दार, सरदवत मुखर्जी, दूध कुमार मंडल और अनूप कुमार दास शामिल हैं. ये सभी अब राज्य सरकार के महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभालेंगे. इसके अलावा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में डॉ. इंद्रनील खान, मालती राव रॉय और राजेश महतो ने शपथ ली. स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्री अपने विभागों का काम सीधे संभालते हैं और उन्हें अपने विभाग के फैसले लेने का अधिकार होता है.
19 विधायकों ने राज्य मंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की
पश्चिम बंगाल में 19 विधायकों ने राज्य मंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की. इनमें जोएल मुर्मू, हरे कृष्ण बेरा, आनंदमय बर्मन, अशोक डिंडा, नदियार चंद बाउरी, विशाल लामा, शांतनु प्रमाणिक, मौमिता बिस्वास मिश्रा, उमेश रे, पूर्णिमा चक्रवर्ती, कौशिक चौधरी, भास्कर भट्टाचार्य, दिबाकर घरामी, अमिया किस्कू, कलिता माझी, गार्गी दास घोष, बिराज बिस्वास, दीपांकर जाना और सुमना सरकार शामिल हैं.
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        <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 17:30:10 +0530</pubDate>
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        <title>बैरकपुर के पूर्व सांसद, TMC से BJP में वापसी... जानें कौन हैं अर्जुन सिंह, जिन्होंने शुभेंदु सरकार में ली कैबिनेट मंत्री पद की शपथ</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/बैरकपुर-के-पूर्व-सांसद-tmc-से-bjp-में-वापसी-जानें-कौन-हैं-अर्जुन-सिंह-जिन्होंने-शुभेंदु-सरकार-में-ली-कैबिनेट-मंत्री-पद-की-शपथ</link>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार के पहले मंत्रिमंडल विस्तार में नौआपाड़ा से विधायक और बैरकपुर के पूर्व सांसद अर्जुन सिंह को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है. सोमवार को लोक भवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में उन्होंने मंत्री पद और गोपनीयता की शपथ ली. टीएमसी और भाजपा दोनों दलों में रह चुके अर्जुन सिंह लंबे समय से उत्तर 24 परगना और बैरकपुर औद्योगिक क्षेत्र की राजनीति का चर्चित चेहरा रहे हैं.
बैरकपुर की राजनीति का बड़ा नामअर्जुन सिंह का राजनीतिक आधार बैरकपुर औद्योगिक क्षेत्र रहा है. उन्होंने स्थानीय राजनीति से अपनी शुरुआत की और धीरे-धीरे उत्तर 24 परगना जिले में अपनी मजबूत पहचान बनाई. मजदूर बहुल इलाकों और हिंदीभाषी मतदाताओं के बीच उनकी पकड़ के कारण वे क्षेत्र के प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं.
टीएमसी से शुरू हुआ राजनीतिक सफरअर्जुन सिंह लंबे समय तक तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) से जुड़े रहे. पार्टी के टिकट पर उन्होंने स्थानीय निकाय और विधानसभा राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई. बाद में संगठन और नेतृत्व से मतभेद के बीच उन्होंने टीएमसी छोड़ दी और भाजपा का दामन थाम लिया.
भाजपा में शामिल होकर बने सांसदभाजपा में आने के बाद अर्जुन सिंह ने 2019 के लोकसभा चुनाव में बैरकपुर सीट से जीत दर्ज की और सांसद बने. उस चुनाव में उन्होंने भाजपा के लिए महत्वपूर्ण जीत हासिल की थी. बैरकपुर संसदीय क्षेत्र में उनकी सक्रियता ने उन्हें राज्य स्तर पर भाजपा के प्रमुख नेताओं में शामिल कर दिया.
शुभेंदु अधिकारी सरकार में मिली कैबिनेट जिम्मेदारीभाजपा सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार में अर्जुन सिंह को कैबिनेट मंत्री के रूप में शामिल किया गया है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उत्तर 24 परगना, बैरकपुर औद्योगिक क्षेत्र और हिंदीभाषी मतदाताओं के बीच उनकी पहचान को देखते हुए पार्टी ने उन्हें सरकार में महत्वपूर्ण स्थान दिया है. अब विभागों के बंटवारे के बाद यह स्पष्ट होगा कि सरकार में उन्हें कौन-सी जिम्मेदारी सौंपी जाती है.
बिहार के भोजपुर जिले से है पैतृक संबंधअर्जुन सिंह का पैतृक संबंध बिहार के भोजपुर जिले के केवटिया गांव से बताया जाता है. हालांकि उनका पूरा राजनीतिक जीवन पश्चिम बंगाल में ही बीता है. बंगाल की राजनीति में सक्रिय रहते हुए उन्होंने स्थानीय स्तर से लेकर संसद और अब राज्य मंत्रिमंडल तक का सफर तय किया है. ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 17:30:09 +0530</pubDate>
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        <title>टीएमसी सांसद पर हमले का मामला, लोकसभा अध्यक्ष से शिकायत करेंगे अभिषेक बनर्जी</title>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना के सोनारपुर में हुए हमले को लेकर अब टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी अब लोकसभा में इसकी जानकारी देंगे. न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक टीएमसी नेता लोकसभा अध्यक्ष को अपने ऊपर हुए हमले की पूरी जानकारी देंगे.
ANI ने एआईटीसी सूत्रों के हवाले से बताया कि खुद पर हुए हमले को लेकर अभिषेक बनर्जी स्पीकर ओम बिरला से शिकायत करने के अलावा इस मामले में अदालत भी जाएंगे, जहां वो औपचारिक रूप से शिकायत दर्ज कराएंगे. उन्होंने अपने ऊपर हुए हमले को लेकर बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं.

TMC MP Abhishek Banerjee will apprise Lok Sabha Speaker OM Birla of the attack on him on 30 May. He will also move the Court in this matter: AITC Sources(file pic) pic.twitter.com/rpLxBuRmPW
&amp;mdash; ANI (@ANI) June 1, 2026



सोनारपुर में पीड़ित टीएमस कार्यकर्ताओं से मिलने गए अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि वो राजनीतिक हिंसा का शिकार हुए हैं और उन्होंने इस घटना के लिए बीजेपी को जिम्मेदार ठहाया है. बता दें कि राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, अखिलेश यादव और अन्य ने बनर्जी पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है. इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने आरोप लगाया कि बीजेपी प्रतिशोध की राजनीति कर रही है.
दिलीप घोष ने साधा निशानाअभिषेक बनर्जी पर हुए हमले को लेकर मीडिया से बात करते हुए पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने हाल ही में कहा कि अब जनता का रोष सामने आ रहा है. इन लोगों से जनता कितनी नाराज थी, फाल्टा चुनाव में साफ देखा जा सकता है. टीएमसी चुनाव में चौथे नंबर पर रही. इस परिणाम को ही देखकर समझ जाना चाहिए. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि हीरो बनने क्यों चले गए.&amp;nbsp;

&#039;15 साल तक आप खुद को भगवान समझते रहे&#039;बंगाल सरकार में मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि आज जनता का यही गुस्सा है क्योंकि 15 साल तक आप खुद को भगवान समझते रहे. उन्होंने आगे कहा कि आज आप पर अंडे फेंके जा रहे हैं, जूते फेंके जा रहे हैं. लोग आपके घर के सामने थूक रहे हैं और गालियां दे रहे हैं. उन्होंने आगे कहा कि हम ऐसी राजनीति नहीं करेंगे जहां लोग हमें जूतों की माला पहनाएं, गालियां दें.&amp;nbsp;
ये भी पढ़ें&amp;nbsp;
Swapan Dasgupta: पेशे से पत्रकार, पद्म भूषण से सम्मानित... कौन हैं स्वपन दासगुप्ता, जो शुभेंदु सरकार में बने मंत्री ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 17:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>Bengal Cabinet Expansion: 13 कैबिनेट और 22 राज्य मंत्रियों ने ली शपथ, शुभेंदु अधिकारी की टीम में किस&amp;किस को मिली जगह? देखें पूरी लिस्ट</title>
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        <description><![CDATA[ मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में सोमवार (1 जून, 2026) को पश्चिम बंगाल में कैबिनेट विस्तार हुआ. राज्यपाल आर. एन. रवि ने यहां लोक भवन में 35 और मंत्रियों को पद की शपथ दिलाई. 13 कैबिनेट मंत्री और 22 राज्य मंत्री ने पद की शपथ ली है, जिनमें से तीन को स्वतंत्र प्रभार दिया जाएगा.
4 मई को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की धमाकेदार जीत के बाद 9 मई को शपथ ग्रहण समारोह हुआ था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में सीएम शुभेंदु अधिकारी ने पांच मंत्रियों के साथ शपथ ली थी. फिलहाल शुभेंदु अधिकारी सिर्फ छह मंत्रियों के साथ काम कर रहे थे, जबकि 41 विभाग अकेले उनके पास थे.

सोमवार को शपथ लेने वालों में दीपक बर्मन, अर्जुन सिंह, शंकर घोष, तापस रॉय और मनोज कुमार ओरान जैसे नेता शामिल हैं. इन्होंने कैबिनेट मंत्री के तौर पर शपथ ली है, जबकि राज्य मंत्रियों की लिस्ट में जोएल मुर्मू, हरे कृष्ण बेरा, अशोक डिंडा, आनंदमय बर्मन, नदियार चंद बाउरी और विशाल लामा जैसे मंत्री शामिल हैं. कैबिनेट मिनिस्टर और राज्य मंत्रियों की पूरी लिस्ट ये है-
कैबिनेट मंत्री&amp;nbsp;

दीपक बर्मन
तापस रॉय
डॉ. शंकर घोष
मनोज कुमार उराँव
अर्जुन सिंह
गौरी शंकर घोष
स्वपन दासगुप्ता
जग्गन्नाथ चट्टोपाध्याय
कल्याण चक्रवर्ती
अजय पोद्दार
सारदवत मुखर्जी
दूध कुमार मंडल
अनुप कुमार दास&amp;nbsp;

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राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)

डॉ. इंद्रनील खान
मालती राव रॉय
राजेश महतो

राज्य मंत्री&amp;nbsp;

जोएल मुर्मू
हरे कृष्ण बेरा
आनंदमय बर्मन
अशोक डिंडा
नदियार चंद बाउरी
विशाल लामा
शांतनु प्रमाणिक
मौमिता विश्वास मिश्रा
उमेश रे
पूर्णिमा चक्रवर्ती
कौशिक चौधरी
भास्कर भट्टाचार्य
दिबाकर घरामी
अमिया किस्कू
कलिता माझी
गार्गी दास घोष
बिराज विश्वास
दीपंकर जना
सुमना सरकार

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        <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 17:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Bengal, Cabinet, Expansion:, कैबिनेट, और, राज्य, मंत्रियों, ने, ली, शपथ, शुभेंदु, अधिकारी, की, टीम, में, किस-किस, को, मिली, जगह, देखें, पूरी, लिस्ट</media:keywords>
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        <title>West Bengal Govt: पश्चिम बंगाल में बड़ा सियासी धमाका! 35 मंत्री एक साथ लेंगे शपथ, नए चेहरों को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी</title>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने जानकारी दी है कि राज्य सरकार की मंत्रिपरिषद का विस्तार किया जाएगा. इस संबंध में उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा किया. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अपने पोस्ट में लिखा कि पश्चिम बंगाल की जनता के फैसले से चुनी गई राष्ट्रवादी सरकार की पूर्ण मंत्रिपरिषद का गठन किया जा रहा है. मंत्रिपरिषद के विस्तार के तहत राज्य सरकार के 35 मंत्री कल सोमवार (1 जून 2026) की सुबह 11 बजे शपथ लेंगे.
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने ने बताया कि शपथ ग्रहण समारोह नबान्न में आयोजित किया जाएगा. इस दौरान पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर. एन. रवि सभी मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे. मंत्रिपरिषद के इस विस्तार को नई सरकार के गठन के बाद एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. शपथ लेने वाले मंत्रियों को बाद में विभिन्न विभागों की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है. सरकार की ओर से अभी मंत्रियों के विभागों की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है. 

আগামীকাল পশ্চিমবঙ্গের জনগণের রায়ে নির্বাচিত রাষ্ট্রবাদী সরকারের পূর্ণাঙ্গ মন্ত্রীসভা গঠিত হতে চলেছে। মন্ত্রীসভা সম্প্রসারণের উদ্দেশ্যে পশ্চিমবঙ্গ সরকারের ৩৫ জন মন্ত্রী সকাল ১১ টায় লোকভবনে শপথ গ্রহণ করবেন। মহামান্য রাজ্যপাল শ্রী আর. এন. রবি মহোদয় লোকভবনে তাঁদের শপথ বাক্য পাঠ&amp;hellip;
&amp;mdash; Suvendu Adhikari (@SuvenduWB) May 31, 2026



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पश्चिम बंगाल सरकार का प्रशासनिक ढांचा
पश्चिम बंगाल राज्य की राजनीति में इस कार्यक्रम को अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसके बाद सरकार का प्रशासनिक ढांचा पूरी तरह से सक्रिय हो जाएगा और अलग-अलग विभागों में कामकाज की जिम्मेदारियां तय हो सकेंगी. बता दें कि बीजेपी ने विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस को हरा दिया था. इसके बाद बीजेपी ने शुभेंदु अधिकारी को राज्य का सीएम चुना. इस जीत के साथ बीजेपी पहली बार बंगाल में सरकार बनाने में कामयाब रही.
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        <pubDate>Sun, 31 May 2026 23:30:12 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>West, Bengal, Govt:, पश्चिम, बंगाल, में, बड़ा, सियासी, धमाका, मंत्री, एक, साथ, लेंगे, शपथ, नए, चेहरों, को, मिल, सकती, है, बड़ी, जिम्मेदारी</media:keywords>
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        <title>दुश्मनों की खैर नहीं! DRDO ने किया विध्वंसक &amp;apos;हाई कैलिबर बम&amp;apos; का सफल टेस्ट</title>
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        <description><![CDATA[ रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन यानी DRDO ने रविवार (31 मई, 2026) को हरियाणा में एक हाई कैलिबर बम की टेस्टिंग को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है. इस बम का परीक्षण हरियाणा के पंचकूला जिले के रामगढ़ स्थित डीआरडीओ की टर्मिनल बैलिस्टिक्स रिसर्च लैबोरेटरी (TBRL) में किया गया.
इस हाई कैलिबर बम का परीक्षण भारतीय वायु सेना के सीनियर अधिकारियों की निगरानी में और कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच किया गया है. अधिकारियों ने इस परीक्षण के बारे में बताया कि परीक्षण पूरी तरह से सफल रहा है और इसे निर्धारित सुरक्षा मानकों और प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करते हुए अंजाम दिया गया.
बम परीक्षण से पहले इलाके में जारी किया गया था हाई अलर्ट
रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन की ओर से निर्धारित परीक्षण को देखते हुए टर्मिनल बैलिस्टिक्स रिसर्च लैबोरेटरी (TBRL), पंचकूला जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने पहले से पूरे इलाके में हाई अलर्ट जारी कर दिया था. सुरक्षा के प्रोटोकॉल के तहत टीबीआरएल के आसपास के सभी इलाकों में विशेष निगरानी भी रखी गई थी.
2 किलोमीटर के दायरे को घोषित किया गया संवेदनशील क्षेत्र
दरअसल, अधिकारियों का इस बात की आशंका थी कि परीक्षण के दौरान बम के टुकड़े (फ्रैगमेंट्स) करीब डेढ़ किलोमीटर की दूरी तक उड़ सकते हैं. इसी वजह से TBRL के आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को देखते हुए अधिकारियों की तरफ से दो किलोमीटर के दायरे को संवेदनशील इलाका घोषित किया गया था.&amp;nbsp;

गांवों को दी गई थी विशेष सावधानी बरतने की सलाह
इसके अलावा, सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए आसपास के भानू और बिल्ला गांवों को रहने वाले लोगों को विशेष निर्देश जारी किए गए थे और उन्हें ज्यादा से ज्यादा सतर्कता बरतने की सलाह दी गई थी. परीक्षण के दौरान व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू रही और पूरे इलाके में पंचकूला जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की तरफ से क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई थी.
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        <pubDate>Sun, 31 May 2026 23:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>SIR का थर्ड फेज शुरू, इन केंद्र शासित समेत 19 राज्यों में चल रही प्रक्रिया, जानें कैसे भरे जा रहे फॉर्म</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/sir-का-थर्ड-फेज-शुरू-इन-केंद्र-शासित-समेत-19-राज्यों-में-चल-रही-प्रक्रिया-जानें-कैसे-भरे-जा-रहे-फॉर्म</link>
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        <description><![CDATA[ SIR Third Phase Startet in India: देश के कई राज्यों में विशेष गहन संशोधन यानी SIR शुरू हो गया है. इनमें मिजोरम, सिक्किम, ओडिशा और मणिपुर राज्य शामिल हैं. चुनाव आयोग ने यह जानकारी दी है. बता दें, चुनाव &amp;nbsp; इलेक्शन ऑथिरिटी ने 14 मई को 16 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में SIR का तीसरा चरण अलग-अलग समय पर शुरू किया था.&amp;nbsp;
शनिवार को शुरू हुए इस चरण के दौरान बीएलओ घर-घर जाकर गणना फॉर्म बाटेंगे. जमा करेंगे. साथ ही उनकी जांच करेंगे. वोटर्स ने अपने फॉर्म बीएलओ के जरिए या ऑनलाइन जमा भी कर सकते हैं.&amp;nbsp;
घोषणा पत्र के जरिए रजिस्ट्रेशन के लिए कर सकते हैं आवेदन
अगर कोई वोटर्स तय समय सीमा के तहत अपने गणना फॉर्म जमा नहीं कर पाते हैं, वे दावा और आपत्ति समय सीमा के दौरान फॉर्म 6 और साथ में तय घोषणा पत्र के जरिए नए मतदाता के तौर पर रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन कर सकते हैं. &amp;nbsp;इलेक्शन कमीशन की मानें तो फॉर्म इलेक्शन रजिस्ट्रेशन अधिकारियों को 28 जून या उससे पहले मिल जाएंगे तो उन्हें वोटर्स लिस्ट में शामिल किया जाएगा.&amp;nbsp;
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वर्तमान में चल रहे एसआईआर के फेज में शामिल चार राज्यों में कुल मिलाकर 3.67 करोड़ वोटर्स हैं. ओडिशा में सबसे ज्यादा मतदाता हैं. इनकी संख्या 3.34 करोड़ से ज्यादा है. इनके लिए 38,123 बीएलओ और 8,391 BLAs काम कर रहे हैं. मिजोरम में 8.75 लाख, सिक्किम में 4.71 लाख और मणिपुर में 20.92 लाख वोटर्स हैं.&amp;nbsp;
चुनाव आयोग ने वोटर्स से की ये अपील

चुनाव आयोग ने सभी योग्य वोटर्स से अपील की है, कि वे एसआईआर में एक्टिव रूप से हिस्सा लें सकें. साथ ही प्रक्रिया में जुटे अधिकारियों का सहयोग करें.&amp;nbsp;
इलेक्शन कमीशन ने कहा है कि एसआईआर इसलिए शुरू किया है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सभी योग्य नागरिक वोटर्स लिस्ट में शामिल हों. साथ ही अयोग्य लोगों को शामिल होने से रोका जा सके.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sun, 31 May 2026 23:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>SIR, का, थर्ड, फेज, शुरू, इन, केंद्र, शासित, समेत, राज्यों, में, चल, रही, प्रक्रिया, जानें, कैसे, भरे, जा, रहे, फॉर्म</media:keywords>
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        <title>&amp;apos;बातचीत से निकालेंगे हल&amp;apos;, भारत के साथ सीमा विवाद पर नेपाल की संसद में बोले बालेंद्र शाह</title>
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        <description><![CDATA[ नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने सत्ता का कार्यभार संभालने के बाद रविवार (31 मई, 2026) को पहली बार देश की संसद में अपना संबोधन दिया है. अपने पहले संबोधन में पीएम बालेंद्र शाह ने भारत और नेपाल के बीच लंबे वक्त से जारी सीमा विवाद को सुलझाने पर जोर देते हुए बयान दिया. उन्होंने कहा कि हम भारत के साथ अपने लंबित सीमा विवाद का समाधान कूटनीतिक प्रयासों और बातचीत के जरिए करेंगे.
संसद में मौजूद नेपाली सांसदों को संबोधित करते हुए पीएम बालेंद्र शाह ने कहा, &amp;lsquo;भारत के साथ सीमा विवाद का समाधान बातचीत की मेज पर और कूटनीतिक कोशिशों के जरिए किया जाएगा.&amp;rsquo; उन्होंने इस बात भी जोर दिया कि उनकी सरकार नेपाल के दक्षिणी पड़ोसी देश भारत के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और लंबे समय से चले आ रहे क्षेत्रीय विवादों का शांतिपूर्ण तरीके से समाधान चाहती है.
लिपुलेख-लिम्पियाधुरा क्षेत्र पर नेपाल का दावा
लिपुलेख-लिम्पियाधुरा इलाके पर नेपाल के दावे के संबंध में प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार इस मुद्दे को यूनाइटेड किंगडम (UK) यानी ब्रिटेन के सामने भी उठाएगी. उनका तर्क है कि इस विवाद की जड़ें ब्रिटिश भारत के दौर से जुड़ी हुई हैं. उन्होंने कहा, &amp;lsquo;नेपाल इस मामले का समाधान कूटनीतिक माध्यमों और भारत के साथ टेबल-टॉप बातचीत के जरिए तलाशेगा और संवाद और बातचीत की अपनी प्रतिबद्धता दोहराता है.&amp;rsquo;
प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने यह भी पूरी तरह से साफ किया कि संवेदनशील द्विपक्षीय मुद्दों पर नेपाल कूटनीति, पारस्परिक सम्मान और रचनात्मक बातचीत को प्राथमिकता देता रहेगा.&amp;nbsp;

लंबे समय से चले आ रहे दोनों देशों के बीच सीमा विवाद
भारत और नेपाल के बीच करीब 1,751 किलोमीटर लंबी खुली सीमा है, जिसके आसपास दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक, आर्थिक और लोगों से लोगों का संबंध बेहद नजदीकी और मजबूत है. हालांकि, दोनों पड़ोसियों के बीच सीमा के कुछ हिस्सों को लेकर लंबे समय से मतभेद बने हुए हैं. विशेष रूप से पश्चिम में कालापानी-लिम्पियाधुरा-लिपुलेख इलाका और दक्षिण में सुस्ता को लेकर विवाद जारी है.
यह सीमा विवाद साल 1816 में नेपाल साम्राज्य और ब्रिटिश भारत के बीच हुए सुगौली समझौता (Treaty of Sugauli) की अलग-अलग व्याख्याओं से जुड़ा हुआ है. दोनों देश विवादित इलाकों पर अपने-अपने दावों को बनाए हुए हैं.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sun, 31 May 2026 23:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>&amp;apos;धुंधली कॉपियां, गायब पेज, धोखा है&amp;apos;, राहुल गांधी ने CBSE मामले में केंद्र को घेरा, PM मोदी पर लगाया गंभीर आरोप</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/धुंधली-कॉपियां-गायब-पेज-धोखा-है-राहुल-गांधी-ने-cbse-मामले-में-केंद्र-को-घेरा-pm-मोदी-पर-लगाया-गंभीर-आरोप</link>
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        <description><![CDATA[ Rahul Gandhi On CBSE Issue: एक यूजर के पोस्ट को रि-पोस्ट करते हुए CBSE से जुड़े मामले को लेकर राहुल गांधी ने फिर से केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साथा है. यूजर्स ने 12वीं की कई कॉपियों की तस्वीर शेयर करते हुए सवाल किया है. इसमें सार्थक सिद्धांत ने सीबीएसई के एक्स हैंडल को टैग करते हुए सवाल पूछा है कि इन कॉपियों को स्कैन करने के लिए आपने स्कैनर्स का इस्तेमाल किया था. अब जबकि ये कॉपियां सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है, क्या आप कृपया इसे समझाना चाहेंगे?
राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए सवाल किया है कि सीबीएसई ने मई 2025 के टेंडर में यह शर्त थी कि आंसर शीट को ऑटोमैटिक रोबोटिक स्कैनर से स्कैन किया जाएगा. उनकी बाइंडिंग सुरक्षित रहेगी. कम से कम 300 DPI रेजोल्यूशन पर स्कैन किया जाएगा.&amp;nbsp;

CBSE&amp;rsquo;s May 2025 tender required answer sheets to be scanned with automatic robotic scanners, spines preserved, at a minimum of 300 DPI.The tender re-issued in August quietly removed all of it. &amp;ldquo;Scanners&amp;rdquo; became generic. Resolution dropped to 200 DPI.Now we know what that&amp;hellip; https://t.co/XXdorOi3oq
&amp;mdash; Rahul Gandhi (@RahulGandhi) May 31, 2026



दोबारा जारी टेंडर में शर्तें चुपचाप हटा दीं: राहुल गांधीराहुल ने कहा कि अगस्त में दोबारा जारी किए गए टेंडर से चुपचाप ये सारी शर्तें हटा दी गईं. स्कैनर शब्द को सामान्य बना दिया गया. रेजोल्यूशन घटाकर 200 DPI कर दिया गया.
राहुल ने कहा कि अब हमें पता चल गया है कि असल में इसका क्या मतलब था. यह खुलासा हुआ है कि COEMPT ने आंसर शीट को मोबाइल फोन से स्कैन किया था.

धुंधली कॉपियाँ, गायब पेज, स्कैन न की गई कॉपियां, ये कोई गलतियां नहीं हैं. ये उस कॉन्ट्रैक्ट का पहले से तय नतीजा हैं, जिसे किसी खास वेंडर को फायदा पहुंचाने के लिए तैयार किया गया था.
इसे भी पढ़ें &amp;nbsp;-&amp;nbsp;जहां बन रहा खाना वहीं पनप रही बीमारी, क्या आपके बच्चों को भी बीमार कर रही किचन की सिंक?
यह एक धोखा है: गांधी
राहुल ने कहा कि यह एक धोखा है. हर वह बच्चा, जिसके अंकों का गलत मूल्यांकन हुआ है, इस धोखे का शिकार है. सुबह प्रधानमंत्री के पास आमों के बारे में बात करने का समय था. उनके पास उन 18.5 लाख बच्चों के बारे में बात करने का समय नहीं था. इनकी आंसर शीट मोबाइल फोन से स्कैन की गई थीं. धर्मेंद्र प्रधान जी अभी भी अपने पद पर बने हुए हैं. मोदी जी की चुप्पी अब सिर्फ उदासीनता नहीं रही. यह इस अपराध में उनकी मिलीभगत का सबूत है.
MP के शिवपुरी में आवारा कुत्ते का आतंक, नगर पालिका प्रभारी की पत्नी समेत 60 लोगों को काटा ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 31 May 2026 23:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>धुंधली, कॉपियां, गायब, पेज, धोखा, है, राहुल, गांधी, ने, CBSE, मामले, में, केंद्र, को, घेरा, मोदी, पर, लगाया, गंभीर, आरोप</media:keywords>
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        <title>डीके शिवकुमार 3 जून को लेंगे कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ, राज्यपाल ने भेजा न्योता</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/डीके-शिवकुमार-3-जून-को-लेंगे-कर्नाटक-के-मुख्यमंत्री-पद-की-शपथ-राज्यपाल-ने-भेजा-न्योता</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/डीके-शिवकुमार-3-जून-को-लेंगे-कर्नाटक-के-मुख्यमंत्री-पद-की-शपथ-राज्यपाल-ने-भेजा-न्योता</guid>
        <description><![CDATA[ Karnataka Governor Invitation for Oath Ceremony: कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री का रास्ता साफ हो गया है. डीके शिवकुमार को कांग्रेस पार्टी ने विधायक दल का नेता चुन लिया है. साथ ही अब उन्हें 3 जून को शपथ लेने के लिए राज्यपाल ने निमंत्रण भेजा है. कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने डी.के. शिवकुमार को 3 जून को कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के लिए आमंत्रित किया है.
तीन साल से चल रही थी कुर्सी को लेकर खींचतान
कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार है, लेकिन कुर्सी को लेकर तीन साल से खींचतान चल रही थी. इससे पहले कांग्रेस की सरकार के मुख्यमंत्री पद सिद्धारमैया संभाल रहे थे. पार्टी के अंदर काफी वक्त से दावे किए जा रहे थे कि सत्ता में बदलाव होगा.&amp;nbsp;
गुरुवार को सिद्धारमैया ने पद से इस्तीफा दिया, तो शिवकुमार का रास्ता साफ हुआ. शुक्रवार को उनका इस्तीफा राज्यपाल ने मंजूर किया. साथ ही मंत्रिमंडल को भंग कर दिया. अब नई सरकार बनने को लेकर तैयारियां शुरू हो गई है.&amp;nbsp;
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सीएलपी की बैठक में शिवकुमार को चुना गया दल का नेताशनिवार को डीके शिवकुमार के नाम की मुहर लगने के बाद बेंगलुरु विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल यानी सीएलपी की मीटिंग हुई. इसमें पार्टी के दो बड़े नेताओं ने केसी वेणुगोपाल और रणदीप सिंह सुरजेवाला मौजूद रहे. उन्होंने पूरी प्रक्रिया को संभाला. इसके अलावा नेता चुने जाने के बाद डीके शिवकुमार ने प्रदेश के राज्यपाल से मुलाकात की. इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया भी मौजदू रहे. वहीं पार्टी के कई सीनियर नेता भी मौजूद रहे.&amp;nbsp;

बैठक में सबसे पहले सभी विधायकों के प्रस्ताव पास किए गए. इसमें दल के नेता का फैसला पार्टी की तरफ से किया गया. यह प्रस्ताव सिद्धारमैया ने रखा. डॉ. परमेश्वर ने इसका समर्थन किया और सभी विधायकों ने हाथ उठाकर इसे पारित कर दिया. इसके बाद सिद्धारमैया ने खुद डीके शिवकुमार को सीएलपी के नेता के तौर पर पेश किया. इसके बाद डीके शिवकुमार ने एक प्रस्ताव के जरिए सिद्धारमैया का शुक्रिया अदा किया.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sun, 31 May 2026 11:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>डीके, शिवकुमार, जून, को, लेंगे, कर्नाटक, के, मुख्यमंत्री, पद, की, शपथ, राज्यपाल, ने, भेजा, न्योता</media:keywords>
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        <title>हमले में अभिषेक बनर्जी को नहीं आई कोई गंभीर चोट? चेकअप करने वाले डॉक्टर ने MLC रिपोर्ट में क्या बताया</title>
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        <description><![CDATA[ Abhishek Banerjee Medical Check Up Report: पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले को लेकर एक तरफ जहां सियासी बवाल मचा हुआ है, तो वहीं टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने इस हमले को बीजेपी की तरफ से प्रायोजित हमला करार दिया है. हमले में घायल अभिषेक बनर्जी को कोलकाता के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है. अब उनसे जुड़ी अस्पताल का पर्चा सामने आया है, जिसपर डॉक्टर ने उनको हमलों के बाद की मेडिकल रिपोर्ट को लिखा है. यह MLC होता है, इसका मतलब होता है, मेडिकल लीगल केस.
यह पर्चा BELLE VUE CLINIC का है. इसपर 30 तारीख लिखी हुई है. पेशेंट का नाम अभिषेक बनर्जी लिखा है. उनकी उम्र 38 साल लिखी हुई है.&amp;nbsp;
इसमें लिखा है कि मरीज अस्पताल आया. हमने उनका चेकअप किया. उनपर गंभीर चोट के निशान नहीं है. सिवाय सीनें कुछ खरोचें आई है. मरीज पूरे होश में बात कर रहे थे. उनको एडमिट करने की जरूरत नहीं है. उनके हालात को देखते हुए शुरुआती तौर पर जरूरी दवाएं दी गई हैं.&amp;nbsp;

No injury to Abhishek Banerjee says the hospital.
???? pic.twitter.com/mtdf89jhaE
&amp;mdash; Apurva Singh (@iSinghApurva) May 30, 2026



अभिषेक बनर्जी पर हमले को लेकर भड़के राहुल गांधी, BJP पर साधा निशाना, कहा- &#039;बदले की राजनीति&#039;
कैसे हुई थी पूरी घटना?&amp;nbsp;टीएमसी की तरफ से कई तरह के वीडियो जारी किए गए हैं. इसमें उन्होंने बीजेपी को निशाने पर लेते हुए हमलावर की शिनाख्त करने की मांग की है. अभिषेक बनर्जी सोनारपुर के चुनाव के बाद हिंसा से प्रभावित परिवारों से मिलने गए थे. तभी यह घटना हुई. ऐसे में पार्टी मामले को अदालत में लेने की तैयारी कर रही है. अभिषेक बनर्जी के पहुंचते ही इलाके का माहौल बिगड़ गया. कुछ लोगों ने उनका विरोध शुरू कर दिया. स्थिति इतनी बिगड़ी की अभिषेक बनर्जी के काफिले पर पत्थर, ईंटें और अन्य चीजों से हमला किया गया. हमले में अभिषेक बनर्जी को चोट भी लगी है. हालांकि, अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट में किसी तरह की गंभीर चोट की बात नहीं कही गई है.&amp;nbsp;
इधर, पूरे मामले पर अभिषेक बनर्जी गुस्से में नजर आए. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि हमला जानबूझकर किया गया. हमले के पूरे वीडियो हैं. वो इस मामले को अदालत में लेकर जाएंगे.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sun, 31 May 2026 11:30:10 +0530</pubDate>
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        <title>अभिषेक बनर्जी पर हमले से गरमाई सियासत, ममता बनर्जी बोलीं&amp; शासक हत्यारे बन गए, BJP ने दिया जवाब</title>
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        <description><![CDATA[ West Bengal Politics: पश्चिम बंगाल की राजनीति में शनिवार को उस समय बड़ा विवाद खड़ा हो गया, जब तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी पर दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर दौरे के दौरान कथित हमला होने का मामला सामने आया. घटना के बाद टीएमसी और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया, जबकि विभिन्न विपक्षी दलों के नेताओं ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया दी है.
अभिषेक बनर्जी सोनारपुर में चुनाव बाद हुई हिंसा से प्रभावित परिवारों से मिलने पहुंचे थे. इसी दौरान उनके काफिले और कार्यक्रम स्थल पर कथित तौर पर ईंट, पत्थर और अंडे फेंके गए. टीएमसी ने आरोप लगाया कि यह हमला बीजेपी समर्थकों द्वारा किया गया.
&#039;मुझे मारने की कोशिश की गई&#039;
घटना के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि उन पर जानलेवा हमला किया गया. उन्होंने कहा, &#039;वे मुझे मारना चाहते थे. पूरी घटना कैमरे में रिकॉर्ड हुई है. हम इस मामले की जानकारी हाईकोर्ट और राज्यपाल को देंगे. मैं अदालत जाऊंगा और जरूरत पड़ी तो सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ूंगा.&#039;
उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरी घटना बीजेपी प्रायोजित थी और सुरक्षा व्यवस्था में जानबूझकर चूक की गई. अभिषेक ने कहा, &#039;यह बीजेपी की लोकतंत्र की परिभाषा है. अभी चुनाव परिणाम आए एक महीना भी नहीं हुआ है और पुलिस कहीं नजर नहीं आ रही है.&#039;
सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि उनके साथ मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने वरिष्ठ अधिकारियों को घटना की जानकारी दी थी, लेकिन इसके बावजूद पर्याप्त पुलिस बल मौके पर नहीं पहुंचा. उन्होंने कहा, &#039;अगर सुरक्षा अधिकारी लगातार सूचना दे रहे थे और फिर भी पुलिस नहीं पहुंची, तो साफ है कि उच्च अधिकारी इस घटना को होने देना चाहते थे. हमारे पास सारे सबूत मौजूद हैं और हम अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे.&#039;
&#039;ईंट लगने से आंख में चोट आई&#039;
टीएमसी सांसद ने दावा किया कि हमलावरों ने उन पर ईंट, पत्थर और अंडे फेंके, जिससे उन्हें चोट भी लगी. उन्होंने कहा, &#039;मेरी आंख पर ईंट लगी है और मैं आंख नहीं खोल पा रहा हूं. मैंने हेलमेट पहन रखा था, नहीं तो सिर दो हिस्सों में बंट जाता. आप मेरे शरीर को गिरा सकते हैं, लेकिन मेरे हौसले को नहीं तोड़ सकते.&#039;
टीएमसी ने बीजेपी पर लगाया हमला कराने का आरोप
टीएमसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि अभिषेक बनर्जी पर बीजेपी समर्थकों ने हमला किया. पार्टी ने कहा कि यह घटना पश्चिम बंगाल में बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति को दर्शाती है और बीजेपी हिंसा की राजनीति को बढ़ावा दे रही है.
ममता बनर्जी का बीजेपी पर हमला
टीएमसी प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, &#039;शासक हत्यारे बन गए हैं, बीजेपी को शर्म आनी चाहिए.&#039;
डेरेक ओ&#039;ब्रायन ने उठाए सुरक्षा पर सवाल
टीएमसी सांसद डेरेक ओ&#039;ब्रायन ने केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय पर सवाल उठाते हुए पूछा कि मतगणना वाले दिन अभिषेक बनर्जी की सुरक्षा क्यों हटाई गई. उन्होंने कहा कि विपक्ष की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी के संसदीय नेता पर हमला होना बेहद गंभीर मामला है.
डॉक्टरों की निगरानी में अभिषेक बनर्जी
टीएमसी प्रवक्ता सुदीप राहा ने बताया कि अभिषेक बनर्जी डॉक्टरों की निगरानी में हैं और उनका इलाज चल रहा है. उन्होंने कहा, &#039;यह लोकतंत्र के लिए काला दिन है. अगर एक सांसद सुरक्षित नहीं है, तो आम लोगों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी?&#039;
मल्लिकार्जुन खरगे ने जताई चिंता
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेद कभी भी हिंसा का कारण नहीं बन सकते. उन्होंने कहा कि एक प्रमुख विपक्षी नेता को पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिलना गंभीर चिंता का विषय है.
राहुल गांधी ने कहा- लोकतंत्र पर हमला
राहुल गांधी ने कहा कि सांसद पर हमला केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि लोकतंत्र और जनता के जनादेश पर हमला है. उन्होंने इसे बीजेपी की प्रतिशोध की राजनीति का उदाहरण बताया.
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अखिलेश यादव ने जताई साजिश की आशंका
अखिलेश यादव ने कहा कि अभिषेक बनर्जी पर हुआ हमला निंदनीय है और पुलिस व्यवस्था में कमी किसी साजिश की ओर इशारा करती है.
आदित्य ठाकरे ने कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल
आदित्य ठाकरे ने कहा कि यदि सांसदों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो पा रही है, तो यह लोकतंत्र और कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है.
बीजेपी ने भी घटना की निंदा की
बीजेपी नेता शहजाद पूनावाला ने कहा कि किसी को भी कानून अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक दलों को आत्ममंथन करना चाहिए कि जनता उनके खिलाफ इतनी नाराज क्यों है. केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने घटना की निंदा करते हुए लोगों से शांति बनाए रखने और कानून-व्यवस्था पर भरोसा रखने की अपील की. उन्होंने कहा कि बंगाल की राजनीति को हिंसा मुक्त बनाना जरूरी है.
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        <pubDate>Sun, 31 May 2026 11:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>अभिषेक, बनर्जी, पर, हमले, से, गरमाई, सियासत, ममता, बनर्जी, बोलीं-, शासक, हत्यारे, बन, गए, BJP, ने, दिया, जवाब</media:keywords>
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        <title>अभिषेक बनर्जी पर सोनारपुर में अटैक पर आया अधीर रंजन चौधरी का रिएक्शन, जानें क्या कहा?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/अभिषेक-बनर्जी-पर-सोनारपुर-में-अटैक-पर-आया-अधीर-रंजन-चौधरी-का-रिएक्शन-जानें-क्या-कहा</link>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में हिंसा के बाद मारे गए टीएमसी कार्यकर्ता के परिजनों से मिलने पहुंचे टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले पर कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी की प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने कहा कि &amp;nbsp;बंगाल में पॉलिटिकल हिंसा रुकनी चाहिए. कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सत्ता में कोई भी पार्टी हो गुंडागर्दी का कल्चर जारी है.
अधीर चौधरी ने कहा, &#039;देखिए, बंगाल में उन्होंने जो कल्चर बनाया है, वे अब खुद उसी कल्चर के शिकार हो रहे हैं. जो गुंडागर्दी TMC पार्टी करती थी, वही अब BJP कर रही है. यह वही बात है. बंगाल में TMC के राज में हमने जो गुंडागर्दी देखी, वह खत्म नहीं हुई है, यह अभी भी जारी है. मैं कह रहा हूं कि यह सब बंद होना चाहिए.&#039;
ममता बनर्जी ने क्या कहा?
ममता बनर्जी ने भी अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले को लेकर नाराजगी जताई है. उन्होंने सीधे तौर पर इस हमले के लिए बीजेपी को निशाना बनाया है. साथ ही बीजेपी को हत्यारा करार दिया है. टीएमसी चीफ अभिषेक बनर्जी से मिलने के लिए अपोलो अस्पताल पहुंचीं. हालांकि बाद में उन्हें कोलकाता शिफ्ट किया गया, लेकिन चेकअप के बाद टीएमसी सांसद को डिस्चार्ज कर दिया गया.&amp;nbsp;
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राहुल गांधी बोले- बीजेपी की बदले की राजनीति का घिनौना रूप
अभिषेक बनर्जी पर हुए अटैक पर लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि सोनारपुर में उन पर हुआ हमला बेहद निंदनीय है. राहुल गांधी ने कहा कि एक सांसद पर हमला सिर्फ एक व्यक्ति पर हमला नहीं. यह उस जनता पर है जिसने उन्हें चुना, और उस लोकतंत्र पर है जो हम सबकी साझी विरासत है.
नेता विपक्ष ने कहा कि यह BJP की बदले की राजनीति का घिनौना रूप है. राजनीतिक मतभेद कभी हिंसा का कारण नहीं बन सकते. केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार - दोनों दोषियों पर तत्काल कार्रवाई करें और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी जन-प्रतिनिधि, किसी भी दल का हो, अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित न रहे.&amp;nbsp;
हिंसा प्रभावित परिवारों से मिलने पहुंचे थे अभिषेक बनर्जी
टीएमसी महासचिव सोनारपुर में चुनाव बाद हुई हिंसा से प्रभावित परिवारों से मिलने पहुंचे थे. इसी दौरान उनके काफिले और कार्यक्रम स्थल पर कथित तौर पर ईंट, पत्थर और अंडे फेंके गए. टीएमसी ने आरोप लगाया कि यह हमला बीजेपी समर्थकों द्वारा किया गया.
घटना के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि उन पर जानलेवा हमला किया गया. उन्होंने कहा, &#039;वे मुझे मारना चाहते थे. पूरी घटना कैमरे में रिकॉर्ड हुई है. हम इस मामले की जानकारी हाईकोर्ट और राज्यपाल को देंगे. मैं अदालत जाऊंगा और जरूरत पड़ी तो सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ूंगा.&#039;
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        <pubDate>Sun, 31 May 2026 11:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>अभिषेक, बनर्जी, पर, सोनारपुर, में, अटैक, पर, आया, अधीर, रंजन, चौधरी, का, रिएक्शन, जानें, क्या, कहा</media:keywords>
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        <title>&amp;apos;हम आपको आराम नहीं करने देंगे&amp;apos;, सिद्धारमैया ने छोड़ी कर्नाटक CM की कुर्सी तो बोले कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल</title>
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        <description><![CDATA[ सिद्धारमैया ने कर्नाटक की बागडोर डीके शिवकुमार को सौंप दी है, लेकिन कांग्रेस ने शनिवार को स्पष्ट कर दिया कि उनकी राजनीतिक भूमिका अभी समाप्त नहीं हुई है. कांग्रेस विधायक दल की बैठक में शिवकुमार को नेता चुने जाने के तुरंत बाद पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने घोषणा की कि कांग्रेस सिद्धारमैया को आराम नहीं करने देगी और उनसे कर्नाटक और राष्ट्रीय राजनीति दोनों में सक्रिय भूमिका निभाते रहने की अपील की.&amp;nbsp;
क्या बोले केसी वेणुगोपाल?
वेणुगोपाल ने कर्नाटक में लंबे समय से चल रहे नेतृत्व संघर्ष को लेकर कांग्रेस पर बीजेपी के हमलों का जिक्र कर कहा, &quot;मैं गर्व से कह सकता हूं कि सिद्धारमैया जी के सच्चे कांग्रेसी हृदय ने सभी का दिल जीत लिया है और बीजेपी को मुंहतोड़ जवाब दिया है, जिसने सोचा था कि यह परिवर्तन आसान नहीं होगा.&quot;
सिद्धारमैया को मिला था राज्यसभा सीट का ऑफर
सिद्धारमैया को सीधे संबोधित करते हुए वेणुगोपाल ने कहा, &amp;ldquo;हम आपको आराम नहीं करने देंगे. कर्नाटक में और राष्ट्रीय स्तर पर भी कांग्रेस के लिए आपकी सेवा आवश्यक है.&amp;rdquo; नेतृत्व परिवर्तन पर चर्चा के दौरान कांग्रेस आलाकमान ने कथित तौर पर सिद्धारमैया को राज्यसभा की सीट और दिल्ली में एक बड़ी राष्ट्रीय भूमिका की पेशकश की थी, जिसमें उन्हें 2029 के लोकसभा चुनावों से पहले पार्टी के प्रमुख ओबीसी चेहरे के रूप में पेश किया गया था. हालांकि 78 वर्षीय नेता ने इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया और कर्नाटक की राजनीति में सक्रिय रहना पसंद किया.

सीएलपी की बैठक में सिद्धारमैया ने खुद शिवकुमार का नाम सीएम पद के लिए प्रस्तावित किया, जबकि वरिष्ठ नेता जी परमेश्वर ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया. इसके बाद विधायकों ने सर्वसम्मति से शिवकुमार को सीएलपी नेता के रूप में पेश किया. सिद्धारमैया ने बाद में शिवकुमार को बधाई देते हुए एक भावुक संदेश साझा किया. उन्होंने संविधान और देश के धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने की रक्षा के लिए दूसरे स्वतंत्रता संग्राम का आह्वान किया.
ये भी पढ़ें&amp;nbsp;
हमले में अभिषेक बनर्जी को नहीं आई कोई गंभीर चोट? चेकअप करने वाले डॉक्टर ने MLC रिपोर्ट में क्या बताया ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 31 May 2026 11:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>हम, आपको, आराम, नहीं, करने, देंगे, सिद्धारमैया, ने, छोड़ी, कर्नाटक, की, कुर्सी, तो, बोले, कांग्रेस, महासचिव, केसी, वेणुगोपाल</media:keywords>
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        <title>RSS On 1947 Partition: &amp;apos;1947 में RSS मजबूत होता तो नहीं बंटता भारत&amp;apos;, सुनील आंबेकर का दावा, पाकिस्तान को लेकर क्या कहा?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/rss-on-1947-partition-1947-में-rss-मजबूत-होता-तो-नहीं-बंटता-भारत-सुनील-आंबेकर-का-दावा-पाकिस्तान-को-लेकर-क्या-कहा</link>
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        <description><![CDATA[ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने कहा है कि अगर साल 1947 में RSS आज की तरह मजबूत होता, तो भारत का बंटवारा नहीं होता. उन्होंने देश के विभाजन को भारत के इतिहास की सबसे दर्दनाक घटनाओं में से एक बताया. मीडिया से बातचीत के दौरान सुनील आंबेकर ने कहा कि जब भारत को आजादी मिली थी, उस समय RSS उतना मजबूत नहीं था जितना वह बनना चाहता था या जितना आज है. उनका कहना था कि अगर उस समय संघ की ताकत ज्यादा होती, तो देश का बंटवारा रोका जा सकता था.
सुनील आंबेकरने कहा कि विभाजन के दौरान RSS ने अपनी क्षमता के अनुसार लोगों की मदद की. संघ ने खास तौर पर हिंसा और अशांति से प्रभावित हिंदुओं को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और उन्हें दोबारा बसाने का काम किया. आंबेकर ने कहा कि बंटवारे के कारण उस समय की व्यवस्था के प्रति लोगों में काफी नाराजगी और गुस्सा था. सुनील आंबेकर ने यह भी कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए RSS के बारे में कई तरह की गलत बातें फैलाई जाती हैं. उनके अनुसार, संघ किसी व्यक्ति या समुदाय से नफरत नहीं करता और न ही किसी को अपना दुश्मन मानता है. उन्होंने कहा कि RSS समाज के हर वर्ग को अपना मानता है और सभी के साथ संवाद में विश्वास रखता है.
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संघ हमेशा बातचीत और चर्चा के लिए तैयार रहता है- सुनील आंबेकर
सुनील आंबेकर ने कहा कि संघ हमेशा बातचीत और चर्चा के लिए तैयार रहता है. उनका मानना है कि समाज में समस्याओं का समाधान संवाद के जरिए निकाला जा सकता है और यही संघ की सोच भी है. पाकिस्तान के साथ बातचीत को लेकर RSS के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले के बयान पर भी सुनील आंबेकर ने अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि होसबोले के बयान को पूरी गंभीरता और गहराई से समझने की जरूरत है. उनके अनुसार, RSS हमेशा यह मानता रहा है कि लोगों के बीच संवाद और संपर्क बने रहने से लंबे समय में समस्याओं को सुलझाने में मदद मिलती है.
किसी मामले में RSS सरकार को सलाह नहीं देता है?
आंबेकर ने स्पष्ट किया कि सरकारों के बीच होने वाली बातचीत एक राजनीतिक और कूटनीतिक विषय है. ऐसे मामलों में RSS न तो सरकार को सलाह देता है और न ही फैसले करता है. उन्होंने कहा कि सरकारें अपने समय की परिस्थितियों और कूटनीतिक जरूरतों के आधार पर निर्णय लेती हैं. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि जब आधिकारिक स्तर पर बातचीत आगे नहीं बढ़ रही हो, तब लोगों के बीच संपर्क और संवाद जारी रहना चाहिए. उनके मुताबिक, दोनों देशों के लोगों के बीच बातचीत, सामाजिक रिश्ते और व्यापार जैसे संबंध बने रहने से भविष्य में कुछ मुद्दों के समाधान की संभावना बढ़ सकती है.
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        <pubDate>Sat, 30 May 2026 19:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>RSS, 1947, Partition:, 1947, में, RSS, मजबूत, होता, तो, नहीं, बंटता, भारत, सुनील, आंबेकर, का, दावा, पाकिस्तान, को, लेकर, क्या, कहा</media:keywords>
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        <title>ट्रंप के बाद पीट हेगसेथ ने की पाकिस्तान की तारीफ तो भड़की कांग्रेस, कहा&amp; &amp;apos;वो आसिम मुनीर जिसने...&amp;apos;</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/ट्रंप-के-बाद-पीट-हेगसेथ-ने-की-पाकिस्तान-की-तारीफ-तो-भड़की-कांग्रेस-कहा-वो-आसिम-मुनीर-जिसने</link>
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        <description><![CDATA[ कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने शनिवार (30 मई, 2026) को अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ की तरफ से पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की तारीफ करने पर नाराजगी जताई है. उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बाद अब पीट हेगसेथ ने पाकिस्तान की तारीफ की है. अमेरिका तो जैसे पाकिस्तान और उसके नेतृत्व पर तारीफों की बारिश करना बंद ही नहीं कर पा रहा है. कांग्रेस नेता ने आपत्ति ये वही आसिम मुनीर है, जिसके भारत-विरोधी बयानबाजी ने पहलगाम जैसी त्रासदी को जन्म दिया था.
पवन खेड़ा ने अमेरिकी रक्षा मंत्री के बयान पर जताई आपत्ति

First Trump, now Hegseth. America cannot seem to stop showering praise on Pakistan and its leadership &amp;ndash; including Asim Munir, whose Anti-India rhetoric led to the Pahalgam tragedy.Meanwhile, Modi Ji appears more than ready to embrace Washington, obey all its unreasonable&amp;hellip; pic.twitter.com/D92r1bxq6N
&amp;mdash; Pawan Khera ???????? (@Pawankhera) May 30, 2026



कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ का वीडियो शेयर किया है. जिसमें हेगसेथ सिंगापुर में आयोजित IISS शांगरी-ला डायलॉग 2026 में अपना संबोधन देते हुए पाकिस्तान की तारीफों के पुल बांधते नजर आ रहे हैं. इस पर पवन खेड़ा ने अपने वीडियो पोस्ट में लिखा, &amp;lsquo;पहले ट्रंप और अब हेगसेथ. अमेरिका तो जैसे पाकिस्तान और उसके नेतृत्व पर तारीफों की बारिश करना बंद ही नहीं कर पा रहा है, जिसमें आसिम मुनीर भी शामिल हैं. यह वही आसिम मुनीर है, जिसके भारत-विरोधी बयानबाजी ने पहलगाम जैसी त्रासदी को जन्म दिया था.&amp;rsquo;&amp;nbsp;

कांग्रेस नेता ने पीएम मोदी पर साधा निशाना
इस दौरान पवन खेड़ा ने अमेरिका के साथ भारत के संबंधों और पीएम मोदी पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा, &amp;lsquo;इस बीच, मोदी जी वाशिंगटन को गले लगाने, उसकी हर बेबुनियाद शर्त मानने और एक भारत-विरोधी ट्रेड डील पर साइन करने के लिए पूरी तरह तैयार दिखाई देते हैं.&amp;rsquo;
उन्होंने कहा, &amp;lsquo;दिलचस्प बात यह है कि पाकिस्तान के साथ अमेरिका की बढ़ती नजदीकी का भारत के वाशिंगटन के साथ संबंधों पर मानो कोई असर ही नहीं पड़ रहा है. स्वाभाविक रूप से किसी न किसी स्तर पर कूटनीतिक असहजता की अपेक्षा की जा सकती थी, लेकिन इसके बजाय अब सिर्फ एक फीका-सा उत्साह दिखाई देता है.&amp;rsquo; उन्होंने आगे यह भी कहा कि क्या इसमें वह सब कुछ नहीं है, जो ऊपर से दिखाई देता है? क्या पर्दे के पीछे कोई और कहानी चल रही है?
यह भी पढ़ेंः कांग्रेस का बड़ा एक्शन, तेलंगाना में वकील के हत्या के आरोपी नेता को किया निष्कासित, जानें पूरा मामला ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 30 May 2026 19:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>दिल्ली में बड़ी आतंकी साजिश नाकाम, पाकिस्तानी एजेंसी ISI के 8 एजेंट गिरफ्तार</title>
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        <description><![CDATA[ दिल्ली में एक बड़ी आतंकी साजिश को सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते नाकाम कर दिया है. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और खुफिया एजेंसियों ने संयुक्त अभियान चलाकर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े 8 लोगों को गिरफ्तार किया है. जांच एजेंसियों का कहना है कि यह नेटवर्क दिल्ली और मुंबई समेत कई महत्वपूर्ण स्थानों को निशाना बनाने की तैयारी कर रहा था. मामले की शुरुआत तब हुई जब विजय शूटर डॉन नाम के एक आरोपी को पुणे से गिरफ्तार किया गया. उसकी निशानदेही पर झारखंड के साहिबगंज से एक अन्य आरोपी को पकड़ा गया. जांच में सामने आया कि ये दोनों पाकिस्तान में बैठे शहजाद भट्टी के संपर्क में थे और उसके इशारों पर काम कर रहे थे.
खबर अपडेट की जा रही है.... ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 30 May 2026 19:30:09 +0530</pubDate>
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        <title>ठग सुकेश और जैकलीन की बढ़ी मुश्किलें, 200 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग केस पर कोर्ट ने दिया ये सख्त निर्देश</title>
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        <description><![CDATA[ Conman Sukesh Chandrashekhar: कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर, लीना मारिया पॉल, बॉलीवुड एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडीज और अन्य के खिलाफ आरोप तय करने के निर्देश दिए गए हैं. मामला 200 करोड़ की रंगदारी से जुड़ा है. दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक कथित मामले में सुकेश समेत इन तीनों के खिलाफ समेत अन्य के खिलाफ आरोप तय करने के निर्देश दिए गए हैं.&amp;nbsp;&amp;nbsp;इससे पहले 200 करोड़ रुपये की कथित रंगदारी से जुड़े MCOCA मामले में भी सुकेश चंद्रशेखर, लीना मारिया पॉल और अन्य के खिलाफ आरोप तय किए गए हैं. कोर्ट ने आरोपों पर औपचारिक हस्ताक्षर के लिए इस मामले को 3 जून को सूचीबद्ध किया है. दिल्ली पुलिस ने अदिति सिंह की शिकायत पर यह मामला दर्ज किया था.
यह भी पढ़ें:&amp;nbsp;राबड़ी देवी का सरकारी आवास खाली करने से साफ इनकार, CM सम्राट चौधरी को दी चुनौती, कहा- &#039;फोर्स बुलाकर...&#039;
ईडी ने किया था जैकलीन की याचिका&amp;nbsp; का विरोध
वहीं, इस पूरे मामले में फंसी बॉलीवुड एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडिस ने पटियाला हाउस कोर्ट में सरकारी गवाह बनने के लिए याचिका दायर की थी. ईडी ने कोर्ट में विरोध किया था. ईडी ने कोर्ट में कहा था कि जैकलीन को सुकेश के आपराधिक इतिहास की पूरी जानकारी ती. वे इस मामले में सहभागी थीं. इसके बाद जैकलीन फर्नांडिस ने स्पेशल जज प्रशांत शर्मा के सामने अपनी याचिका वापस ले ली थी.&amp;nbsp;

वहीं जनवरी में सुकेश ने कोर्ट में एक आवेदन देकर शिकायतकर्ता अदिति सिंह को 217 करोड़ लौटाने की पेशकश भी की थी. उसने शर्त रखते हुए कहा कि इस रकम को लौटाने की पेशकश में उसका अपराध स्वीकार करना न माना जाए.&amp;nbsp;
200 करोड़ की ठगी का मामला
यह एक बेहद ही हाईप्रोफाइल मामला है. दिल्ली की तिहाड़ जेल के अंदर रहते हुए रेलिगेयर के पूर्व प्रमोटर शिविंदर सिंह की पत्नी अदिति सिंह से सरकारी अधिकारी बनकर लगभग ₹200 करोड़ की ठगी और रंगदारी वसूली थी.सुकेश फिलहाल दिल्ली की जेल में बंद है. जेल में भी उसके पास से महंगे सामान बरामद हो चुके है. कोर्ट ने इस मामले में संज्ञान लिया था.&amp;nbsp;
ये भी पढ़ें:&amp;nbsp;Sonia Gandhi: कांग्रेस नेता सोनिया गांधी की आंख की हुई सर्जरी, अस्पताल से मिली छुट्टी&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 30 May 2026 19:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>राजस्थान से दिल्ली तक अचानक वाइब्रेट करने लगे मोबाइल, किस लिए आया ये अलर्ट?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/राजस्थान-से-दिल्ली-तक-अचानक-वाइब्रेट-करने-लगे-मोबाइल-किस-लिए-आया-ये-अलर्ट</link>
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        <description><![CDATA[ राजस्थान से दिल्ली तक अचानक वाइब्रेट करने लगे मोबाइल, किस लिए आया ये अलर्ट? ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 30 May 2026 19:30:06 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>राजस्थान, से, दिल्ली, तक, अचानक, वाइब्रेट, करने, लगे, मोबाइल, किस, लिए, आया, ये, अलर्ट</media:keywords>
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        <title>बंगाल में BJP का झंडा लहराने के बाद अब पंजाब होगी नई चुनौती, मिशन मोड में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/बंगाल-में-bjp-का-झंडा-लहराने-के-बाद-अब-पंजाब-होगी-नई-चुनौती-मिशन-मोड-में-राष्ट्रीय-अध्यक्ष-नितिन-नबीन</link>
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        <description><![CDATA[ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन अपना पद संभालने के बाद से ही लगातार देश के सभी राज्यों के तूफानी दौरे कर रहे हैं और सभी राज्यों के स्थानीय भाजपा नेताओं के साथ-साथ कार्यकर्ताओं से भी ग्राउंड रिपोर्ट ले रहे हैं. इसके अलावा, जिन राज्यों में आने वाले समय में चुनाव होने वाले हैं, वहां नितिन नबीन का विशेष फोकस है.
नबीन भाजपा नेताओं के साथ-साथ जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं तक को अपने अनुभव से जरूरी सुझाव और हिदायतें दे रहे हैं, साथ ही उनसे यह भी पूछ रहे हैं कि आप लोग बताइए चुनाव कैसे जीतेंगे? फिलहाल भाजपा राष्ट्रीय अध्य्क्ष नितिन नबीन तीन दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर गए हैं. जहां उन्होंने अपने दौरे के पहले दिन भाजपा प्रदेश कोर कमेटी की बैठक की.
पश्चिम बंगाल चुनाव में जीत नितिन नबीन की बड़ी उपलब्धि
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पदभार ग्रहण करने के बाद पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में पार्टी की प्रचंड जीत नितिन नबीन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिनी जा रही है. जिसके बाद अब नितिन नबीन के लिए अगली बड़ी चुनौती पंजाब में अगले साल होने वाला विधानसभा चुनाव को कहा जा रहा है.&amp;nbsp;

पंजाब में बीजेपी की सरकार बनाने का जिम्मा केवल सिंह ढिल्लों को सौंपा
पंजाब में भारतीय जनता पार्टी को जीत दिलाने और भाजपा के नेतृत्व में सरकार बनाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने पंजाब प्रदेश भाजपा की कमान वरिष्ठ नेता 76 वर्षीय केवल सिंह ढिल्लों को सौंपी है. इससे पहले पंजाब भाजपा की कमान सुनील जाखड़ के पास था. बता दें कि नितिन नबीन ने हाल ही में पंजाब के साथ-साथ दिल्ली, हरियाणा और त्रिपुरा के प्रदेश अध्यक्षों में बदलाव किया.
पंजाब की राजनीति में केवल सिंह ढिल्लों की पकड़ मजबूत
पंजाब भाजपा के नए अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के बेहद करीबी माने जाते हैं. वह एक बड़े कारोबारी होने के साथ-साथ किसान संगठनों से भी काफी सहानुभूति रखते हैं. ढिल्लों पंजाब की राजनीति में लंबे वक्त से सक्रिय है और दो बार राज्य के बरनाला विधानसभा सीट से विधायक भी रह चुके हैं. हालांकि, उन्होंने अपने राजनीति की शुरुआत कांग्रेस पार्टी के साथ की थी, लेकिन साल 2022 में वे कांग्रेस का साथ छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे. &amp;nbsp;
केवल सिंह ढिल्लों को पंजाब की कमान सौंपने के पीछे पार्टी का उद्देश्य साफ है कि भाजपा अब सिर्फ शहरी हिंदुओं तक सीमित नहीं रहना चाहती है और वह ढिल्लों की मदद से राज्य के 58 फीसदी सिख समुदाय और ग्रामीण वोटरों तक अपनी पहुंच बनाना चाहते हैं. नितिन नबीन को उम्मीद है कि केवल सिंह ढिल्लों के अनुभव और राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में उनकी पैठ भाजपा को पंजाब में मजबूत आधार दे सकती है.
यह भी पढे़ंः BJP सरकार के दो साल पूरे होने पर मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें, CM माझी ने की पीएम और राष्ट्रीय अध्यक्ष से मुलाकात ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 30 May 2026 03:30:10 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>बंगाल, में, BJP, का, झंडा, लहराने, के, बाद, अब, पंजाब, होगी, नई, चुनौती, मिशन, मोड, में, राष्ट्रीय, अध्यक्ष, नितिन, नबीन</media:keywords>
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        <title>पेपर कहां और कैसे बिक रहा, बच्चों को पता है तो सरकार को क्यों नहीं? राहुल गांधी ने NEET परीक्षा पेपर लीक पर सरकार को घेरा</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/पेपर-कहां-और-कैसे-बिक-रहा-बच्चों-को-पता-है-तो-सरकार-को-क्यों-नहीं-राहुल-गांधी-ने-neet-परीक्षा-पेपर-लीक-पर-सरकार-को-घेरा</link>
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        <description><![CDATA[ लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शुक्रवार (29 मई, 2026) को नीट परीक्षा के अभ्यर्थियों से मुलाकात की और उनसे परीक्षा के प्रश्नपत्र के लीक हो जाने को लेकर लंबी बातचीत की. इस दौरान छात्रों ने राहुल गांधी से कहा कि हमें भरोसा ही नहीं हो रहा कि इस बार जो परीक्षा होगी, उसके पेपर लीक नहीं होंगे. व्हाट्सएप और टेलीग्राम पर खुलेआम प्रश्नपत्र बिक रहे हैं. इसके बाद राहुल गांधी ने कहा कि नीट छात्रों से मुलाकात के बाद एक बात बिल्कुल साफ हो गई कि भारत का युवा नरेंद्र मोदी पर भरोसा नहीं करता.
राहुल गांधी ने X पर शेयर किया वीडियो पोस्ट
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शुक्रवार (29 मई, 2026) की शाम में छात्रों से बातचीत करते हुए एक वीडियो पोस्ट शेयर किया. उन्होंने वीडियो पोस्ट के कैप्शन में लिखा, &amp;lsquo;NEET छात्रों से मुलाकात में एक बात बिल्कुल साफ हो गई - भारत का युवा नरेंद्र मोदी पर भरोसा नहीं करता. उन्होंने मुझे बताया &amp;ndash; पेपर व्हाट्सएप और टेलीग्राम पर खुलेआम बिक रहे हैं. किस कीमत पर बिक रहे हैं, कौन खरीद रहा है, माफिया कैसे काम कर रहे हैं - यह सब इन बच्चों को पता है.&amp;rsquo;&amp;nbsp;

NEET छात्रों से मुलाक़ात में एक बात बिल्कुल साफ़ हो गई - भारत का युवा नरेंद्र मोदी पर भरोसा नहीं करता।उन्होंने मुझे बताया - पेपर WhatsApp और Telegram पर खुलेआम बिक रहे हैं। किस कीमत पर बिक रहे हैं, कौन ख़रीद रहा है, माफ़िया कैसे काम कर रहे हैं - यह सब इन बच्चों को पता है।उनका&amp;hellip; pic.twitter.com/LEZF3zRWB3
&amp;mdash; Rahul Gandhi (@RahulGandhi) May 29, 2026



उन्होंने कहा, &amp;lsquo;छात्रों का एक ही सवाल था - जो हमें पता है, वो सरकार और संस्थाओं को क्यों नहीं? सच यह है ये बच्चे सरकार से बेहतर जानते हैं कि इस सड़ी हुई व्यवस्था को कैसे ठीक किया जा सकता है. और दूसरी ओर कितनी शर्मनाक बात है कि जिस सेना का काम दुश्मनों से देश की रक्षा करना है, आज उसे मोदी सरकार के अपने भ्रष्टाचार से बच्चों के पेपर बचाने भेजा जा रहा है.&amp;rsquo;&amp;nbsp;

वीडियो पोस्ट में राहुल गांधी ने सरकार को घेरा
लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, &amp;lsquo;टुकड़ों के सुधार से अब काम नहीं चलेगा. छात्रों, शिक्षकों और एक्सपर्ट्स के साथ मिलकर पूरी परीक्षा व्यवस्था नए सिरे से बनानी होगी. हम और बच्चे नहीं खो सकते. और एक भी पीढ़ी का भविष्य इस भ्रष्ट तंत्र के हवाले नहीं कर सकते.&amp;rsquo;
यह भी पढ़ेंः &#039;PM मोदी खुद इसकी निगरानी कर रहे हैं&#039;, NEET पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट की चिंताओं पर बोली सरकार ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 30 May 2026 03:30:09 +0530</pubDate>
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        <title>वक्फ संपत्ति विवाद से जुड़े हत्या मामले का खुलासा, पुलिस ने कॉन्ट्रैक्ट किलिंग साजिश में सात लोगों को किया गिरफ्तार</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/वक्फ-संपत्ति-विवाद-से-जुड़े-हत्या-मामले-का-खुलासा-पुलिस-ने-कॉन्ट्रैक्ट-किलिंग-साजिश-में-सात-लोगों-को-किया-गिरफ्तार</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/वक्फ-संपत्ति-विवाद-से-जुड़े-हत्या-मामले-का-खुलासा-पुलिस-ने-कॉन्ट्रैक्ट-किलिंग-साजिश-में-सात-लोगों-को-किया-गिरफ्तार</guid>
        <description><![CDATA[ तेलंगाना में वकील ख्वाजा मोइज़ुद्दीन की हत्या की जांच में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. हैदराबाद पुलिस ने सात ऐसे लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनका कथित तौर पर एक सोची-समझी कॉन्ट्रैक्ट किलिंग की साजिश से संबंध है. इस साजिश की जड़ें वक्फ संपत्तियों को लेकर चल रहे एक लंबे विवाद में थीं.
पुलिस की तरफ से की गई ये गिरफ्तारियां एक गहन जांच के बाद हुईं हैं, जिसमें तकनीकी विश्लेषण, जमीनी खुफिया जानकारी और मुख्य संदिग्धों से पूछताछ का सहारा लिया गया. पुलिस का कहना है कि इस मामले से एक ऐसी साजिश का खुलासा हुआ है, जिसे कथित तौर पर लंबे समय तक बुना गया था और पीड़ित की रोजमर्रा की गतिविधियों पर महीनों तक नजर रखने के बाद अंजाम दिया गया.
पुलिस जांच में क्या हुआ खुलासा?
जांचकर्ताओं के अनुसार, मलकपेट और लकड़िकापुल इलाकों में वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और नियंत्रण से जुड़े तनाव के कारण पिछले कुछ सालों में कई कानूनी लड़ाइयां लड़ी गईं. इन विवादों में कथित तौर पर दीवानी मुकदमे, आपराधिक मामले और वक्फ ट्रिब्यूनल के समक्ष मामले शामिल थे. पुलिस का मानना है कि यह लंबा संघर्ष आखिर में एक आपराधिक साजिश में बदल गया, जिसका मकसद वकील को रास्ते से हटाना था.
जांच में मुजाहिद आलम खान और उनके पिता महबूब आलम खान को इस कथित साजिश में मुख्य सूत्रधार के रूप में पहचाना गया. पुलिस का आरोप है कि हत्या को अंजाम देने के लिए 15 लाख रुपये का कॉन्ट्रैक्ट तय किया गया था. कथित तौर पर यह योजना कई बिचौलियों के जरिए उन लोगों तक पहुंची, जिन्हें हमले को अंजाम देने का काम सौंपा गया था. जांचकर्ताओं का कहना है कि इस नेटवर्क में कई लोग शामिल थे, जिन्होंने समन्वय और साजो-सामान जुटाने से लेकर निगरानी और हत्या को अंजाम देने तक अलग-अलग भूमिकाएं निभाईं.&amp;nbsp;
यह भी पढे़ंः PFI से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में आरोपी को जमानत, HC ने कहा- प्रदर्शन में शामिल होना जमानत रोकने का आधार नहीं
हैदराबाद पुलिस ने कैसे किया मामले का खुलासा?
हैदराबाद पुलिस को यह बड़ी सफलता तब मिली, जब पुलिस ने आरोपियों में से एक, किशन उर्फ पप्पू को हरियाणा के पानीपत में ढूंढ निकाला. उसकी गिरफ्तारी के बाद, जांचकर्ताओं को कथित तौर पर अहम जानकारियां मिलीं, जिनसे अन्य संदिग्धों की पहचान करने और साजिश में कथित तौर पर शामिल लोगों के बीच कड़ियों को जोड़ने में मदद मिली. इसके बाद चलाए गए अभियानों के दौरान हैदराबाद के अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तारियां हुईं, जिनमें शहर के रिहायशी इलाकों से मुख्य संदिग्धों को हिरासत में लेना भी शामिल है.
पुलिस ने आरोपियों की भूमिकाओं की दी जानकारी
पुलिस का आरोप है कि इस गिरोह के सदस्यों ने हमले से पहले कई महीनों तक पीड़ित की दिनचर्या की विस्तृत रेकी (जांच-पड़ताल) की थी. जांचकर्ताओं ने अलग-अलग आरोपियों को सौंपी गई विशिष्ट भूमिकाओं की भी पहचान की है, जिनमें वाहन का इंतजाम करना, आवाजाही का समन्वय करना, लक्ष्य पर नजर रखना और अपराध को अंजाम देने में सीधे तौर पर शामिल होना शामिल है. अपराध के दौरान कथित तौर पर इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो गाड़ी को जांच के दौरान बरामद कर लिया गया.&amp;nbsp;

पुलिस ने मामले में जुटाए नकदी और कई अन्य सबूत
अधिकारियों ने 10.10 लाख रुपये की नकदी के साथ-साथ कई मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं, जिनके इस मामले से जुड़े होने का संदेह है. जांचकर्ता घटनाओं की पूरी कड़ियों को जोड़ने के लिए डिजिटल सबूतों, वित्तीय लेन-देन और संचार रिकॉर्ड की जांच कर रहे हैं. पुलिस ने यह भी संकेत दिया है कि कुछ आरोपियों की अन्य आपराधिक मामलों में संभावित संलिप्तता की भी जांच की जा रही है.
अधिकारियों ने बताया कि अन्य संदिग्धों का पता लगाने और अतिरिक्त सबूत जुटाने के प्रयास जारी हैं. पुलिस ने पीड़ित परिवार को सुरक्षा का आश्वासन दिया है और कहा है कि जांच बिना किसी बाहरी प्रभाव या हस्तक्षेप के वैज्ञानिक तरीकों से की गई है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sat, 30 May 2026 03:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>वक्फ, संपत्ति, विवाद, से, जुड़े, हत्या, मामले, का, खुलासा, पुलिस, ने, कॉन्ट्रैक्ट, किलिंग, साजिश, में, सात, लोगों, को, किया, गिरफ्तार</media:keywords>
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        <title>अनिल अंबानी की बढ़ेंगी मुश्किलें, CBI ने रिलायंस एडीए समूह मामलों में दाखिल की पहली चार्जशीट</title>
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        <description><![CDATA[ केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शुक्रवार (29 मई, 2026) को रिलायंस एडीए समूह से जुड़े एक मामले में मुंबई स्थित विशेष सीबीआई न्यायाधीश के समक्ष पहली चार्जशीट दाखिल की. इस चार्जशीट में कुल 16 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया है, जिनमें रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड, कंपनी के पांच वरिष्ठ अधिकारी और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), बैंक ऑफ महाराष्ट्र और पूर्ववर्ती सिंडिकेट बैंक के 10 बैंक अधिकारी शामिल हैं.
इन पर IPC के तहत आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक गबन और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आपराधिक कदाचार के आरोप हैं.
किस-किस बैंक से पैसे गबन का है आरोप?
चार्जशीट में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की तरफ से स्वीकृत 1,200 करोड़ रुपये के टर्म लोन के कथित दुरुपयोग से संबंधित जांच शामिल है. बैंक ऑफ महाराष्ट्र की तरफ से स्वीकृत 500 करोड़ रुपये की लेटर ऑफ क्रेडिट सुविधा और पूर्ववर्ती सिंडिकेट बैंक की ओर से स्वीकृत 350 करोड़ रुपये की लेटर ऑफ क्रेडिट सुविधा के संबंध में मामला दर्ज किया गया है.
वहीं, कंसोर्टियम बैंकों की ओर से स्वीकृत अन्य ऋणों की जांच और सार्वजनिक धन के कथित गबन और दुरुपयोग में शामिल अन्य साजिशकर्ताओं की भूमिका का पता लगाने के लिए मामले में आगे की जांच जारी रखी गई है. इस मामले में जल्द ही पूरक आरोपपत्र दाखिल किए जाने की उम्मीद है.&amp;nbsp;

अनिल अंबानी के ऊपर कुल 19694.33 करोड़ की थी देनदारी
सीबीआई ने भारतीय स्टेट बैंक से प्राप्त शिकायत के आधार पर मेसर्स रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड और अनिल डी. अंबानी के खिलाफ आरसी0742025E0005 दर्ज की थी, जिसमें उन पर बैंक को 2,929.05 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया था.
भारतीय स्टेट बैंक के नेतृत्व में 11 बैंकों के एक कंसोर्टियम की ओर से मेसर्स रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड को रुपये में सावधि ऋण स्वीकृत किए गए थे. एफआईआर के अनुसार, कुल देनदारी 19,694.33 करोड़ रुपये की थी, जिसमें 17 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक शामिल थे.
CBI ने दर्ज की कुल छह एफआईआर
सीबीआई ने आरकॉम. आरएचएफएल, आरसीएफएल और आरटीएल के खिलाफ कुल छह एफआईआर भी दर्ज की हैं, जिनकी जांच चल रही है. अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस समूह की कंपनियों की तरफ से कथित धोखाधड़ी की जांच के लिए सीबीआई की ओर से दर्ज की गई सात आरसी की जांच की निगरानी सर्वोच्च न्यायालय कर रहा है.
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        <pubDate>Sat, 30 May 2026 03:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>अनिल, अंबानी, की, बढ़ेंगी, मुश्किलें, CBI, ने, रिलायंस, एडीए, समूह, मामलों, में, दाखिल, की, पहली, चार्जशीट</media:keywords>
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        <title>पेट्रोल&amp;डीजल के दाम बढ़ने पर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने लिया बड़ा फैसला, लोगों की जेब पर बढ़ेगा अतिरिक्त बोझ</title>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम एशिया में संघर्ष और तनाव की वजह से उत्पन्न वैश्विक ऊर्जा संकट के बाद दुनिया में महंगाई को लेकर खूब चर्चा हो रही है. वहीं, बीते दो हफ्ते में भारत में भी पेट्रोल और डीजल के दाम चार बार बढ़ने की वजह से अन्य आवश्यक सामानों के दाम में भी बढ़ोतरी देखी गई है.
अब पूर्वांचल की सबसे बड़ी मंडी के रूप में पहचाने जाने वाले विश्वेश्वरगंज से जुड़े ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने एक ऐसा फैसला ले लिया है, जिसके बाद अगले महीने की शुरुआत यानी 1 जून, 2026 से माल भाड़ा (किराया) में वह 20% की बढ़ोतरी करेंगे. इसकी वजह से किराना और राशन के ज्यादातर सामान भी महंगे हो जाएंगे.
20% बढ़ेगा माल भाड़ा- ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन
एबीपी न्यूज से बातचीत के दौरान ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के पदाधिकारी रविंद्र सिंह ने बताया कि डीजल और पेट्रोल के दाम बढ़ने की वजह से सामानों के लिए आने जाने वाले वाहनों और इसके व्यापार पर असर पड़ा है. हमने इसको लेकर एक बैठक की है और बैठक में सामूहिक रूप से निर्णय लिया है कि 1 जून से वाराणसी के विशेश्वरगंज में देश के कोने-कोने से आने वाले ट्रांसपोर्ट व्हीकल के किराया में 20% की वृद्धि की जाएगी. उनका साफ कहना है कि निरंतर हुए पेट्रोल और डीजल के दाम में वृद्धि की वजह से यह फैसला सामूहिक रूप से लिया गया है.&amp;nbsp;

चीनी से लेकर बादाम तक सब होंगे महंगे
विश्वेश्वरगंज मंडी में मौजूद व्यापारियों ने बातचीत के दौरान कहा कि अगर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन की तरफ से निर्णय लिया गया है तो गल्ला मंडी के अधिकांश वस्तुओं के दाम पर इसका असर पड़ेगा और निश्चित ही 5 से 10% तक इसमें बढ़ोतरी हो जाएगी. जिसमें चीनी से लेकर बादाम सरसों दाल तेल अन्य आवश्यक सामान शामिल हैं. विशेश्वरगंज मंडी में कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक से अलग-अलग सामान पहुंचते हैं, जहां से पूर्वांचल के कोने-कोने से पहुंचे लोगों की तरफ से इसकी खरीदारी की जाती है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sat, 30 May 2026 03:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>पेट्रोल-डीजल, के, दाम, बढ़ने, पर, ट्रांसपोर्ट, एसोसिएशन, ने, लिया, बड़ा, फैसला, लोगों, की, जेब, पर, बढ़ेगा, अतिरिक्त, बोझ</media:keywords>
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        <title>Monsoon Tracker: मॉनसून पर बड़ा खतरा! IMD की डराने वाली भविष्यवाणी&amp; इस साल बारिश कम, गर्मी करेगी बेहाल</title>
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        <description><![CDATA[ देशभर में भीषण गर्मी के बीच अब मॉनसून को लेकर भी चिंताजनक संकेत सामने आए हैं. India Meteorological Department यानी भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अनुमान जताया है कि जून से सितंबर 2026 के बीच होने वाला दक्षिण-पश्चिम मॉनसून सामान्य से कम रह सकता है. मौसम विभाग के महानिदेशक Mrutyunjay Mohapatra ने कहा कि इस बार देश में कुल बारिश दीर्घकालिक औसत (LPA) का सिर्फ 90 प्रतिशत रहने की संभावना है.
IMD के मुताबिक, यह साफ संकेत है कि देश के कई हिस्सों में &amp;ldquo;Below Normal Monsoon&amp;rdquo; यानी सामान्य से कम बारिश दर्ज हो सकती है. खासतौर पर उत्तर-पश्चिम भारत, मध्य भारत और दक्षिणी प्रायद्वीपीय क्षेत्रों में बारिश औसत से कम रहने की आशंका जताई गई है। हालांकि पूर्वोत्तर भारत में सामान्य बारिश होने का अनुमान है.

मौसम विभाग ने बताया कि मॉनसून कोर ज़ोन&amp;mdash;जो कृषि के लिहाज से सबसे अहम माना जाता है&amp;mdash;वह भी इस बार कमजोर रह सकता है. इसका सीधा असर खरीफ फसलों, जलाशयों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ने की आशंका है.

#WATCH | Delhi: DG IMD Dr Mrutyunjay Mohapatra says, &quot;There is a probability that, during the Southwest Monsoon season, the seasonal rainfall across the country will be 90% of the Long Period Average (LPA), with a model error margin of plus or minus 4%. This implies that during&amp;hellip; pic.twitter.com/qrpnw6jl3P
&amp;mdash; ANI (@ANI) May 29, 2026



जून में ही दिखेगा असर
IMD ने जून 2026 के लिए भी चेतावनी जारी की है. विभाग के अनुसार जून महीने में देशभर में औसत बारिश सामान्य से कम यानी 92 प्रतिशत से नीचे रह सकती है. उत्तर-पश्चिम भारत, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों को छोड़ दें तो ज्यादातर इलाकों में बारिश की कमी देखने को मिल सकती है.
इसके साथ ही तापमान को लेकर भी डराने वाला अनुमान सामने आया है. मौसम विभाग ने कहा है कि जून में देश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर रहेगा. यानी लोगों को लंबे समय तक झुलसाने वाली गर्मी का सामना करना पड़ सकता है.
इन राज्यों में बढ़ेंगे हीटवेव के दिन
IMD के अनुसार उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, बिहार, ओडिशा, छत्तीसगढ़, गुजरात और आंध्र प्रदेश में हीटवेव के दिनों की संख्या सामान्य से ज्यादा रह सकती है. इसके अलावा महाराष्ट्र, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में भी भीषण गर्मी पड़ने की संभावना है. हालांकि राजस्थान और झारखंड के लिए थोड़ी राहत की खबर है. वहां हीटवेव के दिनों की संख्या सामान्य से कम रहने का अनुमान जताया गया है.
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खेती और अर्थव्यवस्था पर असर की आशंका
कमजोर मॉनसून का असर सिर्फ मौसम तक सीमित नहीं रहता. भारत की बड़ी आबादी और खेती अब भी मानसूनी बारिश पर निर्भर है. यदि बारिश कम होती है तो धान, दाल और तिलहन जैसी खरीफ फसलों की बुआई प्रभावित हो सकती है. इससे खाद्य महंगाई बढ़ने और ग्रामीण इलाकों में आर्थिक दबाव बढ़ने की आशंका भी पैदा हो सकती है.
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले कुछ हफ्तों में मॉनसून की प्रगति पर लगातार नजर रखनी होगी, क्योंकि शुरुआती संकेत इस बार सामान्य से कमजोर बारिश की तरफ इशारा कर रहे हैं.
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        <pubDate>Fri, 29 May 2026 15:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Monsoon, Tracker:, मॉनसून, पर, बड़ा, खतरा, IMD, की, डराने, वाली, भविष्यवाणी-, इस, साल, बारिश, कम, गर्मी, करेगी, बेहाल</media:keywords>
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        <title>&amp;apos;थलापति&amp;apos; को देख खुद को नहीं रोक पाई एयर होस्टेस&amp;apos;, ऐसा क्या लिखा, रातोंरात वायरल हो गई</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/थलापति-को-देख-खुद-को-नहीं-रोक-पाई-एयर-होस्टेस-ऐसा-क्या-लिखा-रातोंरात-वायरल-हो-गई</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/थलापति-को-देख-खुद-को-नहीं-रोक-पाई-एयर-होस्टेस-ऐसा-क्या-लिखा-रातोंरात-वायरल-हो-गई</guid>
        <description><![CDATA[ तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय नई दिल्ली के आधिकारिक दौरे के बाद चेन्नई लौट गए हैं. इस दौरान एक डोमेस्टिक फ्लाइट (घरेलू उड़ान) में उनकी मुलाकात एयर होस्टेस उमा मीनाक्षी से हुई. मीनाक्षी ने इसकी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की है.
इस फोटो में मुख्यमंत्री विजय काले और सफेद कपड़ों में नजर आ रहे हैं. ये फोटो फ्लाइट के अंदर ली गई है. एयर होस्टेस उमा मीनाक्षी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर यह तस्वीर पोस्ट की. इस फोटो को लेकर उन्होंने कैप्शन में लिखा कि क्रू ड्यूटी स्पेशल बन गई, क्योंकि मुख्यमंत्री विजय उसी फ्लाइट में यात्रा कर रहे थे. उन्होंने पोस्ट में विजय को सम्मानपूर्वक संबोधित करते हुए इस मुलाकात को यादगार बताया है.



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सीएम विजय संग फोटो शेयर कर बनी सेलिब्रिटी&amp;nbsp;एयर होस्टेस उमा मीनाक्षी ने सीएम विजय के साथ फोटो शेयर करते हुए लिखा कि आज क्रू की ड्यूटी और भी खास हो गई, क्योंकि माननीय मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय जिन्हें प्यार से &#039;थलापति&#039; कहा जाता है. वो हमारे साथ विमान में सवार थे. इसके साथ उन्होंने प्लेन और प्यार वाली इमोजी शेयर की है. दिल्ली दौरे के बाद मुख्यमंत्री विजय स्पेशल फ्लाइट से चेन्नई लौटे. इसी यात्रा के दौरान एयर होस्टेस उमा मीनाक्षी के साथ उनकी तस्वीर ली गई, जिसे बाद में सोशल मीडिया पर शेयर किया गया.&amp;nbsp;

दिल्ली में पीएम मोदी से मिलने गए थे सीएम विजयसीएम विजय के साथ फोटो शेयर करते ही मीनाक्षी भी सेलिब्रिटी बन गईं. उनकी यह तस्वीर लोगों को खूब पसंद आई है. लोगों ने उनकी इस पोस्ट पर जमकर कमेंट किए. थलपति विजय ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की थी. इन बैठकों के दौरान विभिन्न प्रशासनिक और राज्य से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की गई.&amp;nbsp;
तमिलनाडु सीएम की कांग्रेस नेताओं खासकर सोनिया गांधी और राहुल गांधी के साथ प्रस्तावित बैठक नहीं हो सकी. इस संबंध में कांग्रेस सांसद क्रिस्टोफर तिलक ने कहा कि कार्यक्रमों की व्यस्तता और समय की कमी के कारण यह मुलाकात टाल दी गई है.
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कर्नाटक में सिद्धारमैया युग का अंत! राज्यपाल ने मंजूर किया इस्तीफा, DK को कब मिलेगी कमान? ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 29 May 2026 15:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>थलापति, को, देख, खुद, को, नहीं, रोक, पाई, एयर, होस्टेस, ऐसा, क्या, लिखा, रातोंरात, वायरल, हो, गई</media:keywords>
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        <title>कॉकरोच जनता पार्टी को बड़ा झटका, दिल्ली हाईकोर्ट ने एक्स अकाउंट को तुरंत बहाल करने से किया इनकार</title>
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        <description><![CDATA[ कॉकरोच जनता पार्टी को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है. कोर्ट ने शुक्रवार (29 मई) को अभिजीत दीपके की अगुवाई वाली कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सोशल मीडिया एक्स अकाउंट को फौरन बहाल करने का निर्देश देने से इनकार कर दिया. दीपके की याचिका पर जस्टिस पुरुषैन्द्र कुमार कौरव ने सुनवाई की.
कोर्ट ने सीजेपी के सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट की गई कुछ चीजों को &#039;आपत्तिजनक&#039; पाया और संस्थापक दीपके की याचिका पर तत्काल राहत देने से इनकार कर दिया. कोर्ट ने कहा कि इस मामले पर सभी पहलुओं पर विचार करना जरूरी है और सरकार और एक्स प्लेटफॉर्म की दलील सुनने के बाद ही कोई आदेश जारी करेगी.

HC ने केंद्र सरकार को दिया नोटिस
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने केन्द्र सरकार को नोटिस जारी किया. याचिका में केंद्र सरकार की ओर से पार्टी के X हैंडल को बैन करने के आदेश को चुनौती दी गई है. सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए ट्विटर अकाउंट को भारत में बैन कर दिया है. दिल्ली हाई कोर्ट ने एक्स हैंडल पर तत्काल बैन हटाने को लेकर कोई आदेश जारी नहीं जारी किया है.
21 मई को ब्लॉक हुआ था CJP का एक्स हैंडल
&amp;lsquo;एक्स&amp;rsquo; पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का हैंडल 21 मई को भारत में &amp;lsquo;ब्लॉक&amp;rsquo; कर दिया गया था. इसके बाद &amp;lsquo;कॉकरोच इज बैक&amp;rsquo; नाम से नए हैंडल बनाया गया था, जिसके मौजूदा समय में 2.27 लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं.&amp;nbsp; पूर्व में आम आदमी पार्टी से जुड़े रहे दीपके ने 15 मई को एक वकील के सीनियर पद से संबंधित याचिका की सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत की &#039;कॉकरोच&#039; और &#039;परजीवी&#039; टिप्पणियों पर विवाद के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की शुरुआत की थी.
16 मई को हुई सीजेपी की शुरुआत
16 मई को शुरू हुई सीजेपी का दावा है कि उसका मकसद युवाओं की आवाज को मजबूत करने और सरकार को जवाबदेह ठहराने के लिए युवाओं के लिए एक स्वतंत्र आंदोलन खड़ा करना है. हाल में इसने शिक्षा क्षेत्र में कथित सिस्टम की नाकामी और नीट-यूजी 2026 पेपर &amp;lsquo;लीक&amp;rsquo; को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए एक अभियान शुरू किया है.
&#039;कॉकरोच गंदगी में पैदा होता है, जब कॉकरोच बना है तो उसे मारने की दवाई भी...&#039;, कुमार विश्वास का तंज
16 मई को चीफ जस्टिस ने अपनी टिप्पणी को लेकर कड़े शब्दों में स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि वह उन खबरों से &#039;आहत&#039; हैं, जिनमें यह संकेत दिया गया था कि उन्होंने युवाओं की आलोचना की थी उन्होंने कहा था कि उनकी टिप्पणियां खास रूप से उन लोगों के खिलाफ थीं, जो &#039;फर्जी और अवैध डिग्रियों&#039; के जरिए कानूनी पेशे में प्रवेश कर रहे हैं और मीडिया के एक वर्ग ने उनकी बातों को &#039;गलत तरीके से पेश&#039; किया.
कॉकरोच जनता पार्टी पर पंडित धीरेंद्र शास्त्री का बड़ा बयान, &#039;इससे यह बात तो साबित होती है कि...&#039; ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 29 May 2026 15:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>कॉकरोच, जनता, पार्टी, को, बड़ा, झटका, दिल्ली, हाईकोर्ट, ने, एक्स, अकाउंट, को, तुरंत, बहाल, करने, से, किया, इनकार</media:keywords>
    </item>
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        <title>India Monsoon: उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, बिहार, झारखंड...गर्मी के कहर से कोई नहीं बचेगा, IMD की रिपोर्ट ने डराया</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/india-monsoon-उत्तर-प्रदेश-हरियाणा-पंजाब-बिहार-झारखंडगर्मी-के-कहर-से-कोई-नहीं-बचेगा-imd-की-रिपोर्ट-ने-डराया</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/india-monsoon-उत्तर-प्रदेश-हरियाणा-पंजाब-बिहार-झारखंडगर्मी-के-कहर-से-कोई-नहीं-बचेगा-imd-की-रिपोर्ट-ने-डराया</guid>
        <description><![CDATA[ मौसम विभाग (IMD) ने शुक्रवार (29 मई 2026) को जारी नए अनुमान में कहा है कि इस साल देश में मॉनसून की बारिश सामान्य से कम रह सकती है. विभाग के मुताबिक, पूरे देश में इस बार मॉनसून की बारिश लॉन्ग पीरियड एवरेज (LPA) का करीब 90 प्रतिशत रहने की संभावना है. इससे पहले अप्रैल में IMD ने 92 प्रतिशत बारिश का अनुमान जताया था, लेकिन अब इसे और कम कर दिया गया है.
IMD ने बताया कि जून महीने से एल नीनो की कमजोर स्थिति बनने की संभावना है, जो मॉनसून सीजन के दूसरे हिस्से में और मजबूत हो सकती है. एल नीनो का असर आमतौर पर भारत में मॉनसून को कमजोर करने वाला माना जाता है. मौसम विभाग ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि पूरे देश में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की बारिश LPA के 90 प्रतिशत रहने का अनुमान है. इसमें मॉडल एरर प्लस माइनस 4 प्रतिशत रखा गया है. इसका मतलब है कि इस साल सामान्य से कम या कम बारिश होने की संभावना ज्यादा है. नॉर्थ-ईस्ट भारत में सामान्य बारिश हो सकती है. वहीं उत्तर-पश्चिम, मध्य और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में सामान्य से कम बारिश का अनुमान लगाया गया है.

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कई राज्यों में सामान्य से ज्यादा हीट वेव- IMD
मौसम विभाग ने यह भी कहा है कि इस साल कई राज्यों में सामान्य से ज्यादा हीट वेव यानी लू वाले दिन देखने को मिल सकते हैं. जून 2026 के दौरान उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, गुजरात और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में तेज गर्मी पड़ने की संभावना है. इसके अलावा महाराष्ट्र, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश और तमिलनाडु के कुछ इलाकों में भी सामान्य से ज्यादा गर्मी रह सकती है.
सामान्य से कम बारिश होने की आशंका
अप्रैल में जारी पहले अनुमान में IMD ने कहा था कि इस साल मॉनसून सामान्य से कम रह सकता है और बारिश LPA के 92 प्रतिशत तक रहने की उम्मीद थी. भारत में 1971 से 2020 के बीच पूरे मॉनसून सीजन की औसत बारिश 87 सेंटीमीटर मानी जाती है. IMD के अनुसार देश के कई हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की आशंका है. हालांकि नॉर्थ-ईस्ट, उत्तर-पश्चिम और दक्षिण भारत के कुछ इलाकों में सामान्य से ज्यादा बारिश हो सकती है.
भारत की अर्थव्यवस्था के लिए काफी अहम
मॉनसून का यह नया अनुमान भारत की अर्थव्यवस्था के लिए काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि देश की बड़ी आबादी खेती पर निर्भर है. कृषि मंत्रालय के मुताबिक, भारत की लगभग 51 प्रतिशत खेती बारिश पर निर्भर करती है और इससे कुल कृषि उत्पादन का करीब 40 प्रतिशत हिस्सा आता है. देश की लगभग 47 प्रतिशत आबादी अपनी रोजी-रोटी के लिए खेती पर निर्भर है. अगर मॉनसून कमजोर रहता है तो इसका असर ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है. इससे खेती की लागत बढ़ सकती है, फसल उत्पादन कम हो सकता है और खाने-पीने की चीजों की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण ऊर्जा और खाद की सप्लाई पर भी असर पड़ने की आशंका बनी हुई है.
एल नीनो की स्थिति कब मजबूत हो सकती?
भारत में पिछली बार 2023 में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई थी. उस समय भी एल नीनो का असर था और पूरे मॉनसून सीजन में देश में LPA का 94 प्रतिशत बारिश हुई थी. मॉनसून मिशन क्लाइमेट फोरकास्ट सिस्टम के अनुसार जुलाई, अगस्त और सितंबर के दौरान एल नीनो की स्थिति और मजबूत हो सकती है.
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        <pubDate>Fri, 29 May 2026 15:30:09 +0530</pubDate>
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        <title>Aaj Ka Mausam: ओले, आंधी, तूफान और बारिश, देश पर चौतरफा मानसूनी अटैक, मौसम विभाग की डरावनी चेतावनी</title>
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        <description><![CDATA[ देश के कई हिस्सों में मानसून अभी पूरी तरह नहीं पहुंचा है, लेकिन मौसम विभाग (IMD) ने अगले 24 से 48 घंटों के लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है. IMD के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून लगातार आगे बढ़ रहा है और आने वाले दो से तीन दिनों में इसके अरब सागर, लक्षद्वीप और बंगाल की खाड़ी के कुछ और इलाकों तक पहुंचने की संभावना है. इसी बीच उत्तर-पश्चिम &amp;nbsp;भारत के कई राज्यों में तेंज आंधी और ओलावृष्टि और भारी बारिश की आशंका जताई गई है. मौसम विभाग का कहना है कि इस बदलाव से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलेगी और तापमान में 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है.
मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के लिए विशेष चेतावनी जारी की है. विभाग के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी-तूफान आ सकता है. इसके साथ ओले गिरने और भारी बारिश होने की भी संभावना है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चल सकती है और ओले गिरनेकी आशंका है. 30 मई को पूरे प्रदेश में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है. इसके अलावा 31 मई को पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है.

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दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में भी मौसम बिगड़ने की आशंका मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में भी आज मौसम खराब रह सकता है. इन क्षेत्रों में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, ओले गिरने और भारी बारिश होने की संभावना है. 30 मई को भी बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है.&amp;nbsp;बिहार और झारखंड में कैसा रहेगा मौसम?बिहार के कुछ हिस्सों में आज भारी बारिश होने की संभावना है. इसके साथ ही 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने की चेतावनी भी जारी की गई है. 30 मई को 50 -60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार&amp;nbsp; से तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि 31 मई और 1 जून को कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है. झारखंड की बात करें तो 31 मई तक राज्य के कई इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. 1 से 3 जून के बीच गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना बनी हुई है.
पहाड़ी राज्यों में भी खराब रहेगा मौसमउत्तराखंड के कुछ इलाकों में आज भारी बारिश और ओले गिरने की संभावना है. मौसम विभाग का कहना है कि 30 मई तक पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम खराब बना रह सकता है. इसके अलावा हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भी ओलावृष्टि और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है. पहाड़ों में हो रहे इस मौसम परिवर्तन का असर मैदानी इलाकों पर भी पड़ेगा और तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है.&amp;nbsp;
ओलावृष्टि और भारी बारिश को लेकर चेतावनीमौसम विभाग के अनुसार मध्य प्रदेश में आज लू का असर आखिरी बार देखने को मिल सकता है. विभाग ने आज और कल पूरे मध्य प्रदेश में ओले गिरने और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने की चेतावनी जारी की है. 31 मई को पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है. इसके अलावा छत्तीसगढ़ में भी 31 मई तक 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी-तूफान का अनुमान है. इससे गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है. राज्य में 1 जून को भी गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है.
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        <pubDate>Fri, 29 May 2026 15:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Aaj, Mausam:, ओले, आंधी, तूफान, और, बारिश, देश, पर, चौतरफा, मानसूनी, अटैक, मौसम, विभाग, की, डरावनी, चेतावनी</media:keywords>
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        <title>पंजाब में शिक्षा को लेकर बुरी घिरी आप सरकार, गवर्नमेंट स्कूलों में 9% एडमिशन में गिरावट, सांसद हरसिमरत कौर ने साधा निशाना</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/पंजाब-में-शिक्षा-को-लेकर-बुरी-घिरी-आप-सरकार-गवर्नमेंट-स्कूलों-में-9-एडमिशन-में-गिरावट-सांसद-हरसिमरत-कौर-ने-साधा-निशाना</link>
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        <description><![CDATA[ पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार अब पूरी तरह से शिक्षा के सवालों को लेकर घिर गई है. हाल ही में आई एक रिपोर्ट की मानें तो राज्य के सरकारी स्कूलों में प्री-प्राइमरी और एलिमेंट्री लेवल पर छात्रों की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई है. आंकड़ों के मुताबिक, करीबन 9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है. शिक्षा को लेकर कई तरह के दावे करने वाली आप सरकार पंजाब चुनाव से कुछ महीने पहले शिक्षा के मुद्दे पर बुरी तरह घिरी हुई है.&amp;nbsp;

शिरोमणी अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर ने साझा किया पोस्ट
अब इसपर पूर्व कैबिनेट मंत्री और शिरोमणी अकाली दल से सांसद हरसिमरत कौर बादल ने एक्स पर एक अखबार की कटिंग शेयर करते हुए राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि पंजाब के सरकारी स्कूलों में प्री-प्राइमरी और एलिमेंट्री स्तर पर छात्रों की संख्या में आई भारी 9 प्रतिशत की गिरावट (1.76 लाख छात्र) यह दर्शाती है कि आम आदमी पार्टी की सरकार द्वारा दी जा रही शिक्षा पर लोगों का भरोसा नहीं रहा है. विश्व-स्तरीय शिक्षा देने के वादे से लेकर, सरकारी स्कूल के बच्चों को मिड-डे मील जैसी बुनियादी सुविधाएं भी न दे पाने तक, शिक्षा के क्षेत्र में AAP सरकार का निराशाजनक प्रदर्शन हर दिन बेनकाब हो रहा है.
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सरकारी स्कूलों में एडमिशन लेने वाले बच्चों की संख्या में गिरावट
शिरोमणी अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर की पोस्ट में शेयर अखबार की कटिंग की मानें तो पिछले तीन सालों में सरकारी स्कूलों में एडमिशन लेने वाले बच्चों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है. इनमें 2023 से 2024 के बीच 19, 65, 651 बच्चों ने एडमिशन लिया था. वहीं, 2024 से 2025 के बीच यह आंकड़े घटकर 19,10,058 हो गया. इसके बाद 2025-26 में बड़ी गिरावट देखने को मिली. यहां आंकड़ा गिरकर 17,34,353 पर सिमट चुका है. यानी पिछले एक साल करीबन डेढ़ लाख से ज्यादा बच्चों की संख्या में गिरावट देखने को मिली है.
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&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 28 May 2026 23:30:13 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>पंजाब, में, शिक्षा, को, लेकर, बुरी, घिरी, आप, सरकार, गवर्नमेंट, स्कूलों, में, एडमिशन, में, गिरावट, सांसद, हरसिमरत, कौर, ने, साधा, निशाना</media:keywords>
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        <title>‘तथ्यों के बोझ तले गिर रहा सेलेक्टिव आक्रोश...’, CBSE विवाद को लेकर राहुल गांधी पर किरेन रिजिजू का निशाना</title>
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        <description><![CDATA[ केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने गुरुवार (28 मई, 2026) को सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) विवाद को लेकर लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को टिप्पणियों को लेकर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को यह समझना चाहिए कि बिना तथ्यों के लगाए गए मनमाने आरोप सिर्फ उनके अपने पाखंड को ही उजागर करते हैं.
केंद्रीय मंत्री ने एक्स पर साझा किया पोस्ट
उन्होंने इस संबंध में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर किया. उन्होंने कहा, &amp;lsquo;राहुल गांधी को यह समझना चाहिए कि बिना तथ्यों के लगाए गए मनमाने आरोप सिर्फ उनके अपने पाखंड को ही उजागर करते हैं. आज वह कोएंप्ट एडु टेक प्राइवेट लिमिटेड (Coempt Eduteck Pvt. Ltd.) पर हमला कर रहे हैं, लेकिन अगर यह कंपनी सचमुच दागदार थी, तो कांग्रेस सरकारों के अधीन काम करने वाली कई संस्थाओं ने इसके साथ काम करना क्यों जारी रखा?&amp;rsquo;

Rahul Gandhi should realise that reckless allegations without facts only expose his own hypocrisy.Today he is attacking Coempt Eduteck Pvt. Ltd. But if the company was genuinely &amp;ldquo;tainted,&amp;rdquo; then why did multiple institutions functioning under Congress governments continue to&amp;hellip;
&amp;mdash; Kiren Rijiju (@KirenRijiju) May 28, 2026




किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर उठाए सवाल
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने अपने X पोस्ट में आगे राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी से कुछ सवालों के जवाब भी मांगे. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस को इन सवालों के जवाब देने होंगे:

तेलंगाना और कर्नाटक में समझौते क्यों किए गए?
कांग्रेस-शासित संस्थाओं की ओर से काम के आदेश (Work Orders) क्यों जारी किए गए?
तेलंगाना स्टेट हेल्थ यूनिवर्सिटी की ओर से इस कंपनी की सार्वजनिक रूप से तारीफ क्यों की गई?

उन्होंने आगे कहा कि दस्तावेजी रिकॉर्ड में 2023 और 2025 के बीच कलोजी नारायण राव यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (Kaloji Narayana Rao University of Health Sciences), बेंगलुरु सिटी यूनिवर्सिटी (Bengaluru City University), आदिकवि श्री महर्षि वाल्मिकी यूनिवर्सिटी (Adikavi Sri Maharshi Valmiki University) और कर्नाटक यूनिवर्सिटी, धारवाड़ (Karnataka University, Dharwad) के साथ हुए समझौते और काम के आदेश शामिल हैं. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का सेलेक्टिव आक्रोश एक बार फिर तथ्यों के बोझ तले गिर रहा है.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ेंः CBSE में आ रही दिक्कतों पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने की उच्च स्तरीय बैठक, अधिकारियों को सख्त निर्देश ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 28 May 2026 23:30:12 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>‘तथ्यों, के, बोझ, तले, गिर, रहा, सेलेक्टिव, आक्रोश...’, CBSE, विवाद, को, लेकर, राहुल, गांधी, पर, किरेन, रिजिजू, का, निशाना</media:keywords>
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        <title>ममता बनर्जी को लगातार दूसरे दिन बड़ा झटका, काकोली घोष दस्तीदार के बाद अब इस नेता ने पार्टी पद से दिया इस्तीफा</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/ममता-बनर्जी-को-लगातार-दूसरे-दिन-बड़ा-झटका-काकोली-घोष-दस्तीदार-के-बाद-अब-इस-नेता-ने-पार्टी-पद-से-दिया-इस्तीफा</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/ममता-बनर्जी-को-लगातार-दूसरे-दिन-बड़ा-झटका-काकोली-घोष-दस्तीदार-के-बाद-अब-इस-नेता-ने-पार्टी-पद-से-दिया-इस्तीफा</guid>
        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख ममता बनर्जी को लगातार दूसरे दिन बड़ा झटका लगा है. दरअसल, पूर्व राज्यसभा सांसद और वर्तमान में टीएमसी के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. शांतनु सेन ने गुरुवार (28 मई, 2026) को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. इसके एक दिन पहले यानी बुधवार (27 मई, 2026) को ममता बनर्जी की करीबी मानी जाने वाली टीएमसी की लोकसभा सांसद और पार्टी की महिला विंग की अध्यक्ष काकोली घोष दस्तीदार ने पार्टी के सभी पदों से अपना इस्तीफा दे दिया है.
इस्तीफा देने के पीछे शांतनु सेन ने क्या बताई वजह?

TMC leader and former Rajya Sabha MP Dr Santanu Sen resigns from his post of party&#039;s national spokesperson. His resignation, addressed to party president Mamata Banerjee, reads, &quot;...Even though I did not agree with views during various difficult times, I have fought publicly&amp;hellip; pic.twitter.com/1uDOCwup0i
&amp;mdash; ANI (@ANI) May 28, 2026



न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, पार्टी अध्यक्ष ममता बनर्जी को लिखे अपने इस्तीफे में डॉ. शांतनु सेन ने कहा, &amp;lsquo;हालांकि, कई मुश्किल घड़ियों में मैं कई विचारों से सहमत नहीं था, फिर भी मैंने मीडिया में पार्टी के पक्ष में कई विवादास्पद मुद्दों पर सार्वजनिक रूप से लड़ाई लड़ी, जिसके लिए आम लोगों ने अक्सर मेरी सराहना की, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में, जब पश्चिम बंगाल की जनता से आरजी कर मामले, अभया केस और नौकरी के बदले नकद वाले भ्रष्टाचार समेत कई अनैतिक कामों और भ्रष्टाचार के कारण हमें नकार दिया है, तब मेरा मन अब किसी भी रूप में पार्टी के प्रवक्ता के रूप में उनका समर्थन करने के लिए तैयार नहीं है.&amp;rsquo;
उन्होंने कहा, &amp;lsquo;इसलिए, जनता के फैसले को ध्यान में रखते हुए मैं तृणमूल कांग्रेस (TMC) के अखिल भारतीय प्रवक्ता पद से इस्तीफा देना चाहता हूं. कृपया मेरा इस्तीफा स्वीकार करें और उसका सम्मान करें.&amp;rsquo;

काकोली घोष दस्तीदार ने क्यों दिया इस्तीफा?
वहीं, TMC की लोकसभा सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने यह कहते हुए अपना इस्तीफा दिया कि पिछले एक दशक में पश्चिम बंगाल और पार्टी से जुड़े कई गंभारी आरोपों और घटनाओं ने उनके अंतर्मन को गहराई से विचलित कर दिया है.

TMC MP Kakoli Ghosh Dastidar resigned from her post as the president of All India Trinamool Mahila Congress wing. Her letter reads, &quot;...During my tenure, it has not been possible to stop the inappropriate behaviour of another educated woman MP towards women MPs, nor has&amp;hellip; pic.twitter.com/ZhXAZ77bT8
&amp;mdash; ANI (@ANI) May 27, 2026



उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर आंतरिक कामकाज पर गहरा असंतोष जताया और पार्टी के नेतृत्व के प्रति सार्वजनिक रूप से निराशा व्यक्त करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर किया. उन्होंने पोस्ट में कहा, &amp;lsquo;अपने कार्यकाल के दौरान महिला सांसदों के प्रति एक अन्य शिक्षित महिला सांसद ने अनुचित बर्ताव को रोक पाना मेरे लिए संभव नहीं हो पाया और न हीं शीर्ष नेतृत्व से मुझे पर्याप्त सहयोग और सहानुभूति मिली. ऐसी स्थिति में अब पद पर बने रहने का कोई मतलब नहीं रह गया है.&amp;rsquo;&amp;nbsp;
यह भी पढ़ेंः ममता बनर्जी की करीबी काकोली घोष दस्तीदार ने पार्टी के सभी पदों से दिया इस्तीफा, शुभेंदु अधिकारी से भेंट के बाद लिया फैसला ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 28 May 2026 23:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>ममता, बनर्जी, को, लगातार, दूसरे, दिन, बड़ा, झटका, काकोली, घोष, दस्तीदार, के, बाद, अब, इस, नेता, ने, पार्टी, पद, से, दिया, इस्तीफा</media:keywords>
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        <title>इस्तीफे के बाद दिल्ली के लिए रवाना सिद्दारमैया, राज्यसभा ठुकराया, कर्नाटक में कई जगहों पर प्रदर्शन&amp; 5 बड़ी बातें</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/इस्तीफे-के-बाद-दिल्ली-के-लिए-रवाना-सिद्दारमैया-राज्यसभा-ठुकराया-कर्नाटक-में-कई-जगहों-पर-प्रदर्शन-5-बड़ी-बातें</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/इस्तीफे-के-बाद-दिल्ली-के-लिए-रवाना-सिद्दारमैया-राज्यसभा-ठुकराया-कर्नाटक-में-कई-जगहों-पर-प्रदर्शन-5-बड़ी-बातें</guid>
        <description><![CDATA[ Karnataka CM News: कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने गुरुवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई. उनके इस्तीफे के बाद कर्नाटक के कई हिस्सों में समर्थकों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया, जहां बेंगलुरु स्थित उनके आधिकारिक आवास &amp;lsquo;कावेरी&amp;rsquo; के बाहर बड़ी संख्या में लोग जुटे और उनसे इस्तीफा वापस लेने की मांग करते हुए भावुक दृश्य देखने को मिले. कई जगहों पर टायर जलाकर प्रदर्शन, नारेबाजी और सड़क जाम करने की कोशिशें भी हुईं.
इस्तीफे के बाद सिद्धारमैया दिल्ली के लिए रवाना हुए, जहां उनकी राहुल गांधी से मुलाकात प्रस्तावित है, लेकिन खराब मौसम और तेज आंधी के कारण उनकी फ्लाइट को जयपुर में लैंड करना पड़ा. इस बीच, खबर है कि कांग्रेस नेतृत्व ने उन्हें राज्यसभा सीट और दिल्ली में बड़ी भूमिका का प्रस्ताव दिया, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया और स्पष्ट किया कि वे कर्नाटक की राजनीति में ही सक्रिय रहना चाहते हैं. उनके इस्तीफे के बाद डी. के. शिवकुमार के अगले मुख्यमंत्री बनने की संभावना तेज हो गई है, हालांकि पार्टी की ओर से आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है. आइये जानते हैं इस पूरे घटनाक्रम की पांच बड़ी बातें&amp;nbsp;
1-इस्तीफा और राजनीतिक घटनाक्रम
&amp;nbsp;कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने गुरुवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया. यह फैसला पार्टी के अंदर चल रही खींचतान और नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच आया. इस्तीफे के बाद वे दिल्ली रवाना हुए, जहां उनकी राहुल गांधी से मुलाकात तय थी, हालांकि खराब मौसम के कारण उनकी फ्लाइट जयपुर में डायवर्ट हो गई.
2-समर्थकों का जोरदार विरोध प्रदर्शन
इस्तीफे के तुरंत बाद कर्नाटक के कई हिस्सों जैसे- बेंगलुरु, शिवमोगा, यादगिर और कलबुर्गी में समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया. बेंगलुरु में उनके आवास &amp;lsquo;कावेरी&amp;rsquo; के बाहर बड़ी संख्या में लोग जुटे और भावुक माहौल देखने को मिला. कई जगहों पर टायर जलाए गए, नारेबाजी हुई और सड़कों को जाम करने की कोशिश की गई.
3-अहिंदा और पिछड़े वर्गों का समर्थन
&amp;nbsp;&amp;lsquo;अहिंदा&amp;rsquo; (अल्पसंख्यक, पिछड़े वर्ग और दलित) समुदाय से जुड़े संगठनों ने इस फैसले का विरोध किया. उनका कहना है कि सिद्धारमैया ने इन वर्गों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं लागू कीं, इसलिए उन्हें हटाना अन्याय है. कुछ प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस नेतृत्व पर गंभीर आरोप भी लगाए.
4-राज्यसभा ऑफर ठुकराया
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कांग्रेस नेतृत्व ने सिद्धारमैया को राज्यसभा सीट और दिल्ली में बड़ी भूमिका का प्रस्ताव दिया था, लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया. उन्होंने साफ कहा कि वे राष्ट्रीय राजनीति में जाने के बजाय कर्नाटक की राजनीति में ही सक्रिय रहना चाहते हैं.
5-नए मुख्यमंत्री को लेकर संकेत
इस्तीफे के बाद डी. के. शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने की संभावना जताई जा रही है. पार्टी नेतृत्व की ओर से संकेत मिले हैं कि विधायक दल की बैठक के बाद औपचारिक घोषणा की जा सकती है, जिससे कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन लगभग तय माना जा रहा है.

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        <pubDate>Thu, 28 May 2026 23:30:09 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>इस्तीफे, के, बाद, दिल्ली, के, लिए, रवाना, सिद्दारमैया, राज्यसभा, ठुकराया, कर्नाटक, में, कई, जगहों, पर, प्रदर्शन-, बड़ी, बातें</media:keywords>
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        <title>सिद्धारमैया और राहुल गांधी की मीटिंग में दिल्ली का मौसम बना अड़ंगा, फ्लाइट हुई डायवर्ट, अब कल होगी मुलाकात</title>
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        <description><![CDATA[ कर्नाटक के निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया गुरुवार (28 मई, 2026) को अपने पद से इस्तीफा देने के बाद लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के साथ-साथ पार्टी हाईकमान से मिलने के लिए विशेष विमान से दिल्ली जा रहे थे, लेकिन दिल्ली में तेज बारिश और मौसम में बदलाव की वजह से उनके विशेष विमान को जयपुर की ओर डायवर्ट कर दिया गया. ऐसे में सिद्धारमैया और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की आज मुलाकात नहीं हो पाई.
अधिकारियों ने बताया कि इस विशेष विमान को तय शेड्यूल के मुताबिक, दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लैंड करना था, लेकिन दिल्ली में भारी बारिश और मौसम में आए बदलाव की वजह से विमान को जयपुर डायवर्ट कर दिया गया.
सिद्धारमैया के साथ विमान में कौन-कौन था सवार?
अधिकारियों ने कहा कि विशेष विमान में कांग्रेस पार्टी के कई नेता और मंत्री सवार थे, जिनमें कांग्रेस स्टेट इंचार्ज और AICC महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला, मंत्री केजे जॉर्ज और ब्यार्थी सुरेश, कानूनी सलाहकार एएस पोन्नान्ना, विधान परिषद सदस्य डॉ. यतींद्र सिद्धारमैया और AICC सचिव अभिषेक दत्त शामिल हैं.
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दिल्ली रवाना होने से पहले सिद्धारमैया ने की इस्तीफे की घोषणा
कांग्रेस हाईकमान से मिलने के लिए दिल्ली रवाना होने से पहले 77 वर्षीय कर्नाटक के निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने गुरुवार (28 मई, 2026) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन कर अपने इस्तीफे की घोषणा की. इस दौरान उन्होंने कहा कि उन्होंने लोक भवन में कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत की अनुपस्थिति के कारण उनके विशेष सचिव प्रभु शंकर को अपना इस्तीफा सौंप दिया है. मुझे उम्मीद है कि लोकतांत्रिक नियमों के अनुसार, राज्यपाल मेरा इस्तीफा जरूर स्वीकार करेंगे.&amp;nbsp;

पार्टी के निर्देश के बाद दिया पद से इस्तीफाः सिद्धारमैया
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया, &amp;lsquo;पार्टी हाईकमान ने मुझे दो दिन पहले इस्तीफा देने का निर्देश दिया था, इसलिए मैंने आज अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. मेरा सौभाग्य रहा कि मुझे दो बार कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में और दो बार विधानसभा के नेता विपक्ष के रूप में राज्य की जनता की सेवा करने का मौका मौका मिला. इसके लिए मैं सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के प्रति आभार व्यक्त करता हूं.&amp;rsquo;
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        <pubDate>Thu, 28 May 2026 23:30:08 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>सिद्धारमैया, और, राहुल, गांधी, की, मीटिंग, में, दिल्ली, का, मौसम, बना, अड़ंगा, फ्लाइट, हुई, डायवर्ट, अब, कल, होगी, मुलाकात</media:keywords>
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        <title>आरोप भ्रामक और तथ्यहीन... बोर्ड परीक्षा के नतीजों में गड़बड़ी को लेकर राहुल गांधी के आरोपों पर CBSE ने क्या कहा?</title>
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        <description><![CDATA[ लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार (27 मई, 2026) को सीबीएसई की बोर्ड परीक्षा के नतीजों में कथित बड़े पैमाने पर छेड़छाड़ के आरोपों की न्यायिक जांच और एसआईटी जांच की मांग की. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि इस मुद्दे पर अभी तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोई बयान क्यों नहीं दिया है?
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो पोस्ट शेयर कर बोर्ड की डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया में हैदराबाद स्थित एक कंपनी को चुनने को लेकर सरकार पर हमला बोला. उनके इस कदम से ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) विवाद खड़ा हो गया है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि CBSE ने कंपनी की बैकग्राउंड चेक नहीं की, नियमों को दरकिनार कर उसे ठेका दिया और कंपनी मैनेजमेंट और मोदी सरकार के बीच सांठगांठ होने का भी आरोप लगाया. हालांकि, CBSE ने नेता विपक्ष की तरफ से लगाए गए आरोपों को तुरंत खारिज कर दिया.
राहुल गांधी के आरोपों पर CBSE ने दी प्रतिक्रिया
सीबीएसई ने इस संबंध में बुधवार (27 मई, 2026) को एक बयान जारी कर कहा, &amp;lsquo;हैदराबाद की कंपनी कोएम्प्ट एडु टेक (Coempt Edu Teck) को ठेका दिए जाने से जुड़े सभी आरोपों को CBSE खारिज करता है. ये आरोप गलत, भ्रामक और तथ्यों पर आधारित नहीं हैं.&amp;rsquo;&amp;nbsp;

CBSE rejects the allegations regarding the award of contract to Coempt Edutech. It is erroneous, misleading and not based on facts.CBSE has followed the General Financial Rules protocols scrupulously in the awarding of the contract to the agency. CBSE floated the RFP for&amp;hellip;
&amp;mdash; CBSE HQ (@cbseindia29) May 27, 2026



बोर्ड ने कहा, &amp;lsquo;एजेंसी को ठेका देने की पूरी प्रक्रिया में सीबीएसई ने जनरल फाइनेंसियल रूल्स (General Financial Rules) का पूरी तरह पालन किया है. सीबीएसई ने साल 2026 की बोर्ड परीक्षाओं की डिजिटल मूल्यांकन के लिए 28 अगस्त, 2025 को सेंट्रल पब्लिक प्रोक्योरमेंट पोर्टल पर रिक्वेस्ट फॉर प्रोपोजल (Request for Proposal/RFP) जारी किया था और योग्य बोलीदाता को कॉन्ट्रैक्ट दिया गया.&amp;rsquo; CBSE ने यह बयान कांग्रेस नेता राहुल गांधी के X प्लेटफॉर्म पर शेयर किए गए वीडियो पोस्ट के जवाब में जारी किया.
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राहुल गांधी ने वीडियो पोस्ट में क्या-क्या लगाए आरोप?
लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, &amp;lsquo;CBSE परीक्षा परिणाम में भयंकर हेर-फेर हो गई, जिससे देश के लाखों बच्चे और उनके माता-पिता सदमे में हैं. और मोदी जी? हमेशा की तरह - न जवाब, न जिम्मेदारी, न शर्म. जिस कंपनी COEMPT को यह जिम्मेदारी मिली, वह पहले Globarena के नाम से तेलंगाना में 2019 में यही कारनामे कर चुकी है. नाम बदला - पर नीयत वही, फितरत वही. इतिहास सबको पता था, फिर भी ठेका दिया गया. ऐसी कंपनी के हाथ में 18.5 लाख बच्चों का भविष्य सौंप दिया गया और किसी को फर्क नहीं पड़ा. यह गलती नहीं - यह सोचा-समझा षड़यंत्र है.&amp;rsquo;
इसके साथ ही, उन्होंने पोस्ट में कुछ सवाल भी उठाए. जिसमें उन्होंने पूछा-

COEMPT को CBSE का ठेका क्यों और किसके कहने पर दिया गया?
कौन-कौन से नियम और प्रक्रिया दरकिनार करके इस कंपनी को ये ठेका दिया गया?
COEMPT पहले Globarena के नाम से विवादों में घिर चुकी है, ये CBSE को क्यों नहीं पता चला? बैकग्राउंड चेक्स क्यों नहीं किए गए?
COEMPT प्रबंधन और मोदी सरकार के बीच आखिर क्या संबंध हैं?&amp;nbsp;


घोटाले की हो स्वतंत्र न्यायिक जांचः राहुल गांधी
उन्होंने कहा, &amp;lsquo;हम मांग करते हैं कि इस पूरे घोटाले के असली दोषियों को सामने लाने के लिए स्वतंत्र न्यायिक जांच और SIT का गठन तत्काल किया जाए. सीबीएसई के Gen Z साथियों - आपकी मेहनत, आपका भविष्य, कोई चुरा नहीं पाएगा. हम इस साजिश की तह तक जाएंगे और इस भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ फेंकेंगे.&amp;rsquo;
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        <pubDate>Thu, 28 May 2026 11:30:15 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>आरोप, भ्रामक, और, तथ्यहीन..., बोर्ड, परीक्षा, के, नतीजों, में, गड़बड़ी, को, लेकर, राहुल, गांधी, के, आरोपों, पर, CBSE, ने, क्या, कहा</media:keywords>
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        <title>Hyderabad Congress: हैदराबाद में कांग्रेस समीक्षा बैठक के दौरान भिड़े दो नेता, गांधी भवन में मचा हंगामा</title>
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        <description><![CDATA[ हैदराबाद के गांधी भवन में उस समय तनाव फैल गया, जब कांग्रेस के दो नेताओं के बीच हुई तीखी बहस ने पार्टी की समीक्षा बैठक में खलल डाल दिया और वरिष्ठ नेताओं तथा कार्यकर्ताओं के सामने एक शर्मनाक स्थिति पैदा कर दी. बैठक के दौरान जो बात महज़ ज़ुबानी कहा-सुनी से शुरू हुई थी, वह जल्द ही हाथापाई में बदल गई, जिसके बाद कई पार्टी सदस्यों को बैठक हॉल के अंदर व्यवस्था बहाल करने की कोशिश में बीच-बचाव करना पड़ा. यह घटना एक निर्धारित ज़िला-स्तरीय समीक्षा सत्र के दौरान हुई, जिसमें मंत्री पोनम प्रभाकर और मंत्री मोहम्मद अज़हरुद्दीन सहित कांग्रेस के कई अहम नेता शामिल थे; साथ ही, अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों से आए पार्टी कार्यकर्ता भी वहाँ मौजूद थे.
बैठक में मौजूद लोगों के अनुसार, यह विवाद कथित तौर पर मंत्री नेताओं के पास बैठने की व्यवस्था को लेकर शुरू हुआ था, जिसके चलते फ़िरोज़ खान और कारवां निर्वाचन क्षेत्र के प्रभारी उस्मान अल-हज़री के बीच तीखी नोकझोंक हुई. प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि दोनों पक्षों के बीच ज़ोरदार बहस होने के कारण कुछ ही मिनटों में माहौल गरमा गया और स्थिति हाथापाई तक पहुँच गई. इस झड़प के दौरान, उस्मान ने कथित तौर पर फ़िरोज़ खान को धक्का दे दिया, जिससे उनका संतुलन बिगड़ गया और वे हॉल में जमा पार्टी कार्यकर्ताओं के सामने ज़मीन पर गिर पड़े. इस अचानक हुई हाथापाई से बैठक में मौजूद कई लोग हक्के-बक्के रह गए और पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई, क्योंकि दोनों पक्षों के समर्थक एक-दूसरे से भिड़ने की कोशिश करने लगे.

वरिष्ठ नेताओं ने स्थिति को शांत करने की कोशिश
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने स्थिति को शांत करने और दोनों गुटों को अलग करने के लिए तुरंत हस्तक्षेप किया, लेकिन बताया जाता है कि सामान्य स्थिति बहाल होने से पहले यह बहस कई मिनटों तक जारी रही. बैठक में मौजूद पार्टी कार्यकर्ताओं ने वहाँ के माहौल को बेहद तनावपूर्ण बताया; ज़ोरदार चीख-पुकार और अफरा-तफरी के कारण समीक्षा चर्चाओं में कुछ समय के लिए रुकावट भी आई. हालाँकि किसी के गंभीर रूप से घायल होने की कोई ख़बर नहीं है, लेकिन इस सार्वजनिक झड़प ने राज्य में होने वाली अहम राजनीतिक गतिविधियों से ठीक पहले, स्थानीय नेताओं के बीच बढ़ते गुटबाज़ी के मतभेदों और आंतरिक असंतोष को लेकर राजनीतिक गलियारों में एक नई बहस छेड़ दी है.
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कांग्रेस मुख्यालय के भीतर &amp;nbsp;झगड़ा
यह घटना इसलिए भी चर्चा का विषय बन गई है, क्योंकि यह कांग्रेस मुख्यालय के भीतर, एक आधिकारिक संगठनात्मक बैठक के दौरान हुई थी जिसका मुख्य उद्देश्य ज़िला-स्तरीय नेताओं के बीच आपसी तालमेल को मज़बूत करना था. राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं से पार्टी की सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है, विशेष रूप से ऐसे समय में जब पार्टी का नेतृत्व पूरे तेलंगाना में एकता और अनुशासन का संदेश देने की कोशिश कर रहा है. उम्मीद की जा रही है कि वरिष्ठ नेता इस मामले की आंतरिक समीक्षा करेंगे, ताकि भविष्य में होने वाले पार्टी कार्यक्रमों के दौरान इस तरह की झड़पों को रोका जा सके.
झड़प को बताया पारिवारिक मामला
फ़िरोज़ खान ने गांधी भवन में हुई झड़प को पारिवारिक मामला बताया कि गांधी भवन में हुई कहा-सुनी पर प्रतिक्रिया देते हुए, फ़िरोज़ खान ने इस घटना को मंत्री के पास बैठने की व्यवस्था को लेकर हुई एक छोटी-सी गलतफ़हमी बताया. उन्होंने कहा कि हर कोई मंत्री के बगल में बैठना चाहता था, और यह भी स्पष्ट किया कि उस्मान अल-हज़री उनके लिए बड़े भाई जैसे हैं.
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        <pubDate>Thu, 28 May 2026 11:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Hyderabad, Congress:, हैदराबाद, में, कांग्रेस, समीक्षा, बैठक, के, दौरान, भिड़े, दो, नेता, गांधी, भवन, में, मचा, हंगामा</media:keywords>
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    <item>
        <title>सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने SC में जजों नियुक्ति के लिए भेजे 5 नाम, जानें लिस्ट में कौन&amp;कौन हैं शामिल?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/सुप्रीम-कोर्ट-कॉलेजियम-ने-sc-में-जजों-नियुक्ति-के-लिए-भेजे-5-नाम-जानें-लिस्ट-में-कौन-कौन-हैं-शामिल</link>
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        <description><![CDATA[ सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 22 और 27 मई 2026 को हुई बैठकों में सुप्रीम कोर्ट में जज नियुक्त करने के लिए पांच नामों की सिफारिश केंद्र सरकार को भेजी है. इन नामों में अलग-अलग हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस और सुप्रीम कोर्ट की एक वरिष्ठ वकील शामिल हैं. अब सरकार की मंजूरी के बाद इनकी नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी. कॉलेजियम ने पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस जस्टिस शील नागू का नाम सुप्रीम कोर्ट के लिए सुझाया है. इसके अलावा बॉम्बे हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस जस्टिस श्री चंद्रशेखर, मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस जस्टिस संजीव सचदेव और जम्मू-कश्मीर व लद्दाख हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस जस्टिस अरुण पल्ली के नाम भी भेजे गए हैं.
इन चार जजों के अलावा सुप्रीम Court की वरिष्ठ वकील वी मोहना को भी सुप्रीम कोर्ट की जज नियुक्त करने की सिफारिश की गई है. अगर सरकार इन नामों को मंजूरी देती है, तो ये सभी सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीश के रूप में पद संभालेंगे. सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम देश की न्यायपालिका में जजों की नियुक्ति और पदोन्नति से जुड़ा सबसे अहम पैनल माना जाता है. इसमें सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ जज शामिल होते हैं, जो अलग-अलग हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में नियुक्तियों पर फैसला लेते हैं.

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कॉलेजियम सिस्टम क्या होता है?
भारत में सुप्रीम कोर्ट के जजों की नियुक्ति कॉलेजियम सिस्टम के जरिए की जाती है. यह व्यवस्था सीधे संविधान में नहीं लिखी गई है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के कई अहम फैसलों के बाद यह प्रक्रिया लागू हुई. इसी सिस्टम के तहत सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में जजों की नियुक्ति और ट्रांसफर किया जाता है. कॉलेजियम सिस्टम में सुप्रीम कोर्ट के सबसे वरिष्ठ जज मिलकर फैसला लेते हैं कि किसे जज बनाया जाए. सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम में भारत के मुख्य न्यायाधीश यानी CJI और सुप्रीम कोर्ट के चार सबसे वरिष्ठ जज &amp;nbsp;शामिल होते हैं. फिलहाल भारत के मुख्य न्यायाधीश बी. आर. गवई हैं. सुप्रीम कोर्ट में जज नियुक्ति की प्रक्रिया कई चरणों में पूरी होती है. सबसे पहले हाई कोर्ट के वरिष्ठ जजों या अनुभवी वकीलों के नाम पर विचार किया जाता है. संबंधित हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस और वरिष्ठ जज भी कुछ नाम सुझाते हैं.
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        <pubDate>Thu, 28 May 2026 11:30:12 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>सुप्रीम, कोर्ट, कॉलेजियम, ने, में, जजों, नियुक्ति, के, लिए, भेजे, नाम, जानें, लिस्ट, में, कौन-कौन, हैं, शामिल</media:keywords>
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        <title>एअर इंडिया के विमान में फिर से तकनीकी खराबी, सैन फ्रांसिस्को जा रही फ्लाइट 8 घंटे बाद वापस लौटी दिल्ली</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/एअर-इंडिया-के-विमान-में-फिर-से-तकनीकी-खराबी-सैन-फ्रांसिस्को-जा-रही-फ्लाइट-8-घंटे-बाद-वापस-लौटी-दिल्ली</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/एअर-इंडिया-के-विमान-में-फिर-से-तकनीकी-खराबी-सैन-फ्रांसिस्को-जा-रही-फ्लाइट-8-घंटे-बाद-वापस-लौटी-दिल्ली</guid>
        <description><![CDATA[ दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को के लिए रवाना हुई एअर इंडिया की एक फ्लाइट AI173 बुधवार (27 मई, 2026) को तकनीकी खराबी के कारण बीच रास्ते से वापस लौट आई. ऑनलाइन फ्लाइट ट्रैकर्स के मुताबिक, विमान आठ घंटे से ज्यादा समय तक हवा में रही, इसके बाद वापस राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के एयरपोर्ट पर वापस लौट आई.
घटना को लेकर एअर इंडिया ने जारी किया आधिकारिक बयान
एयरलाइन ने एक बयान में कहा, &amp;lsquo;विमान सुरक्षित रूप से वापस दिल्ली एयरपोर्ट पर उतर गया है और एअर इंडिया के सुरक्षा मानकों के अनुरूप इसकी तकनीकी जांच की जाएगी.&amp;rsquo; बोइंग के इस 777-330 ER एयरक्राफ्ट में करीब 230 यात्री सवार थे, जिन्हें विमान के दिल्ली में वापस लैंडिंग के बाद सुरक्षित रूप से उतार लिया गया.
एअर इंडिया ने कहा, &amp;rsquo;दिल्ली से सैन फ्रांसिस्को जाने वाली फ्लाइट AI173 बुधवार (27 मई, 2026) को निर्धारित प्रक्रियाओं के तहत तकनीकी समस्याओं की वजह से दिल्ली लौट आई.&amp;rsquo; फ्लाइट ट्रैकर वेबसाइट फ्लाइटरडार24 के आंकड़ों के मुताबिक, सैन फ्रांसिस्को जा रही एअर इंडिया की फ्लाइट वापस दिल्ली की तरफ मुड़ने से पहले आठ घंटे से ज्यादा समय तक हवा में उड़ान भर चुकी थी.

यात्रियों की हुई असुविधा और परेशानी के लिए हमें खेद हैः एअर इंडिया&amp;nbsp;
एयरलाइन ने आगे कहा, &amp;lsquo;विमान को सुरक्षित रूप से दिल्ली में उतार लिया गया है और इसकी तकनीकी जांच की जाएगी. हमें यात्रियों को हुई असुविधा और परेशानी के लिए बहुत खेद है और उन्हें जल्द से जल्द उनके मंजिल तक पहुंचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है. इस बीच, हमारी ग्राउंड टीम यात्रियों को सभी जरूरी मददा दे रही है, जिसमें खाना, होटल में ठहरने की सुविधा या उनकी पसंद के अनुसार यात्रा में रिशेड्यूलिंग शामिल है.&amp;rsquo;&amp;nbsp;
पिछले हफ्ते भी एअर इंडिया की फ्लाइट से जुड़ी सामने आई थी घटना
पिछले हफ्ते भी बेंगलुरु से दिल्ली जा रही एअर इंडिया की एक फ्लाइट AI 2802 के इंजन में आग लगने के कारण इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पूरी तरह इमरजेंसी घोषित की गई थी. इंजन में आग की पुष्टि होने के बाद फ्लाइट को एयरपोर्ट के रनवे 29R पर लैंडिंग कराई गई और बाद में फ्लाइट को टो करके रनवे से हटाया गया. इस विमान में कुल 171 यात्री सवार थे, हालांकि, किसी भी यात्री को किसी तरह की चोट नहीं आई और सभी सुरक्षित उतर गए.
यह भी पढे़ंः बड़ा हादसा टला: दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंडिंग से चंद सेकंड पहले एअर इंडिया फ्लाइट के इंजन में लगी आग ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 28 May 2026 11:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>एअर, इंडिया, के, विमान, में, फिर, से, तकनीकी, खराबी, सैन, फ्रांसिस्को, जा, रही, फ्लाइट, घंटे, बाद, वापस, लौटी, दिल्ली</media:keywords>
    </item>
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        <title>आसमान में थम गई सांसें! फ्यूल कम होते ही अकासा एयर फ्लाइट में मचा हड़कंप, ATC ने घोषित की फुल इमरजेंसी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/आसमान-में-थम-गई-सांसें-फ्यूल-कम-होते-ही-अकासा-एयर-फ्लाइट-में-मचा-हड़कंप-atc-ने-घोषित-की-फुल-इमरजेंसी</link>
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        <description><![CDATA[ Akasa Air Flight: बेंगलुरु से भुवनेश्वर जा रही अकासा एयर की फ्लाइट QP 1503 में उस समय हड़कंप मच गया, जब विमान में कम ईंधन बचने की स्थिति पैदा हो गई. हालात को देखते हुए एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) ने फुल इमरजेंसी घोषित कर दी. हालांकि बाद में विमान की सुरक्षित लैंडिंग करा ली गई और बड़ा हादसा टल गया.
अधिकारियों के अनुसार, अकासा एयर की यह फ्लाइट बोइंग 737 MAX 8 विमान (रजिस्ट्रेशन VT-YAJ) थी, जिसमें कुल 194 यात्री और क्रू मेंबर सवार थे.
पायलट ने जारी किया PAN PAN कॉल
जानकारी के मुताबिक, भुवनेश्वर में खराब मौसम के कारण विमान को रात करीब 8:40 बजे लखनऊ एयरपोर्ट की ओर डायवर्ट किया गया. इसी दौरान विमान में ईंधन का स्तर कम होने लगा. स्थिति गंभीर होने पर पायलट ने &amp;ldquo;PAN PAN&amp;rdquo; कॉल जारी किया और एटीसी से प्राथमिकता के आधार पर क्लियरेंस मांगी. पायलट ने अनुरोध किया कि विमान को एक ही प्रयास में लैंडिंग की अनुमति दी जाए, ताकि ईंधन की कमी के बीच सुरक्षित तरीके से विमान उतारा जा सके.
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ATC ने घोषित की फुल इमरजेंसी
पायलट की ओर से कम ईंधन की सूचना मिलने के बाद रात 9:02 बजे एटीसी ने फुल इमरजेंसी घोषित कर दी. इसके तुरंत बाद एयरपोर्ट पर सभी इमरजेंसी प्रोटोकॉल लागू कर दिए गए. रात 9:04 बजे रनवे के आसपास क्रैश फायर टेंडर और आपातकालीन टीमें तैनात कर दी गईं, ताकि किसी भी स्थिति से निपटा जा सके.
सुरक्षित उतरा विमान, टला बड़ा हादसा
अकासा एयर का विमान रात 9:21 बजे रनवे 09 पर सुरक्षित तरीके से लैंड कर गया. लैंडिंग के एक मिनट बाद पायलट ने एटीसी को जानकारी दी कि सभी ऑपरेशन सामान्य हैं और किसी अतिरिक्त सहायता की जरूरत नहीं है. इसके बाद विमान टैक्सी करते हुए बे-10 तक पहुंचा, जहां रात 9:29 बजे उसे पार्क किया गया. स्थिति सामान्य होने के बाद एटीसी ने रात 9:30 बजे फुल इमरजेंसी वापस ले ली.
एयरपोर्ट अधिकारियों ने बताया कि पूरी घटना के दौरान सभी सुरक्षा मानकों और इमरजेंसी प्रक्रियाओं का पालन किया गया. किसी प्रकार की दुर्घटना या नुकसान नहीं हुआ. विमान की लैंडिंग के बाद तीन यात्रियों ने लखनऊ में ही फ्लाइट छोड़ दी. वहीं विमान को बाद में रात में भुवनेश्वर के लिए रवाना किए जाने की तैयारी की गई.
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        <pubDate>Thu, 28 May 2026 11:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>आसमान, में, थम, गई, सांसें, फ्यूल, कम, होते, ही, अकासा, एयर, फ्लाइट, में, मचा, हड़कंप, ATC, ने, घोषित, की, फुल, इमरजेंसी</media:keywords>
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        <title>&amp;apos;सिर्फ दस्तावेजों से नहीं चलेगा काम&amp;apos;, बॉर्डर पर बढ़ी भीड़, बंगाल में BJP सरकार के बाद खौफ में बाग्लादेशी&amp; ग्राउंड रिपोर्ट</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/सिर्फ-दस्तावेजों-से-नहीं-चलेगा-काम-बॉर्डर-पर-बढ़ी-भीड़-बंगाल-में-bjp-सरकार-के-बाद-खौफ-में-बाग्लादेशी-ग्राउंड-रिपोर्ट</link>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल के दक्षिण दिनाजपुर जिले में भारत-बांग्लादेश सीमा पर स्थित हिली-हकीमपुर चेक पोस्ट पर इन दिनों डर और असमंजस का माहौल बना हुआ है. सीमा पार आने-जाने वाले लोगों की संख्या बढ़ रही है और कई परिवार खुद को पहचान और दस्तावेजों की समस्या में फंसा हुआ बता रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि राज्य में घुसपैठियों को लेकर बढ़ती राजनीतिक बहस और सख्त कार्रवाई की चर्चाओं के बाद कई बांग्लादेश मूल के लोग भारत छोड़कर वापस लौटने लगे हैं.
हकीमपुर चेक पोस्ट पर मौजूद हृदय मोल्ला नाम के युवक ने दावा किया कि उनका परिवार कई सालों से पश्चिम बंगाल में रह रहा था, लेकिन अब दस्तावेजों की कमी की वजह से उन्हें परेशानी झेलनी पड़ रही है. उन्होंने बताया कि पुलिस ने उनसे कहा है कि केवल मौजूदा दस्तावेज काफी नहीं हैं, बल्कि माता-पिता के 2002 से पहले के कागज भी दिखाने होंगे. हृदय ने कहा कि उनके माता-पिता दिहाड़ी मजदूर थे और ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं थे, इसलिए उस समय जरूरी दस्तावेज नहीं बन पाए. उन्होंने बताया कि उनके पास आधार कार्ड, पैन कार्ड, राशन कार्ड और स्कूल के प्रमाण पत्र मौजूद हैं, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि भारतीय नागरिकता साबित करने के लिए पुराने दस्तावेज जरूरी हैं.

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&amp;nbsp;बांग्लादेशी घुसपैठ के मुद्दे पर राजनीति तेज
हृदय मोल्ला ने कहा, &#039;हम यहीं पले-बढ़े, यहीं पढ़ाई की, लेकिन अब कहा जा रहा है कि नागरिकता साबित करने के लिए पुराने कागज दिखाओ.&#039; इसी बीच पश्चिम बंगाल में बांग्लादेशी घुसपैठ के मुद्दे पर राजनीति भी तेज हो गई है. नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने प्रशासनिक बैठक के बाद कहा कि जो लोग बांग्लादेशी हैं, उन्हें जल्द वापस लौट जाना चाहिए, नहीं तो सरकार कार्रवाई करेगी. शुभेंदु अधिकारी ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में कोर्ट भेजने की जरूरत नहीं है. उनके मुताबिक पुलिस सीधे ऐसे लोगों को बीएसएफ के हवाले करेगी. उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध घुसपैठ की वजह से राज्य के संसाधनों पर दबाव बढ़ रहा है और इसका नुकसान भारतीय नागरिकों को उठाना पड़ रहा है.
दस्तावेजों की जांच तेज हो गई है
सीमा क्षेत्र के कुछ लोगों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में दस्तावेजों की जांच तेज हो गई है. कई मजदूर परिवार, जो लंबे समय से भारत में रह रहे थे, अब दबाव या डर की वजह से सीमा पार लौट रहे हैं. हालांकि प्रशासन की तरफ से किसी बड़े अभियान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन सीमा चौकियों पर बढ़ती गतिविधियों और लोगों की चिंताओं ने इस मुद्दे को और गंभीर बना दिया है. फिलहाल हिली-हकीमपुर बॉर्डर पर सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि क्या कई सालों से भारत में रह रहे लोग सिर्फ दस्तावेजों की कमी के कारण अपनी पहचान और रहने की जगह खो देंगे.
ये भी पढ़ें: Assam UCC: विरोध के बीच असम में पास हुआ UCC बिल, विपक्ष ने बताया &#039;BJP का पॉलिटिकल एजेंडा&#039; ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 27 May 2026 19:30:14 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>सिर्फ, दस्तावेजों, से, नहीं, चलेगा, काम, बॉर्डर, पर, बढ़ी, भीड़, बंगाल, में, BJP, सरकार, के, बाद, खौफ, में, बाग्लादेशी-, ग्राउंड, रिपोर्ट</media:keywords>
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        <title>दहेज मामले में महिला की मौत पर SC ने तय की जवाबदेही&amp; चारदीवारी में क्या हुआ ससुरालवालों को देना होगा जवाब</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/दहेज-मामले-में-महिला-की-मौत-पर-sc-ने-तय-की-जवाबदेही-चारदीवारी-में-क्या-हुआ-ससुरालवालों-को-देना-होगा-जवाब</link>
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        <description><![CDATA[ दहेज के लिए पत्नी के साथ क्रूरता और हत्या के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बेहद अहम टिप्पणी की है. कोर्ट ने कहा कि अगर कोई अपराध घर की चारदीवारी में होता है, तो घर में रहने वालों पर यह स्पष्ट करने का दायित्व होगा कि पीड़ित की मृत्यु कैसे हुई. सोमवार (25 मई, 2026) को पत्नी की हत्या के मामले में पति की आजीवन कारावास की सजा बरकरार रखते हुए कोर्ट ने यह बात कही.
जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस के.वी. विश्वनाथन की बेंच ने अपनी पत्नी सोमा आचार्य के साथ क्रूरता करने और उसकी हत्या करने के मामले में गौर आचार्य नाम के व्यक्ति की दोषसिद्धि और आजीवन कारावास की सजा को बरकरार रखा. बेंच ने कहा कि महिला का पति पीड़िता के शरीर पर लगी चोटों का कोई तर्कसंगत स्पष्टीकरण देकर उसे समझाने में नाकाम रहा.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, &#039;यह सर्वविदित है कि अगर कोई अपराध घर की चारदीवारी में होता है, तो हालांकि मामले को साबित करने का प्रारंभिक भार अभियोजन पक्ष पर होगा, लेकिन पीड़ित की मृत्यु कैसे हुई, इसका ठोस स्पष्टीकरण देने की जिम्मेदारी घर में रहने वालों की भी होगी.&#039;
कोर्ट ने इस मामले को कई लोगों के लिए आंखें खोलने वाला बताया है. उन्होंने पूछा, &#039;क्या सोमा आचार्य की जान बचाई जा सकती थी? क्या सामाजिक बदनामी के डर से सोमा को भेड़ियों (ससुराल वालों) के हवाले कर दिया गया? ये सवाल काल्पनिक ही रहेंगे.&#039;
यह भी पढ़ें:- बांके बिहारी की संकरी गलियों पर SC ने यूपी सरकार को दे दिया खास निर्देश, पुजारियों से कहा- धार्मिक अुष्ठान करें पर भक्तों का शोषण...
दहेज के लिए पत्नी के साथ क्रूरता और हत्या के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बेहद अहम टिप्पणी की है. कोर्ट ने कहा कि अगर कोई अपराध घर की चारदीवारी में होता है, तो घर में रहने वालों पर यह स्पष्ट करने का दायित्व होगा कि पीड़ित की मृत्यु कैसे हुई. सोमवार (25 मई, 2026) को पत्नी की हत्या के मामले में पति की आजीवन कारावास की सजा बरकरार रखते हुए कोर्ट ने यह बात कही.
जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस के.वी. विश्वनाथन की बेंच ने अपनी पत्नी सोमा आचार्य के साथ क्रूरता करने और उसकी हत्या करने के मामले में गौर आचार्य नाम के व्यक्ति की दोषसिद्धि और आजीवन कारावास की सजा को बरकरार रखा. बेंच ने कहा कि महिला का पति पीड़िता के शरीर पर लगी चोटों का कोई तर्कसंगत स्पष्टीकरण देकर उसे समझाने में नाकाम रहा.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, &#039;यह सर्वविदित है कि अगर कोई अपराध घर की चारदीवारी में होता है, तो हालांकि मामले को साबित करने का प्रारंभिक भार अभियोजन पक्ष पर होगा, लेकिन पीड़ित की मृत्यु कैसे हुई, इसका ठोस स्पष्टीकरण देने की जिम्मेदारी घर में रहने वालों की भी होगी.&#039;
कोर्ट ने इस मामले को कई लोगों के लिए आंखें खोलने वाला बताया है. उन्होंने पूछा, &#039;क्या सोमा आचार्य की जान बचाई जा सकती थी? क्या सामाजिक बदनामी के डर से सोमा को भेड़ियों (ससुराल वालों) के हवाले कर दिया गया? ये सवाल काल्पनिक ही रहेंगे.&#039;
यह भी पढ़ें:- NRC जैसी प्रक्रिया है SIR, दलीलों पर SC की सख्त टिप्पणी- &#039;EC नहीं तय कर सकता नागरिकता, शक है तो...&#039;
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि शादी के कुछ ही दिनों बाद, सोमा को दहेज के लिए काफी प्रताड़ित किया गया और उसने बार-बार अपने माता-पिता से उसे बचाने की गुहार लगाई और यहां तक ​​कि वह अपने मायके भी आई और कुछ दिनों तक उनके साथ रही.
बेंच ने कहा कि जब भी सोमा ने यह मुद्दा उठाया, तो सिर्फ सुलह कराने और उसे ससुराल वापस भेजने की कोशिश की गई. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि गांव के लोग भी इसमें शामिल थे और सुलह के बाद उसे ससुराल भेजा गया. कोर्ट ने कहा, &#039;सोमा के प्रियजनों को विश्वास था कि किसी तरह स्थिति सुधर जाएगी. उनमें झूठी आशावादिता घर कर गई थी.&#039;
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, &#039;सोमा की अपने ससुराल में दुखद मौत हो जाने से उनकी उम्मीदें टूट गईं. उम्मीद है कि उसके जीवन की कहानी कई लोगों के लिए सबक साबित होगी.&#039; सबूतों की जांच करते हुए, बेंच ने कहा कि गौर आचार्य के मामले में निचली अदालत और हाईकोर्ट दोनों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि जब पीड़िता मृत पाई गई थी, तब वह उसके साथ घर में मौजूद था.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, &#039;चिकित्सकीय राय स्पष्ट रूप से मौत के बाद फंदे से लटकाने या हत्या की ओर इशारा करती है. आरोपी संख्या 1 का यह कर्तव्य था कि वह पीड़िता की मृत्यु का उचित और संभावित कारण बताता और साथ ही मृत्यु से पहले पीड़िता को लगी चोटों की व्याख्या भी करे.&#039;
बेंच ने कहा कि डॉक्टर के साक्ष्य और पोस्टमार्टम रिपोर्ट को निचली अदालतों ने हत्या के निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए सही ही स्वीकार किया है. कोर्ट ने कहा कि निचली अदालत ने आरोपी के पिता को बरी कर दिया, क्योंकि सबूतों में कुछ भी सामने नहीं आया और हाईकोर्ट ने गौर आचार्य की मां और भाई को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत अपराध से बरी कर दिया, क्योंकि वे एक ही परिसर में होने के बावजूद एक ही कमरे में नहीं रह रहे थे.
सुप्रीम कोर्ट ने गौर आचार्य की अपील खारिज करते हुए त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिया कि वह फरार पति का पता लगाने के लिए तुरंत एक टीम गठित करें और उसे तुरंत हिरासत में लें.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि शादी के कुछ ही दिनों बाद, सोमा को दहेज के लिए काफी प्रताड़ित किया गया और उसने बार-बार अपने माता-पिता से उसे बचाने की गुहार लगाई और यहां तक ​​कि वह अपने मायके भी आई और कुछ दिनों तक उनके साथ रही.
बेंच ने कहा कि जब भी सोमा ने यह मुद्दा उठाया, तो सिर्फ सुलह कराने और उसे ससुराल वापस भेजने की कोशिश की गई. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि गांव के लोग भी इसमें शामिल थे और सुलह के बाद उसे ससुराल भेजा गया. कोर्ट ने कहा, &#039;सोमा के प्रियजनों को विश्वास था कि किसी तरह स्थिति सुधर जाएगी. उनमें झूठी आशावादिता घर कर गई थी.&#039;
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, &#039;सोमा की अपने ससुराल में दुखद मौत हो जाने से उनकी उम्मीदें टूट गईं. उम्मीद है कि उसके जीव ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 27 May 2026 19:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>‘जो इजरायल को कबूलेगा, वो मारा जाएगा’, अब्राहम अकॉर्ड्स पर लश्कर आतंकी सैफुल्ला की मुनीर&amp;शहबाज को धमकी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/जो-इजरायल-को-कबूलेगा-वो-मारा-जाएगा-अब्राहम-अकॉर्ड्स-पर-लश्कर-आतंकी-सैफुल्ला-की-मुनीर-शहबाज-को-धमकी</link>
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        <description><![CDATA[ Lashkar Terrorist Threat on Abraham Accords: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पाकिस्तान समेत कई मुस्लिम देशों से अब्राहम अकॉर्ड्स पर हस्ताक्षर कर इज़राइल के साथ संबंध सामान्य करने की अपील के बाद पाकिस्तान में विवाद गहरा गया है. इसी बीच आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के डिप्टी चीफ सैफुल्लाह कसूरी ने बकरीद की नमाज़ के बाद खुले मंच से पाकिस्तान सरकार और सेना प्रमुख आसिम मुनीर को धमकी देते हुए कहा कि &amp;ldquo;जो भी इज़राइल को मान्यता देने की बात करेगा, उसे खत्म कर दिया जाएगा.&amp;rdquo;
सैफुल्लाह की मुनीर-शहबाज को धमकी
सैफुल्लाह कसूरी ने अपने भाषण में दावा किया कि कोई भी वैश्विक ताकत मुस्लिम देशों को इज़राइल को मान्यता देने के लिए मजबूर नहीं कर सकती. उसने पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच कथित रक्षा सहयोग का जिक्र करते हुए यह भी कहा कि पाकिस्तान की सैन्य क्षमता अब इज़राइल के करीब तक पहुंच चुकी है. अपने भाषण के दौरान उसने जिहाद और शहादत जैसे मुद्दों को उठाते हुए समर्थकों को उकसाने की भी कोशिश की.
अब्राहम अकॉर्ड्स के खिलाफ पाक रक्षा मंत्री
इससे पहले पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भी स्पष्ट किया था कि पाकिस्तान इज़राइल के साथ संबंध सामान्य करने के पक्ष में नहीं है. उन्होंने कहा कि जब तक 1967 की सीमाओं के आधार पर पूर्वी यरुशलम को राजधानी बनाकर एक स्वतंत्र फ़िलिस्तीनी राज्य की स्थापना नहीं होती, तब तक पाकिस्तान इज़राइल को मान्यता नहीं देगा. साथ ही उन्होंने इज़राइल पर अविश्वास जताते हुए उसके साथ किसी भी समझौते को देश की विचारधारा के खिलाफ बताया. ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 27 May 2026 19:30:11 +0530</pubDate>
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        <title>असम में UCC बिल पास होने के बाद CM हिमंत बिस्वा सरमा का पहला रिएक्शन, कहा&amp; हर धर्म के लोगों...</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/असम-में-ucc-बिल-पास-होने-के-बाद-cm-हिमंत-बिस्वा-सरमा-का-पहला-रिएक्शन-कहा-हर-धर्म-के-लोगों</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/असम-में-ucc-बिल-पास-होने-के-बाद-cm-हिमंत-बिस्वा-सरमा-का-पहला-रिएक्शन-कहा-हर-धर्म-के-लोगों</guid>
        <description><![CDATA[ असम विधानसभा ने बुधवार (27 मई 2026) को समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पास किया. उत्तराखंड और गुजरात के बाद असम अब देश का तीसरा राज्य बन चुका है, जिसने इस कानून को अपनाया है. सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने इस बिल के पास होने के बाद एनडीए के विधायकों को धन्यवाद दिया है.
&#039;हर धर्म के लोगों को मिलेगा बराबरी का अधिकारी&#039;
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, &#039;आज असम विधानसभा में समान नागरिक संहिता बिल पास होने के साथ ही यहां रहने वाले हर धर्म के लोगों को नागरिक मामलों में कानून के सामने बराबरी का अधिकार मिल जाएगा. इस महत्वपूर्ण बिल का पूरा समर्थन करने के लिए मैं एनडीए के सभी विधायकों को दिल से धन्यवाद देता हूं.&#039;
उन्होंने कहा, &#039;असम ऐसे सुधारों के साथ आगे बढ़ना जारी रखेगा जो समाज को मजबूत करते हों, महिलाओं को न्याय दिलाते हों, परिवारों की सुरक्षा करते हों और समुदायों के बीच आपसी एकता को बढ़ावा देते हों. असम विधानसभा से यूसीसी बिल पास होना केवल एक कानूनी सुधार नहीं है, बल्कि यह एक अधिक न्यायपूर्ण और एकजुट भविष्य की ओर बढ़ाया गया कदम है. असम के इतिहास में यह एक ऐतिहासिक और बेहद महत्वपूर्ण क्षण है, क्योंकि हम समान नागरिक संहिता (UCC) को लागू करने वाले भारत के तीसरे राज्य बन गए हैं. इसके साथ ही हमने हमारे देश के संविधान निर्माताओं की इच्छा को भी पूरा किया है.&#039;

 यूसीसी लाने की आवश्यकता क्यों पड़ी: विपक्ष
असम विधानसभा में सोमवार को संसदीय कार्य मंत्री अतुल बोरा ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक पेश किया था. सत्ता पक्ष के विधायक और मंत्री यूसीसी को सभी वर्गों के लिए लाभदायक बता रहे हैं. वहीं, विपक्षी दलों के नेता इसका लगातार विरोध कर रहे हैं. कांग्रेस विधायक दल के नेता वाजेद अली चौधरी ने कहा, &amp;lsquo;समान नागरिक संहिता में जिन विषयों का उल्लेख किया गया है, वे पहले से ही अलग-अलग कानूनों के माध्यम से लागू हैं. बाल विवाह, बहुविवाह, विवाह और तलाक का पंजीकरण, गुजारा भत्ता और अन्य मुद्दे विभिन्न कानूनों द्वारा शासित हैं. फिर यूसीसी लाने की आवश्यकता क्यों पड़ी.&amp;rsquo;
ये भी पढ़ें : पूर्व सीएम पी. विजयन के घर ईडी रेड का विरोध, CPM वर्कर्स ने गाड़ियों पर किया हमला, देखें Video ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 27 May 2026 19:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>बहू को ससुराल में &amp;apos;एडजस्ट&amp;apos; करने की सलाह देना क्रूरता नहीं, आपसी रंजिश के लिए कानून का दुरुपयोग गलत : सुप्रीम कोर्ट</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/बहू-को-ससुराल-में-एडजस्ट-करने-की-सलाह-देना-क्रूरता-नहीं-आपसी-रंजिश-के-लिए-कानून-का-दुरुपयोग-गलत-सुप्रीम-कोर्ट</link>
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        <description><![CDATA[ वैवाहिक विवादों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है. कोर्ट ने कहा है कि अगर पति के रिश्तेदार महिला को शादी में तालमेल बैठाने या मायके लौट जाने के लिए कहते हैं, तो इसे आपराधिक क्रूरता नहीं माना जा सकता. ऐसा व्यवहार नैतिक रूप से गलत हो सकता है, लेकिन इसे आपराधिक कृत्य की श्रेणी में नहीं डाला जा सकता.
क्या है मामला?​जस्टिस संजय करोल और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की बेंच ने यह फैसला मध्य प्रदेश के एक मामले में दिया है. मामले की शिकायतकर्ता की शादी 2019 में हुई थी. पति से विवाद के बाद उसने पति के अलावा सास, ननद, जेठ और जेठानी पर भी दहेज उत्पीड़न, क्रूरता और घरेलू हिंसा का मामला दर्ज करवाया. ससुराल पक्ष के लोग मध्य प्रदेश हाई कोर्ट गए, लेकिन हाई कोर्ट ने केस रद्द करने से मना कर दिया.
सुप्रीम कोर्ट का आदेशअब सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद ससुराल पक्ष के खिलाफ चल रहे सभी आपराधिक मामलों को रद्द कर दिया है. कोर्ट ने कहा है कि कई बार वैवाहिक विवाद में रिश्तेदार &#039;मूकदर्शक&#039; बने रहते हैं या पति का पक्ष लेते हैं, लेकिन यह कोई अपराध नहीं है. परिवार के सदस्यों का शिकायतकर्ता को रिश्ते में एडजस्ट करने की सलाह देना अपने आप में अपराध नहीं है. मुकदमा तभी चलना चाहिए जब किसी अपराध में उनकी सक्रिय भागीदारी का आरोप हो.
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&#039;प्रताड़ना के आरोप में दम नहीं&#039;​जजों ने आदेश में इस बात को दर्ज किया है कि शादी के बाद महिला अपने पति के साथ श्योपुर में रहती थी, जबकि उसके ससुराल वाले शिवपुरी में रहते थे. ऐसे में ससुराल वालों की तरफ से लगातार प्रताड़ित किए जाने का आरोप मजबूत नहीं लगता. महिला की तरफ से लगाए गए आरोप काफी सामान्य, अस्पष्ट और बिना किसी ठोस सबूत के थे. कोर्ट ने यह भी कहा कि मामले के लंबित रहने के दौरान ही फैमिली कोर्ट में पति-पत्नी का तलाक हो चुका है. ऐसे में बिना किसी ठोस सबूत के ससुराल वालों पर आपराधिक केस चलाते रहना कानून का दुरुपयोग है.
​&#039;कानून को बदला लेने का हथियार न बनाएं&#039;​कोर्ट ने वैवाहिक विवादों में पूरे परिवार को घसीटने की प्रवृत्ति पर गहरी चिंता व्यक्त की. आदेश में कहा गया है, &#039;जब शादीशुदा रिश्ते बिगड़ते हैं, तो मन में कड़वाहट आ जाना सामान्य बात है, लेकिन इसके चलते जीवनसाथी के पूरे परिवार को आपराधिक मुकदमेबाजी में घसीट लेना गलत है. आपराधिक कानून को बदला लेने का माध्यम बनने की अनुमति नहीं दी जा सकती.&#039;
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        <pubDate>Wed, 27 May 2026 19:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>बहू, को, ससुराल, में, एडजस्ट, करने, की, सलाह, देना, क्रूरता, नहीं, आपसी, रंजिश, के, लिए, कानून, का, दुरुपयोग, गलत, सुप्रीम, कोर्ट</media:keywords>
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    <item>
        <title>राज्यसभा सीट, दिल्ली में भूमिका… गुरुवार को हो सकता है सिद्दारमैया का इस्तीफा, कांग्रेस बोली&amp; कर्नाटक में छोड़ें DK शिवकुमार का रास्ता</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/राज्यसभा-सीट-दिल्ली-में-भूमिका-गुरुवार-को-हो-सकता-है-सिद्दारमैया-का-इस्तीफा-कांग्रेस-बोली-कर्नाटक-में-छोड़ें-dk-शिवकुमार-का-रास्ता</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/राज्यसभा-सीट-दिल्ली-में-भूमिका-गुरुवार-को-हो-सकता-है-सिद्दारमैया-का-इस्तीफा-कांग्रेस-बोली-कर्नाटक-में-छोड़ें-dk-शिवकुमार-का-रास्ता</guid>
        <description><![CDATA[ Karnataka CM Post Tussle: कर्नाटक की राजनीति में इन दिनों मुख्यमंत्री पद को लेकर सस्पेंस बना हुआ है. मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को पद छोड़ने के बदले कांग्रेस नेतृत्व की ओर से राज्यसभा सीट और दिल्ली में बड़ी भूमिका का प्रस्ताव दिए जाने की चर्चा है. हालांकि, उन्होंने अभी इस प्रस्ताव पर सहमति नहीं दी है. लेकिन, सूत्रों के मुताबिक, सिद्धारमैया गुरुवार को सीएम पद से इस्तीफा दे सकते हैं. वे दिल्ली से बेंगलुरू के लिए मंगलवार की रात को निकल चुके हैं, जबकि डीके शिवकुमार भी बुधवार की दोपहर साढ़े बारह बजे बेंगलुरू के लिए रवाना हो जाएंगे.
सिद्धारमैया ने गुरुवार को ब्रेकफास्ट मीटिंग बुलाई है, जिसमें वे अपने इस्तीफे का ऐलान कर सकते हैं. इसके बाद, डीके शिवकुमार का अगले हफ्ते सीएम पद का शपथग्रहण हो सकता है.&amp;nbsp;
सिद्धारमैया को बड़ा ऑफर
यह ऑफर ऐसे समय पर सामने आया है जब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया के साथ लंबी बैठक कर नेतृत्व विवाद सुलझाने की कोशिश की. हालांकि, कांग्रेस ने आधिकारिक तौर पर इन अटकलों को खारिज किया है. पार्टी के वरिष्ठ नेता K. C. Venugopal ने साफ कहा कि बैठक में केवल राज्यसभा और विधान परिषद चुनावों पर चर्चा हुई और नेतृत्व परिवर्तन को लेकर जो भी खबरें चल रही हैं, वे महज कयास हैं.
इसी बीच, बैठक के बाद सिद्धारमैया ने अपने करीबी मंत्रियों के साथ अलग से चर्चा की, जिससे राजनीतिक हलकों में अटकलें और तेज हो गई हैं. गौरतलब है कि 2023 में कांग्रेस की जीत के बाद से ही सिद्धारमैया और शिवकुमार खेमों के बीच खींचतान की खबरें सामने आती रही हैं.
जल्द कर्नाटक में बड़ा बदलाव
कांग्रेस हाईकमान ने 2023 में कर्नाटक में सरकार बनने के बाद से कई बार हस्तक्षेप किया है, ताकि दोनों नेताओं के बीच तनाव को कम किया जा सके. डीके शिवकुमार खेमे के समर्थकों का लगातार दावा रहा है कि सरकार गठन के समय &amp;lsquo;रोटेशनल मुख्यमंत्री&amp;rsquo; के फार्मूले पर सहमति बनी थी. हालांकि, कांग्रेस हाईकमान ने इस तरह के किसी भी समझौते को कभी आधिकारिक रूप से स्वीकार नहीं किया है.
फिलहाल स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, लेकिन इतना जरूर है कि कर्नाटक में सत्ता संतुलन को लेकर अंदरखाने बातचीत जारी है और आने वाले दिनों में बड़ा फैसला सामने आ सकता है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Wed, 27 May 2026 03:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>राज्यसभा, सीट, दिल्ली, में, भूमिका…, गुरुवार, को, हो, सकता, है, सिद्दारमैया, का, इस्तीफा, कांग्रेस, बोली-, कर्नाटक, में, छोड़ें, शिवकुमार, का, रास्ता</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>डेमोग्राफिक बदलाव से एक्शन में सरकार, हाई लेवल कमेटी के पीछे 1951&amp;2011 तक सिमटी हिंदुओं की आबादी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/डेमोग्राफिक-बदलाव-से-एक्शन-में-सरकार-हाई-लेवल-कमेटी-के-पीछे-1951-2011-तक-सिमटी-हिंदुओं-की-आबादी</link>
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        <description><![CDATA[ डेमोग्राफिक चेंज पर केंद्र सरकार ने हाई लेवल कमेटी का गठन किया है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार (26 मई 2026) को इसकी घोषणा की. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म &#039;एक्स&#039; पर पोस्ट कर कहा कि घुसपैठ और अन्य कारणों से Unnatural Demographic Change किसी भी राष्ट्र के वर्तमान व भविष्य के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती है. इसी चुनौती से निपटने के लिए 15 अगस्त 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डेमोग्राफिक चेंज पर &#039;हाई लेवल कमेटी&#039; बनाने की घोषणा की थी.&amp;nbsp;
गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, &#039;मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि सरकार ने इस कमेटी का गठन कर लिया है. जस्टिस प्रकाश प्रभाकर नावलेकर (सेवानिवृत्त) की अध्यक्षता में बनी इस कमेटी में जनगणना आयुक्त के साथ दुर्गा शंकर मिश्रा (रिटायर्ड आईएएस), बालाजी श्रीवास्तव (रिटायर्ड आईपीएस) और डॉ. शमिका रवि समिति के सदस्य होंगे. संयुक्त सचिव (फॉरेनर्स-I), गृह मंत्रालय, इस समिति के सदस्य सचिव होंगे.&#039;
डेमोग्राफिक चेंज राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा: अमित शाह
उन्होंने कहा, &#039;डेमोग्राफिक चेंज हमारी संप्रभुता के साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा, कानून व्यवस्था, सामाजिक संरचना में गंभीर बदलाव और जनजातीय समाज के संरक्षण से जुड़ी एक गंभीर समस्या है. यह कमेटी अवैध प्रवास और अन्य असामान्य कारणों से पूरे भारत में हो रहे डेमोग्राफिक चेंज का व्यापक मूल्यांकन करेगी और धार्मिक एवं सामाजिक समुदायों के स्तर पर असामान्य जनसंख्या परिवर्तनों के पैटर्न का विश्लेषण करेगी. इसका सुनियोजित और समयबद्ध समाधान प्रस्तुत करेगी.&amp;nbsp;
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में डेमोग्राफिक चेंज और घुसपैठ बड़ा मुद्दा था. इस मुद्दे को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने तत्कालीन ममता बनर्जी सरकार का घेराव किया था. इसी आधार पर बीजेपी ने विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को मात दी और पूर्ण बहुमत से सत्ता हासिल की. ऐसे में अब केंद्र सरकार द्वारा डेमोग्राफिक चेंज पर हाई लेवल कमेटी गठित करना अहम माना जा रहा है.&amp;nbsp;
यह उच्चस्तरीय समिति अवैध अप्रवास (Immigration) और अन्य असामान्य कारणों से देश के विभिन्न हिस्सों में होने वाले जनसांख्यिकीय परिवर्तनों का वैज्ञानिक रूप से आकलन करेगी. उनके कारणों का विश्लेषण करेगी और उचित नीति, विधायी और प्रशासनिक उपायों की सिफारिश करेगी. समिति की प्रस्तावित संरचना और कार्यक्षेत्र (terms of Reference) इस प्रकार हैं-
1. अवैध आप्रवास सहित जनसांख्यिकीय परिवर्तनों से उत्पन्न चुनौतियों पर व्यापक विचार करना.
2. ऐसे जनसांख्यिकीय परिवर्तनों के संभावित कारणों का अध्ययन करना, जैसे सीमा पार गतिविधियां (अवैध आप्रवास सहित), आर्थिक अवसर और अन्य सामाजिक-पर्यावरणीय कारक.
3. इन परिवर्तनों के पीछे अन्तर्निहित कारकों की पहचान करना, जिसमें अवैध आप्रवास, असामान्य बसावट पैटर्न और नियोजित प्रवास शामिल हैं.
4. धार्मिक या सामाजिक समुदायों के स्तर पर संरचनात्मक जनसंख्या परिवर्तनों का विश्लेषण करना, विशेष रूप से समान रुझानों से अलग होने पर.
5. देश में पहले से ही रहने वाले अवैध आप्रवासियों की कानूनी, निष्पक्ष और समयबद्ध पहचान, हिरासत और निर्वासन के लिए एक सुव्यवस्थित और स्थायी परिचालन प्रणाली की सिफारिश करना.
6. ऐसे रुझानों की निरंतर निगरानी के लिए सीमा प्रबंधन, जनसंख्या स्थिरीकरण और पहचान प्रणालियों को मजबूत करने के लिए एक उपयुक्त संस्थागत तंत्र की सिफारिश करना.
7. अवैध आप्रवास और परिणामी जनसांख्यिकीय असंतुलन से संबंधित मामलों में केंद्र और राज्य सरकारों के बीच समन्वय बढ़ाने के लिए एक व्यापक नीतिगत ढांचा प्रस्तावित करना.
8. समिति जनसांख्यिकीय परिवर्तनों से उत्पन्न चुनौतियों, जिनमें अवैध आप्रवास भी शामिल है, से निपटने के लिए किसी अन्य उपाय, जिसे वह उचित समझे, की सिफारिश कर सकती है.
पीएम मोदी ने 15 अगस्त 2025 कहा था कि भारत अवैध घुसपैठ से निपटने के लिए जनसांख्यिकीय मिशन शुरू करेगा. उन्होंने लोगों को अवैध घुसपैठ के माध्यम से देश की जनसांख्यिकी को बदलने की सोची-समझी साजिश के बारे में चेतावनी दी और कहा कि कोई भी राष्ट्र घुसपैठियों को बर्दाश्त नहीं कर सकता, क्योंकि उन्होंने इस समस्या से निपटने के लिए एक उच्च स्तरीय जनसांख्यिकीय मिशन की घोषणा की.
भारत में धर्म के अनुसार जनसंख्या का प्रतिशत



Religion
Increased/Decreased since 1951
2011
2001
1991
1981
1971
1961
1951


हिंदू
-4.30%
79.80%
80.50%
81.50%
82.30%
82.70%
83.50%
84.10%


मुस्लिम
4.40%
14.20%
13.40%
12.60%
11.80%
11.20%
10.70%
9.80%



Source: Census of India and TISS
1951 से 2011 तक की जनगणना में जो सभी धर्मों की जनसंख्या वृद्धि में असमानता दिखती है, उसका प्रमुख कारण घुसपैठ है. इस देश में 1951, 1971, 1991 और 2011 में जनगणना हुई, जिनमें शुरू से ही धर्म पूछने की परंपरा रही है. 1951 की जनगणना में हिंदू आबादी 84 प्रतिशत थी, जबकि मुस्लिम आबादी 9.8 प्रतिशत थी. 1971 में हिंदू आबादी 82 प्रतिशत और मुस्लिम आबादी 11 प्रतिशत हो गई. 1991 में हिंदू आबादी 81 प्रतिशत और मुस्लिम आबादी 12.2 प्रतिशत हो गई.
वहीं, 2011 में हिंदू आबादी 79 प्रतिशत और मुस्लिम आबादी 14.2 प्रतिशत हो गई. मुस्लिम आबादी में 24.6 प्रतिशत की दर से वृद्धि हुई है, जबकि हिंदू आबादी में 4.5 प्रतिशत की कमी आई है. मोदी सरकार की घुसपैठ विरोधी 3D नीति- पहचान (Detect), मतदाता सूची से हटवाना (Delete), उन्हें वापस भेजना (Deport) है.
भारत में मुस्लिम समुदाय की आबादी हिंदू आबादी की तुलना में अधिक तेजी से बढ़ रही है. साल 2010 में 14.4% से बढ़कर 2050 में 18.4% होने का अनुमान है.
महाराष्ट्र में धर्म के अनुसार जनसंख्या का प्रतिशत



Religion
Increased/Decreased since 1951
2011
2001
1991
1981
1971
1961
1951


हिंदू
-9.67%
79.83%
8 ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 27 May 2026 03:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>डेमोग्राफिक, बदलाव, से, एक्शन, में, सरकार, हाई, लेवल, कमेटी, के, पीछे, 1951-2011, तक, सिमटी, हिंदुओं, की, आबादी</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>कर्नाटक में कई डिप्टी सीएम की हो सकती डीके शिवकुमार सरकार, सिद्धारमैया खेमे को क्या मिलेगा?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/कर्नाटक-में-कई-डिप्टी-सीएम-की-हो-सकती-डीके-शिवकुमार-सरकार-सिद्धारमैया-खेमे-को-क्या-मिलेगा</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/कर्नाटक-में-कई-डिप्टी-सीएम-की-हो-सकती-डीके-शिवकुमार-सरकार-सिद्धारमैया-खेमे-को-क्या-मिलेगा</guid>
        <description><![CDATA[ Siddaramiah May resign from CM Post: कर्नाटक में सियासी नाटक जारी है. कांग्रेस सरकार से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है. यहां सरकार में फेरबदल को लेकर सूत्रों ने अहम जानकारी दी है. सूत्रों की मानें तो अगर बदलाव योजना के मुताबिक रहा तो करीब एक हफ्ते में नई सरकार बन जाएगी.
सूत्रों की मानें तो CM सिद्धारमैया गुरुवार सुबह तक इस्तीफा दे सकते हैं. ऐसी संभावना है. उन्होंने गुरुवार सुबह नाश्ते पर एक बैठक बुलाई है. इसमें वह अपने पद से हटने की घोषणा कर सकते हैं. उसके बाद राज्यपाल के पास जाकर अपना इस्तीफा सौंपेंगे. अगले हफ्ते तक डीके के शपथ लेने की संभावना है.
फिलहाल मुख्यमंत्री पद को लेकर सस्पेंस बना हुआ है. माना जा रहा है कि सिद्धारमैया को पद छोड़ने के बदले कांग्रेस नेतृत्व की ओर से राज्यसभा सीट और दिल्ली में अहम भूमिका पार्टी की तरफ से सौंपी जा सकती है. इसकी चर्चाएं राजनीतिक गलियारों में भी है. कहा जा रहा है कि पार्टी के इस प्रस्ताव पर उन्होंने किसी तरह की सहमति नहीं दी है.&amp;nbsp;
कर्नाटक में बनने वाली नई सरकार में कई उपमुख्यमंत्री बनाने का फॉर्मूला भी अपनाया जा सकता है. सिद्धारमैया के कई करीबी सहयोगियों को उपमुख्यमंत्री पद और अहम मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है.&amp;nbsp;

केसी वेणुगोपाल ने फेरबदल की अटकलों को किया था खारिज
इससे पहले कांग्रेस की दिल्ली में चली आलाकमान की बैठक में मुख्यमंत्री के पद में बदलाव की अटकलों को केसी वेणुगोपाल ने खारिज कर दिया था. उन्होंने बताया था कि मीटिंग में पार्षद चुनाव और राज्यसभा चुनाव को लेकर बातचीत हुई थी. वहीं, दिल्ली में हुई बैठक के बाद खुद मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपने करीबी मंत्रियों के साथ इस संबंध में अलग से चर्चा की है. यह वजह भी है कि उनके सीएम पद को छोड़ने की अटकलें तेज हो गई हैं. माना जा रहा है कि अंदरखाने इस बात की चर्चा है कि सिद्धारमैया कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद पर न रहें. उनकी जगह पार्टी दूसरे को मुख्यमंत्री बनाना चाहती है.&amp;nbsp;
राज्यसभा सीट, दिल्ली में भूमिका&amp;hellip; जल्द सिद्दारमैया का इस्तीफा, कांग्रेस बोली- कर्नाटक में छोड़ें डीके शिवकुमार का रास्ता
डीके शिवकुमार के नाम पर चर्चा तेजसमाचार एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि कुछ नेताओं ने सिद्धरमैया को राज्यसभा भेजकर डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाने का सुझाव दिया था. इसे लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. सिद्धरमैया ने दोहराया है कि वे अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगे.&amp;nbsp;
डीके शिवकुमार बोले- पार्टी नेतृत्व के फैसले का पालन करेंगेदूसरी ओर शिवकुमार ने कहा है कि वे पार्टी नेतृत्व के फैसले का पालन करेंगे. 20 मई को कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के तीन साल पूरे होने के बाद से ही नेतृत्व परिवर्तन और मंत्रिमंडल में फेरबदल की चर्चाएं तेज हो गई थीं. हालांकि, पार्टी ने फिलहाल इन सभी अटकलों को खारिज कर दिया है.
आगरा में जिप लाइन हादसे में 16 साल के किशोर की मौत, 45 फीट ऊपर से गिरा; दो आरोपी गिरफ्तार ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 27 May 2026 03:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>कर्नाटक, में, कई, डिप्टी, सीएम, की, हो, सकती, डीके, शिवकुमार, सरकार, सिद्धारमैया, खेमे, को, क्या, मिलेगा</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>BJP सरकार के दो साल पूरे होने पर मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें, CM माझी ने की पीएम और राष्ट्रीय अध्यक्ष से मुलाकात</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/bjp-सरकार-के-दो-साल-पूरे-होने-पर-मंत्रिमंडल-विस्तार-की-अटकलें-cm-माझी-ने-की-पीएम-और-राष्ट्रीय-अध्यक्ष-से-मुलाकात</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/bjp-सरकार-के-दो-साल-पूरे-होने-पर-मंत्रिमंडल-विस्तार-की-अटकलें-cm-माझी-ने-की-पीएम-और-राष्ट्रीय-अध्यक्ष-से-मुलाकात</guid>
        <description><![CDATA[ ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की दिल्ली में सोमवार को पीएम मोदी और मंगलवार को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ हुई बैठकों के बाद कई तरह की सियासी अटकलें लगाई जा रही है. ऐसे में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें तेज हो गई हैं.&amp;nbsp;
ओडिशा में सरकार की दूसरी वर्षगांठ के मौके पर मंत्रिमंडल में छह खाली पदों को भरने की अटकलों को उस समय बल मिला, जब सीनियर मंत्री सुरेश पुजारी और पृथ्वीराज हरिचंदन ने संकेत दिया कि मंत्रिमंडल में खाली पद को भरने और निगम अथवा बोर्ड में राजनीतिक नियुक्तियां की प्रक्रिया अंदरखाने चल रही है.&amp;nbsp;
इससे पहले 12 जून 2024 को दो उपमुख्यमंत्रियों समेत 15 अन्य मंत्रियों के साथ सीएम पद की शपथ ली थी. तब से छह पद खाली पड़े हैं. नियम की मानें तो राज्य में मुख्यमंत्री सहित मंत्रियों की कुल संख्या राज्य के विधायकों की कुल संख्या के 15 प्रतिशत के भीतर होनी चाहिए. ओडिशा में विधायकों की संख्या 147 है. मुख्यमंत्री सहित मंत्रियों की संख्या 22 के भीतर होनी चाहिए.
कर्नाटक में नहीं बदला जाएगा सीएम, कांग्रेस ने सभी अकटलों को किया खारिज, बैठक की इनसाइड स्टोरी
मंत्रिमंडल में 6 और सदस्यों को किया जा सकता है शामिल
माझी अपनी मंत्रिमंडल में छह और सदस्यों को शामिल कर सकते हैं. &amp;nbsp;माझी 12 जून को सरकार के दो साल पूरे होने के उपलक्ष्य में अपने मंत्रिमंडल का विस्तार कर सकते हैं. राजस्व मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि यह विस्तार किसी भी क्षण हो सकता है. निगमों और बोर्ड में नियुक्तियों की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है.&amp;nbsp;

पार्टी और सरकार ने चयन प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी है. इसे बहुत जल्द पूरा कर लिया जाएगा. वहीं, हरिचंदन ने मंत्रिमंडल विस्तार की संभावना को खारिज न करते हुए कहा कि मंत्रालय का विस्तार या फेरबदल मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है. यदि वह खाली पदों को ध्यान में रखते हुए ऐसा &amp;nbsp;करना चाहते हैं, तो मुख्यमंत्री किसी भी समय कर सकते हैं. इसका सरकार की दूसरी वर्षगांठ से कोई लेना-देना नहीं है. वहीं माझी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष की मुलाकात के बाद कहा है कि नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन जी से मुलाकात की. हमने संगठनात्मक मामलों और ओडिशा के समग्र विकास पर चर्चा की.
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        <pubDate>Wed, 27 May 2026 03:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>BJP, सरकार, के, दो, साल, पूरे, होने, पर, मंत्रिमंडल, विस्तार, की, अटकलें, माझी, ने, की, पीएम, और, राष्ट्रीय, अध्यक्ष, से, मुलाकात</media:keywords>
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    <item>
        <title>9वीं क्लास के छात्रों के लिए तीसरी भाषा को अनिवार्य..CBSE के फैसले पर तमिलनाडु के BJP नेता ने किया विरोध</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/9वीं-क्लास-के-छात्रों-के-लिए-तीसरी-भाषा-को-अनिवार्यcbse-के-फैसले-पर-तमिलनाडु-के-bjp-नेता-ने-किया-विरोध</link>
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        <description><![CDATA[ तमिलनाडु बीजेपी नेता के. अन्नामलाई ने मंगलवार को सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन यानी CBSE के हालिया नोटिफिकेशन की आलोचना की है. इस नोटिफिकेशन में सीबीएसई स्कूलों में 9वीं क्लास के छात्रों के लिए तीसरी भाषा को अनिवार्य कर दिया गया है.&amp;nbsp;
अन्नामलाई ने कहा है कि इस कदम से छात्रों पर पढ़ाई का बेवजह बोझ पड़ेगा. साथ ही उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय से इस नोटिफिकेशन को वापस लेने की अपील की है. तमिलनाडु में इस नोटिफिकेशन की आलोचना हो रही है. इसे हिंदी थोपने की कथित कोशिश भर माना जा रहा है.
अन्नामलाई का मानना है कि तीसरी भाषा से मेंटल प्रेशर पड़ेगा
इस पूरे मामले अन्नामलाई का मानना है कि बीच शैक्षणिक सत्र में नौवीं कक्षा के छात्रों को तीसरी भाषा को बोझ डालना ठीक नहीं है. इससे उनपर मेंटल प्रेशर पड़ेगा. उनका शैक्षणिक प्रदर्शन बिगड़ सकता है. अगर छात्रों ने 6वीं कक्षा में अपनी मनपसंद भाषा का चयन कर लिया तो ऐसे में 9वीं में बदलाव करना मुश्किल में डाल सकता है.&amp;nbsp;

अन्नामलाई ने पिछली नीति की वकालत करते हुए कहा है कि नौवीं कक्षा में तीन भाषा नियम का विरोध किया है.लेकिन अप्रैल में सीबीएसई की तरफ से लागू कक्षा 6 से तीन भाषाओं को अनिवार्य करने की घोषणा का समर्थन किया था.
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क्या है सीबीएसई का फैसला ?
इससे पहले एक जुलाई 2026 से 9वीं क्लास के लिए तीन भाषाओं जिनमें (R1 R2 R3)की पढ़ाई अनिवार्य होगी. इनमें से कम से कम दो भाषाएं भारतीय मूल की होनी चाहिए. जो छात्र कोई विदेशी भाषा को पढ़ना चाहते हैं, वे ऐसा तीसरी भाषा के तौर पर तभी कर सकते हैं. जबकि उनकी बाकी दो भाषाएं भारतीय मूल की हों या फिर वे इसे चौथी अतिरिक्त भाषा के तौर पर पढ़ रहे हों. &amp;nbsp;इस पूरी योजना की विस्तृत जानकारी www.cbseacademic.nic.in पर उपलब्ध है.
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        <pubDate>Wed, 27 May 2026 03:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>होर्मुज खोलने पर QUAD में हुई बात, विदेश मंत्रियों की मीटिंग से निकला ईरान को टेंशन देने वाला मैसेज</title>
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        <description><![CDATA[ दिल्ली में हुई QUAD की बैठक में होर्मुज का मुद्दा छाया रहा. इस संगठन में शामिल देशों के विदेश मंत्रियों ने होर्मुज स्ट्रेट को जल्दी से जल्दी खोलने पर चर्चा की. QUAD की इस मीटिंग से ईरान को टेंशन देने वाला मैसेज निकला है. दरअसल इस मीटिंग में होर्मुज को खोलने और बिना रुकावट के जहाजों के गुजरने पर बात हुई.
बैठक के बाद साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में एस जयशंकर ने कहा कि आज हमारे सामने कई चुनौतियां हैं. ग्लोबल स्तर पर सप्लाई चेन प्रभावित है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ हमारा जीरो टॉलरेंस है.

दुनिया के वर्तमान हालात पर हुई QUAD में चर्चा
क्वाड के विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद साझा प्रेस रिलीज भी जारी की गई. जिसमें कहा गया, &#039;क्वाड के विदेश मंत्रियों की एक जरूरी बैठक हुई है. इस मीटिंग में ज्यादातर चर्चाएं दुनिया के ताजा हालात पर केंद्रित रहीं. क्वाड होने के नाते हमने इंडो पैसिफिक क्षेत्र के मुद्दों पर फोकस किया. चूंकि हम इंडो पैसिफिक क्षेत्र के अलग-अलग किनारों पर स्थित चार समुद्री लोकतांत्रिक देश हैं, इसलिए विचारों का आदान-प्रदान महत्वपूर्ण रहा.&#039;
ये भी पढ़ें-&amp;nbsp;&#039;इतिहास की समझ होती तो...&#039;, मार्को रुबियो ने ताजमहल में खिंचवाई फोटो तो ईरान ने उड़ाया मजाक, ट्रंप का भी किया जिक्र
समुद्री क्षेत्र में सहयोग का विस्तार: QUAD
इसमें कहा गया, &#039;समुद्री क्षेत्र में सहयोग का लगातार विस्तार हुआ है, जिसमें निगरानी और क्षेत्र जागरूकता, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क, पनडुब्बी केबल, ट्रेनिंग, क्षमता निर्माण और आपदा जोखिम न्यूनीकरण (HADR) गतिविधियां शामिल हैं. हम आने वाले समय में इन क्षेत्रों को और अधिक मजबूत करेंगे.&#039;&amp;nbsp;
ग्लोबल सप्लाई चेन पर चारों विदेश मंत्रियों में बनी सहमति: QUAD
QUAD के विदेश मंत्रियों ने कहा, &#039;हमने सुरक्षित और बिना रुकावट के समुद्री व्यापार के मुद्दे पर बात की और अंतरराष्ट्रीय कानून का कड़ाई से पालन करने के महत्व को दोहराया. हमारे चारों राष्ट्र बाजार अर्थव्यवस्थाएं हैं. हमारा दृढ़ विश्वास है कि आर्थिक लचीलेपन को बढ़ावा दिया जाना चाहिए. सप्लाई चेन को मजबूत किया जाना चाहिए, विश्वसनीय और सुरक्षित इंजीनियरिंग का प्रसार किया जाना चाहिए, प्रोडक्शन क्षमताओं को बढ़ाया जाना चाहिए. हमारी चर्चाओं में आज के दौर में एनर्जी सेक्टर और खाद की उपलब्धता पर भी बात हुई.&#039;
ये भी पढ़ें- गुड न्यूज कभी भी आ सकती है! ईरान संग डील पर मार्को रुबियो का यू-टर्न, अब बोले- &#039;अभी कुछ भी....&#039;&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 26 May 2026 15:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>देबाशीष सामंतराय के BJP में जाने पर भड़की BJD, नवीन पटनायक के करीबी बोले&amp; &amp;apos;भविष्य में उन्हें...&amp;apos;</title>
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        <description><![CDATA[ बीजेडी के राज्यसभा सांसद देबाशीष सामंतराय ने सोमवार (25 मई) को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने पार्टी में खुद को अपमानित और नीचा दिखाए जाने की बात कही. एकसमय उनकी गिनती नवीन पटनायक के करीबी नेताओं में की जाती थी.
क्या बोले मोहंती?
बीजेडी नेता मोहंती ने न्यूज एजेंसी IANS से बातचीत के दौरान इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, &#039;यह दावा हैरान करने वाला है, क्योंकि पार्टी ने उन्हें लगातार पांच बार चुनाव लड़ने का मौका दिया.&#039;
उन्होंने कहा कि देबाशीष सामंतराय ने बीजेडी के टिकट पर तीन विधानसभा चुनाव जीते और दो चुनाव हारे, लेकिन इसके बावजूद पार्टी और नवीन पटनायक ने उन पर भरोसा बनाए रखा. बाद में उन्हें राज्यसभा भेजा गया और संगठन में कई अहम जिम्मेदारियां भी सौंपी गईं.
बिना नाम लिए साधा निशाना
बीजेडी प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि हाल के वर्षों में देश में एक राजनीतिक प्रवृत्ति देखने को मिली है, जिसमें कुछ नेता किसी पार्टी के समर्थन से राज्यसभा पहुंचने के बाद दूसरी पार्टियों में शामिल हो जाते हैं. उन्होंने बिना सीधे नाम लिए कहा कि कई नेता बाद में भाजपा का दामन थाम लेते हैं.
मोहंती ने कहा कि देबाशीष सामंतराय के इस्तीफे के पीछे निजी हित, कारोबारी वजह और कुछ समूहों का दबाव हो सकता है. उन्होंने कहा, &#039;जिस पार्टी ने उन्हें पहचान दी, राजनीतिक आधार दिया और आगे बढ़ाया, उसी पार्टी को छोड़ना दुर्भाग्यपूर्ण है. हालांकि, इससे बीजेडी को कोई बड़ा नुकसान नहीं होगा, लेकिन भविष्य में उन्हें अपने फैसले पर पछताना पड़ सकता है.&#039;
देबाशीष बीजेपी में होंगे शामिल
बीजेडी से इस्तीफा देने वाले राज्यसभा सांसद देबाशीष सामंतराय आज (मंगलवार) को 11 बजे भारतीय जनता पार्टी में शामिल होंगे. उड़ीसा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी उनको बीजेपी में शामिल करायेंगे.
10 दिन में चौथी बार बढ़ीं पेट्रोल-डीजल की कीमतें तो आगबबूला हुए राहुल गांधी, कहा- &#039;चुपके-चुपके...&#039;
सरकार पर साधा निशाना
डॉ. लेनिन मोहंती ने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि पिछले 10 दिनों के भीतर पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और कमर्शियल गैस की कीमतों में कई बार इजाफा हुआ है, जिससे आम जनता और व्यापारिक वर्ग पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है. उन्होंने सरकार से वैट कम करने की मांग करते हुए कहा कि अगर टैक्स में कटौती की जाती है तो लोगों को प्रति लीटर 10 से 14 रुपए तक की राहत मिल सकती है.
नवीन पटनायक को बड़ा झटका! BJD के राज्यसभा सांसद देबाशीष सामंतराय ने छोड़ी पार्टी, चिट्ठी में क्या लिखा?
&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 26 May 2026 15:30:11 +0530</pubDate>
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        <title>दिल्ली जिमखाना खाली कराने के आदेश पर HC ने केंद्र को भेजा नोटिस, सरकार बोली&amp; क्लब को दूसरी जमीन देंगे, जबरन कब्जा...</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/दिल्ली-जिमखाना-खाली-कराने-के-आदेश-पर-hc-ने-केंद्र-को-भेजा-नोटिस-सरकार-बोली-क्लब-को-दूसरी-जमीन-देंगे-जबरन-कब्जा</link>
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        <description><![CDATA[ दिल्ली जिमखाना क्लब खाली कराने के सरकार के आदेश के खिलाफ दाखिल याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है. हाईकोर्ट ने केंद्र को 8 हफ्ते में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है.
लुटियंस दिल्ली के बीचोंबीच स्थित जिमखाना क्लब की याचिका पर मंगलवार (26 मई, 2026) को दिल्ली हाईकोर्ट में&amp;nbsp; सुनवाई हुई. इस दौरान केंद्र ने कहा कि इसके बदले में सरकार जमीन का दूसरा टुकड़ा भी दे सकती है. सरकार ने 22 मई को क्लब को नोटिस भेजा था कि उसे 5 जून तक उसको यह जमीन खाली करनी होगी, जिसके खिलाफ क्लब हाईकोर्ट पहुंचा है.
सुनवाई के दौरान सीनियर एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी ने क्लब की ओर से दलील रखते हुए कहा इस मामले में 5-6 प्रमुख मुद्दे हैं. इस पर अदालत ने कहा पहले हम चुनौती दिए गए सरकारी आदेश को पढ़ लेते हैं.
केंद्र की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि अगर क्लब 5 तारीख को अपनी मर्जी से खाली नहीं भी करता है, तो भी कब्जा नहीं लिया जाएगा, जब तक कि बेदखली के लिए कानून के तहत प्रक्रिया का पालन नहीं किया जाता. कोर्ट ने याचिकाकर्ता के वकील से कहा कि जो क्लब मेंबर्स हैं अगर जमीन ले भी ली जाती है, तो भी आपकी मेंबरशिप बनी रहेगी.
एसजी तुषार मेहता ने कोर्ट में कहा कि याचिकाकर्ता को दूसरी जमीन भी ऑफर की जाएगी. उन्होंने कहा कि &amp;nbsp;क्लॉज 4 में एक सिस्टम दिया गया है जिसके तहत हम लीज तय कर सकते हैं. इसमें उठाए जाने वाले अलग-अलग कदमों के बारे में बताया गया है.
एसजी तुषार मेहता ने कहा कि अधिग्रहण के तहत प्रावधान इस निमय में दिए गए &amp;nbsp;हैं. उनमें से एक है मुआवजा देना, मुआवजा पैसे के तौर पर हो सकता है या सरकार जमीन का दूसरा टुकड़ा दे सकती है. उन्होंने कहा कि &amp;nbsp;हम कानून के तहत तय प्रोसेस के हिसाब से काम करेंगे. हम बस जाकर इसे खाली नहीं कराएंगे.
यह भी पढ़ें:- अरबों की जमीन, VIP मेंबरशिप और किराया सिर्फ 1000 रुपये सालाना... 113 साल पुराने दिल्ली जिमखाना क्लब का सच क्या है? जानें
कोर्ट ने एसजी तुषार मेहता से पूछा कि क्या उनका स्टेटमेंट रिकॉर्ड कर सकते हैं. क्लब की तरफ से अभिषेक मनु सिंघवी दलील दी कि यह एक नॉन-प्रॉफिट कंपनी है. कोर्ट ने उसनसे पूछा कि क्लब की शिकायत क्या है? क्या आपके मेंबर का कोई विवाद नहीं है? एडवोकेट सिंघवी ने कहा कि सरकार ने आदेश दिया है कि 5 जून अपनी मर्जी से जिमखाना क्लब को हैंडओवर किया जाए, जबकि यह मामला पहले से NCLT के सामने है.
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        <pubDate>Tue, 26 May 2026 15:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>दिल्ली, जिमखाना, खाली, कराने, के, आदेश, पर, ने, केंद्र, को, भेजा, नोटिस, सरकार, बोली-, क्लब, को, दूसरी, जमीन, देंगे, जबरन, कब्जा...</media:keywords>
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        <title>&amp;apos;मैंने अपनी बेटी खोई और ममता ने कुर्सी...&amp;apos;, पूर्व CM की हार को लेकर बोलीं आरजी कर रेप पीड़िता की मां</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/मैंने-अपनी-बेटी-खोई-और-ममता-ने-कुर्सी-पूर्व-cm-की-हार-को-लेकर-बोलीं-आरजी-कर-रेप-पीड़िता-की-मां</link>
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        <description><![CDATA[ आरजी कर रेप पीड़िता की मां और अब बीजेपी विधायक रत्ना देबनाथ ने सोमवार (25 मई) को सचिवालय में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से मुलाकात की. इसके बाद उन्होंने विधानसभा चुनाव में टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी की हार पर जमकर निशाना साधा. सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में पनिहाटी की विधायक ने कहा कि उन्होंने सचिवालय की 14वीं मंजिल पर मुख्यमंत्री अधिकारी से मुलाकात की और अपनी हार की तुलना ममता बनर्जी की राजनीतिक हार से की.
ममता सरकार पर आरजी कर मामले को दबाने का आरोप8-9 अगस्त 2024 की रात देबनाथ की 31 वर्षीय बेटी जो प्रशिक्षु डॉक्टर थी, उसकी आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के सेमिनार कक्ष में &amp;nbsp;रेप के बाद हत्या कर दी गई. आरोप हैं कि इस घटना के तुरंत बाद सबूतों को नष्ट कर दिया गया और मामले को दबाने की कोशिश की गई. पश्चिम बंगाल चुनावों में तृणमूल कांग्रेस की करारी हार के बाद बीजेपी सरकार ने घोषणा की है कि इस मामले की सुनवाई में तेजी लाई जाएगी और न्याय दिलाया जाएगा.

क्या बोलीं रेप पीड़िता की मांविधायक रत्ना देबनाथ ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, &quot;आज मैं नबन्ना की 14वीं मंजिल पर मुख्यमंत्री से मुलाकात कर रही हूं. उनका नाम शुभेंदु अधिकारी है. ईमानदारी की ताकत अपार है. अन्याय के खिलाफ धैर्यपूर्वक लड़ना ही काफी है.&quot; उन्होंने आगे कहा, &quot;आज ममता और मैं दोनों शोक में हैं. मैंने अपनी इकलौती बेटी को खो दिया और अपना जीवन जनता की सेवा में समर्पित कर दिया है. उन्होंने (ममता बनर्जी) ने 14वीं मंजिल पर अपनी कुर्सी खो दी है.&quot; इसके अलावा उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी टीम को और भी भयावह अंजाम भुगतना पड़ेगा. देखते रहिए.
कलकत्ता हाईकोर्ट ने सीबीआई को दिए आदेशबता दें कि कलकत्ता हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह सीबीआई को तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित करने का आदेश दिया था, जो आरजी कर मेडिकल कॉलेज की प्रशिक्षु डॉक्टर के अगस्त 2024 की रात के भोजन से लेकर उनके अंतिम संस्कार तक की सारी घटनाओं की जांच करेगी. प्रशिक्षु डॉक्टर का रेप और उसकी हत्या के मामले ने राज्य के साथ-साथ पूरे देश के डॉक्टरों में भी आक्रोश पैदा कर दिया था. देबनाथ ने बार-बार आरोप लगाया है कि कई व्यक्ति प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से इस अपराध में शामिल थे और अबतक सभी संदिग्ध जांच के दायरे में नहीं आए हैं.
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&#039;मोदी जी एक साल में जाने वाले हैं&#039;, राहुल गांधी ने फिर दोहराई अपनी बात, SP-BSP-RJD जैसे दलों पर भी दिया बड़ा बयान ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 26 May 2026 15:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>मैंने, अपनी, बेटी, खोई, और, ममता, ने, कुर्सी..., पूर्व, की, हार, को, लेकर, बोलीं, आरजी, कर, रेप, पीड़िता, की, मां</media:keywords>
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        <title>होर्मुज संकट के बीच दिल्ली में QUAD की बैठक, एस जयशंकर बोले &amp; &amp;apos;समंदर में बिना रुकावट जहाज...&amp;apos;</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/होर्मुज-संकट-के-बीच-दिल्ली-में-quad-की-बैठक-एस-जयशंकर-बोले-समंदर-में-बिना-रुकावट-जहाज</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/होर्मुज-संकट-के-बीच-दिल्ली-में-quad-की-बैठक-एस-जयशंकर-बोले-समंदर-में-बिना-रुकावट-जहाज</guid>
        <description><![CDATA[ भारत की मेजबानी में नई दिल्ली में मंगलवार (26 मई) को क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक हुई. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि हमने एक बेहद सार्थक और उपयोगी बैठक की है. जिसकी ज्यादातर चर्चाएं दुनिया के मौजूदा हालात पर केंद्रित थी. यह बैठक हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती सैन्य आक्रामकता को लेकर दुनिया भर में बढ़ती चिंताओं के बीच हुई. इसमें होर्मुज को खोलने और समुद्री संपर्क मार्गों में आने वाली रुकावट पर चर्चा हुई.
&#039;इंडो-पैसिफिक से जुड़े मुद्दों पर बातचीत&#039;- जयशंकर
भारतीय विदेश मंत्री ने आगे कहा, &#039;हमने इंडो-पैसिफिक से जुड़े खास मुद्दों पर ध्यान दिया है. हम 4 समुद्री लोकतंत्र हैं, जो इंडो-पैसिफिक के अलग-अलग छोर पर हैं, इसलिए विचारों को साझा करना बेहद जरूरी था. समुद्री क्षेत्र में सहयोग लगातार बढ़ा है, जिसमें निगरानी और डोमेन जागरूकता, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क, अंडर सी केबल, ट्रेनिंग, कैपेसिटी बिल्डिंग शामिल हैं. हम आने वाले समय में इन क्षेत्रों को और मजबूत करते रहेंगे.&#039;

क्या बोले एस जयशंकर?
जयशंकर ने कहा, &#039;हमारा फोकस हिंद-प्रशांत पर रहेगा जो क्वाड की खास सीमा है.&#039; उन्होंने कहा, &#039;वैश्विक स्तर पर हमें सप्लाई चेन की मजबूती, संपर्क मार्गों में रुकावट, मैन्युफैक्चरिंग और संसाधनों के अत्यधिक केंद्रीकरण और जरूरी बुनियादी ढांचे की कमी जैसी चुनौतियों से निपटना होगा. इनमें से हर मुद्दा पार्टनरशिप की जरूरतों को और मजबूत आधार देता है.&#039;
&#039;समुद्री सुरक्षा तय करना जरूरी&#039;
जयशंकर ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र की संभावित &#039;चिंताओं&#039; का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा, &#039;इसके लिए रणनीतिक भरोसे को मजबूत करना, समुद्री सुरक्षा तय करना, आर्थिक विकल्पों को बढ़ावा देना जरूरी होगा. यह सब भरोसा और पारदर्शी साझेदारियों को बढ़ावा देकर सबसे अच्छे तरीके से किया जा सकता है.&#039;
ये भी पढ़ें- &#039;इतिहास की समझ होती तो...&#039;, मार्को रुबियो ने ताजमहल में खिंचवाई फोटो तो ईरान ने उड़ाया मजाक, ट्रंप का भी किया जिक्र
विदेश मंत्री ने कहा, &#039;समुद्री लोकतंत्रों, बाजार अर्थव्यवस्थाओं के रूप में हम एक स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत को लेकर साझा जिम्मेदारी रखते हैं. यह क्षेत्र वैश्विक विकास और स्थिरता का प्रमुख वाहक बना रहना चाहिए.&#039;
ऑस्ट्रेलिया, जापान और यूएस के विदेश मंत्री क्या बोले?
ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री पेनी वोंग ने क्वाड को मजबूत और प्रभावी बनाने की अपील की. उन्होंने कहा कि हम क्वाड की रफ्तार को जारी रखने के लिए काम कर रहे हैं. साथ ही एक शांतिपूर्ण, स्थिर और समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र चाहते हैं. रूबियो ने कहा कि दुनिया भर में हाल की घटनाओं के कारण वे क्षेत्र और भी प्रासंगिक हो गए हैं, जिनमें क्वाड मिलकर काम कर रहा है. &amp;nbsp;उन्होंने कहा कि क्वाड एनर्जी सिक्योरिटी, नेविगेशन की स्वतंत्रता और अहम खनिजों सहित दुनिया की सबसे गंभीर समस्याओं में से कुछ का समाधान कर सकता है.
होर्मुज खोलने पर QUAD में हुई बात, विदेश मंत्रियों की मीटिंग से निकला ईरान को टेंशन देने वाला मैसेज ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 26 May 2026 15:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>बंगाल चुनाव में करारी हार के बाद ममता ने बदली इंडिया गठबंधन की रणनीति, जानें अब आगे क्या होगा?</title>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल में मिली करारी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) चीफ ममता बनर्जी विपक्षी &#039;इंडिया &amp;nbsp;गठबंधन को नए सिरे से मजबूत करने में जुट गई हैं. &amp;nbsp;ममता बनर्जी ने जून 2026 के पहले हफ्ते में इंडिया गठबंधन की बैठक का प्रस्ताव दिया है. उन्होंने एसआईआर अभियान और चुनाव प्रक्रियाओं में अनियमितताओं के आरोपों को दोहराते हुए दावा किया कि चुनाव प्रक्रिया से समझौता किया गया था.
ममता बनर्जी की हार और राजनीति में बदलाव
ममता बनर्जी पिछले 15 सालों से बीजेपी के कड़े मुकाबले के बावजूद बंगाल में लगातार चुनाव जीतती आ रही थीं. साल 2026 के इस चुनावी झटके के बाद अब वे अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन को वापस पाने की कोशिश कर रही हैं. इसके लिए उन्होंने दिल्ली में कांग्रेस पार्टी से संपर्क साधा है और मदद मांगी है. हालांकि ये हैरान करने वाला भी कदम है क्योंकि बंगाल चुनाव प्रचार के दौरान और उससे पहले भी राहुल गांधी और ममता बनर्जी खुलकर एक-दूसरे पर निशाना साधते रहे.
सपा-कांग्रेस का रिएक्शन
ममता बनर्जी ने विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन की बैठक बुलाने की बात तो कही है, लेकिन गठबंधन को बाकी दलों में इसे लेकर अभी भी स्थिति साफ नहीं है. एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक जब इस बारे में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी से बात की गई तो दोनों ही पार्टियों के नेताओं ने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई खास जानकारी नहीं है. कांग्रेस के एक सूत्र ने कहा कि जून में इंडिया गठबंधन की बैठक होने वाली है, लेकिन उन्हें इसके बारे में ज्यादा पता नहीं है.&amp;nbsp;

समाजवादी पार्टी को अगर ममता बनर्जी सीधे उनके प्रमुख अखिलेश यादव से बात करती हैं, तभी जून में किसी बैठक की संभावना बनेगी. सपा और कांग्रेस नेताओं के बयान से ऐसा लगता है कि ममता बनर्जी ने यह बैठक बुलाने का फैसला अचानक लिया है इसलिए बाकी पार्टियों को इस पर विचार करने में समय लग रहा है.
इंडिया गठबंधन में अब आगे क्या?
इंडिया गठबंधन के भीतर अभी भी सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने बंगाल की एक रैली में ममता बनर्जी और उनकी पार्टी पर जमकर निशाना साधा था, लेकिन हार के बाद वे ममता बनर्जी के साथ खड़े नजर आए और चुनाव आयोग पर हमलावर दिखे. राहुल गांधी का आरोप है कि चुनाव आयोग और बीजेपी ने मिलकर वोटर लिस्ट में गड़बड़ी की, जिस वजह से टीएमसी की करीब 100 सीटें कम आई. इंडिया गठबंधन के भीतर ये अनबन सिर्फ बंगाल तक सीमित नहीं है, बल्कि तमिलनाडु में भी कांग्रेस और डीएमके (DMK) का रिश्ता टूट चुका है. वहीं कांग्रेस ने सरकार बनाने के लिए अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके (TVK) का साथ दिया.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Mon, 25 May 2026 23:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Fact Check: जिसकी याद में बना ताजमहल, वो ईरान बेगम की..., ईरानी दूतावास ने फिर ली रूबियो के फोटो पर चुटकी, जानें सच्चाई</title>
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        <description><![CDATA[ Iran Embassy Vs Marco Rubio: मिडिल ईस्ट में चल रही शांति वार्ता के बीच, 23 से 26 मई (चार दिन) की भारत यात्रा पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भारत की ऐतिहासिक इमारत और दुनिया के 7वें अजूबे में शुमार ताजमहल भी गए. वहां उन्होंने अइकॉनिक पोज दिया. इसकी एक तस्वीर सोमवार को सामने आई है. जहां बैकग्राउंड में ताजमहल की इमारत के सामने फोटो खिंचवा रहे हैं. रूबियो अपनी पत्नी के साथ इस तस्वीर में नजर आ रहे हैं.&amp;nbsp;
ईरानी दूतावास ने ली चुटकी, रूबियो की तस्वीर पर कसा तंज
इस पर भारत के हैदराबाद के ईरानी दूतावास ने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट साझा किया है. ईरानी दूतावास ने रूबियो की इस तस्वीर पर चुटकी ली है. उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री को नसीहत देते हुए कहा है कि अगर रूबियो को इतिहास या वास्तुकला की थोड़ी भी जानकारी होती, तो वह इस जगह पर खड़े होकर अपनी तस्वीर कभी नहीं खिंचवाते. यह ऐतिहासिक स्मारक एक बादशाह ने अपनी ईरान बेगम के लिए अपने गहरे प्यार की निशानी के तौर पर बनवाया था. इसे ईरानी वास्तुकारों ने अपनी बेजोड़ कलाकारी से तराशा था.&amp;nbsp;
&#039;सभ्यता सीख लो...&#039;, भारत यात्रा पर पहुंचे अमेरिकी विदेश मंत्री रूबियो तो ईरान ने किस बात पर कसा तंज?

ईरानी दूतावास ने कहा कि दूसरी तरफ आज उन्हीं रूबियो की सरकार ईरान की पूरी सभ्यता को ही मिटा देने की धमकियां देती है. यह अपने आप में दूसरी सभ्यताओं का घोर अपमान है. दरअसल, ताजमहल मुगल शासक शाहजहां ने बेगम मुमताज की याद में बनवाया था.&amp;nbsp;
ईरानी दूतावास के इस पोस्ट के बाद सवाल है कि क्या सच में ईरान की थीं बेगम मुमताज महल?
क्या कहता है ताजमहल का असल इतिहास?&amp;nbsp;
आर्कियोलॉजी ऑफ इंडिया डिपार्टमेंट की मानें तो मुगल सम्राट शाहजहां ने इसे बनवाया था. उन्होंने पसंदीदा बेगम मुमताज महल की याद में इसका निर्माण कराया था. मुमताज का निधन 1631 में अपने 14वें बच्चे को जन्म देते समय हुआ था.
अपने बेगम की मृत्यु के दुख में शाहजहां ने दुनिया का सबसे सुंदर मकबरा बनाने का संपल्प लिया था. इसका निर्माण कार्य 1632 में शुरू हुआ था. लगभग 1648 में मुख्य मकबरा पूरा हुआ था. जबकि पूरा परिसर तैयार करने में 1653 सन में पूरा हुआ था. इसे बनाने में 20 हजार मजदूरों और कारिगरों ने मिलकर बनाया था. इसका डिजाइन उस्ताद अहमद लाहौरी थे.
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क्या ईरानी परिवार से ताल्लुक रखती थीं, बेगम मुमताज महल?&amp;nbsp;
मुमताज महल का मूल नाम अर्जुमंद बानो बेगम था. वह मुगल काल की सबसे फेमस बेगम थीं. उनका जन्म अप्रैल 1593 में हुआ था. वह आगरा के एक ऊंचे रसूख वाले पारसी यानी ईरान परिवार से ताल्लुक रखती थीं.&amp;nbsp;
उनके पिता आसफ खान थे. वह मुगल दरबार के प्रधानमंत्री थे. उनकी चाची नूरजहां बेगम की भतीजी थीं. नूरजहां ने जहांगीर के शासन काल में मुगल साम्राज्य की कमान संभाली थी. उनके दादा मिर्जा गियास बेग जहांगीर दरबार में प्रभावशाली मंत्रियों में शामिल रहे थे.
मुमताज महल के जीवन से जुड़ी एक किताब में दर्ज हैं ऐतिहासिक पहलू&amp;nbsp;
मुमताज बेगम के जीवन पर आधारित एक किताब भी है, जिसका ऐतिहासिक दस्तावेज के तौर पर इस्तेमाल होता है. इसका नाम Empress of The Taj है. यह तिमेर एन मुरारी ने लिखी है. इसमें मुमताज के जीवन और ऐतिहासिक फैक्ट्स की तलाश की गई है. इसमें भी मुमताज महल को मूल रूप से ईरानी ही बताया गया है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Mon, 25 May 2026 23:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>हिमंत बिस्वा सरकार ने असम में पेश किया USS बिल तो भड़के असदुद्दीन ओवैसी, बोले&amp; इस्लाम में...</title>
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        <description><![CDATA[ असम सरकार ने समान नागरिक संहिता विधेयक (UCC Bill 2026) विधानसभा में पेश कर दिया है. इस बिल में कहा गया है कि यह असम में निवास करने वाली किसी भी अनुसूचित जनजाति (एसटी) पर लागू नहीं होगा. इसे लेकर AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि यूसीसी एक जैसा नहीं है और यह आदिवासी समुदायों के खिलाफ है.
असम UCC एक जैसा नहीं: ओवैसी&amp;nbsp;
असदुद्दीन ओवैसी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, &#039;असम का यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) बिल्कुल भी एक जैसा नहीं है. यह आदिवासी समुदायों को UCC के दायरे से पूरी तरह बाहर रखता है. अनुच्छेद-29 के तहत हर समुदाय को अपनी संस्कृति की रक्षा करने का अधिकार है, लेकिन सिर्फ आदिवासियों की स्वायत्तता की ही रक्षा क्यों की जा रही है? यह एक ऐसा कानून थोपा जा रहा है जिसे कोई नहीं चाहता. संविधान सभा ने किसी अनिवार्य UCC की कल्पना नहीं की थी.&#039;
जेंडर जस्टिस से कोसों दूर है कानून: ओवैसी&amp;nbsp;
AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने लिखा, &#039;इस्लाम में कोई भी किसी वारिस को विरासत से वंचित नहीं कर सकता. कोई भी ऐसी वसीयत नहीं लिख सकता, जिससे अपनी पूरी संपत्ति सिर्फ एक बेटे को दे दी जाए या बेटी को विरासत से वंचित कर दिया जाए. यह UCC किसी को भी वसीयत लिखने और अपनी बेटियों को उनके उचित हिस्से से वंचित करने की अनुमति देता है. यह कानून जेंडर जस्टिस से कोसों दूर है.&#039;
असम UCC बिल में क्या-क्या प्रावधान?



इस बिल में राज्य के सभी निवासियों के लिए शादी, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप को नियंत्रित करने वाले एक ही नागरिक कानूनी ढांचे का प्रस्ताव किया गया है, जबकि अनुसूचित जनजातियों को उनके संवैधानिक सुरक्षा उपायों की रक्षा के लिए इससे बाहर रखा गया है. प्रस्तावित कानून का मकसद धर्म-आधारित कानूनों की जगह एक समान संहिता लाना है, जिसका लक्ष्य सभी समुदायों में लैंगिक न्याय, समानता और कानूनी एकरूपता सुनिश्चित करना है.

इस बिल के तहत एक-विवाह को अनिवार्य बना दिया गया है, जबकि शादी की कानूनी उम्र पुरुषों के लिए 21 साल और महिलाओं के लिए 18 साल तय की गई है. साथ ही यह कानून मौजूदा रीति-रिवाजों और समारोहों के अनुसार शादियां करने की अनुमति देकर सांस्कृतिक और धार्मिक विविधता को भी बनाए रखता है. इनमें वैदिक विवाह, अहोम चकलोंग, सप्तपदी, निकाह, पवित्र मिलन और आनंद कारज शामिल हैं.यह बिल पूरे राज्य में शादियों और तलाकों का पंजीकरण अनिवार्य बनाता है.
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        <pubDate>Mon, 25 May 2026 23:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>पीतमपुरा मस्जिद विवाद: जमीयत उलेमा&amp;ए&amp;हिंद ने पुलिस को सौंपे साक्ष्य, विधायक कर्नैल सिंह पर भड़काऊ बयानबाजी का आरोप, FIR की मांग</title>
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        <description><![CDATA[ जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी के निर्देश पर संगठन के महासचिव मौलाना मोहम्मद हकीमुद्दीन कासमी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार (25 मई) को रानी बाग थाने में एसीपी मंगोलपुरी मुरारी लाल से मुलाकात कर पीतमपुरा (शकूर बस्ती) में मौजूद रामलीला ग्राउंड के नजदीक हाल ही में हुए विवाद और तोड़फोड़ की घटना के संबंध में एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा.&amp;nbsp;
प्रतिनिधिमंडल ने स्थानीय विधायक कर्नैल सिंह की ओर से दिए गए बयानों को भड़काऊ बताया और सांप्रदायिक तनाव पैदा करने वाली गतिविधियों कहा है. साथ ही कानून को अपने हाथ में लेकर की गई कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए दिल्ली पुलिस से तत्काल और निष्पक्ष कानूनी कार्रवाई की मांग की. प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधिकारियों को वीडियो रिकॉर्डिंग, मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया सामग्री सहित कई महत्वपूर्ण साक्ष्य भी सौंपे हैं.
ज्ञापन में साफ किया गया कि विधायक कर्नैल सिंह द्वारा यह दावा करना कि गिराया गया ढांचा या दीवार किसी मस्जिद अथवा मदरसे का हिस्सा था, पूरी तरह निराधार और भ्रामक है. उक्त ढांचा न तो मस्जिद का हिस्सा था और न ही मदरसे का, बल्कि इसे जानबूझकर सांप्रदायिक भावनाएं भड़काने और जनता को गुमराह करने के उद्देश्य से इस रूप में प्रस्तुत किया गया.

ज्ञापन में आगे कहा गया कि विधायक कर्नैल सिंह ने न केवल कानून को अपने हाथ में लेकर दीवार गिराने की कार्रवाई की, बल्कि लगातार भड़काऊ और नफरत फैलाने वाले बयान भी दिए, जिन्हें राष्ट्रीय मीडिया संस्थानों द्वारा प्रसारित किया गया और जो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से वायरल हुए. स्वयं विधायक ने इन वीडियो और समाचारों को अपने फेसबुक अकाउंट पर साझा करते हुए इसे अपनी &amp;ldquo;उपलब्धि&amp;rdquo; के रूप में प्रस्तुत किया.
ज्ञापन में विधायक करनैल सिंह के एक वीडियो का जिक्र किया गया है जिसमें में उन्होंने कथित रूप से कहा कि &#039;यहां न मदरसा चलने दिया जाएगा और न मस्जिद.&#039;
जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने किस बात पर जाहिर की चिंता
जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की बयानबाज़ी और गतिविधियों ने क्षेत्र में भय, असुरक्षा और सांप्रदायिक तनाव का माहौल पैदा कर दिया है और कानून-व्यवस्था की स्थिति को प्रभावित किया है.
ज्ञापन में कहा गया कि एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि की ओर से नारेबाज़ी करती भीड़ के बीच तोड़फोड़ की कार्रवाई करना और एक विशेष धार्मिक समुदाय को निशाना बनाना खुली उकसावेबाज़ी और नफरत फैलाने के समान है, जो भविष्य में अराजकता और कानून हाथ में लेने की प्रवृत्ति को बढ़ावा दे सकता है.
प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली पुलिस से मांग की है कि विधायक करनैल सिंह के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं 153A, 153B, 295A, 505 और अन्य संबंधित धाराओं के तहत तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए. साथ ही, गिराए गए ढांचे की प्रकृति और स्वामित्व की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कर सच्चाई जनता के सामने लाई जाए. इसके अलावा मस्जिद में आने वाले नमाज़ियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस व्यवस्था की मांग भी की गई.
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि किसी भी व्यक्ति को, चाहे वह किसी भी राजनीतिक पद या प्रभाव का हो, कानून को अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए. सभी नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा और देश की सांप्रदायिक एकता और सामाजिक सौहार्द को हर हाल में सुरक्षित रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है.
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        <pubDate>Mon, 25 May 2026 23:30:07 +0530</pubDate>
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        <title>कर्ज माफ: विजय सरकार का बड़ा फैसला, तमिलनाडु के 14 लाख से ज्यादा किसानों को होगा सीधा फायदा</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/कर्ज-माफ-विजय-सरकार-का-बड़ा-फैसला-तमिलनाडु-के-14-लाख-से-ज्यादा-किसानों-को-होगा-सीधा-फायदा</link>
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        <description><![CDATA[ तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने सोमवार को राज्य के सीमांत किसानों के लिए सहकारी बैंकों से लिए गए 50,000 रुपये तक के फसल ऋण माफ करने की घोषणा की. इसके साथ ही बड़े किसानों के लिए भी 5,000 रुपये तक के फसल ऋण माफ करने का फैसला किया गया है.
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस निर्णय से राज्य के 14.22 लाख किसानों को लाभ मिलेगा और सरकार पर 2,044 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा. नवगठित राज्य सरकार का यह कदम पिछले महीने हुए विधानसभा चुनावों के दौरान किए गए वादों का हिस्सा है. आधिकारिक बयान के अनुसार, एक मई 2025 से 28 फरवरी 2026 के बीच सहकारी बैंकों से लिए गए फसल ऋण इस योजना के तहत माफ किए जाएंगे.
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की मौजूदा वित्तीय स्थिति और संसाधनों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है. उन्होंने यह भी कहा कि यह ऋण माफी आगामी बुवाई सत्र के लिए किसानों को नया कर्ज लेने में मदद करेगी। इसके अलावा, अन्य किसानों के लिए भी राहत उपायों की घोषणा की गई है.
एआईएडीएमके को झटका
तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. हाल के चुनावों में हार के बाद अंदरूनी संकट से गुजर रही All भारत अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम यानी AIADMK को एक और झटका लगा है. पार्टी के तीन विधायकों ने विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद अभिनेता-राजनेताविजय की पार्टी तमिलगा वेत्त्री कज़गम (TVK) का दामन थाम लिया है. &amp;nbsp;इस्तीफा देने वाले विधायकों में मरागाथम कुमारवेल, जयकुमार और सत्यभामा शामिल हैं. तीनों ने तमिलनाडु विधानसभा अध्यक्ष जे. सी. डी. प्रभाकर को अपना इस्तीफा सौंपा.
इनमें मरागाथम कुमारवेल मदुरन्थकम सीट, सत्यभामा धारापुरम सीट और जयकुमार पेरुंदुरई सीट से AIADMK के टिकट पर चुने गए थे. धारापुरम और पेरुंदुरई पश्चिमी तमिलनाडु के कोंगु क्षेत्र में आते हैं, जिसे AIADMK का मजबूत गढ़ माना जाता है. बताया जा रहा है कि इस्तीफा देने के तुरंत बाद ये विधायक TVK के मंत्री आधव अर्जुन से मिले. ये तीनों विधायक उन 25 बागी विधायकों में शामिल थे जिन्होंने 13 मई को हुए फ्लोर टेस्ट में पार्टी व्हिप के खिलाफ जाकर TVK सरकार के समर्थन में वोट दिया था

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तमिलनाडु की राजनीति में उठापटक
इस राजनीतिक उठापटक के बीच AIADMK के पांच विधायक, जो पहले वरिष्ठ नेता सी. वी. शनमुगम और वेलुमणि गुट के साथ बताए जा रहे थे, अब पार्टी प्रमुख एडप्पादी के. पलानीस्वामी के समर्थन में लौट आए हैं. इन विधायकों के लौटने के बाद विधानसभा में पलानीस्वामी गुट के समर्थन वाले विधायकों की संख्या 27 हो गई है. वहीं तीन विधायकों के इस्तीफे के बाद बागी गुट की संख्या 25 से घटकर 17 रह गई है. तमिलनाडु की राजनीति में इस घटनाक्रम को AIADMK के भीतर जारी सत्ता संघर्ष और TVK के बढ़ते राजनीतिक प्रभाव के रूप में देखा जा रहा है.
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        <pubDate>Mon, 25 May 2026 23:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>कर्ज, माफ:, विजय, सरकार, का, बड़ा, फैसला, तमिलनाडु, के, लाख, से, ज्यादा, किसानों, को, होगा, सीधा, फायदा</media:keywords>
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        <title>फर्जी वकीलों का मामला CBI को सौंपने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका, &amp;apos;कॉक्रोच जनता पार्टी&amp;apos; की फंडिंग और गतिविधियों की जांच की भी मांग</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/फर्जी-वकीलों-का-मामला-cbi-को-सौंपने-के-लिए-सुप्रीम-कोर्ट-में-याचिका-कॉक्रोच-जनता-पार्टी-की-फंडिंग-और-गतिविधियों-की-जांच-की-भी-मांग</link>
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        <description><![CDATA[ फर्जी वकीलों और नकली लॉ डिग्रियों के मामले की सीबीआई जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दाखिल हुई है. याचिकाकर्ता ने अदालती कार्रवाई के व्यावसायिक दुरुपयोग का मसला उठाते हुए &#039;कॉक्रोच जनता पार्टी&#039; से जुड़े लोगों की गतिविधियों की जांच की भी मांग की है. इस याचिका का मुख्य आधार एक मामले की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस की तरफ से की गई टिप्पणी और उसे लेकर हुआ विवाद है.
15 मई को चीफ जस्टिस सूर्य कांत ने फर्जी वकीलों को लेकर चिंता जताई थी. उन्होंने ऐसे लोगों की तुलना &amp;ldquo;कॉक्रोच&amp;rdquo; और &amp;ldquo;परजीवी&amp;rdquo; से की थी. इस टिप्पणी को युवाओं का अपमान बता कर कई लोगों ने सोशल मीडिया पर विरोध किया. अमेरिका के बोस्टन में रहने वाले अभिजीत दिपके नाम के &#039;कॉक्रोच जनता पार्टी&#039; के नाम से एक ऑनलाइन अभियान भी शुरू कर दिया.

हालांकि, चीफ जस्टिस ने अपनी टिप्पणी के बारे में स्पष्टीकरण भी दिया कि उन्होंने बेरोजगार युवाओं के लिए कुछ नहीं कहा. उनकी टिप्पणी फर्जी डिग्री लेकर व्यवस्था का दुरुपयोग करने वालों के लिए थी. चीफ जस्टिस के स्पष्टीकरण के बावजूद कोर्ट की सुनवाई का एक छोटा वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल कर मामले को और हवा दी गई.
अब राजा चौधरी नाम के याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से फर्जी लॉ डिग्रियों की जांच सीबीआई को सौंपने की मांग की है. याचिका में कहा गया है कि फर्जी डिग्री के आधार पर वकालत कर रहे लोग न्याय व्यवस्था की विश्वसनीयता और पेशे की गरिमा को गंभीर नुकसान पहुंचा रहे हैं.
याचिकाकर्ता ने लोगों को भड़काने की कोशिश का लगाया आरोप
याचिकाकर्ता ने यह आरोप भी लगाया है कि अदालत की मौखिक टिप्पणियों को गलत तरीके से पेश कर लोगों को भड़काने की कोशिश की जा रही है. कोर्ट की सुनवाई के अंशों का मीम, वीडियो और प्रचार सामग्री के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है. इसके ज़रिए संगठित तरीके से आर्थिक लाभ कमाया जा रहा है. याचिका में यह भी बताया गया है कि &#039;कॉक्रोच जनता पार्टी&#039; नाम के ट्रेडमार्क आवेदन दाखिल किए गए हैं.
याचिकाकर्ता ने &#039;कॉक्रोच जनता पार्टी&#039; के पूरे नेटवर्क, उसकी फंडिंग और ऑनलाइन गतिविधियों की जांच की मांग की है. याचिका में कहा गया है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और अदालती कार्यवाही की उचित आलोचना का कोई विरोध नहीं करता. लेकिन कोर्ट की सुनवाई का व्यावसायिक इस्तेमाल करना और भ्रम फैलाना गलत है. इस पर रोक लगनी चाहिए.
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        <pubDate>Mon, 25 May 2026 11:30:17 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>फर्जी, वकीलों, का, मामला, CBI, को, सौंपने, के, लिए, सुप्रीम, कोर्ट, में, याचिका, कॉक्रोच, जनता, पार्टी, की, फंडिंग, और, गतिविधियों, की, जांच, की, भी, मांग</media:keywords>
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        <title>&amp;apos;आई लव इंडिया...&amp;apos;, सर्जियो गोर ने मिलाया फोन तो बोले ट्रंप, खुद को बताया PM मोदी का सबसे बड़ा फैन</title>
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        <description><![CDATA[ भारत के चार दिवसीय यात्रा के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो रविवार (24 मई, 2026) को नई दिल्ली में आयोजित अमेरिका की 250वीं स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल हुए. समारोह के बीच भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने अचानक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से कॉल लगाया और अपने फोन को स्पीकर पर रख दिया. इसके बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मैं भारत से प्यार करता हूं, मैं सभी को हैलो कहना चाहता हूं. मैं प्रधानमंत्री मोदी से प्यार करता हूं. पीएम मोदी महान हैं, वह मेरे दोस्त हैं और मैं उनका सबसे बड़ा फैन हूं.
सेलिब्रेशन के बीच कॉल पर क्या बोले अमेरिकी राष्ट्रपति?
अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, &amp;lsquo;हम पहले कभी भी भारत के इतने नजदीक नहीं थे. भारत मुझे पर 100 फीसद भरोसा कर सकता है. अगर उन्हें कभी मदद की जरूरत पड़े, तो उन्हें पता है कि कहां फोन करना है. वे सीधे यहां कॉल कर सकते हैं.&amp;rsquo; उन्होंने कहा, &amp;lsquo;हम बहुत अच्छा कर रहे हैं. हम रिकॉर्ड बना रहे हैं. हमारी अर्थव्यवस्था रिकॉर्ड स्तर पर है, शेयर बाजार रिकॉर्ड ऊंचाई पर है और भारत जो भी चाहता है, उसे हासिल कर सकता है.&amp;rsquo;

US President Donald Trump:&amp;ldquo;I love India&amp;hellip; I just want to say hello to everybody. I love the Prime Minister. PM Modi is great; he is my friend&amp;hellip;&amp;rdquo;Further praising India, he added, &amp;ldquo;We have never been closer to India, and India can count on me and our country 100 per cent. If&amp;hellip; pic.twitter.com/YHzABARgya
&amp;mdash; Amit Malviya (@amitmalviya) May 24, 2026




#WATCH | Delhi | US President Donald Trump says, &quot;...India can count on me 100%. If they ever need help, they know where to call. They call right here. We&#039;re doing well. We&#039;re setting records. We have a record economy, a record stock market and anything India wants to get. I am a&amp;hellip; pic.twitter.com/EhbgguUiTm
&amp;mdash; ANI (@ANI) May 24, 2026



उन्होंने कहा, &amp;lsquo;मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बहुत बड़ा फैन हूं. पीएम मोदी को मेरा हैलो कहिए और उन्हें बताइए कि मैं उनका बहुत बड़ा फैन हूं. मुझे प्रधानमंत्री से प्यार करता हूं. पीएम मोदी महान हैं, वह मेरे दोस्त हैं.&amp;rsquo;
इस दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की भी खूब तारीफ की. उन्होंने कहा कि मार्को रुबियो अमेरिका के इतिहास के सबसे महान विदेश मंत्री के रूप में जाने जाएंगे.
समारोह में मार्को रुबियो ने भारत का किया धन्यवाद

#WATCH | Delhi | US Secretary of State Marco Rubio says, &quot;...I unfortunately, will not be able to perform tonight because my contract with Sony does not allow me to perform in unsanctioned events. But if you come to our 251st birthday, you never know. But for our 250, I just&amp;hellip; pic.twitter.com/fVYFstOjef
&amp;mdash; ANI (@ANI) May 24, 2026



वहीं, समारोह के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा, &amp;lsquo;मुझे अफसोस है कि मैं आज अपनी प्रस्तुति नहीं दे पाऊंगा, क्योंकि सोनी के साथ मेरे कॉन्ट्रैक्ट की शर्ते मुझे गैर-स्वीकृत कार्यक्रमों में परफॉर्म करने की अनुमति नहीं देती, लेकिन अगर आप हमारे 251वें स्वतंत्रता समारोह में आएंगे, तो कौन जानता है. हालांकि, हमारे 250वें समारोह में मैं कॉन्ट्रैक्ट संबंधी कारणों की वजह से ऐसा नहीं कर सकता. आप सभी के बीच होना मेरे लिए सम्मान की बात है. हमारा स्वागत करने के लिए भारत का धन्यवाद.&amp;rsquo;
यह भी पढे़ंः Marco Rubio India Visit: NSA अजीत डोभाल से मिले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, जानें किन मुद्दों पर हुई चर्चा ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 25 May 2026 11:30:16 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>आई, लव, इंडिया..., सर्जियो, गोर, ने, मिलाया, फोन, तो, बोले, ट्रंप, खुद, को, बताया, मोदी, का, सबसे, बड़ा, फैन</media:keywords>
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        <title>फाल्टा उपचुनाव: BJP की प्रचंड जीत पर PM मोदी का पहला रिएक्शन, TMC की हार पर बोले &amp; &amp;apos;ये धमकियों की...&amp;apos;</title>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल की फाल्टा विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में बीजेपी को मिली जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुशी जताई है. पीएम मोदी ने फाल्टा सीट से विधायक बने देबांशु पांडा को चुनाव में जीत के लिए बधाई दी है.&amp;nbsp;
पीएम मोदी ने एक्स पर किया पोस्ट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि &#039;फाल्टा की जनता ने अपना फैसला सुना दिया है! लोकतंत्र की जीत हुई है और धमकियों की हार हुई है. देबांशु पांडा को फाल्टा में रिकॉर्ड अंतर से जीत के लिए हार्दिक बधाई. यह भाजपा के प्रति पश्चिम बंगाल की जनता के अटूट विश्वास को दर्शाता है. जनता पश्चिम बंगाल सरकार के सभी क्षेत्रों में किए गए असाधारण कार्यों को देख रही है और इसलिए उन्होंने हमें और आशीर्वाद देने का फैसला किया है.&#039;
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल भर में भाजपा कार्यकर्ताओं को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए मेरी हार्दिक बधाई. हम आने वाले समय में भी पश्चिम बंगाल की प्रगति के लिए काम करते रहेंगे.

People of Falta have spoken! Democracy has won and intimidation has lost. Congratulations to Shri Debangshu Panda Ji for winning in Falta by a record margin. It indicates the unwavering faith of the people of West Bengal towards the BJP. People are seeing the exceptional work&amp;hellip;
&amp;mdash; Narendra Modi (@narendramodi) May 24, 2026




बीजेपी उम्मीदवार की प्रचंड जीत
पश्चिम बंगाल के फाल्टा विधानसभा सीट पर भाजपा के उम्मीदवार देबांगशु पांडा ने 1,09,021 वोटों के भारी अंतर से जीत हासिल की, जबकि टीएमसी ने अपनी जमानत जब्त करा ली. पांडा को कुल 1,49,666 वोट मिले, जबकि सीपीआई (एम) के उम्मीदवार शंभूनाथ कुर्मी 40,645 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे. कांग्रेस के उम्मीदवार अब्दुर रज्जाक 10,084 वोटों के साथ तीसरे, जबकि तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान 7,783 वोटों के साथ चौथे स्थान पर रहे. कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस दोनों के उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई.
&#039;अगर बंगाल में रहना है तो...&#039;, बकरीद पर कुर्बानी को लेकर हुमायूं कबीर को शुभेंदु की मंत्री की दो टूक
क्यों खास फाल्टा उपचुनाव का रिजल्ट?
फाल्टा में हुए दोबारा हुई वोटिंग के नतीजे दो मायनों में अनोखे हैं. जनवरी 1988 में तृणमूल कांग्रेस की स्थापना के बाद से इतिहास में यह पहली बार है कि किसी पार्टी उम्मीदवार को चौथा स्थान मिला है. 2011 के बाद से जब 34 साल के वाम मोर्चे के शासन का अंत हुआ और तृणमूल कांग्रेस शासन की शुरुआत हुई, यह पहली बार है कि किसी पार्टी उम्मीदवार की जमानत जब्त हुई है. फाल्टा में 21 मई को दोबारा वोटिंग हुई थी. पांडा की जीत के साथ पश्चिम बंगाल विधानसभा की 294 सीटों में भाजपा की कुल सीटें अब 208 हो गई हैं.
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        <pubDate>Mon, 25 May 2026 11:30:14 +0530</pubDate>
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        <title>Weather Update: भीषण लू की चेतावनी के बीच आज कहां होगी बारिश? दिल्ली&amp;यूपी&amp;बिहार से राजस्थान तक का मौसम जानें</title>
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        <description><![CDATA[ भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा अपडेट के मुताबिक सोमवार (25 मई) को पूर्वोत्तर भारत, दक्षिण भारत और पूर्वी राज्यों में बारिश और आंधी-तूफान की गतिविधियां तेज रहने की संभावना है. उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के इलाकों में गर्मी और हीटवेव का असर जारी रहेगा. मौसम विभाग ने कई राज्यों में भारी बारिश की भी चेतावनी जारी की है.
गंभीर लू की चेतावनी&amp;nbsp;मौसम विभाग के मुताबिक बिहार, झारखंड और ओडिशा में भी मौसम में बदलाव दिखेगा. बिहार और बंगाल में भारी बारिश की संभावना जताई गई है. ओडिशा और झारखंड में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. दूसरी ओर पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में गर्मी का प्रकोप बना रहेगा. हरियाणा, दिल्ली, पंजाब और पूर्वी उत्तर प्रदेश में आज गंभीर लू चल सकती है. राजस्थान के कई इलाकों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर रह सकता है.
कहां-कहां होगी बारिशIMD के मुताबिक अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में सोमवार को बारिश होने की संभावना है. अरुणाचल प्रदेश में बहुत भारी बारिश हो सकती है. असम और मेघालय में भी तेज बारिश और गरज-चमक के आसार हैं. तेज हवाएं 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं. इसके अलावा बंगाल और सिक्किम में भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है.

दक्षिण भारत का मौसम&amp;nbsp;केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कर्नाटक के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. केरल और लक्षद्वीप में भारी बारिश हो सकती है. तमिलनाडु और कर्नाटक में गरज-चमक के साथ तेज बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. आंध्र प्रदेश के रायलसीमा और तेलंगाना में बादल छाए रहने और कहीं-कहीं तेज बारिश होने का अनुमान है.&amp;nbsp;
मौसम विभाग ने लू प्रभावित राज्यों में लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी है. IMD के अनुसार देश के ज्यादातर हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मौसम में इसी तरह उतार-चढ़ाव बना रह सकता है.
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        <pubDate>Mon, 25 May 2026 11:30:12 +0530</pubDate>
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        <title>Falta By&amp;Election: बंगाल की जिस सीट पर &amp;apos;पुष्पा&amp;apos; ने छोड़ा मैदान, वहां किसने दी बीजेपी कैंडिडेट को टक्कर, हैरान कर देगा नाम!</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/falta-by-election-बंगाल-की-जिस-सीट-पर-पुष्पा-ने-छोड़ा-मैदान-वहां-किसने-दी-बीजेपी-कैंडिडेट-को-टक्कर-हैरान-कर-देगा-नाम</link>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल की फाल्टा विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में बीजेपी ने शानदार जीत दर्ज की है.&amp;nbsp;यहां तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशी जहांगीर खान ने मैदान छोड़ दिया था, जिसके बाद ऐसा लग रहा था कि कांग्रेस कैंडिडेट अब्दुर रज्जाक बीजेपी को चुनौती देंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. यहां कांग्रेस तीसरे नंबर पर पहुंच गई, जबकि सीपीआईएम के उम्मीदवार शंभूनाथ कुर्मी ने बीजेपी को कड़ी चुनौती दी.
बीजेपी उम्मीदवार देबांग्शु पांडा को 1 लाख 49 हजार 666 वोट मिले और उन्होंने 71 फीसदी से ज्यादा वोट हासिल किए. वहीं, सीपीआईएम के शंभूनाथ कुर्मी 40 हजार 645 वोट के साथ दूसरे स्थान पर रहे, जो कुल मतों का लगभग 20 प्रतिशत है, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार अब्दुर रज्जाक तीसरे स्थान पर रहे. टीएमसी के उम्मीदवार जहांगीर खान सिर्फ 7,783 वोटों के साथ चौथे स्थान पर खिसक गए और उनकी जमानत जब्त हो गई.
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डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र में आती है फाल्टा सीट
फाल्टा सीट डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र में आती है, जहां से टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी सांसद हैं. फाल्टा ने दो साल पहले हुए लोकसभा चुनाव में टीएमसी को करीब 89 फीसदी वोट दिए थे और बनर्जी को लगभग 1.68 लाख वोटों से जीत मिली थी. बीजेपी को 2021 के विधानसभा चुनाव में फाल्टा में 36.75 प्रतिशत वोट मिले थे, जो इस बार बढ़कर 71 फीसदी से अधिक हो गए. वहीं, टीएमसी की करीब 56 प्रतिशत वोट मिले थे, जो घटकर सिर्फ 3.7 फीसदी रह गए.
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टीएमसी की टेंशन क्यों बढ़ी?
बंगाल में हार के बाद टीएमसी अपना संगठन फिर से खड़ा करने की कोशिश कर रही है, लेकिन फाल्टा में उसके सिंबल पर सिर्फ 7,783 वोट मिलने से उसकी टेंशन भी बढ़ गई है. दरअसल टीएमसी को बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज वोट करता है, उसके अलावा हिंदू समाज का खास वर्ग भी ममता बनर्जी को पसंद करता है और उसका परंपरागत वोटर भी है. इनके साथ ही महिलाएं और सरकारी योजनाओं के लाभार्थी भी टीएमसी को वोट करता आया है, लेकिन फाल्टा के नतीजों ने बता दिया है कि टीएमसी को दोबारा अपनी स्थिति में आने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी.&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 25 May 2026 11:30:11 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>Falta, By-Election:, बंगाल, की, जिस, सीट, पर, पुष्पा, ने, छोड़ा, मैदान, वहां, किसने, दी, बीजेपी, कैंडिडेट, को, टक्कर, हैरान, कर, देगा, नाम</media:keywords>
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