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    <title>Attention India Hindi &amp; : देश&amp;दुनिया</title>
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    <description>Attention India Hindi &amp; : देश&amp;दुनिया</description>
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    <dc:rights>Copyright 2024 Attention India&amp; All Rights Reserved.</dc:rights>
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        <title>47 सालों के बाद लक्षद्वीप में शराब पर से क्यों हटाया गया बैन? केंद्र सरकार का इसके पीछे मकसद क्या?</title>
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        <description><![CDATA[ भारत सरकार ने हाल ही में केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप में पूर्ण शराबबंदी को खत्म करते हुए शराब की खरीद-बिक्री करने के लिए एक बार फिर से अनुमति दे दी है. केंद्र सरकार शुक्रवार (5 जून, 2026) को 47 साल पुराने लक्षद्वीप मद्यनिषेध विनियमन अधिनियम, 1979 को रद्द करते हुए केंद्र शासित प्रदेश में शराब की खरीद-बिक्री के लिए इस साल नया कानून लक्षद्वीप आबकारी विनियमन, 2026 लेकर आई है.
पिछले कानून के लागू होने के बाद द्वीपसमूह में शराब पर लगभग पूर्ण प्रतिबंध था, हालांकि कवरत्ती और बंगाराम आईलैंड्स् के सरकारी बार और टूरिस्ट रिजॉर्ट्स को सीमित तौर पर छूट दी गई थी. ऐसे में यह सवाल उठता है कि मुस्लिम बहुत केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप में 47 सालों के लंबे अंतराल के बाद शराब बिक्री की अनुमति क्यों दी गई?
लक्षद्वीप में शराब पर क्यों लगाया गया था बैन?
दरअसल, लक्षद्वीप में शराबबंदी 1979 में लागू की गई थी. चूंकि केंद्र शासित प्रदेश में मुस्लिम आबादी करीब 97 प्रतिशत है और इस्लाम में शराब पीने को निषिद्ध माना जाता है, इसलिए मुस्लिम बहुल आबादी को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया था. इसके चलते लक्षद्वीप भारत के उन चुनिंदा इलाकों में शामिल हो गया, जहां शराब की बिक्री पर बैन है.
कई दशकों तक अलग-अलग प्रशासनिक सरकारों ने भी इस बैन को बनाए रखा. उनका तर्क था कि यह स्थानीय सामाजिक परिस्थितियों और लोगों की पसंद के अनुरूप है. राजनीतिक दलों और सामुदायिक संगठनों ने भी शराब की उपलब्धता बढ़ाने के प्रस्तावों का विरोध किया और कहा कि यह स्थानीय सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं के अनुरूप नहीं होगा.&amp;nbsp;

लक्षद्वीप में शराब संबंधी नियम क्यों बदले गए?
वहीं, केंद्र शासित प्रदेश में इस बड़े बदलाव के पीछे सबसे बड़ा कारण लक्षद्वीप को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की केंद्र सरकार की योजना मानी जा रही है. दरअसव, अधिकारियों का लंबे समय से कहना था कि लक्षद्वीप में शराब पर लगे बैन की वजह से यह हिंद महासागर में मौजूद अन्य पर्यटन स्थलों के मुकाबले पर्यटकों को ज्यादा प्रभावित नहीं कर पाता था. दूसरी तरफ हिंद महासागर में हीं मौजूद मालदीव के टूरिस्ट रिसॉर्ट्स में शराब उपलब्ध होते हैं.
जनवरी 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लक्षद्वीप की यात्रा के दौरान कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर शेयर की थी, जिनमें वे स्थानीय लोगों से मिलते, समुद्र किनारों के सुंदर नजारों का आनंद लेते और स्नॉर्कलिंग करते दिखाई दिए थे. इसे लक्षद्वीप को विदेशी पर्यटन स्थलों के ऑप्शन के रूप में पेश करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना गया था.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ेंः लक्षद्वीप में फिर से बिकेगी शराब, भारत सरकार ने पूर्ण शराबबंदी कानून को किया खत्म, नियमों के साथ जारी किया आदेश ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 11:30:17 +0530</pubDate>
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        <title>TMC सांसद&amp;विधायकों के सुर हुए बागी! बंगाल की सियासत में मचा बवाल, क्यों टूट रही ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस?</title>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस वक्त बड़ा बवाल मचा हुआ है. 15 सालों तक बंगाल की सत्ता में बनी रहने वाली ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) में इस वक्त विरोध, विद्रोह और फूट के सुर काफी ज्यादा सुनाई दे रहे हैं. चाहे बंगाल विधानसभा में पार्टी के विधायकों की बात हो, या संसद में टीएमसी के सांसदों की, राज्य के लेकर केंद्र तक पार्टी के नेताओं में सुर ममता बनर्जी से पूरी तरह विपरीत यानी बागी नजर आ रहे हैं.
दिल्ली में केंद्रीय मंत्री के घर जुटे कई टीएमसी सांसद
इसी कड़ी में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कई सांसद और नेता सोमवार (8 जून, 2026) की दोपहर में केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता भूपेंद्र यादव के आवास पर इकट्ठा हुए. इन नेताओं में सबसे बड़ा नाम सुखेंदु शेखर रॉय का था, जिन्होंने राज्यसभा सीट से हाल ही में अपना इस्तीफा दे दिया था. यूं तो पार्टी की ओर से इस मुलाकात को सिर्फ एक शिष्टाचार भेंट का नाम दिया गया है, लेकिन बंगाल की राजनीति की जानकार इस मुलाकात के पीछे छिपे दूसरे कारणों को बहुत करीब से देख रहे हैं, जिसका मतलब टीएमसी की भीतर ममता बनर्जी के खिलाफ बगावत है.
TMC नेताओं से मीटिंग करने पहुंचे CM शुभेंदु अधिकारी

वहीं, टीएमसी के बागी सांसद बाद में सोमवार (8 जून) की शाम एक बार फिर से सांसद शताब्दी रॉय के आवास पर जमा हुए. शताब्दी रॉय के आवास पर हुई टीएमसी नेताओं की मीटिंग की चर्चा इसलिए काफी ज्यादा होने लगी, क्योंकि इस मीटिंग पर खुद पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी शामिल हुए थे. शुभेंदु अधिकारी के साथ टीएमसी नेताओं की मीटिंग टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है. जबकि दूसरी तरफ टीएमसी सांसद काकोली घोष ने दावा किया है कि पार्टी के 20 सांसद बंगाल के विकास के लिए केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम करेंगे.
दिल्ली में सुखेंदु शेखर रॉय, तो राज्य में ऋतब्रत बनर्जी कर रहे बागियों का नेतृत्व
टीएमसी के भीतर राज्य से दिल्ली तक कई विधायक से लेकर सांसद तक बागी हो गए हैं. केंद्र में सुखेंदु शेखर रॉय बागी सांसदों का नेतृत्व कर रहे, तो राज्य में ऋतब्रत बनर्जी बागियों के नेता बनकर सामने आए हैं. बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी के 80 विधायक जीतकर सामने आए, लेकिन इस वक्त टीएमसी के 80 में से 60 विधायक ऋतब्रत बनर्जी के खेमे की तरफ जा चुके हैं और ममता बनर्जी के पास मात्र 20 विधायकों का ही समर्थन रह गया है. बंगाल विधानसभा में बागी टीएमसी नेताओं ने ऋतब्रत बनर्जी को अपने नेता विपक्ष के रूप में स्वीकार किया है.
यह भी पढे़ंः Mahua Moitra On TMC: &#039;पहले इस्तीफा दें, फिर BJP के टिकट पर चुनाव लड़ें&#039;, महुआ मोइत्रा का बागी नेताओं पर तीखा हमला ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 11:30:16 +0530</pubDate>
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        <title>सूरज से उठा महातूफान धरती से टकराने की ओर बढ़ा, आसमान में दुर्लभ नजारा, जानें भारत पर क्या असर</title>
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        <description><![CDATA[ अमेरिकी एजेंसियों NASA और NOAA Space Weather Prediction Center ने G3 स्तर के इस भूचुंबकीय तूफान को लेकर चेतावनी जारी की है. इसका असर इतना मजबूत हो सकता है कि भारत के उत्तरी हिस्सों, खासकर लद्दाख में, नॉर्दर्न लाइट्स यानी अरोरा दिख सकते हैं. 8 जून की रात आसमान में एक दुर्लभ नजारा दिखने की संभावना है क्योंकि सूरज से निकला एक शक्तिशाली सोलर स्टॉर्म आज धरती से टकरा सकता है.
6 जून को सूरज की सतह पर Active Region 4461 नाम के क्षेत्र में M1.8 श्रेणी का सोलर फ्लेयर फटा था. इसके साथ ही एक विशाल प्लाज्मा बादल जिसे CME यानी Coronal Mass Ejection कहा जाता है अंतरिक्ष में निकला और अब तेज रफ्तार से धरती की ओर बढ़ रहा है. &amp;nbsp;
सूरज से उठे तूफान की स्पीड ने डराया
वैज्ञानिकों के अनुसार यह बादल करीब 1400 किलोमीटर प्रति सेकंड की रफ्तार से यात्रा कर रहा है और आज इसके धरती के मैग्नेटिक फील्ड से टकराने की संभावना है. इस सोलर स्टॉर्म को G3 यानी &amp;lsquo;Strong&amp;rsquo; श्रेणी में रखा गया है. आसान भाषा में समझें तो सोलर तूफानों को G1 से G5 तक मापा जाता है जिसमें G1 सबसे हल्का और G5 सबसे खतरनाक होता है.
G3 स्तर के तूफान में सैटेलाइट सिग्नल प्रभावित हो सकते हैं, GPS में गड़बड़ी आ सकती है, रेडियो संचार बाधित हो सकता है और कुछ जगहों पर पावर ग्रिड पर भी असर पड़ सकता है. एजेंसियों ने 8 जून के लिए G3 और 9 जून के लिए G2 स्तर का अलर्ट जारी किया है.
आसमान में दुर्लभ नजारा
इस घटना का सबसे दिलचस्प पहलू इसका दृश्य असर है. आज रात करीब 11:30 बजे से लेकर 9 जून की रात 2:30 बजे के बीच लद्दाख के हान्ले जैसे ऊंचे और अंधेरे इलाकों में अरोरा दिखने की संभावना सबसे ज्यादा मानी जा रही है. हान्ले करीब 4500 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है और यहां Indian Astronomical Observatory मौजूद है जहां जनवरी 2026 में भी अरोरा रिकॉर्ड किया गया था.
यह पहली बार नहीं है जब भारत की धरती से भी अरोरा देखने का मौका बन रहा हो. 2024 में लद्दाख के हान्ले स्थित Indian Astronomical Observatory में बड़े सोलर तूफानों के दौरान अरोरा रिकॉर्ड किया गया था. उस साल मई में G5 यानी एक्सट्रीम श्रेणी का भूचुंबकीय तूफान आया था जो पिछले दो दशकों में सबसे शक्तिशाली घटनाओं में से एक माना गया.
भारत के इन शहरों से दिखेगा नजारा
लद्दाख के अलावा नुब्रा वैली, पैंगोंग त्सो, कश्मीर के ऊंचे इलाके और उत्तराखंड की पहाड़ियों में भी हल्की लाल या गुलाबी चमक दिखाई दे सकती है लेकिन इसके लिए आसमान का साफ होना जरूरी है. वहीं दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे बड़े शहरों में यह नजारा देख पाना मुश्किल है क्योंकि यहां लाइट पॉल्यूशन बहुत ज्यादा है और मौसम भी बाधा बन सकता है.
दुनिया के अन्य हिस्सों में यह नजारा ज्यादा स्पष्ट दिख सकता है. स्कॉटलैंड, आइसलैंड, स्कैंडिनेवियाई देश, कनाडा और अमेरिका के उत्तरी राज्यों में अरोरा का शानदार दृश्य देखने को मिल सकता है. वहीं दक्षिणी गोलार्ध में न्यूजीलैंड, तस्मानिया और अर्जेंटीना-चिली के दक्षिणी हिस्सों में भी आसमान रंगीन हो सकता है.
सूरज से तूफान कब उठता है?
अरोरा तब बनता है जब सूरज से आए charged कण धरती के वायुमंडल की ऊपरी परत में मौजूद गैसों से टकराते हैं. इस प्रक्रिया में ऊर्जा निकलती है, जो हरे, लाल और बैंगनी रंग की रोशनी के रूप में आसमान में लहराती दिखाई देती है. यह नजारा विज्ञान और प्रकृति का अनोखा संगम है. हालांकि वैज्ञानिकों के अनुसार सोलर स्टॉर्म की सटीक तीव्रता और असर आखिरी समय में बदल सकता है. ऐसे में अरोरा दिखने की संभावना जरूर है लेकिन इसकी कोई पक्की गारंटी नहीं है. फिलहाल पूरी दुनिया की नजर आज रात आसमान पर टिकी हुई है.
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        <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 11:30:14 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>कॉकरोच के बाद देश में लॉन्च हुई &amp;apos;इश्क करो पार्टी&amp;apos;, सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज ने बनाई, महुआ को ऑफर</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/कॉकरोच-के-बाद-देश-में-लॉन्च-हुई-इश्क-करो-पार्टी-सुप्रीम-कोर्ट-के-पूर्व-जज-ने-बनाई-महुआ-को-ऑफर</link>
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        <description><![CDATA[ कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के सुर्खियों में आने के बाद अब सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने नई पार्टी का गठन किया है. काटजू के अनुसार, &#039;इश्क करो पार्टी&#039; भारत के सामने मौजूद गंभीर समस्याओं से निपटने का एक गंभीर प्रयास करेगी. इतना ही नहीं काटजू ने टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा को भी अपनी नई पार्टी में शामिल होने का प्रस्ताव दिया.&amp;nbsp;
काटजू ने अपने फेसबुक पोस्ट में सीजेपी की जमकर आलोचना की और उसके संस्थापक को मूर्ख कहा. बता दें कि अभिजीत दीपके राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित नीट परीक्षाओं में खामियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं.
जस्टिस काटजू ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि लोग इस पार्टी को मजाक समझ सकते हैं. लड़कों और लड़कियों के बीच रोमांस को बढ़ावा देने के लिए एक तरह का वैलेंटाइन डे. उन्होंने आगे कहा कि लेकिन यह पूरी तरह से गलतफहमी है. भारत की गरीबी, बच्चों में कुपोषण, बेरोजगारी और इसी तरह की अन्य समस्याओं को लोगों के बीच &#039;एकता&#039; के जरिए दूर किया जा सकता है.

Aims and objectives of Ishq Karo PartyBy Justice Katju, patron of IKPSome people may think that the formation of the newly created IKP is a joke, a kind of Valentine&#039;s Day for promoting romance between boys and girls. But that is a total misconception.In fact it is a very&amp;hellip;
&amp;mdash; Markandey Katju (@mkatju) June 8, 2026



सभी लोगों के प्रति प्रेम (इश्क) रखना चाहिए- काटजूकाटजू ने कहा कि हमें जाति, धर्म, नस्ल आदि के भेदभाव के बिना अपने सभी लोगों के प्रति प्रेम (इश्क) रखना चाहिए, तभी हम आधुनिक सोच वाले नेताओं के नेतृत्व में एक शक्तिशाली जनसंघर्ष चला सकते हैं, ताकि हमारे लोग अपनी दयनीय स्थिति से मुक्ति पा सकें. उन्होंने नेताओं पर सत्ता के लालच में जनता की वास्तव में परवाह न करने का आरोप लगाया. उन्होंने आगे बताया कि आईकेपी का मकसद इस बुराई से लड़ना और अपने लोगों की एकता को बढ़ावा देना है. हमें जाति, धर्म, नस्ल आदि के भेदभाव के बिना अपने सभी लोगों के प्रति प्रेम (इश्क) रखना चाहिए.&amp;nbsp;

सीजेपी की जमकर आलोचना की6 जून को जब कॉकरोच जनता पार्टी ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया तो काटजू ने पार्टी की विचारधारा और उसके संस्थापक अभिजीत दिपके की आलोचना करते हुए कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे से कोई फर्क नहीं पड़ेगा. उन्होंने कहा कि अभिजीत दीपके के मूर्ख होने का प्रमाण इस बात से स्पष्ट है कि उनकी प्रमुख मांगों में से एक भारत के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है. अगर वह इस्तीफा दे देते हैं तो उनकी जगह कोई दूसरा मंत्री आ जाएगा. इससे क्या फर्क पड़ेगा?&amp;nbsp;
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        <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 11:30:13 +0530</pubDate>
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        <title>Monsoon Update: पीक पर पहुंचा मॉनसून, दिल्ली,  यूपी&amp;बिहार में कब होगी भयंकर बारिश, मौसम विभाग ने बता दी तारीख</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/monsoon-update-पीक-पर-पहुंचा-मॉनसून-दिल्ली-यूपी-बिहार-में-कब-होगी-भयंकर-बारिश-मौसम-विभाग-ने-बता-दी-तारीख</link>
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        <description><![CDATA[ दक्षिण-पश्चिम मॉनसून अब लगातार आगे बढ़ रहा है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक मॉनसून ने अरब सागर के कई और हिस्सों के साथ-साथ महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना को भी कवर कर लिया है. आने वाले 7 दिनों में केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, पूर्वोत्तर राज्यों और पश्चिम बंगाल में भारी बारिश की संभावना है.
IMD के मुताबिक दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में 11 और 12 जून को तेज धूल भरी आंधी चलने की संभावना है. इस दौरान हवाओं की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है. कुछ इलाकों में ओले गिरने की भी आशंका है. पश्चिमी राजस्थान में धूलभरी आंधी का अलर्ट जारी किया गया है. 11 से 14 जून के बीच इन राज्यों में बारिश होने की संभावना है.&amp;nbsp;
यूपी-बिहार में कब होगी बारिशउत्तर प्रदेश में 10 से 14 जून के बीच बारिश का दौर शुरू हो सकता है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में 12 जून को तेज आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की गई है. इसके अलावा मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 9 से 14 जून तक कई स्थानों पर बारिश के आसार हैं. बिहार में 10 से 12 जून के बीच भारी बारिश हो सकती है, जबकि ओडिशा में 11 और 12 जून को जोरदार बारिश का अनुमान है. झारखंड, बिहार और गंगा के किनारे वाले पश्चिम बंगाल के क्षेत्रों में 10 से 12 जून तक आंधी-तूफान का खतरा बना रहेगा.

कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड का मौसमपहाड़ी राज्यों की बात करें तो जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 11 और 12 जून को गरज के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है. केरल और कर्नाटक में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है. आज (9 जून) दोनों राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु में 12 जून तक गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान है. इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है.&amp;nbsp;
नॉर्थ ईस्ट में लगातार बारिशनॉर्थ ईस्ट के राज्य असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले 7 दिनों तक यानी 14 जून तक लगातार भारी बारिश होने की संभावना है. इस दौरान मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है.
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        <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 11:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>‘फौरन कम करें तनाव’, ईरान&amp;इजरायल के ताजा मिलिट्री एक्शन से मिडिल ईस्ट में हड़कंप, भारत ने जारी की एडवाइजरी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/फौरन-कम-करें-तनाव-ईरान-इजरायल-के-ताजा-मिलिट्री-एक्शन-से-मिडिल-ईस्ट-में-हड़कंप-भारत-ने-जारी-की-एडवाइजरी</link>
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        <description><![CDATA[ मिडिल ईस्ट में इजरायल और ईरान के बीच दोबारा जंग शुरू होने क बाद भारत ने चिंता जाहिर की और दोनों पक्षों से तुरंत तनाव कम करने की अपील की है. तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए ईरान में मौजूद भारतीय दूतावास ने एडवाइजरी की है, जिसमें भारतीय नागरिकों को फिलहाल ईरान की यात्रा न करने की सलाह दी गई है. साथ ही, जो भारतीय इस समय ईरान में रह रहे हैं, उन्हें जल्द से जल्द किसी भी उपलब्ध साधन से देश छोड़ने के लिए कहा गया है.
फौरन कम करें तनाव: ट्रंप
विदेश मंत्रालय ने कहा, &#039;8 अप्रैल को हुए अस्थायी सीजफायर के बाद दोनों (ईरान-इजरायल) का एक-दूसरे पर पहली सीधी अटैक है. यह टकराव पिछले 100 से अधिक दिनों से चल रहा है, जिसकी वजह से न केवल आम लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है, बल्कि दुनिया की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति पर भी बहुत बुरा असर पड़ा है. सभी पक्ष नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बातचीत के जरिए शांतिपूर्ण हल निकालें.&#039;
इजरायल ने सोमवार (8 जून 2026) तेहरान की ओर से मिसाइल हमले के जवाब में मध्य और पश्चिमी ईरान में हवाई हमले किए. इससे पहले 7 अप्रैल को भारत ने एक एडवाइजरी जारी कर अपने नागरिकों से अगले 48 घंटे तक जहां हैं, वहीं रहने को कहा था.
अभी तक कितने भारतीय लौटे देश?
यह एडवाइजरी उस समय जारी किया गया था जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि यदि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की नाकेबंदी समाप्त नहीं की तो एक पूरी सभ्यता नष्ट हो जाएगी. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जंग शुरू होने के समय ईरान में लगभग 9,000 भारतीय मौजूद थे, जिनमें छात्र भी शामिल थे. अब तक करीब 1,800 भारतीय स्वदेश लौट चुके हैं.
लेबनान पर इजरायल के लगातार हमलों से गु्स्सा होकर रविवार (7 जून 2026) को ईरान ने इजरायल पर हमला किया. इजरायल ने अमेरिका की बात को दरकिनार करते हुए बिना किसी पूर्व चेतावनी के लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी इलाकों पर अचानक हवाई हमले कर दिए थे. इजरायल का दावा है कि उसने यह कदम इसलिए उठाया क्योंकि ईरान समर्थित हिज्बुल्लाह के लड़ाकों ने रविवार को ही इजरायल पर गोलीबारी की थी. ईरान लगातार यह मांग कर रहा है कि इस पूरे क्षेत्र में शांति के लिए लेबनान में युद्धविराम होना सबसे जरूरी है.
ये भी पढ़ें : &#039;जहाज में भर रहा पानी, लाइफ बोट पर आग&#039;, हॉर्मुज में अमेरिकी नेवी का घातक अटैक, संकट में 24 भारतीयों की जान! ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 19:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>‘फौरन, कम, करें, तनाव’, ईरान-इजरायल, के, ताजा, मिलिट्री, एक्शन, से, मिडिल, ईस्ट, में, हड़कंप, भारत, ने, जारी, की, एडवाइजरी</media:keywords>
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        <title>Assam Government: असम में मंत्रियों के विभागों का बंटवारा, CM हिमंत बिस्वा सरमा ने अपने पास रखे अहम मंत्रालय</title>
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        <description><![CDATA[ असम सरकार में मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा कर दिया गया है. मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्यपाल की मंजूरी के बाद मंत्रिपरिषद के सभी सदस्यों को उनके विभाग सौंप दिए गए हैं. मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा अपने पास कई महत्वपूर्ण विभाग रखेंगे, जिनमें गृह विभाग, राजनीतिक विभाग, लोक निर्माण विभाग (सड़क और भवन), राष्ट्रीय राजमार्ग, बिजली विभाग, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, प्रिंटिंग और स्टेशनरी विभाग शामिल हैं. इसके अलावा जो विभाग किसी अन्य मंत्री को नहीं दिए गए हैं, वे भी मुख्यमंत्री के पास रहेंगे.
अश्विनी राय सरकार को सामाजिक न्याय और अधिकारिता, मृदा संरक्षण तथा अल्पसंख्यक कल्याण एवं विकास विभाग की जिम्मेदारी दी गई है.अशोक सिंघल को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के साथ-साथ चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान विभाग का प्रभार सौंपा गया है.बिमल बोरा को सांस्कृतिक मामलों, उद्योग, वाणिज्य एवं सार्वजनिक उपक्रम विभाग और एक्ट ईस्ट पॉलिसी मामलों की जिम्मेदारी मिली है.बिस्वजीत दैमारी को हथकरघा, वस्त्र एवं रेशम उद्योग, खेल एवं युवा कल्याण, कौशल विकास, रोजगार एवं उद्यमिता तथा स्वदेशी और जनजातीय आस्था एवं संस्कृति विभाग दिए गए हैं.

With the approval of the Hon&amp;rsquo;ble Governor of Assam, I am pleased to announce the allocation of portfolios amongst the members of the Council of Ministers of the Government of Assam, as follows:1. Dr. Himanta Biswa Sarma, Chief Minister-Home &amp;amp; PoliticalPWD (Buildings &amp;amp;&amp;hellip;
&amp;mdash; Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) June 8, 2026




ये भी पढ़ें: विपक्षी दलों की बैठक के बीच राहुल गांधी ने कर दी PM मोदी को लेकर बड़ी भविष्यवाणी, बोले - &#039;सरकार के खिलाफ...&#039;
किसको मिला कौन सा विभाग
जयंत मल्लाबरुआ वित्त विभाग के साथ-साथ पर्यावरण एवं वन तथा खान एवं खनिज विभाग की जिम्मेदारी संभालेंगे.कौशिक राय को खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले, आवास एवं शहरी विकास तथा सहकारिता विभाग सौंपे गए हैं.केशव महंत को राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, जलवायु परिवर्तन और सामान्य प्रशासन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है.कृष्णेंदु पॉल को लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, पहाड़ी क्षेत्र विकास और बराक घाटी विकास विभाग का प्रभार मिला है.नीलिमा देवी को पशुपालन एवं पशु चिकित्सा तथा मत्स्य पालन विभाग सौंपा गया है. पीयूष हजारिका कृषि, सिंचाई और संसदीय कार्य विभाग की जिम्मेदारी संभालेंगे.डॉ. रनोज पेगु को स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, मैदानी जनजातीय मामलों और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग दिया गया है.सुशांत बोरगोहेन को जल संसाधन और न्यायिक विभाग का प्रभार सौंपा गया है.
हिमंत बिस्वा सरमा सभी मंत्रियों को शुभकामनाएं दी
विभागों के बंटवारे के बाद मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सभी मंत्रियों को शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि पूरी मंत्रिपरिषद समर्पण और ईमानदारी के साथ मिलकर काम करेगी और असम के लोगों की सेवा करते हुए राज्य के विकास और समृद्धि को नई गति देगी.
ये भी पढ़ें: साकेत में इमारत गिरने के मामले में सुप्रीम कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल, MCD पर लापरवाही का आरोप ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 19:30:10 +0530</pubDate>
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        <title>Exclusive: मिडिल ईस्ट में फिर शुरू हुई जंग! भारत के पास कितने दिन के कच्चे तेल का स्टॉक? हरदीप पुरी ने दिया जवाब</title>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच लगातार जारी युद्ध और तनाव की वजह से वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति पर संकट छाया हुआ है. वहीं, मिडिल ईस्ट में एक बार फिर से जंग के शुरू होने के बाद भारत सरकार ने देश में पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और लिक्वीफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) सिलेंडरों के दामों में भी ताजा बढ़ोत्तरी की है. इस बीच भारत के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पूरी ने बताया है कि इस गंभीर मुश्किल के समय देश के पास कितने दिन के कच्चे तेल का स्टॉक बना हुआ है. &amp;nbsp;&amp;nbsp;
देश में कितने दिनों का ऊर्जा स्टॉक मौजूद?
&amp;lsquo;इनसाइड आउड विथ मेघा प्रसाद&amp;rsquo; में एक्सक्लूसिव इंटरव्यू देते हुए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा, &amp;lsquo;इस वक्त देश में कच्चे तेल, नेचुरल गैस के साथ-साथ एलपीजी की कहीं कोई कमी नहीं है.&amp;rsquo; वहीं, जब उनसे पूछा गया कि पिछले 48 घंटे में मिडिल ईस्ट में गंभीर होते हालात के बाद देश में कच्चे तेल और गैर रिजर्व की क्या स्थिति रहेगी, इस पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अगर ऐसी कोई स्थिति 30 से लेकर 60 दिन भी बनी रही, तो हम उसे मैनेज कर लेंगे.

LIVE | हरदीप पुरी SUPER EXCLUSIVEदेखिए मेघा प्रसाद (@MeghaSPrasad) के साथ#HardeepSinghPuri #PetroleumMinister #Interview #ABPNews https://t.co/3gj3vh5fIU
&amp;mdash; ABP News (@ABPNews) June 8, 2026



उन्होंने कहा, &amp;lsquo;मैनेज करने का तरीका क्या होता है कि हम अपनी खपत में कमी कर लेंगे, लेकिन अभी हमारे स्थिति ऐसी नहीं है कि हमें किसी भी तरह के खपत में कोई कमी करनी पड़े और हमारे पास इस वक्त 60 दिन के कच्चे तेल का, 60 दिनों के नेचुरल गैस और 60 दिनों से ज्यादा का एलपीजी का पूरा स्टॉक रिजर्व है.&amp;rsquo;&amp;nbsp;
पेट्रोल, डीजल और एलपीजी के दामों पर बोले केंद्रीय मंत्री
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा, &amp;lsquo;भारत सरकार ने साल 2022 के फरवरी महीने में पिछली बार पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाए थे. उसके बाद कई समस्याओं और चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन फिर भी दाम नहीं बढ़े. इस दौरान फरवरी, 2022 से अभी 2026 तक दुनिया के बड़े युद्ध हो चुकी हैं, जिसमें 2022 से रूस-यूक्रेन युद्ध और इस साल 28 फरवरी से अमेरिका-इजरायल और ईरान का युद्ध के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में नाकेबंदी है.
उन्होंने कहा कि इस समय जापान के अलावा भारत इकलौता ऐसा देश है, जिसनें उपभोक्ताओं के लिए इतने कम पेट्रोल, डीजल और एलपीजी के दाम बढ़ाए हैं. उन्होंने कहा कि ऐसा होने के पीछे वजह है कि पीएम मोदी ने तीन बार सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी कम की है, जो पहली बार नबंवर, 2021 में हुई, दूसरी मई, 2022 में और तीसरी बार अभी हाल ही में कुछ दिनों पहले हुई.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ेंः LPG Price Hike: एलपीजी गैस सिलेंडर और होगा महंगा, केंद्र सरकार ने कर दिया साफ, कारण भी बता दिया ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 19:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Exclusive:, मिडिल, ईस्ट, में, फिर, शुरू, हुई, जंग, भारत, के, पास, कितने, दिन, के, कच्चे, तेल, का, स्टॉक, हरदीप, पुरी, ने, दिया, जवाब</media:keywords>
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        <title>ममता बनर्जी को बड़ा झटका, TMC के 20 सांसदों की लोकसभा स्पीकर को चिट्ठी, एनडीए को किया समर्थन</title>
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        <description><![CDATA[ Rebel TMC MPs To Support NDA: तृणमूल कांग्रेस प्रमुख Mamata Banerjee को बड़ा झटका लगा है. पार्टी के 20 सांसदों ने लोकसभा स्पीकर Om Birla को पत्र लिखकर एनडीए में शामिल होने की इच्छा जताई है. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, Kakoli Dastidar ने कहा कि उनके समेत 20 सांसदों ने बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए को समर्थन देने का फैसला किया है.
ममता को बड़ा झटका
काकोली दस्तीदार ने कहा कि वे पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों को स्वीकार करते हैं और मानते हैं कि उनका राजनीतिक भविष्य एनडीए के साथ अधिक सुरक्षित है. इससे पहले, पार्टी में टूट की अटकलों के बीच सुखेंदु रॉय और काकोली दस्तीदार के नेतृत्व में टीएमसी के 16 सांसदों ने Suvendu Adhikari से मुलाकात की थी.
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी विधायकों में यदि दो-तिहाई संख्या में टूट होती है, तो उन पर दल-बदल कानून लागू नहीं होगा. संविधान की दसवीं अनुसूची के अनुसार, लोकसभा में टीएमसी के कम से कम 19 सांसदों को पार्टी छोड़ना होगा, तभी यह प्रावधान प्रभावी माना जाएगा.

इससे पहले, Sukhendu Roy ने तृणमूल कांग्रेस से राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा देते हुए आरोप लगाया था कि Mamata Banerjee के नेतृत्व वाली सरकार भ्रष्टाचार और महिलाओं के खिलाफ अत्याचार में लिप्त रही है.
बागी सांसदों ने लोकसभा स्पीकर को लिखा पत्र
इन सांसदों ने लोकसभा में अलग बैठने की व्यवस्था के लिए भी स्पीकर को पत्र लिखा है. शुभेंदु अधिकारी से मिलने वाले सांसदों में काकोली दस्तीदार, पार्थ भौमिक, जगदीश बसुनिया, देव, शताब्दी रॉय, रचना बनर्जी, कालिपदा सोरेन, अरूप चक्रवर्ती, असित मल, शत्रुघ्न सिन्हा, प्रसुन बनर्जी, प्रतिमा मोंडल और बापा हलीदार शामिल हैं.
टीएमसी के बागी सांसदों ने भूपेंद्र यादव से की मुलाकात
तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी, पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी और कई वरिष्ठ सांसद जहां विपक्षी &amp;lsquo;इंडिया&amp;rsquo; गठबंधन के नेताओं की बैठक में शामिल हुए, वहीं ऐसी खबरें आईं कि करीब एक दर्जन असंतुष्ट तृणमूल कांग्रेस सांसद केंद्रीय मंत्री और भाजपा के पश्चिम बंगाल चुनाव प्रभारी भूपेंद्र यादव के मोतीलाल नेहरू मार्ग स्थित आवास पर इकट्ठे हुए. कई लोगों ने इस बैठक को इस बात का संकेत माना कि पार्टी के विधायकों में बगावत अब संसद तक पहुंच रही है, जिसमें राय भी शामिल हुए.
ये भी पढ़ें: ममता की पार्टी में बड़ी टूट, सुखेंदु रॉय-काकोली दस्तीदार के नेतृत्व में 16 TMC MPs की शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 19:30:08 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>ममता, बनर्जी, को, बड़ा, झटका, TMC, के, सांसदों, की, लोकसभा, स्पीकर, को, चिट्ठी, एनडीए, को, किया, समर्थन</media:keywords>
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        <title>देश के पास 60 दिनों का तेल&amp;गैस रिजर्व भंडार, हरदीप पुरी ने बताया संकट से बचने का &amp;apos;मेगा प्लान&amp;apos;</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/देश-के-पास-60-दिनों-का-तेल-गैस-रिजर्व-भंडार-हरदीप-पुरी-ने-बताया-संकट-से-बचने-का-मेगा-प्लान</link>
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        <description><![CDATA[ मिडिल ईस्ट में तनाव और संघर्ष की स्थिति लगातार बनी हुई है. बीते लगभग 100 दिनों से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने की वजह से दुनिया के कई देशों में कच्चे तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हुई है. इसका असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों पर भी देखने को मिल रहा है. भारत भी इस स्थिति से पूरी तरह अछूता नहीं है, क्योंकि देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है.
देश में बढ़ती ईंधन कीमतों और तेल-गैस की उपलब्धता को लेकर केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी एबीपी न्यूज के साथ एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में भारत का लगभग 90 प्रतिशत कच्चा तेल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते आता है. इसके अलावा देश अपनी करीब 60 प्रतिशत एलपीजी गैस भी इसी मार्ग से आयात करता है. उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी निर्भरता के बावजूद भारत उन देशों में शामिल है जहां पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमतों में अपेक्षाकृत कम बढ़ोतरी हुई है. उन्होंने दावा किया कि जापान के बाद भारत दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है, जिसने गैस, पेट्रोल-डीजल के दाम सबसे कम बढ़ाए हैं.

ये भी पढ़ें: ममता बनर्जी को बड़ा झटका, TMC के 20 सांसदों की लोकसभा स्पीकर को चिट्ठी, एनडीए को किया समर्थन
तेल और गैस के बारे में &amp;nbsp;हरदीप सिंह पुरी ने क्या कहा?
तेल और गैस के भंडार को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत पूरी तरह तैयार है और किसी तरह की घबराहट की जरूरत नहीं है. उन्होंने बताया कि देश के पास फिलहाल लगभग 60 दिनों के लिए तेल और गैस का रिजर्व मौजूद है. अगर सप्लाई में किसी प्रकार की रुकावट आती है, तब भी यह भंडार देश की जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगा और आवश्यक सेवाओं पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा.
हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि फरवरी 2022 से लेकर अब तक भारत ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में हुए उतार-चढ़ाव के बावजूद घरेलू बाजार में स्थिति को काफी हद तक संतुलित रखा है. सरकार ने सप्लाई चेन को मजबूत बनाए रखा और ईंधन की उपलब्धता में कोई बड़ी कमी नहीं आने दी. उन्होंने कहा कि वैश्विक बाजार की परिस्थितियों के अनुसार प्रतिक्रिया देना जरूरी होता है, लेकिन मौजूदा समय में घबराने जैसी कोई स्थिति नहीं है और हालात नियंत्रण में हैं.
एलपीजी गैस की प्रोडक्शन में बढ़ोतरी
हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि मौजूदा वक्त में देश में घरेलू स्तर पर एलपीजी गैस की प्रोडक्शन बढ़ा दी गई है. पहले 32000 मेट्रिक टन प्रोडक्शन होता था, जो अब बढ़कर 54 हजार पहुंच गया है. उन्होंने आगे कहा कि इस साल से भारत अमेरिका से एलपीजी गैस खरीद रहा है. इसके अलावा और भी कई देश है, जहां से गैस को खरीदा जा रहा है.
ये भी पढ़ें: Exclusive: मिडिल ईस्ट में फिर शुरू हुई जंग! भारत के पास कितने दिन के कच्चे तेल का स्टॉक? हरदीप पुरी ने दिया जवाब ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 19:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>हत्या को अंजाम देने 1400 KM का सफर, DU प्रोफेसर देबस्मिता पॉल के मर्डर केस में बड़ा खुलासा, पुलिस के हत्थे चढ़े आरोपी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/हत्या-को-अंजाम-देने-1400-km-का-सफर-du-प्रोफेसर-देबस्मिता-पॉल-के-मर्डर-केस-में-बड़ा-खुलासा-पुलिस-के-हत्थे-चढ़े-आरोपी</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/हत्या-को-अंजाम-देने-1400-km-का-सफर-du-प्रोफेसर-देबस्मिता-पॉल-के-मर्डर-केस-में-बड़ा-खुलासा-पुलिस-के-हत्थे-चढ़े-आरोपी</guid>
        <description><![CDATA[ Delhi University Professor Debasmita Paul Murder Case: दिल्ली में हुई डीयू की प्रोफेसर की हत्या के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. जानकारी सामने आई है कि प्रोफेसर की हत्या करने के लिए एक जोड़े ने 1400 किमी का सफर तय किया. यह घटना पूरी फिल्मी कहानी सी नजर आती है. पुलिस ने पश्चिम बंगाल के बर्दवान के रहने वाले रामप्रसाद दास और बनश्री दास नाम के एक जोड़े को गिरफ्तार किया है. इनपर आरोप है कि इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर देबस्मिता पॉल की हत्या की है.
पॉल से इन कपल का क्या रहा है कनेक्शन
जब इस पूरे मामले में गहन जांच की गई, तो कई आरोप इस दंपत्ति पर लगे हैं. दरअसल, प्रोफेसर की हत्या प्रॉपर्टी विवाद को लेकर की गई. आरोपी दिल्ली आए थे. इसके बाद उन्होंने पॉल के अपार्टमेंट में एक भारी चीज से उनपर हमला कर दिया फिर उनकी कलाई की नस भी काट दी. यह जोड़ा बर्दवान में पॉल के दादाजी के घर में किराएदार के तौर पर रहता था. दोनों को पुलिस की एक टीम ने बादमतला इलाके से पकड़ा है.&amp;nbsp;

यह भी पढ़ेंः&amp;nbsp;हरियाणा में 661 करोड़ का घोटाला, CBI ने चंडीगढ़ से दिल्ली तक छह ठिकानों पर की छापेमारी
अधिकारियों ने पूरी घटना के बारे में क्या जानकारी दी?&amp;nbsp;अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि पाल घर के अंदर मृत अवस्था में पाई गई थी. उनके सिरपर गहरी चोट के निशान थे. उनकी कलाई की नसें भी कटी हुई थीं. उन्होंने यह भी कहा कि लूटपा का कोई संकेत नहीं मिला. क्योंकि घर में गहने और नकदी सुरक्षित पाए गए. पुलिस ने पश्चिम बंगाल के इस जोड़े को गिरफ्तार कर, दिल्ली यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर की हत्या का मामला महज तीन दिन में ही सुलझा लिया है. हत्यारों ने प्रॉपर्टी विवाद के चलते इस वारदात को अंजाम दिया. वह बंगाल से लगभग 1400 किमी का सफर कर इसे अंजाम देने दिल्ली पहुंचे थे.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ें :&amp;nbsp;जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद क्या होगा कॉकरोच जनता पार्टी का अगला कदम? अभिजीत दीपके ने कर दिया क्लीयर ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 03:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>हत्या, को, अंजाम, देने, 1400, का, सफर, प्रोफेसर, देबस्मिता, पॉल, के, मर्डर, केस, में, बड़ा, खुलासा, पुलिस, के, हत्थे, चढ़े, आरोपी</media:keywords>
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        <title>CM हिमंत बिस्वा सरमा ने 16 मंत्रियों को दी बड़ी जिम्मेदारी, असम के 35 जिलों का बनाया ‘गार्जियन’</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/cm-हिमंत-बिस्वा-सरमा-ने-16-मंत्रियों-को-दी-बड़ी-जिम्मेदारी-असम-के-35-जिलों-का-बनाया-गार्जियन</link>
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        <description><![CDATA[ असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार (7 जून, 2026) को राज्य के 35 जिलों के लिए 16 कैबिनेट मंत्रियों को गार्जियन मंत्री के रूप में नियुक्त करने की घोषणा की है. इन मंत्रियों की जिम्मेदारी उन्हें सौंपे गए जिलों के समग्र विकास के लिए विभिन्न सरकारी विभागों के साथ समन्वय स्थापित करने की होगी.
इसके साथ ही, वे आपातकालीन परिस्थितियों और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान उन जिलों के लिए मुख्य संपर्क व्यक्ति यानी पॉइंट पर्सन के रूप में कार्य करेंगे. दरअसल, यह घोषणा तब सामने आई है, जब असम में एक बार फिर से भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार बनने के बाद शुक्रवार (5 जून, 2026) को जब राज्य मंत्रिमंडल के विस्तार हुआ, तब मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा था कि नए मंत्रियों के बीच विभागों का आवंटन एक हफ्ते के भीतर कर दिया गया.
मुख्यमंत्री सरमा ने X पोस्ट में दी जानकारी

I am pleased to announce the allocations of Guardian Districts to the Hon&amp;rsquo;ble Ministers of the Government of Assam.The allocations are as follows-1. Shri Rameswar Teli &amp;ndash; Tinsukia, Jorhat2. Shri Atul Bora &amp;ndash; Kamrup (Metro), Dhemaji3. Shri Charan Boro &amp;ndash; Kokrajhar, Baksa,&amp;hellip;
&amp;mdash; Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) June 7, 2026



इस संबंध में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार (7 जून, 2026) की दोपहर में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर किया. जिसमें सरमा ने लिखा, &amp;lsquo;मुझे असम सरकार के कैबिनेट मंत्रियों को गार्जियन जिलों का आवंटन करते हुए खुशी हो रही है. मुझे विश्वास है कि मंत्री जिला प्रशासन के साथ मिलकर विकास और समृद्धि की हमारी यात्रा को और गति देंगे.&amp;rsquo;
किन-किन कैबिनेट मंत्रियों को सौंपी गई गार्जियन की जिम्मेदारी
सीएम हिमंत बिस्वा सरमा के X पोस्ट के मुताबिक, असम सरकार में कैबिनेट मंत्री रमेश्वर तेली को तिनसुकिया और जोरहाट, अतुल बोरा को कामरूप (मेट्रोपॉलिटन) और धेमाजी, चरण बोरो को कोकराझार, बक्सा और चिरांग और अजंता नियोग को मोरीगांव और कामरूप जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
इन चार नेताओं ने पिछले महीने 12 मई को सीएम सरमा के साथ मंत्री पद की शपथ ली थी और उन्हें विभाग भी सौंपे जा चुके हैं. वहीं, शुक्रवार (5 जून, 2026) को शपथ लेने वाले अन्य 12 मंत्रियों को अभी विभाग नहीं सौंपे गए हैं, लेकिन उन्हें भी गार्जियन जिलों के जिम्मेदारी सौंप दी गई है.
इन नेताओं में अश्विनी राय सरकार है, जिन्हें को बोंगाईगांव और बरपेटा, अशोक सिंघल को दरांग और धुबड़ी, बिमल बोरा को शिवसागर और चराइदेव, बिस्वजीत दैमारी को नलबाड़ी और सोनितपुर, जयंत मल्ला बरुआ को तामुलपुर और ग्वालपाड़ा, कौशिक राय को श्रीभूमि और हैलाकांडी, केशव महंत को दक्षिण सलमारा-मनकाचर और उत्तर लखीमपुर, कृष्णेंदु पॉल को दीमा हसाओ और कछार, नीलिमा देवी को बजाली और उदालगुड़ी, पीयूष हजारिका को नगांव, होजाई, कार्बी आंगलोंग और पश्चिम कार्बी आंगलोंग, रणोज पेगू को बिस्वनाथ और गोलाघाट और सुशांत बोरगोहेन को डिब्रूगढ़ और माजुली जिलों की जिम्मेदारी दी गई है.
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        <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 03:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>बॉर्डर पर अब नहीं करना होगा लंबा इंतजार, अमित शाह लॉन्च करेंगे नया &amp;apos;डिजिटल सिस्टम&amp;apos;, यात्रियों और कार्गो को मिलेगी एंड&amp;टू&amp;एंड सुविधा</title>
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        <description><![CDATA[ Amit Shah will Launch Land Port Managment System: नई दिल्ली में बेहतर और सुरक्षित बॉर्डर मैनेजमेंट के अपने वादे को पूरा करते हुए केंद्रीय गृहमंत्री और सहकारिता मंत्री अमित शाह मंगलवार 9 जून को नई दिल्ली के लैंड पोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम को लॉन्च करेंगे. इसे भारत की बॉर्डर इन्फ्रास्ट्रक्चर के डिजिटल बदलाव की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है.&amp;nbsp;
एक आधिकारिक प्रेस रिलीज की मानें तो यह प्लेटफॉर्म भारत के सभी लैंड पोर्ट्स को एक डिजिटल सिस्टम के तहत लाने के लिए बनाया गया है. ताकि इसे रियल टाइम लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट और रेगुलेटरी के मामले में एयरपोर्ट और सीपोर्ट के बराबर लाया जा सके.&amp;nbsp;
गृहमंत्री अमित शाह ने वादा किया है कि नया सिस्टम कार्गो और यात्रियों की प्रोसेसिंग के लिए एंडटूएंड डिजिटल वर्कफ्लो देगा. इनमें स्लॉट बुकिंग, पेमेंट, रियल टाइम ट्रैकिंग और सिंगल विंडो क्लीयरेंस जैसी सुविधाएं शामिल हैं. इससे कागजी कार्रवाई में होने वाली देरी खत्म होगी. बॉर्डर क्रांसिंग पर इंतजार का समय कम होगा.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ेंः&amp;nbsp;हरियाणा में 661 करोड़ का घोटाला, CBI ने चंडीगढ़ से दिल्ली तक छह ठिकानों पर की छापेमारी
बॉर्डर पर लगातार बढ़ी है आवाजाही
यह एक न्यूट्रल और ओपन प्लेटफॉर्म के तौर पर काम करेगा. एपीएमएस सरकारी एजेंसियों और प्राइवेट ऑपरेटरों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करेगा. इसे ICEGATE, ULIP और मोटर व्हीकल इकोसिस्टम के साथ पूरी तरह से जोड़ा जाएगा. इसे बॉर्डर मैनेजमेंट इंटरऑपरेबल और पारदर्शी बनेगा. यह लॉन्च ऐसे समय में हो रहा है, जब बॉर्डर पार गतिविधियां बढ़ रही है.&amp;nbsp;

2014-15 के बाद से लैंड पोर्ट्स के जरिए होने वाला EXIM (आयात-निर्यात) व्यापार लगभग 5,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 2024-25 में 82,800 करोड़ रुपये हो गया है. कार्गो वाहनों की आवाजाही 1.1 लाख से बढ़कर 6.69 लाख और यात्रियों की आवाजाही 1.7 लाख से बढ़कर 25.8 लाख हो गई है.
विज्ञप्ति में बताया गया है कि गृह मंत्रालय के तहत एक वैधानिक निकाय, लैंड पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (LPAI) वर्तमान में पाकिस्तान, नेपाल, भूटान, बांग्लादेश और म्यांमार के साथ भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर 15 लैंड पोर्ट्स का संचालन करती है. LPMS का लॉन्च 2047 के लिए भारत के विकसित भारत लक्ष्य की दिशा में एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है.
यह भी पढ़ेंः&amp;nbsp;हरियाणा में 661 करोड़ का घोटाला, CBI ने चंडीगढ़ से दिल्ली तक छह ठिकानों पर की छापेमारी ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 03:30:07 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>बॉर्डर, पर, अब, नहीं, करना, होगा, लंबा, इंतजार, अमित, शाह, लॉन्च, करेंगे, नया, डिजिटल, सिस्टम, यात्रियों, और, कार्गो, को, मिलेगी, एंड-टू-एंड, सुविधा</media:keywords>
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        <title>बंगाल हार के बाद पहली बार दिल्ली में ममता, DMK ने दिखाया ठेंगा, इंडिया गठबंधन की बैठक में कौन&amp;कौन होगा शामिल?</title>
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        <description><![CDATA[ देश की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस के नेतृत्व में सोमवार (8 जून, 2026) को इंडिया गठबंधन की होने वाली बैठक को लेकर इस वक्त खूब चर्चा हो रही है. कांग्रेस पार्टी इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों के साथ कल सोमवार (8 जून, 2026) को नई दिल्ली स्थित संविधान क्लब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को ऊर्जा आपूर्ति संकट, LPG सिलेंडरों के बढ़ते दामों, सीबीएसई विवाद, नीट परीक्षा में गड़बड़ी के साथ-साथ 2029 के आगामी लोकसभा चुनावों की रणनीति पर मंथन करने और विपक्षी एकजुटता को मजबूत करने के विषय पर चर्चा करेगी.
हालांकि, विपक्षी गठबंधन के सहयोगी दलों की होने वाली अहम बैठक में तमिलनाडु के पूर्व सीएम एमके स्टालिन की पार्टी डीएमके ने न शामिल होने का फैसला किया है. डीएमके ने फिलहाल खुद को इस बैठक से अलग रखा है और उसने अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं कराने का फैसला किया है. जबकि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी पहली बार दिल्ली में आयोजित बैठक में शामिल होने वाली हैं. इंडिया गठबंधन की होने वाली इस बैठक को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्षी दलों के नेताओं की तरफ से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं हैं.
इंडिया गठबंधन की बैठक बहुत महत्वपूर्णः केसी वेणुगोपाल&amp;nbsp;

#WATCH | Delhi: On the INDIA bloc meeting tomorrow, Congress General Secretary (Organisation), KC Venugopal, says, &quot;After the meeting, we will tell the agenda. We are discussing the current political situation in the country. The way in which the Government of India is bulldozing&amp;hellip; pic.twitter.com/95Cxy8DTuz
&amp;mdash; ANI (@ANI) June 7, 2026



कांग्रेस पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा, &amp;lsquo;इंडिया गठबंधन की यह बैठक बहुत महत्वपूर्ण है. हम बैठक के बाद इसके पीछे के एजेंडे की जानकारी सार्वजनिक रूप से साझा करेंगे.&amp;rsquo; उन्होंने कहा, &amp;lsquo;इस बैठक में देश की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों पर चर्चा होगी. केंद्र सरकार जिस तरह से लोकतांत्रिक मूल्यों को दरकिनार कर रही है, उस भी विचार-विमर्श होगा. छात्रों से जुड़े मुद्दे भी चर्चा के प्रमुख विषय होंगे. इसके अलावा भी बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जानी है.
आए तो ठीक, नहीं तो उन्हें जबरन नहीं बुलाया जा सकताः उदित राज
कांग्रेस नेता उदित राज ने इंडिया गठबंधन की होने वाली अहम बैठक में डीएमके के शामिल न होने को लेकर बयान दिया है. उन्होंने कहा, &amp;lsquo;वे आते हैं, तो अच्छा है, नहीं तो फिर भी संविधान को और लोकतंत्र को बचाने की हमारी लड़ाई जारी रहेगी. उन्हें जबरन तो बुलाया नहीं जा सकता है.&amp;rsquo; उन्होंने कहा, &amp;lsquo;डीएमके की जो विचारधारा है, वो कहीं से भी आरएसएस और भारतीय जनता पार्टी (BJP) से मेल नहीं खाती है, तो आखिर में वो किसे ताकत देना चाहते हैं. इस देश में सिर्फ दो ही धूरी हैं, एक कांग्रेस और दूसरा बीजेपी. उन्हें किसी न किसी के साथ तो रहना ही है. अगर वे न्यूट्रल रहते हैं, तो ये बीजेपी को समर्थन देने जैसा ही होगा.&amp;rsquo;

#WATCH | Delhi: On the INDIA bloc meeting tomorrow, Congress leader Udit Raj says, &quot;... Our fight to save democracy and the Constitution will continue. Those who will come will be a good thing; we cannot force anyone to come. DMK&#039;s ideology does not match the BJP&#039;s in any way, so&amp;hellip; pic.twitter.com/QTFRCZ96X8
&amp;mdash; ANI (@ANI) June 7, 2026



उन्होंने आम आदमी पार्टी (AAP) पर टिप्पणी करते हुए कहा, &amp;lsquo;जहां तक आम आदमी पार्टी की बात है, तो वो तो भाजपा का बाई-प्रोडक्ट है. वो ये न भूलें कि अन्ना आंदोलन अपने आप में कुछ नहीं था और अरविंद केजरीवाल भी अपने आप में कुछ नहीं थे. उनके पीछे आरएसएस और भाजपा का समर्थन था, जिसकी वजह से वो खड़े हो गए थे. तो ऐसे में अगर आम आदमी पार्टी कांग्रेस या इंडिया गठबंधन के साथ नहीं आती है, तो वे परोक्ष रूप से भाजपा की मदद ही कर रहे हैं.&amp;rsquo;
क्या विपक्ष को छात्रों, बढ़ती महंगाई की चिंता नहीं होनी चाहिएः मनोज
वहीं, राजद से राज्यसभा सांसद मनोज कुमार झा ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा, &amp;lsquo;इस वक्त देश के लिए सबसे महत्वपूर्ण विषय पश्चिम एशिया और ईरान में जो हो रहा है और उसका असर भारत पर क्या हो रहा है, वो है. चंद घंटों पहले LPG सिलेंडर के दाम में 29 रुपये की वृद्धि हुई है, ये मार किस पर पड़ रही है, निम्न आय वर्ग और मध्यम वर्ग पर. क्या इस बात की चिंता देश के विपक्ष को नहीं करनी चाहिए?&amp;rsquo;

#WATCH Delhi: On the INDIA bloc meeting tomorrow, RJD MP Manoj Kumar Jha says, &quot;... The price of LPG cylinders has increased by Rs 29. Shouldn&#039;t the opposition be concerned about this? Shouldn&#039;t the opposition be concerned about the tampering with the future of students and&amp;hellip; pic.twitter.com/qyOUDM2gvX
&amp;mdash; ANI (@ANI) June 7, 2026



उन्होंने कहा, &amp;lsquo;यहां छात्रों और नौजवानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है, क्या इसकी चिंता विपक्ष को नहीं करनी चाहिए? मैं समझता हूं कि इस संदर्भ में कल होने वाली इंडिया गठबंधन की मीटिंग को देखा जाएगा. क्योंकि आज की तारीख में यही राष्ट्रीय मुद्दे हैं &amp;ndash; बेरोजगारी, छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़, निम्न और मध्यम आय वर्ग की जिंदगी को तहस-नहस करने की कोशिश, सरकार का ढुलमूल रवैया और उसके अलावा संस्थाओं और संस्थानों पर जो कब्जे और आधिपत्य की प्रवृति है वो.&amp;lsquo;
जहां कांग्रेस है, वहां कोई गठबंधन नहीं हो सकताः रेखा शर्मा
दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी (BJP) की नेता रेखा शर्मा ने इंडिया ब्लॉक की मीटिंग पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, &amp;lsquo;इंडिया गठबंधन जैसी कोई चीज अब नहीं रह गई है. हम सभी देख लिया कि जहां भी कोई ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 03:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>बंगाल, हार, के, बाद, पहली, बार, दिल्ली, में, ममता, DMK, ने, दिखाया, ठेंगा, इंडिया, गठबंधन, की, बैठक, में, कौन-कौन, होगा, शामिल</media:keywords>
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    <item>
        <title>‘अभिषेक बनर्जी के लिए खड़े होकर ताली बजाना...’, TMC के बागी MLA ऋतव्रत बनर्जी ने खोले राज</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/अभिषेक-बनर्जी-के-लिए-खड़े-होकर-ताली-बजाना-tmc-के-बागी-mla-ऋतव्रत-बनर्जी-ने-खोले-राज</link>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार मिलने के बाद से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर लगातार नेताओं और कार्यकर्ताओं में टूट और विरोध के सूर सुनाई दे रहे हैं. इस बीच टीएमसी के बागी विधायक ऋतब्रत बनर्जी ने रविवार (7 जून, 2026) को पार्टी के आंतरिक कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाते हुए अभिषेक बनर्जी से जुड़े गहरे राज खोले दिए हैं.
उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन की समीक्षा के लिए बुलाई गई बैठक में विधायकों को अभिषेक बनर्जी के सम्मान में खड़े होकर तालियां बजाने (स्टैंडिंग ओवेजन) के लिए कहा गया था.
बैठक में पार्टी को लेकर कोई प्रस्ताव नहीं थाः ऋतव्रत
इंडिया टुडे को दिए इंटरव्यू में टीएमसी के बागी विधायक ऋतब्रत बनर्जी की टिप्पणियों ने पार्टी के भीतर चल रहे मतभेदों को खुलकर सामने ला दिया. उन्होंने कहा कि 6 मई, 2026 को पश्चिम बंगाल के कालीघाट में हुई बैठक, जो चुनाव नतीजे आने के दो दिन बाद आयोजित की गई थी, में विधायक दल के प्रदर्शन की समीक्षा के बजाए सिर्फ अभिषेक बनर्जी को सम्मानित करने का प्रस्ताव रखा गया.
उन्होंने कहा, &amp;lsquo;विधायक दल को लेकर कोई प्रस्ताव नहीं था. सिर्फ एक ही प्रस्ताव था कि सब लोग खड़े होकर अभिषेक बनर्जी को स्टैंडिंग ओवेजन दें.&amp;rsquo; उन्होंने दावा करते हुए कहा, &amp;lsquo;कई विधायक ऐसा करने को लेकर सहज नहीं थे. हर कोई झिझक रहा था. मैं भी झिझक रहा था, लेकिन मेरे पास खड़ा न होने की हिम्मत नहीं थी. इसलिए मैं आधा ही खड़ा हुआ. मैं अपनी कुर्सी से पूरी तरह नहीं उठा.&amp;rsquo;&amp;nbsp;

चुनावी हार के बावजूद जीत का माहौल बनाया जा रहा थाः बनर्जी
टीएमसी के बागी विधायक ने आगे कहा, &amp;lsquo;हर कोई जानता है कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सबसे बड़ी जिम्मेदारी कौन है.&amp;rdquo; उनकी इस टिप्पणी को व्यापक रूप से अभिषेक बनर्जी की तरफ एक संकेत माना जा रहा है. उन्होंने यह भी दावा किया कि चुनावी हार के बावजूद पार्टी नेतृत्व जीत का माहौल बनाने की कोशिश कर रहा था.
ऋतब्रत बनर्जी ने कहा, &amp;lsquo;पार्टी कह रही थी कि हम चुनाव नहीं हारे हैं. हमने 80 सीटें जीती हैं. उस समय भाजपा ने 207 सीटें जीती थीं.&amp;rsquo; उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार यह प्रचार किया जा रहा था कि पार्टी वास्तव में 180 सीटें जीत चुकी है और 100 सीटें छीनी जा रही हैं.&amp;nbsp;
यह भी पढे़ंः TMC में बगावत के बाद ममता बनर्जी का बड़ा दांव, भतीजे अभिषेक के &#039;पर&#039; कतरे, डेरेक ओ&#039;ब्रायन को मिली ये जिम्मेदारी ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 03:30:06 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>‘अभिषेक, बनर्जी, के, लिए, खड़े, होकर, ताली, बजाना...’, TMC, के, बागी, MLA, ऋतव्रत, बनर्जी, ने, खोले, राज</media:keywords>
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        <title>हरियाणा में 661 करोड़ का घोटाला, CBI ने चंडीगढ़ से दिल्ली तक छह ठिकानों पर की छापेमारी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/हरियाणा-में-661-करोड़-का-घोटाला-cbi-ने-चंडीगढ़-से-दिल्ली-तक-छह-ठिकानों-पर-की-छापेमारी</link>
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        <description><![CDATA[ केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने शनिवार (6 जून) को IDFC फर्स्ट बैंक/AU फाइनेंस बैंक से जुड़े बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी मामले की जांच के सिलसिले में 6 परिसरों में तलाशी ली. यह मामला हरियाणा सरकार के 8 विभागों और चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश के 2 विभागों (चंडीगढ़ नगर निगम और क्रेस्ट चंडीगढ़) में सरकारी निधियों के गबन से संबंधित है.
तलाशी अभियान चंडीगढ़, पंचकूला और दिल्ली एनसीआर में स्थित परिसरों पर चलाया गया, जिनमें हरियाणा कैडर के वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और मेसर्स विपम कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशक के आवासीय परिसर शामिल हैं. यह तलाशी अनियमितताओं और अपराध की आय प्राप्त करने के संबंध में की गई.&amp;nbsp;
क्या है पूरा मामला
जांच के दौरान ऐसे सबूत सामने आए हैं जिनसे पता चलता है कि सरकारी कर्मचारियों ने बैंक अधिकारियों के साथ मिलीभगत करके खाते खोलने, धन हस्तांतरण और बाद में धन के गबन में सहायता की थी. आरोप है कि उन्होंने इस मिलीभगत और निष्क्रियता के बदले अनुचित लाभ प्राप्त किए. मेसर्स विपम कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड नोएडा, के खाते में अपराध की धनराशि प्राप्त हुई, जिसे बाद में निदेशक के निजी खाते में स्थानांतरित कर दिया गया. तलाशी अभियान के दौरान आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल उपकरण, संपत्ति दस्तावेज और अन्य संबंधित सामग्री जब्त की गई.

सीबीआई ने हरियाणा राज्य सतर्कता एवं एसीबी से एक मामला और चंडीगढ़ के आर्थिक अपराध पुलिस स्टेशन में दर्ज दो मामलों में जांच की. ये मामले आपराधिक साजिश, सरकारी धन के दुरुपयोग और बैंक अधिकारियों एवं सरकारी कर्मचारियों की मिलीभगत से किए गए संबंधित अपराधों से संबंधित हैं. हरियाणा सरकार के 8 विभाग और चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश के 2 विभाग, अर्थात् चंडीगढ़ नगर निगम और क्रेस्ट चंडीगढ़, इस धोखाधड़ी से प्रभावित हुए, जिसके परिणामस्वरूप 661 करोड़ रुपये का गबन हुआ.
पंचकूला स्थित सीबीआई कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल
प्रारंभिक जांच पूरी करने के बाद, सीबीआई ने पंचकूला स्थित सीबीआई न्यायालय में प्रथम आरोप पत्र दाखिल कर दिया है, जिसमें हरियाणा विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड और हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद (हरियाणा सरकार के दो विभागों) के लोक सेवकों की भूमिका का विस्तृत विवरण दिया गया है. आरोप पत्र में हरियाणा सरकार के आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू फाइनेंस बैंक में जमा सरकारी धन की धोखाधड़ी से हेराफेरी करने के तौर-तरीकों का भी स्पष्टीकरण दिया गया है.
तीनों मामलों में जांच सक्रिय रूप से जारी है और इसमें शामिल सभी लोगों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा रही है. अतिरिक्त आरोप पत्र जल्द ही दाखिल किया जाएगा. सीबीआई वित्तीय अपराधों और सार्वजनिक धन के दुरुपयोग की निष्पक्ष और गहन जांच के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है.
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2 करोड़ कैश, 300 ग्राम से ज्यादा सोना, 5 इमारतें और 13 प्लॉट... ओडिशा विजिलेंस टीम ने ITDA के AEE के 9 ठिकानों पर मारा छापा ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 15:30:19 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>हरियाणा, में, 661, करोड़, का, घोटाला, CBI, ने, चंडीगढ़, से, दिल्ली, तक, छह, ठिकानों, पर, की, छापेमारी</media:keywords>
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        <title>&amp;apos;हर सिलेंडर पर करीब 700 रुपये का नुकसान&amp;apos;, घरेलू गैस के दाम बढ़ने पर सरकार का आया बयान, PAK&amp;अमेरिका से की तुलना</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/हर-सिलेंडर-पर-करीब-700-रुपये-का-नुकसान-घरेलू-गैस-के-दाम-बढ़ने-पर-सरकार-का-आया-बयान-pak-अमेरिका-से-की-तुलना</link>
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        <description><![CDATA[ केंद्र सरकार ने घरेलू रसोई गैस सिलेंडर (LPG) की कीमत में 29 रुपये की बढ़ोतरी कर दी है. इस फैसले का बचाव करते हुए केंद्र सरकार ने सफाई भी जारी की है. सरकार ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतों में तेज उछाल के बावजूद भारत में परिवारों को रसोई गैस दुनिया के अन्य देशों की तुलना में सस्ती कीमत पर मिल रही है.&amp;nbsp;
दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत अब 942 हो गई है, जो पहले 913 रुपये थी. वहीं प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के लाभार्थियों को साल में चार बार 300 रुपये की सब्सिडी मिलने के बाद सिलेंडर ₹642 में उपलब्ध होगा. हालांकि, पिछले साल यह सब्सिडी साल में 9 बार देने की घोषणा की गई थी.&amp;nbsp;
ये भी पढ़ें- 942 रुपये के पार हुआ घरेलू सिलेंडर, जानिए दाम बढ़ने के बाद अब खाते में कितनी आएगी सब्सिडी?
LPG सिलेंडर में अब तक 89 रुपये की बढ़ोतरी
इससे पहले सात मार्च को घरेलू रसोई गैस के दाम 60 रुपये प्रति सिलेंडर बढ़ाए गए थे. इस तरह से 14.2 किलोग्राम के रसोई गैस सिलेंडर के दाम कुल मिलाकर 89 रुपये बढ़ चुके हैं. &amp;nbsp;ताजा बदलाव से पहले सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियों को प्रत्येक सिलेंडर की बिक्री पर 703 रुपये का नुकसान हो रहा था. सरकार ने बताया कि पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में आपूर्ति बाधित होने के कारण एलपीजी का वैश्विक बेंचमार्क &amp;lsquo;सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस&amp;rsquo; फरवरी के बाद लगभग 46 प्रतिशत बढ़ गया है. इसके चलते घरेलू एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति की वास्तविक लागत 1,600 रुपये से अधिक हो चुकी है.

तेल कंपनियों को करीब 60 हजार करोड़ का नुकसान: केंद्र
सरकार का कहना है कि घरेलू उपभोक्ता केवल 942 का भुगतान कर रहे हैं, जबकि शेष लागत का बड़ा हिस्सा सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियां और सरकार वहन कर रही हैं. सरकार के मुताबिक, घरेलू एलपीजी पर नुकसान पिछले वित्त वर्ष में बढ़कर लगभग₹60,000 करोड़ हो गया, जो एक वर्ष पहले 41,338 करोड़ थी. इस नुकसान की आंशिक भरपाई के लिए केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम कंपनियों को ₹30,000 करोड़ की क्षतिपूर्ति देने को मंजूरी दी है. &amp;nbsp; &amp;nbsp;
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पाकिस्तान, नेपाल और अमेरिका से कम है LPG के दाम: सरकार
सरकार ने यह भी कहा कि संकट के दौरान देश में एलपीजी की उपलब्धता बनाए रखने के लिए घरेलू उत्पादन में 60 प्रतिशत से अधिक वृद्धि की गई और अमेरिका, कनाडा तथा अल्जीरिया जैसे देशों से अतिरिक्त आयात की व्यवस्था की गई. सरकार का दावा है कि भारत में घरेलू एलपीजी की कीमतें पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका समेत कई देशों और अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया तथा कनाडा जैसे विकसित देशों की तुलना में अब भी कम हैं. सरकार के अनुसार, कीमतों में यह संशोधन उपभोक्ताओं को वैश्विक कीमतों के पूरे असर से बचाने और देशभर में रसोई गैस की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 15:30:17 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>हर, सिलेंडर, पर, करीब, 700, रुपये, का, नुकसान, घरेलू, गैस, के, दाम, बढ़ने, पर, सरकार, का, आया, बयान, PAK-अमेरिका, से, की, तुलना</media:keywords>
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        <title>TMC में बगावत के बाद ममता बनर्जी का बड़ा दांव, भतीजे अभिषेक के &amp;apos;पर&amp;apos; कतरे, डेरेक ओ&amp;apos;ब्रायन को मिली ये जिम्मेदारी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/tmc-में-बगावत-के-बाद-ममता-बनर्जी-का-बड़ा-दांव-भतीजे-अभिषेक-के-पर-कतरे-डेरेक-ओब्रायन-को-मिली-ये-जिम्मेदारी</link>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस बगावत से जूझ रही है, इसी को देखते हुए ममता बनर्जी ने पूरे संगठन को भंग कर दिया था. 5 जून को फिर से टीएमसी का संगठन बनाया गया है, जिसमें अभिषेक बनर्जी की जिम्मेदारियों को कम किया गया है. इसके अलावा&amp;nbsp;डेरेक ओ&#039;ब्रायन और डोला सेन को राष्ट्रीय संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया. ये दोनों नेता राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के सहयोगी होंगे.&amp;nbsp;
टीएमसी ने पश्चिम बंगाल प्रदेश तृणमूल कांग्रेस कमेटी के पुनर्गठन की भी घोषणा की है. जारी की गई सूची को ही प्रारंभिक नियुक्तियों के रूप में बताया गया है हालांकि बाद में और नाम जोड़े जाने की उम्मीद है. चंद्रिमा भट्टाचार्य को प्रदेश अध्यक्ष नामित किया गया है.
चंद्रिमा भट्टाचार्य बनीं बंगाल टीएमसी अध्यक्ष
वरिष्ठ नेता चंद्रिमा भट्टाचार्य को पश्चिम बंगाल प्रदेश तृणमूल कांग्रेस कमेटी का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है तो वहीं सुब्रता बख्शी राष्ट्रीय कार्यकारी समिति में उपाध्यक्ष के रूप में बने रहेंगे. पार्टी ने बंगाल इकाई के लिए चार उपाध्यक्षों के नाम भी घोषित किए. इनमें सजदा अहमद, ममता ठाकुर, नयना बंद्योपाध्याय और स्वाति खांडेकर शामिल हैं.
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राज्य महासचिवों की भी नियुक्ति
इसके अलावा टीएमसी ने राज्य महासचिवों की भी नियुक्ति की है. इनमें बाबर अली, पुलक रॉय, आशिमा पात्रा, अरूप बिस्वास और राजीब बनर्जी शामिल हैं. राज्य महासचिवों के अलावा नए कार्यकारी सदस्यों की भी नियुक्ति की गई है. इनमें ज्योतिप्रियो मुल्लिक, डॉ. राणा चटर्जी, बिदेश बोस, त्रिनंकुर भट्टाचार्य, जया दत्ता, तपस चटर्जी, वसुंधरा गोस्वामी और गौतम देब हैं.

सायोनी घोष को कौनसी जिम्मेदारी?
तृणमूल युवा कांग्रेस (टीएमवाईसी) का सायोनी घोष को अध्यक्ष नियुक्त किया गया है और मधुरिमा ठाकुर को महासचिव बनाया गया है. महिला तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी माला रॉय को सौंपी गई है. तृणमूल छात्र परिषद (टीएमसीपी) का अध्यक्ष प्रियंका अधिकारी को नियुक्त किया गया है.
इंडियन नेशनल तृणमूल ट्रेड यूनियन कांग्रेस (आईएनटीटीयूसी) का अध्यक्ष मोलॉय घटक को बनाया गया है. इसके अलावा हॉकर्स भारत सरकार विंग का अध्यक्ष मदन मित्रा को नियुक्त किया गया है. टीएमसी एससी/एसटी विंग के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी बिरबाहा हांसदा को सौंपी गई है.
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&#039;सुरक्षा कवर के दावे सच्चाई&amp;hellip;&#039;, सोशल मीडिया पर भड़के अभिषेक बनर्जी, जानें किसे और क्या दी नसीहत ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 15:30:16 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>TMC, में, बगावत, के, बाद, ममता, बनर्जी, का, बड़ा, दांव, भतीजे, अभिषेक, के, पर, कतरे, डेरेक, ओब्रायन, को, मिली, ये, जिम्मेदारी</media:keywords>
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        <title>&amp;apos;हम थलापति विजय की TVK को समर्थन देंगे, ये DMK को पहले ही बताया था&amp;apos;, INDIA ब्लॉक में घमासान के बीच चिदंबरम का दावा</title>
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        <description><![CDATA[ INDIA ब्लॉक की मीटिंग से पहले घमासान के बीच कांग्रेस के सीनियर नेता और पूर्व गृहमंत्री पी चिदंबरम ने कहा है कि उनकी पार्टी ने तमिलनाडु में थलापति विजय की पार्टी टीवीके को समर्थन देने से पहले डीएमके को इसकी जानकारी दे दी थी. तमिलनाडु में 23 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव में डीएमके के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ने वाली कांग्रेस, सरकार गठन के लिए टीवीके को समर्थन देने वाली पहली पार्टी थी.&amp;nbsp;
कांग्रेस ने टीवीके को अपने पांच विधायकों का समर्थन दिया, जिससे उसके लिए सरकार बनाना संभव हो सका. चिदंबरम ने शनिवार को एक न्यूज चैनल से कहा, &#039;यदि टीवीके सदन में बहुमत हासिल करने में विफल रहती, तो ऐसी स्थिति में हम एक और चुनाव टालना चाहते थे. गठबंधन सहयोगियों की भी यही व्यापक भावना थी. जनता भी दोबारा चुनाव नहीं चाहती थी.&#039;
चिदंबरम बोले- हमने गठबंधन के सहयोगियों को दी थी जानकारी
उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने टीवीके सरकार को समर्थन देने के अपने फैसले की जानकारी सीपीआई, वीसीके और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) सहित अन्य सहयोगी दलों को भी दी थी. चिदंबरम ने कहा, &#039;फर्क सिर्फ इतना है कि हमने टीवीके को समर्थन देने की घोषणा अपने सहयोगियों से एक दिन पहले कर दी थी.&#039;
ये भी पढ़ें- &#039;हर सिलेंडर पर करीब 700 रुपये का नुकसान&#039;, घरेलू गैस के दाम बढ़ने पर सरकार का आया बयान, PAK-अमेरिका से की तुलना
DMK ने कांग्रेस के इस कदम को बताया विश्वासघात
गठबंधन की चुनावी हार के तुरंत बाद उदयनिधि स्टालिन के नेतृत्व वाली डीएमके की यूथ विंग ने एक बैठक आयोजित कर प्रस्ताव पारित किया, जिसमें कांग्रेस पर द्रमुक के साथ &#039;विश्वासघात&#039; करने का आरोप लगाया गया. डीएमके के सीनियर नेता टी आर बालू ने भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने गठबंधन को वोट देने वाले लोगों के साथ धोखा किया है.&amp;nbsp;
विजय की टीवीके को मिली थीं 108 सीटें&amp;nbsp;
साल 2026 के विधानसभा चुनाव में अभिनेता-नेता विजय के नेतृत्व वाली टीवीके 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन वह साधारण बहुमत के लिए आवश्यक 118 सीटों के आंकड़े से पीछे रह गई. सरकार बनाने के लिए उसे कम से कम 10 और विधायकों के समर्थन की जरूरत थी. राज्य में पांच सीटें जीतने वाली कांग्रेस विपक्षी दलों में से सबसे पहले टीवीके के समर्थन में आई. इसके बाद वीसीके, भाकपा और माकपा ने भी समर्थन दिया, जिनके पास दो-दो विधायक थे. इन दलों के समर्थन से टीवीके बहुमत का आंकड़ा पार करने में सफल रही और सरकार बनाने का दावा पेश कर सकी.
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        <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 15:30:14 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>हम, थलापति, विजय, की, TVK, को, समर्थन, देंगे, ये, DMK, को, पहले, ही, बताया, था, INDIA, ब्लॉक, में, घमासान, के, बीच, चिदंबरम, का, दावा</media:keywords>
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        <title>&amp;apos;हिटलर से प्रेरित होकर...&amp;apos;, तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी का HYDRAA को लेकर विवादित बयान, भड़की बीजेपी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/हिटलर-से-प्रेरित-होकर-तेलंगाना-cm-रेवंत-रेड्डी-का-hydraa-को-लेकर-विवादित-बयान-भड़की-बीजेपी</link>
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        <description><![CDATA[ HYDRAA Controversy:&amp;nbsp;तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का एक बयान राजनीतिक विवाद का कारण बन गया है. रेवंत रेड्डी ने हैदराबाद डिजास्टर रिस्पॉन्स एंड एसेट प्रोटेक्शन एजेंसी (HYDRAA) के नाम को लेकर ऐसा दावा किया, जिस पर भाजपा और बीआरएस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. भाजपा ने मुख्यमंत्री के बयान को कांग्रेस की &quot;हिटलर और आपातकाल वाली मानसिकता&quot; का उदाहरण बताते हुए उनसे माफी मांगने की मांग की है.
बेंगलुरु कार्यक्रम में दिया बयान
शनिवार को बेंगलुरु में आयोजित एक कार्यक्रम में बातचीत के दौरान रेवंत रेड्डी ने दावा किया कि HYDRAA नाम और इसकी अवधारणा को लेकर उन्हें प्रेरणा मिली थी. रेड्डी ने कहा कि &quot;हाइड्रा&quot; हिटलर का पसंदीदा शब्द था और उसकी मुख्य टीम को भी हाइड्रा कहा जाता था, जो किसी की भी हत्या कर सकती थी. उन्होंने कहा कि इसी से प्रेरित होकर उन्होंने एजेंसी का नाम HYDRAA रखा.
हालांकि इतिहास के जानकारों ने इस दावे पर सवाल उठाए हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि हिटलर की किसी टीम को &quot;हाइड्रा&quot; कहे जाने का कोई ऐतिहासिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है. उनका कहना है कि &quot;हाइड्रा&quot; शब्द का संबंध द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान ब्रिटिश रॉयल एयर फोर्स के एक सैन्य अभियान से जुड़ा रहा है.
भाजपा ने कांग्रेस पर साधा निशाना
रेवंत रेड्डी के बयान के बाद भाजपा ने कांग्रेस और तेलंगाना सरकार पर हमला तेज कर दिया. भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस की खतरनाक &quot;हिटलर और आपातकाल वाली मानसिकता&quot; एक बार फिर सामने आ गई है. उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि रेवंत रेड्डी खुलेआम कह रहे हैं कि उन्हें HYDRAA बनाने की प्रेरणा हिटलर से मिली. यह कांग्रेस की तानाशाही सोच को दर्शाता है. उन्होंने कहा कि आपातकाल से लेकर आज तक कांग्रेस जनता की आवाज दबाने का काम करती रही है.
केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने भी की आलोचना
केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने भी मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने रेवंत रेड्डी का वीडियो साझा करते हुए एक्स पर लिखा कि कांग्रेस की खतरनाक &quot;हिटलर और आपातकाल वाली मानसिकता&quot; फिर से खुलकर सामने आ गई है. उन्होंने आरोप लगाया कि रेवंत रेड्डी हैदराबाद में की गई कार्रवाई की तुलना ईरान और इजराइल जैसे संघर्षग्रस्त क्षेत्रों में हुई तबाही से कर रहे हैं, जो कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भाषा से मेल खाती है. किशन रेड्डी ने कहा कि आपातकाल से लेकर हिटलर तक, कांग्रेस हमेशा जनता की आवाज दबाने की राजनीति करती रही है. उन्होंने मुख्यमंत्री से तेलंगाना की जनता से बिना शर्त माफी मांगने की मांग की. ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 15:30:13 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>हिटलर, से, प्रेरित, होकर..., तेलंगाना, रेवंत, रेड्डी, का, HYDRAA, को, लेकर, विवादित, बयान, भड़की, बीजेपी</media:keywords>
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        <title>&amp;apos;धमकियों के कारण घर...&amp;apos;, कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन खत्म होते ही आया अभिजीत दीपके का पहला रिएक्शन, जानें क्या कहा</title>
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        <description><![CDATA[ राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में स्थित जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का विरोध प्रदर्शन शनिवार (6 जून, 2026) को शाम के वक्त खत्म हो चुका है. प्रदर्शन के खत्म होने के बाद पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपना पहला रिएक्शन दिया है. उन्होंने कहा कि वो अपने माता-पिता से मिलने के लिए अपने घर जा रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि उनके माता-पिता को धमकियां मिलने के बाद अपना घर भी छोड़ना पड़ा था.
सोशल मीडिया पोस्ट में क्या बोले अभिजीत दीपके?
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने शनिवार (6 जून, 2026) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया शेयर की. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, &amp;lsquo;मैं अपने माता-पिता से मिलने घर जा रहा हूं. उनसे आखिरी बार मिले हुए एक साल से भी ज्यादा समय हो गया है. उन्होंने पिछले 15 दिनों में बहुत कुछ झेला है और धमकियों की वजह से उन्हें अपना घर भी छोड़ना पड़ा था. अब मैं उन्हें वापस उनके घर लेकर जा रहा हूं.&amp;rsquo;&amp;nbsp;

Going home to see my parents, it&amp;rsquo;s been more than a year since I last met them. They&#039;ve suffered a lot over the last 15 days and had to leave home because of threats. Will be taking them back to home. FYI, today&amp;rsquo;s protest was just a trailer. Thank you for showing up in such&amp;hellip;
&amp;mdash; Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) June 6, 2026



आज का प्रदर्शन सिर्फ ट्रेलरः अभिजीत दीपके
अभिजीत दीपके ने X पोस्ट में आगे कहा, &amp;lsquo;आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि आज का प्रदर्शन तो सिर्फ एक ट्रेलर था. इतनी बड़ी संख्या में पहुंचकर अपना समर्थन देने के लिए आप सभी का दिल से धन्यवाद!&amp;rsquo; इसके साथ ही पोस्ट के आखिर में उन्होंने लाल दिल का इमोजी भी जोड़ा था.

तिरंगे और बाबा साहेब अंबेडकर की तस्वीरों के साथ नजर आए लोग

They said cockroaches will never come on the ground&amp;hellip; pic.twitter.com/awz1GdoKVq
&amp;mdash; Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) June 6, 2026



वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने शनिवार (6 जून, 2026) को दोपहर करीब चार बजे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो पोस्ट शेयर किया. इस वीडियो में दिल्ली स्थित जंतर मंतर पर हजारों की संख्या में लोग नजर आए, जो कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थन में और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली भारत सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे थे. वीडियो में काफी संख्या में लोग तिरंगा झंडा और डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीरों के साथ भी नजर आए. वहीं, इस वीडियो पोस्ट के कैप्शन में अभिजीत दीपके ने लिखा, &amp;lsquo;वो कहते हैं कि कॉकरोच कभी भी जमीन पर नहीं आते हैं.&amp;rsquo;
यह भी पढ़ेंः तय समय से पहले ही खत्म हुआ कॉकरोच जनता पार्टी का प्रोटेस्ट, गर्मी बढ़ी तो AC गाड़ी में बैठ गए अभिजीत दीपके ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 23:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>धमकियों, के, कारण, घर..., कॉकरोच, जनता, पार्टी, का, प्रदर्शन, खत्म, होते, ही, आया, अभिजीत, दीपके, का, पहला, रिएक्शन, जानें, क्या, कहा</media:keywords>
    </item>
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        <title>&amp;apos;क्या उनसे बेहतर...&amp;apos; सरफराज को नहीं मिली टीम इंडिया में जगह तो शशि थरूर का रिएक्शन, जानें क्या कहा</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/क्या-उनसे-बेहतर-सरफराज-को-नहीं-मिली-टीम-इंडिया-में-जगह-तो-शशि-थरूर-का-रिएक्शन-जानें-क्या-कहा</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/क्या-उनसे-बेहतर-सरफराज-को-नहीं-मिली-टीम-इंडिया-में-जगह-तो-शशि-थरूर-का-रिएक्शन-जानें-क्या-कहा</guid>
        <description><![CDATA[ मुंबई से और फर्स्ट क्लास के धुरंधर बल्लेबाज सरफराज खान को टीम इंडिया में शामिल न किए जाने को लेकर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सवाल उठाया है. साथ ही बीसीसीआई और चयन समिति के फैसले पर सवाल उठाया है. उन्होंने बकायदा एक पोस्ट करते हुए बीसीसीआई, चीफ सिलेक्टर अजीत आगरकर, कोच गौतम गंभीर से सवाल किया है. इस पोस्ट में थरूर ने सरफराज को भी टैग किया है.&amp;nbsp;
थरूर ने लिखा-सरफराज खान को शामिल न किए जाने से हैरान हूं
कांग्रेस नेता ने लिखा कि &amp;nbsp;श्रीलंका दौरे के लिए इंडिया A टीम में मुंबई के बल्लेबाज और टेस्ट टीम से बाहर चल रहे सरफराज खान को शामिल न किए जाने से हैरान हूं. क्या टेस्ट टीम के बाहर उनसे बेहतर कोई बल्लेबाज है? किसी का भी फर्स्ट-क्लास रिकॉर्ड उनके आस-पास भी नहीं है. सेलेक्टर इसे कैसे सही ठहरा सकते हैं?&amp;nbsp;

Shocked by the exclusion of Mumbai batter &amp;amp; Test discard Sarfaraz Khan from the India A squad for Sri Lanka. Is there a better batsman outside the Test team than him? No one&amp;rsquo;s first-class record comes close. How can the selectors justify this? @sarfankhan97 @imAagarkar&amp;hellip;
&amp;mdash; Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) June 6, 2026



थरूर पहले भी उठा चुके हैं सिलेक्शन कमिटी के फैसले पर सवाल
शशि थरूर इससे पहले भी टीम सिलेक्शन को लेकर सवाल उठा चुके हैं. पहले भी भारतीय टीम के चयन पर खुलकर अपनी बात रख चुके हैं. इससे पहले जब जुलाई 2024 में भारतीय टीम श्रीलंका दौरे पर जा रही थी, तब वनडे सीरीज के लिए टीम का ऐलान किया गया था. तब वनडे में शतक बनाने के बावजूद संजू सैमसन को बाहर रखा गया था. इसके अलावा जिम्बाब्वे के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करने वाले अभिषेक शर्मा को मौका न देने पर भी आलोचना की थी.&amp;nbsp;

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ध्रुव जुरेल को सौंपी गई है इंडिया ए की कमान
श्रीलंका दौरे के लिए इंडिया ए स्क्वॉड को चुना गया है, उनमें ध्रुव जुरेल (कप्तान), देवदत्त पडिक्कल (उपकप्तान), साई सुदर्शन, आयुष पांडे, ऋतुराज गायकवाड़, शेख राशिद, हर्ष दुबे, अंशुल कंबोज, सारांश जैन, गुरनूर बराड़, एन जगदीशन (विकेटकीपर), अमन मोखाडे, आकिब नबी, यश ठाकुर, जीशान अंसारी शामिल हैं. इनमें सरफराज को टीम में जगह नहीं दी गई है.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ें:&amp;nbsp;&amp;lsquo;मां-बहन&amp;rsquo; के प्रमोशन में छाईं माधुरी दीक्षित, 5 लेटेस्ट साड़ी लुक्स देख गुनगुनाएंगे &amp;lsquo;धक-धक करने लगा&amp;rsquo; ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 23:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>क्या, उनसे, बेहतर..., सरफराज, को, नहीं, मिली, टीम, इंडिया, में, जगह, तो, शशि, थरूर, का, रिएक्शन, जानें, क्या, कहा</media:keywords>
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        <title>&amp;apos;सुरक्षा कवर के दावे सच्चाई…&amp;apos;, सोशल मीडिया पर भड़के अभिषेक बनर्जी, जानें किसे और क्या दी नसीहत</title>
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        <description><![CDATA[ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी ने शनिवार (6 जून, 2026) को पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में हुए हमले के केंद्रीय सुरक्षा कवर मांगने के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा कि ये सभी दावे झूठे, बेबुनियाद और सच्चाई से कोसों दूर है.
उन्होंने कहा कि मैंने हमले के सात दिन बीत जाने के बाद भी किसी तरह की सुरक्षा व्यवस्था की मांग नहीं की है. यह घटना केंद्र और राज्य (पश्चिम बंगाल), दोनों सरकारों की निगरानी में हुई है, उन्हें पहले घटना से जुड़े गंभीर सवालों के जवाब देने चाहिए.
केंद्र और राज्य सरकार घटना से जुड़े सवालों का दे जवाबः अभिषेक
टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने इस संबंध में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शनिवार (6 जून, 2026) को एक पोस्ट शेयर किया. उन्होंने कहा, &amp;lsquo;ऐसी कई खबरें सामने आईं हैं, जिसमें यह दावा किया जा रहा है कि मैंने पिछले महीने की 30 तारीख यानी 30 मई, 2026 को पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में मुझ पर हुए हमले के बाद केंद्रीय सुरक्षा कवर की मांग की है. यह दावा पूरी तरह से झूठा, बेबुनियाद और सच्चाई से कोसों दूर है.&amp;rsquo;

A section of the media is reporting that I have sought Central security cover following the attack on me in Sonarpur on the 30th of last month. This claim is entirely baseless and far from the truth.I have not sought any security cover in the seven days since the attack. The&amp;hellip;
&amp;mdash; Abhishek Banerjee (@abhishekaitc) June 6, 2026



उन्होंने कहा, &amp;lsquo;हमले के बाद बीते सात दिनों में मैंने किसी भी तरह की सुरक्षा व्यवस्था की मांग नहीं की है. यह घटना केंद्र और राज्य (पश्चिम बंगाल), दोनों सरकारों की निगरानी में हुई है और इस घटना से जुड़ी परिस्थितियों को लेकर उठ रहे गंभीर सवालों के जवाब दोनों को देना चाहिए.&amp;rsquo;&amp;nbsp;

एक महीने में राज्य में जघन्य अपराधों की कई घटनाएं घटीः अभिषेक
अभिषेक बनर्जी ने कहा, &amp;lsquo;इससे भी ज्यादा चिंता की बात यह है कि पिछले एक महीने में पश्चिम बंगाल में यौन उत्पीड़न और कई अन्य जघन्य अपराधों की घटनाएं सामने आई हैं, जिनका शिकार आम नागरिक हुए हैं, लेकिन उनमें से कई घटनाओं पर बहुत कम या बिल्कुल ही ध्यान नहीं दिया गया है. नागरिकों की सुरक्षा उन लोगों की सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए, जिन्हें राज्य की सत्ता की जिम्मेदारी सौंपी गई है.&amp;rsquo;
उन्होंने आगे कहा, &amp;lsquo;मैं राज्य और केंद्र की सुरक्षा एजेंसियों से अनुरोध करता हूं कि वे पश्चिम बंगाल के नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर अपना ध्यान फोकस करें, बजाए इसके कि कुछ भ्रामक सूचनाओ और राजनीतिक रूप से प्रेरित कहानियों को बढ़ावा मिलने दिया जाए. जनता सुरक्षा, जवाबदेही और सच्चाई जानने की हकदार है.&amp;rsquo;
यह भी पढे़ंः क्या पार्टी पर अपना कंट्रोल खोते जा रही हैं ममता बनर्जी? 30 साल बाद अधर में TMC का राजनीतिक भविष्य&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 23:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>सुरक्षा, कवर, के, दावे, सच्चाई…, सोशल, मीडिया, पर, भड़के, अभिषेक, बनर्जी, जानें, किसे, और, क्या, दी, नसीहत</media:keywords>
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        <title>सीजेपी के प्रोटेस्ट में हंगामा करने की कोशिश, दिल्ली पुलिस ने 6 लोगों को किया अरेस्ट</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/सीजेपी-के-प्रोटेस्ट-में-हंगामा-करने-की-कोशिश-दिल्ली-पुलिस-ने-6-लोगों-को-किया-अरेस्ट</link>
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        <description><![CDATA[ CJP Protest at Jantar Mantar: नई दिल्ली के जंतर मंतर पर इंटरनेट पर शुरू हुआ कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन तय समय से पहले खत्म हो चुका है. सोशल मीडिया पर इस प्रदर्शन की चर्चाएं देखने को मिल रही है. प्रोटेस्ट साइट से कई तरह के वीडियो सामने आ रहे हैं. इसके अलावा जानकारी मिली है कि पुलिस ने कुछ लोगों को अरेस्ट भी किया है.&amp;nbsp;
इधर, पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने एक वीडियो भी जारी किया. दिपके ने अपने पोस्ट में कहा कि कॉकरोच कभी जमीन पर नहीं आएंगे. इस वीडियो में प्रदर्शन स्थल पर मौजूदा भीड़ नजर आई.&amp;nbsp;
शिक्षामंत्री के इस्तीफे के मांग को लेकर हुआ प्रदर्शन
सीजेपी का यह प्रोटेस्ट केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के लिए किया जा रहा है. यह नीट पेपर लीक और सीबीएसई कक्षा 12वीं के रिजल्ट में गड़बड़ी के विवाद के बीच हो रहा था. जहां दिपके ने जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया. वहीं एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक भी इस आंदोलन में शामिल हुए.
ये भी पढ़ें:&amp;nbsp;CJP Protest: भारत में लैंड करते ही कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके का पहला रिएक्शन, जानें क्या कहा?
दिपके ने दी क्या चेतावनी?&amp;nbsp;
दिपके शनिवार सुबह अमेरिका से नई दिल्ली पहुंचे थे. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर प्रधान शाम 5 बजे तक इस्तीफा नहीं देते हैं, तो पूरे देश में आंदोलन किया जाएगा. सीजेपी नाम की इस पार्टी को पिछले महीने बनाया गया. इंटरनेट पर सीजेआई के कॉकरोच वाले बयान के बाद इस संगठन का गठन किया. देखते ही देखते ही इस पार्टी के पेज से बड़ी संख्या में युवा लोग जुड़े थे. सीजेपी का प्रदर्शन शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर हो रहा है.&amp;nbsp;
सीजेपी ने कई मांगे की है. इनमें प्रधान के इस्तीफे के अलावा, संगठन ट्रेनिंग के बाद ही एजुकेशन सिस्टम के डिजिटलीकरण की मांग कर रहा है. आंदोलन का फोकस युवाओं के मुद्दों पर है. 18 साल के रौनक ने बताया कि पार्टी के भविष्य के बारे में पता नहीं लेकिन उन मुद्दों पर बात हो रही है, जो मायने रखती है.

&amp;nbsp;दिल्ली पुलिस ने 6 लोगों को किया अरेस्ट
इधर, अधिकारियों ने पीटीआई न्यूज एजेंसी को बताया कि जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान दो गुटों के बीच संभावित टकराव को रोकने के लिए 6 लोगों को अरेस्ट किया गया है. 6 लोगों इसलिए गिरफ्तार किया है, क्योंकि यह लोग प्रदर्शन स्थल पर हंगामा करने की कोशिश कर रहे थे. दिल्ली समेत अन्य संवेदनशील इलाकों में करीबन 1 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं.&amp;nbsp;
ये भी पढ़ें:&amp;nbsp;Cockroach Janta Party Protest LIVE: कॉकरोच जनता पार्टी का जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन, अभिजीत दीपके भी मौजूद, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 23:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>सीजेपी, के, प्रोटेस्ट, में, हंगामा, करने, की, कोशिश, दिल्ली, पुलिस, ने, लोगों, को, किया, अरेस्ट</media:keywords>
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        <title>&amp;apos;TMC नेताओं के लिए दरवाजे बंद, चाय पिलाने का…&amp;apos; भाजपा नेता का बड़ा बयान</title>
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        <description><![CDATA[ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पश्चिम बंगाल इकाई के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने शनिवार (6 जून, 2026) को राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) में पड़ी फूट पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि ये तो होना ही था. तृणमूल कांग्रेस में तो फूट पड़नी ही थी, क्योंकि टीएमसी की कोई विचारधारा तो है नहीं.
उन्होंने आगे कहा कि पश्चिम बंगाल में सत्ता से बाहर होने के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) की लूट और भ्रष्टाचार की दुकान बंद हो गई है, तो अब लड़ाई होनी ही है.
टीएमसी नेताओं को भाजपा में करेंगे शामिल?
वहीं, बंगाल भाजपा अध्यक्ष समित भट्टाचार्य ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कई सांसदों और नेताओं के बीजेपी के संपर्क में होने की खबरों पर कहा, &amp;lsquo;भारतीय जनता पार्टी (BJP) के दरवाजे बंद हैं. पश्चिम बंगाल की जनता ने हमें टीएमसी के खिलाफ ही जनादेश दिया है. उनके नेता इधर-उधर घूम रहे हैं, तो कोई मिल जाता है तो उन्हें चाय पिला देते हैं, इसका मतलब ये नहीं कि पार्टी में शामिल कर लें.&amp;rsquo;
राहुल गांधी को लेकर बोले बंगाल भाजपा अध्यक्ष?

समिक भट्टाचार्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान पर कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के बयानों को देख लें. वो विदेश में जाकर क्या-क्या बयान देते हैं. किसी भी मुद्दे पर देश के साथ खड़े नहीं होते हैं. आज कांग्रेस पैरासाइट बन गई है. कभी कॉकरोच, तो कभी चूहों के पीछे भागती है. अब उनमें जनता के सामने आने की हिम्मत नहीं रही.&amp;nbsp;
कॉकरोच जनता पार्टी को लेकर क्या बोले बंगाल भाजपा अध्यक्ष?
इस दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पश्चिम बंगाल प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य से जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन को लेकर सवाल किया गया, तब उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार तो सबका है, लेकिन ये कौन लोग हैं, ये सबको पता है. विपक्ष अब जनता के सामने नहीं आ पा रहा है, तो पीछे से ऐसे प्रदर्शन कर रहा है.&amp;nbsp;
यह भी पढे़ंः &#039;सुरक्षा कवर के दावे सच्चाई&amp;hellip;&#039;, सोशल मीडिया पर भड़के अभिषेक बनर्जी, जानें किसे और क्या दी नसीहत ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 23:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>TMC, नेताओं, के, लिए, दरवाजे, बंद, चाय, पिलाने, का…, भाजपा, नेता, का, बड़ा, बयान</media:keywords>
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        <title>बंगाल में ममता बनर्जी की TMC को एक और झटका, कांग्रेस के लिए आई गुड न्यूज</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/बंगाल-में-ममता-बनर्जी-की-tmc-को-एक-और-झटका-कांग्रेस-के-लिए-आई-गुड-न्यूज</link>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव हारने के बाद टीएमसी में टूट पड़ चुकी है. एक ओर ममता बनर्जी के सामने पार्टी को एक बनाए रखने की चुनौती है, वहीं दूसरी ओर नेता पार्टी छोड़कर जा रहे हैं. ममता बनर्जी को शुक्रवार (05 जून) को एक और बड़ा झटका लगा, जब कूचबिहार जिले की मेखलीगंज नगर पालिका के अध्यक्ष और पांच पार्षदों ने पार्टी छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया. इसके बाद नगर निकाय पर पर अब कांग्रेस का शासन हो गया है.
बंगाल के उत्तरी हिस्से में हुआ यह राजनीतिक घटनाक्रम टीएमसी के भीतर जारी राजनीतिक उथल-पुथल और सिलसिलेवार दलबदल के बीच सामने आया है, जिसने राज्यभर में पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को हिलाकर रख दिया है. नौ वार्ड वाली मेखलीगंज नगरपालिका पर हाल तक टीएमसी का नियंत्रण था, जिसमें पार्टी के आठ और भाजपा का एक पार्षद था. अब अध्यक्ष प्रभात पाटनी और पांच अन्य पार्षदों के पाला बदलने से कांग्रेस नगर पालिका &amp;nbsp;में बहुमत में आ गई है और उसने टीएमसी से इस नगरपालिका की सत्ता छीन ली है.
ये भी पढ़ें- TMC का सांसद बना बागी! ममता बनर्जी ने बहरामपुर सीट छोड़ने के लिए कहा, यूसुफ पठान का इनकार
कांग्रेस में शामिल होकर क्या बोले नगर पालिका चेयरमैन?
हालांकि, एक पार्षद ने संकेत दिया है कि वह टीएमसी में बने रहेंगे. कांग्रेस में शामिल होने के बाद पाटनी ने कहा कि आगे और दलबदल हो सकते हैं. उन्होंने कहा, &#039;मैं कोलकाता स्थित कांग्रेस कार्यालय में पार्टी में शामिल हुआ हूं. मेखलीगंज लौटने के बाद दो और पार्षद भी औपचारिक रूप से कांग्रेस में शामिल होंगे.&#039;
टीएमसी छोड़ने के कारणों पर उन्होंने कहा कि पार्टी आंतरिक संघर्षों में उलझी हुई है, जिससे जनता के लिए काम करना मुश्किल हो गया है. पाटनी ने कहा, &#039;टीएमसी के भीतर रहकर अब काम करना संभव नहीं है. पार्टी अपने आंतरिक संघर्षों में व्यस्त है. मैंने क्षेत्र के विकास और आम लोगों के हितों की रक्षा के लिए कांग्रेस में शामिल होने का फैसला किया है.&#039;
BJP से लड़ेगी कांग्रेस: पाटनी
उन्होंने भाजपा पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस केंद्र की सत्तारूढ़ पार्टी के खिलाफ लड़ाई का नेतृत्व करेगी. उन्होंने कहा, &#039;भाजपा ने सत्ता में आने से पहले डर खत्म भरोसा कायम का वादा किया था, लेकिन आज स्थिति अलग है. हमें कांग्रेस के बैनर तले भाजपा से लड़ना होगा. लोगों की आजीविका खतरे में है क्योंकि रेहड़ी-पटरी वालों को हटाया जा रहा है. ये हमारे भविष्य के आंदोलन के मुद्दे होंगे.&#039; पाटनी ने कहा कि उन्होंने टीएमसी नेतृत्व से संपर्क नहीं किया क्योंकि जिला नेतृत्व पहले से ही संकट से जूझ रहा था और गंभीर चर्चा की स्थिति में नहीं था.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 11:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>30 लोगों की कोर टीम, 11 लाख से ज्यादा मेंबर्स... कॉकरोच जनता पार्टी के अभिजीत दीपके ने बताया पूरा प्लान</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/30-लोगों-की-कोर-टीम-11-लाख-से-ज्यादा-मेंबर्स-कॉकरोच-जनता-पार्टी-के-अभिजीत-दीपके-ने-बताया-पूरा-प्लान</link>
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        <description><![CDATA[ भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) की एक टिप्पणी के आधार पर सोशल मीडिया पर बनी डिजिटल पॉलिटिकल पार्टी, जिसे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) कहा जाता है, वो अब अपने पैरों को वास्तविक दुनिया की जमीन पर उतारने की मशक्कत में जुटी हुई है. इस ऑनलाइन पार्टी के सोशल मीडिया हैंडल्स पर शुरुआती दौर में 2 करोड़ से ज्यादा लोगों पर फॉलो किया था, जिसे बाद में देश में बैन कर दिया गया.
हालांकि, कॉकरोच जनता पार्टी फिलहाल एक ऑनलाइन पॉलिटिकल पार्टी है, लेकिन इसने देश की राजधानी दिल्ली में शनिवार (6 जून, 2026) को प्रदर्शन करने का ऐलान किया है. ऐसे में यह सवाल उठने लगे कि आखिर कॉकरोच जनता पार्टी की टीम में कितने लोग हैं. इसके अलावा, पार्टी को समर्थन देने वाले लोगों की संख्या कितनी है, जिस पर CJP के मालिक अभिजीत दीपके ने पूरी जानकारी साझा की है.
कॉकरोच जनता पार्टी की टीम में कितने लोग शामिल?
इस बारे में अभिजीत दीपके ने कहा कि उनकी पार्टी में 11 लाख से ज्यादा रजिस्टर्ड सदस्य हैं, जिन्होंने खुद ही पार्टी की वेबसाइट पर जाकर मेंबरशिप ली है. उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी से जुड़े 60 प्रतिशत लोग की उम्र सीमा 17 साल से 28-29 साल के बीच है, जबकि पार्टी में 17 प्रतिशत मेंबर्स की उम्र सीमा 30 से 35 साल के बीच है. दीपके ने आगे कहा कि पार्टी की ब्लॉक हो चुके सोशल मीडिया हैंडल्स पर शुरुआती दौर में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को फॉलो करने वालों की संख्या दो करोड़ से ज्यादा थी.&amp;nbsp;

पार्टी की कोर टीम में हैं 25 से 30 लोगः दीपके
अभिजीत दीपके से जब उनकी टीम के बारे में पूछा गया कि तब उन्होंने कहा कि मैंने शुरुआत तो अकेले ही की थी, लेकिन अब मेरे साथ लाखों लोगों का साथ है और कॉकरोच जनता पार्टी के लिए 25 से 30 लोगों की एक कोर टीम भी बन चुकी है.
उन्होंने कहा कि क्योंकि यह कुछ एक मजाक के तौर पर शुरू हुआ था और मैं समझ नहीं पा रहा था कि इसको आगे कैसे बढ़ाऊं. ऐसे में मैंने कुछ लोगों से इसके बारे में बातचीत की, जो सपोर्ट करना चाहते थे. इसके बाद आज हमारी 25-30 लोगों की एक कोर टीम बन चुकी है.
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        <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 11:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>लोगों, की, कोर, टीम, लाख, से, ज्यादा, मेंबर्स..., कॉकरोच, जनता, पार्टी, के, अभिजीत, दीपके, ने, बताया, पूरा, प्लान</media:keywords>
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        <title>Cockroach Janta Party Protest: &amp;apos;कोई हिंसा नहीं, पुलिसकर्मियों के लिए फूल और किताब&amp;apos;, दिल्ली में जंतर&amp;मंतर पर प्रदर्शन से पहले CJP की गाइडलाइंस</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/cockroach-janta-party-protest-कोई-हिंसा-नहीं-पुलिसकर्मियों-के-लिए-फूल-और-किताब-दिल्ली-में-जंतर-मंतर-पर-प्रदर्शन-से-पहले-cjp-की-गाइडलाइंस</link>
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        <description><![CDATA[ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 6 जून यानी आज दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक बड़े विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है. यह संगठन पहली बार इस स्तर पर जंतर-मंतर में बड़ा पब्लिक प्रोग्राम कार्यक्रम करने जा रहा है. पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके सुबह 8 बजे अमेरिका से दिल्ली पहुंचने वाले हैं. उनका कहना है कि प्रदर्शन शुरू होने से पहले वह पुलिस से जरूरी अनुमति और औपचारिक प्रक्रिया पूरी करेंगे. इसके बाद सुबह 9 बजे जंतर-मंतर पर प्रदर्शन शुरू करने की योजना है.
CJP के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर 2 करोड़ से अधिक फॉलोअर्स हैं. ऐसे में यह देखने वाली बात होगी कि इस प्रदर्शन में कितनी संख्या में लोग शामिल होते हैं. पार्टी का कहना है कि देश की शिक्षा व्यवस्था ने एक करोड़ से अधिक छात्रों को निराश किया है और उनके भविष्य को लेकर चिंता बढ़ा दी है. संगठन ने नीट पेपर लीक मामले से जुड़ी कथित गड़बड़ियों का भी उल्लेख किया है. इसके साथ ही हाल में हुई CBSE परीक्षाओं और OSM से जुड़े मुद्दों पर भी चिंता जताई गई है.

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प्रदर्शन सभी लोगों के लिए- CJP
CJP ने पहले ही स्पष्ट किया था कि यह प्रदर्शन सभी लोगों के लिए खुला रहेगा, चाहे उनका किसी भी राजनीतिक दल से संबंध हो. संगठन ने देशभर के छात्रों, उनके अभिभावकों और युवाओं से शांतिपूर्ण तरीके से इस आंदोलन में शामिल होने की अपील की है. प्रदर्शन से एक दिन पहले CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका और वरुण दास ने एक वीडियो जारी किया. उन्होंने कहा कि अब वह दिन आ गया है जब लोग जंतर-मंतर पर जमा होकर शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की मांग करेंगे. उन्होंने कहा कि उनका मकसद लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना है ताकि उनकी आवाज को नजरअंदाज न किया जाए.
CJP की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील
CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका और वरुण दास ने बताया कि अभिजीत दीपके पहले एयरपोर्ट पहुंचेंगे और वहां से पुलिस से सहयोग और आवश्यक अनुमति मांगेंगे. सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करने के बाद वे जंतर-मंतर जाएंगे और शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराएंगे. उन्होंने कहा कि यह आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक, शांतिपूर्ण और सद्भावना के साथ किया जाएगा. CJP के नेताओं ने यह भी कहा कि देश में छात्र परेशान हैं और पिछले एक महीने में छह छात्रों द्वारा आत्महत्या किए जाने का जिक्र करते हुए उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की मांग की. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की कि शिक्षा व्यवस्था में लोगों का भरोसा वापस लाने के लिए इस विषय पर कदम उठाया जाए.
CJP का प्रदर्शन कब होगा शुरू?
CJP ने अपने समर्थकों से विशेष रूप से कहा है कि किसी भी तरह की हिंसा में शामिल न हों. यदि कोई शरारती तत्व माहौल खराब करने की कोशिश करे तो उसका वीडियो बनाकर तुरंत दिल्ली पुलिस को जानकारी दें. पार्टी ने दोहराया कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा. यह प्रदर्शन 6 जून को सुबह 9 बजे दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट इलाके में स्थित जंतर-मंतर पर आयोजित किया जाना है. CJP की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, प्रतिभागियों को पहले पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के पास एकत्र होने की सलाह दी गई है.
दिल्ली पुलिस ने CJP के प्रदर्शन पर क्या कहा?
दिल्ली पुलिस ने कहा है कि प्रस्तावित प्रदर्शन के लिए अभी तक CJP की ओर से कोई औपचारिक अनुमति आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार उन्हें इस कार्यक्रम की जानकारी मुख्य रूप से सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से मिली है. कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए केंद्रीय दिल्ली में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है.
प्रदर्शन में शामिल के लिए दिशा निर्देश
CJP ने प्रदर्शन में शामिल होने वालों के लिए कुछ दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं. संगठन ने लोगों से राष्ट्रीय ध्वज और एक पुस्तक साथ लाने, सभी गतिविधियों को रिकॉर्ड करने, किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना पुलिस को देने तथा गर्मी से बचने के लिए पर्याप्त पानी पीने, सनस्क्रीन लगाने और टोपी पहनने की सलाह दी है. साथ ही कहा गया है कि यदि संभव हो तो अकेले न आएं, किसी भी उकसावे या विवाद में न पड़ें और भूखे पेट प्रदर्शन में शामिल न हों.
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        <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 11:30:11 +0530</pubDate>
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        <title>बंगाल में TMC को एक और झटका,  ममता बनर्जी के करीबी और पूर्व विधायक शौकत मोल्ला को NIA ने किया अरेस्ट</title>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल में टीएमसी को एक और झटका लगा है. नेशनल जांच एजेंसी एनआईए ने भांगर विस्फोट मामले के मुख्य संदिग्ध और तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक शौकत मोल्ला को गिरफ्तार कर लिया है. शौकत मोल्ला की गिरफ्तारी बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले से शुक्रवार को हुई है.
एनआईए ने मोल्ला को &#039;फरार&#039; घोषित किए जाने के कुछ घंटों बाद यह कार्रवाई की. दक्षिण 24 परगना जिले के दक्षिण बामुनिया गांव में 19 मार्च को हुए एक बम विस्फोट में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए. उस स्थान पर &amp;nbsp;कथित तौर पर बम बनाए जा रहे थे.
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भांगर बम विस्फोट मामले में एक्शन
एनआईए के अधिकारी ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया, &#039;भांगर बम विस्फोट मामले की जांच के तहत हमने शौकत मोल्ला को गिरफ्तार कर लिया है. उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा और आगे की कानूनी कार्यवाही की जाएगी.&#039; तृणमूल नेता की गिरफ्तारी के साथ ही इस मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों की कुल संख्या बढ़कर चार हो गई है.
एनआईए के अनुसार, गुरुवार सुबह शौकत मोल्ला के जीवनतला स्थित आवास पर छापेमारी की गई थी, लेकिन वह घर पर मौजूद नहीं थे. एजेंसी ने उनके बेटे इमरान मोल्ला से पूछताछ की और तलाशी अभियान चलाया.&amp;nbsp;
टीएमसी के ये नेता भी हो चुके हैं गिरफ्तार
पुलिस ने इससे पहले सुरेंद्रनाथ कॉलेज आर्म्स केस में पारितोष दत्ता को गिरफ्तार किया था. इसके अलावा टीएमसी नेता तिलक कुमार चक्रवर्ती को हल्दिया से गिरफ्तार किया गया. इन्हें पूर्व मेदिनीपुर में नौकरी घोटाले के मामले में पकड़ा गया. कोलकाता पुलिस आयुक्त मनोज वर्मा ने बताया कि टीएमसी नेता राजीब बनर्जी को भी पकड़ा गया है, इन्हें बीरभूम से चावल राशन घोटाले के मामले में गिरफ्तार किया गया है.
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        <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 11:30:10 +0530</pubDate>
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        <title>BJP छोड़ने के बाद अन्नामलाई ने नई पार्टी का किया ऐलान, CM थलापति विजय को लेकर दिया बड़ा बयान</title>
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        <description><![CDATA[ भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद अपने पहले 23 मिनट के संबोधन में के. अन्नामलाई ने तमिलनाडु की राजनीति को लेकर बड़ा संदेश दिया. उन्होंने कहा कि राज्य के लोग जिस बदलाव की उम्मीद कर रहे हैं, वह केवल एक मुख्यमंत्री के भरोसे संभव नहीं है. बिना किसी का नाम लिए उन्होंने मुख्यमंत्री विजय पर भी परोक्ष टिप्पणी की और कहा कि तमिलनाडु को बदलने के लिए पूरी राजनीतिक व्यवस्था में बदलाव जरूरी है.
अन्नामलाई ने अपने नए राजनीतिक आंदोलन की रूपरेखा पेश करते हुए बताया कि यह आंदोलन आगे चलकर एक राजनीतिक दल का रूप लेगा और वर्ष 2031 के विधानसभा चुनाव में हिस्सा लेगा.
&amp;lsquo;एक मुख्यमंत्री तमिलनाडु नहीं बदल सकता&amp;rsquo;
अपने संबोधन में अन्नामलाई ने कहा कि तमिलनाडु के लोग यह मान रहे हैं कि एक व्यक्ति सब कुछ बदल सकता है, लेकिन ऐसा संभव नहीं है. उन्होंने कहा, &quot;एक मुख्यमंत्री तमिलनाडु को नहीं बदल सकता. न ही 234 विधायक और न ही 39 सांसद अकेले राज्य की स्थिति बदल सकते हैं.&quot;
अन्नामलाई का यह बयान ऐसे समय आया है जब अभिनेता से राजनेता बने विजय ने राजनीति में प्रवेश के बाद मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है और उनकी पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है.
पंचायत से लेकर शीर्ष स्तर तक बदलाव की जरूरत
अन्नामलाई ने कहा कि अगर तमिलनाडु को बदलना है तो पंचायत प्रतिनिधियों, पार्षदों, महापौरों और शीर्ष नेतृत्व तक पूरी व्यवस्था में बदलाव करना होगा.उन्होंने कहा, &quot;हमें आम आदमी की राजनीति को मजबूत करना होगा, व्यक्तिपूजा की राजनीति को नहीं.&quot; उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति में साफ-सुथरी छवि वाले लोगों को लाने की जरूरत है.
&amp;lsquo;ईमानदार और सक्षम लोगों को राजनीति में लाना होगा&amp;rsquo;
पूर्व आईपीएस अधिकारी अन्नामलाई ने कहा कि राजनीति को स्वच्छ बनाने के लिए पूरी व्यवस्था में बदलाव जरूरी है. उन्होंने कहा, &quot;हमें ईमानदार, सक्षम और कुशल लोगों को राजनीति में लाना होगा, जो योजनाओं को पूरा कर सकें और परियोजनाओं को जमीन पर उतार सकें.&quot;
10 घंटे में 10 लाख लोग आंदोलन से जुड़े
अन्नामलाई ने दावा किया कि उनके नए राजनीतिक आंदोलन को लोगों का जबरदस्त समर्थन मिल रहा है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि आंदोलन शुरू होने के महज 10 घंटे के भीतर 10 लाख से अधिक लोगों ने सदस्यता ली.
उन्होंने लिखा, &quot;हमारे राजनीतिक आंदोलन ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है. 10 घंटे में 10 लाख से अधिक लोगों ने पंजीकरण कराया है. यह हमारी साझा सोच और मिशन पर लोगों के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है.&quot; साथ ही उन्होंने आंदोलन से जुड़ने वाले सभी लोगों का आभार भी व्यक्त किया.
&amp;lsquo;पार्टी में नहीं होंगे स्थायी विधायक, सांसद या मंत्री&amp;rsquo;
अन्नामलाई ने कहा कि उनका नया आंदोलन किसी राजनीतिक दल से जुड़ा नहीं है. इसका नाम &quot;वी द लीडर&quot; रखा गया है और यह कोयंबटूर स्थित एपीजे अब्दुल कलाम सेंटर फॉर एथिक्स एंड पॉलिटिक्स के तहत काम करेगा. उन्होंने कहा कि भविष्य में यही आंदोलन राजनीतिक दल का रूप लेगा और चुनाव लड़ेगा.
अन्नामलाई ने बताया कि उनकी पार्टी बनने के साथ ही स्पष्ट नियम लागू किए जाएंगे. उन्होंने कहा, &quot;कोई स्थायी नेता नहीं होगा, कोई स्थायी विधायक नहीं होगा, कोई स्थायी सांसद नहीं होगा और कोई स्थायी मंत्री नहीं होगा.&quot; उनका कहना था कि राजनीति में नए लोगों के लिए लगातार अवसर बनते रहने चाहिए.
&amp;lsquo;तमिलनाडु की राजनीति ठहराव का शिकार हो गई है&amp;rsquo;
अन्नामलाई ने कहा कि राज्य की राजनीति में लंबे समय से ठहराव की स्थिति बनी हुई है. उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था को बदलने की जरूरत है और उनका आंदोलन किसी एक व्यक्ति से बड़ा होगा. उन्होंने कहा कि आंदोलन उनके व्यक्तिगत नेतृत्व से ऊपर होगा और इसका उद्देश्य व्यवस्था में व्यापक बदलाव लाना है.
PM मोदी का सम्मान करूंगा, लेकिन असहमति भी जताऊंगा
अपने संबोधन में अन्नामलाई ने भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर भी संदेश दिया. उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सम्मान करते रहेंगे, लेकिन जरूरत पड़ने पर साहस के साथ अपनी असहमति भी जताएंगे.
उन्होंने यह भी बताया कि भाजपा छोड़ने का फैसला उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से आमने-सामने मिलकर साझा किया था. अन्नामलाई ने कहा कि उनकी भाजपा से कोई दुश्मनी नहीं है और अब वह भाजपा को उसी तरह देखेंगे जैसे अन्य राजनीतिक दलों को देखते हैं.
&amp;lsquo;तमिलनाडु में नई पार्टी के लिए पर्याप्त जगह है&amp;rsquo;
अन्नामलाई ने कहा कि तमिलनाडु में नई राजनीतिक शक्ति के लिए पर्याप्त अवसर मौजूद हैं. उन्होंने कहा, &quot;हमें व्यक्तिपूजा की राजनीति से बाहर निकलना होगा. यह आम आदमी की राजनीति होगी और सिद्धांतों पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा.&quot; उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी उन्होंने कहा था कि तमिलनाडु में राजनीतिक रिक्तता पैदा हुई है क्योंकि द्रमुक और अन्नाद्रमुक दोनों अपने बड़े नेताओं को खो चुके हैं.
विजयकांत के साथ इंटर्नशिप से शुरू हुई राजनीतिक यात्रा
अन्नामलाई ने अपनी राजनीतिक यात्रा का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि वर्ष 2009 में उन्होंने आईआईएम लखनऊ में एमबीए की पढ़ाई के दौरान दिवंगत अभिनेता और डीएमडीके संस्थापक विजयकांत के चुनाव अभियान में तीन महीने की इंटर्नशिप की थी. उन्होंने कहा कि संस्थान से विशेष अनुमति लेकर वह सीधे विजयकांत के साथ लोकसभा चुनाव अभियान में जुड़े थे. अन्नामलाई के अनुसार यही अनुभव उनकी सार्वजनिक जीवन और राजनीति की 17 वर्ष लंबी यात्रा की शुरुआत बना.

यह भी पढ़ेंः&amp;nbsp;अन्नामलाई के BJP छोड़ने के बाद इस्तीफों की लगी झड़ी, वाइस प्रेसिडेंट और सेक्रेटरी समेत 15 नेताओं ने पार्टी छोड़ी


राजनीति में आने से पहले रजनीकांत से हुई थी चर्चा

अन्नामलाई ने यह भी खुलासा किया कि भाजपा में शामिल होने से पहले उनकी अभिनेता रज ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 11:30:08 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>BJP, छोड़ने, के, बाद, अन्नामलाई, ने, नई, पार्टी, का, किया, ऐलान, थलापति, विजय, को, लेकर, दिया, बड़ा, बयान</media:keywords>
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        <title>अन्नामलाई को इस्तीफा देने से रोकने के लिए BJP ने किस राज्यसभा सीट से दिया था ऑफर? अब किसके पाले में गई उम्मीदवारी</title>
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        <description><![CDATA[ भारतीय जनता पार्टी (BJP) की तमिलनाडु इकाई के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रह चुके के. अन्नामलाई ने शुक्रवार (5 जून, 2026) को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है, जिसे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने स्वीकार भी कर लिया है. अन्नामलाई का इस्तीफा तमिलनाडु की राजनीति में एक बहुत बड़ा घटनाक्रम है और भाजपा के लिए एक झटके के तौर पर भी देखा जा रहा है, लेकिन इस बीच एक रिपोर्ट सामने आई है जिसमें यह कहा जा रहा है कि भाजपा ने पूर्व IPS अधिकारी के.
अन्नामलाई को आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारी का ऑफर भी दिया था, जिसे उन्होंने इनकार कर दिया था. हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक रूप से कोई जानकारी सामने नहीं आई है.
भाजपा के उम्मीदवारों की लिस्ट से अन्नामलाई बाहर
सूत्रों के हवाले से हिंदुस्तान ने रिपोर्ट किया है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अन्नामलाई को राज्यसभा में लाने का ऑफर दिया था, लेकिन जब उन्होंने उम्मीदवारी से इनकार कर दिया, तब पार्टी ने गुरुवार (4 जून, 2026) को राज्यसभा चुनाव के लिए अपने 11 उम्मीदवारों के नाम की पहली लिस्ट जारी कर दी.
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, आंध्र प्रदेश की चार सीटों पर राज्यसभा चुनाव होने वाले हैं. जिनमें से एक सीट पर भाजपा ने के. अन्नामलाई को उतारने की पेशकश की थी, लेकिन अब भाजपा ने उस एक सीट पर से भी अपना दावा छोड़ दिया है. भाजपा की तरफ से जारी किए गए 11 प्रत्याशियों की लिस्ट में अन्नामलाई का नाम शामिल नहीं किया गया.&amp;nbsp;

An Important Announcement https://t.co/IcEnfaZGRK
&amp;mdash; K.Annamalai (@annamalai_k) June 5, 2026



अन्नामलाई की जगह किसे मिली राज्यसभा की सीट?
रिपोर्ट के मुताबिक, आंध्र प्रदेश की चार राज्यसभा सीटों पर उम्मीदवारों के चयन के लिए गुरुवार (4 जून, 2026) को एनडीए के गठबंधन पार्टियों के बीच गंभीर बैठक चली, जिसमें राज्य के मुख्यमंत्री और तेलुगु देशम पार्टी (TDP) प्रमुख एन. चंद्रबाबू नायडू और उपमुख्यमंत्री और जन सेना प्रमुख पवन कल्याण भी शामिल रहे. बैठक में पहले तय किया गया था कि राज्य की चार में दो सीटें टीडीपी के हिस्से में जाएगी.
इसके साथ ही एक सीट भाजपा और एक जेएसपी को मिलने वाली थी, लेकिन अन्नामलाई के इस्तीफे से समीकरण बदल गए. भाजपा ने उस एक सीट पर से भी अपना दावा खत्म कर दिया और वह राज्यसभा सीट तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के खाते में चली गई है.
यह भी पढ़ेंः Explained: अन्नामलाई के इस्तीफे ने तोड़ा दक्षिण भारत जीतने का ख्वाब! बीजेपी का हिंदुत्व एजेंडा क्यों बार-बार फेल, अब किसे मिलेगा मौका? ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 18:30:14 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>अन्नामलाई, को, इस्तीफा, देने, से, रोकने, के, लिए, BJP, ने, किस, राज्यसभा, सीट, से, दिया, था, ऑफर, अब, किसके, पाले, में, गई, उम्मीदवारी</media:keywords>
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        <title>विधायक टूटे लेकिन सांसदों को नहीं जाने देंगे..., TMC के बिखड़े किले को संभालने के लिए नींद से जगी ममता</title>
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        <description><![CDATA[ तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने पार्टी के 28 साल के इतिहास में पहली बार हुए विभाजन के बाद पार्टी से और अधिक विधायकों के पाला बदलने को रोकने के प्रयास शुरू कर दिए हैं. वह व्यक्तिगत रूप से बागी विधायकों से संपर्क साध रही हैं, जबकि वरिष्ठ नेता अन्य विधायकों को एकजुट रखने के लिए काम कर रहे हैं. पार्टी सूत्रों ने बताया कि ममता बनर्जी ने पिछले दो दिनों में हावड़ा, मुर्शिदाबाद और उत्तर दिनाजपुर के कई विधायकों से बात की है, जिनमें से कई को ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी खेमे की बैठकों में भाग लेते देखा गया था.
तृणमूल के 58 विधायकों ने पार्टी विधायक दल पर नियंत्रण कर लिया और निष्कासित विधायक ऋतब्रत बनर्जी को विपक्ष का नेता चुना. पार्टी को एकजुट रखने के प्रयास ऐसे समय में किए जा रहे हैं, जब तृणमूल की संस्थापक खुद को एक ऐसी असहज स्थिति में पाती हैं, जहां उन्हें उन नेताओं को बनाए रखने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, जिन्हें उन्होंने कभी खुद चुना था और राजनीतिक रूप से मजबूत किया था.
तृणमूल के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, &amp;lsquo;ममता बनर्जी विधायकों से व्यक्तिगत रूप से बात कर रही हैं और उनसे शुक्रवार (5 जून 2026) को कालीघाट में होने वाली बैठक में शामिल होने का अनुरोध कर रही हैं. प्रयास यह है कि संवाद के रास्ते खुले रहें और सुलह की संभावना तलाशी जाए.&amp;rsquo; सूत्रों के अनुसार, पार्टी सांसदों की टूट की आशंका के चलते इस मोर्चे पर भी प्रयास किए जा रहे हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक तृणमूल के दो भरोसेमंद सांसदों- एक लोकसभा से और एक राज्यसभा से को पार्टी के सहयोगियों से संपर्क करने और उन्हें ऋतब्रत बनर्जी खेमे द्वारा बनाई जा रही नई तृणमूल के लिए संगठन को न छोड़ने के लिए राजी करने का काम सौंपा गया है. यह पहल तृणमूल कांग्रेस के शेष नेतृत्व के भीतर बढ़ती चिंता को दर्शाती है कि यदि बागी विधायकों के विद्रोह को जल्द ही नियंत्रित नहीं किया गया तो यह सांसदों और स्थानीय निकाय सदस्यों को भी अपने खेमे में जोड़ सकते हैं.
ये भी पढ़ें : ममता की टीएमसी के सामने और गहराया संकट? पार्टी से निकाले गए ऋतब्रत बनर्जी ने किया नया दावा ]]></description>
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        <title>Sahara Desert Death: सहारा रेगिस्तान में दर्दनाक हादसा! ट्रक खराब होने के बाद प्यास से 49 मौत, 50 KM पैदल चलकर बचे सिर्फ 2</title>
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        <description><![CDATA[ अफ्रीकी देश नाइजर के सहारा रेगिस्तान में एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है. रेगिस्तान के बीच एक ट्रक खराब हो जाने के कारण उसमें सवार 49 लोगों की प्यास से मौत हो गई. चारों तरफ फैली रेत, भीषण गर्मी और पानी की एक बूंद तक न मिलने के कारण यह सफर लोगों के लिए मौत का सफर बन गया. हालांकि दो लोग किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रहे और पूरी घटना की जानकारी अधिकारियों तक पहुंचाई.
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार यह सभी लोग माली में एक मुस्लिम धार्मिक त्योहार में शामिल होने के बाद वापस लौट रहे थे. यात्रा के दौरान उनका ट्रक सहारा रेगिस्तान के एक सुनसान इलाके में खराब हो गया. ट्रक खराब होने के बाद यात्री और चालक काफी देर तक उसे ठीक करने की कोशिश करते रहे, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली

ये भी पढ़ें:&amp;nbsp; &#039;भारत के साथ सैन्य संघर्ष में हस्तक्षेप के लिए पाकिस्तान ट्रंप का सदा आभारी रहेगा&#039;, बोले PAK पीएम शहबाज शरीफ
49 लोगों की जान चली गई
यह घटना आगाडेज प्रांत के अस्समाका क्षेत्र के पश्चिम में करीब 80 किलोमीटर दूर हुई. अस्समाका नाइजर और अलजीरीया की सीमा के पास स्थित एक महत्वपूर्ण सीमा चौकी है और यह माली की सीमा के भी करीब है. स्थानीय प्रशासन के अनुसार ट्रक में मौजूद लोगों के पास मौजूद पानी धीरे-धीरे खत्म हो गया. रेगिस्तान की तेज गर्मी और कठिन परिस्थितियों में बिना पानी के लंबे समय तक टिक पाना संभव नहीं था. सहायता मिलने की कोई उम्मीद भी नहीं थी, क्योंकि यह इलाका बेहद दूर-दराज और सुनसान है. इसी कारण एक-एक कर 49 लोगों की जान चली गई.
सहारा रेगिस्तान बेहद खतरनाक
सरकार ने बताया कि हादसे में जान गंवाने वाले लोगों को सामूहिक कब्रों में दफनाया गया. वहीं दो लोग किसी तरह हिम्मत जुटाकर पैदल निकल पड़े. उन्होंने 50 किलोमीटर से अधिक दूरी पैदल तय की, रास्ते में पानी मिला और बाद में वे अस्समाका पहुंच गए. वहां पहुंचकर उन्होंने अधिकारियों को पूरे हादसे की जानकारी दी. यह इलाका उन प्रवासियों और यात्रियों के लिए भी जाना जाता है जो अफ्रीका के विभिन्न देशों से यूरोप पहुंचने की कोशिश करते हैं. सहारा रेगिस्तान का यह मार्ग बेहद खतरनाक माना जाता है. इससे पहले भी कई लोग रास्ता भटकने, पानी खत्म होने, भूख और अत्यधिक गर्मी के कारण अपनी जान गंवा चुके हैं.
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        <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 18:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Firhad Hakim Resignation: &amp;apos;यह सिर्फ कुर्सी नहीं, बड़ी जिम्मेदारी है&amp;apos;, मेयर पद छोड़ने के बाद भावुक हुए फिरहाद हकीम</title>
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        <description><![CDATA[ फिरहाद हकीम ने कोलकाता म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के मेयर पद से इस्तीफा दे दिया है. इस्तीफे के दौरान उन्होंने अपनी पार्टी की प्रमुख ममता बनर्जी का आभार जताते हुए कहा कि उन्हें इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए अवसर दिया गया था. फिरहाद हकीम ने कहा कि दिसंबर 2018 में पूर्व मेयर सोवन चटर्जी के अचानक इस्तीफा देने के बाद कोलकाता म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के पार्षदों ने उन्हें मेयर के रूप में चुना था. इसके बाद से उन्होंने पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया.
फिरहाद हकीम ने कहा कि मेयर का पद केवल एक कुर्सी नहीं बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी है. उनका मानना है कि इस पद पर रहते हुए जनता और शहर के प्रति जवाबदेही सबसे महत्वपूर्ण होती है. इसी सोच के साथ उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान अपनी जिम्मेदारियों को निभाने का प्रयास किया. फिरहाद हकीम ने कहा कि अब वह इस जिम्मेदारी को आगे नहीं निभा सकते हैं और इसी कारण उन्होंने मेयर पद छोड़ने का फैसला लिया है. उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान सहयोग करने वाले सभी पार्षदों, अधिकारियों और नागरिकों का भी आभार व्यक्त किया. उनके इस्तीफे के बाद अब कोलकाता म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में नए मेयर के चयन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है.

Kolkata: Resigning from the post of Mayor of Kolkata Municipal Corporation, TMC leader Firhad Hakim says, &quot;I am thankful to our leader Mamata Banerjee. In December 2018, I was elected (as the Mayor) by the councillors of the Kolkata Municipal Corporation after the abrupt&amp;hellip; pic.twitter.com/5cT5oYeHK2
&amp;mdash; ANI (@ANI) June 5, 2026




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बॉबी हकीम के नाम से मशहूर &amp;nbsp;फिरहाद
फिरहाद हकीम, जिन्हें बॉबी हकीम के नाम से भी जाना जाता है, दिसंबर 2018 से कोलकाता नगर निगम (KMC) के मेयर थे. उनका इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल और TMC के भीतर असंतोष की खबरें सामने आ रही हैं. कई रिपोर्टों में कहा गया है कि हालिया राजनीतिक घटनाक्रम और पार्टी के अंदर बढ़ते मतभेदों के बीच उन्होंने पद छोड़ने का फैसला किया.
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        <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 18:30:10 +0530</pubDate>
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        <title>Explained: पेपर लीक का लंबा इतिहास लेकिन सजा सीमित क्यों? कैसे कुछ ही आरोपी पहुंचते कटघरे और ज्यादातर बच निकलते</title>
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        <description><![CDATA[ NEET UG से लेकर UGC-NET, UP बोर्ड से लेकर रेलवे भर्ती, हर बड़ी परीक्षा लीक के बाद कुछ दिन सुर्खियां, कुछ गिरफ्तारियां, एक जांच कमेटी और फिर... खामोशी. सवाल वही है कि क्या कभी असली सरगना पकड़े गए? क्या किसी को कड़ी सजा मिली? ज्यादातर मामलों में दोषी या तो बरी हो जाते हैं या केस सालों अदालतों में लटकने के बाद दम तोड़ देता है. लेकिन यह सिर्फ एक अखबार की कहानी नहीं है. NCRB के आंकड़े, कई राज्यों के पुलिस रिकॉर्ड और शिक्षा कार्यकर्ताओं के सर्वेक्षण, सब एक ही तस्वीर बयान करते हैं कि भारत में परीक्षा लीक करने वालों के लिए सजा की गारंटी न के बराबर है. आइए एक्सप्लेनर में समझते हैं कि पेपर लीक की इकोलॉजी क्या है, आंकड़े क्या कहते हैं, नया कानून कितना असरदार है और आखिर इस खेल में सजा इतनी दुर्लभ क्यों है?
पेपर लीक अब सिर्फ चोरी नहीं, एक अंडरवर्ल्ड इकोनॉमी
पहले यह समझना जरूरी है कि पेपर लीक अब किसी एक परीक्षा केंद्र का मामला नहीं है. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट समेत कई पड़तालें दिखाती हैं कि यह एक जैसी अर्थव्यवस्था बन चुकी है, जिसमें कोचिंग संचालक, प्रिंटिंग प्रेस मालिक, परीक्षा बोर्ड के कर्मचारी और स्थानीय प्रशासन तक शामिल रहते हैं. पेपर लीक का सबसे बड़ा बाजार सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप हैं, जहां एक पेपर की कॉपी मिनटों में हजारों छात्रों तक बेची जाती है. रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) परीक्षा लीक, यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती, और हाल की NEET विवाद सबमें वॉट्सऐप और टेलीग्राम ग्रुप की केंद्रीय भूमिका पाई गई. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह अवैध धंधा सालाना सैकड़ों करोड़ रुपये का है.
आंकड़े क्या कहते हैं: सजा दर 10% से भी कम
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, पिछले एक दशक में परीक्षा लीक के जिन मामलों में FIR दर्ज हुई, उनमें से 10 फीसदी से भी कम में दोषसिद्धि हुई. राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की 2022 की रिपोर्ट भी इसी ओर इशारा करती है:

शिक्षा से जुड़े धोखाधड़ी के मामलों (जिसमें पेपर लीक शामिल है) में चार्जशीट दाखिल होने की दर भले 70% हो, लेकिन सजा की दर मात्र 12-15% रहती है.
मध्य प्रदेश का तो रिकॉर्ड और भी खराब है. 2013 से 2023 के बीच व्यापमं घोटाले को छोड़ दें तो सामान्य पेपर लीक केस में सजा की दर 5% से भी कम पाई गई.
राजस्थान में शिक्षक भर्ती परीक्षा लीक (2022) जैसे हाई-प्रोफाइल केस में 100 से अधिक आरोपी पकड़े गए, लेकिन अब तक सिर्फ 3 को सजा हुई है और वे भी मुख्य आरोपी नहीं थे.

पेपर लीक मामले में सजा इतनी मुश्किल क्यों है?
पेपर लीक के मामले में सजा का सवाल बेहद पेचीदा है. जब कोई बड़ी परीक्षा लीक होती है तो कुछ दिनों तक मीडिया में छाने और कुछ गिरफ्तारियों के बाद असली दोषी अक्सर बच निकलते हैं. इसके पीछे सिर्फ एक या दो नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था से जुड़ी कई परतें हैं जो एक साथ काम करती हैं:

जांच का कमजोर ढांचा और सीमित संसाधन: पेपर लीक के ज्यादातर मामलों की शुरुआती जांच स्थानीय पुलिस करती है. अक्सर उनके पास साइबर अपराध, डिजिटल फोरेंसिक और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप की तह तक जाने की एक्सपर्टीज नहीं होती. आज का पेपर लीक का खेल वॉट्सऐप, टेलीग्राम और डार्क वेब पर चलता है, लेकिन जांच एजेंसियां पारंपरिक तरीकों पर ही निर्भर रहती हैं. दूसरी समस्या यह है कि लीक की साजिश अक्सर एक राज्य से दूसरे राज्य तक फैली होती है. यानी सर्वर कहीं और, खरीदार कहीं और बिचौलिया कहीं और. स्थानीय पुलिस का अधिकार क्षेत्र सीमित होता है और अंतर-राज्यीय समन्वय में समय और सबूत दोनों खो जाते हैं.
राजनीतिक संरक्षण और प्रभाव: कई पेपर लीक मामलों में जांच की दिशा ऊपर से तय होती है. जब आरोपियों का ताल्लुक नेता या नौकरशाह से निकलता है तो मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, कई उदाहरण हैं जहां नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी सालों टाली गई, या चार्जशीट ही दाखिल नहीं की गई. जांच अधिकारी के तबादले, फाइलों का गुम हो जाना और गवाहों का मुकर जाना इस खेल के आम लक्षण हैं.
सबूतों का अभाव और गवाहों का न होना: पेपर लीक का अपराध डिजिटल होता है और सबूत बहुत नाजुक होते हैं. फोन, लैपटॉप और सर्वर से डेटा डिलीट कर देना या एन्क्रिप्ट कर देना आम बात है. अक्सर पुलिस जब तक कार्रवाई करे, तब तक सबूत नष्ट किए जा चुके होते हैं. दूसरी ओर, छात्र और अभिभावक डर के मारे गवाही देने से कतराते हैं. जिन छात्रों ने पैसा देकर पेपर खरीदा होता है, वे भी खुद को फंसाने के डर से चुप रहते हैं. ऐसे में अदालत में अपराध सिद्ध करना बहुत मुश्किल हो जाता है और आरोपी उचित संदेह के लाभ पर बरी हो जाते हैं.
न्यायिक प्रक्रिया की सुस्त रफ्तार: भारत में एक मुकदमे को निपटने में औसतन 6 से 10 साल लग जाते हैं. पेपर लीक के केस भी इससे अछूते नहीं हैं. इतने लंबे समय में गवाह मुकर जाते हैं, सबूत कमजोर पड़ जाते हैं और पीड़ितों की रुचि खत्म हो जाती है. जांच और मुकदमे की यही सुस्त रफ्तार आरोपियों के लिए सबसे बड़ी ढाल है. जब तक फैसला आता है, उनका करियर और जीवन कहीं और आगे बढ़ चुका होता है और सजा का डर खत्म हो जाता है.
नए कानून की सीमाएं: 2024 का &#039;लोक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम&#039; कागजों पर बहुत सख्त है, 10 साल की कैद और 1 करोड़ रुपए तक का जुर्माना. लेकिन इसमें जांच की समय-सीमा तय नहीं है, न ही फास्ट-ट्रैक सुनवाई का अनिवार्य प्रावधान है. सबसे अहम बात, कानून चाहे जितना सख्त हो, अगर उसे लागू करने वाली मशीनरी (पुलिस, अभियोजन, न्यायालय) में वही पुरानी खामियां हैं तो नतीजा वही रहेगा.
पीड़ित छात्र असंगठित और कमजोर: पेपर लीक के शिकार लाखों छात्र और अभिभावक बिखरे हुए होते हैं. उनके पास न तो कानूनी लड़ाई के लिए पैसे होते हैं, न ही सामूहिक आवाज उठाने का कोई मजबूत मंच. नतीजतन, सरकार और जांच एजेंसियों पर जनता का दबाव कुछ दिनों से ज्यादा नहीं टिकता और फिर सब कुछ सामान्य हो जाता है.  ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 18:30:08 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>Explained:, पेपर, लीक, का, लंबा, इतिहास, लेकिन, सजा, सीमित, क्यों, कैसे, कुछ, ही, आरोपी, पहुंचते, कटघरे, और, ज्यादातर, बच, निकलते</media:keywords>
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        <title>कॉकरोच जनता पार्टी पर RJD सांसद मनोज कुमार झा की एक चिट्ठी और मच गया बवाल, जानें पूरा मामला</title>
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        <description><![CDATA[ भारत की राजनीतिक चर्चा बदलने वाली कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में स्थित संविधान क्लब में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की, जिसे लेकर देश की राजनीति में काफी ज्यादा बवाल मच गया है. CJP के कार्यक्रम के लिए राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राज्यसभा सांसद मनोज कुमार झा ने संविधान क्लब के आंवटन के लिए अपने आधिकारिक लेटर हेड के जरिए सिफारिश की थी. हालांकि, आवंटन को लेकर मचे बवाल के बीच RJD सांसद मनोज कुमार झा ने गुरुवार (4 जून, 2026) को यह स्पष्टीकरण दिया कि आखिर क्यों उन्होंने CJP के कार्यक्रम के लिए सिफारिश की.
पत्र आवंटन पर RJD सांसद ने दिया स्पष्टीकरण
RJD के राज्यसभा सांसद मनोज कुमार झा ने इस संबंध में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, &amp;lsquo;आपने मेरा पत्र देखा ही होगा, एक पत्रकार हैं, जिनसे मैं सोशल मीडिया के जरिए जुड़ा था और मेरे दिल्ली यूनिवर्सिटी के कुछ साथी थे, जो मेरे सीनियर हैं. मुझे बताया गया कि उन्हें संविधान क्लब में एक कार्यक्रम आयोजित करना है, खासतौर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करना है और कुछ नहीं. तो ऐसा तो मैं अक्सर करता हूं, हर दूसरे-तीसरे दिन किसी न किसी सिविल सोसाइटी के लिए.&amp;rsquo;&amp;nbsp;

#WATCH | Delhi: On the Cockraoch Janata Party (CJP), Rajya Sabja MP Manoj Jha says, &quot;You have seen my letter. If you were to read the contents of my letter, it concerns a journalist with whom I was connected on social media, as well as some of my colleagues from Delhi University&amp;hellip; pic.twitter.com/0koWHFchut
&amp;mdash; ANI (@ANI) June 4, 2026



उन्होंने कहा, &amp;lsquo;कई बार लोग, जिनमें पत्रकार भी शामिल हैं, जो शादी या किसी अन्य कार्यक्रम के लिए वेस्टर्न कोर्ट के लिए सिफारिश की मांग करते हैं, तो वो भी करता हूं. अभी स्वर्ण जयंती में शरद यादव जी के लिए कार्यक्रम है, उसके लिए सिफारिश की है. अमुमन प्रतिदिन, रेलवे रिजर्वेशन, एम्स के लिए चिट्ठियां, उनकी भी सिफारिश करता हूं. तो मुझे बताया गया कि उन्हें एक कार्यक्रम करना है, लेकिन जब शाम को उसकी तस्वीरें सामने आईं, तब मुझे एहसास हुआ कि यह क्या था और जब सच्चाई को जानें बिना जब मोटिव बनाए जाने लगे, तो इस पर मैं क्या ही कह सकता हूं.&amp;rsquo;
मैं सिविल सोसाइटी के संगठनों के अक्सर सिफारिशें करता हूं- मनोज झा
राजद सांसद मनोज कुमार झा ने कहा, &amp;lsquo;अगर संविधान क्लब के मेरे पुराने रिकॉर्ड्स को देख लीजिए, तो अपने सार्वजनिक जीवन में मैं कितने ही सिविल सोसाइटी के संगठन, चाहे वह रिक्शा खींचने वाले हो, ऑटो चलाने वाले, घरेलू कर्मचारियों का संगठन हो, सभी के लिए सिफारिश करता रहता हूं. मैं सुलभ हूं, इसलिए लोग अप्रोच करते हैं और उसके बाद, तो इस पर कम से कम मेरी ओर से पटाक्षेप माना जाए.&amp;rsquo;
CJP को लेकर क्या बोले राजद सांसद?
वहीं, जब उनसे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को लेकर प्रतिक्रिया पूछी गई, तब मनोज कुमार झा ने कहा, &amp;lsquo;मैं इस मामले में बहुत स्पष्ट हूं कि जिस भी फेनोमेना की वैचारिकी स्पष्ट न हो, उस पर किसी भी तरह की टिप्पणी नहीं करूंगा और यह (सीजेपी) एक डिजिटल फेनोमेना ही बनकर रहेगा.&amp;rsquo;&amp;nbsp;
यह भी पढ़ेंः पेपर लीक के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी करेगी प्रदर्शन, जानें कैसे और कहां मिलती है इसकी परमीशन? ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 06:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>कॉकरोच, जनता, पार्टी, पर, RJD, सांसद, मनोज, कुमार, झा, की, एक, चिट्ठी, और, मच, गया, बवाल, जानें, पूरा, मामला</media:keywords>
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        <title>कांग्रेस के राज्यसभा उम्मीदवार का ऐलान, खरगे और पवन खेड़ा को कर्नाटक से उतारा, देखें पूरी लिस्ट</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/कांग्रेस-के-राज्यसभा-उम्मीदवार-का-ऐलान-खरगे-और-पवन-खेड़ा-को-कर्नाटक-से-उतारा-देखें-पूरी-लिस्ट</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/कांग्रेस-के-राज्यसभा-उम्मीदवार-का-ऐलान-खरगे-और-पवन-खेड़ा-को-कर्नाटक-से-उतारा-देखें-पूरी-लिस्ट</guid>
        <description><![CDATA[ कांग्रेस ने कर्नाटक, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु और झारखंड के लिए राज्यसभा उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है. पार्टी ने कर्नाटक से मल्लिकार्जुन खरगे, पवन खेड़ा और मंसूर अली खान को उम्मीदवार बनाया है. मध्य प्रदेश से मीनाक्षी नटराजन, राजस्थान से नीरज डांगी, तमिलनाडु से प्रवीण चक्रवर्ती और झारखंड से प्रणव झा को उम्मीदवार बनाया गया है.
पवन खेड़ा को मिला तपस्या का फल
कांग्रेस के मीडिया और प्रचार विभाग के चेयरमैन पवन खेड़ा बीते कुछ दिनों से देश की राजनीति के केंद्र में रहे हैं. पार्टी उन्हें कर्नाटक कोटे से उच्च सदन भेजेगी. साल 2022 में कांग्रेस ने जब 10 राज्यसभा उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की थी तो उसमें पवन खेड़ा का नाम नहीं था. तब उन्होंने कहा था, &#039;शायद मेरी तपस्या में कुछ कमी रह गई.&#039; तब ये सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था. अब पार्टी ने उन्हें उनकी तपस्या का फल दे दिया.

The Congress President, Shri @kharge, has approved the candidature of the following persons as Congress candidates to contest the biennial/bye-elections to the Council of States from the states mentioned against their names???? pic.twitter.com/4x4cQNB0kb
&amp;mdash; Congress (@INCIndia) June 4, 2026



मंसूर अली खान पूर्व केंद्रीय मंत्री के. रहमान खान के पुत्र हैं और लंबे समय से कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी में अलग-अलग भूमिकाओं में सक्रिय हैं. वह पिछले लोकसभा चुनाव में बेंगलुरु सेंट्रल क्षेत्र से कांग्रेस के उम्मीदवार थे, हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा था.
नीरज डांगी पर पार्टी ने दोबारा भरोसा जताया
एससी समुदाय से आने वाले नीरज डांगी पर पार्टी आलाकमान ने एक बार फिर भरोसा जताया है. उन्हें राजस्थान से रिपीट किया गया है. कांग्रेस ने मध्य प्रदेश से पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन को राज्यसभा की उम्मीदवार बनाया है. वह राहुल गांधी की कोर टीम की पुरानी और अहम सदस्य रही हैं.
मीनाक्षी नटराज मंदसौर से लोकसभा सांसद रह चुकी हैं. मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का राज्यसभा का कार्यकाल इसी महीने खत्म हो रहा है, हालांकि उन्होंने पहले ही राज्यसभा नहीं जाने की अपनी इच्छा जाहिर कर दी थी.
कांग्रेस ने तमिलनाडु से प्रवीण चक्रवर्ती को टिकट दिया है. वह वर्तमान में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के दो प्रकोष्ठों &amp;lsquo;प्रोफेशनल कांग्रेस&amp;rsquo; और प्रोद्यौगिकी एवं डेटा विभाग के प्रमुख हैं. तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के साथ कांग्रेस का गठबंधन कराने में उनकी अग्रणी भूमिका मानी जाती है. टीवीके प्रमुख और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने बुधवार (3 जून 2026) को AIADMK के राज्यसभा सदस्य सी.वी. षणमुगम के इस्तीफे के बाद खाली हुई सीट कांग्रेस को देने की घोषणा की थी.
झारखंड से प्रणव झा कांग्रेस के उम्मीदवार
कांग्रेस ने अपने राष्ट्रीय सचिव प्रणव झा को झारखंड से उम्मीदवार बनाया है. वह मूल रूप से झारखंड के निवासी हैं और वर्तमान में कांग्रेस अध्यक्ष कार्यालय से संबंद्ध हैं. संसद के उच्च सदन की 24 सीट के लिए 18 जून को चुनाव होगा. राज्यसभा की इन सीटों के लिए चुनाव उन 10 राज्यों में होंगे जहां मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 21 जून से 19 जुलाई के बीच अलग-अलग तारीखों पर समाप्त हो रहा है.
राज्यसभा चुनाव आंध्र प्रदेश, गुजरात और कर्नाटक की चार-चार सीट, मध्य प्रदेश और राजस्थान की तीन-तीन सीट, झारखंड की दो सीट औरमणिपुर, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम की एक-एक सीट पर होंगे. नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख आठ जून है.
ये भी पढ़ें : &#039;आज भी चलता हमारा फैसला&#039;, हुमायूं कबीर ने ममता को विधानसभा पहुंचाने के किया सीट का ऑफर ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 06:30:10 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>कांग्रेस, के, राज्यसभा, उम्मीदवार, का, ऐलान, खरगे, और, पवन, खेड़ा, को, कर्नाटक, से, उतारा, देखें, पूरी, लिस्ट</media:keywords>
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        <title>भारत&amp;अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर बातचीत हुई पूरी, समझौते के लिए दोनों पक्षों ने जताई प्रतिबद्धता</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/भारत-अमेरिका-के-बीच-ट्रेड-डील-को-लेकर-बातचीत-हुई-पूरी-समझौते-के-लिए-दोनों-पक्षों-ने-जताई-प्रतिबद्धता</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/भारत-अमेरिका-के-बीच-ट्रेड-डील-को-लेकर-बातचीत-हुई-पूरी-समझौते-के-लिए-दोनों-पक्षों-ने-जताई-प्रतिबद्धता</guid>
        <description><![CDATA[ भारत और अमेरिका ने गुरुवार (4 जून, 2026) को राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में हुई बातचीत के खत्म होने के बाद व्यापार समझौते तक पहुंचने के लिए अपनी प्रतिबद्धता को फिर से दोहराया. इस संबंध में भारत सरकार की तरफ से एक आधिकारिक बयान जारी कर जानकारी साझा की गई है, जिसके तहत जून महीने की शुरुआत सोमवार (1 जून, 2026) से गुरुवार (4 जून, 2026) तक अमेरिकी मुख्य वार्ताकार की भारत यात्रा के दौरान चार दिनों तक चली बातचीत के बाद दोनों देश अंतरिम व्यापार समझौते के और ज्यादा करीब पहुंच गए हैं.
अमेरिकी पक्ष के साथ वार्ता पर भारत सरकार ने क्या कहा?
भारत सरकार की ओर से बयान में कहा गया, &amp;lsquo;अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (USTR) का एक प्रतिनिधिमंडल व्यापार समझौते पर चर्चा को आगे बढ़ाने के लिए 1 से 4 जून, 2026 तक भारत के दौरे पर आया था, जिसका नेतृत्व मुख्य वार्ताकार कर रहे थे. बातचीत के दौरान दोनों पक्षों ने सामानों के व्यापार, नॉन-टैरिफ मेजर्स, सीमा शुल्क और व्यापार सुविधा, इकोनॉमिक सिक्योरिटी अलाइनमेंट के साथ-साथ अन्य पारस्परिक हितों के क्षेत्रों पर रचनात्मक और सकारात्मक चर्चा की.
सरकार ने कहा, &amp;lsquo;इन चर्चाओं में सहयोग और व्यावहारिकता की भावना दिखाई दी और दोनों पक्षों ने एक ऐसे पारस्परिक रूप से फायदा पहुंचाने वाले समझौते को अंतिम रूप देने को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है, जो भारत और अमेरिका के द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक संबंधों को मजबूत करेगा.&amp;rsquo;

#WATCH | Delhi | Citi India CEO, K Balasubramanian, says, &quot;The India-US corridor is very important for India... Even if you look at the investments coming into the country from this corridor, it continues to be quite robust... We are all excited and waiting for the trade deal to&amp;hellip; pic.twitter.com/eSVMCBLlKS
&amp;mdash; ANI (@ANI) June 4, 2026



अमेरिका ने भारत समेत 60 देशों को दी कार्रवाई की धमकी&amp;nbsp;
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब अमेरिका ने भारत सहित दुनिया भर 60 देशों के खिलाफ व्यापारिक कार्रवाई (ट्रेड एक्शन) की चेतावनी दी है. अमेरिका का आरोप है कि इन देशों ने फोर्स्ड लेबर से बने सामानों के आयात पर बैन लगाने और उसे प्रभावी ढंग से लागू करने में नाकामी दिखाई है.
इस संबंध में USTR ने मंगलवार (2 जून, 2026) को एक आधिकारिक बयान जारी किया था. जिसमें USTR ने कहा कि यूएस ट्रेड एक्ट, 1974 की धारा 301 के तहत यह नतीजा निकलता है कि इन 60 अर्थव्यवस्थाओं (देशों) की नीतियां, कार्यप्रणालियां और तरीके गलत हैं और अमेरिकी व्यापार पर बोझ डालते हैं या उस पर प्रतिबंध लगाते हैं, इसलिए अमेरिकी व्यापार कानून के तहत इनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है.
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        <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 06:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>भारत-अमेरिका, के, बीच, ट्रेड, डील, को, लेकर, बातचीत, हुई, पूरी, समझौते, के, लिए, दोनों, पक्षों, ने, जताई, प्रतिबद्धता</media:keywords>
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        <title>जगतगुरू शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद गौरक्षा यात्रा लेकर पहुंचे फर्रुखाबाद, केंद्र और यूपी सरकार पर साधा निशाना</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/जगतगुरू-शंकराचार्य-स्वामी-अविमुक्तेश्वरानंद-गौरक्षा-यात्रा-लेकर-पहुंचे-फर्रुखाबाद-केंद्र-और-यूपी-सरकार-पर-साधा-निशाना</link>
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        <description><![CDATA[ ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने भारत में गौरक्षा को लेकर भारत और उत्तर प्रदेश सरकार पर एक बार फिर से निशाना साधा है. उन्होंने गुरुवार (4 जून, 2026) को केंद्र और उत्तर प्रदेश की प्रदेश सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार के शासनकाल में गौ हत्या बढ़ गई है. उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि गौ माता को राजमाता का दर्जा दिया जाए.
वहीं, गोरक्ष पीठ के महंत पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि निचली अदालत सुप्रीम कोर्ट को मानने से इनकार करे, तो उसको दंडित करना चाहिए. उन्होंने गोरक्ष पीठ के महंत योगी आदित्यनाथ को कहा कि वो असली हिंदू नहीं हैं.
2014 के बाद से भारत में बढ़ा बीफ का एक्सपोर्ट
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि साल 2014 के बाद भारत में बीफ का एक्सपोर्ट काफी ज्यादा बढ़ गया है. जब से ऐसे लोग सत्ता में आए, यही हमारी चिंता का कारण है. प्रदेश की गौशालाओं में गायों की स्थिति भी अत्यंत गंभीर है. गायों की रक्षा की जगह वहां उनकी तड़प-तड़पकर मौतें हो रही हैं. उन्होंने आगे कहा कि गौशाला में भोजन, पानी की समुचित व्यवस्था प्रदेश सरकार की तरफ से नहीं की जा रही है.&amp;nbsp;
उन्होंने अपने कन्नौज प्रवास के दौरान जिला प्रशासन के उनके प्रति रवैये की भी घोर निंदा की और कहा कि ऐसे नकली हिंदुओं पर धिक्कार है. प्रदेश सरकार की तरफ से मेरी आवाज को दबाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार सनातन विरोधी नहीं होती, तो आज सनातन विरोधी कार्य नहीं करती.
योगी आदित्यनाथ को लेकर बोले अविमुक्तेश्वरानंद
इसके अलावा, गोरक्ष पीठ के महंत को लेकर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि भेष साधु का, जब तक आचरण साधु का न हो, तब तक साधु कहा जाना संभव नहीं है. उन्होंने प्रदेश सरकार पर कहा कि गली-गली में गुंडे घूम रहे और उठवा रहे. हमको और जनता को डरा रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह राम का देश है, रावण का नहीं. गोरक्ष पीठ का महंत ऐसा होगा किसी ने सोचा भी नहीं होगा.
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        <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 06:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>जगतगुरू, शंकराचार्य, स्वामी, अविमुक्तेश्वरानंद, गौरक्षा, यात्रा, लेकर, पहुंचे, फर्रुखाबाद, केंद्र, और, यूपी, सरकार, पर, साधा, निशाना</media:keywords>
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        <title>970 करोड़ का मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क: म्यांमार से सुपारी तस्करी मामले में ED की मिजोरम में बड़ी छापेमारी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/970-करोड़-का-मनी-लॉन्ड्रिंग-नेटवर्क-म्यांमार-से-सुपारी-तस्करी-मामले-में-ed-की-मिजोरम-में-बड़ी-छापेमारी</link>
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        <description><![CDATA[ ED ने म्यांमार से भारत में अवैध रूप से लाई जा रही सूखी सुपारी की तस्करी और उससे जुड़े करीब 970 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क के मामले में बड़ी कार्रवाई की है. ED की आइजोल सब-जोनल ऑफिस टीम ने गुरुवार (4 जून) को मिजोरम के चम्फाई जिले में 9 अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की.
ये कार्रवाई PMLA के तहत की गई. छापे स्थानीय कारोबारियों और कथित तौर पर तस्करी नेटवर्क से जुड़े लोगों के घरों और व्यावसायिक परिसरों में मारे गए. ED की जांच की शुरुआत सीबीआई की एंटी करप्शन ब्रांच, इंफाल द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर हुई थी. ये एफआईआर म्यांमार से भारत में सूखी सुपारी की बड़े पैमाने पर तस्करी से जुड़े मामले में दर्ज की गई थी. इस मामले की जांच का आदेश गुवाहाटी हाई कोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया था.

जांच में सामने आया कि म्यांमार के नागरिक तिआउ नदी के रास्ते बिना किसी कस्टम क्लीयरेंस के सूखी सुपारी भारत में लाते थे. ये माल मिजोरम के जोखावथार और चम्फाई इलाके में स्थानीय सहयोगियों को सौंपा जाता था. इसके बाद सुपारी को चम्फाई के गोदामों में रखा जाता और फिर ट्रकों के जरिए असम-मिजोरम सीमा पर स्थित वैरेंगटे तक पहुंचाया जाता था. इस पूरे नेटवर्क को असम के सिलचर स्थित व्यापारी और फाइनेंसर आर्थिक मदद देते थे. इनके द्वारा बैंकिंग चैनलों के जरिए बड़ी रकम मिजोरम में मौजूद सहयोगियों के खातों में भेजी जाती थी.&amp;nbsp;
ED के मुताबिक म्यांमार के सप्लायर्स को भारतीय मुद्रा में भुगतान किया जाता था, जिसे बाद में सीमा के पास काम करने वाले मनी एक्सचेंजर्स के जरिए म्यांमार की मुद्रा में बदला जाता था. जांच में ये भी सामने आया कि साल 2021 से 2024 के बीच चम्फाई जिले में सुपारी के परिवहन के लिए 251.19 करोड़ रुपये के SGST और 86.25 करोड़ रुपये के CGST से जुड़े ई-वे बिल जारी किए गए. ये ई-वे बिल कथित तौर पर फर्जी प्लांटेशन सर्टिफिकेट और नकली कस्टम क्लीयरेंस दस्तावेजों के आधार पर बनाए गए थे.
ED ने पाया कि जिन बागान मालिकों के नाम पर दस्तावेज तैयार किए गए थे, वे GST में पंजीकृत ही नहीं थे. ED के मुताबिक तस्करी में शामिल स्थानीय लोगों को प्रति किलो सुपारी पर 2 से 15 रुपये तक कमीशन दिया जाता था. ये लोग माल की खरीद, परिवहन, सुरक्षा और कस्टम से जुड़ी प्रक्रियाओं में मदद करते थे.
कैसे चल रहा था फर्जीवाड़ा, ईडी ने किया खुलासा
ED ने खुलासा किया कि जब कस्टम विभाग सुपारी की खेप जब्त कर लेता था, तब कुछ स्थानीय लोगों को सामने लाकर उन्हें माल का दावा करने वाला दिखाया जाता था. इसके बदले उन्हें लाखों रुपये दिए जाते थे. कई मामलों में कस्टम अधिकारियों के सामने यह दिखाने के लिए कि माल कानूनी रूप से आयात किया गया है. फर्जी और असंबंधित बिल ऑफ एंट्री भी पेश किए गए.
बैंक खातों की जांच में ED को पता चला कि वर्ष 2013 से 2025 के बीच आरोपियों के विभिन्न खातों के जरिए 970 करोड़ रुपये से अधिक की संदिग्ध रकम का लेन-देन हुआ. एजेंसी का मानना है कि यही रकम इस तस्करी नेटवर्क से अर्जित अपराध की कमाई यानी Proceeds of Crime है.
छापेमारी के दौरान ED ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए है. .इनमें जमीन और संपत्तियों के कागजात, कारोबार से जुड़े रिकॉर्ड, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शामिल है. एजेंसी अब इन दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है. ED ने कहा है कि मामले में आगे की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे हो सकते है.
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        <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 06:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>मोदी सरकार ने तेल संकट के बीच लिया बड़ा फैसला, जारी किया 10 हजार करोड़ का फंड</title>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम एशिया में चल रहे संकट की वजह से ईंधन की बढ़ती कीमतें एविएशन सेक्टर पर भारी दबाव डाल रही हैं. तेल संकट के बीच मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. बुधवार (3 जून) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को 10 हजार रुपये के ATF फंड को मंजूरी दी गई है. इस फंड से ATF की कीमतों को स्थिर बनाए रखने के लिए ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को मदद दी जाएगी.
फंड जारी करने का मकसद एयरलाइंस को एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की बढ़ती और अस्थिर कीमतों की वजह से होने वाले नुकसान से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को बचाना है. एटीएफ प्राइस स्टेबलाइजेशन सपोर्ट 36 महीनों तक लागू रहेगी. हालांकि इसकी हर साल समीक्षा की जाएगी या फिर तब तक जारी रहेगी, जब तक पूरी अग्रिम राशि की वसूली और एडजस्टमेंट नहीं हो जाता, जो भी पहले हो.
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, पश्चिम एशिया में जारी संकट की वजह से अंतरराष्ट्रीय एटीएफ कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है. मार्च 2026 में ATF की कीमत लगभग 60.50 रुपए प्रति लीटर थी, जो मई 2026 तक बढ़कर 142 रुपए प्रति लीटर पहुंच गई. यानी महज दो महीनों में कीमतें लगभग 2.5 गुना बढ़ गई हैं, जिससे एयरलाइंस की लागत पर भारी दबाव पड़ा है.
(इस खबर को अपडेट किया जा रहा है) ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 13:30:14 +0530</pubDate>
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        <title>एशियन गेम्स के ट्रायल्स से बाहर हुईं विनेश फोगाट, फिर भी जिद पर अड़ा WFI तो सुप्रीम कोर्ट ने दिया ये जवाब</title>
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        <description><![CDATA[ सुप्रीम कोर्ट ने पहलवान विनेश फोगाट के एशियन गेम्स के ट्रायल्स में हिस्सा लेने के खिलाफ कुश्ती संघ की याचिका पर सुनवाई गुरुवार (4 जून, 2026) को बंद कर दी है. कोर्ट को बताया गया कि विनेश ट्रायल्स में हिस्सा ले चुकी हैं और हारकर बाहर भी हो चुकी हैं. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने आगे सुनवाई को गैरजरूरी बताया.
कुश्ती संघ (WFI) ने हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसमें विनेश को ट्रायल्स में जाने की अनुमति दी गई थी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मामले से जुड़े कानूनी सवाल खुले हैं. हाईकोर्ट चाहे तो उन पर विचार कर सकता है.
बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार कुश्ती संघ ने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने की मांग की है. कुश्ती संघ की तरफ से सीनियर एडवोकेट डीएन गोवर्धन ने कोर्ट से अनुरोध किया है कि पैरा नंबर 31 से आगे का हाईकोर्ट का आदेश रद्द कर दिया जाना चाहिए, क्योंकि इसमें तो यहां तक कह दिया गया है कि डब्ल्यूएफआई की कार्रवाई दुर्भावनापूर्ण और निंदनीय है. हालांकि, कोर्ट ने आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है.
सुप्रीम कोर्ट ने कुश्ती संघ से कहा है कि हाईकोर्ट की इन टिप्पणियों का सिंगल बेंच के पास लंबित मामले की सुनवाई पर कोई असर नहीं पड़ेगा. कोर्ट ने यह भी कहा कि हाईकोर्ट के निष्कर्षों को सुप्रीम कोर्ट ने नहीं दोहराया है और मुद्दे अभी भी अनसुलझे हैं.&amp;nbsp;
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यह मुद्दा विनेश फोगाट को एशियन गेम्स के ट्रायल्स में शामिल होने के लिए इजाजत देने से जुड़ा है. पहले हाईकोर्ट ने विनेश फोगाट को ट्रायल्स में जाने की अनुमति दे दी थी और फिर 29 मई को सुप्रीम कोर्ट ने भी फैसले को बरकरार रखा. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने विनेश को इजाजत देने के लिए हाईकोर्ट की तरफ से अपनाए गए दृष्टिकोण पर विचार करने के लिए मामले को लंबित रखा था.
कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट ने आदेश में मातृत्व पर पन्ने दर पन्ने खर्च कर दिए, जबकि असली मुद्दा इंटरनेशनल टेस्टिंग एजेंसी (ITA) के मानदंडों से जुड़ा है क्योंकि विनेश फोगाट डोपिंग टेस्ट में शामिल नहीं हुईं.
सुप्रीम कोर्ट ने विनेश को फटकार भी लगाई थी कि वह 2024 से गायब हैं, कभी मातृत्व और कभी &amp;nbsp;बतौर विधायक हरियाणा विधनासभा की कार्यवाही में व्यस्त होने का हवाला दिया. 2026 के डोपिंग टेस्ट में भी शामिल नहीं हुईं. कोर्ट ने उनसे कहा था कि हमें समझना होगा कि भारतीय खेल, विश्व खेलों से जुड़े हुए हैं. खिलाड़ी की उपलब्धियों का सम्मान होना चाहिए, लेकिन देश हर बात से पहले है.
हाईकोर्ट ने विनेश फोगाट को घरेलू प्रतियोगिताओं और 2026 के एशियन गेम्स के ट्रायल्स के लिए अयोग्य ठहराए जाने की डब्ल्यूएफआई की कार्रवाई को निंदनीय और बदले की भावना से प्रेरित बताया था. उन्होंने कहा था कि मातृत्व अवकाश के बाद वापसी कर रही खिलाड़ी से ऐसा व्यवहार अस्वीकार्य है.
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(निपुण सहगल के इनपुट के साथ) ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 13:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>एशियन, गेम्स, के, ट्रायल्स, से, बाहर, हुईं, विनेश, फोगाट, फिर, भी, जिद, पर, अड़ा, WFI, तो, सुप्रीम, कोर्ट, ने, दिया, ये, जवाब</media:keywords>
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        <title>IPL Founder Lalit Modi: BJP नेता वसुंधरा राजे के साथ कैसा था ललित मोदी का रिश्ता? धमाकेदार इंटरव्यू में कर दिया खुलासा</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/ipl-founder-lalit-modi-bjp-नेता-वसुंधरा-राजे-के-साथ-कैसा-था-ललित-मोदी-का-रिश्ता-धमाकेदार-इंटरव्यू-में-कर-दिया-खुलासा</link>
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        <description><![CDATA[ इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी (Lalit Modi) ने कहा है कि राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को आईपीएल जैसे बड़े स्तर के क्रिकेट टूर्नामेंट बनाने के उनके विज़न पर पूरा भरोसा था और उन्होंने क्रिकेट के क्षेत्र में उनके काम को देखा था. लंदन में एएनआई को दिए एक खास इंटरव्यू में ललित मोदी ने कहा कि उन्होंने जो आईपीएल का प्रोडक्ट बनाया है, वह पूरी दुनिया के लिए बहुत संतोषजनक, शानदार और मनोरंजक है. ललित मोदी भी कहा कि आईपीएल की वजह से ही आज बीसीसीआई को ज्यादा ताकत मिली है.
ललित मोदी ने कहा कि वह वसुंधरा राजे ही थीं, जिन्होंने शुरुआत से ही मेरे विज़न पर भरोसा किया. हम दोस्त थे. हमारी दोस्ती राजनीति से ऊपर रही है. दोनों परिवारों के बीच भी लंबे समय से अच्छे संबंध रहे हैं, जिसके कारण एक-दूसरे पर भरोसा और मजबूत हुआ. वसुंधरा राजे जानती थीं कि मैंने क्रिकेट के लिए क्या किया है, खेलों के लिए क्या किया है और &#039;मोदी एंटरटेनमेंट नेटवर्क&#039; के साथ क्या काम किया है. हम अच्छे दोस्त थे, ललित मोदी ने कहा.

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व्यापार से जुनून का सफरआईपीएल के पूर्व चेयरमैन ने बताया की क्रिकेट उनके लिए पहले एक व्यापार था, लेकिन बाद में यह उनका जुनून बन गया और कहा कि जब उन्होंने ईएसपीएन (ESPN) की जिम्मेदारी मर्डोक परिवार को सौंपी, उसके बाद से क्रिकेट उनके जीवन का मुख्य एजेंडा बन गया. जब ललित मोदी से पूछा गया कि क्या वसुंधरा राजे ने उन्हें कभी चेतावनी दी थी कि वह उन लोगों के खिलाफ जा रहे हैं, जो बाद में उनके पीछे पड़ जाएंगे तो उन्होंने कहा कि भारत छोड़ने के बाद भी कोई उनके पीछे नहीं पड़ा था.
ललित ने बताया कि भारत छोड़ने तक मुझे नहीं पता था कि कोई मेरे पीछे पड़ा हुआ है. यहां तक कि जब मैंने भारत छोड़ा, तब भी कोई मेरे पीछे नहीं आया. यह केवल शशि थरूर वाले मामले से ठीक पहले की बात थी, जब लोग दूसरे कारणों से मेरे पीछे पड़े, लेकिन जो प्रोडक्ट मैंने बनाया (आईपीएल), उसके लिए किसी ने मेरा विरोध नहीं किया. आज भी लोग मेरे काम की तारीफ करते हैं. इसलिए असल में कोई भी इस प्रोडक्ट के खिलाफ नहीं गया है. मैंने जो प्रोडक्ट बनाया है, वह दुनिया को खुशी देने और मनोरंजन करने वाला है.
आईपीएल ने बढ़ाई बीसीसीआई की ताकतललित मोदी ने कहा हमने इसे ऐसा बनाया कि पूरा परिवार मिलकर देख सके. आज हम जिस पीढ़ी में जी रहे हैं, वहां 15, 17, 18 साल के लड़के-लड़कियां टेस्ट क्रिकेट या इंडिया क्रिकेट के बारे में ज्यादा नहीं जानते, वे सिर्फ आईपीएल को जानते हैं और आगे भी इसी को जानेंगे. यह पूछे जाने पर कि क्या आईपीएल की वजह से आज बीसीसीआई के पास ज्यादा ताकत और पैसा है, ललित मोदी ने कहा, &#039;बिना किसी शक के&#039; और यही वजह है कि आज हर कोई इसमें शामिल होना चाहता है. बीसीसीआई का कोई खर्च नहीं था, सिर्फ कमाई थी. जब आईपीएल शुरू हुआ था, तब यह बीसीसीआई की कुल कमाई का सिर्फ 1% था, आज हम 90% हैं और अगले तीन सालों में हम 95% हो जाएंगे.
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        <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 13:30:12 +0530</pubDate>
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        <title>2022 के एआईएडीएमके निष्कासन मामले में याचिका वापस लेने की अर्जी,  4 जून को मद्रास HC करेगा सुनवाई</title>
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        <description><![CDATA[ मद्रास हाईकोर्ट गुरुवार (4 जून, 2026) को उस याचिका पर सुनवाई करेगा, जिसमें 2022 में एआईएडीएमके के कई वरिष्ठ नेताओं को पार्टी से निष्कासित किए जाने के खिलाफ दायर मामले को वापस लेने की अनुमति मांगी गई है. यह मामला जस्टिस एन. कुमारेश बाबू की अदालत में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है. बुधवार को प्रक्रिया संबंधी देरी के कारण अदालत इस अनुरोध पर विचार नहीं कर सकी थी.
यह विवाद 2022 में एआईएडीएमके के भीतर शुरू हुए नेतृत्व संघर्ष से जुड़ा है, जब पार्टी दो गुटों में बंट गई थी. एक गुट का नेतृत्व एडप्पादी के. पलानीस्वामी (EPS) और दूसरे का नेतृत्व ओ. पन्नीरसेल्वम (OPS) कर रहे थे. पार्टी के भीतर चल रही इस खींचतान के बीच 11 जुलाई 2022 को एआईएडीएमके की महत्वपूर्ण जनरल काउंसिल बैठक आयोजित की गई थी.
बैठक से पहले ओ. पन्नीरसेल्वम ने मद्रास हाईकोर्ट में याचिका दायर कर इस बैठक पर रोक लगाने की मांग की थी. हालांकि, अदालत ने अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद बैठक निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार हुई.
जनरल काउंसिल की बैठक में कई प्रस्ताव पारित किए गए, जिन्होंने पार्टी की नेतृत्व व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया. इनमें एक प्रमुख प्रस्ताव के तहत ओ. पन्नीरसेल्वम, मनोज पांडियन, जे.सी.डी. प्रभाकर और वैथिलिंगम को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था. इसके बाद इन चारों नेताओं ने अपने निष्कासन को चुनौती देते हुए मद्रास हाईकोर्ट का रुख किया था. तब से यह मामला एआईएडीएमके के नेतृत्व विवाद से जुड़े अन्य मामलों के साथ लंबित है.
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बाद के राजनीतिक घटनाक्रमों ने इस मामले की परिस्थितियों को बदल दिया. जे.सी.डी. प्रभाकर बाद में तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) में शामिल हो गए और वहां स्पीकर बनाए गए. वहीं ओ. पन्नीरसेल्वम और उनके कुछ सहयोगी बाद में द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) में शामिल हो गए. इन बदली हुई परिस्थितियों को देखते हुए जे.सी.डी. प्रभाकर और अन्य याचिकाकर्ताओं ने हाल ही में हाईकोर्ट को पत्र लिखकर मामले को वापस लेने की अनुमति मांगी है.
बुधवार को सुनवाई के दौरान जस्टिस कुमारेश बाबू को बताया गया कि याचिका वापस लेने संबंधी पत्र हाईकोर्ट रजिस्ट्री से अदालत तक नहीं पहुंचा है. इसी कारण अदालत इस अनुरोध पर कोई फैसला नहीं ले सकी. स्थिति को देखते हुए जज ने मामले की सुनवाई गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दी और इसे फिर से सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया. अब उम्मीद है कि मद्रास हाईकोर्ट याचिकाकर्ताओं के मामले को वापस लेने के अनुरोध पर विचार करेगा और उचित आदेश जारी करेगा.
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        <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 13:30:10 +0530</pubDate>
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        <title>&amp;apos;मैं नरेंद्र मोदी के करीब था...&amp;apos;, ललित मोदी का बड़ा दावा, BJP के नेताओं से रिश्तों का खोला पूरी सीक्रेट</title>
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        <description><![CDATA[ पूर्व आईपीएल चेयरमैन और क्रिकेट प्रशासक ललित मोदी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को &#039;क्रिकेट का बड़ा प्रशंसक&#039; बताते हुए कहा कि उनके और पीएम मोदी के बीच ज्यादातर बातचीत अहमदाबाद में क्रिकेट इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास को लेकर होती थी. लंदन में ANI को दिए एक विशेष इंटरव्यू में ललित मोदी ने कहा कि पीएम मोदी ने हमेशा गुजरात में क्रिकेट के विकास में गहरी दिलचस्पी दिखाई.
&#039;हमारी बातचीत सिर्फ क्रिकेट को लेकर होती थी&#039;ललित मोदी ने कहा, &#039;नरेंद्र मोदी क्रिकेट के बड़े प्रशंसक थे. अहमदाबाद में क्रिकेट इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर उनकी दिलचस्पी थी और हमारी बातचीत क्रिकेट तक सीमित थी.&#039; उन्होंने आगे कहा, &#039;मैं नरेंद्र मोदी के करीब था, लेकिन वह नजदीकी क्रिकेट को लेकर थी, राजनीति को लेकर नहीं.&#039;
नरेंद्र मोदी स्टेडियम पर बयान के बाद छिड़ी थी बहसललित मोदी की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब हाल ही में उन्होंने अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम को लेकर एक बयान दिया था. उन्होंने कहा था कि अगर मौका मिले तो वह इस स्टेडियम को गिराकर दोबारा बनाएंगे ताकि दर्शकों को और बेहतर अनुभव मिल सके. दुनिया के प्रमुख क्रिकेट स्टेडियमों में गिने जाने वाले इस मैदान को लेकर दिए गए उनके बयान के बाद काफी चर्चा हुई थी.

&#039;मैं स्टेडियम की आलोचना नहीं कर रहा था&#039;अपने पुराने बयान को स्पष्ट करते हुए ललित मोदी ने कहा कि वह स्टेडियम की आलोचना नहीं कर रहे थे, बल्कि भारतीय खेल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए और बड़े विजन की बात कर रहे थे. उन्होंने कहा, &#039;आज यह भारत का सबसे अच्छा स्टेडियम है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है. मैंने कहा था कि मैं इसे गिरा दूंगा. अगर मैं इसे गिराने की बात करता हूं तो बाकी स्टेडियमों को भी गिराना होगा. मैंने साफ कहा था कि यह आज भारत का सबसे बेहतरीन स्टेडियम है. लेकिन अगर मुझे अंतरराष्ट्रीय स्तर का फैन एक्सपीरियंस देना हो, तो मैं इसे भी दोबारा बनाऊंगा.&#039;
दुनिया के बड़े स्टेडियमों से की तुलनाललित मोदी का कहना है कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के पास आज जितनी आर्थिक ताकत और वैश्विक प्रभाव है, उसे देखते हुए भारत को दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित खेल मैदानों की बराबरी करने वाले स्टेडियम बनाने चाहिए. उन्होंने कहा, &#039;आज आप वेम्बली स्टेडियम, लॉर्ड्स, बार्सिलोना का कैंप नो, मैनचेस्टर यूनाइटेड का ओल्ड ट्रैफर्ड और मैनचेस्टर सिटी का एतिहाद स्टेडियम देखिए. ये सभी हमारे किसी भी स्टेडियम से कहीं बेहतर हैं. आज BCCI के पास पहले से कहीं ज्यादा पैसा है, इसलिए हमें और बड़े स्तर पर सोचना चाहिए.&#039; ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 13:30:10 +0530</pubDate>
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        <title>नेतन्याहू के साथ फोन पर गर्मागरम बहस के बाद बोले ट्रंप&amp; ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोज्तबा से चाहता हूं मुलाकात</title>
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        <description><![CDATA[ मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच स्थाई शांति के लेकर अभी तक कोई समझौता नहीं हो पाया है. हालांकि आए दिन दोनों देशों की तरफ संभावित डील को लेकर अलग-अलग दावे किए जाते हैं. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार (3 जून 2026) को कहा कि वह ईरान के सुप्रीम लीडर मोज्तबा खामेनेई से मिलना चाहते हैं. उन्होंने दावा किया कि ईरान परमाणु हथियार विकसित नहीं करने पर सहमत हो गया है.
ट्रंप ने मोज्तबा खामेनेई से मिलने की इच्छा जताई&amp;nbsp;
न्यूयॉर्क पोस्ट के पॉडकास्ट को दिए इंटरव्यू में जब राष्ट्रपति ट्रंप से मोज्तबा खामेनेई के साथ बातचीत की संभावना के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, &#039;मैं उनसे मिलना चाहूंगा.&#039; ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्हें अब तक खामेनेई से मिलने का &#039;सौभाग्य&#039; नहीं मिला है. उन्होंने कहा, &#039;मैं सभी से मिलना चाहता हूं. हालांकि ये इस बात पर निर्भर करता है कि हालात कैसे रहते हैं. किसी समय हम शायद मिलेंगे.&#039;
मोज्तबा ने मार्च की शुरुआत में ईरान के सर्वोच्च नेता का नया पदभार संभाला. उन्होंने अपने पिता अयातुल्ला अली खामेनेई का स्थान लिया, जिनकी अमेरिका-इजरायल के हवाई हमले में मृत्यु हो गई थी. हालांकि, वह (मोज्तबा) अभी तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं और न ही उन्होंने अपनी आवाज में कोई भाषण जारी किया है.
सीजफायर वार्ता में शामिल हैं मोज्तबा: ट्रंप
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि मोज्तबा खामेनेई सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं, लेकिन वे सीजफायर वार्ता में स्पष्ट रूप से शामिल हैं. उन्होंने आगे कहा, &#039;मुझे लगता है कि ईरानी उनका बहुत सम्मान करते हैं. खराब स्वास्थ्य के बावजूद वे वार्ता से संबंधित स्वीकृतियां दे रहे हैं. जब उनसे पूछा गया कि अगर ईरान के साथ फिर से दुश्मनी शुरू होती है तो स्थिति कैसी होगी? इस पर उन्होंने कहा, &#039;फिलहाल जमीनी सैनिकों की कोई जरूरत नहीं है. हमने अकेले हवाई हमलों से ही उनकी सेना के एक महत्वपूर्ण हिस्से को नष्ट कर दिया है.&#039;
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मंगलवार (2 जून 2026) को कांग्रेस (संसद) की एक समिति को बताया कि मोज्तबा खामेनेई जीवित हैं और उनकी सक्रियता लगातार बढ़ रही है. उन्होंने सीनेट की विदेश संबंध समिति को बताया, &#039;मुझे लगता है कि ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि वह किसी न किसी स्तर पर तेजी से सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं.&#039;
नेतन्याहू के साथ हुई तीखी बातचीत
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ फोन पर तीखी बातचीत के कुछ दिन बाद ट्रंप ने मोज्तबा खामेनेई से मिलने की ईच्छा जताई है. इंटरव्यू में अमेरिकी राष्ट्रपति ने बेंजामिन नेतन्याहू के साथ फोन पर हुई बातचीत के दौरान अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने की बात भी स्वीकार की.&amp;nbsp; विदेश संबंध समिति को बताया, &#039;मुझे लगता है कि ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि वह किसी न किसी स्तर पर तेजी से सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं.&#039;
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        <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 01:30:11 +0530</pubDate>
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        <title>दीमक लगे करोड़ों का कैश, AC बेडरूम, कंडोम, रिवॉल्वर...कोलकाता के सबसे पुराने सुरेंद्रनाथ कॉलेज में मिला TMC की अय्याशियों का अड्डा</title>
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        <description><![CDATA[ कोलकाता के एक सबसे पुराने और प्रतिष्ठित कॉलेजों में से एक सुरेंद्रनाथ कॉलेज इन दिनों सुर्खियों में बना हुआ है. यहां एक स्टूडेंट विंग के रूम में करीबन एक करोड़ रुपए कैश से भरे दो बॉक्स मिले. इनमें से अधिकतर कैश में दीमक लग गई. सत्तारुढ़ बीजेपी ने टीएमसी को जिम्मेदार ठहराया है.&amp;nbsp;
दरअसल, बंगाल में पिछले कुछ सालों में छात्र संघ के चुनाव नहीं हुए. इसकी वजह पिछले साल जून में साउथ कोलकत्ता लॉ कॉलेज के स्टूडेंट विंग के कमरे में 24 साल की छात्रा का गैंगरेप हुआ था. इसके बाद कोलकाता हाईकोर्ट ने टीएमसी सरकार को निर्देश दिया था कि कॉलेजों में स्टूडेंट विंग के कमरे बंद कर दिए जाएं. इसी के तहत सुरेंद्र नाथ कॉलेज के स्टूडेंट विंग के कमरे को बंद कर दिया गया था.&amp;nbsp;
कई आपत्तिजनक सामाग्री भी बरामद
इनके अलावा कॉलेज कैंपस में तलाशी के दौरान कई आपत्तिजनक सामाग्री भी बरामद की गई है. कॉलेज के अंदर दो बेडरूम भी मिले हैं. इनमें एसी, अटैच्ड बाथरूम, बेड, महंगे गद्दे, तकिए लगे थे. &amp;nbsp;इसके अलावा कॉलेज कैंपस से दो एसी बेडरूम, शराब की बोतलें, गर्भनिरोधक के पैकेट, और रिवॉल्वर बरामद हुई. इसके लिए&amp;nbsp;
अधिकारियों का कहना है कि इन रूम का इस्तेमाल टेरेस फैसिलिजिट के तौर पर किया जाता है. इन कमरों का इस्तेमाल टीएमसी के दबंग छात्र नेता देबाशीष बंद्योपाध्याय और उनके बेटे शिबाशीष करते थे. कर्मचारियों से मालिश करवाई जाती थी. देबाशीष बंद्योपाध्याय ने हालांकि, इन सभी दावों से इनकार कर दिया है.&amp;nbsp;

आखिर कैसे हुआ ये खुलासा?&amp;nbsp;द टेलीग्राफ ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि सुरेंद्रनाथ कॉलेज ने छात्र संघ का कमर उस वक्त खोला, जब बीजेपी सरकार ने कॉलेजों के स्टूडेंट विंग के फंड से किए खर्चों को ऑडिट करने के आदेश दिए.&amp;nbsp;
इस पूरे मामले में बीजेपी ने कार्रवाई की मांग की है. साथ ही ईडी जांच की मांग भी पार्टी की तरफ से की गई है. बीजेपी विधायक सजल घोष ने बताया कि यह कैश कॉलेज में चल रहे एडमिशन रैकेट से जुड़े हो सकते हैं. टीएमसी छात्र संघ (TMCP) के नेता लाखों रुपए एडमिशन के एवज में लेते थे. भ्रष्टाचार से कमाया पैसा कालीघाट पहुंचता था. कालीघाट पर ममता बनर्जी का आवास था. टीएमसी ने इस मामले में किसी तरह का रिएक्शन फिलहाल अभी तक नहीं दिया.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 01:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>BK Hariprasad: कर्नाटक कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष बने बीके हरिप्रसाद, डीके शिवकुमार की जगह संभालेंगे जिम्मेदारी</title>
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        <description><![CDATA[ BK Hariprasad: कर्नाटक में लगातार कांग्रेस संगठनात्मक बदलाव के अलावा सरकार में भी फेरबदल कर रही है. अब डीके शिवकुमार को सिद्धारमैया की जगह मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी सौंपने के बाद कांग्रेस ने बीके हरिप्रसाद को बुधवार को कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस की जिम्मेदारी सौंपते हुए, उन्हें अध्यक्ष पद पर नियुक्त किया है. हरिप्रसाद पार्टी के सीनियर नेता हैं. इसके अलावा वह पार्टी में रहते हुए कई जिम्मेदारी संभाल चुके हैं.&amp;nbsp;
बीके हरिप्रसाद वर्तमान में कर्नाटक विधान परिषद के सदस्य हैं. उनका कार्यकाल इसी महीने खत्म होने वाला है. मोदी सरकार, बीजेपी और आरएसएस के मुखर आलोचक माने जाते हैं. इससे पहले वह राज्यसभा के सदस्य रह चुके हैं.
बिलावा कम्युनिटी से आने वाले अन्य पिछड़ा वर्ग के बिलावा समुदाय के हरिप्रसाद का जन्म 29 जुलाई 1954 को हुआ था. जनार्दन पुजारी और एस बंगारप्पा भी कर्नाटक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं.
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राज्यसभा में उपसभापति पद के थे उम्मीदवार
इससे पहले हरिप्रसाद विपक्ष की ओर से राज्यसभा के उपसभापति पद के उम्मीदवार थे. उनका मुकाबला एनडीए के हरिवंश नारायण सिंह से हार मिली थी. साल 1999 में उन्होंने लोकसभा चुनाव बंगलुरु दक्षिण सीट से लड़ा था. उन्हें केंद्रीय मंत्री रह चुके और बीजेपी नेता अनंत कुमार से हार का सामना करना पड़ा था. हरिप्रसाद से पहले डीके शिवकुमार 6 साल से प्रदेश अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाल रहे थे. 2 जुलाई 2020 को वह केपीसीसी के अध्यक्ष बने. उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष की कमान तब संभाली थी, जब राज्य में कांग्रेस की स्थिति ठीक नहीं थी. यह कोरोना का समय था. उनपर अवैध मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगे थे. सीबीआई और ईडी की जांच चल रही थी. जेल से लौटने के बाद AICC के निर्देशों के मुताबिक, उन्हें प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई थी.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 01:30:09 +0530</pubDate>
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        <title>TMC की टूट पर हुमायूं कबीर का पहला रिएक्शन, कहा&amp;  खेल तो अब शुरू होगा...</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/tmc-की-टूट-पर-हुमायूं-कबीर-का-पहला-रिएक्शन-कहा-खेल-तो-अब-शुरू-होगा</link>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस पार्टी में टूट पर आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के प्रमुख हुमायूं कबीर ने तंज कसा है. इस दौरान उन्होंने अभिषेक बनर्जी पर जमकर निशाना साधा. हुमायूं कबीर ने कहा, &#039;अभिषेक बनर्जी ने कुछ विधायकों को नहीं बुलाया और गलत तरीके से शोभनदेव चट्टोपाध्याय को विपक्ष का नेता चुन लिया. यह सही तरीका नहीं है.&#039;
खेल तो अब शुरू होगा: हुमायूं कबीर&amp;nbsp;
हुमायूं कबीर ने 2021 में ममता बनर्जी को मुख्यमंत्री बनाए जाने को लेकर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा, &#039;ममता बनर्जी 2021 का चुनाव हार गई थीं. विधायकों ने उनके लिए 213 सीटें जीती थीं ताकि वह सीएम बन सकें, लेकिन चुनाव न जीतने के बावजूद, उन्हें नेता चुना गया और वह सीएम बन गईं.&#039; जाली दस्तावेज को लेकर उन्होंने टीएमसी पर तंज कसा और कहा कि अभी तो खेल शुरू हुआ है.
उन्होंने कहा, &#039;अगर कोई जाली दस्तखतों वाला कोई खत भेजता है तो BJP उसे स्वीकार नहीं करेगी. अब सीएम शुभेंदु अधिकारी हैं. वह उनके साथ पिछले 4 सालों में जो कुछ भी हुआ, उसके खिलाफ कदम उठा रहे हैं. उन्होंने TMC को तोड़ दिया है. अब, 60 विधायक और ऋतब्रत बनर्जी पार्टी को चुनौती दे रहे हैं. खेल तो अब शुरू होगा और TMC की क्या स्थिति है ये अगले दिन पता चल जाएगा.&#039;

लोकसभा सासंद भी छोड़ेंगे टीएमसी का साथ: हुमायूं
हुमायूं कबीर ने कहा, &#039;मैंने 6 महीने पहले कहा था कि TMC बंगाल में चुनाव हारेगी, सत्ता खो देगी और पार्टी टूट भी जाएगी. आज ठीक यही हो रहा है. 60 से ज्यादा विधायक उनके खिलाफ बगावत कर रहे हैं और एक नई TMC की मांग कर रहे हैं. मेरे पास जानकारी है कि कुल 41 सांसदों में से, लगभग 20 TMC सांसद भी ममता बनर्जी का साथ छोड़ने, अभिषेक बनर्जी को चुनौती देने और लोकसभा स्पीकर पर दबाव डालने की योजना बना रहे हैं.&#039;
TMC का मतलब ममता बनर्जी: कुणाल घोष
टीएमसी में चल रही राजनीतिक हलचल पर पार्टी नेता कुणाल घोष ने कहा, &#039;TMC का मतलब ममता बनर्जी और ममता बनर्जी का मतलब ही TMC है. सभी कार्यकर्ता दीदी के साथ खड़े हैं. कुछ लोगों ने TMC के चुनाव चिह्न पर और दीदी की तस्वीर का इस्तेमाल करके चुनाव जीता, लेकिन अब वे दूसरे खेमे के जाल में फंस रहे हैं. ये लोग निर्दलीय नहीं हैं, ये TMC के ही हैं. वे कहते हैं कि वे ममता दीदी का सम्मान करते हैं, लेकिन अगर वे ऐसा करते हैं तो वे शोभनदेव चट्टोपाध्याय को स्वीकार क्यों नहीं कर पाते?&#039;
ऋतब्रता बनर्जी के गुट को स्पीकर ने दी मान्यता
तृणमूल कांग्रेस से निष्कासित नेता ऋतब्रता बनर्जी ने बुधवार को कहा कि पश्चिम बंगाल विधानसभा के अध्यक्ष ने विधायक दल के रूप में मान्यता देने संबंधी तृणमूल कांग्रेस के बागी गुट की मांग को स्वीकार कर लिया है. उन्होंने पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी से इसके मुख्य सलाहकार के रूप में कार्य करने का अनुरोध किया है. यह घटनाक्रम, 58 बागी विधायकों द्वारा तृणमूल से निष्कासित नेता ऋतब्रता बनर्जी को विधायक दल के नेता के रूप में समर्थन देने और विधानसभा अध्यक्ष रतींद्र बोस को अपने इस निर्णय से अवगत कराये जाने के बाद हुआ है.
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        <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 01:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>दिल्ली होटल में आग के बाद FIR, मालिक गिरफ्तार, LG की इमरजेंसी बैठक, अब होने जा रहा बड़ा एक्शन, 5 बड़ी बातें</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/दिल्ली-होटल-में-आग-के-बाद-fir-मालिक-गिरफ्तार-lg-की-इमरजेंसी-बैठक-अब-होने-जा-रहा-बड़ा-एक्शन-5-बड़ी-बातें</link>
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        <description><![CDATA[ Malviya Nagar Hotel Fire:&amp;nbsp; राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक होटल में भीषण आग लगने से 21 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 18 विदेशी नागरिक शामिल हैं. यह दर्दनाक हादसा हौज रानी इलाके की एक पांच मंजिला &amp;lsquo;बेड एंड ब्रेकफास्ट&amp;rsquo; इमारत में हुआ. शुरुआती जांच में आग लगने की वजह संदिग्ध सिलेंडर विस्फोट मानी जा रही है, हालांकि शॉर्ट सर्किट की आशंका से भी इनकार नहीं किया गया है.
इस मामले में होटल मालिक लवकेश बजाज को गिरफ्तार कर लिया गया है. इससे पहले लवकेश बजाज और उनकी पत्नी फरार थे. जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने दोनों के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी कर दिया था, ताकि वे देश छोड़कर भाग न सकें. उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार छापेमारी की जा रही थी. आइये इस घटना से जुड़ी पांच बड़ी बातें जानते हैं-
1-घटना के बाद उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने अधिकारियों के साथ आपात बैठक कर एक महीने का विशेष फायर सेफ्टी अभियान चलाने का आदेश दिया है. इसके तहत होटल, गेस्ट हाउस, नर्सिंग होम और कोचिंग संस्थानों की जांच की जाएगी. साथ ही अग्नि सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों को सील करने के निर्देश दिए गए हैं.
2-बताया गया कि आग सुबह करीब 8:30 बजे &amp;lsquo;फ्लोरिश स्टे बी एंड बी&amp;rsquo; में लगी और तेजी से पूरी इमारत में फैल गई. इमारत में केवल एक ही प्रवेश और निकास द्वार था, खिड़कियां स्थायी रूप से बंद थीं और मुख्य दरवाजा सेंसर आधारित था, जिससे यह इमारत एक तरह से &amp;lsquo;मौत का जाल&amp;rsquo; बन गई.

3-जांच में यह भी सामने आया है कि इमारत में बिना अनुमति अतिरिक्त मंजिलें बनाई गई थीं और अग्नि सुरक्षा से जुड़ी आवश्यक मंजूरी भी नहीं ली गई थी. हादसे के दौरान धुएं और आग से बचने के लिए लोग खिड़कियां तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश करते और मदद के लिए गुहार लगाते नजर आए. एक महिला अपने बच्चे के साथ तीसरी मंजिल से कूद गई, जबकि स्थानीय लोगों ने नीचे गद्दे बिछाकर कई लोगों को बचाने की कोशिश की.
4- होटल के सामने कंबल की दुकान के मालिक अरमान ने लोगों को कूदते देख उनकी चोट से बचाने के लिए तुरंत सड़क पर अधिक से अधिक रजाइयां और गद्दे बिछा दिए, जबकि अन्य लोगों ने घायलों को सीपीआर देकर मदद की. अरमान ने &amp;lsquo;पीटीआई-भाषा&amp;rsquo; से कहा, &amp;ldquo;उस समय हमने किसी और चीज के बारे में नहीं सोचा, बस जरूरत के अनुसार गद्दे और रजाइयां उपलब्ध कराईं.&amp;rdquo; एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी शेख अली ने बताया कि आग लगने के कारण दरवाजे बंद हो गए थे और खिड़कियां पूरी तरह से सील थीं, जिससे अंदर फंसे लोग काफी देर तक बाहर नहीं निकल सके. स्थानीय निवासियों के अनुसार, लोगों को बचाने के लिए खिड़कियां और मुख्य द्वार तोड़ने हेतु पत्थरों और हथौड़ों का इस्तेमाल किया गया.
5-एक अन्य निवासी आसिफ ने दावा किया कि इमारत में मौजूद अग्निशामक यंत्र इतनी बड़ी आग से निपटने के लिए अपर्याप्त थे. सड़क के उस पार स्थित मैक्स अस्पताल में घबराए और स्तब्ध परिजन अपने प्रियजनों की तलाश में इकट्ठा हो गए. वे घायल और मृतकों की सूची खंगालते रहे और लगातार फोन करते रहे. एक व्यक्ति ने रोते हुए कहा, &amp;ldquo;तस्वीरों से हम उन्हें पहचान नहीं पा रहे, सभी बुरी तरह झुलस गए हैं.&amp;rdquo; इन्हीं लोगों में शामिल नमित गोयल ने बताया कि उनके छह रिश्तेदार इस हादसे की चपेट में आ गए, जिनमें से चार की पहचान हो चुकी है, जबकि दो की पहचान अभी बाकी है.&amp;nbsp;
मैक्स अस्पताल के अनुसार, वहां लाए गए 39 लोगों में से 18 को मृत घोषित किया गया, जबकि 15 को आईसीयू में भर्ती कराया गया, जिनमें से आठ वेंटिलेटर पर हैं और उनकी हालत गंभीर है. कई लोग धुएं के कारण सांस लेने में दिक्कत से जूझ रहे थे, कुछ मामूली रूप से झुलसे थे और कुछ को फ्रैक्चर हुआ था. पांच घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि एक गंभीर रूप से झुलसे मरीज को सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया.
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में 13 मरीज भर्ती किए गए, जिनमें से तीन इमारत से कूदने के कारण घायल हुए थे. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, बचाव कार्य के दौरान 10 पुलिसकर्मी भी घायल हो गए. इस घटना पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई.
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        <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 01:30:06 +0530</pubDate>
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        <title>EU&amp;पाक के ज्वाइंट स्टेटमेंट को भारत ने किया खारिज, कहा&amp; J&amp;amp;K और लद्दाख भारत का अटूट हिस्सा</title>
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        <description><![CDATA[ India Hits Out Pak EU on JK Statement: भारत के विदेश मंत्रालय ने यूरोपीय संघ और पाकिस्तान की तरफ से जारी एक संयुक्त बयान में जम्मू कश्मीर के जिक्र को जोरदार तरीके से खारिज कर दिया है. भारत ने इस बयान को गैरजरूरी करार दिया है. साथ ही बेवजह का बताया है.&amp;nbsp;
मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत संयुक्त प्रेस बयान में जम्मू कश्मीर के किसी भी जिक्र को पूरी तरह खारिज करता है. उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश भारत का अभिन्न और अटूट हिस्सा हैं.&amp;nbsp;
ऐसे बेवजह के जिक्र को पूरी तरह से खारिज करते हैं: जायसवाल
जायसवाल ने कहा कि जम्मू कश्मीर के जिक्र के संबंध में हम यह कहना चाहेंगे, कि हम भारत के आंतरिक मामलों पर संयुक्त प्रेस बयान में ऐसे बेवजह के जिक्र को पूरी तरह से खारिज करते हैं.&amp;nbsp;
भारत से सीमा विवाद को लेकर बयान से भड़के लोग, विपक्ष और छात्र कर रहे नेपाल PM बालेन शाह के इस्तीफे की मांग
जिन्हें अधिकार नहीं उन्हें टिप्पणी करने से बचना चाहिए: जायसवाल
जायसवाल ने कहा है कि जम्मू कश्मीर के जिक्र के संबंध में हम यह कहना चाहेंगे कि हम भारत के आंतरिक मामलों पर संयुक्त प्रेस बयान में ऐसे बेवजह के जिक्र को पूरी तरह से खारिज करते हैं. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने यह भी कहा कि जिन संस्थाओं का इस मुद्दे पर कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है, उन्हें इस पर टिप्पणी करने से बचना चाहिए.

उन्होंने आगे कहा कि जम्मू कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश भारत के अभिन्न और अटूट हिस्से हैं. इन लोगों का ऐसे मामलों में कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है. उन्हें इन पर कोई भी टिप्पणी करने से बचना चाहिए. ये टिप्पणियां यूरोपीय संघ पाकिस्तान के संयुक्त बयान में जम्मू कश्मीर के जिक्र के बाद आई है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 09:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>&amp;apos;पीएम मोदी Gen Z से ज्यादा Gen Z और मिलेनियल से हैं ज्यादा मिलेनियल&amp;apos;, नेपाल के सत्ताधारी दल के चीफ से बोले BJP प्रेसिडेंट</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/पीएम-मोदी-gen-z-से-ज्यादा-gen-z-और-मिलेनियल-से-हैं-ज्यादा-मिलेनियल-नेपाल-के-सत्ताधारी-दल-के-चीफ-से-बोले-bjp-प्रेसिडेंट</link>
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        <description><![CDATA[ नेपाल के राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के अध्यक्ष रबि लामिछाने ने मंगलवार (2 जून, 2026) को राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में स्थित भारतीय जनता पार्टी (BJP) के मुख्यालय में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात की. इस मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने राजनीति में जेन-जी (Gen Z) की बढ़ती भूमिका और संभावनाओं पर चर्चा की.
उन्होंने विशेष रूप से लोकतांत्रिक भागीदारी, सार्वजनिक संवाद और भविष्य के नेतृत्व को आकार देने में जेन-जी की भूमिका को लेकर गंभीर बातचीत की. इस दौरान भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का देश के युवाओं के साथ जुड़ाव पर प्रकाश डाला.
पीएम मोदी के बारे में क्या बोले BJP अध्यक्ष?
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने कहा, &amp;lsquo;पीएम मोदी का युवाओं के साथ एक अद्वितीय व्यक्तिगत जुड़ाव है. मोदी जी मिलेनियल्स से भी ज्यादा मिलेनियल और जेन-जी के साथ जेन-जी से भी ज्यादा जुड़े हुए हैं, क्योंकि वे युवाओं की आकांक्षाओं, उनकी भाषा और ऊर्जा को स्वाभाविक रूप से समझते हैं.&amp;rsquo;
उन्होंने कहा, &amp;lsquo;तकनीक और स्टार्टअप्स से लेकर खेल, इनोवेशन और देश के निर्माण तक मोदी जी ने लगातार युवाओं को भारत की विकास यात्रा के केंद्र में रखा है.&amp;lsquo;&amp;nbsp;

???????????????????????????????????????????????????? ????????????????-???????????????????? ????????????????! BJP National President Shri @NitinNabin warmly hosted Rabi Lamichhane, Chairman of Nepal&amp;rsquo;s Rastriya Swatantra Party, and his delegation at BJP Headquarters in Delhi under the Know BJP initiative. Shri Nitin Nabin&amp;hellip; pic.twitter.com/fZK0YBSBGO
&amp;mdash; BJP (@BJP4India) June 2, 2026



BJP के विदेश मामलों के प्रभारी ने दी जानकारी
रिपोर्ट के मुताबिक, भाजपा के विदेश मामलों के विभाग के प्रभारी विजय चौथाईवाले ने एक बयान में कहा, &amp;lsquo;नेपाल की सत्ताधारी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन ने साझा सभ्यतागत विरासत, सांस्कृतिक संबंधों और मजबूत जन-केंद्रित संबंधों पर आधारित भारत और नेपाल के बीच घनिष्ठ और ऐतिहासिक संबंधों को रेखांकित किया.&amp;rsquo;
उन्होंने कहा कि नबीन ने इस बात पर जोर दिया कि इस तरह की बातचीत से भाजपा और आरएसपी के बीच लोकतांत्रिक संवाद मजबूत होता है और दलों के बीच जुड़ाव गहरा होता है. नबीन ने भाजपा की यात्रा, विचारधारा, संगठनात्मक ढांचे और राजनीतिक जुड़ाव के लिए उसके जन-केंद्रित दृष्टिकोण के बारे में जानकारी साझा की.
यह भी पढ़ेंः नितिन नबीन ने सभी भाजपा प्रदेश अध्यक्षों के साथ की बैठक, केंद्र के 12 साल पूरे होने पर बड़े कार्यक्रमों की रूपरेखा तय ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 09:30:10 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>पीएम, मोदी, Gen, से, ज्यादा, Gen, और, मिलेनियल, से, हैं, ज्यादा, मिलेनियल, नेपाल, के, सत्ताधारी, दल, के, चीफ, से, बोले, BJP, प्रेसिडेंट</media:keywords>
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        <title>‘संवैधानिक आजादी का उल्लंघन’, बंगाल के मदरसों में वंदे मातरम को अनिवार्य बनाने पर बोला पर्सनल लॉ बोर्ड</title>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल के मदरसों में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम को अनिवार्य रूप से गाया जाना बनाने पर काफी ज्यादा बवाल मचा हुआ है. इस बीच ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने इस सरकारी फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई है. बोर्ड ने पश्चिम बंगाल सरकार की तरफ से मान्यता प्राप्त मदरसों में सुबह की प्रार्थना के दौरान राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के सभी पांच छंदों का पाठ अनिवार्य करने के फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि यह लोगों की धार्मिक पहचान और संवैधानिक आजादी का उल्लंघन है.
पर्सनल लॉ बोर्ड ने की सरकारी फैसले की वापसी की मांग
पीटीआई भाषा की रिपोर्ट के मुताबिक, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने मंगलवार (2 जून, 2026) को पश्चिम बंगाल की भाजपा सरकार की ओर से जारी किए गए आदेश के विरोध में एक आधिकारिक बयान जारी किया. जिसमें बोर्ड ने पश्चिम बंगाल की शुभेंदु अधिकारी की भाजपा सरकार से इस फैसले को वापस लेने की मांग की है.
AIMPLB के प्रवक्ता सैयद कासिम रसूल इलियास ने आधिकारिक बयान देते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल की सरकार को इस फैसले से जुड़ी अधिसूचना को वापस लेना चाहिए. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार का यह निर्देश बिजॉय इमैनुएल बनाम केरल राज्य के मामले में आए सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के विपरीत है, जिसमें शीर्ष अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा था कि किसी भी नागरिक को राष्ट्रीय या धार्मिक समारोह में भाग लेने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है.&amp;nbsp;

एक समुदाय की परंपरा को दूसरे पर थोपना गलतः इलियास
इलियास ने आगे कहा, &amp;lsquo;मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड यह स्पष्ट करना जरूरी समझता है कि वंदे मातरम के कुछ छंदों में ऐसी अवधारणाएं हैं, जिन्हें मुसलमान एकेश्वरवाद (तौहीद) के इस्लामी सिद्धांत के साथ असंगत मानते हैं. इसलिए मुस्लिम छात्रों को गाना सुनाने के लिए मजबूर करना उनकी धार्मिक पहचान और संवैधानिक आजादी पर सीधा उल्लंघन है.&amp;rsquo; उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि एक धर्मनिरपेक्ष देश को एक समुदाय की धार्मिक या सांस्कृतिक परंपराओं को दूसरे पर नहीं थोपना चाहिए.
यह भी पढ़ेंः वंदे मातरम गाने को लेकर मचा बवाल, अब आया शशि थरूर का रिएक्शन, कहा- &#039;मुझे लगता है ये...&#039; ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 09:30:09 +0530</pubDate>
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        <title>डीके शिवकुमार की शपथ से पहले राहुल गांधी का बड़ा फैसला, सिद्धारमैया को दिल्ली में दी ये बड़ी जिम्मेदारी </title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/डीके-शिवकुमार-की-शपथ-से-पहले-राहुल-गांधी-का-बड़ा-फैसला-सिद्धारमैया-को-दिल्ली-में-दी-ये-बड़ी-जिम्मेदारी</link>
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        <description><![CDATA[ कर्नाटक में डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री पद की शपथ से पहले राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने बड़ा फैसला लिया है. पूर्व सीएम सिद्धारमैया को कांग्रेस की वर्किंग कमेटी (CWC) का सदस्य बनाया गया है. सीडब्ल्यूसी पार्टी के सबसे बड़े फैसले लेने वाली बॉडी है. बता दें कि बुधवार यानी आज शाम करीब चार बजे डीके शिवकुमार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे.
कांग्रेस की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सिद्धारमैया को तुरंत प्रभाव से CWC का सदस्य नियुक्त किया है.

Hon&#039;ble Congress President Shri @kharge has appointed Shri @siddaramaiah as Member of the Congress Working Committee, with immediate effect. pic.twitter.com/QHH7fYHqnJ
&amp;mdash; Congress (@INCIndia) June 2, 2026



कर्नाटक में आज 64 साल के डीके शिवकुमार 34वें मुख्यमंत्री के पद की शपथ लेंगे. उनके साथ करीब 10 विधायक भी मंत्री पद की शपथ लेंगे, जिनमें सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र सिद्धारमैया (45) भी शामिल हैं, जोकि MLC हैं.
ये भी पढ़ें-&amp;nbsp;शुभेंदु सरकार के खिलाफ ममता का बड़ा धरना, शामिल होने पहुंचे TMC के सिर्फ 5 विधायक और 6 सांसद
राहुल गांधी-खरगे होंगे शपथग्रहण में मौजूद
डीके शिवकुमार के शपथग्रहण समारोह में राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी मौजूद रहे हैं. शिवकुमार के साथ शपथ लेने वाले 10 मंत्रियों की संभावित सूची में सिद्धारमैया कैबिनेट के कई वरिष्ठ और दो युवा चेहरे - मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे प्रियांक खरगे और कृष्णा बायरेगौड़ा शामिल हैं. कांग्रेस की कोशिश होगी कि पहले राउंड में कैबिनेट का गठन कर्नाटक में जाति समीकरणों को बैलेंस में रखकर किया जाए.
कांग्रेस साधेगी जातीय समीकरण
इसीलिए एमबी पाटिल और ईश्वर खंड्रे- दोनों ही लिंगायत समुदाय से आते हैं. दलित समुदाय से आने वाले जी परमेश्वर, वोक्कालिगा समुदाय से आने वाले रामलिंगा रेड्डी, एसटी समुदाय से सतीश जरकीहोली और ईसाई केजे जॉर्ज आज शपथ ले सकते हैं. कैबिनेट के लिए मुस्लिम उम्मीदवार मौजूदा स्पीकर और पूर्व मंत्री यूटी खादर हो सकते हैं. सिद्धारमैया की जगह OBC चेहरा उनके बेटे यतींद्र हो सकते हैं, जबकि दलित चेहरा प्रियांक खरगे हो सकते हैं.
सिद्धारमैया सरकार के जिन मंत्रियों को झटका लग सकता है, उनमें शिवराज तंगदागी, मंकल वैद्य, बिरथी सुरेश और ज़मीर अहमद खान शामिल हैं. कर्नाटक में नए कैबिनेट बनाने की प्रक्रिया में डिप्टी चीफ मिनिस्टर और मौजूदा शिवकुमार की जगह राज्य कांग्रेस के नए प्रेसिडेंट की नियुक्ति भी हो सकती है.
ये भी पढ़ें-&amp;nbsp;TMC टूटी तो रितब्रता बनर्जी को मिलेगी ये बड़ी जिम्मेदारी, ममता बनर्जी को झटका देने की इनसाइड स्टोरी ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 09:30:08 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>डीके, शिवकुमार, की, शपथ, से, पहले, राहुल, गांधी, का, बड़ा, फैसला, सिद्धारमैया, को, दिल्ली, में, दी, ये, बड़ी, जिम्मेदारी </media:keywords>
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        <title>डीके शिवकुमार आज बनेंगे कर्नाटक के CM, कैबिनेट में होंगे कितने मंत्री? जानें</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/डीके-शिवकुमार-आज-बनेंगे-कर्नाटक-के-cm-कैबिनेट-में-होंगे-कितने-मंत्री-जानें</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/डीके-शिवकुमार-आज-बनेंगे-कर्नाटक-के-cm-कैबिनेट-में-होंगे-कितने-मंत्री-जानें</guid>
        <description><![CDATA[ डीके शिवकुमार आज (3 जून) को कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. शाम 4 बजे लोकभवन में राज्यपाल थावर चंद गहलोत डीके को सीएम पद की शपथ दिलाएंगे. कांग्रेस आलाकमान के कहने पर सिद्धारमैया के इस्तीफा देने के बाद वह मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने जा रहे हैं. शिवकुमार को शनिवार को औपचारिक रूप से कांग्रेस विधायक दल का नेता चुना गया था.
10-12 विधायक बन सकते हैं मंत्री
सूत्रों का कहना है कि शिवकुमार के साथ 10 से 12 विधायक मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं. मंत्रिमंडल विस्तार इस महीने होने वाले राज्यसभा और विधान परिषद चुनाव के बाद होने की संभावना है. इससे पहले मंगलवार (2 जून) को उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी में पार्टी आलाकमान के साथ मंत्रिमंडल को लेकर चर्चा की थी. सिद्धारमैया भी बैठक में शामिल हुए थे.

दोनों ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी के साथ विस्तृत चर्चा की. इसके बाद दोनों नेताओं ने कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और पार्टी के कर्नाटक प्रभारी रणदीप सुरजेवाला के साथ अलग से बातचीत की.
कौन-कौन ले सकता है शपथ?
शिवकुमार और सिद्धरमैया मंगलवार (2 जून) रात बेंगलुरु के लिए रवाना हो गए. सूत्रों ने बताया कि बुधवार को जी परमेश्वर, प्रियंक खरगे, रामालिंगा रेड्डी, एमबी पाटिल और यतीन्द्र सिद्धरमैया मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं. कर्नाटक में मुख्यमंत्री सहित मंत्रिपरिषद में अधिकतम 34 मंत्रियों को शामिल किया जा सकता है.
मंत्रिमंडल में बैलेंस बनाने की होगी कोशिश
सूत्रों का कहना है कि नए मंत्रिमंडल में पुराने और नए चेहरों का मिश्रण देखने को मिल सकता है. जातीय समीकरण, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और सिद्धरमैया समर्थक नेताओं को ध्यान में रखते हुए संतुलन बनाने की कोशिश की जाएगी. यह भी चर्चा है कि कई उपमुख्यमंत्री बनाए जा सकते हैं और सिद्धरमैया मंत्रिमंडल के कुछ सदस्यों को नए मंत्रिमंडल से बाहर किया जा सकता है.
पार्टी सूत्रों के अनुसार, मंत्री पद के दावेदारों की लंबी कतार और उपलब्ध पदों की सीमित संख्या के बीच शिवकुमार के सामने संतुलन साधने की बड़ी चुनौती है. उन्हें हर कदम बेहद सावधानी से उठाना होगा, क्योंकि मंत्रिमंडल में जगह नहीं पाने वाले नेताओं की नाराजगी बड़े स्तर पर असंतोष का रूप ले सकती है.
&#039;हम आपको आराम नहीं करने देंगे&#039;, सिद्धारमैया ने छोड़ी कर्नाटक CM की कुर्सी तो बोले कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल
सिद्धारमैया बने CWC मेंबर
रविवार (31 मई) को शिवकुमार से मुलाकात के बाद सिद्धरमैया के बेटे और कांग्रेस के विधान परिषद (एमएलसी) सदस्य यतींद्र सिद्धरमैया ने कहा था कि उन्हें अगले मंत्रिमंडल में जगह मिलने की पूरी उम्मीद है. उन्होंने दावा किया था कि पार्टी नेतृत्व ने उन्हें मंत्री पद देने का आश्वासन भी दिया है. इस बीच, पार्टी ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने वाले अपने सीनियर नेता सिद्धरमैया को मंगलवार (2 जून) को कांग्रेस कार्य समिति (CWC) का सदस्य नियुक्त कर दिया.
&#039;ऐसे नेता की तलाश...&#039;, डीके शिवकुमार के बाद कौन होगा कर्नाटक कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष? खड़गे ने दिया जवाब ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 09:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>डीके, शिवकुमार, आज, बनेंगे, कर्नाटक, के, CM, कैबिनेट, में, होंगे, कितने, मंत्री, जानें</media:keywords>
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        <title>वेदांता ग्रुप पर ईडी का कसा शिकंजा, फेमा उल्लंघन मामले में दिल्ली से मुंबई तक छापेमारी</title>
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        <description><![CDATA[ ED Raids on Vedanta Group: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत चल रही जांच के सिलसिले में दिल्ली और मुंबई में वेदांता समूह से जुड़े दो ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया है. वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई कथित तौर पर समूह की कंपनियों द्वारा अपनी मूल कंपनी को किए गए &amp;lsquo;ब्रांड फीस भुगतान&amp;rsquo; से जुड़ी है. जांच एजेंसी ने इन संदिग्ध लेन-देन से संबंधित दस्तावेज और रिकॉर्ड जब्त किए हैं, जिनकी फेमा के प्रावधानों के तहत जांच की जा रही है.
वेदांता पर ईडी का शिकंजा
अधिकारियों ने बताया कि ईडी की टीमों ने दिल्ली और मुंबई में एक-एक स्थान पर तलाशी ली, जो सोमवार को शुरू होकर अब पूरी हो चुकी है. जांचकर्ता इन भुगतानों से जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड और समझौतों की बारीकी से समीक्षा कर रहे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि ये लेन-देन विदेशी मुद्रा नियमों के अनुरूप थे या नहीं.
वेदांता समूह के एक प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी जांच में पूरा सहयोग कर रही है और मांगी गई सभी जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है. उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी सभी लागू कानूनों और नियमों का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध है.&amp;nbsp;
FEMA उल्लंघन के तहत एक्शन
समाचार एजेंसी आईएएनएस ने सूत्रों के हवाले से बताया कि अब ईडी अधिकारी तलाशी के दौरान एकत्र किए गए दस्तावेजों का विश्लेषण कर आगे की कार्रवाई तय करेंगे. हालांकि, इस मामले में अभी तक ईडी की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.

इस बीच, वेदांता लिमिटेड ने हाल ही में स्टॉक एक्सचेंजों को जानकारी दी थी कि सुप्रीम कोर्ट ने उसकी सहायक कंपनी तलवंडी साबो पावर लिमिटेड (टीएसपीएल) के खिलाफ बिजली उपलब्धता से जुड़ी कथित गलत जानकारी के मामले में फैसला सुनाया है. इसके तहत कंपनी पर लगभग 127 करोड़ रुपये का जुर्माना और विलंब भुगतान अधिभार लगाया गया है.
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        <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 17:30:15 +0530</pubDate>
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        <title>&amp;apos;लड़ेंगे या मरेंगे&amp;apos;, बंगाल पुलिस को ममता का ठेंगा, अभिषेक की पिटाई के खिलाफ बिना इजाजत धरने पर बैठीं</title>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल में सत्ता बदलने के बाद ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर अंदरूनी कलह और पार्टी नेताओं पर हुए हमले के बाद सियासी पारा चढ़ गया है. टीएमसी में टूट की खबर अब खुलकर सामने आने लगी है, जिसके बाद ममता बनर्जी के लिए नई चुनौती सामने आ गई है. इस बीच पूर्व सीएम ममता पार्टी के कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नेताओं पर हुए हमले को लेकर विरोध प्रदर्शन करने कोलकाता के एस्प्लेनेड के Y-चैनल स्थित धरना स्थल पर पहुंची हैं. उनके साथ अभिषेक बनर्जी और कई विधायक भी मौजूद हैं.
लड़ेंगे या मरेंगे: ममता की बीजेपी को चुनौती
कोलकाता पुलिस ने सोमवार (1 जून 2026) को ममता बनर्जी को विरोध प्रदर्शन करने की अनुमित नहीं दी थी. इसके बाद भी बंगाल की पूर्व सीएम विरोध प्रदर्शन करने पहुंची हैं. धरने पर बैठीं ममता बनर्जी ने कहा, &#039;बंगाल में पुलिस TMC नेताओं को धमका रही है. अपने कार्यकाल के दौरान मैं सभी लोगों के साथ खड़ी रहती थी चाहे उनकी विचारधारा मेरी पार्टी से न मिलती हो.&#039; उन्होंने बीजेपी को अंतिम चुनौती देते हुए कहा, &#039;लड़ेंगे या मरेंगे.&#039;&amp;nbsp;
बीजेपी अध्यक्ष फोन करके मांगते थे मदद: ममता बनर्जी
अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले का जिक्र करते हुए ममता ने कहा कि जिन लोगों ने कभी उनसे मदद मांगी थी, उन्होंने डायमंड हार्बर सांसद पर जानलेवा हमले के समय कोई समर्थन नहीं दिया. ममता बनर्जी ने कहा, &#039;बीजेपी अध्यक्ष कई बार मुझे फोन करके मदद मांगते थे, लेकिन मैंने यह बात कभी मीडिया को नहीं बताई. बीजेपी को छोड़कर सभी राजनीतिक दलों से मेरे अच्छे संबंध हैं, लेकिन जब भी बीजेपी ने मदद मांगी, मैंने उनकी मदद की है. मैंने उनके बुरे समय में उनकी सहायता की है. मैंने उन्हें व्यक्तिगत रूप से फोन भी किया था. मैं यहां हूं और यहां रहूंगी.&#039;
ममता बनर्जी ने बीजेपी को चुनौती देते हुए कहा कि अगर वे चाहें तो उन्हें गिरफ्तार कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि अगर उन्हें कोलकाता में विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी गई तो वह दिल्ली चली जाएंगी. विरोध प्रदर्शन वाली जगह पर भारी भीड़ जमा हो गई है, जिसमें पार्टी सांसद कल्याण बनर्जी भी शामिल हैं.

#WATCH | Kolkata, West Bengal: TMC Chairperson Mamata Banerjee holds a protest at Kolkata&#039;s Rani Rashmoni Avenue over attacks on party leaders, including her nephew Abhishek Banerjee, and other issues. pic.twitter.com/rLyuLSrTp4
&amp;mdash; ANI (@ANI) June 2, 2026



ममता ने लगाया पार्टी तोड़ने का आरोप
ममता बनर्जी ने 1 जून को कहा था, &#039;पुलिस एक राजनीतिक दल को तोड़ने की कोशिश कर रही है. अगर आप मुझे यहां लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन नहीं करने देंगे तो मैं दिल्ली चली जाऊंगी. हमारी INDIA गठबंधन की बैठक भी है. बंगाल में एसआईआर के जरिए हमें हराया गया. 177 विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव में धांधली हुई और EVM को हैक किया गया. मैं स्वयं पीड़ित हूं. जब मैं 13,000 वोटों से जीत रही थी, तब मुझे मतगणना केंद्र से जबरन बाहर निकाल दिया गया.&#039;

चुनाव के बाद पहली बार सड़क पर उतरीं ममता बनर्जी
ममता बनर्जी हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों में अपनी पार्टी की भारी हार के बाद पहली बार सड़कों पर उतरी हैं. ऐसे में उनकी अपनी पार्टी के विधायकों की भागीदारी को लेकर अनिश्चितताएं बढ़ रही हैं. सोमवार को दो विधायकों को निष्कासित किए जाने के बाद सवाल खड़े हो रहे हैं कि विधानसभा चुनावों में अपनी पार्टी और अपनी व्यक्तिगत हार के बाद पूर्व मुख्यमंत्री के इस पहले सार्वजनिक कार्यक्रम में उनके साथ पार्टी के कितने विधायक शामिल होंगे.
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        <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 17:30:12 +0530</pubDate>
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        <title>पांच पन्नों का इस्तीफा सौंपा.. क्या अन्नामलाई ने सच में कर लिया बीजेपी से किनारा, गृहमंत्री अमित शाह से भी की मुलाकात</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/पांच-पन्नों-का-इस्तीफा-सौंपा-क्या-अन्नामलाई-ने-सच-में-कर-लिया-बीजेपी-से-किनारा-गृहमंत्री-अमित-शाह-से-भी-की-मुलाकात</link>
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        <description><![CDATA[ BJP Tamil Nadu Ex President K Annamalai Left Party: तमिलनाडु के बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष के अन्नामलाई ने मंगलवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव बीएल संतोष से मुलाकात की है. उन्होंने साथ ही पांच पन्नों का इस्तीफा सौंपा है. ये मुलाकातें, अन्नामलाई के पार्टी छोड़ने की अटकलों की बीच जारी है. के अन्नामलाई ने गृहमंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की है, साथ ही एक किताब भी उन्हें दी है.
ऐसे में अब खबर है कि यह पूर्व आईपीएस अधिकारी एक नई राजनीतिक पार्टी शुरू करने की योजना बना रहे हैं. इसका दृष्टिकोण उनके सहयोगियों के अनुसार धर्मनिरपेक्ष और तमिल प्रथम ही होगा. ऐसे में इस संगठन को अगले सात से आठ महीने में शुरू किया जा सकता है. यह संगठन तमिलनाडु में बीजेपी और द्रविड़ पार्टियों के खुद को एक विकल्प के तौर पर पेश करेगा.
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किस तरह की पार्टी बनाना चाहते हैं अन्नामलाई?&amp;nbsp;
अन्नामलाई के करीबियों का कहना है कि वह ऐसी पार्टी की कल्पना करते हैं, जो तमिल पहचान को राष्ट्रीय दृष्टीकोण से जोड़ता हो. साथ ही विरोधी पार्टियों का विरोध करते समय मुद्दों पर आधारित हो. माना जा रहा है कि अन्नामलाई और बीजेपी में मतभेद पिछले कुछ महीनों से जारी है. अन्नामलाई हाल ही के चुनाव में उम्मीदवारों को चयन को लेकर नाखुश थे. अन्नामलाई का इस अलगाव को लेकर तर्क है कि बीजेपी को गठबंधन पर निर्भर रहने की बजाय राज्य में एक स्वतंत्र संगठनात्म आधार बनाने पर ध्यान देना चाहिए.

केंद्र सरकार की इस नीति कर चुके हैं विरोध
अन्नामलाई के भविष्य को लेकर अटकलें तब और तेज हो गईं, जब उन्होंने हाल ही में केंद्र सरकार के CBSE कक्षा 9 के छात्रों के लिए तीन भाषा अनिवार्य नीति को लागू करने के फैसले की आलोचना की. इस कदम को तमिलनाडु के माता-पिता और स्टूडेंट्स के लिए चिंता का विषय बताया.
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        <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 17:30:11 +0530</pubDate>
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        <title>Hyderabad Politics: हैदराबाद में जन सेना कार्यक्रम पर बड़ा विवाद! अनुमति, अदालत और पवन कल्याण के बयान से गरमाई राजनीति</title>
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        <description><![CDATA[ हैदराबाद में जन सेना के एक प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक विवाद तब और गहरा गया, जब अनुमति, कानूनी कार्यवाही और विरोधी राजनीतिक नेताओं के सार्वजनिक बयानों पर असहमति के चलते यह मुद्दा सुर्खियों में आ गया. इन घटनाक्रमों ने तेलंगाना स्थापना दिवस कार्यक्रमों के दौरान राजनीतिक भागीदारी, सार्वजनिक सभाओं को नियंत्रित करने में कानून प्रवर्तन की भूमिका और राज्य में राजनीतिक जगह पाने के लिए बढ़ती प्रतिस्पर्धा पर बहस छेड़ दी है.
यह मुद्दा तब ज़ोर पकड़ा जब जन सेना ने तेलंगाना स्थापना दिवस समारोहों से जुड़े एक बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम की योजना की घोषणा की. पार्टी ने इस कार्यक्रम को समर्थकों से जुड़ने और जन कल्याण के मुद्दों को उजागर करने के एक अवसर के रूप में पेश किया. हालांकि, सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन से जुड़ी चिंताएं जल्द ही चर्चा का केंद्र बन गईं, जब अधिकारियों ने प्रस्तावित सभा के लिए अनुमति देने से इनकार कर दिया. इस फ़ैसले ने तुरंत एक राजनीतिक और कानूनी लड़ाई छेड़ दी, जिसमें पार्टी नेताओं ने तर्क दिया कि लोकतांत्रिक गतिविधियों को कानून के दायरे में अनुमति दी जानी चाहिए.

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अनुमति मांगने के लिए हाई कोर्ट के रूख
विवाद तब और गहरा गया जब जन सेना ने राहत और कार्यक्रम के लिए अनुमति मांगने के लिए उच्च न्यायालय का रुख किया. इस कानूनी कदम ने व्यापक ध्यान आकर्षित किया, क्योंकि इस कार्यक्रम से जुड़ा राजनीतिक महत्व लगातार बढ़ रहा था. हालांकि, पार्टी द्वारा दायर याचिका स्वीकार नहीं की गई, जिससे प्रस्तावित सभा के भविष्य को लेकर नई अनिश्चितता पैदा हो गई. इस झटके के बावजूद, समर्थकों ने अपनी तैयारियां जारी रखीं और उम्मीद जताई कि कानूनी और प्रशासनिक माध्यमों से स्थिति का समाधान अभी भी हो सकता है.
पवन कल्याण ने मीडिया को क्या कहा?
इस राजनीतिक ड्रामे में और इज़ाफ़ा करते हुए, जन सेना प्रमुख पवन कल्याण ने हैदराबाद से मीडिया को संबोधित करने की योजना की घोषणा की और विश्वास जताया कि पत्रकारों के साथ बातचीत के लिए अंततः अनुमति मिल जाएगी. उनकी टिप्पणियों ने आगे की चर्चा को जन्म दिया, विशेष रूप से इसलिए क्योंकि सार्वजनिक सभा पर पहले प्रतिबंध लगाए गए थे. एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के इस बड़े विवाद का हिस्सा बनने की संभावना जल्द ही राजनीतिक बहस का विषय बन गई.
तेलंगाना स्थापना दिवस से जुड़े कार्यक्रम में तनाव
इस बीच, गन पार्क के पास तेलंगाना स्थापना दिवस से जुड़े कार्यक्रमों के दौरान भी तनाव की खबरें आईं, जहां विभिन्न राजनीतिक समूहों के समर्थकों के बीच ज़ुबानी झड़प हुई. नारों और जवाबी नारों ने इस मुद्दे के इर्द-गिर्द बढ़ते प्रतिस्पर्धी राजनीतिक माहौल को दर्शाया. विभिन्न पार्टियों के नेताओं ने एक-दूसरे की आलोचना की, जिसमें हर पक्ष अपनी स्थिति को जनहित और तेलंगाना की राजनीतिक आकांक्षाओं के अनुरूप पेश करने की कोशिश कर रहा था.
तेलंगाना की बदलती राजनीति
इन घटनाक्रमों ने उस मुद्दे को, जो शुरू में केवल अनुमति से जुड़ा एक मामला था, एक व्यापक राजनीतिक मुकाबले में बदल दिया है, जिसमें कानूनी चुनौतियां, सार्वजनिक संदेश और लोकतांत्रिक भागीदारी से जुड़े सवाल शामिल हैं. जानकारों का कहना है कि यह विवाद न केवल प्रस्तावित कार्यक्रम की वजह से, बल्कि इसलिए भी चर्चा में आया है क्योंकि यह तेलंगाना की बदलती राजनीतिक गतिशीलता को दर्शाता है. कई पार्टियों के अपने प्रभाव का विस्तार करने की कोशिशों के बीच, जन सेना के कार्यक्रम को लेकर चल रही बहस राज्य की सबसे बारीकी से देखी जाने वाली राजनीतिक घटनाओं में से एक बन गई है.
ये भी पढ़ें: वेदांता ग्रुप पर ईडी का कसा शिकंजा, फेमा उल्लंघन मामले में दिल्ली से मुंबई तक छापेमारी ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 17:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>17 साल के सार्थक सिद्धांत ने CBSE के OSM प्रक्रिया में खोजी कई खामियां, संसदीय समिति के सामने दिया प्रेजेंटेशन</title>
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        <description><![CDATA[ CBSE परीक्षा, रिजल्ट और ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) पोर्टल को लेकर जारी विवाद के बीच 17 वर्षीय छात्र सार्थक सिद्धांत मंगलवार (2 जून, 2026) को संसदीय समिति के सामने पेश हुए, जहां उन्हें शिक्षा, महिला, बच्चे, युवा और खेल से संबंधित संसदीय स्थायी समिति के सामने प्रेजेंटेशन देने के लिए बुलाया गया था. संसदीय समिति ने सीबीएसई की क्लास 12 की परीक्षाओं में इस्तेमाल की जा रही ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम और छात्रों की तरफ से उठाई गई समस्याओं और चिंताओं की समीक्षा की.
प्रेजेंटेशन के बाद कमेटी के अध्यक्ष और कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह ने कहा कि समिति अब इस मामले में सीबीएसई के जवाब का इंतजार करेगी. उन्होंने न्यूज एएनआई से बातचीत में कहा, &amp;lsquo;उन्होंने (OSM सिस्टम से प्रभावित छात्रों में से एक सार्थक सिद्धांत) अपना प्रेजेंटेशन दे दिया है. अब सीबीएसई की तरफ से दिए गए जवाबों पर फैसला लेना कमेटी का काम है.&amp;rsquo;&amp;nbsp;
संसदीय समिति की नजर में कैसे आए सार्थक सिद्धांत?

#WATCH | Delhi: Sarthak Sidhant, one of the students affected by the CBSE&#039;s &#039;On-Screen Marking&#039; (OSM) system, arrived at the Parliament House Annexe to give a presentation before the Parliamentary Standing Committee on Education, Women, Children, Youth, and Sports. This committee&amp;hellip; pic.twitter.com/xnnd7YfD5z
&amp;mdash; ANI (@ANI) June 2, 2026



दरअसल, 17 वर्षीय छात्र सार्थक सिद्धांत तब चर्चा में आए जब उन्होंने सेंट्रल पब्लिक प्रोक्योरमेंट (Central Public Procurement) पोर्टल पर उपलब्ध टेंडर दस्तावेजों की समीक्षा के बाद अपनी जांच के नतीजों को अपने ब्लॉग में प्रकाशित किया. उन्होंने अपने नतीजों में यह आरोप लगाया कि सीबीएसई ने कोएम्प्ट एडुटेक को लाभ पहुंचाने के लिए नियमों में बदलाव किए.

#WATCH | Ranchi, Jharkhand | A class 12th student, Sarthak Sidhant, says, &amp;ldquo;&amp;hellip;I have written a blog that compares the tender documents of CBSE. I have uploaded and published it&amp;hellip; There were at least 15 discrepancies, as per my blog. I would like to highlight three or four of them.&amp;hellip; pic.twitter.com/TtL7DgOe9M
&amp;mdash; ANI (@ANI) May 30, 2026



सार्थक ने अपने ब्लॉग पोस्ट में आरोप लगाया कि बोर्ड ने तीन अलग-अलग टेंडर राउंड्स में पात्रता (एलिजीबिलिटी) और तकनीकी जरूरतों में ऐसे बदलाव किए, जिनसे कोएम्प्ट एडुटेक (Coempt EduTeck) को फायदा हुआ.&amp;nbsp;

सार्थक ने किन नियमों में बदलाव का किया जिक्र?
सार्थक सिद्धांत ने ANI से बातचीत में कहा, &amp;lsquo;मेरे ब्लॉग के मुताबिक कम से कम 15 विसंगतियां थीं. मैं उनमें से तीन या चार को उजागर करना चाहूंगा. पहले मैं कोएम्प्ट के बारे में बैकग्राउंड बताना चाहता हूं. इसे पहले ग्लोबरीना (Globarena) के नाम से जाना जाता था और इसका रिकॉर्ड काफी संदिग्ध रहा है. कोएम्प्ट की वजह से 23 छात्रों ने सुसाइड किया था.&amp;rsquo;
उन्होंने कहा, &amp;lsquo;पहली बड़ी विसंगति खराब प्रदर्शन (Poor Performance) से संबंधित तीन शर्तों को नई RFP (Request for Proposal) से पूरी तरह हटा दिया गया. पहले की RFP में पहले कभी ब्लैकलिस्ट किया गया हो जैसी शर्त थी, जबकि नई RFP में इसे बदलकर वर्तमान में ब्लैकलिस्ट हो कर दिया गया. बोर्ड ऐसा सर्विस प्रोवाइडर क्यों चाहेगा, जिसे पहले ब्लैकलिस्ट किया जा चुका हो?&amp;rsquo;
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        <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 17:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>साल, के, सार्थक, सिद्धांत, ने, CBSE, के, OSM, प्रक्रिया, में, खोजी, कई, खामियां, संसदीय, समिति, के, सामने, दिया, प्रेजेंटेशन</media:keywords>
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        <title>नितिन नबीन ने सभी भाजपा प्रदेश अध्यक्षों के साथ की बैठक, केंद्र के 12 साल पूरे होने पर बड़े कार्यक्रमों की रूपरेखा तय</title>
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        <description><![CDATA[ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की अध्यक्षता में सोमवार (1 जून, 2026) को पार्टी के देश के सभी राज्यों के प्रदेश अध्यक्षों की एक अहम बैठक संपन्न हुई. बैठक में पार्टी के संगठन के महामंत्री बीएल संतोष सहित अन्य सभी राष्ट्रीय महासचिव भी मौजूद रहे. इस अहम बैठक का उद्देश्य भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों और जनसंपर्क अभियानों की विस्तृत रूपरेखा तैयार करना है.
इस साथ ही, भाजपा की अहम बैठक में संगठनात्मक कार्यों की समीक्षा और विभिन्न राज्यों में पार्टी की गतिविधियों का आकलन किया गया, आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों की तैयारियों और नई रणनीतियों पर गहन चर्चा हुई. इसके अलावा, संगठन के विस्तार और बूथ स्तर तक पार्टी को और मजबूत बनाने की दिशा में ठोस कदमों पर चर्चा की गई.
बैठक में किन-किन मुद्दों पर की विस्तृत चर्चा
सूत्रों के अनुसार, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की अध्यक्षता में हुई बैठक में सोशल मीडिया पर अत्यधिक निर्भरता कम करने और पार्टी की पारंपरिक ताकत, घर-घर संपर्क अभियान, को फिर से मजबूती से लागू करने पर विशेष जोर दिया गया. इसमें यह भी फैसला लिया गया कि सभी संपर्क अभियानों में पार्टी, राज्य सरकारों और केंद्र सरकार के विकास कार्यों को प्रमुखता दी जाए और कार्यकर्ताओं से प्राप्त सूचनाओं और फीडबैक पर ही भरोसा रखा जाए.&amp;nbsp;

नितिन नबीन ने पार्टी के सभी प्रदेश अध्यक्षों को दिए सख्त निर्देश
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने सभी प्रदेश अध्यक्षों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि वे अपने-अपने राज्यों में कार्यकर्ताओं की समस्याओं और चिंताओं का ध्यान रखें और उनमें किसी भी तरह की निराशा या हताशा का भाव नहीं आने देना चाहिए. यह बैठक पार्टी को आगामी चुनावी साल में पूर्ण रूप से तैयार करने और संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
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        <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 05:30:13 +0530</pubDate>
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        <title>6 साल बाद फिर खुलेगा लिपुलेख दर्रा, जून के पहले हफ्ते से शुरू होगा भारत&amp;तिब्बत सीमा व्यापार</title>
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        <description><![CDATA[ उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के ऐतिहासिक लिपुलेख दर्रे से होने वाला भारत-तिब्बत सीमा व्यापार करीब छह सालों के लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर से शुरू होने जा रहा है. कोविड-19 महामारी के कारण साल 2020 से बंद यह पारंपरिक व्यापार जून 2026 के पहले हफ्ते से फिर से संचालित होगा. सीमा व्यापार के फिर से शुरू होने से व्यांस, दरमा और चौंदास घाटी सहित पूरे सीमांत इलाके में उत्साह का माहौल है.
विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी किए गए परमिटः जिलाधिकारी
पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने इस संबध में बताया कि भारत सरकार के विदेश मंत्रालय की ओर से व्यापार संचालन के लिए जरूरी ट्रेड परमिट जारी कर दिए गए हैं और उसे व्यापारियों और उनके सहायकों को वितरित किए जा रहे हैं. जिला प्रशासन ने व्यापार कार्यालय, कस्टम कार्यालय सहित सभी जरूरी व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं, ताकि व्यापार सुचारू रूप से संचालित हो सके.
ट्रेड ऑफिस के उद्घाटन के पहले दिन 10 आवेदन प्राप्तः उपजिलाधिकारी
वहीं, उपजिलाधिकारी और व्यापार अधिकारी धारचूला आशीष जोशी ने बताया कि सोमवार (1 जून) को धारचूला में ट्रेड कार्यालय का विधिवत उद्घाटन किया गया. पहले ही दिन 10 व्यापारियों के आवेदन प्राप्त हुए हैं और आवेदन प्रक्रिया लगातार जारी है. उन्होंने कहा कि व्यापारियों की हर समस्या के समाधान के लिए प्रशासन पूरी तरह तत्पर है.
सीमा व्यापार को लेकर किए गए नए बदलाव
इस साल सीमा व्यापार में एक महत्वपूर्ण बदलाव भी किया गया है. पहली बार भारतीय व्यापारी अपने सामान को वाहनों के माध्यम से भारत-तिब्बत सीमा स्थित इंडो-तिब्बत ट्रेड प्वाइंट तक पहुंचा सकेंगे. इसके बाद उन्हें सिर्फ लगभग दो किलोमीटर पैदल चलकर चीन क्षेत्र में प्रवेश करना होगा. व्यापारियों का मानना है कि इससे समय, श्रम और लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी.&amp;nbsp;

सीमा व्यापार से अन्य कारोबारियों को मिलेगा लाभ
लिपुलेख व्यापार मार्ग सदियों से सीमांत क्षेत्र की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार रहा है. इस व्यापार के तहत भारतीय व्यापारी गुड़, मिश्री, माचिस और अन्य आवश्यक वस्तुएं तिब्बत ले जाएंगे, जबकि वहां से ऊन, चरू, कंबल और अन्य पारंपरिक उत्पाद भारत लाए जाएंगे. व्यापारियों का कहना है कि सीमा व्यापार के फिर से संचालन से स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलेगा और परिवहन, होटल व्यवसाय और अन्य छोटे कारोबारियों को भी प्रत्यक्ष लाभ होगा.
स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और व्यापार के नए मौके बनेंगेः सचिव
वहीं, व्यापार संघ के सचिव दोलत सिंह रायपा ने सीमा व्यापार शुरू होने पर खुशी जताते हुए जिला प्रशासन, राज्य सरकार और केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया. उन्होंने विश्वास जताया कि इस साल का व्यापार नए कीर्तिमान स्थापित करेगा. करीब छह सालों बाद शुरू हो रहा भारत-तिब्बत सीमा व्यापार न सिर्फ सीमांत क्षेत्रों की पारंपरिक आर्थिक गतिविधियों को नई गति देगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और व्यापार के नए अवसर भी लेकर आएगा. सीमांत क्षेत्र के लोग अब इस व्यापार सीजन से बड़ी उम्मीदें लगाए हुए हैं.&amp;nbsp;
रिपोर्टः नीरज मेहता
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        <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 05:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>DMK और AIADMK मिलकर बनाने वाले थे सरकार, तमिलनाडु के CM विजय ने किया बड़ा खुलासा, बताई प्लानिंग</title>
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        <description><![CDATA[ तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने सोमवार (1 जून 2026) को खुद के खिलाफ विधायकों की खरीद-फरोख्त करने के आरोपों को खारिज कर दिया. उन्होंने मुख्य प्रतिद्वंद्वी दलों DMK और AIADMK पर आरोप लगाया कि वे लूट मचाने के लिए चोरी-छिपे सरकार बनाने की कोशिश कर रहे हैं. 10 मई को मुख्यमंत्री पद पर आसीन होने के बाद पहली बार जनसभा को संबोधित करते हुए विजय ने डीएमके पर हमला बोला और उनकी पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) की लगातार आलोचना करने का आरोप लगाया.
DMK और AIADMK मिलकर बनाने वाले थे सरकार
उन्होंने कहा कि डीएमके की परिवार की राजनीति ही 23 अप्रैल के विधानसभा चुनाव में उसकी हार का कारण बनी. विजय ने कहा, &#039;जनता ने मुझे मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि प्रथम सेवक बनाया है. डीएमके जितनी ज्यादा उनकी आलोचना करेगी, उतना ही अधिक लाभ टीवीके को मिलेगा.&#039; मुख्यमंत्री ने कहा कि 4 मई 2026 को चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद दोनों द्रविड़ दलों ने मिलकर सौदेबाजी की और गुपचुप तरीके से सरकार बनाने की कोशिश की ताकि लूट मचाते रहें.
सीएम विजय ने दावा किया कि दोनों दलों को डर था कि अगर टीवीके सरकार बना लेगी तो उनका काम यानी लूट और भ्रष्टाचार खत्म हो जाएगा. उन्होंने डीएमके को &amp;ldquo;बुरी ताकत&amp;rdquo; और AIADMK को &amp;ldquo;खत्म हो चुकी ताकत&amp;rdquo; बताया. टीवीके चीफ ने कहा, &#039;जैसाकि मैंने पहले कहा था, मुकाबला केवल टीवीके और DMK के बीच है, बाकी कोई मायने नहीं रखता.&#039; उन्होंने कहा कि लोग उन्हें पेरम्बू का विधायक कहते हैं, लेकिन उनके लिए तिरुचिरापल्ली के लोग बहुत करीब हैं.
भविष्य के सभी चुनावों में मिलेगा समर्थन: विजय
सीएम विजय ने ये भी कहा कि दिवंगत मुख्यमंत्री एम.जी. रामचंद्रन (एमजीआर) को भी उनके पहले चुनाव में इतने वोट नहीं मिले थे, जितने उन्हें मिले हैं. उन्होंने कहा, &#039;मैं खुद की तुलना एमजीआर से नहीं कर रहा हूं. मैं एमजीआर, अन्ना और पेरियार के दिखाए रास्ते पर चलने वाला आपका विजय हूं, बस इतना ही.&#039; विजय ने यह भी कहा कि अगर थोड़ा और समर्थन मिला होता तो परिणाम और बेहतर होते, लेकिन उन्हें विश्वास है कि भविष्य के सभी चुनावों में पूरा समर्थन मिलेगा.
उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी टीवीके ने जाति, धर्म और वोट के बदले पैसे जैसी बाधाओं को तोड़ा है. उन्होंने कहा कि टीवीके सरकार सभी का ख्याल रखेगी और राज्य के अधिकारों और धर्मनिरपेक्षता पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा.
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        <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 05:30:10 +0530</pubDate>
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        <title>तमिलनाडु के CM विजय सभी कार्यक्रमों में क्यों पहनते हैं काला सूट&amp;पैंट? TVK चीफ ने कर दिया खुलासा</title>
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        <description><![CDATA[ तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज करने के बाद जब टीवीके प्रमुख सी. जोसेफ विजय राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के लिए पहुंचे थे, तब सफेद शर्ट और काले रंग के सूट-पैंट पहनने को लेकर उनकी काफी चर्चा हुई थी. इसके बाद मुख्यमंत्री जोसेफ विजय के पदभार ग्रहण करने के बाद भी अक्सर काले सूट-पैंट में नजर आए हैं, जिसे लेकर मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने सोमवार (1 जून, 2026) को खुलासा कर दिया है. उन्होंने सवाल किया कि क्या ब्लेजर पहनना सिर्फ प्रभावशाली लोगों का अधिकार है और कहा कि उनके पहनावे में काले रंग का प्रतीकात्मक महत्व है. &amp;nbsp;
सत्ता पर काबिज होने के बाद पहली बार सभा को किया संबोधित&amp;nbsp;

Tiruchirappalli | Tamil Nadu CM Vijay says, &quot;Many people are talking about me wearing a coat. Why? Aren&amp;rsquo;t we allowed to wear a coat and a suit? Should only those in power and the dominant forces be the ones wearing coats and suits? These two colours reflect the two sides of the&amp;hellip; pic.twitter.com/fmwu4E5Obi
&amp;mdash; ANI (@ANI) June 1, 2026



पीटीआई भाषा के मुताबिक, मुख्यमंत्री विजय ने तमिलनाडु में 23 अप्रैल, 2026 को हुए विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने के बाद तिरुचिरापल्ली में अपनी पहली रैली में तिरुचि-पूर्व विधानसभा इलाके के वोटरों का आभार व्यक्त किया. इसके बाद उन्होंने अपने कार्यक्रमों में ब्लेजर और सफेद-काले रंग के कपड़े पहनने को लेकर की जा रही टिप्पणियों का उल्लेख करते हुए विजय ने कहा कि इस बात को लेकर लगातार चर्चा हो रही है. दरअसल, तमिलनाडु में आमतौर पर नेता सफेद कमीज और धोती पहनते हैं.&amp;nbsp;

जिसे लेकर सीएम विजय ने सवाल किया, &amp;lsquo;क्यों? क्या हम सभी को कोट और सूट नहीं पहनना चाहिए? क्या यह केवल सत्ता में बैठे लोगों के लिए है या केवल प्रभावशाली वर्गों के लिए?&amp;rsquo; उन्होंने कहा कि उनका काला ब्लेजर और सफेद कमीज पहनना इस बात का प्रतीक है कि विजय हर मामले में ब्लैक एंड व्हाइट यानी पूरी पारदर्शिता और स्पष्टता के साथ काम करेंगे.
लोग समझते हैं कि काले रंग का मतलब क्या हैः विजय
मुख्यमंत्री ने इस बारे में विस्तार से बताए बिना यह भी कहा कि लोग यह भी समझते हैं कि काले रंग का क्या मतलब है. तमिलनाडु में लगभग एक सदी पहले द्रविड़ आंदोलन के उदय के साथ काला रंग उत्पीड़न के खिलाफ प्रतिरोध, आत्मसम्मान, सामाजिक न्याय और समानतावादी आदर्शों के प्रति निष्ठा का प्रतीक माना जाता रहा है.
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        <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 05:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>ऑनलाइन सट्टेबाजी का दायरा अब इन्फ्लुएंसर्स और मशहूर हस्तियों तक पहुंचा, तेलंगाना CID ने तेज की जांच</title>
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        <description><![CDATA[ Hyderabad News: तेलंगाना में अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी की गतिविधियों को लेकर चल रही एक बड़ी जांच का दायरा अब सट्टेबाजी करने वालों और प्लेटफॉर्म से आगे बढ़कर मशहूर हस्तियों के प्रचार और सोशल मीडिया पर होने वाले प्रमोशन तक पहुंच गया है.&amp;nbsp;
अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान जिन कई जानी-मानी हस्तियों की पहचान हुई है. उनसे ऑनलाइन जुए के खिलाफ लोगों में जागरूकता फैलाने के प्रयासों में सहयोग करने के लिए संपर्क किया गया है. वहीं, कुछ लोग अभी भी इस पहल में सहयोग नहीं कर रहे हैं. यह घटनाक्रम राज्य के उस व्यापक अभियान का एक अहम हिस्सा है, जिसका मकसद युवाओं और समाज के कमजोर तबकों के बीच ऑनलाइन सट्टेबाजी के बढ़ते प्रभाव पर लगाम लगाना है.
जांच के इस फेज में मशहूर हस्तियों और डिजिटल इन्फ्लुएंसर्स की उस भूमिका पर खास ध्यान दिया गया है, जिसके तहत वे विज्ञापनों, वीडियो और सोशल मीडिया अभियानों के जरिए सट्टेबाजी से जुड़े ऐप्स का प्रचार करते हैं.&amp;nbsp;
जांच के दौरान कई जानी मानी हस्तियों की पहचान सामने आई है
अधिकारियों के मुताबिक, जांच के दौरान कई जानी-मानी हस्तियों की पहचान की गई और उन्हें ऐसे प्लेटफॉर्म का प्रचार न करने की सलाह दी गई. जांचकर्ताओं का मानना है कि मशहूर हस्तियों वाले प्रचार सामग्री का लोगों के व्यवहार पर गहरा असर पड़ सकता है. यह उन्हें ऐसी गतिविधियों में शामिल होने के लिए उकसा सकती है, जो राज्य के कानूनों के तहत प्रतिबंधित हैं.
यह भी पढ़ेंः&amp;nbsp;&#039;यूरेनियम और होर्मुजियन पंजे, ये दोनों ही...&#039;, US-ईरान डील में कहां अड़चन, एक्सपर्ट ने खोले राज
वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि पहचान की गई ज़्यादातर हस्तियों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है और वे उन जागरूकता अभियानों में हिस्सा लेने के लिए राज़ी हो गई हैं, जिनमें ऑनलाइन जुए से जुड़े वित्तीय और सामाजिक जोखिमों के बारे में बताया जाता है. खबरों के मुताबिक, कई मशहूर हस्तियों ने ऐसे वीडियो संदेश जमा किए हैं, जिनमें लोगों को सट्टेबाजी वाले ऐप्स से दूर रहने की सलाह दी गई है.&amp;nbsp;
अधिकारी इन जागरूकता प्रयासों को सट्टेबाजी वाले प्लेटफॉर्म के आकर्षण को कम करने का एक अहम जरिया मानते हैं, खासकर युवाओं के बीच, जो ऑनलाइन कंटेंट बनाने वालों और मशहूर हस्तियों से बहुत ज़्यादा प्रभावित होते हैं.
अधिकारियों ने पूरे मामले को लेकर क्या जानकारी दी है?&amp;nbsp;
यह जांच सट्टेबाजी वाले ऐप्स से जुड़े प्रचार गतिविधियों के विभिन्न कानूनी और वित्तीय पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है. अधिकारियों ने संकेत दिया कि यह मामला अभी भी समीक्षा के दायरे में है और चल रही जांच के नतीजों के आधार पर आगे के फैसले लिए जा सकते हैं. हालांकि अधिकारियों ने इसमें शामिल लोगों की पहचान जाहिर नहीं की है, लेकिन उन्होंने यह साफ कर दिया है कि ऐसे प्रचार से जुड़े हर व्यक्ति से सहयोग की उम्मीद की जाती है.
कानून लागू करने वाली एजेंसियों ने साथ ही साथ डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के ज़रिए चल रहे अवैध सट्टेबाजी के नेटवर्क के खिलाफ भी अपनी कार्रवाई तेज कर दी है. पूरे राज्य में ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े सैकड़ों मामले दर्ज किए गए हैं, जो कानून लागू करने वाली एजेंसियों के सामने मौजूद चुनौती की गंभीरता को दर्शाते हैं. जांचकर्ताओं ने बड़ी संख्या में सट्टेबाजी वाले ऐप्स की पहचान की है और संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर इन प्लेटफॉर्म तक लोगों की पहुंच को रोकने के लिए कदम उठाए हैं. राज्य के भीतर इनकी उपलब्धता को सीमित करने के लिए अतिरिक्त तकनीकी उपाय भी लागू किए गए हैं.

अधिकारियों ने इस बात पर ज़ोर दिया कि ऑनलाइन सट्टेबाजी अभी भी प्रतिबंधित है और चेतावनी दी कि प्रचार अभियान ऐसी गतिविधियों को वैध दिखाने का एक भ्रामक माहौल पैदा कर सकते हैं. नागरिकों को पुलिस माध्यमों और साइबर अपराध रिपोर्टिंग तंत्रों के ज़रिए सट्टेबाज़ी से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी देने के लिए प्रोत्साहित किया गया है.&amp;nbsp;
अधिकारियों का मानना है कि जनता का सहयोग, सख्त कार्रवाई और प्रभावशाली लोगों का जिम्मेदाराना रवैया ऑनलाइन जुए के प्रसार को रोकने तथा लोगों को आर्थिक नुकसान और उससे जुड़े सामाजिक बुराइयों से बचाने में अहम भूमिका निभाएगा.
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        <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 05:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>West Bengal Cabinet Expansion Highlights:: शुभेंदु अधिकारी के &amp;apos;स्पेशल 35&amp;apos;, बंगाल में BJP कैबिनेट का पहला विस्तार, देखें मंत्रियों की पूरी लिस्ट</title>
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        <guid>https://hindi.attentionindia.com/west-bengal-cabinet-expansion-highlights-शुभेंदु-अधिकारी-के-स्पेशल-35-बंगाल-में-bjp-कैबिनेट-का-पहला-विस्तार-देखें-मंत्रियों-की-पूरी-लिस्ट</guid>
        <description><![CDATA[ Bengal Cabinet Expansion Highlights: पश्चिम बंगाल में शुभेंदु कैबिनेट का सोमवार (1 जून) को पहला विस्तार हुआ. लोक भवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में 13 कैबिनेट मंत्री और 22 राज्य मंत्रियों ने शपथ ली, जिनमें से तीन को स्वतंत्र प्रभार दिया जाएगा. इससे पहले 9 मई को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी (CM Suvendu Adhikari) ने पांच अन्य मंत्रियों के साथ शपथ ली थी. तब से सरकार केवल छह मंत्रियों के साथ काम कर रही थी और मुख्यमंत्री अकेले 41 विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे.
मुख्यमंत्री सहित 41 सदस्यों का होगा मंत्रिमंडलपश्चिम बंगाल विधानसभा के आकार के अनुसार राज्य में मुख्यमंत्री के अलावा अधिकतम 44 मंत्री बनाए जा सकते हैं. सोमवार को 35 नए मंत्रियों के शामिल होने के बाद सरकार में मुख्यमंत्री को छोड़कर कुल 40 मंत्री हो जाएंगे. यानी मुख्यमंत्री सहित मंत्रिपरिषद की कुल संख्या 41 होगी.
अनुभव को प्राथमिकता देने की रणनीतिसूत्रों का कहना है कि केवल 13 नए कैबिनेट मंत्रियों को शामिल करना भाजपा की अपेक्षाकृत छोटे मंत्रिमंडल की रणनीति को दर्शाता है. माना जा रहा है कि प्रशासनिक अनुभव रखने वाले विधायकों को ही कैबिनेट स्तर की जिम्मेदारी दी जा रही है, जबकि अन्य नेताओं को राज्य मंत्री के रूप में मौका दिया जाएगा. इससे सरकार के कामकाज को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने में मदद मिलने की उम्मीद है. ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 17:30:11 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>West, Bengal, Cabinet, Expansion, Highlights::, शुभेंदु, अधिकारी, के, स्पेशल, 35, बंगाल, में, BJP, कैबिनेट, का, पहला, विस्तार, देखें, मंत्रियों, की, पूरी, लिस्ट</media:keywords>
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        <title>Swapan Dasgupta: पेशे से पत्रकार, पद्म भूषण से सम्मानित... कौन हैं स्वपन दासगुप्ता, जो शुभेंदु सरकार में बने मंत्री</title>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल में कैबिनेट विस्तार के तहत भाजपा के 35 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली. मंत्रिपरिषद के गठन में 13 नेताओं को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है, जबकि 3 विधायकों को राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 19 विधायकों को राज्य मंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई. इस क्रम में रासबिहारी विधानसभा सीट से जीत हासिल करने वाले स्वपन दासगुप्ता ने भी शुभेंदु अधिकारी के मंत्रिमंडल में मंत्री पद की शपथ ली.
स्वपन दासगुप्ता भारत के जाने-माने पत्रकार, लेखक और सार्वजनिक जीवन से जुड़े प्रमुख व्यक्तित्व हैं. उनका जन्म 3 अक्टूबर 1955 को एक प्रतिष्ठित बंगाली वैद्य परिवार में हुआ था. उन्होंने पत्रकारिता और लेखन के क्षेत्र में लंबे समय तक महत्वपूर्ण योगदान दिया है और देश के प्रमुख समाचार संस्थानों में उच्च पदों पर काम किया है.

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स्वपन दासगुप्ता का करियर
स्वपन दासगुप्ता ने अपने करियर के दौरान कई प्रतिष्ठित अखबारों और पत्रिकाओं में संपादकीय जिम्मेदारियां संभालीं. उन्होंने द स्टेट्समैन, द डेली टेलीग्राफ, द टाइम्स ऑफ इंडिया, द इंडियन एक्सप्रेस और इंडिया टुडे जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों में काम किया. अपनी लेखन शैली, राजनीतिक समझ के कारण उन्होंने पत्रकारिता जगत में विशेष पहचान बनाई. वे साल 2003 तक अलग-अलग एडिटर के पोस्ट पर एक्टिव रहे. पत्रकारिता और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने वर्ष 2015 में उन्हें देश के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण से सम्मानित किया. यह सम्मान उन्हें साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में शानदार कामों के लिए दिया गया था.
राज्यसभा के लिए मनोनीत किए गए थे स्वपन दासगुप्ता
अप्रैल 2016 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने स्वपन दासगुप्ता को राज्यसभा के लिए मनोनीत किया था. इसके बाद वे राज्यसभा के सदस्य बने और वर्ष 2022 तक इस पद पर रहे. राज्यसभा में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने विभिन्न राष्ट्रीय और सामाजिक मुद्दों पर अपनी राय रखी और सार्वजनिक जीवन में सक्रिय भूमिका निभाई. राज्यसभा सदस्य रहने के दौरान स्वपन दासगुप्ता ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की औपचारिक सदस्यता नहीं ली थी. वे एक लेखक, पत्रकार और राजनीतिक मामलों के जानकार के रूप में अपनी अलग पहचान बनाए हुए थे.
चुनावी राजनीति में एंट्री
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में जब भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें रासबिहारी विधानसभा सीट से अपना उम्मीदवार घोषित किया, तो उनकी उम्मीदवारी काफी चर्चा में रही. लंबे समय तक पत्रकारिता और सार्वजनिक जीवन से जुड़े रहने के बाद चुनावी राजनीति में उनकी एंट्री को लेकर राजनीतिक गलियारों में खूब चर्चा हुई. रासबिहारी जैसी महत्वपूर्ण सीट से मैदान में उतरने के कारण वे चुनाव के दौरान लगातार सुर्खियों में बने रहे.
कैबिनेट मंत्री के रूप में अन्य लोगों ने लिया शपथ
पश्चिम बंगाल में कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ लेने वालों में स्वपन दासगुप्ता के अलावा दीपक बर्मन, तपस रॉय, डॉ. शंकर घोष, मनोज कुमार ओरांव, अर्जुन सिंह, गौरी शंकर घोष, जगन्नाथ चट्टोपाध्याय, कल्याण चक्रवर्ती, अजय पोद्दार, सरदवत मुखर्जी, दूध कुमार मंडल और अनूप कुमार दास शामिल हैं. ये सभी अब राज्य सरकार के महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभालेंगे. इसके अलावा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में डॉ. इंद्रनील खान, मालती राव रॉय और राजेश महतो ने शपथ ली. स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्री अपने विभागों का काम सीधे संभालते हैं और उन्हें अपने विभाग के फैसले लेने का अधिकार होता है.
19 विधायकों ने राज्य मंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की
पश्चिम बंगाल में 19 विधायकों ने राज्य मंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की. इनमें जोएल मुर्मू, हरे कृष्ण बेरा, आनंदमय बर्मन, अशोक डिंडा, नदियार चंद बाउरी, विशाल लामा, शांतनु प्रमाणिक, मौमिता बिस्वास मिश्रा, उमेश रे, पूर्णिमा चक्रवर्ती, कौशिक चौधरी, भास्कर भट्टाचार्य, दिबाकर घरामी, अमिया किस्कू, कलिता माझी, गार्गी दास घोष, बिराज बिस्वास, दीपांकर जाना और सुमना सरकार शामिल हैं.
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        <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 17:30:10 +0530</pubDate>
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        <title>बैरकपुर के पूर्व सांसद, TMC से BJP में वापसी... जानें कौन हैं अर्जुन सिंह, जिन्होंने शुभेंदु सरकार में ली कैबिनेट मंत्री पद की शपथ</title>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार के पहले मंत्रिमंडल विस्तार में नौआपाड़ा से विधायक और बैरकपुर के पूर्व सांसद अर्जुन सिंह को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है. सोमवार को लोक भवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में उन्होंने मंत्री पद और गोपनीयता की शपथ ली. टीएमसी और भाजपा दोनों दलों में रह चुके अर्जुन सिंह लंबे समय से उत्तर 24 परगना और बैरकपुर औद्योगिक क्षेत्र की राजनीति का चर्चित चेहरा रहे हैं.
बैरकपुर की राजनीति का बड़ा नामअर्जुन सिंह का राजनीतिक आधार बैरकपुर औद्योगिक क्षेत्र रहा है. उन्होंने स्थानीय राजनीति से अपनी शुरुआत की और धीरे-धीरे उत्तर 24 परगना जिले में अपनी मजबूत पहचान बनाई. मजदूर बहुल इलाकों और हिंदीभाषी मतदाताओं के बीच उनकी पकड़ के कारण वे क्षेत्र के प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं.
टीएमसी से शुरू हुआ राजनीतिक सफरअर्जुन सिंह लंबे समय तक तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) से जुड़े रहे. पार्टी के टिकट पर उन्होंने स्थानीय निकाय और विधानसभा राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई. बाद में संगठन और नेतृत्व से मतभेद के बीच उन्होंने टीएमसी छोड़ दी और भाजपा का दामन थाम लिया.
भाजपा में शामिल होकर बने सांसदभाजपा में आने के बाद अर्जुन सिंह ने 2019 के लोकसभा चुनाव में बैरकपुर सीट से जीत दर्ज की और सांसद बने. उस चुनाव में उन्होंने भाजपा के लिए महत्वपूर्ण जीत हासिल की थी. बैरकपुर संसदीय क्षेत्र में उनकी सक्रियता ने उन्हें राज्य स्तर पर भाजपा के प्रमुख नेताओं में शामिल कर दिया.
शुभेंदु अधिकारी सरकार में मिली कैबिनेट जिम्मेदारीभाजपा सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार में अर्जुन सिंह को कैबिनेट मंत्री के रूप में शामिल किया गया है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उत्तर 24 परगना, बैरकपुर औद्योगिक क्षेत्र और हिंदीभाषी मतदाताओं के बीच उनकी पहचान को देखते हुए पार्टी ने उन्हें सरकार में महत्वपूर्ण स्थान दिया है. अब विभागों के बंटवारे के बाद यह स्पष्ट होगा कि सरकार में उन्हें कौन-सी जिम्मेदारी सौंपी जाती है.
बिहार के भोजपुर जिले से है पैतृक संबंधअर्जुन सिंह का पैतृक संबंध बिहार के भोजपुर जिले के केवटिया गांव से बताया जाता है. हालांकि उनका पूरा राजनीतिक जीवन पश्चिम बंगाल में ही बीता है. बंगाल की राजनीति में सक्रिय रहते हुए उन्होंने स्थानीय स्तर से लेकर संसद और अब राज्य मंत्रिमंडल तक का सफर तय किया है. ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 17:30:09 +0530</pubDate>
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        <title>टीएमसी सांसद पर हमले का मामला, लोकसभा अध्यक्ष से शिकायत करेंगे अभिषेक बनर्जी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/टीएमसी-सांसद-पर-हमले-का-मामला-लोकसभा-अध्यक्ष-से-शिकायत-करेंगे-अभिषेक-बनर्जी</link>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना के सोनारपुर में हुए हमले को लेकर अब टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी अब लोकसभा में इसकी जानकारी देंगे. न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक टीएमसी नेता लोकसभा अध्यक्ष को अपने ऊपर हुए हमले की पूरी जानकारी देंगे.
ANI ने एआईटीसी सूत्रों के हवाले से बताया कि खुद पर हुए हमले को लेकर अभिषेक बनर्जी स्पीकर ओम बिरला से शिकायत करने के अलावा इस मामले में अदालत भी जाएंगे, जहां वो औपचारिक रूप से शिकायत दर्ज कराएंगे. उन्होंने अपने ऊपर हुए हमले को लेकर बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं.

TMC MP Abhishek Banerjee will apprise Lok Sabha Speaker OM Birla of the attack on him on 30 May. He will also move the Court in this matter: AITC Sources(file pic) pic.twitter.com/rpLxBuRmPW
&amp;mdash; ANI (@ANI) June 1, 2026



सोनारपुर में पीड़ित टीएमस कार्यकर्ताओं से मिलने गए अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि वो राजनीतिक हिंसा का शिकार हुए हैं और उन्होंने इस घटना के लिए बीजेपी को जिम्मेदार ठहाया है. बता दें कि राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, अखिलेश यादव और अन्य ने बनर्जी पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है. इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने आरोप लगाया कि बीजेपी प्रतिशोध की राजनीति कर रही है.
दिलीप घोष ने साधा निशानाअभिषेक बनर्जी पर हुए हमले को लेकर मीडिया से बात करते हुए पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने हाल ही में कहा कि अब जनता का रोष सामने आ रहा है. इन लोगों से जनता कितनी नाराज थी, फाल्टा चुनाव में साफ देखा जा सकता है. टीएमसी चुनाव में चौथे नंबर पर रही. इस परिणाम को ही देखकर समझ जाना चाहिए. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि हीरो बनने क्यों चले गए.&amp;nbsp;

&#039;15 साल तक आप खुद को भगवान समझते रहे&#039;बंगाल सरकार में मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि आज जनता का यही गुस्सा है क्योंकि 15 साल तक आप खुद को भगवान समझते रहे. उन्होंने आगे कहा कि आज आप पर अंडे फेंके जा रहे हैं, जूते फेंके जा रहे हैं. लोग आपके घर के सामने थूक रहे हैं और गालियां दे रहे हैं. उन्होंने आगे कहा कि हम ऐसी राजनीति नहीं करेंगे जहां लोग हमें जूतों की माला पहनाएं, गालियां दें.&amp;nbsp;
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Swapan Dasgupta: पेशे से पत्रकार, पद्म भूषण से सम्मानित... कौन हैं स्वपन दासगुप्ता, जो शुभेंदु सरकार में बने मंत्री ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 17:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>Bengal Cabinet Expansion: 13 कैबिनेट और 22 राज्य मंत्रियों ने ली शपथ, शुभेंदु अधिकारी की टीम में किस&amp;किस को मिली जगह? देखें पूरी लिस्ट</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/bengal-cabinet-expansion-13-कैबिनेट-और-22-राज्य-मंत्रियों-ने-ली-शपथ-शुभेंदु-अधिकारी-की-टीम-में-किस-किस-को-मिली-जगह-देखें-पूरी-लिस्ट</link>
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        <description><![CDATA[ मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में सोमवार (1 जून, 2026) को पश्चिम बंगाल में कैबिनेट विस्तार हुआ. राज्यपाल आर. एन. रवि ने यहां लोक भवन में 35 और मंत्रियों को पद की शपथ दिलाई. 13 कैबिनेट मंत्री और 22 राज्य मंत्री ने पद की शपथ ली है, जिनमें से तीन को स्वतंत्र प्रभार दिया जाएगा.
4 मई को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की धमाकेदार जीत के बाद 9 मई को शपथ ग्रहण समारोह हुआ था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में सीएम शुभेंदु अधिकारी ने पांच मंत्रियों के साथ शपथ ली थी. फिलहाल शुभेंदु अधिकारी सिर्फ छह मंत्रियों के साथ काम कर रहे थे, जबकि 41 विभाग अकेले उनके पास थे.

सोमवार को शपथ लेने वालों में दीपक बर्मन, अर्जुन सिंह, शंकर घोष, तापस रॉय और मनोज कुमार ओरान जैसे नेता शामिल हैं. इन्होंने कैबिनेट मंत्री के तौर पर शपथ ली है, जबकि राज्य मंत्रियों की लिस्ट में जोएल मुर्मू, हरे कृष्ण बेरा, अशोक डिंडा, आनंदमय बर्मन, नदियार चंद बाउरी और विशाल लामा जैसे मंत्री शामिल हैं. कैबिनेट मिनिस्टर और राज्य मंत्रियों की पूरी लिस्ट ये है-
कैबिनेट मंत्री&amp;nbsp;

दीपक बर्मन
तापस रॉय
डॉ. शंकर घोष
मनोज कुमार उराँव
अर्जुन सिंह
गौरी शंकर घोष
स्वपन दासगुप्ता
जग्गन्नाथ चट्टोपाध्याय
कल्याण चक्रवर्ती
अजय पोद्दार
सारदवत मुखर्जी
दूध कुमार मंडल
अनुप कुमार दास&amp;nbsp;

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राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)

डॉ. इंद्रनील खान
मालती राव रॉय
राजेश महतो

राज्य मंत्री&amp;nbsp;

जोएल मुर्मू
हरे कृष्ण बेरा
आनंदमय बर्मन
अशोक डिंडा
नदियार चंद बाउरी
विशाल लामा
शांतनु प्रमाणिक
मौमिता विश्वास मिश्रा
उमेश रे
पूर्णिमा चक्रवर्ती
कौशिक चौधरी
भास्कर भट्टाचार्य
दिबाकर घरामी
अमिया किस्कू
कलिता माझी
गार्गी दास घोष
बिराज विश्वास
दीपंकर जना
सुमना सरकार

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        <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 17:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>West Bengal Govt: पश्चिम बंगाल में बड़ा सियासी धमाका! 35 मंत्री एक साथ लेंगे शपथ, नए चेहरों को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/west-bengal-govt-पश्चिम-बंगाल-में-बड़ा-सियासी-धमाका-35-मंत्री-एक-साथ-लेंगे-शपथ-नए-चेहरों-को-मिल-सकती-है-बड़ी-जिम्मेदारी</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/west-bengal-govt-पश्चिम-बंगाल-में-बड़ा-सियासी-धमाका-35-मंत्री-एक-साथ-लेंगे-शपथ-नए-चेहरों-को-मिल-सकती-है-बड़ी-जिम्मेदारी</guid>
        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने जानकारी दी है कि राज्य सरकार की मंत्रिपरिषद का विस्तार किया जाएगा. इस संबंध में उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा किया. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अपने पोस्ट में लिखा कि पश्चिम बंगाल की जनता के फैसले से चुनी गई राष्ट्रवादी सरकार की पूर्ण मंत्रिपरिषद का गठन किया जा रहा है. मंत्रिपरिषद के विस्तार के तहत राज्य सरकार के 35 मंत्री कल सोमवार (1 जून 2026) की सुबह 11 बजे शपथ लेंगे.
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने ने बताया कि शपथ ग्रहण समारोह नबान्न में आयोजित किया जाएगा. इस दौरान पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर. एन. रवि सभी मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे. मंत्रिपरिषद के इस विस्तार को नई सरकार के गठन के बाद एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. शपथ लेने वाले मंत्रियों को बाद में विभिन्न विभागों की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है. सरकार की ओर से अभी मंत्रियों के विभागों की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है. 

আগামীকাল পশ্চিমবঙ্গের জনগণের রায়ে নির্বাচিত রাষ্ট্রবাদী সরকারের পূর্ণাঙ্গ মন্ত্রীসভা গঠিত হতে চলেছে। মন্ত্রীসভা সম্প্রসারণের উদ্দেশ্যে পশ্চিমবঙ্গ সরকারের ৩৫ জন মন্ত্রী সকাল ১১ টায় লোকভবনে শপথ গ্রহণ করবেন। মহামান্য রাজ্যপাল শ্রী আর. এন. রবি মহোদয় লোকভবনে তাঁদের শপথ বাক্য পাঠ&amp;hellip;
&amp;mdash; Suvendu Adhikari (@SuvenduWB) May 31, 2026



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पश्चिम बंगाल सरकार का प्रशासनिक ढांचा
पश्चिम बंगाल राज्य की राजनीति में इस कार्यक्रम को अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसके बाद सरकार का प्रशासनिक ढांचा पूरी तरह से सक्रिय हो जाएगा और अलग-अलग विभागों में कामकाज की जिम्मेदारियां तय हो सकेंगी. बता दें कि बीजेपी ने विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस को हरा दिया था. इसके बाद बीजेपी ने शुभेंदु अधिकारी को राज्य का सीएम चुना. इस जीत के साथ बीजेपी पहली बार बंगाल में सरकार बनाने में कामयाब रही.
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        <pubDate>Sun, 31 May 2026 23:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>West, Bengal, Govt:, पश्चिम, बंगाल, में, बड़ा, सियासी, धमाका, मंत्री, एक, साथ, लेंगे, शपथ, नए, चेहरों, को, मिल, सकती, है, बड़ी, जिम्मेदारी</media:keywords>
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        <title>दुश्मनों की खैर नहीं! DRDO ने किया विध्वंसक &amp;apos;हाई कैलिबर बम&amp;apos; का सफल टेस्ट</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/दुश्मनों-की-खैर-नहीं-drdo-ने-किया-विध्वंसक-हाई-कैलिबर-बम-का-सफल-टेस्ट</link>
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        <description><![CDATA[ रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन यानी DRDO ने रविवार (31 मई, 2026) को हरियाणा में एक हाई कैलिबर बम की टेस्टिंग को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है. इस बम का परीक्षण हरियाणा के पंचकूला जिले के रामगढ़ स्थित डीआरडीओ की टर्मिनल बैलिस्टिक्स रिसर्च लैबोरेटरी (TBRL) में किया गया.
इस हाई कैलिबर बम का परीक्षण भारतीय वायु सेना के सीनियर अधिकारियों की निगरानी में और कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच किया गया है. अधिकारियों ने इस परीक्षण के बारे में बताया कि परीक्षण पूरी तरह से सफल रहा है और इसे निर्धारित सुरक्षा मानकों और प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करते हुए अंजाम दिया गया.
बम परीक्षण से पहले इलाके में जारी किया गया था हाई अलर्ट
रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन की ओर से निर्धारित परीक्षण को देखते हुए टर्मिनल बैलिस्टिक्स रिसर्च लैबोरेटरी (TBRL), पंचकूला जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने पहले से पूरे इलाके में हाई अलर्ट जारी कर दिया था. सुरक्षा के प्रोटोकॉल के तहत टीबीआरएल के आसपास के सभी इलाकों में विशेष निगरानी भी रखी गई थी.
2 किलोमीटर के दायरे को घोषित किया गया संवेदनशील क्षेत्र
दरअसल, अधिकारियों का इस बात की आशंका थी कि परीक्षण के दौरान बम के टुकड़े (फ्रैगमेंट्स) करीब डेढ़ किलोमीटर की दूरी तक उड़ सकते हैं. इसी वजह से TBRL के आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को देखते हुए अधिकारियों की तरफ से दो किलोमीटर के दायरे को संवेदनशील इलाका घोषित किया गया था.&amp;nbsp;

गांवों को दी गई थी विशेष सावधानी बरतने की सलाह
इसके अलावा, सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए आसपास के भानू और बिल्ला गांवों को रहने वाले लोगों को विशेष निर्देश जारी किए गए थे और उन्हें ज्यादा से ज्यादा सतर्कता बरतने की सलाह दी गई थी. परीक्षण के दौरान व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू रही और पूरे इलाके में पंचकूला जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की तरफ से क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई थी.
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        <pubDate>Sun, 31 May 2026 23:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>SIR का थर्ड फेज शुरू, इन केंद्र शासित समेत 19 राज्यों में चल रही प्रक्रिया, जानें कैसे भरे जा रहे फॉर्म</title>
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        <description><![CDATA[ SIR Third Phase Startet in India: देश के कई राज्यों में विशेष गहन संशोधन यानी SIR शुरू हो गया है. इनमें मिजोरम, सिक्किम, ओडिशा और मणिपुर राज्य शामिल हैं. चुनाव आयोग ने यह जानकारी दी है. बता दें, चुनाव &amp;nbsp; इलेक्शन ऑथिरिटी ने 14 मई को 16 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में SIR का तीसरा चरण अलग-अलग समय पर शुरू किया था.&amp;nbsp;
शनिवार को शुरू हुए इस चरण के दौरान बीएलओ घर-घर जाकर गणना फॉर्म बाटेंगे. जमा करेंगे. साथ ही उनकी जांच करेंगे. वोटर्स ने अपने फॉर्म बीएलओ के जरिए या ऑनलाइन जमा भी कर सकते हैं.&amp;nbsp;
घोषणा पत्र के जरिए रजिस्ट्रेशन के लिए कर सकते हैं आवेदन
अगर कोई वोटर्स तय समय सीमा के तहत अपने गणना फॉर्म जमा नहीं कर पाते हैं, वे दावा और आपत्ति समय सीमा के दौरान फॉर्म 6 और साथ में तय घोषणा पत्र के जरिए नए मतदाता के तौर पर रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन कर सकते हैं. &amp;nbsp;इलेक्शन कमीशन की मानें तो फॉर्म इलेक्शन रजिस्ट्रेशन अधिकारियों को 28 जून या उससे पहले मिल जाएंगे तो उन्हें वोटर्स लिस्ट में शामिल किया जाएगा.&amp;nbsp;
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वर्तमान में चल रहे एसआईआर के फेज में शामिल चार राज्यों में कुल मिलाकर 3.67 करोड़ वोटर्स हैं. ओडिशा में सबसे ज्यादा मतदाता हैं. इनकी संख्या 3.34 करोड़ से ज्यादा है. इनके लिए 38,123 बीएलओ और 8,391 BLAs काम कर रहे हैं. मिजोरम में 8.75 लाख, सिक्किम में 4.71 लाख और मणिपुर में 20.92 लाख वोटर्स हैं.&amp;nbsp;
चुनाव आयोग ने वोटर्स से की ये अपील

चुनाव आयोग ने सभी योग्य वोटर्स से अपील की है, कि वे एसआईआर में एक्टिव रूप से हिस्सा लें सकें. साथ ही प्रक्रिया में जुटे अधिकारियों का सहयोग करें.&amp;nbsp;
इलेक्शन कमीशन ने कहा है कि एसआईआर इसलिए शुरू किया है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सभी योग्य नागरिक वोटर्स लिस्ट में शामिल हों. साथ ही अयोग्य लोगों को शामिल होने से रोका जा सके.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sun, 31 May 2026 23:30:09 +0530</pubDate>
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        <title>&amp;apos;बातचीत से निकालेंगे हल&amp;apos;, भारत के साथ सीमा विवाद पर नेपाल की संसद में बोले बालेंद्र शाह</title>
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        <description><![CDATA[ नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने सत्ता का कार्यभार संभालने के बाद रविवार (31 मई, 2026) को पहली बार देश की संसद में अपना संबोधन दिया है. अपने पहले संबोधन में पीएम बालेंद्र शाह ने भारत और नेपाल के बीच लंबे वक्त से जारी सीमा विवाद को सुलझाने पर जोर देते हुए बयान दिया. उन्होंने कहा कि हम भारत के साथ अपने लंबित सीमा विवाद का समाधान कूटनीतिक प्रयासों और बातचीत के जरिए करेंगे.
संसद में मौजूद नेपाली सांसदों को संबोधित करते हुए पीएम बालेंद्र शाह ने कहा, &amp;lsquo;भारत के साथ सीमा विवाद का समाधान बातचीत की मेज पर और कूटनीतिक कोशिशों के जरिए किया जाएगा.&amp;rsquo; उन्होंने इस बात भी जोर दिया कि उनकी सरकार नेपाल के दक्षिणी पड़ोसी देश भारत के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और लंबे समय से चले आ रहे क्षेत्रीय विवादों का शांतिपूर्ण तरीके से समाधान चाहती है.
लिपुलेख-लिम्पियाधुरा क्षेत्र पर नेपाल का दावा
लिपुलेख-लिम्पियाधुरा इलाके पर नेपाल के दावे के संबंध में प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार इस मुद्दे को यूनाइटेड किंगडम (UK) यानी ब्रिटेन के सामने भी उठाएगी. उनका तर्क है कि इस विवाद की जड़ें ब्रिटिश भारत के दौर से जुड़ी हुई हैं. उन्होंने कहा, &amp;lsquo;नेपाल इस मामले का समाधान कूटनीतिक माध्यमों और भारत के साथ टेबल-टॉप बातचीत के जरिए तलाशेगा और संवाद और बातचीत की अपनी प्रतिबद्धता दोहराता है.&amp;rsquo;
प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने यह भी पूरी तरह से साफ किया कि संवेदनशील द्विपक्षीय मुद्दों पर नेपाल कूटनीति, पारस्परिक सम्मान और रचनात्मक बातचीत को प्राथमिकता देता रहेगा.&amp;nbsp;

लंबे समय से चले आ रहे दोनों देशों के बीच सीमा विवाद
भारत और नेपाल के बीच करीब 1,751 किलोमीटर लंबी खुली सीमा है, जिसके आसपास दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक, आर्थिक और लोगों से लोगों का संबंध बेहद नजदीकी और मजबूत है. हालांकि, दोनों पड़ोसियों के बीच सीमा के कुछ हिस्सों को लेकर लंबे समय से मतभेद बने हुए हैं. विशेष रूप से पश्चिम में कालापानी-लिम्पियाधुरा-लिपुलेख इलाका और दक्षिण में सुस्ता को लेकर विवाद जारी है.
यह सीमा विवाद साल 1816 में नेपाल साम्राज्य और ब्रिटिश भारत के बीच हुए सुगौली समझौता (Treaty of Sugauli) की अलग-अलग व्याख्याओं से जुड़ा हुआ है. दोनों देश विवादित इलाकों पर अपने-अपने दावों को बनाए हुए हैं.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sun, 31 May 2026 23:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>&amp;apos;धुंधली कॉपियां, गायब पेज, धोखा है&amp;apos;, राहुल गांधी ने CBSE मामले में केंद्र को घेरा, PM मोदी पर लगाया गंभीर आरोप</title>
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        <description><![CDATA[ Rahul Gandhi On CBSE Issue: एक यूजर के पोस्ट को रि-पोस्ट करते हुए CBSE से जुड़े मामले को लेकर राहुल गांधी ने फिर से केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साथा है. यूजर्स ने 12वीं की कई कॉपियों की तस्वीर शेयर करते हुए सवाल किया है. इसमें सार्थक सिद्धांत ने सीबीएसई के एक्स हैंडल को टैग करते हुए सवाल पूछा है कि इन कॉपियों को स्कैन करने के लिए आपने स्कैनर्स का इस्तेमाल किया था. अब जबकि ये कॉपियां सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है, क्या आप कृपया इसे समझाना चाहेंगे?
राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए सवाल किया है कि सीबीएसई ने मई 2025 के टेंडर में यह शर्त थी कि आंसर शीट को ऑटोमैटिक रोबोटिक स्कैनर से स्कैन किया जाएगा. उनकी बाइंडिंग सुरक्षित रहेगी. कम से कम 300 DPI रेजोल्यूशन पर स्कैन किया जाएगा.&amp;nbsp;

CBSE&amp;rsquo;s May 2025 tender required answer sheets to be scanned with automatic robotic scanners, spines preserved, at a minimum of 300 DPI.The tender re-issued in August quietly removed all of it. &amp;ldquo;Scanners&amp;rdquo; became generic. Resolution dropped to 200 DPI.Now we know what that&amp;hellip; https://t.co/XXdorOi3oq
&amp;mdash; Rahul Gandhi (@RahulGandhi) May 31, 2026



दोबारा जारी टेंडर में शर्तें चुपचाप हटा दीं: राहुल गांधीराहुल ने कहा कि अगस्त में दोबारा जारी किए गए टेंडर से चुपचाप ये सारी शर्तें हटा दी गईं. स्कैनर शब्द को सामान्य बना दिया गया. रेजोल्यूशन घटाकर 200 DPI कर दिया गया.
राहुल ने कहा कि अब हमें पता चल गया है कि असल में इसका क्या मतलब था. यह खुलासा हुआ है कि COEMPT ने आंसर शीट को मोबाइल फोन से स्कैन किया था.

धुंधली कॉपियाँ, गायब पेज, स्कैन न की गई कॉपियां, ये कोई गलतियां नहीं हैं. ये उस कॉन्ट्रैक्ट का पहले से तय नतीजा हैं, जिसे किसी खास वेंडर को फायदा पहुंचाने के लिए तैयार किया गया था.
इसे भी पढ़ें &amp;nbsp;-&amp;nbsp;जहां बन रहा खाना वहीं पनप रही बीमारी, क्या आपके बच्चों को भी बीमार कर रही किचन की सिंक?
यह एक धोखा है: गांधी
राहुल ने कहा कि यह एक धोखा है. हर वह बच्चा, जिसके अंकों का गलत मूल्यांकन हुआ है, इस धोखे का शिकार है. सुबह प्रधानमंत्री के पास आमों के बारे में बात करने का समय था. उनके पास उन 18.5 लाख बच्चों के बारे में बात करने का समय नहीं था. इनकी आंसर शीट मोबाइल फोन से स्कैन की गई थीं. धर्मेंद्र प्रधान जी अभी भी अपने पद पर बने हुए हैं. मोदी जी की चुप्पी अब सिर्फ उदासीनता नहीं रही. यह इस अपराध में उनकी मिलीभगत का सबूत है.
MP के शिवपुरी में आवारा कुत्ते का आतंक, नगर पालिका प्रभारी की पत्नी समेत 60 लोगों को काटा ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 31 May 2026 23:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>धुंधली, कॉपियां, गायब, पेज, धोखा, है, राहुल, गांधी, ने, CBSE, मामले, में, केंद्र, को, घेरा, मोदी, पर, लगाया, गंभीर, आरोप</media:keywords>
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        <title>डीके शिवकुमार 3 जून को लेंगे कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ, राज्यपाल ने भेजा न्योता</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/डीके-शिवकुमार-3-जून-को-लेंगे-कर्नाटक-के-मुख्यमंत्री-पद-की-शपथ-राज्यपाल-ने-भेजा-न्योता</link>
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        <description><![CDATA[ Karnataka Governor Invitation for Oath Ceremony: कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री का रास्ता साफ हो गया है. डीके शिवकुमार को कांग्रेस पार्टी ने विधायक दल का नेता चुन लिया है. साथ ही अब उन्हें 3 जून को शपथ लेने के लिए राज्यपाल ने निमंत्रण भेजा है. कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने डी.के. शिवकुमार को 3 जून को कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के लिए आमंत्रित किया है.
तीन साल से चल रही थी कुर्सी को लेकर खींचतान
कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार है, लेकिन कुर्सी को लेकर तीन साल से खींचतान चल रही थी. इससे पहले कांग्रेस की सरकार के मुख्यमंत्री पद सिद्धारमैया संभाल रहे थे. पार्टी के अंदर काफी वक्त से दावे किए जा रहे थे कि सत्ता में बदलाव होगा.&amp;nbsp;
गुरुवार को सिद्धारमैया ने पद से इस्तीफा दिया, तो शिवकुमार का रास्ता साफ हुआ. शुक्रवार को उनका इस्तीफा राज्यपाल ने मंजूर किया. साथ ही मंत्रिमंडल को भंग कर दिया. अब नई सरकार बनने को लेकर तैयारियां शुरू हो गई है.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ेंः&amp;nbsp;&amp;lsquo;अभी एक महीना भी नहीं हुआ और...&amp;rsquo;, बंगाल के सोनारपुर में TMC नेता अभिषेक बनर्जी पर हमला, BJP पर लगाए आरोप
सीएलपी की बैठक में शिवकुमार को चुना गया दल का नेताशनिवार को डीके शिवकुमार के नाम की मुहर लगने के बाद बेंगलुरु विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल यानी सीएलपी की मीटिंग हुई. इसमें पार्टी के दो बड़े नेताओं ने केसी वेणुगोपाल और रणदीप सिंह सुरजेवाला मौजूद रहे. उन्होंने पूरी प्रक्रिया को संभाला. इसके अलावा नेता चुने जाने के बाद डीके शिवकुमार ने प्रदेश के राज्यपाल से मुलाकात की. इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया भी मौजदू रहे. वहीं पार्टी के कई सीनियर नेता भी मौजूद रहे.&amp;nbsp;

बैठक में सबसे पहले सभी विधायकों के प्रस्ताव पास किए गए. इसमें दल के नेता का फैसला पार्टी की तरफ से किया गया. यह प्रस्ताव सिद्धारमैया ने रखा. डॉ. परमेश्वर ने इसका समर्थन किया और सभी विधायकों ने हाथ उठाकर इसे पारित कर दिया. इसके बाद सिद्धारमैया ने खुद डीके शिवकुमार को सीएलपी के नेता के तौर पर पेश किया. इसके बाद डीके शिवकुमार ने एक प्रस्ताव के जरिए सिद्धारमैया का शुक्रिया अदा किया.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ें:&amp;nbsp;राबड़ी देवी का सरकारी आवास खाली करने से साफ इनकार, CM सम्राट चौधरी को दी चुनौती, कहा- &#039;फोर्स बुलाकर...&#039; ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 31 May 2026 11:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>डीके, शिवकुमार, जून, को, लेंगे, कर्नाटक, के, मुख्यमंत्री, पद, की, शपथ, राज्यपाल, ने, भेजा, न्योता</media:keywords>
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        <title>हमले में अभिषेक बनर्जी को नहीं आई कोई गंभीर चोट? चेकअप करने वाले डॉक्टर ने MLC रिपोर्ट में क्या बताया</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/हमले-में-अभिषेक-बनर्जी-को-नहीं-आई-कोई-गंभीर-चोट-चेकअप-करने-वाले-डॉक्टर-ने-mlc-रिपोर्ट-में-क्या-बताया</link>
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        <description><![CDATA[ Abhishek Banerjee Medical Check Up Report: पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले को लेकर एक तरफ जहां सियासी बवाल मचा हुआ है, तो वहीं टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने इस हमले को बीजेपी की तरफ से प्रायोजित हमला करार दिया है. हमले में घायल अभिषेक बनर्जी को कोलकाता के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है. अब उनसे जुड़ी अस्पताल का पर्चा सामने आया है, जिसपर डॉक्टर ने उनको हमलों के बाद की मेडिकल रिपोर्ट को लिखा है. यह MLC होता है, इसका मतलब होता है, मेडिकल लीगल केस.
यह पर्चा BELLE VUE CLINIC का है. इसपर 30 तारीख लिखी हुई है. पेशेंट का नाम अभिषेक बनर्जी लिखा है. उनकी उम्र 38 साल लिखी हुई है.&amp;nbsp;
इसमें लिखा है कि मरीज अस्पताल आया. हमने उनका चेकअप किया. उनपर गंभीर चोट के निशान नहीं है. सिवाय सीनें कुछ खरोचें आई है. मरीज पूरे होश में बात कर रहे थे. उनको एडमिट करने की जरूरत नहीं है. उनके हालात को देखते हुए शुरुआती तौर पर जरूरी दवाएं दी गई हैं.&amp;nbsp;

No injury to Abhishek Banerjee says the hospital.
???? pic.twitter.com/mtdf89jhaE
&amp;mdash; Apurva Singh (@iSinghApurva) May 30, 2026



अभिषेक बनर्जी पर हमले को लेकर भड़के राहुल गांधी, BJP पर साधा निशाना, कहा- &#039;बदले की राजनीति&#039;
कैसे हुई थी पूरी घटना?&amp;nbsp;टीएमसी की तरफ से कई तरह के वीडियो जारी किए गए हैं. इसमें उन्होंने बीजेपी को निशाने पर लेते हुए हमलावर की शिनाख्त करने की मांग की है. अभिषेक बनर्जी सोनारपुर के चुनाव के बाद हिंसा से प्रभावित परिवारों से मिलने गए थे. तभी यह घटना हुई. ऐसे में पार्टी मामले को अदालत में लेने की तैयारी कर रही है. अभिषेक बनर्जी के पहुंचते ही इलाके का माहौल बिगड़ गया. कुछ लोगों ने उनका विरोध शुरू कर दिया. स्थिति इतनी बिगड़ी की अभिषेक बनर्जी के काफिले पर पत्थर, ईंटें और अन्य चीजों से हमला किया गया. हमले में अभिषेक बनर्जी को चोट भी लगी है. हालांकि, अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट में किसी तरह की गंभीर चोट की बात नहीं कही गई है.&amp;nbsp;
इधर, पूरे मामले पर अभिषेक बनर्जी गुस्से में नजर आए. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि हमला जानबूझकर किया गया. हमले के पूरे वीडियो हैं. वो इस मामले को अदालत में लेकर जाएंगे.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ेंः&amp;nbsp;&amp;lsquo;अभी एक महीना भी नहीं हुआ और...&amp;rsquo;, बंगाल के सोनारपुर में TMC नेता अभिषेक बनर्जी पर हमला, BJP पर लगाए आरोप ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 31 May 2026 11:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>हमले, में, अभिषेक, बनर्जी, को, नहीं, आई, कोई, गंभीर, चोट, चेकअप, करने, वाले, डॉक्टर, ने, MLC, रिपोर्ट, में, क्या, बताया</media:keywords>
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        <title>अभिषेक बनर्जी पर हमले से गरमाई सियासत, ममता बनर्जी बोलीं&amp; शासक हत्यारे बन गए, BJP ने दिया जवाब</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/अभिषेक-बनर्जी-पर-हमले-से-गरमाई-सियासत-ममता-बनर्जी-बोलीं-शासक-हत्यारे-बन-गए-bjp-ने-दिया-जवाब</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/अभिषेक-बनर्जी-पर-हमले-से-गरमाई-सियासत-ममता-बनर्जी-बोलीं-शासक-हत्यारे-बन-गए-bjp-ने-दिया-जवाब</guid>
        <description><![CDATA[ West Bengal Politics: पश्चिम बंगाल की राजनीति में शनिवार को उस समय बड़ा विवाद खड़ा हो गया, जब तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी पर दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर दौरे के दौरान कथित हमला होने का मामला सामने आया. घटना के बाद टीएमसी और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया, जबकि विभिन्न विपक्षी दलों के नेताओं ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया दी है.
अभिषेक बनर्जी सोनारपुर में चुनाव बाद हुई हिंसा से प्रभावित परिवारों से मिलने पहुंचे थे. इसी दौरान उनके काफिले और कार्यक्रम स्थल पर कथित तौर पर ईंट, पत्थर और अंडे फेंके गए. टीएमसी ने आरोप लगाया कि यह हमला बीजेपी समर्थकों द्वारा किया गया.
&#039;मुझे मारने की कोशिश की गई&#039;
घटना के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि उन पर जानलेवा हमला किया गया. उन्होंने कहा, &#039;वे मुझे मारना चाहते थे. पूरी घटना कैमरे में रिकॉर्ड हुई है. हम इस मामले की जानकारी हाईकोर्ट और राज्यपाल को देंगे. मैं अदालत जाऊंगा और जरूरत पड़ी तो सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ूंगा.&#039;
उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरी घटना बीजेपी प्रायोजित थी और सुरक्षा व्यवस्था में जानबूझकर चूक की गई. अभिषेक ने कहा, &#039;यह बीजेपी की लोकतंत्र की परिभाषा है. अभी चुनाव परिणाम आए एक महीना भी नहीं हुआ है और पुलिस कहीं नजर नहीं आ रही है.&#039;
सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि उनके साथ मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने वरिष्ठ अधिकारियों को घटना की जानकारी दी थी, लेकिन इसके बावजूद पर्याप्त पुलिस बल मौके पर नहीं पहुंचा. उन्होंने कहा, &#039;अगर सुरक्षा अधिकारी लगातार सूचना दे रहे थे और फिर भी पुलिस नहीं पहुंची, तो साफ है कि उच्च अधिकारी इस घटना को होने देना चाहते थे. हमारे पास सारे सबूत मौजूद हैं और हम अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे.&#039;
&#039;ईंट लगने से आंख में चोट आई&#039;
टीएमसी सांसद ने दावा किया कि हमलावरों ने उन पर ईंट, पत्थर और अंडे फेंके, जिससे उन्हें चोट भी लगी. उन्होंने कहा, &#039;मेरी आंख पर ईंट लगी है और मैं आंख नहीं खोल पा रहा हूं. मैंने हेलमेट पहन रखा था, नहीं तो सिर दो हिस्सों में बंट जाता. आप मेरे शरीर को गिरा सकते हैं, लेकिन मेरे हौसले को नहीं तोड़ सकते.&#039;
टीएमसी ने बीजेपी पर लगाया हमला कराने का आरोप
टीएमसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि अभिषेक बनर्जी पर बीजेपी समर्थकों ने हमला किया. पार्टी ने कहा कि यह घटना पश्चिम बंगाल में बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति को दर्शाती है और बीजेपी हिंसा की राजनीति को बढ़ावा दे रही है.
ममता बनर्जी का बीजेपी पर हमला
टीएमसी प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, &#039;शासक हत्यारे बन गए हैं, बीजेपी को शर्म आनी चाहिए.&#039;
डेरेक ओ&#039;ब्रायन ने उठाए सुरक्षा पर सवाल
टीएमसी सांसद डेरेक ओ&#039;ब्रायन ने केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय पर सवाल उठाते हुए पूछा कि मतगणना वाले दिन अभिषेक बनर्जी की सुरक्षा क्यों हटाई गई. उन्होंने कहा कि विपक्ष की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी के संसदीय नेता पर हमला होना बेहद गंभीर मामला है.
डॉक्टरों की निगरानी में अभिषेक बनर्जी
टीएमसी प्रवक्ता सुदीप राहा ने बताया कि अभिषेक बनर्जी डॉक्टरों की निगरानी में हैं और उनका इलाज चल रहा है. उन्होंने कहा, &#039;यह लोकतंत्र के लिए काला दिन है. अगर एक सांसद सुरक्षित नहीं है, तो आम लोगों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी?&#039;
मल्लिकार्जुन खरगे ने जताई चिंता
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेद कभी भी हिंसा का कारण नहीं बन सकते. उन्होंने कहा कि एक प्रमुख विपक्षी नेता को पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिलना गंभीर चिंता का विषय है.
राहुल गांधी ने कहा- लोकतंत्र पर हमला
राहुल गांधी ने कहा कि सांसद पर हमला केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि लोकतंत्र और जनता के जनादेश पर हमला है. उन्होंने इसे बीजेपी की प्रतिशोध की राजनीति का उदाहरण बताया.
यह भी पढ़ेंः &amp;lsquo;अभी एक महीना भी नहीं हुआ और...&amp;rsquo;, बंगाल के सोनारपुर में TMC नेता अभिषेक बनर्जी पर हमला, BJP पर लगाए आरोप
अखिलेश यादव ने जताई साजिश की आशंका
अखिलेश यादव ने कहा कि अभिषेक बनर्जी पर हुआ हमला निंदनीय है और पुलिस व्यवस्था में कमी किसी साजिश की ओर इशारा करती है.
आदित्य ठाकरे ने कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल
आदित्य ठाकरे ने कहा कि यदि सांसदों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो पा रही है, तो यह लोकतंत्र और कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है.
बीजेपी ने भी घटना की निंदा की
बीजेपी नेता शहजाद पूनावाला ने कहा कि किसी को भी कानून अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक दलों को आत्ममंथन करना चाहिए कि जनता उनके खिलाफ इतनी नाराज क्यों है. केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने घटना की निंदा करते हुए लोगों से शांति बनाए रखने और कानून-व्यवस्था पर भरोसा रखने की अपील की. उन्होंने कहा कि बंगाल की राजनीति को हिंसा मुक्त बनाना जरूरी है.
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        <pubDate>Sun, 31 May 2026 11:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>अभिषेक, बनर्जी, पर, हमले, से, गरमाई, सियासत, ममता, बनर्जी, बोलीं-, शासक, हत्यारे, बन, गए, BJP, ने, दिया, जवाब</media:keywords>
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        <title>अभिषेक बनर्जी पर सोनारपुर में अटैक पर आया अधीर रंजन चौधरी का रिएक्शन, जानें क्या कहा?</title>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में हिंसा के बाद मारे गए टीएमसी कार्यकर्ता के परिजनों से मिलने पहुंचे टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले पर कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी की प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने कहा कि &amp;nbsp;बंगाल में पॉलिटिकल हिंसा रुकनी चाहिए. कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सत्ता में कोई भी पार्टी हो गुंडागर्दी का कल्चर जारी है.
अधीर चौधरी ने कहा, &#039;देखिए, बंगाल में उन्होंने जो कल्चर बनाया है, वे अब खुद उसी कल्चर के शिकार हो रहे हैं. जो गुंडागर्दी TMC पार्टी करती थी, वही अब BJP कर रही है. यह वही बात है. बंगाल में TMC के राज में हमने जो गुंडागर्दी देखी, वह खत्म नहीं हुई है, यह अभी भी जारी है. मैं कह रहा हूं कि यह सब बंद होना चाहिए.&#039;
ममता बनर्जी ने क्या कहा?
ममता बनर्जी ने भी अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले को लेकर नाराजगी जताई है. उन्होंने सीधे तौर पर इस हमले के लिए बीजेपी को निशाना बनाया है. साथ ही बीजेपी को हत्यारा करार दिया है. टीएमसी चीफ अभिषेक बनर्जी से मिलने के लिए अपोलो अस्पताल पहुंचीं. हालांकि बाद में उन्हें कोलकाता शिफ्ट किया गया, लेकिन चेकअप के बाद टीएमसी सांसद को डिस्चार्ज कर दिया गया.&amp;nbsp;
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राहुल गांधी बोले- बीजेपी की बदले की राजनीति का घिनौना रूप
अभिषेक बनर्जी पर हुए अटैक पर लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि सोनारपुर में उन पर हुआ हमला बेहद निंदनीय है. राहुल गांधी ने कहा कि एक सांसद पर हमला सिर्फ एक व्यक्ति पर हमला नहीं. यह उस जनता पर है जिसने उन्हें चुना, और उस लोकतंत्र पर है जो हम सबकी साझी विरासत है.
नेता विपक्ष ने कहा कि यह BJP की बदले की राजनीति का घिनौना रूप है. राजनीतिक मतभेद कभी हिंसा का कारण नहीं बन सकते. केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार - दोनों दोषियों पर तत्काल कार्रवाई करें और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी जन-प्रतिनिधि, किसी भी दल का हो, अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित न रहे.&amp;nbsp;
हिंसा प्रभावित परिवारों से मिलने पहुंचे थे अभिषेक बनर्जी
टीएमसी महासचिव सोनारपुर में चुनाव बाद हुई हिंसा से प्रभावित परिवारों से मिलने पहुंचे थे. इसी दौरान उनके काफिले और कार्यक्रम स्थल पर कथित तौर पर ईंट, पत्थर और अंडे फेंके गए. टीएमसी ने आरोप लगाया कि यह हमला बीजेपी समर्थकों द्वारा किया गया.
घटना के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि उन पर जानलेवा हमला किया गया. उन्होंने कहा, &#039;वे मुझे मारना चाहते थे. पूरी घटना कैमरे में रिकॉर्ड हुई है. हम इस मामले की जानकारी हाईकोर्ट और राज्यपाल को देंगे. मैं अदालत जाऊंगा और जरूरत पड़ी तो सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ूंगा.&#039;
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        <pubDate>Sun, 31 May 2026 11:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>&amp;apos;हम आपको आराम नहीं करने देंगे&amp;apos;, सिद्धारमैया ने छोड़ी कर्नाटक CM की कुर्सी तो बोले कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल</title>
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        <description><![CDATA[ सिद्धारमैया ने कर्नाटक की बागडोर डीके शिवकुमार को सौंप दी है, लेकिन कांग्रेस ने शनिवार को स्पष्ट कर दिया कि उनकी राजनीतिक भूमिका अभी समाप्त नहीं हुई है. कांग्रेस विधायक दल की बैठक में शिवकुमार को नेता चुने जाने के तुरंत बाद पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने घोषणा की कि कांग्रेस सिद्धारमैया को आराम नहीं करने देगी और उनसे कर्नाटक और राष्ट्रीय राजनीति दोनों में सक्रिय भूमिका निभाते रहने की अपील की.&amp;nbsp;
क्या बोले केसी वेणुगोपाल?
वेणुगोपाल ने कर्नाटक में लंबे समय से चल रहे नेतृत्व संघर्ष को लेकर कांग्रेस पर बीजेपी के हमलों का जिक्र कर कहा, &quot;मैं गर्व से कह सकता हूं कि सिद्धारमैया जी के सच्चे कांग्रेसी हृदय ने सभी का दिल जीत लिया है और बीजेपी को मुंहतोड़ जवाब दिया है, जिसने सोचा था कि यह परिवर्तन आसान नहीं होगा.&quot;
सिद्धारमैया को मिला था राज्यसभा सीट का ऑफर
सिद्धारमैया को सीधे संबोधित करते हुए वेणुगोपाल ने कहा, &amp;ldquo;हम आपको आराम नहीं करने देंगे. कर्नाटक में और राष्ट्रीय स्तर पर भी कांग्रेस के लिए आपकी सेवा आवश्यक है.&amp;rdquo; नेतृत्व परिवर्तन पर चर्चा के दौरान कांग्रेस आलाकमान ने कथित तौर पर सिद्धारमैया को राज्यसभा की सीट और दिल्ली में एक बड़ी राष्ट्रीय भूमिका की पेशकश की थी, जिसमें उन्हें 2029 के लोकसभा चुनावों से पहले पार्टी के प्रमुख ओबीसी चेहरे के रूप में पेश किया गया था. हालांकि 78 वर्षीय नेता ने इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया और कर्नाटक की राजनीति में सक्रिय रहना पसंद किया.

सीएलपी की बैठक में सिद्धारमैया ने खुद शिवकुमार का नाम सीएम पद के लिए प्रस्तावित किया, जबकि वरिष्ठ नेता जी परमेश्वर ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया. इसके बाद विधायकों ने सर्वसम्मति से शिवकुमार को सीएलपी नेता के रूप में पेश किया. सिद्धारमैया ने बाद में शिवकुमार को बधाई देते हुए एक भावुक संदेश साझा किया. उन्होंने संविधान और देश के धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने की रक्षा के लिए दूसरे स्वतंत्रता संग्राम का आह्वान किया.
ये भी पढ़ें&amp;nbsp;
हमले में अभिषेक बनर्जी को नहीं आई कोई गंभीर चोट? चेकअप करने वाले डॉक्टर ने MLC रिपोर्ट में क्या बताया ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 31 May 2026 11:30:08 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>हम, आपको, आराम, नहीं, करने, देंगे, सिद्धारमैया, ने, छोड़ी, कर्नाटक, की, कुर्सी, तो, बोले, कांग्रेस, महासचिव, केसी, वेणुगोपाल</media:keywords>
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        <title>RSS On 1947 Partition: &amp;apos;1947 में RSS मजबूत होता तो नहीं बंटता भारत&amp;apos;, सुनील आंबेकर का दावा, पाकिस्तान को लेकर क्या कहा?</title>
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        <description><![CDATA[ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने कहा है कि अगर साल 1947 में RSS आज की तरह मजबूत होता, तो भारत का बंटवारा नहीं होता. उन्होंने देश के विभाजन को भारत के इतिहास की सबसे दर्दनाक घटनाओं में से एक बताया. मीडिया से बातचीत के दौरान सुनील आंबेकर ने कहा कि जब भारत को आजादी मिली थी, उस समय RSS उतना मजबूत नहीं था जितना वह बनना चाहता था या जितना आज है. उनका कहना था कि अगर उस समय संघ की ताकत ज्यादा होती, तो देश का बंटवारा रोका जा सकता था.
सुनील आंबेकरने कहा कि विभाजन के दौरान RSS ने अपनी क्षमता के अनुसार लोगों की मदद की. संघ ने खास तौर पर हिंसा और अशांति से प्रभावित हिंदुओं को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और उन्हें दोबारा बसाने का काम किया. आंबेकर ने कहा कि बंटवारे के कारण उस समय की व्यवस्था के प्रति लोगों में काफी नाराजगी और गुस्सा था. सुनील आंबेकर ने यह भी कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए RSS के बारे में कई तरह की गलत बातें फैलाई जाती हैं. उनके अनुसार, संघ किसी व्यक्ति या समुदाय से नफरत नहीं करता और न ही किसी को अपना दुश्मन मानता है. उन्होंने कहा कि RSS समाज के हर वर्ग को अपना मानता है और सभी के साथ संवाद में विश्वास रखता है.
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संघ हमेशा बातचीत और चर्चा के लिए तैयार रहता है- सुनील आंबेकर
सुनील आंबेकर ने कहा कि संघ हमेशा बातचीत और चर्चा के लिए तैयार रहता है. उनका मानना है कि समाज में समस्याओं का समाधान संवाद के जरिए निकाला जा सकता है और यही संघ की सोच भी है. पाकिस्तान के साथ बातचीत को लेकर RSS के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले के बयान पर भी सुनील आंबेकर ने अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि होसबोले के बयान को पूरी गंभीरता और गहराई से समझने की जरूरत है. उनके अनुसार, RSS हमेशा यह मानता रहा है कि लोगों के बीच संवाद और संपर्क बने रहने से लंबे समय में समस्याओं को सुलझाने में मदद मिलती है.
किसी मामले में RSS सरकार को सलाह नहीं देता है?
आंबेकर ने स्पष्ट किया कि सरकारों के बीच होने वाली बातचीत एक राजनीतिक और कूटनीतिक विषय है. ऐसे मामलों में RSS न तो सरकार को सलाह देता है और न ही फैसले करता है. उन्होंने कहा कि सरकारें अपने समय की परिस्थितियों और कूटनीतिक जरूरतों के आधार पर निर्णय लेती हैं. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि जब आधिकारिक स्तर पर बातचीत आगे नहीं बढ़ रही हो, तब लोगों के बीच संपर्क और संवाद जारी रहना चाहिए. उनके मुताबिक, दोनों देशों के लोगों के बीच बातचीत, सामाजिक रिश्ते और व्यापार जैसे संबंध बने रहने से भविष्य में कुछ मुद्दों के समाधान की संभावना बढ़ सकती है.
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        <pubDate>Sat, 30 May 2026 19:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>ट्रंप के बाद पीट हेगसेथ ने की पाकिस्तान की तारीफ तो भड़की कांग्रेस, कहा&amp; &amp;apos;वो आसिम मुनीर जिसने...&amp;apos;</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/ट्रंप-के-बाद-पीट-हेगसेथ-ने-की-पाकिस्तान-की-तारीफ-तो-भड़की-कांग्रेस-कहा-वो-आसिम-मुनीर-जिसने</link>
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        <description><![CDATA[ कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने शनिवार (30 मई, 2026) को अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ की तरफ से पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की तारीफ करने पर नाराजगी जताई है. उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बाद अब पीट हेगसेथ ने पाकिस्तान की तारीफ की है. अमेरिका तो जैसे पाकिस्तान और उसके नेतृत्व पर तारीफों की बारिश करना बंद ही नहीं कर पा रहा है. कांग्रेस नेता ने आपत्ति ये वही आसिम मुनीर है, जिसके भारत-विरोधी बयानबाजी ने पहलगाम जैसी त्रासदी को जन्म दिया था.
पवन खेड़ा ने अमेरिकी रक्षा मंत्री के बयान पर जताई आपत्ति

First Trump, now Hegseth. America cannot seem to stop showering praise on Pakistan and its leadership &amp;ndash; including Asim Munir, whose Anti-India rhetoric led to the Pahalgam tragedy.Meanwhile, Modi Ji appears more than ready to embrace Washington, obey all its unreasonable&amp;hellip; pic.twitter.com/D92r1bxq6N
&amp;mdash; Pawan Khera ???????? (@Pawankhera) May 30, 2026



कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ का वीडियो शेयर किया है. जिसमें हेगसेथ सिंगापुर में आयोजित IISS शांगरी-ला डायलॉग 2026 में अपना संबोधन देते हुए पाकिस्तान की तारीफों के पुल बांधते नजर आ रहे हैं. इस पर पवन खेड़ा ने अपने वीडियो पोस्ट में लिखा, &amp;lsquo;पहले ट्रंप और अब हेगसेथ. अमेरिका तो जैसे पाकिस्तान और उसके नेतृत्व पर तारीफों की बारिश करना बंद ही नहीं कर पा रहा है, जिसमें आसिम मुनीर भी शामिल हैं. यह वही आसिम मुनीर है, जिसके भारत-विरोधी बयानबाजी ने पहलगाम जैसी त्रासदी को जन्म दिया था.&amp;rsquo;&amp;nbsp;

कांग्रेस नेता ने पीएम मोदी पर साधा निशाना
इस दौरान पवन खेड़ा ने अमेरिका के साथ भारत के संबंधों और पीएम मोदी पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा, &amp;lsquo;इस बीच, मोदी जी वाशिंगटन को गले लगाने, उसकी हर बेबुनियाद शर्त मानने और एक भारत-विरोधी ट्रेड डील पर साइन करने के लिए पूरी तरह तैयार दिखाई देते हैं.&amp;rsquo;
उन्होंने कहा, &amp;lsquo;दिलचस्प बात यह है कि पाकिस्तान के साथ अमेरिका की बढ़ती नजदीकी का भारत के वाशिंगटन के साथ संबंधों पर मानो कोई असर ही नहीं पड़ रहा है. स्वाभाविक रूप से किसी न किसी स्तर पर कूटनीतिक असहजता की अपेक्षा की जा सकती थी, लेकिन इसके बजाय अब सिर्फ एक फीका-सा उत्साह दिखाई देता है.&amp;rsquo; उन्होंने आगे यह भी कहा कि क्या इसमें वह सब कुछ नहीं है, जो ऊपर से दिखाई देता है? क्या पर्दे के पीछे कोई और कहानी चल रही है?
यह भी पढ़ेंः कांग्रेस का बड़ा एक्शन, तेलंगाना में वकील के हत्या के आरोपी नेता को किया निष्कासित, जानें पूरा मामला ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 30 May 2026 19:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>ट्रंप, के, बाद, पीट, हेगसेथ, ने, की, पाकिस्तान, की, तारीफ, तो, भड़की, कांग्रेस, कहा-, वो, आसिम, मुनीर, जिसने...</media:keywords>
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        <title>दिल्ली में बड़ी आतंकी साजिश नाकाम, पाकिस्तानी एजेंसी ISI के 8 एजेंट गिरफ्तार</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/दिल्ली-में-बड़ी-आतंकी-साजिश-नाकाम-पाकिस्तानी-एजेंसी-isi-के-8-एजेंट-गिरफ्तार</link>
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        <description><![CDATA[ दिल्ली में एक बड़ी आतंकी साजिश को सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते नाकाम कर दिया है. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और खुफिया एजेंसियों ने संयुक्त अभियान चलाकर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े 8 लोगों को गिरफ्तार किया है. जांच एजेंसियों का कहना है कि यह नेटवर्क दिल्ली और मुंबई समेत कई महत्वपूर्ण स्थानों को निशाना बनाने की तैयारी कर रहा था. मामले की शुरुआत तब हुई जब विजय शूटर डॉन नाम के एक आरोपी को पुणे से गिरफ्तार किया गया. उसकी निशानदेही पर झारखंड के साहिबगंज से एक अन्य आरोपी को पकड़ा गया. जांच में सामने आया कि ये दोनों पाकिस्तान में बैठे शहजाद भट्टी के संपर्क में थे और उसके इशारों पर काम कर रहे थे.
खबर अपडेट की जा रही है.... ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 30 May 2026 19:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>ठग सुकेश और जैकलीन की बढ़ी मुश्किलें, 200 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग केस पर कोर्ट ने दिया ये सख्त निर्देश</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/ठग-सुकेश-और-जैकलीन-की-बढ़ी-मुश्किलें-200-करोड़-के-मनी-लॉन्ड्रिंग-केस-पर-कोर्ट-ने-दिया-ये-सख्त-निर्देश</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/ठग-सुकेश-और-जैकलीन-की-बढ़ी-मुश्किलें-200-करोड़-के-मनी-लॉन्ड्रिंग-केस-पर-कोर्ट-ने-दिया-ये-सख्त-निर्देश</guid>
        <description><![CDATA[ Conman Sukesh Chandrashekhar: कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर, लीना मारिया पॉल, बॉलीवुड एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडीज और अन्य के खिलाफ आरोप तय करने के निर्देश दिए गए हैं. मामला 200 करोड़ की रंगदारी से जुड़ा है. दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक कथित मामले में सुकेश समेत इन तीनों के खिलाफ समेत अन्य के खिलाफ आरोप तय करने के निर्देश दिए गए हैं.&amp;nbsp;&amp;nbsp;इससे पहले 200 करोड़ रुपये की कथित रंगदारी से जुड़े MCOCA मामले में भी सुकेश चंद्रशेखर, लीना मारिया पॉल और अन्य के खिलाफ आरोप तय किए गए हैं. कोर्ट ने आरोपों पर औपचारिक हस्ताक्षर के लिए इस मामले को 3 जून को सूचीबद्ध किया है. दिल्ली पुलिस ने अदिति सिंह की शिकायत पर यह मामला दर्ज किया था.
यह भी पढ़ें:&amp;nbsp;राबड़ी देवी का सरकारी आवास खाली करने से साफ इनकार, CM सम्राट चौधरी को दी चुनौती, कहा- &#039;फोर्स बुलाकर...&#039;
ईडी ने किया था जैकलीन की याचिका&amp;nbsp; का विरोध
वहीं, इस पूरे मामले में फंसी बॉलीवुड एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडिस ने पटियाला हाउस कोर्ट में सरकारी गवाह बनने के लिए याचिका दायर की थी. ईडी ने कोर्ट में विरोध किया था. ईडी ने कोर्ट में कहा था कि जैकलीन को सुकेश के आपराधिक इतिहास की पूरी जानकारी ती. वे इस मामले में सहभागी थीं. इसके बाद जैकलीन फर्नांडिस ने स्पेशल जज प्रशांत शर्मा के सामने अपनी याचिका वापस ले ली थी.&amp;nbsp;

वहीं जनवरी में सुकेश ने कोर्ट में एक आवेदन देकर शिकायतकर्ता अदिति सिंह को 217 करोड़ लौटाने की पेशकश भी की थी. उसने शर्त रखते हुए कहा कि इस रकम को लौटाने की पेशकश में उसका अपराध स्वीकार करना न माना जाए.&amp;nbsp;
200 करोड़ की ठगी का मामला
यह एक बेहद ही हाईप्रोफाइल मामला है. दिल्ली की तिहाड़ जेल के अंदर रहते हुए रेलिगेयर के पूर्व प्रमोटर शिविंदर सिंह की पत्नी अदिति सिंह से सरकारी अधिकारी बनकर लगभग ₹200 करोड़ की ठगी और रंगदारी वसूली थी.सुकेश फिलहाल दिल्ली की जेल में बंद है. जेल में भी उसके पास से महंगे सामान बरामद हो चुके है. कोर्ट ने इस मामले में संज्ञान लिया था.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sat, 30 May 2026 19:30:08 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>ठग, सुकेश, और, जैकलीन, की, बढ़ी, मुश्किलें, 200, करोड़, के, मनी, लॉन्ड्रिंग, केस, पर, कोर्ट, ने, दिया, ये, सख्त, निर्देश</media:keywords>
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        <title>राजस्थान से दिल्ली तक अचानक वाइब्रेट करने लगे मोबाइल, किस लिए आया ये अलर्ट?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/राजस्थान-से-दिल्ली-तक-अचानक-वाइब्रेट-करने-लगे-मोबाइल-किस-लिए-आया-ये-अलर्ट</link>
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        <description><![CDATA[ राजस्थान से दिल्ली तक अचानक वाइब्रेट करने लगे मोबाइल, किस लिए आया ये अलर्ट? ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 30 May 2026 19:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>बंगाल में BJP का झंडा लहराने के बाद अब पंजाब होगी नई चुनौती, मिशन मोड में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन</title>
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        <description><![CDATA[ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन अपना पद संभालने के बाद से ही लगातार देश के सभी राज्यों के तूफानी दौरे कर रहे हैं और सभी राज्यों के स्थानीय भाजपा नेताओं के साथ-साथ कार्यकर्ताओं से भी ग्राउंड रिपोर्ट ले रहे हैं. इसके अलावा, जिन राज्यों में आने वाले समय में चुनाव होने वाले हैं, वहां नितिन नबीन का विशेष फोकस है.
नबीन भाजपा नेताओं के साथ-साथ जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं तक को अपने अनुभव से जरूरी सुझाव और हिदायतें दे रहे हैं, साथ ही उनसे यह भी पूछ रहे हैं कि आप लोग बताइए चुनाव कैसे जीतेंगे? फिलहाल भाजपा राष्ट्रीय अध्य्क्ष नितिन नबीन तीन दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर गए हैं. जहां उन्होंने अपने दौरे के पहले दिन भाजपा प्रदेश कोर कमेटी की बैठक की.
पश्चिम बंगाल चुनाव में जीत नितिन नबीन की बड़ी उपलब्धि
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पदभार ग्रहण करने के बाद पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में पार्टी की प्रचंड जीत नितिन नबीन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिनी जा रही है. जिसके बाद अब नितिन नबीन के लिए अगली बड़ी चुनौती पंजाब में अगले साल होने वाला विधानसभा चुनाव को कहा जा रहा है.&amp;nbsp;

पंजाब में बीजेपी की सरकार बनाने का जिम्मा केवल सिंह ढिल्लों को सौंपा
पंजाब में भारतीय जनता पार्टी को जीत दिलाने और भाजपा के नेतृत्व में सरकार बनाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने पंजाब प्रदेश भाजपा की कमान वरिष्ठ नेता 76 वर्षीय केवल सिंह ढिल्लों को सौंपी है. इससे पहले पंजाब भाजपा की कमान सुनील जाखड़ के पास था. बता दें कि नितिन नबीन ने हाल ही में पंजाब के साथ-साथ दिल्ली, हरियाणा और त्रिपुरा के प्रदेश अध्यक्षों में बदलाव किया.
पंजाब की राजनीति में केवल सिंह ढिल्लों की पकड़ मजबूत
पंजाब भाजपा के नए अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के बेहद करीबी माने जाते हैं. वह एक बड़े कारोबारी होने के साथ-साथ किसान संगठनों से भी काफी सहानुभूति रखते हैं. ढिल्लों पंजाब की राजनीति में लंबे वक्त से सक्रिय है और दो बार राज्य के बरनाला विधानसभा सीट से विधायक भी रह चुके हैं. हालांकि, उन्होंने अपने राजनीति की शुरुआत कांग्रेस पार्टी के साथ की थी, लेकिन साल 2022 में वे कांग्रेस का साथ छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे. &amp;nbsp;
केवल सिंह ढिल्लों को पंजाब की कमान सौंपने के पीछे पार्टी का उद्देश्य साफ है कि भाजपा अब सिर्फ शहरी हिंदुओं तक सीमित नहीं रहना चाहती है और वह ढिल्लों की मदद से राज्य के 58 फीसदी सिख समुदाय और ग्रामीण वोटरों तक अपनी पहुंच बनाना चाहते हैं. नितिन नबीन को उम्मीद है कि केवल सिंह ढिल्लों के अनुभव और राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में उनकी पैठ भाजपा को पंजाब में मजबूत आधार दे सकती है.
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        <pubDate>Sat, 30 May 2026 03:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>पेपर कहां और कैसे बिक रहा, बच्चों को पता है तो सरकार को क्यों नहीं? राहुल गांधी ने NEET परीक्षा पेपर लीक पर सरकार को घेरा</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/पेपर-कहां-और-कैसे-बिक-रहा-बच्चों-को-पता-है-तो-सरकार-को-क्यों-नहीं-राहुल-गांधी-ने-neet-परीक्षा-पेपर-लीक-पर-सरकार-को-घेरा</link>
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        <description><![CDATA[ लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शुक्रवार (29 मई, 2026) को नीट परीक्षा के अभ्यर्थियों से मुलाकात की और उनसे परीक्षा के प्रश्नपत्र के लीक हो जाने को लेकर लंबी बातचीत की. इस दौरान छात्रों ने राहुल गांधी से कहा कि हमें भरोसा ही नहीं हो रहा कि इस बार जो परीक्षा होगी, उसके पेपर लीक नहीं होंगे. व्हाट्सएप और टेलीग्राम पर खुलेआम प्रश्नपत्र बिक रहे हैं. इसके बाद राहुल गांधी ने कहा कि नीट छात्रों से मुलाकात के बाद एक बात बिल्कुल साफ हो गई कि भारत का युवा नरेंद्र मोदी पर भरोसा नहीं करता.
राहुल गांधी ने X पर शेयर किया वीडियो पोस्ट
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शुक्रवार (29 मई, 2026) की शाम में छात्रों से बातचीत करते हुए एक वीडियो पोस्ट शेयर किया. उन्होंने वीडियो पोस्ट के कैप्शन में लिखा, &amp;lsquo;NEET छात्रों से मुलाकात में एक बात बिल्कुल साफ हो गई - भारत का युवा नरेंद्र मोदी पर भरोसा नहीं करता. उन्होंने मुझे बताया &amp;ndash; पेपर व्हाट्सएप और टेलीग्राम पर खुलेआम बिक रहे हैं. किस कीमत पर बिक रहे हैं, कौन खरीद रहा है, माफिया कैसे काम कर रहे हैं - यह सब इन बच्चों को पता है.&amp;rsquo;&amp;nbsp;

NEET छात्रों से मुलाक़ात में एक बात बिल्कुल साफ़ हो गई - भारत का युवा नरेंद्र मोदी पर भरोसा नहीं करता।उन्होंने मुझे बताया - पेपर WhatsApp और Telegram पर खुलेआम बिक रहे हैं। किस कीमत पर बिक रहे हैं, कौन ख़रीद रहा है, माफ़िया कैसे काम कर रहे हैं - यह सब इन बच्चों को पता है।उनका&amp;hellip; pic.twitter.com/LEZF3zRWB3
&amp;mdash; Rahul Gandhi (@RahulGandhi) May 29, 2026



उन्होंने कहा, &amp;lsquo;छात्रों का एक ही सवाल था - जो हमें पता है, वो सरकार और संस्थाओं को क्यों नहीं? सच यह है ये बच्चे सरकार से बेहतर जानते हैं कि इस सड़ी हुई व्यवस्था को कैसे ठीक किया जा सकता है. और दूसरी ओर कितनी शर्मनाक बात है कि जिस सेना का काम दुश्मनों से देश की रक्षा करना है, आज उसे मोदी सरकार के अपने भ्रष्टाचार से बच्चों के पेपर बचाने भेजा जा रहा है.&amp;rsquo;&amp;nbsp;

वीडियो पोस्ट में राहुल गांधी ने सरकार को घेरा
लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, &amp;lsquo;टुकड़ों के सुधार से अब काम नहीं चलेगा. छात्रों, शिक्षकों और एक्सपर्ट्स के साथ मिलकर पूरी परीक्षा व्यवस्था नए सिरे से बनानी होगी. हम और बच्चे नहीं खो सकते. और एक भी पीढ़ी का भविष्य इस भ्रष्ट तंत्र के हवाले नहीं कर सकते.&amp;rsquo;
यह भी पढ़ेंः &#039;PM मोदी खुद इसकी निगरानी कर रहे हैं&#039;, NEET पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट की चिंताओं पर बोली सरकार ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 30 May 2026 03:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>पेपर, कहां, और, कैसे, बिक, रहा, बच्चों, को, पता, है, तो, सरकार, को, क्यों, नहीं, राहुल, गांधी, ने, NEET, परीक्षा, पेपर, लीक, पर, सरकार, को, घेरा</media:keywords>
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        <title>वक्फ संपत्ति विवाद से जुड़े हत्या मामले का खुलासा, पुलिस ने कॉन्ट्रैक्ट किलिंग साजिश में सात लोगों को किया गिरफ्तार</title>
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        <description><![CDATA[ तेलंगाना में वकील ख्वाजा मोइज़ुद्दीन की हत्या की जांच में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. हैदराबाद पुलिस ने सात ऐसे लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनका कथित तौर पर एक सोची-समझी कॉन्ट्रैक्ट किलिंग की साजिश से संबंध है. इस साजिश की जड़ें वक्फ संपत्तियों को लेकर चल रहे एक लंबे विवाद में थीं.
पुलिस की तरफ से की गई ये गिरफ्तारियां एक गहन जांच के बाद हुईं हैं, जिसमें तकनीकी विश्लेषण, जमीनी खुफिया जानकारी और मुख्य संदिग्धों से पूछताछ का सहारा लिया गया. पुलिस का कहना है कि इस मामले से एक ऐसी साजिश का खुलासा हुआ है, जिसे कथित तौर पर लंबे समय तक बुना गया था और पीड़ित की रोजमर्रा की गतिविधियों पर महीनों तक नजर रखने के बाद अंजाम दिया गया.
पुलिस जांच में क्या हुआ खुलासा?
जांचकर्ताओं के अनुसार, मलकपेट और लकड़िकापुल इलाकों में वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और नियंत्रण से जुड़े तनाव के कारण पिछले कुछ सालों में कई कानूनी लड़ाइयां लड़ी गईं. इन विवादों में कथित तौर पर दीवानी मुकदमे, आपराधिक मामले और वक्फ ट्रिब्यूनल के समक्ष मामले शामिल थे. पुलिस का मानना है कि यह लंबा संघर्ष आखिर में एक आपराधिक साजिश में बदल गया, जिसका मकसद वकील को रास्ते से हटाना था.
जांच में मुजाहिद आलम खान और उनके पिता महबूब आलम खान को इस कथित साजिश में मुख्य सूत्रधार के रूप में पहचाना गया. पुलिस का आरोप है कि हत्या को अंजाम देने के लिए 15 लाख रुपये का कॉन्ट्रैक्ट तय किया गया था. कथित तौर पर यह योजना कई बिचौलियों के जरिए उन लोगों तक पहुंची, जिन्हें हमले को अंजाम देने का काम सौंपा गया था. जांचकर्ताओं का कहना है कि इस नेटवर्क में कई लोग शामिल थे, जिन्होंने समन्वय और साजो-सामान जुटाने से लेकर निगरानी और हत्या को अंजाम देने तक अलग-अलग भूमिकाएं निभाईं.&amp;nbsp;
यह भी पढे़ंः PFI से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में आरोपी को जमानत, HC ने कहा- प्रदर्शन में शामिल होना जमानत रोकने का आधार नहीं
हैदराबाद पुलिस ने कैसे किया मामले का खुलासा?
हैदराबाद पुलिस को यह बड़ी सफलता तब मिली, जब पुलिस ने आरोपियों में से एक, किशन उर्फ पप्पू को हरियाणा के पानीपत में ढूंढ निकाला. उसकी गिरफ्तारी के बाद, जांचकर्ताओं को कथित तौर पर अहम जानकारियां मिलीं, जिनसे अन्य संदिग्धों की पहचान करने और साजिश में कथित तौर पर शामिल लोगों के बीच कड़ियों को जोड़ने में मदद मिली. इसके बाद चलाए गए अभियानों के दौरान हैदराबाद के अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तारियां हुईं, जिनमें शहर के रिहायशी इलाकों से मुख्य संदिग्धों को हिरासत में लेना भी शामिल है.
पुलिस ने आरोपियों की भूमिकाओं की दी जानकारी
पुलिस का आरोप है कि इस गिरोह के सदस्यों ने हमले से पहले कई महीनों तक पीड़ित की दिनचर्या की विस्तृत रेकी (जांच-पड़ताल) की थी. जांचकर्ताओं ने अलग-अलग आरोपियों को सौंपी गई विशिष्ट भूमिकाओं की भी पहचान की है, जिनमें वाहन का इंतजाम करना, आवाजाही का समन्वय करना, लक्ष्य पर नजर रखना और अपराध को अंजाम देने में सीधे तौर पर शामिल होना शामिल है. अपराध के दौरान कथित तौर पर इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो गाड़ी को जांच के दौरान बरामद कर लिया गया.&amp;nbsp;

पुलिस ने मामले में जुटाए नकदी और कई अन्य सबूत
अधिकारियों ने 10.10 लाख रुपये की नकदी के साथ-साथ कई मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं, जिनके इस मामले से जुड़े होने का संदेह है. जांचकर्ता घटनाओं की पूरी कड़ियों को जोड़ने के लिए डिजिटल सबूतों, वित्तीय लेन-देन और संचार रिकॉर्ड की जांच कर रहे हैं. पुलिस ने यह भी संकेत दिया है कि कुछ आरोपियों की अन्य आपराधिक मामलों में संभावित संलिप्तता की भी जांच की जा रही है.
अधिकारियों ने बताया कि अन्य संदिग्धों का पता लगाने और अतिरिक्त सबूत जुटाने के प्रयास जारी हैं. पुलिस ने पीड़ित परिवार को सुरक्षा का आश्वासन दिया है और कहा है कि जांच बिना किसी बाहरी प्रभाव या हस्तक्षेप के वैज्ञानिक तरीकों से की गई है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sat, 30 May 2026 03:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>अनिल अंबानी की बढ़ेंगी मुश्किलें, CBI ने रिलायंस एडीए समूह मामलों में दाखिल की पहली चार्जशीट</title>
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        <description><![CDATA[ केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शुक्रवार (29 मई, 2026) को रिलायंस एडीए समूह से जुड़े एक मामले में मुंबई स्थित विशेष सीबीआई न्यायाधीश के समक्ष पहली चार्जशीट दाखिल की. इस चार्जशीट में कुल 16 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया है, जिनमें रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड, कंपनी के पांच वरिष्ठ अधिकारी और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), बैंक ऑफ महाराष्ट्र और पूर्ववर्ती सिंडिकेट बैंक के 10 बैंक अधिकारी शामिल हैं.
इन पर IPC के तहत आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक गबन और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आपराधिक कदाचार के आरोप हैं.
किस-किस बैंक से पैसे गबन का है आरोप?
चार्जशीट में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की तरफ से स्वीकृत 1,200 करोड़ रुपये के टर्म लोन के कथित दुरुपयोग से संबंधित जांच शामिल है. बैंक ऑफ महाराष्ट्र की तरफ से स्वीकृत 500 करोड़ रुपये की लेटर ऑफ क्रेडिट सुविधा और पूर्ववर्ती सिंडिकेट बैंक की ओर से स्वीकृत 350 करोड़ रुपये की लेटर ऑफ क्रेडिट सुविधा के संबंध में मामला दर्ज किया गया है.
वहीं, कंसोर्टियम बैंकों की ओर से स्वीकृत अन्य ऋणों की जांच और सार्वजनिक धन के कथित गबन और दुरुपयोग में शामिल अन्य साजिशकर्ताओं की भूमिका का पता लगाने के लिए मामले में आगे की जांच जारी रखी गई है. इस मामले में जल्द ही पूरक आरोपपत्र दाखिल किए जाने की उम्मीद है.&amp;nbsp;

अनिल अंबानी के ऊपर कुल 19694.33 करोड़ की थी देनदारी
सीबीआई ने भारतीय स्टेट बैंक से प्राप्त शिकायत के आधार पर मेसर्स रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड और अनिल डी. अंबानी के खिलाफ आरसी0742025E0005 दर्ज की थी, जिसमें उन पर बैंक को 2,929.05 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया था.
भारतीय स्टेट बैंक के नेतृत्व में 11 बैंकों के एक कंसोर्टियम की ओर से मेसर्स रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड को रुपये में सावधि ऋण स्वीकृत किए गए थे. एफआईआर के अनुसार, कुल देनदारी 19,694.33 करोड़ रुपये की थी, जिसमें 17 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक शामिल थे.
CBI ने दर्ज की कुल छह एफआईआर
सीबीआई ने आरकॉम. आरएचएफएल, आरसीएफएल और आरटीएल के खिलाफ कुल छह एफआईआर भी दर्ज की हैं, जिनकी जांच चल रही है. अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस समूह की कंपनियों की तरफ से कथित धोखाधड़ी की जांच के लिए सीबीआई की ओर से दर्ज की गई सात आरसी की जांच की निगरानी सर्वोच्च न्यायालय कर रहा है.
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        <pubDate>Sat, 30 May 2026 03:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>पेट्रोल&amp;डीजल के दाम बढ़ने पर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने लिया बड़ा फैसला, लोगों की जेब पर बढ़ेगा अतिरिक्त बोझ</title>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम एशिया में संघर्ष और तनाव की वजह से उत्पन्न वैश्विक ऊर्जा संकट के बाद दुनिया में महंगाई को लेकर खूब चर्चा हो रही है. वहीं, बीते दो हफ्ते में भारत में भी पेट्रोल और डीजल के दाम चार बार बढ़ने की वजह से अन्य आवश्यक सामानों के दाम में भी बढ़ोतरी देखी गई है.
अब पूर्वांचल की सबसे बड़ी मंडी के रूप में पहचाने जाने वाले विश्वेश्वरगंज से जुड़े ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने एक ऐसा फैसला ले लिया है, जिसके बाद अगले महीने की शुरुआत यानी 1 जून, 2026 से माल भाड़ा (किराया) में वह 20% की बढ़ोतरी करेंगे. इसकी वजह से किराना और राशन के ज्यादातर सामान भी महंगे हो जाएंगे.
20% बढ़ेगा माल भाड़ा- ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन
एबीपी न्यूज से बातचीत के दौरान ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के पदाधिकारी रविंद्र सिंह ने बताया कि डीजल और पेट्रोल के दाम बढ़ने की वजह से सामानों के लिए आने जाने वाले वाहनों और इसके व्यापार पर असर पड़ा है. हमने इसको लेकर एक बैठक की है और बैठक में सामूहिक रूप से निर्णय लिया है कि 1 जून से वाराणसी के विशेश्वरगंज में देश के कोने-कोने से आने वाले ट्रांसपोर्ट व्हीकल के किराया में 20% की वृद्धि की जाएगी. उनका साफ कहना है कि निरंतर हुए पेट्रोल और डीजल के दाम में वृद्धि की वजह से यह फैसला सामूहिक रूप से लिया गया है.&amp;nbsp;

चीनी से लेकर बादाम तक सब होंगे महंगे
विश्वेश्वरगंज मंडी में मौजूद व्यापारियों ने बातचीत के दौरान कहा कि अगर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन की तरफ से निर्णय लिया गया है तो गल्ला मंडी के अधिकांश वस्तुओं के दाम पर इसका असर पड़ेगा और निश्चित ही 5 से 10% तक इसमें बढ़ोतरी हो जाएगी. जिसमें चीनी से लेकर बादाम सरसों दाल तेल अन्य आवश्यक सामान शामिल हैं. विशेश्वरगंज मंडी में कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक से अलग-अलग सामान पहुंचते हैं, जहां से पूर्वांचल के कोने-कोने से पहुंचे लोगों की तरफ से इसकी खरीदारी की जाती है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sat, 30 May 2026 03:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>पेट्रोल-डीजल, के, दाम, बढ़ने, पर, ट्रांसपोर्ट, एसोसिएशन, ने, लिया, बड़ा, फैसला, लोगों, की, जेब, पर, बढ़ेगा, अतिरिक्त, बोझ</media:keywords>
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        <title>Monsoon Tracker: मॉनसून पर बड़ा खतरा! IMD की डराने वाली भविष्यवाणी&amp; इस साल बारिश कम, गर्मी करेगी बेहाल</title>
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        <description><![CDATA[ देशभर में भीषण गर्मी के बीच अब मॉनसून को लेकर भी चिंताजनक संकेत सामने आए हैं. India Meteorological Department यानी भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अनुमान जताया है कि जून से सितंबर 2026 के बीच होने वाला दक्षिण-पश्चिम मॉनसून सामान्य से कम रह सकता है. मौसम विभाग के महानिदेशक Mrutyunjay Mohapatra ने कहा कि इस बार देश में कुल बारिश दीर्घकालिक औसत (LPA) का सिर्फ 90 प्रतिशत रहने की संभावना है.
IMD के मुताबिक, यह साफ संकेत है कि देश के कई हिस्सों में &amp;ldquo;Below Normal Monsoon&amp;rdquo; यानी सामान्य से कम बारिश दर्ज हो सकती है. खासतौर पर उत्तर-पश्चिम भारत, मध्य भारत और दक्षिणी प्रायद्वीपीय क्षेत्रों में बारिश औसत से कम रहने की आशंका जताई गई है। हालांकि पूर्वोत्तर भारत में सामान्य बारिश होने का अनुमान है.

मौसम विभाग ने बताया कि मॉनसून कोर ज़ोन&amp;mdash;जो कृषि के लिहाज से सबसे अहम माना जाता है&amp;mdash;वह भी इस बार कमजोर रह सकता है. इसका सीधा असर खरीफ फसलों, जलाशयों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ने की आशंका है.

#WATCH | Delhi: DG IMD Dr Mrutyunjay Mohapatra says, &quot;There is a probability that, during the Southwest Monsoon season, the seasonal rainfall across the country will be 90% of the Long Period Average (LPA), with a model error margin of plus or minus 4%. This implies that during&amp;hellip; pic.twitter.com/qrpnw6jl3P
&amp;mdash; ANI (@ANI) May 29, 2026



जून में ही दिखेगा असर
IMD ने जून 2026 के लिए भी चेतावनी जारी की है. विभाग के अनुसार जून महीने में देशभर में औसत बारिश सामान्य से कम यानी 92 प्रतिशत से नीचे रह सकती है. उत्तर-पश्चिम भारत, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों को छोड़ दें तो ज्यादातर इलाकों में बारिश की कमी देखने को मिल सकती है.
इसके साथ ही तापमान को लेकर भी डराने वाला अनुमान सामने आया है. मौसम विभाग ने कहा है कि जून में देश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर रहेगा. यानी लोगों को लंबे समय तक झुलसाने वाली गर्मी का सामना करना पड़ सकता है.
इन राज्यों में बढ़ेंगे हीटवेव के दिन
IMD के अनुसार उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, बिहार, ओडिशा, छत्तीसगढ़, गुजरात और आंध्र प्रदेश में हीटवेव के दिनों की संख्या सामान्य से ज्यादा रह सकती है. इसके अलावा महाराष्ट्र, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में भी भीषण गर्मी पड़ने की संभावना है. हालांकि राजस्थान और झारखंड के लिए थोड़ी राहत की खबर है. वहां हीटवेव के दिनों की संख्या सामान्य से कम रहने का अनुमान जताया गया है.
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खेती और अर्थव्यवस्था पर असर की आशंका
कमजोर मॉनसून का असर सिर्फ मौसम तक सीमित नहीं रहता. भारत की बड़ी आबादी और खेती अब भी मानसूनी बारिश पर निर्भर है. यदि बारिश कम होती है तो धान, दाल और तिलहन जैसी खरीफ फसलों की बुआई प्रभावित हो सकती है. इससे खाद्य महंगाई बढ़ने और ग्रामीण इलाकों में आर्थिक दबाव बढ़ने की आशंका भी पैदा हो सकती है.
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले कुछ हफ्तों में मॉनसून की प्रगति पर लगातार नजर रखनी होगी, क्योंकि शुरुआती संकेत इस बार सामान्य से कमजोर बारिश की तरफ इशारा कर रहे हैं.
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        <pubDate>Fri, 29 May 2026 15:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>&amp;apos;थलापति&amp;apos; को देख खुद को नहीं रोक पाई एयर होस्टेस&amp;apos;, ऐसा क्या लिखा, रातोंरात वायरल हो गई</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/थलापति-को-देख-खुद-को-नहीं-रोक-पाई-एयर-होस्टेस-ऐसा-क्या-लिखा-रातोंरात-वायरल-हो-गई</link>
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        <description><![CDATA[ तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय नई दिल्ली के आधिकारिक दौरे के बाद चेन्नई लौट गए हैं. इस दौरान एक डोमेस्टिक फ्लाइट (घरेलू उड़ान) में उनकी मुलाकात एयर होस्टेस उमा मीनाक्षी से हुई. मीनाक्षी ने इसकी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की है.
इस फोटो में मुख्यमंत्री विजय काले और सफेद कपड़ों में नजर आ रहे हैं. ये फोटो फ्लाइट के अंदर ली गई है. एयर होस्टेस उमा मीनाक्षी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर यह तस्वीर पोस्ट की. इस फोटो को लेकर उन्होंने कैप्शन में लिखा कि क्रू ड्यूटी स्पेशल बन गई, क्योंकि मुख्यमंत्री विजय उसी फ्लाइट में यात्रा कर रहे थे. उन्होंने पोस्ट में विजय को सम्मानपूर्वक संबोधित करते हुए इस मुलाकात को यादगार बताया है.



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सीएम विजय संग फोटो शेयर कर बनी सेलिब्रिटी&amp;nbsp;एयर होस्टेस उमा मीनाक्षी ने सीएम विजय के साथ फोटो शेयर करते हुए लिखा कि आज क्रू की ड्यूटी और भी खास हो गई, क्योंकि माननीय मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय जिन्हें प्यार से &#039;थलापति&#039; कहा जाता है. वो हमारे साथ विमान में सवार थे. इसके साथ उन्होंने प्लेन और प्यार वाली इमोजी शेयर की है. दिल्ली दौरे के बाद मुख्यमंत्री विजय स्पेशल फ्लाइट से चेन्नई लौटे. इसी यात्रा के दौरान एयर होस्टेस उमा मीनाक्षी के साथ उनकी तस्वीर ली गई, जिसे बाद में सोशल मीडिया पर शेयर किया गया.&amp;nbsp;

दिल्ली में पीएम मोदी से मिलने गए थे सीएम विजयसीएम विजय के साथ फोटो शेयर करते ही मीनाक्षी भी सेलिब्रिटी बन गईं. उनकी यह तस्वीर लोगों को खूब पसंद आई है. लोगों ने उनकी इस पोस्ट पर जमकर कमेंट किए. थलपति विजय ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की थी. इन बैठकों के दौरान विभिन्न प्रशासनिक और राज्य से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की गई.&amp;nbsp;
तमिलनाडु सीएम की कांग्रेस नेताओं खासकर सोनिया गांधी और राहुल गांधी के साथ प्रस्तावित बैठक नहीं हो सकी. इस संबंध में कांग्रेस सांसद क्रिस्टोफर तिलक ने कहा कि कार्यक्रमों की व्यस्तता और समय की कमी के कारण यह मुलाकात टाल दी गई है.
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कर्नाटक में सिद्धारमैया युग का अंत! राज्यपाल ने मंजूर किया इस्तीफा, DK को कब मिलेगी कमान? ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 29 May 2026 15:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>थलापति, को, देख, खुद, को, नहीं, रोक, पाई, एयर, होस्टेस, ऐसा, क्या, लिखा, रातोंरात, वायरल, हो, गई</media:keywords>
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        <title>कॉकरोच जनता पार्टी को बड़ा झटका, दिल्ली हाईकोर्ट ने एक्स अकाउंट को तुरंत बहाल करने से किया इनकार</title>
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        <description><![CDATA[ कॉकरोच जनता पार्टी को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है. कोर्ट ने शुक्रवार (29 मई) को अभिजीत दीपके की अगुवाई वाली कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सोशल मीडिया एक्स अकाउंट को फौरन बहाल करने का निर्देश देने से इनकार कर दिया. दीपके की याचिका पर जस्टिस पुरुषैन्द्र कुमार कौरव ने सुनवाई की.
कोर्ट ने सीजेपी के सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट की गई कुछ चीजों को &#039;आपत्तिजनक&#039; पाया और संस्थापक दीपके की याचिका पर तत्काल राहत देने से इनकार कर दिया. कोर्ट ने कहा कि इस मामले पर सभी पहलुओं पर विचार करना जरूरी है और सरकार और एक्स प्लेटफॉर्म की दलील सुनने के बाद ही कोई आदेश जारी करेगी.

HC ने केंद्र सरकार को दिया नोटिस
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने केन्द्र सरकार को नोटिस जारी किया. याचिका में केंद्र सरकार की ओर से पार्टी के X हैंडल को बैन करने के आदेश को चुनौती दी गई है. सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए ट्विटर अकाउंट को भारत में बैन कर दिया है. दिल्ली हाई कोर्ट ने एक्स हैंडल पर तत्काल बैन हटाने को लेकर कोई आदेश जारी नहीं जारी किया है.
21 मई को ब्लॉक हुआ था CJP का एक्स हैंडल
&amp;lsquo;एक्स&amp;rsquo; पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का हैंडल 21 मई को भारत में &amp;lsquo;ब्लॉक&amp;rsquo; कर दिया गया था. इसके बाद &amp;lsquo;कॉकरोच इज बैक&amp;rsquo; नाम से नए हैंडल बनाया गया था, जिसके मौजूदा समय में 2.27 लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं.&amp;nbsp; पूर्व में आम आदमी पार्टी से जुड़े रहे दीपके ने 15 मई को एक वकील के सीनियर पद से संबंधित याचिका की सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत की &#039;कॉकरोच&#039; और &#039;परजीवी&#039; टिप्पणियों पर विवाद के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की शुरुआत की थी.
16 मई को हुई सीजेपी की शुरुआत
16 मई को शुरू हुई सीजेपी का दावा है कि उसका मकसद युवाओं की आवाज को मजबूत करने और सरकार को जवाबदेह ठहराने के लिए युवाओं के लिए एक स्वतंत्र आंदोलन खड़ा करना है. हाल में इसने शिक्षा क्षेत्र में कथित सिस्टम की नाकामी और नीट-यूजी 2026 पेपर &amp;lsquo;लीक&amp;rsquo; को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए एक अभियान शुरू किया है.
&#039;कॉकरोच गंदगी में पैदा होता है, जब कॉकरोच बना है तो उसे मारने की दवाई भी...&#039;, कुमार विश्वास का तंज
16 मई को चीफ जस्टिस ने अपनी टिप्पणी को लेकर कड़े शब्दों में स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि वह उन खबरों से &#039;आहत&#039; हैं, जिनमें यह संकेत दिया गया था कि उन्होंने युवाओं की आलोचना की थी उन्होंने कहा था कि उनकी टिप्पणियां खास रूप से उन लोगों के खिलाफ थीं, जो &#039;फर्जी और अवैध डिग्रियों&#039; के जरिए कानूनी पेशे में प्रवेश कर रहे हैं और मीडिया के एक वर्ग ने उनकी बातों को &#039;गलत तरीके से पेश&#039; किया.
कॉकरोच जनता पार्टी पर पंडित धीरेंद्र शास्त्री का बड़ा बयान, &#039;इससे यह बात तो साबित होती है कि...&#039; ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 29 May 2026 15:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>कॉकरोच, जनता, पार्टी, को, बड़ा, झटका, दिल्ली, हाईकोर्ट, ने, एक्स, अकाउंट, को, तुरंत, बहाल, करने, से, किया, इनकार</media:keywords>
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        <title>India Monsoon: उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, बिहार, झारखंड...गर्मी के कहर से कोई नहीं बचेगा, IMD की रिपोर्ट ने डराया</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/india-monsoon-उत्तर-प्रदेश-हरियाणा-पंजाब-बिहार-झारखंडगर्मी-के-कहर-से-कोई-नहीं-बचेगा-imd-की-रिपोर्ट-ने-डराया</link>
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        <description><![CDATA[ मौसम विभाग (IMD) ने शुक्रवार (29 मई 2026) को जारी नए अनुमान में कहा है कि इस साल देश में मॉनसून की बारिश सामान्य से कम रह सकती है. विभाग के मुताबिक, पूरे देश में इस बार मॉनसून की बारिश लॉन्ग पीरियड एवरेज (LPA) का करीब 90 प्रतिशत रहने की संभावना है. इससे पहले अप्रैल में IMD ने 92 प्रतिशत बारिश का अनुमान जताया था, लेकिन अब इसे और कम कर दिया गया है.
IMD ने बताया कि जून महीने से एल नीनो की कमजोर स्थिति बनने की संभावना है, जो मॉनसून सीजन के दूसरे हिस्से में और मजबूत हो सकती है. एल नीनो का असर आमतौर पर भारत में मॉनसून को कमजोर करने वाला माना जाता है. मौसम विभाग ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि पूरे देश में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की बारिश LPA के 90 प्रतिशत रहने का अनुमान है. इसमें मॉडल एरर प्लस माइनस 4 प्रतिशत रखा गया है. इसका मतलब है कि इस साल सामान्य से कम या कम बारिश होने की संभावना ज्यादा है. नॉर्थ-ईस्ट भारत में सामान्य बारिश हो सकती है. वहीं उत्तर-पश्चिम, मध्य और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में सामान्य से कम बारिश का अनुमान लगाया गया है.

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कई राज्यों में सामान्य से ज्यादा हीट वेव- IMD
मौसम विभाग ने यह भी कहा है कि इस साल कई राज्यों में सामान्य से ज्यादा हीट वेव यानी लू वाले दिन देखने को मिल सकते हैं. जून 2026 के दौरान उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, गुजरात और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में तेज गर्मी पड़ने की संभावना है. इसके अलावा महाराष्ट्र, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश और तमिलनाडु के कुछ इलाकों में भी सामान्य से ज्यादा गर्मी रह सकती है.
सामान्य से कम बारिश होने की आशंका
अप्रैल में जारी पहले अनुमान में IMD ने कहा था कि इस साल मॉनसून सामान्य से कम रह सकता है और बारिश LPA के 92 प्रतिशत तक रहने की उम्मीद थी. भारत में 1971 से 2020 के बीच पूरे मॉनसून सीजन की औसत बारिश 87 सेंटीमीटर मानी जाती है. IMD के अनुसार देश के कई हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की आशंका है. हालांकि नॉर्थ-ईस्ट, उत्तर-पश्चिम और दक्षिण भारत के कुछ इलाकों में सामान्य से ज्यादा बारिश हो सकती है.
भारत की अर्थव्यवस्था के लिए काफी अहम
मॉनसून का यह नया अनुमान भारत की अर्थव्यवस्था के लिए काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि देश की बड़ी आबादी खेती पर निर्भर है. कृषि मंत्रालय के मुताबिक, भारत की लगभग 51 प्रतिशत खेती बारिश पर निर्भर करती है और इससे कुल कृषि उत्पादन का करीब 40 प्रतिशत हिस्सा आता है. देश की लगभग 47 प्रतिशत आबादी अपनी रोजी-रोटी के लिए खेती पर निर्भर है. अगर मॉनसून कमजोर रहता है तो इसका असर ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है. इससे खेती की लागत बढ़ सकती है, फसल उत्पादन कम हो सकता है और खाने-पीने की चीजों की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण ऊर्जा और खाद की सप्लाई पर भी असर पड़ने की आशंका बनी हुई है.
एल नीनो की स्थिति कब मजबूत हो सकती?
भारत में पिछली बार 2023 में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई थी. उस समय भी एल नीनो का असर था और पूरे मॉनसून सीजन में देश में LPA का 94 प्रतिशत बारिश हुई थी. मॉनसून मिशन क्लाइमेट फोरकास्ट सिस्टम के अनुसार जुलाई, अगस्त और सितंबर के दौरान एल नीनो की स्थिति और मजबूत हो सकती है.
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        <pubDate>Fri, 29 May 2026 15:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>India, Monsoon:, उत्तर, प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, बिहार, झारखंड...गर्मी, के, कहर, से, कोई, नहीं, बचेगा, IMD, की, रिपोर्ट, ने, डराया</media:keywords>
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        <title>Aaj Ka Mausam: ओले, आंधी, तूफान और बारिश, देश पर चौतरफा मानसूनी अटैक, मौसम विभाग की डरावनी चेतावनी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/aaj-ka-mausam-ओले-आंधी-तूफान-और-बारिश-देश-पर-चौतरफा-मानसूनी-अटैक-मौसम-विभाग-की-डरावनी-चेतावनी</link>
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        <description><![CDATA[ देश के कई हिस्सों में मानसून अभी पूरी तरह नहीं पहुंचा है, लेकिन मौसम विभाग (IMD) ने अगले 24 से 48 घंटों के लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है. IMD के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून लगातार आगे बढ़ रहा है और आने वाले दो से तीन दिनों में इसके अरब सागर, लक्षद्वीप और बंगाल की खाड़ी के कुछ और इलाकों तक पहुंचने की संभावना है. इसी बीच उत्तर-पश्चिम &amp;nbsp;भारत के कई राज्यों में तेंज आंधी और ओलावृष्टि और भारी बारिश की आशंका जताई गई है. मौसम विभाग का कहना है कि इस बदलाव से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलेगी और तापमान में 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है.
मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के लिए विशेष चेतावनी जारी की है. विभाग के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी-तूफान आ सकता है. इसके साथ ओले गिरने और भारी बारिश होने की भी संभावना है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चल सकती है और ओले गिरनेकी आशंका है. 30 मई को पूरे प्रदेश में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है. इसके अलावा 31 मई को पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है.

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दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में भी मौसम बिगड़ने की आशंका मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में भी आज मौसम खराब रह सकता है. इन क्षेत्रों में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, ओले गिरने और भारी बारिश होने की संभावना है. 30 मई को भी बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है.&amp;nbsp;बिहार और झारखंड में कैसा रहेगा मौसम?बिहार के कुछ हिस्सों में आज भारी बारिश होने की संभावना है. इसके साथ ही 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने की चेतावनी भी जारी की गई है. 30 मई को 50 -60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार&amp;nbsp; से तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि 31 मई और 1 जून को कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है. झारखंड की बात करें तो 31 मई तक राज्य के कई इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. 1 से 3 जून के बीच गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना बनी हुई है.
पहाड़ी राज्यों में भी खराब रहेगा मौसमउत्तराखंड के कुछ इलाकों में आज भारी बारिश और ओले गिरने की संभावना है. मौसम विभाग का कहना है कि 30 मई तक पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम खराब बना रह सकता है. इसके अलावा हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भी ओलावृष्टि और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है. पहाड़ों में हो रहे इस मौसम परिवर्तन का असर मैदानी इलाकों पर भी पड़ेगा और तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है.&amp;nbsp;
ओलावृष्टि और भारी बारिश को लेकर चेतावनीमौसम विभाग के अनुसार मध्य प्रदेश में आज लू का असर आखिरी बार देखने को मिल सकता है. विभाग ने आज और कल पूरे मध्य प्रदेश में ओले गिरने और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने की चेतावनी जारी की है. 31 मई को पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है. इसके अलावा छत्तीसगढ़ में भी 31 मई तक 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी-तूफान का अनुमान है. इससे गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है. राज्य में 1 जून को भी गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है.
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        <enclosure url="http://hindi.attentionindia.com/uploads/images/202605/image_870x580_6a1963a8b9609.jpg" length="96032" type="image/jpeg"/>
        <pubDate>Fri, 29 May 2026 15:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Aaj, Mausam:, ओले, आंधी, तूफान, और, बारिश, देश, पर, चौतरफा, मानसूनी, अटैक, मौसम, विभाग, की, डरावनी, चेतावनी</media:keywords>
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        <title>पंजाब में शिक्षा को लेकर बुरी घिरी आप सरकार, गवर्नमेंट स्कूलों में 9% एडमिशन में गिरावट, सांसद हरसिमरत कौर ने साधा निशाना</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/पंजाब-में-शिक्षा-को-लेकर-बुरी-घिरी-आप-सरकार-गवर्नमेंट-स्कूलों-में-9-एडमिशन-में-गिरावट-सांसद-हरसिमरत-कौर-ने-साधा-निशाना</link>
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        <description><![CDATA[ पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार अब पूरी तरह से शिक्षा के सवालों को लेकर घिर गई है. हाल ही में आई एक रिपोर्ट की मानें तो राज्य के सरकारी स्कूलों में प्री-प्राइमरी और एलिमेंट्री लेवल पर छात्रों की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई है. आंकड़ों के मुताबिक, करीबन 9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है. शिक्षा को लेकर कई तरह के दावे करने वाली आप सरकार पंजाब चुनाव से कुछ महीने पहले शिक्षा के मुद्दे पर बुरी तरह घिरी हुई है.&amp;nbsp;

शिरोमणी अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर ने साझा किया पोस्ट
अब इसपर पूर्व कैबिनेट मंत्री और शिरोमणी अकाली दल से सांसद हरसिमरत कौर बादल ने एक्स पर एक अखबार की कटिंग शेयर करते हुए राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि पंजाब के सरकारी स्कूलों में प्री-प्राइमरी और एलिमेंट्री स्तर पर छात्रों की संख्या में आई भारी 9 प्रतिशत की गिरावट (1.76 लाख छात्र) यह दर्शाती है कि आम आदमी पार्टी की सरकार द्वारा दी जा रही शिक्षा पर लोगों का भरोसा नहीं रहा है. विश्व-स्तरीय शिक्षा देने के वादे से लेकर, सरकारी स्कूल के बच्चों को मिड-डे मील जैसी बुनियादी सुविधाएं भी न दे पाने तक, शिक्षा के क्षेत्र में AAP सरकार का निराशाजनक प्रदर्शन हर दिन बेनकाब हो रहा है.
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सरकारी स्कूलों में एडमिशन लेने वाले बच्चों की संख्या में गिरावट
शिरोमणी अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर की पोस्ट में शेयर अखबार की कटिंग की मानें तो पिछले तीन सालों में सरकारी स्कूलों में एडमिशन लेने वाले बच्चों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है. इनमें 2023 से 2024 के बीच 19, 65, 651 बच्चों ने एडमिशन लिया था. वहीं, 2024 से 2025 के बीच यह आंकड़े घटकर 19,10,058 हो गया. इसके बाद 2025-26 में बड़ी गिरावट देखने को मिली. यहां आंकड़ा गिरकर 17,34,353 पर सिमट चुका है. यानी पिछले एक साल करीबन डेढ़ लाख से ज्यादा बच्चों की संख्या में गिरावट देखने को मिली है.
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&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 28 May 2026 23:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>पंजाब, में, शिक्षा, को, लेकर, बुरी, घिरी, आप, सरकार, गवर्नमेंट, स्कूलों, में, एडमिशन, में, गिरावट, सांसद, हरसिमरत, कौर, ने, साधा, निशाना</media:keywords>
    </item>
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        <title>‘तथ्यों के बोझ तले गिर रहा सेलेक्टिव आक्रोश...’, CBSE विवाद को लेकर राहुल गांधी पर किरेन रिजिजू का निशाना</title>
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        <description><![CDATA[ केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने गुरुवार (28 मई, 2026) को सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) विवाद को लेकर लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को टिप्पणियों को लेकर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को यह समझना चाहिए कि बिना तथ्यों के लगाए गए मनमाने आरोप सिर्फ उनके अपने पाखंड को ही उजागर करते हैं.
केंद्रीय मंत्री ने एक्स पर साझा किया पोस्ट
उन्होंने इस संबंध में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर किया. उन्होंने कहा, &amp;lsquo;राहुल गांधी को यह समझना चाहिए कि बिना तथ्यों के लगाए गए मनमाने आरोप सिर्फ उनके अपने पाखंड को ही उजागर करते हैं. आज वह कोएंप्ट एडु टेक प्राइवेट लिमिटेड (Coempt Eduteck Pvt. Ltd.) पर हमला कर रहे हैं, लेकिन अगर यह कंपनी सचमुच दागदार थी, तो कांग्रेस सरकारों के अधीन काम करने वाली कई संस्थाओं ने इसके साथ काम करना क्यों जारी रखा?&amp;rsquo;

Rahul Gandhi should realise that reckless allegations without facts only expose his own hypocrisy.Today he is attacking Coempt Eduteck Pvt. Ltd. But if the company was genuinely &amp;ldquo;tainted,&amp;rdquo; then why did multiple institutions functioning under Congress governments continue to&amp;hellip;
&amp;mdash; Kiren Rijiju (@KirenRijiju) May 28, 2026




किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर उठाए सवाल
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने अपने X पोस्ट में आगे राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी से कुछ सवालों के जवाब भी मांगे. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस को इन सवालों के जवाब देने होंगे:

तेलंगाना और कर्नाटक में समझौते क्यों किए गए?
कांग्रेस-शासित संस्थाओं की ओर से काम के आदेश (Work Orders) क्यों जारी किए गए?
तेलंगाना स्टेट हेल्थ यूनिवर्सिटी की ओर से इस कंपनी की सार्वजनिक रूप से तारीफ क्यों की गई?

उन्होंने आगे कहा कि दस्तावेजी रिकॉर्ड में 2023 और 2025 के बीच कलोजी नारायण राव यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (Kaloji Narayana Rao University of Health Sciences), बेंगलुरु सिटी यूनिवर्सिटी (Bengaluru City University), आदिकवि श्री महर्षि वाल्मिकी यूनिवर्सिटी (Adikavi Sri Maharshi Valmiki University) और कर्नाटक यूनिवर्सिटी, धारवाड़ (Karnataka University, Dharwad) के साथ हुए समझौते और काम के आदेश शामिल हैं. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का सेलेक्टिव आक्रोश एक बार फिर तथ्यों के बोझ तले गिर रहा है.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ेंः CBSE में आ रही दिक्कतों पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने की उच्च स्तरीय बैठक, अधिकारियों को सख्त निर्देश ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 28 May 2026 23:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>‘तथ्यों, के, बोझ, तले, गिर, रहा, सेलेक्टिव, आक्रोश...’, CBSE, विवाद, को, लेकर, राहुल, गांधी, पर, किरेन, रिजिजू, का, निशाना</media:keywords>
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        <title>ममता बनर्जी को लगातार दूसरे दिन बड़ा झटका, काकोली घोष दस्तीदार के बाद अब इस नेता ने पार्टी पद से दिया इस्तीफा</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/ममता-बनर्जी-को-लगातार-दूसरे-दिन-बड़ा-झटका-काकोली-घोष-दस्तीदार-के-बाद-अब-इस-नेता-ने-पार्टी-पद-से-दिया-इस्तीफा</link>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख ममता बनर्जी को लगातार दूसरे दिन बड़ा झटका लगा है. दरअसल, पूर्व राज्यसभा सांसद और वर्तमान में टीएमसी के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. शांतनु सेन ने गुरुवार (28 मई, 2026) को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. इसके एक दिन पहले यानी बुधवार (27 मई, 2026) को ममता बनर्जी की करीबी मानी जाने वाली टीएमसी की लोकसभा सांसद और पार्टी की महिला विंग की अध्यक्ष काकोली घोष दस्तीदार ने पार्टी के सभी पदों से अपना इस्तीफा दे दिया है.
इस्तीफा देने के पीछे शांतनु सेन ने क्या बताई वजह?

TMC leader and former Rajya Sabha MP Dr Santanu Sen resigns from his post of party&#039;s national spokesperson. His resignation, addressed to party president Mamata Banerjee, reads, &quot;...Even though I did not agree with views during various difficult times, I have fought publicly&amp;hellip; pic.twitter.com/1uDOCwup0i
&amp;mdash; ANI (@ANI) May 28, 2026



न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, पार्टी अध्यक्ष ममता बनर्जी को लिखे अपने इस्तीफे में डॉ. शांतनु सेन ने कहा, &amp;lsquo;हालांकि, कई मुश्किल घड़ियों में मैं कई विचारों से सहमत नहीं था, फिर भी मैंने मीडिया में पार्टी के पक्ष में कई विवादास्पद मुद्दों पर सार्वजनिक रूप से लड़ाई लड़ी, जिसके लिए आम लोगों ने अक्सर मेरी सराहना की, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में, जब पश्चिम बंगाल की जनता से आरजी कर मामले, अभया केस और नौकरी के बदले नकद वाले भ्रष्टाचार समेत कई अनैतिक कामों और भ्रष्टाचार के कारण हमें नकार दिया है, तब मेरा मन अब किसी भी रूप में पार्टी के प्रवक्ता के रूप में उनका समर्थन करने के लिए तैयार नहीं है.&amp;rsquo;
उन्होंने कहा, &amp;lsquo;इसलिए, जनता के फैसले को ध्यान में रखते हुए मैं तृणमूल कांग्रेस (TMC) के अखिल भारतीय प्रवक्ता पद से इस्तीफा देना चाहता हूं. कृपया मेरा इस्तीफा स्वीकार करें और उसका सम्मान करें.&amp;rsquo;

काकोली घोष दस्तीदार ने क्यों दिया इस्तीफा?
वहीं, TMC की लोकसभा सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने यह कहते हुए अपना इस्तीफा दिया कि पिछले एक दशक में पश्चिम बंगाल और पार्टी से जुड़े कई गंभारी आरोपों और घटनाओं ने उनके अंतर्मन को गहराई से विचलित कर दिया है.

TMC MP Kakoli Ghosh Dastidar resigned from her post as the president of All India Trinamool Mahila Congress wing. Her letter reads, &quot;...During my tenure, it has not been possible to stop the inappropriate behaviour of another educated woman MP towards women MPs, nor has&amp;hellip; pic.twitter.com/ZhXAZ77bT8
&amp;mdash; ANI (@ANI) May 27, 2026



उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर आंतरिक कामकाज पर गहरा असंतोष जताया और पार्टी के नेतृत्व के प्रति सार्वजनिक रूप से निराशा व्यक्त करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर किया. उन्होंने पोस्ट में कहा, &amp;lsquo;अपने कार्यकाल के दौरान महिला सांसदों के प्रति एक अन्य शिक्षित महिला सांसद ने अनुचित बर्ताव को रोक पाना मेरे लिए संभव नहीं हो पाया और न हीं शीर्ष नेतृत्व से मुझे पर्याप्त सहयोग और सहानुभूति मिली. ऐसी स्थिति में अब पद पर बने रहने का कोई मतलब नहीं रह गया है.&amp;rsquo;&amp;nbsp;
यह भी पढ़ेंः ममता बनर्जी की करीबी काकोली घोष दस्तीदार ने पार्टी के सभी पदों से दिया इस्तीफा, शुभेंदु अधिकारी से भेंट के बाद लिया फैसला ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 28 May 2026 23:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>ममता, बनर्जी, को, लगातार, दूसरे, दिन, बड़ा, झटका, काकोली, घोष, दस्तीदार, के, बाद, अब, इस, नेता, ने, पार्टी, पद, से, दिया, इस्तीफा</media:keywords>
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        <title>इस्तीफे के बाद दिल्ली के लिए रवाना सिद्दारमैया, राज्यसभा ठुकराया, कर्नाटक में कई जगहों पर प्रदर्शन&amp; 5 बड़ी बातें</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/इस्तीफे-के-बाद-दिल्ली-के-लिए-रवाना-सिद्दारमैया-राज्यसभा-ठुकराया-कर्नाटक-में-कई-जगहों-पर-प्रदर्शन-5-बड़ी-बातें</link>
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        <description><![CDATA[ Karnataka CM News: कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने गुरुवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई. उनके इस्तीफे के बाद कर्नाटक के कई हिस्सों में समर्थकों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया, जहां बेंगलुरु स्थित उनके आधिकारिक आवास &amp;lsquo;कावेरी&amp;rsquo; के बाहर बड़ी संख्या में लोग जुटे और उनसे इस्तीफा वापस लेने की मांग करते हुए भावुक दृश्य देखने को मिले. कई जगहों पर टायर जलाकर प्रदर्शन, नारेबाजी और सड़क जाम करने की कोशिशें भी हुईं.
इस्तीफे के बाद सिद्धारमैया दिल्ली के लिए रवाना हुए, जहां उनकी राहुल गांधी से मुलाकात प्रस्तावित है, लेकिन खराब मौसम और तेज आंधी के कारण उनकी फ्लाइट को जयपुर में लैंड करना पड़ा. इस बीच, खबर है कि कांग्रेस नेतृत्व ने उन्हें राज्यसभा सीट और दिल्ली में बड़ी भूमिका का प्रस्ताव दिया, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया और स्पष्ट किया कि वे कर्नाटक की राजनीति में ही सक्रिय रहना चाहते हैं. उनके इस्तीफे के बाद डी. के. शिवकुमार के अगले मुख्यमंत्री बनने की संभावना तेज हो गई है, हालांकि पार्टी की ओर से आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है. आइये जानते हैं इस पूरे घटनाक्रम की पांच बड़ी बातें&amp;nbsp;
1-इस्तीफा और राजनीतिक घटनाक्रम
&amp;nbsp;कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने गुरुवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया. यह फैसला पार्टी के अंदर चल रही खींचतान और नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच आया. इस्तीफे के बाद वे दिल्ली रवाना हुए, जहां उनकी राहुल गांधी से मुलाकात तय थी, हालांकि खराब मौसम के कारण उनकी फ्लाइट जयपुर में डायवर्ट हो गई.
2-समर्थकों का जोरदार विरोध प्रदर्शन
इस्तीफे के तुरंत बाद कर्नाटक के कई हिस्सों जैसे- बेंगलुरु, शिवमोगा, यादगिर और कलबुर्गी में समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया. बेंगलुरु में उनके आवास &amp;lsquo;कावेरी&amp;rsquo; के बाहर बड़ी संख्या में लोग जुटे और भावुक माहौल देखने को मिला. कई जगहों पर टायर जलाए गए, नारेबाजी हुई और सड़कों को जाम करने की कोशिश की गई.
3-अहिंदा और पिछड़े वर्गों का समर्थन
&amp;nbsp;&amp;lsquo;अहिंदा&amp;rsquo; (अल्पसंख्यक, पिछड़े वर्ग और दलित) समुदाय से जुड़े संगठनों ने इस फैसले का विरोध किया. उनका कहना है कि सिद्धारमैया ने इन वर्गों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं लागू कीं, इसलिए उन्हें हटाना अन्याय है. कुछ प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस नेतृत्व पर गंभीर आरोप भी लगाए.
4-राज्यसभा ऑफर ठुकराया
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कांग्रेस नेतृत्व ने सिद्धारमैया को राज्यसभा सीट और दिल्ली में बड़ी भूमिका का प्रस्ताव दिया था, लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया. उन्होंने साफ कहा कि वे राष्ट्रीय राजनीति में जाने के बजाय कर्नाटक की राजनीति में ही सक्रिय रहना चाहते हैं.
5-नए मुख्यमंत्री को लेकर संकेत
इस्तीफे के बाद डी. के. शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने की संभावना जताई जा रही है. पार्टी नेतृत्व की ओर से संकेत मिले हैं कि विधायक दल की बैठक के बाद औपचारिक घोषणा की जा सकती है, जिससे कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन लगभग तय माना जा रहा है.

ये भी पढ़ें: CBSE ऑन स्क्रीन मार्किंग विवाद, राहुल गांधी और शिक्षामंत्री प्रधान आमने-सामने; तेज हुई जुबानी जंग ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 28 May 2026 23:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>इस्तीफे, के, बाद, दिल्ली, के, लिए, रवाना, सिद्दारमैया, राज्यसभा, ठुकराया, कर्नाटक, में, कई, जगहों, पर, प्रदर्शन-, बड़ी, बातें</media:keywords>
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        <title>सिद्धारमैया और राहुल गांधी की मीटिंग में दिल्ली का मौसम बना अड़ंगा, फ्लाइट हुई डायवर्ट, अब कल होगी मुलाकात</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/सिद्धारमैया-और-राहुल-गांधी-की-मीटिंग-में-दिल्ली-का-मौसम-बना-अड़ंगा-फ्लाइट-हुई-डायवर्ट-अब-कल-होगी-मुलाकात</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/सिद्धारमैया-और-राहुल-गांधी-की-मीटिंग-में-दिल्ली-का-मौसम-बना-अड़ंगा-फ्लाइट-हुई-डायवर्ट-अब-कल-होगी-मुलाकात</guid>
        <description><![CDATA[ कर्नाटक के निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया गुरुवार (28 मई, 2026) को अपने पद से इस्तीफा देने के बाद लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के साथ-साथ पार्टी हाईकमान से मिलने के लिए विशेष विमान से दिल्ली जा रहे थे, लेकिन दिल्ली में तेज बारिश और मौसम में बदलाव की वजह से उनके विशेष विमान को जयपुर की ओर डायवर्ट कर दिया गया. ऐसे में सिद्धारमैया और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की आज मुलाकात नहीं हो पाई.
अधिकारियों ने बताया कि इस विशेष विमान को तय शेड्यूल के मुताबिक, दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लैंड करना था, लेकिन दिल्ली में भारी बारिश और मौसम में आए बदलाव की वजह से विमान को जयपुर डायवर्ट कर दिया गया.
सिद्धारमैया के साथ विमान में कौन-कौन था सवार?
अधिकारियों ने कहा कि विशेष विमान में कांग्रेस पार्टी के कई नेता और मंत्री सवार थे, जिनमें कांग्रेस स्टेट इंचार्ज और AICC महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला, मंत्री केजे जॉर्ज और ब्यार्थी सुरेश, कानूनी सलाहकार एएस पोन्नान्ना, विधान परिषद सदस्य डॉ. यतींद्र सिद्धारमैया और AICC सचिव अभिषेक दत्त शामिल हैं.
यह भी पढे़ंः तेज हवा के झोंके के साथ राहत की बारिश, राजधानी दिल्ली-NCR में बदला मौसम का मिजाज
दिल्ली रवाना होने से पहले सिद्धारमैया ने की इस्तीफे की घोषणा
कांग्रेस हाईकमान से मिलने के लिए दिल्ली रवाना होने से पहले 77 वर्षीय कर्नाटक के निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने गुरुवार (28 मई, 2026) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन कर अपने इस्तीफे की घोषणा की. इस दौरान उन्होंने कहा कि उन्होंने लोक भवन में कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत की अनुपस्थिति के कारण उनके विशेष सचिव प्रभु शंकर को अपना इस्तीफा सौंप दिया है. मुझे उम्मीद है कि लोकतांत्रिक नियमों के अनुसार, राज्यपाल मेरा इस्तीफा जरूर स्वीकार करेंगे.&amp;nbsp;

पार्टी के निर्देश के बाद दिया पद से इस्तीफाः सिद्धारमैया
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया, &amp;lsquo;पार्टी हाईकमान ने मुझे दो दिन पहले इस्तीफा देने का निर्देश दिया था, इसलिए मैंने आज अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. मेरा सौभाग्य रहा कि मुझे दो बार कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में और दो बार विधानसभा के नेता विपक्ष के रूप में राज्य की जनता की सेवा करने का मौका मौका मिला. इसके लिए मैं सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के प्रति आभार व्यक्त करता हूं.&amp;rsquo;
यह भी पढे़ंः कर्नाटक: सिद्धारमैया का सीएम पद से इस्तीफा, राज्यसभा का पद ठुकराया, अब उनके लिए आगे क्या? ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 28 May 2026 23:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>सिद्धारमैया, और, राहुल, गांधी, की, मीटिंग, में, दिल्ली, का, मौसम, बना, अड़ंगा, फ्लाइट, हुई, डायवर्ट, अब, कल, होगी, मुलाकात</media:keywords>
    </item>
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        <title>आरोप भ्रामक और तथ्यहीन... बोर्ड परीक्षा के नतीजों में गड़बड़ी को लेकर राहुल गांधी के आरोपों पर CBSE ने क्या कहा?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/आरोप-भ्रामक-और-तथ्यहीन-बोर्ड-परीक्षा-के-नतीजों-में-गड़बड़ी-को-लेकर-राहुल-गांधी-के-आरोपों-पर-cbse-ने-क्या-कहा</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/आरोप-भ्रामक-और-तथ्यहीन-बोर्ड-परीक्षा-के-नतीजों-में-गड़बड़ी-को-लेकर-राहुल-गांधी-के-आरोपों-पर-cbse-ने-क्या-कहा</guid>
        <description><![CDATA[ लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार (27 मई, 2026) को सीबीएसई की बोर्ड परीक्षा के नतीजों में कथित बड़े पैमाने पर छेड़छाड़ के आरोपों की न्यायिक जांच और एसआईटी जांच की मांग की. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि इस मुद्दे पर अभी तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोई बयान क्यों नहीं दिया है?
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो पोस्ट शेयर कर बोर्ड की डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया में हैदराबाद स्थित एक कंपनी को चुनने को लेकर सरकार पर हमला बोला. उनके इस कदम से ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) विवाद खड़ा हो गया है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि CBSE ने कंपनी की बैकग्राउंड चेक नहीं की, नियमों को दरकिनार कर उसे ठेका दिया और कंपनी मैनेजमेंट और मोदी सरकार के बीच सांठगांठ होने का भी आरोप लगाया. हालांकि, CBSE ने नेता विपक्ष की तरफ से लगाए गए आरोपों को तुरंत खारिज कर दिया.
राहुल गांधी के आरोपों पर CBSE ने दी प्रतिक्रिया
सीबीएसई ने इस संबंध में बुधवार (27 मई, 2026) को एक बयान जारी कर कहा, &amp;lsquo;हैदराबाद की कंपनी कोएम्प्ट एडु टेक (Coempt Edu Teck) को ठेका दिए जाने से जुड़े सभी आरोपों को CBSE खारिज करता है. ये आरोप गलत, भ्रामक और तथ्यों पर आधारित नहीं हैं.&amp;rsquo;&amp;nbsp;

CBSE rejects the allegations regarding the award of contract to Coempt Edutech. It is erroneous, misleading and not based on facts.CBSE has followed the General Financial Rules protocols scrupulously in the awarding of the contract to the agency. CBSE floated the RFP for&amp;hellip;
&amp;mdash; CBSE HQ (@cbseindia29) May 27, 2026



बोर्ड ने कहा, &amp;lsquo;एजेंसी को ठेका देने की पूरी प्रक्रिया में सीबीएसई ने जनरल फाइनेंसियल रूल्स (General Financial Rules) का पूरी तरह पालन किया है. सीबीएसई ने साल 2026 की बोर्ड परीक्षाओं की डिजिटल मूल्यांकन के लिए 28 अगस्त, 2025 को सेंट्रल पब्लिक प्रोक्योरमेंट पोर्टल पर रिक्वेस्ट फॉर प्रोपोजल (Request for Proposal/RFP) जारी किया था और योग्य बोलीदाता को कॉन्ट्रैक्ट दिया गया.&amp;rsquo; CBSE ने यह बयान कांग्रेस नेता राहुल गांधी के X प्लेटफॉर्म पर शेयर किए गए वीडियो पोस्ट के जवाब में जारी किया.
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राहुल गांधी ने वीडियो पोस्ट में क्या-क्या लगाए आरोप?
लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, &amp;lsquo;CBSE परीक्षा परिणाम में भयंकर हेर-फेर हो गई, जिससे देश के लाखों बच्चे और उनके माता-पिता सदमे में हैं. और मोदी जी? हमेशा की तरह - न जवाब, न जिम्मेदारी, न शर्म. जिस कंपनी COEMPT को यह जिम्मेदारी मिली, वह पहले Globarena के नाम से तेलंगाना में 2019 में यही कारनामे कर चुकी है. नाम बदला - पर नीयत वही, फितरत वही. इतिहास सबको पता था, फिर भी ठेका दिया गया. ऐसी कंपनी के हाथ में 18.5 लाख बच्चों का भविष्य सौंप दिया गया और किसी को फर्क नहीं पड़ा. यह गलती नहीं - यह सोचा-समझा षड़यंत्र है.&amp;rsquo;
इसके साथ ही, उन्होंने पोस्ट में कुछ सवाल भी उठाए. जिसमें उन्होंने पूछा-

COEMPT को CBSE का ठेका क्यों और किसके कहने पर दिया गया?
कौन-कौन से नियम और प्रक्रिया दरकिनार करके इस कंपनी को ये ठेका दिया गया?
COEMPT पहले Globarena के नाम से विवादों में घिर चुकी है, ये CBSE को क्यों नहीं पता चला? बैकग्राउंड चेक्स क्यों नहीं किए गए?
COEMPT प्रबंधन और मोदी सरकार के बीच आखिर क्या संबंध हैं?&amp;nbsp;


घोटाले की हो स्वतंत्र न्यायिक जांचः राहुल गांधी
उन्होंने कहा, &amp;lsquo;हम मांग करते हैं कि इस पूरे घोटाले के असली दोषियों को सामने लाने के लिए स्वतंत्र न्यायिक जांच और SIT का गठन तत्काल किया जाए. सीबीएसई के Gen Z साथियों - आपकी मेहनत, आपका भविष्य, कोई चुरा नहीं पाएगा. हम इस साजिश की तह तक जाएंगे और इस भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ फेंकेंगे.&amp;rsquo;
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        <pubDate>Thu, 28 May 2026 11:30:15 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>आरोप, भ्रामक, और, तथ्यहीन..., बोर्ड, परीक्षा, के, नतीजों, में, गड़बड़ी, को, लेकर, राहुल, गांधी, के, आरोपों, पर, CBSE, ने, क्या, कहा</media:keywords>
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        <title>Hyderabad Congress: हैदराबाद में कांग्रेस समीक्षा बैठक के दौरान भिड़े दो नेता, गांधी भवन में मचा हंगामा</title>
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        <description><![CDATA[ हैदराबाद के गांधी भवन में उस समय तनाव फैल गया, जब कांग्रेस के दो नेताओं के बीच हुई तीखी बहस ने पार्टी की समीक्षा बैठक में खलल डाल दिया और वरिष्ठ नेताओं तथा कार्यकर्ताओं के सामने एक शर्मनाक स्थिति पैदा कर दी. बैठक के दौरान जो बात महज़ ज़ुबानी कहा-सुनी से शुरू हुई थी, वह जल्द ही हाथापाई में बदल गई, जिसके बाद कई पार्टी सदस्यों को बैठक हॉल के अंदर व्यवस्था बहाल करने की कोशिश में बीच-बचाव करना पड़ा. यह घटना एक निर्धारित ज़िला-स्तरीय समीक्षा सत्र के दौरान हुई, जिसमें मंत्री पोनम प्रभाकर और मंत्री मोहम्मद अज़हरुद्दीन सहित कांग्रेस के कई अहम नेता शामिल थे; साथ ही, अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों से आए पार्टी कार्यकर्ता भी वहाँ मौजूद थे.
बैठक में मौजूद लोगों के अनुसार, यह विवाद कथित तौर पर मंत्री नेताओं के पास बैठने की व्यवस्था को लेकर शुरू हुआ था, जिसके चलते फ़िरोज़ खान और कारवां निर्वाचन क्षेत्र के प्रभारी उस्मान अल-हज़री के बीच तीखी नोकझोंक हुई. प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि दोनों पक्षों के बीच ज़ोरदार बहस होने के कारण कुछ ही मिनटों में माहौल गरमा गया और स्थिति हाथापाई तक पहुँच गई. इस झड़प के दौरान, उस्मान ने कथित तौर पर फ़िरोज़ खान को धक्का दे दिया, जिससे उनका संतुलन बिगड़ गया और वे हॉल में जमा पार्टी कार्यकर्ताओं के सामने ज़मीन पर गिर पड़े. इस अचानक हुई हाथापाई से बैठक में मौजूद कई लोग हक्के-बक्के रह गए और पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई, क्योंकि दोनों पक्षों के समर्थक एक-दूसरे से भिड़ने की कोशिश करने लगे.

वरिष्ठ नेताओं ने स्थिति को शांत करने की कोशिश
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने स्थिति को शांत करने और दोनों गुटों को अलग करने के लिए तुरंत हस्तक्षेप किया, लेकिन बताया जाता है कि सामान्य स्थिति बहाल होने से पहले यह बहस कई मिनटों तक जारी रही. बैठक में मौजूद पार्टी कार्यकर्ताओं ने वहाँ के माहौल को बेहद तनावपूर्ण बताया; ज़ोरदार चीख-पुकार और अफरा-तफरी के कारण समीक्षा चर्चाओं में कुछ समय के लिए रुकावट भी आई. हालाँकि किसी के गंभीर रूप से घायल होने की कोई ख़बर नहीं है, लेकिन इस सार्वजनिक झड़प ने राज्य में होने वाली अहम राजनीतिक गतिविधियों से ठीक पहले, स्थानीय नेताओं के बीच बढ़ते गुटबाज़ी के मतभेदों और आंतरिक असंतोष को लेकर राजनीतिक गलियारों में एक नई बहस छेड़ दी है.
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कांग्रेस मुख्यालय के भीतर &amp;nbsp;झगड़ा
यह घटना इसलिए भी चर्चा का विषय बन गई है, क्योंकि यह कांग्रेस मुख्यालय के भीतर, एक आधिकारिक संगठनात्मक बैठक के दौरान हुई थी जिसका मुख्य उद्देश्य ज़िला-स्तरीय नेताओं के बीच आपसी तालमेल को मज़बूत करना था. राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं से पार्टी की सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है, विशेष रूप से ऐसे समय में जब पार्टी का नेतृत्व पूरे तेलंगाना में एकता और अनुशासन का संदेश देने की कोशिश कर रहा है. उम्मीद की जा रही है कि वरिष्ठ नेता इस मामले की आंतरिक समीक्षा करेंगे, ताकि भविष्य में होने वाले पार्टी कार्यक्रमों के दौरान इस तरह की झड़पों को रोका जा सके.
झड़प को बताया पारिवारिक मामला
फ़िरोज़ खान ने गांधी भवन में हुई झड़प को पारिवारिक मामला बताया कि गांधी भवन में हुई कहा-सुनी पर प्रतिक्रिया देते हुए, फ़िरोज़ खान ने इस घटना को मंत्री के पास बैठने की व्यवस्था को लेकर हुई एक छोटी-सी गलतफ़हमी बताया. उन्होंने कहा कि हर कोई मंत्री के बगल में बैठना चाहता था, और यह भी स्पष्ट किया कि उस्मान अल-हज़री उनके लिए बड़े भाई जैसे हैं.
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        <pubDate>Thu, 28 May 2026 11:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Hyderabad, Congress:, हैदराबाद, में, कांग्रेस, समीक्षा, बैठक, के, दौरान, भिड़े, दो, नेता, गांधी, भवन, में, मचा, हंगामा</media:keywords>
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        <title>सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने SC में जजों नियुक्ति के लिए भेजे 5 नाम, जानें लिस्ट में कौन&amp;कौन हैं शामिल?</title>
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        <description><![CDATA[ सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 22 और 27 मई 2026 को हुई बैठकों में सुप्रीम कोर्ट में जज नियुक्त करने के लिए पांच नामों की सिफारिश केंद्र सरकार को भेजी है. इन नामों में अलग-अलग हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस और सुप्रीम कोर्ट की एक वरिष्ठ वकील शामिल हैं. अब सरकार की मंजूरी के बाद इनकी नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी. कॉलेजियम ने पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस जस्टिस शील नागू का नाम सुप्रीम कोर्ट के लिए सुझाया है. इसके अलावा बॉम्बे हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस जस्टिस श्री चंद्रशेखर, मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस जस्टिस संजीव सचदेव और जम्मू-कश्मीर व लद्दाख हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस जस्टिस अरुण पल्ली के नाम भी भेजे गए हैं.
इन चार जजों के अलावा सुप्रीम Court की वरिष्ठ वकील वी मोहना को भी सुप्रीम कोर्ट की जज नियुक्त करने की सिफारिश की गई है. अगर सरकार इन नामों को मंजूरी देती है, तो ये सभी सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीश के रूप में पद संभालेंगे. सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम देश की न्यायपालिका में जजों की नियुक्ति और पदोन्नति से जुड़ा सबसे अहम पैनल माना जाता है. इसमें सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ जज शामिल होते हैं, जो अलग-अलग हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में नियुक्तियों पर फैसला लेते हैं.

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कॉलेजियम सिस्टम क्या होता है?
भारत में सुप्रीम कोर्ट के जजों की नियुक्ति कॉलेजियम सिस्टम के जरिए की जाती है. यह व्यवस्था सीधे संविधान में नहीं लिखी गई है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के कई अहम फैसलों के बाद यह प्रक्रिया लागू हुई. इसी सिस्टम के तहत सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में जजों की नियुक्ति और ट्रांसफर किया जाता है. कॉलेजियम सिस्टम में सुप्रीम कोर्ट के सबसे वरिष्ठ जज मिलकर फैसला लेते हैं कि किसे जज बनाया जाए. सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम में भारत के मुख्य न्यायाधीश यानी CJI और सुप्रीम कोर्ट के चार सबसे वरिष्ठ जज &amp;nbsp;शामिल होते हैं. फिलहाल भारत के मुख्य न्यायाधीश बी. आर. गवई हैं. सुप्रीम कोर्ट में जज नियुक्ति की प्रक्रिया कई चरणों में पूरी होती है. सबसे पहले हाई कोर्ट के वरिष्ठ जजों या अनुभवी वकीलों के नाम पर विचार किया जाता है. संबंधित हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस और वरिष्ठ जज भी कुछ नाम सुझाते हैं.
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        <pubDate>Thu, 28 May 2026 11:30:12 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>सुप्रीम, कोर्ट, कॉलेजियम, ने, में, जजों, नियुक्ति, के, लिए, भेजे, नाम, जानें, लिस्ट, में, कौन-कौन, हैं, शामिल</media:keywords>
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        <title>एअर इंडिया के विमान में फिर से तकनीकी खराबी, सैन फ्रांसिस्को जा रही फ्लाइट 8 घंटे बाद वापस लौटी दिल्ली</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/एअर-इंडिया-के-विमान-में-फिर-से-तकनीकी-खराबी-सैन-फ्रांसिस्को-जा-रही-फ्लाइट-8-घंटे-बाद-वापस-लौटी-दिल्ली</link>
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        <description><![CDATA[ दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को के लिए रवाना हुई एअर इंडिया की एक फ्लाइट AI173 बुधवार (27 मई, 2026) को तकनीकी खराबी के कारण बीच रास्ते से वापस लौट आई. ऑनलाइन फ्लाइट ट्रैकर्स के मुताबिक, विमान आठ घंटे से ज्यादा समय तक हवा में रही, इसके बाद वापस राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के एयरपोर्ट पर वापस लौट आई.
घटना को लेकर एअर इंडिया ने जारी किया आधिकारिक बयान
एयरलाइन ने एक बयान में कहा, &amp;lsquo;विमान सुरक्षित रूप से वापस दिल्ली एयरपोर्ट पर उतर गया है और एअर इंडिया के सुरक्षा मानकों के अनुरूप इसकी तकनीकी जांच की जाएगी.&amp;rsquo; बोइंग के इस 777-330 ER एयरक्राफ्ट में करीब 230 यात्री सवार थे, जिन्हें विमान के दिल्ली में वापस लैंडिंग के बाद सुरक्षित रूप से उतार लिया गया.
एअर इंडिया ने कहा, &amp;rsquo;दिल्ली से सैन फ्रांसिस्को जाने वाली फ्लाइट AI173 बुधवार (27 मई, 2026) को निर्धारित प्रक्रियाओं के तहत तकनीकी समस्याओं की वजह से दिल्ली लौट आई.&amp;rsquo; फ्लाइट ट्रैकर वेबसाइट फ्लाइटरडार24 के आंकड़ों के मुताबिक, सैन फ्रांसिस्को जा रही एअर इंडिया की फ्लाइट वापस दिल्ली की तरफ मुड़ने से पहले आठ घंटे से ज्यादा समय तक हवा में उड़ान भर चुकी थी.

यात्रियों की हुई असुविधा और परेशानी के लिए हमें खेद हैः एअर इंडिया&amp;nbsp;
एयरलाइन ने आगे कहा, &amp;lsquo;विमान को सुरक्षित रूप से दिल्ली में उतार लिया गया है और इसकी तकनीकी जांच की जाएगी. हमें यात्रियों को हुई असुविधा और परेशानी के लिए बहुत खेद है और उन्हें जल्द से जल्द उनके मंजिल तक पहुंचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है. इस बीच, हमारी ग्राउंड टीम यात्रियों को सभी जरूरी मददा दे रही है, जिसमें खाना, होटल में ठहरने की सुविधा या उनकी पसंद के अनुसार यात्रा में रिशेड्यूलिंग शामिल है.&amp;rsquo;&amp;nbsp;
पिछले हफ्ते भी एअर इंडिया की फ्लाइट से जुड़ी सामने आई थी घटना
पिछले हफ्ते भी बेंगलुरु से दिल्ली जा रही एअर इंडिया की एक फ्लाइट AI 2802 के इंजन में आग लगने के कारण इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पूरी तरह इमरजेंसी घोषित की गई थी. इंजन में आग की पुष्टि होने के बाद फ्लाइट को एयरपोर्ट के रनवे 29R पर लैंडिंग कराई गई और बाद में फ्लाइट को टो करके रनवे से हटाया गया. इस विमान में कुल 171 यात्री सवार थे, हालांकि, किसी भी यात्री को किसी तरह की चोट नहीं आई और सभी सुरक्षित उतर गए.
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        <pubDate>Thu, 28 May 2026 11:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>एअर, इंडिया, के, विमान, में, फिर, से, तकनीकी, खराबी, सैन, फ्रांसिस्को, जा, रही, फ्लाइट, घंटे, बाद, वापस, लौटी, दिल्ली</media:keywords>
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        <title>आसमान में थम गई सांसें! फ्यूल कम होते ही अकासा एयर फ्लाइट में मचा हड़कंप, ATC ने घोषित की फुल इमरजेंसी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/आसमान-में-थम-गई-सांसें-फ्यूल-कम-होते-ही-अकासा-एयर-फ्लाइट-में-मचा-हड़कंप-atc-ने-घोषित-की-फुल-इमरजेंसी</link>
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        <description><![CDATA[ Akasa Air Flight: बेंगलुरु से भुवनेश्वर जा रही अकासा एयर की फ्लाइट QP 1503 में उस समय हड़कंप मच गया, जब विमान में कम ईंधन बचने की स्थिति पैदा हो गई. हालात को देखते हुए एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) ने फुल इमरजेंसी घोषित कर दी. हालांकि बाद में विमान की सुरक्षित लैंडिंग करा ली गई और बड़ा हादसा टल गया.
अधिकारियों के अनुसार, अकासा एयर की यह फ्लाइट बोइंग 737 MAX 8 विमान (रजिस्ट्रेशन VT-YAJ) थी, जिसमें कुल 194 यात्री और क्रू मेंबर सवार थे.
पायलट ने जारी किया PAN PAN कॉल
जानकारी के मुताबिक, भुवनेश्वर में खराब मौसम के कारण विमान को रात करीब 8:40 बजे लखनऊ एयरपोर्ट की ओर डायवर्ट किया गया. इसी दौरान विमान में ईंधन का स्तर कम होने लगा. स्थिति गंभीर होने पर पायलट ने &amp;ldquo;PAN PAN&amp;rdquo; कॉल जारी किया और एटीसी से प्राथमिकता के आधार पर क्लियरेंस मांगी. पायलट ने अनुरोध किया कि विमान को एक ही प्रयास में लैंडिंग की अनुमति दी जाए, ताकि ईंधन की कमी के बीच सुरक्षित तरीके से विमान उतारा जा सके.
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ATC ने घोषित की फुल इमरजेंसी
पायलट की ओर से कम ईंधन की सूचना मिलने के बाद रात 9:02 बजे एटीसी ने फुल इमरजेंसी घोषित कर दी. इसके तुरंत बाद एयरपोर्ट पर सभी इमरजेंसी प्रोटोकॉल लागू कर दिए गए. रात 9:04 बजे रनवे के आसपास क्रैश फायर टेंडर और आपातकालीन टीमें तैनात कर दी गईं, ताकि किसी भी स्थिति से निपटा जा सके.
सुरक्षित उतरा विमान, टला बड़ा हादसा
अकासा एयर का विमान रात 9:21 बजे रनवे 09 पर सुरक्षित तरीके से लैंड कर गया. लैंडिंग के एक मिनट बाद पायलट ने एटीसी को जानकारी दी कि सभी ऑपरेशन सामान्य हैं और किसी अतिरिक्त सहायता की जरूरत नहीं है. इसके बाद विमान टैक्सी करते हुए बे-10 तक पहुंचा, जहां रात 9:29 बजे उसे पार्क किया गया. स्थिति सामान्य होने के बाद एटीसी ने रात 9:30 बजे फुल इमरजेंसी वापस ले ली.
एयरपोर्ट अधिकारियों ने बताया कि पूरी घटना के दौरान सभी सुरक्षा मानकों और इमरजेंसी प्रक्रियाओं का पालन किया गया. किसी प्रकार की दुर्घटना या नुकसान नहीं हुआ. विमान की लैंडिंग के बाद तीन यात्रियों ने लखनऊ में ही फ्लाइट छोड़ दी. वहीं विमान को बाद में रात में भुवनेश्वर के लिए रवाना किए जाने की तैयारी की गई.
&amp;nbsp;
 ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 28 May 2026 11:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>आसमान, में, थम, गई, सांसें, फ्यूल, कम, होते, ही, अकासा, एयर, फ्लाइट, में, मचा, हड़कंप, ATC, ने, घोषित, की, फुल, इमरजेंसी</media:keywords>
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        <title>&amp;apos;सिर्फ दस्तावेजों से नहीं चलेगा काम&amp;apos;, बॉर्डर पर बढ़ी भीड़, बंगाल में BJP सरकार के बाद खौफ में बाग्लादेशी&amp; ग्राउंड रिपोर्ट</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/सिर्फ-दस्तावेजों-से-नहीं-चलेगा-काम-बॉर्डर-पर-बढ़ी-भीड़-बंगाल-में-bjp-सरकार-के-बाद-खौफ-में-बाग्लादेशी-ग्राउंड-रिपोर्ट</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/सिर्फ-दस्तावेजों-से-नहीं-चलेगा-काम-बॉर्डर-पर-बढ़ी-भीड़-बंगाल-में-bjp-सरकार-के-बाद-खौफ-में-बाग्लादेशी-ग्राउंड-रिपोर्ट</guid>
        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल के दक्षिण दिनाजपुर जिले में भारत-बांग्लादेश सीमा पर स्थित हिली-हकीमपुर चेक पोस्ट पर इन दिनों डर और असमंजस का माहौल बना हुआ है. सीमा पार आने-जाने वाले लोगों की संख्या बढ़ रही है और कई परिवार खुद को पहचान और दस्तावेजों की समस्या में फंसा हुआ बता रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि राज्य में घुसपैठियों को लेकर बढ़ती राजनीतिक बहस और सख्त कार्रवाई की चर्चाओं के बाद कई बांग्लादेश मूल के लोग भारत छोड़कर वापस लौटने लगे हैं.
हकीमपुर चेक पोस्ट पर मौजूद हृदय मोल्ला नाम के युवक ने दावा किया कि उनका परिवार कई सालों से पश्चिम बंगाल में रह रहा था, लेकिन अब दस्तावेजों की कमी की वजह से उन्हें परेशानी झेलनी पड़ रही है. उन्होंने बताया कि पुलिस ने उनसे कहा है कि केवल मौजूदा दस्तावेज काफी नहीं हैं, बल्कि माता-पिता के 2002 से पहले के कागज भी दिखाने होंगे. हृदय ने कहा कि उनके माता-पिता दिहाड़ी मजदूर थे और ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं थे, इसलिए उस समय जरूरी दस्तावेज नहीं बन पाए. उन्होंने बताया कि उनके पास आधार कार्ड, पैन कार्ड, राशन कार्ड और स्कूल के प्रमाण पत्र मौजूद हैं, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि भारतीय नागरिकता साबित करने के लिए पुराने दस्तावेज जरूरी हैं.

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&amp;nbsp;बांग्लादेशी घुसपैठ के मुद्दे पर राजनीति तेज
हृदय मोल्ला ने कहा, &#039;हम यहीं पले-बढ़े, यहीं पढ़ाई की, लेकिन अब कहा जा रहा है कि नागरिकता साबित करने के लिए पुराने कागज दिखाओ.&#039; इसी बीच पश्चिम बंगाल में बांग्लादेशी घुसपैठ के मुद्दे पर राजनीति भी तेज हो गई है. नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने प्रशासनिक बैठक के बाद कहा कि जो लोग बांग्लादेशी हैं, उन्हें जल्द वापस लौट जाना चाहिए, नहीं तो सरकार कार्रवाई करेगी. शुभेंदु अधिकारी ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में कोर्ट भेजने की जरूरत नहीं है. उनके मुताबिक पुलिस सीधे ऐसे लोगों को बीएसएफ के हवाले करेगी. उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध घुसपैठ की वजह से राज्य के संसाधनों पर दबाव बढ़ रहा है और इसका नुकसान भारतीय नागरिकों को उठाना पड़ रहा है.
दस्तावेजों की जांच तेज हो गई है
सीमा क्षेत्र के कुछ लोगों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में दस्तावेजों की जांच तेज हो गई है. कई मजदूर परिवार, जो लंबे समय से भारत में रह रहे थे, अब दबाव या डर की वजह से सीमा पार लौट रहे हैं. हालांकि प्रशासन की तरफ से किसी बड़े अभियान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन सीमा चौकियों पर बढ़ती गतिविधियों और लोगों की चिंताओं ने इस मुद्दे को और गंभीर बना दिया है. फिलहाल हिली-हकीमपुर बॉर्डर पर सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि क्या कई सालों से भारत में रह रहे लोग सिर्फ दस्तावेजों की कमी के कारण अपनी पहचान और रहने की जगह खो देंगे.
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        <pubDate>Wed, 27 May 2026 19:30:14 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>सिर्फ, दस्तावेजों, से, नहीं, चलेगा, काम, बॉर्डर, पर, बढ़ी, भीड़, बंगाल, में, BJP, सरकार, के, बाद, खौफ, में, बाग्लादेशी-, ग्राउंड, रिपोर्ट</media:keywords>
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        <title>दहेज मामले में महिला की मौत पर SC ने तय की जवाबदेही&amp; चारदीवारी में क्या हुआ ससुरालवालों को देना होगा जवाब</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/दहेज-मामले-में-महिला-की-मौत-पर-sc-ने-तय-की-जवाबदेही-चारदीवारी-में-क्या-हुआ-ससुरालवालों-को-देना-होगा-जवाब</link>
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        <description><![CDATA[ दहेज के लिए पत्नी के साथ क्रूरता और हत्या के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बेहद अहम टिप्पणी की है. कोर्ट ने कहा कि अगर कोई अपराध घर की चारदीवारी में होता है, तो घर में रहने वालों पर यह स्पष्ट करने का दायित्व होगा कि पीड़ित की मृत्यु कैसे हुई. सोमवार (25 मई, 2026) को पत्नी की हत्या के मामले में पति की आजीवन कारावास की सजा बरकरार रखते हुए कोर्ट ने यह बात कही.
जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस के.वी. विश्वनाथन की बेंच ने अपनी पत्नी सोमा आचार्य के साथ क्रूरता करने और उसकी हत्या करने के मामले में गौर आचार्य नाम के व्यक्ति की दोषसिद्धि और आजीवन कारावास की सजा को बरकरार रखा. बेंच ने कहा कि महिला का पति पीड़िता के शरीर पर लगी चोटों का कोई तर्कसंगत स्पष्टीकरण देकर उसे समझाने में नाकाम रहा.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, &#039;यह सर्वविदित है कि अगर कोई अपराध घर की चारदीवारी में होता है, तो हालांकि मामले को साबित करने का प्रारंभिक भार अभियोजन पक्ष पर होगा, लेकिन पीड़ित की मृत्यु कैसे हुई, इसका ठोस स्पष्टीकरण देने की जिम्मेदारी घर में रहने वालों की भी होगी.&#039;
कोर्ट ने इस मामले को कई लोगों के लिए आंखें खोलने वाला बताया है. उन्होंने पूछा, &#039;क्या सोमा आचार्य की जान बचाई जा सकती थी? क्या सामाजिक बदनामी के डर से सोमा को भेड़ियों (ससुराल वालों) के हवाले कर दिया गया? ये सवाल काल्पनिक ही रहेंगे.&#039;
यह भी पढ़ें:- बांके बिहारी की संकरी गलियों पर SC ने यूपी सरकार को दे दिया खास निर्देश, पुजारियों से कहा- धार्मिक अुष्ठान करें पर भक्तों का शोषण...
दहेज के लिए पत्नी के साथ क्रूरता और हत्या के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बेहद अहम टिप्पणी की है. कोर्ट ने कहा कि अगर कोई अपराध घर की चारदीवारी में होता है, तो घर में रहने वालों पर यह स्पष्ट करने का दायित्व होगा कि पीड़ित की मृत्यु कैसे हुई. सोमवार (25 मई, 2026) को पत्नी की हत्या के मामले में पति की आजीवन कारावास की सजा बरकरार रखते हुए कोर्ट ने यह बात कही.
जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस के.वी. विश्वनाथन की बेंच ने अपनी पत्नी सोमा आचार्य के साथ क्रूरता करने और उसकी हत्या करने के मामले में गौर आचार्य नाम के व्यक्ति की दोषसिद्धि और आजीवन कारावास की सजा को बरकरार रखा. बेंच ने कहा कि महिला का पति पीड़िता के शरीर पर लगी चोटों का कोई तर्कसंगत स्पष्टीकरण देकर उसे समझाने में नाकाम रहा.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, &#039;यह सर्वविदित है कि अगर कोई अपराध घर की चारदीवारी में होता है, तो हालांकि मामले को साबित करने का प्रारंभिक भार अभियोजन पक्ष पर होगा, लेकिन पीड़ित की मृत्यु कैसे हुई, इसका ठोस स्पष्टीकरण देने की जिम्मेदारी घर में रहने वालों की भी होगी.&#039;
कोर्ट ने इस मामले को कई लोगों के लिए आंखें खोलने वाला बताया है. उन्होंने पूछा, &#039;क्या सोमा आचार्य की जान बचाई जा सकती थी? क्या सामाजिक बदनामी के डर से सोमा को भेड़ियों (ससुराल वालों) के हवाले कर दिया गया? ये सवाल काल्पनिक ही रहेंगे.&#039;
यह भी पढ़ें:- NRC जैसी प्रक्रिया है SIR, दलीलों पर SC की सख्त टिप्पणी- &#039;EC नहीं तय कर सकता नागरिकता, शक है तो...&#039;
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि शादी के कुछ ही दिनों बाद, सोमा को दहेज के लिए काफी प्रताड़ित किया गया और उसने बार-बार अपने माता-पिता से उसे बचाने की गुहार लगाई और यहां तक ​​कि वह अपने मायके भी आई और कुछ दिनों तक उनके साथ रही.
बेंच ने कहा कि जब भी सोमा ने यह मुद्दा उठाया, तो सिर्फ सुलह कराने और उसे ससुराल वापस भेजने की कोशिश की गई. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि गांव के लोग भी इसमें शामिल थे और सुलह के बाद उसे ससुराल भेजा गया. कोर्ट ने कहा, &#039;सोमा के प्रियजनों को विश्वास था कि किसी तरह स्थिति सुधर जाएगी. उनमें झूठी आशावादिता घर कर गई थी.&#039;
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, &#039;सोमा की अपने ससुराल में दुखद मौत हो जाने से उनकी उम्मीदें टूट गईं. उम्मीद है कि उसके जीवन की कहानी कई लोगों के लिए सबक साबित होगी.&#039; सबूतों की जांच करते हुए, बेंच ने कहा कि गौर आचार्य के मामले में निचली अदालत और हाईकोर्ट दोनों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि जब पीड़िता मृत पाई गई थी, तब वह उसके साथ घर में मौजूद था.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, &#039;चिकित्सकीय राय स्पष्ट रूप से मौत के बाद फंदे से लटकाने या हत्या की ओर इशारा करती है. आरोपी संख्या 1 का यह कर्तव्य था कि वह पीड़िता की मृत्यु का उचित और संभावित कारण बताता और साथ ही मृत्यु से पहले पीड़िता को लगी चोटों की व्याख्या भी करे.&#039;
बेंच ने कहा कि डॉक्टर के साक्ष्य और पोस्टमार्टम रिपोर्ट को निचली अदालतों ने हत्या के निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए सही ही स्वीकार किया है. कोर्ट ने कहा कि निचली अदालत ने आरोपी के पिता को बरी कर दिया, क्योंकि सबूतों में कुछ भी सामने नहीं आया और हाईकोर्ट ने गौर आचार्य की मां और भाई को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत अपराध से बरी कर दिया, क्योंकि वे एक ही परिसर में होने के बावजूद एक ही कमरे में नहीं रह रहे थे.
सुप्रीम कोर्ट ने गौर आचार्य की अपील खारिज करते हुए त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिया कि वह फरार पति का पता लगाने के लिए तुरंत एक टीम गठित करें और उसे तुरंत हिरासत में लें.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि शादी के कुछ ही दिनों बाद, सोमा को दहेज के लिए काफी प्रताड़ित किया गया और उसने बार-बार अपने माता-पिता से उसे बचाने की गुहार लगाई और यहां तक ​​कि वह अपने मायके भी आई और कुछ दिनों तक उनके साथ रही.
बेंच ने कहा कि जब भी सोमा ने यह मुद्दा उठाया, तो सिर्फ सुलह कराने और उसे ससुराल वापस भेजने की कोशिश की गई. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि गांव के लोग भी इसमें शामिल थे और सुलह के बाद उसे ससुराल भेजा गया. कोर्ट ने कहा, &#039;सोमा के प्रियजनों को विश्वास था कि किसी तरह स्थिति सुधर जाएगी. उनमें झूठी आशावादिता घर कर गई थी.&#039;
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, &#039;सोमा की अपने ससुराल में दुखद मौत हो जाने से उनकी उम्मीदें टूट गईं. उम्मीद है कि उसके जीव ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 27 May 2026 19:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>‘जो इजरायल को कबूलेगा, वो मारा जाएगा’, अब्राहम अकॉर्ड्स पर लश्कर आतंकी सैफुल्ला की मुनीर&amp;शहबाज को धमकी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/जो-इजरायल-को-कबूलेगा-वो-मारा-जाएगा-अब्राहम-अकॉर्ड्स-पर-लश्कर-आतंकी-सैफुल्ला-की-मुनीर-शहबाज-को-धमकी</link>
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        <description><![CDATA[ Lashkar Terrorist Threat on Abraham Accords: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पाकिस्तान समेत कई मुस्लिम देशों से अब्राहम अकॉर्ड्स पर हस्ताक्षर कर इज़राइल के साथ संबंध सामान्य करने की अपील के बाद पाकिस्तान में विवाद गहरा गया है. इसी बीच आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के डिप्टी चीफ सैफुल्लाह कसूरी ने बकरीद की नमाज़ के बाद खुले मंच से पाकिस्तान सरकार और सेना प्रमुख आसिम मुनीर को धमकी देते हुए कहा कि &amp;ldquo;जो भी इज़राइल को मान्यता देने की बात करेगा, उसे खत्म कर दिया जाएगा.&amp;rdquo;
सैफुल्लाह की मुनीर-शहबाज को धमकी
सैफुल्लाह कसूरी ने अपने भाषण में दावा किया कि कोई भी वैश्विक ताकत मुस्लिम देशों को इज़राइल को मान्यता देने के लिए मजबूर नहीं कर सकती. उसने पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच कथित रक्षा सहयोग का जिक्र करते हुए यह भी कहा कि पाकिस्तान की सैन्य क्षमता अब इज़राइल के करीब तक पहुंच चुकी है. अपने भाषण के दौरान उसने जिहाद और शहादत जैसे मुद्दों को उठाते हुए समर्थकों को उकसाने की भी कोशिश की.
अब्राहम अकॉर्ड्स के खिलाफ पाक रक्षा मंत्री
इससे पहले पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भी स्पष्ट किया था कि पाकिस्तान इज़राइल के साथ संबंध सामान्य करने के पक्ष में नहीं है. उन्होंने कहा कि जब तक 1967 की सीमाओं के आधार पर पूर्वी यरुशलम को राजधानी बनाकर एक स्वतंत्र फ़िलिस्तीनी राज्य की स्थापना नहीं होती, तब तक पाकिस्तान इज़राइल को मान्यता नहीं देगा. साथ ही उन्होंने इज़राइल पर अविश्वास जताते हुए उसके साथ किसी भी समझौते को देश की विचारधारा के खिलाफ बताया. ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 27 May 2026 19:30:11 +0530</pubDate>
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        <title>असम में UCC बिल पास होने के बाद CM हिमंत बिस्वा सरमा का पहला रिएक्शन, कहा&amp; हर धर्म के लोगों...</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/असम-में-ucc-बिल-पास-होने-के-बाद-cm-हिमंत-बिस्वा-सरमा-का-पहला-रिएक्शन-कहा-हर-धर्म-के-लोगों</link>
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        <description><![CDATA[ असम विधानसभा ने बुधवार (27 मई 2026) को समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पास किया. उत्तराखंड और गुजरात के बाद असम अब देश का तीसरा राज्य बन चुका है, जिसने इस कानून को अपनाया है. सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने इस बिल के पास होने के बाद एनडीए के विधायकों को धन्यवाद दिया है.
&#039;हर धर्म के लोगों को मिलेगा बराबरी का अधिकारी&#039;
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, &#039;आज असम विधानसभा में समान नागरिक संहिता बिल पास होने के साथ ही यहां रहने वाले हर धर्म के लोगों को नागरिक मामलों में कानून के सामने बराबरी का अधिकार मिल जाएगा. इस महत्वपूर्ण बिल का पूरा समर्थन करने के लिए मैं एनडीए के सभी विधायकों को दिल से धन्यवाद देता हूं.&#039;
उन्होंने कहा, &#039;असम ऐसे सुधारों के साथ आगे बढ़ना जारी रखेगा जो समाज को मजबूत करते हों, महिलाओं को न्याय दिलाते हों, परिवारों की सुरक्षा करते हों और समुदायों के बीच आपसी एकता को बढ़ावा देते हों. असम विधानसभा से यूसीसी बिल पास होना केवल एक कानूनी सुधार नहीं है, बल्कि यह एक अधिक न्यायपूर्ण और एकजुट भविष्य की ओर बढ़ाया गया कदम है. असम के इतिहास में यह एक ऐतिहासिक और बेहद महत्वपूर्ण क्षण है, क्योंकि हम समान नागरिक संहिता (UCC) को लागू करने वाले भारत के तीसरे राज्य बन गए हैं. इसके साथ ही हमने हमारे देश के संविधान निर्माताओं की इच्छा को भी पूरा किया है.&#039;

 यूसीसी लाने की आवश्यकता क्यों पड़ी: विपक्ष
असम विधानसभा में सोमवार को संसदीय कार्य मंत्री अतुल बोरा ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक पेश किया था. सत्ता पक्ष के विधायक और मंत्री यूसीसी को सभी वर्गों के लिए लाभदायक बता रहे हैं. वहीं, विपक्षी दलों के नेता इसका लगातार विरोध कर रहे हैं. कांग्रेस विधायक दल के नेता वाजेद अली चौधरी ने कहा, &amp;lsquo;समान नागरिक संहिता में जिन विषयों का उल्लेख किया गया है, वे पहले से ही अलग-अलग कानूनों के माध्यम से लागू हैं. बाल विवाह, बहुविवाह, विवाह और तलाक का पंजीकरण, गुजारा भत्ता और अन्य मुद्दे विभिन्न कानूनों द्वारा शासित हैं. फिर यूसीसी लाने की आवश्यकता क्यों पड़ी.&amp;rsquo;
ये भी पढ़ें : पूर्व सीएम पी. विजयन के घर ईडी रेड का विरोध, CPM वर्कर्स ने गाड़ियों पर किया हमला, देखें Video ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 27 May 2026 19:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>बहू को ससुराल में &amp;apos;एडजस्ट&amp;apos; करने की सलाह देना क्रूरता नहीं, आपसी रंजिश के लिए कानून का दुरुपयोग गलत : सुप्रीम कोर्ट</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/बहू-को-ससुराल-में-एडजस्ट-करने-की-सलाह-देना-क्रूरता-नहीं-आपसी-रंजिश-के-लिए-कानून-का-दुरुपयोग-गलत-सुप्रीम-कोर्ट</link>
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        <description><![CDATA[ वैवाहिक विवादों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है. कोर्ट ने कहा है कि अगर पति के रिश्तेदार महिला को शादी में तालमेल बैठाने या मायके लौट जाने के लिए कहते हैं, तो इसे आपराधिक क्रूरता नहीं माना जा सकता. ऐसा व्यवहार नैतिक रूप से गलत हो सकता है, लेकिन इसे आपराधिक कृत्य की श्रेणी में नहीं डाला जा सकता.
क्या है मामला?​जस्टिस संजय करोल और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की बेंच ने यह फैसला मध्य प्रदेश के एक मामले में दिया है. मामले की शिकायतकर्ता की शादी 2019 में हुई थी. पति से विवाद के बाद उसने पति के अलावा सास, ननद, जेठ और जेठानी पर भी दहेज उत्पीड़न, क्रूरता और घरेलू हिंसा का मामला दर्ज करवाया. ससुराल पक्ष के लोग मध्य प्रदेश हाई कोर्ट गए, लेकिन हाई कोर्ट ने केस रद्द करने से मना कर दिया.
सुप्रीम कोर्ट का आदेशअब सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद ससुराल पक्ष के खिलाफ चल रहे सभी आपराधिक मामलों को रद्द कर दिया है. कोर्ट ने कहा है कि कई बार वैवाहिक विवाद में रिश्तेदार &#039;मूकदर्शक&#039; बने रहते हैं या पति का पक्ष लेते हैं, लेकिन यह कोई अपराध नहीं है. परिवार के सदस्यों का शिकायतकर्ता को रिश्ते में एडजस्ट करने की सलाह देना अपने आप में अपराध नहीं है. मुकदमा तभी चलना चाहिए जब किसी अपराध में उनकी सक्रिय भागीदारी का आरोप हो.
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&#039;प्रताड़ना के आरोप में दम नहीं&#039;​जजों ने आदेश में इस बात को दर्ज किया है कि शादी के बाद महिला अपने पति के साथ श्योपुर में रहती थी, जबकि उसके ससुराल वाले शिवपुरी में रहते थे. ऐसे में ससुराल वालों की तरफ से लगातार प्रताड़ित किए जाने का आरोप मजबूत नहीं लगता. महिला की तरफ से लगाए गए आरोप काफी सामान्य, अस्पष्ट और बिना किसी ठोस सबूत के थे. कोर्ट ने यह भी कहा कि मामले के लंबित रहने के दौरान ही फैमिली कोर्ट में पति-पत्नी का तलाक हो चुका है. ऐसे में बिना किसी ठोस सबूत के ससुराल वालों पर आपराधिक केस चलाते रहना कानून का दुरुपयोग है.
​&#039;कानून को बदला लेने का हथियार न बनाएं&#039;​कोर्ट ने वैवाहिक विवादों में पूरे परिवार को घसीटने की प्रवृत्ति पर गहरी चिंता व्यक्त की. आदेश में कहा गया है, &#039;जब शादीशुदा रिश्ते बिगड़ते हैं, तो मन में कड़वाहट आ जाना सामान्य बात है, लेकिन इसके चलते जीवनसाथी के पूरे परिवार को आपराधिक मुकदमेबाजी में घसीट लेना गलत है. आपराधिक कानून को बदला लेने का माध्यम बनने की अनुमति नहीं दी जा सकती.&#039;
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        <pubDate>Wed, 27 May 2026 19:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>राज्यसभा सीट, दिल्ली में भूमिका… गुरुवार को हो सकता है सिद्दारमैया का इस्तीफा, कांग्रेस बोली&amp; कर्नाटक में छोड़ें DK शिवकुमार का रास्ता</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/राज्यसभा-सीट-दिल्ली-में-भूमिका-गुरुवार-को-हो-सकता-है-सिद्दारमैया-का-इस्तीफा-कांग्रेस-बोली-कर्नाटक-में-छोड़ें-dk-शिवकुमार-का-रास्ता</link>
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        <description><![CDATA[ Karnataka CM Post Tussle: कर्नाटक की राजनीति में इन दिनों मुख्यमंत्री पद को लेकर सस्पेंस बना हुआ है. मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को पद छोड़ने के बदले कांग्रेस नेतृत्व की ओर से राज्यसभा सीट और दिल्ली में बड़ी भूमिका का प्रस्ताव दिए जाने की चर्चा है. हालांकि, उन्होंने अभी इस प्रस्ताव पर सहमति नहीं दी है. लेकिन, सूत्रों के मुताबिक, सिद्धारमैया गुरुवार को सीएम पद से इस्तीफा दे सकते हैं. वे दिल्ली से बेंगलुरू के लिए मंगलवार की रात को निकल चुके हैं, जबकि डीके शिवकुमार भी बुधवार की दोपहर साढ़े बारह बजे बेंगलुरू के लिए रवाना हो जाएंगे.
सिद्धारमैया ने गुरुवार को ब्रेकफास्ट मीटिंग बुलाई है, जिसमें वे अपने इस्तीफे का ऐलान कर सकते हैं. इसके बाद, डीके शिवकुमार का अगले हफ्ते सीएम पद का शपथग्रहण हो सकता है.&amp;nbsp;
सिद्धारमैया को बड़ा ऑफर
यह ऑफर ऐसे समय पर सामने आया है जब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया के साथ लंबी बैठक कर नेतृत्व विवाद सुलझाने की कोशिश की. हालांकि, कांग्रेस ने आधिकारिक तौर पर इन अटकलों को खारिज किया है. पार्टी के वरिष्ठ नेता K. C. Venugopal ने साफ कहा कि बैठक में केवल राज्यसभा और विधान परिषद चुनावों पर चर्चा हुई और नेतृत्व परिवर्तन को लेकर जो भी खबरें चल रही हैं, वे महज कयास हैं.
इसी बीच, बैठक के बाद सिद्धारमैया ने अपने करीबी मंत्रियों के साथ अलग से चर्चा की, जिससे राजनीतिक हलकों में अटकलें और तेज हो गई हैं. गौरतलब है कि 2023 में कांग्रेस की जीत के बाद से ही सिद्धारमैया और शिवकुमार खेमों के बीच खींचतान की खबरें सामने आती रही हैं.
जल्द कर्नाटक में बड़ा बदलाव
कांग्रेस हाईकमान ने 2023 में कर्नाटक में सरकार बनने के बाद से कई बार हस्तक्षेप किया है, ताकि दोनों नेताओं के बीच तनाव को कम किया जा सके. डीके शिवकुमार खेमे के समर्थकों का लगातार दावा रहा है कि सरकार गठन के समय &amp;lsquo;रोटेशनल मुख्यमंत्री&amp;rsquo; के फार्मूले पर सहमति बनी थी. हालांकि, कांग्रेस हाईकमान ने इस तरह के किसी भी समझौते को कभी आधिकारिक रूप से स्वीकार नहीं किया है.
फिलहाल स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, लेकिन इतना जरूर है कि कर्नाटक में सत्ता संतुलन को लेकर अंदरखाने बातचीत जारी है और आने वाले दिनों में बड़ा फैसला सामने आ सकता है.&amp;nbsp;
ये भी पढ़ें: सिद्दारमैया से कांग्रेस आलाकमान ने सीएम पद छोड़ने को कहा, क्या डीके शिवकुमार को मिलेगी कमान? ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 27 May 2026 03:30:13 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>राज्यसभा, सीट, दिल्ली, में, भूमिका…, गुरुवार, को, हो, सकता, है, सिद्दारमैया, का, इस्तीफा, कांग्रेस, बोली-, कर्नाटक, में, छोड़ें, शिवकुमार, का, रास्ता</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>डेमोग्राफिक बदलाव से एक्शन में सरकार, हाई लेवल कमेटी के पीछे 1951&amp;2011 तक सिमटी हिंदुओं की आबादी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/डेमोग्राफिक-बदलाव-से-एक्शन-में-सरकार-हाई-लेवल-कमेटी-के-पीछे-1951-2011-तक-सिमटी-हिंदुओं-की-आबादी</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/डेमोग्राफिक-बदलाव-से-एक्शन-में-सरकार-हाई-लेवल-कमेटी-के-पीछे-1951-2011-तक-सिमटी-हिंदुओं-की-आबादी</guid>
        <description><![CDATA[ डेमोग्राफिक चेंज पर केंद्र सरकार ने हाई लेवल कमेटी का गठन किया है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार (26 मई 2026) को इसकी घोषणा की. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म &#039;एक्स&#039; पर पोस्ट कर कहा कि घुसपैठ और अन्य कारणों से Unnatural Demographic Change किसी भी राष्ट्र के वर्तमान व भविष्य के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती है. इसी चुनौती से निपटने के लिए 15 अगस्त 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डेमोग्राफिक चेंज पर &#039;हाई लेवल कमेटी&#039; बनाने की घोषणा की थी.&amp;nbsp;
गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, &#039;मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि सरकार ने इस कमेटी का गठन कर लिया है. जस्टिस प्रकाश प्रभाकर नावलेकर (सेवानिवृत्त) की अध्यक्षता में बनी इस कमेटी में जनगणना आयुक्त के साथ दुर्गा शंकर मिश्रा (रिटायर्ड आईएएस), बालाजी श्रीवास्तव (रिटायर्ड आईपीएस) और डॉ. शमिका रवि समिति के सदस्य होंगे. संयुक्त सचिव (फॉरेनर्स-I), गृह मंत्रालय, इस समिति के सदस्य सचिव होंगे.&#039;
डेमोग्राफिक चेंज राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा: अमित शाह
उन्होंने कहा, &#039;डेमोग्राफिक चेंज हमारी संप्रभुता के साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा, कानून व्यवस्था, सामाजिक संरचना में गंभीर बदलाव और जनजातीय समाज के संरक्षण से जुड़ी एक गंभीर समस्या है. यह कमेटी अवैध प्रवास और अन्य असामान्य कारणों से पूरे भारत में हो रहे डेमोग्राफिक चेंज का व्यापक मूल्यांकन करेगी और धार्मिक एवं सामाजिक समुदायों के स्तर पर असामान्य जनसंख्या परिवर्तनों के पैटर्न का विश्लेषण करेगी. इसका सुनियोजित और समयबद्ध समाधान प्रस्तुत करेगी.&amp;nbsp;
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में डेमोग्राफिक चेंज और घुसपैठ बड़ा मुद्दा था. इस मुद्दे को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने तत्कालीन ममता बनर्जी सरकार का घेराव किया था. इसी आधार पर बीजेपी ने विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को मात दी और पूर्ण बहुमत से सत्ता हासिल की. ऐसे में अब केंद्र सरकार द्वारा डेमोग्राफिक चेंज पर हाई लेवल कमेटी गठित करना अहम माना जा रहा है.&amp;nbsp;
यह उच्चस्तरीय समिति अवैध अप्रवास (Immigration) और अन्य असामान्य कारणों से देश के विभिन्न हिस्सों में होने वाले जनसांख्यिकीय परिवर्तनों का वैज्ञानिक रूप से आकलन करेगी. उनके कारणों का विश्लेषण करेगी और उचित नीति, विधायी और प्रशासनिक उपायों की सिफारिश करेगी. समिति की प्रस्तावित संरचना और कार्यक्षेत्र (terms of Reference) इस प्रकार हैं-
1. अवैध आप्रवास सहित जनसांख्यिकीय परिवर्तनों से उत्पन्न चुनौतियों पर व्यापक विचार करना.
2. ऐसे जनसांख्यिकीय परिवर्तनों के संभावित कारणों का अध्ययन करना, जैसे सीमा पार गतिविधियां (अवैध आप्रवास सहित), आर्थिक अवसर और अन्य सामाजिक-पर्यावरणीय कारक.
3. इन परिवर्तनों के पीछे अन्तर्निहित कारकों की पहचान करना, जिसमें अवैध आप्रवास, असामान्य बसावट पैटर्न और नियोजित प्रवास शामिल हैं.
4. धार्मिक या सामाजिक समुदायों के स्तर पर संरचनात्मक जनसंख्या परिवर्तनों का विश्लेषण करना, विशेष रूप से समान रुझानों से अलग होने पर.
5. देश में पहले से ही रहने वाले अवैध आप्रवासियों की कानूनी, निष्पक्ष और समयबद्ध पहचान, हिरासत और निर्वासन के लिए एक सुव्यवस्थित और स्थायी परिचालन प्रणाली की सिफारिश करना.
6. ऐसे रुझानों की निरंतर निगरानी के लिए सीमा प्रबंधन, जनसंख्या स्थिरीकरण और पहचान प्रणालियों को मजबूत करने के लिए एक उपयुक्त संस्थागत तंत्र की सिफारिश करना.
7. अवैध आप्रवास और परिणामी जनसांख्यिकीय असंतुलन से संबंधित मामलों में केंद्र और राज्य सरकारों के बीच समन्वय बढ़ाने के लिए एक व्यापक नीतिगत ढांचा प्रस्तावित करना.
8. समिति जनसांख्यिकीय परिवर्तनों से उत्पन्न चुनौतियों, जिनमें अवैध आप्रवास भी शामिल है, से निपटने के लिए किसी अन्य उपाय, जिसे वह उचित समझे, की सिफारिश कर सकती है.
पीएम मोदी ने 15 अगस्त 2025 कहा था कि भारत अवैध घुसपैठ से निपटने के लिए जनसांख्यिकीय मिशन शुरू करेगा. उन्होंने लोगों को अवैध घुसपैठ के माध्यम से देश की जनसांख्यिकी को बदलने की सोची-समझी साजिश के बारे में चेतावनी दी और कहा कि कोई भी राष्ट्र घुसपैठियों को बर्दाश्त नहीं कर सकता, क्योंकि उन्होंने इस समस्या से निपटने के लिए एक उच्च स्तरीय जनसांख्यिकीय मिशन की घोषणा की.
भारत में धर्म के अनुसार जनसंख्या का प्रतिशत



Religion
Increased/Decreased since 1951
2011
2001
1991
1981
1971
1961
1951


हिंदू
-4.30%
79.80%
80.50%
81.50%
82.30%
82.70%
83.50%
84.10%


मुस्लिम
4.40%
14.20%
13.40%
12.60%
11.80%
11.20%
10.70%
9.80%



Source: Census of India and TISS
1951 से 2011 तक की जनगणना में जो सभी धर्मों की जनसंख्या वृद्धि में असमानता दिखती है, उसका प्रमुख कारण घुसपैठ है. इस देश में 1951, 1971, 1991 और 2011 में जनगणना हुई, जिनमें शुरू से ही धर्म पूछने की परंपरा रही है. 1951 की जनगणना में हिंदू आबादी 84 प्रतिशत थी, जबकि मुस्लिम आबादी 9.8 प्रतिशत थी. 1971 में हिंदू आबादी 82 प्रतिशत और मुस्लिम आबादी 11 प्रतिशत हो गई. 1991 में हिंदू आबादी 81 प्रतिशत और मुस्लिम आबादी 12.2 प्रतिशत हो गई.
वहीं, 2011 में हिंदू आबादी 79 प्रतिशत और मुस्लिम आबादी 14.2 प्रतिशत हो गई. मुस्लिम आबादी में 24.6 प्रतिशत की दर से वृद्धि हुई है, जबकि हिंदू आबादी में 4.5 प्रतिशत की कमी आई है. मोदी सरकार की घुसपैठ विरोधी 3D नीति- पहचान (Detect), मतदाता सूची से हटवाना (Delete), उन्हें वापस भेजना (Deport) है.
भारत में मुस्लिम समुदाय की आबादी हिंदू आबादी की तुलना में अधिक तेजी से बढ़ रही है. साल 2010 में 14.4% से बढ़कर 2050 में 18.4% होने का अनुमान है.
महाराष्ट्र में धर्म के अनुसार जनसंख्या का प्रतिशत



Religion
Increased/Decreased since 1951
2011
2001
1991
1981
1971
1961
1951


हिंदू
-9.67%
79.83%
8 ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 27 May 2026 03:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>डेमोग्राफिक, बदलाव, से, एक्शन, में, सरकार, हाई, लेवल, कमेटी, के, पीछे, 1951-2011, तक, सिमटी, हिंदुओं, की, आबादी</media:keywords>
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        <title>कर्नाटक में कई डिप्टी सीएम की हो सकती डीके शिवकुमार सरकार, सिद्धारमैया खेमे को क्या मिलेगा?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/कर्नाटक-में-कई-डिप्टी-सीएम-की-हो-सकती-डीके-शिवकुमार-सरकार-सिद्धारमैया-खेमे-को-क्या-मिलेगा</link>
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        <description><![CDATA[ Siddaramiah May resign from CM Post: कर्नाटक में सियासी नाटक जारी है. कांग्रेस सरकार से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है. यहां सरकार में फेरबदल को लेकर सूत्रों ने अहम जानकारी दी है. सूत्रों की मानें तो अगर बदलाव योजना के मुताबिक रहा तो करीब एक हफ्ते में नई सरकार बन जाएगी.
सूत्रों की मानें तो CM सिद्धारमैया गुरुवार सुबह तक इस्तीफा दे सकते हैं. ऐसी संभावना है. उन्होंने गुरुवार सुबह नाश्ते पर एक बैठक बुलाई है. इसमें वह अपने पद से हटने की घोषणा कर सकते हैं. उसके बाद राज्यपाल के पास जाकर अपना इस्तीफा सौंपेंगे. अगले हफ्ते तक डीके के शपथ लेने की संभावना है.
फिलहाल मुख्यमंत्री पद को लेकर सस्पेंस बना हुआ है. माना जा रहा है कि सिद्धारमैया को पद छोड़ने के बदले कांग्रेस नेतृत्व की ओर से राज्यसभा सीट और दिल्ली में अहम भूमिका पार्टी की तरफ से सौंपी जा सकती है. इसकी चर्चाएं राजनीतिक गलियारों में भी है. कहा जा रहा है कि पार्टी के इस प्रस्ताव पर उन्होंने किसी तरह की सहमति नहीं दी है.&amp;nbsp;
कर्नाटक में बनने वाली नई सरकार में कई उपमुख्यमंत्री बनाने का फॉर्मूला भी अपनाया जा सकता है. सिद्धारमैया के कई करीबी सहयोगियों को उपमुख्यमंत्री पद और अहम मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है.&amp;nbsp;

केसी वेणुगोपाल ने फेरबदल की अटकलों को किया था खारिज
इससे पहले कांग्रेस की दिल्ली में चली आलाकमान की बैठक में मुख्यमंत्री के पद में बदलाव की अटकलों को केसी वेणुगोपाल ने खारिज कर दिया था. उन्होंने बताया था कि मीटिंग में पार्षद चुनाव और राज्यसभा चुनाव को लेकर बातचीत हुई थी. वहीं, दिल्ली में हुई बैठक के बाद खुद मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपने करीबी मंत्रियों के साथ इस संबंध में अलग से चर्चा की है. यह वजह भी है कि उनके सीएम पद को छोड़ने की अटकलें तेज हो गई हैं. माना जा रहा है कि अंदरखाने इस बात की चर्चा है कि सिद्धारमैया कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद पर न रहें. उनकी जगह पार्टी दूसरे को मुख्यमंत्री बनाना चाहती है.&amp;nbsp;
राज्यसभा सीट, दिल्ली में भूमिका&amp;hellip; जल्द सिद्दारमैया का इस्तीफा, कांग्रेस बोली- कर्नाटक में छोड़ें डीके शिवकुमार का रास्ता
डीके शिवकुमार के नाम पर चर्चा तेजसमाचार एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि कुछ नेताओं ने सिद्धरमैया को राज्यसभा भेजकर डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाने का सुझाव दिया था. इसे लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. सिद्धरमैया ने दोहराया है कि वे अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगे.&amp;nbsp;
डीके शिवकुमार बोले- पार्टी नेतृत्व के फैसले का पालन करेंगेदूसरी ओर शिवकुमार ने कहा है कि वे पार्टी नेतृत्व के फैसले का पालन करेंगे. 20 मई को कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के तीन साल पूरे होने के बाद से ही नेतृत्व परिवर्तन और मंत्रिमंडल में फेरबदल की चर्चाएं तेज हो गई थीं. हालांकि, पार्टी ने फिलहाल इन सभी अटकलों को खारिज कर दिया है.
आगरा में जिप लाइन हादसे में 16 साल के किशोर की मौत, 45 फीट ऊपर से गिरा; दो आरोपी गिरफ्तार ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 27 May 2026 03:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>कर्नाटक, में, कई, डिप्टी, सीएम, की, हो, सकती, डीके, शिवकुमार, सरकार, सिद्धारमैया, खेमे, को, क्या, मिलेगा</media:keywords>
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        <title>BJP सरकार के दो साल पूरे होने पर मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें, CM माझी ने की पीएम और राष्ट्रीय अध्यक्ष से मुलाकात</title>
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        <description><![CDATA[ ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की दिल्ली में सोमवार को पीएम मोदी और मंगलवार को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ हुई बैठकों के बाद कई तरह की सियासी अटकलें लगाई जा रही है. ऐसे में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें तेज हो गई हैं.&amp;nbsp;
ओडिशा में सरकार की दूसरी वर्षगांठ के मौके पर मंत्रिमंडल में छह खाली पदों को भरने की अटकलों को उस समय बल मिला, जब सीनियर मंत्री सुरेश पुजारी और पृथ्वीराज हरिचंदन ने संकेत दिया कि मंत्रिमंडल में खाली पद को भरने और निगम अथवा बोर्ड में राजनीतिक नियुक्तियां की प्रक्रिया अंदरखाने चल रही है.&amp;nbsp;
इससे पहले 12 जून 2024 को दो उपमुख्यमंत्रियों समेत 15 अन्य मंत्रियों के साथ सीएम पद की शपथ ली थी. तब से छह पद खाली पड़े हैं. नियम की मानें तो राज्य में मुख्यमंत्री सहित मंत्रियों की कुल संख्या राज्य के विधायकों की कुल संख्या के 15 प्रतिशत के भीतर होनी चाहिए. ओडिशा में विधायकों की संख्या 147 है. मुख्यमंत्री सहित मंत्रियों की संख्या 22 के भीतर होनी चाहिए.
कर्नाटक में नहीं बदला जाएगा सीएम, कांग्रेस ने सभी अकटलों को किया खारिज, बैठक की इनसाइड स्टोरी
मंत्रिमंडल में 6 और सदस्यों को किया जा सकता है शामिल
माझी अपनी मंत्रिमंडल में छह और सदस्यों को शामिल कर सकते हैं. &amp;nbsp;माझी 12 जून को सरकार के दो साल पूरे होने के उपलक्ष्य में अपने मंत्रिमंडल का विस्तार कर सकते हैं. राजस्व मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि यह विस्तार किसी भी क्षण हो सकता है. निगमों और बोर्ड में नियुक्तियों की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है.&amp;nbsp;

पार्टी और सरकार ने चयन प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी है. इसे बहुत जल्द पूरा कर लिया जाएगा. वहीं, हरिचंदन ने मंत्रिमंडल विस्तार की संभावना को खारिज न करते हुए कहा कि मंत्रालय का विस्तार या फेरबदल मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है. यदि वह खाली पदों को ध्यान में रखते हुए ऐसा &amp;nbsp;करना चाहते हैं, तो मुख्यमंत्री किसी भी समय कर सकते हैं. इसका सरकार की दूसरी वर्षगांठ से कोई लेना-देना नहीं है. वहीं माझी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष की मुलाकात के बाद कहा है कि नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन जी से मुलाकात की. हमने संगठनात्मक मामलों और ओडिशा के समग्र विकास पर चर्चा की.
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        <pubDate>Wed, 27 May 2026 03:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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    <item>
        <title>9वीं क्लास के छात्रों के लिए तीसरी भाषा को अनिवार्य..CBSE के फैसले पर तमिलनाडु के BJP नेता ने किया विरोध</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/9वीं-क्लास-के-छात्रों-के-लिए-तीसरी-भाषा-को-अनिवार्यcbse-के-फैसले-पर-तमिलनाडु-के-bjp-नेता-ने-किया-विरोध</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/9वीं-क्लास-के-छात्रों-के-लिए-तीसरी-भाषा-को-अनिवार्यcbse-के-फैसले-पर-तमिलनाडु-के-bjp-नेता-ने-किया-विरोध</guid>
        <description><![CDATA[ तमिलनाडु बीजेपी नेता के. अन्नामलाई ने मंगलवार को सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन यानी CBSE के हालिया नोटिफिकेशन की आलोचना की है. इस नोटिफिकेशन में सीबीएसई स्कूलों में 9वीं क्लास के छात्रों के लिए तीसरी भाषा को अनिवार्य कर दिया गया है.&amp;nbsp;
अन्नामलाई ने कहा है कि इस कदम से छात्रों पर पढ़ाई का बेवजह बोझ पड़ेगा. साथ ही उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय से इस नोटिफिकेशन को वापस लेने की अपील की है. तमिलनाडु में इस नोटिफिकेशन की आलोचना हो रही है. इसे हिंदी थोपने की कथित कोशिश भर माना जा रहा है.
अन्नामलाई का मानना है कि तीसरी भाषा से मेंटल प्रेशर पड़ेगा
इस पूरे मामले अन्नामलाई का मानना है कि बीच शैक्षणिक सत्र में नौवीं कक्षा के छात्रों को तीसरी भाषा को बोझ डालना ठीक नहीं है. इससे उनपर मेंटल प्रेशर पड़ेगा. उनका शैक्षणिक प्रदर्शन बिगड़ सकता है. अगर छात्रों ने 6वीं कक्षा में अपनी मनपसंद भाषा का चयन कर लिया तो ऐसे में 9वीं में बदलाव करना मुश्किल में डाल सकता है.&amp;nbsp;

अन्नामलाई ने पिछली नीति की वकालत करते हुए कहा है कि नौवीं कक्षा में तीन भाषा नियम का विरोध किया है.लेकिन अप्रैल में सीबीएसई की तरफ से लागू कक्षा 6 से तीन भाषाओं को अनिवार्य करने की घोषणा का समर्थन किया था.
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क्या है सीबीएसई का फैसला ?
इससे पहले एक जुलाई 2026 से 9वीं क्लास के लिए तीन भाषाओं जिनमें (R1 R2 R3)की पढ़ाई अनिवार्य होगी. इनमें से कम से कम दो भाषाएं भारतीय मूल की होनी चाहिए. जो छात्र कोई विदेशी भाषा को पढ़ना चाहते हैं, वे ऐसा तीसरी भाषा के तौर पर तभी कर सकते हैं. जबकि उनकी बाकी दो भाषाएं भारतीय मूल की हों या फिर वे इसे चौथी अतिरिक्त भाषा के तौर पर पढ़ रहे हों. &amp;nbsp;इस पूरी योजना की विस्तृत जानकारी www.cbseacademic.nic.in पर उपलब्ध है.
जम्मू-कश्मीर पर बयान देने वाले चीन-पाकिस्तान को भारत की लताड़, CPEC पर दिखाया आईना ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 27 May 2026 03:30:07 +0530</pubDate>
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        <title>होर्मुज खोलने पर QUAD में हुई बात, विदेश मंत्रियों की मीटिंग से निकला ईरान को टेंशन देने वाला मैसेज</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/होर्मुज-खोलने-पर-quad-में-हुई-बात-विदेश-मंत्रियों-की-मीटिंग-से-निकला-ईरान-को-टेंशन-देने-वाला-मैसेज</link>
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        <description><![CDATA[ दिल्ली में हुई QUAD की बैठक में होर्मुज का मुद्दा छाया रहा. इस संगठन में शामिल देशों के विदेश मंत्रियों ने होर्मुज स्ट्रेट को जल्दी से जल्दी खोलने पर चर्चा की. QUAD की इस मीटिंग से ईरान को टेंशन देने वाला मैसेज निकला है. दरअसल इस मीटिंग में होर्मुज को खोलने और बिना रुकावट के जहाजों के गुजरने पर बात हुई.
बैठक के बाद साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में एस जयशंकर ने कहा कि आज हमारे सामने कई चुनौतियां हैं. ग्लोबल स्तर पर सप्लाई चेन प्रभावित है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ हमारा जीरो टॉलरेंस है.

दुनिया के वर्तमान हालात पर हुई QUAD में चर्चा
क्वाड के विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद साझा प्रेस रिलीज भी जारी की गई. जिसमें कहा गया, &#039;क्वाड के विदेश मंत्रियों की एक जरूरी बैठक हुई है. इस मीटिंग में ज्यादातर चर्चाएं दुनिया के ताजा हालात पर केंद्रित रहीं. क्वाड होने के नाते हमने इंडो पैसिफिक क्षेत्र के मुद्दों पर फोकस किया. चूंकि हम इंडो पैसिफिक क्षेत्र के अलग-अलग किनारों पर स्थित चार समुद्री लोकतांत्रिक देश हैं, इसलिए विचारों का आदान-प्रदान महत्वपूर्ण रहा.&#039;
ये भी पढ़ें-&amp;nbsp;&#039;इतिहास की समझ होती तो...&#039;, मार्को रुबियो ने ताजमहल में खिंचवाई फोटो तो ईरान ने उड़ाया मजाक, ट्रंप का भी किया जिक्र
समुद्री क्षेत्र में सहयोग का विस्तार: QUAD
इसमें कहा गया, &#039;समुद्री क्षेत्र में सहयोग का लगातार विस्तार हुआ है, जिसमें निगरानी और क्षेत्र जागरूकता, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क, पनडुब्बी केबल, ट्रेनिंग, क्षमता निर्माण और आपदा जोखिम न्यूनीकरण (HADR) गतिविधियां शामिल हैं. हम आने वाले समय में इन क्षेत्रों को और अधिक मजबूत करेंगे.&#039;&amp;nbsp;
ग्लोबल सप्लाई चेन पर चारों विदेश मंत्रियों में बनी सहमति: QUAD
QUAD के विदेश मंत्रियों ने कहा, &#039;हमने सुरक्षित और बिना रुकावट के समुद्री व्यापार के मुद्दे पर बात की और अंतरराष्ट्रीय कानून का कड़ाई से पालन करने के महत्व को दोहराया. हमारे चारों राष्ट्र बाजार अर्थव्यवस्थाएं हैं. हमारा दृढ़ विश्वास है कि आर्थिक लचीलेपन को बढ़ावा दिया जाना चाहिए. सप्लाई चेन को मजबूत किया जाना चाहिए, विश्वसनीय और सुरक्षित इंजीनियरिंग का प्रसार किया जाना चाहिए, प्रोडक्शन क्षमताओं को बढ़ाया जाना चाहिए. हमारी चर्चाओं में आज के दौर में एनर्जी सेक्टर और खाद की उपलब्धता पर भी बात हुई.&#039;
ये भी पढ़ें- गुड न्यूज कभी भी आ सकती है! ईरान संग डील पर मार्को रुबियो का यू-टर्न, अब बोले- &#039;अभी कुछ भी....&#039;&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 26 May 2026 15:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>होर्मुज, खोलने, पर, QUAD, में, हुई, बात, विदेश, मंत्रियों, की, मीटिंग, से, निकला, ईरान, को, टेंशन, देने, वाला, मैसेज</media:keywords>
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        <title>देबाशीष सामंतराय के BJP में जाने पर भड़की BJD, नवीन पटनायक के करीबी बोले&amp; &amp;apos;भविष्य में उन्हें...&amp;apos;</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/देबाशीष-सामंतराय-के-bjp-में-जाने-पर-भड़की-bjd-नवीन-पटनायक-के-करीबी-बोले-भविष्य-में-उन्हें</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/देबाशीष-सामंतराय-के-bjp-में-जाने-पर-भड़की-bjd-नवीन-पटनायक-के-करीबी-बोले-भविष्य-में-उन्हें</guid>
        <description><![CDATA[ बीजेडी के राज्यसभा सांसद देबाशीष सामंतराय ने सोमवार (25 मई) को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने पार्टी में खुद को अपमानित और नीचा दिखाए जाने की बात कही. एकसमय उनकी गिनती नवीन पटनायक के करीबी नेताओं में की जाती थी.
क्या बोले मोहंती?
बीजेडी नेता मोहंती ने न्यूज एजेंसी IANS से बातचीत के दौरान इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, &#039;यह दावा हैरान करने वाला है, क्योंकि पार्टी ने उन्हें लगातार पांच बार चुनाव लड़ने का मौका दिया.&#039;
उन्होंने कहा कि देबाशीष सामंतराय ने बीजेडी के टिकट पर तीन विधानसभा चुनाव जीते और दो चुनाव हारे, लेकिन इसके बावजूद पार्टी और नवीन पटनायक ने उन पर भरोसा बनाए रखा. बाद में उन्हें राज्यसभा भेजा गया और संगठन में कई अहम जिम्मेदारियां भी सौंपी गईं.
बिना नाम लिए साधा निशाना
बीजेडी प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि हाल के वर्षों में देश में एक राजनीतिक प्रवृत्ति देखने को मिली है, जिसमें कुछ नेता किसी पार्टी के समर्थन से राज्यसभा पहुंचने के बाद दूसरी पार्टियों में शामिल हो जाते हैं. उन्होंने बिना सीधे नाम लिए कहा कि कई नेता बाद में भाजपा का दामन थाम लेते हैं.
मोहंती ने कहा कि देबाशीष सामंतराय के इस्तीफे के पीछे निजी हित, कारोबारी वजह और कुछ समूहों का दबाव हो सकता है. उन्होंने कहा, &#039;जिस पार्टी ने उन्हें पहचान दी, राजनीतिक आधार दिया और आगे बढ़ाया, उसी पार्टी को छोड़ना दुर्भाग्यपूर्ण है. हालांकि, इससे बीजेडी को कोई बड़ा नुकसान नहीं होगा, लेकिन भविष्य में उन्हें अपने फैसले पर पछताना पड़ सकता है.&#039;
देबाशीष बीजेपी में होंगे शामिल
बीजेडी से इस्तीफा देने वाले राज्यसभा सांसद देबाशीष सामंतराय आज (मंगलवार) को 11 बजे भारतीय जनता पार्टी में शामिल होंगे. उड़ीसा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी उनको बीजेपी में शामिल करायेंगे.
10 दिन में चौथी बार बढ़ीं पेट्रोल-डीजल की कीमतें तो आगबबूला हुए राहुल गांधी, कहा- &#039;चुपके-चुपके...&#039;
सरकार पर साधा निशाना
डॉ. लेनिन मोहंती ने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि पिछले 10 दिनों के भीतर पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और कमर्शियल गैस की कीमतों में कई बार इजाफा हुआ है, जिससे आम जनता और व्यापारिक वर्ग पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है. उन्होंने सरकार से वैट कम करने की मांग करते हुए कहा कि अगर टैक्स में कटौती की जाती है तो लोगों को प्रति लीटर 10 से 14 रुपए तक की राहत मिल सकती है.
नवीन पटनायक को बड़ा झटका! BJD के राज्यसभा सांसद देबाशीष सामंतराय ने छोड़ी पार्टी, चिट्ठी में क्या लिखा?
&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 26 May 2026 15:30:11 +0530</pubDate>
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        <title>दिल्ली जिमखाना खाली कराने के आदेश पर HC ने केंद्र को भेजा नोटिस, सरकार बोली&amp; क्लब को दूसरी जमीन देंगे, जबरन कब्जा...</title>
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        <description><![CDATA[ दिल्ली जिमखाना क्लब खाली कराने के सरकार के आदेश के खिलाफ दाखिल याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है. हाईकोर्ट ने केंद्र को 8 हफ्ते में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है.
लुटियंस दिल्ली के बीचोंबीच स्थित जिमखाना क्लब की याचिका पर मंगलवार (26 मई, 2026) को दिल्ली हाईकोर्ट में&amp;nbsp; सुनवाई हुई. इस दौरान केंद्र ने कहा कि इसके बदले में सरकार जमीन का दूसरा टुकड़ा भी दे सकती है. सरकार ने 22 मई को क्लब को नोटिस भेजा था कि उसे 5 जून तक उसको यह जमीन खाली करनी होगी, जिसके खिलाफ क्लब हाईकोर्ट पहुंचा है.
सुनवाई के दौरान सीनियर एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी ने क्लब की ओर से दलील रखते हुए कहा इस मामले में 5-6 प्रमुख मुद्दे हैं. इस पर अदालत ने कहा पहले हम चुनौती दिए गए सरकारी आदेश को पढ़ लेते हैं.
केंद्र की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि अगर क्लब 5 तारीख को अपनी मर्जी से खाली नहीं भी करता है, तो भी कब्जा नहीं लिया जाएगा, जब तक कि बेदखली के लिए कानून के तहत प्रक्रिया का पालन नहीं किया जाता. कोर्ट ने याचिकाकर्ता के वकील से कहा कि जो क्लब मेंबर्स हैं अगर जमीन ले भी ली जाती है, तो भी आपकी मेंबरशिप बनी रहेगी.
एसजी तुषार मेहता ने कोर्ट में कहा कि याचिकाकर्ता को दूसरी जमीन भी ऑफर की जाएगी. उन्होंने कहा कि &amp;nbsp;क्लॉज 4 में एक सिस्टम दिया गया है जिसके तहत हम लीज तय कर सकते हैं. इसमें उठाए जाने वाले अलग-अलग कदमों के बारे में बताया गया है.
एसजी तुषार मेहता ने कहा कि अधिग्रहण के तहत प्रावधान इस निमय में दिए गए &amp;nbsp;हैं. उनमें से एक है मुआवजा देना, मुआवजा पैसे के तौर पर हो सकता है या सरकार जमीन का दूसरा टुकड़ा दे सकती है. उन्होंने कहा कि &amp;nbsp;हम कानून के तहत तय प्रोसेस के हिसाब से काम करेंगे. हम बस जाकर इसे खाली नहीं कराएंगे.
यह भी पढ़ें:- अरबों की जमीन, VIP मेंबरशिप और किराया सिर्फ 1000 रुपये सालाना... 113 साल पुराने दिल्ली जिमखाना क्लब का सच क्या है? जानें
कोर्ट ने एसजी तुषार मेहता से पूछा कि क्या उनका स्टेटमेंट रिकॉर्ड कर सकते हैं. क्लब की तरफ से अभिषेक मनु सिंघवी दलील दी कि यह एक नॉन-प्रॉफिट कंपनी है. कोर्ट ने उसनसे पूछा कि क्लब की शिकायत क्या है? क्या आपके मेंबर का कोई विवाद नहीं है? एडवोकेट सिंघवी ने कहा कि सरकार ने आदेश दिया है कि 5 जून अपनी मर्जी से जिमखाना क्लब को हैंडओवर किया जाए, जबकि यह मामला पहले से NCLT के सामने है.
यह भी पढ़ें:- नीट पेपर लीक पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, परीक्षा सुधारों पर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी और मॉनिटरिंग कमेटी से मांगा जवाब ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 26 May 2026 15:30:10 +0530</pubDate>
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        <title>&amp;apos;मैंने अपनी बेटी खोई और ममता ने कुर्सी...&amp;apos;, पूर्व CM की हार को लेकर बोलीं आरजी कर रेप पीड़िता की मां</title>
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        <description><![CDATA[ आरजी कर रेप पीड़िता की मां और अब बीजेपी विधायक रत्ना देबनाथ ने सोमवार (25 मई) को सचिवालय में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से मुलाकात की. इसके बाद उन्होंने विधानसभा चुनाव में टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी की हार पर जमकर निशाना साधा. सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में पनिहाटी की विधायक ने कहा कि उन्होंने सचिवालय की 14वीं मंजिल पर मुख्यमंत्री अधिकारी से मुलाकात की और अपनी हार की तुलना ममता बनर्जी की राजनीतिक हार से की.
ममता सरकार पर आरजी कर मामले को दबाने का आरोप8-9 अगस्त 2024 की रात देबनाथ की 31 वर्षीय बेटी जो प्रशिक्षु डॉक्टर थी, उसकी आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के सेमिनार कक्ष में &amp;nbsp;रेप के बाद हत्या कर दी गई. आरोप हैं कि इस घटना के तुरंत बाद सबूतों को नष्ट कर दिया गया और मामले को दबाने की कोशिश की गई. पश्चिम बंगाल चुनावों में तृणमूल कांग्रेस की करारी हार के बाद बीजेपी सरकार ने घोषणा की है कि इस मामले की सुनवाई में तेजी लाई जाएगी और न्याय दिलाया जाएगा.

क्या बोलीं रेप पीड़िता की मांविधायक रत्ना देबनाथ ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, &quot;आज मैं नबन्ना की 14वीं मंजिल पर मुख्यमंत्री से मुलाकात कर रही हूं. उनका नाम शुभेंदु अधिकारी है. ईमानदारी की ताकत अपार है. अन्याय के खिलाफ धैर्यपूर्वक लड़ना ही काफी है.&quot; उन्होंने आगे कहा, &quot;आज ममता और मैं दोनों शोक में हैं. मैंने अपनी इकलौती बेटी को खो दिया और अपना जीवन जनता की सेवा में समर्पित कर दिया है. उन्होंने (ममता बनर्जी) ने 14वीं मंजिल पर अपनी कुर्सी खो दी है.&quot; इसके अलावा उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी टीम को और भी भयावह अंजाम भुगतना पड़ेगा. देखते रहिए.
कलकत्ता हाईकोर्ट ने सीबीआई को दिए आदेशबता दें कि कलकत्ता हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह सीबीआई को तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित करने का आदेश दिया था, जो आरजी कर मेडिकल कॉलेज की प्रशिक्षु डॉक्टर के अगस्त 2024 की रात के भोजन से लेकर उनके अंतिम संस्कार तक की सारी घटनाओं की जांच करेगी. प्रशिक्षु डॉक्टर का रेप और उसकी हत्या के मामले ने राज्य के साथ-साथ पूरे देश के डॉक्टरों में भी आक्रोश पैदा कर दिया था. देबनाथ ने बार-बार आरोप लगाया है कि कई व्यक्ति प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से इस अपराध में शामिल थे और अबतक सभी संदिग्ध जांच के दायरे में नहीं आए हैं.
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&#039;मोदी जी एक साल में जाने वाले हैं&#039;, राहुल गांधी ने फिर दोहराई अपनी बात, SP-BSP-RJD जैसे दलों पर भी दिया बड़ा बयान ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 26 May 2026 15:30:09 +0530</pubDate>
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        <title>होर्मुज संकट के बीच दिल्ली में QUAD की बैठक, एस जयशंकर बोले &amp; &amp;apos;समंदर में बिना रुकावट जहाज...&amp;apos;</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/होर्मुज-संकट-के-बीच-दिल्ली-में-quad-की-बैठक-एस-जयशंकर-बोले-समंदर-में-बिना-रुकावट-जहाज</link>
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        <description><![CDATA[ भारत की मेजबानी में नई दिल्ली में मंगलवार (26 मई) को क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक हुई. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि हमने एक बेहद सार्थक और उपयोगी बैठक की है. जिसकी ज्यादातर चर्चाएं दुनिया के मौजूदा हालात पर केंद्रित थी. यह बैठक हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती सैन्य आक्रामकता को लेकर दुनिया भर में बढ़ती चिंताओं के बीच हुई. इसमें होर्मुज को खोलने और समुद्री संपर्क मार्गों में आने वाली रुकावट पर चर्चा हुई.
&#039;इंडो-पैसिफिक से जुड़े मुद्दों पर बातचीत&#039;- जयशंकर
भारतीय विदेश मंत्री ने आगे कहा, &#039;हमने इंडो-पैसिफिक से जुड़े खास मुद्दों पर ध्यान दिया है. हम 4 समुद्री लोकतंत्र हैं, जो इंडो-पैसिफिक के अलग-अलग छोर पर हैं, इसलिए विचारों को साझा करना बेहद जरूरी था. समुद्री क्षेत्र में सहयोग लगातार बढ़ा है, जिसमें निगरानी और डोमेन जागरूकता, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क, अंडर सी केबल, ट्रेनिंग, कैपेसिटी बिल्डिंग शामिल हैं. हम आने वाले समय में इन क्षेत्रों को और मजबूत करते रहेंगे.&#039;

क्या बोले एस जयशंकर?
जयशंकर ने कहा, &#039;हमारा फोकस हिंद-प्रशांत पर रहेगा जो क्वाड की खास सीमा है.&#039; उन्होंने कहा, &#039;वैश्विक स्तर पर हमें सप्लाई चेन की मजबूती, संपर्क मार्गों में रुकावट, मैन्युफैक्चरिंग और संसाधनों के अत्यधिक केंद्रीकरण और जरूरी बुनियादी ढांचे की कमी जैसी चुनौतियों से निपटना होगा. इनमें से हर मुद्दा पार्टनरशिप की जरूरतों को और मजबूत आधार देता है.&#039;
&#039;समुद्री सुरक्षा तय करना जरूरी&#039;
जयशंकर ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र की संभावित &#039;चिंताओं&#039; का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा, &#039;इसके लिए रणनीतिक भरोसे को मजबूत करना, समुद्री सुरक्षा तय करना, आर्थिक विकल्पों को बढ़ावा देना जरूरी होगा. यह सब भरोसा और पारदर्शी साझेदारियों को बढ़ावा देकर सबसे अच्छे तरीके से किया जा सकता है.&#039;
ये भी पढ़ें- &#039;इतिहास की समझ होती तो...&#039;, मार्को रुबियो ने ताजमहल में खिंचवाई फोटो तो ईरान ने उड़ाया मजाक, ट्रंप का भी किया जिक्र
विदेश मंत्री ने कहा, &#039;समुद्री लोकतंत्रों, बाजार अर्थव्यवस्थाओं के रूप में हम एक स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत को लेकर साझा जिम्मेदारी रखते हैं. यह क्षेत्र वैश्विक विकास और स्थिरता का प्रमुख वाहक बना रहना चाहिए.&#039;
ऑस्ट्रेलिया, जापान और यूएस के विदेश मंत्री क्या बोले?
ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री पेनी वोंग ने क्वाड को मजबूत और प्रभावी बनाने की अपील की. उन्होंने कहा कि हम क्वाड की रफ्तार को जारी रखने के लिए काम कर रहे हैं. साथ ही एक शांतिपूर्ण, स्थिर और समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र चाहते हैं. रूबियो ने कहा कि दुनिया भर में हाल की घटनाओं के कारण वे क्षेत्र और भी प्रासंगिक हो गए हैं, जिनमें क्वाड मिलकर काम कर रहा है. &amp;nbsp;उन्होंने कहा कि क्वाड एनर्जी सिक्योरिटी, नेविगेशन की स्वतंत्रता और अहम खनिजों सहित दुनिया की सबसे गंभीर समस्याओं में से कुछ का समाधान कर सकता है.
होर्मुज खोलने पर QUAD में हुई बात, विदेश मंत्रियों की मीटिंग से निकला ईरान को टेंशन देने वाला मैसेज ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 26 May 2026 15:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>बंगाल चुनाव में करारी हार के बाद ममता ने बदली इंडिया गठबंधन की रणनीति, जानें अब आगे क्या होगा?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/बंगाल-चुनाव-में-करारी-हार-के-बाद-ममता-ने-बदली-इंडिया-गठबंधन-की-रणनीति-जानें-अब-आगे-क्या-होगा</link>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल में मिली करारी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) चीफ ममता बनर्जी विपक्षी &#039;इंडिया &amp;nbsp;गठबंधन को नए सिरे से मजबूत करने में जुट गई हैं. &amp;nbsp;ममता बनर्जी ने जून 2026 के पहले हफ्ते में इंडिया गठबंधन की बैठक का प्रस्ताव दिया है. उन्होंने एसआईआर अभियान और चुनाव प्रक्रियाओं में अनियमितताओं के आरोपों को दोहराते हुए दावा किया कि चुनाव प्रक्रिया से समझौता किया गया था.
ममता बनर्जी की हार और राजनीति में बदलाव
ममता बनर्जी पिछले 15 सालों से बीजेपी के कड़े मुकाबले के बावजूद बंगाल में लगातार चुनाव जीतती आ रही थीं. साल 2026 के इस चुनावी झटके के बाद अब वे अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन को वापस पाने की कोशिश कर रही हैं. इसके लिए उन्होंने दिल्ली में कांग्रेस पार्टी से संपर्क साधा है और मदद मांगी है. हालांकि ये हैरान करने वाला भी कदम है क्योंकि बंगाल चुनाव प्रचार के दौरान और उससे पहले भी राहुल गांधी और ममता बनर्जी खुलकर एक-दूसरे पर निशाना साधते रहे.
सपा-कांग्रेस का रिएक्शन
ममता बनर्जी ने विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन की बैठक बुलाने की बात तो कही है, लेकिन गठबंधन को बाकी दलों में इसे लेकर अभी भी स्थिति साफ नहीं है. एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक जब इस बारे में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी से बात की गई तो दोनों ही पार्टियों के नेताओं ने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई खास जानकारी नहीं है. कांग्रेस के एक सूत्र ने कहा कि जून में इंडिया गठबंधन की बैठक होने वाली है, लेकिन उन्हें इसके बारे में ज्यादा पता नहीं है.&amp;nbsp;

समाजवादी पार्टी को अगर ममता बनर्जी सीधे उनके प्रमुख अखिलेश यादव से बात करती हैं, तभी जून में किसी बैठक की संभावना बनेगी. सपा और कांग्रेस नेताओं के बयान से ऐसा लगता है कि ममता बनर्जी ने यह बैठक बुलाने का फैसला अचानक लिया है इसलिए बाकी पार्टियों को इस पर विचार करने में समय लग रहा है.
इंडिया गठबंधन में अब आगे क्या?
इंडिया गठबंधन के भीतर अभी भी सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने बंगाल की एक रैली में ममता बनर्जी और उनकी पार्टी पर जमकर निशाना साधा था, लेकिन हार के बाद वे ममता बनर्जी के साथ खड़े नजर आए और चुनाव आयोग पर हमलावर दिखे. राहुल गांधी का आरोप है कि चुनाव आयोग और बीजेपी ने मिलकर वोटर लिस्ट में गड़बड़ी की, जिस वजह से टीएमसी की करीब 100 सीटें कम आई. इंडिया गठबंधन के भीतर ये अनबन सिर्फ बंगाल तक सीमित नहीं है, बल्कि तमिलनाडु में भी कांग्रेस और डीएमके (DMK) का रिश्ता टूट चुका है. वहीं कांग्रेस ने सरकार बनाने के लिए अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके (TVK) का साथ दिया.&amp;nbsp;
ये भी पढ़ें : Chief Electoral Officer of WB: नीलम मीणा बनीं पश्चिम बंगाल की नई चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर,मनोज कुमार अग्रवाल की लेंगी जगह ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 25 May 2026 23:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Fact Check: जिसकी याद में बना ताजमहल, वो ईरान बेगम की..., ईरानी दूतावास ने फिर ली रूबियो के फोटो पर चुटकी, जानें सच्चाई</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/fact-check-जिसकी-याद-में-बना-ताजमहल-वो-ईरान-बेगम-की-ईरानी-दूतावास-ने-फिर-ली-रूबियो-के-फोटो-पर-चुटकी-जानें-सच्चाई</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/fact-check-जिसकी-याद-में-बना-ताजमहल-वो-ईरान-बेगम-की-ईरानी-दूतावास-ने-फिर-ली-रूबियो-के-फोटो-पर-चुटकी-जानें-सच्चाई</guid>
        <description><![CDATA[ Iran Embassy Vs Marco Rubio: मिडिल ईस्ट में चल रही शांति वार्ता के बीच, 23 से 26 मई (चार दिन) की भारत यात्रा पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भारत की ऐतिहासिक इमारत और दुनिया के 7वें अजूबे में शुमार ताजमहल भी गए. वहां उन्होंने अइकॉनिक पोज दिया. इसकी एक तस्वीर सोमवार को सामने आई है. जहां बैकग्राउंड में ताजमहल की इमारत के सामने फोटो खिंचवा रहे हैं. रूबियो अपनी पत्नी के साथ इस तस्वीर में नजर आ रहे हैं.&amp;nbsp;
ईरानी दूतावास ने ली चुटकी, रूबियो की तस्वीर पर कसा तंज
इस पर भारत के हैदराबाद के ईरानी दूतावास ने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट साझा किया है. ईरानी दूतावास ने रूबियो की इस तस्वीर पर चुटकी ली है. उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री को नसीहत देते हुए कहा है कि अगर रूबियो को इतिहास या वास्तुकला की थोड़ी भी जानकारी होती, तो वह इस जगह पर खड़े होकर अपनी तस्वीर कभी नहीं खिंचवाते. यह ऐतिहासिक स्मारक एक बादशाह ने अपनी ईरान बेगम के लिए अपने गहरे प्यार की निशानी के तौर पर बनवाया था. इसे ईरानी वास्तुकारों ने अपनी बेजोड़ कलाकारी से तराशा था.&amp;nbsp;
&#039;सभ्यता सीख लो...&#039;, भारत यात्रा पर पहुंचे अमेरिकी विदेश मंत्री रूबियो तो ईरान ने किस बात पर कसा तंज?

ईरानी दूतावास ने कहा कि दूसरी तरफ आज उन्हीं रूबियो की सरकार ईरान की पूरी सभ्यता को ही मिटा देने की धमकियां देती है. यह अपने आप में दूसरी सभ्यताओं का घोर अपमान है. दरअसल, ताजमहल मुगल शासक शाहजहां ने बेगम मुमताज की याद में बनवाया था.&amp;nbsp;
ईरानी दूतावास के इस पोस्ट के बाद सवाल है कि क्या सच में ईरान की थीं बेगम मुमताज महल?
क्या कहता है ताजमहल का असल इतिहास?&amp;nbsp;
आर्कियोलॉजी ऑफ इंडिया डिपार्टमेंट की मानें तो मुगल सम्राट शाहजहां ने इसे बनवाया था. उन्होंने पसंदीदा बेगम मुमताज महल की याद में इसका निर्माण कराया था. मुमताज का निधन 1631 में अपने 14वें बच्चे को जन्म देते समय हुआ था.
अपने बेगम की मृत्यु के दुख में शाहजहां ने दुनिया का सबसे सुंदर मकबरा बनाने का संपल्प लिया था. इसका निर्माण कार्य 1632 में शुरू हुआ था. लगभग 1648 में मुख्य मकबरा पूरा हुआ था. जबकि पूरा परिसर तैयार करने में 1653 सन में पूरा हुआ था. इसे बनाने में 20 हजार मजदूरों और कारिगरों ने मिलकर बनाया था. इसका डिजाइन उस्ताद अहमद लाहौरी थे.
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क्या ईरानी परिवार से ताल्लुक रखती थीं, बेगम मुमताज महल?&amp;nbsp;
मुमताज महल का मूल नाम अर्जुमंद बानो बेगम था. वह मुगल काल की सबसे फेमस बेगम थीं. उनका जन्म अप्रैल 1593 में हुआ था. वह आगरा के एक ऊंचे रसूख वाले पारसी यानी ईरान परिवार से ताल्लुक रखती थीं.&amp;nbsp;
उनके पिता आसफ खान थे. वह मुगल दरबार के प्रधानमंत्री थे. उनकी चाची नूरजहां बेगम की भतीजी थीं. नूरजहां ने जहांगीर के शासन काल में मुगल साम्राज्य की कमान संभाली थी. उनके दादा मिर्जा गियास बेग जहांगीर दरबार में प्रभावशाली मंत्रियों में शामिल रहे थे.
मुमताज महल के जीवन से जुड़ी एक किताब में दर्ज हैं ऐतिहासिक पहलू&amp;nbsp;
मुमताज बेगम के जीवन पर आधारित एक किताब भी है, जिसका ऐतिहासिक दस्तावेज के तौर पर इस्तेमाल होता है. इसका नाम Empress of The Taj है. यह तिमेर एन मुरारी ने लिखी है. इसमें मुमताज के जीवन और ऐतिहासिक फैक्ट्स की तलाश की गई है. इसमें भी मुमताज महल को मूल रूप से ईरानी ही बताया गया है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Mon, 25 May 2026 23:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Fact, Check:, जिसकी, याद, में, बना, ताजमहल, वो, ईरान, बेगम, की..., ईरानी, दूतावास, ने, फिर, ली, रूबियो, के, फोटो, पर, चुटकी, जानें, सच्चाई</media:keywords>
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        <title>हिमंत बिस्वा सरकार ने असम में पेश किया USS बिल तो भड़के असदुद्दीन ओवैसी, बोले&amp; इस्लाम में...</title>
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        <description><![CDATA[ असम सरकार ने समान नागरिक संहिता विधेयक (UCC Bill 2026) विधानसभा में पेश कर दिया है. इस बिल में कहा गया है कि यह असम में निवास करने वाली किसी भी अनुसूचित जनजाति (एसटी) पर लागू नहीं होगा. इसे लेकर AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि यूसीसी एक जैसा नहीं है और यह आदिवासी समुदायों के खिलाफ है.
असम UCC एक जैसा नहीं: ओवैसी&amp;nbsp;
असदुद्दीन ओवैसी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, &#039;असम का यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) बिल्कुल भी एक जैसा नहीं है. यह आदिवासी समुदायों को UCC के दायरे से पूरी तरह बाहर रखता है. अनुच्छेद-29 के तहत हर समुदाय को अपनी संस्कृति की रक्षा करने का अधिकार है, लेकिन सिर्फ आदिवासियों की स्वायत्तता की ही रक्षा क्यों की जा रही है? यह एक ऐसा कानून थोपा जा रहा है जिसे कोई नहीं चाहता. संविधान सभा ने किसी अनिवार्य UCC की कल्पना नहीं की थी.&#039;
जेंडर जस्टिस से कोसों दूर है कानून: ओवैसी&amp;nbsp;
AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने लिखा, &#039;इस्लाम में कोई भी किसी वारिस को विरासत से वंचित नहीं कर सकता. कोई भी ऐसी वसीयत नहीं लिख सकता, जिससे अपनी पूरी संपत्ति सिर्फ एक बेटे को दे दी जाए या बेटी को विरासत से वंचित कर दिया जाए. यह UCC किसी को भी वसीयत लिखने और अपनी बेटियों को उनके उचित हिस्से से वंचित करने की अनुमति देता है. यह कानून जेंडर जस्टिस से कोसों दूर है.&#039;
असम UCC बिल में क्या-क्या प्रावधान?



इस बिल में राज्य के सभी निवासियों के लिए शादी, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप को नियंत्रित करने वाले एक ही नागरिक कानूनी ढांचे का प्रस्ताव किया गया है, जबकि अनुसूचित जनजातियों को उनके संवैधानिक सुरक्षा उपायों की रक्षा के लिए इससे बाहर रखा गया है. प्रस्तावित कानून का मकसद धर्म-आधारित कानूनों की जगह एक समान संहिता लाना है, जिसका लक्ष्य सभी समुदायों में लैंगिक न्याय, समानता और कानूनी एकरूपता सुनिश्चित करना है.

इस बिल के तहत एक-विवाह को अनिवार्य बना दिया गया है, जबकि शादी की कानूनी उम्र पुरुषों के लिए 21 साल और महिलाओं के लिए 18 साल तय की गई है. साथ ही यह कानून मौजूदा रीति-रिवाजों और समारोहों के अनुसार शादियां करने की अनुमति देकर सांस्कृतिक और धार्मिक विविधता को भी बनाए रखता है. इनमें वैदिक विवाह, अहोम चकलोंग, सप्तपदी, निकाह, पवित्र मिलन और आनंद कारज शामिल हैं.यह बिल पूरे राज्य में शादियों और तलाकों का पंजीकरण अनिवार्य बनाता है.
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        <pubDate>Mon, 25 May 2026 23:30:08 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>हिमंत, बिस्वा, सरकार, ने, असम, में, पेश, किया, USS, बिल, तो, भड़के, असदुद्दीन, ओवैसी, बोले-, इस्लाम, में...</media:keywords>
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        <title>पीतमपुरा मस्जिद विवाद: जमीयत उलेमा&amp;ए&amp;हिंद ने पुलिस को सौंपे साक्ष्य, विधायक कर्नैल सिंह पर भड़काऊ बयानबाजी का आरोप, FIR की मांग</title>
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        <description><![CDATA[ जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी के निर्देश पर संगठन के महासचिव मौलाना मोहम्मद हकीमुद्दीन कासमी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार (25 मई) को रानी बाग थाने में एसीपी मंगोलपुरी मुरारी लाल से मुलाकात कर पीतमपुरा (शकूर बस्ती) में मौजूद रामलीला ग्राउंड के नजदीक हाल ही में हुए विवाद और तोड़फोड़ की घटना के संबंध में एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा.&amp;nbsp;
प्रतिनिधिमंडल ने स्थानीय विधायक कर्नैल सिंह की ओर से दिए गए बयानों को भड़काऊ बताया और सांप्रदायिक तनाव पैदा करने वाली गतिविधियों कहा है. साथ ही कानून को अपने हाथ में लेकर की गई कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए दिल्ली पुलिस से तत्काल और निष्पक्ष कानूनी कार्रवाई की मांग की. प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधिकारियों को वीडियो रिकॉर्डिंग, मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया सामग्री सहित कई महत्वपूर्ण साक्ष्य भी सौंपे हैं.
ज्ञापन में साफ किया गया कि विधायक कर्नैल सिंह द्वारा यह दावा करना कि गिराया गया ढांचा या दीवार किसी मस्जिद अथवा मदरसे का हिस्सा था, पूरी तरह निराधार और भ्रामक है. उक्त ढांचा न तो मस्जिद का हिस्सा था और न ही मदरसे का, बल्कि इसे जानबूझकर सांप्रदायिक भावनाएं भड़काने और जनता को गुमराह करने के उद्देश्य से इस रूप में प्रस्तुत किया गया.

ज्ञापन में आगे कहा गया कि विधायक कर्नैल सिंह ने न केवल कानून को अपने हाथ में लेकर दीवार गिराने की कार्रवाई की, बल्कि लगातार भड़काऊ और नफरत फैलाने वाले बयान भी दिए, जिन्हें राष्ट्रीय मीडिया संस्थानों द्वारा प्रसारित किया गया और जो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से वायरल हुए. स्वयं विधायक ने इन वीडियो और समाचारों को अपने फेसबुक अकाउंट पर साझा करते हुए इसे अपनी &amp;ldquo;उपलब्धि&amp;rdquo; के रूप में प्रस्तुत किया.
ज्ञापन में विधायक करनैल सिंह के एक वीडियो का जिक्र किया गया है जिसमें में उन्होंने कथित रूप से कहा कि &#039;यहां न मदरसा चलने दिया जाएगा और न मस्जिद.&#039;
जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने किस बात पर जाहिर की चिंता
जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की बयानबाज़ी और गतिविधियों ने क्षेत्र में भय, असुरक्षा और सांप्रदायिक तनाव का माहौल पैदा कर दिया है और कानून-व्यवस्था की स्थिति को प्रभावित किया है.
ज्ञापन में कहा गया कि एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि की ओर से नारेबाज़ी करती भीड़ के बीच तोड़फोड़ की कार्रवाई करना और एक विशेष धार्मिक समुदाय को निशाना बनाना खुली उकसावेबाज़ी और नफरत फैलाने के समान है, जो भविष्य में अराजकता और कानून हाथ में लेने की प्रवृत्ति को बढ़ावा दे सकता है.
प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली पुलिस से मांग की है कि विधायक करनैल सिंह के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं 153A, 153B, 295A, 505 और अन्य संबंधित धाराओं के तहत तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए. साथ ही, गिराए गए ढांचे की प्रकृति और स्वामित्व की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कर सच्चाई जनता के सामने लाई जाए. इसके अलावा मस्जिद में आने वाले नमाज़ियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस व्यवस्था की मांग भी की गई.
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि किसी भी व्यक्ति को, चाहे वह किसी भी राजनीतिक पद या प्रभाव का हो, कानून को अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए. सभी नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा और देश की सांप्रदायिक एकता और सामाजिक सौहार्द को हर हाल में सुरक्षित रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है.
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        <pubDate>Mon, 25 May 2026 23:30:07 +0530</pubDate>
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        <title>कर्ज माफ: विजय सरकार का बड़ा फैसला, तमिलनाडु के 14 लाख से ज्यादा किसानों को होगा सीधा फायदा</title>
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        <description><![CDATA[ तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने सोमवार को राज्य के सीमांत किसानों के लिए सहकारी बैंकों से लिए गए 50,000 रुपये तक के फसल ऋण माफ करने की घोषणा की. इसके साथ ही बड़े किसानों के लिए भी 5,000 रुपये तक के फसल ऋण माफ करने का फैसला किया गया है.
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस निर्णय से राज्य के 14.22 लाख किसानों को लाभ मिलेगा और सरकार पर 2,044 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा. नवगठित राज्य सरकार का यह कदम पिछले महीने हुए विधानसभा चुनावों के दौरान किए गए वादों का हिस्सा है. आधिकारिक बयान के अनुसार, एक मई 2025 से 28 फरवरी 2026 के बीच सहकारी बैंकों से लिए गए फसल ऋण इस योजना के तहत माफ किए जाएंगे.
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की मौजूदा वित्तीय स्थिति और संसाधनों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है. उन्होंने यह भी कहा कि यह ऋण माफी आगामी बुवाई सत्र के लिए किसानों को नया कर्ज लेने में मदद करेगी। इसके अलावा, अन्य किसानों के लिए भी राहत उपायों की घोषणा की गई है.
एआईएडीएमके को झटका
तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. हाल के चुनावों में हार के बाद अंदरूनी संकट से गुजर रही All भारत अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम यानी AIADMK को एक और झटका लगा है. पार्टी के तीन विधायकों ने विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद अभिनेता-राजनेताविजय की पार्टी तमिलगा वेत्त्री कज़गम (TVK) का दामन थाम लिया है. &amp;nbsp;इस्तीफा देने वाले विधायकों में मरागाथम कुमारवेल, जयकुमार और सत्यभामा शामिल हैं. तीनों ने तमिलनाडु विधानसभा अध्यक्ष जे. सी. डी. प्रभाकर को अपना इस्तीफा सौंपा.
इनमें मरागाथम कुमारवेल मदुरन्थकम सीट, सत्यभामा धारापुरम सीट और जयकुमार पेरुंदुरई सीट से AIADMK के टिकट पर चुने गए थे. धारापुरम और पेरुंदुरई पश्चिमी तमिलनाडु के कोंगु क्षेत्र में आते हैं, जिसे AIADMK का मजबूत गढ़ माना जाता है. बताया जा रहा है कि इस्तीफा देने के तुरंत बाद ये विधायक TVK के मंत्री आधव अर्जुन से मिले. ये तीनों विधायक उन 25 बागी विधायकों में शामिल थे जिन्होंने 13 मई को हुए फ्लोर टेस्ट में पार्टी व्हिप के खिलाफ जाकर TVK सरकार के समर्थन में वोट दिया था

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तमिलनाडु की राजनीति में उठापटक
इस राजनीतिक उठापटक के बीच AIADMK के पांच विधायक, जो पहले वरिष्ठ नेता सी. वी. शनमुगम और वेलुमणि गुट के साथ बताए जा रहे थे, अब पार्टी प्रमुख एडप्पादी के. पलानीस्वामी के समर्थन में लौट आए हैं. इन विधायकों के लौटने के बाद विधानसभा में पलानीस्वामी गुट के समर्थन वाले विधायकों की संख्या 27 हो गई है. वहीं तीन विधायकों के इस्तीफे के बाद बागी गुट की संख्या 25 से घटकर 17 रह गई है. तमिलनाडु की राजनीति में इस घटनाक्रम को AIADMK के भीतर जारी सत्ता संघर्ष और TVK के बढ़ते राजनीतिक प्रभाव के रूप में देखा जा रहा है.
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        <pubDate>Mon, 25 May 2026 23:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>कर्ज, माफ:, विजय, सरकार, का, बड़ा, फैसला, तमिलनाडु, के, लाख, से, ज्यादा, किसानों, को, होगा, सीधा, फायदा</media:keywords>
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        <title>फर्जी वकीलों का मामला CBI को सौंपने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका, &amp;apos;कॉक्रोच जनता पार्टी&amp;apos; की फंडिंग और गतिविधियों की जांच की भी मांग</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/फर्जी-वकीलों-का-मामला-cbi-को-सौंपने-के-लिए-सुप्रीम-कोर्ट-में-याचिका-कॉक्रोच-जनता-पार्टी-की-फंडिंग-और-गतिविधियों-की-जांच-की-भी-मांग</link>
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        <description><![CDATA[ फर्जी वकीलों और नकली लॉ डिग्रियों के मामले की सीबीआई जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दाखिल हुई है. याचिकाकर्ता ने अदालती कार्रवाई के व्यावसायिक दुरुपयोग का मसला उठाते हुए &#039;कॉक्रोच जनता पार्टी&#039; से जुड़े लोगों की गतिविधियों की जांच की भी मांग की है. इस याचिका का मुख्य आधार एक मामले की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस की तरफ से की गई टिप्पणी और उसे लेकर हुआ विवाद है.
15 मई को चीफ जस्टिस सूर्य कांत ने फर्जी वकीलों को लेकर चिंता जताई थी. उन्होंने ऐसे लोगों की तुलना &amp;ldquo;कॉक्रोच&amp;rdquo; और &amp;ldquo;परजीवी&amp;rdquo; से की थी. इस टिप्पणी को युवाओं का अपमान बता कर कई लोगों ने सोशल मीडिया पर विरोध किया. अमेरिका के बोस्टन में रहने वाले अभिजीत दिपके नाम के &#039;कॉक्रोच जनता पार्टी&#039; के नाम से एक ऑनलाइन अभियान भी शुरू कर दिया.

हालांकि, चीफ जस्टिस ने अपनी टिप्पणी के बारे में स्पष्टीकरण भी दिया कि उन्होंने बेरोजगार युवाओं के लिए कुछ नहीं कहा. उनकी टिप्पणी फर्जी डिग्री लेकर व्यवस्था का दुरुपयोग करने वालों के लिए थी. चीफ जस्टिस के स्पष्टीकरण के बावजूद कोर्ट की सुनवाई का एक छोटा वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल कर मामले को और हवा दी गई.
अब राजा चौधरी नाम के याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से फर्जी लॉ डिग्रियों की जांच सीबीआई को सौंपने की मांग की है. याचिका में कहा गया है कि फर्जी डिग्री के आधार पर वकालत कर रहे लोग न्याय व्यवस्था की विश्वसनीयता और पेशे की गरिमा को गंभीर नुकसान पहुंचा रहे हैं.
याचिकाकर्ता ने लोगों को भड़काने की कोशिश का लगाया आरोप
याचिकाकर्ता ने यह आरोप भी लगाया है कि अदालत की मौखिक टिप्पणियों को गलत तरीके से पेश कर लोगों को भड़काने की कोशिश की जा रही है. कोर्ट की सुनवाई के अंशों का मीम, वीडियो और प्रचार सामग्री के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है. इसके ज़रिए संगठित तरीके से आर्थिक लाभ कमाया जा रहा है. याचिका में यह भी बताया गया है कि &#039;कॉक्रोच जनता पार्टी&#039; नाम के ट्रेडमार्क आवेदन दाखिल किए गए हैं.
याचिकाकर्ता ने &#039;कॉक्रोच जनता पार्टी&#039; के पूरे नेटवर्क, उसकी फंडिंग और ऑनलाइन गतिविधियों की जांच की मांग की है. याचिका में कहा गया है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और अदालती कार्यवाही की उचित आलोचना का कोई विरोध नहीं करता. लेकिन कोर्ट की सुनवाई का व्यावसायिक इस्तेमाल करना और भ्रम फैलाना गलत है. इस पर रोक लगनी चाहिए.
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        <pubDate>Mon, 25 May 2026 11:30:17 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>फर्जी, वकीलों, का, मामला, CBI, को, सौंपने, के, लिए, सुप्रीम, कोर्ट, में, याचिका, कॉक्रोच, जनता, पार्टी, की, फंडिंग, और, गतिविधियों, की, जांच, की, भी, मांग</media:keywords>
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        <title>&amp;apos;आई लव इंडिया...&amp;apos;, सर्जियो गोर ने मिलाया फोन तो बोले ट्रंप, खुद को बताया PM मोदी का सबसे बड़ा फैन</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/आई-लव-इंडिया-सर्जियो-गोर-ने-मिलाया-फोन-तो-बोले-ट्रंप-खुद-को-बताया-pm-मोदी-का-सबसे-बड़ा-फैन</link>
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        <description><![CDATA[ भारत के चार दिवसीय यात्रा के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो रविवार (24 मई, 2026) को नई दिल्ली में आयोजित अमेरिका की 250वीं स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल हुए. समारोह के बीच भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने अचानक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से कॉल लगाया और अपने फोन को स्पीकर पर रख दिया. इसके बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मैं भारत से प्यार करता हूं, मैं सभी को हैलो कहना चाहता हूं. मैं प्रधानमंत्री मोदी से प्यार करता हूं. पीएम मोदी महान हैं, वह मेरे दोस्त हैं और मैं उनका सबसे बड़ा फैन हूं.
सेलिब्रेशन के बीच कॉल पर क्या बोले अमेरिकी राष्ट्रपति?
अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, &amp;lsquo;हम पहले कभी भी भारत के इतने नजदीक नहीं थे. भारत मुझे पर 100 फीसद भरोसा कर सकता है. अगर उन्हें कभी मदद की जरूरत पड़े, तो उन्हें पता है कि कहां फोन करना है. वे सीधे यहां कॉल कर सकते हैं.&amp;rsquo; उन्होंने कहा, &amp;lsquo;हम बहुत अच्छा कर रहे हैं. हम रिकॉर्ड बना रहे हैं. हमारी अर्थव्यवस्था रिकॉर्ड स्तर पर है, शेयर बाजार रिकॉर्ड ऊंचाई पर है और भारत जो भी चाहता है, उसे हासिल कर सकता है.&amp;rsquo;

US President Donald Trump:&amp;ldquo;I love India&amp;hellip; I just want to say hello to everybody. I love the Prime Minister. PM Modi is great; he is my friend&amp;hellip;&amp;rdquo;Further praising India, he added, &amp;ldquo;We have never been closer to India, and India can count on me and our country 100 per cent. If&amp;hellip; pic.twitter.com/YHzABARgya
&amp;mdash; Amit Malviya (@amitmalviya) May 24, 2026




#WATCH | Delhi | US President Donald Trump says, &quot;...India can count on me 100%. If they ever need help, they know where to call. They call right here. We&#039;re doing well. We&#039;re setting records. We have a record economy, a record stock market and anything India wants to get. I am a&amp;hellip; pic.twitter.com/EhbgguUiTm
&amp;mdash; ANI (@ANI) May 24, 2026



उन्होंने कहा, &amp;lsquo;मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बहुत बड़ा फैन हूं. पीएम मोदी को मेरा हैलो कहिए और उन्हें बताइए कि मैं उनका बहुत बड़ा फैन हूं. मुझे प्रधानमंत्री से प्यार करता हूं. पीएम मोदी महान हैं, वह मेरे दोस्त हैं.&amp;rsquo;
इस दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की भी खूब तारीफ की. उन्होंने कहा कि मार्को रुबियो अमेरिका के इतिहास के सबसे महान विदेश मंत्री के रूप में जाने जाएंगे.
समारोह में मार्को रुबियो ने भारत का किया धन्यवाद

#WATCH | Delhi | US Secretary of State Marco Rubio says, &quot;...I unfortunately, will not be able to perform tonight because my contract with Sony does not allow me to perform in unsanctioned events. But if you come to our 251st birthday, you never know. But for our 250, I just&amp;hellip; pic.twitter.com/fVYFstOjef
&amp;mdash; ANI (@ANI) May 24, 2026



वहीं, समारोह के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा, &amp;lsquo;मुझे अफसोस है कि मैं आज अपनी प्रस्तुति नहीं दे पाऊंगा, क्योंकि सोनी के साथ मेरे कॉन्ट्रैक्ट की शर्ते मुझे गैर-स्वीकृत कार्यक्रमों में परफॉर्म करने की अनुमति नहीं देती, लेकिन अगर आप हमारे 251वें स्वतंत्रता समारोह में आएंगे, तो कौन जानता है. हालांकि, हमारे 250वें समारोह में मैं कॉन्ट्रैक्ट संबंधी कारणों की वजह से ऐसा नहीं कर सकता. आप सभी के बीच होना मेरे लिए सम्मान की बात है. हमारा स्वागत करने के लिए भारत का धन्यवाद.&amp;rsquo;
यह भी पढे़ंः Marco Rubio India Visit: NSA अजीत डोभाल से मिले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, जानें किन मुद्दों पर हुई चर्चा ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 25 May 2026 11:30:16 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>आई, लव, इंडिया..., सर्जियो, गोर, ने, मिलाया, फोन, तो, बोले, ट्रंप, खुद, को, बताया, मोदी, का, सबसे, बड़ा, फैन</media:keywords>
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        <title>फाल्टा उपचुनाव: BJP की प्रचंड जीत पर PM मोदी का पहला रिएक्शन, TMC की हार पर बोले &amp; &amp;apos;ये धमकियों की...&amp;apos;</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/फाल्टा-उपचुनाव-bjp-की-प्रचंड-जीत-पर-pm-मोदी-का-पहला-रिएक्शन-tmc-की-हार-पर-बोले-ये-धमकियों-की</link>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल की फाल्टा विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में बीजेपी को मिली जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुशी जताई है. पीएम मोदी ने फाल्टा सीट से विधायक बने देबांशु पांडा को चुनाव में जीत के लिए बधाई दी है.&amp;nbsp;
पीएम मोदी ने एक्स पर किया पोस्ट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि &#039;फाल्टा की जनता ने अपना फैसला सुना दिया है! लोकतंत्र की जीत हुई है और धमकियों की हार हुई है. देबांशु पांडा को फाल्टा में रिकॉर्ड अंतर से जीत के लिए हार्दिक बधाई. यह भाजपा के प्रति पश्चिम बंगाल की जनता के अटूट विश्वास को दर्शाता है. जनता पश्चिम बंगाल सरकार के सभी क्षेत्रों में किए गए असाधारण कार्यों को देख रही है और इसलिए उन्होंने हमें और आशीर्वाद देने का फैसला किया है.&#039;
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल भर में भाजपा कार्यकर्ताओं को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए मेरी हार्दिक बधाई. हम आने वाले समय में भी पश्चिम बंगाल की प्रगति के लिए काम करते रहेंगे.

People of Falta have spoken! Democracy has won and intimidation has lost. Congratulations to Shri Debangshu Panda Ji for winning in Falta by a record margin. It indicates the unwavering faith of the people of West Bengal towards the BJP. People are seeing the exceptional work&amp;hellip;
&amp;mdash; Narendra Modi (@narendramodi) May 24, 2026




बीजेपी उम्मीदवार की प्रचंड जीत
पश्चिम बंगाल के फाल्टा विधानसभा सीट पर भाजपा के उम्मीदवार देबांगशु पांडा ने 1,09,021 वोटों के भारी अंतर से जीत हासिल की, जबकि टीएमसी ने अपनी जमानत जब्त करा ली. पांडा को कुल 1,49,666 वोट मिले, जबकि सीपीआई (एम) के उम्मीदवार शंभूनाथ कुर्मी 40,645 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे. कांग्रेस के उम्मीदवार अब्दुर रज्जाक 10,084 वोटों के साथ तीसरे, जबकि तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान 7,783 वोटों के साथ चौथे स्थान पर रहे. कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस दोनों के उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई.
&#039;अगर बंगाल में रहना है तो...&#039;, बकरीद पर कुर्बानी को लेकर हुमायूं कबीर को शुभेंदु की मंत्री की दो टूक
क्यों खास फाल्टा उपचुनाव का रिजल्ट?
फाल्टा में हुए दोबारा हुई वोटिंग के नतीजे दो मायनों में अनोखे हैं. जनवरी 1988 में तृणमूल कांग्रेस की स्थापना के बाद से इतिहास में यह पहली बार है कि किसी पार्टी उम्मीदवार को चौथा स्थान मिला है. 2011 के बाद से जब 34 साल के वाम मोर्चे के शासन का अंत हुआ और तृणमूल कांग्रेस शासन की शुरुआत हुई, यह पहली बार है कि किसी पार्टी उम्मीदवार की जमानत जब्त हुई है. फाल्टा में 21 मई को दोबारा वोटिंग हुई थी. पांडा की जीत के साथ पश्चिम बंगाल विधानसभा की 294 सीटों में भाजपा की कुल सीटें अब 208 हो गई हैं.
पश्चिम बंगाल की महिलाओं की बल्ले-बल्ले! CM बनते ही शुभेंदु अधिकारी ने पूरा किया बड़ा वादा&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 25 May 2026 11:30:14 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>फाल्टा, उपचुनाव:, BJP, की, प्रचंड, जीत, पर, मोदी, का, पहला, रिएक्शन, TMC, की, हार, पर, बोले, ये, धमकियों, की...</media:keywords>
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        <title>Weather Update: भीषण लू की चेतावनी के बीच आज कहां होगी बारिश? दिल्ली&amp;यूपी&amp;बिहार से राजस्थान तक का मौसम जानें</title>
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        <description><![CDATA[ भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा अपडेट के मुताबिक सोमवार (25 मई) को पूर्वोत्तर भारत, दक्षिण भारत और पूर्वी राज्यों में बारिश और आंधी-तूफान की गतिविधियां तेज रहने की संभावना है. उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के इलाकों में गर्मी और हीटवेव का असर जारी रहेगा. मौसम विभाग ने कई राज्यों में भारी बारिश की भी चेतावनी जारी की है.
गंभीर लू की चेतावनी&amp;nbsp;मौसम विभाग के मुताबिक बिहार, झारखंड और ओडिशा में भी मौसम में बदलाव दिखेगा. बिहार और बंगाल में भारी बारिश की संभावना जताई गई है. ओडिशा और झारखंड में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. दूसरी ओर पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में गर्मी का प्रकोप बना रहेगा. हरियाणा, दिल्ली, पंजाब और पूर्वी उत्तर प्रदेश में आज गंभीर लू चल सकती है. राजस्थान के कई इलाकों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर रह सकता है.
कहां-कहां होगी बारिशIMD के मुताबिक अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में सोमवार को बारिश होने की संभावना है. अरुणाचल प्रदेश में बहुत भारी बारिश हो सकती है. असम और मेघालय में भी तेज बारिश और गरज-चमक के आसार हैं. तेज हवाएं 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं. इसके अलावा बंगाल और सिक्किम में भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है.

दक्षिण भारत का मौसम&amp;nbsp;केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कर्नाटक के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. केरल और लक्षद्वीप में भारी बारिश हो सकती है. तमिलनाडु और कर्नाटक में गरज-चमक के साथ तेज बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. आंध्र प्रदेश के रायलसीमा और तेलंगाना में बादल छाए रहने और कहीं-कहीं तेज बारिश होने का अनुमान है.&amp;nbsp;
मौसम विभाग ने लू प्रभावित राज्यों में लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी है. IMD के अनुसार देश के ज्यादातर हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मौसम में इसी तरह उतार-चढ़ाव बना रह सकता है.
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        <pubDate>Mon, 25 May 2026 11:30:12 +0530</pubDate>
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        <title>Falta By&amp;Election: बंगाल की जिस सीट पर &amp;apos;पुष्पा&amp;apos; ने छोड़ा मैदान, वहां किसने दी बीजेपी कैंडिडेट को टक्कर, हैरान कर देगा नाम!</title>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल की फाल्टा विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में बीजेपी ने शानदार जीत दर्ज की है.&amp;nbsp;यहां तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशी जहांगीर खान ने मैदान छोड़ दिया था, जिसके बाद ऐसा लग रहा था कि कांग्रेस कैंडिडेट अब्दुर रज्जाक बीजेपी को चुनौती देंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. यहां कांग्रेस तीसरे नंबर पर पहुंच गई, जबकि सीपीआईएम के उम्मीदवार शंभूनाथ कुर्मी ने बीजेपी को कड़ी चुनौती दी.
बीजेपी उम्मीदवार देबांग्शु पांडा को 1 लाख 49 हजार 666 वोट मिले और उन्होंने 71 फीसदी से ज्यादा वोट हासिल किए. वहीं, सीपीआईएम के शंभूनाथ कुर्मी 40 हजार 645 वोट के साथ दूसरे स्थान पर रहे, जो कुल मतों का लगभग 20 प्रतिशत है, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार अब्दुर रज्जाक तीसरे स्थान पर रहे. टीएमसी के उम्मीदवार जहांगीर खान सिर्फ 7,783 वोटों के साथ चौथे स्थान पर खिसक गए और उनकी जमानत जब्त हो गई.
ये भी पढ़ें-&amp;nbsp;फाल्टा उपचुनाव: BJP की प्रचंड जीत पर PM मोदी का पहला रिएक्शन, TMC की हार पर बोले - &#039;ये धमकियों की...&#039;
डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र में आती है फाल्टा सीट
फाल्टा सीट डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र में आती है, जहां से टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी सांसद हैं. फाल्टा ने दो साल पहले हुए लोकसभा चुनाव में टीएमसी को करीब 89 फीसदी वोट दिए थे और बनर्जी को लगभग 1.68 लाख वोटों से जीत मिली थी. बीजेपी को 2021 के विधानसभा चुनाव में फाल्टा में 36.75 प्रतिशत वोट मिले थे, जो इस बार बढ़कर 71 फीसदी से अधिक हो गए. वहीं, टीएमसी की करीब 56 प्रतिशत वोट मिले थे, जो घटकर सिर्फ 3.7 फीसदी रह गए.
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टीएमसी की टेंशन क्यों बढ़ी?
बंगाल में हार के बाद टीएमसी अपना संगठन फिर से खड़ा करने की कोशिश कर रही है, लेकिन फाल्टा में उसके सिंबल पर सिर्फ 7,783 वोट मिलने से उसकी टेंशन भी बढ़ गई है. दरअसल टीएमसी को बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज वोट करता है, उसके अलावा हिंदू समाज का खास वर्ग भी ममता बनर्जी को पसंद करता है और उसका परंपरागत वोटर भी है. इनके साथ ही महिलाएं और सरकारी योजनाओं के लाभार्थी भी टीएमसी को वोट करता आया है, लेकिन फाल्टा के नतीजों ने बता दिया है कि टीएमसी को दोबारा अपनी स्थिति में आने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी.&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 25 May 2026 11:30:11 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>Falta, By-Election:, बंगाल, की, जिस, सीट, पर, पुष्पा, ने, छोड़ा, मैदान, वहां, किसने, दी, बीजेपी, कैंडिडेट, को, टक्कर, हैरान, कर, देगा, नाम</media:keywords>
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        <title>बकरीद से पहले मौलाना अरशद मदनी ने की गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग, समर्थन में आए ये मुस्लिम संगठन</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/बकरीद-से-पहले-मौलाना-अरशद-मदनी-ने-की-गाय-को-राष्ट्रीय-पशु-घोषित-करने-की-मांग-समर्थन-में-आए-ये-मुस्लिम-संगठन</link>
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        <description><![CDATA[ बकरीद से पहले गाय को &#039;राष्ट्रीय पशु&#039; घोषित करने की जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी की मांग पर कई प्रमुख मुस्लिम संगठन लामबंद हो रहे हैं. कई संगठन इस मुद्दे पर समाज को एकमत करने की पहल करने की वकालत कर रहे हैं तो कुछ इस मसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने का इरादा भी रखते हैं.
यह पहल इसलिए भी खास मायने रखती है कि देश की सबसे बड़ी आबादी वाले उस प्रदेश में, जहां मुसलमानों की आबादी अच्छी-खासी है, प्रायः ये पहल हिन्दू संगठनों की तरफ से ही होती रही है. वर्ष 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले की इस आखिरी बकरीद पर मुस्लिम समाज की तरफ से उठी इस आवाज के अपने मायने हैं, क्योंकि मुस्लिम संगठनों को उम्मीद है कि इससे गोकशी के मुद्दे का राजनीतिक इस्तेमाल और इसके नाम पर हो रही &amp;lsquo;मॉब लिंचिंग&amp;rsquo; (पीट-पीटकर मार देने) जैसी घटनाओं पर भी रोक लगेगी.

&amp;nbsp;यह भी पढ़ें- व्हाइट हाउस के पास 30 राउंड फायरिंग, परिसर में ही मौजूद थे डोनाल्ड ट्रंप, सीक्रेट सर्विस ने हमलावर को मार गिराया
शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने किया समर्थन&amp;nbsp;
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने गाय को &#039;राष्ट्रीय पशु&#039; घोषित करने की मौलाना अरशद मदनी की मांग का खुले दिल से समर्थन किया. उन्होंने &#039;पीटीआई-भाषा&#039; से कहा कि उनकी कोशिश होगी कि विभिन्न मुस्लिम संगठनों को इस मामले पर एकमत किया जाए और इसके लिए दिल्ली में जल्द ही प्रमुख मुस्लिम संगठनों के जिम्मेदार लोगों की बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें एक साझा मांग-पत्र तैयार करके उसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी समेत देश के शीर्ष नेतृत्व को सौंपा जाएगा. उन्होंने कहा कि सरकार को इस मांग को फौरन पूरा करना चाहिए क्योंकि इससे न सिर्फ पूरे देश में गोकशी को लेकर सरकार की नीतियों में एकरूपता आएगी, बल्कि इसके नाम पर हो रही &amp;lsquo;मॉब लिंचिंग&amp;rsquo; और अन्य जुल्म-ज्यादतियां भी खत्म हो सकेंगी.
ऑल इंडिया कुरैशी जमात के अध्यक्ष ने भी किया समर्थन
कुरैशी समाज के प्रमुख संगठन &#039;ऑल इंडिया कुरैशी जमात&#039; के अध्यक्ष सिराज कुरैशी ने कहा कि बकरीद से पहले गाय की कुर्बानी का मामला फिर से राजनीतिक सरगर्मी का विषय बन गया है और पश्चिम बंगाल में इस सिलसिले में हो रहा घटनाक्रम इसका ताजा उदाहरण है. उन्होंने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग का खुला समर्थन करते हुए कहा कि जरूरत पड़ी तो इस बारे में उनका संगठन प्रधानमंत्री से मुलाकात भी करेगा. कुरैशी ने कहा कि उनका संगठन बहुत पहले से गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग कर रहा है, लेकिन आज तक किसी भी सरकार ने इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की.
शिया बोर्ड के महासचिव ने क्या कहा?
ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग तो सही है, लेकिन इस पर ईमानदारी से काम करना सरकार की जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि सरकार को गाय को लेकर अपनी मंशा ऐसी रखनी चाहिए, जो उसकी नीतियों में भी नजर आए, ऐसा न हो कि कुछ राज्यों में आहार में गोमांस का इस्तेमाल बेरोक-टोक किया जाए और कुछ राज्यों में गाय के नाम पर किसी की जान ले ली जाए.
ऑल इंडिया मुस्लिम लीग के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कौसर हयात खान ने भी मौलाना अरशद मदनी की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि यह मांग तकनीकी रूप से बिल्कुल दुरुस्त है और सरकार को पूरी ईमानदारी से इसपर अमल करना चाहिए. मुस्लिम संगठनों द्वारा एक मंच पर आकर इस मांग को पूरी मजबूती से उठाए जाने का जिक्र होने पर खान ने कहा कि यह मांग तभी मुकम्मल जोर पकड़ सकती है जब सभी मुस्लिम संगठन एक साथ आगे आयें.
गोकशी कानून में एकरूपता की उठी मांग
मौलाना रशीद ने गोकशी को लेकर पूरे देश में कानून में एकरूपता लाने की मांग करते हुए कहा कि कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक पूरे देश में गोकशी के खिलाफ एक समान कानून लागू किया जाए.मुस्लिम संगठनों द्वारा गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किए जाने के समन्वित प्रयास की संभावना से जुड़े एक सवाल पर मौलाना खालिद रशीद ने कहा कि सभी धार्मिक संगठनों को इस दिशा में आगे आना चाहिए.
जमीयत उलमा-ए-हिंद (एएम गुट) के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने मुसलमानों के दूसरे प्रमुख त्योहार बकरीद से कुछ दिन पहले गत बुधवार को अपने एक बयान में अपनी अर्से पुरानी मांग को दोहराते हुए कहा कि गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा दिया जाए और वध के लिए गाय की खरीद-फरोख्त तथा उसके मांस का कारोबार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया जाए.
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        <pubDate>Sun, 24 May 2026 19:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>फाल्टा उपचुनाव: जहां TMC के जहांगीर खान ने छोड़ा मैदान, वहां कांग्रेस नहीं ये पार्टी नंबर&amp;2 पर, चौंका रहे आंकड़े</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/फाल्टा-उपचुनाव-जहां-tmc-के-जहांगीर-खान-ने-छोड़ा-मैदान-वहां-कांग्रेस-नहीं-ये-पार्टी-नंबर-2-पर-चौंका-रहे-आंकड़े</link>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल के फाल्टा उपचुनाव में बीजेपी उम्मीदवार देबांग्शु पांडा लगातार मजबूत स्थिति में बने हुए हैं. चुनाव आयोग की तरफ से जारी ताजा अपडेट के अनुसार, 16 राउंड की मतगणना पूरी होने तक पांडा ने अपनी बढ़त और बढ़ा ली है. अब तक देबांग्शु पांडा को 94,460 वोट मिल चुके हैं. वह अपने सबसे करीबी प्रतिद्वंद्वी और CPI(M) उम्मीदवार शंभुनाथ कुर्मी से 62,402 वोटों के बड़े अंतर से आगे चल रहे हैं. अब BJP की स्थिति और ज्यादा मजबूत दिखाई दे रही है.
इस चुनाव का सबसे बड़ा झटका तृणमूल कांग्रेस (TMC) को लगता दिख रहा है. पार्टी के उम्मीदवार और इस सीट के पूर्व विधायक जहांगीर खान को अब तक सिर्फ 5,134 वोट मिले हैं. मौजूदा हालात को देखते हुए उनकी जमानत जब्त होने की संभावना जताई जा रही है. दरअसल उन्होंने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद ऐसी लग रहा था कि ये लड़ाई बीजेपी और कांग्रेस के बीच होगी, जबकि आंकड़े पूरी तरह चौंका रहे हैं. टीएमसी के पीछे हटने के बावजूद कांग्रेस यहां तीसरे नंबर पर पहुंच गई है, जबकि दूसरे नंबर सीपीआईएम के प्रत्याशी हैं.&amp;nbsp;&amp;nbsp;
ये भी पढ़ें: केरल में सरकार बनते ही कांग्रेस ने किया &#039;शुभेंदु अधिकारी वाला काम&#039;, भड़क उठा विपक्ष, क्या फैसला बदलेंगे वीडी सतीशन?
 पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़े बदलाव
अगर आगे के राउंड में भी यही रुझान बने रहते हैं, तो यह पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत हो सकता है. खासकर BJP की बढ़त और CPI(M) की वापसी चर्चा का बड़ा विषय बन गई है. हालांकि अभी मतगणना पूरी नहीं हुई है और अंतिम नतीजों के लिए बाकी राउंड की गिनती का इंतजार किया जा रहा है. सभी पार्टियों की नजर अब अगले चरणों की काउंटिंग पर टिकी हुई है. 2021 में हुए विधानसभा चुनाव में फाल्टा से AITC के शंकर कुमार नशकर को जीत मिली थी, जबकि 2016 में &amp;nbsp;AITC के तमनोश खोष को जीत मिली थी.
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        <pubDate>Sun, 24 May 2026 19:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>फाल्टा, उपचुनाव:, जहां, TMC, के, जहांगीर, खान, ने, छोड़ा, मैदान, वहां, कांग्रेस, नहीं, ये, पार्टी, नंबर-2, पर, चौंका, रहे, आंकड़े</media:keywords>
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        <title>इटली में बंट रही टॉफियां, और युवाओं को लाठियां... NEET मामले में पीछे पड़ी कांग्रेस, राहुल ने की शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/इटली-में-बंट-रही-टॉफियां-और-युवाओं-को-लाठियां-neet-मामले-में-पीछे-पड़ी-कांग्रेस-राहुल-ने-की-शिक्षा-मंत्री-के-इस्तीफे-की-मांग</link>
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        <description><![CDATA[ Rahul Gandhi On NEET Paper Leak: नीट पेपर लीक मामले में कांग्रेस पार्टी सत्ताधारी एनडीए सरकार को छोड़ने के मूड में नहीं है. राहुल गांधी ने एक बार फिर इस मामले को उठाते हुए केंद्र पर निशाना साधा है. साथ ही सरकार पर जवाबदेही से बचने की कोशिश की जा रही है. लाखों छात्रों का भविष्य अधर में लटका हुआ है.&amp;nbsp;
राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि जब लाखों युवा सड़कों पर हैं, और 22 लाख बच्चों का भविष्य दांव पर लगा हो, तब भी पीएम मोदी चुप हैं. यह सरकार सवालों के जवाब देने पर नहीं, बल्कि अपनी जिम्मेदारी से भागने पर ध्यान दे रही है.
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के मांग
विपक्षी पार्टी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के मांग की है. साथ ही परीक्षा पेपर लीक होने की घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था बनाने का आह्वान किया है. गांधी ने कहा कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते और NEET जैसे पेपर लीक को रोकने के लिए एक पुख्ता व्यवस्था नहीं बन जाती, तब तक हम चुप नहीं बैठेंगे. राहुल ने मोदी सरकार पर पेपर लीक माफिया को फलने फूलने का मौका देने का आरोप लगाया है.&amp;nbsp;
राहुल ने कहा कि NEET पेपर लीक ने लाखों छात्रों के भविष्य को अंधेरे में धकेल दिया है. मोदी सरकार के राज में पेपर लीक माफिया फल-फूल रहा है, जबकि इसके लिए जिम्मेदार लोग मूकदर्शक बने हुए हैं. हैदराबाद में NSUI के अध्यक्ष विनोद झाकर के नेतृत्व में NSUI के साथियों ने एक पैदल मार्च निकाला और युवाओं के विरोधी मोदी सरकार को एक कड़ा संदेश दिया. हम छात्रों के भविष्य के साथ इस तरह की छेड़छाड़ को जरा भी बर्दाश्त नहीं करेंगे. शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए. दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए. कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग की है. इस मामले में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है.&amp;nbsp;
गांधी ने गुरुवार को NEET UG पेपर लीक को लेकर यूथ कांग्रेस के विरोध प्रदर्शनों का समर्थन किया और इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाया. एक्स पर एक पोस्ट में राहुल गांधी ने कहा कि पार्टी तब तक नहीं रुकेगी जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं दे देतें. राजस्थान में हुए एक विरोध प्रदर्शन का वीडियो साझा करते हुए, गांधी ने BJP की राज्य सरकार पर प्रदर्शनकारियों पर लाठियां बरसाने का भी आरोप लगाया.

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इटली की पीएम को टॉफी गिफ्ट देने पर कसा तंज
राहुल ने कहा कि जब मोदी जी इटली में टॉफियां बांटते हुए रील बना रहे थे, तब भारत में पेपर लीक से परेशान युवा, न्याय की मांग करते हुए सड़कों पर उतर आए थे. क्योंकि NEET पेपर लीक ने लाखों छात्रों के भविष्य को बर्बाद कर दिया है. कई बच्चों ने तो अपनी जान भी गंवा दी है. मोदी जी ने न तो कोई जिम्मेदारी ली, न ही धर्मेंद्र प्रधान को हटाया, और न ही एक शब्द भी बोला.
अब जब छात्र NSUI और INC कार्यकर्ता न्याय के लिए अपनी आवाज उठा रहे हैं, तो BJP की राज्य सरकारें उन पर लाठियां बरसा रही हैं. जो सरकार छात्रों के सवालों का जवाब लाठियों से देती है, वह जवाबदेही पर नहीं चलती&amp;mdash;वह डर पर चलती है. लेकिन हम डरने वालों में से नहीं हैं. हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफ़ा नहीं दे देते और देश में पेपर लीक को रोकने के लिए एक मजबूत और सुरक्षित सिस्टम लागू किया गया है. यह लड़ाई हर उस छात्र के लिए है जिसका भविष्य इस नाकाम सरकार ने छीन लिया है.&amp;nbsp;
इधर, NTA के डायरेक्टर जनरल (DG) अभिषेक सिंह एक संसदीय समिति के सामने पेश हुए. उन्होंने NEET-UG पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया में सुधार के लिए उठाए जा रहे कदमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी. शिक्षा सचिव विनीत जोशी भी इस चर्चा के दौरान मौजूद थे, जो आज सुबह 11 बजे शुरू हुई और लगभग पांच घंटे तक चली.
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        <pubDate>Sun, 24 May 2026 19:30:12 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>इटली, में, बंट, रही, टॉफियां, और, युवाओं, को, लाठियां..., NEET, मामले, में, पीछे, पड़ी, कांग्रेस, राहुल, ने, की, शिक्षा, मंत्री, के, इस्तीफे, की, मांग</media:keywords>
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        <title>Tamil Nadu Politics: DMK और कांग्रेस गठबंधन में बड़ी दरार! उदयनिधि स्टालिन बोले&amp; &amp;apos;कांग्रेस ने किया विश्वासघात, अब कभी नहीं...&amp;apos;</title>
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        <description><![CDATA[ DMK नेता और पार्टी की यूथ विंग के सचिव उदयनिधि स्टालिन ने कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला है. उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) की अल्पमत सरकार का समर्थन करके DMK के साथ विश्वासघात किया है. एक पार्टी कार्यक्रम में उदयनिधि ने कहा कि अब DMK को कांग्रेस पर दोबारा भरोसा नहीं करना चाहिए. उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने DMK कार्यकर्ताओं की मेहनत और मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की लोकप्रियता की वजह से चुनाव जीता, लेकिन बाद में बिना जानकारी दिए गठबंधन छोड़ दिया.
उदयनिधि स्टालिन ने कहा, &#039;DMK कार्यकर्ताओं की मेहनत की वजह से कांग्रेस के पांच विधायक जीत पाए. लोगों ने कांग्रेस को वोट इसलिए दिया क्योंकि वे एमके स्टालिन को मुख्यमंत्री बनाना चाहते थे. लेकिन आज कुछ पदों के लिए कांग्रेस हमें बताए बिना चली गई. ऐसे लोगों पर कभी भरोसा नहीं करना चाहिए जिनमें बुनियादी आभार और शालीनता नहीं है.&#039; उन्होंने आगे कहा कि तमिलनाडु की जनता कांग्रेस को इसका जवाब देगी.

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देश में BJP की बढ़त की वजह कांग्रेस
उदयनिधि स्टालिन ने कांग्रेस को पूरे देश में BJP की मजबूती के लिए भी जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि पहले उन्हें लगता था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह BJP की जीत की मुख्य वजह हैं, लेकिन अब उन्हें लगता है कि कांग्रेस की राजनीति ने BJP को मजबूत किया है. उन्होंने कहा, &#039;हमारे नेता एमके स्टालिन ने लोकसभा और विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को अपने कंधों पर उठाया था, लेकिन कांग्रेस ने उसका सम्मान नहीं किया.&#039;
DMK बैठक में कांग्रेस पर तीखे प्रस्ताव
DMK की बैठक में कांग्रेस के खिलाफ कई कड़े प्रस्ताव भी पारित किए गए. पार्टी नेताओं ने कांग्रेस को पीठ में छुरा घोंपने वाला और जोंक तक कहा. आरोप लगाया गया कि कांग्रेस अपने सहयोगियों की मेहनत पर राजनीति करती है. उदयनिधि ने पार्टी कार्यकर्ताओं से युवाओं और पहली बार वोट डालने वाले मतदाताओं के बीच राजनीतिक जागरूकता बढ़ाने की अपील भी की. उन्होंने खास तौर पर Gen Z वोटरों को राजनीति समझाने पर जोर दिया.
एमके स्टालिन ने TVK सरकार पर साधा निशाना
DMK अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने भी विजय की अगुवाई वाली TVK सरकार पर हमला बोला. उन्होंने दावा किया कि यह सरकार अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा नहीं कर पाएगी. स्टालिन ने कहा, &#039;उन्होंने AIADMK को तोड़कर बहुमत दिखाने की कोशिश की, लेकिन वे सफल नहीं हुए. यह सरकार कभी भी गिर सकती है.&#039;उन्होंने CPI, CPI(M), VCK और IUML जैसी पार्टियों पर भी निशाना साधा, जो पहले बाहर से समर्थन दे रही थीं लेकिन बाद में सरकार में शामिल हो गईं.
लोग एक्टर की सरकार से जल्द ऊब जाएंगे-स्टालिन
एमके स्टालिन ने विजय की सरकार की तुलना नए खिलौने से करते हुए कहा कि लोग कुछ समय बाद इससे भी ऊब जाएंगे. उन्होंने कहा, &#039;जैसे बच्चे नए खिलौनों से कुछ दिनों में बोर हो जाते हैं, वैसे ही लोग भी अभिनेता की सरकार से ऊब जाएंगे. आखिर में वे फिर हमारे पास लौटेंगे.&#039;
गठबंधन में बढ़ा तनाव
कांग्रेस, वामपंथी दल, VCK और IUML साल 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद से DMK गठबंधन का हिस्सा रहे हैं. लेकिन हालिया विधानसभा चुनाव के बाद इन दलों ने विजय की TVK सरकार को समर्थन देने का फैसला किया, जिसके बाद DMK और कांग्रेस के रिश्तों में खुला तनाव सामने आ गया.
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        <pubDate>Sun, 24 May 2026 19:30:11 +0530</pubDate>
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        <title>Marco Rubio India Visit: ‘हर देश में बेवकूफ होते हैं’, दिल्ली में किस बात पर बोले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो?</title>
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        <description><![CDATA[ अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने रविवार (24 मई, 2026) को अमेरिका में भारतीयों के खिलाफ कथित नस्लीय टिप्पणियों को लेकर सवाल पूछे जाने पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने अमेरिका का बचाव करते हुए कहा कि हर देश में बेवकूफ लोग होते हैं.
दरअसल, अमेरिकी विदेश मंत्री नई दिल्ली में भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे. इसी दौरान उनसे अमेरिका में भारतीय के खिलाफ नस्लीय टिप्पणियों को लेकर सवाल पूछा गया. इस पर रुबियो ने पूछा कि ये टिप्पणियां आखिर किसने कीं? जिस पर पत्रकार ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन कहा कि ऐसे पोस्ट को समर्थन मिला था और हम सभी ने इसे देखा है.
हाल ही में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक सोशल मीडिया पोस्ट शेयर किया था, जिसमें उन्होंने भारत को एक हेलहोल यानी नरक जैसा जगह कहा था, हालांकि, बाद में ट्रंप ने सफाई देते हुए भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की थी.

#WATCH | Delhi: On being asked about racist remarks against Indian Americans in the United States, US Secretary of State Marco Rubio says, &quot;I&#039;ll take that very seriously about the comments. I&#039;m sure that there are people who have made comments online and in other places because&amp;hellip; pic.twitter.com/JZBZv1L94Y
&amp;mdash; ANI (@ANI) May 24, 2026



नस्लीय टिप्पणियों पर क्या बोले अमेरिकी विदेश मंत्री?
इस सवाल पर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियों ने कहा, &amp;lsquo;मुझे नहीं पता कि इसका मैं क्या जवाब दूं, लेकिन मैं इसे बहुत गंभीरता से लूंगा. मुझे यकीन है कि कुछ लोगों ने ऑनलाइन और बाकी जगहों पर ऐसी टिप्पणियां की होंगी, क्योंकि दुनिया के हर देश में बेवकूफ लोग होते हैं. मुझे यकीन है कि यहां भी बेवकूफ लोग हैं और अमेरिका में भी बेवकूफ लोग हैं, जो हर समय बेवकूफी भरी बातें करते रहते हैं.&amp;rsquo;

अमेरिका दुनियाभर के लोगों का स्वागत करने वाला देशः रुबियो
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, मार्को रुबियो ने अमेरिका में प्रवासियों, खासकर भारतीय समुदाय के योगदान का जिक्र करते हुए कहा, &amp;lsquo;अमेरिका एक बहुत स्वागत करने वाला देश है. हमारा देश दुनिया भर से आए लोगों से समृद्ध हुआ है. वे अमेरिका आए, अमेरिकी बने, हमारी जीवनशैली में घुल-मिल गए और देश के विकास में अपना योगदान दे रहे हैं.&amp;rsquo;
अमेरिकी अर्थव्यवस्था में भारतीय समुदाय की भूमिका को स्वीकार करते हुए विदेश मंत्री मार्को रुबियों ने कहा, &amp;lsquo;मैं आपकी इस बात से सहमत हूं कि भारतीयों ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था में 20 अरब डॉलर से ज्यादा का योगदान दिया है और हम चाहते है कि यह संख्या आगे भी बढ़ते रहे.&amp;rsquo;
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        <pubDate>Sun, 24 May 2026 19:30:10 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>Marco, Rubio, India, Visit:, ‘हर, देश, में, बेवकूफ, होते, हैं’, दिल्ली, में, किस, बात, पर, बोले, अमेरिकी, विदेश, मंत्री, मार्को, रुबियो</media:keywords>
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        <title>&amp;apos;भारत बनेगा दुनिया का सबसे बड़ा हथियार सप्लायर, कोई नहीं रोक सकता&amp;apos;, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का बड़ा बयान</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/भारत-बनेगा-दुनिया-का-सबसे-बड़ा-हथियार-सप्लायर-कोई-नहीं-रोक-सकता-रक्षा-मंत्री-राजनाथ-सिंह-का-बड़ा-बयान</link>
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        <description><![CDATA[ रक्षा मंत्री राजनाथ मंत्री ने शनिवार (23 मई, 2026) को भारत के डिफेंस सेक्टर के व्यापक विस्तार को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि आने वाले 25 से 30 सालों में भारत दुनिया का सबसे बड़ा हथियार निर्यात करने वाला देश बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और भारत को ऐसा करने से दुनिया की कोई ताकत नहीं रोक सकती है.
रक्षा क्षेत्र में निजी सेक्टर की भूमिका पर बोले रक्षा मंत्री
महाराष्ट्र के शिरडी में एक गोला-बारूद निर्माण इकाई के उद्घाटन के बाद समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत सरकार का लक्ष्य रक्षा उत्पादन यानी डिफेंस प्रोडक्शन में निजी सेक्टर की हिस्सेदारी को 50 प्रतिशत तक बढ़ाना है. उन्होंने कहा, &amp;lsquo;भारत को पहले हथियारों का आयात करने वाला देश माना जाता था, लेकिन अब कोई भी ताकत भारत को अगले 25-30 सालों में सबसे बड़ा हथियार निर्यातक देश बनने से रोक नहीं सकती है.&amp;rsquo;
यह भी पढ़ेंः PM मोदी से मिले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, व्हाइट हाउस आने का दिया न्योता, दिल्ली में हाई लेवल मीटिंग
डिफेंस में निजी क्षेत्र अब सिर्फ नट-बोल्ट का सप्लायर नहीं रहाः राजनाथ
न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, &amp;lsquo;भारत को गोला-बारूद और ऑटोमेशन का ग्लोबल हब बनाने के लिए सभी को एक साथ मिलकर काम करना होगा. जब सरकार की दूरदृष्टि और प्राइवेट सेक्टर का इनोवेशन एक साथ आते है, तब देश नई ऊंचाइयों तक पहुंचता है.&amp;rsquo; उन्होंने कहा, &amp;lsquo;अब प्राइवेट सेक्टर डिफेंस लाइन में सिर्फ नट-बोल्ट का सप्लायर नहीं रहा, बल्कि अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों का निर्माता भी बन चुका है.&amp;rsquo;

भविष्य के युद्ध मल्टी-सेक्टरल होंगेः CDS अनिल चौहान
वहीं, महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले के शिरडी में रक्षा विनिर्माण यूनिट के उद्घाटन के मौके पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने शनिवार (23 मई, 2026) को कहा कि भविष्य के युद्ध मल्टी-सेक्टरल होंगे, जहां लड़ाइयां भूमि, समुद्र, वायु और साइबर क्षेत्र के साथ-साथ मनोवैज्ञानिक तरीके से भी लड़ी जाएंगी. उन्होंने कहा कि आधुनिक युद्ध सिर्फ इंसानी ताकत, पारंपरिक हथियारों या प्लेटफॉर्म-केंद्रित अभियानों पर आधारित नहीं हैं. AI, ड्रोन, रोबोटिक्स, साइबर सिस्टम, स्पेस, टेक्नोलॉजी, सटीक मारक क्षमता वाले हथियार और सूचना प्रभुत्व भविष्य के युद्धों को निर्णायक आकार देंगे.
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        <pubDate>Sun, 24 May 2026 03:30:09 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>भारत, बनेगा, दुनिया, का, सबसे, बड़ा, हथियार, सप्लायर, कोई, नहीं, रोक, सकता, रक्षा, मंत्री, राजनाथ, सिंह, का, बड़ा, बयान</media:keywords>
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        <title>PM मोदी की मार्को रुबियो से मुलाकात, रक्षा और ऊर्जा के मसले पर चर्चा, ईरान को लेकर क्या हुई बात?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/pm-मोदी-की-मार्को-रुबियो-से-मुलाकात-रक्षा-और-ऊर्जा-के-मसले-पर-चर्चा-ईरान-को-लेकर-क्या-हुई-बात</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/pm-मोदी-की-मार्को-रुबियो-से-मुलाकात-रक्षा-और-ऊर्जा-के-मसले-पर-चर्चा-ईरान-को-लेकर-क्या-हुई-बात</guid>
        <description><![CDATA[ भारत के चार दिवसीय यात्रा पर पहुंचे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने शनिवार (23 मई, 2026) को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. उन्होंने पीएम मोदी के साथ मुलाकात को लेकर कहा कि हमने बातचीत में भारत और अमेरिका के संबंधों के महत्व पर जोर दिया. इसके अलावा, मध्य पूर्व की स्थिति, ऊर्जा क्षेत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा की.
PM मोदी से मुलाकात के बाद बोले मार्को रुबियो
पीएम मोदी से मुलाकात के बाद अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए एक पोस्ट में कहा, &amp;lsquo;मैंने नई दिल्ली में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और भारत-अमेरिका के संबंधों के महत्व पर जोर दिया. हमने मिडिल ईस्ट की स्थिति, ऊर्जा क्षेत्र में अमेरिका-भारत साझेदारी, महत्वपूर्ण आपूर्ति श्रृंखलाओं की सुरक्षा और उभरती तकनीकियों में सहयोग पर चर्चा की.&amp;rsquo; उन्होंने कहा, &amp;lsquo;मुझे राष्ट्रपति (डोनाल्ड ट्रंप) की ओर से प्रधानमंत्री मोदी को व्हाइट हाउस आने का निमंत्रण देते हुए खुशी हुई.&amp;rsquo;&amp;nbsp;

Tommy Pigott, Spokesperson for the US Department of State- &quot;Secretary Rubio met today with Indian Prime Minister Narendra Modi in New Delhi. The Secretary extended an invitation, on behalf of President Trump, to the Prime Minister to visit the White House. The Secretary and Prime&amp;hellip; https://t.co/BUSFOWdFAH pic.twitter.com/DrYJBZGhAr
&amp;mdash; ANI (@ANI) May 23, 2026



भारत के साथ संबंधों को लेकर अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?&amp;nbsp;
वहीं, पीएम मोदी और मार्को रुबियो की मुलाकात को लेकर अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी किया है. अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने कहा, &amp;lsquo;विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने आज शनिवार (23 मई, 2026) को नई दिल्ली में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. विदेश मंत्री ने अमेरिका-भारत साझेदारी के रणनीतिक महत्व को रेखांकित किया, जो हमारे साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, गहरे आर्थिक और व्यापारिक अवसरों और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के बीच मजबूत व्यक्तिगत संबंधों पर आधारित है.&amp;rsquo;

यह भी पढे़ंः &#039;यहां बहुत गर्मी है&#039;, मीडिया से बात करते हुए दिल्ली में बोले मार्को रुबियो, हीटवेव से हुए परेशान?
उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री और प्रधानमंत्री ने मिडिल ईस्ट की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की. उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिका ईरान को वैश्विक ऊर्जा बाजार को बंधक बनाने नहीं देगा और यह भी दोहराया कि अमेरिकी एनर्जी प्रोडक्ट्स भारत की ऊर्जा आपूर्ति में विविधता लाने की क्षमता रखते हैं.
उन्होंने आगे कहा, &amp;lsquo;दोनों नेताओं ने हाल की द्विपक्षीय उपलब्धियों पर भी चर्चा की, जिनमें महत्वपूर्ण निवेश शामिल हैं, जो राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के मिशन 500 के तहत साल 2030 तक व्यापार को दोगुना करने के लक्ष्य को आगे बढ़ाते हैं.&amp;rsquo;
यह भी पढ़ेंः PM मोदी से मिले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, व्हाइट हाउस आने का दिया न्योता, दिल्ली में हाई लेवल मीटिंग ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 24 May 2026 03:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>ट्विशा मर्डर केस में सुप्रीम कोर्ट ने लिया स्वत: संज्ञान, 25 मई को जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच करेगी सुनवाई</title>
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        <guid>https://hindi.attentionindia.com/ट्विशा-मर्डर-केस-में-सुप्रीम-कोर्ट-ने-लिया-स्वत-संज्ञान-25-मई-को-जस्टिस-सूर्यकांत-की-अध्यक्षता-वाली-बेंच-करेगी-सुनवाई</guid>
        <description><![CDATA[ Supreme Court Suo Motu: भोपाल में हुए ट्विशा मर्डर केस में सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है. इस पूरे कथित हत्याकांड पर भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ सोमवार को इस मामले में विचार कर सकती है. कोर्ट ने माना है कि वैवाहिक घर में एक युवती की अप्राकृतिक मृत्यु के मामले में कथित संस्थागत पूर्वाग्रह और प्रक्रियागत विसंगतियों को लेकर स्वत: संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया है. बेंच में जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली भी शामिल रहेंगे.&amp;nbsp;
क्या है पूरा मामला?&amp;nbsp;
भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में ट्विशा शर्मा फांसी पर लटकी मिली. मॉडल से एक्टर बनी ट्विशा के परिवार ने उसके ससुराल वालों पर दहेज के लिए बेटी को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया. वहीं ससुराल पक्ष का कहना है कि वह ड्रग्स एडिक्ट थी.
33 साल की ट्विशा नोएडा की रहने वाली थीं. वे एक एमबीए ग्रेजुएट, मॉडल और पूर्व मिस पुणे कंटेस्टेंट और योग टीचर थीं. उन्होंने एक्टिंग और मार्केटिंग की दुनिया में भी काम किया था. एक डेटिंग एप के जरिए भोपाल के वकील समर्थ सिंह से उसकी मुलाकात हुई थी. इसके बाद यह मुलाकात प्यार में बदल गई. शादी के बाद ट्विशा पति के साथ भोपाल शिफ्ट हो गई.&amp;nbsp; दिसंबर 2025 में ट्विशा की शादी हुई थी. समर्थ सिंह एमपी सरकार में पूर्व लीगल एडवाइजर रह चुका है. उसकी मां एक रिटायर्ड जज है. शादी के बाद ट्विशा भोपाल के कटारा हिल्स में अपनी ससुराल में रहने लगी.
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संदिग्ध परिस्थितियों में हुई ट्विशा की मौत
ट्विशा के परिवार का आरोप है कि ट्विशा पर दहेज को लेकर परिवार का अत्याचार शुरू हो गया. लगातार मोटी रकम और कीमती सामान की मांग की जा रही थी. साथ ही ट्विशा के चरित्र पर झूठे आरोप भी लगाए जा रहे थे. साथ ही प्रेग्नेंट होने के बाद ट्विशा का अबॉर्शन करवा दिया गया. इसके अलावा बताया गया कि ट्विशा को मानसिक बीमार दिखाने के लिए ओलंजापाइन जैसी दवाइयां दी जा रही थी.

12 मई को ट्विशा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. घर के सीसीटीवी फुटेज ने केस को पूरी तरह उलट दिया. सुबह 7 बजे सीसीटीवी में ट्विशा बिल्कुल सामान्य और शांत अकेले छत पर जाती दिखती हैं. इसके बाद 8.20 पर सीढ़ियों की बीच अफरातफरी मचती है. समर्थ के साथ दो अन्य लोग ट्विशा के शरीर को नीचे लाते हैं. उन्हें होश में लाने के लिए सीपीआर दिया जाता है. वहीं, पुलिस ने परिवार के ड्रग्स एडिकशन वाले दावे को खारिज कर दिया, क्योंकि ट्विशा के खून में किसी तरह के ड्रग्स और नशीले पदार्थ नहीं मिला.
ट्विशा शर्मा केस: CCTV की टाइमिंग, लोगों के बयान नहीं हो रहे मैच, पोस्टमार्ट रिपोर्ट के बाद उठे कई सवाल ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 24 May 2026 03:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>ट्विशा, मर्डर, केस, में, सुप्रीम, कोर्ट, ने, लिया, स्वत:, संज्ञान, मई, को, जस्टिस, सूर्यकांत, की, अध्यक्षता, वाली, बेंच, करेगी, सुनवाई</media:keywords>
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        <title>&amp;apos;भविष्य के युद्धों में AI, रोबोटिक्स और साइबर सिस्टम की होगी मुख्य भूमिका&amp;apos;, शिरडी में बोले CDS अनिल चौहान</title>
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        <description><![CDATA[ CDS Anil Chouhan in Shirdi Maharashtra: नई दिल्ली में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ अनिल चौहान ने शनिवार को भविष्य में होने वाले युद्ध को लेकर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि भविष्य में युद्ध कई मोर्चों पर लड़े जाएंगे. इनमें जमीन, हवाल, समुद्र के अलावा साइबर स्पेस और कॉन्गिटिव वॉरफेयर शामिल है.&amp;nbsp;
उन्होंने शिर्डी के NIBE डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉम्प्लेक्स के उद्घाटन के दौरान अपनी बात रखी. उन्होंने शहर को डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग और टेक्निकल इनोवेशन के लिए उभरते हुए केंद्र के तौर पर बताया.&amp;nbsp;
चौहान ने उद्घाटन के दौरान संबोधित करते हुए कहा कि मॉर्डन वॉरफेयर तेजी से पारंपरिक मैनपावर और प्लेटफॉर्म ऑपरेशंस से आगे बढ़ रहे हैं. अब एआई, रोबोटिक्स, ड्रोन और साइबर सिस्टम जैसी टेक्नोलॉजी नए मोर्चों को आकार दे रही हैं.&amp;nbsp;
चौहान बोले- भविष्य के युद्ध बहुक्षेत्रीय होंगे
उन्होंने कहा कि भविष्य के युद्ध बहुक्षेत्रीय होंगे. जहां जमीन, समुद्र, साइबर स्पेस, कॉन्गिटिव वॉरफेयर मिलकर काम करेंगे. यानी भविष्य के युद्ध भौगोलिक सीमाओं तक सीमित नहीं रहेंगे. युद्ध आने वाले समय में सूचना नेटवर्क, डिजिटल इकोसिस्टम, साइबर इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा वातावरण भी इस युद्ध क्षेत्र का हिस्सा बन जाएंगे.&amp;nbsp;
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जनरल चौहान ने कहा है कि भविष्य के संघर्षों में तकनीकी इनोवेशन अहम भूमिका निभाएंगे. साथ ही स्पीड और अनुकूलन क्षमता पर भी ध्यान केंद्रित करना होगा. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, साइबर सिस्टम, ड्रोन, ऑटोनॉमस प्लेटफॉर्म, अंतरिक्ष टेक्नोलॉजी, सटीक मार करने वाले हथियार और सूचना के क्षेत्र में बढ़त भविष्य के युद्धक्षेत्र को एक निर्णायक रूप दे रहे हैं.
इसके अलावा उन्होंने कहा कि शिरडी में जो लंबे समय से आध्यात्मिकता और आस्था से जुड़ा रहा है. अब इंडस्ट्रियल और डिफेंस डेवलपमेंट, मॉर्डन टेक्नोलॉजी का अद्भुत संगम बनकर उभरा है.&amp;nbsp;

इतना पहुंचा भारत का डोमेस्टिक डिफेंस प्रोडक्शन
उन्होंने कहा कि भारत का डोमेस्टिक डिफेंस प्रोडक्शन 1.27 लाख करोड़ तक पहुंच गया है. वहीं डिफेंस इम्पोर्ट 38 हजार करोड़ रुपए को पार कर गया है. इससे भारत में बने डिफेस प्रोडक्ट 100 से अधिक देशों को निर्यात किए जा रहे हैं. इसके अलावा उन्होंने युवा इंजीनियर्स और इनोवेटर्स से विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का आग्रह किया है. इस कार्यक्रम में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री फडणवीस भी शामिल हुए.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sun, 24 May 2026 03:30:06 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>भविष्य, के, युद्धों, में, AI, रोबोटिक्स, और, साइबर, सिस्टम, की, होगी, मुख्य, भूमिका, शिरडी, में, बोले, CDS, अनिल, चौहान</media:keywords>
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        <title>भारत के कई राज्यों में हीटवेव का कहर, प्रचंड गर्मी की वजह से तापमान 47 डिग्री पार, कब मिलेगी राहत?</title>
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        <description><![CDATA[ भारत के कई हिस्सों में इस वक्त भीषण गर्मी और हीटवेव का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है. देश के कई राज्यों में प्रचंड गर्मी की वजह से तापमान 47 डिग्री के पार हो गया है, जिससे लोगों का हाल बेहाल हो गया है. मौसम विभाग के मुताबिक, देश के मध्य भागों, उससे सटे उत्तर प्रदेश, पूर्वी और उत्तरी प्रायद्वीपीय भारत में अधिकतम तापमान 43 से 47 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया.
वहीं, भारत के पूर्वोत्तर हिस्से, पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और पश्चिम-दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के कुछ हिस्सों को छोड़कर देश के अधिकांश हिस्सों में तापमान 40 से 43 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहा. जबकि भीषण गर्मी के बीच विदर्भ के ब्रह्मपुरी सबसे ज्यादा तपता हुआ इलाका रहा, जहां अधिकतम तापमान 47.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. लगातार बढ़ते तापमान ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है और कई राज्यों में लू जैसे हालात बने हुए हैं.
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, आने वाले दिनों में भी गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है. लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और धूप से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी गई है.
24 मई को देश में कैसा रहेगा मौसम
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपनी ताजा बयान में कहा है कि रविवार (24 मई, 2026) को देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिलाजुला असर देखने को मिलेगा. आईएमडी ने कहा कि रविवार को कहीं भीषण गर्मी और लू लोगों को परेशान करेगी, तो कहीं बारिश और बादलों की मौजूदगी से लोगों को राहत मिलने की संभावना है. मौसम विभाग ने संकेत दिया कि देश के कई राज्यों में तापमान और बारिश का यह असमान पैटर्न जारी रहेगा.&amp;nbsp;

कहां-कहां भीषण गर्मी का दिखेगा प्रकोप?
दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश जैसे उत्तर पश्चिम भारत के राज्यों में गर्मी का सबसे ज्यादा रहने की संभावना है. कई इलाकों में लू चल सकती है और तापमान 43 से 47 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच सकता है. वहीं, देश की राजधानी दिल्ली और एनसीआर के इलाके में भी उमस और गर्म हवा के कारण लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है. मौसम विभाग ने इन इलाकों के लिए हीटवेव और भीषण गर्मी के लिए अलर्ट जारी किया है. हालांकि, इस भीषण गर्मी और लू की स्थिति में सुधार को लेकर मौसम विभाग की तरफ से कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है.
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        <pubDate>Sun, 24 May 2026 03:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>&amp;apos;अगर बंगाल में रहना है तो...&amp;apos;, बकरीद पर कुर्बानी को लेकर हुमायूं कबीर को शुभेंदु की मंत्री की दो टूक</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/अगर-बंगाल-में-रहना-है-तो-बकरीद-पर-कुर्बानी-को-लेकर-हुमायूं-कबीर-को-शुभेंदु-की-मंत्री-की-दो-टूक</link>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने पशु कुर्बानी और मानसून की तैयारियों को लेकर अब सख्त रुख अख्तियार किया है. उन्होंने कहा कि लोगों को नियम का पालन करना होगा. महिला एवं बाल कल्याण तथा शहरी विकास राज्य मंत्री ने कहा कि बंगाल में गोवंश के वध पर सख्त कानून है, जिसका अब सख्ती से पालन कराया जाएगा.
गाय की कुर्बानी को लेकर क्या कहा?
अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि जो नियमों का पालन नहीं करेगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. बंगाल सरकार में मंत्री पॉल ने कहा, &amp;ldquo;कानून में स्पष्ट प्रावधान है कि चौदह वर्ष से कम उम्र की किसी भी गाय या गोवंश परिवार के जानवर का वध नहीं किया जा सकता, जबकि यह नियम अन्य राज्यों में या तो नहीं है या कम सख्त है. बंगाल में यह नियम पिछली सरकार के समय से ही लागू था, लेकिन उसे वोट बैंक की राजनीति के कारण लागू नहीं किया गया.&amp;rdquo;

मानसून की तैयारियों पर दिया बयान
मंत्री ने आगे कहा कि वर्तमान सरकार अब इस कानून को सख्ती से लागू करेगी. उन्होंने मानसून की तैयारियों पर भी विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने बताया, &amp;ldquo;हमें मानसून 8 जून के आसपास आने का पूर्वानुमान मिला है, हालांकि तारीख में थोड़ा बदलाव हो सकता है, लेकिन हम 8 जून को ही आधार मानकर अपनी कार्ययोजना आगे बढ़ा रहे हैं. हमारे पास अभी अठारह दिन बचे हैं. हमने सभी प्रशासनिक विभागों की संयुक्त बैठक बुलाई है ताकि समय रहते सभी तैयारियां पूरी हो जाएं.&amp;rdquo;
हुमायूं कबीर को सख्त चेतावनी
अग्निमित्रा पॉल ने जोर देकर कहा कि कोलकाता, आसनसोल समेत पूरे बंगाल में कहीं भी जनता को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए. पेयजल, ड्रेनेज, सड़क, बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं सहित सभी नागरिक सुविधाओं को लेकर व्यापक तैयारी की जा रही है. मंत्री ने साफ कहा, &amp;ldquo;हुमायूं कबीर अगर आपको बंगाल में रहना है तो आपको बंगाल के नियमों का पालन करना होगा. अगर आपको भारत में रहना है, तो आपको यहां के नियमों का पालन करना ही होगा.&amp;nbsp;
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पेट्रोल-डीजल की कीमतों में फिर बढ़ोतरी, 10 दिन में तीसरी बार बढ़े दाम, CNG ने भी दिया झटका ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 23 May 2026 15:30:11 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>अगर, बंगाल, में, रहना, है, तो..., बकरीद, पर, कुर्बानी, को, लेकर, हुमायूं, कबीर, को, शुभेंदु, की, मंत्री, की, दो, टूक</media:keywords>
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        <title>पेट्रोल और डीजल के 10 दिन में तीसरी बार बढ़े दाम तो आया कांग्रेस का रिएक्शन, कहा&amp; मोदी सरकार नागरिकों को लूट...</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/पेट्रोल-और-डीजल-के-10-दिन-में-तीसरी-बार-बढ़े-दाम-तो-आया-कांग्रेस-का-रिएक्शन-कहा-मोदी-सरकार-नागरिकों-को-लूट</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/पेट्रोल-और-डीजल-के-10-दिन-में-तीसरी-बार-बढ़े-दाम-तो-आया-कांग्रेस-का-रिएक्शन-कहा-मोदी-सरकार-नागरिकों-को-लूट</guid>
        <description><![CDATA[ Congress Attacks Modi Government: डीजल और कांग्रेस के दीम बीते 10 दिनों में तीसरी बार बढ़े हैं. इसको लेकर कांग्रेस ने शनिवार को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आम लोगों पर महंगाई का बोझ डाल रहे हैं, जबकि सरकार को सिर्फ तेल कंपनियों के मुनाफे की चिंता है.
कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, &amp;lsquo;महंगाई मैन&amp;rsquo; मोदी ने पिछले 9 दिनों में पेट्रोल और डीजल के दाम 5 रुपये बढ़ा दिए हैं. आज फिर पेट्रोल 94 पैसे और डीजल 95 पैसे महंगा कर दिया गया.&#039;
&amp;nbsp;

&#039;महंगाई मैन&#039; मोदी ने पेट्रोल-डीजल पर 9 दिन में 5 रुपए बढ़ा दिए.आज फिर पेट्रोल 94 पैसे और डीजल 95 पैसे महंगा कर दिया गया.मोदी को बस तेल कंपनियों के फायदे की चिंता है. एक तरफ जहां दुनियाभर की सरकारें अपनी जनता को राहत दे रही हैं, मोदी सरकार जनता को ही लूटने में लगी है.कभी तो&amp;hellip;
&amp;mdash; Congress (@INCIndia) May 23, 2026



&#039;सरकार जनता नहीं, तेल कंपनियों के मुनाफे की सोच रही&#039;
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार महंगाई से परेशान लोगों को राहत देने के बजाय तेल कंपनियों के फायदे को प्राथमिकता दे रही है. पार्टी ने कहा, &#039;मोदी को सिर्फ तेल कंपनियों के मुनाफे की चिंता है. दुनिया भर की सरकारें अपने नागरिकों को राहत दे रही हैं, जबकि मोदी सरकार अपने ही लोगों को लूटने में लगी है. कम से कम एक बार जनता के हित के बारे में सोचिए, आखिर कब तक पूंजीपतियों का पक्ष लेते रहेंगे?&#039;
10 दिनों में तीसरी बार बढ़े दाम
कांग्रेस की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब देश के प्रमुख महानगरों में शनिवार को फिर पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ा दी गईं. वैश्विक ऊर्जा बाजार में जारी अस्थिरता के बीच 10 दिनों से भी कम समय में यह तीसरी बार है जब ईंधन के दाम बढ़ाए गए हैं. दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 87 पैसे बढ़कर 99.51 रुपये प्रति लीटर हो गई है. वहीं डीजल 91 पैसे महंगा होकर 92.49 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया.

अब महंगाई मैन मोदी ने CNG के दाम भी बढ़ा दिए। CNG पिछले 9 दिन में 4 रुपए महंगी हुई है।नरेंद्र मोदी जनता को खुलकर लूट रहे हैं। क्योंकि उन्हें अपने अमीर दोस्तों की तिजोरी भरनी है।
&amp;mdash; Congress (@INCIndia) May 23, 2026

कोलकाता में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी
कोलकाता में पेट्रोल 94 पैसे महंगा होकर 110.64 रुपये प्रति लीटर हो गया. वहीं डीजल 95 पैसे बढ़कर 97.02 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया. मुंबई में पेट्रोल की कीमत में 90 पैसे की बढ़ोतरी हुई, जिसके बाद इसका रेट 108.49 रुपये प्रति लीटर हो गया. वहीं डीजल 94 पैसे महंगा होकर 95.02 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया. चेन्नई में पेट्रोल 82 पैसे बढ़कर 105.31 रुपये प्रति लीटर और डीजल 87 पैसे महंगा होकर 96.98 रुपये प्रति लीटर हो गया.
इससे पहले भी बढ़े थे दाम
इससे पहले मंगलवार को भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की गई थी. दिल्ली में पेट्रोल 97.77 रुपये से बढ़कर 98.64 रुपये प्रति लीटर और डीजल 90.67 रुपये से बढ़कर 91.58 रुपये प्रति लीटर हो गया था. मुंबई में पेट्रोल 91 पैसे महंगा होकर 107.59 रुपये प्रति लीटर और डीजल 94 पैसे बढ़कर 94.08 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया था. चेन्नई में पेट्रोल 82 पैसे बढ़कर 104.49 रुपये और डीजल 86 पैसे बढ़कर 96.11 रुपये प्रति लीटर हो गया था. कोलकाता में भी पेट्रोल 96 पैसे बढ़कर 109.70 रुपये प्रति लीटर और डीजल 94 पैसे बढ़कर 96.07 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया था.
जयपुर में भी महंगा हुआ ईंधन
जयपुर में पिछली बढ़ोतरी के दौरान पेट्रोल 94 पैसे और डीजल 92 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ था. इसके बाद जयपुर में पेट्रोल की कीमत 108.91 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 94.15 रुपये प्रति लीटर हो गई थी. केंद्र सरकार ने 15 मई को पूरे देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3-3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी.
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बार-बार हो रही इस बढ़ोतरी के पीछे पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और ऊर्जा संकट को बड़ी वजह माना जा रहा है. बताया जा रहा है कि महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में रुकावट के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार प्रभावित हुआ है. इसी के चलते दुनिया भर में ईंधन बचाने की अपील भी की जा रही है.
&amp;nbsp;
&amp;nbsp;
 ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 23 May 2026 15:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>पेट्रोल, और, डीजल, के, दिन, में, तीसरी, बार, बढ़े, दाम, तो, आया, कांग्रेस, का, रिएक्शन, कहा-, मोदी, सरकार, नागरिकों, को, लूट...</media:keywords>
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        <title>Weather Forecast: 46 डिग्री तक पहुंचेगा पारा, दिल्ली से बिहार तक तप रही धरती, 15 राज्यों में बारिश का अलर्ट</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/weather-forecast-46-डिग्री-तक-पहुंचेगा-पारा-दिल्ली-से-बिहार-तक-तप-रही-धरती-15-राज्यों-में-बारिश-का-अलर्ट</link>
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        <description><![CDATA[ देश के कई राज्यों में इस समय प्रचंड गर्मी हो रही है. इसी बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 15 राज्यों में झमाझम बारिश का अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के मुताबिक मानसून के दक्षिण पूर्वी अरब सागर, अंडमान सागर, दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और अन्य क्षेत्रों में पहुंचने के हालात बन रहे हैं. कई राज्यों में 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं और बारिश भी हो सकती है.&amp;nbsp;
46 डिग्री तक पाराIMD के मुताबिक मानसून की वजह से लक्षद्वीप, केरल, असम, मेघालय, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों में भारी बारिश हो सकती है. उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश में हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है. पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, यूपी, राजस्थान और दिल्ली का पारा शनिवार और रविवार को 46 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान है.
दिल्ली का मौसमराजधानी दिल्ली और आस-पास के इलाके में इन दिनों भीषण गर्मी का कहर है. मौसम विभाग ने 25 मई तक लू का अलर्ट जारी किया है. आईएमडी के मुताबिक 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गर्म हवाएं चल सकती हैं. इसके अलावा दिन का तापमान 46 डिग्री तक पहुंच सकता है. हालांकि दिल्ली, गुरुग्राम, गाजियाबाद, नोएडा और फरीदाबाद में हल्की-फुल्की बारिश भी हुई है.&amp;nbsp;

यूपी में कब होगी बारिशउत्तर प्रदेश में IMD ने 23 से 28 मई तक हीटवेव का अलर्ट जारी किया है. फतेहपुर, उन्नाव, इटावा, मिर्जापुर, कन्नौज, बांदा, चित्रकूट, महोबा, राठ और कानपुर में पारा 46 डिग्री के आसपास पहुंच सकता है. गोरखपुर, वाराणसी, बस्ती, अयोध्या. आजमगढ़, जौनपुर, गाजीपुर, सोनभद्र, भदोही, सुल्तानपुर, अमेठी और बाराबंकी में बारिश की संभावना नहीं है.&amp;nbsp;
यूपी से सटे बिहार में आज कई जगहों पर हल्की बारिश हो सकती है. 25 मई को भारी बारिश का अनुमान है. मौसम विभाग के मुताबिक दरभंगा, गया, मधुबनी, पूर्णिया और भागलपुर में 24-25 मई को बारिश हो सकती है.
पंजाब में आज बारिशमौसम विभाग के मुताबिक पंजाब के पठानकोट और अमृतसर में आज हल्की बारिश हो सकती है. लुधियाना, पटियाला, बठिंडा और मोहाली को गर्मी से राहत मिलने के संकेत नहीं हैं. हरियाणा में भी 25 मई तक लू का अलर्ट जारी किया गया है.
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&#039;अगर बंगाल में रहना है तो...&#039;, बकरीद पर कुर्बानी को लेकर हुमायूं कबीर को शुभेंदु की मंत्री की दो टूक ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 23 May 2026 15:30:09 +0530</pubDate>
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        <title>Marco Rubio India Visit: कोलकाता पहुंचे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, मदर टेरेसा के ‘मदर हाउस’ का किया दौरा, PM मोदी से भी होगी मुलाकात</title>
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        <description><![CDATA[ अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो शनिवार (23 मई 2026) को अपनी पहली भारत यात्रा पर कोलकाता पहुंचे. चार दिन के भारत दौरे पर आए रुबियो ने शहर पहुंचते ही सेंट टेरेसा की संस्था &amp;lsquo;मिशनरीज ऑफ चैरिटी&amp;rsquo; के मुख्यालय &amp;lsquo;मदर हाउस&amp;rsquo; का दौरा किया. कोलकाता एयरपोर्ट पर भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने उनका स्वागत किया. इसके बाद मार्को रुबियो सीधे &amp;lsquo;मदर हाउस&amp;rsquo; पहुंचे, जहां उन्होंने संस्था के अधिकारियों से मुलाकात की और वहां चल रहे सेवा कार्यों की जानकारी ली.
&amp;lsquo;मिशनरीज ऑफ चैरिटी&amp;rsquo; की स्थापना मदर टेरेसा ने की थी. यह एक कैथोलिक संस्था है, जो दुनिया भर में गरीबों, बीमारों और असहाय लोगों की मदद के लिए काम करती है. कोलकाता स्थित &amp;lsquo;मदर हाउस&amp;rsquo; इस संस्था का मुख्यालय है. जानकारी के मुताबिक रुबियो अपने कोलकाता दौरे के दौरान एक बाल गृह का भी दौरा करेंगे.

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14 साल बाद किसी अमेरिकी विदेश मंत्री का कोलकाता दौरा
अमेरिका के किसी विदेश मंत्री का यह 14 साल बाद कोलकाता दौरा है. इससे पहले मई 2012 में तत्कालीन अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन कोलकाता आई थीं. मार्को रुबियो का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब पश्चिम बंगाल में बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिला है और भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में नई सरकार बनी है.

Honored to welcome my friend @SecRubio to India! We have an ambitious agenda ahead, including the Quad Foreign Ministers Meeting, focused on advancing @POTUS&#039; vision for an even stronger U.S.-India partnership. Looking forward to great conversations and making real progress&amp;hellip; pic.twitter.com/NpCQRVeUIm
&amp;mdash; Ambassador Sergio Gor (@USAmbIndia) May 23, 2026



पीएम मोदी से भी करेंगे मुलाकात
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म &amp;lsquo;एक्स&amp;rsquo; पर जानकारी देते हुए कहा कि मार्को रुबियो की यह भारत की पहली यात्रा है. उन्होंने बताया कि बाद में नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी उनकी मुलाकात होगी.इस दौरान व्यापार, तकनीक, रक्षा, क्वाड और कई अहम मुद्दों पर चर्चा की जाएगी. दोनों देशों के बीच सहयोग को और मजबूत बनाने पर भी बात होगी.
26 मई तक भारत दौरे पर रहेंगे रुबियो
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के अनुसार मार्को रुबियो 23 से 26 मई तक भारत यात्रा पर रहेंगे. इस दौरान वह कोलकाता के अलावा आगरा, जयपुर और नई दिल्ली भी जाएंगे. इस दौरे को कूटनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है. माना जा रहा है कि भारत और अमेरिका के बीच ऊर्जा सहयोग, रक्षा साझेदारी और क्वाड देशों के बीच रणनीतिक सहयोग को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हो सकती है.
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        <pubDate>Sat, 23 May 2026 15:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Marco, Rubio, India, Visit:, कोलकाता, पहुंचे, अमेरिकी, विदेश, मंत्री, मार्को, रुबियो, मदर, टेरेसा, के, ‘मदर, हाउस’, का, किया, दौरा, मोदी, से, भी, होगी, मुलाकात</media:keywords>
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        <title>कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर का दावा&amp; इंस्टाग्राम से X तक, पर्सनल अकाउंट भी हुए हैक, कहा&amp; &amp;apos;हमें अब धमकियां...&amp;apos;</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/कॉकरोच-जनता-पार्टी-के-फाउंडर-का-दावा-इंस्टाग्राम-से-x-तक-पर्सनल-अकाउंट-भी-हुए-हैक-कहा-हमें-अब-धमकियां</link>
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        <description><![CDATA[ कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने शनिवार को दावा किया कि उनका इंस्टाग्राम अकाउंट और पार्टी का आधिकारिक इंस्टाग्राम पेज हैक कर लिया गया है. यह दावा ऐसे समय सामने आया है जब उनका व्यंग्यात्मक डिजिटल अभियान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो चुका है और उसे लाखों लोगों का समर्थन मिल रहा था. अभिजीत दिपके ने आरोप लगाया कि उनके ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई की जा रही है और उनसे जुड़े कई सोशल मीडिया अकाउंट प्रभावित हुए हैं.
सोशल मीडिया पर लिखी पूरी बात
अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया पर लिखा, &#039;कॉकरोच जनता पार्टी पर कार्रवाई की जा रही है. इंस्टाग्राम पेज हैक हो गया है. मेरा निजी इंस्टाग्राम अकाउंट भी हैक हो गया है. ट्विटर अकाउंट रोक दिया गया है और बैकअप अकाउंट भी हटा दिया गया है. फिलहाल हमारे किसी भी प्लेटफॉर्म तक हमारी पहुंच नहीं है. इसके बाद किए गए किसी भी पोस्ट को कॉकरोच जनता पार्टी का आधिकारिक बयान न माना जाए.&#039;

Crackdown on Cockroach Janta Party. - Instagram page hacked.- My personal Instagram hacked.- Twitter account withheld- Back up account also taken down.
&amp;mdash; Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) May 23, 2026



कुछ ही दिनों में लाखों लोगों तक पहुंचा अभियान
अभिजीत दिपके बोस्टन यूनिवर्सिटी के छात्र हैं और आम आदमी पार्टी के पूर्व सहयोगी भी रह चुके हैं. उन्होंने करीब एक सप्ताह पहले इस व्यंग्यात्मक डिजिटल अभियान की शुरुआत की थी. इसके बाद यह प्लेटफॉर्म सोशल मीडिया पर तेजी से लोकप्रिय हो गया. रिपोर्ट के मुताबिक पार्टी के इंस्टाग्राम अकाउंट पर करीब 1.9 करोड़ फॉलोअर्स हो गए थे.
कैसे शुरू हुआ &amp;lsquo;कॉकरोच जनता पार्टी&amp;rsquo; ट्रेंड?
&amp;lsquo;कॉकरोच जनता पार्टी&amp;rsquo; ट्रेंड उस विवाद के बाद शुरू हुआ जिसमें भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की कथित टिप्पणी को लेकर चर्चा हुई थी. बताया गया कि वरिष्ठ वकील का दर्जा देने से जुड़ी एक याचिका की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने कथित तौर पर &#039;परजीवी&#039; और &#039;कॉकरोच&#039; जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था.
अभिजीत दिपके के मुताबिक यह पूरा विचार इसी विवाद से प्रेरित था. हालांकि बाद में मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया था और उनकी टिप्पणी सिर्फ फर्जी और गलत डिग्री लेकर कानूनी पेशे में आने वाले लोगों के लिए थी.

मीम्स और व्यंग्य से वायरल हुई पार्टी
इसके बावजूद &amp;lsquo;कॉकरोच जनता पार्टी&amp;rsquo; सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई. कॉकरोच को चुनाव चिन्ह बनाकर मीम्स, व्यंग्य, ग्राफिक्स और राजनीतिक टिप्पणियों के जरिए इस अभियान को आगे बढ़ाया गया.
इस प्लेटफॉर्म पर बेरोजगारी, परीक्षा पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था जैसे युवाओं से जुड़े मुद्दों को व्यंग्यात्मक घोषणापत्र और चुनावी अभियान की शैली में पेश किया जाता था. अभिजीत दिपके ने इस आंदोलन को &#039;आलसी और बेरोजगार लोगों की आवाज&#039; बताया था.
पहले भी मिल चुकी हैं जान से मारने की धमकियां
इससे पहले अभिजीत दिपके ने दावा किया था कि सोशल मीडिया पर अभियान वायरल होने के बाद उन्हें व्हाट्सऐप पर जान से मारने की धमकियां भी मिली थीं. उन्होंने कथित धमकी भरे मैसेज के स्क्रीनशॉट साझा करते हुए लिखा था, &#039;अब जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं.&#039; दिपके के अनुसार संदेश भेजने वाले व्यक्ति ने उन्हें &amp;lsquo;कॉकरोच जनता पार्टी&amp;rsquo; का अकाउंट बंद करने या फिर बीजेपी में शामिल होने का दबाव बनाया था. ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 23 May 2026 15:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>कॉकरोच, जनता, पार्टी, के, फाउंडर, का, दावा-, इंस्टाग्राम, से, तक, पर्सनल, अकाउंट, भी, हुए, हैक, कहा-, हमें, अब, धमकियां...</media:keywords>
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        <title>Telangana News: IPL टिकटों की कालाबाजारी पर बड़ा एक्शन, हैदराबाद में बड़े रैकेट का भंडाफोड़, 4 गिरफ्तार</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/telangana-news-ipl-टिकटों-की-कालाबाजारी-पर-बड़ा-एक्शन-हैदराबाद-में-बड़े-रैकेट-का-भंडाफोड़-4-गिरफ्तार</link>
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        <description><![CDATA[ हैदराबाद के उप्पल में IPL सीज़न के दौरान एक बड़े ब्लैक टिकट रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है. पुलिस ने राजीव गांधी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम के पास मैच के टिकटों को बहुत ज़्यादा कीमतों पर बेचने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों की पहचान अभी तक आधिकारिक तौर पर जारी नहीं की गई है. उन्हें एक गुप्त सूचना के आधार पर पकड़ा गया और फिलहाल पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है. पुलिस टिकटों के स्रोत की भी जांच कर रही है.
यह गिरफ्तारी स्पेशल ऑपरेशंस टीम (SOT) और स्थानीय पुलिस के एक संयुक्त अभियान में की गई. पुलिस ने ज़्यादा मांग वाले मैचों के टिकटों की अवैध बिक्री के बारे में मिली खास जानकारी पर कार्रवाई की. आरोपियों को उप्पल स्टेडियम इलाके के पास हिरासत में लिया गया और बाद में आगे की कार्रवाई के लिए उप्पल पुलिस स्टेशन को सौंप दिया गया, जहाँ एक मामला दर्ज किया गया है और जांच चल रही है.

यह कार्रवाई IPL टिकटों की बड़े पैमाने पर हो रही कालाबाजारी को रोकने के लिए हैदराबाद पुलिस के बड़े प्रयासों का हिस्सा है. क्रिकेट सीज़न के दौरान यह एक लगातार बनी रहने वाली समस्या रही है. इस महीने की शुरुआत में भी इसी तरह की एक घटना में, तीन लोगों को VIP लेटरहेड की जालसाजी करके 22,000 रुपए कीमत के कॉम्प्लिमेंट्री टिकट हासिल करने और उन्हें बढ़ी हुई कीमतों पर बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था.
आंध्र प्रदेश के रहने वाले हैं सभी आरोपी
आरोपियों की पहचान गट्टामनेनी अशोक, कंकनला दिनेश और सिंगामनेनी वेणुमाधव के रूप में हुई है. ये सभी आंध्र प्रदेश के प्रकाशम जिले के रहने वाले हैं. उन्हें स्टेडियम के पार्किंग इलाके में सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात पुलिस टीम ने रंगे हाथों पकड़ा था. पुलिस ने उनके पास से एक महिंद्रा थार गाड़ी, पांच मोबाइल फोन और जाली लेटरहेड बरामद किए. उप्पल पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत एक मामला दर्ज किया गया है.
चल रहे अभियानों के बारे में बात करते हुए, अधिकारियों ने पुष्टि की है कि टिकटों की अवैध बिक्री में शामिल पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. पुलिस ने जनता को भी कड़ी चेतावनी जारी की है और प्रशंसकों से आग्रह किया है कि वे अनाधिकृत विक्रेताओं या कालाबाजारी करने वालों से टिकट न खरीदें.
अधिकारियों ने क्या-क्या बताया
अधिकारियों ने कहा, &quot;कानून के अनुसार ये कार्य अवैध हैं और इन पर जुर्माना तथा सज़ा हो सकती है. इसके अलावा, जनता से अनुरोध है कि वे ऐसे टिकट न खरीदें जो अवैध रूप से बेचे जा रहे हैं, ताकि ऐसी गतिविधियों को हतोत्साहित किया जा सके.&quot;&amp;nbsp;
पुलिस ने नागरिकों से यह भी अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि या ब्लैक में टिकट बेचने के मामलों की जानकारी निर्धारित हेल्पलाइन नंबरों पर दें, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि असली प्रशंसकों का इन अवैध गिरोहों द्वारा शोषण न हो. आगे की जांच जारी है, और अधिकारी इस संभावना की भी जांच कर रहे हैं कि इन गिरोहों के पीछे कोई बड़ा संगठित गिरोह (सिंडिकेट) तो काम नहीं कर रहा है.
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        <pubDate>Fri, 22 May 2026 23:30:16 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Telangana, News:, IPL, टिकटों, की, कालाबाजारी, पर, बड़ा, एक्शन, हैदराबाद, में, बड़े, रैकेट, का, भंडाफोड़, गिरफ्तार</media:keywords>
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        <title>ट्विशा सुसाइड केस: पुलिस हिरासत में फरार पति, कोर्ट की फटकार, CBI के हवाले किया सरकार... 10 दिनों में कब क्या हुआ</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/ट्विशा-सुसाइड-केस-पुलिस-हिरासत-में-फरार-पति-कोर्ट-की-फटकार-cbi-के-हवाले-किया-सरकार-10-दिनों-में-कब-क्या-हुआ</link>
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        <description><![CDATA[ Twisha Sharma Murder Case Bhopal Madhya Pradesh: एमपी की राजधानी भोपाल में ट्विशा शर्मा मर्डर केस ने पूरे सिस्टम को हिला कर रख दिया है. ये एक ऐसा हाई प्रोफाइल केस बन चुका है, जिसकी चर्चा चारों तरफ है. एक जज मां के बेटे की पत्नी की हत्या, जो एक मॉडल भी रही, मल्टीनेशनल कंपनी में भी रही, और फिर लव मैरिज के बाद के ख्वाब लेकर नोएडा से भोपाल आई. ससुराल पक्ष इसको एक तरफ सुसाइड बता रहा है, तो दूसरी तरफ ट्विशा के घरवाले हत्या बता रहे हैं.
इधर, सरकार ने घटना की गंभीरता को समझते हुए परिवार की मांग के बाद मामले को सीबीआई जांच की सिफारिश केंद्र सरकार को भेज दी है. बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने वकील और ट्विशा के पति समर्थ सिंह का लाइसेंस सस्पेंड किया है. समर्थ सिंह अब वकालतनामा नहीं लगा पाएगा. न ही वे अब अदालत में प्रैक्टिस कर पाएंगे.&amp;nbsp;
हत्या के पीछे वजह कथित तौर पर दहेज को बताया जा रहा है. शुक्रवार दोपहर में ट्विशा के पति समर्थ सिंह ने जबलपुर जिला कोर्ट में सरेंडर करने पहुंचा. समर्थ के वकील ने यह जानकारी दी. उनके वकील मृगेंद्र सिंह ने कहा कि वह जबलपुर जिला कोर्ट पहुंच चुका है. वह वहां बैठा हुआ है.
वहीं, ट्विशा के वकील ने समर्थ सिंह के सरेंडर का विरोध किया है. ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा और उनके वकील अनुराग श्रीवास्तव जिला अदालत पहुंचे. उन्होंने मीडिया को बताया कि समर्थ सिंह जिला न्यायालय में सरेंडर नहीं कर सकता. उसे भोपाल अदालत में सरेंडर करना होगा. या जांच अधिकारी के समक्ष आत्म समर्पण करे.
इससे पहले समर्थ सिंह हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका वापस ले चुके हैं. इससे पहले समर्थ की मां और रिटायर्ड जज साथ ही भोपाल उपभोक्ता आयोग की अध्यक्ष गिरिबाला सिंह को पिछले सप्ताह भोपाल कोर्ट ने जमानत दे दी थी. एफआईआर में उनका नाम भी शामिल है.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ें:&amp;nbsp;ट्विशा शर्मा की मौत के बाद सास गिरिबाला ने एक के बाद एक 46 कॉल किए! सामने आए सभी नंबर
क्या है पूरा घटनाक्रम? पिछले 10 दिनों क्या-क्या हुआ

भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में ट्विशा शर्मा फांसी पर लटकी मिली. मॉडल से एक्टर बनी ट्विशा के परिवार ने उसके ससुराल वालों पर दहेज के लिए बेटी को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया. वहीं ससुराल पक्ष का कहना है कि वह ड्रग्स एडिक्ट थी. इसके अलावा पुलिस ने समर्थ सिंह की सूचना देने पर 30 हजार के ईनाम की घोषणा भी की थी. उसके पासपोर्ट रद्द करने के लिए अदालत भी पहुंची थी.&amp;nbsp;
33 साल की ट्विशा नोएडा की रहने वाली थीं. वे एक एमबीए ग्रेजुएट, मॉडल और पूर्व मिस पुणे कंटेस्टेंट और योग टीचर थीं. उन्होंने एक्टिंग और मार्केटिंग की दुनिया में भी काम किया था. एक डेटिंग एप के जरिए भोपाल के वकील समर्थ सिंह से उसकी मुलाकात हुई थी. इसके बाद यह मुलाकात प्यार में बदल गई. शादी के बाद ट्विशा पति के साथ भोपाल शिफ्ट हो गई. दिसंबर 2025 में ट्विशा की शादी हुई थी. समर्थ सिंह एमपी सरकार में पूर्व लीगल एडवाइजर रह चुका है. उसकी मां एक रिटायर्ड जज है. शादी के बाद ट्विशा भोपाल के कटारा हिल्स में अपनी ससुराल में रहने लगी.&amp;nbsp;



ट्विशा के परिवार का आरोप है कि ट्विशा पर दहेज को लेकर परिवार का अत्याचार शुरू हो गया. लगातार मोटी रकम और कीमती सामान की मांग की जा रही थी. साथ ही ट्विशा के चरित्र पर झूठे आरोप भी लगाए जा रहे थे. साथ ही प्रेग्नेंट होने के बाद ट्विशा का अबॉर्शन करवा दिया गया. इसके अलावा बताया गया कि ट्विशा को मानसिक बीमार दिखाने के लिए ओलंजापाइन जैसी दवाइयां दी जा रही थी.&amp;nbsp;
12 मई को ट्विशा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. घर के सीसीटीवी फुटेज ने केस को पूरी तरह उलट दिया. सुबह 7 बजे सीसीटीवी में ट्विशा बिल्कुल सामान्य और शांत अकेले छत पर जाती दिखती हैं. इसके बाद 8.20 पर सीढ़ियों की बीच अफरातफरी मचती है. समर्थ के साथ दो अन्य लोग ट्विशा के शरीर को नीचे लाते हैं. उन्हें होश में लाने के लिए सीपीआर दिया जाता है. वहीं, पुलिस ने परिवार के ड्रग्स एडिकशन वाले दावे को खारिज कर दिया, क्योंकि ट्विशा के खून में किसी तरह के ड्रग्स और नशीले पदार्थ नहीं मिला.&amp;nbsp;
इसके अलावा इस केस में एक रसूखदार को 46 बार समर्थ की मां और पूर्व जज गिरिबाला सिंह ने कॉल किया था. यह कॉल ट्विशा की मौत के बाद किए गए. इससे सबूत मिटाने का शक गहराया. वहीं, हाईकोर्ट में सरकार ने उनकी जमानत भी रद्द करने की अपील की है. इधर, बेटी को न्याय दिलाने के लिए परिवार ने शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया. वहीं, शव को दिल्ली एम्स भेजने की मांग की. &amp;nbsp;जांच को सीबीआई को सौंप दिया गया है. एमपी हाईकोर्ट ने शव को दोबारा पोस्टमार्टम की मंजूरी दे दी.&amp;nbsp;

ट्विशा शर्मा केस: CCTV की टाइमिंग, लोगों के बयान नहीं हो रहे मैच, पोस्टमार्ट रिपोर्ट के बाद उठे कई सवाल ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 22 May 2026 23:30:15 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>ट्विशा, सुसाइड, केस:, पुलिस, हिरासत, में, फरार, पति, कोर्ट, की, फटकार, CBI, के, हवाले, किया, सरकार..., दिनों, में, कब, क्या, हुआ</media:keywords>
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        <title>यूक्रेन से लड़ाई में जबरन रूसी सेना में भर्ती किए गए 139 लोगों को भारत वापस लाया गया, 49 की युद्ध मे हुई मौत: केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को दी जानकारी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/यूक्रेन-से-लड़ाई-में-जबरन-रूसी-सेना-में-भर्ती-किए-गए-139-लोगों-को-भारत-वापस-लाया-गया-49-की-युद्ध-मे-हुई-मौत-केंद्र-ने-सुप्रीम-कोर्ट-को-दी-जानकारी</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/यूक्रेन-से-लड़ाई-में-जबरन-रूसी-सेना-में-भर्ती-किए-गए-139-लोगों-को-भारत-वापस-लाया-गया-49-की-युद्ध-मे-हुई-मौत-केंद्र-ने-सुप्रीम-कोर्ट-को-दी-जानकारी</guid>
        <description><![CDATA[ रूस-यूक्रेन युद्ध में फंसे भारतीयों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में तीखी बहस हुई. भारतीयों को जबरन रूसी सेना में शामिल किए जाने की शिकायत करने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने बताया कि उसके प्रयासों से 139 लोग वापस आए हैं. केंद्र ने याचिकाकर्ताओं पर मामले को सनसनीखेज बनाने की कोशिश करने का आरोप लगाया. कोर्ट ने कहा कि वहां अभी भी फंसे लोगों की सहायता और मारे गए लोगों के लिए मुआवजे पर विचार किया जाए.
क्या है मामला?
26 लोगों ने याचिका दाखिल कर कहा था कि उनके परिवार के सदस्य टूरिस्ट, स्टूडेंट या दूसरे वैध वीजा पर रूस गए थे. नौकरी के लिए भर्ती करने वाले एजेंटों ने उन्हें अच्छे रोजगार का वादा किया था. लेकिन वहां पहुंचने के बाद उनके पासपोर्ट जब्त कर जबरन रूसी सेना में शामिल करवा दिया. कुछ समय तक वह लोग परिवार के संपर्क में रहे, पर अब उनका पता नहीं चल रहा है. 10 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा था.
केंद्र ने क्या बताया?
शुक्रवार, 22 मई को केंद्र सरकार की तरफ से कोर्ट को जानकारी दी गई कि लगभग 217 भारतीय नागरिक रूसी सेना में शामिल हुए थे. इनमें से 49 की जान जा चुकी है और छह के लापता होने की पुष्टि हुई है. रूस में भारतीय दूतावास के प्रयासों से 139 लोगों को उनके सैन्य कॉन्ट्रैक्ट से मुक्त किया गया. एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने यह भी बताया कि जिन 26 लोगों के लिए याचिका दाखिल हुई है, उनमें से 14 की मौत हो चुकी है. 11 के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं है, जबकि 1 रूस में एक आपराधिक केस के चलते जेल में बंद है.

याचिकाकर्ता पक्ष की आपत्ति
याचिकाकर्ताओं के लिए पेश वकील ने मृत भारतीय नागरिकों के पार्थिव शरीर वापस लाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए. उन्होंने दावा किया कि कुछ शव बेहद क्षत-विक्षत स्थिति में मिले हैं. इसके चलते उनके परिवारों को भारी मानसिक आघात से गुजरना पड़ा. एडिशनल सॉलिसिटर जनरल भाटी ने इस दलील पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि इस संवेदनशील मुद्दे पर सनसनी पैदा की जा रही है. यह एक जटिल मानवीय और कूटनीतिक परिस्थिति है.
कोर्ट ने क्या कहा?
केंद्र सरकार की तरफ से कोर्ट को भरोसा दिलाया गया कि विदेश मंत्रालय प्रभावित परिवारों की मदद के लिए लगातार कूटनीतिक और मानवीय स्तर पर प्रयास कर रहा है. चीफ जस्टिस सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि सरकार प्रभावित लोगों और उनके परिवारों को मुआवजा या दूसरे कानूनी लाभ देने पर कानून के दायरे में विचार करे. जुलाई में मामले की अगली सुनवाई होगी.
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        <pubDate>Fri, 22 May 2026 23:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>यूक्रेन, से, लड़ाई, में, जबरन, रूसी, सेना, में, भर्ती, किए, गए, 139, लोगों, को, भारत, वापस, लाया, गया, की, युद्ध, मे, हुई, मौत:, केंद्र, ने, सुप्रीम, कोर्ट, को, दी, जानकारी</media:keywords>
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        <title>NEET पेपर लीक में 11वीं गिरफ्तारी, NTA की एक्सपर्ट ने उड़ाए फिजिक्स के सवाल, CBI का बड़ा एक्शन</title>
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        <description><![CDATA[ नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई ने फिजिक्स के सवाल लीक करने वाली मनीषा संजय हवलदार को गिरफ्तार किया है. मनीषा सेठ हीरालाल सर्फ प्रशाला पुणे में काम कर रही थी. NTA ने इन्हें एक्पर्ट के तौर पर पेपर कराने के लिए नियुक्त किया था. इनके पास फिजिक्स के सवाल का एक्सेस था. पहले गिरफ्तार हुई मनीषा माथरे के साथ मिलकर कुछ सवाल फिजिक्स के लीक किए गए थे. ये सभी सवाल टेली किए गए और पाया गया ये सब लीक सवाल नीट पेपर में आए थे.&amp;nbsp;
नीट पेपर लीक मामले में अब तक 11 गिरफ्तार
नीट पेपर लीक मामले में अब तक 11 आरोपियों को दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, लातूर और आहिल्यांगर से गिरफ्तार किया जा चुका है. इस मामले में सीबीआई ने देशभर में कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया है और कई आपत्तिजनक दस्तावेज, लैपटॉप, बैंक स्टेटमेंट और मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिसका विश्लेषण किया जा रहा है.&amp;nbsp;
फिजिक्स के सवाल किए लीक
सीबीआई ने 16 मई को पुणे में रहने वाली बॉटनी की शिक्षका मंधारे को नीट-यूजी के प्रश्नपत्र लीक करने के सिलसिले में गिरफ्तार किया था. एजेंसी ने पाया कि मनीषा हवलदार द्वारा उम्मीदवारों के साथ साझा किए गए प्रश्न नीट(यूजी)-2026 के भौतिकी के प्रश्नपत्र से मेल खाते थे. एनटीए ने 12 मई को प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बीच मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए तीन मई को आयोजित नीट-यूजी को रद्द कर दिया था और पुनर्परीक्षा 21 जून को निर्धारित की गई है.
विशेष टीमों द्वारा जांच जारी है और अब तक की गई जांच से प्रश्नपत्र लीक के वास्तविक स्रोत का पता चला है. उन बिचौलियों की भी पहचान कर ली गई है और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है, जिन्होंने उन छात्रों को जुटाया था, जिन्होंने NEET UG-2026 परीक्षा में आने वाले प्रश्न साझा करने वाले विशेष कोचिंग कक्षाओं में भाग लेने के लिए लाखों रुपये का भुगतान किया था.
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        <pubDate>Fri, 22 May 2026 23:30:11 +0530</pubDate>
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        <title>पाकिस्तान से बातचीत वाले होसबोले के बयान पर RSS से जुड़े संगठन ने कहा, &amp;apos;अगर हम उन्हें...&amp;apos;</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/पाकिस्तान-से-बातचीत-वाले-होसबोले-के-बयान-पर-rss-से-जुड़े-संगठन-ने-कहा-अगर-हम-उन्हें</link>
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        <description><![CDATA[ आरएसएस के महासचिव दत्तात्रेय होसबाले ने हाल ही में कहा था कि हमें पाकिस्तान के साथ बातचीत के रास्ते खुले रखने चाहिए. इसे लेकर RSS से जुड़े संगठन वनवासी कल्याण आश्रम के अध्यक्ष सत्येंद्र सिंह ने कहा कि पाकिस्तान के लोग अंततः अपने इतिहास को समझेंगे और भारत में अपने &amp;lsquo;पूर्वजों की जड़ों और परंपराओं&amp;rsquo; की ओर लौटेंगे.
होसबाले के बयान पर क्या बोला RSS से जुड़ा संगठन
सत्येंद्र सिंह ने आरएसएस के महासचिव दत्तात्रेय होसबाले की इस टिप्पणी का भी समर्थन किया कि पाकिस्तान के साथ गतिरोध को तोड़ने के लिए लोगों से लोगों का संपर्क महत्वपूर्ण है और इसके लिए हमेशा एक अवसर होना चाहिए क्योंकि पड़ोसी देश के राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व में अब कोई विश्वास नहीं बचा है. सत्येंद्र सिंह ने कहा कि हालांकि पाकिस्तान को स्वतंत्रता के बाद भारत से अलग करके एक स्वतंत्र देश बनाया गया था, लेकिन वहां रहने वाले लोगों की जड़ें अब भी भारत में हैं.
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से संबद्ध वनवासी कल्याण आश्रम के प्रमुख ने कहा, &#039;देर-सवेर, मुस्लिम देश अपने इतिहास पर विचार करेगा और उसे अहसास होगा और एक बार जब वे अपने इतिहास पर ध्यान देंगे तो वे अनिवार्य रूप से अपनी पैतृक परंपराओं की ओर लौटेंगे.&#039; उन्होंने कहा, &#039;अब, यदि हम उन्हें उनकी जड़ों की ओर लौटने में सुविधा प्रदान करना चाहते हैं, तो हमें निश्चित रूप से उनके लिए एक रास्ता खुला रखना होगा.&#039;
पाकिस्तान का भूभाग हमारा हिस्सा: सत्येंद्र सिंह
उनसे होसबाले की उन टिप्पणियों के बारे में पूछा गया, जो उन्होंने हाल ही में &amp;lsquo;पीटीआई&amp;rsquo; को दिए एक इंटरव्यू में की थीं. सत्येंद्र सिंह ने कहा, &#039;दत्तात्रेय जी की बात बिलकुल सही है. क्योंकि पाकिस्तान का भूभाग असल में हमारे भूभाग का ही एक हिस्सा है. पाकिस्तान के उत्तरी क्षेत्रों में, विशेषकर पहाड़ी इलाकों में, विभिन्न जनजातीय समुदायों के लोग निवास करते हैं.&#039; उन्होंने कहा कि समय बीतने के साथ-साथ पाकिस्तान में हर कोई अपनी जड़ों की ओर वापस लौटेगा.
वनवासी कल्याण आश्रम के प्रमुख ने कहा, &#039;चाहे आज हो या कल, हर कोई आखिरकार अपनी परंपराओं की ओर लौट जाएगा. अगर हम दरवाजा पूरी तरह बंद कर दें, तो क्या इससे स्थायी कटाव नहीं पैदा हो जाएगा?&#039; भारत और पाकिस्तान के बीच आपसी जुड़ाव की वकालत करते हुए होसबाले ने कहा था, &#039;मुझे लगता है कि यही एक उम्मीद है, क्योंकि मेरा दृढ़ विश्वास है कि अंततः नागरिक समाज संबंध (सफल होंगे). क्योंकि हमारे बीच सांस्कृतिक संबंध हैं और हम एक राष्ट्र रहे हैं.&#039;
होसबाले ने इस बात पर भी जोर दिया कि देश की सुरक्षा और आत्म सम्मान की रक्षा करना जरूरी है और मौजूदा सरकार को इसका ध्यान रखना चाहिए,&amp;nbsp;लेकिन साथ ही, भारत को अपने दरवाजे बंद नहीं करने चाहिए बल्कि हमेशा संवाद के लिए तैयार रहना चाहिए. उन्होंने 26/11, पुलवामा और पहलगाम जैसे आतंकवादी हमलों का हवाला देते हुए कहा, &#039;देखिए, (कूटनीतिक रूप से) हर संभव प्रयास किया जा चुका है और पाकिस्तान लगातार गलतियां करता रहता है.&#039;
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        <pubDate>Fri, 22 May 2026 23:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>&amp;apos;कम समय में ज्यादा काम&amp;apos;, साढ़े 4 घंटे चली मंत्रिपरिषद की बैठक, PM मोदी ने रिफॉर्म समेत जानें किन चीजों पर दिया जोर</title>
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        <description><![CDATA[ पांच देशों की यात्रा पूरी कर भारत लौटने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार (21 मई, 2026) को सेवा तीर्थ (प्रधानमंत्री कार्यालय) में केंद्रीय मंत्रिपरिषद की बैठक की अध्यक्षता की. इस बेहद महत्वपूर्ण बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने केंद्र सरकार के सभी विभागों के काम की समीक्षा की. साढ़े चार घंटे तक चली इस बैठक के दौरान पीएम मोदी ने सभी मंत्रालयों में रिफॉर्म पर जोर देते हुए हर चीज में सरलता लाने की बात कही. साथ ही उन्होंने बैठक में शामिल सभी मंत्रियों और अधिकारियों को कम समय में ज्यादा काम करने के लिए भी प्रेरित किया.&amp;nbsp;
सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैठक में सभी विभागों से जनहित को सर्वोपरि रखकर काम करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि काम ऐसे किया जाए, जिससे कम समय में ज्यादा काम हो, हर चीज में सरलता आए, फाइल फालतू में चक्कर न काटे और जल्दी से चले. उन्होंने कहा कि 2047 तक विकसित भारत सिर्फ एक नारा नहीं है, बल्कि देश की जनता के प्रति हमारा कमिटमेंट है.
भविष्य में क्या कर सकते हैं, इस पर रखें फोकसः पीएम मोदी
सूत्रों के मुताबिक, पीएम मोदी ने मंत्रिपरिषद की बैठक में समीक्षा के दौरान जिन मंत्रालयों की परफॉर्मेंस रैंकिंग के हिसाब से कमजोर थी, उन्हें काम में सुधार लाने को कहा. उन्होंने कहा कि बीते कल से तुलना नहीं करनी है, आगे कैसे अपना परफॉर्मेंस बढ़ाना है, उस पर फोकस करना है. उन्होंने अपने सभी सहयोगियों को लंबित कार्यों को जल्द से जल्द पूरा करने की सलाह दी. साथ ही यह हिदायत भी दी कोई भी काम लंबित नहीं रहे, कोई अनावश्यक विवादों में न उलझें और अपने काम पर ध्यान केंद्रित करें.

उन्होंने उनसे कहा कि अब समय आगे देखने का है, पीछे मुड़कर यह देखने का नहीं कि अतीत में क्या काम किए गए हैं. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार 2014 से सत्ता में है, लेकिन अब 2026 है, इसलिए हमें यह देखना होगा कि भविष्य में हम क्या कर सकते हैं.
मंत्रिपरिषद की बैठक में 9 विभागों ने दिया प्रेजेंटेशन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली मंत्रिपरिषद की बैठक में केंद्र सरकार के कृषि, वन, श्रम, सड़क परिवहन, कॉरपोरेट, विदेश, कॉमर्स, पावर समेत 9 विभागों का प्रेजेंटेशन दिया. बैठक में केंद्र के सभी विभाग के मंत्रियों के साथ सचिव भी मौजूद रहे. इस दौरान बैठक में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पीएम मोदी की पांच देशों की यात्रा के बारे में विस्तृत जानकारी दी. जिसके बाद मंत्रिपरिषद ने पांच देशों की सफल यात्रा के साथ-साथ पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत हासिल करने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अभिनंदन किया.
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        <pubDate>Fri, 22 May 2026 11:30:16 +0530</pubDate>
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        <title>Mount Everest Success: हैदराबाद के तुलसी रेड्डी ने जुनून और मेहनत से छुई दुनिया की सबसे ऊंची चोटी</title>
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        <description><![CDATA[ भारतीय पर्वतारोही तुलसी रेड्डी पालपुनूरी की कहानी आज हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है. हैदराबाद के पास बोवरमपेट गांव के रहने वाले तुलसी ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट फतह कर यह साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हों तो साधारण शुरुआत भी असाधारण मंजिल तक पहुंचा सकती है. वर्षों की कड़ी मेहनत, अनुशासन, फिटनेस ट्रेनिंग और मानसिक दृढ़ता के बाद उन्होंने यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की.
कई लोगों के लिए माउंट एवरेस्ट पर चढ़ना सबसे बड़ा रोमांच होता है लेकिन भारतीय पर्वतारोही तुलसी रेड्डी पालपुनूरी के लिए यह दृढ़ता, अनुशासन, बदलाव और लगन की एक ऐसी यात्रा बन गई जिसने लोगों को प्रेरित किया. हैदराबाद के पास बोवरमपेट गांव के रहने वाले तुलसी ने वर्षों के अनुशासन, प्रशिक्षण और लगातार तैयारी के बाद सफलतापूर्वक माउंट एवरेस्ट की चोटी फतह की. &amp;nbsp;तुलसी की कहानी को जो बात प्रेरित करने वाली बनाती है वह यह है कि इसकी शुरुआत कितने साधारण तरीके से हुई थी.
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फिटनेस से पर्वतारोहण तक का सफर
कभी खाने-पीने के शौकीन रहे तुलसी बस फिट होना चाहते थे. धीरे-धीरे जिम में वर्कआउट और स्वस्थ जीवनशैली एंड्यूरेंस खेल और पर्वतारोहण के प्रति जुनून में बदल गई. समय के साथ उन्होंने कई स्थानीय दौड़, कठिन &amp;lsquo;आयरनमैन&amp;rsquo; चुनौती और दुनिया भर में कई ऊंची चोटियों पर चढ़ाई के अभियान पूरे किए. इस सफर के दौरान तुलसी ने दुनिया भर की कई चुनौतीपूर्ण चोटियों पर चढ़ाई की जिनमें माउंट एल्ब्रस (5,642 मीटर), एकॉनकागुआ (6,961 मीटर), माउंट किलिमंजारो (5,895 मीटर) और कांग यात्से (6,400 मीटर) शामिल हैं. तुलसी ने कहा, &amp;lsquo;&amp;lsquo;एवरेस्ट पर चढ़ना वर्षों के अनुशासन, त्याग और लगातार तैयारी का नतीजा है. यह उपलब्धि उन सभी लोगों की है जिन्होंने इस पूरी यात्रा के दौरान मेरा साथ दिया.&amp;rsquo;&amp;rsquo;
परिवार और टीम को सफलता का श्रेय
उन्होंने इस पूरी यात्रा में अपना साथ देने के लिए अपने परिवार, शेरपा टीम, दोस्तों और &amp;lsquo;बूट्स एंड क्रैम्पॉन्स&amp;rsquo; के अभियान गाइड भरत थम्मिनेनी और रोमिल बर्थवाल को श्रेय दिया. परिवार ने कहा, &amp;lsquo;&amp;lsquo;आज हमारे परिवार के लिए सबसे गर्व के पलों में से एक है. वर्षों के त्याग, साहस और दृढ़ संकल्प ने आखिरकार तुलसी को दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर पहुंचा दिया है.&amp;rsquo;&amp;rsquo;यह भी पढ़ें :&amp;nbsp;Cockroach Jatnta Party: कॉकरोच जनता पार्टी पर योगेंद्र यादव का बड़ा बयान, &#039;इसके सिंबल के पीछे...&#039; ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 22 May 2026 11:30:15 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Mount, Everest, Success:, हैदराबाद, के, तुलसी, रेड्डी, ने, जुनून, और, मेहनत, से, छुई, दुनिया, की, सबसे, ऊंची, चोटी</media:keywords>
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        <title>बड़ा हादसा टला: दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंडिंग से चंद सेकंड पहले एअर इंडिया फ्लाइट के इंजन में लगी आग</title>
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        <description><![CDATA[ कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट AI 2802 गुरुवार (21 मई, 2026) को उस वक्त बड़ी मुसीबत में पड़ गई, जब दिल्ली की इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर फाइनल अप्रोच के दौरान विमान के कॉकपिट क्रू को एक इंजन में आग लगने का संकेत मिला और जांच के दौरान इंजन में आग नजर आई.
एअर इंडिया की फ्लाइट ने इंजन में आग लगने की आशंका के चलते एयरपोर्ट पर फुल इमरजेंसी घोषित की. इसके बाद इमरजेंसी प्रोसिजर का पालन करते हुए विमान रात करीब 9:30 बजे सुरक्षित लैंडिंग कराई गई और सभी यात्रियों को उतारा गया. फ्लाइट AI 2802 ने दिल्ली एयरपोर्ट के रनवे 29R पर लैंडिंग की, जिसके बाद विमान को टो करके रनवे पर से हटाया गया. इस एयरबस A320 विमान में कुल 171 यात्री सवार थे.
घटना के बारे में एअर इंडिया ने क्या कहा?
एअर इंडिया ने इस घटना की आधिकारिक पुष्टि करते हुए एक बयान जारी किया. एयरलाइन के प्रवक्ता ने कहा कि विमान जब दिल्ली में फाइनल अप्रोच की लैंडिंग कर रहा था, तभी कॉकपिट क्रू को एक इंजन से आग लगने की वार्निंग मिली. बाद में यह वार्निंग सही पाई गई.
उन्होंने कहा कि क्रू ने सभी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर यानी SOP का पालन करते हुए हर कदम उठाया और विमान को सफलतापूर्वक दिल्ली एयरपोर्ट पर उतारा. एयरलाइन ने बताया कि सभी यात्री और चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं और सामान्य तरीके से विमान से बाहर निकल गए.

एयरलाइन घटना की पूरी जांच कर रहीः एअर इंडिया
एअर इंडिया के प्रवक्ता ने आगे कहा, &amp;lsquo;हम संबंधित रेगुलेटरी अधिकारियों के साथ मिलकर इस घटना के पीछे के कारणों की पूरी जांच तुरंत शुरू कर रहे हैं. जैसे ही घटना को लेकर सत्यापित जानकारी उपलब्ध होगी, हम उसे सार्वजनिक रूप से साझा करेंगे. यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है.&amp;rsquo;
यह भी पढ़ेंः बेंगलुरु एयरपोर्ट पर टला बड़ा हादसा, रनवे से टकराया एअर इंडिया का विमान, 179 यात्री थे सवार ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 22 May 2026 11:30:14 +0530</pubDate>
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        <title>चंद्रनाथ रथ हत्याकांड मामलाः CBI ने बलिया निवासी राज सिंह को दी क्लीन चिट, रिहा होने के बाद जानें क्या कहा?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/चंद्रनाथ-रथ-हत्याकांड-मामलाः-cbi-ने-बलिया-निवासी-राज-सिंह-को-दी-क्लीन-चिट-रिहा-होने-के-बाद-जानें-क्या-कहा</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/चंद्रनाथ-रथ-हत्याकांड-मामलाः-cbi-ने-बलिया-निवासी-राज-सिंह-को-दी-क्लीन-चिट-रिहा-होने-के-बाद-जानें-क्या-कहा</guid>
        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निजी सचिव (PA) चंद्रनाथ रथ के हत्याकांड मामले में गिरफ्तार उत्तर प्रदेश के बलिया निवासी राज सिंह को बाइज्जत रिहा कर दिया है. दरअसल, केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मामले में अपनी पूरी पड़ताल के बाद आरोपी राज सिंह को निर्दोष करार दिया है. सीबीआई की ओर से निर्दोष साबित होने के बाद राज सिंह बलिया के आनंद नगर स्थित अपने घर पहुंच गए हैं.
अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के प्रदेश सचिव और भाजपा नेता राज सिंह ने कहा कि जब कोई निर्दोष फंसता है, तो सिर्फ उस निर्दोष का ही दामन गंदा नहीं होता है, उसके साथ-साथ उसके परिवार का भी दामन गंदा होता है. राज सिंह ने सीबीआई की प्रशंसा करते हुए धन्यवाद दिया, वही उत्तर प्रदेश सरकार की आलोचना की.
भाजपा नेता ने सीबीआई को किया गिरफ्तार
सीबीआई की गिरफ्त से छुटने के बाद मीडिया से बातचीत में भाजपा नेता राज सिंह ने कहा, &amp;lsquo;ये मेरी मां की जीत है, मेरे प्रशंसकों की जीत है और मेरे चाहने वालों की जीत है. जिनकी वजह से आज मैं बाइज्जत बरी होकर यहां पर आया हूं.&amp;rsquo; उन्होंने कहा, &amp;lsquo;मैं सीबीआई को बहुत धन्यवाद देना चाहता हूं, क्योंकि अगर सीबीआई नहीं होती तो मेरे जैसे तमाम लोगों पर कई सारे फर्जी मुकदमे डालकर उनलोगों को जेल की भट्ठी में डाल दिया जा रहा है, नहीं तो उन लोगों का एनकाउंटर कर दिया जा रहा है.&amp;rsquo;
यह भी पढे़ंः चंद्रनाथ रथ केसः शुभेंदु अधिकारी के PA हत्या मामले में पांचवीं गिरफ्तारी, यूपी के बलिया से पकड़ाया आरोपी
राज सिंह ने की उत्तर प्रदेश सरकार की आलोचना

उन्होंने कहा, &amp;lsquo;मैं अपनी सरकार से भी यही कहना चाहूंगा कि अगर कोई बेगुनाह है, तो उनको किसी तरह की सजा नहीं होनी चाहिए. हम जैसे जनप्रतिनिधि, आम लोगों का यही दुर्भाग्य है कि ऐसी प्रशासन व्यवस्था हमारे उत्तर प्रदेश में है. मैं SOG अयोध्या टीम को यह बोलता रह गया कि सर आप मेरी पूरी जांच कर लीजिए, उसके बाद जो फैसला लेना है आप लीजिए, लेकिन उन लोगों ने किसी तरह की कोई जांच नहीं की. उन लोगों के दिमाग में यह भरा था कि ये राज सिंह अपराधी है, राज सिंह ने क्राइम किया है और ऐसे-ऐसे फर्जी मामले में मुझे डाल दिया गया.&amp;rsquo;
उन्होंने आगे कहा, &amp;lsquo;सीबीआई का मैं तहे दिल से धन्यवाद देना चाहता हूं कि सीबीआई जैसे ऑफिसर जितने भी ऑफिसर थे, जिन्होंने निष्पक्ष होकर जांच किया, किसी प्रकार का कोई दबाव नहीं था और न्याय की जीत हुई सत्य की जीत हुई.
यह भी पढे़ंः Vande Mataram: पश्चिम बंगाल के मदरसों में &#039;वंदे मातरम&#039; अनिवार्य, क्या यूपी में भी है ऐसा नियम? ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 22 May 2026 11:30:14 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>चंद्रनाथ, रथ, हत्याकांड, मामलाः, CBI, ने, बलिया, निवासी, राज, सिंह, को, दी, क्लीन, चिट, रिहा, होने, के, बाद, जानें, क्या, कहा</media:keywords>
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        <title>भट्टी की तरह तप रहा यूपी, झुलस रही दिल्ली, पंजाब से लेकर हरियाणा तक बुरा हाल, ये रही IMD की ताजा चेतावनी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/भट्टी-की-तरह-तप-रहा-यूपी-झुलस-रही-दिल्ली-पंजाब-से-लेकर-हरियाणा-तक-बुरा-हाल-ये-रही-imd-की-ताजा-चेतावनी</link>
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        <description><![CDATA[ समूचा उत्तर भारत इन दिनों भट्ठी बना हुआ है मानो आसमान से आग बरस रही हो. दोपहर में भयंकर गर्मी पड़ रही है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा समेत कई राज्यों के लिए अगले 5 दिनों तक भयंकर हीटवेव का अलर्ट जारी किया है.&amp;nbsp;
दिल्लीवासियों को अभी राहत नहींराजधानी दिल्ली और आस-पास के इलाके भी इन दिनों तप रहे हैं. मौसम विभाग के मुताबिक शुक्रवार (22 मई) को दिल्ली का अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस के स्तर को छू सकता है. इसके बाद 23-26 मई के बीच भी पारा 44 से 45 डिग्री के आसपास ही बना रहेगा. यानी दिल्लीवालों को फिलहाल इस झुलसाने वाली गर्मी और भीषण लू से राहत नहीं मिलती दिख रही है.&amp;nbsp;
यूपी में भयंकर गर्मीउत्तर प्रदेश में गर्मी ने जीना मुश्किल कर दिया है. बुधवार को बांदा जिले में तापमान 48 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.5 डिग्री ज्यादा है. यह न सिर्फ राज्य बल्कि पूरे देश में सबसे अधिक तापमान रहा. लखनऊ मौसम केंद्र के मुताबिक यूपी के कई इलाकों में अभी हालात सुधरने वाले नहीं हैं. मौसम विभाग ने अगले 3 दिनों के लिए येलो अलर्ट और उसके बाद अत्यधिक गर्मी को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है.

हरियाणा और पंजाब का हालहरियाणा और पंजाब में भी लू के थपेड़ों से लोग झुलस रहे हैं. IMD की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक हरियाणा के रोहतक और पंजाब के भटिंडा में पारा 46 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया है. दोनों ही राज्यों में लगातार गर्म हवाएं चल रही हैं. केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में भी अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है. जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की बारिश और आंधी-तूफान से थोड़ी बहुत राहत है.
ओडिशा, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश का मौसममौसम विभाग ने उत्तर, पूर्व और मध्य भारत के लिए हीटवेव, उमस और गर्म रातों को लेकर चेतावनी जारी की है. पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में (24 से 26 मई) तक गंभीर हीटवेव की स्थिति बने रहने की संभावना है. इसके अलावा छत्तीसगढ़, ओडिशा, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में (22 से 24 मई) तक हीटवेव का असर दिखेगा. इसके अलावा ओडिशा और यूपी में रातें भी काफी गर्म रहेंगी.
मौसम का पूर्वानुमान (22 मई)
दिल्ली- 45 डिग्री सेल्सियसपटना- 40 डिग्री सेल्सियसलखनऊ- 45 डिग्री सेल्सियसजयपुर- 42 डिग्री सेल्सियसभोपाल- 43 डिग्री सेल्सियसगया 42- डिग्री सेल्सियसकानपुर- 46 डिग्री सेल्सियसवाराणसी- 45 डिग्री सेल्सियसजोधपुर- 42 डिग्री सेल्सियसइंदौर- 42 डिग्री सेल्सियसउज्जैन- 42 डिग्री सेल्सियसदेहरादून- 40 डिग्री सेल्सियसचंडीगढ़- 42 डिग्री सेल्सियस
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        <pubDate>Fri, 22 May 2026 11:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>बेंगलुरु एयरपोर्ट पर टला बड़ा हादसा, रनवे से टकराया एअर इंडिया का विमान, 179 यात्री थे सवार</title>
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        <description><![CDATA[ दिल्ली से बेंगलुरु जा रहा एयर इंडिया का एक विमान लैंडिंग के समय हादसे का शिकार हो गया. बेंगलुरु एयरपोर्ट पर उतरते समय फ्लाइट AI2651 &amp;lsquo;टेल-स्ट्राइक&amp;rsquo; (Tail-Strike) का शिकार हो गई. विमान का पिछला हिस्सा अचानक रनवे से टकरा गया. हालांकि पायलट ने स्थिति को संभाल लिया और सुरक्षित लैंडिंग पूरी की. विमान में सवार सभी यात्रियों और क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बाहर निकाला गया. एअर इंडिया के इस विमान में 179 लोग सवार थे.
यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था कर रही कंपनी
यात्रियों से भरे इस विमान में पायलट को लैंडिंग के वक्त आगे उड़ रहे दूसरे विमान की वजह से wake turbulence महसूस हुआ जिसके चलते नियंत्रण प्रभावित हुआ और विमान की टेल रनवे से टकरा गई. विमान को जांच के लिए ग्राउंड कर दिया गया.
इस घटना के चलते बेंगलुरु से दिल्ली लौटने वाली फ्लाइट AI2652 को रद्द कर दिया गया है. एयरलाइन ने प्रभावित यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने की बात कही है. बेंगलुरु एयरपोर्ट पर एयर इंडिया की ग्राउंड टीम यात्रियों को हर जरूरी सहायता दे रही है. एविएशन एक्सपर्ट्स के मुताबिक वेक टर्बुलेंस जैसी स्थिति में पीछे आ रहे विमान की स्थिरता अचानक प्रभावित हो सकती है जिससे इस तरह की घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है.
सरकारी नियमों के तहत हो रही जांच
एअर इंडिया ने कहा कि एयरलाइन इस घटना की पूरी जांच सरकारी नियमों और तय प्रक्रियाओं के तहत कर रही है. कंपनी ने कहा कि बेंगलुरु में उनकी टीम यात्रियों की हर संभव मदद कर रही है. एअर इंडिया ने यात्रियों को हुई इस असुविधा के लिए खेद जताया है और कहा है कि उनके लिए यात्रियों और क्रू मेंबर्स की सुरक्षा सबसे ज्यादा जरूरी है.
जिस समय Air India की फ्लाइट लैंडिंग के लिए आ रही थी उससे ठीक पहले एक Boeing 747 ने उड़ान भरी थी. 747 के इंजन से पैदा हुई तेज हवा (Wake Turbulence) का असर पीछे आ रहे एयर इंडिया विमान पर पड़ा.&amp;nbsp;स्थिति को भांपते हुए पायलट ने तुरंत सावधानी बरतते हुए स्टैंडर्ड प्रोसीजर के तहत गो-अराउंड - लैंडिंग छोड़कर दोबारा चक्कर लगाना शुरू किया ताकि सुरक्षित तरीके से दोबारा लैंडिंग की जा सके.
क्या होता है टेल-स्ट्राइक?
&#039;टेल-स्ट्राइक&#039; (Tail-strike) का मतलब होता है विमान के पिछले हिस्से का जमीन से टकरा जाना. इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के मुताबिक, ऐसा तब होता है जब विमान टेक-ऑफ (उड़ान भरते), लैंडिंग या गो-अराउंड (लैंडिंग रद्द कर फिर से चक्कर काटते) समय एक खास एंगल पर झुक जाता है, जिससे उसकी पूंछ रनवे से छू जाती है. इसकी वजह से कभी-कभी विमान पर से नियंत्रण खोने या उसके रनवे से बाहर चले जाने का खतरा रहता है.
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        <pubDate>Thu, 21 May 2026 19:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Weather Forecast: &amp;apos;अभी और सताएगी, झुलसाएगी गर्मी पर बारिश भी...&amp;apos;, हीटवेव से कब मिलेगी राहत, मौसम विभाग ने दिया बड़ा अपडेट</title>
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        <description><![CDATA[ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (Delhi NCR) समेत पूरे उत्तर भारत में भीषण गर्मी का दौर लगातार तेज होता जा रहा है. इस बीच भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने भी कह दिया है कि ये गर्मी अभी और सताएगी. भारतीय मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले सात दिनों तक एनसीआर के लोगों को हीट वेव और तेज गर्म हवाओं का सामना करना पड़ेगा. हालांकि, पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट है.
मौसम विभाग ने 21 से 27 मई तक दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में हीटवेव से लेकर सीवियर हीटवेव का अलर्ट जारी किया है. दिल्ली में अगले चार दिनों तक तापमान 44 से 46 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जबकि तेज गर्म हवाएं भी चलेंगी. उधर, पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है.
इन राज्यों में जमकर पड़ेगी बारिशआईएमडी के मुताबिक उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी बनी रहेगी, वहीं पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. बिहार, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम और मेघालय में अगले कुछ दिनों तक तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है. मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर में बाहर निकलने से बचने, ज्यादा पानी पीने और बच्चों-बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है.
रात को भी बढ़ेगा तापमानमौसम विभाग के अनुसार दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाएं लोगों की परेशानी बढ़ाएंगी, वहीं रात के तापमान में भी लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद कम दिखाई दे रही है. विभाग ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि दोपहर के समय बिना जरूरत घर से बाहर निकलना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है.&amp;nbsp;
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लू के थपेड़ों का सामना करना पड़ेगामौसम विभाग ने दोपहर और शाम के समय हीट वेव जारी रहने की चेतावनी दी है. लगातार गर्म हवाएं चलने से लोगों को लू के थपेड़ों का सामना करना पड़ेगा. 21 मई को तापमान में मामूली गिरावट के बावजूद गर्मी का असर बरकरार रहेगा. अधिकतम तापमान 43 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है.&amp;nbsp;
गर्मी से बचने के लिए क्या करें? डॉक्टर ने दी सलाहमौसम विभाग ने अधिकतम तापमान 43 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान जारी किया है. पूरे दिन गर्म हवाएं चलने की संभावना है. हालांकि 23 मई से मौसम में कुछ बदलाव देखने को मिल सकता है और आसमान मुख्यतः साफ रहने की संभावना जताई गई है. डॉक्टरों का कहना है कि लगातार पानी पीते रहें, धूप में निकलने से बचें और शरीर को हाइड्रेट रखें ताकि लू और डिहाइड्रेशन से बचाव किया जा सके.
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        <pubDate>Thu, 21 May 2026 19:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>&amp;apos;बंगाल के मदरसों में वंदे मातरम गाना अनिवार्य&amp;apos;, BJP का बड़ा दावा, जानें क्या बोले प्रवक्ता प्रदीप भंडारी</title>
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        <description><![CDATA[ बीजेपी का दावा है कि पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के सभी मदरसों में वंदे मातरम गाना अनिवार्य कर दिया है. दावे के मुताबिक मदरसा शिक्षा निदेशालय की तरफ से जारी आदेश में सुबह की प्रार्थना सभा के दौरान सभी मदरसों में राष्ट्रीय गीत गाने के आदेश दिए गए हैं. दावा किया जा रहा है कि राज्य के मान्यता प्राप्त, सहायता प्राप्त और गैर-सहायता प्राप्त सभी मदरसों में नियम लागू कर दिया गया है.&amp;nbsp;
राष्ट्रीय गीत को पूरा सम्मान दिया जाएगा- शुभेंदु अधिकारी&amp;nbsp;हालांकि इससे पहले सरकार ने सभी स्कूलों में भी वंदे मातरम के छहों अंतरे गाना जरूरी किया था. बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा है कि राज्य में राष्ट्रीय गीत को पूरा सम्मान दिया जाएगा और सभी शिक्षण संस्थानों में इसका पालन जरूरी होगा. इस मामले को लेकर एक ओर विपक्ष जहां बंगाल की बीजेपी सरकार पर हमलावर है तो वहीं दूसरी ओर बीजेपी के प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने एक्स पर पोस्ट कर विपक्ष पर पलटवार किया है.

Vande Mataram is the heartbeat of Bharat&amp;rsquo;s civilisation and patriotism!West Bengal Govt under Suvendu Da has ordered all government, aided, and recognised madrasas across the state to mandatorily sing &#039;Vande Mataram&#039; during morning assembly prayers, with immediate effect.!&amp;hellip; pic.twitter.com/b5boXxJEh4
&amp;mdash; Pradeep Bhandari(प्रदीप भंडारी)???????? (@pradip103) May 21, 2026



क्या बोले बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारीप्रदीप भंडारी ने गुरुवार (21 मई) को एक्स पर पोस्ट कर कहा कि वंदे मातरम भारत की सभ्यता और देशभक्ति की धड़कन है. सुवेंदु दा के नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य भर के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त मदरसों को तत्काल प्रभाव से सुबह की विधानसभा प्रार्थना के दौरान &#039;वंदे मातरम&#039; का अनिवार्य गायन करने का आदेश दिया है.

राहुल गांधी और अखिलेश यादव चुप क्यों हैं?- भंडारी&amp;nbsp;उन्होंने विपक्ष और खासकर पूर्व की टीएमसी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ममता बनर्जी खुलेआम सांप्रदायिक तुष्टीकरण का समर्थन कर रही थीं और अब पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सरकार देशभक्ति के नाम पर हर काम कर रही है. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि धर्मनिरपेक्ष ममता बनर्जी, राहुल गांधी और अखिलेश यादव चुप क्यों हैं? उनकी चुप्पी और विरोध उनके कट्टर तुष्टीकरण को उजागर करते हैं.
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शुभेंदु सरकार ने सरकारी कर्मचारियों पर लागू किए सख्त नियम, अभिषेक बनर्जी बोले- &#039;दिल्ली में..&#039; ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 21 May 2026 19:30:09 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>बंगाल, के, मदरसों, में, वंदे, मातरम, गाना, अनिवार्य, BJP, का, बड़ा, दावा, जानें, क्या, बोले, प्रवक्ता, प्रदीप, भंडारी</media:keywords>
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        <title>तमिलनाडु: सरकार बनाने के कुछ दिन बाद CM विजय ने कैबिनेट में किया बड़ा फेरबदल, कांग्रेस को क्या दिया?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/तमिलनाडु-सरकार-बनाने-के-कुछ-दिन-बाद-cm-विजय-ने-कैबिनेट-में-किया-बड़ा-फेरबदल-कांग्रेस-को-क्या-दिया</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/तमिलनाडु-सरकार-बनाने-के-कुछ-दिन-बाद-cm-विजय-ने-कैबिनेट-में-किया-बड़ा-फेरबदल-कांग्रेस-को-क्या-दिया</guid>
        <description><![CDATA[ तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने राज्य मंत्रिमंडल में बड़े फेरबदल की सिफारिश की है. इस फेरबदल में कई वरिष्ठ मंत्रियों के विभागों में बदलाव किया गया है और 23 नए मंत्रियों को मंत्रिपरिषद में शामिल किया गया है. लोक भवन से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार इन सिफारिशों को राज्यपाल ने मंजूरी दे दी है.
इस बदलाव के बाद मुख्यमंत्री ने लोक प्रशासन, गृह, पुलिस, विशेष कार्यक्रम क्रियान्वयन, नगर प्रशासन और शहरी विकास जैसे प्रमुख विभाग अपने पास रखे हैं. इसके साथ ही उन्होंने विशेष पहल, गरीबी उन्मूलन और ग्रामीण ऋण राहत जैसे विभागों की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी संभाली है.
तमिलनाडु में मंत्रियों के विभाग बदले गए
मंत्रिमंडल में कई अन्य मंत्रियों के विभागों में भी बदलाव किया गया है. मंत्री एन. आनंद के कार्यक्षेत्र में अब ग्रामीण विकास, पंचायत, सिंचाई और लघु सिंचाई परियोजनाएं शामिल की गई हैं. वहीं मंत्री आर. निर्मलकुमार बिजली, गैर-पारंपरिक ऊर्जा, कानून, न्यायालय, जेल, चुनाव और पासपोर्ट से जुड़े विभागों का कार्यभार संभालते रहेंगे.
एक अन्य महत्वपूर्ण बदलाव में के. ए. सेंगोत्तैयन को राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है. वे राजस्व प्रशासन, उप-कलेक्टर से जुड़े कार्य, आपदा प्रबंधन और विधानसभा मामलों की देखरेख करेंगे.
राज्यपाल ने 23 नए मंत्रियों को भी विभाग आवंटन की मंजूरी दी है. इनमें श्रीनाथ को मत्स्य पालन, कमाली एस. को पशुपालन, सी. विजयलक्ष्मी को दुग्ध और डेयरी विकास और आर. वी. रंजीतकुमार को वन विभाग सौंपा गया है. विनोद को कृषि और किसान कल्याण विभाग की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि राजीव को पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन विभाग का प्रभार दिया गया है.

कांग्रेस के राजेश कुमार को मिला पर्यटन विभाग&amp;nbsp;
अन्य मंत्रियों में बी. राजकुमार को आवास और शहरी विकास, वी. गांधीराज को सहकारिता, मथन राजा पी. को सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग, जगदीश्वरी के. को समाज कल्याण और महिला सशक्तीकरण और राजेश कुमार एस. को पर्यटन विभाग सौंपा गया है. इसके अलावा एम. विजय बालाजी को हथकरघा और वस्त्र, लोगेश तमिलसेल्वन डी. को वाणिज्यिक कर और पंजीकरण, विजय तमिलन पार्थिबन ए. को परिवहन और रमेश को हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती विभाग का कार्यभार दिया गया है.
कांग्रेस विधायक पी विश्वनाथन शिक्षा विभाग संभालेंगे
उच्च शिक्षा विभाग पी. विश्वनाथन को सौंपा गया है, जबकि कुमार आर. को नवगठित कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सूचना प्रौद्योगिकी और डिजिटल सेवा विभाग का नेतृत्व दिया गया है. थेन्नारासु के. को अनिवासी तमिल कल्याण, वी. संपत कुमार को पिछड़ा वर्ग कल्याण, मोहम्मद फरवास जे. को श्रम कल्याण और कौशल विकास और डी. सरथकुमार को मानव संसाधन प्रबंधन विभाग की जिम्मेदारी मिली है. वित्त, योजना और विकास विभाग एन. मैरी विल्सन को दिया गया है, जबकि विघ्नेश के. को निषेध और आबकारी विभाग सौंपा गया है.
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        <pubDate>Thu, 21 May 2026 19:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>तमिलनाडु:, सरकार, बनाने, के, कुछ, दिन, बाद, विजय, ने, कैबिनेट, में, किया, बड़ा, फेरबदल, कांग्रेस, को, क्या, दिया</media:keywords>
    </item>
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        <title>बीजेपी कितने साल बाद सत्ता से बाहर हो जाएगी? एक्सिस माय इंडिया फाउंडर प्रदीप गुप्ता की बड़ी भविष्यवाणी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/बीजेपी-कितने-साल-बाद-सत्ता-से-बाहर-हो-जाएगी-एक्सिस-माय-इंडिया-फाउंडर-प्रदीप-गुप्ता-की-बड़ी-भविष्यवाणी</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/बीजेपी-कितने-साल-बाद-सत्ता-से-बाहर-हो-जाएगी-एक्सिस-माय-इंडिया-फाउंडर-प्रदीप-गुप्ता-की-बड़ी-भविष्यवाणी</guid>
        <description><![CDATA[ भारत के 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इस वक्त भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की सहयोगी दलों की सरकारें मौजूद हैं. हाल ही चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा ने असम, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में बड़ी जीत हासिल की. वहीं, वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक प्रदीप गुप्ता ने भाजपा के देश की सत्ता में बने रहने को लेकर बुधवार (20 मई, 2026) को बड़ी भविष्यवाणी की है.
उन्होंने कहा कि जब तक केंद्र की मौजूदा सरकार के प्रदर्शन में बड़ी गिरावट नहीं होती है, तब तक भारतीय जनता पार्टी (BJP) देश की सत्ता में बनी रह सकती है. कई चुनावों के नतीजों का सही अनुमान लगाने वाले पोल एजेंसी एक्सिस माई इंडिया के फाउंडर और राजनीतिक विश्लेषक प्रदीप गुप्ता ने कांग्रेज के लंबे समय तक चली सत्ता का उदाहरण देते हुए कहा कि भारतीय राजनीति एक बार फिर वन-पार्टी प्री-डॉमिनेंस के दौर से गुजर रही है.
कितने समय तक सत्ता में रह सकती है BJP?
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी अगले कितने सालों तक सत्ता में बनी रहेगी, इस बात का अनुमान लगाते हुए प्रदीप गुप्ता ने कहा, &amp;lsquo;साल 2014 से देश की सत्ता में आई भारतीय जनता पार्टी (BJP) का राजनीतिक प्रभुत्व कम से कम 20 साल तक चल सकता है.&amp;rsquo; तमिलनाडु में अभिनेता विजय की पार्टी TVK की जीत का सही अनुमान लगाने वाले गुप्ता ने कहा कि जब तक सत्तारूढ़ पार्टी की सत्ता प्रदर्शन कमजोर नहीं पड़ती, उसकी स्थिति मजबूत बनी रहेगी.
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उन्होंने कांग्रेस का उदाहरण देते हुए कहा कि राजनीति में एक चक्र होता है. उन्होंने कहा कि पहले कांग्रेस साल 1977 तक लगातार सत्ता में रही. उसके बाद उसे मुश्किलों का सामना करना पड़ा. उन दिनों हम करीब 20 साल की राजनीतिक पीढ़ी की बात करते थे. यह 20 साल का चक्र अब भी बना रहेगा.&amp;rsquo; उनका संकेत था कि बीजेपी भी लंबे समय तक भारतीय राजनीति का केंद्र में बनी रह सकती है.

अब BJP को सुपर परफॉर्म करना होगाः गुप्ता
रिपोर्ट के मुताबिक, राजनीतिक विश्लेषक प्रदीप गुप्ता ने कहा, &amp;lsquo;सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष, दोनों का भविष्य मौजूदा सरकार के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा. इतना बड़ा जनादेश मिलने के बाद बीजेपी से लोगों की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं. इसलिए अब बीजेपी और NDA को सुपर परफॉर्म करना होगा और जब तक उनका प्रदर्शन कमजोर या खराब नहीं होता, वे जीतते रहेंगे और विपक्ष लगातार हारता रहेगा.&amp;rsquo;
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        <pubDate>Thu, 21 May 2026 19:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>बीजेपी, कितने, साल, बाद, सत्ता, से, बाहर, हो, जाएगी, एक्सिस, माय, इंडिया, फाउंडर, प्रदीप, गुप्ता, की, बड़ी, भविष्यवाणी</media:keywords>
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        <title>पश्चिम बंगाल में घुसपैठिए पर शुभेंदु सरकर का बड़ा एक्शन, CAA लागू कर डिपोर्ट की प्रक्रिया शुरू, BSF के हवाले जमीन</title>
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        <description><![CDATA[ West Bengal Govt Transfer 27 Acre Land to BSF: पश्चिम बंगाल के कोलकाता में घुसपैठ रोकने के लिए बंगाल सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने भारत और बांग्लादेश बॉर्डर इलाके में बाड़ लगाने के लिए 43 एकड़ जमीन बीएसएफ को सौंपने की घोषणा की है. यह इलाका करीबन 27 किलोमीटर का है. सीएम ने कहा 2,200 किलोमीटर की सीमा में से 1,600 किलोमीटर पर बाड़ लगाई जा चुकी है.
सीएम अधिकारी ने बीएसफ के साथ नबान्न में एक ज्वाइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि 2,200 KM की बॉर्डर में से 1,600 किलोमीटर पर बाड़ लगाई जा चुकी है. पिछली सरकार की वजह से 550 किलोमीटर का हिस्सा खुला रह गया था. इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए घुसपैठ को खतरा बताते हुए पिछली सरकार पर घुसपैठियों को सुरक्षा देने का आरोप लगाया. इसके अलावा उन्होंने पुलिस को घुसपैठियों को तुरंत अरेस्ट कर बीएसएफ को सौंपने का आदेश दिया है.&amp;nbsp;
27 KM की जमीन दो सप्ताह के अंदर ट्रांसफर की जाएगी: अधिकारी
अधिकारी ने कहा कि शुरुआती 27 KM की जमीन दो सप्ताह के अंदर ट्रांसफर कर दी जाएगी. उन्होंने कहा कि यह सीमा सुरक्षा संरचना और सीमाओं को सुरक्षित करने के लिए आवश्यक भूमि के हस्तांतरण की मात्र शुरुआत है. इसी कार्यक्रम में उन्होंने राज्य पुलिस को निर्देश देते हुए घुसपैठियों को सीधे बीएसएफ को सौंपे जाने के लिए एक सिस्टम लागू करने की घोषणा की है.&amp;nbsp;
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साथ ही जोर देकर कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के अंतर्गत नहीं आने वाले समुदायों को तत्काल प्रभाव से लागू होने वाली प्रक्रिया के तहत हिरासत में लिया जाएगा और निर्वासित किया जाएगा. शुभेंदु अधिकारी ने इसे डिटेक्ट, डिपोर्ट और डिलीट किए जाने की बात कही है. साथ ही इस कार्यप्रणाली की व्याख्या भी की है.&amp;nbsp;
पिछली सरकार ने सीएए का विरोध किया था: शुवेंदु अधिकारीशुवेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि पिछली टीएमसी सरकार ने सीएए का विरोध किया था. केंद्र की तरफ से इस प्रस्तावित व्यवस्था को लागू करने में भी नाकाम रही थी. एक तरफ पिछली सरकार ने सीएए का विरोद किया, दूसरी तरफ उसने इस अहम प्रावधान का इस्तेमाल नहीं किया. हम इसे लागू कर रहे हैं.&amp;nbsp;
उन्होंने कहा कि CAA के तहत &amp;nbsp;शामिल समुदायों के नाम बताए गए हैं. जो लोग 31 दिसंबर, 2024 तक (भारत) आए हैं, वे सुरक्षित हैं, और पुलिस उन्हें हिरासत में नहीं ले सकती. नागरिकता कानून के तहत आने वाले समुदायों में हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई शामिल हैं.तय कट-ऑफ तारीख से पहले बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान में धार्मिक उत्पीड़न से बचने के लिए भारत आए थे.
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग इस कानून के तहत नहीं आते, उन्हें घुसपैठिया माना जाएगा. &amp;nbsp;BSF, BGB यानी कि बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश से बात करेगी. उन्हें वापस भेजने के लिए जरूरी कदम उठाएगी. यह कानून आज से लागू किया जा रहा है.
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        <pubDate>Thu, 21 May 2026 06:30:11 +0530</pubDate>
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        <title>पाकिस्तानी बीवी, पैसा और गद्दारी..., NIA ने कोलकाता से दबोचा ISI का जासूस, भारत से भेजता था OTP</title>
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        <description><![CDATA[ कोलकाता के रहने वाले एक शख्स को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में NIA ने गिरफ्तार किया है. जांच एजेंसी के मुताबिक आरोपी जफर रियाज उर्फ रिजवी भारत की सुरक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारी पाकिस्तान के खुफिया अधिकारियों तक पहुंचा रहा था. ये मामला भारत विरोधी आतंकी साजिश से जुड़ा बताया जा रहा है.
पाकिस्तानी महिला से हुई थी शादी
NIA के मुताबिक जफर रियाज के खिलाफ पहले से लुक आउट सर्कुलर जारी था और उसे भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया भी चल रही थी. आरोपी को बीएनएस, ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट और यूएपीए की विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया है. जांच एजेंसी ने बताया कि जफर की शादी एक पाकिस्तानी महिला से हुई थी और उसके बच्चे भी पाकिस्तान के नागरिक है. जांच में सामने आया है कि जफर पहले भी जासूसी के एक मामले में दोषी ठहराया जा चुका है. वो साल 2005 से लगातार भारत और पाकिस्तान के बीच यात्रा करता रहा था.&amp;nbsp;
भारत के पाकिस्तान भेजता था OTP
NIA का कहना है कि पाकिस्तान यात्रा के दौरान पाकिस्तानी खुफिया अधिकारियों ने उसे अपने जाल में फंसाया और पैसों के लालच, पाकिस्तानी नागरिकता का वादा करके उससे जासूसी करवाई. NIA के मुताबिक आरोपी ने भारत में सक्रिय दूसरे जासूसों और आतंक से जुड़े लोगों की मदद भी की. उसने भारतीय मोबाइल नंबरों के ओटीपी पाकिस्तानी खुफिया अधिकारियों को उपलब्ध कराए, ताकि व्हाट्सऐप अकाउंट एक्टिवेट किए जा सकें. इन्हीं अकाउंट्स के जरिए पाकिस्तान से जुड़े अधिकारी भारत में मौजूद अन्य आरोपियों से गुप्त संपर्क में रहते थे.

पूरे जासूसी नेटवर्क की जांच में जुटी NIA
इस मामले में मोतीराम जाट नाम का एक अन्य आरोपी भी जांच के दायरे में है. उस पर भी देश की सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील जानकारी पाकिस्तान तक पहुंचाने का आरोप है. NIA फिलहाल पूरे जासूसी नेटवर्क की जांच कर रही है. एजेंसी ये पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस रैकेट में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और इसके पीछे कितनी बड़ी साजिश काम कर रही थी.
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        <pubDate>Thu, 21 May 2026 06:30:10 +0530</pubDate>
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        <title>Video: पाकिस्तान एयरफोर्स का चीनी फाइटर जेट JF&amp;17 क्रैश, पैराशूट के सहारे जान बचाते नजर आए पायलट</title>
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        <description><![CDATA[ Pakistan Airforce Fighter Jet Crash: पाकिस्तान एयरफोर्स से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है. यहां JF-17 थंडर फाइटर जेट कामरा में क्रैश हुआ. हादसा पाकिस्तान एरोनॉटिकल कॉम्प्लेक्स (PAC) के पास एक रूटीन ट्रेनिंग मिशन के दौरान हुआ. इस घटना ने एक बार फिर पाकिस्तान के चीन से आयात फाइटर जेट की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं.&amp;nbsp;
दोनों पायलट क्रैश होने से पहले ही कूद गए
रिपोर्ट के मुताबिक, विमान में किसी तरह की तकनीकी खराबी हुई, इसी आशंका की वजह से वह नीचे गिर गया. दोनों पायलट पहले ही विमान से बाहर कूद गए. उन्हें गंभीर चोट आई है. किसी भी आम नागरिक के हताहत होने की कोई खबर नहीं है. एक वीडियो में फाइटर जेट से कुछ पल पहले पायलट पैराशूट के सहारे नीचे उतरते नजर आ रहे हैं. वहीं, विमान में घना धुआं उठ रहा था. इमरजेंसी रेस्क्यू टीम और स्थानी लोग भी क्रैश वाले घटनास्थल पर पायलटों की मदद के लिए दौड़ते नजर आ रहे हैं.
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पाकिस्तान ने पिछले एक साल में अबतक 7 बार क्रैश
इसी पाकिस्तान में अबतक सात बार क्रैश हो गया है. इसने चीन पर बढ़ती निर्भरता वाले हवाई बेड़े की विश्वसनीयता और रखरखाव को लेकर नए सिरे से जांच शुरू कर दी है. JF-17 थंडर को पाकिस्तान एरोनॉटिकल कॉम्प्लेक्स (PAC) और चीन की चेंगदू एयरक्राफ्ट कॉर्पोरेशन (CAC) ने मिलकर बनाया है. यह पाकिस्तान एयरफोर्स के लड़ाकू बेड़े का एक अहम हिस्सा है.

Breaking ????????✈️Pakistani Air Force Jet CRASHED near Kamra Airbase.@ankitatIIMA pic.twitter.com/IaO3E8S64h
&amp;mdash; AnilKhatri???????? (@anilkhatri005) May 20, 2026



इस फाइटर जेट को कई ऑपरेशनल कामों के लिए डिजाइन किया गया
इस हल्के, सिंगल इंजन वाले मल्टी रोल फाइटर विमान के तहत विकसित किए गए, जेट को पाकिस्तान के बेड़े में शामिल कई पुराने विमानों की जगह लेने के लिए डिजाइन किया गया था. इस विमान को कई तरह के ऑपरेशनल कामों के लिए डिजाइन किया गया था. इनमें इंटरसेप्शन, जमीनी हमला, एंटी शिप और हवाई उड़ाने शामिल हैं. अब इस फाइटर जेट को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं.
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        <pubDate>Thu, 21 May 2026 06:30:09 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>Video:, पाकिस्तान, एयरफोर्स, का, चीनी, फाइटर, जेट, JF-17, क्रैश, पैराशूट, के, सहारे, जान, बचाते, नजर, आए, पायलट</media:keywords>
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        <title>लद्दाख में पर्यटन को बढ़ावा देने की ओर उपराज्यपाल का बड़ा फैसला, होटल और गेस्ट हाउस को इंडस्ट्री किया घोषित</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/लद्दाख-में-पर्यटन-को-बढ़ावा-देने-की-ओर-उपराज्यपाल-का-बड़ा-फैसला-होटल-और-गेस्ट-हाउस-को-इंडस्ट्री-किया-घोषित</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/लद्दाख-में-पर्यटन-को-बढ़ावा-देने-की-ओर-उपराज्यपाल-का-बड़ा-फैसला-होटल-और-गेस्ट-हाउस-को-इंडस्ट्री-किया-घोषित</guid>
        <description><![CDATA[ लद्दाख में पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए एक ऐतिहासिक फैसले में उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने बुधवार (20 मई, 2026) को केंद्र शासित प्रदेश में &amp;lsquo;होटल और गेस्ट हाउस&amp;rsquo; को एक इंडस्ट्री घोषित कर दिया है. पेश की गई नई नीतियों का मकसद नियमों का पालन आसान बनाना, ऑपरेशनल खर्च कम करना और लद्दाख को एक बेहतरीन ग्लोबल सस्टेनेबल टूरिज्म डेस्टिनेशन के तौर पर स्थापित करना है.
अधिकारियों ने बताया कि इस कदम से हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री से जुड़े लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हुई है और उम्मीद है कि इससे इस इलाके में रहने की सुविधाओं और पर्यटन से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर का व्यवस्थित विकास होगा.
पर्यटक सुविधाओं को बेहतर बनाना है फैसले का उद्देश्यः अधिकारी

Another historic day for the Tourism Sector in Ladakh. Have ordered to declare the Hotels &amp;amp; Guest Houses, registered with Tourism Dept in Ladakh, as &amp;ldquo;Industry&amp;rdquo;, that would benefit these units with incentives, concessions and infrastructure support, at par with other Industries&amp;hellip;
&amp;mdash; LG Ladakh (@lg_ladakh) May 20, 2026



प्रशासन ने आगे कहा कि इस नीति का मकसद पर्यटकों के लिए सुविधाओं को बेहतर बनाना है. साथ ही लद्दाख के हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश और विस्तार के लिए ज्यादा अनुकूल माहौल बनाना है. अगले महीने की शुरुआत यानी 1 जून, 2026 से रजिस्टर्ड होटलों और गेस्ट हाउसों को इंडस्ट्री का दर्जा दिया जाएगा, जिससे वे बिजली और पानी सस्ती इंडस्ट्रियल दरों पर पा सकेंगे, रियायती बैंक लोन ले सकेंगे और प्रॉपर्टी टैक्स में छूट पा सकेंगे.
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उपराज्यपाल ने X प्लेटफॉर्म पर किया पोस्ट
इस घोषणा के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X का इस्तेमाल करते हुए लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने पोस्ट किया कि यह कदम लद्दाख के विकास के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिशा-निर्देशों के तहत उठाया गया है. उन्होंने पोस्ट किया, &amp;lsquo;मैंने लद्दाख में पर्यटन विभाग के साथ रजिस्टर्ड होटलों और गेस्ट हाउसों को &#039;इंडस्ट्री&#039; घोषित करने का आदेश दिया है. इससे इन यूनिट्स को UT की दूसरी इंडस्ट्रीज की तरह ही इंसेंटिव, रियायतें और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी मदद मिलेगी.&amp;rsquo;
उन्होंने कहा, &amp;lsquo;यह कदम PM नरेंद्र मोदी के घरेलू पर्यटन क्षेत्र को प्रोत्साहन और नीतिगत दिशा-निर्देशों के माध्यम से मजबूत करने के लगातार प्रयासों के अनुरूप है. यह आदेश 1 जून, 2026 से लागू होगा.&amp;rsquo;
LG के ऐलान से क्या मिलेंगे लाभ?

इस ऐलान के बाद लद्दाख पर्यटन उद्योग &amp;lsquo;उद्योग (Industries)&amp;rsquo; को मिलने वाले सभी लाभों का हकदार होगा. इसमें बिजली और पानी के टैरिफ के लिए औद्योगिक दरों पर पात्रता शामिल है, जो मौजूदा कमर्शियल दरों से सस्ती हैं. इसके अलावा, राज्य/केंद्र सरकार की औद्योगिक नीतियों के तहत रियायती बैंक ऋणों की पात्रता और संपत्ति कर से छूट भी पर्यटन उद्योग को फलने-फूलने में मदद करेगी. ये लाभ होटलों और गेस्ट हाउसों के परिचालन खर्च को कम करेंगे और लद्दाख में निवेशकों का भरोसा बढ़ाएंगे, जहां इस क्षेत्र में विकास की अपार संभावनाएं हैं.
पहली बार, होमस्टे रजिस्ट्रेशन के लिए एक औपचारिक ढांचा भी पेश किया गया है. अब होमस्टे पंजीकरण पांच सालों के लिए वैध होंगे और इसमें केवल दो दस्तावेज जमा करने पर एक आसान अस्थायी पंजीकरण प्रक्रिया शामिल होगी.
LG के सुधारों ने हॉस्पिटैलिटी उद्योग को नियमों से मुक्त करके लालफीताशाही (Red Tape) को काफी हद तक कम कर दिया है. टूर ऑपरेटरों के लिए दस्तावेजीकरण की आवश्यकताएं, जैसे चरित्र प्रमाण पत्र और बैंक बैलेंस का प्रमाण, हटा दी गई हैं और होटल वर्गीकरण को एक ही, एकीकृत श्रेणी में सरल बना दिया गया है.
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        <pubDate>Thu, 21 May 2026 06:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>लद्दाख, में, पर्यटन, को, बढ़ावा, देने, की, ओर, उपराज्यपाल, का, बड़ा, फैसला, होटल, और, गेस्ट, हाउस, को, इंडस्ट्री, किया, घोषित</media:keywords>
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        <title>NEET&amp;UG Re&amp;Exam: NEET&amp;UG री&amp;एग्जाम पर धर्मेंद्र प्रधान की हाई लेवल बैठक, अफवाह फैलाने वाले टेलीग्राम ग्रुप्स पर होगी कार्रवाई</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/neet-ug-re-exam-neet-ug-री-एग्जाम-पर-धर्मेंद्र-प्रधान-की-हाई-लेवल-बैठक-अफवाह-फैलाने-वाले-टेलीग्राम-ग्रुप्स-पर-होगी-कार्रवाई</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/neet-ug-re-exam-neet-ug-री-एग्जाम-पर-धर्मेंद्र-प्रधान-की-हाई-लेवल-बैठक-अफवाह-फैलाने-वाले-टेलीग्राम-ग्रुप्स-पर-होगी-कार्रवाई</guid>
        <description><![CDATA[ केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज नीट-यूजी की दोबारा होने वाली परीक्षा को लेकर केंद्रीय सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के साथ एक बड़ी बैठक की. इस बैठक में शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी यानी एनटीए के महानिदेशक भी मौजूद रहे. बैठक में परीक्षा की सुरक्षा और छात्रों के बीच फैल रही गलत जानकारी को लेकर विस्तार से चर्चा हुई. इसके साथ ही सरकार ने सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों को लेकर भी चिंता जताई.
इसी मामले में एक अलग बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें मेटा, गूगल और टेलीग्राम जैसे बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के प्रतिनिधियों को बुलाया गया. सरकार ने इन कंपनियों से कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी फर्जी खबरों और गलत दावों पर तुरंत कार्रवाई की जाए.

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कई टेलीग्राम चैनल और ऑनलाइन ग्रुप पर नजर
अधिकारियों ने बताया कि बड़ी परीक्षाओं से पहले कई टेलीग्राम चैनल और ऑनलाइन ग्रुप अचानक सक्रिय हो जाते हैं. इन प्लेटफॉर्म पर पेपर लीक के झूठे दावे, क्लिकबेट पोस्ट और बिना पुष्टि वाली जानकारियां तेजी से फैलायी जाती हैं. इससे छात्रों के बीच डर और भ्रम का माहौल बन जाता है. जांच में यह भी सामने आया कि कई संदिग्ध लिंक छात्रों को ऑटोमेटेड बॉट और फर्जी ग्रुप तक पहुंचाते हैं. इन ग्रुप्स को खास तौर पर अफवाह फैलाने और गलत जानकारी फैलाने के लिए बनाया गया है.
खुफिया एजेंसियों से मिली जानकारी
खुफिया एजेंसियों से मिली जानकारी के अनुसार कई संदिग्ध चैनल कुछ चुनिंदा फोन नंबरों से संचालित किए जा रहे हैं. इससे यह संकेत मिला है कि यह एक संगठित और योजनाबद्ध गतिविधि हो सकती है.मामले को गंभीर मानते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि परीक्षा से पहले फर्जी जानकारी फैलाने वाले चैनलों और ग्रुप्स की पहचान की जाए और उन्हें तुरंत ब्लॉक कर हटाया जाए. सरकार का कहना है कि छात्रों के बीच गलत जानकारी और घबराहट फैलाने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
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        <pubDate>Thu, 21 May 2026 06:30:07 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>NEET-UG, Re-Exam:, NEET-UG, री-एग्जाम, पर, धर्मेंद्र, प्रधान, की, हाई, लेवल, बैठक, अफवाह, फैलाने, वाले, टेलीग्राम, ग्रुप्स, पर, होगी, कार्रवाई</media:keywords>
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        <title>Bengal Annapurna Scheme: शुभेंदु अधिकारी ने बदली महिलाओं को 3 हजार देने वाली ममता बनर्जी की योजना, शर्तें भी लगाईं, 1 जून से होगी लागू</title>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल सरकार ने महिलाओं के लिए &#039;लक्ष्मीर भंडार&#039; कार्यक्रम के स्थान पर &#039;अन्नपूर्णा योजना&#039; की अधिसूचना जारी की है, जिसके तहत प्रति माह 3,000 रुपये का मासिक भत्ता दिया जाएगा. यह योजना एक जून से प्रभावी होगी. महिला, बाल विकास और समाज कल्याण विभाग द्वारा मंगलवार (19 मई) को जारी अधिसूचना में योजना का लाभ प्राप्त करने की पात्रता के संबंध में कुछ शर्तें भी जोड़ी गई हैं. इस विभाग का प्रभार अग्निमित्रा पॉल के पास है.
अधिसूचना में कहा गया है कि 25 से 60 वर्ष की आयु वर्ग की महिलाएं, जो स्थायी सरकारी कर्मचारी नहीं हैं और वेतन या पेंशन प्राप्त नहीं करती हैं और आयकर का भुगतान नहीं करती हैं, वे इस वित्तीय सहायता को प्राप्त करने की पात्र हैं. इसमें कहा गया है कि सहायता राशि प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण माध्यम से लाभार्थी के नाम पर आधार कार्ड से जुड़े बैंक खाते में जमा की जाएगी.

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अधिसूचना के अनुसार, &amp;lsquo;&amp;lsquo;&amp;lsquo;लक्ष्मीर भंडार&amp;rsquo; योजना के सभी मौजूदा लाभार्थियों को अन्नपूर्णा योजना में स्थानांतरित किया जाएगा, सिवाय उन मतदाताओं के जो एसआईआर 2026 के दौरान मृत, स्थानांतरित, हटाए गए या अनुपस्थित पाए गए हों या मसौदा सूची के प्रकाशन के बाद दूसरी सूची में हटाए गए हों या सुनवाई के बाद हटाए गए हों और मतदाता पर्ची वितरण के दौरान एएसडीडी (अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लिकेट) पाए गए हों.&amp;rsquo;&amp;rsquo;
एक जून से होंगे ऑनलाइन पोर्टल शुरू
इसमें कहा गया कि जिन लाभार्थियों ने एसआईआर न्यायाधिकरण के समक्ष अपील दायर की है या नागरिकता (संशोधन) अधिनियम के तहत आवेदन किया है, उन्हें उनकी याचिकाओं के निपटारे तक नई योजना के तहत वित्तीय सहायता मिलती रहेगी. अधिसूचना में कहा गया कि इसी प्रकार मृत और स्थानांतरित लाभार्थियों के नाम भविष्य में नियमित रूप से हटाए जाते रहेंगे. सरकार ने यह भी घोषणा की कि योजना का लाभ प्राप्त करने के इच्छुक नए आवेदकों के लिए एक जून को एक ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया जाएगा. अधिसूचना में कहा गया कि इस मौद्रिक लाभ योजना के नए आवेदकों की जांच, उनके निवास संबंधी स्थिति के अनुसार, सरकार या कोलकाता नगर निगम के अधिकृत अधिकारियों द्वारा की जाएगी.
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        <pubDate>Wed, 20 May 2026 14:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Meta&amp;LinkedIn Layoffs: AI की आंधी में नौकरियां साफ! Meta&amp;LinkedIn की छंटनी से भारतीयों पर पड़ेगा सीधा असर?</title>
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        <description><![CDATA[ अमेरिका की बड़ी टेक कंपनियों में एक बार फिर छंटनी का दौर तेज हो गया है. Meta और LinkedIn ने हजारों कर्मचारियों की कटौती और बड़े स्तर पर रीस्ट्रचरिंग की घोषणा की है. वजह है&amp;mdash;आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर बढ़ता दांव.
Meta जहां अपने करीब 10 प्रतिशत कर्मचारियों को हटाकर AI-केंद्रित टीमों में निवेश बढ़ा रही है, वहीं LinkedIn ने भी 600 से ज्यादा नौकरियां खत्म करने का फैसला किया है. यह सिर्फ अमेरिका की कहानी नहीं है. इसका असर भारत के लाखों आईटी प्रोफेशनल्स, इंजीनियरों, आउटसोर्सिंग कंपनियों और स्टार्टअप इकोसिस्टम पर भी पड़ सकता है.

भारतीयों पर कैसे पड़ेगा असर?भारत दुनिया का सबसे बड़ा आईटी टैलेंट हब माना जाता है. बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और गुरुग्राम जैसे शहरों में हजारों इंजीनियर अमेरिकी टेक कंपनियों के लिए काम करते हैं. Meta, Microsoft और LinkedIn जैसी कंपनियों के भारत में बड़े ऑपरेशन और डेवलपमेंट सेंटर मौजूद हैं.
ऐसे में अमेरिका में होने वाली छंटनी का पहला असर भारतीय कर्मचारियों की भर्ती पर दिख सकता है. कंपनियां नई हायरिंग धीमी कर सकती हैं, कॉन्ट्रैक्ट रोल्स कम कर सकती हैं और आउटसोर्सिंग प्रोजेक्ट्स पर खर्च घटा सकती हैं.
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AI स्किल नहीं तो नौकरी खतरे में?यह बदलाव सिर्फ छंटनी तक सीमित नहीं है. टेक इंडस्ट्री अब तेजी से पारंपरिक कोडिंग और सपोर्ट रोल्स से हटकर AI-आधारित नौकरियों की ओर बढ़ रही है.
Meta करीब 7,000 कर्मचारियों को AI-केंद्रित भूमिकाओं में शिफ्ट कर रही है. इसका मतलब साफ है&amp;mdash;अब कंपनियां ऐसे इंजीनियर चाहती हैं जिन्हें मशीन लर्निंग, जनरेटिव AI, डेटा मॉडलिंग और ऑटोमेशन की समझ हो.
भारतीय आईटी सेक्टर में बड़ी संख्या में कर्मचारी अभी भी पारंपरिक सॉफ्टवेयर सपोर्ट, टेस्टिंग और बैकएंड ऑपरेशंस में काम करते हैं. AI ऑटोमेशन बढ़ने के साथ ये भूमिकाएं सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकती हैं.
भारतीय स्टार्टअप्स के लिए भी चेतावनी
अमेरिकी टेक कंपनियों की रणनीति का असर भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम पर भी दिख सकता है. पिछले दो वर्षों में भारत के कई स्टार्टअप्स ने Meta और Microsoft जैसे दिग्गजों से निवेश, विज्ञापन और टेक्नोलॉजी सपोर्ट हासिल किया है.
अगर बड़ी कंपनियां खर्च घटाती हैं और फोकस AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर शिफ्ट करती हैं, तो डिजिटल विज्ञापन, मार्केटिंग और क्लाउड सर्विसेज महंगी हो सकती हैं. इससे छोटे भारतीय स्टार्टअप्स की लागत बढ़ेगी.
H-1B वीजा और भारतीय पेशेवरों की चिंता
अमेरिका में काम कर रहे हजारों भारतीय पेशेवर H-1B वीजा पर निर्भर हैं. छंटनी की स्थिति में उनके सामने सबसे बड़ा संकट वीजा स्टेटस बचाने का होता है. नौकरी जाने के बाद सीमित समय में नई नौकरी न मिलने पर उन्हें अमेरिका छोड़ना पड़ सकता है.
विशेषज्ञ मानते हैं कि AI आधारित पुनर्गठन के कारण आने वाले वर्षों में विदेशी कर्मचारियों के लिए प्रतिस्पर्धा और कठिन हो सकती है.
टेक सेक्टर का नया युग
दिलचस्प बात यह है कि ये छंटनियां उस समय हो रही हैं जब कंपनियों की कमाई पूरी तरह कमजोर नहीं है. LinkedIn ने हाल ही में 12 प्रतिशत सालाना रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की थी. इसके बावजूद कंपनी नौकरियां घटा रही है.
इससे साफ संकेत मिलता है कि टेक इंडस्ट्री अब &amp;ldquo;ग्रोथ एट ऑल कॉस्ट&amp;rdquo; मॉडल से हटकर &amp;ldquo;AI-ड्रिवन एफिशिएंसी&amp;rdquo; मॉडल की ओर बढ़ रही है. यानी कम लोग, ज्यादा ऑटोमेशन और अधिक AI.
भारत के लिए बड़ा सवाल
भारत दुनिया का बैकऑफिस रहा है, लेकिन AI के दौर में सवाल यह है कि क्या भारतीय वर्कफोर्स खुद को उतनी तेजी से अपस्किल कर पाएगी जितनी तेजी से टेक कंपनियां बदल रही हैं? अगर भारतीय इंजीनियर और आईटी संस्थान समय रहते AI स्किल्स, रिसर्च और डीप टेक पर फोकस नहीं बढ़ाते, तो आने वाले वर्षों में वैश्विक टेक इंडस्ट्री में भारत की बढ़त को चुनौती मिल सकती है. ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 20 May 2026 14:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Delhi HC: जेपी नड्डा के घर के बाहर ऐसा क्या हुआ, आरोपी को HC ने नहीं दी राहत, कहा&amp;&amp;apos; विरोध का अधिकार है, लेकिन...&amp;apos;</title>
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        <description><![CDATA[ दिल्ली हाई कोर्ट ने बीजेपी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के घर के बाहर पुतला जलाने के मामले में आरोपी को राहत देने से इनकार कर दिया है. कोर्ट ने साफ कहा कि विरोध प्रदर्शन करना हर नागरिक का अधिकार है, लेकिन हिंसा या कानून हाथ में लेना किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जा सकता.
यह मामला उस घटना से जुड़ा है जब कुछ लोगों ने दिल्ली में जेपी नड्डा के घर के बाहर प्रदर्शन किया था. आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान पुतला दहन किया गया और माहौल तनावपूर्ण हो गया. पुलिस के अनुसार, इस घटना से सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई थी और सार्वजनिक शांति भंग होने का खतरा पैदा हो गया था. मामले में आरोपी ने कोर्ट में याचिका दाखिल कर अपने खिलाफ लगी गंभीर धाराओं को हटाने की मांग की थी, लेकिन सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने इस मांग को मानने से इनकार कर दिया.

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कोर्ट ने मामले पर क्या कहा?
कोर्ट ने कहा कि लोकतंत्र में लोगों को अपनी बात रखने, सरकार की आलोचना करने और विरोध दर्ज कराने का पूरा अधिकार है, लेकिन यह अधिकार केवल शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने तक सीमित है. अगर प्रदर्शन हिंसक हो जाए, आगजनी हो या किसी की सुरक्षा को खतरा पहुंचे तो उसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं माना जा सकता.
कानून-व्यवस्था बिगाड़ना सही नहीं- दिल्ली हाई कोर्ट
दिल्ली हाई कोर्ट ने यह भी कहा कि असहमति जताने के लिए कानूनी और शांतिपूर्ण तरीके मौजूद हैं. सार्वजनिक जगहों पर हंगामा करना, आग लगाना या कानून-व्यवस्था बिगाड़ना सही नहीं है. अदालत ने साफ शब्दों में कहा कि विरोध प्रदर्शन और हिंसा दोनों अलग बातें हैं. कोर्ट की टिप्पणी के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है. अदालत ने अपने फैसले में यह मैसेज दिया कि लोकतंत्र में विरोध की जगह जरूर है, लेकिन हिंसा और अव्यवस्था की कोई जगह नहीं हो सकती.
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        <pubDate>Wed, 20 May 2026 14:30:09 +0530</pubDate>
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        <title>&amp;apos;फलों की तस्वीर लगाकर ट्रेटा पैक में बेची जा रही शराब&amp;apos;, SC ने केंद्र और राज्यों से मांगा जवाब</title>
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        <description><![CDATA[ टेट्रा पैक में शराब की बिक्री के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्यों को नोटिस जारी किया. कम्युनिटी अगेंस्ट ड्रंकन ड्राइविंग नाम की संस्था की याचिका में कहा गया था कि शराब की बोटलिंग से जुड़े नियमों में अस्पष्टता के चलते ऐसा हो रहा है. टेट्रा पैक में स्वास्थ्य चेतावनी नहीं छापी जा रही. पैकेट पर फलों की तस्वीर लगाकर उसे जूस की तरह दिखाया जा रहा है.
याचिकाकर्ता ने इस तरह से बेची जा रही शराब पर बैन लगाने का अनुरोध किया है. कुछ दिन पहले ऐसी ही एक और जनहित याचिका दाखिल की गई थी, जिसमें उत्तर प्रदेश में टेट्रा पैक में बेची जा रही देसी शराब पर रोक लगाने की मांग की गई थी. इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करने से इनकार कर दिया था. इसमें उत्तर प्रदेश के उस फैसले को चुनौती दी गई थी, जिसके तहत यूपी की नई एक्साइज पॉलिसी के तहत टेट्रा पैक में देसी शराब की बिक्री को अनिवार्य कर दिया गया है.
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16 अप्रैल को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत (CJI Surya Kant) के सामने यह याचिका लगी थी, जिस पर सीजेआई ने याचिकाकर्ता को सीधे कोर्ट आने के बजाय अपनी शिकायत के लिए राज्य के अधिकारियों से संपर्क करने के लिए कहा था. याचिकाकर्ता का कहना था कि इस तरह टेट्रा पैक में बेची जा रही शराब आसानी से शैक्षणिक संस्थानों में पहुंच रही है, जिसकी वजह से अपराध और शराब के दुरुपयोग की घटनाएं बढ़ रही हैं.
उत्तर प्रदेश सरकार ने इसका बचाव करते हुए कहा था कि पहले देसी शराब बोतलों में बेची जाती थी, लेकिन नई एक्साइज पॉलिसी के तहत टेट्रा पैकिंग में शराब बेचे जाने का फैसला लिया गया है, ताकि सुरक्षा मानकों को बढ़ाया जा सके और मिलावट को रोका जा सके.
यह भी पढ़ें:- आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: &#039;बिना डर के जीना और घूमना नागरिकों का मौलिक अधिकार, राज्य करें नियमों के मुताबिक कार्रवाई&#039;
&amp;nbsp;
(निपुण सहगल के इनपुट के साथ) ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 20 May 2026 14:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>Explained: रात का पारा 5 डिग्री बढ़ने का मतलब और शरीर पर असर क्या, कैसे 50% बढ़ जाता मौत का जोखिम?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/explained-रात-का-पारा-5-डिग्री-बढ़ने-का-मतलब-और-शरीर-पर-असर-क्या-कैसे-50-बढ़-जाता-मौत-का-जोखिम</link>
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        <description><![CDATA[ दिन में पारा 45 डिग्री के पार और रात में भी 5 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी. ये कोई मौसम विभाग की सूखी रिपोर्ट नहीं, बल्कि इस साल की वो भयानक सच्चाई है जिसने करोड़ों भारतीयों की रातों की नींद और सेहत दोनों छीन ली है. अप्रैल 2026 के आखिरी हफ्ते में देश के 17 से ज्यादा शहरों में रात का न्यूनतम तापमान सामान्य से 5 डिग्री सेल्सियस ज्यादा दर्ज किया गया. ये बढ़ोतरी सिर्फ एक आंकड़ा भर नहीं है, बल्कि ये इंसानी शरीर के लिए एक &#039;साइलेंट किलर&#039; साबित हो रही है. आइए समझते हैं कि ये &#039;रात की बढ़ती गर्मी&#039; आखिर है क्या, शरीर को किस तरह तोड़ रही हैं और आने वाले दिनों में हालात और भयावह क्यों होने वाले हैं...
रात का पारा 5 डिग्री बढ़ने का मतलब क्या है?
जब हम &#039;रात का तापमान 5 डिग्री बढ़ने&#039; की बात करते हैं, तो इसका मतलब है कि दिन ढलने के बाद पारा सामान्य से कहीं ज्यादा ऊपर रह रहा है. मसलन, दिल्ली में अप्रैल 2026 के दौरान रात का तापमान लगातार 2020-2025 के औसत और 1991-2020 के सामान्य स्तर से ऊपर रहा. 29 अप्रैल को तो यह बढ़कर 28.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. वहीं, हैदराबाद में रात का न्यूनतम पारा 28.8 डिग्री सेल्सियस पर स्थिर रहा, जो सामान्य से 2 डिग्री ज्यादा था.
इसे &#039;वार्म नाइट्स&#039; या &#039;हॉट नाइट्स&#039; कहा जाता है. साइंटिस्ट के लिए यह तब की स्थिति है जब रात का तापमान इतना ज्यादा हो कि शरीर को दिन की तपिश से उबरने का मौका ही न मिले. यह स्थिति अब सिर्फ मई-जून तक सीमित नहीं रही, बल्कि अप्रैल में ही दिखने लगी है.
शरीर के साथ क्या होता है जब रातें गर्म होती हैं?
दरअसल, इंसानी शरीर को एक प्राकृतिक कूलिंग सिस्टम की तरह डिजाइन किया गया है. दिन की भीषण गर्मी के बाद रात का ठंडा तापमान शरीर के कोर टेम्प्रेचर को वापस सामान्य करता है, जिससे हमारे बॉडी पार्ट्स को आराम और रिकवरी मिलती है. लेकिन जब रात का तापमान 28-30 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहता है, तो यह प्राकृतिक प्रक्रिया पूरी तरह से ध्वस्त हो जाती है. एक अध्ययन तो यह भी बताता है कि अगर रात का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला जाए, तो मृत्यु दर 265% तक बढ़ सकती है.
शरीर पर इसके प्रभाव को ऐसे समझिए:

दिल और दिमाग पर सीधी चोट: लगातार गर्म रातें दिल की बीमारियों और स्ट्रोक के खतरे को कई गुना बढ़ा देती हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिन दिनों गर्म रातें होती हैं, उन दिनों मौत का जोखिम सामान्य रातों की तुलना में 50% ज्यादा होता है.
बीमारियों का अटैक: गर्म रातें सिर्फ हीट स्ट्रोक ही नहीं लातीं, बल्कि डायबिटीज और हाइपरटेंशन जैसी गैर-संचारी बीमारियों को भी गंभीर रूप से बढ़ा देती हैं.
मानसिक सेहत का बिखरना: गर्मी के कारण खराब नींद से रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, एकाग्रता भंग होती है, थकान बढ़ती है और मानसिक स्वास्थ्य पर बेहद बुरा असर पड़ता है.

AC-कूलर भी हो रहे फेल, क्यों नहीं आती नींद?
इस सबकी जड़ में है नींद का गायब होना. हमारी नींद के लिए शरीर का ठंडा होना बेहद जरूरी है. चेन्नई की एक स्टडी में पाया गया कि मिडिल और लोअर मिडिल क्लास के घरों के अंदर का तापमान रात में 32 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना रहा. कुछ मामलों में तो यह 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. दीवारें और छतें दिन भर की गर्मी सोखकर रात में रेडिएट करती हैं, जिससे पंखे और कूलर बेअसर हो जाते हैं. एक कंट्रोल्ड स्टडी में यह भी पाया गया कि रात के बढ़ते तापमान से नींद के दौरान शरीर का मुख्य तापमान बढ़ जाता है, जिससे नींद उथली और अधूरी रह जाती है.
शहर तवे की तरह क्यों तप रहे हैं?
सीनियर एनवॉयर्नमेंटलिस्ट डॉ. प्रोफेसर सुभाष सी. पांडे का मानना है कि शहरों में यह समस्या और भी गंभीर है, जिसकी वजह है &#039;अर्बन हीट आइलैंड इफेक्ट&#039;. शहरों में कंक्रीट, सड़कें, ईंटें और धातु दिन भर गर्मी सोखते हैं और रात में उसे छोड़ते हैं. हरियाली की कमी, जलाशयों का खत्म होना और ऊंची इमारतों की भीड़ इस गर्मी को और कैद कर लेती है. 93% जिले बहुत ज्यादा या ज्यादा गर्मी के जोखिम वाली कैटेगरी में आते हैं. इसकी एक बड़ी वजह अर्बन हीट आइलैंड का बनना है.
क्या आने वाले दिनों में हालात और ज्यादा बिगड़ेंगे?
गर्मी का प्रकोप यहीं नहीं रुकने वाला. एक जलवायु आकलन के मुताबिक, इस सदी के अंत तक भारत में सबसे गर्म दिन का तापमान 4.7 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है, जबकि सबसे ठंडी रात का तापमान 5.5 डिग्री सेल्सियस तक उछल सकता है. यानी, रातें दिनों से भी ज्यादा तेजी से गर्म होंगी. इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि दुनिया के 83% बड़े शहरों में रात का तापमान लगातार खतरनाक स्तर पर बढ़ रहा है.
यह तस्वीर डरावनी है, लेकिन कुछ आसान उपाय अपनाकर इस खतरे को कम किया जा सकता है:

हाइड्रेटेड रहें: सिर्फ दिन में ही नहीं, शाम और रात में भी पर्याप्त पानी और इलेक्ट्रोलाइट वाले लिक्विड पीते रहें.
घर को ठंडा रखने की कोशिश करें: दिन में खिड़कियों पर परदे डालकर रखें ताकि गर्मी अंदर न आए. रात में हवा का क्रॉस-वेंटिलेशन बनाएं. हो सके तो छतों पर &#039;कूल रूफ&#039; टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करें.
सोने का तरीका बदलें: हल्के सूती कपड़े पहनकर सोएं. बिस्तर पर सूती चादर का इस्तेमाल करें. सोने से पहले भारी भोजन न करें.
कमजोर लोगों का खास ख्याल: बुजुर्ग, बच्चे, गर्भवती महिलाएं और पहले से बीमार लोग गर्म रातों के प्रति सबसे ज्यादा संवेदनशील होते हैं. ऐसे में परिवार के इन सदस्यों की सेहत पर खास ध्यान देने की जरूरत है.
प्रशासनिक पहल: सरकार और शहरी नियोजन संस्थानों को हीट एक्शन प्लान में रात के तापमान की निगरानी और उससे निपटने के उपायों को भी शामिल करना होगा. अभी तक ज्यादातर योजनाएं सिर्फ दिन की गर्मी पर फोकस करती हैं. शहरों में हरियाली बढ़ाना, तालाबों को पुनर्जीवित करना और वेंटिलेशन कॉरिडोर बनाना भविष्य के लिए बेहद जरूरी कदम हैं.

आखिर ये संकट कितना बड़ा है?
डॉ. सुभाष सी पांडे कहते हैं, &#039;यह कोई छोटी-मोटी समस्य ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 20 May 2026 14:30:07 +0530</pubDate>
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        <title>&amp;apos;मेरा सिर काटने वाले को 1 करोड़ का इनाम...&amp;apos;, सायोनी घोष ने पीएम मोदी&amp;अमित शाह से की ये मांग</title>
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        <description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश के सिकंदराबाद नगर पालिका के चेयरमैन और BJP नेता डॉ. प्रदीप दीक्षित की ओर से की गई विवादित टिप्पणी पर टीएमसी सांसद सायोनी घोष ने प्रतिक्रिया दी है. इसे लेकर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से सवाल किया. सायोनी घोष ने आरोप लगाया है कि उत्तर प्रदेश के सिकंदराबाद से बीजपी नेता और नगर पालिका अध्यक्ष ने उनका सिर काटने वाले को 1 करोड़ रुपये का इनाम देने की सरेआम घोषणा की है.
सायोनी घोष ने पीएम मोदी से की ये मांग
टीएमसी सांसद सायोनी घोष ने कहा, &#039;मैं यह देखकर हैरान और स्तब्ध हूं कि &amp;nbsp;सोशल मीडिया और मुख्यधारा की मीडिया में मेरा सिर काटने वाले को 1 करोड़ रुपये का इनाम देने की बात कही गई.&#039; उन्होंने कहा, &#039;मैं पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला और बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन से पूछना चाहती हूं कि क्या एक बीजेपी जनप्रतिनिधि द्वारा एक महिला और मौजूदा सांसद का सिर काटने के लिए इनाम की घोषणा करना ही नए भारत में नारी शक्ति वंदन की असली सोच है?&#039;
बीजेपी नेता के खिलाफ तुरंत को कार्रवाई: सायोनी घोष
सायोनी घोष ने कहा, &#039;एक तरफ पश्चिम बंगाल के माननीय मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और बीजेपी नेतृत्व ने महिला सुरक्षा और उनके प्रतिनिधित्व को चुनाव का केंद्रीय मुद्दा बनाया था. दूसरी तरफ उनकी ही पार्टी का एक सदस्य अब एक निर्वाचित महिला प्रतिनिधि को सरेआम जान से मारने की धमकी दे रहा है. क्या पश्चिम बंगाल पुलिस और कोलकाता पुलिस इस पर तुरंत कार्रवाई करेगी और मेरी सुरक्षा सुनिश्चित करेगी? मैं बुलंदशहर पुलिस और उत्तर प्रदेश पुलिस से मांग करती हूँ कि दिन-दहाड़े मेरी हत्या के लिए उकसाने वाले इस बीजेपी नेता के खिलाफ तत्काल कानूनी और राजनीतिक कार्रवाई की जाए.&#039;

उन्होंने कहा, &#039;मैं अपने उन सभी शुभचिंतकों को धन्यवाद देना चाहती हूं जिन्होंने मेरी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है. मैं आप सभी को आश्वस्त करना चाहती हूं कि मैं संसद के अंदर और बाहर, विरोध जताने के अपने लोकतांत्रिक अधिकार का इस्तेमाल जारी रखूंगी और ऐसी धमकियों से डरकर चुप नहीं बैठूंगी. जय हिंद.&#039;
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        <pubDate>Tue, 19 May 2026 22:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>शुभेंदु अधिकारी का वादा या दवाब? वोटिंग से पहले TMC के जहांगीर ने क्यों किया चुनाव लड़ने से इनकार</title>
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        <description><![CDATA[ टीएमसी प्रमुख और पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी को उस वक्त झटका लगा, जब उनकी पार्टी के उम्मीदवार जहांगीर खान ने फाल्टा विधानसभा सीट पर मतदान से पहले अपना नाम वापस ले लिया. पश्चिम बंगाल की फाल्टा विधानसभा सीट पर पुनर्मतदान के लिए 21 मई को वोटिंग होनी है. उनके इस कदम से बीजेपी को फाल्टा में एकतरफा जीत मिलने की संभावना है. टीएमसी ने जहांगीर खान के फैसले से दूरी बनाते हुए इसे उनका निजी फैसला करार दिया और आरोप लगाया कि चुनाव के बाद फाल्टा में भय का माहौल है.
जहांगीर ने किया CM शुभेंदु के वादे का जिक्र
जहांगीर खान ने कहा कि उन्होंने फाल्टा के हितों को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया. उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने क्षेत्र के विकास के लिए विशेष पैकेज देने का वादा किया है, जिसके चलते वह यह निर्णय लेने को प्रेरित हुए. उन्होंने कहा, &amp;lsquo;मैं फाल्टा का बेटा हूं और मैं चाहता हूं कि यह क्षेत्र शांतिपूर्ण रहे तथा इसका विकास हो. मुख्यमंत्री ने फाल्टा के विकास के लिए एक विशेष पैकेज की घोषणा की है, इसीलिए मैंने इस विधानसभा क्षेत्र में पुनर्मतदान प्रक्रिया से दूर रहने का निर्णय लिया है.&#039;
 फाल्टा में डर का माहौल: टीएमसी
तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि फाल्टा क्षेत्र में फिर से होने वाले चुनाव से पीछे हटना जहांगीर खान का निजी फैसला है, न कि पार्टी का. टीएमसी ने आरोप लगाया कि 4 मई को विधानसभा चुनाव के परिणाम घोषित होने के बाद फाल्टा में डर का माहौल है. पार्टी ने आरोप लगाया, &#039;फाल्टा में तृणमूल कांग्रेस के 100 से अधिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है और पार्टी के कई कार्यालयों में तोड़फोड़ की गई है, उन्हें बंद कर दिया गया है या उन पर जबरन कब्जा कर लिया गया है. बार-बार शिकायतें मिलने के बावजूद चुनाव आयोग आंखें मूंद रहा है.&#039;

कुछ लोग दवाब के आगे झुक गए: टीएमसी
टीएमसी की ओर से जारी बयान में कहा गया, &amp;lsquo;इतने दबाव के बावजूद, हमारे कार्यकर्ता अडिग हैं और बीजेपी के साथ-साथ एजेंसियों और प्रशासन के माध्यम से दी जा रही धमकियों का लगातार विरोध कर रहे हैं. हालांकि, कुछ अंततः दबाव के आगे झुक गए.&amp;rsquo;
शुभेंदु ने फाल्टा में प्रचार अभियान के दौरानल जहांगीर खान पर निशाना साधते हुए कहा, &amp;lsquo;खुद को पुष्पा कहने वाले कहां हैं? उनके पास कोई और रास्ता नहीं था, क्योंकि उन्हें कोई मतदान एजेंट नहीं मिला, इसलिए उन्होंने चुनाव मैदान से भागने का फैसला किया.&amp;rsquo; फाल्टा में 29 अप्रैल को हुए मतदान के दौरान कुछ बूथ पर ईवीएम पर इत्र, स्याही और चिपकने वाली टेप का इस्तेमाल किए जाने के आरोपों के बाद वहां पुनर्मतदान का आदेश दिया गया था.
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        <pubDate>Tue, 19 May 2026 22:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>हमारा संविधान लोगों को मौलिक अधिकारों..., नॉर्वे में पत्रकार विवाद पर विदेश मंत्रालय से लेकर राहुल गांधी ने क्या दिया रिएक्शन?</title>
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        <description><![CDATA[ Rahul Gandhi Reaction on Norway Journalist Row: पीएम मोदी के नॉर्वे में चिल्लाकर पूछे गए वहीं की एक पत्रकार की तरफ से सवाल को लेकर कई तरह के रिएक्शन भारत में देखने को मिल रहे हैं. इसको लेकर विदेश मंत्रालय समेत विपक्षी नेता राहुल गांधी की आलोचना भी शामिल है. &amp;nbsp;नॉर्वे की पत्रकार हेले लिंग ने एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि भारत के पीएम ने मेरा सवाल नहीं लिया. यह तब हुआ, जब पीएम मोदी नॉर्वे के अपने समक्ष के साथ प्रेस ब्रीफिंग कर लौट रहे थे. तभी यह पत्रकार जोर से चिल्लाने लगी. पत्रकार ने विदेश मंत्रालय से भी पीएम मोदी के सवाल का जवाब न देने को लेकर सवाल किया.&amp;nbsp;
विदेश मंत्रालय ने क्या दी प्रतिक्रिया?&amp;nbsp;
इस पर विदेश मंत्रालय के सिबी जॉर्ज ने कहा कि हम बहुत से लोगों को यह पूछते हुए सुनते हैं कि यह क्यों, वह क्यों, लेकिन मैं आपको यह बताना चाहता हूं. हम दुनिया की कुल आबादी का छठा हिस्सा हैं. लेकिन दुनिया की समस्याओं का छठा हिस्सा नहीं हैं. हमारे पास एक संविधान है जो लोगों के मौलिक अधिकारों की गारंटी देता है.
सिबी जॉर्ज ने कहा कि अगर किसी के अधिकारों का उल्लंघन होता है, तो उसे अदालत जाने का अधिकार है. हमें एक लोकतंत्र होने पर गर्व है.
राहुल गांधी बोले- जब छिपाने के लिए कुछ नहीं होता
इस घटना पर राहुल गांधी ने कहा कि जब छिपाने के लिए कुछ नहीं होता, तो डरने के लिए भी कुछ नहीं होता. उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि भारत की छवि का क्या होता है जब दुनिया एक ऐसे प्रधानमंत्री को देखती है जो सवालों से घबराकर भाग खड़ा होता है? राहुल गांधी ने हेले लिंग के फोन पर इंटरव्यू लेने की बात पर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि मैं तैयार हूं.&amp;nbsp;
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6 दिन के लिए 5 देशों के दौरे पर हैं पीएम मोदी
भारत के प्रधानमंत्री 6 दिन के लिए पांच देशों के दौरे पर हैं. सोमवार को वह नॉर्वे को ओस्लो पहुंचे. जहां उन्होंने तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया. साथ ही यहां के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बातचीत की. वहीं कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने पीएम मोदी के नीदरलैंड के पीएम रॉब जेटेन के साथ फोटो शेयर करते हुए कहा कि यह खुद को विश्वगुरु कहने वाले, लेकिन पूरी तरह से बेनकाब हो चुके व्यक्ति, डच PM को कौन सा बोगस ज्ञान दे रहे हैं? वही डच PM, जिन्होंने असल में उनकी पोल खोली थी. दरअसल, पूरा मामला तब शुरू हुए, जब नॉर्वे के अखबार डागसाविसेन की पत्रकार हेले लिंग ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेरा सवाल नहीं लिया, हालांकि मुझे इसकी उम्मीद भी नहीं थी.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Tue, 19 May 2026 22:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>दिल्ली&amp;NCR में चक्का जाम का ऐलान, तीन दिन तक थम रहेंगे ट्रकों के पहिए, परिवहन संगठनों का विरोध प्रदर्शन</title>
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        <description><![CDATA[ All India Motor Transport Congress (AIMTC) के नेतृत्व में दिल्ली-एनसीआर की 68 से अधिक परिवहन एसोसिएशन और यूनियन ने 21 मई से 23 मई 2026 तक तीन दिवसीय चक्का जाम का ऐलान किया है. परिवहन संगठनों ने आरोप लगाया है कि Commission for Air Quality Management (CAQM), अदालतों और दिल्ली सरकार की ओर से लागू की गई नीतियां परिवहन उद्योग के लिए अन्यायपूर्ण और अव्यावहारिक हैं, जिससे लाखों ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों और कर्मचारियों की आजीविका प्रभावित हो रही है.
AIMTC का दावा है कि वह देशभर के लगभग 95 लाख ट्रक चालकों और 26 लाख निजी बस, टैक्सी और कैब संचालकों का प्रतिनिधित्व करती है. परिवहन संगठनों का मुख्य विरोध पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क (ECC) में भारी बढ़ोतरी और BS-IV कमर्शियल वाहनों पर प्रस्तावित प्रतिबंध को लेकर है. संगठनों का कहना है कि दिल्ली आने वाले सभी मालवाहक वाहनों पर बिना किसी भेदभाव के ECC बढ़ा दिया गया है, जबकि सुप्रीम कोर्ट का मूल उद्देश्य केवल उन ट्रांजिट वाहनों को नियंत्रित करना था जो दिल्ली को कॉरिडोर के रूप में इस्तेमाल करते हैं.
AIMTC का कहना है कि पहले आवश्यक वस्तुएं लेकर आने वाले वाहनों और दिल्ली में लोडिंग के लिए खाली प्रवेश करने वाले वाहनों को ECC से छूट थी, लेकिन अब उन पर भी शुल्क लगाया जा रहा है. इसके अलावा BS-VI वाहनों पर भी ECC लगाया जा रहा है, जबकि इन्हें कम प्रदूषण फैलाने वाले वाहन माना जाता है और GRAP-IV प्रतिबंधों के दौरान भी अनुमति दी जाती है.
संगठनों ने दावा किया कि हल्के कमर्शियल वाहनों (LCV) पर ECC को 1400 रुपये से बढ़ाकर लगभग 2000 रुपये और भारी ट्रकों पर 2600 रुपये से बढ़ाकर 4000 रुपये कर दिया गया है. यानी शुल्क में लगभग 40 से 55 प्रतिशत तक की बढ़ोत्तरी हुई है. उनका आरोप है कि साल 2015 से अब तक ECC के रूप में करोड़ों रुपये वसूले गए, लेकिन दिल्ली की वायु गुणवत्ता में कोई बड़ा सुधार नहीं हुआ.
परिवहन संगठनों ने यह भी आरोप लगाया कि 1 नवंबर 2026 से BS-IV और उससे नीचे के कमर्शियल वाहनों के दिल्ली प्रवेश पर प्रस्तावित प्रतिबंध वैज्ञानिक और कानूनी आधार पर नहीं है. उनका कहना है कि इन वाहनों के पास वैध फिटनेस और PUCC प्रमाणपत्र हैं और मोटर वाहन अधिनियम के तहत उन्हें 15 सालों तक संचालन की अनुमति है. ऐसे में संगठनों के मुताबिक, इस फैसले से दिल्ली-NCR के 17 लाख से अधिक ट्रक ऑपरेटरों और उनके परिवारों की आजीविका प्रभावित होगी.
AIMTC और अन्य यूनियनों ने सरकार से मांग की है कि ECC में की गई बढ़ोतरी तुरंत वापस ली जाए, BS-VI वाहनों को ECC से पूरी तरह छूट दी जाए और केवल ट्रांजिट वाहनों पर ही ECC लगाया जाए. इसके अलावा BS-IV कमर्शियल वाहनों के दिल्ली प्रवेश पर प्रस्तावित प्रतिबंध को भी वापस लेने की मांग की गई है.
परिवहन संगठनों ने चेतावनी दी है कि फिलहाल आंदोलन सांकेतिक रूप से किया जा रहा है, लेकिन यदि समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो भविष्य में दिल्ली-एनसीआर में अनिश्चितकालीन परिवहन बंद किया जा सकता है, जिससे सप्लाई चेन, बाजार और आम जनजीवन प्रभावित हो सकता है. ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 19 May 2026 22:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>दिल्ली-NCR, में, चक्का, जाम, का, ऐलान, तीन, दिन, तक, थम, रहेंगे, ट्रकों, के, पहिए, परिवहन, संगठनों, का, विरोध, प्रदर्शन</media:keywords>
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        <title>मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने पर देशभर में होगा कार्यक्रम, सीएम&amp;केन्द्रीय मंत्री बताएंगे उपलब्धियां</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/मोदी-सरकार-के-12-साल-पूरे-होने-पर-देशभर-में-होगा-कार्यक्रम-सीएम-केन्द्रीय-मंत्री-बताएंगे-उपलब्धियां</link>
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        <description><![CDATA[ BJP To Organise Nationwide Programmes: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) केंद्र में नरेन्द्र मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने के मौके पर देशभर में बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करने जा रही है. यह अभियान &amp;ldquo;विश्वास, विकास और जनकल्याण के 12 वर्ष&amp;rdquo; थीम पर आधारित होगा और 5 जून से 21 जून 2026 तक चलेगा.
12 साल पूरे होने पर कार्यक्रम
इस अभियान के तहत जनसंपर्क अभियान, जनकल्याण शिविर, योग दिवस और पर्यावरण संरक्षण जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को आम जनता तक पहुंचाया जा सके.
8 से 12 जून के बीच विभिन्न राज्यों में मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार के 12 साल की उपलब्धियों को प्रस्तुत करेंगे. वहीं, 8 से 14 जून तक सांसद, विधायक और मंत्री विशेष जनसंपर्क अभियान के तहत जनता के बीच जाकर संवाद करेंगे.
सीएम-केन्द्रीय मंत्री बताएंगे उलब्धियां
12 से 20 जून के बीच देशभर में जनकल्याण शिविर लगाए जाएंगे, जिनमें आयुष्मान भारत योजना और पीएम सूर्य घर योजना जैसी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाया जाएगा. इसके अलावा हर जिले में प्रदर्शनी, बुद्धिजीवी सम्मेलन और प्राकृतिक खेती से जुड़ी कार्यशालाएं भी आयोजित होंगी.
इस पूरे अभियान के लिए पार्टी ने अरुण सिंह और डी पुरंदेश्वरी के नेतृत्व में एक केंद्रीय टीम बनाई है.

गौरतलब है कि 26 मई को मोदी प्रधानमंत्री के रूप में 12 साल पूरे करेंगे, जबकि 9 जून को उनके तीसरे कार्यकाल के दो वर्ष पूरे हो जाएंगे. इस अवसर पर सरकार अपने 12 प्रमुख कार्यों को चिन्हित कर देशभर में व्यापक प्रचार करने की तैयारी में है.
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        <pubDate>Tue, 19 May 2026 22:30:07 +0530</pubDate>
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        <title>‘तेलंगाना में AIMIM विधायकों को गौ&amp;हत्या की खुली छूट और हिंदुओं को...’, DGP को राजा सिंह का तीखा खत, दी चेतावनी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/तेलंगाना-में-aimim-विधायकों-को-गौ-हत्या-की-खुली-छूट-और-हिंदुओं-को-dgp-को-राजा-सिंह-का-तीखा-खत-दी-चेतावनी</link>
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        <description><![CDATA[ गोशामहल से BJP विधायक टी. राजा सिंह ने सोमवार (18 मई, 2026) को तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक (DGP) को एक तीखा खत लिखा. इसमें उन्होंने खुले तौर पर कई AIMIM विधायकों, पार्षदों और MLCs पर बकरीद की पूर्व संध्या पर पूरी छूट के साथ गौ-हत्या का एक बेखौफ रैकेट चलाने का आरोप लगाया. अपने इस कड़े खत में विधायक ने विशेष रूप से दो दिन पहले हैदराबाद के मेहदीपटनम इलाके में हुई एक बेहद परेशान करने वाली घटना की ओर इशारा किया.
राजा सिंह के अनुसार, स्थानीय AIMIM विधायक ने मवेशियों को ले जा रहे एक ट्रक को रोका, सड़क पर जमकर हंगामा किया और एक भीड़ को उकसाया. जिसके बाद वहां जमा हुए हिंदुओं पर पत्थर फेंके गए, लेकिन पत्थरबाजों को पकड़ने या सांप्रदायिक शांति और कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने की खुली कोशिश के लिए विधायक पर केस दर्ज करने के बजाय पुलिस ने उन्हीं हिंदुओं के खिलाफ कार्रवाई की जो वहां मौजूद थे, उन्हें गिरफ्तार किया और जेल भेज दिया. खत में गुस्से से पूछा गया है कि यह किस तरह का इंसाफ है?
राजा सिंह ने असदुद्दीन ओवैसी को लेकर उठाया सवाल
मेहदीपटनम हिंसा और अवैध मवेशी तस्करी के एक बड़े सुनियोजित तंत्र के बीच सीधा संबंध जोड़ते हुए MLA राजा सिंह ने आरोप लगाया कि गायों, बछड़ों और बैलों से लदे ट्रक दूसरे राज्यों से तेलंगाना में खुले तौर पर लाए जा रहे हैं, ताकि उनकी बड़े पैमाने पर हत्या की जा सके. उन्होंने दावा किया कि उन्हीं पुलिस चेकपोस्टों पर जो दिखाने और रोकने के लिए बने हैं, AIMIM के दबंग लोग पुलिसवालों को धक्का देकर किनारे कर देते हैं, ताकि मवेशियों से भरे ये वाहन बिना किसी रोक-टोक के अवैध रूप से शहर में दाखिल हो सकें.
यह भी पढे़ेंः &amp;lsquo;अगर किसी ने पुलिस पर हाथ उठाया तो...&amp;rsquo;, बंगाल में पत्थरबाजों को CM शुभेंदु अधिकारी की आखिरी चेतावनी
खत में आगे पूछा गया है कि क्या यह पूरा ऑपरेशन AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के इशारे पर नहीं चलाया जा रहा है? और पुलिस बल ने इतनी लगातार अनदेखी करने का फैसला क्यों किया है?
BJP विधायक का CM रेवंत रेड्डी पर निशाना
BJP विधायक ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को भी नहीं बख्शा और एक तीखे राजनीतिक हमले के साथ उन्हें भी निशाने पर ले लिया. उन्होंने यह जानने की मांग की कि क्या राज्य का पूरा तंत्र AIMIM के चरणों में समर्पित कर दिया गया है. एक बेहद तीखी टिप्पणी करते हुए राजा सिंह ने कहा कि यह शर्मनाक है कि रेवंत रेड्डी चुनाव के मौसम में वोटों के लिए गौ माता की पूजा करते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही वे उन्हीं AIMIM के लोगों पर अपनी कृपा बरसाते हैं, जो बाद में उन्हीं जानवरों की हत्या करते हैं.

यह पत्र मुख्यमंत्री की चुप्पी और DGP की निष्क्रियता पर सीधे-सीधे सवाल उठाता है और टिप्पणी करता है कि पिछले चार-पांच दिनों से AIMIM के गुंडे, जिनमें उनके चुने हुए प्रतिनिधि भी शामिल हैं, शहर के सांप्रदायिक माहौल को खराब करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं, फिर भी पुलिस के आला अधिकारी को इनमें से कुछ भी नजर नहीं आ रहा है.
खत के आखिर में राजा सिंह ने दी बड़ी चेतावनी
पत्र का समापन एक छिपी हुई चेतावनी के साथ होता है. राजा सिंह ने लिखा कि सड़कों पर उतरना उनके समर्थकों के लिए कोई मुश्किल काम नहीं है और वे इससे भी कहीं बड़ा हंगामा खड़ा करने में पूरी तरह सक्षम हैं, लेकिन वे संयम बरत रहे हैं क्योंकि वे सांप्रदायिक हिंसा या तेलंगाना की कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने के लिए दोषी नहीं ठहराए जाना चाहते हैं.
उन्होंने DGP और मुख्यमंत्री से अपील की कि वे सुप्रीम कोर्ट के कानूनों का पालन करें और यह सुनिश्चित करें कि बकरीद के मौके पर गायों, बछड़ों और बैलों की हत्या न हो. साथ ही, उन्होंने AIMIM के उन विधायकों, पार्षदों और MLCs के खिलाफ तत्काल और स्पष्ट कार्रवाई की मांग की, जिनके नाम उन्होंने बताए हैं. पत्र का समापन एक अशुभ चेतावनी के साथ करते हुए कहा, &amp;lsquo;उनकी रक्षा करें, वरना हम सड़कों पर उतर आएंगे; इस बात को ध्यान में रखें.&amp;rsquo;
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        <pubDate>Tue, 19 May 2026 10:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>‘तेलंगाना, में, AIMIM, विधायकों, को, गौ-हत्या, की, खुली, छूट, और, हिंदुओं, को...’, DGP, को, राजा, सिंह, का, तीखा, खत, दी, चेतावनी</media:keywords>
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        <title>26 मई को केरल में दस्तक दे सकता है मॉनसून, मुंबई में 10 दिन बाद बारिश; अलर्ट पर ओडिशा के तटीय इलाके</title>
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        <description><![CDATA[ Monsoon 2026 Update Report: देश में समय से पहले मॉनसून दस्तक दे सकता है. दक्षिण पश्चिम मॉनसून सोमवार यानी 18 मई 2026 को कई हिस्सों में आगे बढ़ गया है. IMD के अनुसार, मॉनसून में इस तरह की प्रगति पूरे देश में मौसमी बारिश के दौर की शुरुआत के संकेत है.&amp;nbsp;IMD ने जानकारी देते हुए कहा है कि दक्षिण-पूर्वी अरब सागर, कोमोरिन, दक्षिण-पश्चिमी और दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सों, अंडमान सागर के अधिकांश हिस्सों, पूरे अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, और पूर्वी-मध्य बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में और आगे बढ़ गया है.
इसके अलावा IMD ने अगले कुछ दिनों में ओडिशा में बड़े स्तर पर बारिश और गरज-चमक के साथ आंधी-तूफान का पूर्वानुमान लगाया है. ऐसे में अनुमान है कि मॉनसून इस साल 26 मई को केरल में पहुंचेगा. इसमें त्रुटी की गुंजाइश हो सकती है. यहां गंजाम, रायगढ़ा, नयागढ़ और मयूरभंज जिलों में बारिश दर्ज की गई है. जबकि, ओडिशा के बाकी हिस्से सूखे से प्रभावित हैं.
मुंबई में 6 जून को पहुंच सकता है मॉनसून
इधर मुंबई मौसम विज्ञान के डायरेक्टर बिक्रम सिंह का कहना है कि मौजूदा अनुमान के मुताबिक, मॉनसून 26 मई के आसपास केरल पहुंचने की उम्मीद है. अगर महाराष्ट्र या मुंबई की बात करें, तो मॉनसून सामान्य गति की स्थितियों में केरल पहुंचने के बाद मॉनसून को मुंबई तक पहुंचे में लगभग 10 दिन लगेंगे.&amp;nbsp;
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ओडिशा के इन इलाकों में रहेगा तेज बारिश, आंधी तूफान का दौर
गंजाम में शेरागढ़, माधवबड़िदा, आस्का और संखेमुंडी में 2 सेमी बारिश दर्ज की गई है. बौध इलाके में राज्य का सबसे अधिक तामपान दर्ज किया है. यहां तापमान 42.9 डिग्री C दर्ज किया गया है. जबकि रायगढ़ा में सबसे कम तापमान दर्ज किया गया है.&amp;nbsp;
इधर, IMD ने अगले 24 घंटों में बालासोर, भद्रक, कटक, पुरी, खुर्दा, गंजाम, मयूरभंज, क्योंझर, सुंदरगढ़, कोरापुट और मलकानगिरी सहित कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश या गरज चमक के साथ आंधी तूफान का पूर्वानुमान लगाया है.&amp;nbsp;
40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी तेज हवाएं
मयूरभंज, क्योंझर, सुंदरगढ़, बालासोर, भद्रक, गंजाम, गजपति, कालाहांडी, कंधमाल, रायगढ़ा और कोरापुट जिलों के लिए बिजली कड़कने और 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ आंधी-तूफान के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. साथ ही कई तटीय और आसपास के जिलों में उमस भरी गर्मी रहने की उम्मीद जताई है.&amp;nbsp;
इसके अलावा IMD ने चेतावनी जारी की है कि तेज हवाओं से बागवानी, वृक्षारोपण और खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है. इसमें खासकर केले और पकी हुई धान की फसलों को नुकसान पहुंच सकता है. वहीं कच्चे घरों, झोपड़ियो और असुरक्षित ढांचों को भी थोड़ा बहुत नुकसान पहुंच सकता है. IMD ने स्थानीय निवासियों को सलाह दी है कि वे आंधी तूफान के दौरान घर के अंदर ही रहें. पेड़ों के नीचे न खड़े हों. बिजली के उपकरण का कनेक्शन हटा दें.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Tue, 19 May 2026 10:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>मई, को, केरल, में, दस्तक, दे, सकता, है, मॉनसून, मुंबई, में, दिन, बाद, बारिश, अलर्ट, पर, ओडिशा, के, तटीय, इलाके</media:keywords>
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        <title>बेंगलुरु की सड़कों पर हिंसा, व्यस्त सड़क पर कॉलेज छात्र पर तीन युवकों ने चाकू से किया हमला, हुए गिरफ्तार</title>
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        <description><![CDATA[ कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के राममूर्ति नगर इलाके मे रविवार (17 मई, 2026) को देर रात एक हिंसक झड़प की घटना सामने आई है, जिसमें एक 21 साल के कॉलेज छात्र पर कुछ युवकों ने कथित तौर पर चाकू से बेरहमी से कई बार हमला किया है. इस पूरी घटना का वीडियो में एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया है, जो अब सोशल मीडिया पर तेज से वायरल हो रहा है. इस घटना के सामने आने से इलाके में दहशत का माहौल है.
यह पूरी घटना रविवार (17 मई) को तड़के करीब 3 बजे राममूर्ति नगर पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत बंजारा लेआउट में हुई है. पुलिस के मुताबिक, आरोपियों की पहचान मिथुन, भुवन और एक नाबालिग के तौर पर हुई, जबकि घायल युवक की पहचान धीरज के रूप में हुई है, जो बीबीए का छात्र है और पढ़ाई के साथ-साथ फ्लिपकार्ट में भी काम करता था.
हिंसक झड़प में धीरज के पीठ और जांघ पर चाकू से किए हमले
पुलिस के मुताबिक, विवाद की शुरुआत कथित तौर पर बाइक रास्ते में आने को लेकर हुई, जो बाद में मारपीट में बदल गई. इसके बाद हिंसक झड़प के दौरान आरोपी मिथुन, भुवन और एक नाबालिग ने मिलकर 21 वर्षीय धीरज की पीठ और जांघ पर 5 से 6 बार चाकू से हमला कर दिया.

हमले के दौरान धीरज अपनी जान बचाने के लिए भागने की कोशिश करता रहा, लेकिन आरोपी उसका पीछा करते हुए सड़क पर ही हमला करते रहे. CCTV फुटेज में धीरज घायल होकर सड़क पर गिरता दिखाई देता है. सड़क पर गंभीर रूप से घायल धीरज को एक राहगीर ने तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है.
पुलिस ने आरोपियों को किया गिरफ्तार
पुलिस ने बताया कि धीरज पर हमला करने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे और उसकी बाइक भी लेकर भाग निकले थे. बाद में बानसवाड़ी पुलिस स्टेशन ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि पुलिस मामला दर्ज कर आगे की जांच कर रही है.
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        <pubDate>Tue, 19 May 2026 10:30:10 +0530</pubDate>
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        <title>नॉर्वे में पत्रकार ने पूछा सवाल तो आगे बढ़े पीएम मोदी, राहुल गांधी ने कहा&amp; छिपाने को कुछ नहीं, फिर डर क्यों?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/नॉर्वे-में-पत्रकार-ने-पूछा-सवाल-तो-आगे-बढ़े-पीएम-मोदी-राहुल-गांधी-ने-कहा-छिपाने-को-कुछ-नहीं-फिर-डर-क्यों</link>
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        <description><![CDATA[ PM Modi Norway Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नॉर्वे दौरे का एक वीडियो सामने आने के बाद देश की राजनीति गरमा गई है. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए प्रधानमंत्री पर सवाल उठाए हैं. वीडियो में नॉर्वे की एक पत्रकार प्रधानमंत्री से सवाल पूछती नजर आ रही है, जबकि पीएम मोदी वहां से आगे बढ़ जाते हैं. इस घटना को लेकर कांग्रेस और विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा है.
राहुल गांधी ने क्या कहा?
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यह वीडियो शेयर करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला. उन्होंने लिखा कि जब आपके पास छिपाने के लिए कुछ नहीं होता, तो डरने की भी कोई वजह नहीं होती. राहुल गांधी ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब दुनिया यह देखती है कि भारत के प्रधानमंत्री कुछ सवालों से घबराकर वहां से चले जाते हैं, तो इससे देश की छवि पर क्या असर पड़ता है.

When there is nothing to hide, there is nothing to fear.What happens to India&amp;rsquo;s image when the world sees a compromised PM panic and run from a few questions? https://t.co/tOO8vzESpf
&amp;mdash; Rahul Gandhi (@RahulGandhi) May 18, 2026



वीडियो में पत्रकार ने क्या पूछा?
वीडियो में नॉर्वे की पत्रकार हेले लिंग प्रधानमंत्री मोदी से सवाल पूछती सुनाई देती हैं. उन्होंने पूछा, &amp;ldquo;प्रधानमंत्री मोदी, आप दुनिया की सबसे स्वतंत्र प्रेस के सवालों का जवाब क्यों नहीं देते?&amp;rdquo; बाद में पत्रकार ने भी इस वीडियो को एक्स पर साझा किया. उन्होंने लिखा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि प्रधानमंत्री उनके सवाल का जवाब देंगे. पत्रकार ने कहा कि प्रेस की आजादी के मामले में नॉर्वे दुनिया में पहले स्थान पर है, जबकि भारत 157वें स्थान पर है. उन्होंने कहा कि सत्ता से सवाल पूछना पत्रकारों का काम है.
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दूतावास ने क्या जवाब दिया?
इस पूरे मामले पर भारतीय दूतावास की ओर से भी प्रतिक्रिया दी गई. दूतावास ने पत्रकार के पोस्ट पर जवाब देते हुए कहा कि रात 9:30 बजे होटल रैडिसन ब्लू प्लाजा में प्रधानमंत्री की यात्रा को लेकर प्रेस ब्रीफिंग आयोजित की जा रही है. दूतावास ने पत्रकार को वहां आकर अपने सवाल पूछने के लिए आमंत्रित किया.
&amp;nbsp;
 ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 19 May 2026 10:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>नॉर्वे, में, पत्रकार, ने, पूछा, सवाल, तो, आगे, बढ़े, पीएम, मोदी, राहुल, गांधी, ने, कहा-, छिपाने, को, कुछ, नहीं, फिर, डर, क्यों</media:keywords>
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        <title>आवारा कुत्तों और पशुओं के मामले पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला आज, जानें अब तक क्या&amp;क्या हुआ?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/आवारा-कुत्तों-और-पशुओं-के-मामले-पर-सुप्रीम-कोर्ट-का-बड़ा-फैसला-आज-जानें-अब-तक-क्या-क्या-हुआ</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/आवारा-कुत्तों-और-पशुओं-के-मामले-पर-सुप्रीम-कोर्ट-का-बड़ा-फैसला-आज-जानें-अब-तक-क्या-क्या-हुआ</guid>
        <description><![CDATA[ आवारा कुत्तों और दूसरे पशुओं के मामले पर सुप्रीम कोर्ट आज फैसला सुनाएगा. जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच सुबह 10.30 पर फैसला सुनाएगी. कई दिनों तक चली विस्तृत सुनवाई के बाद 29 जनवरी को कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रखा था.
7 नवंबर, 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने देश भर के शैक्षणिक संस्थानों, हॉस्पिटल, बस डिपो, रेलवे स्टेशन, सरकारी दफ्तरों और स्पोर्ट्स कंपलेक्स से आवारा कुत्तों को हटाने के लिए कहा था. साथ ही, हाईवे और एक्सप्रेसवे से आवारा गाय-बैल को भी हटाने के लिए कहा था.
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SC ने दिल्ली-NCR में शेल्टर होम बंद करने का आदेश
इससे पहले 11 अगस्त को जस्टिस जे बी पारडीवाला और आर महादेवन की बेंच ने कुत्तों के काटने की घटनाओं &amp;nbsp;पर सख्त रुख अपनाते हुए दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में सभी आवारा कुत्तों को शेल्टर होम में बंद करने का आदेश दिया था.
11 अगस्त को आए फैसले का पशु प्रेमियों ने व्यापक विरोध किया. इसके बाद मामला जस्टिस विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाली 3 जजों की बेंच को भेज दिया गया. 22 अगस्त को 3 जजों की बेंच ने 11 अगस्त वाले आदेश को संशोधित करते हुए दिल्ली-एनसीआर में सिर्फ खतरनाक कुत्तों को शेल्टर होम में बंद रखने के लिए कहा. बाकी को नसबंदी और टीकाकरण के बाद वापस उनके इलाके में छोड़ने को कहा. कोर्ट ने अभी कहा कि वह इस सुनवाई को दिल्ली-एनसीआर तक सीमित रखने की बजाय पूरे देश पर सुनवाई करेगा.
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29 जनवरी को सुरक्षित रखा था आदेश
3 चीजों की बेंच ने भले ही 11 अगस्त के आदेश पर रोक लगा दी, लेकिन उसने सुनवाई का दायरा देशव्यापी कर दिया. जिसके चलते 7 नवंबर को सभी सार्वजनिक इमारतों से कुत्तों को बाहर करने का आदेश आया. इस आदेश के भी विरोध को देखते हुए जनवरी में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह सभी पक्षों को सुनेगा. इसके बाद कई दिनों तक विस्तृत सुनवाई कर 29 जनवरी को आदेश सुरक्षित रखा. ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 19 May 2026 10:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>आवारा, कुत्तों, और, पशुओं, के, मामले, पर, सुप्रीम, कोर्ट, का, बड़ा, फैसला, आज, जानें, अब, तक, क्या-क्या, हुआ</media:keywords>
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        <title>Explained: 10 साल बाद भी हीट एक्शन प्लान अधूरा! दिल्ली में फेल और सिर्फ अहमदाबाद में पास क्यों? एक्सपर्ट्स से समझें</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/explained-10-साल-बाद-भी-हीट-एक्शन-प्लान-अधूरा-दिल्ली-में-फेल-और-सिर्फ-अहमदाबाद-में-पास-क्यों-एक्सपर्ट्स-से-समझें</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/explained-10-साल-बाद-भी-हीट-एक्शन-प्लान-अधूरा-दिल्ली-में-फेल-और-सिर्फ-अहमदाबाद-में-पास-क्यों-एक्सपर्ट्स-से-समझें</guid>
        <description><![CDATA[ देश के 20 बड़े शहरों को भीषण गर्मी से बचाने के लिए सरकार ने साल 2016 में जो &#039;हीट एक्शन प्लान&#039; शुरू किया था, उसकी सच्चाई बेहद चौंकाने वाली है. दस साल बाद भी जयपुर और भोपाल समेत 19 शहरों में यह प्लान या तो अधूरा है या सिर्फ कागजों पर चल रहा है. पूरे देश में सिर्फ अहमदाबाद एक ऐसा शहर है जिसने इस योजना को पूरी गंभीरता से लागू किया और एक मॉडल तैयार किया. हर पहलू पर गौर करते हैं, जिससे तस्वीर साफ हो सके...
हीट एक्शन प्लान है क्या और इसकी शुरुआत क्यों हुई?
साल 2016 में सरकार ने दिल्ली, अहमदाबाद, इंदौर, भोपाल, जयपुर और चेन्नई जैसे 20 शहरों के लिए एक खास योजना बनाई. इसका सीधा मकसद था- लू के कहर को कम करना और यह सुनिश्चित करना कि भीषण गर्मी में भी शहरों का सामान्य जीवन ठप न हो.
19 शहरों का हीट एक्शन प्लान क्यों है अधूरा?
ज्यादातर शहरों ने इस प्लान को सिर्फ कुछ अस्थायी इंतजामों तक सीमित रखा. योजना के तहत 9 अहम कदम उठाए जाने थे, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही निकली:

पूर्व चेतावनी: 3 से 7 दिन पहले हीट वेव अलर्ट जारी करना.
स्वास्थ्य तैयारी: अस्पतालों में हीट स्ट्रोक वार्ड, अतिरिक्त बेड और ORS की उपलब्धता.
कूलिंग सेंटर: दिहाड़ी मजदूरों और रिक्शा चालकों के लिए ठंडे शेड बनाना.
निर्माण स्थल: मजदूरों के लिए पानी, आराम और छाया की व्यवस्था.
जागरूकता: लू के लक्षणों और बचाव की जानकारी देना.
संरक्षण: जलाशयों और ग्रीन बेल्ट का संरक्षण.
समन्वय: नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग और आपदा प्रबंधन एजेंसियों के बीच तालमेल.
बजट: एक मजबूत बजट और जवाबदेही का सिस्टम बनाना.
लंबे समय के लिए उपायों की अनदेखी: कूल रूफ (घरों की छतों को सफेद रंग से पोतना), शहर का ग्रीन कवर बढ़ाने के लिए पौधरोपण और गर्मी के लिहाज से सबसे संवेदनशील इलाकों की पहचान करने जैसे लंबे समय के लिए फायदेमंद कदमों पर कोई ठोस काम नहीं हुआ.

इसके अलावा अस्थायी इंतजामों पर फोकस किया गया. यानी ज्यादातर शहरों में सिर्फ प्याऊ लगाने, गर्मी से बचने की एडवाइजरी जारी करने और अस्पतालों में कुछ अस्थायी बंदोबस्त करने भर से काम चला लिया गया. सिर्फ अहमदाबाद में प्लान सक्सेसफुल रहा. बाकी 19 शहरों में अनदेखी की गई.
4 अहम शहरों की अलग कहानियां



शहर
क्या किया
क्या नहीं किया


दिल्ली
11,000 &#039;कूलिंग पॉइंट्स&#039; का लक्ष्य रखा, मेट्रो स्टेशनों और बस स्टॉप पर छबीलें लगाई गईं.
कूलिंग सेंटर्स की असल संख्या दावों से काफी कम रही. कूल रूफ नहीं बनाए गए.


भोपाल
अस्पतालों में &#039;लू वार्ड&#039; बनाने के निर्देश दिए गए.
शेड, कूल रूफ, हीट वेव अलर्ट सिस्टम या पौधरोपण जैसी कोई ठोस योजना लागू नहीं हुई. 1990 में शहर का ग्रीन कवर 66% था, जो अब गिरकर सिर्फ 6% रह गया है.


इंदौर
12 अस्पतालों में लू केंद्र बने और ट्रैफिक सिग्नल पर दोपहर में रेड लाइट का समय घटाया गया.
संवेदनशील जगहों पर कूलिंग शेड नहीं लगे. 1990 में ग्रीन कवर 33% था, जो 2026 में घटकर 10% रह गया.


जयपुर
अस्पतालों में विशेष वार्ड और ओआरएस कॉर्नर बनाए गए. निर्माण कार्य के घंटों में बदलाव की सलाह दी गई.
मजदूरों के लिए पर्याप्त शेल्टर और सार्वजनिक कूलिंग स्टेशन नहीं बनाए गए.



20 में से सिर्फ अहमदाबाद क्यों बना मॉडल?
अहमदाबाद ने 2010 में लू से हुई 1200 मौतों के बाद सबक लेते हुए जो ठोस कदम उठाए, वे पूरे देश के लिए मिसाल हैं:

मिशन मिलियन ट्री: इसके तहत एक करोड़ पेड़ लगाए गए और 128 ऑक्सीजन पार्क विकसित किए गए.
कूल रूफिंग अभियान: 15,000 से ज्यादा घरों और 1000 से ज्यादा सरकारी इमारतों की छतों को सफेद रंग से पोता गया, जिससे घरों का तापमान 2 से 5 डिग्री तक कम हो गया.
मजबूत बजट: अहमदाबाद नगर निगम ने अपने वित्तीय वर्ष 2025-26 के 15 हजार करोड़ रुपये के कुल बजट में से 6 हजार करोड़ रुपये सिर्फ &#039;क्लाइमेट एक्शन प्लान&#039; के लिए अलग से रखे. यह बाकी शहरों से एक बड़ा अंतर पैदा करता है.

तो फिर इस प्लान के फेल होने की वजहें क्या हैं?
सीनियर एनवॉयर्नमेंटलिस्ट डॉ. प्रोफेसर सुभाष सी. पांडे कहते हैं कि योजनाओं की विफलता के पीछे कई बड़े कारण हैं:

फंड की भारी कमी: हीट एक्शन प्लान के लिए फंडिंग अलग-अलग विभागों से आती है और यह बहुत छोटे-छोटे टुकड़ों में बंटी होती है. भारतीय जन स्वास्थ्य संस्थान (IIPH) के शोध से पता चला है कि जिन शहरों के पास औपचारिक हीट प्लान हैं, वहां गर्मी से होने वाली मौतें कम होती हैं, लेकिन यह तभी संभव है जब प्लान के साथ लगातार और पर्याप्त फंडिंग हो.
आपदा का दर्जा नहीं: भारत के आपदा प्रबंधन ढांचे में बाढ़, भूकंप और चक्रवात की तरह हीट स्ट्रेस को अभी भी आपातकाल के रूप में वर्गीकृत नहीं किया गया है. हालांकि, 16वें वित्त आयोग ने लू को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की सिफारिश की है, जिससे समर्पित केंद्रीय फंड का रास्ता खुल सकता है.
योजनाओं की नकल: NDMA खुद मानता है कि कई शहरों के प्लान की गुणवत्ता असमान है और उनमें से कई दूसरे शहरों के प्लान की नकल मात्र हैं. जहां कभी-कभार इन योजनाओं पर अमल होता भी है, तो यह पानी के कियोस्क, सार्वजनिक परामर्श और बस स्टॉप पर छायादार वेटिंग स्टॉप जैसे अल्पकालिक उपायों तक ही सीमित रहता है.
संरचनात्मक कमजोरियां: एक्सपर्ट्स का कहना है कि ज्यादातर हीट एक्शन प्लान कागजों पर मार्गदर्शी दस्तावेज भर हैं. इनमें निरंतरता और संस्थागत क्षमता की भारी कमी है.

सुभाष सी पांडे के मुताबिक, राष्ट्रीय स्तर पर दिशा-निर्देश तो जारी कर दिए जाते हैं, लेकिन स्थानीय नगर निकायों को न तो इसे लागू करने के लिए पर्याप्त बजट दिया जाता है और न ही इस काम के लिए समर्पित स्टाफ मुहैया कराया जाता है. नतीजा यह होता है कि ज्यादातर शहरों में हीट एक्शन प्लान कागजी कार्रवाई बनकर रह जाता है. जबकि सच्चाई यह है कि कूल रूफ से 2-5 डिग्री और बड़े पैमाने पर पौधरोपण से 10-15 साल में शहर का तापमान 3 डिग्री सेल्सियस तक घटाया जा सकता है.
भारत क ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 18 May 2026 18:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Explained:, साल, बाद, भी, हीट, एक्शन, प्लान, अधूरा, दिल्ली, में, फेल, और, सिर्फ, अहमदाबाद, में, पास, क्यों, एक्सपर्ट्स, से, समझें</media:keywords>
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        <title>फ्री बस यात्रा और आशा वर्कर्स की सैलरी में इजाफा... शपथ लेते ही सतीशन सरकार ने लिए ये बड़े फैसले</title>
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        <description><![CDATA[ केरल के नए मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने सोमवार (18 मई) को शपथ ली. इस दौरान कांग्रेस राहुल गांधी भी मौजूद रहे. यूडीएफ सरकार ने मंत्रिमंडल की पहली बैठक में ही कई बड़े फैसले ले लिए. सतीशन ने जनता को बड़ा तोहफा दिया है. उन्होंने महिलाओं के लिए मुफ्त केएसआरटीसी बस यात्रा और बुजुर्गों के लिए विशेष विभाग की घोषणा की है. इसके साथ ही और भी अहम फैसले लिए.
मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने कैबिनेट की पहली बैठक में लिए गए निर्णयों की घोषणा करते हुए कहा कि महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा योजना के विस्तृत दिशानिर्देश बाद में जारी किए जाएंगे. मंत्रिमंडल ने बुजुर्ग व्यक्तियों के लिए एक अलग विभाग गठित करने का भी निर्णय लिया, जिसे मुख्यमंत्री ने देश में इस तरह की पहली पहल बताया.

अपने फैसलों को लेकर क्या बोले सतीशन
उन्होंने कहा, &#039;किसी समाज का मूल्यांकन इस बात से होता है कि वह अपने बुजुर्ग नागरिकों के साथ कैसा व्यवहार करता है. वरिष्ठ नागरिकों की सम्मानजनक देखभाल सुनिश्चित करके केरल को एक आदर्श सभ्य समाज बनना चाहिए.&#039;
उन्होंने कहा कि सचिवालय के सामने आशा कार्यकर्ताओं द्वारा लंबे समय तक किए गए आंदोलन के दौरान किए गए वादे को पूरा करते हुए मंत्रिमंडल ने उनके मानदेय में 3,000 रुपये प्रति माह की वृद्धि को मंजूरी दी है.
केरल सरकार के फैसलों को लेकर कांग्रेस ने शेयर की पोस्ट
कांग्रेस ने एक्स पोस्ट पर इसको लेकर जानकारी शेयर की है. कांग्रेस ने एक्स पोस्ट में लिखा, &#039;केरलम की जनता के लिए सौगात.

KSRTC बसों में महिलाओं के लिए फ्री बस सफर.
ASHA वर्कर्स के मानदेय में 3,000 रुपए की बढ़ोतरी.
आंगनवाड़ी वर्कर्स, प्री-प्राइमरी टीचर, कुकिंग स्टाफ और हेल्पर के वेतन में 1,000 रुपए की बढ़ोतरी.
सीनियर सिटिजन के लिए एक खास मिनिस्ट्री बनाई जाएगी.&amp;nbsp;

हम जो कहते हैं, वो कर दिखाते हैं. हम है कांग्रेस.&#039;

The #UDF Government has walked the talk. In our very first Cabinet meeting, we approved a ₹3,000 hike in the honorarium for #ASHAworkers and created a dedicated portfolio for the welfare of the elderly.Honorarium hikes for #Anganwadi workers, cooking workers, pre-primary&amp;hellip;
&amp;mdash; V D Satheesan (@vdsatheesan) May 18, 2026



सतीशन ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायकों, स्कूल के रसोइया कर्मचारियों, पूर्व-प्राथमिक शिक्षकों और आया के मानदेय में भी हर महीने 1,000 रुपए बढ़ाने की घोषणा की है.
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        <pubDate>Mon, 18 May 2026 18:30:10 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>फ्री, बस, यात्रा, और, आशा, वर्कर्स, की, सैलरी, में, इजाफा..., शपथ, लेते, ही, सतीशन, सरकार, ने, लिए, ये, बड़े, फैसले</media:keywords>
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        <title>सुप्रीम कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से नहीं पेश हुए नोएडा प्रदर्शन के आरोपी, 19 मई तक के लिए टली सुनवाई</title>
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        <description><![CDATA[ पिछले महीने अप्रैल में नोएडा में हुए मजदूरों के उग्र प्रदर्शन मामले में गिरफ्तार दो आरोपियों को लेकर सुनवाई सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (19 मई, 2026) तक के लिए टाल दी है. दोनों आरोपियों आदित्य आनंद और रुपेश रॉय को सोमवार को 2 बजे कोर्ट में पेश किया जाना था.
दोनों को आज व्यक्तिगत रूप से पेश किया जाना था, लेकिन आज की सारी सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होने के चलते उन्हें जेल से ही वर्चुअली पेश किया गया. जस्टिस बी वी नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की बेंच ने कहा कि वह मंगलवार को इस मामले को सुनेंगे. दोनों आरोपियों को कल दोपहर में 2 बजे पेश किया जाए.
आदित्य के भाई की तरफ से दाखिल याचिका में कहा गया है कि दोनों की गिरफ्तारी में उचित प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ और उन्हें हिरासत में प्रताड़ित भी किया गया है. शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार के वकील को दोनों आरोपियों को कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश किए जाने का निर्देश दिया था.&amp;nbsp;
पुलिस का कहना है कि आदित्य और रुपेश इस मामले में मास्टरमाइंड हैं, उन्होंने वॉट्सऐप ग्रुप के जरिए लोगों को उकसाया, जिसके बाद यह उग्र प्रदर्शन हुआ. याचिकाकर्ता की तरफ से सीनियर एडवोकेट कॉलिन गॉन्जालविस पेश हुए और उन्होंने कोर्ट को बताया कि आदित्य एक इंजीनियर हैं और वह एक लाइब्रेरी भी चलाते हैं. उन्होंने मामले की स्वतंत्र जांच की अपील करते हुए कहा कि आदित्य वर्कर्स के अधिकारों के लिए आवाज उठाते हैं और उन्होंने वर्कर्स के हक के लिए आंदोलन किया और उनकी स्पीच की रिकॉर्डिंग इस बात का सबूत हैं.
यह भी पढ़ें:- &#039;बेल नियम, जेल अपवाद&#039;, उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत नहीं दिए जाने से SC नाराज, अपने ही फैसले पर जताई असहमति
एडवोकेट ने यह भी दावा किया कि वकीलों को आदित्य की सही ढंग से मदद नहीं करने दिया जा रहा है. उधर, उत्तर प्रदेश सरकार के वकील ने याचिकाकर्ता के सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने वे आरोप भी खारिज कर दिए, जिनमें कहा गया था कि आरोपियों को पुलिस कस्टडी में प्रताड़ित किया गया. उन्होंने इस दलील को भी खारिज कर दिया कि आरोपियों की गिरफ्तारी में उचित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया. उन्होंने कहा कि प्रक्रिया के तहत गिरफ्तारी हुई है.&amp;nbsp;
नोएडा पुलिस ने 17 अप्रैल को तीन लोगों को उग्र प्रदर्शन के लिए जिम्मेदार ठहराया था, जिनमें ऑटोरिक्शा ड्राइवर रुपेश रॉय, मनीषा चौहान और जमशेदपुर एनआईटी से बीटेक ग्रेजुएट आदित्य शामिल हैं.&amp;nbsp;
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&amp;nbsp;
(निपुण सहगल के इनपुट के साथ) ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 18 May 2026 18:30:09 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>सुप्रीम, कोर्ट, में, व्यक्तिगत, रूप, से, नहीं, पेश, हुए, नोएडा, प्रदर्शन, के, आरोपी, मई, तक, के, लिए, टली, सुनवाई</media:keywords>
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        <title>नीट पेपर लीक में 10वीं गिरफ्तारी, CBI ने कोचिंग मालिक प्रोफेसर शिवराज को लातूर से पकड़ा</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/नीट-पेपर-लीक-में-10वीं-गिरफ्तारी-cbi-ने-कोचिंग-मालिक-प्रोफेसर-शिवराज-को-लातूर-से-पकड़ा</link>
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        <description><![CDATA[ CBI Action in NEET Paper Leak: सीबीआई ने नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाई की है. जांच एजेंसी ने एक्शन लेते हुए कोचिंग संस्थान के मालिक को अरेस्ट किया है. सीबीआई ने प्रमुख आरोपी प्रोफेसर शिवराज मोटेगांवकर को अरेस्ट किया है. यह लातूर स्थित आरसीसी कोचिंग संस्थान के मालिक हैं. वे इस संस्थान का संचालन करते हैं. जो छात्रों को NEET UG परीक्षा की तैयारी कराता है. इसकी नौ ब्रांच हैं. इनमें मुख्य शाखा लातूर में है. वे एनटीए से जुड़े रसायन विज्ञान के व्याख्याता पी.वी. कुलकर्णी के करीबी हैं. उनके संस्थान और आवास पर तलाशी के दौरान रसायन विज्ञान का प्रश्नपत्र बरामद हुआ. इसमें 3 मई को आयोजित NEET परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों के समान प्रश्न थे. इस मामले में अबतक 10 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है.&amp;nbsp;
पिछले 24 घंटों में सीबीआई ने विभिन्न स्थानों पर 5 जगहों पर तलाशी अभियान चलाया. कई आपत्तिजनक दस्तावेज, लैपटॉप और मोबाइल फोन जब्त किए. जब्त की गई वस्तुओं की गहन जांच जारी है.
12 मई को सीबीआई ने किया था मामला दर्जभारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की तरफ से नीट यूजी 2026 परीक्षा के कथित पेपर लीक से जुड़े मामले में एक लिखित शिकायत की गई थी. इसके आधार पर सीबीआई ने 12.05.2026 को केस दर्ज किया था. मामला दर्ज होते ही टीमें गठित की गईं. देशभर में कई जगह पर सर्च ऑपरेशन चलाए गए. इनमें कई संदिग्धों को हिरासत में लिया और पूछताछ की.&amp;nbsp;
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अबतक 10 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है
इस मामले में अब तक दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे, लातूर और अहिलियानगर से 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. इससे पहले 9 आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस हिरासत में लिया जा चुका है. उनसे पूछताछ जारी है. 10वें आरोपी को अदालत में पेश किया जा रहा है.
स्पेशल टीमों द्वारा जांच जारी है और अब तक की जांच में परीक्षा से पहले प्रसारित रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान के प्रश्न पत्रों के लीक होने के वास्तविक स्रोत का पता चला है. इसके अलावा, उन बिचौलियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया है जो उन छात्रों को जुटाने में शामिल थे, जिन्होंने NEET UG-2026 परीक्षा में आने वाले प्रश्नों को विशेष कोचिंग कक्षाओं में पढ़ाने और उन पर चर्चा करने के लिए लाखों रुपये का भुगतान किया था.
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        <pubDate>Mon, 18 May 2026 18:30:08 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>नीट, पेपर, लीक, में, 10वीं, गिरफ्तारी, CBI, ने, कोचिंग, मालिक, प्रोफेसर, शिवराज, को, लातूर, से, पकड़ा</media:keywords>
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        <title>राजनाथ सिंह की चार दिवसीय वियतनाम&amp;दक्षिण कोरिया यात्रा, क्षेत्रीय शांति&amp;रक्षा सहयोग पर हो सकती है चर्चा</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/राजनाथ-सिंह-की-चार-दिवसीय-वियतनाम-दक्षिण-कोरिया-यात्रा-क्षेत्रीय-शांति-रक्षा-सहयोग-पर-हो-सकती-है-चर्चा</link>
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        <description><![CDATA[ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सोमवार को वियतनाम और दक्षिण कोरिया की चार दिवसीय यात्रा पर रवाना हुए. इस दौरे का उद्देश्य सैन्य उपकरणों के संयुक्त उत्पादन सहित रणनीतिक रक्षा सहयोग को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा करना है. वियतनाम की राजधानी हनोई के लिए रवाना होने से पहले, सिंह ने कहा कि दोनों एशियाई देशों की उनकी यात्रा का मुख्य उद्देश्य रक्षा औद्योगिक साझेदारी को मजबूत करना, समुद्री सहयोग को बढ़ावा देना और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता को बढ़ावा देना होगा.
वियतनाम की यात्रा समाप्त करने के बाद, रक्षा मंत्री मंगलवार को तीन दिवसीय यात्रा पर दक्षिण कोरिया जाएंगे. वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम की नयी दिल्ली यात्रा के दौरान दोनों देशों द्वारा अपने संबंधों को उन्नत व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने के कुछ दिनों बाद रक्षा मंत्री सिंह का यह वियतनाम दौरा हो रहा है. हनोई में, सिंह वियतनाम के राष्ट्रीय रक्षा मंत्री जनरल फान वान जियांग के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे ऐसा समझा जाता है कि दोनों पक्ष दक्षिण चीन सागर की मौजूदा स्थिति पर भी चर्चा करेंगे. इस क्षेत्र में हाल के वर्षों में चीन की सैन्य गतिविधियों में इजाफा हुआ है.

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दक्षिण चीन सागर पर बढ़ा रक्षा सहयोग
हाइड्रोकार्बन के विशाल स्रोत, दक्षिण चीन सागर पर चीन के व्यापक संप्रभुता के दावों को लेकर चिंताएं बढ़ती जा रही हैं. क्षेत्र के कई देशों, जैसे वियतनाम, फिलीपीन और ब्रुनेई द्वारा भी दक्षिण चीन सागर पर अलग-अलग दावे किए जाते रहे हैं. भारत और कई अन्य लोकतांत्रिक देश इन विवादों के शांतिपूर्ण समाधान तथा अंतरराष्ट्रीय कानूनों, विशेष रूप से समुद्री कानूनों से संबंधित यूएनसीएलओएस (संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून संधि) के पालन पर जोर देते रहे हैं. अधिकारियों ने बताया कि सिंह और जनरल जियांग द्विपक्षीय रक्षा औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए व्यापक वार्ता करेंगे, जिसमें सैन्य साजो सामान का संयुक्त विकास भी शामिल है. दक्षिण कोरिया की अपनी यात्रा के दौरान, सिंह राष्ट्रीय रक्षा मंत्री आन ग्यू-बैक के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे.






भारत-दक्षिण कोरिया रक्षा साझेदारी होगी मजबूत




रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा, &amp;lsquo;&amp;lsquo;दोनों मंत्री दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग की समीक्षा करेंगे और द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिए नयी पहल पर विचार-विमर्श करेंगे. वे साझा हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी अपने विचार साझा करेंगे.&amp;rsquo;&amp;rsquo; सिंह रक्षा खरीद कार्यक्रम प्रशासन मंत्री ली योंग-चियोल से भी मुलाकात करेंगे और भारत-कोरिया व्यापार गोलमेज सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे. मंत्रालय ने कहा, &amp;lsquo;&amp;lsquo;भारत की &amp;lsquo;एक्ट ईस्ट पॉलिसी&amp;rsquo; और दक्षिण कोरिया की &amp;lsquo;हिंद-प्रशांत रणनीति&amp;rsquo; के स्वाभाविक सामंजस्य, साथ ही हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साझा मूल्यों ने दोनों देशों के बीच संबंधों में एक नया अध्याय खोल दिया है.&amp;rsquo;&amp;rsquo;


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        <pubDate>Mon, 18 May 2026 18:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>राजनाथ, सिंह, की, चार, दिवसीय, वियतनाम-दक्षिण, कोरिया, यात्रा, क्षेत्रीय, शांति-रक्षा, सहयोग, पर, हो, सकती, है, चर्चा</media:keywords>
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        <title>&amp;apos;नई सरकार को जल्दी नहीं...&amp;apos;, कमल हासन ने तमिलनाडु की जनता से की खास अपील, रजनीकांत को लेकर क्या बोले?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/नई-सरकार-को-जल्दी-नहीं-कमल-हासन-ने-तमिलनाडु-की-जनता-से-की-खास-अपील-रजनीकांत-को-लेकर-क्या-बोले</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/नई-सरकार-को-जल्दी-नहीं-कमल-हासन-ने-तमिलनाडु-की-जनता-से-की-खास-अपील-रजनीकांत-को-लेकर-क्या-बोले</guid>
        <description><![CDATA[ Kamal Hassan Appeal to Tamil Nadu People: फिल्म एक्टर और राज्यसभा सांसद कमल हसन ने तमिलनाडु की बनी नई सरकार को लेकर हिदायत दी है. उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा है कि नई सरकार को जल्दी नहीं आंके. साथ ही कहा कि तमिलनाडु के नए चुने गए मुख्यमंत्री विजय और उनकी टीम को उनका मूल्यंकान करने से पहले कुछ समय दिया जाना चाहिए.&amp;nbsp;
मक्कल निधि मय्यम के चीफ हसन का कहना है कि पदभार संभालने के कुछ दिन बाद नहीं सरकार का आंकलन करना, जल्दबाजी होगी. प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि दो दिनों में जो कुछ भी कहा जा सकता है, वह केवल ज्योतिष से जुड़ी ही बात होगी. यही बात 6 या पंद्रह दिनों पर लागू होती है. इसलिए हमें उन्हें छ महीने का समय देना चाहिए. इसके साथ ही कहा कि राजनीति में आए नए लोगों के प्रवेश को शक की निगाहों से नहीं देखा जाना चाहिए.&amp;nbsp;
उन्होंने कहा कि भारत की आजादी के बाद जिन नेताओं ने सत्ता संभाली थी, वे भी पहली बार ही राजनीति में आए थे. कई नए लोग इस बार सरकार में आएं हैं, लेकिन उन्होंने लोगों को कम आंकना नहीं चाहिए. न ही उनसे कुछ ज्यादा उम्मीदें रखना चाहिए.&amp;nbsp;
हसन बोले- सतर्क रहें, सरकार के कामकाज पर नजर रखें
हसन ने वोटर्स से कहा है कि सतर्क रहें. सरकार के कामकाज पर नजर रखें. वोट तो आप लोगों ने ही दिया है. यह देखते रहना चाहिए, कि क्या हो रहा है, और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि सबकुछ ठीक चल रहा हो. हम भी नजर रखे हुए हैं.&amp;nbsp;उन्होंने कहा कि अगर तमिलनाडु का कोई तमिल बोलने वाला व्यक्ति कोई राजनीतिक पार्टी शुरू भी करता है, तो वह एक द्रविड़ पार्टी ही है.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ें:&amp;nbsp;तमिलनाडु के CM बनते ही विजय ने लिखी PM मोदी को चिट्ठी, जानिए क्या हटाने की अपील की
एक्टर रजनीकांत को लेकर क्या बोले कमल हसन ?
इसके अलावा उन्होंने दिग्गज एक्टर रजनीकांत के बारे में अपनी दोस्ती का जिक्र करते हुए कहा कि राजनीकांत ने कहा था कि अगर मैं मुख्यमंत्री बन जाता तो उन्हें जलन होती. लेकिन उन्होंने यह सभी कुछ मजाक में कहा था. हम दोनों में कभी भी एक दूसरे को लेकर जलन भी भावना नहीं रही. हम एक दूसरे से मुकाबला जरूर करते हैं, लेकिन ईर्ष्या की भावना नहीं रखते. हम तमिलनाडु को मिलने वाले सबसे बेहतरीन खिलाड़ी है. बस बात इतनी है कि हम फिल्म इंडस्ट्री में हैं. अगर हम क्रिकेट खेल रहे होते, तब भी हम ऐसे ही होते.&amp;nbsp;

बता दें हाल ही में तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में एक्टर विजय की पार्टी टीवीके राज्य में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी. इसी के साथ राज्य में दशकों से चला आ रहा, डीएमके और एआईडीएमके के वर्चस्व को खत्म कर दिया. विजय ने कांग्रेस, कम्युनिस्ट, वीसीके और आइयूएमल के साथ मिलकर सरकार बनाई है.&amp;nbsp;
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केरल में शपथ ग्रहण से पहले कैबिनेट की घोषणा, कांग्रेस के चेन्निथला और मुरलीधरन जैसे दिग्गज नेताओं के नाम शामिल, IUML खेमे से भी बनेंगे मंत्री ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 18 May 2026 06:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>नई, सरकार, को, जल्दी, नहीं..., कमल, हासन, ने, तमिलनाडु, की, जनता, से, की, खास, अपील, रजनीकांत, को, लेकर, क्या, बोले</media:keywords>
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        <title>केरल के नए मुख्यमंत्री वीडी सतीशन लेंगे शपथ, राहुल गांधी भी कार्यक्रम में होंगे शामिल</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/केरल-के-नए-मुख्यमंत्री-वीडी-सतीशन-लेंगे-शपथ-राहुल-गांधी-भी-कार्यक्रम-में-होंगे-शामिल</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/केरल-के-नए-मुख्यमंत्री-वीडी-सतीशन-लेंगे-शपथ-राहुल-गांधी-भी-कार्यक्रम-में-होंगे-शामिल</guid>
        <description><![CDATA[ Kerala New CM VD Satheesan : केरल में यूडीएफ ने बहुमत हासिल किया, लेकिन सीएम के ऐलान में काफी समय लगा दिया. इससे पहले गुरुवार यानी 14 मई को केरल के मुख्यमंत्री पद के लिए कांग्रेस ने वीडी सतीशन के नाम पर मोहर लगाई. अब उनके शपथ ग्रहण से जुड़ी जानकारी सामने आई है. खुद वीडी सतीशन ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए जानकारी दी है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे.
केरल के मुख्यमंत्री पद नामित वीडी सतीशन का कहना है कि शपथ ग्रहण समारोह सुबह 10 बजे (18 मई 2026) होगा. मुख्यमंत्री के साथ-साथ लगभग 6 दशकों के बाद पूरी कैबिनेट एक साथ शपथ लेगी. इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने पहले ही अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है. कांग्रेस के 63 विधायकों में कई काबिल नेता हैं. कई काबिल नेताओं को बाहर भी रखा गया है. वे कैबिनेट से बाहर ही रहेंगे. इसमें दुख और कठिनाई है. विभिन्न सीमाओं, मानदंडो और सामाजिक वास्तविकताओं के कारण ऐसे निर्णय लिए गए हैं.
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6 बार विधायक रह चुके हैं वीडी सतीशन&amp;nbsp;
केरल विधानसभा चुनाव 2026 में कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतात्रिक मोर्चा यानी यूडीएफ ने 140 सीटों में से 102 सीटें जीतीं थीं. साथ ही दस साल के वामपंथ के शासन को उखाड़ फेंका था. इस जीत के बाद कांग्रेस आलाकमान ने 6 बार के विधायक वीडी सतीशन को केरल का नया मुख्यमंत्री बनाया था.&amp;nbsp;

कैसे रहा इस बार का केरल विधानसभा चुनाव&amp;nbsp;
इस बार के चुनाव में यूडीएफ गठबंधन को 102 सीटें मिलीं. इसमें कांग्रेस को 63 सीटें, IUML को 22 सीटें शामिल हैं. वहीं सत्ताधारी एलडीएफ को 35 सीटें ही हासिल हुई. लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट पिछले 10 साल से राज्य की सरकार चला रहा था. इस बार के चुनाव में पिनाराई विजयन का वामपंथ गठबंध बुरी तरह से हार गया. इसी के साथ लेफ्ट की देश में किसी भी जगह सत्ता नहीं रही. इसमें सीपीआईएम को 26 सीटें और सीपीआई को 8 सीटें ही मिलीं. बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन को सिर्फ 3 सीटें मिलीं. इधर, बीजेपी के राजीव चंद्रशेखर ने नेमोम सीट से 38 सौ वोटों से ऐतिहासिक जीत दर्ज की.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Mon, 18 May 2026 06:30:10 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>केरल, के, नए, मुख्यमंत्री, वीडी, सतीशन, लेंगे, शपथ, राहुल, गांधी, भी, कार्यक्रम, में, होंगे, शामिल</media:keywords>
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        <title>‘टैगोर&amp;नेता जी की धरती को डर और ताकत से नहीं...’, बंगाल में बुलडोजर एक्शन पर बोलीं ममता बनर्जी</title>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की सरकार अतिक्रमण के खिलाफ एक्शन मोड में नजर आ रही है. इसी एक्शन के तहत रविवार (17 मई, 2026) को हावड़ा रेलवे स्टेशन के बाहर अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाकर गंगा घाट और बस स्टैंड के नजदीक बनी अवैध दुकानों को हटाया गया. वहीं, बंगाल सरकार की इस बुलडोजर एक्शन पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख ममता बनर्जी ने कड़ी आपत्ति जताई है. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल बुलडोजर की राजनीति में विश्वास नहीं करता है.
शुभेंदु सरकार पर ममता बनर्जी का हमला
राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने रविवार (17 मई, 2026) की रात करीब 9 बजे X प्लेटफॉर्म पर इस संबंध में एक पोस्ट शेयर किया है. उन्होंने कहा, &amp;lsquo;घरों से लेकर फुटपाथी दुकानों तक, गरीब लोग राजनीतिक अहंकार की कीमत चुका रहे हैं. पश्चिम बंगाल बुलडोजर राजनीति में विश्वास नहीं करता है. रविंद्रनाथ टैगोर और सुभाष चंद्र बोस की धरती को डर, ताकत और आम नागरिकों के घरों पर बुलडोजर चलाकर नहीं चलाया जा सकता है.&amp;rsquo;

From homes to hawker stalls, the poor are paying the price of political arrogance. Bengal does not believe in bulldozer politics. The land of Tagore and Netaji cannot be ruled through fear, force, and demolition drives against ordinary citizens.What we are witnessing today is&amp;hellip;
&amp;mdash; Mamata Banerjee (@MamataOfficial) May 17, 2026



उन्होंने कहा, &amp;lsquo;आज जो हम देख रहे हैं, वो दिहाड़ी मजदूरों, रेहड़ी-पटरी वालों, छोटे दुकानदारों और बंगाल के उन सभी संघर्षरत परिवार के लोगों की गरिमा पर हमला है, जिन्होंने ईंट-ईंट जोड़कर अपना आशियाना बनाया है. हावड़ा स्टेशन के आसपास चलाया गया व्यापक अतिक्रमण हटाओ अभियान, तिलजला और पार्क सर्कस की सड़कों पर दिख रहा गुस्सा और अशांति के साथ अचानक आश्रय और रोजगार खो चुके लोगों की बढ़ती बेबसी यह दिखाती है कि सरकार इंसानियत से ज्यादा दिखावे में व्यस्त है.&amp;rsquo;

बंगाल में बुलडोजर शासन की भाषा नहीं बन सकतीः ममता
ममता बनर्जी ने कहा, &amp;lsquo;जो सरकार पहले तोड़ती है और बाद में सुनती है, वो बंगाल की आत्मा को भूल चुकी है. असली विकास इस बात से मापा जाता है कि कोई राज्य अपने सबसे कमजोर नागरिकों के साथ कैसा व्यवहार करता है, न कि इस बात से कि वह कितनी तेजी से उन्हें मिटा सकता है.&amp;rsquo; उन्होंने कहा, &amp;lsquo;संस्कृति, करुणा और उत्पीड़न के खिलाफ संघर्ष की नींव पर बने बंगाल में बुलडोजर शासन की भाषा नहीं बन सकती है.&amp;rsquo;
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        <pubDate>Mon, 18 May 2026 06:30:09 +0530</pubDate>
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        <title>त्रिवेंद्रम&amp;नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस में आग लगने के बाद एक्शन में रेल मंत्रालय, मामले की जांच के लिए बनाई हाई लेवल कमेटी</title>
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        <description><![CDATA[ केरल के त्रिवेंद्रम से दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन जा रही राजधानी एक्सप्रेस में रविवार (17 मई, 2026) को आग लगने की घटना के बाद रेल मंत्रालय एक्शन मोड में आ गया है. भारतीय रेलवे ने इस घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं. घटना की जांच के लिए एक 6-सदस्यीय हाई लेवल इंटर डिपार्टमेंटल कमेटी का गठन किया गया है, जो ट्रेन में आग लगने की वजह का पता लगाएगी.
भारतीय रेलवे के मुताबिक, इस हाई लेवल इंटर डिपार्टमेंटल कमेटी में प्रिंसिपल चीफ सेफ्टी ऑफिसर, इंट्रीग्रल कोच फैक्ट्री, वेस्टर्न सेंट्रल रेलवे के प्रिंसिपल मैकेनिकल अधिकारी समेत कई विभागों के अधिकारी शामिल होंगे. इस कमेटी की रिपोर्ट प्रिंसिपल चीफ सेफ्टी ऑफिसर के नेतृत्व में सौंपी जाएगी.
यात्रियों की सुरक्षा भारतीय रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता
भारतीय रेलवे के अधिकारियों ने कहा, &amp;lsquo;एक एहतियाती कदम के रूप में पूरे नेटवर्क में कोचों में अग्नि सुरक्षा प्रणालियों और परिचालन प्रोटोकॉल का एक व्यापक ऑडिट (समीक्षा) भी किया जा रहा है. यात्री सुरक्षा भारतीय रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है और हम सुरक्षा और जवाबदेही के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं.&amp;rsquo;
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राजधानी एक्सप्रेस में आग लगने की बात कब पता चली?

12431 त्रिवेंद्रम-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस के पीछे के दो एसी कोचों में आग लगने का पता रविवार (17 मई, 2026) को सुबह करीब 05:15 बजे चला. जब ट्रेन कोटा मंडल के नागदा के पास से गुजर रही थी. ट्रेन में आग लगने के बाद मौजूद सुरक्षा प्रणालियों ने डिजाइन के अनुसार तुरंत काम किया, जिससे ट्रेन अपने आप रुक गई.
इसके बाद सतर्क ट्रेन चालक दल (क्रू) ने तुरंत पेशेवर तरीके से कार्रवाई करते हुए प्रभावित कोचों को अलग कर दिया, जिससे ट्रेन के बाकी हिस्सों में सवार सभी यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई. इस घटना के दौरान कोच में कुल 68 यात्री सवार थे, लेकिन राहत की बात यह रही कि किसी भी यात्री को कोई चोट नहीं आई है.
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        <pubDate>Mon, 18 May 2026 06:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>7.75 अरब डॉलर के पार पहुंचा भारत&amp;स्वीडन व्यापार, PM मोदी&amp;क्रिस्टरसन के बीच निवेश पर बनी बात</title>
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        <description><![CDATA[ PM Modi in Sweden:&amp;nbsp;भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस वक्त यूरोप के चार देशों की यात्रा पर हैं. नीदरलैंड्स का दौरा पूरा करने के बाद रविवार (17 मई 2026) को प्रधानमंत्री मोदी स्वीडन के गोथेनबर्ग पहुंचे. इस दौरान उनका स्वागत हुआ. स्वीडन ने पीएम मोदी को सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा है.
इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि हर क्षेत्र में हमारे बढ़ते सहयोग को देखते हुए हमने हमारे संबंधों को रणनीतिक साझेदार के सूत्र में बांधने का फैसला लिया है. इस साझेदारी के तहत हम ग्रीन ट्रांजिशन, रक्षा क्षेत्र, इमर्जिंग टेक्नोलॉजी और लोगों के बीच संबंध जैसे मुख्य स्तंभों पर आगे बढ़ेंगे.&amp;nbsp;
वहीं गोथेनबर्ग में स्वीडन के पीएम उल्फ क्रिस्टर्सन पीएम नरेंद्र मोदी के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए. उन्होंने कहा कि आज भारत में लगभग 300 स्वीडिश कंपनियां काम कर रही हैं. इनमें से कई की अपनी उत्पादन क्षमताएं हैं. यह रिश्ता लगातार मजबूत हो रहा है. भारत कंपनियां भी अब स्वीडन में ज्यादा से ज्यादा निवेश कर रही हैं. प्रधानमंत्री अगले दो दिन स्वीडन में ही रहेंगे.&amp;nbsp;
लड़ाकू विमान के सुरक्षा घेरे में स्वीडन पहुंचे पीएम नरेंद्र मोदीपीएम मोदी का विमान स्वीडन के हवाई क्षेत्र में घुसा, वैसे ही स्वीडन की वायुसेना के ग्रिपेन लड़ाकू विमान उनके विमान के साथ आ गए. ये विमान पीएम मोदी के प्लेन को सुरक्षा घेरा देते हुए गोथेनबर्ग एयरपोर्ट तक साथ लेकर आए. इस तरह से किसी भी देश के प्रधानमंत्री को सुरक्षा देना जताता है कि मेजबान देश उस नेता को कितनी अहमियत देता है. स्वीडन पहुंचने पर पीएम उल्फ क्रिस्टरसन खुद मोदी का स्वागत करने एयरपोर्ट पर पहुंचे.
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स्वीडन ने सबसे बड़े सम्मान से पीएम मोदी को नवाजा
इसके अलावा स्वीडन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने देश के सबसे बड़े सम्मान में से एक रॉयल ऑर्डर ऑफ पोलर स्टार, कमांडर ग्रैंड क्रॉस से सम्मानित किया है. यह सम्मान किसी भी देश के सरकार प्रमुख को दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है.&amp;nbsp;
क्या बातचीत हुई दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच ?
पीएम मोदी और स्वीडन के पीएम क्रिस्टरसन के बीच रविवार को आमने-सामने बैठकर बातचीत हुई. इस बातचीत में दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत बनाने पर जोर दिया. दोनों देशों में खासतौर पर बिजनेस और इन्वेस्टमेंट को लेकर बातचीत हुई. दोनों देशों के बीच 2025 में बिजनेस 7.75 अरब डॉलर पहुंच चुका है. इसके अलावा पर्यावरण को नुकसान न पहुंचाने वाली एनर्जी, सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा पर मिलकर काम करने को लेकर बातचीत हुई. इसके अलावा दोनों देश तकनीक के क्षेत्र में एआई और नई टेक्नोलॉजी पर काम करना चाहते हैं. दोनों देशों के बीच स्टार्टअप्स, युवा उद्यमियों और नए कारोबारों को बढ़ावा देने पर बात हुई. साथ ही बदलती जलवायु को लेकर भी बातचीत हुई.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Mon, 18 May 2026 06:30:06 +0530</pubDate>
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        <title>बॉटनी&amp;जूलॉजी प्रश्नपत्र तक पहुंच, घर में छात्रों को स्पेशल क्लास... लेक्चरर मनीषा मंडारे ने कैसे लीक कराया NEET का पेपर?</title>
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        <description><![CDATA[ नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. केंद्रीय जांच एजेंसी ने सीनियर बॉटनी टीचर मनीषा गुरुनाथ मंडारे को दिल्ली से गिरफ्तार किया है. मनीषा पुणे के शिवाजीनगर में स्थित मॉडर्न कॉलेज ऑफ आर्ट्स साइंस एंड कॉमर्स में बॉटनी की लेक्चरर हैं.
सीबीआई द्वारा गिरफ्तार मनीषा मंडारे को नीट-यूजी बायोलॉजी पेपर लीक का मास्टरमाइंड माना जा रहा है. लंबी पूछताछ के बाद मंडारे को (14 मई) को गिरफ्तार कर लिया गया, जिससे पूरे एजुकेशन सिस्टम में हड़कंप मच गया है.
कैसे रची गई साजिश?
सीबीआई के मुताबिक, मनीषा मंडारे को एनटीए ने नीट-यूजी 2026 परीक्षा प्रक्रिया में बतौर एक्सपर्ट शामिल किया था. ऐसे में एक्सपर्ट पैनल में होने के चलते उनकी बॉटनी और जूलॉजी के प्रश्न पत्रों तक पूरी पहुंच थी. जांच में सामने आया है कि मनीषा कुछ नीट अभ्यर्थियों को अपने पुणे स्थित घर पर स्पेशल कोचिंग क्लास देती थी. इसी क्लास में उन्होंने अभ्यर्थियों को बॉटनी और जूलॉजी के कई सवाल बताए, उन्हें नोट करवाया और किताबों में भी मार्क करवाए.&amp;nbsp;
लाखों रुपये वसूलती थी मनीषा&amp;nbsp;
3 मई 2026 को जब नीट-यूजी की परीक्षा हुई तो छात्रों ने देखा कि ज्यादातर सवाल सेम थे. सीबीआई के मुताबिक छात्रों को इन स्पेशल कोचिंग क्लासेस देने के बदले मनीषा लाखों रुपये वसूलती थी. अब तक जांच में केमिस्ट्री और बायोलॉजी पेपर लीक के पीछे के मुख्य आरोपियों के साथ-साथ उन बिचौलियों की भी पहचान हुई है, जिन्होंने लाखों रुपये लेकर छात्रों को इन विशेष क्लासों तक पहुंचाया था.

24 घंटों में देशभर में 6 ठिकानों पर छापेमारी
सीबीआई ने पिछले 24 घंटों में देशभर में 6 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की. इस मामले में दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहिल्यानगर से कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें से 5 लोग दिल्ली पुलिस की 7 दिन की रिमांड पर भेजे गए हैं. छापेमारी के दौरान अहम दस्तावेज बरामद किए गए, जिसमें लैपटॉप, बैंक स्टेटमेंट और मोबाइल फोन शामिल हैं. जब्त किए गए उपकरणों से रैकेट के कई और राज खुलने की उम्मीद है. इनकी फोरेंसिक जांच कराई जा रही है.
शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की शिकायत पर सीबीआई ने 12 मई को मामला दर्ज किया था. शिकायत में नीट-यूजी 2026 परीक्षा के पेपर लीक का आरोप था. केस दर्ज होने के साथ ही स्पेशल टीम ने जांच-पड़ताल शुरू की. इस रैकेट में अब तक कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है.
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        <pubDate>Sun, 17 May 2026 18:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>भारी बारिश और तूफान... IMD ने 15 राज्यों के लिए जारी किया अलर्ट, जानें दिल्ली और यूपी&amp;बिहार का मौसम</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/भारी-बारिश-और-तूफान-imd-ने-15-राज्यों-के-लिए-जारी-किया-अलर्ट-जानें-दिल्ली-और-यूपी-बिहार-का-मौसम</link>
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        <description><![CDATA[ भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 17 मई को राजधानी दिल्ली के अलावा मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पंजाब समेत 15 राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है. इस दौरान कई इलाकों में 75 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है. साथ ही उत्तर भारतीय राज्यों में एक बार फिर भयंकर तूफान आ सकते है.&amp;nbsp;
मौसम विभाग ने 17-18 मई को दिल्ली में धूल भरी आंधी और तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया है. रात के समय बिजली कड़कने के साथ ही हल्की बारिश का अनुमान लगाया गया है. आज तापमान बढ़कर 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. 18 मई को अधिकतम तापमान 43 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. 21 मई को अधिकतम 41 व न्यूनतम 26 डिग्री रहेगा.
उत्तर प्रदेश का मौसमउत्तर प्रदेश के कई जिलों में इस समय भीषण गर्मी पड़ रही है. बांदा में पारा 44.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है. प्रयागराज और झांसी में भी तेज गर्मी पड़ रही है. यहां भी अधिकतम तापमान 44 डिग्री के पार दर्ज किया जा रहा है. मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में यूपी का मौसम शुष्क रहने की संभावना है. राजधानी लखनऊ और पास के क्षेत्रों में आज आसमान साफ रहने का अनुमान है.&amp;nbsp;
राजस्थान का मौसमराजस्थान के अधिकतर इलाकों में तापमान में बढ़ोतरी होने लगी है. IMD केंद्र जयपुर के मुताबिक 17 मई से राज्य में तापमान एक बार फिर बढ़ेगा. 17-18 मई को बीकानेर संभाग, शेखावाटी क्षेत्र, जयपुर और भरतपुर संभाग के उत्तरी भागों में कई जगहों पर तेज आंधी आ सकती है. इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और हल्की बूंदा बांदी भी होने की संभावना है.

बिहार में बारिश और आंधी की चेतावनीबिहार के गया, जहानाबाद, औरंगाबाद, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, भागलपुर, पूर्णिया, मुंगेर, रोहतास, कैमूर, गया, दरभंगा, मधुबनी, भागलपुर, कटिहार और &amp;nbsp;बेगूसराय में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है. पटना में 17-18 मई को अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तो न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है.
हिमाचल का मौसमहिमाचल प्रदेश के कांगड़ा, सोलन, कुल्लू, शिमला और चंबा में 17-18 मई को आसमान में बादल छाए रहेंगे. इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. 17 और 18 मई को मनाली में अधिकतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस तो न्यूनतम तापमान 1 डिग्री सेल्सियस रह सकता है.
बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव का असर तमिलनाडु में साफ दिखाई देने लगा है. डीप डिप्रेशन के कारण कई जिलों में भारी बारिश हो रही है. IMD ने आने वाले दिनों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. 18 मई को डिंडीगुल, थेनी, कोयंबटूर और नीलगिरि जिलों में तेज बारिश के आसार हैं.
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        <pubDate>Sun, 17 May 2026 18:30:12 +0530</pubDate>
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        <title>NEET Paper Leak: टेलीग्राम का इस्तेमाल, नासिक में कोचिंग क्लास वालों से पूछताछ... NEET पेपर लीक में CBI की रडार पर कौन?</title>
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        <description><![CDATA[ NEET पेपर लीक मामले में संदिग्ध शुभम खैरनार को नासिक से CBI की तरफ से गिरफ्तार किए जाने के बाद जांच और तेज हो गई है. अब उसके संपर्क में रहे कई लोग भी जांच एजेंसी की नजर में आ गए हैं. जानकारी के अनुसार नासिक में कुछ कोचिंग क्लास चलाने वालों से भी पूछताछ की जा रही है. CBI यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस पूरे मामले में किन-किन लोगों की भूमिका हो सकती है और नेटवर्क कितना बड़ा है.
CBI की जांच में यह बात भी सामने आई है कि इस कथित पेपर लीक साजिश में टेलीग्राम ऐप का काफी इस्तेमाल किया गया था. अब एजेंसी इस डिजिटल एंगल की भी गहराई से जांच कर रही है कि किस तरह से सवाल-पत्र या जानकारी साझा की गई होगी.

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नासिक में जांच कर रही CBI
जानकारी के मुताबिक, CBI की एक टीम नासिक में चुपचाप तरीके से जांच कर रही है. एजेंसी हर छोटे-बड़े सबूत को जोड़कर मामले की पूरी सच्चाई सामने लाने की कोशिश कर रही है. शुभम खैरनार से जुड़े लोगों और उसके दोस्तों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं. जांच में यह भी पता चला है कि उसने कथित तौर पर कुछ छात्रों को मेडिकल कोर्स में दाखिला दिलाने में मदद की थी. इसके साथ ही कुछ कोचिंग सेंटर के डायरेक्टर भी जांच के दायरे में आ सकते हैं.
CBI उस इलाके के CCTV फुटेज की भी जांच कर रही है, जहां शुभम खैरनार रहता था, ताकि उसकी गतिविधियों और संपर्कों का पता लगाया जा सके. फिलहाल नासिक के कई अन्य संदिग्ध भी एजेंसी की नजर में हैं और जांच आगे बढ़ने पर और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है.
NTA से जुड़ा अधिकारी &amp;nbsp;CBI की जांच के दायरे में
NEET-UG 2026 पेपर लीक की जांच में लगातार कई बातें सामने आ रही हैं, खबर है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से जुड़ा एक अनजान अधिकारी अब CBI की जांच के दायरे में है. यह खुलासा मनीषा संजय वाघमारे और केमिस्ट्री लेक्चरर पीवी कुलकर्णी की पेपर लीक के सिलसिले में गिरफ्तारी के बाद हुआ है, जिसके कारण 3 मई की परीक्षा रद्द कर दी गई थी. दोनों आरोपियों को 10 दिन की CBI कस्टडी में भेज दिया गया है.
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        <pubDate>Sun, 17 May 2026 18:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>NEET पेपर लीक: प्रोफेसर मनिषा मांढरे को कोर्ट ने 14 दिन की CBI कस्टडी में भेजा, रिटायरमेंट से 7 महीने पहले हुईं अरेस्ट</title>
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        <description><![CDATA[ नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई ने पुणे की प्रोफेसर मनीषा मांढरे को गिरफ्तार किया है. मामले की सुनवाई के दौरान सीबीआई ने कोर्ट से मनीषा मांढरे की 14 दिनों की पुलिस कस्टडी मांगी थी. इसके बाद दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने मनीषा मांढरे को 14 दिनों के लिए सीबीआई की कस्टडी में भेजने का आदेश दिया. हालांकि, बचाव पक्ष के वकीलों ने सीबीआई की मांग का विरोध किया और लंबी कस्टडी पर आपत्ति जताई.
सीबीआई अब मनीषा मांढरे से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि नीट पेपर लीक मामले में उनकी क्या भूमिका थी और इस मामले में कौन-कौन लोग शामिल हैं. एजेंसी पहले से इस मामले में कई लोगों से पूछताछ कर रही है और अलग-अलग राज्यों में जांच जारी है.

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मनीषा मंधारे महाराष्ट्र की एक सीनियर शिक्षिका
NEET UG 2026 पेपर लीक मामले की जांच लगातार तेज होती जा रही है. केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने इस मामले में पुणे की प्रोफेसर मनीषा गुरुनाथ मंधारे को गिरफ्तार किया है. अब तक इस मामले में अलग-अलग शहरों से कुल 9 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. जांच एजेंसियों के अनुसार, मनीषा मंधारे महाराष्ट्र की एक सीनियर शिक्षिका हैं और वह नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से जुड़ी विशेषज्ञ के रूप में काम कर रही थीं. बताया जा रहा है कि उन्हें बॉटनी और जूलॉजी के प्रश्न पत्रों तक सीधी पहुंच थी. मंधारे पुणे के शिवाजीनगर इलाके में स्थित मॉडर्न कॉलेज ऑफ आर्ट्स, साइंस एंड कॉमर्स में कार्यरत थीं.
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        <pubDate>Sun, 17 May 2026 18:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>भारत ने खारिज किया सिंधु जल संधि पर इंटरनेशनल कोर्ट का फैसला, पाकिस्तान को फिर दी ये चेतावनी</title>
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        <description><![CDATA[ Indus Waters Treaty: भारत ने सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) को लेकर हेग स्थित तथाकथित कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन (CoA) के ताजा फैसले को पूरी तरह खारिज कर दिया है. भारत ने साफ कहा है कि यह अदालत अवैध तरीके से गठित की गई है और इसका कोई कानूनी अस्तित्व नहीं है. इसलिए इसके किसी भी फैसले, आदेश या कार्रवाई को भारत मान्यता नहीं देता. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मीडिया के सवालों के जवाब में कहा कि अवैध रूप से गठित तथाकथित कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन ने 15 मई 2026 को सिंधु जल संधि के तहत अधिकतम जल भंडारण क्षमता (Maximum Pondage) से जुड़े मामले में एक तथाकथित फैसला जारी किया है.
उन्होंने कहा कि भारत इस तथाकथित फैसले को पूरी तरह खारिज करता है, जैसे पहले दिए गए सभी फैसलों को खारिज किया गया था. भारत ने कभी भी इस अदालत के गठन को मान्यता नहीं दी. ऐसे में इस अदालत की किसी भी कार्यवाही, फैसले या आदेश का कोई कानूनी महत्व नहीं है और वह पूरी तरह नल एंड वॉयड यानी शून्य और अमान्य है.
सिंधु जल संधि स्थगित रखने का फैसला बरकरार
विदेश मंत्रालय ने साफ किया कि सिंधु जल संधि को स्थगित रखने का भारत का फैसला अब भी लागू है. भारत और पाकिस्तान के बीच 19 सितंबर 1960 को सिंधु नदी प्रणाली के जल उपयोग को लेकर यह संधि हुई थी. भारत ने पिछले साल पहलगाम आतंकी हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपने संप्रभु अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए इस संधि को स्थगित कर दिया था. भारत का कहना था कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को विश्वसनीय और स्थायी रूप से समर्थन देना बंद नहीं करता, तब तक संधि स्थगित रहेगी.
भारत बोला- संप्रभु अधिकारों पर सवाल उठाने का अधिकार नहीं
विदेश मंत्रालय ने जून 2025 में भी स्पष्ट कहा था कि जब तक संधि स्थगित है, तब तक भारत इस समझौते के तहत किसी भी दायित्व को निभाने के लिए बाध्य नहीं है. भारत ने कहा कि कोई भी कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन, खासकर ऐसा अवैध रूप से गठित निकाय, भारत के संप्रभु अधिकारों के तहत उठाए गए कदमों की वैधता पर सवाल नहीं उठा सकता.
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किशनगंगा और रतले परियोजनाओं को लेकर भी उठा था विवाद
पिछले साल भी विदेश मंत्रालय ने तथाकथित कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन की आलोचना की थी, जब उसने जम्मू-कश्मीर में किशनगंगा और रतले जलविद्युत परियोजनाओं को लेकर अपने अधिकार क्षेत्र पर &amp;ldquo;सप्लीमेंटल अवॉर्ड&amp;rdquo; जारी किया था. भारत ने उस समय भी कहा था कि उसने कभी इस तथाकथित अदालत के कानूनी अस्तित्व को स्वीकार नहीं किया. भारत के मुताबिक, इस मध्यस्थता निकाय का गठन ही सिंधु जल संधि का गंभीर उल्लंघन है और इसके तहत की गई सभी कार्यवाहियां और फैसले अवैध हैं.
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पाकिस्तान पर लगाया अंतरराष्ट्रीय मंचों के दुरुपयोग का आरोप
भारत ने पाकिस्तान पर अंतरराष्ट्रीय मंचों का दुरुपयोग करने का आरोप भी लगाया. विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान की ओर से इस &amp;ldquo;फर्जी मध्यस्थता प्रक्रिया&amp;rdquo; का सहारा लेना उसकी लंबे समय से चली आ रही धोखाधड़ी और अंतरराष्ट्रीय मंचों के दुरुपयोग की नीति का हिस्सा है. भारत ने यह भी कहा कि पाकिस्तान ऐसे कदमों के जरिए आतंकवाद के वैश्विक केंद्र के रूप में अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रहा है. ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 17 May 2026 18:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>भारत, ने, खारिज, किया, सिंधु, जल, संधि, पर, इंटरनेशनल, कोर्ट, का, फैसला, पाकिस्तान, को, फिर, दी, ये, चेतावनी</media:keywords>
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        <title>&amp;apos;पुष्पा को अब मैं खुद देखूंगा&amp;apos;, फल्टा में वोटिंग से पहले CM शुभेंदु अधिकारी ने TMC के जहांगीर को दी चेतावनी</title>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में 21 मई को होने वाले पुनर्मतदान से पहले तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के जहांगीर खान को चेतावनी दी है. उन्होंने ने शनिवार (16 मई 2026) को आरोप लगाया कि डायमंड हार्बर के लोग एक दशक पहले स्थानीय टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के राज्य की राजनीति में एंट्री करने के बाद से अपने मताधिकार का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे. उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं और डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली फाल्टा विधानसभा सीट पर होने वाला पुनर्मतदान मतदाताओं के अधिकारों को बहाल करेगा.
अभिषेक बनर्जी से जुड़ी कंपनी का होगी जांच: शुभेंदु अधिकारी&amp;nbsp;
फाल्टा में बीजेपी कार्यकर्ताओं की रैली को संबोधित करते हुए सीएम शुभेंदु अधिकारी ने बीजेपी के चुनावी घोषणा पत्र में किए गए वादों से अतिरिक्त विधानसभा क्षेत्र के लिए एक विशेष विकास पैकेज की घोषणा की. मुख्यमंत्री बनने के बाद अपनी पहली राजनीतिक सभा में उन्होंने कहा, &#039;फाल्टा में पुनर्मतदान के जरिये मतदाताओं के अधिकार बहाल होंगे, जहां लोग भतीजे (अभिषेक बनर्जी) के राजनीति में आने के बाद पिछले 10 वर्ष से वोट नहीं दे पा रहे थे.&#039;
उन्होंने कहा, &#039;अब हालात बदल चुके हैं. मैं फाल्टा के मतदाताओं से अपील करता हूं कि वे बीजेपी उम्मीदवार को एक लाख से अधिक मतों के अंतर से जिताएं.&#039; बंगाल के सीएम ने हिंसा-मुक्त चुनाव की भी अपील की. उन्होंने कहा कि उन्हें &amp;lsquo;लीप्स एंड बाउंड्स&amp;rsquo; नामक निजी कंपनी की संपत्तियों से संबंधित फाइल मिल गई हैं, जो कथित रूप से अभिषेक बनर्जी से जुड़ी हुई है, जिसकी जल्द ही जांच शुरू की जाएगी.
TMC के अत्याचार को नहीं भूले हैं: सीएम
उन्होंने कहा, &#039;मैंने कोलकाता नगर निगम से फाइल मांगी थीं और मुझे दक्षिण 24 परगना जिले के आमतला में स्थित &amp;lsquo;लीप्स एंड बाउंड्स&amp;rsquo; के एक आलीशान कार्यालय समेत 24 संपत्तियों का विवरण मिल गया है. अब मेरे पास भतीजे की संपत्तियों की सूची है और जल्द ही मैं उनकी जांच शुरू कराऊंगा.&#039; मुख्यमंत्री ने कहा कि वह टीएमसी द्वारा भाजपा कार्यकर्ताओं पर किए गए अत्याचार को भूले नहीं हैं. उन्होंने कहा, &#039;मैंने पुलिस को पुराने राजनीतिक अपराधों में प्राथमिकी दर्ज करने और केंद्रीय योजनाओं के धन के दुरुपयोग की शिकायतें दर्ज करने का निर्देश दिया है.
पुष्पा अब मेरी जिम्मेदारी: शुभेंदु अधिकारी
फाल्टा से टीएमसी के उम्मीदवार जहांगीर खान का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें &#039;नामित कुख्यात अपराधी&#039; बताया और कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से उसके मामले को देखेंगे. उन्होंने कहा, &amp;lsquo;&amp;lsquo;तथाकथित पुष्पा अब मेरी जिम्मेदारी है.&amp;rsquo; बंगाल चुनाव के दौरान यूपी के आईपीएस अजय पाल शर्मा और टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान के बीच जुबानी विवाद सामने आया था. &amp;nbsp;बंगाल में चुनाव में अजय पाल शर्मा को दक्षिण 24 परगना जिले में बतौर पर्यवेक्षक तैनात किया गया था.&amp;nbsp;
आईपीएस अजय पाल शर्मा ने वहां अपनी ड्यूटी के दौरान फाल्टा सीट से टीएमसी के उम्मीदवार जहांगीर खान को सख्त लहजे में चेतावनी दी थी, जिसके बाद देशभर में राजनीति गरमा गई थी. इस पर तब जहांगीर ने कहा था, &#039;ये यूपी नहीं है और न ही यहां यूपी का कल्चर है यहां पर बंगाल का कल्चर है. इधर कोई सिंघम नहीं चलेगा. अगर वो सिंघम है तो मैं भी पुष्पा हूं.&#039; सीएम शुभेंदु अधिकारी ने अपने भाषण में इसी संदर्भ में पुष्पा का जिक्र किया. चुनाव आयोग ने 29 अप्रैल को फाल्टा में हुए चुनाव को बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और ईवीएम से छेड़छाड़ तथा मतदाताओं को डराने-धमकाने के आरोपों के बाद रद्द कर दिया था.
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        <pubDate>Sat, 16 May 2026 22:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>पुष्पा, को, अब, मैं, खुद, देखूंगा, फल्टा, में, वोटिंग, से, पहले, शुभेंदु, अधिकारी, ने, TMC, के, जहांगीर, को, दी, चेतावनी</media:keywords>
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        <title>‘अब विकास, कानून व्यवस्था और सुशासन है UP की पहचान’, CM योगी के नेतृत्व की सराहना करते हुए बोले हरदीप सिंह पुरी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/अब-विकास-कानून-व्यवस्था-और-सुशासन-है-up-की-पहचान-cm-योगी-के-नेतृत्व-की-सराहना-करते-हुए-बोले-हरदीप-सिंह-पुरी</link>
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        <description><![CDATA[ केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने साल 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में आए शानदार बदलाव का श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को देते हुए कहा कि बीते 9-10 सालों में योगी जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने पूरे देश के अंदर एक नई और मजबूत पहचान बनाई है. उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री के रूप में मैंने पिछले कुछ सालों से उत्तर प्रदेश में जो परिवर्तन देखा है, वह अद्भुत है. मैं दावे से कह सकता हूं कि जो काम UP में होते देखा है, ऐसा शानदार उदाहरण देश में कहीं और नहीं दिखा है.
गोरखपुर में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का हुआ शिलान्यास
दरअसल, केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी शनिवार (16 मई, 2026) को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जनपद में इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम के भूमि पूजन और शिलान्यास समारोह शामिल हुए. इस दौरान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन और नेतृत्व की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए कहा कि योगी जी के नेतृत्व में 2017 के बाद उत्तर प्रदेश ने नई पहचान बनाकर अन्य राज्यों के सामने उदाहरण प्रस्तुत किया है.
उन्होंने कहा, &amp;lsquo;एक समय उत्तर प्रदेश की चर्चा यहां की जनसंख्या को लेकर होती थी, लेकिन अब यह विकास, कानून व्यवस्था और सुशासन के लिए जाना जाता है. कानून व्यवस्था में व्यापक सुधार से निवेशकों में नया विश्वास पैदा हुआ. विकास और रोजगार की गति तेज हुई है और उत्तर प्रदेश निवेशकों का पसंदीदा गंतव्य बन गया है.&amp;rsquo;
हर विषय को गहराई से समझने में CM योगी सक्षमः पुरी
केंद्रीय मंत्री ने कहा, &amp;lsquo;योगी की छवि सख्त दृढ़ प्रशासक की है. साथ ही उनमें हर विषय को गहराई में देखने का सामर्थ्य है. वह किसी भी विषय को बारीकी से समझकर ही फैसला लेते हैं और उसे क्रियान्वित करते हैं.&amp;rsquo; उन्होंने एथेनॉल ब्लेंडिंग को लेकर शनिवार (16 मई, 2026) की सुबह सीएम योगी के साथ हुई चर्चा का उल्लेख करते हुए कहा कि योगी जी ने कहा है कि राष्ट्रहित में वह एथेनॉल ब्लेंडिंग के प्रस्ताव को यूपी में लागू कर देंगे. उन्होंने शहरी आवासन मंत्री के रूप में पीएम आवास योजना से जुड़ा अनुभव साझा करते हुए कहा कि 2017 के पहले उत्तर प्रदेश से सिर्फ 17 हजार आवासों की डिमांड आई थी, योगी जी के मुख्यमंत्री बनने के बाद यह 17 लाख भी पार कर गई.
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केंद्रीय मंत्री ने सीएम योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में रोड, एयर, मेट्रो कनेक्टिविटी, डिफेंस कॉरिडोर, हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर, एजुकेशन के क्षेत्र में हुई प्रगति को उल्लेखनीय बताया. साथ ही कहा कि यूपी में हरित ऊर्जा और कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) के क्षेत्र में बहुत संभावनाएं हैं. यह किसानों की आय बढ़ाने में भी मददगार है. उन्होंने कहा कि यूपी में लग रहे सीबीजी प्लांट वेस्ट-टू-वेल्थ विजन को साकार कर रहे हैं.
स्टेडियम निर्माण में इंडियन ऑयल ने दिया 60 करोड़ का योगदानः पुरी
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने गोरखपुर में इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम को CM योगी आदित्यनाथ की दूरदर्शी सोच का परिणाम बताते हुए कहा, &amp;lsquo;आज सिर्फ स्टेडियम परियोजना का शिलान्यास हीं नहीं हो रहा, बल्कि युवाओं के सपनों और संभावनाओं को नई दिशा देने का संकल्प सिद्धि की ओर बढ़ रहा है. स्टेडियम निर्माण में पेट्रोलियम मंत्रालय के इंडियन ऑयल ने 60 करोड़ रुपये का योगदान दिया है और अन्य पेट्रोलियम कंपनियों ने भी अपने हिस्से की जिम्मेदारी उठाई है.&amp;rsquo; उन्होंने कहा, &amp;lsquo;यह स्टेडियम आने वाले समय के युवाओं के लिए प्रेरणा का केंद्र बनेगा. यहां नई खेल प्रतिभाएं जन्म लेंगी और भारत का भविष्य निखरेगा.&amp;rsquo;
जो बोलते हैं, उसे पूरा करते हैं सीएम योगी: रवि किशन
गोरखपुर से लोकसभा सांसद रवि किशन शुक्ल ने इस मौके पर कहा, &amp;lsquo;गोरखपुर में भी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम बनेगा, यह किसी ने सोचा भी नहीं था. सीएम योगी ने युवा खेल प्रतिभाओं को पंख देने के लिए इस स्टेडियम की सौगात दी है. यहां विश्व के सारे खिलाड़ी खेलने आएंगे. इस अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के बन जाने से रोजगार के नए द्वार भी खुलेंगे.&amp;rsquo; उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार में कथनी और करनी में कोई अंतर नहीं है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जो कहते हैं, उसे पूरा भी करते हैं.

अब पूर्वांचल में तैयार होंगे रोहित व विराट जैसे खिलाड़ी: कमलेश पासवान
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के शिलान्यास के मौके पर केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री कमलेश पासवान ने कहा कि गोरखपुर में इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम के जरिए CM योगी ने पूरे पूर्वांचल के लिए बड़ी सौगात दी है. इससे आने वाले समय में पूर्वांचल में ही रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे बड़े खिलाड़ी तैयार होंगे. साल 209 में यहीं आईपीएल के मैच भी हो सकेंगे.
उन्होंने विकासपरक विजन के लिए मुख्यमंत्री की सराहना करते हुए कहा कि सीएम के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश और गोरखपुर का अभूतपूर्व विकास हुआ है. अब यहां स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर भी विश्व स्तरीय बन रहा है.
सीएम योगी के नेतृत्व में तेजी से आगे बढ़ रहा यूपी का खेल क्षेत्र: गिरीश चंद्र यादव
शिलान्यास समारोह में प्रदेश के खेल और युवा कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरीश चंद्र यादव ने कहा, &amp;lsquo;पीएम मोदी के मार्गदर्शन और सीएम योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश खेल के क्षेत्र में भी आगे बढ़ रहा है. प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में तेजी से खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं. साथ ही सरकार ने हर ब्लॉक स्तर पर मिनी स्टेडियम बनाने की पहल की है.&amp;rsquo;
उन्होंने कहा, &amp;lsquo;सबसे बड़ी आबादी का राज्य होने के बाद भी यूपी में खेल विश्वविद्यालय नहीं था. सीएम योगी आदित्यनाथ के विजन से मेरठ में हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के नाम पर मेरठ में खेल विश्वविद्यालय बनाया गया है. इ ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 16 May 2026 22:30:09 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>‘अब, विकास, कानून, व्यवस्था, और, सुशासन, है, की, पहचान’, योगी, के, नेतृत्व, की, सराहना, करते, हुए, बोले, हरदीप, सिंह, पुरी</media:keywords>
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        <title>क्या है &amp;apos;जिहादी ड्रग&amp;apos; कैप्टागॉन, जिसकी दुनिया में हो रही चर्चा, भारत में पहली बार हुई जब्त, गृहमंत्री अमित शाह ने क्या कहा?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/क्या-है-जिहादी-ड्रग-कैप्टागॉन-जिसकी-दुनिया-में-हो-रही-चर्चा-भारत-में-पहली-बार-हुई-जब्त-गृहमंत्री-अमित-शाह-ने-क्या-कहा</link>
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        <description><![CDATA[ केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (NCB) ने शनिवार (16 मई, 2026) को भारत के &amp;lsquo;ड्रग फ्री इंडिया&amp;rsquo; के लक्ष्य की तरफ एक और बड़ा कदम उठाया है. एनसीबी ने कैप्टागॉन की एक बड़ी खेप भारत में पहली बार पकड़ी है, जिसे जिहादी ड्रग और गरीबों का कोकीन भी कहा जाता है. इस ड्रग की बरामदगी से सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है.
इस कार्रवाई की जानकारी खुद देश के गृह मंत्री अमित शाह ने साझा की है. उन्होंने कहा कि NCB ने ऑपरेशन रेजपिल के तहत गुजरात के मुंद्रा पोर्ट और दिल्ली के नेब सराय इलाके से 182 करोड़ रुपये की लागत के कैप्टागॉन की गोलियां जब्त कीं हैं.
अमित शाह ने एक्स पर साझा की जानकारी

Narcotics Control Bureau (NCB), under Operation RAGEPILL, has successfully unearthed an international drug syndicate involved in the trafficking of Captagon, leading to the seizure of approximately 227.7 Kgs. of Captagon Tablets/Powder and the arrest of one overstaying Syrian&amp;hellip; pic.twitter.com/s1PI5Mjq8S
&amp;mdash; ANI (@ANI) May 16, 2026



केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार (16 मई, 2026) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर किया. उन्होंने पोस्ट में कहा, &amp;lsquo;मोदी सरकार नशा-मुक्त भारत के लिए पूरी तरह से संकल्पित है. मुझे यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि &amp;lsquo;ऑपरेशन रेजपिल&amp;rsquo; के तहत हमारी एजेंसियों ने पहली बार तथाकथित जिहादी ड्रग कैप्टागॉन की 182 करोड़ रुपये के मूल्य की खेप जब्त की है.&amp;rsquo;

Modi govt is resolved for a &amp;lsquo;Drug-Free India&amp;rsquo;.Glad to share that through &amp;lsquo;Operation RAGEPILL&amp;rsquo;, our agencies have achieved the first-ever seizure of Captagon, the so-called &amp;ldquo;Jihadi Drug&amp;rdquo;, worth ₹182 crore. The busting of the drug consignment destined for the Middle East and&amp;hellip;
&amp;mdash; Amit Shah (@AmitShah) May 16, 2026



उन्होंने कहा, &amp;lsquo;इन ड्रग्स की तस्करी खाड़ी देशों में की जाने वाली थी. इससे पहले ड्रग्स की खेप का भंडाफोड़ और एक विदेशी नागरिक की गिरफ्तारी, नशे के खिलाफ हमारी जीरो-टॉलरेंस नीति का बड़ा उदाहरण हैं.&amp;rsquo; उन्होंने आगे कहा, &amp;lsquo;मैं इस बात को फिर से दोहराता हूं कि भारत में आने वाले या हमारे देश को ट्रांजिट रूट के रूप में इस्तेमाल कर बाहर भेजे जाने वाले ड्रग्स के हर ग्राम पर हम सख्ती से कार्रवाई करेंगे. NCB के बहादूर और सतर्क जवानों को बधाई.&amp;rsquo;

क्या है जिहादी ड्रग कैप्टागॉन?
हालांकि, केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (NCB) नशे के धंधे पर नकेल कसने के लिए आए दिन कार्रवाइयां करतीं रहती हैं, लेकिन इस बार कैप्टागॉन पर जब्ती के बाद जिस बात ने सबसे ज्यादा लोगों का ध्यान खींचा है, वह है इसका निकनेम &amp;lsquo;जिहादी ड्रग&amp;rsquo; और &amp;lsquo;गरीबों का कोकीन&amp;rsquo; और इसे ऐसा इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसे बनाने में लागत बेहद कम लगती है और इसका असर बहुत तेज होता है, जिसे नशे की लत वाले आसानी से हासिल कर सकते हैं.
दरअसल, कैप्टागॉन एक बहुत ज्यादा नशे की लत लगाने वाला ड्रग है, जो बार-बार सीरिया और मिडिल ईस्ट के संघर्षों वाले इलाके में सामने आया है. इसका इस्तेमाल सीरियाई गृहयुद्ध के दौरान इस्लामिक स्टेट के आतंकवादियों की तरफ से लंबे समय तक जग रहने, डर को दबाने और शारीरिक रूप से सक्रिय बने रहने के लिए बड़े पैमाने पर किया गया था. इसी कारण कैप्टागॉन को जिहादी ड्रग कहा जाने लगा.
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        <pubDate>Sat, 16 May 2026 22:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>‘रिटायरमेंट में बचे थे सिर्फ 7 महीने’, नीट पेपर लीक मामले में गिरफ्तार मनीषा मंधारे के बारे में प्रिंसिपल ने क्या कहा?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/रिटायरमेंट-में-बचे-थे-सिर्फ-7-महीने-नीट-पेपर-लीक-मामले-में-गिरफ्तार-मनीषा-मंधारे-के-बारे-में-प्रिंसिपल-ने-क्या-कहा</link>
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        <description><![CDATA[ NEET UG 2026 Exam Paper Leak Case: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने शनिवार (16 मई, 2026) को नीट यूजी 2026 परीक्षा के बायोलॉजी के पेपर लीक मामले में शनिवार (16 मई, 2026) को महाराष्ट्र के पुणे की वरिष्ठ वनस्पति विज्ञान शिक्षिका मनीषा गुरुनाथ मंधारे को लंबी पूछताछ के बाद दिल्ली में गिरफ्तार कर लिया है. इस मामले में सीबीआई ने अब तक कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. वहीं, बायोलॉजी लेक्चरार मनीषा मंधारे की गिरफ्तारी के बाद पुणे के मॉडर्न कॉलेज ऑफ आर्ट्स, साइंस और कॉमर्स की प्रिंसिपल प्रोफेसर डॉ. निवेदिता गजानन एकबोटे ने कहा कि मंधारे अगले सात महीने में रिटायर होने वाली थीं.
उन्होंने कहा कि मुझे इस बारे में मीडिया के माध्यम से जानकारी मिली कि वरिष्ठ शिक्षिका मनीषा मंधारे को सीबीआई ने गिरफ्तार किया है. मुझे इसके बारे में सीबीआई, शिक्षा मंत्रालय या अन्य किसी आधिकारिक सूत्रों के हवाले से इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई. उन्होंने कहा कि मनीषा यहां पिछले 24 सालों से कार्यरत हैं और वो गोपनीयता की शर्त के तहत राष्ट्रीय टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के साथ काम कर रह थीं, तो हमें उनसे नीट परीक्षा या परीक्षा के पेपर सेटिंग के बारे में कोई जानकारी नहीं है. ये उनके और एनटीए के बीच की बात थी, इसके बारे में हमें कुछ पता नहीं था.

#WATCH | Pune, Maharashtra: On the arrest of the accused in the NEET(UG) exam paper leak case, Prof. Dr Nivedita Gajanan Ekbote, Principal, Modern College of Arts, Science and Commerce, says, &quot;I got to know about this from the media, only that the senior teacher Manisha Waghmare&amp;hellip; pic.twitter.com/Ay1Cftbkoz
&amp;mdash; ANI (@ANI) May 16, 2026



मनीषा 5-6 सालों से NTA के पैनल में थीं- डॉ. निवेदिता
न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत करते हुए मॉर्डन कॉलेज ऑफ आर्ट्स, साइंस और कामर्स की प्रिंसिपल प्रो. डॉ. निवेदिता गजानन एकबोटे ने कहा, &amp;lsquo;जितना मुझे पता है मनीषा मंधारे पिछले 5-6 सालों से NTA के पैनल से जुड़ी हुई थीं. इस बारे में मुझे इतनी ही जानकारी है. उनकी सर्विस बुक के अनुसार, वो अगले सात महीने में रिटायर होने वाली थीं.&amp;rsquo;
उन्होंने कहा, &amp;lsquo;वो यहां एक अच्छी शिक्षिका थीं, लेकिन एक कॉलेज के नाते एनटीए, नीट परीक्षा और पेपर सेटिंग के बारे में हमें कोई जानकारी नहीं है.&amp;rsquo;

कॉलेज मनीषा के खिलाफ क्या करेगी कार्रवाई?
जब मॉर्डन कॉलेज की प्रिंसिपल से पूछा गया कि क्या मनीषा के खिलाफ कॉलेज की तरफ से भी कोई कार्रवाई की जाएगी, इस पर उन्होंने कहा कि जब भी हमें संबंधित प्राधिकरण से आधिकारिक सूचना मिलेगी, तो हम स्कूल एजुकेशन कानून के तहत कानूनी कार्रवाई करेंगे.
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        <pubDate>Sat, 16 May 2026 22:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>‘रिटायरमेंट, में, बचे, थे, सिर्फ, महीने’, नीट, पेपर, लीक, मामले, में, गिरफ्तार, मनीषा, मंधारे, के, बारे, में, प्रिंसिपल, ने, क्या, कहा</media:keywords>
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        <title>NEET पेपर लीक: NTA में हुआ बड़ा प्रशासनिक बदलाव, नए जॉइंट सेक्रेटरी और जॉइंट डायरेक्टर की नियुक्ति</title>
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        <description><![CDATA[ नीट पेपर लीक विवाद के बीच केंद्र सरकार ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में प्रशासनिक स्तर पर अहम नियुक्तियों को मंजूरी दे दी है. कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने दो जॉइंट सेक्रेटरी और दो जॉइंट डायरेक्टर की नियुक्ति को स्वीकृति दे दी है. सरकार की ओर से जारी आदेश के अनुसार, अनुजा बापट और रुचिता विज को संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया है. वहीं, आकाश जैन और आदित्य राजेंद्र भोजगड़िया को संयुक्त निदेशक के पद पर नियुक्ति मिली है.
NTA की प्रशासनिक बदलाव
इन नियुक्तियों को NTA की प्रशासनिक और संचालन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. हाल के समय में परीक्षा प्रणाली और एजेंसी की कार्यप्रणाली को लेकर बढ़ी चुनौतियों के बीच यह फेरबदल अहम माना जा रहा है. सरकारी आदेश के अनुसार भारतीय सांख्यिकी सेवा (Indian Statistical Service) की 1998 बैच की अधिकारी अनुजा बापट और भारतीय राजस्व सेवा की 2004 बैच की अधिकारी रुचिता विज पांच साल के लिए एनटीए में संयुक्त सचिव होंगी. इसके लिए खाली पड़े डिप्टी सेक्रेटरी स्तर के पदों को अस्थाई रूप से अपग्रेड किया गया है.
शिक्षा मंत्री ने की थी एनटीए में बदलाव की बात&amp;nbsp;
केंद्र सरकार के आदेश में कहा कि भारतीय राजस्व सेवा (इनकम टैक्स) के अधिकारी आकाश जैन और भारतीय लेखापरीक्षा एवं लेखा सेवा के अधिकारी आदित्य राजेंद्र भोजगड़िया को एनटीए में संयुक्त निदेशक नियुक्त किया गया है. शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार (15 मई 2026) को माना था कि एनटीए में और सुधार की जरूरत है. उन्होंने कहा, &#039;हमें सुधारों के लिए कई सुझाव मिले हैं. सुधार एक लगातार चलने वाली प्रक्रिया है. NTA बिना किसी गलती के (Zero-Error) काम करे, यह हमारी जिम्मेदारी है.&#039;
कोर्ट ने आरोपी को सीबीआई हिरासत में भेजा
इस साल 3 मई को 22 लाख से ज्यादा छात्रों ने NEET-UG की परीक्षा दी थी, जिसे पेपर लीक के आरोपों के बाद इसी हफ्ते रद्द कर दिया गया था. सीबीआई ने नीट-यूजी पेपर लीक होने के प्रकरण में मामला दर्ज कर जांच के लिए टीम गठित की हैं. दिल्ली की एक अदालत ने नीट प्रश्नपत्र लीक मामले के कथित सरगना पी वी कुलकर्णी और एक अन्य आरोपी मनीषा वाघमारे को शनिवार को 10 दिनों के लिए सीबीआई हिरासत में भेज दिया.
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        <pubDate>Sat, 16 May 2026 22:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>NEET, पेपर, लीक:, NTA, में, हुआ, बड़ा, प्रशासनिक, बदलाव, नए, जॉइंट, सेक्रेटरी, और, जॉइंट, डायरेक्टर, की, नियुक्ति</media:keywords>
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        <title>‘जियो&amp;पॉलिटिकल मतभेंदों से ऊपर उठकर लड़ना होगा’, ड्रग्स तस्करी के खिलाफ अमित शाह का वैश्विक सहयोग पर जोर</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/जियो-पॉलिटिकल-मतभेंदों-से-ऊपर-उठकर-लड़ना-होगा-ड्रग्स-तस्करी-के-खिलाफ-अमित-शाह-का-वैश्विक-सहयोग-पर-जोर</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/जियो-पॉलिटिकल-मतभेंदों-से-ऊपर-उठकर-लड़ना-होगा-ड्रग्स-तस्करी-के-खिलाफ-अमित-शाह-का-वैश्विक-सहयोग-पर-जोर</guid>
        <description><![CDATA[ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार (15 मई, 2026) को ड्रग्स और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ वैश्विक स्तर पर कार्रवाई करने का आह्वान किया है. उन्होंने कहा कि ड्रग्स की तस्करी सिर्फ कानून-व्यवस्था का एक मुद्दा नहीं है, बल्कि यह समाज और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक गंभीर खतरा भी है. उन्होंने कहा कि नशे की लत इंसान के शरीर को स्थायी नुकसान पहुंचाती है, जबकि ड्रग्स से होने वाली कमाई आतंकवादी नेटवर्क, आपराधिक संगठनों और एक समानांतर अर्थव्यवस्था को मजबूत करती है.
ड्रग्स तस्करी को रोकने के लिए क्या बोले अमित शाह?
रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) ने शुक्रवार (15 मई, 2026) को अपने आरएन काओ मेमोरियल लेक्चर का आयोजन किया, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने &amp;lsquo;नारकोटिक्सः ए बॉर्डरलेस थ्रेट, ए कलेक्टिव रिपॉन्सिबिलिटी&amp;rsquo; विषय पर संबोधन दिया. उन्होंने अपने संबोधन के दौरान चेतावनी देते हुए कहा, &amp;lsquo;अगर दुनिया के देश ड्रग्स तस्करी के खिलाफ अभी एकजुट होकर कार्रवाई नहीं करते हैं, तो अगले 10 सालों में ड्रग्स से होने वाला नुकसान अपूरणीय हो सकता है.&amp;rsquo;
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हर देश के अलग नीतियों का फायदा उठाते हैं तस्कर- शाह
अमित शाह ने ड्रग्स समेत अन्य मादक पदार्थों की तस्करी से निपटने के लिए एक समान वैश्विक कानूनी ढांचे की जरूरत पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि अलग-अलग देशों में प्रतिबंधित नशीले पदार्थों की अलग परिभाषा और अलग-अलग सजा के कारण ड्रग कार्टेल पॉलिसिज की खामियों का फायदा उठाते हैं.
इस दौरान उन्होंने रियल टाइम इंटेलिजेंस शेयरिंग को भी बेहद महत्वपूर्ण बताया और कहा कि इससे नशीले पदार्थों के शिपमेंट्स को रोकने और ड्रग माफियाओं को गिरफ्तार करने में मदद मिलती है. शाह ने कहा कि पिछले दो सालों में भारत ने मित्र देशों के सहयोग से 40 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय अपराधियों को वापस लाने में सफलता हासिल की है.
अलग-अलग कोशिशों से ड्रग्स का रोकथाम संभव नहीं- शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कार्यक्रम में मौजूद 40 से ज्यादा देशों के राजदूतों और राजनयिकों को संबोधित करते हुए वैश्विक स्तर पर ड्रग्स के खिलाफ भारत के अभियान में शामिल होने की अपील की. उन्होंने कहा कि 8 अरब की आबादी, 195 देशों और 2.5 लाख किलोमीटर अंतरराष्ट्रीय सीमाओं वाली दुनिया में अलग-अलग कोशिशों से इस वक्त का समाधान संभव नहीं है.
उन्होंने कहा कि ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई को जियो-पॉलिटिकल मतभेदों से ऊपर उठकर लड़ना होगा. इसके लिए एक जैसा कानून, एक जैसी सजा, ड्रग माफियाओं का प्रत्यर्पण और मजबूत खुफिया सहयोग बेहद जरूरी है.
2047 तक ड्रग फ्री इंडिया का भारत ने तय किया लक्ष्य- शाह
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने 2047 तक ड्रग फ्री इंडिया का लक्ष्य तय किया है. उन्होंने कहा कि भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने ड्रग सिंडिकेट्स को खत्म करने के लिए एक विस्तृत रोडमैप तैयार किया है. उन्होंने दोहराया कि भारत की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत न तो एक ग्राम ड्रग्स देश में घुसने दिया जाएगा और न ही भारत को नशीले पदार्थों के ट्रांजिट रूट के रूप में इस्तेमाल होने दिया जाएगा.
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        <pubDate>Sat, 16 May 2026 10:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>‘जियो-पॉलिटिकल, मतभेंदों, से, ऊपर, उठकर, लड़ना, होगा’, ड्रग्स, तस्करी, के, खिलाफ, अमित, शाह, का, वैश्विक, सहयोग, पर, जोर</media:keywords>
    </item>
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        <title>‘आपके छुटभैया नेता कोर्ट के बारे में गैर&amp;जिम्मेदाराना बयान क्यों दे रहे? इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा’, उद्धव सेना को SC की चेतावनी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/आपके-छुटभैया-नेता-कोर्ट-के-बारे-में-गैर-जिम्मेदाराना-बयान-क्यों-दे-रहे-इसे-बर्दाश्त-नहीं-किया-जाएगा-उद्धव-सेना-को-sc-की-चेतावनी</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/आपके-छुटभैया-नेता-कोर्ट-के-बारे-में-गैर-जिम्मेदाराना-बयान-क्यों-दे-रहे-इसे-बर्दाश्त-नहीं-किया-जाएगा-उद्धव-सेना-को-sc-की-चेतावनी</guid>
        <description><![CDATA[ सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (15 मई, 2026) को सुनवाई के दौरान शिवसेना (UBT) को आड़े हाथों लिया है. चुनाव चिह्न &#039;तीर-धनुष&#039; को लेकर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के साथ चल रहे विवाद पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने राजनीतिक बयानबाजी पर तीखी नाराजगी जताई. देश के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जोयमाल्या बागची की बेंच ने शिवसेना (UBT) को अपने छुटभैया नेताओं के बयानों पर लगाम लगाने की चेतावनी दी.
सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने उद्धव ठाकरे गुट के लिए पेश वरिष्ठ वकील देवदत्त कामत से कहा, &amp;lsquo;एक तरफ आप लोग कोर्ट में तारीख मांगते हैं. दूसरी तरफ बाहर यह आरोप लगाए जाते हैं कि सुप्रीम कोर्ट मामले का फैसला नहीं कर रहा है. मैं इस तरह के आचरण को स्वीकार करने वाला व्यक्ति नहीं हूं. शब्दों का इस्तेमाल सावधानी से करें.&amp;rsquo;
सीजेआई ने पार्टी के वकील की लगाई क्लास
साफ तौर पर नाराज नजर आ रहे चीफ जस्टिस ने कामत से पूछा, &amp;lsquo;क्या आपने हमें कभी खाली बैठे देखा है? हम शाम 4 बजे तक काम करते हैं. इस मामले में कुछ घंटे बहस की जरूरत है. इसके लिए समय निकाला जाएगा. उस दौरान दूसरे मामलों को नहीं सुना जाएगा, लेकिन ध्यान रखिए कि हम किसी बाहरी दबाव या भ्रम फैलाने वाली चर्चा को बर्दाश्त नहीं करेंगे.&amp;rsquo;
यह भी पढ़ेंः &amp;lsquo;जियो-पॉलिटिकल मतभेंदों से ऊपर उठकर लड़ना होगा&amp;rsquo;, ड्रग्स तस्करी के खिलाफ अमित शाह का वैश्विक सहयोग पर जोर
कोर्ट के सख्त तेवरों को देखते हुए कामत ने कहा कि वह इस तरह के बयानों का समर्थन नहीं करते हैं. कोर्ट जब भी अगली तारीख तय करेगा वह बहस के लिए तैयार हैं. एकनाथ शिंदे कि शिवसेना के लिए पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि उनकी पार्टी की तरफ से कोई गैर-जिम्मेदाराना बयान कभी नहीं दिया गया. सभी पक्षों को अपनी मर्यादा का पालन करना चाहिए.

30 जुलाई को होगी मामले की अगली सुनवाई
थोड़ी देर चली चर्चा के बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए 30 जुलाई की तारीख तय कर दी. ध्यान रहे कि 2022 में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना में हुई बगावत के बाद उद्धव ठाकरे को महाराष्ट्र की सत्ता गंवानी पड़ी थी. 17 फरवरी, 2023 को चुनाव आयोग ने शिवसेना पर एकनाथ शिंदे के दावे को सही पाया था. आयोग ने शिवसेना का मूल चुनाव चिन्ह &#039;तीर-धनुष&#039; शिंदे गुट को आवंटित कर दिया था. उद्धव खेमा इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था.
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        <pubDate>Sat, 16 May 2026 10:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>‘आपके, छुटभैया, नेता, कोर्ट, के, बारे, में, गैर-जिम्मेदाराना, बयान, क्यों, दे, रहे, इसे, बर्दाश्त, नहीं, किया, जाएगा’, उद्धव, सेना, को, की, चेतावनी</media:keywords>
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        <title>क्या विदेश यात्राओं पर लगेगा टैक्स? रिपोर्ट्स पर खुद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिया ये जवाब</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/क्या-विदेश-यात्राओं-पर-लगेगा-टैक्स-रिपोर्ट्स-पर-खुद-प्रधानमंत्री-नरेन्द्र-मोदी-ने-दिया-ये-जवाब</link>
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        <description><![CDATA[ PM Modi on Foreign Travel: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मीडिया में आई उन रिपोर्ट्स का खंडन किया है, जिनमें दावा किया गया था कि सरकार विदेश यात्रा करने वालों पर सेस या अतिरिक्त टैक्स लगाने पर विचार कर रही है. प्रधानमंत्री ने शुक्रवार रात इन खबरों का फैक्ट चेक करते हुए संबंधित स्क्रीनशॉट साझा किया और उन्हें पूरी तरह बेबुनियाद बताया. उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी कोई योजना सरकार के विचाराधीन नहीं है और इस तरह की खबरें भ्रामक हैं.
विदेश यात्राओं पर नहीं कोई प्रतिबंध
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तरफ से रिपोर्ट्स का खंडन उस वक्त किया गया, जब वो विदेश यात्रा पर भारत से बाहर गए हुए हैं. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इन खबरों को सिरे से खारिज करते हुए लिखा कि यह पूरी तरह गलत है और विदेश यात्रा पर इस तरह के किसी भी प्रतिबंध या टैक्स लगाने का कोई सवाल ही नहीं उठता.
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में आगे कहा कि सरकार का फोकस हमेशा आम जनता के जीवन को आसान बनाने पर रहा है. उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ईज ऑफ लिविंग को बेहतर करने के लिए लगातार काम कर रही है, न कि लोगों पर अतिरिक्त बोझ डालने के लिए.

This is totally false. Not an iota of truth in this. There is no question of putting such restrictions on foreign travel. We remain committed to improving &amp;lsquo;Ease of Doing Business&amp;rsquo; and &amp;lsquo;Ease of Living&amp;rsquo; for our people. https://t.co/9lxjbxz0nV
&amp;mdash; Narendra Modi (@narendramodi) May 15, 2026



रिपोर्ट्स में कहा गया?
रिपोर्ट में दावा किया गया था कि सरकार उच्चस्तरीय बैठकों में विदेश यात्राओं पर टैक्स या सेस लगाने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है. रिपोर्ट में कहा गया कि यह टैक्स सीधे केंद्र सरकार के पास जाएगा और इसका उद्देश्य युद्ध से पैदा हुए आर्थिक दबाव- खासकर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और आयात लागत से निपटना बताया गया था.
यह भी कहा गया कि यह प्रस्तावित टैक्स अस्थायी हो सकता है और लगभग एक साल तक लागू रह सकता है. हालांकि, वित्त मंत्रालय की ओर से इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी, जिससे इन अटकलों को और हवा मिली.
लेकिन बाद में खुद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने खुद इन खबरों का खंडन करते हुए इसे पूरी तरह बेबुनियाद बताया. प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद संबंधित मीडिया संस्थान ने अपनी रिपोर्ट के लिए माफी भी मांग ली.
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        <pubDate>Sat, 16 May 2026 10:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>क्या, विदेश, यात्राओं, पर, लगेगा, टैक्स, रिपोर्ट्स, पर, खुद, प्रधानमंत्री, नरेन्द्र, मोदी, ने, दिया, ये, जवाब</media:keywords>
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        <title>तेल संकट के बीच केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, डीजल और ATF के निर्यात पर घटाई SAED, पेट्रोल पर पहली बार लगेगा टैक्स</title>
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        <description><![CDATA[ केंद्र सरकार ने पेट्रोल, डीजल और विमान ईंधन यानी ATF के निर्यात पर लगने वाले Special Additional Excise Duty यानी SAED की दरें एक बार फिर बदल दी हैं. इसको लेकर 15 मई 2026 को अधिसूचना जारी कर दी गई है. ये नई दरें 16 मई 2026 यानी आज से लागू होंगी.&amp;nbsp;
नई दरें क्या हैं?
-पेट्रोल के निर्यात पर अब 3 रुपये प्रति लीटर SAED लगेगी. डीजल पर यह दर 16.5 रुपये प्रति लीटर और ATF यानी विमान ईंधन पर 16 रुपये प्रति लीटर तय की गई है. तीनों मामलों में रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सेस यानी RIC शून्य है.
-घरेलू बाजार में बिकने वाले पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा.
SAED क्या है और काम कैसे करती है?
-सरकार यह टैक्स हर दो हफ्ते में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और ईंधन की औसत कीमतों के आधार पर तय करती है.&amp;nbsp;
-जब ग्लोबल कीमतें ऊपर जाती हैं तो रिफाइनरियों को निर्यात में भी मुनाफा दिखता है और &amp;nbsp;वे देश की बजाय बाहर ज्यादा ईंधन भेजने लगती हैं. इससे घरेलू आपूर्ति पर असर पड़ सकता है.
-SAED निर्यात को महंगा करके इसी को रोकती है. जब प्राइस नरम पड़ते हैं तो SAED भी घटा दी जाती है.
-यह व्यवस्था 27 मार्च 2026 से शुरू हुई थी जब पश्चिम एशिया संकट के बीच घरेलू ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पहली बार यह शुल्क लगाया गया था.
$120 प्रति बैरल तक गए थे कच्चे तेल के दाम
अप्रैल में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम $120 प्रति बैरल से ऊपर चले गए थे. उस वक्त सरकार ने डीजल पर SAED बढ़ाकर 55.5 रुपये और ATF पर 42 रुपये प्रति लीटर कर दी थी. एक मई को जब कीमतें कुछ नरम हुईं तो डीजल पर यह घटकर 23 रुपये और ATF पर 33 रुपये हुई. &amp;nbsp;अब 16 मई को एक और कटौती के बाद डीजल 16.5 रुपये और ATF 16 रुपये पर आ गई है.
पेट्रोल पर पहली बार लगेगी SAED&amp;nbsp;
पेट्रोल पर तीन रुपये पहली बार हुआ और यह इस रिवीजन का सबसे अलग पहलू है. अब तक पेट्रोल के निर्यात पर कोई शुल्क नहीं लगता था, लेकिन इस बार पहली बार 3 रुपये प्रति लीटर SAED लगाई गई है. इसकी वजह यह है कि भले ही क्रूड ऑयल की कीमतें थोड़ी नरम हुई हों, पेट्रोल का निर्यात रिफाइनरियों के लिए अभी भी मुनाफे का सौदा बना हुआ है. इसीलिए सरकार ने पेट्रोल को भी पहली बार इस दायरे में लाना जरूरी समझा. ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 16 May 2026 10:30:08 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>तेल, संकट, के, बीच, केंद्र, सरकार, का, बड़ा, फैसला, डीजल, और, ATF, के, निर्यात, पर, घटाई, SAED, पेट्रोल, पर, पहली, बार, लगेगा, टैक्स</media:keywords>
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        <title>बंगाल में शुभेंदु सरकार का बड़ा एक्शन, TMC सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ FIR दर्ज, अमित शाह को दी थी धमकी</title>
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        <description><![CDATA[ तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें बढ़ गई हैं. पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान भड़काऊ भाषण देने के मामले में कोलकाता के बिधाननगर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में अभिषेक बनर्जी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. इसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ की गई टिप्पणियों का भी जिक्र है.
एफआईआर में क्या है?
एफआईआर के मुताबिक, सामाजिक कार्यकर्ता राजीव सरकार ने 5 मई को चुनाव नतीजे घोषित होने के एक दिन बाद यह शिकायत दर्ज कराई थी. सरकार ने बागूइहाटी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि अभिषेक बनर्जी ने 27 अप्रैल से 3 मई के बीच आयोजित कई चुनावी कार्यक्रमों में भड़काऊ टिप्पणियां कीं. आरोप लगाया गया है कि इन भाषणों से आपसी दुश्मनी को बढ़ावा मिला और सार्वजनिक शांति भंग हुई. इसमें ये भी लिखा गया है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी धमकियां दी गईं. इनमें से कई धाराएं गैर-जमानती हैं, जो दंगों के लिए उकसाने, कई समूहों के बीच नफरत फैलाने और गंभीर धमकी देने से संबंधित हैं. इस शिकायत में अभिषेक बनर्जी के विवादित बयानों के वीडियो और लिंक भी प्रमाण के तौर पर सौंपे गए हैं.&amp;nbsp;

किसने की थी शिकायत?
सामाजिक कार्यकर्ता राजीव सरकार ने शिकायत के साथ कई भाषणों के लिंक भी जमा किए हैं. पुलिस ने 15 मई को दोपहर 2.45 बजे बिधाननगर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की. ये मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 192, 196, 351 (2) और 353 (1) (c) के तहत और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 123 (2) और 125 के तहत दर्ज किया गया है.
एफआईआर के मुताबिक इन भाषणों में कथित तौर पर ऐसे भड़काऊ और धमकी भरे बयान थे, जिनसे सार्वजनिक अव्यवस्था फैल सकती थी और सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ सकता था. पुलिस ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी ने सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान विपक्षी कार्यकर्ताओं के खिलाफ आक्रामक भाषा का इस्तेमाल किया. सब-इंस्पेक्टर सोमनाथ रॉय को जांच का जिम्मा सौंपा गया है.
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&amp;lsquo;आपके छुटभैया नेता कोर्ट के बारे में गैर-जिम्मेदाराना बयान क्यों दे रहे? इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा&amp;rsquo;, उद्धव सेना को SC की चेतावनी ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 16 May 2026 10:30:07 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>बंगाल, में, शुभेंदु, सरकार, का, बड़ा, एक्शन, TMC, सांसद, अभिषेक, बनर्जी, के, खिलाफ, FIR, दर्ज, अमित, शाह, को, दी, थी, धमकी</media:keywords>
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        <title>मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: &amp;apos;भोजशाला है मां सरस्वती का मंदिर, मुस्लिम पक्ष सरकार से मांगे मस्जिद के लिए वैकल्पिक जगह&amp;apos;</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/मध्य-प्रदेश-हाई-कोर्ट-का-ऐतिहासिक-फैसला-भोजशाला-है-मां-सरस्वती-का-मंदिर-मुस्लिम-पक्ष-सरकार-से-मांगे-मस्जिद-के-लिए-वैकल्पिक-जगह</link>
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        <description><![CDATA[ मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने कहा है कि धार का भोजशाला परिसर देवी सरस्वती का मंदिर है. वहां हिंदुओं को पूजा का अधिकार है. वहां संस्कृत की शिक्षा का केंद्र भी बनना चाहिए. भोजशाला को लेकर वर्षों से चले आ रहे विवाद का निपटारा करते हुए हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने 2003 में आए ASI के उस आदेश को निरस्त कर दिया है, जिसमें मुस्लिमों को हर शुक्रवार परिसर में नमाज की इजाजत दी गई थी.
जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की बेंच ने अपने फैसले में पुरातात्विक प्रमाणों के साथ ही इस बात को भी आधार बनाया है कि हिंदू वहां लगातार पूजा करते आ रहे थे. कोर्ट ने कहा है कि पुरातत्व एक विज्ञान है. उसके निष्कर्ष को झूठलाया नहीं जा सकता है. इस बात के पर्याप्त प्रमाण हैं कि भोजशाला 11वीं सदी में परमार वंश के राजाओं की तरफ से स्थापित संस्कृत शिक्षा का केंद्र और मां वाग्देवी सरस्वती का मंदिर था.
ध्यान रहे कि मुस्लिम पक्ष भोजशाला परिसर को कमालुद्दीन मस्जिद बता कर हिंदुओं के दावे का विरोध कर रहा था. उसने 1991 के प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट का भी हवाला दिया था और कहा था कि किसी भी धार्मिक स्थान का चरित्र बदला नहीं जा सकता है. इसके जवाब में हिंदू फ्रंट ऑफ जस्टिस के वकील विष्णु शंकर जैन ने दलील दी थी कि भोजशाला परिसर एक ASI संरक्षित स्मारक है. इसमें प्लेसेस आफ वर्शिप एक्ट लागू नहीं होता है.
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हाई कोर्ट ने अपने फैसले में इस बात को स्वीकार किया है कि पूरा परिसर एक संरक्षित स्मारक है जो की आर्कियोलॉजिकल सर्वे आफ इंडिया (ASI) के दायरे में आता है. कोर्ट ने कहा है कि ASI परिसर के संरक्षण का काम जारी रखे. केंद्र सरकार और ASI वहां धार्मिक गतिविधियों के प्रबंधन की व्यवस्था बनाएं और संस्कृत शिक्षा का केंद्र स्थापित करने के लिए भी कदम उठाएं.
याचिकाकर्ताओं ने लंदन म्यूजियम में रखी मां वाग्देवी की मूल प्रतिमा को वापस लाकर उसे मंदिर में दोबारा स्थापित करने की मांग की थी. इस पर कोर्ट ने कहा है कि यह केंद्र सरकार के दायरे में आने वाला विषय है. याचिकाकर्ताओं ने सरकार को इस बारे में कई ज्ञापन दिए हैं. केंद्र उन पर विचार करे और संभव कदम उठाए.
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दो जजों की बेंच ने परिसर पर मुस्लिम पक्ष के पुराने दावे को देखते हुए उन्हें भी अनुमति दी है कि वह सरकार को वैकल्पिक जगह के लिए आवेदन दे सकते हैं. कोर्ट ने कहा है कि अगर मुस्लिम पक्ष मस्जिद बनाने की जगह मांगने का आवेदन देता है, तो राज्य सरकार उस पर विचार करे. उन्हें धार जिले में ही कोई दूसरी जगह आवंटित करे. इस बात का ध्यान रखा जाए की वैकल्पिक जगह भोजशाला परिसर से इतनी दूरी पर हो कि भविष्य में दोनों समुदायों के बीच कोई विवाद न हो. ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 15 May 2026 18:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Kerala CM VD Satheesan Oath Ceremony: केरल के नए CM वीडी सतीशन के शपथ ग्रहण में शामिल नहीं होंगे शशि थरूर, बताया क्या है कारण</title>
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        <description><![CDATA[ केरल CM वीडी सतीशन के शपथ ग्रहण में शामिल नहीं होंगे शशि थरूर, बताया क्या है कारण
&amp;nbsp;
अपडेट जारी है... ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 15 May 2026 18:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>कहीं भीषण गर्मी तो कहीं भयंकर बारिश, केरल में 26 मई को मानसून देगा दस्तक, जानें मौसम का ताजा हाल</title>
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        <description><![CDATA[ भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD ने 15 मई 2026 को अपने ताजा बुलेटिन में कहा है कि इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून 26 मई को केरल में दस्तक दे सकता है, हालांकि इसमें चार दिन आगे-पीछे हो सकते हैं. अंडमान सागर और दक्षिण बंगाल की खाड़ी में अगले 24 घंटों में मानसून के आगे बढ़ने के हालात बन रहे हैं.
मानसून से पहले देश के बड़े हिस्से में गर्मी का कहर जारी है. IMD ने चेतावनी दी है कि उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में इस पूरे हफ्ते लू से लेकर भीषण लू जैसे हालात रह सकते हैं.
कहां-कहां होगी लू
पश्चिमी राजस्थान में 15 से 21 मई तक लू चलने की आशंका है और 18 से 21 मई के बीच यह भीषण लू में बदल सकती है. उत्तर प्रदेश में 16 से 21 मई तक लू की स्थिति रहेगी जिसमें 18 और 19 मई को हालात और गंभीर हो सकते हैं.
पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 17 से 21 मई तक लू चलने का अनुमान है. मध्य प्रदेश और विदर्भ में 15 से 21 मई तक गर्म हवाएं चलती रहेंगी. महाराष्ट्र के अकोला में कल यानी 14 मई को देश का सबसे ज्यादा तापमान 45.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया.
दिल्ली-NCR में कैसा रहेगा मौसम
राजधानी दिल्ली में शुक्रवार (15 मई) शाम या रात को गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है और हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. अधिकतम तापमान 40 से 42 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है.
16 मई को आसमान साफ रहेगा और तापमान इसी दायरे में रहेगा. 17 मई को दोपहर बाद बादल छाने और तेज हवाएं चलने की संभावना है, अधिकतम तापमान 41 से 43 डिग्री तक जा सकता है. 18 मई को तापमान 42 से 44 डिग्री तक पहुंच सकता है जो सामान्य से करीब 3 से 5 डिग्री ज्यादा होगा.
पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में बारिश का अलर्ट
असम और मेघालय में 15 से 21 मई तक भारी बारिश होती रहेगी. अरुणाचल प्रदेश में 15 से 17 मई तक और फिर 20 व 21 मई को भारी बारिश का अनुमान है. बी पी घाट में बीते 24 घंटों में 27 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई जो देश में सबसे ज्यादा रही.
दक्षिण भारत में तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 15 से 17 मई तक, केरल और माहे में 15 से 17 मई तक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 15 से 18 मई तक भारी बारिश का अलर्ट है.
मछुआरों के लिए चेतावनी
IMD ने मछुआरों को सलाह दी है कि वे 15 से 20 मई के बीच दक्षिण बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर, गल्फ ऑफ मन्नार और केरल तथा कर्नाटक के तटीय इलाकों में समुद्र में न जाएं. इन इलाकों में तेज हवाएं और ऊंची लहरें उठ सकती हैं.
बीते 24 घंटों में क्या हुआ
बीते दिन राजस्थान के फतेहपुर में 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं. जयपुर में 72 और बीकानेर में 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी आई. पंजाब के कई इलाकों में ओलावृष्टि भी हुई. राजस्थान के कुछ हिस्सों में धूल भरी आंधी चली. IMD ने लोगों को सलाह दी है कि लू के दौरान धूप में निकलने से बचें, पानी पीते रहें और ORS या नींबू पानी, छाछ जैसे घरेलू पेय का इस्तेमाल करें. गरज-चमक के दौरान पेड़ों के नीचे न खड़े हों और बिजली के उपकरण बंद कर दें.
यह भी पढ़ें : कर्नाटक में फिर उठी डीके शिवकुमार को सीएम बनाने की मांग, जन्मदिन पर लगे पोस्टर ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 15 May 2026 18:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>कहीं, भीषण, गर्मी, तो, कहीं, भयंकर, बारिश, केरल, में, मई, को, मानसून, देगा, दस्तक, जानें, मौसम, का, ताजा, हाल</media:keywords>
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        <title>क्या PM मोदी के सलाहकार को बनाया जाएगा बंगाल का वित्त मंत्री? नंदीग्राम से लड़ सकते हैं संजीव सान्याल चुनाव</title>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट से इस्तीफा देकर भवानीपुर सीट अपने पास रखा है. बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने तेजी से काम शुरू कर दिया है, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण पोर्टफोलियो अभी भी खाली हैं. बंगाल में वित्त मंत्री कौन होगा और नंदीग्राम सीट से बीजेपी के उम्मीदवार कौन होंगे ये इस समय सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है.&amp;nbsp;
बंगाल के वित्त मंत्री बन सकते हैं संजीव सान्याल
टेलिग्राफ की एक रिपोर्ट के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सलाहकार संजीव सान्याल बंगाल के वित्त मंत्री बनने की दौड़ में सबसे आगे नजर आ रहे हैं. वर्तमान ने ये विभाग सीएम शुभेंदु अधिकारी के पास है. वित्त मंत्रालय के अलावा शुभेंदु इस समय गृह, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और वाणिज्य मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. संजीव सान्याल प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (EAC-PM) के सदस्य हैं. वह देश के जाने-माने अर्थशास्त्री हैं और पश्चिम बंगाल के ही रहने वाले भी हैं.
क्या नंदीग्राम सीट से चुनाव लड़ेंगे सान्याल?
बीजेपी अब पार्टी से बाहर के किसी बड़े चेहरे को &#039;लेटरल एंट्री&#039; के जरिए वित्त मंत्री बनाने की योजना बना रही है. संजीव सान्याल को मंत्री बनाने के लिए उन्हें विधानसभा का सदस्य बनना होगा. इस बात की पूरी संभावना है कि नंदीग्राम सीट पर होने वाले उपचुनाव में सान्याल बीजेपी के उम्मीदवार हो सकते हैं. यह बीजेपी के लिए एक सुरक्षित सीट मानी जाती है, जहां मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का काफी दबदबा भी है.
कौन हैं संजीव सान्याल?
सान्याल एक वैश्विक अर्थशास्त्री हैं और उनके पास अंतरराष्ट्रीय मंचों (जैसे G7 और OECD) का बड़ा अनुभव है. उन्हें एक &#039;ग्लोबल बंगाली&#039; के रूप में देखा जा रहा है, जो बंगाल में इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश को बढ़ावा दे सकते हैं. बंगाल में सीएम के शपथग्रहण समारोह में वह अपनी पत्नी के साथ बंगाली वेशभूषा (धोती-कुर्ता) में नजर आए थे, जिससे इन अटकलों को और बल मिला है.
बीजेपी सरकार बंगाल में सालों से रुकी हुई औद्योगिक प्रगति और निवेश की कमी को दूर करना चाहती है। संजीव सान्याल अपनी &#039;प्रोसेस रिफॉर्म&#039; की नीति के लिए जाने जाते हैं. हाल ही में सान्याल ने एक इंटरव्यू में बताया था कि बंगाल की खोई हुई शान को कैसे वापस पाया जा सकता है. उन्होंने कहा था कि कोलकाता के पास पूरे पूर्वी भारत में विकास को गति देने की क्षमता है.
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        <pubDate>Fri, 15 May 2026 18:30:09 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>क्या, मोदी, के, सलाहकार, को, बनाया, जाएगा, बंगाल, का, वित्त, मंत्री, नंदीग्राम, से, लड़, सकते, हैं, संजीव, सान्याल, चुनाव</media:keywords>
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        <title>साल 1991 का वो ‘RBI सीक्रेट’, जब देश का 40,000 किलो सोना भेज दिया गया भारत से बाहर</title>
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        <description><![CDATA[ साल 1991 में भारत इतना बड़े आर्थिक संकट में फंस गया था कि देश के पास सिर्फ एक हफ्ते का आयात करने लायक विदेशी मुद्रा बची थी. हालात इतने खराब हो गए थे कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को देश का सोना गिरवी रखकर विदेश भेजना पड़ा. उस समय यह खबर पूरे देश के लिए झटके जैसी थी. लेकिन यही कदम बाद में भारत को आर्थिक दिवालिया होने से बचाने और आर्थिक सुधारों की शुरुआत का बड़ा कारण बना.
1991 में क्यों आई थी आर्थिक तबाही?1990-91 तक भारत की अर्थव्यवस्था भारी कर्ज, राजनीतिक अस्थिरता और विदेशी मुद्रा की कमी से जूझ रही थी. इसी दौरान खाड़ी युद्ध छिड़ गया, जिससे तेल की कीमतें बढ़ गईं और विदेशों में काम कर रहे भारतीयों से आने वाला पैसा भी कम हो गया. स्थिति इतनी खराब हो गई कि भारत के पास सिर्फ कुछ दिनों तक जरूरी सामान आयात करने लायक डॉलर बचे थे. विदेशी एजेंसियों ने भारत की क्रेडिट रेटिंग घटा दी और दुनिया के बैंक भारत को कर्ज देने से हिचकने लगे.
RBI ने क्यों गिरवी रखा सोना?
देश को डिफॉल्ट यानी विदेशी भुगतान रोकने से बचाने के लिए RBI और सरकार ने आपातकालीन उपायों पर विचार किया. आखिरकार फैसला हुआ कि भारत अपना सोना गिरवी रखकर विदेशी बैंकों से डॉलर उधार लेगा. RBI ने करीब 46.91 टन सोना इंग्लैंड भेजा और इसके बदले लगभग 405 मिलियन डॉलर जुटाए गए. इससे पहले सरकार ने 20 टन जब्त सोना बेचकर 215 मिलियन डॉलर भी जुटाए थे.
कैसे गुप्त तरीके से विदेश भेजा गया सोना?जुलाई 1991 में मुंबई के RBI वॉल्ट से भारी सुरक्षा के बीच सोना ट्रकों में भरकर सांता क्रूज़ एयरपोर्ट (अब मुंबई एयरपोर्ट) लाया गया. वहां से इसे कार्गो विमान के जरिए विदेश भेजा गया. पूरा ऑपरेशन बेहद गोपनीय रखा गया था. यहां तक कि कस्टम अधिकारियों को भी विशेष अनुमति देनी पड़ी. लेकिन 8 जुलाई 1991 को एक अंग्रेजी अखबार में &amp;ldquo;Secret Sale of Gold by RBI Again&amp;rdquo; हेडलाइन के साथ यह खबर छप गई और देशभर में हलचल मच गई.
लोगों ने इसे राष्ट्रीय अपमान क्यों माना?भारत में सोना सिर्फ धातु नहीं बल्कि सुरक्षा, सम्मान और भावनाओं से जुड़ा माना जाता है. इसलिए जब लोगों को पता चला कि देश अपना सोना विदेश भेज रहा है, तो इसे आर्थिक मजबूरी के साथ-साथ राष्ट्रीय अपमान के रूप में भी देखा गया. हालांकि अर्थशास्त्रियों का मानना है कि अगर यह कदम नहीं उठाया जाता, तो भारत विदेशी भुगतान नहीं कर पाता और आर्थिक रूप से डिफॉल्ट हो सकता था.
नरसिम्हा राव सरकार और आर्थिक सुधार21 जून 1991 को पीवी नरसिम्हा राव की सरकार बनी. इसके बाद वित्त मंत्री मनमोहन सिंह ने बड़े आर्थिक सुधार शुरू किए. भारत की अर्थव्यवस्था को खोलने, विदेशी निवेश बढ़ाने और लाइसेंस राज खत्म करने जैसे फैसले लिए गए. इसी संकट ने भारत में आर्थिक उदारीकरण की शुरुआत की, जिसने आने वाले वर्षों में देश की अर्थव्यवस्था बदल दी.
क्या भारत का सोना वापस आया?भारत ने नवंबर 1991 तक सोने के बदले लिया गया कर्ज चुका दिया था. हालांकि सोना लंबे समय तक विदेशों के वॉल्ट में ही रखा गया. बाद के वर्षों में भारत की आर्थिक स्थिति मजबूत होती गई और RBI ने विदेशों में रखा काफी सोना वापस भारत लाना शुरू किया. मार्च 2026 तक RBI के पास करीब 880.5 टन सोना है, जिसकी कीमत 115 अरब डॉलर से ज्यादा है. इसमें से लगभग 77% सोना अब भारत में ही रखा गया है.
अब फिर क्यों हो रही है सोने की चर्चा?मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध और बढ़ती तेल कीमतों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से गैर-जरूरी सोना खरीदने से बचने की अपील की है. सरकार का कहना है कि सोने का भारी आयात भारत के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव डालता है. भारत ने 2025-26 में करीब 72 अरब डॉलर का सोना आयात किया, जो 1991 में सोना गिरवी रखकर जुटाई गई रकम से कई गुना ज्यादा है.
1991 का सबक1991 का सोना संकट भारत के इतिहास का सबसे कठिन आर्थिक दौर माना जाता है. लेकिन इसी संकट ने देश को आर्थिक सुधारों की राह दिखाई. RBI द्वारा गुप्त रूप से विदेश भेजा गया सोना सिर्फ एक आर्थिक फैसला नहीं था, बल्कि भारत की नई आर्थिक शुरुआत का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ. ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 15 May 2026 18:30:07 +0530</pubDate>
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        <title>मुश्किल गुजरेंगे अगले 14 दिन! उत्तर में भीषण गर्मी तो दक्षिण में बारिश का कहर, आपके राज्य में कैसा रहेगा मौसम?</title>
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        <description><![CDATA[ देशभर में मौसम अब और बिगड़ने वाला है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 14 मई से 27 मई तक का एक्सटेंडेड रेंज फोरकास्ट जारी करते हुए साफ चेतावनी दी है कि एक तरफ उत्तर और पश्चिम भारत झुलसने वाला है, तो दूसरी तरफ पूर्वोत्तर और दक्षिण के कई राज्यों में भारी बारिश-तूफान का दौर रहने की संभावना है.
IMD के द्वारा जारी एक्सटेंड रेंज फोरकास्ट के अनुसार उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में भीषण गर्मी और हीटवेव की स्थिति बन रही है. राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी-पूर्वी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ के लोगों को खास सावधानी बरतनी होगी. पश्चिमी राजस्थान में 17 से 19 मई के बीच सीवियर हिटवेव की संभावना जताई गई है, जबकि दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में 16 से 20 मई तक हीटवेव का असर रह सकता है.
मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक ऊपर जा सकता है. हाल ही में राजस्थान के बाड़मेर में पारा 48.3 डिग्री तक पहुंच चुका है, जबकि जैसलमेर में 46.1 डिग्री दर्ज किया गया. दोपहर के वक्त बाहर निकलना मुश्किल हो सकता है.
पूर्वोत्तर और दक्षिण में बारिश-तूफान का सिलसिला
दूसरी ओर बंगाल की खाड़ी में बने वेल मार्क्ड लो प्रेशर एरिया और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के असर से पूर्वोत्तर भारत, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में लगातार बारिश और तेज आंधी-तूफान की गतिविधियां बनी रहेंगी.
IMD ने असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मिजोरम और सिक्किम में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. बिहार, झारखंड और ओडिशा में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. कुछ इलाकों में ओले भी गिरने की आशंका है. भारी बारिश से निचले इलाकों में जलभराव, ट्रैफिक जाम और स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है.
मानसून की रफ्तार तेज
मौसम विभाग ने यह भी जानकारीवादी है कि 16 मई के आसपास दक्षिण-पश्चिम मानसून अंडमान सागर, दक्षिण बंगाल की खाड़ी और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ सकता है. यानी मानसून आने की तैयारियां अब तेज होती दिख रही हैं.
सलाह:

गर्मी वाले इलाकों में दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक धूप में निकलने से बचें, खूब पानी पिएं और बच्चों-बुजुर्गों का खास ख्याल रखें.बारिश वाले राज्यों में मौसम अपडेट लगातार चेक करते रहें, कमजोर मकानों और निचले इलाकों में सतर्कता बरतें.
कुल मिलाकर मौसम का ये दोहरा हमला लोगों के ऊपर अगले दो हफ्तों तक जारी रहने वाला है. IMD के मुताबिक मौसम की स्थिति में बदलाव के लिए लगातार IMD के द्वारा नजर रखी जा रही है.

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        <pubDate>Fri, 15 May 2026 06:30:09 +0530</pubDate>
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        <title>अवैध विस्तारवाद और युद्धोन्माद… ब्रिक्स बैठक में इजरायल&amp;यूएस पर भड़के ईरान के विदेश मंत्री, बोले&amp; नहीं झुकने वाले</title>
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        <description><![CDATA[ BRICS Summit: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने गुरुवार को कहा कि ईरान &amp;ldquo;अवैध विस्तारवाद और युद्धोन्माद&amp;rdquo; का शिकार है और ब्रिक्स देशों को अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन को लेकर अमेरिका और इजराइल की &amp;ldquo;स्पष्ट रूप से निंदा&amp;rdquo; करनी चाहिए. उन्होंने यह बात नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय ब्रिक्स सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में कही, जिसकी अध्यक्षता एस. जयशंकर ने की. इसमें रूस-ब्राजील समेत अन्य सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों ने हिस्सा लिया.
ईरान बोला- झुकने वाला नहीं
अराघची ने कहा कि ईरान, कई अन्य स्वतंत्र देशों की तरह, बाहरी दबाव और आक्रामक नीतियों का सामना कर रहा है, लेकिन वह किसी भी धमकी के आगे झुकने वाला नहीं है. उन्होंने दोहराया कि ईरान से जुड़े किसी भी विवाद का सैन्य समाधान संभव नहीं है और उनका देश सम्मानजनक संवाद का पक्षधर है.
उन्होंने यह भी कहा कि भले ही ईरान की सशस्त्र सेनाएं अपनी सुरक्षा के लिए पूरी तरह सक्षम हैं, लेकिन ईरानी जनता शांति चाहती है और खुद को इस संघर्ष में आक्रमणकारी नहीं, बल्कि पीड़ित मानती है.
ईरान और यूएई के बीच तीखी बहस
सम्मेलन के दौरान ईरान और संयुक्त अरब अमीरात के प्रतिनिधियों के बीच कथित तौर पर तीखी बहस भी हुई, जिसे सर्गेई लावरोव ने शांत कराया. इस बैठक में ईरान-अमेरिका-इजराइल युद्ध को लेकर सदस्य देशों के बीच मतभेद भी सामने आए, जिसके कारण कोई साझा बयान जारी नहीं हो सका. पश्चिम एशिया में जारी इस संघर्ष का असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ रहा है, जिससे आर्थिक चुनौतियां और बढ़ गई हैं.

दूसरी तरफ, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को ब्रिक्स देशों के शीर्ष राजनयिकों से मुलाकात की, जहां विदेश मंत्रियों के महत्वपूर्ण सम्मेलन की शुरुआत हुई. प्रधानमंत्री से मुलाकात करने वालों में सर्गेई लावरोव, अब्बास अराघची, माउरो विएरा, सुगिओनो और रोनाल्ड लामोला शामिल थे. यह सम्मेलन ऐसे समय में आयोजित हो रहा है जब पश्चिम एशिया में अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान के खिलाफ जारी संघर्ष के कारण ऊर्जा आपूर्ति में भारी व्यवधान पैदा हुआ है और वैश्विक आर्थिक प्रभावों को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं.
भारत, जो इस समय समूह की अध्यक्षता कर रहा है, ने सितंबर में होने वाले ब्रिक्स वार्षिक शिखर सम्मेलन से पहले इस दो दिवसीय विदेश मंत्रियों के सम्मेलन की मेजबानी की है. ब्रिक्स की शुरुआत ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के साथ हुई थी, लेकिन वर्ष 2024 में इसका विस्तार करते हुए मिस्र, इथियोपिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात को भी इसमें शामिल किया गया. इसके बाद वर्ष 2025 में इंडोनेशिया भी इस समूह का सदस्य बन गया.
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        <pubDate>Fri, 15 May 2026 06:30:09 +0530</pubDate>
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        <title>लैंड डील केस में कोलकाता डीसीपी शांतनु सिन्हा पर गिरी गाज, ईडी ने किया गिरफ्तार</title>
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        <description><![CDATA[ ED arrests Kolkata DCP Santanu Sinha Biswa: कोलकाता के डीसीपी शांतनु सिन्हा बिस्वास को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गिरफ्तार कर लिया है. सीजीओ कॉम्प्लेक्स से जुड़े मामले में करीब साढ़े दस घंटे की लंबी पूछताछ के बाद केंद्रीय एजेंसी की तरफ से यह कार्रवाई की गई है.
कोलकाता डीसीपी गिरफ्तार
इससे पहले, बिस्वास को अप्रैल के मध्य में करीब पांच बार समन भेजा गया था, लेकिन वे साल्ट लेक स्थित ईडी कार्यालय में पेश नहीं हुए थे. &amp;lsquo;हिन्दुस्तान टाइम्स&amp;rsquo; की रिपोर्ट के मुताबिक, ईडी अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने बड़े पैमाने पर मौद्रिक लेन-देन और संपत्ति से जुड़े विवरण देने से इनकार कर दिया, जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी की गई.
गौरतलब है कि इससे पहले भी कोलकाता पुलिस के उपायुक्त (डीसीपी) बिस्वास कथित जमीन हड़पने और जबरन वसूली से जुड़े मामले में ईडी के सामने पेश हुए थे. कालीघाट थाने के पूर्व प्रभारी रहे बिस्वास को ममता बनर्जी का करीबी माना जाता है.
लुकआाउट नोटिस किया गया था जारी
ईडी ने उन्हें पहले भी कई बार पूछताछ के लिए तलब किया था, लेकिन वे लगातार पेश होने से बचते रहे. इसके बाद एजेंसी ने उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया, ताकि उन्हें देश छोड़ने से रोका जा सके. यह नोटिस सभी हवाई अड्डों और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को भी भेजा गया था.

जांच के दौरान &amp;lsquo;सोना पप्पू&amp;rsquo; नामक व्यवसायी से जुड़े जमीन हड़पने और जबरन वसूली के मामले में बिस्वास का नाम सामने आया. इसके अलावा, बेहाला के व्यवसायी जय कामदार से जुड़े वित्तीय अनियमितताओं के केस में भी उनकी कथित संलिप्तता की जानकारी मिली है. फिलहाल, ईडी इस पूरे मामले में उनकी भूमिका की गहराई से जांच कर रही है और आगे की पूछताछ जारी है.
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        <pubDate>Fri, 15 May 2026 06:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>48 घंटे बाद डोनाल्ड ट्रंप की डेडलाइन खत्म! रूसी तेल खरीद पर फिर से लगेगी रोक? तेल कंपनियों की बढ़ी टेंशन</title>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और तनाव के साथ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में लगी नाकेबंदी से परेशान भारत की मुश्किलें अब और ज्यादा बढ़ने वाली हैं. दरअसल, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से भारत समेत कुछ अन्य देशों को रूस से कच्चा तेल आयात करने की दी गई छूट की डेडलाइन 48 घंटे बाद यानी शनिवार (16 मई, 2026) को खत्म होने वाली है. ऐसे में भारत की तेल रिफाइनरी कंपनियां की टेंशन काफी ज्यादा बढ़ गई है.
जैसे-जैसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की दी गई डेडलाइन अपने अंत की तरफ बढ़ रही है, वैसे-वैसे इस बात की चिंता भी बढ़ रही है कि अगर अमेरिका की तरफ से दी गई इस छूट को और आगे नहीं बढ़ाया जाता है, तो इससे भारत की तेल रिफाइनरियों को रूस से कच्चे तेल के आयात को कम करना पड़ सकता है और उन्हें दूसरे देशों से ऊंची कीमतों पर कच्चे तेल के कार्गों खरीदने पड़ सकते हैं. जिसके कारण भारत की तेल खरीद की लागत में भी इजाफा हो सकता है.
रूसी तेल आयात रूकी, तो भारत की बढ़ेंगी मुश्किलें
यह भी पढ़ेंः ट्रंप-जिनपिंग बैठक से खुलेगा होर्मुज का रास्ता? ईरान वॉर के बीच व्हाइट हाउस का आ गया बड़ा बयान
कैप्लर के आंकड़ों के मुताबिक, भारत का मई महीने में अब तक रूसी कच्चा तेल आयात 23 लाख बैरल प्रतिदिन के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया है, क्योंकि अमेरिका की तरफ से दी गई छूट के तहत पहले से लोड किए गए रूसी कच्चे तेल के कार्गो भारत में काफी जल्दी पहुंच गए. हालांकि, 16 मई को इस डेडलाइन के खत्म होने के बाद अगर रूस से कच्चे तेल लदे नए जहाज भारत के लिए रवाना नहीं होते हैं, तो पूरे महीने का औसत आयात का आंकड़ा घटकर 19 लाख बैरल प्रतिदिन तक पहुंच सकता है.

ईरान-अमेरिका युद्ध की वजह से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर संकट
मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष और तनाव की वजह से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर संकट छा गया है. दुनिया के कई देशों में तेल की कीमतों में रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ोत्तरी की गई है. वहीं, भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल आयातक देश है. ऐसे में फारस की खाड़ी से भारत जैसे बड़े ऊर्जा आयातक देशों को होने वाली तेल आपूर्ति गंभीर रूप से प्रभावित हुई है.
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        <pubDate>Fri, 15 May 2026 06:30:07 +0530</pubDate>
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        <title>नीट पेपर लीक पर बवाल के बाद एक्शन में शिक्षा मंत्री, देर रात बुलाई हाई लेवल मीटिंग, जानें क्या हुई चर्चा</title>
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        <description><![CDATA[ NEET-UG 2026 प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर दिल्ली समेत देश के कई राज्यों छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं. इस बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के आवास पर गुरुवार (14 मई 2026) की देर रात एक अहम बैठक हुई जिसमें आगामी NEET परीक्षा को लेकर विस्तृत चर्चा की गई. इस बैठक में शिक्षा से जुड़े तमाम बड़े अधिकारी एक साथ जुटे और परीक्षा की तैयारियों का जायजा लिया गया.&amp;nbsp;
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
इस बैठक में (उच्च शिक्षा), सचिव (स्कूल शिक्षा), नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA के महानिदेशक, CBSE के अध्यक्ष, केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) और नवोदय विद्यालय समिति (NVS) के आयुक्त समेत कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. सूत्रों के मुताबिक बैठक में NEET परीक्षा के संचालन से जुड़े हर पहलू पर गहराई से चर्चा हुई. बैठक में लिए गए फैसलों की आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है.
पांच आरोपी सात दिन के लिए सीबीआई हिरासत में
दिल्ली की एक अदालत ने नीट-यूजी पेपर लीक मामले में गिरफ्तार पांच आरोपियों को पूछताछ के लिए सीबीआई की सात दिन की हिरासत में भेज दिया. कोर्ट ने इसी के साथ टिप्पणी की है कि इन आरोपों से संकेत मिलता है कि परीक्षा के गोपनीय प्रश्न पत्रों को लीक करने और आर्थिक लाभ के लिए प्रसारित करने में एक &amp;lsquo;संगठित गिरोह&amp;rsquo; की भूमिका थी.
सीबीआई मामलों के विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता ने संघीय एजेंसी की उस याचिका को स्वीकार कर लिया &amp;nbsp;जिसमें यश यादव, मांगीलाल खटीक, विकास बिवाल, दिनेश बिवाल और शुभम मधुकर खैरनार को &amp;nbsp;सात दिन की हिरासत में लेकर पूछताछ करने की अनुमति देने का अनुरोध किया गया था.
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा, &amp;lsquo;इस मामले में एक बड़ी साजिश का पहलू मौजूद है और जांच अभी शुरुआती चरण में है. पूरी साजिश का पर्दाफाश करने के साथ-साथ इस संगठित प्रश्नपत्र लीक गिरोह के सभी सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार करने और अपराध में संलिप्तता को साबित करने वाली सामग्री बरामद करने के लिए आरोपियों की हिरासत मांगी गई है.&amp;rsquo;
ये भी पढ़ें : केरलम के नए CM सतीशन ने राज्यपाल से की मुलाकात, सरकार बनाने का दावा किया पेश, जानें कब होगा शपथ ग्रहण ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 15 May 2026 06:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>नीट, पेपर, लीक, पर, बवाल, के, बाद, एक्शन, में, शिक्षा, मंत्री, देर, रात, बुलाई, हाई, लेवल, मीटिंग, जानें, क्या, हुई, चर्चा</media:keywords>
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        <title>&amp;apos;बंगाल में भी बुलडोजर कल्चर शुरू हो गया...&amp;apos;, काला कोट पहनकर वकील के अवतार में HC पहुंचीं ममता, चीफ जस्टिस के सामने करेंगी बहस</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/बंगाल-में-भी-बुलडोजर-कल्चर-शुरू-हो-गया-काला-कोट-पहनकर-वकील-के-अवतार-में-hc-पहुंचीं-ममता-चीफ-जस्टिस-के-सामने-करेंगी-बहस</link>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी गुरुवार (14 मई, 2026) को वकील का काला कोट पहनकर कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंची हैं. हाईकोर्ट में आज पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में हुई हिंसा को लेकर दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान वह यहां चीफ जस्टिस सुजॉय पाल के सामने बहस कर सकती हैं. याचिकाओं में बुलडोजर एक्शन, तृणमूल कांग्रेस के कार्यालयों में तोड़फोड़ और टीएमसी कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट जैसे आरोप लगाए गए हैं.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में व्यापक स्तर पर हुई हिंसा और तोड़फोड़ को लेकर याचिकाएं दाखिल की गई हैं, जिनमें तृणमूल कांग्रेस के सांसद और वकील कल्याण बनर्जी के बेटे शिर्षान्या बनर्जी की ओर से दाखिल याचिका भी शामिल है. याचिकाओं में आरोप लगाया गया कि चुनाव के बाद टीएमसी के ऑफिस में तोड़फोड़ की गई और टीएमसी के कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट भी हुई.
कल्याण बनर्जी ने सुनवाई के दौरान कहा कि बंगाल में चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद एक के बाद एक टीएमसी ऑफिस में तोड़फोड़ की गई. उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर आरोप लगाया कि सत्ताधारी पार्टी के समर्थकों ने टीएमसी के कार्यकर्ताओं को बेरहमी से पीटा.

#WATCH | Kolkata | Former West Bengal Chief Minister and TMC chief Mamata Banerjee, wearing a lawyer&#039;s court, arrives at the Calcutta High Court to appear before Chief Justice HC Sujoy Pal, in connection with the post-poll violence PIL case. She is expected to raise questions on&amp;hellip; pic.twitter.com/8u9bTwrZfI
&amp;mdash; ANI (@ANI) May 14, 2026



कल्याण बनर्जी ने 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद बंगाल में हुई हिंसा को लेकर हाईकोर्ट के फैसले का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि उस वक्त हाईकोर्ट ने मामले की जांच के लिए पांच जजों की कमेटी बनाई थी. कल्याण बनर्जी यहां जिस आदेश का जिक्र कर रहे हैं, उसमें कलकत्ता हाईकोर्ट ने नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन (NHRC) को पांच जजों की कमेटी बनाने का आदेश दिया था, जिन्हें चुनाव के बाद हुई हिंसा में विस्थापित लोगों की ओर से दर्ज शिकायतों की जांच करने का काम सौंपा गया था. कोर्ट ने इस बात पर भी नाराजगी जताई थी कि इनमें से कई शिकायतों का राज्य सरकार ने जवाब तक नहीं दिया.
यह भी पढ़ें:- बंगाल में शुभेंदु सरकार के बाद एक और इस्तीफा, ममता बनर्जी की करीबी ने छोड़ा पद
कल्याण बनर्जी की दलीलों पर हाईकोर्ट ने उनसे पूछा कि क्या वह ये चाहते हैं कि 2021 की हिंसा मामले को लेकर जो आदेश दिया गया, इस मामले में भी वही प्रक्रिया अपनाई जाए. कल्याण बनर्जी ने कहा कि वह यह चाहते हैं, लेकिन इसके साथ उनकी कुछ और भी अपील हैं. उन्होंने कहा कि कमेटी बनाए जाने के अलावा वह कोर्ट की तरफ से अंतरिम आदेश भी चाहते हैं.
पश्चिम बंगाल पुलिस की तरफ से डीएसजी धीरज त्रिवेदी ने याचिकाकर्ता की अपील पर आपत्ति जताई है. कोर्ट एक और जनहित याचिका पर भी सुनवाई कर रहा है, जिसमें आरोप लगाया गया कि सेंट्रल बंगाल की होग्गा मार्केट के पास तोड़फोड़ और बुलडोजर एक्शन की कार्रवाई हुई है. याचिकाकर्ता ने उन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की अपील की है, जो इस दौरान वहां मौजूद थे.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ें:- West Bengal Politics: बंगाल के नए CM सुवेंदु अधिकारी ने पहले दिन ही किया ये बड़ा फैसला, ममता बनर्जी ने लगा रखी थी रोक
याचिकाकर्ता की ओर से सीनियर एडवोकेट विकासरंजन भट्टाचार्य ने कहा कि अब बंगाल में भी बुलडोजर कल्चर शुरू हो गया है. उन्होंने न्यू मार्केट में फेरी लगाने वाला पूरा एरिया ध्वस्त कर दिया है. यहां कितने सारे लोग फेरी लगाते हैं और यह उनकी रोजीरोटी है. ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 14 May 2026 14:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>बंगाल, में, भी, बुलडोजर, कल्चर, शुरू, हो, गया..., काला, कोट, पहनकर, वकील, के, अवतार, में, पहुंचीं, ममता, चीफ, जस्टिस, के, सामने, करेंगी, बहस</media:keywords>
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        <title>West Bengal Politics: बंगाल के नए CM सुवेंदु अधिकारी ने पहले दिन ही किया ये बड़ा फैसला, ममता बनर्जी ने लगा रखी थी रोक</title>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल में सेना को जमीन देने के मामले में भाजपा ने टीएमसी पर निशाना साधा है. पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने बताया कि सीएम शुभेंदु अधिकारी ने बाड़बंदी के लिए मंजूरी दे दी है, जबकि ममता सरकार ने इस पर रोक लगा रही थी. पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बार-बार सरकार से जमीन देने की अपील की. अमित शाह ने प्रयास कर 500-600 किलोमीटर बाड़ लगवाई थी, अब भी 300-400 किलोमीटर खाली है. हमारी सरकार ने पहले दिन ही इसकी अनुमति दे दी. 45 दिनों में जमीन उपलब्ध कराई जाएगी. बीएसएफ से बातचीत चल रही है. जहां बाड़ का काम बंद था, कल से शुरू हो जाएगा.
उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने बीएसएफ को जमीन नहीं दी थी, जिसकी वजह से सीमा की हालत बहुत खराब है. सुवेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री बनते ही पहले ही दिन बाड़बंदी के लिए मंजूरी दे दी है. अब बाड़बंदी होने के बाद पड़ोसी देश के लिए छुपकर बंगाल नहीं आ पाएंगे और पश्चिम बंगाल में शांति रहेगी.

और पढ़ें: West Bengal: बंगाल में महिलाओं के खाते में आएंगे 3000 रुपए, बस यात्रा भी होगी फ्री, शुभेंदु सरकार का बड़ा फैसला
घुसपैठ पर सख्ती की तैयारी
दिलीप घोष ने कहा कि रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ जमीन को लेकर कई बैठकें की थीं और फंड पहले ही दिन भेज दिया था, इसके बाद भी सरकार ने कुछ नहीं किया था. सरकार बाहरी लोगों को इसी रास्ते से लाकर चुनाव के समय उनका गलत इस्तेमाल कराती थी, लेकिन अब ये नहीं होने वाला है, पश्चिम बंगाल सरकार उन सभी रास्तों को बंद कर देगी जिनसे पड़ोसी देश के लोग गलत तरीके से भारत में प्रवेश करते हैं.
गुणवत्ता जांच सख्त करने की मांग
देश में लगातार खाने-पीने के मिलावटी सामान पर मंत्री दिलीप घोष ने कहा, &quot;कीमतें समय-समय पर बढ़ाई जाती हैं, लेकिन गुणवत्ता की भी जांच होनी चाहिए. दूध की गुणवत्ता को लेकर कई शिकायतें मिल रही हैं और इसकी ठीक से जांच नहीं की जा रही है. इसमें कई तरह के रसायन मिलाए जा रहे हैं. यह स्वास्थ्य से जुड़ा मामला है, इसलिए गुणवत्ता और मात्रा दोनों को ही ठीक से बनाए रखा जाना चाहिए. सरकार को भी इस मामले पर ध्यान देना चाहिए.
और पढ़ें: दिलीप घोष को ग्रामीण विकास, अग्निमित्रा को महिला कल्याण... शुभेंदु कैबिनेट में जानें किसे कौन सा मंत्रालय&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 14 May 2026 14:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>West, Bengal, Politics:, बंगाल, के, नए, सुवेंदु, अधिकारी, ने, पहले, दिन, ही, किया, ये, बड़ा, फैसला, ममता, बनर्जी, ने, लगा, रखी, थी, रोक</media:keywords>
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        <title>वीडी सतीशन होंगे केरल के अगले मुख्यमंत्री, कांग्रेस ने 10 दिन बाद CM के नाम का किया ऐलान</title>
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        <description><![CDATA[ 4 मई को केरल विधानसभा चुनाव का रिजल्ट आने के करीब 10 दिन बाद आज (14 मई) को कांग्रेस ने अपने मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान कर दिया है. वीडी सतीशन केरल के अगले सीएम होंगे. गुरुवार (14 मई) को कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उनके नाम का ऐलान किया. इससे पहले कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की एक हाई-लेवल बैठक हुई, जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी समेत पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेता शामिल हुए. इस बैठक के बाद वीडी सतीशन के नाम का ऐलान किया गया.
केरल सीएम की रेस में थे ये तीन नाम
140 सदस्यीय केरल विधानसभा में कांग्रेस नेतृत्व वाले यूडीएफ ने 102 सीटों पर जीतकर बहुमत हासिल किया. केरल के मुख्यमंत्री पद की रेस में वीडी सतीशन के अलावा रमेश चेन्निथला और केसी वेणुगोपाल का नाम भी मुख्यमंत्री पद की रेस में शामिल था. हालांकि, अंतिम दौर की बातचीत के बाद वीडी सतीशन के नाम पर मुहर लगी.
इससे पहले मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा में देरी पर जहां विरोधियों ने कांग्रेस पर तंज कसा, वहीं पार्टी में भी नाराजगी देखने को मिली. वायनाड में जिला कांग्रेस कार्यालय के पास राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के खिलाफ पोस्टर लगाए गए. इन पोस्टरों में आरोप लगाया गया कि दोनों नेता केसी वेणुगोपाल को केरल का मुख्यमंत्री बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि राज्य में उनके खिलाफ माहौल है.
पोस्टरों में लिखा गया, &#039;केरल आपको कभी माफ नहीं करेगा.&#039; एक अन्य पोस्टर में लिखा गया, &#039;वायनाड दूसरा अमेठी बन जाएगा.&#039; यह टिप्पणी 2019 में अमेठी लोकसभा सीट पर राहुल गांधी की हार की ओर इशारा करती है. वायनाड कभी राहुल गांधी का सबसे सुरक्षित राजनीतिक क्षेत्र माना जाता था और अब यहां से प्रियंका गांधी सांसद हैं. ऐसे में इसी क्षेत्र से उठ रहा विरोध गांधी परिवार के लिए बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है. ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 14 May 2026 14:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>कितनी संपत्ति के मालिक हैं केरल के नए मुख्यमंत्री</title>
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        <description><![CDATA[ केरल के अगले मुख्यमंत्री वीडी सतीशन (V.D. Satheesan) होंगे. कांग्रेस ने गुरुवार (14 मई) को उनके नाम की घोषणा की है. केरल में कांग्रेस को 10 साल बाद जीत मिली है, जिसके बाद मुख्यमंत्री पद के लिए कई दिनों से मंथन चल रहा था. ऐसे में आपको बताते हैं कि सतीशन के पास कुल कितनी संपत्ति है. ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 14 May 2026 14:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>Prateek Yadav Death Case: प्रतीक यादव की मौत के मामले में NHRC की एंट्री, कौन पहुंचा मानवाधिकार आयोग? रखीं ये 3 डिमांड</title>
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        <description><![CDATA[ प्रतीक यादव की संदिग्ध मौत का मामला अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) तक पहुंच गया है. मानवाधिकार के लिए काम करने वाली NGO DK Foundation ने इस मामले में शिकायत दर्ज कराई है और मौत को संदिग्ध बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है. संस्था ने अपनी शिकायत में कहा है कि शुरुआती जानकारी में मृत्यु का कारण कार्डियोरेस्पिरेटरी कोलैप्स यानी हार्ट और सांस लेने का प्रोसेस एक साथ बंद होना बताया गया है, लेकिन मृतक के शरीर पर मिले कथित चोट के निशान और घटना की परिस्थितियां कई गंभीर सवाल खड़े करती हैं.
शिकायत में कहा गया है कि प्रतीक यादव हेल्दी लाइफस्टाइल के लिए जाने जाते थे. ऐसे में उनकी अचानक मौत और शरीर पर मौजूद संदिग्ध निशानों की गहराई से जांच जरूरी है. NGO ने NHRC से मामले में स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. इसके तहत तीन प्रमुख मांगें रखी गई हैं.
&amp;nbsp;
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SIT का गठन किए जाने की मांगपहली मांग में कहा गया है कि मामले की जांच के लिए तुरंत एक विशेष जांच दल यानी SIT का गठन किया जाए. दूसरी मांग में लखनऊ के सिविल अस्पताल और घटना से जुड़े रास्तों के CCTV फुटेज को सुरक्षित रखने और न्यायिक अभिरक्षा में लेने की बात कही गई है, ताकि सबूतों से छेड़छाड़ न हो सके. तीसरी मांग में कहा गया है कि फॉरेंसिक जांच राज्य सरकार के प्रभाव से बाहर रखी जाए और इसकी जांच केंद्रीय फॉरेंसिक लैब यानी CFSL से कराई जाए. फिलहाल NHRC की ओर से इस शिकायत पर क्या कार्रवाई होगी, इसको लेकर आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. वहीं मामले को लेकर लोगों के बीच भी कई सवाल उठ रहे हैं.
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        <pubDate>Thu, 14 May 2026 14:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>नई दिल्ली में ब्रिक्स के विदेश मंत्रियों की बैठक का आयोजन, विदेश मंत्री एस. जयशंकर करेंगे बैठक की अध्यक्षता</title>
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        <guid>https://hindi.attentionindia.com/नई-दिल्ली-में-ब्रिक्स-के-विदेश-मंत्रियों-की-बैठक-का-आयोजन-विदेश-मंत्री-एस-जयशंकर-करेंगे-बैठक-की-अध्यक्षता</guid>
        <description><![CDATA[ इस साल ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता की जिम्मेदारी भारत के हाथों में है, ऐसे में गुरुवार से शुक्रवार (14-15 मई, 2026) तक होने वाले ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक की मेजबानी भी भारत कर रहा है. इस साल यह बैठक देश की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित होने वाली है और इस बैठक की अध्यक्षता भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर करेंगे. &amp;nbsp;
क्या है इस साल ब्रिक्स की थीम?
इस साल ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की बैठक BRICS@20 थीम पर आयोजन हो रही है, जिसमें इनोवेशन, सहयोग और सस्टेनेबिलिटी मुख्य विषय हैं. इस अहम बैठक में ब्रिक्स के सदस्य देश आपसी हितों के वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे. इसमें वैश्विक गर्वनेंस में सुधारों पर भी एक सत्र का भी आयोजन होगा. ब्रिक्स के विदेश मंत्रियों की बैठक पिछले साल सितंबर, 2025 में हुई थी.
यह भी पढे़ंः &amp;lsquo;कोरोना काल हो या कुछ और, विपक्ष ने...&amp;rsquo;, पश्चिम एशिया तनाव के बीच फैल रही अफवाहों पर क्या बोले हरदीप सिंह पुरी?
किन देशों के साथ होगी द्विपक्षीय वार्ता
इस बैठक में भाग लेने के लिए ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची भी कल बुधवार (13 मई, 2026) को नई दिल्ली पहुंच रहे हैं. ब्रिक्स की बैठक शुरू होने से एक दिन पहले यानि 13 मई, 2026 को भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर रूस, चिली, मालदीव, दक्षिण अफ्रीका और ब्राजील के विदेश मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय मुलाकात भी करेंगे.
ब्रिक्स के सदस्यों में कौन-कौन से देश शामिल?
शुरुआती तौर पर ब्रिक्स में सदस्य देशों में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल थे, लेकिन बाद में इसमें मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) भी सदस्य देशों में शामिल हो गए. वहीं, ब्रिक्स के पार्टनर देशों में बेलारूस, बोलिविया, क्यूबा, कजाखस्तान, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम शामिल हैं.

भारत चौथी बार कर रहा ब्रिक्स की मेजबानी
भारत से सबसे पहली बार साल 2012 में चौथे ब्रिक्स की अध्यक्षता की थी. इसके बाद साल 2016 में 8वें ब्रिक्स की अध्यक्षता की. फिर साल 2021 में 13वें ब्रिक्स की मेजबानी की और अब इस साल 2026 में चौथी बार भारत ब्रिक्स की मेजबानी कर रहा है.
यह भी पढे़ंः नए CBI डायरेक्टर की नियुक्ति पर पीएम आवास में बैठक, सहमत नहीं राहुल, दिया- Note of Dissent ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 13 May 2026 10:31:13 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>नई, दिल्ली, में, ब्रिक्स, के, विदेश, मंत्रियों, की, बैठक, का, आयोजन, विदेश, मंत्री, एस., जयशंकर, करेंगे, बैठक, की, अध्यक्षता</media:keywords>
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        <title>PM मोदी की सोना न खरीदने वाली अपील के बाद सरकार का बड़ा फैसला, गोल्ड&amp;सिल्वर पर बढ़ाया टैरिफ</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/pm-मोदी-की-सोना-न-खरीदने-वाली-अपील-के-बाद-सरकार-का-बड़ा-फैसला-गोल्ड-सिल्वर-पर-बढ़ाया-टैरिफ</link>
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        <description><![CDATA[ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की जनता से अपील की है कि वो कम से एक एक साल तक सोना न खरीदें. इस बीच सरकार ने बड़ा फैसला करते हुए गोल्ड-सिल्वर समेत दूसरी कीमती धातुओं पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ा दी है और बढ़ी हुई कीमतें आज रात से ही लागू हो जाएंगी.&amp;nbsp;
केंद्र सरकार की ओर से बुधवार (13 मई, 2026) को जारी आदेश में कहा गया है कि भारत ने सोने और चांदी पर इंपोर्ट टैरिफ 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया है. यह मेटल की विदेश से खरीद पर रोक लगाने और देश के फॉरेन एक्सचेंज रिज़र्व पर दबाव कम करने की कोशिशों का हिस्सा है.
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इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने से क्या होगा असर?
सरकार की ओर से इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने से दुनिया के दूसरे सबसे बड़े कीमती मेटल कंज्यूमर में डिमांड कम हो सकती है, हालांकि इससे भारत का ट्रेड डेफिसिट कम करने और रुपये को सपोर्ट मिल सकता है, जो एशिया की सबसे खराब परफॉर्म करने वाली करेंसी में से एक है.
दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा गोल्ड खरीदार है भारत
भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा गोल्ड खरीदने वाला देश है. देश में हर साल करीब 700-800 टन सोने की खपत होती है, जबकि सोने का उत्पादन महज 1 से 2 टन तक ही हो पाता है यानी भारत गोल्ड की जरूरत का करीब 90 फीसदी आयात पर निर्भर है. अब बात आती है भुगतान की तो सोना खरीदने के बाद इसका भुगतान डॉलर में किया जाता है. वित्त वर्ष 2025-26 के आंकड़े देखें तो भारत का सोने का इंपोर्ट 72 अरब डॉलर तक पहुंच गया था, जो 2025 के वित्तीय वर्ष के &amp;nbsp;58 अरब डॉलर की तुलना में 24 प्रतिशत बढ़ा है.
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अगर एक साल तक न खरीदें गोल्ड तो क्या होगा असर?
अगर भारतीय एक साल के लिए सोने की खरीदारी कम करते हैं और सोने के आयात में 30 से 40 फीसदी तक की कमी हो सकती है. यानी पीएम मोदी की अपील पर अमल करने से करीब 20-25 अरब डॉलर की बचत हो सकती है. अगर सोने के आयात में 50 फीसदी की गिरावट आती है तो 36 अरब डॉलर की बचत हो सकती है. यह चालू खाता घाटे का करीब आधा है. सीधे तौर पर कहें तो एक साल तक सोना न खरीदने से भारत के डॉलर के बाहर जाने में अरबों डॉलर की सीधी कमी आ सकती है. ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 13 May 2026 10:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Weather Forecast: तूफानी बारिश के साथ आंधी, दिल्ली से बिहार तक बदलेगा मौसम, IMD ने जारी की चेतावनी</title>
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        <description><![CDATA[ उत्तर भारत में राजधानी दिल्ली के अलावा उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, उत्तराखंड समेत कई राज्यों में फिर से मौसम में बदलने वाला है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कई राज्यों में तूफानी बारिश के साथ आंधी चलने और बिजली कड़कने की चेतावनी जारी की है. मौसम विभाग के मुताबिक बुधवार (13 मई) को 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है. उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के लिए खास अलर्ट जारी किया गया है.
दिल्ली का मौसममौसम विभाग के मुताबिक आज राजधानी दिल्ली में आंशिक बादल छाए रहेंगे. गरज-चमक की संभावना है और दिन का अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. 14 मई से मौसम साफ होना शुरू हो जाएगा. इस दौरान अधिकतम तापमान 37 तो न्यूनतम 25 डिग्री रहने का अनुमान है. इसके बाद से लगातार पारा बढ़ने की चेतावनी जारी की गई है. 17 मई को पारा 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है.
यूपी में बारिश&amp;nbsp;उत्तर प्रदेश के कई शहरों में मौसम को लेकर अलर्ट जारी किया गया है. पश्चिमी यूपी के सहारनपुर, मेरठ, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, आगरा, मथुरा, इटावा, फर्रुखाबाद और बिजनौर में बारिश और आंधी को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है. इसके अलावा मैनपुरी, हरदोई, झांसी और ललितपुर में भी बारिश और आंधी को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है. इसके अलावा राजधानी लखनऊ, कानपुर, बाराबंकी, मथुरा, अलीगढ़, प्रतापगढ़, आजमगढ़ और देवरिया में भी अलर्ट है.

बिहार में चेतावनी जारीबिहार में मौसम का मिजाज एक बार फिर से बिगड़ने वाला है. पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, मधेपुरा, गोपालगंज, गया, वैशाली, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सुपौल, अररिया, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज और भागलपुर में तेज बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है. 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा के झोंके चल सकते हैं.
उत्तराखंड और हिमाचल में अलर्ट&amp;nbsp;उत्तराखंड में 13-14 मई को कई जगहों पर बिजली गिरने, ओले पड़ने, तेज बारिश और तूफानी हवाओं के साथ आंधी आने की आशंका है. मौसम विभाग ने उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर एवं पिथौरागढ़ जिलों में बादलों की गरज के साथ बिजली चमकने और ओलावृष्टि की संभावना जताई है. राज्य के बाकी जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. हिमाचल प्रदेश के कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों में ओलावृष्टि, बिजली गिरने और 40-70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है. ज्यादातर इलाकों में आज हल्की से मध्यम बारिश और हिमपात का अनुमान लगाया गया है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Wed, 13 May 2026 10:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>महिला का शव साइकिल पर लादकर 15 किमी पैदल चले परिजन, थाने तक काटा बवाल, जानें पूरा मामला</title>
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        <description><![CDATA[ ओडिशा के बालासोर जिले से एक झकझोर देने वाली घटना सामने आई है. पड़ोसियों से विवाद के चलते एक महिला की हत्या कर दी गई और इंसाफ के लिए परिवार को शव साइकिल पर रखकर करीब 15 किमी की यात्रा करने पर मजबूर होना पड़ा. परिजनों ने पुलिस स्टेशन पहुंचकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया.
ये बालासोर जिले के खैरा थाना क्षेत्र अंतर्गत हरिपुर गांव की है. ANI के मुताबिक रविवार (10 मई) को जमीन की सीमा को लेकर दो परिवारों में विवाद हुआ. यह विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया. आरोप है कि इसी दौरान पड़ोसियों ने फावड़े और बेलचे से महिला पर हमला कर दिया. पड़ोसियों के इस हमले में 39 साल की कमला सेठी की मौत हो गई.&amp;nbsp;
परिजनों ने थाने तक निकाला मार्चपड़ोसियों के हमले में कमला सेठी की भाभी शकुंतला सेठी गंभीर रूप से घायल हो गईं. घायल महिला को इलाज के लिए कटक के एसबीसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है. परिजनों का आरोप है कि इस घटना को 3 दिन हो गए हैं और इसके बावजूद भी पुलिस मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है. विरोध में परिवार और गांव वालों ने कमला सेठी के शव को साइकिल पर रखा और खैरा पुलिस थाने तक मार्च निकाला.

#WATCH | Balasore, Odisha: One dead after being violently attacked by relatives over a family dispute in Balasore. Local outrage intensifies after the deceased&#039;s body was reportedly transported on a bicycle. (12.05) pic.twitter.com/FwTkm2F0hF
&amp;mdash; ANI (@ANI) May 13, 2026



परिवार का एंबुलेंस लेने से इनकारकमला सेठी के शव को थाने के सामने सड़क पर रखकर विरोध प्रदर्शन किया गया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की गई. पुलिस ने इस दौरान शव को ले जाने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था की, लेकिन परिवार ने एंबुलेंस लेने से इनकार कर दिया और अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखा. शिकायत के अनुसार जिस वाद-विवाद में महिला पर जानलेवा हमला किया गया, उसकी शुरुआत सुरेंद्र सेठी के घर निर्माण कार्य के दौरान हुई.&amp;nbsp;

आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिसपड़ोसी भरत जेना और उसके परिवार ने जमीन अतिक्रमण का आरोप लगाते हुए निर्माण पर आपत्ति जताई. इस दौरान दोनों परिवारों में विवाद बढ़ गया और भरत जेना, उसकी पत्नी भारती, बेटा मानस और परिवार के अन्य सदस्यों ने कथित तौर पर महिला पर हमला कर दिया. पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और भारती जेना को हिरासत में लिया गया है जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है.
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        <pubDate>Wed, 13 May 2026 10:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>महिला, का, शव, साइकिल, पर, लादकर, किमी, पैदल, चले, परिजन, थाने, तक, काटा, बवाल, जानें, पूरा, मामला</media:keywords>
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        <title>Srinagar Leh Highway: लद्दाख जाने वालों के लिए खुशखबरी! हाईवे फिर से होगा चालू, जानें कब?</title>
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        <description><![CDATA[ कारगिल प्रशासन ने यात्रियों और आम लोगों को बड़ी राहत देते हुए घोषणा की है कि 14 मई 2026 से श्रीनगर-लेह हाईवे पर दोनों तरफ से ट्रैफिक फिर शुरू कर दिया जाएगा. अब इस हाईवे पर आने-जाने वाले वाहनों को एक साथ दोनों दिशाओं में चलने की अनुमति मिलेगी. इस फैसले की जानकारी मंगलवार (12 मई 2026) को दी गई. लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद (LAHDC) कारगिल के चेयरमैन और मुख्य कार्यकारी पार्षद (CEC) डॉ. मोहम्मद जाफर अखून ने इस संबंध में UT लद्दाख के डिविजनल कमिश्नर के साथ बैठक की थी. बैठक में श्रीनगर-कारगिल हाईवे पर ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर विस्तार से चर्चा हुई.
इसके बाद UT लद्दाख के डिविजनल कमिश्नर ने कश्मीर के डिविजनल कमिश्नर के साथ भी बातचीत कर आपसी समन्वय बनाया. सभी स्तर पर चर्चा के बाद यह फैसला लिया गया कि 14 मई से मिनामार्ग और सोनमर्ग के बीच दोनों तरफ से ट्रैफिक चालू कर दिया जाएगा.

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&amp;nbsp;नई व्यवस्था लागू होने के बाद मिलेगी राहत
डॉ. जाफर अखून ने जमीनी स्तर पर बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए द्रास के डिप्टी कमिश्नर से भी बातचीत की है, ताकि यात्रियों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े.अब तक इस हाईवे पर ट्रैफिक एक तरफा व्यवस्था के तहत चल रहा था. यानी एक समय में सिर्फ एक दिशा से वाहनों को गुजरने की अनुमति दी जाती थी और बाद में दूसरी दिशा के वाहनों को छोड़ा जाता था. इससे यात्रियों, व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों को काफी परेशानी होती थी. नई व्यवस्था लागू होने के बाद श्रीनगर-लेह हाईवे पर सफर आसान होने की उम्मीद है. खासकर व्यापार और सामान ढुलाई से जुड़े लोगों को इससे बड़ी राहत मिलेगी.
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        <pubDate>Wed, 13 May 2026 10:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>हिमंत बिस्वा सरमा ने ली सीएम पद की शपथ, आया बेटी का पहला रिएक्शन, जानें पिता के लिए क्या कुछ कहा?</title>
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        <description><![CDATA[ हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार (12 मई 2026) को लगातार दूसरे कार्यकाल के लिए असम के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली. पूर्वोत्तर के इस राज्य में उनका लगातार दूसरी बार सीएम के रूप में शपथ लेना न केवल नेतृत्व की निरंतरता को दर्शाता है, बल्कि इस क्षेत्र में पार्टी की बढ़ती राजनीतिक पैठ का भी संकेत देता है. हिमंत बिस्वा सरमा के शपथ लेने के बाद उनकी बेटी सुकन्या सरमा ने कहा कि उन्होंने (सीएम) असम के विकास के लिए दिन-रात एक कर दी .
पापा इस पल के हकदार थे: सुकन्या सरमा&amp;nbsp;
सुकन्या सरमा ने कहा, &#039;कभी-कभी तो नींद में भी वे इस बारे में बात करते हैं कि असम का विकास कैसे किया जाए और लोगों के लिए बेहतर काम कैसे किया जाए. वे बहुत ज़्यादा मेहनत करते हैं, और आज हम सभी ने देखा कि वे इस पल के हकदार थे. मुझे, मेरे भाई को, मेरी मम्मी को कभी ऐसा फिल नहीं हुआ कि उन्होंने हमें टाइम नहीं दिया है. परिवार के तौर पर उन्होंने मेरा बहुत ख्याल रखा है. हमारी हर छोटी-छोटी जरूरतों का ध्यान रखा है.&#039;

VIDEO | Guwahati: As Himanta Biswa Sarma took oath as Assam CM, his daughter Sukanya Sarma says, &amp;ldquo;As far as I have seen, he has worked day and night for the development of Assam. Sometimes, even in his sleep, he talks about how to develop Assam and do better for the people. He&amp;hellip; pic.twitter.com/sj5fiQos6y
&amp;mdash; Press Trust of India (@PTI_News) May 12, 2026



हिमंत ने असम में बीजेपी को किया मजबूत
कांग्रेस की ओर से तीखी आलोचना होने और अपनी पत्नी के खिलाफ आरोपों की झड़ी लगने के बावजूद हिमंत बिस्वा सरमा पूरे चुनाव में दृढ़ता से प्रचार करते रहे और असम में बीजेपी को प्रभुत्व पाने में मदद की, जिससे क्षेत्र में सत्ताधारी एनडीए के पक्ष में राजनीतिक परिदृश्य को एक नया आकार मिला. राज्य की विकास यात्रा जारी रखने का संकल्प जताते हुए 57 वर्षीय नेता ने कहा है कि मुख्यमंत्री के रूप में उनका पहला कार्यकाल केवल &amp;lsquo;ट्रेलर&amp;rsquo; था और दूसरे कार्यकाल में &amp;lsquo;फिल्म&amp;rsquo; आएगी.

विवादों से घिरा रहा हिमंत का कार्यकाल
मुख्यमंत्री बनने के बाद 57 वर्षीय हिमंत बिस्वा सरमा ने विकास कार्यों को गति देने, कल्याणकारी योजनाएं लागू करने और स्वदेशी समुदायों के भूमि अधिकारों की सुरक्षा पर जोर दिया है. उनका कार्यकाल हालांकि कई विवादों से भी घिरा रहा है. विशेष रूप से बांग्लादेश मूल के बांग्ला भाषी मुसलमानों, जिन्हें राज्य में &amp;lsquo;मियां&amp;rsquo; कहा जाता है, को लेकर हिमंत बिस्वा सरमा के बयानों और नीतियों ने व्यापक बहस को जन्म दिया है.
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        <pubDate>Tue, 12 May 2026 18:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>हिमंत, बिस्वा, सरमा, ने, ली, सीएम, पद, की, शपथ, आया, बेटी, का, पहला, रिएक्शन, जानें, पिता, के, लिए, क्या, कुछ, कहा</media:keywords>
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        <title>जिन ज्योतिषाचार्य ने की थी विजय के CM बनने की भविष्यवाणी, उन्हें अब सरकार में मिला बहुत बड़ा पद</title>
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        <description><![CDATA[ Vijay Appoint His Astrologer as OSD: तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री ने पहले तो चुनाव में बंपर जीत सीटें जीतकर अपनी तीन साल पहले बनी पार्टी से चौंकाया. अब उनके एक कदम ने फिर से उन्हें चर्चा के केंद्र में ला दिया है. विजय थलपति ने अपने ज्योतिषी थिरु रिक्की राधान को तमिलनाडु सरकार में बड़ा पद देते हुए अपने ऑफिस में स्पेशल ड्यूटी यानी ओएसडी के पद पर नियुक्त किया है. राधन पंडित वहीं ज्योतिष हैं, जिन्होंने विजय की जीत की भविष्यवाणी की थी. सरकार ने उनकी नियुक्ति से जुड़ा आदेश पत्र भी जारी कर दिया है.&amp;nbsp;

विजय की जीत की भविष्यवाणी पहले ही कर दी थी
राधान पंडित ने चुनाव के पहले विजय की जीत की भविष्यवाणी कर दी थी. वह पूर्व में मुख्यमंत्री जयललिता के स्पिरिचुअल सेंटर के मेंटर भी रहे हैं. तमिलनाडु की राजनीति में उनका काफी सम्मान है. जयललिता भी किसी फैसले से पहले उनसे सलाह लेती रहीं थी. ऐसा तमिलनाडु की राजनीति में हमेशा चर्चा रही है. जब विजय को इस चुनाव में जीत मिली, तो वह सबसे पहले विजय के घर पहुंचे थे.&amp;nbsp;
जयललिता ने उन्हीं कहने पर बदली नाम की स्पेलिंग
कई राजनीतिक नेताओं के साथ उनके करीबी जुड़ाव और अहम फैसलों पर उनके प्रभाव ने सबका ध्यान खींचा है. शपथ ग्रहण समारोह के लिए 10 मई को दोपहर 3:15 बजे का समय तय किया था, लेकिन बाद में अपने निजी ज्योतिषी राधन पंडित वेट्रिवेल की सलाह पर, एक शुभ मुहूर्त का हवाला देते हुए, विजय ने इसे सुबह 10 बजे कर दिया गया. बताया जाता है कि वेट्रिवेल इस पूरे सफर में हर कदम पर विजय की किस्मत को दिशा देते रहे हैं. जयललिता समेत कई बड़े राजनेता वेट्रिवेल से ज्योतिष सलाह लेते रहे हैं. यहां तक कि J Jayalalitha ने अपना नाम J Jayalalithaa के तौर पर उन्हीं के कहने पर बदला था.
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चौंकाने वाले रहे थे तमिलनाडु विधानसभा के चुनावी नतीजे
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजे चौंकाने वाले रहे हैं. विजय की टीवीके ने शानदार प्रदर्शन करते हुए, 234 में 108 सीटें जीती थीं. विजय को बहुमत हासिल नहीं हुआ था. इसके बाद उन्हें कांग्रेस समेत अन्य दलों ने समर्थन देकर बहुमत के आंकडे़ तक पहुंचाया, और सरकार बनाने में भी अहम भूमिका निभाई. 10 तारीख को 10 बजे ही उन्हें अपने पद की शपथ ली. उनके शपथ ग्रहण में लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शामिल हुए थे. मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय ने अपने आप को ही सत्ता का केंद्र बताया है. इसके साथ ही उन्होंने कई अहम फैसले लेते हुए राज्य में 200 यूनिट तक बिजली फ्री करने का ऐलान भी किया है.&amp;nbsp;
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&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 12 May 2026 18:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>जिन, ज्योतिषाचार्य, ने, की, थी, विजय, के, बनने, की, भविष्यवाणी, उन्हें, अब, सरकार, में, मिला, बहुत, बड़ा, पद</media:keywords>
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        <title>सोना न खरीदें: पीएम मोदी के बचाव में इंदिरा के फर्जी न्यूज क्लिप को शेयर कर रहे बीजेपी सांसद&amp;नेता, विपक्ष ने आड़े हाथों लिया</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/सोना-न-खरीदें-पीएम-मोदी-के-बचाव-में-इंदिरा-के-फर्जी-न्यूज-क्लिप-को-शेयर-कर-रहे-बीजेपी-सांसद-नेता-विपक्ष-ने-आड़े-हाथों-लिया</link>
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        <description><![CDATA[ Indira Gandhi Didn&#039;t Appeal Stop buying Gold: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से की गई सोना न खरीदने की अपील के बाद से देश की सियासत में एक नई बहस छिड़ गई है. सोशल मीडिया पर इस बात की चर्चा जोरों पर है. ऐसे में दावा किया जा रहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने साल 1967 में भारत के आर्थिक संकट के दौरान इसी तरह की अपील की थी.
बकायदा एक अंग्रेजी अखबार की कटिंग भी सर्कुलेट की जा रही है. अखबार की कटिंग 6 जून 1967 की बताई जा रही है. अखबार का नाम द हिंदू है. इसमें जो हेडिंग दी गई है, उसमें लिखा है कि सोना न खरीदें, इंदिरा ने लोगों से कहा है, राष्ट्रीय अनुशासन की अपील की है.&amp;nbsp;
लेकिन जिस तरह के दावे सोशल मीडिया पर किए जा रहे हैं, वो असल में फर्जी न्यूज क्लिप है. इस अखबार की कटिंग को बीजेपी सांसद और नेताओं ने शेयर की है. विपक्ष ने भी इस पूरे मामले को आड़े हाथों लिया है. &amp;nbsp;
अखबार ने बीजेपी नेता के दावे पर क्या कहा है?
द हिंदू ने इस अखबार की कटिंग से इनकार कर दिया है. अखबार की तरफ से स्पष्टीकरण दिया गया है कि एक डिजिटल रूप से बदली हुई तस्वीर, जिसे द हिन्दू के 6 जून 1967 के अंक का पहला पन्ना बताया जा रहा है, आजकल सोशल मीडिया पर घूम रही है. हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि यह हमारे आर्काइव्स का पन्ना नहीं है. द हिंदू ने रीडर्स से सावधानी बरतने की अपील की है. साथ ही कहा है कि किसी भी चीज को शेयर करने से पहले उसकी सच्चाई की जांच कर लें.&amp;nbsp;
अब ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या इंदिरा गांधी के कहने पर साल 1960 के दशक में फॉरेन करेंसी के संकट के समय सोना न खरीदने के अपील की गई थी? हालांकि, यह बात सच है कि देश एक गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा था. इसमें विदेश मुद्रा की कमी, आयात का दबाव और सोने पर कड़े नियम शामिल थे. लेकिन सोना न खरीदने को लेकर किसी तरह की मनाही नहीं थी.&amp;nbsp;
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बीजेपी के कर्नाटक विस के विपक्ष नेता आर अशोक ने किया गलत दावा
इस मामले ने तब जोर पकड़ा जब बीजेपी के नेता और कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर अशोक ने 1967 की कथित अपील का हवाला दिया गया, जिससे पीएम मोदी की अपील को जवाब दे सकें. पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया संकट के कारण कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच, गैर जरूरी आयात को कम करने और विदेशी मुद्रा भंडार बचाने की बात कही थी.&amp;nbsp;

बीजेपी नेता ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लंबा चौड़ा पोस्ट किया है. इसमें कहा है कि कांग्रेस पार्टी की याददाश्त भी अजीब तरीके से काम करती है. जब 1967 में श्रीमती इंदिरा गांधी ने भारतीयों से सोना न खरीदने को कहा था तो राष्ट्रीय अनुशासन कहा गया था. जब 2013 में श्री पी चिदंबरम ने लोगों से बार-बार गुजारिश की थी कि वे सोना खरीदने के लालच से बचें. इसे आर्थिक जिम्मेदारी कहा गया था. लेकिन अब जब पीएम मोदी अपील करते हैं, तो कांग्रेस नेता ऐसे पेश आते हैं, जैसे कोई अनोखी घटना घट गई हो. शायद समस्या नीति में नहीं है. शायद समस्या यह है कि वे इस बात को पचा नहीं पा रहे हैं कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत की अर्थव्यवस्था को आत्मविश्वास, विश्वसनीयता और राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखकर चलाया जा रहा है. कांग्रेस को रोजाना सोशल मीडिया पर हंगामा मचाने से पहले, अपने ही पुराने बयानों की एक डायरी बनाकर रखनी चाहिए.
नागरिकों से खर्च कम करने की अपील करना आर्थिक मजबूती नहीं
कांग्रेस ने मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा है कि नागरिकों से खर्च कम करने की अपील करना आर्थिक मजबूती नहीं, बल्कि आर्थिक संकट को दिखाता है. राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर हमला बोलते हुए इस अपील को नाकामी का सबूत करार दिया है.&amp;nbsp;
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उलझन में व्यापारी! PM मोदी की सोने वाली अपील पर बोले सुनार- &#039;प्रधानमंत्री जी के लिए नुकसान उठाना...&#039; ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 12 May 2026 18:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>सोना, न, खरीदें:, पीएम, मोदी, के, बचाव, में, इंदिरा, के, फर्जी, न्यूज, क्लिप, को, शेयर, कर, रहे, बीजेपी, सांसद-नेता, विपक्ष, ने, आड़े, हाथों, लिया</media:keywords>
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        <title>फ्लोर टेस्ट में विजय पास होंगे या फेल? HC ने TVK विधायक को विधानसभा जाने से रोका, SC पहुंचा मामला</title>
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        <description><![CDATA[ तमिलनाडु में फ्लोर टेस्ट से पहले मुख्यमंत्री जोसेफ विजय की पार्टी टीवीके (TVK) को बड़ा झटका लगा है. मद्रास हाई कोर्ट ने तिरुपत्तूर सीट से एक वोट से जीतने वाले TVK विधायक आर श्रीनिवास सेतुपति के विधानसभा कार्यवाही में शामिल होने पर रोक लगा दी. इसका मतलब ये है कि वो अब फ्लोर टेस्ट में भाग नहीं ले सकते हैं. इसे लेकर टीवीके के विधायक MLA सीनिवसा सेतुपति ने सुप्रीम कोर्ट को दरवाजा खटखटाया है.&amp;nbsp;
टीवीके विधायक ने विधानसभा में मतदान में हिस्सा न लेने के मद्रास हाई कोर्ट के अंतरिम आदेश को चुनौती दी है. इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट बुधवार (13 मई 2026) को सुनवाई की बात कही है. राज्य की विजय सरकार को भी उसी दिन विधानसभा में बहुमत साबित करना है. सेतुपति के निर्वाचन के खिलाफ डीएमके प्रत्याशी की चुनाव याचिका के चलते हाई कोर्ट ने उन्हें विधानसभा में मतदान में हिस्सा लेने से मना किया है. सेतुपति को तिरुपुत्तूर सीट से डीएमके प्रत्याशी पेरियाकरुप्पन के खिलाफ सिर्फ 1 वोट से जीत मिली थी. पराजित प्रत्याशी ने चुनाव परिणाम को हाई कोर्ट में चुनौती दी है.
हाई कोर्ट का आदेश
जस्टिस एल. विक्टोरिया गौरी और जस्टिस एन. सेंथिलकुमार की अवकाशकालीन पीठ ने डीएमके उम्मीदवार के. आर. पेरियाकरुप्पन की याचिका पर यह अंतरिम आदेश पारित किया. पेरियाकरुप्पन 23 अप्रैल को हुए चुनाव में तिरुपत्तुर सीट सेतुपति से एक वोट से हार गए थे. कोर्ट ने ये भी स्पष्ट किया कि श्रीनिवास सेतुपति किसी अविश्वास प्रस्ताव पर भी मतदान नहीं कर सकेंगे. चुनाव में श्रीनिवास सेतुपति को 83,365 वोट मिले थे, जबकि पूर्व मंत्री पेरियाकरुप्पन को 83,364 वोट प्राप्त हुए. इसके बाद सेतुपति को एक वोट के अंतर से विजयी घोषित किया गया था.

सरकार के पास है मामूली बहुमत
​राज्य की विजय सरकार को बुधवार को ही विधानसभा में अपना बहुमत साबित करना है. फिलहाल टीवीके गठबंधन के पास 120 विधायक हैं. अगर सेतुपति वोट नहीं दे पाते हैं, तो यह संख्या 119 रह जाएगी. 234 सदस्यों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए 118 का आंकड़ा ज़रूरी है. ऐसे में सरकार के पास फिलहाल सिर्फ एक विधायक की बढ़त बची है.
नई विधानसभा के पहले सत्र से पहले चोलावंदन के विधायक करुप्पैया को प्रोटेम स्पीकर बनाया गया. राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने उन्हें पद की शपथ दिलाई. नई चुनी गई तमिलनाडु विधानसभा का पहला सत्र सोमवार (11 मई 2026) से शुरू हुआ है. इस दौरान कई विधायकों ने विधानसभा सदस्य के तौर पर शपथ ली. मुख्यमंत्री विजय, विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन, मंत्रियों और अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों के विधायकों ने सदन में औपचारिक रूप से पदभार संभाला.
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        <pubDate>Tue, 12 May 2026 18:30:11 +0530</pubDate>
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        <title>चूरू के ‘गेस पेपर’ ने कैसे रद्द करा दी भारत की सबसे बड़ी परीक्षा? NEET&amp;UG 2026 घोटाले की पूरी कहानी</title>
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        <description><![CDATA[ देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 को आखिरकार रद्द कर दिया गया. 22.79 लाख छात्रों ने कड़ी सुरक्षा के बीच 3 मई को परीक्षा दी थी, लेकिन अब जांच एजेंसियों के रडार पर एक कथित &#039;गेस पेपर&#039; है, जिसने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं. राजस्थान के चूरू से शुरू हुआ यह गेस पेपर कथित तौर पर कोचिंग नेटवर्क और WhatsApp ग्रुप्स के जरिए छात्रों तक पहुंचा और अब यही भारत की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षा के रद्द होने की सबसे बड़ी वजह बन गया है.
क्या था यह &amp;lsquo;गेस पेपर&amp;rsquo;?राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) के मुताबिक, यह एक हाथ से लिखा हुआ दस्तावेज था, जिसमें करीब 410 सवाल शामिल थे. जांच में सामने आया कि इनमें से लगभग 120 सवाल सीधे NEET-UG 2026 के असली पेपर में आए. SOG के अतिरिक्त महानिदेशक विशाल बंसल ने बताया कि यह गेस पेपर परीक्षा से काफी पहले छात्रों के बीच घूम रहा था. उन्होंने कहा कि यह पेपर छात्रों तक परीक्षा से 15 दिन से लेकर एक महीने पहले तक पहुंच चुका था.
बायोलॉजी और केमिस्ट्री के सवालों में मिली बड़ी समानताNEET की केमिस्ट्री सेक्शन में 45 सवाल होते हैं, लेकिन परीक्षा चार अलग-अलग सेट में कराई गई थी. जांच एजेंसियों का कहना है कि बायोलॉजी और केमिस्ट्री के 100 से ज्यादा सवालों में &#039;चौंकाने वाली समानता&#039; मिली है. जांच से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, इन समान सवालों की वजह से परीक्षा के कुल 720 अंकों में से लगभग 600 अंक प्रभावित हो सकते थे.
केरल से सीकर तक कैसे पहुंचा पेपर?जांच में सामने आया कि यह गेस पेपर मूल रूप से चूरू के रहने वाले एक MBBS छात्र ने तैयार किया था, जो केरल के एक मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई कर रहा था. आरोप है कि उसने 1 मई को यह दस्तावेज राजस्थान के सीकर में अपने एक परिचित को भेजा. इसके बाद सीकर में एक PG संचालक ने इसे वहां रहने वाले छात्रों तक पहुंचाया. धीरे-धीरे यह सामग्री कोचिंग नेटवर्क और WhatsApp ग्रुप्स के जरिए तेजी से फैल गई. जांच एजेंसियों को मिले चैट रिकॉर्ड्स में &#039;forwarded many times&#039; का टैग भी मिला है.
परीक्षा से 42 घंटे पहले फैल चुका था नेटवर्कपुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह गेस पेपर परीक्षा से करीब 42 घंटे पहले बड़े स्तर पर फैल चुका था. शुरुआत में इसे कथित तौर पर 5 लाख रुपये तक में बेचा गया. हालांकि परीक्षा के एक दिन पहले इसकी कीमत गिरकर करीब 30 हजार रुपये तक पहुंच गई थी. 11 मई तक उत्तराखंड के देहरादून और राजस्थान के सीकर व झुंझुनूं से 13 संदिग्धों को हिरासत में लिया जा चुका था. केंद्रीय एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही हैं.
भारत की सबसे बड़ी परीक्षा पर लगा दागNEET-UG देशभर में MBBS, BDS, BAMS, BHMS और BUMS जैसे मेडिकल कोर्स में एडमिशन के लिए आयोजित की जाती है. छात्रों की संख्या के लिहाज से यह भारत की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षा है. इस साल परीक्षा 3 मई को दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक पेन-एंड-पेपर मोड में हुई थी. परीक्षा भारत के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में आयोजित की गई थी, जिसमें 22.79 लाख छात्रों ने हिस्सा लिया. ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 12 May 2026 18:30:10 +0530</pubDate>
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        <title>&amp;apos;तेल की नहीं किल्लत, लेकिन रोजाना हो रहे 1000 करोड़ के नुकसान&amp;apos;, सरकार ने बताया PM मोदी की अपील के मायने</title>
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        <description><![CDATA[ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मिडिल ईस्ट संकट को देखते हुए देश से ईंधन बचाने की अपील की है. उन्होंने सोने की खरीद कम करने और जरूरत पड़ने पर वर्क फ्रॉम होम अपनाने का भी जिक्र किया. इस अपील के एक दिन बाद केंद्र सरकार ने पश्चिम एशिया संकट को लेकर उच्चस्तरीय बैठक की. सरकार ने साफ किया कि देश में पेट्रोल, डीजल या एलपीजी की कोई कमी नहीं है, लेकिन इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण सरकारी तेल कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में सोमवार (11 मई) को पश्चिम एशिया पर गठित अनौपचारिक मंत्रिसमूह (IGoM) की पांचवीं बैठक हुई. इसमें पेट्रोलियम, रेलवे, नागरिक उड्डयन, उर्वरक, बंदरगाह और विज्ञान मंत्रालयों के मंत्री शामिल हुए. बैठक के बाद जारी प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) के बयान में कहा गया कि भारत के पास 60 दिनों का कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस का भंडार मौजूद है, जबकि 45 दिनों का एलपीजी स्टॉक उपलब्ध है. सरकार ने लोगों से घबराकर पेट्रोल पंपों पर भीड़ नहीं लगाने की अपील की.

सरकार ने बताया भारत के पास कितना है विदेशी मुद्रा भंडार
बैठक में बताया गया कि भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 703 अरब डॉलर पर है, जिसे मौजूदा परिस्थितियों में मजबूत स्थिति माना जा रहा है. हालांकि अधिकारियों ने मंत्रियों को जानकारी दी कि इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें लगातार ऊंची बनी हुई हैं, जिससे देश पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है.
हर दिन हो रहा 1000 करोड़ का नुकसान
सरकार के मुताबिक, सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर रखने के लिए रोजाना करीब 1000 करोड़ रुपये का नुकसान झेल रही हैं. चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में अंडर-रिकवरी लगभग 2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है. सरकार ने कहा कि दुनिया के कई देशों में ईंधन की कीमतें 30 से 70 फीसदी तक बढ़ी हैं, लेकिन भारत में आम लोगों पर बोझ कम रखने की कोशिश की जा रही है.
इसी को ध्यान में पीएम मोदी की ईंधन बचाने और आयातित सामानों पर निर्भरता घटाने की अपील को सरकार ने जरूरी बताया. गुजरात में एक कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि देश हर साल आयात पर लाखों करोड़ रुपये खर्च करता है और मौजूदा वैश्विक संकट में हर नागरिक का छोटा-बड़ा प्रयास महत्वपूर्ण है.
यह भी पढ़ें : पीएम मोदी की 24 घंटे में 2 बार तेल बचाने की अपील, लेकिन क्यों लॉकडाउन जैसी नहीं स्थिति, जानिए 3 वजहें ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 12 May 2026 06:30:13 +0530</pubDate>
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        <title>ईडी की पंजाब में ताबड़तोड़ कार्रवाई, जांच के दायरे में AAP, कांग्रेस और अकाली दल के नेता</title>
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        <description><![CDATA[ ED Action in Punjab: पंजाब में ईडी का एक्शन तेज हो गया और सत्ता से विपक्ष तक कई बड़े चेहरे मुश्किल में आते गए. मनी लॉन्ड्रिंग, जमीन और ड्रग्स के मामलों में लगातार हो रही छापेमारी &amp;nbsp;से राजनीतिक दबाव बढ़ता गया. आप, कांग्रेस और अकाली दल के नेता जांच के दायरे में हैं. पंजाब में ईडी की लगातार हो रही कार्रवाई तेज है. साल 2026 के मई महीने तक हर बड़े राजनीतिक दल का कोई न कोई बड़ा चेहरा ईडी की जांच, छापेमारी, गिरफ्तारी या संपत्ति कुर्की जैसी कार्रवाई का सामना कर रहा है.
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद रहे और लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के मालिक अशोक कुमार मित्तल भी जांच के दायरे में हैं. हालांकि अब वो रेड के तुरंत बाद बीजेपी में शामिल हो गए. मितल पर फेमा उल्लंघन और विदेशी लेनदेन से जुड़े मामलों में जांच चल रही है. एक मन्त्री के करीबी गौरव धीर के यहां 170 करोड़ रुपये के कथित जमीन घोटाले में छापेमारी हुई थी.
चर्चा में रही ED की कार्रवाई
हाल में हुई ईडी की कार्रवाई काफी चर्चा में है. पंजाब सरकार में मंत्री संजीव अरोड़ा को ईडी ने फर्जी जीएसटी बिलिंग, हवाला और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े 100 करोड़ रुपये से अधिक के कथित घोटाले में चंडीगढ़ और लुधियाना स्थित ठिकानों पर छापेमारी के बाद उन्हें &amp;nbsp;9 मई करो गिरफ्तार किया और गुरुग्राम की अदालत में पेश कर सात दिनों का रिमांड हासिल किया हैं.

मोहाली से विधायक कुलवंत सिंह पर रियल एस्टेट और मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में कार्रवाई हो चुकी है व अमरगढ़ से विधायक जसवंत सिंह को बैंक फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार किया जा चुका हैं. कांग्रेस के कई बड़े नेता पहले से जांच एजेंसियों के निशाने पर रहे हैं.&amp;nbsp;
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विधायक खैहरा पर ड्रग मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप
विधायक सुखपाल सिंह खैहरा पर ड्रग मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है. साल 2025 में उनकी चंडीगढ़ स्थित कोठी कुर्क की गई थी. पूर्व CM चरणजीत सिंह चन्नी अवैध रेत खनन और मनी लॉन्ड्रिंग जांच में कई बार जांच का सामना कर चुके है. पूर्व मंत्री भरत भूषण आशु पर अनाज परिवहन घोटाले में अवैध धन को शेल कंपनियों और संपत्तियों में लगाने के आरोप लगे चुके हैं.
अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया पर भोला ड्रग्स केस से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच चल रही है. जो आने वाले समय में और तेज होने की संभावना है. ऐसे में पंजाब के कई दल और अधिकारी ईडी की जांच का सामना कर रहे हैं. अधिकारी सूत्रों की मानें तो आने वाले समय में ये जांच की आज और तेज होगी और जांच का दायरा बढ़ेगा.
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&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 12 May 2026 06:30:11 +0530</pubDate>
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        <title>Buzz on PM Modi Appeal: पीएम मोदी की अपील पर क्यों एकजुट विपक्ष, राहुल से लेकर अखिलेश, महुआ मोइत्रा ने तक साधा निशाना</title>
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        <description><![CDATA[ Opposition Reaction on PM Narendra Modi Gold Appeal:&amp;nbsp; मिडिल ईस्ट में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर भारत की अर्थव्यवस्था पर भी नजर आने लगा है. इसका असर भारत पर भी देखने को मिल सकता है. रविवार को हैदराबाद में पीएम मोदी ने देश से अपील की थी, कि वह कोरोना काल के समय अपनाई गई लाइफस्टाइल पर फोकस करें. साथ ही अपील की थी कि अगले एक साल तक सोना न खरीदें.&amp;nbsp;
इसके अलावा पीएम मोदी ने सोमवार को गुजरात में भी इसी तरह की अपील की है. उन्होंने देशवासियों से सावधानी बरतने की अपील की है. उन्होंने कहा कि जबतक हालात सामान्य नहीं हो जाते, तबतक लोगों को छोटे-छोटे लेकिन महत्वपूर्ण कदम उठाने चाहिए. इस बार भी पीएम मोदी ने पेट्रोल डीजल की खपत कम करने, कार पूलिंग, वर्क फ्रॉम होम और वर्चुअल मीटिंग्स को बढ़ावा देने की बात कही है. साथ ही स्कूलों से भी ऑनलाइन क्लास चलाने का आग्रह किया है.&amp;nbsp;
पीएम मोदी की इस अपील से विपक्ष आग बबूला नजर आ रहा है. उनके बयान पर राहुल गांधी, अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने तीखा हमला करते हुए कहा कि अब प्रधानमंत्री से देश नहीं संभल रहा.&amp;nbsp;
(आइए जानते हैं, विपक्षी नेताओं ने क्या प्रतिक्रिया दी है?)
राहुल ने कहा- देश चलाना कॉम्प्रोमाइज्ड प्रधानमंत्री के बस की बात नहींराहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, &#039;मोदी जी ने कल जनता से त्याग मांगे - सोना मत खरीदो, विदेश मत जाओ, पेट्रोल कम जलाओ, खाद और खाने का तेल कम करो, मेट्रो में चलो, घर से काम करो. ये उपदेश नहीं - ये नाकामी के सबूत हैं. 12 साल में देश को इस मुकाम पर ला दिया है कि जनता को बताना पड़ रहा है, क्या खरीदे, क्या न खरीदे, कहां जाए, कहां न जाए. हर बार जिम्मेदारी जनता पर डाल देते हैं ताकि खुद जवाबदेही से बच निकलें. देश चलाना अब Compromised PM के बस की बात नहीं.&#039;

अखिलेश यादव बोले- चुनाव खत्म होते ही संकट याद आया
समाजवादी पार्टी के सुप्रीमों अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि चुनाव खत्म होते ही, संकट याद आ गया! दरअसल देश के लिए संकट सिर्फ एक है और उसका नाम है भाजपा. इतनी सारी पाबंदियां लगानी पड़ीं तो पंच ट्रिलियन डॉलर की जुमलाई अर्थव्यवस्था कैसे बनेगी? लगता है भाजपा सरकार के हाथ से लगाम पूरी तरह छूट गयी है. डॉलर आसमान छू रहा है और देश का रुपया पातालोन्मुखी हो गया है.
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अखिलेश यादव ने कहा कि &amp;nbsp;सोना न खरीदने की अपील जनता से नहीं, भाजपाइयों को अपने भ्रष्ट लोगों से करनी चाहिए क्योंकि जनता तो वैसे भी 1.5 लाख तोले का सोना नहीं खरीद पा रही है. भाजपाई ही अपनी काली कमाई का स्वर्णीकरण करने में लगे हैं. हमारी बात गलत लग रही हो तो लखनऊ से लेकर गोरखपुर तक पता कर लीजिए या अहमदाबाद से लेकर गुवाहाटी तक.
दिल्ली के पूर्व सीएम केजरीवाल ने क्या कहा है?अरविंद केजरीवाल ने अपने एक्स पोस्ट पर कहा है कि पीएम ने देश के सभी नागरिकों को खाने-पीने में कटौती करने की सलाह दी है, घूमने-फिरने और विदेश यात्राओं में कटौती करने की सलाह दी है, तथा सोना और अन्य कीमती चीज़ें खरीदने में भी कटौती करने की सलाह दी है. क्या यह आर्थिक इमरजेंसी की आहट है? क्या देश भारी आर्थिक संकट में फंस गया है? ऐसा तो देश में पहले कभी नहीं हुआ. प्रधानमंत्री जी को देश के सामने सच्चाई रखनी चाहिए. आखिर देश की असली आर्थिक हालत क्या है?
पीएम मोदी पर डीएमके ने भी साधा निशानाडीएमके प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई ने पूछा कि आखिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के नागरिकों से ये मांगें क्यों कर रहे हैं. क्या पीएम को यह जानकारी है कि हालात और खराब होने वाले हैं. चुनाव से पहले तक प्रधानमंत्री अपने जेट विमान से पूरे देश का दौरा कर रहे थे, उनके काफिले चल रहे थे. डीएमके नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री को इस देश को समझाना होगा कि वे ऐसी मांग क्यों कर रहे हैं. वे कहते हैं विदेश यात्राएं बंद करें, लेकिन 15 मई को वे खुद UAE, नीदरलैंड और स्वीडन जाने वाले हैं, आखिर किसलिए?&#039;
टीएमसी नेता महुआ मोइत्रा बोली- खुद जनता के पैसों पर..टीएमसी ने नेता महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया पर कहा कि प्रधानमंत्री नागरिकों से विदेश यात्रा कम करने, सोना न खरीदने, तेल और ईंधन की खपत घटाने की बात कर रहे हैं, जबकि सरकार पश्चिम एशिया संकट पर चर्चा से बच रही है. प्रधानमंत्री के काफिले में 100 गाड़ियां चलती हैं और बीजेपी के हर चुनाव प्रचार में दर्जनों हेलिकॉप्टर इस्तेमाल होते हैं. सरकार विफल रही है, अब जिम्मेदारी जनता पर मत डालिए.
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        <pubDate>Tue, 12 May 2026 06:30:09 +0530</pubDate>
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        <title>Assam CM Oath Ceremony: हिमंता बिस्व सरमा आज लेंगे सीएम पद की शपथ, ये चार विधायक बनेंगे मंत्री, कहां और कैसे देखें Live</title>
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        <description><![CDATA[ Assam CM Oath Ceremony Live Streaming: हिमंत बिस्व सरमा के लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. मंगलवार को होने वाले इस शपथ ग्रहण के साथ असम में भारतीय जनता पार्टी नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार का लगातार तीसरा कार्यकाल शुरू होगा. यह समारोह खानापारा पशु चिकित्सा महाविद्यालय मैदान में आयोजित होगा, जहां सुबह 11:40 बजे लक्ष्मण प्रसाद आचार्य, मुख्यमंत्री और नई मंत्रिपरिषद को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे.
असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने भाजपा नेता हिमंत विश्व शर्मा को मुख्यमंत्री नियुक्त किया, शर्मा 12 मई को पूर्वाह्न 11 बजकर 40 मिनट पर शपथ ग्रहण करेंगे. भाजपा की अजंता नियोग, रामेश्वर तेली, अगप प्रमुख अतुल बोरा और बीपीएफ के चरण बोरो 12 मई को मंत्री पद की शपथ लेंगे. पूर्व मंत्री रंजीत कुमार दास असम विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए राजग के उम्मीदवार होंगे
हिमंता बिस्व सरमा का कल शपथ ग्रहण
इस कार्यक्रम में नरेंद्र मोदी, अमित शाह, राजनाथ सिंह, निर्मला सीतारमण और सर्बानंद सोनोवाल समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रह सकते हैं. साथ ही देशभर के 40 से अधिक मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री भी शामिल होने की संभावना है.
2016 में पहली बार सर्बानंद सोनोवाल के नेतृत्व में सत्ता में आने के बाद यह एनडीए का राज्य में लगातार तीसरा कार्यकाल होगा. इस बार गठबंधन ने 126 सदस्यीय विधानसभा में रिकॉर्ड 102 सीटें जीतीं, जिसमें बीजेपी ने अकेले 82 सीट हासिल कर स्पष्ट बहुमत प्राप्त किया, जबकि असम गण परिषद और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट को 10-10 सीटें मिलीं.
एनडीए का तीसरा कार्यकाल
शपथ ग्रहण के बाद नई सरकार अपनी प्राथमिकताओं को सामने रखेगी. इनमें भूमि अधिकार, अतिक्रमण हटाने के अभियान और विकास कार्यों को तेज करना शामिल होगा. मुख्यमंत्री सरमा पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि &amp;ldquo;जाति, माटी और बेटी&amp;rdquo; उनकी सरकार की प्राथमिकता रहेगी, और राज्य में भूमि संरक्षण को लेकर बड़े कदम उठाए जाएंगे.
इस समारोह को भव्य बनाने के लिए राज्यभर से कार्यकर्ताओं को बुलाया गया है और एक लाख से अधिक लोगों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है. कुल मिलाकर, यह शपथ ग्रहण सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि असम में एक मजबूत राजनीतिक संदेश और नई नीति दिशा की शुरुआत भी माना जा रहा है.
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        <pubDate>Tue, 12 May 2026 06:30:09 +0530</pubDate>
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        <title>सोना खरीदने से बचें... पीएम मोदी से पहले जानें किन&amp;किन सरकारों में हुई थी जनता से ये अपील</title>
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        <description><![CDATA[ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 घंटे के भीतर दूसरी बार जनता से सोने की खरीद कम करने, फर्टिलाइजर का सीमित उपयोग करने और &amp;lsquo;वोकल फॉर लोकल&amp;rsquo; को बढ़ावा देने की अपील की. ऐसा पहली बार नहीं है जब भारत की सरकार ने लोगों से सोने खरीद कम करने की अपील की है. समय-समय पर आर्थिक स्थिरता बनाए रखने और फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व को बचाने के लिए सरकार ने जनता से सोना न खरीदने या कम खरीदने की अपील की है.
पीएम मोदी ने सोना नहीं खरीदने की अपील की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (10 मई 2026) को हैदराबाद में नागरिकों से अपील की थी कि वे अपनी दैनिक आदतों में बदलाव लाकर देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती दें. उन्होंने लोगों से एक साल तक गैर-जरूरी सोने की खरीदारी से बचने का आग्रह किया. साथ ही, उन्होंने पेट्रोल और डीजल के संयमित उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि तेल की बचत से देश की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलेगी. पीएम मोदी ने ईंधन की खपत कम करने के लिए कई सुझाव दिए. उन्होंने कहा कि जहां संभव हो, वहां मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें. निजी वाहनों के इस्तेमाल के दौरान कार-पूलिंग अपनाएं.
UPA सरकार में मंत्री चिदंबरम ने की थी अपील
साल 2013 में जब पी. चिदंबरम यूपीए (UPA) सरकार में केंद्रीय वित्त मंत्री थे तब उन्होंने भारत के लोगों से सोना नहीं खरीदने की अपील की थी. उन्होंने तब कहा था कि गोल्ड के लगातार आयात से देश का चालू खाता घाटा (Current Account Deficit) बढ़ता जा रहा है और रुपया कमजोर हो रहा है. &amp;nbsp;चिदंबरम ने कहा था, &#039;जो लोग सोना खरीदना चाहते हैं उन्हें यह समझना चाहिए कि कीमती धातु का हर एक अंश आयात किया जाता है और भारत में सोने का उत्पादन नहीं होता है. आप रुपये देते हैं, हमें डॉलर देने पड़ते हैं. आपको लगता है कि आप रुपये में सोना खरीदते हैं, लेकिन असल में आप डॉलर में सोना खरीदते हैं. मैं एक बार फिर सभी से अपील करता हूं कि कृपया सोना खरीदने से बचें.&#039;
उन्होंने कहा था, &#039;अगर भारत के लोग एक साल तक सोने का आयात न करें तो पूरी स्थिति में जबरदस्त बदलाव आएगा. अगर हम छह महीने या एक साल तक सोने की खरीद बंद करें तो CAD की स्थिति में जबरदस्त सुधार होगा.&#039; तत्कालीन सरकार ने सरकार ने सोने पर आयात शुल्क (Import Duty) बढ़ाकर 10 फीसदी कर दिया था.
भारत-चीन युद्ध के बाद 1962-1963
1962 के युद्ध के बाद भारत की अर्थव्यवस्था और विदेशी मुद्रा भंडार पर संकट गहरा गया था. तत्कालीन वित्त मंत्री मोरारजी देसाई ने सोने की खरीद को सीमित करने के लिए सख्त नियम बनाए थे. तत्कालीन सरकार गोल्ड कंट्रोल रूल्स (1963) लेकर आई थी, जिसका उद्देश्य देश में सोने की तस्करी को रोकना और विदेशी मुद्रा भंडार को बचाना था. सरकार ने साल 1963 में 14 कैरेट से अधिक शुद्धता वाले सोने के आभूषण बनाने पर प्रतिबंध लगा दिया था, ताकि सोने की खपत कम हो सके. साल 1968 में इस अधिनियम को और अधिक कड़ा कर दिया था, जिसके तहत नागरिकों के लिए गोल्ड बार या सिक्के रखना अवैध हो गया.
भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान साल 1965 में तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने देश की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने और युद्ध की जरूरतों को पूरा करने के लिए जनता से अपील की थी कि वे अपना सोना सरकार के पास जमा करें. इसके लिए सरकार &#039;नेशनल डिफेंस गोल्ड बॉन्ड&#039; जैसी योजनाएं लेकर आई थी, जिसके तहत लोगों को अपना सोना सरकार को जमा करने के लिए प्रोत्साहित किया गया था.
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        <pubDate>Tue, 12 May 2026 06:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Shashi Tharoor On SIR: बंगाल में कैसे हुई बंपर जीत? शशि थरूर ने बताया वो कारण राहुल गांधी, ममता बनर्जी दोनों हो जाएंगे खुश!</title>
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        <description><![CDATA[ कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में वोटरों के नाम हटाए जाने और अपीलों के निपटारे में देरी की वजह से पश्चिम बंगाल चुनाव में BJP को शायद बड़ा फायदा मिला हो. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में BJP ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए 207 सीटें जीतीं, जबकि ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस को सिर्फ 80 सीटें मिलीं. इसके बाद राज्य में पहली बार BJP की सरकार बनी और शुभेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री बने.
पश्चिम बंगाल चुनाव नतीजे पर प्रतिक्रिया देते हुए शशि थरूर ने कहा कि पश्चिम बंगाल में लगभग 91 लाख नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए थे. इनमें से करीब 34 लाख लोगों ने अपील दायर कर दावा किया कि वे असली और जीवित वोटर हैं और उन्हें मतदान का अधिकार मिलना चाहिए. थरूर ने कहा, &#039;नियमों के मुताबिक हर मामले की अलग-अलग जांच जरूरी थी, लेकिन चुनाव से पहले सिर्फ कुछ सौ मामलों पर ही फैसला हो पाया. इसका मतलब है कि लाखों लोग ऐसे थे, जो शायद सही वोटर साबित हो सकते थे, लेकिन वे वोट नहीं डाल पाए.&#039;

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BJP की जीत का अंतर लगभग 30 लाख वोट
शशि थरूर ने कहा कि BJP की जीत का अंतर लगभग 30 लाख वोटों का था, जो लंबित अपीलों की संख्या के काफी करीब है. थरूर ने सवाल उठाते हुए कहा, &#039;क्या यह पूरी तरह निष्पक्ष और लोकतांत्रिक प्रक्रिया थी? यही सवाल मैं पूछ रहा हूं.&#039; हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि नकली, मृत, माइग्रेटेड या गलत तरीके से दर्ज वोटरों के नाम हटाने पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है. शशि थरूर ने केरल चुनाव का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि केरल में कांग्रेस को SIR प्रक्रिया से फायदा हुआ हो सकता है, क्योंकि वहां लंबे समय से डबल या कई जगहों पर वोटर नाम दर्ज होने की शिकायतें थीं. उन्होंने आरोप लगाया कि CPM इस तरह की व्यवस्था में माहिर थी.
बंगाल में 34 लाख अपीलें दर्ज
शशि थरूर ने कहा, &#039;केरल और तमिलनाडु में बहुत कम अपीलें आईं, लेकिन बंगाल में 34 लाख अपीलें दर्ज हुईं. इनमें से ज्यादातर मामलों की अब तक सुनवाई नहीं हुई है.&#039; 2026 के केरल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने 102 सीटें जीतकर लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) के 10 साल पुराने शासन को खत्म कर दिया.
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        <pubDate>Mon, 11 May 2026 14:30:11 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>Shashi, Tharoor, SIR:, बंगाल, में, कैसे, हुई, बंपर, जीत, शशि, थरूर, ने, बताया, वो, कारण, राहुल, गांधी, ममता, बनर्जी, दोनों, हो, जाएंगे, खुश</media:keywords>
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        <title>Explained: राष्ट्रपति चुनाव कितनी आसानी से जीतेगी बीजेपी? लोकसभा के जख्मों पर कैसे लगेगा पांच विधानसभा चुनावी नतीजों का &amp;apos;मरहम&amp;apos;</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/explained-राष्ट्रपति-चुनाव-कितनी-आसानी-से-जीतेगी-बीजेपी-लोकसभा-के-जख्मों-पर-कैसे-लगेगा-पांच-विधानसभा-चुनावी-नतीजों-का-मरहम</link>
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        <description><![CDATA[ पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजों ने 2027 के राष्ट्रपति चुनाव के समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया है. खासकर पश्चिम बंगाल में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत ने गहरा असर डाला है. यह कोई आम राजनीतिक बयान नहीं, बल्कि सीधे-सीधे चुनावी गणित का खेल है. बीजेपी के लोकसभा में 293 सांसद, राज्यसभा में 140 से ज्यादा सांसद और 21 राज्यों की विधानसभाओं में बहुमत, जीत की संभावना को लगभग अटल बना देते हैं. आइए जानते हैं कैसे?
निर्वाचक मंडल: राष्ट्रपति चुनाव की आत्मा
सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि राष्ट्रपति चुनाव का &#039;गणित&#039; आखिर काम कैसे करता है. संविधान के अनुच्छेद 54 और 55 के तहत, राष्ट्रपति का चुनाव एक खास निर्वाचक मंडल (Electoral College) करता है. इस मंडल में संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) के सभी निर्वाचित सांसद, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं के सभी निर्वाचित विधायक शामिल होते हैं. ध्यान देने वाली बात यह है कि राष्ट्रपति या राज्यपाल के मनोनीत सांसद या विधायक इस चुनाव में वोट नहीं डाल सकते हैं.
अब मजेदार पेच यह है कि हर वोट की कीमत एक जैसी नहीं होती. संविधान के मुताबिक, सभी सांसदों (लोकसभा और राज्यसभा) के वोटों का कुल मूल्य और सभी विधायकों के वोटों का कुल मूल्य लगभग बराबर होना चाहिए. इसी को संतुलित करने के लिए एक फॉर्मूले का इस्तेमाल होता है. जहां एक सांसद के वोट का मूल्य तय होता है (2022 में यह 700 था और 2027 में भी लगभग इतना ही रहने की संभावना है).
हर राज्य के एक विधायक के वोट का मूल्य अलग-अलग होता है. यह मूल्य उस राज्य की 1971 की जनगणना के आधार पर तय जनसंख्या और विधानसभा सीटों की संख्या पर निर्भर करता है. इसीलिए, उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य के एक विधायक के वोट का मूल्य (2022 में 208) सिक्किम जैसे छोटे राज्य के एक विधायक के वोट के मूल्य (2022 में महज 7) से लगभग 30 गुना ज्यादा था.
लोकसभा का झटका और विधानसभाओं से &#039;मरहम&#039;
2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को बड़ा झटका लगा था. पार्टी अकेले दम पर बहुमत का आंकड़ा (272) नहीं छू पाई और उसकी सीटों की संख्या 303 से घटकर 240 रह गई. इस सीधे नुकसान ने निर्वाचक मंडल में बीजेपी के वोट बैंक में 44,100 वोटों की बड़ी सेंध लगा दी थी. विपक्ष को लगा कि शायद अब बीजेपी की राह आसान नहीं रहेगी. लेकिन, इसके बाद जो हुआ, वह बीजेपी के लिए किसी &#039;संजीवनी&#039; से कम नहीं था.
लगातार हुए विधानसभा चुनावों में बीजेपी और NDA ने जिस तरह का प्रदर्शन किया, उसने न सिर्फ लोकसभा के घाव पर मरहम लगाया, बल्कि राष्ट्रपति चुनाव की पूरी बिसात ही पलट दी. खासतौर पर, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और बिहार जैसे बड़े राज्यों में NDA के प्रदर्शन ने यह कारनामा कर दिखाया.
तीन राज्यों के &#039;गणित&#039; ने बदली पूरी तस्वीर
राष्ट्रपति चुनाव के निर्वाचक मंडल में उत्तर प्रदेश के बाद सबसे ज्यादा वोट वैल्यू वाली तीन विधानसभाएं महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और बिहार की ही हैं. इन तीनों राज्यों में NDA की स्थिति पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हो गई है:

महाराष्ट्र: 2022 के राष्ट्रपति चुनाव के समय 288 सदस्यीय विधानसभा में NDA की ताकत लगभग 150 विधायकों की थी. आज यह आंकड़ा बढ़कर 237 तक पहुंच चुका है.
बिहार: 243 सदस्यीय विधानसभा में NDA के विधायकों की संख्या पिछली बार के 125 से बढ़कर अब 202 हो गई है.
पश्चिम बंगाल: यह तो सबसे बड़ा गेम-चेंजर रहा. बीजेपी ने 294 सीटों वाली विधानसभा में 207 सीटों पर शानदार जीत दर्ज की और राज्य में पहली बार अपनी सरकार बनाई. पिछली बार उसके सिर्फ 77 विधायक थे.

कागज पर अब कैसे दिखता है जीत का गणित?
अब आते हैं असली गणित पर, जो बताता है कि जीत कितनी आसान है. 2022 के राष्ट्रपति चुनाव में निर्वाचक मंडल का कुल वोट मूल्य 10,86,431 था. 2027 के चुनाव में जम्मू-कश्मीर विधानसभा के जुड़ने से यह कुल वोट वैल्यू थोड़ा बढ़ सकती है, लेकिन जीत के लिए 50% से अधिक वोटों का आंकड़ा हासिल करना होगा.
अब जरा NDA की मौजूदा ताकत पर नजर डालते हैं:
संसद में ताकत:

लोकसभा में अकेले बीजेपी के 240 सांसद हैं. TDP (16) और JDU (12) जैसे सहयोगियों के साथ &amp;nbsp;NDA के पास 293 सांसदों का समर्थन है.
राज्यसभा में बीजेपी की संख्या बढ़कर 113 हो गई है और पूरे &amp;nbsp;NDA के पास लगभग 140 से 148 सांसद हैं. यह अपने आप में बहुमत का आंकड़ा है.

विधानसभाओं में दबदबा:

देश के 28 राज्यों में से 21 राज्यों में अब &amp;nbsp;NDA की सरकार है, जिनमें से 15 राज्यों में अकेले बीजेपी की सरकार है.
इन 21 राज्यों के हजारों विधायक आज &amp;nbsp;NDA के साथ हैं.

राष्ट्रपति चुनाव में सिर्फ उत्तर प्रदेश के विधायकों की कुल वोट वैल्यू ही 83,800 से ज्यादा है और राज्य में योगी आदित्यनाथ की सरकार मजबूती से काबिज है.
अगर &amp;nbsp;NDA के सभी सांसद और विधायक पार्टी लाइन पर वोट करते हैं, तो गठबंधन के पास जीत के लिए जरूरी 50% से अधिक वोट आराम से मौजूद हैं. लोकसभा में हुई भरपाई से कहीं ज्यादा विधानसभाओं में हुई बढ़त ने कर दी है.
तो क्या राह बिल्कुल आसान है?
हां, लेकिन मौजूदा आंकड़ों और नए राजनीतिक समीकरण के मुताबिक, 2027 के राष्ट्रपति चुनाव में बीजेपी और &amp;nbsp;NDA की जीत की राह बेहद आसान नजर आती है. आज की तारीख में, NDA के पास निर्वाचक मंडल में इतनी ज्यादा संख्या बल है कि वह आसानी से अपनी पसंद के उम्मीदवार को राष्ट्रपति भवन तक पहुंचा सकता है. हालांकि, राजनीति में किसी भी चीज को पूरी तरह &#039;तय&#039; मानना जल्दबाजी होगी. कभी-कभी क्रॉस वोटिंग, गठबंधन के भीतर असंतोष या कोई बड़ा राजनीतिक उलटफेर खेल बदल सकता है. ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 11 May 2026 14:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Explained:, राष्ट्रपति, चुनाव, कितनी, आसानी, से, जीतेगी, बीजेपी, लोकसभा, के, जख्मों, पर, कैसे, लगेगा, पांच, विधानसभा, चुनावी, नतीजों, का, मरहम</media:keywords>
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        <title>सोना न खरीदने और WFH वाली PM मोदी की अपील पर भड़की स्टालिन की DMK, कहा&amp; खुद तो प्राइवेट जेट से...</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/सोना-न-खरीदने-और-wfh-वाली-pm-मोदी-की-अपील-पर-भड़की-स्टालिन-की-dmk-कहा-खुद-तो-प्राइवेट-जेट-से</link>
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        <description><![CDATA[ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की जनता से बड़ी अपील करते हुए कहा है कि वह सोना न खरीदे और जहां संभव हो वहां वर्क फ्रॉम होम वाले रूटीन पर वापस लौटे. इसके अलावा आने-जाने के लिए अपने व्हीकल की बजाय पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करे. पीएम मोदी की इस अपील पर एमके स्टालिन की डीएमके भड़क गई. उसने कहा कि चुनाव से पहले तक वह खुद अपने जेट से पूरे देश का दौरा कर रहे थे.&amp;nbsp;
डीएमके प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई ने पूछा कि आखिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के नागरिकों से ये मांगें क्यों कर रहे हैं. उन्होंने पूछा कि क्या पीएम को यह जानकारी है कि हालात और खराब होने वाले हैं. अन्नादुरई ने कहा कि चुनाव से पहले तक प्रधानमंत्री अपने जेट विमान से पूरे देश का दौरा कर रहे थे, उनके काफिले चल रहे थे.&amp;nbsp;
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तमिलनाडु की मुख्य विपक्षी पार्टी के प्रवक्ता ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर यह इतनी बड़ी घटना है, जिससे भारतीयों के जन-जीवन पर बहुत ज्यादा प्रभाव पड़ने वाला है तो इस पर विपक्षी पार्टियों को विश्वास में क्यों नहीं लिया जा रहा है.

#WATCH | Chennai: On PM Modi&#039;s statement, DMK spokesperson, Saravanan Annadurai says, &quot;...Why is the Prime Minister making these demands from the Indian citizens? Is it because he has information that the situation is going to get very worse?... Until the elections, the Prime&amp;hellip; pic.twitter.com/gEiXnLTilp
&amp;mdash; ANI (@ANI) May 11, 2026



डीएमके नेता ने कहा, &#039;प्रधानमंत्री को इस देश को समझाना होगा कि वे ऐसी मांग क्यों कर रहे हैं. वे कहते हैं विदेश यात्राएं बंद करें, लेकिन 15 मई को वे खुद UAE, नीदरलैंड और स्वीडन जाने वाले हैं, आखिर किसलिए?&#039;
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पीएम मोदी ने लोगों से पब्लिक ट्रांसपोर्ट इस्तेमाल करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि लोग डीजल-पेट्रोल बचाने के लिए मेट्रो, कारपूल, ईवी अपनाएं. इसके अलावा कंपनियों को वर्क फ्रॉम होम अपनाने की सलाह भी दी. पीएम ने विदेश यात्रा टालने, सोना न खरीदने, मेक इन इंडिया उत्पाद खरीदने और किसानों को रासायनिक खाद कम करने को भी कहा है. उनका कहना है कि खाद की एक बोरी तीन हजार की पड़ती है, जिसमें हम किसान को बढ़ी मात्रा में सब्सिडी देते हैं.&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 11 May 2026 14:30:10 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>सोना, न, खरीदने, और, WFH, वाली, मोदी, की, अपील, पर, भड़की, स्टालिन, की, DMK, कहा-, खुद, तो, प्राइवेट, जेट, से...</media:keywords>
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        <title>बंगाल में शुभेंदु सरकार के बाद अभिषेक बनर्जी पर भड़के दिलीप घोष, कहा&amp; समाज ऐसे लोगों को...</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/बंगाल-में-शुभेंदु-सरकार-के-बाद-अभिषेक-बनर्जी-पर-भड़के-दिलीप-घोष-कहा-समाज-ऐसे-लोगों-को</link>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल में प्रचंड जीत के बाद बीजेपी ने राज्य में पहली बार सरकार बनाई है. वहीं, टीएमसी 81 सीटों पर सिमट गई. &amp;nbsp;टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी के भतीजे और सांसद अभिषेक बनर्जी ने बंगाल के चुनाव परिणाम को लेकर चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए थे. बनर्जी के आरोपों पर मंत्री दिलीप घोष ने करारा पलटवार किया है.&amp;nbsp;
क्या बोले दिलीप घोष?
दिलीप घोष ने न्यूज एजेंसी IANS से बातचीत के दौरान अभिषेक बनर्जी के बयान को लेकर कहा कि &#039;जब तक वे जीत रहे थे, तब तक सब ठीक था, ईवीएम ठीक थी और चुनाव आयोग ठीक था. अब जब वे हार गए हैं, तो कह रहे हैं कि मैनिपुलेशन हुआ है. समाज ऐसे लोगों को बर्दाश्त नहीं करता.&#039; कहा कि &#039;महिलाओं की सुरक्षा के लिए सब कुछ लागू किया जाएगा. बंगाल में जो भी घटनाएं हुई हैं, वे भविष्य में दोबारा नहीं होनी चाहिए. हम इस पर जीरो-टॉलरेंस अप्रोच के साथ काम करेंगे.&#039;

टीएमसी सांसद ने लगाए थे ये आरोप
टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने बीते दिनों &#039;एक्स&#039; पर पोस्ट में लिखा था कि टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी के मार्गदर्शन में लोकतंत्र, संवैधानिक मूल्यों और लोगों के अधिकारों के लिए हमारी लड़ाई जारी रहेगी. उन्होंने लिखा था कि हमने एक बेहद मुश्किल चुनाव लड़ा है, जिसमें कथित तौर पर लगभग 30 लाख असली वोटरों को वोटर लिस्ट से बाहर कर दिया गया. इस पूरी प्रक्रिया के दौरान, हमने देखा कि कई सरकारी एजेंसियों और भारत के चुनाव आयोग का रवैया कितना पक्षपातपूर्ण था.
केरल में क्यों नहीं अब तक मुख्यमंत्री पर हो पाया फैसला? जीत के बाद क्या है वहां पर कांग्रेस की किच-किच
अभिषेक बनर्जी ने लिखा था कि लोकतांत्रिक संस्थाएं जिन्हें निष्पक्ष होकर काम करना चाहिए, वे भी सवालों के घेरे में दिखीं. इससे पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता, विश्वसनीयता और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.
&#039;कतई बर्दाश्त करने लायक नहीं&#039;
उन्होंने लिखा था कि लोकतंत्र तभी जिंदा रह सकता है, जब चुनावी संस्थाएं नागरिकों के मन में भरोसा और विश्वास जगाएं. दुर्भाग्य से, हमने जो कुछ देखा है, उसने उस भरोसे को बुरी तरह से तोड़ दिया है. इसके साथ ही चुनाव के बाद हुई हिंसा, पार्टी दफ्तरों पर हमले, हमारे पार्टी कार्यकर्ताओं को डराना-धमकाना और समर्थकों को धमकियां देना. ये सभी बातें एक लोकतांत्रिक समाज में बेहद चिंताजनक और कतई बर्दाश्त न करने के लायक हैं.
विजय होंगे तमिलनाडु के सीएम? रास्ता हुआ साफ, इन पार्टियों ने कर दिया सपोर्ट ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 11 May 2026 14:30:09 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>बंगाल, में, शुभेंदु, सरकार, के, बाद, अभिषेक, बनर्जी, पर, भड़के, दिलीप, घोष, कहा-, समाज, ऐसे, लोगों, को...</media:keywords>
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        <title>मौत की रफ्तार! रेसिंग बाइक कार से टकराई, एक ही परिवार के तीन लोगों समेत पांच की मौत</title>
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        <description><![CDATA[ Mahabubnagar Road Accident:&amp;nbsp; तेलंगाना के महबूबनगर जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई. यह हादसा मुख्य बाईपास सड़क पर स्थित पलकोंडा जंक्शन के पास हुआ, जहां तेज रफ्तार रेसिंग बाइक विपरीत दिशा से आ रही एक कार से जा टकराई. टक्कर इतनी भीषण थी कि मौके पर ही पांच लोगों की जान चली गई.
पुलिस ने मृतकों की पहचान कर ली है. इनमें चार लोग महबूबनगर शहर के न्यू प्रेम नगर इलाके के रहने वाले बताए गए हैं. मृतकों में 30 वर्षीय अर्शिया बेगम, उनका 7 साल का बेटा मोहम्मद उज़ैब और 2 साल का बेटा मोहम्मद अमर शामिल हैं. चौथा मृतक बाइक चला रहा था. उसकी पहचान 25 वर्षीय याकूब अफ़ज़ल के रूप में हुई है, जो हैदराबाद का रहने वाला था और डिलीवरी बॉय का काम करता था. वहीं पांचवें मृतक की आधिकारिक पहचान अभी नहीं हो पाई है, लेकिन पुलिस सूत्रों के अनुसार वह कार का ड्राइवर था, जिसकी हादसे में मौके पर ही मौत हो गई.
रेस लगा रही थी बाइक
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बाइक एक अन्य दोपहिया वाहन के साथ तेज रफ्तार में रेस लगा रही थी. इसी दौरान बाइक चालक ने नियंत्रण खो दिया और गलत लेन में घुस गया. बताया जा रहा है कि कार चालक को संभलने या बचने का कोई मौका नहीं मिला और बाइक सीधे कार से टकरा गई. हादसा इतना भयानक था कि मदद पहुंचने से पहले ही सभी लोगों की मौत हो चुकी थी.
हादसे के बाद मौके पर जुटी भीड़
तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे. स्थानीय लोगों ने पुलिस और एम्बुलेंस को सूचना दी. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेज दिया. पुलिस ने बताया कि मेडिकल जांच पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए जाएंगे.
परिवारों में पसरा मातम
हादसे के बाद मृतकों के परिवारों में कोहराम मचा हुआ है. पड़ोसियों के अनुसार अर्शिया बेगम अपने बच्चों को कहीं से लेने जा रही थीं, तभी यह हादसा हो गया. बताया जा रहा है कि अस्पताल में पत्नी और दोनों बेटों के शव देखकर बच्चों के पिता बेसुध होकर गिर पड़े. पुलिस ने बाइक चालक याकूब अफ़ज़ल के परिवार को भी हादसे की जानकारी दे दी है. उसके परिजन हैदराबाद से महबूबनगर के लिए रवाना हो चुके हैं.
पुलिस ने दर्ज किया मामला
पुलिस ने लापरवाही से वाहन चलाने और लापरवाही के कारण मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों ने कहा कि सार्वजनिक सड़कों पर रेस लगाना गंभीर अपराध है. पुलिस ने चेतावनी दी है कि तेज रफ्तार और रेसिंग करते पकड़े जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल पुलिस आसपास की दुकानों और इलाके के CCTV फुटेज खंगाल रही है, ताकि हादसे के पूरे घटनाक्रम की सही जानकारी मिल सके.
&amp;nbsp;
(इनपुट-शेख मोहसिन) ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 11 May 2026 14:30:08 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>मौत, की, रफ्तार, रेसिंग, बाइक, कार, से, टकराई, एक, ही, परिवार, के, तीन, लोगों, समेत, पांच, की, मौत</media:keywords>
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        <title>US Iran War: ‘जरूरत के अनुसार तेल&amp;गैस का हो इस्तेमाल, यह समय...’, मिडिल ईस्ट तनाव के बीच PM मोदी का बड़ा बयान</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/us-iran-war-जरूरत-के-अनुसार-तेल-गैस-का-हो-इस्तेमाल-यह-समय-मिडिल-ईस्ट-तनाव-के-बीच-pm-मोदी-का-बड़ा-बयान</link>
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        <description><![CDATA[ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (10 मई, 2026) को पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच भारत के सभी नागरिकों से पेट्रोलियम उत्पादों का संयम के साथ इस्तेमाल करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि भारत बड़े पैमाने पर ईंधन आयात करता है, इसलिए पेट्रोल, डीजल और गैस का सोच-समझकर इस्तेमाल करना जरूरी है.
तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में 9,377 करोड़ रुपये की लागत की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन के बाद पीएम मोदी ने कहा, &amp;lsquo;आज समय की मांग है कि पेट्रोल-डीजल और गैस जैसी चीजों का बहुत संयम से इस्तेमाल किया जाए. हमें आयात किए जाने वाले पेट्रोलियम उत्पादों का इस्तेमाल सिर्फ जरूरत के अनुसार करना चाहिए. इससे न सिर्फ विदेशी मुद्रा की बचत होगी, बल्कि युद्ध के दुष्प्रभाव भी कम होंगे.&amp;rsquo;
भारत रिन्यूएबल और वैकल्पिक ऊर्जा के क्षेत्र में आगे बढ़ रहाः PM मोदी
पीएम मोदी की यह यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते भारत ऊर्जा संकट का सामना कर रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह भी कहा कि भारत रिन्यूएबल और वैकल्पिक ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है. सौर ऊर्जा के उत्पादन में भारत दुनिया के शीर्ष देशों में शामिल हो चुका है. साथ ही पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण को बढ़ावा देकर आयात होने वाले ईंधन पर निर्भरता कम करने की दिशा में भी अभूतपूर्व प्रगति हुई है.
यह भी पढ़ेंः बंगाल-असम साधने के बाद BJP का दक्षिण भारत पर फोकस! PM मोदी ने तेलंगाना को दी 9377 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात
पीएम मोदी ने ऊर्जा रणनीति पर दिया जोर
ऊर्जा रणनीति पर जोर देते हुए पीएम मोदी ने कहा, &amp;lsquo;सरकार का पहला लक्ष्य हर घर तक एलपीजी पहुंचाना था और अब सस्ती पाइप्ड गैस (PNG) आपूर्ति के विस्तार पर तेजी से काम किया जा रहा है. केंद्र सरकार CNG आधारित इकोसिस्टम को भी सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रही है, ताकि ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाई जा सके.&amp;rsquo;
पीएम मोदी ने किन-किन विकास परियोजनाओं का किया उद्घाटन
तेलंगाना में 9,377 करोड़ रुपये की लागत से तैयार परियोजनाओं का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, &amp;lsquo;भारत आज रिफॉर्म्स एक्सप्रेस पर आगे बढ़ रहा है और आधुनिक बुनियादी ढांचे का तेजी से निर्माण कर रहा है.&amp;rsquo; पीएम मोदी ने जिन परियोजनाओं का उद्घाटन किया, उनमें हैदराबाद-पनजी आर्थिक कॉरिडोर पर राष्ट्रीय राजमार्ग-167 के गुडेबेल्लूर से महबूबनगर तक फोर-लेन निर्माण और संगारेड्डी जिले के जहीराबाद औद्योगिक क्षेत्र का विकास शामिल है.

इसके अलावा, उन्होंने कई अन्य आधारभूत परियोजनाओं का भी उद्घाटन किया, जिनमें काजीपेट-विजयवाड़ा रेलवे मल्टी-ट्रैकिंग परियोजना के हिस्से, हैदराबाद में ग्रीनफील्ड पेट्रोलियम, ऑयल एंड लुब्रिकेंट (POL) टर्मिनल, काजीपेट रेल अंडर रेल बाइपास और वारंगल स्थित पीएम मित्रा पार्क यानी काकतिया मेगा टेक्सटाइल पार्क भी शामिल है.
केंद्र सरकार के 5F विजन के तहत बना पीएम मित्रा पार्क
करीब 1,700 करोड़ रुपये की लागत से बना काकतिया मेगा टेक्सटाइल पार्क भारत का पहला पूर्ण रूप से कार्यरत पीएम मित्रा पार्क है. यह केंद्र सरकार के &amp;lsquo;5F&amp;rsquo; विजन (Farm to Fibre to Factory to Fashion to Foreign) को साकार करने के उद्देश्य से विकसित किया गया है, ताकि कपड़ा उद्योग की पूरी वैल्यू चेन मजबूत हो और निर्यात को बढ़ावा मिल सके.
यह भी पढ़ेंः PM मोदी की सुरक्षा में सेंध लगाने की कोशिश! बेंगलुरु में कार्यक्रम स्थल के पास मिला विस्फोटक, एजेंसियों में हड़कंप ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 11 May 2026 02:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Iran, War:, ‘जरूरत, के, अनुसार, तेल-गैस, का, हो, इस्तेमाल, यह, समय...’, मिडिल, ईस्ट, तनाव, के, बीच, मोदी, का, बड़ा, बयान</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>केरलम की नई सरकार में किसे मिलेगी CM की कुर्सी, कांग्रेस के तीन नेताओं का नाम रेस में सबसे आगे</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/केरलम-की-नई-सरकार-में-किसे-मिलेगी-cm-की-कुर्सी-कांग्रेस-के-तीन-नेताओं-का-नाम-रेस-में-सबसे-आगे</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/केरलम-की-नई-सरकार-में-किसे-मिलेगी-cm-की-कुर्सी-कांग्रेस-के-तीन-नेताओं-का-नाम-रेस-में-सबसे-आगे</guid>
        <description><![CDATA[ केरलम के 140 सदस्यों वाली विधानसभा के चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाला गठबंधन यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने 102 सीटों पर प्रचंड जीत हासिल की, लेकिन 4 मई, 2026 को चुनावी नतीजे सामने आने के बाद भी अब तक गठबंधन की तरफ से राज्य के अगले मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा नहीं हो पाई है. कांग्रेस पार्टी के भीतर केरलम में अगले मुख्यमंत्री के चयन को लेकर मंथन पर जोरों-शोर से चर्चा चल रही है.
कांग्रेस पर्यवेक्षकों ने पार्टी अध्यक्ष को सौंपी रिपोर्ट
कांग्रेस पार्टी की तरफ से नियुक्त दो AICC पर्यवेक्षकों मुकुल वासनिक और अजय माकन ने केरलम के अगले मुख्यमंत्री के चयन को लेकर शुक्रवार (8 मई, 2026) को अपनी रिपोर्ट पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को सौंप दी है. इस रिपोर्ट में कांग्रेस विधायकों की सीएम पद को लेकर उनकी राय और पसंदीदा नेता के बारे में पूरी जानकारी दे दी गई है.
सीएम पद की रेस में कौन-कौन से नेता आगे?
रिपोर्ट के मुताबिक, केरलम के मुख्यमंत्री पद की दौड़ में तीन बड़े नेताओं के नाम सबसे आगे है. इनमें वी. डी. सतीशन, रमेश चेन्नीथला और केसी वेणुगोपाल नाम शामिल है. अब कांग्रेस नेतृत्व ऐसा फार्मूला तैयार करने की कोशिश कर रहा है, जिससे तीनों प्रमुख नेताओं को संतुष्ट रखा जा सके और पार्टी के भीतर किसी प्रकार की बगावत की स्थिति पैदा न हो.
यह भी पढ़ेंः तमिलनाडु CM के शपथ ग्रहण में गाया गया पूरा वंदे मातरम गीत, थलपति विजय ने भाजपा को क्या दिया मैसेज?
वी. डी. सतीशन- वीडी सतीशन ने 2016 और 2021 में कांग्रेस की हार के बाद केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता की जिम्मेदारी संभाली थी. उनके नेतृत्व में 2024 के लोकसभा चुनाव में UDF ने 20 में से 18 सीटों पर जीत दर्ज की थी. सतीशन को केरल की राजनीति में UDF का एक मजबूत और प्रभावशाली चेहरा माना जाता है. वह लगातार कई बार परवूर सीट से विधायक चुने जा चुके हैं. शुक्रवार (8 मई, 2026) को उनके समर्थकों ने केरल के कई हिस्सों में प्रदर्शन करते हुए उन्हें मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग की.
के. सी. वेणुगोपाल- AICC के संगठन महासचिव के. सी. वेणुगोपाल भी केरलम के मुख्यमंत्री पद के प्रमुख दावेदारों में शामिल हैं. वे कांग्रेस नेतृत्व, खासकर राहुल गांधी के बेहद करीबी माने जाते हैं. 2026 के विधानसभा चुनाव अभियान में उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी और पार्टी रणनीति तैयार करने में भी उनकी बड़ी भागीदारी रही.

केरल में सीएम के लिए केसी वेणुगोपाल का नाम जरूर आगे चल रहा है, लेकिन उन्होंने इस बार विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा है, ऐसे में अगर उन्हें सीएम बनाया जाता है, तो संवैधानिक प्रक्रिया के तहत अगले 6 महीनों में उन्हें विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य बनना होगा.
रमेश चेन्निथला- रमेश चेन्निथला केरलम के वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं में गिने जाते हैं. वह पहले केरल के गृह मंत्री भी रह चुके हैं. पार्टी संगठन में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है. 2026 विधानसभा चुनाव में उन्होंने हरिपद सीट से लगातार छठी बार जीत हासिल की है.
यह भी पढ़ेंः US Iran War: &amp;lsquo;जरूरत के अनुसार तेल-गैस का हो इस्तेमाल, यह समय...&amp;rsquo;, मिडिल ईस्ट तनाव के बीच PM मोदी का बड़ा बयान ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 11 May 2026 02:30:10 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>केरलम, की, नई, सरकार, में, किसे, मिलेगी, की, कुर्सी, कांग्रेस, के, तीन, नेताओं, का, नाम, रेस, में, सबसे, आगे</media:keywords>
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        <title>&amp;apos;एक साल तक न खरीदें सोना&amp;apos;, PM मोदी ने देश से की अपील, पेट्रोल&amp;डीजल की कीमत को लेकर क्या कहा?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/एक-साल-तक-न-खरीदें-सोना-pm-मोदी-ने-देश-से-की-अपील-पेट्रोल-डीजल-की-कीमत-को-लेकर-क्या-कहा</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/एक-साल-तक-न-खरीदें-सोना-pm-मोदी-ने-देश-से-की-अपील-पेट्रोल-डीजल-की-कीमत-को-लेकर-क्या-कहा</guid>
        <description><![CDATA[ PM Narendra Modi Hyderabad Speech: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद में एक सभा को संबोधित करते हुए देश से अपील की है. उन्होंने देश से कोरोना के समय जो रूटीन अपनाया गया था, उसी पर जोर देने को कहा है. इस दौरान उन्होंने कई अहम बातें कही हैं. यह सारी बातें मिडिल ईस्ट में जारी जंग के असर को लेकर की गई है. साथ ही यूक्रेन युद्ध का जिक्र करते हुए कहा कि भारत पर इन युद्धों का कितना असर पड़ा है. इसके अलावा पीएम मोदी ने अगले एक साल तक शादियों के लिए सोना ना खरीदने की अपील भी जनता से की है.&amp;nbsp;
पीएम मोदी ने अपने भाषण में कहा कि मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे एक साल तक सोना न खरीदें. कोरोनाकाल के दौरान हमने वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन मीटिंग्स और वीडियो कॉन्फ्रेंस जैसी व्यवस्थाओं को अपनाया था. हमने इसकी आदत डाल ली थी. आज भी समय की मांग है कि हम उन व्यवस्थाओं को फिर से प्राथमिकता दें.&amp;nbsp;

मिडिल ईस्ट की जंग से काफी असर हुआ है
इसके अलावा पीएम ने कहा कि पिछले दो महीने से चल रही मिडिल ईस्ट जंग का असर काफी ज्यादा हुआ है. इसका असर दुनिया सहित भारत पर पड़ा है. मौजूदा समय में विदेश मुद्रा बचाने पर भी विशेष जोर पीएम मोदी की तरफ सेदिया गया है. उन्होंने कहा है कि दुनियाभर में पेट्रोल और डीजल महंगे हो चुके हैं. ईंधन की बचत करना बेहद ही जरूरी है.&amp;nbsp;
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दुनिया इस वक्त सप्लाई चेन संकट से जूझ रही है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि दुनिया इस समय एक बड़े सप्लाई चेन संकट से जूझ रही है. यूक्रेन और मिडिल ईस्ट जंग ने वैश्विक स्तर पर कठिनाइयों को बढ़ा दिया है. पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 5 से 6 सालों से हमारी सरकार इस संकट से निपटने की कोशिश कर रही है. आज फर्टिलाइजर की बोरी तीन हजार रुपए की बिक रही है. वहीं भारत में वही बोरी किसानों को 300 रुपए में मुहैया कराई जा रही है.
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        <pubDate>Mon, 11 May 2026 02:30:09 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>एक, साल, तक, न, खरीदें, सोना, मोदी, ने, देश, से, की, अपील, पेट्रोल-डीजल, की, कीमत, को, लेकर, क्या, कहा</media:keywords>
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        <title>फिल्मी पर्दे से सियासी सफर तक... विजय ने ऐसे हासिल की तमिलनाडु के मुख्यमंत्री की कुर्सी</title>
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        <description><![CDATA[ आखिरकार तमिलनाडु में विजय की तीन साल पहले बनाई गई पार्टी ने सत्ता हासिल कर ली है. इस बार के जनादेश ने राज्य में चली आ रही पारंपरिक राजनीति को खत्म कर दिया है. हालांकि, चुनाव नतीजे के बाद से टीवीके चीफ जोसेफ सी. विजय के लिए काफी उतार चढ़ाव वाले रहे हैं. वह लगातार अन्य पार्टियों से बहुमत के आंकड़े जुटाने की कोशिश में लगे हुए थे. आखिरकार 9 मई को उनको समर्थन मिल गया और उन्होंने सरकार बनाने का दावा पूरा करते हुए, 10 बजे शपथ ले ली.&amp;nbsp;
विजय की नेतृत्व वाली सरकार का सस्पेंस थ्रिलर उस वक्त खत्म हुआ, जब उन्हें IUML और VCK का समर्थन हासिल हुआ. राज्यपाल आरवी अर्लेकर ने सरकार बनाने की मंजूरी दे दी. विजय के शपथ ग्रहण में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी शामिल हुए.&amp;nbsp;
आखिर चुनाव परिणामों के बाद से क्या हुआ?&amp;nbsp;4 मई को तमिलनाडु के चुनाव नतीजे आए. विजय की टीवीके ने 108 सीटें जीतीं. सबसे बड़ी पार्टी बनी. हालांकि, टीवीके बहुमत के आंकड़े से पिछड़ गई. ऐसे में उसे गठबंधन के लिए अन्य सहयोगी पार्टियों की जरूरत थी.&amp;nbsp;
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अगले कुछ वक्त में दूसरी पार्टियों के साथ संभावित गठबंधन को लेकर बातचीत हुई. इसमें कांग्रेस ने पांच विधायकों के समर्थन का प्रस्ताव रखा. इसके बाद सीपीआई और सीपीआईएम ने काफी उठापटक के बाद समर्थन दे दिया. इसके बाद शनिवार को IUML और वीसीके का समर्थन भी टीवीके को मिल गया.&amp;nbsp;

विजय ने सरकार बनाने के लिए चार बार राज्यपाल से मुलाकात की
हालांकि, सरकार बनाने का दावा लेकर विजय ने चार बार राज्यपाल से मुलाकात की. लेकिन राज्यपाल ने उन्हें आंकड़े जुटाने का कहकर वापस भेज दिया. अब विजय फिल्मी सितारों की दुनिया से निकलकर राजनीतिक सुपरस्टार के तौर पर दुनिया और तमिलनाडु के उभरे हैं. अगर विजय यह सबकुछ उठापटक नहीं करते तो राज्य में राष्ट्रपति शासन लग जाता.&amp;nbsp;
विजय का जन्म साल 1974 में हुआ था. उन्होंने 1992 में फिल्म नालैया थीरपू से अपने करियर की शुरुआत की. उन्हें एक लवर बॉय के तौर पर काफी सफलता मिली. यही उनकी पहचान बन गया. साल 2024 में उन्होंने फिल्मी दुनिया को छोड़कर राजनीति में कदम रखा.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Mon, 11 May 2026 02:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>‘भ्रष्टाचार और TMC एक&amp;दूसरे के पर्याय’, बंगाल बीजेपी अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य का तृणमूल कांग्रेस पर बड़ा हमला</title>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की प्रचंड जीत के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) भाजपा पर लगातार हमले कर रही है. इस बीच टीएमसी के निलंबित नेता रिजू दत्ता ने टीएमसी की हार और राज्य की महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह देने को लेकर बात कही है. जिस पर प्रतिक्रिया देते हुए पश्चिम बंगाल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने कहा कि लगातार यह बात कही जा रही है कि राज्य की महिलाएं टीएमसी को इसलिए वोट देती हैं, क्योंकि उन्हें हर महीने 1500 रुपये मिलते हैं. क्या ऐसा कहना महिलाओं का अपमान नहीं है?
क्या लोगों को खरीदने की मानसिकता के साथ सरकार चल सकती हैः सामिक

#WATCH | Kolkata | On suspended TMC leader, Riju Dutta&#039;s statement, West Bengal BJP President Samik Bhattacharya says, &quot;... One thing that kept coming up in the headlines, in every leader&#039;s statement, was that women are TMC voters because they get 1500 rupees each. Isn&#039;t this an&amp;hellip; https://t.co/7wHurQcDVm pic.twitter.com/4b8OUhgkrr
&amp;mdash; ANI (@ANI) May 10, 2026



न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत करते हुए पश्चिम बंगाल भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने कहा, &amp;lsquo;लगातार हर नेता की तरफ से यह कहा जा रहा था कि महिलाएं सिर्फ इसलिए तृणमूल कांग्रेस (TMC) को वोट देती है, क्योंकि उन्हें 1500 रुपये मिलते हैं. क्या यह महिलाओं का अपमान नहीं है? और जो पैसा सरकार की तरफ से उन्हें दिया गया तो वो किसका पैसा था, किसकी जमींदारी का पैसा था. वो रुपया तो जनता का ही था न.&amp;rsquo;
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उन्होंने कहा, &amp;lsquo;क्या किसी की राजनीतिक समझ और राजनीतिक जागरूकता को 1500 रुपये देकर खरीदा जा सकती है? अगर आज भारतीय जनता पार्टी (BJP) महिलाओं को 3000 रुपये दे रही है, तो इसका मतलब क्या यह है कि अब सभी महिलाएं भाजपा के साथ हो जाएंगी? क्या लोगों को खरीदने वाली मानसिकता के साथ सरकार चलाई जा सकती है?&amp;rsquo; उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर निशाना साधते हुए कहा कि भ्रष्टाचार और टीएमसी एक-दूसरे के पर्याय बन चुके हैं.

तृणमूल कांग्रेस की हार की वजह पर बोले रिजू दत्ता?
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के निलंबित नेता रिजू दत्ता ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी और टीएमसी की हार को लेकर बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि बंगाल में टीएमसी की हार के सबसे बड़े कारणों में से एक है महिलाओं का अपमान. हमें लगता था कि पश्चिम बंगाल की महिलाएं आंख मूंद कर ममता दीदी को वोट देंगी, लेकिन टीएमसी के जो निचले स्तर के नेता हैं, इन लोगों ने महीने भर महीने, सालों तक हिंदू महिलाओं के ऊपर अत्याचार किया है.&amp;rsquo; उन्होंने टीएमसी पर निशाना साधते हुए कहा कि आप 1500 रुपये में एक महिला का आत्मसम्मान नहीं खरीद सकते हैं.
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        <pubDate>Mon, 11 May 2026 02:30:06 +0530</pubDate>
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        <title>आज सुबह 10 बजे CM पद की शपथ लेंगे TVK चीफ विजय, राहुल गांधी भी होंगे शामिल, किन पार्टियों ने दिया समर्थन?</title>
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        <description><![CDATA[ अभिनेता से नेता बने सी जोसेफ विजय आज सुबह 10 बजे तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. उनके शपथग्रहण समारोह में लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी भी शामिल होंगे. विजय को सरकार बनाने के लिए शनिवार को चौथी बार में राज्यपाल से मंजूरी मिली. उनकी पार्टी तमिलगा वेट्री कषगम (टीवीके) को कई छोटे दलों ने सपोर्ट किया है, जिसके बाद 234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है. विजय ने टीवीके के वरिष्ठ नेताओं के साथ राज्यपाल को 120 विधायकों के समर्थन का पत्र सौंपा.&amp;nbsp;
विजय को किन पार्टियों से मिला समर्थन?
विदुथलाई चिरुथाइगल काची, सीपीआई, सीपीआई एम, और कांग्रेस सहित अन्य पार्टियों ने गठबंधन सरकार के गठन के लिए टीवीके प्रमुख को बिना शर्त समर्थन दिया है. विजय 59 सालों में तमिलनाडु के पहले गैर-द्रविड़ियन मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं और वो अकेले ही शपथ लेंगे. इस बीच मंत्रिमंडल के आकार को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है और अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि उनके साथ कितने मंत्रियों को शामिल किया जाएगा.
1 हफ्ते में राज्यपाल से 4 बार मुलाकात
शनिवार को विजय की राज्यपाल से एक सप्ताह के भीतर चौथी मुलाकात हुई, जिसमें उन्होंने सरकार बनाने का निमंत्रण मांगा. विधायकों से आवश्यक समर्थन पत्र न मिलने के कारण वो 2 बार फेल हुए. तमिलनाडु में कई दिनों की गहन बातचीत के बाद राजनीतिक अनिश्चितता समाप्त हो गई, जब डीएमके के सहयोगियों ने आखिरकार विजय को समर्थन दिया और 234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा पार करने में मदद की. हालांकि गठबंधन के पास केवल 120 विधायकों का बहुमत है.

2 सीटों से विधानसभा चुनाव लड़े थे विजय
बहुमत मिलने के बाद टीवीके के कई कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने चेन्नई स्थित पार्टी मुख्यालय के बाहर जश्न मनाया और पटाखे फोड़े. टीवीके विधानसभा चुनाव में 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन बहुमत के आंकड़े से 10 सीटें कम रह गईं. 23 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनावों के बाद पार्टी ने डीएमके के सहयोगी दलों, कांग्रेस, सीपीआई, सीपीआई(एम), वीसीके और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग से सरकार बनाने के लिए समर्थन मांगा था.&amp;nbsp;
विजय ने दो विधानसभा सीटों से जीत हासिल की है. उन्हें एक सीट खाली करनी होगी, जिससे टीवीके की सीटों की संख्या घटकर 107 रह जाएगी. टीवीके के सहयोगी दलों में कांग्रेस के 5 विधायक, सीपीआई, सीपीआई(एम), वीसीके और आईयूएमएल के 2-2 विधायक शामिल हैं. इन सबको जोड़कर विधानसभा में गठबंधन की कुल संख्या 120 पहुंच गई है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sun, 10 May 2026 10:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>आज, सुबह, बजे, पद, की, शपथ, लेंगे, TVK, चीफ, विजय, राहुल, गांधी, भी, होंगे, शामिल, किन, पार्टियों, ने, दिया, समर्थन</media:keywords>
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        <title>&amp;apos;ममता बनर्जी न तो भगवान हैं और न ही कानून&amp;apos;, बंगाल सरकार में मंत्री बनीं अग्निमित्रा पॉल ने TMC चीफ पर कसा तंज</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/ममता-बनर्जी-न-तो-भगवान-हैं-और-न-ही-कानून-बंगाल-सरकार-में-मंत्री-बनीं-अग्निमित्रा-पॉल-ने-tmc-चीफ-पर-कसा-तंज</link>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल में नई भाजपा सरकार बनने के बाद मंत्री पद की शपथ लेने वाली बीजेपी नेता अग्निमित्रा पॉल ने ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस पर बड़ा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के नेता ममता बनर्जी को भगवान की तरह मानते थे, लेकिन हाल के विधानसभा चुनाव के नतीजों ने साफ कर दिया है कि वह न तो भगवान हैं और न ही कानून से ऊपर.
अग्निमित्रा पॉल ने NDTV से बातचीत में कहा कि ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी ने चुनाव के दौरान बहुत बातें कीं, लेकिन पश्चिम बंगाल की जनता ने अपना फैसला सुना दिया. उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी को यह समझना चाहिए कि वह भारत के संविधान और कानून से ऊपर नहीं हैं. पॉल ने यह भी कहा कि टीएमसी के कई विधायक और सांसद ममता बनर्जी को &amp;ldquo;मां सरदा&amp;rdquo; कहकर खुश करने की कोशिश करते थे, जबकि मां सरदा को लोग भगवान मानते हैं. उनके अनुसार ममता बनर्जी ने कभी इस तरह की बातों को रोकने की कोशिश नहीं की. उन्होंने कहा कि अब पश्चिम बंगाल की जनता ने सब कुछ साफ कर दिया है और उन्हें ममता बनर्जी से कुछ कहने की जरूरत नहीं है.

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ममता बनर्जी को अग्निमित्रा की सलाह
बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार (9 मई 2026) को &amp;nbsp;प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के कई बड़े नेताओं की मौजूदगी में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. अग्निमित्रा पॉल के अलावा दिलीप घोष, निसिथ प्रमाणिक, क्षुदिराम टुडू और अशोक कीर्तनिया ने भी मंत्री पद की शपथ ली. अग्निमित्रा पॉल से जब पूछा गया कि क्या भाजपा को एक महिला मुख्यमंत्री चुनना चाहिए था तो उन्होंने कहा कि शुभेंदु अधिकारी का लंबा राजनीतिक अनुभव उन्हें इस पद के लिए सबसे उपयुक्त बनाता है. उन्होंने कहा कि पिछले 30 सालों से सुवेंदु अधिकारी राजनीति में सक्रिय रहे हैं और उन्होंने विधानसभा के अंदर और बाहर पार्टी को मजबूती से नेतृत्व दिया है. उनके अनुसार इस समय उनसे बेहतर कोई विकल्प नहीं था.
बंगाल में शुभेंदु सरकार की क्या प्राथमिकताएं?
नई सरकार की प्राथमिकताओं पर बात करते हुए अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि सबसे पहले कानून व्यवस्था को सुधारना जरूरी है. उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार में पुलिस व्यवस्था का राजनीतिक इस्तेमाल किया गया. उन्होंने कहा कि दूसरी बड़ी प्राथमिकता राज्य में बुनियादी सुविधाओं का विकास करना है. कई जगहों पर लोगों को पानी, घर, सड़क, ड्रेनेज और शौचालय जैसी जरूरी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं. इसके अलावा उन्होंने कहा कि तीसरी सबसे बड़ी जरूरत रोजगार की है. उनके मुताबिक बड़ी संख्या में पश्चिम बंगाल के युवा काम की तलाश में दूसरे राज्यों में चले गए हैं और नई सरकार उन्हें वापस लाकर राज्य में रोजगार के अवसर देने का काम करेगी.
भाजपा ने 207 सीटें जीती
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 207 सीटें जीतकर बड़ी जीत हासिल की है, जबकि तृणमूल कांग्रेस को 80 सीटें मिलीं. शुभेंदु अधिकारी ने इस चुनाव में भाजपा के प्रचार अभियान की अगुवाई की थी और घुसपैठ व हिंदुत्व जैसे मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाया था.
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        <pubDate>Sun, 10 May 2026 10:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>ममता, बनर्जी, न, तो, भगवान, हैं, और, न, ही, कानून, बंगाल, सरकार, में, मंत्री, बनीं, अग्निमित्रा, पॉल, ने, TMC, चीफ, पर, कसा, तंज</media:keywords>
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        <title>TN CM Vijay Oath Ceremony LIVE: तमिलनाडु में &amp;apos;विजय&amp;apos; सरकार, 10 बजे शपथ लेंगे TVK चीफ, राहुल गांधी भी होंगे शामिल</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/tn-cm-vijay-oath-ceremony-live-तमिलनाडु-में-विजय-सरकार-10-बजे-शपथ-लेंगे-tvk-चीफ-राहुल-गांधी-भी-होंगे-शामिल</link>
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        <description><![CDATA[ तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने शनिवार को टीवीके प्रमुख विजय को राज्य का नया मुख्यमंत्री नियुक्त किया. टीवीके चीफ विजय आज सुबह 10 बजे चेन्नई में सीएम पद की शपथ लेंगे. राज्यपाल ने विजय को 13 मई या उससे पहले तक विश्वास मत हासिल करने का समय दिया है.
वीसीके और आईयूएमएल द्वारा टीवीके को सरकार बनाने के लिए समर्थन देने की घोषणा के बाद अभिनेता-राजनेता विजय ने शनिवार को राज्यपाल आर्लेकर से मुलाकात की और उन्हें पार्टियों के उन पत्रों को सौंपा जिनमें बिना शर्त समर्थन देने का वादा किया गया था. विजय ने तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के प्रमुख के. सेल्वपेरुंथगई और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के राज्य सचिव पी. षणमुगम सहित सहयोगी दलों के नेताओं के साथ राज्यपाल से मुलाकात की.&amp;nbsp;
वीसीके और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के पास दो-दो सीट हैं. दोनों पार्टियों के समर्थन को मिलाकर तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) की सीट की संख्या अब 234 सदस्यीय विधानसभा में 120 हो गई है. टीवीके के संस्थापक नेता ने राज्यपाल से उन्हें सरकार बनाने के लिए औपचारिक रूप से आमंत्रित करने का आग्रह किया था. विजय चौथी बार लोकभवन में राज्यपाल से मिलने पहुंचे थे.&amp;nbsp;
विधानसभा चुनावों में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी विजय के नेतृत्व वाली टीवीके के पास शुरुआत में बहुमत के आंकड़े से 10 सीटें कम, यानी 108 सीटें थीं. टीवीके ने अपने पहले विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने के बाद, सरकार बनाने के लिए द्रमुक के सहयोगी दलों कांग्रेस, भाकपा, माकपा और वीसीके से संपर्क किया था और समर्थन मांगा था. हालांकि विजय, जिन्होंने दो सीटों पर जीत हासिल की है, को उनमें से एक सीट छोड़नी पड़ेगी. इससे पार्टी के विधायकों की संख्या घटकर 107 रह जाएगी. टीवीके को समर्थन देने वाली पार्टियों - कांग्रेस के 5 तथा भाकपा, माकपा और वीसीके के 2-2 विधायक हैं.
&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 10 May 2026 10:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Vijay, Oath, Ceremony, LIVE:, तमिलनाडु, में, विजय, सरकार, बजे, शपथ, लेंगे, TVK, चीफ, राहुल, गांधी, भी, होंगे, शामिल</media:keywords>
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        <title>विजय कैबिनेट में कौन&amp;कौन होगा शामिल, कांग्रेस कोटे से कैबिनेट मंत्री बनना तय, किसको मिलेगा कौन&amp;सा विभाग?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/विजय-कैबिनेट-में-कौन-कौन-होगा-शामिल-कांग्रेस-कोटे-से-कैबिनेट-मंत्री-बनना-तय-किसको-मिलेगा-कौन-सा-विभाग</link>
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        <description><![CDATA[ तमिलनाडु में तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) प्रमुख सी जोसेफ विजय आज रविवार (10 मई) को सुबह 10 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं. पार्टी सूत्रों ने शनिवार को जानकारी दी कि विजय नई सरकार में गृह, पुलिस और सामान्य प्रशासन जैसे अहम पोर्टफोलियो अपने पास रख सकते हैं. शपथ ग्रहण समारोह चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में होगा.&amp;nbsp;
9 मंत्री ले सकते हैं शपथ&amp;nbsp;
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने 234 सदस्यों वाली विधानसभा में बहुमत साबित करने वाले पत्र को जमा करने के बाद विजय को औपचारिक रूप से सरकार बनाने के लिए बुलाया. सूत्रों ने कहा कि तमिलनाडु में कैबिनेट बनाने के पहले चरण में विजय के साथ 9 मंत्री भी शपथ ले सकते हैं. समारोह से पहले मंत्रियों और विभागों की एक संभावित लिस्ट भी सामने आई है.&amp;nbsp;
किसको मिलेगा कौनसा विभाग
IANS के मुताबिक, वरिष्ठ नेता के.ए. सेंगोट्टैयन के पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (पीडब्ल्यूडी) संभालने की उम्मीद है, जबकि एन. आनंद को म्युनिसिपल एडमिनिस्ट्रेशन पोर्टफोलियो दिए जाने की संभावना है. सी.टी.आर. निर्मल कुमार बिजली विभाग का चार्ज ले सकते हैं. आधव अर्जुन को स्पोर्ट्स डेवलपमेंट पोर्टफोलियो दिए जाने की उम्मीद है, जबकि राज मोहन के आदि द्रविड़ वेलफेयर डिपार्टमेंट के मंत्री बनने की संभावना है. वी.एन.एस. मुस्तफा के नए कैबिनेट में माइनॉरिटी वेलफेयर संभालने की उम्मीद है.

कांग्रेस को मिलेगी कैबिनेट बर्थ
सूत्रों के मुताबिक पी. वेंकटरमणन को स्कूल एजुकेशन पोर्टफोलियो दिया जा सकता है, जबकि अरुण राज कमर्शियल टैक्स और रजिस्ट्रेशन देख सकते हैं. कांग्रेस को भी कैबिनेट में जगह मिलने की उम्मीद है. सूत्रों ने इशारा किया कि कांग्रेस नेता राजेश कुमार और विश्वनाथन को कैबिनेट मिनिस्टर बनाया जा सकता है.&amp;nbsp;
टीवीके तमिलनाडु इलेक्शन में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन अकेले बहुमत हासिल नहीं कर सकी. इसके बाद विजय को कांग्रेस, सीपीआई, सीपीआई-एम, विदुथलाई चिरुथैगल काची (वीसीके) और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) का सपोर्ट मिला, जिससे अलायंस के विधायकों की संख्या 120 हो गई. इसी तरह तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए बहुमत जुटाया गया.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sun, 10 May 2026 10:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>विजय, कैबिनेट, में, कौन-कौन, होगा, शामिल, कांग्रेस, कोटे, से, कैबिनेट, मंत्री, बनना, तय, किसको, मिलेगा, कौन-सा, विभाग</media:keywords>
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        <title>कर्नाटक के कैबिनेट मंत्री डी. सुधाकर का निधन, अस्पताल में चल रहा था इलाज, डीके शिवकुमार ने जताया दुख</title>
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        <description><![CDATA[ कर्नाटक के कैबिनेट मंत्री डी. सुधाकर का निधन, अस्पताल में चल रहा था इलाज, डीके शिवकुमार ने जताया दुख ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 10 May 2026 10:30:07 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>कर्नाटक, के, कैबिनेट, मंत्री, डी., सुधाकर, का, निधन, अस्पताल, में, चल, रहा, था, इलाज, डीके, शिवकुमार, ने, जताया, दुख</media:keywords>
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        <title>Telangana: हैदराबाद में ऑनर किलिंग का शक! प्रेम प्रसंग में बीटेक छात्र की बेरहमी से हत्या</title>
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        <description><![CDATA[ Hyderabad Murder Case: तेलंगाना के हैदराबाद में प्रेम प्रसंग को लेकर एक बीटेक छात्र की बेरहमी से हत्या कर दी गई. सिकंदराबाद के सीताफलमंडी के इंदिरा नगर इलाके में गुरुवार रात कुछ अज्ञात बदमाशों ने एक युवक पर निशाना बनाकर चाकू से वार कर दिया. चाकू से वार के कारण गंभीर चोटों और ज्यादा खून बहने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई.
मृतक की पहचान यावन के रूप में हुई है, जिसकी उम्र 23 साल है और बीटेक थर्ड ईयर का छात्र है. घटना की सूचना मिलते ही चिल्कालगाड़ा पुलिस स्टेशन की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की.
क्या है हत्या की वजह?
पुलिस का मानना ​​है कि मृतक यावन पिछले चार साल से सीताफलमंडी की एक युवती से प्रेम करना ही इस हत्या का मुख्य कारण है. युवती के परिवार वालों को यह रिश्ता पसंद नहीं था और उन्होंने पहले भी यावन को कई बार चेतावनी दी थी.
तमिलनाडु में &#039;विजय&#039; सरकार पर सस्पेंस! 4 दलों के फैसले पर टिका TVK का भविष्य, राज्यपाल ने भी गरमाई सियासत | बड़े अपडेट्स
बताया जा रहा है कि युवती के परिवार वालों की चेतावनी को नजरअंदाज करते हुए, यावन अक्सर अपने प्रेमिका से मिलने के लिए अक्सर इंदिरा नगर में अपने दोस्तों के पास आता-जाता था और अपनी प्रेमिका से मिलता था. इस बात से नाराज होकर युवती के रिश्तेदारों ने उसे मारने का फैसला किया.
सड़क पर दौड़ाकर किया हमला
गुरुवार रात यावन अपने दोस्त के कमरे में टीवी देख रहा था. तभी तीन बाइकों पर सवार छह बदमाश वहां पहुंचा और उस पर अचानक चाकू से हमला कर दिया. अपनी जान बचाने के लिए यावन सड़क की ओर भागा, लेकिन बदमाशों ने उसका पीछा किया और बीच सड़क पर सबके सामने चाकू से वार किए.&amp;nbsp;
हमले में उसकी गर्दन पर गहरी चोटें आईं और ज्यादा खून बहने की वजह से उसकी मौके पर ही मौत हो गई. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए गांधी अस्पताल भेज दिया है. पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और आरोपियों की पहचान करने की कोशिश कर रही है. यावन के माता-पिता ने अस्पताल में रोते हुए कहा कि उन्होंने सोचा था कि उनका बेटा जल्द ही बड़ा हो जाएगा और अच्छी नौकरी करके उनका पालन-पोषण करेगा, लेकिन उन्होंने उसकी जान ले ली.
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        <pubDate>Sat, 09 May 2026 18:30:14 +0530</pubDate>
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        <title>Chennai: जेल से छूटते ही रची साजिश! एक्स गर्लफ्रेंड को अगवा करने पहुंचा युवक... टैक्सी ड्राइवर ने पलट दिया पूरा खेल</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/chennai-जेल-से-छूटते-ही-रची-साजिश-एक्स-गर्लफ्रेंड-को-अगवा-करने-पहुंचा-युवक-टैक्सी-ड्राइवर-ने-पलट-दिया-पूरा-खेल</link>
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        <description><![CDATA[ Chennai Crime News: तमिलनाडु चेन्नई के पास पेरुंगलथुर इलाके में एक युवती के अपहरण की कोशिश का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक युवक ने अपनी पूर्व प्रेमिका को चाकू की नोक पर कार में अगवा करने की कोशिश की, लेकिन कार ड्राइवर ने सूझबूझ से आरोपी को पुलिस के हवाले करवा दिया.&amp;nbsp;
जानकारी के मुताबिक, चेन्नई के नए पेरुंगलथुर की रहने वाली 22 साल की एक युवती कुछ महीने पहले कोविलपट्टी की एक निजी कंपनी में काम कर रही थी. वहीं उसकी मुलाकात विरुधुनगर जिले के रहने वाले 28 साल के नंदकुमार से हुई थी. दोनों के बीच दोस्ती हुई और फिर यह रिश्ता धीरे-धीरे प्यार में बदल गया. इसके बाद दोनों चेन्नई चले गए. वहां, युवती वल्लकट्टई में एक कूरियर कंपनी में और नंदकुमार ओरगादम क्षेत्र में एक निजी गोदाम में काम कर रहे थे.
&#039;लिविंग टूगेदर&#039; जीवन और जुदाई
दोनों ने कांचीपुरम जिले के वरणवासी इलाके में एक किराए का घर लिया और शादी किए बिना करीब 13 महीने तक &#039;लिविंग टूगेदर&#039; में एक साथ रहे. लेकिन समय के साथ दोनों के बीच विवाद बढ़ने लगे और आखिरकार दोनों अलग हो गए.
नासिक TCS केस: निदा खान की गिरफ्तारी का जिक्र कर AIMIM नेता वारिस पठान बोले, &#039;क्या मुसलमान...&#039;
बताया जा रहा है कि 11 मार्च को नंदकुमार युवती के हॉस्टल पहुंचा था, जहां उससे बात करने के लिए बाहर बुलाकर झगड़ा किया और मारपीट भी की. युवती की शिकायत के आधार पर पीरक्कनकरनई पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया था.&amp;nbsp;
जेल से बाहर आते ही रची साजिश
पिछले महीने अप्रैल में जेल से बाहर आने के बाद नंदकुमार युवती से बदला लेने की योजना बनाने लगा. गुरुवार सुबह वह युवती के काम पर जाने के रास्ते में पहुंचा और एक &#039;कॉल टैक्सी&#039; किराए पर लेकर युवती को जबरदस्ती कार में खींचकर बैठा लिया.
कार के अंदर उसने चाकू दिखाकर युवती को धमकाना शुरू कर दिया. पीछे की सीट पर हो रही इस हरकत को देखकर कार ड्राइवर चौंक गया. उसने समझदारी से काम लिया और कार को मदुरवायल टोल प्लाजा के पास ले जा कर रोक दिया, जहां पुलिस सुरक्षा ड्यूटी पर थी.
&#039;बंगाल में बीजेपी की जीत का श्रेय....&#039;, शुभेंदु अधिकारी की शपथ से पहले सुनेत्रा पवार का बयान
चालक की सूझबूझ से बची युवती
कार रुकते ही ड्राइवर ने पुलिस से मदद मांगी. पुलिसकर्मियों ने तुरंत कार को घेर लिया और चाकू की नोक पर युवती को धमका रहे नंदकुमार को गिरफ्तार कर लिया. युवती को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया.&amp;nbsp;इस पूरी घटना में टैक्सी चालक की बहादुरी और सूझबूझ की लोग जमकर तारीफ कर रहे हैं. ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 09 May 2026 18:30:12 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>Chennai:, जेल, से, छूटते, ही, रची, साजिश, एक्स, गर्लफ्रेंड, को, अगवा, करने, पहुंचा, युवक..., टैक्सी, ड्राइवर, ने, पलट, दिया, पूरा, खेल</media:keywords>
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        <title>VCK के बाद IUML ने भी TVK को दिया समर्थन, तमिलनाडु में 120 विधायकों के साथ विजय बनाएंगे सरकार</title>
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        <description><![CDATA[ तमिलनाडु की विजय सरकार का सत्ता संभालने का रास्ता साफ हो गया है. वीसीके ने शनिवार को टीवीके को समर्थन देने का फैसला किया है. विजय के पास 116 विधायकों का समर्थन था. इधर, टीवीके को इंडियन मु्स्लिम लीग (IUMLS) ने भी समर्थन दे दिया है. अब आंकड़ा बढ़कर 120 हो गया है.&amp;nbsp; 
शनिवार की शाम को वीसीके की अहम मीटिंग थी. इसमें टीवीके को समर्थन देने पर फैसला लेना था. मीटिंग में विजय को समर्थन देने पर सहमति बनी. अब राज्य के अगले मुख्यमंत्री विजय बन सकते हैं. वीसीके ने बिना किसी शर्त के टीवीके को समर्थन दिया है.
4 मई को आए नतीजे ने तमिलनाडु में सभी को चौंका दिया था. यहां टीवीके ने डीएमके और एआईडीएमके को पछाड़ते हुए, राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनी. हालांकि, 108 के आंकड़े तक ही पहुंच सकी, और बहुमत से 10 सीट पीछे रह गईं. इसके बाद कांग्रेस के पांच विधायकों का समर्थन टीवीके को मिला, वहीं, सीपीआई और सीपीआईएम के दो दो विधायकों ने भी सपोर्टि किया. इससे आंकड़ा बढ़कर 116 पर पहुंच गया. अब वीसीके ने टीवीके को समर्थन दिया है. टीवीके ने सभी समर्थन करने वाली पार्टियों का आभार जताया है, साथ ही पार्टी के नेता अर्जुन ने कहा है कि अब विजय सरकार बनाने के लिए तैयार हैं.

AIADMK चीफ के बयान ने पहले ही बढ़ा दी थी हलचलइधर, कुछ देर पहले AIADMK के चीफ एडप्पादी के. पलानीस्वामी के एक पोस्ट ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी थी. उन्होंने एक पोस्ट में सरकार बनाने वाली पार्टी को बधाई दी थी. ऐसे में टीवीके के समर्थन को लेकर अटकलें तेज हो गई थीं. पलानीस्वामी ने एक पोस्ट करते हुए कहा था कि हाल ही में संपन्न 17वें तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में विभिन्न राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा. जीत दर्ज की. मैं तमिलनाडु में सरकार बनाने वाली पार्टी को अपनी हार्दिक बधाई देता हूं.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ेंः&amp;nbsp;Eknath Shinde On BJP: बंगाल की जीत पर एकनाथ शिंदे का बड़ा बयान, कहा- &amp;lsquo;मोदी-शाह रणनीति की जीत&#039; ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 09 May 2026 18:30:11 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>VCK, के, बाद, IUML, ने, भी, TVK, को, दिया, समर्थन, तमिलनाडु, में, 120, विधायकों, के, साथ, विजय, बनाएंगे, सरकार</media:keywords>
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        <title>बंगाल की शुभेंदु सरकार में दिखी BJP की सोशल इंजीनियरिंग, ब्राह्मण से लेकर मतुआ&amp;राजवंशी के तक, सबको साधने की कोशिश</title>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल की राजनीति में पहली बार बीजेपी ने सत्ता हासिल कर इतिहास रच दिया है. ममता बनर्जी के लंबे समय से मजबूत माने जाने वाले गढ़ को ध्वस्त करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत बीजेपी के कई बड़े नेता मौजूद रहे. शुभेंदु अधिकारी के साथ दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, निशीथ प्रामाणिक, अशोक कीर्तनिया और खुदीराम टुडू ने मंत्री पद की शपथ ली. बीजेपी ने इस नई टीम के जरिए साफ संकेत दिया है कि अब बंगाल में पार्टी सिर्फ ध्रुवीकरण नहीं, बल्कि सोशल इंजीनियरिंग और क्षेत्रीय संतुलन के दम पर लंबी राजनीतिक पारी खेलने की तैयारी में है.
भद्रलोक और माहिश्य समीकरण पर बीजेपी का दांवबीजेपी ने शुभेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री बनाकर बंगाल के भद्रलोक वर्ग और माहिश्य समुदाय दोनों को साधने की कोशिश की है. शुभेंदु एक प्रभावशाली ब्राह्मण परिवार से आते हैं, लेकिन उनकी राजनीतिक ताकत पूर्वी मेदिनीपुर के माहिश्य समाज में मानी जाती है. बीजेपी ने उनके जरिए सवर्ण, बौद्धिक और पारंपरिक नेतृत्व वर्ग को संदेश दिया है कि सत्ता अनुभवी और जमीनी नेता के हाथों में है.
मतुआ वोट बैंक को साधने की रणनीतिदक्षिण बंगाल में निर्णायक भूमिका निभाने वाले मतुआ समुदाय को साधने के लिए बीजेपी ने अशोक कीर्तनिया को मंत्री बनाया है. उत्तर और दक्षिण 24 परगना तथा नदिया जिलों में मतुआ समाज का बड़ा प्रभाव है. बीजेपी ने CAA के बाद अब सत्ता में हिस्सेदारी देकर यह संदेश देने की कोशिश की है कि मतुआ समुदाय सिर्फ वोट बैंक नहीं, बल्कि सत्ता का भागीदार भी है.
राजवंशी चेहरों से उत्तर बंगाल को साधने की कोशिशउत्तर बंगाल लंबे समय से उपेक्षा का आरोप लगाता रहा है. बीजेपी ने निशीथ प्रामाणिक को मंत्री बनाकर राजवंशी समुदाय को बड़ा प्रतिनिधित्व दिया है. इसके जरिए पार्टी ने कूचबिहार, जलपाईगुड़ी और दिनाजपुर जैसे इलाकों में अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति बनाई है.
जंगलमहल और आदिवासी वोटरों को साधने का प्रयासपुरुलिया, बांकुरा और झाड़ग्राम जैसे क्षेत्रों में बीजेपी को आदिवासी समाज का मजबूत समर्थन मिला था. खुदीराम टुडू को मंत्रिमंडल में शामिल कर बीजेपी ने जंगलमहल के आदिवासी वोटरों को बड़ा संदेश दिया है. पार्टी इसे आदिवासी सम्मान और विकास से जोड़कर पेश कर रही है.
महिला वोट बैंक में सेंध लगाने की तैयारीममता बनर्जी का सबसे मजबूत आधार महिला वोट बैंक माना जाता रहा है. बीजेपी ने अग्निमित्रा पॉल को मंत्री बनाकर शहरी, शिक्षित और कामकाजी महिलाओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश की है. अग्निमित्रा पॉल को आधुनिक और सशक्त बंगाली महिला चेहरे के रूप में पेश किया जा रहा है.
दिलीप घोष के जरिए ओबीसी कार्डबीजेपी के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष को मंत्रिमंडल में शामिल करना पार्टी की सोशल इंजीनियरिंग का अहम हिस्सा माना जा रहा है. सद्गोप समुदाय से आने वाले दिलीप घोष के जरिए बीजेपी ने पिछड़े वर्गों को बड़ा संदेश दिया है. उनकी मजबूत संगठनात्मक पकड़ और आरएसएस पृष्ठभूमि को बीजेपी बंगाल में अपनी स्थायी ताकत बनाने के लिए इस्तेमाल करना चाहती है.
क्षेत्रीय संतुलन पर खास फोकसनई कैबिनेट में उत्तर बंगाल, जंगलमहल, औद्योगिक बेल्ट और तटीय इलाकों को प्रतिनिधित्व दिया गया है. बीजेपी ने यह दिखाने की कोशिश की है कि नई सरकार सिर्फ कोलकाता केंद्रित नहीं होगी, बल्कि पूरे बंगाल के क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखकर चलेगी.
&amp;lsquo;कास्ट प्लस हिंदुत्व&amp;rsquo; मॉडल पर आगे बढ़ रही बीजेपीविशेषज्ञ मानते हैं कि बीजेपी ने बंगाल में वही सोशल इंजीनियरिंग मॉडल अपनाया है, जिसने उसे उत्तर प्रदेश और बिहार में सफलता दिलाई थी. ब्राह्मण नेतृत्व, मतुआ समुदाय को सुरक्षा, राजवंशियों को सम्मान और आदिवासियों को प्रतिनिधित्व देकर बीजेपी ने बंगाल की राजनीति में नया सामाजिक समीकरण तैयार करने की कोशिश की है.यह भी पढ़ें:&amp;nbsp;तमिलनाडु में नई सरकार पर सस्पेंस बरकार! VCK ने TVK के समर्थन के लिए विजय के सामने रखी ये शर्तयह भी पढ़ें:&amp;nbsp;विजय के शपथ पर ग्रहण, VCK डिप्ट CM पर अड़ी, गवर्नर बोले- सिर्फ 116 MLAs की आयी लिस्ट
&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 09 May 2026 18:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>बंगाल, की, शुभेंदु, सरकार, में, दिखी, BJP, की, सोशल, इंजीनियरिंग, ब्राह्मण, से, लेकर, मतुआ-राजवंशी, के, तक, सबको, साधने, की, कोशिश</media:keywords>
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        <title>‘भ्रष्टाचारियों को मुख्यमंत्री बनाने की परंपरा निभा रही BJP’, शुभेंदु अधिकारी को बंगाल का CM बनाने पर संजय राउत का भाजपा पर हमला</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/भ्रष्टाचारियों-को-मुख्यमंत्री-बनाने-की-परंपरा-निभा-रही-bjp-शुभेंदु-अधिकारी-को-बंगाल-का-cm-बनाने-पर-संजय-राउत-का-भाजपा-पर-हमला</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/भ्रष्टाचारियों-को-मुख्यमंत्री-बनाने-की-परंपरा-निभा-रही-bjp-शुभेंदु-अधिकारी-को-बंगाल-का-cm-बनाने-पर-संजय-राउत-का-भाजपा-पर-हमला</guid>
        <description><![CDATA[ शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे (UBT) गुट के नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के रूप में शुभेंदु अधिकारी को चुनने को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) का सभी को अभिनंदन करना चाहिए, जो अपनी परंपरा को कभी नहीं तोड़ते हैं. परंपरा कायम रखने में उनका हाथ कोई पकड़ नहीं पाएगा.
भाजपा और शुभेंदु अधिकारी को लेकर बोले संजय राउत
उन्होंने शुक्रवार (8 मई, 2026) को कहा, &amp;lsquo;पश्चिम बंगाल की नई भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा हो गई है. शुभेंदु अधिकारी कल शनिवार (9 मई, 2026) को बंगाल के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे, लेकिन यह ताजुब की बात है कि इन्हीं शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लोगों ने, पूरी बीजेपी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी मुहिम चलाई थी. उन्हें ऑन कैमरा रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया था, ऑन कैमरा! और तब पूरी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के ट्विटर हैंडल और सोशल मीडिया पर महीनों-महीनों तक सिर्फ शुभेंदु अधिकारी ही चल रहे थे, कि शुभेंदु कितने भ्रष्ट व्यक्ति हैं.&amp;rsquo;
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उन्होंने कहा, &amp;lsquo;इस भ्रष्ट व्यक्ति (शुभेंदु अधिकारी) के ऊपर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रेड्स हो गईं, फिर ये महान व्यक्ति भारतीय जनता पार्टी (BJP) में जाकर शामिल हो गया और आज उसे पश्चिम बंगाल का मुख्यमंत्री बना दिया गया है. तो एक भ्रष्ट व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाने की भाजपा की जो परंपरा है, वो भी बाहर से आने वाले व्यक्ति को तो, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी उस परंपरा को पूरी तरह से कायम रखा है और इसके लिए मैं उन्हें बहुत-बहुत अभिनंदन देता हूं.&amp;rsquo;

तमिलनाडु को लेकर क्या बोले संजय राउत?
शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा, &amp;lsquo;राजनीति में ऐसा होता है, तमिलनाडु की राजनीति बहुत चंचल है. बहुत ही चंचल है. अब बात ऐसी है कि स्टालिन साहब (एमके स्टालिन) से राहुल गांधी ने इस बारे में खुलकर बात की है कि एनडीए (NDA) की सरकार रोकने के लिए हमको ये निर्णय लेना पड़ेगा और आप भी उसमें शामिल हो जाइए. मुझे लगता है कि धीरे-धीरे ये मामला सुलझ जाएगा.&amp;rsquo;
उन्होंने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद ने कल शुक्रवार (8 मई, 2026) को हरियाणा के एक रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी के बारे में कहा और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बारे में भी बात की.&amp;rsquo;
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        <pubDate>Sat, 09 May 2026 18:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>‘भ्रष्टाचारियों, को, मुख्यमंत्री, बनाने, की, परंपरा, निभा, रही, BJP’, शुभेंदु, अधिकारी, को, बंगाल, का, बनाने, पर, संजय, राउत, का, भाजपा, पर, हमला</media:keywords>
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        <title>‘नफरत के माहौल में मोहब्बत की दुकान का नारा मेरा नहीं’, ऐसा क्यों बोले राहुल गांधी</title>
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        <description><![CDATA[ लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शुक्रवार (8 मई, 2026) को हरियाणा के गुरुग्राम जिले में सद्भाव यात्रा निकाली. इस दौरान एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि नफरत के माहौल में मोहब्बत के दुकान, ये हमारा नारा नहीं है. ये आपलोगों से मिला है. उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान में यात्रा का ट्रेडिशन है, इससे जनता को और यात्रा करने वाले सबको फायदा होता है. कांग्रेस पार्टी के हर युवा नेता को हर स्टेट में ये यात्रा करनी चाहिए.
चुनाव आयोग और ब्यूरोक्रेसी सब इनके कंट्रोल में हैः राहुल गांधी
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा, &amp;lsquo;आपलोगों को पता है यहां का चुनाव भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने चोरी किया है. उन्होंने मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और अब पश्चिम बंगाल के सथ असम में भी यही किया है. बीजेपी ने चुनाव चोरी का एक सिस्टम बना लिया है. वे लाखों नाम काट देते हैं, लाखों नाम जोड़ देते हैं. चुनाव आयोग, ब्यूरोक्रेसी इनके कंट्रोल में है और ये सोचते हैं कि इनका राज अब रुक नहीं सकता है.&amp;rsquo;
यह भी पढ़ेंः TVK चीफ विजय ने पेश किया सरकार बनाने का दावा, &#039;थलापति&#039; के पास 121 विधायकों का समर्थन
अडानी-अंबानी को दिया जा रहा देश का धनः राहुल गांधी
उन्होंने कहा, &amp;lsquo;इनका टाइम आने वाला है, क्योंकि जनता को ये बात समझ आ गई है कि नरेंद्र मोदी जी और अमित शाह जी देश को बेचने का काम करते हैं. एयरपोर्ट, बंदरगाह, इंफ्रास्ट्रक्चर, पावर प्लांट और अब निकोबार आइलैंड मतलब पूरा का पूरा वहां अडानी जी को बेचा जा रहा है. हरियाणा का सबसे बड़ा मुद्दा बेरोजगारी है. ये सिर्फ हरियाणा का हाल नहीं है, बल्कि पुरे देश में यही हाल है. युवाओं को रोजगार नहीं मिल सकता है, लेकिन अडानी और अंबानी को देश का धन दिया जाता है और चाइना का माल देश में बेचा जाता है.&amp;rsquo;

US-इंडिया डील पर क्या बोले राहुल गांधी?
राहुल गांधी ने कहा, &amp;lsquo;कुछ दिन पहले अमेरिका और इंडिया की डील हुई. डील में अमेरिका ने भारत को क्या दिया है और भारत ने अमेरिका को क्या दिया है, ये मैं बताता हूं. ये डील अमेरिका के दबाव में की गई है. ऐसा डील कोई प्रधानमंत्री नहीं कर सकता, न तो कांग्रेस, न बीजेपी और न ही कोई और पार्टी. हमारा कृषि का सेंटर अमेरिका के हाथों में दे दिया. अमेरिका के किसान अपना सामान अब भारत में बेचेंगे और हिंदुस्तान के सारे के सारे किसान बर्बाद होने जा रहे हैं.&amp;rsquo;
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        <pubDate>Sat, 09 May 2026 06:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>‘नफरत, के, माहौल, में, मोहब्बत, की, दुकान, का, नारा, मेरा, नहीं’, ऐसा, क्यों, बोले, राहुल, गांधी</media:keywords>
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        <title>विजय सरकार पर ग्रहण, सिर्फ 116 MLAs का समर्थन, कांग्रेस ने विधायकों को बेंगलुरु किया शिफ्ट, कल VCK लेगी फैसला</title>
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        <description><![CDATA[ तमिलनाडु में चुनाव बाद ड्रामेबाजी शुक्रवार (8 मई, 2026) की देर रात उस वक्त देखी गई, जब टीवीके चीफ विजय को शनिवार (9 मई, 2026) को शपथ लेना था, लेकिन आखिरी वक्त पर समर्थन देने से वीसीके मुकर गई. इसके बाद राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर को आधिकारिक तौर पर शपथ ग्रहण के ऐलान में देरी करने पड़ी है. इस बीच सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस पार्टी ने अपने पांचों विधायकों को चेन्नई से बेंगलुरु में शिफ्ट कर दिया है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, राज्यपाल अर्लेकर अभी वीसीके के समर्थन पत्र का इंतजार रहे हैं. जबकि इससे पहले विजय ने तीसरी बार राजभवन जाकर राज्यपाल से मुलाकात की और उन्हें 116 विधायकों के समर्थन वाला लेटर सौंपा. हालांकि, अभी भी सरकार के लिए जरूरी बहुमत से 2 का आंकड़ा कम है.
इससे पहले यह कहा जा रहा था कि VCK और IUML ने टीवीके को समर्थन दे दिया है, जिससे अब विजय के गठबंधन का आंकड़ा 121 तक पहुंच गया था. इसी आधार पर शनिवार (9 मई) की सुबह 11 बजे विजय के शपथ लेने की चर्चा थी, लेकिन घटनाक्रम में फिर मोड़ आया, जब IUML ने टीवीके को समर्थन देने की खबरों का खंडन कर दिया और कहा कि वह DMK के साथ ही बनी रहेगी.
राज्यपाल समर्थन पत्र मिलने के बाद ही करेंगे शपथ ग्रहण की घोषणा
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले दो घंटों से टीवीके नेता VCK प्रमुख थोल. तिरुमावलवन से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनका पता नहीं चल पा रहा है. राजभवन के कहा गया कि राज्यपाल कार्यालय VCK का औपचारिक समर्थन पत्र मिलने के बाद ही शपथ ग्रहण समारोह की घोषणा करेगा. पार्टी शनिवार (9 मई) को TVK को समर्थन देने पर फैसला करेगी.
यह भी पढ़ेंः &amp;lsquo;नफरत के माहौल में मोहब्बत की दुकान का नारा मेरा नहीं&amp;rsquo;, ऐसा क्यों बोले राहुल गांधी
विजय को किस-किस पार्टी का मिला समर्थन?
थलापति विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) को कांग्रेस, CPI और CPI(M) का समर्थन मिल चुका है. गौरतलब है कि VCK, CPI और CPI(M) पहले DMK के सहयोगी रहे हैं. वहीं, शपथ ग्रहण में देरी के पीछे आखिरी समय की राजनीतिक सौदेबाजी भी बताई जा रही है.

AMMK महासचिव ने कही हैरान करने वाली बात
AMMK के महासचिव टीटीवी दिनाकरन ने कहा, &amp;lsquo;मैं AIADMK का समर्थन कर रहा हूं. मैंने सरकार बनाने के लिए एडप्पादी पलानीस्वामी के समर्थन में यह पत्र सौंपा है. हमारे विधायक कामराज ने भी इस पर हस्ताक्षर किए हैं और इसे मेरे सचिव के जरिए भेजा है. जब मैंने TVK देखा, तो मैं हैरान रह गया, क्योंकि वहां कोई दूसरा ही पत्र था, शायद कोई जाली पत्र या फिर यह विधायकों की खरीद-फरोख्त हो सकती है.&amp;rsquo;
उन्होंने कहा, &amp;lsquo;मैंने अपने विधायक को फोन किया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया. उन्होंने शाम करीब 6:30 बजे इस पत्र पर हस्ताक्षर किए थे और इसे यहां भेजा था. जब मैंने टीवी पर देखा कि हमारी पार्टी ने विजय का समर्थन किया है, तो मैं हैरान रह गया. इसलिए मैंने राज्यपाल से मिलने का समय लिया और उन्हें वह पत्र सौंपकर उनसे इस मामले की जांच करने का आग्रह किया. मुझे लगता है कि यह जाली है या फिर विधायकों की खरीद-फरोख्त का मामला है. उन्हें इसकी अनुमति नहीं देनी चाहिए.&amp;rsquo;
यह भी पढे़ंः केरल में क्यों नहीं अब तक मुख्यमंत्री पर हो पाया फैसला? जीत के बाद क्या है वहां पर कांग्रेस की किच-किच ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 09 May 2026 06:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>विजय, सरकार, पर, ग्रहण, सिर्फ, 116, MLAs, का, समर्थन, कांग्रेस, ने, विधायकों, को, बेंगलुरु, किया, शिफ्ट, कल, VCK, लेगी, फैसला</media:keywords>
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        <title>Suvendu Adhikari Oath: बंगाल में ऐतिहासिक शपथ ग्रहण समारोह, शुभेंदु अधिकारी लेंगे मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ; जुटेगा फेमस हस्तियों का जमावड़ा</title>
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        <description><![CDATA[ BJP First Govt Formation In Bengal: बंगाल में बीजेपी ने सरकार गठन की तैयारी पूरी कर ली है. साथ ही विधायक दल के नेता के तौर पर शुभेंदु अधिकारी को पहला बीजेपी मुख्यमंत्री बंगाल के लिए चुन लिया गया है. यह हाई प्रोफाइल समारोह शनिवार को 9 मई की सुबह 10 बजे होगा. आयोजन मशहूर ब्रिगेड परेड ग्राउंड पर किया जाएगा. इसी के साथ टीएमसी का 15 साल का राज्य में शासन पूरी तरह से खत्म हो जाएगा.&amp;nbsp;
अब माना जा रहा है कि बंगाल में ऐतिहासिक तौर पर यह सबसे बड़ा राजनीतिक जमावड़ा हो सकता है. बीजेपी ने लगभग इस कार्यक्रम के लिए 1 हजार वीवीआईपी कार्ड और गणमान्य व्यक्तियों के लिए लगभग 9 हजार इनविटेशन कार्ड भेजे हैं. कार्यक्रम में पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह समेत कई नेता जुटेंगे. इनके अलावा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता और पार्टी पदाधिकारी शामिल होने जा रहे हैं.&amp;nbsp;
समारोह में बीजेपी ने इन्हें भेजा आमंत्रण कार्ड
बंगाल के इस शपथ ग्रहण समारोह में पहली बार जो मेहमानों की लिस्ट है, उसे राजनीति से इतर रखा गया है. यह इंडस्ट्रियल और कल्चरल के जुड़ाव के साथ सोनार बांग्ला यानी स्वर्णिम बंगाल को कोशिशों को दर्शाती है. बीजेपी ने उद्योगपतियों में संजय बुधिया और सज्जन भंजका जैसे कारोबारी नेताओं को न्यौता भेजा है. साथ ही कल्चरल हस्तियों में से मशहूर डांसर और एक्ट्रेस ममता शंकर, लेखक, कलाकार और फिल्मी हस्तियों को आमंत्रित किया है. इनके अलावा कई जज और रिटायर्ड जज इस कार्यक्रम में शामिल हुए हैं. वहीं, बंगाल के प्रतिष्ठित परिवार, बंगाल की जानीमानी हस्तियों और अनुभवी राजनेताओं के परिवार को न्यौता भेजा है.&amp;nbsp;
50 हजार से ज्यादा कुर्सियां और 20 एंट्री गेट बनाए गए
शपथ ग्रहण वाले मैदान पर 50 हजार से ज्यादा कुर्सियां लगाई गई है. करीबन 4 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है. इसके अलावा 20 एंट्री गेट तैयार किए गए हैं. कोलकाता पुलिस ने 9 मई को एक बड़ी ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है. इसमें VVIP आवागमन को बनाए रखने के लिए कई रास्तों और वाहनों को बैन कर दिया गया है. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि समारोह सुबह 10 बजे शुरू होगा. इसके साथ ही बीजेपी की कैबिनेट का गठन का होगा.&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 09 May 2026 06:30:08 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>Suvendu, Adhikari, Oath:, बंगाल, में, ऐतिहासिक, शपथ, ग्रहण, समारोह, शुभेंदु, अधिकारी, लेंगे, मुख्यमंत्री, के, तौर, पर, शपथ, जुटेगा, फेमस, हस्तियों, का, जमावड़ा</media:keywords>
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        <title>शुभेंदु&amp;हिमंता ही नहीं, दूसरे दलों से बीजेपी में आकर सीएम बनने वालों की लंबी है फेहरिस्त</title>
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        <description><![CDATA[ भारत के नक्शे में आज के वक्त में कुल 28 राज्य और 8 केंद्र शासित प्रदेश हैं, जिसमें से 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में आज भारतीय जनता पार्टी (BJP) और उसके नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की सहयोगी दलों की गठबंधन सरकार है. इस लिस्ट में अब पश्चिम बंगाल भी शामिल हो गया है, जहां आजादी के बाद से पहली बार भाजपा की सरकार बनने वाली है, जिसके मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी होंगे. हालांकि, आज हम आपको भाजपा के उन मुख्यमंत्रियों की बारे में बता रहे हैं, जिन्होंने अपनी राजनीतिक करियर की शुरुआत अन्य पार्टी से की, लेकिन भाजपा में शामिल होने के बाद वह मुख्यमंत्री पद तक पहुंचे.
लिस्ट में कौन-कौन से नेता शामिल?
शुभेंदु अधिकारीः सबसे पहले हम पश्चिम बंगाल की बात करते हैं, जहां इस बार हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने प्रचंड बहुमत के साथ ऐतिहासिक जीत हासिल की है. भाजपा ने शुक्रवार (8 मई, 2026) को हुई विधायक दल की बैठक में शुभेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री पद के लिए चुना है, लेकिन शुभेंदु अधिकारी ने अपनी राजनीतिक करियर की शुरुआत भाजपा के साथ नहीं, बल्कि कांग्रेस के साथ शुरू की थी.
शुभेंदु अधिकारी 1995 से 2000 तक कांग्रेस पार्टी के सदस्य रहे. इसके बाद उन्होंने साल 2000 में तृणमूल कांग्रेस की सदस्यता हासिल की. TMC में शामिल होने के बाद शुभेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल विधानसभा में कई बार विधायक से लेकर लोकसभा के सांसद तक रह चुके हैं. हालांकि, दिसंबर 2020 में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (TMC) का साथ छोड़ दिया और वे भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए.
यह भी पढ़ेंः Bengal CM: पश्चिम बंगाल के नए सीएम के ऐलान के बाद जानें शुभेंदु अधिकारी का पहला रिएक्शन
हिमंत बिस्वा सरमाः भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कद्दावर नेता कहे जाने वाले असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का नाम भी इस लिस्ट में शामिल है. हिमंत बिस्वा सरमा ने अपनी राजनीतिक करियर की शुरुआत साल 1991 में कांग्रेस पार्टी के साथ की थी. हालांकि, वे साल 2015 में कांग्रेस का साथ छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए थे. भाजपा में शामिल होने के बाद हिमंत बिस्वा सरमा साल 2021 में असम के 15वें मुख्यमंत्री बने.
सम्राट चौधरीः हाल ही में बिहार के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालने वाले भाजपा नेता सम्राट चौधरी भी इस लिस्ट में शामिल हैं. सम्राट चौधरी ने साल 1990 में समता पार्टी से अपनी राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी. इसके बाद वे 1999 में समता पार्टी को छोड़कर लालू यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) में शामिल हो गए थे. फिर 2014 में वे आरजेडी से त्याग पत्र देकर नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) में शामिल हो गए. इसके बाद सम्राट चौधरी ने साल 2017 में जद(यू) का साथ छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ज्वाइन कर ली. भाजपा में शामिल होने के बाद सम्राट चौधरी बिहार के कई मंत्री पदों पर रहे. इसके बाद उन्होंने बिहार के उपमुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी भी संभाली और अब नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद वे बिहार के 24वें मुख्यमंत्री बने हैं.
सर्बानंद सोनोवालः वर्तमान में पोर्ट, शिपिंग और वॉटरवेज के केंद्रीय मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालने वाले सर्बानंद सोनोवाल हिमंत बिस्वा सरमा के कार्यकाल से पहले असम के 14वें मुख्यमंत्री रह चुके हैं. सोनोवाल ने साल 2001 में असोम गन परिषद (AGP) के साथ अपनी राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी. इसके बाद वे 2011 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए थे. &amp;nbsp;
पेमा खांडूः चीन के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करने वाले भारतीय राज्य अरुणाचल प्रदेश के 9वें मुख्यमंत्री पेमा खांडू भी साल 2016 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हुए थे. इससे पहले पेमा खांडू भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सदस्य थे.
एन. बीरेन सिंहः मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने भी साल 2017 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ज्वाइन की थी. भाजपा से पहले बीरेन सिंह साल 2004 से लेकर 2016 तक कांग्रेस पार्टी के सदस्य रह चुके हैं और उससे पहले 2002 से 2004 तक वे डेमोक्रेटिक रिवोल्यूशनरी पीपल्स पार्टी के सदस्य थे.
युमनाम खेमचंद सिंहः मणिपुर में एन. बीरेन सिंह के बाद 13वें मुख्यमंत्री के तौर पर राज्य की सत्ता संभालने वाले भाजपा नेता युमनाम खेमचंद सिंह का नाम भी इस लिस्ट में शामिल है. जो साल 2013 में भाजपा में शामिल हुए थे. इससे पहले खेमचंद 2002 में एन. बीरेन सिंह के साथ ही डेमोक्रेटिक रिवोल्यूशनरी पीपल्स पार्टी में शामिल थे.
मानिक साहाः भारत के उत्तर-पूर्वी राज्य त्रिपुरा के 11वें मुख्यमंत्री मानिक साहा का नाम भी इस लिस्ट में शामिल है, जिन्होंने दूसरी पार्टी के साथ अपनी राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी, लेकिन आज वे भाजपा शासित राज्य के मुख्यमंत्री पद पर आसीन हैं. मानिक साहा साल 2016 में भाजपा में शामिल हुए थे. इससे पहले वे कांग्रेस पार्टी के साथ थे. &amp;nbsp;
अर्जुन मुंडाः स्वतंत्र झारखंड के दूसरे मुख्यमंत्री रह चुके अर्जुन मुंडा साल 2000 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हुए थे. भाजपा में शामिल होने से पहले अर्जुन मुंडा 1980 से 2000 तक झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के सदस्य रह चुके हैं. हालांकि, भाजपा में शामिल होने के बाद मुंडा झारखंड के सीएम पद और बाद में पीएम नरेंद्र मोदी की सरकार में केंद्रीय मंत्री भी रह चुके हैं.
बसवराज बोम्मईः इस लिस्ट में वर्तमान में भाजपा के लोकसभा सांसद और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके बसवराज बोम्मई का नाम भी शामिल है. बोम्मई ने 1992 में जनता दल के साथ अपनी राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी. इसके बाद वे 2004 में जद(यू) में शामिल हो गए, फिर उन्होंने 2008 में जदयू से इस्तीफा देकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ज्वाइन कर ली. भाजपा में शामिल होने के बाद बोम्मई साल 2021 में कर्नाटक के 23वें मुख्यमंत्री बने थे.
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        <pubDate>Sat, 09 May 2026 06:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>शुभेंदु-हिमंता, ही, नहीं, दूसरे, दलों, से, बीजेपी, में, आकर, सीएम, बनने, वालों, की, लंबी, है, फेहरिस्त</media:keywords>
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        <title>शुभेंदु अधिकारी लेंगे बंगाल के नए सीएम पद की शपथ, चुनाव जीतने पर जानें क्या बोलीं बांग्लादेश की पूर्व PM शेख हसीना</title>
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        <guid>https://hindi.attentionindia.com/शुभेंदु-अधिकारी-लेंगे-बंगाल-के-नए-सीएम-पद-की-शपथ-चुनाव-जीतने-पर-जानें-क्या-बोलीं-बांग्लादेश-की-पूर्व-pm-शेख-हसीना</guid>
        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल में भाजपा के नवनिर्वाचित विधायक दल की बैठक के बाद सेंट्रल ऑब्जर्बर के तौर पर नियुक्त केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री पद के लिए शुभेंदु अधिकारी के नाम की घोषणा कर दी है. राज्य के भवानीपुर विधानसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी को हराने वाले भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी अब बंगाल की सत्ता संभालेंगे. इस बीच बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और अवामी लीग की प्रमुख शेख हसीना ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को प्रचंड जीत हासिल करने के लिए बधाई दी है.
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के सभी विजेताओं को हार्दिक बधाई देती हूं. इस दौरान उन्होंने पश्चिम बंगाल और भारत के लिए सफलता और समृद्धि की भी कामना की. बांग्लादेश की पूर्व पीएम का यह बयान ऐसे समय पर सामने आया है जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पश्चिम बंगाल में प्रचंड बहुमत के साथ जीत हासिल करने के बाद राज्य के मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा कर दी है.
यह भी पढ़ेंः Bengal CM: पश्चिम बंगाल के नए सीएम के ऐलान के बाद जानें शुभेंदु अधिकारी का पहला रिएक्शन
शुभेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री बनने पर क्या बोलीं अग्निमित्रा पॉल?
भारतीय जनता पार्टी (BJP) की नेता अग्निमित्रा पॉल ने बंगाल में भाजपा विधायक दल की बैठक में सीएम के लिए शुभेंदु अधिकारी के नाम पर घोषणा पर कहा कि बंगाल को पिछले 50 सालों में कुछ भी नहीं मिला है, लेकिन हम बंगाल को सब कुछ देंगे और इसमें सबसे पहले लॉ एंड ऑर्डर, महिला का सम्मान देंगे.

#WATCH | Kolkata, West Bengal: BJP leader Agnimitra Paul says, &quot;The Bengal that has received nothing for the past 50 years&amp;mdash;we will give everything to that Bengal today, and restoring the honor of women and the safety of all is our responsibility, and this is our promise, it is PM&amp;hellip; pic.twitter.com/fVlr3UHD9G
&amp;mdash; ANI (@ANI) May 8, 2026



उन्होंने कहा, &amp;lsquo;बंगाल में मां दुर्गा और मां काली की पूजा होती है, उन्हें सम्मान दिया जाता है, लेकिन असल में मां दुर्गा-मां काली का सम्मान कहां है, तो सबसे सम्मान और सबकी सुरक्षा वापस लाना ये हमारा वादा है, भाजपा का वादा है, पीएम मोदी का वादा है.&amp;rsquo; उन्होंने आगे कहा, &amp;lsquo;हम लोग सभी मोदी जी के सैनिक हैं, भाजपा के सैनिक हैं. इससे ज्यादा हमें किसी भी चीज की उम्मीद नहीं है. सिर्फ डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का सपना का साकार करना है.&amp;rsquo;

बंगाल की जनता का बहुत-बहुत आभारः प्रमाणिक

#WATCH | Kolkata, West Bengal: BJP leader Nisith Pramanik says, &quot;This victory is certainly a victory for every person in Bengal who dreamed of change in Bengal... The BJP has a huge responsibility. Infiltration and infiltrators have certainly been a huge problem for West&amp;hellip; pic.twitter.com/XU6rigvW7n
&amp;mdash; ANI (@ANI) May 8, 2026



वहीं, भाजपा नेता निशिथ प्रमाणिक ने कहा, &amp;lsquo;ये जीत बंगाल के हर उस व्यक्ति की जीत है, जिसनें दोनों आंखों से पश्चिम बंगाल में परिवर्तन का सपना देखा, लॉ एंड ऑर्डर दुरुस्त करने का सपना देखा और पिछले 15 साल से बंगाल की जो गरिमा खो गई थी, उसको फिर से स्थापित करने का सपना देखा. आज हम उन सभी लोगों को दिल से धन्यवाद करते हैं, जिन्होंने दोनों हाथ उठाकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) को अपना समर्थन और आशीर्वाद दिया.&amp;rsquo;
यह भी पढ़ेंः शुभेंदु अधिकारी: पिता रहे कैबिनेट मंत्री, खुद नहीं की शादी, कांग्रेस से CM की कुर्सी तक का सफर ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 09 May 2026 06:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>शुभेंदु, अधिकारी, लेंगे, बंगाल, के, नए, सीएम, पद, की, शपथ, चुनाव, जीतने, पर, जानें, क्या, बोलीं, बांग्लादेश, की, पूर्व, शेख, हसीना</media:keywords>
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        <title>Bengal New CM Live: बंगाल में आज होगा नए CM का ऐलान, शुभेंदु अधिकारी का नाम सबसे आगे, BJP बना सकती है 2 डिप्टी CM</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/bengal-new-cm-live-बंगाल-में-आज-होगा-नए-cm-का-ऐलान-शुभेंदु-अधिकारी-का-नाम-सबसे-आगे-bjp-बना-सकती-है-2-डिप्टी-cm</link>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में परचम लहराने के बाद अब नई सरकार के गठन की तैयारी तेज हो गई है. आज शाम (8 मई) 4 बजे कोलकाता में बीजेपी विधायक (BJP MLAs Meeting) दल की बैठक बुलाई गई है. माना जा रहा है इस दौरान बीजेपी विधायक दल का नया नेता चुन लिया जाएगा. इस अहम बैठक में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी पर्यवेक्षक के तौर पर शामिल होंगे.
9 मई को पश्चिम बंगाल में नई सरकार का शपथग्रहण समारोह (West Bengal CM Oath Ceremony) ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित किया जाएगा. इस कार्यक्रम को भव्य बनाने की तैयारी चल रही है, शपथग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन, एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, केंद्र सरकार के मंत्री और गठबंधन के सीनियर नेता शामिल होंगे.
पश्चिम बंगाल में पार्टी के पहले मुख्यमंत्री (West Bengal CM Announcment) बनने की दौड़ में सुवेंदु अधिकारी सबसे आगे चल रहे हैं. हालांकि, भाजपा ने अभी तक आधिकारिक तौर पर अपने मुख्यमंत्री पद (Bengal CM) के उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है, लेकिन दो सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक जीत हासिल करने के बाद अधिकारी सबसे आगे चल रहे हैं. हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा ने टीएमसी के 15 साल के शासन को खत्म करते हुए ऐतिहासिक जीत दर्ज की. ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 08 May 2026 14:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Bengal, New, Live:, बंगाल, में, आज, होगा, नए, का, ऐलान, शुभेंदु, अधिकारी, का, नाम, सबसे, आगे, BJP, बना, सकती, है, डिप्टी</media:keywords>
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        <title>बंगाल में TMC की हार के बाद ममता बनर्जी से मिले अखिलेश यादव, दिलीप घोष बोले&amp; उनके दिमाग में...</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/बंगाल-में-tmc-की-हार-के-बाद-ममता-बनर्जी-से-मिले-अखिलेश-यादव-दिलीप-घोष-बोले-उनके-दिमाग-में</link>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के रिजल्ट के बाद सपा प्रमुख और लोकसभा सांसद अखिलेश यादव बंगाल पहुंचे. उन्होंने गुरुवार (7 मई) को तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी से मुलाकात की. अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी को दीदी हमेशा से खटकती रही हैं. अखिलेश का मानना है कि भले ही इस बार आंकड़े पक्ष में न रहे हों, लेकिन ममता बनर्जी ने एक योद्धा की तरह मुकाबला किया है. उनके इसी बयान पर बीजेपी विधायक दिलीप घोष ने तंज कसा.&amp;nbsp;&amp;nbsp;क्या बोले दिलीप घोष?
अखिलेश यादव की ममता बनर्जी से मुलाकात पर बीजेपी विधायक दिलीप घोष ने कहा, &quot;दीदी (ममता बनर्जी) भ्रम की स्थिति में हैं और लोग आकर उनके दिमाग में झूठी उम्मीदें भर रहे हैं, वह इसे समझ नहीं पा रही हैं.&quot; उन्होंने कहा कि लोग उन्हें हवा देकर जा रहे हैं और वो समझ ही नहीं पा रही हैं. उन्होंने आगे कहा कि जब वो (ममता बनर्जी) जमीन पर गिरेंगी ना, तो इतनी चोट लगेगी कि वो जिंदगी भर नहीं मिटेगी.&quot;

#WATCH | Kolkata, West Bengal | On SP Chief Akhilesh Yadav meeting Mamata Banerjee, BJP leader Dilip Ghosh says, &quot;...Mamata Banerjee is in a state of illusion and people are coming and filling her head with false hopes, she isn&#039;t able to understand this.&quot; pic.twitter.com/lkmvD6OwIi
&amp;mdash; ANI (@ANI) May 8, 2026



दीदी आप हारी नहीं हैं- अखिलेश यादव
अखिलेश यादव को रिसीव करने ममता बनर्जी खुद गेट तक आईं और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी ने अखिलेश को गले लगाकर उनका स्वागत किया. इस मुलाकात के दौरान अखिलेश यादव ने ममता बनर्जी को शॉल ओढ़ाकर उनका सम्मान किया और कहा कि दीदी आप हारी नहीं हैं. अखिलेश ने ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के हौसले की तारीफ करते हुए कहा कि आप लोगों ने जिस तरह से चुनाव लड़ा, वह वाकई काबिले तारीफ है.

अखिलेश यादव ने मोदी सरकार पर साधा निशाना&amp;nbsp;
पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी से मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने केंद्र की मोदी सरकार और बीजेपी पर तीखा हमला बोला. अखिलेश यादव ने बंगाल चुनाव के नतीजों और चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताया. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी के झूठ &#039;सोन पपड़ी&#039; की तरह हैं, जहां एक के ऊपर एक झूठ की परतें जमाई जाती हैं.
इसके अलावा अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए. सपा प्रमुख ने विधानसभा चुनाव के दौरान हुई हिंसा और धांधली को लेकर कहा कि चुनाव आयोग निष्पक्ष नहीं है और वह बीजेपी संग मिलकर काम कर रहा है. अखिलेश यादव ने यहां तक कह दिया कि आयोग मर चुका है.
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केरल में कौन होगा नया CM? सामने आया नाम, मुकुल वासनिक के हाथ से विधायकों के समर्थन वाली चिट्ठी की फोटो वायरल ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 08 May 2026 14:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>बंगाल, में, TMC, की, हार, के, बाद, ममता, बनर्जी, से, मिले, अखिलेश, यादव, दिलीप, घोष, बोले-, उनके, दिमाग, में...</media:keywords>
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        <title>तमिलनाडु में &amp;apos;विजय&amp;apos; सरकार पर सस्पेंस! 4 दलों के फैसले पर टिका TVK का भविष्य, राज्यपाल ने भी गरमाई सियासत | बड़े अपडेट्स</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/तमिलनाडु-में-विजय-सरकार-पर-सस्पेंस-4-दलों-के-फैसले-पर-टिका-tvk-का-भविष्य-राज्यपाल-ने-भी-गरमाई-सियासत-बड़े-अपडेट्स</link>
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        <description><![CDATA[ विधानसभा चुनाव के नतीजे के आने के 4 दिन बाद भी तमिलनाडु में टीवीके के सरकार बनाने पर सस्पेंस बरकरार है. एक्टर विजय की दो साल पहले बनी पार्टी तमिलगा वेट्री कजगम (TVK) ने सबसे ज्यादा 108 सीट जीती हैं, लेकिन बहुमत के आंकड़ा (118 सीट) से पीछे रह गई. विजय बीते दो दिन में दो बार राज्यपाल से मुलाकात कर चुके हैं, लेकिन गवर्नर राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने दो टूक कहा है कि बहुमत साबित करने के बाद ही शपथ होगी.
विजय ने इन तीन दलों से मांगा समर्थन
TVK का भविष्य अब CPI, CPM और VCK के फैसले पर टिका हुआ है. विजय की पार्टी ने इन तीनों दलों से सरकार गठन के लिए समर्थन मांगा है. CPI, CPM और VCK आज शाम (8 मई) तक अपना फैसला घोषित कर सकते हैं. अंदरखाने कई नेताओं का मानना है कि जनादेश का सम्मान करते हुए TVK को समर्थन दिया जाना चाहिए, लेकिन DMK का दबाव भी बना हुआ है क्योंकि ये दल लंबे समय से DMK गठबंधन का हिस्सा हैं.

राज्यपाल के बयानों ने बढ़ाई हलचल
राज्यपाल विश्वनाथ आर्लेकर अभी भी चेन्नई में मौजूद हैं. गवर्नर की हालिया टिप्पणियों ने तमिलनाडु की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है. राज्यपाल ने कहा है कि &#039;उनके लिए &#039;संख्या&#039; सबसे महत्वपूर्ण है, सिर्फ़ दावे नहीं.&#039; राज्यपाल ने साफ किया कि वही पार्टी या गठबंधन सरकार बनाने के लिए बुलाया जाएगा, जिसके पास 118 विधायकों का स्पष्ट समर्थन होगा. TVK और कांग्रेस ने राज्यपाल की टिप्पणियों पर नाराजगी जताई है.
DMK-AIADMK गठबंधन की चर्चा
उधर अचानक DMK-AIADMK गठबंधन की चर्चा राजनीतिक केंद्र में आ गई है. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि स्टालिन आख़िरकार क्या फैसला लेते हैं. कल (7 मई) को पलनीस्वामी ने पुडुचेरी के एक रिसॉर्ट में AIADMK विधायकों के हस्ताक्षर जुटाए. पलानीस्वामी ने राज्यपाल से मिलने के लिए समय मांगा है. अगर VCK और वामपंथी दल विजय का समर्थन नहीं करते, तो DMK-AIADMK गठबंधन मुख्य भूमिका में आ सकता है.
विजय ने 112 MLAs के समर्थन वाला सौंपा लेटर, राज्यपाल बोले- 118 विधायकों के साथ दोबारा आइये
TVK विधायक दे सकते हैं इस्तीफा?
खबरों के मुताबिक, अगर DMK-AIADMK गठबंधन सरकार बनाता है, तो विजय अपने 107 विधायकों से इस्तीफा दिलाने पर विचार कर सकते हैं. कांग्रेस ने राज्यपाल और BJP के खिलाफ लोक भवन घेराव और राज्यव्यापी प्रदर्शन का ऐलान किया है. वहीं, DMK ने अपने सभी विधायकों को 10 मई तक चेन्नई में ही रहने को कहा है. TVK ने आज (8 मई) को पनयूर स्थित पार्टी कार्यालय में विधायक दल की बैठक बुलाई है.
तमिलनाडु में राहुल गांधी का &#039;हाथ&#039; विजय के साथ, कांग्रेस करेगी TVK का समर्थन ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 08 May 2026 14:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>तमिलनाडु, में, विजय, सरकार, पर, सस्पेंस, दलों, के, फैसले, पर, टिका, TVK, का, भविष्य, राज्यपाल, ने, भी, गरमाई, सियासत, बड़े, अपडेट्स</media:keywords>
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        <title>शुभेंदु अधिकारी या कोई और? बंगाल में BJP किसे सौंपेगी मुख्यमंत्री की कुर्सी, आज विधायक दल की बैठक में फैसला</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/शुभेंदु-अधिकारी-या-कोई-और-बंगाल-में-bjp-किसे-सौंपेगी-मुख्यमंत्री-की-कुर्सी-आज-विधायक-दल-की-बैठक-में-फैसला</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/शुभेंदु-अधिकारी-या-कोई-और-बंगाल-में-bjp-किसे-सौंपेगी-मुख्यमंत्री-की-कुर्सी-आज-विधायक-दल-की-बैठक-में-फैसला</guid>
        <description><![CDATA[ West Bengal Government Formation:&amp;nbsp;पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शुक्रवार को कोलकाता पहुंच गए हैं. जानकारी के मुताबिक वह भारतीय जनता पार्टी के नवनिर्वाचित विधायकों के साथ अहम बैठक करेंगे. इस बैठक में विधायक दल के नेता का चुनाव किया जाएगा, जिसके बाद राज्य के नए मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान हो सकता है.
पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी पहली बार अपनी सरकार बनाने जा रही है. ऐसे में पार्टी के वरिष्ठ केंद्रीय नेता पूरी प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं. विधायक दल की बैठक को सरकार गठन की दिशा में बड़ा और अहम कदम माना जा रहा है.
विधानसभा का कार्यकाल खत्म, सदन भंग
गुरुवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा का औपचारिक कार्यकाल समाप्त हो गया. इसके बाद राज्यपाल की ओर से 17वीं पश्चिम बंगाल विधानसभा को भंग करने का नोटिफिकेशन जारी किया गया. इसके साथ ही राज्य में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है.ये भी पढ़ें- होर्मुज में अमेरिकी जहाजों पर फायरिंग से भड़के ट्रंप, ईरान को दी बड़ी धमकी, कहा- अगर डील पर जल्दी..
ममता बनर्जी ने नहीं बदला पदनाम
विधानसभा भंग होने के बावजूद निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अब तक अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल से मुख्यमंत्री पद नहीं हटाया है. फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स जैसे प्लेटफॉर्म पर वह अभी भी खुद को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री बता रही हैं.
ये भी पढ़ें-&amp;nbsp;तमिलनाडु: विजय की पार्टी TVK के सभी 108 MLAs दे देंगे इस्तीफा, अगर DMK या AIADMK ने उठाया ये कदम
चुनाव में ममता बनर्जी को मिली हार
हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी और उनकी पार्टी को बड़ी हार का सामना करना पड़ा. ममता बनर्जी अपनी भवानीपुर विधानसभा सीट से भी चुनाव हार गईं. हालांकि चुनाव नतीजों के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से इनकार कर दिया था.
भाजपा को मिला पूर्ण बहुमत
इस बार पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिला है. पार्टी ने 293 सीटों में से 207 सीटों पर जीत दर्ज की है. भाजपा ने 2021 में जीती गई अपनी 77 सीटों को बरकरार रखते हुए 130 नई सीटें भी अपने खाते में जोड़ी हैं. फिलहाल पश्चिम बंगाल में भाजपा नई सरकार के गठन की तैयारियों में जुटी हुई है. विधायक दल की बैठक के बाद राज्य के नए मुख्यमंत्री के नाम का औपचारिक ऐलान किया जा सकता है.
 ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 08 May 2026 14:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>शुभेंदु, अधिकारी, या, कोई, और, बंगाल, में, BJP, किसे, सौंपेगी, मुख्यमंत्री, की, कुर्सी, आज, विधायक, दल, की, बैठक, में, फैसला</media:keywords>
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        <title>Explained: राज्यसभा में विपक्ष की उलटी गिनती शुरू! विधानसभा चुनावों के बाद सदन से होगा निपटारा, कांग्रेस फायदे में क्यों?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/explained-राज्यसभा-में-विपक्ष-की-उलटी-गिनती-शुरू-विधानसभा-चुनावों-के-बाद-सदन-से-होगा-निपटारा-कांग्रेस-फायदे-में-क्यों</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/explained-राज्यसभा-में-विपक्ष-की-उलटी-गिनती-शुरू-विधानसभा-चुनावों-के-बाद-सदन-से-होगा-निपटारा-कांग्रेस-फायदे-में-क्यों</guid>
        <description><![CDATA[ हाल ही में चार राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजों ने देश की राजनीति में एक बड़ा बदलाव तो किया ही है, अब इन नतीजों का असर संसद के ऊपरी सदन राज्यसभा में भी देखने को मिलेगा. खासकर विपक्षी बेंचों पर इसका गहरा असर पड़ेगा, जहां कई बड़े चेहरे और पार्टियों की ताकत घटती-बढ़ती नजर आएगी.
दरअसल, राज्यसभा के सदस्य राज्यों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्यों (विधायकों) के जरिए चुने जाते हैं. इस वजह से जब भी किसी राज्य में सत्ता परिवर्तन होता है, तो भविष्य में खाली होने वाली राज्यसभा सीटों पर उसी दल के उम्मीदवार की जीत की संभावना बढ़ जाती है जिसे विधानसभा में बहुमत होता है. इस बार तमिलनाडु, केरल और पश्चिम बंगाल के नतीजों ने क्षेत्रीय दलों के राज्यसभा में भविष्य को लेकर कई समीकरण बदल दिए हैं.
तमिलनाडु: TVK की नई एंट्री, DMK को बड़ा झटका
तमिलनाडु की राजनीति में अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) ने अपनी पहली ही चुनावी पारी में जबरदस्त प्रदर्शन किया. 234 सदस्यीय विधानसभा में TVK ने 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. सत्तारूढ़ DMK महज 59 और AIADMK 47 सीटों पर सिमट गई.
अब इस चुनावी जीत का सीधा फायदा TVK को राज्यसभा में भी मिलने वाला है. सूत्रों के मुताबिक, जून 2026 में होने वाले राज्यसभा चुनावों में TVK के उम्मीदवार का ऊपरी सदन में पहुंचना लगभग तय है. इसकी एक बड़ी वजह AIADMK के राज्यसभा सांसद सी. वी. षणमुगम का इस्तीफा हो सकता है. षणमुगम हाल ही में मैलम विधानसभा सीट से चुनाव जीते हैं. अगर वे अपनी राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा देते हैं, तो यह सीट खाली हो जाएगी और जून में होने वाले चुनावों में TVK अपनी विधानसभा में मौजूद ताकत के दम पर इस सीट को आसानी से जीत सकती है.
यह TVK की राज्यसभा में एंट्री का एक अनुमान से पहले मिला मौका होगा. भविष्य में DMK को इसका सबसे बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ेगा. जून 2028 में तमिलनाडु से राज्यसभा की 6 सीटें खाली होने वाली हैं, जिनमें से 3 वर्तमान में DMK के पास हैं, 2 AIADMK के पास और 1 कांग्रेस के पास. लेकिन विधानसभा के ताजा समीकरणों के बाद, DMK महज 1 सीट ही जीत पाने की स्थिति में रह जाएगी. इस तरह राज्यसभा में DMK की ताकत में भारी गिरावट आएगी.
केरल: वाम दलों के लिए अस्तित्व बचाने की चुनौती
तमिलनाडु के नतीजों ने जहां TVK के लिए राज्यसभा के दरवाजे खोले हैं, वहीं केरल के नतीजों ने वामपंथी दलों के सामने अस्तित्व का संकट खड़ा कर दिया है. कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चे (UDF) ने राज्य में वाम लोकतांत्रिक मोर्चे (LDF) को हराकर सत्ता में वापसी की है. राज्यसभा में इसका सबसे बड़ा झटका वाम दलों को लगेगा. अप्रैल 2027 में केरल से 3 राज्यसभा सदस्य रिटायर हो रहे हैं:

इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के अब्दुल वहाब
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPI-M) के जॉन ब्रिटास
CPI-M के ही वी. शिवदासन.

एक राज्यसभा सदस्य को चुनने के लिए विधानसभा में जितनी संख्या की जरूरत होती है, वाम मोर्चे के पास मौजूद 35 विधायकों का आंकड़ा उससे एक कम है. इसका मतलब है कि LDF अपनी ताकत के बल पर कोई भी सीट नहीं जीत पाएगी.
अप्रैल 2028 में जब तीन और सीटों के लिए चुनाव होंगे, तब भी वाम दलों के लिए हालात नहीं बदलेंगे. उस चुनाव में CPI के पी.पी. सुनीर रिटायर होंगे, जो 2030 तक वाम दलों के आखिरी राज्यसभा सदस्य होंगे. इस तरह 2030 के बाद राज्यसभा में वाम दलों की मौजूदगी लगभग खत्म हो जाएगी.
दूसरी ओर, इसका सबसे बड़ा फायदा कांग्रेस को मिलेगा. 2027 और 2028 में खाली होने वाली वाम दलों की इन सभी सीटों पर कांग्रेस के नेतृत्व वाला UDF गठबंधन अपने उम्मीदवार जिताने में सक्षम होगा. इससे राज्यसभा में कांग्रेस की ताकत बढ़ेगी.
पश्चिम बंगाल: TMC को देरी से लगेगा झटका
पश्चिम बंगाल में भाजपा ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) को सत्ता से बाहर कर दिया. लेकिन राज्यसभा में TMC की मौजूदगी पर इसका असर फौरन नहीं, बल्कि थोड़ी देरी से दिखेगा.
इसकी वजह राज्यसभा के चुनावों का चक्र है. पश्चिम बंगाल से अगली राज्यसभा सीटें अगस्त 2029 में खाली होंगी, जब 6 सदस्य रिटायर होंगे. इनमें से 5 सीटें फिलहाल TMC के पास हैं, जिनमें राज्यसभा में TMC के नेता डेरेक ओ&#039;ब्रायन भी शामिल हैं. 1 सीट भाजपा के पास है. राज्य विधानसभा में बीजेपी के मौजूदा बहुमत के चलते, TMC इन 5 में से सिर्फ 1 सीट ही जीत पाएगी.
TMC की मुश्किलें यहीं खत्म नहीं होंगी. अप्रैल 2030 में पार्टी के 4 और राज्यसभा सदस्य रिटायर होंगे, जिससे उसकी ताकत घटकर महज 6 रह जाएगी. यह स्थिति तब तक बनी रहेगी जब तक राज्य में अगले विधानसभा चुनाव नहीं हो जाते. हालांकि, एक्सपर्ट्स ने आगाह किया है कि ये गणित तभी तक सही है जब तक पार्टी के सांसद पाला नहीं बदलते. मौजूदा राजनीतिक माहौल को देखते हुए इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.
असम में 3 राज्यसभा सीटों का चुनाव मार्च 2026 में हो चुका है, इसलिए विधानसभा चुनाव से बड़ा फर्क नहीं पड़ेगा. वहीं, पुडुचेरी में सिर्फ 1 राज्यसभा सीट है, जहां से 2030 में चुनाव होगा.
विपक्षी एकता पर असर और कांग्रेस को फायदा
राज्यसभा में विपक्ष की यह घटती ताकत इंडिया गठबंधन के लिए एक बड़ा झटका साबित होगी. मार्च 2026 के आंकड़ों के मुताबिक, राज्यसभा में विपक्षी दलों के कुल 79 सांसद थे, जिनमें कांग्रेस के 27, TMC के 12, DMK के 10 और RJD के 5 सदस्य शामिल थे. इन चुनावी नतीजों के बाद यह संख्या और कम हो जाएगी.
हालांकि, विपक्ष की इस मुश्किल में कांग्रेस के लिए राहत की खबर भी है. 2026 में होने वाले राज्यसभा चुनावों के दो चरणों (जून और नवंबर) के बाद कांग्रेस की कुल सीटों की संख्या 30 से बढ़कर 33 हो जाएगी. यह बढ़त मुख्य रूप से वाम दलों की कीमत पर होगी, खासकर केरल में अप्रैल 2027 और 2028 में होने वाले चुनावों में.
सदन में बीजेपी की बढ़ ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 08 May 2026 14:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>ये प्यार नहीं आसान! लिव इन और लव अफेयर बना महिला सुरक्षा में सबसे बड़ा बाधक, NCRB का बड़ा खुलासा</title>
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        <description><![CDATA[ 2024 NCRB Data Show Crime Against Women: 2024 के अपराध आंकड़े एक गहरी और असहज सच्चाई सामने रखते हैं. महिलाओं के खिलाफ हिंसा अब बाहरी खतरे से ज्यादा, निजी रिश्तों के भीतर पनप रही है. NCRB डेटा दिखाता है कि लिव-इन रिश्ते, प्रेम संबंध और शादी का झांसा जैसे संदर्भ कई गंभीर अपराधों- रेप, हत्या और अपहरण के केंद्र में हैं.
रेप और &amp;lsquo;शादी का झांसा&amp;rsquo;: भरोसे का दुरुपयोगडेटा का सबसे अहम निष्कर्ष यह है कि &#039;अजनबी खतरा&#039; अपेक्षाकृत दुर्लभ है. करीब 96% रेप मामलों में आरोपी पीड़िता का परिचित होता है. इनमें एक बड़ा हिस्सा दोस्त, ऑनलाइन संपर्क या लिव-इन पार्टनर का है, जहां शादी का वादा (pretext of marriage) एक प्रमुख पैटर्न के रूप में सामने आता है. देशभर में दर्ज 29,536 मामलों में अधिकांश अपराध पहले से मौजूद रिश्तों के भीतर हुए, जो यह बताता है कि विश्वास का टूटना ही अपराध की जड़ बन रहा है.
हत्या के पीछे &amp;lsquo;रिश्तों&amp;rsquo; का तनावNCRB 2024 के आंकड़े बताते हैं कि महिलाओं से जुड़ी हत्या के मामलों में निजी रिश्ते एक केंद्रीय भूमिका निभाते हैं. डेटा के अनुसार, अवैध संबंध 1,155 मामलों में और प्रेम संबंध 902 मामलों में हत्या का प्रमुख कारण बने. यानी बड़ी संख्या में ऐसी घटनाएं हैं, जहां हिंसा की जड़ किसी न किसी व्यक्तिगत या भावनात्मक संबंध में छिपी होती है.
महानगरों की तस्वीर भी इससे अलग नहीं है. 98 हत्या के मामलों में अवैध संबंध सीधे तौर पर कारण के रूप में दर्ज हुए, जो यह दिखाता है कि शहरी जीवन की जटिलताओं में रिश्तों का तनाव और भी तीखा रूप ले सकता है.
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इन आंकड़ों का विश्लेषण यह संकेत देता है कि ईर्ष्या, विश्वासघात, अस्थिर संबंध और भावनात्मक असंतुलन कई बार नियंत्रण से बाहर हो जाते हैं और हिंसा में बदल जाते हैं. खासकर गैर-विवाहिक या अस्थायी रिश्तों में, जहां सामाजिक और कानूनी ढांचा स्पष्ट नहीं होता, विवाद जल्दी उग्र हो सकता है.
अपहरण: प्रेम, दबाव और जबरन शादीNCRB के मुताबिक, 18,520 मामले ऐसे दर्ज हुए, जिनमें महिलाओं का अपहरण शादी के लिए दबाव बनाने के उद्देश्य से किया गया. यह संख्या बताती है कि रिश्तों के नाम पर coercion (दबाव) एक बड़ा कारण बन चुका है. वहीं, 12,859 मामलों में &amp;lsquo;एलोपमेंट/लव रिलेशन&amp;rsquo; का एंगल सामने आया&amp;mdash;जहां कई बार सहमति और असहमति के बीच की रेखा विवाद का कारण बनती है. कई मामलों में परिवार की आपत्ति, सामाजिक मान्यताएं या रिश्ते का टूटना, अपहरण जैसे गंभीर अपराध का रूप ले लेता है.
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        <pubDate>Fri, 08 May 2026 02:30:14 +0530</pubDate>
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        <title>केरल में कांग्रेस की महिला विधायक को जबरन गले लगा रहा था सीनियर नेता, धक्का देकर हटाया दूर, Video हुआ वायरल</title>
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        <description><![CDATA[ Kerala Assembly Election 2026: केरल के तिरुवनंतपुरम में प्रदेश कांग्रेस कमेटी की हेडक्वार्टर से एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. इसमें एक सीनियर नेता चेरियन फिलिप को विधायी दल के बैठक के दौरान उस समय शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा, जब उन्होंने बिना अनुमति के निर्वाचित विधायक बिंदु कृष्णा को गले लगाने की कोशिश की. इस दौरान कांग्रेस महिला विधायक बिंदु काफी हिचकिचाट में नजर आईं, वह पूरी तरह से असहज हो गईं.&amp;nbsp;
यह ऐसी घटना है, जिसने पार्टी नेताओं और पत्रकारों का ध्यान भी खींचा. वह सभी वहीं मौजूद थे. वीडियो जमकर सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है. साथ ही कांग्रेस नेता चेरियन फिलिप के खिलाफ तीखे रिएक्शन देखने को मिल रहे हैं.

कांग्रेस प्रदेश कार्यालय के एंट्री गेट का वाकया
वीडियो में देखा जा सकता है कि 48 साल की बिंदु कृष्णा कार्यक्रम स्थल पर पहुंची. पार्टी कार्यालय के एंट्री गेट की ओर बढ़ी. तभी मीडिया के लोगों ने उनका अभिवादन किया. बिंदु ने सफेद और पीले रंग की साड़ी पहनी हुई थी. वह पार्टी कार्यकर्ताओं से हाथ मिला रहीं थी. इसके बाद वह 71 साल के चेरियन फिलिप के पास पहुंची.&amp;nbsp;

Awkward moment at the KPCC meeting in Thiruvananthapuram as senior #Kerala #Congress leader Cherian Philip allegedly attempting to hug newly elected Kollam MLA Bindu Krishna even as she appeared uncomfortable and tried to move away. #Keralam pic.twitter.com/JcQqcjsUzS
&amp;mdash; Ashish (@KP_Aashish) May 7, 2026



बिंदु एक तरफ हाथ मिलाने के लिए आगे बड़ी तो फिलिप उनसे गले मिलने लगे. उन्होंने कृष्णा की गर्दन के चारों ओर अपनी बांह डालते देखा गया. इस दौरान बिंदु ने उनके हाथ को नीचे कर दिया. वह इस दौरान असहज नजर आईं. उन्हें फिलिप को पीछे धकेलते देखा गया. इस दौरान फिलिप ने दूसरी बार फिर वही कोशिश की. इसके बाद बिंदु ने हाथ जोड़ लिए और आगे बढ़ गईं.
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सोशल मीडिया पर वीडियो को लेकर तिखी प्रतिक्रिया
इस दौरान कई पत्रकार और पार्टी कार्यकर्ता भी मौके पर मौजूद थे. सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है. कई लोगों ने फिलिप पर बिंदु कृष्णा की असहजता को नजरंदाज करने का आरोप लगाया. कई यूजर्स ने कहा है कि व्यक्तिगत सीमाओं का तुरंत सम्मान करना चाहिए. फिलहाल दोनों नेताओं की तरफ से किसी तरह का स्पष्ट बयान नहीं आया है.
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        <pubDate>Fri, 08 May 2026 02:30:13 +0530</pubDate>
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        <title>&amp;apos;पाकिस्तान की परमाणु ब्लैकमेल की धज्जियां उड़ा दीं, ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर सेना का पाकिस्तान को सख्त संदेश</title>
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        <description><![CDATA[ ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर भारतीय सेना की ओर से आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तान को साफ और कड़ा संदेश दिया गया. सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने दो टूक कहा कि भारत हर परिस्थिति का सामना करने में सक्षम है और अगर देश की अस्मिता को चुनौती दी गई तो दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा.
भारत ने पाकिस्तान को दी सख्त चेतावनी
सेना के अधिकारियों ने प्रेस कांफ्रेंस में कविताओं के जरिए भी पाकिस्तान को सख्त संदेश दिया. लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई, एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती, वाइस एडमिरल एएन प्रमोद और लेफ्टिनेंट जनरल जुबिन मिनावाला ने संबोधित किया. सभी अधिकारियों ने ऑपरेशन सिंदूर को आतंकवाद के खिलाफ भारत की निर्णायक कार्रवाई बताया. यह भी दावा किया गया कि युद्ध के क्षेत्र में भारत पूरी तरह से आत्मनिर्भर होने के रास्ते पर चल रहा है.
लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा कि पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में आतंक के ज्यादातर ठिकानों को तबाह कर दिया गया था. ऑपरेशन में आधुनिक तकनीक और स्वदेशी हथियारों का बड़े स्तर पर इस्तेमाल किया गया. उन्होंने कहा कि तीनों सेनाओं और एजेंसियों के बेहतर तालमेल की वजह से ऑपरेशन बेहद प्रभावी साबित हुआ. उन्होंने दुष्यंत कुमार की कविता की पंक्तियां पढ़ते हुए कहा-
&amp;ldquo;सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं,मेरी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिए.&amp;rdquo;
ABP News के सवाल पर क्या बोले एयर मार्शल भारती?
एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने कहा, &#039;भारतीय वायुसेना का लक्ष्य बिल्कुल स्पष्ट था. 7 मई की सुबह किया गया पहला हमला पहलगाम पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए था. यह ऑपरेशन आतंकवाद के खिलाफ था और तय लक्ष्य पूरे होने के बाद ही उसे रोका गया.&#039; पाकिस्तान की ओर से भारतीय नुकसान के दावों को उन्होंने पूरी तरह गलत बताया. ABP News के सवाल पर एयर मार्शल भारती ने कहा, &#039;हम हर परिस्थिति और चुनौती के लिए तैयार हैं. हम &amp;lsquo;सर्वे भवंतु सुखिनः&amp;rsquo; पर विश्वास रखते हैं, लेकिन अगर कोई हमारी अस्मिता को चुनौती देगा तो उसे मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा.&#039;
&#039;पाकिस्तान की परमाणु ब्लैकमेल की धज्जियां उड़ा दीं&#039;
वाइस एडमिरल एएन प्रमोद ने कहा कि न्यूक्लियर धमकियों की परवाह किए बिना ऑपरेशन को अंजाम दिया गया. उन्होंने बताया, &#039;इंडियन नेवी ने भी इस मिशन में अहम भूमिका निभाई और भारत हर तरह की चुनौती का जवाब देने में सक्षम है. भारत ने पाकिस्तान की परमाणु ब्लैकमेल की धज्जियां उड़ा दीं.&#039;लेफ्टिनेंट जनरल जुबिन मिनावाला ने कहा कि भारत भविष्य के किसी भी ऑपरेशन के लिए पूरी तरह तैयार है. इंटेलिजेंस एजेंसियों और विभिन्न मंत्रालयों के बीच शानदार समन्वय देखने को मिला.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अधिकारियों ने साफ किया कि ऑपरेशन सिंदूर खत्म नहीं हुआ है, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ तैयारियों को और मजबूत किया जा रहा है. सेना ने ये भी बताया कि पाकिस्तान के DGMO ने खुद सीजफायर के लिए पहल की थी. अधिकारियों ने पाकिस्तान पर फर्जी प्रचार और प्रोपेगेंडा फैलाने का आरोप लगाया. सेना ने कहा कि भारत ने कार्रवाई के सबूत दुनिया के सामने रखे, जबकि पाकिस्तान सिर्फ झूठा नैरेटिव बनाता रहा.
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की पंक्तियां भी सुनाई गईं-&amp;ldquo;समर शेष है, नहीं पाप का भागी केवल व्याध,जो तटस्थ हैं समय लिखेगा उनका भी अपराध.&amp;rdquo;
भारतीय सेना ने साफ कर दिया कि देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा और आतंक के खिलाफ लड़ाई पूरी मजबूती से जारी रहेगी. सेना ने कहा कि भारत अपनी इच्छानुसार समय और तरीके से हर आतंकी ढांचे को निशाना बनाएगा.
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        <pubDate>Fri, 08 May 2026 02:30:12 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>पाकिस्तान, की, परमाणु, ब्लैकमेल, की, धज्जियां, उड़ा, दीं, ऑपरेशन, सिंदूर, की, पहली, वर्षगांठ, पर, सेना, का, पाकिस्तान, को, सख्त, संदेश</media:keywords>
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        <title>भारत में महिलाओं के खिलाफ हिंसा के चौंकाने वाले आंकड़े, देशभर में 15 हजार से ज्यादा अकेले रेप के केस, NCRB ने जारी किया डेटा</title>
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        <description><![CDATA[ NCRB DATA Shows Crime Ration Against Women: भारत में महिलाओं के खिलाफ अपराध 2024 में भी गंभीर चिंता का विषय बने हुए हैं. आंकड़े साफ संकेत देते हैं कि यह सिर्फ कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि गहरे सामाजिक संकट की झलक है. NCRB के अनुसार, रेप के 15,609 मामले और महिलाओं के अपहरण/किडनैपिंग के 9,865 केस दर्ज हुए.&amp;nbsp;
हालांकि, एक दिलचस्प ट्रेंड यह भी है कि क्राइम रेट (प्रति लाख आबादी) 66.2 से घटकर 64.6 हो गया. 19 महानगरों में कुल मामलों में 1.6% की गिरावट दर्ज की गई. कुल अपराध भी 37.6 लाख से घटकर 35.4 लाख रहे. यह गिरावट जमीनी खतरे को कम नहीं करती.
इस हिंसा का सबसे क्रूर चेहरा तब दिखता है जब मर्डर विद रेप/गैंगरेप के 422 मामले सामने आते हैं. जहां यौन अपराध सीधे हत्या में बदल जाते हैं. वहीं दहेज हत्या के 12,344 मामले यह साबित करते हैं कि घरेलू हिंसा अब भी जानलेवा है. सबसे ज्यादा मामले पति या रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता (2,59,054 केस) के हैं. जो यह बताता है कि महिलाओं के लिए सबसे बड़ा खतरा अक्सर घर के भीतर ही मौजूद है.
हत्या के मामले: यूपी-बिहार सबसे आगे
हत्या के मामलों में बड़े राज्य सबसे ज्यादा प्रभावित दिखते हैं. इनमें उत्तर प्रदेश &amp;ndash; 1,744, बिहार &amp;ndash; 1,418, महाराष्ट्र &amp;ndash; 1,150, मध्य प्रदेश &amp;ndash; 964, राजस्थान &amp;ndash; 912, पश्चिम बंगाल &amp;ndash; 891, तमिलनाडु &amp;ndash; 853, झारखंड &amp;ndash; 794, कर्नाटक &amp;ndash; 671, ओडिशा &amp;ndash; 627 शामिल है.&amp;nbsp;
उत्तर प्रदेश और बिहार मिलकर 3,100 से ज्यादा मामलों के साथ देश में सबसे ऊपर हैं, जो इन राज्यों में हिंसा के गहरे सामाजिक कारणों की ओर इशारा करता है. हालांकि राष्ट्रीय स्तर पर अपराध दर में मामूली गिरावट दर्ज हुई, लेकिन क्षेत्रीय आंकड़े कई जगह खतरनाक उछाल दिखाते हैं.
बिहार इसका सबसे बड़ा उदाहरण है, जहां महिलाओं के खिलाफ अपराध 2023 के 22,952 से बढ़कर 2024 में 27,359 हो गए. इसी ट्रेंड की झलक पटना शहर में भी दिखती है, जहां किडनैपिंग/अपहरण के मामले 806 से बढ़कर 1,000 पहुंच गए&amp;mdash;यानी शहरी इलाकों में जोखिम तेजी से बढ़ रहा है.
वहीं दूसरी ओर, कुछ राज्यों में सुधार भी दिखा है. आंध्र प्रदेश में मामले 22,418 से घटकर 19,952 हुए, जबकि असम में 12,070 से घटकर 10,546 तक गिरावट दर्ज की गई.
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रेप केस: दिल्ली सबसे खतरनाक शहर
महानगरों में यौन अपराधों का घनत्व बेहद ज्यादा है. इनमें दिल्ली &amp;ndash; 1,058, जयपुर &amp;ndash; 497, मुंबई &amp;ndash; 411, हैदराबाद &amp;ndash; 358, कोच्चि &amp;ndash; 109, सूरत &amp;ndash; 85, पटना &amp;ndash; 72, अहमदाबाद &amp;ndash; 62, कोझिकोड &amp;ndash; 51 और चेन्नई &amp;ndash; 44 शामिल है. दिल्ली लगातार शीर्ष पर है, जो इसे महिलाओं के लिए सबसे संवेदनशील शहरी क्षेत्र बनाता है.
अपहरण: जबरन शादी का खतरनाक ट्रेंड
अपहरण के मामलों में भी तस्वीर चिंताजनक है. इनमें दिल्ली &amp;ndash; 4,647, बेंगलुरु &amp;ndash; 878, मुंबई &amp;ndash; 855, पटना &amp;ndash; 478, पुणे &amp;ndash; 289, नागपुर &amp;ndash; 194, हैदराबाद &amp;ndash; 194, चेन्नई &amp;ndash; 111, सूरत &amp;ndash; 62, अहमदाबाद &amp;ndash; 10 शामिल हैं. देशभर में 18,520 मामले जबरन शादी के लिए अपहरण के दर्ज हुए. महानगरों में ही 757 केस सामने आए, जिनमें पटना (439) सबसे आगे है&amp;mdash;यह एक विशिष्ट और चिंताजनक पैटर्न है.
न्याय प्रणाली: कार्रवाई तेज, फैसले धीमे
2024 के आंकड़े महिलाओं के खिलाफ अपराध और हिंसा के व्यापक परिदृश्य में एक मिली जुली तस्वीर पेश करते हैं. &amp;ldquo;ऑफेन्सेज अफेक्टिंग द ह्यूमन बॉडी&amp;rdquo; और &amp;ldquo;ऑफेन्सेज अगेंस्ट वूमेन एंड चाइल्ड&amp;rdquo; की संयुक्त श्रेणी में राष्ट्रीय स्तर पर 2.5% की गिरावट दर्ज हुई&amp;mdash;मामले 2023 के 11,85,915 से घटकर 2024 में 11,56,758 रह गए.
महानगरों में भी कुछ स्थिरता दिखी है. दिल्ली में अपहरण के मामले सबसे ज्यादा होने के बावजूद मामूली गिरावट के साथ 5,681 से 5,580 पर आ गए. वहीं, पति या रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता अब भी सबसे बड़ा अपराध बना हुआ है, जो कुल मामलों का 27.2% हिस्सा है. जांच के स्तर पर सुधार के संकेत हैं&amp;mdash;देशभर में चार्जशीटिंग रेट 77.2% तक पहुंचा, जो सक्रिय पुलिस कार्रवाई को दर्शाता है.
लेकिन अदालतों में तस्वीर चिंताजनक बनी हुई है. अपहरण के 98.2% और रेप के 97.6% मामले लंबित हैं, जबकि कुल 3.23 लाख से ज्यादा केस ट्रायल का इंतजार कर रहे हैं. यानी, गिरफ्तारी और जांच के बाद न्याय की रफ्तार बेहद धीमी है, जिससे पीड़ितों को वर्षों तक इंतजार करना पड़ता है और न्याय की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े होते हैं.
अपराधी कौन: जान-पहचान ही सबसे बड़ा खतरा
NCRB 2024 के आंकड़े महिलाओं के खिलाफ अपराधों में एक बेहद चिंताजनक पैटर्न उजागर करते हैं&amp;mdash;अधिकांश मामलों में आरोपी अजनबी नहीं, बल्कि परिचित होते हैं. रेप के करीब 96% मामलों में अपराधी वही होते हैं, जिन पर भरोसा किया जाता है&amp;mdash;जैसे परिवार के सदस्य, दोस्त, पड़ोसी या पार्टनर. खास तौर पर &amp;ldquo;शादी का झांसा देने वाले दोस्त या लिव-इन पार्टनर&amp;rdquo; और अलग रह रहे पति इस श्रेणी में बड़ी संख्या में सामने आते हैं.
हत्या के मामलों में भी आरोपी अक्सर व्यक्तिगत विवाद (9,607 केस) या अवैध संबंधों से जुड़े होते हैं, जो यह दिखाता है कि हिंसा का बड़ा कारण निजी रिश्तों में तनाव है. वहीं, अपहरण/किडनैपिंग के 18,520 मामलों में मकसद जबरन शादी करना था, जबकि अन्य मामलों में बदला या फिरौती प्रमुख कारण रहे.
आरोपियों की उम्र मुख्य रूप से 18 से 60 वर्ष के बीच केंद्रित है. पुलिस हत्या और रेप मामलों में 80% से ज्यादा चार्जशीटिंग करती है, लेकिन अपहरण के मामलों में यह दर 30.9% तक गिर जाती है.
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        <pubDate>Fri, 08 May 2026 02:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>भारत, में, महिलाओं, के, खिलाफ, हिंसा, के, चौंकाने, वाले, आंकड़े, देशभर, में, हजार, से, ज्यादा, अकेले, रेप, के, केस, NCRB, ने, जारी, किया, डेटा</media:keywords>
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        <title>तमिलनाडु: विजय की पार्टी TVK के सभी 108 MLAs दे देंगे इस्तीफा, अगर DMK या AIADMK ने उठाया ये कदम</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/तमिलनाडु-विजय-की-पार्टी-tvk-के-सभी-108-mlas-दे-देंगे-इस्तीफा-अगर-dmk-या-aiadmk-ने-उठाया-ये-कदम</link>
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        <description><![CDATA[ Tamil Nadu Government Formation: तमिलनाडु में त्रिशंकु विधानसभा के बाद सरकार गठन को लेकर सस्पेंस और गहराता जा रहा है. विजय की अगुवाई वाली तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) ने राज्यपाल के सामने सरकार बनाने का दावा पेश किया, लेकिन उन्हें बहुमत का जरूरी आंकड़ा (118) साबित करने के लिए कहा गया है.
अभिनेता से नेता बने विजय की अगुवाई वाली तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) हाल ही में हुए चुनावों में 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन 238 सदस्यीय विधानसभा में सरकार बनाने के लिए जरूरी 118 के आंकड़े से अभी भी पीछे है. ऐसे में पार्टी को बहुमत हासिल करने के लिए कम से कम 10 और विधायकों के समर्थन की जरूरत है.
टीवीके उठा सकती है बड़ा कदम
इसी बीच, द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एआईएडीएमके) के बीच संभावित बातचीत की खबरों ने सियासी हलचल तेज कर दी है. टीवीके सूत्रों के अनुसार, यदि डीएमके या एआईएडीएमके सरकार बनाने का दावा पेश करने की कोशिश करते हैं, तो पार्टी के सभी 108 विधायक इस्तीफा दे सकते हैं.
यह एक बड़ा और आक्रामक राजनीतिक कदम माना जा रहा है, जिससे राज्य की राजनीति में अस्थिरता और बढ़ सकती है. दरअसल, टीवीके को शक है कि एम के स्टालिन के नेतृत्व वाली डीएमके और एआईएडीएमके मिलकर विजय को सत्ता से दूर रखने की रणनीति बना रहे हैं. इसी के मद्देनजर डीएमके ने स्टालिन को आपात राजनीतिक फैसले लेने के लिए अधिकृत भी कर दिया है.
तमिलनाडु में अभी स्थिति बेहद अनिश्चित है एक तरफ टीवीके बहुमत जुटाने की कोशिश में है, तो दूसरी ओर संभावित नए गठबंधन राज्य की राजनीति का समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं.
टीवीके ने लेफ्ट से मांगा समर्थन
टीवीके नेता सीटीआर कुमार ने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के एम. वीरपांडियन और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के पी. शनमुगम से मुलाकात कर समर्थन मांगा. उन्होंने जोर देकर कहा कि विजय पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि सत्ता में भागीदारी जरूरी है, ताकि सहयोगी दल अपनी-अपनी नीतियों और विचारधाराओं को लागू कर सकें.
कुमार के मुताबिक, टीवीके ने वाम दलों, विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीसीके) और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) को ईमेल और औपचारिक पत्र के जरिए समर्थन का अनुरोध भेजा है. उन्होंने भरोसा जताया कि पार्टी तमिलनाडु में सरकार बनाने में सफल होगी.
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि टीवीके ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से संपर्क नहीं किया है और ऐसा करने का कोई इरादा भी नहीं है. वहीं कांग्रेस, जिसने 5 सीटें जीती हैं, पहले ही टीवीके को समर्थन देने की घोषणा कर चुकी है.
कुमार ने कहा कि संवैधानिक परंपरा के अनुसार राज्यपाल को सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करना चाहिए. उनका दावा है कि जनादेश टीवीके के पक्ष में है और इसी आधार पर विजय को मुख्यमंत्री बनने का अवसर मिलना चाहिए. ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 08 May 2026 02:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>तमिलनाडु:, विजय, की, पार्टी, TVK, के, सभी, 108, MLAs, दे, देंगे, इस्तीफा, अगर, DMK, या, AIADMK, ने, उठाया, ये, कदम</media:keywords>
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        <title>Suvendu Adhikari PA Murder:  &amp;apos;बर्बर हत्या, हम यहां के गुंडों को...&amp;apos;, बंगाल चुनाव नतीजों के बाद PA चंद्रनाथ रथ की हत्या पर शुभेंदु अधिकारी का पहला रिएक्शन</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/suvendu-adhikari-pa-murder-बर्बर-हत्या-हम-यहां-के-गुंडों-को-बंगाल-चुनाव-नतीजों-के-बाद-pa-चंद्रनाथ-रथ-की-हत्या-पर-शुभेंदु-अधिकारी-का-पहला-रिएक्शन</link>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल में भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ की हत्या के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है. शुभेंदु अधिकारी ने गुरुवार (7 मई 2026) को इस घटना को दिल दहला देने वाला बताया और कहा कि यह हत्या पहले से पूरी प्लानिंग के साथ की गई थी. उन्होंने आरोप लगाया कि हमलावरों ने कई दिनों तक रेकी करने के बाद इस वारदात को अंजाम दिया. उन्होंने कहा कि हम यहां के गुंडों का सफाया कर देंगे.
घटना के बाद मीडिया से बात करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि उनके सहयोगी चंद्रनाथ रथ की बेरहमी से हत्या की गई है और इसकी जितनी निंदा की जाए उतनी कम है. उन्होंने लोगों से कानून अपने हाथ में नहीं लेने की अपील भी की. अधिकारी ने बताया कि राज्य के डीजीपी ने उन्हें भरोसा दिया है कि पुलिस इस मामले की पूरी जांच करेगी.

#WATCH | North 24 Parganas | On his PA, Chandra shot dead in Madhyamgram, BJP leader Suvendu Adhikari says, &quot;This is a pre-planned murder, and this is what DGP said. A recce was done for 2-3 days and a murdered was fully planned. The police initiated investigation... We are&amp;hellip; pic.twitter.com/XqcQR8Vz8D
&amp;mdash; ANI (@ANI) May 6, 2026




ये भी पढ़ें: बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ की हत्या, TMC ने की CBI जांच की मांग, BJP बोली- ममता बनर्जी की साजिश
घटना की जानकारी पार्टी को दे दी गई
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि सिर्फ चंद्रनाथ रथ ही नहीं, बल्कि भाजपा के एक कार्यकर्ता को बशीरहाट में गोली मारी गई और दूसरे कार्यकर्ता को बारानगर में चाकू मारा गया. उन्होंने आरोप लगाया कि यह हमला पूरी तरह से पहले से सोची-समझी साजिश का हिस्सा था. उनके मुताबिक, 2 से 3 दिनों तक रेकी की गई थी और उसके बाद हत्या को अंजाम दिया गया. उन्होंने कहा कि इस घटना की जानकारी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी को दे दी गई है. केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने भी मृतक के परिवार और पुलिस अधिकारियों से बात की है. भाजपा के कई विधायक और नेता भी मौके पर पहुंचे. शुभेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि यह 15 साल के महा जंगलराज का नतीजा है. उन्होंने कहा कि भाजपा अब राज्य में गुंडागर्दी खत्म करने का काम करेगी.
चंद्रनाथ रथ की हत्या में कितने लोग थे शामिल?
बता दें कि चंद्रनाथ रथ की बुधवार (6 मई 2026) देर रात मध्यमग्राम इलाके में जेसोर रोड के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. पुलिस के मुताबिक वह कार में जा रहे थे, तभी बाइक सवार हमलावरों ने उनकी गाड़ी रोकी और करीब से गोलियां चला दीं. गंभीर हालत में उन्हें एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. इस घटना के बाद भाजपा नेताओं ने इसे टारगेटेड हमला बताया है. भाजपा नेता सुजय कुमार डे ने कहा कि हमले में चार से पांच बाइक शामिल थीं और हमलावर सीधे चंद्रनाथ रथ को निशाना बनाकर आए थे. उन्होंने कहा कि कार में ड्राइवर भी मौजूद था, लेकिन सिर्फ चंद्रनाथ रथ को गोली मारी गई. भाजपा नेता केया घोष ने भी आरोप लगाया कि यह हमला राजनीतिक गुस्से और बदले की भावना से किया गया.
तृणमूल कांग्रेस ने हत्या की निंदा की
तृणमूल कांग्रेस ने भी इस हत्या की निंदा की है और कोर्ट की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग की है. पार्टी ने अपने बयान में कहा कि लोकतंत्र में हिंसा और राजनीतिक हत्या की कोई जगह नहीं है. टीएमसी ने दावा किया कि चुनाव के बाद हुई हिंसा में उसके भी कई कार्यकर्ताओं की हत्या हुई है. पश्चिम बंगाल के डीजीपी सिद्ध नाथ गुप्ता ने कहा कि पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई गाड़ी जब्त कर ली है और मौके से जिंदा कारतूस और खाली खोखे बरामद किए हैं. अधिकारियों के मुताबिक गाड़ी की नंबर प्लेट से छेड़छाड़ की गई थी और आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है. अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है.
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        <pubDate>Thu, 07 May 2026 10:30:18 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Suvendu, Adhikari, Murder:, बर्बर, हत्या, हम, यहां, के, गुंडों, को..., बंगाल, चुनाव, नतीजों, के, बाद, चंद्रनाथ, रथ, की, हत्या, पर, शुभेंदु, अधिकारी, का, पहला, रिएक्शन</media:keywords>
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        <title>बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ की हत्या, TMC ने की CBI जांच की मांग, BJP बोली&amp; ममता बनर्जी की साजिश</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/बंगाल-में-शुभेंदु-अधिकारी-के-pa-चंद्रनाथ-रथ-की-हत्या-tmc-ने-की-cbi-जांच-की-मांग-bjp-बोली-ममता-बनर्जी-की-साजिश</link>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के मध्यग्राम (बरासत क्षेत्र) से एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है. पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई. इस घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है. इस घटना पर तीखी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आईं हैं.
बीजेपी ने TMC पर लगाया आरोप
भाजपा नेता और नवनिर्वाचित विधायक कौस्तव बागची ने कहा, &#039;यह एक सुनियोजित हमला था. हमलावरों ने चंद्रनाथ की कार का काफी देर तक पीछा किया और फिर उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी.&#039; उन्होंने आरोपल लगाया कि &#039;यह ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी की साजिश है. जब तक अपराधियों की पहचान नहीं हो जाती, हम चैन से नहीं बैठेंगे. तब तक हम शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे.&#039; बीजेपी विधायक तरुणज्योति तिवारी ने कहा, &#039;हम शांति का संदेश देते रहे हैं, लेकिन तृणमूल कांग्रेस ने बहुत बड़ी गलती की है.&#039;

&#039;TMC लुटेरों-हत्यारों की पार्टी&#039; - बीजेपी नेता कीया घोष
बीजेपी नेता कीया घोष ने कहा, &#039;चंद्रनाथ रथ ने भवानीपुर चुनाव में कड़ी मेहनत की, जहां शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी के खिलाफ ऐतिहासिक जीत हासिल की. ​​अब इन बातों को जोड़कर देखिए. इसीलिए मैं हमेशा कहती हूं कि टीएमसी लुटेरों और हत्यारों की पार्टी है. शुभेंदु के पीए ने इतना अथक परिश्रम किया इसलिए टीएमसी ने गुस्से, हताशा और आक्रोश में आकर उन्हें निशाना बनाया, लेकिन नई सरकार बनने के बाद चंद्र की हत्या के लिए गोली चलाने वालों और &#039;सुपारी&#039; देने वालों को बख्शा नहीं जाएगा.&#039;

#WATCH | BJP leader Keya Ghosh says, &amp;ldquo;Chandranath Rath or Chandra, who we used to know as Suvendu Adhikari&#039;s PA, has been shot from point-blank range at Madhyamgram. He worked intensely at Bhabanipur where Suvendu Adhikari made a historic win against Mamata Banerjee. Now join the&amp;hellip; pic.twitter.com/sm8ThEesCT
&amp;mdash; ANI (@ANI) May 6, 2026



पॉलिटिकल एक्सपर्ट तहसीन पूनावाला ने कहा, &#039;पश्चिम बंगाल के मध्यग्राम के पास भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के सहायक चंद्र की गोली मारकर हत्या किए जाने की खबर पढ़कर मेरा दिल टूट गया है. यह बेहद दुखद खबर है और हमारे भारत के मूल्यों के खिलाफ है. गृह मंत्री अमित शाह को इस मामले की समीक्षा करनी चाहिए और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए. चंद्र जी के परिवार और शुभेंदु अधिकारी जी के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं. ओम शांति.&#039;
टीएमसी ने की घटना की निंदा
TMC ने घटना की निंदा करते हुए सीबीआई जांच की मांग की है. एक्स पर पोस्ट में लिखा, &#039;हम मध्यग्राम में चंद्रनाथ रथ की निर्मम हत्या की कड़ी निंदा करते हैं, साथ ही पिछले तीन दिनों में भाजपा समर्थित उपद्रवियों द्वारा कथित तौर पर चुनावोत्तर हिंसा में तीन अन्य टीएमसी कार्यकर्ताओं की हत्या की भी निंदा करते हैं. हम इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग करते हैं, जिसमें कोर्ट की निगरानी में सीबीआई जांच भी शामिल है, जिससे दोषियों की पहचान की जा सके और उन्हें सजा दिलाई जा सके. लोकतंत्र में हिंसा और राजनीतिक हत्याओं का कोई स्थान नहीं है और दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिलनी चाहिए.&#039;

We strongly condemn the brutal murder of Chandranath Rath in Madhyamgram tonight, along with the killing of three other TMC workers in incidents of post-poll violence allegedly carried out by BJP-backed miscreants over the last three days, despite the Model Code of Conduct being&amp;hellip;
&amp;mdash; All India Trinamool Congress (@AITCofficial) May 6, 2026



सयानी घोष ने की कड़ी कार्रवाई की मांग
टीएम सांसद सयानी घोष ने कहा, चंद्रनाथ रथ के साथ हुई घटना बेहद चिंताजनक है. राजनीतिक और वैचारिक मतभेदों से परे, सत्ता में कौन है, इससे परे, हम सभी का यह दायित्व है कि हम कानून व्यवस्था बनाए रखें और इस राज्य में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करें. किसी की भी जान इस तरह नहीं जानी चाहिए. पुलिस प्रशासन से अपील की है कि पिछले कुछ दिनों में हुई प्रत्येक हिंसा से जुड़े हर अपराधी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए.&#039;

Extremely disturbing incident reported about Mr. Chandranath Rath. Beyond party lines, beyond political and ideological differences, beyond who is in power, each one of us have the responsibility to maintain law and order and ensure safety of each individual living in this&amp;hellip;
&amp;mdash; Saayoni Ghosh (@sayani06) May 6, 2026



पॉलिटिकल एक्सपर्ट तहसीन पूनावाला ने कहा, &#039;पश्चिम बंगाल के मध्यग्राम के पास भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के सहायक चंद्र की गोली मारकर हत्या किए जाने की खबर पढ़कर मेरा दिल टूट गया है. यह बेहद दुखद खबर है और हमारे भारत के मूल्यों के खिलाफ है. गृह मंत्री अमित शाह को इस मामले की समीक्षा करनी चाहिए और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए. चंद्र जी के परिवार और शुभेंदु अधिकारी जी के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं. ओम शांति.&#039;
क्या बोले डीजीपी?
शुभेंदु अधिकारी के पीए की मौत पर डीजीपी सिद्धनाथ गुप्ता ने कहा, &#039;हमने जांच शुरू कर दी है. अपराध में इस्तेमाल की गई गाड़ी को जब्त कर लिया है. पता चला है कि उसकी नंबर प्लेट के साथ छेड़छाड़ की गई थी. इस्तेमाल की गई नंबर प्लेट सिलीगुड़ी की एक गाड़ी की है, लेकिन यह फर्जी है. हमने घटनास्थल से कुछ खाली कारतूस और जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं. अब तक मिली जानकारी के आधार पर हम कार्रवाई कर रहे हैं और फिलहाल मैं इतनी ही जानकारी साझा कर सकता हूं.&#039;
मध्यग्राम इलाके में चंद्रनाथ को गोली मारी गई. गोली लगने के बाद वह गंभीर रूप से घायल हो गए. घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें पास के डायवर्सिटी नर्सिंग होम ले जाया गया, लेकिन उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया. हत्या का आरोप टीएमसी कार्य ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 07 May 2026 10:30:16 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>बंगाल, में, शुभेंदु, अधिकारी, के, चंद्रनाथ, रथ, की, हत्या, TMC, ने, की, CBI, जांच, की, मांग, BJP, बोली-, ममता, बनर्जी, की, साजिश</media:keywords>
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    <item>
        <title>बंगाल में चुनाव नतीजों के बाद शुभेंदु अधिकारी के PA की गोली मारकर हत्या, TMC का आया पहला रिएक्शन, जानें क्या कहा?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/बंगाल-में-चुनाव-नतीजों-के-बाद-शुभेंदु-अधिकारी-के-pa-की-गोली-मारकर-हत्या-tmc-का-आया-पहला-रिएक्शन-जानें-क्या-कहा</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/बंगाल-में-चुनाव-नतीजों-के-बाद-शुभेंदु-अधिकारी-के-pa-की-गोली-मारकर-हत्या-tmc-का-आया-पहला-रिएक्शन-जानें-क्या-कहा</guid>
        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव का रिजल्ट आने के बाद से हिंसा जारी है. बुधवार (6 मई) को बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई. इस दौरान गोली लगने से उनके साथ मौजूद घायल हुए एक अन्य व्यक्ति को नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया है. घायल व्यक्ति का इलाज मध्यमग्राम क्रॉसिंग पर स्थित विबासिटी नर्सिंग होम में चल रहा है. इस घटना की तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने सीबीआई जांच की मांग की है.
क्या बोलीं सायोनी घोष?
TMC सांसद सायोनी घोष ने गुरुवार को एक्स पर पोस्ट कर घटना की कड़ी निंदा की. उन्होंने लिखा, &quot;चंद्रनाथ रथ के साथ हुई घटना बेहद चिंताजनक है. राजनीतिक और वैचारिक मतभेदों से परे, सत्ता में कौन है, इससे परे, हम सभी का यह दायित्व है कि हम कानून व्यवस्था बनाए रखें और इस राज्य में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करें.&quot;
उन्होंने आगे कहा कि किसी की भी जान इस तरह नहीं जानी चाहिए. पुलिस प्रशासन से अपील है कि पिछले कुछ दिनों में हुई प्रत्येक हिंसा से जुड़े हर अपराधी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए और इसे रोकने के लिए सख्त उपाय किए जाएं.

Extremely disturbing incident reported about Mr. Chandranath Rath. Beyond party lines, beyond political and ideological differences, beyond who is in power, each one of us have the responsibility to maintain law and order and ensure safety of each individual living in this&amp;hellip;
&amp;mdash; Saayoni Ghosh (@sayani06) May 6, 2026



तृणमूल कांग्रेस ने की हत्या की निंदा
इसके अलावा तृणमूल कांग्रेस की तरफ से भी एक्स पर पोस्ट किया गया और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई. एक्स पर किए पोस्ट में कहा गया कि हम मध्यग्राम में आज रात हुई चंद्रनाथ रथ की निर्मम हत्या की कड़ी निंदा करते हैं.

टीएमसी की तरफ से किए पोस्ट में कहा गया कि पिछले तीन दिनों में बीजेपी समर्थित उपद्रवियों द्वारा कथित तौर पर की गई हिंसा में हुई तीन टीएमसी कार्यकर्ताओं की हत्या की कड़ी निंदा करते हैं, जबकि राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू है.
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TMC ने की सीबीआई जांच की मांग
पोस्ट में आगे कहा गया कि हम इस मामले में अधिकतम संभव कार्रवाई की मांग करते हैं, जिसमें अदालत की निगरानी में सीबीआई जांच भी शामिल है, ताकि दोषियों की पहचान की जा सके और उन्हें बिना किसी देरी के न्याय के कटघरे में लाया जा सके. लोकतंत्र में हिंसा और राजनीतिक हत्याओं का कोई स्थान नहीं है और दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिलनी चाहिए.
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Suvendu Adhikari PA Murder: &#039;बर्बर हत्या, हम यहां के गुंडों को...&#039;, बंगाल चुनाव नतीजों के बाद PA चंद्रनाथ रथ की हत्या पर शुभेंदु अधिकारी का पहला रिएक्शन ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 07 May 2026 10:30:14 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>बंगाल, में, चुनाव, नतीजों, के, बाद, शुभेंदु, अधिकारी, के, की, गोली, मारकर, हत्या, TMC, का, आया, पहला, रिएक्शन, जानें, क्या, कहा</media:keywords>
    </item>
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        <title>Suvendu Adhikari PA Shot Dead LIVE: बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के PA का मर्डर, BJP का आरोप&amp; अभिषेक बनर्जी ने कराई हत्या, TMC ने कर दी ये बड़ी मांग</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/suvendu-adhikari-pa-shot-dead-live-बंगाल-में-शुभेंदु-अधिकारी-के-pa-का-मर्डर-bjp-का-आरोप-अभिषेक-बनर्जी-ने-कराई-हत्या-tmc-ने-कर-दी-ये-बड़ी-मांग</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/suvendu-adhikari-pa-shot-dead-live-बंगाल-में-शुभेंदु-अधिकारी-के-pa-का-मर्डर-bjp-का-आरोप-अभिषेक-बनर्जी-ने-कराई-हत्या-tmc-ने-कर-दी-ये-बड़ी-मांग</guid>
        <description><![CDATA[ बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की बुधवार (6 मई) रात कोलकाता के उत्तरी बाहरी इलाके में अज्ञात हमलावरों ने गोली मार कर हत्या कर दी गई.पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणाम आने के कुछ ही घंटे के भीतर हुई इस घटना पर तीखी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आईं हैं और क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है.
घटना उत्तरी 24 परगना जिले में मध्यमग्राम क्षेत्र के दोहरिया में हुई, जहां शुभेंदु अधिकारी के सहायक चंद्रनाथ रथ पर हमला किया गया. बाइक पर सवार लोगों ने उन्हें करीब से गोली मार दी. हमलावरों ने रथ की कार का पीछा किया, उसे रोका और उन पर गोली चला दी. हमला करने के तुरंत बाद हमलावर फरार हो गए. रथ ड्राइवर के बगल में आगे की सीट पर बैठे थे. रथ के ड्राइवर को भी गोली लगी और उन्हें कोलकाता के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है.
अस्पताल के एक डॉक्टर ने बताया, &#039;पीड़ित को मृत अवस्था में लाया गया था. छाती पर कई गोलियां लगी थीं, एक गोली उनके पेट में भी लगी थी.&#039; घटना के चलते तनाव के बीच इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है. वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। सूत्रों के अनुसार, गोलीबारी में शामिल लोगों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं.
सुवेंदु अधिकारी के पीए की मौत पर डीजीपी सिद्धनाथ गुप्ता ने कहा, &#039;हमने जांच शुरू कर दी है. अपराध में इस्तेमाल की गई गाड़ी को जब्त कर लिया है. पता चला है कि उसकी नंबर प्लेट के साथ छेड़छाड़ की गई थी. इस्तेमाल की गई नंबर प्लेट सिलीगुड़ी की एक गाड़ी की है, लेकिन यह फर्जी है. हमने घटनास्थल से कुछ खाली कारतूस और जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं. अब तक मिली जानकारी के आधार पर हम कार्रवाई कर रहे हैं और फिलहाल मैं इतनी ही जानकारी साझा कर सकता हूं.&#039;
4 मई को बंगाल चुनाव का रिजल्ट सामने आने के बाद से राज्य में हिंसा की कई घटनाएं सामने आ रही हैं. इस दौरान कई लोगों पर जानलेवा हमले हुए हैं. हिंसा की घटनाओं के बीच बुधवार को ही सुवेंदु अधिकारी ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व अभी भी सक्रिय हैं. भाजपा की सरकार बनने के बाद, पार्टी से जुड़ाव या बिना किसी भेदभाव के सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई भाजपा नेता या कार्यकर्ता हिंसा भड़काते हुए पाया गया, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी.
&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 07 May 2026 10:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Suvendu, Adhikari, Shot, Dead, LIVE:, बंगाल, में, शुभेंदु, अधिकारी, के, का, मर्डर, BJP, का, आरोप-, अभिषेक, बनर्जी, ने, कराई, हत्या, TMC, ने, कर, दी, ये, बड़ी, मांग</media:keywords>
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        <title>ऑपरेशन सिंदूर का एक साल: ड्रोन, साइबर और एयर पावर पर बड़ा अलर्ट, एक्सपर्ट बोले&amp; अगली लड़ाई और खतरनाक होगी</title>
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        <description><![CDATA[ पिछले साल 6-7 मई की रात शुरू हुआ ऑपरेशन सिंदूर अब भी लोगों के जेहन में ताजा है, जब सीमा पर ड्रोनों की बौछार हो रही थी, भारतीय मिसाइल सीमा पार पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूत कर रहे थीं. करीब 88 घंटे तक चले इस सैन्य टकराव ने न सिर्फ भारत की जवाबी कार्रवाई की &#039;रेड लाइन्स&#039; बदल दीं, बल्कि यह भी साफ कर दिया कि आने वाली जंगें पहले जैसी नहीं होंगी.
एक साल बाद, रक्षा और रणनीतिक मामलों के विशेषज्ञ इस ऑपरेशन को भारत की सैन्य सोच में निर्णायक बदलाव के तौर पर देख रहे हैं&amp;mdash;जहां अब &amp;ldquo;स्ट्रैटेजिक रेस्ट्रेंट&amp;rdquo; की जगह &amp;ldquo;स्ट्रैटेजिक प्रोएक्टिवनेस&amp;rdquo; ने ले ली है.
रक्षा और रणनीतिक मामलों के जानकार मानते हैं कि आने वाले समय में युद्ध सिर्फ जमीन या हवा में नहीं, बल्कि साइबर, सूचना और मनोवैज्ञानिक मोर्चों पर भी लड़ा जाएगा और यही ऑपरेशन सिंदूर की सबसे बड़ी सीख है.
ड्रोन वॉरफेयर: अगली चुनौती और ज्यादा खतरनाक
ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान की ओर से बड़ी संख्या में ड्रोन हमले हुए. लेकिन विशेषज्ञों के मुताबिक यह सिर्फ शुरुआत थी. रिटायर्ड एयर कमोडोर गौरव एम त्रिपाठी कहते हैं, &amp;ldquo;ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमने देखा कि पाकिस्तान ने बड़ी संख्या में ड्रोन का इस्तेमाल किया. ज्यादातर ड्रोन सिर्फ भारतीय हथियारों को व्यस्त रखने के लिए थे ताकि बाद में हमला करने वाले ड्रोन आ सकें. लेकिन दुश्मन स्मार्ट है. अगली बार जो ड्रोन आएंगे, वे ज्यादा मजबूत होंगे, उन्हें जाम करना मुश्किल होगा, उनके पास बेहतर नेविगेशन होगा, शायद GPS की जरूरत भी न पड़े और उनमें इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल होमिंग डिवाइस भी हो सकते हैं. ये ड्रोन स्वार्म के रूप में काम करेंगे.&amp;rdquo; यानी साफ है&amp;mdash;अगली जंग में ड्रोन सिर्फ हथियार नहीं, बल्कि रणनीतिक गेम-चेंजर होंगे.
एयर पावर: तीनों सेनाओं का संयुक्त इस्तेमाल जरूरी
इस ऑपरेशन ने एक और बड़ी बात स्पष्ट कर दी&amp;mdash;एयर पावर अब निर्णायक भूमिका में है. लेकिन इसे अलग-अलग नहीं, बल्कि तीनों सेनाओं के संयुक्त रूप में इस्तेमाल करना होगा. एयर कमोडोर त्रिपाठी कहते हैं, &amp;ldquo;भविष्य में किसी भी युद्ध में तीनों सेनाओं की संयुक्त एयर पावर का इस्तेमाल करना होगा ताकि वह एक सक्षम दुश्मन के खिलाफ प्रभावी ढंग से काम कर सके.&amp;rdquo; साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि एंटी-ड्रोन सिस्टम को अब सीमित नहीं, बल्कि व्यापक स्तर पर तैनात करना होगा&amp;mdash;हर संवेदनशील जगह पर.
S-400 और ब्रह्मोस: भारत की मजबूत ढाल
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने S-400, आकाश मिसाइल सिस्टम और ब्रह्मोस जैसी प्रणालियों का आक्रामक तरीके से इस्तेमाल किया. इससे न सिर्फ भारतीय एयरस्पेस सुरक्षित रहा, बल्कि दुश्मन को करारा जवाब भी मिला.एयर कमोडोर त्रिपाठी बताते हैं, &amp;ldquo;हमने S-400 सिस्टम का बहुत आक्रामक तरीके से इस्तेमाल किया. हमने उन्हें लगातार मूव किया, छिपाया और उनके डिकॉय भी बनाए ताकि दुश्मन को भ्रमित किया जा सके. इस तकनीक को सैन्य भाषा में &amp;lsquo;कैमोफ्लाज, कंसीलमेंट और डिसेप्शन&amp;rsquo; कहा जाता है.&amp;rdquo;
स्ट्रैटेजिक रेस्ट्रेंट से प्रोएक्टिव भारत&amp;nbsp;
पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल दुश्यंत सिंह के मुताबिक, इस ऑपरेशन ने भारत की सैन्य सोच को पूरी तरह बदल दिया. वे कहते हैं, &amp;ldquo;ऑपरेशन सिंदूर की सबसे बड़ी सीख यह है कि हमने &amp;lsquo;स्ट्रैटेजिक रेस्ट्रेंट&amp;rsquo; से &amp;lsquo;स्ट्रैटेजिक प्रोएक्टिवनेस&amp;rsquo; की ओर कदम बढ़ाया है. अब हमें बहुत कम समय में जवाब देने के लिए तैयार रहना होगा.&amp;rdquo; उन्होंने यह भी जोड़ा कि अब प्रतिक्रिया की गति, गहराई और स्तर&amp;mdash;तीनों पहले से कहीं ज्यादा बढ़ चुके हैं.
सिर्फ गोलियां नहीं, &amp;lsquo;इन्फॉर्मेशन वॉर&amp;rsquo; भी&amp;nbsp;
इस ऑपरेशन के दौरान भारत को सिर्फ ड्रोन हमलों का ही सामना नहीं करना पड़ा, बल्कि एक बड़े स्तर पर गलत सूचना अभियान (misinformation campaign) से भी जूझना पड़ा. इससे साफ है कि भविष्य की जंग में &amp;ldquo;नैरेटिव&amp;rdquo; भी उतना ही महत्वपूर्ण होगा जितना हथियार.
मल्टी-डोमेन वॉर: स्पेस से साइबर तक&amp;nbsp;
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले युद्ध पूरी तरह मल्टी-डोमेन होंगे&amp;mdash;जहां स्पेस, समुद्र के नीचे, साइबर और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सब एक साथ काम करेंगे. लेफ्टिनेंट जनरल सिंह कहते हैं, &amp;ldquo;भविष्य के ऑपरेशन मल्टी-डोमेन होंगे. इसलिए सैन्य संचार को मजबूत और लचीला बनाना होगा, ताकि वह इलेक्ट्रॉनिक, साइबर और स्पेस से होने वाले हमलों को झेल सके.&amp;rdquo;
&#039;ऑपरेशन सिंदूर 2.0&#039; अलग होगा&amp;nbsp;
कार्नेगी इंडिया के सुरक्षा विशेषज्ञ दिनाकर पेरि मानते हैं कि यह ऑपरेशन भारत के लिए &amp;ldquo;वाटरशेड मोमेंट&amp;rdquo; था. वे चेतावनी देते हैं, &amp;ldquo;पाकिस्तान और चीन अब जानते हैं कि भारतीय सेना क्या कर सकती है और उसकी सीमाएं क्या हैं. अगला संघर्ष या &amp;lsquo;ऑपरेशन सिंदूर 2.0&amp;rsquo; पिछले जैसा नहीं होगा.&amp;rdquo;
तेजी से हथियार खरीद और आधुनिकीकरण&amp;nbsp;
ऑपरेशन के बाद रक्षा मंत्रालय ने कई इमरजेंसी खरीद को मंजूरी दी&amp;mdash;जिसमें प्रिसिजन हथियार, ड्रोन, काउंटर-ड्रोन सिस्टम, S-400 स्टॉक और एंटी-टैंक मिसाइल शामिल हैं. इसके अलावा 114 राफेल जैसे बड़े सौदे भी पाइपलाइन में हैं, जो आने वाले वर्षों में भारत की ताकत को और बढ़ाएंगे.
बदल चुकी है जंग की तस्वीर&amp;nbsp;
ऑपरेशन सिंदूर ने यह साफ कर दिया है कि भारत अब सिर्फ जवाब नहीं देगा, बल्कि पहल भी करेगा. लेकिन इसके साथ ही खतरे भी जटिल हो गए हैं&amp;mdash;ड्रोन स्वार्म, साइबर हमले और सूचना युद्ध अब नई हकीकत हैं.एक साल बाद सबसे बड़ा सवाल यही है&amp;mdash;क्या भारत अगली, और ज्यादा कठिन जंग के लिए पूरी तरह तैयार है? ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 07 May 2026 10:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>&amp;apos;क्या आप देश के मुख्य पुजारी हैं? सबरीमाला मंदिर मामले में सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता से क्यों कही ये बात</title>
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        <description><![CDATA[ सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (5 मई, 2026) को उस गैर-सरकारी संगठन (NGO) को कड़ी फटकार लगाई, जिसकी जनहित याचिका (PIL) पर सुप्रीम कोर्ट ने सबरीमाला मंदिर में सभी आयु की महिलाओं के प्रवेश की अनुमति दी थी. कोर्ट ने एनजीओ &amp;lsquo;इंडियन यंग लॉयर्स&amp;rsquo; की धार्मिक मान्यता और उसकी मंशा पर भी सवाल उठाए.
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली नौ-सदस्यीय संविधान बेंच ने यह जानना चाहा कि 2006 में यह याचिका दायर करने के पीछे एनजीओ का उद्देश्य क्या है और मंदिर में महिलाओं के प्रवेश के मुद्दे में उसका क्या हित या भूमिका है.
बेंच में जस्टिस सूर्यकांत के अलावा जस्टिस बी वी नागरत्ना, जस्टिस एम एम सुंदरेश, जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह, जस्टिस अरविंद कुमार, जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह, जस्टिस प्रसन्ना बी वराले, जस्टिस आर महादेवन और जस्टिस जॉयमाल्या बागची शामिल हैं.
जस्टिस नागरत्ना ने एनजीओ की ओर से पेश अधिवक्ता रवि प्रकाश गुप्ता से कहा, &#039;यह काफी गंभीर मामला है. जिन लोगों को देवता में आस्था है, वे सभी आवश्यक नियमों का पालन करेंगे, लेकिन कोई यह कहे कि वह सभी नियम तोड़ देगा, (तो) इसे अदालत प्रोत्साहित नहीं कर सकती. आप कह रहे हैं कि जिन लोगों को उस देवता में आस्था या विश्वास नहीं है, उन्हें भी प्रवेश दिया जाए. आप सच्चे श्रद्धालु नहीं हैं.&#039;
यह टिप्पणी उस समय आई जब बेंच केरल के सबरीमाला मंदिर समेत विभिन्न धार्मिक स्थलों पर महिलाओं के साथ कथित भेदभाव और अलग-अलग धर्मों में धार्मिक स्वतंत्रता की सीमा से जुड़े मामलों की सुनवाई कर रही थी. सुप्रीम कोर्ट ने रवि प्रकाश गुप्ता से यह भी सवाल किया कि एक विधिक इकाई होने के नाते यह एनजीओ पूजा करने के अधिकार का दावा कैसे कर सकता है और क्या आस्था रखने वाले लोग इस संस्था में शामिल हैं.
&amp;lsquo;इंडियन यंग लॉयर्स एसोसिएशन&amp;rsquo; की ओर से पेश वकील ने बताया कि जून 2006 में अखबार में चार लेख प्रकाशित हुए थे और जनहित याचिका उन्हीं पर आधारित है. उन्होंने कहा कि यह याचिका उन खबरों के आधार पर दायर की गई थी, जिनमें ज्योतिषियों ने दावा किया था कि एक महिला के मंदिर में प्रवेश करने के बाद मंदिर अपवित्र हो गया था.
जैसे ही वकील ने अपनी दलीलें प्रस्तुत करनी शुरू कीं, जस्टिस नागरत्ना ने टिप्पणी की, &#039;आप जैसी एक विधिक (कानूनी) संस्था की कोई आस्था कैसे हो सकती है? यह तो किसी व्यक्ति के लिए होती है. आपके पास कोई अंतरात्मा नहीं है.&#039; जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, &#039;आपने यह पीआईएल क्यों दायर की है? क्या आप देश के मुख्य पुजारी हैं?&#039; इस पर वकील ने जवाब दिया कि उनकी संस्था एक पंजीकृत संस्था है.
जस्टिस कुमार ने यह भी पूछा, &#039;क्या आपकी संस्था ने पीआईएल दायर करने के लिए कोई प्रस्ताव पारित किया है? क्या इस पर आपके अध्यक्ष ने हस्ताक्षर किए हैं?&#039; रवि प्रकाश गुप्ता ने जवाब दिया कि उस समय संगठन के अध्यक्ष नौशाद अली नामक व्यक्ति थे और उन्हें किसी ऐसे प्रस्ताव की जानकारी नहीं थी.
इस पर जस्टिस सुंदरश ने बीच में हस्तक्षेप करते हुए कहा, &#039;नौशाद ने चालाकी दिखाई है... यह कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग मात्र है.&#039; रवि प्रकाश गुप्ता ने उत्तर दिया कि इस मामले में एनजीओ ही मूल याचिकाकर्ता था और नौशाद सिर्फ नाममात्र के अध्यक्ष थे, जिन्हें इस मुकदमे की जानकारी नहीं थी. पहले दी गई दलीलों का हवाला देते हुए वकील ने कहा कि मंदिर के तंत्री (पुजारी) ने उल्लेख किया है कि युवा महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए, क्योंकि देवता युवा महिलाओं को पसंद नहीं करते.
जस्टिस नागरत्ना ने तब टिप्पणी की, &#039;आप इस मामले से कैसे जुड़े हैं? यहां आपका क्या काम है? याचिकाकर्ता ने अन्य मुद्दों के बजाय इसी मामले को आगे बढ़ाने का फैसला क्यों किया? क्या यंग लॉयर्स एसोसिएशन के पास और कोई काम नहीं है? क्या वे बार के कल्याण के लिए काम नहीं कर सकते या इस देश की न्यायिक व्यवस्था में पीठ की सहायता नहीं कर सकते?&#039;
उन्होंने कहा, &#039;बार के लिए काम कीजिए, युवा सदस्यों और उनके कल्याण के लिए काम कीजिए. जो लोग ग्रामीण क्षेत्रों में संघर्ष कर रहे हैं, उन्हें शहरों में आकर मामलों की पैरवी करने में कठिनाई होती है. उनके पास भी तेज दिमाग है. अलग-अलग पृष्ठभूमि से लोग गांवों से आते हैं&amp;hellip;&#039; जनहित याचिका के दुरुपयोग पर चिंता जताते हुए मुख्य न्यायाधीश ने टिप्पणी की कि इस याचिका को सीधे खारिज कर देना चाहिए था, क्योंकि सिर्फ किसी अखबार में प्रकाशित लेख कैसे याचिका दायर करने का आधार बन सकता है?
बेंच ने कहा, &#039;पीआईएल दाखिल करने के लिए लेख प्रकाशित कराना आसान है.&#039; रवि प्रकाश गुप्ता ने दलील दी कि याचिकाकर्ता के मामला दायर करने के अधिकार/योग्यता का सवाल अब प्रासंगिक नहीं रह गया है, क्योंकि यह मामला तीन-न्यायाधीशों की पीठ से होकर पांच-न्यायाधीशों की पीठ तक पहुंचा, जिसने इस पर निर्णय दिया और इसे विचार योग्य मामला माना. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय मामले में की गई कुछ टिप्पणियों के आधार पर इस मामले को नौ-सदस्यीय संविधान पीठ को भेजने का औचित्य क्या है.
वकील ने आगे कहा कि अगर सबरीमाला मंदिर का फैसला पलट दिया जाता है, तो कई दमनकारी परंपराएं फिर से बहाल हो जाएंगी. पांच-सदस्यय संविधान पीठ ने सितंबर 2018 में 4:1 के बहुमत से दिए गए अपने फैसले में सबरीमाला अयप्पा मंदिर में 10 से 50 वर्ष की आयु की महिलाओं के प्रवेश पर लगी रोक हटा दी थी और अपने फैसले में कहा था कि सदियों पुरानी यह हिंदू धार्मिक प्रथा गैर-कानूनी और असंवैधानिक है. ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 06 May 2026 18:30:18 +0530</pubDate>
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        <title>बंगाल में 9 मई को शपथ ग्रहण, एक्शन में शाह, 8 मई को विधायक दल की बैठक, जानें कौन हो सकता है नया CM</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/बंगाल-में-9-मई-को-शपथ-ग्रहण-एक्शन-में-शाह-8-मई-को-विधायक-दल-की-बैठक-जानें-कौन-हो-सकता-है-नया-cm</link>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत के बाद अब नई सरकार के गठन की तैयारियां तेज हो गई हैं. राज्य के पहले बीजेपी मुख्यमंत्री और उनके कैबिनेट सदस्य 9 मई को कोलकाता के प्रतिष्ठित ब्रिगेड परेड ग्राउंड में शपथ लेंगे. इससे पहले 8 मई को दोपहर करीब 3 बजे के बाद बीजेपी विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें नेता का चयन किया जाएगा. इसी नेता को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई जाएगी.
चुनाव के बाद हिंसा को लेकर बढ़ी हलचलवहीं दूसरी ओर, राज्य में चुनाव के बाद हो रही हिंसा और घटनाओं को लेकर भी राजनीतिक हलचल बढ़ गई है. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य के सचिव इन मुद्दों पर चर्चा करने के लिए सक्रिय हैं और हालात पर नजर बनाए हुए हैं. सूत्रों के अनुसार, इस तारीख को खास तौर पर इसलिए चुना गया है क्योंकि यह गुरुदेव रबींद्रनाथ टैगोर की जयंती है, जिससे इस कार्यक्रम को सांस्कृतिक महत्व भी मिल जाता है.
वहीं, चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद नई विधानसभा के गठन की अधिसूचना जारी कर दी है, जिसे राज्यपाल को भेज दिया गया है. इसके साथ ही राज्य में चुनावी प्रक्रिया औपचारिक रूप से समाप्त हो गई है और नई सरकार के गठन का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है.
बीजेपी ने किसे नियुक्त किया पर्यवेक्षक?सरकार गठन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए बीजेपी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को केंद्रीय पर्यवेक्षक और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को सह-पर्यवेक्षक नियुक्त किया है. दोनों नेता नवनिर्वाचित विधायकों के साथ बैठक कर मुख्यमंत्री और कैबिनेट के नामों पर अंतिम निर्णय लेंगे.
सूत्रों के मुताबिक, अमित शाह गुरुवार को कोलकाता पहुंचकर विधायक दल की बैठक में शामिल होंगे. हाल ही में हुए चुनाव में बीजेपी ने 207 सीटों पर जीत दर्ज कर बड़ा बहुमत हासिल किया है, जबकि टीएमसी 80 सीटों तक सिमट गई है. ऐसे में पार्टी अब मजबूत नेतृत्व के साथ नई सरकार बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है.
पश्चिम बंगाल में बीजेपी किसे मुख्यमंत्री बनाएगी इस पर पूरे देश की नजर है. हालांकि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह चुनाव प्रचार के दौरान ये कई बार कह चुके हैं पश्चिम बंगाल का मुख्यमंत्री कोई लोकल और जो बंगाली बोलता हो वही होगा. ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 06 May 2026 18:30:16 +0530</pubDate>
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        <title>Kerala Election: केरल में वाम का आखिरी किला निकला तो बदली LDF की रणनीति, विपक्षी नेता पर मंथन तेज</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/kerala-election-केरल-में-वाम-का-आखिरी-किला-निकला-तो-बदली-ldf-की-रणनीति-विपक्षी-नेता-पर-मंथन-तेज</link>
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        <description><![CDATA[ केरल में लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट को चुनाव में मिली हार के बाद, अब सबका ध्यान इस बात पर चला गया है कि विधानसभा में विपक्ष का नेतृत्व कौन करेगा, जिसमें पिनाराई विजयन सबसे आगे निकलकर सामने आ रहा है.भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (CPM) ने आंतरिक चर्चाएं शुरू कर दी हैं; पार्टी के नेता इस बात पर विचार कर रहे हैं कि क्या पूर्व मुख्यमंत्री को विपक्ष की मौजूदगी को मज़बूत करने की भूमिका निभानी चाहिए.
चुनाव में हार के बाद, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (CPM) केरल विधानसभा में नेतृत्व की भूमिकाओं पर विचार कर रही है, जिसमें पिनाराई विजयन को विपक्ष का नेता नियुक्त किए जाने की संभावना है.पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि विजयन, जो सबसे अनुभवी और वरिष्ठ विधायक हैं, उन्हें कमान संभालनी चाहिए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि विपक्ष मजबूत और एकजुट बना रहे. हालांकि, अभी तक कोई आधिकारिक फैसला घोषित नहीं किया गया है, और विजयन ने खुद भी इस मामले पर सार्वजनिक रूप से अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं की है.

ये भी पढ़ें: Bengal Violence: बंगाल में हिंसा पर पुलिस का बड़ा एक्शन! 80 लोग गिरफ्तार, बिना इजाजत जुलूस पर रोक, पुलिसवाले भी नहीं बचेंगे
पिनाराई विजयन पर विचार क्यों किया जा रहा है?
CPM विपक्षी गठबंधन में सबसे बड़ी पार्टी है, इसलिए यह स्वाभाविक है कि विपक्ष का नेता इसी पार्टी से हो. विजयन चुने हुए विधायकों में सबसे वरिष्ठ नेता भी हैं, जिन्होंने हाल के चुनाव के दौरान सरकार और पार्टी का नेतृत्व किया था.पार्टी नेताओं ने सुझाव दिया है कि अगर विजयन चुने जाने के बावजूद पीछे हटते हैं, तो इससे राजनीतिक आलोचना हो सकती है, खासकर लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) को मिली करारी हार को देखते हुए.
अन्य संभावित उम्मीदवार कौन हैं?
अगर विजयन यह भूमिका नहीं निभाते हैं, तो के. एन. बालागोपाल को मुख्य विकल्प के रूप में देखा जा रहा है. केंद्रीय समिति के सदस्य और नव-निर्वाचित विधायक, बालागोपाल को पार्टी के भीतर एक मजबूत संगठनात्मक हस्ती माना जाता है. साजी चेरियन और पी. ए. मोहम्मद रियास जैसे अन्य वरिष्ठ नेता भी राज्य नेतृत्व का हिस्सा हैं, हालाँकि उन्हें फिलहाल इस पद के लिए मुख्य दावेदार के रूप में नहीं देखा जा रहा है.ऐसे में अगर विजयन कमान संभालते हैं, तो उप-नेता की भूमिका के लिए बालागोपाल पर विचार किया जा सकता है.
कौन से राजनीतिक दबाव काम कर रहे हैं?
LDF अपने गठन के बाद से सबसे कमजोर स्थितियों में से एक का सामना कर रहा है, जिससे विधानसभा में मजबूत नेतृत्व पेश करने के लिए पार्टी पर दबाव बढ़ गया है. हार के बाद सोशल मीडिया पर विजयन और CPM के राज्य सचिव एम. वी. गोविंदन की आलोचना भी की जा रही है.पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का मानना है कि नेतृत्व की भूमिका को अस्वीकार करने से आलोचना और तेज हो सकती है, जबकि इसे स्वीकार करने से विपक्ष को एकजुट करने और राजनीतिक विश्वसनीयता बहाल करने में मदद मिल सकती है.
CPM राज्य सचिवालय की महत्वपूर्ण बैठक
CPM राज्य सचिवालय की एक महत्वपूर्ण बैठक निर्धारित है, जिसमें पार्टी चुनाव परिणामों की समीक्षा करेगी और भविष्य की रणनीति पर चर्चा करेगी. &amp;nbsp;हालांकि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि इस बैठक में विपक्ष के नेता के पद पर अंतिम फैसला हो पाएगा या नहीं, लेकिन उम्मीद है कि विजयन इसमें शामिल होंगे.वरिष्ठ नेता सी. एन. मोहनन ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि विजयन को यह भूमिका निभानी चाहिए; उनका तर्क है कि सरकार और चुनावी अभियान का चेहरा होने के नाते, विपक्ष का नेतृत्व करना भी उनके लिए स्वाभाविक है. इस अंतिम फैसले से यह तय होने की उम्मीद है कि भविष्य में विधानसभा में CPM और LDF किस तरह काम करेंगे, खासकर ऐसे समय में, जब विपक्ष अपनी खोई हुई राजनीतिक ज़मीन वापस पाने की कोशिश कर रहा है.
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        <pubDate>Wed, 06 May 2026 18:30:14 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Kerala, Election:, केरल, में, वाम, का, आखिरी, किला, निकला, तो, बदली, LDF, की, रणनीति, विपक्षी, नेता, पर, मंथन, तेज</media:keywords>
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        <title>देश की सुरक्षा करने की राजनीतिक....ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर क्या बोले रिटायर्ड आर्मी अफसर</title>
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        <description><![CDATA[ Operation Sindoor First Anniversary: ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ 7 मई को है. इस दिन भारत ने पाकिस्तान में मौजूद आतंकवाद के ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले किए थे. भारतीय सेना की यह कार्रवाई पहलगाम में हुई आतंकवादी घटना के बाद की जवाबी कार्रवाई थी. इस ऑपरेशन ने पाकिस्तान को घुटनों पर ला दिया था. इसी को लेकर मंगलवार को रिटायर्ड मेजर जनरल ध्रुव सी कटोच ने बयान दिया है.&amp;nbsp;
कटोच ने कहा कि तब से लेकर अबतक कई महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं. मुझे लगता है कि सबसे महत्वपूर्ण बदलाव वास्तव में हमारे आतंकवाद को देखने के नजरिए और आतंकवादी कृत्यों पर हमारी प्रतिक्रिया के तरीके में आया है.&amp;nbsp;
भारत की आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस पॉलिसी
उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि एक बहुत ही स्पष्ट संदेश दिया गया है. इसमें साफ किया है कि भारतीय धरती पर आतंकवाद के किसी भी काम को लेकर जीरो टॉलरेंस पॉलिसी अपनाई जाएगी. अगर हम एक साल में हुई घटनाओं पर ध्यान देते हैं, तो हम पाएंगे कि सुरक्षा को लेकर राजनीतिक बदलाव और सैन्य तालमेल बहुत महत्वपूर्ण हुआ है. बस याद दिलाने के लिए बता दूं कि पिछले साल 22 अप्रैल को पहलगाम में एक हमला हुआ था.

भारतीय सेना ने 6-7 मई को आतंकी ठिकानों के खिलाफ चलाया था ऑपरेशन
कटोच ने कहा कि इसी का जवाब देते हुए भारतीय सेना और भारतीय एयरफोर्स ने 6-7 मई की रात को एक ऑपरेशन चलाया. इसमें 9 आतंकवादी शिविरों को नष्ट किया गया. अब मैसेज साफ है कि आतंकवाद के प्रति बिल्कुल नरमी नहीं बरती जाएगी. तब से लेकर आजतक जम्मू और कश्मीर में किसी भी आतंकवादी हमले में एक भी नागरिक की जान नहीं गई है. मुझे लगता है कि जिस तरह से वर्दीधारी जवानों ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया. वह हर सैनिक के लिए गर्व है.&amp;nbsp;
उन्होंने कहा कि जो मैसेज दिया गया, वह यह था कि भारत के पास अपनी क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए ऑपरेशन को अंजाम देने की क्षमता, काबिलियत और राजनीतिक इच्छाशक्ति मौजूद है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Wed, 06 May 2026 18:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>केरल में कांग्रेस की मुश्किल: तीनों CM चेहरे एक ही जाति से, संतुलन कैसे बनेगा? समझें जातीय गणित</title>
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        <description><![CDATA[ केरल में सत्ता में वापसी के बाद कांग्रेस के सामने सबसे बड़ा सवाल मुख्यमंत्री के चयन का है. लेकिन यह मुकाबला सिर्फ नेताओं के बीच नहीं, बल्कि जातीय समीकरणों के इर्द-गिर्द भी घूम रहा है. खास बात यह है कि पार्टी के तीनों प्रमुख दावेदार-&amp;nbsp; रमेश चेन्निथल्ला, वीडी सतीशन और केसी वेणुगोपाल सभी नायर समुदाय से आते हैं, जो राज्य की अगड़ी जाति मानी जाती है.
केरल में जातीय गणित कितना अहम?केरल की राजनीति में जाति का संतुलन हमेशा से अहम भूमिका निभाता रहा है. राज्य की करीब 55% आबादी हिंदू है, जिसमें लगभग 60% ओबीसी, 30% जनरल, 9% एससी और 1% एसटी वर्ग शामिल हैं. इसके अलावा करीब 27% मुस्लिम और 18% ईसाई समुदाय के लोग हैं, जो चुनावी समीकरणों को काफी प्रभावित करते हैं.
पिछड़े वर्ग से रहा है हाल का नेतृत्वपिछले 10 सालों तक केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन रहे, जो एझवा समुदाय से आते हैं और यह राज्य का बड़ा ओबीसी वर्ग है. ऐसे में इस बार कांग्रेस के सामने सामाजिक संतुलन बनाए रखने की चुनौती भी है.
अब तक के CM में किसका रहा दबदबा?केरल में अब तक 12 मुख्यमंत्री बने हैं, जिनमें 9 हिंदू रहे हैं. इनमें से 6 अगड़ी जाति से थे और उनमें भी 5 नायर समुदाय से आते थे, जबकि एक ब्राह्मण वर्ग से था. वहीं 3 मुख्यमंत्री ओबीसी समुदाय से रहे हैं, जो कांग्रेस और लेफ्ट-दोनों दलों से जुड़े थे.
अल्पसंख्यक समुदाय की भी रही भागीदारीराज्य में दो मुख्यमंत्री ईसाई समुदाय से भी बने हैं-&amp;nbsp; एके एंटनी और ओमान चांडी दोनों को कांग्रेस ने ही मौका दिया था. यही वजह है कि ईसाई समुदाय का झुकाव अक्सर कांग्रेस की ओर देखा जाता है. इसके अलावा एक मुस्लिम मुख्यमंत्री भी केरल में रह चुके हैं, जो आईयूएमएल (IUML) पार्टी से थे. ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 06 May 2026 18:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>केरल, में, कांग्रेस, की, मुश्किल:, तीनों, चेहरे, एक, ही, जाति, से, संतुलन, कैसे, बनेगा, समझें, जातीय, गणित</media:keywords>
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        <title>‘हमें रावण जैसा नहीं बनना, हम राम के अनुयायी’, TMC ऑफिस में तोड़फोड़ के बीच सुकांता मजूमदार की BJP कार्यकर्ताओं को सलाह</title>
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        <description><![CDATA[ केंद्रीय मंत्री सुकांता मजूमदार ने मंगलवार (5 मई, 2026) को पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यालयों में हुए कथित तोड़फोड़ की खबरों को बीच बड़ा बयान दिया है. उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ताओं को सलाह देते हुए कहा कि भाजपा को टीएमसी की तरह व्यवहार नहीं करना चाहिए. रावण हमेशा रावण ही रहेगा और भारतीय जनता पार्टी और उसके समर्थक सभी भगवान राम के अनुयायी है.
बीजेपी कार्यकर्ताओं से क्या बोलें सुकांता मजूमदार?
सुकांता मजूमदार की यह टिप्पणी उस वक्त आई, जब अज्ञात उपद्रवियों की तरफ से आसनसोल के गोधुली और हावड़ा के डुमुरजला में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यालयों में कथित हमले की खबरें सामने आई हैं. बता दें कि आसनसोल में सोमवार (4 मई, 2026) को हुए कथित हमले में दफ्तर को भारी नुकसान पहुंचा, जहां फर्नीचर, झंडे, पोस्टर और बैनर सब फाड़ दिए गए.
इन खबरों के बीच केंद्रीय मंत्री सुकांता मजूमदार ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, &amp;lsquo;भाजपा को भाजपा ही रहना है, उसे तृणमूल कांग्रेस नहीं बनना चाहिए. लोगों ने टीएमसी को नकार दिया है, इसलिए टीएमसी जैसा बर्ताव मत करें. हम जानते हैं कि आप सभी (स्थानीय लोग और बीजेपी कार्यकर्ता) पर लगातार अत्याचार हुए हैं, लेकिन आपको धैर्य रखना होगा. इस पर पुलिस कार्रवाई करेगी. रावण हमेशा रावण ही रहेगा, लेकिन हम भगवान श्रीराम के अनुयायी हैं, हमें रावण नहीं बनना चाहिए.&amp;rsquo;
यह भी पढ़ेंः अभी नहीं करेंगे रणनीति का खुलासा, होगी हमारी वापसी, BJP जब हटेगी तब झेलेगी, ममता की धमकी
शपथ ग्रहण समारोह और CM फेस पर क्या बोले केंद्रीय मंत्री?
इसके अलावा, केंद्रीय मंत्री सुकांता मजूमदार ने कहा, &amp;lsquo;शपथ ग्रहण समारोह को लेकर चर्चा जारी है और संभावित तारीख 9 मई हो सकती है. पार्टी को उचित निर्देश मिलने दीजिए. भारतीय जनता पार्टी (BJP) में मुख्यमंत्री का नाम पार्टी की प्रक्रिया के अनुसार तय होता है और उसी के अनुसार तय किया जाएगा.&amp;rsquo;

बंगाल में बीजेपी की प्रचंड जीत से टीएमसी को लगा झटका
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों में सामने आए आंकड़ों ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) को करारा झटका दिया है. भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पश्चिम बंगाल की 206 विधानसभा सीटों पर प्रचंड बहुमत के साथ जीत हासिल की है. बीजेपी की इस जीत के साथ पिछले 15 सालों से बंगाल की सत्ता में कायम मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस की सरकार का अंत हो गया है. इस चुनावी नतीजे को बीजेपी की एक बड़ी जीत के तौर पर देखा जा रहा है.
यह भी पढ़ेंः &amp;lsquo;जनता ने दोनों हाथ उठाकर हमें आशीर्वाद दिया&amp;rsquo;, बंगाल चुनाव में प्रचंड जीत के बाद बोले केंद्रीय मंत्री सुकांता मजूमदार ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 06 May 2026 06:30:15 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>‘हमें, रावण, जैसा, नहीं, बनना, हम, राम, के, अनुयायी’, TMC, ऑफिस, में, तोड़फोड़, के, बीच, सुकांता, मजूमदार, की, BJP, कार्यकर्ताओं, को, सलाह</media:keywords>
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        <title>जब बंगाल पुलिस ने राइटर्स बिल्डिंग से ममता बनर्जी को फेंक दिया था बाहर, अब इस्तीफा देने से किया इनकार</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/जब-बंगाल-पुलिस-ने-राइटर्स-बिल्डिंग-से-ममता-बनर्जी-को-फेंक-दिया-था-बाहर-अब-इस्तीफा-देने-से-किया-इनकार</link>
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        <description><![CDATA[ तीन बार लगातार पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री रह चुकीं ममता बनर्जी को 2026 के विधानसभा चुनाव में करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा. साल 2011 से पहले पश्चिम बंगाल की सरकार राइटर्स बिल्डिंग से चलती थी. ममता बनर्जी के जीवन में एक वक्त ऐसा भी था जब वो राज्य के सेक्रेटरिएट राइटर्स बिल्डिंग में सीएम से मिलने पहुंची थीं और वहां के पुलिसवालों ने उन्हें उठाकर बाहर फेंक दिया था. ममता बनर्जी के साथ हुए उस वाकये ने उन्हें बंगाल का मुख्यमंत्री बनने की प्रेरणा दी.
ज्योति बसु की सरकार के दौरान घटी घटना
ये बात 1993 की है. तब पश्चिम बंगाल में लेफ्ट फ्रंट की सरकार थी, जिसके मुख्यमंत्री ज्योति बसु थे. अप्रैल 1991 में हुए विधानसभा चुनाव में लेफ्ट फ्रंट ने 244 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि कांग्रेस सिर्फ 47 पर सिमट गई थी. कांग्रेस ने इस चुनाव में धांधली का आरोप लगाया था, लेकिन छोटे-मोटे विरोध प्रदर्शनों के अलावा कांग्रेस कुछ खास हासिल नहीं कर पाई थी.
उस वक्त ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल में यूथ कांग्रेस की अध्यक्ष हुआ करती थीं. 1990 में सीपीएम के हमले में उनकी जान बच गई थी, जिसके बाद राजीव गांधी ने प्रदेश नेतृत्व को बाइपास करते हुए ममता को सीधे बंगाल यूथ कांग्रेस का अध्यक्ष बना दिया था. इसके अलावा 1991 में हुए लोकसभा चुनाव में ममता बनर्जी ने जीत दर्ज की थी और प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव ने उन्हें केंद्र में मंत्री भी बना दिया था.
उस वक्त बंगाल में एक रेप केस की वजह से सीपीएम सरकार पर गंभीर आरोप लग रहे थे. एक निशक्त महिला के साथ रेप हुआ था और वो गर्भवती हो गई थी. इसका आरोप सीपीएम के एक नेता पर लगा था. उस महिला को न्याय दिलाने के लिए केंद्र में मंत्री ममता बनर्जी ने सीएम से मुलाकात करने का फैसला किया. उन्हें 6 जनवरी, 1993 की शाम 3 बजे का अपॉइंटमेंट मिला था. ममता बनर्जी पीड़ित महिला, विधायक शोवनदेव चटर्जी और कुछ नेताओं को साथ लेकर राइटर्स बिल्डिंग पहुंचीं. तब राइटर्स बिल्डिंग स्टेट सेक्रेटरिएट हुआ करती थी. मुख्यमंत्री ज्योति बसु का वही दफ्तर था.
लालबाजार लॉकअप में ममता को किया बंद
ममता बनर्जी राइटर्स बिल्डिंग में तीन घंटे तक सीएम ज्योति बसु के दफ्तर के बाहर बैठी रहीं. सीएम दफ्तर में थे, लेकिन उन्होंने ममता से मिलने से इनकार कर दिया था. वो ममता से मिले बिना राइटर्स बिल्डिंग से बाहर निकल गए थे. इसके बाद पुलिस ने ममता को दफ्तर से बाहर जाने को कहा. ममता बनर्जी ने बाहर जाने से इनकार कर दिया. फिर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया. ममता बनर्जी को भी चोट लगी. पुलिस ने पीड़ित महिला पर भी लाठियां चलाईं और फिर पुलिस ने सबको उठाकर लालबाजार लॉकअप में बंद कर दिया. अगले दिन पुलिस ने ममता बनर्जी को रिहा कर दिया.

ममता ने CPM की सत्ता को उखाड़ फेंकने की कसम खाई
लालबाजार लॉकअप के बाहर यूथ कांग्रेस के हजारों कार्यकर्ता थे. उनके साथ ममता बाहर निकलीं. मेयो रोड क्रासिंग के पास महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने ममता रुकीं. उन्होंने वहां कहा कि जब तक वो बंगाल से सीपीएम की सत्ता को उखाड़ नहीं देतीं, तब तक वो राइटर्स बिल्डिंग में कदम नहीं रखेंगी. ममता ने जो कहा, वो किया. करीब 18 साल बाद 20 मई, 2011 को ममता ने राइटर्स बिल्डिंग में कदम रखा. लेफ्ट का 34 साल लंबा शासन खत्म हो चुका था और ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल की नई मुख्यमंत्री बन गई थीं.
हालांकि राइटर्स बिल्डिंग से निकाले जाने और मुख्यमंत्री के तौर पर राइटर्स बिल्डिंग में कदम रखने के बीच 18 साल का फासला था. इन 18 साल में ममता बनर्जी को कई बार पुलिस की लाठियों का सामना करना पड़ा, कई बार अपनों ने धोखा दिया, कई बार मरते-मरते बचीं, लेकिन उन्होंने अपने संघर्ष से जो मुकाम पश्चिम बंगाल में हासिल किया, उसकी दूसरी मिसाल फिलहाल देखने को नहीं मिलती है.
ये भी पढ़ें : &#039;मैं हारी नहीं तो क्यों दूं इस्तीफा&#039;, बंगाल रिजल्ट के बाद अड़ीं ममता बनर्जी, EC को बताया बड़ा विलेन ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 06 May 2026 06:30:14 +0530</pubDate>
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        <title>बंगाल में दो सीटों पर चुनाव जीते हुमायूं कबीर! बीजेपी सरकार में बाबरी मस्जिद बनेगी या सिर्फ बनेगा चुनावी मुद्दा</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/बंगाल-में-दो-सीटों-पर-चुनाव-जीते-हुमायूं-कबीर-बीजेपी-सरकार-में-बाबरी-मस्जिद-बनेगी-या-सिर्फ-बनेगा-चुनावी-मुद्दा</link>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक अप्रत्याशित चेहरा सबसे बड़ी चर्चा का विषय बन गया- हुमायूं कबीर. ममता बनर्जी की TMC से निलंबित किए गए इस नेता ने अपनी नवगठित आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के बैनर पर न सिर्फ रेजीनगर बल्कि नौदा सीट पर भी शानदार जीत दर्ज की. मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद बनाने के वादे ने उन्हें बीजेपी शासित बंगाल में एक बड़े संकट की ओर भी धकेल दिया है. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या हुमायूं कबीर अपने वादे को पूरा कर पाएंगे, या फिर बाबरी मस्जिद अगले 5-10 सालों का एक स्थायी चुनावी मुद्दा बनकर रह जाएगी?
हुमायूं कबीर की ऐतिहासिक जीत: बीजेपी और TMC दोनों के लिए बड़ा झटका
हुमायूं कबीर ने 2026 के विधानसभा चुनाव में दो सीटों पर जीत दर्ज कर बंगाल की राजनीति में भूचाल ला दिया. रेजीनगर सीट पर उन्होंने बीजेपी प्रत्याशी बापन घोष को 58,876 मतों के बड़े अंतर से हराया. कबीर को 1,23,536 वोट मिले, जबकि बीजेपी को सिर्फ 64,660 वोट मिले और TMC 41,718 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर खिसक गई.
नौदा सीट पर भी कबीर ने बीजेपी के राणा मंडल को 27,943 वोटों के अंतर से हराया. यह जीत इसलिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि पूरे बंगाल में बीजेपी-TMC के बाहर जो 6 सीटें जीती गईं, वे सभी मुस्लिम उम्मीदवारों ने जीतीं. इनमें अकेले हुमायूं कबीर के नाम दो सीटें हैं. खुद कबीर ने इस जीत को अल्पसंख्यकों के साथ हुए अन्याय का जवाब बताया और कहा कि उनकी पार्टी महज चार महीने पहले बनी थी, इसलिए यह जनादेश और भी खास है.
बाबरी मस्जिद का सपना: नींव रखी जा चुकी है, लेकिन राह आसान नहीं
हुमायूं कबीर ने बाबरी मस्जिद का मुद्दा जानबूझकर चुनावी हथियार के रूप में इस्तेमाल किया. उन्होंने 6 दिसंबर 2025 को अयोध्या में बाबरी मस्जिद विध्वंस की 33वीं बरसी के दिन मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में मस्जिद की आधारशिला रखी. यह जमीन लगभग 11 एकड़ की निजी भूमि पर है और पूरे प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 86 करोड़ रुपये है. कबीर ने मस्जिद को दो साल में पूरा करने का दावा किया है और धन जुटाने के लिए बांग्लादेश और मिडिल ईस्ट से भी मदद ली जा रही है.
लेकिन अब सबसे बड़ी अड़चन यह है कि बंगाल में सत्ता परिवर्तन हो चुका है और बीजेपी की सरकार आ चुकी है. गृह मंत्री अमित शाह ने चुनाव प्रचार के दौरान साफ कह दिया था,&#039;यह भारत है और कोई भी आदमी यहां बाबरी मस्जिद नहीं बना सकता. अगर बीजेपी की सरकार बनती है तो हम बंगाल की धरती पर बाबरी मस्जिद नहीं बनने देंगे, चाहे इसके लिए हमें कुछ भी करना पड़े.&#039;
कानूनी-प्रशासनिक अड़चनों का जाल
हालांकि जमीन निजी है, लेकिन बीजेपी सरकार के पास निर्माण रोकने के कई रास्ते हैं:

पहला रास्ता: भूमि उपयोग और भवन निर्माण की अनुमति का है. कोई भी बड़ा धार्मिक ढांचा बनाने के लिए स्थानीय नगर निकायों और राज्य सरकार की मंजूरी अनिवार्य होती है, जिसे बीजेपी सरकार आसानी से रोक सकती है.
दूसरा रास्ता: शांति भंग और सांप्रदायिक तनाव का तर्क है. सरकार यह कहकर निर्माण पर पाबंदी लगा सकती है कि इससे इलाके में सांप्रदायिक तनाव फैलने की आशंका है.
तीसरा रास्ता: प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आयकर विभाग के जरिए से फंडिंग की जांच. कबीर पर पहले से ही उनके रिश्तेदारों के ड्रग तस्करी से जुड़े होने के आरोप हैं और 10 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच हो चुकी है.

तो क्या अगले 5-10 सालों का चुनावी मुद्दा बनकर रह जाएगी बाबरी मस्जिद?
यहीं पर यह सवाल और भी दिलचस्प हो जाता है. पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स का साफ मानना है कि बाबरी मस्जिद का मुद्दा बंगाल की राजनीति में एक स्थायी किस्सा बनकर रह जाएगा, जो हर चुनाव में गूंजता रहेगा. इसकी कई ठोस वजहें हैं:

हुमायूं कबीर के लिए यह मस्जिद उनकी पूरी राजनीति की धुरी बन चुकी है. अगर वह पीछे हटते हैं तो उनके समर्थकों के बीच उनकी विश्वसनीयता खत्म हो जाएगी. उनकी राजनीतिक मजबूरी उन्हें इस मुद्दे को जिंदा रखने के लिए मजबूर करेगी.
बीजेपी के लिए भी यह मुद्दा किसी वरदान से कम नहीं. मुर्शिदाबाद में 66% मुस्लिम आबादी है. वहां बाबरी मस्जिद का विरोध हिंदू मतदाताओं के ध्रुवीकरण का सबसे मजबूत हथियार बन गया है. 2021 में जहां बीजेपी को मुर्शिदाबाद, मालदा और उत्तरी दिनाजपुर की 43 सीटों में सिर्फ 8 सीटें मिली थीं, वहीं 2026 में यह आंकड़ा 19 हो गया. बीजेपी इस मुद्दे को आने वाले नगर निकाय और पंचायत चुनावों में भी भुनाना चाहेगी.
कबीर ने अब खुद को अखिल भारतीय स्तर पर मुस्लिम अस्मिता की राजनीति का चेहरा बनाने की कोशिश शुरू कर दी है. असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM से उनका गठबंधन (जो बाद में टूट गया) यह दिखाता है कि वह सिर्फ बंगाल तक सीमित नहीं रहना चाहते. बाबरी मस्जिद न बनने की स्थिति में भी यह मुद्दा &#039;मुस्लिमों के साथ अन्याय&#039; और &#039;बीजेपी के हिंदुत्व एजेंडे&#039; की नैरेटिव को आगे बढ़ाने का औजार बनता रहेगा.
2028 के लोकसभा चुनाव और 2031 के अगले विधानसभा चुनाव में बाबरी मस्जिद का मामला एक बार फिर केंद्रीय मुद्दा बनेगा, चाहे मस्जिद बनी हो या नहीं. कांग्रेस और वाम दल भी इसे बीजेपी पर हमला करने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं, जबकि बीजेपी इसे अपने हिंदुत्व के एजेंडे को मजबूत करने का औजार बनाएगी.

बहरहाल, बीजेपी सरकार के रहते बाबरी मस्जिद का निर्माण पूरा हो पाना मुश्किल लग रहा है. अगर कबीर कानूनी लड़ाई लड़ते हैं, तो यह मामला सालों तक अदालतों में घिसटता रहेगा और 2030 तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आ पाएगा. दूसरी ओर, बीजेपी सरकार की हर कार्रवाई विपक्ष को बीजेपी को &#039;मुस्लिम विरोधी&#039; साबित करने का मौका देती रहेगी. ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 06 May 2026 06:30:13 +0530</pubDate>
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        <title>तमिलनाडु में सरकार गठन की कवायद तेज, क्या विजय की पार्टी TVK का समर्थन करेगी कांग्रेस?</title>
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        <description><![CDATA[ तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद सरकार गठन को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. थलापति विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) ने बहुमत के लिए कांग्रेस से संपर्क साधा है. सूत्रों के मुताबिक, विजय ने इस संबंध में राहुल गांधी को पत्र लिखकर समर्थन का अनुरोध किया है.
सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस तमिलनाडु में सरकार गठन के लिए TVK का समर्थन करेगी और सरकार में शामिल भी होने के आसार है. 240 सदस्यीय विधानसभा के लिए हुए चुनाव में थलापति विजय की पार्टी TVK को तमिलनाडु की जनता ने प्रचंड समर्थन दिया, जिससे उनकी पार्टी को 108 सीटें मिली हैं, जबकि कांग्रेस ने 5 सीटों पर जीत दर्ज की है.
TVK चीफ विजय ने राहुल गांधी से क्या कहा?
इस मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर एक अहम बैठक हुई. बैठक में लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के साथ संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और तमिलनाडु के प्रभारी गिरीश चोडंकर भी मौजूद रहे.
बैठक में पोस्ट-इलेक्शन स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई. विजय ने कांग्रेस नेतृत्व के सामने सेक्युलर सरकार बनाने का प्रस्ताव रखा है. उनका कहना है कि तमिलनाडु की जनता ने संविधान की रक्षा और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों को मजबूत करने के पक्ष में जनादेश दिया है.

के. कामराज के आदर्शों से लेते हैं प्रेरणाः विजय
कांग्रेस के सूत्रों के अनुसार, पार्टी ने साफ संकेत दिए हैं कि वह किसी भी स्थिति में भारतीय जनता पार्टी (BJP) या उसके प्रॉक्सी के नेतृत्व वाली सरकार का समर्थन नहीं करेगी. विजय ने अपने पत्र में यह भी कहा है कि वे के. कामराज (K. Kamaraj) के आदर्शों से प्रेरणा लेते हैं और उसी दिशा में जनहित की राजनीति करना चाहते हैं. फिलहाल, कांग्रेस नेतृत्व ने तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी (TNCC) को निर्देश दिया है कि राज्य के लोगों की भावनाओं और राजनीतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अंतिम निर्णय लिया जाए.
यह भी पढे़ंः कैबिनेट बैठक में बोले पीएम मोदी, बंगाल में जीत का लंबे समय से था इंतजार, सत्ता के साथ आती है बड़ी जिम्मेदारी ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 06 May 2026 06:30:12 +0530</pubDate>
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        <title>ममता के साथ विपक्ष ने भी पकड़ा माथा, बंगाल में कैसे ढह गया TMC का किला? जानें अपने ही घर से कैसे बेगानी हो गईं दीदी</title>
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        <description><![CDATA[ तृणमूल कांग्रेस की मुखिया ममता बनर्जी इस बार सिर्फ पश्चिम बंगाल का चुनाव नहीं हारीं, बल्कि वो उनका घर कही जाने वाली भवानीपुर विधानसभा सीट भी हार गईं और इस बार भी ममता के खिलाफ भाजपा की आवाज पार्टी के कद्दावर नेता शुभेंदु अधिकारी ही बने, जिन्होंने ही उन्हें 15 हजार से ज्यादा वोटों से हराया है. खास बात ये है कि शुभेंदु ने 2021 के चुनाव में भी नंदीग्राम में ममता को हराया था, लेकिन तब भवानीपुर ने ममता को राज्य का मुख्यमंत्री बनाए रखा था. पर इस बार पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ऐसी सुनामी आई, जिसमें ममता बनर्जी का भवानीपुर किला भी ढह गया.
जनता के जनादेश को मानने के लिए तैयार नहीं ममता बनर्जी
राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि भवानीपुर की हार सिर्फ एक सीट की हार नहीं, बल्कि बड़े राजनीतिक नरैटिव को बदलने का संदेश समेटे हुए है. संदेश ये कि पश्चिम बंगाल में दीदी के 15 साल के शासन का अंत हो गया है और पहली बार बंगाल में भगवा लहराने जा रहा है.
हालांकि, ममता बनर्जी इस हार को बीजेपी की अनैतिक जीत करार देते हुए वोटों की लूट बता रही हैं और उन्होंने यहां तक कह दिया है कि वो चुनाव हारी नहीं हैं, इसलिए वो इस्तीफा नहीं देंगी, लेकिन इस बीच सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि आखिर ऐसा क्या हुआ जिसने बंगाल की सियासी तस्वीर बदलकर रख दी. हार की इस कहानी में पश्चिम बंगाल के लिए ममता बनर्जी कैसे और क्यों बेगानी हो गईं?
बंगाल में ढह गया तृणमूल कांग्रेस का किला
सिर्फ ममता बनर्जी को ही नहीं, बल्कि पूरे विपक्ष को इस बात पर अटूट विश्वास था कि अगर भाजपा से कोई सीधी टक्कर ले रहा है, तो वो ममता बनर्जी हैं, लेकिन पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों ने ममता बनर्जी के साथ-साथ पूरे विपक्ष को करारा झटका दे दिया है. ममता बनर्जी पूरी ताकत के साथ भाजपा के खिलाफ संघर्ष किया, लेकिन इस बार वो बीजेपी को पश्चिम बंगाल का किला भेदने से रोक नहीं पाईं.

चुनाव नतीजे आने से पहले ही बीजेपी डंके की चोट पर ममता बनर्जी की विदाई का ऐलान कर रही थी. पहले चरण के बंपर मतदान के बाद तो अमित शाह का कॉन्फिडेंस और ज्यादा बढ़ गया था और जैसे ही नतीजों वाले दिन रिजल्ट टैली में बीजेपी का आंकड़ा बढ़ने लगा. TMC खेमे में सन्नाटा पसरने लगा. बीजेपी बहुमत की तरफ बढ़ रही थी, लेकिन ममता आखिरी नतीजा आने तक जीत का दावा कर रही थीं, लेकिन दोपहर ढलते-ढलते बंगाल में भगवा लहराने का जश्न मनाया जाने लगा था. दूसरी तरफ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भवानीपुर सीट के काउंटिंग सेंटर में पहुंच गई.
ममता बनर्जी ने कहा कि बीजेपी की यह जीत धोखा है. उन्होंने मंगलवार (5 मई, 2026) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए बीजेपी की जीत को सवालों में खड़ा किया. उनका दावा है कि आधिकारिक रूप से भले ही बीजेपी जीत गई हो, लेकिन नैतिक रूप से वो ही बंगाल में जीती हैं, जबकि जानकार बता रहे हैं कि ममता बनर्जी को मुगालता हो गया कि वो बंगाल नहीं हारेंगी.
यह भी पढ़ेंः &amp;lsquo;हमें रावण जैसा नहीं बनना, हम राम के अनुयायी&amp;rsquo;, TMC ऑफिस में तोड़फोड़ के बीच सुकांता मजूमदार की BJP कार्यकर्ताओं को सलाह
भाजपा ने बंगाल में पलट दिया पूरा सियासी खेल
दरअसल, पिछले एक दशक से पश्चिम बंगाल में कांग्रेस और लेफ्ट लगातार कमजोर पड़ रहे थे और इसे भांपते हुए मोदी और अमित शाह ममता के खिलाफ मजबूत विकल्प बनने के लिए बंगाल में जी तोड़ कोशिश कर रहे थे. ध्रुवीकरण- ये शब्द हमेशा बीजेपी के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है, लेकिन बंगाल में ध्रुवीकरण ऐसा पलटा कि सियासी खेल ही बदल गया. ममता बनर्जी को बीजेपी मुस्लिमों की पार्टी बताती रही है. हिंदुओं को अपने हक में करने के लिए बीजेपी ने ये दांव चला था और दांव ऐसा काम किया कि इस बार बंगाल में ममता मुस्लिम बहुल इलाके की सीट भी नहीं बचा पाईं.
हिंदू वोटरों की गोलबंदी का ही नतीजा है कि बाकुरा, पूर्वी मेदनापुर, पुरुलिया, बर्धमान जैसे बड़े जिलों में टीएमसी का स्कोर जीरो हो गया. वहीं, मुर्शिदाबाद, मालदा, बीरभूम और उत्तर दिनाजपुर समेत बंगाल के मुस्लिम बहुल 9 जिलों में टीएमसी अपना प्रदर्शन रिपीट नहीं कर पाई, क्योंकि हिंदू वोट एकजुट था और मुस्लिम वोट बंटा हुआ था. फिर नतीजा यह हुआ कि मुस्लिम बहुल 160 सीटों में से पिछली बार 129 पर जीतने वाली ममता बनर्जी महज 67 पर सिमट गई, जबकि बीजेपी ने 160 में से 86 सीटें जीती. पिछली बार महज 30 सीटें ही इस इलाके में बीजेपी को मिली थी.
ममता के 66 फीसदी मंत्री नहीं बचा पाए अपनी सीट
बंगाल में बीजेपी का बवंडर ऐसा चला कि बिजली मंत्री से लेकर वित्त मंत्री और महिला एवं बाल विकास मंत्री से लेकर श्रम और परिवहन मंत्री तक कोई अपनी सीट नहीं बचा पाए. ममता के 66 फीसदी मंत्रियों ने अपनी सीट गंवा दी. ये आंकड़ा इस बात पर मुहर लगाता है कि ममता के खिलाफ बंगाल की जमीन पर विरोध की चिंगारी धधक रही थी, जिसे बीजेपी ने आग में बदल दिया. बंगाल का मन बदल रहा था. बंगाल दीदी से बीजेपी की तरफ देखने लगा था और इस बदलते हुए मन की टोह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने ले ली थी.
यह भी पढ़ेंः जब बंगाल पुलिस ने राइटर्स बिल्डिंग से ममता बनर्जी को फेंक दिया था बाहर, अब इस्तीफा देने से किया इनकार ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 06 May 2026 06:30:11 +0530</pubDate>
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        <title>सनातन का महाशंखनाद: बंगाल से तमिलनाडु तक तुष्टीकरण के &amp;apos;किले&amp;apos; ध्वस्त</title>
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        <description><![CDATA[ भारतीय राजनीति के कालखंड में कुछ क्षण ऐसे आते हैं, जो इतिहास की दिशा बदल देते हैं, लेकिन नरेंद्र मोदी ने जब से भारत की गद्दी संभाली है, तब से आज तक ऐसे क्षण थोक के भाव में दिन प्रतिदिन आ रहे हैं. पीएम मोदी का भारत और भारतीय प्रथम रोजाना पुष्पित पल्लवित हो रहा है. सबका साथ सबका विकास, सुशासन, साफगोई व पारदर्शिता इन सभी ने मिलकर आज जब पश्चिम बंगाल की विधानसभा और दक्षिण भारत के चुनावी नतीजे पटल पर उभरे हैं तो यह साफ कर दिया है कि यह महज एक &#039;सत्ता परिवर्तन&#039; नहीं है. यह उन करोड़ों दबे-कुचले स्वाभिमानों की हुंकार है, जिन्हें दशकों से &#039;वोट बैंक&#039; की राजनीति की वेदी पर बलि चढ़ाया जा रहा था.&amp;nbsp;
नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चलने वाली आंधी ने आज अपना परचम जिस तरह से लहराया है, उससे हमें डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी की याद आने स्वाभाविक है. डॉ मुखर्जी ने जिस बंगाल की माटी से &#039;एक राष्ट्र, एक विधान&#039; का संकल्प लिया था, आज उसी माटी ने उनके विचारों की सरकार को लगभग दो-तिहाई बहुमत देकर नियति का चक्र पूरा कर दिया है.&amp;nbsp;इस ऐतिहासिक जनादेश की नींव केवल विकास के वादों पर नहीं, बल्कि उस सुरक्षा बोध पर टिकी है, जो पिछले एक वर्ष में गंभीर खतरे में था. लगभग दो साल पहले पड़ोसी देश बांग्लादेश में हुए सत्ता परिवर्तन के बाद वहां जो-जो घटा, उसे बंगाल का हिंदू कभी नहीं भूल सकता. पड़ोसी देश बांग्लादेश में जिस तरह तख्तापलट हुआ और शेख हसीना को जान बचाकर भागना पड़ा, उसने सरहद के इस पार रहने वाले बंगाली समाज की रूह कंपा दी थी. &#039;शांति के दूत&#039; कहे जाने वाले नोबेल विजेता मोहम्मद यूनुस के सत्ता संभालते ही वहां जो तांडव शुरू हुआ, उसने भारत में भी छद्म धर्मनिरपेक्षता का नकाब उतार फेंका.
वहां के प्रसिद्ध लोक संगीतकार राहुल आनंद का 140 साल पुराना घर जलाया जाना महज एक घटना नहीं, बल्कि एक संस्कृति को मिटाने का प्रयास था. जब उनके हाथों से बने वाद्ययंत्रों को आग के हवाले किया गया, तो उसकी तपिश पश्चिम बंगाल के मालदा, मुर्शिदाबाद और नदिया के जिलों में महसूस की गई. इस्कॉन के संतों की गिरफ्तारी और हिंदुओं के नरसंहार पर जब भारत का &#039;सेक्युलर जमात&#039; और ममता बनर्जी का प्रशासन मौन साधे बैठा था, तब बंगाल का सामान्य हिंदू यह समझ गया कि यदि आज वह नहीं जागा, तो कल उसकी स्थिति भी वही होगी. मतदान केंद्रों पर लगी लंबी कतारें इसी &#039;अस्तित्व की लड़ाई&#039; का परिणाम थीं. हिंदुओं ने इस बार &#039;चुपचाप कमल छाप&#039; का मंत्र नहीं, बल्कि &#039;खुलकर अधिकार&#039; की नीति अपनाई.
ममता दीदी की &#039;इमाम भत्ता&#039; से लेकर &#039;मजहबी विशेषीकरण&#039; की राजनीति ने बंगाल के मूल स्वरूप को हाशिए पर धकेल दिया था. &#039;जय श्री राम&#039; के उद्घोष पर जेल भेजने वाली मानसिकता को आज जनता ने सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाकर यह सिद्ध कर दिया है कि बंगाल अब &#039;संदेशखाली&#039; जैसी घटनाओं को और बर्दाश्त नहीं करेगा. महिलाओं के साथ हुए अनाचार और स्थानीय स्तर पर तृणमूल के &#039;सिंडिकेट राज&#039; ने जो आक्रोश पैदा किया था, उसे बांग्लादेश के घटनाक्रम ने एक ज्वलंत आग में बदल दिया. आज का परिणाम उसी सामूहिक चेतना का प्रतिफल है.
बंगाल की यह लहर दक्षिण की ओर भी उतनी ही तीव्रता से बढ़ी. तमिलनाडु में एम.के. स्टालिन और उनके पुत्र उदयनिधि स्टालिन की हार भारतीय राजनीति का सबसे सुखद संकेत है. जिन लोगों ने सनातन धर्म की तुलना &#039;डेंगू&#039; और &#039;मलेरिया&#039; से की थी और इसे मिटाने की कसमें खाई थीं, उन्हें तमिलनाडु की ईश्वर-भक्त जनता ने अपनी शक्ति दिखा दी है. द्रविड़ राजनीति के नाम पर हिंदू संस्कृति का अपमान अब राज्य में स्वीकार्य नहीं है. भाजपा ने वहां न केवल अपना जनाधार बढ़ाया, बल्कि स्टालिन के अभेद्य किले को ढहाकर यह साबित कर दिया कि &#039;मुरुगन&#039; की धरती अधर्मियों के साथ नहीं खड़ी होगी.
असम में भाजपा की प्रचंड जीत ने मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की &#039;घुसपैठ मुक्त असम&#039; की नीति पर मुहर लगा दी है. असम के मूल निवासियों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे अपनी जनसांख्यिकी और संस्कृति से खिलवाड़ नहीं होने देंगे. वहीं, पुडुचेरी जैसे छोटे केंद्रशासित प्रदेश में भाजपा का सरकार बनाना यह दर्शाता है कि कमल अब भारत के हर कोने में खिलने के लिए तैयार है. यह केवल चुनावी जीत नहीं, बल्कि उत्तर से दक्षिण तक एक वैचारिक एकीकरण और सनातन का शंखनाद है. इस चुनाव का सबसे बड़ा संदेश यह है कि अब &#039;हिंदू&#039; रक्षात्मक नहीं, बल्कि मुखर है. वह अपनी पहचान को लेकर शर्मिंदा नहीं, बल्कि गौरवान्वित है. वह विकास भी चाहता है और अपनी विरासत की सुरक्षा भी. विपक्षी दलों के लिए यह सबक है कि आप बहुसंख्यक समाज की भावनाओं को कुचलकर सत्ता की सीढ़ियां नहीं चढ़ सकते.
आज जब कोलकाता की सड़कों पर शंख बज रहे हैं, तो यह उस नए युग की शुरुआत है,जहां तुष्टीकरण का कोई स्थान नहीं होगा. पश्चिम बंगाल ने डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी को अपनी सच्ची श्रद्धांजलि दी है. अब चुनौती है इस दो-तिहाई बहुमत के साथ बंगाल को फिर से &#039;सोनार बांग्ला&#039; बनाने की, जहाँ कानून का राज हो, न कि कट्टरपंथियों का. यह विजय लोकतंत्र के पर्व में &#039;धर्म&#039; की स्थापना है. यह उन शहीदों को नमन है जिन्होंने बंगाल की अस्मिता के लिए अपने प्राणों की आहुति दी. आज का सूर्योदय एक नए भारत, एक समर्थ भारत और एक सनातनी भारत का उदय है.
नोट - (उपरोक्त दिए गए विचार लेखक के व्यक्तिगत विचार हैं. ये जरूरी नहीं कि एबीपी न्यूज ग्रुप इससे सहमत हो. इस लेख से जुड़े सभी दावे या आपत्ति के लिए सिर्फ लेखक ही जिम्मेदार है) ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 05 May 2026 13:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Tamil Nadu Election Result: DMK के जले पर नमक है सांसें अटका देने वाली ये जीत, तमिलनाडु में 1 वोट से हार गया स्टालिन का चहेता मंत्री, जानें कहानी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/tamil-nadu-election-result-dmk-के-जले-पर-नमक-है-सांसें-अटका-देने-वाली-ये-जीत-तमिलनाडु-में-1-वोट-से-हार-गया-स्टालिन-का-चहेता-मंत्री-जानें-कहानी</link>
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        <description><![CDATA[ तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी टीवीके ने सोमवार को तमिलनाडु के चुनावी इतिहास में एक तरह का रिकॉर्ड बनाते हुए सत्तारूढ़ द्रमुक और उसके अध्यक्ष मुख्यमंत्री एमके स्टालिन को उनके कोलाथुर निर्वाचन क्षेत्र में करारी शिकस्त दी और सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी. हालांकि, इस बीच विजय की पार्टी तमिलगा वेत्त्री कज़गम (TVK) के उम्मीदवार सीनिवास सेतुपति. आर ने महज 1 वोट से जीत हासिल की. उन्होंने द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के मंत्री पेरियाकरुप्पन. के.आर. को हराया.&amp;nbsp;
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में अन्नाद्रमुक तीसरे स्थान पर रही. 1967 में राज्य में पहली गैर-कांग्रेसी सरकार के सत्ता में आने के बाद से यह पहली बार है, जब दो द्रविड़ दलों के अलावा कोई अन्य पार्टी चुनाव में विजयी हुई. इस जीत के साथ ही विजय और टीवीके के नाम कई उपलब्धियां दर्ज हो गई हैं और पार्टी के संस्थापक विजय अल्पसंख्यक समुदाय (ईसाई धर्म) से राज्य की बागडोर संभालने वाले पहले व्यक्ति होंगे. विजय ने पेरम्बूर और तिरुचिरापल्ली पूर्व, दोनों निर्वाचन क्षेत्रों से जीत हासिल की है. उनकी पार्टी 107 सीटें जीत कर 234 सदस्यीय विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी बन गई है.

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स्टालिन को कोलाथुर निर्वाचन क्षेत्र में मिली हार
द्रमुक अध्यक्ष और मुख्यमंत्री स्टालिन को कोलाथुर निर्वाचन क्षेत्र में 8,795 मतों के अंतर से हार का सामना करना पड़ा. जैसे ही यह स्पष्ट हुआ कि टीवीके अपने पहले चुनाव में अभूतपूर्व और भारी जीत की ओर बढ़ रही है, पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक यहां पनायूर स्थित पार्टी कार्यालय के सामने जमा हो गए और मिठाइयां बांटीं. इसके अलावा, विजय की जीत और समान विचारधारा वाली पार्टियों को सत्ता में हिस्सेदारी के बार-बार दिए गए आश्वासन से राज्य के इतिहास में एक नया अध्याय खुलने की उम्मीद है. टीवीके समर्थकों को उम्मीद है कि कांग्रेस (5), आईयूएमएल (2), वामपंथी दल (4), वीसीके (2) और पीएमके (5) भी समर्थन देंगे और सत्ता में हिस्सेदारी पा सकेंगे. इन सभी पार्टियों ने मिलकर कुल 18 सीटों पर जीत हासिल की है या आगे चल रही हैं. टीवीके को सरकार बनाने के लिए 118 सीटों की आवश्यकता है. तमिलनाडु में यह पहली बार होगा कि कोई पार्टी अपनी स्थापना के दो साल से कुछ अधिक समय बाद सत्ता में आएगी.
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        <pubDate>Tue, 05 May 2026 13:30:09 +0530</pubDate>
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        <title>BJP Ends Regional Politics: बीजेपी ने समेट दी क्षत्रपों की राजनीति! कैसे तीन राज्यों में कमल खिलने से डूब गई क्षेत्रीय पार्टियां?</title>
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        <description><![CDATA[ भारत की राजनीति में आज एक निर्णायक मोड़ आया है जब 2026 के विधानसभा चुनावों में पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की. इन नतीजों ने क्षेत्रीय दलों के गढ़ तोड़ दिए और साफ संकेत दिया कि अब &#039;क्षत्रपों की सियासत&#039; का दौर खत्म हो रहा है. 2026 के विधानसभा चुनाव के नतीजों से यह साफ हो गया है कि मतदाता अब पारंपरिक पार्टियों के बजाय विकास और सुशासन को तरजीह दे रहे हैं. इससे क्षेत्रीय क्षत्रपों की राजनीतिक पकड़ कमजोर पड़ रही है.
पश्चिम बंगाल: &#039;दीदी&#039; के 15 साल के शासन का अंत और बीजेपी का ऐतिहासिक उदय
पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने वह कर दिखाया जो कभी असंभव लगता था. ममता बनर्जी और उनकी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 15 साल के शासन का अंत करते हुए बीजेपी ने 294 सीटों में से 202 सीटों पर जीत हासिल की. बीजेपी ने 148 के बहुमत के आंकड़े को आसानी से पार कर लिया. TMC महज 71 सीटों पर सिमट गई. यह बदलाव सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि बंगाल की राजनीति में एक संरचनात्मक परिवर्तन का प्रतीक बना.
चुनाव प्रक्रिया से जुड़ा एक महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि राज्य में लगभग 27 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से मनमाने ढंग से हटा दिए गए, जिसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी और इसे लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों पर गंभीर चोट के रूप में देखा गया. आलोचकों का मानना है कि इस कदम ने चुनावी नतीजों को प्रभावित किया और यह आगे भी चिंता का विषय बना रहेगा.
बीजेपी की इस जीत ने एक ऐसे राज्य में पार्टी की पैठ को मजबूत किया जो लंबे समय से उसके विस्तार का विरोध करता रहा था. पार्टी ने 2021 में 38% वोट शेयर के मुकाबले इस चुनाव में 45% वोट शेयर हासिल किया, जबकि &amp;nbsp;TMC का वोट शेयर 48% से गिरकर 40.94% पर आ गया. इससे साफ है कि अब &#039;दीदी&#039; की लोकप्रियता और उनके नेतृत्व वाली TMC का आकर्षण फीका पड़ रहा है.
असम: लगातार तीसरी बार बीजेपी का परचम और कांग्रेस का सफाया
असम में बीजेपी के नेतृत्व वाले NDA ने लगातार तीसरी बार सरकार बनाकर इतिहास रच दिया. 126 सदस्यीय विधानसभा में NDA ने रिकॉर्ड 102 सीटें जीतकर दो-तिहाई बहुमत हासिल किया. बीजेपी ने 90 सीटों पर चुनाव लड़ा और 82 पर जीत दर्ज की, जबकि उसके सहयोगी दलों- बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) और असम गण परिषद (AGP) ने 10-10 सीटें जीतीं. यह पहली बार है जब बीजेपी ने राज्य में अपने दम पर बहुमत हासिल किया है.
इससे पहले 2021 और 2016 में उसे 60-60 सीटें मिली थीं. दूसरी ओर, कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद खराब रहा और वह केवल 23 सीटों पर आगे चल रही थी. AIUDF और राइजोर दल जैसे सहयोगी दलों को 2-2 सीटें मिलीं.
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने अपनी जलुकबारी सीट पर 40,000 से वोट्स की बढ़त के साथ जीत दर्ज की, जबकि राज्य कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई अपनी जोरहाट सीट हार गए. बीजेपी की इस जीत ने यह साबित कर दिया है कि क्षेत्रीय दलों की पकड़ अब उतनी मजबूत नहीं रही और मतदाता राष्ट्रीय पार्टी पर भरोसा जता रहे हैं.
पुडुचेरी: NDA की वापसी और रंगासामी का बढ़ता कद
पुडुचेरी में भी बीजेपी के नेतृत्व वाले NDA ने सत्ता में वापसी की. मुख्यमंत्री एन. रंगासामी की अखिल भारतीय एन.आर. कांग्रेस (AINRC) ने 12 सीटें जीतीं, जबकि बीजेपी को 4 सीटों पर जीत मिली. कुल 30 सीटों वाली विधानसभा में NDA ने 18 सीटें जीतकर बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया. यह पहली बार है जब केंद्र शासित प्रदेश में किसी सरकार को लगातार दूसरी बार फिर से चुना गया.
रंगासामी ने दो सीटों- थत्तांचवडी और मंगलम से जीत दर्ज की. उनकी इस जीत ने AINRC को राज्य की सबसे बड़ी पार्टी के रूप में स्थापित किया और भविष्य में पुडुचेरी को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की मांग को मजबूती से उठाने का मौका दिया. यह नतीजा बताता है कि छोटे राज्यों में भी अब क्षेत्रीय दलों को बीजेपी जैसी राष्ट्रीय ताकतों के साथ तालमेल बिठाना पड़ रहा है, वरना वे हाशिए पर चले जाएंगे.
क्षत्रपों की सियासत का अंत और नया राजनीतिक यथार्थ
इन तीनों राज्यों के नतीजों ने साफ कर दिया है कि &#039;क्षत्रपों की सियासत&#039; अब अपनी आखिरी सांसें गिन रही है:

कभी राष्ट्रीय स्तर पर विपक्ष का चेहरा रहीं ममता बनर्जी की करारी हार ने न सिर्फ उनकी पार्टी के अस्तित्व को संकट में डाल दिया है, बल्कि पूरे विपक्षी खेमे में नेतृत्व का शून्य पैदा कर दिया है.
असम में कांग्रेस अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रही है और क्षेत्रीय दल पूरी तरह से राजग की बैसाखी पर निर्भर हो गए हैं.
पुडुचेरी में भी AINRC की सफलता बीजेपी के साथ गठबंधन के बिना संभव नहीं थी.
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        <pubDate>Tue, 05 May 2026 13:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>कैसे बनेगी तमिनाडु में TVK की सरकार? बहुमत से 10 सीटें दूर विजय, CM की कुर्सी के ये हैं 3 समीकरण</title>
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        <description><![CDATA[ तमिलनाडु की राजनीति में इस बार बड़ा उलटफेर देखने को मिला है. करीब छह दशक से जारी द्रविड़ दलों के दबदबे को तोड़ते हुए अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी, TVK 108 सीटें हासिल कर सबसे बड़ी पार्टी बनी है. पहली बार चुनाव लड़ने उतरी इस पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए राज्य की राजनीति में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है. हालांकि, इस बड़ी जीत के बावजूद टीवीके अपने दम पर सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत से थोड़ा पीछे रह गई है.
बहुमत के लिए चाहिए 118 सीटें
234 सदस्यीय विधानसभा में स्पष्ट बहुमत के लिए 118 सीटों की जरूरत होती है, जबकि टीवीके फिलहाल 108 सीटों पर जीत हासिल की है. यानी पार्टी को बहुमत से अभी भी 10 सीटों की कमी है. वहीं,विजय ने दो सीटों (पेरंबूर और तिरुचि ईस्ट) से चुनाव जीता है. नियमों के अनुसार उन्हें एक सीट छोड़नी होगी, जिससे पार्टी की संख्या एक और कम हो जाएगी. इसके अलावा, सरकार बनने पर एक विधायक को स्पीकर बनाया जाएगा.

स्पीकर सामान्य स्थिति में मतदान नहीं करता, जिससे सदन में पार्टी की प्रभावी संख्या और घट जाती है. इन सभी समीकरणों को देखते हुए टीवीके को विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए कम से कम 12 अतिरिक्त विधायकों के समर्थन की जरूरत पड़ेगी. सामान्य बहुमत के आंकड़े से कुछ कम रह गई TVK सरकार बनाने के लिए तीन सिनारियो पर मंथन कर रही है.
ऑप्शन नंबर -1 
DMK गठबंधन के छोटे दलों के साथ सरकार का गठन
TVK 108कांग्रेस 5लेफ्ट-4IUML-2VCK -2
ऑप्शन नंबर -2
DMK और AIDMK दोनों गठबंधन में से छोटे दलों को साथ लेकर सरकार का गठनTVK 108कांग्रेस 5PMK 4IUML 2LEFT 4
सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस सहित दूसरे छोटे दलों के साथ गठबंधन पर मंथन कर रही TVK, सभी घटक दलों को मंत्रिमंडल में जगह देने पर भी विचार कर रही है. ताकि सामान्य बहुमत होने के बावजूद स्थिर सरकार बन सके.
ऑप्शन नंबर -3
गठबंधन के बाकी दलों को हटाकर सिर्फ AIADMK के समर्थन के साथ मजबूत सरकार का गठनTVK -108AIADMK-47
&#039;किंगमेकर&#039; बनेंगे छोटे दल और गठबंधन
छोटे दल और गठबंधन अब &#039;किंगमेकर&#039; की भूमिका में आ गए हैं. चुनाव परिणामों के अनुसार, डीएमके गठबंधन को बिखरा हुआ जनादेश मिला है. कांग्रेस ने 6 सीटें जीती हैं, जबकि वाम दल सीपीआई और सीपीआई (एम) को 2-2 सीटें मिली हैं. इसके अलावा इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग और विदुथलाई चिरुथिगल काची जैसे दलों को भी प्रतिनिधित्व मिला है. वहीं, एआईएडीएमके गठबंधन भी सीमित संख्या में सीटें हासिल कर पाया है. इस गठबंधन में शामिल पीएमके और भाजपा जैसी पार्टियों ने कुछ सीटें जीती हैं. अगर टीवीके इन दलों में से कुछ का भी समर्थन हासिल कर लेती है, तो वह आसानी से बहुमत का आंकड़ा पार कर सकती है.
इधर, तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर जल्द ही सरकार गठन की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं. वे विजय को सरकार बनाने का दावा पेश करने और बहुमत साबित करने के लिए आमंत्रित कर सकते हैं या समर्थन पत्र दिखाने को कह सकते हैं. अगर टीवीके बहुमत साबित करने में असफल रहती है, तो राज्यपाल दूसरे सबसे बड़े दल डीएमके को मौका दे सकते हैं. अगर कोई भी दल सरकार बनाने में सफल नहीं होता, तो राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू हो सकता है और छह महीने के भीतर दोबारा चुनाव कराए जा सकते हैं.
Tamil Nadu Election Result: DMK के जले पर नमक है सांसें अटका देने वाली ये जीत, तमिलनाडु में 1 वोट से हार गया स्टालिन का चहेता मंत्री, जानें कहानी ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 05 May 2026 13:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>West Bengal Election Result: बंगाल में सरकार का शपथ ग्रहण कब? BJP नेता ने बता दी तारीख, पीएम मोदी ने लगाई मुहर</title>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी को बंपर जीत हासिल हुई है. पार्टी ने 207 सीटों पर जीत हासिल कर मुकाबले को पूरी तरह से एकतरफा बना दिया और ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस पार्टी को 79 सीटों पर सिमटा कर रख दिया. इस बीच पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि पार्टी सिर्फ सत्ता बदलने के लिए नहीं, बल्कि बंगाल का खोया हुआ गौरव वापस लाने के उद्देश्य से चुनाव लड़ रही थी.

ये भी पढ़ें: बंगाल में कैसे ढह गया ममता बनर्जी का किला, महिला वोट बैंक में सेंध से हिंदू वोटों के ध्रुवीकरण तक सत्ता गंवाने के 5 बड़े फैक्टर
बंगाल में शपथ ग्रहण को लेकर चर्चा
बंगाल भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने शपथ ग्रहण को लेकर भी उन्होंने जानकारी दी. उन्होंने कहा कि 9 मई को रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती है, उसी दिन शपथ ग्रहण समारोह होगा और इसकी घोषणा प्रधानमंत्री की ओर से की जा चुकी है. इसके अलावा उन्होंने कहा कि एसआईआर को लेकर जनता की मांग थी और लोग चाहते थे कि इसे लागू किया जाए.
बता दें कि पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को मतदान हुआ था, जहां रिकॉर्ड तोड़ वोट पड़ा था. इसका नतीजा ये हुआ कि बीजेपी पूर्ण बहुमत के साथ बंगाल में बंपर जीत हासिल करने में कामयाब हुई. इसके अलावा असम और पुडुचेरी में भी बीजेपी जीत हासिल करने में कामयाब रही.
ये भी पढ़ें: Kerala Assembly Election: विधानसभा चुनावों में मिली करारी हार पर कांग्रेस के लिए शशि थरूर की बड़ी सलाह, BJP की जमकर की तारीफ ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 05 May 2026 13:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>West Bengal Election 2026: ममता बनर्जी को क्यों नहीं मिला बंगाल का साथ, कैसे अपना गढ़ तक नहीं बचा पाई? ये है बड़ी वजह</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/west-bengal-election-2026-ममता-बनर्जी-को-क्यों-नहीं-मिला-बंगाल-का-साथ-कैसे-अपना-गढ़-तक-नहीं-बचा-पाई-ये-है-बड़ी-वजह</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/west-bengal-election-2026-ममता-बनर्जी-को-क्यों-नहीं-मिला-बंगाल-का-साथ-कैसे-अपना-गढ़-तक-नहीं-बचा-पाई-ये-है-बड़ी-वजह</guid>
        <description><![CDATA[ West Bengal Election Results 2026: 4 मई को ममता बनर्जी के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा. यहां उन्हें भवानीपुर विधानसभा सीट से हार का सामना करना पड़ा है. उन्हें बीजेपी उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी ने हरा दिया है. 20 राउंड की गिनती के बाद नतीजे घोषित किए हैं. शुभेंदु अधिकारी ने 15 हजार के बड़े मार्जिन से बीजेपी को हराया है. &amp;nbsp;
बीजेपी उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी भवानीपुर सीट से ममता बनर्जी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे थे. उन्हें कुल 73,463 वोट मिले हैं. वहीं ममता बनर्जी को 58,350 वोट मिले हैं. शुभेंदु ने ममता को 15113 वोटों से हराया है. आखिर किन वजह से ममता बनर्जी ने यह चुनाव गंवा दिया है. आइए जानते हैं.&amp;nbsp;इस सीट पर जब काउंटिंग शुरू हुई तो रुझानों में ही ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी के बीच कड़ा मुकाबला बना हुआ था.
क्या रहे ममता की हार के बड़े कारण?
ममता बनर्जी की हार के पीछे जो सबसे बड़ा कारण रहा है, उनका 15 साल का शासन. इसमें 15 साल बाद सत्ता विरोधी लहर ने ममता बनर्जी की छवि को काफी नुकसान पहुंचाया. इसके अलावा गैर बंगाली वोटर्स की नाराजगी भी इस सीट से उनकी हार का कारण बनी है. साथ ही सुभेंदु अधिकारी से उन्हें कड़ी टक्कर मिली है. पिछली बार भी नंदीग्राम सीट से शुभेंदु अधिकारी ने उन्हें पटखनी दी थी.&amp;nbsp;
वोटर्स के बदलते मिजाज और दागदार होती ममता की छवि
इसके अलावा ममता सरकार के खिलाफ वोटर्स के बदलते मिजाज और भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण भी ममता बनर्जी की छवि दागदार हुई. इससे वोटर्स ने उनके खिलाफ जाने का फैसला किया. इस चुनाव में बड़ी संख्या में वोटर्स वोट डालने बाहर निकले. इसके अलावा 15 साल की सत्ता के दौरान पैदा हुई ऊब भी शामिल है.&amp;nbsp;
गैर बंगाली आबादी में बढ़ता असंतोष
भवानीपुर में गैर बंगाली आबादी काफी ज्यादा है. ऐसे में उनके भीतर पनपे असंतोष से ममता बनर्जी का पारंपरिक वोट बैंक खतरे में पड़ गया. उनकी पार्टी पर बढ़ते भ्रष्टाचार के आरोपों ने लोगों में उनके भरोसे को कम किया. उनकी स्थिति विधानसभा में काफी कमजोर साबित हुई.&amp;nbsp;
सुभेंदु अधिकारी ने जमीनी स्तर पर दी चुनौती
इस सीट पर बीजेपी ने जबरदस्त जमीनी स्तर पर कार्य किया. उन्हें सुभेंदु अधिकारी ने कड़ी चुनौती पेश की. स्थानीय वार्डों में टीएमसी विरोधी भावनाओं को एकजुट किया. महिला मतदाताओं में भी ममता के खिलाफ भारी गुस्सा देखने को मिला. यहां की महिलाओं में सुरक्षा और स्थानीय शासन को लेकर भी असंतोष चरम पर रहा. इसके अलावा स्थानीय चुनावों में भी टीएमसी कई वार्डों में पीछे नजर आई.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ें :&amp;nbsp;Election Results 2026 LIVE: बंगाल में शानदार जीत की ओर BJP, 100 के नीचे आई TMC, तमिलनाडु में TVK ने लहराई &#039;विजय&#039; पताका! ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 05 May 2026 02:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>West, Bengal, Election, 2026:, ममता, बनर्जी, को, क्यों, नहीं, मिला, बंगाल, का, साथ, कैसे, अपना, गढ़, तक, नहीं, बचा, पाई, ये, है, बड़ी, वजह</media:keywords>
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        <title>West Bengal Election Result 2026: सत्ता तो छोड़िए, सीट तक नहीं बचा पाईं ममता बनर्जी, भवानीपुर में शुभेंदु ने दोहराया नंदीग्राम पार्ट&amp;2</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/west-bengal-election-result-2026-सत्ता-तो-छोड़िए-सीट-तक-नहीं-बचा-पाईं-ममता-बनर्जी-भवानीपुर-में-शुभेंदु-ने-दोहराया-नंदीग्राम-पार्ट-2</link>
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        <description><![CDATA[ Bengal Election Results 2026: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत के साथ ऐतिहासिक जीत हासिल की है. भाजपा ने 294 सीटों वाले बंगाल विधानसभा की 208 सीटों पर जीत हासिल की है, लेकिन इन सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पश्चिम बंगाल में 15 सालों तक सत्ता संभालने वाली मुख्यमंत्री और भवानीपुर से तृणमूल कांग्रेस (TMC) की उम्मीदवार ममता बनर्जी अपनी ही सीट बचाने में नाकाम हो गईं. बंगाल विधानसभा में नेता विपक्ष और भवानीपुर विधानसभा सीट से भाजपा के उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को कुल 15,105 वोटों के अंतर से पछाड़ दिया है.
बंगाल में 16वें राउंड की वोट काउंटिंग में भाजपा उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी ने भवानीपुर विधानसभा सीट पर ममता बनर्जी के खिलाफ 554 वोटों से बढ़त बनाई. वहीं, सोमवार (4 मई, 2026) को रात साढ़े 9 बजे 19वें राउंड की काउंटिंग में ममता बनर्जी शुभेंदु अधिकारी से 15,001 वोटों से पिछड़ी हुई नजर आईं. जबकि रात 10 बजे आखिरी 20वें राउंड की गिनती खत्म होने के बाद शुभेंदु अधिकारी ने 15,105 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की.
BJP और TMC उम्मीदवारों को भवानीपुर में कितने मिले वोट?
पश्चिम बंगाल के भवानीपुर विधानसभा सीट से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी तृणमूल कांग्रेस (TMC) की उम्मीदवार हैं, जिनके सामने चुनावी मुकाबले में विधानसभा में नेता विपक्ष शुभेंदु अधिकारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रत्याशी हैं. 4 मई को साढ़े 9 बजे तक 19 राउंड की काउंटिंग के बाद भाजपा प्रत्याशी शुभेंदु अधिकारी को कुल 73,390 वोट मिले और 20वें राउंड की काउंटिंग के बाद यह आंकड़ा बढ़कर 73,917 हो गया. जबकि सीएम ममता बनर्जी को 58,812 वोट मिले. ऐसे में दोनों प्रत्याशियों के बीच वोटों का अंतर कुल 15,105 वोटों का रहा.

15 सालों की सत्ता के बाद ममता बनर्जी को बड़ा झटका
इस बार पश्चिम बंगाल में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए करारा झटका साबित हुए हैं. टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी साल 2011 के मई महीने में पहली बार पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री बनी थीं. इसके बाद उन्होंने साल 2016 और 2021 में फिर से विधानसभा चुनाव जीतकर बंगाल सत्ता में मुख्यमंत्री पद पर हैट्रिक बनाया यानी उन्होंने बंगाल के सीएम के तौर पर तीन कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरे किए. हालांकि, इस बार का चुनाव ममता बनर्जी के लिए काफी चौंकाने वाला साबित हुआ.
यह भी पढ़ेंः PM Modi Victory Speech: बंगाल की पहली कैबिनेट बैठक में आयुष्मान योजना को हरी झंडी, घुसपैठियों पर कड़ा एक्शन&amp;hellip; PM मोदी के 5 बड़े ऐलान ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 05 May 2026 02:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>West, Bengal, Election, Result, 2026:, सत्ता, तो, छोड़िए, सीट, तक, नहीं, बचा, पाईं, ममता, बनर्जी, भवानीपुर, में, शुभेंदु, ने, दोहराया, नंदीग्राम, पार्ट-2</media:keywords>
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        <title>Kerala Election Result 2026: भारत में वामपंथ का अंतिम लाल सूरज केरल में अस्त, आजादी के बाद पहली बार सत्ता में नहीं रहेंगे कम्युनिस्ट</title>
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        <description><![CDATA[ भारत में वामपंथ का अंतिम लाल सूरज केरल में केरल में हार के साथ ही अस्त हो गया है. यहां जनता ने यूडीएफ को राज्य का नेतृत्व सौंपा है. इस हार के साथ ही कम्युनिस्ट अब देश में कहीं भी सत्ता में नहीं हैं. वामपंथ के पास भविष्य में अब अस्तित्व बचाने की लड़ाई शेष रह गई है. केरल में इस बार कांग्रेस ने लेफ्ट के गढ़ में सेंध लगाई है. इनमें मुख्य रूप से कन्नूर और पलक्कड़ जिले हैं. आजाद भारत में यह पहली बार होगा, जब भारत के किसी भी राज्य में वामपंथ की सरकार नहीं होगी. वामपंथ के हाथ से पहले त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल निकल चुके हैं.&amp;nbsp;
कभी पश्चिम बंगाल में रहा था वामपंथ का ऐतिहासिक युग
पश्चिम बंगाल में वामपंथ का ऐतिहासिक युग रहा है. लेकिन वो भी कई साल पहले खत्म हो चुका है. 1977 से 2011 तक यहां वामपंथियों की सरकार रही. 34 साल तक वामपंथ ने राज्य का शासन चलाया. यह देश में किसी भी पार्टी की सबसे ज्यादा साल तक रहने वाली सरकार रही. 2011 में ममता बनर्जी ने इस किले को ध्वस्त कर दिया. आज बंगाल में वामपंथ पूरी तरह से खत्म हो चुकी है. यहां पार्टी का एक भी विधायक नहीं है.
त्रिपुरा में 25 साल सत्ता में रहने के बाद हुए बेदखल&amp;nbsp;
वहीं, त्रिपुरा की बात करें, तो लेफ्ट का रहा. यहां 1993 से 2018 तक वामपंथी सत्ता में रहे. 2018 में बीजेपी ने वामपंथियों को सत्ता से बेदखल किया. 2023 में भी बीजेपी ने यहां जीत हासिल की. इससे त्रिपुरा की सत्ता भी वामपंथ से दूर होती चली गई.&amp;nbsp;
केरल के परिणाम ने वामपंथ के अस्तित्व को मिटाया
हालांकि, केरल में इस बार वामपंथ का सफाया माना जा रहा था, क्योंकि पार्टी 10 साल से राज्य की सत्ता पर काबिज थी. यहां की जनता यूडीएफ या फिर एलडीएफ की ही सरकार चुनती रही है. 2021 में जरूर वामपंथ ने वापसी कर चौंकाया था. यहां 50 साल बाद सत्ताधारी पार्टी लगातार दूसरी बार सरकार बनाने में सफल रही थी.&amp;nbsp;
पूरे देश में लेफ्ट का एक सांसद
केरल एकमात्र ऐसा राज्य था, जहां वामपंथ सत्ता में बचा हुआ था. लेफ्ट की इस हार का असर केंद्र की राष्ट्रीय राजनीति पर पड़ेगा. सीपीएम और सीपीआई अपनी कम सीटों के बाद भी राजनीति में प्रभाव रखते आ रहे हैं. उसके पास बंगाल, त्रिपुरा और केरल जैसे राज्यों की ताकत थी. लेकिन अब कुल मिलाकर लेफ्ट की सरकार इन राज्यों में भी नहीं बची है. उनके पास सिर्फ एक सांसद बचा है. यह सोचने वाली बात होगी, कभी पहले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के बाद देश की दूसरे नंबर की पार्टी रही वामपंथ को देश की जनता ने फिलहाल सिरे से खारिज कर दिया है. ऐसा कई दशकों बाद संभव हो सका है.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ें :&amp;nbsp;Election Results 2026 LIVE: बंगाल में शानदार जीत की ओर BJP, 100 के नीचे आई TMC, तमिलनाडु में TVK ने लहराई &#039;विजय&#039; पताका! ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 05 May 2026 02:30:09 +0530</pubDate>
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        <title>बंगाल में 15 साल की ममता सरकार का सूरज अस्त... इन 5 फैक्टर्स के चलते गंगासागर में डूबा TMC का जहाज</title>
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        <description><![CDATA[ Five Factors that Collapse TMC Govt in West Bengal: ममता बनर्जी की 15 साल की राजनीति बंगाल में ढह गई है. उनका किला बीजेपी ने थराशाही किया है. 4 मई 2026 यानी सोमवार को आए बंगाल समेत देश के अन्य राज्यों से विधानसभा चुनाव के नतीजों ने अब तस्वीर साफ कर दी है. बंगाल में बीजेपी और टीएमसी के बीच कांटे की टक्कर थी. इस दौरान खुद पीएम मोदी, अमित शाह समेत कई पार्टी के बड़े नेता राज्य में सरकार बनाने के लिए जोरशोर से चुनावी प्रचार में जुटे थे. बंगाल चुनाव में पिछड़ी टीएमसी की हार के कई फैक्टर रहे हैं. इनमें जो सबसे बड़ा फैक्टर उभर कर आया है, उसमें आरजीकर घटनाक्रम के बाद महिला सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवाल सबसे अहम रहा.&amp;nbsp;
(ये पांच बड़े फैक्टर ले डूबे टीएमस को...)
आरजीकर मामले ने पूरे देश के सामने ममता सरकार को बैकफुट पर लाया
ममता सरकार पूरे देश के सामने उस समय बैकफुट पर आई, जब आरजीकर मेडिकल कॉलेज घटनाक्रम ने सभी को हिला कर रख दिया. यहां कोलकाता के एक सरकारी अस्पताल में 9 अप्रैल 2024 को एक महिला ट्रेनी डॉक्टर के साथ रेप और हत्या कर दी गई. इस दौरान राज्य में डॉक्टरों की सुरक्षा से लेकर महिला सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा बनकर उभरा.&amp;nbsp;
घटना 9 अगस्त 2024 की रात को हुई थी, और 31 साल की महिला डॉक्टर का शव मिला था. इस मामले में पोस्टमार्टम में यौन शोषण और हत्या की पुष्टी हुई. आरोपी अस्पताल में नियुक्त संजय रॉय निकला, जो अस्पताल में पुलिस की सहायता के लिए तैनात था. इस केस की संवेदनशीलता को देखते हुए कोलकाता हाईकोर्ट ने मामला सीबीआई को सौंप दिया. आरोपी को सियालदाह कोर्ट ने 18 जनवरी 2025 को दोषी करार दिया. साथ ही आजीवन कारावास की सजा सुनाई. इस घटनाक्रम के दौरान ममता सरकार पर अपराधी को बचाने के आरोप भी लगे. बीजेपी ने जमकर इस मुद्दे को उठाया और साथ ही पीड़िता की मां को उनके निवेदन पर बीजेपी ने पानीहाटी विधानसभा से चुनावी उम्मीदवार बनाया है.

चुनाव में नजर आया SIR का असर ?&amp;nbsp;बंगाल में चुनाव आयोग ने एसआईआर प्रक्रिया को अंजाम दिया. इस दौरान सूची से कई मतदाताओं के नाम काट दिए. इसकी वजह उनके नाम दो जगह दर्ज थे, या वो राज्य के वोटर नहीं थे. साथ ही मृत मतदाताओं के नाम भी हटाए गए. इसका ममता बनर्जी ने विरोध किया. सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया. इस दौरान पूरे राज्य से 90 लाख वोटरों के नाम काटे गए. बांग्लादेशी लोग भी बंगाल चुनाव में वापस अपने घर लौट गए. बड़ी संख्या में बांग्लादेश और भारत बॉर्डर पर देखे भी गए थे. इनके पास अपनी नागरिकता साबित करने का कोई ठोस दस्तावेज नहीं था.&amp;nbsp;
बंगाल में हिंदू वोट बंट गयाइस बार बंगाल चुनाव में हिंदू वोटर्स ने बीजेपी को समर्थन दिया. जिसने ममता सरकार को इस चुनाव में पटखनी देने में अहम भूमिका निभाई. पिछले कुछ सालों में राज्य से हिंदू महिलाओं के साथ अभद्रता का मुद्दा गरमाए रहा था. हिंदुओं में एक डर का माहौल भी राज्य में देखा गया. ममता सरकार इन सभी चीजों को रोक नहीं पाई, और बीजेपी को हिंदू वोटर्स ने इस बार एकजुटता से वोट दिया. इस बार बीजेपी ने हिंदुत्व का मुद्दा राज्य में जोर शोर से उठाया.&amp;nbsp;
ये भी पढ़ें:&amp;nbsp;Bhabanipur Election Result 2026 LIVE: भवानीपुर विधानसभा सीट पर TMC की ममता बनर्जी आगे, जानिए कितने वोटों से बनाई बढ़त
ममता का नहीं चल पाया मुस्लिम कार्डइस बार के चुनाव में टीएमसी की हार का सबसे बड़ा कारण मुस्लिम लोगों के लिए उनका झुकाव रहा. यह एकतरफा झुकाव कई बार राज्य में नजर आया. इससे हिंदुओं के बीच भी उनकी छवि को धक्का लगा. इस दौरान बंग्लादेश का असर भी हिंदुओं के मन में बैठ गया. बंगाल में हिंदू वोटर्स इस बार साइलेंट रहे और आज परिणाम में सभी कुछ सबके सामने है.&amp;nbsp;
इसके अलावा बंगाल के मुर्शिदाबाद और मालदा में हुई हिंसा में हिंदुओं को टारगेट किया गया. इस दौरान राज्यपाल भी पीड़ितों से मिली, लेकिन ममता बनर्जी सरकार ने आरोपियों पर कार्रवाई नहीं की. इस वजह से भी पूरा हिंदू समाज टीएमसी के विरोध में रहा.&amp;nbsp;
राज्य में भ्रष्टाचार और एंटी इनकंबेसी ने पकड़ मजबूत की15 सालों से सत्ता पर काबिज ममता बनर्जी की सरकार में भ्रष्टाचार का मुद्दा प्रमुखता से उठता रहा. यहां राशन घोटाला, भर्ती घोटाले के कई आरोप सरकार पर लगे. राशन घोटाले में 9 हजार से 10 हजार करोड़ रुपए की मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है. इसके अलावा नियुक्ति और भर्ती प्रक्रिया में भारी मात्रा में रिश्वत देकर नौकरी देने के आरोप लगे थे. इन्हीं सभी के चलते राज्य सरकार के खिलाफ बंगाल बदलाव के मूड में था.&amp;nbsp;
ये भी पढ़ें:&amp;nbsp;West Bengal Election Result 2026 Live: रुझानों में बीजेपी को बहुमत, ममता बनर्जी ने मानी हार, कहा- &#039;अंतिम समय तक...&#039; ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 05 May 2026 02:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>Keralam Election Results 2026: केरलम चुनाव में कांग्रेस नीत UDF ने गाड़ा झंडा, 10 साल बाद सत्ता पर लौटने पर क्या बोले राहुल गांधी</title>
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        <description><![CDATA[ Kerala Election Result 2026: केरलम में विधानसभा चुनाव के नतीजों की तस्वीर साफ हो चुकी है. केरलम में कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) सत्तारूढ वामपंथी गठबंधन LDF के खिलाफ 104 सीटों से आगे चल रही है. चुनाव आयोग ने आंकड़ों के मुताबिक, कांग्रेस पार्टी अब तक 62 विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज कर चुकी है. वहीं एक विधानसभा सीट पर अपनी बढ़त बनाए हुए हैं. केरलम में 10 साल की वामपंथी सत्ता को हराने के बाद लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने राज्य की जनता को इस निर्णायक जनादेश के लिए धन्यवाद कहा है.
राहुल गांधी ने केरलम के लोगों का जताया आभार
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोमवार (4 मई, 2026) को केरलम विधानसभा चुनाव 2026 में जीत दर्ज करने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर कर राज्य की जनता का आभार जताया है. उन्होंने कहा, &amp;lsquo;केरलम के मेरे भाइयों और बहनों का इस निर्णायक जनादेश के लिए हार्दिक धन्यवाद. UDF के प्रत्येक नेता और कार्यकर्ता को इस कड़ी मेहनत और सुव्यवस्थित अभियान के लिए बधाई.&amp;rsquo;

Thank you to my brothers and sisters in Keralam for a truly decisive mandate.Congratulations to every UDF leader and worker for a hard-fought, well-run campaign.As I said before, Keralam has the talent, Keralam has the potential and now Keralam has a UDF government with a&amp;hellip;
&amp;mdash; Rahul Gandhi (@RahulGandhi) May 4, 2026



उन्होंने कहा, &amp;lsquo;जैसा कि मैंने पहले कहा था कि केरलम के पास प्रतिभा है, केरलम के पास अपार संभावनाएं हैं और अब केरलम के पास एक ऐसा यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) सरकार है, जो इन दोनों को साकार करने का नजरिया रखती है. मैं जल्द ही अपने केरलम परिवार से मिलने के लिए उत्सुक हूं.&amp;rsquo;

केरलम में वामपंथी सत्ता को लगा करारा झटका
केरलम में पिछले 10 सालों से वामपंथी दलों का गठबंधन लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) शासन करता आया है. मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के नेतृत्व में राज्य में 10 सालों तक लेफ्ट दलों का शासन रहा, लेकिन इस बार विधानसभा चुनाव के नतीजों ने सीएम पिनराई विजयन की वामपंथी सरकार को करारा झटका दिया है. इस बार चुनाव में UDF मात्र 35 सीटों पर सिमट कर रह गई है और राज्य में 10 सालों के बाद सत्ता में फिर से लौटने वाली कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व वाले गठबंधन यूडीएफ के कार्यकर्ता और नेता जीत का जश्न मना रहे हैं.
यह भी पढ़ेंः Tamil Nadu Election Result 2026: तमिलनाडु में CM बनने के लिए किसका हाथ थामेंगे विजय? TVK से रिश्ते में कौन बंधेगा- DMK या AIADMK ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 05 May 2026 02:30:07 +0530</pubDate>
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        <title>Tamil Nadu Election Result 2026 LIVE: तमिलनाडु में DMK या AIADMK किसकी सरकार, विजय की TVK को कितनी सीटें? वोटों की गिनती शुरू</title>
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        <description><![CDATA[ तमिलनाडु में 23 अप्रैल, 2026 को विधानसभा चुनाव 2026 (Tamil Nadu Assembly Election 2026) सफलतापूर्वक और सुरक्षित माहौल में पूरा हो चुका है. अब राज्य की जनता की निगाहें सोमवार (4 मई, 2026) को होने वाली मतगणना और विधानसभा चुनाव नतीजों की घोषणा पर टिकी हुई है. तमिलनाडु चुनावी नतीजों की घोषणा (Tamil Nadu Election Result 2026) से पहले सामने आए एग्जिट पोल (Exit Poll) के आंकड़ों में सत्तारूढ़ डीएमके गठबंधन एक बार फिर से राज्य की सत्ता में वापसी करती हुई नजर आ रही है. जबकि विपक्षी AIADMK का दावा है कि इस बार के विधानसभा चुनाव में जनता उन्हें बहुमत के आंकड़े के साथ राज्य की सत्ता की जिम्मेदारी सौंपेगी.
वहीं, तमिलनाडु के चुनावी संग्राम में एक्टर से राजनेता बने थलपति विजय की तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) एक उभरती हुई पार्टी के रूप में नजर आ रही है. चुनाव के बाद एग्जिट पोल के आंकड़ों में टीवीके को जनता से अच्छा समर्थन मिलने की संभावनाएं जताई जा रही हैं. टुडेज चाणक्य के आंकड़ों के मुताबिक, थलपति विजय की पार्टी टीवीके को तमिलनाडु की 234 विधानसभा सीटों के लिए हुए चुनाव में 63 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है.
Tamil Nadu Election Results 2026 Live Vote Counting
एग्जिट पोल के आंकड़ों पर गौर करें, तो मैट्रिज के मुताबिक, डीएमके को 122 से 132 सीटें मिल सकती है, AIADMK को 87 से 100 सीटें, जबकि टीवीके के खाते में 10 से 12 सीटें जाने की संभावना है. चाणक्य स्ट्रेटजीज के मुताबिक, डीएमके तमिलनाडु के 145 से 160 सीटें पर जीत हासिल कर सकती है, वहीं AIADMK को मात्र 50 से 65 सीटें हासिल हो सकती हैं, जबकि थलापति विजय की टीवीके को शून्य सीटें हासिल होंगी और अन्य के खाते में 18 से 26 सीटें जा सकती हैं.
इस बीच, तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026&amp;nbsp;को लेकर इंडिया टुडे-एक्सिस माई इंडिया एग्जिट पोल के आंकड़े कुछ इस तरीके के नजर आए, जिसने सियासी हलकों में चर्चा के माहौल को गर्म कर दिया और थलपति विजय की नई राजनीतिक पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK), जो पहली बार चुनाव लड़ रही है, को चुनाव में बहुमत के साथ सरकार बनाने की संभावना जता दी. पोल एजेंसी ने मुताबिक, बहुमत के लिए 118 विधानसभा सीटों वाले तमिलनाडु के चुनावी नतीजों में टीवीके को 98 से लेकर 120 सीटें तक मिलने की संभावना जताई गई है.&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 04 May 2026 10:30:11 +0530</pubDate>
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        <title>Election Results 2026 Time: बंगाल से असम तक 5 राज्यों के चुनाव के नतीजे आज, जानें कितने बजे शुरू होगी वोट काउंटिंग</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/election-results-2026-time-बंगाल-से-असम-तक-5-राज्यों-के-चुनाव-के-नतीजे-आज-जानें-कितने-बजे-शुरू-होगी-वोट-काउंटिंग</link>
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        <description><![CDATA[ चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव में सत्ता की चाबी किसे हासिल होगी, इसका फैसला कुछ ही घंटों में हो जाएगा. चुनाव के नतीजे के शुरुआती रुझान अब से कुछ घंटे बाद सामने आएंगे. मतगणना की शुरुआत सुबह 8 बजे से हो जाएगी. आइए जानते हैं काउंटिंग की लाइव स्ट्रीमिंग आप कब और कहां देख सकते हैं.
असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की सभी विधानसभा सीटों पर चुनाव के लिए अप्रैल में मतदान हुआ था. असम, केरल और पुडुचेरी में एक चरण में 9 अप्रैल को वोट डाले गए थे. वहीं, तमिलनाडु में भी 23 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान हुआ था. इसके अलावा, पश्चिम बंगाल विधानसभा की सभी सीटों पर दो चरण में 23 और 29 अप्रैल को मतदान हुए थे. पश्चिम बंगाल विधानसभा की 294 में से 293 सीटों के नतीजे सोमवार को आएंगे, क्योंकि फाल्टा सीट पर चुनाव आयोग ने दोबारा मतदान कराने का निर्णय लिया है. इस सीट पर 21 मई को मतदान होगा और 24 मई को चुनाव के नतीजे आएंगे. 294 सीटों वाली पश्चिम बंगाल विधानसभा में सरकार बनाने के लिए बहुमत का आंकड़ा 148 है.

इसी तरह, 126 सीटों वाली असम विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 64 है. 140 सीटों वाली केरल विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 71 है. 234 सीटों वाली तमिलनाडु विधानसभा में किसी भी दल को सरकार बनाने के लिए बहुमत का आंकड़ा 118 है. वहीं, 30 सीटों वाली पुडुचेरी विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 16 है. आंकड़ों के अनुसार, इस राज्यों में मतदान में रिकॉर्ड वोटिंग प्रतिशत भी दर्ज किया गया. असम में संपन्न चुनाव में वोटिंग प्रतिशत 85.38 रहा.
इसी तरह, केरल में मतदान प्रतिशत 78, तमिलनाडु में मतदान प्रतिशत 85.1, पुडुचेरी में मतदान प्रतिशत 89.08 और पश्चिम बंगाल में मतदान प्रतिशत 92.47 रिकॉर्ड किया गया है. मतगणना से पहले काउंटिंग सेंटरों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. पश्चिम बंगाल के सभी काउंटिंग सेंटरों को हाई-सिक्योरिटी जोन में बदल दिया गया है. शांति-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़े पैमाने पर केंद्रीय बलों की तैनाती भी की गई है.
यहां देख सकते हैं पांचों राज्यों के चुनाव के नतीजे
इलेक्शन कमीशन की ऑफिशियल वेबसाइट results.eci.gov.in पर सुबह 8 बजे से काउंटिंग शुरू हो जाएगी. राज्य को सेलेक्ट कर आप सीट वाइज चुनाव के रुझान देख पाएंगे. voters.eci.gov.in पर जाकर भी Election Results देख सकते हैं.
यहां भी देख सकते हैं पांचों राज्यों के चुनाव के नतीजे
लाइव टीवी: https://news.abplive.com/live-tv&amp;nbsp;
एबीपी लाइव (हिंदी): https://www.abplive.com/
एबीपी नेटवर्क यूट्यूब: https://www.youtube.com/watch?v=nyd-xznCpJc&amp;nbsp;
एबीपी लाइव (English): https://news.abplive.com/&amp;nbsp;
इसके अलावा दर्शक एबीपी न्यूज के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी रिजल्ट का पूरा लाइव प्रसारण देख पाएंगे.&amp;nbsp;
एबीपी न्यूज इंस्टाग्राम: https://www.instagram.com/abpnewstv/&amp;nbsp;
एबीपी लाइव इंस्टाग्राम: https://www.instagram.com/abplivenews/&amp;nbsp;
एबीपी लाइव एक्स: https://x.com/abplive&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 04 May 2026 10:30:10 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>Election, Results, 2026, Time:, बंगाल, से, असम, तक, राज्यों, के, चुनाव, के, नतीजे, आज, जानें, कितने, बजे, शुरू, होगी, वोट, काउंटिंग</media:keywords>
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        <title>Assam Election Result 2026 Live: असम की सत्ता में फिर लौटेगी हिमंत सरकार! कांग्रेस को चमत्कार की उम्मीद, क्या होगा रिजल्ट?</title>
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        <description><![CDATA[ चुनाव आयोग सोमवार (4 मई, 2026) की असम में हुए विधानसभा चुनाव के लिए दिए गए वोटों की गिनती शुरू हो गई है और अंत में नतीजों की घोषणा की जाएगी. 126 सीटों वाले असम की विधानसभा के लिए राज्य में 9 अप्रैल, 2026 को चुनाव पूर्ण हो चुके हैं. अब राज्य की जनता सरसरी निगाहों से चुनाव आयोग की तरफ असम चुनाव नतीजों (Assam Election Result 2026) की घोषणा पर अपनी नजर टिकाए बैठी है. असम के चुनाव में मुख्य मुकाबला मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) और विपक्षी कांग्रेस के बीच है.
चुनाव के बाद सामने आए एग्जिट पोल के आंकड़ों में सीएम हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली भाजपा एक बार फिर से असम की सत्ता में स्पष्ट बहुमत के साथ लौटती नजर आ रही है. बता दें कि असम विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 64 है और मैट्रिज पोल एजेंसी की एग्जिट पोल के अनुसार, भाजपा को चुनावी नतीजों में 88 से 98 के बीच सीटों पर जीत मिल सकती है, जबकि विपक्षी कांग्रेस को 22 से 32 सीटें मिलने की संभावना है और अन्य के खाते में 3 से 5 सीटें जा सकती हैं.
Assam Election Results 2026 Live Vote Counting
वहीं, चाणक्य स्ट्रेटजीज के आंकड़ों पर ध्यान दें, तो नतीजा कुछ ऐसा है कि भाजपा को 85 से 95 सीट, कांग्रेस को 25 से 32 सीट और अन्य को 6-12 सीटें मिल सकती हैं. जबकि पोल डायरी और एक्सिस माई इंडिया के आंकड़ों के मुताबिक, असम में भारतीय जनता पार्टी (BJP) क्रमशः 86 से 101 और 88 से 100 सीटों पर जीत हासिल कर सकती है. इसके विपरीत कांग्रेस को क्रमशः 15 से 26 और 24-36 सीटें मिलने की संभावना है.
असम में विधानसभा चुनाव से पहले और बाद में लगातार राजनीतिक सरगर्मी तेज रही. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा राज्य में घुसपैठ की समस्या को लेकर पूरी तरह से हमलावर रुख अपनाए दिखे, साथ ही उन्होंने कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार गौरव गोगोई और उनकी पत्नी पर पाकिस्तान के साथ कथित संबंध को लेकर आरोप लगाए. इस बीच कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सीएम हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा पर तीन देशों के पासपोर्ट रखने को लेकर आरोप लगाए गए, जिस पर काफी ज्यादा बवाल मचा रहा. ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 04 May 2026 10:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Assam, Election, Result, 2026, Live:, असम, की, सत्ता, में, फिर, लौटेगी, हिमंत, सरकार, कांग्रेस, को, चमत्कार, की, उम्मीद, क्या, होगा, रिजल्ट</media:keywords>
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        <title>Election Results 2026 LIVE: बंगाल&amp;तमिलनाडु समेत 5 राज्यों में वोटों की गिनती शुरू, थोड़ी देर में आएगा पहला रुझान</title>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल समेत देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की वोटों की गिनती होगी, जिसके बाद साफ हो जाएगा कि जनता ने अगले पांच साल के लिए किस पार्टी या गठबंधन पर भरोसा जताया है. जिन राज्यों में चुनाव के नतीजे घोषित होंगे, उनमें पश्चिम बंगाल के अलावा तमिलनाडु, केरल, असम और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी शामिल हैं.&amp;nbsp;
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव नतीजे (Bengal Election Result 2026 LIVE)
पश्चिम बंगाल में विधानसभा की 294 सीटें हैं, जिनमें से 293 पर ही वोटों की गिनती होगी. यहां दो चरणों में मतदान हुआ था. पहले चरण में &amp;nbsp;23 अप्रैल को 152 सीटों पर वोटिंग हुई थी, जबकि दूसरे चरण में 29 अप्रैल को 142 सीटों पर मतदान हुआ था. यहां ममता बनर्जी लगातार चौथी बार सत्ता में लौटने की कोशिश में जुटी हुई हैं, वहीं बीजेपी इस बार सत्ता में आने की लड़ाई लड़ रही है. इस बार के चुनाव में करीब 92 फीसदी मतदान हुआ है. सबसे ज्यादा फोकस भवानीपुर सीट पर है क्योंकि यहां से ममता बनर्जी खुद चुनाव लड़ रही हैं, उन्हें बीजेपी के शुभेंदु अधिकारी टक्कर दे रहे हैं.&amp;nbsp;
असम विधानसभा चुनाव नतीजे (Assam Election Result 2026 LIVE)
असम की सभी 126 विधानसभा सीटों पर 9 अप्रैल को वोटिंग हुई थी. यहां बीजेपी हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में लगातार तीसरी बार सत्ता में आने की कोशिश में जुटी है. वहीं कांग्रेस गौरव गोगोई के नेतृत्व में चुनाव लड़ी थी. राज्य में इस बार रिकॉर्ड 85 फीसदी से ज्यादा वोटिंग हुई है.&amp;nbsp;
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव नतीजे (Tamil Nadu Election Result 2026 LIVE)
तमिलनाडु की 234 विधानसभा सीटों के लिए एक ही चरण में 23 अप्रैल को वोटिंग हुई थी. यहां वोटिंग का पिछला रिकॉर्ड तोड़ते हुए जनता ने 85 फीसदी से ज्यादा वोटिंग की है. मुख्यमंत्री स्टालिन के नेतृत्व में डीएमके गठबंधन सत्ता में तीसरी बार सत्ता में आने की कोशिश में है, वहीं AIADMK सत्ता में आने की लड़ाई लड़ रही है. जहां बीजेपी का गठबंधन AIADMK &amp;nbsp;के साथ है, वहीं कांग्रेस डीएमके के साथ है. जबकि इस बार एक्टर विजय की पार्टी टीवीके के आने से मुकाबला त्रिकोणीय हो सकता है.
केरल विधानसभा चुनाव नतीजे (Kerala Election Result 2026 LIVE)
केरल की 140 विधानसभा सीटों के लिए 9 अप्रैल को ही वोट डाले गए थे. इस बार यहां 78.27 फीसदी वोटिंग हुई है. जहां पिनाराई विजयन लगातार तीसरी बार सत्ता में आने की कोशिश में जुटे हुए हैं, वहीं कांग्रेस के नेतृत्व में यूडीएफ गठबंधन सरकार बनाने की कोशिश में जुटा है. केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी की 30 सीटों के लिए भी 9 अप्रैल को ही वोट डाले गए थे. केंद्र शासित प्रदेश में 89.97 फीसदी मतदान हुआ है. ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 04 May 2026 10:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Election, Results, 2026, LIVE:, बंगाल-तमिलनाडु, समेत, राज्यों, में, वोटों, की, गिनती, शुरू, थोड़ी, देर, में, आएगा, पहला, रुझान</media:keywords>
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        <title>Bhabanipur Election Result 2026 LIVE: भवानीपुर सीट पर BJP या TMC किसका होगा दबदबा, बंगाल में वोटों की गिनती जारी, पढ़ें लाइव अपडेट्स</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/bhabanipur-election-result-2026-live-भवानीपुर-सीट-पर-bjp-या-tmc-किसका-होगा-दबदबा-बंगाल-में-वोटों-की-गिनती-जारी-पढ़ें-लाइव-अपडेट्स</link>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल समेत देश के पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के बाद आज मतगणना चल रही है. बंगाल की भवानीपुर सीट पर सभी की निगाहें होंगी. बंगाल की मौजूदा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भवानीपुर से ही चुनाव लड़ा है. इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी की तरफ से शिवेंदु अधिकारी उम्मीदवार हैं. अब ममता और शुभेंदु के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है.&amp;nbsp;
अगर भवानीपुर सीट के पिछले नतीजों की बात करें तो साल 2021 के विधानसभा चुनाव, TMC के शोभनदेब चट्टोपाध्याय 28719 वोटों के अंतर से जीते थे. वहीं दूसरे नंबर पर रहे भाजपा के रुद्रनील घोष रहे थे. उन्हें 44786 वोट मिले थे.
अगर एग्जिट पोल की मानें तो इस बार भाजपा बंगाल में टीएमसी को कड़ी टक्कर देती हुई नजर आ रही है. Matrize के मुताबिक बीजेपी को बंगाल में 146 से 161 सीटें मिल सकती हैं. जबकि टीएमसी को 125 से 140 सीटें मिल सकती हैं. वहीं भवानीपुर सीट पर भी कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है. चाणक्य स्ट्रैट्जीज के मुताबिक बीजेपी को 150 से 160 सीटें मिल सकती हैं. वहीं टीएमसी को 130 से 140 सीटें मिल सकती हैं.
गौरतलब है कि टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने मतगणना से ठीक एक दिन पहले रविवार शाम को भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के लिए अपनी पार्टी के मतगणना एजेंटों के साथ बैठक की. &amp;nbsp;पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना शुरू होने से कुछ घंटे पहले यह बैठक हुई. भवानीपुर में बनर्जी का मुख्य मुकाबला भाजपा के शुभेंदु अधिकारी से है, जिन्होंने 2021 में नंदीग्राम सीट पर उन्हें हराया था. ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 04 May 2026 10:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Bhabanipur, Election, Result, 2026, LIVE:, भवानीपुर, सीट, पर, BJP, या, TMC, किसका, होगा, दबदबा, बंगाल, में, वोटों, की, गिनती, जारी, पढ़ें, लाइव, अपडेट्स</media:keywords>
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        <title>महंगाई की मार! दूध की कीमतों में 4 रुपये की बढ़ोतरी, इस राज्य ने लिया बड़ा फैसला</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/महंगाई-की-मार-दूध-की-कीमतों-में-4-रुपये-की-बढ़ोतरी-इस-राज्य-ने-लिया-बड़ा-फैसला</link>
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        <description><![CDATA[ देश में गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने से लोग परेशान हो रहे हैं तो वहीं दूसरी और अब दूध के दामों में भी बढ़ोत्तरी ने लोगों की चिताएं और बढ़ा दी हैं. ओडिशा मिल्क एंड डेयरी कोऑपरेटिव फेडरेशन (ओएमएफईडी) ने राज्य भर में दूध की कीमत में 4 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोत्तरी की घोषणा की है.
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक ओडिशा राज्य सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ (ओएमएफईडी) ने प्रोसेसिंग और परिवहन लागत में वृद्धि का हवाला देते हुए दूध की कीमत में 4 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोत्तरी की है. राज्य के मत्स्य एवं पशु संसाधन विकास मंत्री गोकुलानंद मल्लिक ने टोंड दूध की कीमत 50 रुपये से बढ़ाकर 54 रुपये प्रति लीटर करने और प्रीमियम दूध की कीमत 54 रुपये से बढ़कर 58 रुपये प्रति लीटर करने की घोषणा की है.

Odisha Milk and Dairy Cooperative Federation (OMFED) has announced a Rs 4 per litre hike in milk price across the state.(Source: Third party) pic.twitter.com/oMwXCV8HmZ
&amp;mdash; Press Trust of India (@PTI_News) May 3, 2026



गोल्ड प्रीमियम दूध की कीमत हुई 60 रुपये
इसी तरह अब ओडिशा राज्य में गोल्ड प्रीमियम दूध की कीमत 56 रुपये से बढ़ाकर 60 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है, जबकि गोल्ड प्रीमियम प्लस वेरिएंट की कीमत 60 रुपये से बढ़ाकर 64 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है. राज्य के पशु संसाधन विकास मंत्री गोकुलानंद मल्लिक ने बताया कि संशोधित कीमतें रविवार से लागू हो गई हैं.

मंत्री गोकुलानंद मल्लिक ने कहा कि टोंड दूध और प्रीमियम दूध के 500 मिलीलीटर के पाउच अब 27 रुपये और 29 रुपये में बिकेंगे. इसके साथ ही मंत्री ने बताया कि प्रोसेसिंग और परिवहन लागत में वृद्धि को ध्यान में रखते हुए कीमतों में बढ़ोत्तरी की गई है.
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किसानों के हित में अधिक कीमत पर दूध खरीदेंगे- मल्लिक
मल्लिक ने कहा कि दूध की कीमतों में लंबे समय से कोई संशोधन नहीं हुआ है. हम किसानों के हित में अधिक कीमत पर दूध खरीदेंगे. उन्होंने आगे कहा कि अन्य ब्रांडेड कंपनियों की तुलना में ओम्फेड की कीमत अभी भी काफी कम है, लेकिन उन्होंने लोगों को आश्वासन दिया है कि गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. इसी बीच ओम्फेड ने किसानों से खरीदे गए गाय के दूध की कीमत में 1 रुपये की वृद्धि कर इसे 39.05 रुपये प्रति लीटर कर दिया है. इसी तरह किसानों को अब ओम्फेड को भैंस का दूध बेचने पर 1.60 रुपये प्रति लीटर अतिरिक्त मिलेंगे.
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        <pubDate>Sun, 03 May 2026 18:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>महंगाई, की, मार, दूध, की, कीमतों, में, रुपये, की, बढ़ोतरी, इस, राज्य, ने, लिया, बड़ा, फैसला</media:keywords>
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        <title>West Bengal Election: बंगाल में बिधाननगर काउंटिंग सेंटर के बाहर हंगामा! TMC&amp;BJP समर्थकों में हुई झड़प, पुलिस ने किया लाठीचार्ज</title>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के बिधाननगर में एक मतगणना केंद्र के बाहर रविवार (3 मई 2026) को तृणमूल कांग्रेस और भाजपा समर्थकों के बीच मामूली झड़प हुई. पुलिस के अनुसार, शनिवार रात स्ट्रॉन्ग रूम के सामने दोनों दलों के कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच कहासुनी के कारण तनाव पैदा हो गया था.
IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस दौरान नारेबाजी और जवाबी नारेबाजी हुई, जो कुछ ही देर में झड़प में बदल गई. स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए बड़ी संख्या में केंद्रीय बल मौके पर पहुंचे. पुलिस ने भी पहुंचकर समर्थकों को तितर-बितर किया. बाद में तृणमूल और भाजपा कार्यकर्ताओं को अलग कर दिया गया और उनके बीच बैरिकेड्स लगा दिए गए.&amp;nbsp;
भाजपा ने आरोप लगाया कि तृणमूल कार्यकर्ताओं ने मतगणना केंद्र के बाहर लगाए गए अपने कैंप में पार्टी के झंडे लगा दिए थे, जिससे विवाद शुरू हुआ. वहीं, तृणमूल ने भाजपा के खिलाफ आवाज उठाते हुए दावा किया कि केंद्रीय बलों ने उन पर लाठीचार्ज किया. हालांकि, केंद्रीय बलों और बिधाननगर पुलिस के हस्तक्षेप के बाद स्थिति और नहीं बिगड़ी.स्ट्रॉन्ग रूम के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है जबकि अन्य सभी मतगणना केंद्रों के बाहर भी कड़े इंतजाम किए गए हैं. प्रशासन ने मतगणना के दिन केंद्रों के बाहर पटाखे फोड़ने और विजय जुलूस निकालने पर पहले ही प्रतिबंध लगा दिया है.

#WATCH | West Bengal Assembly Elections | Kolkata: TMC workers allege that a white car with a BJP logo was allowed to enter a strong room without checking in Kolkata.A TMC worker says, &quot;The car went inside. It was a white car with the BJP&#039;s logo in front of the car and &#039;Army&#039;&amp;hellip; pic.twitter.com/X7f9Msr84j
&amp;mdash; ANI (@ANI) May 3, 2026




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पश्चिम बंगाल में दो चरणों में हुए विधानसभा चुनाव
पश्चिम बंगाल में दो चरणों में हुए विधानसभा चुनाव के तहत 293 सीटों के लिए सोमवार को 77 मतगणना केंद्रों पर वोटों की गिनती होगी.चुनाव आयोग ने शनिवार को दक्षिण 24 परगना जिले के फलता विधानसभा क्षेत्र के सभी बूथों पर पुनर्मतदान कराने की घोषणा की, क्योंकि 29 अप्रैल को हुए दूसरे चरण के मतदान में गंभीर चुनावी अनियमितताएं पाई गई थीं, इसलिए, फलता को छोड़कर 293 विधानसभा क्षेत्रों के वोटों की गिनती की जाएगी. मतगणना केंद्रों के आसपास सुरक्षा कड़ी करने के लिए चुनाव आयोग ने कई कदम उठाए हैं.
ममता बनर्जी का बड़ा दावा
मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने शनिवार को अपनी पार्टी के मतगणना एजेंटों से कहा कि जहां भाजपा 500 से 700 वोटों से आगे हो, वहां तुरंत पुनर्गणना की मांग करें. उन्होंने एजेंटों को यह भी निर्देश दिया कि वे रविवार रात किसी लॉज या होटल में ठहरें, ताकि सोमवार सुबह समय पर मतगणना केंद्र पहुंच सकें. यह निर्देश उन्होंने वर्चुअल बैठक के जरिए सभी विधानसभा क्षेत्रों के एजेंटों को दिए.
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        <pubDate>Sun, 03 May 2026 18:30:11 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>West, Bengal, Election:, बंगाल, में, बिधाननगर, काउंटिंग, सेंटर, के, बाहर, हंगामा, TMC-BJP, समर्थकों, में, हुई, झड़प, पुलिस, ने, किया, लाठीचार्ज</media:keywords>
    </item>
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        <title>West Bengal Election Results: &amp;apos;ड्यूटी में लगे कर्मचारी शेयर कर रहे डिटेल&amp;apos;, बंगाल चुनाव की काउंटिंग से पहले शुभेंदु अधिकारी का बड़ा आरोप</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/west-bengal-election-results-ड्यूटी-में-लगे-कर्मचारी-शेयर-कर-रहे-डिटेल-बंगाल-चुनाव-की-काउंटिंग-से-पहले-शुभेंदु-अधिकारी-का-बड़ा-आरोप</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/west-bengal-election-results-ड्यूटी-में-लगे-कर्मचारी-शेयर-कर-रहे-डिटेल-बंगाल-चुनाव-की-काउंटिंग-से-पहले-शुभेंदु-अधिकारी-का-बड़ा-आरोप</guid>
        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल में 4 मई 2026 को होने वाली मतगणना से पहले सियासी माहौल और गरमा गया है. बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने काउंटिंग प्रोसेस को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं. शुभेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर स्क्रीनशॉट शेयर कर दावा किया कि काउंटिंग ड्यूटी में लगे कई अधिकारी अपनी तैनाती से जुड़ी जानकारी बाहर साझा कर रहे हैं. बीजेपी नेता के मुताबिक, ये अधिकारी अपने डिपार्टमेंट के ऑर्गेनाइजेशन या एसोसिएशनों को अपनी ड्यूटी की जगह, पद और जिम्मेदारी जैसी जानकारी बता रहे हैं.
शुभेंदु अधिकारी ने यह भी कहा कि कुछ स्प्रेडशीट और लिस्ट सर्कुलेट हो रही हैं, जिनमें अधिकारी खुद या दबाव में आकर अपनी इलेक्शन ड्यूटी से जुड़ी जानकारी भर रहे हैं. इस जानकारी में काउंटिंग प्रोसेस में उनका रोल भी शामिल है. शुभेंदु अधिकारी का कहना है कि यह चुनावी नियमों का गंभीर उल्लंघन है और इससे कई तरह की समस्याएं पैदा हो सकती हैं. उनका मानना है कि अगर किसी अधिकारी की तैनाती की जानकारी ऐसे संगठनों तक पहुंचती है, जिनका राजनीतिक झुकाव हो सकता है, तो इससे उस पर दबाव बनाया जा सकता है या उसे प्रभावित करने की कोशिश हो सकती है.

It has come to my notice that several Officers assigned for Counting Day duties are reportedly disclosing their specific duty details, locations, and designations to their respective departmental organizations and associations.I have received information that spreadsheets and&amp;hellip; pic.twitter.com/EAiOz0DKJ3
&amp;mdash; Suvendu Adhikari (@SuvenduWB) May 3, 2026




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बंगाल के चुनावी नतीजों की निष्पक्षता पर पड़ेगा असर&amp;nbsp;बंगाल विधानसभा में नेता विपक्ष ने यह भी कहा कि काउंटिंग प्रक्रिया की निष्पक्षता काफी हद तक इस बात पर डिपेंड करती है कि ऑफिसर की तैनाती की जानकारी सीक्रेट रखी जाए. अगर यह गोपनीयता टूटती है तो नतीजों की निष्पक्षता पर असर पड़ सकता है. इसके अलावा उन्होंने आशंका जताई कि इस तरह से जानकारी इकट्ठा करना कुछ ऑर्गेनाइजेशन की तरफ से ऑफिसर पर दबाव बनाने की कोशिश भी हो सकती है, ताकि काउंटिंग के दौरान किसी खास पार्टी को फायदा पहुंचाया जा सके.
चुनाव आयोग से हस्तक्षेप करने की मांग
इन आरोपों के साथ शुभेंदु अधिकारी ने चुनाव आयोग और पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि ऑफिसरों को सख्त निर्देश दिए जाएं कि वे अपनी काउंटिंग ड्यूटी से जुड़ी कोई भी जानकारी किसी ऑर्गेनाइजेशन&amp;nbsp; या एसोसिएशन के साथ शेयर न करें. इसके साथ ही उन्होंने यह भी मांग की कि ऐसे संगठनों की जांच की जाए जो इस तरह की संवेदनशील जानकारी इकट्ठा कर रहे हैं.
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        <pubDate>Sun, 03 May 2026 18:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>West, Bengal, Election, Results:, ड्यूटी, में, लगे, कर्मचारी, शेयर, कर, रहे, डिटेल, बंगाल, चुनाव, की, काउंटिंग, से, पहले, शुभेंदु, अधिकारी, का, बड़ा, आरोप</media:keywords>
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        <title>दिल्ली के विवेक विहार अग्निकांड पर राजनाथ सिंह ने जताया दुख, CM रेखा गुप्ता ने क्या कहा?</title>
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        <description><![CDATA[ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने विवेक विहार में हुए भीषण अग्निकांड पर दुख जताया और पीड़ितों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि दिल्ली के विवेक विहार में हुए भीषण अग्निकांड में जानमाल की हानि से मैं अत्यंत दुखी हूं. दुख की इस घड़ी में पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं. मैं इस घटना में घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं.&amp;nbsp;
एलजी तरनजीत सिंह संधू ने जताया दुखदिल्ली के एलजी तरनजीत सिंह संधू ने एक्स पर लिखा कि विवेक विहार में आग लगने की दुखद घटना से बहुत दुख हुआ. मेरी दुआएं उन परिवारों के साथ हैं जिन्होंने इस भयानक हादसे में अपने प्रियजनों को खो दिया है. अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि घायलों को सभी आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाए, साथ ही प्रभावित लोगों को तत्काल राहत और सहायता प्रदान की जाए.&amp;nbsp;

क्या बोलीं सीएम रेखा गुप्ताआईएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली अग्निशमन सेवा के कर्मचारी और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और स्थिति को संभालने के लिए प्रयास कर रही हैं. उन्होंने कहा कि मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने और इस कठिन समय में शोक संतप्त परिवारों को संबल मिलने की प्रार्थना करता हूं. इससे पहले सीएम रेखा गुप्ता ने हादसे पर दुख जताते हुए कहा कि विवेक विहार की एक इमारत में लगी आग की घटना अत्यंत दुखद है. इस हादसे में 9 लोगों की मौत से मन व्यथित है. हादसे में घायल हुए लोगों का नजदीकी अस्पताल में उपचार चल रहा है. उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती हूं. दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं. ईश्वर से प्रार्थना है कि उन्हें यह कठिन समय सहने की शक्ति प्रदान करें.
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शाहदरा के विवेक विहार इलाके में लगी आगउन्होंने ये भी बताया कि स्थानीय प्रशासन, डीडीएमए, दिल्ली फायर सर्विस और दिल्ली पुलिस के सभी आला अधिकारी राहत और बचाव कार्यों में पूरी तत्परता से जुटे हैं. बता दें कि दिल्ली में शाहदरा के विवेक विहार इलाके में रविवार तड़के एक बहुमंजिला रिहायशी इमारत में आग लगी थी. शुरुआती रिपोर्ट में सामने आया है कि एसी में ब्लास्ट के बाद आग लगी, जिसने कुछ मिनटों में ही इमारत के कई फ्लोर को चपेट में ले लिया. इस हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए हैं.
जानकारी के अनुसार, मरने वालों की पहचान हो चुकी है. अरविंद, अनीता जैन, निशांत जैन और आंचल जैन दूसरे फ्लोर पर रहते थे, जिनकी मौत हुई है. मरने वालों में पहले फ्लोर पर रह रहीं 45 वर्षीय शिखा जैन भी शामिल हैं. इसके अलावा नितिन जैन, शैली जैन और सम्यक जैन तीसरे फ्लोर पर रहते थे.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sun, 03 May 2026 18:30:09 +0530</pubDate>
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        <title>West Bengal Election 2026 Results: ममता बनर्जी की सीट भवानीपुर में फिर हंगामा, TMC का आरोप&amp; &amp;apos;स्ट्रॉन्ग रूम के पास गईं BJP के झंडे वाली कारें&amp;apos;</title>
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        <description><![CDATA[ Election News: पश्चिम बंगाल में मतगणना का समय 24 घंटे से भी कम रह गया है. ऐसे में फिर से राज्य में हंगामा देखने को मिला है. इस बार यह हंगामा ममता बनर्जी की विधानसभा भवानीपुर में हुआ है. आरोप है कि स्ट्रांग रूम में बीजेपी झंडे लगी वाली कारें घुसने की इजाजत दी गई.&amp;nbsp;
घटना इलाके के सखावत मेमोरियल गर्ल्स स्कूल में हुई है. इस दौरान ममता बनर्जी चार घंटे तक धरने पर बैठी रहीं. ममता ने बिना इजाजत लोगों के घुसने का आरोप लगाया. राज्य में दोनों पार्टियों के बीच कड़ी टक्कर देखने मिल सकती है. क्योंकि पार्टियों की तरफ से स्ट्रांग रूम की सिक्योरिटी पर कड़ी नजर रखी जा रही है.&amp;nbsp;
टीएमसी कार्यकर्ता का आरोप- आर्मी जीप में बीजेपी का झंडा लगा थान्यूज एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए टीएमसी कार्यकर्ता ने कहा कि पुलिस अपना काम ठीक से कर रही थी. पुलिस तो साइकिलों की भी जांच कर रही थी. तभी एक कार अंदर घुसी. हमने आर्मी जीप में BJP का झंडा देखा. उसे बिना जांच के ही आगे जाने दिया गया. तभी हमने इस पर आपत्ति जताई.

एक अन्य कार्यकर्ता ने बताया कि गाड़ी अंदर चली गई. वह एक सफेद रंग की गाड़ी थी. इसके आगे BJP का लोगो लगा था. पीछे Army लिखा हुआ था. पुलिस ने गाड़ी की जांच नहीं की. किसी भी गाड़ी को अंदर जाने की इजाजत कैसे दी जा सकती है?
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चुनाव आयोग ने दी सफाई
वहीं इस पूरे मामले पर चुनाव आयोग के सीनियर अधिकारी ने बताया कि कार हरीश मुखर्जी रोड से गुजर रही थी. सिक्योरिटी फोर्स और पुलिस चेंकिंग के बाद उसमें कुछ भी आपत्तिजनक न मिलने पर उसे जाने दिया गया. इधर, राज्य में कई जगह इसी तरह स्ट्रांग रूम के बाहर लगातार हंगामा हो रहा है.
सोमवार सुबह 8 बजे से शुरू होगी मतगणना
&amp;nbsp;4 मई यानी सोमवार को फालटा विधानसभा को छोड़ कर राज्य की 293 सीटों पर पर मतगणना होगी. इसके अलावा अन्य चुनावी राज्यों के नतीजे भी आएंगे. सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू होगी.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sun, 03 May 2026 18:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>US&amp;ईरान संघर्ष के बीच भारत के लिए खुशखबरी! 46,313 MT LPG लदे एक और जहाज ने पार किया होर्मुज, कब पहुंचेगा &amp;apos;सर्वशक्ति&amp;apos;</title>
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        <description><![CDATA[ मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष और तनाव की वजह से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति संकट से घिरा हुआ है. वहीं, दूसरी तरफ अमेरिकी नौसेना ने ईरानी बंदरगाहों को घेरने के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में नाकेबंदी कर रखी है, जिसके कारण दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण एनर्जी कॉरिडोर पर अत्यंत गंभीर दवाब बना हुआ है.
इस बीच शनिवार (2 मई, 2026) को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से भारत के लिए एक बड़ी खुशखबरी आई है. दरअसल, मार्शल द्वीप के झंडे वाला एक एलपीजी टैंकर जहाज एमटी सर्वशक्ति (MT Shavshakti) 46,313 मीट्रिक टन एलपीजी के साथ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सुरक्षित रूप से पार कर चुका है. &amp;nbsp;
13 मई तक विशाखापत्तनम पहुंचेगा LPG लदा टैंकर
न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, इस तेल टैंकर जहाज पर कुल 20 चालक दल के सदस्य सवार हैं, जिनमें से 18 भारतीय शामिल हैं. आधिकारियों सूत्रों के हवाले से एएनआई ने कहा कि इस जहाज के 13 मई, 2026 तक विशाखापत्तनम पहुंचने की उम्मीद है.
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट की मुताबिक, एलपीजी लदे इस जहाज को पहले ईरान के लारक और केशम आईलैंड्स के नजदीक से गुजरते हुए रणनीतिक जलमार्ग से ओमान की खाड़ी की तरफ बढ़ते हुए देखा गया था. हालांकि, यह जहाज पहले भी फारस की खाड़ी और भारतीय पोर्ट्स के बीच आवागमन करता रहा है, भारत को लगातार अपनी मंजिल बताता रहा है और जहाज की तरफ से बार-बार यह भी कहा जाता रहा है कि इस जहाज में भारतीय चालक दल मौजूद है. मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजरायल और ईरान की जंग के शुरू होने के बाद से सुरक्षा के लिए यह एक व्यापक उपाय की तरफ अपनाया गया है.

US नाकेबंदी पार करने वाला पहला भारतीय जहाज हो सकता है सर्वशक्ति
अमेरिकी नौसेना ने पिछले कई हफ्ते से ईरानी बंदरगाहों को घेरने के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अपनी नाकेबंदी को जारी रखा हुआ है. इस बीच अगर भारत का यह एलपीजी टैंकर सुरक्षित रूप से भारत के विशाखापत्तनम बंदरगाह की अपनी मंजिल पर पहुंच जाता है, तो यह एक बहुत बड़ी उपलब्धि के तौर पर देखा जाएगा, जो अमेरिकी कार्रवाई के बाद सफलतापूर्वक होर्मुज गलियारे को पार करने वाला पहला ज्ञात भारतीय जहाज बन जाएगा.
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        <pubDate>Sun, 03 May 2026 06:30:09 +0530</pubDate>
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        <title>Telangana: चलती बाइक पर हेलमेट मारकर सास की हत्या, घर वालों को बताया हार्ट अटैक से हुई मौत; पुलिस ने ऐसे खोला पूरा राज</title>
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        <description><![CDATA[ Telangana Crime News: तेलंगाना के करिमनगर जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक दामाद ने अपनी ही सास की बेरहमी से हत्या कर दी. इस पूरी वारदात का खुलासा सीसीटीवी फुटेज के जरिए हुआ, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
मृतका की पहचान अरुणा के रूप में हुई है, जबकि आरोपी स्नेहित (28) बताया जा रहा है, जिसने कुछ समय पहले कविता नाम की युवती से प्रेम विवाह किया था. जानकारी के अनुसार, 29 अप्रैल को स्नेहित अपनी सास अरुणा को बाइक पर कहीं ले जा रहा था। अरुणा पीछे बैठी हुई थी.
चलते वाहन पर अपनी सास को दे मारा हेलमेट
इसी दौरान स्नेहित ने चलते वाहन पर ही अपनी सास पर हेलमेट से हमला कर दिया. उसने पीछे बैठी अरुणा के सिर पर जोरदार वार किया, जिससे वह संतुलन खो बैठीं और बाइक से नीचे गिर गईं. गिरने के बाद उन्हें गंभीर चोटें आईं और तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.
घटना के बाद स्नेहित ने मामले को छिपाने की कोशिश की. उसने परिवार और आसपास के लोगों को यह कहकर गुमराह करने की कोशिश की कि अरुणा को अचानक फिट्स (दौरा) पड़ा और वह बाइक से गिर गईं. शुरू में उसकी बात पर कुछ लोगों ने विश्वास भी किया.
सीसीटीवी कैमरों से हुआ घटना का खुलासा
लेकिन जब पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की जांच की, तो सच्चाई सामने आ गई. फुटेज में साफ दिखाई दिया कि स्नेहित ने जानबूझकर हेलमेट से हमला किया था, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि यह कोई हादसा नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या थी.
सच्चाई सामने आने के बाद आरोपी की पत्नी कविता ने भी अपने पति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर लिया और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई शुरू कर दी है.
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और हत्या के पीछे की वजहों का पता लगाया जा रहा है. इस घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है और पारिवारिक रिश्तों में इस तरह की क्रूरता ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है.
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        <pubDate>Sun, 03 May 2026 06:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>जोरहाट में मतगणना की तैयारी पूरी: 4 मई को होगी वोटों की गिनती, सुरक्षा के कड़े इंतजाम</title>
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        <description><![CDATA[ असम में विधानसभा चुनाव 2026 के परिणामों की घड़ी नजदीक आते ही जोरहाट जिला प्रशासन ने मतगणना के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं. जिला उपायुक्त (DC) जय शिवानी ने बताया कि मतगणना सोमवार (4 मई, 2026) को सुबह 8:00 बजे से शुरू होगी. उन्होंने आश्वस्त किया कि मतगणना प्रक्रिया को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं.
उन्होंने कहा कि जोरहाट निर्वाचन जिले के अंतर्गत आने वाले चार विधानसभा क्षेत्र, जिसमें 99-टियोक, 100-जोरहाट, 101-मरियानी और 102-तिताबोर, में इस महीने की शुरुआत में 9 अप्रैल को शांतिपूर्ण ढंग से मतदान संपन्न हुआ था.
वोट काउंटिंग के लिए बनाए गए दो मतगणना केंद्र
डीसी जय शिवानी ने कहा कि सोमवार (4 मई, 2026) को होने वाली वोट काउंटिंग के लिए दो केंद्र निर्धारित किए गए हैं. इसमें पहला जोरहाट गर्ल्स एचएस और एमपी स्कूल है, जहां 99-टियोक विधानसभा क्षेत्र आने वाले पोलिंग बूथों पर पड़े वोटों की गिनती होगी. जबकि दूसरा काउंटिंग सेंटर जोरहाट बॉयज एचएस और एमपी स्कूल है, जहां 100-जोरहाट, 101-मरियानी और 102-तिताबोर विधानसभा क्षेत्र के लिए मतगणना की जाएगी.&amp;nbsp;
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वोट काउंटिंग के लिए क्या-क्या की गई है व्यवस्था?
उपायुक्त जय शिवानी ने बताया कि मतगणना के लिए सभी निर्धारित केंद्र पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं. इसमें

टियोक विधानसभा क्षेत्र &amp;ndash; दो वोट काउंटिंग हॉल, 17 ईवीएम टेबल, 4 पोस्टल बैलेट टेबल, कुल 15 राउंड.
जोरहाट विधानसभा क्षेत्र &amp;ndash; एक मतगणना हॉल, 13 ईवीएम टेबल, 3 पोस्टल बैलेट टेबल, कुल 14 राउंड.
मरियानी विधानसभा क्षेत्र &amp;ndash; एक मतगणना हॉल, 14 ईवीएम टेबल, 3 पोस्टल बैलेट टेबल, कुल 15 राउंड.
तिताबोर विधानसभा क्षेत्र &amp;ndash; दो मतगणना हॉल, 20 ईवीएम टेबल, 3 पोस्टल बैलेट टेबल, कुल 13 राउंड.

उन्होंने कहा कि वोटों की हर राउंड की गिनती पूरी होने के बाद परिणामों की घोषणा की जाएगी और मीडिया कक्ष को उपलब्ध कराया जाएगा.
सुरक्षा के नजरिए से क्या किए गए हैं इंतजाम?
उन्होंने आगे कहा कि मतगणना को सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है.

पहला घेरा (100 मीटर परिधि): जिला पुलिस द्वारा सुरक्षा, यह क्षेत्र पैदल क्षेत्र घोषित रहेगा और किसी भी अनधिकृत वाहन की अनुमति नहीं होगी.
दूसरा घेरा (प्रवेश द्वार): राज्य सशस्त्र पुलिस द्वारा निगरानी, जहां सघन तलाशी ली जाएगी. मोबाइल, लैपटॉप, कैमरा, माचिस, हथियार और अन्य प्रतिबंधित वस्तुएं अंदर ले जाना पूरी तरह वर्जित होगा.
तीसरा घेरा (मतगणना हॉल): केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) द्वारा सुरक्षा, जहां अतिरिक्त जांच की जाएगी. इस दौरान सिर्फ अधिकृत पहचान पत्र या पास रखने वाले व्यक्तियों को ही प्रवेश की अनुमति होगी.

क्या है प्रतिबंधात्मक आदेश?
जिला उपायुक्त जय शिवानी ने कहा कि जिस दिन वोटों की काउंटिंग होगी, उस दिन सुबह 6 बजे से केंद्र के 100 मीटर के दायरे में BNSS 2023 की धारा 163 लागू रहेगी. इसमें बिना अनुमति के किसी भी प्रकार की भीड़ या गतिविधि प्रतिबंधित रहेगी. वोट काउंटिंग हॉल के अंदर फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर रोक रहेगी, हालांकि अधिकृत मीडिया कर्मियों को हैंडहेल्ड कैमरा ले जाने की अनुमति होगी.
पारदर्शिता और निगरानी
उन्होंने कहा कि पूरी वोट काउंटिंग प्रक्रिया की 100 प्रतिशत CCTV निगरानी और वीडियोग्राफी की जाएगी. सिर्फ अधिकृत काउंटिंग एजेंटों को प्रवेश मिलेगा. हर टेबल पर माइक्रो-ऑब्जर्वर और निर्वाचन आयोग की तरफ से नियुक्त ऑब्जर्वर निगरानी करेंगे. ईवीएम की गिनती के बाद VVPAT पर्चियों का मिलान अनिवार्य रूप से किया जाएगा.
मीडिया के लिए दूसरे सुरक्षा घेरे के अंदर एक विशेष मीडिया सेंटर स्थापित किया गया है, जहां LED स्क्रीन, इंटरनेट और पब्लिक एड्रेस सिस्टम की सुविधा होगी. इसके अलावा, अन्य व्यवस्थाओं पर बात करें, तो मेडिकल टीम और एंबुलेंस की व्यवस्था की गई है, फायर ब्रिगेड की तैनाती होगी और बिजली के लिए DG सेट के माध्यम से बैकअप व्यवस्था भी की गई है.
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        <pubDate>Sun, 03 May 2026 06:30:07 +0530</pubDate>
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        <title>स्ट्रॉन्गरूम विवाद: तृणमूल ने चुनाव आयोग में की शिकायत, डाक मतपत्रों की अनधिकृत छंटाई का आरोप</title>
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        <description><![CDATA[ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने कोलकाता के एक ईवीएम स्ट्रॉन्गरूम में डाक मतपत्रों की अनधिकृत छंटाई का आरोप लगाते हुए शनिवार को चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई. खुदीराम अनुशीलन केंद्र के बाहर डेरा डाले तृणमूल कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि डाक मतपत्रों से भरे 8 बक्से तड़के 4 बजे लाए गए और उन्हें एक ऐसे कमरे में ले जाया गया, जहां सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं.
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, तृणमूल के एक सदस्य ने सवाल किया, &amp;lsquo;&amp;lsquo;हम मांग करते आ रहे हैं कि ईवीएम और डाक मतपत्रों वाले हर 1 किलोमीटर की दूरी पर सीसीटीवी निगरानी रखी जाए. लेकिन जब इन बक्सों को अंदर ले जाया गया, तो यह साफ हो गया कि उन्हें सीसीटीवी की पहुंच से दूर कमरे में ले जाया गया. आखिर ऐसा क्यों?&amp;rsquo;&amp;rsquo;&amp;nbsp;
बीजेपी और टीएमसी कार्यकर्ताओं में टकरावउत्तरी और पूर्वी कोलकाता के कई विधानसभा क्षेत्रों की मतदान मशीनें खुदीराम अनुशीलन केंद्र के स्ट्रॉन्गरूम में रखी हैं. तृणमूल कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के बीच बीजेपी की श्यामपुकुर से उम्मीदवार पूर्णिमा चक्रवर्ती अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंच गईं, जिससे तनाव और बढ़ गया. दोनों पक्ष नारेबाजी करने लगे, जबकि पुलिस स्थिति को नियंत्रण में लाने की कोशिश करती रही.

क्या बोलीं बीजेपी उम्मीदवारचक्रवर्ती ने दावा किया कि हार के डर से तृणमूल कार्यकर्ता स्ट्रॉन्गरूम के बाहर हंगामा कर रहे हैं. बाद में तृणमूल ने कहा कि उसने इस मामले में चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज करा दी है. उत्तर 24 परगना जिले के बारासात सरकारी कॉलेज स्थित स्ट्रॉन्गरूम के बाहर भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला, जहां तृणमूल कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि सुबह 17 मिनट तक सीसीटीवी बंद रहे.&amp;nbsp;
&#039;यह चुनाव आयोग का अधिकार&#039;, केंद्रीय कर्मचारियों की काउंटिंग ड्यूटी पर सुप्रीम कोर्ट से ममता बनर्जी को झटका | 5 बड़ी बातें
टीएमसी उम्मीदवार का बयानअशोकनगर से टीएमसी उम्मीदवार नारायण गोस्वामी मौके पर पहुंचे और परिसर के अंदर जाने की मांग की. एक निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि सीसीटीवी कैमरे पूरी तरह ठीक काम कर रहे हैं, लेकिन केंद्र के बाहर लगे मॉनिटर के बिजली के तार टूट गए थे. उन्होंने कहा, &amp;lsquo;&amp;lsquo;17 मिनट का फुटेज तृणमूल या जिस भी पार्टी को चाहिए, उनके साथ साझा किया जाएगा.&amp;rsquo;&amp;rsquo;
बीजेपी ने पूर्व बर्धमान जिले में एक कथित वीडियो साझा किया, जिसमें एक व्यक्ति को &amp;lsquo;यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी&amp;rsquo; की दीवार फांदते देखा जा सकता है और इसी इमारत में ईवीएम रखी गई है. चुनाव आयोग ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि वीडियो पुराना है और उसमें दिख रहा व्यक्ति सीसीटीवी कैमरे और एसी लगाने का काम कर रहा था.
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        <pubDate>Sun, 03 May 2026 06:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>स्ट्रॉन्गरूम, विवाद:, तृणमूल, ने, चुनाव, आयोग, में, की, शिकायत, डाक, मतपत्रों, की, अनधिकृत, छंटाई, का, आरोप</media:keywords>
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        <title>तेलंगाना के मेदक जिले के नरसापुर में लस्सी में पेशाब की अफवाह निकली फर्जी, पुलिस ने किया खुलासा</title>
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        <description><![CDATA[ तेलंगाना के मेड़क जिले के नरसापुर में शनिवार सुबह से सोशल मीडिया और कुछ न्यूज पोर्टल्स पर तेजी से फैल रही लस्सी में पेशाब मिलाने की खबर पूरी तरह फर्जी निकली है. इस सनसनीखेज दावे ने इलाके में बेवजह तनाव और आक्रोश का माहौल बना दिया, जिस कि कोई तस्वीर थी न ही कोई वीडियो, लेकिन पुलिस जांच में सच्चाई सामने आने के बाद पूरे मामले का भंडाफोड़ हो गया.
खबर फैलते ही लोगों का भड़का गुस्सा
दरअसल, वायरल खबरों में दावा किया जा रहा था कि नरसापुर बाजार में एक लस्सी विक्रेता को लस्सी में पेशाब मिलाते हुए पकड़ा गया. इस खबर के फैलते ही लोगों में गुस्सा भड़क गया. हालांकि, लस्सी विक्रेता ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.
पुलिस ने कहा- यह मामला पूरा गलतफहमी का है
नरसापुर पुलिस इंस्पेक्टर जनारेड्डी ने एबीपी न्यूज से बातचीत में स्पष्ट किया कि यह मामला पूरी तरह गलतफहमी का नतीजा है. उनके मुताबिक, लस्सी का ठेला लगाने वाला व्यक्ति कारोबार शुरू करने से पहले पास के नाले के पास अपने बर्तन साफ कर रहा था. उसी दौरान पास में मौजूद एक करीब 10 साल का बच्चा पेशाब करने लगा. कुछ लोगों ने बिना सही स्थिति समझे यह मान लिया कि लस्सी वाले ने ही अपने बर्तनों में पेशाब मिलाया है.

इसी गलतफहमी के चलते अफवाह फैल गई और मामला बढ़ता चला गया. लस्सी विक्रेता खुद उस बच्चे को साथ लेकर पुलिस स्टेशन पहुंचा और अपने ऊपर लगे झूठे आरोपों की शिकायत की. पुलिस ने बच्चे से पूछताछ कर पूरी सच्चाई की पुष्टि की और उसे समझाकर छोड़ दिया.
पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि बिना पुष्टि के इस तरह के गंभीर आरोप लगाना कानूनन अपराध है और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
यह भी पढ़ेंः&amp;nbsp;&amp;lsquo;200 से ज्यादा सीटें जीतेंगे&#039;, ममता बनर्जी ने TMC की जीत का किया दावा, एग्जिट पोल को बताया गलत ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 03 May 2026 06:30:06 +0530</pubDate>
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        <title>ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट पर राहुल गांधी ने उठाए थे सवाल, अब केंद्र सरकार ने दिया ये जवाब, जानें क्या कहा?</title>
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        <description><![CDATA[ Great Nicobar Project: ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट को लेकर बढ़ते विवाद के बीच केंद्र सरकार ने शुक्रवार को विस्तृत सफाई जारी करते हुए साफ किया कि यह परियोजना भारत के लिए रणनीतिक, रक्षा और आर्थिक रूप से बेहद अहम है. सरकार ने कहा कि विकास, पर्यावरण संरक्षण और आदिवासी समुदायों के हित के बीच संतुलन बनाते हुए इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया जा रहा है.
सरकार की सफाई, FAQ के जरिए दिया जवाब
सरकार ने यह स्पष्टीकरण FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल) के रूप में जारी किया. यह कदम उस समय आया जब लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस 81,000 करोड़ रुपये की परियोजना पर सवाल उठाते हुए इसे पर्यावरण और आदिवासी समुदायों के लिए खतरा बताया था. सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह परियोजना पूरी जांच-पड़ताल और सोच-समझकर शुरू की गई है.
अंडमान सागर में बढ़ेगी भारत की ताकत
सरकार के मुताबिक, ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट से अंडमान सागर और दक्षिण-पूर्व एशिया में भारत की रणनीतिक मौजूदगी मजबूत होगी. इससे देश की समुद्री और रक्षा क्षमताओं में बड़ा इजाफा होगा. साथ ही यह द्वीप वैश्विक व्यापार और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क से जुड़ेगा, जिससे आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा. इस परियोजना के तहत एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय ट्रांसशिपमेंट टर्मिनल बनाने की भी योजना है.
पर्यावरण पर असर का पूरा आकलन
सरकार ने स्पष्ट किया कि परियोजना के संभावित पर्यावरणीय प्रभावों की पहचान कर ली गई है और उनका विस्तृत आकलन किया गया है. इन प्रभावों को नियंत्रित करने के लिए मजबूत पर्यावरण प्रभाव आकलन (EIA) प्रक्रिया अपनाई जा रही है, ताकि विकास के साथ-साथ पर्यावरण की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सके.
आदिवासी समुदायों की सुरक्षा सबसे ऊपर
सरकार ने जोर देकर कहा कि इस परियोजना में आदिवासी समुदायों के हितों का विशेष ध्यान रखा गया है. सभी कानूनी प्रक्रियाओं और सुरक्षा उपायों का पालन किया गया है. जारवा पॉलिसी 2004 और शोम्पेन पॉलिसी 2015 के तहत विशेषज्ञों और संबंधित अधिकारियों से सलाह ली गई है. एम्पावर्ड कमेटी ने यह सुनिश्चित किया है कि विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTGs) पर इस परियोजना का कोई नकारात्मक असर न पड़े. सरकार ने यह भी बताया कि परियोजना को जनजातीय कार्य मंत्रालय से &amp;lsquo;नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट&amp;rsquo; मिल चुका है. इसके साथ ही वन अधिकार अधिनियम 2006 का भी पूरी तरह पालन किया गया है. ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 02 May 2026 14:30:14 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>ग्रेट, निकोबार, प्रोजेक्ट, पर, राहुल, गांधी, ने, उठाए, थे, सवाल, अब, केंद्र, सरकार, ने, दिया, ये, जवाब, जानें, क्या, कहा</media:keywords>
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        <title>&amp;apos;काउंटिंग ड्यूटी में केंद्रीय कर्मचारियों की नियुक्ति गलत नहीं&amp;apos;, TMC की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी</title>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना से ठीक पहले तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. अदालत ने मतगणना में केंद्रीय कर्मचारियों की तैनाती को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि इस मामले में आगे किसी आदेश की जरूरत नहीं है और चुनाव आयोग के आश्वासन को रिकॉर्ड में ले लिया गया है.
उच्चतम न्यायालय ने कहा कि टीएमसी की याचिका पर आगे कोई आदेश आवश्यक नहीं है. अदालत ने बंगाल चुनावों की मतगणना से जुड़े परिपत्र पर निर्वाचन आयोग (ईसी) के बयान को रिकॉर्ड पर लिया. निर्वाचन आयोग ने कोर्ट को बताया कि 13 अप्रैल के परिपत्र का पालन किया जाएगा.
केंद्रीय कर्मचारियों की तैनाती पर कोर्ट की टिप्पणी
अदालत ने कहा कि निर्वाचन आयोग केवल एक ही स्रोत यानी केंद्र सरकार से मतगणनाकर्मियों का चयन कर सकता है, इसलिए इस परिपत्र को गलत नहीं कहा जा सकता. कोर्ट ने यह भी कहा कि मतगणना के दौरान टीएमसी के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे और यह परिपत्र नियमों के खिलाफ नहीं है.
टीएमसी ने उठाए सवाल
टीएमसी ने कोर्ट में कहा कि निर्वाचन आयोग गड़बड़ी की आशंका जता रहा है, लेकिन यह आशंका किस आधार पर है, यह स्पष्ट नहीं किया गया. पार्टी ने यह भी कहा कि 13 अप्रैल का परिपत्र होने के बावजूद उन्हें इसकी जानकारी 29 अप्रैल को मिली.
4 मई की मतगणना से पहले सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए 4 मई को मतगणना होनी है. इससे पहले टीएमसी ने कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. यह मामला मतगणना केंद्रों पर केंद्र सरकार और पीएसयू कर्मचारियों की तैनाती से जुड़ा है.
कोर्ट- नियमों के खिलाफ नहीं केंद्रीय नियुक्ति
सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि काउंटिंग में केंद्रीय कर्मचारियों की नियुक्ति नियमों के खिलाफ नहीं है. बेंच ने कहा कि इस मामले में किसी भी नए आदेश की आवश्यकता नहीं है और &amp;lsquo;कोई आदेश की जरूरत नहीं&amp;rsquo; कहते हुए याचिका पर कोई विशेष दिशा-निर्देश जारी नहीं किया.
चुनाव आयोग का आश्वासन दर्ज
अदालत ने चुनाव आयोग के उस बयान को रिकॉर्ड पर लिया, जिसमें आयोग ने कहा कि सर्कुलर को उसके पूर्ण अर्थ और भावना के साथ लागू किया जाएगा. सुनवाई के दौरान टीएमसी ने अपना रुख नरम करते हुए कहा कि अब वे केवल यह चाहते हैं कि हर टेबल पर कम से कम एक कर्मचारी राज्य सरकार का भी हो.
कपिल सिब्बल ने उठाए कई सवाल
इससे पहले टीएमसी की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने निर्वाचन आयोग की मंशा पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि उन्हें आयोग से निष्पक्षता की उम्मीद नहीं है.
कोर्ट ने नियमों का दिया हवाला
जब सिब्बल ने हर टेबल पर केंद्रीय कर्मचारी की अनिवार्यता पर सवाल उठाया, तो कोर्ट ने नियमों का हवाला देते हुए कहा, &amp;ldquo;अगर यह मान लिया जाए कि काउंटिंग सुपरवाइजर और सहायक केंद्र सरकार के कर्मचारी होंगे, तो इसे गलत नहीं कहा जा सकता, क्योंकि प्रावधान में स्पष्ट है कि नियुक्ति राज्य या केंद्र किसी भी पूल से हो सकती है.&amp;rdquo; कोर्ट ने सिब्बल की दलीलों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, &amp;ldquo;ऐसा नहीं है जैसा आप बता रहे हैं.&amp;rdquo;
क्या है पूरा विवाद?
दरअसल, चुनाव आयोग ने 30 अप्रैल को एक निर्देश जारी किया था, जिसमें कहा गया कि हर मतगणना टेबल पर सुपरवाइजर या असिस्टेंट में से कम से कम एक कर्मचारी केंद्र सरकार या पीएसयू का होना अनिवार्य होगा. टीएमसी का आरोप है कि केंद्रीय कर्मचारी बीजेपी के प्रभाव में काम कर सकते हैं. हालांकि, कलकत्ता हाई कोर्ट ने इस आशंका को खारिज करते हुए आयोग के फैसले को सही ठहराया था. ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 02 May 2026 14:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>काउंटिंग, ड्यूटी, में, केंद्रीय, कर्मचारियों, की, नियुक्ति, गलत, नहीं, TMC, की, याचिका, पर, सुप्रीम, कोर्ट, की, बड़ी, टिप्पणी</media:keywords>
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        <title>बंगाल में एग्जिट पोल के सर्वे में BJP की बल्ले&amp;बल्ले, 2021 में भी सर्वे ने उसे दिलाया था बहुमत, रिजल्ट आया था उलट</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/बंगाल-में-एग्जिट-पोल-के-सर्वे-में-bjp-की-बल्ले-बल्ले-2021-में-भी-सर्वे-ने-उसे-दिलाया-था-बहुमत-रिजल्ट-आया-था-उलट</link>
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        <description><![CDATA[ बीजेपी के लिए पश्चिम बंगाल और असम में एग्जिट पोल खुशखबरी लेकर आए हैं तो वहीं केरल में कांग्रेस सत्ता में वापसी करती नजर आ रही है. तमिलनाडु में DMK मजबूत नजर आ रही है, लेकिन उसे एक्टर विजय की TVK से कड़ी चुनौती मिलती नजर आ रही है. ठीक इसी तरह 2021 के एग्जिट पोल्स में भी पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सरकार बनती दिख रही थी लेकिन टीएमसी की सत्ता बकरार रही.&amp;nbsp;
2021 में पश्चिम बंगाल का एग्जिट पोल
पश्चिम बंगाल के एग्जिट पोल में टीएमसी और बीजेपी में कड़ी टक्कर के संकेत मिले थे, लेकिन जब नतीजे घोषित हुए तो आंकड़े टीएमसी के पक्ष में गए और बीजेपी आसपास भी नहीं थी. 2026 में ज्यादातर एग्जिट पोल्स का कहना है कि राज्य में बीजेपी अपने दम पर सरकार बनाती नजर आ रही है. वहीं, टीएमसी बहुमत के आंकड़े से काफी दूर रह सकती है. बंगाल में कुल 294 विधानसभा सीटें हैं.&amp;nbsp;2021 में बीजेपी को कितनी सीटें मिली थीं
रिपब्लिक सीएनएक्स के सर्वे में ममता की पार्टी को 128-138 और बीजेपी को 138-148 सीटें दी गई थीं. टाइम्स नाउ सी वोटर में टीएमस को 158 और बीजेपी को 115 सीटें मिलने की बात थी. इंडिया टुडे एक्सिस माय इंडिया के सर्वे में टीएमसी को 130-156 और बीजेपी को 134-160 तक सीटें मिलने का अनुमान था. इंडिया टीवी पीपी के सर्वे में टीएमसी को 64-88 सीटें और बीजेपी को 173-192 सीटें मिलने का अनुमान था. हालांकि नतीजों में टीएमसी ने 215 और बीजेपी ने 77 सीटें हासिल कीं, जो इन सभी सर्वे से एकदम उलट थी.

2021 में असम का एग्जिट पोल
2021 में एग्जिट पोल सबसे सटीक असम में ही साबित हुए थे. यहां अधिकांश सर्वे बीजेपी की जीत के साथ ही अच्छे प्रदर्शन का अनुमान लगा रहे थे. हालांकि, नतीजों और सर्वे में सीटों में मामूली अंतर था. 2026 के सर्वे संकेत दे रहे हैं कि राज्य में बीजेपी जीत की हैट्रिक दर्ज करेगी. कुल 126 सीटें हैं.&amp;nbsp;
सी वोटर के सर्वे में बीजेपी + 58-71 सीटें और कांग्रेस + को 53-66 सीटें मिलने का अनुमान था. एक्सिस माय इंडिया के सर्वे में बीजेपी + 75-85 और कांग्रेस + &amp;nbsp; 40-50 सीटें मिलने का दावा था. नतीजों में बीजेपी + को 76 और कांग्रेस + को 49 सीटें मिलीं.
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केरल में भी मिलते जुलते रहे एग्जिट पोल&amp;nbsp;
सत्ता परिवर्तन के लिए मशहूर केरल में 2021 के एग्जिट पोल के आंकड़ों ने सभी को चौंका दिया था. केरल में लगातार दूसरी बार LDF की जीत का अनुमान लगाया जा रहा था, जो नतीजों में भी परिवर्तित हुआ. हालांकि 2026 के एग्जिट पोल में लेफ्ट को झटका मिलता नजर आ रहा है. अनुमान है कि कांग्रेस की अगुवाई वाली UDF सत्ता में वापसी कर सकती है. राज्य में कुल 140 विधानसभा सीटें हैं.&amp;nbsp;
इंडिया टुडे एक्सिस माय इंडिया के सर्वे में एलडीएफ को 104-120 और यूडीएफ को 20-36 सीटें मिलने की बात कही गई थी. वहीं रिपब्लिक टीवी- सीएनएक्स के सर्वे में एलडीएफ को 72-80 और यूडीएफ को 58-64 सीटें मिलने का अनुमान था. एबीपी-सी वोटर के सर्वे में एलडीएफ को 71-77 और यूडीएफ को 62-68 सीटें मिलने का अनुमान था. नतीजों में एलडीएफ को 99 और यूडीएफ को 41 सीटें मिली थीं.
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        <pubDate>Sat, 02 May 2026 14:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>बंगाल, में, एग्जिट, पोल, के, सर्वे, में, BJP, की, बल्ले-बल्ले, 2021, में, भी, सर्वे, ने, उसे, दिलाया, था, बहुमत, रिजल्ट, आया, था, उलट</media:keywords>
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        <title>तुर्किए से भारत लाया गया दाऊद इब्राहिम का करीबी सलीम डोला, कैसे एक गलती ने उसे पहुंचाया सलाखों के पीछे?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/तुर्किए-से-भारत-लाया-गया-दाऊद-इब्राहिम-का-करीबी-सलीम-डोला-कैसे-एक-गलती-ने-उसे-पहुंचाया-सलाखों-के-पीछे</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/तुर्किए-से-भारत-लाया-गया-दाऊद-इब्राहिम-का-करीबी-सलीम-डोला-कैसे-एक-गलती-ने-उसे-पहुंचाया-सलाखों-के-पीछे</guid>
        <description><![CDATA[ दाऊद इब्राहिम के करीबी और D कंपनी के बड़े ड्रग ऑपरेटर सलीम डोला को पकड़ना जांच एजेंसियों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं था. भारत समेत कईं देशों में फैले उसके नेटवर्क को तोड़ना आसान नहीं था. पिछले कई सालों से भारतीय एजेंसियां और इंटरपोल मिलकर उसकी तलाश में जुटी थीं, लेकिन डोला हर बार बच निकलता था.
सूत्रों के मुताबिक, सलीम डोला को ट्रैक करना भूसे में सुई ढूंढने जैसा था. वो लगातार अपनी लोकेशन बदलता था और टेक्नोलॉजी से भी बचकर चलता था, लेकिन आखिरकार उसकी एक छोटी सी गलती ही उसके लिए सबसे बड़ी मुसीबत बन गई. सूत्रों ने बताया कि एजेंसियों के दबाव से बचने के लिए डोला तुर्किए के इस्तांबुल में जाकर छुप गया था. वहां उसने खुद को पूरी तरह अंडरग्राउंड कर लिया था.
किस गलती की वजह से पकड़ा गया?
करीब डेढ़ साल तक सलीम डोला अपने कमरे से बाहर तक नहीं निकला और ना ही किसी से सीधा संपर्क किया. उसका मकसद साफ था. किसी भी तरह भारतीय एजेंसियों और इंटरपोल की नजर से बचा रहे, लेकिन कुछ दिन पहले उसने एक ऐसा कदम उठा लिया, जिसकी उसे शायद बिल्कुल उम्मीद नहीं थी. उसने अपने हाइडआउट के पते पर एक कुरियर मंगवा लिया. यही उसकी सबसे बड़ी गलती साबित हुई. इसी छोटे से सुराग के जरिए भारतीय एजेंसियों ने इंटरपोल की मदद से उसकी लोकेशन ट्रेस कर ली.

जैसे ही पुख्ता जानकारी मिली. तुरंत इस्तांबुल पुलिस को अलर्ट किया गया. इसके बाद स्थानीय पुलिस ने उसके ठिकाने पर छापा मारा. तलाशी के दौरान डोला के पास से तीन पासपोर्ट बरामद हुए. इनमें एक बुल्गारिया का पासपोर्ट था, जिसमें उसका नाम हमज़ा दर्ज था जबकि दो भारतीय पासपोर्ट भी मिले.
ऑपरेशन ग्लोबल हंट
इस खुलासे के बाद भारत सरकार ने विदेश मंत्रालय के जरिए ऑपरेशन ग्लोबल हंट को तेज किया. हालांकि तुर्किए के साथ प्रत्यर्पण संधि नहीं है. फिर भी एजेंसियों ने तालमेल बनाकर उसे भारत लाने में कामयाबी हासिल की. जांच एजेंसियों के मुताबिक सलीम डोला तुर्की को ड्रग तस्करी के ट्रांजिट रूट की तरह इस्तेमाल कर रहा था.
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पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी एजेंसियांतुर्की की लोकेशन एशिया, यूरोप और मिडिल ईस्ट के बीच होने की वजह से ये नेटवर्क के लिए बेहद अहम कड़ी बन गई थी. सूत्र बताते हैं कि डोला का नेटवर्क कई देशों तक फैला हुआ था और कई अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्कर उसके सिंडिकेट से जुड़े थे. वो दूर बैठकर सिंथेटिक ड्रग्स, खासकर MDMA जैसी ड्रग्स की सप्लाई को कंट्रोल करता था. फिलहाल एजेंसियां डोला से पूछताछ में जुटी है और उसके पूरे नेटवर्क को तोड़ने की कोशिश की जा रही है.
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        <pubDate>Sat, 02 May 2026 14:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>ओम बिरला ने बनाईं संसदीय समिति, वेणुगोपाल बने PAC अध्यक्ष, धर्मेंद्र यादव&amp;तेजस्वी सूर्या को बड़ी जिम्मेदारी</title>
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        <description><![CDATA[ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संसद की महत्वपूर्ण समितियों में अध्यक्षों की नियुक्ति की हैं. कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल को फिर से संसद की लोक लेखा समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि बीजेपी के बैजयंत पांडा को सार्वजनिक उपक्रम समिति का चेयरपर्सन बनाया गया है.&amp;nbsp;
एक आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल को वर्ष 2026-27 के लिए लोक लेखा समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया है. इसी तरह बैजयंत पांडा को वर्ष 2026-27 के लिए सार्वजनिक उपक्रम समिति का अध्यक्ष बनाया है. 1 मई 2026 से शुरू होकर 30 अप्रैल 2027 को समाप्त होने वाले कार्यकाल के लिए लोक लेखा समिति के सदस्य के रूप में कुल 21 सदस्यों की नियुक्ति की गई है.&amp;nbsp;
कौन-कौन शामिल?
इन सदस्यों में 15 लोकसभा सांसद और 6 राज्यसभा सांसद शामिल हैं. लोकसभा से टीआर बालू, कल्याण बनर्जी, निशिकांत दुबे, जगदंबिका पाल, जय प्रकाश, रविशंकर प्रसाद, सीएम रमेश, मगुंटा श्रीनिवासुलु रेड्डी, अपराजिता सारंगी, अमर सिंह, तेजस्वी सूर्या, अनुराग सिंह ठाकुर, बालाशोवरी वल्लभनेनी, केसी वेणुगोपाल और धर्मेंद्र यादव को चुना गया है.&amp;nbsp;

राज्यसभा से कौन-कौन चुना गया?
वहीं राज्यसभा सांसद अशोकराव शंकरराव चव्हाण, के लक्ष्मण, प्रफुल्ल पटेल, सुखेंदु शेखर रे, अखिलेश प्रसाद सिंह और सुधांशु त्रिवेदी समिति में शामिल किए गए हैं. सार्वजनिक उपक्रम समिति में कुल 22 सदस्य हैं, जिनमें लोकसभा के 15 और राज्यसभा के 7 सांसदों को शामिल किया गया है.&amp;nbsp;
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लोकसभा अध्यक्ष ने बीजेपी सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते को अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति कल्याण समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया है. इस समिति में कुल 30 सदस्यों की नियुक्ति की गई है. इस समिति में लोकसभा से 20 सांसद और राज्यसभा से 10 सांसदों को रखा गया है.
ओम बिरला ने लोकसभा की एक वर्ष के लिए प्राक्कलन समिति का भी गठन किया है. बीजेपी सांसद संजय जायसवाल को प्राक्कलन समिति का अध्यक्ष बनाया गया है. इस समिति में भी लोकसभा से 20 और राज्यसभा से 10 सांसदों के साथ कुल 30 सदस्यों को नियुक्त किया गया है.&amp;nbsp;
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&#039;कम से कम 10 बार खोला गया&#039;, काउंटिंग से पहले बंगाल में स्ट्रांगरूम खोलने पर सियासी बवाल; बीजेपी ने भी लगाए आरोप ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 02 May 2026 14:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>ओम, बिरला, ने, बनाईं, संसदीय, समिति, वेणुगोपाल, बने, PAC, अध्यक्ष, धर्मेंद्र, यादव-तेजस्वी, सूर्या, को, बड़ी, जिम्मेदारी</media:keywords>
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        <title>&amp;apos;BJP सांसद हमें बांग्लादेशी&amp; रोहिंग्या कहते हैं, उनकी पत्नियां ढाका की साड़ी डिमांड....&amp;apos;,महुआ मोइत्रा ने काउंटिंग से पहले लगाई लताड़  </title>
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        <description><![CDATA[ West Bengal Election 2026: बीजेपी को काउंटिंग से पहले टीएमसी निशाने पर ले रही है. अब इसी सिलसिले में एक नाम और जुड़ गया है. टीएमसी से लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा ने जमकर लताड़ लगाई है. उन्होंने बंगाल के लोगों को बांग्लादेशी और रोहिंग्या कहने पर आड़े हाथों लिया है. बता दें, एग्जिट पोल जारी होने के बाद से राजनीतिक पारा राज्य का चढ़ा हुआ है. &amp;nbsp;
महुआ मोइत्रा ने कहा कि BJP के पेशेवर हंगामा करने वाले सांसद हमें बांग्लादेशी और रोहिंग्या कहते हैं. जबकि उनकी पत्नी बंगाल चुनाव प्रचार में उनके साथ जाती हैं. लोगों को फोन करके पूछती हैं कि उन्हें असली ढाकाई जामदानी साड़ियां कहां मिल सकती हैं. यह बीजेपी का असली चेहरा है. टीएमसी सांसद ने यह बयान एक्स पर पोस्ट करते हुए दिया है.&amp;nbsp;
IPS अजय पाल को निशाने पर लेते हुए साधा था निशाना
हमेशा में चर्चाओं में रहने वाली टीएमसी सांसद के एक बयान पर अंतिम चरण की वोटिंग से पहले बवाल मच गया था. तब उन्होंने एक वीडियो जारी करके यूपी के आईपीएस और दक्षिण 24 परगना जिले में तैनात किए अजय पाल शर्मा पर निशाना साधा था. इस वीडियो में कथित तौर पर अजय पाल डांसर्स के बीच नाचते नजर आ रहे थे.&amp;nbsp;
तब मोइत्रा ने सोशल मीडिया पर दो वीडियो शेयर किया था. उस दौरान एक शख्स महिला के सामने खड़े होकर ताली बजा रहा है, जबकि महिला डांस कर रही है. वहीं दूसरे वीडियो में एक आदमी महिला के पास खड़े होकर एक गानेपर थिरकता दिख रहा था. इस पर मोइत्रा ने कहा था कि फेयर एंड लवली बबुआ अजय पाल. आपको फेंटा कॉप स्टाइल में मस्ती करते हुए देखकर अच्छा लगा. थंडा-थंडा कूल कूल रहिए. बंगाल हमेशा तृणमूल है.&amp;nbsp;
इसके अलावा उन्होंने एक पोस्ट के जरिए आईपीएस को लेकर कहा था कि मेरे फेयर एंड लवली बबुआ अजय पाल शर्मा आईपीएस, हम तो वो लोग हैं, जो कैद से आपके छोटे फैंटा और बड़ा फैंटा का भी इलाज कर लते हैं. हीरोगिरी थोड़ा संभल के कीजिए.&amp;nbsp;
ये भी पढ़ें:&amp;nbsp;&#039;सर्विलांस पर थीं ममता&#039;, स्ट्रॉन्ग रूम में घुसकर क्या कर रहीं थी बंगाल की CM, शुभेंदु अधिकारी ने जारी की तस्वीर ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 01 May 2026 22:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>BJP, सांसद, हमें, बांग्लादेशी-, रोहिंग्या, कहते, हैं, उनकी, पत्नियां, ढाका, की, साड़ी, डिमांड...., महुआ, मोइत्रा, ने, काउंटिंग, से, पहले, लगाई, लताड़</media:keywords>
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        <title>गोवा चुनाव 2027 से पहले बड़ा दांव: मांडवी&amp;ज़ुआरी किनारे 6.72 करोड़ वर्गमीटर क्षेत्र ‘संवेदनशील’, अब रुकेगा नदी किनारे अनियंत्रित विकास?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/गोवा-चुनाव-2027-से-पहले-बड़ा-दांव-मांडवी-ज़ुआरी-किनारे-672-करोड़-वर्गमीटर-क्षेत्र-संवेदनशील-अब-रुकेगा-नदी-किनारे-अनियंत्रित-विकास</link>
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        <description><![CDATA[ गोवा के वन विभाग ने मांडवी और ज़ुआरी नदियों के किनारे फैले विशाल इलाके करीब 6.72 करोड़ वर्गमीटर, को पर्यावरणीय रूप से संवेदनशील घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. गोवा में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सियासत का केंद्र तेजी से बदल रहा है. इस बार मुद्दा सिर्फ विकास नहीं, बल्कि जमीन के अधिकार और पर्यावरण के बीच टकराव है. इसे नदी तंत्र और जैव विविधता की सुरक्षा के लिए एक मजबूत पहल के तौर पर देखा जा रहा है.
राज्य के वन विभाग का यह कदम ऐसे समय आया है जब गोवा में जमीन अधिकारों और पर्यावरण पहले ही सबसे संवेदनशील राजनीतिक मुद्दों में गिने जाते हैं. स्थानीय समुदाय, खासकर तटीय और नदी किनारे बसे लोग, लंबे समय से जमीन के उपयोग और सरकारी नियंत्रण को लेकर सवाल उठाते रहे हैं.
वन मंत्री विश्वजीत राणे ने शुरू की कार्रवाई
यह कार्रवाई वन मंत्री विश्वजीत राणे के निर्देश पर शुरू की गई है. अधिकारियों ने इसे एक सोची-समझी प्रक्रिया करार दिया है. उप वन संरक्षक (वन) कार्यालय की ओर से जारी पत्र में कहा गया, &amp;lsquo;विभाग ने राज्य की दो प्रमुख नदियों के किनारे पर्यावरणीय रूप से संवेदनशील और पारिस्थितिक रूप से कमजोर क्षेत्रों की पहचान और सीमांकन का काम किया है. दोनों नदी तटों के साथ चिह्नित कुल क्षेत्रफल 6,729.54 हेक्टेयर (लगभग 6.72 करोड़ वर्गमीटर) है, जिसमें पर्यावरण की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं.&amp;rsquo;
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वन विभाग ने नगर और ग्राम नियोजन विभाग से क्या कहा?
वन विभाग ने नगर और ग्राम नियोजन विभाग को साफ तौर पर कहा है कि मौजूदा कानून, विनियमों और नियमों के तहत आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि इन क्षेत्रों को पारिस्थितिक क्षति से बचाया जा सके. यानी अब आने वाले समय में इन इलाकों में निर्माण पर सख्त नियम लागू हो सकते हैं. यही वह बिंदु है जहां से यह मुद्दा सीधे चुनावी बहस में प्रवेश करता है.
राज्य में पहले भी ऐसे फैसलों ने खड़े किए आंदोलन
गोवा में पहले भी पर्यावरण से जुड़े फैसलों ने बड़े राजनीतिक आंदोलन खड़े किए हैं, चाहे वह खनन का मुद्दा हो, कोस्टल रेगुलेशन जोन (CRZ) नियम हों या फिर जमीन के जोन बदलने के विवाद. ऐसे में मांडवी-ज़ुपआरी नदी तटों का यह नया वर्गीकरण लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी और आर्थिक गतिविधियों को प्रभावित कर सकता है.

सरकार का दावा है कि यह फैसला पूरी तरह संरक्षण को ध्यान में रखकर लिया गया है. अधिकारियों के मुताबिक, &amp;lsquo;राणे के निर्देश पर उठाया गया यह कदम नदी तंत्र के दीर्घकालिक संरक्षण को सुनिश्चित करने और नदी किनारों पर अनियंत्रित विकास को रोकने के उद्देश्य से किया गया है.&amp;rsquo;
विशेषज्ञों के अनुसार, यह पहल ऐसे समय आई है जब गोवा में पर्यटन और रियल एस्टेट के बढ़ते दबाव के कारण नदी तटों पर निर्माण गतिविधियां तेजी से बढ़ रही थीं. इससे बाढ़, मिट्टी के कटाव और जल गुणवत्ता पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही थी. ऐसे में संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान एक समय रहते सही हस्तक्षेप माना जा रहा है.
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        <pubDate>Fri, 01 May 2026 22:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>गोवा, चुनाव, 2027, से, पहले, बड़ा, दांव:, मांडवी-ज़ुआरी, किनारे, 6.72, करोड़, वर्गमीटर, क्षेत्र, ‘संवेदनशील’, अब, रुकेगा, नदी, किनारे, अनियंत्रित, विकास</media:keywords>
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        <title>&amp;apos;पिछले साल 81,422 करोड़ की संपत्ति जब्त&amp;apos;, डाटयरेक्टर राहुल नवीन ने बताई ED की बड़ी उपलब्धि</title>
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        <description><![CDATA[ ईडी दिवस के अवसर पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) के निदेशक राहुल नवीन ने स्पष्ट किया कि एजेंसी अब क्रिप्टो करेंसी फ्रॉड, साइबर अपराध, टेरर फाइनेंसिंग और ड्रग्स तस्करी जैसे नए आर्थिक अपराधों पर ध्यान केंद्रित कर रही है. उन्होंने कहा, &#039;कुछ साल पहले, हमारा प्रवर्तन कार्य मुख्य रूप से बैंक धोखाधड़ी, बड़े कॉर्पोरेट घोटालों और रियल एस्टेट धोखाधड़ी पर केंद्रित था. जांच एजेंसियों द्वारा निरंतर कार्रवाई, दिवालियापन और दिवालिया संहिता और रियल एस्टेट विनियमन और विकास अधिनियम जैसी महत्वपूर्ण सरकारी पहलों के पूरक के रूप में, ऐसे अपराधों में स्पष्ट कमी आई है.&#039;
उन्होंने कहा, &#039;आज के दौर में आपराधिक परिदृश्य क्रिप्टोकरेंसी धोखाधड़ी, साइबर-आधारित वित्तीय अपराध, आतंकवाद फंडिंग, एंटी नेशनल एक्टिविटी और नारकोटिक्स की तस्करी से परिभाषित होता है. निदेशालय ने इस बदलाव के अनुरूप सक्रिय रूप से खुद को ढाल लिया है. हमने मादक पदार्थों से संबंधित जांचों को उच्च प्राथमिकता दी है और अवैध आय का पता लगाने तथा मादक पदार्थों के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए लक्षित वित्तीय व्यवधान रणनीति अपनाई है. लाल किला विस्फोट मामले में हमारी त्वरित और केंद्रित कार्रवाई आतंकवाद और जासूसी के मनी लॉन्ड्रिंग संबंधी पहलुओं पर हमारी कड़ी निगरानी का प्रमाण है.&#039;
राहुल नवीन ने कहा, &#039;धन शोधन की जांच कानून प्रवर्तन के क्षेत्र में सबसे जटिल जांचों में से एक है. इनमें अक्सर कई क्षेत्राधिकार शामिल होते हैं, जटिल सीमा पार लेनदेन और बहुस्तरीय वित्तीय संरचनाएं शामिल होती हैं और तेजी से विकसित हो रही टेक्नोलॉजी के साथ जुड़ाव की आवश्यकता होती है. इन चुनौतियों के बावजूद, वित्त वर्ष 2025-26 में निदेशालय का प्रदर्शन उल्लेखनीय उपलब्धि है. हमने इस वित्तीय वर्ष में पीएमएलए के तहत 155 पूरक शिकायतों सहित 812 अभियोजन शिकायतें दर्ज कीं, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग दोगुनी हैं. इसे परिप्रेक्ष्य में रखने के लिए, निदेशालय द्वारा अब तक दर्ज की गई सभी अभियोजन शिकायतों में से 41 प्रतिशत से अधिक शिकायतें पिछले दो वर्षों में ही दर्ज की गई हैं. जांच और अभियोजन परिणामों में यह तेजी आकस्मिक नहीं है, यह सुनियोजित, निरंतर और खुफिया जानकारी पर आधारित प्रयासों का परिणाम है.&#039;
ईडी की कन्विक्शन रेट 94% है और हमें विश्वास है कि निचली अदालतों में लंबित 2,400 से अधिक मामलों में से अधिकांश में आरोपियों को दोषी ठहराया जाएगा और अपराध की आय जब्त की जाएगी. बेशक, अदालतों के समक्ष कानूनी चुनौतियां हैं, जिनमें सबसे महत्वपूर्ण यह है कि क्या मनी लॉन्ड्रिंग मामलों की सुनवाई को मूल अपराध की सुनवाई पूरी होने तक स्थगित कर दिया जाना चाहिए या अंतरराष्ट्रीय मानकों और FATF दिशानिर्देशों के अनुरूप स्वतंत्र रूप से जारी रखा जाना चाहिए.
ED के निदेशक राहुल नवीन ने कहा, &#039;दोषियों को सजा दिलाना ईडी के कार्यों का केवल एक हिस्सा है. लगभग सभी मामलों में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच मूल एजेंसी द्वारा की गई आपराधिक जांच पर आधारित होती है, जो अपराध की जांच करती है और अपराधियों पर मुकदमा चलाती है. इनमें से कई अपराध, जैसे धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार, नशीले पदार्थ, आतंकवाद, साइबर अपराध, ऑनलाइन मनी गेम आदि, अपराध की पर्याप्त धनराशि उत्पन्न करते हैं.&#039;
उन्होंने कहा, &#039;हमारा दायित्व यह सुनिश्चित करना है कि इस धनराशि, जिसमें लॉन्ड्रिंग से प्राप्त धन भी शामिल है, को जब्ती या अस्थायी कुर्की के माध्यम से सुरक्षित किया जाए ताकि अपराधी अपने अपराध के फल का आनंद न ले सकें या आपराधिक धनराशि का उपयोग आगे की आपराधिक गतिविधियों को जारी रखने के लिए न किया जा सके. पिछले वित्तीय वर्ष में, ईडी ने 81,422 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 170% अधिक है. ईडी द्वारा अब तक की गई कुल अस्थायी कुर्की 2,36,017 करोड़ रुपये है. हमने इस संबंध में पिछले वर्षों के विस्तृत आंकड़े आज जारी की जा रही अपनी वार्षिक रिपोर्ट में प्रस्तुत किए हैं और दिखाए जा रहे वीडियो में उनका सारांश दिया गया है.&#039;
उन्होंने बताया, &amp;nbsp;&#039;सामान्य तौर पर अपराध से प्राप्त आय की ज़ब्ती और उसके परिणामस्वरूप अपराध पीड़ितों को मुआवज़ा देना मुकदमे की समाप्ति और आरोपी की कन्विक्शन के बाद ही संभव हो पाता है, जिसमें कई मामलों में लंबा समय लग जाता है. इस समस्या के समाधान के लिए, 2019 में पीएमएलए में संशोधन किया गया ताकि कुछ शर्तों के पूरा होने पर मुकदमे के दौरान गैर-दोषसिद्धि आधारित ज़ब्ती (एनसीबीसी) और आपराधिक आय की मुआवज़े का प्रावधान किया जा सके.
निदेशालय ने इन प्रावधानों का उपयोग करते हुए पीड़ितों और बैंकों, निवेशकों और घर खरीदारों जैसे सही मालिकों को 63,142 करोड़ रुपये का मुआवज़ा दिया है. इन सभी आंकड़ों के पीछे एक परिवार या संस्था है जिसने अपना हक वापस पाने की उम्मीद खो दी थी. उदयपुर में एक ऐतिहासिक रियल एस्टेट मामले में, निदेशालय ने 200 से अधिक गृह खरीदारों को कुर्क की गई संपत्तियों को मुक्त कराने में मदद की, इस प्रयास की माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने सराहना की. पीएसीएल लिमिटेड के मामले में, लगभग 2 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई थी. जस्टिस आर. एम. लोढ़ा समिति के माध्यम से 15,581 करोड़ रुपये की राशि सैकड़ों-हजारों निवेशकों को वितरित करने के लिए वापस की जा चुकी है.&#039;
राहुल नवीन ने बताया, &#039;भगोड़े आर्थिक अपराधी अधिनियम (FEOA) के तहत न केवल अपराध से प्राप्त आय, बल्कि भारत या विदेश में भगोड़ों की सभी संपत्तियों, जिनमें वास्तविक स्वामियों के नाम पर स्थित संपत्तियां भी शामिल हैं, को जब्त करने का प्रावधान है. सीबीआई जैसी एजेंसियों के समन्वय से, विदेश भाग चुके गंभीर आर्थिक अपराधियों का व्यवस्थित रूप से पीछा किया जा रहा है. 31 मार्च 2026 तक, भगोड़े आर्थिक अपराधी अधिनियम के तहत 54 व्यक्तियों के खिलाफ कार्यवाही शुरू की गई है, जिनमें से 21 को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया गया है. अधिनियम के त ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 01 May 2026 22:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>पिछले, साल, 81, 422, करोड़, की, संपत्ति, जब्त, डाटयरेक्टर, राहुल, नवीन, ने, बताई, की, बड़ी, उपलब्धि</media:keywords>
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        <title>युद्ध की लागत पर झूठ बोल रहा पेंटागन, अराघची ने US के नुकसान का जिम्मेदार इजरायल को ठहराया</title>
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        <description><![CDATA[ Iran Foriegn Minister on War Cost: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इजरायल पर बड़ा आरोप लगाते हुए, अमेरिका को युद्ध के दौरान हुए नुकसान को लेकर बयान दिया है. उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया है, जिससे इजरायल को मिर्ची लग सकती है. बकायदा उन्होंने अपने बयान में कहा है कि हमेश इजरायल फर्स्ट अमेरिका लास्ट क्यों होता है?&amp;nbsp;
पेंटागन युद्ध के लागत के बारे में झूठ बोल रहा: अराघची
इसके अलावा ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने पेंटागन पर युद्ध में होने वाले खर्चों के आंकड़े गलत बताने की बात भी कही. अराघची ने सीधा पेंटागन पर निशाना साधते हुए कहा है कि युद्ध के लागत के बारे में पेंटागन झूठ बोल रहा है. नेतन्याहू के दांव से अमेरिका को 100 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है. ईरान के विदेश मंत्री बकायदा आंकड़ों से जुड़े ग्राफ की तस्वीरें भी अपने पोस्ट के साथ जारी की है.&amp;nbsp;

अमेरिका को अबतक 100 डॉलर का नुकसान
उन्होंने कहा कि नेतन्याहू के दांव से अमेरिका को अबतक सीधे तौर पर 100 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है. यह दावे से चार गुना अधिक है.. इसके अलावा अराघची ने कहा है कि अमेरिकी करदाताओं के लिए अप्रत्यक्ष लागत से कहीं ज्यादा है. हर एक अमेरिकी परिवार के महीने का बिल 500 डॉलर आता है. यह तेजी से बढ़ रहा है. इसके अलावा अराघची ने पूछा कि हमेशा इजरायल फर्स्ट का मतलब अमेरिका लास्ट क्यों होता है.&amp;nbsp;
दो महीने से अमेरिका और ईरान के बीच जंग के हालात बने हुए हैं
बता दें, 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए ईरान पर हमला कर दिया था. तब से अबतक 8 हफ्ते बीत जाने के तनाव बना हुआ है. इजरायल ने हाल ही में बयान जारी करते हुए कहा है कि वह जल्द ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू करेगा. उधर अमेरिका लगातार हॉर्मुज को लेकर ईरान पर दवाब बनाए हुए है.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ें -&amp;nbsp;US President Trump: ईरान के खिलाफ सैन्य संघर्ष को जंग मानने को तैयार नहीं ट्रंप, बताया अब आगे क्या करने वाले हैं? ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 01 May 2026 22:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>मुंबई&amp;पुणे एक्सप्रेसवे पर लंबे ट्रैफिक जाम में फंसी सुप्रिया सुले, वीडियो बनाकर अन्य लोगों की बात, कहा&amp; ‘2 घंटे बीत चुके हैं’</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/मुंबई-पुणे-एक्सप्रेसवे-पर-लंबे-ट्रैफिक-जाम-में-फंसी-सुप्रिया-सुले-वीडियो-बनाकर-अन्य-लोगों-की-बात-कहा-2-घंटे-बीत-चुके-हैं</link>
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        <description><![CDATA[ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) की लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले का शुक्रवार (1 मई, 2026) को एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वो हाईवे पर एक लंबे ट्रैफिक जाम में सैंकड़ों अन्य यात्रियों के साथ फंसी नजर आ रही हैं. दरअसल, NCP (शरद पवार गुट) की सांसद महाराष्ट्र दिवस के मौके पर एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पुणे जा रही थीं, लेकिन वो बीच में मुंबई-पुणे हाईवे पर लंबे जाम में फंस गई.
सुप्रिया सुले ने जो वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है, उसमें वो ट्रैफिक जाम में फंसे आसपास के लोगों से बातचीत करती हुई भी नजर आईं. इस दौरान उन्होंने कहा कि इस लंबे ट्रैफिक जाम में दो घंटे बीत चुके हैं.
किस कार्यक्रम के लिए पुणे जा रही थीं सुप्रिया सुले?
NCP (शरद पवार गुट) की सांसद सुप्रिया सुले शुक्रवार (1 मई, 2026) को महाराष्ट्र दिवस के अवसर पर पुणे में आयोजित एक झंडारोहण कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जा रही थीं. उसी दिन यशवंतराव चव्हान एक्सप्रेसवे पर मिसिंग लिंक प्रोजेक्ट को आम जनता के लिए खोला गया था. यह भी कहा जा रहा कि यह हाईवे पर यह ट्रैफिक जाम आंशिक रूप से इस वजह से भी हुआ, क्योंकि यह स्टेट हॉलीडे के साथ वीकेंड यानी सप्ताह का अंत भी था और इस दिन बड़ी संख्या में लोग शहर से बाहर जा रहे थे.

???? Massive Gridlock on Mumbai-Pune Expressway!Commuters including MP @supriya_sule are reporting 5-hour delays today as CM Devendra Fadnavis &amp;amp; Deputy CM Eknath Shinde INAUGRATED the new &#039;Missing Link&#039; bypass.What caused the chaos?❌ Lane closures for the VIP ceremony????&amp;hellip; pic.twitter.com/WRhKRkP4nD
&amp;mdash; RAJAT (@RajatJain) May 1, 2026



सुप्रिया सुले ने जाम में फंसे लोगों से की बातचीत
वीडियो में यह भी नजर आया कि सुप्रिया सुले मराठी भाषा में अपनी गाड़ी के बगल में ट्रैफिक जाम में खड़ी एक लाल हैचबैक कार के चालक से बात कर रही थीं, जो जय महाराष्ट्र कहते हुए उनका साथ देता है.
क्या है मिसिंग लिंक प्रोजेक्ट?
दरअसल, यशवंतराव चव्हान एक्सप्रेसवे पर मिसिंग लिंक प्रोजेक्ट को महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास कॉरपोरेशन (MSRDC) की तरफ से लागू किया गया है. इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य मुंबई और पुणे के बीच यात्रा को आसान बनाना, सड़क को ज्यादा प्रभावी बनाना और यात्रा के समय को कम करना है.
उल्लेखनीय है कि शुक्रवार (1 मई, 2026) को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र के 66वें स्थापना दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया. इसके बाद उन्होंने हुतातमा चौक जाकर संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन में शहीद हुए लोगों को श्रद्धांजलि दी.
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        <pubDate>Fri, 01 May 2026 22:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>मुंबई-पुणे, एक्सप्रेसवे, पर, लंबे, ट्रैफिक, जाम, में, फंसी, सुप्रिया, सुले, वीडियो, बनाकर, अन्य, लोगों, की, बात, कहा-, ‘2, घंटे, बीत, चुके, हैं’</media:keywords>
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        <title>मुंबई ड्रग सिंडिकेट पर बड़ा शिकंजा: दाऊद के करीबी सलीम डोला 8 मई तक NCB की हिरासत में, कोर्ट में कई बड़े खुलासे</title>
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        <description><![CDATA[ नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के करीबी मानें जाने वाले इंटरनेशनल ड्रग तस्कर सलीम इस्माइल डोला को गिरफ्तार किया, जिसे आज गुरुवार (30 अप्रैल, 2026) को मुंबई की विशेष कोर्ट में पेश किया गया. कोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद आरोपी ड्रग तस्कर सलीम डोला को अगले हफ्ते शुक्रवार (8 मई, 2026) तक NCB की हिरासत में भेज दिया है. इस दौरान एजेंसी उससे गहन पूछताछ कर अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट के नेटवर्क का पर्दाफाश करने में जुटी है.
2023 से फरार चल रहा था सलीम डोला
सलीम डोला साल 2023 से फरार चल रहा था और उसके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (LOC) और रेड कॉर्नर नोटिस (RCN) भी जारी किया गया था. सोमवार-मंगलवार (27-28 अप्रैल, 2026) की दरमियानी रात को जैसे ही उसे विदेश से दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लाया गया, वैसे ही इमिग्रेशन अधिकारियों ने उसे हिरासत में ले लिया.
औपचारिक गिरफ्तारी के बाद NCB सलीम को मुंबई लेकर गई
इसके बाद मंगलवार (28 अप्रैल) को शाम 4:15 बजे सलीम डोला को NCB मुख्यालय, नई दिल्ली में NDPS एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया. इसके बाद दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड लेकर उसे मुंबई लाया गया, जहां विशेष अदालत में पेश करने के बाद NCB को उसकी कस्टडी सौंप दी गई.
NCB ने अदालत को बताया कि सलीम डोला सिर्फ एक सप्लायर नहीं, बल्कि दाऊद इब्राहिम के अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का एक अहम स्तंभ है. जांच के मुताबिक, डोला विदेशों में बैठकर भारत के कई राज्यों में मेफेड्रोन (MD) की सप्लाई का संचालन कर रहा था और पूरे नेटवर्क को रिमोट तरीके से नियंत्रित करता था.
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NCB ने कोर्ट को दी मुंबई में हुई छापेमारी की जानकारी
NCB ने कोर्ट को बताया कि मुंबई के डोंगरी ड्रग मामले में पकड़े गए मुख्य आरोपी फैसल शेख का सीधा संपर्क डोला से था. वह व्हाट्सएप कॉल के जरिए डोला से निर्देश लेता था और उसी के इशारे पर मुंबई में ड्रग्स का नेटवर्क चला रहा था. जून 2023 में NCB की मुंबई जोनल यूनिट ने डोंगरी इलाके में दो अलग-अलग छापेमारी के दौरान करीब 20 किलोग्राम मेफेड्रोन (MD) बरामद किया था. इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों आशिक अली, नासिर खान और अल्फिया शेख ने पूछताछ में खुलासा किया था कि पूरे सिंडिकेट के पीछे सलीम डोला का हाथ है.
एजेंसी ने आगे कहा कि ड्रग्स की डिलीवरी मुंबई के जेजे अस्पताल के पास स्थित भीड़भाड़ वाले इलाकों में की जाती थी, जहां अलमास होटल जैसे स्थानों पर व्हाट्सएप कॉल के जरिए डील फिक्स होती थी.
NCB की रिमांड रिपोर्ट में सामने आए बेहद चौंकाने वाले आंकड़े

रिमांड रिपोर्ट के मुताबिक, हर महीने करीब 40 किलो मेफेड्रोन की सप्लाई.
खरीद दर: 7 लाख रुपये प्रति किलो
बिक्री दर: 18 लाख रुपये प्रति किलो तक
मुनाफा: हर महीने करीब 40 से 50 लाख रुपये का शुद्ध फायदा

इस तरह यह पूरा ड्रग सिंडिकेट हर महीने करोड़ों रुपये का अवैध कारोबार कर रहा था.
NCB की जांच में क्या हुआ खुलासा?
NCB की वित्तीय जांच में यह भी सामने आया है कि इस ड्रग नेटवर्क ने अवैध कमाई से करीब 6.40 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति बनाई थी. इन संपत्तियों को SAFEMA (Smugglers and Foreign Exchange Manipulators Act) के तहत फ्रीज कर दिया गया है. यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि एजेंसी अब सिर्फ गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि आर्थिक नेटवर्क को भी तोड़ने की रणनीति पर काम कर रही है.

सलीम डोला का आपराधिक रिकॉर्ड
सलीम डोला का आपराधिक रिकॉर्ड बेहद गंभीर और पुराना है. वह कई बड़े अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय मामलों में वांछित रहा है, जिसमें- &amp;nbsp;

गुजरात: 90.729 किलो मेफेड्रोन केस (RCN जारी).
मुंबई (2018): मेक्सिको भेजे जा रहे 100 किलो फेंटानिल मामले में संलिप्तता.
DRI केस: गुजरात से कुवैत में 5.5 करोड़ रुपये के प्रतिबंधित गुटखा की तस्करी.
1998: 40 किलो मैंड्रैक्स बरामदगी.
2013: 79 किलो चरस मामले में संलिप्तता.
इसके अलावा, मीरा-भायंदर में पकड़े गए मल्टी-स्टेट ड्रग कार्टेल से भी उसके तार जुड़े पाए गए हैं.
NCB ने विशेष अदालत में क्या दी दलील?

NCB ने विशेष अदालत में दलील दी कि सलीम डोला की हिरासत इस अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट की जड़ों तक पहुंचने के लिए बेहद जरूरी है. एजेंसी का मानना है कि डोला के जरिए दाऊद इब्राहिम के ड्रग नेटवर्क, विदेशी फंडिंग और भारत में सक्रिय गुर्गों के बारे में अहम जानकारी मिल सकती है. शुरुआती पूछताछ में डोला ने कई नए नामों और अज्ञात सहयोगियों का खुलासा किया है, जिससे जांच का दायरा और बढ़ गया है.
कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सलीम डोला को 8 मई, 2026 तक NCB की हिरासत में भेज दिया है. आने वाले दिनों में इस पूछताछ के दौरान अंडरवर्ल्ड और ड्रग सिंडिकेट के गठजोड़ से जुड़े कई बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है.
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        <pubDate>Fri, 01 May 2026 10:30:18 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>मुंबई, ड्रग, सिंडिकेट, पर, बड़ा, शिकंजा:, दाऊद, के, करीबी, सलीम, डोला, मई, तक, NCB, की, हिरासत, में, कोर्ट, में, कई, बड़े, खुलासे</media:keywords>
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        <title>&amp;apos;हमें गठबंधन की जरूरत नहीं...&amp;apos;, टीएमसी ने ठुकराया कांग्रेस&amp;सीपीआई का प्रस्ताव, 4 मई को आएंगे बंगाल के नतीजे</title>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल में चुनावी वोटिंग खत्म हो गई है. 4 मई को चुनावी नतीजे आ जाएंगे. कई एग्जिट पोल में इस बार बंगाल में बीजेपी की सरकार बनते हुए नजर आ रही है. ऐसे में लेफ्ट और कांग्रेस ने टीएमसी को गठबंधन का प्रस्ताव दिया है. इसे टीएमसी के सीनियर नेता और प्रवक्ता शांतनु सेन ने ठुकरा दिया है.&amp;nbsp;
उन्होंने स्पष्ट कहा है कि बंगाल में हमें गठबंधन की जरूरत नहीं है. अकेले दम पर सरकार बना लेंगे. 210 से ज्यादा सीटें आएंगी. इसके अलावा राष्ट्रीय स्तर पर ममता बनर्जी की अपनी एक अलग पहचान है. सबको एकजुट रख सकती हैं. विपक्षी दलों के साथ हम लोग राष्ट्रीय स्तर पर हैं. राष्ट्रीय स्तर पर एक दूसरे का साथ देते हैं.&amp;nbsp;
एग्जिट पोल के आंकड़ों पर विश्वास नहींशांतनु सेन ने कहा है कि एग्जिट पोल के आंकड़ों पर हमलोगों को विश्वास नहीं है. आंकड़े गलत साबित होंगे. 2021 में आंकड़े गलत साबित हुए थे. बंगाल बीजेपी प्रभारी सुनील बंसल के x पोस्ट पर कहा कि 4 मई को रुमाल लेकर रोना पड़ेगा बीजेपी वालों को क्योंकि हार होगी.
CPI और कांग्रेस ने बढ़ाया गठबंधन का हाथ
सीपीआई महासचिव बालचंद्र कांगो ने एबीपी न्यूज के सवाल पर कहा कि अगर कॉमन मिनिमम प्रोग्राम को लेकर ममता सहमत हों तो दे सकते हैं साथ. इसके अलावा कांग्रेस नेता तारिक अनवर ने कहा है कि पश्चिम बंगाल में BJP को रोकने के लिए अगर टीएमसी से हाथ मिलाना पड़े तो मिलाना चाहिए.

शायरी लिख बीजेपी प्रभारी बंसल ने किया जीत का दावा
बंगाल बीजेपी प्रभारी सुनील बंसल ने एक्स पर पोस्ट करते हुए शायराना अंदाज में बीजेपी की जीत का दावा किया है. उन्होंने कहा कि बे मौसम बरसात आकर, आज फिर कीचड़ कर गई; ऐसा लगता है, कमल खिलने का इशारा कर गई.
पश्चिम बंगाल समेत भारत के अ्न्य राज्यों में वोटिंग पूरी हो चुकी है. नतीजे चार मई को आएंगे. इससे पहले बंगाल में दो चरण में वोटिंग हुई. बड़ी संख्या में इस बार राज्य की जनता ने मत अधिकार का इस्तेमाल किया है.&amp;nbsp;
ये भी पढ़ें :&amp;nbsp;West Bengal Exit Poll 2026: इस Exit Poll में कांग्रेस की &#039;बल्ले-बल्ले&#039;, बंगाल में पांच गुना सीटों का फायदा, देखती रह गई TMC-BJP ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 01 May 2026 10:30:17 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>हमें, गठबंधन, की, जरूरत, नहीं..., टीएमसी, ने, ठुकराया, कांग्रेस-सीपीआई, का, प्रस्ताव, मई, को, आएंगे, बंगाल, के, नतीजे</media:keywords>
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        <title>हज की हवाई यात्रा पर बढ़े 10 हजार रुपए तो ओवैसी ने उठाए सवाल, अब आया अल्पसंख्यक मंत्रालय का बयान</title>
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        <description><![CDATA[ हज 2026 के लिए हवाई किराए में लगभग 10,000 रूपये की बढ़ोतरी को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अल्पसंख्यक मंत्रालय ने अपना पक्ष स्पष्ट किया है. मंत्रालय का कहना है कि यह निर्णय यात्रियों पर अतिरिक्त बोझ डालने के लिए नहीं, बल्कि उन्हें बड़े आर्थिक दबाव से बचाने के मकसद से लिया गया है.
मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि, मिडिल ईस्ट में जारी संकट के कारण Aviation Turbine Fuel (ATF) की कीमतों में वैश्विक सस्तर पर तेज़ बढ़ोतरी हुई है. इसके चलते एयरलाइंस ने प्रति यात्री 300 से 400 अमेरिकी डॉलर तक किराया बढ़ाने की मांग की थी.&amp;nbsp;
हालांकि, हज कमेटी और सरकार के हस्तक्षेप के बाद यह बढ़ोतरी घटाकर केवल 100 डॉलर प्रति यात्री कर दी गई. इस तरह प्रति यात्री 200 से 300 डॉलर की राहत सुनिश्चित की गई है.&amp;nbsp;

मंत्रालय ने कहा कि यह फैसला व्यापक विचार-विमर्श और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत लिया गया है, ताकि एक लाख से अधिक पंजीकृत हज यात्रियों की यात्रा प्रभावित न हो. साथ ही यह भी बताया गया कि निजी टूर ऑपरेटर पहले ही किराए में भारी वृद्धि कर चुके हैं और बाद में लगभग 150 डॉलर की अतिरिक्त बढ़ोतरी भी लागू की गई है.
केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्री किरण रिजीजू ने इस मुद्दे पर कहा कि हज हर मुस्लिम परिवार के लिए एक भावनात्मक और जीवन में एक बार पूरा होने वाला सपना होता है, और सरकार इस भावना का पूरा सम्मान करती है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि हज को सुलभ और किफायती बनाए रखने के लिए सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है.
ओवैसी ने जताया कड़ा ऐतराज, बोले- सर्कुलर वापस लिया जाए
वहीं, इस मुद्दे पर AIMIM के मुखिया ने कड़ा ऐतराज़ जताया है. उन्होंने हज कमेटी द्वारा जारी उस सर्कुलर को वापस लेने की मांग की है, जिसमें &#039;डिफरेंशियल एयरफेयर&#039; के नाम पर अतिरिक्त 10,000 रूपये वसूले जाने की बात कही गई है. ओवैसी का आरोप है कि मुंबई से जाने वाले यात्रियों से पहले ही 90,844 रूपये तक वसूले जा चुके हैं, जो आम यात्रियों के मुकाबले लगभग दोगुना है. ओवैसी ने सवाल उठाया है कि क्या हज कमेटी के जरिए यात्रा करने वाले यात्रियों को &#039;सजा&#039; दी जा रही है, जबकि इनमें से अधिकतर लोग आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आते हैं. उन्होंने इस बढ़ोतरी को सीधा शोषण बताते हुए सर्कुलर को तुरंत वापस लेने की मांग की है.
यह भी पढ़ेंः&amp;nbsp;एग्जिट पोल में TMC की हार के दावों के बीच आया ममता का बयान, बोलीं- बीजेपी ने... ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 01 May 2026 10:30:15 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>हज, की, हवाई, यात्रा, पर, बढ़े, हजार, रुपए, तो, ओवैसी, ने, उठाए, सवाल, अब, आया, अल्पसंख्यक, मंत्रालय, का, बयान</media:keywords>
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        <title>बंगाल के नतीजे से पहले TMC को बड़ा झटका, कोलकाता हाईकोर्ट ने खारिज की टीएमसी की याचिका</title>
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        <description><![CDATA[ West Bengal Assembly Elections 2026: कलकत्ता हाई कोर्ट ने गुरुवार (30 अप्रैल, 2026) को पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें पार्टी की तरफ से मतगणना प्रक्रिया को लेकर आपत्तियां उठाई गई थीं. अदालत के अपने फैसले स्पष्ट किया है कि मतगणना पर किसी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा.
दरअसल, तृणमूल कांग्रेस के सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता कल्याण बनर्जी ने कलकत्ता हाई कोर्ट में दायर याचिका में दलील दी कि सोमवार (4 मई, 2026) को प्रस्तावित मतगणना के लिए चुनाव आयोग ने सिर्फ केंद्र सरकार और केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों (PSU) के कर्मचारियों को ही पर्यवेक्षक बनाया है. इस पर हाई कोर्ट ने अपने फैसले में केंद्र सरकार और PSU कर्मचारियों को मतगणना सुपरवाइजर और असिस्टेंट के रूप में नियुक्त करने के फैसले को वैध ठहराया. कोर्ट ने कहा कि इस तरह की नियुक्तियां चुनाव आयोग के विवेकाधिकार के दायरे में आती हैं और इन्हें अवैध नहीं कहा जा सकता है.
यह भी पढ़ेंः &#039;पूरी रात जागते रहना होगा, कंप्यूटर में डेटा बदल सकते हैं&#039;, काउंटिंग से पहले CM ममता की अपील
कलकत्ता हाई कोर्ट ने अपने फैसले में क्या कहा?
हाई कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी स्पष्ट किया कि संबंधित हैंडबुक के प्रावधान सिर्फ राज्य सरकार के कर्मचारियों तक ही चयन को सीमित नहीं करते हैं. इसके अलावा, मतगणना प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए माइक्रो ऑब्जर्वर, एजेंट और CCTV जैसी व्यवस्थाओं की मौजूदगी पारदर्शिता सुनिश्चित करती है, इसलिए आरोप सिर्फ आशंकाओं पर आधारित हैं.

अदालत ने अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी (ACEO) के अधिकारों को भी सही ठहराया और कहा कि इसलिए संबंधित आदेश को अधिकार क्षेत्र से बाहर नहीं माना जा सकता है. तृणमूल कांग्रेस की उस आशंका को भी कोर्ट ने खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि केंद्र सरकार के कर्मचारी राजनीतिक प्रभाव में काम कर सकते हैं. इस पर कोर्ट ने कहा कि मतगणना हॉल में कई स्टेक होल्डर्स मौजूद रहते हैं. CCTV और ऑब्जर्वर जैसे सुरक्षा उपाय प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित करते हैं. ऐसे में आरोप सिर्फ आशंकाएं हैं, जिनके समर्थन में कोई ठोस सबूत नहीं है.
कोर्ट ने TMC की याचिका को किया खारिज
कलकत्ता हाई कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी दोहराया कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान किसी भी तरह के हस्तक्षेप से बचना चाहिए. अगर किसी को कोई शिकायत है, तो वह जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 100 के तहत चुनाव याचिका दायर कर सकता है. इस फैसले के साथ कोर्ट ने साफ कर दिया कि मतगणना को लेकर तृणमूल कांग्रेस की मांगों में कोई कानूनी आधार नहीं है और उन्हें खारिज किया जाता है.
यह भी पढ़ेंः बैलेट बॉक्स से टेम्परिंग का आरोप, हंगामा और आमने-सामने BJP-TMC, कोलकाता में देर तक चला हाईवोल्टेज ड्रामा ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 01 May 2026 10:30:14 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>बंगाल, के, नतीजे, से, पहले, TMC, को, बड़ा, झटका, कोलकाता, हाईकोर्ट, ने, खारिज, की, टीएमसी, की, याचिका</media:keywords>
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        <title>यूपी&amp;बिहार समेत 11 राज्यों में तेज बारिश और आंधी की चेतावनी, IMD ने जारी किया अलर्ट, जानें कहां गिरेंगे ओले</title>
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        <description><![CDATA[ देशभर में फिर से आंधी-तूफान और भारी बारिश लोगों की मुश्किलें बढ़ाने वाली हैं. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 1 मई को यूपी, बिहार समेत 11 राज्यों में मूसलाधार बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की है. इस दौरान 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है. मौसम विभाग के अनुसार आज यूपी, बिहार, दिल्ली, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, असम, नागालैंड और पश्चिम बंगाल में मध्यम से तेज बारिश की संभावना है. कई राज्यों में ओले भी गिरने की संभावना है.&amp;nbsp;
दिल्ली का मौसम&amp;nbsp;मौसम विभाग के मुताबिक दिल्ली में 1 मई को भी भारी बारिश और ओले का अलर्ट जारी किया गया है. इस दौरान हवा की रफ्तार 50 से 60 किमी प्रति घंटे तक रहने की संभावना है. राजधानी में आज अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस तो वहीं न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है.
यूपी में गिरे ओलेउत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और तेज धूप से जूझ रहे लोगों को अचानक आई बारिश, आंधी और ओलावृष्टि ने थोड़ी राहत तो दी, लेकिन साथ ही लोगों की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं. लखनऊ से लेकर नोएडा, गाजियाबाद और यूपी के कई जिलों में एक ही दिन में धूप, बादल, तेज हवाएं, बारिश और ओलों का सिलसिला देखने को मिला. मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी इसी तरह के बदलाव जारी रहने की संभावना जताई है.&amp;nbsp;
लखनऊ में 7 डिग्री लुढ़का पारालखनऊ में गुरुवार को मौसम सुहाना रहा. ठंडी हवाओं के असर से अधिकतम तापमान में 7 डिग्री से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई. बुधवार को जहां पारा 39.3 डिग्री सेल्सियस था, वहीं गुरुवार को यह घटकर 31.7 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया. न्यूनतम तापमान भी गिरकर 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. सुबह और देर रात शहर के कई हिस्सों में हल्की बारिश हुई, जिससे गर्मी से काफी राहत मिली. मौसम विभाग के मुताबिक आज शुक्रवार से तापमान में फिर बढ़ोतरी हो सकती है.

कहां-कहां पड़ सकते हैं ओलेIMD ने प्रदेश के कई जिलों में ओले पड़ने की संभावना जताई है. खासकर बांदा, चित्रकूट, प्रयागराज, वाराणसी, मेरठ, मुजफ्फरनगर, गाजीपुर और बलिया समेत कई जिलों में ओले गिरने की चेतावनी जारी की गई है. इसके अलावा पूर्वांचल और पश्चिमी यूपी के अन्य हिस्सों में भी आंशिक बादल और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है.&amp;nbsp;
हज की हवाई यात्रा पर बढ़े 10 हजार रुपए तो ओवैसी ने उठाए सवाल, अब आया अल्पसंख्यक मंत्रालय का बयान
बिहार का मौसमयूपी से सटे बिहार के गया, पटना, नालंदा, औरंगाबाद, रोहतास, सारण, भोजपुर, बक्सर, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सुपौल, सहरसा, पूर्णिया, भागलपुर, कटिहार, अररिया, किशनगंज, खगड़िया और भागलपुर में भारी बारिश और तूफान की संभावना है. पटना में आज अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस तो वहीं न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है.
राजस्थान में बारिश और तूफान का अलर्टराजस्थान के जोधपुर, अलवर, सीकर, चुरू, बीकानेर, बाड़मेर, करौली और हनुमानगढ़ में भारी बारिश और तूफान का अलर्ट जारी किया गया है. इस दौरान 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलेगी. जयपुर में आज अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तो वहीं न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहेगा.
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बंगाल के नतीजे से पहले TMC को बड़ा झटका, कोलकाता हाईकोर्ट ने खारिज की टीएमसी की याचिका ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 01 May 2026 10:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>यूपी-बिहार, समेत, राज्यों, में, तेज, बारिश, और, आंधी, की, चेतावनी, IMD, ने, जारी, किया, अलर्ट, जानें, कहां, गिरेंगे, ओले</media:keywords>
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        <title>“मेरे बारे में फैसला सोनिया गांधी ही लेती हैं”, जानें क्यों कर्नाटक CM बहस के बीच खरगे ने कही ये बात</title>
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        <description><![CDATA[ कर्नाटक की राजनीति में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चल रही अटकलों के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने साफ कहा कि राज्य में फिलहाल मुख्यमंत्री पद पर कोई बदलाव नहीं हो रहा है, हालांकि नेतृत्व का मुद्दा जल्द सुलझा लिया जाएगा.
चुनाव नतीजों के बाद फैसले की चर्चा तेजखरगे का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब सत्तारूढ़ कांग्रेस और राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि 4 मई को चार राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश के विधानसभा चुनावों के नतीजे आने के बाद कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन और कैबिनेट फेरबदल पर फैसला लिया जा सकता है.
डीके शिवकुमार और सिद्धरमैया के बीच सत्ता साझा करने की चर्चाइधर, उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के समर्थक लगातार यह दावा कर रहे हैं कि 2023 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद यह सहमति बनी थी कि पांच साल के कार्यकाल में सिद्धरमैया और शिवकुमार बारी-बारी से मुख्यमंत्री पद संभालेंगे. इस चर्चा ने पार्टी के अंदर हलचल और तेज कर दी है.
खरगे को सीएम बनाने की मांग भी उठीइस बीच कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने बुधवार को कहा कि अगर वरिष्ठ और अनुभवी नेता मल्लिकार्जुन खरगे मुख्यमंत्री बनते हैं, तो पार्टी के सभी नेता इसका स्वागत करेंगे. इस बयान ने राजनीतिक अटकलों को और हवा दे दी.
खरगे का जवाब- &amp;lsquo;फिलहाल सवाल ही नहीं&amp;rsquo;परमेश्वर के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए खरगे ने कहा, &#039;मीडिया और कुछ लोग कहते हैं कि अगर मैं मुख्यमंत्री बन जाऊं तो बेहतर होगा. लेकिन भाग्य से ज्यादा मेरी विचारधारा और पार्टी के लिए मेरी सेवा के आधार पर सोनिया गांधी ही मेरे बारे में निर्णय लेती हैं.&#039; उन्होंने आगे कहा, &#039;अभी यह सवाल ही नहीं उठता, क्योंकि राज्य में पहले से ही एक मुख्यमंत्री हैं. अगर सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मैं मिलकर कोई फैसला लेते हैं, तो उसमें समय लगेगा. फिलहाल इंतजार करना होगा.&#039;
आधा कार्यकाल पूरा होने के साथ बढ़ी खींचतानकर्नाटक की कांग्रेस सरकार 20 नवंबर 2025 को अपने पांच साल के कार्यकाल का आधा समय पूरा कर चुकी है. इसके बाद से ही मुख्यमंत्री बदलने की अटकलें तेज हो गई हैं और पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर खींचतान बढ़ती जा रही है.
विधायकों के दिल्ली जाने की चर्चावहीं जनता दल (एस) के नेता और केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने दावा किया है कि कांग्रेस में जारी खींचतान के बीच करीब 40 विधायक अगले महीने दिल्ली जाने की तैयारी कर रहे हैं. इस पर खरगे ने कहा, &#039;मुझे इसकी जानकारी नहीं है, आप उनसे ही पूछिए.&#039; ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 22:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>“मेरे, बारे, में, फैसला, सोनिया, गांधी, ही, लेती, हैं”, जानें, क्यों, कर्नाटक, बहस, के, बीच, खरगे, ने, कही, ये, बात</media:keywords>
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        <title>Exit Poll Analysis: सारे एग्जिट पोल्स भूल जाएं&amp; बस यह 3 याद रखें! बीजेपी&amp;TMC को 200 पार और TVK की बनवा रहे सरकार</title>
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        <description><![CDATA[ देश के पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के एग्जिट पोल ने सबको चौंकाया है. जहां असम, केरल और पुडुचेरी में बीजेपी के नेतृत्व वाले गठबंधन को बढ़त का संकेत दिया, वहीं पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में करारी शिकस्त दिखाई है. इन दोनों राज्यों में 3 एजेंसियों ने ऐसे आंकड़े पेश किए हैं जो बाकी सर्वेक्षणों से उलट हैं. बंगाल में एक एजेंसी ने बीजेपी को तो दूसरी ने TMC को 200 से ज्यादा सीटें दीं. तमिलनाडु में TVK को 120 सीटें दी हैं. सबके उलट बोलने वाली एजेंसियों ने अनुमान क्या लगाया है? जानेंगे एक्सप्लेनर में...
बीजेपी और TMK दोनों को 200 से ज्यादा सीटें
ये तीनों एजेंसियां हैं- &#039;पीपुल्स पल्स&#039;, &#039;जनमत पोल&#039; और &#039;एक्सिस माय इंडिया&#039;. इनके आंकड़ों ने पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु की चुनावी तस्वीर को बेहद नाटकीय और अप्रत्याशित बना दिया है, क्योंकि इन्होंने दो पारंपरिक पार्टियों और एक बिल्कुल नई पार्टी के लिए चौंकाने वाली जीत का अनुमान लगाया है.
पश्चिम बंगाल में दो एजेंसियों ने बिल्कुल विपरीत तस्वीर पेश की है, लेकिन दोनों ही &#039;200 के पार&#039; का दावा करने में एक समान हैं:

&#039;पीपुल्स पल्स&#039;: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को 178 से 208 सीटें देकर एक ऐतिहासिक और एकतरफा जीत का संकेत दिया है, जबकि TMC को सिर्फ 85-110 सीटों पर सीमित कर दिया.
&#039;जनमत पोल&#039;: इसके ठीक उलट, ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रचंड वापसी का अनुमान लगाया है, जिसमें पार्टी को 195 से 205 सीटें मिलती दिख रही हैं और बीजेपी को सिर्फ 80-90 सीटों पर सिमटता हुआ दिखाया गया है. इस तरह, दोनों पोल्स ने एक ही राज्य में दोनों प्रमुख दलों को 200-200 सीटें देकर चुनावी अनिश्चितता को चरम पर पहुंचा दिया है.

तमिलनाडु में &#039;एक्सिस माय इंडिया&#039; का सनसनीखेज दावा
तमिलनाडु में 9 में से सिर्फ एक एग्जिट पोल &#039;एक्सिस माय इंडिया&#039; ने सबको चौंका दिया. इसने विजय थलापति की पहली बार चुनाव लड़ रही पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) को 98 से 120 सीटें और लगभग 35% वोट शेयर देकर सीधे सत्ता की दौड़ में खड़ा कर दिया. यह अनुमान इसे सत्तारूढ़ DMK गठबंधन के 92-110 सीटों के आंकड़े के सीधे मुकाबले में रखता है. बाकी सभी आठ प्रमुख एजेंसियों ने TVK को 0 से 40 सीटों के बीच सीमित कर दिया था, जो &#039;एक्सिस माय इंडिया&#039; के अनुमान के बिल्कुल उलट है.
ये तीनों आंकड़े इतने चौंकाने वाले और बाकी पोल्स से उलट क्यों हैं?
ये तीनों आंकड़े चौंका रहे हैं क्योंकि ये न सिर्फ एक-दूसरे के विपरीत हैं, बल्कि राज्यों के बाकी सभी पोल्स को पूरी तरह से नकार देते हैं:
बंगाल में &#039;पोल ऑफ पोल्स&#039; का खेल: अगर आप पीपुल्स पल्स (बीजेपी 178-208) और जनमत (TMC 195-205) को छोड़ दें, तो बाकी पांच प्रमुख पोल्स का एक साफ रुझान है. ये सभी एजेंसियां बीजेपी और TMC के बीच कांटे की टक्कर दिखाती हैं. इसमें दोनों दल एक-दूसरे के बहुत करीब हैं और किसी को भी बड़ी जीत मिलती नहीं दिख रही. इनके पोल ऑफ पोल्स में दोनों दल लगभग 145 सीटों पर बराबरी पर हैं. इस लिहाज से, प्रजा पोल का एकतरफा बीजेपी समर्थक और जनमत पोल का एकतरफा TMC समर्थक अनुमान, इस सामूहिक सहमति को सीधी चुनौती देता है.
तमिलनाडु में नए दल को सत्ता में दिखाने वाला अकेला पोल: &#039;एक्सिस माय इंडिया&#039; का दावा इसलिए बेहद चौंकाने वाला है क्योंकि इसने एक नई पार्टी को सत्ताधारी गठबंधन के बराबर खड़ा कर दिया. खुद एजेंसी के चेयरमैन प्रदीप गुप्ता ने कहा कि उनका अनुमानित आंकड़ा &#039;70 सीटों तक नीचे आ सकता है.&#039; यह इस अनुमान के भीतर छिपी भारी अनिश्चितता को उजागर करता है, जहां 50 साल से सत्ता सिर्फ दो द्रविड़ दलों के बीच घूम रही है.
क्या हमें इन चौंकाने वाले अनुमानों पर भरोसा करना चाहिए?
इस सवाल का सबसे ईमानदार जवाब यही है कि ये सिर्फ अनुमान हैं और चुनावी इतिहास ऐसे सनसनीखेज एग्जिट पोल के गलत साबित होने के उदाहरणों से भरा पड़ा है. बंगाल के ही 2021 के विधानसभा चुनाव में भी कई एग्जिट पोल ने बीजेपी की सरकार बनने या कांटे की टक्कर का अनुमान लगाया था, लेकिन वास्तविक नतीजों में ममता बनर्जी की TMC ने 213 सीटों के साथ प्रचंड बहुमत हासिल किया था.
इसलिए, इन तीनों आंकड़ों को संभावनाओं के चरम छोर के रूप में देखना ज्यादा सही होगा. प्रजा पोल बीजेपी के लिए सबसे अच्छी संभावित स्थिति दर्शाता है. जनमत पोल TMC के लिए सबसे अच्छी तस्वीर और एक्सिस माय इंडिया तमिलनाडु में TVK के लिए सबसे बड़ी संभावित लहर को दर्शाता है.
असल तस्वीर 4 मई 2026 को मतगणना के बाद ही साफ होगी, जब पता चलेगा कि बंगाल में सत्ता-विरोधी लहर का फायदा किसे मिला और तमिलनाडु में &#039;थलापति&#039; की राजनीतिक हैसियत कितनी मजबूत है. फिलहाल, ये अनुमान चुनावी माहौल को रोमांचक बनाए रखने और दोनों खेमों के बीच बहस को जिंदा रखने में पूरी तरह सफल रहे हैं. ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 22:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>जमीन से जुड़े विवादों के निपटारे के लिए विशेष राजस्व न्याय सेवा बनाने की मांग, सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब</title>
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        <description><![CDATA[ जमीन से जुड़े विवादों के समाधान की प्रक्रिया में बदलाव की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया है. कोर्ट ने केंद्र सरकार और राज्यों से जवाब मांगा है. याचिका में जमीन से जुड़े मामलों के तेज और न्यायपूर्ण निपटारे के लिए &#039;राजस्व न्याय सेवा&#039; गठित करने की मांग की गई है. साथ ही, ऐसे मामलों की सुनवाई करने वालों की न्यूनतम कानूनी योग्यता तय करने और उन्हें प्रशिक्षण देने की मांग भी की गई है.
वकील अश्विनी उपाध्याय की तरफ से दाखिल जनहित याचिका में कहा गया है कि देश में लगभग 66 प्रतिशत सिविल विवाद जमीन से जुड़े होते हैं. उन पर ऐसे अधिकारी फैसला दे रहे हैं, जिनके पास औपचारिक कानूनी शिक्षा नहीं है, न ही उन्हें ठीक से प्रशिक्षण मिला है. इसके चलते गलत फैसले आ रहे हैं.
यह भी पढ़ें:- &#039;मायलॉर्ड, वह कभी मां नहीं बन पाएगी&#039;, 15 साल की बच्ची के अबॉर्शन के खिलाफ AIIMS की दलील, SC बोला- और जो पीड़ा...
याचिकाकर्ता ने कहा है कि मौजूदा व्यवस्था में संपत्ति पर अधिकार को लेकर लंबे समय तक अनिश्चितता बनी रहती है. जमीन का इस्तेमाल और ट्रांसफर रुका रहता है. मुकदमों से जुड़ा खर्च बढ़ता रहता है. इस सब के चलते लोगों को उचित न्याय नहीं मिल पाता. यह संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता) और 21 (गरिमापूर्ण जीवन) जैसे मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है.
यह भी पढ़ें:- &#039;यह मामला अग्रिम जमानत के लायक नहीं...&#039;, सुप्रीम कोर्ट में पवन खेड़ा की याचिका पर बोले SG तुषार मेहता
याचिका में मांग की गई है कि सुप्रीम कोर्ट सरकार को राजस्व न्याय सेवा के गठन के लिए कहे. इस सेवा के अधिकारियों के लिए न्यूनतम कानूनी योग्यता तय की जाए. हाई कोर्टों से राय लेकर उनके ट्रेनिंग की व्यवस्था भी निर्धारित की जाए. मामले की सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस जोयमाल्या बागची की बेंच ने याचिका को दिलचस्प बताया. जजों ने कहा कि इस तरह के मामलों को लेकर कुछ पुराने फैसले भी हैं. वह सरकार का जवाब देखना चाहेंगे. ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 22:30:11 +0530</pubDate>
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        <title>बंगाल में 2021 की तरह एग्जिट पोल्स फेल हुए तो बीजेपी की कितनी बड़ी हार? लाइन से नपेंगे यह नेता, 2027 के चुनावों पर भी असर</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/बंगाल-में-2021-की-तरह-एग्जिट-पोल्स-फेल-हुए-तो-बीजेपी-की-कितनी-बड़ी-हार-लाइन-से-नपेंगे-यह-नेता-2027-के-चुनावों-पर-भी-असर</link>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल चुनाव में अगर 2021 जैसा दोहराव होता है, तो यह बीजेपी के लिए एक बहुत बड़ा रणनीतिक झटका होगा. 2021 में कई एग्जिट पोल्स में बीजेपी को सत्ता के करीब दिखाया था. &#039;चाणक्य&#039; ने बीजेपी को 97 से 119 सीटें दी थीं, जबकि &#039;जन की बात&#039; ने तो बीजेपी को 162 से 185 सीटें दीं. लेकिन 2 मई 2021 को असली नतीजे आए, तो TMC ने 215 सीटों के साथ प्रचंड बहुमत हासिल किया, जबकि बीजेपी महज 77 सीटों पर सिमट गई. अगर 2026 में भी यही हाल हुआ तो बीजेपी की हार कितनी बड़ी होगी और 2027 के चुनावों पर क्या असर पड़ेगा? जानेंगे एक्सप्लेनर में...
सबसे पहले जानते हैं कि बीजेपी ने बंगाल में किस तरह जान फूंक दी...
अमित शाह ने बंगाल में रातों को मैराथॉन बैठकें कीं
अमित शाह ने 2026 के बंगाल चुनाव के लिए एक बिल्कुल नई और बेहद गोपनीय रणनीति तैयार की, जिसे &#039;साइलेंट मिशन&#039; या &#039;3 AM ब्लूप्रिंट&#039; का नाम दिया गया. यह रणनीति 2021 की उस रणनीति से बिल्कुल अलग थी, जब पार्टी ने केवल बड़ी रैलियों और ध्रुवीकरण के सहारे चुनाव लड़ा था. इस बार शाह ने दिन में रैलियां और रोड शो करने के साथ-साथ रात के अंधेरे में पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को पूरी तरह से दुरुस्त करने का काम किया. देर रात 2 से 3 बजे तक मैराथन बैठकें कीं और अपनी टीम के साथ सभी 44,376 पोलिंग स्टेशनों का डेटा विश्लेषण किया. बूथों को तीन श्रेणियों में बांटा गया- मजबूत, फोकस्ड (मध्यम) और कमजोर. फोकस्ड बूथ वे थे जहां 2021 में हार-जीत का अंतर बहुत कम था और पार्टी ने अपनी पूरी ताकत वहीं झोंक दी.
बीजेपी ने &#039;पन्ना प्रमुख&#039; सिस्टम भी लागू किया, जहां एक कार्यकर्ता की जिम्मेदारी 30-60 मतदाताओं को पोलिंग बूथ तक लाने की थी. सुनील बंसल और भूपेंद्र यादव जैसे दिग्गज नेताओं को इसका माइक्रो-मैनेजमेंट सौंपा गया.
SIR विवाद ने बदल दी चुनाव की दिशा
SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन ऑफ इलेक्टोरल रोल्स 2026 के बंगाल चुनाव का सबसे बड़ा और सबसे विवादित मुद्दा बन गया. इस प्रक्रिया के तहत बंगाल की मतदाता सूची से लगभग 91 लाख मतदाताओं के नाम हटा दिए गए, जो राज्य के कुल मतदाताओं का 11.85% था. यह संख्या 7.66 करोड़ से घटकर 6.77 करोड़ रह गया.
खास बात यह रही कि सबसे ज्यादा नाम मुस्लिम बहुल और मटुआ-राजबंशी समुदाय के इलाकों से काटे गए. मुर्शिदाबाद में 4.55 लाख, उत्तर 24 परगना में 3.25 लाख और मालदा में 2.39 लाख नाम हटाए गए. नादिया में तो जांच के दायरे में आए 77.86% मतदाताओं के नाम ही काट दिए गए. कम से कम 44 विधानसभा सीटों पर हटाए गए नामों की संख्या 2021 के जीत के अंतर से अधिक थी. TMC ने इसे &#039;संवैधानिक अपराध&#039; करार दिया. ममता बनर्जी ने चकदहा की एक रैली में आरोप लगाया कि अल्पसंख्यक बहुल जिलों में &#039;जूं की तरह नाम चुन-चुनकर निकाले गए.&#039;
ममता बनर्जी के सबसे मजबूत महिला वोट बैंक में लगाई सेंध
ममता बनर्जी की सबसे बड़ी ताकत उनका महिला वोट बैंक रहा है, जो उन्हें लगातार 15 सालों से सत्ता में बनाए रखने का मुख्य आधार था. बीजेपी ने इस बार इसी किले को भेदने की पूरी कोशिश की. पार्टी ने 9 अप्रैल 2026 को कोलकाता में अपना संकल्प पत्र जारी किया, जिसमें अमित शाह ने हर महिला को 3,000 रुपये प्रति माह देने का वादा किया. यह ममता की लक्ष्मीर भंडार योजना (1,500 रुपये) का दोगुना था.
बीजेपी ने चुनावों को सिर्फ आर्थिक वादों तक ही सीमित नहीं रखा...

आरजी कर मेडिकल कॉलेज बलात्कार कांड और संदेशखाली की घटनाओं के बाद, बीजेपी ने &#039;महिला सुरक्षा&#039; को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाया.
अमित शाह ने संकल्प पत्र में &#039;दुर्गा सुरक्षा दस्ता&#039; नामक एक महिला पुलिस इकाई, हर ब्लॉक में महिला थाना और &#039;मातंगिनी हाजरा&#039; और &#039;रानी रासमणि&#039; के नाम पर दो महिला बटालियन बनाने का वादा किया.
हर जिले में वर्किंग विमेंस हॉस्टल, 75 लाख &#039;लखपति दीदी&#039; बनाने और सरकारी नौकरियों में 33% आरक्षण देने का भी ऐलान किया.

बंगाल की &#039;शाक्त परंपरा&#039; और &#039;माछ-भात&#039; को लेकर बीजेपी ने बदली छवि
बीजेपी ने 2026 के चुनाव में अपनी छवि को एक &#039;उत्तर भारतीय शाकाहारी ब्राह्मणवादी पार्टी&#039; से निकालकर &#039;बंगाल की मिट्टी से जुड़ी पार्टी&#039; में बदलने का बहुत ही सोचा-समझा प्रयास किया. यह रणनीति तब शुरू हुई जब 29 मार्च 2026 को पुरुलिया की एक सभा में ममता बनर्जी ने कहा कि &#039;अगर बीजेपी सत्ता में आई, तो वे मछली, मांस और अंडा नहीं खाने देंगे.&#039;
इसके जवाब में केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और सांसद मनोज तिवारी ने सार्वजनिक रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद मछली-भात खाया, जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुए. कुछ बीजेपी उम्मीदवारों ने तो मछली के साथ जुलूस भी निकाले. पार्टी ने यह संदेश देने की कोशिश की कि उनका हिंदुत्व बंगाल की &#039;शाक्त परंपरा&#039; (देवी शक्ति की पूजा) के अनुकूल है, जहां मछली को सिर्फ भोजन नहीं बल्कि &#039;महाप्रसाद&#039; माना जाता है .
बीजेपी ने &#039;काबा बनाम मां काली&#039; का नैरेटिव भी तैयार किया. TMC सांसद सयानी घोष ने चुनाव प्रचार के दौरान एक रैली में &#039;मेरे दिल में है काबा और मेरी आंखों में मदीना&#039; गीत गाया, जिसका वीडियो वायरल हो गया. इस पर अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि &#039;TMC के दिल में काबा-मदीना हो सकता है, लेकिन बंगाल के दिल में केवल मां काली और मां दुर्गा बसती हैं.&#039;
सवाल 1: इसके बावजूद अगर बीजेपी हारी तो यह हार कितनी बड़ी होगी?
जवाब: यह हार सामान्य चुनावी हार से कहीं बढ़कर होगी. गृह मंत्री अमित शाह ने 15 दिनों तक बंगाल में कैंप करके &#039;साइलेंट मिशन&#039; चलाया, हर बूथ पर &#039;पन्ना प्रमुख&#039; तैनात किए, SIR के तहत लगभग 91 लाख मतदाताओं के नाम हटाने का विवादास्पद कदम उठाया गया, महिलाओं को लुभाने के लिए 3,000 रुपये प्रति माह देने का वादा किया, &#039;शाक्त हिंदुत्व&#039; और &#039;काली बनाम काबा&#039; जैसे नैरेटिव गढ़े.
अगर इतनी बड़ी पूंजी, प्रधानमंत्री मोदी की 21 रैलियां और अमित शाह की देर रात की मैराथन बैठकों के बावजूद पार्टी 2 ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 22:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>बंगाल, में, 2021, की, तरह, एग्जिट, पोल्स, फेल, हुए, तो, बीजेपी, की, कितनी, बड़ी, हार, लाइन, से, नपेंगे, यह, नेता, 2027, के, चुनावों, पर, भी, असर</media:keywords>
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        <title>‘चुनाव आयोग कभी इतना कॉम्प्रमाइज्ड नहीं रहा, जितना...’, CEC ज्ञानेश कुमार पर आरोप लगाते हुए बोले जयराम रमेश</title>
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        <description><![CDATA[ कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने गुरुवार (30 अप्रैल, 2026) को एक बार फिर से भारतीय चुनाव आयोग (ECI) के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर हटाने की बात दोहराई है. उन्होंने देश के चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव के बाद सामने आए एग्जिट पोल को भी सिरे से खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा कि एग्जिट पोल पूरी तरह से एक रैकेट है. चुनाव आयोग पहली कभी भी इतना कॉम्प्रमाइज्ड नहीं रहा, जितना कि यह ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में है.
उन्होंने कहा कि यही वजह है कि हमने ज्ञानेश कुमार को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के पद से हटाने के लिए जो नोटिस दिया है, उसमें 9 आरोप लगाए हैं और जब तक उन्हें पद से हटाया नहीं जाता है, हम यह नोटिस लाते रहेंगे. उन्होंने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि मतदान का अधिकार खतरे में है.
यह भी पढ़ेंः &amp;ldquo;मेरे बारे में फैसला सोनिया गांधी ही लेती हैं&amp;rdquo;, जानें क्यों कर्नाटक CM बहस के बीच खरगे ने कही ये बात
CEC को हटाने के लिए कांग्रेस ने पहले भी दिया है नोटिस 
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने इससे पहले शुक्रवार (24 अप्रैल, 2026) को कहा कि राज्यसभा में विपक्ष के 73 सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग करते हुए एक नया नोटिस राज्यसभा सचिवालय में जमा किया है. उन्होंने इस संबंध में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि यह नोटिस सत्यापित कदाचार के आधार पर दिया गया है. इसे संविधान के अनुच्छेद 324(5) और अनुच्छेद 124(4) के साथ-साथ चीफ इलेक्शन कमिश्नर एंड अदर इलेक्शन कमिश्नर्स (अपॉइंटमेंट, कंडिशन्स ऑफ सर्विस एंड टर्म ऑफ ऑफिस) एक्ट, 2023 की धारा 11(2) और Judges (Inquiry) Act, 1968 के तहत पेश किया गया है. उन्होंने कहा कि नोटिस में सीईसी के खिलाफ नौ आरोप विस्तार से दर्ज किए गए हैं.

सोशल मीडिया पोस्ट में जयराम ने क्या कहा?
कांग्रेस नेता ने X पोस्ट में कहा, &amp;lsquo;राज्यसभा में 73 विपक्षी सांसदों ने राष्ट्रपति को संबोधित प्रस्ताव लाने के लिए यह नया नोटिस दिया है, जिसमें 15 मार्च 2026 के बाद किए गए कथित कदाचार के आधार पर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग की गई है.&amp;rsquo;
उन्होंने कहा, &amp;lsquo;ये आरोप न तो नकारे जा सकते हैं और न ही छिपाए जा सकते हैं. उनका पद पर बने रहना संविधान पर हमला है और यह बेहद शर्मनाक है कि वह व्यक्ति अब भी पद पर बना हुआ है और प्रधानमंत्री व गृह मंत्री के इशारों पर काम कर रहा है.&amp;rsquo;
यह भी पढे़ंः पवन खेड़ा ने अपने बारे में असम के मुख्यमंत्री के बयानों का दिया हवाला, अग्रिम जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुरक्षित रखा आदेश ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 22:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने जयशंकर को किया फोन , जानें किन मुद्दों पर हुई बात</title>
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        <description><![CDATA[ India Iran Talks: ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने बुधवार को अपने भारतीय समकक्ष एस जयशंकर को फोन किया और पश्चिम एशिया में जारी संकट के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की. सैयद अब्बास अराघची&amp;nbsp;की मास्को यात्रा के दो दिन बाद उनकी भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर से फोन पर बातचीत हुई.
एस जयशंकर ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा कि आज शाम ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची का फोन आया. उन्होंने बताया कि मौजूदा स्थिति के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई और दोनों पक्षों ने संपर्क में बने रहने पर सहमति जताई.
ईरानी दूतावास ने जारी किया बयान&amp;nbsp;
नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास ने कहा कि दोनों पक्षों ने युद्धविराम, द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों से जुड़े ताजा घटनाक्रमों पर चर्चा की और विचारों का आदान-प्रदान किया. माना जा रहा है कि बातचीत में अमेरिकी नाकाबंदी और ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही पर लगाए गए प्रतिबंधों से उत्पन्न स्थिति का भी उल्लेख हुआ. ईरान-अमेरिका युद्ध को समाप्त करने के लिए कूटनीतिक प्रयासों के तहत ईरानी विदेश मंत्री ने ओमान और पाकिस्तान का दौरा करने के बाद मॉस्को की यात्रा की थी.
अमेरिका और ईरान के बीच&amp;nbsp; शांति वार्ता का असफल दौर
ईरान और अमेरिका के बीच 11 और 12 अप्रैल को इस्लामाबाद में हुई शांति वार्ता का पहला दौर संघर्ष को खत्म करने में सफल नहीं हो सका. पिछले मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ दो सप्ताह के युद्धविराम को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दिया, ताकि तेहरान को युद्ध समाप्त करने के लिए एक एकीकृत प्रस्ताव तैयार करने का और समय मिल सके. युद्ध की शुरुआत 28 फरवरी को हुई जब अमेरिका और इजराइल ने संयुक्त रूप से ईरान पर हमला किया, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और कई शीर्ष कमांडर मारे गए. ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 06:30:14 +0530</pubDate>
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        <title>बंगाल चुनाव में कांग्रेस की हार के लिए कौन जिम्मेदार? अधीर रंजन चौधरी ने खोला राज</title>
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        <description><![CDATA[ West Bengal Exit Polls 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दोनों चरणों में रिकॉर्ड वोटिंग के बाद आए एग्जिट पोल ने सियासी मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है. 29 मार्च को जारी एग्जिट पोल में तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच कांटे की टक्कर का अनुमान लगाया गया है. छह में से चार एग्जिट पोल में बीजेपी के सत्ता में आने की संभावना जताई गई है, जबकि दो सर्वे में टीएमसी की वापसी का अनुमान लगाया गया है.
विपक्षी वोटों के बंटवारे का मुद्दा
बहरामपुर से कांग्रेस उम्मीदवार अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि राज्य में सत्ता विरोधी लहर तो है, लेकिन वह अलग-अलग विपक्षी दलों में बंट गई है. उनके मुताबिक, यह वोट कहीं बीजेपी, कहीं कांग्रेस, CPI(M), ISF या अन्य दलों में जा रहा है, जिससे नतीजों का अनुमान लगाना मुश्किल हो गया है.
एग्जिट पोल की विश्वसनीयता पर सवाल
AIUDF नेता रफीकुल इस्लाम ने एग्जिट पोल को पूरी तरह सटीक मानने से इनकार करते हुए कहा कि असली नतीजों के लिए 4 तारीख तक इंतजार करना होगा. उन्होंने यह भी कहा कि बंगाल में उनकी राय में &amp;ldquo;दीदी&amp;rdquo; यानी ममता बनर्जी की वापसी संभव है.
सिलीगुड़ी से बीजेपी उम्मीदवार शंकर घोष ने कार्यकर्ताओं से संयम रखने और नतीजों का इंतजार करने की अपील की. उन्होंने कहा कि अभी जश्न मनाने का समय नहीं है, बल्कि सतर्क रहने का वक्त है.

वहीं, मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री विश्वास सारंग और बीजेपी सांसद दिनेश शर्मा ने दावा किया कि देशभर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए को बढ़त मिल रही है और वास्तविक नतीजे एग्जिट पोल से भी बेहतर हो सकते हैं. एग्जिट पोल ने मुकाबले को बेहद रोमांचक बना दिया है, लेकिन सभी राजनीतिक दल अंतिम नतीजों का इंतजार कर रहे हैं, जो 4 मई को तस्वीर पूरी तरह साफ करेंगे.
ये भी पढ़ें: बंगाल में दरक गईं दीदी, तमिलनाडु में विजय की &amp;lsquo;जय&amp;rsquo;... पढ़ें असम-केरल से पुडुचेरी तक का एग्जिट पोल ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 06:30:13 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>बंगाल, चुनाव, में, कांग्रेस, की, हार, के, लिए, कौन, जिम्मेदार, अधीर, रंजन, चौधरी, ने, खोला, राज</media:keywords>
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        <title>भदोही में गरजे भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन, विपक्ष को बताया &amp;apos;नारी विरोधी&amp;apos;, बोले&amp; जो बिल रोकते थे, जनता उनका वजूद मिटा देगी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/भदोही-में-गरजे-भाजपा-अध्यक्ष-नितिन-नबीन-विपक्ष-को-बताया-नारी-विरोधी-बोले-जो-बिल-रोकते-थे-जनता-उनका-वजूद-मिटा-देगी</link>
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        <description><![CDATA[ भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने अपने पहले भदोही दौरे के दौरान विपक्ष की &#039;महिला विरोधी&#039; राजनीति पर जमकर हमला बोला. औराई चौराहे पर उमड़े जनसैलाब को संबोधित करते हुए नबीन ने सीधे तौर पर सपा कांग्रेस और टीएमसी को निशाने पर लिया. उन्होंने कहा कि जो दल दशकों तक महिला आरक्षण बिल को संसद में लटकाते और फाड़ते रहे, आज उन्हें नारी शक्ति का वंदन करने का कोई हक नहीं है.
नारी है तो संसार है, विंध्यवासिनी इसका प्रमाण हैंवाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भव्य कार्यक्रम के बाद सीधे भदोही पहुंचे नितिन नबीन ने महिलाओं के सम्मान को आस्था से जोड़ा. भीड़ में उन्होंने कहा कि मैं उस आदि शक्ति माँ विंध्यवासिनी के चरणों में शीश नवाने जा रहा हूं, जिनसे यह पूरी सृष्टि संचालित होती है. माता विंध्यवासिनी गवाह हैं कि नारी है तो ही यह संसार है. जो लोग महिलाओं का अपमान करते हैं, वे दरअसल इस संसार के अस्तित्व को चुनौती दे रहे हैं.

आरक्षण पर घेरा, विपक्ष के चेहरे से उतरा नकाबनितिन नबीन ने महिला आरक्षण बिल का जिक्र करते हुए विपक्ष को बुरी तरह रगड़ा. उन्होंने कहा कि दशकों तक कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने महिला आरक्षण को ठंडे बस्ते में डाल रखा था. सदन में बिल की प्रतियां फाड़ने वाले लोग आज किस मुंह से महिलाओं की बात करते हैं? प्रधानमंत्री मोदी ने &#039;नारी शक्ति वंदन अधिनियम&#039; पारित कर दिखा दिया कि भाजपा कथनी में नहीं, करनी में विश्वास रखती है.
पहले दौरे पर ऐतिहासिक स्वागत, गुलाबों से पटीं सड़केंराष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में नितिन नबीन का यह जनपद में पहला दौरा था, जिसे कार्यकर्ताओं ने यादगार बना दिया. औराई चौराहे पर स्वागत का आलम यह था कि सैकड़ों लोगों ने राष्ट्रीय अध्यक्ष को गुलाब के फूलों की बारिश से नहला दिया, जिससे पूरा मार्ग फूलों की चादर से ढक गया. कार्यकर्ताओं के भारी हुजूम और गगनभेदी नारेबाजी के चलते अध्यक्ष का काफिला बमुश्किल आगे बढ़ा.
कार्यकर्ताओं का जोश और शक्ति प्रदर्शनभाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मिश्रा के नेतृत्व में पूर्व मंत्री रंगनाथ मिश्रा सहित सैकड़ों की संख्या में मौजूद पदाधिकारियों ने अपने नेता का अभिनंदन किया. रोड शो के दौरान कार्यकर्ताओं का जोश देखकर नितिन नबीन काफी उत्साहित नजर आए. उन्होंने गाड़ी से उतरकर वहां मौजूद दर्जनों महिलाओं का अभिवादन स्वीकार किया और स्पष्ट संदेश दिया कि आने वाले समय में भदोही की जनता महिला विरोधियों को करारा जवाब देने के लिये तैयार खड़ी है.
ये भी पढ़ें :&amp;nbsp;Assam Exit Poll 2026: असम में फिर खिल सकता है &#039;कमल&#039;, जानें NDA को कितनी सीटें मिल सकती हैं? ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 06:30:12 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>भदोही, में, गरजे, भाजपा, अध्यक्ष, नितिन, नबीन, विपक्ष, को, बताया, नारी, विरोधी, बोले-, जो, बिल, रोकते, थे, जनता, उनका, वजूद, मिटा, देगी</media:keywords>
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        <title>40 हस्की कुत्तों को बेसहारा सड़क पर छोड़ गया अज्ञात शख्स, हैदराबाद में चौंकाने वाली खबर</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/40-हस्की-कुत्तों-को-बेसहारा-सड़क-पर-छोड़-गया-अज्ञात-शख्स-हैदराबाद-में-चौंकाने-वाली-खबर</link>
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        <description><![CDATA[ इंसानियत को झकझोर देने वाली एक दर्दनाक घटना तेलंगाना के शंकरपल्ली-पटानचेरु मार्ग पर सामने आई है, जहां करीब 40 हस्की नस्ल के कुत्तों को बेरहमी से सड़क किनारे छोड़ दिया गया. 28 अप्रैल 2026 को सामने आई इस घटना ने पशु प्रेमियों और सामाजिक संगठनों को गहरे सदमे में डाल दिया है.
जानकारी के मुताबिक, सुबह एक व्यक्ति ने पशु बचाव संगठनों को फोन कर इन कुत्तों की बेहद खराब हालत के बारे में सूचना दी. कॉल करने वाले ने बताया कि कुछ अज्ञात लोग ट्रक में भरकर इन कुत्तों को एक सुनसान इलाके में छोड़कर फरार हो गए. भीषण गर्मी में ठंडे मौसम में रहने वाले हस्की कुत्तों की हालत बेहद दयनीय थी.
आसरा फाउंडेशन और स्वान ने तुरंत किया रेस्क्यू ऑपरेशन
सूचना मिलते ही आसरा फाउंडेशन और स्वान (SWAN) एनजीओ की टीमों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. लेकिन जब तक टीम वहां पहुंची, हालात और भी खराब हो चुके थे. कुछ कुत्तों को राहगीर अपने साथ ले गए, कुछ ठंडे माहौल की तलाश में पास के जंगलों की ओर भाग गए, जबकि एक कुत्ते की मौके पर ही मौत हो गई.
केवल छह कुत्तों को सुरक्षित बचाया जा सका, जिन्हें एनजीओ के आश्रय में ले जाकर इलाज और देखभाल की जा रही है. बाकी कुत्तों का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है, जिससे उनकी जिंदगी को लेकर चिंता और बढ़ गई है.
इस मामले में कुत्तों की सुरक्षा के लिए काम करने वाली संस्था स्वान के संस्थापक हर्ष किशोर भटनागर ने एबीपी न्यूज से बातचीत में चौंकाने वाली आशंका जताई. उन्होंने कहा कि संभव है इन कुत्तों को किसी मेडिकल प्रयोगशाला में प्रयोग के लिए लाया गया हो और प्रयोग के बाद उन्हें इस तरह छोड़ दिया गया हो. उनका कहना था कि अगर कोई इन्हें पालने के लिए लाता, तो एक या दो कुत्ते रखता, न कि 40 कुत्तों को एक साथ.

हस्की कुत्ते की देखभाल बेहद ही चुनौतीपूर्ण होती है
हस्की कुत्ते अपनी खूबसूरत नीली या बहुरंगी आंखों, घने फर और भेड़िये जैसी शक्ल के लिए जाने जाते हैं. इनकी उत्पत्ति साइबेरिया (रूस) से मानी जाती है और ये ठंडे इलाकों जैसे अमेरिका, कनाडा और यूरोप में अधिक पाए जाते हैं. इन्हें स्लेज खींचने जैसे कठिन कार्यों के लिए पाला जाता था, जबकि आजकल लोग इन्हें उनकी आकर्षक बनावट और वफादार स्वभाव के कारण पालते हैं. हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि गर्म देशों में इनकी देखभाल बेहद चुनौतीपूर्ण होती है.
पशु अधिकार कार्यकर्ताओं ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और जिम्मेदार लोगों की तलाश जारी है.
यह भी पढ़ें: Assam Exit Poll 2026: असम में फिर खिल सकता है &#039;कमल&#039;, जानें NDA को कितनी सीटें मिल सकती हैं? ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 06:30:10 +0530</pubDate>
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        <title>&amp;apos;CM की सुरक्षा मेरे हाथ में...&amp;apos;, सचिवालय में वीडियो बनाने वाला निकला फर्जी पुलिसकर्मी, गिरफ्तार</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/cm-की-सुरक्षा-मेरे-हाथ-में-सचिवालय-में-वीडियो-बनाने-वाला-निकला-फर्जी-पुलिसकर्मी-गिरफ्तार</link>
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        <description><![CDATA[ Telangana News: तेलंगाना की राजधानी में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां खुद को पुलिसकर्मी बताकर सोशल मीडिया पर वीडियो बनाने वाला युवक अब पुलिस के निशाने पर है. आरोपी की पहचान निखिल के रूप में हुई है, जो असल में पुलिस का कर्मचारी नहीं बल्कि एक कथित ठग निकला.
जानकारी के अनुसार, निखिल ने पुलिस की वर्दी पहनकर हैदराबाद के सचिवालय परिसर में वीडियो बनाए और उन्हें सोशल मीडिया पर साझा किया. इन वीडियो में वह दावा करता दिखा कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की सुरक्षा उसके हाथ में है और जो भी उनसे मिलना चाहता है, वह उससे संपर्क कर सकता है. इतना ही नहीं, उसने आईपीएल मैचों के टिकट दिलाने का झांसा देकर लोगों को आकर्षित करने की भी कोशिश की.
वीडियो वायरल होते ही पुलिस हरकत में आई
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही पुलिस हरकत में आई और जांच शुरू की गई. जांच में सामने आया कि निखिल ने पुरानी बस्ती से पुलिस की वर्दी खरीदी थी और उसी का इस्तेमाल कर वह लोगों को गुमराह कर रहा था. फिलहाल पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है.
सूत्रों के अनुसार, निखिल के खिलाफ आंध्र प्रदेश के कई थानों में पहले से ही धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं. ऐसे में यह मामला और भी गंभीर हो गया है. पुलिस का मानना है कि वह लंबे समय से लोगों को ठगने के लिए इस तरह के तरीके अपनाता रहा है.
सचिवालय की सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
इस घटना ने सचिवालय की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. बताया जा रहा है कि यह पहली बार नहीं है जब कोई व्यक्ति फर्जी पहचान के साथ सचिवालय में प्रवेश कर पाया हो. कांग्रेस सरकार के गठन के बाद अब तक करीब एक दर्जन लोग इस तरह सुरक्षा में सेंध लगाकर अंदर पहुंच चुके हैं.

सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब यह व्यक्ति खुलेआम सचिवालय में घूमकर वीडियो बना रहा था, तब सुरक्षा और खुफिया तंत्र क्या कर रहे थे. सोशल मीडिया पर मामला सामने आने के बाद ही कार्रवाई होना सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी चूक को दर्शाता है. फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है और आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने का दावा किया जा रहा है.
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&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 06:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>CM, की, सुरक्षा, मेरे, हाथ, में..., सचिवालय, में, वीडियो, बनाने, वाला, निकला, फर्जी, पुलिसकर्मी, गिरफ्तार</media:keywords>
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        <title>Explained: 5 सालों में 22 राज्यों के चुनाव में कहां लौटी सत्ता और बदले CM, क्या 2026 के चुनावी नतीजों में नए चेहरों पर लगेगा दांव?</title>
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        <description><![CDATA[ 2021 से अब तक कई बड़े राज्यों में चुनाव हुए. जहां सत्ताधारी पार्टी को दोबारा सरकार बनाने का मौका तो मिला, लेकिन मुख्यमंत्री बदल दिए गए. फिर मध्य प्रदेश हो या राजस्थान या फिर छत्तीसगढ़. इसे एंटी-इन्कम्बेंसी कह लीजिए या फिर जातिगत समीकरण को साधना. बावजूद इसके 5 बड़ी वजहें निकलकर सामने आती हैं. तो एक्सप्लेनर में जानेंगे कि बीते 5 सालों में किन राज्यों में चुनाव हुए, कहां सीएम बदल दिए और क्यों...
सवाल 1: 2021 में किन राज्यों में चुनाव हुए और नतीजे क्या रहे?
जवाब: साल 2021 की शुरुआत चुनावी रणभेरी के साथ हुई. मार्च-अप्रैल में 5 राज्यों (पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी) में विधानसभा चुनाव हुए. सभी नतीजे 2 मई 2021 को एक साथ घोषित हुए.

पश्चिम बंगाल (292 सीटें): ममता बनर्जी की TMC ने 215 सीटों के साथ लगातार तीसरी बार सरकार बनाई. वह तीसरी बार CM बनीं. यह चुनाव अत्यधिक हिंसक और बयानबाजी वाला रहा. ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर बीजेपी के &#039;प्रवक्ता&#039; की तरह काम करने का गंभीर आरोप लगाया.
असम (126 सीटें): बीजेपी के नेतृत्व वाला NDA गठबंधन (AGP और UPPL के साथ) लगभग 76-77 सीटों के साथ दोबारा सत्ता में लौटा. बीजेपी से हिमंत बिस्वा सरमा मुख्यमंत्री बने. यह बीजेपी के लिए ऐतिहासिक जीत थी क्योंकि पार्टी ने पूर्वोत्तर के किसी बड़े राज्य में लगातार दूसरी बार सरकार बनाई.
केरल (140 सीटें): पिनाराई विजयन की वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) ने 95 सीटों के साथ सरकार बनाई. पिनाराई विजयन लगातार दूसरी बार सीएम बने. केरल में लगातार दूसरी बार सत्ता में वापसी का यह दुर्लभ उदाहरण था, क्योंकि यहां आमतौर पर हर पांच साल में सरकार बदलती है.
तमिलनाडु (234 सीटें): एम. के. स्टालिन की DMK के नेतृत्व वाला गठबंधन (कांग्रेस, Left, VCK, IUML के साथ) ने 148-156 सीटों के बीच शानदार जीत हासिल की. एम. के. स्टालिन ने पहली बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. यह एडप्पाडी के. पलानीस्वामी की AIADMK सरकार का अंत था.
पुडुचेरी (30 सीटें): NDA गठबंधन (AINRC, BJP, AIADMK) ने 14-16 सीटों के साथ सरकार बनाई. AINRC के एन. रंगास्वामी मुख्यमंत्री बने. कांग्रेस के लिए यह निराशाजनक रहा.

इस साल तमिलनाडु में सीएम को बदला गया. बाकी राज्यों (बंगाल, असम, केरल, पुडुचेरी) में सत्तारूढ़ पार्टी ने जीत दर्ज की और सीएम वही रहे.
सवाल 2: 2022 में किन राज्यों में चुनाव हुए और क्या बदलाव आया?
जवाब: 2022 में 5 राज्यों (उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर) में विधानसभा चुनाव हुए. नतीजे 10 मार्च 2022 को आए.

उत्तर प्रदेश (403 सीटें): बीजेपी ने शानदार जीत दर्ज करते हुए 250 से अधिक सीटें जीतीं. योगी आदित्यनाथ लगातार दूसरी बार सीएम बने. यहां कोई सीएम बदलाव नहीं हुआ.
पंजाब (117 सीटें): आम आदमी पार्टी (AAP) ने 92 सीटों के साथ जीत दर्ज की, जो एक भूस्खलन जीत थी. भगवंत मान पहली बार सीएम बने. यहां बदलाव इसलिए हुआ क्योंकि सत्ता पूरी तरह पलट गई. भगवंत मान को इसलिए चुना गया क्योंकि पंजाब में एक स्थानीय सिख चेहरे की जरूरत थी.
उत्तराखंड (70 सीटें): बीजेपी बहुमत के साथ सरकार बनाने में कामयाब रही. मौजूदा सीएम पुष्कर सिंह धामी अपनी सीट खतीमा से चुनाव हार गए. हालांकि बीजेपी सरकार बनाने में कामयाब रही और बाद में धामी को दूसरी सीट से जीतकर फिर से सीएम बनाया गया. पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत (कांग्रेस) भी हारे.
गोवा (40 सीटें): बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी. प्रमोद सावंत ही फिर से सीएम बने. पूर्व सीएम चर्चिल अलेमाओ सहित कई दिग्गज हारे.
मणिपुर (60 सीटें): बीजेपी सरकार बनाने में सफल रही. एन. बीरेन सिंह लगातार दूसरी बार सीएम बने.

कुल मिलाकर पंजाब में AAP ने कांग्रेस और अकाली दल को हराकर नई सरकार बनाई थी इसलिए सीएम बदले गए. चरणजीत सिंह चन्नी (कांग्रेस) और पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल (अकाली दल) हार गए थे. उत्तराखंड और गोवा में बीजेपी सत्ता में बनी रही, लेकिन नेतृत्व में थोड़ा उतार-चढ़ाव आया क्योंकि पुष्कर सिंह धामी अपनी सीट हार गए थे.
सवाल 3: 2023 में कौन से चुनाव हुए और कैसे बदली तस्वीर?जवाब: 2023 का चुनावी साल सबसे दिलचस्प रहा क्योंकि यह 5 बड़े राज्यों (मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम) में हुआ था. नतीजे 3 दिसंबर 2023 को आए और कई चौंकाने वाले रुझान देखने को मिले.

मध्य प्रदेश (230 सीटें): बीजेपी ने 163 सीटों के साथ शानदार जीत दर्ज की. पहले शिवराज सिंह चौहान सीएम थे, लेकिन पार्टी ने उन्हें हटाकर मोहन यादव को मुख्यमंत्री बनाया. यह &#039;एंटी-इन्कम्बेंसी&#039; से बचने और युवा चेहरा देने की रणनीति थी. शिवराज चौहान लंबे समय से सत्ता में थे (चार बार), इसलिए पार्टी ने अगले 5 साल के लिए नई पीढ़ी का नेता देना चाहा.
राजस्थान (199 सीटें): बीजेपी ने 115 सीटों के साथ कांग्रेस को सत्ता से बाहर कर दिया. भजन लाल शर्मा पहली बार सीएम बने. पार्टी ने एक युवा, ब्राह्मण चेहरे को चुना. वसुंधरा राजे को नजरअंदाज करना पार्टी का एक बड़ा रणनीतिक कदम था ताकि वे राजे के खिलाफ किसी भी स्थानीय विरोध से बच सकें.
छत्तीसगढ़ (90 सीटें): बीजेपी ने 54 सीटों के साथ कांग्रेस को हराया. विष्णु देव साय पहली बार सीएम बने. मौजूदा सीएम भूपेश बघेल (कांग्रेस) अपनी सीट पाटन से तो जीत गए, लेकिन उनकी सरकार हार गई. यहां बीजेपी ने रमन सिंह (पूर्व सीएम) को नजरअंदाज करते हुए विष्णु देव साय को चुना, जो आदिवासी समुदाय से आते हैं. छत्तीसगढ़ में आदिवासी वोटरों की अहम भूमिका है, इसलिए यह जातीय समीकरण साधने की कोशिश थी.
तेलंगाना (119 सीटें): कांग्रेस ने 64 सीटों के साथ के. चंद्रशेखर राव (KCR) की भारत राष्ट्र समिति (BRS) को हराया. कांग्रेस के रेवंत रेड्डी पहली बार मुख्यमंत्री बने. यह कांग्रेस के लिए &#039;सांत्वना पुरस्कार&#039; जैसा था क्योंकि वह राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में हार गई थी.
मिजोरम (40 सीटें): ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 14:30:14 +0530</pubDate>
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        <title>EVM में BJP के बटन पर चिपका दिया टेप, ममता बनर्जी के भतीजे की सीट पर खेल, वोटिंग के बीच BJP का सनसनीखेज आरोप</title>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के लिए मतदान जारी है. वोटिंग के बीच चुनाव में धांधली के आरोप भी एक-दूसरे पर लगाए जा रहे हैं. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे और सांसद अभिषेक बनर्जी के गढ़ माने जाने वाले इलाके में तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर चुनाव में धांधली के आरोप लगे हैं. बीजेपी ने आरोप लगाया है कि डायमंड हार्बर क्षेत्र के फलता में कई पोलिंग बूथों पर EVM में बीजेपी के बटन पर टेप चिपका दिया गया है, ताकि लोग उन्हें वोट न दे सकें.
टीएमसी ने आरोपों का किया खंडन
टीएमसी ने बीजेपी के आरोपों का खंडन किया है. साथ ही इसे चुनाव आयोग और पर्यवेक्षक IPS अजय पाल शर्मा की नाकामी बताया है. जिन पर तृणमूल कांग्रेस ने पहले अपने उम्मीदवार को धमकाने का आरोप लगाया था.

बीजेपी ने की दोबारा वोटिंग की मांग
वहीं, बीजेपी के मीडिया प्रभारी अमित मालवीय ने फाल्टा के उन सभी प्रभावित बूथों पर दोबारा मतदान की मांग की है, जहां इस तरह की कथित तौर पर चुनावी धांधली हुई है. उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा, &#039;कई मतदान केंद्रों पर टेप का इस्तेमाल करके भाजपा को वोट देने का विकल्प खत्म कर दिया गया है, जिससे मतदाताओं को अपना विकल्प चुनने से रोका जा रहा है. यह तथाकथित &#039;डायमंड हार्बर मॉडल&#039; है, वही मॉडल जिसने ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी को लोकसभा सीट जीतने में मदद की.&#039;

This is what Mamata Banerjee was defending when she spoke up for Jehangir Khan, a criminal contesting on a TMC ticket from Falta in Diamond Harbour.In several polling booths, the option to vote for the BJP has been blocked using a tape, effectively preventing voters from&amp;hellip; pic.twitter.com/sKw3mcdA86
&amp;mdash; Amit Malviya (@amitmalviya) April 29, 2026



यह भी पढ़ें -&amp;nbsp;&#039;सब BJP के इशारे पर नाच रहे&#039;, बंगाल में वोटिंग के बीच भयंकर गुस्से में ममता बनर्जी, जानें क्या आरोप लगाए
टीएमसी प्रवक्ता रिजु दत्ता ने बीजेपी के इन आरोपों पर पलटवार हुए कहा कि पर्यवेक्षक अजय पाल शर्मा फाल्टा में घूम-घूमकर लोगों और टीएमसी उम्मीदवार व उनके परिवार को डरा रहे हैं. यह पूरा मामला चुनाव आयोग के दायरे में आता है. वे क्या कर रहे हैं?&#039; उन्होंने आगे कहा, &#039;अमित मालवीय को ट्वीट करने के बजाय शिकायत करनी चाहिए कि ज्ञानेश कुमार को तुरंत बर्खास्त किया जाए और अजय पाल शर्मा को निलंबित किया जाए क्योंकि वे भाजपा की अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतरे हैं.&#039;
यह भी पढ़ें - पहले चरण में रिकॉर्ड वोटिंग के बाद ममता समेत 1448 प्रत्याशियों की दांव पर किस्मत, 142 सीटों पर होगा फैसला ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 14:30:13 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>EVM, में, BJP, के, बटन, पर, चिपका, दिया, टेप, ममता, बनर्जी, के, भतीजे, की, सीट, पर, खेल, वोटिंग, के, बीच, BJP, का, सनसनीखेज, आरोप</media:keywords>
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        <title>BJP कार्यकर्ता मोशारिफ मीर को TMC समर्थकों ने पीटा, कार्यालय में भी तोड़फोड़, ममता बनर्जी ने आतंकवाद फैलाने का लगाया आरोप</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/bjp-कार्यकर्ता-मोशारिफ-मीर-को-tmc-समर्थकों-ने-पीटा-कार्यालय-में-भी-तोड़फोड़-ममता-बनर्जी-ने-आतंकवाद-फैलाने-का-लगाया-आरोप</link>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान के दौरान बुधवार को छपरा, शांतिपुर और भांगर समेत कई स्थानों पर हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं. पीटीआई के मुताबिक एंटाली सीट से बीजेपी उम्मीदवार प्रियाना तिबरेवाल का मतदान अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों से उस समय झगड़ा हो गया, जब उनके प्रतिनिधि को मतदान केंद्र से बाहर निकाल दिया गया.
खबरों के मुताबिक, बूथ छोटा होने के कारण एजेंट को बाहर जाने का आदेश दिया गया. टीएमसी उम्मीदवार का एक प्रतिनिधि भी इस झगड़े में शामिल हो गया, जिसके बाद दोनों को जाने के लिए कहा गया. बीजेपी नेता ने कहा कि ये लोग कितने चिढ़े हुए हैं. एक बटन दबाने के लिए इन्हें 10 लोगों को अंदर खड़ा करना पड़ रहा है.

#WATCH | West Bengal Elections 2026 | At around 5:30 am today, a group of miscreants attacked BJP polling agent Mosharraf Mir of booth number 52 of Hatra Panchayat, Chapra Assembly constituency in Nadia with iron rod and guns. Later, Chapra police rescued him and admitted him to&amp;hellip; pic.twitter.com/UO4ph1LBdu
&amp;mdash; ANI (@ANI) April 29, 2026



बीजेपी कार्यकर्ता पर टीएमसी के लोगों ने किया हमलानादिया जिले के छपरा में बीजेपी कार्यकर्ता पर टीएमसी के लोगों ने कथित तौर पर हमला किया. वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि कार्यकर्ता मोशारिफ मीर को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है. मीर ने दावा किया कि तृणमूल के एक दर्जन से अधिक कार्यकर्ता, जिनमें से एक के पास बंदूक थी, उन पर टूट पड़े और उन्हें रॉड से पीटा. छपरा सीट से चुनाव लड़ रहे बीजेपी के सैकत सरकार ने हमले का आरोप तृणमूल कार्यकर्ताओं पर लगाया. उन्होंने कहा कि उनके सिर पर वार किया गया, जिससे उन्हें चोटें आईं हैं.&amp;nbsp;
पीटीआई द्वारा शेयर किए गए वीडियो में एक व्यक्ति को अर्धसैनिक बलों के जवान और पुलिसकर्मी द्वारा घसीटते हुए दिखाया गया है, जिन्होंने उसका हाथ या पैर पकड़ रखा है. वीडियो में 2 सशस्त्र सुरक्षाकर्मी एक व्यक्ति पर लाठियों से हमला करते दिखाई दे रहे हैं.

Kolkata: West Bengal Chief Minister and TMC candidate from Bhabanipur Assembly constituency, Mamata Banerjee, says, &quot;...So many observers have come from outside. Whatever the BJP says, they are doing. Just look around, all our posters have been removed. Is this how polls take&amp;hellip; pic.twitter.com/xYFpFLUSan
&amp;mdash; ANI (@ANI) April 29, 2026



बीजेपी कार्यालय में तोड़फोड़इस बीच शांतिपुर से संपत्ति को नुकसान पहुंचने की खबरें आईं. पुलिस ने बताया कि स्थानीय बीजेपी कार्यालय में फर्नीचर तोड़ दिया गया, जिससे इलाके में तनाव फैल गया. वहीं दक्षिण 24 परगना जिले के भांगर में आरोप लगे कि वाम मोर्चा से जुड़े नवगठित संगठन इंडियन सेक्युलर फ्रंट के एक मतदान एजेंट को मतदान केंद्र में प्रवेश करने से रोका गया.

बीजेपी उम्मीदवार की कार तोड़ीबीजेपी के दक्षिण 24 परगना से उम्मीदवार बिकाश सरदार की कार में तोड़फोड़ की गई. नारंगी रंग की मारुति बलेनो की पिछली विंडशील्ड तोड़ दी गई. पार्टी ने इसके लिए तृणमूल कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराया है.
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West Bengal Assembly Elections 2026: बंगाल की जिस सीट से ममता बनर्जी लड़ रहीं चुनाव, वहां शुरुआती घंटों में हुआ खेल, जानें कितने पड़े वोट&amp;nbsp;
ममता बनर्जी ने आतंकवाद फैलाने का लगाया आरोप&amp;nbsp;इन झड़पों के बीच ममता बनर्जी ने केंद्रीय सुरक्षा बलों पर बीजेपी के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि केंद्रीय बल हमारे लोगों को निशाना बना रहे हैं. इस तरह मतदान नहीं हो सकता. उन्होंने बीजेपी पर बाहर से पर्यवेक्षकों को बुलाने का आरोप लगाते हुए उसकी कड़ी आलोचना की.&amp;nbsp;
उन्होंने आगे कहा, &quot;इतने सारे पर्यवेक्षक बाहर से आए हैं और बीजेपी जो कहती है, वही करते हैं. देखिए हमारे पोस्टर हटा दिए गए हैं. क्या इसी तरह चुनाव होते हैं? वोट मतदाता डालेंगे, सुरक्षा बल नहीं. कुछ नए लोगों को लाया गया है. वे आतंकवाद फैला रहे हैं.&quot;
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Exit Poll: केरल, बंगाल, असम, तमिलनाडु और पुडुचेरी में किसकी बन रही सरकार? आज Exit Poll के नतीजे बता देंगे साफ-साफ ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 14:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>BJP, कार्यकर्ता, मोशारिफ, मीर, को, TMC, समर्थकों, ने, पीटा, कार्यालय, में, भी, तोड़फोड़, ममता, बनर्जी, ने, आतंकवाद, फैलाने, का, लगाया, आरोप</media:keywords>
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        <title>&amp;apos;हेट स्पीच&amp;apos; पर कोई आदेश देने से सुप्रीम कोर्ट ने मना किया, कहा&amp; पहले से मौजूद है कानूनी व्यवस्था, संसद चाहे तो और कानून बनाए</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/हेट-स्पीच-पर-कोई-आदेश-देने-से-सुप्रीम-कोर्ट-ने-मना-किया-कहा-पहले-से-मौजूद-है-कानूनी-व्यवस्था-संसद-चाहे-तो-और-कानून-बनाए</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/हेट-स्पीच-पर-कोई-आदेश-देने-से-सुप्रीम-कोर्ट-ने-मना-किया-कहा-पहले-से-मौजूद-है-कानूनी-व्यवस्था-संसद-चाहे-तो-और-कानून-बनाए</guid>
        <description><![CDATA[ सुप्रीम कोर्ट ने हेट स्पीच की परिभाषा तय करने और ऐसे मामलों में कार्रवाई की मांग पर कोई आदेश देने से मना कर दिया है. कोर्ट ने कहा है कि अपराध की परिभाषा और उसकी सजा तय करना उसका काम नहीं है. नफरत फैलाने वाले बयानों को लेकर कानून में पहले से व्यवस्था है. संसद अगर चाहे तो उसके अलावा भी कानून बना सकती है.
सुप्रीम कोर्ट ने जिन याचिकाओं पर यह फैसला दिया है, उन्हें धर्म संसद जैसे आयोजनों के अलावा टीवी पर दिखाए गए कई भड़काऊ कार्यक्रमों को लेकर दाखिल किया गया था. याचिकाकर्ताओं ने &#039;कोविड जिहाद&#039; और &#039;यूपीएससी जिहाद&#039; जैसे टीवी कार्यक्रमों के अलावा सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाने वाले कुछ एआई वीडियो का भी मसला कोर्ट में रखा था, लेकिन जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने इन मामलों पर अलग से कोई आदेश देने से मना कर दिया.
ध्यान रहे कि साल 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि इस तरह के मामलों में पुलिस को बिना शिकायत का इंतजार किए खुद FIR दर्ज करनी चाहिए. याचिकाकर्ताओं का कहना था कि पुलिस अभी भी ऐसे मामलों में ढीला रवैया दिखा रही है.
यह भी पढ़ें:- &#039;तुरंत हटाया जाए...&#039; UP के &#039;सिंघम&#039; IPS अजय पाल शर्मा की बढ़ीं मुश्किलें, सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला
कोर्ट ने कहा कि सीआरपीसी और उसके बदले लागू किए गए बीएनएसएस में इसे लेकर पर्याप्त व्यवस्था है. अगर थाना प्रभारी केस नहीं दर्ज कर रहा हो तो शिकायतकर्ता एसपी को आवेदन दे सकता है. अगर वहां भी समाधान न मिले तो सीआरपीसी 156(3) या बीएनएसएस 175(3) के तहत मजिस्ट्रेट के पास शिकायत दे सकता है.
कोर्ट में जो याचिकाएं दाखिल हुई थीं, उनमें नई रिट याचिकाओं के अलावा अवमानना से जुड़े आवेदन भी शामिल थे. अवमानना याचिकाओं में कोर्ट के पुराने आदेशों पर अमल न होने की शिकायत की गई थी,&amp;nbsp;लेकिन 2 जजों की बेंच ने सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है.
यह भी पढ़ें:- &#039;गर्भवती महिला की इच्छा, अजन्मे बच्चे से ज्यादा महत्वपूर्ण&#039;, नाबालिग को 28 हफ्ते का गर्भ गिराने की इजाजत देते हुए बोला SC
सुप्रीम कोर्ट ने सिर्फ एक मामले की सुनवाई जारी रखने की बात कही है. यह मामला उत्तर प्रदेश के नोएडा में काजिम अहमद शेरवानी नाम के याचिकाकर्ता के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार से जुड़ा है. इस मामले में जांच अधिकारी के रवैए को मनमाना बताते हुए कोर्ट ने पिछले सप्ताह नाराजगी जताई थी और चार्जशीट में सही कानूनी धाराएं जोड़ने का आदेश दिया था. ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 14:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>हेट, स्पीच, पर, कोई, आदेश, देने, से, सुप्रीम, कोर्ट, ने, मना, किया, कहा-, पहले, से, मौजूद, है, कानूनी, व्यवस्था, संसद, चाहे, तो, और, कानून, बनाए</media:keywords>
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        <title>PM मोदी ने किया गंगा एक्सप्रेस&amp;वे का उद्घाटन, रोजगार को मिलेगा बूस्ट, इमरजेंसी में उतर सकेंगे सेना के जहाज, जानें इसकी खासियत</title>
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        <description><![CDATA[ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार (29 अप्रैल) को बहुप्रतीक्षित गंगा एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण किया. इस दौरान यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के अलावा कई मंत्री मौजूद रहे. ये एक्सप्रेस वे मेरठ से प्रयागराज तक 594 किलोमीटर लंबा हाईस्पीड कॉरिडोर है. यह एक्सप्रेस वे प्रदेश की कनेक्टिविटी के साथ औद्योगिक निवेश, कृषि विपणन, लॉजिस्टिक्स और क्षेत्रीय संतुलन के लिहाज से भी गेमचेंजर साबित होगा.&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 14:30:10 +0530</pubDate>
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        <title>West Bengal Elections 2026: क्या बंगाल चुनाव में बीजेपी को होने जा रहा बड़ा नुकसान? TMC ने कर दिया ये बड़ा दावा</title>
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        <description><![CDATA[ तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता फिरहाद हकीम ने सोमवार को कहा कि मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा के लिए उल्टा पड़ सकता है. उन्होंने कहा कि राज्य के लोग मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ मजबूती से खड़े हैं.
&#039;पीटीआई&#039; की के मुताबिक हकीम ने चुनाव प्रचार के दौरान कहा कि हकीम ने कहा कि केंद्रीय नेताओं के नेतृत्व में भाजपा के आक्रामक प्रचार अभियान ने इस चुनाव को लेकर पिछली बार के मुकाबले अधिक हवा तो बना दी है, लेकिन उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जमीनी स्थिति अभी भी नहीं बदली है.&#039;
कोलकाता के महापौर ने कहा, &#039;मेरे हिसाब से (जमीनी स्थिति में) कोई फर्क नहीं आया है. भाजपा का प्रचार इस साल ज्यादा है, क्योंकि उसके केंद्रीय नेता बार-बार दौरा कर रहे हैं. प्रदेश भाजपा का बंगाल में अपना कोई मजबूत आधार नहीं है, इसलिए उन्हें राष्ट्रीय नेताओं का सहारा लेना पड़ता है. लेकिन बंगाल के लोग तृणमूल को वोट देने और ममता बनर्जी को चौथी बार मुख्यमंत्री चुनने के लिए तैयार हैं.&#039;

हकीम ने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया ने तृणमूल को प्रभावित करने के बजाय मतदाताओं को नाराज किया है. उन्होंने कहा, &#039;अगर सात लोगों के परिवार में दो नाम हटाए गए हैं, तो बाकी परिवार भाजपा और निर्वाचन आयोग से नाराज होगा. जिन लोगों को वोट देने का वैध अधिकार था और वे वोट नहीं दे सके, वे इसे याद रखेंगे. मतदाता सूची के मुद्दे पर जो गुस्सा है, वह भाजपा पर भारी पड़ सकता है.&#039;
हकीम ने एनआरसी को लेकर क्या कहा
हकीम ने दावा किया कि इस मुद्दे ने तृणमूल को राजनीतिक लाभ दिया है. उन्होंने कहा, &#039;हर चुनाव से पहले भाजपा बंगाल के लोगों के खिलाफ लड़ती है, विपक्ष के खिलाफ नहीं. हमने 34 साल तक वामपंथियों से राजनीतिक लड़ाई लड़ी, लेकिन हमने कभी लोगों से नहीं लड़े. पिछली बार एनआरसी था, इस बार मतदाता सूची है.&#039;
हकीम ने यह दावा किया कि एसआईआर प्रक्रिया से सभी समुदायों के मतदाता प्रभावित हुए हैं. उन्होंने कहा, &#039;जब कंप्यूटर मिलान करता है, तो वह नहीं जानता कि कौन हिंदू है और कौन मुस्लिम. किसी भी गड़बड़ी के कारण नाम हटा दिए जाते हैं. हिंदू प्रभावित हैं, मुस्लिम प्रभावित हैं.&#039;
यह भी पढ़ें : यूएस-ईरान वॉर और होर्मुज ब्लॉकेड के बीच यूएई का बड़ा कदम, OPEC से हुआ बाहर, भारत पर क्या असर? ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 22:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>जिस गोधरा वॉर्ड में है 100 प्रतिशत मुस्लिम वोटर, वहां पर जीतीं निर्दलीय हिन्दू उम्मीदवार</title>
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        <description><![CDATA[ गुजरात निकाय चुनाव 2026 में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने एक बार फिर अपना दबदबा साबित कर दिया है. बीजेपी ने सभी नगर निगमों में जीत दर्ज करते हुए क्लीन स्वीप कर लिया है. इस चुनाव में गोधरा एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है. गोधरा म्युनिसिपैलिटी में निर्दलीय उम्मीदवार अपेक्षाबेन नैनेशभाई सोनी ने वार्ड नंबर 7 से शानदार जीत दर्ज की. यह ऐसा क्षेत्र है जहां 100 फीसदी वोटर मुस्लिम हैं. इसका मतलब ये हुआ कि जिस सीट पर सभी वोटर मुस्लिम हैं वहां हिंदू उम्मीदवार की जीत हुई है.
गोधरा में राजनीति का नया रूप दिखा
अपेक्षाबेन नैनेशभाई सोनी की जीत ने गोधरा में नई राजनीतिक कहानी लिख दी है. वह खुद वार्ड-7 में रजिस्टर्ड वोटर नहीं हैं इसके बावजूद वह स्थानीय लोगों को भरोसा जीतने में कामयाब रहीं. यहां हुई वोटिंग ने पारंपरिक धार्मिक और जाति-आधारित वोटिंग पैटर्न की परंपरा को तोड़ दिया.&amp;nbsp;
नगर निगम में बीजेपी का दबदबा
बीजेपी ने अहमदाबाद नगर निगम में पार्टी ने 192 में से 158 सीटों पर कब्जा जमाकर शहरी राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ दिखाई. नगर निगमों में, पार्टी ने अब तक 846 सीटें हासिल की हैं, जबकि कांग्रेस को 71 और दूसरों को 12 सीटें मिली हैं. नगर पालिका में बीजेपी ने 1,889 सीटें जीती हैं, जबकि कांग्रेस ने 408 और दूसरों ने 172 सीटें जीती. बीजेपी ने जिला पंचायतों में 802 सीटें, कांग्रेस ने 116 और अन्&amp;zwj;य पार्टियों ने 43 सीटें जीती है.&amp;nbsp;

बीजेपी ने वडोदरा नगर निगम जीता
बीजेपी ने वडोदरा नगर निगम जीत लिया है, 56 घोषित सीटों में से 51 सीटें (दो निर्विरोध सहित) हासिल करके, 76-सदस्यीय निकाय में बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है. राजकोट नगर निगम में, बीजेपी ने 72 में से 61 घोषित सीटों में से 57 सीटें जीती हैं, जबकि जामनगर नगर निगम में, पार्टी ने 64 में से 48 घोषित सीटों में से 44 सीटें हासिल की हैं. बीजेपी ने नवसारी नगर निगम और मोरबी नगर निगम भी जीत लिया है, जहां वोटों की गिनती जारी रहने के दौरान भी उसने स्पष्ट बहुमत बनाए रखा है.
इन इलाकों में भी बीजेपी ने लहराया परचम
पोरबंदर नगर निगम में, पार्टी ने अब तक गिनी गई 52 सीटों में से सभी 34 घोषित सीटें हासिल कर ली हैं, जिनमें 11 निर्विरोध सीटें भी शामिल हैं. बीजेपी ने अन्य शहरी स्थानीय निकायों में खंभात नगर पालिका (36 में से 22 सीटें), सोजित्रा (24 में से 15), तारापुर (24 में से 13), पालनपुर नगर पालिका (44 में से 27), व्यारा नगर पालिका (28 में से 26, नौ निर्विरोध सहित), धनेरा नगर पालिका (28 में से 19), नखतराना नगर पालिका, सिद्धपुर नगर पालिका (36 में से 26, तीन निर्विरोध सहित), और कच्छ जिले में भुज और मुंद्रा नगर पालिकाएं जीती हैं.
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        <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 22:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Petrol Diesel Price Hike: &amp;apos;जनता पर महंगाई की मार&amp;apos;, आखिरी चरण की वोटिंग से पहले राहुल गांधी का पेट्रोल&amp;डीजल की कीमतों पर बड़ा बयान</title>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर तृणमूल कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस समेत सभी पार्टियां जमकर मेहनत कर रही हैं. इस बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर बड़ा बयान दे दिया. राहुल ने मंगलवार (28 अप्रैल) को दावा किया कि मोदी सरकार बुधवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे एवं अंतिम चरण का मतदान खत्म होने के बाद जनता पर महंगाई का बोझ डालेगी. हालांकि सरकार इस मामले पर पहले ही स्थिति स्पष्ट कर चुकी है.
राहुल ने कहा कि पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने वाले हैं. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, &#039;चुनावी राहत खत्म, महंगाई की गर्मी तैयार! 29 अप्रैल के बाद देखिए- पेट्रोल, डीजल, सब महंगे होंगे. जब तेल सस्ता था, मोदी सरकार ने अपना मुनाफा रखा. अब महंगा है, तो बोझ आप पर डालेगी. सस्ते की लूट मचाती सरकार - जनता को बस महंगाई की मार.&#039;

पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ने को लेकर सरकार ने क्या कहा
केंद्र सरकार ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि बुधवार को विधानसभा चुनाव समाप्त होने के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की कोई योजना नहीं है. सरकार की ओर से यह आश्वासन ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया की स्थिति को लेकर वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता बनी हुई है.
तेल की कीमत को लेकर क्यों शुरू हुई चर्चा
पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में रिकॉर्ड चौथे साल भी कोई बदलाव नहीं हुआ है. पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण पिछले दो महीनों में कच्चा तेल 50 प्रतिशत से अधिक महंगा हो गया है.
लागत और बिक्री मूल्य के बीच बढ़ते अंतर के कारण सरकारी तेल कंपनियों को भारी नुकसान हो रहा है. कुछ अनुमानों के अनुसार यह दैनिक नुकसान लगभग 2,400 करोड़ रुपये है. इसी कारण अटकलें लगाई जा रही थीं कि तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव के बाद कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है.
इनपुट - पीटीआई
यह भी पढ़ें : West Bengal Elections 2026: &#039;SIR की वजह से पश्चिम बंगाल में भाजपा को होगा नुकसान&#039;, TMC ने किया बड़ा दावा ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 22:30:09 +0530</pubDate>
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        <title>West Bengal Elections 2026: 15 साल राज, अब अग्नि परीक्षा… क्या ‘ब्रांड ममता’ बंगाल में फिर से दिखा पाएगा करिश्मा?</title>
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        <description><![CDATA[ West Bengal Assembly Elections 2026: ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल की सत्ता में लगातार 15 वर्षों तक बने रहने के बाद एक बार फिर इतिहास रचने की दहलीज पर खड़ी हैं. तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो के तौर पर उन्होंने लंबे समय तक राज्य की राजनीति पर अपना प्रभाव बनाए रखा है.
ऐसे समय में जब भारतीय जनता पार्टी केंद्रीय नेतृत्व के दम पर पूरे जोर-शोर से चुनाव लड़ रही है, ममता बनर्जी एक मजबूत क्षेत्रीय नेता के रूप में अब भी डटी हुई नजर आती हैं. उनके शासनकाल में जहां वामपंथी दलों का प्रभाव लगभग खत्म हो गया, वहीं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस भी काफी कमजोर हो गई. हालांकि, बीजेपी ने हाल के वर्षों में राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करते हुए खुद को मुख्य चुनौती के रूप में स्थापित किया है.
ब्रांड &amp;lsquo;दीदी&amp;rsquo; की अग्नि परीक्षा
इस चुनाव में ममता बनर्जी के सामने सबसे बड़ी चुनौती बीजेपी है. भ्रष्टाचार के आरोपों और सत्ता-विरोधी माहौल की चर्चाओं के बीच यह सवाल अहम है कि क्या टीएमसी अपने मुख्य प्रतिद्वंद्वी को फिर से मात दे पाएगी. ममता की लोकप्रियता सिर्फ उनके शासन तक सीमित नहीं रही, बल्कि उनकी सादगी और &amp;ldquo;मां, माटी, मानुष&amp;rdquo; की राजनीति ने उन्हें जनता से गहराई से जोड़े रखा है.
राजनीतिक सफर और उभार
1970-80 के दशक में छात्र राजनीति से शुरुआत करने वाली ममता बनर्जी ने कांग्रेस (आई) से अपने करियर की शुरुआत की. वे 1984 में पहली बार सांसद बनीं और धीरे-धीरे पश्चिम बंगाल में वामपंथ के खिलाफ सबसे मुखर चेहरा बन गईं.
1997 में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस की स्थापना की और सीपीएम के खिलाफ मजबूत विकल्प के रूप में उभरीं. 2006 का सिंगूर आंदोलन उनकी राजनीति का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ, जहां उन्होंने टाटा के नैनो प्रोजेक्ट के खिलाफ किसानों के पक्ष में लंबा आंदोलन किया.

2011: सत्ता परिवर्तन का साल
2011 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी ने 34 वर्षों से सत्ता में रही वाम सरकार को हटाकर 294 में से 184 सीटें जीतकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की. इसके साथ ही वे राज्य की पहली महिला मुख्यमंत्री बनीं. इसके बाद 2016 और 2021 में भी उन्होंने जीत दोहराई. 2021 में नंदीग्राम से हार के बावजूद उन्होंने भवानीपुर उपचुनाव जीतकर मुख्यमंत्री पद बरकरार रखा.
कुल मिलाकर, पश्चिम बंगाल की राजनीति इस वक्त एक अहम मोड़ पर है, जहां एक तरफ बीजेपी सत्ता में आने की कोशिश कर रही है, तो दूसरी ओर ममता बनर्जी अपनी पकड़ और &amp;ldquo;ब्रांड दीदी&amp;rdquo; की छवि के सहारे फिर से जीत का दावा कर रही हैं.
ये भी पढ़ें: &#039;जनता पर महंगाई की मार&#039;, आखिरी चरण की वोटिंग से पहले राहुल गांधी का पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर बड़ा बयान ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 22:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>26 साल पुराने केस में तीस हजारी कोर्ट ने सुनाई सजा, CBI अफसर समेत दो अन्य को भेजा जेल</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/26-साल-पुराने-केस-में-तीस-हजारी-कोर्ट-ने-सुनाई-सजा-cbi-अफसर-समेत-दो-अन्य-को-भेजा-जेल</link>
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        <description><![CDATA[ Tis Hazari Court Verdict: दिल्ली में पूर्व आईआरएस अफसर से मारपीट मामले में तीस हजारी कोर्ट ने सजा सुनाई. यह केस 26 साल पुराना है. सीबीआई के जॉइंट डायरेक्टर रमनीश और रिटायर्ड ACP विवेक पांडे को पूर्व IRS ऑफिसर अशोक अग्रवाल की तरफ से दायर केस में सजा सुनाई है.&amp;nbsp;
कोर्ट ने अपने फैसले को चैलेंज करने को लेकर बेल दी है. यह केस साल 2000 में पूर्व IRS ऑफिसर अशोक अग्रवाल की शिकायत पर फाइल किया गया था.&amp;nbsp;
क्या है पूरा मामलायह मामला अक्टूबर 2000 में एक आईआरएस अधिकारी की गिरफ्तारी और छापेमारी से जुड़ा है. कोर्ट ने 18 अप्रैल को ही दोनों अधिकारियों को मारपीट और आपराधिक अतिक्रमण के आरोपों में दोषी ठहराया था. इसके बाद मंगलवार को सजा पर सुनवाई हुई, इसमें दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी दलीलें रखीं.
शिकायतकर्ता के वकील ने दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की&amp;nbsp;तीस हजारी कोर्ट में सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता के वकील ने कड़ी सजा की मांग करते हुए कहा कि पीड़ित को 38 दिन तक जेल में रहना पड़ा था.&amp;nbsp;

उन्होंने यह भी कहा कि अदालत खुद मान चुकी है कि इस मामले में वरिष्ठ अधिकारियों ने सिस्टम का गलत इस्तेमाल किया. वकील ने तर्क दिया किशिकायतकर्ता ने 26 साल तक न्याय का इंतजार किया है. इसलिए दोषियों को अधिकतम सजा और उचित मुआवजा मिलना चाहिए.&amp;nbsp;
बचाव पक्ष के वकील ने तीस हजारी कोर्ट से मांगी राहत&amp;nbsp;
वहीं बचाव पक्ष के वकील ने सजा में राहत की अपील की. उनका कहना था कि दोनों अधिकारी अपनी मर्जी से कार्रवाई करने नहीं गए थे. बल्कि ड्यूटी के तहत वहां पहुंचे थे. उन्होंने यह भी कहा कि दोनों का शिकायतकर्ता से कोई निजी विवाद नहीं था और उन्होंने लंबे समय तक ट्रायल और विभागीय जांच का सामना किया है. वकील ने अदालत से मानवीय आधार पर सजा कम करने या माफ करने की गुहार लगाई.
ये भी पढ़ें :&amp;nbsp;&#039;हर धार्मिक संस्था के लिए नियम जरूरी&#039;, निजानुद्दीन की औलिया दरगाह से जुड़े मामले में क्यों ऐसा बोला सुप्रीम कोर्ट? ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 22:30:06 +0530</pubDate>
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        <title>‘सत्ता ने KCR को बदला, रेवंत सरकार जनविरोधी’, TRS अध्यक्ष के. कविता का तीखा हमला, तेलंगाना की जनता से किए ये वादे</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/सत्ता-ने-kcr-को-बदला-रेवंत-सरकार-जनविरोधी-trs-अध्यक्ष-के-कविता-का-तीखा-हमला-तेलंगाना-की-जनता-से-किए-ये-वादे</link>
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        <description><![CDATA[ Telangana News: तेलंगाना में भारत राष्ट्र समिति (BRS) से अलग होने के बाद कल्वकुंतला कविता ने अपनी नई पार्टी तेलंगाना राष्ट्र सेना (TRS) का गठन किया है. वहीं, पार्टी के गठन के बाद पहली बार प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए TRS अध्यक्ष के. कविता ने सोमवार (27 अप्रैल, 2026) को तेलंगाना की राजनीति पर जोरदार हमला बोला और अपनी नई पार्टी की दिशा स्पष्ट की. उन्होंने कहा कि तेलंगाना के गठन के सालों बाद भी आम लोगों के सपने अधूरे हैं और अब बदलाव के लिए नई राजनीतिक शक्ति की जरूरत है.
के. कविता ने लोगों से किस बात के लिए मांगी माफी?
TRS अध्यक्ष के. कविता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए स्वीकार किया कि वह पहले सत्ता से जुड़े परिवार का हिस्सा रही हैं, लेकिन अब जनता के लिए नई शुरुआत करने का समय आ गया है. &amp;nbsp;उन्होंने लोगों से माफी मांगते हुए कहा कि सिर्फ माफी से काम नहीं चलेगा, बल्कि सामाजिक तेलंगाना के सपने को पूरा करने के लिए दोबारा संघर्ष करना होगा.
कविता ने अपनी पार्टी के विजन को &amp;lsquo;अम्मा का शासन&amp;rsquo; बताते हुए कहा कि उनकी राजनीति का केंद्र आम जनता होगी. उन्होंने कहा कि एक मां की तरह संवेदनशील शासन ही लोगों की समस्याओं को सही मायनों में समझ सकता है और उनका समाधान कर सकता है.
यह भी पढ़ेंः पश्चिम बंगाल में मिताली बाग पर हमले से सियासत गरम, TMC ने BJP पर लगाए गंभीर आरोप, जानें पूरा मामला
KCR, रेवंत रेड्डी और भाजपा पर के. कविता का निशाना
के. कविता ने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (KCR) पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि सत्ता ने उन्हें बदल दिया है. वहीं, मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर हमला बोलते हुए उनकी नीतियों को जनविरोधी बताया. जबकि भाजपा पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी ने हमेशा तेलंगाना के हितों को नजरअंदाज किया है.
क्या हैं तेलंगाना राष्ट्र सेना की 5 प्रमुख प्राथमिकताएं?

इस दौरान टीआरएस अध्यक्ष के. कविता ने अपनी पार्टी की पांच प्रमुख प्राथमिकताओं- शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, रोजगार और सामाजिक तेलंगाना- को भी विस्तार से रखा. उन्होंने वादा किया कि गरीब और मध्यम वर्ग के लिए मुफ्त शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जाएंगी, किसानों को सशक्त बनाया जाएगा और युवाओं को रोजगार और व्यवसाय के लिए आर्थिक सहयोग दिया जाएगा.
TRS अध्यक्ष के संबोधन से तेलंगाना की राजनीति में हलचल
के. कविता की इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद तेलंगाना की राजनीति में नई हलचल तेज हो गई है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कविता की यह पहल आने वाले समय में राज्य की सियासत को नया मोड़ दे सकती है. अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि जनता इस नई पार्टी को कितना समर्थन देती है.
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        <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 10:30:28 +0530</pubDate>
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        <title>केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में बनेंगे पांच नए जिले, उपराज्यपाल ने दी मंजूरी, देखें लिस्ट</title>
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        <description><![CDATA[ लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना के कार्यालय ने सोमवार (27 अप्रैल, 2026) को केंद्र शासित प्रदेश के लिए पांच नए जिले बनाने की घोषणा कर दी है. उपराज्यपाल कार्यालय की तरफ से यह घोषणा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के गुरुवार (30 अप्रैल, 2026) को होने वाले दो दिवसीय दौरे से पहले की गई है. इस कदम का उद्देश्य केंद्र शासित प्रदेश में शासन और विकास को बढ़ावा देना बताया गया है.
नए जिलों के लिए अधिसूचना को केंद्र सरकार की ओर से 22 मई, 2026 को लद्दाख के नेताओं के साथ बातचीत की घोषणा के एक दिन बाद मंजूरी दे दी गई थी. यह इस क्षेत्र के हितधारकों के साथ नए सिरे से जुड़ाव का संकेत है. लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने इसे एक ऐतिहासिक दिन बताया, जो एक विकसित और समृद्ध लद्दाख के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण के अनुरूप है.
लद्दाख के पांच नए जिलों में कौन-कौन इलाके शामिल?
केंद्र सरकार ने 25 अगस्त, 2025 को जनता की मांग के जवाब में लद्दाख के लिए पांच नए जिलों - चांगथांग, जांस्कर, नुब्रा, शाम और द्रास - को मंजूरी दी थी, जिससे केंद्र शासित प्रदेश में जिलों की कुल संख्या बढ़कर सात हो गई थी. ये पांच नए जिले मौजूदा लेह और कारगिल जिलों में जुड़ जाएंगे, जिससे केंद्र शासित प्रदेश में जिलों की कुल संख्या सात हो जाएगी. यह इस क्षेत्र की प्रमुख मांगों में से एक को पूरा करता है.
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उपराज्यपाल ने नए जिलों के निर्माण को बताया ऐतिहासिक फैसला
यह घोषणा उपराज्यपाल (LG) विनय कुमार सक्सेना की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के माध्यम से की गई. पोस्ट में घोषणा की गई कि नए जिलों के लिए अधिसूचना को मंजूरी दे दी गई है, जिससे केंद्र शासित प्रदेश में जिलों की कुल संख्या दो से बढ़कर अब सात हो गई है.
पोस्ट के अनुसार, नए जिलों के निर्माण से शासन के विकेंद्रीकरण में मदद मिलेगी और सार्वजनिक सेवाओं की तेज डिलीवरी सुनिश्चित होगी, विशेष रूप से दूरदराज के क्षेत्रों में. इसमें आगे कहा गया कि इस कदम से विकास, रोजगार और उद्यमिता के अवसर पैदा होने की उम्मीद है.

पीएम मोदी की सोच के अनुरूप है यह कदमः उपराज्यपाल
उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने पोस्ट में आगे कहा, &amp;lsquo;लद्दाख के लिए यह एक ऐतिहासिक दिन है. मैंने पांच नए जिलों के निर्माण के लिए अधिसूचना को मंजूरी दे दी है. यह फैसला जिसे अगस्त 2024 में माननीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में गृह मंत्रालय द्वारा पहले ही मंजूरी दी जा चुकी थी, जमीनी स्तर पर शासन को मजबूत करेगा और सार्वजनिक सेवाओं की तेज डिलीवरी सुनिश्चित करेगा. उम्मीद है कि इस कदम से विकास, रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर पैदा होंगे.&amp;rsquo;
इस पोस्ट में, यह मानते हुए कि इस फैसले से केंद्र शासित प्रदेश के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हुई है, उपराज्यपाल ने कहा कि प्रशासनिक सुधार का मकसद जमीनी स्तर पर शासन को मजबूत करना है. साथ ही, इस सोच का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देते हुए कहा गया, &amp;lsquo;यह कदम लद्दाख के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच के अनुरूप है.&amp;rsquo;
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        <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 10:30:27 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>LoC के पास बसे गांव केरन में सरकारी अधिकारी का निधन, अंतिम संस्कार के लिए सीमा पार से भी जुटे परिवार के लोग</title>
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        <description><![CDATA[ साल 1947 के बंटवारे के बाद दुनिया के नक्शे पर भारत और पाकिस्तान दो अलग देशों के रूप में तो नजर बनाए, लेकिन राजनीति ने सीमा रेखाओं और कश्मीर घाटी में नियंत्रण रेखा (LoC) के दोनों ओर परिवारों के बंटवारे की एक मानवीय समस्या खड़ी कर दी. इस मानवीय बंटवारे का एक उदाहरण उत्तरी कश्मीर में नियंत्रण रेखा (LoC) के पास बसे एक दूरदराज के गांव केरन में सामने आया, जहां एक सेवारत सरकारी अधिकारी का अंतिम संस्कार दशकों पुराने उस बंटवारे की एक मार्मिक याद बन गई, जिसे मौत भी नहीं मिटा सकी.
दुख और जुदाई के इस माहौल में, केरन (भारत) और नीलम (POK) दोनों इलाकों के लोग किशनगंगा नदी के किनारे बसे एक दूरदराज के गांव में इकट्ठा हुए, ताकि उस व्यक्ति की अंतिम प्रार्थना में शामिल हो सकें, जिसका परिवार इसी नदी के कारण दो हिस्सों में बंट गया था.
गांदरबल जिले में नायब तहसीलदार के पद पर तैनात था मृतक
जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले में नायब तहसीलदार के पद पर तैनात राजा लियाकत अली खान का शनिवार (23 अप्रैल, 2026) को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया. वे पिछले कई दिनों से शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में अपना इलाज करवा रहे थे. उनकी मौत से उनके पैतृक गांव में शोक की लहर दौड़ गई, लेकिन इसके बाद जो हुआ उसने एक और भी गहरी त्रासदी को उजागर कर दिया.
जैसे ही अंतिम यात्रा किशनगंगा नदी के किनारे-किनारे गांव से होकर गुजरी, खान के रिश्तेदार LoC के दूसरी तरफ असहाय खड़े रहे. वे भारी सुरक्षा वाली नियंत्रण रेखा (LoC) के कारण उनसे अलग हो गए थे. वहीं, LoC के दूसरी तरफ &#039;नीलम&#039; के नाम से जानी जाने वाली यह नदी न सिर्फ एक भौगोलिक सीमा थी, बल्कि यह एक गहरी भावनात्मक खाई का भी प्रतीक थी.
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परिवार के करीबी सदस्य 1990 में देश छोड़कर चले गए थे सीमा पार
स्थानीय लोगों ने बताया कि खान के परिवार के कई करीबी सदस्य, जिनमें उनके पिता, भाई-बहन और अन्य रिश्तेदार शामिल थे, 1990 के दशक की शुरुआत में ही सीमा पार करके दूसरी तरफ चले गए थे. हालांकि, एक समय ऐसा भी आया था जब वे खुद भी सीमा पार करके LoC के दूसरी तरफ चले गए थे, लेकिन बाद में वे वापस लौट आए और उन्होंने इसी तरफ रहकर अपनी जिंदगी और अपनी सरकारी सेवा जारी रखी. सोशल मीडिया के जरिए उनकी मौत की खबर मिलते ही वे सभी सीमा के दूसरी तरफ नदी के किनारे इकट्ठा हो गए, ताकि अंतिम यात्रा की एक आखिरी झलक पा सकें.

नदी के दोनों किनारों पर शोक मनाते दिखे लोग
प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों और ऑनलाइन वायरल हो रहे वीडियो में नदी के दोनों किनारों पर शोक मनाते हुए लोग दिखाई दिए. जब केरन की तरफ अंतिम प्रार्थनाएं चल रही थीं, तब दूसरी तरफ खड़े लोग नम आंखों से हाथ हिलाकर उन्हें विदाई दे रहे थे. कुछ वीडियो के साथ-साथ भावुक कर देने वाले गीत भी बज रहे थे, जो इस दुख और जुदाई के एहसास को और भी गहरा कर रहे थे.
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        <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 10:30:26 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>LoC, के, पास, बसे, गांव, केरन, में, सरकारी, अधिकारी, का, निधन, अंतिम, संस्कार, के, लिए, सीमा, पार, से, भी, जुटे, परिवार, के, लोग</media:keywords>
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        <title>यूपी, एमपी और महाराष्ट्र के लिए खुशखबरी, दो नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों की होगी शुरुआत, देखें पूरा रूट</title>
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        <description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच सफर करने वाले लोगों को रेलवे ने खुशखबरी दी है. भारतीय रेलवे अब लेकर आ रहा है दो नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें, जो न सिर्फ सस्ती होंगी बल्कि पहले से ज्यादा आरामदायक भी होगी. रेलवे ने लोकल कनेक्टिविटी को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए दो नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों की घोषणा की है. इनमें एक डेली ट्रेन बनारस से हडपसर (पुणे) और एक साप्ताहिक ट्रेन अयोध्या से मुंबई (लोकमान्य तिलक टर्मिनस) के बीच चलाई जाएगी. इन ट्रेनों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मंगलवार, 28 अप्रैल को हरी झंडी दिखाएंगे.
रेलवे के मुताबिक इन नई ट्रेन सेवाओं का मकसद है कि उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच यात्रा को ज्यादा सुलभ, किफायती और आरामदायक बनाना है. खास तौर पर यह सुविधा प्रवासी श्रमिकों और तीर्थयात्रियों के लिए बेहद फायदेमंद होंगी.&amp;nbsp;
अमृत भारत एक्सप्रेस की खासियत&amp;nbsp;अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को खास तौर से लोअर और मिडिल इनकम आय वर्ग के यात्रियों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया था. ये पूरी तरह नॉन-एसी ट्रेनें हैं, जिनमें जनरल और स्लीपर कोच शामिल हैं. इन ट्रेनों में मॉडर्न और आरामदायक सीट और बर्थ डिजाइन, सीसीटीवी निगरानी और इमरजेंसी टॉक-बैक सिस्टम, फायर सेफ्टी के लिए एयरोसोल आधारित सिस्टम, मोबाइल चार्जिंग के लिए USB Type-A और Type-C पोर्ट, बेहतर लाइटिंग और साफ-सुथरे टॉयलेट और दिव्यांगजन के लिए उनके अनुकूल सुविधाएं शामिल हैं.&amp;nbsp;&amp;nbsp;बनारस&amp;ndash;हडपसर (पुणे) अमृत भारत एक्सप्रेस
यह ट्रेन बनारस से शुरू होकर लगभग 30 घंटे में पुणे (हडपसर) पहुंचेगी और कुल 18 स्टेशनों पर रुकेगी. शाम सवा 6 बजे ये ट्रेन बनारस स्टेशन से रवाना होकर दूसरे दिन रात 12 बजकर 10 मिनट पर हडपसर पहुंचेगी. इस ट्रेन का स्टॉपेज प्रयागराज, झांसी, भोपाल (रानी कमलापति), इटारसी, भुसावल, जलगांव, मनमाड, कोपरगांव, दौंड होंगे. रेलवे का मानना है कि इस रूट का फायदा ये होगा कि काशी विश्वनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी और यूपी और एमपी के प्रवासी मजदूरों को पुणे तक सीधी कनेक्टिविटी मिल सकेगी. साथ ही, किसानों और व्यापारियों को महाराष्ट्र के बाजारों तक पहुंच आसान हो जाएगी. वहीं शिरडी जाने वाले यात्रियों के लिए बेहतर विकल्प के तौर पर ये ट्रेन काम करेगी.&amp;nbsp;
अयोध्या&amp;ndash;मुंबई (LTT) अमृत भारत एक्सप्रेस
यह साप्ताहिक ट्रेन अयोध्या कैंट से चलकर लगभग 28 घंटे में मुंबई (लोकमान्य तिलक टर्मिनस) पहुंचेगी. बुधवार की दोपहर 1 बजकर 50 मिनट पर ये ट्रेन अयोध्या कैंट से रवाना होगी और अगले दिन गुरुवार को दोपहर 3 बजकर 45 मिनट पर मुंबई पहुंचेगी. जबकि मुंबई से मंगलवार को सुबह 7 बजकर 55 मिनट कर ये ट्रेन रवाना होगी और अगले दिन सुबह सवा 10 बजे अयोध्या कैंट पहुंचेगी. इस ट्रेन के मुख्य स्टॉपेज, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, प्रयागराज, सतना, जबलपुर, इटारसी, भुसावल, नासिक रोड, कल्याण और ठाणे होंगे.&amp;nbsp;
देश में अमृत भारत एक्सप्रेस की संख्या 66 हुई
रेलवे का मानना है कि इस रूट के फायदे ये होंगे कि राम मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सीधी ट्रेन सेवा होगी. साथ ही मुंबई में काम करने वाले यूपी के लाखों प्रवासी श्रमिकों को इससे फायदा पहुंचेगा, और यात्रा लागत और समय में कमी होगी. साथ ही त्योहारों और पारिवारिक यात्राओं में सुविधा मिलेगी. इन दोनों नई ट्रेनों के शुरू होने के बाद देश में अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों की कुल संख्या बढ़कर 66 हो जाएगी.
रेलवे ने इन दो नई ट्रेनों के बारे में कहा है कि जहां एक ओर ये ट्रेनें प्रमुख तीर्थ स्थलों को जोड़ती हैं, वहीं दूसरी ओर रोजगार, व्यापार और शिक्षा के अवसरों को भी बढ़ावा देती हैं. जैसे वंदे भारत ट्रेनों ने प्रीमियम यात्रा को नया रूप दिया है, वैसे ही अमृत भारत एक्सप्रेस आम यात्रियों के लिए सस्ती और आरामदायक लंबी दूरी की यात्रा का नया विकल्प बनकर उभर रही है. ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 10:30:24 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>यूपी, एमपी, और, महाराष्ट्र, के, लिए, खुशखबरी, दो, नई, अमृत, भारत, एक्सप्रेस, ट्रेनों, की, होगी, शुरुआत, देखें, पूरा, रूट</media:keywords>
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        <title>भारत से भूटान के लिए लग्जरी ट्रेन चलाएगी रेलवे, कई ऐतिहासिक जगहों का कर सकेंगे टूर, IRCTC ने बताया प्लान</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/भारत-से-भूटान-के-लिए-लग्जरी-ट्रेन-चलाएगी-रेलवे-कई-ऐतिहासिक-जगहों-का-कर-सकेंगे-टूर-irctc-ने-बताया-प्लान</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/भारत-से-भूटान-के-लिए-लग्जरी-ट्रेन-चलाएगी-रेलवे-कई-ऐतिहासिक-जगहों-का-कर-सकेंगे-टूर-irctc-ने-बताया-प्लान</guid>
        <description><![CDATA[ अगर आप पहाड़ों की खूबसूरती, आध्यात्मिक स्थलों और विदेश यात्रा का सपना एक साथ पूरा करना चाहते हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है. Indian Railway Catering and Tourism Corporation यानी IRCTC ने&#039; भारत-भूटान मिस्टिक माउंटेन टूर&#039; नाम से एक खास लग्जरी यात्रा शुरू की है. यह यात्रा Bharat Gaurav Deluxe AC Tourist Train के जरिए कराई जाएगी.
सफदरजंग रेलवे स्टेशन से शुरू होगी यात्रा
यह पूरा टूर 13 रात और 14 दिन का होगा, जिसकी शुरुआत 5 मई 2026 से दिल्ली के सफदरजंग रेलवे स्टेशन से होगी. इस ट्रेन में करीब 150 यात्रियों के लिए AC I, AC II और AC III क्लास की सुविधा उपलब्ध होगी. खास बात ये भी है कि यात्री गाजियाबाद, अलीगढ़, कानपुर, लखनऊ और वाराणसी जैसे स्टेशनों से भी इस ट्रेन में सवार हो सकते हैं. यात्रा के दौरान सबसे पहले यात्री गुवाहाटी पहुंचेंगे, जहां वे कामाख्या मंदिर के दर्शन करेंगे. इसके बाद यात्रा आगे बढ़ेगी शिलांग और चेरापूंजी की ओर, जहां पर्यटक Nohkalikai Falls और Seven Sisters Falls जैसे खूबसूरत झरनों का नजारा देख पाएंगे.
कई ऐतिहासिक जगहों का कर सकेंगे टूर
भारत के पूर्वोत्तर हिस्से की सैर के बाद यह ट्रेन Hasimara पहुंचेगी. यहां से सड़क मार्ग के जरिए यात्रियों को भूटान के प्रवेश द्वार Phuentsholing ले जाया जाएगा. भूटान में यह टूर Thimphu, Punakha और Paro जैसे प्रमुख शहरों को कवर करेगा. यहां पर्यटक Tashichho Dzong, Punakha Dzong और मशहूर Taktsang Monastery यानी टाइगर नेस्ट मठ के दर्शन कर सकेंगे. साथ ही Dochula Pass जैसे खूबसूरत पहाड़ी दर्रे का अनुभव भी इस यात्रा का हिस्सा होगा.
इस लग्ज़री ट्रेन में यात्रियों के आराम का पूरा ध्यान रखा गया है. इसमें डीलक्स केबिन, बेहतरीन खाने-पीने की व्यवस्था, शॉवर, आधुनिक सुविधाएं और सुरक्षा के खास इंतजाम किए गए हैं. साथ ही, यात्रियों को गाइडेड टूर, होटल में ठहरने, खाने-पीने और ट्रैवल इंश्योरेंस जैसी सुविधाएं भी पैकेज में शामिल मिलेंगी.
कितना होगा किराया?
अगर किराए की बात करें तो AC I के लिए करीब 1 लाख 41 हजार रुपये, AC II के लिए 1 लाख 33 हजार रुपये और AC III के लिए लगभग 1 लाख 16 हजार रुपये प्रति व्यक्ति खर्च आएगा. इस टूर की बुकिंग IRCTC Tourism Portal पर &#039;पहले आओ, पहले पाओ&#039; के आधार पर की जा रही है. कुल मिलाकर, यह टूर उन लोगों के लिए एक बेहतरीन मौका है, जो कम समय में भारत और भूटान दोनों की खूबसूरती और संस्कृति को करीब से देखना चाहते हैं. ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 10:30:23 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>घरेलू कलह में पति का महिला वकील पर जानलेवा हमला, SC ने लिया स्वत: संज्ञान, दिल्ली पुलिस कमिश्नर को भी सख्त निर्देश</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/घरेलू-कलह-में-पति-का-महिला-वकील-पर-जानलेवा-हमला-sc-ने-लिया-स्वत-संज्ञान-दिल्ली-पुलिस-कमिश्नर-को-भी-सख्त-निर्देश</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/घरेलू-कलह-में-पति-का-महिला-वकील-पर-जानलेवा-हमला-sc-ने-लिया-स्वत-संज्ञान-दिल्ली-पुलिस-कमिश्नर-को-भी-सख्त-निर्देश</guid>
        <description><![CDATA[ दिल्ली में एक महिला वकील पर उसके पति के जानलेवा हमले और उसके बाद इलाज में अस्पतालों की लापरवाही पर सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लिया है. कोर्ट ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर से एसीपी या डीसीपी रैंक की महिला अधिकारी को जांच सौंपने को कहा और पीड़िता के लिए मुआवजे का भी आदेश दिया.
कोर्ट को बताया गया कि पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है. चार अस्पतालों में से सिर्फ एक ने उसे फर्स्ट एड दिया. बाकी ने इलाज नहीं किया. एम्स में इलाज के बाद महिला की स्थिति में सुधार आया है. वह अब एक निजी अस्पताल में है. महिला की 12 साल की बड़ी बेटी उसके साथ है. चार साल और एक साल की बेटियों को दादा-दादी ले गए हैं. कोर्ट ने कहा कि महिला का स्वास्थ्य बेहतर होने के बाद बाकी दोनों बेटियां भी उन्हें दिलवाई जाएंगी.
सुप्रीम कोर्ट ने महिला वकील पर उसके पति के क्रूर हमले का सोमवार (27 अप्रैल, 2026) को संज्ञान लिया और दिल्ली पुलिस आयुक्त को जांच किसी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, अधिमानतः एसीपी या डीसीपी रैंक की महिला अधिकारी को सौंपने का निर्देश दिया.
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए जांच अधिकारी को तीन अस्पतालों की ओर से पीड़िता को भर्ती करने से इनकार करने संबंधी पहलू की जांच करने का भी निर्देश दिया. पुलिस की ओर से पेश हुईं अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने बेंच को बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पीड़िता के पति को 25-26 अप्रैल की दरमियानी रात गिरफ्तार कर लिया गया था.
यह भी पढ़ें:- मर्जी से साथ रहे, बच्चा पैदा किया तो ये रेप कैसे? लिव-इन पार्टनर पर यौन-उत्पीड़न के आरोप लगा रही महिला से SC ने पूछा
बेंच ने कहा कि तत्काल हस्तक्षेप के अनुरोध वाले एक पत्र के बाद उसने मामले में स्वतः संज्ञान लिया. सुप्रीम कोर्ट ने कई निर्देश जारी करते हुए कहा कि शिकायत में पीड़िता के ससुराल वालों पर आरोप है कि वे उसके दो नाबालिग बच्चों को अपने साथ ले गए हैं और उनका पता नहीं चल पा रहा है.
बेंच ने पुलिस को दोनों बच्चों का पता लगाने का निर्देश दिया. बेंच ने जांच अधिकारी को जांच की स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है. सोनिया विहार के निवासी आरोपी मनोज कुमार को रविवार को खजूरी खास इलाके से गिरफ्तार किया गया.&amp;nbsp;
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पुलिस ने बताया कि मनोज कुमार ने 38 वर्षीय पत्नी पर 22 अप्रैल को किसी धारदार चीज से हमला किया था. पुलिस ने कहा, &#039;पूछताछ के दौरान, मनोज कुमार ने जुर्म कबूल कर लिया और पुलिस को बताया कि उसने एक पारिवारिक विवाद के बाद अपनी पत्नी पर हमला किया.&#039; पुलिस ने बताया कि हमले का कारण घरेलू कलह माना जा रहा है, हालांकि जांचकर्ता सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं.
&amp;nbsp;
(निपुण सहगल के इनपुट के साथ) ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 18:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>घरेलू, कलह, में, पति, का, महिला, वकील, पर, जानलेवा, हमला, ने, लिया, स्वत:, संज्ञान, दिल्ली, पुलिस, कमिश्नर, को, भी, सख्त, निर्देश</media:keywords>
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        <title>&amp;apos;केस लंबा चलेगा और आप 80 साल की हैं, अच्छा होगा कि...&amp;apos;, संपत्ति विवाद में करिश्मा कपूर के एक्स हसबैंड की मां को SC की सलाह</title>
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        <description><![CDATA[ एक्ट्रेस करिश्मा कपूर के एक्स हसबैंड और बिजनेसमैन संजय कपूर की करोड़ों की संपत्ति को लेकर चल रहा पारिवारिक विवाद अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है. संजय कपूर की मां रानी कपूर की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने प्रिया कपूर सचदेव समेत 22 पक्षकारों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.&amp;nbsp;&amp;nbsp;
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब तक विरासत से जुड़ा कानूनी विवाद चलता रहेगा, तब तक संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए. कोर्ट ने इस विरासत विवाद में शामिल अन्य पक्षों के साथ करिश्मा कपूर के बच्चों को भी नोटिस जारी किया है.&amp;nbsp;
बताया जा रहा है कि रानी कपूर ने अपनी याचिका में मांग की है कि संजय कपूर की संपत्तियों, एस्टेट और दूसरी परिसंपत्तियों में किसी भी तरह के हस्तक्षेप पर रोक लगाई जाए. उनका कहना है कि जब तक पूरा मामला अदालत में लंबित है, तब तक संपत्ति को सुरक्षित रखा जाना बेहद जरूरी है. याचिका में आशंका भी जताई गई कि अगर समय रहते संपत्ति को संरक्षित नहीं किया गया, तो उसके बिखरने या गलत तरीके से इस्तेमाल होने का खतरा भी है.
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सुप्रीम कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रिया कपूर सचदेव सहित 22 लोगों को नोटिस जारी किया है और उनसे जवाब मांगा है. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस दौरान दोनों पक्षों को यह सलाह भी दी कि वे आपसी सहमति और मध्यस्थता के जरिए विवाद को सुलझाने की कोशिश करें.
सुप्रीम कोर्ट ने रानी कपूर के वकील से कहा कि यह मामला लंबा चल सकता है और उनकी क्लाइंट की उम्र 80 साल है इसलिए उन्हें आपसी समझौते की दिशा में प्रयास करना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि मामला लंबा चल खिंच सकता है इसलिए बेहतर होगा कि पक्षकार आपसी सहमति से विवाद को सुलझाएं. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह मेरिट पर मामले की सुनवाई करेगा और अब सुनवाई अगले हफ्ते होगी.&amp;nbsp;
रानी कपूर ने अपनी याचिका में दिल्ली हाईकोर्ट के आदेशों को भी चुनौती दी है. उनका कहना है कि अब तक हाईकोर्ट की तरफ से संपत्ति और एस्टेट को सुरक्षित रखने के लिए कोई ठोस आदेश जारी नहीं किया गया है. इसी वजह से उन्हें सुप्रीम कोर्ट का रुख करना पड़ा.
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यह पूरा विवाद संजय कपूर के निधन के बाद शुरू हुआ. रिपोर्ट्स के मुताबिक, संजय कपूर अपने पीछे करीब 30 हजार करोड़ रुपए की बड़ी संपत्ति छोड़ गए हैं. इसी संपत्ति और वसीयत को लेकर बहन मंधिरा कपूर का दावा है कि वसीयत में कई गड़बड़ियां हैं और इसमें परिवार के कुछ सदस्यों, खासकर करिश्मा कपूर और उनके बच्चों के अधिकारों को नजरअंदाज किया गया है. वहीं दूसरी तरफ प्रिया कपूर सचदेव की ओर से कहा गया कि वह कानूनी प्रक्रिया के तहत काम कर रही हैं और उन पर लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद हैं. ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 18:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>तेलंगाना में भीषण गर्मी का अलर्ट, कई जिलों में लू की चेतावनी; बारिश को लेकर क्या है अपडेट</title>
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        <description><![CDATA[ Telangana Weather: तेलंगाना में गर्मी ने अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है. राजधानी हैदराबाद में मौसम विज्ञान केंद्र की प्रमुख डॉ. के. नागरत्ना ने कहा कि राज्य के कई हिस्सों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है और आने वाले दिनों में लू चलने की संभावना है. उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश से लेकर कोमोरिन क्षेत्र तक फैला एक ट्रफ, जो आंतरिक कर्नाटक होते हुए तमिलनाडु तक पहुंच रहा है, वर्तमान मौसम की स्थिति को प्रभावित कर रहा है.
इस ट्रफ के प्रभाव और उत्तर-पश्चिमी हवाओं के चलते उत्तरी तेलंगाना में लू की स्थिति बनने की संभावना है. विशेष रूप से आदिलाबाद, कुमुराम भीम, निर्मल, निजामाबाद, जगतियाल और राजन्ना सिरसिला जिलों में आज सोमवार (27 अप्रैल, 2026) को लू चलने का अनुमान है. वहीं, अगले दिन यानी मंगलवार (28 अप्रैल, 2026) को आदिलाबाद, निर्मल, निजामाबाद और कुमुराम भीम में भी ऐसी ही स्थिति बनी रह सकती है.
मौसम विभाग ने बताया कहां कैसी रहेगी स्थिति?
मौसम विभाग के अनुसार राज्य के कई जिलों में तापमान 41 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है. कामारेड्डी, मेदक, संगारेड्डी, करीमनगर और वारंगल जैसे क्षेत्रों में भी अगले दो दिनों में तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. राजधानी हैदराबाद और आसपास के इलाकों में भी गर्मी का असर साफ दिखाई देगा, जहां तापमान 39 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है.
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कहीं बारिश, तो कहीं आंधी के भी आसार
हालांकि, इस भीषण गर्मी के बीच दक्षिण तेलंगाना के कुछ हिस्सों के लिए राहत भरी खबर भी है. महबूबनगर और नागरकुरनूल जिलों में आज और कल छिटपुट स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है. इसके साथ ही कुछ इलाकों में गरज-चमक और आंधी भी आ सकती है. वहीं, नलगोंडा जिले के कुछ हिस्सों में भी अगले दिन हल्की बारिश और बिजली कड़कने के साथ आंधी की संभावना है.

मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और सतर्क रहने की सलाह दी है. लगातार बढ़ते तापमान के बीच स्वास्थ्य को लेकर सावधानी बरतना बेहद जरूरी बताया गया है.
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        <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 18:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>सबूत से छेड़छाड़ मामले में एंटनी राजू को नहीं मिली सुप्रीम कोर्ट से राहत, सजा रहेगी बरकरार</title>
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        <description><![CDATA[ सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (27 अप्रैल, 2026) को केरल के पूर्व मंत्री एंटनी राजू की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने 1990 के सबूत से छेड़छाड़ के एक चर्चित मामले में अपनी सजा पर रोक लगाने की मांग की थी.
जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने केरल हाईकोर्ट के उस आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया, जिसमें उनकी सजा पर रोक लगाने से मना किया गया था. इस फैसले के बाद ट्रायल कोर्ट की ओर से सुनाई गई और अपीलीय अदालत से बरकरार सजा प्रभावी बनी रहेगी.
पूर्व परिवहन मंत्री एंटनी राजू सत्तारूढ़ लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) में शामिल पार्टी जनाधिपत्य केरल कांग्रेस के एकमात्र विधायक थे. जनवरी 2026 से वह विधायक नहीं रह गए हैं. उन्हें नेदुमंगड ज्यूडिशियल फर्स्ट क्लास मजिस्ट्रेट कोर्ट ने तीन साल की सजा सुनाई थी. यह मामला 1990 का है, जब ऑस्ट्रेलियाई नागरिक एंड्रयू साल्वाटोर सेर्वेली को तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डे पर 61.5 ग्राम नशीले पदार्थ के साथ गिरफ्तार किया गया था, जिसे उसने अंर्तवस्त्र में छिपाया था.
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उस समय युवा वकील एंटनी राजू ने सर्वेली का केस लड़ा था. निचली अदालत ने सर्वेली को दोषी ठहराया था, वहीं बाद में केरल हाईकोर्ट ने सर्वेली को बरी कर दिया. अदालत ने पाया कि सबूत के तौर पर पेश किया गया अंर्तवस्त्र बहुत छोटा था, जिससे अभियोजन पक्ष के मामले पर गंभीर संदेह पैदा हो गया.
ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों से मिली जानकारी के आधार पर की गई बाद की जांचों में यह आरोप सामने आए कि अदालत की हिरासत के दौरान भौतिक सबूतों के साथ छेड़छाड़ की गई थी. आखिरकार 1994 में राजू और एक अदालत के क्लर्क के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया गया, जिसके बाद लंबी जांच के बाद 2006 में आरोप पत्र दाखिल किया गया.
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नवंबर 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने केरल हाईकोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें तकनीकी आधार पर आपराधिक कार्यवाही समाप्त कर दी गई थी. इसके साथ ही कोर्ट ने अभियोजन को फिर से शुरू करने का निर्देश दिया था और कहा कि मुकदमा एक साल के भीतर पूरा किया जाए.
राजू को आपराधिक साजिश, सबूतों को नष्ट करने, झूठे सबूत गढ़ने और संबंधित अन्य अपराधों के आरोपों में दोषी ठहराया गया. हालांकि सत्र न्यायालय ने सजा पर फिलहाल रोक लगाई थी, लेकिन दोषसिद्धि को बरकरार रखा था.
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        <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 18:30:09 +0530</pubDate>
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        <title>पश्चिम बंगाल में मिताली बाग पर हमले से सियासत गरम, TMC ने BJP पर लगाए गंभीर आरोप, जानें पूरा मामला</title>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच हिंसा का मामला सामने आया है. TMC ने आरोप लगाया है कि बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने पार्टी सांसद मिताली बाग के काफिले पर हमला किया, जब वह पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी की रैली में शामिल होने आरामबाग जा रही थीं. हमले में घायल होने के बाद मिताली बाग को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है. अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल इलाके में स्थिति शांत है और सुरक्षा बल तैनात हैं.
TMC का आरोप- &#039;जानलेवा हमला&#039;TMC ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दावा किया कि मिताली बाग की कार में तोड़फोड़ की गई, विंडशील्ड तोड़ी गई और कांच के टुकड़े उनके शरीर में घुस गए. पार्टी ने इसे &#039;उनकी जान लेने की कोशिश&#039; बताया और आरोप लगाया कि यह हमला बीजेपी कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया.

अमित शाह पर सीधे आरोपTMC ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उनके &#039;भड़काऊ भाषण&#039; के बाद ही यह घटना हुई. पार्टी का आरोप है कि शाह ने मंच से नेताओं और कार्यकर्ताओं को धमकाया था, और उसी का नतीजा सड़क पर देखने को मिला.
आरामबाग सीट का राजनीतिक समीकरणआरामबाग सीट फिलहाल बीजेपी के मधुसूदन बाग के पास है, जिन्होंने 2021 में TMC की सुजाता मंडल को 7,172 वोटों से हराया था. यह सीट पहले CPI(M) का गढ़ रही है. इस बार यहां बीजेपी ने हेमंत बाग को उतारा है, जबकि TMC की ओर से मीता बाग मैदान में हैं और CPI(M) की बिथिका पंडित भी चुनाव लड़ रही हैं.
यह भी पढ़ें: &amp;lsquo;संदेश&#039; में सियासत, बंगाल चुनाव 2026 में मिठाइयों पर TMC-BJP के सिंबल, 142 सीटों की जंग में &amp;lsquo;डेमोक्रेसी का स्वाद&amp;rsquo;यह भी पढ़ें: रवि किशन ने पश्चिम बंगाल चुनाव पर कहा- यहां एक अलग बांग्लादेश बन रहा है
पुलिस कार्रवाई और चुनावी माहौलइससे पहले जगतदल पुलिस स्टेशन के बाहर TMC और BJP समर्थकों के बीच हुई हिंसक झड़प के मामले में West Bengal Police ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है. राज्य में दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होना है, जबकि वोटों की गिनती 4 मई को होगी. ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 18:30:07 +0530</pubDate>
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        <title>राघव चड्ढा ने चाय पर बुलाया, साहनी ने किया फोन, फिर भी नहीं बदला पाला... AAP के वो इकलौते सांसद कौन?</title>
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        <description><![CDATA[ आम आदमी पार्टी (AAP) के 7 राज्यसभा सांसदों ने दो दिन पहले शुक्रवार (24 अप्रैल, 2026) को भारतीय जनता पार्टी (BJP) में विलय करने की घोषणा की थी, जिसमें राघव चड्ढा, स्वाती मालिवाल, हरभजन सिंह समेत अन्य शामिल थे. इस कुल सात राज्यसभा सांसदों में से 6 सांसद अकेले पंजाब से थे, जहां इस वक्त मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार है. हालांकि, AAP के खाते में पंजाब से कुल 7 राज्यसभा सांसद थे, जिसमें से 6 सांसदों ने पार्टी के इस्तीफा देकर बीजेपी का साथ जुड़ गए.
इस बीच आप के जिस इकलौते सांसद ने पार्टी से किनारा नहीं किया, उनका नाम बलबीर सिंह सीचेवाल है. जालंधर जिल के पद्मश्री से सम्मानित पर्यावरणविद् और आध्यात्मिक नेता सीचेवाल ने रविवार (26 अप्रैल, 2026) को यह जानकारी साझा की कि उन्होंने पहले क्या जानकारी थी और उन्होंने मना क्यों किया?
साहनी ने फोन पर बताया था कई लोग साइन कर चुके हैं- सीचेवाल
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, आम आदमी पार्टी के पंजाब से राज्यसभा के इकलौते बचे सांसद बलबीर सिंह सीचेवाल ने स्थानीय मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें पहले ही संपर्क किया गया था. उन्होंने कहा, &amp;lsquo;विक्रम साहनी का फोन आया था. उन्होंने कहा कि वह एक स्वतंत्र समूह बना रहे हैं और कई लोग इसमें शामिल हो चुके हैं. उन्होंने मुझे भी साइन करने के लिए कहा, लेकिन मैंने उन्हें मना कर दिया. मुझे इसमें कोई रुचि नहीं थी.&amp;rsquo;
उन्होंने यह भी कहा कि साहनी ने कहा था कि जिन लोगों ने साइन किया है, उनमें यूनिवर्सिटी वाले भी शामिल हैं. उनका इशारा अशोक कुमार मित्तल की तरफ था, जो लवली प्रोफेसनल यूनिवर्सिटी (LPU) के फाउंडर हैं. वे शुक्रवार (24 अप्रैल, 2026) को हुए ऐलान के दौरान समूह नेता राघव चड्ढा और संदीप पाठक के साथ मौजूद थे.

चाय का निमंत्रण पहले कभी नहीं दिया- सीचेवाल
रिपोर्ट के मुताबिक, चाय पर चर्चा की खबरों के बीच, सीचेवाल ने 16 से 18 अप्रैल के संसद सत्र के दौरान हुई एक पुरानी बातचीत को याद किया. उन्होंने कहा, &amp;lsquo;राघव चड्ढा ने कहा कि बाबा जी, आइए हम आपको चाय पिलाते हैं, बैठते हैं.&amp;rsquo; इस पर मैंने जवाब देते हुए कहा, &amp;lsquo;आप लोग ही पी लीजिए. हालांकि, यह पहली बार था, जब उन्होंने मुझे चाय के लिए बुलाया था. इससे पहले कभी नहीं.&amp;rsquo; जब उनसे पूछा गया कि क्या कभी दलबदल को लेकर कोई चर्चा हुई थी, तो उन्होंने साफ कहा कि नहीं, किसी ने नहीं की. अगर कोई ऐसा कहता है, तो वह झूठ बोल रहा है.&amp;rsquo;
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        <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 06:30:11 +0530</pubDate>
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        <title>ब्लैक मनी पर सर्जिकल स्ट्राइक! 3.12 लाख करोड़ रुपए की संपत्ति से जुड़ा मामला, एक्शन में आयकर विभाग</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/ब्लैक-मनी-पर-सर्जिकल-स्ट्राइक-312-लाख-करोड़-रुपए-की-संपत्ति-से-जुड़ा-मामला-एक्शन-में-आयकर-विभाग</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/ब्लैक-मनी-पर-सर्जिकल-स्ट्राइक-312-लाख-करोड़-रुपए-की-संपत्ति-से-जुड़ा-मामला-एक्शन-में-आयकर-विभाग</guid>
        <description><![CDATA[ देश के कई राज्यों में हुए 3.12 लाख करोड़ रुपये के संपत्ति सौदे इस वक्त आयकर विभाग की जांच के दायरे में हैं. आयकर विभाग की जांच में सामने आया यह आंकड़ा काफी बड़ा है, जो कथित तौर पर काले धन की ओर इशारा करता हैं. विभाग जिन संपत्ति सौदों को लेकर जांच कर रही है, उसमें से अधिकांश गुरुग्राम, चंडीगढ़, फरीदाबाद, सोनीपत, करनाल और कुछ अन्य जिलों में काफी ज्यादा थे.
इस घटनाक्रम से परिचित लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, जम्मू और कश्मीर और लद्दाख में आयकर विभाग के सर्वेक्षणों और मौके पर किए गए सत्यापन से पता चला है कि पिछले एक साल में इन क्षेत्रों में 3.12 लाख करोड़ रुपये कीमत के 2.5 लाख से ज्यादा संपत्ति सौदे या तो दर्ज नहीं किए गए है, या फिर गलत पैन विवरण के साथ दर्ज किए गए हैं.
क्या है आयकर विभाग के नियम?
आयकर अधिनियम की धारा 285BA के तहत, बैंकों, उप-पंजीयक कार्यालयों (SROs), गैर-वित्तीय वित्तीय संस्थानों (NBFCs), म्यूचुअल फंडों आदि सहित रिपोर्टिंग प्राधिकारियों को करदाताओं की ओर से किए गए उच्च-मूल्य के लेन-देन, ब्याज भुगतान, लाभांश और अन्य संबंधित लेन-देन के संबंध में वित्तीय लेन-देन विवरण (SFTs) उनके स्थायी खाता संख्या (PAN) के साथ प्रस्तुत करना अनिवार्य है. वहीं, SROs को 30 लाख रुपये से अधिक के सभी अचल संपत्ति लेन-देन का विवरण देना वैधानिक रूप से अनिवार्य है. इसके बाद इस जानकारी का मिलान आयकर रिटर्न से किया जाता है.
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आयकर विभाग के अधिकारी ने दी जानकारी
आयकर विभाग के एक अधिकारी ने कहा, &amp;lsquo;सूचना और आपराधिक जांच निदेशालय, जो आयकर विभाग की एक इकाई है, ने 2025-26 में उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश राज्यों के साथ जम्मू-कश्मीर, चंडीगढ़ और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेशों में कुल 42 मौके पर सत्यापन किए, जिसमें से अधिकांश तहसील कार्यालयों में किए गए. इसका मुख्य उद्देश्य नामित रिपोर्टिंग प्राधिकारियों की ओर से उच्च-मूल्य के वित्तीय लेन-देन की रिपोर्टिंग में अनियमितताओं का पता लगाना और उन्हें दूर करना था.&amp;rsquo;
उन्होंने कहा, &amp;lsquo;मौजूदा रिकॉर्ड से प्राप्त आंकड़ों के क्षेत्रीय सत्यापन और विश्लेषण से पता चला है कि SROs ने 30 लाख रुपये से अधिक मूल्य के कई संपत्ति लेन-देन की जानकारी हीं नहीं दी या गलत पैन विवरण प्रदान किए हैं.&amp;rsquo;
31 लाख करोड़ की संपत्ति लेन-देन का भी खुलासा
वहीं, विभाग से संबंधित एक अन्य व्यक्ति ने कहा, &amp;lsquo;आयकर विभाग ने 25 लाख से अधिक ऐसे संपत्ति लेन-देन का पता लगाया है, जिनमें से कई गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, चंडीगढ़ और पंजाब के कई जिलों के तहसील कार्यालयों में दर्ज किए गए हैं और इन लेन-देन का अनुमानित कीमत 31 लाख करोड़ रुपये है.&amp;rsquo;

सूचना मिली है कि आयकर विभाग ने देश के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह का अभियान शुरू किया है. हालांकि, आंकड़ों का केंद्रीय संकलन नहीं किया गया है, लेकिन अधिकारियों ने संकेत दिया है कि पूरे भारत में इस तरह के संदिग्ध लेन-देन की कीमत 75 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है.
क्या मामले में एसआरओ अधिकारियों की भी है मिलीभगत?
वहीं, दूसरे अधिकारी ने कहा, &amp;lsquo;यह ज्ञात नहीं है कि SRO के अधिकारी इन सभी मामलों में करदाताओं के साथ शामिल हैं या नहीं, लेकिन इस तरह की अधूरी या गलत रिपोर्टिंग कर सत्यापन के उद्देश्य से आंकड़ों को अप्रभावी बना देती है और आयकर विभाग की उच्च मूल्य के लेन-देन पर नजर रखने और उचित कर अनुपालन सुनिश्चित करने की क्षमता को काफी हद तक बाधित करती है.&amp;rsquo;
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        <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 06:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>ब्लैक, मनी, पर, सर्जिकल, स्ट्राइक, 3.12, लाख, करोड़, रुपए, की, संपत्ति, से, जुड़ा, मामला, एक्शन, में, आयकर, विभाग</media:keywords>
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        <title>US और ईरान के संघर्ष के बीच भारत के लिए गुड न्यूज! मोदी सरकार न्यूजीलैंड के साथ साइन करेगी FTA</title>
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        <description><![CDATA[ एक तरफ दुनिया भर के देश मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष और तनाव की वजह से टेंशन में हैं. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में दोनों देशों की तनातनी ने वैश्विक व्यापार की स्थिति को और ज्यादा गंभीर बना दिया है. वहीं, इस बीच दुनिया के चौथे सबसे बड़े अर्थव्यवस्था वाले देश भारत के लिए एक गुड न्यूज सामने आई है और वो गुड न्यूज ये है कि भारत लंबे समय तक चली बातचीत और चर्चा के बाद आखिरकार न्यूजीलैंड के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर साइन करने वाला है. दोनों देशों के बीच यह बड़ा समझौता कल यानी सोमवार (27 अप्रैल, 2026) को फाइनल होगा. &amp;nbsp;
भारत मंडपम में होगा FTA पर साइन
न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत और न्यूजीलैंड की सरकारें इस बेहद महत्वपूर्ण समझौते पर सोमवार (27 अप्रैल, 2026) को साइन करेंगी. इस डील का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच हो रहे व्यापार को दोगुने स्तर पर पहुंचाना है. दोनों देशों के बीच एफटीए को लेकर लंबे वक्त से गंभीर चर्चा हुई है और ये बातचीत पिछले साल 22 दिसंबर, 2025 को पूरी हुई थी. दोनों देशों के बीच गहन चर्चा के खत्म होने के करीब चार महीने के बाद अब फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर साइन होने वाले हैं.&amp;nbsp;
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रिपोर्ट के मुताबिक, इस महत्वपूर्ण समझौते पर देश की राजधानी दिल्ली स्थित भारत मंडपम में साइन किए जाएंगे. इस दौरान केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार और निवेश मंत्री टॉड मैक्ले कार्यक्रम में उपस्थित होंगे. इस समझौते पर साइन होने के बाद भारतीय कंपनियों को न्यूजीलैंड में ड्यूटी-फ्री एक्सेस मिलेगी और अगले 15 सालों में इसके जरिए 20 अरब डॉलर का निवेश भारत में आएगा.

FTA से भारत को मिलेंगे ये फायदे
न्यूजीलैंड के साथ एफटीए पर साइन होने के बाद भारत में अगले 15 सालों में 20 अरब डॉलर का निवेश आएगा. भारतीय पेशेवरों के लिए अस्थायी रोजगार वीजा की सुविधा में बढ़ोत्तरी होगी, जबकि भारत की दवाओं और मेडिकल उपकरणों के निर्यात में भी आसानी होगी.
हालांकि, ध्यान देने वाली यह है कि भारत घरेलू किसानों और कृषि पर आधारित उद्योगों के हित में डेयरी और खाद्य तेल, सब्जी जैसी चीजों को इस मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की सीमा से बाहर रख रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, भारत और न्यूजीलैंड ने इस मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के जरिए अगले पांच सालों में अपने व्यापार को 5 अरब डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य निर्धारित किया है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 06:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>और, ईरान, के, संघर्ष, के, बीच, भारत, के, लिए, गुड, न्यूज, मोदी, सरकार, न्यूजीलैंड, के, साथ, साइन, करेगी, FTA</media:keywords>
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        <title>पूर्व सैनिकों की समस्याओं का मौके पर समाधान, स्पीयर कोर की पहल पर असम&amp;अरुणाचल सीमा पर भव्य सम्मेलन</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/पूर्व-सैनिकों-की-समस्याओं-का-मौके-पर-समाधान-स्पीयर-कोर-की-पहल-पर-असम-अरुणाचल-सीमा-पर-भव्य-सम्मेलन</link>
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        <description><![CDATA[ पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण तथा उनकी समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से भारतीय सेना की स्पीयरहेड डिवीजन, स्पीयर कोर के तत्वावधान में रविवार (26 अप्रैल, 2026) को लिकाबाली में एक भव्य मेगा वेटरन्स रैली का आयोजन किया गया. असम और अरुणाचल प्रदेश के राज्य और जिला प्रशासन के सहयोग से आयोजित इस रैली में 1,500 से अधिक पूर्व सैनिकों, वीर नारियों, सेवारत सैनिकों, शहीदों के परिजनों और आश्रितों ने भाग लिया.
यह रैली सिर्फ एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि पूर्व सैनिक समुदाय के साथ सेना के रिश्तों को और मजबूत करने, उनकी समस्याओं को सीधे सुनने और समाधान उपलब्ध कराने का एक महत्वपूर्ण मंच बनकर उभरी.
क्या था रैली का मुख्य उद्देश्य?
रैली का मुख्य उद्देश्य पेंशन वितरण में विसंगतियां, भूमि और कानूनी विवाद, दस्तावेज संबंधी परेशानियां और अन्य कल्याणकारी मुद्दों का समाधान करना था. इस मौके पर विभिन्न विभागों और एजेंसियों ने शिविर लगाकर पूर्व सैनिकों को मौके पर ही सहायता प्रदान की.
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राज्यपाल ने दी रैली को आर्मी आपके द्वार की संज्ञा दी
अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल के. टी. परनाइक (K. T. Parnaik) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे. उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे पूर्व सैनिक सम्मेलन सेना और वेटरन समुदाय के बीच संपर्क बनाए रखने का एक महत्वपूर्ण माध्यम हैं. उन्होंने इसे &amp;ldquo;आर्मी आपके द्वार&amp;rdquo; की संज्ञा देते हुए कहा कि इस पहल का मकसद सभी जरूरी सेवाएं और सुविधाएं एक ही मंच पर उपलब्ध कराना है, ताकि पूर्व सैनिकों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़े.
उन्होंने कहा कि देश के लिए कठिन परिस्थितियों में सेवा देने वाले सैनिकों और उनके परिवारों की देखभाल करना राष्ट्र का दायित्व है. उन्होंने पूर्व सैनिकों के पुनर्वास, दूसरी पारी में रोजगार के अवसर और राज्य सरकारों के साथ समन्वय कर उन्हें फिर से राष्ट्र निर्माण में जोड़ने पर भी जोर दिया.
अब अत्यधिक तकनीकी हो चुकी है सेनाः राज्यपाल
राज्यपाल केटी परनाइक ने अपने संबोधन में सेना में भर्ती के बदलते मानकों पर भी विस्तार से चर्चा की. उन्होंने कहा कि सेना अब अत्यधिक तकनीकी हो चुकी है और आधुनिक हथियार प्रणालियों और उपकरणों को संभालने के लिए न्यूनतम 10+2 शिक्षा आवश्यक हो गई है. उन्होंने समाज, अभिभावकों और सरकारों से युवाओं की शिक्षा सुनिश्चित करने की अपील की, ताकि वे भविष्य के अवसरों से वंचित न हों.
रैली में विभिन्न विभागों ने दिया सहयोग
रैली में राज्य सैनिक बोर्ड ईटानगर, जिला सैनिक कल्याण कार्यालय डिब्रूगढ़ और लखीमपुर, पीसीडीए गुवाहाटी, ईसीएचएस, रिकॉर्ड कार्यालयों, विभिन्न सरकारी एजेंसियों और बैंकों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर पेंशन, चिकित्सा, बैंकिंग और दस्तावेजों से जुड़ी समस्याओं के समाधान में सहयोग किया.

पूर्व सैनिकों को आर्मी वेलफेयर प्लेसमेंट ऑर्गनाइजेशन (Army Welfare Placement Organisation) के माध्यम से पुनर्वास योजनाओं, दूसरी पारी के रोजगार और पुनर्नियोजन के अवसरों के बारे में भी जानकारी दी गई. इसके अलावा, स्वास्थ्य सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए एक व्यापक चिकित्सा शिविर भी लगाया गया, जहां उपस्थित पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों की स्वास्थ्य जांच और परामर्श की व्यवस्था की गई.
समारोह में वीरों के परिजनों को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान वीर नारियों, वीर माताओं, वीर पुत्रियों, विशेष बच्चों और विशिष्ट पूर्व सैनिक उपलब्धि प्राप्तकर्ताओं को सम्मानित किया गया. यह समारोह आयोजन का भावनात्मक और प्रेरणादायक पहलू बनकर उभरा. कार्यक्रम में सैनिक स्कूल रकसीन के छात्रों और एनसीसी कैडेटों द्वारा देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया, जिसने आयोजन में उत्साह और ऊर्जा का संचार किया.
यह रैली पूर्व सैनिकों और वीर नारियों के सामने आने वाली नियमित चुनौतियों के समाधान का एक प्रभावी मंच साबित हुई. साथ ही इसने सेना और नागरिक प्रशासन की उस प्रतिबद्धता को दोहराया, जिसके तहत पूर्व सैनिकों के सम्मान, कल्याण और सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है. लिकाबाली में आयोजित यह मेगा वेटरन्स रैली भारतीय सेना के उस मानवीय और समर्पित दृष्टिकोण की मिसाल बनकर सामने आई, जिसमें सेवा समाप्ति के बाद भी सैनिकों और उनके परिवारों के साथ जुड़ाव को उतनी ही अहमियत दी जाती है जितनी वर्दी में रहते हुए.
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        <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 06:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>पूर्व, सैनिकों, की, समस्याओं, का, मौके, पर, समाधान, स्पीयर, कोर, की, पहल, पर, असम-अरुणाचल, सीमा, पर, भव्य, सम्मेलन</media:keywords>
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        <title>&amp;apos;यह हमारी कूटनीति...&amp;apos;, डोनाल्ड ट्रंप के भारत को नर्क कहने वाले पोस्ट पर कांग्रेस नेता थरूर का पलटवार</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/यह-हमारी-कूटनीति-डोनाल्ड-ट्रंप-के-भारत-को-नर्क-कहने-वाले-पोस्ट-पर-कांग्रेस-नेता-थरूर-का-पलटवार</link>
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        <description><![CDATA[ भारत को नर्क बताने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक पोस्ट पर कांग्रेस से सांसद शशि थरूर ने रिएक्शन दिया है. उन्होंने करारा पलटवार करते हुए कहा है कि भारत को इतनी छोटी सी बात पर भड़कना नहीं चाहिए.&amp;nbsp;
FRANCE 24 से बात करते हुए थरूर ने कहा कि भारत को ट्रंप की सोशल मीडिया पोस्ट जैसी छोटी सी बात पर भड़कना नहीं चाहिए. यह हमारी कूटनीति नहीं है. अगर मैं भारत सरकार में होता तो इसे नजरंदाज कर देता.&amp;nbsp;
राष्ट्रपति ट्रंप ने वीडियो का विवादित हिस्सा शेयर किया था
थरूर की प्रतिक्रिया उस बयान पर आई है, जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक कंजर्वेटिव होस्ट के पोडकास्ट का हिस्सा सोशल मीडिया पर शेयर किया था. इसमें भारत, चीन समेत एशिया के देशों को नर्क जैसी जगह करार दिया था. इस वीडियो क्लिप में कहा गया था कि प्रवासी लोग अपने बच्चों की नागरिकता हासिल करने के लिए प्रेग्नेंसी के दिनों में अमेरिका आते हैं.&amp;nbsp; इस वीडियो में यह भी कहा गया था कि यहां पैदा होने वाला तुरंत नागरिकता हासिल कर लेता है.&amp;nbsp;
क्लिप में की गई थी ACLU की आलोचना
इसके अलावा इस क्लिप में अमेरिकन सिविल लिबर्टीज यूनियन के वकीलों की भी आलोचना की थी. उन्हें लैपटॉप वाला गुंडा बताया था. उनकी तुलना माफिया परिवारों से बढ़कर की गई थी. साथ ही अमेरिका को नुकसान पहुंचाने की बात भी कही गई थी.&amp;nbsp;

खरगे ने मोदी सरकार से पूछा था सीधा सवाल
इधर इस पूरे मामले पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अमेरिका के राष्ट्रपति की तरफ से इस पोस्ट को साझा करने को लेकर कहा था कि पीएम मोदी इस चुनाव प्रचार से समय निकालकर इस बारे में प्रतिक्रिया दें.&amp;nbsp;
उन्होंने एक्स पर पोस्ट में कहा था कि मोदी जी के प्रिय मित्र नमस्ते ट्रंप ने भारत के बारे में अपशब्द कहे हैं. मोदी जी इन बयानों पर चुप रहते हैं. वहीं, भारत सरकार की तरफ से विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा था कि मैं इसे यहीं छोड़ता हूं.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 06:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>विदेशी डेबिट कार्ड के जरिए भारत में फंडिंग का खुलासा, 6 ठिकानों पर ED की छापे में 25 डेबिट कार्ड और 40 लाख नकद बरामद</title>
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        <description><![CDATA[ केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने विदेशी डेबिट कार्ड के जरिए भारत में फंडिंग के मामले में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. ईडी इस मामले में अब देशभर में कई जगहों पर छापेमारी करके जांच का दायरा आगे बढ़ा रही है. दरअसल, यह कार्रवाई पिछले शनिवार और रविवार (18 और 19 अप्रैल, 2026) को देश के विभिन्न राज्यों के छह ठिकानों पर की गई.
ईडी की जांच में क्या हुआ खुलासा?
ED के मुताबिक, जांच में सामने आया है कि विदेशी बैंक डेबिट कार्ड का इस्तेमाल कर भारत में बड़ी मात्रा में नकदी निकाली जा रही थी, जिससे रेगुलेटरी सिस्टम को दरकिनार किया जा रहा था. यह मामला &amp;lsquo;द टिमोथी इनिशिएटिव (TTI)&amp;rsquo; नामक एक मूवमेंट और उससे जुड़े लोगों से संबंधित है.
छापेमारी के दौरान ईडी ने 25 विदेशी डेबिट कार्ड, 40 लाख रुपये नकद, डिजिटल सबूत, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस सहित कई अन्य अहम दस्तावेज भी जब्त किए हैं.&amp;nbsp;
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अमेरिका के Truist Bank से जुड़े डेबिट कार्ड भारत में क्यों लाए गए?
जांच में खुलासा हुआ कि अमेरिका के Truist Bank से जुड़े विदेशी डेबिट कार्ड भारत लाए गए और देश के अलग-अलग राज्यों में एटीएम से बार-बार कैश निकाला गया. इस नकदी का उपयोग TTI की गतिविधियों के खर्चों के लिए किया जा रहा था, जो FCRA के तहत रजिस्टर्ड संगठन नहीं है.
वहीं, इस मामले में ED ने बताया कि इस नेटवर्क से जुड़े कई लोग देश के अलग-अलग हिस्सों में सक्रिय हैं. 24 विदेशी डेबिट कार्ड मिकाह मार्क नामक व्यक्ति के पास से बरामद किए गए, जिसे बेंगलुरु इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन ब्यूरो ने ईडी के LOC के आधार पर पकड़ा.

छत्तीसगढ़ के आदिवासी इलाकों में अमेरिकी डेबिट कार्ड का इस्तेमाल
जांच में यह भी सामने आया कि छत्तीसगढ़ के धमतरी और बस्तर जैसे नक्सल प्रभावित इलाकों में इन कार्डों के जरिए संदिग्ध लेनदेन हुए हैं. पिछले कुछ सालों में करीब 6.5 करोड़ रुपये की निकासी की गई है. ED का कहना है कि इस तरह की गतिविधियां संगठित नेटवर्क की ओर इशारा करती हैं और इससे समानांतर नकद अर्थव्यवस्था खड़ी होने का खतरा है.
इसके अलावा, एक ऑनलाइन बिलिंग और अकाउंटिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल इन लेनदेन का रिकॉर्ड रखने के लिए किया जा रहा था, जिसे कथित तौर पर विदेश से ऑपरेट किया जा रहा है. जांच में यह भी सामने आया है कि नवंबर 2025 से अप्रैल 2026 के बीच करीब 95 करोड़ रुपये विदेशी डेबिट कार्ड के जरिए भारत में लाए गए. फिलहाल, मामले की आगे की जांच जारी है.
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        <pubDate>Sun, 26 Apr 2026 14:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>विदेशी, डेबिट, कार्ड, के, जरिए, भारत, में, फंडिंग, का, खुलासा, ठिकानों, पर, की, छापे, में, डेबिट, कार्ड, और, लाख, नकद, बरामद</media:keywords>
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        <title>गंगा एक्सप्रेसवे: आर्थिक पुनर्जागरण की जीवंत रेखा</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/गंगा-एक्सप्रेसवे-आर्थिक-पुनर्जागरण-की-जीवंत-रेखा</link>
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        <description><![CDATA[ गंगा की धारा जब किसी पत्थर से टकराती है, तो वह उसे काटती नहीं, बल्कि उसे घिसते-घिसते अपने रास्ते की शक्ल में ढाल लेती है. उत्तर प्रदेश की नियति भी कुछ ऐसी ही रही है . इस भूमि ने सभ्यताएं जन्मी हैं, क्रांतियां बोई हैं, फिर भी एक दशक पहले तक एक विडंबना इसके माथे पर चिपकी रही कि यह राज्य, जो देश की आबादी का छठा हिस्सा समेटे है, विकास की दौड़ में अक्सर पिछली पंक्ति में ही खड़ा दिखाई पड़ा. इतिहास की यह विरोधाभासी विरासत अब एक नए अध्याय की दहलीज पर खड़ी है और उस दहलीज का नाम है गंगा एक्सप्रेसवे, जो योगी सरकार के संकल्प के एक बड़े प्रतिमान के रूप में अब साकार रूप में है.
594 किलोमीटर....मेरठ से प्रयागराज...यह केवल एक सड़क की लंबाई नहीं है, बल्कि उस सोच की लंबाई है, जो मानती है कि किसी राज्य को बदलने के लिए पहले उसकी नसों में नई रक्त-संचार व्यवस्था बनानी पड़ती है. जब कोई जमीन पर इतनी बड़ी रेखा खींची जाती है, तो वह केवल भूगोल नहीं बदलती, वह उस भूगोल में जीने वाले लोगों की संभावनाओं का नक्शा बदल देती है. गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के लिए ऐसा ही एक परिवर्तनकारी हस्तक्षेप है, जिसे समझने के लिए केवल इंजीनियरिंग की नहीं, बल्कि अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र और दूरदर्शिता की भाषा जाननी होगी.
उत्तर प्रदेश का एक पुराना घाव है पश्चिम और पूर्व के बीच की खाई. पश्चिमी उत्तर प्रदेश, जो मेरठ, नोएडा, गाजियाबाद, आगरा जैसे शहरों से परिभाषित होता है, में उद्योग हैं, बाज़ार हैं, रोजगार है, और एक खास किस्म की आधुनिकता भी है. लेकिन, जैसे-जैसे आप पूर्व की ओर बढ़ते हैं प्रयागराज, वाराणसी, आजमगढ़, बलिया,,,,एक अलग उत्तर प्रदेश मिलता है. वहां खेत हैं, मंदिर हैं, नदियां हैं, और असीम मानवीय संभावनाएं भी हैं, लेकिन उन संभावनाओं में अवसरों का घोर अभाव दिखता था.
गंगा एक्सप्रेसवे इस विभाजन को पाटने की सबसे बड़ी भौतिक कोशिश है. जब मेरठ और प्रयागराज एक तेज, सुगम, भरोसेमंद सड़क से जुड़ जाते हैं, तो वास्तव में यह दो शहरों का नहीं, दो आर्थिक ध्रुवों का मिलन होता है. पूर्वांचल की श्रम शक्ति और कृषि उत्पाद पश्चिम के बाजारों तक पहुंचने लगते हैं. पश्चिम की पूंजी और उद्यमशीलता पूर्व की सस्ती जमीन और उपलब्ध श्रम को देखकर खिंचती है. यह वह आर्थिक गुरुत्वाकर्षण है जो तब उत्पन्न होता है जब दूरी सिकुड़ती है, न केवल किलोमीटर में, बल्कि समय और लागत में भी.
लॉजिस्टिक्स की दुनिया में एक पुराना सच है, माल की ढुलाई की लागत जहां कम होती है, वहां उद्योग खिंचे चले आते हैं. भारत में लॉजिस्टिक्स लागत विकसित देशों की तुलना में लगभग दोगुनी है. यह अतिरिक्त लागत उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मकता को कमजोर करती है, उत्पादों को महंगा बनाती है और निर्यात को बाधित करती है. जब गंगा एक्सप्रेसवे जैसे हाई-स्पीड कॉरिडोर बनते हैं, तो यह समीकरण बदलता है. माल तेज़ पहुंचता है, भंडारण की जरूरत घटती है, ट्रांसपोर्ट का समय कम होता है और पूरी सप्लाई चेन अधिक विश्वसनीय बन जाती है. गंगा एक्सप्रेसवे से होकर गुजरने वाला एक ट्रक केवल माल नहीं ढोएगा, वह उत्तर प्रदेश की आर्थिक प्रतिस्पर्धात्मकता को एक पायदान ऊपर ले जाएगा.
लेकिन, असली रूपांतरण तब होगा जब एक्सप्रेसवे के किनारे एक औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र उगेगा. सरकार की योजना औद्योगिक नोड्स, वेयरहाउसिंग हब और एमएसएमई क्लस्टर विकसित करने की है. यह योजना अगर सही नीयत और सही क्रियान्वयन के साथ जमीन पर उतरी, तो उत्तर प्रदेश को एक नई &amp;lsquo;ग्रोथ स्पाइन&amp;rsquo; मिल सकती है. वह रीढ़, जिसके सहारे एक पूरा आर्थिक शरीर खड़ा होता है. टियर-2 और टियर-3 शहरों के लिए /U विशेष रूप से महत्वपूर्ण है. हरदोई, शाहजहांपुर, बदाये, संभल रायबरेली, उन्नाव, ये वे शहर हैं जो अब तक विकास की मुख्यधारा से किनारे पड़े थे. एक्सप्रेसवे की पहुंच उन्हें एक बड़े आर्थिक नेटवर्क से जोड़ेगी.
किसानों की बात किए बिना यह विश्लेषण अधूरा है. किसान की सबसे बड़ी पीड़ा यह नहीं है कि वह मेहनत नहीं करता, बल्कि यह है कि उसकी मेहनत का सही मूल्य उसे नहीं मिलता. फसल खेत में पकती है, लेकिन मंडी तक पहुंचते-पहुंचते उसकी ताजगी और उसकी कीमत दोनों गिर जाती हैं. कोल्ड चेन की कमी, खराब सड़कें और बाजार तक पहुंच की धीमी रफ्तार, ये तीन चीजें मिलकर किसान की उपज का एक बड़ा हिस्सा बर्बाद कर देती हैं. गंगा एक्सप्रेसवे खेत से बाजार की यात्रा को तेज करेगा. यदि इसके साथ-साथ एक्सप्रेसवे के किनारे कोल्ड स्टोरेज, फूड प्रोसेसिंग यूनिट और एग्री-लॉजिस्टिक्स हब विकसित हों, तो किसान की तकदीर बदलने में देर नहीं लगेगी. यह विकास का वह बिंदु है जहां बुनियादी ढांचा सीधे मानवीय जीवन की गुणवत्ता से जुड़ता है.
एक्सप्रेसवे का एक और आयाम है जिसे अक्सर सार्वजनिक विमर्श में नजरअंदाज किया जाता है &amp;mdash; रियल एस्टेट का रूपांतरण. जब भी किसी इलाके में हाई-स्पीड कनेक्टिविटी आती है, जमीन की कीमतें बदलती हैं. नए आवासीय क्षेत्र उभरते हैं, लोग शहर के महंगे इलाकों को छोड़कर एक्सप्रेसवे के किनारे बसने लगते हैं. हालांकि इस प्रक्रिया में जमीन की सट्टेबाजी और असमान लाभ वितरण के खतरे भी हैं, जिनसे बचने के लिए सरकार को सक्रिय नीतिगत हस्तक्षेप करना होगा. रणनीतिक दृष्टि से भी यह एक्सप्रेसवे महत्वपूर्ण है. इसकी संरचना ऐसी बनाई गई है कि आपात स्थिति में इसे वायुसेना की एयरस्ट्रिप के रूप में इस्तेमाल किया जा सके. यह विशेषता इसे केवल एक आर्थिक परियोजना नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय सुरक्षा परिसंपत्ति भी बनाती है.
निवेशकों का मनोविज्ञान भी इस संदर्भ में विचारणीय है. जब कोई राज्य इस पैमाने की परियोजना को समय पर, पारदर्शिता के साथ और कार्यकुशलता के साथ पूरा करता है, तो वह केवल एक सड़क नहीं बनाता, वह एक संदेश देता है कि यह राज्य अब गंभीर है. यहां शासन काम कर रहा है. यहां आपकी पूंजी सुरक्षित है और आपकी परियोजनाएं अटकेंगी नहीं. यह अमूर्त भरोसा बहुत ठोस परिणाम देता है. उत्त ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 26 Apr 2026 14:30:09 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>गंगा, एक्सप्रेसवे:, आर्थिक, पुनर्जागरण, की, जीवंत, रेखा</media:keywords>
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        <title>डोनाल्ड ट्रंप के डिनर प्रोग्राम में शूटिंग पर भारत की पहली प्रतिक्रिया, PM मोदी बोले&amp; लोकतंत्र में हिंसा....</title>
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        <description><![CDATA[ व्हाइट हाउस के डिनर प्रोग्राम में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मौजूदगी में हुई ताबड़तोड़ फायरिंग पर भारत की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं है और इस घटना की स्पष्ट रूप से निंदा की जानी चाहिए.&amp;nbsp;
पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, &#039;यह जानकर राहत मिली कि वाशिंगटन डीसी के एक होटल में हुई हालिया सुरक्षा घटना के बाद राष्ट्रपति ट्रंप, फर्स्ट लेडी मेलानिया और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस सुरक्षित और स्वस्थ हैं. मैं उनकी निरंतर सुरक्षा और कुशल मंगल की कामना करता हूं। लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं है और इसकी स्पष्ट रूप से निंदा की जानी चाहिए.&#039;

Relieved to learn that President Trump, the First Lady and Vice President are safe and unharmed following the recent security incident at a Washington DC hotel. I extend my best wishes for their continued safety and well-being. Violence has no place in a democracy and must be&amp;hellip;
&amp;mdash; Narendra Modi (@narendramodi) April 26, 2026



व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स एसोसिएशन के डिनर में फायरिंग की घटना के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का रिएक्शन आया है. शनिवार को जब डिनर कार्यक्रम में गोली चली उस समय अमेरिकी राष्ट्रपति और फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप मंच पर थीं. गोली चलने की आवाज से अफरातफरी मच गई. लोग इधर उधर भागते नजर आए.

डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर जानकारी देते हुए बताया कि हमलावर को पकड़ लिया गया है और स्थिति से निपटने के लिए सीक्रेट सर्विस और कानून प्रवर्तन एजेंसियों की जमकर तारीफ की. ट्रंप ने लिखा कि वॉशिंगटन डीसी में आज क्या शाम रही. सीक्रेट सर्विस और कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने बहुत शानदार काम किया है.
जल्द नई तारीख तय की जाएगी- डोनाल्ड ट्रंपडोनाल्ड ट्रंप ने पोस्ट में आगे कहा कि मैंने सुझाव दिया कि शो जारी रहने दें, लेकिन मैं पूरी तरह से कानून प्रवर्तन एजेंसियों के निर्देशों का पालन करूंगा. हालांकि, बाद में एक अपडेट में ट्रंप ने बताया कि उन्होंने इस कार्यक्रम की देखरेख करने वाले अधिकारियों से बात की है और जल्द ही एक नई तारीख तय की जाएगी. ट्रंप ने बताया कि मैंने कार्यक्रम के सभी प्रतिनिधियों से बात की है और हम 30 दिनों के अंदर इसे फिर से शेड्यूल करेंगे.
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        <pubDate>Sun, 26 Apr 2026 14:30:08 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>डोनाल्ड, ट्रंप, के, डिनर, प्रोग्राम, में, शूटिंग, पर, भारत, की, पहली, प्रतिक्रिया, मोदी, बोले-, लोकतंत्र, में, हिंसा....</media:keywords>
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        <title>दिल्ली एयरपोर्ट पर टला बड़ा हादसा, स्विस एयर के प्लेन में टेकऑफ के दौरान लगी आग, 232 यात्री थे सवार</title>
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        <description><![CDATA[ दिल्ली एयरपोर्ट पर उस समय एक बड़ा हादसा टल गया जब स्विस एयर की दिल्ली से ज्यूरिख जाने वाली फ्लाइट SWR146 में टेकऑफ के दौरान अचानक तकनीकी खराबी आ गई. बताया गया कि उड़ान भरते समय विमान का इंजन फेल हो गया, जिसके बाद हालात गंभीर हो गए. चश्मदीदों के अनुसार, विमान के बाएं हिस्से से धुआं निकलता देखा गया, जबकि दाईं तरफ लैंडिंग गियर के पास आग लगने की खबर सामने आई. हालात को देखते हुए तुरंत फुल इमरजेंसी घोषित कर दी गई, जिससे एयरपोर्ट पर हड़कंप मच गया.
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रनवे 28 को काफी देर तक बंद रखना पड़ा, जिससे अन्य उड़ानों पर भी असर पड़ा. हालांकि, सबसे राहत की बात यह रही कि विमान में मौजूद सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. इमरजेंसी स्लाइड्स का इस्तेमाल कर 232 यात्रियों और 13 क्रू मेंबर को जल्दी और सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला गया. इस दौरान 6 लोग घायल भी हो गए.
एयरपोर्ट पर मौजूद फायर ब्रिगेड और सुरक्षा टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति को काबू में किया और आग को फैलने से रोक लिया. समय रहते उठाए गए कदमों की वजह से एक बड़ा हादसा होने से बच गया. फिलहाल इस घटना की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इंजन फेल होने की असली वजह क्या थी

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Passenger Advisory issued at 09:30 hrs.For Live flight status: https://t.co/1CVJNL6Ry1#DelhiAirport #PassengerAdvisory #DELAdvisory pic.twitter.com/YCjt6yShie
&amp;mdash; Delhi Airport (@DelhiAirport) April 26, 2026



दिल्ली एयरपोर्ट से जुड़े हलिया हादसे
दिल्ली एयरपोर्ट पर स्विस एयर की फ्लाइट से जुड़ी घटना में एयरलाइन की ओर से आगे की जानकारी भी सामने आई है. बताया गया कि उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद, भारतीय समय के अनुसार रात करीब 1 बजे के बाद विमान के एक इंजन में तकनीकी खराबी आ गई थी. हाल ही में दिल्ली एयरपोर्ट पर एक और घटना सामने आई थी, जब अकासा एयर और स्पाइसजेट के दो विमानों के पंख आपस में टकरा गए थे. लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने एयरपोर्ट सुरक्षा और विमानन व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
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        <pubDate>Sun, 26 Apr 2026 14:30:07 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>दिल्ली, एयरपोर्ट, पर, टला, बड़ा, हादसा, स्विस, एयर, के, प्लेन, में, टेकऑफ, के, दौरान, लगी, आग, 232, यात्री, थे, सवार</media:keywords>
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        <title>Raghu Rai Death: भोपाल गैस त्रासदी से मदर टेरेसा और इंदिरा गांधी तक... भारत को तस्वीरों में कैद करने वाले फोटोग्राफर रघु राय का निधन</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/raghu-rai-death-भोपाल-गैस-त्रासदी-से-मदर-टेरेसा-और-इंदिरा-गांधी-तक-भारत-को-तस्वीरों-में-कैद-करने-वाले-फोटोग्राफर-रघु-राय-का-निधन</link>
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        <description><![CDATA[ भारत के मशहूर फोटोग्राफर रघु राय का रविवार (26 अप्रैल 2026) को दिल्ली के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया. वह 83 साल के थे. उनके बेटे &amp;nbsp;नितिन राय ने बताया कि वह पिछले दो साल से कैंसर से लड़ रहे थे. नितिन राय के अनुसार, उन्हें पहले प्रोस्टेट कैंसर हुआ था, जिसका इलाज हो गया था. इसके बाद कैंसर पेट तक फैल गया, लेकिन वहां भी इलाज सफल रहा. हाल ही में यह बीमारी उनके दिमाग तक पहुंच गई थी और उम्र से जुड़ी परेशानियों की वजह से उनकी हालत और बिगड़ गई.
रघु राय का जन्म साल 1942 में पंजाब के झंग में हुआ था, जो अब पाकिस्तान में है. उन्होंने फोटोग्राफी की शुरुआत अपने बड़े भाई एस पॉल से सीखी और धीरे-धीरे इस क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 1960 के दशक में की और 1965 में &amp;lsquo;द स्टेट्समैन&amp;rsquo; अखबार में फोटोग्राफर के रूप में काम शुरू किया. यहां उन्होंने कई बड़े राष्ट्रीय घटनाओं को कैमरे में कैद किया. 1968 में वह महर्षि महेश योगी के आश्रम भी गए थे, जब वहां ब्रिटिश बैंड &amp;lsquo;बीटल्स&amp;rsquo; मौजूद था. रघु राय की चर्चित तस्वीरों में से एक भोपाल गैस त्रासदी के बाद की तस्वीर है, जिसमें एक मासूम बच्चे का निर्जीव शरीर दिखता है. उनकी ये तस्वीर पूरी दुनिया में चर्चा का केंद्र बनी.
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रघु राय ने कहां-कहां काम किया?
रघु राय ने 1976 में द स्टेट्समैन छोड़ दिया और &amp;lsquo;संडे&amp;rsquo; मैगजीन में पिक्चर एडिटर बने. 1977 में उन्हें मशहूर फ्रेंच फोटोग्राफर हेनरी कार्टियर-ब्रेसन ने मैग्नम फोटोज में शामिल होने के लिए चुना, जो उनके करियर की बड़ी उपलब्धि मानी जाती है. इसके बाद 1980 में उन्होंने &amp;lsquo;संडे&amp;rsquo; छोड़ा और &amp;lsquo;इंडिया टुडे&amp;rsquo; से जुड़ गए, जहां उन्होंने फोटोग्राफर और पिक्चर एडिटर के तौर पर काम किया. 1984 के भोपाल गैस हादसे को उन्होंने बहुत करीब से कवर किया और इस पर लंबा काम किया. बाद में उन्होंने इस विषय पर &amp;ldquo;Exposure: A Corporate Crime&amp;rdquo; नाम की किताब भी लिखी. उन्होंने भूतपूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और मदर टेरेसा के साथ भी लंबे समय तक काम किया है.&amp;nbsp;
रघु राय ने 18 से ज्यादा किताबें लिखीं
अपने पूरे करियर में रघु राय ने भारत के लोगों, संस्कृति और शहरों पर 18 से ज्यादा किताबें लिखीं. उनकी प्रमुख किताबों में &amp;ldquo;Raghu Rai&amp;rsquo;s India: Reflections in Color&amp;rdquo; और &amp;ldquo;Reflections in Black and White&amp;rdquo; शामिल हैं. उनका काम टाइम, लाइफ, न्यूयॉर्क टाइम्स, न्यूज़वीक और द न्यू यॉर्कर जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय प्रकाशनों में भी छपा. उनके शानदार काम के लिए उन्हें 1972 में बांग्लादेश युद्ध की कवरेज के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया गया था. रघु राय को भारत के सबसे प्रभावशाली फोटोग्राफरों में गिना जाता है, और उनके जाने से कला और मीडिया जगत को बड़ी क्षति हुई है.
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        <pubDate>Sun, 26 Apr 2026 14:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Raghu, Rai, Death:, भोपाल, गैस, त्रासदी, से, मदर, टेरेसा, और, इंदिरा, गांधी, तक..., भारत, को, तस्वीरों, में, कैद, करने, वाले, फोटोग्राफर, रघु, राय, का, निधन</media:keywords>
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    <item>
        <title>&amp;apos;राष्ट्रीय सरेंडर संघ...&amp;apos;, राम माधव के बहाने राहुल गांधी ने RSS पर कसा तंज, लगाया ये गंभीर आरोप</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/राष्ट्रीय-सरेंडर-संघ-राम-माधव-के-बहाने-राहुल-गांधी-ने-rss-पर-कसा-तंज-लगाया-ये-गंभीर-आरोप</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/राष्ट्रीय-सरेंडर-संघ-राम-माधव-के-बहाने-राहुल-गांधी-ने-rss-पर-कसा-तंज-लगाया-ये-गंभीर-आरोप</guid>
        <description><![CDATA[ Rahul Gandhi on Ram Madhav Comment:&amp;nbsp;कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को आरएसएस के नेता राम माधव को आड़े हाथों लिया है. राहुल गांधी ने यह प्रतिक्रिया माधव के हालिया रूसी तेल आयात को लेकर दिए एक बयान पर दी है. राहुल गांधी ने उनकी टिप्पणी को संघ के असली चरित्र से जोड़कर तंज कसा है.&amp;nbsp;
गांधी ने संघ पर सरेंडर का आरोप लगाया. साथ ही संगठन को फर्जी करार दिया है. राहुल ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि राष्ट्रीय सरेंडर संघ, नागपुर में फर्जी राष्ट्रवाद और अमेरिका में पूरी तरह से चाटुकारिता. राम माधव ने तो बस संघ के असली चरित्र को ही उजागर किया है.&amp;nbsp;
राहुल गांधी ने ये कमेंट क्यों किया है?&amp;nbsp;राहुल गांधी का यह बयान राम माधव की उस टिप्पणी पर आया है, जब उन्होंने अमेरिका में एक पैनल पर चर्चा के दौरान कहा कि नई दिल्ली ने अमेरिका के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने के लिए काफी कुछ किया है. कुछ उदाहरणों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारत ने विपक्ष की आलोचना के बावजूद रूस और ईरान से तेल खरीदना बंद करने पर सहमति दी थी. उन्होंने कहा कि भारत ने अमेरिका की तरफ से लगाए 50 प्रतिशत टैरिफ को भी बिना ज्यादा कुछ कहे स्वीकार कर लिया था.&amp;nbsp;
हालांकि, इस बयान के बाद उन्होंने प्रतिक्रिया दी. इसमें कहा कि भारत ने मॉस्को से तेल का आयाद बंद करने पर सहमति नहीं दी थी. उन्होंने कहा कि अपने पैनलिस्टों की बात का जवाब देने की कोशिश में उन्होंने कुछ ऐसी बातें कह दीं, जो तथ्यों के हिसाब से गलत थीं.&amp;nbsp;

राम माधव बोले- मैंने जो कहा था, वो गलत था
उन्होंने कहा कि मैंने जो कहा था, वो गलत था. भारत ने रूस से तेल का आयात बंद करने पर कभी सहमति नहीं दी. साथ ही उसने 50 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने का विरोध भी किया. मैं दूसरे पैनलिस्ट की बात का एक सीमित जवाब देने की कोशिश कर रहा था. लेकिन तथ्यों के हिसाब से गलत था. मैं माफी चाहता हूं.&amp;nbsp;
हाल ही में अमेरिका ने रूसी तेल के आयात पर छूट को फिर से बढ़ा दिया है. दुनिया भर में तेल और गैस की कीमतों को कम करने के लिए हॉर्मुज में रुकावट के &amp;nbsp;कारण कीमतों में इजाफा बना हुआ था. अब अमेरिका ने 30 दिन की छूट दे दी है. हॉर्मुज से दुनिया का 25 से 30 प्रतिशत एलएनजी का व्यापार होता है. इससे पहले अमेरिका ने यह छूट मार्च में जारी की थी. भारत ने रूस से लगभग 30 मिलियन बैरल तेल के ऑर्डर दिए थे.
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        <pubDate>Sun, 26 Apr 2026 02:30:15 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>राष्ट्रीय, सरेंडर, संघ..., राम, माधव, के, बहाने, राहुल, गांधी, ने, RSS, पर, कसा, तंज, लगाया, ये, गंभीर, आरोप</media:keywords>
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        <title>BRS छोड़ने के महीनों बाद के. कविता ने लॉन्च की नई पार्टी, पुराने नाम &amp;apos;TRS&amp;apos; पर लगाई मुहर</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/brs-छोड़ने-के-महीनों-बाद-के-कविता-ने-लॉन्च-की-नई-पार्टी-पुराने-नाम-trs-पर-लगाई-मुहर</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/brs-छोड़ने-के-महीनों-बाद-के-कविता-ने-लॉन्च-की-नई-पार्टी-पुराने-नाम-trs-पर-लगाई-मुहर</guid>
        <description><![CDATA[ तेलंगाना की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर करते हुए भारत राष्ट्र समिति (BRS) की पूर्व नेता कलवाकुंटला कविता (के. कविता) ने आज शनिवार (25 अप्रैल, 2026) को अपनी नई राजनीतिक पार्टी का ऐलान कर दिया है. आश्चर्यजनक रूप से, उन्होंने अपनी पार्टी का नाम &#039;तेलंगाना राष्ट्र सेना&#039; (TRS) रखा है. यही वह नाम था, जिसे के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) ने बाद में बीआरएस में बदल दिया था. कविता ने यह कदम बीआरएस से बाहर निकलने के करीब छह महीने बाद उठाया है.
TRS का नाम तेलंगाना के हर वासी के दिल में बसता हैः कविता
पार्टी लॉन्च करते हुए के. कविता ने कहा, &amp;lsquo;TRS सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि तेलंगाना आंदोलन की पहचान थी. यह नाम हर तेलंगानावासी के दिल में बसता है. केसीआर ने जब पार्टी का नाम बदलकर बीआरएस किया, तो उन्होंने क्षेत्रीय अस्मिता को कमजोर करने की कोशिश की. मैं उसी मूल विचार को फिर से जीवित करूंगी.&amp;rsquo; उन्होंने आरोप लगाया कि बीआरएस ने किसानों, युवाओं और महिलाओं के मुद्दों को अनदेखा किया, जबकि टीआरएस का मूल एजेंडा तेलंगाना का सर्वांगीण विकास था.
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पिछले साल BRS और के. कविता के बीच दिखने लगी थी दरारें
पिछले साल दिल्ली शराब घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की तरफ से गिरफ्तार किए जाने के बाद से के. कविता और केसीआर परिवार में दरारें साफ नजर आने लगी थीं. जेल से बाहर आने के बाद कविता ने कई बार बीआरएस में अंदरूनी तानाशाही की ओर इशारा किया था. पिछले साल सितंबर में उन्होंने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया था और अब अंततः नई पार्टी बनाकर अलग रास्ता चुन लिया.
सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी BRS को टक्कर दे सकती है TRS: एक्सपर्ट
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, कविता का यह कदम तेलंगाना की सत्ताधारी कांग्रेस और मुख्य विपक्षी बीआरएस दोनों के लिए टक्कर बन सकता है. एक वरिष्ठ विश्लेषक का कहना है कि टीआरएस नाम का भावनात्मक जुड़ाव अभी भी तेलंगाना के ग्रामीण इलाकों में बना हुआ है. कविता ने यह दांव चलकर क्षेत्रीय पहचान के सहारे अपनी अलग जगह बनाने की कोशिश की है. हालांकि, केसीआर के वफादार कार्यकर्ताओं को तोड़ना उनके लिए आसान नहीं होगा.&amp;rsquo;

अगले महीने पार्टी का झंडा और घोषणापत्र होगा जारी
हालांकि, के. कविता की नई पार्टी को लेकर बीआरएस की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन केसीआर के करीबी सूत्रों का कहना है कि पुराने नाम को दोहराने से पुराने कार्यकर्ताओं का भ्रम पैदा हो सकता है. वहीं, कांग्रेस ने इसे बीआरएस का आंतरिक विभाजन बताते हुए इसे परिवारवाद का अंत करार दिया है. कविता ने अगले महीने हैदराबाद से एक बड़ी रैली करने का भी ऐलान किया है, जहां वह पार्टी का झंडा और घोषणापत्र जारी करेंगी.
स्थानीय निकाय चुनाव में उतरने की तैयारी में TRS
नई टीआरएस राज्य में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में उतरने की तैयारी कर रही है. कविता ने कहा कि वह बीआरएस के भ्रष्ट और अलोकतांत्रिक तंत्र के खिलाफ जनआंदोलन खड़ा करेंगी. साथ ही, वह दिल्ली शराब घोटाला मामले में अपनी बेगुनाही का झंडा भी बुलंद करेंगी. देखना यह होगा कि क्या के. कविता &#039;टीआरएस&#039; के पुराने ब्रांड को नई ऊर्जा दे पाती हैं या यह राजनीतिक प्रयोग क्षेत्रीय दलों के इतिहास में एक और चैप्टर भर साबित होता है.
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        <pubDate>Sun, 26 Apr 2026 02:30:14 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>BRS, छोड़ने, के, महीनों, बाद, के., कविता, ने, लॉन्च, की, नई, पार्टी, पुराने, नाम, TRS, पर, लगाई, मुहर</media:keywords>
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        <title>भारत का कुख्यात ड्रग डॉन सलीम डोला तुर्किए में गिरफ्तार, सामने आया बड़ा सच!</title>
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        <description><![CDATA[ तुर्किए की सुरक्षा एजेंसियों ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए इस्तांबुल में भारत के कुख्यात ड्रग माफिया सलीम डोला को गिरफ्तार कर लिया है. भारत की सुरक्षा एजेंसियों ने भी सलीम डोला की गिरफ्तारी की आधिकारिक रूप से पुष्टि कर दी है. वहीं, सलीम डोला की गिरफ्तारी के साथ अंडरवर्ल्ड के साथ उसके संबंधों को लेकर भी बड़े खुलासे हुए हैं. बताया जा रहा है कि वह लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी के नेटवर्क को ऑपरेट कर रहा था.
सूत्रों के मुताबिक, सलीम डोला का कनेक्शन ग्लोबल सिंथेटिक ड्रग नेटवर्क से था और उसका नेटवर्क कई देशों तक फैला हुआ था. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस ड्रग रैकेट के तार भारत के मोस्ट वांटेड अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम के नेटवर्क से भी जुड़े बताए जा रहे हैं.
दुबई से चल रहा &amp;lsquo;ड्रग्स डॉन&amp;rsquo; सलीम डोला का नेटवर्क
कुख्यात ड्रग माफिया और दाऊद इब्राहिम का करीबी माना जाने वाला सलीम डोला पहले मुंबई और फिर दुबई से अपने पूरे ड्रग सिंडिकेट को ऑपरेट कर रहा था. अक्टूबर 2025 में मुंबई क्राइम ब्रांच ने सलीम डोला के प्रमुख सहयोगी मोहम्मद सलीम सोहेल शेख को दुबई से प्रत्यर्पित कर भारत लाया था. वहीं, नवंबर 2025 में मुंबई पुलिस ने सलीम डोला के बेटे ताहिर डोला समेत उसके परिवार के चार सदस्यों को दुबई से भारत लाकर गिरफ्तार किया था.
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भारत प्रत्यर्पण की तैयारियों में जुटी भारतीय सुरक्षा एजेंसियां
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने सलीम डोला पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया है. साथ ही उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया है. सूत्रों के मुताबिक. सलीम डोला दुबई से ही अपने नेटवर्क को कंट्रोल करता है और भारत में ड्रग्स की सप्लाई का बड़ा चैनल संभाल रहा था.
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, उसके पास सउदी अरब का पासपोर्ट है और क्योंकि जिस देश में वो पकड़ा गया है उस देश से सलीम डोला का भारत में डिपोर्ट या उसका प्रत्यर्पण संभव नहीं है, इसलिए इंटरनेशनल फोरम पर UAE के जरिए उसको भारत लाने की कोशिशों में सुरक्षा एजेंसियां जुटी हैं.&amp;nbsp;

सलीम की गिरफ्तारी से बड़े खुलासे होने की उम्मीद
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, सलीम डोला की गिरफ्तारी से कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है, जिससे पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो सकता है. मुंबई पुलिस ने भी सलीम डोला के खिलाफ RCN जारी किया हुआ है. मूल रूप से मुंबई के डोगरी में काफी लम्वे वक्त एक्टिव सलीम डोला दाउद इब्राहिम का करीबी है.
सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी बताते हैं कि सलीम डोला का पिता दाऊद इब्राहिम के साथ लंबे वक्त तक मुंबई में काम कर चुका है और फिर सलीम डोला दुबई में D-कंपनी के लिए काम करने लगा और लगातार नारकोटिक्स के धंधे में डील भी की.
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        <pubDate>Sun, 26 Apr 2026 02:30:13 +0530</pubDate>
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        <title>West Bengal Elections 2026: ‘कैसी भाषा बोल रहे गृह मंत्री’, अमित शाह के बयान पर ममता बनर्जी ने कसा तंज, लगाया ये गंभीर आरोप</title>
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        <description><![CDATA[ West Bengal Assembly Elections 2026: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के पहले राजनीतिक सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है. इस बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार (25 अप्रैल, 2026) को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के टीएमसी कार्यकर्ताओं को उल्टा लटका देने वाली धमकी को लेकर बड़ा बयान दिया है.
उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कैसी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं. चुनाव के बाद लोगों को उल्टा लटकाने की बात कहना पूरी तरह से अस्वीकार्य है. उन्होंने कहा कि वह अमित शाह के हिंसक टिप्णपियों के लिए उनके खिलाफ कानूनी मामला दायर करने जा रही हैं.
हुगली में बोलीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार (25 अप्रैल, 2026) को हुगली में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा, &amp;lsquo;हम अमित शाह के हिंसक बयानों के लिए उनके खिलाफ कानूनी मामला दर्ज कराने जा रहे हैं. एक गृह मंत्री के तौर पर वे इस तरह के बयान नहीं दे सकते हैं.&amp;rsquo;

#WATCH | Hooghly | West Bengal CM Mamata Banerjee says, &quot;We are going to file a legal case against Amit Shah for his violent remarks. As Home Minister, he cannot make such comments&quot;(Video Source: CM Mamata Banerjee social media) pic.twitter.com/E0nLUHv94L
&amp;mdash; ANI (@ANI) April 25, 2026



उन्होंने कहा, &amp;lsquo;भाजपा का ऐसा दबाव देने वाला रवैया पश्चिम बंगाल के मतदाताओं को प्रभावित करने में नाकाम रहेगा. चुनाव के बाद लोगों को उल्टा लटकाने की बात कहना पूरी तरह से अस्वीकार्य है. इस सोच और मानसिकता के साथ आप बंगाल को कभी भी जीत नहीं सकते हैं, कभी नहीं...!&amp;rsquo;
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने क्या दिया था बयान?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा था कि बंगाल की जनता बमों और गोलियों का जवाब वोटों से देगी और विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को जीताकर सत्ता में लाएगी. उन्होंने कहा, &amp;lsquo;तृणमूल कांग्रेस (TMC) के गुंडे अब बम धमाकों से पश्चिम बंगाल की जनता को डरा नहीं पाएंगे. बंगाल की जनता बमों का जवाब वोटों से और डर का जवाब भरोसे से देगी.&amp;rsquo;

शाह ने ममता बनर्जी सरकार पर भ्रष्टाचार और माफिया राज बनाने का आरोप लगाते हुए कहा, &amp;lsquo;पश्चिम बंगाल की जनता ममता बनर्जी की सरकार को अलविदा कह दे. इसके बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) सिंडिकेट और रिश्वतखोरी करने वालों को सबक सिखाने का जिम्मा उठाएगी.&amp;rsquo; इसके बाद उन्होंने कहा, &amp;lsquo;मैं TMC के गुंडों को सलाह देता हूं कि वह अपने घरों में हीं रहें, नहीं तो हम उन्हें 4 मई को एक-एक करके उठाएंगे और जेल में डाल देंगे.&amp;rsquo;
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        <pubDate>Sun, 26 Apr 2026 02:30:12 +0530</pubDate>
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        <title>मणिपुर में फिर बवाल, हजारों की संख्या में सड़कों पर उतरे लोग, पुलिस&amp;प्रदर्शनकारियों में झड़प, जानें पूरा मामला</title>
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        <description><![CDATA[ COCOMI Rally in Imphal: मणिपुर में फिर से बवाल की खबर है. शनिवार को राज्य में एक बड़ी रैली का आयोजन किया गया. यह रैली COCOMI ने इम्फाल में निकाली. यह एक समिति है. इसका पूरा नाम मणिपुर की अखंडता पर समन्वय समिति है. मणिपुर की अखंडता और राज्य के लोगों को हक दिलाने का काम करती है.&amp;nbsp;
इस रैली में हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए. इस दौरान मार्च कर रहे लोग सीएम निवास की ओर मुड़ गए. इनका मकसद मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा जाना था. इसमें 6 बड़ी मांगे लिखी गईं थी.&amp;nbsp;
प्रदर्शनकारियों और पुलिस में हुई झड़प
न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, जैसे ही यह रैली आगे बढ़ी, माहौल खराब होता चला गया. प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प देखने को मिली. इस दौरान पुलिस ने रैली को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का उपयोग किया. हालांकि, प्रदर्शनकारियों के किसी तरह के घायल होने की खबर नहीं है. लेकिन माहौल इलाके में तनावपूर्ण बना हुआ है.&amp;nbsp;
शनिवार को रैली इन्फाल में 1 बजे शुरू हुई थी. लोग अलग-अलग इलाके से निकले थे. यहां जगह-जगह से लोग आए थे. इनमें इंफाल के अलग-अलग इलाके, लैमलोंग बाजार, लम्बोई खोंगनांगखोंग,काकवा केटल, तिद्दिम ग्राउंड, हाओ ग्राउंड और ओरिएंटल कॉलेज से लोग आए थे.&amp;nbsp;
इनके अलावा केशमथोंग, वांगोई और खांगेमबल्ली से भी बहुत लोग आए थे. यह सभी मेइती समुदाय से जुड़े हुए हैं. इनकी संख्या हजारों में थी. इनके हाथों में बैनर और पोस्टर थे. इसके अलावा नारेबाजी भी की जा रही थी. लोगों का कहना था कि वह अपनी मांगे सरकार को बताना चाहते हैं.&amp;nbsp;

क्या है मांग प्रदर्शनकारियों की?&amp;nbsp;इनकी कई बड़ी मांगे हैं. इनमें शांति और नॉर्मल लाइफ बहाल करने जैसी मांगे शामिल रहीं. साथ ही मणिपुर में जारी हिंसा रोकने, आमलोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, मणिपुर में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी, &amp;nbsp;हिंसा के जिम्मेदारों पर कार्रवाई, मणिपुर में स्थानीय लोगों की जमीन सुरक्षित करना, कोई बाहर से आकर जमीन न ले सके जैसी मांगे शामिल हैं.
प्रदर्शनकारियों की भीड़ सीएम हाउस की तरफ बढ़ रही थी, तभी पुलिस प्रशासन ने उन्हें रोका, तो प्रदर्शनकारियों और पुलिस में झड़प हो गई. पुलिस ने कहा है कि स्थिति काबू में हैं. सभी जगह नजर रखी जा रही है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sun, 26 Apr 2026 02:30:11 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>मणिपुर, में, फिर, बवाल, हजारों, की, संख्या, में, सड़कों, पर, उतरे, लोग, पुलिस-प्रदर्शनकारियों, में, झड़प, जानें, पूरा, मामला</media:keywords>
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        <title>कश्मीर में पीएम मोदी की नई सौगात, वंदे भारत एक्सप्रेस को जम्मू तवी तक बढ़ाया जाएगा</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/कश्मीर-में-पीएम-मोदी-की-नई-सौगात-वंदे-भारत-एक्सप्रेस-को-जम्मू-तवी-तक-बढ़ाया-जाएगा</link>
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        <description><![CDATA[ मां वैष्णो देवी कटरा के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को लेकर केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बयान जारी किया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर वैष्णो देवी यात्रा को लेकर &amp;nbsp;एक अहम फैसले के बारे में जानकारी दी है.&amp;nbsp;
उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि अभी श्रीनगर और श्री माता वैष्णो देवी कटरा के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस को 30 अप्रैल से जम्मू तवी तक बढ़ाया जाएगा. इसके अलावा, ट्रेन अब 8 के बजाय 20 कोच के साथ चलेगी. इससे कैपेसिटी, कनेक्टिविटी और आराम में काफी बढ़ोतरी होगी.
मंत्री जितेंद्र सिंह बोले- मोदी सरकार को कश्मीर की जनता को विशेष गिफ्ट
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि मोदी सरकार का जम्मू कश्मीर की जनता के लिए एक और विशेष गिफ्ट. श्रीनगर से श्रीमाता वैष्णोदेवी कटरा तक चलने वाली वन्दे भारत एक्सप्रेस को जम्मूतवी तक 30 अप्रैल से विस्तारित की जा रही है. यह अब 8 कोच की जगह पर 20 कोच में चलेगी. इससे इलाके में पर्यटन के विकास और कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी.&amp;nbsp;
जम्मू कश्मीर और पंजाब में सुरक्षा इंतजामों की हुई जांच
इधर, पंजाब और जम्मू कश्मीर में शुक्रवार को सुरक्षा इंतजामों की को जांचने के लिए सभी जिलों में ब्लैक आउट मॉक ड्रिल का आयोजन किया. शुक्रवार की रात 8:00 बजे से लेकर रात 8:15 बजे तक अमृतसर के पाइटेक्स ग्राउंड रणजीत एवेन्यू और लुधियाना के पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (PAU) और अगर नगर PSPCL डिवीजन के तहत आने वाले इलाकों में यह मॉक ड्रिल किया गया. &amp;nbsp;शाम करीब 7:55 बजे एक सायरन बजा और धार्मिक जगहों से लोगों को अलर्ट करने के लिए पब्लिक अनाउंसमेंट किया गया। सायरन बजते ही तुरंत बिजली विभाग बिजली ने सप्लाई काट दी.
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        <pubDate>Sat, 25 Apr 2026 10:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>कश्मीर, में, पीएम, मोदी, की, नई, सौगात, वंदे, भारत, एक्सप्रेस, को, जम्मू, तवी, तक, बढ़ाया, जाएगा</media:keywords>
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        <title>Good News For Employee: घाटी में खुला पहला ESIC हॉस्पिटल, खेलमंत्री मनसुख मंडाविया ने किया उद्घाटन</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/good-news-for-employee-घाटी-में-खुला-पहला-esic-हॉस्पिटल-खेलमंत्री-मनसुख-मंडाविया-ने-किया-उद्घाटन</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/good-news-for-employee-घाटी-में-खुला-पहला-esic-हॉस्पिटल-खेलमंत्री-मनसुख-मंडाविया-ने-किया-उद्घाटन</guid>
        <description><![CDATA[ केंद्रीय श्रम एवं रोजगार और युवा मामले एवं खेल मंत्री, डॉ. मनसुख मंडाविया ने आज ओमपोरा, बडगाम में 30 बिस्तरों वाले कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) अस्पताल का उद्घाटन किया. इससे जम्मू-कश्मीर में श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच और सामाजिक सुरक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी.
यह नया उद्घाटन किया गया अस्पताल कश्मीर का पहला ESIC अस्पताल है, जो इस क्षेत्र में श्रमिक कल्याण सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा.
अस्पताल में .योगदान देने वालों का किया सम्मान
इस कार्यक्रम के दौरान, डॉ. मनसुख मंडाविया ने उन श्रमिकों को सम्मानित किया जिन्होंने ओमपोरा में इस अस्पताल के निर्माण में योगदान दिया था. साथ ही, उन्होंने जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश के बीमित व्यक्तियों को विभिन्न सामाजिक सुरक्षा लाभ भी प्रदान किए.
165 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस अस्पताल को 100 बिस्तरों तक विस्तार की सुविधा के साथ स्थापित किया गया है. उम्मीद है कि इससे 50,000 से अधिक श्रमिकों और उनके परिवार के सदस्यों को सीधे तौर पर लाभ पहुंचेगा.
ESI योजना को जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश में 16 अक्टूबर 1989 को शुरू किया गया था, जिसके तहत जम्मू, कठुआ और श्रीनगर के लगभग 7,000 श्रमिकों को कवर किया गया था.
वर्तमान में, ESI योजना जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश के सभी जिलों में लागू है. इसके माध्यम से लगभग 1,83,119 बीमित व्यक्तियों और लगभग 7,00,000 लाभार्थियों को सेवा प्रदान की जा रही है. इस योजना का प्रशासन जम्मू स्थित ESIC क्षेत्रीय कार्यालय और जम्मू-कश्मीर कर्मचारी राज्य बीमा सोसायटी (JKESIS) के माध्यम से किया जाता है.
जो देश अपने श्रमिको को महत्व देता है, वो आगे बढ़ता है: मंडाविया
सभा को संबोधित करते हुए डॉ. मंडाविया ने कहा, &#039;जो देश अपने श्रमिकों की गरिमा को महत्व देता है, वह प्रगति के पथ पर अजेय होता है.&#039;
उन्होंने आगे कहा कि यह श्रमिक शक्ति ही है जिसके अथक प्रयासों से राष्ट्र आगे बढ़ता है; इसलिए, श्रमिकों का कल्याण शासन व्यवस्था के केंद्र में होना चाहिए. &amp;ldquo;प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार देश के हर कामगार की गरिमा, सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है.&amp;rdquo;
भारत की प्रतिबद्धता को वैश्विक पहचान मिली है: मंडाविया
डॉ. मंडाविया ने आगे कहा, &#039;कामगारों के कल्याण के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को वैश्विक पहचान मिली है.&#039;
2025 में, इंटरनेशनल सोशल सिक्योरिटी एसोसिएशन ने हमारे देश को &amp;lsquo;सामाजिक सुरक्षा में उत्कृष्टता&amp;rsquo; (Excellence in Social Security) पुरस्कार से सम्मानित किया. इंटरनेशनल लेबर ऑर्गनाइज़ेशन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, हमारी सामाजिक सुरक्षा कवरेज 2015 में 19 प्रतिशत से बढ़कर 2025 में 64.3 प्रतिशत हो गई है.&amp;rdquo;
पिछले साल लागू किए गए चार श्रम संहिताओं (Labour Codes) के परिवर्तनकारी प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए, केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इन सुधारों ने भारत के श्रम तंत्र को आधुनिक बनाया है और इसे अधिक कामगार-केंद्रित, पारदर्शी और भविष्य के लिए तैयार बनाया है.
उन्होंने कहा, &#039;नई श्रम संहिताएं कामगारों के लिए कई लंबे समय से प्रतीक्षित सुरक्षा उपायों की गारंटी देती हैं, जिनमें वार्षिक स्वास्थ्य जांच, अनिवार्य नियुक्ति पत्र और न्यूनतम मजदूरी शामिल हैं. ESIC अस्पतालों के माध्यम से वार्षिक स्वास्थ्य जांच का प्रावधान बीमारियों का शीघ्र पता लगाने, कामगारों के लिए निवारक स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करने और उनके भविष्य को सुरक्षित करने में मदद करेगा,&#039;
मंत्री ने बताया कि 1952 में अपनी स्थापना के बाद से, ESIC देश में कामगारों के कल्याण के सबसे मजबूत स्तंभों में से एक के रूप में विकसित हुआ है. यह योजना पूरे भारत में 3.84 करोड़ बीमित व्यक्तियों और लगभग 15 करोड़ लाभार्थियों को स्वास्थ्य सेवा और सामाजिक सुरक्षा लाभ प्रदान करती है.
ESIC का आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के साथ एकीकरण होने से, सूचीबद्ध अस्पतालों में लाभार्थियों के लिए कैशलेस इलाज की सुविधा तक पहुंच और भी बढ़ गई है. उद्घाटन समारोह में श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, ESIC, स्थानीय प्रशासन और जन प्रतिनिधियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया.
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        <pubDate>Sat, 25 Apr 2026 10:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Good, News, For, Employee:, घाटी, में, खुला, पहला, ESIC, हॉस्पिटल, खेलमंत्री, मनसुख, मंडाविया, ने, किया, उद्घाटन</media:keywords>
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        <title>हाय रे गर्मी! उत्तर भारत में बड़ा हिस्सा Heat Stress की चपेट में; कई राज्यों में पारा 45 डिग्री के पार पहुंचा</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/हाय-रे-गर्मी-उत्तर-भारत-में-बड़ा-हिस्सा-heat-stress-की-चपेट-में-कई-राज्यों-में-पारा-45-डिग्री-के-पार-पहुंचा</link>
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        <description><![CDATA[ अभी मई का महीना भी शुरू नहीं हुआ और देश के बड़े हिस्से में हालात जून जैसी चिलचिलाती गर्मी वाले हो गए हैं. उत्तर भारत, मध्य भारत और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में तापमान सामान्य से 5 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा ऊपर चला गया है, जबकि कई शहरों में पारा 45 डिग्री के पार पहुंच चुका है.
भारत मौसम विज्ञान विभाग के आज अप्रैल 2026 के आंकड़े साफ इशारा कर रहे हैं कि इस बार गर्मी ने समय से पहले ही आक्रामक रुख अपना लिया है. मौसम विभाग के द्वारा सांझा किए गए मैप में दिख रही तस्वीर बताती है कि उत्तर भारत का बड़ा हिस्सा जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली गंभीर हीट स्ट्रेस की चपेट में है, जहां का तापमान सामान्य से 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक ऊपर दर्ज किया गया.
कई राज्यों में पड़ रही भीषण गर्मी, पारा 45 के पारपूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कई हिस्सों में भी हालात कुछ अलग से नहीं हैं. यहां न सिर्फ तापमान तेजी से बढ़ा है, बल्कि लू ने भी अब दस्तक दे दी है. हरियाणा,चंडीगढ़,दिल्ली राज्यों में तो कई जगहों पर हीटवेव दर्ज की गई है, और उत्तर प्रदेश और उत्तर राजस्थान में भी इसका असर दिखा है. &amp;nbsp;कई शहरों में लगातार 42 डिग्री से ऊपर तापमान दर्ज हो रहा है, जो इस बात का संकेत है कि गर्मी अब पूरे इलाके में फैल चुकी है. वहीं उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 45.2 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म शहर रिकॉर्ड किया गया.
नॉर्थ ईस्ट में भी राहत नहीं, अरुणाचल में भी सामान्य से ज्यादा पारा
पूर्वोत्तर भारत में भी राहत नहीं है. अरुणाचल प्रदेश में कई जगहों पर तापमान सामान्य से काफी ज्यादा दर्ज हुआ है, जबकि असम और मेघालय में भी गर्मी का असर बढ़ रहा है. हालांकि दक्षिण भारत और पश्चिमी तट के कुछ हिस्से जैसे केरल और तटीय कर्नाटक में तापमान फिलहाल सामान्य के आसपास ही बना हुआ है, लेकिन यहां भी धीरे-धीरे गर्मी का असर बढ़ने के संकेत मौसम विभाग की तरफ से जताए गए हैं.
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में गर्मी का दबाव और बढ़ सकता है. ऐसे में साफ है कि अप्रैल के आखिरी हफ्ते में ही देश के बड़े हिस्से को अभी से ही लू जैसे हालात का सामना करना पड़ रहा है यानी साफ है कि अगर गर्मी का प्रकोप ऐसा ही बना रहा तो मई-जून में तो स्थिति और ज्यादा गंभीर हो सकती है.
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        <pubDate>Sat, 25 Apr 2026 10:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>हाय, रे, गर्मी, उत्तर, भारत, में, बड़ा, हिस्सा, Heat, Stress, की, चपेट, में, कई, राज्यों, में, पारा, डिग्री, के, पार, पहुंचा</media:keywords>
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        <title>राघव चड्ढा ने छोड़ी आम आदमी पार्टी तो आया कुमार विश्वास का पहला रिएक्शन, अरविंद केजरीवाल पर क्या बोले?</title>
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        <description><![CDATA[ राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के आम आदमी पार्टी छोड़ने के बाद से सियासी बवाल मच गया है. इन सबके बीच आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता और कवि कुमार विश्वास ने वीर रस की एक कविता शेयर कर विरोधियों पर निशाना साधा. कुमार विश्वास ने 4 अप्रैल को शेयर की गई अपनी एक कविता को री-पोस्ट करते हुए फिर से निशाना साधा है.&amp;nbsp;
&quot;विदुर का भीष्म का पद अश्रु-प्रक्षालन नहीं भूला, कठिन-व्रत द्रोण-इंगित तपस्पथ-चालन नहीं भूला, कुटिल लाक्षागृहों के फेर में तूणीर टाँगा हैं, मगर शर का प्रखर हत लक्ष्य संचालन नहीं भूला..!&amp;rdquo; ये लाइनें कुमार विश्वास द्वारा अक्सर सुनाई जाने वाली वीर रस की कविता का हिस्सा हैं, जो महाभारत के संदर्भ में भीष्म, द्रोण और विदुर के चरित्र व संघर्ष को दर्शाती हैं.&amp;nbsp;
महाभारत का संदर्भ शेयर कर साधा निशाना
&quot;विदुर का भीष्म का पद अश्रु-प्रक्षालन नहीं भूला&quot;- इसका मतलब है जब दुर्योधन ने कृष्ण का अपमान किया, तब विदुर ने दुखी होकर कृष्ण के चरणों को अपने आंसुओं से धोया था. कुमार विश्वास के सोशल मीडिया हैंडल से गूंजती इन पंक्तियों ने दिल्ली से पंजाब तक की सियासत में आग लगा दी. कुमार विश्वास का इस पूरे घटनाक्रम से सीधे तौर पर कोई लेना-देना है या नहीं. अभी इस पर कुछ स्पष्ट नहीं कहा जा सकता.&amp;nbsp;

???????????? https://t.co/snzfO3MFaP
&amp;mdash; Dr Kumar Vishvas (@DrKumarVishwas) April 24, 2026



राघव चड्ढा का AAP छोड़ना केजरीवाल के लिए बड़ा झटका&amp;nbsp;
राघव चड्ढा का आप पार्टी छोड़ना एक राजनीतिक घटना है, लेकिन कुमार विश्वास का पोस्ट कथित तौर पर इसे एक नैतिक पतन की कहानी बना देता है. कुमार विश्वास अक्सर केजरीवाल पर तानाशाही और धोखे का आरोप लगाते रहे हैं. जिस समय आम आदमी पार्टी को सबसे ज्यादा एकजुटता की जरूरत थी, उसी समय राघव चड्ढा जैसे युवा नेता का साथ छोड़ देना काल चक्र के उस प्रहार जैसा है, जिसकी चेतावनी कुमार विश्वास कई सालों से देते आ रहे थे.
कुमार विश्वास का कथित तौर पर ये संकेत साफ है कि जिस पार्टी ने सिद्धांतों को ही तिलांजलि दे दी, अब उसका पतन तय है. उन्होंने इस काव्य के जरिए यह बताने की कोशिश की है कि जब नेतृत्व अहंकारी हो जाता है, तो उसके अपने ही उसे ठिकाने लगाने का काम करते हैं.
AAP के किन सांसदों ने छोड़ी पार्टी
आम आदमी पार्टी के जिन राज्यसभा सांसदों ने पार्टी छोड़ी है, उनमें राघव चड्ढा के साथ-साथ संदीप पाठक, विक्रमजीत सिंह साहनी, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता और स्वाति मालीवाल का नाम शामिल है. हालांकि इनमें से राघव-संदीप पाठक समेत चार सांसद ही बीजेपी में शामिल हुए हैं.
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        <pubDate>Sat, 25 Apr 2026 10:30:08 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>राघव, चड्ढा, ने, छोड़ी, आम, आदमी, पार्टी, तो, आया, कुमार, विश्वास, का, पहला, रिएक्शन, अरविंद, केजरीवाल, पर, क्या, बोले</media:keywords>
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        <title>बंगाल में चुनाव के बीच मोदी सरकार का बड़ा फैसला, MLA अशोक लाहिड़ी को बनाया NITI आयोग का उपाध्यक्ष</title>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल में चुनाव के बीच भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने बड़ा फैसला किया है. बंगाल में बीजेपी के विधायक और जाने-माने अर्थशास्त्री अशोक कुमार लाहिड़ी को नीति आयोग का अगला वाइस-चेयरमैन नियुक्त किया गया है. अशोक लाहिड़ी, सुमन बेरी की जगह लेंगे, जो अभी नीति आयोग के वाइस-चेयरपर्सन हैं. सुमन बेरी ने मई 2022 में यह जिम्मेदारी संभाली थी और उन्हें कैबिनेट मंत्री के बराबर दर्जा मिला हुआ है.
अशोक लाहिड़ी का नाम ऐसे समय पर सामने आया है, जब पश्चिम बंगाल में बीजेपी और ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस के बीच कड़ी राजनीतिक टक्कर चल रही है. लाहिड़ी फिलहाल बालुरघाट सीट से विधायक हैं, हालांकि वह इस बार चुनाव नहीं लड़ रहे हैं. अगर उनके अनुभव की बात करें तो लाहिड़ी भारत सरकार के 12वें मुख्य आर्थिक सलाहकार यानी चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर रह चुके हैं. उन्हें यह जिम्मेदारी दिसंबर 2002 में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार के समय दी गई थी. उन्होंने जून 2007 में इस पद से इस्तीफा दिया था और इस दौरान उन्होंने मनमोहन सिंह की सरकार के समय भी काम जारी रखा था.

The new NITI Aayog team includes two Bengali stalwarts, senior economist Dr. Ashok Lahiri as Vice Chairperson and eminent scientist Dr. Gobardhan Das as Member.With this, Bengal once again finds two of its distinguished sons in the top echelons of Indian policymaking, marking&amp;hellip; pic.twitter.com/pH2pFSdgJ4
&amp;mdash; Amit Malviya (@amitmalviya) April 24, 2026




ये भी पढे़ं: इजरायल हमलों से नर्क बनी गाजा पट्टी, मलबों में फंसे शवों को खा रहे चूहे, फिलिस्तीनियों में बीमारी का बढ़ा खतरा
कहां से हुई है अशोक लाहिड़ी की पढ़ाई?
लाहिड़ी की पढ़ाई कोलकाता की प्रेसीडेंसी यूनिवर्सिटी में हुई है. इसके अलावा उन्होंने दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स, एशियन डेवलपमेंट बैंक, बंधन बैंक और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक फाइनेंस एंड पॉलिसी जैसे संस्थानों में पढ़ाने, रिसर्च करने और नेतृत्व की जिम्मेदारी निभाई है. उन्होंने वर्ल्ड बैंक और इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड में भी काम किया है. इस नियुक्ति के साथ एक और नाम सामने आया है. गोबरधन दास को नीति आयोग का नया मेंबर बनाया जा सकता है. वह एक वैज्ञानिक हैं और पहले जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में इम्यूनोलॉजी के क्षेत्र में काम कर चुके हैं. उन्होंने IISER भोपाल के डायरेक्टर के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई है. गोबरधन दास बीजेपी से जुड़े रहे हैं और 2021 के पश्चिम बंगाल चुनाव में पूरबस्थली उत्तर सीट से चुनाव लड़े थे, लेकिन हार गए थे.
ये भी पढे़ं: Ground Report: 17 सीटों का गढ़ नदिया जिला, BJP-TMC में कांटे की टक्कर, मतुआ समुदाय बाहुल इलाका तय करता है बंगाल की राजनीति ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 25 Apr 2026 10:30:08 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>बंगाल, में, चुनाव, के, बीच, मोदी, सरकार, का, बड़ा, फैसला, MLA, अशोक, लाहिड़ी, को, बनाया, NITI, आयोग, का, उपाध्यक्ष</media:keywords>
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        <title>Explained: मोदी कैबिनेट का &amp;apos;तोहफा&amp;apos; या पंजाब बीजेपी का चेहरा होंगे राघव चड्ढा? AAP के 7 सांसदों की विदाई के साथ बने 4 सिनेरियो</title>
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        <description><![CDATA[ राघव चड्ढा और 6 अन्य राज्यसभा सांसदों के आम आदमी पार्टी (आप) छोड़कर बीजेपी में शामिल होने की घोषणा ने भारत की राजनीति में एक बड़ा भूचाल ला दिया है. इस घटनाक्रम ने जहां आप के भविष्य पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, वहीं बीजेपी के लिए पंजाब और राष्ट्रीय राजनीति में नई संभावनाओं के दरवाजे खोल दिए हैं. इस उठापटक के बाद 4 सिनेरियो बन रहे हैं, जिनके बारे में जानेंगे एक्सप्लेनर में...
सिनेरियो 1: मोदी कैबिनेट का विस्तार होगा, नए लोगों को मिलेगा &#039;तोहफा&#039;
फिलहाल, मोदी कैबिनेट के तत्काल विस्तार की कोई पुष्ट खबर सामने नहीं आई है. पॉलिटिकल एक्सपर्ट और CSDS के प्रोफेसर संजय कुमार कहते हैं, &#039;जब सात सांसदों का एक समूह पार्टी में शामिल होता है, खासकर जब उसमें राघव चड्ढा जैसे युवा और मुखर चेहरे शामिल हों, तो उन्हें मंत्रिमंडल में जगह देकर &#039;पुरस्कृत&#039; करना एक स्थापित राजनीतिक परंपरा रही है. यह कदम न सिर्फ दल-बदल कर आए नेताओं को साधने का काम करेगा, बल्कि दूसरे दलों के असंतुष्ट नेताओं को भी बीजेपी में शामिल होने का एक मजबूत संकेत देगा. बीजेपी के इतिहास पर नजर डालें तो पार्टी ने अक्सर &#039;बड़े पैमाने पर शामिल होने&#039; वालों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी हैं, हालांकि कैबिनेट में जगह देना एक जटिल समीकरण है जो जातीय, क्षेत्रीय और राजनीतिक संतुलन पर निर्भर करता है.&#039;
सिनेरियो 2: पंजाब चुनाव में बीजेपी को राघव के रूप में मिला बड़ा चेहरा
संजय कुमार कहते हैं कि यह सबसे अहम सवाल है और इसका जवाब काफी हद तक &#039;हां&#039; में हो सकता है. राघव चड्ढा के बीजेपी में शामिल होने से पंजाब में पार्टी को वो बड़ा &#039;युवा सिख चेहरा&#039; मिल सकता है, जिसकी उसे लंबे समय से कमी खल रही थी.
पंजाब बीजेपी अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कुछ दिन पहले एक इंटरव्यू में इस बात को स्वीकार किया था कि पार्टी का प्रदेश में कोई स्थानीय बड़ा चेहरा नहीं था और तब उन्होंने कहा था, &#039;पंजाब और भारत में हमारा चेहरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हमारी विचारधारा है.&#039; इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा था कि एक बार जब पार्टी सभी 117 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी, तो नेतृत्व अपने आप विकसित हो जाएगा.
संजय कुमार के मुताबिक, राघव चड्ढा अब इस कमी को पूरा कर सकते हैं. वह एक जाने-माने चेहरा हैं, पंजाब से आते हैं, संसद में उनकी कार्यशैली की प्रशंसा होती रही है और वह मीडिया की सुर्खियों में बने रहने की क्षमता रखते हैं. 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए, बीजेपी उन्हें पंजाब में अपना मुख्य चेहरा बनाकर पेश कर सकती है, खासकर तब जब पार्टी आम आदमी पार्टी के &#039;बाहरी&#039; नेतृत्व (अरविंद केजरीवाल) के खिलाफ &#039;पंजाब का अपना बेटा&#039; का नैरेटिव गढ़ रही है.
सिनेरियो 3: पंजाब में आप पार्टी की आखिरी पारी पूरी हुई
संजय कुमार का मानना है कि आप पार्टी के लिए पंजाब में &#039;खेल खत्म&#039; कहना अभी जल्दबाजी होगी, लेकिन यह निश्चित रूप से आप के लिए &#039;अंत की शुरुआत&#039; का संकेत है. पंजाब बीजेपी अध्यक्ष सुनील जाखड़ पहले ही कह चुके हैं कि &#039;राघव चड्ढा प्रकरण पंजाब में आप के अंत की शुरुआत का संकेत है और एक मान्यता प्राप्त पार्टी के रूप में आप के विलुप्त होने की उल्टी गिनती शुरू हो गई है.&#039;
इसके 3 बड़े कारण हैं:

संगठनात्मक कमजोरी: पंजाब आप का आखिरी गढ़ है. इतने बड़े स्तर पर दल-बदल से पार्टी के कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं का मनोबल टूटेगा, जिससे जमीनी स्तर पर पार्टी कमजोर होगी.
पहले से जारी घटनाक्रम: जाखड़ ने पहले ही आप के बिखराव का जिक्र करते हुए ललजीत सिंह भुल्लर से जुड़े विवाद, बलात्कार के आरोपों में गिरफ्तार हरमीत सिंह पठानमाजरा और राघव चड्ढा की दूरी जैसे मामलों को पार्टी के पतन का सबूत बताया था.
बाहरी नेतृत्व का आरोप: बीजेपी पहले से ही आप के खिलाफ &#039;बाहरी&#039; होने का आरोप लगा रही है, जो पंजाब की जनता के बीच असरदार साबित हो रहा है.

हालांकि, सत्ता में होने के कारण आप के पास अभी भी संसाधन और सरकारी मशीनरी है. वह स्थिति को संभालने की पूरी कोशिश करेगी, लेकिन यह बड़ा झटका 2027 के चुनावों में उसकी राह को बेहद कठिन बना देगा.
सिनेरियो 4: 10 में से 7 सांसदों के जाने से आप का सूपड़ा साफ हो गया
गणितीय रूप से देखें तो यह &#039;आप&#039; के लिए एक विनाशकारी क्षति है, जिसे &#039;सूपड़ा साफ&#039; होने जैसा ही कहा जाएगा...

राज्यसभा में स्थिति: आप के पास राज्यसभा में कुल 10 सांसद थे. 7 के इस्तीफे के बाद अब सिर्फ 3 बचे हैं . इससे उच्च सदन में पार्टी की आवाज और विधायी प्रभाव लगभग खत्म हो जाएगा. इसके अलावा, नियमों के अनुसार दल-बदल करने वाले सांसदों को अयोग्यता का सामना नहीं करना पड़ेगा क्योंकि वे पार्टी के &#039;दो-तिहाई&#039; बहुमत का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत एक सुरक्षित रास्ता है.
राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा: यह सामूहिक इस्तीफा आप के राष्ट्रीय पार्टी के दर्जे के लिए एक बड़ा खतरा है. चुनाव आयोग यह दर्जा देने के लिए राज्यसभा और लोकसभा में सांसदों की संख्या समेत कई कारकों पर गौर करता है. इतनी बड़ी संख्या में सांसदों के जाने से यह दर्जा समीक्षा के दायरे में आ सकता है.
प्रतीकात्मक क्षति: यह सिर्फ संख्या का मामला नहीं है. जिन नेताओं ने पार्टी छोड़ी, उनमें संदीप पाठक (राष्ट्रीय महासचिव), स्वाति मालीवाल (पूर्व DCW अध्यक्ष) और हरभजन सिंह (पूर्व क्रिकेटर) जैसे प्रमुख चेहरे शामिल हैं. यह बिखराव एक संदेश है कि पार्टी के भीतर अपने ही शीर्ष नेतृत्व से गहरा असंतोष है. राघव चड्ढा ने कहा, &#039;पार्टी अपने लक्ष्यों से भटक गई है और निजी फायदे के लिए काम कर रही है.&#039; इस आंतरिक कलह को सार्वजनिक रूप से उजागर करता है.

राघव चड्ढा और उनके सहयोगियों का दल-बदल आम आदमी पार्टी के लिए एक अस्तित्व का संकट पैदा करता है. यह घटनाक्रम न सिर्फ पंजाब में बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी पार्टी के राजनीतिक भविष्य पर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है. वहीं, बीजेपी के लिए यह एक रणनीतिक जीत है, जो उसे पंजाब में एक मजबूत  ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 18:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Explained:, मोदी, कैबिनेट, का, तोहफा, या, पंजाब, बीजेपी, का, चेहरा, होंगे, राघव, चड्ढा, AAP, के, सांसदों, की, विदाई, के, साथ, बने, सिनेरियो</media:keywords>
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        <title>ऑपरेशन लोटस, राजनीति का घटिया खेल और धोखा…, राघव चड्ढा के कदम पर AAP के ये पांच आरोप</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/ऑपरेशन-लोटस-राजनीति-का-घटिया-खेल-और-धोखा-राघव-चड्ढा-के-कदम-पर-aap-के-ये-पांच-आरोप</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/ऑपरेशन-लोटस-राजनीति-का-घटिया-खेल-और-धोखा-राघव-चड्ढा-के-कदम-पर-aap-के-ये-पांच-आरोप</guid>
        <description><![CDATA[ 






Raghav Chadha Quits AAP: आम आदमी पार्टी के लिए शुक्रवार का दिन बड़ा झटका देने वाला बताया जा रहा है. राघव चड्ढा ने दावा किया कि पार्टी के सात राज्यसभा सांसद टूटकर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने की तैयारी में हैं. यह दावा ऐसे समय में सामने आया है, जब हाल ही में अरविंद केजरीवाल को दिल्ली शराब घोटाला मामले में राहत मिली थी. वर्तमान में आम आदमी पार्टी के 10 राज्यसभा सांसद हैं, ऐसे में सात सांसदों के अलग होने का दावा पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है.
बीजेपी का ऑपरेशन लोटस
इस घटनाक्रम पर भगवंत मान ने कहा, &amp;ldquo;हुकूमत वही करते हैं जो लोगों के दिलों पर राज करते हैं, यूं तो मुर्गे के सिर पर भी ताज होता है.&amp;rdquo; राघव चड्ढा के दावे के अनुसार, जिन सांसदों के भाजपा में जाने की बात कही गई, उनमें स्वाति मालीवाल, राजिंदर गुप्ता, विक्रम साहनी, अशोक मित्तल और संदीप पाठक के नाम शामिल बताए गए.
इन दावों के बाद संजय सिंह ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह &amp;lsquo;ऑपरेशन लोटस&amp;rsquo; का हिस्सा है. उन्होंने इसे &amp;ldquo;घटिया राजनीति&amp;rdquo; बताते हुए आरोप लगाया कि पंजाब में भगवंत मान सरकार के कामकाज को रोकने की साजिश की जा रही है.
पंजाब की जनता देगी जवाब
संजय सिंह ने कहा कि जिन नेताओं को पार्टी ने विधायक से लेकर सांसद तक बनाया, वही अब पार्टी छोड़ रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि अमित शाह के इशारे पर यह पूरा खेल चल रहा है और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के जरिए दबाव बनाकर नेताओं को तोड़ा जा रहा है.

उन्होंने यह भी कहा कि हाल ही में कुछ नेताओं के घर ईडी की छापेमारी हुई थी और उसी का डर दिखाकर उन्हें पार्टी छोड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है. संजय सिंह के मुताबिक, पंजाब की जनता इस &amp;ldquo;धोखे&amp;rdquo; का जवाब जरूर देगी.
ये भी पढ़ें: आम आदमी पार्टी के दो तिहाई सांसद बीजेपी में हो रहे शामिल, राघव चड्ढा का बड़ा दावा, देखें पूरी लिस्ट






 ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 18:30:10 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>ऑपरेशन, लोटस, राजनीति, का, घटिया, खेल, और, धोखा…, राघव, चड्ढा, के, कदम, पर, AAP, के, ये, पांच, आरोप</media:keywords>
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        <title>Raghav Chadha News: देखते रहे केजरीवाल, लूट गई पार्टी, BJP में जाएंगे 7 सांसद, ये हैं टूट की 5 वजह</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/raghav-chadha-news-देखते-रहे-केजरीवाल-लूट-गई-पार्टी-bjp-में-जाएंगे-7-सांसद-ये-हैं-टूट-की-5-वजह</link>
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        <description><![CDATA[ राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने शुक्रवार (24 अप्रैल 2026) को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दो अन्य सांसदों के साथ आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़ने का ऐलान कर दिया है. उनके साथ राज्यसभा सांसद संदीप पाठक और अशोक मित्तल भी AAP से अलग हो गए हैं. इसके साथ ही, तीनों नेताओं ने बीजेपी में शामिल होने की घोषणा की है. यह आम आदमी पार्टी में अब तक की सबसे बड़ी टूट है. राघव चड्ढा और संदीप पाठक ने बताया कि आप से उनका मोहभंग क्यों हुआ.
पहला कारण: AAP सांसद राघव चड्ढा ने पार्टी छोड़ने के फैसले पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आप अपने मूल सिद्धांतों से पूरी तरह भटक गई हैं. उन्होंने कहा कि जिस आप को मैंने 15 सालों तक अपने खून से सींचा, वह अपने मार्ग से भटक गई है. अब यह देशहित के लिए नहीं बल्कि अपने निजी फायदों के लिए काम कर रही है. AAP की स्थापना से लेकर हर बड़े मौकों पर राघव चड्ढा अक्सर अरविंद केजरीवाल के साथ नजर आते थे.
दूसरा कारण: राघव चड्ढा के अनुसार पार्टी अब मेहनती कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज करने लगी है. उन्होंने कहा, मैंने पार्टी को दिल्ली, पंजाब और अन्य राज्यों में विस्तार देने के लिए सभी नेताओं ने मिलकर कड़ी मेहनत की थी, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं. मैं आप से दूर जा रहा हूं और जनता के पास आ रहा हूं. बीजेपी में शामिल होने के फैसले पर चड्ढा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की.&amp;nbsp;
तीसरा कारण: प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राघव चड्ढा ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काम से प्रभावित हैं. उन्होंने कहा, &#039;पिछले 12 सालों में केंद्र सरकार ने कई ऐसे फैसले लिए हैं, जिन फैसलों को लेने से पहले कई नेता डरते थे. जनता ने इस नेतृत्व पर तीन बार मुहर लगाई है और अब हम भी उसी नेतृत्व में देश के लिए काम करेंगे. राघव चड्ढा ने आगे कहा कि राज्यसभा में AAP के 10 सांसद हैं और दो-तिहाई से ज्यादा सांसद इस मुहिम में हमारे साथ हैं. उन्होंने पहले ही हस्ताक्षर कर दिए हैं, और आज सुबह हमने सभी जरूरी दस्तावेज, जिनमें हस्ताक्षरित पत्र और अन्य औपचारिक कागजात शामिल हैं, राज्यसभा के सभापति को सौंप दिए हैं.&amp;nbsp;

चौथा कारण: राघव चड्ढा ने कहा कि पिछले कुछ समय से उन्हें लग रहा था कि वह गलत पार्टी में सही व्यक्ति हैं. इसी वजह से उन्होंने पार्टी से अलग होने का फैसला लिया है. संदीप पाठक ने कहा, &#039;मैंने अपने जीवन में कभी नहीं सोचा था कि ऐसा समय भी आएगा, लेकिन आज वह स्थिति सामने है. आज मैं आम आदमी पार्टी से अपने सभी रिश्ते समाप्त करने की घोषणा करता हूं.&#039;
पांचवां कारण: पिछले कुछ महीनों से जिस तरह से राघव चड्ढा को पार्टी में अलग-थलग करने की कोशिश की जा रही थी, उससे साफ हो गया था कि आने वाले समय में अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी को &#039;जोर का झटका, बहुत जोर से लगना&#039; तय है. फिलहाल वह पंजाब से राज्यसभा सांसद हैं और इस पद पर वे अप्रैल 2022 से हैं. हालांकि, पिछले दिनों उन्हें पार्टी की तरफ से राज्यसभा में उपनेता के पद से हटा दिया गया था. इसके बाद से ही माना जा रहा था कि राघव चड्ढा जल्द ही अपनी राजनीतिक सफर में नए रास्ते तलाश सकते हैं.
राघव चड्ढा सहित ये सांसद BJP में शामिल होंगे
AAP छोड़ने वाले सात सांसद ये हैं- राघव चड्ढा, स्वाति मालीवाल, हरभजन सिंह, संदीप पाठक, अशोक मित्तल, राजिंदर गुप्ता, विक्रम साहनी. 24 वर्ष की आयु में, उन्होंने 2012 में अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में लोकपाल विधेयक का मसौदा तैयार करने में सहयोग किया. टीवी पर वह पार्टी और संगठन का पक्ष रखते रहे और जल्द ही वह पार्टी का जाना-पहचाना चेहरा बन गए.राघव चड्ढा भारतीय राजनीतिक दलों में सबसे कम उम्र के राष्ट्रीय प्रवक्ता बने.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 18:30:09 +0530</pubDate>
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        <title>गाजियाबाद में 4 साल की मासूम से दरिंदगी की जांच 3 महिला आईपीएस अधिकारियों को सौंपी गई, सुप्रीम कोर्ट ने दिया एसआईटी के गठन का आदेश</title>
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        <description><![CDATA[ गाजियाबाद में 4 साल की बच्ची से रेप और हत्या के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने विशेष जांच दल (SIT) बनाने को कहा है. कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के डीजीपी से कहा है कि वह तीन महिला आईपीएस अधिकारियों की एसआईटी बनाएं. एसआईटी 2 सप्ताह में रिपोर्ट दे. उसकी रिपोर्ट आने तक ट्रायल कोर्ट अपनी कार्रवाई स्थगित रखे.
घटना 16 मार्च की है. बच्ची को बहला-फुसलाकर आरोपी ले गया था. बाद में वह घर से 500 मीटर दूर झाड़ियों में बुरी तरह घायल स्थिति में मिली. 2 हस्पतालों में दाखिला न मिलने के बाद उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया. घटना की जांच में पुलिस के लापरवाह रवैये की शिकायत करते हुए बच्ची के पिता सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं. इससे पहले हुई सुनवाई में कोर्ट ने पुलिस कमिश्नर और एसएचओ को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट तलब किया था.

शुक्रवार, 24 अप्रैल को गाजियाबाद पुलिस की तरफ से बताया गया कि मामले की जांच पूरी करने के बाद चार्जशीट दाखिल कर दी गई है लेकिन पीड़िता के पिता ने पुलिस पर मनमुताबिक बयान देने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया. इसके बाद चीफ जस्टिस सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली 3 जजों की बेंच ने आईजी रैंक की महिला अधिकारी के नेतृत्व में 3 महिला आईपीएस अधिकारियों की एसआईटी बनाने को कह दिया.
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याचिका में 2 निजी अस्पतालों पर भी आरोप लगाया गया है कि उन्होंने बच्ची को भर्ती कर इलाज करने से मना कर दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने इस पहलू की भी जांच का आदेश दिया. कोर्ट ने कहा कि शनिवार को सुबह 11 बजे तक एसआईटी का गठन कर दिया जाए. एसआईटी याचिकाकर्ता की तरफ से जताई गई सभी चिंताओं पर गौर करे और जांच करे. वह 2 सप्ताह में अपनी सप्लीमेंट्री रिपोर्ट ट्रायल कोर्ट को दे. तब तक मुकदमे की कार्यवाही रुकी रहे.
यह भी पढ़ें:- महिलाओं का नमाज के लिए मस्जिद जाना अनिवार्य? सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अमानुल्लाह बोले- &#039;हदीस में ऐसा...&#039;
ध्यान रहे कि पुलिस ने शुरू में सिर्फ हत्या की एफआईआर दर्ज की थी. हालांकि, बाद में उसने रेप की बात भी एफआईआर में जोड़ी. घटना के अगले दिन आरोपी गिरफ्तार हो गया था. उसने पुलिस को दिए बयान में रेप और हत्या की बात स्वीकार की है लेकिन पीड़ित परिवार पुलिस के रवैए से असंतुष्ट है. वह बच्ची का इलाज न करने वाले हस्पतालों को बचाए जाने का भी आरोप लगा रहा है. ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 18:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए राज्यसभा में नोटिस, 73 सांसदों ने किए दस्तखत</title>
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        <description><![CDATA[ विपक्षी दलों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने के लिए प्रस्ताव लाने के संदर्भ में शुक्रवार (24 अप्रैल, 2026) को राज्यसभा को नया नोटिस सौंपा. कांग्रेस महासचिव और राज्यसभा सदस्य जयराम रमेश ने बताया कि संसद के उच्च सदन के 73 सदस्यों के हस्ताक्षर वाला यह नोटिस राज्यसभा के महासचिव पी सी मोदी को दिया गया है.
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया और लिखा, &#039;राज्यसभा के 73 विपक्षी सदस्यों ने भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को 15 मार्च, 2026 को और उसके बाद किए गए कृत्यों और चूक के आधार पर भारत के संविधान के अनुच्छेद 324 (5) के साथ पठित अनुच्छेद 124 (4), धारा 11 (2) और मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्त (नियुक्ति, सेवा की शर्तें और कार्यालय की अवधि) अधिनियम, 2023 और न्यायाधीश (जांच) अधिनियम, 1968 के तहत पद से हटाने की प्रार्थना करते हुए प्रस्ताव का नोटिस राज्यसभा महासचिव को सौंपा है.&#039;

उन्होंने कहा कि सीईसी के खिलाफ अब नौ विशिष्ट आरोप हैं जिन्हें काफी विस्तार से दस्तावेजीकृत किया गया है और इन्हें आसानी से नकारा या खारिज नहीं किया जा सकता. जयराम रमेश ने दावा किया, &#039;सीईसी संविधान पर हमला जारी रखे हुए हैं. यह अत्यंत अपमानजनक है कि वह व्यक्ति प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के आदेशों का पालन करने के लिए पद पर बने हुए हैं.&#039;
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इससे पहले लोकसभा के 130 और राज्यसभा के 63 विपक्षी सदस्यों ने बीते 12 मार्च को दोनों सदनों में कुमार के खिलाफ नोटिस सौंपा था. हालांकि राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने छह अप्रैल को इसे अस्वीकार कर लिया था.
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विपक्षी सांसदों ने अपने पहले के नोटिस में मुख्य निर्वाचन आयुक्त कुमार पर कार्यपालिका के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया था. इसके अलावा, उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के माध्यम से लोगों को बड़े पैमाने पर मताधिकार से वंचित करने का भी आरोप लगाया था. ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 18:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>गैस कनेक्शन अनब्लॉक करने का बोलकर साइबर अपराधियों ने ऐसे लगाई सेंध, मोबाइल से उड़ा भगे इतने लाख रुपये</title>
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        <description><![CDATA[ Mumbai News: मुंबई और उपनगरों में &amp;ldquo;Mahanagar Gas Limited&amp;rdquo; के नाम पर APK फाइल भेजकर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है. इस मामले में साइबर पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
पीड़ित उपेंद्र नारायण मुर्कुर (64) को 17 मार्च 2025 को शाम के समय अज्ञात मोबाइल नंबरों से मैसेज और कॉल प्राप्त हुए, जिसमें गैस कनेक्शन बंद करने की बात कही गई. खुद को MGL कंपनी का अधिकारी बताने वाले आरोपियों ने &amp;ldquo;MGL GAS UNBLOCK FILE.apk&amp;rdquo; नाम की फर्जी APK फाइल व्हाट्सएप पर भेजी और कनेक्शन अनब्लॉक करने के नाम पर प्रोसेस पूरा करने को कहा.
पीड़ित ने जैसे ही फाइल डाउनलोड कर उसमें अपनी बैंक डिटेल्स भरी, आरोपियों ने मोबाइल का एक्सेस हासिल कर लिया और बैंक खाते से करीब 2.30 लाख रुपये निकाल लिए. इसके बाद पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई.
पुलिस ने एबीपी न्यूज के साथ साझा की जानकारी
सायबर सेल के डीसीपी पुरषोत्तम कराड ने ABP न्यूज़ से बातचीत की और बताया कि,&quot; इस मामले में 9 अप्रैल 2026 को साइबर पुलिस स्टेशन, पश्चिम विभाग मुंबई में विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया. जांच के दौरान HQ साइबर लैब के अधिकारियों ने APK फाइल का तकनीकी विश्लेषण कर इसके क्रिएटर तक पहुंच बनाई. मोबाइल नंबर, IMEI, IPDR और जीमेल आईडी के आधार पर मुख्य आरोपी की पहचान की गई.,&quot;
कराड ने आगे बताया कि,&quot; मुख्य आरोपी आरिफ अंसारी (28), निवासी गिरिडीह, झारखंड की तलाश में पुलिस टीम पहले भी झारखंड गई थी, लेकिन वह फरार मिला. बाद में तकनीकी जांच और मुखबिर की सूचना के आधार पर 20 अप्रैल 2026 को उसके सिलीगुड़ी (पश्चिम बंगाल) में होने की जानकारी मिली.,&quot;
कराड ने बताया कि,&quot; इसके बाद पुलिस टीम सिलीगुड़ी पहुंची और लगातार निगरानी रखी. 22 अप्रैल 2026 की सुबह आरोपी को बिहार के किशनगंज में RPF की मदद से ट्रेन में गिरफ्तार कर लिया गया.,&quot;
पुलिस ने आरोपियों के पास से जब्त किए मोबाइल
गिरफ्तार अन्य आरोपियों में बिलाल शेख (28) और महबूब आलम (25) शामिल हैं, जो सभी झारखंड के रहने वाले हैं. पुलिस ने आरोपियों के पास से 5 मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिनमें देशभर में ठगी के लिए इस्तेमाल की जा रही कई फर्जी APK फाइलें मिली हैं.
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों के खिलाफ झारखंड समेत अन्य राज्यों में कई साइबर अपराध के मामले दर्ज हैं. फिलहाल आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर आगे की जांच की जा रही है. इस गिरोह से जुड़े और भी मामलों के खुलासे की संभावना जताई जा रही है.
कराड ने कहा कि,&quot; नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान APK फाइल या लिंक को डाउनलोड न करें और अपनी बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें.,&quot;
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        <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 10:30:13 +0530</pubDate>
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        <title>West Bengal Assembly Elections 2026: बंगाल चुनाव के बीच बाबरी मस्जिद का ऐलान करने वाले हुमायूं कबीर को लगा बड़ा झटका</title>
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        <description><![CDATA[ West Bengal Assembly Elections 2026: पश्चिम बंगाल में गुरुवार (23 अप्रैल, 2026) को विधानसभा चुनाव का पहला चरण ऐतिहासिक मतदान प्रतिशत के साथ पूर्ण हो चुका है. चुनाव के पहले चरण में राज्य के 16 जिलों में 91.78 प्रतिशत से ज्यादा वोटिंग हुई है. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने इसे आजादी से लेकर अब तक का ऐतिहासिक चुनाव कहा है. राज्य की जनता आज के चुनाव से बेहद खुश है, लेकिन बंगाल चुनाव के बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) से पूर्व नेता और आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के प्रमुख हुमायुं कबीर को बड़ा झटका लगा है.
दरअसल, मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद बनाने का ऐलान करके चर्चा में आए हुमायूं कबीर की आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के एक उम्मीदवार अजाज अहमद अंसारी ने चुनाव के बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) का हाथ थाम लिया है. अजाज अहमद अंसारी बंगाल के मेतियाबुरुज विधानसभा सीट से AJUP के उम्मीदवार बनाए गए थे, लेकिन राज्य में पहले चरण के चुनाव के दौरान अजाज अंसारी गुरुवार (23 अप्रैल, 2026) को TMC नेता अभिषेक बनर्जी की उपस्थिति में टीएमसी में शामिल हो गए.

टीएमसी ने एक्स पर शेयर किया वीडियो
तृणमूल कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने आधिकारिक हैंडल से अजाज अहमद अंसारी से पार्टी में शामिल होने के वीडियो शेयर किया है. वीडियो में टीएमसी के महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी एक चुनावी सभा में नजर आ रहे हैं और जो एजेयूपी उम्मीदवार अजाज अहमद अंसारी को टीएमसी का झंडा थमाते हुए नजर आ रहे हैं. इसके अलावा, अजाज अहमद अंसारी को पार्टी में शामिल किए जाने के बाद अभिषेक बनर्जी उन्हें मंच पर गले से लगाते भी दिखाई दिए.

Today, in the presence of Shri @abhishekaitc, Ajaz Ahmed Ansari, AJUP candidate from Metiaburuz, joined the Trinamool Congress family.We extend a warm welcome to him and commend his decision to choose development over divisiveness. We look forward to his contributions in&amp;hellip; pic.twitter.com/vEKQgOz99L
&amp;mdash; All India Trinamool Congress (@AITCofficial) April 23, 2026



इसके अलावा, अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (AITC) ने अपने पोस्ट में लिखा, &amp;lsquo;आज अभिषेक बनर्जी की उपस्थिति में मेटियाबुरुज विधानसभा सीट से AJUP उम्मीदवार अजाज अहमद अंसारी ने तृणमूल कांग्रेस परिवार में शामिल होकर एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. हम उनका हार्दिक स्वागत करते हैं और विभाजन की राजनीति के बजाय विकास को चुनने के उनके फैसले की सराहना करते हैं. हमें विश्वास है कि वे बंगाल के लोगों की सेवा में अपना महत्वपूर्ण योगदान देंगे.&amp;rsquo;
यह भी पढ़ेंः आजाद भारत में पहली बार बंगाल-तमिलनाडु में रिकॉर्ड वोटिंग, जानें क्या बोले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 10:30:12 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>West, Bengal, Assembly, Elections, 2026:, बंगाल, चुनाव, के, बीच, बाबरी, मस्जिद, का, ऐलान, करने, वाले, हुमायूं, कबीर, को, लगा, बड़ा, झटका</media:keywords>
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        <title>उत्तर भारत में लू का प्रकोप, दिल्ली&amp;NCR में तपेगा आसमान, पारा 45°C के पार जाने का खतरा!</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/उत्तर-भारत-में-लू-का-प्रकोप-दिल्ली-ncr-में-तपेगा-आसमान-पारा-45c-के-पार-जाने-का-खतरा</link>
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        <description><![CDATA[ Heatwave in India: उत्तर भारत में गर्मी अब अपने खतरनाक दौर में पहुंचती दिख रही है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, दिल्ली-NCR, हरियाणा, पंजाब और पश्चिम उत्तर प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक लू चलने की पूरी संभावना है. इन राज्यों में तापमान लगातार सामान्य से ऊपर बना हुआ है, कई इलाकों में तो पारा 45 डिग्री सेल्सियस के करीब या उससे पार जाने की संभावना मौसम विभाग की लेटेस्ट एक्सटेंडेड फोरकास्ट रिपोर्ट में जताई गई है.
राजस्थान में 29 अप्रैल तक चलेगी हीटवेव
मौसम विभाग के अनुसार, 23 से 29 अप्रैल के बीच उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के हिस्सों में लू का असर सबसे ज्यादा रहेगा. खासतौर पर राजस्थान में 29 अप्रैल तक लगातार हीटवेव की स्थिति बनी रह सकती है, जबकि मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी तेज गर्मी लोगों को परेशान करेगी. वहीं, दिल्ली-NCR में 23 से 26 अप्रैल के बीच &amp;lsquo;वार्म नाइट&amp;rsquo; यानी रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिलने की स्थिति बन सकती है.
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ओडिशा के झारसुगुड़ा में दर्ज किया गया 44.6 डिग्री तापमान
मौसम विभाग (IMD) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश के कई हिस्सों में दिन का तापमान 40 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है. हाल ही में ओडिशा के झारसुगुड़ा में पारा 44.6 डिग्री तक पहुंच गया, जबकि इससे पहले उत्तर प्रदेश के बांदा में 45.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था, जो इस सीजन के सबसे गर्म दिनों में शामिल रहा है.
फिलहाल मौसम विभाग का कहना है कि 26 अप्रैल तक उत्तर भारत में तापमान में 2 से 3 डिग्री तक और बढ़ोतरी हो सकती है. इसके बाद हल्की गिरावट के संकेत जरूर हैं, लेकिन तब तक लोगों को तेज गर्मी और लू का सामना करना पड़ेगा.

मौसम विभाग की लोगों के लिए सलाह
हालांकि, देश के अन्य हिस्सों में मौसम की बात करें तो पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के कई राज्यों में गरज-चमक के साथ बारिश का दौर जारी रहने की संभावना मौसम विभाग की तरफ से जताई गई है, जिससे वहां कुछ राहत मिल सकती है.
इस झुलसा देने गर्मी में मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. खासकर दोपहर के समय धूप में निकलने से बचने, ज्यादा से ज्यादा पानी पीने और शरीर को हाइड्रेट रखने की अपील की गई है. वहीं बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है, क्योंकि लू का असर इन पर जल्दी पड़ सकता है.
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        <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 10:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>उत्तर, भारत, में, लू, का, प्रकोप, दिल्ली-NCR, में, तपेगा, आसमान, पारा, 45°C, के, पार, जाने, का, खतरा</media:keywords>
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        <title>पंचकूला नगर निगम के 145 करोड़ के घोटाले में ED का बड़ा एक्शन, कोटेक महिंद्रा बैंक से जुड़े 12 ठिकानों पर छापेमारी</title>
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        <description><![CDATA[ Panchkula Municipal Corporation Scam: हरियाणा के पंचकूला नगर निगम के करीब 145 करोड़ रुपये के बड़े घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने बड़ा एक्शन लिया है. ED की चंडीगढ़ जोनल ऑफिस टीम ने 22 अप्रैल 2026 को चंडीगढ़, पंचकूला, जीरकपुर, डेराबस्सी और राजपुरा पटियाला में कुल 12 ठिकानों पर छापेमारी की. ED की ये कार्रवाई Kotak Mahindra Bank और नगर निगम पंचकूला से जुड़े कथित फ्रॉड केस में की गई. छापेमारी के दौरान टीम ने कई सेल-पर्चेज एग्रीमेंट, अहम दस्तावेज और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े सबूत जब्त किए है.
इस मामले की जांच ED ने ACB पंचकूला द्वारा दर्ज FIR के आधार पर शुरू की थी. FIR में आरोप लगाया गया था कि कोटेक महिंद्रा बैंक के कुछ अधिकारियों ने गहरी साजिश के तहत नगर निगम पंचकूला के 145 करोड़ रुपये का गबन किया.&amp;nbsp; जांच में अब तक जो सामने आया है, उसके मुताबिक नगर निगम के कुछ अधिकारी, बैंक कर्मचारी और निजी लोग मिलकर सरकारी पैसे को हड़पने की साजिश में शामिल थे.
ED जांच को लेकर क्या जानकारी दी?
ED के मुताबिक, जांच में पता चला कि दिलीप कुमार राघव (कस्टमर रिलेशनशिप मैनेजर) और पुष्पिंदर सिंह (डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट) ने विकास कौशिक (पूर्व सीनियर अकाउंट्स ऑफिसर, नगर निगम पंचकूला) के साथ मिलकर फर्जी अथॉराइजेशन लेटर के जरिए नगर निगम के नाम पर दो बैंक खाते खुलवाए. इसके बाद नगर निगम के असली खातों में मौजूद पैसा इन फर्जी खातों में ट्रांसफर कर दिया गया... इसके लिए नकली फंड माइग्रेशन लेटर और फर्जी ईमेल आईडी का इस्तेमाल किया गया.
ED का कहना है कि नगर निगम पंचकूला के रिकॉर्ड में इन ट्रांजेक्शन की कोई जानकारी नहीं थी. यानी असली खाते से पैसा निकलता रहा और निगम अधिकारियों को पता तक नहीं चला. इतना ही नहीं, नगर निगम को 16 फर्जी एफडीआर (Fixed Deposit Receipt) भी दिए गए, जिनमें करीब 145.03 करोड़ रुपये निवेश दिखाया गया था. इनकी मैच्योरिटी वैल्यू करीब 158.02 करोड़ रुपये बताई गई थी.
जांच एजेंसी ने क्या जानकारी दी?&amp;nbsp;
जांच एजेंसी के मुताबिक ये रकम आगे कई लोगों और फर्मों तक पहुंचाई गई. इसमें रजत Dahra, स्वाति तोमर, कपिल कुमार और विनोद कुमार जैसे नाम शामिल है. कुछ रकम वापस पुष्पिंदर सिंह और उनकी पत्नी प्रीति ठाकुर तक पहुंचने का भी दावा किया गया है. इसके अलावा पैसा रियल एस्टेट कंपनियों और निजी लोगों तक भी ट्रांसफर किया गया.
ED ने जिन लोगों और संस्थानों से जुड़े परिसरों पर तलाशी ली, उनमें पुष्पिंदर सिंह, रजत दहरा, दिलीप कुमार राघव, विकास कौशिक, सनत रियल्टर्स, सनी गर्ग और कपिल कुमार के ठिकाने शामिल है. ED ने कहा है कि इस मामले में अभी जांच जारी है और आने वाले दिनों में कई बड़े खुलासे हो सकते है.
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        <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 10:30:09 +0530</pubDate>
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        <title>मनी लॉन्ड्रिंग केस में शिर्डी होटल के कारोबारी पर ईडी की बड़ी कार्रवाई, इस कथित बाबा से जुड़ा है कनेक्शन?</title>
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        <description><![CDATA[ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को शिर्डी और कोपरगांव में बड़ी कार्रवाई करते हुए कई ठिकानों पर छापेमारी की. जांच के दायरे में शिर्डी स्थित होटल &amp;lsquo;मैरीगोल्ड&amp;rsquo; के मालिक निलेश भानुसाहेब जापे हैं, जिनका नाम कथित तौर पर भोंदू बाबा अशोक खरात से जुड़े संदिग्ध वित्तीय लेन-देन में सामने आया है.
ED की टीमों ने सुबह कोपरगांव के MIDC इलाके में स्थित जापे की टेक्सटाइल यूनिट पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया. इसके बाद शिर्डी में होटल मैरीगोल्ड और जापे के आवास पर एक साथ छापेमारी की गई. इस दौरान अधिकारियों ने जापे से पूछताछ कर खरात से जुड़े लेन-देन के बारे में जानकारी जुटाई.
यह कार्रवाई खरात के करीबी सहयोगी अरविंद पांडुरंग बावके से हुई पूछताछ के बाद तेज हुई. बावके फिलहाल अहिल्यानगर जिले की कोपरगांव उपजेल में न्यायिक हिरासत में है. ED ने मनी लॉन्ड्रिंग कानून (PMLA) के तहत विशेष अदालत की अनुमति लेकर 21 और 22 अप्रैल को जेल में ही उससे पूछताछ की थी. सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान होटल कारोबार से जुड़े एक संदिग्ध मनी ट्रेल के अहम सुराग मिले.
जांच में क्या हुआ है खुलासा
जांच में सामने आया है कि खरात ने पिछले साल शिर्डी में जमीन सौदे के लिए जापे को करीब 15 करोड़ रुपये नकद दिए थे. यह रकम ब्याज पर दी गई थी और शर्त थी कि यदि सौदा नहीं होता तो रकम मोटे ब्याज के साथ लौटाई जाएगी. वहीं, सौदा पूरा होने पर खरात को प्रोजेक्ट में हिस्सेदारी मिलनी थी.
हालांकि, यह जमीन सौदा पूरा नहीं हो सका, लेकिन हैरानी की बात यह है कि खरात ने न तो पैसे वापस मांगे और न ही किसी तरह का ब्याज लिया. ऐसे में जांच एजेंसियों को शक है कि इस रकम के जरिए शिर्डी के होटल सेक्टर में मनी लॉन्ड्रिंग की गई हो.
इस एंगल से जांच में जुटी है ईडी
ED अब यह जांच कर रही है कि जापे के कारोबार का इस्तेमाल कहीं अवैध कमाई को वैध दिखाने के लिए तो नहीं किया गया. एजेंसी ने जापे को बयान दर्ज कराने के लिए मुंबई स्थित अपने कार्यालय में तलब किया है.
गौरतलब है कि इससे पहले ED खरात से जुड़े करीब 500 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्तियों का नेटवर्क नासिक, पुणे और सोलापुर में खंगाल चुकी है. अब शिर्डी-कोपरगांव के होटल सेक्टर की जांच इस मामले में एक नए एंगल की ओर इशारा कर रही है, जहां और भी कारोबारी कड़ियों की तलाश की जा रही है.
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        <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 10:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>बंगाल ने शुरुआती घंटों में ही सुनाया बड़ा फैसला, तमिलनाडु से ज्यादा वोटिंग, जानें 9 बजे तक आंकड़ा कितना?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/बंगाल-ने-शुरुआती-घंटों-में-ही-सुनाया-बड़ा-फैसला-तमिलनाडु-से-ज्यादा-वोटिंग-जानें-9-बजे-तक-आंकड़ा-कितना</link>
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        <description><![CDATA[ West Bengal-Tamilnadu Assembly Elections 2026: पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में विधानसभा चुनावों के लिए सुबह 7 बजे से वोटिंग जारी है. पोलिंग बूथों पर लंबी-लंबी लाइनें लगी हुई हैं. जहां बंगाल में ममता बनर्जी की साख दांव पर लगी हुई है, वहीं तमिलनाडु में स्टालिन के नेतृत्व में डीएमके अपनी सरकार बचाने के लिए कोशिशों में जुटी हुई है. इस बीच निर्वाचन आयोग ने सुबह 9 बजे तक का वोटिंग का आंकड़ा जारी कर दिया है.&amp;nbsp;
बंगाल में जहां सुबह 9 बजे तक 18.76 फीसदी वोटिंग हुई है, वहीं दक्षिणी राज्य तमिलनाडु में ये आंकड़ा 17.69 फीसदी तक पहुंचा है. बंगाल में सबसे ज्यादा वोटिंग पश्चिम मेदिनीपुर जिले में हुई है. यहां 9 बजे तक 20.51 फीसदी वोटर्स अपने मत का इस्तेमाल कर चुके हैं. &amp;nbsp;
बंगाल के किस जिले में कितनी वोटिंग?
चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, सुबह 9 बजे तक मालदा में 16.96%, मुर्शिदाबाद में 18.88%, पश्चिम वर्धमान में 19%, पश्चिम मेदिनीपुर में 20.51%, पूर्वी मेदिनीपुर में 18.81%, पुरुलिया में 17.83%, उत्तरी दिनाजपुर में 17.54%, झारग्राम में 19.84%, कैलिम्पोंग में 18.74%, अलीपुरद्वार में 17.70%, बांकुरा में 20.20%, बीरभूम में 19.01%, कूचबिहार में 17.56%, दक्षिण दिनाजपुर में 18.81%, दार्जिलिंग में 18.80% और जलपाईगुड़ी में 18.50% वोटिंग हुई है. &amp;nbsp;
बंगाल के किन जिलों में वोटिंग?
पश्चिम बंगाल के पहले चरण में राज्य के 16 जिलों की 152 सीटों पर वोटिंग है, जिसमें उत्तर बंगाल के कूचबिहार, अलीपुरद्वार, जलपाईगुड़ी, दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, उत्तर दिनाजपुर, दक्षिण दिनाजपुर और मालदा इलाके की सीटें हैं. इसी तरह जंगलमहल और दक्षिण बंगाल की पुरुलिया, बांकुरा, झाड़ग्राम, पश्चिम मेदिनीपुर, पूर्व मेदिनीपुर, बीरभूम और मुर्शिदाबाद की सीटों पर भी वोटिंग जारी है.&amp;nbsp;

बंगाल में कुल 1478 उम्मीदवार मैदान में&amp;nbsp;
चुनाव आयोग के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में 152 सीटों पर कुल &amp;nbsp;1,478 उम्मीदवार मैदान में हैं. इन उम्मीदवारों को राज्य के 3.60 करोड़ वोटर्स वोट डालेंगे. बीजेपी सभी 152 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जबकि टीएमसी 148 सीटों पर चुनाव लड़ रही है. बंगाल के पहले चरण की वोटिंग बीजेपी के लिहाज से ज्यादा महत्वपूर्ण है क्योंकि ये वही इलाके हैं, जहां बीजेपी का दुर्ग मजबूत है.
तमिलनाडु की 234 सीटों पर वोटिंग
अगर तमिलनाडु की बात करें तो वहां एमके स्टालिन की साख दांव पर है. जहां उन्हें AIADMK और BJP गठबंधन से टक्कर मिल रही है. वहीं एक्टर विजय थलपति की पार्टी भी पहली बार चुनाव में उतरी है, जो डीएमके गठबंधन की टेंशन बढ़ा रही है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 14:30:21 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>बंगाल, ने, शुरुआती, घंटों, में, ही, सुनाया, बड़ा, फैसला, तमिलनाडु, से, ज्यादा, वोटिंग, जानें, बजे, तक, आंकड़ा, कितना</media:keywords>
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        <title>यूपी: मिर्जापुर में ट्रक&amp;बोलेरो की टक्कर में 11 लोगों की मौत, PM मोदी ने किया मुआवजे का ऐलान</title>
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        <description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां एक भीषण सड़क हादसे में 11 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई . यह हादसा इतना भयावह था कि एक बोलेरो गाड़ी में आग लगने से उसमें सवार 9 लोग जिंदा जल गए . घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और राहत-बचाव कार्य में जुटी टीमों को काफी मशक्कत करनी पड़ी .
जानकारी के अनुसार, बुधवार रात करीब 8:30 बजे ड्रमंडगंज घाटी में चार वाहनों की जोरदार टक्कर हो गई . इस टक्कर के बाद बोलेरो में आग लग गई, जिसमें चालक समेत 9 लोग जिंदा जल गए . वहीं, एक अन्य कार के चालक और ट्रक के खलासी की भी वाहन के नीचे दबने से मौत हो गई .
सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंच गईं . टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद बोलेरो से 9 शवों को बाहर निकाला, जबकि क्षतिग्रस्त ट्रक और कार में फंसे दो अन्य शवों को भी निकाला गया . जिंदा जले 9 लोगों समेत कुल 10 मृतकों की पहचान कर ली गई है . पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने इस हादसे में 11 लोगों की मौत की पुष्टि की है .
राष्ट्रपति ने जताया शोकमिर्जापुर सड़क हादसे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गहरा दुख व्यक्त किया है . उन्होंने अपने शोक संदेश में कहा कि उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में सड़क दुर्घटना में लोगों की मृत्यु के बारे में जानकर उन्हें गहरा दुख हुआ है . उन्होंने कहा कि इस दुर्घटना में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति वह गहन शोक-संवेदना व्यक्त करती हैं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती हैं .
पीएम मोदी ने किया मुआवजे का ऐलानप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस हादसे पर दुख जताया है . उन्होंने कहा कि मिर्जापुर में हुई इस दुर्घटना में लोगों की जान जाने से वे बेहद दुखी हैं और शोक संतप्त परिवारों के प्रति उनकी गहरी संवेदनाएं हैं . प्रधानमंत्री ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हुए प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष से मुआवजे का ऐलान किया है . पीएमओ के अनुसार, इस हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के निकटतम परिजन को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी, जबकि घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी . ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 14:30:19 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>West Bengal Assembly Elections 2026: मुर्शिदाबाद में वोटिंग के दौरान भयंकर बवाल, हुमायूं कबीर और TMC कार्यकर्ता भिडे़, देसी बम भी फेंका</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/west-bengal-assembly-elections-2026-मुर्शिदाबाद-में-वोटिंग-के-दौरान-भयंकर-बवाल-हुमायूं-कबीर-और-tmc-कार्यकर्ता-भिडे़-देसी-बम-भी-फेंका</link>
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        <description><![CDATA[ West Bengal Assembly Elections 2026: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में वोटिंग के दौरान भयंकर बवाल हो गया है. यहां तृणमूल कांग्रेस से अलग हुए हुमायूं कबीर और टीएमसी कार्यकर्ता भिड़ गए. हुमायूं कबीर के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई. इतना ही नहीं वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों के साथ भी धक्का-मुक्की की गई है.&amp;nbsp;
मुर्शिदाबाद के नौदा में टीएमसी ब्लॉक अध्यक्ष हुमायूं कबीर से बहस में उलझ गए. टीएमसी ब्लॉक अध्यक्ष और हुमायूं कबीर के बीच तीखी नोकझोक हुई.हुमायूं कबीर आम जनता उन्नयन पार्टी के उम्मीदवार हैं और उन्होंने पहले टीएमसी पार्टी से इस्तीफा दे दिया था. हुमायूं कबीर के खिलाफ &#039;चोर-चोर&#039; के नारे लगाए गए.

हुमायूं कबीर ने टीएमसी पर आरोप लगाया है कि ये लोग माहौल बिगाड़ रहे हैं, जिसके बाद टीएमसी समर्थकों ने जमकर नारेबाजी हुई, विरोध प्रदर्शन हुआ, लेकिन सुरक्षाकर्मियों की सूझबूझ से हाथापाई बच गई. टीएमसी के कार्यकर्ताओं ने हुमायूं कबीर को बीजेपी का एजेंट बता दिया है. रेजिनगर सीट से चुनाव लड़ रहे हुमायूं कबीर अपने क्षेत्र की अलग-अलग पोलिंग बूथों पर जा-जाकर जायजा ले रहे हैं, वहां उन्हें टीएमसी के समर्थकों के विरोध प्रदर्शन का सामना करना पड़ रहा है.
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नौदा में देसी बम से कई घायल
हुमायूं कबीर दरअसल राज्य में होने वाली हर छोटी-बड़ी घटना के लिए सीधे ममता बनर्जी को निशाना बना रहे हैं, उन्हें ही कटघरे में खड़ा कर रहे हैं, जिसके बाद से ही टीएमसी समर्थक उनके खिलाफ हमलावर हैं.&amp;nbsp;मुर्शिदाबाद के ही नौदा विधानसभा क्षेत्र में देसी बम फेंका गया था, जिसमें कुछ लोगों के घायल होने की सूचना मिली थी. वोटिंग के बीच अलग-अलग पार्टियों के समर्थक सड़कों पर निकले हुए हैं, जिन्हें हटाने के लिए सुरक्षाकर्मी जुटे हुए हैं.&amp;nbsp;
मुर्शिदाबाद में बढ़ाई गई सुरक्षा
मुर्शिदाबाद काफी संवेदनशील जिला माना जाता है, जिसको देखते हुए सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है. इस तनाव के बीच अर्धसैनिक बलों की एक और कंपनी को रवाना किया गया है.&amp;nbsp;
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TMC ने पार्टी से कर दिया था सस्पेंड
टीएमसी ने अपने विधायक हुमायूं कबीर को दिसंबर 2025 में पार्टी से सस्पेंड कर दिया था क्योंकि उन्होंने मुर्शिदाबाद में &#039;बाबरी मस्जिद&#039; की तर्ज पर एक नई मस्जिद बनाने का विवादित प्रस्ताव रखा था, जिसकी चारों ओर आलोचना हुई थी. हुमायूं कबीर के बयान को सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाला और पार्टी अनुशासन का उल्लंघन माना गया. जब टीएमसी की चेतावनी को उन्होंने इग्नोर कर दिया तो फिर पार्टी ने उन्हें सस्पेंड कर दिया, जिसके बाद उन्होंने अपनी पार्टी बनाई थी.&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 14:30:17 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>West, Bengal, Assembly, Elections, 2026:, मुर्शिदाबाद, में, वोटिंग, के, दौरान, भयंकर, बवाल, हुमायूं, कबीर, और, TMC, कार्यकर्ता, भिडे़, देसी, बम, भी, फेंका</media:keywords>
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        <title>Assembly Elections 2026: बंगाल चुनाव में तगड़ी वोटिंग, तमिलनाडु रह गया पीछे, 11 बजे तक 41 फीसदी मतदान क्या दे रहे सिग्नल?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/assembly-elections-2026-बंगाल-चुनाव-में-तगड़ी-वोटिंग-तमिलनाडु-रह-गया-पीछे-11-बजे-तक-41-फीसदी-मतदान-क्या-दे-रहे-सिग्नल</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/assembly-elections-2026-बंगाल-चुनाव-में-तगड़ी-वोटिंग-तमिलनाडु-रह-गया-पीछे-11-बजे-तक-41-फीसदी-मतदान-क्या-दे-रहे-सिग्नल</guid>
        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल में चुनाव के दौरान हिंसा की छिटपुट घटनाएं सामने आ रही हैं तो कहीं उम्मीदवारों को दूसरी पार्टियों के उम्मीदवारों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है. वहीं तमिलनाडु में शांतिपूर्ण चुनाव चल रहा है. निर्वाचन आयोग ने सुबह 11 बजे तक की वोटिंग का आंकड़ा जारी कर दिया है, जिसके मुताबिक, पश्चिम बंगाल में 41.11 फीसदी वोटिंग हुई है, जबकि तमिलनाडु में 37.56 फीसदी मतदान हुआ है.
बंगाल में ग्राउंड से आ रही रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई इलाकों में सुबह से ही तनाव के हालात बने हुए हैं. कुछ जगहों पर कथित तौर पर बम फेंके जाने की खबरें हैं. हालांकि, चुनाव आयोग की ओर से कहा गया है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और सुरक्षा बलों को अलर्ट पर रखा गया है. अधिकारियों का दावा है कि जहां-जहां गड़बड़ी की सूचना मिली, वहां तुरंत ठीक किया गया है.
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बंगाल और तमिलनाडु में सबसे ज्यादा कहां वोटिंग?
पश्चिम बंगाल चुनाव के पहले चरण में सुबह 11 बजे तक सबसे अधिक मतदान पश्चिमी मेदिनीपुर में दर्ज किया गया, जहां 44.69 प्रतिशत मतदान हुआ. वहीं, सबसे कम मतदान मालदा में 38.22 प्रतिशत हुआ है. तमिलनाडु में 11 बजे तक सबसे अधिक तिरुपुर में 42.45 प्रतिशत मतदान हुआ है तो वहीं रामनाथपुरम में 34.02 प्रतिशत के साथ सबसे कम मतदान हुआ है. वहीं चेन्नई में अब तक 35.47 प्रतिशत मतदान हुआ है.

बंगाल के किस जिले में कितनी वोटिंग?
चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, सुबह 11 बजे तक मालदा में 38.22%, मुर्शिदाबाद में 41.59%, पश्चिम वर्धमान में 40.24%, पश्चिम मेदिनीपुर में 44.69%, पूर्वी मेदिनीपुर में 42.16%, पुरुलिया में 39.16%, उत्तरी दिनाजपुर में 39.04%, झारग्राम में 43.71%, कैलिम्पोंग में 39.61%, अलीपुरद्वार में 38.80%, बांकुरा में 43.22%, बीरभूम में 41.92%, कूचबिहार में 38.67%, दक्षिण दिनाजपुर में 41.17%, दार्जिलिंग में 39.72% और जलपाईगुड़ी में 39.51% वोटिंग हुई है.
तमिलनाडु के किस जिले में कितनी वोटिंग?
अगर तमिलनाडु की बात करें तो इरोड में 41%, कल्लाकुरिची में 37.30%, कांचीपुरम में 39.48%, कन्याकुमारी में 34.68%, करूर में 39.70%, कृष्णागिरी में 36.53%, मदुरै में 36.22%, मईलादुथुरई में 35.33%, अरियालुर में 36.11%, चेंगलपट्टू में 37.17%, चेन्नई में 35.47%, कोयंबटूर में 38.62%, कुड्डालोर में 36.30%, धर्मपुरी में 38.28%, डिंडिगुल में 39.05% फीसदी वोटिंग हुई है.
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ताबड़तोड़ वोटिंग क्या दे रही सिग्नल?
पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में हो रही ताबड़तोड़ वोटिंग सियासी दलों की टेंशन जरूर बढ़ा रही है. हालांकि इतनी ज्यादा वोटिंग की वजह चुनाव आयोग की ओर से कराए गए मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) भी है, जिसमें मृतकों और दूसरे राज्यों में शिफ्ट हो चुके वोटर्स के नाम काटे गए. इसीलिए ये वोटिंग परसेंटेज बढ़ता हुआ नजर आ रहा है. ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 14:30:15 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Assembly, Elections, 2026:, बंगाल, चुनाव, में, तगड़ी, वोटिंग, तमिलनाडु, रह, गया, पीछे, बजे, तक, फीसदी, मतदान, क्या, दे, रहे, सिग्नल</media:keywords>
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        <title>Explained: 181 दिन सन्नाटे के बाद केदारनाथ में बहार, 12 ज्योतिर्लिंग में केदारेश्वर मशहूर क्यों? रहस्यमयी धाम की अनोखी कहानी</title>
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        <description><![CDATA[ जब हिमालय की बर्फीली चोटियां सर्दी के कहर के आगे घुटने टेक देती हैं और तापमान शून्य से भी काफी नीचे चला जाता है, तब केदारनाथ धाम के कपाट बंद हो जाते हैं. &#039;केदार&#039; शब्द का अर्थ ही होता है क्षेत्र या भूमि का वह भाग जो पवित्र हो. &#039;नाथ&#039; यानी भगवान. केदारनाथ यानी पवित्र भूमि के भगवान. लगभग ठीक 181 दिनों तक यहां जीवन का कोई निशान नहीं रहता और पूरी घाटी का इलाका एक सफेद चादर में लिपटकर भगवान शिव की निंद्रा में चला जाता है.
फिर जब ग्रीष्म ऋतु की पहली किरणें इन चोटियों को छूती हैं और अक्षय तृतीया का शुभ मुहूर्त आता है, तो ठंडे और अंधेरे गर्भगृह में पहली बार दीपक जलता है और कपाट खुलने की जयघोष के साथ भगवान केदारनाथ फिर से अपने भक्तों के लिए दर्शन देने लायक हो जाते हैं. यह सिलसिला हजारों सालों से चला आ रहा है, लेकिन आज भी केदारनाथ की हर एक चट्टान और हर एक किस्सा लोगों को रोमांचित करता है. आइए एक्सप्लेनर में इस रहस्यमयी धाम की उस कहानी पर नजर डालते हैं, जिसे जानकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे...
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मान्यता के अनुसार भुकुंड भैरव मंदिर को केदारनाथ धाम का क्षेत्र रक्षक माना जाता है

12 ज्योतिर्लिंगों में केदारेश्वर ही सबसे विशेष क्यों माने जाते हैं?
भगवान शिव को 12 ज्योतिर्लिंग के रूप में पूजा जाता है, जिनमें सोमनाथ, महाकालेश्वर और विश्वनाथ जैसे प्रसिद्ध मंदिर शामिल हैं, लेकिन केदारनाथ की जो गरिमा अनूठी है. इसका सबसे बड़ा कारण है इसका अवस्थान स्थल, क्योंकि यह दुनिया का एकमात्र ज्योतिर्लिंग है जो समुद्र तल से करीब 11,755 फीट (लगभग 3,583 मीटर) की ऊंचाई पर हिमालय की गोद में बैठा है.
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केदारेश्वर ज्योतिर्लिंग

शास्त्रों और पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव को हिमालय सबसे प्रिय है और केदारनाथ उनकी प्रकृति के सबसे करीब वाली निवास स्थली है. यही वजह है कि मोक्ष प्राप्ति के लिए सनातन धर्म में केदारनाथ का नाम सबसे पहले लिया जाता है. माना जाता है कि यहां की ठंडी और शुद्ध वातावरण में ध्यान लगाने पर इंसान और परमात्मा के बीच का दूरियां तुरंत समाप्त हो जाता है, जिसे अन्य किसी ज्योतिर्लिंग में इस अद्भुत रूप में अनुभव नहीं किया जा सकता, लेकिन यह उत्तराखंड में 2013 में आई एक आपदा में ध्वस्त हो गया होता, अगर एक चट्टान आकर रक्षा नहीं करती.
2013 की भयानक आपदा में मंदिर कैसे बच गया? &amp;nbsp;
केदारेश्वर की चर्चा करें तो 2013 की केदारनाथ त्रासदी की यादें सामने आ जाती हैं. 16 और 17 जून 2013 को केदारनाथ और उसके आसपास के इलाकों में भारी बारिश और ग्लेशियर टूटने के कारण एक ऐसी तबाही आई, जिसे देखकर पूरी दुनिया स्तब्ध रह गई. मंदाकिनी और सरस्वती नदियां अपने विनाशकारी रूप में बदल गईं और लाखों टन सीलन, चट्टानें और मलबा बहता हुआ सीधा मंदिर की तरफ आया. पूरा केदारनाथ बाजार और हजारों लोग इस मलबे में दफ्न हो गए, लेकिन सबसे बड़ा चमत्कार तब देखने को मिला जब बादल छंटे. आठवीं शताब्दी में बना यह प्राचीन केदारनाथ मंदिर बिल्कुल एकदम सुरक्षित था, जबकि उसके चारों ओर का सब कुछ ध्वस्त हो चुका था.
इसके पीछे विज्ञान और आस्था दोनों की मिलीजुली कहानी है. विज्ञान का मानना है कि मंदिर की संरचना &#039;ए&#039; (A) शेप की है, यानी इसकी छत नीचे की तरफ आती है और ऊपर से नुकीली है. जब लाखों टन मलबा और पानी तेजी से मंदिर से टकराया, तो इस नुकीली संरचना ने उसे दोनों तरफ विभाजित कर दिया और मलबा सीधे निकलकर नदी की तरफ चला गया, जिससे मंदिर के गर्भगृह पर बहुत कम दबाव पड़ा.
वहीं, मंदिर के ठीक पीछे एक विशालकाय चट्टान है, जिसने एक ढाल का काम किया और तेज बहाव को सीधे मंदिर से टकराने से रोक दिया. भक्तों की मान्यता तो और भी गहरी है, क्योंकि वे इस चट्टान को भैरवनाथ का रूप मानते हैं, जिन्होंने पीछे से खड़े होकर अपने इष्ट को बचाया और जब तक भैरवनाथ खड़े हैं, तब तक केदारनाथ को कोई आपदा नहीं छू सकती.
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केदारनाथ मंदिर के पीछे चट्टान

इंटरलॉक कटे पत्थरों का रोचक इतिहास और इंजीनियरिंग
जब आप केदारनाथ मंदिर को देखते हैं, तो आपको वहां सीमेंट, लोहे के बोल्ट या किसी तरह के गैदर (मिट्टी या चूने का मिश्रण) का इस्तेमाल नहीं होता दिखेगा. ब्रिटेनिका के मुताबिक, यह मंदिर पूरी तरह से बड़े-बड़े और भारी-भरकम पत्थरों से बना है, जिन्हें बेहद ही सटीक तरीके से काटकर एक-दूसरे में इंटरलॉक किया गया है. इसे आज के समय की भाषा में &#039;लीगो ब्लॉक्स&#039; यानी जुड़ते हुए खिलौनों की तरह फिट किया गया है. इस शैली को उत्तर भारतीय शैली के नागर स्थापत्य का एक अद्भुत उदाहरण माना जाता है.
अब सवाल उठता है कि बिना सीमेंट के यह मंदिर कैसे 1200 से ज्यादा सालों तक आतंकवादी भूकंपों और भयंकर बर्फबारी में डटा रहा?&amp;nbsp;
इसका राज इन पत्थरों की कटाई और उनके बीच की छोटी सी खाली जगहों में छिपा है. प्राचीन शिल्पकारों ने इन पत्थरों को इस तरह से जोड़ा कि जब भूकंप आता है, तो ये पत्थर एक-दूसरे के ऊपर हल्का सा फिसलते हैं, जिससे भूकंप की ऊर्जा अवशोषित हो जाती है और मंदिर टूटने के बजाय थोड़ा कांपता है.
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केदारनाथ मंदिर के निर्माण में सीमेंट का इस्तेमाल नहीं हुआ

अगर इन पत्थरों के बीच सीमेंट भरा होता, तो भूकंप में वह जमकर टूट जाता और मंदिर धराशायी हो गया होता. इसी तरह 2013 में जब पानी का दबाव पड़ा, तो चूंकि मंदिर में कोई ठोस गैदर नहीं था, इसलिए पानी उसके अंदर घुसकर दबाव नहीं बना सका और बस बाहर से बहकर निकल गया. यह प्राचीन भारतीय इंजीनियरिंग का ऐसा करिश्मा है, जिसे आज के आधुनिक विज्ञान भी सलाम करता है.
लेकिन मंदिर का निर्माण हुआ कैसे और कब?
केदारनाथ का इतिहास महाभारत से भी पुराना माना जाता है. चारधाम पिलग्रिम टूर के मुताबिक, किस्सा यूं है कि महाभारत के युद्ध के बाद पांडवों को अपने ही कुटुंब के लोगों को मारने का बहुत बड़ा पाप लगा. उन्हें इस पाप से मुक्ति पाने के लिए भगवान शिव का आशीर्वाद चाहिए था, लेकिन शिव पांडवों से नाराज थ ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 14:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Explained: बंगाल चुनाव के पहले चरण में कितने लोग नहीं डाल पाएंगे वोट? SIR में कुल 91 लाख नाम कटने का कितना असर?</title>
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        <description><![CDATA[ स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR मतदाता सूची का एक विशेष गहन संशोधन है, जिसका मकसद मतदाता सूची को &#039;शुद्ध&#039; करना था. लेकिन पश्चिम बंगाल में इसकी कुछ और ही तस्वीर देखने को मिली. कई ऐसे लोगों को मृत बता दिया जो जिंदा थे, कुछ को डुप्लीकेट बताकर वोटर लिस्ट से हटा दिया तो कुछ वोटर्स के डॉक्यूमेंट्स में कमी निकली. कुल मिलाकर लाखों लोग इस बार वोट डालने से वंचित रहेंगे. 23 अप्रैल को बंगाल में पहले चरण का मतदान होगा. इसमें कितने लोग वोट नहीं डाल पाएंगे और किन वजहों से, जानेंगे एक्सप्लेनर में...
सवाल 1: पश्चिम बंगाल में SIR से कुल कितने नाम कटे और ब्रेकडाउन क्या है?जवाब: चुनाव आयोग के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में SIR प्रक्रिया पूरी होने के बाद कुल 90.66 लाख से 91 लाख नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए. शुरू में 7.66 करोड़ वोटर थे, अब बचे हैं करीब 6.75-6.77 करोड़, यानी 11.6-12% की कमी हो गई.

दिसंबर 2025 में पहले चरण में करीब 58.2 लाख नाम हटाए गए.
फरवरी 2026 में ड्राफ्ट और फाइनल लिस्ट के बीच 5.46 लाख और हटे.
अप्रैल 2026 में न्यायिक अधिनिर्णय (adjudication) के बाद 27.16 लाख नाम और हटाए गए. इनमें 60 लाख से ज्यादा केस की जांच हुई थी.
कुल मिलाकर 91 लाख नाम कटे. कई नाम मृत या डुप्लिकेट थे, लेकिन करीब 27 लाख लोग अपने दस्तावेज जमा करके भी हटाए गए.

सवाल 2: चुनाव का शेड्यूल क्या है और पहले फेज में SIR का असर कितना पड़ेगा?जवाब: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव कुल 294 सीटें पर दो चरणों में हो रहे हैं:

पहला चरण: 23 अप्रैल 2026 को 152 विधानसभा सीटें.
दूसरा चरण: 29 अप्रैल 2026 को 142 सीटें.
वोटों की गिनती: 4 मई 2026.

पहले फेज में SIR से नाम कटने वाले वोटर वोट नहीं डाल पाएंगे, क्योंकि चुनाव आयोग ने 9 अप्रैल 2026 को पहले चरण वाली सीटों की मतदाता सूची फाइनल और &#039;फ्रीज&#039; कर दी थी. मतलब अब कोई नाम जोड़ा या हटाया नहीं जा सकता. 27 लाख के आसपास के वे वोटर जिनके केस अभी भी अपील पर थे, उन्हें ट्रिब्यूनल कोर्ट में सुनवाई का इंतजार था, लेकिन ट्रिब्यूनल पूरी तरह काम नहीं कर पाए थे. हालांकि, 21 अप्रैल को चुनाव आयोग ने 27 लाख में से 136 नामों को वापिस जोड़ लिया, जिनकी अपील स्वीकार कर लिया गया था.
नतीजतन, पहले चरण में जिनके नाम नहीं हैं, तो वे 23 अप्रैल को वोट नहीं डाल सकेंगे. राज्यभर में कुल 91 लाख वोटर्स प्रभावित हैं, इसलिए पहले चरण की 152 सीटों में भी हजारों-लाखों वोटर प्रभावित होंगे. चुनाव आयोग ने अभी phase-wise अलग आंकड़ा जारी नहीं किया है, लेकिन कुल आंकड़े से साफ है कि असर बहुत बड़ा है.
सवाल 3: क्या कोई खास समुदाय ज्यादा प्रभावित है?जवाब: SIR में नाम हटाने का आधार बंगाली नाम की स्पेलिंग, माता-पिता की उम्र 16 साल से कम और 5 से ज्यादा भाई-बहन जैसी छोटी-छोटी गलतियां थीं. AI टूल से &#039;लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी&#039; चेक की गई. मुर्शिदाबाद, उत्तर 24 परगना और मालदा जैसे मुस्लिम बहुल जिलों में ज्यादा नाम कटे. चुनाव आयोग के मुताबिक, मुर्शिदाबाद में 4.6 लाख और उत्तर 24 परगना में 3.3 लाख नाम कटे, लेकिन कुल आंकड़ों में 63% हिंदू और 34% मुस्लिम बताए गए.
कई बुजुर्ग वोटर्स ऐसे भी हैं जो सालों से वोट डालते रहे अब उनके नाम कट गए. इसमें 73 साल की नबीजन मंडल, सेना में 35 साल नौकरी करने वाले सेनारुल हक और नोबेल विजेता अमर्त्य सेन जैसे लोग शामिल हैं. गांवों में लोग दस्तावेज जमा करके भी हटाए गए. कई लोग डर रहे हैं कि उन्हें &#039;घुसपैठिया&#039; समझ लिया गया.
सवाल 4: राजनीतिक पार्टियां और एक्सपर्ट्स क्या कह रहे हैं?जवाब: इस मामले पर पक्ष और विपक्ष के बीच बहस तेज है:

तृणमूल कांग्रेस पार्टी(TMC): पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे &#039;संवैधानिक अपराध&#039; और &#039;लोकतंत्र पर हमला&#039; बताया. वहीं, सागरिका घोष ने कहा, &#039;एक व्यक्ति, एक वोट का अधिकार छीन लिया गया.&#039;
बीजेपी: कोई सीधा कमेंट नहीं, लेकिन पहले अमित शाह ने कहा था कि यह &#039;देश की सुरक्षा&#039; और &#039;शुद्ध मतदाता सूची&#039; के लिए जरूरी है.
पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एस.वाई. कुरैशी: &#039;SIR अनावश्यक और प्रशासनिक आपदा है. 99% सटीकता हासिल करने में 30 साल लगे, इसे 3 महीने में बेहतर करने की जल्दबाजी क्यों?&#039;

तो वहीं एक्सपर्ट्स ने इसे &#039;माइनॉरिटी के नागरिकता को मारने&#039; जैसा बताया. कुछ ने कहा कि मुस्लिम बहुल इलाकों में ज्यादा कटौती चुनावी नतीजों को प्रभावित कर सकती है. सुप्रीम कोर्ट ने भी प्रक्रिया पर नजर रखी, लेकिन अपील करने वाले वोटरों को पहले चरण में वोट देने की इजाजत नहीं दी. ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 22:30:34 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Explained:, बंगाल, चुनाव, के, पहले, चरण, में, कितने, लोग, नहीं, डाल, पाएंगे, वोट, SIR, में, कुल, लाख, नाम, कटने, का, कितना, असर</media:keywords>
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        <title>Exclusive: हार रहीं दीदी, बंगाल चुनाव से पहले शाह का बड़ा दावा&amp; बताया सत्ता में आने पर क्या करेगी BJP</title>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल में गुरुवार (23 अप्रैल 2026) को पहले चरण की वोटिंग से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा. साउथ 24 परगना में एबीपी न्यूज से एक्सक्लूसिव बातचीत में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि टीएमसी को हराने में बंगाल की जनता, बीजेपी के कार्यकर्ताओं से आगे है.
बीजेपी-चुनाव आयोग के गठजोड़ के आरोपों पर गृह मंत्री का बयान
टीएमसी लगातार बीजेपी और चुनाव आयोग के बीच गठजोड़ का आरोप लगा रही है. इस पर अमित शाह ने कहा, &#039;तमिलनाडु में हमारी विरोधी सरकार है, वहां ये मुद्दा नहीं उठा. केरल में भी विरोधी सरकार है कोई आरोप नहीं लगा. असम में कांग्रेस ने भी हमपर कोई आरोप नहीं लगाया. सिर्फ ममता बनर्जी हैं जिनको तकलीफ है, जो आरोप लगा रही हैं.&#039;
उन्होंने कहा, &#039;ममता बनर्जी को जनता की आवाज सुनाई नहीं देती है. मैं उनको बंगाल की जनता की आवाज सुना रहा हूं. वो जरा ऊंचा सुनती हैं इसलिए मैंने कहा कि कान खोलकर सुन लो इसमें क्या बुराई है. सबसे कान खोलकर ही सुनना चाहिए. ममता बनर्जी को अपनी हार दिख रही है.&#039; उन्होंने कहा कि सरकार बनने के बाद घुसपैठियों को रोकना और हटाना हमारी प्राथमिकता रहेगी.&amp;nbsp;
देश में घुसपैठिए नहीं रह सकते: अमित शाह
उन्होंने कहा, &#039;इस देश में घुसपैठिए नहीं रह सकते. आधार कार्ड बनाना, पंचायत का दाखिला बनाना, घुसपैठिए आए तो उसे गांव में रहने देना और बॉर्डर एरिया में बाड़ नहीं लगाने देना ये सब करके ममता बनर्जी कह रही हैं कि आप घुसपैठिए रोक लो. ये तो ऐसा है कि हाथ बांध दो और समंदर में डाल दो और कहो कि तैरकर बाहर आ जाओ. ऐसे नहीं हो सकता. मैं पूरे देश के मतदाता को बताना चाहता हूं कि हम त्रिपुरा में आए वहां घुसपैठ रुक गई. असम में आए वहां भी रुकी. बंगाल में भी 5 मई को हमारी सरकार बनेगी और घुसपैठ रुक जाएगी.&#039;
बंगाल में महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, &#039;सीएम ममता बनर्जी खुद कहती हैं कि 7 बजे के बाद महिलाएं बाहर न निकले. मैं माताओं-बहनों को कहना चाहता हूं कि 5 मई को बीजेपी की सरकार बनने के बाद हम महिलाओं को संवैधानिक अधिकार देना चाहते हैं.&#039;
ये भी पढ़ें : West Bengal Elections ED Raid: बंगाल में नुसरत जहां समेत ED की रडार पर कौन-कौन, 24 घंटों में ताबड़तोड़ छापे, कोलकाता के DCP लापता ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 22:30:33 +0530</pubDate>
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        <title>पहलगाम आतंकी हमले की बरसी पर भारत के साथ आई दुनिया, अलग&amp;थलग पड़ा पाकिस्तान, जानें फ्रांस&amp;यूके से लेकर किसने क्या कहा?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/पहलगाम-आतंकी-हमले-की-बरसी-पर-भारत-के-साथ-आई-दुनिया-अलग-थलग-पड़ा-पाकिस्तान-जानें-फ्रांस-यूके-से-लेकर-किसने-क्या-कहा</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/पहलगाम-आतंकी-हमले-की-बरसी-पर-भारत-के-साथ-आई-दुनिया-अलग-थलग-पड़ा-पाकिस्तान-जानें-फ्रांस-यूके-से-लेकर-किसने-क्या-कहा</guid>
        <description><![CDATA[ जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में टूरिस्टों पर हुए आतंकी हमले की पहली बरसी पर डिप्लोमैटिक मिशन और विदेशी दूतों ने पीड़ितों को याद किया और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के साथ एकजुटता दिखाई. भारत के पहलगाम में हुए खतरनाक आतंकी हमले का एक साल पूरा हो गया. इस हमले में पाकिस्तान के समर्थन वाले आतंकवादियों ने 26 निर्दोष टूरिस्टों को उनका धर्म पूछकर गोली मार दी थी. यह हाल के सालों में आम लोगों को निशाना बनाकर की गई सबसे क्रूर घटनाओं में से एक थी.
हम हर तरह के आतंकवाद के खिलाफ: ऑस्ट्रेलिया&amp;nbsp;
भारत में ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त फिलिप ग्रीन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, &#039;एक साल बाद, हम अपने भारतीय दोस्तों और साथियों के साथ पहलगाम में हुए भयानक आतंकी हमले में मारे गए बेगुनाह लोगों को याद करते हैं. हम पीड़ितों और उनके परिवारों को सम्मान देते हैं जो आज भी दुख मना रहे हैं. ऑस्ट्रेलिया हर तरह के आतंकवाद के खिलाफ खड़ा है.&#039;&amp;nbsp;
भारत के साथ आया यूके
भारत में ब्रिटिश उच्चायोग ने हर तरह के आतंकवाद की निंदा की और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के जरिए शांति और सुरक्षा के लिए ब्रिटेन की प्रतिबद्धता को दोहराया. उच्चायोग ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, &#039;आज, पहलगाम में हुए भयानक आतंकवादी हमले को एक साल हो गया है. हम पीड़ितों को श्रद्धांजलि देते हैं और हमारी संवेदनाएं हर उस व्यक्ति के साथ हैं जो इस हमले में प्रभावित हुआ है. ब्रिटेन हर तरह के आतंकवाद की निंदा करता है. हम शांति और सुरक्षा पक्का करने के लिए साझेदारों के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.
फ्रांस और EU ने भारत के साथ दिखाई एकजुटता
फ्रांस ने भारत के साथ एकजुटता दिखाई और आतंकवाद के खिलाफ ग्लोबल लड़ाई में अपने इरादे को दोहराया. भारत में फ्रांस के दूतावास ने एक्स पर पोस्ट किया, &#039;पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी पर फ्रांस, यूरोपीय यूनियन और उसके दूसरे सदस्य देशों के साथ मिलकर पीड़ितों को याद करता है और भारत के साथ अपनी एकजुटता दिखाता है. फ्रांस आतंकवाद के खिलाफ हमारी साझी लड़ाई के लिए अपने पक्के कमिटमेंट की फिर से पुष्टि करता है.&#039;
आतंकवाद के खिलाफ इजरायल का बयान
इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने भी पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी और दुखी परिवारों के साथ एकजुटता दिखाई. उन्होंने कहा कि इजरायल आतंकवाद से लड़ने और शांति, सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए भारत के साथ सहयोग बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है. इजरायली विदेश मंत्री ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, &#039;इजरायल देश की ओर से, पहलगाम आतंकी हमले के एक साल पूरे होने पर हम मारे गए बेगुनाह लोगों की याद का सम्मान करते हैं और दुख की इस घड़ी में उनके परिवारों के साथ खड़े हैं.&#039;
उन्होंने कहा, &#039;इजरायल हर तरह के आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई में पक्का और अटल है. भारत के साथ मिलकर, हम इस खतरे का पक्के इरादे से सामना करने और शांति, सुरक्षा और स्थिरता को आगे बढ़ाने के लिए अपने सहयोग को और मजबूत करते रहेंगे.&#039;
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        <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 22:30:32 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>पहलगाम, आतंकी, हमले, की, बरसी, पर, भारत, के, साथ, आई, दुनिया, अलग-थलग, पड़ा, पाकिस्तान, जानें, फ्रांस-यूके, से, लेकर, किसने, क्या, कहा</media:keywords>
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        <title>पहलगाम नरसंहार के 1 साल: आतंकियों के NADRA कार्ड खोल रहे पाक के झूठ की पोल, इस्लामाबाद में बैठा प्रमुख हैंडलर अब भी फरार</title>
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        <description><![CDATA[ One Year of Pahalgam Terror Attack: आज से एक साल पहले 22 अप्रैल, 2025 को जम्मू कश्मीर के पहलगाम की बैसरन घाटी में लश्कर-ए-तैयबा के तीन पाकिस्तानी आतंकियों ने सरहद पार इस्लामाबाद में बैठे अपने आका हबीबुल्लाह उर्फ सैफुल्लाह साजिद जट्ट उर्फ अली भाई के आदेश पर निहत्थे 26 मासूमों की जान ले ली थी. हालांकि, पाकिस्तान आज तक इस आतंकी हमले में अपने नागरिकों के शामिल होने के सबूतों को खारिज करता है, लेकिन ठीक एक साल बाद एक बार फिर एबीपी न्यूज सबूतों के साथ पाकिस्तान की पोल खोलने जा रहा है.
हबीबुल्लाह उर्फ सैफुल्लाह साजिद जट्ट उर्फ अली भाई के आदेश पर पहलगाम आतंकी हमले को अंजाम देने वाले तीन आतंकियों में से एक था फैसल जट्ट उर्फ सुलेमान, जिसका असली नाम बिलाल अफजल था. पाकिस्तान के शेखपुरा जिले का रहने वाले बिलाल अफजल को साल 2019 में पाकिस्तान की नेशनल डेटाबेस एंड रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी (NADRA) ने पहचान पत्र जारी किया था, जिसका नंबर 35401-2607872-5 था.
किन-किन आतंकी हमलों में शामिल था बिलाल अफजल?
बिलाल अफजल नाम का ये आतंकी पहलगाम आतंकी हमले से पहले रियासी में आतंकी हमले, सुरनकोट आतंकी हमले, DKG आतंकी हमले, जेड मोड़ टनल आतंकी हमले, गगनगीर आतंकी हमले में भी शामिल था और पहलगाम आतंकी हमले से पहले हाशिम मूसा उर्फ आसिफ फौजी के साथ मिलकर आतंकी हमलों को अंजाम देता था. साथ ही पहलगाम आतंकी हमले में अकेले बिलाल अफजल उर्फ फैजल जट्ट उर्फ सुलेमान ने 11 मासूम लोगों की जान ली थी.
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ताहिर ने पहलगाम में अपने पहले आतंकी हमले को दिया था अंजाम

पहलगाम में आतंकी हमले को अंजाम देने वाले दूसरे आतंकी का नाम था हबीब ताहिर उर्फ हबीब नजीर उर्फ छोटू. पाकिस्तान के पूछ जिले की रावलकोट तहसील के खोई गाला गांव के रहने वाले हबीब नजीर को पाकिस्तान की NADRA ने 82303-2946660-3 का पहचान पत्र (CNIC) जारी किया था. हबीब ताहिर पहलगाम में हुए आतंकी हमले से पहले खुफिया विभाग या फिर सेना या फिर पुलिस के रिकॉर्ड्स में नहीं था और माना जा रहा है की पहलगाम आतंकी हमला पहला आतंकी हमला था, जिसे इसने बिलाल अफजल उर्फ फैज़ल जट्ट उर्फ सुलेमान के साथ मिलकर दिया था.
तीसरे आतंकी हनान जफर की आईडी ढूंढ रहीं जांच एजेंसियां

हमले में शामिल तीसरे आतंकी हनान जफर उर्फ हमजा अफगानी के NADRA द्वारा जारी किया गया कार्ड अभी फिलहाल जांच एजेंसियों के हाथ नहीं लगा है. पहलगाम में आतंकी हमले को अंजाम देने वाले इन तीनों आतंकियों को भारतीय सेना ने 28 जुलाई, 2025 को मार दिया था. जिसके बाद सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान की नेशनल डेटाबेस एंड रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी (NADRA) ने बिलाल अफजल और हबीब नजीर उर्फ हबीब ताहिर का आईडी कार्ड अपने डेटाबेस से डिलीट कर दिया था, लेकिन दोनों आइडेंटिटी कार्ड को भारतीय खुफिया विभाग ने ढूंढ निकाला था, साथ ही इनका वेरिफिकेशन भी करवा दिया था.
पहलगाम हमले पर दुनिया से लगातार झूठ बोल रहा पाकिस्तान
पाकिस्तान जो पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से ही दुनिया से झूठ बोल रहा है कि आतंकी हमले को उसने अंजाम नहीं दिया, लेकिन उसके झूठ की पोल खुद NADRA की ओर से जारी किए गए आइडी कार्ड दे रहे हैं. जिनके आइडेंटिटी नंबर आतंकियों के पाकिस्तानी नागरिक होने की पुष्टि कर रहे हैं.

साथ ही, तीसरे आतंकी हनन जफर की मौत के बाद जब नवंबर को उसके परिवार को पता चला कि हनन जफर उर्फ हमजा अफगानी ऑपरेशन में महादेव में मारा गया है, तो हनन के परिवार ने PoK के चोकियां केंद्रीय काउंसिल में उसकी गबियाना नमाज रखी थी.
लश्कर के हैंडलर हबीबुल्लाह की पहचान भी एजेंसियों ने निकाली
पहलगाम आतंकी हमले को अंजाम देने वाले इन तीनों आतंकियों का हैंडलर लश्कर-ए-तैयबा के टॉप कमांडर हबीबुल्लाह उर्फ सैफुल्लाह साजिद जट्ट उर्फ अली साजिद उर्फ सलीम लंगड़ा था, जिसे पाकिस्तान की नेशनल डेटाबेस एंड रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी (NADRA) ने साल 2020 में पहचान पत्र जारी किया था और इसका नंबर 35103-5182811-5 है.
साथ ही, हबीबुल्लाह उर्फ साजिद जट्ट के NADRA कार्ड की Verisys वेरिफिकेशन रिपोर्ट भी एबीपी न्यूज के पास मौजूद है, जिससे स्पष्ट हो रहा है कि हबीबुल्लाह उर्फ साजिद जट्ट अभी भी इस्लामाबाद में छुपा हुआ है. ऐसे में देखना होगा कि आखिर 26 मासूम लोगों की जान लेने का आदेश देने वाला ये आतंकी कब तक इसी तरफ खुलेआम पाकिस्तान में घूमता रहता है.
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        <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 22:30:30 +0530</pubDate>
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        <title>गर्मी का चढ़ा पारा, ओडिशा में रिकॉर्ड 44.6 डिग्री सेल्सियस तापमान, जानें राजस्थान से दिल्ली तक मौसम का हाल</title>
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        <description><![CDATA[ Weather Update in India: देशभर में गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है और कई राज्यों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर दर्ज किया गया है. जम्मू-कश्मीर में तापमान 5 डिग्री से ज्यादा ऊपर रहा, जबकि हिमाचल प्रदेश, हरियाणा-चंडीगढ़, मेघालय, केरल और त्रिपुरा में 3 से 5 डिग्री तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई.
1.6 से 3 डिग्री तक तापमान में बढ़ोत्तरी
पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी तापमान बढ़ा हुआ रहा, जबकि दिल्ली, झारखंड, पूर्वी मध्य प्रदेश और तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 1.6 से 3 डिग्री तक अधिक तापमान रिकॉर्ड किया गया. इसके अलावा, पश्चिम मध्य प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, ओडिशा, विदर्भ, पश्चिम बंगाल-सिक्किम, मिजोरम, तटीय कर्नाटक और लक्षद्वीप में भी तापमान सामान्य से ऊपर रहा.
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और ज्यादा गर्मी बढ़ने की संभावना
पंजाब, पश्चिम राजस्थान और बिहार के कुछ इलाकों में भी गर्मी का असर देखा गया. वहीं सौराष्ट्र-कच्छ और मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया. ओडिशा के झारसुगुड़ा में सबसे ज्यादा 44.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया, जो देश में सबसे ऊंचा रहा. मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ सकती है.

देश के अधिकांश हिस्सों में 40 से 44 डिग्री तक पहुंचा तापमान
देश के ज्यादातर हिस्सों में दिन का तापमान 40 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया है. विदर्भ में अधिकतर जगहों पर, जबकि मराठवाड़ा, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में तेज गर्मी दर्ज की गई. पूर्वी राजस्थान, पश्चिम मध्य प्रदेश और हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली के कुछ हिस्सों में भी तापमान 40 डिग्री के आसपास रहा.
वहीं, ओडिशा, उत्तर तेलंगाना, केरल, बिहार के पश्चिमी हिस्से, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पंजाब, रायलसीमा, झारखंड और गुजरात के कुछ इलाकों में भी गर्मी का असर दिखा. जबकि बाकी हिस्सों में तापमान 36 से 40 डिग्री के बीच रहा, जबकि पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में तापमान 36 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया.
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        <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 22:30:29 +0530</pubDate>
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        <title>डॉक्टरों को गिफ्ट देकर महंगी दवाएं बेचने से कंपनियों को रोकने पर हो रहा विचार, केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को दी जानकारी</title>
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        <description><![CDATA[ केंद्र सरकार ने मंगलवार (21 अप्रैल, 2026) को सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि वह डॉक्टरों को महंगे तोहफे और विदेश यात्रा जैसी सुविधाएं देकर अपनी दवाओं की बिक्री से कंपनियों को रोकने के लिए नियम बनाने पर विचार कर रही है. इसमें उसे दो महीने का समय लग सकता है. सरकार के बयान को रिकॉर्ड पर लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 28 जुलाई तक के लिए टाल दी है.
5 साल से लंबित है केस
कोर्ट में जिस मामले की सुनवाई के दौरान यह चर्चा हुई उसे फेडरेशन ऑफ मेडिकल एंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (FMRAI) नाम की संस्था ने 2021 में दाखिल किया था. याचिका में दवाओं की मार्केटिंग से जुड़े नियमों को कानूनी रूप बाध्यकारी बनाने की मांग की गई है. 1 मई, 2025 को इस मामले को सुनते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अहम टिप्पणी की थी. कोर्ट ने कहा था कि डॉक्टरों से अपने पर्चे में सिर्फ जेनेरिक दवा लिखने को कहा जाना चाहिए.
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कैसे शुरू हुआ मामला?
कोविड के दौरान डॉक्टरों की तरफ से सबसे ज्यादा लिखी जा रही दवाइयों में से एक डोलो 650 पर उठे गंभीर सवालों को आधार बनाते हुए यह याचिका दाखिल हुई थी. मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव की संस्था (FMRAI) ने दावा किया था कि डोलो 650 में पेरासिटामोल का डोज मरीज की जरूरत से ज्यादा रखा गया. ऐसा दवा को महंगा बनाने के लिए किया गया. कंपनी ने डॉक्टरों को तरह-तरह के लालच देकर उनसे यही दवा लिखवाई.
याचिका में दवा कंपनी की तरफ से डॉक्टरों को उपहार देने और विदेश यात्रा करवाने के लिए 1,000 करोड़ रुपये के खर्च करने की बात कही गई थी. इस मामले में मुख्य याचिका के अलावा कुछ और जनहित याचिकाएं भी दाखिल हुई है. कोर्ट सबको एक साथ सुन रहा है.
अनिवार्य नियमों का अभाव
याचिका में बताया गया था कि सरकार ने यूनिफॉर्म कोड ऑफ फार्मास्यूटिकल मार्केटिंग प्रैक्टिसेज बना रखा है, लेकिन इसे कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं बनाया गया है. इस कोड के पैराग्राफ 6 और 7 में दवा कंपनियों को डॉक्टरों और बाकी लोगों को तोहफे बांटने या दूसरे लाभ पहुंचाने से मना किया गया है, लेकिन इस कोड को कानून का रूप नहीं दिया गया है.

मामले पर क्या है सरकार का पक्ष
पिछले साल हुई सुनवाई में केंद्र सरकार ने कोर्ट को बताया था कि इंडियन मेडिकल काउंसिल (IMC) ने डॉक्टरों को जेनेरिक दवा लिखने के निर्देश दिए हैं. इस मसले पर स्वास्थ्य मामलों की संसदीय कमेटी ने भी एक रिपोर्ट दी है. इस पर विचार किया जा रहा है. वहीं, केंद्र सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने मंगलवार (21 अप्रैल, 2026) को हुई सुनवाई में कोर्ट से दो महीने का समय देने का अनुरोध किया गया. कोर्ट ने इसे मान लिया और याचिकाकर्ताओं से कहा कि वह भी अपने सुझाव सरकार को दें.
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        <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 10:30:10 +0530</pubDate>
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        <title>प्रधानमंत्री के राष्ट्र के नाम संबोधन पर विपक्ष की शिकायत की जांच कर सकता है निर्वाचन आयोग, क्या है पूरा मामला</title>
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        <description><![CDATA[ निर्वाचन आयोग विपक्ष की इस शिकायत की जांच करेगा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राष्ट्र के नाम संबोधन चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन था. आयोग के सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी. वामपंथी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री मोदी का शनिवार को राष्ट्र के नाम संबोधन चुनाव संबंधी आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है और इस पर कार्रवाई की जानी चाहिए.
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव एम. ए. बेबी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के राज्यसभा सांसद पी. सन्दोश कुमार ने अलग-अलग पत्रों में निर्वाचन आयोग से शिकायत की है. असम, केरल और पुडुचेरी में मतदान हो चुका है, वहीं तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल को मतदान होगा. पश्चिम बंगाल में दूसरे और आखिरी चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा.

सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री के खिलाफ शिकायत की निर्वाचन आयोग के आदर्श आचार संहिता प्रभाग द्वारा &#039;जांच की जाएगी&#039;. चुनाव आचार संहिता बीते 15 मार्च को चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ लागू हो गई थी और चार मई तक लागू रहेगी, जिस दिन पांच विधानसभाओं के लिए वोटों की गिनती की जाएगी.
माकपा का आरोप, पीएम मोदी ने किया आचार संहिता का उल्लंघन
अलग-अलग लगभग 700 कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने कथित उल्लंघन पर चुनाव आयोग से संपर्क किया है. माकपा के महासचिव बेबी ने अपने पत्र में कहा कि प्रधानमंत्री ने संहिता का घोर उल्लंघन किया है और इसके लिए दूरदर्शन का राजनीतिक भाषण के लिए &amp;ldquo;दुरुपयोग&amp;rdquo; किया गया. उन्होंने कहा, &amp;ldquo;इस संबोधन को किसी भी तरह से सरकारी संबोधन नहीं कहा जा सकता.&amp;rdquo;
बेबी ने आरोप लगाया कि यह भाषण स्पष्ट रूप से राजनीतिक था, जिसमें विपक्षी दलों को निशाना बनाया गया, कई दलों के नाम लिए गए और तमिलनाडु व पश्चिम बंगाल के मतदाताओं समेत जनता की राय को सत्तारूढ़ दल के पक्ष में प्रभावित करने की कोशिश की गई.&amp;rdquo;
राष्ट्र के नाम संबोधन में क्या बोले थे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने बीते शनिवार को राष्ट्र के नाम संबोधन में कांग्रेस और उसके सहयोगियों को चेताया था कि लोकसभा व राज्य विधानसभाओं में महिला आरक्षण संबंधी संशोधन का विरोध करके उसने जो &#039;भ्रूण हत्या का पाप&#039; किया है, उसके लिए भारत की महिलाएं उन्हें सजा जरूर देंगी.
मोदी ने महिलाओं से माफी मांगी थी और कहा था कि सरकार भले ही विधेयक पारित न करा पाई हो लेकिन वह महिलाओं को सशक्त बनाने के अपने प्रयासों को कभी नहीं छोड़ेगी. लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण 2029 के संसदीय चुनाव से लागू करने से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक शुक्रवार को संसद के निचले सदन में पारित नहीं हो पाया था.
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        <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 10:30:09 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>प्रधानमंत्री, के, राष्ट्र, के, नाम, संबोधन, पर, विपक्ष, की, शिकायत, की, जांच, कर, सकता, है, निर्वाचन, आयोग, क्या, है, पूरा, मामला</media:keywords>
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        <title>PM मोदी पर खरगे के विवादित बयान से भारी बवाल, BJP की EC से शिकायत, CM योगी बोले...</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/pm-मोदी-पर-खरगे-के-विवादित-बयान-से-भारी-बवाल-bjp-की-ec-से-शिकायत-cm-योगी-बोले</link>
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        <description><![CDATA[ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पीएम मोदी पर दिए बयान पर सियासी पारा चढ़ गया है. बीजेपी लगातार उनपर हमलावर है. भाजपा ने चुनाव आयोग से &amp;nbsp;शिकायत की है. इस पूरे मामले पर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पलटवार किया है.&amp;nbsp;
योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि देश के लोकप्रिय, लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की असंसदीय टिप्पणी अक्षम्य, अति निंदनीय और भारतीय लोकतंत्र की मर्यादाओं का घोर अपमान करने वाली है.
उनकी मृत &#039;साख&#039; को भी रसातल में पहुंचा दिया..: योगी आदित्यनाथ
उन्होंने कहा कि यह बयान कांग्रेस की हताशा, निराशा, मानसिक दिवालियापन और गिरती हुई राजनीतिक संस्कृति का स्पष्ट परिचायक है. मुद्दाविहीन, जनाधार-विहीन और नीतिविहीन, कुंठित कांग्रेस को समझ लेना चाहिए कि इस आपत्तिजनक टिप्पणी ने उनकी मृत &#039;साख&#039; को भी रसातल में पहुंचा दिया है. प्रधानमंत्री जी के यशस्वी नेतृत्व में भारत आज वैश्विक मंच पर सशक्त, आत्मविश्वासी और निर्णायक भूमिका में है। उनके प्रति इस प्रकार की टिप्पणी 145 करोड़ देशवासियों का भी अपमान है. कांग्रेस पार्टी को अपने इस अशोभनीय कृत्य के लिए देश और प्रधानमंत्री जी से सार्वजनिक रूप से क्षमा मांगनी चाहिए.
उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया कि पीएम नरेंद्र मोदी को आतंकवादी जैसे शब्दों का प्रयोग कांग्रेस की गिरती हुई राजनीति की पराकाष्ठा है. यह केवल एक व्यक्ति पर टिप्पणी नहीं, बल्कि उन 140 करोड़ देशवासियों के जनादेश का भी अनादर है, जिन्होंने लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से अपना विश्वास व्यक्त किया है.

राहुल-सोनिया और उनके शागिर्द....क्या बोले बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन
नवीन ने कहा कि जब-जब कांग्रेस विकास और तथ्यों के प्रश्नों पर घिरती है, राहुल गांधी, सोनिया गांधी और उनके शागिर्द मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह की बयानबाजी करते हैं. जब देश की नारी शक्ति कांग्रेस से अपने अधिकारों का हिसाब मांग रही है, तब इस तरह के स्तरहीन बयान सामने आना उसकी हताशा को दर्शाता है.
नवीन ने कहा कि ऐसे बयान के लिए कांग्रेस और राहुल गांधी को देश से माफी मांगनी चाहिए. जब-जब राहुल गांधी और उनके कुनबे ने शब्दों की मर्यादा को लांघा है. जनता ने उन्हें करारा जवाब दिया है. इस बार भी देश की जनता जवाब अवश्य देगी.
यह देश की जनता का अपमान: प्रदीप भंडारी
बीजेपी राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा है कि पीएम मोदी को आतंकवादी कहना देश की जनता का अपमान है. &amp;nbsp;भंडारी ने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे का देश के चुने हुए PM को आतंकवादी कहना यह दिखाता है कि कांग्रेस 140 करोड़ देशवाशियों को आतंकवादी कह रही है. कांग्रेस आज मानसिक रूप से इतनी दिवालिया हो चुकी है कि वह गरीबों और माताओं की आवाज को आतंकवादी कह रही है.
उन्होंने कहा कि इससे यह भी साफ हो जाता है कि राहुल गांधी के निर्देशों के अनुसार, गांधी-वाड्रा परिवार के निर्देशों पर चलते हुए, मल्लिकार्जुन खड़गे ने कांग्रेस के इरादे और नीति को पूरी तरह से साफ कर दिया है. यह एक अर्बन नक्सल&#039; सोच है जिसे कांग्रेस पार्टी ने बार-बार दिखाया है. कांग्रेस अब &#039;टुकड़े-टुकड़े कांग्रेस&#039; हो चुकी &amp;nbsp;है. राहुल गांधी का रिमोट कंट्रोल देश -विरोधी ताकतों के हाथों में है.
क्या कहा कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष खरगे ने पीएम मोदी के खिलाफ?
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन ने बयान तमिलनाडु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिया. उन्होंने कहा कि ये AIADMK के लोग, जो खुद अन्नादुरई की तस्वीर लगाते हैं. वे मोदी के साथ कैसे जा सकते हैं? वो एक आतंकवादी हैं. उनकी पार्टी समानता और न्याय में भरोसा नहीं करती है. ये लोग उनके साथ जुड़ रहे हैं. इसका मतलब है कि वे लोकतंत्र को कमजोर कर रहे हैं.
खरगे ने पूरे मामले में क्या सफाई दी?&amp;nbsp;
इस पूरे मामले में कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सफाई भी दी. उन्होंने कहा कि वह (पीएम मोदी) लोगों और राजनीतिक पार्टियों को डरा रहे हैं. मैंने कभी नहीं कहा कि वह आतंकवादी हैं. मेरा मतलब मैं साफ करना चाहता हूं कि मोदी हमेशा धमकी देते हैं. ED, IT और CBI जैसी संस्थाएं उनके हाथ में हैं. वह डिलिमिटेशन भी अपने हाथ में लेना चाहते हैं.
यह भी पढ़ें: &#039;महिला आरक्षण से SIR तक... &#039;,किस करवट बैठेगा ऊंट, चुनावी सभाओं में छाए रहे ये बड़े मुद्दे ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 10:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Manipur News: मणिपुर के मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के पास गोलीबारी में एक व्यक्ति घायल, जानें क्या है पूरा मामला</title>
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        <description><![CDATA[ मणिपुर के थौबल जिले में मंगलवार को मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह के कार्यक्रम स्थल की ओर बढ़ रही भीड़ पर सुरक्षा बलों द्वारा कथित तौर पर गोलीबारी किए जाने से एक व्यक्ति घायल हो गया. पुलिस ने यह जानकारी दी. यह घटना उस समय हुई जब मुख्यमंत्री वांगजिंग टेंथा में नए ब्लॉक विकास कार्यालय (बीडीओ) के उद्घाटन के लिए पहुंचे थे.
पुलिस के बयान के मुताबिक, पत्थरों और गुलेल से लैस बड़ी संख्या में लोग भवन में तोड़फोड़ करने के इरादे से कार्यक्रम स्थल की ओर बढ़ रहे थे. बयान में कहा गया, &#039;पुलिस द्वारा बार-बार चेतावनी और अपील के बावजूद भीड़ आक्रामक रूप से आगे बढ़ती रही, जिससे सार्वजनिक संपत्ति, उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों और कानून-व्यवस्था को गंभीर खतरा पैदा हो गया.&#039;

पुलिस ने बताया कि शुरुआत में न्यूनतम आवश्यक बल का प्रयोग किया गया और स्थिति बिगड़ने पर प्रोटोकॉल के तहत अंतिम विकल्प के रूप में नियंत्रित तरीके से गोलीबारी की गई. इस दौरान हीरोक पार्ट-2 एलंगबाम लेइराक निवासी और वर्तमान में विलेज डिफेंस फोर्स के सदस्य एलंगबाम नंदबीर सिंह (40) घायल हो गए. पुलिस के बयान में कहा गया, &#039;स्थिति को बाद में नियंत्रण में ले लिया गया और सभी की सुरक्षा सुनिश्चित की गई.&#039;
घाटी जिले में विरोध को लेकर क्या बोले सीएम
मुख्यमंत्री ने वांगजिंग टेंथा में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा के दौरान उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा, लेकिन घाटी जिले में उनके दौरे का विरोध देख वह हैरान हैं. उन्होंने कहा, &#039;मैं हाल ही में कई पहाड़ी जिलों में गया, वहां मेरे दौरे का कोई विरोध नहीं हुआ लेकिन थौबल जिले में हो रहे विरोध से मैं हैरान हूं.&#039;
उन्होंने कहा कि मतभेद बातचीत के जरिए सुलझाए जा सकते हैं.
बिष्णुपुर जिले के त्रोंग्लाओबी में सात अप्रैल को दो बच्चों की मौत की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद स्थानीय लोगों द्वारा गठित संयुक्त कार्रवाई समिति (जेएसी) की सभी मांगों को पूरा किया जाएगा. उन्होंने कहा, &amp;ldquo;सरकार पीड़ितों के माता-पिता के लिए उपयुक्त सरकारी नौकरियों की व्यवस्था करने पर भी विचार कर रही है.&amp;rdquo;
घटना के विरोध में कुछ समूहों द्वारा बुलाए गए पांच दिवसीय पूर्ण बंद पर नाराजगी जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी अनावश्यक गतिविधियां लोगों के बीच भ्रम पैदा करती हैं और कभी-कभी सरकार को भी ऐसी स्थिति पर खेद होता है.
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        <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 10:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>पहले बांधा हाथ&amp;पैर, फिर आंखों पर पट्टी और उसके बाद डाला केरोसीन... नए स्टाइल में प्रोपोज के बहाने प्रेमी को जिंदा जलाया</title>
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        <description><![CDATA[ Terrifying Murder in Bengaluru: कर्नाटक की राजधानी और देश का आईटी हब माना जाने वाला बैंगलोर में मंगलवार (20 अप्रैल 2026) को एक सनसनीखेज और दिल दहला देने वाली हत्या का मामला सामने आया.&amp;nbsp;
इसने पूरे शहर को हिला कर रख दिया. एक टेलीकॉम स्टोर में काम करने वाली महिला ने अपने ही प्रेमी को घर बुलाया और फिर उसकी आंखों पर पट्टी बांधी फिर कुर्सी से बांधने के बाद जिंदा आग के हवाले कर दिया. इस घटना को जिसने भी सुना उसकी रूह कांप गई.&amp;nbsp;
पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी महिला प्रेरणा (27) और मृतक किरण (27) पिछले एक साल से रिलेशनशिप में थे. दोनों वोडाफोन के एक स्टोर में काम करते थे. हाल के दिनों में दोनों के बीच संबंधों में खटास आ गई थी. प्रेरणा को शिकायत थी कि किरण उसे नजरअंदाज कर रहा है. शादी करने से भी इनकार कर रहा है.
फिल्मी स्टाइल में दिया वारदात को अंजामघटना मंगलवार दोपहर की है. प्रेरणा ने किरण को दक्षिण बेंगलुरु के अंजनापुर स्थित अपने घर बुलाया. घर पर उस समय वह अकेली थी. कुछ देर बातचीत के बाद प्रेरणा ने किरण की आंखों पर पट्टी बांध दी और उसे कुर्सी पर बैठाकर बांधने लगी. जब किरण ने इसका विरोध किया, तो उसने इसे विदेशों में चल रहे नए तरह के प्रपोजल का हिस्सा बताया.
कुर्सी से बंधे और आंखों पर पट्टी लगाए किरण को इस बात का अंदाजा नहीं था कि उसके साथ क्या होने वाला है. इसी दौरान प्रेरणा पहले से तैयार पेट्रोल और केरोसिन का मिलाकर लेकर आई और उस पर डालकर आग लगा दी. बताया जा रहा है कि उसने इस पूरी घटना को कैमरे में रिकॉर्ड भी किया.

पुलिस ने क्या जानकारी दी?पुलिस अधिकारी डीसीपी डीएल नागेश के मुताबिक की मानें तो प्राथमिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि महिला ने अपने प्रेमी को आग लगाकर उसकी हत्या की है. वह इस बात से नाराज थी कि वह उसे नजरअंदाज कर रहा था. घटना बेंगलुरु के बयादरहल्ली पुलिस स्टेशन क्षेत्र में अंजनानगर इलाके में हुई. पुलिस ने आरोपी महिला को हिरासत में ले लिया है और मामले की जांच जारी है. मृतक किरण के परिवार को सूचित कर दिया गया है. उनके पहुंचने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी.
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        <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 10:30:06 +0530</pubDate>
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        <title>Tamil Nadu Assembly Elections 2026: पीएम मोदी पर खरगे का बड़ा विवादित बयान, फिर दी सफाई, भड़की बीजेपी बोली&amp; मांगो माफी</title>
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        <description><![CDATA[ Assembly Elections 2026: कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मंगलवार (21 अप्रैल, 2026) को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर बड़ा बयान दिया है, जिसकी वजह से राजनीतिक हलकों में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. दरअसल, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पीएम नरेंद्र मोदी को &#039;आतंकवादी&#039; करार दिया है. वहीं, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने खरगे के इस बयान की कड़ी निंदा की है. भाजपा ने कहा कि कांग्रेस ने अब तक प्रधानमंत्री को 175 बार गालियां देकर अपमानित किया है. उन्हें इसके लिए माफी मांगनी चाहिए.
चेन्नई में खरगे ने दिया विवादित बयान
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने यह विवादित बयान तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में AIADMK की भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ गठबंधन की आलोचना करते हुए दिया है. हालांकि, इस विवाद बढ़ने के बाद उन्होंने अपने बयान को लेकर सफाई भी दी.&amp;nbsp;उन्होंने कहा, &amp;lsquo;ये AIADMK के लोग, जो खुद अन्नादुरई की तस्वीर लगाते है, वे मोदी के साथ कैसे जा सकते हैं? वो एक आतंकवादी हैं. उनकी पार्टी समानता और न्याय में भरोसा नहीं करती है. ये लोग उनके साथ जुड़ रहे हैं, इसका मतलब है कि वे लोकतंत्र को कमजोर कर रहे हैं.&amp;rsquo;
उन्होंने आगे कहा, &amp;lsquo;आपको ऐसे नेताओं की जरूरत है जो बीजेपी के सामने झुकें नहीं और डटकर मुकाबला करें और वो एमके स्टालिन हैं. आज AIADMK ने अपनी पहचान खो दी है. यह बीजेपी का एक मूक-गुलाम सहयोगी बन गया है. यह तमिलनाडु के हितों की रक्षा नहीं कर सकता, क्योंकि यह पीएम मोदी का गुलाम बन गया है.&amp;rsquo;
यह भी पढे़ंः थम गया चुनावी राज्य &#039;बंगाल-तमिलनाडु&#039; में प्रचार का शोर, अब 23 अप्रैल को उम्मीदवारों की किस्मत पर फैसला
विवादित बयान पर खरगे ने दी सफाई
PM मोदी पर अपनी टिप्पणी पर सफाई देते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, &amp;lsquo;वह (पीएम मोदी) लोगों और राजनीतिक पार्टियों को डरा रहे हैं. मैंने कभी नहीं कहा कि वह आतंकवादी हैं. मेरा मतलब मैं साफ करना चाहता हूं कि मोदी हमेशा धमकी देते हैं. ED, IT और CBI जैसी संस्थाएं उनके हाथ में हैं. वह डिलिमिटेशन भी अपने हाथ में लेना चाहते हैं.&amp;rsquo;

भारतीय जनता पार्टी का मल्लिकार्जुन खरगे पर हमला

Afzal Yakub &amp;amp; Naxals are innocent But for CongressChaiwala OBC PM is terroristRSS is poisonous snakeSanatan is Disease This is Cong ki Sanvidhan virodhi Nafrati dukaan They are giving clean chit to Jihad &amp;amp; abusing elected PM 175 abuses so far pic.twitter.com/pSfXO6EqpQ
&amp;mdash; Shehzad Jai Hind (Chowkidar as per INC ecosystem) (@Shehzad_Ind) April 21, 2026



वहीं, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने प्रधानमंत्री को आतंकवादी कहने पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की कड़ी निंदा की. उन्होंने X प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट शेयर कर लिखा, &amp;lsquo;अफजल, याकूब और नक्सली सभी निर्दोष हैं, लेकिन कांग्रेस के लिए चायवाला OBC प्रधानमंत्री आतंकवादी है, RSS जहरीला सांप है और सनातन एक बीमारी है. यह कांग्रेस की संविधान विरोधी नफरत की दुकान है. वे जिहाद को क्लीन चिट दे रहे हैं और जनता की ओर से चुने हुए प्रधानमंत्री का अपमान कर रहे हैं. अब तक प्रधानमंत्री को 175 बार गालियां दी जा चुकी हैं.&amp;rsquo;
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        <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 18:30:14 +0530</pubDate>
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        <title>क्या देश में एल्कोहॉल से दौड़ेंगी कारें? तेल की किल्लत के बीच सरकार ले आई E85 पेट्रोल का प्लान, जानें क्या है ये</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/क्या-देश-में-एल्कोहॉल-से-दौड़ेंगी-कारें-तेल-की-किल्लत-के-बीच-सरकार-ले-आई-e85-पेट्रोल-का-प्लान-जानें-क्या-है-ये</link>
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        <description><![CDATA[ दुनियाभर में हो रही तेल की किल्लत के बीच सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है. अब देश में एल्कोहॉल से गाड़ियां चलाने की तैयारी चल रही है. हालांकि, इस प्लान को लागू होने में कुछ साल लग सकते हैं, लेकिन इसकी तैयारी बहुत जल्दी ही शुरू कर दी जाएगी.
इथेनॉल-20 या E20 के बाद देश में इथेनॉल-85 या E85 फ्यूल से गाड़ियां चलाने की तैयारी चल रही है. E85 ऐसा फ्यूल है, जिसमें 85 प्रतिशत एल्कोहॉल होता है और सिर्फ 15 प्रतिशत ही पेट्रोल है. 2016 में यह प्रस्ताव लाया गया था और अब इस पर बहुत जल्दी काम शुरू करने की तैयारी है.

कई मीडिया आउटलेट्स ने सरकारी अधिकारियों के हवाले से खबर दी है कि इस वक्त जब तेल की इतनी किल्लत हो रही है, सरकार इस प्लान को अमल में लाने की तैयारी कर रही है. द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि सरकार बहुत जल्दी E85 पर ड्राफ्ट रूल जारी करेगी. उन्होंने बताया कि सरकार में इसे लेकर सहमति है और मार्केट में भी इस पर आम सहमति बन गई है. इसके अलावा E85 का प्रारंभिक परीक्षण भी शुरू किया जा चुका है.&amp;nbsp;
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E85 या फ्लेक्स फ्यूल के लिए इंजन में कुछ बदलाव करने होंगे और कुछ सालों में इसे लॉन्च करने की तैयारी है. नॉन-फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों में E85 का इस्तेमाल करने से जंग लग सकता है, सील और होज खराब हो सकते हैं और वाहन को स्टार्ट करने में दिक्कत आ सकती है. सिर्फ खासतौर पर निर्मित फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियों (Flex Fuel Vehicles) &amp;nbsp;में ही इसका इस्तेमाल किया जा सकेगा.
ईटी नाओ ने एक और अधिकारी के हवाले से बताया कि पेट्रोल में 85 प्रतिशत इथेनॉल के मिश्रण की अनुमति का ड्राफ्ट तैयार है और जल्दी ही यह ड्राफ्ट जारी कर दिया जाएगा. इथेनॉल घरेलू स्तर पर गन्ने, गेहूं और अन्य अनाजों से तैयार किया जाता है.
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रिपोर्ट्स के अनुसार E85 को E20 से अलग फ्यूल ग्रेड के तौर पर लाया जाएगा. E20 में इथेनॉल की मात्रा 27 प्रतिशत तक होती है. 1 अप्रैल से सभी राज्यों में E20 पेट्रोल की बिक्री अनिवार्य कर दी गई है. यह कदम ऐसे समय पर उठाया जा रहा है, जब अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर तेल और गैस के जहाज फंसे हुए हैं, जिसके चलते देश में तेल और गैस की किल्लत हो रही है.
&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 18:30:14 +0530</pubDate>
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        <title>Exclusive: &amp;apos;भ्रष्ट है TMC, सुरक्षित नहीं बंगाल&amp;apos;, ममता के आरोपों पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पलटवार, बताया BJP के क्या होंगे चुनावी मुद्दे</title>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने तैयारी पूरी कर ली है. वह ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस को कड़ी टक्कर देने के इरादे से मैदान में उतरी है. देश के शिक्षा मंत्री और भाजपा के दिग्गज नेता धर्मेंद्र प्रधान ने बंगाल चुनाव से जुड़े कई अहम मुद्दों पर एबीपी न्यूज के साथ खास बातचीत की. उन्होंने टीएमसी पर भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया. धर्मेंद्र प्रधान ने इसके साथ ही भाजपा के मुद्दों का भी जिक्र किया.
धर्मेंद्र प्रधान का कहना है कि भाजपा किसी भी चुनाव को गंभीरता से लड़ती है और उनका लक्ष्य बंगाल की जनता को सुशासन और एक वैकल्पिक सरकार देना है. उन्होंने बताया कि पिछले एक दशक में, विशेष रूप से 2019 के बाद, भाजपा बंगाल में &#039;तीसरे नंबर की पार्टी&#039; से एक &#039;प्रभावशाली ताकत&#039; बनकर उभरी है और लगभग 38-40 प्रतिशत वोट शेयर हासिल कर चुकी है. उन्हें विश्वास है कि इस बार बंगाल में भाजपा को सेवा करने का अवसर मिलेगा

भाजपा बंगाल में किन मुद्दों पर लड़ेगी चुनाव&amp;nbsp;
धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि भाजपा के लिए बंगाल चुनाव में कई मुद्दें अहम होंगे. उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार और बेरोजगारी अहम मुद्दा होगा. इसके साथ ही महिलाओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और शिक्षा, घुसपैठ (स्थानीय सरकार द्वारा संसाधनों को घुसपैठियों को देने का आरोप), सोनार बंगला (बंगाल को फिर से शिक्षा, संस्कृति और कला के क्षेत्र में देश का नेतृत्व करने वाला प्रांत बनाना) भी मुद्दे होंगे.
ममता बनर्जी के आरोपों पर पलटवार
धर्मेंद्र प्रधान ने ममता बनर्जी के आरोपों पर भी जवाब दिया. उन्होंने ममता बनर्जी द्वारा चुनाव में &#039;युद्ध की गाड़ियां&#039; भेजे जाने के आरोप को बेबुनियाद बताया. उन्होंने 1971 के आर. के. लक्ष्मण के एक कार्टून का संदर्भ देते हुए कहा कि ममता जी के पास कोई वास्तविक मुद्दा नहीं है.
प्रवासी बंगाली के मामले पर क्या बोले धर्मेंद्र प्रधान
उन्होंने ममता बनर्जी के उस आरोप को &#039;बेबुनियाद&#039; बताया जिसमें कहा गया था कि भाजपा प्रवासी बंगालियों को धार्मिक ग्रंथों पर कसम खिलवा रही है. उन्होंने कहा, &#039;चुनाव लोगों के लिए एक उत्सव है और वे अपनी इच्छा से लौट रहे हैं.&#039;
धर्मेंद्र प्रधान ने बंगाल की चुनाव प्रक्रिया को देश के बाकी हिस्सों से अलग बताया. उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 50 वर्षों में (पहले कम्युनिस्ट और अब टीएमसी) &#039;संत्रास&#039; यानी विपक्षियों को डराने-धमकाने का एक नया पैरामीटर बनाया गया है. उन्होंने टीएमसी के &#039;खेला&#039; को मतदाताओं के लिए एक धमकी करार दिया.
झालमुड़ी&#039; की राजनीति पर क्या बोले शिक्षा मंत्री&amp;nbsp; 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा झालमुड़ी खाने को ममता बनर्जी द्वारा &#039;पूरी तरह से प्लान्ड ड्रामा&#039; कहे जाने पर प्रधान ने तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि ऐसा कहकर ममता बनर्जी न केवल प्रधानमंत्री का, बल्कि बंगाल में झालमुड़ी बेचने वाले आम व्यक्ति का भी अपमान कर रही हैं. उनके अनुसार, जब कोई व्यक्ति घबराहट में होता है, तब वह इस तरह की असंगत बातें करता है.
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        <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 18:30:12 +0530</pubDate>
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        <title>थम गया चुनावी राज्य &amp;apos;बंगाल&amp;तमिलनाडु&amp;apos; में प्रचार का शोर, अब 23 अप्रैल को उम्मीदवारों की किस्मत पर फैसला</title>
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        <description><![CDATA[ Assembly Elections 2026: पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में पहले चरण के मतदान से 48 घंटे पहले अब मंगलवार को चुनाव प्रचार थम गया है. तमिलनाडु में सभी 234 सीटों पर 23 अप्रैल को मतदान होना है. वहीं बंगाल में पहले चरण की 152 सीट पर वोटिंग होगी. चुनाव प्रचार थमने के बाद किसी भी तरह की सार्वजनिक रैलियों और राजनीतिक प्रचार अब उम्मीदवार नहीं कर सकेंगे. &amp;nbsp;
तमिलनाडु की सभी सीटों पर होगा मतदान
तमिलनाडु की बात करें, तो इस बार एक साथ सभी 234 सीटों पर मतदान होगा. इस बार राज्य में कुल 4,023 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. इस बार सभी की निगाहें राज्य के चर्चित अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी टीवीके पर भी है. राज्य की कई सीटों पर टीवीके को काफी समर्थन मिल रहा है. इस चुनाव में कुल 5.73 करोड़ मतदाता अपने मत का प्रयोग कर सकेंगे.&amp;nbsp;
बंगाल में 152 सीटों पर होगा पहले चरण का मतदानबंगाल की 152 सीटों पर पहले चरण का मतदान होना है. 4 मई को सभी चुनावी राज्यों की काउंटिंग की जाएगी. इस बार पश्चिम बंगाल में 2 चरण में मतदान होना है. पहले चरण में कुल 1,478 प्रत्याशी मैदान में हैं. करीबन तीन करोड़ 60 लाख 77 हजार 171 मतदाता अपने मत का उपयोग करेंगे. इन मतदाताओं में एक करोड़ 75 लाख 77 हजार 210 महिलाएं हैं. इस बार चुनावी प्रचार में महिलाओं से जुड़ा मुद्दा प्रमुखताओं से सभी पार्टियों ने उठाया है.&amp;nbsp;

इन सीटों पर बंगाल में होगी वोटिंग
चुनाव आयोग की जानकारी के मुताबिक, बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए 23 अप्रैल को 16 जिलों की 152 सीटों पर मतदान होगा. इनमें उत्तर बंगाल के आठ, दक्षिण बंगाल के तीन और जंगलमहल अंचल के पांच जिले शामिल हैं.&amp;nbsp;
मुर्शिदाबाद की 22, कूचबिहार की नौ, जलपाईगुड़ी की सात, अलीपुरद्वार की पांच, कलिंपोंग की एक, दार्जिलिंग की पांच, उत्तर दिनाजपुर की नौ, दक्षिण दिनाजपुर की छह, मालदा की 12, बीरभूम की 11, पश्चिम ब&amp;zwnj;र्द्धमान की नौ, पूर्व मेदिनीपुर की 16, पश्चिम मेदिनीपुर की 15, झाड़ग्राम की चार, पुरुलिया की नौ व बांकुड़ा की 12 सीटें शामिल हैं.
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        <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 18:30:11 +0530</pubDate>
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        <title>सावधान! भारत में &amp;apos;नमी वाली गर्मी&amp;apos; ज्यादा खतरनाक क्यों? पसीना नहीं सूखा तो हीटस्ट्रोक और फिर मौत</title>
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        <description><![CDATA[ कुछ दिन पहले बेमौसम बरसात से देश तर था और अब झुलसा देने वाली गर्मी का आलम है. मौसम विभाग ने अगले 5-6 दिन भीषण गर्मी वाले बताए हैं, लेकिन इस बीच एक और बड़ी मुसीबत बन गई है नमी वाली गर्मी. भारत में नमी वाली गर्मी जलवायु परिवर्तन का सबसे खतरनाक रूप बनती जा रही है. यह तेज तापमान और ज्यादा नमी का बेहद खतरनाक गठजोड़ है, तड़पा कर मारने के लिए काफी है. कैसे? जानते हैं एक्सप्लेनर में...
सवाल 1: देश भर में गर्मी कितना जला रही है?जवाब: अप्रैल 2026 में दिल्ली और उत्तर भारत में गर्मी ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है. मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि अगले 4-5 दिन हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब और छत्तीसगढ़ समेत कई इलाकों में लू चलेगी. कुछ जगहों पर तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. प्रयागराज में 20 अप्रैल को अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री दर्ज हुआ. वाराणसी में 44 डिग्री, कानपुर-गोरखपुर-झांसी-आगरा में 40-43 डिग्री. दिल्ली में मार्च 2026 का औसत अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री पहुंच गया, जो 2011 के 30 डिग्री से 2.6 डिग्री ज्यादा है. 15 सालों में दिल्ली का मार्च का तापमान 2.6 डिग्री सेल्सियस बढ़ गया है.
अप्रैल में मानसून नहीं आता, फिर भी प्री-मानसून की उमस बढ़ रही है. 26 अप्रैल तक गंगा-तटीय बंगाल, झारखंड, ओडिशा, पूर्वी UP में भी गर्म और आर्द्र मौसम रहने का खतरा है. अब सिर्फ तापमान नहीं, बल्कि नमी वाला तापमान सबसे बड़ा खतरा बन गया है.
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IMD ने अगले 5 दिन के लिए भयंकर लू की चेतावनी जारी की है

सवाल 2: &amp;lsquo;नमी वाली गर्मी&amp;rsquo; क्या है और यह लू से ज्यादा खतरनाक क्यों?जवाब: नमी वाली गर्मी का मतलब है- गर्म हवा के साथ ज्यादा उमस. सूखी लू में पसीना जल्दी सूख जाता है और शरीर ठंडा हो जाता है, लेकिन नमी वाली गर्मी में पसीना सूखता ही नहीं है. शरीर का कूलिंग सिस्टम फेल हो जाता है, शरीर का अंदरूनी तापमान बढ़ने लगता है और कुछ घंटों में हीटस्ट्रोक हो सकता है. साइंटिस्ट इसे &amp;lsquo;वेट-बल्ब टेम्परेचर&amp;rsquo; से मापते हैं. अगर यह 35 डिग्री सेल्सियस पहुंच जाए तो छाया में बैठा स्वस्थ इंसान भी 6 घंटे में जानलेवा खतरे में आ जाता है.
जर्नल क्लाइमेट डायनैमिक्स में एक स्टडी छपी. यूके की यूनिवर्सिटी ऑफ रीडिंग के अक्षय देओरस के नेतृत्व में हुई रिसर्च में 80 साल से ज्यादा के मौसम डेटा का एनालिसिस किया. इसके मुताबिक, भारत में अब सबसे बड़ा खतरा &amp;lsquo;नमी वाली गर्मी&amp;rsquo; है, न कि सिर्फ सूखी लू. दक्षिण-पश्चिम मानसून ही इसका सबसे बड़ा कंट्रोलर है. केरल सबसे आगे है. यहां दिन के साथ रातें भी गर्म हो रही हैं. स्टडी कहती है कि 4 हफ्ते पहले मानसून पैटर्न देखकर नमी वाली लू की चेतावनी दी जा सकती है.

मानसून के एक्टिव फेज में: उत्तर भारत में नमी वाली लू की आशंका सामान्य से 125% तक बढ़ जाती है.
मानसून के ब्रेक फेज में: केरल और दक्षिण भारत सबसे ज्यादा खतरे में है.

सवाल 3: क्या यह जानलेवा है और इससे बचने के लिए क्या करना चाहिए?जवाब: जर्नल स्टडी के मुताबिक, ज्यादा नमी में नॉर्मल तापमान जानलेवा बन सकता है. उत्तर भारत में मानसून के सक्रिय चरण में नमी वाली लू की आशंका सामान्य से 125% तक बढ़ जाती है. पहले लोग सिर्फ तापमान देखकर चलते थे, लेकिन अब पता चला है कि नमी का साथ हो तो 40 डिग्री से कम तापमान में भी लोग बीमार पड़ रहे हैं और मौतें हो रही हैं. यह जलवायु परिवर्तन का सबसे छिपा हुआ और घातक रूप है.
डाउन टू अर्थ और एक्सपर्ट्स के मुताबिक, 7 सावधानियां बरत कर नमी वाली गर्मी से बचा जा सकता है... &amp;nbsp;

समय का ध्यान रखें: दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक बाहर बिल्कुल कम निकलें. अगर काम करना ही पड़े तो बार-बार छाया में 10-15 मिनट आराम करें.
पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स: दिन भर में ढेर सारा पानी पिएं. ORS, नमक-चीनी का घोल, नींबू पानी, नारियल पानी या दही-लस्सी लें. आपका यूरीन हल्का पीला होना चाहिए, अगर गहरा हो तो समझ लें पानी कम हो रहा है.
कपड़ों का चुनाव: ढीले, सूती, हल्के रंग के कपड़े पहनें. काले या सिंथेटिक कपड़े न पहनें क्योंकि वे गर्मी सोख लेते हैं. सिर पर टोपी, गमछा या छाता जरूर रखें.
घर को ठंडा रखें: पर्दे बंद रखें, पंखा और कूलर चलाएं. रात में खिड़कियां खोलकर हवा आने दें. अगर AC है तो 24-26 डिग्री पर रखें.
लक्षणों पर नजर: थकान, चक्कर आना, ज्यादा पसीना न आना, तेज बुखार, उल्टी, मांसपेशियों में दर्द और बेहोशी खतरे के संकेत हैं. ऐसा होने पर तुरंत ठंडी जगह पर जाएं, पानी पिएं और डॉक्टर को दिखाएं.
खास लोगों की देखभाल: बुजुर्ग, बच्चे, गर्भवती महिलाएं, हाई बीपी या डायबिटीज वाले और खुले में काम करने वाले मजदूर सबसे ज्यादा जोखिम में हैं. घर में वेंटिलेशन अच्छा रखें और रोज चेक करें.
IMD की चेतावनी फॉलो करें: अप्रैल 2026 में IMD ने केरल, तमिलनाडु, गुजरात तट, ओडिशा, गंगटिक पश्चिम बंगाल में 20-26 अप्रैल तक &amp;lsquo;हॉट एंड ह्यूमिड&amp;rsquo; का अलर्ट जारी किया है. लोकल मौसम ऐप या न्यूज चेक करते रहें.

आखिर में जान लें कि नमी वाली गर्मी कोई सामान्य गर्मी नहीं है. यह शरीर को अंदर से जला देती है, लेकिन अगर हम IMD की सलाह, पानी और छाया का साथ रखें तो 100% बच सकते हैं.
&amp;nbsp;

नमी वाली गर्मी से बचने के उपायों पर अमल करना जरूरी है

सवाल 4: तो इस नमी वाली गर्मी से राहत कब मिलेगी?जवाब: नमी वाली गर्मी अब भारत का सबसे बड़ा जलवायु खतरा बन चुकी है और आगे यह और भी तेजी से बढ़ने वाली है. साइंटिफिक स्टडीज के मुताबिक, सिर्फ तापमान नहीं बल्कि गर्मी के साथ नमी का गठजोड़ आगे लंबे, ज्यादा खतरनाक और क्षेत्र-विशेष हीटवेव लाएगा. 2026 के बाकी गर्मियों में ही IMD की चेतावनी है कि पूर्वी, मध्य, उत्तर-पश्चिम और दक्षिण-पूर्वी प्रायद्वीपीय इलाकों में सामान्य से ज्यादा हीटवेव वाले दिन रहेंगे. अप्रैल-जून 2026 में तटीय क्षेत्रों में हॉट एंड ह्यूमिड मौसम जारी रहेगा. मानसून के दौरान नमी और बढ़ेगी, जिससे उत ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 18:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>महिलाओं की ‘सोच’: राजनीतिक वर्गीकरण का नया तरीका</title>
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        <description><![CDATA[ जब कोई नेता महिलाओं को &amp;lsquo;सोच&amp;rsquo; के आधार पर बांटने लगे, तो समझ लीजिए राजनीति अपने सबसे असहज मोड़ पर है. अखिलेश यादव का हालिया बयान केवल शब्दों का खेल नहीं है, बल्कि उस गहरी बेचैनी का संकेत है जो तब सामने आती है जब &amp;lsquo;आधी आबादी&amp;rsquo; का भरोसा धीरे-धीरे खिसकने लगता है. महिलाओं को &amp;lsquo;पिछड़ी सोच&amp;rsquo; और &amp;lsquo;आधुनिक सोच&amp;rsquo; में बांटने की कोशिश पहली नजर में भले ही वैचारिक बहस लगे, लेकिन इसके पीछे की राजनीति कहीं ज्यादा गहरी है. यह उस प्रयास का संकेत है, जहां पारंपरिक वोट बैंक बदल रहा है और उसे रोकने के लिए नए-नए नैरेटिव गढ़े जा रहे हैं. यही वजह है कि यह बयान केवल एक टिप्पणी नहीं, बल्कि एक रणनीतिक प्रतिक्रिया के रूप में देखा जाना चाहिए. खासकर तब, जब इसी राजनीति का रिकॉर्ड हमेशा से महिलाओं के अधिकारों से जुड़े बड़े फैसलों पर सवालों के घेरे में रहा हो.
महिलाओं की &amp;lsquo;सोच&amp;rsquo;: राजनीतिक वर्गीकरण का नया तरीका
समाज को अलग-अलग खांचों में बांटने की राजनीति नई नहीं है. लेकिन, महिलाओं को &amp;lsquo;आधुनिक&amp;rsquo; और &amp;lsquo;पिछड़ी&amp;rsquo; सोच में बांटना इस रणनीति का नया रूप जरूर है. यहां समस्या केवल शब्दों की नहीं है, बल्कि उस मानसिकता की है, जो यह मानकर चलती है कि महिलाओं की सोच को भी राजनीतिक सुविधा के हिसाब से परिभाषित किया जा सकता है. यह दृष्टिकोण महिलाओं की स्वतंत्रता को स्वीकार करने के बजाय उन्हें एक तय फ्रेम में फिट करने की कोशिश करता है. अखिलेश के मौजूदा प्रयास में जिस पीडीए की वह बात करते हैं, उसे महिलाओं में भी वर्गीकरण का एक अलग आधार बनाया जाने की कोशिश की जा रही है.
जब संसद में मौका था, तब रुख क्या था?
यहां सबसे बड़ा विरोधाभास सामने आता है. एक तरफ महिलाओं को &amp;lsquo;नई सोच&amp;rsquo; का पाठ पढ़ाया जा रहा है, और दूसरी तरफ जब संसद में महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने का मौका आया, तब समाजवादी पार्टी का रुख बिल्कुल अलग नजर आया. नारी शक्ति वंदन अधिनियम (संशोधन), जिसे महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी जल्दी बढ़ाने का एक बड़ा कदम माना गया (नारी शक्ति वंदन अधिनियम- 2023 में पारित हो चुका है, जिसमें महिलाओं के 33 फीसदी आरक्षण तय हैं), उसे सपा ने लोकसभा में समर्थन नहीं दिया. अब सवाल यह है कि जो दल संसद में महिलाओं के अधिकारों को मजबूत करने वाले संशोधन विधेयक के साथ खड़ा नहीं हुआ, वह आज किस नैतिक आधार पर महिलाओं को &amp;lsquo;आधुनिक&amp;rsquo; और &amp;lsquo;पिछड़ी&amp;rsquo; सोच में बांटने का प्रयास कर रहा है?
विरासत का बोझ, और &amp;lsquo;नई सोच&amp;rsquo; का दावा
राजनीति केवल वर्तमान से नहीं, अतीत से भी तय होती है. मुलायम सिंह यादव के कई बयान आज भी यह याद दिलाते हैं कि महिलाओं को लेकर सोच किस स्तर कीरही है. &amp;ldquo;लड़के हैं, गलती हो जाती है&amp;rdquo; जैसे बयान केवल विवाद नहीं थे, बल्कि उस दृष्टिकोण का संकेत थे जिसमें महिलाओं के खिलाफ अपराध को हल्के में लिया गया. ऐसे में, जब उसी राजनीतिक धारा से जुड़े नेता आज &amp;lsquo;नई सोच&amp;rsquo; का दावा करते हैं, तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या सोच बदली है, या केवल शब्दों का चयन बदल गया है.
असल मुद्दों से दूरी, बहस को भटकाने की कोशिश
महिलाओं के लिए असली मुद्दे हमेशा स्पष्ट रहे हैं: सुरक्षा, सम्मान और अवसर. लेकिन, इन मुद्दों पर जवाब देने के बजाय अगर बहस को &amp;lsquo;सोच&amp;rsquo; के वर्गीकरण की ओर मोड़ा जाए, तो यह संकेत देता है कि असली सवालों से बचा जा रहा है. सपा शासन के दौरान कानून-व्यवस्था को लेकर बनी धारणा आज भी राजनीतिक चर्चा का हिस्सा है. यही अनुभव महिला वोटर के निर्णय को प्रभावित करता है, और यही कारण है कि अब उसके राजनीतिक रुझान में बदलाव दिखाई दे रहा है.
बदलता समीकरण, और बढ़ती बेचैनी
महिला वोटर अब पहले जैसी नहीं रही. वह केवल पहचान आधारित राजनीति का हिस्सा नहीं है, बल्कि अपने अनुभव और अपेक्षाओं के आधार पर निर्णय ले रही है. यही बदलाव राजनीतिक दलों के लिए चुनौती बनता है. और अक्सर ऐसे ही समय में नए नैरेटिव सामने आते हैं, जो वास्तविक मुद्दों से ध्यान हटाकर एक नई बहस खड़ी करते हैं. अखिलेश यादव का बयान इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए, जहां वर्गीकरण के जरिए एक नई राजनीतिक जमीन तैयार करने की कोशिश हो रही है.
&amp;lsquo;आधी आबादी&amp;rsquo; अब तय कर रही है दिशा
यह तो सीधे तौर पर स्पष्ट है कि महिलाओं को &amp;lsquo;पिछड़ी&amp;rsquo; और &amp;lsquo;आधुनिक&amp;rsquo; सोच में बांटना एक सतही राजनीतिक प्रयास है. आज की महिला खुद को इस तरह केवर्गीकरण में सीमित नहीं करती. वह यह देखती है कि कौन उसके अधिकारों के लिए खड़ा है और कौन केवल बयान दे रहा है. संसद में लिए गए फैसले, जमीन परकाम, और सुरक्षा का अनुभव, यही उसके निर्णय का आधार बनते हैं. &amp;lsquo;आधी आबादी&amp;rsquo; अब केवल वोट बैंक नहीं है. वह राजनीति की दिशा तय करने वाली शक्तिबन चुकी है. और शायद यही वह सच्चाई है, जो इस तरह के बयानों के पीछे छिपी वास्तविक चिंता को उजागर करती है.
(लेखक इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में वकील हैं. राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर निरंतर लेखन करते हैं.) ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 06:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>&amp;apos;अब ठग बंदूक से नहीं, मोबाइल से वार कर रहे..&amp;apos; देश में बढ़ते साइबर क्राइम पर CJI ने जताई चिंता</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/अब-ठग-बंदूक-से-नहीं-मोबाइल-से-वार-कर-रहे-देश-में-बढ़ते-साइबर-क्राइम-पर-cji-ने-जताई-चिंता</link>
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        <description><![CDATA[ देश में बढ़ते साइबर अपराध को लेकर चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया जस्टिस सूर्या कांत ने गंभीर चिंता जताई है. CBI के एक कार्यक्रम में उन्होंने साफ कहा कि अब अपराध का तरीका पूरी तरह बदल चुका है. पहले जहां चोरी या हथियारों से अपराध होते थे, अब ठग मोबाइल फोन, फर्जी कॉल, मैसेज और ऐप के जरिए लोगों को निशाना बना रहे हैं.&amp;nbsp;
CJI के मुताबिक, पिछले दो साल में साइबर ठगी से लोगों को करीब 44 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. उन्होंने कहा कि ये सिर्फ आंकड़े नहीं हैं, बल्कि इस बात का सबूत हैं कि अपराधी कितनी तेजी से आम लोगों तक पहुंच रहे हैं.
डिजिटल अरेस्ट बन रहा बड़ा खतराCJI ने खास तौर पर डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों को खतरनाक बताया. इसमें ठग खुद को CBI, पुलिस, ED या RBI का अधिकारी बताकर फोन करते हैं और लोगों को डराते हैं&amp;mdash;जैसे कि आपका अकाउंट बंद हो जाएगा या आपको गिरफ्तार कर लिया जाएगा. डर के माहौल में लोग तुरंत पैसे ट्रांसफर कर देते हैं.
उन्होंने कहा कि कई लोग शर्म या डर की वजह से शिकायत नहीं करते, जिससे अपराधियों का हौसला और बढ़ जाता है.
बुजुर्ग हो रहे सबसे ज्यादा शिकार
CJI ने बताया कि साइबर ठगी के सबसे ज्यादा शिकार बुजुर्ग और रिटायर्ड लोग हो रहे हैं. कई बार उनकी पूरी जिंदगी की कमाई कुछ ही मिनटों में खत्म हो जाती है. इससे उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ-साथ मानसिक झटका और असुरक्षा का एहसास भी होता है.

विदेश से चल रहे ठगी के नेटवर्क
उन्होंने यह भी बताया कि कई साइबर फ्रॉड गैंग भारत के बाहर, खासकर दक्षिण-पूर्व एशिया के कुछ इलाकों से ऑपरेट हो रहे हैं. वहां बड़े-बड़े स्कैम सेंटर चल रहे हैं, जहां फर्जी कॉलिंग, डेटा चोरी और निवेश के नाम पर ठगी की जाती है. कुछ मामलों में लोगों को जबरन वहां बंधक बनाकर काम भी कराया जाता है.
मिलकर लड़नी होगी ये लड़ाई
CJI ने साफ कहा कि साइबर अपराध से निपटना सिर्फ पुलिस या CBI के बस की बात नहीं है. इसके लिए बैंक, टेलीकॉम कंपनियां, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और जांच एजेंसियों को मिलकर काम करना होगा. उन्होंने सुझाव दिया कि जैसे ही कोई संदिग्ध ट्रांजैक्शन हो, तुरंत अलर्ट मिलना चाहिए ताकि समय रहते पैसे रोके जा सकें.
CBI के नए चैटबॉट की तारीफ
कार्यक्रम में CBI के एक नए चैटबॉट सिस्टम की भी तारीफ की गई. इस सिस्टम के जरिए लोग यह जांच सकेंगे कि उन्हें मिला नोटिस असली है या फर्जी. इससे नकली नोटिस भेजकर ठगी करने वालों पर लगाम लगेगी.
अदालतों को भी बदलना होगा
CJI ने कहा कि न्यायपालिका को भी डिजिटल दौर के हिसाब से खुद को अपडेट करना होगा. साइबर अपराध कई राज्यों और देशों तक फैले होते हैं, इसलिए अदालतों को डिजिटल सबूत और नए तरीकों को समझना जरूरी है.
यह भी पढ़ें: नेताजी को &#039;राष्ट्र पुत्र&#039; घोषित करवाने तीसरी बार सुप्रीम कोर्ट पहुंचा याचिकाकर्ता, भविष्य में जनहित याचिका दाखिल करने पर लगी रोक ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 06:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>Nashik TCS Case: नासिक TCS में कथित धर्मांतरण पर VHP का सख्त विरोध, कॉरपोरेट जगत को दी चेतावनी</title>
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        <description><![CDATA[ Nashik TCS Case: महाराष्ट्र के नासिक जिले में स्थित आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) यूनिट में कथित जबरन धर्मांतरण, यौन शोषण और मानसिक उत्पीड़न के आरोपों पर विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने तीखा रुख अपनाया है. संगठन के अंतरराष्ट्रीय मंत्री बजरंग लाल बागड़ा ने एबीपी न्यूज से खास बातचीत में इसे कॉरपोरेट जिहाद की संज्ञा दी और चेतावनी देते हुए कहा कि बड़े कॉरपोरेटों में दूर-दराज के राज्यों से काम करने आई हिंदू लड़कियों के साथ सिस्टेमैटिक शोषण हो रहा है, जो बंद होना चाहिए.
कंपनी प्रबंधन ऐसी घटना के शिकायतों को करता है नजरअंदाजः बागड़ा
बागड़ा ने आरोप लगाया कि कुछ मुस्लिम कर्मचारी अपने अधीन काम करने वाली हिंदू कन्याओं को यौन शोषण का शिकार बनाते हैं, उन्हें बीफ खिलाने की कोशिश करते हैं और नमाज पढ़ने के लिए दबाव डालते हैं. शिकायत पहुंचने पर भी कंपनी प्रबंधन अक्सर इसे नजरअंदाज कर देता है या दबाने की कोशिश करता है.
उन्होंने कहा, &amp;lsquo;आजकल माता-पिता अपनी बेटियों को कॉरपोरेट नौकरियों के लिए दूर भेजते वक्त यही सोचते हैं कि वहां सुरक्षित माहौल मिलेगा, लेकिन ऐसी घटनाएं उस भरोसे को पूरी तरह हिला रही हैं.&amp;rsquo;
यह भी पढ़ेंः Nashik TCS Case: आरोपी HR निदा खान को कोर्ट से नहीं मिली अग्रिम राहत, 27 अप्रैल को होगी अगली सुनवाई
दिल्ली में अलग-अलग जगहों पर किए गए प्रदर्शन
विहिप ने दिल्ली में अलग-अलग जगहों पर इस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन किया था और इसके बाद प्रेस वार्ता भी आयोजित की. एबीपी न्यूज से आगे बात करते हुए बजरंग लाल बागड़ा ने कहा कि उन्होंने देश के प्रमुख चैंबर्स को पत्र लिखकर कहा है कि वो अपने सदस्य कंपनियों को इस गंभीर मुद्दे से आगाह करें. इसके साथ ही आने वाले दिनों में वे खुद चैंबर के अधिकारियों से मुलाकात करेंगे. जिन कंपनियों में ऐसी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा, वहां व्यक्तिगत स्तर पर VHP संपर्क कर मामला उठाएगी. अगर जरूरी हुआ तो शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन का भी विचार किया जाएगा.

बागड़ा ने साफ कहा कि पूरे कॉरपोरेट जगत को इस विषय की गंभीरता समझनी चाहिए और अपने-अपने स्तर पर तुरंत समाधान निकालना चाहिए, वरना युवा लड़कियों के माता-पिता का विश्वास टूटने से न सिर्फ कर्मचारियों की सुरक्षा, बल्कि नौकरी के माहौल पर भी दूरगामी असर पड़ेगा.
हिंदू प्रतीकों पर हमला बर्दाश्त नहीः बागड़ा
इसी बीच विश्व हिंदू परिषद ने प्रीमियम आई-वियर कंपनी लेंसकार्ट के ड्रेस कोड विवाद पर भी नाराजगी जताई. बजरंग लाल बागड़ा ने कहा कि हिंदू संस्कृति के प्रतीक, बिंदी, कलावा, सिंदूर, मंगलसूत्र या तिलक, पर किसी भी तरह का आघात सहन नहीं किया जा सकता है. उन्होंने आरोप लगाया कि जहां इन हिंदू चिह्नों पर रोक लगाई जाती है, वहीं हिजाब को अनुमति दे दी जाती है. इससे साफ जाहिर होता है कि कुछ संस्थान हिंदू विरोधी रवैया अपनाए हुए हैं.
हालांकि, उन्होंने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि लेंसकार्ट के उच्च प्रबंधन ने खेद जताया और मामले को सुधारने का आश्वासन दिया है, लेकिन बागड़ा ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यह सिर्फ लेंसकार्ट तक सीमित नहीं है. अगर किसी भी कॉरपोरेट में हिंदू संस्कृति और उसके सांस्कृतिक प्रतीकों पर ऐसा आक्रमण हुआ तो विहिप अब इसे बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगा.
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        <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 06:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>TMC की पूर्व सांसद नुसरत जहां को ED का समन, वोटिंग से एक दिन पहले 22 अप्रैल को पेश होने का आदेश</title>
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        <description><![CDATA[ ED Summon TMC Former Mp Nusrat Jahan: TMC की पूर्व सांसद नुसरत जहाँ को राशन घोटाला मामले में तलब किया गया है. उन्हें 22 अप्रैल को कोलकाता में ED ऑफिस में पेश होने के लिए कहा गया है. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के पहले चरण के मतदान से एक दिन पहले पेश होने को कहा गया है. &amp;nbsp;
उन्हें एजेंसी के सॉल्ट लेक स्थित सीजीओ कॉम्पलेक्स ऑफिस में पेश होने को कहा गया है. हालांकि बसीरहाट से पूर्व सांसद ने इस मामले में किसी तरह की प्रतिक्रिया नहीं दी है.
क्या है पूरा घटनाक्रम?&amp;nbsp;दरअसल, कोरोना-19 लॉकडाउन के दौरान पश्चिम बंगाल के बसीरहाट के बॉर्डर इलाके में बांग्लादेश को गेहूं और चावल की तस्करी के आरोप में कई ट्रक जब्त किए गए थे. उस वक्त नुसरत बसीरहाट सीट से सांसद थीं.&amp;nbsp;
ईडी की मानें तो कथित राशन तस्करी की जांच के दौरान कई नाम सामने आए थे. अधिकारी बांग्लादेश को गेहूं की तस्करी मामले में पूछताछ करना चाहते हैं. फिलहाल जानकारी नहीं है कि नुसरत जहां देश में हैं भी कि नहीं. इसकी वजह हाल ही में वो अपने पति अभिनेता यश दासगुप्ता के साथ छुट्टी मनाने विदेश यात्रा पर गईं थीं.&amp;nbsp;

इस मामले में भी हो चुकी है नुसरत जहां से पूछताछ
नुसरत से इसके अलावा ईडी ने एक फ्लैट धोखाधड़ी मामले में पूछताछ की थी. तब उनसे सीजीओ कॉम्पलेक्स में लगभग 6 घंटे पूछताछ की थी. बीजेपी नेता शंकुदेव पांडा ने इस कथित धोखाधड़ी में शामिल होने का आरोप लगाया था. साथ ही ईडी में शिकायत दर्ज कराई थी.&amp;nbsp;
ईडी की कार्रवाई पर उठ रहे सवालइधर, पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रचार जोर-शोर से चल रहा है. ऐसे में पहले चरण के मतदान भी होने हैं. टीएमसी ने ईडी की कार्रवाई को साजिश करार दिया है. साथ ही आरोप लगाया कि चुनावी माहौल में जांच एजेंसियों का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ेंः&amp;nbsp;Tamil Nadu Assembly Elections 2026: सुशासन बाबू के बिहार छोड़ने पर राहुल गांधी ने नीतीश कुमार को लेकर किया ये बड़ा दावा ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 06:30:06 +0530</pubDate>
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        <title>अमेरिका से दूसरे दौर की बातचीत के लिए राजी ईरान! पाकिस्तान अधिकारियों का बड़ा दावा, जानें क्या बताया?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/अमेरिका-से-दूसरे-दौर-की-बातचीत-के-लिए-राजी-ईरान-पाकिस्तान-अधिकारियों-का-बड़ा-दावा-जानें-क्या-बताया</link>
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        <description><![CDATA[ Second Round Iran US Peace Talk: पाकिस्तान में ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता को लेकर चर्चाएं तेज हो गई है. ऐसे में अब खबर आई है कि ईरान अमेरिका के साथ बातचीत के दूसरे दौर में शामिल होने के लिए हामी भर चुका है. हालांकि, दोनों देशों की तरफ से किसी तरह की आधिकारिक पुष्टी इसको लेकर नहीं की गई है. यह जानकारी सूत्रों के हवाले से जारी की गई है.&amp;nbsp;
न्यूज एजेंसी एपी ने पाकिस्तानी अधिकारी के हवाले से दावा किया है कि ईरान अमेरिका के साथ बातचीत के दूसरे दौर में शामिल होने को तैयार है. दो पाकिस्तानी अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि ईरानी अधिकारियों ने इस हफ्ते इस्लामाबाद में बातचीत के दूसरे दौर के लिए एक प्रतिनिधिमंडल भेजने की इच्छा जाहिर की है. उन्होंने कहा कि इस बात को लेकर सावधानी भरा आशावाद है, कि ईरान और अमेरिका, दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद आ सकते हैं.
इन अधिकारियों ने मीडिया में यह जानकारी नाम न बताने के आधार पर साझा की है. उन्होंने कहा है कि इस बात को लेकर सावधानी पूर्वक उम्मीद की जा रही है कि ईरान और अमेरिका दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद आ सकते हैं.&amp;nbsp;

इसके अलावा उन्होंने कहा है कि सुरक्षा कारणों से पाकिस्तान किसी भी पक्ष की यात्रा या किसी तरह की योजना के बारे में और जानकारी साझा नहीं करेगा. इसके अलावा अपील की है कि मीडिया संस्थान इस बातचीत के समय को लेकर किसी तरह की अटकलें न लगाएं. यह अभी प्रक्रिया में हैं और बदलती हुई स्थिति में है.&amp;nbsp;
ईरान और अमेरिका के बीच दूसरे दौर की बातचीत को लेकर बना संशय
इधर, हालिया बयान में दूसरे दौर की बातचीत को लेकर संशय बना हुआ है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बागची ने अगले दौर की बातचीत से इनकार ही किया है. साथ ही कहा है कि किसी भी तरह के योजना फिलहाल नहीं है. इधर, सोमवार को प्रस्तावित वार्ता के लिए अमेरिका के सैन्य विमान पाकिस्तान पहुंच चुके हैं.&amp;nbsp;
इधर, माना जा रहा है कि ईरान स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को लेकर अड़ा हुआ है. उसने अमेरिका की मांगों को देखते हुए साफ तौर पर बातचीत से इनकार कर दिया है. वहीं, 21 अप्रैल को दोनों देशों के बीच सीजफायर की टाइमलाइन भी खत्म होने जा रही है.&amp;nbsp;&amp;nbsp;
यह भी पढ़ें:
दूसरे दौर की बातचीत से पहले हॉर्मुज को लेकर अड़ा ईरान! अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को आसिम मुनीर ने क्यों किया फोन? ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 06:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>पहलगाम का &amp;apos;काला चिट्ठा&amp;apos;: NIA की चार्जशीट से खुलासा, कैसे पाकिस्तान से आए कॉर्डिनेट्स ने ली 26 मासूमों की जान</title>
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        <description><![CDATA[ Pahalgam Attack Whole Story: एक साल पहले जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था. पाकिस्तान की तरफ से हुए इस आतंकी हमले की वजह से 4 दिन तक दोनों देशों के बीच में युद्ध भी चला था. इसी आतंकी हमले से जुड़े कई बड़े खुलासे हम एबीपी न्यूज डिजिटल पर दो भागों में NIA की चार्जशीट और सूत्रों से मिली जानकारी और सबूतों के आधार पर करेंगे.&amp;nbsp;
इसका स्क्रीनशॉट लेकर आतंकी बिलाल अफजल उर्फ फैसल जट्ट उर्फ सुलेमान ने अपने फोन में इंस्टॉल्ड अल्पाइन क्वेस्ट ऐप में सेव कर लिया. इस समय आतंकी बिलाल अफजल उर्फ फैसल जट्ट उर्फ सुलेमान के फोन पर कॉर्डिनेट्स आए थे, उस समय उसके साथ दो और आतंकी हबीब ताहिर और हनन जफर उर्फ हमजा अफगानी भी थे. साथ ही ये तीनोंं आतंकी बैसरान पार्क से 6 किलोमीटर दूर किसी जंगल में थे.
कैसे हमले को दिया था आतंकियों ने अंजाम
2 दिनों तक इन तीनोंं आतंकियों ने हमले की रूपरेखा बनायी और 19 अप्रैल और 20 अप्रैल को बरसात होने की वजह से 21 अप्रैल को ये तीनोंं आतंकी बैसरन पार्क से कुछ मीटर दूर परवेज अहमद की धोक पर पहुचें. जहां बशीर अहमद जोथड़ से इन तीनोंं आतंकियों ने बात की. खाना खिलाने के लिए कहा और बशीर अहमद जोथड़ ने अपने भांजे परवेज अहमद से इन तीनोंं आतंकियों को मिलवाया. परवेज इन तीनोंं आतंकियों को अपनी धोक में ले गया. जहां परवेज की पत्नी ने तीनोंं आतंकियों को टमाटर-चावल खिलाए और खाना खाने के बाद तीनोंं आतंकियों ने परवेज और बशीर से आसपास की सुरक्षा व्यवस्था के बारे में पूछा, अमरनाथ यात्रा के बारे में जानकारी ली.
जहां इन तीनोंं के पास ऑटोमैटिक राइफल थी. जिसे इन्होंने शाल में छुपा रखा था. थोड़ी देर रेकी करके ये तीनों आतंकी एक जगह बैठ गए और कुछ देर बाद बैसरन पार्क में पोनी राइडर का काम करने वाले परवेज अहमद और बशीर अहमद जोथड़ जिन्होंने एक दिन पहले इन तीनोंं आतंकियों को खाना खिलाया था, उनसे फिर से तीनोंं आतंकीयो की बैसरन पार्क में मुलाकात हुई और आपस में कुछ बातचीत की गई.
कुछ घंटे इंतज़ार करने के बाद तक़रीबन दो बजे के आसपास तीनोंं आतंकियों ने बैसरन पार्क में मौजूद पर्यटकों से एक एक करके बंदूक की नोक पर कलमा पढ़वाना शुरू किया. जिसने पढ़ लिया उसे जाने दिया गया और जो नहीं पढ़ पाया उसे मार दिया गया. कुल मिलाकर हबीबुल्लाह उर्फ सैफुल्लाह साजिद जट्ट के आदेश पर बिलाल अफजल उर्फ फैसल जट्ट, हबीब ताहिर और हनन जफर उर्फ हमजा अफगानी ने 26 मासूमों की जान, इस आतंकी हमले में ली थी. इसमें में 11 की हत्या अकेले आतंकी बिलाल अफजल उर्फ फैसल जट्ट उर्फ सुलेमान ने अपनी एम-4 राइफल से ली थी.
&amp;nbsp;
पहले भी कई हमलों को अंजाम दे चुका है अफजल उर्फ फैसल जट्टयह पहला मौका नहीं था जब पाकिस्तान के शेखपुरा में रहने वाले बिलाल अफजल उर्फ फैसल जट्ट ने हबीबुल्लाह उर्फ सैफुल्लाह साजिद के आदेश पर किसी आतंकी हमले को अंजाम दिया हो. पहलगाम में आतंकी हमले से पहले इस आतंकी ने ठीक एक साल पहले 9 जून 2024 को शिव खोरी जा रहे हिंदू श्रद्धालुओं की बस पर रायसी में हमला कर दिया था.
जिसमें 9 हिंदू श्रद्धालुओं की मौत हुई थी और 41 घायल हुए थे. साथ ही गंगानगीर में APCO की कंस्ट्रक्शन साईट Z-मोड़ टनल पर भी इस आतंकी ने अन्य साथियों के साथ मिलकर हमला किया था. इसमें 7 कर्मचारियों की मौत हुई थी. साल 2023 से जम्मू कश्मीर में ऐक्टिव पाकिस्तान के शेखपुरा में रहने वाले बिलाल अफजल उर्फ फैसल जट्ट ने पहला आतंकी हमला पुंछ में सेना के वाहन पर हमला करके किया था. इसमें 4 जवान शहीद हो गए थे.
&amp;nbsp;
साथ ही सुरनकोट में भारतीय वायुसेना के कॉन्वॉय भी हुए आतंकी हमले में बिलाल अफजल उर्फ फैसल जट्ट शामिल था. इसकी बाकायदा वीडियो भी आतंकियों ने बनायी थी. इसी तरह 22 अक्टूबर 2024 को कश्मीर के गुलमर्ग के बूटा पथरी इलाके में हुए आतंकी हमले में भी बिलाल अफजल उर्फ फैसल जट्ट उर्फ सुलेमान शामिल था.&amp;nbsp;
पहलगाम में आतंकी हमला करने के बाद ये तीनोंं आतंकी बिलाल अफजल उर्फ फैसल जट्ट उर्फ सुलेमान, हबीब ताहिर और हनन जफर उर्फ हमजा अफगानी भाग गए थे. जिन्हें जम्मू कश्मीर पुलिस, भारतीय सेना और खुफिया एजेंसियां ढूंढ़ती रही. वही दूसरी ओर आतंकी हमले की जांच की कमान नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी (NIA) को मिली. इसने सबसे पहले आतंकी हमले की साइट बैसरन पार्क का निरीक्षण किया. फॉरेंसिक टीम ने DNA सैंपल्स, गोलियों के खोखे इकट्ठा किए.
सेंट्रल फॉरेंसिक लैब्स को भेजे. जांच का दायरा बढ़ाते हुए NIA ने सबसे पहले हमले के दिन बैसरन पार्क में मौजूद सभी लोगो को पूछताछ के लिए बुलाया. इसमें एक चश्मदीद जिसे आतंकियों ने कलमा पढ़वा कर छोड़ दिया था. उसने NIA को बताया कि आतंकी हमले के दिन परवेज और बशीर दोनों हमले में शामिल तीन आतंकियों से बात कर रहे थे. साथ ही हमले के एक दिन पहले इस चश्मदीद ने बशीर अहमद जोथड़ को तीन आतंकियों को इशारा करके परवेज़ की धोक की तरफ ले जाते हुए देखा था.
कैसे कैसे दिया था सेना ऑपरेशन को अंजामजिसके बाद बशीर और परवेजकी धोक पर जब एनआईए की टीम पहुचीं तो वो खाली थी. दोनों भाग चुके थे. ऐसे में एनआईए की दो टीमें बशीर अहमद जोथड़ और परवेज अहमद को पकड़ने निकली, बशीर अहमद जोथड़ बैसरन घाटी से 35 किलोमीटर दूर अनंतनाग के खैयार गांव में अपने घर में छुपा हुआ था. परवेज अहमद अपनी पत्नी के साथ पहलगाम के बटकोट गांव में बैसरन घाटी से 6 किलोमीटर दूर छुपा हुआ था.

दोनों ने एनआईए के सामने पूछताछ में बताया कि उन्हें आतंकी हमले के बाद आशंका थी कि उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है. इसी वजह से दोनों बैसरन घाटी छोड़ कर चले गए थे. साथ ही इन दोनों ने बैसरन में आतंकी हमले को अंजाम देने वाले आतंकियों को कंबल, त्रिपाल देने की बात कबूली थी. साथ ही परवेज ने पूछताछ में ये भी बताया की आतंकी हमले को अंजाम देने वाले तीनोंं आतंकी आपस में बातचीत के दौरान साजिद जट्ट उर्फ अली का नाम ले रहे थे.
पहलगाम में आतंकी हमले को अंजाम देने वा ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 14:30:11 +0530</pubDate>
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        <title>बिना किराया बढ़ाए रेलवे ने कबाड़ बेचकर की 6000 करोड़ से ज्यादा की कमाई, खबर सुनकर उड़ जाएंगे होश</title>
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        <description><![CDATA[ भारतीय रेलवे अब सिर्फ यात्रियों से वसूले जाने वाले टिकट के पैसे पर ही निर्भर नहीं है. कबाड़ बेचकर और दूसरे सोर्सेज से कमाई बढ़ाकर बिना यात्रियों पर किराए का बोझ डाले रेलवे ने स्टेशनों पर सुविधाएं बेहतर की हैं. पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 में रेलवे ने स्क्रैप बेचकर 6813.86 करोड़ रूपये की कमाई की है जो कि रेलवे की ही ओर से तय किए टारगेट 6000 करोड़ रूपये से कहीं ज्यादा है.&amp;nbsp;
रेलवे की नॉन-फेयर कमाई बढ़ीपुराने और बेकार पड़े सामान को बेचने से न सिर्फ रेलवे की बंपर कमाई हुई है, बल्कि डिपो, यार्ड और वर्कशॉप में काफी जगह भी खाली हुई है. इससे इन जगहों पर कामकाज भी तेज हुआ है और सफाई भी बेहतर हुई है और रीसाइक्लिंग और कचरा कम करने जैसे इकोनॉमिक या ग्रीन टारगेट को भी बढ़ावा मिला है. रेलवे की नॉन-फेयर कमाई यानी टिकट के अलावा होने वाली कमाई भी तेजी से बढ़ी है.&amp;nbsp;
रेलवे के मुताबिक पिछले 5 सालों में इसमें 168% की बढ़ोतरी हुई है, यानि करीब 290 करोड़ रूपये से बढ़कर 777 करोड़ रूपये से ज्यादा. इसमें स्टेशनों पर खुले 120 जनऔषधि केंद्र और 22 प्रीमियम ब्रांड आउटलेट्स से आने वाली कमाई का हिस्सा बड़ा रहा है. रेलवे की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इस बढ़ी हुई कमाई के बाबत रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए भी कई नए कदम उठाए हैं. अब कई स्टेशनों पर साफ-सफाई बेहतर हुई है, आधुनिक सुविधाएं बढ़ी हैं और सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत की गई है.

रेलवे स्टेशनों पर जनऔषधि योजना केंद्र&amp;nbsp;आपको बता दें कि केंद्र सरकार की जनऔषधि योजना के तहत रेलवे स्टेशनों पर सस्ती दवाइयों के लिए यह केंद्र खोले गए हैं. मार्च 2024 में 50 केंद्र शुरू हुए थे, जिसके बाद इस योजना को बढ़ाकर 150 करने का टारगेट रखा गया था और अभी तक 120 केंद्र चालू हो चुके हैं. इसके अलावा रेलवे ने कमाई बढ़ाने के लिए कई नए प्रयोग भी किए हैं. इनमें मल्टी-लेवल कार पार्किंग, मेडिकल सेंटर, ई-व्हीलचेयर, हेल्थ कियोस्क, गेमिंग ज़ोन और प्लेटफॉर्म पर ब्रांडिंग जैसी सुविधाएं शामिल हैं.
वहीं, पश्चिम रेलवे ने तो अपने स्टेशनों पर को-वर्किंग स्पेस और डिजिटल लाउंज भी शुरू किए हैं. यहां यात्री वाई-फाई, चार्जिंग पॉइंट, आरामदायक सीटिंग और काम करने की सुविधा है.
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        <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 14:30:10 +0530</pubDate>
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        <title>मणिपुर में सड़कों पर मशाल लेकर उतरी सैकड़ों महिलाएं, NRC लागू करने की मांग, जानें पूरा मामला</title>
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        <description><![CDATA[ Manipur Women Protest on NRC: मणिपुर के इंफाल में कोइरेंगेई अवांग अपुनबा मीरा पाइबी ने रविवार शाम को &amp;nbsp;एक विशाल विरोध रैली का आयोजन किया. इसमें सैकड़ों महिलाओं ने अपनी कई मांगों को मनवाने के लिए सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया.&amp;nbsp;
विरोध प्रदर्शन के दौरान उठाई गई मुख्य मांगों में आगामी जनगणना से पहले नेशनल रजिस्टर ऑफ सिजिजन्स (NRC) को लागू करना. राष्ट्रीय राजमार्गों पर निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करना. कथित नार्को-आतंकवादी गतिविधियों पर सेना द्वारा कड़ी कार्रवाई करना. आंतरिक रूप से विस्थापित व्यक्तियों (IDPs) के पुनर्वास को तत्काल रोकना शामिल था.
प्रदर्शनकारियों ने उस स्थिति पर भी चिंता जताई, जिसे उन्होंने छद्म युद्ध (proxy war) करार दिया. आरोप लगाया कि राष्ट्रीय राजमार्गों का इस्तेमाल नार्को-आतंकवादी समूहों द्वारा नहीं किया जाना चाहिए. प्रदर्शनकारियों ने कानून-व्यवस्था बहाल करने और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए और अधिक सख्त कार्रवाई किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया.
महिलाओं ने जताई चिंता, जानें क्या बताया?&amp;nbsp;&amp;nbsp;प्रदर्शन के दौरानअप्रत्यक्ष संघर्ष को लेकर महिलाओ की चिंता बेहद ही गंभीर थी. &amp;nbsp;महिलाओं का कहना था कि राज्य में शांति बनाए रखने के लिए सरकार को और सख्त कदम उठाने होंगे.&amp;nbsp;
प्रदर्शनकारी महिलाओं ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों का इस्तेमाल किसी भी गैरकानूनी गतिविधि के लिए नहीं होना चाहिए. प्रदर्शन में महिलाओं ने कानून-व्यवस्था मजबूत करने, सुरक्षा बढ़ाने और अपनी विभिन्न मांगों को पूरा करने के लिए सरकार से ठोस कार्रवाई की अपील की.
शनिवार दे रात हो गई थी सेना के जवान समेत दो लोगों की मौतमणिपुर में आज राष्ट्रीय राजमार्ग संख्&amp;zwj;या-202 के इम्फाल-उखरुल खंड पर संदिग्ध सशस्त्र उग्रवादियों के घात लगाकर किए गए हमले में सोमवार को सेना के रिटायर जवान सहित दो लोगों की मौत हो गई थी. पुलिस के अनुसार दोपहर करीब डेढ बजे उखरुल जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित टीएम कसोम गांव के पास यह हमला हुआ था. मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद ने नागरिकों पर इस कायरतापूर्ण हमले की कड़ी निंदा की थी.
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        <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 14:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>मणिपुर, में, सड़कों, पर, मशाल, लेकर, उतरी, सैकड़ों, महिलाएं, NRC, लागू, करने, की, मांग, जानें, पूरा, मामला</media:keywords>
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        <title>Weather Updates: 44 डिग्री पारे के बीच 15 राज्यों में तूफानी बारिश की चेतावनी, जानें यूपी&amp;दिल्ली, बिहार समेत देश का मौसम</title>
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        <description><![CDATA[ अप्रैल से ही गर्मी ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 15 राज्यों में तूफानी बारिश के साथ आंधी का भी अलर्ट जारी किया है. उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश सहित पूर्वोत्तर के सभी राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. इसके अलावा पश्चिमी मध्य प्रदेश और विदर्भ के साथ-साथ छत्तीसगढ़, पूर्वी यूपी, पूर्वी राजस्थान, पूर्वी मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी के साथ लू चलने की भी चेतावनी जारी की गई है.&amp;nbsp;
दिल्ली में आज सोमवार (20 अप्रैल) को अधिकतम तापमान 39 डिग्री से 41 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 20 से 22 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है. ज्यादातर जगहों पर न्यूनतम तापमान सामान्य के आस-पास बना रहेगा. सुबह के समय 15 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. मौसम विभाग के मुताबिक 21 अप्रैल को भी मौसम में खास बदलाव नहीं रहने की संभावना है.
यूपी का मौसमIMD ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के वाराणसी, भदोही, मिर्जापुर, जौनपुर, देवरिया, गोरखपुर में 20 और 21 अप्रैल को लू चलने का अलर्ट जारी किया है. प्रयागराज, वाराणसी, सुल्तानपुर, आगरा, बाराबंकी, बहराइच, शाहजहांपुर और हरदोई सहित शहरों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर दर्ज किया जा रहा है, जो लू की शुरुआत स्थिति है.&amp;nbsp;
ये भी पढ़ें: Heat Wave Alert ! UP-MP समेत इन राज्यों में पारा 43 डिग्री के पार पहुंचा; जानें आने वाले दिनों में कैसा रहेगा मौसम
यूपी के प्रयागराज में अधिकतम तापमान 44.6 डिग्री सेल्सियस, वाराणसी में 44.2 डिग्री सेल्सियस और बांदा में 43.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है. सुल्तानपुर, बाराबंकी और बहराइच सहित कई अन्य जिलों में भी तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से ऊपर है. लखनऊ स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार शुष्क पश्चिमी हवाओं के कारण तापमान में वृद्धि हो रही है.

बिहार में कैसा रहेगा मौसममौसम विभाग के मुताबिक 23 अप्रैल को बिहार में तेज हवाओं के साथ आंधी आने की संभावना है. वैज्ञानिकों के मुताबिक आज दोपहर में चिलचिलाती धूप रहेगी और गर्म हवाएं चलने की संभावना है, इस कारण हीटस्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है. मौसम विभाग ने बिहार के पूर्वी हिस्सों विशेषकर सीमांचल के इलाकों के लिए चेतावनी जारी की है.&amp;nbsp;हिमाचल प्रदेश में 20 से 25 अप्रैल तक मौसम शुष्क रह सकता है. शिमला मौसम विभाग के मुताबिक 23 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है. 20 अप्रैल, 24 अप्रैल और 25 अप्रैल को मध्य और ऊंची पहाड़ियों में बारिश होने का अनुमान है.
केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश का मौसम&amp;nbsp;आंध्र प्रदेश में 20 से 23 अप्रैल, तेलंगाना और कर्नाटक में 20-22 अप्रैल के दौरान बिजली चमकने की संभावना है. 20-23 अप्रैल के बीच केरल और माहे में, 22 और 23 अप्रैल को तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में गरज-चमक, बिजली कड़कने और तेज हवाओं के साथ कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है.
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        <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 14:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Weather, Updates:, डिग्री, पारे, के, बीच, राज्यों, में, तूफानी, बारिश, की, चेतावनी, जानें, यूपी-दिल्ली, बिहार, समेत, देश, का, मौसम</media:keywords>
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        <title>EXCLUSIVE: &amp;apos;आजकल अखिलेश यादव ने टोपी पहनना...&amp;apos;, BJP अध्यक्ष नितिन नबीन ने ये क्या कहा, ममता बनर्जी पर भी किया वार</title>
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        <description><![CDATA[ बीजेपी अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नवीन ने एबीपी न्यूज को पहला टीवी इंटरव्यू दिया, जिसमें उन्होंने अपने बीजेपी अध्यक्ष बनने से लेकर अबतक के सभी सवालों पर बेबाकी से जवाब दिया. इस दौरान उन्होंने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा. चुनावी राज्य पश्चिम बंगाल को लेकर ममता बनर्जी पर उन्होंने गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि बांग्लादेशी घुसपैठिए भारत की जमीन पर आकर बसे, अब उन्हें डिपोर्ट किया जाएगा. इसके साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा सांसद अखिलेश यादव को भी घेरा. &amp;nbsp; &amp;nbsp;
राहुल गांधी का नाम लेकर क्या बोले नितिन नवीनजब उनसे पूछा गया कि लोकसभा चुनाव में अखिलेश यादव ने बीजेपी को कम सीटें लाने पर मजबूर कर दिया, इसे कैसे देखते हैं? इस सवाल के जवाब में बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि अखिलेश यादव ने आपने शासनकाल में जनता को क्या-क्या दिया है ये सब जानते हैं. युवा होने के नाते पहले भी वो राहुल गांधी के साथ बड़े-बड़े जुलूस निकालते थे, उन सबसे क्या हुआ. वो आगे भी निकालेंगे, लेकिन इन सबसे कुछ नहीं होने वाला.&amp;nbsp;
आजकल टोपी पहनना थोड़ा कम कर दिया है- नितिन नवीनउन्होंने आगे कहा कि अखिलेश यादव पीडीए डीपीए जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं, इनसे पता चलता है कि उनकी मानसिकता किस तरह की है. उन्होंने आगे कहा कि पहले यही लोग टोपी पहनकर कहीं भी चले जाते थे. आजकल टोपी पहनना थोड़ा कम कर दिया है.&amp;nbsp;

टोपी वाले वोट क्यों नहीं देते, क्या बोले नितिन नवीन&amp;nbsp;जब उनसे पूछा गया कि क्या आप लोग टोपी वाले लोगों को पसंद नहीं करते हैं तो उन्होंने कहा कि हम ढोंग करने वालों को पसंद नहीं करते हैं. टोपी वालों से दिक्कत नहीं है, जो बरसात के मौसम में टोपी पहनते हैं उनसे दिक्कत है. फिर पूछा गया कि टोपी वाले आपको वोट क्यों नहीं देते हैं तो इस पर उन्होंने कहा कि ट्रिपल तलाक के बाद देखिए, कितनी बड़ी संख्या में माता-बहनों ने हमें वोट दिया है.
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        <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 14:30:07 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>EXCLUSIVE:, आजकल, अखिलेश, यादव, ने, टोपी, पहनना..., BJP, अध्यक्ष, नितिन, नबीन, ने, ये, क्या, कहा, ममता, बनर्जी, पर, भी, किया, वार</media:keywords>
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        <title>श्रीनगर एयरपोर्ट से सुरक्षाकर्मियों ने दो अमेरिकी नागरिकों को हिरासत में लिया, बैग से मिला सैटेलाइट फोन</title>
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        <description><![CDATA[ US Nationals Detained: श्रीनगर एयरपोर्ट पर रविवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब नियमित सुरक्षा जांच के दौरान दो अमेरिकी नागरिकों के सामान से सैटेलाइट फोन बरामद हुआ. सुरक्षा अधिकारियों ने तुरंत दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की और बाद में आगे की जांच के लिए पुलिस के हवाले कर दिया. जम्मू-कश्मीर पुलिस ने श्रीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर दो अमेरिकी नागरिकों से एक सैटेलाइट GPS डिवाइस बरामद करने के बाद FIR दर्ज की है. J&amp;amp;K पुलिस ने दोनों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया है.
गिरफ्तार किए गए दोनों लोगों की पहचान जेफरी स्कॉट प्राथर (अमेरिका के मोंटाना निवासी), जबकि दूसरा भारतीय मूल का अमेरिकी नागरिक हलदर कौशिक (मूल रूप से कोलकाता निवासी) के रूप में हुई है. ये दोनों एयर इंडिया की फ्लाइट AI1893 से दिल्ली जाने वाले थे. अधिकारियों के मुताबिक, ताइवान में बना सैटेलाइट GPS डिवाइस उनके सामान से बरामद किया गया.&amp;nbsp;
बडगाम पुलिस ने दर्ज किया एफआईआर
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि बडगाम पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 43(3)(f) के तहत FIR संख्या 96/2026 (दिनांक 19 अप्रैल, 2026) के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच शुरू कर दी है.
यह धारा अधिकारियों द्वारा लगाए गए कानूनी प्रतिबंधों का उल्लंघन करते हुए, प्रतिबंधित संचार उपकरणों (जिनमें सैटेलाइट-आधारित उपकरण भी शामिल हैं) को बिना अनुमति के अपने पास रखने या उनका उपयोग करने से संबंधित है. ऐसे मामलों में, जिनमें बिना पूर्व अनुमति के ऐसे उपकरणों को अपने पास रखा जाता है या उनका उपयोग किया जाता है, इस धारा का प्रयोग किया जाता है.
यह प्रावधान कानून प्रवर्तन एजेंसियों को अपराध दर्ज करने, उपकरण जब्त करने और उपकरण को अपने पास रखने या उसका उपयोग करने के पीछे के इरादे और उद्देश्य का पता लगाने के लिए जांच करने का अधिकार देता है.
दोनों यात्रियों की यात्रा इतिहास की जांच जारी
सूत्रों ने बताया कि देश के भीतर इन दोनों की यात्रा के इतिहास की जांच की जा रही है, जबकि एजेंसियां उनसे पूछताछ कर रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे यह डिवाइस अपने साथ क्यों ले जा रहे थे. जम्मू-कश्मीर में बिना पूर्व अनुमति के ऐसे सैटेलाइट-सक्षम उपकरणों का उपयोग करना सख्त वर्जित है. जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, इस संबंध में और अधिक जानकारी सामने आने की उम्मीद है.

भारत में है बैन
भारत में बिना सरकारी अनुमति के सैटेलाइट फोन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित है. थुराया और इरिडियम जैसे सैटेलाइट फोन सख्त नियमों के तहत आते हैं और बिना अनुमति इनके पास पाए जाने पर हिरासत, गिरफ्तारी और उपकरण जब्त किए जाने जैसी कार्रवाई की जा सकती है. यह कार्रवाई भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम और अन्य सुरक्षा नियमों के तहत की जाती है. सुरक्षा कारणों के चलते भारत में टेलीकॉम से जुड़े नियम बेहद कड़े हैं. इससे पहले भी विदेशी नागरिकों और भारतीयों के खिलाफ ऐसे मामलों में कार्रवाई हो चुकी है.
पहले भी हुई इसी तरह की घटना
पिछले साल मई में एक अमेरिकी नेत्र रोग विशेषज्ञ को पुडुचेरी एयरपोर्ट पर उस समय रोक लिया गया था, जब उनके पास इरिडियम सैटेलाइट फोन मिला था. उन्हें हैदराबाद जाने वाली फ्लाइट में सवार होने से रोक दिया गया और मामले की जांच शुरू की गई. अधिकारियों के अनुसार इससे पहले भी कई विदेशी नागरिक, जिनमें एक चीनी नागरिक और एक ब्रिटिश अधिकारी शामिल हैं, देश के अलग-अलग एयरपोर्ट और होटलों में बिना अनुमति सैटेलाइट डिवाइस रखने के मामले में पकड़े जा चुके हैं.
ऐसे मामलों को रोकने के लिए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने 30 जनवरी 2025 को भारत आने वाली सभी एयरलाइंस को निर्देश जारी किए थे. इसमें कहा गया था कि यात्रियों को फ्लाइट के दौरान घोषणा, विदेश स्थित दफ्तरों और ऑनबोर्ड मैगजीन के जरिए इस प्रतिबंध की जानकारी दी जाए.
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        <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 22:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>श्रीनगर, एयरपोर्ट, से, सुरक्षाकर्मियों, ने, दो, अमेरिकी, नागरिकों, को, हिरासत, में, लिया, बैग, से, मिला, सैटेलाइट, फोन</media:keywords>
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        <title>&amp;apos;10 रुपए देना है न...&amp;apos;, बंगाल में दुकान पर अचानक रुककर PM मोदी ने खाई झालमुड़ी, शेयर किया वीडियो</title>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार में जुटे बीजेपी के नेता और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बंगाल के पारंपरिक फूड का स्वाद लिया. पीएम मोदी ने इसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की है. बीजेपी राज्य में चुनाव प्रचार में जुटी हुई है. इस सिलसिले में राज्य में पीएम मोदी समेत पार्टी के कद्दावर नेताओं की रैलियां आयोजित की जा रही हैं.&amp;nbsp;
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर साझा की झाल मुड़ी खाते तस्वीरें
झारग्राम में जनसभा को संबोधित करने के बात पीएम मोदी हैलिपेड ग्राउंड जाते समय अचानक कॉलेज कॉलेज मोड़ पर रुके. जहां उन्होंने एक स्थानीय दुकान से झाल-मुरी खाई और आम लोगों से बातचीत की.&amp;nbsp;
पीएम मोदी ने झालमुरी खाने के बाद इसकी तस्वीरें भी सोशल मीडिया एक्स पर जारी करते हुए लिखा कि रविवार को पश्चिम बंगाल में चार रैलियों के बीच झारग्राम में स्वादिष्ट झालमुड़ी का खाई. अहम बात यह भी कि पीएम मोदी ने दुकाने वाले को 10 रुपए भी दिए.&amp;nbsp;

In between four rallies across West Bengal on a packed Sunday, had some delicious Jhalmuri in Jhargram. pic.twitter.com/NEKLm5R0mE
&amp;mdash; Narendra Modi (@narendramodi) April 19, 2026



तस्वीरों में साफ नजर आ रहा है कि पीएम मोदी एक दुकान पर खड़े हैं. जहां वे दुकानदार से झालमुड़ी खरीदी और उसे खाया. इस दौरान समर्थकों की भीड़ भी उनके आसपास जुट गई. पीएम मोदी इन स्थानीय नागरिकों से बातचीत करते हुए भी नजर आ रहे हैं. इस दौरान उन्होंने लोगों के साथ झालमुरी को बांटा भी.&amp;nbsp;

जनसभा में बोले मोदी- आज बंगाल में उसकी पहचान खोने का खतरा मंडरा रहा
पीएम मोदी रविवार को झारग्राम में विजय संकल्प सभा को संबोधित करने पहुंचे. इस दौरान उन्होंने कहा कि बंगाल का यह चुनाव, इस धरती की समृद्ध विरासत को बचाने के लिए है. बंगाल की पहचान बचाने के लिए है. आज बंगाल पर उसकी पहचान खोने का खतरा मंडरा रहा है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यहां टीएमसी जिस रास्ते पर चल रही है. उसका एजेंडा बहुत खतरनाक है. टीएमसी घुसपैठियों के लिए, घुसपैठियों की सरकार बनाना चाहती है.
मोदी ने कहा कि ऐसी सरकार जो सिर्फ घुसपैठियों का मजहब, घुसपैठियों की भाषा और घुसपैठियों के तौर-तरीकों की रक्षा करेगी. उस घुसपैठिया सरकार के लिए अगर कोई दुश्मन होगा तो यहां बैठे हुए भाई-बहन ही घुसपैठियों के दुश्मन होंगे. इसलिए बंगाल का हर समाज, हर वर्ग, हर क्षेत्र इस बार ठान चुका है, संकल्प ले चुका है.
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        <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 22:30:07 +0530</pubDate>
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        <title>UAE से छूट सकता है भारत का बड़ा ड्रग माफिया जसविंदर उर्फ जैज़? सबूत मिलने में देरी, जानें पूरा मामला</title>
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        <description><![CDATA[ भारत में ड्रग्स के खिलाफ चल रही सख्त मुहिम पर अब बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं, वजह है अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट से जुड़े कुख्यात आरोपी जसविंदर उर्फ जैज़ की संभावित रिहाई. बताया जा रहा है कि उसे UAE पुलिस ने 23 मार्च, 2026 को इंटरपोल अलर्ट के आधार पर गिरफ्तार किया था, लेकिन अब कुछ ही दिनों में उसके बाहर आने की संभावना जताई जा रही है.
सूत्रों के मुताबिक, अगर गिरफ्तारी के बाद तय समय सीमा के भीतर संबंधित देश की जांच एजेंसियां आरोपी के खिलाफ जरूरी दस्तावेज, केस रिकॉर्ड और सबूत पेश नहीं करती, तो स्थानीय अदालत राहत दे सकती है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि इतने बड़े ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े आरोपी के मामले में भारतीय एजेंसियां धीमी क्यों पड़ गई?
उल्लेखनीय है कि जसविंदर उर्फ जैज़ भारतीय मूल का ब्रिटिश नागरिक है, जो लंबे समय से दुबई में रहकर ड्रग्स तस्करी के नेटवर्क को ऑपरेट कर रहा था. उसका संबंध बिरमिंघम से बताया जाता है. जांच एजेंसियों के रिकॉर्ड में उसका नाम कई बड़े मामलों में सामने आया है. बताया जाता है कि ग्रेटर नोएडा में पकड़ी गई ड्रग्स लैब और जालंधर में सिंथेटिक ड्रग्स यूनिट से भी उसका नाम जुड़ा था. उसकी जड़ें पंजाब से भी जुड़ी बताई जाती है.
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भारत में की थी विदेशी ड्रग्स नेटवर्क लाने की कोशिश
जांच से जुड़े सूत्रों का दावा है कि जैज़ ने भारत में विदेशी ड्रग्स नेटवर्क, खासतौर पर मैक्सिकन कार्टेल मॉडल को लाने की कोशिश की थी. अगर ये दावा सही है, तो ये भारत की सुरक्षा के लिए बेहद गंभीर मामला माना जा रहा है, क्योंकि इससे देश में संगठित ड्रग्स कारोबार को नई ताकत मिल सकती थी. &amp;nbsp;

सूत्रों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट के कुछ सदस्य अलग-अलग देशों की खुफिया एजेंसियों से भी संपर्क रखते हैं. हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जांच एजेंसियां ऐसे नेटवर्क को राष्ट्रीय सुरक्षा के नजरिए से देख रही हैं.
देश विरोधी गतिविधियों में इस्तेमाल होता है ड्रग्स तस्करी का पैसा
अधिकारियों का मानना है कि ड्रग्स तस्करी अब सिर्फ अपराध नहीं रही, बल्कि कई बार इसका पैसा देश विरोधी गतिविधियों, हवाला नेटवर्क और संगठित अपराध में भी इस्तेमाल होता है. भारत जैसी बड़ी आबादी वाले देश को ड्रग्स मार्केट बनाने की कोशिश लंबे समय से की जा रही है. यही वजह है कि एजेंसियां विदेशों में बैठे बड़े खिलाड़ियों की सूची तैयार कर उन्हें पकड़ने की कोशिश कर रही है. इस सूची में कई बड़े नाम शामिल बताए जाते हैं.
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब जैज़ जैसा बड़ा आरोपी पकड़ लिया गया था, तो उसके खिलाफ जरूरी दस्तावेज समय पर क्यों नहीं भेजे गए. अगर वो तकनीकी कारणों से छूट जाता है, तो इसे जांच एजेंसियों की बड़ी चूक माना जा सकता है.
यह भी पढ़ेंः &#039;किसी इडियट के कहने पर नहीं खोलेंगे होर्मुज&#039;, ईरान के आर्मी अफसर ने ट्रंप को कह दिया मूर्ख, पटरी से उतरेगी बातचीत? ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 22:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>UAE, से, छूट, सकता, है, भारत, का, बड़ा, ड्रग, माफिया, जसविंदर, उर्फ, जैज़, सबूत, मिलने, में, देरी, जानें, पूरा, मामला</media:keywords>
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        <title>Tamilnadu News: तमिलनाडु की पटाखा फैक्ट्री में धमाका, 12 मजदूरों की मौत, CM स्टालिन ने जताया दुख</title>
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        <description><![CDATA[ तमिलनाडु में इसी हफ्ते गुरुवार (23 अप्रैल, 2026) को होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले लगातार दूसरे दिन बड़ी दुर्घटना की खबर सामने आई है. राज्य के विरुधुनगर जिले के कत्तनारपट्टी में रविवार (19 अप्रैल, 2026) को एक पटाखा फैक्ट्री में बड़ा विस्फोट हुआ है. स्थानीय पुलिस ने बताया कि इस घटना में फैक्ट्री में काम करने वाले कम से कम 12 मजदूरों की मौत हो गई और कई अन्य घायल भी हुए हैं.
इस घटना की खबर सामने आने के बाद राज्य के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने मरने वालों लोगों के परिवार वालों के प्रति संवेदना जताई है और अधिकारियों को जरूरी मदद सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं.
घटना में मरने वालों की बढ़ सकती है संख्याः पुलिस
जिला पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि अभी तक हमने 12 शव बरामद किए हैं. हमें आशंका है कि संख्या और भी ज्यादा बढ़ सकती है.
न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, जब पटाखा फैक्ट्री में आग लगी, उस वक्त वहां करीब 30 मजदूर काम कर रहे थे. पुलिस ने बताया कि इस धमाके के असर से बिल्डिंग के कुछ हिस्से ढह गए और इसके बाद लगी भीषण आग में पूरी फैक्ट्री जलकर खाक हो गई.
यह भी पढ़ेंः Tamil Nadu Accident: तमिलनाडु में भीषण हादसा, गहरी खाई में गिरी टूरिस्ट वैन, 9 लोगों की मौत, PM मोदी ने जताया दुख
मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने घटना पर जताया दुख
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने इस बड़े हादसे में मरने वाले लोगों के परिजनों के प्रति गहरा शोक व्यक्त किया है. इसके साथ, मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन के अधिकारियों ने सभी जरूरी मदद सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया है. उन्होंने मंत्रियों KKSSR रामचंद्रन और थंगम थेन्नारासु को घटनास्थल पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों की निगरानी करने का भी निर्देश दिया है.

सोशल मीडिया पर CM स्टालिन ने शेयर किया पोस्ट
मुख्यमंत्री स्टालिन ने इस घटना के बारे में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट कर जानकारी साझा की. उन्होंने कहा, &amp;lsquo;विरुधुनगर जिले के कत्तनारपट्टी में पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट में कई लोगों की मौत की दुखद खबर बहुत ही तकलीफ देने वाली है. मैं मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं.&amp;rsquo; उन्होंने कहा, &amp;lsquo;मैंने जिला कलेक्टर एनओ सुखपुत्र (N.O. Sukhaputra) को सभी जरूरी सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं.&amp;rsquo;

விருதுநகர் மாவட்டம் கட்டனார்பட்டியில் ஏற்பட்ட பட்டாசு ஆலை வெடி விபத்தில் பலர் உயிரிழந்துள்ள துயரச் செய்தி மிகுந்த வேதனையளிக்கிறது. உயிரிழந்தோரின் குடும்பத்தினருக்கு எனது ஆழ்ந்த இரங்கல்கள்.மீட்புப் பணிகளை விரைவுபடுத்திக் கண்காணிக்கவும், பாதிக்கப்பட்ட குடும்பங்களுக்கு ஆறுதல்&amp;hellip;
&amp;mdash; M.K.Stalin - தமிழ்நாட்டை தலைகுனிய விடமாட்டேன் (@mkstalin) April 19, 2026



एक दिन पहले सड़क हादसे में हुई 9 लोगों की मौत
तमिलानाडु में लगातार दूसरे दिन भीषण हादसे में लोगों ने अपनी जान गंवाई है. एक दिन पहले शनिवार (18 अप्रैल, 2026) को राज्य के वालपराई में एक टूरिस्ट वैन खाई में गिर गई. इस दर्दनाक हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई और कई लोग गंभीर रूप से घायल भी हो गए. इस घटना पर पीएम मोदी ने दुख जताया है.
यह भी पढ़ेंः Women Reservation: &#039;तमिलनाडु ने हराया दिल्ली का अहंकार&#039;, लोकसभा में पास नहीं हुआ महिला आरक्षण बिल तो बोले स्टालिन ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 22:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Heat Wave Alert ! UP&amp;MP समेत इन राज्यों में पारा 43 डिग्री के पार पहुंचा; जानें आने वाले दिनों में कैसा रहेगा मौसम</title>
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        <description><![CDATA[ Weather Report: रविवार को देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है. विदर्भ, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कई जगहों पर तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया. अकोला और वर्धा में सबसे ज्यादा 45 डिग्री तापमान दर्ज किया गया. वाराणसी, नागपुर और रायसेन समेत कई इलाकों में भी तापमान 44 डिग्री के पार रहा.
देश के इन शहरों में चलेगी Heat Waveइधर आईएमडी ने जारी किए अपने अनुमान में भीषण गर्मी की लहर चलने की संभावना जताई है. जानकारी के अनुसार, पश्चिम मध्य प्रदेश और विदर्भ, छत्तीसगढ़ में 19 और 20 को, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, पूर्वी मध्य प्रदेश में 19 से 23 के दौरान, झारखंड में 20 और 21 को, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 20 से 22 के दौरान, पश्चिमी राजस्थान में 20 से 23 के दौरान और पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और ओडिशा में 21 से 23 अप्रैल के दौरान कुछ स्थानों पर हीट बेव चलने की संभावना है.
(आइए जानते हैं, अगले कुछ दिन भारत के अलग-अलग राज्यों में कैसा रहेगा मौसम का हाल)
उत्तर-पश्चिमी भारत में कैसा रहेगा मौसमIMD के अनुसार, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद में 19 अप्रैल को और हिमाचल प्रदेश में 19 अप्रैल को, इसके अलावा उत्तराखंड में 19 और 20 अप्रैल को गरज, बिजली चमकने और तेज हवाओं (गति 30-50 किमी प्रति घंटा तक) के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है.
पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 19 अप्रैल को गरज, बिजली चमकने और तेज हवाओं (गति 30-40 किमी प्रति घंटा तक) के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. वहीं पश्चिमी राजस्थान में 19 अप्रैल को बिजली चमकने की संभावना है.
उत्तर-पूर्वी भारत हल्की से मध्यम बारिश
IMD के अनुसार, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 19-23 अप्रैल के दौरान और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 19-22 अप्रैल के दौरान गरज, बिजली चमकने और तेज हवाओं (गति 30-50 किमी प्रति घंटा तक) के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है.
IMD के अनुसार, असम और मेघालय में 19-21 अप्रैल के दौरान और अरुणाचल प्रदेश में 19 अप्रैल को भारी बारिश होने की संभावना है. वहीं अरुणाचल प्रदेश में 20 और 21 अप्रैल को बहुत भारी बारिश होने की संभावना है.
पूर्वी भारत में गरज, बिजली और तेज हवा चलने के आसार
IMD के अनुसार, बिहार में 19 अप्रैल को, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 19-23 अप्रैल के दौरान, झारखंड में 20 और 21 अप्रैल को गरज, बिजली चमकने और तेज हवाओं (गति 30-50 किमी प्रति घंटा तक) के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. बिहार में 23 अप्रैल को गरज के साथ तेज हवाएं (गति 50-60 किमी प्रति घंटा, झोंकों में 70 किमी प्रति घंटा तक) चलने की संभावना है. उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 19 अप्रैल को भारी बारिश होने की संभावना है.
मध्य भारत में गरज-बिजली के आसार
IMD के अनुसार, पश्चिमी मध्य प्रदेश में 19 अप्रैल को और छत्तीसगढ़ में 19-22 अप्रैल के दौरान गरज, बिजली चमकने और तेज़ हवाओं (गति 30-40 किमी प्रति घंटा तक) के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है.

पश्चिमी भारत में तेज हवा और बिजली चमकने के आसारIMD के अनुसार, 19-21 अप्रैल के दौरान तटीय महाराष्ट्र में, और 19-23 अप्रैल के दौरान मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में गरज, बिजली चमकने और तेज हवाओं (गति 30-40 किमी प्रति घंटा तक) के साथ कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. 19 अप्रैल को मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में कहीं-कहीं ओलावृष्टि होने की संभावना है.
दक्षिण भारत में पड़ेगी उमसIMD के अनुसार, 19 और 20 तारीख को केरल और माहे के कुछ इलाकों में, 19 से 23 तारीख के दौरान तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल, तटीय आंध्र प्रदेश और तटीय कर्नाटक में, और 20 से 25 अप्रैल के दौरान गंगा से सटे पश्चिम बंगाल में गर्म और उमस भरा मौसम रहने की प्रबल संभावना है.
यह भी पढ़ें: महाराष्ट्र में बदलेगा मौसम का मिजाज, आंधी तूफान के साथ बारिश का अलर्ट, किसानों को दी गई ये सलाह ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 22:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Heat, Wave, Alert, UP-MP, समेत, इन, राज्यों, में, पारा, डिग्री, के, पार, पहुंचा, जानें, आने, वाले, दिनों, में, कैसा, रहेगा, मौसम</media:keywords>
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        <title>फिर गहराया ईरान&amp;अमेरिका के बीच युद्ध का संकट! हॉर्मुज नाकेबंदी पर बोले ट्रंप&amp; &amp;apos;तेहरान ब्लैकमेल नहीं कर सकता&amp;apos;</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/फिर-गहराया-ईरान-अमेरिका-के-बीच-युद्ध-का-संकट-हॉर्मुज-नाकेबंदी-पर-बोले-ट्रंप-तेहरान-ब्लैकमेल-नहीं-कर-सकता</link>
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        <description><![CDATA[ Tension Esclate again on hormuz between Iran- US: ईरान और अमेरिका में हॉर्मुज पर संकट गहरा गया है. यहां हॉर्मुज बंद होने के 24 घंटे के भीतर ईरान ने फिर से इस रास्ते पर नाकेबंद कर दी है. अब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ी चेतावनी जारी की है. इसमें कहा है कि इस्लामिक रिपब्लिक काफी कमजोर हो गया है. अब वह पानी का रास्ता बंद करके अमेरिका को ब्लैकमेल करने की हालत में नहीं है.&amp;nbsp;
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने बताया कि ट्रंप ने यह बयान अपने ओवल के ऑफिस से जारी किया है. उन्होंने कहा कि ईरान पास कोई नेवी और एयरफोर्स नहीं है. उनके पास कोई नेता नहीं है. उनके पास कुछ भी नहीं है. लेकिन हम उनसे बात कर रहे हैं. वे स्ट्रेट को फिर से बंद करना चाहते हैं, वो सालों से ऐसा करते आ रह हैं. वे हमें ब्लैकमेल नहीं कर सकते. ट्रंप ने कहा कि ईरान ने पिछले कुछ सालों में अपने कई साथी सैनिकों का मार डाला है. वे अब बच नहीं पाएंगे.&amp;nbsp;
ईरान के तेल के टैंकर को जब्त करेगी यूएस मिलिट्री: अमेरिकाइसके अलावा यूएस अधिकारियों ने कहा है कि यूएस मिलिट्री आने वाले दिनों में ईरान से जुड़े टैंकरों पर कब्जा करने का अभियान चलाएगी. साथ ही इंटरनेशनल वॉटर एरिया में कमर्शियल जहाजों को जब्त करने की तैयारी है.&amp;nbsp;

ईरान ने हॉर्मुज पर फिर से की नाकेबंदी
शनिवार (18 अप्रैल 2026) को ईरान ने हॉर्मुज पर फिर से नाकेबंदी कर दी है. साथ ही कहा कि इस रास्ते पर फिर से सैन्य कंट्रोल फिर से लागू कर दिया गया है. ईरान की तरफ से IRGC के प्रवक्ता इब्राहिम जुलफागरी ने कहा, &#039;हॉर्मुज की खाड़ी पर कंट्रोल फिर से पहले जैसा कर दिया है. जबतक अमेरिका ईरानी जहाजों पर से पाबंदियां नहीं हटाता, यह खाड़ी उसी तरह बंद रहेगी. ईरान ने साफ कहा है कि यहां गुजरने के लिए अनुमति लेनी पड़ेगी.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ें: US Iran War: गोलीबारी से दहला हॉर्मुज... ईरान ने फिर बंद किया रास्ता, वापस लौट रहे जहाज ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 10:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>फिर, गहराया, ईरान-अमेरिका, के, बीच, युद्ध, का, संकट, हॉर्मुज, नाकेबंदी, पर, बोले, ट्रंप-, तेहरान, ब्लैकमेल, नहीं, कर, सकता</media:keywords>
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        <title>‘उनके पास 12 सालों में दिखाने के लिए कुछ खास नहीं...’, PM मोदी के आरोपों पर कांग्रेस का पलटवार</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/उनके-पास-12-सालों-में-दिखाने-के-लिए-कुछ-खास-नहीं-pm-मोदी-के-आरोपों-पर-कांग्रेस-का-पलटवार</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/उनके-पास-12-सालों-में-दिखाने-के-लिए-कुछ-खास-नहीं-pm-मोदी-के-आरोपों-पर-कांग्रेस-का-पलटवार</guid>
        <description><![CDATA[ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (18 अप्रैल, 2026) को देश के नाम दिए संबोधन में महिला आरक्षण बिल के पारित न होने को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा. उन्होंने लोकसभा में 131वें संविधान संशोधन बिल के पारित न होने का ढिकरा कांग्रेस, टीएमसी, समाजवादी पार्टी और डीएमके समेत पूरे विपक्षी गठबंधन पर फोड़ दिया. पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी पार्टियों ने देश की नारी शक्ति से उनके अधिकारों को हासिल करने का मौका छीन लिया है. आज पूरे देश के लोगों के सामने विपक्ष का असली चेहरा आ गया है. वहीं, पीएम मोदी के संबोधन पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस पार्टी ने कहा कि प्रधानमंत्री पूरी तरह से बौखला गए हैं और घबरा गए हैं.
PM मोदी घबराए और बौखलाए हुए हैं- सुप्रिया श्रीनेत
कांग्रेस पार्टी की प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, &amp;lsquo;नरेंद्र मोदी ने अपने 29 मिनट के भाषण में कांग्रेस का नाम 58 बार लिया, यानी हर मिनट में दो बार. इसी से पता चलता है कि वे कितने बौखलाए और घबराए हुए हैं, क्योंकि उनकी विभाजनकारी और अलोकतांत्रिक डेलिमिटेशन की साजिश को विपक्ष ने हरा दिया.&amp;rsquo;

कितना झूठ बोलते हैं आप मोदी जी29 मिनट का भाषण, 58 बार कांग्रेस का नाम. यह डर अच्छा है अगर आपके अंदर जरा सा भी सच्चाई है तो Monday को 543 लोक सभा सीटों पर महिला आरक्षण कीजिए - समूचा विपक्ष साथ देगादेश की हर महिला आरक्षण के पीछे छिप कर परिसीमन करने की आपकी साज़िश समझती है pic.twitter.com/qUaKzn8YFS
&amp;mdash; Supriya Shrinate (@SupriyaShrinate) April 18, 2026



उन्होंने एक अन्य पोस्ट में कहा, &amp;lsquo;कितना झूठ बोलते हैं आप मोदी जी. 29 मिनट का भाषण, 58 बार कांग्रेस का नाम. यह डर अच्छा है. अगर आपके अंदर जरा सा भी सच्चाई है तो सोमवार (20 अप्रैल) को 543 लोकसभा सीटों पर महिला आरक्षण कीजिए, समूचा विपक्ष साथ देगा. देश की हर महिला आरक्षण के पीछे छिपकर परिसीमन करने की आपकी साजिश समझती है.&amp;rsquo;

पीएम मोदी ने लोकतंत्र और संविधान पर किया हमला- खरगे
वहीं, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने X पोस्ट में कहा, &amp;lsquo;निराश और हताश नरेंद्र मोदी, जिनके पास पिछले 12 सालों में दिखाने के लिए कुछ खास नहीं है, उन्होंने राष्ट्र के नाम अपने आधिकारिक संबोधन को एक राजनीतिक भाषण में बदल दिया, जो कि सिर्फ आरोप-प्रत्यारोप और झूठी बातों से भरा हुआ था. आदर्श आचार संहिता पहले से लागू है और यह साफ दिखा कि पीएम मोदी ने अपने विरोधियों पर हमला करने के लिए सरकारी तंत्र का दुरुपयोग किया. यह लोकतंत्र और भारत के संविधान दोनों पर एक गंभीर हमला है.&amp;rsquo;

A desperate and frustrated PM @narendramodi with nothing meaningful to show for the last 12 years, turned an official address to the nation, into a political speech, full of mudslinging, and outright LIES. The Model Code of Conduct is already in place and it was very clear how PM&amp;hellip;
&amp;mdash; Mallikarjun Kharge (@kharge) April 18, 2026



उन्होंने कहा, &amp;lsquo;मोदी जी ने कांग्रेस का नाम 59 बार लिया, जबकि महिलाओं का उल्लेख बहुत कम किया. इससे देश को उनकी प्राथमिकताओं के बारे में सब कुछ पता चलता है. महिलाएं भाजपा की प्राथमिकता नहीं है, बल्कि कांग्रेस है, क्योंकि कांग्रेस इतिहास के सही पक्ष में खड़ी है.&amp;rsquo;
यह भी पढ़ेंः PM Modi Speech: &#039;लटकाना, अटकाना इनका काम&#039;, एंटी रिफॉर्म बता कांग्रेस पर बरसे PM मोदी, गिनाई विरोध की पूरी लिस्ट ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 10:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>‘उनके, पास, सालों, में, दिखाने, के, लिए, कुछ, खास, नहीं...’, मोदी, के, आरोपों, पर, कांग्रेस, का, पलटवार</media:keywords>
    </item>
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        <title>‘कर्मचारियों को बिंदी, तिलक, पगड़ी पहनने की अनुमति’, Lenskart का ऐलान! जारी की नई इन&amp;स्टोर स्टाइल गाइड</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/कर्मचारियों-को-बिंदी-तिलक-पगड़ी-पहनने-की-अनुमति-lenskart-का-ऐलान-जारी-की-नई-इन-स्टोर-स्टाइल-गाइड</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/कर्मचारियों-को-बिंदी-तिलक-पगड़ी-पहनने-की-अनुमति-lenskart-का-ऐलान-जारी-की-नई-इन-स्टोर-स्टाइल-गाइड</guid>
        <description><![CDATA[ प्रीमियम आई-वियर कंपनी लेंसकार्ट ने शनिवार (18 अप्रैल, 2026) को एक बड़ा ऐलान किया है. कंपनी ने कहा कि अब से उसके सभी स्टोर्स में काम करने वाले कर्मचारी बिंदी, तिलक, सिंदूर, कलावा, मंगलसूत्र, कड़ा, पगड़ी और हिजाब समेत किसी भी धार्मिक या सांस्कृतिक पहचान के साथ काम कर सकते हैं. इस ऐलान के साथ लेंसकार्ट ने अपने कर्मचारियों के लिए नई &#039;इन-स्टोर स्टाइल गाइड&#039; भी जारी की है.
कंपनी ने कहा कि यह कोई छूट या अपवाद नहीं है, बल्कि कंपनी की पहचान का हिस्सा है. अगर किसी पुराने कम्युनिकेशन से किसी कर्मचारी को ऐसा लगा कि उनकी आस्था की यहां जगह नहीं है, तो कंपनी इसके लिए माफी मांगती है. लेंसकार्ट ने यह भी कहा कि अब आगे हर पॉलिसी और ट्रेनिंग मटेरियल इन्हीं मूल्यों को दर्शाएगा.
यह भी पढ़ेंः आतंकवाद के खिलाफ सेना की बड़ी तैयारी! ड्रोन के साथ जम्मू-कश्मीर पुलिस को दी स्पेशल ट्रेनिंग
लेंसकार्ट ने X पोस्ट कर की बड़ी घोषणा
प्रीमियम आई-वियर कंपनी लेंसकार्ट ने शनिवार (18 अप्रैल, 2026) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया. पोस्ट में कंपनी ने कहा, &amp;lsquo;हमने आपकी बात सुनी है, साफ तौर पर और खुले दिल से. पिछले कुछ दिनों में हमारे समुदाय और ग्राहकों ने अपनी बातें रखी हैं और हमने उसे पूरे ध्यान से सुना है. आज हम अपनी &amp;lsquo;इन-स्टोर स्टाइल गाइड&amp;rsquo; के स्टैंडर्ड को और बढ़ा रहे हैं और उसे सार्वजनिक और पारदर्शी रूप से शेयर भी कर रहे हैं.&amp;rsquo;

We have heard you. Clearly and openly. Over the past few days, our community and customers have spoken - and we have listened.Today, we are standardizing our In-Store Style Guide and sharing it publicly and transparently: https://t.co/lC8KlLLUZmThese guidelines explicitly and&amp;hellip;
&amp;mdash; lenskart (@Lenskart_com) April 18, 2026



कंपनी ने कहा, &amp;lsquo;इन दिशा-निर्देशों में स्पष्ट और बिना किसी भ्रम के हमारे टीम सदस्यों की आस्था और संस्कृति के हर निशान का स्वागत किया गया है, चाहे वह बिंदी, तिलक, सिंदूर, कलावा, मंगलसूत्र, कड़ा, हिजाब, पगड़ी हो या अन्य कुछ. इन्हें हमने अपवाद के रूप में नहीं, बल्कि हमारी पहचान के तौर पर स्वीकार किया है.&amp;rsquo;
भारत में, भारतीयों द्वारा और भारतीयों के लिए बना लेंसकार्ट- Lenskart
कंपनी ने एक्स पोस्ट में आगे कहा, &amp;lsquo;लेंसकार्ट भारत में, भारतीयों द्वारा और भारतीयों के लिए बना है. हमारे 2,400 से ज्यादा स्टोर ऐसे लोगों की ओर से संचालित होते है, जो हर दिन अपने विश्वास, परंपराएं और पहचान अपने साथ काम पर लाते हैं. यह कोई ऐसी चीज नहीं है, जिसे हम कभी किसी से दरवाजे पर छोड़ने के लिए कहेंगे. अगर हमारे काम की जगह पर किसी भी संवाद के कारण किसी को ठेस पहुंची हो या हमारे किसी टीम सदस्य को ऐसा लगा हो कि उनकी आस्था का यहां स्वागत नहीं है, तो हमें इसका गहरा खेद है. यह लेंसकार्ट की पहचान नहीं है और न ही कभी होगी.&amp;rsquo;

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        <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 10:30:08 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>‘कर्मचारियों, को, बिंदी, तिलक, पगड़ी, पहनने, की, अनुमति’, Lenskart, का, ऐलान, जारी, की, नई, इन-स्टोर, स्टाइल, गाइड</media:keywords>
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        <title>Women Reservation Bill:  &amp;apos;कांग्रेस ने महिलाओं का अधिकार छीनने का जश्न मनाया&amp;apos;, प्रियंका गांधी के आरोपों पर भड़कीं स्मृति ईरानी</title>
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        <description><![CDATA[ लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन बिल गिरने के बाद अब राजनीति तेज हो गई है. यह मामला अब सिर्फ संसद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सड़कों तक पहुंच गया है. बिल पास नहीं हो पाने के बाद अलग-अलग राजनीतिक दल एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने इस मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा कि महिला आरक्षण को लोकसभा की मौजूदा सदस्य संख्या के अंदर ही लागू किया जाना चाहिए. उन्होंने इस बिल के गिरने को संविधान की जीत और विपक्ष की एकता की जीत बताया.
प्रियंका गांधी के इस बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी ने उन पर पलटवार किया. बीजेपी की ओर से रविशंकर प्रसाद और स्मृति ईरानी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कांग्रेस पर निशाना साधा. स्मृति ईरानी ने कहा कि कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऐसा व्यवहार किया जैसे उन्होंने कोई एहसान किया हो. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने इस बात का जश्न मनाया कि देश की महिलाओं का अधिकार उनसे छिन गया. उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस बीजेपी पर तंज कस रही है कि कोई मसीहा बनने की कोशिश कर रहा है, जबकि उनके समय में ट्रिपल तलाक जैसी समस्या बनी रही. उन्होंने विपक्ष के इस आरोप पर भी जवाब दिया कि चुनाव के बीच संसद सत्र क्यों चलाया गया. उन्होंने कहा कि इससे पहले भी ऐसे हालात रहे हैं, जैसे हिमाचल प्रदेश में चुनाव के दौरान सत्र चला था और वहां किसकी जीत हुई, यह सब जानते हैं.
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रविशंकर प्रसाद ने लगाए आरोप
रविशंकर प्रसाद ने भी प्रियंका गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि वे आम तौर पर प्रियंका गांधी पर टिप्पणी नहीं करते, लेकिन इस बार उनकी बात गलत थी. उन्होंने कहा कि यह कहना कि महिलाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है, सही नहीं है क्योंकि महिलाएं कोई वस्तु नहीं हैं. रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने महिलाओं की उम्मीदों को ठेस पहुंचाई है और उसका असली चेहरा सामने आ गया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस को संविधान की समझ नहीं है और उन्हें इसे समझाने की जरूरत है. उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी इस मुद्दे को गांव-गांव तक लेकर जाएगी.
किरेन रिजिजू का कांग्रेस पर निशाना
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी इस मामले पर अपनी नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि विपक्ष ने महिलाओं को आरक्षण देने वाला बिल पास नहीं होने दिया, जिससे सभी को दुख है. उन्होंने कहा कि यह दुख इसलिए है क्योंकि महिलाओं को उनका अधिकार नहीं मिल पाया. रिजिजू ने राहुल गांधी के बयान पर भी सवाल उठाया और कहा कि अगर वे कहते हैं कि महिलाओं को आरक्षण देना लोकतांत्रिक नहीं है, तो उन्हें समझाना मुश्किल है. उन्होंने कांग्रेस पर महिला विरोधी होने का आरोप भी लगाया.
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        <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 10:30:07 +0530</pubDate>
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        <title>&amp;apos;पक्षपातपूर्ण, ड्रामेबाजी...&amp;apos;, PM मोदी के देश के नाम संबोधन पर भड़का विपक्ष, खरगे बोले&amp; 59 बार सिर्फ कांग्रेस...</title>
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        <description><![CDATA[ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विपक्ष को महिला-विरोधी करार दिए जाने पर कई नेताओं ने कड़ी आलोचना की. कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने राष्ट्र के नाम संबोधन को पक्षपातपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि एक मौजूदा प्रधानमंत्री का राष्ट्र के नाम संबोधन पवित्र होता है और यह एक निष्पक्ष संबोधन होता है जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय संकल्प और आत्मविश्वास को बढ़ाना होता है.
जयराम रमेश ने साधा निशाना
उन्होंने पीएम मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन को दयनीय पक्षपातपूर्ण और विवादास्पद हमला करार दिया. उन्होंने कहा कि एक राष्ट्रीय संबोधन के बजाय एक संकट संबोधन प्रेस कॉन्फ्रेंस में अधिक उपयुक्त होता, लेकिन कल रात लोकसभा में उन्हें जिस असाधारण विधायी अपमान का सामना करना पड़ा, उससे वे इतने विचलित हैं कि गैर-गृहस्थ प्रधानमंत्री अभी भी मीडिया का सामना करने से डरते हैं.&amp;nbsp;
कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री ने संवैधानिक संशोधन की विफलता के लिए माफी मांगी है, हालांकि उन्हें महिलाओं के नाम पर एक कपटपूर्ण परिसीमन प्रस्ताव को आगे बढ़ाने के अपने बेशर्म, कपटपूर्ण प्रयासों के लिए माफी मांगनी चाहिए थी. जयराम रमेश ने कहा कि उनकी नियत बिल्कुल भी साफ नहीं है. अगर कोई उनकी नियत की जांच करे तो उसे बस यही पूछना होगा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम जिसे सितंबर 2023 में सर्वसम्मति से पारित किया गया था, उसे 30 महीने की देरी के बाद 16 अप्रैल 2026 की देर रात ही अधिसूचित क्यों किया गया.&amp;nbsp;
क्या बोलीं महुआ मोइत्रा?
इसके अलावा टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने भी प्रधानमंत्री के राष्ट्र के नाम संबोधन पर हमला करते हुए इसे ड्रामाबाजी करार दिया. उन्होंने एक्स पर पोस्ट कह कहा, &#039;आपका ड्रामा और गोदी मीडिया की स्क्रिप्ट सच्चाई को नहीं छुपा पाएगी. महिलाओं के लिए आरक्षण 2023 में ही पारित हो चुका है और दो दिन पहले अधिसूचित भी हो चुका है. आपको इसे अभी लागू करने और टीएमसी की तरह 543 सीटों में से एक तिहाई सीटें महिलाओं को देने से कोई नहीं रोक सकता.&#039;&amp;nbsp;
खरगे ने पीएम मोदी को घेरा
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री मोदी के भाषण में अपनी पार्टी का जिक्र कितनी बार हुआ, इसकी गिनती करते हुए बताया कि इसकी संख्या 59 थी. खरगे ने कहा कि मोदी जी ने कांग्रेस का जिक्र 59 बार किया और महिलाओं का जिक्र तो बस कुछ ही बार. इससे देश को उनकी प्राथमिकताओं के बारे में सब कुछ पता चल जाता है. उन्होंने आगे कहा कि महिलाएं बीजेपी की प्राथमिकता नहीं हैं. कांग्रेस है, क्योंकि कांग्रेस इतिहास के सही पक्ष में खड़ी है.
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        <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 10:30:06 +0530</pubDate>
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        <title>Shabbir Ahmed Shah: जम्मू&amp;कश्मीर के अलगाववादी नेता शब्बीर अहमद शाह 30 साल पुराने मामले में गिरफ्तार, NIA का बड़ा एक्शन</title>
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        <description><![CDATA[ जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी नेता शब्बीर अहमद शाह को एक पुराने मामले में (National Investigation Agency) NIA ने शुक्रवार (17 अप्रैल 2026) की शाम गिरफ्तार कर लिया गया. यह कार्रवाई 30 साल पुराने मामले से जुड़ी है. एनआईए की श्रीनगर शाखा ने शब्बीर शाह को गिरफ्तार किया और फिर दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट से तीन दिनों की ट्रांजिट रिमांड ली. इसके बाद उन्हें जम्मू-कश्मीर ले जाया गया.
यह गिरफ्तारी 1996 में पुलिसकर्मियों पर हुए हमले के मामले में की गई है, जिसमें शब्बीर शाह पर आरोप हैं. गौर करने वाली बात यह है कि शब्बीर शाह को इसी साल मार्च महीने में एनआईए के एक मामले में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी थी. इसके अलावा, 28 मार्च को पटियाला हाउस कोर्ट ने उन्हें ईडी के एक मामले में भी जमानत दी थी. यानी हाल ही में जमानत मिलने के बाद अब उन्हें एक पुराने केस में फिर से गिरफ्तार किया गया है.

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जम्मू-कश्मीर की राजनीति में पुराना नाम
शब्बीर अहमद शाह जम्मू-कश्मीर की राजनीति में एक जाना-पहचाना और काफी विवादों में रहने वाला नाम है. उन्हें लंबे समय से अलगाववादी नेता के तौर पर देखा जाता है. कश्मीर के मुद्दे पर उनकी सोच और गतिविधियों की वजह से वे हमेशा चर्चा में रहे हैं. शब्बीर अहमद शाह का जन्म साल 1953 में जम्मू-कश्मीर में हुआ था. बचपन से ही उनका झुकाव राजनीति की तरफ था. जैसे-जैसे वे बड़े हुए, उन्होंने कश्मीर के मुद्दों को समझना शुरू किया और धीरे-धीरे अलगाववादी सोच से जुड़ गए. उनका मानना था कि कश्मीर के लोगों को अपने भविष्य का फैसला खुद करने का अधिकार होना चाहिए.
संगठन और शब्बीर अहमद की भूमिका
शब्बीर शाह ने डेमोक्रेटिक फ्रीडम पार्टी नाम का एक संगठन बनाया. यह संगठन कश्मीर में अलगाववादी विचारों को आगे बढ़ाने के लिए जाना जाता है. इस पार्टी के जरिए उन्होंने अपने विचार लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की और कई सालों तक सक्रिय भूमिका निभाई.
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        <pubDate>Sat, 18 Apr 2026 18:30:07 +0530</pubDate>
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        <title>देश को संबोधित करेंगे PM मोदी, अब तक कब&amp;कब बोले प्रधानमंत्री, क्या&amp;क्या बदला?</title>
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        <description><![CDATA[ देश में महिला आरक्षण बिल को लेकर जारी सियासी घमासान के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi आज रात 8:30 बजे राष्ट्र के नाम संबोधित करेंगे. यह 2026 में उनका पहला संबोधन होगा. सूत्रों के मुताबिक, कैबिनेट बैठक में उन्होंने विपक्ष पर महिला आरक्षण बिल का समर्थन न करने और महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया. ऐसे में जानिए कब-कब पीएम मोदी ने देश को संबोधित किया, तब कौन-कौन से बड़े फैसले सामने आए.
अचानक संबोधन की परंपराप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्सर अचानक राष्ट्र के नाम संबोधन करते रहे हैं. उनके इन संबोधनों में कई बार देश को चौंकाने वाले फैसले सामने आए हैं, जिनका असर अर्थव्यवस्था से लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा तक पड़ा है.
2016: नोटबंदी का ऐतिहासिक फैसला8 नवंबर 2016 को पीएम मोदी ने 500 और 1000 रुपये के नोटों को बंद करने का ऐलान किया. इस फैसले का उद्देश्य काला धन, नकली नोट और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाना बताया गया था. यह देश के सबसे बड़े आर्थिक फैसलों में गिना जाता है.

2016: गरीबों और किसानों के लिए घोषणाएं31 दिसंबर 2016 को नए साल से ठीक पहले प्रधानमंत्री ने गरीबों और किसानों के लिए कई कल्याणकारी योजनाओं का ऐलान किया, जिससे ग्रामीण और कमजोर वर्गों को राहत देने की कोशिश की गई.
2019: एंटी-सैटेलाइट मिसाइल की सफलता27 मार्च 2019 को भारत ने एंटी-सैटेलाइट मिसाइल का सफल परीक्षण किया. इसके बाद पीएम मोदी ने राष्ट्र को संबोधित कर रक्षा क्षेत्र में भारत की बढ़ती ताकत और तकनीकी क्षमता को रेखांकित किया.
2019: अनुच्छेद 370 हटाने पर संबोधन8 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के फैसले के बाद प्रधानमंत्री ने देश को संबोधित किया. उन्होंने इस कदम को राष्ट्रीय एकता और विकास के लिए जरूरी बताया.
यह भी पढ़ें: लोकसभा की 543 सीटों में क्यों नहीं लागू हो सकता महिला आरक्षण, सरकार और विपक्ष के क्या हैं दावे?यह भी पढ़ें: &#039;बीजेपी क्या महिला की हिमायती...&#039;, अखिलेश यादव ने शेयर किया CM योगी का पुराना वीडियो
2019: अयोध्या फैसले के बाद शांति की अपील9 नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट के अयोध्या फैसले के बाद पीएम मोदी ने देशवासियों से शांति, सद्भाव और एकता बनाए रखने की अपील की.
2020: कोविड-19 और जनता कर्फ्यू19 मार्च 2020 को कोरोना महामारी के दौरान प्रधानमंत्री ने जनता कर्फ्यू की अपील की और फ्रंटलाइन वर्कर्स के सम्मान का आह्वान किया.
2020: देशव्यापी लॉकडाउन की घोषणा24 मार्च 2020 को पीएम मोदी ने पूरे देश में लॉकडाउन लागू करने की घोषणा की, जो महामारी से लड़ने का सबसे बड़ा कदम था.
2020: 20 लाख करोड़ का आर्थिक पैकेज12 मई 2020 को प्रधानमंत्री ने &amp;lsquo;आत्मनिर्भर भारत अभियान&amp;rsquo; के तहत 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज का ऐलान किया, जिससे अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की कोशिश की गई.
2021: मुफ्त वैक्सीनेशन का ऐलान7 जून 2021 को पीएम मोदी ने सभी वयस्कों के लिए मुफ्त कोविड-19 वैक्सीन की घोषणा की और टीकाकरण अभियान को केंद्रीकृत किया.
2021: किसान कानूनों की वापसी19 नवंबर 2021 को लंबे विरोध प्रदर्शनों के बाद प्रधानमंत्री ने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का ऐलान किया, जिससे राजनीतिक और सामाजिक तनाव को कम करने की कोशिश हुई.
हालिया संबोधन: सुरक्षा और विकास पर फोकसहाल के संबोधनों में प्रधानमंत्री ने भारत-पाकिस्तान तनाव के दौरान आतंकवाद की कड़ी निंदा की. इसके अलावा 15 अगस्त के भाषण में उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर, स्पेस मिशन और आत्मनिर्भर भारत जैसे मुद्दों पर जोर दिया.
आज का संबोधन क्यों अहम?आज का संबोधन महिला आरक्षण बिल पर बने राजनीतिक माहौल के बीच हो रहा है, जिससे इसके बेहद महत्वपूर्ण होने की संभावना जताई जा रही है. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रधानमंत्री अपने इस संबोधन में महिला आरक्षण और विपक्ष के साथ टकराव को लेकर क्या बड़ा संदेश या फैसला देते हैं. ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Apr 2026 18:30:06 +0530</pubDate>
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        <title>PM मोदी आज रात 8.30 बजे देश को करेंगे संबोधित, क्या महिला आरक्षण पर बताएंगे मन की बात?</title>
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        <description><![CDATA[ देश में महिला आरक्षण बिल पर मचे घमासान के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात 8.30 बजे देश को संबोधित करेंगे. सरकार लोकसभा में इससे जुड़ा बिल लेकर आई थी, जो कि पास नहीं हो पाया था. सूत्रों के मुताबिक आज हुई कैबिनेट की बैठक के दौरान पीएम मोदी ने विपक्ष पर दोषी होने और महिलाओं के लिए आरक्षण बिल का समर्थन न करके महिलाओं के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया है.
प्रधानमंत्री ने आज कैबिनेट बैठक में विपक्ष पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि लोकसभा में बिल का गिरना सरकार की हार नहीं, बल्कि देश की महिलाओं को मिलने वाले अधिकारों का विरोध है. सूत्रों के मुताबिक, पीएम मोदी ने इस मुद्दे को सीधे महिलाओं के सशक्तिकरण से जोड़ते हुए विपक्ष की मंशा पर सवाल उठाए. सरकार की तरफ से अभी ये नहीं बताया गया है कि पीएम किस विषय को लेकर देश को संबोधित करेंगे, लेकिन जाहिर है कि देश के सियासी माहौल को देखते हुए यही कयास लगाए रहे हैं कि महिला आरक्षण को लेकर संविधान संशोधन विधेयक के लोकसभा में गिर जाने के मुद्दे पर बात कर सकते हैं.
&#039;महिलाओं के अधिकार के खिलाफ विपक्ष&#039;कैबिनेट बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि महिला आरक्षण से जुड़े विधेयक का समर्थन न करना विपक्ष की बड़ी राजनीतिक भूल है. उनके अनुसार यह कदम महिलाओं को उनका हक देने से इनकार करने जैसा है. उन्होंने जोर दिया कि इस रुख का असर आने वाले समय में विपक्ष को भुगतना पड़ेगा.

&#039;50 साल में क्यों नहीं दिया आरक्षण?&#039;प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्षी दलों पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर वे वास्तव में महिलाओं को आरक्षण देना चाहते थे तो पिछले 50 वर्षों में उन्होंने ऐसा कदम क्यों नहीं उठाया. उन्होंने इसे विपक्ष की नीयत पर सवाल खड़ा करने वाला मुद्दा बताया है.
पीएम मोदी ने चेतावनी दी कि महिला आरक्षण विधेयक का विरोध करने का राजनीतिक नुकसान विपक्ष को उठाना पड़ेगा. उनके मुताबिक जनता इस मुद्दे को गंभीरता से देख रही है और इसका असर चुनावी राजनीति पर भी पड़ेगा.
गांव-गांव तक पहुंचाने का निर्देशपीएम मोदी ने कहा कि यह संदेश देश के हर गांव तक पहुंचाया जाना चाहिए कि विपक्ष की सोच महिलाओं के प्रति नकारात्मक है. उन्होंने पार्टी और सरकार के नेताओं को इस मुद्दे पर जनता के बीच जाकर सच्चाई रखने की बात कही.
पीएम मोदी का राष्ट्र के नाम यह संबोधन उनके पिछले सभी संबोधनों से काफी अलग माना जा रहा है. बीते 12 वर्षों में जब भी प्रधानमंत्री मोदी ने देश के नाम संबोधन दिया, तो उन्होंने मुख्य रूप से सरकार की उपलब्धियों, बड़े राजनीतिक और सुधारवादी फैसलों या आपदा के समय हालात से निपटने जैसे विषयों पर बात की, लेकिन कभी भी सरकार ऐसी परिस्थिति से नहीं गुजरी थी, जिसमें लोकसभा में संविधान संशोधन विधेयक का गिर जाना जैसा मामला सामने आया हो. इसलिए इस बार का संबोधन थोड़ा अलग और मुख़्तलिफ होने वाला है, ऐसा माना जा रहा है.
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&#039;बैग में मिला गांजा..&#039;, अमेरिका के को-पायलट को एयर इंडिया ने वापस भारत भेज दिया ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Apr 2026 18:30:06 +0530</pubDate>
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        <title>‘यह हार राजनीति की नहीं, नीयत की है’, रेवंत रेड्डी का BJP पर हमला, महिला नेतृत्व को लेकर उठाए सवाल</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/यह-हार-राजनीति-की-नहीं-नीयत-की-है-रेवंत-रेड्डी-का-bjp-पर-हमला-महिला-नेतृत्व-को-लेकर-उठाए-सवाल</link>
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        <description><![CDATA[ तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने शुक्रवार (17 अप्रैल, 2026) को लोकसभा में महिला आरक्षण बिल के पारित न होने को लेकर शनिवार (18 अप्रैल, 2026) को केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला किया है. उन्होंने कहा कि लोकसभा में पिछले कुछ दिनों से जो घटनाक्रम सामने आया है, वह सिर्फ राजनीतिक हार नहीं, बल्कि भाजपा की नीयत की हार को दर्शाता है.
कांग्रेस ने महिलाओं को दिए अधिकार, BJP ने नहीं दिया मौकाः रेड्डी
नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत के दौरान तेलंगाना के CM रेवंत रेड्डी ने महिलाओं के अधिकारों के मुद्दे को केंद्र में रखते हुए कहा कि इस देश में महिलाओं को मतदान का अधिकार कांग्रेस ने दिया था और महिला सशक्तिकरण की दिशा में लगातार काम किया है. इसके विपरीत उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के इतिहास में महिलाओं को नेतृत्व के शीर्ष पदों पर पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया.
उन्होंने कहा कि 6 अप्रैल, 1980 को स्थापित हुई भाजपा को करीब 50 साल होने वाले हैं, लेकिन अब तक पार्टी ने 15 बार अध्यक्ष नियुक्त किए हैं और इनमें एक भी महिला को यह जिम्मेदारी नहीं दी गई. उन्होंने वरिष्ठ नेताओं लाल कृष्ण आडवानी और मुरली मनोहर जोशी का उदाहरण देते हुए कहा कि कई नेताओं को बार-बार मौका मिला, लेकिन महिलाओं को शीर्ष नेतृत्व में स्थान नहीं दिया गया.
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BJP संगठन में किसी महिला को नहीं मिला शीर्ष नेतृत्वः रेड्डी
मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि पार्टी में जनरल सेक्रेटरी (ऑर्गेनाइजेशन) जैसे महत्वपूर्ण पद पर भी आज तक किसी महिला को नियुक्त नहीं किया गया है. उनके अनुसार, यह दर्शाता है कि भाजपा की सोच और नीतियां महिलाओं को लेकर गंभीर नहीं हैं.

रेवंत रेड्डी ने कहा कि महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर भाजपा की नीयत पर सवाल उठते हैं, क्योंकि अगर वास्तव में महिलाओं के प्रति प्रतिबद्धता होती, तो पार्टी अपने संगठन में भी महिलाओं को समान प्रतिनिधित्व देती.
महिला प्रतिनिधित्व को लेकर देश में बहस तेज
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान महिला आरक्षण पर जारी राष्ट्रीय बहस के बीच आया है, जिससे इस मुद्दे को और राजनीतिक रंग मिल सकता है. एक ओर जहां भाजपा सरकार महिला आरक्षण को ऐतिहासिक कदम बता रही है, वहीं विपक्ष इसके क्रियान्वयन और नीयत पर सवाल उठा रहा है. फिलहाल, रेवंत रेड्डी के इस बयान ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है और महिला प्रतिनिधित्व को लेकर बहस को तेज कर दिया है.
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        <pubDate>Sat, 18 Apr 2026 18:30:05 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>‘यह, हार, राजनीति, की, नहीं, नीयत, की, है’, रेवंत, रेड्डी, का, BJP, पर, हमला, महिला, नेतृत्व, को, लेकर, उठाए, सवाल</media:keywords>
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        <title>PM Modi Addresses To Nation Live: PM मोदी रात 8.30 बजे देश को करेंगे संबोधित, महिला आरक्षण बिल या कोई मुद्दा? किस पर करेंगे बात</title>
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        <description><![CDATA[ PM Modi Addresses To Nation Live: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात 8:30 बजे राष्ट्र को संबोधित करेंगे. हालांकि वे किस विषय पर बोलेंगे, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि उनका संबोधन महिला आरक्षण के मुद्दे और संसद में हाल के घटनाक्रमों पर केंद्रित हो सकता है.
दरअसल, शुक्रवार को लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान (131वां संशोधन) विधेयक पारित नहीं हो सका. इस प्रस्ताव में लोकसभा की सीटों को 543 से बढ़ाकर 816 करने और महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की बात कही गई थी.
मतदान के दौरान बिल के समर्थन में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े, जबकि इसे पास कराने के लिए 352 मतों की आवश्यकता थी. सूत्रों के अनुसार, शनिवार को हुई कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि महिला आरक्षण का समर्थन न करना उनकी बड़ी गलती है और इसके राजनीतिक परिणाम उन्हें भुगतने पड़ सकते हैं.
उम्मीद है कि मोदी महिला आरक्षण के कार्यान्वयन के मुद्दे और संसद में हुई घटनाओं पर विस्तार से चर्चा करेंगे, जहां विपक्षी दलों ने शुक्रवार को संविधान (131वां संशोधन) विधेयक के खिलाफ मतदान किया था. &amp;nbsp;इस विधेयक के तहत, 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन कवायद के बाद, 2029 के संसदीय चुनावों से पहले महिला आरक्षण कानून को &amp;ldquo;कार्यान्वित&amp;rdquo; करने के लिए लोकसभा सीटों को वर्तमान 543 से बढ़ाकर 816 तक किया जाना था.
राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में भी महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को समायोजित करने के लिए सीटों की संख्या बढ़ाई जानी थी. &amp;nbsp;इस महत्वपूर्ण विधेयक को पारित करने के लिए दो तिहाई बहुमत की आवश्यकता थी, लेकिन सत्तारूढ़ भाजपा के नेतृत्व वाला गठबंधन आवश्यक समर्थन नहीं जुटा सका. &amp;nbsp;&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Apr 2026 18:30:04 +0530</pubDate>
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        <title>महाराष्ट्र के नासिक में मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ बड़ा एक्शन, बाबा अशोक खरात के ठिकानों पर ED की छापेमारी</title>
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        <description><![CDATA[ ED Raid: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार (17 अप्रैल, 2026) को महाराष्ट्र के नासिक जिले में मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक मामले में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. ईडी की टीम ने नासिक के कनाडा कॉर्नर इलाके में स्थित कथित धर्मगुरु बाबा अशोक खरात के व्यावसायिक परिसर ओक्स प्रॉपर्टी ऑफिस पर छापेमारी की है. यह छापेमारी अभी भी जारी है. &amp;nbsp;
ईडी से पहले SIT ने भी की थी मामले में कार्रवाई
ओक्स प्रापर्टी के इस ऑफिस परिसर में इससे पहले पिछले महीने 26 मार्च, 2026 को स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की ओर से सर्च ऑपरेशन चलाया गया था. ऑपरेशन के दौरान एसआईटी ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए थे. इसके बाद एसआईटी की ओर से इस ऑफिस परिसर को सील कर दिया गया था.
यह भी पढ़ेंः महिला आरक्षण पर बोले राहुल गांधी- इस बिल को यही हराएंगे, बीजेपी को पता है नहीं होगा पास
ईडी की छापेमारी में 42 लाख नकद जब्त, करोड़ों की संपत्ति फ्रीज
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इससे पहले इस मामले में अपनी कार्रवाई करते हुए 42 लाख रुपये नकद जब्त किए थे, जबकि करीब 2.4 करोड़ रुपये की संपत्तियों को फ्रीज किया गया था. वहीं, ताजा कार्रवाई नासिक SIT के साथ समन्वय में की जा रही है, जिससे एजेंसी को सील किए गए परिसर में दोबारा जांच करने में मदद मिली.

SIT की कार्रवाई कौन से दस्तावेज हुए थे बरामद
SIT की कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने कथित रूप से प्रॉपर्टी डीलिंग, जमीन के लेन-देन और वित्तीय रिकॉर्ड से जुड़े दस्तावेजों से भरे दो बोरे जब्त किए थे. इनमें संदिग्ध बेनामी संपत्तियों और 52 से अधिक जमीनों की एंट्री (7/12 उतारे) से जुड़ी जानकारी शामिल है. इसके सभी चीजों के साथ साथ मौके पर से कई चेक बुक, रसीदें और वित्तीय रजिस्टर भी बरामद किए गए.
इसके अलावा, जांच एजेंसियों ने ओक्स प्रॉपर्टी ऑफिस में लगे कंप्यूटरों, हार्ड डिस्क औक कई पेन ड्राइव भी जब्त की है. जिनकी पूरी गहराई से जांच की जा रही है. इससे मामले में ईडी और एसआईटी की टीम एक-दूसरे के साथ पूरे समन्वय के साथ जांच कर रही है. इसमें संभावना जताई जा रही है कि इस मामले में और भी कई बड़े खुलासे हो सकते हैं.
यह भी पढ़ेंः चंबल में अवैध खनन रोकने पर सुप्रीम कोर्ट ने दिए सख्त निर्देश, कहा- अब भी नहीं रुका तो तैनात करेंगे अर्धसैनिक बल ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Apr 2026 06:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>&amp;apos;बांग्लादेशी भारत आता रहेगा, हम लोग कुछ नहीं कर पाते क्योंकि...&amp;apos;, घुसपैठ को लेकर हिमंत बिस्वा सरमा का बड़ा बयान</title>
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        <description><![CDATA[ विधानसभा चुनाव से पहले असम और पश्चिम बंगाल में घुसपैठ का मुद्दा गरमाया हुआ है. असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने चुनाव प्रचार के दौरान बताया कि कैसे इस मुद्दे का हल निकाला जा सकता है. ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जब असम में घुसपैठियों पर एक्शन लेते हैं तो वे पश्चिम बंगाल भाग जाते हैं, जहां टीएमसी की सरकार उन्हें शरण देती है.
&#039;बंगाल, असम, त्रिपुरा को मिलकर करना होगा काम&#039;
हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, &#039;इस जनगणना के बाद बंगाल की जनसांख्यिकी और बदल जाएगी. बंगाल में मुस्लिम आबादी 32 फीसदी और असम में 36 फीसदी हो जाएगी. जब तक त्रिपुरा, असम और पश्चिम बंगाल मिलकर काम नहीं करेंगे, बांग्लादेशी भारत आते रहेंगे. घुसपैठ तभी रुक सकती है जब तीनों राज्य और मेघालय मिलकर काम करें. हर जनगणना में मुस्लिम आबादी 4-5 फीसदी बढ़ी है. असम में भी ऐसा हो रहा है. मैं बंगाल के लोगों से अपील करता हूं कि देश को बचाना आपके हाथ में है. अगर बंगाल, असम, त्रिपुरा और मेघालय मिलकर काम नहीं करेंगे, तो देश बिखर जाएगा, बांग्लादेशी मुसलमान का अड्डा बन जाएगा.&#039;

&#039;मिलकर काम करेंगे तभी घुसपैठ बंद होगा&#039;
उन्होंने कहा, &#039;त्रिपुरा, असम, पश्चिम बंगाल और मेघालय मिलकर काम करेंगे तभी घुसपैठ बंद होगा. हम लोग कुछ नहीं कर पाते हैं क्योंकि असम में जितना भी एक्शन लेता हूं तो वो लोग मुर्शिदाबाद, मालदा चले जाते हैं. इसलिए अगर देश को बचाना है तो हमें इस बार बंगाल जीतना होगा. ये लोग (घुसपैठिए) जब आते हैं तो तुरंत राशन कार्ड ले लेते हैं. आधार कार्ड बनावा लेते हैं और वोटर आईडी भी बनवा लेते हैं नहीं तो एसआईआर में 1 करोड़ नाम कैसे कट सकता है.&#039;
सीएम हिमंत विश्व शर्मा ने गुरुवार (16 अप्रैल 2026) को दावा किया कि जहां उनके राज्य और त्रिपुरा में बीजेपी सरकारें बांग्लादेश से घुसपैठ की अनुमति नहीं देती हैं, वहीं तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी बंगाल में उनका स्वागत करती हैं.
ये भी पढ़ें : बंगाल में मतदान से पहले यहां आ रहे नतीजे ने चौंकाया, 28 में से 22 सीटों पर BJP, कांग्रेस नहीं बल्कि ये पार्टी आगे ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Apr 2026 06:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>बांग्लादेशी, भारत, आता, रहेगा, हम, लोग, कुछ, नहीं, कर, पाते, क्योंकि..., घुसपैठ, को, लेकर, हिमंत, बिस्वा, सरमा, का, बड़ा, बयान</media:keywords>
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        <title>30 लाख नगद, 175 ट्रक में लदा हजारों मीट्रिक टन गेहूं जब्त...कोलकाता PDS घोटाले में ईडी का एक्शन</title>
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        <description><![CDATA[ कोलकाता ईडी ने 10 अप्रैल को को कोलकाता, बोंगांव, रानीगंज, मुर्शिदाबाद और हाबरा में स्थित 17 परिसरों पर पीएमएलए के तहत सर्च ऑपरेशन चलाया. ये परिसर निरंजन चंद्र साहा और अन्य से पीडीएस घोटाले के मामले में जुड़े हुए थे. तलाशी के दौरान 30.9 लाख रुपये नकद, आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए गए.
ईडी ने इस मामले में जांच मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल पुलिस की एफआईआर संख्या 1150/2020 दिनांक 23.10.2020 के आधार पर शुरू की. यह सीमा शुल्क उपायुक्त, घोजाडांगा एलसीएस की शिकायत पर बसीरहाट पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी.
पीडीएस गेंहूं के गबन के आरोपों के तहत जांच
एफआईआर में कल्याणकारी योजनाओं के लिए निर्धारित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के गेहूं के बड़े पैमाने पर गबन का आरोप लगाया गया था. एफआईआर में आईपीसी की धारा 379/411/120बी और आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 7(i)(a)(ii) के तहत दंडनीय अपराधों का खुलासा हुआ.
आरोप था कि सार्वजनिक वितरण विभाग (पीडीएस) के गेहूं की अवैध खरीद की गई. सरकारी/एफसीआई चिह्नों वाले बोरे उलट-पलट कर धोखाधड़ी से उसकी पैकिंग की गई. घोजाडांगा एलसीएस के माध्यम से बांग्लादेश को निर्यात किया गया, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ और आरोपियों को अनुचित लाभ प्राप्त हुआ.

इन लोगों की पुलिस ने की गिरफ्तारी
पुलिस की जांच के दौरान निरंजन चंद्र साहा, सहाबुद्दीन एसके और साहिदुर रहमान को गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने भारतीय दंड संहिता, 1860 की धारा 379/411/413/414/120B और आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 7(i)(a)(ii) के तहत दंडनीय अपराधों के लिए आरोपी व्यक्तियों और संस्थाओं के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है.
यह भी पढ़ें:&amp;nbsp;ईडी के छापों के बाद आप के मंत्री संजीव अरोड़ा का पहला बयान, कहा- मुझे विश्वास है कि...
जांच में निर्यातकों, थोक विक्रेताओं, आपूर्तिकर्ताओं, परिवहनकर्ताओं, कमीशन एजेंटों और अन्य मध्यस्थों की संलिप्तता वाली एक गहरी और सुनियोजित आपराधिक साजिश का खुलासा हुआ है. यह कई जिलों में सक्रिय थी और जिसके अंतरराज्यीय प्रभाव थे.
175 ट्रकों में लदे गेहूं को किया जब्त
लगभग 175 ट्रकों में लदे लगभग 5101.25 मीट्रिक टन सार्वजनिक वितरण विभाग (पीडीएस) गेहूं को विभिन्न पार्किंग स्थलों से जब्त किया गया. बड़ी संख्या में चालान, बिल, ट्रक दस्तावेज और अन्य रिकॉर्ड जब्त किए गए. इन दस्तावेजों के सत्यापन से यह सिद्ध हुआ कि इनमें से अधिकांश दस्तावेज धोखाधड़ी से तैयार किए गए थे. इनमें सही वाहन संख्या, थोक विक्रेताओं के लाइसेंस विवरण, जीएसटी संख्या और प्रामाणिक लेनदेन रिकॉर्ड जैसी आवश्यक जानकारियों का अभाव था. इससे स्पष्ट रूप से यह संकेत मिलता है कि इन्हें जानबूझकर वैध व्यापार का झूठा आभास देने के लिए बनाया गया था.
यह भी पढ़ें:&amp;nbsp;संजीव अरोड़ा के घर ईडी की रेड पर भड़के सीएम भगवंत मान, कहा- हम डरने वाले नहीं हैं
ईडी ने की तलाशी तो हुए चौंकाने वाले खुलासे
ईडी की तलाशी के दौरान यह पता चला कि आरोपियों ने जनवितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों के लिए निर्धारित गेहूं को अवैध रूप से हस्तांतरित करने के लिए एक सुनियोजित कार्यप्रणाली अपनाई थी.
आपूर्तिकर्ताओं, लाइसेंस प्राप्त वितरकों, डीलरों और बिचौलियों की मिलीभगत से अनधिकृत चैनलों के माध्यम से गेहूं कम कीमतों पर खरीदा गया था.
आपूर्ति श्रृंखला से बड़ी मात्रा में गेहूं को अवैध रूप से हस्तांतरित किया गया. कई स्थानों पर एकत्रित किया गया. इसकी उत्पत्ति को छिपाने के लिए, आरोपियों ने भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) और राज्य सरकार के चिह्नों वाले मूल बोरे हटा दिए या उलट दिए. उन्हें फिर से भर दिया, जिससे पहचान संबंधी चिह्नों को छिपाया जा सके.
पीडीएस गेहूं को वैध स्टॉक के रूप में खुले बाजार में बिक्री या निर्यात के लिए पेश किया जा सके, जिसके परिणामस्वरूप आरोपियों ने अनुचित लाभ कमाया और अपराध की आय अर्जित की. तलाशी के परिणामस्वरूप 30.9 लाख रुपये नकद और धन शोधन के अपराध से संबंधित विभिन्न आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए गए. ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Apr 2026 06:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>लाख, नगद, 175, ट्रक, में, लदा, हजारों, मीट्रिक, टन, गेहूं, जब्त...कोलकाता, PDS, घोटाले, में, ईडी, का, एक्शन</media:keywords>
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        <title>जेलों में बंद कैदियों के लिए एक नई शैक्षिक पहल, &amp;apos;तिनका जेल पाठशाला&amp;apos; की हुई शुरुआत</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/जेलों-में-बंद-कैदियों-के-लिए-एक-नई-शैक्षिक-पहल-तिनका-जेल-पाठशाला-की-हुई-शुरुआत</link>
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        <description><![CDATA[ Tinka Jail Pathshala: तिनका तिनका फाउंडेशन ने जेलों में बंद कैदियों के लिए एक नई और अनोखी शैक्षिक पहल &amp;lsquo;तिनका जेल पाठशाला&amp;rsquo; शुरू की है, जिसका उद्देश्य कैदियों के खाली समय को शिक्षा, ज्ञान और सकारात्मक गतिविधियों से भरना है. इस पहल के तहत कैदियों को हिंदी और अंग्रेजी में रिकॉर्ड की गई मास्टर क्लास उपलब्ध कराई जाएगी, जो जेल-अनुमोदित प्रणालियों के जरिए पहुंचाई जाएंगी. इस कार्यक्रम का उद्घाटन K. G. Suresh ने किया, जो India Habitat Centre के निदेशक हैं.
इस पहल की प्रमुख डॉक्टर वर्तिका नंदा के अनुसार, पाठशाला का मकसद कैदियों को ऐसी उपयोगी और व्यावहारिक शिक्षा देना है, जिसे वे अपने दैनिक जीवन, परीक्षा की तैयारी और आत्म-विकास में इस्तेमाल कर सकें.
क्यों जरूरी है &amp;lsquo;तिनका जेल पाठशाला&amp;rsquo;?
जेल रेडियो चलाने के अनुभव के दौरान यह पाया गया कि कैदियों के पास उपलब्ध शैक्षिक सामग्री सीमित और अक्सर उनकी जरूरतों से अलग होती है. कई कैदी पढ़ाई करना चाहते हैं, लेकिन उन्हें व्यवस्थित और आधुनिक शिक्षण सामग्री नहीं मिल पाती. इसी कमी को दूर करने के लिए इस पाठशाला को नए रूप में शुरू किया गया है.
क्या-क्या सिखाया जाएगा?
इस कार्यक्रम की सामग्री सिर्फ औपचारिक पढ़ाई तक सीमित नहीं होगी, बल्कि इसमें शामिल होंगे:
सामान्य ज्ञान और शिक्षामानसिक स्वास्थ्य और समय प्रबंधननशामुक्ति और आत्म-सहायताव्यक्तित्व विकास और जीवन कौशलसंगीत, प्रेरणादायक कहानियां और नए कौशल
यह पूरा मॉडल &amp;ldquo;सूचित करें, शिक्षित करें और मनोरंजन करें&amp;rdquo; के सिद्धांत पर आधारित है.
कैसे काम करेगी यह पहल?
छोटे और आसान सत्रों में पाठ तैयार होंगेजेल अधिकारियों और जेल रेडियो के जरिए प्रसारण होगायूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म पर भी सामग्री उपलब्ध कराई जाएगीजेलों से मिलने वाले सुझावों के आधार पर विषयों का विस्तार किया जाएगा
इस पहल का प्रोडक्शन सेंटर District Jail Dehradun को बनाया गया है, जहां से शुरुआती एपिसोड तैयार होंगे.
पृष्ठभूमि
तिनका तिनका फाउंडेशन पहले से ही जेल रेडियो और पॉडकास्ट जैसे प्रोजेक्ट्स चला रहा है. 2019 में District Jail Agra से जेल रेडियो की शुरुआत हुई थी, जो आगे चलकर एक बड़े जनसेवा मॉडल में विकसित हुआ. &amp;lsquo;तिनका जेल पाठशाला&amp;rsquo; सिर्फ एक शैक्षिक प्रोग्राम नहीं है, बल्कि यह कैदियों को समाज की मुख्यधारा में वापस लाने, आत्मविश्वास बढ़ाने और जीवन को नई दिशा देने की एक गंभीर कोशिश है.
ये भी पढ़ें: तिनका तिनका मध्य प्रदेश- जेलों में रौशनी लाने की अलख ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Apr 2026 06:30:06 +0530</pubDate>
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        <title>‘तेलंगाना से खरीदें 30 लाख MT उबले चावल और 1,468.94 करोड़ का बकाया करें जारी’, CM रेवंत रेड्डी की केंद्र से मांग</title>
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        <description><![CDATA[ तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी और नागरिक आपूर्ति मंत्री एन. उत्तम कुमार रेड्डी ने केंद्रीय खाद्य और जन वितरण मंत्री प्रल्हाद जोशी से मुलाकात कर राज्य के किसानों और आपूर्ति विभाग के लिए कुछ अहम मांगें उठाई हैं. उन्होंने केंद्र से यासंगी (रबी) सीजन के दौरान तेलंगाना से 30 लाख मीट्रिक टन उबले चावल (बॉयल्ड राइस) की खरीद करने का आग्रह किया.
नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री के आवास पर शुक्रवार (17 अप्रैल, 2026) को हुई इस उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा कि वर्तमान यासंगी सीजन में राज्य में लगभग 90 लाख मीट्रिक टन धान का उत्पादन होने की उम्मीद है, जो उबले चावल बनाने के लिए बेहद उपयुक्त है. उन्होंने कहा कि तेलंगाना सरकार 5 फीसदी टूटे चावल के साथ 30 लाख मीट्रिक टन उबले चावल और 10 फीसदी टूटे चावल के साथ 5 लाख मीट्रिक टन कच्चे चावल की आपूर्ति के लिए पूरी तरह तैयार है.
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उबले चावल के प्रस्ताव पर केंद्रीय मंत्री ने दी मंजूरी
मुख्यमंत्री ने पिछले 6 यासंगी सीजन के दौरान कस्टम मिलिंग राइस (CMR) और उबले चावल की आपूर्ति से जुड़े आंकड़े भी साझा किए. उन्होंने याद दिलाया कि देशभर में बढ़ती मांग को देखते हुए खाद्य मंत्रालय के अधिकारियों ने खुद उबले चावल की आपूर्ति बढ़ाने की सिफारिश की थी. केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने इस सकारात्मक प्रस्ताव पर तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए इसे सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान कर दी.
राज्य के नागरिक आपूर्ति विभाग पर बढ़ रहा वित्तीय बोझः रेड्डी

इसके अलावा, वित्तीय संकट को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री ने 2014-15 के खरीफ सीजन के अतिरिक्त लेवी से जुड़े 1,468.94 करोड़ रुपये के बकाये को तुरंत जारी करने की गुहार लगाई. उन्होंने कहा कि तेलंगाना धान उत्पादन करने वाला देश का सबसे बड़ा राज्य है और यहां किसानों को खरीद के मात्र 48 घंटे के भीतर भुगतान किया जाता है. ऐसे में राज्य के नागरिक आपूर्ति विभाग पर बढ़ते वित्तीय बोझ को कम करने के लिए इस राशि का शीघ्र जारी होना अत्यंत आवश्यक है.
एनीमिया और कुपोषण से बचाव के लिए वितरित किया जाता था ये चावल
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने &#039;फोर्टिफाइड राइस कर्नेल्स&#039; (FRK) के वितरण को तुरंत बहाल करने की भी मांग उठाई. यह चावल स्कूलों, हॉस्टलों और आईसीडीएस (ICDS) केंद्रों में बच्चों में खून की कमी (एनीमिया) और कुपोषण से बचाव के लिए वितरित किया जाता था, जिसे हाल के दिनों में अचानक बंद कर दिया गया था. इस महत्वपूर्ण मुलाकात में दिल्ली में तेलंगाना सरकार के विशेष प्रतिनिधि ए. पी. जितेंदर रेड्डी, सचिव (समन्वय) अद्वित सिंह सहित खाद्य और जन वितरण मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे.
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        <pubDate>Sat, 18 Apr 2026 06:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>अशोक मित्तल के बाद एक और AAP नेता को झटका, कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के घर सुबह&amp;सुबह पहुंच गई ED</title>
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        <description><![CDATA[ पंजाब के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के घर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रेड की है, आज (17 अप्रैल) सुबह लुधियाना में उनके घर में ईडी की टीम पहुंची और बाहर केंद्रीय पुलिस बल को तैनात किया गया है. मंत्री संजीव अरोड़ा के आवास और अन्य ठिकानों पर भी दबिश दी.
सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक पुराने मामले और जमीन सौदों में कथित अनियमितताओं को लेकर की जा रही है. गुरुग्राम, चंडीगढ़, लुधियाना और जालंधर में FEMA के तहत 13 परिसरों में तलाशी ली गई. इसमें संजीव अरोरा, हेमंत सूद और चंद्रशेखर अग्रवाल के आवास और कार्यालय शामिल थे.

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार (17 अप्रैल) को पंजाब के उद्योग मंत्री संजीव अरोरा और कुछ अन्य लोगों से जुड़े ठिकानों की जांच के तहत तलाशी ली. एजेंसी के अधिकारी लुधियाना और कुछ अन्य जगहों की छानबीन कर रहे हैं. आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता अरोरा के घर पर 2024 में भी ईडी ने छापा मारा था. तब ईडी ने एक बयान में कहा था कि अरोरा और कुछ अन्य संस्थाओं से जुड़ी कंपनियों ने आवासीय परियोजनाओं के लिए इंडस्ट्रियल जमीन के कथित दुरुपयोग से राज्य सरकार को नुकसान पहुंचाया और काली कमाई की.
ईडी की जांच में चौंकाने वाला खुलासा
ED की जांच में सामने आया है कि संजीव अरोड़ा की कंपनी Hampton Sky Realty Ltd (पहले Ritesh Properties) के जरिए बड़े स्तर पर रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में निवेश किया गया, लेकिन इसके साथ कई गंभीर अनियमितताओं के आरोप भी जुड़े हैं. एजेंसी को शक है कि जमीन के उपयोग में अवैध बदलाव किए गए, फर्जी बुकिंग दिखाकर शेयर की कीमतें बढ़ाई गईं और स्टॉक मार्केट में इनसाइड ट्रेडिंग के जरिए मुनाफा कमाया गया. कंपनी के मौजूदा MD उनके बेटे काव्या अरोड़ा भी जांच के दायरे में हैं.
इस पूरे मामले में लुधियाना के कारोबारी हेमनाथ सूद की भूमिका भी अहम बताई जा रही है. उनकी कंपनी फिनडोक फिनवेस्ट (Findoc Finvest) पर आरोप है कि उसने UAE से काले पैसे को भारत लाने और उसे निवेश के जरिए सफेद करने में मदद की. ED के मुताबिक, ये पैसा FPI रूट के जरिए घुमाया गया और शेयर बाजार में इस्तेमाल किया गया. वहीं, जालंधर के कारोबारी चन्द्रशेखर अग्रवाल पर आरोप है कि उन्होंने क्रिकेट सट्टेबाजी से शुरुआत कर &amp;lsquo;Khiladi Book&amp;rsquo; नाम का बेटिंग नेटवर्क खड़ा किया और हजारों लोगों से ठगी कर भारी रकम जुटाई. ये पैसा पहले UAE भेजा गया और फिर भारत में रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में निवेश कर दिया गया. जांच एजेंसियों का मानना है कि इस पूरे नेटवर्क में हवाला और सट्टेबाजी का बड़ा कनेक्शन है.
ED को ये भी शक है कि संजीव अरोड़ा ने अपने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर पंजाब में अवैध सट्टेबाजी ऑपरेटरों को संरक्षण दिया और बदले में उनके मुनाफे का हिस्सा लिया. साथ ही, उनकी कंपनियों के जरिए इस काले धन को वैध निवेश में बदलने का काम किया गया. जांच में फर्जी एक्सपोर्ट बिल, शेल कंपनियों और गैर-मौजूद GST फर्मों के जरिए फर्जी लेन-देन का भी खुलासा हुआ है. फिलहाल ये पूरी कार्रवाई FEMA के तहत की गई है.
अशोक मित्तल के घर भी ईडी की रेड
बुधवार को ED ने आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल के जालंधर स्थित घर और उनकी निजी यूनिवर्सिटी में रेड की थी. उनके घर पर ED की रेड आज सुबह ही खत्म हुई मगर उनकी निजी यूनिवर्सिटी में अभी भी ED की सर्च चल रही है.
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पंजाब सीएम करेंगे प्रेस कॉन्फ्रेंस
पंजाब में आम आदमी पार्टी के नेताओं पर ईडी की लगातार की गई छापेमारी को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान सुबह 10.30 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करेंगे. इससे पहले भगवंत मान ने राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल के घर और उनसे जुड़े परिसरों पर ईडी की रेड को लेकर सवाल उठाए थे और सरकार पर निशाना साधा था.
कौन हैं संजीव अरोड़ा?
संजीव अरोड़ा की गिनती बड़े बिजनेसमैन में की जाती है. वह रितेश इंडस्ट्रीज लिमिटेड नाम से एक्सपोर्ट कंपनी चलाते हैं. उन्होंने अमेरिका के वर्जीनिया में अपना एक्सपोर्ट ऑफिस खोलकर अपना काम शुरू किया था. साल 2022 में उन्होंने राजनीति में कदम रखा था. आम आदमी पार्टी ने उनको राज्यसभा के लिए नामित किया. फरवरी 2025 में वह लुधियाना वेस्ट सीट से चुनाव जीते. अरोड़ा को अरविंद केजरीवाल और पंजाब सीएम भगवंत मान का करीबी माना जाता है.
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        <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 14:30:25 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>अशोक, मित्तल, के, बाद, एक, और, AAP, नेता, को, झटका, कैबिनेट, मंत्री, संजीव, अरोड़ा, के, घर, सुबह-सुबह, पहुंच, गई</media:keywords>
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        <title>&amp;apos;अश्लील भाषा, साड़ी&amp;बिंदी का मजाक...एक हिंदू ने अपनाया इस्लाम&amp;apos;, TCS की पूर्व कर्मचारी के चौंकाने वाले खुलासे</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/अश्लील-भाषा-साड़ी-बिंदी-का-मजाकएक-हिंदू-ने-अपनाया-इस्लाम-tcs-की-पूर्व-कर्मचारी-के-चौंकाने-वाले-खुलासे</link>
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        <description><![CDATA[ टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) की एक पूर्व कर्मचारी ने एनडीटीवी को बताया कि कंपनी के नासिक कार्यालय में टीम लीडर अपने डेस्क का इस्तेमाल काम के लिए नहीं, बल्कि महिला सहकर्मियों के शोषण के लिए करते थे. कर्मचारी ने बताया कि डेस्क पर महिलाओं को बुलाते समय अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता था. सभी आरोपियों का बात करने का तरीका बहुत अभद्र था.
पूर्व कर्मचारी ने कहा, &quot;लड़कियों को टीम लीडर की डेस्क पर बुलाया जाता था और उनके साथ ऐसी अश्लील भाषा का प्रयोग किया जाता था, जिसकी किसी भी पेशेवर ऑफिस में कल्पना नहीं की जा सकती.&quot;
&#039;साड़ी-बिंदी पहनने पर मजाक उड़ाता था तौसीफ अत्तार&#039;मुख्य आरोपी तौसीफ अत्तार पर हिंदू रीति-रिवाजों को निशाना बनाने का आरोप है. गवाह ने बताया कि वह त्योहारों के दौरान महिला कर्मचारियों का मजाक उड़ाता था, जब वे साड़ी या बिंदी पहनती थीं. कर्मचारी ने बताया, &quot;त्योहार पर जब हम साड़ी पहनते थे तो वह हमारे पहनावे और धर्म पर सवाल उठाता था. जब हम जाने लगते थे तो वह घिनौनी टिप्पणियां करता था.&quot;
एक हिंदू कर्मचारी ने अपनाया इस्लाम- पूर्व कर्मचारीपूर्व कर्मचारी ने दावा किया कि कृष्णा नाम का एक सहकर्मी कार्यालय में रुद्राक्ष की माला पहनता था और बाद में उसने इस्लाम धर्म अपना लिया. एक और खुलासा निदा खान से संबंधित है, जिसकी जांच चल रही है. पूर्व कर्मचारी ने बताया कि निदा खान HR नहीं बल्कि एक प्रोसेस एसोसिएट थी, जो रहस्यमय तरीके से कर्मचारियों के तबादलों के लिए काम करती थी. कर्मचारी ने दावा किया कि सुरक्षा के नाम पर कर्मचारियों के फोन, बैग के अलावा लंच बॉक्स भी कार्यालय परिसर के बाहर छोड़ने के लिए कहा जाता था ताकि गतिविधियां रिकॉर्ड न हों.

&#039;लड़कियों पर होटल में जाने के लिए डालते थे दबाव&#039;पूर्व कर्मचारी ने दानिश और रज़ा नाम के दो अन्य कर्मचारियों का नाम लिया, जिन पर आरोप है कि वे ऑफिस से ही होटल और रिसॉर्ट बुक करते थे और युवा महिला कर्मचारियों पर उनके साथ आने का दबाव डालते थे. गवाह ने कहा कि कंपनी छोड़ने के बाद अब वह सुरक्षित महसूस करती हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी कॉर्पोरेट संस्था होने के बावजूद वरिष्ठ प्रबंधन को इसकी जानकारी क्यों नहीं थी.
सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को एक याचिका दायर की गई, जिसमें केंद्र और राज्य सरकारों को धोखे से किए जा रहे धर्मांतरण पर रोक लगाने के निर्देश देने की मांग की गई. याचिका में कहा गया है कि नासिक में संगठित धर्मांतरण ने पूरे देश के नागरिकों की अंतरात्मा को झकझोर दिया है. इसमें तर्क दिया गया है कि धोखे से किया जा रहा धर्मांतरण संप्रभुता, धर्मनिरपेक्षता, लोकतंत्र, स्वतंत्रता, बंधुत्व, गरिमा, एकता और राष्ट्रीय एकता के लिए खतरा है.
निदा खान समेत 7 गिरफ्तार, 1 महिला अब भी फरारनासिक पुलिस टीसीएस से जुड़े मानसिक और यौन उत्पीड़न की 9 शिकायतों की जांच कर रही है. ये शिकायतें 8 महिला कर्मचारियों द्वारा दर्ज कराई गई हैं और फरवरी 2022 से मार्च 2026 तक की अवधि से संबंधित हैं. इस मामले में 7 कर्मचारियों दानिश शेख, तौसीफ अत्तार, रजा मेमन, शाहरुख कुरैशी, शफी शेख, आसिफ आफताब अंसारी और निदा खान को गिरफ्तार किया गया है. एक अन्य महिला कर्मचारी फिलहाल लापता है.
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        <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 14:30:23 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Women Reservation Act 2023: महिला आरक्षण अधिनियम देश में लागू, सरकार ने जारी किया नोटिफिकेशन, जानें कब मिलेगा रिजर्वेशन?</title>
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        <description><![CDATA[ केंद्रीय विधि मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार महिला आरक्षण अधिनियम 2023 गुरुवार (16 अप्रैल) से लागू हो गया है, जिसका नोटिफिकेशन सरकार ने जारी कर दिया है. हालांकि यह अभी तक स्पष्ट नहीं है कि संसद में इसी कानून में संशोधन करके इसे 2029 में लागू करने पर चल रही बहस के बीच इसे 16 अप्रैल से क्यों अधिसूचित किया गया है. इस कानून के &amp;nbsp;तहत विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत कोटा निर्धारित किया गया है.&amp;nbsp;
&#039;मौजूदा सदन में आरक्षण लागू नहीं किया जा सकता&#039;पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक एक अधिकारी ने कानून को लागू करने में तकनीकी खामियों का हवाला दिया, लेकिन इसके बारे में विस्तार से नहीं बताया. अधिकारी ने कहा कि हालांकि अधिनियम लागू हो चुका है, लेकिन मौजूदा सदन में आरक्षण लागू नहीं किया जा सकता. अधिकारी ने बताया कि अगली जनगणना के आधार पर परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद महिलाओं के लिए आरक्षण लागू किया जा सकता है.
अधिसूचना में क्या कहा गयाअधिसूचना में लिखा, &quot;संविधान (106वां संशोधन) अधिनियम 2023 की धारा 1 की उपधारा (2) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए केंद्र सरकार 16 अप्रैल, 2026 को उक्त अधिनियम के प्रावधानों के लागू होने की तिथि नियुक्त करती है.&quot; सितंबर 2023 में संसद ने &#039;नारी शक्ति वंदन अधिनियम&#039; पारित किया, जिसे आम तौर पर महिला आरक्षण अधिनियम के रूप में जाना जाता है. यह विधायी निकायों में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था.

कब से लागू होगा आरक्षणइस अधिनियम में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक तिहाई सीटें आरक्षित करने का प्रावधान किया गया है. 2023 के इस कानून के तहत आरक्षण 2034 से पहले लागू नहीं होगा, क्योंकि यह 2027 की जनगणना के बाद परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने से जुड़ा हुआ है. लोकसभा में वर्तमान में जिन तीन विधेयकों पर बहस चल रही है, उन्हें सरकार द्वारा इसलिए लाया गया है ताकि 2029 में महिला कोटा लागू किया जा सके.
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        <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 14:30:20 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>हरिवंश नारायण बने राज्यसभा के उपसभापति! पीएम मोदी ने की जमकर तारीफ, सुनाई उनके जीवन की पूरी कहानी</title>
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        <description><![CDATA[ हरिवंश नारायण को एक बार फिर राज्यसभा का उपसभापति चुना गया है. इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बधाई दी और उनकी जमकर तारीफ की. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि लगातार तीसरी बार इस पद पर चुना जाना यह दिखाता है कि पूरे सदन को हरिवंश जी पर कितना भरोसा है. उन्होंने कहा कि हरिवंश नारायण ने अपने पिछले कार्यकाल में सबको साथ लेकर चलने की कोशिश की है और उनके अनुभव का फायदा पूरे सदन को मिला है.
पीएम मोदी ने उनके जीवन के बारे में भी बात की. उन्होंने बताया कि हरिवंश नारायण का पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर जी से गहरा जुड़ाव रहा है. उन्होंने चंद्रशेखर जी के जीवन पर किताबें भी लिखी हैं और उनके विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाया है. उन्होंने यह भी याद दिलाया कि 17 अप्रैल को ही चंद्रशेखर जी की जयंती होती है. प्रधानमंत्री ने कहा कि हरिवंश नारायण का लंबा अनुभव पत्रकारिता में रहा है. उन्होंने हमेशा ऊंचे मानकों के साथ काम किया है. उनकी लेखनी तेज रही है, लेकिन बोलने का तरीका हमेशा शांत और सधा हुआ रहा है

हरिवंश नारायण के अनुभव का जिक्र
पीएम मोदी ने यह भी बताया कि हरिवंश नारायण का जन्म जेपी के गांव में हुआ था और उनकी पृष्ठभूमि ग्रामीण रही है. इसी वजह से उन्होंने अपने गांव और समाज के लिए भी काम किया है. उनकी पढ़ाई काशी में हुई है. आखिर में प्रधानमंत्री ने कहा कि हरिवंश नारायण का अनुभव राज्यसभा को बेहतर तरीके से चलाने में मदद करता है और उम्मीद है कि उनका नया कार्यकाल भी उसी समर्पण और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ेगा.
हरिवंश ने उच्च सदन की सदस्यता की शपथ कब ली? 
मनोनीत सदस्य हरिवंश को शुक्रवार (17 अप्रैल 2026) को राज्यसभा का उपसभापति निर्विरोध निर्वाचित किया गया. पत्रकारिता से राजनीति में आए हरिवंश का यह उपसभापति के रूप में तीसरा कार्यकाल है. राज्यसभा के उपसभापति का पद हरिवंश का उच्च सदन में कार्यकाल 9अप्रैल को समाप्त होने के बाद रिक्त हो गया था. इसके बाद उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राज्यसभा के लिए मनोनीत किया. हरिवंश ने 10 अप्रैल को उच्च सदन की सदस्यता की शपथ ली. केंद्रीय मंत्री और सदन के नेता जे. पी. नड्डा ने हरिवंश को राज्यसभा का उपसभापति निर्वाचित किए जाने के लिए पहला प्रस्ताव पेश किया, जिसका समर्थन एस फांग्नोन कोन्यक ने किया.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 14:30:16 +0530</pubDate>
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        <title>Telangana Caste: खेती&amp;शादी के लिए सबसे ज्यादा कर्ज! 60% बच्चे इंग्लिश मीडियम में पढ़ते, अगड़ी जाति सिर्फ 13%, सर्वे ने दिखाया आइना?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/telangana-caste-खेती-शादी-के-लिए-सबसे-ज्यादा-कर्ज-60-बच्चे-इंग्लिश-मीडियम-में-पढ़ते-अगड़ी-जाति-सिर्फ-13-सर्वे-ने-दिखाया-आइना</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/telangana-caste-खेती-शादी-के-लिए-सबसे-ज्यादा-कर्ज-60-बच्चे-इंग्लिश-मीडियम-में-पढ़ते-अगड़ी-जाति-सिर्फ-13-सर्वे-ने-दिखाया-आइना</guid>
        <description><![CDATA[ तेलंगाना सरकार ने 15 अप्रैल 2026 को सबसे बड़े सामाजिक-आर्थिक-शैक्षिक-रोजगार-राजनीतिक और जाति (SEEEPC) सर्वेक्षण 2024 के नतीजे जारी किए. यह सर्वे पूरे देश के लिए एक नई मिसाल बन गया है. इसमें राज्य की करीब 97 प्रतिशत आबादी यानी 3.55 करोड़ से ज्यादा लोगों और 1.12 करोड़ परिवारों का घर-घर जाकर डेटा इकट्ठा किया गया. सर्वेक्षण 6 नवंबर 2024 को शुरू किया गया था, जो 50 दिनों में पूरा हुआ और दो महीने तक अतिरिक्त जानकारी जुटाई गई. कुल 242 जाति समूहों पर आय, शिक्षा, रोजगार, पानी और शौचालय जैसे 42 अलग-अलग पैमानों को नापा गया है, लेकिन सरकार इस सर्वे से क्या करेगी? जानते हैं एक्सप्लेनर में...
सवाल 1: तेलंगाना की कुल आबादी में विभिन्न वर्गों और जातियों का सटीक प्रतिशत क्या है?
जवाब: इंटेपेंडेंट एक्सपर्ट वर्किंग ग्रुप (IEWG) ने इस डेटा की परतें खोली हैं. इस ग्रुप की रिपोर्ट में राज्य का औसत पिछड़ापन सूचकांक (CBI) 81 निकला है. सर्वे के मुताबिक, राज्य की कुल आबादी लगभग 3.55 करोड़ है. इसमें:

अनुसूचित जाति (SC): 17.43 प्रतिशत (61,84,319 लोग)
अनुसूचित जनजाति (ST): 10.45 प्रतिशत (37,05,929 लोग)
पिछड़े वर्ग (BC - मुस्लिम अल्पसंख्यक को छोड़कर): 46.25 प्रतिशत (1,64,09,179 लोग)
मुस्लिम अल्पसंख्यक कुल: 12.56 प्रतिशत (जिसमें BC मुस्लिम 10.08 प्रतिशत और OC मुस्लिम 2.48 प्रतिशत शामिल)
अन्य जातियां (OC- गैर-मुस्लिम): 13.31 प्रतिशत

इस तरह BC, SC और ST मिलाकर 74.13 प्रतिशत आबादी है, जबकि OC सिर्फ 13.31 प्रतिशत है. सबसे बड़ी जातियां मदिगा (SC), शेख मुस्लिम (BC-E), मुदिराज (BC) और लंबाड़ी/बंजारा (ST) हैं.
जाति सर्वे के मुताबिक, 11,96,482 लोग (कुल आबादी का 3.4 प्रतिशत) ने &amp;lsquo;नो कास्ट&amp;rsquo; का विकल्प चुना. यह संख्या राज्य की 10वीं सबसे बड़ी कम्युनिटी बन गई है. इनमें से लगभग आधे से ज्यादा लोगों के पास जाति प्रमाण-पत्र उपलब्ध हैं. यह कल्याण योजनाओं, नौकरियों और शिक्षा के लिए इस्तेमाल होते हैं. ये लोग ज्यादातर शहरी इलाकों में रहते हैं, खासकर ग्रेटर हैदराबाद के आसपास. ये ग्रुप राज्य के सबसे कम पिछड़े समूहों में आता है. इनकी शिक्षा का स्तर और आय ज्यादा है.
सरकारी नौकरियों में इनकी हिस्सेदारी 7.7 प्रतिशत, प्राइवेट जॉब्स में 13.3 प्रतिशत, IAS और IPS में 22.9 प्रतिशत, अन्य केंद्रीय सरकारी पदों में 13.2 प्रतिशत और न्यायपालिका में 9.3 प्रतिशत है. यह साफ दिखाता है कि जाति का लेबल छोड़ने का फैसला मुख्य रूप से पढ़े-लिखे, अच्छी आय वाले और शहरी लोगों में ज्यादा आम है.
सवाल 2: राज्य में पिछड़ापन कितना गहरा है?
जवाब: कुल 242 जातियों में से 135 जातियां राज्य के औसत CBI स्कोर (81) से ज्यादा पिछड़ी हैं. ये 135 जातियां राज्य की 67 प्रतिशत आबादी को कवर करती हैं. इनमें 69 BC जातियां, 41 SC समूह और 25 ST जातियां शामिल हैं. SC और ST वर्ग सामान्य वर्ग (OC) से तीन गुना ज्यादा पिछड़े हैं. BC वर्ग OC से 2.7 गुना ज्यादा पिछड़ा है. इन 135 जातियों में शिक्षा, रोजगार, घर, साफ पानी, शौचालय और स्वास्थ्य सुविधाएं बहुत कम उपलब्ध हैं. लोग छोटे-भीड़भाड़ वाले घरों में रहते हैं, जमीन कम है, सूदखोरों से महंगे ब्याज पर कर्ज लेते हैं और कर्ज के जाल में फंस जाते हैं.
IEWG ने वर्ग-वार CBI स्कोर निकाले हैं:

SC वर्ग का स्कोर: 96
ST वर्ग का स्कोर: 95
BC वर्ग का स्कोर: 86
OC (सामान्य वर्ग) का स्कोर: 31

सबसे पिछड़ी SC उप-जाति &amp;lsquo;डक्कल&amp;rsquo; का CBI स्कोर 116 है, जबकि सबसे कम पिछड़ी कपु जाति का स्कोर सिर्फ 12 है. रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि &#039;हर पिछड़ी जाति बराबर पिछड़ी नहीं होती.&#039; यह पहली बार डेटा के साथ साबित हुआ है. 135 जातियां औसत से ज्यादा पिछड़ी हैं, जबकि बाकी 107 जातियां औसत से कम पिछड़ी हैं.
&amp;nbsp;

तेलंगाना में सबसे पिछड़ी SC उप-जाति &amp;lsquo;डक्कल&amp;rsquo; का CBI स्कोर 116 है

सवाल 3: आय की स्थिति में विभिन्न वर्गों के बीच कितना अंतर है?
जवाब: 88.2 प्रतिशत SC परिवारों और 86.2 प्रतिशत ST परिवारों की सालाना आय 1 लाख रुपये से कम है. सामान्य वर्ग (OC) में यह संख्या 56.2 प्रतिशत है. कुल मिलाकर 78 प्रतिशत पिछड़े परिवारों की आय 1 लाख से कम है. वहीं OC परिवारों में 13 प्रतिशत की आय 5 लाख से 50 लाख रुपये के बीच है.
SC-ST में 5 लाख से ज्यादा कमाने वाले सिर्फ 2.1 प्रतिशत हैं. यहां तक कि समान आय (1 लाख से कम) वाले परिवारों में भी SC परिवारों का CBI स्कोर 49 है, जबकि OC परिवारों का सिर्फ 16. यानी आय बराबर होने पर भी जाति की वजह से पिछड़ापन बना रहता है.
सवाल 4: शिक्षा में तेलंगाना ने क्या बदलाव किया है और वर्गों के बीच अंतर क्या है?
जवाब: 2014 में अलग राज्य बनने के बाद सरकार ने अंग्रेजी माध्यम पर भारी निवेश किया. &amp;lsquo;मना वूरु मना बाड़ी&amp;rsquo; योजना के तहत स्कूलों में डिजिटल क्लासरूम, शौचालय, पीने का पानी और शिक्षक प्रशिक्षण दिए गए. नतीजा यह कि 6 से 29 साल के बच्चों में 60.5 प्रतिशत अब अंग्रेजी माध्यम से पढ़ रहे हैं, जबकि तेलुगु माध्यम सिर्फ 35.3 प्रतिशत है. शहरों और अच्छी आय वाले परिवारों में यह बदलाव और तेज है. सामान्य वर्ग के 33 प्रतिशत बच्चे प्राइवेट स्कूलों में जाते हैं, जबकि SC/ST के 10 प्रतिशत से भी कम.
सवाल 5: रोजगार, कर्ज और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति क्या है?
जवाब: कुल आबादी में सिर्फ 43.4 प्रतिशत लोग सक्रिय रोजगार में हैं...

SC में 50 प्रतिशत लोग दिहाड़ी मजदूर हैं, जबकि OC में सिर्फ 10 प्रतिशत हैं.
ST में प्राइवेट सेक्टर की नौकरियां सिर्फ 5 प्रतिशत हैं.
44.4 प्रतिशत परिवारों पर कम से कम एक लोन है.
ज्यादातर कर्ज खेती, शादी, इलाज और शिक्षा के लिए लिया जाता है.
ग्रामीण इलाकों में 56.7 प्रतिशत कर्ज खेती से जुड़े हैं.
6.8 प्रतिशत लोग सूदखोरों से कर्ज लेते हैं.
SC परिवारों में इलाज के लिए कर्ज लेने की दर 16.2 प्रतिशत है.
पूरे राज्य में 10. ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 14:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Telangana, Caste:, खेती-शादी, के, लिए, सबसे, ज्यादा, कर्ज, 60, बच्चे, इंग्लिश, मीडियम, में, पढ़ते, अगड़ी, जाति, सिर्फ, 13, सर्वे, ने, दिखाया, आइना</media:keywords>
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        <title>बंगाल चुनाव से पहले अधिकारियों के तबादलों को चुनौती देने वाली याचिका खारिज, SC ने कहा&amp; ऐसा पहली बार तो नहीं हुआ</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/बंगाल-चुनाव-से-पहले-अधिकारियों-के-तबादलों-को-चुनौती-देने-वाली-याचिका-खारिज-sc-ने-कहा-ऐसा-पहली-बार-तो-नहीं-हुआ</link>
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        <description><![CDATA[ सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (16 अप्रैल, 2026) को पश्चिम बंगाल में 1,000 से ज्यादा प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के तबादलों को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया. चुनाव आयोग की ओर से किए गए अधिकारियों के तबादलों को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी. कलकत्ता हाईकोर्ट की ओर से याचिका खारिज किए जाने के बाद याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था. हालांकि कोर्ट ने इस विवादास्पद कानूनी प्रश्न को भविष्य में विचार के लिए खुला रखा कि क्या निर्वाचन आयोग को चुनाव वाले राज्यों में प्रशासनिक परिवर्तन करने से पहले संबंधित राज्य से बात करने की जरूरत है.
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की बेंच ने कहा कि यह देश का दुर्भाग्य है कि अखिल भारतीय सेवाओं के निर्माण का उद्देश्य विफल हो रहा है. सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की कवायद में कोर्ट को न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति करनी पड़ी क्योंकि राज्य सरकार और चुनाव आयोग के बीच विश्वास की कमी थी.

कोर्ट ने कहा, &#039;चुनाव आयोग को राज्य सरकार के अधिकारियों पर भरोसा नहीं है और राज्य को चुनाव आयोग की ओर से लाए गए अधिकारियों पर भरोसा नहीं है.&#039; पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए दो चरणों में- 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को वोटिंग होनी है. सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता अर्का कुमार नाग की ओर से पेश हुए सीनियर एडवोकेट कल्याण बनर्जी ने कहा कि पहली बार किसी राज्य के मुख्य सचिव का इस तरह से तबादला किया गया है.
यह भी पढ़ें:- न्यायपालिका में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग सुप्रीम कोर्ट ने नहीं सुनी, कहा- प्रतिनिधित्व बढ़ाने के हो रहे हैं प्रयास
उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद पश्चिम बंगाल में लगभग 1,100 अधिकारियों का रातोंरात तबादला कर दिया गया. कोर्ट इस पर कहा कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है या ऐसा सिर्फ इसी राज्य में नहीं हुआ है. कल्याण बनर्जी ने तर्क दिया कि निर्वाचन आयोग को इस तरह के तबादलों को प्रभावी करने से पहले राज्य से परामर्श करने की जरूरत है.
सीजेआई सूर्यकांत ने पूछा, &#039;जिन अधिकारियों का तबादला या पदस्थापन हुआ है, वे सभी पश्चिम बंगाल कैडर के हैं. ऐसा नहीं है कि अन्य राज्यों के अधिकारियों की नियुक्ति की गई है. ये सभी पश्चिम बंगाल राज्य के सेवारत अधिकारी हैं. चाहे वे &amp;lsquo;ए&amp;rsquo; पद पर हों या &amp;lsquo;बी&amp;rsquo; पद पर, इससे क्या फर्क पड़ता है?&#039;
यह भी पढ़ें:- Women&amp;rsquo;s Reservation Bill: &#039;अखिलेश जी मेरे मित्र, कभी-कभी मदद कर देते हैं&#039;, PM मोदी ने सपा प्रमुख का संसद में क्यों किया जिक्र
कल्याण बनर्जी ने कहा कि निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल में मुख्य सचिव, डीजीपी और कई पुलिस अधीक्षकों समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को बदल दिया है. उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ता यह तर्क नहीं दे रहा है कि कोर्ट को अधिकारियों के तबादलों पर रोक लगानी चाहिए, बल्कि उसने इस मामले में कानून का एक बहुत ही महत्वपूर्ण प्रश्न उठाया है. बेंच ने कहा, &#039;हम उचित मामले में इस पर निर्णय लेंगे. हम कानून के प्रश्न को खुला रखेंगे.&#039;
चुनाव वाले राज्य में राज्य सरकार से बात किए बिना अधिकारियों का तबादला करना सही नहीं है, यह तर्क देते हुए कल्याण बनर्जी ने कहा, &#039;लगभग 1,100 अधिकारियों का तबादला रातोंरात कर दिया गया. पहली बार किसी मुख्य सचिव का तबादला हुआ है.. सीजेआई सूर्यकांत ने इस पर कहा कि यह इस देश का दुर्भाग्य है कि अखिल भारतीय सेवाओं के निर्माण का उद्देश्य विफल हो रहा है.
कोर्ट ने यह भी कहा कि राज्य के बाहर से चुनाव पर्यवेक्षकों की नियुक्ति कोई नई बात नहीं है. उन्होंने कहा कि हमें पश्चिम बंगाल के चुनावों को ध्यान में नहीं रखना चाहिए. राज्य के बाहर से पर्यवेक्षक की नियुक्ति हमेशा आदर्श होती है.
&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 16 Apr 2026 22:30:18 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>बंगाल, चुनाव, से, पहले, अधिकारियों, के, तबादलों, को, चुनौती, देने, वाली, याचिका, खारिज, ने, कहा-, ऐसा, पहली, बार, तो, नहीं, हुआ</media:keywords>
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        <title>Delimitation Bill: लोकसभा सीटें बढ़ाने के 5 फायदे और 5 नुकसान! परिसीमन बिल में 543 से बढ़ाकर 840 सांसद कितने जरूरी?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/delimitation-bill-लोकसभा-सीटें-बढ़ाने-के-5-फायदे-और-5-नुकसान-परिसीमन-बिल-में-543-से-बढ़ाकर-840-सांसद-कितने-जरूरी</link>
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        <description><![CDATA[ 16 अप्रैल 2026 को सरकार ने तीन संवैधानिक संशोधन विधेयक पेश किए हैं. इनके जरिए लोकसभा की कुल सीटें 543 से बढ़ाकर 850 (राज्यों के लिए 815 + केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 35) करने का प्रस्ताव है. यह 2011 जनगणना के आधार पर होगा. इसका मकसद है कि बिना किसी मौजूदा सांसद की सीट घटाए 33% महिला आरक्षण 2029 के चुनाव से लागू हो सके. सरकार का कहना है कि हर राज्य को मौजूदा सीटों पर करीब 50% बढ़ोतरी मिलेगी, ताकि कोई राज्य नुकसान में न आए. अब सवाल उठता है कि लोकसभा को बढ़ाने के फायदे होंगे या नुकसान? जानते हैं एक्सप्लेनर में...
सवाल 1: बड़ी लोकसभा के क्या-क्या फायदे हैं?जवाब: बड़ी लोकसभा के 5 फायदे हैं...

एक व्यक्ति, एक वोट का सिद्धांत मजबूत होगा: अभी एक लोकसभा सीट पर औसतन 22.93 लाख लोग हैं. 850 सीटों के बाद यह औसत घटकर करीब 14.5 लाख रह जाएगा. हर सांसद अपने क्षेत्र की कम जनसंख्या को बेहतर तरीके से सेवा दे सकेगा.
महिला आरक्षण बिना किसी की सीट घटाए लागू: 33% सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी, लेकिन पुरुष सांसदों की मौजूदा सीटें बरकरार रहेंगी. इससे राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी बिना पुरुषों के विरोध के.
उत्तर भारत और जनसंख्या वाले राज्यों को न्याय: उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान जैसे राज्यों की बढ़ती जनसंख्या को ज्यादा प्रतिनिधित्व मिलेगा. UP का शेयर 14.73% से बढ़कर 16.24% हो सकता है. इससे लोकतंत्र ज्यादा समावेशी बनेगा.
राज्यों का अनुपात बरकरार: सरकार का प्लान 50% बढ़ोतरी का है, इसलिए दक्षिणी राज्यों को भी अतिरिक्त सीटें मिलेंगी. उदाहरण से समझें तो तमिलनाडु की सीटें 39 से बढ़कर 58-59 या केरल की 20 सीटें बढ़कर 30 हो जाएंगी. कोई राज्य बिल्कुल नहीं घटेगा.
बेहतर प्रशासन और विकास: छोटे क्षेत्रों में सांसद ज्यादा फोकस कर सकेंगे और स्थानीय मुद्दे बेहतर सुलझेंगे.

सवाल 2: तो क्या बड़ी लोकसभा के नुकसान भी हैं?जवाब: फायदों की तरह बड़ी लोकसभा के 5 नुकसान भी हैं...

बहुत ज्यादा खर्च: संसद की एक दिन की बैठक में पहले ही 8-9 करोड़ रुपये खर्च होते हैं. 850 सांसदों के साथ यह खर्च रोजाना करीब 3 करोड़ रुपये और बढ़ सकता है. सालाना अतिरिक्त खर्च 1,171 करोड़ रुपये (सिर्फ संसद के लिए) हो जाएगा. राज्य विधानसभाओं में भी 4,000 नए सदस्य जोड़ने से कुल 5,000-8,000 करोड़ रुपये सालाना अतिरिक्त बोझ पड़ेगा.
उत्तर-दक्षिण का विभाजन बढ़ेगा: अगर शुद्ध जनसंख्या आधार पर हुआ तो तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना जैसे दक्षिणी राज्यों का कुल शेयर 24.3% से घटकर 20.7% रह सकता है. उत्तर भारत में उत्तर प्रदेश और बिहार का शेयर 38.1% से 43.1% हो जाएगा. दक्षिण कह रहा है कि उन्होंने परिवार नियोजन किया, फिर भी सजा मिल रही है.
संसद का कामकाज प्रभावित: 850 सदस्यों वाला सदन पहले से ज्यादा शोर-शराबा वाला और अनियंत्रित हो सकता है. बहस लंबी चलेगी और फैसले लेना मुश्किल होगा.
राजनीतिक हेरफेर का खतरा: परिसीमन आयोग की सीमाएं तय करते वक्त पैकिंग-क्रैकिंग-स्टैकिंग जैसी तकनीकें इस्तेमाल हो सकती हैं, जैसा असम 2023 में हुआ. विपक्ष इसे &#039;gerrymandering&#039; बता रहा है.
संघीय ढांचे पर असर: दक्षिण राज्यों के मुख्यमंत्रियों का कहना है कि यह संघीय सिद्धांत को कमजोर करेगा और उत्तर को ज्यादा ताकत देगा.

सवाल 3: क्या सरकार का 50% बढ़ोतरी वाला फॉर्मूला इन नुकसानों को दूर कर देगा?जवाब: गृह मंत्री अमित शाह और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने आश्वासन देते हुए कहा है कि हर राज्य को मौजूदा अनुपात में 50% बढ़ोतरी मिलेगी. यानी कोई राज्य नुकसान में नहीं आएगा, लेकिन विधेयकों के ड्राफ्ट में यह शब्द साफ नहीं लिखा है, इसलिए विपक्ष चिंतित है. अगर परिसीमन 2011 जनगणना के शुद्ध आंकड़ों पर हुआ तो दक्षिण का प्रतिशत घट सकता है.
सवाल 4: आम आदमी के लिए इसका मतलब क्या है? लोकतंत्र मजबूत होगा या कमजोर?जवाब: एक्सपर्ट्स इस पर दो बातें कहते हैं- फायदे और नुकसान की.

फायदे की बात: ज्यादा सीटें यानी ज्यादा प्रतिनिधित्व और बेहतर लोकतंत्र. महिलाओं की आवाज मजबूत होगी और जनसंख्या के हिसाब से न्याय होगा.
नुकसान की बात: खर्च बढ़ेगा, उत्तर-दक्षिण तनाव बढ़ेगा और संसद का प्रभाव कम हो सकता है. अगर सही तरीके से लागू हुआ तो देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत होगी, लेकिन अगर राजनीतिक चाल बनी तो संघीय भावना कमजोर पड़ेगी.

अगर लोकसभा के विशेष सत्र में बिल पास हो गए तो परिसीमन आयोग बनेगा. नई सीटें और महिला आरक्षण 2029 के लोकसभा चुनाव से लागू होंगे. आरक्षण 15 साल के लिए होगा. ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 16 Apr 2026 22:30:17 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Delimitation, Bill:, लोकसभा, सीटें, बढ़ाने, के, फायदे, और, नुकसान, परिसीमन, बिल, में, 543, से, बढ़ाकर, 840, सांसद, कितने, जरूरी</media:keywords>
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        <title>&amp;apos;दक्षिण के राज्यों को सीटों का होगा फायदा, फैलाया जा रहा भ्रम&amp;apos;, लोकसभा में अमित शाह ने समझाया परिसीमन का पूरा गणित</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/दक्षिण-के-राज्यों-को-सीटों-का-होगा-फायदा-फैलाया-जा-रहा-भ्रम-लोकसभा-में-अमित-शाह-ने-समझाया-परिसीमन-का-पूरा-गणित</link>
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        <description><![CDATA[ Amit Shah on Delimitation Bill 2026: परिसीमन और महिला आरक्षण बिल को लेकर संसद में गुरुवार (16 अप्रैल) को जमकर हंगामा हुआ. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने परिसीमन को लेकर कई बातें स्पष्ट कर दीं. उन्होंने विपक्ष को जवाब देते हुए कहा कि परिसीमन के मामले पर भ्रम फैलाया जा रहा है. गृहमंत्री ने कहा कि दक्षिण भारत के राज्यों की सीटें बढ़ने वाली हैं. लोकसभा में मौजूदा सीटों की संख्या 543 हैं, जिसे बढ़ाकर कुल 850 करने की योजना है.&amp;nbsp;
अमित शाह ने लोकसभा में परिसीमन पर कहा कि दक्षिण के राज्यों को किसी तरह का नुकसान नहीं होगा, बल्कि उनकी सीटें बढ़ेंगी. अमित शाह ने कहा, &amp;nbsp;भ्रम फैलाया जा रही है कि तीनों विधेयक आने से दक्षिण की क्षमता सदन में कम हो जाएगी और दक्षिण के राज्यों को नुकसान हो जाएगा. कनार्टक से अभी 28 सीटें है, जो 5.15 प्रतिशत हैं. संविधान संसोधन के बाद 43 हो जाएंगी, यानी जरा भी नुकसान नहीं होगा.

दक्षिण के राज्यों के कैसे बढ़ेंगी सीटें, अमित शाह ने बताया
उन्होंने कहा, &#039;कर्नाटक में 28 सीटें हैं, यानी 5.15 प्रतिशत, बिल पारित होने के बाद 42 सीटें 5.14 प्रतिशत हो जाएंगी. तेलंगाना में 17 सीटें हैं, यानी 3.13 प्रतिशत, जो कि 26 हो जाएंगी. तमिलनाडु की शक्ति भी कम नहीं होगी. अभी 39 यानी 7.18 प्रतिशत सीटे हैं, जो कि बढ़कर 59 हो यानी 7.23 &amp;nbsp;प्रतिशत हो जाएंगी. अभी कुल मिलाकर 129 सांसद यानी कि 23.76 प्रतिशत बैठते हैं, बाद में 195 सांसद हो जाएंगे. इनका प्रतिशत 23.97 हो जाएगा. दक्षिण के राज्यों की शक्ति बढ़ेगी और 816 सीट होंगी. आंध्र प्रदेश की अभी 25 सीटें हैं, यानी की 4.60 प्रतिशत सीटें हैं, जो कि बढ़कर 38 हो जाएंगी.&#039;&amp;nbsp;
परिसीमन कब होगा लागू, अमित शाह ने दिया जवाब
अमित शाह ने महिला आरक्षण और परिसीमन पर लोकसभा में बोलते हुए कहा, &#039;एक वाकया आया कि तमिलनाडु, बंगाल में चुनाव हो रहे हैं और यह नया एक्ट आ गया. मैं स्पष्टता से कह देता हूं कि यह डीलिमिटेशन कमीशन की रिपोर्ट तब ही लागू होगी जब संसद इसे स्वीकार करेगी और राष्ट्रपति इस पर मंजूरी की मुहर लगाएंगी. यह 2029 से पहले होने का सवाल नहीं है और 2029 तक भी जो चुनाव होंगे वह सारे पुराने सीटों पर होंगे, पुरानी व्यवस्था में होंगे तो अखिलेश यादव को भी डरने की जरूरत नहीं है.&#039;
जाति जनगणना पर क्या बोले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह
अमित शाह ने महिला आरक्षण और परिसीमन पर लोकसभा में बोलते हुए कहा, &#039;इन्होंने (विपक्ष) कहा कि जाति जनगणना सरकार नहीं कराना चाहती. सरकार की कैबिनेट ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जाति जनगणना करने का निर्णय कर लिया है और अगली जनगणना जाति जनगणना होने वाली है.&#039;&amp;nbsp;
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        <pubDate>Thu, 16 Apr 2026 22:30:15 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>दक्षिण, के, राज्यों, को, सीटों, का, होगा, फायदा, फैलाया, जा, रहा, भ्रम, लोकसभा, में, अमित, शाह, ने, समझाया, परिसीमन, का, पूरा, गणित</media:keywords>
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        <title>West Bengal Election: बाराबनी रैली में सीएम योगी का बड़ा हमला, बोले&amp; टीएमसी ने बंगाल को अराजकता में बदला</title>
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        <description><![CDATA[ West Bengal Election Campaign: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को फिर पश्चिम बंगाल के चुनावी रण में उतरे. बाराबनी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवार अरिजीत रॉय के पक्ष में जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कांग्रेस, वामपंथियों और तृणमूल कांग्रेस को कठघरे में खड़ा करने के साथ भाजपा के विकास कार्यों को गिनाया. जनसभा स्थल, वाहनों व घरों की छतों और पेड़ों पर चढ़े लोग मुख्यमंत्री की एक झलक पाने को बेताब दिखे.
बंगाल की धरा पर तृणमूल कांग्रेस को चुनौती देते हुए सीएम योगी ने मतदाताओं से कहा, &quot;टीएमसी के गुंडे, माफिया क्या कह रहे हैं या कोई मौलाना क्या बक रहा है, आप किसी से भयभीत न होइए. डबल इंजन की भाजपा सरकार आने दीजिए, ये सभी आपकी चाटुकारिता करते और बंगाल की सड़कों पर झाड़ू लगाते दिखाई देंगे.&quot;
आप लोग अरिजीत को जिताइए, टीएमसी का सूपड़ा साफ करेंगे
मुख्यमंत्री ने मतदाताओं से कहा, &quot;जब यहां मेरा कार्यक्रम लगा तो तृणमूल के गुंडे लोगों को परेशान करने लग गए. सभा न होने पाए, इसके लिए भाजपा का झंडा उखाड़ने का भी प्रयास किया. अरिजीत का मतलब जो शत्रु को जीत सके, आप लोग उन्हें जिताइए और डबल इंजन सरकार लाइए, टीएमसी का सूपड़ा साफ हो जाएगा. पीएम मोदी के नेतृत्व में डबल स्पीड से सारी समस्याओं का समाधान होगा. भाजपा ही सुरक्षा-समृद्धि, उज्ज्वल भविष्य की गारंटी है.&amp;nbsp;
टीएमसी के कारण पैदा हुए सैंड-कोल-लैंड माफिया
मुख्यमंत्री ने कहा, &quot;जिन लोगों ने 15 वर्षों से बंगाल को संकट में ला दिया और इसे टेरर, माफियाराज, कटमनी व करप्शन का अड्डा बना दिया, वह टीएमसी अब नहीं चाहिए. इन लोगों ने आमजन, नौजवानों, बेटी-बहनों के सामने भय का माहौल पैदा किया है. टीएमसी के कारण सैंड माफिया, कोल माफिया, लैंड माफिया पैदा हुए. केंद्र से जो पैसा आता है, उसे टीएमसी के गुंडे हजम कर जाते हैं. सीएम ने स्थानीय नागरिकों को विश्वास दिलाया कि बंगाल में दंगों, भय, अराजकता, माफियाराज को भाजपा समाप्त करेगी.&quot;
कांग्रेस, सपा व टीएमसी नहीं रोक पाईं, अयोध्या में बन गया राम मंदिर
सीएम ने कहा, &quot;9 साल पहले इससे भी बुरी स्थिति उत्तर प्रदेश की थी. वहां हर दूसरे-तीसरे दिन दंगा होता था. व्यापारी, बहन-बेटी असुरक्षित थी. गुंडागर्दी-अपराध चरम पर था, माफिया हावी थे. जनता के विकास के लिए आने वाले पैसे में डकैती पड़ती थी, लेकिन डबल इंजन की भाजपा सरकार ने इसका उपचार कर दिया. यूपी में बहुत परिवर्तन हो गया, वहां कोई सड़क पर नमाज नहीं पढ़ सकता. यूपी में पर्व-त्योहार शांति से मनाए जाते हैं. वहां अराजकता-गुंडागर्दी नहीं है, लेकिन बंगाल में गोतस्करी, गोहत्या, त्योहारों के पहले उपद्रव होते हैं.&quot;
उन्होंने आगे कहा, &quot;उत्तर प्रदेश में बुलडोजर अब माफिया की हड्डी-पसली ठीक करता है. माफिया की संपत्ति लेकर गरीबों के आवास बनते हैं. यूपी में न कर्फ्यू है न दंगा है, वहां सब चंगा है. रामजन्मभूमि के लिए आंदोलन करना पड़ा. टीएमसी की पार्टनर समाजवादी पार्टी की सरकार ने रामभक्तों पर गोली चलवाईं. जैसे ममता दीदी को राम नाम, दुर्गा पूजा से चिढ़ है, यूपी में भी ऐसे ही चिढ़ होती थी. यूपी में डबल इंजन सरकार आई तो अयोध्या में भगवान श्रीराम का सबसे बड़ा मंदिर बन गया, इसे कांग्रेस, सपा व टीएमसी रोक नहीं पाईं, क्योंकि मोदी हैं तो मुमकिन है.&quot;
गारंटी देती है भाजपा- गोमाता को कटने और हिंदुओं को बंटने नहीं देंगे
सीएम योगी ने कहा, &quot;भाजपा गारंटी देती है कि बंगाल में दंगा, कर्फ्यू नहीं लगेगा. गोमाता को कटने नहीं देंगे और हिंदुओं को बंटने नहीं देंगे. पहले कांग्रेस, फिर वामपंथियों और 15 वर्ष से टीएमसी ने यहां पहचान का संकट खड़ा किया है. बंगाल कभी कल्चरल कैपिटल के रूप में देश को दिशा देता था, लेकिन इसे क्राइम कैपिटल बनाकर पहचान का संकट खड़ा किया गया. आजादी के बाद बंगाल विकास के पथ पर आगे चल रहा था. देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन था.&quot;
उन्होंने कहा, &quot;इकॉनमिक लीडर के रूप में बंगाल की तूती बोलती थी. किसान प्रसन्न, नौजवान को नौकरी-रोजगार, मछली-चावल उत्पादन बढ़ रहा था, लेकिन कांग्रेस, वामपंथियों व टीएमसी ने राज्य को भ्रष्टाचार, भय व अराजकता का केंद्र बना दिया. मछली उत्पादन कम हुआ और चावल उत्पादन घटा. यहां के संसाधनों पर माफिया हावी है, नौजवान के लिए नौकरी-रोजगार गायब है. किसानों को उपज का दाम नहीं मिल पाता. यूपी में आलू का दाम 15-16 रुपये किलो और बंगाल में मात्र एक-डेढ़ रुपये मिल रहा है.&quot;
प्रेरणा भूमि रही है बंगाल
सीएम योगी ने कहा, &quot;बंगाल सदैव प्रेरणा भूमि रही है. इसने भारत को राष्ट्रगान व राष्ट्रगीत दिया. वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने पर बंगाल की धरती टीएमसी की अराजकता से मुक्त होने का आह्वान कर रही है. इस धरा ने रामकृष्ण परमहंस, स्वामी प्रणवानंद, स्वामी विवेकानंद, खुदीराम बोस, नेता सुभाषचंद्र बोस, अरविंद घोष, जनसंघ के संस्थापक अध्य़क्ष डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसे राष्ट्रवादी चिंतक दिए. कश्मीर को पृथक मान्यता देने के लिए कांग्रेस की चाल के कारण आतंकी भारत की एकता को चुनौती दे रहे थे, लेकिन डॉ. मुखर्जी के संकल्प को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरा किया और धारा 370 समाप्त कर दी. कश्मीर में भी भारत का कानून वैसे ही लागू हुआ, जैसे बंगाल, बिहार और यूपी में है.&quot; ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 16 Apr 2026 22:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>West, Bengal, Election:, बाराबनी, रैली, में, सीएम, योगी, का, बड़ा, हमला, बोले-, टीएमसी, ने, बंगाल, को, अराजकता, में, बदला</media:keywords>
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        <title>क्या मुस्लिम महिलाओं को भी मिलेगा आरक्षण? जानिए गृह मंत्री अमित शाह ने क्या दिया जवाब</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/क्या-मुस्लिम-महिलाओं-को-भी-मिलेगा-आरक्षण-जानिए-गृह-मंत्री-अमित-शाह-ने-क्या-दिया-जवाब</link>
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        <description><![CDATA[ Amit Shah on Muslim Women Reservation: गुरुवार यानी 16 अप्रैल को लोकसभा में सूचीबद्ध महिला आरक्षण संशोधन हेतु तीन विधेयक पेश किए गए. मंजूरी मिलते ही 2029 के लोकसभा चुनाव से ही महिलाओं के लिए आरक्षण लागू हो जाएगा. इसके बाद सदन में 33 प्रतिशत सीट महिलाओं के लिए आरक्षित रखी जाएंगी. इसी को लेकर सदन में तीखी बहस चल रही है. ऐसे में गृहमंत्री अमित शाह और सपा सांसद अखिलेश यादव के बीच गहमागहमी देखने को मिली. दोनों के बीच मुस्लिम महिला आरक्षण को लेकर बहस देखने मिली. इस पर गृहमंत्री अमित शाह ने क्या कहा? आइए जानते हैं.&amp;nbsp;
शाह ने कहा- संविधान में धर्म के आधार पर आरक्षण की बात नहीं
हुआ यूं कि अखिलेश यादव ने ओबीसी महिलाओं और मुस्लिम महिलाओं के लिए अलग से व्यवस्था बनाने की मांग की. उन्होंने कहा कि आखिर इसमें आरक्षण को लेकर कोई प्रावधान क्यों नहीं है?&amp;nbsp;
इस पर अमित शाह ने जवाब दिया. शाह ने कहा कि संविधान में धर्म के आधार पर आरक्षण की बात नहीं है. उन्होंने साफ कहा कि मुसलमानों के लिए आरक्षण की किसी भी बात को सरकार नहीं मानेगी. यह संविधान के ही खिलाफ है.&amp;nbsp;
शाह का तंज बोले- हमें कोई आपत्ति नहीं यदि सपा सारे टिकट मुस्लिम महिलाओं को दे दे&amp;nbsp;
इसके बाद अखिलेश यादव ने कहा कि मेरी बात असंवैधानिक कैसे हो गई? क्या मुस्लिम महिलाओं को महिला नहीं माना जाएगा? इस पर शाह ने कहा कि हमें कोई आपत्ति नहीं है. यदि समाजवादी पार्टी चाहे तो सारे टिकट मुस्लिम महिलाओं को ही दे दे.&amp;nbsp;

परिसीमन प्रक्रिया के तहत सीटों में की जाएगी बढ़ोतरीसरकार की तरफ से पेश तीन विधेयक में एक संशोधन बिल सदन में सीटों की बढ़ोत्तरी को लेकर भी है. इसमें वर्तमान 543 लोकसभा सीटें बढ़कर 850 हो जाएगी. इनमें 815 राज्यों के लिए और 35 सीटें केंद्र शासित प्रदेशों के लिए है. यह परिसीमन प्रक्रिया 2011 की जनगणना के आधार पर की जानी है. सरकार ने कहा है कि हर राज्यों में 50 प्रतिशत सीटों की बढ़ोतरी की जाएगी.
यह भी पढ़ें: पीएम नरेंद्र मोदी के संबोधन पर अखिलेश यादव ने लगाया बड़ा आरोप, कहा- तुष्टीकरण कर रही सरकार ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 16 Apr 2026 22:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>क्या, मुस्लिम, महिलाओं, को, भी, मिलेगा, आरक्षण, जानिए, गृह, मंत्री, अमित, शाह, ने, क्या, दिया, जवाब</media:keywords>
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        <title>राम की नगरी अयोध्या क्यों पहुंचे कांग्रेस के विधायक, कैबिनेट विस्तार से पहले ये है बड़ी वजह</title>
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        <description><![CDATA[ Congress MLA In Ayodhya: खबर अयोध्या से है. जहां कर्नाटक कांग्रेस के विधायकों का राम नगरी दौरा सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है. कैबिनेट विस्तार से पहले कांग्रेस के कई विधायक अयोध्या धाम पहुंचे. जहां उन्होंने रामलला के दर्शन किए और राम मंदिर निर्माण की खुलकर सराहना की.
कर्नाटक में संभावित कैबिनेट विस्तार से पहले कांग्रेस पार्टी के विधायक आध्यात्मिक यात्रा पर अयोध्या पहुंचे. दिल्ली में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष से मुलाकात के बाद ये सभी विधायक सीधे अयोध्या धाम पहुंचे, जहां उन्होंने राम जन्मभूमि परिसर में रामलला के दर्शन किए.
राम मंदिर भव्यता की जमकर की तारीफ
पूजन के बाद कांग्रेस विधायकों ने राम मंदिर की भव्यता की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि मंदिर का निर्माण बेहद शानदार और अद्भुत है, और यहां आकर उन्हें शांति और गर्व का अनुभव हुआ. विधायकों ने यह भी बताया कि रामलला की प्रतिमा प्रसिद्ध मूर्तिकार अरुण योगीराज द्वारा बनाई गई है, जिसकी कला को अद्वितीय है.
अयोध्या पहुंचे विधायकों में टी.बी. जयचंद्र, अशोक एम. पट्टन, राघवेंद्र हितनाल, जी.एस. पाटिल, बी.के. गोपालकृष्ण बेलूर, बसवराज एन. शिवन्नानवर, शुबा रेड्डी, यशवंत राय पाटिल, जे.टी. पाटिल, विनय कुलकर्णी, शरदक श्री, बी. शिवन्ना, ए.आर. कृष्ण मूर्ति, हंपंगौड़ा बदरली और एस. नारायण स्वामी शामिल हैं.

अयोध्या में आना एक यादगार-आध्यात्मिक अनुभव
विधायकों ने इस दौरान हनुमान जी के दर्शन का भी जिक्र किया और कहा कि अयोध्या आना उनके लिए एक यादगार और आध्यात्मिक अनुभव रहा. राजनीतिक हलकों में इस दौरे को कर्नाटक के संभावित कैबिनेट विस्तार से जोड़कर भी देखा जा रहा है.&amp;nbsp;
कांग्रेस विधायक अशोक एम. पट्टन ने कहा कि राम मंदिर का निर्माण बहुत ही भव्य है. यहां आकर बहुत शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव हुआ. कांग्रेस विधायकटी.बी. जयचंद्र, &#039;अयोध्या आना हमारे लिए सौभाग्य की बात है, यह सिर्फ धार्मिक नहीं बल्कि आध्यात्मिक यात्रा भी है.&#039;
यह भी पढ़ें: परिसीमन पर सियासी घमासान: नॉर्थ vs साउथ विवाद तेज, महिला आरक्षण के बीच बढ़ा तनाव, समझें पूरा गणित ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 16 Apr 2026 10:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>राम, की, नगरी, अयोध्या, क्यों, पहुंचे, कांग्रेस, के, विधायक, कैबिनेट, विस्तार, से, पहले, ये, है, बड़ी, वजह</media:keywords>
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        <title>आज पेश होगा महिला आरक्षण विधेयक, अखिलेश, राहुल खिलाफ, मायावती दे रहीं पीएम मोदी का साथ, पढ़ें बड़ी बातें</title>
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        <description><![CDATA[ Women Reservation Bill 2026: संसद में विशेष सत्र के पहले महिला आरक्षण विधेयक पर आर-पार के मूड में सरकार नजर आ रही है. इस मामले में कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दल सरकार को घेरने के मूड में है. सरकार 16 अप्रैल यानी गुरुवार को लोकसभा में नियम 66 के प्रावधान को निलंबित करने का प्रस्ताव लाएगी. इसका मकसद महिला आरक्षण और परिसीमन बिल को साथ पास कराना है.&amp;nbsp;
सरकार आज तीन बिल पेश करेगी. संविधान संशोधन 131 के तहत सीटों की संख्या बढ़ाए जाने का प्रस्ताव होगा. इसके अलावा दूसरा बिल डेलिमिटेशन बिल 2026, जिसके तहत डेलिमिटेशन कमिशन का गठन किया जाएगा. तीसरा बिल यूनियन टेरिटरी लॉज ( संशोधन) 2026 होगा. &amp;nbsp;संविधान संशोधन 131 बिल और डिलिमिटेशन बिल 2026 कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल पेश करेंगे. यूनियन टेरिटरी लॉज (संशोधन) 2026 गृहमंत्री की तरफ से पेश किया जाएगा.
महिला आरक्षण को लागू करने वाले बिल से जुड़ा विधेयक लोकसभा में सूचीबद्ध
महिला आरक्षण को लागू करने संबंधी विधेयक गुरुवार को लोकसभा में पेश किए जाने के लिए सूचीबद्ध किया गया है. इस बिल में साल 2029 तक महिला आरक्षण लागू करने और लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करने के तीन विधेयक लोकसभा में पेश होंगे. जारी किए गए बुलेटिन के मुताबिक, &#039;संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026, परिसीमन विधेयक, 2026 और केंद्र-शासित प्रदेश कानून (संशोधन विधेयक), 2026 को बहस के लिए लोकसभा में पेश किया जाएगा. बुलेटिन में कहा गया है कि लोकसभा की कार्य मंत्रणा समिति ने बहस के लिए 18 घंटे का समय आवंटित किया है. यह (बहस) शुक्रवार को भी जारी रह सकती है. लोकसभा में पारित होने के बाद ये विधेयक राज्यसभा में जाएंगे.
विपक्षी दलों की बैठक, परिसीमन के प्रावधानों पर पुरजोर विरोधविधेयक पेश किए जाने से एक दिन पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास कई विपक्षी दलों के नेताओं की बैठक हुई. इसमें यह फैसला किया गया कि इसके परिसीमन से संबंधित प्रावधानों का पुरजोर विरोध किया जाएगा. &amp;nbsp; उन्होंने यह भी कहा कि लोकसभा की वर्तमान 543 सीटों के आधार पर वर्ष 2029 से महिला आरक्षण लागू किया जाए.
महिला आरक्षण विधेयक से पैदा हो सकता है विभाजन: कांग्रेस नेता
कांग्रेस के नेता अनंत गाडगिलने कहा कि इससे उत्तरी और दक्षिणी राज्यों के बीच भावनात्मक विभाजन हो सकता है. उन्होंने इस कानून को लाने में केंद्र सरकार की जल्दबाजी पर भी सवाल उठाया. जनगणना रिपोर्ट 2027 तक तैयार होने की उम्मीद है. संविधान में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य वर्गों के लिए पर्याप्त प्रतिनिधित्व का प्रावधान पहले से ही मौजूद है. संसद का तीन दिवसीय एक विशेष सत्र 16 से 18 अप्रैल तक बुलाया गया है. इस दौरान नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन पेश किए जाएंगे. इसे 2029 में लागू किया जा सके. गाडगिल ने जानना चाहा कि सरकार अद्यतन आंकड़ों की प्रतीक्षा करने के बजाय एक दशक से अधिक पुराने आंकड़ों के आधार पर 29 अप्रैल से पहले विधेयक को क्यों आगे बढ़ा रही है.&amp;nbsp;
महिला आरक्षण के नाम पर ओबीसी का हिस्सा चोरी करना चाहते हैं प्रधानमंत्री मोदी : राहुल
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी महिला आरक्षण के नाम पर अन्य पिछड़ा वर्गों (ओबीसी) का हिस्सा चोरी करना चाहते हैं, जो राष्ट्र विरोधी गतिविधि है. राहुल ने लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा संवैधानिक संशोधन विधेयक पेश किए जाने से एक दिन पहले जारी वीडियो संदेश में कहा कि अगर सरकार महिला आरक्षण लागू करना चाहती है तो वह वर्तमान नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू कर सकती है और परिसीमन भी नयी जनगणना के आधार पर होना चाहिए, क्योंकि उसमें ओबीसी की आबादी का आंकड़ा होगा.&amp;nbsp;
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी महिला आरक्षण का पूरी तरह से समर्थन करती है, लेकिन सरकार इसके नाम पर कुछ और करना चाहती है. उन्होंने दावा किया किया किअब बहुत बड़ी बेईमानी की जा रही है. प्रधानमंत्री नहीं चाहते हैं कि जाति जनगणना और नयी जनगणना के आधार पर यह (महिला आरक्षण) निर्णय लिया जाए. प्रधानमंत्री आपकी (ओबीसी) भागीदारी आप से छीन रहे हैं. वह चाहते हैं कि 2011 की जनगणना का इस्तेमाल किया जाए, जिसमें अन्य पिछड़ा वर्गों की संख्या नहीं है. वह आपकी (ओबीसी) भागीदारी छीनना चाहते हैं.
पीडीए का हक मारने की बड़ी साजिश: अखिलेश
सपा के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर महिला आरक्षण के मुद्दे पर जल्दबाजी करके जनगणना को टालने की नीयत रखने का आरोप लगाते हुए बुधवार को कहा कि महिला आरक्षण विधेयक दरअसल पीडीए (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग) का हक मारने की एक बड़ी साजिश का हिस्सा है.&amp;nbsp;
प्रतिभा पाटिल, मीरा कुमार और मायावती ने &amp;nbsp;किया समर्थन
पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती ने महिला आरक्षण अधिनियम में संशोधन की पहल का स्वागत करते हुए कहा है कि यह कदम विधायी निकायों में महिलाओं का अधिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करके भारत के लोकतांत्रिक ढांचे को मजबूत करेगा. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लिखे पत्र में पाटिल ने कहा कि ऐतिहासिक संवैधानिक संशोधन कानून औपचारिक रूप से महिलाओं की अपार क्षमता को पहचान देगा और शासन के उच्चतम स्तर पर उनके नेतृत्व के लिए संस्थागत रास्ते तैयार करेगा. &amp;nbsp;
पाटिल ने कहा, &#039;मैं नारी शक्ति वंदन अधिनियम के ऐतिहासिक कार्यान्वयन की पहल के लिए अपनी हार्दिक सराहना करता हूं. भारत की पहली महिला राष्ट्रपति के रूप में मैंने लंबे समय से इस विश्वास का समर्थन किया है कि वास्तविक महिला सशक्तीकरण केवल राष्ट्र को प्रभावित करने वाले निर्णयों को आकार देने के लिए उन्हें समान अवसर प्रदान करके ही प्राप्त किया जा सकता है.&#039;&amp;nbsp;मीरा कुमार और मायावती ने भी  ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 16 Apr 2026 10:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>आज, पेश, होगा, महिला, आरक्षण, विधेयक, अखिलेश, राहुल, खिलाफ, मायावती, दे, रहीं, पीएम, मोदी, का, साथ, पढ़ें, बड़ी, बातें</media:keywords>
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        <title>महिला आरक्षण पर साथ, परिसीमन के प्रावधानों के खिलाफ वोट करेगा विपक्ष, लोकसभा में आज होगी बहस</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/महिला-आरक्षण-पर-साथ-परिसीमन-के-प्रावधानों-के-खिलाफ-वोट-करेगा-विपक्ष-लोकसभा-में-आज-होगी-बहस</link>
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        <description><![CDATA[ केंद्र सरकार ने साल 2029 तक महिला आरक्षण को लागू करने और लोकसभा में सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करने के लिए तीन विधेयकों को गुरुवार (16 अप्रैल 2026) को लोकसभा में पेश किए जाने के लिए सूचीबद्ध किया है. केंद्र सरकार संसद के विशेष सत्र में तीन बिल लाने वाली है. संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026&amp;rsquo;, &amp;lsquo;परिसीमन विधेयक, 2026&amp;rsquo; और &amp;lsquo;केंद्र-शासित प्रदेश कानून (संशोधन विधेयक), 2026&amp;rsquo; को बहस के लिए लोकसभा में पेश किया जाएगा.
पहले दो विधेयक केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल पेश करेंगे. वहीं तीसरा विधेयक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सदन के पटल पर रखेंगे. लोकसभा की कार्य मंत्रणा समिति ने बहस के लिए 18 घंटे का समय आवंटित किया है और यह (बहस) शुक्रवार को भी जारी रह सकती है. लोकसभा में पारित होने के बाद ये विधेयक राज्यसभा के पास जाएंगे.
विधेयक पेश किए जाने से एक दिन पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास कई विपक्षी दलों के नेताओं की बैठक हुई जिसमें यह फैसला किया गया कि इसके परिसीमन से संबंधित प्रावधानों का पुरजोर विरोध किया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि लोकसभा की वर्तमान 543 सीटों के आधार पर वर्ष 2029 से महिला आरक्षण लागू किया जाए.
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण बिल पास करने के लिए 2011 की जनगणना का इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि देश में अभी जाति-आधारित जनगणना चल रही है. उन्होंने कहा, &#039;सरकार अभी जो प्रस्ताव ला रही है, उसका महिला आरक्षण से कोई लेना-देना नहीं है. यह संशोधन परिसीमन और चुनावी क्षेत्रों की मनमानी फेरबदल का इस्तेमाल करके सत्ता पर कब्जा करने की एक कोशिश है.&#039; विपक्ष के नेता ने आरोप लगाया कि जनता को अब धोखा दिया जा रहा है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा था कि यदि 2029 में लोकसभा और विभिन्न विधानसभाओं के चुनाव महिला आरक्षण के पूर्ण रूप से लागू होने के साथ कराए जाते हैं तो भारतीय लोकतंत्र और अधिक मजबूत तथा जीवंत बनेगा. ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 16 Apr 2026 10:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>महिला, आरक्षण, पर, साथ, परिसीमन, के, प्रावधानों, के, खिलाफ, वोट, करेगा, विपक्ष, लोकसभा, में, आज, होगी, बहस</media:keywords>
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        <title>कोमा में एडमिट भारतीय सेना के जवान से पत्नी चाहती है संतान, याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट बोला&amp; &amp;apos;यह उनका...&amp;apos;</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/कोमा-में-एडमिट-भारतीय-सेना-के-जवान-से-पत्नी-चाहती-है-संतान-याचिका-पर-दिल्ली-हाईकोर्ट-बोला-यह-उनका</link>
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        <description><![CDATA[ Delhi HC Verdict: दिल्ली हाईकोर्ट ने एक अच्छा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने IVF प्रक्रिया जारी करने की अनुमति एक सेना के जवान को दी है. यह जवान लगातार कोमा जैसी हालत में है. ऐसे में भविष्य में उनके ठीक होने की उम्मीद नहीं है. जस्टिस पुरुशेंद्र कुमार कौरव ने कहा है कि जवान की पहले दी गई सहमति, जो उसने IVF प्रक्रिया शुरू करते समय दी थी, इस बार पर्याप्त मानी जाएगी.&amp;nbsp;
इसके अलावा असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी विनियमन अधिनियम के तहत पत्नी को उसकी ओर से दी गई वैध सहमति माना जाएगा. कोर्ट का फैसला जवान की पत्नी की याचिका पर आया है. पत्नी ने याचिका में मांग की थी कि IVF के लिए उसके पति के जेनेटिक मटीरियल को निकालने और उसे सुरक्षित रखने के निर्देश दिए जाएं.&amp;nbsp;
याचिकाकर्ता ने कोर्ट में क्या बताया?&amp;nbsp;
याचिकाकर्ता ने बताया कि जून 2023 में दंपति ने संतान प्राप्ति के लिए IVF प्रक्रिया अपनाने का फैसला किया था. जुलाई 2025 में गश्त के दौरान उसके पति काफी ऊंचाई से गिर गए थे. इससे उसके सिर में गंभीर चोट आई थी. यह एक तरह की ट्रॉमेटिक ब्रेन इंजरी थी. इसके बाद जवान का सेना के अस्पताल में इलाज चल रहा था. यहां दंपति की IVF प्रक्रिया रोक दी गई. इसके बाद महिला ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. संविधान के तहत अपने मातृत्व के अधिकार, गरिमा और प्रजनन संबंधी स्वायत्ता के अधिकार का दावा किया.&amp;nbsp;13 अप्रैल को दिए अपने फैसले में कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता और उसके पति ने अपनी मर्जी से IVF प्रक्रिया का चुनाव किया. रिकॉर्ड में ऐसा कोई सबूत या संकेत मौजूद नहीं है. इससे यह लगे की पति ने इसके लिए सहमति नहीं दी थी.&amp;nbsp;
कोर्ट बोली- यह एक मौलिक अधिकार है
कोर्ट ने राय दी कि भले याचिकाकर्ता के पति की ओर से सहमति का कोई संकेत न हो. फिर भी अधिकारियों के लिए यह उचित, तर्कसंगत, न्यायसंगत होगा कि वे IVF प्रक्रिया को उसके तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाने के लिए कदम उठाएं. कोर्ट ने कहा कि अगर ऐसा नहीं किया जाता तो याचिकाकर्ता के पति द्वारा पहले दी गई सहमति व्यर्थ हो जाएगी.
IVF प्रक्रिया अपनाने का उनका मूल उद्देश्य बेमानी हो जाएगा. स्थापित कानूनी सिद्धांत है कि प्रक्रिया वास्तव में न्याय की सहायक होती है. किसी प्रक्रियात्मक प्रावधान के केवल शाब्दिक और कठोर नियमों का पालन करने के चक्कर में, उस कानून के मूल उद्देश्य को ही नष्ट कर देना किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं होना चाहिए.&amp;nbsp;

कोर्ट ने कहा कि याद रखना जरूरी है कि प्रजनन संबंधी स्वायतत्ता का अधिकार एक मौलिक अधिकार है. कोर्ट ने कहा कि ART एक्ट की व्याख्या इस तरह से की जानी चाहिए, जिससे उक्त अधिकार को बढ़ावा मिले. न कि उससे कोई कमी आए. अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता की संतान होगी या नहीं, यह इंसानी हाथों में नहीं है. यह किस्मत ही तय करती है. किसी व्यक्ति को माता पिता का सौभाग्य मिलेगा या नहीं. अदालत ने इस दौरान भागवत पुराण का हवाला देते हुए कहा कि एक जीवित प्राणी को दैव की देखरेख में शरीर प्राप्त होता है.
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        <pubDate>Thu, 16 Apr 2026 10:30:06 +0530</pubDate>
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        <title>Weather Forecast: भयंकर गर्मी और चलेगी लू, यूपी में 42 डिग्री तक पहुंच पारा, दिल्ली समेत देश में मौसम कैसा, कहां होगी बारिश?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/weather-forecast-भयंकर-गर्मी-और-चलेगी-लू-यूपी-में-42-डिग्री-तक-पहुंच-पारा-दिल्ली-समेत-देश-में-मौसम-कैसा-कहां-होगी-बारिश</link>
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        <description><![CDATA[ देशभर के मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है. आधे से ज्यादा देश में तापमान बढ़ने से भीषण गर्मी और लू का प्रकोप बढ़ने लगा है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक कुछ राज्यों में अधिकतम पारा 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के आस-पास पहुंच सकता है. अगले 48 घंटे के दौरान पूर्वोत्तर भारत में निम्न दबाव क्षेत्र के बने रहने से मौसमी गतिविधियां होने का अनुमान है.&amp;nbsp;
नॉर्थ ईस्ट के लिए अलर्टमौसम विभाग के मुताबिक अरुणाचल, सिक्किम, नागालैंड और ओड़िशा और मेघालय के कुछ हिस्सों में 50 से 60 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चलने और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने का खतरा रहेगा. इसी बीच पहाड़ों पर आज गुरुवार (16 अप्रैल) से नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिसका असर जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में अधिक दिखाई देगा. समूचे उत्तर भारत में तापमान में बढ़ने से यूपी, बिहार, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली-एनसीआर में गर्मी परेशान कर सकती हैं. एवं कहीं-कहीं लू की स्थितियां बनती दिख रही हैं.&amp;nbsp;
दिल्ली में कब होगी बारिशराजधानी दिल्ली और आस-पास के इलाकों में पिछले कई दिनों से मौसम साफ रहने से न्यूनतम और अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है. मौसम विभाग के मुताबिक पूरे सप्ताह मौसम शुष्क रहेगा. अगले 5 दिन तक अधिकतम तापमान 36 से 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 21 से 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है. 19 अप्रैल से बादलों की गरज-चमक के साथ पूरे एनसीआर में हल्की आंधी और बारिश की संभावना है.&amp;nbsp;
यूपी का मौसमउत्तर प्रदेश में गर्मी बढ़ती जा रही है. रोजाना न्यूनतम और अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिससे लोगों को गर्मी का एहसास हो रहा है. दिन में तेज पछुआ गर्म हवाएं बहने से लू की स्थिति बनने लगी है. मौसम विभाग के मुताबिक अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के ऊपर पहुंचते ही हीटवेव का अलर्ट घोषित किया जाएगा.&amp;nbsp;
यूपी के बुंदेलखंड के बांदा में हीटवेव का अलर्ट जारी है, जहां तापमान 42 डिग्री तक पहुंच गया है. आने वाले दिनों में और पारा चढ़ने की संभावना है. लोगों को लू के थपेड़ों से बचने के लिए घर से निकलते समय सतर्क रहने को कहा गया है. बिहार में अगले सप्ताह से लू की गतिविधियां तेज होने की आशंका हैं.
तपने लगा राजस्थानराजस्थान में खासकर गुजरात और बॉर्डर एरिया के जिलों में अधिकतम तापमान बढ़ रहा है. बाड़मेर 41.5 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ सबसे गर्म शहर है तो कोटा में भी पारा 41 डिग्री से ऊपर पारा पहुंच गया है. मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे में राज्य के कई हिस्सों में लू चलने की चेतावनी जारी की है. 19 अप्रैल से राज्य के कुछ हिस्सों पर आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया गया है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Thu, 16 Apr 2026 10:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>बिहार में 36% अति पिछड़ा जाति, फिर भी CM पद क्यों नहीं? सवर्ण और OBC का रहा बोलबाला, कब खत्म होगा EBC का इंतजार?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/बिहार-में-36-अति-पिछड़ा-जाति-फिर-भी-cm-पद-क्यों-नहीं-सवर्ण-और-obc-का-रहा-बोलबाला-कब-खत्म-होगा-ebc-का-इंतजार</link>
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        <description><![CDATA[ बिहार की राजनीति में जाति हमेशा से सबसे बड़ा फैक्टर रही है. आजादी के बाद से अब तक राज्य में 24 लोग मुख्यमंत्री बने हैं. शुरुआती 37 सालों यानी 1947-1984 में अपर कास्ट (सवर्ण) जातियों का बोलबाला था. इनमें ब्राह्मण, भूमिहार, राजपूत और कायस्थ जैसे वर्गों के 12 मुख्यमंत्री बने, जिन्होंने कुल 37 साल 197 दिन तक सत्ता संभाली. इनमें श्रीकृष्ण सिंह (भूमिहार) ने सबसे लंबा 17 साल 52 दिन शासन किया. इसके बाद हवा चली पिछड़ा वर्ग (OBC) और अति पिछड़ा वर्ग (EBC) की, लेकिन अति पिछड़ा वर्ग की झोली में कुछ नहीं आया. तो इस जातिवर्ग को सत्ता में आने के लिए कितना लंबा इंतजार करना पड़ेगा? जानते हैं एक्सप्लेनर में...
सवाल 1: बिहार में पिछड़ा और अति पिछड़ा वर्ग की लहर कब शुरू हुई?जवाब: 1990 के बाद मंडल आयोग और सामाजिक न्याय की लहर आई. पिछड़े वर्ग (OBC) और अति पिछड़ा (EBC) का दौर शुरू हुआ. पिछले 35 साल 89 दिन से OBC और EBC वर्ग के 7 मुख्यमंत्री रहे, जिनमें लालू प्रसाद यादव (यादव), राबड़ी देवी (यादव), नीतीश कुमार (कुर्मी) और कर्पूरी ठाकुर (EBC) प्रमुख हैं. कुल मिलाकर OBC और EBC ने 35 साल 89 दिन सत्ता चलाई, लेकिन दिलचस्प बात यह है कि EBC यानी अति पिछड़ा वर्ग से सिर्फ 2 बार कर्पूरी ठाकुर (1970-71 और 1977-79) मुख्यमंत्री बने, वो भी छोटे-छोटे कार्यकाल के लिए. दलितों (SC) से तीन CM बने, लेकिन कोई भी एक साल भी नहीं टिका.
&amp;nbsp;

कर्पुरी ठाकुर बिहार के इकलौते EBC मुख्यमंत्री हैं

सवाल 2: बिहार में OBC और EBC में क्या फर्क है और EBC की तादाद कितनी है?जवाब: 2023 के बिहार जातीय सर्वेक्षण के मुताबिक, बिहार में पूरे OBC 63% हैं, जिसमें EBC (अति पिछड़ा) 36% और ऊपरी OBC (यादव, कुर्मी, कुशवाहा आदि) करीब 27% हैं. EBC में 112 जातियां शामिल हैं. इनमें धनुक, हज्जाम, कहार, मल्लाह, निशाद और तेली आदि हैं. इनमें 24 मुस्लिम EBC (पसमांदा) भी हैं. ये 112 जातियां छोटी-छोटी हैं, कोई एक बड़ी लीडरशिप वाली नहीं है. कुल आबादी में EBC सबसे बड़ा समूह है, लेकिन विधानसभा में इनकी हिस्सेदारी कभी 10% से ऊपर नहीं गई. ये बिखरी हुई है. कोई एक नेता या पार्टी इन्हें पूरी तरह अपने कब्जे में नहीं ले पाई.
बिहार का जातीय सर्वेक्षण कहता है कि यादव 14.26%, कुशवाहा 4.21% और कुर्मी 2.87% जैसी ऊपरी OBC जातियां संख्या में कम हैं, लेकिन संगठित हैं. ये RJD (यादव) और JDU/BJP (कुर्मी-कुशवाहा) का कोर वोट बैंक हैं. EBC 36% हैं, लेकिन 112 जातियों में बंटे होने से कोई एक चेहरा नहीं उभर सका है. सभी पार्टियां EBC वोट लेने के लिए पंचायत स्तर पर आरक्षण, महादलित योजना और EBC आयोग बनाकर काम करती रहीं, लेकिन मुख्यमंत्री पद हमेशा ऊपरी OBC या अपर कास्ट को दिया गया. नीतीश कुमार ने 2005 में EBC आयोग बनाया, पंचायतों में 20% EBC आरक्षण दिया और महादलित कैटेगरी बनाई, लेकिन CM पद खुद कुर्मी यानी ऊपरी OBC को रखा.
सवाल 3: 36 साल में बिहार की सियासत में EBC का क्या रोल रहा?जवाब: 1990 से 2026 तक बिहार में OBC का बोलबाला रहा. लालू-राबड़ी का 14 साल यादव राज चला. नीतीश कुमार का 19 साल 231 दिन कुर्मी राज चला. 2025 विधानसभा चुनाव में NDA (BJP-JDU) ने 202 सीटें जीतीं. नीतीश फिर CM बने, लेकिन मार्च 2026 में उन्होंने राज्यसभा जाने का फैसला किया और 10 अप्रैल 2026 को शपथ ले ली. 15 अप्रैल 2026 को सम्राट चौधरी (कुशवाहा) बिहार के नए मुख्यमंत्री बने. जो BJP के पहले बिहार के CM भी हैं.&amp;nbsp;&amp;nbsp;यानी पहले अपर कास्ट, फिर यादव, फिर कुर्मी और अब कुर्मी का भाई कुशवाहा. EBC का नंबर अभी भी नहीं आया. EBC बिखरी होने से पार्टियां इन्हें वोट बैंक के तौर पर इस्तेमाल करती हैं, लेकिन टॉप पोस्ट पर ऊपरी OBC को तरजीह देती हैं. BJP ने भी EBC चेहरे जैसे प्रेम कुमार (कहार) या संजीव चौरसिया को चर्चा में रखा, लेकिन सम्राट चौधरी (कुशवाहा) को चुना.
सवाल 4: EBC को अपना सियासी हक पाने के लिए और कितना इंतजार करना पड़ेगा?जवाब: EBC की तादाद ज्यादा है, लेकिन संगठन और एकजुट नेतृत्व की कमी है. 112 जातियां अलग-अलग मुद्दों पर लड़ती हैं. कोई कर्पूरी ठाकुर जैसा EBC लीडर अभी नहीं उभरा जो पूरे वर्ग को जोड़ सके. सभी पार्टियां RJD, JDU और BJP EBC को पंचायत और मंत्री पद देकर खुश रखती हैं, लेकिन CM पद पर यादव, कुर्मी या कुशवाहा जैसे मजबूत वोट बैंक वाली जातियों को प्राथमिकता देती हैं. 2025 चुनाव और 2026 में नीतीश के बाद भी EBC को सिर्फ सहयोगी बनाकर रखा गया.
पॉलिटिकल एक्सपर्ट रशीद किदवई कहते हैं, &#039;अभी बिहार में यादव-कुशवाहा-कुर्मी का त्रिकोण सत्ता में मजबूत है. EBC को अपना हक पाने के लिए या तो कोई नया EBC चेहरा उभरना होगा या सभी 112 जातियों का एक मंच बनना होगा. फिलहाल इंतजार जारी है. बिहार की सियासत 36 साल से OBC के हाथ में है, लेकिन EBC अभी भी सत्ता के शिखर से दूर है. जातीय सर्वेक्षण ने EBC की संख्या साबित कर दी, लेकिन सत्ता का गणित अभी भी ऊपरी OBC के पक्ष में है.&#039;
&amp;nbsp;

बिहार में EBC को लीडरशिप की जरूरत है
 ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 18:30:20 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>&amp;apos;दिल्ली में आवास, असम में FIR फिर तेलंगाना HC क्यों गए पवन खेड़ा?&amp;apos; हिमंत सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दी ये दलील</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/दिल्ली-में-आवास-असम-में-fir-फिर-तेलंगाना-hc-क्यों-गए-पवन-खेड़ा-हिमंत-सरकार-ने-सुप्रीम-कोर्ट-में-दी-ये-दलील</link>
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        <description><![CDATA[ सुप्रीम कोर्ट से कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को झटका लगा है. उन्हें अंतरिम जमानत देने वाले तेलंगाना हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लग गई है. सुप्रीम कोर्ट ने खेड़ा से कहा है कि वह जमानत के लिए असम की कोर्ट में आवेदन दाखिल करें.
क्या है मामला?
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने गुवाहाटी में प्रेस कांफ्रेंस कर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां पर आरोप लगाए थे. उन्होंने दावा किया था कि सीएम की पत्नी के पास 3 देशों के पासपोर्ट हैं. इसे लेकर रिंकी भुइयां ने पुलिस को शिकायत दी और मामला दर्ज हुआ. असम पुलिस दिल्ली में पवन खेड़ा के घर पहुंची, लेकिन वह वहां नहीं मिले. बाद में उन्होंने तेलंगाना हाई कोर्ट से 1 सप्ताह की अग्रिम जमानत हासिल कर ली.
असम सरकार पहुंची सुप्रीम कोर्ट
असम सरकार ने तेलंगाना हाई कोर्ट के आदेश विरोध करते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया. राज्य सरकार की तरफ से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अधिकार क्षेत्र कामुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि खेड़ा की याचिका में यह स्पष्ट नहीं किया गया था कि वह तेलंगाना हाई कोर्ट क्यों आए हैं. फिर भी हाई कोर्ट ने उनकी याचिका सुन ली. अपराध और एफआईआर दोनों असम में हुए. खेड़ा दिल्ली में रहते हैं. ऐसे में तेलंगाना हाई कोर्ट के दखल का कोई आधार नहीं बनता.
मेहता ने खेड़ा की हरकत को &#039;फोरम शॉपिंग&#039; यानी मनपसंद कोर्ट में सुनवाई की कोशिश करार दिया. उन्होंने कहा कि मामले में कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग हुआ है. कोई व्यक्ति किसी राज्य में मकान किराए पर लेकर अपनी पसंद की अदालत नहीं चुन सकता. मेहता ने कहा कि खेड़ा ने तेलंगाना हाई कोर्ट में अपनी पत्नी के आधार कार्ड पर लिखा हैदराबाद का पता दिखाया. जबकि सच्चाई यही है कि उनकी पत्नी भी दिल्ली में ही रहती हैं.
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
मामले की सुनवाई जस्टिस जे के माहेश्वरी और अतुल एस चंदुरकर ने की. जजों ने इस बात पर सहमति जताई कि मामले में हाई कोर्ट के क्षेत्राधिकार से जुड़े कानूनी सिद्धांतों और पुराने फैसलों को नजरअंदाज किया गया है. जस्टिस माहेश्वरी ने कहा कि उन्होंने मामले की जानकारी ली है. खेड़ा ने एक बार फिर तेलंगाना हाई कोर्ट में आवेदन दाखिल किया है. वह अंतरिम राहत को 3 सप्ताह आगे बढ़ाने की मांग कर रहे हैं. लेकिन इसकी अनुमति नहीं दी जा सकती. मामला और एफआईआर असम के हैं. इसलिए खेड़ा को अग्रिम जमानत के लिए असम की अदालत में जाना चाहिए.
3 सप्ताह बाद सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने असम सरकार की याचिका पर पवन खेड़ा को नोटिस जारी करते हुए 3 सप्ताह बाद अगली सुनवाई की बात कही. जजों ने कहा कि अगर खेड़ा असम की कोर्ट में अग्रिम जमानत का आवेदन दाखिल करते हैं, तो उसकी सुनवाई केस के तथ्यों के आधार पर हो. स्थानीय कोर्ट सुप्रीम कोर्ट के आदेश से प्रभावित हुए बिना उनके आवेदन पर सुनवाई करे.
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        <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 18:30:19 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>दिल्ली, में, आवास, असम, में, FIR, फिर, तेलंगाना, क्यों, गए, पवन, खेड़ा, हिमंत, सरकार, ने, सुप्रीम, कोर्ट, में, दी, ये, दलील</media:keywords>
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        <title>&amp;apos;महिला आरक्षण के नाम पर राजनीतिक साजिश कर रही है भाजपा&amp;apos;, जानें क्यों कांग्रेस सांसद प्रणिती शिंदे ने लगाए ये आरोप</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/महिला-आरक्षण-के-नाम-पर-राजनीतिक-साजिश-कर-रही-है-भाजपा-जानें-क्यों-कांग्रेस-सांसद-प्रणिती-शिंदे-ने-लगाए-ये-आरोप</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/महिला-आरक्षण-के-नाम-पर-राजनीतिक-साजिश-कर-रही-है-भाजपा-जानें-क्यों-कांग्रेस-सांसद-प्रणिती-शिंदे-ने-लगाए-ये-आरोप</guid>
        <description><![CDATA[ Women Reservation Bill: महिला आरक्षण विधेयक और परिसीमन को लेकर देश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है. कांग्रेस सांसद प्रणिती शिंदे ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकार महिला आरक्षण के नाम पर वास्तविक उद्देश्य से भटकाकर राजनीतिक एजेंडा आगे बढ़ा रही है.
प्रणिती शिंदे ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक 2023 में संसद में पारित हुआ था, लेकिन उसमें परिसीमन और जनगणना जैसी शर्तें जोड़ दी गईं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और सोनिया गांधी ने उस समय भी बिना शर्त इसे लागू करने की मांग की थी ताकि यह 2024 के चुनावों में लागू हो सके.
भाजपा पर लगाए गंभीर आरोपसांसद ने आरोप लगाया कि भाजपा ने जानबूझकर शर्तें जोड़ीं. उन्होंने कहा कि सरकार बिना परिसीमन के भी इसे लागू कर सकती है, लेकिन वह राजनीतिक लाभ के लिए इसे टाल रही है. उन्होंने दावा किया कि विशेष सत्र को लेकर असली उद्देश्य महिला आरक्षण नहीं, बल्कि परिसीमन को आगे बढ़ाना है. प्रणिती शिंदे ने कहा कि तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में चुनाव को देखते हुए विशेष सत्र बुलाया गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा महिला आरक्षण के नाम पर राजनीतिक रणनीति बना रही है.
परिसीमन को लेकर विवादकांग्रेस सांसद ने कहा कि परिसीमन के जरिए उन राज्यों में सीटें बढ़ाई जाएंगी जहां भाजपा मजबूत है, जबकि कमजोर राज्यों में सीटें कम की जाएंगी. उन्होंने इसे लोकतांत्रिक असंतुलन की कोशिश बताया. उन्होंने कहा कि 1993 में 73वें और 74वें संविधान संशोधन के तहत राजीव गांधी सरकार ने महिलाओं को पंचायत और नगर निकायों में 50% आरक्षण दिया था, जिससे देशभर में करीब 15 लाख महिलाओं को लाभ मिला. प्रणिती शिंदे ने कहा कि कांग्रेस ने देश को पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी दी है और पार्टी हमेशा महिला सशक्तिकरण की असली प्रणेता रही है. ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 18:30:17 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>महिला, आरक्षण, के, नाम, पर, राजनीतिक, साजिश, कर, रही, है, भाजपा, जानें, क्यों, कांग्रेस, सांसद, प्रणिती, शिंदे, ने, लगाए, ये, आरोप</media:keywords>
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        <title>Explained: सम्राट चौधरी &amp;apos;बाहरी नेता&amp;apos;, मोहन यादव के दिल में बसता संघ! हिंदी राज्यों में BJP&amp;RSS का CM पैटर्न क्या?</title>
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        <description><![CDATA[ हिंदी राज्यों में BJP की सत्ता अक्सर RSS की संगठनात्मक मजबूती और हिंदुत्व की राजनीति के मिश्रण से चलती रही है. 2026 तक के ताजा आंकड़ों के अनुसार, ज्यादातर हाल के CM RSS या ABVP के &#039;संगठन के आदमी&#039; हैं, जो शाखा, छात्र आंदोलन, राम मंदिर या कश्मीर आंदोलन से निकले हैं, लेकिन योगी आदित्यनाथ जैसे कुछ हिंदुत्व के अपने ब्रांड से उभरे जो RSS प्रचारक नहीं हैं, जबकि सम्राट चौधरी जैसे अपवाद हैं. कोई RSS बैकग्राउंड नहीं, सिर्फ पार्टी और जातीय समीकरण. एक्सप्लेनर में समझते हैं BJP-RSS का पैटर्न...
सवाल 1: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में RSS या हिंदुत्व का दखल क्या है?जवाब: इन तीनों राज्यों में 2023 विधानसभा चुनाव जीत के बाद बने CM पूरे RSS परिवार से हैं:

मध्य प्रदेश: 13 दिसंबर 2023 को डॉ. मोहन यादव मुख्यमंत्री बने. उज्जैन के मोहन यादव OBC समाज से आते हैं. वे 1982 में माधव विज्ञान महाविद्यालय में छात्र संघ के संयुक्त सचिव बने और 1984 में अध्यक्ष बन गए. 1986-97 तक RSS की छात्र शाखा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के विभिन्न पदों पर रहे. 1990-92 तक ABVP के राष्ट्रीय सचिव रहे. 1993-95 में RSS में उज्जैन शहर के सह-खंड कार्यवाह बने और 1997 में BJP युवा मोर्चा MP कार्यसमिति सदस्य बने. 2021 में उच्च शिक्षा मंत्री रहते रामचरितमानस को BA फर्स्ट ईयर में फिलॉसफी का वैकल्पिक विषय बनाने का ऐलान किया. वे RSS और हिंदुत्व दोनों का हाथ थामे हैं. उन्होंने 5 फरवरी 2026 को कहा, &#039;हिंदुत्व ही राष्ट्रभावना का सार है और भारत इस पर गर्व करता है.&#039;
छत्तीसगढ़: 13 दिसंबर 2023 को विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ के पहले आदिवासी CM बने. 1989 में गांव बगिया में पंच बने और 1990 में निर्विरोध सरपंच चुने गए. फिर MLA, सांसद, BJP राज्य अध्यक्ष और फिर केंद्रीय मंत्री बने. विष्णु देव RSS के सदस्य हैं और संगठन फ्रंटहेंड खेलते हैं. 10 दिसंबर 2023 को BJP विधायक दल ने उन्हें नेता चुना था. अमित शाह ने कुनकुरी में कहा था, &#039;अगर BJP जीती तो विष्णु देव साय को बड़ा आदमी बनाएंगे.&#039; वे कम बोलने वाले ग्रासरूट लीडर हैं. RSS बैकिंग है और आदिवासी पहचान है.
राजस्थान: 12 दिसंबर 2023 को RSS और हिंदुत्व आइकॉन भजन लाल शर्मा मुख्यमंत्री बने. वे स्कूल के दिनों से ही ABVP से जुड़ गए थे. 1990 में ABVP के कश्मीर बचाओ आंदोलन में श्रीनगर मार्च के दौरान उधमपुर में गिरफ्तार हुए थे. फिर 1992 में राम जन्मभूमि आंदोलन में गिरफ्तारी हुई. 34 साल BJP और RSS में &#039;संगठन का आदमी&#039; बनकर काम किया, लेकिन लो प्रोफाइल रहे. 2023 में BJP ने CM बना दिया. चुनावी रैलियों में भजन लाल ने कहा था, &#039;श्री राम से लड़ने वाले को याद रखना चाहिए.&#039;

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BJP ने मोहन यादव को चौथी लाइन से उठाकर मध्य प्रदेश का CM बनाया था

सवाल 2: उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड का RSS-हिंदुत्व से क्या लेना-देना रहा?जवाब: इन दो राज्यों के CM की हिंदुत्व छवि इतनी मजबूत है कि इनमें से एक संघ के न होते हुए भी संघीय लगते हैं:
योगी आदित्यनाथ 17 मार्च 2017 को उत्तर प्रदेश के CM बने. वे गोरखनाथ पीठ के महंत हैं, लेकिन RSS प्रचारक नहीं हैं. यानी वे नागपुर की शाखा संस्कार से नहीं गुजरे, बल्कि हिंदुत्व को अपना ब्रांड &#039;हिंदू हृदय सम्राट&#039; बना दिया. 2002 में हिंदू युवा वाहिनी बनाई. 2017 में BJP की भारी जीत के बाद CM बने और पांच बार गोरखपुर से विधायक रह चुके हैं. RSS अब उन्हें सपोर्ट करता है लेकिन वे &#039;बाहरी&#039; माने जाते हैं. 2017 में उन्होंने कहा था, &#039;अगर एक हिंदू लड़की मुस्लिम से शादी करती है तो हम 100 मुस्लिम लड़कियों को वापस लेंगे. अगर वे एक हिंदू को मारेंगे तो हम 100 मारेंगे.&#039; इसके बाद &#039;राम नाम सत्य है&#039; कहकर लव जिहाद करने वालों को चेतावनी दी. हिंदुत्व की राजनीति से नेता बने, RSS संगठन से नहीं.
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योगी आदित्यनाथ गोरखनाथ पीठ के महंत हैं

पुष्कर सिंह धामी 4 जुलाई 2021 को उत्तराखंड के CM बने. थाकुर समुदाय के धामी 1990 से RSS से जुड़े हैं. वे कुल 33 साल संघ, ABVP और सहयोगी संगठनों से जुड़े हैं. 2002 में BJP युवा मोर्चा अध्यक्ष बने. 2021 में तीरथ सिंह रावत के इस्तीफे के बाद CM की कुर्सी मिली. 27 जनवरी 2025 को यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू करने वाले पहले भारत में पहले CM बने. धामी ने UCC पर कहा, &#039;यह देवभूमि उत्तराखंड में सामाजिक न्याय, समानता और संवैधानिक मूल्यों का नया युग शुरू करेगी.&#039;
सवाल 3: बिहार में सम्राट चौधरी RSS के हैं या सिर्फ हिंदुत्व की राजनीति का सहारा है?जवाब: बिहार के पहले BJP CM सम्राट चौधरी कुशवाहा (OBC) से आते हैं. वे 1999 में RJD की राबड़ी सरकार में मंत्री रह चुके हैं. 2005 के बाद जदयू में शामिल हुए और फिर 2017 में BJP जॉइन कर ली. यानी कोई पारंपरिक RSS बैकग्राउंड नहीं है. &#039;लव-कुश&#039; समीकरण और OBC आउटरीच के लिए चुने गए. मार्च 2026 में नीतीश कुमार ने राज्&amp;zwj;यसभा जाने का ऐलान किया और 15 अप्रैल 2026 को सम्राट चौधरी ने शपथ ले ली. वे मोदी-शाह के करीबी माने जाते हैं, लेकिन RSS से कोई ताल्लुक नहीं है.
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सम्राट चौधरी BJP में बाहर के नेता हैं

सवाल 4: झारखंड, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली में BJP के पुराने CM RSS-हिंदुत्व से कैसे जुड़े?जवाब: तीनों प्रदेशों में BJP के पुराने CM की कहानी RSS की संगठनात्मक जड़ों और हिंदुत्व की विचारधारा के मिश्रण से भरी हुई है, जहां कुछ नेता RSS के सीधे कार्यकर्ता रहे तो कुछ हिंदुत्व की राजनीति के चेहरे बने. रेखा गुप्ता के आने के साथ दिल्ली में यह पैटर्न फिर से मजबूत हो गया:

दिल्ली: BJP के पुराने तीन मुख्यमंत्रियों मदन लाल खुराना (1993-1996), साहिब सिंह वर्मा (1996-1998) और सुषमा स्वराज (1998) में साहिब सिंह वर्मा RSS से सबसे सीधे जुड़े थे. वे RSS में सक्रिय रहे, फिर जनता पार्टी और BJP में आए. मदन लाल खुराना को &amp;lsquo;दिल्ली का शेर&amp;rsquo; कहा जाता था. वे जनसंघ के पुराने नेता थे और हिंदुत्व की ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 18:30:16 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>महिला आरक्षण बिल पर विपक्ष की बड़ी बैठक, AAP से लेकर उमर अब्दुल्ला तक… जानें किसने क्या कहा</title>
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        <description><![CDATA[ Women Reservation Bill: संविधान संशोधन विधेयक 2026 को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. विशेष सत्र से एक दिन पहले विपक्षी दलों ने रणनीति तय करने के लिए राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अहम बैठक बुलाई गई. यह बैठक कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर हुई, जिसमें विपक्षी नेता राहुल गांधी, आरजेडी नेता तेजस्वी यादवसमेत कई बड़े नेता शामिल हुए. बैठक में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और सीपीएमएल महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य वर्चुअली जुड़े, जबकि आम आदमी पार्टी ने महिला आरक्षण संशोधन पर विपक्ष के साझा रुख का समर्थन करने का संकेत दिया.
अकाली दल का विरोध
शिरोमणि अकाली दल ने महिला आरक्षण के साथ परिसीमन को जोड़ने का विरोध किया है. पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि उनकी पार्टी महिला आरक्षण का समर्थन करती है, लेकिन जनसंख्या के आधार पर लोकसभा सीटों के परिसीमन का विरोध करती है. उनका तर्क है कि इससे जनसंख्या नियंत्रण में सफल राज्यों जैसे पंजाब को नुकसान और अन्य राज्यों को फायदा होगा.
उमर अब्दुल्ला की अपील
वहीं उमर अब्दुल्ला ने INDIA Alliance के सभी दलों से इस विधेयक पर सामूहिक रुख अपनाने की अपील की. उन्होंने कहा कि संसद में- चाहे लोकसभा हो या राज्यसभा- विपक्ष को एकजुट होकर अपनी रणनीति तय करनी होगी. परिसीमन को लेकर उन्होंने 2023 के जम्मू-कश्मीर अनुभव का हवाला देते हुए सवाल उठाया कि क्या यह प्रक्रिया आम मतदाताओं के हित में है या भारतीय जनता पार्टी को लाभ पहुंचाने के लिए.
अन्य नेताओं की मौजूदगी
इस अहम बैठक में शिवसेना सुप्रीमो उद्धव ठाकरे, संजय राउत, टीआर बालू, Annie Raja, Mohammad Basheer और सुप्रिया सुले भी शामिल हुए. इस बैठक का मुख्य उद्देश्य परिसीमन और महिला आरक्षण जैसे मुद्दों पर विपक्ष की संयुक्त रणनीति तय करना है, ताकि संसद के विशेष सत्र में सरकार का एकजुट होकर सामना किया जा सके. यह बैठक विपक्षी एकता की परीक्षा भी मानी जा रही है, जहां से आगे की राजनीतिक दिशा तय होगी.
यह भी पढ़ें- &#039;महिला आरक्षण के नाम पर राजनीतिक साजिश कर रही है भाजपा&#039;, जानें क्यों कांग्रेस सांसद प्रणिती शिंदे ने लगाए ये आरोप ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 18:30:16 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>महिला आरक्षण विधेयक: चर्चा से पहले बवाल, 131वां संशोधन कर मसौदा पेश; कांग्रेस से DMK तक किसने क्या कहा</title>
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        <description><![CDATA[ Women Reservation Bill 2026: वर्तमान बजट सत्र के दौरान लाने वाले महिला आरक्षण विधेयक को लेकर केंद्र सरकार ने मंगलवार को सांसदों के साथ संविधान में 131वां संशोधन करते हुए विधेयक 2026 का मसौदा साझा किया. यह महिला आरक्षण विधेयक में प्रस्तावित संशोधन है. इसका उद्देश्य लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाना है. इसमें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सदस्य शामिल होंगे. संसद की इस सप्ताह होने वाली बैठक के दौरान नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन पेश किए जाएंगे. यह महिला आरक्षण अधिनियम के रूप में जाना जाता है. इसे 2029 में लागू किया जाएगा.
संसद के निचले सदन में सदस्यों की मौजूदा संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रावधान है. केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन विधेयक) 2026 लाने की भी तैयारी है. इस विधेयक को कानून मंत्री अर्जुन मेघवाल पेश करेंगे. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दोनों सदनों में बिल पर चर्चा का जवाब देंगे. लोकसभा में 16 और 17 अप्रैल को चर्चा और वोटिंग होगी. राज्यसभा में 18 अप्रैल को चर्चा और वोटिंग होगी.
 ऐसे में ऐसे में इसको लेकर अलग-अलग तरह से रिएक्शन देखने को मिल रहे है. देश के अन्य दल इस पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं.&amp;nbsp;
क्या बोले केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू?महिला आरक्षण बिल पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा है कि इस सत्र में ऐतिहासिक नारी शक्ति वंदन अधिनियम सरकार लेकर आ रही है. ये सिर्फ सरकार का बिल नहीं है. ये सभी पार्टी और पूरे देश का बिल है. देश के महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में जगह मिलने जा रही है. ये किसी एक दल का मुद्दा हो ही नही सकता.&amp;nbsp;उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने धन्यवाद दिया है कि हर राजनीतिक पार्टी ने पिछले बार इसको पारित करवाया था. इस बार भी जो बिल लेकर आ रहे हैं, ये बीजेपी-NDA बिल नहीं है. पूरे पार्टी की ओर से ये बिल लेकर आ रहे हैं. &amp;nbsp;मैंने सभी दल के नेता से बात किया है. कुछ विपक्ष पार्टी के साथ भी हमने बैठक की. सभी का दिल से धन्यवाद करता हूं. उम्मीद करता हूं सभी पार्टी एकमत से इस बिल को पारित करेंगे.
कांग्रेस बोली ने कहा, &#039;विधेयक की मंशा शरारतपूर्ण - भ्रामक&amp;nbsp;
कांग्रेस ने महिला आरक्षण लागू करने के मकसद से सरकार की तरफ से लाने वाले विधेयक को लेकर कहा कि जब किसी विधेयक की मंशा शरारतपूर्ण और उसकी विषय वस्तु भ्रामक हो तो संसदीय लोकतंत्र को बहुत नुकसान होता है. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच &amp;lsquo;एक्स&amp;rsquo; पर पोस्ट किया कि जब किसी विधेयक के पीछे की मंशा शरारतपूर्ण हो और उसकी विषय वस्तु भ्रामक हो तो संसदीय लोकतंत्र को नुकसान की सीमा बहुत अधिक होती है.
क्या बोले राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल?
राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल ने मंगलवार को कहा कि भाजपा बिना राजनीतिक उद्देश्य के कुछ भी नहीं करती है. वे तब तक कोई विधेयक नहीं लाएंगे, जब तक इससे उन्हें राजनीतिक लाभ न हो. 106वें संविधान संशोधन विधेयक में अनुच्छेद 334-ए पेश किया गया. इसमें कहा गया है कि महिला आरक्षण कानून 2026 के बाद जनगणना और परिसीमन के बाद लागू किया जाएगा. &amp;nbsp;उन्होंने कहा कि इसे संसद में सर्वसम्मति से पारित किया गया. कहा कि अब उन्होंने इसमें संशोधन करने का फैसला किया है. वे यह नहीं कह रहे हैं कि वे क्या बदलाव चाहते हैं. उन्होंने 2023 में फैसला किया कि यह जनगणना और परिसीमन के बाद किया जाएगा. अब वे कहते हैं कि वे इसमें बदलाव चाहते हैं.
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन वीडियो जारी कर दी चेतावनी
स्टालिन ने एक वीडियो संदेश में चेतावनी दी कि अगर राज्य को नुकसान पहुंचाने वाला कोई भी कदम उठाया गया या परिसीमन में उत्तरी राज्यों की राजनीतिक शक्ति में असमान रूप से वृद्धि की गई, तो तमिलनाडु में बड़े पैमाने पर आंदोलन होंगे. इससे पूरा राज्य ठप्प हो जाएगा. पूरी ताकत से विरोध प्रदर्शन होंगे. डीएमके ही नहीं बल्कि किसी भी राजनीतिक दल या किसी भी राज्य से परामर्श किए बिना, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)के नेतृत्व वाला केंद्र एकतरफा कार्रवाई करने का प्रयास कर रहा है.&amp;nbsp;
उन्होंने कहा कि हमें यह भी नहीं पता कि परिसीमन की यह प्रक्रिया कैसे संपन्न होगी. प्रस्तावित संवैधानिक संशोधन के संबंध में अभी तक कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है. स्टालिन ने कहा कि जब प्रक्रिया में गोपनीयता बरती जाती है, तो इससे गंभीर खतरे की आशंका और भी बढ़ जाती है. उन्होंने कहा कि दक्षिणी राज्यों के लोग गहरी चिंता में डूबे हुए हैं. द्रमुक नेता ने 16 अप्रैल को संसद के सत्र का जिक्र करते हुए कहा कि तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में चुनावों के बीच इसे जबरन बुलाया गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि इस सत्र में केंद्र सरकार परिसीमन पर संवैधानिक संशोधन को जबरदस्ती पारित कराने का इरादा रखती है. उनका दावा है कि केंद्र सरकार तमिलनाडु सहित दक्षिणी राज्यों पर अपना फैसला थोपना चाहती है.
रेवंत रेड्डी ने भी परिसीमन मामले में केंद्र सरकार को घेरा
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने हैदराबाद में परिसीमन को लेकर केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि यदि पर्याप्त संख्या में सीट नहीं बढ़ाई जाती, तो दक्षिणी राज्यों में महिलाओं, अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों को अन्याय का सामना करना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी कथित तौर पर दक्षिणी राज्यों की कीमत पर उत्तर प्रदेश या गुजरात में सीट की संख्या बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं. &amp;nbsp;वे इस बात से इनकार नहीं करते कि यदि सीट में आनुपातिक आधार पर वृद्धि की जाती है तो उत्तरी राज्यों में महिलाओं, अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के प्रतिनिधित्व को लाभ होगा.&amp;nbsp;
रेड्डी ने कहा कि यदि लोकसभा की कुल सीट की संख्या में आनुपातिक आधार पर 50 प्रतिशत की वृद्धि की जाती है, तो केरल में लोकसभा की सीटें 20 से बढ़कर 30 हो जाएंगी और उत्तर प्रदेश में 80 से बढ़कर 120 हो जाएंगी. उन्होंने सवाल किया कि यदि किसी उत्तरी राज्य में 30 सीट बढ़ जा ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 06:30:15 +0530</pubDate>
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        <title>‘राजनीतिक मतभेदों को दरकिनार कर दें समर्थन’, महिला आरक्षण बिल को लेकर सांसद बसबराज बोम्मई की अपील</title>
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        <description><![CDATA[ Women Reservation Bill: देश भर में इस वक्त नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 यानी महिला आरक्षण कानून में संशोधन के लिए लाए जाने वाले विधेयक को लेकर सियासी सरगर्मी काफी तेज है. इस बीच कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में लोकसभा सांसद बसबराज बोम्मई ने सभी राजनीतिक दलों से महिला आरक्षण बिल को समर्थन देने की अपील की है. उन्होंने राजनीतिक दलों से कहा कि वे अपने सभी मतभेदों को दूर कर महिला आरक्षण बिल का पूर्ण रूप से समर्थन करें.
लोकसभा के विशेष सत्र में होगी ऐतिहासिक चर्चाः बोम्मई
IANS के मुताबिक, बेंगलुरु में मीडिया से बातचीत करते हुए भाजपा सांसद बसवराज बोम्मई ने मंगलवार (14 अप्रैल, 2026) को कहा कि सभी राजनीतिक दल भारत के लोकतांत्रिक भविष्य के हित में एक साथ आएं और महिला आरक्षण बिल का समर्थन करें. उन्होंने कहा कि जल्द ही लोकसभा का विशेष सत्र होने वाला है और उन्हें खुशी है कि संसद महिला आरक्षण और परिसीमन पर एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी चर्चा करने जा रही है.
अंबेडकर और पीएम मोदी की सोच एक जैसीः बोम्मई
बोम्मई ने कहा कि बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर ने हिंदू कोड बिल के जरिए महिलाओं के लिए प्रावधान किए थे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच भी इसी तरह की है. उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी इस तरह के कदम को पहले अपना समर्थन दिया था. कांग्रेस के नेतृत्व वाली UPA सरकार ने साल 2008 में महिला आरक्षण विधेयक (108वां संशोधन विधेयक) पेश किया था, जिसे 2010 में राज्यसभा में पारित किया गया था. उन्होंने इस बात पर जोर देते कहा कि महिलाओं को आरक्षण देना एक साझा आकांक्षा है और विपक्षी दल महिला आरक्षण के लिए इस संशोधन विधेयक पर अपना समर्थन जरूर दें.
कांग्रेस की ओर से सरकार पर लगाया जा रहा आरोप

केंद्र सरकार की ओर से नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 में संशोधन के लिए बुलाए गए संसद के विशेष सत्र की कांग्रेस आलोचना कर रही है. तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक चर्चा और सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है.
यह भी पढ़ेंः महिला आरक्षण विधेयक: चर्चा से पहले बवाल, 131वां संशोधन कर मसौदा पेश; कांग्रेस से DMK तक किसने क्या कहा ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 06:30:14 +0530</pubDate>
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        <title>दक्षिणी राज्यों की ताकत घटाने की साजिश? लोकसभा सीट बढ़ाने के प्रस्ताव पर CM रेवंत रेड्डी का बड़ा सवाल</title>
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        <description><![CDATA[ तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करने के प्रस्ताव को लेकर गंभीर चिंता जताई है. उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर सीटों का विस्तार केवल जनसंख्या के आधार पर किया गया, तो इससे दक्षिणी राज्यों की राजनीतिक ताकत कमजोर हो सकती है.
रेवंत रेड्डी ने पीएम मोदी को लिखा पत्र
रेवंत रेड्डी ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक चर्चा और सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है. उनका कहना है कि इतना बड़ा फैसला बिना आम सहमति के नहीं लिया जाना चाहिए. सिर्फ केंद्र ही नहीं, बल्कि उन्होंने तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल और पुडुचेरी के मुख्यमंत्रियों को भी पत्र लिखकर दक्षिणी राज्यों से एकजुट होने की अपील की है. उनका संदेश साफ है. अगर यह प्रस्ताव लागू होता है, तो दक्षिण भारत को सामूहिक रूप से अपनी आवाज उठानी होगी.
सीट विस्तार के प्रस्ताव पर बोले मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने इस पूरे मुद्दे को तीन अलग-अलग हिस्सों में बांटते हुए स्पष्ट किया कि महिलाओं का आरक्षण, परिसीमन और सीटों की संख्या बढ़ाना. ये तीनों अलग विषय हैं. उन्होंने मौजूदा 543 सीटों के भीतर ही 33% महिला आरक्षण को तुरंत लागू करने का समर्थन किया. साथ ही बिना सीट बढ़ाए परिसीमन कराने की भी वकालत की.
रेवंत रेड्डी ने हाइब्रिड मॉडल का दिया सुझाव
रेवंत रेड्डी ने यह भी कहा कि दक्षिणी राज्यों ने विकास और जनसंख्या नियंत्रण में बेहतर प्रदर्शन किया है, लेकिन अगर सीटों का बंटवारा केवल जनसंख्या के आधार पर होगा, तो इसका फायदा उन राज्यों को मिलेगा जहां आबादी ज्यादा है. इससे एक तरह का अन्यायपूर्ण संतुलन पैदा होगा. समाधान के तौर पर उन्होंने एक हाइब्रिड मॉडल का सुझाव दिया है. इस मॉडल के तहत आधी सीटें जनसंख्या के आधार पर और बाकी आधी आर्थिक प्रदर्शन व विकास के मानकों के आधार पर तय की जाएं. उनका मानना है कि इससे संघीय ढांचे में संतुलन बना रहेगा और सभी राज्यों के साथ न्याय होगा.
यह मुद्दा अब धीरे-धीरे राजनीतिक बहस का बड़ा केंद्र बनता जा रहा है. जहां आने वाले समय में केंद्र और राज्यों के बीच टकराव की स्थिति भी बन सकती है.
यह भी पढ़ेंः CM पद से इस्तीफा, बिहार से विदाई, अब राज्यसभा की जिम्मेदारी&amp;hellip; दिल्ली आकर अब आगे क्या करेंगे नीतीश कुमार? ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 06:30:13 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>दक्षिणी, राज्यों, की, ताकत, घटाने, की, साजिश, लोकसभा, सीट, बढ़ाने, के, प्रस्ताव, पर, रेवंत, रेड्डी, का, बड़ा, सवाल</media:keywords>
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        <title>आई&amp;पैक मामले में ईडी की कार्रवाई तेज, पत्नी, भाई को पूछताछ के लिए किया गया तलब</title>
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        <description><![CDATA[ ED Probe I-PAC Case:&amp;nbsp; प्रवर्तन निदेशालय ने राजनीतिक परामर्शदाता फर्म आई-पैक से जुड़े धन शोधन मामले में अपनी जांच तेज कर दी है. इसी कड़ी में एजेंसी ने सह-संस्थापक प्रतीक जैन के परिवार के सदस्यों को पूछताछ के लिए तलब किया है. अधिकारियों के अनुसार, ईडी ने प्रतीक जैन की पत्नी बार्बी जैन और उनके भाई पुलकित जैन को कथित हवाला लेनदेन से जुड़े धन शोधन मामले में पूछताछ के लिए बुलाया है. दोनों को बुधवार को दिल्ली स्थित केंद्रीय जांच एजेंसी के मुख्यालय में पेश होने के लिए कहा गया है.
पीएमएलए के तहत होगी पूछताछ
अधिकारियों ने बताया कि बार्बी जैन और पुलकित जैन से धन शोधन निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत पूछताछ की जाएगी. एजेंसी के मुताबिक, दोनों के व्यापारिक संबंध भी जांच के दायरे में हैं. हालांकि, इस संबंध में अधिक जानकारी साझा नहीं की गई है. आई-पैक पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस को राजनीतिक परामर्श सेवाएं भी उपलब्ध कराती है, जिससे इस मामले को लेकर राजनीतिक हलचल भी बढ़ गई है.
विनेश चंदेल की गिरफ्तारी से जुड़ा मामला
गौरतलब है कि ईडी ने हाल ही में आई-पैक के एक अन्य सह-संस्थापक विनेश चंदेल को गिरफ्तार किया था. उनकी गिरफ्तारी का संबंध पश्चिम बंगाल के कथित कोयला घोटाले से जुड़े मामले से भी बताया जा रहा है. ईडी ने हवाला लेनदेन से जुड़े इसी मामले में प्रतीक जैन को भी पहले तलब किया था. दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर केंद्रीय एजेंसी ने 28 मार्च को आपराधिक मामला दर्ज किया था.
हाई कोर्ट पहुंचे प्रतीक जैन
प्रतीक जैन ने ईडी के समन के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख किया है. इससे पहले जनवरी में ईडी ने प्रतीक जैन के आवास और कोलकाता स्थित आई-पैक कार्यालय पर भी छापेमारी की थी. फिलहाल ईडी इस पूरे मामले में जांच कर रही है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है. ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 06:30:12 +0530</pubDate>
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        <title>देश के रोजगार पर पड़ रहा पश्चिम एशिया की जंग का असर,लॉन्ड्री वालों ने भी बढ़ाए एक जोड़ा कपड़े पर प्रेस के दाम</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/देश-के-रोजगार-पर-पड़-रहा-पश्चिम-एशिया-की-जंग-का-असरलॉन्ड्री-वालों-ने-भी-बढ़ाए-एक-जोड़ा-कपड़े-पर-प्रेस-के-दाम</link>
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        <description><![CDATA[ Iran Israel War: पश्चिम एशिया में छिड़ी जंग का असर देश के रोजगार पर पड़ रहा है. इनमें सड़क किनारे टेबल लगाकर प्रेस करने वाले लोग शामिल हैं. इनके अलावा बिजली से चलने वाली प्रेस के अलावा सेंट्रल दिल्ली में कोयले और LPG से प्रेस करवाना, अब महंगा हो गया है. पहले जहां एक जोड़ा कपड़े प्रेस करने का दाम 10 रुपए था, उसे अब बढ़ाकर 15 रुपए कर दिया गया है.
वजह है LPG गैस और कोयले के दाम का बढ़ जाना. जंग से पहले जहां 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर का दम 1800 रुपए हुआ करता था, अब वही सिलेंडर 2000 रुपए के ऊपर मिल रहा है. दिल्ली की बंगाली मार्केट में पास पिछले 15 सालों से प्रेस की दुकान चलने वाली महिला ( नाम बताया है) ने एबीपी न्यूज़ से कहा कि पहले 10 रुपए प्रति जोड़ी कपड़े हम लेते थे, लेकिन अब 15 रुपए प्रति जोड़े कर दिए हैं. गैस के दाम बढ़ गए हैं. ग्राहक भी ये बात समझते हैं तो उनकी तरफ से भी शिकायत नहीं हो रही है.
40 सालों से प्रेस करने का काम करे, पहले 10 रुपए कपड़े तक लेते थे
वहीं दूसरी तरफ कोयले से चलने वाली प्रेस करने वाले व्यक्ति ( नाम बताया है) ने बताया कि पिछले 40 सालों से ये प्रेस करने का काम कर रहें हैं. कुछ दिनों पहले तक 10 रुपए एक कपड़े के लेते थे लेकिन अब 15 रुपए करने पड़े हैं. कोयले के दाम में इजाफा हो गया है. पहले जहां 450 रुपए में 10 किलो कोयला मिलता था. वहीं अब 600 रुपए में 10 किलो मिलता है जिसकी वजह से दाम बढ़ाना पड़ रहा है. हालांकि कपड़े धुलने वाले धोबियों की शिकायत दूसरी है. इनका कहना है कि जंग की वजह से इनका कॉस्ट दोगुना हो गया है. कस्टमर की तरफ से पैसे नहीं बढ़ाए जा रहें हैं.&amp;nbsp;
लुटियंस दिल्ली के महादेव रोड पर कपड़े धुलने वाली साइट पर काम करने वाले ने बताया कि जंग से पहले कपड़े धुलने वाले केमिकल 450 रूपये प्रति गैलन मिलते थे. आज वही गैलन 850 रूपये में मिल रहा है. यानी पहले जहां एक कपड़े को धुलने में 13 रूपये की लागत आती थी तो हम इसे 15 रुपए प्रति कपड़े की धुलाई के तौर कर चार्ज करते थे.&amp;nbsp;
22 से 23 रुपये प्रति कपड़े धुलाई की आ रही लागत
अब केमिकल के दाम बढ़ जाने के बाद 22 से 23 रुपए प्रति कपड़े की धुलाई की लागत आ रही है, यानि कि हमें कम से कम 25 रुपए प्रति कपड़े मिलने चाहिए लेकिन कस्टमर हमारे पैसे ही बढ़ाने को राजी को नहीं है. अभी भी हमें 15 दुआएं प्रति कपड़े की दर से ही कपड़े धुल कर देने पड़ रहें हैं. इनका कहना है कि यहां हमारे पास सांसद, मंत्री और अधिकारियों की कोठी से कपड़े आते हैं लेकिन जब हम उनसे दाम बढ़ाने की बात करते हैं, तो वे कहते हैं कि इसी रेट पर कपड़े धुलने है, तो धुलो, नहीं तो हम किसी और से धुला लेंगे इसीलिए हमे अब मजबूरी में नुकसान उठाकर कपड़े धुलने पड़ रहें हैं.
यह भी पढ़ें: ट्रंप की होर्मुज करतूत से एक्शन में सरकार, पेट्रोल-डीजल और LPG पर कसी कमर, राज्यों को दिए ये निर्देश ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 06:30:11 +0530</pubDate>
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        <title>Andhra Pradesh: खाकी पर लगा दाग! एएसआई पर प्रेमी जोड़ों के वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग का आरोप</title>
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        <description><![CDATA[ Andhra Pradesh Blackmail Case: आंध्र प्रदेश के पलनाडु जिले के माचेर्ला पुलिस स्टेशन में एएसआई के रूप में कार्यरत निवास को गंभीर आरोप के वजह से निलंबित कर दिया गया है. जानकारी के मुताबिक, उन पर प्रेम जोड़ों के वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने और अपनी इच्छा पूरी करने के लिए उत्पीड़न करने के आरोप लगे हैं. इसके बाद मामले की गंमभीरता को देखते हुए आईजी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी ने उनके खिलाफ सस्पेंशन का आदेश जारी किया.
बताया जा रहा है कि सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले इस पुलिस अधिकारी ने अपने पद का इस्तेमाल करते हुए कई लोगों को अपने घिनौने अपराध का निशान बनाया. आरोप है कि वह प्रेम जोड़ों और महिलाओं के निजी पलों का अश्लील वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करटा और उनसे पैसे वसूलता था. इसके अलावा, वह महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न जैसे घिनौने काम भी करते थे.&amp;nbsp;
ब्लैकमेलिंग रैकेट का खुलासा
इस मामले की जांच में सामने आया है कि माचेर्ला निर्वाचन क्षेत्र के पर्यटन स्थलों पर कॉलेज के छात्र और प्रेम जोड़े बड़ी संख्या में आते हैं. इसी का फायदा उठाते हुए एएसआई निवास ने जम्मलमदका के एक ऑटो ड्राइवर को उनके एकांत दृश्यों के वीडियो बनाने के लिए कहा.
इसके बाद उन वीडियो को दिखाकर उन जोड़ों को डराया-धमकाया जाता था और पुलिस स्टेशन आने और उनपर कारवाई का डर दिखाया जाता था. इस डर कर फायदा उठाकर उनसे लाखों रुपये वसूले जाते थे. जांच में पता चला कि आरोपी सिर्फ पैसे तक सीमित नहीं था, बल्कि उसने कई युवतियों और महिलाओं को अपनी निजी इच्छा पूरी करने के लिए परेशान भी किया था.
वायरल वीडियो से खुली पोल
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब उत्पीड़न में शामिल एएसआई निवास के कारनामों से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए. वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस अधिकारियों ने तुरंत गंभीरता दिखाई.
जांच के दौरान यह पुष्टि की गई कि एक व्यापारी और उसकी महिला मित्र के साथ उसका एक वीडियो बनाकर आरोपी एएसआई ने कई बार पैसे वसूले. इतना ही नहीं, इस अवैध वसूली रैकेट में उसी स्टेशन के एक एसआई और एक कांस्टेबल की भी भूमिका होने के आरोप है. फिलहाल इस मामले के सामने आने के बाद अधिकारी गहन जांच कर रहे हैं. ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 08:30:13 +0530</pubDate>
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        <title>बंगाल चुनाव में गरजे सीएम योगी, टीएमसी पर लगाए बड़े आरोप, बोले&amp; ‘अब खेला खत्म, विकास शुरू’</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/बंगाल-चुनाव-में-गरजे-सीएम-योगी-टीएमसी-पर-लगाए-बड़े-आरोप-बोले-अब-खेला-खत्म-विकास-शुरू</link>
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        <description><![CDATA[  West Bengal Politics: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को पश्चिम बंगाल के चुनावी रण में उतरे. उन्होंने कांग्रेस, वामपंथी दलों व तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर कड़े प्रहार किए. सोनामुखी में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि तृणमूल के शासन में यहां बहुत तांडव हुआ है. हमारे कार्यकर्ता सुमन को गोली मार दी गई. स्वरूप घोष, पलाश घोष, उत्पल दास जैसे कार्यकर्ताओं के घर उजाड़ दिए गए. सुशोभन का हाथ काट दिया. तृणमूल की गुंडागर्दी के ऐसे अनगिनत उदाहरण भरे पड़े हैं.
सीएम ने बंगालवासियों का आह्वान करते हुए कहा, &quot;दिल्ली में मोदी हैं, पश्चिम बंगाल में भी आप भाजपा सरकार लाइए, डबल इंजन सरकार दंगाइयों का इलाज कर देगी. तृणमूल व वामपंथी गुंडों का उपचार केवल भाजपा सरकार के पास है.&quot; सीएम योगी ने स्थानीय भाषा में संवाद स्थापित करते हुए कहा, &quot;अब बंगाल में &amp;lsquo;खेला&amp;rsquo; बंद और भाजपा की जीत से विकास शुरू होगा. उन्होंने मंच से भाजपा प्रत्याशियों सोनामुखी से दिबाकर घरामी, इंडास से निर्मल धारा व बरजोड़ा से बिलेश्वर सिंघा को जिताने की अपील की.&quot;
बांग्लादेश में दलित हिंदू की हत्या पर ममता दीदी मौन -सीएम योगी&amp;nbsp;
सीएम योगी ने कहा, &quot;कुछ दिन पहले बांग्लादेश में एक दलित हिंदू की निर्मम हत्या हुई. इसके खिलाफ भाजपा ने आंदोलन किया, लेकिन बंगाल की मुख्यमंत्री ममता दीदी मौन रहीं. भय था कि बोलने पर उनका मुस्लिम वोट न खिसक जाए. वोटबैंक के सौदागर बंगाल की डेमोग्रॉफी को बदलना चाहते हैं. कांग्रेस, वामपंथी दलों और तृणमूल कांग्रेस को भावी पीढ़ी के साथ खिलवाड़ करने की छूट न दीजिए. ये लोग नवरात्रि आयोजन में व्यवधान पैदा करते हैं, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए. हम सब मिलकर बंगाल का पुराना वैभव लौटा सकते हैं. मैं इसी आह्वान के साथ आपके बीच आया हूं.&quot;
&amp;nbsp;परिवर्तन की राह पर चल पड़ा है बंगाल -सीएम योगी&amp;nbsp;
सीएम योगी ने बंगाल की धरती पर राष्ट्रगान के रचयिता गुरुदेव रविंद्र नाथ ठाकुर व राष्ट्रगीत के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को भी याद किया. उन्होंने कहा, &quot;वंदे मातरम ने जनचेतना को जागरूक कर हर भारतवासी के मन में स्वाधीनता की अलख जगाई. स्वाधीनता में अमर मंत्र बनकर वंदे मातरम ने भारत को एकता के सूत्र में जोड़ा. राष्ट्रगीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने पर मैं विश्वास से कह रहा हूं कि बंगाल परिवर्तन की नई राह पर चल पड़ा है.&quot;
बंगाल की दुर्दशा को देखकर होता है दुख -सीएम योगी&amp;nbsp;
मुख्यमंत्री ने कहा, &quot;बंगाल की दुर्दशा को देखकर दुख होता है. बंगाल भारत के अध्यात्म, संस्कृति, कला-शिक्षा की धरती है. इस धरती ने उच्चकोटि के आध्यात्मिक साधक दिए हैं. अपनी उद्यमिता, परिश्रम, कल-कारखानों, युवाओं की प्रतिभा, श्रमिकों के श्रम से बंगाल एक समय भारत की जीडीपी का बड़ा हिस्सा उपलब्ध कराता था, लेकिन पहले कांग्रेस, फिर वामपंथ और 15 वर्ष से तृणमूल कांग्रेस ने बंगाल को कंगाल करने में कोई कसर नहीं छोड़ी.&quot;
बंगाल की धरती पर राष्ट्रनायकों का किया स्मरण -सीएम योगी&amp;nbsp;
मुख्यमंत्री ने खुदीराम बोस को याद कर कहा, &quot;देश की आजादी के लिए उन्होंने हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूमा था. नेता सुभाष चंद्र बोस ने उद्घोष किया था कि तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा. बंगाल ने स्वामी विवेकानंद जैसा संन्यासी दिया, जिन्होंने &amp;lsquo;गर्व से कहो, मैं हिंदू हूं&amp;rsquo; का भाव जगाया. बंगाल रामकृष्ण परमहंस व भारत सेवाश्रम संघ के संस्थापक स्वामी प्रणवानंद की धरती है, लेकिन भारत की संस्कृति की आत्मा और राष्ट्रवाद की धरती बंगाल को तृणमूल कांग्रेस ने तुष्टिकरण, लूट-खसोट, अराजकता की धरती बनाकर रख दिया.&quot;
जो हाल आज बंगाल का, 9 साल पहले वही हाल यूपी का था -सीएम योगी&amp;nbsp;
मुख्यमंत्री ने कहा, &quot;जो अराजकता, अव्यवस्था, गुंडागर्दी आज पश्चिम बंगाल में है, 9 वर्ष पहले वही स्थिति उत्तर प्रदेश में भी थी. वहां त्योहारों के पहले दंगे होते थे, महीनों कर्फ्यू रहता था. गुंडे-माफिया समानांतर सत्ता संचालन करते थे. 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर उत्तर प्रदेश में जनता-जनार्दन ने डबल इंजन सरकार बनाई तो आज यूपी में तुष्टिकरण नहीं, संतुष्टिकरण है.&quot;
उन्होंने कहा, &quot;सरकार नौजवान, गरीब, महिला, किसान, श्रमिक समेत सभी वर्गों के सम्मान के लिए कार्य कर रही है. यूपी में नो कर्फ्यू-नो दंगा, वहां सब है चंगा. यूपी के सभी गुंडे-माफिया जहन्नुम की यात्रा पर चले गए. यूपी में सुरक्षा का अहसास है. यूपी भारत की इकॉनमी में ग्रोथ इंजन के रूप में अपनी भूमिका निभा रहा है. अयोध्या के रामजन्मभूमि आंदोलन में बंगाल से भी कारसेवक गए थे. डबल इंजन सरकार आई तो बुलेट स्पीड से भव्य राम मंदिर का निर्माण भी हो गया.&quot;
तृणमूल कांग्रेस सरकार में किसानों का शोषण -सीएम योगी&amp;nbsp;
सीएम योगी ने कहा, &quot;बंगाल का अन्नदाता किसान भारत का पेट भरने वाला है, लेकिन दुख है कि उसे दाम नहीं मिल पा रहा. उत्तर प्रदेश में आलू किसान को 15-16 रुपये किलो का दाम मिल रहा है, जबकि यहां सिर्फ एक से डेढ़ रुपये. यहां किसान कर्ज लेने को मजबूर है, डिप्रेशन का शिकार है. टीएमसी सरकार बंगाल को फिर से उस त्रासदी की ओर ले जाने का कार्य कर रही है, जिसका उल्लेख आनंद मंठ के माध्यम से बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने किया था. उस समय अकाल था, लेकिन आज सरकार द्वारा पाले गए गुंडे शोषण कर रहे हैं. शोषण, पलायन, बेरोजगारी के कारण किसान हताश-निराश होकर अन्याय-अत्याचार सहने को मजबूर हैं.&quot;&amp;nbsp;
जहां भी है भाजपा सरकार, वहां हर वर्ग का सम्मान -सीएम योगी&amp;nbsp;
सीएम योगी ने बंगाल के मतदाताओं से कहा, &quot;जिस भी राज्य में भाजपा की डबल इंजन सरकार आई है, वहां इंफ्रास्ट्रक्चर, नौकरी, रोजगार, बेटियों व व्यापारियों की सुरक्षा हुई है. हर किसी को सुरक्षा की गारंटी है. किसानों का सम्मान, गरीब के आगे बढ़ने की संभावनाएं हैं. सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश में सरकारी योजनाओं से  ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 08:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>21 बंकर तबाह, 13 IED जब्त... मणिपुर में बीएसएफ जवान की मौत के बाद सुरक्षा बलों ने की बड़ी कार्रवाई</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/21-बंकर-तबाह-13-ied-जब्त-मणिपुर-में-बीएसएफ-जवान-की-मौत-के-बाद-सुरक्षा-बलों-ने-की-बड़ी-कार्रवाई</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/21-बंकर-तबाह-13-ied-जब्त-मणिपुर-में-बीएसएफ-जवान-की-मौत-के-बाद-सुरक्षा-बलों-ने-की-बड़ी-कार्रवाई</guid>
        <description><![CDATA[ मणिपुर में सुरक्षा बलों ने शनिवार (11 अप्रैल, 2026) को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. सुरक्षा बलों ने राज्य के उखरुल जिले में बने 21 बंकरों को तबाह कर दिया है. साथ ही, सुरक्षा बलों ने तेंगनौपाल जिले से 13 इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) भी जब्त किए हैं.
एक अधिकारिक बयान में कहा गया कि शनिवार (11 अप्रैल, 2026) को सिकिबुंग गांव में 14 और मोंगकोट चेपू में बने सात बंकर नष्ट कर दिए गए, जो दोनों लितान पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आते हैं. विभागीय बयान में आगे कहा गया कि ये सभी बंकर सशस्त्र उपद्रवियों की ओर से अवैध रूप से बनाए गए थे. एक अन्य अभियान में, सुरक्षा बलों ने शनिवार (11 अप्रैल, 2026) को तेंगनौपाल जिले के मोरेह क्षेत्र से भी हथियारों और गोला-बारूद का एक जखीरा भी बरामद किया है.
ड्यूटी के दौरान गोली लगने से BSF जवान की मौत
न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, हाल ही में पश्चिम बंगाल के रहने वाले एक बीएसएफ कांस्टेबल की मौत हो गई. यह घटना तब घटी जब जवान मोंगकोट चेपू गांव के पास ड्यूटी कर रहा था और इसी दौरान अज्ञात दिशा से चली गोली बीएसएफ कांस्टेबल को लग गई और कांस्टेबल की मौत हो गई. बयान में कहा गया कि सुरक्षा बलों के अभियान के दौरान 9 मिमी पिस्तौल मैगजीन के साथ दो कॉम्बैट यूनिफॉर्म और 13 IED बरामद किए गए और उन सभी को मौके पर ही निष्क्रिय कर दिया गया.
दो बच्चों की मौत के बाद लोगों ने CRPF कैंप पर बोला था धावा
जबकि एक अलग घटना में 7 अप्रैल, 2026) को मणिपुर के बिष्णुपुर जिले के त्रोंग्लाओबी में संदिग्ध उग्रवादियों की तरफ से एक घर पर बम फेंके जाने से पांच साल के एक बच्चे और उसकी छह महीने की बहन की मौत हो गई. घटना के तुरंत बाद करीब 500 प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने त्रोंग्लाओबी से कुछ सौ मीटर दूर गेलमोल के पास एक CRPF कैंप पर धावा बोल दिया और तोड़फोड़ के साथ-साथ सुरक्षा वाहनों में आगजनी की. इसके बाद सुरक्षा बलों की ओर से की गई फायरिंग में तीन प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई, जबकि 30 लोग घायल हुए.
त्रोंग्लाओबी घटना के बाद चलाए गए ऑपरेशनों में पुलिस ने यूनाइटेड कुकी नेशनल आर्मी के तीन संदिग्ध सदस्यों को गिरफ्तार किया है. हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं की है कि गिरफ्तार लोग सीधे तौर पर विस्फोट से जुड़े थे या नहीं.
यह भी पढ़ेंः आसमान से बरसेगी आग! अगले हफ्ते तक 40 डिग्री पहुंच सकता है तापमान, कई राज्यों में हीटवेव का अलर्ट ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 08:30:12 +0530</pubDate>
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        <title>Bengal: नंदकुमार में गरजे सीएम योगी! बोले&amp; ‘तुष्टिकरण, माफिया राज और कट मनी से बर्बाद हुआ बंगाल’</title>
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        <description><![CDATA[ West Bengal Politics: पश्चिम बंगाल के नंदकुमार विधानसभा क्षेत्र में जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार पर तीखा प्रहार किया. उन्होंने कहा कि आज टीएमसी का मतलब &amp;ldquo;तुष्टिकरण, माफिया राज और कट मनी&amp;rdquo; बनकर रह गया है, जिसने बंगाल की विकास यात्रा को बाधित किया है.
मुख्यमंत्री ने टीएमसी के &amp;lsquo;मां-माटी-मानुष&amp;rsquo; के नारे पर भी सवाल उठाते हुए कहा, &quot;आज बंगाल में मां-बहन असुरक्षित हैं, माटी घुसपैठियों के कब्जे में और मानुष भयभीत व असहाय है. उन्होंने जनता से आह्वान किया कि बंगाल को फिर से उसकी सांस्कृतिक पहचान, सुरक्षा और विकास के मार्ग पर लाने के लिए परिवर्तन आवश्यक है.&quot;
तुष्टिकरण, लूट, अराजकता की चुनौतियों से जूझता बंगाल -सीएम योगी&amp;nbsp;
मुख्यमंत्री ने बंगाल की महान सांस्कृतिक धरा को नमन करते हुए कहा, &quot;बंगाल प्रेरणा की भूमि है, जिसने भारत को दिशा दी है. यहां से स्वामी विवेकानंद ने विश्व मंच पर सनातन का परचम लहराते हुए कहा कि गर्व से कहो कि हम हिंदू हैं. इसी भूमि पर खुदीराम बोस ने देश के लिए हंसते-हंसते बलिदान दिया और सुभाष चंद्र बोस ने आजादी का बिगुल फूंका. रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विवेकानंद और लाहिड़ी महाशय जैसे संतों की परंपरा तथा श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसे राष्ट्रनायकों ने इस भूमि को गौरव प्रदान किया.&quot;
उन्होंने कहा, &quot;इसी धरती ने गुरुदेव रवीन्द्रनाथ ठाकुर द्वारा रचित &amp;ldquo;जन गण मन&amp;rdquo; और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के &amp;ldquo;वंदे मातरम्&amp;rdquo; जैसी अमर धरोहरें दीं, जो भारत की स्वतंत्रता का मंत्र बनीं. लेकिन आज वही बंगाल तुष्टिकरण, लूट, अराजकता और गुंडागर्दी की चुनौतियों से जूझ रहा है, जहां कृषि प्रधान क्षेत्र का किसान अपनी उपज का उचित मूल्य नहीं पा रहा और सरकार आवश्यक सुविधाएं देने में विफल साबित हो रही है.&quot;
बंगाल में डेमोग्राफी बदलने का कुत्सित प्रयास -सीएम योगी&amp;nbsp;
मुख्यमंत्री ने कहा, &quot;बंगाल में डेमोग्राफी बदलने के कुत्सित प्रयास और तुष्टिकरण की राजनीति विकास में बाधा बन रही है. स्वतंत्रता के समय बंगाल देश की अर्थव्यवस्था का लगभग एक-तिहाई हिस्सा था, लेकिन धीरे-धीरे उद्योग, कल-कारखाने और एमएसएमई सेक्टर कमजोर होते गए तथा कला, संस्कृति और शिक्षा पर राजनीति हावी हो गई.&quot;
उन्होंने कहा, &quot;पहले कांग्रेस, फिर वामपंथ और बीते वर्षों में टीएमसी शासन में स्थिति और बिगड़ी. कभी आर्थिक शक्ति का केंद्र रही यह उर्वर भूमि आज भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन के कारण कमजोर पड़ती दिख रही है. मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि मां महाकाली और मां दुर्गा की इस पावन धरा को तुष्टिकरण और अराजकता का प्रतीक नहीं बनने देना है, बल्कि कानून व्यवस्था को सुदृढ़ कर अवैध गतिविधियों पर रोक लगानी होगी.&quot;
बंगाल से भी गंभीर स्थिति कभी यूपी में थी -सीएम योगी&amp;nbsp;
मुख्यमंत्री ने कहा, &quot;जिस प्रकार की अराजकता, गुंडागर्दी, लूट और तुष्टिकरण आज बंगाल में देखने को मिल रहा है, उससे मिलती-जुलती बल्कि उससे भी गंभीर स्थिति 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में थी, जब हर तीसरे दिन दंगे होते थे, त्योहारों से पहले उपद्रव शुरू हो जाते थे और प्रदेश &amp;lsquo;बीमारू&amp;rsquo; राज्य के रूप में जाना जाता था. 2017 में नरेंद्र मोदी के आह्वान पर प्रदेश में डबल इंजन सरकार बनने के बाद हालात पूरी तरह बदले और अब न कर्फ्यू न दंगा, यूपी में सब चंगा.&quot;
सीएम योगी ने कहा, &quot;कानून व्यवस्था सुदृढ़ हुई, दंगे रुके, महिलाओं की सुरक्षा के लिए कड़े कानून बने और अवैध गतिविधियों पर सख्ती से कार्रवाई हुई, जिससे उद्योगों को बढ़ावा मिला और हर वर्ग के लिए विकास की योजनाएं लागू हुईं.&quot; सीएम ने अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण को इस परिवर्तन का प्रतीक बताते हुए कहा, &quot;अब जरूरत है बंगाल में विकास, सुशासन और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने की.&quot;&amp;nbsp;
माफिया का इलाज भी करता है यूपी का बुलडोजर -सीएम योगी&amp;nbsp;
मुख्यमंत्री ने कहा, &quot;आज कोलकाता का मेयर चुनौती देता है, कहता है कि बंगाल की आधी आबादी उर्दू बोलेगी, यानी बांग्ला और बंगाली पहचान को समाप्त करने की कोशिश की जा रही है. यह एक साजिश है और इसे सफल नहीं होने दिया जाएगा. जो लोग कहते हैं कि यहां उर्दू बोली जाएगी, उन्हें स्पष्ट कर दो कि उर्दू जहां बोली जाती है, वहीं बोली जाएगी, बंगाल में बांग्ला ही बोली जाएगी.&quot;
उन्होंने कहा, &quot;बंगाल की कला, संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत, बहन-बेटियों की सुरक्षा और युवाओं के रोजगार के साथ जो भी खिलवाड़ करेगा, उसे उत्तर प्रदेश का बुलडोजर सख्त जवाब देगा. यूपी का बुलडोजर केवल सड़कें बनाने तक सीमित नहीं है, यह माफिया का इलाज भी करता है. और, यह बुलडोजर वहीं प्रभावी ढंग से चलता है, जहां डबल इंजन सरकार की रफ्तार और संकल्प मौजूद होता है.&quot;
हिंदुओं के कत्लेआम पर चुप रहती हैं ममता -सीएम योगी&amp;nbsp;
मुख्यमंत्री ने कहा, &quot;बंगाल में डेमोग्राफी बदलने की साजिश की जा रही है. मालदा, मुर्शिदाबाद, उत्तर दिनाजपुर, नादिया, बीरभूम व हावड़ा जैसे जिलों में सामाजिक संतुलन बिगाड़ने की चेष्टा हो रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस सरकार ने रामनवमी जैसे अवसरों पर शोभायात्राओं को रोकने का प्रयास किया और अवैध घुसपैठ सिंडिकेट को बढ़ावा दिया.&quot;
सीएम योगी ने बांग्लादेश में हिंदुओं के कत्लेआम पर ममता बनर्जी समेत तमाम राजनीतिक दलों की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा, &quot;तुष्टिकरण की राजनीति स्वीकार नहीं की जा सकती.&quot; मुख्यमंत्री ने सीमा सुरक्षा को अहम बताते हुए कहा, &quot;लगभग 570 किमी सीमा पर फेंसिंग जरूरी है, ताकि अवैध गतिविधियों व घुसपैठ पर प्रभावी रोक लगाई जा सके.&quot;&amp;nbsp;
बंगाल को उसकी सांस्कृतिक पहचान व गौरव दिलाना होगा -सीएम योगी&amp;nbsp;
मुख्यमंत्री ने कहा, &quot; बंगाल, जो कभी &amp;ldquo;कल्चरल कैपिटल ऑफ इंडिया&amp;rdquo; के रूप में देश को दिशा देता था, आज अपराध व अराजकता का केंद्र ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 08:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>‘संशोधन के लिए यही समय, नहीं तो...’, कांग्रेस अध्यक्ष ने PM मोदी को क्यों लिखा था खत, समझें पूरी बात</title>
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        <description><![CDATA[ नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन को पास कराने के लिए सरकार ने गुरुवार से शनिवार (16-18 अप्रैल, 2026) तक संसद सत्र बुलाया है, लेकिन इस पूरे मामले पर राजनीति तेज हो गई है. पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी दलों के सांसदों को पत्र लिखकर बिल पर समर्थन देने की अपील की. उसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर इस पूरे मामले पर जल्दबाजी करने और चुनाव में फायदा उठाने के आरोप लगाया. अब केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस अध्यक्ष को पत्र लिखकर उनके आरोपों को खारिज किया है.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को किरेन रिजिजू ने लिखा पत्र
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे को पत्र लिखकर नारी शक्ति वंदन अधिनियम के शीघ्र क्रियान्वयन को लेकर व्यापक सहमति बनाने की दिशा में सरकार के प्रयासों की जानकारी दी है. अपने पत्र में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि साल 2023 में संसद के दोनों सदनों की ओर से पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश की लंबे समय से चली आ रही आकांक्षा का परिणाम है और यह महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में उनका उचित स्थान दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है.
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अगर अब आवश्यक कदम नहीं उठाए गए, तो 2029 के चुनावों से पहले महिला आरक्षण लागू करने में देरी हो सकती है. इसलिए वर्तमान समय इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए सबसे उपयुक्त और तार्किक है.
केंद्रीय मंत्री ने खरगे के आरोपों को किया खारिज
किरेन रिजिजू ने विपक्ष की ओर से परामर्श न किए जाने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि 16 मार्च, 2026 से ही विभिन्न दलों के साथ संवाद शुरू किया गया था. बजट सत्र के दौरान इस मुद्दे पर व्यक्तिगत स्तर पर भी चर्चा की गई थी और 26 मार्च को इस संबंध में विस्तृत उत्तर भी दिया गया था. सरकार की तरफ से सर्वसम्मति बनाने के उद्देश्य से विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ कई दौर की बैठकों और संवाद का आयोजन किया गया है, इनमें समाजवादी पार्टी, डीएमके, टीएमसी सहित एनडीए और गैर-एनडीए दलों के कई नेता शामिल रहे हैं. पिछले पखवाड़े में भी कई दलों के नेताओं से विस्तृत बातचीत की गई, जिनमें से कई ने समर्थन जताया है, जबकि कुछ ने अपने दलों से परामर्श के लिए समय मांगा है.
रिजिजू ने कांग्रेस अध्यक्ष से की अपील
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि राज्यसभा राज्यों का प्रतिनिधित्व करती है और विधेयक पर चर्चा के दौरान सभी राज्यों की आकांक्षाओं को अभिव्यक्ति का पूरा अवसर मिलेगा. अपने पत्र में रिजिजू ने कांग्रेस अध्यक्ष से इस ऐतिहासिक विधेयक के पारित होने और देशभर की महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए समर्थन देने का आग्रह किया.
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        <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 08:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Mallikarjun Kharge To PM: महिला आरक्षण बिल पर PM मोदी ने सभी पार्टियों को लिखी चिट्ठी, खरगे बोले&amp; हमें विश्वास में लिए बिना...</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/mallikarjun-kharge-to-pm-महिला-आरक्षण-बिल-पर-pm-मोदी-ने-सभी-पार्टियों-को-लिखी-चिट्ठी-खरगे-बोले-हमें-विश्वास-में-लिए-बिना</link>
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        <description><![CDATA[ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा है कि राज्यों में चुनावों के बीच संसद का विशेष सत्र बुलाना इस धारणा को बल देता है कि सरकार राजनीतिक लाभ के लिए महिला आरक्षण कानून को लागू करने में जल्दबाजी कर रही है. प्रधानमंत्री मोदी को लिखे पत्र में खरगे ने इस मांग को दोहराया कि परिसीमन मुद्दे पर चर्चा करने के लिए 29 अप्रैल के बाद एक सर्वदलीय बैठक बुलायी जाए. इस परिसीमन को नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 में संशोधनों से जोड़ा जा रहा है. खरगे का यह पत्र प्रधानमंत्री के उस पत्र के जवाब में आया है जिसमें उन्होंने 16 अप्रैल से नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा के लिए संसद के विशेष सत्र का उल्लेख किया था.
राज्यसभा में विपक्ष के नेता ने मोदी को शनिवार (11 अप्रैल 2026) को लिखे पत्र में कहा, &amp;lsquo;&amp;lsquo;मुझे अभी-अभी 16 अप्रैल से नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा के लिए संसद के विशेष सत्र के संबंध में आपका पत्र प्राप्त हुआ है.&amp;rsquo;&amp;rsquo; खरगे ने कहा, &amp;lsquo;&amp;lsquo;जैसा कि आप जानते हैं कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 को संसद ने सितंबर 2023 में सर्वसम्मति से पारित किया था. उस समय भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की ओर से मैंने मांग की थी कि यह महत्वपूर्ण कानून तत्काल प्रभाव से लागू होना चाहिए.&amp;rsquo;&amp;rsquo;&amp;nbsp;
सर्वदलीय बैठक बुलाए जाने की मांग
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि हालांकि प्रधानमंत्री ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि इसके तत्काल कार्यान्वयन के लिए व्यापक सहमति थी, लेकिन फिर भी उन्होंने इसे लागू नहीं किया. उन्होंने कहा, &amp;lsquo;&amp;lsquo;तब से 30 महीने बीत चुके हैं और अब हमें विश्वास में लिए बिना यह विशेष बैठक बुलाई गई है और आपकी सरकार परिसीमन के बारे में कोई जानकारी दिए बिना हमसे फिर से सहयोग मांग रही है. आप समझ सकते हैं कि परिसीमन और अन्य पहलुओं के विवरण के बिना इस ऐतिहासिक कानून पर कोई सार्थक चर्चा करना असंभव होगा.&amp;rsquo;&amp;rsquo; उन्होंने कहा, &amp;lsquo;&amp;lsquo;आपने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि आपकी सरकार ने इस संबंध में राजनीतिक दलों के साथ बातचीत की है. हालांकि, मुझे यह बताते हुए खेद है कि यह सच्चाई के विपरीत है क्योंकि सभी विपक्षी दल सरकार से आग्रह कर रहे हैं कि 29 अप्रैल 2026 को मौजूदा दौर के चुनाव समाप्त होने के बाद संविधान संशोधनों पर चर्चा करने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए.&amp;rsquo;&amp;rsquo;&amp;nbsp;
राजनीतिक लाभ हासिल करने की जल्दबाजी- कांग्रेस
खरगे ने कहा कि राज्यों में जारी चुनावों के दौरान विशेष सत्र बुलाना केवल कांग्रेस के इस विश्वास को पुष्ट करता है कि सरकार महिलाओं को वास्तव में सशक्त बनाने के बजाय राजनीतिक लाभ प्राप्त करने के लिए कानून के कार्यान्वयन में जल्दबाजी कर रही है. कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, &amp;lsquo;&amp;lsquo;मुझे यह लिखते हुए भी दुख हो रहा है कि सार्वजनिक महत्व के मामलों में सरकार का पिछला रिकॉर्ड किसी भी तरह का विश्वास पैदा नहीं करता- चाहे वह नोटबंदी हो, जीएसटी हो, जनगणना हो या फिर संघीय ढांचे से संबंधित मामले जैसे वित्त आयोग की सिफारिशों को लागू करना और करों का हस्तांतरण.&amp;rsquo;&amp;rsquo;
खरगे ने संवैधानिक संशोधनों के बारे में क्या कहा?
खरगे ने कहा कि प्रस्तावित संवैधानिक संशोधनों से केंद्र और राज्य दोनों प्रभावित होंगे और यह महत्वपूर्ण है कि लोकतंत्र में सभी दलों और राज्यों की बात सुनी जाए, चाहे वे कितने भी छोटे क्यों न हों. उन्होंने, &amp;lsquo;&amp;lsquo;अगर विशेष बैठक का उद्देश्य &amp;lsquo;हमारे लोकतंत्र को मजबूत करना&amp;rsquo; और &amp;lsquo;सभी को साथ लेकर आगे बढ़ना है&amp;rsquo;, जैसा कि आपने पत्र में लिखा है, तो मैं सुझाव दूंगा कि सरकार परिसीमन मुद्दे पर चर्चा करने के लिए 29 अप्रैल के बाद किसी भी समय एक सर्वदलीय बैठक बुलाए.&amp;rsquo;&amp;rsquo; प्रधानमंत्री और खरगे के बीच यह पत्राचार संसद के तीन दिवसीय विशेष सत्र से पहले हुआ है, जिसमें सरकार 2029 के आम चुनावों से पहले महिला आरक्षण कानून लागू करने और लोकसभा सीटों की संख्या 816 तक बढ़ाने (जिसमें 273 सीट महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी) से जुड़े विधेयक ला सकती है.&amp;nbsp;
कांग्रेस का आरोप
कांग्रेस ने पिछले सप्ताह भी आरोप लगाया था कि महिला आरक्षण कानून के नाम पर राजनीति की जा रही है और इससे जुड़ा परिसीमन &amp;lsquo;&amp;lsquo;संवैधानिक नहीं&amp;rsquo;&amp;rsquo; है तथा इसके &amp;lsquo;&amp;lsquo;गंभीर परिणाम&amp;rsquo;&amp;rsquo; हो सकते हैं. कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में यह भी तय किया गया कि खरगे 15 अप्रैल के आसपास सभी विपक्षी दलों के नेताओं की बैठक बुलाकर 16 से 18 अप्रैल तक होने वाले इस विशेष सत्र को लेकर साझा रणनीति बनाएंगे. इस बीच पुडुचेरी, असम और केरल में नौ अप्रैल को मतदान हो चुका है, जबकि पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान होगा. तमिलनाडु में 23 अप्रैल को एक चरण में चुनाव होंगे.&amp;nbsp;
ये भी पढ़ें: बंगाल चुनाव से पहले रेल मंत्रालय का बड़ा कदम, मुंबई से हावड़ा के लिए चलाई जाएगी दो अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनें ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 12 Apr 2026 20:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Asha Bhosle Death: &amp;apos;अब तक की सबसे प्रतिष्ठित आवाजों में से एक&amp;apos;, आशा भोसले के निधन पर PM मोदी ने जताया दुख</title>
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        <description><![CDATA[ महान गायिका आशा भोसले का रविवार (12 अप्रैल 2026) को दक्षिण मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में निधन हो गया. इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख प्रकट किया. उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि भारत की सबसे मशहूर और बहुमुखी गायिकाओं में से एक आशा भोसले जी के निधन&amp;nbsp;की खबर से गहरा दुख हुआ है. उनका संगीत सफर कई दशकों तक चला और इस दौरान उन्होंने भारतीय संस्कृति को और भी समृद्ध बनाया.
पीएम मोदी ने आगे लिखा कि उनकी आवाज ने देश ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के लोगों के दिलों को छुआ. चाहे उनके भावुक गीत हों या जोश से भरे गाने, उनकी आवाज में एक अलग ही जादू था, जो हमेशा याद रखा जाएगा. उनसे हुई मुलाकातों की यादें भी हमेशा दिल में बनी रहेंगी. इस दुख की घड़ी में मैं उनके परिवार, चाहने वालों और संगीत प्रेमियों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं. आशा भोसले जी हमेशा आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी और उनके गाने हमेशा लोगों के दिलों में गूंजते रहेंगे.

Deeply saddened by the passing of Asha Bhosle Ji, one of the most iconic and versatile voices India has ever known. Her extraordinary musical journey, spanning decades, enriched our cultural heritage and touched countless hearts across the world. Be it her soulful melodies or&amp;hellip; pic.twitter.com/SbFrzf1Meu
&amp;mdash; Narendra Modi (@narendramodi) April 12, 2026



कब होगा आशा भोसले का अंतिम संस्कार?
आशा भोसले के बेटे आनंद भोसले ने जानकारी दी कि उनकी मां का अंतिम संस्कार सोमवार (13 अप्रैल 2026) को मुंबई के शिवाजी पार्क में किया जाएगा. इसके अलावा आशा भोसले की पोती जनाई भोसले के अनुसार, गायिका को शनिवार शाम सीने में संक्रमण और कमजोरी के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था. सूत्रों के अनुसार, दिग्गज गायिका को दिल का दौरा पड़ा था और उन्हें फेफड़ों की समस्या भी थी. आशा भोसले का जन्म आठ सितंबर 1935 को महाराष्ट्र के सांगली जिले में हुआ था. बड़ी बहन लता मंगेशकर की तरह उन्हें भी उनके पिता दीनानाथ मंगेशकर ने संगीत की प्रारंभिक शिक्षा दी थी. उनकी बहन मीना और भाई हृदयनाथ मंगेशकर भी संगीत से जुड़े हैं.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sun, 12 Apr 2026 20:30:09 +0530</pubDate>
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        <title>EXCLUSIVE: बंगाल चुनाव से पहले ED का बड़ा एक्शन! कोयला से हवाला तक कई बड़े नाम रडार पर</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/exclusive-बंगाल-चुनाव-से-पहले-ed-का-बड़ा-एक्शन-कोयला-से-हवाला-तक-कई-बड़े-नाम-रडार-पर</link>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले ED ने एक के बाद एक बड़ी कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार, मनी लॉन्ड्रिंग, अवैध वसूली, जमीन कब्ज़ा, भर्ती घोटाले और अंतरराष्ट्रीय हवाला नेटवर्क पर शिकंजा कस दिया है. बीते कुछ दिनों में राज्य के अलग-अलग मामलों में छापेमारी, संपत्ति अटैचमेंट, समन जारी करने और चार्जशीट दाखिल करने जैसी कई बड़ी कार्रवाई सामने आई हैं. इन कार्रवाइयों में राजनीतिक नेताओं, अधिकारियों, कारोबारियों और कथित अपराध सिंडिकेट से जुड़े लोगों के नाम सामने आए हैं.
सबसे पहले बात करते हैं IPAC केस की. 2 अप्रैल 2026 को ED ने देश के कई शहरों हैदराबाद, दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, विजयवाड़ा और रांची में एक साथ 11 ठिकानों पर छापेमारी की. ये छापे IPAC के दफ्तरों, उसके डायरेक्टर्स के घरों और उससे जुड़ी कंपनियों के ऑफिस पर मारे गए. जांच के दौरान ED को ऐसे दस्तावेज और डिजिटल सबूत मिले हैं जो मनी लॉन्ड्रिंग और घरेलू ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय हवाला नेटवर्क की ओर इशारा करते हैं. जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि चुनावी गतिविधियों के नाम पर कहीं अवैध फंडिंग तो नहीं हो रही थी.इस केस में छापेमारी के दौरान खुद राज्य की सीएम ममता बनर्जी जबरन दस्तावेज लेकर चली गई थीं.सुप्रीम कोर्ट ने इसे लेकर उन्हें फटकार लगाई थी
पार्थ चटर्जी केस में ED की दबिश तेज
पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी एक बार फिर ED के निशाने पर हैं. 11 अप्रैल 2026 को कोलकाता में उनके आवास और सहयोगी प्रसन्न कुमार रॉय के दफ्तर पर छापेमारी की गई. ED के मुताबिक, SSC भर्ती घोटाले में उन्हें तीन बार समन भेजा गया लेकिन वे एक बार भी पूछताछ के लिए पेश नहीं हुए.गौरतलब है कि 2022 में प्राथमिक शिक्षक भर्ती घोटाले में ED ने उन्हें गिरफ्तार किया था और 2025 में सुप्रीम कोर्ट से उन्हें सशर्त जमानत मिली थी. अब ED उनके खिलाफ प्राथमिक शिक्षक, SSC असिस्टेंट टीचर और ग्रुप C-D भर्ती से जुड़े कई मामलों की जांच कर रही है.
सोना पप्पू&amp;rsquo; केस कैश, सोना और हथियार बरामद
कोलकाता में कुख्यात सिंडिकेट से जुड़े बिश्वजीत पोद्दार उर्फ सोना पप्पू के खिलाफ ED ने 1 अप्रैल को 8 जगहों पर छापेमारी की. इस दौरान करीब 1.47 करोड़ रुपये नकद, 67 लाख रुपये के सोने-चांदी के गहने, एक फॉर्च्यूनर गाड़ी और कई अहम दस्तावेज बरामद हुए.सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि उसके घर से Made in USA &amp;nbsp;लिखा हुआ एक रिवॉल्वर भी मिला, जिसे बाद में पश्चिम बंगाल पुलिस को सौंप दिया गया. जांच में सामने आया कि यह पूरा नेटवर्क उगाही, जमीन कब्ज़ा और अवैध निर्माण के जरिए भारी मात्रा में काला पैसा बना रहा था. फिलहाल सोना पप्पू फरार है और ED के समन के बावजूद जांच में शामिल नहीं हो रहा है. इस मामले में कारोबारी जय कमदार को भी समन जारी किया गया है, जिनके तार पुलिस अधिकारी संतनु सिन्हा बिस्वास से जुड़े बताए जा रहे हैं. ईडी के मुताबिक इस मामले में टीएमसी के बड़े नेताओं से भी पूछताछ होगी
अमित गांगुली केस: फर्जी कागजों से जमीन हड़पने का बड़ा रैकेट
28 मार्च 2026 को ED ने कोलकाता में 7 ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें जमीन कब्ज़ा और फर्जीवाड़े के आरोपी अमित गांगुली और उसके सहयोगियों के ठिकाने शामिल थे. जांच में सामने आया कि आरोपी फर्जी एग्रीमेंट, पावर ऑफ अटॉर्नी और नकली दस्तावेज बनाकर महंगी जमीनों पर कब्ज़ा करते थे. इसके बाद उन्हीं जमीनों पर रियल एस्टेट प्रोजेक्ट बनाकर आम लोगों को बेच दिया जाता था. इस पूरे खेल में बैंक खातों का इस्तेमाल कर मनी लॉन्ड्रिंग भी की गई. ED ने कई बैंक अकाउंट फ्रीज किए हैं और 20 से ज्यादा FIR पहले से दर्ज हैं.
PDS राशन घोटाला: गरीबों का अनाज बाजार में बेचा गया
10 अप्रैल 2026 को ED ने 17 ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें Niranjan Chandra Saha और उसके नेटवर्क से जुड़े लोग शामिल हैं. आरोप है कि सरकारी राशन यानी PDS का गेहूं गरीबों तक पहुंचने के बजाय अवैध तरीके से बाजार और एक्सपोर्ट में बेचा जा रहा था. जांच में सामने आया कि आरोपी FCI के बोरे बदलकर गेहूं की पहचान मिटा देते थे और उसे निजी माल की तरह बेच देते थे. इस दौरान करीब 31.9 लाख रुपये नकद और कई डिजिटल सबूत जब्त किए गए.
Merlin Group केस: रियल एस्टेट में बड़ा घोटाला, राजनीतिक कनेक्शन की जांच
8 अप्रैल 2026 को ED ने Merlin Projects Limited से जुड़े 7 ठिकानों पर छापेमारी की. कंपनी के प्रमोटर Sushil Mohta और Saket Mohta पर आरोप है कि उन्होंने फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमीन हड़पकर बड़े प्रोजेक्ट खड़े किए. ED को जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि इस ग्रुप के राज्य के बड़े नेताओं और सरकारी अधिकारियों से संबंध हो सकते हैं. फिलहाल इन वित्तीय लेन-देन की जांच जारी है.
NRI कोटा मेडिकल एडमिशन घोटाला: पुलिस अफसर पर ED का शिकंजा
कोलकाता पुलिस के अधिकारी शांतनु सिन्हा बिस्वास को ED ने समन जारी किया है. मामला मेडिकल कॉलेजों में NRI कोटे के तहत फर्जी दाखिले से जुड़ा है. ED के मुताबिक, करीब 85 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन सामने आए हैं. जांच में पाया गया कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए छात्रों को NRI कोटे में दाखिला दिलाया गया. संतनु सिन्हा बिस्वास ने ED के समन को कोर्ट में चुनौती दी है, लेकिन अभी तक ED की कार्रवाई पर कोई रोक नहीं लगी है.
कोयला घोटाला: 650 करोड़ की उगाही, ED ने दाखिल की चार्जशीट
9 अप्रैल 2026 को ED ने अवैध कोयला खनन और वसूली के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल की. इस केस में Chinmoy Mondal और Kiran Khan समेत कई आरोपी शामिल हैं. जांच में खुलासा हुआ कि कोयला माफिया ट्रांसपोर्टरों और खरीदारों से गुंडा टैक्स वसूलते थे, जो कोयले की कीमत का 20-25% तक होता था. पिछले पांच साल में सिर्फ उगाही से ही 650 करोड़ रुपये का काला धन इकट्ठा किया गया.
South Point स्कूल फंड घोटाला: 18.5 करोड़ की संपत्ति अटैच
ED ने कृष्ण दमानी और उनके परिवार से जुड़ ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 12 Apr 2026 20:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>आसमान से बरसेगी आग! अगले हफ्ते तक 40 डिग्री पहुंच सकता है तापमान, कई राज्यों में हीटवेव का अलर्ट</title>
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        <description><![CDATA[ देश की राजधानी दिल्ली में गर्मी का प्रकोप अप्रैल महीने से ही दिखने लगा है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) का अनुमान है कि अगले हफ्ते बुधवार (15 अप्रैल, 2026) तक दिल्ली का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. इसके साथ ही मौसम विभाग ने कई राज्यों में हीटवेव का भी अलर्ट जारी किया है. IMD ने कहा कि दिल्ली में हाल ही में हुई हल्की बारिश के बाद तापमान में लगातार बढ़ोत्तरी देखी गई है. शनिवार (11 अप्रैल, 2026) को भी शहर में दिन भर तेज धूप खिली रही और अधिकतम तापमान 34.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.
हालांकि, यह तापमान अभी सामान्य से 1.4 डिग्री कम है, लेकिन तापमान में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी रहने की संभावना है. IMD ने कहा कि शुक्रवार (17 अप्रैल) तक तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक भी पहुंच सकता है.
पिछले हफ्ते के बाद से दिल्ली में लगातार बढ़ रहा तापमान
पिछले हफ्ते की शुरुआत में दिल्ली में अप्रैल का दशक का सबसे कम अधिकतम तापमान 28.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था. इसके बाद से तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जो गर्मी के मौसम की शुरुआत का संकेत है. मौसम विभाग के अनुसार, अगले एक सप्ताह में अधिकतम तापमान में 6&amp;ndash;7 डिग्री की वृद्धि हो सकती है, जिससे यह सामान्य से नीचे से बढ़कर सामान्य से ऊपर पहुंच जाएगा. वहीं, न्यूनतम तापमान, जो फिलहाल 18.6 डिग्री सेल्सियस है और औसत से कम है, उसमें भी धीरे-धीरे वृद्धि होने की उम्मीद है. गुरुवार (16 अप्रैल) तक यह 23-25 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है.
दिल्ली में आसमान साफ, पर जल्द बारिश की संभावना नहीं
एक्सपर्ट्स का मानना है कि तापमान में यह बढ़ोतरी साफ आसमान और मौसम में किसी भी तरह की बाधा न होने के कारण हो रही है. स्काइमेट वेदर के महेश पलावत ने कहा, &amp;lsquo;आने वाले दिनों में शुष्क हवाएं चलेंगी, क्योंकि उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाओं का असर कम हो रहा है. लगातार तेज धूप, बिना बादलों और बिना बारिश के कारण तापमान बढ़ना तय है.&amp;rsquo; उन्होंने कहा कि अगर तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जाकर सामान्य से काफी ज्यादा हो जाता है, तो हीटवेव जैसी भी स्थिति बन सकती है.
हवा की गुणवत्ता में आ सकती है गिरावट
मौसम वैज्ञानिक नवदीप दहिया ने चेतावनी दी कि जैसे-जैसे बारिश कम हो रही है, इस हफ्ते के अंत से तापमान धीरे-धीरे बढ़ेगा. अगले सप्ताह के मध्य से अंत तक कई शहरों में अधिकतम तापमान 42 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा सकता है. दिल्ली और हरियाणा में 17 या 18 अप्रैल तक इस सीजन का पहला 40 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हो सकता है.
उन्होंने कहा कि मध्य और प्रायद्वीपीय भारत के कुछ हिस्सों में हीटवेव की स्थिति देखने को मिल सकती है. शनिवार (11 अप्रैल) को हवा की गुणवत्ता मोडरेट कैटेगरी में रही और आने वाले दिनों में इसके मोडरेट से खराब श्रेणी के बीच रहने की संभावना है.
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        <pubDate>Sun, 12 Apr 2026 20:30:06 +0530</pubDate>
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        <title>IPL की तर्ज पर आयोजित होगी राजस्थान प्रीमियर लीग, RCA की एडहॉक कमेटी का बड़ा फैसला</title>
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        <description><![CDATA[ राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) की एडहॉक कमेटी की अहम बैठक में क्रिकेट गतिविधियों को फिर से रफ्तार देने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए है. बैठक के बाद संकेत मिले हैं कि आगामी तीन महीनों के भीतर RCA के चुनाव कराने की दिशा में ठोस पहल की जाएगी. इसके लिए विस्तृत रोडमैप तैयार किया जा रहा है.
इसके साथ, राजस्थान में IPL की तर्ज पर राजस्थान प्रीमियर लीग (RPL) आयोजित किए जाने का भी अहम फैसला लिया गया है. आरपीएल में राजस्थान की कई टीमें हिस्सा लेंगी और इसे आईपीएल की तर्ज पर ही आयोजित किया जाएगा.
तय SOP के तहत लिए जाएंगे RCA से जुड़े फैसलेः डॉ. मोहित
राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के कंवेनर डॉ. मोहित यादव ने कहा कि बैठक में यह साफ किया गया कि अब RCA के सभी अहम निर्णय तय मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के तहत ही लिए जाएंगे. इसका उद्देश्य संगठन के कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है.
आरपीएल से जुड़े मुद्दों पर भी हुई चर्चाः डॉ. मोहित
डॉ. मोहित यादव ने बताया कि आरपीएल के संबंध में राजस्थान सरकार और राजस्थान राज्य खेल परिषद को पत्र भेजे गए हैं. इन पत्रों में RCA से अपेक्षित सहयोग और विभिन्न एजेंसियों की भूमिका को स्पष्ट किया गया है, ताकि बड़े आयोजनों के दौरान बेहतर समन्वय स्थापित हो सके.
उन्होंने कहा, &amp;lsquo;बैठक में खिलाड़ियों के सम्मान को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया है. मई के पहले सप्ताह में एक भव्य अवॉर्ड समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें राज्य के प्रतिभाशाली क्रिकेटर्स को सम्मानित किया जाएगा.&amp;rsquo;
विवादों को प्राथमिकता से सुलझाया जाएगाः RCA
जिला क्रिकेट संघों में चल रहे विवादों को प्राथमिकता से सुलझाने का निर्णय लिया गया है. कमेटी ने भरोसा दिलाया कि जिन जिलों में विवाद की स्थिति बनी हुई है, उन्हें जल्द समाप्त कर क्रिकेट गतिविधियों को सुचारू किया जाएगा. साथ ही प्रत्येक जिला क्रिकेट संघ को एक लाख रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता देने का भी निर्णय लिया गया है, जिससे जमीनी स्तर पर क्रिकेट को मजबूती मिल सके.
चौप स्टेडियम का जल्द शुरू होगा निर्माणः धनंजय
वहीं, एडहॉक कमेटी के सद्स्य धनंजय सिंह खींवसर ने कहा कि कमेटी ने आगामी छह महीनों के भीतर राजस्थान प्रीमियर लीग जैसी प्रतियोगिता आयोजित कराने की योजना भी बनाई है, जिससे राज्य के खिलाड़ियों को बड़ा मंच मिल सके. इसके अलावा, जयपुर स्थित RCA के चौप स्टेडियम के निर्माण कार्य को जल्द शुरू करने की बात कही गई है. कमेटी का लक्ष्य है कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में ही इस स्टेडियम का उद्घाटन कराया जा सके.
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        <pubDate>Sun, 12 Apr 2026 03:30:09 +0530</pubDate>
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        <title>मिडिल ईस्ट तनाव के बीच राहत, LPG लेकर भारत आ रहा एक और जहाज, होर्मुज पार कर चुका है &amp;apos;जग विक्रम&amp;apos;</title>
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        <description><![CDATA[ मिडिल ईस्ट में जारी तनाव को रोकने और युद्ध खत्म करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान की मेजबानी में इस्लामाबाद में बातचीत हो रही है. इस बीच भारत सरकार ने पश्चिम एशिया में ताजा घटनाक्रमों को लेकर ताजा अपडेट्स जारी किए हैं.
भारत के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने शनिवार (11 अप्रैल, 2026) को कहा कि भारत के झंडे वाला एक LPG पोत जग विक्रम ने आज सुरक्षित रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार कर लिया है. इस पोत में करीब 20,400 मीट्रिक टन LPG लदा है और इसमें 24 नाविक सवार हैं. उम्मीद जताई जा रही है कि यह पोत 15 अप्रैल, 2026 को मुंबई पहुंच जाएगी.
पेट्रोलियम मंत्रालय ने दी जानकारी
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा कि घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी सामान्य बनी हुई है. कल शुक्रवार (10 अप्रैल, 2026) को 51.5 लाख से ज्यादा सिलेंडर वितरित किए गए है. अब तक 26,000 से ज्यादा PNG उपभोक्ताओं ने MYPNGD.in के माध्यम से अपनी LPG कनेक्शन सरेंडर किए हैं. PSU OMCs ने पिछले आठ दिनों में 5 किलोग्राम FTL सिलेंडरों के लिए लगभग 2,900 जागरूकता शिविर आयोजित किए.

The India-flagged LPG vessel Jag Vikram has safely crossed the Strait of Hormuz today. The vessel is carrying approximately 20,400 MT of LPG cargo with 24 seafarers onboard. It is expected to arrive at Mumbai on 15 April 2026: Ministry of Petroleum &amp;amp; Natural Gas pic.twitter.com/ESiX76ltGD
&amp;mdash; ANI (@ANI) April 11, 2026



मंत्रालय ने कहा कि भारतीय झंडे वाले LPG पोत जग विक्रम, जो लगभग 20,400 मीट्रिक टन LPG लेकर जा रहा था, वह सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर चुका है. खाड़ी क्षेत्र से अब तक 2,009 से अधिक भारतीय नाविकों को सुरक्षित वापस लाया गया. वहीं, पिछले 24 घंटों में 81 नाविक भारत लौटे. भारतीय मिशन और पोस्ट भारतीय नागरिकों को चौबीसों घंटे हेल्पलाइन और सक्रिय सहायता प्रदान कर रहे हैं.
मंत्रालय की आम लोगों से अपील
पेट्रोलियम मंत्रालय ने नागरिकों को पेट्रोल, डीजल और LPG की घबराहट में खरीदारी से बचने और सिर्फ आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करने की सलाह दी गई है. LPG उपभोक्ताओं से अनुरोध किया गया है कि वे डिजिटल बुकिंग प्लेटफॉर्म का उपयोग करें और डिस्ट्रीब्यूटर के पास जाने से बचें. इसके अलावा, नागरिकों को PNG, बिजली या इंडक्शन कुकटॉप जैसे वैकल्पिक ईंधनों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया गया है.
यह भी पढ़ेंः &amp;lsquo;विश्वगुरु की हग्लोमेसी फेल!&amp;rsquo; पाकिस्तान में US-ईरान शांति वार्ता को लेकर कांग्रेस का केंद्र सरकार पर हमला ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 12 Apr 2026 03:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>7 साल पहले लद्दाख बना केंद्र शासित प्रदेश, UIDAI ने आधार कार्ड में अब दिया अलग इकाई का दर्जा</title>
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        <description><![CDATA[ सात साल के इंतजार के बाद, आधार कार्ड (AADHAAR) के केंद्रीय मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट ने पहली बार लद्दाख को एक अलग इकाई के तौर पर दर्ज करना शुरू कर दिया है. इस अहम घटनाक्रम में लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश के निवासियों की लंबे समय से चली आ रही सार्वजनिक मांग को पूरा करते हुए राज्य (State) वाले कॉलम में जम्मू और कश्मीर की जगह अब लद्दाख लिखा जाएगा.
लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना के दखल के बाद अब लद्दाख के निवासी आधार रिकॉर्ड में अपनी सही पहचान देख सकते हैं.
2019 में लद्दाख बना था केंद्र शासित प्रदेश
साल 2019 में जम्मू और कश्मीर से अलग होकर लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश बनने के बावजूद लद्दाख के लोगों के आधार कार्ड रिकॉर्ड में पहले वाले राज्य का नाम, यानी J&amp;amp;K ही दिखता रहा, जबकि वहां लद्दाख लिखा होना चाहिए था. इससे लोगों में काफी चिंता और परेशानी पैदा हो रही थी. उपराज्यपाल ने इस अहम मामले में लंबे समय से हो रही देरी को गंभीरता से लेते हुए केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासन को निर्देश दिया कि इस मुद्दे को जल्द से जल्द सुलझाया जाए.
इसके बाद प्रशासन ने भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के साथ उच्च स्तर पर इस मामले को उठाया. यह लंबे समय से अपेक्षित सुधार अब सफलतापूर्वक लागू कर दिया गया है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि आधार कार्ड में लद्दाख की विशिष्ट क्षेत्रीय पहचान को सही ढंग से दर्शाया गया है.
लद्दाख के निवासियों के आधार रिकॉर्ड में लगातार जम्मू और कश्मीर का नाम दिखते रहने से लोगों को काफी असुविधा हो रही थी. निवासियों को विभिन्न सेवाओं का लाभ उठाते समय आधार को पहचान और पते के वैध दस्तावेज के रूप में इस्तेमाल करने में कठिनाई हो रही थी, क्योंकि आधार में &#039;राज्य&#039; वाला कॉलम लद्दाख की पुनर्गठन के बाद की स्थिति से मेल नहीं खाता था. इस मुद्दे ने न केवल नागरिकों के लिए मुश्किलें खड़ी कीं, बल्कि आधार से जुड़े रिकॉर्ड और प्रगति रिपोर्ट में केंद्र शासित प्रदेश के सही प्रतिनिधित्व को भी प्रभावित किया.
लद्दाख के निवासियों को होगा काफी फायदाः उपराज्यपाल
उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने कहा कि इस घटनाक्रम से लद्दाख के निवासियों को काफी फायदा होगा, क्योंकि इससे प्रक्रियात्मक बाधाएं दूर होंगी और सेवाओं तक आसानी से पहुंच सुनिश्चित होगी. उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करना कि आधिकारिक रिकॉर्ड में लद्दाख की पहचान सही ढंग से दिखाई दे, न केवल एक प्रशासनिक आवश्यकता है, बल्कि यह हमारे लोगों की पहचान और सुविधा का भी मामला है.
उन्होंने कहा, &amp;lsquo;इस लंबे समय से लंबित मुद्दे का सफलतापूर्वक समाधान केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन की जवाबदेह शासन, जीवन की सुगमता और यह सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि लद्दाख की अद्वितीय पहचान सभी आधिकारिक मंचों पर सही ढंग से प्रस्तुत की जाए.&amp;rsquo;
UT प्रशासन ने UIDAI संग निकाला एक नया तरीकाः सक्सेना
सक्सेना ने कहा, &amp;lsquo;इस समस्या को हल करने के लिए, UT प्रशासन ने UIDAI के साथ मिलकर एक नया तरीका निकाला, जिससे राज्य (State) वाले कॉलम को एक ही जगह से अपडेट किया जा सके. हर निवासी को सुधार के लिए अलग-अलग आधार केंद्रों पर जाने के बजाय, रिकॉर्ड्स को लद्दाख के खास PIN कोड्स के आधार पर अपडेट किया गया. इन PIN कोड्स को डाक विभाग के साथ मिलकर वेरिफाई किया गया और UIDAI के साथ शेयर किया गया.&amp;rsquo;
उन्होंने कहा, &amp;lsquo;इस कदम से लद्दाख के लोगों को काफी राहत मिली है, क्योंकि अब उन्हें अपने रिकॉर्ड्स अपडेट करवाने के लिए अलग-अलग आधार केंद्रों पर जाने की जरूरत नहीं है. अब निवासी UIDAI के ऑफिशियल पोर्टल से अपना अपडेटेड e-Aadhaar आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं और जो लोग PVC आधार कार्ड पाना चाहते हैं, वे थोड़ी सी फीस देकर इसे ऑनलाइन ऑर्डर कर सकते हैं.&amp;rsquo;
यह भी पढ़ेंः &amp;lsquo;विश्वगुरु की हग्लोमेसी फेल!&amp;rsquo; पाकिस्तान में US-ईरान शांति वार्ता को लेकर कांग्रेस का केंद्र सरकार पर हमला ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 12 Apr 2026 03:30:07 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>साल, पहले, लद्दाख, बना, केंद्र, शासित, प्रदेश, UIDAI, ने, आधार, कार्ड, में, अब, दिया, अलग, इकाई, का, दर्जा</media:keywords>
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        <title>केंद्र सरकार ने डीजल और ATF पर बढ़ाई एक्सपोर्ट ड्यूटी, तेल कंपनियों की बढ़ी टेंशन</title>
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        <description><![CDATA[ केंद्र सरकार ने शनिवार (11 अप्रैल, 2026) को पेट्रोल-डीजल और जेट फ्यूल को लेकर एक बड़े फैसले की घोषणा की है. सरकार ने डीजल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी को दोगुने से ज्यादा बढ़ाते हुए इसे 21.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 55.5 रुपये प्रति लीटर करने का फैसला किया है. वहीं, जेट फ्यूल (एविएशन टर्बाइन फ्यूल/ATF) पर लगने वाले एक्सपोर्ट ड्यूटी को 29.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 42 रुपये प्रति लीटर कर दिया है.
एक्सपोर्ट ड्यूटीज में सरकार की ओर से की गई ये बढ़ोत्तरी तेल कंपनियों के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है. हालांकि, सरकार ने अभी तक पेट्रोल की एक्सपोर्ट ड्यूटी में किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया है. पेट्रोल पर इस चार्ज को पहले की तरह ही शून्य (जीरो) रखा गया है.
सरकार ने एक्सपोर्ट ड्यूटीज में क्यों किया बदलाव
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, एक्सपोर्ट ड्यूटीज में की गई इस बढ़ोत्तरी के पीछे यह माना जा रहा है कि सरकार तेल की घरेलू कीमतों पर महंगाई का भार नहीं देना चाहती है, इसी लिए एक्सपोर्ट ड्यूटी की रेट्स में बदलाव किया गया है, ताकि घरेलू स्तर पर पेट्रोल, डीजल और एविएशिन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की उपलब्धता बनी रहे. भारत सरकार ने यह फैसला मिडिल ईस्ट में संघर्ष के कारण ऊर्जा कीमतों में आई अस्थिरता के बीच लिया है. जहां ब्रेंट कच्चे तेल का दाम करीब 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है.
बाजार की जरूरत के आधार पर सरकार ड्यूटीज में करती है बदलाव
केंद्र सरकार की तरफ से उठाया गया यह कदम व्यापक विंडफॉल टैक्स स्ट्रक्चर का एक हिस्सा है, जिसके तहत सरकार समय-समय पर तेल के निर्यात पर लगाए जाने वाली ड्यूटीज में बदलाव करती है. इस बदलाव के पीछे का उद्देश्य रिफाइनरों का लाभ के साथ-साथ स्थानीय बाजार की जरूरतों के बीच संतुलन बनाए रखना होता है. हालांकि, सरकार का यह कदम तेल कंपनियों के लिए बड़ा झटका है.
सरकार के इस फैसले का असर तेल कंपनियों के कारोबार पर पड़ सकता है. इससे उन लोगों के बिजनेस पर ज्यादा असर पड़ सकता है, जो दूसरे देशों में रिफाइन डीजल और जेट फ्यूल की सप्लाई करते हैं. हालांकि, फिलहाल पेट्रोल को इन ड्यूटीज के बदलाव के फैसले से बाहर रखा गया है.
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        <pubDate>Sun, 12 Apr 2026 03:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>बंगाल चुनाव से पहले रेल मंत्रालय का बड़ा कदम, मुंबई से हावड़ा के लिए चलाई जाएगी दो अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनें</title>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए रेल मंत्रालय ने मुंबई से हावड़ा (कोलकाता) के लिए दो अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनें चलाने का निर्देश दिया है. यह दोनों अतिरिक्त विशेष ट्रेने सेंट्रल रेलवे के अंतर्गत आने वाले मुंबई के कुर्ला स्थित लोकमान्य तिलक टर्मिनस से हावड़ा के लिए चलाई जाएंगी. यह ट्रेन खासतौर पर जो लोगों के लिए चलाई जा रही है, जो बंगाल से मुंबई काम करने आते हैं, ताकि वो चुनाव के दौरान अपने राज्य जाकर मतदान कर पाए. हालांकि, रेलवे के मुताबिक गर्मियों की छुट्टियों में अतिरिक्त दबाव कम करने के लिए भी विशेष ट्रेन चलाई जा रही है .
मुंबई से हावड़ा के लिए चलेगी स्पेशल ट्रेन
LTT&amp;ndash;हावड़ा&amp;ndash;LTT विशेष ट्रेनें

ट्रेन संख्या 01145 स्पेशल, दिन मंगलवार (14 अप्रैल, 2026) को रात 20:15 (08:15) बजे लोकमान्य तिलट टर्मिनस से प्रस्थान करेगी और तीसरे दिन गुरुवार (16 अप्रैल, 2026) को सुबह 06:00 बजे हावड़ा पहुंचेगी.
वहीं, ट्रेन संख्या 01146 स्पेशल, दिन गुरुवार (16 अप्रैल, 2026) को दोपहर 14:45 (02:45) बजे हावड़ा से प्रस्थान करेगी और अगले दिन शुक्रवार (17 अप्रैल, 2026) की रात 23:45 (11:45) बजे लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT) पहुंचेगी.

कहां-कहां होगा स्पेशल ट्रेनों का ठहराव
मुंबई-हावड़ा-मुंबई के बीच चलने वाली इन दोनों स्पेशल ट्रेनों के लिए बीच में 17 स्टेशनों पर ठहराव दिया गया है. जिसमें ठाणे, कल्याण, नासिक रोड, भुसावल, अकोला, बड़नेरा, नागपुर, गोंदिया, दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर, झारसुगुड़ा, राउरकेला, चक्रधरपुर, टाटानगर, खड़गपुर और संतरागाछी शामिल है.
ट्रेन में जनरल से लेकर 2-टियर एसी बोगियां भी होंगी &amp;nbsp;
अगर स्पेशल ट्रेनों की संरचना की बात करें, तो इस स्पेशन ट्रेन में दो 2-टियर एसी कोच, नौ 3-टियर एसी कोच, तीन स्लीपर क्लास, चार जनरल सेकंड क्लास, एक सेकंड सीटिंग सह गार्ड ब्रेक वैन और एक जनरेटर वैन शामिल होंगी.
स्पेशल ट्रेन के लिए कैसे होगी बुकिंग
स्पेशल ट्रेन संख्या 01145 के लिए बुकिंग रविवार (12 अप्रैल, 2026) से सभी कम्प्यूटरीकृत आरक्षण केंद्रों और वेबसाइट www.irctc.co.in पर शुरू होगी. वहीं, अनारक्षित डिब्बों के लिए सामान्य किराये पर बुकिंग UTS प्रणाली के माध्यम से की जा सकती है. यात्री टिकट बुकिंग के लिए RailOne ऐप भी डाउनलोड कर सकते हैं और इन विशेष ट्रेनों के ठहराव पर विस्तृत समय-सारणी की जानकारी www.enquiry.indianrail.gov.in पर या NTES ऐप पर आसानी से मिल जाएगी.
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        <pubDate>Sun, 12 Apr 2026 03:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>बंगाल, चुनाव, से, पहले, रेल, मंत्रालय, का, बड़ा, कदम, मुंबई, से, हावड़ा, के, लिए, चलाई, जाएगी, दो, अतिरिक्त, स्पेशल, ट्रेनें</media:keywords>
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        <title>ओडिशा के गंजाम में &amp;apos;दंड नाच&amp;apos; के दौरान झड़प, दो दलों में मामूली बहस के बाद हिंसक हुई घटना</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/ओडिशा-के-गंजाम-में-दंड-नाच-के-दौरान-झड़प-दो-दलों-में-मामूली-बहस-के-बाद-हिंसक-हुई-घटना</link>
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        <description><![CDATA[ ओडिशा राज्य की सबसे जीवंत और आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण लोक परंपराओं में से एक प्रसिद्ध &#039;दंड यात्रा&#039;, जिसे &#039;दंड नाच&#039; भी कहा जाता है, इन दिनों कई जिलों में बड़े उत्साह के साथ चल रही है, विशेष रूप से गंजाम जिले में, हालांकि, गंजाम जिले के धारकोट पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सुंदरपल्ली गांव से इस उत्साह के बीच एक परेशान करने वाली घटना सामने आई है, जिसने इन उत्सवों पर एक काला साया डाल दिया है.
बहस से हिंसक हाथापाई में बदली घटना
रिपोर्ट्स के अनुसार, जब दंड नाच उत्सव के दौरान &#039;पंचू दंडा&#039; अनुष्ठान चल रहा था, तभी दो विरोधी दंडा टोलियों के बीच तीखी झड़प शुरू हो गई. इनमें से एक टोली हिंजिलिकाटू की थी, जबकि दूसरी पुरुषोत्तमपुर की. इन दोनों पक्षों के बीच जो बात महज एक आमना-सामना के तौर पर शुरू हुई थी, वह जल्द ही एक हिंसक हाथापाई में बदल गई. आरोप है कि दोनों पक्षों के सदस्यों ने एक-दूसरे पर अपने डंडे लाठियों और अन्य चीजों से हमला किया.
किन दो पक्षों में हुआ टकराव
बताया जा रहा है कि हिंजिलिकाटु की सनापति दंडा नाचा टोली और पुरुषोत्तमपुर की गौड़ापति दंडा नाचा टोली के बीच यह टकराव हुआ. आरोप है कि रास्ता देने को लेकर दोनों पक्षों में विवाद शुरू हुआ था, लेकिन कुछ ही वक्त के बाद माहौल बिगड़ गया और दोनों दल आमने-सामने आ गए और घटना हिंसक झड़प में बदल गई.
सूचना पर पहुंची पुलिस, स्थिति का लिया जायजा
ओडिशा के गंजाम जिले में हुई इस हिंसक झड़प का एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर जमकर वायरल भी हो गया है. इस वीडियो में पारंपरिक प्रस्तुति के बीच कलाकारों और समर्थकों के बीच हुई झड़प के दौरान का अफरा तफरी भरा माहौल भी दिखाई दे रहा है. उत्सव के दौरान हिंसक झड़प की घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया.
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        <pubDate>Sat, 11 Apr 2026 15:30:09 +0530</pubDate>
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        <title>‘बंगाल में घुसपैठ के लिए TMC जिम्मेदार’, अमित शाह ने आरोपों पर भड़के अभिषेक बनर्जी, शेख हसीना को लेकर क्या कहा?</title>
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        <description><![CDATA[ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले अपनी सभी जनसभाओं में राज्य में घुसपैठ के मुद्दे को जोर देकर उठा रहे हैं और इसके लिए वह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं. अमित शाह के इन्हीं आरोपों पर आपत्ति जताते हुए TMC के वरिष्ठ नेता और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी ने शुक्रवार (10 अप्रैल, 2026) को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा निशाना साधा है. इसके साथ ही उन्होंने बांग्लादेश से घुसपैठ के मामले पर शाह की टिप्पणियों पर पलटवार करते हुए बांग्लादेश के अपदस्थ पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का भी जिक्र किया.
उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से यह स्पष्ट करने को कहा कि क्या बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना को घुसपैठिया कहा जाना चाहिए. इसके साथ ही, अभिषेक बनर्जी ने पहलगाम और नई दिल्ली में पिछले साल हुए आतंकवादी हमलों को नहीं रोक पाने की पृष्ठभूमि में गृह मंत्रालय की भूमिका पर सवाल भी उठाया.
शेख हसीना को लेकर क्या बोले अभिषेक बनर्जी?
न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर राज्य में सियासी चहल-पहल के बीच TMC नेता अभिषेक बनर्जी ने कोलकाता में शुक्रवार (10 अप्रैल, 2026) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इसमें उन्होंने शाह से यह स्पष्ट करने की मांग की कि क्या शेख हसीना को घुसपैठिया कहा जाना चाहिए, जिन्हें भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने शरण दी है.
घुसपैठियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और उन्हें दूर-दराज के कोनों तक से ढूंढ निकालने के शाह के संकल्प का जिक्र करते हुए अभिषेक ने आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह मंत्री बार-बार एक ही बात दोहरा रहे हैं और इस मुद्दे पर गलत जानकारी फैला रहे हैं. उन्होंने कहा, &amp;lsquo;अगर हम घुसपैठ की बात करें, तो बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की क्या स्थिति है, जो पिछले डेढ़ साल से भारत में रह रही हैं? क्या वह बांग्लादेशी घुसपैठिया हैं?&amp;rsquo;
लोगों को सुरक्षा देने में अमित शाह विफलः अभिषेक
अभिषेक ने कहा, &amp;lsquo;अमित शाह पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले को रोकने में कैसे नाकाम रहे, जिसमें 26 भारतीय मारे गए? आतंकवादी दिल्ली में कैसे घुस आए और 10 लोगों को मार डाला? शाह इन लोगों को सुरक्षा देने में क्यों विफल रहे?&amp;rsquo;
यह भी पढ़ेंः ओडिशा के गंजाम में &#039;दंड नाच&#039; के दौरान झड़प, दो दलों में मामूली बहस के बाद हिंसक हुई घटना ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 11 Apr 2026 15:30:08 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>‘बंगाल, में, घुसपैठ, के, लिए, TMC, जिम्मेदार’, अमित, शाह, ने, आरोपों, पर, भड़के, अभिषेक, बनर्जी, शेख, हसीना, को, लेकर, क्या, कहा</media:keywords>
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        <title>Explained: असदुद्दीन ओवैसी, गुलाम नबी और अब हुमायूं कबीर... क्या यह मुस्लिम नेता बीजेपी को पहुंचाते फायदा? पढ़ें एनालिसिस</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/explained-असदुद्दीन-ओवैसी-गुलाम-नबी-और-अब-हुमायूं-कबीर-क्या-यह-मुस्लिम-नेता-बीजेपी-को-पहुंचाते-फायदा-पढ़ें-एनालिसिस</link>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल में AJUP नेता हुमायूं कबीर के वायरल वीडियो के बाद से फिर मुस्लिम नेतओं पर दिन भारी पड़ने लगे हैं. असदुद्दीन ओवैसी, गुलमान नबी आजाद और बदरुद्दीन अजमल जैसे नेता फिर चर्चा में आए. कई बार इन नेताओं पर बीजेपी के लिए काम करने के आरोप लगते रहे हैं. कहा जाता है कि यह मुस्लिम नेता मुसलमानों के वोट काटकर बीजेपी को फायदा देते हैं. लेकिन इस बात में कितनी सच्चाई है और लिस्ट में कौन शामिल है? समझते हैं एक्सप्लेनर में...
सवाल 1: हुमायूं कबीर पर क्या आरोप हैं और मामला क्या है?जवाब: हुमायूं कबीर पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले से पूर्व TMC विधायक हैं. उन्होंने TMC से सस्पेंड होने के बाद अपनी पार्टी आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) बनाई. 9 अप्रैल 2026 को TMC ने एक स्टिंग ऑपरेशन की वायरल वीडियो जारी की, जिसमें कबीर कथित तौर पर कह रहे हैं कि बीजेपी के साथ उनकी &#039;कवरट&#039; समझ है. वीडियो में वे 1000 करोड़ रुपए (कुछ रिपोर्ट्स में 200 करोड़ रुपए) की डील का जिक्र करते हुए कहते हैं कि बाबरी मस्जिद की तर्ज पर मस्जिद बनाकर मुस्लिम वोटरों को प्रभावित करेंगे. इससे TMC के मुस्लिम वोट बंटेंगे और बीजेपी को 100-120 सीटें मिल जाएंगी. TMC का आरोप है कि कबीर बीजेपी के &#039;एजेंट&#039; हैं और मुस्लिम वोट बांटकर ममता बनर्जी को हराने की साजिश में शामिल हैं. कबीर ने वीडियो को AI-जनरेटेड और फर्जी बताया है.
&amp;nbsp;

हुमायूं कबीर वीडियो में कह रहे हैं कि बीजेपी के साथ उनकी &#039;कवरट&#039; समझ है

सवाल 2: असदुद्दीन ओवैसी और AIMIM पर क्या आरोप लगते रहे हैं?जवाब: असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM पर लंबे समय से आरोप है कि वे मुस्लिम बहुल सीटों पर चुनाव लड़कर कांग्रेस और TMC जैसी विपक्षी पार्टियों के वोट बांटते हैं, जिससे बीजेपी को फायदा होता है. बंगाल में हाल ही में AIMIM ने हुमायूं कबीर की पार्टी के साथ गठबंधन किया था, लेकिन 10 अप्रैल 2026 को वीडियो वायरल होने के बाद गठबंधन तोड़ दिया. TMC नेता तन्मय घोष और अन्य का कहना है कि ओवैसी के कदम मुस्लिम वोट बांटते हैं और अप्रत्यक्ष रूप से बीजेपी की मदद करते हैं.
ओवैसी का पक्ष है कि वे मुस्लिम हितों की लड़ाई लड़ रहे हैं और TMC ने मुस्लिमों के लिए कुछ नहीं किया. कई मौकों पर ओवैसी कह चुके हैं, &#039;हम किसी साजिश में नहीं, मुस्लिमों की आवाज हैं.&#039;
सवाल 3: कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे गुलाम नबी आजाद पर क्या आरोप हैं?जवाब: गुलाम नबी आजाद पूर्व कांग्रेस नेता हैं. उन्होंने 2022 में कांग्रेस छोड़कर अपनी पार्टी DPAP बनाई. कांग्रेस में राहुल गांधी गुट का आरोप है कि वे बीजेपी के साथ मिलकर काम करते हैं, खासकर जम्मू-कश्मीर में. विपक्ष कहता है कि DPAP के जरिए मुस्लिम वोट बंटने से बीजेपी को जम्मू-कश्मीर में फायदा हुआ. हालांकि, आजाद का कहना है कि वे कांग्रेस की गलत नीतियों के खिलाफ हैं. यह आरोप पुराना है लेकिन &#039;अब&#039; फिर चर्चा में आया है क्योंकि लोगों ने इसे तीसरे नाम के रूप में उठाया है.
सवाल 4: इनके अलावा किन नेताओं पर बीजेपी के सपोर्ट के आरोप लगते हैं?जवाब: इन तीन बड़े नेताओं के बाद सबसे प्रमुख नाम असम की AIUDF पार्टी के बदरुद्दीन अजमल का है. असम में कांग्रेस और अन्य विपक्षी पार्टियां आरोप लगाती हैं कि AIUDF मुस्लिम वोट बांटकर बीजेपी को फायदा पहुंचाती है. 2016-2021 असम चुनावों में कांग्रेस नेता तरुण गोगोई ने आरोप लगाया था कि AIUDF और बीजेपी के बीच &#039;टैक्टिकल डील&#039; है. AIUDF मुस्लिम बहुल सीटों पर लड़कर कांग्रेस वोट बांटती है. 2019 लोकसभा में अजमल ने कहा था, &#039;कांग्रेस ने हमें धोखा दिया, उनके मुस्लिम नेता ने एलायंस तोड़ा. नतीजा बीजेपी को फायदा हो गया. 2021 में AIUDF ने दावा किया कि कुछ बीजेपी उम्मीदवारों ने उन्हें &#039;ग्रैंड एलायंस&#039; का समर्थन करने को कहा है. अजमल ने बचाव में बयान दिया, &#039;हम मुस्लिमों के हित में लड़ते हैं, कोई डील नहीं है.&#039; यह आरोप पुराना है लेकिन असम चुनावों में बार-बार उठते हैं.
सवाल 5: ये आरोप क्यों लगते हैं और इनका आधार क्या है?जवाब: पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स की मानें तो इन आरोपों का मुख्य आधार मुस्लिम वोटरों की एकजुटता है. 2021 बंगाल चुनाव में मुस्लिम वोट बड़े पैमाने पर TMC के पीछे थे. अब अगर AJUP या AIMIM जैसी कोई नई पार्टी मुस्लिम बहुल इलाकों में वोट बांटे तो बीजेपी को फायदा हो सकता है. वीडियो में कबीर का कथित बयान इसी साजिश का सबूत माना जा रहा है. ओवैसी पर भी बिहार, महाराष्ट्र, असम आदि में इसी तरह के आरोप लग चुके हैं. गुलाम नबी आजाद पर जम्मू-कश्मीर की राजनीति में कांग्रेस छोड़ने और कुछ बयानों के आधार पर आरोप लगे.
बंगाल चुनाव में TMC का कहना है कि मुस्लिम वोट बंटने से बीजेपी को फायदा होगा. हुमायूं के वीडियो के बाद AIMIM अब अकेले लड़ेगी. हालांकि, वीडियो कांड के बाद मुस्लिम वोटरों में सतर्कता बढ़ गई है. सुप्रीम कोर्ट में वोटर लिस्ट डिलीशन के मामले भी चल रहे हैं, जिससे यह मुद्दा और गरमाया हुआ है. ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 11 Apr 2026 15:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Explained:, असदुद्दीन, ओवैसी, गुलाम, नबी, और, अब, हुमायूं, कबीर..., क्या, यह, मुस्लिम, नेता, बीजेपी, को, पहुंचाते, फायदा, पढ़ें, एनालिसिस</media:keywords>
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        <title>&amp;apos;सांप पर भरोसा कर सकते हैं पर बीजेपी पर नहीं&amp;apos;, असम चुनाव का जिक्र कर ममता बनर्जी ने क्यों किया ऐसा दावा?</title>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (BJP) में आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला तेज हो गया है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दावा किया कि बीजेपी असम निवासियों के वोट के दम पर अपनी जीत को लेकर आश्वस्त नहीं थी इसलिए वह वहां के चुनाव के लिए बाहर से लोगों को लेकर आई. उन्होंन यह भी कहा कि सांप पर भरोसा किया जा सकता है, लेकिन बीजेपी पर नहीं.
शुक्रवार (10 अप्रैल, 2026) को उत्तर 24 परगना जिले के तेंतुलिया में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि केंद्र में बीजेपी सरकार के रहते देश में कोई भी एजेंसी तटस्थ नहीं है क्योंकि बीजेपी ने सबको खरीद लिया है. उन्होंने कहा, &#039;उत्तर प्रदेश से 50,000 लोगों को लेकर एक पूरी ट्रेन असम भेजी गई.&#039; गुरुवार को असम की 126 विधानसभा सीटों के लिए वोटिंग हुई थी.
ममता बनर्जी ने असम चुनाव का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि बीजेपी पश्चिम बंगाल में भी बाहर से लोगों को लाने के लिए इसी तरीके का इस्तेमाल करने की कोशिश कर रही है और इसी कारण अधिकारियों का तबादला किया गया. निर्वाचन आयोग ने चुनाव की घोषणा के तुरंत बाद पश्चिम बंगाल में बड़ी संख्या में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों का तबादला किया था.&amp;nbsp;
उन्होंने कहा, &#039;लोगों, पैसे और मादक पदार्थों को लाया जा रहा है लेकिन हमारे कार्यकर्ता मुकाबला करेंगे और जीतेंगे.&#039; ममता बनर्जी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान मतदाता सूची से 90 लाख नाम हटा दिए गए हैं.
तृणमूल प्रमुख ने कहा कि एक अखबार की खबर के अनुसार, हटाए गए 90 लाख नाम में से 60 लाख हिंदुओं के और 30 लाख मुसलमानों के हैं. उन्होंने कहा कि बीजेपी पर कभी भरोसा नहीं करना चाहिए. उन्होंने दावा किया कि असम में नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजंस (NRC) की प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से हटाए गए 19 लाख नामों में से 13 लाख हिंदुओं और छह लाख नाम मुसलमानों के थे.
ममता बनर्जी ने मतदाताओं से उन्हें राज्य की सभी 294 सीट से तृणमूल का उम्मीदवार मानने का आग्रह करते हुए कहा, &#039;अगर आप मेरे नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस की सरकार चाहते हैं, तो सभी सीट पर मैं उम्मीदवार हूं.&#039; तृणमूल प्रमुख ने दावा किया कि मतदाता सूची से अनुसूचित जाति के कई लोगों के नाम हटा दिए गए हैं. उन्होंने यह भी कहा कि उनके निर्वाचन क्षेत्र में भी मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं.
उन्होंने कहा, &#039;मैं चिंतित नहीं हूं. मुझे लोगों पर भरोसा है. मतदाता सूची में बचे हुए सभी वोट हमें मिलेंगे.&#039; उन्होंने आरोप लगाया कि अगर राज्य में बीजेपी की सरकार बनी तो वह पश्चिम बंगाल के लोगों के मांसाहार संबंधी विकल्पों पर पाबंदी लगा देगी.
उन्होंने कहा, &#039;यहां लोग अपनी पसंद के अनुसार खाते हैं लेकिन भाजपा शासित राज्यों में ऐसी स्थिति नहीं है.&#039; उन्होंने दावा किया कि बिहार में मछली खाने की अनुमति नहीं है और इसी कारण उसे दूसरे राज्यों में भेजा जाता है. ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्यों में पश्चिम बंगाल के प्रवासी कामगार अत्याचार झेलते हैं.
उन्होंने कहा, &#039;आप (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी) दूसरे राज्यों में पश्चिम बंगाल के लोगों की रक्षा नहीं कर सकते लेकिन रैलियों में सोनार बांग्ला का वादा करते हैं.&#039; उन्होंने कहा, &#039;बीजेपी शासित राज्यों में पश्चिम बंगाल के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के बाद ही आपको सोनार बांग्ला का सपना देखना चाहिए.&#039;
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        <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 23:30:16 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>सांप, पर, भरोसा, कर, सकते, हैं, पर, बीजेपी, पर, नहीं, असम, चुनाव, का, जिक्र, कर, ममता, बनर्जी, ने, क्यों, किया, ऐसा, दावा</media:keywords>
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        <title>पश्चिम बंगाल में जीती BJP तो कौन होगा मुख्यमंत्री? अमित शाह ने किया बड़ा ऐलान</title>
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        <description><![CDATA[ बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी को बहुमत दिलाने के उद्देश्य से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राज्यभर में ताबड़तोड़ प्रचार कर रहे हैं. उन्होंने शुक्रवार (10 अप्रैल 2025) को कहा कि बंगाल में अगर बीजेपी की जीत होती है तो सरकार बनने के छह महीने के भीतर यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू की जाएगी. उन्होंने ये भी कहा कि बीजेपी बंगाल के बेटे को मुख्यमंत्री बनाएगी.
अमित शाह ने TMC पर लगाया तुष्टीकरण का आरोप
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नीत तृणमूल कांग्रेस पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया. उन्होंने टीएमसी के इस दावे को भी खारिज कर दिया कि बीजेपी पश्चिम बंगाल के लोगों की खान-पान की आदतों में दखल देगी. गृह मंत्री ने कहा, &amp;lsquo;यूनिफॉर्म सिविल कोड की सिफारिश बीजेपी की नहीं है. यह संविधान सभा की सिफारिश है.&amp;rsquo; उन्होंने यूसीसी को आगे बढ़ाने का बचाव करते हुए दावा किया कि तुष्टीकरण की राजनीति के कारण इसे दशकों तक लागू नहीं किया गया.
छह महीने के भीतर UCC लागू करने का वादा किया
उन्होंने कहा, &amp;lsquo;तुष्टीकरण की राजनीति के कारण समान नागरिक संहिता इतने लंबे समय तक लागू नहीं हो सकी. जिन-जिन राज्यों में हमारी सरकार बनी है, वहां हमने इसे लागू किया है और बंगाल में भी ऐसा करेंगे.&amp;rsquo; बीजेपी ने &amp;lsquo;संकल्प पत्र&amp;rsquo; में पश्चिम बंगाल में सत्ता में आने के छह महीने के भीतर समान नागरिक संहिता लागू करने का वादा किया है. उन्होंने ने कहा, &amp;lsquo;बंगाल में हर नागरिक के लिए एक ही कानून होगा. तुष्टीकरण क्या है? क्या एक व्यक्ति को चार पत्नियां रखने की छूट देना तुष्टीकरण है या सबको देश के कानून का पालन करने के लिए कहना तुष्टीकरण है?&amp;rsquo;&amp;nbsp;
पश्चिम बंगाल में जीती BJP तो कौन होगा मुख्यमंत्री?
पश्चिम बंगाल में बीजेपी किसे मुख्यमंत्री का चेहरा कौन होगा इस सवाल का भी गृहमंत्री अमित शाह ने जवाब दिया. उन्होंने कहा, &amp;lsquo;हम कोई वंशवादी दल नहीं हैं, जिसमें बुआ के बाद भतीजा सत्ता संभाले. मैं बंगाल के लोगों को भरोसा दिलाता हूं कि हमारा मुख्यमंत्री एक बंगाली होगा और बंगाल का निवासी होगा.&#039; उन्होंने तृणमूल कांग्रेस की ओर से जारी हुमायूं कबीर के उन वीडियो का जिक्र किया जिसमें पार्टी के निलंबित नेता अल्पसंख्यक वोटों के कथित तौर पर विभाजन के लिए बीजेपी नेताओं से नजदीकी का दावा करते नजर आ रहे हैं. गृह मंत्री ने इस तरह की अटकलों को खारिज कर दिया.
हुमायूं कबीर को लेकर क्या बोले गृह मंत्री अमित शाह?
उन्होंने कहा, &amp;lsquo;हुमायूं कबीर और बीजेपी दो बिल्कुल अलग ध्रुवों पर हैं. ऐसी पार्टी के साथ कोई समझौता करने के बजाय हम विपक्ष में बैठना पसंद करेंगे.&amp;rsquo; उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी वीडियो के जरिए राजनीतिक विमर्श गढ़ने में सक्षम हैं. उन्होंने कहा, &amp;lsquo;आप ममता जी की क्षमता नहीं जानते. वह ऐसे कई वीडियो बनवा सकती हैं.&amp;rsquo;
ये भी पढ़ें : BJP Bengal Manifesto 2026: बंगाल के लिए BJP का संकल्प पत्र- बेरोजगार युवाओं को हर महीने 3 हजार रुपए, 6 महीने में UCC, जानें क्या-क्या हुए बड़े ऐलान ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 23:30:15 +0530</pubDate>
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        <title>Explained: क्या पलट जाएंगे बंगाल चुनाव के नतीजे? 44 सीटों पर SIR से 2021 के मार्जिन जितने वोटर्स हटाए</title>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के जरिए वोटर लिस्ट को पूरी तरह से नया सिरे से तैयार किया. राज्य के कुल 7.66 करोड़ वोटरों में से करीब 91 लाख नाम कट गए. नतीजा यह कि अंतिम वोटर लिस्ट अब सिर्फ 6.75-6.77 करोड़ रह गई है. यह बदलाव इतना बड़ा है कि कई सीटों पर 2021 के जीत-हार के अंतर से ज्यादा नाम कट गए हैं. तो क्या अब यह मान लें कि पश्चिम बंगाल की सत्ता पलटने वाली है? समझें एक्सप्लेनर में...
सवाल 1: बंगाल में अचानक मतदाता सूची से इतने नाम हटाने का मामला क्या है?
जवाब: पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत मतदाता सूची की पूरी सफाई की है. इसमें पूरे राज्य से करीब 90.66 लाख नाम हटा दिए गए हैं. शुरुआत में 7.66 करोड़ मतदाता थे, अब फाइनल लिस्ट में लगभग 6.77 करोड़ रह गए हैं. यानी करीब 11.6 प्रतिशत की कमी हो गई.
अब सबसे अहम बात ये है कि 44 विधानसभा सीटों पर सिर्फ न्यायिक जांच के दौरान हटाए गए मतदाताओं की संख्या 2021 के चुनाव में जीत के अंतर से ज्यादा है. मतलब, अगर 2021 में किसी सीट पर कोई पार्टी सिर्फ 5,000 वोट से जीती थी, तो वहां अब 5,000 से ज्यादा वोटर हटा दिए गए हैं. ये बदलाव उन सीटों के नतीजों को पूरी तरह पलट सकता है.
&amp;nbsp;

अब फाइनल लिस्ट में लगभग 6.77 करोड़ बचे हैं

सवाल 2: ये 44 सीटें किन-किन जिलों में हैं और इनमें TMC-BJP का बंटवारा कैसा है?
जवाब: ये 44 सीटें पूरे बंगाल में फैली हुई हैं, लेकिन सबसे ज्यादा पुरबा और पश्चिम बर्धमान, नदिया, उत्तर 24 परगना, पश्चिम मेदिनीपुर, कूचबिहार, दक्षिण दिनाजपुर और मुर्शिदाबाद में हैं. तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने 2021 में इनमें से 24 सीटें जीती थीं और बीजेपी ने 20 सीटें जीती थीं. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों पार्टियां लगभग बराबर प्रभावित हैं, लेकिन कुछ सीटें बहुत महत्वपूर्ण हैं. जैसे:

नंदीग्राम (पुरबा मेदिनीपुर): बीजेपी के सुवेंदु अधिकारी 1,736 वोट से जीते थे, लेकिन अब 3,461 मतदाता हटाए गए.
गैघाटा (उत्तर 24 परगना, मटुआ बाहुल्य): बीजेपी के सुब्रत ठाकुर 9,603 वोट से जीते, लेकिन 19,638 नाम कटे.
बागदाह: बीजेपी 9,907 वोट से जीती, 10,017 नाम हटे.
समसेरगंज (मुर्शिदाबाद): TMC 26,111 वोट से जीती, लेकिन 74,775 मतदाता हटाए गए.
बालारामपुर (पुरुलिया): बीजेपी सिर्फ 273 वोट से जीती, लेकिन 1,037 नाम कटे.

सवाल 3: 2021 के मार्जिन और अब हटाए गए वोटरों की तुलना में क्या खास है?
जवाब: 2021 में कई सीटें बहुत कम अंतर से जीती गई थीं. अब जांच के फेज में ही हटाए गए वोटर उस अंतर से ज्यादा हैं. मतलब अगर वो वोटर फिर से नाम जुड़वाने में कामयाब नहीं हुए, तो 2026 में नतीजे उलट सकते हैं. पूरी लिस्ट में कुछ और उदाहरण देखें, तो:

कूचबिहार उत्तर: बीजेपी का मार्जिन 13,833, हटाए गए 18,599.
सिताई: TMC का मार्जिन 10,127, हटाए गए 20,213.
रानाघाट दक्षिण: बीजेपी का मार्जिन 16,492, हटाए गए 17,411.

सवाल 4: SIR में इतने नाम क्यों हटे और आगे क्या हो सकता है?
जवाब: दिसंबर 2025 में पश्चिम बंगाल में SIR शुरू हुआ था. इसमें संदिग्ध वोटरों को चिह्नित किया गया यानी जो वोटर्स मर चुके, दोहरे नाम, स्थानांतरित या दस्तावेजों के बिना नाम वाले. करीब 60 लाख नाम अंडर एडजक्शन (UA) में रखे गए. फिर 700 से ज्यादा न्यायिक अधिकारियों ने इन्हें जांचा.
अंतिम फेज में 27.16 लाख नाम हटा दिए गए. पहले फेज में 58-63 लाख नाम पहले ही हट चुके थे. कुल 90.66 लाख नाम कटे. चुनाव आयोग का कहना है कि ये सफाई जरूरी थी ताकि चुनाव निष्पक्ष हो, लेकिन TMC इसे &#039;वोटरों का नरसंहार&#039; बता रही है.
अब जिन वोटर्स का नाम कटा है, वे अभी भी अपील कर सकते हैं. चुनाव आयोग ने डिलीशन लिस्ट जारी की है. इस लिस्ट में लोग अपने नाम चेक कर सकते हैं और जरूरी दस्तावेज लेकर ट्रिब्यूनल में अपील कर सकते हैं.
सवाल 5: चुनाव 2026 पर इसका कितना असर पड़ेगा? &amp;nbsp;
जवाब: पश्चिम बंगाल में चुनाव दो चरणों में होंगे, 23 अप्रैल और 29 अप्रैल 2026. वोटों की गिनती 4 मई को होगी. अगर चुनाव से पहले हटाए गए वोटर नाम न जुड़ा पाए तो नतीजे बदल सकते हैं. TMC के 215 सीटों वाले 2021 के बहुमत को चुनौती मिल सकती है. TMC का कहना है कि अल्पसंख्यक और TMC के गढ़ वाले इलाकों में ज्यादा नाम कटे हैं. मुर्शिदाबाद, मालदा, उत्तर-दक्षिण 24 परगना जैसे जिलों में आधे से ज्यादा डिलीशन हुईं है. बीजेपी इसे &#039;सफाई&#039; मान रही है और कह रही है कि इससे TMC के मजबूत इलाकों में उसका फायदा होगा. TMC ने 250 सीटों का टारगेट रखा है और कम मार्जिन वाली सीटों पर स्पेशल वॉर रूम बनाए हैं.&amp;nbsp;पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह डिलीशन राज्य के पूरे चुनावी मैदान को हिला सकता है. कुल 7.66 करोड़ वोटरों में से करीब 91 लाख नाम कट गए हैं, यानी करीब 12 प्रतिशत कमी. नतीजा यह कि अब कुल वोटर सिर्फ 6.75-6.77 करोड़ रह गए हैं. चुनाव आयोग ने कहा कि यह फर्जी, मृत और डुप्लिकेट वोटर हटाने की सफाई थी, लेकिन कई सीटों पर कटे नाम 2021 के जीत-हार के अंतर से ज्यादा हैं.
इसका मतलब है कि 44 विधानसभा सीटों पर चुनावी नतीजा पलट सकता है. इनमें से 24 सीटें 2021 में TMC ने जीती थीं और बीजेपी ने 20 सीटें. खासतौर पर मुर्शिदाबाद, मालदा और उत्तर 24 परगना जैसे मुस्लिम बहुल और बॉर्डर वाले इलाकों में सबसे ज्यादा असर पड़ेगा, जहां TMC का गढ़ माना जाता है. ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 23:30:14 +0530</pubDate>
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        <title>West Bengal Elections 2026: UCC, सीमा सुरक्षा और घुसपैठ... बंगाल चुनाव जीतने के बाद क्या है BJP का प्लान? अमित शाह ने संकल्प पत्र का किया ऐलान</title>
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        <description><![CDATA[ Bengal Elections 2026: पश्चिम बंगाल में होने वाले पहले फेज के चुनाव के लिए अब सिर्फ चंद दिनों का समय शेष बचा है. इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार (10 अप्रैल, 2026) को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर कोलकाता में भारतीय जनता पार्टी (BJP) का संकल्प पत्र जारी किया है. इस दौरान उन्होंने बंगाल की जनता से कई बड़े वाद भी किए.
चुनाव से पहले कोलकाता में बोले अमित शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राजधानी कोलकाता में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) की भवानीपुर उम्मीदवार ममता बनर्जी के दिए एक बयान पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी. दरअसल, ममता बनर्जी ने बंगाल के लोगों से कहा था कि अगर भाजपा की सरकार पश्चिम बंगाल में बन गई तो मछली और अंडा खाने को नहीं मिलेगा. इसके जवाब में अमित शाह ने कहा कि क्या आप ऐसा मानते हैं? ऐसा नहीं है तो सवाल ही क्यों कर रहे हैं.
उन्होंने कहा, &amp;lsquo;मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सिर्फ और सिर्फ झूठ का प्रचार करतीं हैं और उसे प्रसारित करती हैं. चुनाव जीतने के बाद भाजपा सरकार आएगी और TMC की सारी योजनाओं को खत्म देगी, ऐसा बिल्कुल नहीं है. हमने कहीं भी पुरानी सरकार की योजनाओं को खत्म नहीं किया है. मैं आपको बता देना चाहता हूं कि 5 मई, 2026 को पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार आएगी और हम सब मिलकर राम राज की स्थापना करेंगे.&amp;rsquo;
BJP के संकल्प पत्र पर क्या बोले केंद्रीय गृह मंत्री?
बंगाल चुनाव को लेकर जारी किए गए भाजपा के संकल्प पत्र पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, &amp;lsquo;पश्चिम बंगाल में पिछले 15 सालों तक टीएमसी का शासन सबसे बड़ा बुरे सपने जैसा था, लेकिन भाजपा का संकल्प पत्र राज्य की महिलाओं और युवाओं में नई उम्मीद जगाएगा. हर व्यक्ति के लिए अपने धर्म का स्वतंत्र रूप से पालन करने का अधिकार सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट कानून लाया जाएगा.&amp;rsquo;
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में अगर एक बार भाजपा चुनाव में जीत हासिल कर लें तो वह सभी के लिए समान कानून सुनिश्चित करेगी, सीमाओं को सुरक्षित करेगी, घुसपैठ के खिलाफ सख्त रवैया अपनाएगी और जानवरों की तस्करी पर भी रोक लगाएगी. उन्होंन समान नागिरक कानून (UCC) को लेकर कहा कि अगर बीजेपी की सरकार बनती है, तो राज्य में अगले छह महीने के अंदर UCC को लागू कर दिया जाएगा.
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        <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 23:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>नई दिल्ली रेलवे स्टेशन बनेगा ग्लोबल ट्रैवल हब, एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं से बदलेगा सफर का अनुभव</title>
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        <description><![CDATA[ नई दिल्ली रेलवे स्टेशन जल्द ही एक नए और आधुनिक रूप में नजर आने वाला है, जहां यात्रियों को पारंपरिक रेलवे स्टेशन के बजाय इंटरनेशनल एयरपोर्ट जैसा अनुभव मिलेगा. भारतीय रेलवे के बड़े रीडिवलपमेंट प्लान के तहत इसे एक मल्टी-मॉडल ग्लोबल हब के तौर पर विकसित किया जा रहा है, जिससे सफर ज्यादा आसान, आरामदायक और व्यवस्थित हो जाएगा.
बढ़ती भीड़ के बीच बड़ा बदलाव, क्षमता में होगा भारी इजाफा
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, लगातार बढ़ती आबादी और यात्रियों के दबाव को देखते हुए स्टेशन के विस्तार पर तेजी से काम किया जा रहा है. फिलहाल रोजाना करीब 4.5 लाख यात्री इस स्टेशन का इस्तेमाल करते हैं, जिसे बढ़ाकर 7 लाख तक ले जाने की तैयारी है. स्टेशन का कुल क्षेत्रफल भी मौजूदा करीब 17,274 वर्गमीटर से बढ़ाकर लगभग 1,09,040 वर्गमीटर किया जाएगा, जिसमें बेसमेंट एरिया भी शामिल रहेगा. इस बदलाव के बाद यात्रियों को भीड़भाड़ से काफी राहत मिलेगी.
पार्किंग और कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी सुधार
नए डिजाइन में पार्किंग व्यवस्था को खास प्राथमिकता दी गई है. स्टेशन पर पार्किंग क्षमता को करीब 7 गुना बढ़ाकर लगभग 2,100 कारों के लिए जगह बनाई जाएगी. इसके अलावा, यात्रियों की सुविधा के लिए 10 मीटर ऊंचाई पर एक आधुनिक रोड नेटवर्क तैयार किया जाएगा, जिससे वाहन सीधे ड्रॉप ऑफ पॉइंट तक पहुंच सकेंगे और ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी.
ट्विन टावर्स और विशाल कॉनकोर्स से बदलेगा पूरा नजारा
स्टेशन परिसर में लगभग 100 मीटर ऊंचे, करीब 20 मंजिला ट्विन टावर्स बनाए जाएंगे, जो इस पूरे प्रोजेक्ट की पहचान बनेंगे. इसके साथ ही करीब 60,000 वर्गमीटर में फैला एक विशाल कॉनकोर्स भी तैयार किया जाएगा, जो जमीन से करीब 10 मीटर ऊंचाई पर होगा. इस कॉनकोर्स का डिजाइन खुला और हवादार रखा जाएगा, ताकि यात्रियों को भीड़ के बीच भी आरामदायक माहौल महसूस हो और आवाजाही सुगम बनी रहे.
आधुनिक सुविधाओं के साथ आसान और स्मार्ट सफर की तैयारी
पूरे प्रोजेक्ट का उद्देश्य यात्रियों को एक ऐसी सुविधा देना है, जहां सफर सिर्फ एक जरूरत नहीं बल्कि बेहतर अनुभव बन जाए. नई दिल्ली रेलवे स्टेशन का यह कायाकल्प न केवल राजधानी की पहचान को मजबूत करेगा, बल्कि देश में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के नए मानक भी स्थापित करेगा.
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        <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 23:30:12 +0530</pubDate>
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        <title>मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लगी आग, जानें क्या हैं ताजा हालात</title>
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        <description><![CDATA[ मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 पर गुरुवार (9 अप्रैल 2026) शाम आग लग गई. न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक अधिकारी ने बताया कि आग सांताक्रूज पूर्व में स्थित बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर तक ही सीमित रही. इस घटना में अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है.
आग लगने के बाद क्या हैं ताजा हालात?
&amp;nbsp;एक अधिकारी ने बताया कि 1 बी सर्कल के पास एक तीन-मंजिला इमारत में शाम 6:35 बजे आग लगने की सूचना मिली, जिसके बाद मुंबई दमकल विभाग की गाड़ियां तुरंत मौके पर भेजी गईं. हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार मुंबई फायर डिपार्मेंट के अधिकारी रविंद्र अंबुलगेकर ने बताया कि आग टर्मिनल के भीतर केबल ट्रे और स्विच बॉक्स में लगी थी.
एयरपोर्ट के प्रवक्ता ने कहा, &#039;9 अप्रैल 2026 को शाम 6:10 बजे शॉर्ट सर्किट के कारण टर्मिनल-1 में मामूली आग लगने की सूचना मिली. इमरजेंसी रिस्पांस टीम ने कुछ ही मिनटों में आग पर काबू पा लिया. एयरपोर्ट के संचालन पर कोई असर नहीं पड़ा है.&#039; सोशल मीडिया पर कई वीडियो में एयरपोर्ट के टर्मिनल 1 के अंदर से घना धुआं उठता हुआ दिखाई दिया.
भारत का दूसरा सबसे व्यस्त एयरपोर्ट
छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट भारत का दूसरा सबसे व्यस्त एयरपोर्ट है. यह दुनिया के सबसे व्यस्त सिंगल-रनवे ऑपरेशंस वाले हवाई अड्डों में गिना जाता है. यह दक्षिण एशिया के एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हब के रूप में कार्य करता है, जो मुंबई को दुनिया के सभी बड़े शहरों से जोड़ता है. यहां यात्रियों के लिए वर्ल्ड-क्लास लाउंज, ड्यूटी-फ्री शॉपिंग और बेहतरीन कनेक्टिविटी जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं.
इससे पहले जनवरी 2022 में भी एक खतरनाक स्थिति तब पैदा हुई थी जब एक विमान को धक्का देने वाली टोइंग वैन (Pushback Tug) में अचानक आग लग गई थी. यह घटना विमान के बेहद करीब हुई थी, लेकिन दमकल विभाग ने आग पर तुरंत काबू पा लिया था.
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        <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 11:30:17 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>मुंबई, के, छत्रपति, शिवाजी, महाराज, इंटरनेशनल, एयरपोर्ट, पर, लगी, आग, जानें, क्या, हैं, ताजा, हालात</media:keywords>
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        <title>कोलकाता में ईडी का बड़ा एक्शन, एयरकार्गो कॉम्पलेक्स के निलंबित कमिश्नर की 48 लाख से ज्यादा की संपत्ति अटैच</title>
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        <description><![CDATA[ ईडी ने कोलकाता के एयर कार्गो कॉम्प्लेक्स के तत्कालीन उप सीमा शुल्क आयुक्त नवनीत कुमार (जो वर्तमान में निलंबित हैं) की 48.61 लाख रुपये की अचल संपत्ति को पीएमएलए 2002 के प्रावधानों के तहत अटैच करने का अंतरिम आदेश (पीएओ) जारी किया है. यह मामला कोलकाता के एयर कार्गो कॉम्प्लेक्स के माध्यम से माल की तस्करी से संबंधित है.
ईडी ने सीबीआई और एसीबी, कोलकाता द्वारा नवनीत कुमार और अन्य के खिलाफ आईपीसी, 1860 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की थी. यह मामला कोलकाता के एयर कार्गो कॉम्प्लेक्स में संगठित तस्करी और गलत तरीके से घोषित माल की अवैध निकासी से संबंधित है, जिससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान हुआ है.
जांच के दौरान और क्या खुलासे हुए?
जांच के दौरान, नवनीत कुमार के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं, 1860 के तहत एक और एफआईआर दर्ज की गई. यह एफआईआर नवनीत कुमार के फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्र और जन्म प्रमाण पत्र में हेराफेरी करने और संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा में बैठने के लिए डिग्री प्रमाण पत्र में हेरफेर करने से संबंधित थी.
जांच में पता चला कि 5 जून 2017 को कोलकाता हवाई अड्डे के एयर कार्गो कॉम्प्लेक्स (एसीसी) में डीआरआई द्वारा की गई अचानक जांच में, डीआरआई ने 19 खेपें जब्त कीं, जिनमें भारी मात्रा में गलत घोषणाएं पाई गईं. डीआरआई द्वारा किए गए मूल्यांकन के बाद, जब्त किए गए आयातित सामानों का मूल्य लगभग 194 करोड़ रुपये पाया गया, जबकि घोषित मूल्य लगभग 44.54 लाख रुपये था. निरीक्षण के बाद यह भी पाया गया कि 19 बिल ऑफ एंट्री (बीओई) में उल्लिखित सामान वास्तव में जब्त की गई खेपों में मौजूद सामान से भिन्न थे.
तस्कर मध्यस्थों के माध्यम से नवनीत जानकारी करते थे साझा
अपनाई गई कार्यप्रणाली यह थी कि तस्कर मध्यस्थों के माध्यम से नवनीत कुमार के साथ संवेदनशील खेप का विवरण पहले से साझा करते थे, जिसके बाद नवनीत कुमार अपने अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देश जारी करते थे कि वे केवल घोषित विवरण से मेल खाने वाले पैकेजों की ही चुनिंदा जांच करें, जबकि गलत तरीके से घोषित या प्रतिबंधित वस्तुओं वाली खेपों की जांच से जानबूझकर बचते थे.
इसके अलावा, उच्च मूल्य की खेपों को निर्धारित ईडीआई/सीबीईसी दिशानिर्देशों का उल्लंघन करते हुए, सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के बिना और ईडीआई प्रणाली में कोई खराबी न होने के बावजूद, &#039;मैनुअल आउट ऑफ चार्ज&#039; आदेशों के माध्यम से धोखाधड़ी से मंजूरी दिला दी जाती थी, जिससे पकड़े जाने से बचा जा सके.
जांच में सीमा शुल्क दलाल संस्थाओं, जी-कार्ड धारकों और निजी व्यक्तियों के एक सुसंगठित नेटवर्क का भी पता चला, जो अवैध रिश्वत के बदले में दस्तावेज, जांच और मंजूरी प्रक्रियाओं का समन्वय करते थे. तत्कालीन सीमा शुल्क उप आयुक्त नवनीत कुमार ने अपने अधीनस्थों के साथ मिलीभगत करके जानबूझकर और सोची-समझी साजिश के तहत तस्करी से जुड़े गैरकानूनी, धोखाधड़ी और भ्रष्ट गतिविधियों में लिप्त होकर अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग किया. आगे की जांच जारी है.
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        <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 11:30:16 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>कोलकाता, में, ईडी, का, बड़ा, एक्शन, एयरकार्गो, कॉम्पलेक्स, के, निलंबित, कमिश्नर, की, लाख, से, ज्यादा, की, संपत्ति, अटैच</media:keywords>
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        <title>&amp;apos;पैन&amp;पैन...&amp;apos;, बीच हवा में एक इंजन हुआ बंद तो पायलट ने लगाई आवाज, एअर इंडिया के विमान की मुंबई में इमरजेंसी लैंडिंग</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/पैन-पैन-बीच-हवा-में-एक-इंजन-हुआ-बंद-तो-पायलट-ने-लगाई-आवाज-एअर-इंडिया-के-विमान-की-मुंबई-में-इमरजेंसी-लैंडिंग</link>
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        <description><![CDATA[ मुंबई से बेंगलुरु जा रही एअर इंडिया की फ्लाइट AI2812 उड़ान भरने के करीब 20 मिनट बाद ही गुरुवार (9 अप्रैल 2026) को वापस मुंबई एयरपोर्ट लौट आई. एयरलाइन के मुताबिक विमान में तकनीकी खराबी का शक हुआ जिसके बाद एहतियात के तौर पर पायलट ने मुंबई लौटने का फैसला किया. यह एयरलाइन के तय नियमों के मुताबिक किया गया. विमान सुरक्षित उतरा और अभी तकनीकी जांच चल रही है.
पायलट ने &#039;पैन-पैन&amp;rsquo; कॉल दी
अधिकारियों के मुताबिक हवा में एक इंजन बंद होने पर पायलट ने रेडियो पर &amp;lsquo;पैन-पैन&amp;rsquo; कॉल दी, जिसके बाद विमान को सुरक्षित लैंड कराया गया. यह फ्लाइट सुबह 2:05 बजे उड़ान भरने वाली थी, जो करीब 2:15 बजे रवाना हुई, लेकिन कुछ ही देर बाद मुंबई लौट आई और लगभग 2:35 बजे सुरक्षित लैंडिंग कर ली. पैन-पैन कॉल एविएशन और समुद्री संचार में इस्तेमाल होने वाला एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त इमरजेंसी सिग्नल है. यह एक गंभीर स्थिति को दर्शाता है, जिस पर तुरंत एक्शन लेने की जरूरत होती है. हालांकि यह MAYDAY इमरजेंसी जितना गंभीर नहीं होता.
एअर इंडिया के विमान में कई खामियों का दावा
यूरोपियन एविएशन सेफ्टी एजेंसी की एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि पिछले महीने यूरोपीय एयरपोर्ट्स पर एअर इंडिया के विमानों के अचानक निरीक्षण के बाद कई सुरक्षा खामियां पाई गई. इस एयरलाइन को भारत के एविएशन रेगुलेटर की ओर से रखरखाव और इंजीनियरिंग मानकों को लेकर बार-बार जांच का सामना करना पड़ा है.
एअर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा, &#039;हमें यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद है. मुंबई एयरपोर्ट पर हमारी टीमों ने तुरंत सहायता मुहैया कराया और फ्लाइट ऑपरेशन के लिए एक वैकल्पिक विमान की व्यवस्था की गई. हमारे लिए यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. भविष्य में भी ऐसे मामलों में सुरक्षा के सभी नियमों का पालन किया जाएगा.
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        <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 11:30:13 +0530</pubDate>
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        <title>पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत पर शुक्रवार को आएगा फैसला, तलाश में हैदराबाद पहुंची थी असम पुलिस</title>
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        <description><![CDATA[ कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका पर तेलंगाना हाई कोर्ट ने गुरुवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. जस्टिस के सुजना कल यानी शुक्रवार को अपना आदेश सुना सकती हैं.&amp;nbsp;
यह याचिका असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भूयान शर्मा द्वारा दर्ज कराई गई FIR के सिलसिले में दायर की गई है. खेड़ा ने आरोप लगाया था कि रिनिकी शर्मा के पास तीन पासपोर्ट हैं, जिसके बाद गुवाहाटी क्राइम ब्रांच में BNS की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया, जिसमें धोखाधड़ी, जालसाजी, मानहानि और चुनाव से जुड़े झूठे बयान जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं.
वकील सिंघवी ने कोर्ट में क्या दलील दी?
खेड़ा की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी ने कोर्ट में दलील दी कि मानहानि जैसे मामले में हर संभव धारा लगा दी गई है, जो साफ दिखाता है कि यह कार्रवाई राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित है.&amp;nbsp;
सिंघवी ने कहा कि असल शिकायतकर्ता वस्तुतः असम के मुख्यमंत्री ही हैं और राजनीतिक विरोधियों को कानून के दुरुपयोग से चुप कराने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने यह भी कहा कि सारे सबूत डिजिटल हैं, ऐसे में गिरफ्तारी की कोई जरूरत ही नहीं है. खेड़ा न कोई भगोड़ा अपराधी हैं, न फरार होने का खतरा है. वे एक प्रमुख राजनीतिक शख्सियत हैं जिनकी समाज में गहरी जड़ें हैं.
असम एडवोकेट ने मेंटेनेबिलिटी पर उठाया सवाल
दूसरी तरफ असम के एडवोकेट जनरल देवजीत सैकिया ने हैदराबाद में इस याचिका की मेंटेनेबिलिटी पर ही सवाल उठाया. उनका कहना था कि दिल्ली के निवासी खेड़ा ने यह नहीं बताया कि वे असम जाकर वहां अग्रिम जमानत क्यों नहीं ले सकते.&amp;nbsp;
सैकिया ने खेड़ा को &#039;स्थापित फ्लाइट रिस्क&#039; बताते हुए कहा कि जब पुलिस उनके पास पहुंची तो वे भाग गए दिल्ली जाने की बजाय हैदराबाद आ गए, कल चेन्नई चले जाएंगे. इसके जवाब में खेड़ा के वकील ने कहा कि उनकी पत्नी का आधार कार्ड हैदराबाद का है और उन्होंने सनतनगर सीट से चुनाव भी लड़ा है, इसलिए हैदराबाद में याचिका दायर करना पूरी तरह जायज है.
एडवोकेट जनरल ने राजनीतिक बदले के आरोपों को खारिज किया
एडवोकेट जनरल ने राजनीतिक बदले के आरोपों को भी खारिज किया और कहा कि शिकायतकर्ता कोई राजनीतिक व्यक्ति नहीं हैं. उनका कहना था कि खेड़ा ने रिनिकी शर्मा के खिलाफ जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल किया, इसलिए जालसाजी की धाराएं लगाई गई हैं.&amp;nbsp;
बता दें कि मंगलवार को असम पुलिस हैदराबाद पहुंचकर खेड़ा की तलाश कर चुकी है और दिल्ली स्थित उनके घर पर भी तलाशी ली गई. खेड़ा कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के अध्यक्ष हैं और कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य भी हैं.
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        <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 11:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>पवन, खेड़ा, की, अग्रिम, जमानत, पर, शुक्रवार, को, आएगा, फैसला, तलाश, में, हैदराबाद, पहुंची, थी, असम, पुलिस</media:keywords>
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        <title>हुमायूं कबीर को तगड़ा झटका, ओवैसी ने तोड़ा गठबंधन, बंगाल में अकेले चुनाव लड़ेगी AIMIM</title>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बीच &amp;nbsp;AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने हुमायूं कबीर की पार्टी के साथ गठबंधन तोड़ने का ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि बंगाल में उनकी पार्टी अकेले चुनाव लड़ेगी. पार्टी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी है. हुमायूं कबीर के एक कथित वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मचे बवाल के बाद ओवैसी ने यह फैसला लिया है.
&#039;एक्स&#039; पर किया पोस्ट
AIMIM ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, &#039;हुमायूं कबीर के खुलासों ने बंगाल के मुसलमानों की असुरक्षा को उजागर किया है. एआईएमआईएम ऐसे किसी भी बयान का समर्थन नहीं कर सकती, जिससे मुसलमानों की गरिमा पर सवाल उठे. आज से एआईएमआईएम ने कबीर की पार्टी से अपना गठबंधन वापस ले लिया है. बंगाल के मुसलमान सबसे गरीब, उपेक्षित और शोषित समुदायों में से एक हैं. दशकों के धर्मनिरपेक्ष शासन के बावजूद उनके लिए कुछ नहीं किया गया है. किसी भी राज्य में चुनाव लड़ने के संबंध में पार्टी की नीति यही है कि हाशिए पर पड़े समुदायों को एक स्वतंत्र राजनीतिक आवाज मिले. हम बंगाल चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़ेंगे और आगे किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन नहीं करेंगे.&#039;

Humayun Kabir&amp;rsquo;s revelations have shown how vulnerable Bengal&amp;rsquo;s Muslims are. That AIMIM cannot associate with any statements where integrity of Muslims is brought into question. As of today, AIMIM has withdrawn its alliance with Kabir&amp;rsquo;s party. Bengal&amp;rsquo;s Muslims are one of the&amp;hellip;
&amp;mdash; AIMIM (@aimim_national) April 10, 2026



हुमायूं कबीर के वायरल वीडियो पर मचा बवाल
हुमायूं कबीर का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने पर गुरुवार (9 अप्रैल) को पश्चिम बंगाल में राजनीतिक विवाद &amp;nbsp;छिड़ गया. वीडियो में वह भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से संबंध होने और विधानसभा चुनावों में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराने के प्रयासों का कथित तौर पर दावा करते नजर आ रहे हैं. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने &amp;nbsp;प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसे शेयर किया और पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और पीएमओ के साथ कबीर की कथित नजदीकी के दावों की ईडी से जांच की मांग की.
वीडियो में, कबीर को कथित तौर पर यह कहते हुए सुना जा रहा है कि वह बनर्जी को सत्ता से हटाने के लिए &#039;किसी भी हद तक&#039; जाने को तैयार हैं और वह शुभेंदु अधिकारी सहित वरिष्ठ भाजपा नेताओं के संपर्क में हैं. पिछले साल के अंत में तृणमूल से निलंबित किए जाने के कुछ दिनों बाद &#039;आम जनता उन्नयन पार्टी&#039; की स्थापना करने वाले कबीर के बारे में यह भी कहा जा रहा है कि उन्होंने पीएमओ से संपर्क किया था और उन्हें भाजपा शासित अन्य राज्यों के नेताओं के साथ तालमेल बिठाने की सलाह दी गई थी.
वीडियो में कथित तौर पर कबीर यह कहते हुए भी नजर आ रहे हैं कि उनकी रणनीति सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस से अल्पसंख्यक वोटों को अपने पक्ष में करने के इर्द-गिर्द केंद्रित है, जिससे यह संकेत मिलता है कि इस तरह के बदलाव से भाजपा को चुनावी रूप से फायदा हो सकता है. उन्होंने कथित तौर पर इस रणनीति को सभी निर्वाचन क्षेत्रों में लागू करने के लिए करोड़ों रुपये की आवश्यकता का उल्लेख किया है.
&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 11:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>हुमायूं, कबीर, को, तगड़ा, झटका, ओवैसी, ने, तोड़ा, गठबंधन, बंगाल, में, अकेले, चुनाव, लड़ेगी, AIMIM</media:keywords>
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        <title>ओडिशा में खौफनाक वारदात, सरकारी ऑफिसर ने गुस्से में पत्नी को उतारा मौत के घाट, चाकू से काटा गला</title>
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        <description><![CDATA[ ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है जहां एक रिटायर्ड सरकारी अधिकारी ने अपनी पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी. आरोपी की पहचान देबराया सदांगी के रूप में हुई है, जिसे पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. आरोपी 62 वर्षीय देबराज सारंगी अटॉर्नी जनरल कार्यालय में पूर्व वरिष्ठ लेखाकार थे और लगभग दो साल पहले रिटायर हुए थे.
रिटायर्ड अफसर ने रेता पत्&amp;zwj;नी का गला
रिटायर के बाद सारंगी एयरफील्ड पुलिस थाना क्षेत्र के स्वास्तिक नगर इलाके में अपनी 55 वर्षीय पत्नी प्रियमवदा के साथ रह रहे थे. न्यूज एजेंसी आईएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस सूत्रों ने बताया कि सारंगी कथित तौर पर मानसिक तनाव में थे. सारंगी ने बुधवार (8 अप्रैल 2026) घर छोड़ने की जिद की, जिसका उनकी पत्नी ने विरोध किया, जिसके बाद दोनों के बीच तीखी बहस और हाथापाई हुई. इसी बीच अचानक गुस्से में आकर आरोपी ने पहले पीड़िता पर मुक्कों से हमला किया और फिर चाकू से उस पर वार किया. उसने पीड़िता के चेहरे और गर्दन पर कई बार चाकू से वार किया, जिससे उसकी मौत हो गई.
 पीड़िता के गहने बेटी को सौंपे
घटना के बाद आरोपी सारंगी ने कुछ नकदी और पीड़िता के सोने के गहने अपनी बेटी को सौंप दिए, जो शहर के पात्रापाड़ा इलाके में अपने ससुराल में रह रही थी. बाद में, वह एयरफील्ड पुलिस स्टेशन गया और अपराध कबूल करते हुए सरेंडर कर दिया. दंपति की बेटी अर्पिता ने बताया कि उनके पिता पिछले छह महीनों से लीवर के संक्रमण से पीड़ित हैं. हाल ही में उनका डायबिटीज भी बढ़ गया था और उनका वजन धीरे-धीरे कम हो रहा था. उनकी हालत में सुधार न होने की आशंका से सारंगी लगातार तनाव में रहती थीं.
&amp;nbsp;
उन्होंने आगे बताया कि एक दिन पहले की उन्होंने अपने पिता को सांत्वना देने की कोशिश की थी और उन्हें भरोसा दिलाया था कि वे जल्द ही ठीक हो जाएंगे. जांच के दौरान अधिकारियों ने यह भी पता लगाया कि आरोपी लंबे समय से डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और लीवर संबंधी बीमारियों से पीड़ित थे, जिसके परिणामस्वरूप वे गंभीर डिप्रेशन से ग्रस्त थे.
पुलिस सूत्रों ने आगे दावा किया कि जांच में पता चला है कि घटना से पहले सारंगी कथित तौर पर मानसिक तनाव और नींद नहीं आने की बीमारी से पीड़ित था और अचानक गुस्से में आकर उसने यह अपराध किया. आत्मसमर्पण और अपराध स्वीकार करने के बाद, सारंगी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और बाद में अदालत में पेश किया, जिसने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया.
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        <pubDate>Thu, 09 Apr 2026 19:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>ओडिशा, में, खौफनाक, वारदात, सरकारी, ऑफिसर, ने, गुस्से, में, पत्नी, को, उतारा, मौत, के, घाट, चाकू, से, काटा, गला</media:keywords>
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        <title>Explained: बंगाल में बीजेपी ने एक भी मुस्लिम को नहीं दिया टिकट, 2021 के 8 कैंडिडेट से शून्य का सफर क्यों? समझें खेला</title>
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        <description><![CDATA[ 8 अप्रैल 2026 को बीजेपी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए अपनी अंतिम उम्मीदवार सूची जारी की. इसमें 294 सीटों में से घोषित सभी उम्मीदवारों में एक भी मुस्लिम नाम नहीं था. पार्टी ने 8 अप्रैल को कोलकाता पोर्ट सीट से राकेश सिंह को अंतिम उम्मीदवार बनाया और सूची पूरी कर ली, जबकि बीते चुनाव में मुस्लिम बीजेपी कैंडिडेट्स थे. तो क्या यह मान लें कि बंगाल के बीजेपी मुसलमानों को मुस्लिम पर भरोसा नहीं रहा? एक्सप्लेनर में समझते हैं बीजेपी का बंगाल जादू...
सवाल 1: बंगाल के पिछले चुनाव में बीजेपी के कितने मुस्लिम उम्मीदवार थे? नतीजा क्या था?जवाब: पश्चिम बंगाल में पिछली बार विधानसभा चुनाव 2021 में हुए थे. तब बीजेपी ने 294 सीटों में से सिर्फ 8 पर मुसलमान उम्मीदवार उतारे थे. ये ज्यादातर दिनाजपुर, मालदा और मुर्शिदाबाद जैसे मुस्लिम बहुल इलाकों में थे. लेकिन नतीजे चौंकाने वाले आए. 8 मुस्लिम कैंडिडेट्स में एक भी नहीं जीता. मुस्लिम बहुल 112 सीटें तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने जीतीं थीं. TMC को 75% वोट मिले थे, जबकि बीजेपी को सिर्फ 7%.
मालदा के सुजापुर में एक उम्मीदवार को 366 बूथों में से 244 पर सिंगल डिजिट वोट मिले, 19 बूथों पर 0 वोट. बीजेपी ने पूरे बंगाल में 77 सीटें जीतीं, लेकिन मुस्लिम इलाकों में प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा था.
इससे पहले 2016 में बीजेपी ने सिर्फ 3 मुस्लिम उम्मीदवार उतारे थे. इनमें से भी कोई कामयाब नहीं हुआ. 2016 में बीजेपी को सिर्फ 3 सीटें मिली थीं. यानी ट्रेंड साफ है कि हर बार संख्या घटती गई.
&amp;nbsp;

बीते 10 सालों में बंगाल में बीजेपी का एक भी मुस्लिम कैंडिडेट चुनाव नहीं जीता

सवाल 2: तो इस बार चुनाव में बीजेपी की रणनीति क्या है?जवाब: बीजेपी की रणनीति अब पूरी तरह &#039;विनेबिलिटी फर्स्ट&#039; पर बेस्ड है. पार्टी को लगता है कि मुस्लिम उम्मीदवारों को बीजेपी के टिकट पर मुस्लिम वोटरों का समर्थन नहीं मिलता. बंगाल में मुस्लिम आबादी करीब 33% है, लेकिन मुस्लिम वोटरों का बड़ा हिस्सा TMC के साथ मजबूती से जुड़ा हुआ है.
बीजेपी अब हिंदू वोट को 100% एकजुट करने पर फोकस कर रही है. &#039;अल्पसंख्यक तुष्टिकरण&#039; का मुद्दा उठाकर और विकास, सुरक्षा, सीमा सुरक्षा जैसे मुद्दों पर जोर देकर हिंदू आबादी को कंसोलिडेट करना चाहती है. अल्पसंख्यक मोर्चा के नेता भी कह रहे हैं कि समुदाय की सेवा उम्मीदवार उतारने से नहीं, बल्कि विकास और सुरक्षा से जुड़ी है.
बंगाल बीजेपी के अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष अली हुसैन ने साफ कहा, &#039;पार्टी का मानना है कि किसी समुदाय के लिए जिम्मेदारी सिर्फ उस समुदाय से उम्मीदवार उतारने पर निर्भर नहीं करती.&#039;&amp;nbsp;
2021 में मुस्लिम उम्मीदवारों की हार के बाद पार्टी ने यह निष्कर्ष निकाला कि टिकट देककर भी वोट नहीं मिलता, इसलिए अब इस रास्ते से पूरी तरह मुंह मोड़ लिया गया.
सवाल 3: बंगाल के 2026 चुनाव में अन्य पार्टियों ने कितने मुस्लिम कैंडिडेट्स उतारे?जवाब: बीजेपी के मुकाबले अन्य सभी पार्टियों ने मुस्लिम कैंडिडेट्स पर दांव खेला है:

कांग्रेस: सबसे ज्यादा 78 मुस्लिम उम्मीदवार.
TMC: 47 मुस्लिम उम्मीदवार.
लेफ्ट फ्रंट: 26 मुस्लिम उम्मीदवार.
AIMIM और AJUP गठबंधन: मुस्लिम बहुल इलाकों में 12 से ज्यादा उम्मीदवार.

बीजेपी का शून्य होने से विपक्ष इसे &#039;मुस्लिम विरोधी&#039; बता रहा है, लेकिन बीजेपी का तर्क है कि जिम्मेदारी टिकट से नहीं, काम से निभाई जाती है.
सवाल 4: इस फैसले से चुनावी समीकरण पर क्या असर पड़ सकता है?जवाब: पॉलिटिकल एक्सपर्ट रशीद किदवई कहते हैं कि 2021 में 75% मुस्लिम वोट TMC को गया था. 2026 में भी ज्यादातर मुस्लिम वोट TMC या कांग्रेस की ओर जा सकता है. AIMIM जैसे छोटे दलों से वोट बंट सकता है. ये बीजेपी के लिए अप्रत्यक्ष फायदा हो सकता है. कुल मिलाकर बीजेपी का टारगेट हिंदू वोट को एकजुट करके 2021 का 38% वोट शेयर बढ़ाना है. बीजेपी मुस्लिम बहुल सीटों पर भी हिंदू वोट कंसोलिडेशन से लड़ाई लड़ना चाहती है. वहीं, TMC का मुस्लिम वोट को और मजबूत करने पर जोर है.&#039;
एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर मुस्लिम वोट बंटा तो बीजेपी को फायदा हो सकता है, लेकिन अगर TMC ने इसे एकजुट रखा तो मुस्लिम वोट का ध्रुवीकरण उसे और मजबूत करेगा.
&amp;nbsp;

लोकल पार्टीज ने मुस्लिम वोट काटा, तो फायदा बीजेपी को हो सकता है

सवाल 5: तो आखिर ये फैसला कितना बड़ा है और आगे क्या?जवाब: 2026 का ये फैसला बीजेपी की बंगाल रणनीति का सबसे साफ संकेत है कि &#039;विनेबिलिटी पहले, समुदाय का प्रतिनिधित्व बाद में.&#039; 2021 में 8 मुस्लिम उम्मीदवार उतारकर भी कोई फायदा नहीं हुआ, इसलिए पार्टी ने अब इस दरकिनार कर दिया. बीजेपी के लिए ये सिर्फ उम्मीदवार सूची नहीं, बल्कि बंगाल की राजनीति की नई दिशा है. बीजेपी का कहना है कि 2 लाख मुस्लिम सदस्यों की सेवा विकास से होगी, न कि टिकट से. लेकिन विपक्ष इसे &#039;मुस्लिमों को नजरअंदाज&#039; बता रहा है. असली फैसला 4 मई 2026 को मतगणना के दिन होगा. ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 09 Apr 2026 19:30:10 +0530</pubDate>
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        <title>लश्कर के अंतर&amp;राज्यीय मॉड्यूल का पर्दाफाश, NIA अपने हाथ में लेगी जांच, दो आतंकवादियों की कस्टडी की करेगी मांग</title>
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        <description><![CDATA[ नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) श्रीनगर में हाल ही में पकड़े गए लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के अंतर-राज्यीय आतंकी मॉड्यूल की जांच अपने हाथ में लेगी. अधिकारियों ने संकेत दिया है कि केंद्रीय एजेंसी इस मामले में गिरफ्तार किए गए दो पाकिस्तानी आतंकवादियों की कस्टडी भी मांगेगी.
यह घटनाक्रम श्रीनगर की एक अदालत की तरफ से पांच आरोपियों को श्रीनगर पुलिस की दस दिन की रिमांड पर भेजने के एक दिन बाद सामने आया है. जम्मू-कश्मीर पुलिस ने दावा किया है कि उसने LeT के एक &#039;गहरे तक फैले&#039; नेटवर्क को खत्म कर दिया है और पांच गुर्गों को गिरफ्तार किया है.&amp;nbsp;
इनमें दो पाकिस्तानी नागरिक अब्दुल्ला उर्फ अबू हुरैरा और उस्मान उर्फ खुबैब और उनके स्थानीय साथी शामिल हैं. अब्दुल्ला और उस्मान को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पंजाब पुलिस के साथ मिलकर 28 मार्च को मलेरकोटला से एक संयुक्त अभियान में गिरफ्तार किया था, जबकि अन्य आरोपियों को श्रीनगर पुलिस ने श्रीनगर शहर के बाहरी इलाकों में अलग-अलग अभियानों के दौरान हिरासत में लिया था.
अलग-अलग राज्यों से करीबन 15 लोग हिरासत में लिए गए
सूत्रों ने बताया कि गिरफ्तार किए गए पांच लोगों के अलावा, हरियाणा और राजस्थान के कम से कम 15 लोग और 10 स्थानीय लोग श्रीनगर पुलिस की हिरासत में हैं और इन घटनाक्रमों को देखते हुए, इस मामले को&amp;mdash;इसके अंतर-राज्यीय संबंधों और व्यापक आतंकी प्रभावों के कारण&amp;mdash;विस्तृत जांच के लिए NIA को सौंपे जाने की उम्मीद है.
उन्होंने कहा कि एक बार जब NIA औपचारिक रूप से जांच अपने हाथ में ले लेगी, तो वह उन दो विदेशी आतंकवादियों की कस्टडी मांगेगी, जो फिलहाल श्रीनगर की एक विशेष अदालत के आदेश पर पुलिस रिमांड पर हैं.
एक नामित अदालत ने इससे पहले आरोपियों को 10 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा था. अदालत ने टिप्पणी की थी कि ये अपराध &quot;गंभीर और संगीन प्रकृति के&quot; हैं और देश की सुरक्षा और संप्रभुता के लिए खतरा पैदा करते हैं.
कैसे हुआ आतंकी मॉड्यूल का भांडाफोड़
यह आतंकी मॉड्यूल जिसका नेतृत्व अबू हुरैरा कर रहा था (जो कथित तौर पर लगभग 16 वर्षों से जम्मू-कश्मीर में सक्रिय था) जम्मू-कश्मीर, राजस्थान और हरियाणा में की गई छापेमारी वाले एक बहु-राज्यीय अभियान के बाद सामने आया.
जांच में पता चला कि आरोपियों ने फर्जी पहचान और दस्तावेजों का इस्तेमाल करके एक नेटवर्क बनाया था. यह नेटवर्क राज्यों के बीच आवाजाही में मदद करता था और विदेशी आतंकवादियों को पनाह, फंडिंग और सुरक्षित ठिकाने (सेफ हाउस) जैसी लॉजिस्टिक सहायता मुहैया कराता था.
भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद
पुलिस ने कई जगहों पर तलाशी के दौरान भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किया, जिसमें AK-सीरीज़ की राइफलें, पिस्तौल, हथगोले और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शामिल हैं. इस संबंध में जकूरा पुलिस स्टेशन में FIR नंबर 24/2026 के तहत, गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धारा 18, 19, 20, 23, 38 और 39 के साथ-साथ शस्त्र अधिनियम की धारा 7/25 और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 4 के तहत एक मामला दर्ज किया गया है.
अधिकारियों ने बताया कि जांच से LeT के वित्तीय और ऑपरेशनल नेटवर्क का खुलासा हुआ है. अब तक पूछताछ के लिए लगभग 40 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है, और जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, और भी गिरफ्तारियां होने की संभावना है.
उन्होंने आगे कहा कि NIA द्वारा जांच का जिम्मा संभालने से जांच का दायरा और बढ़ने की उम्मीद है, खासकर इस आतंकी मॉड्यूल से जुड़े अंतर-राज्यीय संबंधों, फंडिंग के स्रोतों और संभावित अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की जांच के मामले में.
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        <pubDate>Thu, 09 Apr 2026 19:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>लश्कर, के, अंतर-राज्यीय, मॉड्यूल, का, पर्दाफाश, NIA, अपने, हाथ, में, लेगी, जांच, दो, आतंकवादियों, की, कस्टडी, की, करेगी, मांग</media:keywords>
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        <title>Telangana News: हस्तिनापुरम में भीषण सड़क हादसा, नशे में धुत कार चालक ने ली दो छात्रों की जान</title>
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        <description><![CDATA[ Telangana accident: तेलंगाना के वनस्थलीपुरम पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में हस्तिनापुरम में हुई एक भीषण सड़क दुर्घटना ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं. नशे में धुत और तेज रफ्तार से आ रही एक होंडा सिटी कार ने कॉलेज के दो छात्रों को टक्कर मार दी, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई. मृतक की पहचान शिव और संदीप जोएल रूप में हुई है.&amp;nbsp;
बताया जा रहा है कि कार ने सड़क पर चल रहे एक अन्य व्यक्ति और उसकी बाइक को भी टक्कर मारी और करीब लगभग मीटर तक घसीटते हुए पलट गई, जिससे दुर्घटना की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है. तेज गति और लापरवाही के कारण दो इंजीनियरिंग छात्रों की जान चली गई.&amp;nbsp; &amp;nbsp;
Two Engineering (#Btech) Students were died after a #Drunk driver rams his Speeding car into their two-wheeler near Hastinapuram in #Vanasthalipuram ps limits, #Hyderabad [#RoadSafety]K. Shiva (19) and Sandeep Joel (19), 2nd year ECE #Students at Mahaveer Engineering College,&amp;hellip; pic.twitter.com/VziLJARvrY
&amp;mdash; Surya Reddy (@jsuryareddy) April 8, 2026
शिव की कहानी सुनकर भर आएंगी आंखें
इस हादसे में जान गंवाने वाले शिव की कहानी सुनकर किसी की भी आंखों में आंसू आ जाएंगे. शिव महावीर इंजीनियरिंग कॉलेज में ईसीई सेकंड ईयर का छात्र था.पिता के न होने बावजूद वह अपनी मां पर बोझ नहीं बनना चाहता था. इसलिए वह पढ़ाई के साथ-साथ पार्ट टाइम डिलीवरी बॉय का काम करके परिवार का भरण-पोषण कर रहा था. उसकी मां ने उम्मीद की थी कि उसका बेटा अच्छा काम करेगा और जीवन में आगे बढ़ेगा, लेकिन यह हादसा उनके सारे सपने तोड़ गया.
मां का रो-रोकर बुरा हाल
घटनास्थल पर जब शिव की मां पहुंची, तो उनका विलाप वहां मौजूद लोगों को झकझोर गया. वह रोते हुए बार-बार कह रही थीं, &quot;बेटा... क्यों तुम मेरी मेहनत नहीं देख सके और डिलीवरी बॉय बन गए? मैंने तुम्हें पढ़ाया-लिखाया और एक अच्छा इंसान बनाना चाहा, लेकिन तुमने मुझे अनाथ कर दिया और मुझे अकेला छोड़ कर चले गए...&quot;
उनकी चीखें सुनकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नाम हो गई. किसी की नशे की गलती के कारण, एक गरीब मां, जो कड़ी मेहनत करके अपने बेटे का भविष्य बनाना चाहती थी, आज उसी बेटे को उसने खो दिया. वहीं, शिव के साथ-साथ संदीप के परिवार में भी दुख छाया हुआ है.
नशे में ड्राइविंग बनी हादसे की वजह
पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि यह घटना नशे में गाड़ी चलाने के कारण हुई. आरोपियों ने नशे में होने के कारण वाहन पर नियंत्रण खो दिया, जिसके कारण यह हादसा हुई. एक की मस्ती, दूसरे के जीवन के लिए अभिशाप बन गई... कड़ी मेहनत से आगे बढ़ रहे छात्रों का जीवन इस तरह सड़क पर आ गया, जिससे स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा है. फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 09 Apr 2026 19:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>West Bengal Election 2026: पार्टी संकल्प पत्र की घोषणा से पहले पीएम मोदी का मास्टरस्ट्रोक, बंगाल में किया 6 गारंटियों का ऐलान</title>
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        <description><![CDATA[ बीजेपी शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के लिए संकल्प पत्र की घोषणा करने जा रही है. संकल्प पत्र की घोषणा से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल की जनता के लिए छह महत्वपूर्ण गारंटियों का ऐलान किया है.&amp;nbsp;
पिछले कई विधानसभा चुनावों की बात करें तो बीजेपी ने मोदी की गारंटी को एक बड़ा मुद्दा बनाया है. बीजेपी का मानना है कि मोदी की गारंटी पर जनता को उनके पूरे होने यकीन होता है और उसका लाभ चुनाव में मिलता है.
पीएम मोदी ने इन गारंटियों के साथ दोहराया संकल्प
प्रधानमंत्री ने इन गारंटियों के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी ने राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने, प्रशासन में पारदर्शिता लाने, महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई करने का संकल्प दोहराया है.
प्रधानमंत्री द्वारा दी गई गारंटियों में कहा गया है कि राज्य में भाजपा सरकार बनने पर भय और असुरक्षा के माहौल को समाप्त कर कानून के शासन में लोगों का विश्वास बहाल किया जाएगा. साथ ही प्रशासनिक तंत्र को पूरी तरह से जनता के प्रति जवाबदेह बनाया जाएगा.
उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि हर घोटाले, भ्रष्टाचार के मामलों, महिलाओं के खिलाफ अपराधों और बलात्कार के मामलों की फाइलों को दोबारा खोला जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
पीएम मोदी ने TMC के शासन में हुए भ्रष्टाचार को लेकर साधा निशाना
तृणमूल के शासन पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार में शामिल किसी भी व्यक्ति चाहे वह मंत्री हो या कोई अन्य को बख्शा नहीं जाएगा और सभी को कानून के दायरे में लाया जाएगा.
इसके अलावा, शरणार्थियों को संविधान द्वारा प्रदत्त सभी अधिकार और सुविधाएं देने का वादा किया गया है, जबकि अवैध घुसपैठियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद पश्चिम बंगाल में 7वें वेतन आयोग को लागू किया जाएगा, जिससे राज्य के सरकारी कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा. यह गारंटियां पश्चिम बंगाल में सुशासन, सुरक्षा और विकास को लेकर भाजपा की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ें: PM मोदी के गढ़ में ओवैसी की एंट्री, यूपी विधानसभा चुनाव में बढ़ेगी बीजेपी की टेंशन? ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 09 Apr 2026 19:30:07 +0530</pubDate>
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        <title>केंद्र सरकार ने दिया जनहित याचिका प्रणाली खत्म करने का सुझाव, सुप्रीम कोर्ट ने कहा &amp; &amp;apos;याचिका स्वीकार करने से पहले बरतते हैं सावधानी&amp;apos;</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/केंद्र-सरकार-ने-दिया-जनहित-याचिका-प्रणाली-खत्म-करने-का-सुझाव-सुप्रीम-कोर्ट-ने-कहा-याचिका-स्वीकार-करने-से-पहले-बरतते-हैं-सावधानी</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/केंद्र-सरकार-ने-दिया-जनहित-याचिका-प्रणाली-खत्म-करने-का-सुझाव-सुप्रीम-कोर्ट-ने-कहा-याचिका-स्वीकार-करने-से-पहले-बरतते-हैं-सावधानी</guid>
        <description><![CDATA[ केंद्र सरकार ने जनहित याचिका यानी पीआईएल व्यवस्था की समीक्षा करने और इसे पूरी तरह समाप्त करने की मांग की है. सबरीमाला केस की पुनर्विचार याचिकाओं से सामने आए सवालों पर सुनवाई कर रही 9 जजों की संविधान पीठ के सामने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने यह दलील रखी.
सुनवाई में एक सवाल पीआईएल पर भी
संविधान पीठ जिन 7 सवालों पर सुनवाई कर रही है, उनमें एक सवाल यह भी है कि क्या किसी धार्मिक संप्रदाय से बाहर का व्यक्ति पीआईएल दायर कर उस संप्रदाय की प्रथाओं को चुनौती दे सकता है. इसका जवाब देते हुए सॉलिसिटर जनरल ने जनहित याचिका व्यवस्था को जारी रखने के औचित्य पर सवाल उठाए.
&#039;अब प्रासंगिकता खत्म&#039;
मेहता ने कहा कि पीआईएल को उस दौर में शुरू किया गया था, जब आबादी का एक बड़ा हिस्सा गरीबी, अशिक्षा और सामाजिक परिस्थितियों के चलते न्याय तक पहुंचने में असमर्थ था. लेकिन 5 दशक में स्थितियां काफी हद तक बदल चुकी हैं. न्यायिक व्यवस्था के विस्तार के चलते लोग अपने लिए खुद याचिका दाखिल कर सकते हैं. हर जिले में कानूनी सेवा प्राधिकरण काम कर रहा है. वहां लोगों के लिए मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध है.
&#039;एजेंडा के तहत याचिका&#039;
सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि ई-फाइलिंग जैसी सुविधाओं से आम आदमी के लिए हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचना आसान हो गया है. अब यह जरूरी नहीं कि कोई और किसी वर्ग का प्रतिनिधित्व करते हुए याचिका दाखिल करे. मेहता ने आरोप लगाया कि जनहित याचिका के नाम पर दाखिल होने वाली ज़्यादातर याचिकाओं का कोई छुपा हुआ एजेंडा होता है. उसके पीछे कोई ऐसा व्यक्ति होता है जो अपना फायदा चाहता है.
हम भी रहते हैं सतर्क : सुप्रीम कोर्ट
बेंच की अध्यक्षता कर रहे चीफ जस्टिस ने इस बात पर सहमति जताई कि बहुत से याचिकाकर्ता &#039;गुप्त एजेंडा&#039; लेकर आते हैं. इसलिए, अब अदालतें भी जनहित याचिकाओं को स्वीकार करने में बहुत सतर्कता बरतती हैं. पीआईएल को परखने के लिए सख्त मानक तय किए गए हैं. जज पीआईएल के पीछे के वास्तविक कारणों की पड़ताल करते हैं. किसी याचिका पर नोटिस तभी जारी किया जाता है जब मामले में सचमुच दम हो.
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        <pubDate>Thu, 09 Apr 2026 03:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>केंद्र, सरकार, ने, दिया, जनहित, याचिका, प्रणाली, खत्म, करने, का, सुझाव, सुप्रीम, कोर्ट, ने, कहा, याचिका, स्वीकार, करने, से, पहले, बरतते, हैं, सावधानी</media:keywords>
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        <title>क्या संसद&amp;विधानसभाओं में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण 2029 से हो सकेगा लागू, कैबिनेट ने दी विधेयकों को मंजूरी</title>
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        <description><![CDATA[ संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण साल 2029 से लागू करने के लिए लाए जाने वाले विधेयकों को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है. कुल तीन विधेयक लाए जाएंगे. इससे पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने रविवार (5 अप्रैल 2026) तो पीएम मोदी ने कहा &amp;nbsp;था कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाले 2023 में पारित कानून को 2029 से लागू करवाने के लिए संसद का बजट सत्र तीन दिन बढ़ा दिया गया है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बजट सत्र 16, 17 और 18 अप्रैल को फिर आयोजित होगा.
देश के दोनों सदनों में महिला अधिकारों पर होगी चर्चा
महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा दोनों देशों की सदनों में होगी. इसे बकायदा सरकार विशेष सत्र बुलाने जा रही है. 16, 17 और 18 अप्रैल तक चलने वाले इस सत्र में महिलाओं के अधिकारों और देश में आधी आबादी के योगदान को लेकर एक स्वस्थ्य बहस सदन में देखने को मिलेगी. इसका मकसद देश के निर्वाचन क्षेत्र और पार्लियामेंट में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना है. इससे महिला सशक्तिकरण को बल मिलेगा.इस बिल पर चर्चा का उद्देश्य इसे लागू करने में आ रही मुश्किलों को दूर करना है. साथ ही संशोधन बिल को पारित कराना है.
किरण रिजिजू ने राज्यसभा में क्या बताया था?
इसके अलावा राज्यासभा में संसदीय कार्यमंत्री रिजिजू ने बताया था कि संसद स्थगित हो जाएगी. महिलाओं के आरक्षण से जुड़े एक महत्वपूर्ण कानून के लिए दो से तीन हफ्तों के बाद सदन फिर से बैठेगा. सदन की विधायी कामकाज पर जयराम रमेश के सवाल पर भी रिजिजू ने कहा था कि सरकार ने इस मामले में 80 प्रतिशत से ज्यादा पार्टियों से सलाह मशविरा किया है.&amp;nbsp;
विशेष सत्र को लेकर कांग्रेस ने सरकार को पत्र लिखा था
वहीं इस विशेष सत्र को लेकर कांग्रेस ने सरकार को पत्र लिखकर विधानसभा चुनाव के बाद संसद बुलाने की मांग की थी. इस पर रिजिजू ने कहा था कि सरकार मनमाने ढंग से काम नहीं कर रही है. सभी पार्टी के सांसदों से सलाह ली जा रही है. रिजिजू ने कहा कि महिलाओं का आरक्षण का ऐसा मुद्दा, जिसे सर्वसम्मति से पारित किया जाना चाहिए. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग भी की थी.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Thu, 09 Apr 2026 03:30:09 +0530</pubDate>
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        <title>40 दिन की जंग के बाद सीजफायर: ईरान ने अमेरिका&amp;इजराइल को घुटनों पर ला दिया: और हैदराबाद का ईरान से 400 साल पुराना रिश्ता</title>
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        <description><![CDATA[ Iran US War: 8 अप्रैल 2026 को वो हुआ जो दुनिया की कोई ताकत सोच भी नहीं सकती थी, ईरान ने अमेरिका और इजरायल दोनों को एक साथ रोक दिया. 40 दिनों तक चली खूनी जंग के बाद पाकिस्तान की मध्यस्थता में दो हफ्ते का सीजफायर लागू हुआ और ईरान ने जलडमरूमध्य होरमुज को फिर से खोलने पर सहमति दी. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर ऐलान किया कि ईरान ने 10 सूत्रीय शांति प्रस्ताव पेश किया है जो &quot;बातचीत का एक ठोस आधार&quot; है. लेकिन असल कहानी इसके पीछे छिपी है.
28 फरवरी 2026 को इजरायल और अमेरिका ने मिलकर ईरान पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए. इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामनेई शहीद हो गए. ईरान टूटा नहीं, बल्कि और मजबूत होकर खड़ा हुआ. ईरान ने इजरायल, अमेरिकी ठिकानों और खाड़ी देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जलडमरूमध्य होरमुज को बंद कर दिया जिससे दुनिया भर का तेल व्यापार ठप हो गया और वैश्विक अर्थव्यवस्था हिल गई. विश्लेषकों के मुताबिक होरमुज को बंद करने का ईरानी फैसला इस जंग का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ.
ईरानी लोग इस सीजफायर को 1447 साल पहले हुए खैबर के युद्ध से जोड़ रहे
सोशल मीडिया पर ईरानी लोग इस सीजफायर को 1447 साल पहले हुए खैबर के युद्ध से जोड़ रहे हैं. उनका कहना है कि जैसे हजरत अली ने खैबर की जंग में यहूदियों को 40 दिन में हराया था, वैसे ही अली के मानने वालों ने आज फिर 40 दिनों में दुश्मन को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया. तेहरान और बगदाद की सड़कों पर जश्न मनाया गया, लोग शहीद आयतुल्लाह खामनेई और उनके बेटे व नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामनेई की तस्वीरें लेकर निकले.
हैदराबाद के शिया स्कॉलर मौलाना अमर हैदराबादी ने सीजफायर का स्वागत करते हुए कहा कि ईरान जुल्म के खिलाफ अपना बचाव कर रहा था. उन्होंने आयतुल्लाह खामनेई की शहादत को याद करते हुए कहा कि ईरान का जो नुकसान हुआ वो पूरा तो नहीं हो सकता, लेकिन खामनेई की कुर्बानी रायगां नहीं गई ईरान ने दोनों के दांत खट्टे कर दिए. मौलाना ने कहा कि यह अच्छा मौका है, बातचीत करके जंग खत्म करनी चाहिए, लेकिन अमेरिका और इजरायल का भरोसा नहीं किया जा सकता &amp;nbsp;वो किसी भी वक्त सीजफायर का उल्लंघन कर सकते हैं. अगर ऐसा होता है तो ईरान जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है. अरब देशों पर टिप्पणी करते हुए मौलाना ने कहा कि उन्होंने साबित कर दिया कि वो बस नाम के मुसलमान हैं, जबकि ईरान ने बता दिया कि सच्चाई की ताकत किसी हथियार से कम नहीं.
इजरायल के अंदर सीजफायर विवादास्पद रहा
इजरायल के अंदर भी यह सीजफायर विवादास्पद रहा. विपक्ष के नेता याइर लैपिड ने इसे इजरायल के इतिहास की सबसे बड़ी राजनीतिक आपदा करार दिया और नेतन्याहू पर निशाना साधा कि वो बातचीत में शामिल तक नहीं थे. विश्लेषकों का कहना है कि ईरान इस जंग से रणनीतिक रूप से और मजबूत होकर निकला है.
400 साल पुराना ईरान और हैदराबाद का रिश्ता
हैदराबाद और ईरान का रिश्ता सिर्फ आज की राजनीति का नहीं है यह 400 साल से भी ज्यादा पुराना खून का रिश्ता है. 1591 में जब मुहम्मद कुली कुतुब शाह ने हैदराबाद शहर की नींव रखी तो उनका सपना था कि यह शहर ईरान के मशहूर शहर इस्फहान जैसा खूबसूरत बने. इसीलिए हैदराबाद को &quot;इस्फहान-ए-नौ&quot; यानी नया इस्फहान कहा जाता था.
कुतुब शाही वंश का ईरान से गहरा जुड़ाव था. ईरान के गिलान प्रांत के अस्तराबाद से आए मीर मोमिन अस्तराबादी ने हैदराबाद के पहले प्रधानमंत्री के रूप में शहर का नक्शा तैयार किया. चारमीनार, जो आज हैदराबाद की पहचान है, इसी ईरानी प्रेरणा की देन है. चारमीनार के चारों ओर बाग लगाए गए जिन्हें चारबाग कहा जाता था. बिल्कुल इस्फहान के मशहूर चारबाग की तर्ज पर. शहर की चौड़ी सड़कें, भव्य महल, बाग-बगीचे सब कुछ फारसी शहरी योजना का शाहकार था.
महदी अली ने बताया कि हैदराबाद का नाम हजरत अली के दूसरे नाम &quot;हैदर&quot; पर रखा गया. कुतुब शाह शिया मुसलमान थे और उनकी हजरत अली से गहरी श्रद्धा थी. उनके सिक्कों पर अलम का निशान था, उन्होंने बादशाही आशूरखाना बनवाया और उनकी कविताओं में हजरत अली और ईद-ए-गदीर की प्रशंसा मिलती है. यही वजह है कि इस शहर को &quot;हैदराबाद&quot; यानी अली का शहर नाम दिया गया.
ईरानी प्रभाव सिर्फ इमारतों तक सीमित नहीं रहा
ईरानी प्रभाव सिर्फ इमारतों तक सीमित नहीं रहा. कुतुब शाही दौर में ईरान से बड़ी संख्या में विद्वान, कलाकार और व्यापारी हैदराबाद आए. ईरानी चाय की संस्कृति ने हैदराबाद को अपना बना लिया &amp;nbsp;आज भी पुराने शहर की ईरानी चाय की दुकानें उसी परंपरा की जीवित निशानी हैं. बिरयानी, जो हैदराबाद की जान है, उसकी जड़ें भी फारसी &quot;बिरिंज बिरियान&quot; में हैं. सालार जंग म्यूजियम में 5,400 फारसी पांडुलिपियां और ईरानी कालीनों का अनमोल संग्रह इस सांस्कृतिक विरासत की गवाही देता है.
आज जब ईरान पर बम बरस रहे हैं, तो हैदराबाद के शिया समुदाय का दर्द समझा जा सकता है. यह सिर्फ एक देश की जंग नहीं है यह उस शहर के दिल की बात है जिसकी नींव में ईरानी मिट्टी मिली हुई है. ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 09 Apr 2026 03:30:07 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>दिन, की, जंग, के, बाद, सीजफायर:, ईरान, ने, अमेरिका-इजराइल, को, घुटनों, पर, ला, दिया:, और, हैदराबाद, का, ईरान, से, 400, साल, पुराना, रिश्ता</media:keywords>
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        <title>Assam Assembly Election 2026: विधानसभा चुनाव के लिए तैयार जोरहाट; मतदान सुनिश्चित करने अधिकारियों की तैनाती</title>
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        <description><![CDATA[ पूरे असम के साथ-साथ जोरहाट भी 9 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है. जिला प्रशासन ने स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं. अंतिम चरण की तैयारियों के तहत, मतदान और प्रेसीडिंग अधिकारियों को जोरहाट गवर्नमेंट बॉयज़ स्कूल से उनके निर्धारित मतदान केंद्रों के लिए रवाना किया गया. ये अधिकारी आवश्यक चुनाव सामग्री के साथ विभिन्न मतदान केंद्रों पर मतदान प्रक्रिया की निगरानी करेंगे और सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करेंगे.
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जोरहाट जिले में कुल 886 मतदान केंद्र हैं, जो जोरहाट, तिताबोर, मरियानी और तेओक विधानसभा क्षेत्रों में फैले हुए हैं. जिले में कुल 7,11,747 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे.
जिला कमिश्नर ने क्या दी जानकारी?
जिला आयुक्त जय शिवानी ने बताया कि मतदान के लिए सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. उन्होंने जानकारी दी कि 9 अप्रैल को सुबह 5:30 बजे मॉक पोल शुरू होगा और सुबह 7:00 बजे से मतदान प्रक्रिया प्रारंभ होगी.
उन्होंने यह भी बताया कि भारत के चुनाव आयोग के द्वारा पिछले कुछ वर्षों से दिव्यांग और बुजुर्ग मतदाताओं के लिए घर से मतदान की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है. जोरहाट में लगभग 400 मतदाता पहले ही इस सुविधा के तहत अपना वोट डाल चुके हैं.
प्रमुख राजनीतिक हस्तियों में पवित्र मार्गरिटा और गौरव गोगोई जोरहाट में मतदान करेंगे. इसके अलावा लगभग 15 से 20 पूर्व सांसद, विधायक और अन्य विशिष्ट व्यक्ति भी यहां अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे.
सुरक्षा व्यवस्था के तहत सभी मतदान केंद्रों पर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की तैनाती की गई है. जिले के 22 मतदान केंद्रों को &amp;lsquo;क्रिटिकल&amp;rsquo; श्रेणी में रखा गया है, जहां अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की जाएगी. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिले में कोई भी &amp;lsquo;वulnerable&amp;rsquo; मतदान केंद्र नहीं है.
मतदान का प्रतिशत बढ़ाने के लिए जिला प्राशसन ने चलाया जागरूकता अभियान
मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन के SVEEP (सिस्टेमेटिक वोटर्स एजुकेशन एंड इलेक्ट्रोरल पार्टिसिपेशन) सेल ने व्यापक जागरूकता अभियान चलाया है. इसमें मैस्कॉट लॉन्च, कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम, सिनेमा हॉल में विशेष संदेशों का प्रसारण, रेडियो पर प्रचार, मतदाता प्रतियोगिताएं और गांवों में रैलियां शामिल हैं. साथ ही, विशेष पुनरीक्षण अभियान के तहत घर-घर जाकर मृत, स्थानांतरित और डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, जिससे मतदान प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद है.
इस बीच, चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मचारी भी उत्साहित हैं. पहली बार चुनाव ड्यूटी कर रही प्रियंका बोरा ने कहा, &amp;ldquo;यह मेरी पहली चुनाव ड्यूटी है. मुझे उम्मीद है कि सब कुछ अच्छे से होगा और मैं अपनी जिम्मेदारियां निभाने को लेकर आत्मविश्वास से भरी हूं.&amp;rdquo;
पूरे असम में 126 विधानसभा क्षेत्रों में कुल 2,49,58,139 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे. प्रशासन ने राज्यभर में शांतिपूर्ण और पारदर्शी चुनाव कराने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है. सभी तैयारियों के साथ जोरहाट 9 अप्रैल को होने वाले लोकतांत्रिक महापर्व के लिए पूरी तरह तैयार है.
यह भी पढ़ें: Elections 2026: असम, केरल और पुडुचेरी में चुनाव, यहां देखें एक-एक सीट का अपडेट ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 09 Apr 2026 03:30:07 +0530</pubDate>
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        <title>धार्मिक परंपराओं पर सुप्रीम कोर्ट में दूसरे दिन की सुनवाई पूरी, केंद्र ने कहा &amp; &amp;apos;SC के कुछ फैसलों से डॉ. अंबेडकर भी हैरान हो जाते&amp;apos;</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/धार्मिक-परंपराओं-पर-सुप्रीम-कोर्ट-में-दूसरे-दिन-की-सुनवाई-पूरी-केंद्र-ने-कहा-sc-के-कुछ-फैसलों-से-डॉ-अंबेडकर-भी-हैरान-हो-जाते</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/धार्मिक-परंपराओं-पर-सुप्रीम-कोर्ट-में-दूसरे-दिन-की-सुनवाई-पूरी-केंद्र-ने-कहा-sc-के-कुछ-फैसलों-से-डॉ-अंबेडकर-भी-हैरान-हो-जाते</guid>
        <description><![CDATA[ सबरीमाला मंदिर फैसले पर दोबारा विचार की मांग से सामने आए संवैधानिक सवालों पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई का दूसरा दिन भी सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के नाम रहा. चीफ जस्टिस सूर्य कांत ली अध्यक्षता में बैठी 9 जजों की बेंच को संबोधित करते हुए मेहता ने कहा कि धार्मिक प्रथाओं के मूल्यांकन को लेकर कोर्ट की शक्ति बहुत सीमित है. वह &#039;संवैधानिक नैतिकता&#039; को आधार बना कर उन्हें नहीं बदल सकता.
महिलाओं का सम्मान बहुत अहम: तुषार मेहता
मेहता ने कहा कि संविधान उन धार्मिक प्रथाओं को अमान्य करार देता है जो नैतिकता की कसौटी पर गलत हों, लेकिन यहां अर्थ सामाजिक नैतिकता है, संवैधानिक नैतिकता नहीं. सबरीमाला फैसले में नैतिकता का अर्थ संवैधानिक नैतिकता मान लिया गया और सामाजिक नैतिकता को सिर्फ एक भीड़ की बात की तरह देखा गया. महिलाओं का सम्मान बहुत अहम है. लेकिन सबरीमाला मामले में उसे जिस तरह मौलिक अधिकार से जोड़ कर देखा गया, वह गलत है.
उन्होंने कहा कि समलैंगिकता या एडल्ट्री को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का निष्कर्ष सही हो सकता है, लेकिन उन फैसलों में संविधान की जिस तरह से व्याख्या की गई है, उसे देख कर डॉक्टर अंबेडकर या के एम मुंशी हैरत में पड़ जाते. उन्होंने ऐसी व्याख्या की कल्पना ही नहीं की होगी.
समय के साथ बदलती है नैतिकता की परिभाषा: SC
बेंच की सदस्य जस्टिस नागरत्ना ने कहा, &quot;समय के साथ समाज में नैतिकता की परिभाषा बदलती है. 1950 के दशक में जो बातें सामाजिक रूप से मान्य नहीं थीं, ऐसा जरूरी नहीं है कि वही स्थिति आज भी हो.&quot; इसका जवाब देते हुए मेहता ने कहा, &quot;लेकिन इसका अर्थ यह नहीं हो सकता कि समय के साथ-साथ संविधान की व्याख्या में भी बदलाव कर दिया जाए.&quot;
केंद्र सरकार की तरफ से पक्ष रख रहे मेहता ने जजों का ध्यान इस पर दिलाया कि संविधान सामाजिक व्यवस्था, नैतिकता और स्वास्थ्य को धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार में अपवाद बनाता है. इन बातों को लेकर कोर्ट दखल दे सकता है. लेकिन धार्मिक प्रथाओं का मूल्यांकन कर उन्हें निरस्त करना कोर्ट का काम नहीं है. अनुच्छेद 25(2)(b) गलत प्रथाओं के उन्मूलन का कानून बनाने का अधिकार विधायिका को देता है.
&#039;धार्मिक मामलों में कोर्ट ही नहीं, सरकार के दखल की भी सीमा है&#039;
9 जजों की बेंच के सदस्य जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह ने इस दलील कहा, &quot;आप बहुत सरल व्याख्या कर रहे हैं. इसके हिसाब से तो कोर्ट को कोई अधिकार ही नहीं है. हम समझते हैं कि कोर्ट यह तय कर सकता है कि अंधविश्वास क्या है. उसके आधार पर विधायिका कानून बना सकती है.&quot; मेहता ने कहा कि जज इस बात के विशेषज्ञ नहीं हैं. जो बात देश के किसी हिस्से में धार्मिक परंपरा हो, वही बात दूसरे हिस्सों में अंधविश्वास हो सकती है.
तुषार मेहता ने कहा कि धार्मिक मामलों में कोर्ट ही नहीं, सरकार के दखल की भी सीमा है. अगर किसी धार्मिक संप्रदाय में पुजारी का पद पीढ़ी दर पीढ़ी एक परिवार को देने की व्यवस्था है, तो सरकार समाज सुधार के नाम पर उसे नहीं बदल सकती. जस्टिस नागरत्ना ने इससे सहमति जताते हुए कहा कि समाज सुधार के नाम पर किसी धर्म की पहचान नहीं छीनी जा सकती. ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 09 Apr 2026 03:30:06 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>धार्मिक, परंपराओं, पर, सुप्रीम, कोर्ट, में, दूसरे, दिन, की, सुनवाई, पूरी, केंद्र, ने, कहा, SC, के, कुछ, फैसलों, से, डॉ., अंबेडकर, भी, हैरान, हो, जाते</media:keywords>
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        <title>&amp;apos;मोदी को झटका, 56 इंच का सीना...&amp;apos; अमेरिका&amp;ईरान सीजफायर में पाकिस्तान के रोल पर कांग्रेस की पहली प्रतिक्रिया</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/मोदी-को-झटका-56-इंच-का-सीना-अमेरिका-ईरान-सीजफायर-में-पाकिस्तान-के-रोल-पर-कांग्रेस-की-पहली-प्रतिक्रिया</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/मोदी-को-झटका-56-इंच-का-सीना-अमेरिका-ईरान-सीजफायर-में-पाकिस्तान-के-रोल-पर-कांग्रेस-की-पहली-प्रतिक्रिया</guid>
        <description><![CDATA[ अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर को लेकर हुए समझौते पर कांग्रेस की ओर से पहली प्रतिक्रिया सामने आई है. कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया है. उन्होंने लिखा, अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच हुए दो सप्ताह के सीजफायर का दुनिया सावधानीपूर्वक स्वागत करेगी. कांग्रेस सांसद ने युद्ध विराम में पाकिस्तान के रोल का जिक्र करते हुए मोदी सरकार पर निशाना साधा.
उन्होंने कहा, &#039;यह संघर्ष 28 फरवरी को ईरान में सत्ता के शीर्ष नेताओं और अधिकारियों की लक्षित हत्याओं के साथ शुरू हुआ था. ये हत्याएं प्रधानमंत्री मोदी की इजरायल यात्रा के ठीक दो दिन बाद हुईं, जिस यात्रा ने भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा और रुतबे को धूमिल कर दिया. पीएम मोदी ने गाजा में इजरायल द्वारा किए जा रहे नरसंहार और कब्जे वाले वेस्ट बैंक में उसकी आक्रामक विस्तारवादी नीतियों के बारे में कुछ नहीं कहा था.&#039;
पीएम मोदी और सरकार पर साधा निशाना
जयराम रमेश ने लिखा, &#039;युद्धविराम कराने में पाकिस्तान की भूमिका प्रधानमंत्री मोदी की व्यक्तिगत कूटनीति के सार और शैली दोनों को करारा झटका है. जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को लगातार समर्थन देने के लिए पाकिस्तान को अलग-थलग करने और विश्व को यह भरोसा दिलाने की नीति कि वह एक विफल राष्ट्र है, स्पष्ट रूप से सफल नहीं हुई है. जैसा कि डॉ. मनमोहन सिंह ने मुंबई आतंकी हमलों के बाद हासिल किया था.&#039;
ऑपरेशन सिंदूर को लेकर उठाए सवाल
उन्होंने आगे लिखा, &#039;उन्होंने (पीएम मोदी) या उनकी टीम ने यह भी कभी नहीं बताया कि 10 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर को अचानक क्यों रोक दिया गया, जिसकी पहली घोषणा अमेरिकी विदेश मंत्री ने की थी और जिसके लिए अमेरिकी राष्ट्रपति ने तब से लगभग सौ बार श्रेय लिया है.&#039;
कांग्रेस सांसद ने प्रधानमंत्री और सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा, &#039;विदेश मंत्री ने पाकिस्तान को दलाल बताकर खारिज कर दिया, लेकिन अब &#039;स्वघोषित विश्वगुरु&#039; पूरी तरह से बेनकाब हो गए हैं, उनका खुद का घोषित 56 इंच का सीना सिकुड़ गया है.&#039; सांसद का आरोप है कि अमेरिका के राष्ट्रपति ने भारत के खिलाफ गलत शब्दों का इस्तेमाल किया है, फिर भी प्रधानमंत्री चुप हैं.

The entire world will cautiously welcome the two-week ceasefire in the West Asia conflict between the US and Israel on the one side and Iran on the other. The conflict had begun on Feb 28th with the targeted assassinations of the topmost echelons of the regime in Iran. These&amp;hellip;
&amp;mdash; Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) April 8, 2026



अमेरिका-ईरान सीजफायर पर क्या बोलों प्रियंका गांधी?
अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की घोषणा के बाद कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने ईरान के लोगों की प्रशंसा की और कहा कि नफरत, गुस्सा, हिंसा व अन्याय कभी नहीं जीतते. साहस हमेशा जीतता है. प्रियंका गांधी वाड्रा ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म &#039;एक्स&#039; पर पोस्ट किया, &#039;ईरानी पुरुषों और महिलाओं ने अपने देश के संसाधनों के चारों ओर मानव श्रृंखला बनाई, जबकि पश्चिमी ताकतों ने घिनौनी भाषा का इस्तेमाल करते हुए एक सभ्यता के अंत की घोषणा की. दुनिया देख रही है और समझ रही है कि कैसे पश्चिम के चेहरे से नैतिकता का नकाब हट रहा है. नफरत, गुस्सा, हिंसा और अन्याय कभी नहीं जीतते. साहस हमेशा जीतता है.&#039; ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 15:30:16 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>मोदी, को, झटका, इंच, का, सीना..., अमेरिका-ईरान, सीजफायर, में, पाकिस्तान, के, रोल, पर, कांग्रेस, की, पहली, प्रतिक्रिया</media:keywords>
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        <title>WB Election 2026: भवानीपुर से फिर मैदान में ममता, नामांकन के लिए हुईं रवाना, सियासत हुई तेज</title>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कोलकाता की भवानीपुर विधानसभा सीट से चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने के लिए रवाना हो गई हैं. भवानीपुर सीट ममता बनर्जी के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि यह उनका पारंपरिक क्षेत्र रहा है. हर बार की तरह इस बार भी वह इसी सीट से चुनाव लड़ने जा रही हैं.
नामांकन दाखिल करने के लिए उनके रवाना होने के साथ ही राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. इस मौके पर पार्टी के कई नेता और समर्थक भी उनके साथ नजर आ सकते हैं. इस चुनाव को लेकर राज्य की राजनीति में हलचल बढ़ गई है और सभी की नजरें अब भवानीपुर सीट पर टिकी हुई हैं.
बीजेपी के सुवेंदु अधिकारी से मुकाबला
2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में कोलकाता की भवानीपुर सीट पर इस बार बड़ा और सीधा मुकाबला देखने को मिल रहा है. यहां मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी का सामना बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुवेंदु अधिकारी से है. यह मुकाबला इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि बीजेपी ने सुवेंदु अधिकारी को मैदान में उतारकर 2021 के नंदीग्राम चुनाव की टक्कर को फिर से दोहराने की कोशिश की है. उस समय भी दोनों नेताओं के बीच कड़ा मुकाबला हुआ था.
भवानीपुर विधानसभा सीट क्यों है महत्वपूर्ण?
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का भवानीपुर विधानसभा सीट से गहरा और पुराना संबंध रहा है. यह सीट सिर्फ एक चुनावी क्षेत्र नहीं, बल्कि उनकी राजनीतिक पहचान का अहम हिस्सा मानी जाती है. हर चुनाव में इस सीट पर उनकी मजबूत पकड़ देखने को मिली है, जिससे यह सीट TMC (तृणमूल कांग्रेस) का गढ़ बन चुकी है. भवानीपुर कोलकाता का एक प्रमुख और राजनीतिक रूप से सक्रिय क्षेत्र है, जहां शहरी मतदाताओं की संख्या अधिक है. इस इलाके में शिक्षा, व्यापार और मध्यम वर्ग की बड़ी भूमिका होती है, जो चुनावी परिणामों को प्रभावित करती है. ममता बनर्जी ने यहां से कई बार जीत दर्ज कर अपनी लोकप्रियता साबित की है.
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        <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 15:30:15 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>&amp;apos;तुरंत छोड़ दें ईरान....&amp;apos;, सीजफायर के बाद भारतीयों के लिए दूतावास ने जारी की एडवाइजरी, जानें क्या बोला</title>
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        <description><![CDATA[ Indian Embassy Safety Advisory:&amp;nbsp; ईरान में बढ़ते संघर्ष के बीच भारतीय दूतावास, तेहरान ने बुधवार को नई सुरक्षा एडवाइजरी जारी की. इसमें ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों को जल्दी से जल्दी देश छोड़ने की सलाह दी गई है. इसके साथ ही दूतावास ने आपातकालीन और समन्वय के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं.
दूतावास की एडवाइजरी में कहा गया है, &amp;ldquo;07 अप्रैल 2026 की एडवाइजरी के संदर्भ में और हाल की घटनाओं को देखते हुए, ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों को दूतावास के मार्गदर्शन और सुझाए गए मार्गों का पालन करते हुए जल्द से जल्द ईरान छोड़ने की सख्त सलाह दी जाती है. इसके अलावा एडवाइजरी में यह भी स्पष्ट किया गया कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास बिना दूतावास से पूर्व परामर्श किए जाने का कोई प्रयास नहीं किया जाना चाहिए.
48 घंटे तक सुरक्षित रहने की पूर्व एडवाइजरी
इससे एक दिन पहले भारतीय दूतावास ने नागरिकों को पहले भी एक एडवाइजरी जारी की थी. इसमें कहा गया था कि &amp;ldquo;ईरान में मौजूद भारतीय नागरिक अगले 48 घंटों तक अपने ठिकानों पर ही रहें. इस दौरान वे बिजली के उपकरणों, सैन्य प्रतिष्ठानों और बहुमंजिला इमारतों की ऊपरी मंजिलों से दूर रहें. घर के अंदर ही रहें और राजमार्ग पर किसी भी तरह की यात्रा केवल दूतावास के सख्त निर्देश और समन्वय से ही करें.&amp;rdquo;अमेरिका और ईरान ने दो सप्ताह के संघर्षविराम पर सहमति जताई
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद की निर्धारित की हुई समय-सीमा खत्म होने से करीब 90 मिनट पहले घोषणा की कि अमेरिका ने पाकिस्तान के प्रस्ताव पर ईरान के साथ दो सप्ताह के संघर्षविराम पर सहमति जताई है. ट्रंप ने मंगलवार शाम (अमेरिकी समयानुसार) ट्रुथ सोशल पर यह घोषणा की. दूसरी ओर डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता ईरानी सभ्यता को खत्म करने की ट्रंप की धमकी को लेकर उन्हें पद से हटाने की मांग कर रहे हैं. ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, &amp;lsquo;&amp;lsquo;पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने बातचीत कर अनुरोध किया कि मैं आज रात ईरान के खिलाफ होने वाली विनाशकारी कार्रवाई को रोक दूं लेकिन इस शर्त पर कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह, तुरंत और सुरक्षित तरीके से खोलने पर सहमत हो.&amp;rsquo;&amp;rsquo;&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 15:30:14 +0530</pubDate>
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