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    <title>Attention India Hindi &amp; : एजुकेशन</title>
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    <description>Attention India Hindi &amp; : एजुकेशन</description>
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    <dc:rights>Copyright 2024 Attention India&amp; All Rights Reserved.</dc:rights>
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        <title>पढ़ाई आसान बना रहा AI या कुंद कर रहा दिमाग, क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/पढ़ाई-आसान-बना-रहा-ai-या-कुंद-कर-रहा-दिमाग-क्या-कहते-हैं-एक्सपर्ट्स</link>
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        <description><![CDATA[ आज के समय में एआई पढ़ाई का एक जरूरी हिस्सा बन गया है. छात्र इसका इस्तेमाल जानकारी जुटाने, आर्टिकल तैयार कर,ने अलग-अलग विषयों को समझने और रिसर्च करने के लिए कर रहे हैं. इससे कई काम आसान हो जाते हैं, लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या एआई पर निर्भरता बच्चों की सोचने, याद रखना और किस विषय को समझने की क्षमता को कमजोर कर सकती है. क्या तैयार जवाब मिलने से बच्चे खुद सोचने की आदत खो सकते हैं. इन सवालों पर डॉ. विनोद शर्मा बताते हैं कि एआई अपने आप में न तो पूरी तरह फायदेमंद है और न ही नुकसानदेह. इसका असर इस बात पर निर्भर करता है कि इसका इस्तेमाल किस तरह किया जा रहा है. पढ़ाई में एआई एक अच्छा टूल बन सकता है, लेकिन बच्चों को इसका सही इस्तेमाल सिखाना जरूरी है.
डॉ. विनोद शर्मा के अनुसार एआई पढ़ाई में काफी मददगार हो सकता है. इसकी मदद से अलग-अलग जानकारी को इकट्ठा किया जा सकता है, नए आइडिया विकसित किए जा सकते हैं और कई और तरह के काम किए जा सकते हैं. उन्होंने एआई की तुलना बंदूक से करते हुए कहा कि इसका इस्तेमाल खतरे और सुरक्षा दोनों के लिए हो सकता है. यह इस बात पर निर्भर करता है कि इस्तेमाल कौन और किस उद्देश्य से कर रहा है. इसी तरह एआई का सही इस्तेमाल फायदेमंद हो सकता है, जबकि इसका गलत इस्तेमाल नुकसान भी पहुंचा सकता है.&amp;nbsp;

स्टूडेंट्स की राह आसान कर रहा AI या मुश्किल? #Education #ABPLive #AI #ArtificialIntelligence https://t.co/1CIp6WqDar
&amp;mdash; Sambhava (@isambhava) October 13, 2026



बच्चों की क्रिटिकल थिंकिंग को कमजोर कर रहा AI?
क्रिटिकल थिंकिंग का मतलब किसी बात को एक्सेप्ट करना, नहीं बल्कि उसके पीछे के तर्क को समझना, सवाल पूछना और अलग-अलग पहलुओं का विश्लेषण करना है. इसमें सामान्य जवाबों से आगे जाकर किसी विषय को बेहतर तरीके से समझने और सही निष्कर्ष तक पहुंचने की कोशिश की जाती है. डॉ. शर्मा के अनुसार बच्चों में क्रिटिकल थिंकिंग विकसित करने के लिए खुद सीखने और सोचने की आदत जरूरी है. अगर बच्चे हर सवाल का जवाब सीधे एआई से लेने लगेंगे, तो उन्हें खुद सोचने और किसी विषय का विश्लेषण करने का मौका नहीं मिलेगा. उन्होंने कहा कि जब किसी को कुछ लिखना हो और एआई तैयार आर्टिकल दे दे या किसी सवाल का जवाब तुरंत मिल जाए तो व्यक्ति की सोचने की जरूरत कम हो जाएगी. ऐसे में क्रिटिकल थिंकिंग विकसित करना मुश्किल हो सकता है.&amp;nbsp;
याद रखने की क्षमता पर डाल सकता है असर&amp;nbsp;
डॉ. विनोद शर्मा के अनुसार याद रखने की प्रक्रिया एक तरह के अभ्यास की तरह काम करती है. जिस तरह फिजिकल एक्टिविटी बंद करने से शरीर पर असर पड़ता है, उसी तरह याद करने का अभ्यास छोड़ने से मेमोरी की प्रक्रिया भी प्रभावित होती है. उन्होंने बताया कि किसी जानकारी को याद रखने में कई चीजें अहम भूमिका निभाती है. इसमें इंटरेस्ट, इमोशनल, विजुअल एसोसिएशन, क्रिएटिविटी और लॉजिक शामिल है. इन प्रक्रियाओं के जरिए जानकारी दिमाग से जुड़ी जुड़ती है और याद रखने में मदद मिलती है. अगर बच्चों को हर सवाल का जवाब पहले से तैयार मिल जाएगा और उन्हें खुद जानकारी याद करने या उसे दोहराने की जरूरत नहीं पड़ेगी, तो याद करने की प्रैक्टिस भी कम हो जाएगी. ऐसे में एआई पर जरूरत से ज्यादा निर्भरता का असर उनकी नेचुरल मेमोरी पर पड़ सकता है.&amp;nbsp;
AI से बच्चों का कंसंट्रेशन हो सकता है कम &amp;nbsp;
पढ़ाई के दौरान ध्यान भटकना भी छात्रों के सामने एक बड़ी समस्या है. कई बार बच्चे कार्टून या टीवी देखते समय लंबे समय तक ध्यान लगाते हैं, लेकिन पढ़ाई करते वक्त छोटी सी आवाज से भी उनका ध्यान भटक जाता है. डॉ. शर्मा के अनुसार कंसंट्रेशन का संबंध इस बात से भी है कि बच्चे की सामने मौजूद विषय में कितनी रुचि है. जिस चीज में उनके दिलचस्पी होती है, उस पर वह ज्यादा ध्यान देते हैं. वहीं जिस विषय में रुचि नहीं है, उस पर ध्यान केंद्रित करना मुश्किल होता है. उन्होंने कहा कि अगर एआई की मदद से पढ़ाई को दिलचस्प बनाया जाता है और बच्चों को रोचक कंटेंट मिलता है, तो इससे उनका ध्यान केंद्रित करने में मदद मिल सकती है. यानी एआई का इस्तेमाल पढ़ाई को रोचक बनाने के लिए भी किया जा सकता है.&amp;nbsp;
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बच्चों के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल जरूरी&amp;nbsp;
डॉ. विनोद शर्मा का कहना है कि बच्चों के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन माध्यमों का इस्तेमाल जरूरी है. इनसे जानकारी हासिल करने और सीखने में मदद मिल सकती है. हालांकि इन माध्यमों का सही और गलत दोनों तरह से इस्तेमाल हो सकता है. उन्होंने कहा कि एआई के साथ बच्चों में अपनी समझ और वास्तविक बुद्धिमत्ता विकसित करना भी जरूरी है. बच्चों को स्मार्ट बनने के साथ-साथ इंटेलिजेंट बनाना भी जरूरी है. अगर वह तकनीक पर पूरी तरह निर्भर हो जाए तो इसका असर उनकी सीखने की प्रक्रिया पर पड़ सकता है. इसलिए एआई या डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल समझदारी से करना चाहिए&amp;nbsp;
पढ़ाई में कौन से काम बच्चों को खुद करने चाहिए&amp;nbsp;
डॉ. शर्मा के अनुसार पढ़ाई के कुछ बुनियादी काम ऐसे हैं जिन्हें बच्चों को खुद करना चाहिए. इनमें किसी विषय को पढ़ना, जानकारी को याद रखना, उनका विश्लेषण करना और प्रैक्टिकल तरीके से सोचना शामिल है. बच्चों को खुद लिखने, समझने और अपनी कल्पना शक्ति का इस्तेमाल करने का मौका मिलना चाहिए. पढ़ाई में जानकारी हासिल करने के साथ उसे समझने और अपने ज्ञान का हिस्सा बनना भी जरूरी है. वहीं एआई और डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल रिसर्च करके जानकारी हासिल करने और विषय को समझने में मदद लेने के लिए किया जा सकता है.
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        <pubDate>Tue, 13 Oct 2026 22:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>C&amp;DOT में निकली भर्ती, जानें कौन कर सकता है आवेदन?</title>
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        <description><![CDATA[ अगर आप तकनीकी क्षेत्र में पढ़ाई पूरी कर चुके हैं और भारत सरकार के किसी प्रतिष्ठित संस्थान में काम करने का सपना देख रहे हैं, तो आपके लिए एक खुशखबरी है. भारत सरकार के संचार मंत्रालय के तहत आने वाले प्रमुख अनुसंधान और विकास संस्थान, सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स यानी C-DOT ने भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है. इस भर्ती प्रक्रिया के जरिए योग्य उम्मीदवारों को यंग प्रोफेशनल्स के पदों पर काम करने का सुनहरा मौका दिया जा रहा है. अच्छी बात यह है कि इसके लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जो आने वाले नवंबर महीने के शुरुआती हफ्ते तक जारी रहेगी.
कौन कर सकता है इन पदों के लिए आवेदन?
C-DOT की इस नई भर्ती में आवेदन करने के लिए सरकार ने कुछ बेहद जरूरी और स्पष्ट शैक्षणिक योग्यताएं तय की हैं. इस भर्ती के तहत केवल वही उम्मीदवार फॉर्म भरने के पात्र हैं, जिन्होंने किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी या संस्थान से कंप्यूटर साइंस, इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस या साइबर सिक्योरिटी जैसी संबंधित तकनीकी शाखाओं में B.E. या B.Tech. की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा एक और कड़ा नियम यह है कि आवेदक के 10वीं, 12वीं और ग्रेजुएशन तीनों स्तर की पढ़ाई में न्यूनतम 70 प्रतिशत अंक होने अनिवार्य हैं.
फ्रेशर्स के लिए भी खुला है नौकरी का रास्ता
ज्यादातर सरकारी नौकरियों में लंबे अनुभव की मांग की जाती है, लेकिन C-DOT की इस भर्ती की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके लिए फ्रेशर्स भी पूरी तरह से योग्य माने गए हैं. नोटिफिकेशन के मुताबिक, इस पद के लिए वे सभी युवा आवेदन कर सकते हैं जिनके पास शून्य से लेकर दो साल तक का कार्य अनुभव है. यानी अगर आपने हाल ही में अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की है और आपके पास कोई पुराना अनुभव नहीं है, तो भी आप इस पद के लिए बेझिझक होकर अपना फॉर्म भर सकते हैं.
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आयु सीमा&amp;nbsp;
योग्य उम्मीदवारों के चयन के लिए सी-डॉट संस्थान ने एक निश्चित आयु सीमा भी तय की है. आवेदन करने की आखिरी तारीख तक उम्मीदवार की अधिकतम आयु 35 वर्ष से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. हालांकि, आरक्षित श्रेणियों OBC, SC, ST के आवेदकों को भारत सरकार के नियमों के अनुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट दी जाएगी.
कैसे करें आवेदन?
इन पदों पर आवेदन करने की पूरी प्रक्रिया को 100% ऑनलाइन मोड में रखा गया है. इच्छुक उम्मीदवारों को C-DOT की आधिकारिक वेबसाइट C-DOT Careers पर जाकर अपनी सभी जानकारियां भरनी होंगी. आवेदन फॉर्म भरते समय आपके पास एक एक्टिव मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी होना जरूरी है. ऑनलाइन फॉर्म को पूरी तरह भरकर सबमिट करने के बाद उसका एक प्रिंटआउट निकालकर अपने पास रिकॉर्ड के लिए जरूर सुरक्षित रख लें.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Tue, 13 Oct 2026 22:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>टूरिज्म में बनाना है करियर तो कौन&amp;सा कोर्स करें? जानें बेस्ट ऑप्शंस</title>
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        <description><![CDATA[ कई लोगों को ट्रैवल करना बहुत ज्यादा पसंद होता है. वहीं कई लोग इसी क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं. लेकिन अक्सर ज्यादातर लोग समझ नहीं पाते कि इस करियर में शुरुआत कैसे करें. दरअसल ट्रैवल और टूरिज्म दुनिया की बड़ी इंडस्ट्रीज में से एक है. इस क्षेत्र में भारत के साथ-साथ विदेश में भी करियर बनाने के ऑप्शन है. इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए डिग्री और डिप्लोमा कोर्स भी उपलब्ध है. इसके अलावा विदेशी भाषा सीखने और इंटर्नशिप करने से भी इस करियर में आगे बढ़ने में मदद मिलती है. वहीं कई एक्सपर्ट्स भी यह मानते हैं कि यह सर्विस इंडस्ट्री है, जिसमें एआई के इस्तेमाल के बावजूद करियर के कई अवसर है. इस क्षेत्र में काम करने के लिए अच्छी कम्युनिकेशन स्किल, कस्टमर को समझने की क्षमता और बेहतर पर्सनालिटी होना जरूरी है.&amp;nbsp;
ट्रैवल एंड टूरिज्म में करियर को लेकर एक्सपर्ट्स बताते हैं कि भारत में ट्रेवल एंड टूरिज्म की पढ़ाई के लिए मिनिस्ट्री ऑफ टूरिज्म के तहत आने वाले इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म एंड मैनेजमेंट का ऑप्शन चुन सकते हैं. इसके नोएडा और ग्वालियर समेत अलग-अलग जगह पर केंद्र है. यहां से बीबीए इन ट्रैवल एंड टूरिज्म जैसे कोर्स किए जा सकते हैं. इस क्षेत्र में एमबीए और डिप्लोमा कोर्स के ऑप्शन भी उपलब्ध है. वहीं कोर्स चुनते समय अपनी योग्यता और करियर के टारगेट को ध्यान में रखना चाहिए. अगर स्टूडेंट्स ग्रेजुएशन कर रहे हैं, तो ट्रैवल एंड टूरिज्म में मास्टर्स या डिप्लोमा कर सकते हैं&amp;nbsp;
ट्रैवल और टूरिज्म कोर्स की फीस कितनी?
ट्रैवल एंड टूरिज्म के कोर्स की फीस संस्थान और कोर्स के आधार पर अलग-अलग होती है. एक्सपर्ट्स के अनुसार आईआईटीटीएम में 3 साल के बीबीए इन ट्रैवल एंड टूरिज्म कोर्स की फीस 3 लाख रुपये तक हो सकती है. वहीं दिल्ली यूनिवर्सिटी में इससे जुड़े कोर्स का खर्च करीब 58 हजार बताया गया है. अगर आप डिप्लोमा करना चाहते हैं, तो कई संस्थान में 1 साल के डिप्लोमा कोर्स का ऑप्शन मिलता है. इसकी फीस 20 हजार से 1 लाख रुपये तक होती है, हालांकि एक्सपर्ट डिप्लोमा के मुकाबले डिग्री को प्राथमिकता देने की सलाह भी देते हैं.&amp;nbsp;
विदेशी भाषा और इंटर्नशिप से मिलेगी मदद&amp;nbsp;
एक्सपर्ट्स बताते हैं कि इस क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए केवल डिग्री हासिल करना ही काफी नहीं है. छात्रों को पर्सनालिटी डेवलपमेंट और इंग्लिश कम्युनिकेशन पर भी काम करना चाहिए. अगर आप विदेश में काम करना चाहते हैं, तो फ्रेंच, जर्मन या जापानी जैसी विदेशी भाषाएं सीखना उपयोगी होता है. एक्सपर्ट्स के अनुसार पढ़ाई के दौरान इंटर्नशिप भी जरूर करनी चाहिए. इससे प्रैक्टिकल एक्सपीरियंस मिलता है. लोगों को संभालने और उनकी जरूरत को समझने की क्षमता विकसित होती है और यह एक्सपीरियंस ट्रैवल एंड टूरिज्म में करियर बनाने में मदद करता है.&amp;nbsp;
विदेश में भी कर सकते हैं पढ़ाई&amp;nbsp;
ट्रैवल एंड टूरिज्म की पढ़ाई भारत के अलावा विदेश में भी की जा सकती है. एक्सपर्ट्स ने नीदरलैंड के होटल स्कूल द हेग, फ्रांस के वॉटल और स्विट्जरलैंड के ले रोश, ग्लियोन और सी रिट्ज संस्थानों के बारे में बताते हैं. इसके अलावा एक्सपर्ट्स बताते हैं कि न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया में भी इस क्षेत्र से जुड़े कोर्स कर सकते हैं.
ट्रैवल एंड टूरिज्म में कहां मिलती है नौकरी?
इस क्षेत्र में नौकरी के भी कई ऑप्शन मौजूद है. छात्र बड़ी ट्रैवल एजेंसी, टूर ऑपरेटर कंपनी और एडवेंचर टूरिज्म से जुड़ी कंपनी में काम कर सकते हैं. इसके अलावा स्पिरिचुअल टूरिज्म और क्रूज लाइनर से जुड़े कामों में भी अवसर मिल सकते हैं. इस इंडस्ट्री में इनबाउंड और आउटबाउंड टूरिज्म जैसे क्षेत्र भी है. इनबॉउंड टूरिज्म में विदेश से भारत आने वाले पर्यटकों की यात्रा से जुड़ी सेवाएं शामिल होती है, जबकि आउटबाउंड टूरिज्म में भारत से विदेश जाने वाली यात्रियों की यात्रा की व्यवस्था से जुड़े काम किए जाते हैं. एक्सपीरियंस और कांटेक्ट बनाने के बाद इस क्षेत्र में अपना काम शुरू करने का भी ऑप्शन है.&amp;nbsp;
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ट्रैवल एंड टूरिज्म क्षेत्र में सैलरी&amp;nbsp;
एक्सपर्ट्स के अनुसार भारत में ट्रेवल एंड टूरिज्म के क्षेत्र में शुरुआती सैलरी करीब 30 हजार रुपये प्रतिमाह हो सकती है. वहीं विदेश में काम करने पर शुरुआती सैलरी लगभग 1.5 लाख से 3 लाख रुपये प्रतिमाह तक हो सकती है. हालांकि सैलरी देश, कंपनी और एक्सपीरियंस के आधार पर अलग-अलग भी हो सकती है.&amp;nbsp;
करियर बनाने के लिए कौन सी स्किल जरूरी?&amp;nbsp;
ट्रैवल एंड टूरिज्म एक सर्विस इंडस्ट्री है. इसलिए इसमें काम करने वाले लोगों के लिए कस्टमर की जरूरत को समझना और उनके बात ध्यान से सुनना जरूरी है. एक्सपर्ट के अनुसार जिन लोगों को जल्दी गुस्सा आता है या जो अपने व्यवहार में बहुत ज्यादा अहंकार रखते हैं, उन्हें क्षेत्र की समस्याओं को समझ कर ही करियर चुनना चाहिए. इस काम में शांत स्वभाव, अच्छे कम्युनिकेशन स्किल और हर चीज को विस्तार से प्लान करने की क्षमता जरूरी है.
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        <pubDate>Tue, 13 Oct 2026 22:30:03 +0530</pubDate>
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        <title>GDS की पहली मेरिट में गजब का अंतर, कहीं 100% तो कहीं 83.5% कटऑफ पर नौकरी </title>
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        <description><![CDATA[ इंडिया पोस्ट ने ग्रामीण डाक सेवक भर्ती के जुलाई सत्र की पहली मेरिट लिस्ट जारी कर दी है. इस भर्ती के जरिए ब्रांच पोस्ट मास्टर, असिस्टेंट ब्रांच पोस्ट मास्टर, और डाक सेवक के कुल 23,757 पदों को भर जाना है. जिन उम्मीदवारों ने आवेदन किया था, वह ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर अपने सर्किल की मेरिट लिस्ट चेक कर सकते हैं. पहली मेरिट लिस्ट में कट ऑफ को लेकर भी काफी अंतर देखने को मिला है. उत्तर प्रदेश और दिल्ली जैसे सर्किल में सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों का चयन 100 प्रतिशत अंकों पर हुआ, वहीं उत्तर प्रदेश में ही एसटी वर्ग के एक उम्मीदवार को 83.5 प्रतिशत अंकों पर जगह मिली. बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश और झारखंड में भी अलग-अलग कैटेगरी और डाकघर के हिसाब से कट ऑफ में अंतर रहा.&amp;nbsp;
उत्तर प्रदेश सर्किल में सामान्य आरक्षित कैटेगरी के उम्मीदवार के लिए मुकाबला काफी कड़ा रहा. पहली मेरिट लिस्ट के अनुसार लगभग सभी डिविजनों में बीपीएम, एबीपीएम और डाक सेवक पदों पर चयनित सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के अंक 100 प्रतिशत रहे. वही ओबीसी और ईडब्ल्यूएस कैटेगरी में ज्यादातर डाकघर की कट ऑफ 98 से 100 प्रतिशत &amp;nbsp;के बीच रही. एससी वर्ग में ज्यादातर जगहों पर कट ऑफ 96 से 100 प्रतिशत &amp;nbsp;तक दर्ज की गई. दूसरी और फतेहगढ़ डिवीजन के रोहिला ब्रांच पोस्ट ऑफिस में बीपीएम पद पर एसटी वर्ग के उम्मीदवार का चयन 83.5 प्रतिशत पर हुआ. इसी डिवीजन के गेसिंहपुर बीओ में कट ऑफ 87.6 प्रतिशत रही, जबकि बागपत डिवीजन के गोगवान बायो में 85.5प्रतिशत अंक पर चयन हुआ. बीपीएम पद पर बहराइच डिवीजन के गूर बीओ में एसटी वर्ग की कट ऑफ 88.66 प्रतिशत रही. वहीं डाक सेवक पद पर कानपुर सिटी डिविजन के सरसौल एसओ में एसटी वर्ग के उम्मीदवार का चयन 92.15 फीसदी &amp;nbsp;पर हुआ.&amp;nbsp;
बिहार में भी 99 से 100 प्रतिशत तक कट ऑफ&amp;nbsp;
बिहार सर्किल में पटना, बेगूसराय, औरंगाबाद, भागलपुर, भोजपुर, दरभंगा, गया, मुजफ्फरनगर और वैशाली जैसे मंडलों में सामान्य और ओबीसी वर्ग के उम्मीदवारों का दबदबा रहा. कई पदों पर 100 प्रतिशत अंक पाने वाले उम्मीदवारों का चयन हुआ. सामान्य वर्ग में वैशाली मंडल के सलेमपुर, दुमरिया बीओ में एबीपीएम पद की न्यूनतम कट ऑफ 99.23 फीसदी और सिरसबिरन बीओ में बीपीएम पद की कट ऑफ 99.33 फीसदी रही. &amp;nbsp;ओबीसी वर्ग में भी कई जगह कट ऑफ 99 से 100 फीसदी के बीच रही. पटना साहिब मंडल के गढ़ौचक बीओ में एबीपीएम पद की कट ऑफ 89.3 फीसदी दर्ज की गई.&amp;nbsp;
राजस्थान, दिल्ली, मध्य प्रदेश और झारखंड में कट ऑफ&amp;nbsp;
राजस्थान में भी कई डिवीजन के डाकघरों में सामान्य वर्ग की कट ऑफ 100 फीसदी रही. हालांकि राजसमंद के कांकरोली हेड पोस्ट ऑफिस में डाक सेवक पद पर सामान्य वर्ग की कट ऑफ 98% दर्ज की गई. एसटी वर्ग के लिए राजसमंद के गिलूंड एसओ और &amp;nbsp;गोगा गुंडा एसओ में कट ऑफ 96.16% रही. दिल्ली सर्किल में जनरल, ओबीसी, एससी और ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के चयनित उम्मीदवारों के अंक कई डाकघर में 100% रहे. एसटी वर्ग में मंगोलपुरी और एन ब्लॉक एसओ में डाक सेवक पद की कट ऑफ 96.5% रही. मध्य प्रदेश में सामान्य वर्ग की कट ऑफ अधिकांश डिवीजन में 100% रही. एसटी वर्ग में कुछ डाकघर की कट ऑफ 95 प्रतिशत से शुरू हुई. वहीं झारखंड में सामान्य वर्ग की कट ऑफ ज्यादातर जगहों पर 99 से 100 प्रतिशत के बीच रही, जबकि एसटी वर्ग के कुछ डाकघर में 95 फीसदी अंक पर भी चयन हुआ. ]]></description>
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        <title>एम्स पटना में हाई सैलरी वाली नौकरियां, सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर समेत इन पदों पर भर्ती</title>
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        <description><![CDATA[ अगर आप भी पटना में हैं और ऐसी नौकरी की तलाश कर रहे हैं, जो बेहतर पद और अच्छी सैलरी दे तो आपके लिए अच्छी खबर है. दरअसल एम्स पटना ने डेपुटेशन के आधार पर ग्रुप-ए के अलग-अलग पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मांगे हैं. इस भर्ती के तहत सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर, चीफ लाइब्रेरियन, सीनियर एनालिस्ट और हॉस्पिटल आर्किटेक्ट समेत 10 अलग-अलग पदों पर कुल 11 रिक्तियां भरी जाएंगी. इन पदों पर चयनित अधिकारियों को पद के अनुसार पर मैट्रिक्स लेवल 10 से लेवल 13 तक सैलरी मिलेगी. एम्स पटना की ओर से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार आवेदन प्रक्रिया 10 अक्टूबर 2026 से शुरू हो चुकी है वहीं योग्य उम्मीदवार को ऑफलाइन माध्यम से आवेदन करना होगा.&amp;nbsp;
इस भर्ती में कुल 11 पदों को भर जाना है. इसमें सबसे ज्यादा 2 पद सीनियर डाइटिशियन के हैं. वहीं सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर का 1 पद, चीफ लाइब्रेरियन का 1 पद, सीनियर एनालिस्ट का 1 पद, हॉस्पिटल आर्किटेक्ट का 1 पद, सीनियर प्रोक्योरमेंट कम स्टोर्स ऑफिसर का 1 पद के मेडिकल सोशल सर्विस का 1 पद सीएसएसडी ऑफिसर का 1 पद, चीफ मेडिकल रिकॉर्ड ऑफिसर का 1 पद और सुपरवाइजिंग मेडिकल सोशल ऑफिसर का 1 पद शामिल है. आपको बता दें कि इन पदों की संख्या अस्थायी है और इनमें बदलाव भी किया जा सकता है&amp;nbsp;
कितनी मिलेगी सैलरी?
एम्स पटना की इस भर्ती में सैलरी पद के अनुसार निर्धारित पे मैट्रिक्स लेवल पर आधारित होगी. लेवल 13 के पदों पर सबसे ज्यादा सैलरी मिलेगी. जबकि लेवल 10 के पदों के लिए शुरुआती सैलरी 56,100 रुपये प्रतिमाह है. इसमें लेवल 13 के पद पर 1,23,100 से 2,15,900 रुपये तक सैलरी मिलेगी, जबकि लेवल 12 के पदों पर 78,800 से 2,09,200 प्रतिमाह सैलरी होगी. वहीं लेवल 11 के पदों पर 67,700 से 2,08,700 प्रतिमाह सैलरी है.&amp;nbsp;
कौन है इन पदों के लिए एलिजिबल?
यह भर्ती डेपुटेशन के आधार पर हो रही है. इसलिए इसमें आम उम्मीदवार सीधी आवेदन नहीं कर सकते हैं. इसके लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकार केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन, विश्वविद्यालयों, वैधानिक और स्वायत्त निकायों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों तथा अनुसंधान एवं विकास संस्थानों में कार्यरत पात्र अधिकारियों को आवेदन करना होगा. संबंधित पद के नियमों के अनुसार कुछ पदों के लिए दूसरे निर्धारित सेवाओं के अधिकारियों पर भी विचार किया जा सकता है. उम्मीदवारों को संबंधित पद के लिए तय शैक्षणिक योग्यता, एक्सपीरियंस और नियमित सेवा की शर्तें पूरी करनी होगी.&amp;nbsp;
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आयु सीमा और डेपुटेशन की अवधि&amp;nbsp;
एम्स पटना की इस भर्ती में आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की अधिकतम आयु 56 वर्ष होनी चाहिए. आयु की गणना आवेदन जमा करने की आखिरी तारीख के आधार पर की जाएगी. चयनित अधिकारियों की डेपुटेशन अवधि 3 साल होगी. कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार इसे अधिकतम 5 साल तक बढ़ाया जा सकता है.&amp;nbsp;
कैसे करें भर्ती के लिए आवेदन?

इस भर्ती के लिए आवेदन करने के लिए सबसे पहले एम्स पटना के ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं.&amp;nbsp;
इसके बाद भर्ती से संबंधित नोटिफिकेशन खोलें और उसमें आवेदन फॉर्म डाउनलोड करें.
अब इस फॉर्म का प्रिंट निकालकर उसमें मांगी गई सभी जानकारियां भरें.
साथ ही संबंधित शैक्षणिक योग्यता, एक्सपीरियंस और जरूरी डॉक्यूमेंट आवेदन फार्म के साथ अटैच करें.
आवेदन को उचित माध्यम से भेजें, इसके साथ पिछले 5 साल के सत्यापित APAR और निर्धारित प्रारूप में विजिलेंस क्लीयरेंस भी देना होगा.
अब सभी डाक्यूमेंट्स को लिफाफे में रखकर स्पीड पोस्ट या रजिस्टर्ड पोस्ट से भेजें.&amp;nbsp;
आवेदन को भर्ती सेल, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, फुलवारी शरीफ, पटना-801507 पर भेजना होगा.

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        <pubDate>Tue, 13 Oct 2026 22:30:02 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>एम्स, पटना, में, हाई, सैलरी, वाली, नौकरियां, सुपरिंटेंडिंग, इंजीनियर, समेत, इन, पदों, पर, भर्ती</media:keywords>
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        <title>राजस्थान में MBBS की 2057 और BDS की 472 सीटें अलॉट, देखें रिजल्ट</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/राजस्थान-में-mbbs-की-2057-और-bds-की-472-सीटें-अलॉट-देखें-रिजल्ट</link>
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        <description><![CDATA[ राजस्थान में मेडिकल और डेंटल कॉलेज में एडमिशन का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों के लिए अपडेट है. राजस्थान नीट यूजी काउंसलिंग 2026 के तीसरे राउंड का सीट अलॉटमेंट रिजल्ट जारी कर दिया है. इस चरण में एमबीबीएस और बीडीएस प्रोग्राम के लिए कुल 2,529 सीटें आवंटित की गई है. इनमें एमबीबीएस की 2057 और बीडीएस की 472 सीटें शामिल है, जिन उम्मीदवारों ने राउंड तीन के काउंसलिंग में हिस्सा लिया था, वह ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर अपना सीट अलॉटमेंट देख सकते हैं. यह रिजल्ट राजस्थान नीट यूजी मेडिकल एंड डेंटल ऐडमिशन काउंसलिंग बोर्ड की ओर से जारी किया गया है.&amp;nbsp;
राजस्थान नीट यूजी काउंसलिंग के तीसरे चरण में 2,529 नई सीट आवंटित हुई है. वहीं राउंड 3 की लिस्ट में नए सीट आवंटन के अलावा पहले से सीट प्राप्त कर चुके, उम्मीदवारों की स्थिति भी शामिल है. जानकारी के अनुसार इस लिस्ट में 8,019 उम्मीदवारों का नाम है. इनमें 2,529 उम्मीदवारों को नई सीट आवंटित हुई है, जबकि 1,444 उम्मीदवारों की सीट अपग्रेड हुई है. वहीं 1377 उम्मीदवारों की राउंड 2 वाली सीट बरकरार रखी गई है और 2669 उम्मीदवारों ने अपग्रेडेशन का ऑप्शन नहीं चुना था. सीट आवंटन की लिस्ट में सरकारी और प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों के साथ मैनेजमेंट और एनआरआई सीटों की कैटेगरी भी शामिल है.
कैसे चेक करें राउंड 3 का रिजल्ट&amp;nbsp;

राउंड 3 का रिजल्ट चेक करने के लिए सबसे पहले राजस्थान नीट यूजी की ug.neetrajasthan.com वेबसाइट पर जाएं.&amp;nbsp;
इसके बाद वेबसाइट के मुख्य पृष्ठ पर राउंड 3 सीट अलॉटमेंट से संबंधित लिंक खोजें.&amp;nbsp;
अब जहां लॉगिन करना जरूरी हो, वहां अपनी रजिस्ट्रेशन डिटेल्स भरें.&amp;nbsp;
रिजल्ट खुलने के बाद आवंटित कॉलेज प्रोग्राम और सीट कैटेगरी देखें.&amp;nbsp;
अगर आपको सीट मिलती है, तो अपना सीट आवंटन पत्र डाउनलोड कर लें.&amp;nbsp;
इसके बाद आवंटन पत्र में दिए गए रिपोर्टिंग और प्रवेश संबंधी निर्देशों को ध्यान से पढ़े.&amp;nbsp;

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11 से 15 अक्टूबर तक रिपोर्टिंग&amp;nbsp;
राउंड 3 में सीट पाने वाले उम्मीदवारों के लिए डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और रिपोर्टिंग कम जॉइनिंग की प्रक्रिया 11 अक्टूबर से 15 अक्टूबर 2026 तक निर्धारित की गई है. हालांकि सभी उम्मीदवारों के लिए रिपोर्टिंग के नियम एक जैसे नहीं है. काउंसलिंग निर्देशों के अनुसार जिन उम्मीदवारों की राउंड 2 की सीट बरकरार रखी है और जो पहले ही जॉइन कर चुके हैं, उन्हें दोबारा रिपोर्ट करने की जरूरत नहीं है. वहीं जिन उम्मीदवारों की सीट अपग्रेड हुई है, उन्हें आवंटन पत्र में दिए गए समय के अनुसार रिपोर्टिंग, जॉइनिंग और डॉक्यूमेंट जमा करने की प्रक्रिया पूरी करनी हो
हाईकोर्ट के आदेश के अधीन है आवंटन रिजल्ट&amp;nbsp;
काउंसलिंग बोर्ड की ओर से जारी सूचना के अनुसार राउंड 3 का रिजल्ट राजस्थान हाई कोर्ट की जोधपुर पीठ के 7 अक्टूबर 2026 के आदेश के अनुपालन में जारी किया गया. यह आदेश एसबी सिविल रिट याचिका 24139/2026 से संबंधित है. सीट आवंटन लिस्ट अंतिम न्यायिक निर्णय के परिणाम के अधीन है. बोर्ड ने इससे पहले 9 अक्टूबर को सांकेतिक रिजल्ट जारी किया था, ताकि उम्मीदवार निर्धारित समय के अंदर अपनी आपत्तियां दर्ज करा सके. इसलिए उम्मीदवारों को रिजल्ट से जुड़ी किसी भी शिकायत के लिए ऑफिशियल काउंसलिंग सूचना में दिए गए माध्यम का पालन करना होगा.
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        <pubDate>Mon, 12 Oct 2026 17:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>NEET PG काउंसलिंग राउंड 1 के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू, ऐसे करें आवेदन</title>
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        <description><![CDATA[ नीट पीजी 2026 परीक्षा का पास कर चुके उम्मीदवारों के लिए पोस्ट ग्रेजुएट में एडमिशन के प्रक्रिया शुरू हो रही है. मेडिकल काउंसलिंग कमेटी आज 12 अक्टूबर से नीट पीजी काउंसलिंग के पहले राउंड के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू कर रही है. योग्य उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकेंगे. इस काउंसलिंग के जरिए उम्मीदवारों को एमडी, एमएस और दूसरे पीजी मेडिकल प्रोग्राम में एडमिशन लेने का मौका मिलेगा. वहीं आवेदन प्रक्रिया में काउंसलिंग फीस और सिक्योरिटी डिपाजिट जमा करना होगा.
नीट पीजी काउंसलिंग राउंड 1 का पूरा शेड्यूल
मेडिकल काउंसलिंग कमेटी ने पहले राउंड के लिए शेड्यूल निर्धारित किया है. इसमें रजिस्ट्रेशन आज यानी 12 अक्टूबर से शुरू होगा. वहीं रजिस्ट्रेशन की अंतिम तारीख 21 अक्टूबर दोपहर 12:00 तक है. इसके अलावा फीस जमा करने की अंतिम तारीख 21 अक्टूबर 2026 दोपहर 3 बजे तक है. वहीं चॉइस फिलिंग 13 से 22 अक्टूबर सुबह 10:30 बजे तक, चॉइस लॉकिंग 21 अक्टूबर शाम 4 बजे से 22 अक्टूबर सुबह 10 बजे तक सीट अलॉटमेंट प्रक्रिया 22 और 23 अक्टूबर 2026 और राउंड 1 सीट अलॉटमेंट का रिजल्ट 24 अक्टूबर 2026 को जारी किया जाएगा. इसके बाद कॉलेज में रिपोर्टिंग और जॉइनिंग 26 अक्टूबर से 2 नवंबर 2026 तक और जॉइन कर चुके उम्मीदवारों के डेटा का वेरिफिकेशन 3 नवंबर 2026 तक होगा.
कौन कर सकता है काउंसलिंग के लिए आवेदन?
नीट पीजी 2026 परीक्षा में क्वालीफाई करने वाले और निर्धारित पात्रता पूरी करने वाले उम्मीदवार राउंड 1 की काउंसलिंग में हिस्सा ले सकते हैं. इसके अलावा उम्मीदवारों को संबंधित मेडिकल कॉलेज और काउंसलिंग प्राधिकरण की प्रवेश संबंधी शर्तें भी पूरी करनी होगी. मेडिकल काउंसलिंग कमेटी अखिल भारतीय कोटा के 50 प्रतिशत पीजी मेडिकल सीटों के लिए काउंसलिंग आयोजित करते हैं. इसके अलावा केंद्रीय विद्यालयों, डीम्ड यूनिवर्सिटी और कर्मचारी राज्य बीमा निगम के संबंधित संस्थाओं की सीटें भी इसी प्रक्रिया में शामिल है.
नीट पीजी काउंसलिंग के लिए ऐसे करें रजिस्ट्रेशन

काउंसलिंग के लिए सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट पर जाए.
इसके बाद होम पेज पर दिए गए मेडिकल काउंसलिंग सेक्शन खोलें.
अब नीट पीजी काउंसलिंग के लिए रजिस्ट्रेशन करें.
इसके बाद मांगी गई सारी जानकारी भरे और लॉगिन करें.
अब आवेदन फॉर्म में अपनी पर्सनल और एजुकेशनल डिटेल भरें.
इसके बाद जरूरी विवरण और डॉक्यूमेंट उपलब्ध कराएं.
अब निर्धारित रजिस्ट्रेशन फीस और सिक्योरिटी डिपॉजिट का पेमेंट करें.
फॉर्म में भरी गई सभी जानकारी को ध्यान से जांचें और आवेदन सबमिट कर दें.
रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद कंफर्मेशन पेज डाउनलोड कर लें.

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काउंसलिंग के लिए कौन से डॉक्यूमेंट जरूरी?

नीट पीजी एडमिट कार्ड
नीट पीजी स्कोरकार्ड
एमबीबीएस की डिग्री या प्रोविजनल सर्टिफिकेट
एमबीबीएस की मार्कशीट
इंटर्नशिप पूरी करने का प्रमाण पत्र
वैध फोटो पहचान पत्र
स्थायी या प्रोविजनल मेडिकल रजिस्ट्रेशन
सर्टिफिकेट लागू होने पर कैटेगरी या दिव्यांग प्रमाण पत्र
सीट आवंटित होने के बाद अलॉटमेंट लेटर

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        <pubDate>Mon, 12 Oct 2026 17:30:05 +0530</pubDate>
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        <title>कौन हैं ध्रुव राठी की पत्नी, कहां से की है पढ़ाई?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/कौन-हैं-ध्रुव-राठी-की-पत्नी-कहां-से-की-है-पढ़ाई</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/कौन-हैं-ध्रुव-राठी-की-पत्नी-कहां-से-की-है-पढ़ाई</guid>
        <description><![CDATA[ मशहूर भारतीय यूट्यूबर और सोशल मीडिया एक्टिविस्ट ध्रुव राठी इन दिनों चर्चा के केंद्र में हैं. 10 अक्टूबर को प्रदर्शन में शामिल होने और भीड़ जुटाने की अपील करने के आरोप में दिल्ली और गुरुग्राम पुलिस ने ध्रुव राठी को उनके आवास से हिरासत में ले लिया था, जिसके बाद काफी हंगामा खड़ा हो गया. इस बड़े राजनीतिक ड्रामे और विवाद के बीच ध्रुव राठी के साथ-साथ इंटरनेट पर उनकी निजी जिंदगी भी काफी सर्च की जा रही है, जहां लोग उनकी पत्नी जूली के बारे में जानने के लिए बेहद उत्सुक नजर आ रहे हैं.&amp;nbsp;
जर्मनी में हुई जूली एलबीआर की पढ़ाई
ध्रुव राठी की पत्नी का नाम जूली एलबीआर हैं और वह मूल रूप से जर्मनी की रहने वाली हैं. जूली की स्कूल से लेकर आगे की उच्च शिक्षा जर्मली में ही पूरी हुई है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वह एक मेडिकल स्टूडेंट रही हैं और उन्होंने हेल्थकेयर व मेडिकल से जुड़ी पढ़ाई पर अपना ध्यान केंद्रित किया है. शैक्षणिक रूप से काफी मजबूत रहने वाली जूली ने अपनी ज्यादातर पढ़ाई वैज्ञानिक और स्वास्थ्य संबंधी विषयों में पूरी की है. वर्तमान समय में वह एक प्रोफेशनल हेल्थकेयर वर्कर और मेडिकल फील्ड से जुड़ी विशेषज्ञ के तौर पर पहचानी जाती हैं. हालांकि, उन्होंने अपने करियर और डिग्री से जुड़ी बेहद निजी जानकारियां सार्वजनिक नहीं की हैं.
ट्राम के सफर से शुरू हुई थी दोनों की लव स्टोरी
ध्रुव और जूली की प्रेम कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है, जिसकी शुरुआत जर्मनी की एक पब्लिक ट्राम में हुई थी. बात साल 2014 की है, जब ध्रुव राठी अपनी उच्च शिक्षा के दौरान एक इंटर्नशिप के सिलसिले में जा रहे थे और जूली अपने स्कूल के लिए निकली थीं.
इसी सफर के दौरान दोनों की पहली मुलाकात हुई, जो धीरे-धीरे पहले गहरी दोस्ती और फिर प्यार में बदल गई. उस समय ध्रुव राठी की उम्र करीब 19 साल थी. इसके बाद दोनों ने करीब 7 साल तक एक-दूसरे को डेट किया. साल 2019 में वैलेंटाइन डे के खास मौके पर ध्रुव ने जूली को शादी के लिए प्रपोज किया था.
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प्रोफेशन से मेडिको और पार्ट-टाइम कैमरा वुमन
जूली एलबीआर केवल ध्रुव राठी की पत्नी के रूप में ही नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर अपनी खुद की एक अलग पहचान रखती हैं. उनके आधिकारिक सोशल मीडिया बायो के मुताबिक, वह खुद को एक मेडिको और पार्ट-टाइम कैमरा वुमन बताती हैं.
दरअसल, ध्रुव राठी के ट्रैवल और लाइफस्टाइल व्लॉग्स की शूटिंग का एक बड़ा हिस्सा खुद जूली ही संभालती हैं. जूली को घूमना-फिरना बेहद पसंद है और वह अब तक दुनिया के 15 से ज्यादा देशों की यात्रा कर चुकी हैं. वह इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स पर भी काफी लोकप्रिय हैं, जहां उनके लाखों फॉलोअर्स हैं.
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        <pubDate>Mon, 12 Oct 2026 17:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>MPSC विवाद में तुकाराम मुंढे को जिम्मेदारी, 70 हजार पदों पर भर्ती की मांग</title>
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        <description><![CDATA[ महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की भर्ती परीक्षा में पेपर लीक और अन्य नेताओं को लेकर जारी विवाद के बीच राज्य सरकार ने पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की है. वरिष्ठ आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे को समिति का सचिव बनाया गया है, जबकि मुंबई हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस दिलीप भोसले इसकी अध्यक्षता करेंगे. सरकार के इस फैसले के बाद पुणे में करीब 11 दिनों से प्रदर्शन कर रहे उम्मीदवारों ने अपना आंदोलन वापस ले लिया.
उम्मीदवार परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और पेपर लीक के मामले में करवाई और एमपीएससी अध्यक्ष विवेक भीमनवार के इस्तीफा की मांग कर रहे थे. रविवार को लोक निर्माण विभाग मंत्री शिवेंद्रराजे भोसले ने प्रदर्शनकारी छात्रों और उनके समर्थन में पहुंचे नेताओं से मुलाकात की. बातचीत के बाद सरकार ने जांच समिति बनाने और आंदोलनकारियों पर दर्ज मामले वापस लेने का आश्वासन दिया.&amp;nbsp;
समिति में ये नाम शामिल&amp;nbsp;
एमपीएससी की कार्यप्रणाली और भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच के लिए गठित समिति में तुकाराम मुंढे के अलावा पूर्व न्यायाधीश पीडी नाईक, पूर्व आईएएस अधिकारी गणेश पाटिल और आईपीएस अधिकारी लक्ष्मी गौतम शामिल हैं. समिति को दो महीने यानी 60 दिनों के अंदर सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी. समिति एमपीएससी परीक्षाओं में पेपर लीक के आरोपों की जांच करेगी. साथ ही आयोग के कामकाज की समीक्षा कर परीक्षा की कमियों की पहचान और जरूरी सुधार के सुझाव देगी. तुकाराम मुंढे फिलहाल महाराष्ट्र के खाद्य औषधि प्रशासन में आयुक्त के पद पर कार्यरत है.&amp;nbsp;
जांच पूरी होने तक छुट्टी पर रहेंगे अध्यक्ष&amp;nbsp;
उम्मीदवारों की प्रमुख मांगों में एमपीएससी अध्यक्ष विवेक भीमनवार को पद से हटाना भी शामिल है. परीक्षा सरकार ने उन्हें फिलहाल पद से हटाने की बजाय जांच पूरी होने तक अनिवार्य छुट्टी पर भेजने का फैसला किया है. &amp;nbsp;भीमनवार ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर छुट्टी पर जाने की जानकारी दी है. उन्होंने कहा है कि अपने पूरे जीवन में नैतिकता को प्राथमिकता देते आए हैं. ऐसे में जांच पूरी होने तक पद पर बने रहने के बजाय उन्हें छुट्टी पर जाने का निर्णय लिया है.
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3 साल में 70,000 पदों पर भर्ती की मांग&amp;nbsp;
आंदोलन के दौरान उम्मीदवारों ने महाराष्ट्र में खाली सरकारी पदों को भरने की मांग उठाई. उनकी मांग है कि राज्य सरकार अगले 3 सालों में 70,000 पदों पर भर्ती करें. इसके अलावा जनवरी में प्रस्तावित ग्रुप-सी परीक्षा में रिक्तियों की संख्या बढ़ाने और एमपीएससी की अध्यक्षता व सचिव की नियुक्ति से पहले उनके पिछले रिकॉर्ड की जांच करने की मांग भी की गई. सरकार की ओर से 70,000 पदों पर भर्ती करने का आश्वासन दिए जाने की जानकारी सामने आई है. हालांकि भर्ती को लेकर विस्तृत रोडमैप और इन मांगों पर अमल की प्रक्रिया जरूरी होगी.&amp;nbsp;
इंस्पेक्टर परीक्षा के बाद बढ़ा विवाद&amp;nbsp;
एमपीएससी को लेकर उम्मीदवारों की नाराजगी ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में कथित पेपर लीक के मामले के बाद बढ़ी. यह परीक्षा 22 मार्च 2026 को हुई थी. जुलाई में रिजल्ट जारी होने और इंटरव्यू की प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद विवाद सामने आया. इसके बाद आयोग ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग में ड्रग इंस्पेक्टर ग्रुप बी पदों की भर्ती प्रक्रिया रद्द कर दी. इस मामले में परीक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए.
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        <pubDate>Mon, 12 Oct 2026 17:30:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>MPSC, विवाद, में, तुकाराम, मुंढे, को, जिम्मेदारी, हजार, पदों, पर, भर्ती, की, मांग</media:keywords>
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    <item>
        <title>इंडियन आर्मी में अफसर बनने का मौका, 18 लाख तक का मिलेगा पैकेज</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/इंडियन-आर्मी-में-अफसर-बनने-का-मौका-18-लाख-तक-का-मिलेगा-पैकेज</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/इंडियन-आर्मी-में-अफसर-बनने-का-मौका-18-लाख-तक-का-मिलेगा-पैकेज</guid>
        <description><![CDATA[ भारतीय सेना ने 10+2 टेक्निकल एंट्री स्कीम के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. इस भर्ती के तहत 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स की पढ़ाई करने वाले युवाओं को सेना में कमीशंड ऑफिसर बनने का मौका मिलेगा. खास बात यह है कि इस भर्ती के लिए आवेदन फीस नहीं देनी होगी. वहीं चयनित उम्मीदवारों को 4 साल की ट्रेनिंग के दौरान हर महीने 56,100 रुपये का स्टाइपेंड मिलेगा. इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 14 अक्टूबर से शुरू होगी, वहीं उम्मीदवार 12 नवंबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.
इस भर्ती के लिए उम्मीदवारों के 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स विषयों के साथ कम से कम 60 प्रतिशत अंक होना चाहिए. &amp;nbsp;उम्मीदवार का जेईई मेन 2026 में शामिल होना चाहिए. इसके अलावा भर्ती में केवल अविवाहित पुरुष उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं.वहीं उम्मीदवार की उम्र 16 से 19 साल के बीच होनी चाहिए.&amp;nbsp;
कैसे होगा उम्मीदवारों का चयन?
इस भर्ती में चयन के लिए अलग से लिखित परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी. उम्मीदवार को 12वीं के अंकों और जेईई मेन 2026 के स्कोर के आधार पर शॉर्टलिस्ट किया जाएगा. शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को सर्विसेज सिलेक्शन बोर्ड के इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा. एसएसबी इंटरव्यू में पास होने वाले उम्मीदवारों की मेडिकल जांच होगी. इसके बाद उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत मेरिट चुनकर अंतिम चयन किया जाएगा.&amp;nbsp;
4 साल की ट्रेनिंग, मिलेगी इंजीनियरिंग डिग्री&amp;nbsp;
इस भर्ती के तहत चयनित उम्मीदवारों को 4 साल का प्रशिक्षण दिया जाएगा. इसमें सैन्य प्रशिक्षण के साथ इंजीनियरिंग की पढ़ाई भी कराई जाएगी. कोर्स पूरा करने के बाद निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले उम्मीदवारों को इंजीनियरिंग डिग्री, लेफ्टिनेंट की रैंक और स्थायी कमीशन दिया जाएगा. ट्रेनिंग के दौरान उम्मीदवार को हर महीने 56,100 रुपये का स्टाइपेंड मिलेगा. कमीशन मिलने के बाद लेवल 10 के पे लेवल के अनुसार सैलरी और भत्ते दिए जाएंगे. सालाना पैकेज ऐसे में उम्मीदवार का सालाना पैकेज करीब 17 से 18 लाख रुपये तक बताया गया है.&amp;nbsp;
इन इंजीनियरिंग स्ट्रीम में मिलेगी, पढ़ाई की सुविधा&amp;nbsp;
इस भर्ती के तहत अलग-अलग ट्रेनिंग केंद्रों में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कराई जाएगी. भर्ती नोटिफिकेशन के अनुसार सीएमई पुणे में सिविल और मैकेनिकल इंजीनियरिंग, एमसीटीई महू में टेलीकम्युनिकेशन और आईटी इंजीनियरिंग (डुअल डिग्री) और एमसी ईएमई सिकंदराबाद में इलेक्ट्रॉनिक्स और मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कराई जाएगी&amp;nbsp;
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कैसे कर सकते हैं आवेदन?
इस भर्ती के लिए आवेदन करने के लिए सबसे पहले joinindianarmy.nic.in &amp;nbsp;वेबसाइट पर जाएं.इसके बाद ऑफिसर ट्रेनिंग से जुड़े सेक्शन में टीईएस-57 भर्ती लिंक खोजें.अब रजिस्ट्रेशन करें और अपनी आईडी से लॉगिन करें.इसके बाद आवेदन फार्म में मांगी गई पर्सनल और एजुकेशनल डिटेल भरें.अब 12वीं के अंकों और जेईई मेन 2026 से जुड़ी जानकारी दर्ज करें.फॉर्म में भरी गई सभी जानकारी को ध्यान से जांचें और लास्ट में फॉर्म सबमिट कर दें.
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        <pubDate>Mon, 12 Oct 2026 17:30:02 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>CJP का नया चेहरा बने अंजिक्य शिंदे, वो कितने पढ़े&amp;लिखे?</title>
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        <description><![CDATA[ चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन के बीच अंजिक्य शिंदे चर्चा में हैं. दरअसल, अभिजीत दिपके ने एक दिन पहले वीडियो जारी कर कहा था कि उनकी गिरफ्तारी के बीच अंजिक्य शिंदे इस आंदोलन को लीड करेंगे. इसके बाद से ही सोशल मीडिया पर अंजिक्य शिंदे चर्चा में आ गए, लोग उन्हें लगातार फॉलो कर रहे हैं और उनके बारे में ज्यादा से ज्यादा चीजें जानना चाहते हैं.&amp;nbsp;
एक समय आईटी कंपनी में काम करने वाले अजिंक्य शिंदे आखिर कैसे राजनीति के मैदान में उतर आए? इंजीनियरिंग की पढ़ाई, आम आदमी पार्टी से जुड़ाव और फिर CJP के आंदोलन में अहम जिम्मेदारी तक का उनका सफर कई सवाल खड़े करता है. आखिर कौन हैं अजिंक्य शिंदे और वह कितने पढ़े-लिखे हैं? आइए जानते हैं...&amp;nbsp;
कैसा रहा अंजिक्य शिंदे का सफर&amp;nbsp;
अजिंक्य शिंदे महाराष्ट्र के लातूर जिले की औसा तहसील के उजनी गांव के रहने वाले हैं. उनका परिवार खेती-किसानी से जुड़ा है. अजिंक्य शिंदे ने कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई की और महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के लोणेरे स्थित डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी से बीटेक की डिग्री हासिल की. पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने पुणे में एक अंतरराष्ट्रीय आईटी कंपनी में काम किया. बाद में सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों में उनकी दिलचस्पी बढ़ी, जिसके बाद उन्होंने कॉर्पोरेट नौकरी छोड़कर राजनीति की राह चुनी.
आम आदमी पार्टी से शुरू हुआ राजनीतिक सफर
नौकरी छोड़ने के बाद अजिंक्य शिंदे आम आदमी पार्टी AAP से जुड़े. पार्टी में उन्होंने संगठन को मजबूत करने और युवाओं के बीच काम करने की जिम्मेदारी निभाई. उन्हें पिंपरी-चिंचवड़ में पार्टी के संयोजक और महाराष्ट्र की युवा इकाई में जिम्मेदारी निभाई. इसके अलावा उन्होंने सोशल मीडिया से जुड़े काम भी किए. महाराष्ट्र के साथ गोवा में भी संगठनात्मक गतिविधियों में उनकी भूमिका रही. इन अनुभवों के बाद वह CJP से जुड़े. अगस्त 2026 में उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय संगठन प्रभारी बना दिया गया&amp;nbsp;
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जंतर-मंतर आंदोलन में कैसे मिली अहम भूमिका ?
जून और जुलाई 2026 में दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के विरोध प्रदर्शन के दौरान अजिंक्य शिंदे ने भीड़ और मंच के पीछे की व्यवस्थाओं में भूमिका निभाई थी. अक्टूबर 2026 में पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके, सह-संयोजक आशुतोष रांका और मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास को दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद शिंदे आंदोलन का प्रमुख चेहरा बनकर सामने आए. &amp;nbsp;दिपके के पहले से रिकॉर्ड किए गए संदेश के बाद उन्होंने आंदोलन की जिम्मेदारी संभाली.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Mon, 12 Oct 2026 05:30:04 +0530</pubDate>
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        <title>बिहार बोर्ड ने 10वीं&amp;12वीं परीक्षा के लिए बढ़ाई रजिस्ट्रेशन तारीख, देखें अपडेट</title>
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        <description><![CDATA[ बिहार विद्यालय परीक्षा समिति BSEB ने वर्ष 2028 में होने वाली 10वीं और 12वीं की वार्षिक परीक्षाओं के लिए रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि बढ़ा दी है. अब योग्य छात्र 24 अक्टूबर 2026 तक अपना रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे. पहले आवेदन की अंतिम तिथि 10 अक्टूबर 2026 निर्धारित थी. बोर्ड ने यह फैसला छात्रों और स्कूलों के अनुरोध, लंबित आवेदनों और ऑनलाइन पोर्टल से जुड़ी तकनीकी समस्याओं को देखते हुए लिया है.
नई अंतिम तिथि और किसके लिए है रजिस्ट्रेशन ?
BSEB के अनुसार, वर्ष 2028 की बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होने वाले छात्रों का एडवांस रजिस्ट्रेशन अभी कराया जा रहा है. नई अंतिम तिथि 24 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है. कक्षा 9वीं में पढ़ने वाले छात्र वर्ष 2028 में मैट्रिक यानी 10वीं की परीक्षा देंगे. वहीं, कक्षा 11वीं के छात्र वर्ष 2028 में इंटरमीडिएट यानी 12वीं की बोर्ड परीक्षा में शामिल होंगे.
&amp;nbsp;स्कूल के प्रधानाध्यापक भरेंगे ऑनलाइन फॉर्म
रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया स्कूल के प्रधानाध्यापक या अधिकृत अधिकारी के माध्यम से पूरी की जाएगी. स्कूलों को आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर योग्य छात्रों का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरना होगा. स्कूलों को छात्रों की व्यक्तिगत जानकारी, विषय, फोटो, हस्ताक्षर और अन्य जरूरी विवरण सावधानी से दर्ज करने होंगे. फॉर्म जमा करने से पहले सभी जानकारियों की अच्छी तरह जांच करलें.
तारीख बढ़ाने के पीछे क्या है कारण?
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष डॉ. त्यागराजन एसएम के अनुसार, रजिस्ट्रेशन की तारीख बढ़ाने का फैसला कई महत्वपूर्ण कारणों से लिया गया है. जिसमें &amp;nbsp;कई स्कूलों, कॉलेजों और छात्रों ने बोर्ड से रजिस्ट्रेशन की समय सीमा बढ़ाने का अनुरोध किया था. साथ ही बड़ी संख्या में योग्य छात्रों के आवेदन 10 अक्टूबर तक पूरे नहीं हो पाए थे. ऐसे छात्रों का रजिस्ट्रेशन पूरा करने के लिए स्कूलों को अतिरिक्त समय दिया गया है. ऑनलाइन पोर्टल पर फॉर्म भरते समय कुछ छात्रों और स्कूलों को तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. इसके अलावा अन्य व्यावहारिक कारणों से भी कुछ छात्र रजिस्ट्रेशन से वंचित रह गए थे. बोर्ड का उद्देश्य है कि कोई भी योग्य छात्र रजिस्ट्रेशन न होने के कारण वर्ष 2028 की बोर्ड परीक्षा में शामिल होने से वंचित न रहे.
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वर्ष 2028 में परीक्षा क्यों होगी ?
बिहार बोर्ड की व्यवस्था के अनुसार, मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए एडवांस रजिस्ट्रेशन लगभग दो साल पहले कराया जाता है. वर्ष 2026 में 9वीं कक्षा में पढ़ रहे छात्र वर्ष 2028 में 10वीं की बोर्ड परीक्षा देंगे. वर्ष 2026 में 11वीं कक्षा में पढ़ रहे छात्र वर्ष 2028 में 12वीं की बोर्ड परीक्षा देंगे. इसी वजह से वर्ष 2028 की मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षाओं के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया वर्ष 2026 में शुरू की गई है.
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डिस्क्लेमर: रजिस्ट्रेशन से जुड़ी किसी भी जानकारी, निर्देश या अपडेट के लिए बिहार बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखें. ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 12 Oct 2026 05:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>उत्तर भारत के टॉप 5 सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज, देखें पूरी लिस्ट</title>
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        <description><![CDATA[ देश में हर साल लाखों छात्र इंजीनियरिंग के क्षेत्र में अपना करियर का सपना देखते हैं. एक बेहतरीन करियर के लिए सबसे जरूरी होता है एक अच्छे और प्रतिष्ठित कॉलेज का चयन करना. NIRF के आंकड़ों के मुताबिक, उत्तर भारत में कई ऐसे सरकारी संस्थान हैं जो देश ही नहीं बल्कि दुनिया भर में अपनी बेहतरीन पढ़ाई और शानदार प्लेसमेंट के लिए जाने जाते हैं. अगर आप भी इंजीनियरिंग में एडमिशन लेने का सोच रहे हैं, तो उत्तर भारत के इन टॉप 5 सरकारी कॉलेजों की लिस्ट आपके लिए काफी मददगार साबित हो सकती है.&amp;nbsp;
IIT Delhi
उत्तर भारत में इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए IIT Delhi को सबसे बेहतरीन माना जाता है. NIRF रैंकिंग में भी इस कॉलेज को देश के शीर्ष सरकारी इंजीनियरिंग संस्थानों में दूसरा स्थान मिला है. देश की राजधानी दिल्ली में स्थित होने के कारण यहां छात्रों को बड़े कॉर्पोरेट और उद्योगों के साथ जुड़ने का सीधा मौका मिलता है. इस संस्थान से बीटेक करने वाले छात्रों को देश-विदेश की बड़ी कंपनियों जैसे गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और अमेजन से करोड़ों रुपये के सालाना पैकेज के ऑफर मिलते हैं.
IIT Kanpur
उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में स्थित IIT Kanpur तकनीकी शिक्षा के मामले में एक बड़ा नाम है. यह कॉलेज खास तौर पर अपने बेहतरीन रिसर्च वर्क और कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है. इस कॉलेज का ट्रैक रिकॉर्ड रहा है कि यहां से पढ़ाई पूरी करने के तुरंत बाद छात्रों को मल्टीनेशनल कंपनियों द्वारा बड़े पदों पर नौकरी के ऑफर दिए जाते हैं, जिससे यह संस्थान छात्रों की पहली पसंद बना रहता है.
IIT Roorkee
उत्तराखंड के रुड़की शहर में स्थित IIT Roorkee देश के सबसे पुराने और ऐतिहासिक इंजीनियरिंग संस्थानों में से एक है. साल 1847 में स्थापित हुए इस संस्थान को पहले थॉमसन कॉलेज ऑफ सिविल इंजीनियरिंग के नाम से जाना जाता था, जिसे बाद में आईआईटी का दर्जा मिला. सिविल इंजीनियरिंग और कोर ब्रांच की पढ़ाई के मामले में इस कॉलेज का कोई मुकाबला नहीं है.&amp;nbsp;
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दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी&amp;nbsp;
अगर हम आईआईटी से हटकर एक बेहतरीन सरकारी यूनिवर्सिटी की बात करें, तो दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी का नाम सबसे आगे आता है. पहले इसे दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के नाम से जाना जाता था. इस कॉलेज में दाखिला पाने के लिए छात्रों को JEE Mains की परीक्षा में बहुत अच्छा स्कोर करना होता है. डीटीयू अपनी बेहतरीन फैकल्टी, बड़े कैंपस और मजबूत पूर्व छात्र नेटवर्क के लिए काफी लोकप्रिय है.
IIT BHU
उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक शहर वाराणसी में स्थित IIT BHU इस लिस्ट में पांचवें स्थान पर आता है. बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के कैंपस में बनें इस संस्थान को साल 2012 में IIT का दर्जा मिला था. यह कॉलेज इंजीनियरिंग की अलग-अलग शाखाओं जैसे केमिकल, मैकेनिकल और मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए काफी मशहूर है. हर साल इस कॉलेज के छात्र बड़े-बड़े प्लेसमेंट पैकेजों के साथ पास आउट होते हैं, जिसके कारण उत्तर भारत के छात्रों के बीच इसका एक अलग ही क्रेज देखने को मिलता है.
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        <pubDate>Mon, 12 Oct 2026 05:30:03 +0530</pubDate>
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        <title>कौन है अनमोल सिंह? जिन्होंने IAS छोड़ चुना IFS, UN में दिया पाकिस्तान को जवाब</title>
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        <description><![CDATA[ कौन है अनमोल सिंह? जिन्होंने IAS छोड़ चुना IFS, UN में दिया पाकिस्तान को जवाब ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 11 Oct 2026 13:30:06 +0530</pubDate>
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        <title>12वीं तक पढ़ाई पूरी करना लड़कियों के लिए अब भी चुनौती, रिपोर्ट में खुलासा</title>
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        <description><![CDATA[ भारत में पिछले 25 वर्षों में स्कूली शिक्षा में लड़के और लड़कियों के बीच अंतर कम करने में काफी प्रगति की है. इसके बावजूद ग्रामीण इलाकों में लड़कियों के लिए 12वीं तक की पढ़ाई पूरी करना अब भी बड़ी चुनौती बना हुआ है. यूनेस्को की नई रिपोर्ट के अनुसार ग्रामीण भारत में जहां 100 लड़के उच्च माध्यमिक शिक्षा (कक्षा 11 और 12वीं) की पढ़ाई पूरी करते हैं, वहीं ऐसा करने वाली लड़कियों की संख्या केवल 59 है. इसके उलट शहरी क्षेत्रों में लड़के और लड़कियां इस स्तर की शिक्षा को पूरी करने के मामले में बराबरी पर पहुंच चुके हैं.
जेंडर इक्वैलिटी इन एक्सेस टू एजुकेशन रिपोर्ट में 31 निम्न और मध्यम आय वाले देश में शिक्षा के क्षेत्र में लैंगिक असमानता का अध्ययन किया गया है. रिपोर्ट बताती है कि भारत ने लंबे समय में लड़कियों की शिक्षा से जुड़ी शुरुआती कमियों को काफी हद तक काम किया है, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर हुई प्रगति का फायदा सभी वर्गों तक समान रूप से नहीं पहुंचा है. खासकर ग्रामीण क्षेत्रों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की लड़कियों को पढ़ाई जारी रखने में ज्यादा मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है..
गांव में गर्ल एजुकेशन अब भी चुनौती
यूनेस्को की रिपोर्ट में उच्च माध्यमिक शिक्षा पूरी करने के लिए भारत का समायोजित जेंडर पैरिटी इंडेक्स कुल मिलाकर 0.89 दर्ज किया गया है. ग्रामीण क्षेत्र में यह आंकड़ा 0.59 और शहरी क्षेत्र में 1.0 है. इस इंडेक्स को आसान भाषा में समझे तो 1 का मतलब लड़के और लड़कियों के बीच बराबरी है. भारत में कुल आंकड़ा 0.89 होने का अर्थ है कि 100 लड़कों को उच्च माध्यमिक शिक्षा पूरी करने पर करीब 89 लड़कियां भी इस स्तर तक पहुंच रही है. ग्रामीण इलाकों में यह संख्या घटकर 59 रह जाती है, जबकि शहरों में दोनों के बीच बराबरी दर्ज की गई है. रिपोर्ट के अनुसार केवल देश का औसत देखकर यह नहीं समझा जा सकता कि शिक्षा के क्षेत्र में सभी लड़कियों की स्थिति समान है. शहरी क्षेत्र में बेहतर स्थिति के बावजूद ग्रामीण लड़कियों को 12वीं तक पढ़ाई पूरी करने में कई तरह की बाधाओं का सामना करना पड़ता है.&amp;nbsp;
स्कूली शिक्षा में भारत ने 25 वर्षों में की खूब तरक्की
भारत की स्कूली शिक्षा में पिछले ढाई दशकों के दौरान हुए बदलावों को भी रिपोर्ट में रेखांकित किया गया है. वर्ष 2000 में भारत उन 47 देशों में शामिल था, जहां लड़कों की तुलना में लड़कियों के पढ़ाई छोड़ने की समस्या ज्यादा गंभीर थी. रिपोर्ट के अनुसार भारत ने पिछले 25 सालों में इस शुरुआती अंतर को करीब 65% तक कम किया है. यह प्रगति दिखाती है कि लड़कियों की शिक्षा तक पहुंच बेहतर बनाने की दिशा में लगातार प्रयास हुए हैं. हालांकि ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के बीच बना अंतर बताता है कि अभी भी कई स्तरों पर काम करने की जरूरत है.
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लड़कियों के स्कूल छोड़ने की चुनौती&amp;nbsp;
ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी उम्र की लड़कियों को शिक्षा से जोड़े रखना अब भी बड़ी चुनौती बना हुआ है. एएसईआर 2024 की रिपोर्ट के अनुसार ग्रामीण भारत में 15 से 16 साल की 8.1% लड़कियां स्कूल में रजिस्टर्ड नहीं थी. वर्ष 2022 में यह आंकड़ा 7.9% था. यह आंकड़े 12वीं की पढ़ाई पूरी करने वाली लड़कियों की संख्या नहीं, बल्कि स्कूल में नामांकन की स्थिति बताते हैं. फिर भी इसे संकेत मिलता है कि किशोरावस्था में पहुंचने के बाद लड़कियों की शिक्षा जारी रखने में मुश्किलें बनी हुई है. यूनेस्को की रिपोर्ट के अनुसार शिक्षा में लड़कियों को नुकसान का सामना करने वाले देशों में सबसे गरीब परिवारों के लिए जेंडर पैरिटी इंडेक्स का औसत 0.6 था. वहीं सबसे अमीर 20% परिवारों में यह आंकड़ा 0.92 रहा. &amp;nbsp;इससे पता चलता है कि आर्थिक स्थिति भी लड़कियों और लड़कों की शिक्षा के बीच अंतर को बढ़ा सकती है.
5 साल के 51% बच्चे सीधे पहली कक्षा में ले रहे एडमिशन&amp;nbsp;
यूनेस्को की ग्लोबल एजुकेशन मॉनिटरिंग रिपोर्ट 2026 में भारत में छोटे बच्चों की स्कूली शिक्षा से जुड़ा एक और अहम मुद्दा सामने आया है. रिपोर्ट के अनुसार भारत में 5 साल की उम्र के 51% बच्चे प्री-स्कूल यानी आंगनवाड़ी, नर्सरी या केजी में जाने के बजाय सीधे कक्षा 1 में एडमिशन ले रहे हैं. रिपोर्ट के अनुसार बच्चे अनुशंसित उम्र से पहले ही औपचारिक स्कूली शिक्षा में प्रवेश कर रहे हैं. भारत की राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में कक्षा 1 में एडमिशन के लिए न्यूनतम उम्र 6 साल निर्धारित की गई है. रिपोर्ट में बताया गया है कि कुछ राज्यों में 5 साल में बच्चों का प्री-प्राइमरी संस्थानों में नामांकन 90% से ज्यादा है. वहीं कर्नाटक के ग्रामीण क्षेत्रों में छात्रवृत्ति मॉडल की सराहना की गई है. गुजरात, महाराष्ट्र, केरल और नागालैंड में भी इस मामले में बेहतर स्थिति का जिक्र किया गया है.
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        <pubDate>Sun, 11 Oct 2026 13:30:05 +0530</pubDate>
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        <title>ओडिशा में इंजीनियरों के लिए 758 पदों पर भर्ती, 22 अक्टूबर से भरें फॉर्म</title>
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        <description><![CDATA[ ओडिशा लोक सेवा आयोग (OPSC) ने असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के 758 पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. यह भर्ती ओडिशा इंजीनियरिंग सर्विस कैडर ग्रुप-ए पदों के लिए की जाएगी. इसमें इंजीनियरिंग के 750 और मैकेनिकल इंजीनियरिंग के 8 पद शामिल है. इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 22 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी. वहीं योग्य उम्मीदवार इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते है. आवेदन की प्रक्रिया 22 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी और उम्मीदवार 11 नवंबर तक इस भर्ती के लिए आवेदन कर सकते हैं.&amp;nbsp;
ओडिशा लोक सेवा आयोग की ओर से जारी विज्ञापन संख्या 13/2026-27 के तहत कुल 758 पदों पर भर्ती की जानी है. यह पद ओडिशा इंजीनियरिंग सर्विस के ग्रुप-ए कैडर में शामिल है. इसमें असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (सिविल) के 750 पद और असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (मैकेनिकल) के 8 पर शामिल है.
महिलाओं के लिए भी आरक्षित पद&amp;nbsp;
OPSC की इस भर्ती में महिलाओं के लिए भी पद आरक्षित किए गए हैं. सिविल इंजीनियर के 750 पदों में 247 पद महिलाओं के लिए निर्धारित है. वहीं मैकेनिकल इंजीनियर के आठ पदों में 3 पद महिलाओं के लिए आरक्षित हैं. इसके अलावा जनरल कैटेगरी के 374 पद इनमें महिलाओं के 122 पद, एसईबीसी के 61 पद में महिलाओं के लिए 21 पद, एससी के 83 पद में महिलाओं के लिए 28 पद, एसटी के 232 पद में महिलाओं के लिए 76 पद आरक्षित है. &amp;nbsp;
भर्ती के लिए आयु सीमा&amp;nbsp;
इस भर्ती के लिए उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 21 साल और अधिकतम 42 साल निर्धारित की गई है. आयु की गणना 1 जनवरी 2026 के आधार पर की जाएगी. इसके अनुसार उम्मीदवार का जन्म 2 जनवरी 1984 से पहले और 1 जनवरी 2005 के बाद नहीं होना चाहिए. आरक्षित वर्गों, महिलाओं, पूर्व सैनिकों और दिव्यांगों उम्मीदवारों को नियमानुसार आयु सीमा में छूट भी दी जाएगी.
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गेट स्कोर और इंटरव्यू से होगा चयन&amp;nbsp;
OPSC भर्ती की चयन प्रक्रिया में अलग से लिखित परीक्षा आयोजित करने का प्रावधान नहीं है. उम्मीदवारों का चयन संबंधित ब्रांच के वैध गेट स्कोर और इंटरव्यू के आधार पर किया जाएगा. चयन में गेट स्कोर को 90% और इंटरव्यू को 10% वेटेज दिया जाएगा. आयोग श्रेणीवार रिक्तियों के मुकाबले लगभग 2 गुना उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए शार्ट लिस्ट कर सकता है. इसलिए उम्मीदवारों के लिए संबंधित वर्ष और इंजीनियरिंग ब्रांच का वैध गेट स्कोर होना जरूरी है.&amp;nbsp;
ऐसे करें आवेदन&amp;nbsp;

इस भर्ती के लिए सबसे पहले OPSC की ऑफिशियल वेबसाइट opsc.gov.in पर जाए.&amp;nbsp;
इसके बाद वेबसाइट पर असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर रिक्रूटमेंट 2026 से संबंधित नोटिफिकेशन पर क्लिक करें.
आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के बाद ऑनलाइन फॉर्म में मांगी गई जानकारी भरें.&amp;nbsp;
अब संबंधित इंजीनियरिंग ब्रांच के पद का चयन करें और शैक्षणिक योग्यता दर्ज करें.&amp;nbsp;
इसके बाद फॉर्म में मांगे गए जरूरी डॉक्यूमेंट और प्रमाण पत्र निर्धारित निर्देशों के अनुसार जमा करें.
लास्ट में सारी जानकारी जांचने के बाद फॉर्म को सबमिट कर दें.&amp;nbsp;

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        <pubDate>Sun, 11 Oct 2026 13:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>अग्निवीर के पहले बैच को कहां मिलेगी नौकरी, किस राज्य में क्या नियम?</title>
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        <description><![CDATA[ अग्निपथ योजना में भर्ती हुए अग्निवीरों का पहला बैच नवंबर 2026 में चार साल की सेवा पूरी करने वाला है. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि सेना से लौटने के बाद इन युवाओं को नौकरी कहां मिलेगी. केंद्र सरकार ने कुछ सुरक्षा बलों में पूर्व अग्निवीरों के लिए सीटें आरक्षित की हैं.
कई राज्य भी पुलिस और वर्दी वाली दूसरी नौकरियों में उन्हें मौका देने की बात कह चुके हैं, लेकिन हर जगह नियम अलग हैं. ऐसे में चार साल पूरे करने के बाद अग्निवीरों का क्या होगा और कहां-कहां नौकरी के रास्ते खुलेंगे? आइए जानते हैं...&amp;nbsp;
25 प्रतिशत को मिलेगी पक्की नौकरी
अग्निपथ योजना में युवाओं को चार साल के लिए थल सेना, नौसेना और वायुसेना में अग्निवीर बनाया जाता है. इनमें से ज्यादा से ज्यादा 25 प्रतिशत को तय प्रक्रिया और प्रदर्शन के आधार पर नियमित सेवा में रखा जाएगा. बाकी 75 प्रतिशत को चार साल पूरे होने पर सेवा छोड़नी होती है. ऐसे में उनके लिए आगे की नौकरी के विकल्प बहुत जरूरी हो जाते हैं. सेवा पूरी होने पर उन्हें सेवा निधि पैकेज मिलता है. इसकी रकम उनके वेतन से कटने वाले हिस्से और सरकार के बराबर योगदान से तय होती है.&amp;nbsp;
केंद्र सरकार में कहां मिलेंगे मौके
केंद्र सरकार ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों सीएपीएफ और असम राइफल्स में कांस्टेबल जीडी और राइफलमैन की भर्ती में पूर्व अग्निवीरों के लिए 50 प्रतिशत पद आरक्षित किए हैं. साथ ही उम्र में छूट और भर्ती में कुछ रियायतें भी दी गई हैं. इनका फायदा भर्ती के नियमों और अधिसूचना के हिसाब से मिलेगा. सेना में रहते हुए अग्निवीर हथियार चलाना, अनुशासन, शारीरिक प्रशिक्षण और सुरक्षा के काम सीखते हैं. इन्हीं हुनर के सहारे वे सुरक्षा सेवाओं और दूसरे क्षेत्रों में भी नौकरी ढूंढ सकते हैं, लेकिन आरक्षण का मतलब सीधी नौकरी नहीं है. उम्मीदवार को तय योग्यता पूरी करनी होगी और पूरी भर्ती प्रक्रिया से गुजरना होगा.
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राज्यों में क्या है व्यवस्था?
कई राज्य सरकारों ने पुलिस, जेल, वन विभाग और दूसरी वर्दी वाली नौकरियों में आरक्षण या भर्ती में छूट की घोषणा की है. उत्तर प्रदेश में पुलिस और कुछ सरकारी भर्तियों में 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की घोषणा हुई है. उत्तराखंड में ग्रुप C की सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण देने की पहल की गई है. साथ ही अग्निवीरों की मदद के लिए विशेष सेल बनाने का फैसला भी हुआ है.
हरियाणा और गुजरात ने भी पुलिस और चुनिंदा सरकारी पदों पर मौका देने के लिए आरक्षण और छूट की घोषणाएं की हैं. महाराष्ट्र में मूल निवासी पूर्व अग्निवीरों के लिए ग्रुप C की वर्दी वाली सरकारी और अर्ध-सरकारी नौकरियों में आरक्षण की व्यवस्था पर काम हुआ है. हर राज्य में आरक्षण का प्रतिशत, योग्यता और लागू होने की स्थिति अलग है.&amp;nbsp;इसलिए आवेदन से पहले अपने राज्य की ताजा सरकारी अधिसूचना जरूर पढ़ें.
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        <pubDate>Sun, 11 Oct 2026 13:30:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>IIM में दाखिले का घटा क्रेज, CAT 2026 के लिए मात्र 2.84 लाख रजिस्ट्रेशन</title>
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        <description><![CDATA[ IIM में दाखिले के लिए होने वाली कॉमन एडमिशन टेस्ट (CAT) 2026 में रजिस्ट्रेशन की संख्या घटी है. इस साल 2.84 लाख उम्मीदवारों ने आवेदन किया, जबकि 2025 में यह आंकड़ा 2.95 लाख था. परीक्षा 29 नवंबर 2026 को होगी. लेकिन आवेदन कम होने का मतलब यह नहीं कि मैनेजमेंट की पढ़ाई में युवाओं की दिलचस्पी खत्म हो गई है.&amp;nbsp;
तीन साल के आंकड़े क्या कहते हैं?
2024 में 3.29 लाख उम्मीदवारों ने CAT के लिए आवेदन किया था. 2025 में यह संख्या घटकर 2.95 लाख रह गई और इस साल 2.84 लाख पर आ गई. यानी पिछले साल के मुकाबले करीब 3.7 प्रतिशत की कमी आई है. 2024 के रिकॉर्ड स्तर से तुलना करें, तो आवेदन लगभग 13.7 प्रतिशत कम हैं. CAT के जरिए 22 IIM और कई दूसरे मैनेजमेंट संस्थानों में दाखिला मिलता है, लेकिन आवेदन घटने से टॉप संस्थानों में सीट पाना आसान हो जाएगा, ऐसा नहीं कहा जा सकता. दाखिले में CAT स्कोर के साथ पढ़ाई का रिकॉर्ड, इंटरव्यू और हर संस्थान के अपने नियम भी मायने रखते हैं.
&amp;nbsp;MBA की फीस और नौकरी को लेकर चिंता
आजकल छात्र MBA चुनने से पहले फीस, प्लेसमेंट और खर्च के बदले मिलने वाले फायदे को भी देखते हैं. कई बड़े बिजनेस स्कूलों में MBA की कुल फीस काफी ज्यादा होती है. ऐसे में उम्मीदवार जानना चाहते हैं कि पढ़ाई के बाद उन्हें कैसी नौकरी और कितनी सैलरी मिलेगी. नौकरी के बाजार में बदलाव और कंपनियों में उतार-चढ़ाव भी कुछ छात्रों का फैसला बदल रही. जो लोग नौकरी कर रहे हैं, उनके लिए दो साल का फुल-टाइम MBA करने के लिए अपनी कमाई छोड़ना आसान नहीं होता. कुछ लोग नौकरी के साथ एग्जीक्यूटिव MBA, ऑनलाइन कोर्स या दूसरे सर्टिफिकेट कोर्स भी सोचते हैं.&amp;nbsp;
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CAT के अलावा दूसरे विकल्प भी
मैनेजमेंट में करियर बनाने वालों के पास CAT के अलावा XAT, SNAP, NMAT और CMAT जैसी परीक्षाएं भी हैं. इनसे अलग-अलग बिजनेस स्कूलों में दाखिला मिल सकता है. इस तरह उम्मीदवार अपनी तैयारी, पसंद के संस्थान और बजट के हिसाब से रास्ता चुन रहे &amp;nbsp;हैं. CAT 2026 का एडमिट कार्ड 4 नवंबर को जारी होना तय बताया गया है. आवेदन की फीस सामान्य श्रेणी के लिए यह 2,700 रुपये और आरक्षित श्रेणियों के लिए 1,350 रुपये थी.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sun, 11 Oct 2026 13:30:02 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>IIM, में, दाखिले, का, घटा, क्रेज, CAT, 2026, के, लिए, मात्र, 2.84, लाख, रजिस्ट्रेशन</media:keywords>
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        <title>मुंबई बस कंडक्टर एग्जाम में बवाल, पूछे गए नोबल गैस और फैटी एसिड के सवाल</title>
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        <description><![CDATA[ सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को परीक्षा में आमतौर पर पद से जुड़े सवालों की उम्मीद रहती है, लेकिन मुंबई में बस कंडक्टर की भर्ती परीक्षा के बाद कई अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र के स्तर पर आपत्ति जताई. उनका कहना है कि टिकट जारी करने और यात्रियों को संभालने वाली नौकरी के लिए हुए टेस्ट में विज्ञान, इतिहास, अंग्रेजी और गणित के ऐसे सवाल आए, जिनसे वे हैरान रह गए.&amp;nbsp;
दरअसल, मुंबई की बेस्ट यानी बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट सेवा में बस कंडक्टर के 367 पदों पर भर्ती के लिए लिखित परीक्षा आयोजित की गई. इसमें 13 हजार से ज्यादा उम्मीदवार शामिल हुए. परीक्षा देने वालों को उम्मीद थी कि प्रश्नपत्र में यात्रियों को संभालने, टिकट जारी करने और रोजमर्रा के कामकाज से जुड़े सवालों को प्राथमिकता मिलेगी, लेकिन उम्मीदवारों के मुताबिक, पेपर में सामान्य विज्ञान और दूसरे शैक्षणिक विषयों से जुड़े सवाल भी पूछे गए.
परीक्षा में पूछे गए कैसे-कैसे सवाल ?
मुंबई बस कंडक्टर की परीक्षा में परीक्षार्थियों को एग्जाम पेपर में &amp;nbsp;यह पहचानने को कहा गया कि हाइड्रोजन, हीलियम, ऑक्सीजन और कार्बन में से कौन-सी नोबल गैस है. एक अन्य सवाल में दूध, फल, चिकन और मटन में से ओमेगा-3 फैटी एसिड का बेहतर स्रोत चुनना था. इसके अलावा, अंग्रेजी के शब्दों और मुहावरों से जुड़े सवाल भी चर्चा में रहे.&amp;nbsp;
इतिहास और गणित के सवालों ने भी बढ़ाई परेशानी
अभ्यर्थियों की शिकायत केवल विज्ञान और अंग्रेजी तक सीमित नहीं रही. प्रश्नपत्र में स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े इतिहास के सवाल भी शामिल थे. इनमें पूछा गया कि शौकत अली किस आंदोलन से जुड़े थे. विकल्पों में स्वदेशी आंदोलन, चौरी-चौरा की घटना, खिलाफत आंदोलन और काकोरी षड्यंत्र शामिल थे. गणित के कुछ सवालों को लेकर भी उम्मीदवारों ने कठिनाई जताई. उनके अनुसार, भिन्न, दशमलव और लंबी गणनाओं वाले प्रश्नों ने पेपर को अपेक्षा से ज्यादा चुनौतीपूर्ण बना दिया. कई उम्मीदवारों का कहना था कि इस तरह के सवालों का बस कंडक्टर की रोजमर्रा की जिम्मेदारियों से सीधा संबंध समझना मुश्किल था.परीक्षा में 50 प्रतिशत अंक हासिल करना जरूरी था
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भर्ती परीक्षा को लेकर क्या उठी मांग?
कई अभ्यर्थियों ने सवाल उठाया कि बस कंडक्टर की भर्ती के लिए हुई परीक्षा में ऐसे विषयों से सवाल क्यों पूछे गए, जिनका काम से सीधा संबंध नहीं है. उम्मीदवारों के मुताबिक, परीक्षा का स्तर और सवालों का चयन पद की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sun, 11 Oct 2026 01:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>RPSC वरिष्ठ अध्यापक परीक्षा 2025 में 880 अभ्यर्थी अयोग्य, 1217 की होगी जांच</title>
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        <description><![CDATA[ राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने वरिष्ठ अध्यापक प्रतियोगी परीक्षा 2025 के सामाजिक विज्ञान का रिजल्ट जारी कर दिया है. आयोग की ओर से जारी विचारित सूची में 1217 उम्मीदवारों को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और पात्रता जांच के लिए अस्थायी रूप से शामिल किया गया है. वहीं परीक्षा के दौरान उत्तर भरने से जुड़े निर्धारित नियमों का पालन नहीं करने पर 880 उम्मीदवारों काे अयोग्य घोषित किया गया है. विचारित लिस्ट में शामिल उम्मीदवारों को अब विस्तृत आवेदन ऑनलाइन करना होगा. इसके लिए लिंक 15 से 21 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध रहेगा. उम्मीदवार को 21 अक्टूबर को रात 11:59 बजे तक आवेदन जमा करना होगा. इसके बाद संबंधित माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से डॉक्यूमेंट की जांच की जाएगी. आयोग ने स्पष्ट किया है कि विचारित अंतिम चयन सूची नहीं है, अंतिम परिणाम डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की प्रक्रिया के बाद जारी किया जाएगा.&amp;nbsp;
आरपीएससी के अनुसार, सामाजिक विज्ञान की विचारित लिस्ट में शामिल सभी 1217 उम्मीदवारों को अपनी एसएसओ आईडी के माध्यम से ऑनलाइन विस्तृत आवेदन पत्र भरना अनिवार्य है. इसके लिए उम्मीदवारों को राजस्थान के एसएससी पोर्टल पर लॉगिन करके रिक्रूटमेंट पोर्टल पर जाना होगा, यहां रिक्रूटमेंट सेक्शन पर अप्लाई करना होगा. उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे आवेदन फॉर्म में सभी जानकारी सही दर्ज करें और आयोग की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें.&amp;nbsp;
शिक्षा विभाग करेगा डॉक्यूमेंट की जांच&amp;nbsp;
विचारित लिस्ट में शामिल उम्मीदवारों के विस्तृत आवेदन पत्र और डॉक्यूमेंट का वेरिफिकेशन राजस्थान लोक आयोग सेवा आयोग नहीं, बल्कि संबंधित माध्यमिक शिक्षा विभाग करेगा. विभाग की ओर से उम्मीदवारों को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की तारीख, समय और स्थान की जानकारी दी जाएगी. उम्मीदवारों को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वेरिफिकेशन के लिए उपस्थित होना होगा. इस दौरान उन्हें विस्तृत आवेदन पत्र की दो प्रतियों के साथ सभी मूल डॉक्यूमेंट और उनकी स्वयं सत्यापित प्रतियां लेकर जानी होगी. आयोग ने स्पष्ट किया है कि दस्तावेज सत्यापन के लिए वह अलग से सूचना नहीं भेजेगा. इस संबंध में उम्मीदवारों को संबंधित विभाग की ओर से सूचना पर ध्यान देना होगा.&amp;nbsp;
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वेरिफिकेशन नहीं होने पर रद्द होगी पात्रता&amp;nbsp;
आयोग के अनुसार निर्धारित तारीख पर डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए उपस्थित नहीं होने वाले उम्मीदवारों को अपात्र घोषित किया जा सकता है. इसके अलावा अगर कोई उम्मीदवार भर्ती विज्ञापन में दी गई शैक्षणिक योग्यता, एक्सपीरियंस या दूसरी पात्रता शर्तों को पूरा नहीं करता है, तो उसकी पात्रता भी रद्द की जा सकती है. डॉक्यूमेंट की जांच पूरी होने के बाद संबंधित विभाग एलिजिबल उम्मीदवारों की लिस्ट आयोग को भेजेगा. इसके बाद आयोग रिजल्ट जारी करेगा और चयनित उम्मीदवारों के नाम नियुक्ति के लिए संबंधित विभाग को भेजे जाएंगे. उम्मीदवारों की पात्रता और अंतिम चयन संबंधित नियमों के अनुसार डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद ही तय होगा.&amp;nbsp;
880 उम्मीदवारों को क्यों किया गया अयोग्य?
आरपीएससी ने बताया कि वरिष्ठ अध्यापक परीक्षा 2025 के सामाजिक विज्ञान विषय में 880 उम्मीदवारों को निर्धारित नियमों के अनुसार उत्तर सही नहीं भरने के कारण अयोग्य घोषित किया गया है. परीक्षा के निर्देशों के अनुसार उम्मीदवारों को प्रत्येक प्रश्न के लिए दिए गए पांच ऑप्शन में से एक ऑप्शन चुनना था, जिन उम्मीदवारों ने 10% से ज्यादा प्रश्नों में 5 ऑप्शन में से कोई भी ऑप्शन नहीं भरा, उन्हें परीक्षा के लिए अयोग्य माना गया. आयोग ने इसी नियम के आधार पर इन 880 उम्मीदवारों को अयोग्य घोषित किया. दरअसल परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों के लिए प्रश्न पत्र में दिए गए निर्देशों का पालन करना जरूरी था.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sun, 11 Oct 2026 01:30:04 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>RPSC, वरिष्ठ, अध्यापक, परीक्षा, 2025, में, 880, अभ्यर्थी, अयोग्य, 1217, की, होगी, जांच</media:keywords>
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        <title>UP सहायक शिक्षक भर्ती में बढ़ेगी शर्तें, TET अनिवार्य करने की तैयारी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/up-सहायक-शिक्षक-भर्ती-में-बढ़ेगी-शर्तें-tet-अनिवार्य-करने-की-तैयारी</link>
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        <description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालय में एलटी ग्रेड सहायक अध्यापक की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए भर्ती से जुड़ा बदलाव हो रहा है. राज्य में अगली एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा को अनिवार्य करने की तैयारी हो रही है. इसके साथ ही शिक्षकों की शैक्षणिक योग्यता से जुड़े नियमों को भी स्पष्ट किया जाएगा. माध्यमिक शिक्षा विभाग में इसके लिए उत्तर प्रदेश अधीनस्थ शिक्षा सेवा नियमावली 2024 में संशोधन का प्रस्ताव शासन को भेजा है. प्रस्ताव के तहत एलटी ग्रेड शिक्षकों की योग्यता राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद के निर्धारित मानकों के अनुरूप करने की बात कही है. अभी नियमावली में बीएड की योग्यता का उल्लेख है, लेकिन ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन में न्यूनतम अंकों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है. नए प्रस्ताव में इस कमी को दूर करने के साथ टीईटी को भर्ती की आवश्यक योग्यता बनाने पर जोर दिया गया है.&amp;nbsp;
माध्यमिक शिक्षा विभाग ने आगामी एलटी ग्रेड भर्ती के नियमों में बदलाव का प्रस्ताव भेजा है. माध्यमिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल की ओर से 14 सितंबर 2026 को भेजे गए पत्र में नियमावली पर दोबारा विचार करने का अनुरोध किया गया था. इसके पहले 7 सितंबर को अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस संबंध में निर्देश दिए गए थे. इसके बाद विभाग ने राजकीय माध्यमिक विद्यालय में सहायक अध्यापकों की शैक्षणिक योग्यता से जुड़े प्रावधानों में संशोधन का प्रस्ताव तैयार किया. इसमें भर्ती के नियमों को स्पष्ट करने और उन्हें एनसीटीई के मानकों के अनुरूप बनाने की बात कही है. हालांकि यह बदलाव फिलहाल प्रस्ताव के स्तर पर है. टीईटी अनिवार्य करने और नई शैक्षणिक योग्यता लागू होने को लेकर अंतिम निर्णय शासन की मंजूरी पर निर्भर करेगा.&amp;nbsp;
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यूजी में 50% या पीजी में 45% अंक जरूरी&amp;nbsp;
नए प्रस्ताव में शिक्षकों की शैक्षणिक योग्यता के लिए एनसीटीई के 12 नवंबर 2024 को निर्धारित मानकों का पालन करने की बात कही है. इन मांगों के अनुसार कक्षा 6 से 10 तक पढ़ने वाले शिक्षकों के लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता में ग्रेजुएशन में कम से कम 50 प्रतिशत अंक या पीजी में कम से कम 45 प्रतिशत की शर्त शामिल है. इसके साथ मान्य संस्थान से बीएड की डिग्री भी जरूरी है. वहीं वर्तमान नियमावली में बीएड का उल्लेख तो है, लेकिन ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन में न्यूनतम अंकों की शर्त स्पष्ट नहीं है.&amp;nbsp;
इलाहाबाद हाई कोर्ट के बाद तेज हुई प्रक्रिया&amp;nbsp;
एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती में शैक्षणिक योग्यता और टीईटी की अनिवार्यता को लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट में याचिकाएं दाखिल की गई थी. इस मामले में अदालत ने कक्षा 9 और 10 के शिक्षकों की भर्ती से संबंधित नियमों और विज्ञापन को स्पष्ट करने के निर्देश दिए थे. साथ ही टीईटी को आवश्यक योग्यता के रूप में शामिल करने के लिए नियमावली में संशोधन की जरूरत पर भी ध्यान दिलाया गया था.
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        <pubDate>Sun, 11 Oct 2026 01:30:04 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>सहायक, शिक्षक, भर्ती, में, बढ़ेगी, शर्तें, TET, अनिवार्य, करने, की, तैयारी</media:keywords>
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        <title>दिल्ली में 10वीं पास के लिए सरकारी नौकरी, सफाई कर्मचारी और सरकारी पदों पर भर्ती</title>
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        <description><![CDATA[ दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड ने सफाई कर्मचारी और चौकीदार के पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है. इस भर्ती के तहत दिल्ली की जिला एवं सत्र न्यायालय में कुल 25 पदों को भरा जाएगा. इनमें सफाई कर्मचारी के 10 और चौकीदारों के 15 पद शामिल है. दोनों पद ग्रुप सी के अंतर्गत आते हैं. इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया अक्टूबर से शुरू होगी. वहीं उम्मीदवार 11 नवंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे. यह भर्ती नोटिफिकेशन संख्या 05/2026 के तहत की जा रही है.&amp;nbsp;
डीएसएसएसबी की ओर से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार सफाई कर्मचारी और चौकीदार के पद पर कुल 25 अस्थायी रिक्तियां घोषित की गई है. इनमें सफाई कर्मचारी के 10 पद चौकीदार के 15 पद शामिल है. यह पद दिल्ली के जिला एवं सत्र न्यायालय के लिए है. नोटिफिकेशन में दी गई यह रिक्तियां अस्थायी है, विभाग की जरूरत के अनुसार पदों की संख्या में बदलाव भी किया जा सकता है.
10वीं पास उम्मीदवार कर सकते हैं आवेदन&amp;nbsp;
सफाई कर्मचारी और चौकीदार दोनों पदों के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं पास होना जरूरी है. नोटिफिकेशन में इन पदों के लिए अलग से किसी एक्सपीरियंस के अनिवार्यता नहीं बताई गई है. उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता निर्धारित करने की जरूरी तारीख 11 नवंबर 2026 है. आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वह निर्धारित योग्यता पूरी करते हो.&amp;nbsp;
कितनी होनी चाहिए आयु सीमा?
डीएसएसएसबी के इन पदों के लिए उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 18 साल और अधिकतम 27 साल होनी चाहिए. आयु की गणना 1 जून 2026 के आधार पर की जाएगी. आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों काे नियमानुसार आयु सीमा में छूट दी जाएगी. इसमें एसटी-एससी को 5 साल, ओबीसी को 3 साल, दिव्यांग जनरल उम्मीदवार को 10 साल, दिव्यांग एसटी-एससी को 15 साल, दिव्यांग उम्मीदवार ओबीसी को 13 साल और पूर्व सैनिकों 3 साल की छूट दी जाएगी.&amp;nbsp;
कितना देना होगा आवेदन शुल्क?
इस भर्ती में जनरल, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के उम्मीदवारों के लिए आवेदन फीस 100 रुपये निर्धारित की गई है. वहीं महिला उम्मीदवार एससी-एसटी दिव्यांगों उम्मीदवार और पूर्व सैनिकों को आवेदन शुल्क से छूट दी गई है. फीस का पेमेंट ऑनलाइन माध्यम से एसबीआई ई-पे करना होगा. दूसरे माध्यम से किया गया पेमेंट एक्सेप्ट नहीं किया जाएगा. वहीं एक बार जमा की गयी आवेदन फीस वापस नहीं की जाएगी.&amp;nbsp;
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कैसे होगा चयन?
डीएसएसएसबी सफाई कर्मचारी और चौकीदार भर्ती में उम्मीदवारों का चयन ऑब्जेक्टिव परीक्षा और उसके बाद इंटरव्यू के आधार पर किया जाएगा. लिखित परीक्षा सोमवार को की होगी, जबकि इंटरव्यू के लिए 15 अंक निर्धारित है. परीक्षा के लिए आमतौर पर 20 मिनट का समय मिलेगा. दिव्यांगों उम्मीदवारों के लिए निर्धारित नियमों के अनुसार 160 मिनट होगा. वहीं सही उत्तर के लिए एक अंक मिलेगा, जबकि गलत उत्तर देने पर 0.25 काटे जाएंगे.&amp;nbsp;
भर्ती के लिए कैसे करें आवेदन?

सबसे पहले डीएसएसएसबी के ऑनलाइन आवेदन पोर्टल dsssb.delhi.gov.in पर जाएं.&amp;nbsp;
पहली बार आवेदन कर रहे हैं तो क्लिक फॉर न्यू रजिस्ट्रेशन पर क्लिक करके रजिस्ट्रेशन पूरा करें.&amp;nbsp;
रजिस्ट्रेशन के बाद मिले यूजर आईडी और पासवर्ड से लॉगिन करें.&amp;nbsp;
अब सफाई कर्मचारी के लिए पोस्ट कोड 46/26 और चौकीदार के लिए पोस्टकार्ड 47/26 चुनें.
उसके बाद आवेदन फॉर्म में मांगी गई जानकारी को भरें.
अब जरूरी डॉक्यूमेंट अपलोड करके आवेदन फीस जमा करें.&amp;nbsp;
लास्ट में फॉर्म को फिर से चेक करके सबमिट कर दें.

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        <pubDate>Sun, 11 Oct 2026 01:30:03 +0530</pubDate>
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        <title>दुनिया के टॉप 25 बिजनेस स्कूल में भारत के 4 संस्थान, इन कॉलेजों ने बनाई जगह</title>
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        <description><![CDATA[ दुनिया के टॉप 25 बिजनेस स्कूल में भारत के 4 संस्थान, इन कॉलेजों ने बनाई जगह ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 11 Oct 2026 01:30:02 +0530</pubDate>
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        <title>ध्रुव राठी के पास कौन&amp;कौन सी डिग्री? CJP प्रदर्शन के बीच भारत पहुंचे यूट्यूबर</title>
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        <description><![CDATA[ सोशल मीडिया पर राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर अपनी राय रखने वाले यूट्यूबर ध्रुव राठी इन दिनों चर्चा में हैं. वह&amp;nbsp; हाल ही में बेंगलुरु में CJP के प्रोटेस्ट में दिखे. उन्हें वहां देखने के बाद लोगों की दिलचस्पी उनमें बढ़ गई है. इस बीच ध्रुव राठी की शिक्षा और उनकी डिग्रियों को लेकर भी लोगों की दिलचस्पी बढ़ी है. आइए जानते हैं उन्होंने कहां से और किस विषय में पढ़ाई की है.
12वीं के बाद जर्मनी गए ध्रुव राठी, जानिए कहां हुई शुरुआती पढ़ाई
ध्रुव राठी ने 2012 में 12वीं पास की. स्कूल की पढ़ाई भारत में ही हुई. जिसमे उन्हें करीब 85 प्रतिशत अंक मिले थे. इसके बाद उन्होंने इंजीनियरिंग करने का फैसला किया और पढ़ाई के लिए जर्मनी चले गए. वहां कार्ल्सरूहे इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बैचलर डिग्री ली. यहीं से उनके करियर की शुरुआत हुई.
मैकेनिकल इंजीनियरिंग से रिन्यूएबल एनर्जी तक
ग्रेजुएशन के बाद ध्रुव ने इसी संस्थान से रिन्यूएबल एनर्जी इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट में मास्टर्स किया. इस कोर्स में सिर्फ तकनीक ही नहीं, बल्कि ऊर्जा की योजना बनाना और उसका प्रबंधन करना भी सिखाया जाता है. आम तौर पर इसमें सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, बायोएनर्जी और ऊर्जा को स्टोर करने जैसे विषय पढ़ाए जाते हैं. इसके साथ बिजली ग्रिड, ऊर्जा का अर्थशास्त्र, पर्यावरण नीति और टिकाऊ विकास भी कोर्स का हिस्सा होते हैं. इसका मकसद यह समझना है कि कोयला और पेट्रोल-डीजल जैसे पुराने स्रोतों की जगह साफ और टिकाऊ ऊर्जा कैसे इस्तेमाल की जा सकती है.
पढ़ाई के दौरान ही उन्हें वीडियो बनाना और मुश्किल बातों को आसान तरीके से समझाना अच्छा लगने लगा. यही शौक बाद में उनका काम बन गया. उन्होंने समाज, पर्यावरण और मौजूदा मुद्दों पर वीडियो बनाने शुरू किए.&amp;nbsp;
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बेंगलुरु में CJP के कार्यक्रम में पहुंचे
ध्रुव हाल ही में बेंगलुरु में CJP के बैनर तले हुए एक कार्यक्रम में शामिल हुए. यह कार्यक्रम चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों और पारदर्शिता की मांग को लेकर था. वहां उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में जवाबदेही की जरूरत पर अपनी बात रखी.
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        <pubDate>Sat, 10 Oct 2026 13:30:05 +0530</pubDate>
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        <title>CBSE स्पेशल परीक्षा की डेटशीट जारी, 12 अक्टूबर से मिलेंगे एडमिट कार्ड</title>
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        <description><![CDATA[ सीबीएसई ने पश्चिमी एशिया में रहने वाले 12वीं के छात्रों के लिए स्पेशल परीक्षा 2026 की डेट शीट जारी कर दी है. यह परीक्षा उन छात्रों के लिए आयोजित की जा रही है जो पश्चिम एशिया में बने तनावपूर्ण हालात के कारण मार्च और अप्रैल में निर्धारित परीक्षा में शामिल नहीं हो सके थे. बोर्ड की ओर से जारी शेड्यूल के अनुसार परीक्षाएं 23 अक्टूबर से शुरू होकर 28 अक्टूबर तक चलेगी.
परीक्षा में शामिल होने वाले छात्र 12 अक्टूबर से अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे. इसके लिए उन्हें उसी लॉगिन अकाउंट का इस्तेमाल करना होगा, जिससे उन्होंने स्पेशल परीक्षा के लिए अपनी जानकारी जमा की थी. वहीं सीबीएसई ने प्रभावित छात्रों की ओर से दी गई जानकारी के आधार पर ही संबंधित देशों में परीक्षा केंद्र निर्धारित किए हैं. स्पेशल परीक्षा के लिए बोर्ड ने उम्मीदवारों की लिस्ट ऑफ कैंडिडेट्स के आधार पर प्रत्येक देश में एक परीक्षा केंद्र बनाया है.&amp;nbsp; सीबीएसई की डेट शीट के अनुसार 12वीं की स्पेशल परीक्षाएं अलग-अलग विषयों के लिए &amp;nbsp;23, 26, 27 और 28 अक्टूबर को आयोजित की जाएगी. ज्यादातर परीक्षाएं सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक होगी. हालांकि कुछ विषयों की परीक्षा 2 घंटे की होगी.
विषयवार परीक्षा कार्यक्रम&amp;nbsp;
&amp;nbsp; &amp;nbsp; डेट और दिन&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;विषय&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;परीक्षा का समय&amp;nbsp;23 अक्टूबर, शुक्रवार&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;पॉलिटिकल साइंस&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक&amp;nbsp;23 अक्टूबर, शुक्रवार&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;इकोनॉमिक्स&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक23 अक्टूबर, शुक्रवार&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;गणित&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक&amp;nbsp;23 अक्टूबर, शुक्रवार&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;अप्लाइड मैथमेटिक्स&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक&amp;nbsp;24 अक्टूबर, शनिवार&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;मनोविज्ञान&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक&amp;nbsp;24 अक्टूबर, शनिवार&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;बिजनेस स्टडीज&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक&amp;nbsp;24 अक्टूबर, शनिवार&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;फिजिकल एक्टिविटी ट्रेनर&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक&amp;nbsp;26 अक्टूबर, सोमवार&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;जीव विज्ञान&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक&amp;nbsp;26 अक्टूबर, सोमवार&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक&amp;nbsp;26 अक्टूबर, सोमवार&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;मार्केटिंग&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक&amp;nbsp;26 अक्टूबर, सोमवार&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;मल्टीमीडिया&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक&amp;nbsp;26 अक्टूबर, सोमवार&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक&amp;nbsp;27 अक्टूबर, मंगलवार&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; होम साइंस&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक&amp;nbsp;27 अक्टूबर, मंगलवार&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; इंफॉर्मेटिक्स प्रैक्टिसेज&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक&amp;nbsp;27 अक्टूबर, मंगलवार&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; कंप्यूटर साइंस&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक&amp;nbsp;28 अक्टूबर, बुधवार&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;इंग्लिश कोर&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक&amp;nbsp;
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कैसे डाउनलोड करें एडमिट कार्ड&amp;nbsp;
सीबीएसई की ओर से स्पेशल परीक्षा &amp;nbsp;के एडमिट कार्ड 12 अक्टूबर से उपलब्ध कराए जाएंगे. उम्मीदवार सीबीएसई की वेबसाइट से उसी लॉगिन आईडी-पासवर्ड की मदद से हॉल टिकट डाउनलोड कर सकेंगे, जिसका उपयोग उन्होंने परीक्षा के लिए अपनी जानकारी जमा करते समय किया. बोर्ड ने स्पेशल परीक्षा के लिए LOC जमा करने वाले उम्मीदवारों के लिए एडमिट कार्ड जारी करने की व्यवस्था की है. इसलिए छात्रों को अपनी लॉगिन डिटेल पहले से तैयार रखनी होगी, ताकि एडमिट कार्ड उपलब्ध होने पर उसे आसानी से डाउनलोड किया जा सके.
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        <pubDate>Sat, 10 Oct 2026 13:30:04 +0530</pubDate>
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        <title>गुरुग्राम की हवा बनी पढ़ाई में बाधा, बच्चों के 94,859 स्कूल दिवस बर्बाद</title>
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        <description><![CDATA[ गुरुग्राम में वाहनों से होने वाला प्रदूषण बच्चों की सेहत के साथ उनकी पढ़ाई को भी प्रभावित कर रहा है. इंटरनेशनल काउंसिल ऑन क्लीन ट्रांसपोर्टेशन की एक स्टडी के अनुसार 2025 में सड़क परिवहन से होने वाले प्रदूषण के कारण 5 से 18 साल के बच्चों और किशोर के कुल 94,859 स्कूल दिवस बर्बाद हुए. यह 431 बच्चों के एक पूरे शैक्षणिक वर्ष की पढ़ाई के बराबर है. स्टडी में यह भी अनुमान लगाया गया कि वाहनों से होने वाले प्रदूषण के कारण बच्चों और किशोरों में अस्थमा के 89 नए मामले सामने आए. रिपोर्ट के अनुसार गुरुग्राम में निजी कारें प्रदूषण का सबसे बड़ा सोर्स है, इसे पता चलता है कि वाहनों से निकलने वाला धुआं बच्चों की सेहत के साथ उनकी स्कूल में उपस्थित पर भी असर डाल रहा है.&amp;nbsp;
रिपोर्ट में दर्ज 94,859 स्कूल दिवस का मतलब यह नहीं है कि स्कूल इतने दिन बंद रहे. यह उन सभी दोनों का कुल आंकड़ा है, जो प्रदूषण से जुड़ी बीमारी के कारण अलग-अलग बच्चे स्कूल नहीं जा सके. इन सभी छूटे हुए दिनों को जोड़ने पर यह संख्या सामने आई है. बीमारी के कारण स्कूल नहीं पहुंचने वाले बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है. वह कक्षा में होने वाली पढ़ाई और दूसरी शैक्षणिक गतिविधियों में शामिल नहीं हो पाते. इस तरह प्रदूषण बच्चों के स्वास्थ्य के साथ उनकी शिक्षा के लिए भी चुनौती बन रहा है.&amp;nbsp;
अस्थमा के 89 नए मामले&amp;nbsp;
आईसीसीटी की स्टडी के अनुसार 2025 में गुरुग्राम में वाहनों से होने वाले प्रदूषण के कारण बच्चों और किशोर में अस्थमा के 89 नए मामले जुड़े थे. वायु प्रदूषण से जुड़े बच्चों के नए अस्थमा मामलों में करीब हर चार में से एक मामला वाहनों के उत्सर्जन से संबंधित था. बच्चे प्रदूषण के प्रति ज्यादा संवेदनशील होते हैं, क्योंकि उनके फेफड़े और रोग प्रतिरोधक क्षमता अभी विकसित हो रहे होते हैं. आईसीसीटी के रिसर्चर्स और स्टडी के सह-लेखक मूर्ति नायर ने भी कहा कि बच्चों की सेहत पर वायु प्रदूषण का असर गंभीर हो सकता है और सड़क परिवहन इसका एक अहम सोर्स है.&amp;nbsp;
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गुरुग्राम की हवा में वाहनों की कितनी हिस्सेदारी?&amp;nbsp;
स्टडी के अनुसार 2025 में गुरुग्राम नगर निगम क्षेत्र का पीएम 2.5 के संपर्क में आने में सड़क परिवहन की हिस्सेदारी 6 फीसदी थी. वहीं नाइट्रोजन डाइऑक्साइड के संपर्क में वाहनों की साझेदारी 20 प्रतिशत आंकी गई. रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि गुरुग्राम नगर निगम क्षेत्र का 41 फीसदी हिस्सा ऐसा था, जहां सभी सोर्स से होने वाला सालाना पीएम 2.5 प्रदूषण विश्व स्वास्थ्य संगठन की गाइडलाइन से ज्यादा था.&amp;nbsp;
निजी कारे प्रदूषण का सबसे बड़ा सोर्स&amp;nbsp;
आईसीसीटी की रिपोर्ट के अनुसार गुरुग्राम में सड़क परिवहन से होने वाले प्रदूषण में निजी कारों की सबसे बड़ी हिस्सेदारी है. शहर में हर 1,000 लोगों पर 323 कारें हैं. स्टडी में यह भी पाया गया है कि वाहनों से होने वाले 80 प्रतिशत से ज्यादा उत्सर्जन में बीएस-4 और बीएस-6 मानकों वाले नए वाहनों की हिस्सेदारी थी. यानी प्रदूषण की समस्या केवल पुराने वाहनों तक सीमित नहीं थी, इसके अलावा हर दिन करीब 5 लाख वाहन दिल्ली और एनसीआर के दूसरे हिस्सों में से गुरुग्राम में प्रवेश करते हैं. ऐसे में प्रदूषण कम करने के लिए शहर में रजिस्टर्ड वाहनों के साथ बाहर से आने वाले वाहनों पर भी ध्यान देना जरूरी है.
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        <pubDate>Sat, 10 Oct 2026 13:30:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>गुरुग्राम, की, हवा, बनी, पढ़ाई, में, बाधा, बच्चों, के, 94, 859, स्कूल, दिवस, बर्बाद</media:keywords>
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        <title>दिल्ली में कल स्कूल खुलेंगे या नहीं? CJP प्रोटेस्ट के बीच जानें जवाब</title>
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        <description><![CDATA[ दिल्ली में 10 अक्टूबर को CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन के चलते स्कूल-कॉलेजों में पढ़ाई के शेड्यूल को लेकर विद्यार्थियों और अभिभावकों के बीच सवाल हैं. प्रदर्शन के मद्देनजर कुछ शैक्षणिक संस्थानों ने कक्षाओं और गतिविधियों के कार्यक्रम में बदलाव किए हैं. कुछ स्कूलों ने ऑनलाइन क्लास का विकल्प चुना है, जबकि कुछ जगहों पर परीक्षाओं और अन्य गतिविधियों को स्थगित कर दिया गया है.
कुछ स्कूलों में ऑनलाइन होंगी कक्षाएं
CJP के प्रदर्शन के चलते सुरक्षा व्यवस्था और आवाजाही में संभावित परेशानी को देखते हुए कुछ स्कूलों ने 10 अक्टूबर को ऑनलाइन पढ़ाई कराने का फैसला लिया है. ऐसे में संबंधित कक्षाओं के विद्यार्थियों को घर से मोबाइल, लैपटॉप या कंप्यूटर के जरिए पढ़ाई करनी होगी. कुछ स्कूलों में खेल अभ्यास, विशेष गतिविधियों और अभिभावक-शिक्षक बैठक जैसे कार्यक्रमों को भी आगे बढ़ाया गया है. , सभी स्कूलों में ऑनलाइन क्लास का निर्देश नहीं है.&amp;nbsp;
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इन कॉलेजों में सामान्य दिनों की तरह चलेगी पढ़ाई
दिल्ली विश्वविद्यालय &amp;nbsp;प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 10 अक्टूबर को DU के कॉलेजों में छुट्टी नहीं रहेगी और कॉलेज सामान्य दिनों की तरह चलेंगे. वहीं कुछ कॉलेजों में इंटरनल असेसमेंट की परीक्षा की तारीख बदली गई है. लेकिन DU प्रशासन की ओर से इंटरनल परीक्षाएं स्थगित करने का कोई सामान्य आदेश जारी नहीं किया गया है. इसलिए विद्यार्थियों को अपनी परीक्षा और कक्षा के शेड्यूल के लिए संबंधित कॉलेज की आधिकारिक सूचना जरूर देख लें.
छात्रों और अभिभावकों को क्या ध्यान रखना चाहिए ?
CJP के प्रदर्शन के मद्देनजर 10 अक्टूबर को स्कूल या कॉलेज जाने से पहले विद्यार्थी अपने संस्थान की ओर से जारी नोटिस, ईमेल या आधिकारिक मैसेज जरूर जांच लें. ऑनलाइन क्लास का निर्देश मिलने पर कक्षा का समय और लिंक देखना जरूरी है. वहीं, ऑफलाइन कक्षाओं में बदलाव की सूचना न मिलने पर स्कूल या कॉलेज से पुष्टि जरूर करलें. परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों को भी तारीख और समय की जानकारी आधिकारिक नोटिस से ही लेनी चाहिए. ध्यान रखें कि ऑनलाइन क्लास, छुट्टी या परीक्षा स्थगित होने का फैसला हर संस्थान का अलग हो सकता है.
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        <pubDate>Sat, 10 Oct 2026 13:30:03 +0530</pubDate>
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        <title>CSIR&amp;UGC NET दिसंबर 2026 के लिए आवेदन शुरू, जानें कब होगा एग्जाम</title>
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        <description><![CDATA[ रिसर्च और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में करियर बनाने की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए अहम अपडेट है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी NTA ने जॉइंट सीएसआईआर-यूजीसी नेट दिसंबर 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है. इच्छुक अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट के जरिए फॉर्म भर सकते हैं.
इस बार परीक्षा की तारीखों के साथ विषयों में बदलाव भी ध्यान देने योग्य है. खासतौर पर बायोटेक्नोलॉजी से जुड़े उम्मीदवारों को नए परीक्षा ढांचे की जानकारी जरूर देखनी चाहिए.
कब तक कर सकते हैं आवेदन ?
सीएसआईआर-यूजीसी नेट दिसंबर 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन 7 अक्टूबर से शुरू हुए हैं. उम्मीदवार 5 नवंबर 2026 को रात 11:50 बजे तक आवेदन फॉर्म जमा कर सकते हैं और परीक्षा शुल्क का भुगतान कर सकते हैं. जो अभ्यर्थी तय तारीख तक फॉर्म नहीं भर पाते, उनके लिए 6 से 9 नवंबर तक विलंब शुल्क के साथ आवेदन करने का अवसर दिया जाएगा. इसके लिए 500 रुपये अतिरिक्त शुल्क देना होगा. आवेदन में गलती सुधारने के लिए 10 से 12 नवंबर तक करेक्शन विंडो भी उपलब्ध रहेगी. आवेदन करने के लिए उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं. वहां दिसंबर 2026 परीक्षा के आवेदन लिंक को खोलकर रजिस्ट्रेशन करें, जरूरी जानकारी भरें, दस्तावेज अपलोड करें और शुल्क जमा करें. फॉर्म सबमिट करने के बाद कन्फर्मेशन पेज सुरक्षित रखना न भूलें.
किस तारीख को होगी परीक्षा ?
एनटीए के जारी कार्यक्रम के अनुसार, सीएसआईआर-यूजीसी नेट दिसंबर 2026 की परीक्षा 19, 22 और 27 दिसंबर को आयोजित की जाएगी. परीक्षा कंप्यूटर आधारित होगी और प्रत्येक पेपर की अवधि तीन घंटे रहेगी. परीक्षा दो शिफ्ट में होगी. पहली शिफ्ट सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी शिफ्ट दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक निर्धारित है. परीक्षा पांच विषयों के लिए होगी जिसमें केमिकल साइंसेज. अर्थ, एटमॉस्फेरिक, ओशन एंड प्लैनेटरी साइंसेज. लाइफ साइंसेज एंड बायोटेक्नोलॉजी. &amp;nbsp;मैथमैटिकल साइंसेज. फिजिकल साइंसेज.&amp;nbsp;परीक्षा शहर की सूचना पर्ची और एडमिट कार्ड जारी होने की तारीख अलग से घोषित की जाएगी. उम्मीदवारों को ताजा अपडेट के लिए आधिकारिक वेबसाइट देखते रहें.
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&amp;nbsp;इस बार परीक्षा में क्या बदलाव हुआ है ?
दिसंबर 2026 के परीक्षा चक्र में बायोटेक्नोलॉजी से जुड़ा एक अहम बदलाव किया गया है. पहले अलग से आयोजित होने वाली डीबीटी-बेट परीक्षा को सीएसआईआर-यूजीसी नेट के लाइफ साइंसेज पेपर के साथ जोड़ा गया है. इसके बाद लाइफ साइंसेज एंड बायोटेक्नोलॉजी नाम से नया विषय शुरू किया गया है. इस बदलाव के कारण बायोटेक्नोलॉजी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को नया सिलेबस ध्यान से देखना चाहिए. पुराने नोट्स या पिछले साल के परीक्षा पैटर्न पर पूरी तरह निर्भर रहने के बजाय आधिकारिक सूचना बुलेटिन से विषयों और पात्रता की पुष्टि करना बेहतर रहेगा. सीएसआईआर-यूजीसी नेट परीक्षा के जरिए जूनियर रिसर्च फेलोशिप &amp;nbsp;जेआरएफ, असिस्टेंट प्रोफेसर पद की पात्रता और पीएचडी में प्रवेश से जुड़े अवसरों के लिए योग्यता निर्धारित करती है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Fri, 09 Oct 2026 17:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>CSIR-UGC, NET, दिसंबर, 2026, के, लिए, आवेदन, शुरू, जानें, कब, होगा, एग्जाम</media:keywords>
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        <title>कर्नाटक में भर्ती परीक्षा घोटाले का खुलासा, KPSC में पेपर लीक का आरोप</title>
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        <description><![CDATA[ कर्नाटक में सरकारी भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी का मामला सामने आया है. ईडी ने आरोप लगाया है कि कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) की पशु चिकित्सा अधिकारी भर्ती परीक्षा में शामिल होने वाले कुछ उम्मीदवारों को परीक्षा से एक दिन पहले ही सवालों के जवाब उपलब्ध करा दिए गए थे. इसके बदले उम्मीदवार से लाखों रुपये की रिश्वत लेने का आरोप है.
जांच एजेंसी के अनुसार, उम्मीदवारों को बेंगलुरु के बाहरी इलाके में स्थित एक रिसॉर्ट में ले जाया गया, जहां उन्हें पेपर और सही ऑप्शन दिए गए. उनसे इन जवाबों को याद करने के लिए कहा गया था. यह परीक्षा 8 और 9 जनवरी को पशु चिकित्सा अधिकारियों के 400 पदों पर भर्ती के लिए आयोजित की गई थी ईडी की जांच में अब तक 10 ऐसे सफल उम्मीदवारों की पहचान की गई है, जिन्हें कथित तौर पर लीक हुई परीक्षा सामग्री उपलब्ध कराई गई थी.&amp;nbsp;
40 से 50 लाख में हुई थी डील
जांच एजेंसी का आरोप है कि पूरी व्यवस्था के बदले प्रत्येक उम्मीदवार से 40 से 50 लाख रुपये तक लिए गए. यह रकम परीक्षा में सफल कराने और भर्ती में चयन सुनिश्चित करने के नाम पर वसूली गई थी. ईडी ने यह भी बताया कि 6 उम्मीदवारों को परीक्षा से कुछ समय पहले उनके लिए अलग से तैयार की गई आंसर की दी गई थी. इसके बदले उनसे 20 से 40 लाख रुपये तक की रिश्वत लेने का आरोप है.&amp;nbsp;
KPSC के परीक्षा नियंत्रक पर आरोप&amp;nbsp;
ईडी की जांच में तत्कालीन KPSC परीक्षा नियंत्रक और आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार का नाम सामने आया है. एजेंसी का आरोप है कि उनके पास परीक्षा से जुड़ी गोपनीय सामग्री थी और उन्हें अपने सहयोगी बसवराज कन्नाले के जरिए प्रश्न पत्र लीक कराया. जांच एजेंसी के अनुसार कन्नाले उम्मीदवारों से कांटेक्ट करने और उनसे पैसे लेने में शामिल था. आरोप है कि उसने परीक्षा में चयन कराने के बदले प्रत्येक उम्मीदवार से 40 से 50 लाख रुपये तक वसूले. ईडी ने इस मामले में गंगवार और कन्नाले को गिरफ्तार किया है. गंगवार को 18 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था, जबकि कन्नाले को उससे एक दिन पहले हिरासत में लिया गया था.&amp;nbsp;
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पूर्व KPSC अध्यक्ष और सदस्य भी गिरफ्तार&amp;nbsp;
इस मामले में ईडी ने निलंबित KPSC अध्यक्ष शिवशंकरप्पा सहुकार और आयोग की सदस्य बीवी गीता को भी गिरफ्तार किया है. जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि गीता ने गंगवार से लीक हुई आंसर की हासिल की थी और एक उम्मीदवार से 40 लाख रुपये की रिश्वत में से 20 लाख रुपये एडवांस के तौर पर लिए थे. वहीं सहुकार पर एक उम्मीदवार से 20 लाख रुपये की रिश्वत में से 10 लाख रुपये एडवांस लेने का आरोप है. ईडी ने 6 अक्टूबर को पूर्व अध्यक्ष और सदस्य के ठिकानों पर तलाशी ली थी. इसके बाद दोनों को गिरफ्तार किया गया.&amp;nbsp;
सफल उम्मीदवार के पास से मिले प्रॉमिसरी नोट&amp;nbsp;
ईडी ने अपनी जांच के दौरान एक सफल उम्मीदवार के पास 80 लाख रुपये के खाली सिग्नेचर किए हुए चेक और खाली सिग्नेचर प्रॉमिसरी नोट बरामद किए. एजेंसी के अनुसार यह डॉक्यूमेंट कथित तौर पर रिश्वत के लेनदेन से जुड़े मामले की जांच में अहम है. जांच एजेंसी ने कहा कि कर्नाटक में पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती से जुड़े मामले में पुलिस की ओर से दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर जांच की जा रही है.
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        <pubDate>Fri, 09 Oct 2026 17:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>कर्नाटक, में, भर्ती, परीक्षा, घोटाले, का, खुलासा, KPSC, में, पेपर, लीक, का, आरोप</media:keywords>
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        <title>RRB NTPC में अलग से होगी स्टेशन मास्टर भर्ती, CBT से होगा चयन</title>
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        <description><![CDATA[ रेलवे में स्टेशन मास्टर बनने की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए भर्ती प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है. रेलवे भर्ती बोर्ड 2026 से स्टेशन मास्टर के पदों पर भर्ती एनटीपीसी की अन्य भर्तियों से अलग करेगा. इसके लिए अलग से सेंट्रलाइज्ड एंप्लॉयमेंट नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा. रेलवे बोर्ड की ओर से जारी दिशा निर्देश में भर्ती की नई व्यवस्था और परीक्षा के पैटर्न की जानकारी दी गई है. नई व्यवस्था के तहत स्टेशन मास्टर बनने के लिए उम्मीदवार को अब दो की जगह केवल एक कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट देना होगा. इसके बाद कंप्यूटर बेस्ड एप्टीट्यूड टेस्ट, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और मेडिकल परीक्षा की प्रक्रिया पूरी करनी होगी.
दरअसल अब तक रेलवे स्टेशन मास्टर के पदों पर भर्ती एनटीपीसी ग्रेजुएट लेवल भर्ती के तहत की जाती थी. इस प्रक्रिया में उम्मीदवारों को सीबीटी 1 और सीबीटी 2 दोनों परीक्षा देनी होती थी. लेकिन 2026 के भर्ती चक्र से स्टेशन मास्टर के पदों के लिए अलग नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा. रेलवे भर्ती बोर्ड की ओर से जारी होने वाली अलग सीईएन में पदों की संख्या, आवेदन की तारीख, फीस और परीक्षा का पूरा शेड्यूल दिया जाएगा. फिलहाल स्टेशन मास्टर के पदों की आधिकारिक की संख्या घोषित नहीं की गई है. वहीं भर्ती के लिए जानकारी के अनुसार 500 से ज्यादा पद होने की संभावना जताई गई है, लेकिन इसकी पुष्टि ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी होने के बाद होगी.&amp;nbsp;
अब केवल एक CBT देना होगा&amp;nbsp;
नई भर्ती प्रक्रिया में उम्मीदवारों को स्टेशन मास्टर के पद के लिए एक ही सीबीटी देना होगा. यह परीक्षा कुल 100 अंकों की होगी और इसे पूरा करने के लिए 120 मिनट का समय मिलेगा. प्रत्येक गलत उत्तर पर एक तिहाई अंक काटे जाएंगे. पहले एनटीपीसी भर्ती में CBT 1 के लिए 90 मिनट का समय मिलता था और इसके बाद सीबीटी 2 आयोजित किया जाता था. नई व्यवस्था में दूसरी सीबीटी की जगह 1 परीक्षा रखी गई है. हालांकि CBT में सफल होने वाले उम्मीदवारों को आगे CBAT में शामिल होना होगा..
परीक्षा में शामिल होंगे यह विषय&amp;nbsp;
स्टेशन मास्टर भर्ती के नए CBT पैटर्न में कुल 100 अंकों के प्रश्न पूछे जाएंगे. परीक्षा के विषयों को अलग-अलग हिस्सों में बांटा जाएगा. जैसे बेसिक साइंस और मैथमेटिक्स के प्रश्न 30 नंबर के होंगे, वहीं डेटा एनालिसिस और इंटरप्रिटेशन के प्रश्न 30 नंबर के होंगे. लॉजिकल कैपेबिलिटी के प्रश्न 20 अंक के होंगे और मेंटल रीजनिंग के प्रश्न भी 20 अंक के होंगे.&amp;nbsp;
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CBT और CBAT के अंकों से बनेगी मेरिट लिस्ट&amp;nbsp;
स्टेशन मास्टर भर्ती की अंतिम मेरिट तैयार करने में सीबीटी और CBAT दोनों के अंकों को महत्व दिया जाएगा. इसमें सीबीटी के अंकों का वेटेज 70 प्रतिशत और CBAT का वेज 30 प्रतिशत होगा. CBAT में सफल होना अंतिम मेरिट के लिए जरूरी होगा. डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और मेडिकल परीक्षा के लिए उम्मीदवारों को संयुक्त मेरिट के आधार पर शॉर्टलिस्ट किया जाएगा.&amp;nbsp;
कौन कर सकता है आवेदन?&amp;nbsp;
स्टेशन मास्टर के पद पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए. नई भर्ती के लिए सामान्य आयु सीमा 20 से 30 वर्ष बताई गई है. वहीं आरक्षित वर्ग के एलिजिबल उम्मीदवारों को रेलवे के नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट मिलेगी. हालांकि आयु की गणना, कट ऑफ तारीख और वर्ग के अनुसार छूट की पूरी जानकारी अलग भर्ती नोटिफिकेशन में जारी की जाएगी.
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        <pubDate>Fri, 09 Oct 2026 17:30:05 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>RRB, NTPC, में, अलग, से, होगी, स्टेशन, मास्टर, भर्ती, CBT, से, होगा, चयन</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>NIOS ने जारी की 10&amp;12वीं की डेटशीट, अक्टूबर से दिसंबर तक होंगे एग्जाम</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/nios-ने-जारी-की-10-12वीं-की-डेटशीट-अक्टूबर-से-दिसंबर-तक-होंगे-एग्जाम</link>
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        <description><![CDATA[ नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (NIOS) ने अक्टूबर-नवंबर 2026 की परीक्षाओं के लिए 10वीं और 12वीं की डेट शीट जारी कर दी है. परीक्षा में शामिल होने वाले छात्र sdmis.nicos.ac.in पर जाकर अपना टाइम टेबल देख सकते हैं. डेट शीट में विषयों के अनुसार परीक्षा की तारीख, विषय कोड और परीक्षा से जुड़ी जरूरी जानकारी दी गई है. शेड्यूल के अनुसार, दोनों परीक्षाओं की थ्योरी परीक्षाएं 12 अक्टूबर से शुरू होगी. 10वीं की परीक्षाएं 7 दिसंबर तक चलेगी, जबकि 12वीं की परीक्षा 5 दिसंबर तक निर्धारित है.
NIOS 10वीं की डेटशीट&amp;nbsp;
22 अक्टूबर- प्रिंसिपल्स एंड इन्वेंटरी मैनेजमेंट, लॉजिस्टिक्स एंड सप्लाई चैन मैनेजमेंट, वेद अध्ययन, लोक कला और फिजिकल एजुकेशन23 अक्टूबर- अकाउंटेंसी और इंडियन साइन लैंग्वेज24 अक्टूबर- पेंटिंग28 अक्टूबर- बंगाली, मराठी, तेलुगू, गुजराती, कन्नड़, पंजाबी, असमिया, नेपाली, मलयालम, ओड़िया, तमिल, सिंधी, अरबी, फारसी समेत अन्य भाषा विषय29 अक्टूबर- डेटा एंट्री ऑपरेशंस&amp;nbsp;31 अक्टूबर- होम साइंस&amp;nbsp;2 नवंबर- मिलिट्री स्टडीज, संस्कृत, एम्प्लॉयबिलिटी स्किल्स और बौद्ध दर्शन4 नवंबर- साइकोलॉजी&amp;nbsp;5 नवंबर- &amp;nbsp;गणित&amp;nbsp;6 नवंबर- विज्ञान&amp;nbsp;12 नवंबर- अंग्रेजी&amp;nbsp;17 नवंबर- बिजनेस स्टडीज&amp;nbsp;18 नवंबर- हिंदी&amp;nbsp;20 नवंबर- नाट्य कला और अर्थशास्त्र&amp;nbsp;21 नवंबर- सामाजिक विज्ञान&amp;nbsp;25 नवंबर- भारतीय संस्कृति और विरासत&amp;nbsp;26 नवंबर- उर्दू&amp;nbsp;28 नवंबर- हिंदुस्तानी संगीत&amp;nbsp;1 दिसंबर- संस्कृत व्याकरण और उद्यमिता&amp;nbsp;2 दिसंबर- विभिन्न व्यावसायिक और सर्टिफिकेट कोर्स के पेपर4 दिसंबर- कर्नाटक संगीत5 दिसंबर- भारतीय दर्शन7 दिसंबर- संस्कृत साहित्य
NIOS 12वीं की डेटशीट 2026&amp;nbsp;
22 अक्टूबर- संस्कृत व्याकरण, बेसिक्स का ट्रांसपोर्टेशन और बौद्ध दर्शन&amp;nbsp;23 अक्टूबर- अर्ली चाइल्डहुड केयर एंड एजुकेशन&amp;nbsp;24 अक्टूबर- भूगोल&amp;nbsp;29 अक्टूबर- पेंटिंग&amp;nbsp;31 अक्टूबर- गणित और ट्रांसपोर्टेशन एंड वेयरहाउस मैनेजमेंट&amp;nbsp;2 नवंबर- इतिहास, भौतिक विज्ञान, पर्यावरण विज्ञान और लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन साइंस&amp;nbsp;4 नवंबर- हिंदी एम्पलाॅयबिलिटी स्किल्स एंड एंटरप्रेन्योरशिप और इन्वेंटरी मैनेजमेंट&amp;nbsp;5 नवंबर- जीव विज्ञान, अकाउंटेंसी और इंट्रोडक्शन टू लॉ.6 नवंबर- बिजनेस स्टडीज&amp;nbsp;12 नवंबर- कंप्यूटर साइंस, समाजशास्त्र, टूरिज्म और फिजिक्स एजुकेशन&amp;nbsp;17 नवंबर- केमिस्ट्री, पॉलिटिकल साइंस, मास कम्युनिकेशन और मिलिट्री स्टडीज&amp;nbsp;18 नवंबर- गुजराती, पंजाबी, मलयालम, ओड़िया, अरबी, फारसी, तमिल और सिंधी समेत भाषा विषय&amp;nbsp;20 नवंबर- संस्कृत&amp;nbsp;21 नवंबर- अर्थशास्त्र&amp;nbsp;25 नवंबर- होम साइंस26 नवंबर- डेटा एंट्री ऑपरेशंस&amp;nbsp;28 नवंबर- इंडियन साइंस लैंग्वेज और साइकोलॉजी&amp;nbsp;1 दिसंबर- हॉस्पिटैलिटी, वेब डिजाइनिंग, कंप्यूटर एप्लीकेशन और दूसरी व्यावसायिक विषय&amp;nbsp;2 दिसंबर- उर्दू, वेद अध्ययन और उद्यमिता&amp;nbsp;4 दिसंबर- कृषि से जुड़े विषय और भारतीय दर्शन&amp;nbsp;5 दिसंबर- जेंडर स्टडीज और संस्कृत साहित्य&amp;nbsp;
ये भी पढ़ें-CSIR-UGC NET दिसंबर 2026 के लिए आवेदन शुरू, जानें कब होगा एग्जाम
कैसे डाउनलोड करें डेट शीट?

डेट शीट डाउनलोड करने के लिए सबसे पहले NIOS की sdmis.nicos.ac.in वेबसाइट पर जाए.&amp;nbsp;
इसके बाद वेबसाइट पर परीक्षा या नोटिफिकेशन से जुड़े सेक्शन को खोलें.&amp;nbsp;
अब अक्टूबर-नवंबर 2026 की सेकेंडरी और सीनियर सेकंडरी परीक्षाओं की डेट शीट वाला नोटिफिकेशन सर्च करें.&amp;nbsp;
नोटिफिकेशन खोल कर अपनी कक्षा की डेट शीट देखें.&amp;nbsp;
अब टाइम टेबल डाउनलोड करके से अपने पास सुरक्षित रख लें.

ये भी पढ़ें-कर्नाटक में भर्ती परीक्षा घोटाले का खुलासा, KPSC में पेपर लीक का आरोप ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 09 Oct 2026 17:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>UP सरकार का पूर्व अग्निवीरों काे तोहफा, इन विभागों में मिलेगा 20% आरक्षण</title>
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        <description><![CDATA[ सेना में 4 साल की सेवा पूरी करके बाहर आने से पहले ही अग्निवीरों के लिए योगी सरकार ने सरकारी नौकरी की राह आसान कर दी है. योगी सरकार ने सेवा पूरी कर चुके युवाओं को राज्य के 4 विभागों की भर्तियों में 20 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला किया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में भर्ती नियमावली में संशोधन को मंजूरी दी गई है.
इस फैसले के तहत पूर्व अग्निवीरों को पुलिस, वन, कारागार और परिवहन विभाग में होने वाली भर्तियों में आरक्षण देने का लाभ मिलेगा. सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में राहत देते हुए लिखित और शारीरिक परीक्षा से छूट देने का निर्णय लिया है. इस फैसले से सेना में सेवा पूरी करने के बाद उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी पाने की इच्छा रखने वाले पूर्व अग्निवीरों को फायदा मिलेगा.&amp;nbsp;
आयु सीमा में भी किया गया बदलाव&amp;nbsp;
योगी सरकार ने पूर्व अग्निवीरों के लिए अधिकतम आयु सीमा में भी बदलाव किया है. पहले अधिकतम आयु सीमा 25 वर्ष थी, जिसे बढ़ाकर अब 28 वर्ष कर दिया गया है. यानी उम्मीदवारों को अधिकतम आयु सीमा में 3 साल की छूट मिलेगी. इस बदलाव से उन युवाओं को राहत मिलेगी जो अग्निवीर योजना के तहत सेना में सेवा देने के बाद नौकरी के लिए आवेदन करना चाहते थे. वहीं आयु सीमा में छूट मिलने से उन्हें भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के लिए अतिरिक्त समय भी मिल सकेगा.&amp;nbsp;
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लिखित और फिजिकल टेस्ट से भी छूट&amp;nbsp;
अग्निवीरों को भर्ती प्रक्रिया में एक और बड़ी राहत यह दी गई है कि इन 4 विभागों की संबंधित भर्तियों में उन्हें लिखित परीक्षा और फिजिकल दक्षता परीक्षा नहीं देनी होगी. उम्मीदवारों को केवल मेडिकल परीक्षण से गुजरना होगा. सेना में ट्रेनिंग और सेवा का एक्सपीरियंस रखने वाले युवाओं के लिए यह बदलाव जरूरी माना जा रहा है. इससे भरती प्रक्रिया में उनके लिए कुछ चरण कम हो जाएंगे, हालांकि आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को संबंधित भर्ती के लागू नियमों और जरूरी शर्तों की जानकारी लेनी होगी.&amp;nbsp;
देश सेवा के बाद प्रदेश सेवा का अवसर&amp;nbsp;
अग्निवीर योजना के तहत सेना में भर्ती होने वाले युवाओं के लिए सेवा अवधि पूरी होने के बाद रोजगार के अवसर जरूरी होते हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने पूर्व अग्निवीरों की नियुक्ति से जुड़े नियमों में संशोधन किया है. &amp;nbsp;इसके अलावा सरकार का कहना है कि इन नियमों में बदलाव कर पूर्व अग्निवीर युवाओं के लिए प्रदेश की सरकारी सेवाओं में आगे बढ़ाने की व्यवस्था को सुगम बनाया जा रहा है. इससे सैन्य प्रशिक्षण और अनुशासन का अनुभव रखने वाले पूर्व अग्निवीरों को देश सेवा के बाद उत्तर प्रदेश में भी अपनी सेवाएं देने का अवसर मिलेगा.
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        <pubDate>Fri, 09 Oct 2026 17:30:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>AMU के तीन PhD छात्रों का कमाल, नोबेल विजेता की रिसर्च टीम का बने हिस्सा</title>
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        <description><![CDATA[ अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के तीन पीएचडी रिसर्चर्स ने यूनिवर्सिटी के साथ-साथ भारतीय वैज्ञानिक समुदाय का भी नाम रोशन किया है. भौतिक विज्ञान के रिसर्चर्स अनुज कुमार उपाध्याय, गोपाल गर्ग और कृष्णमूर्ति जयकुमार प्रतिष्ठित आइस क्यूब कोलैबोरेशन का हिस्सा है. इस सहयोग परियोजना के प्रमुख प्रो. फ्रांसिस हाल्जेन को 2026 के भौतिकी के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया. ऐसे में एएमयू के न्यूट्रिनो भौतिक से जुड़े रिसर्च को भी खास पहचान मिली है.&amp;nbsp;
आइस क्यूब न्यूट्रिनो पर रिसर्च करने वाला एक बड़ा इंटरनेशनल प्रोजेक्ट है. इसकी शुरुआत प्रो. फ्रांसिस हाल्जेन के उस आइडिया से हुई, जिसमें उन्होंने दक्षिणी ध्रुव के नीचे मौजूद बर्फ का न्यूट्रिनो का पता लगाने के लिए इस्तेमाल करने की बात सोची थी. इसी सोच से अंटार्कटिका के भौगोलिक दक्षिणी ध्रुव पर बर्फ के काफी नीचे आइस क्यूब न्यूट्रिनो ऑब्जर्वेटरी बनाई गई. यहां हाई-एनर्जी न्यूट्रिनो का पता लगाने और उनका रिसर्च करने का काम करती है. इसके निर्माण की शुरुआत करीब 17 साल पहले हुई और यह एक दशक से ज्यादा समय से डेटा जमा कर रही है.&amp;nbsp;
नोबेल विजेता प्रो. फ्रांस&amp;zwj;िस हाल्&amp;zwj;जेन ने क्&amp;zwj;या क&amp;zwj;िया?&amp;nbsp;
प्रोफेसर फ्रांसिस हाल्जेन के काम ने न्यूट्रिनो के जरिए अंतरिक्ष को समझने की एक नई दिशा खोली. उन्होंने यह विचार दिया कि अंटार्कटिका की विशाल बर्फ को ही न्यूट्रिनो डिटेक्टर की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है. न्यूट्रिनो बहुत छोटे कान होते हैं और इन्हें सीधे पकड़ना आसान नहीं होता. आइस क्यूब में बर्फ की गहराई का इस्तेमाल इन कणों से जुड़े सिग्नल को रिकॉर्ड करने के लिए किया जाता है. इसके जरिए वैज्ञानिक दूर की आकाशगंगाओं से आने वाले हाई एनर्जी न्यूट्रिनो का पर रिसर्च कर रहे हैं.&amp;nbsp;
दूसरी आकाशगंगाओं से आने वाले न्यूट्रिनों पर रिसर्च&amp;nbsp;
आइस क्यूब के डेटा के जरिए वैज्ञानिक हमारी आकाशगंगा के बाहर से आने वाले हाई-एनर्जी न्यूट्रिनो के फ्लो पर रिसर्च कर पाए हैं. अब रिसर्च का बड़ा हिस्सा यह पता लगाने पर है कि ये न्यूट्रिनो आखिर कहां से आते हैं. रिसर्च में इनके कुछ संभावित सोर्स सक्रिय आकाशगंगा में मौजूद बहुत बड़े ब्लैक होल के आसपास के घने इलाकों की तरफ इशारा करते हैं. इन्हें हाई-एनर्जी कणों के संभावित सोर्स के तौर पर देखा जा रहा है.&amp;nbsp;
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AMU के तीन PhD छात्र भी इस रिसर्च का हिस्सा&amp;nbsp;
यह रिसर्च इसलिए भी खास है, क्योंकि एएमयू के अनुज कुमार उपाध्याय, गोपाल गर्ग और कृष्णमूर्ति जयकुमार इसी आइस क्यूब कोलैबोरेशन के सदस्य हैं. तीनों भौतिकी विभाग में न्यूट्रिनो फिजिक्स से जुड़े रिसर्च कर रहे हैं. इनका रिसर्च काम एएमयू के भौतिक विभाग के अध्यक्ष और न्यूट्रिनो फिजिक्स एक्सपर्ट प्रो. मोहम्मद सज्जाद अथर के मार्गदर्शन में चल रहा है. प्रोफेसर अथर ने तीनों रिसर्चर को प्रो. हाल्जेन को नोबेल मिलने पर बधाई दी. उन्होंने कहा कि यह सम्मान एएमयू के न्यूट्रिनो फिजिक्स प्रोग्राम के लिए खास महत्व रखता है. इससे आधुनिक पार्टिकल फिजिक्स के अहम क्षेत्र में एएमयू की लगातार हो रही रिसर्च भी सामने आती है.&amp;nbsp;
AMU का रिसर्च प्रोग्राम नोबल से कैसे जुड़ा&amp;nbsp;
एएमयू के तीन छात्रों का नाम सीधे उस कोलैबोरेशन से जुड़ा है, जिसकी अगुवाई करने वाले प्रो. फ्रांसिस हाल्जेन को इस साल भौतिकी का नोबेल पुरस्कार मिला. इसलिए यह उपलब्धि सिर्फ नोबेल विजेता वैज्ञानिक की नहीं, बल्कि उस पूरी रिसर्च टीम से जुड़े वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के लिए भी खास है. &amp;nbsp;आइस क्यूब के जरिए न्यूट्रिनो का अध्ययन करने वाले वैज्ञानिकों को अंतरिक्ष में होने वाली हाई-एनर्जी घटनाओं को समझने में मदद मिल रही है. एएमयू के तीनों पीएचडी छात्र भी इसी काम का हिस्सा है.
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        <pubDate>Fri, 09 Oct 2026 05:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>AMU, के, तीन, PhD, छात्रों, का, कमाल, नोबेल, विजेता, की, रिसर्च, टीम, का, बने, हिस्सा</media:keywords>
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        <title>UP पुलिस कांस्टेबल PET परीक्षा फिर टली, जारी हुआ नया शेड्यूल</title>
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        <description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश पुलिस में आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती-2025 की शारीरिक दक्षता परीक्षा को लेकर एक बार फिर बदलाव किया गया है. उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने बारिश और परीक्षा मैदान में जलभराव के कारण कुछ उम्मीदवारों के परीक्षा केंद्र और तारीखों को बदल दिया है.
बोर्ड की ओर से जारी सूचना में प्रभावित उम्मीदवारों के लिए संशोधित परीक्षा का शेड्यूल भी जारी किया गया है. वहीं प्रभावित उम्मीदवारों के संशोधित एडमिट कार्ड भी बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड कर दिए गए हैं. उम्मीदवारों को नए एडमिट कार्ड में दी गई जानकारी के आधार पर ही परीक्षा में शामिल होने के लिए केंद्र पर पहुंचना होगा.&amp;nbsp;

बोर्ड की ओर से जारी संशोधित शेड्यूल में 11वीं वाहिनी पीएसी सीतापुर में परीक्षा के लिए आवंटित 3 तारीखों के उम्मीदवारों के केंद्र और तारीख में बदलाव किया गया है. अब 8 अक्टूबर यानी आज होने वाली 11वीं वाहिनी पीएससी, सीतापुर में पीईटी के लिए निर्धारित उम्मीदवारों की परीक्षा अब 11 अक्टूबर 2026 को डॉ. शकुंतला मिश्रा पुनर्वास विश्वविद्यालय, लखनऊ में होगी.&amp;nbsp;
वहीं 9 अक्टूबर को सीतापुर केंद्र पर परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों की परीक्षा भी डॉ. शकुंतला मिश्रा पुनर्वास विश्वविद्यालय में ही होगी. उनकी परीक्षा की तारीख 9 अक्टूबर ही रखी गई है.
इसके अलावा 10 अक्टूबर को 11वीं वाहिनी पीएसी, सीतापुर में परीक्षा के लिए आवंटित उम्मीदवारों की परीक्षा अब 35वीं वाहिनी पीएसी लखनऊ में 11 अक्टूबर 2026 को आयोजित की जाएगी.&amp;nbsp;

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बारिश और जलभराव के कारण बदला शेड्यूल
पुलिस भर्ती बोर्ड की ओर से जारी सूचना में बताया गया है कि बारिश और ग्राउंड पर जलभराव की स्थिति को देखते हुए इन उम्मीदवारों के परीक्षा केंद्र और तारीखों को दोबारा तय किया गया है. यानी जिन उम्मीदवारों का केंद्र सीतापुर में था, उन्हें अब संशोधित एडमिट कार्ड में दिए गए नए केंद्र पर पीईटी के लिए पहुंचना होगा. वहीं उम्मीदवारों को पुराने एडमिट कार्ड के आधार पर परीक्षा केंद्र पर नहीं जाना है. वहीं बोर्ड ने उम्मीदवारों के लिए नए एडमिट कार्ड भी जारी कर दिए हैं.
आजमगढ़ के उम्मीदवारों का भी बदला केंद्र
इससे पहले बारिश और जलभराव के कारण आजमगढ़ में आयोजित होने वाली शारीरिक दक्षता परीक्षा के केंद्र में भी बदलाव किया गया था. 20वीं वाहिनी पीएसी आजमगढ़ में 9 और 10 अक्टूबर 2026 को पीईटी के लिए आवंटित उम्मीदवारों का परीक्षा केंद्र बदलकर 39वीं वाहिनी पीएसी मिर्जापुर कर दिया गया था. 9 अक्टूबर को आजमगढ़ केंद्र पर परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों की परीक्षा अब 39वीं वाहिनी पीएसी, मिर्जापुर में 9 अक्टूबर को ही होगी. इस तरह 10 अक्टूबर के उम्मीदवार की परीक्षा भी 39वीं वाहिनी पीएसी, मिर्जापुर में 10 अक्टूबर को होगी.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Fri, 09 Oct 2026 05:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>20 साल में कितने प्रतिशत बढ़ गई दिल्ली के प्राइवेट स्कूलों की फीस? देख लें रिपोर्ट</title>
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        <description><![CDATA[ दिल्ली में बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाना अभिभावकों के लिए हर गुजरते साल के साथ और भी ज्यादा मुश्किल होता जा रहा है. हाल ही में सामने आई रिपोर्ट्य और आंकड़ों ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है. रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 20 साल में दिल्ली के प्राइवेट स्कूलों की फीस में बेतहाशा बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिसने आम आदमी की जेब को पूरी तरह से खाली कर दिया है. आइए जानते हैं कि इन 20 साल में फीस कितने प्रतिशत तक बढ़ गई है और इस पर सरकार का क्या रुख है.&amp;nbsp;
20 साल में आसमान पर पहुंची प्राइवेट स्कूलों की फीस&amp;nbsp;
अगर हम पिछले 20 साल के आंकड़ों पर नजर डालें, तो दिल्ली के प्राइवेट स्कूलों में औसतन 150 से 300 प्रतिशत तक की भारी बढ़ोतरी देखने को मिली है. कुछ बड़े और नामी स्कूलों में तो यह वृद्धि इससे भी कहीं ज्यादा है. साल 2005-2006 के आसपास जहां एक सामान्य प्राइवेट स्कूल की महीने की फीस 1,500 से 2,500 रुपये के बीच होती थी, वही आज बढ़कर 6,00 से 15,00 रुपये से अधिक हो चुकी है.
सिर्फ ट्यूशन फीस ही नहीं, बल्कि एडमिशन फीस, डेवलपमेंट चार्ज, एनुअल फीस और बस के किराए में भी कई गुना इजाफा हुआ है। एक सर्वे के मुताबिक, अकेले पिछले 10 सालों में ही दिल्ली के कई नामी स्कूलों की फीस में लगातार भारी बढ़ोतरी देखी गई थी, जो अब 20 साल के पैमाने पर और भी विकराल रूप ले चुकी है.
अभिभावकों की जेब पर चौतरफा मार
हर साल नया शैक्षणिक सत्र शुरू होते ही अभिभावकों की सबसे बड़ी चिंता फीस बढ़ोतरी को लेकर होती है. ऑनलाइन कम्युनिटी प्लेटफॉर्म LocalCircles और अन्य फोरम के सर्वे बताते हैं कि हर 10 में से 8 पेरेंट्स इस बात से परेशान हैं कि स्कूलों ने इस शैक्षणिक वर्ष में 10 फीसदी से ज्यादा फीस बढ़ा दी है. दिल्ली जैसे मेट्रो शहरों में कुछ स्कूलों में यह बढ़ोतरी 25 से 30 प्रतिशत तक दर्ज की गई है.
पेरेंट्स का कहना है कि उनकी सैलरी उस रफ्तार से नहीं बढ़ती, जिस रफ्तार से हर साल बच्चों की स्कूल फीस, किताबें, यूनिफॉर्म और वैन का खर्च बढ़ जाता है. स्थिति यह हो गई है कि एक बच्चे की पढ़ाई पर घर की आमदनी का एक बहुत बड़ा हिस्सा खर्च हो रहा है.
कोर्ट का फैसला और नियमों की उलझन
दिल्ली में प्राइवेट स्कूलों की फीस बढ़ाने का मामला काफी समय से कानूनी दांवपेच में फंसा हुआ है. हाल ही में दिल्ली हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि प्राइवेट स्कूलों को अपनी फीस निर्धारित करने का अधिकार है, बशर्ते यह पारदर्शी और नियमों के अनुसार हो.
कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि सरकार स्कूलों के प्रशासनिक अधिकारों में अनावश्यक हस्तक्षेप नहीं कर सकती, लेकिन साथ ही यह भी साफ किया कि किसी भी प्रकार की मनमानी या मुनाफाखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. इस आदेश के बाद दिल्ली के निजी स्कूलों और अभिभावकों के बीच फीस विवाद को लेकर चर्चा और तेज हो गई है.
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मनमानी रोकने के लिए सरकार का नया कानून
प्राइवेट स्कूलों की इस मनमानी फीस वृद्धि पर लगाम लगाने के लिए दिल्ली सरकार ने भी सख्त कदम उठाए हैं. सरकार ने दिल्ली स्कूल शिक्षा अधिनियम को अधिसूचित किया है. इस नए कानून के तहत दिल्ली के करीब 1,700 निजी स्कूलों को रेगुलेशन के दायरे में लाया गया है.
नए नियमों के मुताबिक, स्कूलों को अब स्कूल लेवल फीस रेगुलेशन कमेटी के सामने 18 कड़े मापदंडों और ऑडिटेड वित्तीय रिकॉर्ड्स के आधार पर फीस वृद्धि को जायज ठहराना होगा. इसमें पेरेंट्स की भागीदारी भी तय की गई है और बिना ठोस वजह या सिर्फ महंगाई का हवाला देकर कोई भी स्कूल अपनी मर्जी से फीस नहीं बढ़ा पाएगा.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Fri, 09 Oct 2026 05:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>साल, में, कितने, प्रतिशत, बढ़, गई, दिल्ली, के, प्राइवेट, स्कूलों, की, फीस, देख, लें, रिपोर्ट</media:keywords>
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        <title>RRB NTPC में नहीं होगा टाइपिंग टेस्ट, 3548 पदों के लिए आवेदन शुरू</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/rrb-ntpc-में-नहीं-होगा-टाइपिंग-टेस्ट-3548-पदों-के-लिए-आवेदन-शुरू</link>
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        <description><![CDATA[ सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए रेलवे भर्ती बोर्ड ने एनटीपीसी ग्रेजुएट लेवल रिक्रूटमेंट के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू कर दिए हैं. नोटिफिकेशन नंबर 06/2026 के तहत कुल 3548 पदों पर भर्ती की जाएगी. उम्मीदवार 8 अक्टूबर से 6 नवंबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं. इस भर्ती में सबसे बड़ा बदलाव टाइपिंग को लेकर किया गया है. दरअसल जूनियर अकाउंट्स असिस्टेंट कम टाइपिस्ट और सीनियर क्लर्क कम टाइपिस्ट पदों के लिए कंप्यूटर बेस्ड टाइपिंग स्किल टेस्ट को हटा दिया गया है. इस भर्ती में कमर्शियल कम टिकट सुपरवाइजर गुड्स ट्रेन मैनेजर, जूनियर अकाउंट्स असिस्टेंट कम टाइपिस्ट और सीनियर क्लर्क कम टाइपिस्ट के पद शामिल है. इस भर्ती के लिए आवेदन फीस जमा करने की आखिरी तारीख 8 नवंबर है, जबकि फॉर्म में सुधार के लिए 9 से 18 नवंबर तक समय दिया जाएगा.
इस बार जूनियर अकाउंट्स असिस्टेंट कम टाइपिस्ट और सीनियर क्लर्क कम टाइपिस्ट पदों के लिए अलग से कंप्यूटर बेस्ड टाइपिंग स्किल टेस्ट नहीं होगा. यानी उम्मीदवारों को सीबीटी 1 और सीबीटी 2 के बाद टाइपिंग टेस्ट देने के लिए नहीं बुलाया जाएगा. हालांकि नोटिफिकेशन के अनुसार उम्मीदवारों से कंप्यूटर का बेसिक ज्ञान और पर्याप्त टाइपिंग क्षमता होने की उम्मीद की जाएगी. इसका आकलन नौकरी ज्वाइन करने के बाद किया जाएगा. अगर उम्मीदवार का प्रदर्शन संतोष नहीं रहता है, तो इसका असर उनके कन्फर्मेशन या प्रमोशन में देरी के रूप में पड़ सकता है
3548 पदों पर होनी है भर्ती
आरआरबी एनटीपीसी ग्रेजुएट लेवल रिक्रूटमेंट में कुल 3548 पद हैं. इनमें सबसे ज्यादा 2750 पद गुड्स ट्रेन मैनेजर के हैं, वहीं सीनियर क्लर्क कम टाइपिस्ट के 371 पद और जूनियर अकाउंट्स असिस्टेंट कम टाइपिस्ट के 300 पद और चीफ कमर्शियल कम टिकट सुपरवाइजर के 127 पद है.
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एलिजिबिलिटी और सैलरी
आरआरबी एनटीपीसी ग्रेजुएट लेवल भर्ती के लिए उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए. आवेदन की अंतिम तारीख तक उम्मीदवार की डिग्री पूरी होनी चाहिए. वहीं अंतिम रिजल्ट का इंतजार कर रहे उम्मीदवार आवेदन नहीं कर सकते हैं. उम्र की बात करें तो 1 जनवरी 2027 को उम्मीदवार की आयु 18 से 33 साल के बीच होनी चाहिए. वहीं एसटी-एससी और ओबीसी उम्मीदवारों को 5 से 3 साल की आयु सीमा में छूट भी मिलेगी. इसके अलावा इन पदों के लिए अलग-अलग पे लेवल के हिसाब से शुरुआती सैलरी तय की गई है. कमर्शियल कम टिकट सुपरवाइजर पद लेवल-6 में है, जिसमें शुरुआती बेसिक पे 35,400 रुपये है. वहीं गुड्स ट्रेन मैनेजर, जूनियर अकाउंट्स असिस्टेंट कम टाइपिस्ट और सीनियर क्लर्क कम टाइपिस्ट लेवल-5 के पद हैं और उनकी शुरुआती सैलरी 29,200 रुपये है.
कैसे करें ऑनलाइन आवेदन?

इन पदों पर आवेदन करने के लिए सबसे पहले रेलवे भर्ती बोर्ड की rrb.indianrailways.gov.in वेबसाइट पर जाएं.
अब यहां पर सीईएन नंबर 06/2026 लिंक पर क्लिक करें.
इसके बाद मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी की मदद से नया रजिस्ट्रेशन करें.
रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद नाम, जन्म तिथि जैसी पर्सनल डिटेल भरें.
अब फॉर्म में अपनी एजुकेशनल क्वालीफिकेशंस भरें.
इसके बाद पद और रेलवे जोन के अनुसार अपनी प्राथमिकता भरें.
अब इस भर्ती से जुड़े जरूरी डॉक्यूमेंट अपलोड करें.
उसके बाद आवेदन फीस जमा करके फॉर्म को अच्छी तरह जांच लें.
लास्ट में फॉर्म सबमिट करके कंफर्मेशन पेज डाउनलोड कर लें.

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        <pubDate>Fri, 09 Oct 2026 05:30:04 +0530</pubDate>
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        <title>AMU और JAMIA में कब निकलेंगे एंट्रेंस फॉर्म? इन तारीखों पर रखें नजर</title>
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        <description><![CDATA[ अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी और जामिया मिलिया इस्लामिया देश के ऐसे दो बड़े शिक्षण संस्थान हैं, जहां हर साल लाखों छात्र एडमिशन लेने का सपना देखते हैं. अगर आप भी 2027 में इन दोनों में से किसी यूनिवर्सिटी में दाखिला लेना चाहते हैं, तो आपके लिए एंट्रेंस एग्जाम की तारीखों और एप्लीकेशन फॉर्म की जानकारी होना बहुत जरूरी है. इन दोनों ही यूनिवर्सिटीज में एडमिशन की प्रक्रिया और फॉर्म आने की संभावित तारीखें लगभग तय हो चुकी हैं, जिन पर आपको लगातार नजर रखनी होगी.&amp;nbsp;
AMU में कब आएंगे फॉर्म?
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में हर साल ग्रेजुएट और डिप्लोमा कोर्स के लिए बड़ी संख्या में आवेदन किए जाते हैं. पिछले पैटर्न्स के अनुसार, यूनिवर्सिटी सत्र 2027 के लिए अपने एंट्रेंस एग्जाम के एप्लीकेशन फॉर्म फरवरी 2027 के पहले या दूसरे हफ्ते में जारी कर सकती है.&amp;nbsp;
छात्रों को फॉर्म भरने के लिए करीब एक से ड़ेढ महीने का समय मिलता है. बिना लेट फीस के फॉर्म जमा करने की आखिरी तारीख मार्च के आखिरी हफ्ते या अप्रैल के शुरुआती दिनों तक हो सकती है. AMU की यूजी कोर्सेज के लिए &amp;nbsp;एंट्रेंस परीक्षाएं आमतौर पर अप्रैल से जून के बीच आयोजित की जाती हैं. इसलिए छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे लगातार AMU की ऑफिशियल वेबसाइट चेक करते रहें.
JAMIA एडमिशन फॉर्म की तारीखें
जामिया मिलिया इस्लामिया में भी 2027-28 के सत्र के लिए एडमिशन शुरू होने वाले है. जामिया आमतौर पर फरवरी के महीने में अपना नया प्रॉस्पेक्टस और एंट्रेंस एग्जाम के फॉर्म ऑनलाइन जारी कर देता है.
उम्मीदवारों को जामिया की आधिकारिक वेबसाइट admission.jmi.ac.in पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा. फॉर्म भरने की अंतिम तिथि मार्च के आखिरी हफ्ते या अप्रैल के पहले हफ्ते तक हो सकती है. इसके तुरंत बाद अप्रैल में ही यूनिवर्सिटी करेक्शन विंडो खोलती है और इसी महीने से एंट्रेंस परीक्षाएं भी शुरू हो जाती हैं. जामिया के कुछ प्रमुख कोर्सेज में एडमिशन CUET, JEE और NEET के स्कोर के आधार पर भी होता है.
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एप्लीकेशन फॉर्म भरने के लिए जरूरी बातें
दोनों ही केंद्रीय विश्वविद्यालयों में आवेदन करने की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होती है. फॉर्म भरते समय उम्मीदवारों के पास पासपोर्ट साइज फोटो, कक्षा 10वीं, 12वीं या ग्रेजुएशन की मार्कशीट &amp;nbsp;जैसे जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपने पास पहले से तैयार रखने चाहिए, ताकि बाद में कोई परेशानी न हो. साथ ही, रजिस्ट्रेशन के वक्त ओटीपी और आगे की सभी जानकारियों के लिए वैलिड ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर का होना अनिवार्य है.
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        <pubDate>Fri, 09 Oct 2026 05:30:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>कौन है प्रो. महेश काकडे, जिन्होंने जीता 2026 का रामानुजन पुरस्कार?</title>
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        <description><![CDATA[ कौन है प्रो. महेश काकडे, जिन्होंने जीता 2026 का रामानुजन पुरस्कार? ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 08 Oct 2026 14:30:07 +0530</pubDate>
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        <title>नाना पाटेकर ने किस कॉलेज से ली थी डिग्री, किन भाषाओं में थी महारत?</title>
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        <description><![CDATA[ हिंदी और मराठी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर &amp;nbsp;का निधन हो गया है. 75 साल की उम्र में आज 8 अक्टूबर की सुबह गोवा स्थित उनके घर पर कार्डियक अरेस्ट के बाद उनका निधन हो गया. उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां करीब 45 मिनट सीपीआर देने की कोशिश की गई, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका. नाना पाटेकर ने अपने लंबे फिल्मी करियर में अलग-अलग किरदार निभाए और हिंदी के साथ मराठी सिनेमा में भी खास पहचान बनाई. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि फिल्मों में आने से पहले नाना पाटेकर ने किस कॉलेज से पढ़ाई की थी और उन्हें किस भाषा में महारत हासिल थी.
दरअसल नाना पाटेकर का असली नाम विश्वनाथ पाटेकर था. उनकी शुरुआती पढ़ाई मुंबई के समर्थ विद्यालय से हुई थी. इसके बाद उन्होंने कला के क्षेत्र में आगे बढ़ने का फैसला किया और मुंबई के सर जे.जे. इंस्टीट्यूट ऑफ एप्लाइड आर्ट में एडमिशन लिया. वह इस संस्थान के चर्चित पूर्व छात्रों में शामिल रही हैं. यहां उन्होंने कमर्शियल आर्ट में डिप्लोमा किया. वहीं आर्ट की पढ़ाई के दौरान ही कला और थिएटर में उनकी दिलचस्पी रही. पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने कुछ समय तक कमर्शियल आर्ट और विजुअलाइज के तौर पर काम किया. ऐसे में नाना पाटेकर की आधिकारिक शैक्षणिक पृष्ठभूमि किसी सामान्य ग्रेजुएशन डिग्री के बजाय आर्ट और डिजाइन से जुड़ी रही.&amp;nbsp;
पढ़ाई के बाद थिएटर और फिर फिल्मों का सफर&amp;nbsp;
कमर्शियल आर्ट की पढ़ाई पूरी करने के बाद नाना पाटेकर ने विज्ञापन से जुड़े काम किए. इसके बाद उनका रुझान थिएटर की तरफ बढ़ा और उन्होंने अभिनय की दुनिया में कदम रखा. थिएटर से होते हुए वह फिल्मों तक पहुंचे और 1978 में उनका फिल्मी सफर शुरू हुआ था. वहीं आगे चलकर उन्होंने हिंदी और मराठी दोनों भाषाओं की फिल्मों में काम किया.&amp;nbsp;
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किन भाषाओं में थी नाना की पकड़?&amp;nbsp;
नाना पाटेकर की पहचान मुख्य रूप से हिंदी और मराठी सिनेमा के अभिनेता के तौर पर रही. दोनों भाषाओं की फिल्मों और थिएटर में उन्होंने लंबे समय तक काम किया. यही वजह है कि उन्हें हिंदी के साथ-साथ मराठी दर्शकों के बीच भी पहचान मिली.&amp;nbsp;
विश्वनाथ से कैसे बने नाना पाटेकर?
नाना पाटेकर के नाम से मशहूर इस अभिनेता का जन्म का नाम विश्वनाथ पाटेकर था. हालांकि बचपन से ही उन्हें घर और आसपास के लोग नाना कह कर बुलाने लगे थे. वहीं धीरे-धीरे यही नाम उनकी पहचान बन गया और बाद में उनके आधिकारिक दस्तावेजों में भी नाना पाटेकर का नाम दर्ज हो गया.
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        <pubDate>Thu, 08 Oct 2026 14:30:06 +0530</pubDate>
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        <title>ये राज्य सरकार प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए फ्री में कराएगी कोचिंग, काम की है खबर</title>
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        <description><![CDATA[ मध्य प्रदेश सरकार ने प्रदेश के हर जिले के सरकारी कॉलेजों में प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त कोचिंग शुरू करने का ऐलान किया है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 6 अक्टूबर को भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में आयोजित सीएम यूथ कॉन्क्लेव-2026 में युवाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों की घोषणा की. सरकार का यह फैसला उन विद्यार्थियों के लिए खास तौर पर महत्वपूर्ण है, जो महंगी निजी कोचिंग का खर्च नहीं उठा पाते. लेकिन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं.
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सही मार्गदर्शन, नियमित पढ़ाई और परीक्षा पैटर्न की समझ काफी मायने रखती है. ऐसे में सरकारी कॉलेजों के माध्यम से मिलने वाली मुफ्त कोचिंग विद्यार्थियों को अपने ही जिले में तैयारी का बेहतरीन अवसर देने में मदद कर सकती है. ऐसे में जानिए मुख्यमंत्री मोहन यादव के द्वारा की गई घोषणाओं के बारे में.
अब बड़े शहर जाने की जरूरत कम होगी
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अक्सर भोपाल, इंदौर जैसे बड़े शहर जाना पड़ता है. इसके लिए कोचिंग फीस के अलावा किराया, हॉस्टल, भोजन और अन्य चीजों का भी खर्च लगता है. ऐसे में हर जिले के सरकारी कॉलेज में फ्री कोचिंग की व्यवस्था होने से विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र में ही तैयारी का अवसर मिलेगा. यह कदम खास तौर पर उन परिवारों के लिए मददगार हो सकता है, जिनके लिए निजी कोचिंग का खर्च उठाना मुश्किल है.
MPPSC अभ्यर्थियों को भी मिलेगा बड़ा फायदा
सरकार ने सिर्फ मुफ्त कोचिंग का ऐलान नहीं किया है. मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की परीक्षा साल में दो बार आयोजित करने की भी घोषणा की है. इसका उद्देश्य युवाओं को सरकारी नौकरी की प्रतियोगिता में ज्यादा अवसर देना है. अभी MPPSC परीक्षा साल में एक बार होने के कारण अभ्यर्थियों के लिए एक मौका चूकने का मतलब लंबा इंतजार होता है. ऐसे में साल में दो बार परीक्षा होने से उम्मीदवारों को अपनी तैयारी के अनुसार अधिक अवसर मिल सकेंगे.
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2027 होगा &amp;lsquo;युवा वर्ष&amp;rsquo;
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2027 को &amp;lsquo;युवा वर्ष&amp;rsquo; के रूप में मनाने की बात भी कही है. सरकार की योजना युवाओं के लिए रोजगार, कौशल और शिक्षा से जुड़े अवसर बढ़ाने पर केंद्रित रहेगी. रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों के जरिए युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर भी जोर दिया जाएगा. वहीं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से लेकर उच्च शिक्षा, रिसर्च, कौशल विकास और रोजगार तक युवाओं के लिए कई स्तरों पर अवसर बढ़ाने की योजना सामने रखी गई है.
रिसर्च स्कॉलर्स के लिए भी बड़ा ऐलान
सीएम यूथ कॉन्क्लेव में उच्च शिक्षा और रिसर्च से जुड़े विद्यार्थियों के लिए भी महत्वपूर्ण घोषणा हुई. रिसर्च स्कॉलर्स की मासिक स्कॉलरशिप 16 हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये करने का ऐलान किया गया है. इसके अलावा सरकारी कॉलेजों में AI और एडवांस्ड कंप्यूटिंग लैब स्थापित करने की योजना भी बताई गई है. युवाओं के इनोवेशन और स्टार्टअप आइडिया को बढ़ावा देने के लिए सरकार 5 करोड़ रुपये का आइडिया फंड भी स्थापित करेगी.
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        <pubDate>Thu, 08 Oct 2026 14:30:05 +0530</pubDate>
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        <title>किस राज्य में शिक्षा पर सबसे कम खर्च कर रही सरकार, कितना है यह बजट?</title>
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        <description><![CDATA[ भारत को दुनिया का सबसे युवा आबादी वाला देश कहा जाता है और किसी भी देश के युवाओं का भविष्य वहां की शिक्षा व्यवस्था पर निर्भर करता है. भारत सरकार की राष्ट्रिय शिक्षा नीति 2020 में यह सिफारिश की गई है कि केंद्र और राज्यों को मिलकर अपनी GDP का कम से कम 6 प्रतिशत हिस्सा शिक्षा पर खर्च करना चाहिए. लेकिन हालिया सरकारी आंकड़ों, RBI और नीति आयोग की रिपोर्ट को देखें तो देश के कई राज्यों में स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत है. राष्ट्रिय स्तर पर शिक्षा खर्च को लेकर कई चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं. आइए जानते हैं कि भारत का वह कौनसा राज्य है जहां की सरकार शिक्षा पर अपने बजट का सबसे कम हिस्सा खर्च कर रही है.&amp;nbsp;
ये राज्य दे रहे हैं शिक्षा पर सबसे कम ध्यान
ताजा सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अपने सकल राज्य घरेलू उत्पाद और कुल बजट के अनुपात में शिक्षा पर सबसे कम खर्च करने वाले राज्यों में तेलंगाना और कर्नाटक का नाम सबसे ऊपर आता है. अगर राज्यों की कुल आर्थिक हिस्सेदारी के प्रतिशत के रूप में देखा जाए, तो तेलंगाना और कर्नाटक शिक्षा पर सिर्फ 1.3 से 1.7 प्रतिशत के आसापास ही खर्च कर रहे हैं, जो देश में सबसे कम आवंटन में से एक है.
नीति आयोग की उच्च शिक्षा से जुड़ी हालिया रिपोर्ट भी बताती है कि कुल बजट प्राथमिकताओं में दिल्ली जैसे राज्य जहां शिक्षा को सबसे ऊपर रखते हैं, वहीं तेलंगाना और कर्नाटक जैसे राज्य उच्च शिक्षा और कुल स्कूली शिक्षा के खर्च में काफी पीछे छूट गए हैं.&amp;nbsp;
कितना है इन राज्यों का बजट?
अगर आंकड़ों और बजट की बात करें, तो इस वित्तीय वर्ष में देश का कुल केंद्रीय शिक्षा बजट करीब 1.39 लाख करोड़ रुपये तय किया गया है. राज्यों के स्तर पर देखें तो जहां महाराष्ट्र जैसे बड़े राज्य शिक्षा के लिए करीब 1.05 लाख करोड़ रुपये का भारी-भरकम रिकॉर्ड बजय आवंटित कर रहे हैं, वहीं देश के कई दक्षिण और मध्य भारतीय राज्य इस अनुपात में बहुत कम राशि खर्च कर रहे हैं.
उदाहरण के लिए, सबसे कम अनुपात वाले राज्यों में शामिल तेलंगाना का वार्षिक शिक्षा बजट लगभग 27,663 करोड़ से 44,054 करोड़ रुपये के दायरे में सिमट जाता है. इसके विपरीत, मध्य प्रदेश करीब 52,917 करोड़ और गुजरात 63,184 करोड़ जैसे राज्य कुल राशि के मामले में बहुत आगे हैं, लेकिन तेलंगाना और कर्नाटक जैसे आईटी हब माने जाने वाले राज्यों में कुल सरकारी बजट के मुकाबले शिक्षा का प्रतिशत हिस्सा लगातार घट रहा है.&amp;nbsp;
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कम खर्च के पीछे क्या हैं मुख्य कारण?
इन राज्यों द्वारा शिक्षा पर बजट कम करने के पीछे कई प्रशासनिक और आर्थिक कारण बताे जा रहे हैं. पहला बड़ा कारण यह है कि तेलंगाना और कर्नाटक जैसे राज्यों का मुख्य ध्यान इस समय इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को बढ़ावा देने पर है.
दूसरा बड़ा कारण इन राज्यों में चल रही लोक-लुभावन मुफ्त योजनाएं हैं, जिन पर बजट का एक बहुत बड़ा हिस्सा खर्च हो जाता है. इस बजह से सामाजिक क्षेत्र, खासकर सरकारी स्कूलों, कॉलेजों के आधुनिकीकरण और नए शिक्षकों की भर्ती के लिए सरकार के पास पर्याप्त बजट नहीं बच पाता है. &amp;nbsp;
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        <pubDate>Thu, 08 Oct 2026 14:30:04 +0530</pubDate>
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        <title>SSC CHSL 2025 का फाइनल रिजल्ट जारी, जानें पोस्ट वाइज कट ऑफ</title>
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        <description><![CDATA[ स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (SSC) ने सीएचएसएल 2025 का फाइनल रिजल्ट और कट ऑफ जारी कर दिया है. आयोग ने रिजल्ट अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किया है. इस भर्ती के तहत एलडीसी, जेएसए और डीईओ समेत दूसरे पदों पर नियुक्ति होनी है. कुल 3,522 वैकेंसी के मुकाबले 3,515 उम्मीदवारों को अंतिम रूप से प्रोविजनल तौर पर चयन के लिए चुना गया है, जिसका मतलब है कि 7 पद खाली रह गए हैं. फाइनल रिजल्ट में उम्मीदवारों की पोस्ट और कैटेगरी के आधार पर कट ऑफ भी जारी की गई है. इसमें अंतिम चयनित उम्मीदवार के कुल अंक टियर-2 सेक्शन-1 के अंक और टियर-1 के अंक दिए गए हैं.&amp;nbsp;
एसएससी की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार ईडब्ल्यूएस की 337 सीटों के लिए 337 उम्मीदवारों की सिफारिश हुई है. वहीं एससी की 490 सीटों में 487, एसटी की 252 सीटों में 251, ओबीसी की 768 सीटों में 766 और जनरल की 1,675 सीटों में 1,674 उम्मीदवारों का चयन हुआ है. इसके अलावा ईएसएम की 301 सीटों के लिए 300, ओएच की 35 सीटों के लिए 35, एचएच की 43 के लिए 42, वीएच की 39 के लिए 39 और दूसरे पीडब्ल्यूबीडी की 37 सीटों के लिए 37 उम्मीदवारों की सिफारिश की गई है.&amp;nbsp;
पोस्ट वाइज SSC CHSL कट ऑफ&amp;nbsp;
आयोग ने अलग-अलग विभाग और पद के लिए जनरल कैटेगरी के अंतिम चयनित उम्मीदवार के अंक जारी कर दिए हैं. दिए गए पदों में सबसे ज्यादा कट ऑफ डी55 पद के लिए 317 रही है, वही एल16 के लिए कट ऑफ 293 अंक रही, जो लिस्ट में सबसे कम है.&amp;nbsp;

L01- सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (CAT)&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;303 अंक
L02- इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB)&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;298 अंक
L04- कैंटीन स्टोर्स डिपार्टमेंट (CSD)&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;296 अंक
L12- सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI)&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; 298 अंक
L16- बॉर्डर रोड्स ऑर्गेनाइजेशन (BRO)&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;293 अंक
L20- कंट्रोलर जनरल ऑफ अकाउंट्स (CGA)&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;301 अंक
L31- मिनिस्ट्री ऑफ हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स&amp;nbsp; 298 अंक
L32- डायरेक्टरेट जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;297 अंक
L33- मिनिस्ट्री ऑफ लेबर एंड एम्प्लॉयमेंट&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; 296 अंक
L35- CGDA, मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; 300 अंक
L42- आर्म्ड फोर्सेज हेडक्वार्टर्स (AFHQ)&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; 306 अंक
L53- सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (JHAA)&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; 301 अंक
D55- CGA (डेटा एंट्री ऑपरेटर / DEO ग्रेड &#039;A&#039;)&amp;nbsp; &amp;nbsp; 317 अंक &amp;nbsp;

ये भी पढ़ें-किस राज्य में शिक्षा पर सबसे कम खर्च कर रही सरकार, कितना है यह बजट?
ऐसे चेक करें SSC CHSL फाइनल रिजल्ट&amp;nbsp;

उम्मीदवार रिजल्ट के लिए सबसे पहले ssc.gov.in वेबसाइट पर जाएं.
इसके लिए वेबसाइट पर रिजल्ट सेक्शन में जाए और CHSL से जुड़ी फाइनल रिजल्ट की पीडीएफ खोलें.
रिजल्ट पीडीएफ डाउनलोड करने के बाद उम्मीदवार कंट्रोल+F की मदद से अपना नाम सर्च करें.
रिजल्ट में उम्मीदवार का नाम, रोल नंबर, कैटेगरी और आवंटित पोस्ट जैसी जानकारी दिखाई देगी.&amp;nbsp;

3515 उम्मीदवारों के बाद क्या होगा?
फाइनल रिजल्ट में शामिल उम्मीदवारों का चयन अभी प्रोविजनल है. आयोग में चयन प्रक्रिया में मेरिट उम्मीदवारों की पोस्ट प्रेफरेंस और फिक्स-फ्लॉट ऑप्शन को ध्यान में रखा है. नॉन-जॉइनिंग से खाली होने वाली सीटों को भरने के लिए स्लाइडिंग प्रक्रिया भी कराई गई थी, जो एक से तीन सितंबर 2026 के बीच हुई.
ये भी पढ़ें-MP हाई &amp;nbsp;कोर्ट में निकली सीधी भर्ती, 418 पदों पर आज ही करें आवेदन&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 08 Oct 2026 14:30:03 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>SSC, CHSL, 2025, का, फाइनल, रिजल्ट, जारी, जानें, पोस्ट, वाइज, कट, ऑफ</media:keywords>
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        <title>पंजाब 10&amp;12वीं बोर्ड परीक्षा 2027 का शेड्यूल जारी, जानें कब होंगे पेपर</title>
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        <description><![CDATA[ पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड (PSEB) ने कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा 2027 को लेकर के शेड्यूल जारी कर दिया है. बोर्ड की ओर से फिलहाल नियमित विद्यार्थियों के परीक्षा फॉर्म भरने और फीस जमा करने की समय सीमा जारी की गई है. 10वीं और 12वीं बोर्ड की परीक्षा फरवरी-मार्च 2027 में आयोजित की जाएगी और दूसरे संबंधित संस्थान अपनी लॉगिन आईडी के जरिए परीक्षा से जुड़ी पूरी जानकारी और निर्देश देख सकते हैं. बोर्ड ने निर्देश दिया है कि वह निर्धारित समय के अंदर विद्यार्थियों के परीक्षा फॉर्म और फीस से जुड़ी सभी औपचारिकताएं पूरी कर लें, क्योंकि देरी होने पर लेट फीस भी जमा करनी पड़ेगी.&amp;nbsp;
पीएसईबी की ओर से परीक्षा फाॅर्म जमा करने के लिए अलग-अलग समय सीमा तय की गई है. बिना लेट फीस के ऑनलाइन फॉर्म और फीस जमा करने की अंतिम तारीख 23 अक्टूबर 2026 है. वहीं इसके बाद भी आवेदन किया जा सकता है, लेकिन विद्यार्थियों को एक्स्ट्रा फीस देनी होगी. 500 लेट फीस के साथ 31 अक्टूबर तक, 1000 लेट फीस के साथ 10 नवंबर तक और 1500 रुपये लेट फीस के साथ 18 नवंबर तक फाॅर्म जमा किए जा सकते हैं. वही सबसे आखिरी चरण में 2000 रुपये लेट फीस के साथ 26 नवंबर 2026 तक ऑनलाइन फाॅर्म और फीस जमा करने की सुविधा रहेगी. चालान और बैंक में फीस जमा करने के लिए भी बोर्ड ने अलग-अलग अंतिम तारीख तय की है, स्कूलों को इन्हीं निर्धारित तारीखों के अनुसार पूरी प्रक्रिया पूरी करनी होगी.&amp;nbsp;
10वीं और 12वीं की परीक्षा फीस कितनी?&amp;nbsp;
पीएसईबी ने 2027 की बोर्ड परीक्षा के लिए कक्षा 10वीं के विद्यार्थियों की परीक्षा फीस 2000 रुपये और कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों की फीस 2,450 रुपये निर्धारित की है .अगर कोई विद्यार्थी एक्स्ट्रा विषय लेता है, तो उसे प्रति विषय 550 रुपये अतिरिक्त देने होंगे. बोर्ड के अनुसार निर्धारित परीक्षा फीस में हार्ड कॉपी और डिजिटाइज्ड सॉफ्ट कॉपी से जुड़ी फीस भी शामिल है.&amp;nbsp;
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स्कूलों की होगी पूरी जिम्मेदारी&amp;nbsp;
बोर्ड ने परीक्षा फॉर्म और फीस की प्रक्रिया पूरी करने की जिम्मेदारी संबंधित स्कूलों और शिक्षण संस्थानों को दी है. स्कूल प्रमुखों को यह सुनिश्चित करना होगा कि एलिजिबल विद्यार्थियों के फाॅर्म सही तरीके से भरें जाए और निर्धारित समय पर फीस जमा हो. किसी तरह की देरी या प्रक्रिया पूरी नहीं होने की स्थिति में स्कूल प्रमुख जिम्मेदार होंगे. बोर्ड के निर्देशों का पालन नहीं करने वाले संबंध या मान्यता प्राप्त संस्थान के खिलाफ लागू नियमों और एफिलिएशन रेगुलेशन के तहत कार्रवाई की जा सकती है.&amp;nbsp;
सरकारी स्कूलों में भी होगी कार्रवाई&amp;nbsp;
सरकारी स्कूलों के लिए बोर्ड ने अलग से प्रक्रिया बताई है. अगर कोई सरकारी स्कूल तय समय सीमा में परीक्षा से जुड़ी जरूरी औपचारिकताएं पूरी नहीं करता है, तो मामले की जानकारी संबंधित प्राथमिक या माध्यमिक शिक्षा विभाग के निदेशक को भेजी जाएगी. इसके बाद लागू नियमों के अनुसार संबंधित प्रिंसिपल या हेड टीचर के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है.
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        <pubDate>Wed, 07 Oct 2026 10:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>पंजाब, 10-12वीं, बोर्ड, परीक्षा, 2027, का, शेड्यूल, जारी, जानें, कब, होंगे, पेपर</media:keywords>
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        <title>JEE एडवांस में बेटियों का दबदबा, 6 साल बाद 10 हजार से ज्यादा लड़कियां क्वालिफाई</title>
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        <description><![CDATA[ जेईई एडवांस्ड 2026 के रिजल्ट और एडमिशन के आंकड़ों में महिला उम्मीदवारों के प्रदर्शन में बड़ा सुधार हुआ है. 6 साल बाद पहली बार 10 हजार से ज्यादा छात्राओं ने जेईई एडवांस्ड क्वालिफाई किया है. इस साल 10,107 महिला उम्मीदवार परीक्षा में सफल हुई. हालांकि क्वालिफाई करने वाली छात्राओं की संख्या बढ़ने के बावजूद आईआईटी की कुल सीटों में उनकी हिस्सेदारी करीब 20 प्रतिशत के आसपास ही रही. आईआईटी रुड़की की ओर से तैयार ज्वाइंट इंप्लीमेंटेशन कमेटी की रिपोर्ट में जी एडवांस्ड 2026 के क्वालिफिकेशन और सीट अलॉटमेंट से जुड़े ये आंकड़े सामने आए हैं.&amp;nbsp;
जेईई एडवांस्ड 2026 के लिए कुल 43,112 महिला उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन कराया था. इनमें 40,562 छात्राएं दोनों पेपर में शामिल हुई थी और 10,107 क्वालिफाई करने में सफल रही. रजिस्टर्ड महिला उम्मीदवारों के आधार पर उनकी सफलता दर 23.4 फीसदी रही, जो 2025 में 21.7 भेज दी थी. वहीं दोनों पेपर देने वाली छात्राओं में सफलता दर 24.9 फीसदी रही. यानी इस साल महिला उम्मीदवारों के प्रदर्शन में पिछले साल के मुकाबले सुधार हुआ है, हालांकि कुल रजिस्ट्रेशन में महिलाओं की हिस्सेदारी करीब 23 फीसदी थी, जबकि क्वालीफायर में उनकी हिस्सेदारी 17.76 फीसदी रही. 2025 में 9,404 छात्राओं ने जेईई एडवांस्ड क्वालिफाई किया था.&amp;nbsp;
IIT में एडमिशन में हिस्सेदारी करीब 20%
जेईई एडवांस्ड में महिला क्वालीफायर की संख्या बढ़ी, लेकिन आईआईटी सीट अलॉटमेंट में उनकी हिस्सेदारी में बहुत बड़ा बदलाव नहीं हुआ है. कुल 18,861 आईआईटी एडमिशन में महिला उम्मीदवारों को 3,851 सीटें मिली. यह कुल सीटों का 20.22 फीसदी है, जबकि 2025 में यह हिस्सेदारी 20.15 फीसदी थी. इनमें 3,777 सीटें महिलाओं के लिए निर्धारित सुपरन्यूमरेरी सीटों के तहत मिली, जबकि 37 छात्राओं ने सभी उम्मीदवारों के लिए खुले जेंडर न्यूट्रल पूल से सीट हासिल की. महिलाओं के लिए अलग सीटें इसलिए रखी गई, ताकि आईआईटी में नए अंडर ग्रेजुएट छात्रों में उनकी हिस्सेदारी कम से कम 20 फीसदी रहे.&amp;nbsp;
टॉप फीमेल कैंडिडेट की ऑल इंडिया रैंक 77&amp;nbsp;
जेईई एडवांस्ड में टॉप महिला उम्मीदवार ने 280 अंक हासिल कर ऑल इंडिया रैंक 77 हासिल की. उनके गणित में 101, फिजिक्स में 86 और केमिस्ट्री में 93 अंक रहे. टॉप 100 रैंकर्स में से 97 उम्मीदवारों ने आईआईटी बॉम्बे, आईआईटी दिल्ली और आईआईटी मद्रास में एडमिशन लिया. वहीं अकेले आईआईटी बॉम्बे में 68 टॉप 100 रैंकर्स ने सीट ली.&amp;nbsp;
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SC और ST उम्मीदवारों का प्रदर्शन भी बेहतर&amp;nbsp;
जेईई एडवांस्ड 2026 में एसटी और एससी उम्मीदवारों के क्वालिफिकेशन रेट में भी बढ़ोतरी हुई. एससी उम्मीदवारों की सफलता दर 40.41 फीसदी से बढ़कर 50.16 हो गई. यह पहली बार है, जब एससी कैटेगरी की क्वालिफिकेशन रेट 50 फीसदी के पार गई है. एसटी उम्मीदवारों की सफलता दर भी 33.99 फीसदी से बढ़कर 42.14 फीसदी हो गई. इस साल 15,856 एससी और 6,379 एसटी उम्मीदवार क्वालिफाई हुए, जबकि पिछले साल इनकी संख्या 12,499 और 5,008 थी. वही जनरल कैटेगरी की क्वालिफिकेशन रेट 43 फीसदी से घटकर 39.8 फीसदी रह गई. ओबीसी एनसीएल उम्मीदवारों की सफलता दर भी 18.2 प्रतिशत से घटकर 17.5 प्रतिशत हुई. ईडब्ल्यूएस क्वालीफायर की संख्या 6,291 से बढ़कर 6,377 हो गई.&amp;nbsp;
कुल 56,880 उम्मीदवार हुए क्वालिफाई&amp;nbsp;
जेईई एडवांस्ड 2026 की परीक्षा 17 मई को दो शिफ्ट में आयोजित हुई थी. इसमें कुल 1,87,389 उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन किया, जबकि 1,79,694 उम्मीदवार दोनों पेपर में शामिल हुए. इनमें 56,880 उम्मीदवारों ने परीक्षा क्वालिफाई की. रिपोर्ट &amp;nbsp;के अनुसार क्वालिफाई करने वालों में कुछ उम्मीदवार 1 वर्षीय प्रिपरेटरी कोर्स के लिए भी एलिजिबल है.
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        <pubDate>Wed, 07 Oct 2026 10:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>नए वायुसेना अध्यक्ष आशुतोष दीक्षित की सैलरी कितनी, क्या मिलती हैं सुविधाएं?</title>
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        <description><![CDATA[ एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को भारतीय वायु सेना का नया प्रमुख घोषित किया गया है. वह 31 अक्टूबर 2026 को एयर चीफ मार्शल के पद पर कार्यभार संभालेंगे. फिलहाल वह वॉइस एयर चीफ मार्शल की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. राष्ट्रपति ने उनकी नियुक्ति को मंजूरी दे दी है और वह 31 दिसंबर 2028 तक इस पद पर बने रहेंगे. आशुतोष दीक्षित एपी सिंह की जगह लेंगे. आपको बता दें कि आशुतोष दीक्षित भारतीय वायुसेना के फाइटर स्ट्रीम के अधिकारी हैं, उन्हें कारगिल युद्ध के दौरान भी ऑपरेशनल एक्सपीरियंस रहा है. वह 20 तरह के लड़ाकू विमान उड़ाने में माहिर है और अब देश की वायु सेना की कमान संभालेंगे. ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं कि नए वायुसेना अध्यक्ष आशुतोष दीक्षित की सैलरी कितनी है और उन्हें कौन-कौन से सुविधा मिलती है.&amp;nbsp;
भारतीय वायु सेना के प्रमुख को 7वें वेतन आयोग के पे लेवल-18 के तहत सैलरी मिलती है. इस पद का बेसिक पे करीब 2.25 लाख रुपये प्रतिमाह होता है. इसके अलावा सैन्य सेवा से जुड़े अधिकारियों को मिलिट्री सर्विस पे भी मिलता है. यह राशि करीब 15,500 &amp;nbsp;रुपये प्रतिमाह होती है. इसके साथ नियमों के अनुसार चीफ को अलग-अलग भत्ते भी दिए जाते हैं.&amp;nbsp;
एयर चीफ को कौन-कौन से मिलते हैं भत्ते?
एयर चीफ मार्शल को पद और सरकारी नियमों के अनुसार कई तरह की सुविधा मिलती है. इनमें महंगाई भत्ता, &amp;nbsp;हाउस रेंट अलाउंस और दूसरे लागू भत्ते शामिल है. वहीं एचआरए की जरूरत उस स्थिति में होती है, जब सरकारी आवास उपलब्ध नहीं कराया जाता है. वहीं महंगाई भत्ता समय-समय पर निर्धारित नियमों के अनुसार बदलता रहता है. इसके अलावा पद की जिम्मेदारियां और तैनाती से जुड़े दूसरे भत्ते भी सैलरी पैकेज का हिस्सा होते हैं.&amp;nbsp;
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सरकारी आवास से लेकर इलाज तक की सुविधा&amp;nbsp;
वायु सेना प्रमुख जैसे वरिष्ठ सैन्य अधिकारी को सरकारी आवास की सुविधा मिलती है. सरकारी आवास उपलब्ध होने की स्थिति में अलग से एचआरए का प्रावधान उसी हिसाब से लागू होता है. वहीं इसके अलावा परिवहन और मेडिकल सुविधाएं भी मिलती है. इन मेडिकल सुविधाओं का लाभ अधिकारी के साथ उसके परिवार को भी दिया जाता है. वहीं रिटायरमेंट के बाद पेंशन की सुविधा भी मिलती है.
नए वायुसेना अध्यक्ष की उपलब्धियां और पढ़ाई&amp;nbsp;
आशुतोष दीक्षित ने 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन प्राप्त किया था. वह एनडीए, डिफेंस सर्विस स्टाफ कॉलेज और नेशनल डिफेंस कॉलेज के पूर्व छात्र हैं. उनके पास 3500 घंटे से ज्यादा उड़ान का एक्सपीरियंस है. वह स्वदेशी एलसीए तेजस सहित कई विमान कार्यक्रमों से जुड़े रहे हैं. 1 जुलाई 2026 को उन्होंने वाइस एयर चीफ का पद संभाला था. अब 31 अक्टूबर को वह एयर चीफ मार्शल के पद पर कार्यभार संभालेंगे. वहीं आशुतोष दीक्षित एपी सिंह की जगह लेंगे.
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        <pubDate>Wed, 07 Oct 2026 10:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>नए, वायुसेना, अध्यक्ष, आशुतोष, दीक्षित, की, सैलरी, कितनी, क्या, मिलती, हैं, सुविधाएं</media:keywords>
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        <title>अब दिल्ली यूनिवर्सिटी सिखाएगी फिल्म बनाना, कब से शुरू होगा कोर्स?</title>
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        <description><![CDATA[ सिनेमा की दुनिया में करियर बनाने का सपना देख रहे युवाओं के लिए दिल्ली यूनिवर्सिटी एक बेहतरीन और अनोखा मौका लेकर आ रही है. डिजिटल युग और तकनीक की बदलती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए दिल्ली विश्वविद्यालय अब छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से फिल्म बनाने का हुनर सिखाएगा. डीयू के कैंपस ऑफ लर्निंग की ओर से AI इन फिल्म मेकिंग नाम से एक नया &amp;nbsp;कोर्स शुरू करने की पूरी तैयारी कर ली गई है. इस नए कोर्स के जरिए छात्र कम संसाधनों और आधुनिक एआई उपकरणों का सही इस्तेमाल करके शानदार विजुअल कंटेंट तैयार करना सीख सकेंगे.
जनवरी 2027 से शुरू होगा छह महीने का यह खास कोर्स
सिनेमा की दुनिया में रुचि रखने वाले छात्रों का सबसे बड़ा सवाल यही है कि यह कोर्स कब से शुरू होने जा रहा है. DU प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, छह महीने की अवधि वाला यह नया फिल्म मेकिंग स्किल कोर्स जनवरी 2027 से शुरू होने जा रहा है.
विश्वविद्यालय ने इस शॉर्ट टर्म कोर्स के लिए बकायदा अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. इस समय कोर्स को तैयार करने का काम अंतिम चरण में चल रहा है, जिसमें बाजार और फिल्म निर्माण उद्योग की मौजूदा वैश्विक जरूरतों को खास तौर पर शामिल किया जा रहा है.
12वीं पास से लेकर पोस्टग्रेजुएट तक को मिलेगा मौका
इस कोर्स की सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें दाखिला लेने के लिए किसी बहुत बड़ी डिग्री की जरूरत नहीं है. किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से केवल 12वीं परीक्षा पास कर चुके छात्र इस कोर्स के लिए पूरी तरह योग्य माने जाएंगे. इसके अलावा, दिल्ली यूनिवर्सिटी या किसी अन्य संस्थान से ग्रेजुएशन और पोस्टग्रेजुएशनकर रहे या पूरी कर चुके विद्यार्थी भी इसमें आसानी से एडमिशन ले सकेंगे. इसका मतलब है कि कॉलेज की पढ़ाई के साथ-साथ भी छात्र इस एआई तकनीक को भी सीख सकते हैं.
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डीयू स्थापित करने जा रहा है अलग से एआई केंद्र
कैंपस ऑफ लर्निंग की निदेशक पायल मागो ने इस संबंध में बताया कि दिल्ली विश्वविद्यालय एआईृ के क्षेत्र में अपनी गतिविधियों का दायरा लगातार बढ़ाने की बड़ी योजना पर काम कर रहा है. डीयू आने वाले समय में अपने छात्रों के लिए अलग से एक समर्पित एआई केंद्र स्थापित करने की तैयारी में है.
ऐसे में जनवरी 2027 से शुरू होने जा रहा यह एआई फिल्म मेकिंग कोर्स विश्वविद्यालय की इस बड़ी तकनीकी मुहिम की दिशा में पहला और बेहद महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो छात्रों को नए जमाने की नौकरियों के लिए पूरी तरह तैयार करेगा.
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        <pubDate>Wed, 07 Oct 2026 10:30:03 +0530</pubDate>
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        <title>एलन मस्क के बच्चे किस स्कूल में पढ़ते हैं, वहां कितनी फीस?</title>
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        <description><![CDATA[ दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर बनने की रेस में सबसे आगे चल रहे और टेस्ला-स्पेसएक्स जैसी कंपनियों के मालिक एलन मस्क अपनी बेहिसाब दौलत और अनोखे विचारों के लिए हमेशा चर्चा में रहते हैं. एलन मस्क का मानना है कि दुनिया की पारंपरिक शिक्षा प्रणाली बच्चों का भविष्य संवारने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है. इसी सोच के कारण मस्क ने अपने बच्चों को किसी आम या नामी स्कूल में भेजने के बजाय खुद का स्कूल शुरू कर दिया. उनके बच्चों की पढ़ाई के लिए बनाए गए इस सीक्रेट स्कूल के शिक्षा मॉडल और भारी-भरकम फीस ने इस समय पूरी दुनिया के पैरेंट्स को हैरान कर रखा है.&amp;nbsp;
मस्क के बच्चों के लिए खुला अड एस्ट्रा स्कूल
एलन मस्क ने साल 2014 में अपने बच्चों को पारंपरिक स्कूलों से बाहर निकाल लिया था. उन्होंने स्पेसएक्स के कैलिफोर्निया हेडक्वार्टर में ही एक बेहद निजी स्कूल की शुरुआत की, जिसे अड एस्ट्रा नाम दिया गया. लैटिन भाषा के इस शब्द का अर्थ होता है- सितारों की ओर. इस स्कूल में शुरुआत में मुख्य रूप से केवल एलन मस्क के खुद के बच्चे और उनके स्पेसएक्स के चुनिंदा कर्मचारियों के बच्चे ही पढ़ते थे. इस स्कूल को पूरी तरह सीक्रेट रखा गया था और इसमें पारंपरिक विषयों की जगह पूरी आधुनिक दुनिया की शिक्षा दी जाती थी.&amp;nbsp;
अब एस्ट्रा नोवा के रूप में ऑनलाइन हुआ स्कूल
समय बदलने के साथ अड एस्ट्रा स्कूल का दायरा बढ़ा और साल 2020 में इसे एस्ट्रा नोवा नाम से पूरी दुनिया के बच्चों के लिए खोल दिया गया है. दिलचस्प बात यह है कि मस्क का यह स्कूल कोई फिजिकल स्कूल नहीं है, बल्कि यह पूरी तरह वर्चुअल ऑनलाइन मॉडल पर चलता है. 10 से 15 साल के बच्चों के लिए डिजाइन किए गए इस स्कूल में दुनिया के किसी भी कोने से बच्चे घर बैठे स्क्रीन के जरिेए दाखिला ले सकते हैं.&amp;nbsp;
कितनी है मस्क के इस स्कूल की फीस?
अगर इस स्कूल के फीस की बात करें, तो यह पूरी दुनिया की सबसे महंगी ऑनलाइन क्लास में से एक है. एस्ट्रा नोवा स्कूल में 2 घंटे की क्लास की फीस 4,800 डॉलर भारतीय रुपये में करीब 4 लाख रुपये निर्धारित की गई है.
इस स्कूल के नियमों के मुताबिक, किसी भी छात्र को कम से कम दो घंटे की क्लास के लिए नामांकन कराना अनिवार्य होता है. छात्र अपनी जरूरत के हिसाब से अधिकतम 16 घंटे तक की क्लासेस चुन सकते हैं, जिसके लिए सालाना ट्यूशन फीस लगभग 36,000 डॉलर करीब 30.25 लाख रुपये से अधिक से अधिक तक पहुंच जाती है.&amp;nbsp;
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न कोई परीक्षा, न नंबर और न ही कोई भाषा
मस्क के इस स्कूल का पूरा सिलेबस और पढ़ने का तरीका हैरान करने वाला है. इस स्कूल में न तो बच्चों को कोई ग्रेड या नंबर दिए जाते हैं और न ही यहां कोई पारंपरिक परीक्षाएं होती हैं, मस्क का मानना है कि भाषा और संगीत जैसी चीजें सीखने में समय गंवाने के बजाय बच्चों को AI, कोडिंग, रोबोटिक्स और क्रिटिकल थिंकिग सिखानी चाहिए, यहां बच्चों का किताबी ज्ञान देने के बजाय सिंथेसिस और एथिकल डिलेमा यानी नैतिक उलझनें जैसी व्यावहारिक समस्याएं सुलझाने की ट्रेनिंग दी जाती है.
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        <pubDate>Wed, 07 Oct 2026 10:30:02 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>कौन हैं रेशमा नीलोफर? 5000 पुरुषों के बीच पढ़कर बनीं पहली महिला मरीन पायलट</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/कौन-हैं-रेशमा-नीलोफर-5000-पुरुषों-के-बीच-पढ़कर-बनीं-पहली-महिला-मरीन-पायलट</link>
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        <description><![CDATA[ कौन हैं रेशमा नीलोफर? 5000 पुरुषों के बीच पढ़कर बनीं पहली महिला मरीन पायलट ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 06 Oct 2026 18:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>कभी भी शुरू हो सकता है JEE मेन 2027 रजिस्ट्रेशन, तैयार रखें ये डॉक्यूमेंट</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/कभी-भी-शुरू-हो-सकता-है-jee-मेन-2027-रजिस्ट्रेशन-तैयार-रखें-ये-डॉक्यूमेंट</link>
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        <description><![CDATA[ एनटीए ने जनवरी 2027 में होने वाले जेईई मेन के पहले सेशन की तारीख के पहले ही जारी कर दी थी, लेकिन रजिस्ट्रेशन की शुरुआत की तारीख अभी घोषित नहीं की गई है. ऐसे में उम्मीदवार जल्द से जल्द रजिस्ट्रेशन शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं. वहीं रजिस्ट्रेशन शुरू होने के बाद उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट jeemain.nta.nic.in पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म भर सकेंगे. आपको बता दे की जेईई मेन का आयोजन हर साल दो सेशन में किया जाता है. पहला सेशन जनवरी और दूसरा अप्रैल में होता है, जो छात्र पहले सेशन के स्कोर से संतुष्ट नहीं हुए हैं वह बेहतर प्रदर्शन के लिए दूसरे सेशन में भी परीक्षाएं दे सकते हैं. हालांकि 2027 के अप्रैल सेशन की तारीखें एनटीए ने अभी जारी नहीं की है.&amp;nbsp;
एनटीए के कैलेंडर के अनुसार जेईई मेन 2027 सेशन 1 की परीक्षा 22, 23, 24, 28, 29 और 30 जनवरी 2027 को आयोजित की जाएगी. परीक्षा 13 भाषाओं में होगी. इनमें असमिया, बंगाली, अंग्रेजी, गुजराती, हिंदी, कन्नड़, मलयालम, मराठी, ओड़िया, पंजाबी, तमिल, तेलुगू और उर्दू शामिल है. वहीं एनटीए जेईई मेन 2027 का इन्फोर्मेशन बुलेटिन भी जारी करेगा. इसमें आवेदन प्रक्रिया, फीस, एडमिट कार्ड, परीक्षा पैटर्न, मार्किंग स्कीम और दूसरी जरूरी निर्देशों की जानकारी दी जाएगी.&amp;nbsp;
ऐसे भर सकेंगे जेईई मेन 2027 का फॉर्म&amp;nbsp;

रजिस्ट्रेशन विंडो खुलने के बाद उम्मीदवारों को सबसे पहले जेईई मेन की ऑफिशियल वेबसाइट jeemain.nta.nic.in पर जाना होगा.&amp;nbsp;
इसके बाद रजिस्ट्रेशन लिंक पर क्लिक करके नया अकाउंट बनाना होगा.
इसके लिए वैलिड मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी की जरूरत होगी.
रजिस्ट्रेशन के बाद आवेदन नंबर और लॉगिन डिटेल से लॉगिन करना होगा.&amp;nbsp;
अब उम्मीदवारों को फॉर्म में अपनी पर्सनल, एजुकेशनल और परीक्षा से जुड़ी जानकारी भरनी होगी.&amp;nbsp;
इसके बाद परीक्षा की भाषा और पसंदीदा एग्जाम सिटी चुननी होगी.
मांगी गई फोटो, सिग्नेचर और जरूरी सर्टिफिकेट अपलोड करने के बाद आवेदन फीस जमा करें.
अब सबमिशन से पहले पूरी जानकारी ध्यान से जांचें और फॉर्म सबमिट करें.&amp;nbsp;
वहीं आवेदन जमा होने के बाद कंफर्मेशन पेज डाउनलोड करके इसे सुरक्षित रख लें.

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कौन से डॉक्यूमेंट पहले से रखें तैयार?

वैलिड ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर&amp;nbsp;
आधार कार्ड&amp;nbsp;
हाल ही की स्कैन की हुई फोटो&amp;nbsp;
स्कैन किया हुआ सिग्नेचर&amp;nbsp;
OBC-NCL, EWS सर्टिफिकेट (अगर लागू हो)
PwBD सर्टिफिकेट (अगर लागू हो)&amp;nbsp;
दूसरे जरूरी पहचान पत्र और एलिजिबिलिटी संबंधित डॉक्यूमेंट&amp;nbsp;

इतनी हो सकती है आवेदन फीस&amp;nbsp;
जेईई मेन 2027 सेशन 1 के लिए जनरल कैटेगरी के पुरुष उम्मीदवारों के लिए आवेदन फीस 1000 रुपये हैं. वहीं जनरल-ईडब्ल्यूएस, ओबीसी पुरुष उम्मीदवारों के लिए यह 900 रुपये और जनरल, जनरल ईडब्ल्यूएस, ओबीसी महिला उम्मीदवारों के लिए 800 रुपये है. वहीं एससी, एसटी, पीडब्ल्यूडी और ट्रांसजेंडर उम्मीदवारों के लिए 500 रुपये फीस निर्धारित है.
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        <pubDate>Tue, 06 Oct 2026 18:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>कभी, भी, शुरू, हो, सकता, है, JEE, मेन, 2027, रजिस्ट्रेशन, तैयार, रखें, ये, डॉक्यूमेंट</media:keywords>
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    <item>
        <title>नीट पीजी में 0 पर्सेंटाइल पर मचा घमासान, क्या माइनस वाले भी होंगे क्वालीफाई?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/नीट-पीजी-में-0-पर्सेंटाइल-पर-मचा-घमासान-क्या-माइनस-वाले-भी-होंगे-क्वालीफाई</link>
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        <description><![CDATA[ हाल ही में नीट पीजी 2026 का रिजल्ट जारी किया गया था. वहीं रिजल्ट जारी होने के बाद एक बार फिर क्वालीफाइंग पर्सेंटाइल को लेकर बाहर शुरू हो गई है. दरअसल NBEMS की ओर से जारी रिजल्ट में इस बार 2,63,535 उम्मीदवार क्वालीफाई हुए. वहीं परीक्षा देने वाले 258 उम्मीदवारों के अंक जीरो या उससे भी कम रहे. वहीं सबसे कम स्कोर वाले उम्मीदवारों का अंक -59 बताया गया है और पर्सेंटाइल जीरो रहा है. ऐसे में सवाल उठने लगे हैं कि क्या पिछले कुछ वर्षों की तरह इस बार भी 0 पर्सेंटाइल या नेगेटिव स्कोर वाले उम्मीदवारों को काउंसलिंग में शामिल होने का मौका मिल सकता है.&amp;nbsp;
नीट पीजी के क्वालीफाइंग पर्सेंटाइल को पहली बार 2023 में कोविड-19 के बाद घटाकर 0 किया गया. इसके चलते बहुत कम और नेगेटिव स्कोर वाले उम्मीदवार भी काउंसलिंग प्रक्रिया में आने की योग्य हो गए थे. बाद में 2025 में भी कटऑफ में बड़ी कटौती की गई. जनरल और ईडब्ल्यूएस उम्मीदवारों के लिए क्वालीफाइंग पर्सेंटाइल 50 से घटाकर 7 किया गया, जबकि एससी-एसटी और ओबीसी उम्मीदवारों के लिए इसे 40 से घटाकर 0 कर दिया गया. वहीं जनरल, पीडब्ल्यूबीडी उम्मीदवारों के लिए यह 45 से घटाकर 5 पर्सेंटाइल किया गया. इसी बदलाव के बाद -40 अंक हासिल करने वाले रिजर्व कैटेगरी के उम्मीदवार भी तीसरे राउंड में काउंसलिंग में शामिल हो सके. इस कटौती के पीछे बड़ी वजह पीजी सीटों का खाली रहना था. NBEMS ने अदालत में कहा था कि देशभर में 18 हजार से ज्यादा पीजी मेडिकल सीटें खाली थी और उन्हें भरने के लिए क्वालीफाइंग मानदंड में बदलाव किया गया.&amp;nbsp;
&amp;nbsp;सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मामला&amp;nbsp;
क्वालीफाइंग पर्सेंटाइल घटाने के फैसले पर मेडिकल क्षेत्र के एक हिस्से ने सवाल उठाए. फरवरी 2026 में सुप्रीम कोर्ट इस मुद्दे से जुड़ी याचिका पर सुनवाई हुई, जिसमें सरकार और NBEMS से जवाब मांगा. याचिकाकर्ताओं ने कट ऑफ कम करने को संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 से जोड़ते हुए आपत्ति जताई. UDFA ने भी 0 पर्सेंटाइल के फैसले का विरोध किया था. संगठन का तर्क था कि बहुत कम या नेगेटिव स्कोर वाले उम्मीदवारों को पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल ट्रेनिंग में एडमिशन देने से मेडिकल एजुकेशन के स्तर और आगे चलकर मरीजों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो सकते हैं.
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दिल्ली हाईकोर्ट भी कर चुका है दखल से इनकार&amp;nbsp;
0 पर्सेंटाइल के खिलाफ जनवरी 2026 में दिल्ली हाई कोर्ट में भी मामला पहुंचा था. कोर्ट ने क्वालीफाइंग क्राइटेरिया कम करने के फैसले में दखल देने से इनकार कर दिया था. अदालत के सामने पब्लिक हेल्थ रिस्क और मेडिकल स्टैंडर्ड में गिरावट से जुड़े तर्क भी रखे गए थे, लेकिन कोर्ट ने फैसले की प्रक्रिया में ऐसी गड़बड़ी नहीं मानी. इसके आधार पर चल रही काउंसलिंग में हस्तक्षेप किया जाए. एनएमसी की ओर से यह भी कहा गया था कि काउंसलिंग में ज्यादा रैंक वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता मिलती है.&amp;nbsp;
इस बार कितनी है पीजी की सीटें?
एनएमसी की ओर से जारी सीट मैट्रिक्स के अनुसार इस साल देश में पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल की कुल 58,000 सीटें हैं, जो पिछले साल 52,173 थी. वहीं इस बार 2,73,096 उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन कराया था और 2,65,980 में परीक्षा दी. सीटों के व्यापक आंकड़ों में 33,088 सरकारी, 21,892 प्राइवेट और 8,197 यूनिवर्सिटी की सीटें भी शामिल है.
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        <pubDate>Tue, 06 Oct 2026 18:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>6 से 8वीं के शिक्षकों के लिए मौका, NCERT में शुरू किया ये खास कोर्स</title>
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        <description><![CDATA[ कक्षा 6 से 8वीं तक साइंस पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए NCERT ने एक खास ऑनलाइन डिप्लोमा कोर्स शुरू किया है. डिप्लोमा कोर्स इन टीचिंग ऑफ साइंस एट मिडिल स्टेज नाम का यह प्रोग्राम शिक्षकों को साइंस के विषयों की समझ मजबूत करने के साथ-साथ उन्हें बेहतर तरीके से पढ़ाने की तकनीक सीखने मौका देगा. यह कोर्स 2026-27 बैच के लिए है. इसकी पढ़ाई पूरी तरह ऑनलाइन होगी. इस कोर्स के लिए रजिस्ट्रेशन 12 अक्टूबर से शुरू होगा, जबकि आवेदन करने की आखिरी तारीख 12 नवंबर 2026 रखी गई है. कोर्स की शुरुआत 16 नवंबर से होगी और 31 अगस्त 2017 तक चलेगा.&amp;nbsp;
एनसीईआरटी के इस प्रोग्राम का मुख्य फोकस तथा 6 से 8 तक साइंस पढ़ाने वाली टीचर पर है. इसमें इन-सर्विस और प्री-सर्विस दोनों तरह के टीचर शामिल हो सकते हैं. इसके अलावा बीएससी डिग्री वाले उम्मीदवार, शिक्षा में डिप्लोमा या डिग्री कर चुके उम्मीदवार और शिक्षा से जुड़े डिप्लोमा या डिग्री कर रहे प्री-सर्विस शिक्षक भी इसमें शामिल हो सकते हैं. साइंस एजुकेशन से सीधे जुड़े दूसरे लोग भी इस कोर्स में एडमिशन ले सकते हैं. हालांकि एनसीईआरटी ने स्पष्ट किया है कि यह अकादमिक और प्रोफेशनल डेवलपमेंट कोर्स है. इसे शिक्षक नियुक्ति के लिए जरूरी किसी दूसरी योग्यता के बराबर नहीं माना जाना चाहिए और इसके आधार पर नियुक्ति संबंधित छूट का दवा नहीं किया जा सकता.&amp;nbsp;
40 हफ्ते में पूरे होंगे 40 मॉड्यूल
यह ऑनलाइन डिप्लोमा कोर्स कुल 40 सप्ताह का होगा. इसमें 40 अलग-अलग मॉड्यूल रखे गए हैं और हर सोमवार एक नया मॉड्यूल उपलब्ध कराया जाएगा. प्रत्येक मॉड्यूल को लगभग 1 सप्ताह में पूरा करने के हिसाब से तैयार किया गया है. कोर्स में साइंस के कई जरूरी विषय शामिल किए गए हैं. इनमें भौतिक और रासायनिक परिवर्तन, अम्ल-क्षार और लवण, धातु-अधातु, गति और बल, द्रव्य का दबाव, ऊर्जा, ऊष्मा और तापमान जैसे विषय है.
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हर सप्ताह 6 से 8 घंटे पढ़ाई&amp;nbsp;
NCERT ने इस कोर्स में को इस तरह तैयार किया है कि शिक्षक अपनी नौकरी हो या दूसरी जिम्मेदारी के साथ भी इसे कर सकते हैं. हर सप्ताह करीब 6 से 8 घंटे पढ़ाई के लिए देने होंगे. इसमें मल्टीमीडिया आधारित इंटरैक्टिव सामग्री का इस्तेमाल किया जाएगा, जिसका उपयोग शिक्षक अपनी कक्षा में लेसन प्लानिंग और साइंस के कठिन कांसेप्ट को समझाने में भी कर सकेंगे. हर मॉड्यूल के अंत में ऑब्जेक्टिव टेस्ट होगा. यह टेस्ट 15 दिनों तक उपलब्ध रहेंगे, इसलिए प्रतिभागी अपनी सुविधा के अनुसार उन्हें पूरा कर सकेंगे. सभी 40 मॉड्यूल और उनके टेस्ट पूरे करने वाले उम्मीदवार ही अंतिम परीक्षा में शामिल होने के लिए एलिजिबल होंगे. वहीं अंतिम परीक्षा एक तय समय में होने वाला टेस्ट होगा, जिसकी तारीख अलग से जारी की जाएगी.&amp;nbsp;
इतनी है कोर्स की फीस&amp;nbsp;
इस ऑनलाइन डिप्लोमा कोर्स के लिए एक बार 2000 रुपये की एनरोलमेंट फीस देनी होगी. इसके अलावा दूसरी कोई फीस निर्धारित नहीं की गई है. यह पेमेंट ऑनलाइन करना होगा. फीस जमा करने के बाद NCERTX की ओर से आमतौर पर एक सप्ताह के अंदर रजिस्टर्ड ईमेल आईडी पर एनरोलमेंट से जुड़ी जानकारी भेजी जाएगी. उम्मीदवारों को पेमेंट और आगे की प्रक्रिया में एक ही ईमेल आईडी इस्तेमाल करने की सलाह दी है.
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        <pubDate>Tue, 06 Oct 2026 18:30:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>बिहार में दरोगा भर्ती पर क्यों मचा बवाल? सड़कों पर उतरे हजारों में उम्मीदवार</title>
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        <description><![CDATA[ बिहार में 1799 दरोगा पदों वाली भर्ती को लेकर उम्मीदवारों का गुस्सा अब सड़कों पर दिखाई दे रहा है. सोमवार को बड़ी संख्या में दरोगा उम्मीदवार पटना के गांधी मैदान से मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च करने निकले. उनकी मांग है कि रद्द की गई मेंस परीक्षा का फैसला वापस लिया जाए, भर्ती प्रक्रिया फिर से शुरू हो और फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट की तारीख जल्दी घोषित की जाए. प्रदर्शनकारियों को जेपी गोलंबर के पास पुलिस ने रोक दिया, जिसके बाद वहां काफी देर तक हंगामा और प्रदर्शन भी हुआ. उम्मीदवारों का कहना है कि वह प्रारंभिक परीक्षा के बाद मेंस परीक्षा भी पास कर चुके थे और अब फिजिकल दक्षता परीक्षा की तैयारी कर रहे थे. ऐसे में मेंस परीक्षा रद्द किए जाने के फैसले ने हजारों उम्मीदवारों के सामने भर्ती का भविष्य अनिश्चित कर दिया है.&amp;nbsp;
बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) ने 1,799 सब इंस्पेक्टर पदों पर भर्ती के लिए मेंस परीक्षा 27 मई 2026 को दो पारियों में कराई गई थी. इसका रिजल्ट 19 जून को जारी किया गया था. मेंस में सफल उम्मीदवार फिजिकल टेस्ट की तैयारी कर रहे थे, लेकिन करीब 3 महीने बाद आयोग ने 23 सितंबर को मेंस परीक्षा रद्द करने का फैसला किया. आयोग ने इसके लिए अपरिहार्य कारणों का हवाला दिया. हालांकि परीक्षा रद्द करने की विस्तृत वजह सार्वजनिक तौर पर नहीं बताई गई. यही बात अब उम्मीदवारों के विरोध की सबसे बड़ी वजह बनी गई. &amp;nbsp;उनका कहना है कि जब वह परीक्षा पास कर चुके थे और अगली प्रक्रिया की तैयारी कर रहे थे, तो अचानक पूरी मेंस परीक्षा को रद्द करने का फैसला क्यों लिया गया.&amp;nbsp;
गलती किसी और की तो सजा हमें क्यों?
प्रदर्शन कर रहे उम्मीदवारों का तर्क है कि अगर परीक्षा में किसी तरह की गड़बड़ी हुई, तो उसकी जांच की जानी चाहिए और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए. उनका सवाल है कि किसी कथित अनियमितता की वजह से उन सभी उम्मीदवारों को दोबारा परीक्षा देने की स्थिति में क्यों डाला जा रहा है, जिन्होंने मेहनत से परीक्षा पास की थी. उम्मीदवार यह भी सवाल उठा रहे हैं कि अगर परीक्षा रद्द करनी थी तो फैसला लेने में इतना समय क्यों लगा. उनके अनुसार मेंस रिजल्ट आने के बाद 4 महीने से फिजिकल टेस्ट की तैयारी कर रहे थे.
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उम्र निकलने और आर्थिक दबाव की भी चिंता&amp;nbsp;
उम्मीदवारों की परेशानी सिर्फ परीक्षा दोबारा होने तक सीमित नहीं है. प्रदर्शनकारियों के अनुसार कई उम्मीदवार ऐसे हैं, जिनकी उम्र सीमा जल्द खत्म होने वाली है या निकल चुकी है. ऐसे में भर्ती प्रक्रिया में देरी उनके लिए बड़ा नुकसान बन सकती है. कई उम्मीदवारों ने लंबे समय तक तैयारी के दौरान परिवार से आर्थिक मदद ली. वहीं पास होने के बाद परिवारों की उम्मीद थी कि अब नौकरी की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंचेगी. लेकिन अब परीक्षा रद्द होने के बाद उनकी चिंता बढ़ गई है.&amp;nbsp;
अब उम्मीदवारों की क्या है प्रमुख मांग?
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि मेंस परीक्षा रद्द करने का फैसला वापस लिया जाए और भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए. वह फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट की तारीख भी जल्द घोषित करने की मांग कर रहे हैं. उम्मीदवारों का कहना है कि अगर परीक्षा में किसी तरह की गड़बड़ी हुई है तो उसकी जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए. लेकिन उसकी वजह से उन उम्मीदवारों को नुकसान नहीं होना चाहिए, जिन्होंने परीक्षा पास की है. इसके अलावा उम्मीदवार मुख्यमंत्री सम्राट सिंह चौधरी से भी इस मामले में हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं. उम्मीदवारों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया को लेकर जल्द फैसला नहीं हुआ, तो उनकी मेहनत, समय और भविष्य पर इसका असर पड़ सकता है.
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        <pubDate>Tue, 06 Oct 2026 18:30:02 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>बिहार, में, दरोगा, भर्ती, पर, क्यों, मचा, बवाल, सड़कों, पर, उतरे, हजारों, में, उम्मीदवार</media:keywords>
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        <title>स्पोर्ट्स कोटा से CRPF में 521 पदों पर भर्ती, जानें कौन है एलिजिबल</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/स्पोर्ट्स-कोटा-से-crpf-में-521-पदों-पर-भर्ती-जानें-कौन-है-एलिजिबल</link>
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        <description><![CDATA[ सरकारी नौकरी की इच्छा रखने वाले खिलाड़ियों के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल ने भर्ती निकाली है. सीआरपीएफ ने स्पोर्ट्स कोटा के तहत हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल के 521 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है. इस भर्ती के लिए पुरुष और महिला दोनों उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं. आवेदन की प्रक्रिया 12 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी और उम्मीदवार 11 नवंबर 2026 तक ऑनलाइन फॉर्म भर सकेंगे. इस भर्ती के लिए आवेदन सीआरपीएफ की ऑफिशियल वेबसाइट rect.crpf.gov.in. के जरिए किया जाएगा. वहीं आवेदन जमा करने के बाद 12 से 14 नवंबर 2026 तक उसमें बदलाव भी किया जा सकेगा.
सीआरपीएफ स्पोर्ट्स कोटा भर्ती में कुल 521 पद है. इनमें हेड कांस्टेबल के 182 और कांस्टेबल के 339 पद शामिल है. हेड कांस्टेबल के 150 पद पुरुष और 32 पद महिलाओं उम्मीदवारों के लिए है. इस पद के लिए मैट्रिक्स लेवल-4 के तहत 25,500 से 81,100 रुपये तक सैलरी निर्धारित है. वहीं कांस्टेबल के 258 पद पुरुष और 81 पद महिलाओं उम्मीदवारों के लिए है. इस पद पर पे मैट्रिक्स लेवल-3 के तहत 21,700 से 69,100 हजार रुपये तक सैलरी मिलेगा.
इस भर्ती के लिए एलिजिबिलिटी&amp;nbsp;
इस भर्ती में भारत के सामान्य निवासी पुरुष और महिला उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं. हालांकि यह भर्ती सामान्य उम्मीदवारों के लिए नहीं बल्कि मेधावी खिलाड़ियों के लिए है. नोटिफिकेशन के अनुसार ऐसे खिलाड़ी एलिजिबल होंगे, जो संबंधित विज्ञापित खेलों में राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप में मेडल विजेता, पोजिशन होल्डर या प्रतिभागी रहे हो. उम्मीदवारों के खेल उपलब्धि या स्पोर्ट्स सर्टिफिकेट की अवधि भी जरूरी है. नोटिफिकेशन के अनुसार भर्ती विज्ञापन प्रकाशित होने की तारीख से पिछले दो वर्षों के अंदर खेल की उपलब्धि या प्रमाण पत्र मान्य होगा.&amp;nbsp;
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खेल उपलब्धि के आधार पर मेरिट&amp;nbsp;
सीआरपीएफ की इस भर्ती में उम्मीदवारों की मेरिट संबंधित खेलों में उनके स्पोर्ट्स सर्टिफिकेट या उपलब्धियों के लिए मिले कुल अंकों के आधार पर तैयार की जाएगी. अगर दो उम्मीदवारों के अंक समान रहते हैं, तो ज्यादा उम्र वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी.&amp;nbsp;
स्पोर्ट्स कोटा के लिए ऐसे करें आवेदन&amp;nbsp;

इस भर्ती के आवेदन शुरू होने के बाद उम्मीदवारों को CRPF की rect.crpf.gov.in. वेबसाइट पर जाना होगा.&amp;nbsp;
इसके बाद आवेदन फॉर्म में मांगी गई जानकारी भरनी होगी और जरूरी डॉक्यूमेंट अपलोड करने होंगे.
अब फॉर्म जमा करने से पहले उम्मीदवारों को सारी जानकारी अच्छी तरह से जांचनी होगी.&amp;nbsp;
इसके बाद आवेदन सबमिट कर उसका कंफर्मेशन पेज सुरक्षित रख लें.&amp;nbsp;
CRPF ने उम्मीदवारों को सलाह दी है कि आवेदन करने से पहले भर्ती का नोटिफिकेशन जरूर पढ़ें.&amp;nbsp;
भर्ती संबंधी सवालों के लिए CRPF हेल्पलाइन नंबर 01-126160255 पर भी कांटेक्ट कर सकते हैं.

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        <pubDate>Tue, 06 Oct 2026 06:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>स्पोर्ट्स, कोटा, से, CRPF, में, 521, पदों, पर, भर्ती, जानें, कौन, है, एलिजिबल</media:keywords>
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        <title>विदेश में MBBS करने वालों के लिए राहत, NMC ने फिर शुरू किया EC आवेदन</title>
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        <description><![CDATA[ विदेश से मेडिकल की पढ़ाई करने की योजना बना रहे भारतीयों के लिए एनएमसी ने एलिजिबिलिटी सर्टिफिकेट के लिए आवेदन की प्रक्रिया एक बार फिर शुरू कर दी है. यह मौका उन उम्मीदवारों को दिया गया है, जो पहले तय समय सीमा के अंदर तकनीकी दिक्कतों के कारण अपना आवेदन पूरा नहीं कर पाए थे. एनएमसी के एथिक्स एंड मेडिकल रजिस्ट्रेशन बोर्ड को ऐसे उम्मीदवारों की ओर से आवेदन प्रक्रिया में आ रही परेशानियों को लेकर अनुरोध मिले थे. इसके बाद आयोग ने प्रभावित और एलिजिबल उम्मीदवारों को आवेदन दोबारा करने का अवसर देने का फैसला किया. अब उम्मीदवार 7 अक्टूबर 2026 तक इसके लिए आवेदन कर सकते हैं.&amp;nbsp;
एनएमसी की ओर से दोबारा खोली गई आवेदन विंडो 7 अक्टूबर 2026 शाम 6 बजे तक उपलब्ध रहेगी. उम्मीदवारों को आवेदन के लिए एनएमसी के ऑफिशियल पोर्टल पर जाना होगा. आवेदन करने के लिए उम्मीदवार application.nmc.org.in जाकर एलिजिबिलिटी सर्टिफिकेट का फॉर्म भर सकते हैं. आयोग ने सलाह दी है कि उम्मीदवार आखिरी समय तक इंतजार न करें और जल्द से जल्द आवेदन पूरा कर लें, ताकि अंतिम समय में तकनीकी समस्या होने पर परेशानी न हो.&amp;nbsp;
तकनीकी समस्या के कारण मिला दूसरा मौका&amp;nbsp;
इससे पहले EC आवेदन जमा करने की आखिरी तारीख 30 सितंबर 2026 थी. कुछ उम्मीदवारों ने आवेदन प्रक्रिया के दौरान तकनीकी समस्याओं की शिकायत की थी, जिसके चलते वह समय पर अपना फार्म पूरा नहीं कर सके. इन उम्मीदवारों की परेशानी को देखते हुए ईएमआरबी ने आवेदन की सुविधा दोबारा खोलने का निर्णय लिया है. जिन एलिजिबल उम्मीदवारों का आवेदन पूरा नहीं हो पाया था, उनके पास अभी अपनी प्रक्रिया पूरी करने का एक और मौका है.&amp;nbsp;
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फॉर्म भरते समय इन बातों का रखें ध्यान&amp;nbsp;
एनएमसी ने उम्मीदवारों का आवेदन करते समय सभी जानकारी सावधानी से दर्ज करने की सलाह दी है. पर्सनल डिटेल, शैक्षणिक योग्यता और मेडिकल कॉलेज से जुड़ी जानकारी भरने के बाद उसे जमा करने से पहले अच्छी तरह जांच लेना जरूरी है. आयोग ने साफ किया है कि अधूरे आवेदन एक्सेप्ट नहीं किए जाएंगे और उन्हें खारिज कर दिया जाएगा. ऐसे में आवेदन के लिए ईएमआरबी या एनएमसी जिम्मेदार नहीं होगा. इसलिए उम्मीदवारों को यह सुनिश्चित करना होगा कि फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारी और जरूरी डिटेल सही तरीके से भरे गए हों.&amp;nbsp;
विदेश से MBBS करने वालों के लिए क्यों जरूरी EC?&amp;nbsp;&amp;nbsp;
एनएमसी का एलिजिबिलिटी सर्टिफिकेट विदेश में एमबीबीएस या दूसरा मेडिकल कोर्स करने की योजना बना रहे भारतीय छात्रों के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट है. इसके जरिए निर्धारित किया जाता है कि उम्मीदवार विदेश से मेडिकल एजुकेशन हासिल करने के लिए निर्धारित शैक्षणिक और नियामकीय शर्तों को पूरा करता है या नहीं. &amp;nbsp;विदेश से मेडिकल की पढ़ाई करने के बाद भारत लौटकर मेडिकल क्षेत्र में आगे की प्रक्रिया पूरी करने की योजना बना रहे उम्मीदवारों के लिए एनएमसी की निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करना जरूरी है. ऐसे में EC के लिए आवेदन करते समय जानकारी और डॉक्यूमेंट में किसी तरह की कमी नहीं रहने देना जरूरी है.
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        <pubDate>Tue, 06 Oct 2026 06:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>देश की ये 5 यूनिवर्सिटी पढ़ाएंगी क्लासिकल लैंग्वेज, शिक्षा मंत्रालय ने दी मंजूरी</title>
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        <description><![CDATA[ भारत की प्राचीन भाषाओं और उनसे जुड़ी साहित्य एवं ज्ञान परंपराओं को संरक्षित करने की दिशा में शिक्षा मंत्रालय ने बड़ा कदम उठाया है. मंत्रालय ने क्लासिकल असमिया, बंगाली, मराठी, पाली और प्राकृत भाषाओं के लिए देश में पांच सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने को मंजूरी दी है. इन केंद्रों का काम केवल भाषाओं की पढ़ाई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उनके जरिए रिसर्च, साहित्य प्राचीन साहित्य और पांडुलिपियों का संरक्षण डिजिटाइजेशन और इन भाषाओं की विरासत को ज्यादा लोगों तक पहुंचाने पर भी काम किया जाएगा.
शिक्षा मंत्रालय के हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट की ओर से जारी मंजूरी के बाद यह पांच सेंटर अलग-अलग राज्यों की प्रमुख यूनिवर्सिटी और उच्च शिक्षण संस्थानों में स्थापित किए जाएंगे. इसका उद्देश्य इन भाषाओं के रिसर्च और शोध के लिए मजबूत एकेडमिक व्यवस्था तैयार करना है.&amp;nbsp;
इन 5 संस्थानों में बनेंगे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस&amp;nbsp;

क्लासिकल असमिया- तेजपुर यूनिवर्सिटी, असम&amp;nbsp;
क्लासिकल बंगाली- विश्व भारती यूनिवर्सिटी, पश्चिम बंगाल&amp;nbsp;
क्लासिकल मराठी- डेक्कन कॉलेज पोस्ट ग्रेजुएट एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट, पुणे, महाराष्ट्र&amp;nbsp;
क्लासिकल पाली- सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ ओडिशा, ओडिशा&amp;nbsp;
क्लासिकल प्राकृत- सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ गुजरात, गुजरात&amp;nbsp;

रिसर्च से लेकर डिजिटाइजेशन तक का होगा काम&amp;nbsp;
शिक्षा मंत्रालय के अनुसार इन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में संबंधित शास्त्रीय भाषाओं पर एडवांस्ड रिसर्च, विद्वानों के काम और अकादमिक गतिविधियों के लिए संस्थागत मंच उपलब्ध कराया जाएगा. साथ ही भाषाओं से जुड़े पुराने साहित्य, डॉक्यूमेंट और पांडुलिपियों में डॉक्यूमेंटेशन संरक्षण और डिजिटाइजेशन पर भी काम होगा. इससे प्राचीन लिखित विरासत को सुरक्षित रखने के साथ छात्रों, रिसर्चर्स और विद्वानों के लिए इन संसाधनों तक पांच आसान बनाने में मदद मिलेगी. इन केंद्रों के जरिए शास्त्रीय भाषाओं से जुड़ी साहित्यिक, भाषाई और ज्ञान परंपराओं को व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाने पर भी जोर रहेगा.&amp;nbsp;
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2024 में मिली थी 5 भाषा की मान्यता&amp;nbsp;
इन 5 भाषाओं को क्लासिकल भाषा का दर्जा मिलने के बाद अब इनके लिए अलग संस्थागत केंद्र स्थापित किया जा रहे हैं. अक्टूबर 2024 में मराठी, पाली, प्राकृत, असमिया और बंगाली को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिया गया था. इसके साथ भारत में क्लासिकल भाषाओं की कुल संख्या बढ़कर 11 हो गई. इससे पहले तमिल, संस्कृत, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम और ओडिया को क्लासिकल भाषा की मान्यता मिल चुकी थी. शास्त्रीय भाषा के लिए प्राचीन इतिहास, स्वतंत्र साहित्यिक परंपरा और लंबे समय से चली आ रही समृद्ध लिखित एवं ज्ञान परंपरा जैसे मानदंड शामिल है.
ओडिशा के सीएम ने जताई खुशी&amp;nbsp;
सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ ओडिशा में क्लासिकल पाली के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को मंजूरी मिलने पर ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने भी खुशी जताई है. उन्होंने इसे राज्य के लिए गर्व का विषय बताते हुए कहा कि इससे पाली भाषा के अध्ययन, संरक्षण और प्रचार प्रसार को बढ़ावा मिलेगा.
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        <pubDate>Tue, 06 Oct 2026 06:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>राजस्थान 10वीं बोर्ड में हुआ बड़ा बदलाव, अब साल में 2 बार होगी परीक्षा</title>
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        <description><![CDATA[ राजस्थान बोर्ड की 10वीं परीक्षा में बड़ा बदलाव होने जा रहा है. 2026-27 सत्र से RBSE अब कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा साल में दो बार आयोजित करेगा. नई व्यवस्था का उद्देश्य छात्रों को एक ही साल में अपने प्रदर्शन को सुधारने का मौका देना और परीक्षा के दबाव को कम करना है. इसके तहत पहली परीक्षा देना जरूरी होगा, जबकि दूसरी परीक्षा सुधार के अवसर के तौर पर होगी. नई व्यवस्था में सबसे खास बात यह है कि दूसरी परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने पर वहीं अंक अंतिम परिणाम में शामिल किए जाएंगे, यानी दूसरी परीक्षा में कम अंक आने पर पहली बेहतर परीक्षा के अंक ही मान्य रहेंगे.&amp;nbsp;
नई व्यवस्था के अनुसार, पहली बोर्ड परीक्षा फरवरी-मार्च में आयोजित की जाएगी. इसमें पहले की तरह ही कक्षा 10वीं के सभी रजिस्टर्ड रेगुलर और प्राइवेट छात्रों को शामिल होना होगा. पहली परीक्षा पूरे सिलेबस के आधार पर होगी. इसके बाद में जून में दूसरी परीक्षा का आयोजन किया जाएगा. यह परीक्षा उन छात्रों के लिए होगी, जो अपने अंकों में सुधार करना चाहते हैं या फिर दोबारा परीक्षा देकर अपने रिजल्ट को बेहतर करना चाहते हैं. दूसरी परीक्षा में भी पूरा सिलेबस शामिल रहेगा.&amp;nbsp;
अधिकतम 3 विषयों में कर सकेंगे अंक सुधार&amp;nbsp;
पहली परीक्षा में पास होने वाले छात्र अधिकतम तीन विषयों में अपने अंक सुधारने के लिए दूसरी परीक्षा दे सकेंगे. छात्र चाहे तो पहली परीक्षा के रिजल्ट से संतुष्ट होने पर दूसरी परीक्षा में शामिल नहीं भी हो सकते हैं. अंक सुधार के लिए उपलब्ध विषयों में हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, व्यावसायिक शिक्षा और तीसरी भाषा जैसे विषय शामिल है. वहीं दूसरी परीक्षा में विषय बदलने की अनुमति नहीं होगी.&amp;nbsp;
बेस्ट ऑफ-2 से तय होगा रिजल्ट
RBSE की नई व्यवस्था में बेस्ट ऑफ-2 नियम लागू होगा. इसका मतलब है कि किसी छात्र ने किसी विषय में पहली परीक्षा में 70 अंक हासिल किए और दूसरी परीक्षा में 65 अंक आए, तो अंतिम परिणाम में 70 अंक ही माने जाएंगे. वहीं दूसरी परीक्षा में 75 अंक आने पर 75 अंतिम परिणाम में शामिल होंगे. इस तरह दूसरी परीक्षा छात्रों के लिए अतिरिक्त अवसर रहेगी और इसमें बैठने से पहले परीक्षा के बेहतर अंक पर कोई असर नहीं पड़ेगा.&amp;nbsp;
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सप्लीमेंट्री व्यवस्था पूरी तरह खत्म&amp;nbsp;
RBSE ने कंपार्टमेंट-सप्लीमेंट्री एग्जाम की पुरानी व्यवस्था की पूरी तरह से खत्म कर दिया है. दरअसल अब नई व्यवस्था में सप्लीमेंट्री कैटेगरी में आने वाले छात्रों को भी दूसरी परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिलेगा. वह अधिकतम तीन विषयों में परीक्षा देकर अपने प्रदर्शन में सुधार कर सकेंगे, जिसमें सप्लीमेंट्री वाले विषय भी शामिल हो सकते हैं. अगर कोई छात्र पहली परीक्षा में दो विषय तक में फेल होता है, तो उसे दूसरी परीक्षा के जरिए इस सत्र में पास होने का मौका मिल सकता है. वहीं तीन या उससे ज्यादा विषयों में फेल होने पर अनुपस्थित रहने वाले छात्रों को दूसरे परीक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं होगी और उन्हें अगले शैक्षणिक सत्र में सभी विषयों की परीक्षा दोबारा देनी होगी.&amp;nbsp;
परीक्षा में एब्सेंट रहने वालों के लिए भी मौका&amp;nbsp;
जो छात्र पहले परीक्षा में अनुपस्थित रहते हैं, उन्हें भी दूसरी परीक्षा में शामिल होने की अनुमति मिल सकती है. हालांकि इसके लिए वैलिड मेडिकल सर्टिफिकेट या संबंधित स्थिति में जिला शिक्षा अधिकारी की अनुमति जैसी शर्तें लागू होंगी.
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        <pubDate>Tue, 06 Oct 2026 06:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>UP युवा कल्याण विभाग में 412 पदों पर भर्ती, 16 अक्टूबर तक भरें फॉर्म</title>
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        <description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल विभाग में 412 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है. यह भर्ती क्षेत्रीय युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल अधिकारी और व्यायाम प्रशिक्षक के पदों के लिए होगी. आवेदन प्रक्रिया 16 अक्टूबर से शुरू होगी और इच्छुक उम्मीदवार 6 नवंबर 2026 तक ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं. यह विज्ञापन संख्या 23-परीक्षा/2026 के तहत निकाली गई है. खास बात यह है कि इसमें वहीं उम्मीदवार आवेदन कर सकेंगे, जिन्होंने यूपीएसएसएससी पीईटी 2025 में हिस्सा लिया है और उनके पास वैलिड पीईटी स्कोर और उम्मीदवारों की शॉर्टलिस्टिंग पीईटी 2025 के नॉर्मलाइज्ड स्कोर के आधार पर की जाएगी.&amp;nbsp;
UPSSSC &amp;nbsp;की भर्ती में कुल 412 पद शामिल है. इनमें सबसे ज्यादा 368 पद क्षेत्रीय युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल अधिकारी के हैं, जबकि 44 पद व्यायाम प्रशिक्षक के लिए रखे गए हैं. क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी के 368 में 142 पद स्पेशल सेक्शन और 226 पद जनरल सेलेक्शन के हैं. वहीं व्यायाम प्रशिक्षित के 44 पदों में 22 स्पेशल सेलेक्शन और 22 जनरल सेलेक्शन के हैं.&amp;nbsp;
ग्रेजुएशन वाले कर सकते हैं आवेदन&amp;nbsp;
क्षेत्रीय युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल अधिकारी पद के लिए उम्मीदवार के पास भारत में कानून के तहत स्थापित किसी यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए. व्यायाम प्रशिक्षक पद के लिए ग्रेजुएशन जरूरी है. इसके साथ निर्धारित डीपीईडी, बीपीईएड या संबंधित फिजिकल एजुकेशन योग्यता होनी चाहिए. इसके अलावा बीपीईएड-डीपीईडी, संगठनात्मक एक्सपीरियंस, टेरिटोरियल आर्मी में कम से कम 2 साल की सेवा और एनसीसी बी सर्टिफिकेट जैसी योग्यताएं निर्धारित शर्तों के अनुसार वरीयता के लिए मान्य होगी.&amp;nbsp;
21 से 40 साल है उम्र सीमा&amp;nbsp;
इस भर्ती के लिए उम्मीदवार की उम्र 1 जुलाई 2026 को कम से कम 21 साल और अधिकतम 40 साल होने चाहिए. अनुसूचित जाति ,अनुसूचित जनजाति और दूसरे एलिजिबल आरक्षित वर्गों को उत्तर प्रदेश सरकार के नियमों के अनुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट मिलेगी. आवेदन के दौरान सभी वर्गों के उम्मीदवारों को 25 रुपये प्रोसेसिंग फीस देनी होगी. शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा के लिए निर्धारित शुल्क अलग से देना होगा.&amp;nbsp;
16 अक्टूबर से शुरू होगा आवेदन&amp;nbsp;
यूपीएसएसएससी यूथ वेलफेयर ऑफिसर रिक्रूटमेंट 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन 16 अक्टूबर से 6 नवंबर 2026 तक किए जा सकेंगे. फीस और आवेदन में जरूरी सुधार के लिए 13 नवंबर 2026 तक का समय दिया गया है. वहीं उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर पीईटी 2026 की रजिस्ट्रेशन डिटेल के जरिए आवेदन कर सकेंगे. फॉर्म भरने के बाद उसका प्रिंट आउट सुरक्षित रखना भी जरूरी होगा.&amp;nbsp;
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यह है चयन प्रक्रिया&amp;nbsp;
इस भर्ती में सबसे पहले उम्मीदवारों को पीईटी 2025 के लिए नॉर्मलाइज्ड स्कोर के आधार पर मुख्य परीक्षा के लिए शार्ट लिस्ट किया किया जाएगा. इसके बाद मुख्य लिखित परीक्षा होगी. वहीं लिखित परीक्षा के बाद निर्धारित शारीरिक माप और शारीरिक दक्षता परीक्षा पास करना जरूरी होगा. इसके बाद डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और फाइनल मेरिट की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. जिन उम्मीदवारों का पीईटी स्कोर जीरो या नेगेटिव है, उन्हें मुख्य परीक्षा के लिए शार्ट लिस्ट नहीं किया जाएगा. वहीं क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी पद के लिए शारीरिक मानक भी निर्धारित किए गए हैं.
कितनी मिलेगी सैलरी?
क्षेत्रीय युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल अधिकारी का पद पे लेवल-5 में है, जिसमें औसतन सैलरी 29,200 से 92,300 रुपये तक है. वहीं व्यायाम प्रशिक्षक का पद पे लेवल 6 में है और इसकी सैलरी 35,400 से 1,12,400 रुपये हैं.
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        <pubDate>Tue, 06 Oct 2026 06:30:02 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>युवा, कल्याण, विभाग, में, 412, पदों, पर, भर्ती, अक्टूबर, तक, भरें, फॉर्म</media:keywords>
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        <title>गेट 2027 के लिए आज आखिरी मौका, रात तक भर दें आवेदन फॉर्म</title>
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        <description><![CDATA[ गेट 2027 की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए आज आवेदन का आखिरी मौका है. आईआईटी मद्रास की ओर से ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग 2027 के लिए आवेदन की बढ़ाई गई आखिरी समय सीमा आज यानी 5 अक्टूबर को खत्म होने जा रही है. जिन उम्मीदवारों ने अभी तक आवेदन नहीं किया है वह आज रात तक आवेदन कर सकते हैं. वहीं आपको बता दें कि गेट स्कोर का इस्तेमाल आईआईटी-आईआईएससी और दूसरे संस्थानाें में पोस्ट ग्रेजुएट और डॉक्टरेट प्रोग्राम में एडमिशन के लिए किया जाता है. कुछ पब्लिक क्षेत्र की कंपनियां भी भर्ती के लिए गेट स्कोर का इस्तेमाल करती है.
गेट 2027 के लिए सामान्य आवेदन प्रक्रिया के बाद आवेदन की समय सीमा बढ़ाई गई थी. वहीं 5 अक्टूबर तक आवेदन करने पर लेट फीस लागू नहीं होगी. इसके बाद लेट फीस के साथ आवेदन की सुविधा 12 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध रहेगी. बिना लेट फीस के एक पेपर के लिए महिला, एससी, एसटी और पीडब्ल्यूडी उम्मीदवारों को 1000 रुपये, जबकि अन्य उम्मीदवारों को 2000 रुपये फीस देनी होगी. दो पेपर के लिए यह फीस 4000 रुपये हैं. वहीं आज आवेदन की तारीख निकलने के बाद एक पेपर के लिए महिला, एसटी, एससी और पीडब्ल्यूडी उम्मीदवारों के लिए 1500 रुपये और दूसरे उम्मीदवारों के लिए 2500 रुपये फीस देनी होगी.
ऐसे भरे गेट 2027 का फॉर्म&amp;nbsp;

गेट 2027 का फॉर्म भरने के लिए सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट gate2027.iitm.ac.in पर जाएं.&amp;nbsp;
अब यहां पर गेट 2027 के लिए एप्लीकेशन पोर्टल खोलें.
इसके बाद रजिस्ट्रेशन लिंक पर जाकर जरूरी जानकारी दर्ज करें.&amp;nbsp;
रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद पर्सनल और एजुकेशनल डिटेल भरें.&amp;nbsp;
अब उम्मीदवारों को अपना पेपर और पसंदीदा परीक्षा शहर चुनना होगा.&amp;nbsp;
इसके बाद निर्धारित प्रारूप में फोटो, सिग्नेचर और जरूरी डॉक्यूमेंट अपलोड करें.&amp;nbsp;
लास्ट में फीस जमा करके फॉर्म सबमिट कर दें&amp;nbsp;

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किन डॉक्यूमेंट की होगी जरूरत?
आवेदन के दौरान उम्मीदवार की लाइव फोटो भी ली जाएगी. इसलिए कैमरे की सुविधा वाले मोबाइल या कंप्यूटर का इस्तेमाल करना होगा. इसके अलावा निर्धारित प्रारूप में फोटो और सिग्नेचर, पहचान संबंधी डॉक्यूमेंट और जरूरी कैटेगरी के अनुसार पीडब्ल्यूडी जैसे प्रमाण पत्र तैयार रखने होंगे. इसके अलावा एससी, एसटी उम्मीदवारों को संबंधित प्रमाण पत्र अपलोड करना होगा. परीक्षा केंद्र पर वहीं मूल पहचान पत्र लेकर जाना होगा, जिसका इस्तेमाल आवेदन में वेरिफिकेशन के लिए किया गया है.&amp;nbsp;
14 से 21 अक्टूबर तक खुलेगी करेक्शन विंडो&amp;nbsp;
आवेदन प्रक्रिया खत्म होने के बाद उम्मीदवारों को फॉर्म में निर्धारित बदलाव करने का एक और मौका मिलेगा. गेट 2027 की एप्लीकेशन विंडो 14 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक खुली रहेंगी. इस दौरान निर्धारित जानकारी में अनुमत सुधार किया जा सकते हैं. वहीं गेट 2027 परीक्षा कई चरणों में आयोजित की जाएगी. यह परीक्षा 6, 7, 13, 14, 20, और 21 फरवरी 2027 को आयोजित की जाएगी.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Mon, 05 Oct 2026 14:30:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>गेट, 2027, के, लिए, आज, आखिरी, मौका, रात, तक, भर, दें, आवेदन, फॉर्म</media:keywords>
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        <title>जॉब मार्केट में CA&amp;CS की बढ़ी डिमांड, MBA और इंजीनियर्स से निकले आगे</title>
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        <description><![CDATA[ भारत के कैंपस जॉब मार्केट में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और कंपनी सेक्रेटरी की मांग तेजी से बढ़ती दिखाई दे रही है. कंपनियां जहां इंजीनियरिंग और एमबीए जैसे प्रोफेशनल कोर्स करने वाले उम्मीदवारों की भर्ती को लेकर बंटी हुई है, &amp;nbsp;वहीं सीए और सीएस उम्मीदवारों को लेकर ज्यादा संस्थान भर्ती बढ़ाने की योजना बना रहे हैं. AON की कैंपस स्टडी रिपोर्ट 2026-27 के अनुसार 56 प्रतिशत कंपनियां सीए और सीएस की भर्ती बढ़ाने की तैयारी में ह. &amp;nbsp;रिपोर्ट के अनुसार 33 प्रतिशत संस्थान सीए और सीएस भर्ती में कोई बदलाव नहीं करेंगे. जबकि 11 प्रतिशत कंपनियां इन प्रोफेशनल की भर्ती कम करने की योजना बना रही है. इस तरह सीए और सीएस के लिए नेट हायरिंग इंटेंट +45 प्रतिशत अंक रहा, जो रिपोर्ट में शामिल सभी टैलेंट ग्रुप में सबसे ज्यादा है.&amp;nbsp;
सीए और सीएस के मुकाबले एमबीए और इंजीनियरिंग उम्मीदवारों को लेकर कंपनियों की भर्ती योजनाएं एक जैसी नहीं है. इंजीनियरिंग टैलेंट के लिए नेट हायरिंग इंटेंट -4 अंक रहा. वहीं 36 प्रतिशत कंपनियां इंजीनियर की भर्ती बढ़ाने की योजना बना रही है, जबकि 40 प्रतिशत इसे घटाना चाहती है. इसके अलावा एमबीए उम्मीदवारों के मामले में तस्वीर और कमजोरी रही है. यहां नेट हायरिंग इंटेंट -10 रहा है. रिपोर्ट के अनुसार 34 प्रतिशत संगठन एमबीए भर्ती बढ़ाना चाहते हैं, जबकि 44 प्रतिशत इसे कम करने की योजना बना रहे हैं. वहीं लेटरल हायरिंग को लेकर भी कंपनियों की राय बंटी हुई है. 40 प्रतिशत संस्थान इसमें भर्ती बढ़ाने की योजना बना रहे हैं और इतने ही संगठन इसे घटाने की तैयारी में है.&amp;nbsp;
CA-CS के लिए इंटर्नशिप पर भी मजबूत रास्ता&amp;nbsp;
सीए और सीएस की डिमांड केवल फुल टाइम नौकरियों तक सीमित नहीं है. रिपोर्ट के अनुसार 91 प्रतिशत संगठन सीए और सीएस इंटर्न को हायर करते हैं. यह आंकड़ा बीटेक-एमटेक के लिए 94 प्रतिशत और एमबीए के लिए 93 प्रतिशत के करीब है. बीए, बीकॉम, बीएससी, एमए, एमकॉम और एमएससी जैसे ग्रेजुएट्स के लिए भी आंकड़ा 91 प्रतिशत है. वहीं इंटर्नशिप के बाद नौकरी का रास्ता भी सीए और सीएस उम्मीदवारों के लिए काफी खुला हुआ है. करीब 82 प्रतिशत कंपनियां सीए और सीएस इंटर्न को प्री-प्लेसमेंट इंटरव्यू या ऑफर देते हैं. एमबीए के लिए यह आंकड़ा 85 प्रतिशत है. बीए, बीकॉम, बीएससी के लिए 83 प्रतिशत और बीटेक-एमटेक के लिए 81 प्रतिशत है.&amp;nbsp;
CA फाइनल में बैठने वाले उम्मीदवारों की संख्या घटी&amp;nbsp;
एक तरफ कंपनियां सीए और सीएस प्रोफेशनल की भर्ती बढ़ाना चाहती है, वहीं सीए फाइनल परीक्षा के उम्मीदवारों की संख्या में पिछले कुछ सालों में कमी आई है. आईसीएआई के आंकड़ों के अनुसार में 2017 में सीए फाइनल के लिए 1,32,007 रजिस्ट्रेशन हुए थे. मई 2025 में यह संख्या घटकर 99,466 रह गई, यानी करीब 25 प्रतिशत की इसमें कमी आई. वहीं सितंबर 2025 की परीक्षा में 81,852 रजिस्ट्रेशन हुए, जो मई 2017 के मुकाबले करीब 38 प्रतिशत कम है.&amp;nbsp;
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2024 में ज्यादा उम्मीदवार हुए थे पास&amp;nbsp;
सीए फाइनल में सफल उम्मीदवारों की संख्या भी अलग-अलग परीक्षाओं में बदलती रही है. मई 2024 में 20,446 उम्मीदवार पास हुए, जो दिए गए आंकड़ों में किसी एक परीक्षा में सबसे ज्यादा है. वहीं नवंबर 2024 में 11,500 उम्मीदवार सफल हुए. दोनों परीक्षाओं को मिलाकर 2024 में 31,946 उम्मीदवारों ने का फाइनल क्लियर किया. वहीं मई और सितंबर 2025 की दोनों परीक्षाओं में कुल 25,713 उम्मीदवार सफल हुए. यह 2024 की दोनों परीक्षाओं के मुकाबले करीब 20 प्रतिशत कम है.&amp;nbsp;
CA फाइनल में महिलाओं की हिस्सेदारी भी बढ़ी&amp;nbsp;
सीए फाइनल में रजिस्ट्रेशन की कुल संख्या भले ही कम हुई हो, लेकिन इसमें महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ी है. मई &amp;nbsp;2015 में कुल रजिस्ट्रेशन में महिलाओं की हिस्सेदारी करीब 35 प्रतिशत थी. वहीं मई 2025 में यह बढ़कर लगभग 41 प्रतिशत हो गई. वहीं सितंबर 2025 में भी महिलाओं की हिस्सेदारी करीब 41 प्रतिशत रही.
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        <pubDate>Sun, 04 Oct 2026 22:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>कौन है वैशाली की DM वर्षा सिंह? जो बाढ़ के बीच रात भर बांध पर रहीं डटी</title>
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        <description><![CDATA[ कौन है वैशाली की DM वर्षा सिंह? जो बाढ़ के बीच रात भर बांध पर रहीं डटी ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 04 Oct 2026 22:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>UP Special TET रजिस्ट्रेशन के लिए आखिरी मौका, जल्द करें आवेदन</title>
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        <description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग UPESSC द्वारा आयोजित की जा रही Special TET 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन करने का समय आज समाप्त होने वाला है. आयोग की ओर से जारी आधिकारिक सूचना के मुताबिक, इस प्रतिष्ठित पात्रता परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन करने की अंतिम तिथि 4 अक्टूबर 2026 तय की गई है.&amp;nbsp;
ऐसे में जिन इच्छुक और योग्य उम्मीदवारों ने अभी तक किसी कारणवश अपना फॉर्म नहीं भरा है, वे बिना समय गंवाए आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपनी आवेदन प्रक्रिया को तुरंत पूरा कर सकते हैं. राज्य के सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में शिक्षण क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देख रहे युवाओं के लिए यह एक बेहद महत्वपूर्ण अवसर है.
प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर के लिए परीक्षा के नियम
इस परीक्षा के अंतर्गत अभ्यर्थियों की शैक्षणिक योग्यता के आधार पर दो अलग-अलग स्तरों के पेपर आयोजित किए जाते हैं. उम्मीदवार अपनी पात्रता के अनुसार कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों को पढ़ाने के लिए पेपर-1 प्राथमिक स्तर के लिए आवेदन कर सकते हैं. इसके साथ ही जो अभ्यर्थी कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों को पढ़ाने की इच्छा रखते हैं, वे पेपर-2 उच्च प्राथमिक स्तर के लिए फॉर्म भर सकते हैं. उम्मीदवार अपनी इच्छा और निर्धारित योग्यताओं के अनुसार किसी एक पेपर या फिर दोनों पेपरों में बैठने का विकल्प चुन सकते हैं.
अलग-अलग पेपर के लिए आवश्यक शैक्षणिक योग्यता
प्राथमिक स्तर पेपर-1 के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों का न्यूनतम अंकों के साथ 12वीं कक्षा पास होने के साथ-साथ प्रारंभिक शिक्षा में दो साल का डिप्लोमा D.El.Ed होना अनिवार्य है. इसके अलावा ग्रेजुएशन के साथ दो साल का डिप्लोमा या 50 प्रतिशत अंकों के साथ ग्रेजुएशन और B.Ed करने वाले अभ्यर्थी भी इसके पात्र माने गए हैं.&amp;nbsp;
वहीं दूसरी ओर, पेपर-2 के लिए उम्मीदवारों के पास न्यूनतम 50 प्रतिशत अंकों के साथ ग्रेजुएशन और बीएड या प्रारंभिक शिक्षा में डिप्लोमा होना आवश्यक है. सीनियर सेकेंडरी के साथ चार साल का B.El.Ed करने वाले छात्र भी इस परीक्षा के नियमों के तहत आवेदन करने के योग्य माने गए हैं.
आवेदन शुल्क और वन टाइम रजिस्ट्रेशन&amp;nbsp;
जिन अभ्यर्थियों के पास पहले से ही OTR क्रेडेंशियल मौजूद हैं, वे सीधे अपने पुराने विवरण का उपयोग करके लॉगिन कर सकते हैं. इसके साथ ही श्रेणी के आधार पर आवेदन शुल्क भी अलग-अलग तय किया गया है. सामान्य, अन्य पिछड़ा वर्ग और EWS श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 1,000 रुपये निर्धारित है. वहीं अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के आवेदकों के लिए यह शुल्क 500 रुपये है, जबकि दिव्यांग श्रेणी के उम्मीदवारों को केवल 300 रुपये का शुल्क ऑनलाइन माध्यम से जमा करना होगा.
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परीक्षा का पैटर्न और महत्वपूर्ण तारीखें
इस पात्रता परीक्षा के दोनों ही पेपरों में कुल 150 MCQs पूछे जाएंगे, जो कुल 150 अंकों के होंगे. इस परीक्षा को पूरा करने के लिए उम्मीदवारों को दो घंटे और 30 मिनट का समय दिया जाएगा, और सबसे राहत की बात यह है कि इसमें कोई भी नेगेटिव मार्किंग नहीं होगी. पेपर-1 में बाल विकास, हिंदी, गणित, पर्यावरण अध्ययन और अंग्रेजी/उर्दू/संस्कृत से जुड़े प्रश्न शामिल होंगे.&amp;nbsp;
परीक्षा में पास होने के लिए सामान्य वर्ग के लिए न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य है. आयोग के शेड्यूल के मुताबिक, 8 अक्टूबर को फॉर्म सुधार की सुविधा मिलेगी, जिसके बाद 1 नवंबर 2026 को एडमिट कार्ड जारी किए जाएंगे और मुख्य परीक्षा का आयोजन 3 नवंबर 2026 को राज्य के विभिन्न केंद्रों पर किया जाएगा.
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        <pubDate>Sun, 04 Oct 2026 22:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Special, TET, रजिस्ट्रेशन, के, लिए, आखिरी, मौका, जल्द, करें, आवेदन</media:keywords>
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        <title>उत्तराखंड में 10 शिक्षक बर्खास्त, फर्जी डॉक्यूमेंट से कर रहे थे नौकरी</title>
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        <description><![CDATA[ उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में शिक्षा विभाग ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में नौकरी कर रहे 10 शिक्षक-शिक्षिकाओं की सेवाएं समाप्त कर दी है. जांच में इनके उत्तराखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा 2024 के प्रमाण पत्र में गड़बड़ी सामने आई थी. सत्यापन के दौरान प्रमाण पत्र पर दर्ज रोल नंबर और अंक उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद, रामनगर के रिकॉर्ड से मेल नहीं खाए. बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर विभाग ने यह कार्रवाई की है. सेवा समाप्त किए जाने के बाद अब इन शिक्षकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है. विभाग में संबंधित अधिकारियों को आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं इस मामले में शिक्षकों की नियुक्ति के समय दस्तावेजों के वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए.&amp;nbsp;
मामला सामने आने के बाद उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद रामनगर से संबंधित शिक्षकों के प्रमाण पत्र का मूल रिकॉर्ड से मिलान किया. जांच में प्रमाण पत्र पर दर्ज अंक और रोल नंबर बोर्ड के मूल अभिलेखों से अलग पाए गए. बोर्ड ने मुख्य प्रशासनिक अधिकारी की ओर से 10 अगस्त को जारी रिपोर्ट में भी प्रमाण पत्र के वेरिफिकेशन से जुड़ी जानकारी दी थी. इसके बाद विभागीय स्तर पर शिक्षकों को अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया. वहीं बागेश्वर के मुख्य शिक्षा अधिकारी आसाराम चौधरी के अनुसार विभागीय कार्यवाही के दौरान शिक्षकों को अपना पक्ष रखने के लिए तीन अवसर दिए गए. इनमें से ज्यादातर शिक्षक की शुरुआत दो सुनवाई में शामिल हुए. लेकिन तीसरी सुनवाई में आधे से ज्यादा उपस्थित नहीं हुए. वह अपने प्रमाण पत्र को सही साबित करने के लिए मूल दस्तावेज भी प्रस्तुत नहीं कर सके.&amp;nbsp;
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इन 10 शिक्षकों की सेवा हुई समाप्त&amp;nbsp;

कमला देवी- राजकीय प्राथमिक विद्यालय, ससोला
चंद्र प्रकाश आर्य- राजकीय प्राथमिक विद्यालय, रीमा क्वीटी
रजनी- राजकीय प्राथमिक विद्यालय, उछात
लक्ष्मी आर्य- राजकीय प्राथमिक विद्यालय, स्यालढूंगा
रोहित कुमार- राजकीय प्राथमिक विद्यालय, चनौस चनूसी
नेहा-राजकीय प्राथमिक विद्यालय, नरगोली&amp;nbsp;
संजय कुमार- राजकीय प्राथमिक विद्यालय, ठेली
अरविंद कुमार- राजकीय प्राथमिक विद्यालय, जलमानी
पंकज कुमार- राजकीय प्राथमिक विद्यालय, सुदिंल
प्रियंका-राजकीय प्राथमिक विद्यालय, उडियारी

नियुक्ति के समय वेरिफिकेशन पर उठे सवाल
इस कार्रवाई के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर प्रमाणपत्रों में गड़बड़ी थी, तो नियुक्ति के समय इनका सत्यापन कैसे हुआ. विभागीय जांच में अब इस पहलू पर भी सवाल उठ रहे हैं कि डॉक्यूमेंट की जांच के दौरान संबंधित अभिलेखों का मूल रिकॉर्ड से मिलान क्यों नहीं हो पाया. विभाग ने इन मामलों में आगे कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. साथ ही दूसरी नियुक्तियों और डॉक्यूमेंट की जांच भी जारी होने की बात कही गई है. जांच के आधार पर आगे और कार्रवाई हो सकती है.
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        <pubDate>Sun, 04 Oct 2026 22:30:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>CUET UG का पैटर्न बदलने की तैयारी में NTA, घट सकती है सवालों की संख्या</title>
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        <description><![CDATA[ CUET UG की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए आने वाला साल परीक्षा के लिए अहम हो सकता है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) परीक्षा के मौजूदा पैटर्न में बदलाव की तैयारी कर रही है, जिसका उद्धेश्य एग्जाम प्रक्रिया को आसान और कम समय लेने वाला बनाना है. प्रस्तावित व्यवस्था में छात्रों को परीक्षा केंद्र पर बार-बार जाने की परेशानी से राहत मिल सकती है.
नए पैटर्न के तहत एक छात्र की परीक्षा एक ही दिन में पूरी कराने की योजना पर विचार किया जा रहा है. इसके अलावा प्रश्नों की संख्या और प्रत्येक पेपर के लिए निर्धारित समय भी कम किया जा सकता है. हालांकि, इन बदलावों को लेकर अंतिम फैसला और आधिकारिक गाइडलाइंस जारी होना अभी बाकी है. ऐसे में आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला.
एक ही दिन में पूरी परीक्षा का प्लान
मौजूदा व्यवस्था में छात्र अपने चुने हुए विषयों के अनुसार अलग-अलग दिन परीक्षा देते हैं. अधिकतम पांच विषय चुनने वाले स्टूडेंट्स को परीक्षा के लिए दो या तीन बार परीक्षा केंद्र तक जाना पड़ता है. इससे आने-जाने का खर्च, समय और लॉजिस्टिक परेशानी बढ़ती है. प्रस्तावित बदलाव के बाद एक स्टूडेंट की सभी परीक्षाएं एक ही दिन में पूरी कराने की तैयारी है. CUET की परीक्षा विंडो भले ही करीब 12 से 15 दिनों की हो, लेकिन प्रत्येक छात्र को इसी अवधि में किसी एक दिन परीक्षा देने का स्लॉट मिल सकता है. इससे स्टूडेंट्स को बार-बार परीक्षा केंद्र बदलने या अलग-अलग तारीखों पर यात्रा करने की परेशानी कम होगी.
60 मिनट की जगह 40-45 मिनट का पेपर
CUET UG के मौजूदा पैटर्न में प्रत्येक विषय के पेपर के लिए 60 मिनट का समय निर्धारित है. नए प्रस्ताव में इसे घटाकर करीब 40 से 45 मिनट करने पर विचार किया जा रहा है. समय कम होने का सीधा असर प्रश्नों की संख्या पर भी पड़ेगा. अभी एक विषय के पेपर में 50 प्रश्न होते हैं. प्रस्तावि पैटर्न में इनकी संख्या घटकर करीब 35 से 40 प्रश्न हो सकती है. यानी परीक्षा छोटी होगी, लेकिन स्टूडेंट्स को सीमित समय में ज्यादा सही तरीके से सवाल सॉल्व करने होंगे.
यह भी पढ़ें: UPSC में 3 बार फेल, 8 साल नौकरी नहीं, फिर मिला 17 लाख का पैकेज
पांच की जगह चार विषयों का विकल्प
CUET UG में फिलहाल स्टूडेंट अधिकतम पांच विषय चुन सकते हैं. हालांकि, नए पैटर्न के साथ विषयों की संख्या को लेकर भी समीक्षा की जा रही है. रिपोर्ट के मुताबिक यूजीसी और एनटीए के स्तर पर यह संभावना देखी जा रही है कि अधिकतम विषयों की संख्या पांच से घटाकर चार की जाए या नहीं. अगर पांच विषयों का विकल्प रहता है और प्रत्येक पेपर 40 मिनट का होता है, तो छात्र करीब 200 मिनट यानी 3 घंटे 20 मिनट में अपनी पूरी परीक्षा कर सकता है. चार विषयों की स्थिति में परीक्षा लगभग 160 मिनट में खत्म हो सकती है.
कम आवेदन वाले PG कोर्स पर भी असर
बदलाव सिर्फ CUET UG तक सीमित नहीं रह सकता. CUET PG में भी कम आवेदन वाले विषयों को परीक्षा से बाहर रखने की योजना पर विचार किया जा रहा है. जिन पाठ्यक्रमों में उपलब्ध सीटों की तुलना में आवेदन कम होंगे, वहां प्रवेश परीक्षा कराने के बजाय मेरिट के आधार पर एडमिशन का विकल्प अपनाया जा सकता है. रिपोर्ट के अनुसार ऐसे कई विषय हैं जिनमें पिछले वर्षों में दूसरे विषय के मुकाबले कम आवेदन आए हैं.
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        <pubDate>Sun, 04 Oct 2026 22:30:03 +0530</pubDate>
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        <title>SC&amp;ST स्कॉलरशिप में बदल सकता है नियम, बढ़ सकती है इनकम लिमिट</title>
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        <description><![CDATA[ देशभर में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के छात्रों को मिलने वाली पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप को लेकर बड़ा बदलाव हो सकता है. इस योजना के तहत एलिजिबिलिटी तय करने के लिए पेरेंट्स की सालाना आय की सीमा पिछले एक दशक से ज्यादा समय से नहीं बदली है. अब सरकार इस समय सीमा को बढ़ाने पर विचार कर रही है. सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की एक अधिकारी के अनुसार आय सीमा बढ़ाकर 4.5 लाख रुपये सालाना करने का प्रस्ताव है. मौजूदा व्यवस्था में एससी और एसटी छात्रों की पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप के लिए अभिभावकों की वार्षिक आय की अधिकतम सीमा 2.5 लाख रुपये हैं. वहीं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय और जनजातीय कार्य मंत्रालय ने आखिरी बार 2013 में इस सीमा में बदलाव किया था. उस समय इसे 2 लाख से बड़ा कर 2.5 लाख रुपये किया गया था.&amp;nbsp;
स्कॉलरशिप योजना के दिशा-निर्देशों में आय सीमा की समीक्षा हर 2 साल में किए जाने के बाद कही गई है. इसके बावजूद 2013 के बाद इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है. इसी मुद्दे को लेकर एससी-एसटी और दूसरे वंचित वर्गों के लिए काम करने वाले कई संगठनों ने सरकार के सामने आय सीमा बढ़ाने की मांग रखी है. इन संगठनों का कहना है कि लंबे समय से आय सीमा में संशोधन नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में जरूरतमंद छात्र योजना के दायरे से बाहर हो सकते हैं.&amp;nbsp;
EWS आय सीमा से की जा रही तुलना&amp;nbsp;
डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर नेशनल एसोसिएशन ऑफ इंजीनियर्स नेशनल कन्फेडरेशन ऑफ दलित ऑर्गेनाइजेशन और नेशनल कैंपेन फॉर दलित ह्यूमन राइट्स ने एससी, एसटी स्कॉलरशिप की आय सीमा को EWS की आय सीमा से जोड़कर सवाल उठाए हैं. BANAE के अध्यक्ष नाग सेन सोनारे का कहना है कि स्कॉलरशिप की आय सीमा में महंगाई और कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर बदलाव होना चाहिए. उनके अनुसार पिछले 11 वर्षों में करीब 6 बार संशोधन किया जाना चाहिए था. सोनारे ने एससी-एसटी छात्रों के लिए पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप की आय सीमा को कम से कम 12 लाख रुपये सालाना करने की मांग की है, ताकि ज्यादा छात्र इस योजना का लाभ उठा सके.&amp;nbsp;
ये भी पढ़ें-CBSE 10वीं के छात्रों को राहत, नहीं बदलेगा पास होने का नियम
संगठनों ने उठाए अलग-अलग सवाल&amp;nbsp;
NACDOR के अध्यक्ष अशोक भारती ने आरोप लगाया है कि सरकार आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग और एससी-एसटी वर्ग के गरीब छात्रों की पहचान के लिए अलग-अलग आय मानदंड अपना रही है. उनका कहना है कि गरीब छात्रों के लिए आय सीमा तय करने में समान व्यवस्था होनी चाहिए. वहीं NCDHR की सचिव बीना जे पल्लीकल ने आय सीमा में बदलाव में हो रही देरी पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि कई संगठनों ने सरकार को आय सीमा बढ़ाकर 8 लाख रुपये करने के लिए ज्ञापन दिए हैं, लेकिन अभी तक इस पर फैसला नहीं हुआ है.&amp;nbsp;
2026-27 से हो सकता है बदलाव
लगातार हो रही मांग की के बाद अब सरकार की ओर से आय सीमा बढ़ाने की तैयारी के संकेत मिल रहे हैं. सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की अधिकारी के अनुसार एससी-एसटी पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप की आय सीमा 2.5 लाख रुपये से बढ़कर 4.5 लाख रुपये का करने का प्रस्ताव है. वहीं यह बदलाव 2026-27 सत्र से लागू करने की योजना बताई जा रही है. हालांकि इस प्रस्ताव को अंतिम रूप देने के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी जरूरी होगी.
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        <pubDate>Sun, 04 Oct 2026 10:30:06 +0530</pubDate>
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        <title>ISRO के पूर्व कर्मचारी 78 की उम्र में करेंगे इंजीनियरिंग, अब्द़ुल कलाम के साथ किया था काम</title>
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        <description><![CDATA[ उम्र के साथ जहां ज्यादातर लोग अपनी जिम्मेदारियों और करियर की दौड़ से पीछे हटकर आराम की जिंदगी की ओर बढ़ते हैं, वहीं तुवाराकवि चेंगल प्रसाद ने 78 साल की उम्र में किताबें फिर से उठा लीं. कभी भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी ISRO के साथ करीब साढ़े तीन दशक बिताने वाले प्रसाद अब खुद एक बार फिर छात्र बनने की तैयारी में हैं. उन्होंने Telangana Engineering Common Entrance Test (TG ECET) for Working Professionals में तीसरी रैंक हासिल कर सबको चौंका दिया है.
तुवाराकवि चेंगल प्रसाद ने कभी विक्रम साराभाई, डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम और सतीश धवन जैसे महान वैज्ञानिकों के साथ कार्य किया. वहीं इन्होने अंतरिक्ष अभियानों के लिए लॉन्च पैड और तकनीकी इमारतों के निर्माण में साढ़े तीन दशक तक सहयोग दिया. ऐसे में जानिए तुवाराकवि चेंगल प्रसाद से जुड़ी कुछ खास बातें.
21 साल की उम्र में ISRO से जुड़े
प्रसाद का रिश्ता ISRO से तब जुड़ा, जब वह केवल 21 साल के थे. सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा करने के बाद उन्होंने अंतरिक्ष संगठन के सिविल कंस्ट्रक्शन विंग में काम शुरू किया. वह ISRO के शुरुआती कर्मचारियों में शामिल रहे और करीब 35 वर्षों तक संगठन के साथ जुड़े रहे. उनका काम सिर्फ ऑफिस तक सीमित नहीं था. उन्होंने अंतरिक्ष अभियानों से जुड़े लॉन्च पैड, ऑब्जर्वेटरी और तकनीकी इमारतों के निर्माण में योगदान दिया. रिपोर्ट के मुताबिक प्रसाद ने श्रीहरिकोटा में रॉकेट लॉन्च और सैटेलाइट मिशनों के दौरान भी उन्होंने काम किया.
अब्दुल कलाम और विक्रम साराभाई के साथ काम
प्रसाद के करियर की सबसे खास बात यह रही कि उन्हें भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के शुरुआती दौर के कई दिग्गज वैज्ञानिकों के साथ काम करने का अवसर मिला. उन्होंने विक्रम साराभाई, डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम और सतीश धवन के साथ काम किया. श्रीहरिकोटा में रॉकेट लॉन्च के दौरान लंबे समय तक काम करने का अनुभव उनके पेशेवर जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा. उस दौर में ISRO आज की तरह बड़ा संगठन नहीं था और शुरुआती परियोजनाओं में काम करने वाले कर्मचारियों ने अंतरिक्ष कार्यक्रम के बुनियादी ढांचे को खड़ा करने में एक अहम भमिका निभाई है.
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रिटायरमेंट के बाद भी काम
ISRO से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने के बाद भी प्रसाद पूरी तरह काम से दूर नहीं हुए. उन्होंने दिल्ली, नेपाल और हैदराबाद की निर्माण कंपनियों के साथ काम किया और कोविड-19 लॉकडाउन तक एक्टिव रहे. इसके बाद उन्होंने तकनीक में रुचि विकसित की और वेदों को पढ़ना भी शुरू किया.
78 की उम्र में फिर शुरू की पढ़ाई
प्रसाद अब अपने पुराने डिप्लोमा के बाद इंजीनियरिंग डिग्री हासिल करना चाहते हैं. इसके लिए उन्होंने TG ECET परीक्षा दी, जो पात्र डिप्लोमा धारकों और कुछ अन्य योग्य उम्मीदवारों को इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम में लेटरल एंट्री का अवसर देती है. सफल उम्मीदवार नियमों के अनुसार इंजीनियरिंग डिग्री के दूसरे वर्ष में प्रवेश ले सकते हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, परीक्षा से पहले करीब दो महीने तक उन्होंने रोजाना 12 घंटे से ज्यादा पढ़ाई की. जिसकी वजह से प्रसाद ने तीसरी रैंक हासिल की.
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        <pubDate>Sun, 04 Oct 2026 10:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>यूपी होमगार्ड भर्ती का फाइनल रिजल्ट जारी, 41424 उम्मीदवार चयनित</title>
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        <description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) ने होमगार्ड भर्ती का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है. जारी रिजल्ट के मुताबिक, इस परीक्षा में 41,424 उम्मीदवारों का चयन हुआ है. बता दें, यूपी के 75 जिलों में होमगार्ड के कुल 41,424 पद खाली थे, इन सभी पदों के लिए अंतिम चयन कर लिया गया है. बोर्ड ने जिलेवार चयन सूची जारी की है, जिसे सफल उम्मीदवार वेबसाइट पर देख सकते हैं. इसके अलावा भर्ती के लिए प्रदेश भर से 25,32,106 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था.
कुल चयनित 41,424 उम्मीदवारों में 8,502 उम्मीदवार जनरल और ईडब्ल्यूएस वर्ग से हैं. इसमें ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के 6,950 उम्मीदवार शामिल है. इसके अलावा 21,580 उम्मीदवार ओबीसी, 10,932 उम्मीदवार एससी और 410 एसटी वर्ग से चयनित हुए हैं. उम्मीदवारों में 8,290 महिलाएं भी शामिल है. बोर्ड ने सभी जिलों की रिक्तियां के आधार पर उम्मीदवारों का अंतिम चयन और जिला आवंटन किया है.&amp;nbsp;
25 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों की कई चरणों में हुई भर्ती&amp;nbsp;
होमगार्ड भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन 18 नवंबर 2025 से मांगे गए थे. बड़ी संख्या में आवेदन आने के बाद लिखित परीक्षा आयोजित की गई. लिखित परीक्षा 25, 26 और 27 अप्रैल 2026 को प्रदेश के 74 जिलों में छह पारियों में आयोजित की गई थी. परीक्षा के बाद आपत्तियां जमा होने के बाद 25 जून 2026 को अंतिम आंसर की जारी की गई थी. वहीं लिखित परीक्षा के अंकों के आधार पर 1,07,221 उम्मीदवारों को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और फिजिकल मानक परीक्षण के लिए बुलाया गया. यह प्रक्रिया 13 जुलाई से 7 अगस्त के बीच पूरी हुई. इनमें से 94,159 उम्मीदवार अगले चरण के लिए सफल हुए थे.&amp;nbsp;
PET में 79,186 उम्मीदवार हुए सफल&amp;nbsp;
डीवी-पीएसटी के बाद चयन प्रक्रिया का अगला चरण शारीरिक दक्षता परीक्षा था. यह परीक्षा 15 सितंबर से 26 सितंबर 2026 के बीच आयोजित हुई. इसमें कुल 79,186 उम्मीदवारों को सफल घोषित किया.&amp;nbsp;
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अब होगा मेडिकल और पुलिस वेरीफिकेशन&amp;nbsp;
फाइनल रिजल्ट जारी होने के बाद चयनित उम्मीदवारों को आगे मेडिकल परीक्षा और पुलिस वेरिफिकेशन की प्रक्रिया से गुजरना होगा. इसके बाद प्रशिक्षण शुरू होने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी. बोर्ड ने उम्मीदवारों की जिला वाइज लिस्ट अपनी वेबसाइट पर उपलब्ध करा दी है. वहीं लिखित परीक्षा में शामिल उम्मीदवार अपने सामान्यीकृत अंक और कुल प्राप्तांक को भी देख सकेंगे. इसमें प्राथमिक वाली योग्यताओं के लिए मिले अतिरिक्त अंक भी शामिल होंगे. उम्मीदवारों को व्यक्तिगत स्कोर अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में उपलब्ध कराए जा सकते हैं.&amp;nbsp;
2011 के बाद हुई बड़ी होमगार्ड भर्ती&amp;nbsp;
उत्तर प्रदेश में इससे पहले बड़ी होमगार्ड भर्ती 2011 में हुई थी. इसके बाद 2018 में भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन प्रयागराज में हुई इस भर्ती को भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद रद्द कर दिया गया. इसके बाद लंबे समय तक होमगार्ड विभाग में बड़ी भर्ती नहीं हुई.
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        <pubDate>Sun, 04 Oct 2026 10:30:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>कर्नाटक में SIR ड्यूटी का असर, बिना पढ़ाई छात्रों ने दी मिड टर्म परीक्षा </title>
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        <description><![CDATA[ कर्नाटक के सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को इस बार SA-1 यानी मिड टर्म परीक्षा के दौरान अलग तरह की परेशानी का सामना करना पड़ा. कई स्कूलों में पिछले करीब 3 महीने से नियमित कक्षाएं नहीं हो सकी, क्योंकि टीचर्स स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की ड्यूटी में लगाए गए थे. ऐसे में जब मिड टर्म परीक्षाएं हुई तो कई छात्रों के सामने ऐसी स्थिति थी कि जिस सिलेबस से सवाल पूछा जा रहे हैं, उसका बड़ा हिस्सा उन्हें पढ़ाया ही नहीं गया था. कर्नाटक में SA-1 मिड टर्म परीक्षाएं 30 सितंबर को खत्म हुई, अब स्कूल 3 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक दशहरा की छुट्टियों के लिए बंद रहेंगे.&amp;nbsp;
वहीं शिक्षकों की गैर मौजूदगी का असर परीक्षा में सीधे दिखाई दिया है. छात्रों का कहना है कि अंग्रेजी और गणित जैसे विषयों के पेपर में वह कई सवालों को समझ तक नहीं पाए, क्योंकि इन विषयों की नियमित कक्षाएं नहीं हुई थी. एक छात्र ने बताया कि अंग्रेजी और गणित की परीक्षा के दौरान वह काफी सवालों के जवाब नहीं दे सका, &amp;nbsp;क्योंकि उसकी स्कूल में पढ़ाई ही नहीं हुई थी. वहीं दूसरे छात्र ने बताया कि वह केवल उन्हीं सवालों को हल कर पाया है, जो पिछले साल के सिलेबस से जुड़े थे. बाकी सवालों को उसने छोड़ दिया, क्योंकि संबंधित पाठ अभी तक पढ़ाए ही नहीं गए थे.&amp;nbsp;
स्कूल जाना सिर्फ हाजिरी तक सीमित&amp;nbsp;
एक सरकारी सहायता प्राप्त हाई स्कूल की छात्र ने बताया कि पिछले तीन महीने से छात्र स्कूल तो जा रहे थे, लेकिन वहां पढ़ाने के लिए शिक्षक उपलब्ध नहीं थे. ऐसे में उसने यूट्यूब पर टीचर्स की ऑनलाइन क्लासेज के जरिए अपनी पढ़ाई जारी रखने की कोशिश की. स्टूडेंट के अनुसार ऑनलाइन वीडियो से उन्हें परीक्षा की तैयारी में कुछ मदद मिली, लेकिन नियमित कक्षा का ऑप्शन नहीं बन सका.&amp;nbsp;
टीचर्स ने भी बताई अपनी परेशानी&amp;nbsp;
दूसरी और SIR ड्यूटी में लगाए गए टीचर्स का कहना है कि कम से कम हाई स्कूल के शिक्षकों को इस काम से अलग रखा जाना चाहिए था. क्योंकि कक्षा 10वीं के छात्रों के लिए यह साल जरूरी है. बेंगलुरु में SIR ड्यूटी में लगी एक टीचर बताती हैं कि SA-1 का टाइम टेबल आने के बाद उनके कुछ छात्रों ने उनसे स्कूल वापस आकर पढ़ाने की गुजारिश भी की थी, लेकिन ड्यूटी की वजह से वह ऐसा नहीं कर सकी.&amp;nbsp;
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कुछ छात्रों ने परीक्षा ही नहीं दी&amp;nbsp;
पढ़ाई नहीं होने का असर इतना रहा कि कुछ छात्रों ने SA-1 परीक्षा में शामिल नहीं होने का फैसला किया. कुछ पेरेंट्स के अनुसार उनके बच्चे स्कूल में कक्षा नहीं होने के कारण परीक्षा देने नहीं गए. वहीं अब परिवारों को बच्चों की पढ़ाई के लिए छुट्टियों में प्राइवेट ट्यूशन का सहारा लेना पड़ रहा है. पेरेंट्स का कहना है कि ट्यूशन फीस देना आसान नहीं है, लेकिन बच्चों की आगे की पढ़ाई को देखते हुए उनके पास दूसरा ऑप्शन मौजूद नहीं है.&amp;nbsp;
दिसंबर में दोबारा परीक्षा कराने की मांग&amp;nbsp;
छात्रों ने अब मांग की है कि जब शिक्षक एसआईआर ड्यूटी से वापस को लौटे, तो दिसंबर में एक बार फिर असेसमेंट कराया जाए. उनका कहना है कि उस परीक्षा के अंकों को भी रिजल्ट में ध्यान में रखा जाना चाहिए. हालांकि कुछ स्कूलों ने पढ़ाई का नुकसान कम करने के लिए गेस्ट टीचर की मदद ली. इससे छात्रों को दोबारा नियमित पढ़ाई शुरू कराने की कोशिश की जा रही है.
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        <pubDate>Sat, 03 Oct 2026 18:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>DU में 7 अक्टूबर को लगेगा जॉब फेयर, 85 से ज्यादा कंपनियां होंगी शामिल </title>
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        <description><![CDATA[ दिल्ली यूनिवर्सिटी की ओर से 7 अक्टूबर को AVASAR 2026 प्लेसमेंट एंड इंटर्नशिप फेयर आयोजित किया जाएगा. इस जॉब फेयर में छात्रों को अलग-अलग कंपनियों के प्रतिनिधियों से सीधे बातचीत करने और उनकी भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने का मौका मिलेगा. फेयर का आयोजन नॉर्थ कैंपस स्थित मल्टीपर्पज हॉल गेट नंबर-2 में किया जाएगा. दिल्ली यूनिवर्सिटी के सेंटर प्लेसमेंट सैलरी और डीन ऑफ स्टूडेंट वेलफेयर के सहयोग से आयोजित होने वाले इस प्लेसमेंट ड्राइव में 85 से ज्यादा कंपनियों और संस्थाओं के शामिल होने की उम्मीद है. इनमें कंपनियों के अलावा कंसल्टेंसी, एनजीओ और स्टार्टअप भी शामिल है. यूनिवर्सिटी के अनुसार अब तक 4000 से ज्यादा छात्र इस ड्राइव के लिए रजिस्ट्रेशन कर चुके हैं.&amp;nbsp;
AVASAR 2026 में दिल्ली यूनिवर्सिटी के अलग-अलग कोर्स में पढ़ रहे छात्र हिस्सा ले सकते हैं. इसमें अंदरग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट और पीएचडी छात्र शामिल है. इसके अलावा डीयू के पूर्व छात्र भी इस प्लेसमेंट ड्राइव में हिस्सा ले सकते हैं. स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग और NCWEB के छात्रों को भी इसमें शामिल होने की अनुमति है. यानी रेगुलर कोर्स के साथ-साथ डिस्टेंस और नॉन कॉलेजिएट प्रोग्राम के स्टूडेंट्स के लिए भी जॉब फेयर में हिस्सा ले सकते हैं.&amp;nbsp;
10 लाख से ज्यादा का पैकेज&amp;nbsp;
इस प्लेसमेंट ड्राइव में छात्रों को फुल टाइम नौकरी के साथ इंटर्नशिप के अवसर भी मिलेंगे. दिल्ली यूनिवर्सिटी के अनुसार कुछ नौकरियों में 10 लाख रुपये सालाना से ज्यादा का पैकेज उपलब्ध होगा. वहीं इंटर्नशिप के लिए 60 रुपये प्रति माह तक स्टाइपेंड मिलने का मौका है. अलग-अलग कंपनी अपनी जरूरत और चयन प्रक्रिया के आधार पर उम्मीदवारों का चयन करेगी.&amp;nbsp;
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सुबह 9 बजे पहुंचना होगा कैंपस&amp;nbsp;
AVASAR 2026 का आयोजन 7 अक्टूबर सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक किया जाएगा. छात्रों को सुबह 9 बजे कार्यक्रम स्थल पर रिपोर्ट करने की सलाह दी गई है. इसमें शामिल होने के लिए किसी तरह की रजिस्ट्रेशन फीस नहीं रखी गई है. फेयर में आने वाले छात्रों को अपने साथ अपडेटेड रिज्यूम में की कई कॉपी रखनी होगी. इसके अलावा आधार कार्ड, कॉलेज आईडी या दूसरे वैलिड पहचान पत्र भी साथ ले जाना होगा. यूनिवर्सिटी ने छात्रों को प्लेसमेंट फेयर में फॉर्मल या प्रोफेशनल ड्रेस में आने की सलाह दी है. कार्यक्रम के दौरान छात्रों को अनुशासन और प्रोफेशनल व्यवहार बनाए रखना होगा. साथ ही जिस कंपनी की भर्ती प्रक्रिया में शामिल होना है, उसमें आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को &amp;nbsp;उसकी योग्यता, जॉब प्रोफाइल, इंटर्नशिप की जानकारी, सैलरी स्टाइपेंड और दूसरी चयन प्रक्रियाओं को ध्यान में रखना होगा.&amp;nbsp;
ऐसे होगा रजिस्ट्रेशन&amp;nbsp;

2026 में शामिल होने के लिए छात्रों को दिल्ली यूनिवर्सिटी के सेंट्रल प्लेसमेंट सेल पोर्टल placement.du.ac.in पर जाना होगा.&amp;nbsp;
अब रजिस्टर्ड लॉगिन या ईमेल से डैशबोर्ड में एंट्री कर AVASAR 2026 जॉब एंड इंटर्नशिप के लिए रजिस्ट्रेशन का ऑप्शन चुनना होगा.&amp;nbsp;
उसके बाद पर्सनल और एजुकेशनल डिटेल भरनी होगी.
अपना अपडेटेड रिज्यूम और जरूरी पहचान पत्र अपलोड करना होगा.
फॉर्म सबमिट करने के बाद कंफर्मेशन पेज डाउनलोड करके इसे कार्यक्रम के दिन साथ लेकर जाना होगा.

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        <pubDate>Sat, 03 Oct 2026 18:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>में, अक्टूबर, को, लगेगा, जॉब, फेयर, से, ज्यादा, कंपनियां, होंगी, शामिल </media:keywords>
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        <title>रेलवे में अप्रेंटिस बनने का मौका, 2008 पदों पर निकली भर्ती </title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/रेलवे-में-अप्रेंटिस-बनने-का-मौका-2008-पदों-पर-निकली-भर्ती</link>
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        <description><![CDATA[ रेलवे समय-समय पर वैकेंसी निकलता रहा है. ऐसे में इस बार नॉर्दर्न वेस्टर्न रेलवे ने एक्ट अप्रेंटिस रिक्रूटमेंट 2026 के लिए 2008 ट्रेनिंग स्लॉट जारी किए हैं. इन पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया 7 अक्टूबर से शुरू होगी. योग्य उम्मीदवार 6 नवंबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे. वहीं आवेदन रेलवे रिक्रूटमेंट सेल जयपुर की ऑफिशियल वेबसाइट rrcjaipur.in. के जरिए करना होगा. यह भर्ती अप्रेंटिस एक्ट 1961 के तहत 2026-27 के लिए की जा रही है. अप्रेंटिस के लिए स्टॉल नॉर्दर्न वेस्टर्न रेलवे के अलग-अलग डिवीजन और वर्कशॉप में उपलब्ध है. इनमें अजमेर, बीकानेर, जयपुर और जोधपुर से जुड़े यूनिट शामिल है.&amp;nbsp;
नॉर्दर्न वेस्टर्न रेलवे की इस भर्ती में कुल 8 यूनिट में 2008 ट्रेनिंग स्लॉट है. इनमें सबसे ज्यादा 580 स्लॉट जयपुर डिवीजन के लिए है. इसके बाद बीकानेर डिवीजन में 524 और अजमेर डिवीजन में 500 स्लॉट है. जोधपुर डिवीजन में 134, बीटीसी कैरिज अजमेर में 101, बीटीसी लोको अजमेर में 69, कैरिज वर्कशॉप बीकानेर में 33 और कैरिज वर्कशॉप जोधपुर में 67 स्टॉल है. इन स्लॉट में इलेक्ट्रीशियन, फिटर, वेल्डर, कारपेंटर, पेंटर मेसन, पाइप फिटर, डीजल मैकेनिक, टर्नर, मशीनिस्ट, इलेक्ट्रॉनिक मैकेनिक, कंप्यूटर ऑपरेटर एंड प्रोग्रामिंग असिस्टेंट, मैकेनिक टूल मेंटेनेंस और रेफ्रिजरेशन एंड एयर कंडीशनिंग समेत कई ट्रेड शामिल है.
क्या है आवेदन की योग्यता?
अप्रेंटिस पदों के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं पास होना जरूरी है. इसमें कम से कम 50 प्रतिशत अंक होने चाहिए. अंक प्रतिशत में किसी तरह की राउंडिंग की अनुमति नहीं होगी. इसके साथ उम्मीदवार के पास संबंधित ट्रेड में नेशनल ट्रेड सर्टिफिकेट होना चाहिए. यह सर्टिफिकेट एनसीवीटी या एससीवीटी से जारी होना चाहिए. आवेदन की अंतिम तारीख तक जरूरी शैक्षणिक और तकनीकी योग्यता पूरी होना भी अनिवार्य है. जिन उम्मीदवारों का फाइनल रिजल्ट अभी जारी नहीं हुआ, वह आवेदन नहीं कर सकते हैं.&amp;nbsp;
आयु सीमा 15 से 24 साल तक&amp;nbsp;
इस भर्ती के लिए उम्मीदवार की उम्र 6 नवंबर 2026 को कम से कम 15 साल और 24 साल से कम होनी चाहिए. आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को नियमानुसार अधिकतम आयु में छूट भी मिलेगी. वहीं एससी और एसटी उम्मीदवारों को 5 साल, ओबीसी उम्मीदवारों को 3 साल और पीडब्ल्यूबीडी उम्मीदवारों को 10 साल की छूट दी जाएगी. एक्स सर्विसमेन उम्मीदवारों के लिए भी निर्धारित नियमों के अनुसार आयु में छूट का प्रावधान है.&amp;nbsp;
ये भी पढ़ें-दिवाली से पहले UP के शिक्षकों की बल्ले-बल्ले, 70 हजार से ज्यादा का होगा प्रमोशन
नहीं होगी लिखित परीक्षा&amp;nbsp;
इस भर्ती की खास बात यह है कि उम्मीदवारों के चयन के लिए अलग से लिखित परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी. 10वीं और आईटीआई में मिले अंको के आधार पर ही मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी. मेरिट में 10वीं और संबंधित ट्रेड की आईटीआई परीक्षा में प्राप्त प्रतिशत का साधारण औसत लिया जाएगा. 10वीं की मेरिट के लिए सभी विषयों के अंक देखें जाएंगे. इसके बाद डिवीजन या यूनिट ट्रेड और कैटेगरी के आधार पर मेरिट तैयार होगी और उपलब्ध स्टॉल के अनुसार उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा. समान अंक होने की स्थिति में ज्यादा उम्र वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी.&amp;nbsp;
ऐसे करना होगा आवेदन&amp;nbsp;

आवेदन के लिए सबसे पहले उम्मीदवार को रेलवे रिक्रूटमेंट सेल जयपुर की वेबसाइट rrcjaipur.in. पर जाना होगा.
इसके बाद रजिस्ट्रेशन करना होगा.&amp;nbsp;
फिर लॉगिन करके आवेदन में पर्सनल और एजुकेशनल डिटेल बनी होगी.
इसके बाद मांगे डॉक्युमेंट्स भरकर फीस जमा करनी होगी.&amp;nbsp;
लास्ट में फीस जमा होने के बाद फॉर्म सबमिट कर दे और कंफर्मेशन पेज डाउनलोड कर लें.

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        <pubDate>Sat, 03 Oct 2026 18:30:04 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>रेलवे, में, अप्रेंटिस, बनने, का, मौका, 2008, पदों, पर, निकली, भर्ती </media:keywords>
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        <title>बिहार में PhD एडमिशन के नियम सख्त, नेट पास छात्रों को ही मिलेगा मौका</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/बिहार-में-phd-एडमिशन-के-नियम-सख्त-नेट-पास-छात्रों-को-ही-मिलेगा-मौका</link>
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        <description><![CDATA[ बिहार के विश्वविद्यालय में पीएचडी में एडमिशन को लेकर अब नियम पहले से ज्यादा सख्त होंगे. रिसर्च की क्वालिटी बनाए रखने और एडमिशन प्रक्रिया में सामने आ रही अनियमितताओं को रोकने के लिए राजभवन ने सभी राज्य यूनिवर्सिटी को नए पीएचडी ऑर्डिनेंस और पीएचडी रेगुलेशन 2026 के प्रावधान के अनुसार ही एडमिशन लेने का निर्देश दिया है. इसके साथ ही लंबे समय से लंबित पीएचडी एडमिशन प्रक्रिया को जल्द पूरा करने और आगे की पूरी प्रक्रिया तय समय के अंदर करने को भी कहा है. राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह की ओर से विश्वविद्यालय के कुलपतियों को जारी निर्देश में पीएचडी में नेट की एलिजिबिलिटी को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की गई है. नई व्यवस्था के तहत उम्मीदवार जिस साल नेट पास करेगा, उसे उसी साल के पीएचडी एडमिशन चक्र के लिए एलिजिबल माना जाएगा.&amp;nbsp;
निर्देश के अनुसार अगर किसी उम्मीदवार ने नेट 2024 में क्वालीफाई किया है, तो उसे 2024 के पीएचडी एडमिशन चक्र के लिए एलिजिबल माना जाएगा. इस तरह आगे के वर्षों में भी नीट पास करने वाले उम्मीदवारों की पात्रता संबंधित वर्ष के एडमिशन चक्र के आधार पर तय होगी. हालांकि नेट की पात्रता और उसके वेटेज का निर्धारण पीएचडी रेगुलेशन 2026 में दिए गए प्रावधानों के अनुसार ही किया जाएगा. यानी सिर्फ नेट पास होना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि एडमिशन के लिए नए नियमों का पालन करना भी जरूरी होगा.&amp;nbsp;
2024, 25 और 26 के लंबित एडमिशन होंगे पूरे&amp;nbsp;
राजभवन ने विश्वविद्यालय को 2024, 2025 और 2026 के लंबित पीएचडी एडमिशन चक्र के लिए जल्द से जल्द नोटिफिकेशन जारी करने को कहा है. इसका मकसद पुराने बैकलॉग को खत्म करने और पीएचडी एडमिशन को नियमित व्यवस्था में लाना है. निर्देश में साफ कहा गया है कि भविष्य में पीएचडी एडमिशन में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए, इसलिए आवेदन से लेकर एडमिशन तक की प्रक्रिया को तय समय में पूरा करना होगा.&amp;nbsp;
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1 एडमिशन चक्र में 1/3 से ज्यादा सीटें नहीं भरेंगी&amp;nbsp;
पीएचडी में सीटों को लेकर भी नई सीमा तय की गई है. रिसर्च की क्वालिटी और छात्रों को पर्याप्त रिसर्च सुविधा उपलब्ध कराने के लिए किसी एक पीएचडी एडमिशन चक्र में उपलब्ध रिक्त सीटों की एक तिहाई से ज्यादा सीटों पर एडमिशन नहीं दिया जाएगा. वहीं 2026-27 तक की रिक्त सीटों में अधिकतम दो-तिहाई सीटों तक एडमिशन लेने की अनुमति होगी. विश्वविद्यालय को एडमिशन से पहले यह भी देखना होगा कि संबंधित विषय में पर्याप्त रिसर्च पर्यवेक्षक, रिसर्च सुविधा और नियमों के अनुसार जरूरी संसाधन उपलब्ध है या नहीं.&amp;nbsp;
रिसर्च टॉपिक भी होंगे सार्वजनिक&amp;nbsp;
नई व्यवस्था के तहत यूनिवर्सिटीज को अपने यहां चल रहे रिसर्च कार्य की जानकारी वेबसाइट पर सार्वजनिक करनी होगी. इसमें यह बताया जाएगा कि किस यूनिवर्सिटी में किस विषय और टॉपिक पर रिसर्च हो रहा है. इसका उद्देश्य एक ही विषय पर होने वाले शोध के दौरान को रोकना है. इसके अलावा रिसर्च गाइड की जानकारी भी वेबसाइट पर उपलब्ध करानी होगी. यूनिवर्सिटी को बताना होगा कि कौन से प्रोफेसर या एसोसिएट प्रोफेसर किस विषय में रिसर्च का मार्गदर्शन कर रहे हैं. उनके साथ कितने रिसर्चर्स रजिस्टर है और वे किन सब्जेक्ट पर रिसर्च कर रहे हैं. इसके अलावा राजभवन के निर्देशों में यूनिवर्सिटीज में पीएचडी रेगुलेशन 2026 का सख्ती से पालन करने को कहा है. नियमों का उल्लंघन या एडमिशन प्रक्रिया में गड़बड़ी सामने आने पर पदाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की बात भी कही है.
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        <pubDate>Sat, 03 Oct 2026 18:30:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>बिहार, में, PhD, एडमिशन, के, नियम, सख्त, नेट, पास, छात्रों, को, ही, मिलेगा, मौका</media:keywords>
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        <title>यूपी के छात्रों के लिए बड़ी खबर, 4.60 लाख खातों में भेजे गए 148 करोड़ रुपये</title>
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        <description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश में 4.60 लाख से ज्यादा छात्र-छात्राओं के खातों में 148 करोड़ रुपये से ज्यादा की छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति की रकम भेजी गई. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में वितरण प्रक्रिया के पहले चरण की शुरुआत की. इसमें सामान्य, अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और अल्पसंख्यक वर्ग के खातों को लाभ मिला.&amp;nbsp;
इस चरण में सबसे ज्यादा लाभ ओबीसी वर्ग के के छात्रों को मिला. ओबीसी वर्ग के 2,23,615 छात्रों को 60.1 करोड़ रुपये, एससी वर्ग के 1,59,959 छात्रों को 64.54 करोड़ रुपये, सामान्य वर्ग के 38,084 छात्रों को 11.43 करोड़ रुपये और अल्पसंख्यक वर्ग की 38,901 छात्रों को 12.6 करोड़ रुपये की राशि भेजी गई है. इन सभी वर्गों को मिलाकर लाभ पाने वाले विद्यार्थियों की संख्या 4.60 लाख से ज्यादा है और कुल राशि 148 करोड़ रुपये से ज्यादा है.&amp;nbsp;
2250 से 14000 रुपये तक मिली छात्रवृत्ति&amp;nbsp;
छात्रों को मिलने वाली यह राशि उनकी कैटेगरी और एलिजिबिलिटी के आधार पर अलग-अलग है. उपलब्ध जानकारी के अनुसार छात्रवृत्ति की रकम 2250 रुपये से लेकर 14000 रुपये तक है. वहीं शुल्क प्रतिपूर्ति के तहत विद्यार्थियों की ओर से जमा की गई एलिजिबल फीस की रकम वापस की जाती है. छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि सीधे बैंक खाते में भेजी गई है.&amp;nbsp;
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2025-26 में 65.95 लाख से ज्यादा छात्रों को लाभ&amp;nbsp;
वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 65.95 लाख से ज्यादा छात्र-छात्राओं को वित्तीय छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ दिया जा रहा है. इसके तहत 4,793 करोड रुपये से ज्यादा की राशि दी जा रही है. सरकार का कहना है कि पूरी व्यवस्था को ऑटोमेशन से जोड़ने से आवेदन और पेमेंट प्रक्रिया को व्यवस्थित करने में मदद मिली है. इससे एलिजिबल छात्रों तक राशि समय पर पहुंचाने और प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है.&amp;nbsp;
स्कॉलरशिप खाते में आई या नहीं, ऐसे चेक करें&amp;nbsp;

स्कॉलरशिप चेक करने के लिए यूपी स्कॉलरशिप पोर्टल पर जाएं.&amp;nbsp;
इसके बाद होम पेज पर स्टेटस-स्टूडेंट ऑप्शन पर क्लिक करें.&amp;nbsp;
अब 2025-26 सेशन एप्लीकेशन स्टेटस पर क्लिक करें.
इसके बाद अब अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और बर्थ डेट दर्ज करें.&amp;nbsp;
अब कैप्चा भरकर सर्च पर क्लिक करें.
क्लिक करते ही स्क्रीन पर आपका स्कॉलरशिप स्टेटस दिखाई देगा.

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        <pubDate>Sat, 03 Oct 2026 18:30:02 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>यूपी, के, छात्रों, के, लिए, बड़ी, खबर, 4.60, लाख, खातों, में, भेजे, गए, 148, करोड़, रुपये</media:keywords>
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        <title>IIT बॉम्बे ने शुरू किया UCEED&amp;CEED 2027 रजिस्ट्रेशन, जानें लास्ट डेट</title>
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        <description><![CDATA[ आईआईटी बॉम्बे में UCEED और CEED 2027 के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू कर दी है. दोनों परीक्षाओं के लिए आवेदन प्रक्रिया 19 अक्टूबर 2026 से शुरू हुई है. CEED के जरिए पोस्ट ग्रेजुएट लेवल के डिजाइन प्रोग्राम में एडमिशन का रास्ता खुलता है, जबकि UCEED के माध्यम से अंडरग्रेजुएट यानी 4 वर्षीय बी.डेस. प्रोग्राम में एडमिशन मिलता है. उम्मीदवार संबंधित ऑफिशियल वेबसाइट के जरिए आवेदन कर सकते हैं. दोनों परीक्षाओं के लिए बिना लेट फीस आवेदन करने की आखिरी तारीख 31 अक्टूबर 2026 है.
UCEED-CEED 2027 की जरूरी तारीख &amp;nbsp;
UCEED और CEED 2027 के लिए रजिस्ट्रेशन 1 अक्टूबर से शुरू हो गए हैं. वही बिना लेट फीस के आवेदन की तारीख 31 अक्टूबर हैं और लेट फीस के साथ आवेदन की तारीख 6 नवंबर है. इसके बाद एडमिट कार्ड 5 जनवरी को जारी किए जाएंगे. वहीं यह परीक्षा 17 जनवरी को सुबह 9 बजे से 12 तक आयोजित होगी. परीक्षा के बाद आंसर की 21 जनवरी को जारी की जाएगी. वहीं आंसर की पर आपत्ति दर्ज करने की आखिरी तारीख 23 जनवरी होगी. इसके बाद फाइनल आंसर की 30 जनवरी 2027 को जारी की जाएगी, वहीं परीक्षा का रिजल्ट 5 और 6 मार्च को जारी किया जाएगा.
CEED 2027 के लिए कौन कर सकता है आवेदन?
CEED 2027 उन उम्मीदवारों के लिए है, जो एम.डेस और पीएचडी इन डिजाइन जैसे पोस्ट ग्रेजुएट डिजाइन प्रोग्राम में एडमिशन लेना चाहते हैं. आवेदन के लिए उम्मीदवार के पास 12वीं के बाद कम से कम 3 साल की ग्रेजुएट डिग्री, डिप्लोमा या पोस्टग्रेजुएट डिग्री प्रोग्राम होना चाहिए. जो उम्मीदवार जुलाई 2027 तक ऐसे प्रोग्राम की फाइनल एग्जामिनेशन में शामिल होने वाले हैं, वे भी आवेदन कर सकते हैं. इसके अलावा 10वीं के बाद 5 साल का गवर्नमेंट डिप्लोमा इन आर्ट जुलाई 2027 तक पूरा करने वाले उम्मीदवार CEED के लिए एलिजिबल है. CEED 2027 में शामिल होने के लिए कोई निर्धारित एज लिमिट नहीं है.
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UCEED 2027 के लिए इन संस्थानों में डिजाइन का मौका
UCEED के लिए 4 वर्षीय बी.डेस. प्रोग्राम में एडमिशन दिया जाता है. इसके लिए आईआईटी बॉम्बे, आईआईटी दिल्ली, आईआईटी गुवाहाटी, आईआईटी हैदराबाद, आईआईटी इंदौर, आईआईटी रुड़की और आईआईआईटीडीएम जबलपुर में एडमिशन का ऑप्शन है. UCEED 2027 के लिए वही एलिजिबल है, जिन्होंने क्लास 12 पहली बार 2026 या 27 में दिया हो. साइंस के साथ कॉमर्स और आर्ट, ह्यूमैनिटीज स्ट्रीम के छात्र भी परीक्षा में शामिल हो सकते हैं. वहीं उम्मीदवार निर्धारित एज क्राइटेरिया को पूरे करते हो और UCEED अधिकतम दो बार लगातार वर्षों में दे सकते हैं.
कैसे करें आवेदन?

आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट uceed.iitb.ac.in और ceed.iitb.ac.in पर जाना होगा.
इसके बाद नाम, मोबाइल नंबर और ईमेल जैसी जानकारी दर्ज कर लॉगिन क्रेडेंशियल प्राप्त करने होंगे.
अब लॉगिन करने के बाद एप्लीकेशन फॉर्म भरना होगा.
इसके बाद एग्जाम सेंटर चुनना होगा और जरूरी डॉक्यूमेंट अपलोड करने होंगे.
लास्ट में फीस जमा करके फॉर्म सबमिट करना होगा.

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        <pubDate>Sat, 03 Oct 2026 10:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>SSC जेई से CHSL की परीक्षा तारीख जारी, जानें कब होंगे एग्जाम</title>
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        <description><![CDATA[ कर्मचारी चयन आयोग (SSC) ने 2026 के अंत में होने वाले तीन बड़ी परीक्षाओं की तारीख को लेकर अपडेट जारी कर दिया है. आयोग ने जूनियर इंजीनियर दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में सब इंस्पेक्टर और कंबाइंड हायर सेकेंडरी लेवल यानी सीएचएसएल परीक्षा का प्रस्तावित शेड्यूल जारी किया है. इन तीनों परीक्षाओं का आयोजन नवंबर और दिसंबर 2026 के दौरान किया जाएगा.
एसएससी की ओर से जारी नोटिस के अनुसार सभी परीक्षाएं कंप्यूटर बेस्ड मोड में आयोजित होगी. आयोग ने साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि यह तारीख की फिलहाल प्रस्तावित है. परीक्षा से जुड़ी अंतिम तारीख के लिए उम्मीदवारों को एसएससी के ऑफिसियल वेबसाइट पर नजर बनाए रखनी होगी.
SSC JE के पेपर-1 की परीक्षा नवंबर में
एसएससी जूनियर इंजीनियर एग्जामिनेशन 2026 का पेपर 1 सबसे पहले आयोजित किया जाएगा. इसके लिए परीक्षा की अवधि 2 नवंबर से 6 नवंबर तय की गई है. जेई पेपर 1 कंप्यूटर आधारित परीक्षा होगी और उम्मीदवारों को उनके परीक्षा तारीख, शिफ्ट और केंद्र से जुड़ी जानकारी एसएससी के माध्यम से दी जाएगी. परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को आयोग की ओर से जारी होने वाले नोटिस भी चेक करते रहने की सलाह दी गई है.
दिल्ली पुलिस SI और CAPF परीक्षा 20 नवंबर से
जेई के पास सब इंस्पेक्टर इन दिल्ली पुलिस और केंद्रीय पुलिस फोर्स एग्जामिनेशन 2026 आयोजित होगी. एसएससी के प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार यह परीक्षा 20 नवंबर से 28 नवंबर 2026 के बीच होगी. यह परीक्षा भी सीबीटी मोड में आयोजित की जाएगी.
CHSL टियर-1 परीक्षा नवंबर से
एसएससी के नए शेड्यूल में कंबाइंड हायर सेकेंडरी लेवल एग्जामिनेशन 2026 लेवल 1 की तारीख भी घोषित की गई है. सीएचएसएल टियर 1 परीक्षा 30 नवंबर से 31 दिसंबर तक आयोजित होने का प्रस्ताव है. सीएचएसएल की भी कंप्यूटर आधारित परीक्षा होगी.
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SSC जेई में 1748 पदों की भर्ती
एसएससी जेई 2026 भर्ती के तहत 1748 संभावित पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है. इनमें जूनियर इंजीनियर के साथ साइंटिफिक असिस्टेंट से जुड़े पद शामिल है. भर्ती में सिविल, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल और टेलीकम्युनिकेशन से संबंधित पदों के लिए परीक्षा आयोजित की जानी है. जेईई पेपर 1 में 200 सवाल और 200 अंक होंगे. इसमें जनरल इंटेलिजेंस एंड रीजनिंग, जनरल अवेयरनेस और जनरल इंजीनियरिंग से सवाल पूछे जाएंगे. परीक्षा के लिए 2 घंटे का समय दिया जाएगा और गलत उत्तर प्रदेश 0.25 अंक की नेगेटिव मार्किंग होगी.
तारीखों में भी हो सकता है बदलाव
एसएससी ने साफ किया है कि जारी की गई तारीख की प्रस्तावित है. वहीं परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था इसमें जरूरत के अनुसार में बदलाव कर सकती है. इसलिए उम्मीदवारों को केवल शेड्यूल जारी होने के बाद ही अंतिम परीक्षा कार्यक्रम नियमित रूप से विकसित करते रहने की सलाह दी गई थी.
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        <pubDate>Sat, 03 Oct 2026 10:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>SSC, जेई, से, CHSL, की, परीक्षा, तारीख, जारी, जानें, कब, होंगे, एग्जाम</media:keywords>
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        <title>बिहार में शिक्षक नौकरी का बदला नियम, डीएलएड नहीं किया तो जाएगी नौकरी</title>
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        <description><![CDATA[ बिहार में प्राथमिक स्कूलों में पढ़ा रहे अप्रशिक्षित शिक्षकों को लेकर शिक्षा विभाग ने नया निर्देश जारी किया है. विभाग ने स्पष्ट किया है कि 31 मार्च 2015 की तारीख इस मामले में निर्णायक कट ऑफ मानी जाएगी. इस तारीख तक सेवा में आ चुके हैं अप्रशिक्षित प्रारंभिक शिक्षकों को अपनी जरूरी ट्रेनिंग योग्यता यानी डीएलएड क्लीयर करने के लिए 31 अगस्त 2028 तक का समय दिया गया है. इसके बाद उन्हें कोई अतिरिक्त समय नहीं मिलेगा.
वहीं 31 मार्च 2015 के बाद बिना निर्धारित प्रशिक्षण योग्यता के नियुक्त किए गए शिक्षकों की नियुक्ति को वैध माना जाएगा. ऐसे मामलों में संबंधित जिला शिक्षा पदाधिकारी को नियमानुसार सेवा समाप्त करने की कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है. विभाग ने यह भी साफ किया है कि बाद में डीएलएड की डिग्री हासिल कर लेने से ऐसी नियुक्ति वैध नहीं हो जाएगी.&amp;nbsp;
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद निर्देश&amp;nbsp;
शिक्षा विभाग का यह निर्देश सुप्रीम कोर्ट के 28 जुलाई 2026 के आदेश के आलोक में जारी किया गया है. प्राथमिक शिक्षा निदेशक कुमार निशांत विवेक की ओर से सभी जिला पदाधिकारी को पत्र भेज कर जरूरी कार्रवाई को कहा गया है. विभाग ने अपने निर्देश में 31 मार्च 2015 को सेवा में मौजूद उन शिक्षकों को डीएलएड की अनिवार्य योग्यता पूरी करने का अवसर दिया गया है, जिन्होंने उस समय तक प्रशिक्षण प्राप्त नहीं किया था. ऐसे शिक्षकों को 31 अगस्त 2028 तक हर हाल में डीएलएड पूरा करना होगा.&amp;nbsp;
अप्रशिक्षित शिक्षकों पर कार्रवाई&amp;nbsp;
शिक्षा विभाग ने 31 मार्च 2015 के बाद नियुक्तियों को लेकर भी स्थिति स्पष्ट कर दी है. अगर किसी प्राथमिक शिक्षक की नियुक्ति इस तारीख के बाद आवश्यक न्यूनतम प्रशिक्षण योग्यता के बिना हुई है, तो उसे नियमों के अनुसार अवैध माना जाएगा. जिला पदाधिकारी को ऐसे शिक्षकों की सेवा समाप्त करने की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है. खास बात यह है कि अगर संबंधित शिक्षक ने नियुक्ति के बाद डीएलएड की योग्यता हासिल कर भी मिली है, तब भी इससे 31 मार्च 2015 के बाद हुई ऐसी नियुक्ति को वैध नहीं माना जाएगा.&amp;nbsp;
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शिक्षकों को फिर सेवा में लेने की निर्देश&amp;nbsp;
इन फैसलों में उन शिक्षकों के लिए भी राहत का प्रावधान किया गया है, जिनकी नियुक्ति 31 मार्च 2015 से पहले हुई थी. कुछ ऐसे अप्रशिक्षित शिक्षकों की सेवा पटना हाई कोर्ट के 20 मार्च 2024 के आदेश के अनुपालन में समाप्त कर दी गई थी. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब ऐसे शिक्षकों को दोबारा सेवा में लेने की कार्रवाई करने को कहा गया है. संबंधित जिला शिक्षा पदाधिकारी इन शिक्षकों को पुनः सेवा में बनाए रखने या नियुक्त करने की प्रक्रिया पूरी करेंगे, ताकि उन्हें डीएलएड की योग्यता हासिल करने के लिए दी गई समस्या का लाभ मिल सके.&amp;nbsp;
आखिर क्या है पूरा मामला?
यह विवाद प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत उन शिक्षकों की प्रशिक्षण योग्यता से जुड़ा है, जिन्होंने डीएलएड के बिना सेवा में प्रवेश किया था. मुख्य सवाल यह था कि ऐसे शिक्षकों को न्यूनतम प्रशिक्षण योग्यता हासिल करने के लिए कितनी अतिरिक्त अवधि दी जा सकती है और 31 मार्च 2015 के बाद नियुक्त किए गए अप्रशिक्षित शिक्षकों की स्थिति क्या होगी. शिक्षा विभाग के निर्देश के अनुसार 31 मार्च 2015 तक नियुक्त और सेवा में मौजूद अप्रशिक्षित शिक्षकों को डीएलएड पूरा करने का अंतिम अवसर दिया गया है. पहले भी ऐसे शिक्षकों को प्रशिक्षण पूरा करने के लिए समय दिया गया था. निर्धारित अवधि में योग्यता हासिल नहीं करने वाले शिक्षकों की सेवा समाप्त करने का आदेश भी सामने आया था, जिसके बाद मामला अदालत पहुंचा. अब सुप्रीम कोर्ट के 28 जुलाई 2026 के आदेश के आदेश के आधार पर बिहार शिक्षा विभाग ने जिलों को कार्रवाई की स्पष्ट रूपरेखा दे दी है.
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        <pubDate>Sat, 03 Oct 2026 10:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>बिहार, में, शिक्षक, नौकरी, का, बदला, नियम, डीएलएड, नहीं, किया, तो, जाएगी, नौकरी</media:keywords>
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        <title>दुनिया के टॉप 5 बड़े एग्जाम में नीट यूजी, जानें किस परीक्षा में कितने छात्र</title>
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        <description><![CDATA[ भारत की मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी दुनिया के सबसे बड़ी परीक्षाओं में शामिल है. करीब 25 लाख उम्मीदवारों की भागीदारी के साथ नीट यूजी को उम्मीदवारों की संख्या के लिहाज से दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी परीक्षा बताया गया है. यह जानकारी भारतीय स्टेट बैंक की रिसर्च रिपोर्ट द स्टेट ऑफ हायर एजुकेशन इन इंडिया में सामने आई है. रिपोर्ट में भारत समेत अलग-अलग देशों में होने वाली बड़ी परीक्षाओं की तुलना की गई है. इसमें चीन की गाओकाओ सबसे ज्यादा उम्मीदवारों वाली परीक्षा है. इसके बाद ब्राजील की ईएनईएम और चीन की गुओकाओ जैसी परीक्षाएं शामिल हैं. रिपोर्ट में इन परीक्षाओं के आयोजन और व्यवस्थाओं से जुड़े पहलुओं का उल्लेख किया गया है.&amp;nbsp;
एसबीआई रिसर्च के आंकड़ों के अनुसार, चीन की गाओकाओ में करीब 1.29 करोड़ उम्मीदवार शामिल होते हैं. इसके बाद ब्राजील की ईएनईएम में लगभग 48 लाख, चीन की गुओकाओ सिविल सर्विस परीक्षा में करीब से 30 लाख और चीन की नेशनल मास्टर डिग्री एंट्रेंस परीक्षा में लगभग 34 लाख उम्मीदवार शामिल होते हैं. करीब 25 लाख उम्मीदवारों के साथ नीट यूजी इस लिस्ट में पांचवें नंबर पर है. इसके बाद तुर्किए की वाईकेएस में करीब 24 लाख, नाइजीरिया की यूटीएमई में 22 लाख और एसएटी टीम में लगभग 20 लाख उम्मीदवार शामिल होते हैं.&amp;nbsp;
भारत में सबसे ज्यादा उम्मीदवारों वाली परीक्षाएं&amp;nbsp;
रिपोर्ट के अनुसार भारत में भी कई परीक्षाओं में बड़ी संख्या में उम्मीदवार शामिल होते हैं. नीट यूजी में करीब 25 लाख, यूपीएससी में लगभग 12 लाख, जेईई मेन में करीब 10 लाख और यूजीसी नेट में लगभग 8 लाख उम्मीदवार शामिल होते हैं. नीट यूजी मेडिकल शिक्षा में एडमिशन के लिए आयोजित की जाती है, जबकि जेईई मेन इंजीनियरिंग में प्रवेश से जुड़ी परीक्षा है. वहीं यूपीएससी के जरिए सिविल सेवाओं में भर्ती होती है और यूजीसी नेट हायर एजुकेशन से जुड़ी पात्रता निर्धारित करता है.
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कैसे आयोजित होती है गाओकाओ?&amp;nbsp;
एसबीआई रिसर्च ने चीन की गाओकाओ परीक्षा की व्यवस्था का भी जिक्र किया है. 2026 में करीब 1.29 करोड़ उम्मीदवारों में परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन किया था. परीक्षा देशभर में 7,981 केंद्रों पर हुई, जहां 3.48 लाख एग्जामिनेशन रूम और 21,000 रिजर्व रूम की व्यवस्था थी. दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए भी विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई गई थी. परीक्षा की सुरक्षा के लिए सिक्योर प्रिंटिंग फैसिलिटी, 24 घंटे निगरानी, क्वेश्चन पेपर ले जाने वाले बख्तरबंद और जीपीएस ट्रेक्ड व्हीकल, पुलिस सुरक्षा और निगरानी वाले मजबूत स्टोरेज फैसेलिटीज का इस्तेमाल किया जाता है. परीक्षा केंद्रों पर उम्मीदवारों की पहचान की जांच और प्रतिबंधित आइटम्स की चेकिंग भी होती है. इसके अलावा परीक्षा के दौरान ट्रैफिक मैनेजमेंट, नॉइस कंट्रोल, फूड हेल्थ और मौसम से जुड़ी स्थिति के लिए भी पहले से व्यवस्था की जाती है.&amp;nbsp;
भारत के परीक्षा सिस्टम को लेकर सुझाव&amp;nbsp;
रिपोर्ट में बड़ी परीक्षाओं के आयोजन से जुड़े एक्सपीरियंस के आधार पर भारत की परीक्षा व्यवस्था में कुछ बदलाव की जरूरत बताई. रिपोर्ट के अनुसार एनटीए अभी सोसाइटीज रजिस्ट्रेशन एक्ट 1860 के तहत रजिस्टर्ड सोसाइटी है. जुलाई 2024 तक एनटीए 240 से ज्यादा परीक्षाएं आयोजित करा चुका है. जिनमें 5.4 करोड़ से ज्यादा उम्मीदवार शामिल हुए. रिपोर्ट में एनटीए के 194 डिस्क्लोज्ड पर्सनल का भी जिक्र है, जिनमें 171 कांट्रेक्चुअल या आउटसोर्स कर्मचारी थे. यानी करीब 18 से प्रतिशत वर्कफोर्स कैटेगरी में थी. एसबीआई रिसर्च में एनटीए को ज्यादा मजबूत कानूनी ढांचा देने के लिए संसद के जरिए एनटीए एक्ट बनाने का सुझाव दिया है.
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        <pubDate>Sat, 03 Oct 2026 10:30:03 +0530</pubDate>
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        <title>नीट SS 2025 का स्पेशल स्ट्रे रिजल्ट जारी, 795 उम्मीदवारों को मिली सीट</title>
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        <description><![CDATA[ नीट सुपर स्पेशलिटी 2025 काउंसलिंग के स्पेशल स्ट्रे वैकेंसी राउंड का प्रोविजनल सीट अलॉटमेंट रिजल्ट जारी कर दिया है. मेडिकल काउंसलिंग कमेटी ने डीएम, एमसीएच और डीएनबी एसएस कोर्स के लिए सीट अलॉटमेंट की लिस्ट जारी की है. इस राउंड में कुल 795 उम्मीदवारों को सुपर स्पेशियलिटी मेडिकल कोर्सेज में सीट आवंटित की गई है, जिन उम्मीदवारों ने इस काउंसलिंग राउंड में हिस्सा लिया था वह एमसीसी की ऑफिसियल वेबसाइट mcc.nic.in पर जाकर अपना सीट अलॉटमेंट स्टेटस चेक कर सकते हैं. सीट मिलने वाले उम्मीदवारों को तय समय के अंदर मेडिकल कॉलेज में पहुंचकर एडमिशन प्रक्रिया पूरी करनी होगी.&amp;nbsp;
एमसीसी की ओर से जारी काउंसलिंग शेड्यूल के अनुसार जिन उम्मीदवारों को स्पेशल स्ट्रे वेकेंसी राउंड में सीट मिली है, उन्हें 6 अक्टूबर तक अपने संबंधित कॉलेज में रिपोर्ट करना होगा. कॉलेज पहुंचने पर उम्मीदवारों के डॉक्यूमेंट का फिजिकल वेरिफिकेशन किया जाएगा. इसके साथ ही संस्थान की ओर से बताई गई अन्य एडमिशन और औपचारिकताएं भी पूरी करनी होगी. उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वह अपनी अलॉट की गई सीट कॉलेज और कोर्स की जानकारी ध्यान से जांच ले और एमसीसी के निर्देशों के अनुसार आगे की प्रक्रिया पूरी करें. तय तारीख तक रिपोर्ट नहीं करने पर उम्मीदवार को अलॉट की गई सीट प्रभावित हो सकती है.
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ऐसे चेक करें NEET SS 2025 अलॉटमेंट रिजल्ट&amp;nbsp;

सीट अलॉटमेंट रिजल्ट चेक करने के लिए सबसे पहले एमसीसी की ऑफिशियल वेबसाइट mcc.nic.in पर जाएं.&amp;nbsp;
इसके बाद होम पेज पर सुपर स्पेशियलिटी काउंसलिंग सेक्शन में जाए.&amp;nbsp;
अब यहां नीट एसएस 2025 स्पेशल स्ट्रे वेकेंसी राउंड प्रोविजनल सीट अलॉटमेंट रिजल्ट के लिंक पर क्लिक करें.&amp;nbsp;
अब मांगी गई लॉगिन डिटेल जैसे नीट एसएस रोल नंबर और पासवर्ड दर्ज करें.&amp;nbsp;
डिटेल सबमिट करने के बाद स्क्रीन पर सीट अलॉटमेंट रिजल्ट दिखाई देगा.&amp;nbsp;
अब अलॉट किए गए कोर्स और कॉलेज की जानकारी चेक करें.&amp;nbsp;
अब रिजल्ट डाउनलोड कर लें और आगे की जरूरत के लिए इसका प्रिंटआउट निकल लें.&amp;nbsp;

क्या है NEET SS?
नीट एसएस यानी नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट सुपर स्पेशियलिटी देश में सुपर स्पेशयलिटी मेडिकल कोर्सेज में एडमिशन के लिए आयोजित होने वाली प्रवेश परीक्षा है. इसके जरिए डीएम और एमसीएच जैसे कोर्सेज में एडमिशन दिया जाता है. इस परीक्षा का आयोजन नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज कराता है. सामान्य तौर पर इसमें शामिल होने के लिए उम्मीदवार के पास मान्यता प्राप्त पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल योग्यता जैसे एमडी-एमएस या डीएनबी होनी चाहिए. हालांकि किसी खास सुपर स्पेशियलिटी कोर्स के लिए पात्रता उसकी संबंधित फीडर स्पेशलिटी और लागू नियमों के अनुसार तय होती है.
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        <pubDate>Sat, 03 Oct 2026 10:30:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>IIT&amp;IIM में बेटियों की बढ़ी भागीदारी, 93% छात्रों को मिला प्लेसमेंट</title>
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        <description><![CDATA[ देश के प्रमुख तकनीकी और मैनेजमेंट संस्थानों में पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए करियर के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं. SBI रिसर्च की ओर से जारी किए गए डेटा के अनुसार IIT-IIM और NIT जैसे संस्थानों में औसतन करीब 93 प्रतिशत छात्रों को प्लेसमेंट मिला है. वहीं इन संस्थानों में छात्राओं की भागीदारी भी पिछले कुछ वर्षों में लगातार बढ़ी है. खासतौर पर IIM में महिलाओं की हिस्सेदारी में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली है. रिपोर्ट के अनुसार 2014 से 2026 के बीच में IIT, IIM और NIT की संख्या 59 से बढ़कर 76 हो गई. संस्थाओं की संख्या बढ़ने के साथ इनमें पढ़ने वाले छात्रों की संख्या में भी बड़ा इजाफा हुआ है.&amp;nbsp;
एसबीआई रिसर्च के आंकड़ों के अनुसार 14 IIM के उपलब्ध प्रोग्राम डेटा में 2017-18 के दौरान महिलाओं की हिस्सेदारी 26.3 प्रतिशत थी. वहीं 2023-24 तक यह बढ़कर 37.7 प्रतिशत हो गई. यानी मैनेजमेंट की पढ़ाई करने वाले छात्रों में अब पहले की तुलना में कहीं ज्यादा छात्राएं शामिल है. हाल के एडमिशन आंकड़े भी इसी बदलाव की और इशारा करते हैं. IIM कोझिकोड के 2026-28 के फ्लैगशिप बैच में 499 छात्रों में 329 महिलाएं हैं. यानी इस बैच में छात्राओं की हिस्सेदारी 66 प्रतिशत है.&amp;nbsp;
IIT और NIT में भी बढ़ी महिलाओं की भागीदारी&amp;nbsp;
तकनीकी संस्थानों में भी छात्राओं की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हुई है. आईआईटी में महिलाओं की हिस्सेदारी 2017-18 में 8.1 प्रतिशत थी, जो 2023 में बढ़कर 20 प्रतिशत हो गई. NIT में भी आंकड़ा 18.4 प्रतिशत से बढ़कर 21.8 प्रतिशत पहुंच गया. इस तरह 2023-2024 तक IIT और NIT में लगभग हर पांच छात्रों में एक छात्रा थी.&amp;nbsp;
IIT और NIT में कुल छात्रों की संख्या भी बढ़ी&amp;nbsp;
इन संस्थाओं का विस्तार केवल संख्या तक सीमित नहीं रहा. 2017-18 में आईआईटी और एनआईटी की संयुक्त छात्र संख्या करीब 1.62 लाख थी, जो 2023- 24 में बढ़कर 2.44 लाख हो गई. आईआईएम में भी सभी प्रोग्रामों को मिलाकर छात्रों की संख्या 9,298 से बढ़कर 18,243 हो गई. 2014 में देश में 16 आईआईटी और 13 आईआईएम थे. अब इनकी संख्या 23 आईआईटी और 22 आईआईएम हो गई है. इसके अलावा देश में एक 31 एनआईटी है.&amp;nbsp;
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प्लेसमेंट में भी हुआ इजाफा&amp;nbsp;
छात्रों की संख्या बढ़ने के साथ प्लेसमेंट पाने वाले छात्रों की संख्या में भी अच्छी वृद्धि हुई है. 2015-16 से 2023-24 के बीच IIM में प्लेसमेंट की संख्या 7,552 से बढ़कर 13,693 हो गई. इस अवधि में आईआईटी में प्लेसमेंट 9,474 से बढ़कर 17,467 और एनआईटी में 18,492 से बढ़कर 28,468 हो गया. एसबीआई रिसर्च के अनुसार तीन संस्थाओं को मिलाकर औसत प्लेसमेंट दर करीब 93 प्रतिशत रही. हालांकि सभी छात्र सीधे नौकरी में नहीं जाते. आईआईटी और एनआईटी में 2023-24 के दौरान उच्च शिक्षा और रिसर्च के लिए जाने वाले छात्रों की संख्या भी रिकॉर्ड स्तर पर रही.&amp;nbsp;
सैलरी में भी आया बड़ा बदलाव
प्लेसमेंट के साथ इन संस्थाओं से निकलने वाले छात्रों की मीडियन सैलरी में भी काफी बढ़ोतरी दर्ज की गई. आईआईएम में मीडियन सैलरी 2015-16 के 28.5 लाख रुपये से बढ़कर 2023-24 में 43.6 लाख रुपये हो गई. आईआईटी में यह 17.6 लाख से बढ़कर 36.1 लाख रुपये, जबकि एनआईटी में 10.5 लाख से बढ़कर 20.7 लाख रुपये हो गई. यानी आईआईटी में मीडियन सैलरी दोगुनी से ज्यादा और एनआईटी में करीब दोगुनी हुई.
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        <pubDate>Fri, 02 Oct 2026 14:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>सेना से लौटने के बाद अग्निवीरों को कहां मिलेगी नौकरी? जानें राज्यवार कोटा</title>
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        <description><![CDATA[ अग्निपथ योजना के तहत 4 साल की सैन्य सेवा पूरी करने के बाद अग्निवीरों के भविष्य को लेकर केंद्र और राज्यों की ओर से अलग-अलग ऐलान किए जा रहे हैं. पूर्व अग्निवीरों को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों से लेकर राज्य पुलिस में आरक्षण का लाभ मिल सकता है. कई राज्यों ने इसके लिए अलग-अलग आरक्षण, आयु में छूट और दूसरी सुविधाओं का ऐलान किया है. अग्निवीर सेवा पूरी होने के बाद 75 प्रतिशत जवान सेना से बाहर आते हैं. ऐसे युवाओं को ध्यान में रखते हुए राज्यों में सरकारी नौकरियों को लेकर प्रावधान किए जा रहे हैं. ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं की अग्निवीरों के लिए किस राज्य में कितना कोटा मिलेगा.&amp;nbsp;
गृह मंत्रालय ने पूर्व अग्निवीरों के लिए केंद्रीय पुलिस सशस्त्र बलों और असम राइफल्स में कांस्टेबल राइफल में भर्ती के लिए अलग प्रावधान किया है. सरकारी अपडेट के अनुसार 50 प्रतिशत पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षित किए गए हैं. पहले बैच के उम्मीदवारों को ऊपरी आयु सीमा में 5 साल और दूसरे पूर्व अग्निवीरों को 3 साल की छूट मिलेगी. इसके अलावा उन्हें पीएसटी-पीईटी और लिखित परीक्षा से भी छूट मिलेगी.&amp;nbsp;
मध्य प्रदेश में 20% आरक्षण&amp;nbsp;
मध्य प्रदेश में पूर्व अग्निवीरों को राज्य की 5 वर्दी वाली सरकारी सेवाओं में 20 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला किया गया है. इसमें पुलिस आरक्षक, विशेष सशस्त्र बल और जेल प्रहरी वनरक्षक और आबकारी आरक्षक के पद शामिल है.&amp;nbsp;
महाराष्ट्र में 10% कोटा और परीक्षा से छूट&amp;nbsp;
महाराष्ट्र सरकार ने पूर्व अग्निवीरों के लिए राज्य की कई ग्रुप सी वर्दी वाली और अर्ध सैनिक सेवाओं में 10 प्रतिशत आरक्षण का फैसला किया है. इनमें पुलिस, जेल, अग्निशमन, होमगार्ड, आबकारी और वन विभाग से जुड़े पद शामिल है. राज्य के अनुसार पात्र पूर्व अग्निवीरों को दोबारा लिखित परीक्षा से छूट देने का प्रावधान है. वहीं कई पदों पर सैन्य सेवा के दौरान हासिल प्रशिक्षण को भर्ती के शुरुआती प्रशिक्षण के स्थान पर मान्यता देने की बात भी कही है.&amp;nbsp;
छत्तीसगढ़ पुलिस में भी मिलेगा मौका&amp;nbsp;
छत्तीसगढ़ में पूर्व अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया है. इसका लाभ पुलिस आरक्षक, वनरक्षक और जेल प्रहरी की सीधी भर्ती में मिलेगा. यह सुविधा 4 साल की सेवा पूरी कर रहे वैध सर्विस सर्टिफिकेट के साथ लौटने वाले पूर्व अग्नि वीरों के लिए है.&amp;nbsp;
उत्तर प्रदेश में पुलिस और PAC में वरीयता&amp;nbsp;
उत्तर प्रदेश में अग्निवीरों को पुलिस और प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबल की भर्ती में वरीयता देने की घोषणा की है. राज्य सरकार ने अग्निवीरों की सैन्य सेवा के बाद उनके कौशल और अनुशासन का पुलिस भर्ती में इस्तेमाल करने की बात कही है.&amp;nbsp;
राजस्थान में भी मिलेगा फायदा&amp;nbsp;
राजस्थान सरकार ने पूर्व अग्निवीरों को पुलिस विभाग, जेल प्रहरी और वनरक्षक के पदों पर आरक्षण देने की घोषणा की है. जिसका मतलब है कि 4 साल की सेवा पूरी करने के बाद इन विभागों की भर्तियों में उन्हें आरक्षण का लाभ मिलेगा.
हरियाणा में कई भर्तियों में आरक्षण&amp;nbsp;
हरियाणा सरकार ने भी अग्निवीरों के लिए पुलिस कांस्टेबल, माइनिंग गार्ड, फॉरेस्ट गार्ड, जेल वार्डर और एसपीओ जैसी भर्तियों में 10 प्रतिशत आरक्षण की घोषणा की. इसके अलावा ग्रुप बी और ग्रुप सी की भर्ती में आयु सीमा में छूट का प्रावधान भी किया गया.&amp;nbsp;
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ओडिशा में वर्दी वाली सेवाओं में 10% कोटा&amp;nbsp;
ओडिशा सरकार ने राज्य की वर्दी वाली सेवाओं में अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला किया है. इसके साथ दूसरी सरकारी सेवाओं में एलिजिबिलिटी के लिए आयु में 5 साल की छूट देने की घोषणा भी की.&amp;nbsp;
दूसरे राज्यों में भी आरक्षण का प्रावधान&amp;nbsp;
राजस्थान, छत्तीसगढ़, हरियाणा और एमपी के अलावा दूसरे राज्य में भी अग्निवीरों के लिए अलग-अलग प्रावधान किए हैं. उत्तराखंड में अग्निवीरों को पुलिस और दूसरे सरकारी विभागों में आरक्षण की घोषणा की गई है. वहीं गुजरात में सशस्त्र पुलिस और राज्य रिजर्व पुलिस की भर्ती में अग्निवीरों को प्राथमिकता देने की घोषणा की है. अरुणाचल प्रदेश में भी पूर्व अग्निवीरों को पुलिस बटालियन और आपातकालीन अग्निशमन सेवा भर्ती में वरीयता देने की घोषणा की. वहीं असम सरकार ने राज्य के अधिकांश अग्निवीरों को पुलिस सेवा में शामिल करने का फैसला किया है.
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        <pubDate>Fri, 02 Oct 2026 14:30:06 +0530</pubDate>
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        <title>100 साल का हुआ UPSC, जानें लंदन से भारत तक कितना बदला परीक्षा का ढांचा?</title>
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        <description><![CDATA[ 100 साल का हुआ UPSC, जानें लंदन से भारत तक कितना बदला परीक्षा का ढांचा? ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 02 Oct 2026 14:30:06 +0530</pubDate>
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        <title>135 साल पुरानी लाइब्रेरी पर क्यों आया संकट? छात्रों को परेशान कर देगी यह खबर</title>
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        <description><![CDATA[ दिल्ली के शास्त्री भवन में स्थित सेंट्रल सेक्रेटेरिएट लाइब्रेरी देश की दूसरी सबसे बड़ी सरकारी लाइब्रेरी मानी जाती है. लेकिन अब सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के तहत शास्त्री भवन की इस इमारत को गिराया जाना तय हुआ है. इसके चलते प्रशासन ने सितंबर के अंत तक सभी विभागों को शास्त्री भवन खाली करने का निर्देश दिया था. अन्य सरकारी दफ्तरों को तो नई जगह शिफ्ट कर दिया गया है, लेकिन इस ऐतिहासिक लाइब्रेरी को शिफ्ट करने के लिए अब तक कोई परमानेंट या पर्याप्त जगह नहीं मिल पाई है.
लगभग 135 साल पुरानी इस ऐतिहासिक लाइब्रेरी के पास अब अपना कोई नया ठिकाना नहीं है, जिसकी वजह से इसमें रखी लाखों अनमोल और दुर्लभ किताबों के भविष्य पर सवालिया निशान लग गया है. यह खबर उन हजारों छात्रों और शोधकर्ताओं को बड़ा झटका दे सकती है, जो अपनी पढ़ाई और रिसर्च के लिए हर दिन इस लाइब्रेरी पर निर्भर रहते हैं.
8.5 लाख से अधिक किताबों के बेघर होने का खतरा
यह संकट इसलिए और बड़ा हो जाता है क्योंकि इस चार मंजिला लाइब्रेरी का आकार करीब 5,500 वर्ग मीटर में फैला हुआ है. इस विशाल परिसर में 8.5 लाख से भी अधिक किताबें, दुर्लभ दस्तावेज और ऐतिहासिक सरकारी रिकॉर्ड मौजूद हैं.
ब्रिटिश काल से लेकर आज तक के आजाद भारत के सरकारी कामकाज और इतिहास के दस्तावेज यहां सुरक्षित रखे गए हैं. इतनी बड़ी संख्या में किताबों और भारी-भरकम रिकॉर्ड को सुरक्षित तरीके से किसी दूसरी जगह पर रखने के लिए जितनी बड़ी जगह की जरूरत है, उतनी जगह का इंतजाम फिलहाल नहीं हो पाया है.
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छात्रों की पढ़ाई पर पड़ेगा सीधा असर
इस लाइब्रेरी का इस्तेमाल सिर्फ सरकारी अधिकारी ही नहीं करते, बल्कि UPSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले सैकड़ों छात्र हर दिन यहां आकर पढ़ाई करते हैं. शांत माहौल और हर विषय की किताबों की उपलब्धता के कारण यह जगह छात्रों के लिए किसी वरदान से कम नहीं थी. अब लाइब्रेरी के बंद होने या बिना किसी निश्चित ठिकाने के शिफ्ट होने से छात्रों की रोज की पढ़ाई पूरी तरह बाधित होने का खतरा पैदा हो गया है.
हालांकि, केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय की तरफ से नई जगह की तलाश की बातें कही जा रही हैं, लेकिन जब तक कोई पक्की और सुरक्षित जगह तय नहीं हो जाती, तब तक इस 135 साल पुरानी लाइब्रेरी के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी रहेगी. छात्रों और विशेषज्ञों का यही कहना है कि सरकार को इस ऐतिहासिक खजाने को सुरक्षित रखने के लिए जल्द से जल्द कोई ठोस कदम उठाना चाहिए.
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        <description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती के तहत होने वाली फिजिकल दक्षता परीक्षा को लेकर जरूरी अपडेट है. दरअसल, बारिश और कुछ परीक्षा केंद्रों पर मैदान में जलभराव की स्थिति को देखते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) ने कई केंद्रों पर परीक्षा की तारीख में बदलाव किया है. 1 अक्टूबर से शुरू हुई पीईटी अब कुछ केंद्रों पर अलग-अलग तारीखों में आयोजित की जाएगी. बोर्ड ने कुल 9 परीक्षा केंद्रों पर 1 अक्टूबर को होने वाली पीईटी को आगे बढ़ाकर 8 अक्टूबर 2026 कर दिया है. जिन परीक्षा की तारीख और केंद्र बदला है, उनके लिए संशोधित एडमिट कार्ड भी जारी किए जाएंगे.&amp;nbsp;
यूपीपीआरपीबी के अनुसार, 12वीं वाहिनी पीएसी फतेहपुर, 8वीं वाहिनी पीएसी बरेली, 9वीं वाहिनी पीएसी मुरादाबाद, 26वीं वाहिनी पीएसी गोरखपुर, 37वीं वाहिनी पीएसी कानपुर, 6वीं वाहिनी पीएसी मेरठ, 47वीं वाहिनी पीएसी गाजियाबाद, 20वीं वाहिनी पीएसी आजमगढ़, 39वीं वाहिनी पीएसी मिर्जापुर केंद्रों पर होने वाले पीईटी परीक्षा 8 अक्टूबर को होगी. हालांकि इन केंद्रों पर 3 अक्टूबर के बाद निर्धारित पीईटी का आयोजन मूल शेड्यूल के अनुसार ही किया जाएगा. सिवाय उन केंद्रों के लिए जिनके लिए बोर्ड ने अलग संशोधित तारीख जारी की है.&amp;nbsp;
आजमगढ़, गोरखपुर और मेरठ का शेड्यूल बदला&amp;nbsp;
20वीं वाहिनी पीएसी आजमगढ़, 26वीं वाहिनी पीएसी गोरखपुर और 6वीं वाहिनी पीएसी मेरठ की उम्मीदवारों के लिए सिर्फ 1 अक्टूबर की परीक्षा ही नहीं, बल्कि अगले कुछ दिनों की तारीखों में भी बदलाव किया गया है. इन केंद्रों पर 1 अक्टूबर की परीक्षा 8 अक्टूबर, 3 अक्टूबर की परीक्षा 9 अक्टूबर और 4 अक्टूबर की परीक्षा 10 अक्टूबर 2026 को आयोजित होगी. 5 अक्टूबर को होने वाली परीक्षा पहले से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित की जाएगी.&amp;nbsp;
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बरेली में भी परीक्षा केंद्र बदला&amp;nbsp;
8वीं वाहिनी पीएसी बरेली से जुड़े उम्मीदवारों के लिए परीक्षा केंद्र में बदलाव किया गया है. अब इन उम्मीदवारों को पीईटी पुलिस लाइन्स बरेली में कराई जाएगी. ऐसे में उम्मीदवार को नया एडमिट कार्ड डाउनलोड करना होगा और उसमें दिए गए संशोधित परीक्षा केंद्र पर पहुंचना होगा. वहीं भी 37वीं वाहिनी पीएसी कानपुर और 12वीं वाहिनी पीएसी फतेहपुर में अब पीईटी आयोजित नहीं की जाएगी. इन दोनों केंद्रों से जुड़े उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्रों पर शेड्यूल किया जाएगा.&amp;nbsp;
संशोधित एडमिट कार्ड जरूर लेकर जाए&amp;nbsp;
यूपीपीआरपीबी ने कहा है कि जिन उम्मीदवारों की परीक्षा की या परीक्षा केंद्र बदल गया है, उनका पुराना एडमिट कार्ड मान्य नहीं होगा. ऐसे उम्मीदवारों को संशोधित एडमिट कार्ड के साथ ही पीईटी में शामिल होना होगा.
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        <pubDate>Fri, 02 Oct 2026 14:30:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>69 हजार शिक्षक भर्ती का हिसाब देगी यूपी सरकार, सुप्रीम कोर्ट ने मांगी लिस्ट</title>
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        <description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश की 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती में 19 हजार सीटों के आरक्षण विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी है. मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में राज्य सरकार से भर्ती से जुड़ा विस्तृत डेटा और चयनित उम्मीदवारों की पूरी लिस्ट पेश करने को कहा है. कोर्ट यह देखना चाहता है कि भर्ती में उम्मीदवारों के अंक कैटेगरी और मेरिट के आधार पर चयन किस तरह हुआ था. जस्टिस SVN भट्टी और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ ने सरकार को ऐसी लिस्ट तैयार करने का निर्देश दिया है, जिसमें उम्मीदवारों से जुड़ी जरूरी जानकारी शामिल हो. इस मामले की अगली सुनवाई 6 अक्टूबर को होनी है.&amp;nbsp;
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से 69 हजार भर्ती की मूल चयन लिस्ट का डेटा उपलब्ध कराने को कहा है. इसमें उम्मीदवारों का नाम, क्रमांक, कैटेगरी, सहायक अध्यापक, लिखित परीक्षा में प्राप्त अंक, ATRE में मिले अंक और क्वालिटी पॉइंट जैसी जानकारी शामिल करनी होगी. कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि सिर्फ 64 या 65 प्रतिशत अंक पाने वाले उम्मीदवारों का डेटा नहीं देना है, बल्कि संबंधित रेंज के सभी उम्मीदवारों की जानकारी उपलब्ध कराई जाए. पीठ इस डेटा के जरिए यह समझना चाहती है कि परीक्षा और मेरिट के आधार पर चयन किस तरह हुआ है.&amp;nbsp;
गलत सवाल पर एक अंक देने को लेकर सवाल&amp;nbsp;
सुनवाई के दौरान आंसर की में गलत सवाल के कारण दिए गए अंक का एक मुद्दा भी उठा. कोर्ट ने सवाल किया कि अगर किसी प्रश्न में गलती थी और उसका लाभ दिया गया, तो यह फायदा सिर्फ कुछ उम्मीदवारों तक सीमित क्यों रहा. अदालत ने इस बात पर भी जानकारी मांगी कि गलत सवाल का एक अंक किन उम्मीदवारों को दिया गया और उसका चयन सूची पर क्या असर पड़ा. बताया गया कि उस समय कोर्ट पहुंचे उन उम्मीदवारों को इसका लाभ दिया गया था, जो इस एक अंक की वजह से चयन से बाहर हो गए थे.&amp;nbsp;
EWS उम्मीदवारों को लेकर भी आया मुद्दा&amp;nbsp;
सुनवाई में ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के उम्मीदवारों का मुद्दा भी उठा. उनकी ओर से कहा गया कि अगर भर्ती की चयन सूची दोबारा तैयार होती है, तो ईडब्ल्यूएस उम्मीदवारों को भी इसमें शामिल किया जाना चाहिए. इस पीठ ने कहा कि अगर लखनऊ हाईकोर्ट का फैसला बरकरार रहता है और चयन सूची को दोबारा तैयार करने की स्थिति बनती है, तो ईडब्ल्यूएस उम्मीदवारों को शामिल करने पर विचार किया जाएगा. इस मुद्दे पर आगे विस्तार से सुनवाई की जाएगी.&amp;nbsp;
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पहले से चयनित शिक्षकों को लेकर भी दलील&amp;nbsp;
चयनित उम्मीदवारों की ओर से अदालत में यह मांग रखी गई कि अगर 69 हजार भर्ती की सूची दोबारा बनाई जाती है, तो पहले से चयनित और नियुक्त शिक्षकों को सीधी भर्ती से बाहर नहीं किया जाए. उनकी ओर से 18 नवंबर 2020 के रामशरण मौर्य फैसले का हवाला दिया गया. दलील दी गई है कि उस फैसले में बीएड उम्मीदवारों को इस भर्ती के लिए पात्र बनाया गया था. NCTE के नियमों का संदर्भ भी इसमें दिया गया है.&amp;nbsp;
बीएड और BTC पर भी हुई चर्चा&amp;nbsp;
मामले की सुनवाई के दौरान 69 हजार चयनित उम्मीदवारों में बीएड अभ्यर्थियों की संख्या को लेकर भी सवाल हुआ. चयनित पक्ष की ओर से करीब 40 हजार बीएड उम्मीदवार होने की बात कही गई, जबकि आरक्षित वर्ग की ओर से यह संख्या करीब 36 हजार बताई गई. राज्य सरकार के अधिवक्ता अंकित गोयल ने कहा कि सटीक आंकड़ा तत्काल उपलब्ध कराना संभव नहीं है. इसे तैयार करने में समय लगेगा. राज्य सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि मौजूदा मामले में बीएड और बीटीसी का विवाद मुख्य मुद्दा नहीं है. वहीं सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान भर्ती में मेरिट और आरक्षण के नियमों के पालन को लेकर भी जानकारी मांगी. अदालत उनसे 69 हजार शिक्षक भर्ती की मूल चयन सूची और संबंधित आंकड़ों के आधार पर पूरे मामले को देखना चाहती है.
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        <pubDate>Thu, 01 Oct 2026 22:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>एशियन गेम्स में जीता सिल्वर, कौन हैं आशीमा और DU से क्या कनेक्शन?</title>
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        <description><![CDATA[ एशियन गेम्स में जब भारत के खिलाड़ी तिरंगे के साथ पोडियम पर पहुंचते हैं, तो हर भारतीय के लिए वह गर्व का पल होता है. इस बार शूटिंग में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया और महिला ट्रैप टीम ने भारत की झोली में सिल्वर मेडल डाला. इस टीम का हिस्सा रहीं आशीमा अहलावत की कहानी इसलिए भी खास है, क्योंकि वह सिर्फ निशानेबाज ही नहीं बल्कि दिल्ली यूनिवर्सिटी से भी जुड़ी हुई हैं.
आशीमा ने नीरू ढांडा और मनीषा कीर के साथ मिलकर महिला ट्रैप टीम इवेंट में भारत के लिए रजत पदक जीता. खास बात यह है कि पढ़ाई और शूटिंग दोनों को साथ लेकर चलने वाली आशीमा पहले लेडी श्रीराम कॉलेज से पढ़ाई कर चुकी हैं और अब दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में पोस्टग्रेजुएशन कर रही हैं.
&amp;nbsp;कौन हैं आशीमा अहलावत?
आशीमा अहलावत हरियाणा के रोहतक जिले के खरखड़ा गांव से हैं. उनका शूटिंग का सफर अचानक शुरू नहीं हुआ, बल्कि इसके पीछे पढ़ाई, परिवार और लगातार मेहनत की कहानी है. रिपोर्ट के मुताबिक, आशीमा ने 12वीं कक्षा में 98.6 प्रतिशत अंक हासिल किए थे. पढ़ाई में अच्छा प्रदर्शन करने के साथ उन्हें खेल और दूसरी गतिविधियों में भी रुचि थी. शूटिंग में आगे बढ़ने का फैसला करने के बाद उन्होंने धीरे-धीरे इस खेल में अपनी जगह बनाई और राज्य स्तर से लेकर राष्ट्रीय और फिर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं तक पहुंचीं.
&amp;nbsp;मां ने रखी थी पढ़ाई की शर्त
आशीमा की शूटिंग की शुरुआत के पीछे उनकी मां का भी बड़ा योगदान रहा है. रिपोर्ट के अनुसार, जब आशीमा ने शूटिंग को गंभीरता से आगे बढ़ाने की इच्छा जताई तो उनकी मां सुमित्रा अहलावत ने पहले पढ़ाई को प्राथमिकता देने की बात कही. उन्होंने 12वीं में 96 प्रतिशत अंक हासिल करने की शर्त रखी थी. आशीमा ने इस चुनौती को स्वीकार किया और 98.6 प्रतिशत अंक हासिल किए. इसके बाद उन्होंने शूटिंग को आगे बढ़ाया. शुरुआत में उन्हें रोहतक से फरीदाबाद तक रोजाना ट्रेनिंग के लिए लंबा सफर भी करना पड़ता था.
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&amp;nbsp;DU से क्या है आशीमा का कनेक्शन?
आशीमा का दिल्ली यूनिवर्सिटी से सीधा कनेक्शन है. उन्होंने Lady Shri Ram College for Women यानी LSR से ग्रेजुएशन किया है. LSR की वार्षिक रिपोर्ट में भी आशीमा का शूटिंग में प्रदर्शन दर्ज है. रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने ट्रैप शूटिंग में राष्ट्रीय और यूनिवर्सिटी स्तर पर पदक जीते थे. अब वह दिल्ली यूनिवर्सिटी के Delhi School of Economics से पोस्टग्रेजुएशन कर रही हैं. एशियन गेम्स में उनके सिल्वर मेडल के बाद DU की ओर से भी उन्हें बधाई दी गई.
&amp;nbsp;अब आगे क्या है आशीमा का लक्ष्य?
एशियन गेम्स का सिल्वर आशीमा के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, लेकिन उनका लक्ष्य यहीं खत्म नहीं होता. रिपोर्टों के मुताबिक, अब उनकी नजर ओलंपिक में पदक जीतने पर है. उनकी कहानी की खास बात यह भी है कि उन्होंने पढ़ाई को छोड़कर सिर्फ खेल पर ध्यान नहीं दिया, बल्कि दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ीं. LSR में पढ़ाई से लेकर DU के Delhi School of Economics में पोस्टग्रेजुएशन और अब एशियन गेम्स के पोडियम तक पहुंचना उनके सफर का अहम हिस्सा है.
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        <pubDate>Thu, 01 Oct 2026 22:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>दिल्ली जल बोर्ड में करें इंटर्नशिप, जानें क्या है आवेदन की अंतिम तिथि</title>
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        <description><![CDATA[ दिल्ली सरकार के अधीन काम करने वाले दिल्ली जल बोर्ड ने देश के युवाओं के लिए एक बेहद शानदार और काम का मौका निकाला है. दिल्ली जल बोर्ड ने अपने नए और खास प्रोग्राम Young Aqua Leaders Internship Program 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी है. जो युवा सरकारी विभाग के साथ काम करने का अनुभव हासिल करना चाहते हैं और हर महीने अच्छी कमाई भी करना चाहते हैं, उनके लिए यह एक बेहतरीन अवसर है. इस इंटर्नशिप कार्यक्रम के तहत इच्छुक उम्मीदवार 15 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन माध्यम से अपना आवेदन फॉर्म जमा कर सकते हैं.
इस 6 महीने के विशेष इंटर्नशिप प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को दिल्ली की पानी की सप्लाई, सीवेज नेटवर्क और कचरे के पानी के प्रबंधन जैसी प्रणालियों के कामकाज को व्यावहारिक रूप से समझाना है. दिल्ली जल बोर्ड इस योजना के जरिए ऐसे युवाओं की टीम तैयार करना चाहता है जो पर्यावरण और जल संरक्षण के क्षेत्र में आगे चलकर बड़ा योगदान दे सकें.
हर महीने मिलेगा 15 हजार रुपये का स्टाइपेंड
इस सरकारी इंटर्नशिप की सबसे बड़ी और आकर्षक बात यह है कि इसमें चयनित होने वाले युवाओं को मुफ्त में काम नहीं करना होगा. दिल्ली जल बोर्ड की तरफ से चुने गए हर इंटर्न को हर महीने 15,000 रुपये का Stipend दिया जाएगा. इसका मतलब यह है कि 6 महीने की इस पूरी अवधि के दौरान एक छात्र कुल 90,000 रुपये तक की राशि कमा सकता है. पैसे के साथ-साथ इंटर्नशिप को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले सभी युवाओं को दिल्ली सरकार की ओर से एक आधिकारिक सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा.&amp;nbsp;
जानिए कौन कर सकता है इसके लिए आवेदन?
इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आवेदक की न्यूनतम उम्र कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए. शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो इसमें स्नातक के अंतिम वर्ष में पढ़ रहे छात्र आवेदन करने के योग्य हैं. इसके साथ ही जिन युवाओं ने पिछले दो वर्षों के भीतर अपनी ग्रेजुएशन की डिग्री पूरी कर ली है या जो अभी पोस्ट-ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रहे हैं, वे भी इस फॉर्म को भर सकते हैं. यह अवसर मुख्य रूप से उन छात्रों के लिए बहुत फायदेमंद है जो पर्यावरण इंजीनियरिंग, शहरी नियोजन, जल प्रबंधन और सरकारी प्रशासनिक कार्यों में अपनी रुचि रखते हैं और इस क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं.
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सीटें हैं सीमित, ऐसे करना होगा अप्लाई
दिल्ली जल बोर्ड के इस इंटर्नशिप प्रोग्राम के तहत हर एक चक्र में केवल 40 उम्मीदवारों को ही काम करने का मौका दिया जाएगा. सीटें सीमित होने के कारण उम्मीदवारों का चयन उनकी योग्यता और उनके आवेदन के आधार पर किया जाएगा. आवेदन करने की पूरी प्रक्रिया को बेहद आसान और डिजिटल रखा गया है.
इच्छुक और योग्य उम्मीदवार दिल्ली जल बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट delhijalboard.delhi.gov.in पर जाकर वहां दिए गए आधिकारिक गूगल फॉर्म के लिंक के जरिए ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं. ध्यान रहे कि फॉर्म भरने और उसे जमा करने की आखिरी तारीख 15 अक्टूबर 2026 तय की गई है, इसलिए समय रहते अपना आवेदन जरूर पूरा कर लें.
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        <pubDate>Thu, 01 Oct 2026 22:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>सुप्रीम कोर्ट में सरकारी नौकरी का मौका, JCA के 250 पदों पर भर्ती</title>
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        <description><![CDATA[ सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने जूनियर कोर्ट असिस्टेंट के 250 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है. इन पदों पर नियुक्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 7 अक्टूबर से शुरू होगी और इच्छुक उम्मीदवार 28 अक्टूबर 2026 रात 11:55 बजे तक आवेदन कर सकेंगे. यह भर्ती ग्रुप-बी नॉन-गैजेटेड पद के लिए है. जूनियर कोर्ट असिस्टेंट (JCA) पद को पहले मैट्रिक्स के लेवल-6 में रखा गया है और इसमें शुरुआती बेसिक पे 35,400 प्रतिमाह होगी. इसके अलावा नियमानुसार भत्ते भी मिलेंगे.&amp;nbsp;
सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार जूनियर कोर्ट असिस्टेंट के 250 पद फिलहाल टेंटेटिव है. प्रशासनिक जरूरत या रजिस्ट्री के अनुसार पदों की संख्या में बदलाव हो सकता है. वहीं इन पदों पर आरक्षण का लाभ सुप्रीम कोर्ट ऑफिसर्स एंड सर्वेंट रूल 1961 के नियम 4-ए के अनुसार मिलेगा.&amp;nbsp;
कौन है इस भर्ती के लिए एलिजिबल?&amp;nbsp;
इस भर्ती के लिए उम्मीदवार का भारतीय नागरिक होना जरूरी है. उसके पास भारत के किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से बैचलर डिग्री होनी चाहिए. इसके साथ कंप्यूटर चलाने की जानकारी और कंप्यूटर पर कम से कम 35 शब्द प्रति मिनट की टाइपिंग स्पीड जरूरी है. उम्र की बात करें तो 1 सितंबर 2026 को उम्मीदवार की उम्र 18 से 30 साल के बीच होनी चाहिए. एससी, एसटी, ओबीसी-एनसीएल, दिव्यांग और एक्स सर्विसमैन उम्मीदवारों को नियमों के अनुसार आयु में छूट भी मिलेगी. वहीं स्वतंत्रता सेनानियों के आश्रितों को अधिकतम 5 साल की अतिरिक्त छूट दी जाएगी. इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री के विभागीय उम्मीदवारों के लिए ऊपरी आयु सीमा लागू नहीं होगी.&amp;nbsp;
1500 रुपये तक है आवेदन फीस&amp;nbsp;
आवेदन फीस जनरल और ओबीसी कैटेगरी के लिए 1500 रुपये है, जबकि एससी, एसटी, ओबीसी-एनसीएल एक्स सर्विसमैन और दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए 750 रुपये हैं. इसके लिए अलावा बैंक चार्ज अलग से लागू होगा. फीस का पेमेंट केवल ऑनलाइन माध्यम से यूको बैंक के पेमेंट गेटवे के जरिए किया जा सकेगा.&amp;nbsp;
चार चरणों में होगा चयन&amp;nbsp;
जूनियर कोर्ट असिस्टेंट पद के लिए चयन प्रक्रिया चार चरणों में पूरी होगी. सबसे पहले ऑब्जेक्टिव टाइप टेस्ट, इसके बाद कंप्यूटर टाइप स्पीड टेस्ट, इंग्लिश में डिस्क्रिप्टिव रिटन टेस्ट और लास्ट में इंटरव्यू होगा. ऑब्जेक्टिव टेस्ट में कुल 100 सवाल 100 अंक के होंगे. इसमें इंग्लिश, जनरल एप्टीट्यूड, जनरल नॉलेज, भारतीय संविधान में न्यायपालिका से जुड़े प्रावधान, सुप्रीम कोर्ट रूल्स 2013, सुप्रीम कोर्ट ऑफिसर्स एंड सर्वेंट रूल 1961 और कंप्यूटर नॉलेज से सवाल पूछे जाएंगे. गलत उत्तर पर 0.25 अंक की नेगेटिव मार्किंग भी होगी. ऑब्जेक्टिव परीक्षा में न्यूनतम 50 अंक हासिल करने वाले उम्मीदवारों को आगे की प्रक्रिया के लिए शॉर्टलिस्ट किया जाएगा. बड़ी संख्या में उम्मीदवार क्वालीफाई करने पर लगभग 1:10 के अनुपात में टाइपिंग और लिखित परीक्षा के लिए चयन किया जाएगा.&amp;nbsp;
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20 नवंबर को हो सकती है पहली परीक्षा&amp;nbsp;
नोटिफिकेशन के अनुसार जूनियर कोर्ट असिस्टेंट की ऑब्जेक्टिव टाइप परीक्षा 20 नवंबर 2026 को प्रस्तावित है. इसकी आंसर की 22 नवंबर को जारी की जाएगी और 22 से 23 नवंबर तक आपत्ति दर्ज करने का मौका मिलेगा. टाइपिंग टेस्ट डिस्क्रिप्टिव परीक्षा और इंटरव्यू की तारीख बाद में घोषित की जाएगी.&amp;nbsp;
कैसे कर सकते हैं आवेदन?

आवेदन के लिए सबसे पहले सुप्रीम कोर्ट के ऑफिशियल वेबसाइट sci.gov.in पर जाएं.&amp;nbsp;
रिक्वायरमेंट सेक्शन में जाकर जूनियर कोर्ट असिस्टेंट भर्ती का ऑनलाइन फॉर्म भरें.&amp;nbsp;
आवेदन में नाम, माता-पिता का नाम और जन्म तिथि 10 वीं के प्रमाण पत्र के अनुसार दर्ज करें.&amp;nbsp;
इसके बाद फोटो सिग्नेचर 10-12वीं और ग्रेजुएशन सर्टिफिकेट सहित जरूरी डॉक्यूमेंट अपलोड करें.&amp;nbsp;
अब आरक्षित वर्ग और दिव्यांग उम्मीदवारों को संबंधित प्रमाण पत्र भी जमा करना होगा.&amp;nbsp;
इसके बाद फीस का पेमेंट कर फॉर्म सबमिट करके उसका प्रिंट आउट निकाल लें.

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        <pubDate>Thu, 01 Oct 2026 22:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>सुप्रीम, कोर्ट, में, सरकारी, नौकरी, का, मौका, JCA, के, 250, पदों, पर, भर्ती</media:keywords>
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        <description><![CDATA[ NCERT ने हाल ही में कक्षा 9वीं की नई किताबें जारी की है. &amp;nbsp;NCERT ने पहले गणित और अब सामाजिक विज्ञान की किताब जारी की है. वहीं अब कक्षा 9 के छात्रों को पढ़ाई के दौरान सिर्फ गणित, विज्ञान या सामाजिक विज्ञान के पारंपरिक विषय ही नहीं, बल्कि पर्सनल फाइनेंस और इनकम टैक्स से जुड़ी जानकारी भी मिलेगी. NCERT ने कक्षा 9 की नई सामाजिक विज्ञान की एक किताब में व्यक्तिगत आयकर को भी शामिल किया गया है. इसमें छात्रों को नई टैक्स व्यवस्था के तहत अलग-अलग स्लैब के आधार पर टैक्स की गणना समझाई गई है. आपको बता दें कि NCERT ने अभी कक्षा 9 की सोशल साइंस किताब का दूसरा भाग जारी किया है, जबकि पहला भाग जून में जारी किया गया था. नई किताब में मैनेजिंग योर पर्सनल फाइनेंस नाम से एक अध्याय दिया गया है, जिसमें कम उम्र से ही पैसों के सही प्रबंधन को समझाने पर जोर दिया गया है.&amp;nbsp;
इस अध्याय की खास बात यह है कि इसमें कक्षा 9 के छात्रों को नई आयकर व्यवस्था के टैक्स स्लैब के हिसाब से वास्तविक टैक्स कैलकुलेशन समझाया गया है. NCERT प्रमुख दिनेश प्रसाद सकलानी के अनुसार इस आयु के छात्रों के लिए इस तरह से टैक्स की गणना को पाठ्यक्रम में शामिल करना पहली बार हुआ है. किताब में बताया गया है कि भारत में आयकर की गणना स्लैब सिस्टम के आधार पर होती है. इसके बाद नई टैक्स व्यवस्था के स्लैब की एक तालिका दी गई है और उसी के आधार पर टैक्स देनदारी निकलने की प्रक्रिया समझाइ गई है. खास बात यह है कि इस अध्याय में पुरानी टैक्स व्यवस्था का कोई जिक्र नहीं किया गया है यानी छात्रों को पर्सनल आयकर के बारे में जानकारी देते समय फोकस सिर्फ नई व्यवस्था पर रखा गया है.&amp;nbsp;
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टैक्स की जानकारी सिर्फ गणना तक सीमित नहीं&amp;nbsp;
NCERT ने टैक्स की जानकारी को केवल गणना तक सीमित नहीं रखा. अध्याय में टैक्स पेमेंट को नागरिक जिम्मेदारी से भी जोड़ा गया. छात्रों को बताया गया है कि ईमानदारी से और समय पर टैक्स चुकाना हर नागरिक की जिम्मेदारी है और इससे देश के विकास के लिए संसाधन उपलब्ध होते हैं. वहीं किताब में यह भी बताया गया है कि पैसों को संभालने की समझ बचपन से विकसित होनी चाहिए. वित्तीय प्रबंधन का मतलब केवल ज्यादा कमाई करना नहीं, बल्कि खर्च, बचत, निवेश, खतरे से सुरक्षा, सामाजिक जिम्मेदारी से उधार लेने और टैक्स पेमेंट जैसे फैसलों को समझना भी इसका हिस्सा है.&amp;nbsp;
पर्सनल फाइनेंस के यह पहलू भी पढ़ेंगे छात्र&amp;nbsp;
इस अध्याय में पिलर्स ऑफ पर्सनल फाइनेंस के तहत व्यक्तिगत वित्त के अलग-अलग हिस्सों को समझाया गया है. इसमें आय, बजट बनाना, बचत, निवेश और सुरक्षा एवं खतरे का प्रबंध शामिल है. इसके अलावा शुरुआती निवेश की अहमियत बताते हुए फिक्स्ड डिपॉजिट, बॉन्ड, स्टॉक और म्युचुअल फंड जैसे निवेश ऑप्शन का भी जिक्र किया गया है. किताब के अनुसार व्यक्ति आज जो वित्तीय फैसला लेता है, इसका असर उनके फ्यूचर पर की आर्थिक स्थिरता पर भी पड़ता है. &amp;zwnj;
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        <pubDate>Thu, 01 Oct 2026 22:30:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>CBSE बोर्ड 2027 की डेटशीट पर आया बड़ा अपडेट, जानें कब आएगा टाइमटेबल</title>
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        <description><![CDATA[ केंद्रिय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड CBSE की वर्ष 2027 में होने वाली 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर छात्रों और अभिभावकों का इंतजार लगातार बढ़ता जा रहा है. बोर्ड की तरफ से अब तक शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कोई आधिकारिक टाइम-टेबल जारी नहीं किया गया है. परीक्षाओं की तारीखों को लेकर छात्र और स्कूल प्रबंधन लगातार अपडेट का इंतजार कर रहे हैं. बोर्ड प्रशासन ने छात्रों को सलाह दी है कि वे तारीखों से जुड़ी किसी भी आधिकारिक घोषणा के लिए CBSE की मुख्य वेबसाइट पर ही भरोसा करें.&amp;nbsp;
आमतौर पर CBSE अपनी परीक्षोओं का संभावित शेड्यूल काफी समय पहले जारी कर देता है. पिछले साल के रिकॉर्ड को देखें तो CBSE ने 2026 की बोर्ड परीक्षाओं की संभावित तारीखें 24 सितंबर 2025 को ही जारी कर दी थीं, जिसे मुख्य परीक्षा से करीब 146 दिन पहले पेश किया गया था ताकि छात्रों को तैयारी के लिए पूरा समय मिल सके.
उम्मीदवारों की सूची जमा कराने की प्रक्रिया जारी
तारीखों का इंतजार भले ही जारी हो, लेकिन बोर्ड परीक्षाओं की प्रशासनिक तैयारियां अपने अंतिम पड़ाव में हैं. CBSE ने सितंबर के महीने में ही सत्र 2026-27 की मुख्य परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन लिस्ट ऑफ कैंडिडेट्स LOC जमा करने का पोर्टल खोल दिया था. सभी स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने छात्रों के व्यक्तिगत विवरण और चुने गए विषयों की जानकारी पूरी सटीकता के साथ ऑनलाइन सिस्टम में दर्ज करें. बोर्ड ने साफ किया है कि केवल उन्हीं छात्रों को 2027 की बोर्ड परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाएगी, जिनका नाम इस LOC प्रक्रिया के जरिए सही समय पर सबमिट किया जाएगा.&amp;nbsp;
बोर्ड ने जारी किए सैंपल पेपर्स और मार्किंग स्कीम
तारीखों की घोषणा से पहले छात्रों की सहूलियत के लिए सीबीएसई ने कक्षा 10वीं और 12वीं के सभी मुख्य विषयों के सैंपल प्रश्न पत्र और मार्किंग स्कीम जारी कर दिए हैं. ये सभी दस्तावेज CBSE की आधिकारिक एकेडमिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं. इन सैंपल पेपर्स की मदद से छात्र परीक्षा के नए फॉर्मेट, पूछे जाने वाले प्रश्नों के प्रकार, अंक विभाजन और मूल्यांकन के तरीके को आसानी से समझ सकते हैं.
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कक्षा 10वीं के लिए जारी रहेगी &#039;दो-परीक्षा&#039; प्रणाली
CBSE बोर्ड परीक्षा 2027 के तहत कक्षा 10वीं के छात्रों के लिए NEP 2020 के तहत शुरू की गई दो-बोर्ड परीक्षा प्रणाली का दूसरा वर्ष होगा. इस नियम के तहत छात्रों को अपनी तैयारी सुधारने के लिए साल में दो बार परीक्षा देने का अवसर मिलता है. मुख्य परीक्षा के रूप में पहली बोर्ड परीक्षा फरवरी और मार्च के महीनों में आयोजित की जाती है. इसके बाद, जो छात्र अपने अंकों में सुधार करना चाहते हैं या किसी विषय में दोबारा बैठना चाहते हैं, उनके लिए दूसरी परीक्षा मई के महीने में आयोजित की जाती है, जिसके लिए अप्रैल में अलग से शेड्यूल जारी होता है.
CBSE को मिला नया अध्यक्ष
इस बार 2027 की परीक्षा की देखरेख में पूरा होने जा रहा है. वरिष्ठ IAS अधिकारी मनदीप के. भंडारी को CBSE का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. AGMUT कैडर के 2001 बैच के अधिकारी भंडारी की यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब बोर्ड पिछले सत्र में ऑन-स्क्रीन मार्किंग मूल्यांकन प्रणाली के दौरान आई कुछ तकनीकी दिक्कतों और साइबर हमलों जैसी चुनौतियों के बाद बड़े प्रशासनिक सुधारों की दिशा में काम कर रहा है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Thu, 01 Oct 2026 10:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>अग्निवीरों के लिए 2 राज्यों से गुड न्यूज, नौकरी के लिए हुए नए ऐलान </title>
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        <description><![CDATA[ अग्निवीर के तौर पर सेना में शामिल हुए पहले बैच की चार साल की सेवाएं पूरी होने वाली है. अग्निवीरों की सेवा पूरी होने के बाद आगे उनकी नौकरी को लेकर अलग-अलग राज्यों से कई तरह के ऐलान किए जा रहे हैं. इसे लेकर मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र सरकार ने भी अहम फैसले लिए हैं. मध्य प्रदेश में पूर्व अग्निवीरों के लिए वर्दी वाली सरकारी नौकरियों में 20 प्रतिशत आरक्षण को मंजूरी दी गई है. वहीं महाराष्ट्र में पूर्व अग्निवीरों को राज्य की कई वर्दी वाली सेवाओं में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला किया गया है. महाराष्ट्र में एलिजिबल पूर्व अग्निवीरों को लिखित भर्ती परीक्षा से छूट देने के बात भी कही गई है. केंद्र सरकार के 2022 बैच की अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीरों की सेवा का समय चार साल है. अग्निवीरों में 25 प्रतिशत को सशस्त्र बलों में आगे बनाए रखने का प्रावधान है, जबकि 75 प्रतिशत अग्निवीर सेवा पूरी होने के बाद बाहर आते हैं. पहला बैच जनवरी 2027 तक सेवा से बाहर होने वाला है.&amp;nbsp;
मध्य प्रदेश कैबिनेट ने पुलिस आरक्षक, विशेष सशस्त्र बल, जेल प्रहरी, वनरक्षक और आबकारी आरक्षक के पदों पर पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण को मंजूरी दी. गृह विभाग के तहत जनरल ड्यूटी आरक्षक और विशेष सशस्त्र बल की भर्ती में अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा. इन पदों पर होमगार्ड के लिए 10 प्रतिशत और पूर्व सैनिकों के लिए 5 प्रतिशत आरक्षण भी जारी रहेगा. वहीं जेल प्रहरी और वनरक्षक के पदों पर अग्निवीरों को 20 प्रतिशत, होमगार्ड को 15 प्रतिशत और पूर्व सैनिकों को 5 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा. वहीं आबकारी आरक्षक की भर्ती में अग्नि वीरों के लिए 20 प्रतिशत, होमगार्ड के लिए 10 प्रतिशत और पूर्व सैनिकों के लिए 5 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है.&amp;nbsp;
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महाराष्ट्र में बिना लिखित परीक्षा के नौकरी&amp;nbsp;
महाराष्ट्र कैबिनेट ने पूर्व अग्निवीरों के लिए ग्रुप सी की वर्दी वाली सरकारी नौकरी और अर्ध सरकारी सेवाओं में 10 प्रतिशत आरक्षण को मंजूरी दी है. यह व्यवस्था महाराष्ट्र के मूल निवासी पूर्व अग्निवीरों के लिए होगी. सरकार के अनुसार एलिजिबल पूर्व अग्निवीरों को दोबारा लिखित परीक्षा नहीं देनी होगी. वहीं उनकी 4 साल की सैन्य सेवा के दौरान मिली ट्रेनिंग को भी मान्यता दी जाएगी. इसलिए सामान्य शुरुआती प्रशिक्षण से उन्हें छूट मिलेगी. हालांकि किसी खास पद के लिए जरूरी विशेष प्रशिक्षण लागू हो सकता है. वहीं ऊपरी आयु सीमा में भी 4 साल की छूट दी जाएगी.&amp;nbsp;
पुलिस से फायर सर्विस तक कई विभागों में मौका&amp;nbsp;
महाराष्ट्र में पूर्व अग्निवीरों के लिए पुलिस कांस्टेबल और ड्राइवर कांस्टेबल, जेल कांस्टेबल, फायरमैन और रेस्क्यूअर और होमगार्ड, स्टेट इंटेलिजेंस डिपार्टमेंट में कांस्टेबल, सेलर, राज्य आबकारी विभागों में जवान और जवान कम ड्राइवर तथा वनरक्षक जैसे पदों पर अवसर का प्रावधान किया गया है. भारतीय नौसेना से सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों को राज्य की तटीय सुरक्षा शाखा में शामिल करने को प्राथमिकता देने के बात भी कही गई है. जरूरत पड़ने पर उनके लिए अतिरिक्त पद बनाए जाने का ऑप्शन भी रखा गया है.
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        <pubDate>Thu, 01 Oct 2026 10:30:06 +0530</pubDate>
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        <title>IISc ने बढ़ाया का मान, वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में बना भारत का नंबर 1 संस्थान</title>
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        <description><![CDATA[ IISc ने बढ़ाया का मान, वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में बना भारत का नंबर 1 संस्थान ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 01 Oct 2026 10:30:04 +0530</pubDate>
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        <title>नीट पेपर लीक के बाद अब CBT मोड में होगी परीक्षा, केंद्र की तैयारी शुरू</title>
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        <description><![CDATA[ नीट यूजी परीक्षा को लेकर शिक्षा मंत्रालय परीक्षा के तरीके में बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रहा है. अभी तक नीट यूजी कागज और पेन के जरिए आयोजित होता था, लेकिन अब इसे कंप्यूटर बेस्ड मोड में करने के लिए देशभर में परीक्षा ढांचे की रणनीति तैयार की जा रही है. शिक्षा मंत्रालय राष्ट्रीय स्तर पर ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने पर काम कर रहा है, जिससे ऑनलाइन परीक्षा के लिए जरूरी केंद्र और तकनीकी व्यवस्था उपलब्ध हो सके. हालांकि अभी नीट को ऑनलाइन कराने पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है. सरकार नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता वाली हाई लेवल टास्क फोर्स की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है. वहीं परीक्षा सुधारो को लेकर इस टास्क फोर्स की सिफारिश मिलने के बाद ही आगे की प्रक्रिया पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा.&amp;nbsp;
शिक्षा मंत्रालय की योजना सिर्फ नीट तक सीमित नहीं है. अधिकारियों के अनुसार राष्ट्रीय स्तर पर ऐसा सीबीटी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की रणनीति बनाई जा रही है, जिससे अलग-अलग एंट्रेंस एग्जाम को ऑनलाइन मोड में कराया जा सके. वहीं इसका उद्देश्य परीक्षा केंद्रों की उपलब्धता में शहरों और ग्रामीण क्षेत्र के बीच मौजूद अंतर को कम करना भी है. साथ ही अलग-अलग परीक्षा केंद्रों पर कंप्यूटर सुरक्षा और दूसरी जरूरी सुविधाओं के मानकों को एक जैसा रखने पर भी काम किया जा रहा है. मंत्रालय के एक अधिकारी के अनुसार कागज पेन से होने वाली परीक्षाओं को सीबीटी में बदलने के लिए बुनियादी ढांचे की जरूरत, परीक्षा केंद्रों की उपलब्धता और पूरी प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से लागू करने पर विचार हो रहा है.&amp;nbsp;
JEE और CUET पहले से सीबीटी मोड में&amp;nbsp;
एनटीए की परीक्षाओं में फिलहाल नीट यूजी पेन-पेपर मोड में होता है, जबकि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की कई दूसरी बड़ी परीक्षाएं कंप्यूटर पर आयोजित की जाती है. इनमें जेईई मेन, सीयूईटी यूजी, सीयूईटी पीजी, यूजीसी नेट और सीएसआईआर यूजीसी नेट जैसे परीक्षाएं शामिल है. सरकार की तैयारी है कि पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होने के बाद दूसरी प्रवेश परीक्षाओं को भी ऑनलाइन माध्यम से कराए जाने की दिशा में आगे बढ़ा जा सके.&amp;nbsp;
ये भी पढ़ें-मेडिकल छात्रों के लिए बड़ी खबर, NEET PG की सीटें बढ़कर 58000 के करीब
लीक के बाद तेज हुई ऑनलाइन परीक्षा की तैयारी&amp;nbsp;
नीट को सीबीटी मोड में कराने की चर्चा नई नहीं है, लेकिन पेपर लीक की घटना के बाद इस दिशा में सरकार का फोकस बढ़ा है. इस साल नीट यूजी प्रश्न पत्र लीक होने के बाद देशभर में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया था. इसके बाद परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए केंद्र ने हाई लेवल टास्क फोर्स गठित की थी. इस टास्क फोर्स की अध्यक्षता इंफोसिस के सह संस्थापक नंदन नीलेकणि कर रहे हैं. इसका उद्देश्य देश की सार्वजनिक परीक्षा प्रणाली में ऐसे सुधार सुझाना है, जिससे परीक्षाओं को ज्यादा सुरक्षित बनाया जा सके. फिलहाल अभी इस टास्क फोर्स की रिपोर्ट आना बाकी है.&amp;nbsp;
ग्रामीण और कम कनेक्टिविटी वाले छात्रों पर भी ध्यान&amp;nbsp;
नीट को ऑनलाइन करने की योजना बनाते समय ग्रामीण इलाकों, महिलाओं और कम कनेक्टिविटी वाले जिलों के उम्मीदवारों पर पड़ने वाले असर को भी ध्यान में रखा जा रहा है. इसके लिए परीक्षा केंद्रों की उपलब्धता और जरूरी तकनीकी सुविधाओं को लेकर अलग से तैयारी की जा रही है. अधिकारियों के अनुसार नीट को पेन पेपर से सीबीटी में बदलने की प्रक्रिया कैसी होगी, इसे किस चरण में लागू किया जाएगा और इसके लिए किस तरह का इंफ्रास्ट्रक्चर चाहिए इन सभी पहलुओं पर काम चल रहा है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Thu, 01 Oct 2026 10:30:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>भारत के किस राज्य में सबसे ज्यादा खुदकुशी करते हैं छात्र? यहां जानें</title>
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        <description><![CDATA[ देश में छात्रों की मानसिक सेहत को लेकर चिंता लगातार बढ़ रही है. नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो NCRB की हाल ही में जारी रिपोर्ट के मुताबिक छात्रों की आत्महत्या के मामलों में बीते एक दशक में बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. 2024 में देशभर में कुल 14,488 छात्रों ने आत्महत्या की, जो 2014 के मुकाबले करीब 80 प्रतिशत ज्यादा है. यह आंकड़ा पिछले 10 सालों में सबसे ज्यादा है, और इसने एक बार फिर छात्रों पर पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षाओं और पारिवारिक दबाव को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है.
महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा मामले
NCRB के आंकड़ों के मुताबिक 2014 से 2024 के बीच 11 साल में देशभर में कुल 1,23,918 छात्रों ने आत्महत्या की, जिनमें सबसे ज्यादा करीब 17,000 मामले अकेले महाराष्ट्र से सामने आए. इसके बाद उत्तर प्रदेश का नंबर आता है, जहां यह आंकड़ा करीब 10,000 रहा. पिछले कई सालों से लगातार महाराष्ट्र ही इस मामले में देश में सबसे आगे बना हुआ है.
किन राज्यों में सबसे ज्यादा हैं मामले?
रिपोर्ट के मुताबिक महाराष्ट, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश और तमिलनाडु इन चार राज्यों में मिलाकर देश भर के कुल छात्र आत्महत्या मामलों का करीब आधा हिस्सा दर्ज होता है. खास बात यह है कि इनमें से ज्यादातर मामले उन इलाकों से जुड़े पाए गए, जहां बड़े कोचिंग हब मौजूद है.जैसे राजस्थान का कोटा, दिल्ली-एनसीआर, बेंगलुरु, हैदराबाद और पुणे जैसे शहर, जहां देशभर से लाखों छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आते हैं.
क्या हैं आत्महत्या की मुख्य वजहें?
NCRB की रिपोर्ट के मुताबिक छात्रों में आत्महत्या की सबसे बड़ी वजह पारिवारिक समस्याएं रही हैं, इसके बाद परीक्षा में असफलता दूसरी सबसे बड़ी वजह के तौर पर सामने आई है. 2024 में कुल 2,032 आत्महत्याएं सिर्फ परीक्षा में असफल होने की वजह से हुईं, जो उस साल दर्ज हुए कुल छात्र आत्महत्या मामलों का करीब 14 प्रतिशत हिस्सा है.
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लगातार क्यों बढ़ रहे हैं आंकड़े?
पिछले एक दशक के आंकड़ों पर नजर डालें तो 2019 से 2020 के बीच सबसे तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई थी, जब मामलों में 21.2 प्रतिशत का उछाल आया. इन 10 सालों में सिर्फ 2022 ही ऐसा साल रहा, जब आत्महत्या के मामलों में मामूली गिरावट दर्ज हुई. इसके अलावा 2024 में 10,295 से ज्यादा 18 साल से कम उम्र के बच्चों की मौत भी आत्महत्या से हुई, जो बताता है कि यह समस्या सिर्फ कॉलेज या बड़ी उम्र के छात्रों तक सीमित नहीं, बल्कि स्कूली बच्चों में भी गहराई तक फैली हुई है.
सरकार की तरफ से क्या हो रहे हैं प्रयास?
इस बढ़ती समस्या को देखते हुए केंद्र सरकार ने 2022 में नेशनल सुसाइड प्रिवेंशन स्ट्रैटेजी शुरू की थी, जिसका लक्ष्य 2030 तक देश में आत्महत्या की दर में 10 प्रतिशत की कमी लाना है. इसके अलावा कोटा जैसे कोचिंग हब में भी प्रशासन ने छात्रों के लिए काउंसलिंग सेंटर, हेल्पलाइन नंबर और नियमित मेंटल हेल्थ चेकअप जैसी सुविधाएं शुरू की हैं, ताकि दबाव में जी रहे छात्रों को समय रहते सही सहारा मिल सके.
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        <pubDate>Thu, 01 Oct 2026 10:30:02 +0530</pubDate>
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        <title>SBI ने सुझाए शिक्षा व्यवस्था में बदलाव, हर छात्र को फ्री और फेयर एजुकेशन पर जोर</title>
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        <description><![CDATA[ भारत में उच्च शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर एसबीआई रिसर्च ने कई अहम सुझाव दिए हैं. एसबीआई रिसर्च ने अपनी ताजा रिपोर्ट में संविधान के अनुच्छेद 21 में बदलाव कर छात्रों के लिए फ्री और फेयर एजुकेशन के अवसर का अधिकार सुनिश्चित करने पर विचार करने को कहा है. रिपोर्ट के अनुसार इसका उद्देश्य छात्रों को शिक्षा के क्षेत्र में धोखाधड़ी, भेदभाव और अनुचित बाधाओं से बचाना होना चाहिए. इस रिपोर्ट में सिर्फ शिक्षा के अधिकार तक ही बात सीमित नहीं रखी है. इसमें एनटीए के ढांचे में बदलाव, परीक्षाओं को ज्यादा पारदर्शी, बनाने और राज्य लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में सुधार की जरूरत भी बताई है.&amp;nbsp;
एसबीआई रिसर्च ने एनटीए की मौजूदा व्यवस्था में बदलाव का सुझाव दिया है. फिलहाल एनटीए सोसायटी के रूप में काम करती है. रिपोर्ट में इसे संसद के कानून के जरिए गठित संवैधानिक संस्था बनाने की बात कही गई है. रिपोर्ट के अनुसार एनटीए जुलाई 2024 तक 240 से ज्यादा परीक्षाएं आयोजित कर चुकी थी, जिनमें 5.4 करोड़ से ज्यादा उम्मीदवार शामिल हुए. वहीं एसबीआई रिसर्च का मानना है कि एजेंसी के लिए कानूनी जिम्मेदारियां स्पष्ट करने, स्थायी विशेषज्ञताएं विकसित करने और स्वतंत्र समीक्षा की व्यवस्था मजबूत करने की भी जरूरत है.&amp;nbsp;
शिक्षा के कई स्तरों पर सुझाव&amp;nbsp;
रिपोर्ट में परीक्षा व्यवस्था से जुड़े कई स्तरों पर सुधार का सुझाव दिया गया है. इसमें पेपर की सुरक्षा, स्वतंत्र समीक्षा, उम्मीदवारों के लिए अपील की व्यवस्था और सार्वजनिक जवाबदेही को मजबूत करने की बात कही है. एसबीआई रिसर्च ने चीन की गाओकाओ परीक्षा से भी कुछ सीख लेने का सुझाव दिया है. रिपोर्ट के अनुसार परीक्षा के बड़े स्तर पर संचालन, लॉजिस्टिक्स और व्यवस्था को संभालने के तरीके से भारत अपनी परीक्षाओं के लिए कुछ पहलुओं को अपना सकता है.&amp;nbsp;
उच्च शिक्षा पर सरकारी खर्च बढ़ाने की सिफारिश&amp;nbsp;
रिपोर्ट में उच्च शिक्षा के लिए सरकारी खर्च को लेकर भी चिंता जताई हैं. एसबीआई रिसर्च के अनुसार कुल सरकारी खर्चे में उच्च शिक्षा की हिस्सेदारी करीब 1 प्रतिशत रह गई है, जो वित्त वर्ष 18 में 1.6 प्रतिशत थी. रिपोर्ट में इसे बढ़ाकर 1.5 प्रतिशत करने और केंद्रीय वित्त पोषित संस्थानों में खाली पड़े शिक्षण पदों को भरने का सुझाव दिया है. इन संस्थानों में स्वीकृत शिक्षण पदों में करीब 34 प्रतिशत पद खाली बताए गए हैं.&amp;nbsp;
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युवाओं में वोकेशनल ट्रेनिंग बढ़ाने की जरूरत&amp;nbsp;
रिपोर्ट में वोकेशनल ट्रेनिंग को लेकर भी आंकड़े सामने रखे हैं. एसबीआई रिसर्च के अनुसार 2025 में 15 से 29 साल की उम्र के 30.7 प्रतिशत भारतीयों ने वोकेशनल ट्रेनिंग ली. हालांकि यह आंकड़ा 2018 के 7.1 प्रतिशत से बहुत ज्यादा है, फिर भी रिपोर्ट ने इसके विस्तार की जरूरत बताई है.&amp;nbsp;
तेजी से बढ़ा रहा उच्च शिक्षा का दायरा&amp;nbsp;
एसबीआई रिसर्च के अनुसार पिछले एक दशक में देश के उच्च शिक्षा क्षेत्र का भी विस्तार हुआ है. वित्त वर्ष 24 तक यूनिवर्सिटी, कॉलेज और स्टैंडअलोन संस्थाओं की संख्या बढ़कर 64,756 हो गई. वहीं उच्च शिक्षा में छात्रों का नामांकन 4.5 करोड़ से ज्यादा पहुंच गया और इनमें लड़कियों की हिस्सेदारी करीब आधी रही. रिपोर्ट के अनुसार इस दौरान शिक्षकों की संख्या भी बढ़कर 17.32 लाख हो गई.
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        <pubDate>Wed, 30 Sep 2026 18:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>कौन होता है प्राइवेट यूनिवर्सिटी का मुखिया? कितनी होती है उसकी सैलरी</title>
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        <description><![CDATA[ जब भी किसी यूनिवर्सिटी का नाम सामने आता है तो हमारे दिमाग में सबसे पहले प्रोफेसर, शिक्षक और छात्र आते हैं. लेकिन एक यूनिवर्सिटी को चलाने के लिए इसके पीछे कई बड़े अधिकारी और अलग-अलग विभाग काम करते हैं. इनमें वाइस चांसलर यानी कुलपति का पद काफी महत्वपूर्ण माना जाता है.
वाइस चांसलर यूनिवर्सिटी के शैक्षणिक और रोजाना के प्रशासनिक कामकाज से जुड़े बड़े फैसलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. अब सवाल यह है कि प्राइवेट यूनिवर्सिटी का असली मुखिया कौन होता है, VC आखिर क्या काम करते हैं, उन्हें इस पद पर कैसे नियुक्त किया जाता है और इतनी बड़ी जिम्मेदारी के बदले उन्हें क्या सुविधाएं और सैलरी मिलती है. आइए जानते हैं.
प्राइवेट यूनिवर्सिटी का मुखिया कौन होता है?
प्राइवेट यूनिवर्सिटी में चांसलर और वाइस चांसलर यानी VC जैसे बड़े पद होते हैं. यूनिवर्सिटी के शैक्षणिक कामकाज को संभालने में VC की सबसे अहम भूमिका होती है. UGC की की गाइडलाइन्स में VC को संस्थान के हेड के रूप में बताया गया है. VC पढ़ाई से जुड़े फैसले लेने, शिक्षकों के काम और अकादमिक व्यवस्था को सही तरीके से चलाने में मदद करता है. यूनिवर्सिटी के रोजमर्रा के कई जरूरी कामों में भी VC की जिम्मेदारी रहती है. हालांकि चांसलर और VC की भूमिका हर प्राइवेट यूनिवर्सिटी के अपने नियमों के हिसाब से थोड़ी अलग हो सकती है.
&amp;nbsp;कुलपति का क्या काम होता है?
वाइस चांसलर&amp;nbsp; का मुख्य काम यूनिवर्सिटी के शैक्षणिक कामकाज को सही तरीके से चलाना होता है. वह पढ़ाई की व्यवस्था, शिक्षकों से जुड़े मामलों और अलग-अलग अकादमिक गतिविधियों पर नजर रखता है. इसके अलावा यूनिवर्सिटी में होने वाले कई जरूरी प्रशासनिक फैसलों में भी वाइस चांसलर की भूमिका रहती है. आसान शब्दों में कहें तो यूनिवर्सिटी की पढ़ाई और अकादमिक व्यवस्था को आगे बढ़ाने की बड़ी जिम्मेदारी इन्हीं की होती है.
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कुलपति की सैलरी कितनी होती है?
प्राइवेट यूनिवर्सिटी के कुलपति की सैलरी पूरे देश में एक जैसी तय नहीं होती. हर यूनिवर्सिटी अपने नियम, पद की जिम्मेदारी और व्यक्ति के अनुभव के हिसाब से वेतन तय कर सकती है. यूजीसी के पुराने वेतन नियमों में VC के लिए 75 हजार रुपये तय वेतन और 5 हजार रुपये अतिरिक्त वेतन का जिक्र मिलता है. लेकिन इसे आज हर प्राइवेट यूनिवर्सिटी में मिलने वाली तय सैलरी नहीं माना जा सकता. किसी खास यूनिवर्सिटी के VC का वेतन जानने के लिए उसी यूनिवर्सिटी के आधिकारिक रिकॉर्ड देखना सही रहेगा.
कुलपति&amp;nbsp;कैसे बनते हैं?
वाइस चांसलर का पद किसी सामान्य नौकरी की तरह सीधे आवेदन करके नहीं मिलता. इसके लिए पहले योग्य लोगों के नामों पर विचार किया जाता है और एक चयन समिति उनके नामों की लिस्ट तैयार करती है. इसमें उम्मीदवार की पढ़ाई, उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उसका अनुभव और यूनिवर्सिटी के शैक्षणिक व प्रशासनिक काम संभालने का अनुभव देखा जाता है. यूजीसी के पुराने नियमों में चयन समिति की ओर से 3 से 5 नामों की लिस्ट &amp;nbsp;तैयार करने की बात कही गई है. हालांकि किसी प्राइवेट यूनिवर्सिटी में VC चुनने का पूरा तरीका उस यूनिवर्सिटी के अपने नियमों पर निर्भर कर सकता है.
कुलपति को कौन-कौन सी सुविधाएं मिलती हैं?
वाइस चांसलर को मिलने वाली सुविधाएं हर प्राइवेट यूनिवर्सिटी में एक जैसी नहीं होतीं. यह उसकी नौकरी की शर्तों और यूनिवर्सिटी के नियमों पर निर्भर करता है. कई जगहों पर पद के साथ अच्छी सैलरी के अलावा रहने की सुविधा, गाड़ी, यात्रा, मेडिकल और दूसरी जरूरी सुविधाएं भी मिल सकती हैं. इन सुविधाओं की जानकारी आमतौर पर नियुक्ति की शर्तों में तय की जाती है.
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        <pubDate>Wed, 30 Sep 2026 18:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>मेडिकल छात्रों के लिए बड़ी खबर, NEET PG की सीटें बढ़कर 58000 के करीब</title>
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        <description><![CDATA[ नीट पीजी की पढ़ाई का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों के लिए खुशखबरी है. दरअसल नीट पीजी 2026 काउंसलिंग के लिए सीट मैट्रिक्स जारी कर दिया है. नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) और मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार 2026-27 में एमडी-एमएस और दूसरे पीजी मेडिकल प्रोग्राम में सीटों की संख्या बढ़कर करीब 58000 हो गई है. पिछले साल यह संख्या 52,173 थी. इस तरह कुल सीटों में करीब 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. वहीं सीटों में यह इजाफा सरकारी के साथ-साथ प्राइवेट और डीम्ड मेडिकल संस्थानों में भी हुआ है. खास बात यह है कि प्राइवेट और डीम्ड यूनिवर्सिटी में सीटों की संख्या में करीब 32 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, जबकि सरकारी मेडिकल कॉलेज में लगभग 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है.&amp;nbsp;
नीट पीजी 2026 के नए सीट मैट्रिक्स में कई प्रमुख विशेषज्ञता वाले प्रोग्राम में सीटों का विस्तार किया गया है. इनमें एनेस्थीसिया, ऑप्थेल्मोलॉजी, ईएनटी, पैथोलॉजी, साइकियाट्री और रेस्पिरेटरी मेडिसिन शामिल है. सरकारी मेडिकल कॉलेजों में उपलब्ध सीटों की बात करें तो एनेस्थिसियोलॉजी में 3,205, जनरल मेडिसिन में 3,201 और जनरल सर्जरी में 2,805 सीटें हैं. इसके अलावा ओबीजी की 2,635, पीडियाट्रिक्स की 2,176 और पैथोलॉजी की 1,833 सरकारी सीटें बताई गई है. ऑर्थोपेडिक्स में 1,603, ऑप्थेल्मोलॉजी में 1,223 कम्युनिटी मेडिसिन में 1192 और रेडियो डायग्नोसिस में 1182 सीटें हैं.&amp;nbsp;
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सीट मैट्रिक्स जारी होने के बाद भी बदलाव संभव
एनएमसी ने यह सीट मैट्रिक्स जारी करने के साथ यह भी साफ किया है कि जारी की गई सीट मैट्रिक्स में जरूरत पड़ने पर बदलाव किया जा सकता है. वहीं मौजूदा लिस्ट में उन आवेदनों से जुड़ी अतिरिक्त सीटें शामिल नहीं है, जो इनमें मौजूद है. पीजी कोर्स में सीटें बढ़ाने या नए पीजी कोर्स शुरू करने की मांग की गई है. बाद में जिन सीटों या नए प्रोग्राम को मंजूरी मिलेगी, उन्हें अपडेटेड सीट मैट्रिक्स में शामिल किया जाएगा. सभी मेडिकल कॉलेज को निर्देश दिया गया है कि एडमिशन केवल स्वीकृत सीटों की संख्या के आधार पर ही किया जाए. काउंसलिंग के दौरान सीट मैट्रिक्स में कोई गड़बड़ी मिलने पर मामला मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड (MARB) के पास भेजा जाएगा.&amp;nbsp;
PwBD&amp;nbsp; के लिए 1 अक्टूबर से शुरू होगी प्रक्रिया
नीट पीजी काउंसलिंग में दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए राउंड 1 का रजिस्ट्रेशन पोर्टल 1 अक्टूबर 2026 से खुलेगा. उम्मीदवार एमसीसी की वेबसाइट mcc.nic.in के जरिए रजिस्ट्रेशन और चॉइस फिलिंग कर सकेंगे. पीडब्ल्यूबीडी उम्मीदवारों के लिए मेडिकल असेसमेंट भी तय समय में होगा. प्राथमिक मेडिकल असेसमेंट बोर्ड की प्रक्रिया भी 1 अक्टूबर शाम 5 बजे से 9 अक्टूबर तक चलेगी. वहीं अपील के लिए 5 अक्टूबर सुबह 10 बजे से 12 अक्टूबर शाम 5 बजे तक अपीलीय मेडिकल बोर्ड असेसमेंट बोर्ड उपलब्ध रहेगा.
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        <pubDate>Wed, 30 Sep 2026 18:30:07 +0530</pubDate>
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        <title>2027 में यूपी में किन सेक्टर्स में सबसे ज्यादा जॉब देगी सरकार? जान लें जवाब</title>
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        <description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश में हर साल लाखों युवा सरकारी नौकरी की तैयारी करते हैं. किसी को पुलिस में जाना है तो कोई शिक्षक बनने की तैयारी कर रहा है. वहीं कई युवा स्वास्थ्य और दूसरे सरकारी विभागों में नौकरी का इंतजार करते हैं. सरकार की ओर से अलग-अलग विभागों में समय-समय पर भर्तियां भी निकाली जाती हैं.
ऐसे में 2027 में भी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं की नजर कई बड़े विभागों पर रहने वाली है. हालांकि अभी यह तय नहीं है कि किस विभाग में कितने पद निकलेंगे, इसकी सही जानकारी भर्ती का नोटिफिकेशन आने के बाद ही मिलेगी.
पुलिस विभाग में मिल सकती हैं नौकरियां
यूपी में सरकारी नौकरी की बात हो और पुलिस भर्ती का नाम न आए, ऐसा हो ही नहीं सकता. पुलिस विभाग में कांस्टेबल से लेकर दूसरे पदों पर समय-समय पर भर्तियां निकलती रहती हैं. बड़ी संख्या में युवा इन भर्तियों की तैयारी करते हैं. ऐसे में 2027 में भी पुलिस विभाग की भर्ती पर युवाओं की नजर रहेगी. कितने पद आएंगे, यह अभी तय नहीं है और इसकी जानकारी आधिकारिक भर्ती नोटिफिकेशन में ही मिलेगी.
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शिक्षा के क्षेत्र में भी मौके
शिक्षक बनने का सपना देखने वाले युवाओं के लिए शिक्षा विभाग भी बड़ा क्षेत्र है. स्कूलों में शिक्षकों की जरूरत के हिसाब से अलग-अलग पदों पर भर्तियां निकलती रहती हैं. हाल के समय में भी यूपी में शिक्षकों और शिक्षा विभाग से जुड़े पदों पर नियुक्तियां हुई हैं. ऐसे में 2027 में भी शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों को इस विभाग पर नजर रखनी चाहिए.
स्वास्थ्य विभाग में भी भर्ती की उम्मीद
अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवाओं को चलाने के लिए डॉक्टरों के साथ नर्स, तकनीकी कर्मचारी और दूसरे कर्मचारियों की भी जरूरत होती है. इसी वजह से स्वास्थ्य विभाग में अलग-अलग पदों पर भर्तियां निकलती रहती हैं. 2027 में भी स्वास्थ्य से जुड़े पदों पर नौकरी के मौके आ सकते हैं. हालांकि पदों की संख्या और भर्ती की तारीख तभी साफ होगी, जब संबंधित विभाग की ओर से आधिकारिक जानकारी जारी होगी.
राजस्व और दूसरे विभागों को भी न भूलें
सरकारी नौकरी सिर्फ पुलिस और शिक्षक बनने तक ही सीमित नहीं है. राजस्व, पंचायत और दूसरे सरकारी विभागों में भी अलग-अलग पदों पर भर्तियां होती हैं. इन विभागों में लेखपाल, ग्राम पंचायत अधिकारी और कई दूसरे पद युवाओं के लिए नौकरी का मौका देते हैं. इसलिए 2027 में सरकारी नौकरी की तैयारी करने वालों को सिर्फ एक ही विभाग पर निर्भर रहने के बजाय दूसरी भर्तियों पर भी नजर रखनी चाहिए.
निजी क्षेत्र में भी बन सकते हैं नौकरी के मौके
सरकार सिर्फ सरकारी विभागों में ही रोजगार के मौके नहीं बढ़ा रही है. यूपी में आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, ईवी, रक्षा, कपड़ा, खाद्य और छोटे कारोबार जैसे कई क्षेत्रों को बढ़ावा दिया जा रहा है. इन क्षेत्रों में नई कंपनियां और कारोबार बढ़ने पर निजी नौकरी के मौके भी बन सकते हैं. इसलिए 2027 में नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए सरकारी भर्ती के साथ निजी क्षेत्र की नौकरियों पर नजर रखना भी फायदेमंद हो सकता है.
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        <pubDate>Wed, 30 Sep 2026 18:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Explained: मंदिर, तलवार और हथियार! NCERT नई किताबों में आपके बच्चों को क्या पढ़ाना चाहता है?</title>
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        <description><![CDATA[ नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) ने क्लास 9 के लिए सोशल साइंस की नई किताब का पार्ट- 2 जारी कर दिया है. यह किताब 29 सितंबर 2026 को रिलीज हुई है, यानी जब नया अकादमिक सत्र शुरू हो चुका है और कई स्कूलों में हाफ-ईयरली परीक्षाएं भी लगभग खत्म हो चुकी हैं. किताब का नाम है &#039;Understanding Society: India and Beyond- Part 2.&#039; आखिर किताबों की तब्दीली से क्या हासिल होगा...
पहले क्या पढ़ाया जाता था, अब क्या बदला?
पहले क्लास 9 की &#039;India and The Contemporary World&#039; जैसी किताबें थीं, उनमें फ्रांसीसी क्रांति, रूसी क्रांति, यूरोप में समाजवाद और नाजीवाद का उदय जैसे यूरोपीय विषय पढ़ाए जाते थे. अब इनकी जगह भारत के मध्यकालीन इतिहास को ज्यादा जगह दी गई है.
नई किताब में छह चैप्टर हैं, जो हिस्ट्री, ज्योग्राफी, पॉलिटिकल साइंस और इकोनॉमिक्स को कवर करते हैं. ज्योग्राफी में अब &#039;Oceans and Life&#039; और &#039;Life on Earth&#039; जैसे चैप्टर हैं.
इसमें सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब 1000 से 1700 ईस्वी के बीच के 700 साल के इतिहास को &#039;प्रतिरोध और लचीलापन&#039; (Resistance and Resilience) के नाम से पढ़ाया जाएगा. अब बच्चों को यह सिखाया जाएगा कि भारतीय समाज ने बाहरी हमलों का कैसे डटकर मुकाबला किया और अपनी परंपराओं को कैसे बचाए रखा.
जून 2026 में इस किताब का पार्ट- 1 जारी हो चुका है.
नए चैप्टर में क्या-क्या है?
नया चैप्टर &#039;Resistance and Resilience (1000&amp;ndash;1700 CE)&#039; तीसरे नंबर पर जोड़ा गया है. इसमें बताया गया है कि 7वीं सदी से भारतीय उपमहाद्वीप पर लगातार हमले होते रहे, जिनके पीछे क्षेत्रीय विस्तार और धार्मिक मकसद थे. अरब, तुर्क, मुगल और यूरोपीय ताकतों का सामना भारतीय शासकों और समुदायों ने किया.
किताब में राजपूतों, अहोम साम्राज्य, विजयनगर साम्राज्य, मराठों, सिखों और जाटों के प्रतिरोध की कहानियां हैं. इसमें महाराणा प्रताप का अकबर के खिलाफ प्रतिरोध, लाचित बोरफुकन का 1671 में सरायघाट की लड़ाई में मुगल बेड़े को हराना और मुगल जुल्म के खिलाफ सिखों का विरोध शामिल है.
महिला शासकों और आम लोगों की भूमिका
किताब में सिर्फ राजाओं की नहीं, महिला शासकों और आम लोगों के प्रतिरोध की भी बात है. चौलुक्य साम्राज्य की रानी नायकी देवी ने 1178 में माउंट आबू के पास मुहम्मद गोरी को हराया था. काकतीय साम्राज्य की रुद्रमा देवी का भी जिक्र है, जिन्होंने 1262 से 1289 तक दिल्ली सल्तनत से संघर्ष किया. उल्लाल की रानी अब्बक्का चौटा ने पुर्तगाली नौसेना को हराया था.
आम लोगों में 1669 में गोकुल जाट के नेतृत्व में जाट विद्रोह का जिक्र है, जो भारी टैक्स और औरंगजेब की धार्मिक नीतियों के खिलाफ था. 1686 में सिनसिनी और सोगर के जमींदारों का विद्रोह भी शामिल है.
देवी-देवताओं और तलवारों की परंपरा
किताब में एक खास बॉक्स है, जिसमें बताया गया है कि 7वीं सदी से भारत में देवी पूजा की परंपरा रही है और राजा काली, दुर्गा, भवानी जैसी शक्ति की देवियों की पूजा करते थे. इसमें लिखा है कि बस्तर के शासक अन्नमराजा को माणिक्यदेवी (दंतेश्वरी) से तलवार मिली, विजयनगर के कुमार कंपन ने मदुरै में सल्तनत की सेना के खिलाफ देवी की दी तलवार का इस्तेमाल किया और शिवाजी को तुलजा भवानी से तलवार मिली.
भक्ति और सूफी परंपरा
किताब में भक्ति परंपरा को &#039;लचीलेपन की भावना की पुष्टि&#039; बताया गया है. इसमें लिखा है कि जब मंदिर बनाने पर रोक थी, तब भक्ति ने पूजा को जारी रखा. चैतन्य महाप्रभु ने बंगाल में काजी की रोक के खिलाफ सार्वजनिक संकीर्तन का नेतृत्व किया.
सूफी परंपरा को इस्लाम का एक उदार रूप बताया गया है, जिसने इस्लाम के प्रसार में मदद की. मुस्लिम कवियों रसखान और रहीम को भक्ति परंपरा का हिस्सा बताया गया है.
मंदिरों का मुद्दा भी जोड़ा
किताब में मंदिरों के टूटने और फिर से बनने का जिक्र है. जैसे, टोडरमल और मान सिंह ने काशी विश्वनाथ का पुनर्निर्माण किया, औरंगजेब ने इसे तोड़ा और अहिल्याबाई होल्कर ने इसे फिर से बनवाया.
आखिर इन बदलावों से क्या हासिल होगा?
NCERT प्रमुख दिनेश सकलानी के मुताबिक, इस उम्र में सोशल साइंस की पढ़ाई का मकसद बच्चों में विश्लेषणात्मक क्षमता, आलोचनात्मक सोच, अंतर-सांस्कृतिक समझ और नागरिक जीवन में आत्मविश्वास से भाग लेने की क्षमता विकसित करना है.
इस बदलाव को लेकर राजनीति भी गरम है. विपक्ष का कहना है कि यह इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश करने की कोशिश है. वहीं, सरकार का कहना है कि यह बदलाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क 2023 के तहत किया गया है, जिसका मकसद बच्चों को भारत की जड़ों से जोड़ना है.
आलोचकों का यह भी कहना है कि पहले जो इतिहास &#039;सहयोग और मिली-जुली संस्कृति&#039; पर जोर देता था, अब वह &#039;हमला और प्रतिरोध&#039; के नजरिए से पढ़ाया जा रहा है. किताब में अकबर के बाद के शासन को अपेक्षाकृत समावेशी बताया गया है, इसलिए यह पूरी तरह एकतरफा नहीं है.
क्या बाकी सब्जेक्ट्स में भी बदलाव हुए?
सिर्फ इतिहास ही नहीं, बल्कि अन्य विषयों में भी बदलाव हुए हैं. &#039;Authority&#039; नाम का चैप्टर हटाकर &#039;Governance and Public Policy&#039; लाया गया है. इसमें बताया जाएगा कि सरकार कैसे काम करती है, टैक्स कैसे भरा जाता है और नागरिकों की क्या भूमिका होती है.
अर्थशास्त्र में बच्चों को इनकम-टैक्स स्लैब, निवेश के जोखिम और बिजनेस प्लानिंग सिखाई जाएगी. आयुष्मान भारत को हेल्थ इंश्योरेंस के उदाहरण के तौर पर पढ़ाया जाएगा. &#039;India and the World&#039; चैप्टर को क्लास 9 से हटाकर क्लास 10 में भेज दिया गया है. ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 30 Sep 2026 18:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>IIT बॉम्बे में आरक्षित वर्ग के कितने शिक्षक? RTI में सामने आया आंकड़ा </title>
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        <description><![CDATA[ आईआईटी बॉम्बे देश के प्रमुख तकनीकी संस्थानों में शामिल है. जहां पढ़ने और पढ़ाने का सपना बड़ी संख्या में छात्र और शिक्षक देखते हैं. लेकिन हाल ही में आईआईटी बॉम्बे एक छात्र साहिल वाकोडे के आत्महत्या के मामले के बाद फिर चर्चा में आया. इस मामले में जातिगत भेदभाव का मुद्दा भी सामने आया है, जिसके बाद आईआईटी बॉम्बे में एससी-एसटी शिक्षकों को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई. इसके अलावा आईआईटी बॉम्बे में एससी, एसटी, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस कैटेगरी से आने वाले शिक्षकों की संख्या को लेकर आरटीआई के जरिए सामने आए आंकड़ों ने भी सवाल खड़ा कर दिया है. दरअसल सितंबर 2026 के आंकड़ों के अनुसार संस्थान में कुल 775 भरें हुए टीचिंग पदों में आरक्षित वर्गों के 84 शिक्षक है. जिसका मतलब है कि कुल फैकल्टी में इनकी हिस्सेदारी महज 11 फीसदी है. यह जानकारी ऑल इंडिया ओबीसी स्टूडेंट एसोसिएशन के चेयरपर्सन और आरटीआई एक्टिविस्ट गौड़ किरण कुमार की ओर से दाखिल की गई आरटीआई से सामने आई है, उन्होंने यह जानकारी एकेडमिक रिसर्च के लिए मांगी थी.&amp;nbsp;
आरटीआई से मिली जानकारी के अनुसार आईआईटी बॉम्बे में टीचिंग स्टाफ के कुल 1225 स्वीकृत पद है. इनमें से 775 पद भरे हुए हैं, जबकि 450 पद अभी खाली है. वहीं सितंबर 2026 के आंकड़ों में 412 प्रोफेसर शामिल है. इनमें 5 एससी और 6 ओबीसी वर्ग से हैं, जबकि एसटी वर्ग से कोई प्रोफेसर नहीं है. वहीं एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर स्तर पर कुल 363 शिक्षक है, इनमें 29 एससी, 8 एसटी और 35 ओबीसी वर्ग से है. आईटीआई के अनुसार फरवरी की तुलना में सितंबर तक एससी फैकल्टी की संख्या एक एक बढ़ी है.&amp;nbsp;
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असिस्टेंट प्रोफेसर स्तर पर ज्यादा प्रतिनिधित्व&amp;nbsp;
आरटीआई के आंकड़ों से यह भी सामने आया है कि आरक्षित वर्गों के शिक्षकों की संख्या प्रोफेसर स्तर की तुलना में असिस्टेंट और एसोसिएट प्रोफेसर स्तर पर ज्यादा है. फरवरी में आईआईटी मुंबई के तीनों फैकल्टी स्तरों को मिलाकर एससी वर्ग के 33 शिक्षक थे. उस समय एसटी वर्ग में 1 एसोसिएट प्रोफेसर और 7 असिस्टेंट प्रोफेसर थे, जबकि ओबीसी वर्ग के कुल 41 शिक्षक थे.&amp;nbsp;
84 शिक्षकों के आंकड़ों में ईडब्ल्यूएस भी शामिल&amp;nbsp;
सामने आए आंकड़ों में एससी, एसटी और ओबीसी के साथ ईडब्ल्यूएस वर्ग को भी शामिल किया गया है. इन सभी आरक्षित वर्गों को मिलाकर 84 शिक्षक बताए गए हैं. कुल 775 भरे हुए शिक्षण पदों की तुलना में यह संख्या करीब 11 फीसदी बैठती है. यह स्थिति ऐसे समय में सामने आई है, जब आईआईटी बॉम्बे में आरक्षित वर्गों के प्रतिनिधित्व को लेकर चर्चा हो रही है. आरटीआई दाखिल करने वाले गौड़ किरण कुमार ने भी प्रमुख शिक्षण संस्थानों में एससी, एसटी और ओबीसी वर्गों के शिक्षकों की संख्या को लेकर सवाल उठाए हैं.
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        <pubDate>Wed, 30 Sep 2026 06:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>LPU से IIT Bombay तक, छात्रों के प्रदर्शन से कैसे प्रभावित हो रही परीक्षाएं</title>
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        <description><![CDATA[ LPU से IIT Bombay तक, छात्रों के प्रदर्शन से कैसे प्रभावित हो रही परीक्षाएं ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 30 Sep 2026 06:30:07 +0530</pubDate>
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        <title>यूरोप के इस खूबसूरत देश में खुलेगा IIT कैंपस, छात्रों की चमकेगी किस्मत</title>
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        <description><![CDATA[ भारत की उच्च शिक्षा और तकनीकी क्षेत्र की धाक अब पूरी दुनिया में देखने को मिल रही है. इसी कड़ी में भारत और फ्रांस के बीच मजबूत होते रिश्तों का एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है. भारत सरकार अब फ्रांस की जमीन पर अपना पहला भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान IIT कैंपस स्थापित करने की बड़ी तैयारी कर रही है. इस ऐतिहासिक कदम से दोनों देशों के बीच न केवल शैक्षणिक सहयोग बढ़ेगा, बल्कि रिसर्च और तकनीक के क्षेत्र में भी बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे.
हाल ही में भारत के केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी और फ्रांस के उच्च शिक्षा, अनुसंधान एवं अंतरिक्ष मंत्री फिलिप बैप्टिस्ट के बीच एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक हुई. इस बैठक के दौरान दोनों नेताओं के बीच फ्रांस में एक नया IIT कैंपस खोलने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई. दोनों देशों का मुख्य ध्यान छात्रों और प्रोफेसरों के आदान-प्रदान को बढ़ाने और दोनों देशों के शैक्षणिक संस्थानों के बीच मजबूत साझेदारी विकसित करने पर रहा.
फ्रांस की धरती पर भारतीय IIT
इस हाई लेवल मीटिंग में जिस योजना पर सबसे ज्यादा जोर दिया गया, वह है फ्रांस में IIT कैंपस की स्थापना. हालांकि, आधिकारिक तौर पर अभी इस बात का खुलासा नहीं किया गया है कि भारत का कौन सा IIT संस्थान फ्रांस में अपना नया कैंपस खोलेगा और वहां कौन-कौन से कोर्सेज की पढ़ाई कराई जाएगी. लेकिन इस ऐतिहासिक कदम से यह पूरी तरह साफ हो गया है कि भारतीय शिक्षा व्यवस्था और IIT ब्रांड की साख अब यूरोपीय देशों में भी तेजी से पैर पसार रही है. इससे पहले भी भारत के IIT संस्थान विदेशों में अपने कैंपस खोल चुके हैं, लेकिन फ्रांस में यह शुरुआत यूरोप में भारतीय तकनीक की धाक जमाएगी.
डिग्रियों को मिलेगी आपसी मान्यता
इस बैठक में दोनों देशों के बीच एक और बेहद जरूरी प्रशासनिक मुद्दे पर चर्चा हुई, वह है म्युचुअल रिकग्निशन ऑफ क्वालिफिकेशंस समझौता. इस समझौते का सीधा मतलब यह है कि दोनों देशों की डिग्रियों को एक-दूसरे के यहां आसानी से मान्यता मिल सकेगी. इसके लागू होने से फ्रांस से पढ़ाई करने वाले भारतीय छात्रों और भारत से डिग्री लेने वाले फ्रांसीसी छात्रों को नौकरी या आगे की पढ़ाई के लिए किसी भी तरह की कानूनी या प्रशासनिक दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा.
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रिसर्च और इनोवेशन को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, दोनों देशों ने सिर्फ कैंपस खोलने पर ही बात नहीं की, बल्कि कई अन्य सरकारी कार्यक्रमों के जरिए भी रिसर्च को बढ़ावा देने की योजना बनाई है. इसके तहत SPARC - स्कीम फॉर प्रमोशन ऑफ एकेडमिक एंड रिसर्च कोलैबोरेशन और GIAN - ग्लोबल इनिशिएटिव ऑफ एकेडमिक नेटवर्क्स जैसी बड़ी योजनाओं के जरिए दोनों देशों के वैज्ञानिक और रिसर्चर मिलकर काम करेंगे.
भारत इनोवेट्स 2026 और इनोवेशन का साल
यह पूरी चर्चा भारत इनोवेट्स 2026 और भारत-फ्रांस इनोवेशन वर्ष 2026 की रूपरेखा को ध्यान में रखकर की जा रही है. साल 2026 को दोनों देश मिलकर इनोवेशन ईयर के रूप में मना रहे हैं, जो इस तरह के बड़े फैसलों को हकीकत में बदलने के लिए एक बेहतरीन प्लेटफॉर्म साबित हो रहा है.
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        <pubDate>Wed, 30 Sep 2026 06:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>GATE पास करने के बाद ये कॉलेज हैं बेस्ट ऑप्शंस, देख लें लिस्ट</title>
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        <description><![CDATA[ ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग यानी GATE परिक्षा मुख्य रुप से इंजीनियरिंग और विज्ञान के छात्रों के लिए होती है. इस परिक्षा की मदद से वे भारत के सबसे शिर्ष कॉलेजों में M.Tech या M.E में एडमिशन ले सकते हैं. इस परिक्षा का उद्देश्य इंजीनियरिंग करने वाले छात्रों की स्नातक योग्यता देखने के लिए किया जाता है. जिसके बाद उन्हें टॉप कॉलेज में एडमिशन मिल जाता है.
ऐसे में कई लोगों के मन में यह सवाल होता है कि GATE परिक्षा को पास करने के बाद किस कॉलेज में एडमिशन लेना बेहतर होगा. आइए जानते हैं GATE के बाद आपके करियर को आसान बनाने के लिए किस कॉलेज में एडमिशन लेना बेहतर होगा. जहां आपको पढ़ाई के साथ-साथ अच्छी नौकरी और स्कॉलरशिप का फायदा भी मिलता है.
भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc बैंगलोर)
भारतीय विज्ञान संस्थान दुनिया के सबसे सर्वश्रेष्ठ कॉलेजों में गिना जाता है. यहां एडमिशन लेना कई छात्रों का सपना होता है. GATE स्कोर के आधार पर आप IISc में M.Tech, M.E. और PhD जैसे कार्यक्रमों में प्रवेश पा सकते हैं. यहां पढ़ने वाले छात्रों को भारत सरकार की ओर से फेलोशिप और मंथली स्टाइपेंड भी दिया जाता है. एम.टेक के बाद देश-विदेश की टॉप टेक कंपनियां और रिसर्च संगठन यहां के छात्रों को बहुत अच्छा पैकेज देते हैं. साथ ही यहां आधुनिक प्रयोगशालाएं और बड़े वैज्ञानिकों के साथ काम करने का मौका भी मिलता है.
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आईआईटी में मिलेंगे अवसर
GATE पास करने के बाद IIT में M.Tech या Ph.D में प्रवेश लेना करियर के लिए बेहद शानदार और फायदेमंद अवसर होता है. IIT में M.Tech करने पर सरकार की ओर से हर महीने 12,400 रुपये की स्कॉलरशिप मिलती है. &amp;nbsp;IIT के टॉप कॉलेज जैसे कानपुर, मद्रास, दिल्ली, और बॉम्बे में M.Tech करने के बाद देश-विदेश की बड़ी कंपनियों में लाखों के जॉब पैकेज मिलते हैं. यहां आधुनिक लैब, अनुभवी प्रोफेसर्स और बेहतरीन रिसर्च माहौल मिलता है.
एनआईटी देना बेस्ट करियर
GATE पास करने के बाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) से M.Tech या उच्च शिक्षा लेना भी करियर के लिए बहुत अच्छा और फायदेमंद विकल्प है. NIT से M.Tech करने के बाद सरकार छात्रों को हर महीने 12,400 रुपये की स्कॉलरशिप देती है. टॉप NIT कॉलेज जैसे त्रिची, वारंगल, सूरतकल, राउरकेला में पढ़ने के बाद बड़े और अच्छे जॉब ऑफर्स मिलते हैं. &amp;nbsp;
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        <pubDate>Wed, 30 Sep 2026 06:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>आर्मी ऑफिसर ने एशियन गेम्स में गाड़ा झंडा, जानें कौन हैं गोल्ड विनर नीरू ढांडा?</title>
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        <description><![CDATA[ एशियन गेम्स में भारतीय निशानेबाज नीरू ढांडा ने ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने उन्हें अंतरराष्ट्रीय शूटिंग में एक नई पहचान दिला दी. भारतीय सेना में नायब सूबेदार नीरू ने महिलाओं की ट्रैप स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है. वह नई दिल्ली के डॉ. KSSR में ट्रेनिंग करती है और इंडियन आर्मी मार्क्समैनशिप यूनिट का हिस्सा है. नीरू की यह जीत इसलिए भी खास है, क्योंकि एशियन गेम्स के इंडिविजुअल ट्रैप इवेंट में गोल्ड जीतने वाली वह पहली भारतीय महिला बनीं.
नीरू डंडा मूल रूप से हरियाणा की जींद की रहने वाली है. हालांकि उनकी फैमिली बाद में मध्य प्रदेश के शिवपुरी चली गई थी. शूटिंग में आने से पहले नीरू कबड्डी भी खेलती थी. उन्हें शूटिंग के लिए प्रेरणा अपने चचेरे भाई श्योराण से मिली, जिन्होंने 2018 जकार्ता एशियन गेम्स में पुरुषों की ट्रैप स्पर्धा पर्दा में सिल्वर मेडल जीता था. नीरू ने शुरुआत में परिवार की डबल बैरल गन से टीन के डिब्बों पर निशाना लगाकर प्रैक्टिस की. बाद में उन्होंने 2019 में मध्य प्रदेश शूटिंग एकेडमी ज्वाइन की और धीरे-धीरे प्रतिस्पर्धी शूटिंग में आगे बढ़ी.
आर्मी में नायब सूबेदार नीरू&amp;nbsp;
नीरू भारतीय सेना के कॉर्प्स ऑफ मिलट्री पुलिस में नायब सूबेदार है. वह आर्मी मार्क्समैनशिप यूनिट से जुड़ी है, जहां उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर की शूटिंग के लिए ट्रेनिंग मिली. शूटिंग में उनके बड़ा अंतरराष्ट्रीय पड़ाव 2022 में आया, जब उन्होंने आईएसएसएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप में पहली बार भारत का प्रतिनिधित्व किया. इसके बाद उन्होंने लगातार बड़े टूर्नामेंट में अपनी जगह बनाई. नीरू ने 2025 एशियाई गेम्स शूटिंग चैंपियनशिप में महिलाओं की ट्रेड स्पर्धा का खिताब भी अपने नाम किया.&amp;nbsp;
ये भी पढ़ें-उत्तराखंड में MBBS एडमिशन पर एक्शन, फर्जी सर्टिफिकेट से मिली 12 सीटें रद्द&amp;nbsp;
वर्ल्ड कप में भी रच चुकी है इतिहास&amp;nbsp;
इटली के लाल लोनाटो में हुए ISSF शॉटगन वर्ल्ड कप में नीरू ने महिलाओं की ट्रैप स्पर्धा में इंडिविजुअल गोल्ड मेडल जीता. वह इस इवेंट में व्यक्तिगत वर्ल्ड कप गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनी. इसके अलावा अल्माटी में वर्ल्ड कप में उन्होंने मिक्स्ड टीम इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल भी हासिल किया. इस तरह एशियन गेम्स का गोल्ड उनके लिए पहले से शानदार चल रही इस साल की एक और बड़ी उपलब्धि बन गया है.&amp;nbsp;
एशियन गेम्स में कैसे जीता गोल्ड&amp;nbsp;
एशियन गेम्स के फाइनल में नीरू ने शुरुआत मजबूत की. दूसरे सीरीज में एक निशाना चूकने के बाद वह कुछ समय के लिए पीछे हुई, लेकिन इसके बाद लगातार दो परफेक्ट सीरीज के साथ शानदार वापसी की. मुकाबले के आधे चरण तक उन्होंने 20 में से 19 टारगेट हिट कर लिए थे और दो हिट की बढ़त बना ली थी. वहीं आखिरी चरण में भी उन्होंने अपना संयम बनाए रखा और 28 हिट के साथ गोल्ड मेडल अपने नाम किया.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Wed, 30 Sep 2026 06:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>NLSIU में रिसर्च फेलोशिप का मौका, 2 लाख रुपये तक मिलेगा स्टाइपेंड</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/nlsiu-में-रिसर्च-फेलोशिप-का-मौका-2-लाख-रुपये-तक-मिलेगा-स्टाइपेंड</link>
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        <description><![CDATA[ नेशनल स्कूल ऑफ लॉ इंडिया यूनिवर्सिटी बेंगलुरु (NLSIU) ने जनवरी 2027 इनटेक के लिए रिसर्च फेलोशिप प्रोग्राम के लिए आवेदन शुरू किए हैं. यूनिवर्सिटी की ओर से तीन अलग-अलग फेलोशिप कैटेगरी में कुल 20 पद उपलब्ध कराए गए हैं. इन फेलोशिप में कानून के साथ सोशल साइंसेज, पब्लिक पॉलिसी और इससे जुड़े क्षेत्रों में रिसर्च का मौका मिलेगा. यह फेलोशिप कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर दी जाएगी और अलग-अलग शैक्षणिक व प्रोफेशनल बैकग्राउंड वाले उम्मीदवार इनमें आवेदन कर सकते हैं. इच्छुक उम्मीदवार 30 अक्टूबर 2026 शाम 5 बजे तक आवेदन जमा कर सकते हैं.&amp;nbsp;
NLSIU ने जनवरी 2027 सेशन के लिए तीन रिसर्च फेलोशिप प्रोग्राम घोषित किए हैं. इनमें ग्रेजुएट रिसर्च फेलोशिप के 10 पद, NLSIU पोस्ट डॉक्टोरल फेलोशिप के 5 पद और यूनिवर्सिटी रिसर्च फेलोशिप के 5 पद शामिल है. इनमें से हर फेलोशिप के लिए उम्मीदवार की शैक्षणिक योग्यता और एक्सपीरियंस अलग-अलग रखा गया है.&amp;nbsp;
कौन है इन पदों के लिए एलिजिबल?
ग्रेजुएट रिसर्च फेलोशिप के लिए उम्मीदवार के पास लॉ में ग्रेजुएट डिग्री या सोशल साइंसेज, पब्लिक पॉलिसी अथवा संबंधित क्षेत्र में पोस्टग्रेजुएट डिग्री होनी चाहिए. NLSIU पोस्टडॉक्टोरल फेलोशिप के लिए पिछले तीन वर्षों के अंदर लॉ, सोशल साइंसेज, पब्लिक पॉलिसी या संबंधित क्षेत्र में पीएचडी पूरी करने वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं. हालांकि जो उम्मीदवार पहले किसी या किसी दूसरे यूनिवर्सिटी में पोस्ट डॉक्टोरल पद पर रह चुके हैं. वह इस फेलोशिप के लिए एलिजिबल नहीं होंगे. वहीं यूनिवर्सिटी रिसर्च फेलोशिप के लिए मान्यता पीएचडी के साथ कम से कम 10 साल का टीचिंग या संबंधित प्रोफेशनल एक्सपीरियंस होना चाहिए. उम्मीदवार के पास मजबूत पब्लिकेशन रिकॉर्ड भी होना जरूरी है.&amp;nbsp;
2 लाख तक मिलेगा हर महीने स्टाइपेंड
तीनों फेलोशिप में मिलने वाली शुरुआती स्टाइपेंड अलग-अलग है. ग्रेजुएट रिसर्च फेलोशिप के लिए 50 हजार रुपये प्रतिमाह, NLSIU पोस्ट डॉक्टोरल फेलोशिप के लिए 1.20 लाख रुपये प्रतिमाह और यूनिवर्सिटी रिसर्च फेलोशिप के लिए सबसे ज्यादा 2 लाख रुपये प्रतिमाह से शुरुआत होगी. यूनिवर्सिटी के अनुसार लास्ट स्टाइपेंड उम्मीदवार की शैक्षणिक पृष्ठभूमि, योग्यता, संबंधित एक्सपीरियंस और फेलोशिप के लिए उपयुक्तता के आधार पर तय की जाएगी.&amp;nbsp;
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उम्मीदवार को रहना होगा बेंगलुरु कैंपस में&amp;nbsp;
इस स्कॉलरशिप के लिए चयनित उम्मीदवार को आमतौर पर फेलोशिप की अवधि के दौरान NLSIU के बेंगलुरु कैंपस में मौजूद रहना होगा. हालांकि यूनिवर्सिटी ने कहा है कि जरूरत और उम्मीदवार की कंडीशन के आधार पर कैंपस में मौजूदगी को लेकर कुछ छूट पर केस बाय केस आधार पर विचार किया जा सकता है.&amp;nbsp;
ऐसे कर सकते हैं आवेदन&amp;nbsp;

आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को NLSIU की ऑफिशल वेबसाइट nls.ac.in पर जाना होगा.&amp;nbsp;
इसके बाद यहां रिसर्च फेलोशिप सेक्शन में जाना होगा.&amp;nbsp;
अब यहां संबंधित फेलोशिप के बाद अपनी कैटेगरी का आवेदन फाॅर्म सेलेक्ट करना होगा.&amp;nbsp;
अब उम्मीदवारों को संबंधित गूगल फॉर्म के जरिए आवेदन जमा करना होगा.&amp;nbsp;
आवेदन फाॅर्म में मांगी गई जानकारी और जरूरी डॉक्यूमेंट उपलब्ध कराने के बाद उसे सबमिट करना होगा.&amp;nbsp;
आवेदन जमा करने से पहले उम्मीदवार को पूरी जानकारी अच्छी तरह जांचने की सलाह भी दी गई है.

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        <pubDate>Tue, 29 Sep 2026 14:30:19 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>स्कूल रैंकिंग में दिल्ली का दबदबा, सरकारी से लेकर प्राइवेट तक टॉप पर</title>
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        <description><![CDATA[ एजुकेशन वर्ल्ड इंडिया स्कूल रैंकिंग 2026-27 में दिल्ली एनसीआर के स्कूलों ने कई कैटेगरी में देश भर में अपनी अलग जगह बनाई है. खास बात यह है कि सरकारी, केंद्रीय सरकारी, प्राइवेट, स्पेशल नीड्स और इंटरनेशनल स्कूलों की अलग-अलग कैटेगरी में दिल्ली के कई स्कूल टॉप रैंक पर रहे. एजुकेशन वर्ल्ड की ओर से एजेड रिसर्च पार्टनर्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ मिलकर जारी की गई है. यह एजुकेशन वर्ल्ड इंडिया स्कूल रैंकिंग का 20वां संस्करण है. इसके लिए देशभर में सर्वे किया गया, जिसमें 34 शहरों के 18,000 लोगों को शामिल किया गया. इनमें स्कूल जाने वाले बच्चों के माता-पिता, टीचर्स, शिक्षाविद और काउंसलर शामिल थे. इस सर्वे में 22 राज्यों के करीब 4500 स्कूलों का मूल्यांकन किया गया.&amp;nbsp;
दिल्ली के सरकारी स्कूलों ने भी बनाई जगह
स्टेट गवर्नमेंट डे स्कूल कैटेगरी में दिल्ली के सरकारी स्कूलों का प्रदर्शन भी खास रहा. डॉ. भीमराव अंबेडकर सीएम सीएम श्री स्कूल सेक्टर 10 द्वारका को देश में तीसरी रैंक मिली. इसी कैटेगरी में यमुना विहार का डीबीआरए सीएम श्री स्कूल पांचवें और सेक्टर 19 द्वारका का स्कूल छठे स्थान पर रहा. सूरजमल विहार स्थित स्कूल को सातवीं रैंक मिली. गवर्नमेंट बोर्डिंग स्कूल कैटेगरी में भी दिल्ली-एनसीआर का एक स्कूल शामिल रहा. शहीद भगत सिंह सीएम श्री स्कूल झरोदा कलां दिल्ली को इस कैटेगरी में पहला स्थान मिला.&amp;nbsp;
सेंट्रल गवर्नमेंट स्कूल में भी दिल्ली आगे&amp;nbsp;
सेंट्रल गवर्नमेंट डे स्कूल्स कैटेगरी में आर्मी पब्लिक स्कूल दिल्ली कैंट ने देश में पहला स्थान हासिल किया. इसके बाद आर्मी पब्लिक स्कूल धौला कुआं और एयरफोर्स गोल्डन जुबली इंस्टीट्यूट भी टॉप रैंकिंग में रहे. दिल्ली-एनसीआर की इस कैटेगरी की लिस्ट में दिल्ली कैंट स्कूल को 1,182 स्कोर के साथ पहला स्थान मिला. आर्मी पब्लिक स्कूल धौला कुआं को 1,157 और एयरफोर्स गोल्डन जुबली इंस्टीट्यूट को 1,146 स्कोर के साथ दूसरे और तीसरे स्थान पर रखा गया. इसके बाद एयर फोर्स बाल भारती स्कूल लोधी रोड, द एयर फोर्स स्कूल, सुब्रतो पार्क, आर्मी पब्लिक स्कूल, संस्कार विहार, आर्मी पब्लिक स्कूल नोएडा और नेवी चिल्ड्रन स्कूल चाणक्यपुरी शामिल रहे.&amp;nbsp;
प्राइवेट स्कूलों ने भी हासिल की टॉप रैंक&amp;nbsp;
को-एड डे स्कूल कैटेगरी में स्प्रिंगडेल्स स्कूल धौला कुआं को देश में पहला स्थान मिला. द श्री राम स्कूल वसंत विहार और निर्मल भारती स्कूल दिल्ली ने संयुक्त रूप से दूसरा स्थान हासिल किया. सनसिटी स्कूल गुरुग्राम संयुक्त तीसरे, शिव नादर स्कूल गुरुग्राम चौथ, स्टेप बाय स्टेप नोएडा संयुक्त सातवें और श्री वेंकटेश्वर इंटरनेशनल स्कूल, सेक्टर 10 द्वारका दसवें स्थान पर रहा. गर्ल्स डे स्कूल में उत्तम स्कूल फॉर गर्ल्स, गाजियाबाद दूसरे स्थान पर रहा. साधु वासवानी इंटरनेशनल स्कूल फॉर गर्ल्स दिल्ली संयुक्त छठे और कार्मेल कान्वेंट स्कूल दिल्ली संयुक्त रूप से दसवें स्थान पर रहा. वहीं बॉयज डे स्कूल कैटेगरी में सेंट कोलंबा स्कूल दिल्ली को तीसरी रैंक मिली.&amp;nbsp;
ये भी पढ़ें-अक्टूबर में बच्चों की मौज, गांधी जयंती से दशहरा तक देखें छुट्टियों की लिस्ट&amp;nbsp;
स्पेशल नीड्स इंटरनेशनल स्कूल भी लिस्ट में&amp;nbsp;
स्पेशल नीड्स स्कूल कैटेगरी में तमन्ना ऑटिज्म सेंटर-स्कूल ऑफ होप दिल्ली को देश में पांचवा स्थान मिला, जबकि नोएडा के संचेतना ने संयुक्त छठी रैंक हासिल की. इंटरनेशनल डे कम बोर्डिंग स्कूल में जीडी गोयंका वर्ल्ड स्कूल, सोहना रोड गुरुग्राम पहले स्थान पर रहा. जेनेसिस ग्लोबल स्कूल नोएडा दूसरे, सैंक्टा मारिया इंटरनेशनल स्कूल फरीदाबाद तीसरे और एक्सेलसियर अमेरिकन स्कूल गुरुग्राम चौथे स्थान पर रहे. इंटरनेशनल डे स्कूल्स में प्रोमेथियस स्कूल नोएडा ने 1263 स्कोर के साथ पहला स्थान हासिल किया.&amp;nbsp;
किन मानकों पर हुई स्कूलों की रैंकिंग?&amp;nbsp;
एजुकेशन वर्ड के अनुसार स्कूलों का मूल्यांकन कई मानकों पर किया गया. इनमें एकेडमिक प्रतिष्ठा, शिक्षकों की क्षमता, छात्रों पर व्यक्तिगत ध्यान, स्कूल नेतृत्व पाठ्यक्रम, को-करिकुलर एक्टिविटीज, खेल, कम्युनिटी सर्विस, पैरेंटल इंवॉल्वमेंट, शिक्षक कल्याण, वैल्यू फॉर मनी, छात्र कल्याण, इंफ्रास्ट्रक्चर और स्पेशल नीड्स एजुकेशन पैरामीटर शामिल रहे. लेगसी स्कूल्स के लिए उनके पूर्व छात्रों की क्वालिटी को भी आकलन का हिस्सा बनाया गया.
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        <pubDate>Tue, 29 Sep 2026 14:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>20 लाख की नौकरी ठुकराकर बने IPS, पढ़ें शरण कांबले की कहानी</title>
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        <description><![CDATA[ 20 लाख की नौकरी ठुकराकर बने IPS, पढ़ें शरण कांबले की कहानी ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 29 Sep 2026 14:30:11 +0530</pubDate>
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        <title>क्या IAS को LBSNAA ट्रेनिंग के दौरान भी मिलती है सैलरी, कितनी होती है इनकम?</title>
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        <description><![CDATA[ क्या IAS को LBSNAA ट्रेनिंग के दौरान भी मिलती है सैलरी, कितनी होती है इनकम? ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 29 Sep 2026 14:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>NCERT ने जारी की कक्षा 9 की नई सोशल साइंस बुक, यहां से खरीदें</title>
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        <description><![CDATA[ एनसीईआरटी ने कक्षा 9 के छात्रों के लिए नई सोशल साइंस की किताब जारी कर दी है. इसका नाम Understanding Society-India and Beyond, Social Science Textbook for Grade 9, पार्ट 2 है. यह कक्षा 9 के लिए सोशल साइंस की नई पाठ्यपुस्तक का दूसरा भाग है. एनसीईआरटी के अनुसार छात्र, टीचर्स और पेरेंट्स इस किताब को 29 सितंबर यानी आज से खरीद सकते हैं. नई किताब की शुरुआत कक्षा 9 के पाठ्यक्रम में किए जा रहे बदलाव का हिस्सा है. यह बदलाव नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क फॉर स्कूल एजुकेशन 2023 और नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 के तहत किए जा रहे पाठ्यक्रम संक्रमण से जुड़ा हुआ है. इसके अलावा इस किताब में सामाजिक विज्ञान के विषयों को नए पाठ्यक्रम के अनुरूप पेश किया गया है.&amp;nbsp;
एनसीईआरटी के अनुसार नई सोशल साइंस की किताब आज से कई माध्यमों के जरिए उपलब्ध होगी. छात्र और पेरेंट्स इस एनसीईआरटी पब्लिकेशन डिवीजन के आउटलेट्स और अधिकृत विक्रेताओं से खरीद सकते हैं. इसके अलावा एनसीईआरटी किताब को एनसीईआरटी की ऑफिशियल वेबसाइट और अमेजन के जरिए भी खरीदा जा सकेगा. एनसीईआरटी ने छात्रों और शिक्षकों को नई किताब के लिए अधिकृत बिक्री माध्यम का इस्तेमाल करने की सलाह दी है.&amp;nbsp;
नई किताब में क्या है खास?
नई सोशल साइंस किताब में भारतीय इतिहास के अलग-अलग दौर और समाज में हुए बदलाव के साथ प्रतिरोध की घटनाओं को भी जगह दी गई है. इसके दूसरे भाग में रेजिस्टेंस एंड रेजिलिएंस (1000-1700) नाम का एक अध्याय शामिल है. इस अध्याय में भारतीय उपमहाद्वीप में 7वीं सदी के बाद हुए विभिन्न आक्रमणों और उनके खिलाफ अलग-अलग क्षेत्र में हुए प्रतिरोध के उदाहरण दिए गए हैं.&amp;nbsp;
नई किताब में गुमनाम नायकों की शौर्य गाथा&amp;nbsp;
एनसीईआरटी की कक्षा 9 की सोशल साइंस की किताब में देश के गुमनाम नायकों की शौर्य गाथा बताई गई है. इस किताब में मुगल साम्राज्य के खिलाफ जाटों के प्रतिरोध को भी शामिल किया गया है. इसके अनुसार गंगा-यमुना दोआब में रहने वाले जाटों का भारी कर और शोषण का दबाव था. पाठ्यपुस्तक में बताया गया है कि 1669 में गोकुल जाट के नेतृत्व में विरोध हुआ. इसके बाद 1686 में सिनसिनी और सोगर के जमींदारों के नेतृत्व में एक और विद्रोह हुआ. इसके अलावा नई किताब में चालुक्य वंश की रानी नायकी देवी और उल्लाल की रानी अब्बक्का चौटा का उल्लेख है. किताब के अनुसार रानी नायकी की देवी ने 1178 में माउंट आबू के पास कासहरड़ा में मुहम्मद गौरी को पराजित किया था. वहीं रेजिस्टेंस एंड रेजिलिएंस अध्याय में सिख समुदाय के प्रतिरोध और सिख गुरुओं की शहादत का भी उल्लेख किया गया है. किताब के अनुसार सिख गुरुओं के बढ़ते सामाजिक-सांस्कृतिक प्रभाव के चलते 17वीं सदी की शुरुआत से मुगल शासन का उनके मामलों में हस्तक्षेप बढ़ा. इसमें जहांगीर के शासनकाल में गुरु अर्जन देव और औरंगजेब के शासनकाल में गुरु तेग बहादुर को मृत्युदंड दिए जाने की घटनाओं को सिख इतिहास की सबसे जरूरी घटनाओं के रूप में बताया गया है.&amp;nbsp;
ये भी पढ़ें-अक्टूबर में बच्चों की मौज, गांधी जयंती से दशहरा तक देखें छुट्टियों की लिस्ट&amp;nbsp;
महाराणा प्रताप के विरोध का भी जिक्र&amp;nbsp;
नई किताब में 1582 में उदयपुर के पास हुए देवैर के युद्ध को भी जगह दी गई है. किताब के अनुसार इस युद्ध में मेवाड़ में मुगल सेना की कई जरूरी चौकियां ध्वस्त हुई और महाराणा प्रताप को मेवाड़ के बड़े हिस्से पर दोबारा नियंत्रण हासिल करने में मदद मिली. इसके अलावा महाराणा प्रताप के उत्तराधिकारी महाराणा अमर सिंह के मुगल विस्तार के खिलाफ जारी प्रतिरोध का भी किताब में जिक्र किया गया है.
गणित की नई किताब भी हो चुकी है उपलब्ध&amp;nbsp;
कक्षा 9 के पाठ्यक्रम में बदलाव के तहत एनसीईआरटी पहले ही दूसरी नई किताबें उपलब्ध करा चुका है. इनमें गणित की नई किताब गणिता प्रकाश भी शामिल है, जिसका इस्तेमाल संशोधित कक्षा 9 गणित पाठ्यक्रम के लिए किया जा रहा है. एनसीईआरटी के अनुसार गणित की किताब तैयार करने में गणित शिक्षकों और विषय सब्जेक्ट एक्सपर्ट से भी सुझाव लिए गए हैं. इसके लिए वर्कशॉप और एक्सपर्ट्स के साथ चर्चा की गई थी.
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        <pubDate>Tue, 29 Sep 2026 14:30:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>पंजाब में क्लर्क, ड्राइवर से लेकर ट्रांसलेटर की नौकरी, PSSSB ने निकाली भर्ती</title>
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        <description><![CDATA[ पंजाब अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (PSSSB) ने अलग-अलग सरकारी विभागों में ग्रुप सी के पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया है. यह विज्ञापन संख्या 12/2026 के तहत जारी किया गया है. इस भर्ती के जरिए क्लर्क, ड्राइवर, ट्रांसलेटर और फील्ड असिस्टेंट समेत 70 पदों को भरा जाना है. वहीं इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 25 सितंबर 2026 से शुरू हो चुकी है और इच्छुक उम्मीदवार 19 अक्टूबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं.
इस भर्ती का नोटिफिकेशन 18 सितंबर 2026 को जारी किया गया था. आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से एक्सेप्ट किए जाएंगे. वहीं उम्मीदवारों को फॉर्म भरने से पहले अपने पद की शैक्षणिक और तकनीकी योग्यता जांचनी होगी.&amp;nbsp;
किस पद पर कितनी वैकेंसी?
पीएसएसएसबी की इस भर्ती में अलग-अलग पदों के लिए खाली रिक्तियां तय की गई है. इनमें सबसे ज्यादा पद क्लर्क (अकाउंट्स) के हैं. क्लर्क (अकाउंट्स) के कुल 34 पद है. वहीं ड्राइवर के 3 पद, क्लर्क (लीगल) के 11 पद, क्लर्क (आईटी) के 12 पद, ट्रांसलेटर के 6 पद और फील्ड आर्टिस्ट के 1 पद है. इस तरह से कुल 70 पदों पर भर्ती की जानी है. बोर्ड ने यह भी बताया है कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान खाली पदों की संख्या में बदलाव भी हो सकता है.&amp;nbsp;
कौन कर सकता है आवेदन?
इस भर्ती में अलग-अलग पदों के लिए योग्यता अलग निर्धारित की गई है. ड्राइवर पद के लिए उम्मीदवार का मैट्रिक पास होना जरूरी है. इसके साथ हल्के और भारी वाहनों का वैलिड ड्राइविंग लाइसेंस और कम से कम 3 साल का ड्राइविंग एक्सपीरियंस मांगा गया है. क्लर्क लीगल के लिए लॉ में ग्रेजुएशन जरूरी है. जबकि क्लर्क अकाउंट के लिए ग्रेजुएशन में स्टैटिस्टिक्स, मैथ्स या अकाउंट्स में से कम से कम एक विषय का होना चाहिए. क्लर्क (आईटी) के लिए कंप्यूटर साइंस, आईटी, बीसीए, पीजीडीसीए या इनसे संबंधित योग्यता होनी चाहिए. वहीं ट्रांसलेटर पद के लिए ग्रेजुएशन के साथ 120 घंटे का कंप्यूटर या आईटी कोर्स की योग्यता मांगी गई है. फील्ड आर्टिस्ट के लिए म्यूजिक, ड्रामा, डांस में ग्रेजुएशन की योग्यता दी गई है. इसके अलावा उम्मीदवारों के लिए पंजाबी भाषा से जुड़ी निर्धारित शर्तों को पूरा करना भी जरूरी है&amp;nbsp;
उम्र सीमा और आवेदन फीस&amp;nbsp;
इन सभी पदों के लिए न्यूनतम उम्र सीमा 18 वर्ष और अधिकतम सीमा 30 वर्ष रखी गई है. उम्र की गणना 1 जनवरी 2026 के आधार पर होगी. आरक्षित वर्ग और निर्धारित कैटेगरी के उम्मीदवारों को पंजाब सरकार के नियमों के अनुसार ऊपरी आयु सीमा में छूट मिलेगी. वहीं आवेदन फीस उम्मीदवारों की कैटेगरी के अनुसार अलग-अलग हो सकती है. जैसे जनरल-स्पोर्ट्स उम्मीदवारों के लिए 1000 रुपये, एससी, बीसी और ईडब्ल्यूएस के लिए 250 रुपये, पूर्व सैनिक और उनके आश्रितों के लिए 200 रुपये और दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए 500 रुपये निर्धारित है.
भर्ती में कैसे होगा चयन?&amp;nbsp;
पीएसएसएसबी भर्ती में उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा, जहां लागू होगी वहां पंजाबी और अंग्रेजी टाइपिंग टेस्ट और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के आधार पर किया जाएगा. टाइपिंग टेस्ट के लिए 30 शब्द प्रति मिनट की गति का जिक्र किया गया है.&amp;nbsp;
ऐसे करें आवेदन

भर्ती के लिए आवेदन करने के लिए सबसे पहले पीएसबी की ऑफिशियल वेबसाइट sssb.punjab.gov.in पर जाएं.&amp;nbsp;
इसके बाद एडवर्टाइजमेंट नंबर 12/2026 के आवेदन लिंक पर क्लिक करें.
अब यहां रजिस्ट्रेशन करने के बाद फॉर्म में पर्सनल और एजुकेशनल डिटेल भरें.
इसके बाद फोटो, सिग्नेचर और दूसरे जरूरी डॉक्यूमेंट अपलोड करें.&amp;nbsp;
अब अपनी कैटेगरी के अनुसार आवेदन फीस जमा करके फॉर्म सबमिट कर दें.

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        <pubDate>Mon, 28 Sep 2026 18:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>पंजाब, में, क्लर्क, ड्राइवर, से, लेकर, ट्रांसलेटर, की, नौकरी, PSSSB, ने, निकाली, भर्ती</media:keywords>
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        <title>UPSC ने शुरू की डायरेक्ट भर्ती, जानें कौन कर सकते हैं आवेदन?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/upsc-ने-शुरू-की-डायरेक्ट-भर्ती-जानें-कौन-कर-सकते-हैं-आवेदन</link>
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        <description><![CDATA[ यूपीएससी में केंद्र सरकार के अलग-अलग विभागों और संगठनों में डायरेक्ट भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है. आयोग ने विज्ञापन नंबर 12/2026 के तहत कुल 13 पदों पर भर्ती निकाली है. इन पदों में जूनियर टेक्निकल ऑफिसर, असिस्टेंट लेजिसलेटिव काउंसिल, लॉ ऑफिसर और स्पेशल ग्रेड 2 (जूनियर स्केल) जैसे पद शामिल है. इस भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया जा चुका है. वहीं योग्य उम्मीदवार यूपीएससी के ऑनलाइन एप्लीकेशन पोर्टल के जरिए आवेदन कर सकते हैं. आवेदन करने की अंतिम तारीख 16 अक्टूबर है.
यूपीएससी की इस डायरेक्ट भर्ती में अलग-अलग केंद्रीय विभाग और संगठनों के लिए पद जारी किए गए हैं. यूपीएससी की ओर से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार जूनियर टेक्निकल ऑफिसर (शुगर टेक्नोलॉजी) का 1 पद, असिस्टेंट लेजिस्लेटिव काउंसिल (ग्रेड 4), इंडियन लीगल सर्विस के 8 पद, लॉ ऑफिसर के 3 पद, स्पेशलिस्ट ग्रेड-2 (जूनियर स्केल), कार्डियोलॉजी का 1 पद शामिल है. इस तरह कुल 13 पदों पर भर्ती होनी है.&amp;nbsp;
अलग-अलग विभागों में है पद&amp;nbsp;
जूनियर टेक्निकल ऑफिसर का 1 पद नेशनल शुगर इंस्टीट्यूट कानपुर में है. असिस्टेंट लेजिस्लेटिव काउंसिल के आठ पद कानून एवं न्याय मंत्रालय के लेजिस्लेटिव डिपार्मेंट के तहत है. वहीं दिल्ली सरकार के लैंड एंड बिल्डिंग डिपार्टमेंट में लॉ ऑफिसर के तीन पद है. इसके अलावा नई दिल्ली नगर परिषद में कार्डियोलॉजी के स्पेशलिस्ट ग्रेड-2 (जूनियर स्केल) का एक पद घोषित किया गया है.&amp;nbsp;
कौन कर सकता है आवेदन?
इस भर्ती में आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को संबंधित पद की पात्रता जरूर देखनी होगी. अलग-अलग पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता, उम्र की सीमा और एक्सपीरियंस से जुड़ी शर्ते अलग हैं. इसलिए उम्मीदवारों का आवेदन करने से पहले यूपीएससी की वेबसाइट पर योग्यता चेक करनी होगी. आयोग ने उम्मीदवारों को पहचान डॉक्यूमेंट के तौर पर आधार कार्ड का इस्तेमाल करने की भी सलाह दी है.&amp;nbsp;
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कितनी देनी होगी आवेदन फीस?&amp;nbsp;
यूपीएससी की इस भर्ती में महिला उम्मीदवारों एससी, एसटी और पीडब्ल्यूबीडी कैटेगरी के उम्मीदवारों को आवेदन फीस से छूट दी गई है. वहीं दूसरे एलिजिबल उम्मीदवारों को 25 रुपये आवेदन फीस देनी होगी. फीस का पेमेंट आयोग की ओर से निर्धारित ऑनलाइन माध्यमों से किया जा सकता है.&amp;nbsp;
16 अक्टूबर तक करना होगा आवेदन&amp;nbsp;
इच्छुक उम्मीदवार यूपीएससी के ऑनलाइन एप्लीकेशन पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं. आवेदन के दौरान मांगी गई जानकारी भरने और जरूरी डॉक्यूमेंट अपलोड करने होंगे. उम्मीदवारों को आवेदन जमा करने से पहले यह भी सुनिश्चित करना होगा कि वह जिस पद के लिए आवेदन कर रहे हैं, उसकी सभी पात्रता में पूरी करते हो तभी वह उसे पद के लिए एलिजिबल होंगे.
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        <pubDate>Mon, 28 Sep 2026 18:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>UPSC, ने, शुरू, की, डायरेक्ट, भर्ती, जानें, कौन, कर, सकते, हैं, आवेदन</media:keywords>
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    <item>
        <title>CBSE क्लास 6 के बच्चों को राहत, फिलहाल लागू नहीं होगी &amp;apos;थ्री लैंग्वेज पॉलिसी&amp;apos;</title>
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        <description><![CDATA[ CBSE के &#039;थ्री लैंग्वेज फॉर्मूले&#039; से कक्षा 6 के बच्चों को बड़ी राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करते हुए कक्षा 6 में तीसरी भाषा की अनिवार्यता को हटा दिया है, साथ ही कहा है कि कक्षा 6 के बच्चों को वही छूट मिलेगी, जो कक्षा 7 के बच्चों को मिली हुई है. सुप्रीम अदालत के इस आदेश से साफ हो गया है कि कक्षा 6 के बच्चों का मूल्यांकन भी स्कूल स्तर पर ही होगा.&amp;nbsp;
इसके साथ ही अदालत ने &#039;थ्री लैंग्वेज फॉर्मूले&#039; को नए शैक्षिक सत्र 2027-28 से लागू करने को कहा है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि CBSE की थ्री लैंग्वेज पॉलिसी को&amp;nbsp; 1 अप्रैल 2027 से ही लागू किया जाएगा.&amp;nbsp;
1 अप्रैल 2027 से लागू होगा फार्मूला
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में मामले की हुई सुनवाई में अदालत ने सरकार को सुझाव दिया था कि वह इस व्यवस्था को अगले साल से लागू करने पर विचार करे. इसके बाद केंद्र सरकार की तरफ से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि लगभग 99 प्रतिशत स्कूलों में तीसरी भाषा की पढ़ाई की व्यवस्था हो गई है. इसके बावजूद अदालत ने इस पॉलिसी को मौजूद सत्र में लागू करने से रोक लगा दी है, साथ ही कहा है कि 2 भाषा नीति को 1 अप्रैल 2027 से लागू किया जाए.&amp;nbsp;
दो भारतीय भाषओं के साथ पढ़नी होगी विदेशी लैंग्वेज&amp;nbsp;
कोर्ट के आदेश के बाद साफ हो गया है कि जो बच्चे अगले साल क्लास 6 में जाएंगे, उन्हें 2 भारतीय भाषा और 1 विदेशी भाषा पढ़नी होगी. अंग्रेजी को विदेशी भाषा की श्रेणी में रखा गया है. वहीं, फिलहाल कक्षा 7 और 8 में पढ़ रहे छात्रों को मिली छूट की जानकारी देते हुए CBSE ने बताया था कि यह बच्चे अगर पहले से दो गैर-भारतीय भाषाएं, जैसे अंग्रेजी और फ्रेंच, पढ़ रहे हैं तो वह इसे जारी रखते हुए एक भारतीय भाषा को तीसरी भाषा यानी R3 के रूप में ले सकते हैं. मौजूदा कक्षा 7 से 10 के लिए R3 की कोई CBSE बोर्ड परीक्षा नहीं होगी और इसका आकलन स्कूल स्तर पर होगा. कोर्ट के आदेश के बाद अब यही व्यवस्था कक्षा 6 के बच्चों के लिए भी लागू हो गई है.
छात्रों को मिलेगा दोबारा मौका
CBSE ने अपने हलफनामे में यह भी बताया है कि कक्षा 9 में R3 के आंतरिक मूल्यांकन में जो छात्र सफल नहीं होंगे, उन्हें भी कक्षा 10 में प्रमोट किया जाएगा. इन छात्रों को आंतरिक मूल्यांकन में R3 में पास होने का दोबारा मौका दिया जाएगा. कक्षा 10 में की बोर्ड परीक्षा में पास होने के लिए स्कूल से मिले R3 पास सर्टिफिकेट का होना ज़रूरी होगा.
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        <pubDate>Mon, 28 Sep 2026 18:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>CBSE, क्लास, के, बच्चों, को, राहत, फिलहाल, लागू, नहीं, होगी, थ्री, लैंग्वेज, पॉलिसी</media:keywords>
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        <title>राजस्थान के 15 RAS बनेंगे IAS अफसर, UPSC ने लगाई प्रमोशन पर मुहर</title>
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        <description><![CDATA[ राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) के 15 अधिकारियों के लिए IAS बनने का रास्ता अब साफ हो गया है. इन अधिकारियों के नाम पर UPSC की चयन समिति ने मोहर लगा दी हैं. राजस्थान सचिवालय में हुई UPSC बोर्ड की बैठक में 54 आईएएस अधिकारियों में से 15 के नाम को पदोन्नति के लिए मंजूरी दी गई है. अब राज्य सरकार ने इन नाम को केंद्र सरकार के पास भेज दिया है.
यह बैठक इस लिहाज से भी खास रही, क्योंकि यूपीएससी की चयन समिति की बैठक नई दिल्ली के बजाय जयपुर स्थित राजस्थान सचिवालय में हुई. कुल 18 रिक्त पदों पर विचार किया गया, जिनमें 15 पदों के लिए अधिकारियों का नाम तय किए गए, जबकि 3 पद रिजर्व रखे गए. चयनित अधिकारियों में 1988 बैच के 12 और 1999 बैच 3 अधिकारी शामिल है.&amp;nbsp;
RAS से IAS प्रमोशन की क्या है प्रक्रिया?
RAS अधिकारियों को IAS कैडर में प्रोन्नति राज्य सिविल सेवा कोटा के तहत दी जाती है. इसके लिए राज्य सरकार एलिजिबल अधिकारियों की लिस्ट और उनके डोजियर यूपीएससी को भेजती है. इसके बाद यूपीएससी के चयन समिति अधिकारियों के रिकॉर्ड और उपलब्ध पदों के आधार पर नामों पर विचार करती है. डॉक्यूमेंट की जांच के बाद विभागीय पदोन्नति समिति यानी डीपीसी की प्रक्रिया होती है. इसमें अधिकारियों की पिछली सेवा और वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट समेत संबंधित रिकॉर्ड देखे जाते हैं. बैठक की अध्यक्षता मुख्य सचिव करते हैं. आरएएस से आईएएस पदोन्नति का कोटा सामान्यतः स्वीकृत आईएएस कैडर पदों का 33 प्रतिशत तक होता है. राजस्थान में रिक्तियों और कैडर की स्थिति के अनुसार समय-समय पर यूपीएससी की चयन समिति की बैठक होती है&amp;nbsp;
कौन से अधिकारी बनेंगे RAS?
1. उम्मेद सिंह&amp;nbsp;
1998 बैच के RAS अधिकारी उम्मेद सिंह फिलहाल कैबिनेट मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर के विशिष्ट सहायक हैं. वह चूरू, बूंदी, महवा, सपोटरा और केशोरायपाटन में SDM रह चुके हैं.&amp;nbsp;
2. अंजू राजपाल&amp;nbsp;
1998 बैच की अंजू राजपाल वर्तमान में मुख्यमंत्री की संयुक्त सचिव हैं. वह पीपलू में SDO, कार्मिक विभाग में संयुक्त सचिव और लोकायुक्त के SDO के रूप में भी काम कर चुकी है.&amp;nbsp;
3. विवेक कुमार&amp;nbsp;
विवेक कुमार वर्तमान में जयपुर स्थित पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग में अतिरिक्त महानिरीक्षक (प्रशासन) है. वह फरवरी से सितंबर 2024 तक मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव रहे. सीकर, सलूंबर, चूरू और खाजूवाला में एसडीओ के तौर पर सेवाएं दे चुके हैं.&amp;nbsp;
4. मुकेश कुमार शर्मा&amp;nbsp;
वर्तमान में राजस्थान राज्य सूचना आयोग जयपुर में सचिव के पद पर मुकेश कुमार शर्मा नियुक्त है. वह मुख्यमंत्री के डिप्टी सेक्रेटरी और मुख्य सचिव कार्यालय में डिप्टी सेक्रेटरी व संयुक्त सचिव भी रह चुके हैं.&amp;nbsp;
5. महेंद्र कुमार शर्मा&amp;nbsp;
तकनीकी शिक्षा विभाग में संयुक्त सचिव के पद पर तैनात महेंद्र कुमार शर्मा कई पूर्व मंत्रियों के OSD रह चुके हैं. इनमें रघु शर्मा, बीडी कल्ला, रामेश्वर रणवां और रमेश मीना शामिल है.&amp;nbsp;
6. डॉ. भागचंद बघाल&amp;nbsp;
1999 बैच के डॉ. भागचंद बघाल जयपुर विकास प्राधिकरण में अतिरिक्त आयुक्त है. वह 2013 से 2018 तक मुख्यमंत्री के डिप्टी सेक्रेटरी और बाद में संयुक्त सचिव रहे. राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के सचिव की जिम्मेदारी भी इन्होंने संभाली है.
7. असलम शेर खान&amp;nbsp;
अल्पसंख्यक मामलात एवं वक्फ विभाग में संयुक्त सचिव असलम शेर खान 1990 बैच के अधिकारी है. वह भरत सिंह के निजी सहायक रह चुके हैं और निंबाहेड़ा, बेगूं, अलवर कोटा में SDO रहे हैं.
8. नरेंद्र कुमार बंसल&amp;nbsp;
जयपुर नगर निगम में अतिरिक्त आयुक्त नरेंद्र कुमार बंसल भी 1999 बैच के अधिकारी हैं. वह तत्कालीन श्रम मंत्री टीकाराम जूली के ओएसडी रह चुके हैं. सुमेरपुर, बाली, सुल्तानपुर, बयान और सांभर में SDO की जिम्मेदारी भी उन्होंने संभाली है.&amp;nbsp;
9. महावीर खराड़ी&amp;nbsp;
महावीर खराड़ी वर्तमान में जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग, उदयपुर में अतिरिक्त आयुक्त है और RAS एसोसिएशन के अध्यक्ष है. उन्होंने माउंट आबू, गिर्वा, सलूंबर, डूंगरपुर और जालोर में SDO के तौर पर काम किया है.&amp;nbsp;
10. मेघना चौधरी&amp;nbsp;
1998 बैच की मेघना चौधरी रजिस्ट्रेशन एवं मुद्रांक विभाग में अतिरिक्त महानिरीक्षक है. वह माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर में सचिव रह चुकी है और किशनगढ़ व अजमेर में SDO के रूप में सेवाएं दी है.&amp;nbsp;
11. ओम प्रकाश जैन&amp;nbsp;
वर्तमान में उदयपुर स्थित माणिक्य लाल वर्मा आदिम जाति शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान के निदेशक हैं. वह गंगापुर, नादौती, ओसियां, घाटोल, पाली और जालौर में एसडीओ भी रह चुके हैं.&amp;nbsp;
12. राजेश सिंह&amp;nbsp;
राजेश सिंह फिलहाल अजमेर में राजस्व बोर्ड के सदस्य हैं. &amp;nbsp;इससे पहले वह जयपुर प्रथम, दूदू और सांगानेर में SDO के पद पर तैनात रहे हैं.&amp;nbsp;
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13. मदन लाल नेहरा&amp;nbsp;
मदनलाल नेहरा भी राजस्व बोर्ड अजमेर में सदस्य हैं. उन्होंने बेंगू, गुडामालानी और सांकड़ा में एसडीओ के रूप में काम किया है. सरदार पटेल पुलिस, सुरक्षा एवं दाण्डिक न्याय विश्वविद्यालय जोधपुर के रजिस्टर भी रह चुके हैं.&amp;nbsp;
14. दिनेश कुमार जांगिड़&amp;nbsp;
पशुपालन विभाग में संयुक्त सचिव दिनेश कुमार जांगिड़ 1998 बैच के अधिकारी हैं. वह श्री डूंगरगढ़, कोटपूतली, रतनगढ़, फतेहपुर, दौसा और वैर में एसडीओ रह चुके हैं.&amp;nbsp;
15. पूनम प्रसाद सागर&amp;nbsp;
पूनम प्रसाद सागर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग में अतिरिक्त आयुक्त हैं. उन्होंने गिर्वा में एसडीओ और उद्योग एवं वाणिज्यिक विभाग में संयुक्त सचिव के तौर पर काम किया है.
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        <pubDate>Mon, 28 Sep 2026 18:30:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>राजस्थान, के, RAS, बनेंगे, IAS, अफसर, UPSC, ने, लगाई, प्रमोशन, पर, मुहर</media:keywords>
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        <title>अक्टूबर में बच्चों की मौज, गांधी जयंती से दशहरा तक देखें छुट्टियों की लिस्ट </title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/अक्टूबर-में-बच्चों-की-मौज-गांधी-जयंती-से-दशहरा-तक-देखें-छुट्टियों-की-लिस्ट</link>
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        <description><![CDATA[ अक्टूबर का महीना स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए त्योहार और छुट्टियों से भरा रहने वाला है. इस महीने गांधी जयंती, नवरात्रि, दुर्गा पूजा और दशहरा जैसे कई बड़े त्योहार पड़ रहे हैं. अलग-अलग राज्यों में इन त्योहारों के कारण स्कूलों में छुट्टियां रहेगी. वहीं कुछ स्कूल और बोर्ड अपने सत्र के कैलेंडर के अनुसार शरदकालीन या फेस्टिवल ब्रेक भी दे सकते हैं.
हालांकि, अक्टूबर में स्कूलों की छुट्टियां पूरे देश में एक जैसे नहीं रहेगी. किसी राज्य में त्योहार के एक दिन का अवकाश होता तो कहीं इसी दौरान कई दिनों का ब्रेक मिल सकता है. इसलिए छात्रों और पेरेंट्स को छुट्टियों की सही तारीख के लिए अपने स्कूल का सर्कुलर देखना जरूरी होगा.&amp;nbsp;
अक्टूबर में कब-कब बंद रहेंगे स्कूल?&amp;nbsp;
तारीख&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;दिन &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;छुट्टी
2 अक्टूबर &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;शुक्रवार &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;गांधी जयंती&amp;nbsp;18 अक्टूबर &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;रविवार &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; दशहरा&amp;nbsp;19 अक्टूबर &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;सोमवार &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;दशहरा-महाअष्टमी&amp;nbsp;20 अक्टूबर &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;मंगलवार &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; दशहरा-विजयदशमी&amp;nbsp;26 अक्टूबर &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;सोमवार &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;महर्षि वाल्मीकि जयंती&amp;nbsp;29 अक्टूबर &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;गुरुवार &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; करवा चौथ-कारक चतुर्थी&amp;nbsp;
इन तारीखों के अलावा अलग-अलग राज्यों में स्थानीय त्योहार और स्कूलों के अपने वार्षिक कैलेंडर के अनुसार भी अतिरिक्त छुट्टियां हो सकती है. &amp;nbsp;
गांधी जयंती से होगी छुट्टियों की शुरुआत&amp;nbsp;
अक्टूबर की शुरुआत ही छुट्टियों के साथ होगी. 2 अक्टूबर को गांधी जयंती मनाई जाएगी. यह राष्ट्रीय महत्व का दिन है और इस अवसर पर स्कूलों में छुट्टियां रहती है इसके बाद महीने के बीच से त्योहार का सिलसिला और तेज हो जाएगा. कई स्कूलों में अक्टूबर के दौरान शरद कालीन अवकाश भी दिया जाता है. इसकी अवधी हर स्कूल और बोर्ड के अनुसार अलग हो सकती है. ऐसे में सिर्फ सामान्य छुट्टी की लिस्ट देखकर पूरे ब्रेक का अनुमान लगाना नहीं लगाया जा सकता है.&amp;nbsp;
दिल्ली में कब-कब बंद रहेंगे स्कूल?
दिल्ली के स्कूलों में 2 अक्टूबर को गांधी जयंती और 20 अक्टूबर को विजयदशमी का अवकाश रहेगा. इसके अलावा 26 अक्टूबर को महर्षि वाल्मीकि जयंती और 29 अक्टूबर को करवा चौथ प्रतिबंधित अवकाश की लिस्ट में शामिल है. हालांकि दिल्ली के स्कूलों में इससे अलग दशहरा और शरद कालीन अवकाश भी हो सकता है. इसका फैसला संबंधित स्कूल के वार्षिक कैलेंडर और बोर्ड पर निर्भर करेगा.&amp;nbsp;
उत्तर प्रदेश में भी दशहरा की छुट्टी&amp;nbsp;
उत्तर प्रदेश में अक्टूबर की प्रमुख छुट्टियों में गांधी जयंती और विजयदशमी शामिल है. 2 अक्टूबर को गांधी जयंती और 20 अक्टूबर को दशहरा पर छुट्टी रहेगी. दशहरा या दुर्गा पूजा के आसपास स्कूलों में कितने दिनों का ब्रेक मिलेगा यह स्कूलों के शैक्षणिक कैलेंडर पर निर्भर करेगा. अलग-अलग स्कूलों में छुट्टियों की अवधि भी अलग-अलग हो सकती है.&amp;nbsp;
तेलंगाना में त्योहारों के कारण कई छुट्टियां&amp;nbsp;
तेलंगाना में अक्टूबर के दौरान कई क्षेत्रीय और धार्मिक त्योहार पड़ रहे हैं. राज्य के कैलेंडर के अनुसार 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी जयंती, 18 अक्टूबर को सद्दुला बथुकम्मा, 19 अक्टूबर को महर्णवमी और 20 अक्टूबर को विजयदशमी का अवकाश है. इसके अलावा 21 अक्टूबर को विजयादशमी के अगले दिन और 26 अक्टूबर को हजरत सैयद मोहम्मद के जन्मदिन के अवसर पर भी छुट्टी लिस्ट में शामिल है.
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पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा का लंबा ब्रेक&amp;nbsp;
पश्चिम बंगाल में अक्टूबर का महीना दुर्गा पूजा के कारण खास रहने वाला है. यहां 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के अलावा दशहरा और दुर्गा पूजा से जुड़े अवकाश भी रहेंगे. 19 और 20 अक्टूबर को दशहरा से संबंधित छुट्टियां है. वहीं दुर्गा पूजा के कारण स्कूलों का अवकाश इन तारीखों के आसपास और आगे तक भी हो सकता है.
क्या अक्टूबर में ही मिलेगी दिवाली की छुट्टी?
छात्रों के लिए एक जरूरी बात यह है कि इस साल दिवाली अक्टूबर में नहीं बल्कि नवंबर में है. 2026 में दिवाली 8 नवंबर को मनाई जाएगी. इसलिए जिन स्कूलों में दिवाली की छुट्टियां दी जाती है, वहां यह अवकाश नवंबर में होने की संभावना है. दिवाली ब्रेक की सही तारीख से संबंधित बोर्ड के एकेडमी कैलेंडर पर निर्भर करेगी.&amp;nbsp;
ये भी पढ़ें-CBSE क्लास 6 के बच्चों पर लागू नहीं होगी &#039;थ्री लैंग्वेज पॉलिसी&#039;, SC ने दी राहत ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 28 Sep 2026 18:30:02 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>अक्टूबर, में, बच्चों, की, मौज, गांधी, जयंती, से, दशहरा, तक, देखें, छुट्टियों, की, लिस्ट </media:keywords>
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        <title>ओडिशा की स्कूल किताबों में 1,741 गलतियां, खर्च 175 करोड़</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/ओडिशा-की-स्कूल-किताबों-में-1741-गलतियां-खर्च-175-करोड़</link>
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        <description><![CDATA[ ओडिशा के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की किताबों को लेकर एक बड़ी जानकारी सामने आई है. राज्य की कक्षा 1 से 8 तक की स्कूल किताबों में कुल 1,741 गलतियां मिली हैं. खास बात यह है कि इन किताबों की प्रिंटिंग पर सरकार ने करीब 175 करोड़ रुपये खर्च किए हैं. ओडिशा के स्कूल एवं जन शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड ने विधानसभा में इसकी जानकारी दी.
सरकार के मुताबिक, इन गलतियों में सबसे ज्यादा ग्रामर, टाइपिंग और स्पेलिंग से जुड़ी गलतियां हैं. कुल 1,741 गलतियों में से 1,075 इसी तरह की गलतियां थीं. इसके अलावा 5 ऐसी गलतियां मिलीं, जिन्हें factual या conceptual error माना गया. किताबों को बेहतर बनाने के लिए 661 सजेशन्स भी मिले.
कक्षा 8 की साइंस किताब में सबसे ज्यादा गलतियां
जिन किताबों की जांच की गई, उनमें सबसे ज्यादा गलतियां कक्षा 8 की साइंस बूक में मिलीं. इस किताब में कुल 294 गलतियां पाई गई. इसके बाद कक्षा 7 की उर्दू बूक में 121 और कक्षा 8 की संस्कृत बूक में 114 गलतियां मिलीं. इसके अलावा कक्षा 6 की सोशल साइंस बूक &amp;nbsp;में 98 और कक्षा 7 की संस्कृत बूक में 92 गलतियां सामने आईं.
पहले 1,678 गलतियों की बात सामने आई थी
किताबों में गलतियों &amp;nbsp;का मामला सामने आने के बाद शुरुआत में 1,678 गलतियों की जानकारी दी गई थी. बाद में जांच के दौरान यह संख्या बढ़कर 1,731 हो गई. इसके बाद किताबों की दोबारा चेंकिंग में कुछ और errors मिले और कुल संख्या 1,741 हो गई. इन गलतियों को लेकर सरकार ने जांच भी कराई. जांच में किताब तैयार करने की पूरी प्रोसेस पर सवाल उठे. रिपोर्ट के अनुसार, कुछ लोगों को एक से ज्यादा जिम्मेदारियां दी गई थीं. यानी एक ही व्यक्ति लेखक के साथ समीक्षक या प्रूफ रीडर की जिम्मेदारी दी गई थी.
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किताबों की चेकिंग के लिए मिला सिर्फ एक दिन
जांच में एक और अहम बात सामने आई. किताब के फाइनल ड्राफ्ट को चेक करने के लिए सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स को सिर्फ एक दिन का समय दिया गया था. इसके अलावा प्रिंटर से मिले प्रूफ और फाइनल प्रिंटेड बूक की हर एक पेज की चेकिंग भी सही तरीके से नहीं हुई. रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि किताबों की फिल्ड टेस्टिंग नहीं की गई थी. कम समय में किताबों को तैयार कर नए एकेडमिक सेशन के लिए जारी कर दिया गया. इसके बाद जब बच्चों और टिचर्स के बीच ये किताबें पहुंचीं, तब कई गलतियां सामने आईं.
अधिकारियों पर भी हुई कार्रवाई
किताबों में बड़ी संख्या में गलतियां मिलने के बाद सरकार ने कुछ अधिकारियों पर ऐक्शन भी लिया. सरकार के अनुसार, तत्कालीन डाइरेक्टर और तीन असिस्टेंट डायरेक्टर्स को सस्पेंड किया गया. इसके अलावा छह अन्य असिस्टेंट डायरेक्टर्स के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू किया गई. सरकार का कहना है कि आगे ऐसी गलतियां न हों, इसके लिए टेक्स्ट बूक चेकिंग प्रोसेस को मजबूत किया जाएगा. इसमें सबजेक्ट एक्स्पर्टस से फेक्ट्स चेक कराने और लेंगवेज एक्स्पर्ट्स से ग्रामर और लेंगवेज की जांच कराने की बात कही गई है.
किताबों में फेक्ट्स से जुड़ी गलतियां भी
मामला केवल स्पेलिंग और टाइपिंग से जुड़ी गलतियों तक सीमित नहीं था. कुछ बूक्स में ओडिशा असेंबली की तस्वीर, नियमगिरि पहाड़ियों की लोकेशन और कोणार्क सूर्य मंदिर की पहचान से जुड़ी गलतियां भी सामने आईं. इन गलतियों को ठीक करने के लिए स्कूल्स को करेक्शन की जानकारी दी गई है. साथ ही रिवाइस्ड टेक्स्टबूक तैयार कर करने की प्रोसेस भी शुरू की गई है. कुल मिलाकर, करीब 175 करोड़ रुपये की लागत से तैयार कक्षा 1 से 8 तक की किताबों में 1,741 गलतियां मिलने के बाद ओडिशा की टेक्स्टबूक प्रीपरेशन और चेकिंग प्रोसेस पर सवाल उठे हैं. अब सरकार रिवाइस्ड बूक्स और बेहतर चेकिंग सिस्टम के जरिए इन गलतियों को सुधारने की कोशिश कर रही है.
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        <pubDate>Mon, 28 Sep 2026 06:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>ओडिशा, की, स्कूल, किताबों, में, 1, 741, गलतियां, खर्च, 175, करोड़</media:keywords>
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        <title>जर्मनी में पढ़ाई को लेकर फीस नहीं, इन खर्चों का भी रखना होगा ध्यान</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/जर्मनी-में-पढ़ाई-को-लेकर-फीस-नहीं-इन-खर्चों-का-भी-रखना-होगा-ध्यान</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/जर्मनी-में-पढ़ाई-को-लेकर-फीस-नहीं-इन-खर्चों-का-भी-रखना-होगा-ध्यान</guid>
        <description><![CDATA[ विदेश जाकर पढ़ाई करने का सपना देखने वाले भारतीय छात्रों के बीच जर्मनी भी एक जाना-पहचाना विकल्प है. खासकर इसलिए क्योंकि वहां की कई सरकारी यूनिवर्सिटीज में पढ़ाई के लिए अलग से ट्यूशन फीस नहीं होती. इसी वजह से कई छात्रों को लगता है कि जर्मनी में पढ़ाई का खर्च बहुत कम होगा. लेकिन विदेश में पढ़ाई का खर्च सिर्फ कॉलेज की फीस से तय नहीं होता. वहां पहुंचने के बाद रहने की जगह, खाना, आने-जाने, स्वास्थ्य बीमा और दूसरी रोजमर्रा की जरूरतों पर भी पैसे खर्च होते हैं.
इसके अलावा जर्मनी के स्टूडेंट वीजा के लिए भी छात्र को अपनी पढ़ाई और रहने का खर्च उठाने की क्षमता साबित करनी होती है. 2026 में छात्र वीजा के लिए कम से कम 11,904 यूरो की आर्थिक क्षमता दिखानी होती है, जिसे आम तौर पर ब्लॉक्ड अकाउंट के जरिए साबित किया जा सकता है. इसलिए अगर कोई भारतीय छात्र जर्मनी में पढ़ाई का प्लान बना रहा है तो उसे सिर्फ ट्यूशन फीस देखकर बजट नहीं बनाना चाहिए.
&amp;nbsp;सरकारी यूनिवर्सिटी में फीस कम, लेकिन पढ़ाई पूरी तरह फ्री नहीं
जर्मनी की ज्यादातर सरकारी यूनिवर्सिटीज में आमतौर पर ट्यूशन फीस नहीं होती, लेकिन छात्रों को सेमेस्टर कंट्रीब्यूशन देना पड़ता है. सरकारी जानकारी के अनुसार यह औसत करीब 300 यूरो प्रति सेमेस्टर हो सकता है. यह फीस यूनिवर्सिटी और जगह के हिसाब से अलग हो सकती है. कई जगह इस रकम में छात्र सेवाओं और पब्लिक ट्रांसपोर्ट से जुड़ी सुविधा भी शामिल हो सकती है. वहीं यह भी ध्यान रखना चाहिए कि सभी संस्थानों और सभी राज्यों के नियम एक जैसे नहीं हैं, इसलिए जिस यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेना है, वहां की फीस पहले जरूर देखनी चाहिए.
रहने का खर्च बजट का बड़ा हिस्सा हो सकता है
जर्मनी पहुंचने के बाद सबसे बड़ा खर्च रहने का हो सकता है. सरकारी गाइड के मुताबिक एक व्यक्ति के लिए बेसिक किराया जगह और घर के आकार के हिसाब से करीब 350 से 1,000 यूरो प्रति महीने तक हो सकता है. इसके अलावा बिजली, पानी और हीटिंग जैसी सुविधाओं पर करीब 80 से 250 यूरो तक खर्च हो सकता है. बड़े शहरों में किराया छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों की तुलना में काफी ज्यादा हो सकता है. इसलिए यूनिवर्सिटी चुनते समय सिर्फ उसकी फीस नहीं, बल्कि उस शहर में रहने का खर्च भी देखना जरूरी है.
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खाने और रोजमर्रा के खर्च भी जोड़कर चलें
विदेश में रहने वाले छात्र का खर्च सिर्फ कमरे के किराए तक सीमित नहीं रहता. जर्मनी की सरकारी जानकारी के अनुसार एक व्यक्ति के खाने पर करीब 200 से 350 यूरो प्रति महीने खर्च हो सकता है. इसके अलावा आने-जाने, फोन, इंटरनेट और मनोरंजन जैसी चीजों पर करीब 150 से 350 यूरो तक का खर्च हो सकता है. अगर छात्र खुद खाना बनाता है और सस्ते स्टोर से सामान खरीदता है तो खर्च कम रखने में मदद मिल सकती है. इसके उलट बाहर खाना और महंगे इलाके में रहना बजट बढ़ा सकता है.
वीजा के लिए पहले से दिखाने होंगे पैसे
जर्मनी में पढ़ाई के लिए जाने वाले भारतीय छात्रों के लिए आर्थिक तैयारी बहुत जरूरी है. 2026 में स्टूडेंट वीजा के लिए 11,904 यूरो की रकम से अपनी आर्थिक स्थिति साबित की जा सकती है. इसके लिए ब्लॉक्ड अकाउंट एक तरीका है, जिसमें पैसा जमा रहता है और हर महीने तय सीमा तक ही रकम निकाली जा सकती है. भारतीय छात्रों के लिए जर्मनी की आधिकारिक वेबसाइट भी पहले साल के खर्च के लिए 11,904 यूरो और अधिकतम 992 यूरो प्रति महीने निकालने की सीमा बताती है.
हेल्थ इंश्योरेंस को भी बजट में रखें
जर्मनी में पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए स्वास्थ्य बीमा भी जरूरी है. यूनिवर्सिटी में दाखिले के समय भी बीमा का सबूत देना पड़ता है. यानी भारत से जर्मनी जाने वाले छात्र को अपनी पढ़ाई और रहने के खर्च के साथ स्वास्थ्य बीमा की व्यवस्था भी करनी होगी. इसके अलावा शुरुआती दिनों में कमरे की जमा राशि, यात्रा, जरूरी सामान और दूसरी छोटी जरूरतों पर भी खर्च हो सकता है. इसलिए जर्मनी जाने से पहले सिर्फ यूनिवर्सिटी की फीस देखकर बजट बनाना सही नहीं होगा. पूरे साल के रहने और पढ़ाई से जुड़े खर्चों को जोड़कर ही तैयारी करना बेहतर है.
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        <pubDate>Mon, 28 Sep 2026 06:30:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>बारिश के चलते यूपी में यहां कल बंद रहेंगे स्कूल, जानें पूरी डिटेल</title>
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        <description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में भारी बारिश और जलभराव की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी स्कूलों में एक दिन के अवकाश की घोषणा कर दी है. जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय की तरफ से 27 सितंबर 2026 को जारी किए गए आदेश के मुताबिक जिलाधिकारी के निर्देश पर 28 सितंबर 2026 को जिले के सभी स्कूलों में छुट्टी रहेगी. यह आदेश पत्रांक आशु0/5920-30/2026-27 के तहत जारी किया गया है, जिसमें साफ कहा गया है कि अत्यधिक वर्षा, जलभराव और अतिवृष्टि की स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है.
किन स्कूलों पर लागू होगा यह आदेश?
जारी किए गए आदेश के मुताबिक यह अवकाश जिले के परिषदीय, मान्यता प्राप्त और सहायता प्राप्त सभी स्कूलों पर लागू होगा. इसके अलावा CBSE, ICSE और अन्य बोर्ड से संचालित हिंदी व अंग्रेजी माध्यम के स्कूल भी इस आदेश के दायरे में आएंगे. खास बात यह है कि यह छुट्टी सिर्फ किसी एक कक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि नर्सरी से लेकर कक्षा 12 तक के सभी विद्यार्थियों पर लागू होगी.
क्यों लिया गया यह फैसला?
जिला प्रशासन ने यह फैसला बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया है. भारी बारिश की वजह से सड़कों पर जलभराव होने और स्कूल आने-जाने के दौरान बच्चों को होने वाली परेशानी को टालने के मकसद से यह अवकाश घोषित किया गया है. आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह फैसला जिलाधिकारी महोदय के सीधे निर्देश पर लिया गया है, जिन्होंने मौसम की मौजूदा और आगामी स्थिति को देखते हुए यह कदम उठाने को कहा था.
आदेश का सख्ती से पालन कराने के निर्देश
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की तरफ से जारी आदेश में यह भी साफ लिखा गया है कि इस आदेश का अक्षरशः यानी पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाए। इसका मतलब है कि सभी संबंधित स्कूलों को यह छुट्टी अनिवार्य रूप से लागू करनी होगी.
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किन अधिकारियों को भेजी गई है सूचना?
इस आदेश की प्रतिलिपि कई वरिष्ठ शिक्षा अधिकारियों को जरूरी कार्रवाई के लिए भेजी गई है. इनमें महानिदेशक स्कूल शिक्षा उत्तर प्रदेश लखनऊ, जिलाधिकारी खीरी, मुख्य विकास अधिकारी खीरी, शिक्षा निदेशक बेसिक लखनऊ, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य, मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक छठे मंडल लखनऊ, जिला विद्यालय निरीक्षक लखीमपुर-खीरी और जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारी शामिल हैं. इसके अलावा यह आदेश जिले के सभी शैक्षिक संगठनों को भी भेजा गया है, ताकि हर स्तर पर इसकी जानकारी समय पर पहुंच सके.
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        <pubDate>Mon, 28 Sep 2026 06:30:03 +0530</pubDate>
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        <title>DPS की हेड गर्ल से NEET PG में AIR 2! जानें कैसे रचा डॉ. पल्लाक्षी ने ये इतिहास</title>
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        <description><![CDATA[ 24 सितंबर 2026 को जब नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन ने NEET PG 2026 के नतीजे घोषित किए, तो स्क्वाड्रन लीडर पल्लाक्षी प्रसाद का नाम पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया. कानपुर एयर फोर्स स्टेशन में मेडिकल ऑफिसर के तौर पर तैनात 28 साल की पल्लाक्षी ने इस कठिन परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 2 हासिल की है, जिसमें उन्होंने 720 में से 633 अंक हासिल किए. आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल सर्विसेज के डायरेक्टर जनरल एयर मार्शल संदीप थरेजा ने खुद उन्हें इस उपलब्धि के लिए बधाई दी. सबसे खास बात यह है कि यह पूरा सफर उन्होंने फुल टाइम नौकरी करते हुए और सेना की जिम्मेदारियां निभाते हुए पूरा किया.
शुरुआती पढ़ाई और डॉक्टर बनने का सपना
रांची में जन्मी और हैदराबाद में पली-बढ़ी पल्लाक्षी ने अपनी स्कूली पढ़ाई दिल्ली पब्लिक स्कूल से की. दिलचस्प बात यह है कि उनके माता-पिता दोनों इंजीनियर हैं, लेकिन जब पल्लाक्षी ने बचपन से ही डॉक्टर बनने का सपना देखा, तो उन्होंने कभी इस सपने में रुकावट नहीं बनने दिया, बल्कि हमेशा उनका साथ दिया. स्कूल के बाद उन्होंने बिना किसी ड्रॉप ईयर के 2016 में NEET PG परीक्षा पास की, जिसमें उन्हें ऑल इंडिया रैंक 1,312 मिली थी.
AFMC से शुरू हुआ मेडिकल करियर
नीट यूजी पास करने के बाद पल्लाक्षी ने पुणे स्थित आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल कॉलेज यानी AFMC में दाखिला लिया, जहां वे सी3 बैच की छात्रा रहीं. AFMC से MBBS पूरी करने के बाद वे भारतीय वायुसेना में मेडिकल ऑफिसर के तौर पर कमीशन हुईं, और फिलहाल कानपुर एयर फोर्स स्टेशन में सेवाएं दे रही हैं.
नौकरी के साथ तैयारी करना रहा सबसे बड़ी चुनौती
पल्लाक्षी ने अपने इंटरव्यू में बताया कि नौकरी के साथ-साथ NEET PG की तैयारी करना उनके लिए सबसे मुश्किल हिस्सा रहा. कई बार ड्यूटी के बाद थककर घर लौटने पर वे यह सोचकर परेशान हो जाती थीं कि आखिर वे उन लोगों का मुकाबला कैसे कर पाएंगी, जो पूरा समय सिर्फ पढ़ाई में लगा रहे हैं. उन्होंने अपनी तैयारी के लिए मैरो प्लेटफॉर्म का सहारा लिया, जिसका इस्तेमाल वे MBBS के तीसरे और चौथे साल में भी कर चुकी थीं. उनका मानना है कि जिस चीज से वे पहले से परिचित थीं, उसी पर वापस लौटकर उन्होंने अपनी तैयारी की नींव जल्दी मजबूत कर ली.
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मेंटॉर और रिसर्च का भी मिला साथ
पल्लाक्षी की इस कामयाबी में सेना के ही एक डॉक्टर, डॉ. विनीत बेहरा का मार्गदर्शन भी अहम भूमिका निभाता रहा. तैयारी के दौरान उन्होंने रिसर्च पेपर पर भी काम किया, जो उनकी पढ़ाई के साथ-साथ प्रोफेशनल ग्रोथ का हिस्सा बना. यह दिखाता है कि उन्होंने सिर्फ किताबी तैयारी पर ही नहीं, बल्कि मेडिकल फील्ड में व्यावहारिक अनुभव और मार्गदर्शन पर भी उतना ही ध्यान दिया.
क्यों खास है यह उपलब्धि?
AFMC ने इस उपलब्धि को अपनी पूरी बिरादरी के लिए गर्व का पल बताया है. पल्लाक्षी की कहानी खासतौर पर उन युवाओं के लिए एक मिसाल बनती है, जो नौकरी या किसी अन्य जिम्मेदारी के साथ बड़ी परीक्षाओं की तैयारी करने से डरते हैं. स्कूल में हेड गर्ल रहने से लेकर AFMC में पढ़ाई और फिर देश की सबसे कठिन मेडिकल परीक्षाओं में से एक में दूसरा स्थान हासिल करने तक, पल्लाक्षी का यह सफर अनुशासन, धैर्य और लगातार मेहनत की एक बेहतरीन मिसाल बनकर सामने आया है.
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        <pubDate>Mon, 28 Sep 2026 06:30:02 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>UP PCS 2025 इंटरव्यू का रास्ता साफ, इलाहाबाद हाई कोर्ट से मंजूरी</title>
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        <description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश पीसीएस 2025 भर्ती को लेकर लंबे समय से चल रही प्रक्रिया अब अगले चरण में पहुंच गई है. इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग को पीसीएस 2025 के इंटरव्यू आयोजित करने की अनुमति दे दी है. इसके बाद मुख्य परीक्षा में सफल उम्मीदवारों के इंटरव्यू तय शेड्यूल के अनुसार कराए जा सकेंगे. आयोग ने इंटरव्यू की तारीख पहले ही जारी कर दी थी और अब 28 सितंबर से इंटरव्यू शुरू होंगे.
पीसीएस 2025 के मुख्य इंटरव्यू 28 सितंबर से 24 अक्टूबर 2026 तक अलग-अलग वर्किंग डे में आयोजित किए जाएंगे. मुख्य परीक्षा में सफल हुए कुल 2,297 उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया गया है. वहीं इंटरव्यू पूरा होने के बाद भर्ती प्रक्रिया अंतिम चरण में आगे बढ़ेगी.&amp;nbsp;
आरक्षण से जुड़े मामले पर हुई सुनवाई&amp;nbsp;
हाईकोर्ट में पीसीएस 2025 की भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी याचिका में आरक्षण व्यवस्था और अनारक्षित कैटेगरी में मेधावी आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को समायोजन का मुद्दा उठाया गया था. इसके साथ ही उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के 9 जनवरी 2020 के कार्यकाल ज्ञात और पीसीएस 2025 के विज्ञापन में दी गई संबंधित शर्तों को भी लेकर सवाल उठाए गए. याचिकाकर्ताओं की ओर से सवाल उठाए गए थे कि अगर आरक्षित वर्ग का कोई उम्मीदवार बिना किसी छूट के अनारक्षित कटऑफ के बराबर या उससे ज्यादा अंक हासिल करता है, तो क्या उसे प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा के चरण में खुली या अनारक्षित प्रतियोगिता से अलग किया जा सकता है.
याचिकाकर्ताओं ने यह भी दलील दी कि अनारक्षित कैटेगरी सभी एलिजिबल उम्मीदवारों के लिए मेरिट के आधार पर खुली प्रतियोगिता का क्षेत्र है. ऐसे में बिना किसी रियायत के अनारक्षित कट ऑफ हासिल करने वाले आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को केवल उनकी कैटेगरी के आधार पर अलग-अलग रखने का मामला समान अवसर के संवैधानिक सिद्धांत से जुड़ता है.&amp;nbsp;
अब 28 सितंबर से शुरू होंगे इंटरव्यू&amp;nbsp;
यूपीपीएससी के कार्यक्रम के अनुसार पीसीएस 2025 के इंटरव्यू 28, 29 और 30 सितंबर को होंगे. इसके बाद 1, 5, 6, 7, 8, 9, 12, 13, 14, 15, 16, 17, 21, 22, 23 और 24 अक्टूबर को इंटरव्यू आयोजित किए जाएंगे. इंटरव्यू दो पारियों में होंगे. पहली पारी सुबह 9:30 बजे और दूसरी पारी दोपहर 2 बजे से शुरू होगी. पहली पारी के उम्मीदवारों को 8 बजे, जबकि दूसरी पारी वालों को दोपहर 12:30 बजे आयोग के परिसर में रिपोर्ट करना होगा.&amp;nbsp;
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डाउनलोड कर सकते हैं इंटरव्यू लेटर&amp;nbsp;
इंटरव्यू के लिए सफल उम्मीदवारों को आयोग की वेबसाइट पर ऑफलाइन और ऑनलाइन ऑथेंटिकेशन प्रक्रिया पूरी करनी होगी. इसके बाद भी अपना इंटरव्यू लेटर आयोग की ओर से जारी गाइडलाइन डाउनलोड कर सकते हैं. उम्मीदवारों को इंटरव्यू लेटर में दी गई तारीख और पारी में रिपोर्टिंग टाइम के अनुसार आयोग परिसर में पहुंचना होगा. इसके अलावा उम्मीदवारों को नोटिफिकेशन में दिए गए सभी डाक्यूमेंट्स भी साथ लेकर जाने होंगे.&amp;nbsp;
रिक्त पदों की जानकारी भी जारी&amp;nbsp;
पीसीएस 2025 के तहत अलग-अलग विभागों में खाली पदों का ब्योरा भी जारी किया जा चुका है. इनमें प्रशासनिक, पुलिस, राजस्व, विकास, श्रम और खाद्य सुरक्षा समेत कई विभागों के पद शामिल है. उम्मीदवारों को इंटरव्यू के समय निर्धारित प्रारूप में वरीयता पत्र भी देना होगा. आयोग ने इसके लिए संबंधित प्रपत्र जारी किया है. वहीं पुलिस उपाधीक्षक और आबकारी निरीक्षक पदों के लिए अलग-अलग शारीरिक मानक निर्धारित किए गए हैं.
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        <pubDate>Sun, 27 Sep 2026 14:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>PCS, 2025, इंटरव्यू, का, रास्ता, साफ, इलाहाबाद, हाई, कोर्ट, से, मंजूरी</media:keywords>
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        <title>यूपीटीईटी 2026 सर्टिफिकेट में कर सकेंगे सुधार, लगेगी 200 रुपये फीस</title>
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        <description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने यूपीटीईटी 2026 के सर्टिफिकेट में गलत जानकारी सुधारने के लिए ऑनलाइन सुविधा शुरू कर दी है. जिन उम्मीदवारों के प्रमाण पत्र में नाम, जन्म तिथि या कैटेगरी से जुड़ी गलती है, वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत संशोधन के लिए आवेदन कर सकते हैं. आयोग ने साफ किया है कि सर्टिफिकेट में सुधार के लिए आवेदन केवल ऑनलाइन स्वीकार किए जाएंगे. डाक, ऑफलाइन पत्र, व्यक्तिगत आवेदन या किसी दूसरे माध्यम से भेजे गए अनुरोध को एक्सेप्ट नहीं किया जाएगा. वहीं संशोधित प्रमाण पत्र जारी करने के लिए उम्मीदवार को 200 रुपये की फीस भी जमा करनी होगी.&amp;nbsp;
UPESSC ने उम्मीदवारों काे आवेदन करने से पहले सभी जानकारी अच्छी तरह जांचने की सलाह दी है. आयोग के अनुसार सर्टिफिकेट में सुधार की सुविधा केवल एक बार दी जाएगी. एक बार उम्मीदवार ने संशोधन के लिए जानकारी सबमिट कर दी और प्रमाण पत्र जारी हो गया, तो उसके बाद दोबारा किसी तरह के सुधार करने का मौका नहीं मिलेगा. इसलिए फॉर्म भरते समय सही जानकारी दर्ज करना जरूरी होगा.&amp;nbsp;
इन जानकारी में कर सकते हैं बदलाव&amp;nbsp;
आयोग की ओर से जारी सूचना के अनुसार यूपीटीईटी 2026 सर्टिफिकेट में मुख्य रूप से उम्मीदवार का नाम, पिता का नाम या जन्मतिथि और कैटेगरी से जुड़ी गलतियों को ठीक करने की सुविधा दी गई है. इसके लिए उम्मीदवारों को जरूरत के अनुसार संबंधित डॉक्यूमेंट भी उपलब्ध कराने होंगे. आवेदन करने से पहले मूल प्रमाण पत्र, पहचान पत्र संबंधी डॉक्यूमेंट और कैटेगरी से जुड़े सर्टिफिकेट तैयार रखना होंगे.&amp;nbsp;
ऑनलाइन कैसे कर सकते हैं सुधार?

सर्टिफिकेट में संशोधन के लिए उम्मीदवारों को आयोग के upessc.up.gov.in पोर्टल पर जाना होगा.&amp;nbsp;
यहां यूपीटीईटी सर्टिफिकेट करेक्शन 2026 से संबंधित लिंक पर क्लिक करें.&amp;nbsp;
इसके बाद उम्मीदवार को मांगी गई जानकारी और लॉगिन डिटेल भरनी होगी.&amp;nbsp;
अब उस जानकारी को सेलेक्ट करना होगा, जिसमें सुधार करना है.&amp;nbsp;
इसके बाद जरूरी डॉक्यूमेंट अपलोड करने के बाद 200 रुपये फीस जमा करनी होगी.&amp;nbsp;
फीस जमा करने के बाद आवेदन सबमिट करके उसकी रसीद सुरक्षित रख लें.&amp;nbsp;

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रिजल्ट से जुड़ी शिकायत के बाद लिया फैसला&amp;nbsp;
आयोग की यह सुविधा यूपीटीईटी 2026 के रिजल्ट के बाद प्राप्त उम्मीदवारों की शिकायतों के बाद शुरू की गई है. आयोग ने पहले प्राप्त शिकायतों को 4 कैटेगरी में बांटा. इनमें ओएमआर में गलतियां, नॉर्मलाइजेशन से जुड़े सवाल, आंसर की के आधार पर अंकों को लेकर आपत्ति और प्रमाण पत्र में गलत जानकारी से संबंधित शिकायत शामिल है. आयोग ने ओएमआर, नॉर्मलाइजेशन और आंसर की के आधार पर अंकों में बदलाव की मांग को एक्सेप्ट नहीं किया. वहीं सर्टिफिकेट से जुड़ी गलतियों को ऑनलाइन सुधार प्रक्रिया के जरिए ठीक करने की व्यवस्था की गई है.&amp;nbsp;
तीन नवंबर को होगी स्पेशल UPTET परीक्षा&amp;nbsp;
यूपीटीईटी 2026 की मुख्य परीक्षा 2, 3 और 4 जुलाई को आयोजित की गई थी और इसका रिजल्ट 26 अगस्त को जारी किया गया था. परीक्षा में 13.3 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों के क्वालीफाई करने की जानकारी दी गई है. इसके अलावा UPESSC ने स्पेशल यूपीटेट परीक्षा 2026 की तारीख भी घोषित की है. स्पेशल यूपीटेट परीक्षा 3 नवंबर 2026 को आयोजित की जाएगी.
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        <pubDate>Sun, 27 Sep 2026 14:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>27 साल की कोशिश के बाद सफलता, 59 की उम्र में टीचर बने विजय कुमार</title>
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        <description><![CDATA[ 27 साल की कोशिश के बाद सफलता, 59 की उम्र में टीचर बने विजय कुमार ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 27 Sep 2026 14:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>साल, की, कोशिश, के, बाद, सफलता, की, उम्र, में, टीचर, बने, विजय, कुमार</media:keywords>
    </item>
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        <title>SBI फ्री में करा रहा ऑनलाइन कोर्स, AI&amp;मार्केटिंग और फाइनेंस सीखने का मौका</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/sbi-फ्री-में-करा-रहा-ऑनलाइन-कोर्स-ai-मार्केटिंग-और-फाइनेंस-सीखने-का-मौका</link>
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        <description><![CDATA[ आज के समय में नौकरी और करियर के लिए केवल डिग्री ही काफी नहीं है. नई-नई स्किल्स सीखना भी जरूरी हो गया है. इसी को ध्यान में रखते हुए भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने edX प्लेटफॉर्म पर कई ऑनलाइन कोर्स उपलब्ध कराए हैं. इन कोर्स में Artificial Intelligence (AI), Generative AI, Marketing, Personal Branding, Finance और Banking जैसे विषय शामिल हैं.
खास बात यह है कि इन कोर्स को मुफ्त में Audit करके पढ़ा जा सकता है. हालांकि, अगर आप अन्य learner verified certificate लेना चाहते हैं, तो उसके लिए आपको शुल्क देना पड़ सकता है. ऐसे में जानिए इन फ्री ऑनलाइन कोर्सेस के बारे में और इनसे जुड़ी अन्य जरूरी जानकारी के बारे में.
AI और Generative AI से जुड़े कोर्स
SBI की ऑनलाइन कोर्स सूची में AI and Generative AI for Business Automation जैसा कोर्स शामिल हैं. यह कोर्स खास तौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकता है जो समझना चाहते हैं कि AI और Generative AI का इस्तेमाल बिजनेस प्रोसेस को बेहतर बनाने के लिए कैसे किया जा सकता है. इसमें AI के प्रैक्टिकल यूज और बिजनेस में ऑटोमेशन से जुड़े कॉन्सेप्ट्स को समझाया जाता है. रिपोर्ट के अनुसार, इस कोर्स के लिए कॉडिंग या टेकनिकल बैकग्राउंड जरूरी नहीं बताया गया है. SBI की आधिकारिक सूची में Generative AI and its Applications in Finance और Introduction to Machine Learning for Finance जैसे कोर्स भी शामिल हैं. इससे learners को AI और finance के बीच के संबंध को समझने का मौका मिलता है.
Marketing सीखने का भी मौका
अगर आपका इंटरेस्ट digital marketing या content creation में हैं, तो SBI के प्लेटफॉर्म पर इससे जुड़े कोर्स भी उपलब्ध हैं. इनमें Content Marketing Strategy सबसे अहम है. इस कोर्स में content marketing और digital marketing ecosystem की जानकारी दी जाती है. साथ ही कंटेंट को तैयार करने, प्रमोट करने और कस्टमर्स तक पहुंचाने से जुड़े कॉन्सेप्ट्स पर ध्यान दिया जाता है. SBI की आधिकारिक सूची में Relationship Marketing Strategy for Financial Services, Marketing Psychology for Financial Services और Influence Essentials for Leadership and Marketing जैसे अन्य कोर्स भी शामिल हैं.
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Finance में भी कई विकल्प
Finance में इंटरेस्ट रखने वालों के लिए भी SBI के पास कई कोर्स हैं. इनमें Introduction to Behavioural Finance, Financial Markets and Products, Ratio Analysis Fundamentals और Financial Management of Enterprise &amp;ndash; For Beginners जैसे कोर्स शामिल हैं. Behavioural Finance course में यह समझने का प्रयास किया जाता है कि लोगों की सोच, cognitive biases और emotional biases वित्तीय फैसलों और financial markets को किस तरह प्रभावित कर सकते हैं.
Personal Branding भी सीख सकते हैं
SBI की ओर से Personal Branding का कोर्स भी उपलब्ध कराया गया है. इसमें पर्सनल ब्रांड और सामान्य ब्रांड के बीच अंतर, personal branding की जरूरत और इसे विकसित करने के लिए जरूरी स्किल्स जैसे विषय शामिल हैं. रिपोर्ट के अनुसार यह course 25 सितंबर से 30 दिसंबर 2026 तक चलने वाला है.
कैसे मिलेगा फायदा?
इन कोर्स का सबसे बड़ा फायदा यह है कि लर्नर्स अपनी पढ़ाई या नौकरी के साथ-साथ नई स्किल्स सीख सकते हैं. कोर्स ऑनलाइन &amp;nbsp;हैं और इन्हें अपनी सुविधा के अनुसार किया जा सकता है. SBI की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, edX पर उपलब्ध कोर्स की सूची काफी बड़ी है और इसमें banking, finance, marketing, technology तथा leadership से जुड़े कई विषय शामिल हैं.
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&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 27 Sep 2026 14:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>CEC ज्ञानेश कुमार का कैसा रहा सफर, जानें चुनाव आयोग से पहले कहां थी पोस्टिंग?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/cec-ज्ञानेश-कुमार-का-कैसा-रहा-सफर-जानें-चुनाव-आयोग-से-पहले-कहां-थी-पोस्टिंग</link>
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        <description><![CDATA[ मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार इन दिनों चुनाव आयोग के कामकाज और मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) को लेकर चल रही बहस की वजह से चर्चा में हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में आयोग के कुछ फैसलों पर 14 बार लिखित आपत्तियां दर्ज की थीं. इनमें मतदाता सूची में नाम जोड़ने-हटाने और कुछ प्रक्रियाओं से जुड़े मुद्दे शामिल बताए गए. इसके बाद विपक्षी दलों ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग तेज कर दी है.
चुनाव आयोग ने इन खबरों के बाद अपना पक्ष भी रखा है. आयोग का कहना है कि SIR से जुड़े फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की सहमति से लिए गए थे. 26 सितंबर को CEC ज्ञानेश कुमार ने दोनों चुनाव आयुक्तों के साथ बैठक भी की और आयोग ने अपने फैसलों को लेकर स्पष्टीकरण जारी किया. ऐसे में इस चर्चा के बीच आइए जानते हैं ज्ञानेश कुमार का चुनाव आयोग के शीर्ष पद तक पहुंचने तक के सफर के बारे में.
IIT कानपुर से IAS तक का सफर
ज्ञानेश कुमार 1988 बैच के केरल कैडर के IAS अधिकारी हैं. उन्होंने IIT कानपुर से सिविल इंजीनियरिंग में B.Tech किया. इसके अलावा उन्होंने Business Finance और Environmental Economics की पढ़ाई भी की. प्रशासनिक सेवा में आने के बाद उनका शुरुआती करियर केरल में बीता. केरल में उनकी शुरुआती जिम्मेदारियों में अडूर के सब-कलेक्टर का पद शामिल था. इसके बाद उन्होंने केरल स्टेट डेवलपमेंट कॉरपोरेशन फॉर SC/ST के मैनेजिंग डायरेक्टर, कोच्चि कॉरपोरेशन के म्युनिसिपल कमिश्नर और एर्नाकुलम के जिला कलेक्टर जैसे पदों पर काम किया.
केरल सरकार में कई विभाग संभाले
ज्ञानेश कुमार ने केरल सरकार में सचिव स्तर पर भी काम किया. उनके पास Finance Resources, Fast Track Projects, Public Works Department, Modernising Government Programme और Food, Civil Supplies &amp;amp; Consumer Affairs जैसे विभाग रहे. वहीं वह Kerala State Cooperative Bank के मैनेजिंग डायरेक्टर, Goshree Islands Development Authority के सचिव और Trivandrum Airport Development Society के मैनेजिंग डायरेक्टर भी रहे. बाद में उन्होंने Kerala House, New Delhi के Resident Commissioner के तौर पर भी काम किया.
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केंद्र सरकार में बढ़ी जिम्मेदारियां
राज्य सरकार के बाद ज्ञानेश कुमार का अनुभव केंद्र सरकार में भी रहा. भारत सरकार में उन्होंने रक्षा मंत्रालय में संयुक्त सचिव, गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव और अतिरिक्त सचिव तथा संसदीय कार्य मंत्रालय में सचिव के तौर पर काम किया. इसके बाद वह सहकारिता मंत्रालय के सचिव बने. गृह मंत्रालय में उनकी जिम्मेदारियां खास तौर पर महत्वपूर्ण रहीं. जम्मू-कश्मीर से जुड़े मामलों में भी उन्होंने काम किया. यही वजह है कि चुनाव आयोग में आने से पहले उनके प्रशासनिक अनुभव में राज्य प्रशासन के साथ-साथ गृह, रक्षा, संसदीय कार्य और सहकारिता जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल थे.
IAS से चुनाव आयोग तक
ज्ञानेश कुमार 31 जनवरी 2024 को सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त हुए. इसके कुछ ही समय बाद 15 मार्च 2024 को उन्हें चुनाव आयुक्त नियुक्त किया गया. यानी रिटायरमेंट के करीब डेढ़ महीने बाद वह चुनाव आयोग का हिस्सा बने. इसके बाद 19 फरवरी 2025 को उन्होंने देश के 26वें मुख्य निर्वाचन आयुक्त के तौर पर कार्य संभाला.
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        <pubDate>Sun, 27 Sep 2026 14:30:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>UPSSSC PET 2026 की नई तारीखों का ऐलान, जारी हुआ रिवाइज्ड शेड्यूल</title>
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        <description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश के लाखों उम्मीदवारों के लिए यूपीएसएसएससी पीईटी 2026 से जुड़ा अपडेट आया है. उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में पीईटी की तारीखों में बदलाव किया है. अब यह परीक्षा पहले की तरह 23, 24 और 25 अक्टूबर को नहीं होगी.
आयोग की ओर से जारी नए शेड्यूल के अनुसार, पीईटी 2026 का आयोजन 25 अक्टूबर, 30 अक्टूबर और 1 नवंबर को किया जाएगा. आयोग ने 25 सितंबर को जारी नोटिस में परीक्षा की संशोधित तारीखों की जानकारी दी है. वहीं परीक्षा पहले की तरह तीन दिनों में और हर दिन दो शिफ्ट में ही आयोजित की जाएगी.&amp;nbsp;
25 अक्टूबर की परीक्षा में कोई बदलाव नहीं&amp;nbsp;
यूपीएसएसएससी के नए शेड्यूल के अनुसार परीक्षा का आयोजन 25 अक्टूबर, 30 अक्टूबर और 1 नवंबर को किया जाएगा. वहीं पहले परीक्षा 23, 24 और 25 अक्टूबर को होनी थी. यानी 25 अक्टूबर की तारीख को बरकरार रखा गया है, जबकि 23 और 24 अक्टूबर की जगह 30 अक्टूबर और 1 नवंबर को परीक्षा होगी.&amp;nbsp;
दो शिफ्ट में होगी परीक्षा&amp;nbsp;
पीईटी 2026 की परीक्षा हर दिन दो पारियों में आयोजित की जाएगी. पहली शिफ्ट सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगी. जबकि दूसरी शिफ्ट दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी. उम्मीदवार को सही परीक्षा तारीख, शिफ्ट और परीक्षा केंद्र की जानकारी एडमिट कार्ड पर दी जाएगी.&amp;nbsp;
100 सवाल 100 अंक और नेगेटिव मार्किंग&amp;nbsp;
यूपीएससी पीईटी एक ऑफलाइन ओएमआर आधारित परीक्षा है. इसमें कुल 100 एमसीक्यू सवाल होंगे और परीक्षा के लिए 2 घंटे का समय मिलेगा. हर सही उत्तर के लिए एक अंक निर्धारित है, जबकि गलत उत्तर देने पर 0.25 अंक की नेगेटिव मार्किंग होगी. परीक्षा में भारतीय इतिहास, भारतीय आंदोलन, भूगोल, भारतीय अर्थव्यवस्था, संविधान एवं लोक प्रशासन, सामान्य विज्ञान, प्रारंभिक अंकगणित, सामान्य हिंदी, सामान्य अंग्रेजी, तर्क एवं तर्कशक्ति, सामाजिक और सामान्य जागरूकता जैसे विशेष शामिल है. इसके अलावा अपठित हिंदी गद्यांश और ग्राफ की व्याख्या एवं विश्लेषण से जुड़े सवाल भी पूछे जाएंगे.&amp;nbsp;
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कब आएगा पीईटी एडमिट कार्ड?&amp;nbsp;
आयोग ने अभी एडमिट कार्ड को लेकर तारीख की घोषणा नहीं की, लेकिन शेड्यूल के अनुसार इसकी जानकारी बाद में ऑफिशियल वेबसाइट पर जारी की जाएगी. पिछले पैटर्न के आधार पर एडमिट कार्ड परीक्षा से कुछ दिन पहले जारी होने की उम्मीद है, जबकि सिटी इंटीमेशन स्लिप उससे पहले जारी की जा सकती है. एडमिट कार्ड जारी होने के बाद उम्मीदवार upsssc.gov.in पर जाकर पीईटी 2026 के लिए एडमिट कार्ड के लिंक के जरिए इसे डाउनलोड कर सकेंगे. इसके लिए रजिस्ट्रेशन नंबर, बर्थडेट और कैप्चा जैसी जानकारी भरनी होगी.&amp;nbsp;
पीईटी 2026 के लिए क्या थी योग्यता?&amp;nbsp;
इस भर्ती परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं पास होना जरूरी था. आयु सीमा 18 से 40 वर्ष रखी गई थी, जिसकी गणना 1 जुलाई 2026 के आधार पर की गई. वहीं पीईटी 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 3 अगस्त से शुरू हुई और आवेदन करने की आखिरी तारीख 7 सितंबर 2026 थी.
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        <pubDate>Sun, 27 Sep 2026 02:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>UPSSSC, PET, 2026, की, नई, तारीखों, का, ऐलान, जारी, हुआ, रिवाइज्ड, शेड्यूल</media:keywords>
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        <title>अग्निवीर वायु की आंसर की जारी, 28 सितंबर तक दर्ज कराएं आपत्ति </title>
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        <description><![CDATA[ IAF अग्निवीर वायु इनटेक 02/2027 और एयरमैन ग्रुप ए (मेडिकल असिस्टेंट) इनटेक 02/2027 की प्रोविजनल आंसर की जारी कर दी गई है. वायुसेना ने आज आंसर की और उम्मीदवारों की रिस्पांस शीट ऑनलाइन उपलब्ध कराई है. जिन उम्मीदवारों ने 22 और 23 सितंबर को फेज 1 ऑनलाइन परीक्षा दी थी. वह अपने लॉगिन के जरिए इसे चेक कर सकते हैं. उम्मीदवार अपने दिए गए जवाबों को प्रोविजनल आंसर की से मिलाकर स्कोर का अनुमान भी लगा सकते हैं. वहीं किसी सवाल या उसके सही उत्तर को लेकर आपत्ति है तो तय समय के अंदर ऑनलाइन ऑब्जेक्शन भी दर्ज कराया जा सकता है.&amp;nbsp;
प्रोविजनल आंसर की पर आपत्ति दर्ज करने के लिए उम्मीदवार को अपने कैंडिडेट लॉगिन का इस्तेमाल करना होगा. &amp;nbsp;आपत्ति दर्ज कराने की अंतिम तारीख 28 सितंबर 2026 है. इसके बाद प्राप्त होने वाली आपत्तियों पर विचार नहीं किया जाएगा. आपत्ति दर्ज करते समय उम्मीदवार को संबंधित प्रश्न का चयन करना होगा और अपने दावे के समर्थन में जरूरी प्रमाण उपलब्ध कराने होंगे. वहीं अगर ऑब्जेक्शन फीस लागू होती है तो उसका पेमेंट भी ऑनलाइन करना होगा. उम्मीदवारों की आपत्तियों की समीक्षा के बाद अंतिम आंसर की जारी की जाएगी.&amp;nbsp;
ऐसे चेक करें IAF अग्निवीर वायु आंसर की&amp;nbsp;

अग्निवीर वायु आंसर की चेक करने के लिए सबसे पहले IAF के पोर्टल iafrecruitment.edcil.co.in. पर जाए.&amp;nbsp;
इसके बाद अग्निवीर वायु इनटेक के लिंक पर क्लिक करें.&amp;nbsp;
अब कैंडिडेट लॉगिन में अपनी यूजर आईडी और पासवर्ड दर्ज करें.&amp;nbsp;
इसके बाद स्क्रीन पर दिया गया कैप्चा भरकर लॉगिन करें.&amp;nbsp;
अब पेपर इंडिविजुअल रिस्पांस शीट और प्रोविजनल आंसर की स्क्रीन पर दिखाई देगी.&amp;nbsp;
आंसर की डाउनलोड करने के बाद अपने जवाबों का मिलान कर लें.&amp;nbsp;

ये भी पढ़ें-DU छात्रों को मिलेगी फीस में 100% राहत, जानें योजना से जुड़ें नियम
रिस्पॉन्स शीट में क्या जानकारी मिलेगी?
रिस्पॉन्स शीट में उम्मीदवारों को उनका नाम, यूजर आईडी, रजिस्ट्रेशन नंबर, परीक्षा की तारीख और शिफ्ट, परीक्षा केंद्र, हर सवाल की आईडी, पेपर में दिए गए ऑप्शन, उम्मीदवार का चुना हुआ जवाब और प्रोविजनल आंसर की में दिया गया सही उत्तर देखा जा सकता है. पेपर के सामने उसके सही, गलत या अनअटेम्प्टेड होने की स्थिति भी दिखाई देगी. &amp;nbsp;
22 और 23 सितंबर को हुई थी परीक्षा&amp;nbsp;
IAF अग्निवीर वायु इनटेक 02/2027 और एयरमैन ग्रुप ए इनटेक 02/ 2027 के लिए फेज 1 ऑनलाइन एग्जाम 22 और 23 सितंबर 2026 को आयोजित की गई थी. इससे पहले भर्ती का नोटिफिकेशन 17 जून को जारी हुआ था और ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 6 जुलाई से 26 जुलाई तक चली थी. परीक्षा के बाद अब 26 सितंबर को प्रोविजनल आंसर की जारी कर दी गई है. वहीं उम्मीदवारों को यह भी सलाह दी गई है कि वह अपनी लॉगिन डिटेल के जरिए रिस्पॉन्स शीट और आंसर की ध्यान से चेक करें और किसी उत्तर में गलती लगने पर निर्धारित समय के अंदर ही आपत्ति दर्ज करें.
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        <pubDate>Sun, 27 Sep 2026 02:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>अग्निवीर, वायु, की, आंसर, की, जारी, सितंबर, तक, दर्ज, कराएं, आपत्ति </media:keywords>
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        <title>IBPS RRB 2026 में वैकेंसी बढ़ी, अब 13,757 पदों पर होगी भर्ती</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/ibps-rrb-2026-में-वैकेंसी-बढ़ी-अब-13757-पदों-पर-होगी-भर्ती</link>
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        <description><![CDATA[ बैंकिंग सेक्टर में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए आईबीपीएस आरआरबी रिक्रूटमेंट को लेकर नया अपडेट आया है. इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनेल सिलेक्शन ने आरआरबी भर्ती की संशोधित वैकेंसी जारी कर दी है. इसके तहत अब कुल 13,757 पदों पर भर्ती की जाएगी. भर्ती के लिए 13,745 पदों की वैकेंसी पहले घोषित की गई थी. यानी संशोधित सूची में कुल 12 पद बढ़ाए गए हैं. आईबीपीएस आरआरबी XV भर्ती के तहत देशभर के रीजनल रूरल बैंकों में ऑफिस असिस्टेंट (मल्टीपर्पज) और ऑफिसर स्केल 1, 2 और 3 के पदों पर नियुक्ति की जानी है. संशोधित वैकेंसी में सबसे ज्यादा पद ऑफिस असिस्टेंट के हैं. वहीं बढ़ी हुई भर्ती वैकेंसी ऑफिसर स्केल 2 &amp;nbsp;के पदों में जोड़ी गई है.&amp;nbsp;
संशोधित वैकेंसी के अनुसार ऑफिस असिस्टेंट (मल्टीपर्पज) के 8,222 पद हैं. ऑफिसर स्केल 1 के लिए 4,256 पद निर्धारित है. इसके अलावा ऑफिसर स्केल 2 जनरल बैंकिंग ऑफिसर के 666, आईटी के 182, चार्टर्ड अकाउंटेंट के 82, लॉ ऑफिसर के 56, ट्रेजरी मैनेजर के 19, मार्केटिंग ऑफिसर के 16 और एग्रीकल्चर ऑफिसर के 38 पद है. वहीं ऑफिसर स्केल 3 के लिए 220 पद रखे गए हैं. &amp;nbsp;इस तरह सभी पदों को मिलाकर कुल भर्ती 13,757 पदों पर की है.&amp;nbsp;
स्केल 2 में बढ़ी है वैकेंसी&amp;nbsp;
संशोधित लिस्ट में एक्स्ट्रा पद ऑफिसर स्केल 2 के लिए एक्सपर्ट पदों में जोड़े गए हैं. इनमें सबसे बड़ा बदलाव को ऑफिसर की वैकेंसी में हुआ है. इसकी संख्या बढ़कर 56 हो गई. इसके अलावा चार्टर्ड अकाउंटेंट के पदों में एक और ट्रेजरी मैनेजर के पदों में एक वैकेंसी बढ़ाई गई है. असिस्टेंट ऑफिस और ऑफिसर असिस्टेंट 1 की वैकेंसी में इस संशोधित अपडेट के तहत कोई बदलाव नहीं किया गया है.
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आवेदन की तारीख और फीस&amp;nbsp;
आईबीपीएस आरआरबी 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 1 सितंबर से 21 सितंबर 2026 तक निर्धारित की गई है. उम्मीदवारों को इस अवधि में रजिस्ट्रेशन, जरूरी डॉक्यूमेंट अपलोड करने और आवेदन फीस जमा करने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी. आवेदन फीस की बात करें तो एससी, एसटी, पीडब्ल्यूबीडी और ऑफिस असिस्टेंट के लिए एलिजिबल पूर्व सैनिकों के लिए 175 रुपये फीस निर्धारित की गई है. वहीं दूसरे उम्मीदवारों के लिए फीस 850 रुपये निर्धारित की गई है&amp;nbsp;
कब होंगे IBPS RRB के एग्जाम?&amp;nbsp;
आईबीपीएस के कैलेंडर के अनुसार ऑफिसर स्केल 1 की प्रारंभिक परीक्षा 21 और 22 नवंबर 2026 को होगी. ऑफिस असिस्टेंट की प्रारंभिक परीक्षा 6, 12 और 13 दिसंबर को आयोजित की जाएगी. ऑफिसर स्केल 2 और स्केल 3 की परीक्षा 20 दिसंबर 2026 को होगी. ऑफिसर स्केल 1 की मुख्य परीक्षा भी 20 दिसंबर को निर्धारित है, जबकि ऑफिस असिस्टेंट की मुख्य परीक्षा 30 जनवरी 2027 को होगी. ऑफिसर स्केल 1, 2 और 3 के इंटरव्यू जनवरी-फरवरी 2027 में आयोजित किए जाने हैं.
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        <pubDate>Sun, 27 Sep 2026 02:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>IBPS, RRB, 2026, में, वैकेंसी, बढ़ी, अब, 13, 757, पदों, पर, होगी, भर्ती</media:keywords>
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        <title>6 साल में सबसे कम रहा नीट पीजी 2026 का कट ऑफ, जानें क्या है वजह?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/6-साल-में-सबसे-कम-रहा-नीट-पीजी-2026-का-कट-ऑफ-जानें-क्या-है-वजह</link>
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        <description><![CDATA[ नीट पीजी 2026 का रिजल्ट 24 सितंबर को जारी हो गया है. रिजल्ट जारी होने के बाद उम्मीदवारों को स्कोर और रैंक की जानकारी मिल गई है. वहीं इस बार रिजल्ट में सबसे ज्यादा चर्चा क्वालीफाइंग कट ऑफ की हो रही है. जनरल और ईडब्ल्यूएस उम्मीदवारों के लिए यह कट ऑफ 262 अंक रही, जबकि जनरल PwBD के लिए 244 और एससी, एसटी में ओबीसी उम्मीदवारों के लिए 226 अंक निर्धारित किए गए हैं. &amp;nbsp;पिछले वर्षों के आंकड़ों से मिलाने पर 2026 का कटऑफ पिछले कई सालों के मुकाबले सबसे नीचे रहा है. हालांकि कट ऑफ के अंक कम होने के बावजूद क्वालीफाइंग पर्सेंटाइल में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है. जनरल ईडब्ल्यूएस के लिए 50वां पर्सेंटाइल &amp;nbsp;, जनरल पीडब्ल्यूडी के लिए 45वां पर्सेंटाइल और एससी, एसटी व ओबीसी समेत इन वर्गों के पीडब्ल्यूडी उम्मीदवारों के लिए 40वां पर्सेंटाइल ही है.&amp;nbsp;
पिछले 6 वर्ष साल में कितना बदला कट ऑफ
साल &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; जनरल/EWS &amp;nbsp; &amp;nbsp;जनरल-PwBD &amp;nbsp; &amp;nbsp;SC/ST/OBC, PwBD सहित2021 &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; 302 &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; 283 &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;2652022 &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; 275 &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; 260 &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;2452023 &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; 291 &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; 274 &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;2572024 &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; 50वां पर्सेंटाइल &amp;nbsp; &amp;nbsp; 45वां पर्सेंटाइल&amp;nbsp; &amp;nbsp; 40वां पर्सेंटाइल2025 &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; 276 &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;255&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;2352026 &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; 262 &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;244 &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; 226
कट ऑफ कम होने का मतलब परीक्षा आसान नहीं&amp;nbsp;
एक्सपर्ट्स के अनुसार कम अंक वाले कटऑफ को सीधे यह नहीं माना जाना चाहिए कि इस साल पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल सीट हासिल करने का करना आसान हो गया है. FAIMA &amp;nbsp;डॉ. एसोसिएशन के चीफ पैट्रन और को-फाउंडर डॉक्टर रोहन कृष्णन के अनुसार परीक्षा के बदलते पैटर्न बढ़ते कंपटीशन और कोचिंग के बढ़ते ऑप्शन ने छात्रों की तैयारी को प्रभावित किया है. उनका कहना है कि कई बार अलग-अलग सोर्स और रणनीतियों के कारण छात्रों के सामने यह स्पष्ट नहीं रहता की क्या पढ़ना है और किस तरीके से तैयारी करनी है. उन्होंने एमबीबीएस के दौरान मजबूत बुनियाद को भी जरूरी बताया और कहा कि कमजोर कांसेप्चुअल फाउंडेशन होने पर छात्र नीट पीजी की तैयारी के दौरान कोचिंग पर ज्यादा निर्भर हो जाते हैं&amp;nbsp;
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कई चीजों से प्रभावित होती है कटऑफ
आईएमए जूनियर डॉक्टर्स नेटवर्क के नेशनल स्पोकपर्सन डॉ. ध्रुव चौहान के अनुसार कट ऑफ कई चीजों से प्रभावित होता है. इनमें पेपर का कठिनाई स्तर उम्मीदवारों का प्रदर्शन अंकों का वितरण परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों की संख्या और उपलब्ध पीजी सीटें शामिल है. इसलिए परीक्षा कठिन रही हो या उम्मीदवारों का कुल प्रदर्शन पिछले साल की तुलना में कम रहा हो, तो सामान परसेंटाइल के बावजूद जरूरी अंक नीचे जा सकते हैं. ऐसे में कम स्कोर वाला कट ऑफ उम्मीदवारों की क्षमता कम होने का सीधा मतलब नहीं माना जा सकता है.
पहली बार जारी होगी नीट पीजी की आंसर की&amp;nbsp;
नीट पीजी 2026 में एक और अहम बदलाव आंसर की और रिकॉर्ड रिस्पांस से जुड़ा है. NBEMS पहली बार उम्मीदवारों को प्रश्न आईडी, सही उत्तर और उनके रिकॉर्डेड जवाब और दिए गए स्कोर की जानकारी उपलब्ध कराने जा रहा है. NBEMS के नोटिस के अनुसार आंसर की 1 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध कराई जाएगी, जिसे उम्मीदवार अपनी लॉगिन डीटेल के जरिए से देख सकेंगे. वहीं रिजल्ट जारी होने के बाद भी उम्मीदवार अपने जवाब और ऑफिशियल उत्तरों की तुलना कर पाएंगे.
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        <pubDate>Sun, 27 Sep 2026 02:30:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>साल, में, सबसे, कम, रहा, नीट, पीजी, 2026, का, कट, ऑफ, जानें, क्या, है, वजह</media:keywords>
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        <title>CSIR यूजीसी नेट जून 2026 का ई&amp;सर्टिफिकेट जारी, ऐसे करें डाउनलोड </title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/csir-यूजीसी-नेट-जून-2026-का-ई-सर्टिफिकेट-जारी-ऐसे-करें-डाउनलोड</link>
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        <description><![CDATA[ NTA ने&amp;nbsp; जॉइंट CSIR यूजीसी नेट जून 2026 के ई-सर्टिफिकेट और JRF अवॉर्ड लेटर जारी कर दिए हैं. परीक्षा में क्वालीफाई करने वाले उम्मीदवार अब अपना ई-सर्टिफिकेट डाउनलोड कर सकते हैं. इसके लिए उन्हें एप्लीकेशन नंबर और पासवर्ड के जरिए लॉगिन करना होगा. जॉइंट CSIR यूजीसी नेट जून 2026 की परीक्षा 17 और 18 जुलाई को CBT मोड में आयोजित की गई थी. यह परीक्षा 5 विषयों के लिए हुई थी, जिसमें 1,87,739 उम्मीदवार शामिल हुए थे. अब योग्य उम्मीदवार अपने क्वालीफाइंग स्टेटस के अनुसार सर्टिफिकेट डाउनलोड कर सकते हैं.&amp;nbsp;
NTA की ओर से जून 2026 परीक्षा के लिए तीन तरह की क्वालीफाइंग कैटेगरी के लिए उम्मीदवारों को ई-सर्टिफिकेट उपलब्ध कराया गया है. इनमें जुनियर रिसर्च फैलोशिप और असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए एलिजिबल उम्मीदवार, असिस्टेंट प्रोफेसर और पीएचडी एडमिशन के लिए एलिजिबल उम्मीदवार और केवल पीएचडी एडमिशन के लिए एलिजिबल उम्मीदवार शामिल है. कैटेगरी में क्वालीफाई करने वाले उम्मीदवारों के लिए जेआरएफ अवॉर्ड लेटर के साथ एलिजिबिलिटी सर्टिफिकेट भी उपलब्ध कराया गया है.&amp;nbsp;
ऐसे डाउनलोड करें CSIR यूजीसी नेट सर्टिफिकेट&amp;nbsp;

CSIR यूजीसी नेट सर्टिफिकेट डाउनलोड करने के लिए सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट csirnet.nta.nic.in. पर जाएं.&amp;nbsp;
इसके बाद होम पेज पर कैंडिडेट एक्टिविटी सेक्शन में जाएं.&amp;nbsp;
अब यहां ई-सर्टिफिकेट फॉर जॉइंट CSIR&amp;nbsp;यूजीसी नेट जून 2026 लिंक पर क्लिक करें.&amp;nbsp;
उसके बाद अब लॉगिन विंडो खोलें.&amp;nbsp;
इसमें अपना एप्लीकेशन नंबर और पासवर्ड दर्ज करें.&amp;nbsp;
अब कैप्चा भरकर सबमिट पर क्लिक कर दें.&amp;nbsp;
इसके बाद स्क्रीन पर अपना ई-सर्टिफिकेट दिखाई देगा, उसे डाउनलोड करके रख लें.&amp;nbsp;

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ई-सर्टिफिकेट में चेक करें यह डिटेल&amp;nbsp;
ई- सर्टिफिकेट डाउनलोड करने के बाद उसमें उम्मीदवारों को दर्ज जानकारी ध्यान से देखनी होगी. इसमें नाम, रोल नंबर, माता-पिता का नाम, विषय, कैटेगरी और क्वालीफाइंग स्टेटस जैसी जानकारी सही है या नहीं इसे चेक करनी होगी. सर्टिफिकेट में किसी तरह की गलती होने या इसे डाउनलोड करने में दिक्कत होने पर NTA से csirnet@nta.ac.in या csircertificate@nta.ac.in. पर कांटेक्ट किया जा सकता है.&amp;nbsp;
किस लिए काम आएगा ई-सर्टिफिकेट?
CSIR यूजीसी नेट का ई-सर्टिफिकेट उम्मीदवार की क्वालिफिकेशन का आधिकारिक रिकॉर्ड है. क्वालीफाइंग कैटेगरी के आधार पर इसका इस्तेमाल जेआरएफ, असिस्टेंट प्रोफेसर की पात्रता और पीएचडी एडमिशन से जुड़े कामों में किया जा सकता है. जेआरएफ और असिस्टेंट प्रोफेसर कैटेगरी में जारी ई-सर्टिफिकेट के साथ जेआरएफ सपोर्ट लेटर भी उपलब्ध कराया गया है. जेआरएफ की वैलिडिटी सर्टिफिकेट जारी होने की आखिरी तारीख से 3 साल है, जबकि असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए जारी एलिजिबिलिटी सर्टिफिकेट की वैधता जीवन भर रहेगी. वहीं केवल पीएचडी एडमिशन वाली कैटेगरी में वैधता संबंधित यूनिवर्सिटी के नियमों के अनुसार रहेगी.
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        <pubDate>Sun, 27 Sep 2026 02:30:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>SSC CGL 2026 में घट गई 1525 वैकेंसी, अब 10731 पदों पर भर्ती</title>
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        <description><![CDATA[ एसएससी सीजीएल की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए वैकेंसी को लेकर नया अपडेट आया है. स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (SSC) ने सीजीएल परीक्षा 2026 की संशोधित वैकेंसी जारी कर दी है. इसके अनुसार अब भर्ती के लिए कुल 10,731 ग्रुप बी और ग्रुप सी पद भरे जाएंगे. इससे पहले 12,256 पदों पर भर्ती की जानकारी दी गई थी. संशोधित आंकड़ों के अनुसार अब 1,525 पद कम हो गए हैं.
यह पद सरकार के अलग-अलग मंत्रालयों और विभागों में भरे जाने हैं. भर्ती में सेंट्रल एक्साइज इंस्पेक्टर, इनकम टैक्स इंस्पेक्टर, टैक्स असिस्टेंट, असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर, ऑडिटर और असिस्टेंट ऑडिट ऑफिसर जैसे पद शामिल है. आयोग ने यह भी साफ किया है कि यह जारी की गई वैकेंसी फिलहाल टेंटेटिव है और भर्ती प्रक्रिया के दौरान इसमें बदलाव हो सकता है.&amp;nbsp;
किस कैटेगरी के लिए कितने पदों पर भर्ती?
इस भर्ती प्रक्रिया के तहत कुल 10,731 पदों में सबसे ज्यादा जनरल कैटेगरी के लिए पद आरक्षित हैं. जनरल कैटेगरी के लिए कल 4,412 पद आरक्षित है. वहीं ओबीसी के लिए 2,772 पद, एससी के लिए 1,715 पद, एसटी के लिए 804 पद और ईडब्ल्यूएस के लिए 1,028 पद आरक्षित है. इसके अलावा क्षैतिज आरक्षण के तहत ईएसएम के तहत के 373, OH के 122, HH के 138, VH के 99 और दूसरी पीडब्ल्यूडी कैटेगरी के 105 पद शामिल है.&amp;nbsp;
सेंट्रल एक्साइज इंस्पेक्टर के सबसे ज्यादा पद&amp;nbsp;
एसएससी सीजीएल 2026 की संशोधित वैकेंसी में सेंट्रल एक्साइज इंस्पेक्टर के सबसे ज्यादा पद है. सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस एंड कस्टम के तहत इस पद के लिए 2,336 वैकेंसी दी गई है. इसके बाद टैक्स असिस्टेंट के 1400 पद हैं. इनमें सीबीआईसी के तहत 841 पद शामिल है. वहीं सेंट्रल सेक्रेटेरिएट सर्विस में असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर के 668 पद है और इनकम टैक्स इंस्पेक्टर के 595 पद हैं.&amp;nbsp;
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CAG में भी कई पद शामिल&amp;nbsp;
इस भर्ती में कंप्यूट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल ऑफ इंडिया के तहत भी कई पद रखे गए हैं. इनमें स्टेट कैडर में असिस्टेंट अकाउंट्स ऑफिसर के 504 पद, असिस्टेंट ऑडिट ऑफिसर के 504 पद और सेंट्रल कैडर में असिस्टेंट ऑडिट ऑफिसर के 513 पद शामिल है. इस तरह एसएससी सीजीएल के जरिए टैक्सेशन, प्रशासन, अकाउंट्स और ऑडिट से जुड़े अलग-अलग केंद्रीय विभाग में नियुक्तियां की जाएगी.&amp;nbsp;
राज्यवार डेटा नहीं जारी नहीं करता SSC&amp;nbsp;
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि एसएससी स्टेट वाइज या रीजन वाइज वैकेंसी का डेटा अलग से जारी नहीं करता. हालांकि संशोधित नोटिस में संबंधित पदों के लिए पोस्ट वाइज, डिपार्टमेंट वाइज और स्टेट वाइज जानकारी दी गई है. एसएससी सीजीएल के जरिए ग्रेजुएट उम्मीदवारों की नियुक्ति ग्रुप डी और ग्रुप सी पदों पर की जाती है. चयन प्रक्रिया में टियर 1, टियर 2 और इसके बाद डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन शामिल है. फिलहाल उम्मीदवारों को संशोधित वैकेंसी को ध्यान में रखते हुए अपनी तैयारी करनी होगी. आयोग ने साफ किया है कि यह वैकेंसी अंतिम नहीं है और भर्ती प्रक्रिया के दौरान इनमें बदलाव संभव है.
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        <pubDate>Sat, 26 Sep 2026 10:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>CBSE को मिले नए चेयरपर्सन, IAS मंदीप के भंडारी को मिली जिम्मेदारी</title>
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        <description><![CDATA[ केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई को नया चेयरपर्सन मिल गया है. सीनियर IAS अधिकारी मंदीप के भंडारी को सीबीएसई का चेयरपर्सन नियुक्त किया गया है. केंद्र सरकार ने शुक्रवार (25 सितंबर) को सीनियर लेवल पर कई नियुक्तियों और ट्रांसफर को मंजूरी दी. इनमें मंदीप के भंडारी की CBSE चेयरपर्सन के तौर पर नियुक्ति भी शामिल है. उन्हें इस पद पर अतिरिक्त सचिव स्तर का दर्जा दिया गया है.
कौन हैं मंदीप के भंडारी?
AGMUT कैडर के मंदीप के भंडारी 2001 बैच के आईएएस अधिकारी हैं. इससे पहले वह जम्मू-कश्मीर में प्रधान सचिव और श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड के चेयरपर्सन की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं. फरवरी 2026 में उनका चयन केंद्र में अतिरिक्त सचिव स्तर के पद के लिए बने पैनल में भी हुआ था. अब उन्हें शिक्षा मंत्रालय के तहत आने वाले सीबीएसई का का चेयरपर्सन बनाया गया है. )
OSM विवाद के कुछ महीने बाद नई नियुक्ति
सीबीएसई में चेयरपर्सन की यह नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब बोर्ड पिछले कुछ महीनों से On-Screen Marking यानी OSM सिस्टम को लेकर सुर्खियों में रहा है. सीबीएसई ने बोर्ड परीक्षा की कॉपियों के मूल्यांकन की प्रक्रिया को डिजिटल बनाने के लिए ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम का इस्तेमाल किया था. इस प्रक्रिया को लेकर छात्रों और अभिभावकों की ओर से शिकायतें सामने आई थीं. इनमें मूल्यांकन, तकनीकी गड़बड़ियों और रिजल्ट से जुड़ी परेशानियों की बातें शामिल थीं.
मई 2026 में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सीबीएसई मुख्यालय में हाई लेवल बैठक भी की थी. इसमें 12वीं कक्षा की परीक्षा के मूल्यांकन और रिजल्ट के बाद की प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों की समीक्षा की गई थी. बैठक में छात्रों की समस्याओं को समय पर और पारदर्शी तरीके से हल करने पर जोर दिया गया था. उस समय सीबीएसई के चेयरपर्सन राहुल सिंह थे.
OSM सिस्टम को लेकर क्या था विवाद?
On-Screen Marking सिस्टम के तहत उत्तर पुस्तिकाओं को डिजिटल तरीके से जांचने की व्यवस्था की गई. इस सिस्टम को लेकर छात्रों और अभिभावकों की शिकायतों के साथ-साथ इसकी तकनीकी व्यवस्था, सुरक्षा और सेवाओं की खरीद प्रक्रिया पर भी सवाल उठे थे.
जून 2026 में केंद्र सरकार ने सीबीएसई में नेतृत्व स्तर पर बदलाव किया था. उस समय लोखंडे प्रशांत सीताराम को सीबीएसई चेयरपर्सन और वरुण भारद्वाज को सीबीएसई सचिव नियुक्त किया गया था. यह बदलाव OSM सिस्टम से जुड़ी शिकायतों और सेवाओं की खरीद को लेकर जांच के बीच हुआ था.
ACC ने 10 वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्तियों को दी मंजूरी
मंदीप के भंडारी की नियुक्ति अकेली नियुक्ति नहीं है. कैबिनेट की नियुक्ति समिति यानी ACC ने शुक्रवार को वरिष्ठ स्तर के कुल 10 अधिकारियों की नई जिम्मेदारियों को मंजूरी दी. इन नियुक्तियों में शिक्षा के अलावा वित्त, ग्रामीण विकास, पेट्रोलियम, कृषि, जल शक्ति, इस्पात और कौशल विकास से जुड़े मंत्रालय और विभाग भी शामिल हैं.&amp;nbsp;
इसी फेरबदल के तहत एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के चेयरमैन विपिन कुमार को ग्रामीण विकास विभाग में अतिरिक्त सचिव की जिम्मेदारी दी गई है. वहीं, हाइड्रोकार्बन महानिदेशालय के महानिदेशक श्रीकांत नागुलापल्ली को वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग में अतिरिक्त सचिव बनाया गया है.
अब CBSE के सामने क्या चुनौतियां होंगी?
नए चेयरपर्सन के सामने CBSE की परीक्षा और मूल्यांकन व्यवस्था को लेकर छात्रों और अभिभावकों का भरोसा मजबूत करना अहम मुद्दा रहेगा. खासकर डिजिटल मूल्यांकन व्यवस्था, तकनीकी सिस्टम और परीक्षा से जुड़ी प्रक्रियाओं को लेकर पारदर्शिता पर ध्यान देना महत्वपूर्ण होगा.
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        <pubDate>Sat, 26 Sep 2026 10:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>DU छात्रों को मिलेगी फीस में 100% राहत, जानें योजना से जुड़ें नियम</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/du-छात्रों-को-मिलेगी-फीस-में-100-राहत-जानें-योजना-से-जुड़ें-नियम</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/du-छात्रों-को-मिलेगी-फीस-में-100-राहत-जानें-योजना-से-जुड़ें-नियम</guid>
        <description><![CDATA[ दिल्ली यूनिवर्सिटी ने 2026-27 एकेडमिक सेशन के लिए फाइनेंस सपोर्ट स्कीम शुरू की है. यूनिवर्सिटी कि इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आने वाले छात्रों को फीस में राहत देना है. एलिजिबल छात्रों को उनकी पारिवारिक सालाना आय के आधार पर 50 से 100 प्रतिशत तक फीस में छूट मिल सकती है. इस योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन करने की आखिरी तारीख 13 अक्टूबर है. यह स्कीम डीयू के ऑफिस ऑफ द डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर की ओर से लागू की गई है. इसमें आवेदन करने से पहले छात्रों को अपनी एलिजिबिलिटी, आय, सीमा और जरूरी डॉक्यूमेंट की जानकारी ध्यान से जांचनी होगी.&amp;nbsp;
आय के हिसाब से मिलेगी फीस में छूट&amp;nbsp;
डीयू ने फाइनेंसियल सपोर्ट स्कीम के तहत छात्रों को दो कैटेगरी में बांटा है. पहली कैटेगरी में ऐसे छात्र आएंगे जिनके परिवार की सालाना आय 4 लाख रुपये तक है. इन्हें फीस में 100 प्रतिशत तक की छूट मिल सकती है. हालांकि यह राहत फीस या 15 हजार रुपये जो भी कम हो तक वहां सीमित रहेगी. दूसरी कैटेगरी में 4,00,001 रुपये से 8 लाख रुपये तक की सालाना पारिवारिक आय वाले छात्र शामिल होंगे. इन्हें फीस में 50 प्रतिशत तक छूट दी जाएगी. इस कैटेगरी में अधिकतम सहायता वास्तविक फीस या 10 हजार रुपये जो भी कम हो वहां तक रहेगी.&amp;nbsp;
किन छात्रों को मिलेगा योजना का लाभ?&amp;nbsp;
यह योजना दिल्ली यूनिवर्सिटी के विभागों, संस्थाओं और सेंटरों में पढ़ने वाले फुल टाइम यूजी-पीजी छात्रों के लिए हैं. आवेदन करने वाले छात्रों का संबंधित संस्थान में बोनाफाइड स्टूडेंट होना जरूरी है और उसे तय आय सीमा पुरी करनी होगी. हालांकि डीयू ने कुछ छात्रों और कोर्स को इस योजना से बाहर रखा है. घटक कॉलेज, बीटेक प्रोग्राम, 5 वर्षीय इंटीग्रेटेड लॉ प्रोग्राम स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग और NCWEB के छात्र आवेदन नहीं कर सकेंगे. इसके अलावा किसी पिछली परीक्षा में एसेंशियल रिपीट वाले छात्र भी इस योजना के लिए एलिजिबल नहीं होंगे.&amp;nbsp;
आवेदन के लिए कौन से डॉक्यूमेंट जरूरी?
FFS के लिए आवेदन करते समय छात्रों को ईडब्ल्यूएस-ओबीसी प्रमाण पत्र या वित्तीय वर्ष 2025-26 का सक्षम अधिकारी की ओर से जारी आय प्रमाण पत्र देना होगा. इसके साथ ही माता-पिता और एलिजिबल भाई-बहनों के इनकम टैक्स रिटर्न और पैन कार्ड की कॉपी भी मांगी गई है. इसके अलावा निर्धारित अंडरटेकिंग फॉर्म, संबंधित डायरेक्टर के हस्ताक्षरित बोनाफाइड सर्टिफिकेट, पिछली परीक्षा की मार्कशीट, नई फीस रसीद और छात्र के नाम का बैंक, पासबुक या कैंसल्ड चेक देना होगा. डीयू ने स्पष्ट किया है कि नोटरी से जारी आय प्रमाण पत्र एक्सेप्ट नहीं किया जाएगा. बैंक अकाउंट भी छात्र के नाम पर होना चाहिए, किसी दूसरे व्यक्ति के बैंक खाते की जानकारी मान्य नहीं होगी.&amp;nbsp;
13 अक्टूबर तक करें ऑनलाइन आवेदन&amp;nbsp;

आवेदन के लिए सबसे पहले स्टूडेंट वेलफेयर की वेबसाइट www.dsw.du.ac.in. पर जाएं.&amp;nbsp;
इसके बाद फाइनेंस सपोर्ट स्कीम 2026-27 के लिंक पर क्लिक करें.&amp;nbsp;
अब ऑनलाइन फॉर्म में मांगी गई जानकारी और डॉक्यूमेंट अपलोड करें.&amp;nbsp;
इसके बाद फॉर्म को एक बार फिर अच्छे से चेक करके सबमिट कर दें.

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        <pubDate>Sat, 26 Sep 2026 10:30:06 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>छात्रों, को, मिलेगी, फीस, में, 100, राहत, जानें, योजना, से, जुड़ें, नियम</media:keywords>
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        <title>IAS कितने प्रमोशन में बनता है चुनाव आयुक्त, कितनी बढ़ जाती है सैलरी?</title>
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        <description><![CDATA[ भारतीय निर्वाचन आयोग के भीतर मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य आयुक्तों के बीच कामकाज और अधिकारों को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है. इसके अलावा मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति का मामला भी सुप्रीम कोर्ट में है. इस पूरे विवाद ने देश के युवाओं और सिविल सर्विसेज की तैयारी करने वाले छात्रों के बीच एक नया सवाल खड़ा कर दिया है. आइए जानते हैं कि आखिर एक IAS अधिकारी को चुनाव आयुक्त बनने में कितना समय लगता हैं और इस दौरान उनकी सैलरी में कितना इजाफा होता है.
शुरूआत होती है SDM से
IAS करियर की शुरुआत सातवें वेतन आयोग के लेवल 10 से होती है, जिसमें अधिकारी सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट या असिस्टेंट कलेक्टर के तौर पर तैनात होते हैं. इस दौरान बेसिक सैलरी करीब 56,100 रुपये प्रति माह होती है. करीब 4 से 9 साल की सेवा के बाद अधिकारी डिप्टी कलेक्टर या अंडर सेक्रेटरी बनते हैं, जो लेवल 11 में आता है और बेसिक सैलरी बढ़कर करीब 67,700 रुपये हो जाती है.
जिलाधिकारी से डिवीजनल कमिश्नर तक का सफर
करीब 9 से 13 साल की सेवा पूरी करने के बाद अधिकारी जिलाधिकारी या ज्वाइंट सेक्रेटरी के पद तक पहुंचते हैं, जो लेवल 12 में आता है और बेसिक सैलरी करीब 78,800 रुपये तक हो जाती है. इसके बाद 14 से 16 साल की सेवा पर अधिकारी डिवीजनल कमिश्नर या डायरेक्टर बनते हैं, जो लेवल 13 है और सैलरी बढ़कर करीब 1,18,500 रुपये तक पहुंच जाती है.
सचिव पद तक पहुंचना है सबसे बड़ी शर्त
चुनाव आयुक्त बनने के लिए सबसे अहम शर्त है कि अधिकारी भारत सरकार में सचिव के पद पर रह चुका हो. यह पद आमतौर पर 16 से 20 साल की सेवा पर सेक्रेटरी-कम-कमिश्नर, फिर 20 से 25 साल पर प्रिंसिपल सेक्रेटरी, 25 से 30 साल पर एडिशनल चीफ सेक्रेटरी और आखिर में 30 साल से ज्यादा की सेवा पर सेक्रेटरी टू गवर्नमेंट ऑफ इंडिया के पद तक पहुंचता है, जो लेवल 17 में आता है. इस स्तर पर बेसिक सैलरी करीब 2,25,000 रुपये प्रति माह हो जाती है. एक IAS अधिकारी को लगभग 6 से 7 बड़े प्रमोशन पार करके, करीब 30 साल की सेवा के बाद ही चुनाव आयुक्त बनने लायक योग्यता हासिल होती है.
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चुनाव आयुक्त बनने पर कितनी बदलती है सैलरी?
दिलचस्प बात यह है कि चुनाव आयुक्त और मुख्य चुनाव आयुक्त, दोनों को जो अपेक्स पे स्केल मिलता है, वह भी करीब 2,25,000 रुपये प्रति माह ही है, यानी सेक्रेटरी पद की सैलरी के लगभग बराबर. ऐसे में सिर्फ बेसिक सैलरी के आंकड़े में बहुत बड़ा उछाल नहीं आता, लेकिन इस पद के साथ मिलने वाला प्रोटोकॉल दर्जा, सुरक्षा, सुविधाएं और देश की सबसे अहम संवैधानिक जिम्मेदारी संभालने का अवसर इसे बाकी सचिव पदों से अलग बना देता है.
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        <pubDate>Sat, 26 Sep 2026 10:30:05 +0530</pubDate>
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        <title>DU की गोल्ड मेडलिस्ट से IPS तक, जानें लेडी सिंघम मंजिल सैनी की कहानी</title>
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        <description><![CDATA[ DU की गोल्ड मेडलिस्ट से IPS तक, जानें लेडी सिंघम मंजिल सैनी की कहानी ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 26 Sep 2026 10:30:04 +0530</pubDate>
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        <title>नीट पीजी 2026 टॉपर लिस्ट जारी, देखें टॉप 20 की लिस्ट और कट ऑफ</title>
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        <description><![CDATA[ नीट पीजी 2026 का रिजल्ट जारी होने के साथ ही टॉपर रैंक हासिल करने वाले उम्मीदवारों की लिस्ट भी अब सामने आ गई है. NBEMS की ओर से जारी मेरिट लिस्ट के अनुसार, ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल करने वाले उम्मीदवारों ने 720 में से 641 अंक प्राप्त किया. वहीं टॉप 20 में शामिल उम्मीदवारों के अंक 614 से 641 के बीच है. उम्मीदवार अपना रिजल्ट और ऑल इंडिया रैंक NBEMS की ऑफिशियल वेबसाइट पर देख सकते हैं. इसके अलावा आपको बता दें कि इस बार नीट पीजी की परीक्षा 30 अगस्त को आयोजित की गई थी. वहीं कुछ उम्मीदवारों के लिए री-एग्जाम 5 सितंबर को दोबारा आयोजित किया गया था.&amp;nbsp;
NBEMS की ओर से जारी टॉपर्स लिस्ट में पहले स्थान पर रोल नंबर 26661005596 वाले उम्मीदवार हैं. उन्होंने 641 अंक हासिल किए हैं. वहीं दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवारों को 633 अंक मिले, जबकि तीसरी रैंक 626 अंकों के साथ हासिल हुई है.&amp;nbsp;
टॉप 20 उम्मीदवारों की रैंक और स्कोर&amp;nbsp;
रैंक &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;एप्लीकेशन नंबर&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; रोल नंबर &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;स्कोर1 &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; PG26100116 &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; 26661005596 &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; 6412 &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; PG26045741&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;26661233782&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;6333 &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; PG26098480&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;26661025642&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;6264 &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; PG26206618&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;26661240508&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;6255&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;PG26061731&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;26661201733&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;6256&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;PG26013039&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;26661175701&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;6257&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;PG26108345&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;26661235346&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;6258&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;PG26062259&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;26661126292&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;6219&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;PG26144638&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;26661083210&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;62010&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;PG26160298&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;26661198378&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;62011&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;PG26178417&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;26661175751&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; 62012&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;PG26174384&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;26661061693&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; 61913&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;PG26067399&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;26661191277&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; 61814&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;PG26015218&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;26661199937&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; 61715&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;PG26178915&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;26661154684&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; 61616&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;PG26028341&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;26661040738&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; 61617&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;PG26204882&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;26661128416&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; 61618&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; PG26073372&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; 26661039989&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; 61619&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; PG26276254&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; 26661063786&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; 61520&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; PG26103419&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;26661093533&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;614
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नीट पीजी 2026 का कट ऑफ कितना रहा?
NBEMS ने एमडी, एमएस, डीएनबी डायरेक्टर 6 ईयर और पोस्टग्रेजुएट मेडिकल डिप्लोमा प्रोग्राम में एडमिशन के लिए कैटेगरी के अनुसार कट ऑफ जारी किया है. इसमें जरनल/EWS 50वें पर्सेंटाइल पर 262 अंक, जनरल/PwBD 45वें पर्सेंटाइल पर 244 अंक, SC/ST/OBC और इन कैटेगरी के PwD 40वें पर्सेंटाइल पर 226 अंक का कट ऑफ रहा. यह कट ऑफ उम्मीदवारों की काउंसलिंग के लिए क्वालीफाई करने की न्यूनतम सीमा है. इसके बाद एडमिशन संबंधित काउंसलिंग और सीटों की उपलब्धता की प्रक्रिया के आधार पर होगा.&amp;nbsp;
कब आएगा नीट पीजी का स्कोरकार्ड?
NBEMS के अनुसार नीट पीजी 2026 का स्कोर कार्ड और फाइनल आंसर की 1 अक्टूबर 2026 या उससे पहले जारी की जाएगी. उम्मीदवारों इसे ऑफिशियल वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं. नीट पीजी 2026 के सही उत्तर के लिए हर एक सवाल में चार अंक और गलत उत्तर के लिए एक अंक काटा गया था. वहीं जिस उम्मीदवार ने सवाल का जवाब नहीं दिया, उसके लिए कोई अंक नहीं मिला.परीक्षा में कुल 180 सवाल और सवालों के लिए कुल 720 अंक निर्धारित थे.
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        <pubDate>Fri, 25 Sep 2026 18:30:09 +0530</pubDate>
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        <title>UP पुलिस कांस्टेबल भर्ती PET का शेड्यूल जारी, 1 अक्टूबर से होगी परीक्षा</title>
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        <description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) ने 32,679 कांस्टेबल और पदों की भर्ती के लिए PET का शेड्यूल जारी कर दिया है. बोर्ड के नोटिस के अनुसार, PET की शुरुआत 1 अक्टूबर 2026 से होगी और सामान्य जनपदों में परीक्षा 7 अक्टूबर तक चलेगी. वहीं मुरादाबाद, मेरठ और गाजियाबाद के उम्मीदवारों के लिए 8 अक्टूबर तक परीक्षा आयोजित की सजा जा सकेगी. इस भर्ती की लिखित परीक्षा 8, 9 और 10 जून 2026 को हुई थी. इसके बाद 31 जुलाई को रिजल्ट जारी किया गया था. लेकिन परीक्षा में निर्धारित मानकों के आधार पर सफल उम्मीदवारों को अभिलेखों की समीक्षा और फिजिकल मानक परीक्षण के लिए बुलाया गया था. अब इन चरणों को पूरा करने वाले उम्मीदवार पीईटी में शामिल होंगे.&amp;nbsp;
UPPRPB ने अलग-अलग केंद्रों के लिए पीईटी की अवधि तय की है. अधिकांश जनपदों में परीक्षा 1 से 7 अक्टूबर तक होगी. वहीं मुरादाबाद, मेरठ और गाजियाबाद के लिए पीईटी 1 से 8 अक्टूबर तक निर्धारित की गई है. 7 अक्टूबर को ज्यादातर जनपदों के लिए रिजर्व डे रखा गया है, जबकि इन तीन विशेष जनपदों में 8 अक्टूबर को रिजर्व डे के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है. उम्मीदवारों की क्लियर परीक्षा तारीख की जानकारी और टाइम एडमिट कार्ड में दी जाएगी.
PET के लिए कौन एलिजिबल?
पीईटी के लिए वही उम्मीदवार एलिजिबल होंगे, जिन्होंने लिखित परीक्षा के बाद भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण में जगह बनाई और DV-PST पूरा किया है. जिन उम्मीदवारों का डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन प्रोविजनल तौर पर पूरा नहीं हुआ, वह भी पीईटी में शामिल हो सकते हैं, हालांकि उनकी पीईटी में भागीदारी डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन पर होने वाले अंतिम निर्णय के अधीन रहेगी.&amp;nbsp;
दौड़ के लिए तय मानक&amp;nbsp;
फिजिकल दक्षता परीक्षा में उम्मीदवारों की दौड़ का परीक्षण किया जाएगा. पुरुष उम्मीदवारों को 4.8 किलोमीटर की दौड़ 25 मिनट में पूरी करनी होगी. वहीं महिला उम्मीदवारों को 2.4 किलोमीटर की दौड़ 14 मिनट में पूरी करनी होगी. भर्ती बोर्ड के अनुसार पीईटी में सफल और असफल उम्मीदवारों की लिस्ट समिति के सदस्य के संयुक्त सिग्नेचर से तैयार की जाएगी. परीक्षा का रिजल्ट परीक्षण स्थल पर उसी दिन सूचना पट पर प्रदर्शित किया जाएगा.
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कब मिलेगा एडमिट कार्ड?
बोर्ड ने पीईटी एडमिट कार्ड से जुड़ा नोटिस भी जारी किया है. प्रवेश पत्र परीक्षा से करीब एक सप्ताह पहले उपलब्ध कराया जाएगा. उम्मीदवार इसे uppbpb.gov.in से डाउनलोड कर सकेंगे. एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के लिए वेबसाइट पर भर्ती से संबंधित पीईटी एडमिट कार्ड लिंक खोलना होगा. इसके बाद मांगी गई लॉगिन डिटेल दर्ज कर सबमिट करने पर एडमिट कार्ड स्क्रीन पर दिखाई देगा. उम्मीदवार इसमें परीक्षा की तारीख, समय और केंद्र की जानकारी जांचने के बाद इसका प्रिंट आउट निकाल सकते हैं.&amp;nbsp;
परीक्षा से पहले इन बातों का रखें ध्यान&amp;nbsp;
उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र पर एडमिट कार्ड में दी गई तारीख और समय के अनुसार पहुंचना होगा. साथ ही बोर्ड की ओर से बताए गए जरूरी डॉक्यूमेंट और दूसरे निर्देशों का पालन करना होगा. यूपीपीआरपीबी ने स्टेरॉयड या नशीली दवाओं के इस्तेमाल को लेकर भी चेतावनी दी है. ऐसे पदार्थों का सेवन पाए जाने पर उम्मीदवारों का आवेदन निरस्त किया जा सकता है और दूसरे कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है.
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        <pubDate>Fri, 25 Sep 2026 18:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>कौन हैं नोएडा की DM मेधा रूपम? जानें शूटर से IAS बनने तक सफर</title>
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        <description><![CDATA[ नोएडा से जुड़ी प्रशासनिक चर्चाओं के बीच इन दिनों IAS अधिकारी मेधा रूपम का नाम भी चर्चा में चल रहा है. मेधा रूपम नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA) मामले को लेकर इन दिनों चर्चा में बनी हुई है. कुछ समय पहले उन्हें गौतम बुद्ध नगर का नया जिलाधिकारी बनाया गया था और वह जिले की पहली महिला DM हैं.
मेधा रूपम 2014 &amp;nbsp;बैच के IAS अधिकारी है. प्रशासनिक जिम्मेदारी संभालने के साथ उनके करियर की एक खास बात यह भी रही है कि वह शूटिंग में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बन चुकी हैं. ऐसे में चलिए आज हम आपको मेधा रूपम की पढ़ाई, यूपीएससी और उनके IAS बनने तक का सफर बताते हैं.
सेंट स्टीफन कॉलेज से की पढ़ाई
मेधा रूपम का जन्म आगरा में हुआ और उनकी शुरुआती पढ़ाई केरल में हुई. इसके बाद उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के सेंट स्टीफंस कॉलेज से इकोनॉमिक्स ऑनर्स की पढ़ाई की. पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने यूपीएससी सिविल सर्विसेज एग्जाम दिया और ऑल इंडिया रैंक 10 हासिल की. यूपीएससी में उन्होंने साइकोलॉजी को अपना ऑप्शनल सब्जेक्ट चुना था. परीक्षा में सफलता के बाद 2014 में वह उत्तर प्रदेश कैडर की आईएएस अधिकारी बनी. उनकी पहली पोस्टिंग असिस्टेंट मजिस्ट्रेट के तौर पर बरेली में हुई. वहीं उनके परिवार का भी प्रशासनिक सेवा से जुड़ाव रहा है, उनके पिता ज्ञानेश कुमार 1988 बैच के आईएएस अधिकारी रहे हैं.
IAS बनने से पहले शूटिंग में भी कमाया नाम
मेधा रूपम का करियर सिर्फ सिविल सेवा तक सीमित नहीं रहा है. स्कूल के दिनों से ही उनका जुड़ाव राइफल शूटिंग से था. उन्होंने 10 मीटर एयर राइफल इवेंट में हिस्सा लिया और केरल स्टेट शूटिंग चैंपियनशिप में तीन गोल्ड मेडल जीते थे. वह राष्ट्रीय स्तर की शूटिंग प्रतियोगिता में भी केरल का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं. आईएएस बनने के बाद भी शूटिंग से उनका जुड़ाव बना रहा. मेरठ और उन्नाव में प्रशासनिक जिम्मेदारी संभालने के दौरान भी उन्होंने शूटिंग प्रतियोगिता में हिस्सा लिया.
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यूपी के कई जिलों में संभाली है जिम्मेदारी
आईएएस के तौर पर मेधा रूपम ने उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में काम किया. बरेली के बाद उन्होंने मेरठ और उन्नाव में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के तौर पर जिम्मेदारी संभाली. इसके अलावा लखनऊ, बाराबंकी, हापुड़ और कासगंज में भी उनकी तैनाती रही. हापुड़ की डीएम रहते हुएउन्होंने इम्यूनाइजेशन और आयुष्मान भारत से जुड़े प्रोजेक्ट पर काम किया. कासगंज में बाढ़ के दौरान राहत और बचाव कार्यों की निगरानी के लिए प्रभावित इलाकों में ट्रैक्टर से पहुंचने की उनकी तस्वीरें भी खूब चर्चा में रही थी.
जेवर एयरपोर्ट से भी जुड़ी रहीं
फरवरी 2023 से जून 2024 तक मेधा रूपम ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी की एडिशनल सीईओ रहीं. इस दौरान वह क्षेत्र के कई इंफ्रास्ट्रक्चर और प्लानिंग प्रोजेक्ट से जुड़ी. इनमें जेवर एयरपोर्ट और फिल्म सिटी जैसे प्रोजेक्ट शामिल थे. इसके बाद उन्होंने कासगंज के डीएम के तौर पर जिम्मेदारी संभाली और अब नोएडा की पहली महिला जिलाधिकारी बनी हैं.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Fri, 25 Sep 2026 18:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>कौन, हैं, नोएडा, की, मेधा, रूपम, जानें, शूटर, से, IAS, बनने, तक, सफर</media:keywords>
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        <title>UPSC को अब बताने होंगे पेपर वाइज नंबर, CIC ने की बहाली की सिफारिश</title>
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        <description><![CDATA[ केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) ने UPSC को सिविल सेवा मुख्य परीक्षा में चयनित उम्मीदवारों के पेपर वाइस नंबर दोबारा सार्वजनिक करने की व्यवस्था शुरू करने की सिफारिश की है. यह मामला एक RTI आवेदन के साथ सामने आया, जिसमें चयनित उम्मीदवारों को अलग-अलग विषयों और पेपर में मिले अंकों की जानकारी मांगी गई थी.
CIC की यह सिफारिश उस समय आई जब संबंधित विभाग से 2018 के बाद पेपर वाइज मार्क्स सार्वजनिक नहीं किए जाने के फैसले से जुड़ा कोई आधिकारिक रिकॉर्ड पेश नहीं किया जा सका. आयोग ने कहा कि पहले यह जानकारी सार्वजनिक की जाती थी, लेकिन 2018 से केवल उम्मीदवारों के कुल अंक उपलब्ध कराए जा रहे थे.&amp;nbsp;
2017 तक मिलते थे पेपर वाइज नंबर&amp;nbsp;
CSE 2017 तक UPSC की ओर से अनुशंसित उम्मीदवारों के अंक जारी किए जाते थे. इनमें जनरल स्टडीज के अलग-अलग पेपर, ऑप्शनल सब्जेक्ट और पर्सनैलिटी टेस्ट में मिले अंक शामिल होते थे. 2018 में इस व्यवस्था में बदलाव हुआ और उम्मीदवारों को केवल कुल अंक सार्वजनिक किए जाने लगे. आरटीआई आवेदक ने इस आधार पर 2023 तक के लिए चयनित उम्मीदवारों के पेपर वाइज प्रदर्शन की तुलनात्मक जानकारी मांगी. आवेदक का कहना था कि अलग-अलग पेपर और ऑप्शनल सब्जेक्ट के अंक उपलब्ध नहीं होने से उम्मीदवारों के लिए परीक्षा के ट्रेड को समझाना मुश्किल होता है.&amp;nbsp;
2018 में क्यों बदली गई थी व्यवस्था?&amp;nbsp;
CIC की कार्यवाही के दौरान DoPT से पुछा गया कि 2018 से पेपर वाइज अंक सार्वजनिक करने की पुरानी व्यवस्था क्यों बंद की गई थी. हालांकि DoPT कोई ऐसा फाइल नोटिंग, ऑफिस मेमोरेंडम, नीतिगत फैसला या दूसरी आधिकारिक रिपोर्ट पेश नहीं कर सका. जिससे यह साबित हो सके कि उनकी व्यवस्था बंद करने का औपचारिक निर्णय लिया गया था. इसके बाद CIC ने कहा कि पहले पेपर वाइज अंक सार्वजनिक करने की व्यवस्था लागू थी और इसे बंद करने के पीछे कोई नीतिगत फैसला रिकॉर्ड पर उपलब्ध नहीं है. इसी आधार पर आयोग ने RTI एक्ट की धारा 25(5) के तहत पुरानी व्यवस्था बहाल करने की सिफारिश की.&amp;nbsp;
UPSC और DoPT ने दी अलग-अलग जानकारी&amp;nbsp;
इस मामले पर सुनवाई के दौरान UPSC और DoPT की ओर से अंकों को लेकर अलग-अलग स्थिति सामने आई. UPSC ने CIS को बताया कि अंतिम रिजल्ट घोषित होने के बाद उम्मीदवारों के अंकों का विवरण DoPT और LBSNAA को भेजा जाता है. वहीं DoPT का कहना है कि अंक UPSC की ओर से तैयार और सुरक्षित रखे जाते हैं. दोनों विभागों के इस अलग-अलग पक्ष को भी सीआईसी ने मामले पर विचार करते समय ध्यान में रखा.&amp;nbsp;
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CSE 2018 से 2023 तक के अंक देने का निर्देश&amp;nbsp;
सीआईसी ने केवल पेपर वाइज मार्क्स की व्यवस्था बहाल करने की सिफारिश नहीं की. CSE 2018 से 2023 तक चयनित उम्मीदवारों के अंक आरटीआई आवेदक को उपलब्ध कराने का निर्देश भी DoPT को दिया है. इसमें हर जनरल स्टडी पेपर, ऑप्शनल सब्जेक्ट के पेपर और पर्सनैलिटी टेस्ट में मिले अंक शामिल हैं.&amp;nbsp;
उम्मीदवारों के लिए क्यों जरूरी है ये जानकारी?&amp;nbsp;
सीआईसी ने कहा कि अंको का खुलासा सिविल सेवा भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता को बढ़ावा देगा. आयोग ने यह भी ध्यान दिया कि मुख्य परीक्षा के साथ प्रतिस्पर्धी लिखित पेपर में उम्मीदवारों को प्रत्येक में कम से कम 10 प्रतिशत अंक हासिल करने होते हैं. इसके अलावा ऑप्शनल सब्जेक्ट के पेपर वाइज अंक सामने आने से उम्मीदवारों को अलग-अलग विषयों में उम्मीदवारों के प्रदर्शन को समझने में मदद मिल सकती है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Fri, 25 Sep 2026 18:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>10 हजार MCQ सॉल्व कर डॉ. मोनीश बने NEET PG 2026 टॉपर, हासिल की AIR 1</title>
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        <description><![CDATA[ मेडिकल के क्षेत्र में देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक NEET PG 2026 के परिणाम घोषित हो चुके हैं. इस बार की परीक्षा में डॉ. मोनीश कन्ना आर ने पूरे देश में पहला स्थान AIR 1 हासिल कर इतिहास रच दिया है. उन्होंने 720 अंकों में से 641 अंक हासिल कर यह शानदार मुकाम पाया है. अपनी इस ऐतिहासिक सफलता के बाद एक इंटरव्यू में डॉ. मोनीश ने अपनी पढ़ाई के अनूठे तरीकों, तैयारी के दौरान आने वाली मानसिक दिक्कतों और अपने माता-पिता के सहयोग को लेकर कई दिलचस्प बातें साझा की हैं.
डॉ. मोनीश कन्ना की सफलता का सबसे बड़ा कारण उनकी निरंतर प्रैक्टिस रही है. अपनी तैयारी के दौरान उन्होंने कुल 10,425 MCQs को हल किया. इसके अलावा उन्होंने 445 ऑनलाइन लीडरबोर्ड्स में हिस्सा लिया, जिसमें से 85 बार उन्होंने रैंक 1 हासिल की.&amp;nbsp;
हर दिन सॉल्व करते थे 100 प्रश्न
खुद को थोड़ा धीमा सीखने वाला बताते हुए डॉ. मोनीश ने कहा कि वे क्लास खत्म होने के तुरंत बाद टेस्ट नहीं देते थे, बल्कि वे पूरे दिन की सामग्री का अच्छी तरह से अध्ययन करते थे और अगली सुबह लीडरबोर्ड में शामिल होते थे. वे हर दिन लगभग 100 प्रश्न हल करते थे और गलत होने वाले सवालों के लिए एक अलग मिस्टेक नोटबुक बनाते थे, ताकि मुख्य परीक्षा से पहले अपनी कमजोरियों को सुधारा जा सके.
वर्कबुक का 4 से 5 बार रिवीजन
NEET PG के विशाल सिलेबस को कवर करने के लिए डॉ. मोनीश ने एक बेहद सुनियोजित रिवीजन शेड्यूल तैयार किया था. उन्होंने मुख्य परीक्षा में बैठने से पहले अपनी सभी वर्कबुक का 4 से 5 बार पूरी तरह से रिवीजन किया था. हर बार रिवीजन करते समय वे अपने कमजोर विषयों को बुकमार्क या चिह्नित कर लेते थे और अगली बार उन विषयों को प्राथमिकता देते थे.&amp;nbsp;
उन्होंने यह भी बताया कि तैयारी के शुरुआती दिनों में तेजी से पन्ने पलटने की वजह से वे चीजों को सही से समझ नहीं पा रहे थे, जिसके बाद उन्होंने रफ्तार के बजाय कांसेप्ट को गहराई से समझने पर ध्यान केंद्रित किया और परीक्षा के करीब आने पर टाइम-बाउंड रीडिंग शुरू की.
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निराशा और बर्नआउट का दौर&amp;nbsp;
लगातार पढ़ाई करने की वजह से डॉ. मोनीश के सफर में एक ऐसा दौर भी आया जब एक टेस्ट में खराब प्रदर्शन के कारण वे मानसिक रूप से बेहद थक गए थे और लगभग तीन से चार हफ्तों तक वे बिल्कुल भी पढ़ाई नहीं कर पाए. इस गंभीर बर्नआउट की स्थिति से बाहर निकलने के लिए उन्होंने जबरदस्ती पढ़ाई करने के बजाय एक लाइब्रेरी ज्वाइन की ताकि उन्हें नया माहौल मिल सके.&amp;nbsp;
इसके साथ ही उन्होंने अपनी मानसिक रिकवरी के लिए ध्यान लगाना शुरू किया, पर्याप्त नींद ली और रोजाना टहलना व जॉगिंग करना शुरू किया. उनके माता-पिता ने भी इस मुश्किल घड़ी में उनका हौसला बढ़ाया जिससे वे एक बार फिर से अपनी पूरी ऊर्जा के साथ पढ़ाई के मैदान में लौट सके.
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        <pubDate>Fri, 25 Sep 2026 18:30:03 +0530</pubDate>
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        <title>बिहार में खुलेंगी दो नई यूनिवर्सिटी, बेगूसराय और पटना में मिली मंजूरी</title>
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        <description><![CDATA[ बिहार में दो नई यूनिवर्सिटी शुरू करने का रास्ता साफ हो गया है. राज्य सरकार ने बेगूसराय में रामधारी सिंह दिनकर यूनिवर्सिटी और पटना में मां सीता महिला यूनिवर्सिटी स्थापित करने की प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. बुधवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में शिक्षा विभाग से जुड़े इन दोनों प्रस्तावों पर मोहर लगाई गई. दोनों यूनिवर्सिटी की स्थापना बिहार स्पेशलाइज्ड यूनिवर्सिटी एक्ट 2026 के तहत की जाएगी. सरकारों ने दोनों यूनिवर्सिटी की स्थापना और शुरुआती प्रशासनिक खर्च के लिए 15-15 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मंजूरी भी दी है. इसमें अधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन समेत दूसरे जरूरी खर्च शामिल होंगे.&amp;nbsp;
बेगूसराय में बनने वाली रामधारी सिंह दिनकर यूनिवर्सिटी का नाम प्रसिद्ध साहित्यकार रामधारी सिंह दिनकर के नाम पर रखा गया है. इस यूनिवर्सिटी के अधिकार क्षेत्र में बेगूसराय और खगड़िया जिले के सभी संबंधित संबंध और घटक कॉलेज आएंगे. हालांकि कामेश्वर सिंह संस्कृत यूनिवर्सिटी दरभंगा से संबंध घटक और संबद्ध कॉलेज के अधिकार क्षेत्र में नहीं होंगे. दिनकर यूनिवर्सिटी स्थापित करने का फैसला उनके जन्मदिन के मौके पर बेगूसराय में लिया गया था. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी इस अवसर पर यूनिवर्सिटी बनाने की घोषणा की थी.&amp;nbsp;
पटना में पहली महिला समर्पित यूनिवर्सिटी&amp;nbsp;
पटना में मां सीता महिला यूनिवर्सिटी की स्थापना की जाएगी. इसे राज्य की पहली समर्पित महिला यूनिवर्सिटी के तौर पर स्थापित किया जा रहा है. इसका अधिकार क्षेत्र पटना जिले के सभी संबंधित महिला घटक और संबद्ध कॉलेजों तक होगा. हालांकि पटना यूनिवर्सिटी से संबंध महिला कॉलेज मां सीता महिला यूनिवर्सिटी के अधिकार क्षेत्र में नहीं आएंगे. नई यूनिवर्सिटी से पटना में महिला छात्रों के लिए उच्च शिक्षा के अवसरों को बढ़ाने की योजना है. इसके संचालन के लिए भी सरकार ने 15 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मंजूरी दी है.&amp;nbsp;
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कैबिनेट ने कई दूसरे प्रस्ताव को भी दी मंजूरी&amp;nbsp;
बिहार कैबिनेट की बैठक में शिक्षा के अलावा पुलिस, स्वास्थ्य, डेयरी और जल संसाधन समेत कई विभागों से जुड़े कुल 14 प्रस्ताव को मंजूरी दी है. पुलिस आधुनिकीकरण योजना के तहत 24.50 करोड़ रुपये की लागत से 50 ड्रोन खरीदने की मंजूरी दी गई है. इनका इस्तेमाल भीड़ नियंत्रण, अपराध विरोधी अभियान, नदी वाले इलाकों में कार्रवाई, माओवादी प्रभावित क्षेत्रों में ऑपरेशन और आपदा प्रबंधन जैसे कामों में किया जाएगा. इसके अलावा जिला पुलिस, रेलवे पुलिस, बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस, मद्य निषेध एवं राज्य नारकोटिक्स नियंत्रण ब्यूरो और लोक भवन की सुरक्षा व्यवस्था के लिए उपकरण खरीदने को भी मंजूरी है.&amp;nbsp;
बोर्ड और निगमों के पदाधिकारी का वेतन बढ़ा&amp;nbsp;
कैबिनेट ने अलग-अलग बोर्ड, निगम और परिषदों के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष समेत उन पदाधिकारी के वेतन, भत्ते बढ़ाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है. जिन्हें कैबिनेट, राज्य मंत्री या उपमंत्री का दर्जा प्राप्त है. इसका मासिक वेतन 25,000 से बढ़कर 65,000 किया गया है, जबकि दैनिक भत्ता 1000 से बढ़कर 3,500 रुपये कर दिया गया है. मंत्री स्तर के पदाधिकारियों के आतिथ्य भत्ते में भी बढ़ोतरी की गई है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Fri, 25 Sep 2026 06:30:06 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>बिहार, में, खुलेंगी, दो, नई, यूनिवर्सिटी, बेगूसराय, और, पटना, में, मिली, मंजूरी</media:keywords>
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        <title>लद्दाख में MBBS BDS एडमिशन का नियम बदला, अब नीट रैंक से बनेगी मेरिट</title>
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        <description><![CDATA[ लद्दाख प्रशासन ने केंद्रीय पूल के तहत एमबीबीएस और बीडीएस सीटों पर एडमिशन के नियमों में बदलाव किया है. अब इन सीटों के लिए अलग-अलग कैटेगरी और रोस्टर के आधार पर मेरिट नहीं बनाई जाएगी. नए नियमों के तहत सभी एलिजिबल उम्मीदवारों की एक ही मेरिट लिस्ट तैयार होगी और एडमिशन नीट रैंक के आधार पर किया जाएगा. लद्दाख में 7 नए जिलों के गठन के बाद प्रशासन ने सेंट्रल पूल मेडिकल सीटों के लिए मौजूदा व्यवस्था में संशोधन किया है. स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से जारी नई गाइडलाइंस को उपराज्यपाल वीके सक्सेना की मंजूरी मिली है.&amp;nbsp;
लद्दाख में सेंट्रल पूल सीटों के लिए 2021 में जो व्यवस्था लागू की गई थी, उसमें उम्मीदवारों को अलग-अलग कैटेगरी में रखा जाता था. इसमें आरक्षित और अनारक्षित वर्ग के अलावा लेह और कारगिल जिले, पुरुष और महिला उम्मीदवारों समेत दूसरी निर्धारित कैटेगरियां शामिल थी. नई व्यवस्था में इन अलग अलग कैटेगरी और रोस्टर सिस्टम को खत्म कर दिया गया है. अब उम्मीदवार का जिला, लिंग या वह आरक्षित अथवा अनारक्षित वर्ग से आता है, इन आधारों पर अलग मेरिट नहीं बनाई जाएगी. सभी एलिजिबल उम्मीदवारों को एक ही मेरिट लिस्ट में शामिल किया जाएगा.&amp;nbsp;
नीट रैंक और पसंद के आधार पर कॉलेज&amp;nbsp;
नई गाइडलाइन के तहत केंद्रीय पूल की एमबीबीएस और बीडीएस सीटों पर एडमिशन नीट की मेरिट, रैंक और उम्मीदवारों की ओर से भरी गई पसंद के आधार पर होगा. यानी उम्मीदवार की नीट रैंक के साथ आवेदन के दौरान चुने गए कॉलेज को भी सीट आवंटन ध्यान में रखा जाएगा. सेंट्रल पूल के तहत उपलब्ध सीमित सीटों के लिए यही नई मेरिट आधारित प्रक्रिया लागू होगी.&amp;nbsp;
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2026-27 में लद्दाख को मिली 9 मेडिकल सीटें&amp;nbsp;
सत्र 2026-27 के लिए केंद्र ने लद्दाख को सेंट्रल पूल के तहत कुल 9 मेडिकल सीटें आवंटित की है. इनमें 7 एमबीबीएस और 2 बीडीएस सीटें शामिल है. 7 एमबीबीएस सीटों में 1 सीट लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज नई दिल्ली, एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज मेरठ, मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज दिल्ली, आरएसडीकेएस गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर, दुमका मेडिकल कॉलेज झारखंड, एमएलबी मेडिकल कॉलेज झांसी और चंदूलाल चंद्राकर मेमोरियल मेडिकल कॉलेज दुर्ग में 1-1 सीट दी गई है. वहीं 2 बीडीएस सीट के जी डेंटल कॉलेज लखनऊ और गवर्नमेंट डेंटल कॉलेज इंदौर को मिली है.&amp;nbsp;
आवेदन के लिए मिलेगा 7 दिन का समय&amp;nbsp;
लद्दाख प्रशासन के अनुसार जिन उम्मीदवारों के पास वैलिड नीट रैंक है और जो सेंट्रल पूल की इन सीटों के लिए एलिजिबल है, उन्हें आवेदन करने के लिए 7 दिन का समय दिया जाएगा. उम्मीदवारों का आवेदन लद्दाख के ऑफिशियल एनआईसी पोर्टल के जरिए करना होगा. प्रशासन ने एलिजिबल उम्मीदवारों को आगे की जानकारी और आवेदन प्रक्रिया के लिए यूटी लद्दाख की ऑफिशियल वेबसाइट पर जारी दिशा-निर्देश देखने की सलाह दी है.
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        <pubDate>Fri, 25 Sep 2026 06:30:06 +0530</pubDate>
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        <title>नीट यूजी काउंसलिंग में बढ़ी 183 MBBS&amp;BDS सीटें, देखें राज्यवार लिस्ट</title>
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        <description><![CDATA[ नीट यूजी 2026 काउंसलिंग के राउंड 3 में मेडिकल और डेंटल कॉलेज में एडमिशन के लिए सीटों की संख्या फिर बढ़ाई गई है. मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (NMC) ने राउंड 3 की सीट मैट्रिक्स जारी करते हुए MBBS और BDS की 183 सीटें जोड़ी है. यह सीटें महाराष्ट्र, पुडुचेरी, त्रिपुरा, उत्तराखंड और दादर एवं नगर हवेली तथा दमन और दीव के संस्थानों में बढ़ाई गई है. इसके अलावा सीट मैट्रिक्स में क्लियर और वर्चुअल वैकेंसी भी शामिल है, जिससे उम्मीदवारों को चॉइस फिलिंग के दौरान उपलब्ध सीटों की जानकारी मिल सके.&amp;nbsp;
सबसे ज्यादा महाराष्ट्र में बढ़ी नई सीटें
नई सीटों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी महाराष्ट्र में हुई है. यहां एक मेडिकल और एक डेंटल कॉलेज में कुल 115 सीटें जोड़ी गई है. महाराष्ट्र के पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज अहिल्यानगर में MBBS की 15 नई सीटें जोड़ी गई है. यह सीटें ऑल इंडिया कोटे के तहत है. इनमें BC की 4, EW की 1, OP की 7, SC की 2 और ST की 1 सीट शामिल है. इसके अलावा दत्ता मेघे डेंटल कॉलेज, हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, वानाडोंगरी नागपुर में बीडीएस की 100 सीटें बढ़ाई गई है. यह डीम्ड यूनिवर्सिटी के सेल्फ फाइनेंस मेरिट सीट कोटे के तहत है और सभी 100 सीटें ओपी कैटेगरी में रखी गई है.&amp;nbsp;
पुडुचेरी में 50 सीटें बढ़ी&amp;nbsp;
महाराष्ट्र के बाद पुडुचेरी में 50 एमबीबीएस सीटें बढ़ी है. यहां विनायक मिशन्स मेडिकल कॉलेज कराईकल में MBBS की 50 नई सीटें जोड़ी गई है. यह संस्थान डीम्ड यूनिवर्सिटी कैटेगरी में आता है और यह सीटें सेल्फ फाइनेंस्ड मेरिट सीट कोटे के तहत OP कैटेगरी में उपलब्ध है.&amp;nbsp;
त्रिपुरा, उत्तराखंड में भी बढ़ी सीटें&amp;nbsp;
महाराष्ट्र और पुडुचेरी के बाद बाकी सीटें त्रिपुरा, उत्तराखंड और दादर एवं नगर हवेली तथा दमन और दीव में जोड़ी गई है. इनमें अगरतला गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज त्रिपुरा में MBBS की 8 नई सीटें जोड़ी गई है. इनमें BC की 2, EW की 1, OP की 3, SC की 1 और ST की 1 सीट है. वहीं लेट जगजीवन राम गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, पिथौरागढ़ उत्तराखंड में MBBS की 7 सीटें बढ़ाई गई है. इनमें BC की 2, EW की 1, OP की 2, OP-PH की 1 और SC की 1 सीट शामिल है. नमो मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज सिलवासा में MBBS की 3 नई सीटें जोड़ी गई है. इनमें BC, OP और SC की एक-एक सीट शामिल है.&amp;nbsp;
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राउंड 3 में इतनी सीटें हैं खाली&amp;nbsp;
राउंड 3 की सीट मैट्रिक्स में कुल 6,703 क्लियर वैकेंसी और 10,353 वर्चुअल वैकेंसी भी दिखाई गई है. क्लियर वैकेंसी में सरकारी मेडिकल कॉलेज में जनरल की 896, OBC की 502, SC की 354, EWS की 191 और ST की 138 सीटें शामिल है. एम्स और सेंट्रल यूनिवर्सिटी में जनरल की 67, ओबीसी की 37, एससी की 25, एसटी की 9 और ईडब्ल्यूएस की 4 सीटें हैं. डीम्ड यूनिवर्सिटी के सेल्फ फाइनेंस कोटे में 2,185 और NRI कोटे में 1,209 सीटें दी गई है. जैन माइनॉरिटी कोटे में 42 सीटें हैं. बीडीएस के लिए सरकारी डेंटल कॉलेजों में जनरल की 105, एससी की 49, ओबीसी की 48, एसटी की 21 और ईडब्ल्यूएस की 9 क्लियर वैकेंसी है. वहीं डीम्ड यूनिवर्सिटी में BDS की 253 सीटें उपलब्ध है.&amp;nbsp;
30 सितंबर को आएगा राउंड 3 का रिजल्ट&amp;nbsp;
नीट यूजी काउंसलिंग के राउंड 3 के लिए रजिस्ट्रेशन और फीस जमा करने की प्रक्रिया 22 से 27 सितंबर तक चलेगी. चॉइस फिलिंग और लॉकिंग 23 से 28 सितंबर तक होगी. सीट अलॉटमेंट की प्रक्रिया 28 और 29 सितंबर को होगी, जबकि राउंड 3 अलॉटमेंट रिजल्ट 30 सितंबर को जारी किया जाएगा. सीट अलॉट वाले उम्मीदवारों को 1 से 9 अक्टूबर तक संबंधित संस्थान में रिपोर्ट करना होगा.
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        <pubDate>Fri, 25 Sep 2026 06:30:05 +0530</pubDate>
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        <title>AMU में बगैर एंट्रेंस दिए भी ले सकते हैं एडमिशन, ये है तरीका</title>
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        <description><![CDATA[ अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी यानी AMU में पढ़ने का सपना बहुत से छात्रों का होता है. लेकिन आप यहां पढ़ने के लिए एंट्रेंस एग्जाम नहीं देना चाहते हैं, तो आपके लिए डिस्टेंस लर्निंग कोर्स बेहतर हो सकते हैं. AMU में पढ़ाई करने के लिए हर कोर्स में एक ही तरह की प्रवेश प्रक्रिया लागू नहीं होती. यूनिवर्सिटी का Centre for Distance and Online Education (CDOE) उन विद्यार्थियों के लिए भी पढ़ाई का विकल्प उपलब्ध कराता है, जो बिना एंट्रेंस दिए एडमिशन लेना चाहते हैं. CDOE विद्यार्थियों को अपनी सुविधा के अनुसार पढ़ने का अवसर देता है.
ऐसे में अगर आप AMU से डिग्री या डिप्लोमा करना चाहते हैं लेकिन एंट्रेंस दिए बिना एडमिशन लेना चाहते हैं, तो डिस्टेंस एंड ऑनलाइन एजुकेशन के कोर्स देख सकते हैं. हालांकि ध्यान रखें कि हर कोर्स के एडमिशन नियम अलग हो सकते हैं. ऐसे में जानिए डिस्टेंस एंड ऑनलाइन एजुकेशन की आवेदन प्रक्रिया के बारे में.
कौन-कौन से कोर्स हैं उपलब्ध?
AMU के CDOE में ऑपन एंड डिस्टेंट लर्निंग तथा ऑनलाइन लर्निंग के तहत अलग-अलग कोर्स मौजूद हैं. यूनिवर्सिटी की मौजूदा सूची में सीनियर सेकेंडरी स्कूल सर्टिफिकेट, कई डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स शामिल हैं. वहीं ऑनलाइन मोड में बैचलर ऑफ कॉमर्स (ऑनर्स), बैचलर ऑफ आर्ट्स (ऑनर्स), मास्टर ऑफ कॉमर्स, मास्टर ऑफ आर्ट्स जैसे कोर्स मौजूद हैं. इनमें प्रवेश के लिए संबंधित कोर्स की शैक्षणिक योग्यता पूरी करना जरूरी है.
डिस्टेंस मोड में कैसे मिलेगा एडमिशन?
आप इसके लिए AMU के Centre for Distance and Online Education की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर मौजूद कोर्स और उनके मौजूदा एडमिशन नोटिफिकेशन की जानकारी देख सकते हैं. CDOE की ऑफिशियल वेबसाइट का लिंक AMU ने अपनी वेबसाइट पर उपलब्ध कराया है. इसके बाद आपको अपनी योग्यता के अनुसार कोर्स चुनना होगा. आवेदन करते समय एकेडमिक सर्टिफिकेट, पहचान संबंधी दस्तावेज और अन्य जरूरी डॉक्यूमेंट्स जमा करवाना होता है. आवेदन और डॉक्यूमेंट्स की जांच के बाद यूनिवर्सिटी के नियमों के अनुसार एडमिशन प्रक्रिया पूरी होती है.
यह भी पढ़ें: बच्चे को स्कूल में एडमिशन दिलाने की क्या है सही उम्र? जानें नियम
CUET से भी मिलता है एडमिशन
डिस्टेंस या ऑनलाइन मोड के हर कोर्स के लिए प्रवेश परीक्षा जरूरी नहीं होती, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि AMU के सभी कोर्स में बिना एंट्रेंस एडमिशन मिल जाता है. AMU के नियमित कैंपस के कई कोर्स में प्रवेश परीक्षा या CUET जैसी प्रक्रिया लागू होती है. यूनिवर्सिटी की 2026 की प्रवेश जानकारी में कई नियमित प्रोग्राम के लिए एडमिशन और CUET के माध्यम से प्रवेश की अलग-अलग प्रक्रियाएं दिखाई गई हैं.
डिस्टेंस या ऑनलाइन मोड में पढ़ाई कैसे होती है?
CDOE का मॉडल उन विद्यार्थियों के लिए बनाया गया है जो किसी वजह से घर से पढ़ाई करना चाहते हैं. यूनिवर्सिटी के अनुसार इसमें सेल्फ लर्निंग स्टडी मटेरियल और ऑनलाइन स्टडी का इस्तेमाल किया जाता है. विद्यार्थी अपनी सुविधा के अनुसार पढ़ाई कर सकते हैं और यूनिवर्सिटी की परीक्षा में शामिल होते हैं. विद्यार्थियों की मदद के लिए AMU ने अलग-अलग स्थानों पर लर्नर सपोर्ट सेंटर्स उपलब्ध करवाए हैं.
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        <pubDate>Fri, 25 Sep 2026 06:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>इग्नू में निकली प्रोफेसर समेत 43 पदों पर भर्ती, जानें योग्यता</title>
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        <description><![CDATA[ इग्नू ने प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के कुल 43 पदों पर आवेदन मांगे हैं. यह भर्ती 14 अलग-अलग स्कूल ऑफ स्टडीज में की जाएगी. इच्छुक और एलिजिबल उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट ignou.ac.in के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. इस भर्ती के लिए एडवर्टाइजमेंट नंबर 01/2026/एसीडी जारी किया गया है. ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 20 सितंबर 2026 से शुरू होगी. आवेदन की अंतिम तारीख 20 अक्टूबर 2026 है. हालांकि रोजगार समाचार में विज्ञापन प्रकाशन के 30 दिन बाद तक फॉर्म की हार्ड &amp;nbsp;जमा करा सकते हैं.&amp;nbsp;
प्रोफेसर समेत इन पदों पर हो रही भर्ती
इग्नू की इस भर्ती में प्रोफेसर, एसोसिएट, &amp;nbsp;प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के पद शामिल है. नोटिफिकेशन के अनुसार प्रोफेसर के 21 पद, एसोसिएट प्रोफेसर के 16 पद और असिस्टेंट प्रोफेसर के 6 पद शामिल हैं.
किस कैटेगरी के कितने पद?
इस भर्ती में 12 जनरल कैटेगरी के पद, 15 ओबीसी के पद, 8 एससी के पद, 5 एसटी और 3 पीडब्ल्यूबीडी के पद शामिल है. यह भर्ती 14 अलग-अलग स्कूल ऑफ स्टडीज में संबंधित विषयों के अनुसार की जाएगी. उम्मीदवारों की नियुक्ति सीधी भर्ती के आधार पर होगी. इसके लिए स्क्रीनिंग के बाद गठित सिलेक्शन कमिटी की ओर से इंटरव्यू कराया जाएगा.&amp;nbsp;
कितनी मिलेगी सैलरी?&amp;nbsp;
इन पद के अनुसार अलग-अलग पे लेवल निर्धारित किया गया है. प्रोफेसर पद एकेडमिक लेवल 14 में है, जिसमें सैलरी 1,44,200 से 2,18,200 रुपये तक बताई गई है. वहीं एसोसिएट प्रोफेसर का पद एकेडमिक लेवल 13 ए में है और सैलरी 1,31,400 से 2,17,100 रुपये हैं. वही असिस्टेंट प्रोफेसर एकेडमिक लेवल 10 में है, जिसमें 57,700 से 1,82,400 तक सैलरी दी जाएगी.&amp;nbsp;
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कौन है इन पदों के लिए एलिजिबल?&amp;nbsp;
इन पदों के लिए उम्मीदवार के पास संबंधित विषय और पद के अनुसार निर्धारित शैक्षणिक योग्यता और एक्सपीरियंस होना चाहिए. अलग-अलग पदों के लिए योग्यता और एक्सपीरियंस की शर्तें अलग-अलग होगी. इसलिए आवेदन से पहले उम्मीदवारों को ऑफिशियल वेबसाइट पर अपने पद और सब्जेक्ट से जुड़ी एलिजिबिलिटी भी चेक करने की सलाह दी गई है.&amp;nbsp;
ऐसे कर सकते हैं आवेदन&amp;nbsp;

आवेदन के लिए उम्मीदवारों को पहले इग्नू के ऑफिशियल वेबसाइट ignou.ac.in पर जाना होगा.&amp;nbsp;
इसके बाद फॉर्म भरने से पहले वेबसाइट पर नोटिफिकेशन और योग्यता चेक करें.&amp;nbsp;
अब अपनी पर्सनल डिटेल और एजुकेशनल क्वालीफिकेशन सही ढंग से भरें.&amp;nbsp;
आवेदन के साथ सभी डाक्यूमेंट्स अब ऑनलाइन अपलोड करें.&amp;nbsp;
इसके बाद ऑनलाइन फीस का पेमेंट नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड के माध्यम से करें.&amp;nbsp;
लास्ट में फॉर्म को एक बार फिर चेक करके इसका प्रिंट आउट निकाल लें.&amp;nbsp;
वहीं अब ऑनलाइन फॉर्म का प्रिंट आउट निकालकर इसके साथ जरूरी डॉक्यूमेंट की स्व-सत्यापित कॉपियां लगाकर डाक के माध्यम से एकेडमी कोऑर्डिनेशन डिवीजन को भी भेजना होगा. हार्ड कॉपी 30 अक्टूबर 2026 तक पहुंच जानी चाहिए. उम्मीदवारों को यह हार्ड कॉपी शैक्षणिक समन्वय प्रभाग इग्नू, मैदान गढ़ी नई दिल्ली-110068 पर भेजनी होगी.

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        <pubDate>Fri, 25 Sep 2026 06:30:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>जामिया का फैसला, MBA समेत 13 विषयों में 1 साल के PG कोर्स होंगे शुरू</title>
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        <description><![CDATA[ जामिया का फैसला, MBA समेत 13 विषयों में 1 साल के PG कोर्स होंगे शुरू ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 24 Sep 2026 14:30:06 +0530</pubDate>
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        <title>रेलवे में 12वीं पास के लिए 1688 नौकरियां, RRB NTPC का नोटिफिकेशन जारी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/रेलवे-में-12वीं-पास-के-लिए-1688-नौकरियां-rrb-ntpc-का-नोटिफिकेशन-जारी</link>
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        <description><![CDATA[ रेलवे भर्ती बोर्ड में एनटीपीसी अंडरग्रेजुएट भर्ती 2026 का शॉर्ट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. इस भर्ती के जरिए अलग-अलग जोन में नॉन टेक्निकल पॉपुलर कैटेगरी के अंडरग्रेजुएट लेवल के 1,688 पदों को भरा जाएगा. इन पदों पर आवेदन प्रक्रिया 15 अक्टूबर से शुरू होगी और उम्मीदवार 13 नवंबर रात 11:59 बजे तक फॉर्म भर सकेंगे. यह भर्ती के CEN 07/206 के तहत की जा रही है. रेलवे की ओर से इसे लेकर विस्तृत नोटिफिकेशन 14 अक्टूबर को जारी किया जाएगा.&amp;nbsp;
इन पदों पर होनी है भर्ती&amp;nbsp;
आरआरबी एनटीपीसी यूजी भर्ती के तहत 4 तरह के पद शामिल है. इनमें ट्रेन क्लर्क के 188, कमर्शियल कम टिकट क्लर्क के 700, अकाउंट्स क्लर्क कम टाइपिस्ट के 200 और जूनियर क्लर्क कम टाइपिस्ट के 600 पद है. इस तरह कुल 1,688 रिक्तियां निर्धारित की गई है. कमर्शियल कम टिकट क्लर्क के पद का शुरुआती वेतन 21,700 है, जबकि ट्रेन क्लर्क, अकाउंट्स क्लर्क कम टाइपिस्ट और जूनियर क्लर्क कम टाइपिस्ट के लिए शुरुआती सैलरी 19,900 है. इन पदों पर 7वें केंद्रीय वेतन आयोग के अनुसार वेतन और लागू भत्ते दिए जाएंगे.&amp;nbsp;
12वीं पास उम्मीदवार कर सकते हैं आवेदन&amp;nbsp;
अंडरग्रेजुएट लेवल के इन पदों के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं पास होना जरूरी है. अकाउंट्स क्लर्क कम टाइपिस्ट और जूनियर क्लर्क कम टाइपिस्ट के पदों के लिए कंप्यूटर पर हिंदी या अंग्रेजी में टाइपिंग की योग्यता पर जरूरी है. उम्मीदवार की उम्र 1 जनवरी 2027 को 18 से 30 वर्ष के बीच होनी चाहिए. वहीं आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को किसी सरकार को सरकारी नियमों के अनुसार आयु में छूट भी दी जाएगी.&amp;nbsp;
15 अक्टूबर से शुरू होगा आवेदन&amp;nbsp;
उम्मीदवार आरआरबी के ऑफिशियल आवेदन पोर्टल या संबंधित क्षेत्रीय आरआरबी वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. आवेदन के लिए पहले न्यू रजिस्ट्रेशन करना होगा. इसके बाद रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड से लॉगिन कर पर्सनल, एजुकेशनल और दूसरी जरूरी जानकारी भरनी होगी. फॉर्म में फोटो, सिग्नेचर और जरूरत के अनुसार प्रमाण पत्र अपलोड करने होंगे. इसके बाद निर्धारित फीस जमा करके आवेदन सबमिट करना होगा. उम्मीदवारों को फॉर्म जमा करने के बाद उसकी कॉपी डाउनलोड करके सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है.&amp;nbsp;
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कितनी देनी होगी आवेदन फीस?
जनरल और ओबीसी उम्मीदवारों के लिए आवेदन फीस 500 रुपये है. वहीं एससी, एसटी, पूर्व सैनिक, महिला, पीडब्ल्यूडी, ट्रांसजेंडर, अल्पसंख्यक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम फीस 250 रुपये रखी गई है. पहले चरण की सीबीटी में शामिल होने वाले जनरल, ओबीसी उम्मीदवारों को बैंक फीस काटने के बाद 400 रुपये वापस किए जाएंगे. वहीं निर्धारित फीस रियायत वाली कैटेगरी के उम्मीदवारों को सीबीटी 1 में शामिल होने पर 250 रुपये की वापस होंगे.&amp;nbsp;
कैसे होगा चयन?
आरआरबी एनटीपीसी यूजी भर्ती में उम्मीदवारों को कई चरणों से गुजरना होगा. सबसे पहले सीबीटी 1, इसके बाद एलिजिबल उम्मीदवारों के लिए सीबीटी 2 होगा. टाइपिंग वाले पदों पर आवेदन करने वालों को टाइपिंग स्किल टेस्ट भी देना होगा. इसके बाद डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और मेडिकल परीक्षा होगी. सीबीटी 1 में 100 सवाल होंगे और परीक्षा के लिए 90 मिनट मिलेंगे. इसमें जनरल अवेयरनेस के 40, गणित के 30 और जनरल इंटेलिजेंस एंड रीजनिंग के 30 सवाल होंगे. सीबीटी 2 में 120 सवाल होंगे. जिनमें में जनरल अवेयरनेस के 50, गणित के 35 और रीजनिंग के 35 सवाल शामिल होंगे. दोनों परीक्षाओं में गलत उत्तर पर एक तिहाई अंक की नेगेटिव मार्किंग होगी.
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        <pubDate>Thu, 24 Sep 2026 14:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>NHM में स्टाफ नर्स के 4724 पदों पर भर्ती, BSc नर्सिंग वालों को मौका </title>
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        <description><![CDATA[ नेशनल हेल्थ मिशन-तमिलनाडु (NHM-TN) ने स्टाफ नर्स के 4,724 पदों पर आवेदन आमंत्रित किए हैं. यह भर्ती हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर डिपार्मेंट, तमिलनाडु सरकार के तहत जिला स्तर पर की जा रही है. नियुक्तियां राज्य सरकार के अलग-अलग जिलों में स्वास्थ्य विभाग के संस्थानों में की जाएगी. यह भर्ती कांट्रेक्चुअल आधार पर होगी. इच्छुक उम्मीदवारों को ऑनलाइन आवेदन नहीं करना है, बल्कि निर्धारित आवेदन फॉर्म भरकर जिला स्वास्थ्य कार्यालय या जिला स्वास्थ्य समिति में जमा करना होगा. आवेदन जमा करने की आखिरी तारीख 25 सितंबर शाम 5 &amp;nbsp;बजे तक है.&amp;nbsp;
स्टाफ नर्स के पदों के लिए उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से बीएससी नर्सिंग या जीएनएम की योग्यता होनी चाहिए. नर्सिंग संस्थान का भारतीय नर्सिंग परिषद से मान्यता प्राप्त होना जरूरी है. इसके साथ उम्मीदवार के पास तमिलनाडु नर्सेज एंड मिडवेव्स काउंसिल में वैध रजिस्ट्रेशन होना चाहिए. आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को अपनी शैक्षणिक योग्यता और रजिस्ट्रेशन से जुड़ी एलिजिबिलिटी जांचनी होगी.&amp;nbsp;
किन संस्थानों में होगी भर्ती?
एनएचएम के तहत स्टाफ नर्स के कुल 4724 पदों पर भर्ती होनी है. इन पदों पर नियुक्ति तमिलनाडु के अलग-अलग जिलों में स्वास्थ्य संस्थानों के लिए की जाएगी. भर्ती से जुड़ी नियुक्तियां डायरेक्टरेट ऑफ पब्लिक हेल्थ एंड प्रीवेंशन मेडिसिन, डायरेक्टरेट ऑफ मेडिकल एंड रूरल हेल्थ सर्विस, डायरेक्टरेट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च और ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन के तहत आने वाले संस्थानों में की जानी है. जिला स्तर पर पदों का विवरण आवेदन फॉर्म और उसके साथ दिए गए एनेक्सर में दिया गया है.&amp;nbsp;
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लिखित परीक्षा नहीं मेरिट से होगा चयन&amp;nbsp;
इस भर्ती में कोई लिखित परीक्षा नहीं होगी. जानकारी के अनुसार उम्मीदवारों की शॉर्टलिस्टिंग शैक्षणिक योग्यता में प्राप्त अंकों, संबंधित एक्सपीरियंस और मेरिट सिस्टम के आधार पर की जाएगी. इसके बाद डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की प्रक्रिया होगी. चयनित उम्मीदवारों को स्टाफ नर्स के पद पर करीब 21 रुपये प्रतिमाह सैलरी की जानकारी दी गई है. यह नियुक्ति संविदा स्तर पर होगी.&amp;nbsp;
ऐसे करना होगा ऑफलाइन आवेदन&amp;nbsp;
उम्मीदवारों को सबसे पहले nhm.tn.gov.in से आवेदन फाॅर्म और जिलावार वैकेंसी की जानकारी डाउनलोड करनी होगी. इसके बाद फॉर्म में मांगी गई सारी जानकारी भरकर जरूरी डॉक्यूमेंट की कॉपियां लगानी होगी. आवेदन के साथ एजुकेशनल सर्टिफिकेट, नर्सिंग काउंसलिंग रजिस्ट्रेशन, फोटो और दूसरे जरूरी डॉक्यूमेंट लगाने होंगे. वहीं भरा हुआ फॉर्म संबंधित जिले के डिस्ट्रिक्ट हेल्थ ऑफिसर या डिस्ट्रिक्ट हेल्थ सोसाइटी के ऑफिस में जमा करना होगा. आवेदन कार्यालय तक 25 सितंबर शाम 5:00 बजे तक पहुंचना चाहिए. वहीं उम्मीदवार आवेदन भेजने से पहले नोटिफिकेशन में अपने जिले से जुड़ी आवेदन प्रक्रिया और डॉक्यूमेंट्स की जानकारी जांच लें.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Thu, 24 Sep 2026 14:30:05 +0530</pubDate>
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        <title>इसरो समेत 16 सरकारी नौकरियां ठुकराईं, पहले प्रयास में IPS बनीं तृप्ति भट्ट</title>
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        <description><![CDATA[ इसरो समेत 16 सरकारी नौकरियां ठुकराईं, पहले प्रयास में IPS बनीं तृप्ति भट्ट ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 24 Sep 2026 14:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>CBSE छात्रों के फॉर्म में नहीं चलेगी गलती, स्कूलों को जारी हुए नए निर्देश</title>
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        <description><![CDATA[ केंद्रीय शिक्षा माध्यमिक बोर्ड (CBSE) ने सभी स्कूलों को निर्देश दिया है कि छात्रों के नाम, जन्मतिथि और दूसरी व्यक्तिगत जानकारी में कोई गलती नहीं होनी चाहिए. बोर्ड ने कहा कि कक्षा 10वीं और 12वीं के बाद जारी होने वाली मार्कशीट में छात्रों की जानकारी सही होना जरूरी है. इसके लिए स्कूलों और पेरेंट्स को कक्षा 9 से लेकर 12वीं तक कई स्तरों पर रिकॉर्ड जांचने और गलती होने पर उस समय रहते ठीक करने का मौका दिया जाता है. सीबीएसई बोर्ड की ओर से जारी निर्देश में स्कूलों को कहा गया कि रजिस्ट्रेशन से लेकर लिस्ट ऑफ कैंडिडेट जमा करने और परीक्षा के दौरान जारी होने वाले एडमिट कार्ड तक हर चरण में छात्रों की जानकारी ध्यान से जांची जाएगी.&amp;nbsp;
सीबीएसई के अनुसार, छात्रों की डेमोक्रेसी डिटेल सबसे पहले स्कूल के रिकॉर्ड में सही होनी चाहिए. इसमें एडमिशन फॉर्म, स्कॉलर रजिस्टर और एडमिशन विड्रॉल रजिस्टर शामिल है. स्कूल की ओर से जारी ट्रांसफर सर्टिफिकेट में भी यही जानकारी सही दर्ज होनी चाहिए. कक्षा 9 के रजिस्ट्रेशन के समय स्कूल और पेरेंट्स को छात्रों की डिटेल को वेरीफाई और प्रमाणित करना होता है. रजिस्ट्रेशन के बाद सीबीएसई की ओर से करेक्शन विंडो भी दी जाती है, जिसमें अपलोड की गई जानकारी में गलती होने पर सुधार किया जा सकता है.&amp;nbsp;
LOC से पहले एडमिट कार्ड पर भी वेरीफिकेशन&amp;nbsp;
सीबीएसई ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि रजिस्ट्रेशन कार्ड डाउनलोड कराकर छात्रों को उनकी जानकारी जांचने के लिए दिए जाए. कक्षा 10वीं के एलओसी जमा करने से पहले स्कूलों को एक बार फिर पूरा डेटा चेक करना होगा और पेरेंट्स से इसकी पुष्टि लेनी होगी. एलओसी जमा होने के बाद भी सुधार के लिए करेक्शन विंडो उपलब्ध रहती है. परीक्षा से पहले जारी होने वाले एडमिट कार्ड में दर्ज डिटेल्स को भी छात्र, पेरेंट्स और स्कूल के प्रिंसिपल को जांचना होगा. इसके लिए संबंधित पक्षों से जानकारी सही होने की पुष्टि वाला अंडरटेकिंग लिया जाता है. रिजल्ट जारी होने से पहले भी स्कूल सीबीएसई को डेमोग्राफिक डिटेल्स में सुधार के लिए अनुरोध भेज सकते हैं.&amp;nbsp;
9वीं से 12वीं तक करीब 20 मौके&amp;nbsp;
बोर्ड ने बताया कि इस तरह की जांच और सुधार की प्रक्रिया कक्षा 11वीं और 12वीं में भी दोहराई जाती है. इस तरह छात्रों और स्कूलों को कक्षा 9वीं से 12वीं तक करीब 20 बार डेमोग्राफिक डिटेल्स की जांच करने का मौका मिलता है. इसके बावजूद सीबीएसई को रिजल्ट जारी होने के बाद बड़ी संख्या में नाम, जन्मतिथि और दूसरे व्यक्तिगत जानकारी में सुधार के अनुरोध मिल रहे हैं. बोर्ड के अनुसार ऐसे मामलों में कई बार स्कूलों की ओर से भेजे गए आवेदन अधूरे होते हैं.&amp;nbsp;
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अधूरे डॉक्यूमेंट पर CBSE की सख्ती&amp;nbsp;
सीबीएसई ने बताया कि करेक्शन रिक्वेस्ट में कई तरह की कमियां सामने आती है. कुछ मामलों में स्कूल जरूरी रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं करते तो कई छात्रों के पहले के स्कूल से जुड़े प्रमाणित डॉक्यूमेंट नहीं दिए जाते. कई बार जमा किए गए डॉक्यूमेंट साफ दिखाई नहीं देते या उन में बहुत ज्यादा कटिंग होती है. बोर्ड ने यह भी कहा कि एक्स्ट्रा डॉक्यूमेंट मांगे जाने के बाद कुछ स्कूल समय पर जवाब नहीं देते. इससे करेक्शन रिक्वेस्ट के निपटारे में देरी होती है.&amp;nbsp;
स्कूलों को 100% सही रिकॉर्ड रखने के भी निर्देश&amp;nbsp;
सीबीएसई ने सभी स्कूलों से कहा कि उनके रिकॉर्ड में छात्रों की डेमोग्राफिक डिटेल्स 100 फीसदी सही होनी चाहिए. रजिस्ट्रेशन और एलओसी के दौरान बोर्ड की ओर से जारी निर्देशों का भी सख्ती से पालन करना होगा. पेरेंट्स से जानकारी की पुष्टि लेना भी जरूरी होगा. अगर किसी छात्र की डिटेल में सुधार के लिए सीबीएसई को अनुरोध भेजा जाता है, तो स्कूल को छात्र के पिछले सभी स्कूलों के प्रमाणित रिकॉर्ड जहां लागू हो, साथ में देने होंगे. बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि अधूरे करेक्शन रिक्वेस्ट को सीधे खारिज कर दिया जाएगा.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Thu, 24 Sep 2026 14:30:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>CBSE, छात्रों, के, फॉर्म, में, नहीं, चलेगी, गलती, स्कूलों, को, जारी, हुए, नए, निर्देश</media:keywords>
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        <title>खेल प्रतिभाओं के लिए CRPF में सरकारी नौकरी, 521 पदों पर होगी भर्ती </title>
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        <description><![CDATA[ सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे खिलाड़ियों के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल में भर्ती निकली है. गृह मंत्रालय के अधीन सीआरपीएफ ने स्पोर्ट्स कोटा भर्ती 2026 के तहत हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल के कुल 521 पदों पर आवेदन मांगे हैं. यह भर्ती 22 खेल विधाओं में उपलब्धि रखने वाले पुरुष और महिला खिलाड़ियों के लिए है.
प्रक्रिया 12 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी और उम्मीदवार 11 नवंबर 2026 रात 11:59 बजे तक फॉर्म भर सकते हैं. इस भर्ती का विज्ञापन नंबर R.II-21/2026-Sports है. उम्मीदवारों को आवेदन सीआरपीएफ की ऑफिशियल वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन करना होगा.&amp;nbsp;
हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल के 521&amp;nbsp;
कुल 521 रिक्तियों में हेड कांस्टेबल (जीडी) के 182 पद और कांस्टेबल (जीडी) के 339 पद हैं. हेड कांस्टेबल के 150 पद पुरुष और 32 पद महिला उम्मीदवारों के लिए है. वहीं कांस्टेबल के 258 पद पुरुष और 81 पद महिलाओं उम्मीदवारों के लिए निर्धारित है. हेड कांस्टेबल पद के लिए 12वीं पास और कांस्टेबल पद के लिए 10वीं पास उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं. वहीं इन पदों पर शैक्षणिक योग्यता 11 नवंबर 2026 तक पूरी होना जरूरी है.&amp;nbsp;
किन खिलाड़ियों को मिलेगा मौका?&amp;nbsp;
हेड कांस्टेबल के लिए ऐसे खिलाड़ी आवेदन कर सकते हैं, जिन्होंने मान्यता प्राप्त अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश का प्रतिनिधित्व किया हो. इसके अलावा नेशनल गेम्स या मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय चैंपियनशिप में राज्य या केंद्र शासित प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर पदक या तीसरे स्थान तक का हासिल करने वाले खिलाड़ी भी निर्धारित शर्तों के तहत एलिजिबल होंगे. इंटर यूनिवर्सिटी प्रतियोगिता में व्यक्तिगत कंपटीशन में पहला या दूसरा स्थान हासिल करने वाले और जूनियर नेशनल स्तर की मान्यता प्राप्त प्रतियोगिता में गोल्ड या सिल्वर मेडल जीतने वाले खिलाड़ी भी इस पद के लिए निर्धारित खेल योग्यता पूरी कर सकते हैं. वहीं कांस्टेबल पद के लिए सीनियर या जूनियर नेशनल स्तर के प्रतियोगिताओं में राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ी एलिजिबल है. इसके अलावा नेशनल स्पोर्ट्स-गेम्स फॉर स्कूल्स, खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स, खेलो इंडिया यूथ गेम्स और खेलो इंडिया विंटर गेम्स में निर्धारित उपलब्धि वाले खिलाड़ी भी आवेदन कर सकते हैं. इंटर यूनिवर्सिटी टूर्नामेंट में यूनिवर्सिटी का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ी भी एलिजिबल है. वहीं खिलाड़ियों की यह खेल उपलब्धियां 30 सितंबर 2024 से 30 सितंबर 2026 के बीच होनी चाहिए.
आयु सीमा 18 से 30 साल&amp;nbsp;
दोनों पदों के लिए सामान्य आयु सीमा 18 से 30 वर्ष है. उम्र की गणना 1 अगस्त 2026 के आधार पर की जाएगी. सामान्य वर्ग के खिलाड़ियों को 5 वर्ष ओबीसी-एनसीएल को 8 वर्ष और एसटी-एससी को 10 वर्ष तक की आयु की छूट दी जाएगी. पूर्व सैनिकों के लिए भी नियम के अनुसार अतिरिक्त छूट का प्रावधान है. उम्मीदवार की जन्म तिथि 2 अगस्त 2003 से पहले और 1 अगस्त 2008 के बाद नहीं होनी चाहिए.&amp;nbsp;
कितनी मिलेगी सैलरी और क्या होगी आवेदन फीस?&amp;nbsp;
हेड कांस्टेबल (जीडी) पद पे लेवल 4 में है, जिसमें सैलरी 25,500 से 81,100 रुपये हैं. कांस्टेबल (जीडी) पे लेवल 3 में है और इसकी सैलरी 21,700 से 69,100 रुपये हैं. वहीं यूआर, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के पुरुष उम्मीदवारों को 100 रुपये आवेदन फीस देनी होगी. महिला उम्मीदवार एससी, एसटी और पूर्व सैनिकों को फीस से छूट दी गई है.&amp;nbsp;
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नहीं होगी लिखित परीक्षा&amp;nbsp;
सीआरपीएफ स्पोर्ट्स कोटा भर्ती में अलग से लिखित परीक्षा नहीं होगी. चयन के दौरान सबसे पहले डॉक्यूमेंट की जांच होगी. इसके बाद फिजिकल स्टैंडर्ड टेस्ट, स्पोर्ट्स ट्रायल और मेडिकल परीक्षा कराई जाएगी. स्पोर्ट्स ट्रायल में उम्मीदवारों की वास्तविक खेल क्षमता जांची जाएगी. मेडिकल में फिट पाए जाने के बाद खेल प्रमाण पत्र और उपलब्धि के आधार पर मेरिट तैयार की जाएगी. आपको बता दें कि फिजिकल मानकों के अनुसार पुरुषों उम्मीदवारों की न्यूनतम लंबाई 170 सेमी और महिला उम्मीदवारों की 157 सेमी होनी चाहिए. पुरुषों की छाती के लिए माप 80 सेमी और न्यूनतम 5 सेमी विस्तार निर्धारित है. कुछ कैटेगरी को नियमों के अनुसार लंबाई और छाती में छूट दी जाएगी&amp;nbsp;
ऐसे करें आवेदन&amp;nbsp;

आवेदन के लिए उम्मीदवार सबसे पहले सीआरपीएफ की ऑफिशियल भर्ती वेबसाइट rect.crpf.gov.in पर जाएं.&amp;nbsp;
इसके बाद अपनी सबसे बड़ी खेल उपलब्धि या प्रतियोगिता में से जुड़ा प्रमाण पत्र अपलोड करें.&amp;nbsp;
इसके बाद ऑनलाइन फॉर्म में पर्सनल और खेल संबंधी जानकारी भरें.&amp;nbsp;
अब जहां फीस लागू है, वहां 100 रुपये फीस जमा करें.
इसके बाद आवेदन को सबमिट करके उसकी कॉपी सुरक्षित रख लें.

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        <pubDate>Thu, 24 Sep 2026 02:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>खेल, प्रतिभाओं, के, लिए, CRPF, में, सरकारी, नौकरी, 521, पदों, पर, होगी, भर्ती </media:keywords>
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        <title>बिहार SI मुख्य परीक्षा कैंसिल, जानें दोबारा कब होगा एग्जाम</title>
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        <description><![CDATA[ BPSSC ने सब इंस्पेक्टर भर्ती की मुख्य लिखित परीक्षा रद्द कर दी है. आयोग ने 23 अगस्त को अपनी ऑफिशियल वेबसाइट पर इसकी जानकारी दी है. यह परीक्षा इसी साल 27 मई को दो पालियों में आयोजित की गई थी, अब इसे दोबारा आयोजित कराया जाएगा. आपको बता दें कि दरोगा भर्ती की यह परीक्षा 1,799 पदों पर नियुक्ति के लिए आयोजित की गई थी. आयोग ने अपने नोटिस में परीक्षा रद्द करने के लिए फिलहाल सिर्फ अपरिहार्य कारणों का उल्लेख किया है. परीक्षा रद्द करने की पूरी तरह जानकारी आयोग की ओर से जारी नोटिस में नहीं दी गई है.&amp;nbsp;
BPSSC की विज्ञापन संख्या 05/2025 के तहत दरोगा भर्ती की प्रक्रिया चल रही है. मुख्य लिखित परीक्षा 27 मई को दो शिफ्ट में आयोजित हुई थी. पहली पारी में सामान्य हिंदी और दूसरी पारी में सामान्य अध्ययन का पेपर आयोजित किया गया था. इससे पहले प्रारंभिक परीक्षा के प्रदर्शन के आधार पर उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया था. मुख्य परीक्षा के बाद 19 जून 2026 को रिजल्ट जारी किया गया था. वहीं कुल 35,857 उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा के बाद आगे की प्रक्रिया के लिए शार्ट लिस्ट किए जाने की जानकारी दी गई थी.
परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपों के बाद उठे थे सवाल&amp;nbsp;
मुख्य परीक्षा के बाद कुछ उम्मीदवारों ने परीक्षा में अनियमितताओं के आरोप भी लगाए थे. पटना में उम्मीदवारों ने प्रदर्शन करते हुए परीक्षा को रद्द कर दोबारा करने की मांग भी की थी. उम्मीदवारों की ओर से रिजल्ट में कुछ पैटर्न को लेकर भी सवाल उठाए गए थे. इसके अलावा परीक्षा से जुड़े प्रश्न पत्र और ओएमआर शीट की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने के दावे भी किए गए थे. उम्मीदवारों ने इससे संबंधित सामग्री आयोग और आर्थिक अपराध इकाई तक पहुंचाने की बात कही थी. परीक्षा वाले दिन गया के रामपुर थाने में सॉल्वर सिंडिकेट से जुड़ा मामला भी दर्ज होने की जानकारी सामने आई थी. बाद में पूर्णिया में भी इस भर्ती से जुड़ा केस सामने आया था. वहीं ईओयू की जांच के दौरान कुछ परीक्षा केंद्रों पर बिजली कटने, जैमर से जुड़े रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज की भी घटनाएं सामने आई थी. हालांकि फिलहाल BPSSC के मौजूदा नोटिस में परीक्षा रद्द करने के पीछे इन घटनाओं को नहीं बताया है. आयोग ने सिर्फ अपरिहार्य कारणों का हवाला दिया.&amp;nbsp;
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दोबारा कब होगी परीक्षा?
आयोग ने साफ किया है कि रद्द की गई मुख्य लिखित परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी. हालांकि नई परीक्षा की तारीख अभी घोषित नहीं हुई है. इसकी जानकारी अलग से नोटिस जारी करके दी जाएगी. उम्मीदवारों को फिलहाल यह सलाह दी गई है कि नई तारीख और भर्ती से जुड़ी दूसरी जानकारी के लिए सिर्फ ऑफिशियल वेबसाइट पर ही भरोसा करें. आयोग ने असामाजिक तत्वों की ओर से फैलाई जा रही फेक सूचनाओं से सावधान रहने की सलाह दी है.&amp;nbsp;
1799 पदों पर होनी है भर्ती&amp;nbsp;
इस भर्ती अभियान के तहत बिहार पुलिस में सब इंस्पेक्टर के 1799 पद भरे जाने हैं. इनमें 850 पद अनारक्षित, 298 पद ईबीसी, 222 पद बीसी, 180 पद एससी, 63 पद एसटी और 42 पर ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए हैं. पिछड़ा वर्ग की महिलाओं के लिए 36 और स्वतंत्रता सेनानी कोटे के तहत 8 पद भी निर्धारित है.
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        <pubDate>Thu, 24 Sep 2026 02:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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    <item>
        <title>UP में एग्रीकल्चर की 134 वैकेंसी, 10वीं और डिप्लोमा पास करें अप्लाई</title>
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        <description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने कृषि निदेशक के अधीन जूनियर इंजीनियर (एग्रीकल्चर) मुख्य परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है. इस भर्ती के जरिए कृषि निदेशालय के तहत कुल 134 इंजीनियर (एग्रीकल्चर) पदों को भरा जाएगा. इस भर्ती के लिए आयोग ने जूनियर इंजीनियर (एग्रीकल्चर) मुख्य परीक्षा विज्ञापन संख्या 19-Exam/2026 के तहत आवेदन मांगे हैं. आवेदन की प्रक्रिया 17 सितंबर 2026 से शुरू हो चुकी है. वहीं योग्य उम्मीदवार 7 अक्टूबर तक का ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं. हालांकि आवेदन में सुधार का मौका 14 अक्टूबर तक दिया जाएगा.&amp;nbsp;
जूनियर इंजीनियर (एग्रीकल्चर) के पदों के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं पास होना जरूरी है. इसके साथ संबंधित विषय में 3 साल का एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग डिप्लोमा भी होना चाहिए. उम्मीदवार को हिंदी की जानकारी देवनागरी लिपि में होनी चाहिए. इसके अलावा इस भर्ती में वहीं उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं, जिन्हें आयोग की ओर से UPSSSC PET 2025 का स्कोर कार्ड जारी किया गया है.&amp;nbsp;
कैटेगरी वाइज पद और आयु सीमा
कुल 134 पदों में 54 पद सामान्य वर्ग, 23 पद एससी, 1 पद एसटी, 43 पद ओबीसी और 13 पद ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए निर्धारित है. वहीं उम्मीदवार इन पदों के लिए उम्मीदवारों की आयु की गणना 1 जुलाई 2026 के आधार पर की जाएगी. आवेदक की उम्र न्यूनतम 18 वर्ष और अधिकतम 40 वर्ष होनी चाहिए. आरक्षित वर्गों के लिए न्यूनतम आयु सीमा में छूट आयोग के नियमों के अनुसार दी जाएगी.&amp;nbsp;
आवेदन फीस और चयन प्रक्रिया
इस भर्ती में आवेदन फीस काफी कम रखी गई है. जनरल, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस, एससी, एसटी और दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए 25 रुपये फीस निर्धारित की गई है. यह फीस ऑनलाइन जमा करनी होगी. यूपीएससी के एग्रीकल्चर भर्ती में उम्मीदवार का चयन PET 2025 के स्कोर के आधार पर शॉर्ट लिस्टिंग और इसके बाद मुख्य लिखित परीक्षा के जरिए किया जाएगा. एडमिट कार्ड और मुख्य परीक्षा की तारीख आयोग बाद में जारी करेगा. चयनित उम्मीदवारों को लेवल-6 के तहत सैलरी मिलेगी. वहीं चयनित उम्मीदवार को 9,300 से 34,800 और 4,200 रुपये ग्रेड पे दिया जाएगा.&amp;nbsp;
ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन&amp;nbsp;

आवेदन के लिए उम्मीदवारों को सबसे पहले upsssc.gov.in पर जाना होगा.&amp;nbsp;
इसके बाद वेबसाइट के एडवर्टाइजमेंट सेक्शन में आवेदन लिंक पर क्लिक करना होगा.
इसके बाद PET रजिस्ट्रेशन नंबर, ओटीपी और सिक्योरिटी कोड के जरिए आगे बढ़कर आवेदन फॉर्म भरना होगा.&amp;nbsp;
फाॅर्म में जरूरी जानकारी दर्ज करने के बाद मांगे गए डॉक्यूमेंट, फोटो और सिग्नेचर अपलोड करें.
अब 25 रुपये की फीस जमा करके फॉर्म को सबमिट कर दें.&amp;nbsp;
आवेदन पूरा होने के बाद फॉर्म का प्रिंट आउट निकाल लें.

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        <pubDate>Thu, 24 Sep 2026 02:30:04 +0530</pubDate>
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        <title>पेपर लीक के बाद NTA में बदलाव, CISF से AI मॉनिटरिंग तक बढ़ी सुरक्षा</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/पेपर-लीक-के-बाद-nta-में-बदलाव-cisf-से-ai-मॉनिटरिंग-तक-बढ़ी-सुरक्षा</link>
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        <description><![CDATA[ NTA में परीक्षा व्यवस्था को लेकर बड़े स्तर पर बदलाव किए जा रहे हैं. पेपर लीक के आरोपों और नीट यूजी परीक्षा से जुड़े विवादों के बाद एजेंसी की परीक्षा प्रणाली, सुरक्षा और कामकाज के तरीके पर सवाल उठे थे. अब एनटीए अपने ढांचे से लेकर कर्मचारियों की नियुक्तियों, परीक्षा संचालन और सुरक्षा व्यवस्था तक कई बदलाव कर रहा है. सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हालिया हलफनामे में इन सुधारों की मौजूदा स्थिति की जानकारी दी गई है. इन बदलाव के तहत NTA एग्जाम स्पेसिफिक यूनिट्स की जगह फंक्शनल वर्टिकल स्ट्रक्चर की ओर बढ़ रहा है. वहीं दिल्ली के मिंटो रोड स्थित नए सरकारी परिसर में गोपनीय कामकाज को शिफ्ट किया गया है, जहां 39 सीआईएसएफ जवान सुरक्षा संभाल रहे हैं. वहीं परीक्षा केंद्रों पर एआई आधारित निगरानी समेत कई तकनीक उपायों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है.&amp;nbsp;
NTA में पहले कर्मचारी और अधिकारियों को अलग-अलग परीक्षाओं के हिसाब से यूनिट में बांटा जाता था. अब इस व्यवस्था को बदलकर काम और विशेषज्ञता के आधार पर फंक्शनल वर्टिकल तैयार किए जा रहे हैं. इसका मकसद एजेंसी के अलग-अलग कामकाजी क्षेत्र में डोमेन स्पेसिफिक विशेषज्ञता विकसित करना है. इसके साथ ही एनटीए के वरिष्ठ नेतृत्व में भी बदलाव किए जा रहे हैं. डायरेक्टर जनरल के पद को जॉइंट सेक्रेटरी स्तर से बढ़ा कर एडिशनल सेक्रेटरी स्तर तक करने का प्रस्ताव सरकार के विचार अधीन है. इसके अलावा पांच नए जॉइंट सेक्रेटरी स्तर के पद बनाने का भी प्रस्ताव है.&amp;nbsp;
अलग-अलग सेवाओं के अधिकारी NTA में&amp;nbsp;
NTA में बदलाव के साथ अधिकारियों की नियुक्ति भी की जा रही है. मई 2026 में सेंट्रल स्टाफिंग स्कीम के तहत दो जॉइंट डायरेक्टर एनटीए में तैनात किए गए थे. अगस्त में 14 अधिकारी एजेंसी से जुड़े. इनमें ज्वाइंट सेक्रेटरी से लेकर असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर तक के अधिकारी शामिल है. इन अधिकारियों में आईएएस, आईपीएस, आईआरएस और इंडियन स्टैटिस्टिकल सर्विस समेत अलग-अलग सरकारी सेवाओं से आने वाले अधिकारी शामिल है. इसके अलावा सिक्योरिटी ऑफिसर, एचआर, असेसमेंट आर एंड डी, टेस्ट सेंटर, कैंडिडेट एक्सपीरियंस, इन्फॉर्मेशन सिक्योरिटी, टेस्ट सिक्योरिटी और विजिलेंस जैसे क्षेत्रों के डोमेन एक्सपर्ट्स की भी भर्ती की जा रही है.&amp;nbsp;
मिंटो रोड के नए ऑफिस में कामकाज&amp;nbsp;
एनटीए के गोपनीय परीक्षा संचालन से जुड़े काम को दिल्ली के मिंटो रोड स्थित गवर्नमेंट ऑफ इंडिया प्रेस बिल्डिंग में शिफ्ट किया गया है. हेल्पलाइन के अनुसार एजेंसी को 5वीं मंजिल के साथ चौथी और छठी मंजिल के कुछ हिस्सों में कुल 55,524.53 वर्ग फुट की जगह दी गई है. इस परिसर में गोपनीय क्षेत्र की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए व्यापक सुरक्षा प्रोटोकॉल तैयार किया जा रहा है.&amp;nbsp;
ये भी पढ़ें-डॉक्टरों के लिए बड़ी खबर, NEET SS का कटऑफ 50 से घटाकर हुआ 30 पर्सेंटाइल&amp;nbsp;
39 CISF जवान की तैनाती&amp;nbsp;
गृह मंत्रालय के आदेश के बाद नए परिसर में 39 CISF जवानों की तैनाती की गई है. इनकी जिम्मेदारी गोपनीय क्षेत्र में आने जाने वालों की स्क्रीनिंग और एक्सेस कंट्रोल की है. ऑफिस में प्रवेश और एग्जिट प्वाइंट पर एक्स-रे बैगेज, स्क्रीनिंग और डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर के जरिए जांच की जाएगी. यानी संवेदनशील परीक्षा संबंधी काम वाले हिस्से में पहुंच को पहले के मुकाबले ज्यादा नियंत्रित किया गया है.&amp;nbsp;
प्रश्न पत्र से रिजल्ट तक SOP में बदलाव&amp;nbsp;
एनटीए ने परीक्षा प्रक्रिया के अलग-अलग चरणों के लिए नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर भी तैयार किए हैं. इनमें प्रश्न पत्र तैयार करने, ट्रांसलेशन, प्रिंटिंग, पैकिंग, ट्रैकिंग और मोमेंट से लेकर परीक्षा केंद्र की सुरक्षा परीक्षा के दिन ट्रंक खोलने और रिजल्ट तैयार करने तक की प्रक्रिया शामिल है. इसके साथ ही आधार आधारित बायोमैट्रिक ऑथेंटिकेशन, फेस ऑथेंटिकेशन, मल्टी लेयर रिस्किंग, मोबाइल गेमर, सीसीटीवी मॉनिटरिंग और एआई आधारित टूल्स जैसे उपायों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है.परीक्षा में निगरानी के लिए पांच स्तर वाली ओवर साइट व्यवस्था का भी प्रावधान है.
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        <pubDate>Thu, 24 Sep 2026 02:30:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना में कैसे कर सकते हैं अप्लाई?‌ मिलते हैं ₹5000</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/मुख्यमंत्री-कृषक-छात्रवृत्ति-योजना-में-कैसे-कर-सकते-हैं-अप्लाई-मिलते-हैं-5000</link>
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        <description><![CDATA[ Krishak Scholarship Scheme: उत्तर प्रदेश सरकार किसानों के बच्चों की पढ़ाई में मदद के लिए मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना चला रही है, &amp;nbsp;इस योजना का फायदा पात्र छात्रों को पढ़ाई के लिए आर्थिक मदद के रूप में मिलता है, &amp;nbsp;इसका उद्धेश्य यह है की पैसों की कमी के कारण किसान परिवार के बच्चों की पढ़ाई न रुके. सरकार ने 31 जुलाई 2026 को योजना का दायरा बढ़ाने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि ज्यादा पात्र विद्यार्थियों को इसका लाभ मिल सके. आइए जानते है इस योजना के लिए पात्रता क्या है और आवेदन कैसे किया जाता है.
योजना में कितनी मिलती है मदद?
मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना के तहत उच्च शिक्षा के विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए ₹5,000 प्रति माह की आर्थिक मदद देने का प्रावधान किया गया है. &amp;nbsp;सरकार ने योजना का दायरा बढ़ाने का भी फैसला लिया है, ताकि पहले की तुलना में अधिक किसान परिवारों के पात्र बेटे-बेटियों को इसका लाभ मिल सके. इसका उद्देश्य आर्थिक कारणों से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने से रोकना है. हालांकि इस दायरे में कौन-कौन से विद्यार्थी और पाठ्यक्रम शामिल होंगे, इसकी अंतिम पात्रता सरकार के जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार तय होगी
कौन कर सकता है आवेदन?
इस योजना का लाभ किसान परिवार के पात्र बेटे-बेटियों को दिया जाता है. पहले से जारी निर्देशों के अनुसार छात्र को उत्तर प्रदेश का निवासी होना और परिवार का किसान होना जरूरी है, और आवेदन करने वाले छात्र का किसी भी मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थान में अध्यनरत होना जरूरी है. इसके अलावा छात्र को योजना में जो निर्धारित अन्य शैक्षणिक और पात्रता की शर्तो को पूरा करना होग. आवेदन के समय छात्र की पढ़ाई, निवास और किसान परिवार के सम्बंधित जानकारी मांगी जा सकती है. योजना के तहत कृषि से जुड़े पाठ्यक्रमों के साथ अन्य पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को भी शामिल किए जाने का प्रावधान है.
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कैसे करें आवेदन?
योजना से जुडी आवेदन प्रक्रिया उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद् के माध्यम से संचालित होती है. आवेदन के लिए सबसे पहले सम्बंधित आधिकारिक पोर्टल पर योजना की जानकारी और वर्त्तमान आवेदन प्रक्रिया देखें. इसके बाद आवेदन में मांगी गई व्यक्तिगत और शेक्षणिक जानकारी भरनी होती है आवेदन करते समय सारी जानकारी ध्यान से भरे गलत जानकारी देने पर आवेदन में परेशानी आ सकती है.
कौन से दस्तावेज लग सकते हैं?
आवेदन के दौरान छात्र का आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, बैंक खाते की जानकारी और किसान परिवार से संबंधित दस्तावेज मांगे जा सकते हैं. जरूरी दस्तावेजों की अंतिम सूची आवेदन प्रक्रिया के दौरान आधिकारिक पोर्टल पर जरूर देखें&amp;nbsp;
₹5,000 कब मिलेंगे?
सरकार की ओर से छात्रवृत्ति की राशि बढ़ाकर ₹5,000 करने की घोषणा की गई है. हालांकि, लाभ मिलने की तारीख, भुगतान की प्रक्रिया और नए नियमों के बारे में आधिकारिक निर्देशों को ही अंतिम माना जाएगा. इसलिए आवेदन करने से पहले नई &amp;nbsp;जानकारी जरूर देख लें. योजना से संबंधित जानकारी के लिए उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के आधिकारिक माध्यमों का ही इस्तेमाल करें
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        <pubDate>Thu, 24 Sep 2026 02:30:02 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>रेलवे में 3477 पदों पर भर्ती, 8 अक्टूबर से शुरू होंगे आवेदन</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/रेलवे-में-3477-पदों-पर-भर्ती-8-अक्टूबर-से-शुरू-होंगे-आवेदन</link>
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        <description><![CDATA[ रेलवे भर्ती बोर्ड ने एनटीपीसी ग्रेजुएट रिक्रूटमेंट 2026 का शॉर्ट नोटिस जारी कर दिया है. यह भर्ती CEN 06/26 के तहत की जाएगी. जिसमें कुल 3,477 पद भरे जाएंगे. इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 8 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी. उम्मीदवार 6 नवंबर 2026 रात 11:59 बजे तक आवेदन कर सकते हैं. इस भर्ती के तहत रेलवे में ग्रेजुएट लेवल के अलग-अलग नॉन टेक्निकल पदों पर नियुक्तियां की जाएगी. विस्तृत नोटिफिकेशन 7 अक्टूबर को जारी किया जाएगा, जिसमें पदवार वैकेंसी, पात्रता, परीक्षा और भर्ती से जुड़ी बाकी शर्तें पूरी की जाएगी.&amp;nbsp;
किन पदों पर होगी भर्ती?
आरआरबी एनटीपीसी ग्रेजुएट भर्ती में कुल 3,477 पद शामिल है. इनमें सबसे ज्यादा गुड्स ट्रेन मैनेजर के 2,750 पद है. इसके अलावा सीनियर क्लर्क कम टाइपिस्ट के 371, जूनियर अकाउंट्स असिस्टेंट कम टाइपिस्ट के 300 और चीफ कमर्शियल कम टिकट सुपरवाइजर के 56 पद शामिल है. भर्ती में स्टेशन मास्टर और दूसरे ग्रेजुएट लेवल पदों को भी शामिल किया गया है. हालांकि शॉर्ट नोटिस में पदों का विस्तृत विवरण जारी नहीं किया गया है. यह विस्तृत नोटिफिकेशन में जारी किया जाएगा. वहीं इस प्रक्रिया में पे लेवल 5 और पे लेवल 6 के पद शामिल है.&amp;nbsp;
पदों के लिए एलिजिबिलिटी
आरआरबी एनटीपीसी ग्रेजुएट भर्ती के लिए उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से बैचलर डिग्री होनी चाहिए. जूनियर अकाउंट असिस्टेंट कम टाइपिस्ट और सीनियर क्लर्क कम टाइपिस्ट के पदों के लिए कंप्यूटर पर हिंदी, अंग्रेजी में निर्धारित टाइपिंग दक्षता भी जरूरी है. वहीं उम्र की गणना 1 जनवरी 2027 के आधार पर होगी. उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम 33 वर्ष होनी चाहिए. आरक्षित वर्ग के नियमों के अनुसार अधिकतम आयु में छूट मिलेगी.&amp;nbsp;
कैसे कर सकते हैं आवेदन?
आरआरबी एनटीपीसी ग्रेजुएट भर्ती के लिए आवेदन 8 अक्टूबर से 6 नवंबर तक ऑनलाइन किए जा सकेंगे. उम्मीदवारों को आवेदन के लिए ऑफिशियल पोर्टल के जरिए फॉर्म भरना होगा. आवेदन के दौरान उम्मीदवारों को CEN 06/2026 एनटीपीसी ग्रेजुएट लेवल का ऑप्शन चुनकर रजिस्ट्रेशन करना होगा. इसके बाद पर्सनल और एजुकेशनल डिटेल भरनी होगी. जरूरी डॉक्यूमेंट, फोटो और सिग्नेचर अपलोड करने होंगे और निर्धारित फीस जमा करनी होगी. फॉर्म सबमिट करने से पहले सभी जानकारी जांचने के बाद उसका प्रिंट आउट सुरक्षित रखना होगा.&amp;nbsp;
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कितनी देनी होगी फीस?&amp;nbsp;
जनरल और ओबीसी उम्मीदवारों के लिए आवेदन फीस 500 रुपये रखी गई है. पहले चरण की सीबीटी परीक्षा में शामिल होने के बाद, इसमें से 400 रुपये बैंक फीस काट कर वापस की जाएगी. वहीं एससी, एसटी, एक्स सर्विसमैन, पीडब्ल्यूबीडी, महिला ट्रांसजेंडर, अल्पसंख्यक और ईबीसी उम्मीदवारों के लिए 250 रुपये फीस है. सीबीटी-1 में शामिल होने के बाद यह पूरी राशि बैंक फीस की कटौती के बाद वापस की जाएगी.&amp;nbsp;
दो चरणों में होगी परीक्षा&amp;nbsp;
आरआरबी एनटीपीसी ग्रेजुएट भर्ती में पहले सीबीटी-1 और फिर सीबीटी-2 आयोजित किया जाएगा. इसके बाद संबंधित पद के अनुसार कंप्यूटर बेस्ड एप्टीट्यूड टेस्ट या टाइपिंग स्किल टेस्ट होगा. सफल उम्मीदवारों को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और मेडिकल परीक्षा से गुजरना होगा. सीबीटी-1 में 100 सवाल होगी. इसमें जनरल अवेयरनेस के 40, मैथमेटिक्स के 30 और जनरल इंटेलिजेंस एंड रीजनिंग के 30 सवाल होंगे. परीक्षा के लिए 90 मिनट का टाइम टाइम मिलेगा. वहीं सीबीटी-2 में कुल 120 सवाल होंगे. इसमें जनरल अवेयरनेस के 50, मैथमेटिक्स के 35 और जनरल इंटेलिजेंस एंड रीजनिंग के 35 सवाल होंगे. इसके लिए भी 90 मिनट का समय मिलेगा. दोनों सीबीटी में गलत जवाब पर एक तिहाई अंक की नेगेटिव मार्किंग होगी.
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        <pubDate>Wed, 23 Sep 2026 10:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>रेलवे, में, 3477, पदों, पर, भर्ती, अक्टूबर, से, शुरू, होंगे, आवेदन</media:keywords>
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        <title>CBSE बोर्ड एग्जाम 2027 के लिए LOC, 24 सितंबर से शुरू होगी प्रक्रिया</title>
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        <description><![CDATA[ सीबीएसई ने 2027 में होने वाली बोर्ड परीक्षाओं के लिए लिस्ट ऑफ कैंडिडेट जमा करने का शेड्यूल जारी कर दिया है. स्कूल 24 सितंबर 2026 से छात्रों की LOC भर सकेंगे. इसके लिए आखिरी तारीख 21 अक्टूबर तय की गई है. LOC जमा करने की प्रक्रिया स्कूलों के जरिए पूरी होगी. इसमें छात्रों की पर्सनल जानकारी से लेकर विषयों और जरूरी डॉक्यूमेंट की जानकारी दर्ज की जाएगी. सीबीएसई ने स्कूल को निर्देश दिया है कि LOC सबमिट करने से पहले सभी डिटेल को अच्छी तरह चेक कर लें.&amp;nbsp;
कक्षा 10वीं की पहली बोर्ड परीक्षा के लिए LOC&amp;nbsp;
सीबीएसई के अनुसार अभी कक्षा 10वीं के छात्रों के लिए जो LOC भरी जा रही है, वह पहली बोर्ड परीक्षा के लिए होगी. यह परीक्षा फरवरी-मार्च 2027 के दौरान आयोजित की जाएगी. पहली बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले कक्षा 10वीं के सभी छात्रों की LOC से जमा करना अनिवार्य है. वहीं कक्षा 10वीं की दूसरी बोर्ड परीक्षा के लिए LOC की प्रक्रिया अलग से होगी. पहली बोर्ड परीक्षा समाप्त होने के बाद दूसरी परीक्षा के लिए LOC जमा की जाएगी.&amp;nbsp;
LOC में देनी होगी यह जानकारी&amp;nbsp;
स्कूलों को LOC भरते समय हर एक छात्र की जानकारी सावधानी से भरनी होगी. इसमें छात्र का नाम, जन्म तिथि, जेंडर और कैटेगरी जैसी जानकारी भरनी होगी. इसके अलावा माता-पिता का पूरा नाम सही स्पेलिंग के साथ दर्ज करना होगा. छात्रों के लिए निर्धारित स्कीम ऑफ स्टडी के अनुसार विषयों का रजिस्ट्रेशन भी करना होगा. वहीं सीबीएसई की ओर से तय किए गए फॉर्मेट में छात्रों की फोटो और सिग्नेचर भी अपलोड करने होंगे.&amp;nbsp;
किन छात्रों की LOC भर सकेंगे स्कूल?
सीबीएसई ने छात्रों को बोर्ड परीक्षा में शामिल करने के लिए स्कूलों के लिए कुछ शर्तें भी तय की है. स्कूल केवल अपने नियमित और बोनाफाइड छात्रों को ही परीक्षा के लिए स्पॉन्सर कर सकेंगे. इसके अलावा कोई भी छात्र LOC से छूटना नहीं चाहिए. वहीं छात्र मान्यता प्राप्त स्कूलों में पढ़ रहा हो और सीबीएसई के नियमों के अनुसार जरूरी अटेंडेंस पूरा करता हो. सीबीएसई के अलावा किसी दूसरे स्कूल एजुकेशन बोर्ड में भी रजिस्ट्रेशन नहीं होना चाहिए. छात्रों को कक्षा 10वीं या 12वीं की बोर्ड परीक्षा में बैठने के लिए सीबीएसई एग्जामिनेशन बाय लॉ में निर्धारित पात्रता पूरी करनी होगी. कक्षा 12वीं के छात्रों के मामले में स्कूल को यह सुनिश्चित करना होगा कि छात्राें ने किस मान्यता प्राप्त स्कूल एजुकेशन बोर्ड से कक्षा 10वीं की परीक्षा 2025 के शैक्षणिक स्तर या उससे पहले पास की हो.&amp;nbsp;
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प्राइवेट और कंपार्टमेंट छात्रों के लिए अलग लिंक&amp;nbsp;
सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि प्राइवेट कैंडिडेट और सेकंड चांस कंपार्टमेंट कैंडिडेट के लिए ऑनलाइन फॉर्म जमा करने का लिंक अलग से जारी किया जाएगा. इन छात्रों के लिए अभी इस LOC प्रक्रिया के तहत आवेदन नहीं करना है. संबंधित कैटेगरी के लिए अलग नोटिफिकेशन और लिंक जारी किया जाएगा.&amp;nbsp;
LOC के बाद नहीं बदल सकेंगे यह चीजें&amp;nbsp;
स्कूलों को LOC फाइनल करने से पहले छात्रों की पूरी जानकारी जांचने की सलाह दी गई है. क्योंकि एक बार LOC जमा होने के बाद विषय बदलने या कक्षा 10वीं और 12वीं में एडमिशन से जुड़े बदलाव के अनुरोध सामान्य तौर पर एक्सेप्ट नहीं किए जाएंगे. इसमें ट्रांसफर केस को अपवाद रखा गया है. इसके अलावा LOC जमा होने के बाद चिल्ड्रन विद स्पेशल नीड से जुड़ी रियायतों के लिए भी अनुरोध एक्सेप्ट नहीं किया जाएगा.
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        <pubDate>Wed, 23 Sep 2026 10:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>बच्चे को स्कूल में एडमिशन दिलाने की क्या है सही उम्र? जानें नियम</title>
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        <description><![CDATA[ नए माता-पिता के मन में बच्चे की पढ़ाई को लेकर एक सवाल जरूर आता है कि उसे स्कूल में किस उम्र में एडमिशन दिलाना सही रहेगा. कई परिवार बच्चे को बहुत छोटी उम्र में स्कूल भेज देते हैं, जबकि कुछ माता-पिता 5 या 6 साल की उम्र तक इंतजार करते हैं. ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी है कि स्कूल एडमिशन को लेकर उम्र का क्या नियम है और बच्चे को किस कक्षा में किस उम्र में एडमिशन दिलाना सही होता है.
कक्षा 1 में कितनी होनी चाहिए उम्र?
नई शिक्षा नीति यानी NEP 2020 के बाद बच्चों की शुरुआती शिक्षा को लेकर उम्र और कक्षाओं की व्यवस्था में बदलाव पर जोर दिया गया है. इसके तहत 5+3+3+4 वाली स्कूली शिक्षा व्यवस्था अपनाई गई है. इसमें शुरुआती पांच साल फाउंडेशनल स्टेज के होते हैं. कक्षा 1 में बच्चे के एडमिशन की उम्र को लेकर केंद्र स्तर पर 6 साल की उम्र को महत्व दिया गया है. CBSE के अनुसार कक्षा 1 में प्रवेश की उम्र राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के नियमों के अनुसार तय हो सकती है. इसलिए एडमिशन से पहले स्कूल और अपने राज्य के मौजूदा नियमों को जरूर देखना चाहिए.
प्री-स्कूल में कब कराएं एडमिशन?
बच्चे की शुरुआती पढ़ाई आमतौर पर प्री-स्कूल से शुरू होती है. CBSE ने अपने स्कूलों के लिए प्री-स्कूल के पहले वर्ष में 3 साल से कम उम्र के बच्चे को प्रवेश नहीं देने का निर्देश दिया है. इसका मतलब यह है कि करीब 3 साल की उम्र से बच्चे की शुरुआती स्कूली शिक्षा शुरू हो सकती है. इसके बाद उम्र और स्कूल के नियम के अनुसार प्री-स्कूल के अलग-अलग स्तर और फिर कक्षा 1 में प्रवेश दिया जाता है.
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3 से 6 साल की उम्र क्यों जरूरी है?
3 से 6 साल की उम्र बच्चे के मानसिक, सामाजिक और भाषा विकास के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है. इस दौरान बच्चों को सिर्फ किताबों का नोलेज देने के बजाय खेल, एक्टिविटी और बातचीत के जरीए सीखने पर जोर दिया जाता है. NEP 2020 के तहत फाउंडेशनल स्टेज में बच्चों की शुरुआती शिक्षा को इसी तरह एक्टिविटी के माध्यम से और उम्र के हिसाब से बनाने पर जोर दिया गया है. इसलिए बच्चे को सिर्फ जल्दी स्कूल भेजना ही काफी नहीं होता, बल्कि यह भी देखना जरूरी है कि वह स्कूल के माहौल के लिए तैयार है या नहीं.
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        <pubDate>Wed, 23 Sep 2026 10:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>NIT श्रीनगर में बनी देश की पहली स्पेस लैब, 22 सितंबर को उद्घाटन</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/nit-श्रीनगर-में-बनी-देश-की-पहली-स्पेस-लैब-22-सितंबर-को-उद्घाटन</link>
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        <description><![CDATA[ नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) श्रीनगर ने देश के शिक्षा और अनुसंधान क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है. NIT श्रीनगर भारत का पहला ऐसा NIT बनने जा रहा है, जहां एस्ट्रोनॉमी और एस्ट्रोफिजिक्स के लिए एक खास कैंपस-बेस्ड वेधशाला स्थापित की गई है. इस अत्याधुनिक वैज्ञानिक सुविधा का आधिकारिक उद्घाटन मंगलवार, 22 सितंबर को होगा. इस प्रोजेक्ट को इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एस्ट्रोफिजिक्स (IIA) के सहयोग और IIA के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. निरुज मोहन रामानुजम के मार्गदर्शन में तैयार किया गया है.
अत्याधुनिक 14-इंच श्मिट-कैसग्रेन टेलीस्कोप से लैस है यह वेधशाला
NIT श्रीनगर की इस विशेष कैंपस-बेस्ड ऑब्जर्वेटरी की सबसे बड़ी खासियत इसमें लगा हाई-परफॉर्मेस 14-इंच का सेलेस्ट्रॉन C14 एजHD एप्लैनेटिक श्मिट-कैसग्रेन टेलीस्कोप है. यह टेलीस्कोप कंप्यूटराइज्ड इक्वेटोरियल माउंट और एडवांस्ड एस्ट्रोनॉमिकल इमेजिंग उपकरणों से लैस है. इसमें प्लेनेटरी और कूल्ड डीप-स्काई कैमरे, LRGB फिल्टर, 2.5x बारलो लेंस और हाई-स्पीड इमेजिंग क्षमताएं मौजूद हैं. इसकी मदद से बिना किसी खराबी के फ्लैट-फील्ड तस्वीरें ली जा सकती हैं, जिससे चांद और ग्रहों से लेकर नेबुला, स्टार क्लस्टर और सुदूर गैलेक्सी तक का स्पष्ट अवलोकन संभव होगा.
जम्मू-कश्मीर में स्पेस साइंस और रिसर्च के लिए बनेगा क्रांतिकारी कदम
यह अत्याधुनिक सुविधा जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में स्पेस साइंस की पढ़ाई, रिसर्च और कम्युनिटी आउटरीच के लिए एक बड़ा बदलाव साबित होगी. NIT-श्रीनगर के प्रवक्ता ने बताया कि NSOAA की स्थापना से कैंपस में एडवांस्ड ऑब्जर्वेशनल एस्ट्रोनॉमी का नया दौर शुरू होगा. इसके माध्यम से छात्र, शोधकर्ता और आम लोग रात के आसमान में खगोलीय घटनाओं को सीधे देख सकेंगे. यह सुविधा छात्रों को सिर्फ किताबों या सिमुलेशन तक सीमित न रखकर वास्तविक एस्ट्रोनॉमिकल डेटा हासिल करने और उसके विश्लेषण का सीधा अनुभव प्रदान करेगी.
आम लोगों, स्कूलों और लोकल एस्ट्रोनॉमी क्लबों के लिए भी खुलेंगे दरवाजे
NSOAA वेधशाला का प्रभाव केवल NIT श्रीनगर कैंपस तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह पूरे क्षेत्र के लिए एक साइंस हब के रूप में काम करेगी. प्रोजेक्ट को लीड कर रहे फिजिक्स विभाग के प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष प्रिंस अहमद गनई के अनुसार, यहाँ नियमित रूप से नाइट-स्काई वॉचिंग सेशन आयोजित किए जाएंगे. साथ ही, स्थानीय स्कूलों, कॉलेजों और एस्ट्रोनॉमी क्लबों के लिए विशेष विजिट, टीचर-ट्रेनिंग वर्कशॉप और ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाए जाएंगे, ताकि युवाओं में फिजिक्स और स्पेस साइंस के प्रति रुचि जगाई जा सके.
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IIT कानपुर जैसे चुनिंदा संस्थानों के क्लब में शामिल हुआ NIT श्रीनगर
इस वेधशाला की स्थापना के साथ ही NIT श्रीनगर देश के उन चुनिंदा शीर्ष तकनीकी संस्थानों की सूची में शामिल हो गया है&amp;mdash;जैसे IIT कानपुर, जो CCD इमेजिंग और रिमोट-ऑपरेशन क्षमताओं वाले 14-इंच के श्मिट-कैसग्रेन एस्ट्रोनॉमिकल ऑब्जर्वेटरी सिस्टम का संचालन करते हैं. आने वाले महीनों में NIT श्रीनगर एस्ट्रोनॉमी और एस्ट्रोफिजिक्स पर हैंड्स-ऑन कोर्स शुरू करने की योजना भी बना रहा है, जिससे कश्मीर घाटी के छात्रों को विज्ञान के इस क्षेत्र में आगे बढ़ने का बड़ा अवसर मिलेगा.
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        <pubDate>Wed, 23 Sep 2026 10:30:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>DTU में शुरू हुआ यूथ इनोवेशन चैलेंज, 2 करोड़ का मिलेगा पुरस्कार</title>
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        <description><![CDATA[ युवाओं को रोजमर्रा की समस्याओं के लिए नए और काम आने वाले समाधान तैयार करने का मौका देने के लिए दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी में सेवा फर्स्ट राष्ट्रीय यूथ इनोवेशन चैलेंज की शुरुआत की है. दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने 19 सितंबर को डीटीयू में इस चैलेंज को लॉन्च किया.100 दिन के इस इनोवेशन चैलेंज में कुल 2 करोड़ रुपये का पुरस्कार पूल रखा गया है. इस पहल में युवाओं को सिर्फ आईडिया देने तक सीमित नहीं रखा जाएगा. प्रतिभागियों को समस्या पहचानने से लेकर उसका समाधान तैयार करने, प्रोटोटाइप बनाने, उसे टेस्ट करने और वास्तविक परिस्थितियों में उसकी उपयोगिता जांचने तक काम करना होगा. चैलेंज का उद्देश्य ऐसे समाधान तैयार करना है, जिन्हें जरूरत पड़ने पर आगे भी लागू किया जा सके.&amp;nbsp;
किन समस्याओं पर काम कर सकेंगे युवा?&amp;nbsp;
सेवा फर्स्ट के तहत राष्ट्रीय स्तर की और स्थानीय समुदाय से जुड़ी समस्याओं पर काम करने के लिए अलग-अलग क्षेत्र रखे गए हैं. इनमें कृषि और ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, कचरा प्रबंधन, ऊर्जा, पर्यावरण ,शहरी समस्या और परिवहन जैसे क्षेत्र शामिल है. इसके अलावा एआई, रोबोटिक्स, मैन्युफैक्चरिंग, स्मार्ट मोबिलिटी, इंफ्रास्ट्रक्चर, आपदा प्रबंधन और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे विषयों से जुड़े इनोवेशन पर भी काम किया जा सकता है. स्थानीय स्तर के चैलेंज में प्रतिभागी अपने आसपास की वास्तविक समस्या को पहचान कर उसके लिए समाधान विकसित कर सकते हैं.&amp;nbsp;
स्टूडेंट, रिसर्चर और स्टार्टअप ले सकेंगे पार्ट&amp;nbsp;
इस चैलेंज में स्कूल और आईटीआई स्तर से लेकर डिप्लोमा यूजी, पीजी और पीएचडी के स्टूडेंट हिस्सा ले सकते हैं. इसके अलावा स्टार्टअप, एमएसएमई, रिसर्च संस्थान और सरकारी लैब भी निर्धारित कैटेगरी के तहत भाग ले सकते हैं. प्रतिभागी व्यक्तिगत तौर पर या टीम के रूप में हिस्सा ले सकते हैं. डीटीयू इस पहल के लिए नॉर्दर्न रीजन का कोआर्डिनेशन कर रहा है. इसमें दिल्ली के साथ हरियाणा, पंजाब, जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, चंडीगढ़ और लद्दाख को शामिल किया गया है.&amp;nbsp;
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आइडिया से प्रोटोटाइप तक पहुंचेगा चैलेंज&amp;nbsp;
चैलेंज में पहले समस्या और आइडिया की पहचान होगी. इसके बाद शुरुआती जांच के बाद नियमित टीमों को मेंटरशिप और एक्सपर्ट्स की सलाह दी जाएगी. आगे प्रतिभागी अपने समाधान का प्रोटोटाइप तैयार करेंगे और उसकी तकनीकी जांच की जाएगी. इसके बाद समाधान का वास्तविक या संबंधित परिस्थितियों में परीक्षण होगा. अंतिम चरण में प्रोटोटाइप का प्रदर्शन और मूल्यांकन किया जाएगा. डीटीयू के अनुसार चैलेंज का आइडिया से लेकर वैलिडेशन और इंपैक्ट तक का पूरा रास्ता तय करने पर जोर है.&amp;nbsp;
गांव की समस्याओं पर काम करेंगे छात्र&amp;nbsp;
कार्यक्रम के दौरान डीटीयू ने रूरल टेक्नोलॉजी एंड कम्युनिटी इंगेजमेंट प्रोग्राम की भी घोषणा की. इसके तहत 2027-28 शैक्षणिक सत्र से इंजीनियरिंग छात्रों को गांव में भेजने की योजना है. छात्र वहां स्थानीय समस्याओं की पहचान करेंगे और तकनीक की मदद से उनके समाधान पर काम करेंगे. इस पहल में इंजीनियरिंग, उद्यमिता और ग्रामीण सामाजिक विकास को साथ जोड़ने पर जोर दिया गया है. इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की जरूरत को समझकर उनके लिए व्यावहारिक तकनीकी समाधान तैयार करना है. वहीं सेवा फर्स्ट चैलेंज में चयनित और बेहतर प्रदर्शन करने वाले उम्मीदवारों को पुरस्कार के साथ एक्सपर्ट्स इंडस्ट्री और स्टार्टअप क्षेत्र से जुड़े लोगों से मार्गदर्शन मिलेगा.
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        <pubDate>Tue, 22 Sep 2026 22:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>NCERT ने बदला कक्षा 9 का सिलेबस, गणित की नई किताब जारी</title>
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        <description><![CDATA[ कक्षा 9 में पढ़ने वाले छात्रों के लिए नए शैक्षणिक सत्र में पढ़ाई का तरीका और पाठ्यक्रम बदलने की दिशा में NCERT ने एक और कदम बढ़ाया है. राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने 2026-27 के लिए कक्षा 9 की संशोधित पाठ्य पुस्तकों को जारी करना शुरू कर दिया है. इसके तहत गणित की नई किताब बाजार में उपलब्ध हो गई है, जबकि सामाजिक-विज्ञान की नई किताब भी जल्दी छात्रों के लिए उपलब्ध होगी. यह किताबें संशोधित स्कूली सिलेबस के तहत तैयार की गई है. NCERT के अनुसार नए संस्करण राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क फॉर स्कूल एजुकेशन (NCF-SE) 2023 के अनुरूप तैयार किए जा रहे हैं. नई किताबों को चरणबद्ध तरीके से जारी करने की योजना के तहत यह प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है.&amp;nbsp;
गणित की नई किताब बाजार में उपलब्ध&amp;nbsp;
कक्षा 9 की गणित की संशोधित किताब Ganita Manjari पार्ट 2 की छपाई पूरी हो चुकी है और इसे 21 सितंबर 2026 से बिक्री के लिए उपलब्ध करा दिया गया है. छात्र, पेरेंट्स, टीचर्स और स्कूल से अधिकृत माध्यमों से खरीद सकते हैं. NCERT ने स्पष्ट किया है कि किताब की उपलब्धता 2026-27 के लिए लागू किए जा रहे संशोधित पाठ्यक्रम का हिस्सा है. यानी नए शैक्षणिक सत्र में कक्षा 9 के लिए जारी किए जा रहे अपडेटेड पाठ्यक्रम के अनुसार छात्रों को नई किताब उपलब्ध कराई जा रही है.&amp;nbsp;
30 सितंबर से मिलेगी सोशल साइंस की नई किताब&amp;nbsp;
गणित के बाद कक्षा 9 की सामाजिक विज्ञान की संशोधित पाठ्यपुस्तक भी जारी की जाएगी. Understanding Society- India &amp;amp; Beyond पार्ट 2 की बिक्री 30 सितंबर 2026 से शुरू होगी. NCERT के अनुसार छात्र और स्कूल इस किताब के उपलब्ध होने के बाद इसे भी अधिकृत बिक्री माध्यमों से खरीद सकेंगे. इस तरह कक्षा 9 के दोनों विषयों के नए संस्करण अलग-अलग तारीखों पर छात्रों के लिए उपलब्ध होंगे.&amp;nbsp;
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कहां से खरीदें NCERT की नई किताबें?
NCERT ने छात्रों, पेरेंट्स, शिक्षकों और स्कूलों को किताबें अधिकृत माध्यमों से ही लेने की सलाह दी है. गणित की नई किताब अभी उपलब्ध है, जबकि सामाजिक विज्ञान की किताब 30 सितंबर से खरीदी जा सकेगी. दोनों किताबें एनसीईआरटी सेल काउंटर्स, एनसीईआरटी की ऑफिशियल वेबसाइट और अमेजॉन पर उपलब्ध कराई जाएगी.&amp;nbsp;
NEP 2020 और NCF-SE 23 के तहत बदलाव&amp;nbsp;
कक्षा 9 की नई किताबों को संशोधित पाठ्यक्रम के अनुरूप तैयार किया गया है. एनसीईआरटी का कहना है कि नए संस्करण छात्रों की बदलती सीखने की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किए गए हैं और स्कूलों में संशोधित पाठ्यक्रम को लागू करने में मदद करेंगे. एनसीईआरटी ने यह भी साफ किया है कि गणित और सामाजिक विज्ञान की किताबों को तय योजना और पहले से स्वीकृत कार्यक्रम के अनुसार उपलब्ध कराया जा रहा है.
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        <pubDate>Tue, 22 Sep 2026 22:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>यूपी 11,508 शिक्षक भर्ती में शिक्षामित्रों को मिलेगा वेटेज? आयु में छूट की तैयारी</title>
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        <description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश में 11,508 सहायक अध्यापक पदों पर चल रही भर्ती में शिक्षामित्र को लेकर तस्वीर बदलती नजर आ रही है. भर्ती का विज्ञापन जारी होने के बाद शिक्षामित्रों को एक्सपीरियंस के आधार पर वेटेज दिए जाने का उल्लेख नहीं था. अब बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के पुराने आदेश की जानकारी उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को भेजे जाने के बाद दोबारा विचार शुरू हो गया है. आयोग ने मामले पर फैसला लेने के लिए चार सदस्यीय कमेटी भी गठित की है. यह मामला इसलिए भी जरूरी है, क्योंकि प्रदेश में बड़ी संख्या में शिक्षामित्र इस भर्ती से जुड़े हुए हैं. मौजूदा भर्ती विज्ञापन में शिक्षामित्रों को अधिकतम 60 वर्ष की उम्र तक आवेदन के लिए पात्र माना गया है. लेकिन उनके एक्सपीरियंस के आधार पर मिलने वाले वेटेज का प्रावधान स्पष्ट नहीं है.
सुप्रीम कोर्ट के आदेश की दी गई जानकारी&amp;nbsp;
बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव सुरेंद्र कुमार तिवारी ने शिक्षा सेवा चयन आयोग के सचिव मनोज कुमार को पत्र भेजकर 18 नवंबर 2020 के सुप्रीम कोर्ट के आदेश की जानकारी दी गई है. राम शरण मौर्य मामले में शीर्ष अदालत ने शिक्षामित्रों को आगे की शिक्षक चयन प्रक्रिया में एक और अवसर देने की बात कही थी. हालांकि इस अवसर को किस तरीके से और किस व्यवस्था के तहत दिया जाना है, इसे लेकर राज्य सरकार को व्यवस्था करने का अधिकार दिया गया था. अब परिषद की ओर से आदेश की जानकारी मिलने के बाद आयोग की चार सदस्यीय कमेटी इस पूरे मामले को देख रही है. कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर आगे फैसला लिया जा सकता है.&amp;nbsp;
पहले भी मिल चुका है एक्सपीरियंस वेटेज&amp;nbsp;
शिक्षामित्रों को इससे पहले 68,500 और 69,000 सहायक अध्यापक भर्ती में उनके अनुभव के आधार पर वेटेज दिया गया था. जानकारी के अनुसार उस समय प्रतिवर्ष 2.5 अंक के हिसाब से वेटेज का प्रावधान था और इसकी अधिकतम सीमा 25 अंक रखी गई थी. इसी व्यवस्था को देखते हुए इस भर्ती में भी शिक्षामित्र को अनुभव के आधार पर वेटेज दिए जाने की उम्मीद है. हालांकि यह तय नहीं हुआ है कि मौजूदा भर्ती में कितने अंक या किस फॉर्मूले के तहत वेटेज मिलेगा.&amp;nbsp;
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भर्ती विज्ञापन में नहीं था वेटेज का जिक्र&amp;nbsp;
11,508 पदों की भर्ती का विज्ञापन जारी होने के बाद शिक्षामित्रों के बीच भर्ती को लेकर सवाल उठे थे कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद वेटेज का उल्लेख क्यों नहीं किया गया. रिपोर्ट के अनुसार भर्ती का विज्ञापन जारी होने के बाद ही बेसिक शिक्षा विभाग में आयोग को पुराने आदेश की जानकारी भेजी है. इससे पहले जारी विज्ञापन में शिक्षामित्रों के लिए 60 वर्ष तक आवेदन की पात्रता का प्रावधान जरूरी था, लेकिन अनुभव के लिए अलग वेटेज का उल्लेख नहीं था.&amp;nbsp;
विशेष टीईटी को लेकर भी मांग&amp;nbsp;
शिक्षामित्र लंबे समय से विशेष टीईटी में शामिल होने का अवसर देने की मांग भी कर रहे हैं. उनका कहना है कि पात्रता परीक्षा पास करने के बाद शिक्षक भर्ती में अनुभव का लाभ उनके लिए जरूरी होगा. अब भारांक को लेकर शुरू हुई प्रक्रिया के साथ इस मांग को लेकर भी शिक्षामित्रों की उम्मीद बढ़ गई है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Tue, 22 Sep 2026 22:30:05 +0530</pubDate>
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        <title>पहले DSP, फिर UPSC पास कर बनीं Gen Z IPS, जानें जया शर्मा का सफर</title>
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        <description><![CDATA[ पहले DSP, फिर UPSC पास कर बनीं Gen Z IPS, जानें जया शर्मा का सफर ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 22 Sep 2026 22:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>CBSE 10&amp;12वीं के सैंपल पेपर जारी, मार्किंग स्कीम भी हुई जारी</title>
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        <description><![CDATA[ सीबीएसई ने 2027 शैक्षणिक सत्र के लिए सैंपल क्वेश्चन पेपर और मार्किंग स्कीम जारी कर दी है. दोनों कक्षाओं के अलग-अलग विषयों के सैंपल पेपर और उनके अनुसार मार्किंग स्कीम सीबीएसई की ऑफिशियल एकेडमिक वेबसाइट cbseacademic.nic.in. पर जारी की गई है. छात्र उनकी मदद से बोर्ड परीक्षाओं के पेपर का पैटर्न, सवालों का नेचर और अंकों के वितरण को समझ सकते हैं. बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि 2026-27 के लिए असेसमेंट स्कीम या पासिंग क्राइटेरिया में कोई बदलाव नहीं किया गया है. यानी इस सत्र में भी परीक्षा का ढांचा पिछले सत्र में लागू व्यवस्था के अनुसार ही रहेगा.&amp;nbsp;
सैंपल पेपर से समझें कैसा होगा बोर्ड का पेपर?&amp;nbsp;
सीबीएसई ने कक्षा 10वीं और 12वीं के विषयावर सैंपल पेपर जारी किए हैं. इन पेपर में यह समझने में मदद मिलेगी कि परीक्षा में सवाल किस तरह पूछे जा सकते हैं. प्रश्न पत्र को अलग-अलग क्षेत्र में किस तरह बांटा गया है और अलग-अलग सवालों के लिए कितने अंक निर्धारित किए जा सकते हैं. इसके साथ ही जारी मार्किंग स्कीम भी छात्रों के लिए जरूरी है. इससे उन्हें पता चलेगा कि किसी सवाल के उत्तर का मूल्यांकन किस आधार पर किया जाएगा और अलग-अलग उत्तरों के लिए अंक किस तरह दिए जाएंगे. छात्र पहले एसक्यूपी हल कर सकते हैं. फिर मार्किंग स्कीम से अपने उत्तरों का मिलान कर अपनी तैयारी को बेहतर कर सकते हैं.&amp;nbsp;
पास होने के नियम में भी बदलाव नहीं&amp;nbsp;
सीबीएसई ने 2026-27 सत्र के लिए असेसमेंट सिस्टम में किसी बदलाव की बात नहीं कही है. प्रश्न पत्र का डिजाइन और मूल्यांकन व्यवस्था 2025-26 सत्र में लागू ढांचे के अनुसार ही रहेगी. कक्षा 10 और 12वीं दोनों के छात्रों के लिए पासिंग क्राइटेरिया भी पहले जैसा ही है. दिए गए विवरण के अनुसार छात्रों को प्रत्येक विषय में कम से कम 33 प्रतिशत अंक हासिल करना होगा.&amp;nbsp;
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कैसे डाउनलोड करें सीबीएसई सैंपल पेपर 2027?&amp;nbsp;

सीबीएसई सैंपल पेपर डाउनलोड करने के लिए सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट cbseacademic.nic.in. पर जाएं.&amp;nbsp;
इसके बाद होम पेज पर सैंपल क्वेश्चन पेपर सेक्शन खोलें.&amp;nbsp;
अब एसक्यूपी 2026-27 का ऑप्शन चुनें.&amp;nbsp;
इसके बाद क्लास 10वीं या क्लास 12वीं का चयन करें.&amp;nbsp;
अब अपनी जरूरत के अनुसार विषय चुनें और उसके सामने दिए लिंक पर क्लिक करें.&amp;nbsp;
इसके बाद सैंपल क्वेश्चन पेपर और मार्किंग स्कीम की पीडीएफ खुल जाएगी, इसे आप डाउनलोड कर सकते हैं.&amp;nbsp;

अभी जारी नहीं हुई बोर्ड परीक्षा की डेटशीट&amp;nbsp;
सीबीएसई ने फिलहाल 2027 बोर्ड परीक्षाओं की आधिकारिक डेटशीट जारी नहीं की है. डेट शीट में परीक्षा की तारीख, विषय, समय और जरूरी निर्देशों की जानकारी दी जाएगी. वहीं कुछ रिपोर्ट के अनुसार बोर्ड की ओर से टाइम टेबल अक्टूबर 2026 तक जारी होने की उम्मीद है.
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        <pubDate>Tue, 22 Sep 2026 22:30:02 +0530</pubDate>
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        <title>IIT बॉम्बे से बीटेक, UPSC में AIR 1, जानें कौन है IAS टॉपर शुभम कुमार?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/iit-बॉम्बे-से-बीटेक-upsc-में-air-1-जानें-कौन-है-ias-टॉपर-शुभम-कुमार</link>
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        <description><![CDATA[ IIT बॉम्बे से बीटेक, UPSC में AIR 1, जानें कौन है IAS टॉपर शुभम कुमार? ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 22 Sep 2026 06:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>छात्रों की मंत्री को धमकी, फेरों से पहले भर्ती शेड्यूल नहीं आया तो बाराती बनेंगे अभ्यर्थी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/छात्रों-की-मंत्री-को-धमकी-फेरों-से-पहले-भर्ती-शेड्यूल-नहीं-आया-तो-बाराती-बनेंगे-अभ्यर्थी</link>
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        <description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश में शिक्षक भर्ती का विवाद अब एक बेहद दिलचस्प और अनोखे मोड़ पर पहुंच गया है. बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह की शादी के वायरल कार्ड के बाद, अब आंदोलनकारी युवाओं ने सरकार को एक खुला चेतावनी दे दिया है। 68500 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों का साफ कहना है कि अगर माननीय शिक्षा मंत्री के शादी के फेरों से पहले विभाग ने उनकी भर्ती का नया शेड्यूल जारी नहीं किया, तो वे सभी मिलकर सीधे शादी समारोह में पहुंच जाएंगे.
&amp;nbsp;
बेरोजगार युवाओं के इस नए एलान ने सोशल मीडिया से लेकर उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों तक हलचल तेज कर दी है. यह अपनी मांगों को मनवाने के लिए युवाओं द्वारा अपनाया गया अब तक का सबसे अनोखा दबाव बनाने का तरीका है. आइए जानते हैं कि पूरा मामला क्या है और अभ्यर्थियों की नई रणनीति क्या है.

क्या लिखा है इस अनोखे शादी के कार्ड में?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस शादी के कार्ड को बिल्कुल असली शादी के कार्ड की तरह डिजाइन किया गया है. कार्ड पर बड़े-बड़े अक्षरों में माननीय संदीप सिंह जी, बेसिक शिक्षा मंत्री, उत्तर प्रदेश के पावन वैवाहिक बंधन में शुभ विवाह का नाम लिखा हुआ है. इसमें आगे लिखा गया है कि इस विवाह की खुशी में 68500 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी विशेष रूप से आमंत्रित हैं. साथ ही, कार्ड में शादी की तारीख 27 नवम्बर 2026 और स्थान दिल्ली लिखा गया है.

&amp;nbsp;कार्ड के सबसे नीचे एक नोट लिखा है जो लोगों का सबसे ज्यादा ध्यान खींच रहा है. इसमें लिखा है- इस शुभ अवसर पर पोस्टर बैनर के साथ उपस्थित होकर आशीर्वाद प्रदान करें. यानी अभ्यर्थी इस कथित शादी में अपने हक के बैनर और पोस्टर लेकर पहुंचने की बात कह रहे हैं.&amp;nbsp;



फेरों से पहले चाहिए तारीख अभ्यर्थियों की मांग
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस शादी के कार्ड को बिल्कुल असली शादी के कार्ड की तरह डिजाइन किया गया है. कार्ड पर बड़े-बड़े अक्षरों में माननीय संदीप सिंह जी, बेसिक शिक्षा मंत्री, उत्तर प्रदेश के पावन वैवाहिक बंधन में शुभ विवाह का नाम लिखा हुआ है. इसमें आगे लिखा गया है कि इस विवाह की खुशी में 68500 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी विशेष रूप से आमंत्रित हैं. साथ ही, कार्ड में शादी की तारीख 27 नवम्बर 2026 और स्थान दिल्ली लिखा गया है.&amp;nbsp;
&amp;nbsp;कार्ड के सबसे नीचे एक नोट लिखा है जो लोगों का सबसे ज्यादा ध्यान खींच रहा है. इसमें लिखा है- इस शुभ अवसर पर पोस्टर बैनर के साथ उपस्थित होकर आशीर्वाद प्रदान करें. यानी अभ्यर्थी इस कथित शादी में अपने हक के बैनर और पोस्टर लेकर पहुंचने की बात कह रहे हैं.&amp;nbsp;
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शादी में आशीर्वाद के साथ मांगेंगे अपना हक
अभ्यर्थियों ने बहुत ही अनोखे लहजे में कहा है कि वे वहां कोई हंगामा करने नहीं, बल्कि मंत्री जी को उनके नए जीवन की शुरुआत पर बधाई और आशीर्वाद देने जाएंगे. लेकिन इसके साथ ही, वे अपने हाथों में तख्तियां और बैनर भी रखेंगे, ताकि वहां आने वाले VVIP मेहमानों और देश की जनता को पता चल सके कि उत्तर प्रदेश के योग्य युवा शिक्षक आज भी सड़कों पर भटकने को मजबूर हैं. युवाओं का मानना है कि इस अनोखे कदम से विभाग पर नैतिक दबाव बनेगा और उनकी फाइलों पर अटके काम तेजी से आगे बढ़ेंगे.

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        <pubDate>Tue, 22 Sep 2026 06:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>छात्रों, की, मंत्री, को, धमकी, फेरों, से, पहले, भर्ती, शेड्यूल, नहीं, आया, तो, बाराती, बनेंगे, अभ्यर्थी</media:keywords>
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        <title>30 सितंबर को आएगा NEET PG 2026 रिजल्ट, आंसर की का ऐलान नहीं </title>
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        <description><![CDATA[ नीट पीजी 2026 परीक्षा में शामिल हुए उम्मीदवारों को अब रिजल्ट और आंसर की का इंतजार है. नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंस की ओर से अभी तक प्रोविजनल आंसर की जारी करने की तारीख और समय की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है. हालांकि बोर्ड पहले ही साफ कर चुका है कि नीट पीजी 2026 का रिजल्ट 30 सितंबर तक जारी किया जाना है. ऐसे में उम्मीदवारों की नजर अब आंसर की और रिस्पांस शीट पर बनी हुई है.
पहली बार जारी होगी रिकॉर्डेड रिस्पांस शीट&amp;nbsp;
नीट पीजी 2026 की आंसर की के साथ उम्मीदवारों की रिकॉर्डेड रिस्पांस शीट भी उपलब्ध कराई जाएगी. इसके जरिए उम्मीदवार यह देख सकेंगे कि परीक्षा में उन्होंने किस सवाल के सामने कौन सा उत्तर दर्ज किया था. प्रोविजनल आंसर की में प्रत्येक प्रश्न के क्वेश्चन आईडी के साथ सही उत्तर दिया जाएगा. उम्मीदवार अपने रिकॉर्ड किए गए जवाब को ऑफिशियल आंसर से मिलाकर स्कोर का अनुमान लगा सकेंगे. अगर एनबीईएमएस की ओर से आपत्ति दर्ज कराने की सुविधा दी जाती है, तो उम्मीदवार उस प्रक्रिया का भी इस्तेमाल कर सकेंगे.&amp;nbsp;
30 अगस्त को हुई थी परीक्षा&amp;nbsp;
नीट पीजी 2026 परीक्षा 30 अगस्त को आयोजित की गई थी. परीक्षा एक ही शिफ्ट में सुबह 9 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक हुई थी. इस परीक्षा के लिए 2,73,096 उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन कराया था, जबकि 2,65,980 उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हुए थे. परीक्षा देशभर के 339 शहरों में 1,111 केंद्रों पर आयोजित की गई थी. जयपुर के दो परीक्षा केंद्रों पर तकनीकी समस्या से प्रभावित उम्मीदवारों के लिए एमबीईएमएस ने 5 सितंबर को दोबारा परीक्षा भी कराई. &amp;nbsp;इस री-एग्जाम में 2,445 उम्मीदवार शामिल हुए थे.&amp;nbsp;
नीट पीजी आंसर की कैसे चेक करें?&amp;nbsp;

आंसर की चेक करने के लिए उम्मीदवार सबसे पहले एनबीईएमएस की ऑफिशियल वेबसाइट natboard.edu.in पर जाएं.
इसके बाद नीट पीजी सेक्शन खोलें.
अब आंसर की या &amp;nbsp;रिस्पॉन्स सीट से संबंधित लिंक पर क्लिक करें.
इसके बाद मांगी गई लॉगिन डिटेल दर्ज करें.
अब क्वेश्चन आईडी, सही उत्तर और रिकॉर्डेड रिस्पांस शीट देखें.
आंसर की और रिस्पॉन्स शीट डाउनलोड करके उसे सेव भी कर सकते हैं&amp;nbsp;

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सही जवाब पर 4 अंक, गलत पर 1 अंक कटेगा&amp;nbsp;
इस साल नीट पीजी परीक्षा में 180 प्रश्न थे. सही उत्तर के लिए चार अंक दिए जाएंगे, जबकि गलत उत्तर के लिए 1 अंक काटा जाएगा. इसलिए उम्मीदवार आंसर की और अपनी रिकॉर्डेड रिस्पॉन्स सीट मिलने के बाद इसी मार्किंग स्कीम के आधार पर संभावित स्कोर निकाल सकेंगे.&amp;nbsp;
30 सितंबर तक रिजल्ट होना है जारी&amp;nbsp;
एनबीईएमएस के टेस्ट शेड्यूल के अनुसार नीट पीजी 2026 का रिजल्ट 30 सितंबर तक जारी किया जाएगा. परीक्षा एमडी-एमएस और पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा प्रोग्राम में एडमिशन के लिए आयोजित की गई थी. वहीं उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि आंसर की की निश्चित तारीख के समय को लेकर किसी भी फेक नोटिस पर भरोसा न करें. इसे लेकर एनबीईएमएस की ऑफिशियल वेबसाइट पर ही नोटिस देखें. &amp;zwnj;
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        <pubDate>Tue, 22 Sep 2026 06:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>सितंबर, को, आएगा, NEET, 2026, रिजल्ट, आंसर, की, का, ऐलान, नहीं </media:keywords>
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        <title>NEET PG काउंसलिंग में फर्जीवाड़ा, उत्तराखंड में रिजर्व कैटेगरी की होगी जांच</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/neet-pg-काउंसलिंग-में-फर्जीवाड़ा-उत्तराखंड-में-रिजर्व-कैटेगरी-की-होगी-जांच</link>
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        <description><![CDATA[ उत्तराखंड में मेडिकल कॉलेज में एडमिशन के लिए इस्तेमाल किए गए कथित फर्जी प्रमाण पत्र को लेकर जांच का दायरा बढ़ा गया है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश के बाद अब सिर्फ स्वतंत्रता सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र ही नहीं, बल्कि सभी रिजर्व कैटेगरी के तहत जमा किए गए प्रमाण पत्र की जांच और वेरिफिकेशन किया जाएगा. यह मामला नीट यूजी 2026 की राज्य स्तरीय काउंसलिंग के दौरान फर्जी डॉक्यूमेंट के जरिए मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लेने से जुड़ा है. सरकार के अनुसार शुरुआती जांच में 8 उम्मीदवारों के प्रमाणपत्रों में गड़बड़ी सामने आई. इन उम्मीदवारों की प्रमाण पत्र रद्द किए जा चुके हैं और उनके एडमिशन की प्रक्रिया भी निरस्त कर दी गई है.&amp;nbsp;
7 सदस्यीय SIT कर रही जांच&amp;nbsp;
मामले की जांच के लिए 7 सदस्यीय विशेष जांच दल यानी एसआईटी का गठन किया गया है. इसकी अगुवाई एसपी ग्रामीण जया बालोनी कर रही है. एसआईटी ने स्वतंत्रता सेनानी आश्रित प्रमाण पत्रों से जुड़े मामलों की गहराई से जान शुरू कर दी है. टीम ने कई लोगों से पूछताछ की है और संबंधित विभागों से डॉक्यूमेंट से भी मांगे हैं. जांच के दौरान एक मामले में सामने आया कि जिस स्वतंत्रता सेनानी धर्मवीर वर्मा की पहचान का गलत इस्तेमाल किया गया, उनकी मृत्यु हो चुकी है. उनके बेटे और पोते को इस बात की जानकारी तक नहीं थी कि उनके नाम से जारी पहचान का इस्तेमाल मेडिकल एडमिशन के लिए किया जा रहा है. ऐसे में एसआईटी फिलहाल उन मामलों पर ध्यान दे रही है, जिनमें फर्जी स्वतंत्रता सेनानी प्रमाण पत्र को लेकर एफआईआर दर्ज हुई है. हालांकि जांच के दौरान अगर रिजर्वेशन के दूसरे प्रमाण पत्र में गलत इस्तेमाल के मामले सामने आते हैं, तो जांच का दायरा और बढ़ाया जा सकेगा सकता है.&amp;nbsp;
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अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में&amp;nbsp;
एसआईटी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि फर्जी प्रमाण पत्र तैयार करने में किसी संगठित गिरोह की भूमिका थी या नहीं. एसपी जय बालोनी के अनुसार शुरुआती तौर पर किसी गिरोह के शामिल होने की संभावना दिखाई दे रही है. साथ ही प्रमाणपत्रों की प्रक्रिया से जुड़े सरकारी कर्मचारियों के लापरवाही भी सामने आई है. अब यह जांच की जा रही है कि अधिकारियों की कथित गिरोह के साथ मिलीभगत थी या ज्यादा काम के दबाव के कारण प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई.&amp;nbsp;
करीब 370 लोगों से जुड़े डॉक्यूमेंट की शिकायत&amp;nbsp;
यह मामला सामाजिक कार्यकर्ता प्रदीप बहुगुणा की शिकायत के बाद सामने आया था. उन्होंने देहरादून के जिलाधिकारी को शिकायत देकर आरोप लगाया था कि उत्तराखंड से बाहर 10वीं और 12वीं की पढ़ाई करने वाले कुछ उम्मीदवारों ने कथित तौर पर अंतिम समय में ऑनलाइन डोमिसाइल और स्वतंत्रता सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र हासिल किए. 8 सितंबर को चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना ने भी काउंसलिंग की चॉइस फिलिंग की समय सीमा को देखते हुए तत्काल मजिस्ट्रेट जांच की मांग की थी. बाद में 18 सितंबर को बहुगुणा ने स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल से मुलाकात कर करीब 370 लोगों से जुड़ा डॉक्यूमेंट सौंपा, जिन पर फर्जी डॉक्यूमेंट के जरिए सरकारी लाभ और प्रोफेशनल कोर्स में एडमिशन लेने का आरोप लगाया गया था.
ये भी पढ़ें-30 सितंबर को आएगा NEET PG 2026 रिजल्ट, आंसर की का ऐलान नहीं&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 22 Sep 2026 06:30:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>NEET, काउंसलिंग, में, फर्जीवाड़ा, उत्तराखंड, में, रिजर्व, कैटेगरी, की, होगी, जांच</media:keywords>
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        <title>यूपी नीट यूजी 2026 राउंड 2 मेरिट लिस्ट जारी, 33,043 अभ्यर्थी एलिजिबल </title>
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        <description><![CDATA[ यूपी नीट यूजी काउंसलिंग 2026 के राउंड 2 का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों के लिए जरूरी अपडेट है. उत्तर प्रदेश सरकार ने 21 सितंबर 2026 को राउंड 2 की मेरिट लिस्ट जारी कर दी है. इस मेरिट लिस्ट में 33,043 उम्मीदवारों को चॉइस फिलिंग के लिए एलिजिबल घोषित किया है. जिन उम्मीदवारों ने दूसरे राउंड के लिए रजिस्ट्रेशन किया था, वह अपनी मेरिट स्थिति ऑफिशियल वेबसाइट upneet.gov.in पर देख सकते हैं. राउंड 2 की मेरिट लिस्ट जारी होने के साथ ही काउंसलिंग का संशोधित शेड्यूल भी जारी किया गया है. अब एलिजिबल उम्मीदवार तय समय के अंदर मेडिकल और डेंटल कॉलेज के लिए अपनी पसंद भर सकेंगे.&amp;nbsp;
33,043 उम्मीदवार एलिजिबल&amp;nbsp;
यूपी नीट यूजी राउंड 2 मेरिट लिस्ट में जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार दूसरे राउंड की चॉइस फिलिंग के लिए कुल 33,043 उम्मीदवार एलिजिबल है. वहीं कुल 3,656 सीटों के लिए यह काउंसलिंग प्रक्रिया आयोजित की जा रही है, जिसमें उत्तर प्रदेश की सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 396 और प्राइवेट कॉलेज में 3260 सीटें है.
24 सितंबर तक कर सकेंगे चॉइस फिलिंग&amp;nbsp;
संशोधित शेड्यूल के अनुसार राउंड 2 के लिए चॉइस फिलिंग की प्रक्रिया 21 सितंबर को दोपहर 2 बजे से शुरू की हो गई है. उम्मीदवार 24 सितंबर 2026 को सुबह 11 बजे तक अपनी पसंद के कॉलेज और कोर्स भर सकते हैं. चॉइस फिलिंग के बाद दूसरे राउंड का सीट अलॉटमेंट किया जाएगा. सरकार के अनुसार सीटों का आवंटन 25 सितंबर 2026 को होगा, वहीं सीट अलॉटमेंट लेटर 2026 से 1 अक्टूबर 2026 तक डाउनलोड कर सकेंगे.&amp;nbsp;
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ऐसे चेक करें राउंड 2 की मेरिट लिस्ट&amp;nbsp;

दूसरे राउंड की मेरिट लिस्ट चेक करने के लिए सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट upneet.gov.in पर जाएं.
इसके बाद होम पेज पर यूपी नीट यूजी काउंसलिंग 2026 राउंड 2 मेरिट लिस्ट के लिंक पर क्लिक करें.&amp;nbsp;
अब मेरिट लिस्ट स्क्रीन पर खुल जाएगी.
इसमें अपना नाम और संबंधित जानकारी चेक करें.&amp;nbsp;
इसके बाद मेरिट लिस्ट डाउनलोड कर लें और आगे की जरूरत के लिए इसकी कॉपी सुरक्षित रख लें.&amp;nbsp;

राउंड 2 में सीट मिली तो एडमिशन जरूरी&amp;nbsp;
राउंड 2 में सरकारी या प्राइवेट मेडिकल और डेंटल कॉलेज में सीट अलॉट होने वाले उम्मीदवारों के लिए एक अहम नियम है. उम्मीदवार को आवंटित सीट पर तय प्रक्रिया के तहत एडमिशन लेना होगा. अगर कोई उम्मीदवार राउंड 2 में मिली सीट पर एडमिशन नहीं लेता है, तो उसका पूरा सिक्योरिटी डिपॉजिट जब्त कर लिया जाएगा. ऐसे में उम्मीदवार तीसरे राउंड की काउंसलिंग में तभी शामिल हो सकेंगे, जब वह दोबारा दोबारा निर्धारित सिक्योरिटी राशि जमा करें.
ये भी पढ़ें-30 सितंबर को आएगा NEET PG 2026 रिजल्ट, आंसर की का ऐलान नहीं&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 22 Sep 2026 06:30:02 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>यूपी, नीट, यूजी, 2026, राउंड, मेरिट, लिस्ट, जारी, 33, 043, अभ्यर्थी, एलिजिबल </media:keywords>
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        <title>कैसे करें UPPCS इंटरव्यू की तैयारी, काम आएंगे ये टिप्स?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/कैसे-करें-uppcs-इंटरव्यू-की-तैयारी-काम-आएंगे-ये-टिप्स</link>
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        <description><![CDATA[ UPPCS की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए लिखित परीक्षा के बाद इंटरव्यू भी एक महत्वपूर्ण चरण होता है. कई विद्यार्थी लिखित परीक्षा की तैयारी तो अच्छी तरह कर लेते हैं, लेकिन इंटरव्यू के समय पूछे जाने वाले सवालों को लेकर उन्हें घबराहट होने लगती है. इंटरव्यू में सिर्फ किताबी जानकारी ही नहीं देखी जाती, बल्कि इंटरव्यू में&amp;nbsp; किस सवाल को किस तरह समझा जाता&amp;nbsp; है, उस पर कैसे सोचा जा सकता है और अपनी बात किस तरह सामने रखता है, इस पर भी ध्यान दिया जाता है. ऐसे में इंटरव्यू से पहले पढ़ाई के साथ-साथ सवालों के जवाब देने और अपनी बात रखने की प्रैक्टिस करना भी जरूरी है. अगर आप भी UPPCS इंटरव्यू की तैयारी कर रहे हैं तो इन आसान टिप्स की मदद से अपनी तैयारी को बेहतर कर सकते हैं.
सबसे पहले अपने बारे में करें पूरी तैयारी
इंटरव्यू में शुरुआत में उसके बारे में कई सामान्य सवाल पूछे जा सकते हैं. इसलिए अपने नाम, पढ़ाई, कॉलेज, जिले, गांव या शहर और अपनी रुचियों के बारे में अच्छी जानकारी रखें. अगर आपने किसी विषय को अपनी रुचि या शौक के तौर पर बताया है तो उससे जुड़े सवालों की भी तैयारी कर लें. इसी तरह अपनी पढ़ाई से जुड़े विषयों के सामान्य सवाल भी दोहरा लें. अपने बारे में दी गई जानकारी से जुड़े सवालों का जवाब देते समय कोशिश करें कि बात साफ हो और आपको अपने जवाब को लेकर किसी तरह की उलझन न हो.
उत्तर प्रदेश से जुड़े जरूरी विषयों को पढ़ें
UPPCS इंटरव्यू की तैयारी करते समय उत्तर प्रदेश से जुड़े विषयों पर खास ध्यान देना चाहिए. राज्य के इतिहास, भूगोल, संस्कृति, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और अर्थव्यवस्था से जुड़े जरूरी विषयों को एक बार जरूर दोहरा लें. इसके अलावा अपने जिले से जुड़ी खास जानकारी भी जरूर रखें. आपके जिले की कोई प्रसिद्ध जगह, फसल, उद्योग, समस्या या खास पहचान इंटरव्यू में सवाल का हिस्सा बन सकती है. इसलिए अपने जिले और उत्तर प्रदेश से जुड़े सवालों को नजरअंदाज न करें.
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रोजाना देश-दुनिया की खबरें पढ़ें
इंटरव्यू की तैयारी के लिए रोजाना &amp;nbsp;देश, दुनिया और खासकर उत्तर प्रदेश की जरूरी खबरों पर नजर रखनी चाहिए. सरकार के बड़े फैसले, नई योजनाएं, शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य, कृषि और सामाजिक मुद्दों से जुड़ी खबरों को पढ़ना जरूरी है. लेकिन केवल खबर पढ़कर आगे बढ़ने के बजाय उसके बारे में अपनी समझ भी बनाएं. अगर किसी समस्या पर सवाल पूछा जाता है तो उसके कारण, आम लोगों पर उसके असर और उसे कम करने के &amp;nbsp;तरीकों के बारे में सोचने की आदत डालें.
घर पर ही सवालों के जवाब देने की प्रैक्टिस करें
इंटरव्यू की तैयारी के लिए घर पर सवालों के जवाब बोलकर देने की प्रैक्टिस काफी मददगार हो सकती है. आप अपने दोस्त या परिवार के किसी सदस्य से कह सकते हैं कि वह आपसे सामान्य और मुश्किल सवाल पूछे. इसके अलावा अपने बारे में, अपनी पढ़ाई, जिले और मौजूदा मुद्दों से जुड़े सवालों की एक सूची बनाकर भी अभ्यास कर सकते हैं. जवाब देते समय कोशिश करें कि बात बहुत लंबी न हो और जो सवाल पूछा गया है, उसी के हिसाब से जवाब दिया जाए. अगर किसी सवाल का जवाब नहीं आता है तो गलत जानकारी देने के बजाय ईमानदारी से अपनी बात रखना बेहतर रहेगा.
घबराने के बजाय आत्मविश्वास बनाए रखें
इंटरव्यू के दौरान घबराहट होना सामान्य है, लेकिन कोशिश करें कि इसका असर आपके जवाबों पर न पड़े. किसी भी सवाल का जवाब देने से पहले उसे ध्यान से सुनें और अगर जरूरत हो तो कुछ सेकंड सोचकर जवाब दें. बहुत तेज बोलने या बिना सोचे तुरंत जवाब देने से बचें. सामने बैठे लोगों से सामान्य तरीके से बात करें और अपनी बात साफ शब्दों में रखें. यह भी जरूरी नहीं कि हर सवाल का जवाब बिल्कुल सही ही आए, इसलिए अगर किसी सवाल में गलती हो जाए तो उसके बारे में सोचकर घबराने के बजाय अगले सवाल पर ध्यान दें.
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        <pubDate>Mon, 21 Sep 2026 14:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>कैसे, करें, UPPCS, इंटरव्यू, की, तैयारी, काम, आएंगे, ये, टिप्स</media:keywords>
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    <item>
        <title>यूपी में जल्द होगी होमगार्ड भर्ती, 7600 पदों पर आने वाली है वैकेंसी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/यूपी-में-जल्द-होगी-होमगार्ड-भर्ती-7600-पदों-पर-आने-वाली-है-वैकेंसी</link>
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        <description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक बहुत बड़ी और खुशखबरी सामने आ रही है, जहां राज्य सरकार जल्द ही होमगार्ड विभाग में 7,600 से अधिक पदों पर बंपर भर्ती निकालने जा रही है. उत्तर प्रदेश होमगार्ड मुख्यालय ने इस भर्ती प्रक्रिया को शुरू करने के लिए राज्य सरकार को आधिकारिक प्रस्ताव भेज दिया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंजूरी मिलते ही इस भर्ती का नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा, जिससे हजारों बेरोजगार युवाओं को रोजगार का एक शानदार अवसर मिलेगा.
होमगार्ड विभाग में पिछले काफी समय से हजारों पद खाली चल रहे हैं, जिसके कारण सुरक्षा व्यवस्था और कानून व्यवस्था को संभालने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था. इसी कमी को दूर करने के लिए शासन स्तर पर भर्ती की तैयारियां बेहद तेज कर दी गई हैं.
महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे पद
इस बार की यूपी होमगार्ड भर्ती में महिला सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. 7,600 पदों में से एक बड़ा हिस्सा महिला अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित किया जा सकता है. सरकार का लक्ष्य है कि होमगार्ड विभाग में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाया जाए ताकि वे भी राज्य की कानून व्यवस्था में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकें। पुरुष अभ्यर्थियों के लिए भी बड़ी संख्या में वैकेंसी निकाली जाएगी.
भर्ती के लिए क्या होगी योग्यता?
उत्तर प्रदेश होमगार्ड भर्ती में शामिल होने के लिए न्यूनतम योग्यताएं बेहद सरल रखी गई हैं ताकि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के युवा इसमें भाग ले सकें. आवेदन करने के लिए उम्मीदवार का किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं पास होना अनिवार्य है. कुछ विशेष पदों के लिए 12वीं पास की योग्यता भी मांगी जा सकती है. इस भर्ती के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 45 वर्ष के बीच होने की संभावना है. राज्य सरकार के नियमों के अनुसार आरक्षित वर्गों OBC, SC और ST को अधिकतम आयु सीमा में विशेष छूट दी जाएगी.
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कैसी होगी चयन प्रक्रिया?
सबसे पहले उम्मीदवारों को एक वस्तुनिष्ठ लिखित परीक्षा देनी होगी. इसमें सामान्य ज्ञान, हिंदी, गणित और उत्तर प्रदेश के सामान्य ज्ञान से जुड़े बेहद सरल और बुनियादी सवाल पूछे जाएंगे. लिखित परीक्षा पास करने वाले युवाओं को फिजिकल टेस्ट के लिए बुलाया जाएगा. इसमें पुरुषों और महिलाओं के लिए दौड़, लंबाई और सीने का माप के कड़े मानक तय किए गए हैं. अंत में, शारीरिक परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों के ओरिजिनल डाक्यूमेंट्स की जांच की जाएगी और मेडिकल टेस्ट के बाद उन्हें जॉइनिंग लेटर दे दिया जाएगा.
कब तक आ सकती है वैकेंसी?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भर्ती का प्रस्ताव शासन के पास विचाराधीन है. उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले एक से दो महीनों के भीतर, यानी साल 2026 के अंत से पहले इस भर्ती का विस्तृत नोटिफिकेशन उत्तर प्रदेश होमगार्ड विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दिया जाएगा. नोटिफिकेशन जारी होते ही ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी.
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        <pubDate>Mon, 21 Sep 2026 14:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>यूपी, में, जल्द, होगी, होमगार्ड, भर्ती, 7600, पदों, पर, आने, वाली, है, वैकेंसी</media:keywords>
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        <title>असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा में 80% प्रश्न पुराने, उम्मीदवारों ने की जांच की मांग</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/असिस्टेंट-प्रोफेसर-परीक्षा-में-80-प्रश्न-पुराने-उम्मीदवारों-ने-की-जांच-की-मांग</link>
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        <description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की असिस्टेंट प्रोफेसर गणित की मुख्य परीक्षा के बाद प्रश्न पत्र को लेकर उम्मीदवारों की आपत्ति सामने आने लगी है. 18 सितंबर को हुई इस परीक्षा में कुल 20 सवाल पूछे गए थे. वहीं उम्मीदवारों का आरोप है कि इनमें से 16 सवाल पहले ही हो चुकी प्रवक्ता भर्ती परीक्षा में पूछे जा चुके हैं. उम्मीदवारों ने इसे लेकर आयोग से पूरे मामले की जांच करने की मांग की.
उम्मीदवारों के अनुसार, जिन सवालों को दोहराने का दावा किया जा रहा है वह 19 सितंबर 2021 को हुई राजकीय माध्यमिक विद्यालयों की प्रवक्ता परीक्षा में शामिल थे. उनका कहना है कि 20 में से 16 सवाल बिल्कुल समान थे, जबकि एक सवाल में मामूली बदलाव किया गया था. इस तरह उनके अनुसार केवल तीन प्रश्न ही नए थे.&amp;nbsp;
पुराने सवालों पर क्यों उठे सवाल?
उम्मीदवारों ने परीक्षा की निष्पक्षता को लेकर इसलिए भी सवाल उठाए हैं, क्योंकि प्रवक्ता और असिस्टेंट प्रोफेसर के पद अलग हैं. उनके अनुसार दोनों पदों के लिए उम्मीदवारों ने अलग-अलग परीक्षा को ध्यान में रखकर तैयारी की थी. ऐसे में जिन उम्मीदवारों ने पहले प्रवक्ता भर्ती परीक्षा दी थी, उन्हें वहीं प्रश्न दोबारा मिलने से फायदा हो सकता है जबकि बाकी उम्मीदवारों ने असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा के लिए अलग तैयारी की थी. इस बात को आधार बनाकर उम्मीदवार प्रश्न पत्र तैयार करने की प्रक्रिया की जांच करना कराना चाहते हैं.&amp;nbsp;
2 सवाल सिलेबस से बाहर होने का भी आरोप&amp;nbsp;
उम्मीदवारों ने पेपर में दो प्रश्न निर्धारित पाठ्यक्रम से बाहर होने का दावा भी किया. उनका कहना है कि पुराने प्रश्नों को शामिल करते समय यह भी जांचा जाना चाहिए था कि वह असिस्टेंट प्रोफेसर गणित के निर्धारित सिलेबस का हिस्सा है या नहीं. इसी के साथ उम्मीदवारों में प्रश्न पत्र तैयार करने और उसका मॉडरेशन करने वाले विषयों के एक्सपर्ट की भूमिका पर भी सवाल उठाए है. उनकी मांग है कि पुराने और नए प्रश्नों का एक्सपर्ट्स की मौजूदगी में बारीकी से मिलान कराया जाए.&amp;nbsp;
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इन टॉपिक से जुड़े सवालों पर आपत्ति&amp;nbsp;
उम्मीदवारों ने जिन सवालों को लेकर आपत्ति जताई है, उनमें सम्मिश्र संख्याएं, औसत गतिज ऊर्जा, रेखीय रूपांतरण और अवकल समीकरण जैसे विषय शामिल है. इसके अलावा तीन रेखीय समीकरण, रेखाओं से बनने वाले शंकु, रैंक नलिटी प्रमेय, घन के ऊपर पृष्ठीय समाकल, व्रत की अभिलंब रेखा और प्रथम चतुर्थांश में क्षेत्रफल से जुड़े प्रश्नों को भी पुराने पेपर से समान बताया गया है. एक सवाल को लेकर उम्मीदवारों ने यह भी कहा कि वह ट्रांसिटिव रिलेशन यानी संक्रामक संबंध से जुड़े पहले पूछे गए प्रश्न जैसा है.
समिति के सामने जा सकता है मामला&amp;nbsp;
यूपीपीएससी के सचिव गिरिजेश कुमार त्यागी ने कहा कि आयोग के पास फिलहाल इस मामले की जानकारी नहीं है. उन्होंने बताया कि अगर उम्मीदवार औपचारिक रूप से आपत्ति दर्ज कराते हैं तो इसे परीक्षा समिति के सामने रखा जाएगा. उम्मीदवारों की मांग है कि दोनों प्रश्न पत्रों की प्रश्न दर प्रश्न तुलना कराई जाए और कथित तौर पर सिलेबस से बाहर पूछे गए दो सवालों की भी एक्सपर्ट से जांच कराई जाए.
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        <pubDate>Mon, 21 Sep 2026 14:30:05 +0530</pubDate>
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        <title>UGC ने बदला नियम, अब MPT&amp;MOT की डिग्री में होगा स्पेशलाइजेशन</title>
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        <description><![CDATA[ यूजीसी ने एलाइड और हेल्थ केयर से जुड़े कई डिग्री प्रोग्राम के ढांचे में बदलाव किया है. यह नया नियम शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू होगा. इसके तहत मास्टर्स ऑफ फिजियोथेरेपी और मास्टर्स ऑफ ऑक्यूपेशनल थेरेपी की डिग्री अब सामान्य नाम से नहीं, बल्कि तय स्पेशलाइजेशन के साथ दी जाएगी. यूजीसी ने यह बदलाव 27 अगस्त 2026 को भारत के राजपत्र में जारी 5 वें संशोधन के तहत किया है. यह संशोधन यूजीसी की 2014 में जारी डिग्रियों से संबंधित अधिसूचना में किया गया है. इसके तहत एलाइड और हेल्थ केयर एजुकेशन से जुड़े कई नए और संशोधित डिग्री प्रोग्राम को भी लिस्ट में शामिल किया गया है.
MPT में इन क्षेत्रों में कर सकेंगे स्पेशलाइजेशन&amp;nbsp;
2026-27 से एमपीटी करने वाले छात्रों की डिग्री में उनके स्पेशलाइजेशन का उल्लेख किया जाएगा. यूजीसी ने इसके लिए 8 क्षेत्र निर्धारित किए हैं. इनमें मस्कुलोस्केलेटल साइंसेज, न्यूरोसाइंसेज, कार्डियोवैस्कुलर और पल्मोनरी साइंसेज, स्पोर्ट्स साइंसेज, पीडियाट्रिक्स और नियोनेटल साइंसेज, ऑब्सटेट्रिक्स और गायनेकोलॉजी साइंसेज, ऑन्कोलॉजी साइंसेज और कम्युनिटी रिहैबिलिटेशन साइंसेज शामिल है. वहीं एमपीटी प्रोग्राम की न्यूनतम अवधि 2 साल होगी और इसमें प्रवेश के लिए बैचलर डिग्री जरूरी होगी.
MOT की डिग्री भी होगी स्पेशलाइजेशन के साथ&amp;nbsp;
मास्टर्स का ऑक्यूपेशनल थेरेपी के लिए भी इस तरह का बदलाव किया गया है. इसके तहत छात्रों को अलग-अलग विशेषज्ञता वाले क्षेत्रों में डिग्री प्रदान की जाएगी. एमओटी के लिए मस्कुलोस्केलेटल विज्ञान, बाल चिकित्सा और नवजात विज्ञान, तंत्रिका विज्ञान, मानसिक स्वास्थ्य, हृदय और फुफ्फुसीय विज्ञान, पुनर्वास, जराचिकित्सा, हाथ और ऑन्कोलॉजीकल विज्ञान जैसी स्पेशलाइजेशन निर्धारित की गई है. एमओटी की अवधि में भी कम से कम 2 साल रखी गई है और इसमें एडमिशन के लिए बैचलर डिग्री होगी.&amp;nbsp;
पुराने छात्रों पर लागू नहीं होगा नया नियम&amp;nbsp;
यूजीसी के नए नियम का असर पहले से पढ़ाई कर रहे छात्रों पर नहीं पड़ेगा. 2026-27 से पहले एमपीटी या एमओटी में एडमिशन ले चुके छात्रों को पहले नियमों के अनुसार ही डिग्री दी जा सकेगी. यूजीसी के डॉक्यूमेंट भी शामिल नेशनल कमीशन फॉर एलाइड एंड हेल्थ केयर प्रोफेशन के संचार में भी इस बात का उल्लेख किया गया है.&amp;nbsp;
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कई नए हेल्थ केयर डिग्री भी शामिल&amp;nbsp;
यूजीसी के पांचवें संशोधन में सिर्फ एमपीटी और एमओटी में बदलाव नहीं किया गया है. एलाइड और हेल्थ केयर एजुकेशन से जुड़े कई नए और संशोधित यूजी तथा पीजी डिग्री प्रोग्राम भी जोड़े गए हैं. इनमें बैचलर ऑफ मेडिकल लेबोरेटरी साइंस, मास्टर्स ऑफ मेडिकल लेबोरेटरी साइंस, मेडिकल माइक्रोबायोलॉजी, हेमेटोलॉजी एंड ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन और हिस्टोलॉजी और साइकोपैथोलॉजी में मास्टर्स प्रोग्राम शामिल हैं. इसके अलावा बैचलर ऑफ इमरजेंसी मेडिकल टेक्नोलॉजिस्ट, &amp;nbsp;मास्टर्स ऑफ एडवांस्ड केयर पिरामिडिक्स, बैचलर और मास्टर्स ऑफ एनेस्थीसिया एंड ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजी को भी लिस्ट में जगह दी गई है.
33 नए और 21 डिग्री प्रोग्राम में बदलाव&amp;nbsp;
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, एनसीएएचपी के नियामक ढांचे के तहत 33 नए और 21 एलाइड तथा हेल्थ केयर यूजी-पीजी डिग्री प्रोग्राम को अपडेट किया गया है. इसका उद्देश्य इन प्रोग्राम की डिग्री के नाम, अवधि और प्रवेश योग्यता में एकरूपता लाना है. यूजीसी ने यह बदलाव यूजीसी एक्ट 1956 की सेक्शन (22) 3 के तहत किया है.
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        <pubDate>Mon, 21 Sep 2026 14:30:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>DUSU चुनाव जीतने वाले यश डबास के पास कितनी पावर, कौन&amp;कौन से काम करा सकते हैं?</title>
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        <description><![CDATA[ दिल्ली यूनिवर्सिटी यानी DU में हर साल दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन (DUSU) के चुनाव होते हैं, जिसमें छात्र अलग-अलग पदों के लिए अपने उम्मीदवार चुनते हैं. इस साल भी 18 सितंबर को DUSU चुनाव के लिए वोटिंग हुई और 19 सितंबर को नतीजे घोषित किए गए. अध्यक्ष पद पर ABVP के यश डबास ने 24,576 वोट हासिल कर जीत दर्ज की. उन्होंने NSUI के विजय शंकर मीना को 2,053 वोटों से हराया. अब यश डबास DUSU के नए अध्यक्ष हैं और ऐसे में छात्रों के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर DUSU प्रेसिडेंट के पास कितनी पावर होती है और वह छात्रों के लिए कौन-कौन से काम करा सकते हैं.
कौन हैं यश डबास?
यश डबास दिल्ली के कंझावला इलाके से आते हैं. उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के श्री गुरु तेग बहादुर खालसा कॉलेज से ग्रेजुएशन किया है और कैंपस लॉ सेंटर से कानून की पढ़ाई भी की है. फिलहाल वह DU के बौद्ध अध्ययन विभाग से मास्टर्स की पढ़ाई कर रहे हैं. पढ़ाई के साथ-साथ यश डबास का टेनिस से भी जुड़ाव रहा है और उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी की ओर से ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स और खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में हिस्सा लिया है. उनकी प्रोफाइल के मुताबिक वह पिछले करीब छह साल से छात्र राजनीति और ABVP से जुड़े रहे हैं. इस बार उन्होंने ABVP के उम्मीदवार के तौर पर DUSU President का चुनाव लड़ा और जीत हासिल की.
DUSU प्रेसिडेंट की असली पावर क्या होती है?
DUSU प्रेसिडेंट की सबसे बड़ी भूमिका छात्रों का प्रतिनिधित्व करना होती है. यानी अगर छात्रों को हॉस्टल, फीस, सुरक्षा, कॉलेज की सुविधाओं, परीक्षा या दूसरी किसी समस्या का सामना करना पड़ रहा है, तो DUSU अध्यक्ष उस मुद्दे को यूनिवर्सिटी प्रशासन के सामने उठा सकते हैं. DUSU के संविधान के मुताबिक President यूनियन की बैठकों की अध्यक्षता करता है और यूनियन के कामकाज में अहम भूमिका निभाता है, लेकिन इसकी पावर किसी DU अधिकारी जैसी नहीं होती. President अकेले किसी नियम को बदलने या प्रशासन को आदेश देने का अधिकार नहीं रखता.
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हॉस्टल और PG की सुरक्षा पर उठा सकते हैं मुद्दा
यश डबास ने चुनाव जीतने के बाद छात्र सुरक्षा और रहने की व्यवस्था को प्राथमिकता देने की बात कही है. उन्होंने हर कॉलेज के हॉस्टल और PG की सेफ्टी ऑडिट कराने की बात कही है, ताकि वहां मौजूद सुरक्षा से जुड़ी कमियों का पता लगाया जा सके. इसके अलावा नए हॉस्टल और छात्राओं के लिए हॉस्टल की जरूरत का मुद्दा भी उन्होंने उठाया है. हालांकि, यहां यह समझना जरूरी है कि DUSU प्रेसिडेंट खुद किसी हॉस्टल का निर्माण कराने का आदेश नहीं दे सकते. वह यूनिवर्सिटी प्रशासन के सामने मांग रख सकते है इन मुद्दों की मांग रख सकते हैं.
फीस, परीक्षा और एडमिशन के मामलों में क्या कर सकते हैं?
अगर छात्रों को फीस बढ़ने, परीक्षा की तारीख, रिजल्ट, एडमिशन या किसी दूसरी शैक्षणिक समस्या को लेकर परेशानी है, तो DUSU प्रेसिडेंट इन मुद्दों को प्रशासन के सामने रख सकते हैं. वह छात्रों की ओर से अधिकारियों से बातचीत, ज्ञापन और प्रतिनिधित्व कर सकते हैं और किसी बड़े मुद्दे पर छात्रों की आवाज को एक साथ सामने ला सकते हैं. लेकिन फीस कम करने, परीक्षा की तारीख बदलने या एडमिशन के नियमों में बदलाव करने का अंतिम अधिकार DUSU प्रेसिडेंट के पास नहीं होता.
छात्रों के लिए सुविधाओं और रोजगार से जुड़े मुद्दे भी उठा सकते हैं
DUSU सिर्फ फीस या परीक्षा जैसे मुद्दों तक सीमित नहीं है. छात्र सुरक्षा, कैंपस की सुविधाएं, रहने की व्यवस्था, रोजगार और इंटर्नशिप जैसे मुद्दों को भी छात्र संघ के जरिए उठाया जा सकता है. इस चुनाव में भी छात्रों की सुरक्षा, आवास और कैंपस सुविधाएं प्रमुख मुद्दों में रही हैं. यश डबास ने भी सुरक्षित और सस्ते आवास को लेकर बात की है. ऐसे मुद्दों पर DUSU प्रशासन के साथ बातचीत कर सकता है और छात्रों की मांगों को सामने रख सकता है.
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&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 21 Sep 2026 02:30:06 +0530</pubDate>
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        <title>उत्तराखंड में छात्रों को फ्री टैबलेट का तोहफा, जानें कैसे मिलेगा लाभ?</title>
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        <description><![CDATA[ उत्तराखंड में सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए राज्य सरकार ने बड़ा ऐलान किया है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि इन कक्षाओं के विद्यार्थियों को टैबलेट खरीदने के लिए सरकार की ओर से आर्थिक मदद दी जाएगी. इसके लिए छात्रों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर से धनराशि भेजी जाएगी. यानी छात्रों को टैबलेट उपलब्ध कराने के लिए सरकार सीधे उनके खाते में पैसा ट्रांसफर करेगी. मुख्यमंत्री ने यह घोषणा मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन कार्यक्रम के दौरान की. इस कार्यक्रम में प्रदेश भर से चुने गए. 140 छात्र-छात्राओं ने मुख्यमंत्री से सीधे संवाद किया.
किन छात्रों को मिलेगा टैबलेट का लाभ?
सरकार की घोषणा के अनुसार उत्तराखंड के राजकीय विद्यालय में पढ़ने वाले कक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को टैबलेट खरीदने के लिए डीबीटी के माध्यम से धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी. इस योजना के तहत छात्रों को टैबलेट खरीदने के लिए सीधे आर्थिक सहायता मिलेगी. इसका मकसद विद्यार्थियों की पढ़ाई में डिजिटल माध्यम तक की पहुंच बढ़ाना है, ताकि वह तकनीकी और ज्ञान से जुड़े नए अवसर का इस्तेमाल कर सके.
छात्रों ने दिए 2.67 लाख से ज्यादा सुझाव
मुख्यमंत्री युवा मंथन अभियान में प्रदेश के विद्यार्थियों की बड़ी भागीदारी रही. मुख्यमंत्री के अनुसार अभियान के तहत 2,67,744 विद्यार्थियों ने निबंध, विचार और सुझाव साझा किए. इनमें से बेहतर विचार रखने वाले छात्रों का चयन कार्यक्रम के अंतिम चरण के लिए किया गया. मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में चयनित 140 विद्यार्थियों से बातचीत की और उत्तराखंड के भविष्य को लेकर उनके विचार जाने.
कैसे मिलेगा योजना का फायदा?
मुख्यमंत्री की ओर से उत्तराखंड के छात्रों को सीधे टैबलेट नहीं दिया जाएगा. बल्कि विद्यार्थियों को टैबलेट के लिए डीबीटी के माध्यम से धनराशि देने की घोषणा की गई है. इसके बाद छात्र इस राशि का इस्तेमाल टैबलेट खरीदने के लिए कर सकेंगे. हालांकि रजिस्ट्रेशन को लेकर अभी सरकार की ओर से कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया.
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शिक्षा से लेकर रोजगार तक पर छात्रों ने रखी राय
अभियान के दौरान छात्रों ने केवल पढ़ाई से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात नहीं रखी. उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, सड़क, वन और पर्यावरण खेल, पलायन, स्वरोजगार और स्टार्टअप जैसे विषयों पर सुझाव दिए. इसके अलावा गांव में रोजगार के नए अवसर तैयार करने को लेकर भी विद्यार्थियों ने अपने विचार साझा किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं से मिले उपयोगी और व्यावहारिक सुझावों को सरकार की योजना और नीति बनाने की प्रक्रिया में शामिल करने का प्रयास किया जाएगा.
बेहतर सुझाव देने वालों को स्कॉलरशिप भी
अभियान में अच्छे सुझाव देने वाले विद्यार्थियों के लिए स्कॉलरशिप का भी प्रावधान बताया गया है. ऐसे छात्रों को 12वीं के बाद करियर की शुरुआत, तैयारी और कोचिंग के लिए 2 लाख रुपये तक की छात्रवृत्ति दी जाएगी. मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के विचारों की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं की सोच और नए विचार उत्तराखंड के भविष्य के निर्माण में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं. उन्होंने छात्रों को इन-जी यानी इंडियन जेनरेशन भी कहा.
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        <pubDate>Mon, 21 Sep 2026 02:30:05 +0530</pubDate>
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        <title>NTA स्कोरकार्ड खोने की टेंशन खत्म, ऐसे मिलेगी डुप्लीकेट कॉपी</title>
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        <description><![CDATA[ NEET, CUET या अन्य किसी बड़ी प्रवेश परीक्षा का NTA का स्कोरकार्ड खो गया है, चोरी हो गया है या फट गया है, तो अब बिल्कुल भी परेशान होने की जरूरत नहीं है. NTA ने पहली बार आधिकारिक रूप से गाइडलाइंस जारी कर दी हैं कि छात्र अपने परीक्षा परिणामों की डुप्लीकेट कॉपी कैसे हासिल कर सकते हैं. एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि एक तय कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया को पूरा करने के बाद छात्रों को उनका डुप्लीकेट स्कोरकार्ड दोबारा जारी कर दिया जाएगा.&amp;nbsp;
एजेंसी ने 17 सितंबर 2026 को इस संबंध में एक विस्तृत पब्लिक नोटिस जारी किया था, जिसके बाद 19 सितंबर को सोशल मीडिया पर इसकी आधिकारिक जानकारी शेयर की गई। आइए जानते हैं कि नया स्कोरकार्ड पाने की पूरी प्रक्रिया क्या है और आपको क्या करना होगा.
कहां से और कैसे मिलेगा आवेदन फॉर्म?
NTA के नए नियमों के मुताबिक, डुप्लीकेट स्कोरकार्ड पाने के लिए उम्मीदवारों को सबसे पहले NTA की आधिकारिक वेबसाइट nta.ac.in पर जाना होगा. वहां 17 सितंबर के नोटिफिकेशन के साथ Annexure-I नाम का एक आवेदन फॉर्म दिया गया है. छात्रों को इस फॉर्म को डाउनलोड करना होगा और उसमें मांगी गई सभी जानकारियों जैसे रोल नंबर, परीक्षा का नाम, साल और व्यक्तिगत विवरण को बिल्कुल सही-सही साफ अक्षरों में भरना होगा.
डुप्लीकेट स्कोरकार्ड पाने के दो आसान तरीके
1. ईमेल के जरिए- अगर आप घर बैठे ऑनलाइन आवेदन करना चाहते हैं, तो भरे हुए एप्लीकेशन फॉर्म और सभी जरूरी दस्तावेजों को स्कैन करके एक PDF फाइल बना लें. इस फाइल को आपको NTA की आधिकारिक ईमेल आईडी result@nta.gov.in पर भेज देना होगा.2. डाक या पोस्ट के जरिए- यदि आप ऑफलाइन दस्तावेज भेजना चाहते हैं, तो भरे हुए फॉर्म और दस्तावेजों की कॉपी को पोस्ट या रजिस्टर्ड पोस्ट के माध्यम से NTA का ऑफिस भेज सकते हैं.
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जांच और वेरिफिकेशन के बाद ही जारी होगा स्कोरकार्ड
NTA ने अपने आदेश में साफ तौर पर कहा है कि केवल आवेदन भेजने भर से डुप्लीकेट स्कोरकार्ड जारी नहीं कर दिया जाएगा. छात्रों द्वारा भेजे गए Annexure-I और सभी दस्तावेजों का एजेंसी अपने मुख्य डेटाबेस और पुराने रिकॉर्ड्स से बारीकी से मिलान करेगी.
जांच में सभी जानकारियां पूरी तरह सही पाए जाने पर ही डुप्लीकेट रिजल्ट जारी होगा. यदि किसी छात्र का आवेदन अधूरा पाया जाता है या उसमें मांगे गए जरूरी कागजात नहीं जुड़े होते हैं, तो NTA उस आवेदन को होल्ड पर रख सकती है और छात्र से दोबारा कागजात मांग सकती है.
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        <pubDate>Mon, 21 Sep 2026 02:30:03 +0530</pubDate>
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        <title>PISA टेस्ट में दिखा चीन का जलवा, सुपरपावर अमेरिका के छात्र रह गए पीछे</title>
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        <description><![CDATA[ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छात्रों की पढ़ाई का मूल्यांकन करने वाले सबसे बड़े टेस्ट PISA 2025 के नतीजे घोषित हो गए हैं, जिसमें चीन ने गणित में पूरी दुनिया को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया है. दूसरी तरफ, दुनिया की सबसे बड़ी महाशक्ति कहे जाने वाले अमेरिका का गणित इस ग्लोबल टेस्ट में पूरी तरह फेल साबित हुआ है और वह रैंकिंग में 27वें नंबर पर खिसक गया है.
आर्थिक सहयोग और विकास संगठन OECD द्वारा हर तीन साल में आयोजित होने वाले इस टेस्ट के ताजा आंकड़े सितंबर 2026 में जारी किए गए हैं. इस बार दुनिया भर के 91 देशों के करीब 7.6 लाख 15 वर्षीय छात्रों ने इस परीक्षा में भाग लिया था. आइए जानते हैं कि इस रिपोर्ट के मुख्य आंकड़े क्या हैं और दुनिया भर के बच्चों की शिक्षा को लेकर क्या बड़े खुलासे हुए हैं.
गणित में चीन का दबदबा, टॉप 10 में एशियाई देश
ताजा PISA रिपोर्ट के मुताबिक, गणित के मामले में पूर्वी एशिया के देशों का पूरी दुनिया पर एकछत्र राज देखने को मिल रहा है. इस टेस्ट में चीन ने 612 अंकों के साथ पहला स्थान हासिल किया है. हालांकि, चीन के इस स्कोर का प्रतिनिधित्व मुख्य रूप से उसके चार प्रमुख प्रांतों- बीजिंग, शंघाई, जियांग्सू और झेजियांग के छात्रों ने किया है. चीन का यह स्कोर अमेरिका से 100 अंक और वैश्विक औसत से लगभग 150 अंक ज्यादा है. दूसरे नंबर पर सिंगापुर 563 अंक रहा. इसके बाद मकाऊ 549 और ताइवान 546 का नंबर आता है.
दुनिया के टॉप 15 देश और उनके अंक



देश
स्कोर


चीन
612


सिंगापुर
563


मकाऊ
549


ताइवान
546


जापान
525


दक्षिण कोरिया
522


हांगकांग
522


एस्टोनिया
508


स्विटजरलैंड
499


यूनाइटेड किंगडम
488


कनाडा
485


पोलैंड
484


नीदरलैंड
483


न्यूजीलैंड
480



सुपरपावर अमेरिका की हालत
इस टेस्ट में पश्चिमी देशों और खासकर अमेरिका का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है. अमेरिका 463 अंकों के साथ वैश्विक स्तर पर 27वें स्थान पर है, जो केवल OECD देशों के औसत के बराबर है. अमेरिका से बेहतर प्रदर्शन उसके पड़ोसी देश कनाडा ने किया है, जो 485 अंकों के साथ 11वें स्थान पर बना हुआ है और उसने जर्मनी, फ्रांस व इटली जैसे बड़े यूरोपीय देशों को पछाड़ दिया है.
यह भी पढ़ें: डाक विभाग में 23000 नौकरियां, 10वीं पास 21 सितंबर करें आवेदन&amp;nbsp;
पूरी दुनिया में घट रहा है बच्चों का लर्निंग लेवल
OECD की रिपोर्ट में एक बेहद चिंताजनक बात सामने आई है. पिछले एक दशक में दुनिया भर के छात्रों के गणित, विज्ञान और रीडिंग के स्तर में लगातार गिरावट आई है. गणित का वैश्विक औसत 485 से घटकर 463 पर आ गया है, जिसे विशेषज्ञ एक साल की पढ़ाई के नुकसान के बराबर मान रहे हैं. रीडिंग और साइंस में भी अब तक का सबसे कम शैक्षणिक स्तर रिकॉर्ड किया गया है.
स्मार्टफोन और स्क्रीन टाइम बना बड़ी वजह
रिपोर्ट में बच्चों की पढ़ाई पर मोबाइल, टैबलेट के असर का भी जिक्र किया गया है. इसमें पाया गया कि जो छात्र स्कूल के अलावा रोजाना 4 घंटे से अधिक समय फोन या सोशल मीडिया पर बिताते हैं, उनका गणित का स्कोर उन बच्चों की तुलना में बहुत कम आया जो मोबाइल का सीमित इस्तेमाल करते हैं. अत्यधिक मोबाइल यूज से बच्चों का ध्यान पढ़ाई से पूरी तरह भटक रहा है.
यह भी पढ़ें:&amp;nbsp;DU में क्या पढ़ रहे दीपांशु शौकीन, NSUI ने टिकट नहीं दिया फिर भी जीता चुनाव ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 21 Sep 2026 02:30:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>PISA, टेस्ट, में, दिखा, चीन, का, जलवा, सुपरपावर, अमेरिका, के, छात्र, रह, गए, पीछे</media:keywords>
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        <title>अब मेडिकल की डिग्री भी देगा IIT कानपुर, जानें क्या है प्लान?</title>
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        <description><![CDATA[ आईआईटी कानपुर अब सिर्फ इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी की पढ़ाई तक सीमित नहीं रहने वाला है. संस्थान के गंगवाल स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी के जरिए मेडिकल एजुकेशन की दिशा में भी आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है. इसके लिए कैंपस में अस्पताल और रिसर्च सुविधाएं विकसित की जा रही है. हालांकि मेडिकल क्षेत्र में आईआईटी कानपुर की शुरुआत सीधे MBBS से नहीं होगी. संस्थान पहले उच्च चिकित्सा शिक्षा और सुपर-स्पेशलिस्ट प्रोग्राम पर आगे बढ़ने की योजना बना रहा है.&amp;nbsp;
पहले मेडिकल डिग्री होगी शुरू&amp;nbsp;
गंगवाल स्कूल के डीन प्रोफेसर अनिल के. लालवानी के अनुसार आईआईटी कानपुर की योजना पहले पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल डिग्री और सुपर-स्पेशलिटी प्रोग्राम शुरू करने की है. इसमें एमडी और एमएस जैसे कोर्स के साथ डीएम और एमसीएच जैसी सुपर-स्पेशलिटी डिग्रियां शामिल होगी. इसके बाद एमबीबीएस शुरू करने की योजना है. अनिल के. लालवानी के अनुसार इसके लिए अभी करीब 3 से 4 साल का समय लग सकता है. जिसका मतलब है कि आईआईटी कानपुर में मेडिकल की पढ़ाई का पहला चरण एक्सपर्ट डॉक्टर तैयार करने और मेडिकल-इंजीनियरिंग रिसर्च को साथ लेकर चलने पर केंद्रित रहेगा.&amp;nbsp;
500 बेड का सुपर-स्पेशलिटी हॉस्पिटल तैयार&amp;nbsp;
आईआईटी कानपुर में मेडिकल एजुकेशन के लिए जरूरी क्लीनिकल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने पर भी काम कर चल रहा है. गंगवाल स्कूल के पास 500 बेड वाला यदुपति सिंघानिया सुपर-स्पेशलिटी अस्पताल बनाया जा रहा है. इसे इसी साल के अंत तक शुरू किए जाने की योजना है और मार्च 2027 तक यहां पहला मरीज आने की उम्मीद बताई गई है. इसके अलावा 50 बेड का कैंसर केयर एंड रिसर्च सेंटर भी तैयार किया जा रहा है. इन सुविधाओं का इस्तेमाल इलाज के साथ मेडिकल ट्रेनिंग और रिसर्च के लिए किया जाएगा.&amp;nbsp;
ये भी पढ़ें-AIAPGET 2026 फाइनल आंसर की जारी, NTA ने स्कोर भी किया रिलीज
60 नए फैकल्टी की तैयारी&amp;nbsp;
इस पूरी योजना को आगे बढ़ाने के लिए आईआईटी कानपुर की ओर से शुरुआती मंजूरी के तौर पर 60 नए फैकल्टी सदस्यों की नियुक्ति की अनुमति मिली है. इनमें क्लिनिकल मेडिसिन और रिसर्च से जुड़े एक्सपर्ट शामिल होंगे. संस्थान की योजना मेडिकल साइंस और इंजीनियरिंग को एक साथ लाकर रिसर्च को आगे बढ़ाने की है. वहीं छात्रों को एआई और आधुनिक चिकित्सा तकनीक से जुड़े क्षेत्रों में भी काम करने का अवसर देने की योजना है.&amp;nbsp;
MBBS के लिए अभी करना होगा इंतजार&amp;nbsp;
आईआईटी कानपुर में मेडिकल डिग्री शुरू करने की तैयारी जरूर चल रही है, लेकिन एमबीबीएस में एडमिशन अभी शुरू नहीं होने वाला. इसके लिए जरूरी मंजूरियां, हॉस्पिटल फैकल्टी और क्लीनिकल सुविधाएं तैयार की जानी है. ऐसे में फिलहाल संस्थान की योजना पहले मेडिकल की उच्च शिक्षा और सुपर-स्पेशलिटी प्रोग्राम से शुरुआत करने की है.
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        <pubDate>Sun, 20 Sep 2026 14:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>अब, मेडिकल, की, डिग्री, भी, देगा, IIT, कानपुर, जानें, क्या, है, प्लान</media:keywords>
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        <title>DU में क्या पढ़ रहे दीपांशु शौकीन, NSUI ने टिकट नहीं दिया फिर भी जीता चुनाव</title>
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        <description><![CDATA[ दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव 2026 के नतीजे में इस बार निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन की जीत ने सबका ध्यान खींचा. दीपांशु शौकीन ने उपाध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की. &amp;nbsp;खास बात यह है कि उन्होंने किसी बड़े छात्र संगठन के समर्थन के बिना चुनाव लड़ा और उन्हें इस पद के लिए सबसे ज्यादा 30,615 वोट मिले. उन्होंने एबीवीपी के ईशू मौर्य को हराया, जिन्हें 16,910 वोट मिले. जबकि एनएसयूआई के वीर चतरथ को 4313 वोट मिले.
दीपांशु की जीत इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि चुनाव से पहले उन्होंने एनएसयूआई से टिकट मांगा था. रिपोर्ट के अनुसार उनका नाम एनएसयूआई के उम्मीदवार के तौर पर आगे बढ़ाया बढ़ा था. लेकिन बाद में उन्हें नाम वापस लेने के लिए कहा गया. इसके बाद वह निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में उतर गए.&amp;nbsp;
कौन है दीपांशु शौकीन?&amp;nbsp;
दीपांशु शौकीन दिल्ली यूनिवर्सिटी के बौद्ध अध्ययन विभाग में पढ़ाई कर रहे हैं. इससे पहले उन्होंने शहीद भगत सिंह कॉलेज से ग्रेजुएशन किया. छात्र राजनीति में उनकी सक्रियता कॉलेज के दिनों से ही रही है और इसी के जरिए डूसू के केंद्रीय पैनल तक पहुंचे. दीपांशु का संबंध दिल्ली के पीरागढ़ी से बताया जाता है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उनके पिता बस कंडक्टर है, जबकि उनकी मां आंगनवाड़ी कार्यकर्ता है. परिवार चाहता है कि वह आगे चलकर यूपीएससी की तैयारी करें लेकिन दीपांशु ने छात्र राजनीति का रास्ता चुना.&amp;nbsp;
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NSUI से नहीं मिला टिकट तो निर्दलीय उतरे&amp;nbsp;
डूसू चुनाव में दीपांशु की कहानी का सबसे अहम हिस्सा उनके एनएसयूआई से अलग होकर निर्दलीय चुनाव लड़ना रहा. उन्होंने शुरुआत में एनएसयूआई से टिकट की मांग की थी और उनका नामांकन भी संगठन के उम्मीदवार के तौर पर दाखिल किया गया था. बाद में उन्हें नामांकन वापस लेने के लिए कहा गया. दीपांशु ने अपनी उम्मीदवारी वापस नहीं ली और स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने का फैसला किया. इसके बाद उनका मुकाबला एबीवीपी-एनएसयूआई और एआईएसए-एसएफआई उम्मीदवारों के साथ हुआ. उपाध्यक्ष पद के लिए कुल पांच उम्मीदवार मैदान में थे. दीपांशु इनमें ऐसे उम्मीदवार थे, जिनके पीछे कोई स्थापित छात्र संगठन नहीं था.&amp;nbsp;
सबसे ज्यादा वोट लेकर जीते&amp;nbsp;
डूसू चुनाव के उपाध्यक्ष पद के नतीजे में दीपांशु शौकीन को 30,615 वोट मिले एबीवीपी के ईशू मौर्य 16,910 वोट के साथ दूसरे स्थान पर रहे. जबकि एनएसयूआई के वीर चतरथ को 4,313 वोट मिले. एआईएसए-एसएफआई के अक्षत शिखर को 2,383 और अरन्या सिंह राठौड़ को 2,274 वोट मिले.
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        <pubDate>Sun, 20 Sep 2026 14:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>में, क्या, पढ़, रहे, दीपांशु, शौकीन, NSUI, ने, टिकट, नहीं, दिया, फिर, भी, जीता, चुनाव</media:keywords>
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        <title>15 बार फेल, नेवी में 15 साल नौकरी, फिर मयंक ने ऐसे क्रैक किया UPSC CAPF</title>
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        <description><![CDATA[ 15 बार फेल, नेवी में 15 साल नौकरी, फिर मयंक ने ऐसे क्रैक किया UPSC CAPF ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 20 Sep 2026 14:30:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>बुलेट ट्रेन का ड्राइवर बनने के लिए कहां करना होगा अप्लाई, कितनी मिलेगी सैलरी?‌</title>
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        <description><![CDATA[ देश की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर को लेकर लोगों में उत्साह लगातार बना हुआ है, और अब इसके साथ ही युवाओं के मन में यह सवाल भी उठने लगा है कि आखिर इस बुलेट ट्रेन का ड्राइवर बनने के लिए क्या करना होगा. नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड NHSRCL इस पूरे प्रोजेक्ट का संचालन कर रहा है, और यही संस्था बुलेट ट्रेन के ड्राइवर, जिन्हें HSR पायलट कहा जाता है, की भर्ती करती है. आइए जानते हैं कि इस पद के लिए क्या योग्यता चाहिए, आवेदन कैसे करना है और इसमें कितनी सैलरी मिलती है.&amp;nbsp;
किसे कहा जाता है HSR पायलट?
बुलेट ट्रेन के ड्राइवर को आम भाषा में भले ही ड्राइवर कहा जाता हो, लेकिन आधिकारिक तौर पर इस पद को HSR पायलट का नाम दिया गया है. यह पद सीधे फ्रेशर्स के लिए नहीं है, बल्कि इसके लिए रेलवे और मेट्रो सिस्टम में पहले से काम कर रहे अनुभवी लोगों को मौका दिया जाता है. NHSRCL इस पद को डायरेक्ट रिक्रूटमेंट के जरिए भरता है, यानी सीधे मौजूदा रेलवे और मेट्रो वर्कफोर्स में से योग्य उम्मीदवारों को चुना जाता है.
कैसे होता है सिलेक्शन?
आवेदन करने के बाद सबसे पहले उम्मीदवारों के डॉक्यूमेंट्स की जांच की जाती है, और जो इस कैटेगरी को पार कर लेते हैं उन्हें इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है. कई बार भर्ती प्रक्रिया के दौरान लिखित परीक्षा या अन्य मूल्याकंन राउंड भी शामिल किए जाते हैं, इसलिए हर भर्ती नोटिफिकेशन को ध्यान से पढ़ना जरूरी होता है. चुने जाने के बाद उम्मीदवारों को खास ट्रेनिंग दी जाती है, ताकि वे हाई स्पीड ट्रेन के संचालन से जुड़ी बारीकियों को अच्छे से समझ सकें.&amp;nbsp;
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कहां और कैसे करें आवेदन?
बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट से जुड़ी सभी भर्तियों के लिए आवेदन NHSRCL की आधिकारिक वेबसाइट nhsrcl.in के जरिए ही किया जाता है. जब भी HSR पायलट या इससे जुड़े किसी पद के लिए भर्ती निकलती है, तो इसकी पूरी जानकारी और नोटिफिकेशन इसी वेबसाइट के करियर सेक्शन में अपलोड की जाती है. इच्छुक उम्मीदवारों को समय-समय पर इस वेबसाइट को चेक करते रहना चाहिए, ताकि किसी भर्ती की तारीख न चूकें.&amp;nbsp;
कितनी मिलती है सैलरी?
बुलेट ट्रेन के ड्राइवर की सैलरी अनुभव और सीनियरटी के हिसाब से तय की जाती है. हाल की भर्तियों में इस पद के लिए 40,000 से लेकर 1,10,000 रुपये से भी ज्यादा प्रति माह की सैलरी दी गई है, जिसके साथ अन्य भत्ते भी शामिल होते हैं. यह सैलरी भारतीय रेलवे में सामान्य लोको पायलट को मिलने वाली औसत सैलरी से काफी बेहतर मानी जाती है, जो आमतौर पर करीब 59,800 रुपये प्रति माह के आसपास होती है. यही वजह है कि रेलवे और मेट्रो में पहले से काम कर रहे कई अनुभवी लोको पायलट औऱ ट्रेन ऑपरेटर इस पद के लिए आवेदन करने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sat, 19 Sep 2026 18:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>बुलेट, ट्रेन, का, ड्राइवर, बनने, के, लिए, कहां, करना, होगा, अप्लाई, कितनी, मिलेगी, सैलरी‌</media:keywords>
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        <title>AIAPGET 2026 फाइनल आंसर की जारी, NTA ने स्कोर भी किया रिलीज</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/aiapget-2026-फाइनल-आंसर-की-जारी-nta-ने-स्कोर-भी-किया-रिलीज</link>
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        <description><![CDATA[ एनटीए ने ऑल इंडिया आयुष पोस्ट ग्रेजुएट एंट्रेंस टेस्ट (AIAPGET) की फाइनल आंसर की जारी कर दी है. परीक्षा में शामिल उम्मीदवार अब अपने सब्जेक्ट की अंतिम आंसर की चेक कर सकते हैं. इसके साथ ही एनटीए ने उम्मीदवारों &amp;nbsp;के स्कोर कार्ड भी उपलब्ध करा दिए हैं. उम्मीदवार ऑफिशियल AIAPGET पोर्टल exams.nta.nic.in/aiapget पर लॉगिन करके फाइनल आंसर की और अपना स्कोर देख सकते हैं. वहीं आपको बता दें कि AIAPGET 2026 की प्रोविजनल आंसर की एनटीए ने 4 सितंबर को जारी की थी और उसके बाद उस पर उम्मीदवारों काे आपत्ति दर्ज करने का मौका दिया था.&amp;nbsp;
51,000 से ज्यादा उम्मीदवारों ने कराया था रजिस्ट्रेशन&amp;nbsp;
इस साल AIAPGET के लिए कुल 51,482 उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन कराया था. इनमें से 49,864 उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हुए थे. मुख्य परीक्षा 22 अगस्त 2026 को देश भर के 104 शहरों में 205 परीक्षा केंद्र पर कंप्यूटर बेस्ड मोड में आयोजित हुई थी. वहीं जयपुर के राजस्थान कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग फॉर वूमेन में कंप्यूटर से जुड़ी समस्या आने के बाद 49 उम्मीदवारों की परीक्षा पूरी नहीं हो पाई थी, जिसके बाद इन उम्मीदवारों के लिए 1 सितंबर को अलग से परीक्षा आयोजित कराई गई थी. परीक्षा में शामिल उम्मीदवारों में 35,838 ने आयुर्वेद, 10,643 ने होम्योपैथी, 2,649 ने यूनानी और 734 उम्मीदवारों ने सिद्धा पाठ्यक्रम के लिए परीक्षा दी थी. कुल उपस्थित उम्मीदवारों में 31,178 महिलाएं और 18,686 पुरुष शामिल थे.&amp;nbsp;
आयुर्वेद और होम्योपैथी में इतने उम्मीदवार क्वालीफाई&amp;nbsp;
एनटीए की जानकारी के अनुसार आयुर्वेद स्ट्रीम में 19,920 उम्मीदवारों ने परीक्षा क्वालीफाई की है. वहीं होम्योपैथी में 5,934 उम्मीदवार सफल हुए हैं. एजेंसी ने परीक्षा के साथ विषयवार टॉपर्स की लिस्ट भी जारी की है. आयुर्वेद में विनोद ने पहला स्थान हासिल किया है. उन्हें 480 में से 390 अंक मिले और उनका प्रतिशत 99.99 रहा. होम्योपैथी में अय्यामोलिया अक्षया टॉपर रही. उन्हें 480 में से 417 अंक हासिल किया.&amp;nbsp;
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ऐसे चेक करें अपना रिजल्ट

उम्मीदवार अपना रिजल्ट और आंसर की चेक करने के लिए सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट exams.nta.nic.in/aiapget पर जाएं.&amp;nbsp;
इसके बाद सबसे पहले वेबसाइट कैंडिडेट एक्टिविटी सेक्शन में जाएं.&amp;nbsp;
अब AIAPGET 2026 रिजल्ट-फाइनल आंसर की के लिंक पर क्लिक करें.&amp;nbsp;
इसके बाद एप्लीकेशन नंबर और पासवर्ड की मदद से लॉगिन करें.
लॉगिन के बाद स्कोर कार्ड और फाइनल आंसर की स्क्रीन पर दिख जाएगी.
इसके बाद उम्मीदवार रिजल्ट- फाइनल आंसर को डाउनलोड कर सकते हैं.

कौन कराएगा काउंसलिंग?&amp;nbsp;
AIAPGET 2026 का आयोजन नेशनल कमिशन फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन और नेशनल कमिशन फॉर होम्योपैथी की ओर से किया गया था. एनटीए ने यह भी स्पष्ट किया है कि एडमिशन के लिए काउंसलिंग उसकी ओर से नहीं कराई जाएगी. ऑल इंडिया कोटे की सीटों के लिए काउंसलिंग आयुष एडमिशन सेंट्रल काउंसलिंग कमेटी की ओर से आयोजित की जाएगी.
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        <pubDate>Sat, 19 Sep 2026 18:30:04 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>AIAPGET, 2026, फाइनल, आंसर, की, जारी, NTA, ने, स्कोर, भी, किया, रिलीज</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>यूपी PCS मेंस 2025 का इंटरव्यू शेड्यूल जारी, 28 सितंबर से इंटरव्यू होंगे शुरू</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/यूपी-pcs-मेंस-2025-का-इंटरव्यू-शेड्यूल-जारी-28-सितंबर-से-इंटरव्यू-होंगे-शुरू</link>
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        <description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने पीसीएस 2025 की मुख्य परीक्षा में सफल उम्मीदवारों के लिए इंटरव्यू का पूरा शेड्यूल जारी कर दिया है. मुख्य परीक्षा का रिजल्ट जारी होने के बाद अब भर्ती प्रक्रिया अगले चरण में पहुंच गई है. आयोग के अनुसार 28 सितंबर 2026 से इंटरव्यू शुरू होंगे और 24 अक्टूबर 2026 तक चलेंगे. इस दौरान 19 दिनों में सफल उम्मीदवारों के इंटरव्यू कराए जाएंगे. वहीं पीसीएस 2025 के तहत कुल 28 प्रकार के पदों पर भर्ती होनी है.
दो पारियों में होगा इंटरव्यू&amp;nbsp;
यूपीएससी की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार इंटरव्यू रोजाना 2 पारियों में आयोजित किए जाएंगे. पहली पारी का इंटरव्यू सुबह 9:30 बजे से शुरू होगा. इस पारी में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को सुबह 8 बजे तक रिपोर्ट करना होगा. वहीं दूसरी पारी दोपहर 2 बजे से शुरू होगी और इसके लिए उम्मीदवारों को 12:30 बजे तक रिपोर्ट करना होगा. उम्मीदवारों को रोल नंबर के आधार पर निर्धारित तारीख और सत्र में बुलाया जाएगा.&amp;nbsp;
प्रयागराज में होगा इंटरव्यू&amp;nbsp;
पीसीएस 2025 के इंटरव्यू का आयोजन प्रयागराज स्थित उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग परिषद के सरस्वती भवन में किया जाएगा. उम्मीदवार आयोग की ओर से जारी शेड्यूल में अपने रोल नंबर के आधार पर इंटरव्यू की तारीख और रिपोर्टिंग टाइम देख सकते हैं.&amp;nbsp;
22 सितंबर से डाउनलोड करें इंटरव्यू लेटर&amp;nbsp;
इंटरव्यू के लिए सफल उम्मीदवार 22 सितंबर 2026 से आयोग की वेबसाइट पर जाकर अपना इंटरव्यू लेटर और जरूरी दिशा निर्देश डाउनलोड कर सकते हैं. इसके लिए उम्मीदवारों को ओटीआर नंबर और पासवर्ड के जरिए प्रमाणीकरण करना होगा. इसके बाद एप्लीकेंट डैशबोर्ड में जाकर संबंधित परीक्षा की जानकारी पूरी करनी होगी. आयोग ने सफल उम्मीदवारों को ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत जरूरी प्रपत्र और आवेदन से जुड़े डॉक्यूमेंट डाउनलोड करके उनका प्रिंट तैयार रखने के निर्देश भी दिया. उम्मीदवारों को अपनी शैक्षिक योग्यता और पदों के आधार पर पद की वरीयता भी ऑनलाइन दर्ज करनी होगी. इंटरव्यू के समय इसकी प्रिंट कॉपी प्रस्तुत करनी होगी.&amp;nbsp;
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इंटरव्यू में यह डॉक्यूमेंट लेकर जाना जरूरी&amp;nbsp;
इंटरव्यू के दिन उम्मीदवारों को अपनी सभी शैक्षिक मार्कशीट डिग्री और जरूरी प्रमाण पत्र की मूल कॉपी साथ लानी होगी. इसके अलावा डॉक्यूमेंट की स्वप्रमाणित कॉपी का एक सेट भी रखना होगा. आरक्षित वर्ग के उम्मीदवार को संबंधित कैटेगरी के प्रमाण पत्र निश्चित रूप से प्रारूप में प्रस्तुत करना होगा. ईडब्ल्यूएस उम्मीदवारों को वैध ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र और सरकारी सेवा में कार्यरत उम्मीदवार को मूल एनओसी साथ लाना होगा. आयोग ने फोटो को लेकर भी निर्देश दिए हैं. उम्मीदवारों को स्वप्रमाणित फोटो की दो कॉपी और तीन नॉर्मल फोटो यानी कुल पांच फोटो लानी होगी. जरूरी डॉक्यूमेंट उपलब्ध नहीं होने पर इंटरव्यू में शामिल होने में दिक्कत हो सकती है.&amp;nbsp;
10,284 उम्मीदवार हुए थे मुख्य परीक्षा में शामिल&amp;nbsp;
पीसीएस 2025 की मुख्य परीक्षा 29 मार्च से 1 अप्रैल 2026 तक प्रयागराज और लखनऊ में आयोजित हुई थी. इसमें कुल 10,284 उम्मीदवारों ने हिस्सा लिया था. आयोग ने 17 सितंबर को मुख्य परीक्षा का रिजल्ट जारी करते हुए 2,297 उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए सफल घोषित किया. इस भर्ती अभियान में शुरुआत में 200 पदों का नोटिफिकेशन जारी किया था. जिसे बाद में बढ़ाकर कुल 920 व्यक्तियों तक किया गया था. इसमें पीसीएस के 814 पद और एसीएफ- आरएफओ परीक्षा के 106 परीक्षा में थे. अब पीसीएस के 812 पदों के लिए इंटरव्यू के बाद अंतिम चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी. वहीं कुल 814 पीसीएस पदों में से 2 पद पर उम्मीदवारों का चयन केवल मुख्य लिखित परीक्षा के आधार पर किया जाना है. इसलिए इन दोनों पदों के लिए अलग से इंटरव्यू नहीं होगा.
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        <pubDate>Sat, 19 Sep 2026 18:30:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>यूपी NEET UG राउंड 1 काउंसलिंग रद्द, अब दोबारा शुरू होगी प्रक्रिया</title>
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        <description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश में नीट यूजी 2026 के जरिए MBBS और BDS में एडमिशन की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया में बदलाव किया गया है. राज्य में पहले चरण की ऑनलाइन काउंसलिंग को रद्द कर दिया गया है. वहीं अब इसे संशोधित शेड्यूल के तहत दोबारा कराया जा रहा है. चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण निदेशालय ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के आदेश के बाद राउंड 1 का नया शेड्यूल जारी किया है. इसका सीधा असर उन उम्मीदवारों पर पड़ा है, जिन्हें पहले ही सीट आवंटित की जा चुकी है.
21 सितंबर तक कर सकेंगे अब चॉइस फिलिंग&amp;nbsp;
संशोधित शेड्यूल के अनुसार पहले राउंड की नई काउंसलिंग के लिए चॉइस फिलिंग शुरू हो चुकी है. उम्मीदवार अब 21 सितंबर 2026 शाम 5 बजे तक अपनी पसंद के मेडिकल और डेंटल कॉलेज तथा कोर्स चुन सकते हैं. इसके बाद 22 सितंबर को नया सीट एलॉटमेंट रिजल्ट जारी किया जाएगा. जिन उम्मीदवारों को इस प्रक्रिया में सीट आवंटित होगी. उम्मीदवार 23 से 26 सितंबर के बीच अपना सीट एलॉटमेंट लेटर डाउनलोड कर सकेंगे और इसी दौरान आगे की एडमिशन प्रक्रिया पूरी करनी होगी.&amp;nbsp;
7 सितंबर का सीट अलॉटमेंट हुआ अमान्य&amp;nbsp;
DGME ने स्पष्ट किया है कि 7 सितंबर 2026 को जारी किया गया सीट अलॉटमेंट अब मान्य नहीं रहेगा. यानी पहले राउंड में सीट पा चुके उम्मीदवारों को भी संशोधित शेड्यूल काउंसलिंग में दोबारा शामिल होना पड़ेगा. ऐसे उम्मीदवारों को नई चॉइस फिलिंग करने के साथ उसे निर्धारित समय के अंदर लॉक भी करना होगा. नई प्रक्रिया में पहले चरण के लिए जारी की गई, मेरिट लिस्ट को ही आधार बनाया जाएगा. पहले मिले कॉलेज या सीट को दोबारा पाने की कोई गारंटी नहीं दी गई है. इसलिए उम्मीदवारों को अपनी चॉइस सावधानी से भरनी होगी.&amp;nbsp;
4 मेडिकल कॉलेज में हुआ था आरक्षण विवाद&amp;nbsp;
पहले राउंड की काउंसलिंग रद्द किए जाने के पीछे चार मेडिकल कॉलेज में आरक्षण से जुड़ा मामला है. अंबेडकरनगर, कन्नौज, सहारनपुर और जालौन के मेडिकल कॉलेज में आरक्षण व्यवस्था को लेकर हाईकोर्ट में मामला पहुंचा था. याचिकाकर्ताओं ने राज्य सरकार के 1 सितंबर के आदेश को चुनौती देते हुए इन कॉलेज में करीब 73 की सीटों के आरक्षित होने का दावा किया था. मामले पर सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने निर्देश दिया कि फिलहाल इन कॉलेज में भी दूसरे कॉलेजों की तरह एससी के लिए 21 प्रतिशत, एसटी के लिए 2 प्रतिशत और ओबीसी के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण के आधार पर काउंसलिंग कराई जाए. इसी आदेश के बाद पहले-दूसरे चरण की प्रक्रिया प्रभावित हुई और अब पहले चरण को भी नए सिरे से कराने का फैसला लिया गया.&amp;nbsp;
सरकारी और प्राइवेट दोनों कॉलेज की सीटें शामिल&amp;nbsp;
संशोधित काउंसलिंग उत्तर प्रदेश के सरकारी और प्राइवेट मेडिकल व डेंटल कॉलेजों, संस्थानों तथा मेडिकल यूनिवर्सिटी के स्टेट कोटा एमबीबीएस और बीडीएस सीटों पर लागू होगी. एलिजिबल उम्मीदवारों को काउंसलिंग में शामिल होने के लिए ऑफिशियल पोर्टल upneet.gov.in पर लॉगिन करके चॉइस फिलिंग करनी होगी.&amp;nbsp;
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चॉइस लॉक नहीं की तो सीट अलॉटमेंट से बाहर&amp;nbsp;
उम्मीदवारों के लिए सिर्फ कॉलेज और कोर्स की पसंद भरना पर्याप्त नहीं है. निर्धारित समय के अंदर चॉइस को लॉक करना भी जरूरी है. अगर उम्मीदवार चॉइस लॉक नहीं करते हैं, तो उसे सीट आवंटन की प्रक्रिया से बाहर कर दिया जाएगा. एक बार लॉक होने के बाद चॉइस में बदलाव नहीं किया जा सकता है.
सरकारी और प्राइवेट कॉलेज में अलग प्रक्रिया&amp;nbsp;
सरकार राजकीय मेडिकल या डेंटल कॉलेज में सीट मिलने पर उम्मीदवार को एडमिशन की प्रक्रिया सीधे आवंटित कॉलेज में पूरी करनी होगी. वहीं प्राइवेट कॉलेज में सीट मिलने पर एडमिशन की प्रक्रिया शासन की ओर से निर्धारित नोडल केंद्र के माध्यम से पूरी की जाएगी.
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        <pubDate>Sat, 19 Sep 2026 18:30:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>अटेंडेंस से पढ़ाई तक... DUSU अध्यक्ष को किन चीजों की मिलती है छूट?</title>
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        <description><![CDATA[ दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव में एबीवीपी ने जीत दर्ज की है. अध्यक्ष पद पर एबीवीपी के यश डबास ने जबकि सचिव और सयुक्त सचिव पद पर भी एबीवीपी ने जीत दर्ज की गई है. वहीं एक पद पर निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत दर्ज कराई. डूसू चुनावों के साथ ही अध्यक्ष पद को लेकर भी कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई है.
दरअसल, दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्र राजनीति में अध्यक्ष का पद बहुत अहम माना जाता है, लेकिन कई लोगों के मन में इस पद को लेकर पढ़ाई और खास नियमों में छूट से लेकर सवाल रहता है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि क्या अध्यक्ष पद पर पहुंचने के बाद छात्र नेता को पढ़ाई, अटेंडेंस या कॉलेज के नियमों से कोई खास छूट मिलती है या उनके लिए भी नियम एक सामान्य स्टूडेंट की तरह ही रहते हैं.&amp;nbsp;
चुनाव लड़ने के लिए 75% अटेंडेंस जरूरी&amp;nbsp;
डूसू अध्यक्ष के चुनाव को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट पहले ही अटेंडेंस से जुड़े अहम निर्देश जारी कर चुका है. कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि जिस छात्र की अटेंडेंस 75 फीसदी से कम होती है. वह डूसू चुनाव नहीं लड़ सकता. वहीं यह नियम Lyngdoh Committee की सिफारिश और यूनिवर्सिटी के चुनावी संबंध नियमों से जुड़ा है. यह मामला पिछले डूसू चुनाव के दौरान सामने आया था. जब सत्यवती कॉलेज की बीए प्रोग्राम की छात्रा मुस्कान का नाम अंतिम उम्मीदवार लिस्ट में शामिल नहीं किया गया था. छात्रा ने अपनी अटेंडेंस को लेकर आपत्ति जताई थी और कहा था कि अलग-अलग रोल नंबर दिए जाने के कारण रिकॉर्ड में उसकी उपस्थिति दर्ज नहीं हुई थी. हाई कोर्ट ने अटेंडेंस दोबारा जांचने और छात्रा को अपना पक्ष रखने का मौका देने का निर्देश दिया था.&amp;nbsp;
अध्यक्ष बनने पर भी पढ़ाई से छूट नहीं&amp;nbsp;
हाई कोर्ट के निर्देशों से यह साफ होता है कि डूसू अध्यक्ष पद के लिए अटेंडेंस की शर्त से कोई सामान्य छूट नहीं मिलती है. चुनाव लड़ने के लिए ही उम्मीदवार को न्यूनतम 75 फीसदी अटेंडेंस की पात्रता पूरी करनी होती है. चुनाव जीतने के बाद भी छात्र नेता को इन नियमों से छूट नहीं मिलती है. &amp;nbsp;यानी छात्र राजनीति में सक्रिय रहने के बावजूद यूनिवर्सिटी के निर्धारित एकेडमिक नियम अध्यक्ष पर भी लागू होते हैं.&amp;nbsp;
अध्यक्ष को कौन-कौन सी सुविधाएं मिलती है?
डूसू अध्यक्ष को कोई सैलरी नहीं मिलती है. यह पद मानद यानी honorary होता है. हालांकि अध्यक्ष छात्र संघ के कामकाज और यूनियन फंड से जुड़े फैसलों में अहम भूमिका निभाते हैं. डूसू अध्यक्ष के लिए यूनिवर्सिटी में यूनियन ऑफिस उपलब्ध होता है, जहां छात्र संघ की गतिविधियों और बैठक संचालित की जाती है. इसके अलावा छात्र संघ के काम और यूनिवर्सिटी से जुड़े कार्यक्रमों के दौरान प्रतिनिधियों को यात्रा और दूसरी व्यवस्थाओं से जुड़ी सुविधाएं मिल सकती है. अध्यक्ष की यूनिवर्सिटी प्रशासन के साथ छात्रों के मुद्दे उठाने और बातचीत करने की जिम्मेदारी भी होती है. ऐसे में यह पद छात्रों और प्रशासन के बीच संवाद का एक प्रमुख माध्यम माना जाता है.&amp;nbsp;
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डूसू अध्यक्ष को मिलता है यूनियन फंड&amp;nbsp;
दिल्ली यूनिवर्सिटी अध्यक्ष के पद के साथ कोई सैलरी नहीं जुड़ी होती है. लेकिन अध्यक्ष को यूनियन फंड मिलता है. हालांकि यूनियन फंड भी अध्यक्ष की निजी कमाई नहीं होता. यह राशि छात्र संघ की गतिविधियों और छात्र कल्याण से जुड़े कामों के लिए इस्तेमाल की जाती है. यूनियन फंड से सांस्कृतिक कार्यक्रम, छात्र कल्याण, खेल एक्टिविटी, शैक्षणिक कार्यक्रम और प्रशासनिक खर्च जैसे काम किए जाते हैं. इसके इस्तेमाल पर यूनिवर्सिटी की निगरानी और ऑडिट की व्यवस्था लागू होती है.&amp;nbsp;
किन चीजों में मिलती है डूसू अध्यक्ष को छूट?
दरअसल डूसू अध्यक्ष को कैंपस में ऑफिशियल ऑफिस मिलता है. वहीं डूसू अध्यक्ष को प्रशासनिक बैठक में छात्रों की तरफ से हिस्सेदारी का मौका मिलता है. इसके अलावा छात्रों के लिए कामों को आगे बढ़ाने के लिए डूसू अध्यक्ष को प्रशासनिक मदद भी मिलती है. डूसू अध्यक्ष के पास सबसे बड़ी पावर यह होती है कि वह यूनिवर्सिटी के प्रशासन से सीधी बातचीत कर सकते हैं.
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        <pubDate>Sat, 19 Sep 2026 18:30:02 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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    <item>
        <title>PG डॉक्टरों का 2 साल राज्य में नौकरी जरूरी, उत्तराखंड में नए नियम</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/pg-डॉक्टरों-का-2-साल-राज्य-में-नौकरी-जरूरी-उत्तराखंड-में-नए-नियम</link>
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        <description><![CDATA[ उत्तराखंड के सरकारी मेडिकल कॉलेज में पोस्ट ग्रेजुएशन करने वाले डॉक्टर के लिए राज्य सरकार नियमों में बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रही है. प्रस्ताव लागू होने के बाद सरकारी मेडिकल कॉलेज में पीजी की पढ़ाई पूरी करने वाले डॉक्टर को 2 साल तक उत्तराखंड के सरकारी अस्पताल में सेवा देना अनिवार्य होगा. इसके लिए एडमिशन के समय ही डॉक्टर के साथ 2 साल का बॉन्ड किया जाएगा.
चिकित्सा शिक्षा निदेशालय ने इस संबंध में नियमों में बदलाव का प्रस्ताव शासन को भेजा है. सरकार का यह कदम प्रदेश के विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को देखते हुए उठाया जा रहा है. सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ मेडिकल कॉलेज में भी एक्सपर्ट डॉक्टरों के करीब 50 फीसदी पद खाली बताई जा रहे हैं.
पीजी में एडमिशन के समय होगा बॉन्ड
प्रस्ताव के अनुसार सरकारी मेडिकल कॉलेज में पीजी कोर्स में एडमिशन लेने वाले सभी एमबीबीएस डॉक्टर के साथ 2 साल की सेवा का बॉन्ड किया जाएगा. ऐसे में डॉक्टर को पीजी की पढ़ाई पूरी करने के बाद निर्धारित अवधि तक उत्तराखंड के हॉस्पिटलों में ही सेवा देनी होगी. यानी पीजी की डिग्री पूरी करने के बाद डॉक्टर राज्य से बाहर जाकर नौकरी के बजाय 2 साल तक प्रदेश के सरकारी अस्पताल में अपनी सेवाएं देंगे. इसी व्यवस्था के जरिए सरकार राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था में एक्सपर्ट डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाना चाहती है.
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260 पीजी सीटों पर लागू होगी व्यवस्था
उत्तराखंड के सरकारी मेडिकल कॉलेज में पीजी की कुल 260 सीटें हैं. सरकार इन सभी सीटों को बॉन्ड व्यवस्था के तहत भरने की तैयारी कर रही है. एडमिशन के समय ही डॉक्टरों को इस सेवा शर्तो की जानकारी होगी और इसी आधार पर बॉन्ड किया जाएगा. प्रस्ताव में डॉक्टर से सालाना 60 हजार रुपये फीस लेने की व्यवस्था भी रखी गई है.
एक्सपर्ट डॉक्टरों की कमी
उत्तराखंड में इस फैसले का मकसद डॉक्टर की कमी पूरी करना है. दरअसल पिछले कुछ समय से राज्य में डॉक्टरों की कमी सरकार के लिए बड़ी समस्या बनी हुई है. सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेज में एक्सपर्ट डॉक्टर के करीब आधे पद खाली होने के बात सामने आई है. ऐसे में पीजी की सीटों को बॉन्ड के तहत भरने के बाद पढ़ाई पूरी करने वाले डॉक्टरों की सेवाएं कुछ समय के लिए राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को मिल सकेगी. राज्य के चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने भी प्रदेश में एक्सपर्ट डॉक्टरों की कमी को देखते हुए पीजी एडमिशन के नियमों में बदलाव के निर्णय की जानकारी दी.
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        <pubDate>Sat, 19 Sep 2026 06:30:06 +0530</pubDate>
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        <title>अग्निवीरों को 4 साल पूरे होने से पहले नौकरी, केंद्र का प्लान तैयार</title>
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        <description><![CDATA[ अग्निवीरों के लिए केंद्र सरकार एक नई व्यवस्था तैयार कर रही है, जिसके तहत 4 साल की सैन्य सेवा पूरी होने से पहले ही उनके अगले रोजगार का रास्ता साफ करने की तैयारी है. रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार अग्निवीरों के लिए नया एग्जिट प्लान तैयार किया गया है. इसका उद्देश्य यह है कि सेना से मुक्त होने के बाद उन्हें नौकरी के लिए अलग से लंबी प्रक्रिया का सामना न करना पड़े. अग्निपथ योजना के तहत सेना में भर्ती हुआ पहला बैच जनवरी 2027 में 4 साल का कार्यकाल पूरा करेगा. इस बैच में 19,000 से ज्यादा अग्निवेश शामिल है, इनकी भर्ती 1 जनवरी 2023 को हुई थी.&amp;nbsp;
25 फीसदी अग्निवीर सेना में ही रहेंगे&amp;nbsp;
अग्निपथ योजना के तहत 4 साल की सेवा पूरी करने के बाद 25 प्रतिशत अग्निवीरों के सेना के नियमित कैडर में बनाए रखने का प्रावधान है. अब इन अग्निवीरों की चयन प्रक्रिया सेवा अवधि खत्म होने से पहले पूरी करने की तैयारी है. रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार इसके लिए आंतरिक परीक्षा और मूल्यांकन के आधार पर मेरिट तैयार की जाएगी. चयनित अग्निवीरों की योग्यता सूची कार्यकाल पूरा होने से पहले जारी की जा सकती है, जिससे उन्हें नियमित सेवा में शामिल करने की प्रक्रिया में किसी तरह का अंतराल न रहे. वहीं पहले व्यवस्था यह थी कि 4 साल की सेवा पूरी होने के बाद सभी अग्निवीर सेवा मुक्त होंगे और इसके बाद 25 प्रतिशत को दोबारा सेना में शामिल किया जाएगा. अब इस प्रक्रिया को बदलने की तैयारी है.&amp;nbsp;
बाकी 75 फीसदी के लिए भी रोजगार की तैयारी&amp;nbsp;
4 साल की सेवा के बाद सेना में नियमित नहीं होने वाले 75 प्रतिशत अग्निवीरों के लिए भी रोजगार की व्यवस्था की जा रही है. योजना के तहत उन्हें केंद्रीय अर्धसैनिक बलों, पुलिस और दूसरे सरकारी विभागों में नौकरी के अवसर उपलब्ध कराने की तैयारी है. इसके लिए गृह मंत्रालय की ओर से एक विशेष पोर्टल के जरिए नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की योजना है. सरकार का प्रयास है कि अग्निवीरों का 4 साल का कार्यकाल समाप्त होने से पहले ही उनकी अगली सरकारी नौकरी से जुड़ी प्रक्रिया पूरी हो जाए.&amp;nbsp;
इन सुरक्षा बलों में आरक्षण&amp;nbsp;
पूर्व अग्निवीरों के लिए कई केंद्रीय सुरक्षा बलों में आरक्षण का प्रावधान किया गया है. बीएसएफ, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी और असम राइफल्स में सिपाही और राइफलमैन के पदों पर उनके लिए 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है. इन भर्तियों में पूर्व अग्निवीरों को लिखित परीक्षा के साथ फिजिकल टेस्ट और फिजिकल दक्षता परीक्षा में भी छूट दिए जाने का प्रावधान है.&amp;nbsp;
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रेलवे में भी आरक्षण&amp;nbsp;
अग्निवीरों के लिए भारतीय रेलवे में भी आरक्षण की व्यवस्था की गई है. कैटेगरी 1 के पदों पर पूर्व अग्नि वीरों के लिए 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण निर्धारित किया गया है. वहीं कैटेगरी 2 और उससे ऊपर के पदों में 5 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का प्रावधान है. इसके अलावा केंद्र और राज्य सरकार में सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए आरक्षण और प्राथमिकता की व्यवस्था की गई.&amp;nbsp;
क्या है अग्निपथ योजना का मौजूदा नियम?
अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीर 4 साल तक सेना में सेवा करते हैं. कार्यकाल पूरा होने के बाद 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित कैडर में बनाए रखा जाता है, जबकि 75 प्रतिशत सेवा मुक्त होते हैं. नए एग्जिट प्लान का उद्देश्य से 75 प्रतिशत वर्ग के लिए समय रहते रोजगार की व्यवस्था करना है. सरकार की तैयारी है कि अग्निवीर जब 4 साल की सेवा पूरी करके बाहर निकले, तब उनके पास आगे की नौकरी का रास्ता पहले से तैयार हो.
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        <pubDate>Sat, 19 Sep 2026 06:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>मां और दो मौसियां IAS, तीनों बनीं मुख्य सचिव, अब बेटी बनी IPS</title>
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        <description><![CDATA[ मां और दो मौसियां IAS, तीनों बनीं मुख्य सचिव, अब बेटी बनी IPS ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 19 Sep 2026 06:30:04 +0530</pubDate>
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        <title>DRDO में इंटर्नशिप का मौका, जानें कौन कर सकता है आवेदन?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/drdo-में-इंटर्नशिप-का-मौका-जानें-कौन-कर-सकता-है-आवेदन</link>
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        <description><![CDATA[ डिफेंस सेक्टर में काम करने और रिसर्च का एक्सपीरियंस हासिल करने के इच्छुक छात्रों के लिए डीआरडीओ में इंटर्नशिप का अवसर आया है. डीआरडीओ की कानपुर स्थित डीएमएसआरडीई लैब ने अलग-अलग इंजीनियरिंग और साइंस डिसिप्लिन के फाइनल ईयर के छात्रों के लिए इंटर्नशिप की घोषणा की है. इसमें चयनित छात्रों को 6 महीने तक इंटर्नशिप करने का मौका मिलेगा और इसके लिए स्टाइपेंड भी दिया जाएगा. आवेदन करने के लिए छात्रों को अपने संस्थान के माध्यम से निर्धारित प्रक्रिया पूरी करनी होगी. इस इंटर्नशिप के लिए कुल 9 पद हैं. आवेदन करने की आखिरी तारीख 28 सितंबर है.&amp;nbsp;
किन विषयों के छात्र कर सकते हैं अप्लाई?
डीएमएसआरडीई की ओर से जिन विषयों के लिए इंटर्नशिप का अवसर दिया गया है, उनमें केमिकल इंजीनियरिंग, पॉलीमर साइंस एंड टेक्नोलॉजी, मटेरियल साइंस इंजीनियरिंग और मैकेनिकल इंजीनियरिंग शामिल है. इसके अलावा टेक्सटाइल इंजीनियरिंग, केमेस्ट्री और मटेरियल साइंस के छात्र भी इसके लिए आवेदन कर सकते हैं.&amp;nbsp;
पढ़ाई और अंको से जुड़ी क्या है शर्तें?
इंटर्नशिप के लिए वही छात्र आवेदन कर सकते हैं, जो किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी या संस्थान से इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट या इंजीनियरिंग साइंस में पोस्ट ग्रेजुएशन कर रहे हो. उम्मीदवार का फुल टाइम कोर्स के फाइनल ईयर में होना जरूरी .है एकेडमिक प्रदर्शन भी चयन प्रक्रिया में जरुरी रहेगा. आवेदन करने वाले छात्र के कम से कम 65 प्रतिशत अंक होने चाहिए. इसके साथ आवेदन की अंतिम तारीख के दिन उम्र 28 वर्ष से कम होनी चाहिए.
कॉलेज से अप्रूवल लेना जरूरी&amp;nbsp;
डीआरडीओ की इंटर्नशिप के लिए उम्मीदवारों को अपने कॉलेज के डीन, एचओडी, डायरेक्टर या प्रिंसिपल के जरिए रिक्वेस्ट लेटर तैयार करवाना होगा. आवेदन फाॅर्म का निर्धारित फॉर्मेट नोटिफिकेशन से लेना होगा. फॉर्म में उम्मीदवार की व्यक्तिगत और शैक्षणिक जानकारी जैसे नाम, जन्म तिथि, आधार नंबर, कॉलेज, मोबाइल नंबर, ईमेल, डिग्री, सीजीपीए, ब्रांच से जुड़ी जानकारी भरनी होगी. उसके बाद संस्थान के लेटर हेड पर संबंधित अधिकारी के सिग्नेचर करवाने होंगे.&amp;nbsp;
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आवेदन के साथ कौन से कागज देने होंगे?
फाॅर्म के साथ कुछ जरूरी डॉक्यूमेंट भी भेजने होंगे. इनमें कॉलेज का रिक्वेस्ट लेटर, हाई स्कूल की मार्कशीट, पिछले सेमेस्टर की मार्कशीट, फोटो आईडी और रिज्यूमे शामिल है. पूरा आवेदन तैयार होने के बाद इसकी हार्ड कॉपी, स्पीड पोस्ट या बाय हैंड डीएमएसआरडीई, कानपुर भेजनी होगी.&amp;nbsp;
आवेदन भेजने का एड्रेस&amp;nbsp;
डायरेक्टर, डिफेंस मैटेरियल्स एंड स्टोर्स रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट, डीआरडीओ, जीटी रोड कानपुर -208013&amp;nbsp;
किस आधार पर होगा चयन?
सभी आवेदनों में से उम्मीदवारों का चयन उनके सीजीपीए, ऑनलाइन इंटरव्यू और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के आधार पर किया जाएगा. चयन होने पर उम्मीदवारों को आगे की प्रक्रिया और जॉइनिंग की जानकारी ईमेल के जारी दी जाएगी. डीआरडीओ ने स्पष्ट किया है कि आवेदन में दी गई जानकारी पूरी और सही होनी चाहिए. अधूरे या गलत डिटेल वाले आवेदन एक्सेप्ट नहीं किए जाएंगे.
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        <pubDate>Sat, 19 Sep 2026 06:30:02 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>DRDO, में, इंटर्नशिप, का, मौका, जानें, कौन, कर, सकता, है, आवेदन</media:keywords>
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        <title>ग्लैमर छोड़ चुनी गूगल की जॉब, कौन है मिस यूनिवर्स इंडिया फाइनलिस्ट उमंगा?</title>
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        <description><![CDATA[ ग्लैमर छोड़ चुनी गूगल की जॉब, कौन है मिस यूनिवर्स इंडिया फाइनलिस्ट उमंगा? ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 18 Sep 2026 14:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>पढ़ाई और जॉब किस देश में बेस्ट, भारतीय छात्रों के पास क्या ऑप्शंस?</title>
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        <description><![CDATA[ साल बड़ी संख्या में भारतीय छात्र पढ़ाई और बेहतर करियर के लिए विदेश जाने का प्लान बनाते हैं. कुछ छात्र अच्छी यूनिवर्सिटी और कोर्स देखते हैं, जबकि कुछ पढ़ाई के बाद नौकरी के अवसरों को ध्यान में रखते हैं. अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी और फ्रांस भारतीय छात्रों के प्रमुख विकल्प हैं. हर देश में फीस, रहने का खर्च, वीजा और नौकरी से जुड़े नियम अलग होते हैं.
अमेरिका और ब्रिटेन में पढ़ाई के विकल्प
अमेरिका भारतीय छात्रों के बीच लंबे समय से लोकप्रिय स्टडी डेस्टिनेशन है. यहां कई बड़ी यूनिवर्सिटीज और अलग-अलग तरह के कोर्स उपलब्ध हैं. इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस, मैनेजमेंट, डेटा साइंस और रिसर्च जैसे क्षेत्रों में छात्र पढ़ाई कर सकते हैं. अमेरिका में यूनिवर्सिटी और कोर्स के हिसाब से फीस काफी अलग होती है. रहने का खर्च भी शहर के अनुसार बदलता है.
कई संस्थानों में स्कॉलरशिप और असिस्टेंटशिप के विकल्प मिलते हैं. पढ़ाई पूरी करने के बाद काम करने के लिए छात्रों को अपने वीजा और वर्क परमिशन के नियमों का पालन करना होता है. ब्रिटेन भी भारतीय छात्रों के लिए एक प्रमुख विकल्प है. यहां कई मास्टर डिग्री कम अवधि में पूरी की जाती हैं. बिजनेस, फाइनेंस, कंप्यूटर साइंस और हेल्थ जैसे विषयों में कई कोर्स उपलब्ध हैं. देश चुनते समय छात्रों को कोर्स की फीस और पढ़ाई के बाद काम करने से जुड़े मौजूदा नियम जरूर देखने चाहिए.
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कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और जर्मनी भी विकल्प
कनाडा में भारतीय छात्र अलग-अलग कॉलेज और यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करते हैं. यहां पढ़ाई के साथ काम और आगे करियर बनाने की योजना रखने वाले छात्रों की रुचि रहती है. हालांकि स्टूडेंट परमिट और इमिग्रेशन से जुड़े नियम बदलते रहते हैं, इसलिए आवेदन से पहले आधिकारिक जानकारी देखना जरूरी है. ऑस्ट्रेलिया में इंजीनियरिंग, आईटी, बिजनेस और हेल्थ जैसे क्षेत्रों में कई कोर्स उपलब्ध हैं. पढ़ाई के दौरान काम करने और पढ़ाई के बाद रोजगार से जुड़े नियम लागू होते हैं.
वहीं जर्मनी उन छात्रों के लिए विकल्प है जो यूरोप में पढ़ाई करना चाहते हैं. यहां कई सरकारी संस्थानों में ट्यूशन फीस दूसरे देशों की तुलना में कम हो सकती है. हालांकि रहने का खर्च और दूसरे शुल्क अलग हो सकते हैं. जर्मनी में इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी और रिसर्च से जुड़े कोर्स काफी लोकप्रिय हैं. अंग्रेजी माध्यम के कोर्स उपलब्ध हैं, लेकिन जर्मन भाषा सीखना नौकरी और रोजमर्रा की जिंदगी में मददगार रहती है.
&amp;nbsp;फ्रांस में पढ़ाई के साथ नई पॉलिसी भी जानें
फ्रांस भी भारतीय छात्रों के लिए एक विकल्प है. भारत फ्रांस की &amp;nbsp;एटूडेसेन् फ्रांस &amp;nbsp;प्रक्रिया में शामिल देशों में है. तीन महीने से ज्यादा के कोर्स के लिए आम तौर पर लॉन्ग-स्टे स्टूडेंट वीजा की जरूरत होती है. फ्रांस में पढ़ाई के दौरान विदेशी छात्र साल में अधिकतम 964 घंटे तक नौकरी कर सकते हैं. पढ़ाई पूरी करने के बाद कुछ मास्टर स्तर के योग्य छात्रों के लिए नौकरी खोजने या बिजनेस शुरू करने से जुड़ी अलग व्यवस्था भी है.
2026 में फ्रांस के स्टूडेंट वीजा से जुड़ा एक महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है. 1 अगस्त 2026 से स्टूडेंट वीजा के लिए आर्थिक संसाधनों का न्यूनतम प्रमाण 877.50 यूरो प्रति महीने कर दिया गया है, जो पहले 615 यूरो था. यानी भारतीय छात्रों को वीजा आवेदन के समय अपनी आर्थिक क्षमता का नया मानक ध्यान में रखना होगा. इसके अलावा 1 जनवरी 2026 से फ्रांस में कुछ लंबे समय के रेजिडेंस परमिट और नागरिकता की प्रक्रियाओं में सिविक एग्जाम से जुड़ी नई शर्त लागू हुई है. यह नियम हर स्टूडेंट वीजा पर सीधे लागू नहीं होता, लेकिन लंबे समय तक फ्रांस में रहने की योजना बनाने वाले छात्रों को इसकी जानकारी रखनी चाहिए.
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&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 18 Sep 2026 14:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>NEET&amp;JEE&amp;UPSC या UGC NET, कौन&amp;सा एग्जाम सबसे कठिन? ऐसे समझें पूरी तस्वीर</title>
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        <description><![CDATA[ NEET-JEE-UPSC या UGC NET, कौन-सा एग्जाम सबसे कठिन? ऐसे समझें पूरी तस्वीर ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 18 Sep 2026 14:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>UGC NET 3 विषयों का रिजल्ट जारी, JRF के लिए 824 उम्मीदवार क्वालीफाई</title>
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        <description><![CDATA[ एनटीए ने यूजीसी नेट जून 2026 के तीन विषयों के री-एग्जाम का रिजल्ट जारी कर दिया है. इंग्लिश कॉमर्स और सोशियोलॉजी विषयों की दोबारा आयोजित परीक्षा में शामिल उम्मीदवार अब अपना स्कोर कार्ड और क्वालीफाइंग स्टेटस चेक कर सकते हैं. रिजल्ट के साथ इन विषयों की फाइनल आंसर की और कैटिगरी वाइज कट ऑफ भी जारी की गई है. उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट ugcnet.nta.nic.in पर लॉगिन करके अपना रिजल्ट देख सकते हैं.&amp;nbsp;
1.96 लाख उम्मीदवारों ने कराया था रजिस्ट्रेशन&amp;nbsp;
यूजीसी नेट की इन तीन विषयों की दोबारा परीक्षा 10 सितंबर 2026 को देशभर के 272 शहरों में 454 परीक्षा केंद्र पर आयोजित की गई थी. इंग्लिश और कॉमर्स की परीक्षा 9 सितंबर को, जबकि सोशियोलॉजी की परीक्षा 10 सितंबर को हुई थी. एनटीए के अनुसार इन तीनों विषयों के लिए कुल 1,96,491 उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन कराया था. इनमें से 1,29,552 महिला, 64,931 पुरुष और 8 थर्ड जेंडर उम्मीदवार शामिल थे. इनमें से 1,20,355 उम्मीदवार ही एग्जाम में शामिल हुए &amp;zwnj;.
824 उम्मीदवारों ने JRF क्वालीफाई किया&amp;nbsp;
री-एग्जाम के रिजल्ट में कुल 824 उम्मीदवारों ने जूनियर रिसर्च स्कॉलरशिप के लिए क्वालीफाई किया है. वहीं 11,610 उम्मीदवार असिस्टेंट प्रोफेसर की पात्रता और 23,154 उम्मीदवार पीएचडी ऑनली कैटेगरी के लिए योग्य पाए गए हैं. एनटीए ने बताया कि एलिजिबल उम्मीदवारों की एलिजिबिलिटी सेल्फ डिक्लेरेशन और संबंधित डॉक्यूमेंट का वेरिफिकेशन निर्धारित नियमों के अनुसार संबंधित अधिकारियों की ओर से किया जाएगा.&amp;nbsp;
गलतियों के कारण दोबारा हुई थी परीक्षा&amp;nbsp;
इंग्लिश कॉमर्स और सोशियोलॉजी के मूल प्रश्न पत्र को लेकर उम्मीदवारों की ओर से शिकायत मिलने के बाद एनटीए ने इनकी समीक्षा कराई थी. इसके लिए गठित समिति ने प्रश्न पत्र में तथ्यात्मक और टाइपिंग संबंधी गलती उसके साथ अनुवाद की गलतियां, नाम और किताबों के शीर्षक में गलतियां जैसी कमियां पाई गई थी. एनटीए के अनुसार इन कमियों को केवल गलत प्रश्न हटाकर दूर करना पर्याप्त नहीं था. इस वजह से तीनों विषयों की परीक्षा दोबारा कराने का फैसला लिया गया था.&amp;nbsp;
ये भी पढ़ें-झारखंड में होमगार्ड के 772 पदों पर भर्ती, महिलाओं के लिए 50% सीटें आरक्षित&amp;nbsp;
10 से 13 सितंबर तक चली थी आपत्तियां
री-एग्जाम के प्रश्न पत्र प्रोविजनल आंसर की और संबंधित उम्मीदवार की रिकॉर्डेड रिस्पांस 10 सितंबर को वेबसाइट पर उपलब्ध कराए गए थे. उम्मीदवारों को 13 सितंबर तक आंसर-की पर आपत्तियां दर्ज कराने का मौका दिया गया था. एनटीए ने कहा कि प्राप्त आपत्तियों की एक्सपर्ट्स से जांच कराई गई और एक्सपर्ट्स की और अंतिम रूप से दी गई आंसर-की के आधार पर रिजल्ट तैयार किया गया.&amp;nbsp;
ऐसे चेक करें UGC NET एग्जाम रिजल्ट&amp;nbsp;

उम्मीदवार अपना स्कोर कार्ड देखने के लिए सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट ugcnet.nta.nic.in पर जाएं.&amp;nbsp;
अब होम पेज पर कैंडिडेट एक्टिविटी या रिजल्ट लिंक खोलें.
इसके बाद यूजीसी नेट जून 2026 स्कोर कार्ड री-एग्जाम के लिंक पर क्लिक करें.
अब मांगी गई लॉगिन डिटेल दर्ज करें.
उसके बाद सबमिट पर क्लिक करने के बाद स्क्रीन आपका स्कोर कार्ड दिखाई देगा.

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        <pubDate>Fri, 18 Sep 2026 14:30:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>DUSU चुनाव के लिए मतदान आज, जानें कौन&amp;कौन कैंडिडेट मैदान में?</title>
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        <description><![CDATA[ दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव (DUSU) 2026 के लिए आज यानी 18 सितंबर को मतदान हो रहा है. डीयू में चार केंद्रीय पदों अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव के लिए कुल 20 उम्मीदवार मैदान में है. मतदान दो शिफ्टों में कराया जाएगा, जबकि वोटों की गिनती कल यानी 19 सितंबर को नॉर्थ कैंपस स्थित यूनिवर्सिटी स्पोर्ट्स स्टेडियम के मल्टीपर्पस हॉल में होगी. इस बार एबीवीपी, एनएसयूआई और एआईएसए-एसएफआई गठबंधन के उम्मीदवारों के अलावा कई निर्दलीय और दूसरे संगठनों से जुड़े प्रत्याशी भी चुनाव लड़ रहे हैं. कुछ 20 उम्मीदवारों में सात अध्यक्ष, पांच उपाध्यक्ष, चार सचिव और चार संयुक्त सचिव पद के लिए चुनाव मैदान में है.&amp;nbsp;
सुबह 8:30 बजे से शुरू हुआ मतदान&amp;nbsp;
दिन की कक्षा में पढ़ने वाले छात्र सुबह 8:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक वोट डाल सकते हैं. वहीं शाम की कक्षाओं के छात्रों के लिए मतदान का समय दो बार 3:00 बजे से शाम 7:30 बजे रखा गया है. वोटो की गिनती 19 सितंबर को सुबह 8:00 बजे से शुरू होगी. इस चुनाव में बड़ी संख्या में छात्र संघ मतदाता हिस्सा ले रहे हैं. यूनिवर्सिटी की ओर से मतदान के लिए ईवीएम की भी व्यवस्था की गई है.&amp;nbsp;
अध्यक्ष पद पर 7 उम्मीदवार&amp;nbsp;
डीयू में इस बार अध्यक्ष पद के लिए एबीवीपी ने यश डबास, एनएसयूआई ने विजय शंकर मीणा और एआईएसए-एसएफआई गठबंधन ने अन्य रतूड़ी को उम्मीदवार बनाया है. इसके अलावा अशमित कुमार, एजाज मंसूरी, समर्थ बेनीवाल और समीर कुमार भी अध्यक्ष पद के लिए मैदान में है.&amp;nbsp;
उपाध्यक्ष पद के उम्मीदवार&amp;nbsp;
उपाध्यक्ष पद पर एबीवीपी से इशू मौर्य, एनएसयूआई से वीर छत्रथ और एआईएसए-एसएफआई से अक्षत शिखर चुनाव लड़ रहे हैं. इनके अलावा अरन्या सिंह राठौड़ और दीपांशु शौकीन भी इस पद के उम्मीदवार है.&amp;nbsp;
सचिव पद पर चार उम्मीदवार&amp;nbsp;
सचिव पद के लिए एबीवीपी ने रिया छाबड़ी, एनएसयूआई ने नम्रता चौधरी और एआईएसए-एसएफआई ने स्टैंजिन डेसक्यॉन्ग को मैदान में उतारा है. इसके अलावा पंकज कुमार भी चुनाव लड़ रहे हैं.&amp;nbsp;
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संयुक्त सचिव पद पर भी 4 प्रत्याशी&amp;nbsp;
संयुक्त सचिव पद के लिए एबीवीपी के लक्ष्य राज सिंह, एनएसयूआई के गोपाल चौधरी और एआईएसए-एसएफआई गठबंधन के भी परिजात उम्मीदवार है. इसके अलावा विशेष यादव भी इस पद के लिए मैदान में है.&amp;nbsp;
सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच चुनाव&amp;nbsp;
चुनाव को देखते हुए दिल्ली यूनिवर्सिटी के नॉर्थ और साउथ कैंपस में सुरक्षा बढ़ाई गई हैं. पुलिस और अर्ध सैनिक बलों की तैनाती की गई है. नॉर्थ कैंपस को सुरक्षा के लिहाज से 5 जोन और 23 सेक्टर में बांटा गया है. कॉलेज गेट और दूसरे प्रमुख स्थानों पर बैरिकेडिंग और पिकेट लगाए गए हैं. चुनाव से पहले कैंपस में हुई कुछ घटनाओं को देखते हुए संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त निगरानी रखी जा रही है. चंद्रबाग रोड, रोबिन रोड और यूनिवर्सिटी रोड समेत कुछ प्रमुख रास्तों पर वाहनों की आवाजाही को लेकर प्रतिबंध भी लागू किए गए हैं.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Fri, 18 Sep 2026 14:30:02 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>UPTET 2026 में 72 हजार उम्मीदवारों ने दर्ज कराई आपत्तियां, 71000 खारिज</title>
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        <description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) 2026 के रिजल्ट को लेकर आपत्ति दर्ज करने वाले उम्मीदवारों को उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के फैसले का सामना करना पड़ा है. परीक्षा परिणाम से असंतुष्ट उम्मीदवारों की ओर से 72,000 आपत्तियां आयोग को मिली थी. 6 सदस्य समिति की जांच के बाद इनमें से 71,000 से ज्यादा आपत्तियों को खारिज कर दिया गया है.
आयोग ने सिर्फ कुछ सफल उम्मीदवारों के रिजल्ट में दर्ज गलतियों को ठीक करने की मांग को स्वीकार किया. आयोग के अनुसार, करीब 500 से 700 सफल उम्मीदवारों के प्रमाण पत्र में नाम, पिता का नाम, पति का नाम, जन्म तिथि या कैटेगरी से संबंधित गलतियां सामने आई. उनके सुधार के लिए जल्दी आयोग के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन की सुविधा शुरू की जाएगी.&amp;nbsp;
4 कैटेगरी में बांटी गई थी आपत्तियां&amp;nbsp;
यूपीटीईटी रिजल्ट से जुड़ी शिकायतों की जांच के लिए गठित 6 सदस्यीय समिति ने सभी आपत्तियों को चार अलग-अलग कैटेगरी में रखा था. पहली कैटेगरी में ओएमआर शीट से जुड़ी शिकायत थी. इनमें उम्मीदवारों ने अनुक्रमांक या प्रश्न पुस्तिका क्रमांक के गोले गलत भरने, उन्हें खाली छोड़ने को लेकर राहत मांगी थी. वहीं दूसरी कैटेगरी में नॉर्मलाइजेशन के बाद स्कोर कम होने की शिकायतें थी. तीसरी कैटेगरी में आंसर की के आधार पर कम अंक मिलने को लेकर आपत्ति दर्ज की गई थी. चौथी कैटेगरी में प्रमाण पत्र में नाम, पिता या पति का नाम, जन्मतिथि और कैटेगरी से जुड़ी गलतियों को लेकर आवेदन आए थे.&amp;nbsp;
OMR में गलती पर आयोग ने नहीं दी राहत&amp;nbsp;
ओएमआर शीट को लेकर आयोग ने कहा कि परीक्षा से पहले ही उम्मीदवारों को इसे भरने की पूरी प्रक्रिया और जरूरी सावधानियों की जानकारी दी गई थी. इसके लिए विज्ञापन, एडमिट कार्ड, ओएमआर शीट और परीक्षा कक्षा में मौजूद कर्मचारियों के माध्यम से निर्देश दिए गए थे. आयोग के अनुसार, अनुक्रमांक या प्रश्न पुस्तिका का क्रमांक के गोले गलत भरने की स्थिति में ओएमआर का मूल्यांकन नहीं किया जाना था. वहीं पूरी स्कोर प्रोसेसिंग ऑटोमेटेड थी, इसलिए इस तरह की गलती के लिए उम्मीदवार स्वयं जिम्मेदार होंगे. इस आधार पर इस कैटेगरी की आपत्तियों को स्वीकार नहीं किया गया है.&amp;nbsp;
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नॉर्मलाइजेशन और आंसर की पर भी नहीं बदले अंक&amp;nbsp;
उम्मीदवारों ने नॉर्मलाइजेशन की वजह से अंक कम होने की शिकायत की थी, उन्हें भी राहत नहीं मिली. आयोग ने कहा कि परीक्षा से पहले यह व्यवस्था स्पष्ट कर दी थी कि अगर परीक्षा कई दिनों या पारियों में होती है, तो अलग-अलग प्रश्न पत्रों के कठिनाई स्तर के आधार पर नॉर्मलाइजेशन लागू किया जाएगा. आयोग के अनुसार स्कोर तैयार करने के लिए सॉफ्टवेयर आधारित वैज्ञानिक प्रक्रिया अपनाई गई. इस प्रक्रिया में अलग-अलग पारियों के प्रश्न पत्रों के कठिनाई स्तर को ध्यान में रखा जाता है. इसलिए नॉर्मलाइजेशन के कारण कुछ अभ्यर्थियों के नंबर कम और कुछ के ज्यादा होना प्रक्रिया का हिस्सा है. इस तरह आंसर की के आधार पर अंक बढ़ाने या बदलने की मांग भी एक्सेप्ट नहीं की गई.&amp;nbsp;
प्रमाण पत्र में गलती सुधारने का मिलेगा मौका&amp;nbsp;
आयोग ने हालांकि सफल उम्मीदवारों को प्रमाण पत्र से जुड़ी गलती सुधारने की सुविधा देने का फैसला किया है. जिन प्रमाण पत्र में नाम, पिता का नाम या पति का नाम, जन्म तिथि या फिर कैटेगरी में गलती है, उनके लिए पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन की सुविधा जल्द शुरू की जाएगी.
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        <pubDate>Fri, 18 Sep 2026 02:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>UPTET, 2026, में, हजार, उम्मीदवारों, ने, दर्ज, कराई, आपत्तियां, 71000, खारिज</media:keywords>
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        <title>हरियाणा के 12000 शिक्षकों की नौकरी पर संकट, HTET पास करना अनिवार्य</title>
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        <description><![CDATA[ हरियाणा के सरकारी स्कूलों में पढ़ा रहे करीब 12000 शिक्षकों के लिए बड़ी मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं. जिन शिक्षकों ने अब तक हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा (HTET) पास नहीं की है, उन्हें अब यह परीक्षा पास करनी होगी. विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुपालन से जुड़ा नोटिस जारी किया है. इसके तहत एचटीईटी पास नहीं करने वाले कुछ शिक्षकों की सेवाएं समाप्त की जा सकती हैं या फिर उन्हें अनिवार्य रिटायरमेंट दी जा सकती है. वहीं कुछ शिक्षकों को रिटायरमेंट तक सेवा में बने रहने की छूट दी गई है, लेकिन उन्हें प्रमोशन नहीं मिलेगा.&amp;nbsp;
1 सितंबर 2025 के आधार पर तय होगी शर्तें&amp;nbsp;
शिक्षा निदेशालय के निर्देशों के अनुसार, जिन शिक्षकों के 1 सितंबर 2025 को रिटायरमेंट में 5 साल से ज्यादा समय बचा था और उन्हें एचटीईटी पास नहीं किया उनके लिए संबंधित विषय का एचटीईटी पास करना जरूरी होगा. परीक्षा पास नहीं करने की स्थिति में उनकी सेवाएं समाप्त की जा सकती हैं या उन्हें अनिवार्य रिटायरमेंट दिया जा सकता है. वहीं, जिन शिक्षकों की 1 सितंबर 2025 को रिटायरमेंट में 5 साल या उससे कम समय बचा था, उन्हें एचटीईटी पास करने से छूट दी गई है. ऐसे शिक्षक निर्धारित रिटायरमेंट आयु तक सेवा में रह सकते हैं, हालांकि अगर वह आगे पदोन्नति चाहते हैं तो उन्हें संबंधित विषय का एचटीईटी पास करना होगा. बिना एचटीईटी के उन्हें प्रमोशन नहीं दिया जाएगा.&amp;nbsp;
साल में दो बार होगी HTET&amp;nbsp;
शिक्षकों को परीक्षा पास करने का पर्याप्त अवसर देने के लिए विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी (BSEH) को साल में 2 बार एचटीईटी आयोजित करने के निर्देश दिए हैं. इससे शिक्षकों को परीक्षा देकर पात्रता पूरी करने के लिए बराबर मौका मिलेगा. शिक्षा निदेशालय ने जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों (DEEO) को भी निर्देश दिया है कि वह अपने-अपने जिलों से संबंधित सभी शिक्षकों तक इस फैसले की जानकारी पहुंचाएं. वहीं स्थापना शाखाओं के शिक्षकों की नियुक्ति और पदोन्नति से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं.&amp;nbsp;
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद लागू हुआ नियम&amp;nbsp;
शिक्षा निदेशालय ने बताया कि यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के सिविल अपील संख्या 1385-2025, अंजुमन इशात-ए-तलीम ट्रस्ट बनाम महाराष्ट्र राज्य व दूसरे मामलों में 1 सितंबर 2025 को दिए गए आदेश के आधार पर की गई. इस मामले में दाखिल रिव्यू पिटीशन पर भी 29 मई 2026 को आदेश पारित हुआ था. हरियाणा के शिक्षकों की ओर से भी मामले में राहत के लिए पुनर्विचार याचिका दाखिल की गई थी, लेकिन मई 2026 में इसे खारिज कर दिया गया. इसके बाद शिक्षा निदेशालय ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुरूप यह निर्देश जारी किए हैं.&amp;nbsp;
शिक्षक संगठन फिर सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में&amp;nbsp;
इस फैसले के बाद प्रभावित शिक्षकों में असमंजस की स्थिति बनी है. हरियाणा प्राइमरी टीचर एसोसिएशन मामले को लेकर एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट की डिवीजन बेंच का रुख करने पर विचार कर रहा है. ऐसे में एचटीईटी की अनिवार्यता को लेकर शिक्षकों और सरकार के बीच कानूनी मामला आगे भी जारी रह सकता है.
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        <pubDate>Fri, 18 Sep 2026 02:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>अब अमेरिका में पढ़ाई के बाद नौकरी मिलना आसान नहीं, देने होंगे एक करोड़</title>
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        <description><![CDATA[ अमेरिका में पढ़ाई करने वाले विदेशी छात्रों के लिए पढ़ाई के बाद नौकरी करने का रास्ता अब और महंगा हो सकता है. दरअसल, ट्रंप सरकार ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (OPT) को लेकर एक ऐसे प्रस्ताव पर विचार कर रही है, जिसमें विदेशी छात्रों से करीब 1 लाख डॉलर यानी लगभग 96 लाख रुपये की फीस ली जा सकती है. फिलहाल छात्रों को यह रकम जमा नहीं करनी है, अभी यह प्रस्ताव के स्तर पर है.
OPT के तहत एफ 1 वीजा पर अमेरिका में पढ़ाई करने वाले &amp;nbsp;विदेशी छात्रों को डिग्री पूरी करने के बाद अपनी पढ़ाई से जुड़े क्षेत्र में काम करने का मौका मिलता है. सामान्य तौर पर यह अवधि 12 महीने तक होती है, जबकि STEM से जुड़े छात्रों को अतिरिक्त 24 महीने का समय मिल सकता है. इस तरह एलिजिल STEM छात्रों के लिए कुल अवधि 3 साल तक हो सकती है.&amp;nbsp;
व्हाइट हाउस की समीक्षा हुई पूरी&amp;nbsp;
OPT फीस से जुड़ा प्रस्ताव अमेरिकी डेवलपमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी की इमिग्रेशन एंड कस्टम एनफोर्समेंट की ओर से 20 अगस्त को व्हाइट हाउस ऑफिस ऑफ इनफार्मेशन एंड रेगुलेटरी अफेयर्स को भेजा गया था. रेगुलेटरी अफेयर्स ने 11 सितंबर को इसकी समीक्षा पूरी कर ली है. हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि 1 लाख डॉलर की फीस लागू हो गई है. जानकारी के अनुसार, प्रस्तावित फीस की वास्तविक राशि का फिलहाल खुलासा नहीं किया गया है. 1 लाख डॉलर का आंकड़ा मीडिया रिपोर्ट्स में सामने आया है. प्रस्ताव को आगे नोटिस ऑफ प्रपोज्ड रूल मेकिंग के रूप में फेडरल रजिस्टर में प्रकाशित किया जाना है. इसके बाद लोगों और संस्थाओं से सुझाव और आपत्तियां मांगी जाएगी. यह अभी तय नहीं है कि अगर फीस लागू होती है तो उसका पेमेंट छात्र करेंगे, नौकरी देने वाली कंपनियां करेंगी या किसी दूसरे पक्ष पर इसकी जिम्मेदारी होगी.&amp;nbsp;
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भारतीय छात्रों पर भी पड़ सकता है असर&amp;nbsp;
अमेरिका में भारतीय छात्र बड़ी संख्या में पढ़ाई कर रहे हैं. जानकारी के अनुसार, अमेरिका में करीब 11 लाख विदेशी छात्र पढ़ाई कर रहे हैं. वहां 3.3 लाख से ज्यादा भारतीय छात्र रजिस्टर्ड है. वहीं 2024 में करीब 4.19 लाख विदेशी छात्र ओटीपी के तहत अमेरिका में काम कर रहे हैं. विदेशी छात्रों के लिए ओपीटी इसलिए जरूरी है, क्योंकि इससे उन्हें पढ़ाई पूरी करने के बाद अमेरिकी कंपनी में काम करने और एक्सपीरियंस हासिल करने का अवसर मिलता है. वहीं कई छात्रों के लिए यह आगे लंबे समय तक अमेरिका में नौकरी करने और एच-1 बी जैसे वर्क वीजा की दिशा में आगे बढ़ने का रास्ता भी बनता है. अगर एक लाख डॉलर की फीस का प्रस्ताव लागू होता है, तो अमेरिका में पढ़ाई के बाद नौकरी करने की कुल लागत काफी बढ़ सकती है.
अमेरिका में पढ़ाई को लेकर छात्रों की चिंता बढ़ी&amp;nbsp;
अमेरिका में पढ़ाई के लिए आवेदन करने वाले भारतीय छात्रों की संख्या में 15 फीसदी की कमी की रिपोर्ट भी सामने आई है. इसके पीछे सख्त वीजा और इमीग्रेशन नीतियां, अमेरिका में रहने की अवधि को लेकर बदलाव और OPT &amp;nbsp; पर प्रस्तावित भारी फीस जैसी वजहों का जिक्र किया गया है. OPT फीस के अलावा अमेरिका में विदेशी छात्रों के वीजा नियमों में रहने की अवधि से जुड़े बदलाव भी प्रस्तावित है. नए नियमों के तहत के अंतरराष्ट्रीय छात्रों को अधिकतम चार साल तक की रहने की अनुमति देने की व्यवस्था की जा रही है. जिनकी पढ़ाई इससे ज्यादा समय लेती है, उन्हें पढ़ाई खत्म होने से पहले विस्तार के लिए आवेदन करना होगा.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Fri, 18 Sep 2026 02:30:06 +0530</pubDate>
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        <title>झारखंड में होमगार्ड के 772 पदों पर भर्ती, महिलाओं के लिए 50% सीटें आरक्षित </title>
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        <description><![CDATA[ झारखंड में सरकारी विभाग में होमगार्ड बनने का मौका तलाश रहे उम्मीदवारों के लिए भर्ती निकली है. झारखंड गृह रक्षा वाहिनी देवघर की ओर से ग्रामीण और शहरी होमगार्ड के पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया गया है. इस भर्ती अभियान के तहत कुल 772 पद भरे जाएंगे. खास बात यह है कि ग्रामीण और शहरी दोनों कैटेगरी में 50 फीसदी महिलाओं के लिए पद आरक्षित रखे गए हैं. भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 11 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी. इच्छुक उम्मीदवार 26 अक्टूबर 2026 शाम 5 बजे तक आवेदन कर सकते है.
ग्रामीण और शहरी होमगार्ड के कितने पद&amp;nbsp;
इस भर्ती में ग्रामीण होमगार्ड के 635 और शहरी होमगार्ड के 137 पद है. ग्रामीण पदों के लिए उम्मीदवारों का देवघर जिले के इस प्रखंड का स्थानीय निवासी होना जरूरी है, जहां से वह आवेदन कर रहा है. वहीं शहरी होमगार्ड के लिए देवघर जिले के संबंधित शहरी क्षेत्र का निवासी होना चाहिए. महिला उम्मीदवारों के लिए कुल पदों में 50 फीसदी दिया आरक्षण का प्रावधान है. इसके अलावा महिला आरक्षण के अंदर पांच फीसदी पद विधवा, तलाकशुदा या परित्यक्त महिलाओं के लिए रखे गए हैं.&amp;nbsp;
7वीं और 8वीं पास उम्मीदवार कर सकते हैं आवेदन&amp;nbsp;
ग्रामीण होमगार्ड के पदों के लिए उम्मीदवार का कम से कम 7वीं कक्षा पास होना जरूरी है. वहीं शहरी होमगार्ड के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10वीं पास रखी गई है. शहरी क्षेत्र में तकनीकी श्रेणी के पदों के लिए तकनीकी दक्षता रखने वाली उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं. इनमें डॉक्टर, इंजीनियर, नर्स, कंप्यूटर ऑपरेटर, टाइपिस्ट, ड्राइवर, इलेक्ट्रिशियन प्लंबर, बढ़ई, कुक और दूसरे तकनीकी कामों से जुड़े उम्मीदवार शामिल है. इसके लिए संबंधित सक्षम प्राधिकारी की ओर से जारी तकनीकी दक्षता प्रमाण पत्र की जरूरत होती है.&amp;nbsp;
उम्र सीमा और शारीरिक मानक&amp;nbsp;
उम्मीदवार की उम्र 1 जनवरी 2026 को कम से कम 19 वर्ष और अधिकतम 40 वर्ष होनी चाहिए. भर्ती में शारीरिक मांगों को भी पूरा करना होगा. जनरल, ओबीसी और बीसी वर्ग के पुरुष उम्मीदवार की न्यूनतम लंबाई 162 सेंटीमीटर रखी गई है. एससी-एसटी वर्ग के पुरुष उम्मीदवारों के लिए 157 सेंटीमीटर है. सभी वर्ग की महिला उम्मीदवारों की न्यूनतम लंबाई 148 सेंटीमीटर होनी चाहिए. पुरुष उम्मीदवारों के लिए निर्धारित छाती का मानक भी पूरा करना होगा.&amp;nbsp;
दौड़, हिंदी लेखन और तकनीकी परीक्षा से होगा चयन&amp;nbsp;
होमगार्ड भर्ती के लिए उम्मीदवारों को चयन प्रक्रिया के कई चरणों से गुजरना होगा. इसमें फिजिकल परीक्षा के दौरान दौड़, ऊंची कूद, लंबी कूद और गोला फेंक जैसी एक्टिविटी शामिल है. फिजिकल परीक्षा में सफल उम्मीदवारों को हिंदी लेखन क्षमता की परीक्षा देनी होगी. यह परीक्षा 100 अंकों की होगी और इसमें न्यूनतम 30 अंक हासिल करना जरूरी है. शहरी तकनीकी श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए तकनीकी दक्षता परीक्षा भी आयोजित की जाएगी. अंतिम चयन उम्मीदवारों के प्रदर्शन और निर्धारित प्रक्रिया के आधार पर किया जाएगा.&amp;nbsp;
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100 रुपये है आवेदन फीस&amp;nbsp;
इस भर्ती के लिए सभी कैटेगरी के उम्मीदवारों को 100 रुपये आवेदन फीस देनी होगी. फीस का पेमेंट ऑनलाइन पेमेंट गेटवे के माध्यम से किया जाएगा. फीस जमा होने के बाद ही आवेदन को अंतिम रूप से सबमिट किया जा सकेगा.&amp;nbsp;
11 अक्टूबर से ऐसे करें आवेदन&amp;nbsp;
उम्मीदवार को सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा. इसके बाद लॉगिन करके आवेदन फाॅर्म में मांगी गई जानकारी भरनी होगी. फोटो, सिग्नेचर और जरूरी डॉक्यूमेंट अपलोड करने के बाद आवेदन फीस जमा करनी होगी. फॉर्म सबमिट करने से पहले सभी जानकारी अच्छी तरह से जांच ले. वहीं आवेदन पूरा होने के बाद इसका प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें.
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        <pubDate>Fri, 18 Sep 2026 02:30:04 +0530</pubDate>
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        <title>दुनिया का सबसे पढ़ा&amp;लिखा इंसान बनना चाहता है ये शख्स, डिग्रियां कर देंगी हैरान</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/दुनिया-का-सबसे-पढ़ा-लिखा-इंसान-बनना-चाहता-है-ये-शख्स-डिग्रियां-कर-देंगी-हैरान</link>
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        <description><![CDATA[ आमतौर पर लोग एक या दो डिग्री पूरी करने के बाद नौकरी और करियर पर ध्यान देने लगते हैं. लेकिन न्यूजीलैंड के जेमी बीटन की कहानी इससे बिल्कुल अलग है. 31 साल की उम्र में वह कई बड़ी यूनिवर्सिटीज से 12 डिग्रियां हासिल कर चुके हैं और अभी भी पढ़ाई जारी रखे हुए हैं. उन्होंने हार्वर्ड, स्टैनफोर्ड, येल और ऑक्सफोर्ड जैसी दुनिया की मशहूर यूनिवर्सिटीज में पढ़ाई की है. खास बात यह है कि पढ़ाई के साथ उन्होंने अपना कारोबार भी खड़ा किया. जेमी बीटन शिक्षा से जुड़ी कंपनी क्रिमसन एजुकेशन के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं.
हार्वर्ड से शुरू हुआ पढ़ाई का सफर
जेमी बीटन ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से अपनी पढ़ाई शुरू की. यहां उन्होंने गणित और अर्थशास्त्र से जुड़ी पढ़ाई की. इसके बाद उन्होंने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से प्रबंधन और शिक्षा के क्षेत्र में पढ़ाई की. स्टैनफोर्ड के बाद उनका रुख ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की ओर हुआ, जहां उन्होंने सार्वजनिक नीति में शोध की डिग्री हासिल की. वह रोड्स छात्रवृत्ति पाने वाले छात्रों में भी शामिल रहे. इसके बाद भी उन्होंने पढ़ाई नहीं छोड़ी. उन्होंने चीन की सिंघुआ यूनिवर्सिटी से वैश्विक मामलों में मास्टर डिग्री और येल लॉ स्कूल से कानून की डिग्री हासिल की. इसके अलावा पेनसिल्वेनिया यूनिवर्सिटी, प्रिंसटन यूनिवर्सिटी, किंग्स कॉलेज लंदन और कॉर्नेल यूनिवर्सिटी से भी उन्होंने पढ़ाई की है. उनकी पढ़ाई में गणित, शिक्षा, कानून, सार्वजनिक नीति और अंतरराष्ट्रीय मामलों जैसे अलग-अलग विषय शामिल हैं.
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पढ़ाई के साथ खड़ी की बड़ी कंपनी
जेमी बीटन सिर्फ अपनी डिग्रियों की वजह से ही चर्चा में नहीं हैं. उन्होंने साल 2013 में क्रिमसन एजुकेशन की शुरुआत की थी. यह कंपनी छात्रों को दुनिया की बड़ी यूनिवर्सिटीज में दाखिले की तैयारी में मदद करती है. कंपनी शुरू करने के समय जेमी खुद भी छात्र थे. धीरे-धीरे उनकी कंपनी का कारोबार कई देशों तक पहुंच गया. साल 2024 में क्रिमसन एजुकेशन की कीमत करीब 1 अरब डॉलर आंकी गई थी. जेमी आज इस कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं. यानी एक तरफ वह लगातार पढ़ाई कर रहे हैं और दूसरी तरफ एक बड़ी शिक्षा कंपनी भी चला रहे हैं.
दुनिया का सबसे पढ़ा-लिखा इंसान बनने की चाहत
जेमी बीटन की कहानी इसलिए अलग है क्योंकि उन्होंने अलग-अलग विषयों में पढ़ाई की है. उनकी कई डिग्रियां दुनिया की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटीज से हैं. हालिया रिपोर्टों में उन्हें दुनिया का सबसे पढ़ा-लिखा व्यक्ति बनने की दिशा में आगे बढ़ता हुआ बताया गया है. हालांकि अभी उन्हें आधिकारिक तौर पर दुनिया का सबसे पढ़ा-लिखा व्यक्ति घोषित करने वाला कोई विश्व रिकॉर्ड मौजूद नहीं है. जेमी का मानना है कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती. यही वजह है कि वह पढ़ाई को लगातार आगे बढ़ा रहे हैं. उनकी कहानी यह दिखाती है कि कोई व्यक्ति अपने करियर के साथ अपनी पढ़ाई को भी लंबे समय तक जारी रख सकता है. हालांकि इतनी सारी डिग्रियां हासिल करना हर किसी के लिए जरूरी नहीं है. अपनी रुचि और जरूरत के हिसाब से सही विषय चुनना ज्यादा महत्वपूर्ण होता है.
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        <pubDate>Fri, 18 Sep 2026 02:30:02 +0530</pubDate>
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        <title>देश में कितने लोगों की सैलरी 25000? होश उड़ा देगा यह आंकड़ा</title>
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        <description><![CDATA[ केंद्र सरकार ने हाल ही में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी EPFO के तहत अनिवार्य कवरेज के लिए मासिक वेतन सीमा को 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दिया है. श्रम मंत्रालय के इस प्रस्ताव को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी है, जिसका सीधा फायदा करीब 51 लाख अतिरिक्त कर्मचारियों को मिलने की उम्मीद है. यह बदलाव 17 सितंबर 2026 से लागू होगा और 2014 के बाद यह पहली बार है जब ईपीएफओ की वेज सीलिंग में बदलाव किया गया है. लेकिन इस फैसले के बीच एक चौंकाने वाला सवाल भी उठ रहा है, आखिर देश में कितने लोगों की सैलरी वाकई 25,000 रुपये या उससे ज्यादा है.
कितने लोगों को मिलेगा फायदा?
सरकारी रिपोर्ट और केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, ईपीएफओ की इस वेज सीलिंग को 25,000 रुपये करने से देश के 51 लाख से अधिक अतिरिक्त कर्मचारी सीधे तौर पर अनिवार्य पीएफ कवरेज के दायरे में आ जाएंगे. इसका मतलब यह हुआ कि देश में कम से कम 51 लाख ऐसे औपचारिक कर्मचारी हैं, जिनकी मासिक बेसिक सैलरी पहले 15,000 रुपये से अधिक होने के कारण वे पीएफ और पेंशन के कानूनी दायरे से बाहर थे, लेकिन अब वे 25,000 रुपये की नई सीमा के अंदर आ चुके हैं.
25,000 कमाने वाले हैं देश के टॉप 10%&amp;nbsp;
एक रिपोर्ट के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति भारत में हर महीने 25,000 रुपये यानी सालाना करीब 3 लाख रुपये कमाता है, तो वह देश के टॉप 10 प्रतिशत लोगों में गिना जाता है. यानी जो सैलरी शहरों में एक फ्रेशर के लिए भी बहुत मामूली मानी जाती है, वही रकम देश के 90 प्रतिशत लोगों से ज्यादा है. यह आंकड़ा भारत में मौजूद आय असमानता की एक बड़ी तस्वीर दिखाता है.
80 फीसदी लोगों की सैलरी 20 हजार से भी कम
पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वे PLFS के आंकड़ों के मुताबिक भारत में करीब 80 प्रतिशत कर्मचारी हर महीने 20,000 रुपये से भी कम कमाते हैं. इसके अलावा 2024 के आंकड़ों के मुताबिक भारत में एक औसत कर्मचारी की मासिक कमाई करीब 21,000 रुपये है, जबकि सेल्फ-एम्प्लॉयड यानी खुद का काम करने वालों की औसत आमदनी इससे भी कम, करीब 13,200 रुपये प्रतिमाह है. कैजुअल यानी दिहाड़ी मजदूरों की स्थिति तो और भी ज्यादा चिंताजनक है, जिनकी औसत मासिक आमदनी सिर्फ 9,000 रुपये के आसपास बैठती है.
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क्या बदलेगी वेज सीलिंग बढ़ने से तस्वीर?
EPFO की वेज सीलिंग बढ़ने से सामाजिक सुरक्षा का दायरा जरूर बड़ा होगा, और ज्यादा लोगों को प्रोविडेंट फंड व पेंशन जैसी सुविधाएं मिलनी शुरू हो जाएंगी. लेकिन असल सवाल आज भी वही बना हुआ है कि जब देश के 80 प्रतिशत वेतनभोगी कर्मचारियों की सैलरी ही 20 हजार रुपये से कम है, तो 25 हजार रुपये की सीमा वाकई कितने लोगों को असल फायदा पहुंचा पाएगी. यह आंकड़े साफ दिखाते हैं कि भारत में एक बड़ी आबादी अभी भी उस आय स्तर से काफी नीचे है, जिसे आमतौर पर एक सामान्य जीवन जीने के लिए काफी माना जाता है.
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        <pubDate>Thu, 17 Sep 2026 10:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>संजुक्ता पराशर को क्यों कहते हैं असम की आयरन लेडी? अब मिली बड़ी जिम्मेदारी </title>
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        <description><![CDATA[ असम के घने जंगलों में उग्रवादियों के खिलाफ ऑपरेशन के दौरान हाथ में एके-47 लेकर सुरक्षा बलों के साथ मोर्चे पर नजर आने वाली IPS अधिकारी संजुक्ता पराशर अब अपने करियर की एक और अहम जिम्मेदारी संभाल रही है. 2006 बैच की असम-मेघालय कैडर की IPS अधिकारी संजुक्ता पराशर को CRPF की कोबरा यूनिट का इंस्पेक्टर जनरल (IG) नियुक्त किया गया है. वह इस विशेष कमांड फोर्स का नेतृत्व करने वाली पहली महिला अधिकारी बन गई है. CRPF मुख्यालय की ओर से उनकी नियुक्ति का आदेश जारी किया गया है. संजुक्ता पराशर ने 1996 बैच के IPS अधिकारी दानेश राणा की जगह यह जिम्मेदारी संभाली है.&amp;nbsp;
क्यों कहा जाता है आयरन लेडी ऑफ असम?&amp;nbsp;
संजुक्ता पराशर के करियर का सबसे का बड़ा हिस्सा असम के उग्रवाद प्रभावित इलाकों में बिता. उनकी पहली पोस्टिंग 2008 में असम के माकुम में असिस्टेंट कमांडेंट के तौर पर हुई. इसके बाद वह उडालगुड़ी में तैनात हुई. जहां बोडो और दूसरे समुदायों के बीच हिंसा का दौर चल रहा था. यहां उन्होंने कानूनी व्यवस्था का काम किया. बाद में सोनितपुर में एसपी के तौर पर तैनाती के दौरान उन्होंने सुरक्षा बलों और पुलिस कमांडो के साथ जंगलों में उग्रवाद विरोधी अभियानों में हिस्सा लिया. इस दौरान उनकी की तस्वीर सामने आई, जिनमें वह एके-47 के साथ सुरक्षाकर्मियों के बीच ऑपरेशन में नजर आई. उनके फील्ड वर्क और उग्रवाद विरोधी अभियानों ने उन्हें देशभर में पहचान दिलाई. इन्हीं अभियानों में काम करने के कारण उन्हें आयरन लेडी ऑफ असम के नाम से भी जाना जाता है. वहीं &amp;nbsp;2015 के दौरान उनके नेतृत्व में कई अभियान चलाए गए. 2016 में असम-अरुणाचल सीमा के पास पुलिस सीआरपीएफ और असम राइफल्स के संयुक्त अभियानों में भी उन्होंने नेतृत्व की भूमिका निभाई.&amp;nbsp;
NIA में भी संभाली जिम्मेदारी&amp;nbsp;
संजुक्ता पराशर का अनुभव सिर्फ फील्ड पुलिसिंग तक सीमित नहीं रहा. वह राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआईए में डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल के पद पर भी काम कर चुकी है. वहां उन्होंने आतंकवाद, उग्रवाद और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों की जांच की. यही वजह है कि उनके करियर में फील्ड ऑपरेशन के साथ-साथ सुरक्षा मामलों की जांच का अनुभव भी शामिल है. कोबरा जैसी विशेष यूनिट के लिए जंगलों में ऑपरेशन के साथ खुफिया जानकारी और रणनीतिक समझ भी जरूरी होती है.
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क्या है CRPF की कोबरा यूनिट?
कोबरा का पूरा नाम Commando Battalion for Resolute Action है. CRPF ने लेफ्ट विंग एक्सट्रीमिस्म और उग्रवाद से निपटने के लिए इस विशेष कमांडो यूनिट का गठन किया था. इसके जवान घने जंगलों और कठिन इलाकों में ऑपरेशन के लिए ट्रेंड होते हैं. कोबरा की तैनाती छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा और महाराष्ट्र समेत कई इलाकों में उग्रवादी विरोधी अभियानों में हो रही है
संजुक्ता का पढ़ाई में भी रहा मजबूत रिकॉर्ड&amp;nbsp;
संजुक्ता पराशर ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के इंद्रप्रस्थ कॉलेज फॉर वूमेन से पॉलिटिकल साइंस की पढ़ाई की. इसके बाद उन्होंने जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी से इंटरनेशनल रिलेशन में हायर एजुकेशन की पढ़ाई की और एमफिल तथा एचडी पूरी की. 2006 में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में उन्होंने ऑल इंडिया 85वीं रैंक हासिल की. उनके सामने आईएएस का ऑप्शन भी था, लेकिन उन्होंने आईपीएस सेवा चुनी. अब करीब दो दशक की पुलिस सेवा के बाद उन्हें सीआरपीएफ की 10 बटालियन वाली कोबरा यूनिट की कमान मिली है. यह जिम्मेदारी संभालने वाली वह पहली महिला अधिकारी है.
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        <pubDate>Thu, 17 Sep 2026 10:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>NTA में सब्जेक्ट एक्सपर्ट की भर्ती, 9 अक्टूबर तक कर सकेंगे आवेदन</title>
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        <description><![CDATA[ एनटीए ने देशभर में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं के लिए सब्जेक्ट एक्सपर्ट की भर्ती निकाली है. एजेंसी ने एक्सपीरियंस टीचर्स, रिसर्चर्स, प्रोफेसर्स और अपने विषय में एक्सपर्टीज रखने वाले लोगों से सब्जेक्ट मैटर एक्सपर्ट के पैनल में शामिल होने के लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट मांगा है. योग्य उम्मीदवार 9 अक्टूबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं. एनटीए के अनुसार इस पहल का मकसद परीक्षा में पूछे जाने वाले सवालों की क्वालिटी, सटीकता और मूल्यांकन के स्तर को बेहतर करना है. इसके तहत चुने गए एक्सपर्ट्स परीक्षा के अलग-अलग चरणों में सवाल तैयार करने से लेकर उनकी समीक्षा तक की जिम्मेदारी संभालेंगे.&amp;nbsp;
क्या रहेगा सब्जेक्ट एक्सपर्ट का काम?
एनटीए की ओर से सेलेक्टेड एक्सपर्ट्स को निर्धारित सिलेबस के आधार पर ऐसे सवाल तैयार करने होंगे, जो छात्रों की विषय की समझ के साथ-साथ कांसेप्ट को लागू करने की क्षमता को परख सके. इसके अलावा तैयार किए गए सवालों की समीक्षा और जांच भी करनी होगी. एक्सपर्ट्स को यह देखना होगा कि सवालों में किसी तरह की तथ्यात्मक या वैचारिक गलती न हो. भाषा स्पष्ट हो और प्रश्नों का कठिनाई स्तर पर भी उचित रहे. परीक्षा के प्रश्नों की मॉडरेशन प्रक्रिया में भी इन एक्सपर्ट्स की भूमिका होगी, ताकि प्रश्न पत्र में एकरूपता और संतुलन बनाया रखा जा सके.&amp;nbsp;
ट्रांसलेशन रिव्यू का भी मिलेगा मौका&amp;nbsp;
एनटीए ने परीक्षा से जुड़े कंटेंट के ट्रांसलेशन और ट्रांसअडेप्शन के लिए भी एक्सपर्ट्स की जरूरत बताई है. अलग-अलग भारतीय भाषाओं में तैयार होने वाले परीक्षा कंटेंट के अनुवाद की समीक्षा करना भी इस प्रक्रिया का हिस्सा होगा. ट्रांसलेशन रिव्यू करने वाले एक्सपर्ट्स को भाषा की शुद्धता के साथ यह भी सुनिश्चित करना होगा कि अनुवाद में मूल सवाल का अर्थ और स्पष्टता बरकरार रहे. एजेंसी ने भारतीय भाषाओं पर अच्छी पकड़ रखने वाले लोगों से भी आवेदन मांगे हैं. कंटेंट में एआई की मदद से किए गए अनुवाद की जांच में भी ह्यूमन रिव्यू की भूमिका रहेगी.&amp;nbsp;
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कौन है इन पदों के लिए एलिजिबल?
एनटीए की इस प्रक्रिया में कार्यरत या रिटायर्ड फैकल्टी मेंबर्स, प्रोफेसर्स, स्कूल एजुकेटर्स और अलग-अलग सब्जेक्ट के एक्सपर्ट्स आवेदन कर सकते हैं. आवेदक के पास संबंधित विषय में विशेष योग्यता और उसका प्रमाण होना चाहिए.&amp;nbsp;
9 अक्टूबर आवेदन की आखिरी तारीख&amp;nbsp;
सब्जेक्ट मैटर एक्सपर्ट और ट्रांसलेशन रिव्यूज के पैनल के लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट जमा करने की आखिरी तारीख 9 अक्टूबर है. योग्य उम्मीदवार एनटीए की ऑफिशियल वेबसाइट nta.ac.in के जरिए अपना आवेदन जमा कर सकते हैं.
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        <pubDate>Thu, 17 Sep 2026 10:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>NTA, में, सब्जेक्ट, एक्सपर्ट, की, भर्ती, अक्टूबर, तक, कर, सकेंगे, आवेदन</media:keywords>
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        <title>न्यूजीलैंड ने किया पोस्ट&amp;स्टडी वर्क वीजा के नियमों में बदलाव, भारतीय छात्रों को भी फायदा  </title>
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        <description><![CDATA[ न्यूजीलैंड में पढ़ाई करने वाले अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए वीजा से जुड़ी नियमों में बदलाव किया गया है. देश 16 नवंबर 2026 से योग्य विदेशी ग्रेजुएट्स के लिए नया शॉर्ट टर्म ग्रेजुएट वर्क वीजा शुरू करने जा रहा है. इसके तहत कुछ ऐसे छात्र पढ़ाई पूरी करने के बाद न्यूजीलैंड में रहकर काम कर सकेंगे, जो मौजूदा पोस्ट स्टडी वर्क वीजा के लिए एलिजिबल नहीं है. इसके साथ ही मौजूदा पोस्ट स्टडी वर्क वीजा की एलिजिबिलिटी में भी विस्तार किया गया है, जिसका फायदा भारतीय छात्रों को मिल सकता है.&amp;nbsp;
6 महीने का नया वर्क वीजा&amp;nbsp;
इमीग्रेशन न्यूजीलैंड के अनुसार नए शॉर्ट टर्म ग्रेजुएट वर्क वीजा के तहत योग्य ग्रेजुएट्स के लिए अधिकतम 6 महीने तक न्यूजीलैंड में काम करने की परमिशन होगी. इस वीजा में ओपन वर्क राइट मिलेंगे. यानी आवेदन करने से पहले किसी नौकरी के ऑफर की जरूरत नहीं होगी और वीजा की शर्तों के अनुसार किसी भी कंपनी के साथ काम किया जा सकेगा. यह वीजा उन ग्रेजुएट्स के लिए है, जिन्होंने न्यूजीलैंड में एलिजिबल NZQCF लेवल 5-6 या 7 योग्यता पूरे की है, लेकिन उनकी योग्यता उन्हें मौजूदा पोस्ट वर्क पोस्ट स्टडी वर्क वीजा के लिए एलिजिबल नहीं बनती है.&amp;nbsp;
कौन कर सकता है आवेदन?
नए वीजा के लिए संबंधित योग्यता न्यूजीलैंड में कम से कम 24 सप्ताह की फुल टाइम पढ़ाई के लिए पूरी की गई होनी चाहिए. इंग्लिश लैंग्वेज और फाउंडेशन इस वीजा के लिए मान्य नहीं होगी. आवेदक के पास कम से कम 5000 NZD उपलब्ध फंड भी होना चाहिए. इसके अलावा स्वास्थ्य और केरेक्टर से जुड़ी शर्तें पूरी करनी होगी. ग्रेजुएट को न्यूजीलैंड स्टूडेंट वीजा की अवधि खत्म होने के 3 महीने के अंदर आवेदन करना होगा. आपको बता दे कि यह वीजा 6 महीने के लिए मिलेगा और इसे सिर्फ एक बार दिया जाएगा.&amp;nbsp;
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ग्रेजुएट डिप्लोमा करने वालों के लिए भी बदलाव&amp;nbsp;
न्यूजीलैंड ने मौजूदा पोस्ट स्टडी वर्क वीजा के नियमों में भी बदलाव किया है. 16 नवंबर से न्यूजीलैंड में एलिजिबल लेवल 7 ग्रेजुएट डिप्लोमा पूरा करने वाले छात्र पोस्ट स्टडी वर्क वीजा के लिए एलिजिबल हो सकते हैं. अगर उसके पास बैचलर डिग्री भी है. खास बात यह है कि बैचलर डिग्री न्यूजीलैंड या किसी दूसरे देश से की गई हो सकती है. ऐसे में भारत से बैचलर डिग्री पूरी करने वाले वाला छात्र न्यूजीलैंड में एलिजिबल ग्रेजुएट डिप्लोमा पूरा करने के बाद दूसरी शर्तें पूरी होने पर पोस्ट स्टडी वर्क वीजा के लिए एलिजिबल हो सकता है. हालांकि ग्रेजुएट डिप्लोमा की पूरी पढ़ाई न्यूजीलैंड में फूल टाइम करनी होगी.&amp;nbsp;
कितने समय का मिलेगा पोस्ट स्टडी वर्क वीजा&amp;nbsp;
ग्रेजुएट डिप्लोमा के पात्र छात्रों को उनकी पढ़ाई की अवधि के बराबर पोस्ट स्टडी वर्क वीजा मिल सकता है, जिसकी अधिकतम अवधि 1 साल होगी. वहीं एलिजिबल लेवल 8 पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा करने वाले छात्रों के लिए 1 साल और एलिजिबल मास्टर्स डिग्री करने वालों के लिए 3 साल तक पोस्ट स्टडी वर्क वीजा उपलब्ध रहेगा, हालांकि इसे लेकर शर्तें भी लागू होगी.
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        <pubDate>Thu, 17 Sep 2026 10:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>न्यूजीलैंड, ने, किया, पोस्ट-स्टडी, वर्क, वीजा, के, नियमों, में, बदलाव, भारतीय, छात्रों, को, भी, फायदा</media:keywords>
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        <title>हरियाणा के स्कूलों में 41 हजार टीचर्स कम, इस नेता ने किया बड़ा खुलासा</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/हरियाणा-के-स्कूलों-में-41-हजार-टीचर्स-कम-इस-नेता-ने-किया-बड़ा-खुलासा</link>
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        <description><![CDATA[ इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) के राष्ट्रीय संरक्षक और हरियाणा के पूर्व वित्त मंत्री संपत सिंह ने प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि भाजपा सरकार जानबूझकर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को कमजोर कर रही है. उन्होनें प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सरकार को घेरते हुए कुछ आंकड़े पेश किए जिसमें सरकारी शिक्षकों की भर्ती को नियुक्ति को लेकर सवाल किए गए है. उनके बयान के मुताबिक शिक्षा व्यवस्था ठप होने की वजह से ग्रामीण परिवार के बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है. वहीं शिक्षकों से भी पढ़ाने की बजाय बीएलओ जैसे काम कराए जा रहे हैं. जिससे स्कूलों में पढ़ाई का स्तर तेजी से गिर रहा है.
34 प्रतिशत शिक्षक पद पड़े हैं खाली
सिंह के बयान के मुताबिक, सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में 1.22 लाख से अधिक पदों में से 34 प्रतिशत यानि की 40,971 पद खाली पड़े हैं. वहीं साल 2014 से प्राइमरी स्कूल के शिक्षकों की भर्ती ठप पड़ी है. उन्होंने आरोप लगाए है कि सरकार जानबूझकर बार-बार नियमों में बदलाव कर के इन भर्तियों को रोकने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि एएमओ (AMO) भर्ती का परिणाम हाई कोर्ट के निर्देश पर चौथी बार बदला गया.
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स्कूलों के साथ-साथ कॉलेज भी संकट में
सम्पत सिंह के अनुसार स्कूलों के साथ-साथ प्रदेश की उच्च शिक्षा भी संकट में है. प्रदेश के 186 सरकारी कॉलेजों में 60 प्रतिशत अस्सिटेंट प्रोफेसर के पद खाली पड़े हैं. वहीं कई कॉलेज धर्मशाला, टिन शेड व जर्जर भवनों में चल रहे हैं और सरकारी छात्रों का नांमकन घटकर केवल 29 प्रतिशत ही रह गया है. 53 कॉलेजों में केवल 50 से कम छात्र ही रह गए हैं. वहीं कुछ कॉलेज में तो छात्रों की संख्या केवल एक अंक ही रह गई है.
सरकार के लिए काम कर रही है भर्ती रोको गैंग
सिंह ने यह भी कहा कि सरकार हमेशा भर्ती रोको गैंग का बहाना दे कर विपक्ष को जिम्मेदार ठहराती है. बल्कि असल में यह गैंग सरकार के लिए ही काम करती है. वहीं पिछले 12 सालों में 5000 से ज्यादा प्राइमरी स्कूलों को या तो बंद कर दिया गया है या तो उन्हें दूसरे स्कूलों के साथ जोड़ दिया गया है. लगभग 6000 प्री-प्राइमरी स्कूलों को चौपालों व वृद्धाआश्रमों में चलाए जा रहे हैं.
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        <pubDate>Thu, 17 Sep 2026 10:30:02 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>यूपी में 12405 प्राइमरी टीचर के पदों पर भर्ती, आज से करें आवेदन</title>
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        <description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश में प्राइमरी टीचर के 12,405 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है. इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया आज यानी 16 सितंबर 2026 से शुरू होगी. उम्मीदवार आयोग की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं. यह भर्ती विज्ञापन संख्या 05/2026 के तहत की जा रही है. &amp;nbsp;बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के तहत संचालित अशासकीय सहायता प्राप्त स्कूलों में शिक्षकों के खाली पदों को भरने के लिए यह प्रक्रिया शुरू की गई है. वहीं आवेदन से पहले उम्मीदवारों को भर्ती का नोटिफिकेशन चेक करने की सलाह दी गई है.&amp;nbsp;
कैटेगरी के अनुसार पदों की संख्या&amp;nbsp;
UPESSC की इस भर्ती में दो कैटेगरी में असिस्टेंट टीचर के पद शामिल है. बेसिक शिक्षा विभाग के तहत असिस्टेंट टीचर अर्बन के 11,508 पद है. वहीं माध्यमिक शिक्षा विभाग के तहत गैर-सरकारी सहायता प्राप्त प्राथमिक स्कूलों से जुड़े असिस्टेंट टीचर अटैच्ड प्राइमरी के 897 पद हैं. अर्बन असिस्टेंट टीचर के 11,508 पदों में 4,746 जनरल, 3,069 ओबीसी, 1116 ईडब्ल्यूएस, 2,379 एससी और 198 पद एसटी के शामिल है. वहीं 897 अटैच्ड प्राइमरी पदों में 378 जनरल, 164 ओबीसी, 7 ईडब्ल्यूएस और 348 पद एससी के हैं.&amp;nbsp;
आज से शुरू हो रही आवेदन प्रक्रिया&amp;nbsp;
उम्मीदवार आज यानी 16 सितंबर से 15 अक्टूबर तक इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं. आवेदन की फीस जमा करने की आखिरी तारीख भी 15 अक्टूबर है, जबकि फॉर्म में करेक्शन की सुविधा 19 अक्टूबर तक उपलब्ध रहेगी. आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को वन टाइम रजिस्ट्रेशन पूरा करना जरूरी है. आयोग ने उम्मीदवारों को सलाह दी है कि फॉर्म भरने से पहले नोटिफिकेशन में दी गई सभी शर्तों को ध्यान से पढ़ लें.&amp;nbsp;
कौन कर सकता है आवेदन?&amp;nbsp;
असिस्टेंट टीचर अर्बन पद के लिए उम्मीदवारों के पास किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए. इसके साथ बीटीसी, दो वर्षीय बीटीसी उर्दू, स्पेशल बीटीसी, डी.एल.एड., 4 वर्षीय बीएड या मान्य शिक्षक प्रशिक्षण से जुड़ी निर्धारित योग्यता में से संबंधित योग्यता होनी चाहिए. उम्मीदवार के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी टीईटी पास होना भी जरूरी है. असिस्टेंट टीचर अटैच्ड प्राइमरी पद के लिए ग्रेजुएशन के साथ एनसीटीई से मान्यता प्राप्त बीटीसी या डी.एल.एड. और कक्षा 1 से 5 के लिए उत्तर प्रदेश सरकार या भारत सरकार की ओर से आयोजित टीईटी पास होना जरूरी है.&amp;nbsp;
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उम्र सीमा और आवेदन की फीस&amp;nbsp;
अर्बन असिस्टेंट टीचर पद के लिए 1 जुलाई 2026 को उम्मीदवार की उम्र कम से कम 21 और अधिकतम 40 साल होनी चाहिए. आयुष में छूट संबंधित नियमों के अनुसार मिलेगी. आवेदन फीस की बात करें तो ओबीसी, ईडब्ल्यूएस सहित निर्धारित कैटेगरी के उम्मीदवारों के लिए 1000 रुपये फीस है. वहीं एससी और एसटी उम्मीदवारों को 500 रुपये, जबकि दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए 300 रुपये फीस रखी गई है.
ऐसे करें आवेदन&amp;nbsp;

इन पदों आवेदन के लिए सबसे पहले उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट upessc.up.gov.in पर जाए.
अब यहां पर यूपी सुपर टीईटी 2026 ऑनलाइन एप्लीकेशन लिंक पर क्लिक करें.&amp;nbsp;
अब अपना रजिस्ट्रेशन पूरा करें और क्रैडेंशियल्स प्राप्त कर लॉगिन करें.&amp;nbsp;
इसके बाद अपनी शैक्षणिक डिटेल्स भरें और डॉक्यूमेंट अपलोड करें.
लास्ट में ऑनलाइन पेमेंट करके आवेदन फॉर्म जमा कर दें.

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        <pubDate>Wed, 16 Sep 2026 18:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>यूपी, में, 12405, प्राइमरी, टीचर, के, पदों, पर, भर्ती, आज, से, करें, आवेदन</media:keywords>
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        <title>DU में बिना पीजी डिग्री के PhD आवेदन का आखिरी मौका, ऐसे करें अप्लाई</title>
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        <description><![CDATA[ दिल्ली यूनिवर्सिटी में पीएचडी करने की तैयारी कर रहे 4 वर्षीय अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम पूरा कर चुके छात्रों के लिए आवेदन का आज आखिरी मौका है. दिल्ली यूनिवर्सिटी ने 2026-27 सत्र के लिए पीएचडी एडमिशन के लिए रजिस्ट्रेशन की अंतिम तारीख बढ़ाई गई थी. अब योग्य उम्मीदवार आज यानी 16 सितंबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. इससे पहले आवेदन की आखिरी तारीख 14 सितंबर तय की गई थी. यह सुविधा उन छात्रों के लिए है, जिन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से नेशनल एजुकेशन पॉलिसी और अंडरग्रेजुएट करिकुलम फ्रेमवर्क के तहत 4 वर्षीय अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम पूरा किया है. ऐसे एलिजिबल छात्रों को डीयू ने सीधे पीएचडी में एडमिशन के लिए अलग व्यवस्था की है.&amp;nbsp;
4 साल की यूजी डिग्री वालों के लिए सीधा मौका&amp;nbsp;
डीयू की यह व्यवस्था चार वर्षीय यूजी प्रोग्राम को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है. इसके तहत निर्धारित पात्रता पूरी करने वाले चार वर्षीय अंडरग्रैजुएट डिग्री धारक सीधे पीएचडी प्रोग्राम के लिए आवेदन कर सकते हैं. यानी इस विशेष एडमिशन के रास्ते में तीन वर्षीय यूजी के बाद सामान्य तौर पर अपनाई जाने वाली पीजी डिग्री वाली प्रक्रिया लागू नहीं होती है. ऐसे में जिन छात्रों ने अभी तक आवेदन नहीं किया है, वह आज अपना आवेदन पूरा कर सकते हैं.
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डीयू पीएचडी एडमिशन के लिए ऐसे करें आवेदन&amp;nbsp;

उम्मीदवार ऑनलाइन आवेदन के लिए सबसे पहले डीयू के एडमिशन पोर्टल admission.uod.ac.in. पर जाए.&amp;nbsp;
इसके बाद पीएचडी के लिए दिए गए पोर्टल को खोलें.
अब अपना एनरोलमेंट नंबर और जन्मतिथि दर्ज करें.&amp;nbsp;
इसके बाद एप्लीकेंट अकाउंट बनाकर लॉगिन करें और पर्सनल और एजुकेशनल डिटेल भरे.&amp;nbsp;
अब जरूरी डॉक्यूमेंट और दूसरी जानकारी अपलोड करें.
इसके बाद फीस जमा करके फॉर्म की सारी जानकारी जांच कर इसे सबमिट कर दें.&amp;nbsp;
फॉर्म सबमिट करने के बाद लास्ट में कंफर्मेशन पेज डाउनलोड करके सुरक्षित रख लें.&amp;nbsp;

रिसर्च प्रपोजल भी समय पर अपडेट करें&amp;nbsp;
उम्मीदवारों को आवेदन के साथ अपनी पर्सनल जानकारी, शैक्षणिक रिकॉर्ड और रिसर्च प्रपोजल को भी ध्यान से जांचना होगा. अगर रिसर्च प्रपोजल में किसी तरह का जरूरी बदलाव या अपडेट करना है, तो वह भी आज ही पूरा करना होगा. यूनिवर्सिटी ने उम्मीदवारों को सलाह दी है कि वह अंतिम समय का इंतजार न करें. रजिस्ट्रेशन, फीस पेमेंट और रिसर्च प्रपोजल से जुड़े अपडेट की अंतिम तारीख भी आज ही है. उम्मीदवारों को आगे की जानकारी के लिए डीयू के एडमिशन पोर्टल पर नजर बनाए रखने की सलाह भी दी गई है. यूनिवर्सिटी की ओर से विषयवार शेड्यूल और पीएचडी एडमिशन जुड़ी दूसरी सूचनाएं भी ऑफिशियल वेबसाइट पर दर्ज की जाएगी.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Wed, 16 Sep 2026 18:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>में, बिना, पीजी, डिग्री, के, PhD, आवेदन, का, आखिरी, मौका, ऐसे, करें, अप्लाई</media:keywords>
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        <title>यूपी PGT के 2607 पदों का नोटिफिकेशन जारी, 18 सितंबर से करें आवेदन</title>
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        <description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने पीजीटी के 2607 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. विज्ञापन संख्या 06/2026 के तहत होने वाली भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 18 सितंबर से शुरू होगी और योग्य उम्मीदवार 17 अक्टूबर तक आयोग के ऑफिशियल वेबसाइट के जरिए आवेदन कर सकेंगे. यह भर्ती उत्तर प्रदेश के गैर सरकारी सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय में प्रवक्ता पदों के लिए की जा रही है. कुल 2607 पदों में 2329 पद बालक वर्ग के स्कूलों और 278 पद बालिका वध के स्कूलों के लिए है भारती 26 विषयों में की जाएगी.&amp;nbsp;
18 सितंबर से शुरू होगा आवेदन&amp;nbsp;
पीजीटी भर्ती के लिए उम्मीदवारों को सबसे पहले वन टाइम रजिस्ट्रेशन पूरा करना होगा. इसके लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकेगा. आवेदन और फीस जमा करने की आखिरी तारीख 17 अक्टूबर 2026 है, जबकि फॉर्म में सुधार की सुविधा 21 अक्टूबर तक उपलब्ध रहेगी. आयोग ने उम्मीदवारों को आवेदन से पहले नोटिफिकेशन और सूचना पढ़ने की सलाह दी है. फॉर्म अंतिम रूप से जमा करने के बाद कुछ जरूरी जानकारियों में बदलाव की अनुमति नहीं होगी, इसलिए आवेदन सबमिट करने से पहले ही सभी डिटेल को ध्यान से जांचना होगा.&amp;nbsp;
कुल 26 विषयों में होगी भर्ती&amp;nbsp;
इस भर्ती में कुल 2607 प्रवक्ता पद शामिल है. इनमें 2,329 पद बालक वर्ग के स्कूलों और 278 पद बालिका वर्ग के स्कूलों के लिए है. यह भर्ती हिंदी, अंग्रेजी, अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, गणित, इतिहास, मनोविज्ञान, संस्कृत, उर्दू, भूगोल, जीव विज्ञान, नागरिक शास्त्र सहित कुल 26 वर्षों में होगी. आयोग ने यह भी बताया कि पदों की संख्या में बदलाव हो सकता है.&amp;nbsp;
पीजीटी भर्ती के लिए कौन है एलिजिबल?&amp;nbsp;
ज्यादातर विषय के लिए उम्मीदवारों के पास संबंधित विषयों में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री और एनसीटीई से मान्यता प्राप्त संस्थान से बीएड की डिग्री होनी चाहिए. हालांकि कुछ विषयों के लिए शैक्षणिक योग्यता अलग भी निर्धारित की गई है. फिजिकल एजुकेशन के लिए ग्रेजुएशन के साथ एमपीईडी की योग्यता बताई गई है. वहीं पेंटिंग आर्ट्स और म्यूजिक जैसे विषयों के लिए अलग पात्रता शर्ते हैं. इसलिए उम्मीदवारों को अपने विषय के अनुसार नोटिफिकेशन में दी गई योग्यता देखनी होगी.&amp;nbsp;
आयु सीमा, आवेदन फीस और सैलरी
इस भर्ती के लिए उम्मीदवार की न्यूनतम उम्र 21 वर्ष और अधिकतम उम्र 62 वर्ष निर्धारित की गई है. उम्र की गणना 1 जुलाई 2026 के आधार पर की जाएगी. आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों काे नियमों के अनुसार आयु में छूट मिलेगी. वहीं पीजीटी भर्ती के लिए जनरल, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस समेत निर्धारित दूसरी कैटेगरी की उम्मीदवारों को 1500 रुपये फीस देनी होगी, जबकि एससी और एसटी उम्मीदवारों के लिए फीस 750 रुपये फीस हैं. वहीं दिव्यांग उम्मीदवारों को 500 फीस जमा करनी होगी.&amp;nbsp;
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दिसंबर में होगी पीजीटी परीक्षा&amp;nbsp;
यूपीईएसएससी पीजीटी भर्ती की लिखित परीक्षा 15 और 16 दिसंबर 2026 को प्रस्तावित है. भर्ती प्रक्रिया में लिखित परीक्षा और इंटरव्यू शामिल है. परीक्षा पैटर्न के अनुसार लिखित परीक्षा में 120 वस्तुनिष्ठ सवाल होंगे और 30 सवाल सामान्य ज्ञान और 90 प्रश्न संबंधित विषय से होंगे. परीक्षा कुल 360 अंकों की होगी और इसकी अवधि 2 घंटे होगी. &amp;nbsp;गलत उत्तर या एक से ज्यादा ऑप्शन चुनने पर नेगेटिव अंक का भी प्रावधान है. वहीं लिखित परीक्षा के बाद इंटरव्यू होगा और दोनों के आधार पर मेरिट तैयार की जाएगी. पीजीटी टीचर्स को पे मैट्रिक्स लेवल-8 के तहत सैलरी और सुविधा मिलेगी. जिसमें सैलरी 47,600 से 1,51,100 रुपये तक होगी.
कैसे करें आवेदन?

इच्छुक उम्मीदवार यूपीईएसएससी के ऑफिशियल वेबसाइट upessc.up.gov.in पर जाएं.
इसके बाद ऑनलाइन फार्म में अपनी पर्सनल और एजुकेशनल डिटेल भरें.
डिटेल भरने के बाद डाक्यूमेंट्स, फोटो और सिग्नेचर अपलोड करें.
अब फॉर्म को एक बार अच्छे से चेक करके इसे सबमिट कर लें.
लास्ट में कंफर्मेशन पेज डाउनलोड कर लें.

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        <pubDate>Wed, 16 Sep 2026 18:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>यूपी, PGT, के, 2607, पदों, का, नोटिफिकेशन, जारी, सितंबर, से, करें, आवेदन</media:keywords>
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        <title>देश के किस राज्य में सबसे ज्यादा महिला सिपाही, जानें कितनी है संख्या?</title>
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        <description><![CDATA[ बिहार पुलिस में इन दिनों महिला प्रतिनिधित्व एक बार फिर चर्चा में है. 1991 बैच की IPS अधिकारी प्रीता वर्मा को DGP विनय कुमार की गैर मौजूदगी में बिहार की DGP का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. प्रीता वर्मा को 15 सितंबर 2026 से 5 अक्टूबर 2026 तक DGP का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. दरअसल विनय कुमार ने लंबी छुट्टी पर जाने का आवेदन दिया था, जिसके बाद सरकार ने यह निर्णय लिया. वहीं विनय कुमार के छुट्टी से लौटने के बाद यह अतिरिक्त जिम्मेदारी समाप्त हो जाएगी. प्रीता वर्मा डीजी होमगार्ड एवं अग्निशमन सेवाएं बिहार की जिम्मेदारी संभाल रही है. प्रीता वर्मा को यह पद मिलने के साथ ही एक बार फिर राज्यों में महिला पुलिस कर्मियों की हिस्सेदारी की चर्चा होने लगी है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि देश के किस राज्य में सबसे ज्यादा महिला सिपाही हैं और उनकी संख्या कितनी है.
इस राज्य में है सबसे ज्यादा महिला पुलिसकर्मी
बिहार में करीब 30,000 महिला पुलिसकर्मी कार्यरत हैं. पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो के 1 जनवरी 2020 तक राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों में पुलिस कर्मियों के आंकड़ों के अनुसार बिहार पुलिस बल में महिलाओं की हिस्सेदारी 25.30 फीसदी है. जो राज्यों में सबसे ज्यादा पाई गई. बिहार के बाद हिमाचल प्रदेश में 19.15 फीसदी और चंडीगढ़ में 18.78 फीसदी महिला पुलिसकर्मी है. वहीं लोकसभा में जारी किए गए एक दूसरे आंकडे़ के अनुसार देश में सबसे ज्यादा महिला पुलिसकर्मियों की संख्या उत्तरप्रदेश में हैं. हालांकि एक्सपर्ट्स का कहना है कि उत्तर प्रदेश में महिला पुलिस कर्मियों की सबसे ज्यादा संख्या जनसंख्या के अंतर की वजह से हो सकती है. वहीं बिहार में महिलाओं की पुलिस में भागीदारी बढ़ाने में आरक्षण की भी बड़ी अहम भूमिका रही है. नीतीश कुमार ने 2013 में पुलिस में महिलाओं के लिए 35 फीसदी आरक्षण लागू किया था. इसके बाद पुलिस बल में महिला कर्मियों की संख्या में बड़ा बदलाव देखने को मिला था.
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देशभर में पुलिस बल में महिलाओं की स्थिति
इंडिया जस्टिस रिपोर्ट 2025 के अनुसार देशभर में करीब 2.4 लाख महिलाएं पुलिस बल में है. इनमें केवल 960 महिलाएं आईपीएस रैंक पर है, जबकि 24,322 महिलाएं गैर-आईपीएस अधिकारी पदों पर हैं. करीब 2.17 लाख महिलाएं कांस्टेबल स्तर पर कार्यरत है. रिपोर्ट के अनुसार पुलिस में काम करने वाली लगभग 90 फीसदी महिलाएं कांस्टेबुलरी में है. रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि देश के किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश ने पुलिस में महिलाओं के प्रतिनिधित्व से जुड़े अपने निर्धारित टारगेट को पूरा नहीं किया है. हालांकि करीब 78 फीसदी पुलिस थानों में अब महिला हेल्प डेस्क मौजूद हैं.
प्रीति वर्मा को मिल चुका है राष्ट्रपति पुलिस पदक
वहीं बिहार की कार्यकारी डीजीपी प्रीता वर्मा 1991 बैच की बिहार कैडर की आईपीएस अधिकारी हैं. उनके पास तीन दशक से ज्यादा का पुलिस सेवा अनुभव है. 2009 में उन्हें पुलिस मेडल से सम्मानित किया गया था. इसके बाद 2023 में उन्हें राष्ट्रपति पुलिस पदक फॉर डिस्टिंग्विश्ड सर्विस के लिए चुना गया था. प्रीता वर्मा ने पुलिस सेवा के दौरान कई पुलिस वरिष्ठ पदों पर काम किया. 2023 की आईपीएस सिविल लिस्ट में वह बिहार में डीजी के पद पर दर्ज थी. 2026 में उन्हें डीजी होमगार्ड एवं अग्निशमन सेवा की जिम्मेदारी दी गई और अब डीजीपी विनय कुमार की छुट्टी के दौरान उन्हें राज्य पुलिस प्रमुख का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है.
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        <pubDate>Wed, 16 Sep 2026 18:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>देश, के, किस, राज्य, में, सबसे, ज्यादा, महिला, सिपाही, जानें, कितनी, है, संख्या</media:keywords>
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        <title>यूपी सरकार का बड़ा फैसला, पूर्व अग्निवीरों को इन भर्तियों में मिलेगा 20% आरक्षण</title>
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        <description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश में 4 साल की सैन्य सेवा पूरी कर चुके पूर्व अग्नि वीरों के लिए सरकारी नौकरी के अवसर बढ़ाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में पूर्व अग्निवीरों को जेल वार्डर और परिवहन विभाग में प्रवर्तन सिपाही की सीधी भर्ती में 20 प्रतिशत आरक्षण देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है. इसके साथ ही अधिकतम आयु सीमा में भी 3 साल की विशेष छूट देने का फैसला किया गया है. सरकार के अनुसार पूर्व अग्निवीरों को सेवा में मिले प्रशिक्षण, अनुशासन और सुरक्षा से जुड़े एक्सपीरियंस का इस्तेमाल प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था में किया जा सकेगा. आरक्षण का लाभ लेने वाले पूर्व अग्निवीरों को उनके मूल सामाजिक कैटेगरी में ही जोड़ा जाएगा.&amp;nbsp;
जेल वार्डर भर्ती में 20% आरक्षण&amp;nbsp;
कैबिनेट के फैसले के अनुसार कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग में जेल वार्डर की सीधी भर्ती में पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण लागू होगा. 4 साल की सैन्य सेवा पूरी कर चुके उम्मीदवार इस व्यवस्था के तहत आरक्षण का लाभ ले सकेंगे. पूर्व अग्निवीर जिस सामाजिक कैटेगरी से संबंधित होंगे, उन्हें उसी कैटेगरी में इस आरक्षण के तहत समायोजित किया जाएगा. यानी आरक्षण का लाभ मिलने के बावजूद उनकी मूल सामाजिक श्रेणी में बदलाव नहीं होगा.&amp;nbsp;
प्रवर्तन सिपाही के पद पर भी मिलेगा लाभ&amp;nbsp;
प्रवर्तन विभाग में सिपाही की सीधी भर्ती में भी पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण को मंजूरी दी गई है. इस तरह सेना में 4 साल की सेवा पूरी करके लौटने वाले युवाओं के लिए दो अलग-अलग विभागों की सीधी भर्तियों में अवसर उपलब्ध होंगे.&amp;nbsp;
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अधिकतम 3 साल की मिलेगी छूट&amp;nbsp;
सरकार ने पूर्व अग्निवीरों के लिए आयु सीमा में भी राहत का प्रावधान किया है. 4 वर्ष की सैन्य सेवा पूरी करने वाले पूर्व अग्निवीरों को अधिकतम आयु में 3 साल की विशेष छूट मिलेगी. इसके अलावा आयु की गणना में उनकी 4 साल की सैन्य सेवा अवधि को घटाने का प्रावधान किया गया है. इससे उन पूर्व अग्निवीरों को भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने का अतिरिक्त अवसर मिल सकेगा, जिनके लिए सैन्य सेवा पूरी करने के बाद सामान्य आयु सीमा के कारण सरकारी नौकरी के विकल्प सीमित हो सकते हैं.&amp;nbsp;
सैन्य प्रशिक्षण का मिलेगा फायदा&amp;nbsp;
राज्य सरकार का कहना है कि जेल में गंभीर कुख्यात और संवेदनशील मामलों के कैदियों के साथ सामान्य अपराधों में बंद लोग भी रहते हैं. ऐसे में जेल प्रशासन में सुरक्षा और अनुशासन की अहम भूमिका होती है. पूर्व अग्निवीरों को सैन्य सेवा के दौरान मिले प्रशिक्षण और सुरक्षा से जुड़े अनुभव का इस्तेमाल जेल की व्यवस्था में किया जा सकता है. इस तरह परिवहन विभाग में प्रवर्तन सिपाही के पद पर भी उन्हें अपने प्रशिक्षण और अनुशासन का उपयोग करने का मौका मिलेगा.
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        <pubDate>Wed, 16 Sep 2026 18:30:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>यूपी, सरकार, का, बड़ा, फैसला, पूर्व, अग्निवीरों, को, इन, भर्तियों, में, मिलेगा, 20, आरक्षण</media:keywords>
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        <title>नीट MDS 2026 राउंड 2 काउंसलिंग शुरू, 19 सितंबर तक कर सकेंगे रजिस्ट्रेशन</title>
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        <description><![CDATA[ नीट एमडीएस 2026 राउंड 2 काउंसलिंग का इंतजार कर उम्मीदवारों के लिए अपडेट है. मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) ने आज यानी 15 सितंबर 2026 से राउंड 2 के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी है. एमडीएस कोर्स में एडमिशन लेने के इच्छुक योग्य उम्मीदवार एमसीसी के ऑफिशियल वेबसाइट mcc.nic.in&amp;nbsp; पर जाकर काउंसलिंग के लिए रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. राउंड टू काउंसलिंग के लिए रजिस्ट्रेशन और फीस जमा करने की आखिरी तारीख 19 सितंबर 2026 है. उम्मीदवारों को तय समय के अंदर रजिस्ट्रेशन के साथ फीस का पेमेंट भी करना होगा. इसके बाद उम्मीदवार चॉइस फिलिंग की प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे.
यह है नीट एमडीएस 2026 राउंड 2 का शेड्यूल
एमसीसी के शेड्यूल के अनुसार राउंड 2 के लिए रजिस्ट्रेशन और फीस पेमेंट की प्रक्रिया आज यानी 15 से 19 सितंबर तक चलेगी. चॉइस फिलिंग 16 से 20 सितंबर तक की जा सकेगी. वहीं चॉइस लॉक करने की सुविधा 19 से 20 सितंबर तक रहेगी. राउंड 2 के लिए सीट अलॉटमेंट प्रक्रिया 21 और 22 सितंबर को होगी. इसके बाद 3 सितंबर को सीट अलॉटमेंट रिजल्ट जारी किया जाएगा. जिन उम्मीदवारों को सीट मिलेगी, उन्हें 24 से 30 सितंबर के बीच संबंधित संस्थान में रिपोर्टिंग करनी होगी. 1 अक्टूबर को ज्वाइन करने वाले उम्मीदवारों का डेटा वेरिफिकेशन किया जाएगा.
राउंड 2 के लिए कैसे करें रजिस्ट्रेशन?

उम्मीदवार को सबसे पहले एमसीसी की वेबसाइट mcc.nic.in पर जाना होगा.
इसके बाद एमडीएस काउंसलिंग सेक्शन में जाकर राउंड 2 रजिस्ट्रेशन लिंक पर क्लिक करना होगा.
लॉगिन के लिए मांगी गई नीट एमडीएस संबंधी जानकारी दर्ज करनी होगी.
अब उम्मीदवारों का रजिस्ट्रेशन फॉर्म में अपनी पर्सनल और एजुकेशनल डिटेल भरनी होगी
आवेदन पूरा करने के बाद निर्धारित काउंसलिंग फीस जमा करनी होगी.
फीस पेमेंट के बाद फॉर्म सबमिट करके कंफर्मेशन पेज डाउनलोड करना होगा.
वहीं रजिस्ट्रेशन करते समय उम्मीदवार आवेदन फॉर्म में दर्ज सभी जानकारी को जांच लें.

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राउंड 2 में कितनी सीटों पर मिलेगा एडमिशन
एमसीसी की नीट एमडीएस राउंड 2 काउंसलिंग में 50 प्रतिशत ऑल इंडिया कोटा की सीटें शामिल है. इसके अलावा डीम्ड यूनिवर्सिटी, सेंट्रल यूनिवर्सिटी और आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल सर्विसेज की 100 प्रतिशत सीटें भी इस काउंसलिंग के दायरे में आती है. चॉइस भरने से पहले उम्मीदवारों को एमसीसी की ओर से जारी लेटेस्ट सीट मैट्रिक्स को देखने की भी सलाह दी गई है. इसमें उपलब्ध सीटों की जानकारी के आधार पर उम्मीदवार अपनी पसंद के कॉलेज और एमडीएस स्पेशलाइजेशन का चयन कर सकते हैं.
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        <pubDate>Wed, 16 Sep 2026 06:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>IITs में महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ी, 2019 से 2025 से बीच 52% का इजाफा</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/iits-में-महिलाओं-की-हिस्सेदारी-बढ़ी-2019-से-2025-से-बीच-52-का-इजाफा</link>
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        <description><![CDATA[ देश के प्रमुख इंजीनियरिंग संस्थानों में महिलाओं की भागीदारी से जुड़ा आंकड़ा सामने आया है. आईआईटी इंस्टीट्यूट में पिछले कुछ वर्षों में महिला छात्रों की संख्या में अच्छी बढ़ोतरी हुई है. 23 आईआईटी के एडमिशन आंकड़ों के अनुसार 2019 में जहां 2416 महिला छात्रों को सीटें मिली थी. वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 3,664 हो गई है. इस तरह 6 साल की अवधि में आईआईटी में महिलाओं की संख्या करीब 52 फीसदी बढ़ी है. हालांकि कुल सीटों की तुलना में महिलाओं की हिस्सेदारी में बढ़ोतरी सीमित रही है.&amp;nbsp;
IIT में कितनी बड़ी महिलाओं की हिस्सेदारी?&amp;nbsp;
एडमिशन डेटा के अनुसार 2019 में आईआईटी में कुल 13,604 सीटें आवंटित हुई थी, जिनमें 2,416 सीटें महिला छात्रों को मिली थी. उस समय कुल आवंटित सीटों में महिलाओं की हिस्सेदारी 17.76 फीसदी थी. 2025 में कुल आवंटित सीटों की संख्या बढ़कर 18,188 हो गई. इनमें महिला छात्रों की संख्या 3,664 रही और उनकी हिस्सेदारी 20.15 फीसदी पहुंच गई. यानी 2019 से 2025 के बीच महिला हिस्सेदारी में 2.39 प्रतिशत अंक की वृद्धि हुई. वहीं इसी अवधि में कुल आवंटित सीटों में करीब 34 फीसदी की बढ़ोतरी हुई. इसका मतलब है कि आईआईटी में महिलाओं की संख्या बढ़ने की रफ्तार कुल सीटों के विस्तार से ज्यादा रही.&amp;nbsp;
महिलाओं के लिए बढ़ाई गई थी अतिरिक्त सीटें&amp;nbsp;
आईआईटी में महिलाओं छात्रों की कम भागीदारी को बढ़ाने के लिए सरकार ने सुपरन्यूमैरेरी सीटों की व्यवस्था शुरू की थी. इसके तहत महिला नामांकन का टारगेट 2018-19 में 14 फीसदी, 2019 में 17 फीसदी और 2020-21 में 20 फीसदी तक ले जाने की योजना बनाई गई थी. 2018-19 में 835 सुपरन्यूमैरेरी सीटें बनाई गई थी. जबकि 2019-20 में 1,122 अतिरिक्त सीटें जोड़ी गई थी. इन सीटों का उद्देश्य महिला छात्रों की संख्या बढ़ाना था और इसके लिए जेंडर-न्यूट्रल उम्मीदवारों के लिए उपलब्ध सीटों को कम नहीं किया गया.&amp;nbsp;
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2025 में कि IIT में महिलाओं की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा&amp;nbsp;
2025 के आंकड़ों में लगभग सभी आईआईटी में महिलाओं की हिस्सेदारी 19 फीसदी या उससे ज्यादा रही. वहीं आईआईटी तिरुपति में महिलाओं की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा 21.57 फीसदी रही. इसके बाद आईआईटी मद्रास में 21.09 फीसदी महिला छात्र थी. वहीं आईआईटी दिल्ली और आईआईटी इंदौर में यह हिस्सेदारी 20.63 फीसदी रही. आईआईटी रुड़की में 20.50 फीसदी, आईआईटी धारवाड़ में 20.47 फीसदी और आईआईटी कानपुर में 20.41 फीसदी महिला छात्रों को सीटें मिली. आईआईटी बॉम्बे में महिलाओं की हिस्सेदारी 2019 के 17.78 फीसदी से बढ़कर 2025 में 19.57 फीसदी हो गई. इसी तरह आईआईटी खड़गपुर में यह 16.82 फीसदी से बढ़कर 19.19 फीसदी और आईआईटी हैदराबाद में 18.61 फीसदी से बढ़कर 20.13 फीसदी हुई.&amp;nbsp;
अब IIT में करीब हर पांचवा छात्र महिला&amp;nbsp;
इन आंकड़ों से यह साफ होता है कि आईआईटी में महिला छात्रों की मौजूदगी पहले की तुलना में ज्यादा है. 2025 में कुल आवंटित सीटों में महिलाओं की हिस्सेदारी 20.15 फीसदी रही. यानी आईआईटी में एडमिशन पाने वाले करीब हर पांच छात्रों में एक महिला है. हालांकि प्रतिशत में यह बढ़ोतरी बहुत बड़ी नहीं दिखती, लेकिन वास्तविक संख्या में 52 फीसदी की वृद्धि यह बताती हैं कि इंजीनियरिंग के इन प्रमुख संस्थानों में महिला छात्रों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है.
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        <pubDate>Wed, 16 Sep 2026 06:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>IITs, में, महिलाओं, की, हिस्सेदारी, बढ़ी, 2019, से, 2025, से, बीच, 52, का, इजाफा</media:keywords>
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        <title>गुजरात रोडवेज में 2500 पदों पर निकली बंपर भर्ती, 6 अक्टूबर तक करें आवेदन</title>
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        <description><![CDATA[ गुजरात में सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए बड़ा मौका आया है। गुजरात स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन यानी जीएसआरटीसी ने हेल्पर के पदों पर बंपर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है. इस भर्ती के तहत कुल 2510 पदों को भरा जाएगा, जो फिक्स्ड पे यानी तय वेतन के आधार पर पांच साल के कॉन्ट्रैक्ट पर होंगे. ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 7 सितंबर 2026 से शुरू हो चुकी है, और इच्छुक उम्मीदवार 6 अक्टूबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं. सरकारी नौकरी की स्थिरता चाहने वाले आईटीआई क्वालिफाइड युवाओं के लिए यह भर्ती एक अच्छा मौका मानी जा रही है.
कब तक कर सकते हैं आवेदन?
आवेदन की प्रक्रिया 7 सितंबर 2026 से शुरू होकर 6 अक्टूबर 2026 रात 11:59 बजे तक चलेगी. जो उम्मीदवार आवेदन फॉर्म भर चुके हैं, उनके पास परीक्षा फीस जमा करने के लिए 8 अक्टूबर 2026 तक का समय है. उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे आखिरी तारीख का इंतजार करने के बजाय जल्द से जल्द आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि वेबसाइट पर ज्यादा ट्रैफिक की वजह से होने वाली दिक्कत से बचा जा सके.
क्या है योग्यता?
इस भर्ती के लिए वही उम्मीदवार पात्र माने जाएंगे, जिन्होंने किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से आईटीआई ट्रेड पास किया हो. इसमें मोटर व्हीकल मैकेनिक, डीजल मैकेनिक, फिटर, इलेक्ट्रीशियन, वेल्डर, टर्नर, कारपेंटर, पेंटर और शीट मेटल वर्कर जैसे कई ट्रेड शामिल हैं. उम्मीदवार की उम्र 18 से 35 साल के बीच होनी चाहिए, और उम्र की गणना 6 अक्टूबर 2026 के आधार पर की जाएगी. आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को उम्र में छूट भी दी जाएगी, हालांकि सभी छूट के बाद भी अधिकतम उम्र 45 साल से ज्यादा नहीं हो सकती.
कितनी मिलेगी सैलरी?
चयनित उम्मीदवारों को शुरुआती पांच साल तक फिक्स्ड पे के तौर पर 21,100 रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जाएगा. पांच साल की अवधि पूरी होने के बाद, तय सर्विस शर्तों के अनुसार उम्मीदवार नियमित नियुक्ति के लिए पात्र माने जाएंगे. यानी शुरुआती दौर में फिक्स्ड सैलरी मिलने के बाद आगे चलकर स्थायी नौकरी और बेहतर वेतन पाने का रास्ता भी खुल जाता है.
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कैसे होगा सिलेक्शन?
उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा और अप्रेंटिसशिप वेटेज के आधार पर किया जाएगा, जिसके बाद डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. लिखित परीक्षा में कुल 100 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे, जिन्हें हल करने के लिए 2 घंटे का समय दिया जाएगा. इसमें जनरल नॉलेज, गुजरात का इतिहास-भूगोल और करंट अफेयर्स से जुड़े 30 सवाल, गुजराती व्याकरण के 5 सवाल, इंग्लिश ग्रामर के 5 सवाल, आईटीआई ट्रेड से जुड़े 50 सवाल और बेसिक कंप्यूटर के 10 सवाल शामिल होंगे. गलत जवाब देने पर 0.25 अंक की निगेटिव मार्किंग भी रखी गई है.
कैसे करें आवेदन?
आवेदन के लिए उम्मीदवारों को गुजरात के ओजस पोर्टल ojas.gujarat.gov.in पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म भरना होगा. आवेदन से पहले अपने फोटो, सिग्नेचर, आईडी प्रूफ और एड्रेस से जुड़े जरूरी डॉक्यूमेंट स्कैन करके तैयार रखने की सलाह दी जाती है. अगर किसी उम्मीदवार ने गलती से एक से ज्यादा फॉर्म जमा कर दिए हैं, तो सिर्फ आखिरी फीस भरे हुए आवेदन को ही मान्य माना जाएगा, इसलिए फॉर्म भरते समय पूरी सावधानी बरतना जरूरी है.
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        <pubDate>Wed, 16 Sep 2026 06:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Delhi&amp;NCR के स्कूलों में 2 महीने स्पोर्ट्स पर रहेगी रोक, CAQM ने जारी किए निर्देश</title>
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        <description><![CDATA[ दिल्ली एनसीआर के स्कूलों में इस साल नवंबर और दिसंबर के दौरान होने वाली फिजिकल स्पोर्ट्स एक्टिविटी के शेड्यूल में बदलाव हो सकता है. वायु गुणवत्ता को देखते हुए कमिशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट ने दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश की सरकारों को निर्देश दिए है कि नवंबर और दिसंबर 2026 में स्कूलों में फिजिकल स्पोर्ट्स एक्टिविटीज और प्रतियोगिता आयोजित न की जाए. CAQM ने अपनी एडवाइजरी में कहा है किन दो महीना के लिए पहले से तय प्रतियोगिताओं को भी जरूरत के अनुसार दूसरी तारीख पर कराया जा सकता है. आयोजन की जगह पर उस समय मौजूद एयर क्वालिटी को भी ध्यान में रखने को कहा गया है.&amp;nbsp;
बच्चों की सेहत को देखते हुए लिया गया फैसला&amp;nbsp;
CAQM का यह कदम दिल्ली एनसीआर में सर्दियों के दौरान खराब और गंभीर वायु गुणवत्ता की स्थिति को देखते हुए उठाया गया है. यह मामला पहले सुप्रीम कोर्ट में भी उठ चुका है. कोर्ट ने बच्चों के खराब हवा में फिजिकल स्पोर्ट्स प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने को लेकर स्वास्थ्य संबंधी चिंता जताई थी. 19 नवंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने CAQM से कहा था कि दिल्ली एनसीआर के स्कूलों में नवंबर और दिसंबर के दौरान होने वाली खेल एक्टिविटी को स्थगित करने के लिए उचित दिशा-निर्देश जारी किया जाए. इसके बाद का CAQM ने संबंधित शिक्षा और खेल अधिकारियों के साथ बैठक कर इस संबंध में कार्रवाई की थी.&amp;nbsp;
नवंबर और दिसंबर में नहीं होगी फिजिकल एक्टिविटी&amp;nbsp;
2026 के लिए जारी नई एडवाइजरी में CAQM ने चार राज्यों को कहा है कि नवंबर और दिसंबर में फिजिकल स्पोर्ट्स एक्टिविटी और प्रतियोगिताओं की योजना न बनाई जाए. जो प्रतियोगिताएं पहले से कैलेंडर में शामिल है, उन्हें भी आगे की तारीखों में शिफ्ट किया जा सकता है. हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि स्कूलों में खेल पूरी तरह बंद रहेंगे. मुख्य तौर पर इस अवधि में फिजिकल स्पोर्ट्स एक्टिविटी, कंपटीशन की टाइमिंग बदलने के बात कही गई है. आयोजन की जगह पर एयर क्वालिटी के हिसाब से फैसला लिया जा सकता है.&amp;nbsp;
ये भी पढ़ें-MP में नायब तहसीलदार के 73 पदों पर भर्ती, 17 सितंबर से करें आवेदन&amp;nbsp;
प्रतियोगिता टलने से छात्रों का नुकसान न हो&amp;nbsp;
CAQM ने यह भी कहा है कि प्रतियोगिता के कार्यक्रम में बदलाव के कारण किसी छात्रों को नुकसान नहीं होना चाहिए. जो स्टूडेंट्स तय तारीख पर आयोजित प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले पाएंगे, उन्हें एकेडमिक या खेल के स्तर पर अनुचित नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए. जरूरत पड़ने पर छात्रों को उचित समय पर समान एक्टिविटी में भाग लेने का दूसरा अवसर देने पर भी विचार किया जा सकता है.&amp;nbsp;
शिक्षा और खेल संस्थानों को भेजी गई एडवाइजरी&amp;nbsp;
CAQM ने इस संबंध में सूचना शिक्षा विभाग को, स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया, स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया और संबंधित प्रदूषण नियंत्रण संस्थानों की भेजी है. स्कूलों और संबंधित अधिकारियों को नवंबर-दिसंबर में प्रस्तावित फिजिकल स्पोर्ट्स एक्टिविटी की समीक्षा करनी होगी और एयर क्वालिटी की स्थिति को देखते हुए जरूरत पड़ने पर उनका शेड्यूल बदलना होगा.
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        <pubDate>Wed, 16 Sep 2026 06:30:02 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Delhi-NCR, के, स्कूलों, में, महीने, स्पोर्ट्स, पर, रहेगी, रोक, CAQM, ने, जारी, किए, निर्देश</media:keywords>
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        <title>UPSSSC में 132 पदों पर भर्ती, 21 से 40 साल तक के उम्मीदवार कर सकते हैं आवेदन </title>
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        <description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने सीनियर इंस्ट्रक्टर भर्ती 2026 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. इस भर्ती अभियान के जरिए राजकीय ग्रामीण विकास संस्थान, बख्शी का तालाब लखनऊ में सीनियर इंस्ट्रक्टर के कुल 132 पद भरे जाएंगे. भर्ती का विज्ञापन नंबर 21-Exam/2026 है. इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 14 सितंबर से शुरू हो गई. इच्छुक और एलिजिबल उम्मीदवार 5 अक्टूबर तक आवेदन कर सकते हैं. खास बात यह है कि भर्ती में आवेदन करने के लिए उम्मीदवार की उम्र 21 से 40 साल के बीच होनी चाहिए.&amp;nbsp;
किस विषय में कितने पद?&amp;nbsp;
कुल 132 पदों को अलग-अलग विषय में बांटा गया है. इनमें सबसे ज्यादा पद एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग के हैं. इसके अलावा प्लांट प्रोटक्शन और हॉर्टिकल्चर में 16-16, एनिमल हसबेंडरी में 14 और एग्रोनॉमी में 12 पद है. वूमेन वेलफेयर के 9, कोऑपरेशन, पंचायत और सॉइल साइंस के 8-8 एग्रीकल्चर एक्सटेंशन के 5, पब्लिक हेल्थ के 3 प्रोडक्शन के 2 और एग्रीकल्चर के 1 पद पर भर्ती होगी.&amp;nbsp;
21 से 40 साल की उम्र जरूरी&amp;nbsp;
आवेदन करने वाली उम्मीदवारों की उम्र 1 जुलाई 2026 को कम से कम 21 और अधिकतम 40 वर्ष होनी चाहिए. आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट मिलेगी. शैक्षणिक योग्यता विषय के अनुसार अलग-अलग है. संबंधित पद के लिए उम्मीदवार के पास डिग्री या मास्टर होना चाहिए. इसमें एग्रीकल्चरल, इंजीनियरिंग, प्लांट प्रोटेक्शन, बॉटनी, &amp;nbsp;एंटोंमोलॉजी, जूलॉजी, हॉर्टिकल्चर, वेटरिनरी साइंस, एग्रोनॉमी, होम साइंस, सोशियोलॉजी, सोशल वर्क, न्यूट्रिशन, इकोनॉमिक्स, एग्रीकल्चर, एग्रीकल्चर एक्सटेंशन, पब्लिक हेल्थ ओर रूरल डेवलपमेंट जैसे विषय शामिल है.इसके साथ ही उम्मीदवार के पास यूपी पीईटी 2025 का स्कोर कार्ड होना जरूरी है.&amp;nbsp;
इतनी मिलेगी सैलरी&amp;nbsp;
सीनियर इंस्ट्रक्टर पद पर चयनित उम्मीदवारों को पे लेवल-6 के तहत सैलरी मिलेगी. इसका वेतनमान 35,400 से लेकर 1,12,400 तक है. आवेदन के दौरान सभी कैटेगरी के उम्मीदवारों के लिए 25 रुपये प्रोसेसिंग फीस निर्धारित की गई है. इसमें सभी कैटेगरी शामिल है.&amp;nbsp;
पहले पीईटी स्कोर से होगी शॉर्टलिस्टिंग&amp;nbsp;
इस भर्ती में उम्मीदवारों का चयन सीधे मुख्य परीक्षा से नहीं होगा. सबसे पहले नॉर्मलाइज्ड यूपी पीईटी 2025 स्कोर के आधार पर उम्मीदवार को शॉर्ट लिस्ट किया जाएगा. आयोग प्रत्येक कैटेगरी में उपलब्ध पदों की संख्या के अधिकतम 15 गुना उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा के लिए शाॅर्ट लिस्ट करेगा. इसके बाद मुख्य लिखित परीक्षा होगी. परीक्षा में सफल उम्मीदवारों को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और मेडिकल परीक्षा के अगले चरण में जाना होगा.&amp;nbsp;
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100 सवालों की होगी मुख्य परीक्षा&amp;nbsp;
मुख्य परीक्षा में एक ऑब्जेक्टिव पेपर होगा, जिसमें 100 सवाल 100 अंकों के होंगे. परीक्षा के दौरान 2 घंटे का समय मिलेगा. गलत उत्तर देने पर प्रश्न के निर्धारित अंक का एक चौथाई हिस्सा काटा जाएगा. पेपर में 65 सवाल संबंधित विषय, ग्रामीण विकास और एनालिटिकल या डेटा इंटरप्रिटेशन से होंगे. कंप्यूटर और इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी के 15 सवाल और उत्तर प्रदेश से जुड़ी सामान्य जानकारी के 20 सवाल पूछे जाएंगे&amp;nbsp;
ऐसे करें आवेदन&amp;nbsp;

आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को सबसे पहले यूपीएसएसएससी की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाना होगा.&amp;nbsp;
इसके बाद लाइव एडवर्टाइजमेंट सेक्शन में एडवर्टाइजमेंट नंबर 21-Exam/2026 चुनना होगा.&amp;nbsp;
अब पीईटी 2025 के रजिस्ट्रेशन डिटेल से लॉगिन करके फॉर्म भरना होगा.&amp;nbsp;
अब पर्सनल और एजुकेशनल डिटेल भरने के बाद फीस जमा करनी होगी.&amp;nbsp;
इसके बाद लास्ट में फॉर्म सबमिट करके उसकी कॉपी सुरक्षित रख लें.

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        <pubDate>Tue, 15 Sep 2026 14:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>UPSSSC, में, 132, पदों, पर, भर्ती, से, साल, तक, के, उम्मीदवार, कर, सकते, हैं, आवेदन </media:keywords>
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        <title>15 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है इंजीनियर्स डे? जानें एम विश्वेश्वरैया की पूरी कहानी </title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/15-सितंबर-को-ही-क्यों-मनाया-जाता-है-इंजीनियर्स-डे-जानें-एम-विश्वेश्वरैया-की-पूरी-कहानी</link>
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        <description><![CDATA[ 15 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है इंजीनियर्स डे? जानें एम विश्वेश्वरैया की पूरी कहानी  ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 15 Sep 2026 14:30:07 +0530</pubDate>
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        <title>DU में बैक लगने पर नहीं होगी डिग्री रद्द, जानें कितने समय में करना होगा क्लियर</title>
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        <description><![CDATA[ दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले छात्रों के बीच बैकलॉग को लेकर अक्सर चिंता रहती है. कई छात्रों को लगता है कि किसी विषय में फेल होने पर उनकी डिग्री रद्द हो सकती है, जिसके बाद इसका सीधा उनके पूरे करियर पर पड़ेगा. हालांकि किसी एक विषय में बैक लगने का मतलब डिग्री का रद्द होना नहीं है. यूनिवर्सिटी छात्रों को बैक वाले पेपर को दोबारा पास करने के लिए मौका देता है. इसके लिए तय नियमों और समय सीमा का पालन करना जरूरी होता है.&amp;nbsp;
मार्कशीट में ईआर का मतलब&amp;nbsp;
अगर कोई छात्र किसी विषय में जरूरी पासिंग मार्क्स हासिल नहीं कर पाता है या फिर वह परीक्षा में ही शामिल नहीं होता है, तो उसकी मार्कशीट में ईआर यानी एसेंशियल रिपीट दर्ज कर दिया जाता है. जिसका मतलब होता है कि छात्र को संबंधित विषय की परीक्षा दोबारा देनी होगी. बैक आने के बाद छात्राें को कई मामलों में अगले सेमेस्टर में आगे बढ़ने का मौका मिल जाता है, लेकिन डिग्री पूरी करने के लिए उस विषय को पास करना जरूरी होता है.&amp;nbsp;
सब्जेक्ट बैक और ईयर बैक में क्या है अंतर&amp;nbsp;
बैक लॉग के साथ एक सवाल यह भी उठता है कि सब्जेक्ट बैक और ईयर बैक में क्या अंतर होता है. दरअसल सब्जेक्ट बैक में एक छात्र एक या कुछ विषयों में फेल होता है, लेकिन नियमों के अनुसार उसे अगले सेमेस्टर में जाने का मौका मिल सकता है. दूसरी ओर जब किसी सेमेस्टर में फेल हुए विषयों की संख्या निर्धारित सीमा से ज्यादा हो जाती है और प्रमोशन की शर्तें पूरी नहीं होती है तो ईयर बैक की स्थिति बनती है. ऐसे में छात्र को उसी वर्ष की पढ़ाई को फिर दोहरानी पड़ती है.
बैक परीक्षा में ऑड-ईवन नियम&amp;nbsp;
डीयू में सेमेस्टर सिस्टम के अनुसार बैकलॉग परीक्षा के लिए भी तय व्यवस्था है और सेमेस्टर यानी फर्स्ट और थर्ड सेमेस्टर में आने वाले बैक की परीक्षा अगले वर्ष &amp;nbsp;और सेमेस्टर में ही दी जा सकती है. इसी तरह सेकंड और फोर्थ सेमेस्टर की बैक ईवन सेमेस्टर में क्लियर करने का मौका मिलता है. यानी फर्स्ट सेमेस्टर की बैक को थर्ड सेमेस्टर के साथ और सेकंड सेमेस्टर की बैक को फोर्थ सेमेस्टर के साथ दिया जा सकता है. इसी तरह आगे के सेमेस्टर में भी यही व्यवस्था लागू होती है.&amp;nbsp;
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कितने साल में पूरा करना होता है बैकलॉग?
डीयू में बैकलॉग क्लियर करने के लिए छात्र को एक निश्चित अवधि का समय दिया जाता है. 3 साल के अंडरग्रैजुएट कोर्स जैसे बीए, बीएससी और बीकॉम को पूरा करने के लिए अधिकतम 5 साल का समय मिलता है. वहीं 2 साल के मास्टर कोर्स को पूरा करने के लिए 4 साल का समय दिया जाता है. इसी समय के अंदर छात्रों को अपने सभी बैकलॉग पेपर पास करने होते हैं. इस समय सीमा में कोर्स पूरा नहीं होने पर डिग्री जारी नहीं की जाति और एनरोलमेंट समाप्त भी किया जा सकता है.
प्रमोशन के नियम भी जरूरी&amp;nbsp;
डीयू में सिर्फ बैक क्लियर करना ही जरूरी नहीं होता है, बल्कि अगले वर्ष में प्रमोशन के लिए भी छात्रों को निर्धारित शैक्षणिक शर्तें पूरी करनी होती है. पहले और दूसरे सेमेस्टर के कुल पेपरों में कम से कम 50 प्रतिशत पेपर पास करना जरूरी होता है. अगर छात्र तय संख्या में पेपर पास नहीं कर पाता, तो उसे अगले वर्ष में प्रमोशन नहीं मिलता और उसे ईयर रिपीट करके लंबित पेपर क्लियर करने पड़ सकते हैं.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Tue, 15 Sep 2026 14:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>यूपी में दो सगे भाई ऐसे बने IPS और IAS, एक प्रयागराज तो दूसरा कौशांबी का DM</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/यूपी-में-दो-सगे-भाई-ऐसे-बने-ips-और-ias-एक-प्रयागराज-तो-दूसरा-कौशांबी-का-dm</link>
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        <pubDate>Tue, 15 Sep 2026 14:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>CTET 2026 की नई परीक्षा तारीख जारी, 12 और 13 दिसंबर को होगा एग्जाम</title>
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        <description><![CDATA[ केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड सीबीएसई ने सीटीईटी के 22वें संस्करण की नई परीक्षा तारीख जारी कर दी है. अब यह परीक्षा 12 और 13 दिसंबर को आयोजित की जाएगी. इससे पहले सीटीईटी दिसंबर सत्र की परीक्षा से जुड़ी तारीखों में बदलाव किया गया था और परीक्षा 6 सितंबर को प्रस्तावित थी. सीबीएसई की ओर से जारी नोटिस के बाद सितंबर 2026 सत्र के लिए आवेदन कर चुके उम्मीदवार अभी संशोधित परीक्षा शेड्यूल के अनुसार अपनी तैयारी कर सकते हैं. वहीं सीबीएसई की ओर से परीक्षा ऑफलाइन मोड में आयोजित की जाएगी.
अब 12 और 13 दिसंबर को होगी परीक्षा
सीटीईटी 2026 की परीक्षा 12 और 13 दिसंबर को होगी. उम्मीदवारों को परीक्षा से जुड़ी जरूरी जानकारी के लिए ऑफिशियल सीटीईटी पोर्टल पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है. परीक्षा केंद्र के शहर और परीक्षा की तारीख की जानकारी परीक्षा से कम से कम 15 दिन पहले जारी की जाएगी. वहीं उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र की पूरी जानकारी वाला एडमिट कार्ड परीक्षा से 2 दिन पहले डाउनलोड उपलब्ध कराया जाएगा.
क्यों टली थी परीक्षा?
शुरुआत में सीबीएसई की ओर से सीटीईटी 2026 की परीक्षा 6 सितंबर 2026 को कराई जानी थी. हालांकि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद आवेदन प्रक्रिया फिर से खोली गई थी. जिसके बाद 25 अगस्त से 1 सितंबर तक छूटे हुए योग्य उम्मीदवारों को आवेदन करने का मौका मिला था. वहीं नए आवेदन के चलते आवेदकों की तादाद बढ़ने और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को देखते हुए बोर्ड को परीक्षा सितंबर से आगे बढ़ाने पड़ी.
दो पेपर में होगी सीटीईटी परीक्षा
सीटीईटी में दो अलग-अलग पेपर होते हैं और उम्मीदवार जिस कक्षा स्तर के लिए शिक्षक पात्रता हासिल करना चाहते हैं, उसी के अनुसार पेपर का चयन करते हैं. पेपर 1 कक्षा 1 से 5 तक पढ़ने वाले उम्मीदवारों के लिए होता है. वहीं पेपर 2 कक्षा 6 से 8 तक शिक्षक बनने की पात्रता के लिए आयोजित किया जाता है. हर पेपर में कुल 150 सवाल होंगे, उनके लिए 150 अंक निर्धारित है. परीक्षा की अवधि 2 घंटे 30 मिनट होगी. वहीं दोनों पेपर में पांच सेक्शन होंगे.
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सीटीईटी में कितने अंक लाना जरूरी?
सीटीईटी में पात्र होने के लिए जनरल उम्मीदवारों को कम से कम 90 अंक लाना जरूरी होता है. वहीं &amp;nbsp;एससी, एसटी के ल&amp;zwj;िए 82 अंक लाना जरूरी होता है. परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को पेपर और अपने चुने गए शिक्षण स्तर के अनुसार तैयारी करनी होती है.&amp;nbsp;
एडमिट कार्ड कब मिलेगा?
नई परीक्षा तारीखों के अनुसार अब परीक्षा 12 और 13 दिसंबर को आयोजित की जाएगी. इसके बाद बताया जा रहा है कि एग्जाम सिटी और एग्जाम एडमिट कार्ड की जानकारी एग्जाम से 15 दिन पहले दी जाएगी. इनमें एग्जाम सिटी 27 या 28 नवंबर को और एडमिट कार्ड लगभग 10 दिसंबर को एग्जाम से ठीक 2 दिन पहले जारी किया जा सकता है.
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        <pubDate>Tue, 15 Sep 2026 14:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>IIT जोधपुर ने PDF प्रोग्राम के लिए मांगे आवेदन, हर महीने मिलेगी 80000 की फेलोशिप</title>
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        <description><![CDATA[ रिसर्च के क्षेत्र में करियर बनाने की सोच रहे पीएचडी होल्डर्स के लिए एक बेहतरीन मौका सामने आया है. इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी जोधपुर ने अपने पोस्ट-डॉक्टोरल फेलोशिप यानी पीडीएफ प्रोग्राम के लिए आवेदन मांगे हैं. इस प्रोग्राम के तहत भारतीय नागरिकों के साथ-साथ विदेशी नागरिक, भारतीय मूल के लोग और ओसीआई कार्ड धारक भी आवेदन कर सकते हैं. संस्थान के अलग-अलग विभागों, स्कूलों और सेंट्रल फैसिलिटीज में रिसर्च करने का मौका इस फेलोशिप के जरिए दिया जा रहा है.
हर महीने मिलेगी 80 हजार रुपये की फेलोशिप
इस पोस्ट-डॉक्टोरल फेलोशिप में चुने गए उम्मीदवारों को हर महीने 80,000 रुपये की कंसोलिडेटेड फेलोशिप दी जाएगी. इतना ही नहीं, हर साल परफॉर्मेंस के आधार पर इसमें 10 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी भी की जा सकती है. यानी अच्छा काम करने वाले फेलो के लिए आगे चलकर फेलोशिप की रकम और भी बढ़ सकती है. इसके साथ ही रिसर्च से जुड़े खर्चों के लिए हर साल 50,000 रुपये की रिसर्च कंटिंजेंसी भी दी जाएगी, जिसका इस्तेमाल कॉन्फ्रेंस, वर्कशॉप और रिसर्च से जुड़े जरूरी सामान पर किया जा सकता है.
रहने और यात्रा को लेकर भी मिलेंगी सुविधाएं
फेलोशिप के अलावा चुने गए उम्मीदवारों को कैंपस में हॉस्टल की सुविधा भी दी जाएगी, हालांकि इसके लिए उन्हें भुगतान करना होगा और यह उपलब्धता पर निर्भर करेगा. इंटरव्यू के लिए शॉर्टलिस्ट होने वाले उम्मीदवारों को टू-टियर एसी ट्रेन किराए की प्रतिपूर्ति भी दी जाएगी. इसके अलावा फेलो को साल में 30 दिन की छुट्टी भी मिलेगी, जिसकी गणना हर महीने 2.5 दिन के हिसाब से की जाती है.
इन लोगों को नहीं मिलेगा आवेदन का मौका
इस फेलोशिप के लिए एक जरूरी शर्त भी रखी गई है. जिन उम्मीदवारों ने आईआईटी जोधपुर से ही अपनी पीएचडी की डिग्री हासिल की है, वे इस इंस्टीट्यूट पीडीएफ फेलोशिप के लिए आवेदन नहीं कर सकते. चुने गए फेलो को संबंधित फैकल्टी मेंटर की देखरेख में एडवांस लेवल की रिसर्च, लैबोरेटरी कैरेक्टराइजेशन और टीचिंग सपोर्ट जैसे काम सौंपे जाएंगे. हर साल परफॉर्मेंस असेसमेंट कमेटी उनके काम का मूल्यांकन करेगी, जिसी आधार पर फेलोशिप को आगे बढ़ाने या उसमें बढ़ोतरी करने का फैसला लिया जाएगा.
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कैसे और कब तक करें आवेदन?
इस फेलोशिप के लिए आवेदन सिर्फ आईआईटी जोधपुर के आधिकारिक ऑनलाइन रिक्रूटमेंट पोर्टल के जरिए ही स्वीकार किए जाएंगे. आवेदन करने की आखिरी तारीख 30 सितंबर 2026 रखी गई है, यानी इच्छुक उम्मीदवारों के पास आवेदन के लिए ज्यादा समय नहीं बचा है. आवेदन से पहले उम्मीदवारों को अपने एकेडमिक ट्रांसक्रिप्ट, पीएचडी डिग्री या प्रोविजनल सर्टिफिकेट, रिसर्च प्रपोजल, सीवी और पब्लिकेशन की लिस्ट जैसे जरूरी दस्तावेज डिजिटल फॉर्मेट में तैयार रखने की सलाह दी गई है, ताकि पोर्टल पर अपलोड करते समय किसी तरह की परेशानी न हो.
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        <pubDate>Tue, 15 Sep 2026 02:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>क्या आम स्टूडेंट्स भी लड़ सकते हैं DUSU चुनाव, क्या है नियम?</title>
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        <description><![CDATA[ दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन यानी डूसू का चुनाव हर साल कैंपस में सुर्खियों में रहता है. पोस्टर, रैलियां और नारेबाजी के बीच कई स्टूडेंट्स के मन में यह सवाल जरूर आता है कि क्या कोई भी आम स्टूडेंट इस चुनाव में उम्मीदवार बनकर खड़ा हो सकता है, या इसके लिए कोई खास शर्तें पूरी करनी पड़ती हैं. दरअसल डूसू चुनाव लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों के आधार पर कराए जाते हैं, और उम्मीदवार बनने के लिए कुछ तय नियमों को पूरा करना जरूरी होता है. आइए जानते हैं कि आखिर कौन-कौन इस चुनाव में उम्मीदवार बन सकता है और क्या हैं इसके नियम.&amp;nbsp;
उम्र को लेकर तय है सीमा
सिर्फ उम्र ही नहीं, बल्कि कक्षाओं में हाजिरी भी उम्मीदवार बनने के लिए बड़ी शर्त मानी जाती है. लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों के मुताबिक चुनाव लड़ने वाले स्टूडेंट की अटेंडेंस कम से कम 75 प्रतिशत होनी जरूरी है. हाल ही में दिल्ली हाईकोर्ट ने भी इस नियम पर मुहर लगाते हुए साफ किया था कि जिस स्टूडेंट की हाजिरी इस सीमा से कम है, उसका नामाकंन कॉलेज प्रशासन खारिज किया जा सकता है. यह नियम इसलिए बनाया गया है ताकि चुनाव लड़ने वाले स्टूडेंट्स की पढ़ाई पर भी उतना ही ध्यान बना रहे.&amp;nbsp;
अनुशासन का रिकॉर्ड भी देखा जाता है
उम्मीदवार बनने के लिए यह भी जरूरी है कि स्टूडेंट्स के पिछले किसी भी सेमेस्टर या साल में कोई एकेडमिक बेकलॉग यानी पेडिंग पेपर न हो. इसके अलावा जिस स्टूडेंट के खिलाफ कॉलेज या यूनिवर्सिटी स्तर पर कोई पुलिस कारवाई या मामला दर्ज हो, उसे भी चुनाव लड़ने से रोका जा सकता है. यह शर्तें इसलिए रखी गई हैं ताकि चुनाव में सिर्फ वही स्टूडेंट्स उतरे, जिनका एकेडमिक और अनुशासन का रिकॉर्ड साफ हो.&amp;nbsp;
एडमिशन की तारिख भी रखती है मायने
चुनाव में वोट देने और उम्मीदवार बनने, दोनों के लिए स्टूडेंट का संबंधित कॉलेज, डिपार्टमेंट या इंस्टीट्यूट में तय तारीख तक एडमिशन लिया होना जरूरी है. हर साल यूनिवर्सिटी की तरफ से चुनाव अधिकारी एक कट-ऑफ डेट और समय तय करता है, जिसके बाद एडमिशन लेने वाले स्टूडेंट्स को उस साल के चुनाव में हिस्सा लेने का मौका नहीं मिलता. पहले साल के स्टूडेंट्स के लिए, जिनका पहचान पत्र अभी नहीं बना होता, फीस रसीद और बोनाफाइड सर्टिफिकेट जैसे दस्तावेजों के आधार पर अलग व्यवस्था भी की जाती है.&amp;nbsp;
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खर्च और प्रचार को लेकर भी हैं तय नियम&amp;nbsp;
चुनाव लड़ने वाले हर उम्मीदवार के लिए प्रचार में खर्च की एक सीमा भी तय की गई है, जो 5000 रुपये तक रखी गई है. इसके अलावा प्रचार करने का समय भी सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक ही तय है, और हर उम्मीदवार के साथ सीमित संख्या में ही स्टूडेंट प्रचार में शामिल हो सकते हैं. इन सभी नियमों का मकसद यही है कि चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे और कैंपस में इसका बहुत ज्यादा नकारात्मक असर न पड़े. कुल मिलाकर, कोई भी आम स्टूडेंट डूसू चुनाव लड़ सकता है, बशर्ते वह उम्र, अटेंडेंस, एकेडमिक रिकॉर्ड और एडमिशन से जुड़ी इन तय शर्तों को पूरा करता हो.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Tue, 15 Sep 2026 02:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>कैसे चुना जाता है ACC का अध्यक्ष, कितनी मिलती है सैलरी?</title>
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        <description><![CDATA[ एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के अध्यक्ष मोहसिन नकवी एक बार फिर चर्चा में हैं. उनकी चर्चा तब शुरू हुई जब&amp;nbsp;विमेंस एशिया कप 2026 के फाइनल में श्रीलंका को भारतीय महिला टीम ने ACC अध्यक्ष मोहसिन नकवी के हाथों ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया. दुबई में हुए इस मुकाबले के बाद प्रेजेंटेशन सेरेमनी करीब 50 मिनट तक टलती रही, क्योंकि भारतीय खिलाड़ी नकवी के बजाय किसी और अधिकारी से ट्रॉफी लेना चाहती थीं.
यह विवाद 2025 के मेंस एशिया कप फाइनल जैसा ही रहा, जब भारतीय मेंस टीम ने भी नकवी से ट्रॉफी लेने से मना कर दिया था. इस पूरे विवाद के बाद अब लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि आखिर एशियन क्रिकेट काउंसिल ACC का अध्यक्ष चुना कैसे जाता है और इस पद पर बैठने वाले को कितनी सैलरी मिलती है.
सदस्य देशों के बोर्ड से होता है चुनाव
ACC का अध्यक्ष सीधे आम जनता या खिलाड़ियों की वोटिंग से नहीं चुना जाता, बल्कि यह पद संस्था के सदस्य क्रिकेट बोर्ड के प्रतिनिधियों के जरिए तय होता है. हर सदस्य देश का क्रिकेट बोर्ड अपने यहां का प्रमुख अधिकारी ACC की एग्जीक्यूटिव बॉडी में भेजता है और यही बॉडी मिलकर अध्यक्ष के नाम पर फैसला करती है. आमतौर पर यह प्रक्रिया संस्था की सालाना बैठक के दौरान पूरी की जाती है, जहां सदस्य देशों के प्रतिनिधि आपस में चर्चा करके इस बड़े पद के लिए सहमति बनाते हैं.
रोटेशन के आधार पर मिलता है यह पद
ACC अध्यक्ष के चुनाव में एक खास परंपरा देखने को मिलती है, जिसे रोटेशन पॉलिसी कहा जाता है. इसके तहत यह कोशिश की जाती है कि यह पद बारी-बारी से अलग-अलग सदस्य देशों के प्रतिनिधियों को मिले, ताकि किसी एक देश का इस पर लंबे समय तक कब्जा न बना रहे. यही वजह है कि पिछले सालों में भारत, श्रीलंका, बांग्लादेश और पाकिस्तान जैसे देशों के क्रिकेट बोर्ड प्रमुखों को बारी-बारी से यह जिम्मेदारी सौंपी जाती रही है. मौजूदा समय में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन मोहसिन नकवी इस पद पर हैं, जिन्होंने श्रीलंका के शम्मी सिल्वा से यह पद संभाला था.
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दो साल का होता है कार्यकाल
ACC अध्यक्ष का कार्यकाल आमतौर पर दो साल का रखा जाता है, हालांकि कई बार अलग-अलग परिस्थितियों में यह अवधि घट-बढ़ भी सकती है. कार्यकाल पूरा होने के बाद एग्जीक्यूटिव बोर्ड दोबारा बैठक करके अगले अध्यक्ष के नाम पर मुहर लगाता है. इस पूरी प्रक्रिया में उपाध्यक्ष का पद भी अहम माना जाता है, जो अध्यक्ष की गैरमौजूदगी में संस्था का कामकाज संभालता है. फिलहाल ओमान क्रिकेट के पंकज खिमजी इस संस्था के उपाध्यक्ष हैं.
क्या है सैलरी का पूरा गणित?
ACC अध्यक्ष का पद ज्यादातर बड़ी क्रिकेट संस्थाओं की तरह ही एक सम्मानजनक पद माना जाता है, जिसके लिए कोई तय मासिक सैलरी नहीं दी जाती. यह उन पदों जैसा ही है, जैसे ICC के चेयरमैन का पद भी बिना फिक्स्ड सैलरी के होता है, और वहां भी अधिकारी को उसके आधिकारिक कामकाज के लिए जरूरी भत्ते और सुविधाएं दी जाती हैं. ACC अध्यक्ष के मामले में भी यही व्यवस्था देखने को मिलती है, जहां पद संभालने वाला शख्स अपने बोर्ड से पहले से ही जुड़ा रहता है और ACC की तरफ से उसे यात्रा व अन्य आधिकारिक खर्चों के लिए भत्ते दिए जाते हैं, न कि कोई अलग से तय सैलरी.
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        <pubDate>Tue, 15 Sep 2026 02:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>इसरो में दसवीं पास के लिए नौकरी का मौका, 22 पदों पर होगी भर्ती</title>
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        <description><![CDATA[ सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं, 10वीं और आईटीआई पास उम्मीदवारों के लिए इसरो में नौकरी पाने का मौका है. इसरो की इकाई इसरो प्रोपल्सन कॉम्प्लेक्स, महेंद्रगिरी, तमिलनाडु ने अलग-अलग पदों के लिए आवेदन मांगे हैं. इस भर्ती के जरिए टेक्निकल असिस्टेंट, टेक्निशियन बी, कुक ए और फायरमैन ए के कुल 22 पद भरे जाएंगे. इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 15 सितंबर 2026 से शुरू होगी.
इच्छुक और योग्य उम्मीदवार आईपीआरसी की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर 5 अक्टूबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं. खास बात यह है कि टेक्नीशियन, कुक और फायरमैन के कुछ पदों के लिए 10वीं पास उम्मीदवार भी आवेदन कर सकते हैं.
किस पद पर कितनी वैकेंसी?
आईपीआरसी भर्ती में कुल 22 पद शामिल है. इनमें टेक्निकल असिस्टेंट के 5 पद, टेक्निशियन बी के 13, कुक ए का 1 और फायरमैन ए के तीन पद है. टेक्निकल असिस्टेंट के पद ऑटोमोबाइल, मेकेनिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन से जुड़े हैं. टेक्निशियन बी में फिटर, मशीनिस्ट, टर्नर, वेल्डर, इलेक्ट्रीशियन और रेफ्रिजरेशन एंड एयर कंडीशनिंग ट्रेड शामिल है.
10वीं पास के लिए क्या है योग्यता?
टेक्निशियन बी के पदों के लिए उम्मीदवार का 10वीं पास होना जरूरी है. इसके साथ संबंधित ट्रेड में आईटीआई और एनसीवीटी से मान्यता प्राप्त एनटीसी या एनएसी सर्टिफिकेट होना चाहिए. कुक ए पद के लिए 10वीं पास उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं. इसके लिए किसी मान्यता प्राप्त होटल या कैंटीन में कुक के तौर पर कम से कम 5 साल का एक्सपीरियंस जरूरी है. फायरमैन ए के लिए 10वीं पास होने के साथ निर्धारित फिजिकल टेस्ट को पूरा करना होगा. वहीं टेक्निकल असिस्टेंट के लिए संबंधित इंजीनियरिंग डिसिप्लिन में फर्स्ट क्लास डिप्लोमा मांगा गया है.
1.42 लाख रुपये तक पहुंच सकती है सैलरी
चयनित उम्मीदवारों को पद के अनुसार अलग-अलग पे लेवल के तहत सैलरी मिलेगी. टेक्निकल असिस्टेंट का पे लेवल 7 है, जिसमें 44,900 से 1,42,400 तक वेतन है. टेक्नीशियन बी पद के लिए पे लेवल 3 के तहत 21,700 से 69,100 रुपये, जबकि ए और फायरमैन ए के लिए पे लेवल 2 के तहत 19,900 से 63,200 तक वेतन निर्धारित है.
कितनी देनी होगी आवेदन फीस?
टेक्निकल असिस्टेंट पद के लिए आवेदन फीस 750 रुपये रखी गई है. वहीं टेक्निशियन बी, कुक ए और फायरमैन ए पदों के लिए 500 रुपये फीस देनी होगी.
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कैसे होगा चयन?
टेक्निकल असिस्टेंट और टेक्निशियन बी के लिए उम्मीदवारों को लिखित परीक्षा और स्किल टेस्ट से गुजरना होगा. कुक ए के लिए भी लिखित परीक्षा के बाद स्किल टेस्ट होगा. फायरमैन ए के लिए लिखित परीक्षा के बाद फिजिकल दक्षता परीक्षा और मेडिकल जांच होगी. टेक्निकल असिस्टेंट और टेक्निशियन बी की लिखित परीक्षा में 80 एमसीक्यू सवाल होंगे और इसके लिए 90 मिनट मिलेंगे. हर एक सही उत्तर पर एक अंक मिलेगा, जबकि गलत उत्तर के लिए 0.33 अंक की नेगेटिव मार्किंग होगी. कुक और फायरमैन की परीक्षा में 100-100 सवाल होंगे और परीक्षा की अवधि 120 मिनट होगी. इन दोनों परीक्षाओं में गलत उत्तर पर 0.25 अंक काटे जाएंगे.
ऐसे करें आवेदन

आवेदन के लिए उम्मीदवार सबसे पहले iprc.gov.in पर जाएं.
इसके बाद संबंधित ऑनलाइन आवेदन लिंक खोलें.
अब रजिस्ट्रेशन करके व्यक्तिगत और शैक्षणिक जानकारी भरनी होगी.
जानकारी भरने के बाद जरूरी डॉक्यूमेंट अपलोड करने होंगे.
अब निर्धारित आवेदन फीस जमा करके आवेदन फॉर्म को सबमिट कर दें.
लास्ट में आवेदन फीस की एक कॉपी को सुरक्षित रखने की भी उम्मीदवारों को सलाह दी गई है.&amp;nbsp;

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        <pubDate>Tue, 15 Sep 2026 02:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>इसरो, में, दसवीं, पास, के, लिए, नौकरी, का, मौका, पदों, पर, होगी, भर्ती</media:keywords>
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        <title>NTA ने शिफ्ट किया अपना ऑफिस, अब ये है नया पता</title>
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        <description><![CDATA[ नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने अपने कार्यालय को नए परिसर में शिफ्ट कर दिया है. एजेंसी ने उम्मीदवारों, छात्रों, शिक्षण संस्थानों, संबंधित हितधारकों, सेवा प्रदाताओं और आम लोगों से नए कार्यालय के पते को ध्यान में रखने और अपने रिकॉर्ड में आवश्यक बदलाव करने की अपील की है.
NTA की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, अब एजेंसी का कार्यालय नई दिल्ली स्थित मिंटो रोड के सरकारी परिसर में है. संबंधित लोग भविष्य में NTA से जुड़े किसी भी आधिकारिक पत्राचार या अन्य काम के लिए नए पते का इस्तेमाल करें.
क्या है NTA का नया कार्यालय पता
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA)5वीं मंजिल,भारत सरकार प्रेस बिल्डिंग,मिंटो रोड,नई दिल्ली-110002
एजेंसी ने सभी उम्मीदवारों, छात्रों, शिक्षण संस्थानों और अन्य संबंधित पक्षों से अनुरोध किया है कि वे अपने रिकॉर्ड में NTA के नए कार्यालय पते को अपडेट कर लें. इससे भविष्य में होने वाले आधिकारिक पत्राचार और अन्य प्रक्रियाओं में किसी तरह की परेशानी से बचा जा सकेगा.

The National Testing Agency has relocated its office to a new premises.All candidates, students, educational institutions, stakeholders, service providers and the general public are requested to take note of the new office address and update their records accordingly.????&amp;hellip; pic.twitter.com/V024LG6xdo
&amp;mdash; National Testing Agency (@NTA_Exams) September 14, 2026



क्या है NTA? इसका क्या है काम
NTA देशभर में विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं और अन्य महत्वपूर्ण परीक्षाओं का आयोजन करता है. ऐसे में कार्यालय के पते में हुए बदलाव की जानकारी उम्मीदवारों और संबंधित संस्थानों के लिए महत्वपूर्ण है.
NTA यानी National Testing Agency (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) भारत में कई बड़ी प्रवेश परीक्षाओं और पात्रता परीक्षाओं का आयोजन करने वाली सरकारी एजेंसी है. इसे शिक्षा मंत्रालय के तहत स्थापित किया गया है.
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NTA का मुख्य काम क्या है?
JEE Main जैसी इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा आयोजित करना.NEET-UG जैसी मेडिकल प्रवेश परीक्षा आयोजित करना.CUET-UG/PG के जरिए केंद्रीय और अन्य विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए परीक्षा कराना.UGC-NET परीक्षा आयोजित करना, जिससे कॉलेज और विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर तथा JRF की पात्रता तय होती है.CMAT, GPAT जैसी कुछ अन्य राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाएं आयोजित करना.परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया, एडमिट कार्ड, परीक्षा केंद्र, कंप्यूटर आधारित टेस्ट, आंसर की और रिजल्ट जैसी प्रक्रियाओं को संभालना.
सीधे शब्दों में कहें तो NTA खुद कॉलेज में दाखिला नहीं देता, बल्कि कई बड़े एंट्रेंस और पात्रता एग्जाम आयोजित करता है, जिनके परिणाम के आधार पर आगे की प्रवेश या पात्रता प्रक्रिया होती है.
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        <pubDate>Tue, 15 Sep 2026 02:30:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>ऑस्ट्रेलिया ने 40% से ज्यादा भारतीय स्टूडेंट वीजा रिजेक्ट किए, जानें रिपोर्ट</title>
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        <description><![CDATA[ ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई का सपना देख रहे भारतीय छात्रों के लिए एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है. ऑस्ट्रेलिया ने इंटरनेशनल स्टूडेंट वीजा प्रोसेस की जांच काफी सख्त कर दी है, जिससे वीजा रिजेक्शन रेट पिछले एक दशक के सबसे ऊंचे लेवल पर पहुंच गया है. ऑस्ट्रेलिया के गृह मामलों के विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जून 2026 में करीब 24.2 प्रतिशत स्टूडेंट वीजा आवेदन रिजेक्ट किए गए, जबकि जून 2016 में यह आंकड़ा सिर्फ 7.9 प्रतिशत था. आइए जानते हैं भारतीय छात्रों पर इसका कितना असर पड़ा है, और आखिर इतनी सख्ती क्यों बरती जा रही है.
भारतीय छात्रों पर पड़ा असर
आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान भारत से आए 40 प्रतिशत से ज्यादा वीजा आवेदन रिजेक्ट कर दिए गए, जो बाकी देशों के मुकाबले काफी ज्यादा है. यह दिखाता है कि ऑस्ट्रेलिया की नई और सख्त वीजा जांच नीति का सबसे बड़ा असर भारतीय छात्रों पर ही पड़ा है.
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नेपाल पर पड़ा असर
भारत से भी ज्यादा बुरा हाल नेपाल के आवेदकों का रहा, जहां इसी अवधि में आधे से ज्यादा वीजा आवेदन रिजेक्ट किए गए. वहीं इसकी तुलना में चीन का रिजेक्शन रेट सिर्फ 5.8 प्रतिशत रहा, जो साफ दिखाता है कि अलग अलग देशों के आवेदकों के साथ बर्ताव में बड़ा फर्क है.
आखिर क्यों रिजेक्ट हो रहे हैं वीजा
यह बढ़ोतरी ऑस्ट्रेलिया की उस बड़ी कोशिश का हिस्सा है, जिसके तहत देश अपने इंटरनेशनल एजुकेशन और माइग्रेशन सिस्टम की ट्रांसपेरेंसी को मजबूत करना चाहता है. इसके लिए जेन्युइन स्टूडें यानी असली छात्र होने की शर्त लागू की गई है, जिसके तहत आवेदकों को यह साबित करना होता है कि वे सच में पढ़ाई के मकसद से ही ऑस्ट्रेलिया जाना चाहते हैं.
किन बातों पर होता है फैसला
वीजा अधिकारी कई चीज़ों को देखकर ही फैसला लेते हैं. वे देखते हैं कि आपके अपने देश के हालात कैसे हैं, ऑस्ट्रेलिया जाने के बाद आपके हालात कैसे हो सकते हैं, आप जो कोर्स चुन रहे हैं वह आपके भविष्य के लिए कितना जरूरी है, और आपकी पुरानी इमिग्रेशन हिस्ट्री कैसी रही है. इसका मतलब यह है कि अब भारतीय छात्रों को यह पक्का करना होगा कि वे जो पढ़ाई चुन रहे हैं, वह उनकी पुरानी पढ़ाई, काम के अनुभव और भविष्य के करियर प्लान से पूरी तरह साबित करती है.
शिक्षा के क्षेत्र में बढ़ी चिंता
ऑस्ट्रेलिया के कॉलेज और यूनिवर्सिटीज भी इस सख्ती से परेशान हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर छात्रों को ऐसा लगने लगा कि ऑस्ट्रेलिया अब विदेशी छात्रों का पहले जैसा स्वागत नहीं करता है, तो जो असली और अच्छे छात्र हैं, वह भी वहाँ जाने से कतराने लगेंगे.
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        <pubDate>Mon, 14 Sep 2026 10:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>मार्कशीट खोने का टेंशन खत्म! MP के छात्रों को मिलेगी डिजिटल &amp;apos;अपार ID&amp;apos;</title>
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        <description><![CDATA[ मध्य प्रदेश के स्कूली छात्रों और उनके माता-पिता के लिए एक बहुत जरूरी खबर सामने आई है. राज्य सरकार ने स्कूली शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से डिजिटल और आसान बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. अब मध्य प्रदेश के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की आधार कार्ड की तरह एक खास और अलग पहचान आईडी बनाई जाएगी. इस नई आईडी को APAAR ID (Automated Permanent Academic Account Registry) का नाम दिया गया है.
मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग ने आधिकारिक रूप से इसकी घोषणा कर दी है. सरकार का मकसद हर बच्चे के पढ़ाई-लिखाई से जुड़े सारे रिकॉर्ड को एक सुरक्षित डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाना है, ताकि भविष्य में छात्रों को किसी भी तरह की कागजी दिक्कतों का सामना न करना पड़े. आइए जानते हैं कि यह अपार आईडी क्या है और इससे छात्रों को क्या फायदे होंगे.
क्या है 12 अंकों की APAAR ID?
अपार आईडी मुख्य रूप से 12 अंकों का एक खास नंबर होगा, जो सीधे तौर पर छात्र की पढ़ाई से जुड़ा रहेगा। इसे आप छात्रों का डिजिटल रिपोर्ट कार्ड या एजुकेशन आधार भी कह सकते हैं. केंद्र सरकार की राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी प्रोग्राम चलाया जा रहा है. मध्य प्रदेश में इस योजना को तेजी से लागू किया जा रहा है.
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश में अब तक लगभग 1 करोड़ स्कूली बच्चों की अपार आईडी बनाई जा चुकी है. इसका मतलब है कि राज्य के करीब 78.5 फीसदी छात्रों का यह डिजिटल खाता तैयार हो चुका है और बाकी बचे छात्रों के लिए भी काम तेजी से चल रहा है.
इस आईडी में क्या-क्या जानकारी रहेगी दर्ज?
एक बार जब किसी बच्चे की अपार आईडी बन जाएगी, तो स्कूल से लेकर कॉलेज तक की उसकी पूरी जानकारी इसमें दर्ज होती रहेगी। इस 12 अंकों के नंबर में छात्र का नाम, उम्र और उसके माता-पिता की जानकारी, उसके हर साल के परीक्षा परिणाम, टीसी और माइग्रेशन सर्टिफिकेट, &amp;nbsp;स्कॉलरशिप का पूरा विवरण शामिल रहेंगे.&amp;nbsp;
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छात्रों और अभिभावकों को इससे क्या फायदे होंगे?
इस डिजिटल आईडी के बन जाने से छात्रों और उनके माता-पिता को कई बड़े फायदे मिलेंगे, जब कभी आप एक शहर से दूसरे शहर जाएंगे और ऐसे में बच्चे को भी स्कूल बदलना होता है, तो इस परिस्थिति में अपार आईडी होने से नया स्कूल सिर्फ इस 12 अंकों के नंबर की मदद से बच्चे का पुराना सारा रिकॉर्ड ऑनलाइन देख सकेगा और एडमिशन तुरंत हो जाएगा.
साथ ही, अपार आईडी में सारा डेटा डिजिटल रूप से बिल्कुल सुरक्षित रहेगा, जिसे कभी भी और कहीं भी ऑनलाइन डाउनलोड किया जा सकेगा. &amp;nbsp;इस आईडी के जरिए सरकार सीधे तौर पर योग्य छात्रों की पहचान कर सकेगी. इससे स्कॉलरशिप का पैसा बिना किसी देरी के और सीधे सही छात्र तक पहुंच सकेगा.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Mon, 14 Sep 2026 10:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>16 नहीं 6 घंटे पढ़कर भी निकल सकता है UPSC, जानें सही तरीका</title>
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        <description><![CDATA[ UPSC सिविल सर्विसेज परीक्षा को देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में गिना जाता है, और इसी वजह से ज्यादातर लोग यह मान लेते हैं कि इसे पास करने के लिए दिन में 15 से 16 घंटे पढ़ाई करनी ही पड़ेगी. लेकिन हकीकत इससे काफी अलग है. कई टॉपर्स के इंटरव्यू और उनकी तैयारी की कहानियां बताती हैं कि यूपीएससी घंटों की गिनती की नहीं, बल्कि सही रणनीति और लगातार मेहनत की परीक्षा है. सही तरीके से पढ़ाई की जाए तो 6 घंटे की फोकस्ड स्टडी भी इस परीक्षा को पास कराने के लिए काफी हो सकती है.
घंटों से ज्यादा जरूरी है क्वालिटी स्टडी
एक्सपर्ट्स का मानना है कि लंबे समय तक बिना फोकस के पढ़ने से बेहतर है कि कम समय में पूरे ध्यान के साथ पढ़ाई की जाए. कई टॉपर्स ने अपने इंटरव्यू में बताया है कि पढ़ाई के घंटे हर कैंडिडेट के हिसाब से अलग-अलग होते हैं, यह इस बात पर निर्भर करता है कि कोई तैयारी के किस स्टेज पर है और उसकी बाकी जिम्मेदारियां क्या हैं. जो अभ्यर्थी नौकरी करते हुए तैयारी कर रहे हैं, वे भी रोजाना 5 से 6 घंटे की समझदारी से की गई पढ़ाई के दम पर परीक्षा पास कर चुके हैं.
सीमित किताबों को बार-बार पढ़ना ज्यादा फायदेमंद
टॉपर्स की तैयारी में एक बात कॉमन देखी जाती है, वे बहुत सारी किताबें इकट्ठा करने के बजाय सीमित और भरोसेमंद स्टडी मटीरियल को बार-बार दोहराते हैं. एनसीईआरटी की किताबों से बेसिक कॉन्सेप्ट क्लियर करना पहला कदम माना जाता है, क्योंकि इतिहास, भूगोल, राजनीति और अर्थशास्त्र जैसे विषयों की नींव यहीं से मजबूत होती है. इसके बाद करंट अफेयर्स को स्टैटिक सिलेबस से जोड़कर पढ़ना और पिछले सालों के प्रश्नपत्रों का लगातार अभ्यास करना तैयारी को असरदार बनाता है.
डेली रूटीन में क्या-क्या होना चाहिए शामिल?
एक अच्छे डेली रूटीन में सुबह अखबार पढ़कर जरूरी करंट अफेयर्स नोट करना, दिन में एक या दो बड़े विषयों की पढ़ाई करना और पहले पढ़े गए टॉपिक्स को रिवाइज करना शामिल होता है. इसके साथ ही रोजाना एक-दो आंसर लिखने की प्रैक्टिस करना मेन्स परीक्षा के लिए बेहद जरूरी माना जाता है. रिवीजन को तैयारी का सबसे अहम हिस्सा बताया जाता है, क्योंकि सिलेबस बहुत बड़ा होने की वजह से बिना दोहराए चीजें याद रखना मुश्किल हो जाता है.
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प्लानिंग भी है जरूरी
सिर्फ रोजाना का शेड्यूल बनाकर पढ़ना काफी नहीं है, बल्कि हफ्ते और महीने के हिसाब से भी लक्ष्य तय करने चाहिए. हफ्ते में उस विषय से जुड़ा सेक्शनल मॉक टेस्ट देना फायदेमंद रहता है जो उस हफ्ते पढ़ा गया हो, और उसके बाद गलतियों को ठीक करना जरूरी है. महीने के हिसाब से जीएस सिलेबस के किसी हिस्से को पूरा करने और फुल लेंथ टेस्ट देने का लक्ष्य रखने से बड़ा सिलेबस भी धीरे-धीरे कवर होता जाता है.
आखिरी महीनों में बढ़ानी पड़ती है रफ्तार
शुरुआत में भले ही 5 से 6 घंटे की पढ़ाई काफी हो, लेकिन परीक्षा के आखिरी 3 से 4 महीनों में ज्यादातर अभ्यर्थी रिवीजन और मॉक टेस्ट पर फोकस बढ़ाते हुए पढ़ाई के घंटे भी बढ़ा देते हैं. इस दौरान नई किताबें उठाने के बजाय पहले से पढ़े गए मटीरियल को बार-बार दोहराना और ज्यादा से ज्यादा प्रीवियस ईयर क्वेश्चन प्रैक्टिस करना बेहतर होता है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Mon, 14 Sep 2026 10:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>जामिया में बगैर एंट्रेंस दिए कैसे लें एडमिशन, जानें पूरा प्रोसेस</title>
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        <description><![CDATA[ जामिया मिल्लिया इस्लामिया में पढ़ना कई छात्रों का सपना होता है. अगर आप भी जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI) में बिना एंट्रेंस दिए पढ़ाई करना चाहते हैं, तो आपके लिए Distance और Online Learning एक अच्छा विकल्प हो सकता है. जामिया के Centre for Distance and Online Education (CDOE) के जरिए कई UG और PG कोर्स में एडमिशन लिया जा सकता है. इन कोर्सेज में एडमिशन एंट्रेंस टेस्ट के बजाय तय एजुकेशनल क्वालिफिकेशन के आधार पर होता है.
कौन-कौन से Distance Courses हैं?
जामिया में 12वीं के बाद कई कोर्स में एडमिशन लिया जा सकता है. इनमें Bachelor of Arts (General), Bachelor of Business Administration (BBA), Bachelor of Commerce (B.Com) और B.Com International Business and Finance शामिल हैं. इन UG कोर्स की सामान्य अवधि तीन साल है. वहीं कुछ कोर्स Distance के साथ Online Mode में भी चलाए जाते हैं.
PG में भी है विकल्प
अगर आपने Graduation पूरी कर ली है, तो PG स्तर पर भी आपके लिए कई विकल्प हैं. इनमें MA English, MA Hindi, MA History, MA Sociology, MA Political Science, MA Public Administration, MA Education, MA Human Resource Management और Master of Commerce जैसे कोर्स शामिल हैं. UG कोर्स में एडमिशन के लिए आमतौर पर छात्रों को 12वीं या इसके बराबर की परीक्षा पास होना जरूरी है. वहीं MA और M.Com जैसे PG कोर्स के लिए किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से Graduation की डिग्री जरूरी है.
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ऐसे करें आवेदन?
जामिया के Distance और Online Courses में आवेदन ऑनलाइन किया जाता है. इसके लिए आपको JMI के Centre for Distance and Online Education Admission Portal पर जाना होगा. वहां सबसे पहले New User Registration करना होगा. इसके बाद मांगी गई जानकारी भरकर अकाउंट को एक्टिवेट करना हगा. फिर लॉगिन करके संबंधित कोर्स चुनना, आवेदन फॉर्म भरना और जरूरी दस्तावेज जमा करने होते हैं. फॉर्म जमा करने के बाद आवेदन से जुड़ी फीस और बाकी जरूरी प्रोसेस पूरी करनी होती है. एडमिशन की तारीख और आवेदन से जुड़ी जानकारी JMI के ऑफिशियल पोर्टल पर जारी की जाती है.
किसके लिए बेहतर है Distance Learning?
Distance या Online Learning उन छात्रों के लिए उपयोगी है जो नौकरी, प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी या किसी दूसरी जिम्मेदारी के साथ पढ़ाई जारी रखना चाहते हैं. इसमें रोजाना रेगुलर कॉलेज जाकर क्लास अटेंड करने की जरूरत नहीं होती. जामिया अपने Distance Education छात्रों के लिए स्टडी मटेरियल जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराता है.
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        <pubDate>Mon, 14 Sep 2026 10:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>IGNOU में शुरू होने वाली है मेगा प्लेसमेंट ड्राइव, आ रहीं ये कंपनियां</title>
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        <description><![CDATA[ इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) के छात्रों और पूर्व छात्रों के पास नौकरी पाने का शानदार मौका है. विश्वविद्यालय का कैंपस प्लेसमेंट सेल 17 और 18 सितंबर 2026 को दो दिवसीय मेगा कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव आयोजित करने जा रहा है. यह आयोजन IGNOU के बी.आर. आंबेडकर कन्वेंशन सेंटर, मैदान गढ़ी, नई दिल्ली में होने वाला है. उम्मीदवारों की रिपोर्टिंग सुबह 10 बजे से शुरू होगी. इस प्लेसमेंट ड्राइव का आयोजन Confederation of Indian Industry (CII) और Axis Bank Sales Academy (ASA) के सहयोग से किया जा रहा है. इसमें बैंकिंग, ई-कॉमर्स, हेल्थकेयर, फिनटेक, लॉजिस्टिक्स, मैन्युफैक्चरिंग और ह्यूमन रिसोर्स जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में रोजगार के अवसर मिलने वाले हैं.
ये कंपनियां होंगी शामिल
17 और 18 सितंबर को होने वाले इस सर्विस सेक्टर जॉब ड्राइव में कई बड़ी कंपनियां हिस्सा ले रही हैं. इनमें Axis Bank, Samsung, iEnergizer, Cogent E Services, Tata Play Fiber, Ather और 1Point1 Solutions शामिल हैं. अलग-अलग कंपनियों में कस्टमर सपोर्ट, सेल्स, बैंकिंग वॉइस प्रोसेस, प्री-सेल्स और अन्य पदों पर भर्ती की जाएगी.
Axis Bank में 200 से ज्यादा वैकेंसी
प्लेसमेंट ड्राइव का एक खास आकर्षण Axis Bank Sales Academy का विशेष भर्ती अभियान है. यह 17 सितंबर को आयोजित होगा. इसके तहत Officer Sales (OS1) के लिए 200 से अधिक वैकेंसी हैं. इस भर्ती में किसी भी स्ट्रीम से ग्रेजुएशन कर चुके उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं. इसके लिए उम्र सीमा 21 से 28 वर्ष रखी गई है. वहीं 0 से 9 महीने तक का कार्य अनुभव स्वीकार किया जाएगा. चयन प्रक्रिया में रिज्यूमे शॉर्टलिस्टिंग, असेसमेंट टेस्ट/इंटरव्यू, पांच दिन की वर्चुअल ट्रेनिंग और उसके बाद फाइनल ऑनबोर्डिंग शामिल है.
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कौन ले सकता है हिस्सा?
यह ड्राइव IGNOU के छात्रों और एलुमनाई के लिए है. उम्मीदवारों के पास अच्छी क्मयूनिकेशन स्किल्स और बेसिक कम्प्यूटर नॉलेज होना जरूरी बताया गया है. इच्छुक उम्मीदवारों को पहले से रजिस्ट्रेशन करना होगा. प्लेसमेंट ड्राइव में जाते समय उम्मीदवारों को अपना updated resume/CV, सरकारी फोटो ID, पासपोर्ट साइज फोटो और शैक्षणिक एवं अनुभव प्रमाणपत्रों की प्रतियां साथ रखनी होंगी.
छात्रों को मिलेगा फायदा
IGNOU का यह मेगा प्लेसमेंट ड्राइव खास तौर पर उन छात्रों और पूर्व छात्रों के लिए महत्वपूर्ण है, जो पढ़ाई के साथ करियर की शुरुआत या बेहतर नौकरी की तलाश में हैं. अलग-अलग सेक्टर की कंपनियों की भागीदारी से उम्मीदवारों को एक ही जगह पर कई रोजगार विकल्प तलाशने का मौका मिलेगा.
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        <pubDate>Mon, 14 Sep 2026 10:30:04 +0530</pubDate>
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        <title>यूपी ITI सेकंड फेज रिजल्ट 2026 जारी, 12 से 17 सितंबर तक एडमिशन का मौका</title>
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        <description><![CDATA[ यूपी आईटीआई सेकंड फेज रिजल्ट 2026 जारी कर दिया गया है. राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद ने आज 12 सितंबर दूसरे चरण का चयन और सीट आवंटन रिजल्ट जारी किया है. जिन उम्मीदवारों को इस चरण में सीट मिली है, उन्हें 12 से 17 सितंबर 2026 के बीच संबंधित आईटीआई में पहुंचकर एडमिशन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी. दूसरे चरण में 6 महीने, 1 साल और 2 साल की अवधि वाले प्रोग्राम के लिए सीटों का आवंटन किया गया है. उम्मीदवार अपना रिजल्ट एससीवीटी यूपी के ऑफिशियल वेबसाइट पर देख सकते हैं.&amp;nbsp;
रजिस्ट्रेशन नंबर से डाउनलोड करें रिजल्ट&amp;nbsp;

सेकंड फेज का रिजल्ट देखने के लिए सबसे पहले scvtup.in पर जाए.&amp;nbsp;
इसके बाद होम पेज पर एडमिशन 2026 से संबंधित सेक्शन में दूसरे चरण के आवंटन रिजल्ट का लिंक खोलें.
इसके बाद अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्मतिथि दर्ज करके लॉगिन करें.
रिजल्ट स्क्रीन पर आने के बाद उम्मीदवार अपने आवंटित आईटीआई और ट्रेड की जानकारी देख सकेंगे.
सेलेक्शन होने पर कॉल लेटर डाउनलोड करके उसके प्रिंट आउट निकालना होगा.
वहीं चयन की जानकारी रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एसएमएस के जरिए भी भेजी जा रही है.
जिन उम्मीदवारों को सीट नहीं मिली है, वह पोर्टल पर अपनी रैंक की जानकारी देख सकते हैं.

17 सितंबर तक पूरा करना होगा एडमिशन&amp;nbsp;
दूसरे चरण के लिए प्रवेश प्रक्रिया 12 सितंबर से शुरू होकर 17 सितंबर 2026 की रात 12 बजे तक चलेगी. उम्मीदवारों को तय समय के अंदर संबंधित आईटीआई में पहुंचकर एडमिशन लेना होगा. उम्मीदवारों को अंतिम तारीख का इंतजार करने के बजाय समय रहते संस्थान पहुंचने की सलाह दी गई है. एडमिशन प्रक्रिया के दौरान छुट्टी के दिनों में भी संस्थान खुले रहेंगे. आईटीआई में पहुंचने के बाद उम्मीदवार को संस्थान की चयन लिस्ट में अपने चयन का मिलान भी करना होगा. इसके बाद डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और दूसरी प्रवेश प्रक्रिया को पूरा करना होगा.&amp;nbsp;
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एडमिशन के समय ये डॉक्यूमेंट ले जाना जरूरी&amp;nbsp;
एडमिशन के लिए उम्मीदवारों को कॉल सेंटर ऑनलाइन आवेदन की प्रति सभी मूल प्रमाण पत्र और उनकी फोटो कॉपी, रिजल्ट की कॉपी, अंतिम शिक्षण संस्थान का मूल स्थानांतरण प्रमाण पत्र, पुलिस वेरिफिकेशन के लिए ऑनलाइन आवेदन की फोटो कॉपी और पासपोर्ट साइज फोटो लेकर जाना होगा.&amp;nbsp;
फ्रिज या फ्लोट का ऑप्शन भी चुनना होगा
एडमिशन प्रक्रिया में उम्मीदवारों को अपनी स्थिति के अनुसार फ्रिज या फ्लोट का ऑप्शन चुनना होगा. इसके बाद कॉल सेंटर में दिए गए निर्देशों के अनुसार प्रवेश की प्रक्रिया पूरी करनी होगी. यूपी आईटीआई में एडमिशन मेरिट के आधार पर होता है. उम्मीदवारों का चयन कक्षा 8वीं या 10वीं के अंकों के आधार पर किया जाता है. इसके लिए लिखित प्रवेश परीक्षा नहीं होती है. पहले चरण का सीट आवंटन रिजल्ट 26 अगस्त को जारी किया गया था, जबकि दूसरे चरण का रिजल्ट आज 12 सितंबर को जारी किया गया है.
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 18:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>यूपी, ITI, सेकंड, फेज, रिजल्ट, 2026, जारी, से, सितंबर, तक, एडमिशन, का, मौका</media:keywords>
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        <title>BRICS में भारत पहुंचे शी जिनपिंग कितने पढ़े&amp;लिखे? जानें उनकी डिग्री</title>
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        <description><![CDATA[ BRICS में भारत पहुंचे शी जिनपिंग कितने पढ़े-लिखे? जानें उनकी डिग्री ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 18:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>कितनी पढ़ी&amp;लिखी हैं दीपिका आनंद, जिनकों BSP की कमान सौंपेंगी मायावती?</title>
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        <description><![CDATA[ बहुजन समाज पार्टी (BSP) में इन दिनों नेतृत्व को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. पार्टी प्रमुख मायावती ने अपने भाई आनंद कुमार के बेटों आकाश आनंद और ईशान आनंद को राजनीतिक पद नहीं देने का ऐलान किया है. इसी के साथ उनकी भतीजी दीपिका आनंद का नाम चर्चा में आ गया है. मायावती ने संकेत दिया है कि भविष्य में जरूरत पड़ने पर दीपिका पार्टी की कमान संभाल सकती हैं, यानी इशारों ही इशारों में दीपिका को मायावती का उत्तराधिकारी घोषित कर दिया गया है.&amp;nbsp;
इसी के साथ लोगों की दीपिका आनंद में दिलचस्पी भी बढ़ गई है. यूपी और बसपा की राजनीति को करीब से देखने वाले दीपिका आनंद के बारे में जानना चाह रहे हैं. ऐसे में आइए जानते हैं उनकी पूरी प्रोफाइल और वह कितनी पढ़ी-लिखी हैं.&amp;nbsp;
कौन हैं दीपिका आनंद?
दीपिका आनंद बसपा सुप्रीमो मायावती के छोटे भाई आनंद कुमार की बेटी हैं. यानी कि वे आकाश आनंद और ईशान आनंद की सगी बहन हैं. आनंद कुमार लंबे समय से मायावती के करीबी सहयोगी रहे हैं और BSP के संगठनात्मक कामकाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं. दीपिका अब तक सक्रिय राजनीति में सार्वजनिक रूप से कोई बड़ी भूमिका निभाती नजर नहीं आई हैं. उन्हें किसी राजनीतिक कार्यक्रम में भी अभी तक देखा नहीं गया है, लेकिन मायावती के ताजा बयान के बाद उनका नाम अचानक BSP के भविष्य को लेकर चर्चा में आ गया है.
कितनी पढ़ी-लिखी हैं दीपिका?
22 वर्षिय दीपिका आनंद फिलहाल लंदन में वकालत की पढ़ाई कर रही हैं. मायावती ने खुद अपने बयान में बताया है कि दीपिका कानून की पढ़ाई कर रही हैं और भविष्य में उनकी ईमानदारी, वफादारी और कार्यक्षमता को देखते हुए उन्हें पार्टी में नई जिम्मेदारी दी जा सकती है. उपलब्ध रिपोर्टों में उनकी स्कूली शिक्षा या किसी विश्वविद्यालय से हासिल की गई अन्य डिग्री की विस्तृत और आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है.
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क्यों चर्चा में आई दीपिका?
दीपिका का नाम ऐसे समय सामने आया है, जब मायावती ने परिवारवाद को लेकर अपना बयान दोहराया है. उन्होंने स्पष्ट किया है कि उनके भाई आनंद कुमार के बेटों आकाश आनंद और ईशान आनंद को BSP में कोई छोटा-बड़ा राजनीतिक पद नहीं दिया जाएगा. मायावती ने इसे अपना अंतिम फैसला भी बताया है. वहीं, दीपिका के मामले में उनका कहना है कि अगर आनंद कुमार को भविष्य में संगठनात्मक काम में मदद की जरूरत होती है, तो उनकी बेटी दीपिका उनकी मदद कर सकती हैं. जिसका मतलब है कि फिलहाल दीपिका की भूमिका भविष्य पर निर्भर करती है, न कि किसी औपचारिक राजनीतिक पद पर.
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&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 18:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>जामिया हॉस्टल के खाने में निकले कीड़े, स्टूडेंट्स ने किया प्रदर्शन</title>
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        <description><![CDATA[ जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां के जम्मू-कश्मीर गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं ने मेस के खाने की खराब क्वालिटी को लेकर भारी हंगामा किया. छात्राओं का आरोप है कि उन्हें जो खाना परोसा जा रहा है, उसमें कीड़े और इल्लियां निकल रही हैं. इस बात से नाराज सैकड़ों छात्राएं आधी रात को हॉस्टल से बाहर निकल आईं और यूनिवर्सिटी के सेंटेनरी गेट पर बैठकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया.
प्रदर्शन कर रही छात्राओं ने बताया कि खराब खाना खाने की वजह से हॉस्टल की कई लड़कियां बीमार पड़ चुकी हैं. कुछ छात्राओं को फूड पॉइजनिंग की शिकायत हुई, जिसके बाद उन्हें डॉक्टर के पास ले जाना पड़ा. छात्राओं का कहना है कि वे भारी-भरकम हॉस्टल फीस देती हैं, लेकिन बदले में उन्हें ऐसा खाना दिया जा रहा है जो सेहत के लिए खतरनाक है.
सुरक्षा और बदसलूकी को लेकर भी नाराजगी
खाने में कीड़े मिलने के अलावा छात्राओं ने हॉस्टल की सुरक्षा और मेस स्टाफ के बर्ताव पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं. लड़कियों का आरोप है कि जब भी वे मेस के पुरुष कर्मचारियों से खाने की शिकायत करती थीं, तो वे ठीक से बात नहीं करते थे और छात्राओं के साथ बदतमीजी की जाती थी. इसके साथ ही, छात्राओं ने हॉस्टल में पुरुष कर्मचारियों की एंट्री को लेकर भी अपनी चिंता जाहिर की. उनका कहना था कि गर्ल्स हॉस्टल के अंदर पुरुषों का बार-बार आना-जाना उन्हें असुरक्षित महसूस कराता है, इसलिए मेस के अंदर सिर्फ महिला कर्मचारियों को ही रखा जाना चाहिए ताकि छात्राओं की प्राइवेसी और सुरक्षा बनी रहे.
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प्रशासन ने मानी मांगें
जब छात्राओं का प्रदर्शन बहुत ज्यादा बढ़ गया और मीडिया में यह खबर आने लगी, तब जामिया प्रशासन हरकत में आया. वाइस चांसलर और रजिस्ट्रार के निर्देश पर अधिकारियों की एक टीम प्रदर्शन कर रही छात्राओं से बात करने पहुंची. शुरुआत में छात्राओं और प्रशासन के बीच तीखी बहस भी हुई, लेकिन लड़कियां अपनी मांगों पर अड़ी रहीं. आखिरकार, प्रशासन को छात्राओं के सामने झुकना पड़ा और उनकी सभी मुख्य मांगों को लिखित में स्वीकार करना पड़ा.&amp;nbsp;
प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि वर्तमान मेस ठेकेदार का कॉन्ट्रैक्ट तुरंत खत्म किया जाएगा और नए ठेकेदार को काम दिया जाएगा. साथ ही, मेस के अंदर साफ-सफाई पर नजर रखने के लिए एक कमेटी बनाई जाएगी, जिसमें छात्राओं को भी शामिल किया जाएगा. इसके अलावा, गर्ल्स हॉस्टल की मेस में छात्राओं की सुविधा के लिए केवल महिला स्टाफ की ही तैनाती की जाएगी.
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 18:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>SSC CGL Tier 1 परीक्षा की तारीख जारी, 30 सितंबर से शुरू होगा एग्जाम</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/ssc-cgl-tier-1-परीक्षा-की-तारीख-जारी-30-सितंबर-से-शुरू-होगा-एग्जाम</link>
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        <description><![CDATA[ सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए SSC CGL 2026 से जुड़ा जरूरी अपडेट सामने आया है. कर्मचारी चयन आयोग ने परीक्षा का शेड्यूल जारी कर दिया है. इसके मुताबिक टायर 1 की परीक्षा 30 सितंबर से शुरू होकर 30 अक्टूबर 2026 तक चलेगी. परीक्षा कंप्यूटर पर ली जाएगी और इसमें चार विषयों से सवाल पूछे जाएंगे.
उम्मीदवारों को पेपर हल करने के लिए एक घंटे का समय मिलेगा. ऐसे में उम्मीदवारों के लिए परीक्षा की तारीख के साथ-साथ पेपर के पैटर्न और सिलेबस को समझना भी जरूरी है. परीक्षा की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को चारों विषयों पर बराबर ध्यान देना होगा और समय का सही इस्तेमाल करना होगा.
चार विषयों से पूछे जाएंगे 100 सवाल
SSC CGL Tier 1 के पेपर में कुल 100 सवाल होंगे. इन्हें चार हिस्सों में बांटा गया है. जनरल इंटेलिजेंस एंड रीजनिंग, जनरल अवेयरनेस, क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड और इंग्लिश कॉम्प्रिहेंशन से 25-25 सवाल पूछे जाएंगे. हर विषय के लिए 50 अंक तय हैं, यानी पूरा पेपर 200 अंकों का होगा. परीक्षा कंप्यूटर आधारित होने की वजह से उम्मीदवारों को स्क्रीन पर सवाल पढ़कर दिए गए विकल्पों में से जवाब चुनना होगा. सभी विषयों के सवालों को हल करने के लिए उम्मीदवारों को कुल 60 मिनट का समय मिलेगा. इसलिए परीक्षा से पहले मॉक टेस्ट और प्रैक्टिस सेट हल करना उम्मीदवारों के लिए फायदेमंद रहेगा.
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जानें किस विषय में क्या पढ़ना है?
रीजनिंग वाले हिस्से में तर्क और सोचने की क्षमता से जुड़े सवाल आते हैं. जनरल अवेयरनेस में करंट अफेयर्स के साथ इतिहास, भूगोल, संस्कृति, विज्ञान और देश-दुनिया से जुड़ी सामान्य जानकारी पूछी जाती है. क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड में गणित और संख्याओं से जुड़े सवाल होते हैं. इसमें प्रतिशत, औसत, अनुपात, लाभ-हानि और समय-दूरी जैसे टॉपिक शामिल रहते हैं. इंग्लिश कॉम्प्रिहेंशन में इंग्लिश भाषा को समझने और उससे जुड़े बेसिक सवाल पूछे जाएंगे. इंग्लिश वाले हिस्से को छोड़कर बाकी सवाल हिंदी और इंग्लिश दोनों भाषाओं में दिए जाएंगे. उम्मीदवारों को अपनी तैयारी के दौरान सभी विषयों के महत्वपूर्ण टॉपिक को दोहराते रहना चाहिए.
गलत जवाब पर कटेंगे नंबर
टायर 1 का पेपर हल करने के लिए उम्मीदवारों को कुल 60 मिनट मिलेंगे. परीक्षा में सभी सवाल बहुविकल्पीय होंगे. सही जवाब देने पर अंक मिलेंगे, जबकि गलत उत्तर देने पर 0.50 अंक काटे जाएंगे. इसलिए कम समय में ज्यादा सवाल हल करने के साथ सही जवाब चुनना भी जरूरी होगा. उम्मीदवारों को बिना सोचे किसी सवाल पर ज्यादा समय नहीं लगाना चाहिए और पहले आसान सवालों को हल करना बेहतर रहेगा. टायर 1 के बाद चयन प्रक्रिया में टायर 2 परीक्षा होगी. उम्मीदवार परीक्षा से जुड़े किसी भी नए अपडेट के लिए SSC की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखें और परीक्षा से पहले जारी होने वाले जरूरी निर्देशों को ध्यान से पढ़ें.
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 18:30:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>SSC, CGL, Tier, परीक्षा, की, तारीख, जारी, सितंबर, से, शुरू, होगा, एग्जाम</media:keywords>
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        <title>IAF अग्निवीर वायु सिटी स्लिप 2026 जारी,  22&amp;23 सितंबर को होगी परीक्षा</title>
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        <description><![CDATA[ भारतीय वायुसेना ने अग्निवीर वायु इनटेक 02/2027 और एयरमैन मेडिकल असिस्टेंट इनटेक 02/2027 के लिए एग्जाम सिटी इंटीमेशन स्लिप जारी कर दी है. जिन उम्मीदवारों ने इस भर्ती के लिए सफलतापूर्वक आवेदन किया था. वह अपने कैंडिडेट लॉगिन के जरिए परीक्षा शहर की जानकारी चेक कर सकते हैं. सिटी स्लिप भारतीय वायु सेना के आधिकारिक भर्ती पोर्टल पर उपलब्ध कराई गई है.
अग्निवीर वायु इनटेक 02/2027 की ऑनलाइन परीक्षा 22 और 23 सितंबर 2026 को आयोजित की जाएगी. वहीं उम्मीदवारों को यह भी जानना होगा कि सिटी इंटीमेशन स्लिप एडमिट कार्ड नहीं है. परीक्षा में शामिल होने के लिए एडमिट कार्ड अलग से जारी किया जाएगा.&amp;nbsp;
48 से 72 घंटे पहले जारी होगा एडमिट कार्ड&amp;nbsp;
भारतीय वायु सेना ने एडमिट कार्ड जारी करने की कोई अलग तारीख घोषित नहीं की है. ऑफिशियल पोर्टल पर दी गई जानकारी के अनुसार उम्मीदवारों के लिए एडमिट कार्ड परीक्षा की तारीख से 48 से 72 घंटे पहले कैंडिडेट लॉगिन के जरिए डाउनलोड करने के लिए उपलब्ध होगा. जिसका मतलब है कि 22 और 23 सितंबर को होने वाली परीक्षा के लिए उम्मीदवारों को परीक्षा से एक या दो दिन पहले अपने लॉगिन में जाकर एडमिट कार्ड डाउनलोड करना होगा.&amp;nbsp;
ऐसे डाउनलोड करें IAF अग्निवीर वायु सिटी स्लिप&amp;nbsp;

सिटी स्लिप डाउनलोड करने के लिए सबसे पहले भारतीय वायुसेना के भर्ती पोर्टल पर जाए.
इसके बाद वेबसाइट पर कैंडिडेट लॉगिन सेक्शन खोलें.
यहां अग्नि वीर वायु इनटेक 02/2027 के एग्जाम डेट और एग्जाम सिटी से संबंधित लिंक पर क्लिक करें.&amp;nbsp;
अब अपनी यूजर आईडी, पासवर्ड और जरूरत के अनुसार कैप्चा दर्ज करें.
लॉगिन करने के बाद एग्जाम सिटी स्लिप स्क्रीन पर दिखाई देगी, इसे डाउनलोड करके भविष्य के लिए सुरक्षित रख लें.

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क्या है परीक्षा पैटर्न?
अग्निवीर वायु भर्ती का पहला चरण ऑनलाइन टेस्ट है. इसमें ऑब्जेक्टिव टाइप सवाल पूछे जाएंगे. परीक्षा में अंग्रेजी को छोड़कर सवाल हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में होंगे. उम्मीदवारों को प्रत्येक पेपर में अलग-अलग क्वालीफाई करना होगा और इसके लिए नॉर्मलाइज्ड मार्क्स का इस्तेमाल किया जाएगा. साइंस सब्जेक्ट वाले उम्मीदवारों के लिए परीक्षा की अवधि 60 मिनट होगी. इसमें फिजिक्स, मैथमेटिक्स और इंग्लिश से प्रश्न होंगे. साइंस कैटेगरी के अलावा परीक्षा 45 मिनट की होगी और इसमें इंग्लिश, रीजनिंग और जनरल अवेयरनेस शामिल होंगे. वहीं साइंस और साइंस के अलावा दोनों विषयों के लिए परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों को 85 मिनट मिलेंगे. इसमें फिजिक्स, मैथमेटिक्स, इंग्लिश और रीजनिंग एंड जनरल अवेयरनेस के सवाल पूछे जाएंगे.
भर्ती में आगे क्या होगा?
अग्निवीर वायु भर्ती की चयन प्रक्रिया में ऑनलाइन सीबीटी के बाद फिजिकल फिटनेस टेस्ट, एडेप्टेबिलिटी टेस्ट, मेडिकल एग्जामिनेशन और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन शामिल है. यह अभियान में अग्निवीर इनटेक 02/2027 के तहत चलाया जा रहा है. वहीं उम्मीदवारों को आयोग ने यह भी सलाह दी कि सिटी स्लिप डाउनलोड करने के बाद उसमें दी गई परीक्षा के शहर की जानकारी देखें. जिससे उन्हें परीक्षा के लिए ट्रैवल करने से जुड़ी जरूरी जानकारी देखने में मदद मिलेगी.
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 06:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>IAF, अग्निवीर, वायु, सिटी, स्लिप, 2026, जारी,  22-23, सितंबर, को, होगी, परीक्षा</media:keywords>
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        <title>किस राज्य में कितनी बढ़ीं MBBS की सीटें? जानें टॉप&amp;5 राज्यों के नाम</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/किस-राज्य-में-कितनी-बढ़ीं-mbbs-की-सीटें-जानें-टॉप-5-राज्यों-के-नाम</link>
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        <description><![CDATA[ नीट यूजी 2026 काउंसलिंग के बीच मेडिकल उम्मीदवारों के लिए एमबीबीएस सीटों को लेकर बाद अपडेट सामने आया है. नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने 2026-27 शैक्षणिक सत्र के लिए देशभर में 13,186 नई मेडिकल सीटों को मंजूरी दी है. इसके साथ ही देश में कुल स्वीकृत एमबीबीएस सीटों की संख्या बढ़कर 1,40,214 हो गई है. इससे पहले सीटों की संख्या 1,27,028 थी.
नई सीटों का फायदा देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में समान रूप से नहीं मिला है. कुल राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में से 27 में सीटें बढ़ाई गई है, जबकि 7 जगह पर सीटों की संख्या में कोई बदलाव नहीं हुआ. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि किस राज्य में कितनी एमबीबीएस सीटें बढ़ाई गई है और इनमें टॉप राज्य कौन से हैं.&amp;nbsp;
कर्नाटक में सबसे ज्यादा सीटों का इजाफा&amp;nbsp;
नई सीटों के मामले में कर्नाटक सबसे आगे हैं. यहां एमबीबीएस की 1,650 सीटें बढ़ाई गई है. इसके बाद राज्य में कुल एमबीबीएस सीटों की संख्या 15,745 हो गई. यह सीटें मेडिकल 76 कॉलेजों में है. कर्नाटक के बाद तमिलनाडु का नंबर आता है. राज्य में 1250 नहीं सीटें जोड़ी गई है और कुल सीटों की संख्या बढ़कर 14,299 हो गई. तीसरे स्थान पर बिहार है, जहां एमबीबीएस की 1240 सीटें बढ़ी है. इसके बाद राज्य में कुल 4,660 सीटें हो गई. वहीं उत्तर प्रदेश में एमबीबीएस की 1200 सीटों का इजाफा हुआ है. नई सीटों के बाद यूपी में एमबीबीएस सीटों की संख्या 14,400 हो गई है.&amp;nbsp;
टॉप 5 में राजस्थान भी शामिल&amp;nbsp;
एमबीबीएस सीटों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी वाले राज्यों की लिस्ट में राजस्थान पांचवें स्थान पर है. यहां 1,100 नई सीट जोड़ी गई है और कुल एमबीबीएस सीटों की संख्या 8,280 हो गई. इन पांच राज्यों को मिलकर ही कुल 6,440 नई एमबीबीएस सीटें जुड़ी है. वहीं कर्नाटक, तमिलनाडु, बिहार और उत्तर प्रदेश में अकेले 5,340 सीटों की बढ़ोतरी हुई है. इसके बाद तेलंगाना में 1,010, पश्चिम बंगाल में 975, महाराष्ट्र में 550, आंध्र प्रदेश में 525 और झारखंड तथा मध्य प्रदेश में 520-520 सीटें बढ़ाई गई है. हरियाणा में 350 और केरल में 300 सीटों को मंजूरी मिली है.&amp;nbsp;
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इन राज्यों में भी बढ़ी एमबीबीएस सीटें&amp;nbsp;
गुजरात में 250, पुडुचेरी और उत्तराखंड में 20- 200, जम्मू कश्मीर में 175 तथा असम, ओडिशा और सिक्किम में 100-100 सीटें बढ़ाई गई है. चंडीगढ़, गोवा, पंजाब और त्रिपुरा में 50-50 सीटों का इजाफा हुआ. मणिपुर में 25 और हिमाचल प्रदेश में केवल 1 सीट बढ़ाई गई है. वहीं दिल्ली, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश, अंडमान और निकोबार दीप समूह तथा दादरा और नगर हवेली में नई सीटों के बढ़ोतरी नहीं हुई है.
नई सीटों में प्राइवेट कॉलेजों की बड़ी हिस्सेदारी&amp;nbsp;
एनएमसी के अपडेटेड सीट मैट्रिक्स के अनुसार बढ़ाई गई 13,186 सीटों में से 10,400 सीटें प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में जोड़ी गई है, जबकि सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 2,786 सीटों की बढ़ोतरी हुई है. नई सीटों के बाद कुल एमबीबीएस सीटों की संख्या 1,40,214 हो गई है. एनएमसी ने काउंसलिंग अथॉरिटीज को यह भी निर्देश दिया है कि एडमिशन केवल स्वीकृत सीट मैट्रिक्स के अनुसार ही किया जाए. अगर सीट मैट्रिक्स में किसी तरह की गड़बड़ी या अंतर दिखता है तो मामला मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड के सामने रखा जाएगा &amp;zwnj;
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 06:30:04 +0530</pubDate>
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        <title>UPSC में 212 पदों पर सीधी भर्ती, जानें कैसे करें आवेदन?</title>
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        <description><![CDATA[ यूपीएससी ने केंद्र सरकार के अलग-अलग मंत्रालयों, विभागों और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के प्रशासन के तहत अलग-अलग पदों पर सीधी भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. इस भर्ती के जरिए कुल 212 पदों को भरा जाना है. इनमें स्पेशलिस्ट ग्रेड 3, असिस्टेंट प्रोफेसर, असिस्टेंट एडिटर और स्पेशलिस्ट ग्रेड 2 जैसे कई पद शामिल है. इन पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया 12 सितंबर यानी आज से शुरू हो गई है.
उम्मीदवार यूपीएससी के ऑनलाइन पोर्टल के जरिए आवेदन कर सकते हैं. लद्दाख के पद को छोड़कर बाकी सभी पदों के लिए आवेदन की आखिरी तारीख के 2 अक्टूबर 2026 में शाम 6 बजे तक है. वहीं लद्दाख प्रशासन के तहत आने वाले पदों के लिए आवेदन करने की अंतिम तारीख 9 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है.
किन पदों के लिए कितनी वैकेंसी?
इस भर्ती अभियान के तहत कुल 7 अलग-अलग तरह के पदों पर नियुक्ति की जाएगी. स्पेशलिस्ट ग्रेड 3 असिस्टेंट प्रोफेसर के चार पद हैं. यह भर्ती स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के तहत होगी. इस भर्ती इस पद के लिए पे लेवल 11 के तहत एनपीए का प्रावधान है. &amp;nbsp;यूआर-ईडब्ल्यूएस उम्मीदवारों के लिए अधिकतम आयु 40 वर्ष और एससी उम्मीदवारों के लिए 45 वर्ष है. स्पेशलिस्ट ग्रेड 3 असिस्टेंट प्रोफेसर (जनरल मेडिसिन) के सबसे ज्यादा 60 पद है. इनमें पीडब्ल्यूबीडी कैटेगरी के लिए तीन पद आरक्षित है. वहीं असिस्टेंट एडिटर के 2 पद भारतीय खान ब्यूरो, खान मंत्रालय में है. इसके अलावा एनडीएमसी में स्पेशलिस्ट ग्रेड 2 (जूनियर स्केल) एनेस्थिसियोलॉजी और पेडियाट्रिक्स के एक-एक पद हैं. सबसे ज्यादा 140 पद असिस्टेंट पब्लिक प्रॉसिक्यूटर के हैं. यह पर दिल्ली सरकार के गृह विभाग के अभियोजन निदेशालय में है. वहीं लद्दाख प्रशासन के कानून एवं न्याय विभाग में पब्लिक लॉ ऑफिसर के 4 पद है. इस तरह सभी पदों को मिलाकर भर्ती में कुल 212 पद खाली है.
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कैसे करना होगा आवेदन?
आवेदन के लिए उम्मीदवारों को सबसे पहले यूपीएससी के ऑनलाइन पोर्टल and.nic.in पर जाना होगा. आवेदन करने से पहले वेबसाइट पर उपलब्ध जनरल इंस्ट्रक्शन, &amp;nbsp;प्रोफाइल-मॉड्यूल वाइस इंस्ट्रक्शन और डॉक्यूमेंट अपलोड करने से जुड़ी गाइडलाइन पढ़नी होगी. इसके बाद उम्मीदवारों को जरूरी व्यक्तिगत और शैक्षणिक जानकारी भरनी होगी. आवेदन प्रक्रिया में यूनिवर्सल रजिस्ट्रेशन नंबर, कॉमन एप्लीकेशन फॉर्म और संबंधित पद के लिए पोस्ट-वैकेंसी-स्पेसिफिक मॉड्यूल पूरा करना होगा. उम्मीदवारों को जन्म तिथि, कैटेगरी और शैक्षणिक योग्यता जैसे दावों से जुड़े जरूरी डॉक्यूमेंट भी निर्धारित तरीके से जमा करने होंगे.
डॉक्यूमेंट नहीं दिए तो रद्द हो सकती है उम्मीदवारी
यूपीएससी ने स्पष्ट किया है कि कॉमन एप्लीकेशन फॉर्म के साथ मांगी गई जरूरी जानकारी और डॉक्यूमेंट उपलब्ध नहीं कराने पर संबंधित पद के लिए उम्मीदवार की उम्मीदवारी रद्द की जा सकती है. हर पद के लिए शैक्षणिक योग्यता, एक्सपीरियंस, आयु सीमा, वेतन और आरक्षण से जुड़ी शर्तें अलग हो सकती है. इसलिए उम्मीदवारों का आवेदन करने से पहले संबंधित विज्ञापन में अपने पद की एलिजिबिलिटी और दूसरी शर्तों को देखना होगा.
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 06:30:02 +0530</pubDate>
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        <title>FMGE 2026: आज से शुरू हुए रजिस्ट्रेशन, 31 अक्टूबर को होगी परीक्षा</title>
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        <description><![CDATA[ नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) FMGE अक्टूबर 2026 सेशन के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया आज से शुरू हो गई है. इच्छुक उम्मीदवार शाम 5 बजे से ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकेंगे. इस परीक्षा के जरिए विदेश से मेडिकल की डिग्री लेने वाले एलिजिबल भारतीय नागरिक और ओवरसीज इंडियन सिटीजन भारत में मेडिकल प्रैक्टिसेेज के लिए जरूरी स्क्रीनिंग टेस्ट दे सकते हैं. एनबीईएमएस की ओर से जारी शेड्यूल के अनुसार आवेदन की प्रक्रिया आज से शुरू हो गई और 25 सितंबर तक चलेगी. एफएमजीई अक्टूबर सेशन की परीक्षा 31 अक्टूबर 2026 को कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट मोड में देशभर के निर्धारित परीक्षा केंद्र पर आयोजित की जाएगी.&amp;nbsp;
FMGE 2026 के लिए जरूरी तारीखें&amp;nbsp;
एफएमजी अक्टूबर 2026 सेशन का डीटेल्ड इनफॉरमेशन बुलेटिन 11 सितंबर को जारी किया जाएगा. इसी दिन शाम 5 बजे से ऑनलाइन आवेदन भी शुरू होंगे. उम्मीदवारों को 25 सितंबर तक का अपना फॉर्म जमा करना होगा. इसके बाद 31 अक्टूबर को परीक्षा आयोजित की जाएगी. वहीं परीक्षा का रिजल्ट 30 नवंबर 2026 तक जारी किए जाने की संभावना है.&amp;nbsp;
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300 सवालों का होगा कंप्यूटर बेस्ड एग्जाम&amp;nbsp;
एफएमजीई अक्टूबर 2026 में एक ही पेपर होगा, जिसमें 300 मल्टीपल चॉइस क्वेश्चन पूछे जाएंगे. परीक्षा कंप्यूटर नेटवर्क के माध्यम से होगी और प्रश्न केवल अंग्रेजी भाषा में होंगे. हर सवाल के चार ऑप्शन दिए जाएंगे, जिनमें से उम्मीदवार को सही उत्तर चुनना होगा. उम्मीदवार परीक्षा के दौरान सवालों को रिव्यू के लिए मार्क भी कर सकेंगे, ताकि समय रहते दोबारा उन प्रश्नों पर नजर डाल सके. इसके अलावा एफएमजीई अक्टूबर 2026 के लिए परीक्षा फीस 5,250 है. वहीं 945 जीएसटी देना होगा. इस तरह उम्मीदवार को कुल 6,195 रुपये का पेमेंट करना होगा.&amp;nbsp;
ऐसे करें एफएमजीई के लिए आवेदन&amp;nbsp;
रजिस्ट्रेशन लिंक एक्टिव होने के बाद उम्मीदवार एनबीईएमएस की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर एफएमजीई अक्टूबर 2026 का ऑप्शन चुन सकते हैं. इसके बाद पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करके लॉगिन करना होगा और आवेदन फॉर्म में मांगी गई जानकारी भरनी होगी. जरूरी डॉक्यूमेंट अपलोड करने के बाद परीक्षा फीस जमा कर फॉर्म सबमिट करना होगा. लास्ट में कंफर्मेशन पेज डाउनलोड करके सुरक्षित रख सकते हैं. वहीं उम्मीदवार काे ध्यान रखना होगा कि एफएमजीई 2026 के लिए सिर्फ एक आवेदन फॉर्म जमा किया जा सकता है. एक से ज्यादा आवेदन करने पर एनबीईएमएस उच्च एप्लीकेशन नंबर वाले फॉर्म का ही एडमिट कार्ड जारी कर सकता है और दूसरे आवेदन रद्द किए जा सकते हैं. ऐसे मामलों में जमा फीस भी जब्त हो सकती है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 16:30:24 +0530</pubDate>
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        <title>राजस्थान से राष्ट्रपति भवन तक का सफर, मेजर नव्या शेखावत बनी पहली महिला आर्मी ADC</title>
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        <description><![CDATA[ राजस्थान से राष्ट्रपति भवन तक का सफर, मेजर नव्या शेखावत बनी पहली महिला आर्मी ADC ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 16:30:22 +0530</pubDate>
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        <title>कौन&amp;सा है दुनिया का सबसे छोटा यूनिवर्सिटी कैंपस, जहां हैं सिर्फ 3 क्लासरूम?</title>
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        <description><![CDATA[ यूनिवर्सिटी का नाम सुनते ही हमारे दिमाग में बड़ी-बड़ी बिल्डिंग और बहुत सारे क्लासरूम की तस्वीर आती है. लेकिन क्या आपने कभी ऐसी यूनिवर्सिटी देखी है, जहां सिर्फ 3 क्लासरूम हों? दरअसल, प्रशांत महासागर में मौजूद छोटे से देश तुवालु में यूनिवर्सिटी ऑफ द साउथ पैसिफिक का एक कैंपस है, जिसमें सिर्फ 3 क्लासरूम हैं. इस कैंपस को दुनिया का सबसे छोटा यूनिवर्सिटी कैंपस बताया जाता है. खास बात यह है कि जगह छोटी होने के बाद भी यहां सैकड़ों छात्र पढ़ाई से जुड़े हैं.
तुवालु में है यह छोटा कैंपस
यह कैंपस तुवालु की राजधानी फुनाफुटी में है. तुवालु प्रशांत महासागर में मौजूद एक छोटा सा द्वीपीय देश है. यहां का यह कैंपस यूनिवर्सिटी ऑफ द साउथ पैसिफिक यानी यूएसपी का हिस्सा है. यूएसपी का मुख्य कैंपस फिजी में है और इसके कई दूसरे कैंपस प्रशांत महासागर के अलग-अलग देशों में हैं. तुवालु के छात्रों को अपने देश में ही पढ़ाई का मौका मिले, इसलिए यहां भी यूनिवर्सिटी का कैंपस बनाया गया है. इससे छात्रों को पढ़ाई के लिए दूसरे देश जाने की जरूरत नहीं पड़ती.
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सिर्फ 3 क्लासरूम में होती है पढ़ाई
इस कैंपस की सबसे खास बात यहां के सिर्फ 3 क्लासरूम हैं. पूरी बिल्डिंग भी बहुत बड़ी नहीं है. इसमें क्लासरूम के अलावा कुछ ऑफिस और एक कॉन्फ्रेंस रूम भी है. रिपोर्ट के मुताबिक, हर सेमेस्टर करीब 330 छात्र इस कैंपस की सुविधाओं से जुड़े रहते हैं. इनमें से कुछ छात्र कैंपस में आकर पढ़ते हैं, जबकि दूर रहने वाले छात्रों के लिए ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा भी इस्तेमाल की जाती है. यानी जगह भले ही छोटी है, लेकिन छात्रों की संख्या और पढ़ाई का काम काफी बड़ा है.
छात्रों के लिए क्यों जरूरी है यह कैंपस
तुवालु में कई छोटे-छोटे द्वीप हैं और एक जगह से दूसरी जगह जाना आसान नहीं होता. ऐसे में वहां का यह कैंपस छात्रों के लिए काफी काम आता है. उन्हें उच्च शिक्षा के लिए अपना देश छोड़कर बाहर जाने की जरूरत कम पड़ती है. रिपोर्ट के मुताबिक, यह कैंपस 1980 के दशक की शुरुआत में एक एक्सटेंशन सेंटर के तौर पर शुरू हुआ था. बाद में यह यूनिवर्सिटी ऑफ द साउथ पैसिफिक के कैंपस का हिस्सा बन गया. आज यहां सीमित जगह में छात्रों को पढ़ाई से जुड़ी सुविधाएं दी जाती हैं.
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        <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 16:30:19 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>UP लेखपाल भर्ती का रिजल्ट जारी, 28409 उम्मीदवार हुए शॉर्टलिस्ट</title>
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        <description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने लेखपाल मुख्य परीक्षा 2025 का रिजल्ट जारी कर दिया है. परीक्षा में प्रदर्शन के आधार पर 28409 उम्मीदवारों को अगले चरण यानी एलिजिबिलिटी और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है. उम्मीदवार अपना रिजल्ट आयोग की ऑफिशियल वेबसाइट upsssc.gov.in पर देख सकते हैं. इस भर्ती के जरिए राजस्व विभाग में लेखपाल के 7,994 पदों पर नियुक्ति की जानी है. मुख्य परीक्षा 21 मई 2026 को आयोजित हुई थी. आयोग ने रिजल्ट के साथ अलग-अलग वर्गों के लिए कट ऑफ अंक भी जारी किए हैं.
किस कैटेगरी की कितनी रही कट ऑफ?
लिखित परीक्षा के आधार पर सामान्य वर्ग के लिए कटऑफ 58.75 प्रति अंक रही है. वहीं अनुसूचित जाति के लिए 51.25, अनुसूचित जनजाति के लिए 44, ओबीसी के लिए 55.75 और ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए 55.25 अंक कट ऑफ तय की गई है. क्षैतिज आरक्षण वाली कैटेगरी में भी अलग कटऑफ जारी हुई है. स्वतंत्रता सेनानियों के आश्रितों के लिए 34.25, महिलाओं के लिए 49.25 और पूर्व सैनिकों के लिए 30.50 अंक कट ऑफ रही. पीडब्ल्यूडी की अलग-अलग कैटेगरी के लिए भी आयोग ने कट ऑफ जारी की है, जबकि कुछ केटेगरी में प्रॉब्लम सीटों की सीमा तक पात्र उम्मीदवारों को शामिल किया गया है.&amp;nbsp;
28,409 उम्मीदवार अब देंगे डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन&amp;nbsp;
रिजल्ट में जगह बनाने वाले 28,409 उम्मीदवारों को अब डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन प्रक्रिया में शामिल होना होगा. आयोग की ओर से डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन से जुड़ी तारीख, डॉक्यूमेंट अपलोड करने की प्रक्रिया, जगह और दूसरे जरूरी निर्देश अलग से जारी किए जाएंगे. उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि आगे की प्रक्रिया के लिए सबसे पहले अपने जरूरी डॉक्यूमेंट तैयार रखें.&amp;nbsp;
रिजल्ट में क्या-क्या जानकारी मिलेगी?
यूपीएसएसएससी लेखपाल रिजल्ट में उम्मीदवारों का नाम, रोल नंबर, रजिस्ट्रेशन नंबर, कैटेगरी और क्वालीफाइंग स्टेटस जैसी जानकारी देखी जा सकेगी. इसके अलावा शॉर्ट लिस्टिंग और आगे होने वाले एलिजिबिलिटी या डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन से जुड़े निर्देश भी दिए जाएंगे.&amp;nbsp;
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ऐसे चेक करें यूपी लेखपाल रिजल्ट&amp;nbsp;

उम्मीदवार रिजल्ट देखने के लिए सबसे पहले यूपीएसएसएससी की ऑफिशियल वेबसाइट upsssc.gov.in &amp;nbsp;पर जाएं.&amp;nbsp;
इसके बाद होम पेज के नोटिस बोर्ड सेक्शन में लेखपाल मुख्य परीक्षा के रिजल्ट से संबंधित लिंक खोलें.&amp;nbsp;
अब मांगी गई जानकारी दर्ज करके सबमिट करें.
इसके बाद स्क्रीन पर अपना क्वालीफाइंग स्टेटस चेक करें और रिजल्ट डाउनलोड कर लें

लेखपाल रिजल्ट अंतिम चयन नहीं
आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह रिजल्ट अंतिम चयन लिस्ट नहीं है. 28,409 उम्मीदवारों को केवल एलिजिबिलिटी और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के अगले चरण के लिए योग्य माना गया है. रिजल्ट में नाम आने से किसी उम्मीदवार का लेखपाल पद पर अंतिम चयन का अधिकार तय नहीं होता.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 16:30:17 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>हिमाचल के स्कूलों में बदलेगा यूनिफॉर्म का रंग, टीचर्स के लिए भी नया ड्रेस कोड </title>
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        <description><![CDATA[ हिमाचल प्रदेश के सीबीएसई स्कूलों में छात्रों और शिक्षकों के पहनावे के साथ-साथ स्कूलों की बिल्डिंग का रंग भी एक तय पैटर्न के अनुसार होगा. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग के बैठक हुई. जिसमें सीबीएसई स्कूलों के लिए यूनिफॉर्म, शिक्षकों की ड्रेस कोड और बिल्डिंग की कलर स्कीम को अंतिम रूप देने को लेकर फैसला लिया गया. सरकार का कहना है कि इन बदलाव के लिए जरिए स्कूलों को एक अलग और एक रूप पहचान देने के साथ छात्रों को बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जाएगा.&amp;nbsp;
छात्रों के लिए ग्रीन कलर की यूनिफॉर्म&amp;nbsp;
बैठक में बताया गया कि हिमाचल प्रदेश के सीबीएसई स्कूलों में छात्रों की यूनिफॉर्म ग्रीन कलर स्कीम पर आधारित होगी. यानी राज्य के इन स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए एक अलग और तय ड्रेस पैटर्न रखा जाएगा. इसके साथ स्कूलों की बिल्डिंग के लिए भी एक समान रंग तय किया गया है. सीबीएसई स्कूलों के भवनों को ओलिव ग्रीन और सैंड बैज रंगों में पेंट किया जाएगा. इससे अलग-अलग स्कूलों के प्रेशर में एक समान रंग संयोजन नजर आएगा.&amp;nbsp;
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महिला और पुरुष शिक्षकों के लिए भी अलग ड्रेस कोड&amp;nbsp;
छात्रों के साथ शिक्षकों के पहनावे को लेकर भी स्पष्ट ड्रेस कोड तय किया गया है. महिला शिक्षकों के लिए लाइट लिलैक पर्पल रंग की ड्रेस निर्धारित की गई है, &amp;nbsp;जबकि पुरुष शिक्षक लाइट ब्लू ट्राउजर और शर्ट पहनेंगे. सरकार ने शिक्षकों के ड्रेस कोड को साफ-सुथरा, फॉर्मल, शालीन और प्रोफेशनल रखने पर जोर दिया है. शिक्षकों को ड्यूटी के दौरान कम से कम एसेसरीज इस्तेमाल करने के लिए कहा गया है. इसके अलावा स्कूल में ड्यूटी के समय शिक्षकों के लिए अपना आईडी कार्ड पहनना भी जरूरी होगा, ताकि उनकी पहचान आसानी से की जा सके.&amp;nbsp;
सीबीएसई स्कूलों के लिए 80 करोड रुपये जारी&amp;nbsp;
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने और बच्चों को उनके घर के नजदीक बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है. इसी दिशा में सीबीएसई स्कूलों में जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने और छात्रों व शिक्षकों की सुविधाओं को मजबूत करने के लिए सरकार पहले ही 80 करोड़ रुपये जारी कर चुकी है. इसके अलावा इन स्कूलों के लिए 5 करोड़ रुपये और जारी किए जाएंगे. सरकार के अनुसार इस राशि का इस्तेमाल शैक्षणिक माहौल को बेहतर बनाने और विद्यार्थियों को उनके घर के पास गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में किया जाएगा.
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        <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 16:30:14 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>UGC NET जून 2026 री&amp;एग्जाम की प्रोविजनल आंसर की जारी, 13 सितंबर तक दर्ज कराएं आपत्ति</title>
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        <description><![CDATA[ एनटीए ने यूजीसी नेट जून 2026 के री-एग्जाम की प्रोविजनल आंसर की जारी कर दी है. यह आंसर की इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी विषयों के एग्जाम में शामिल हुए उम्मीदवारों के लिए जारी की गई है. उम्मीदवार अपनी आंसर की के साथ रिकॉर्डेड रिस्पांस भी देख सकते हैं. अगर किसी सवाल या उसके उत्तर को लेकर कोई आपत्ति है तो एनटीए की ओर से तय समय के अंदर ऑनलाइन आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है. री-एग्जाम में शामिल उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट ugcnet.nta.nic.in पर जाकर प्रोविजनल आंसर की और अपनी रिकॉर्डेड रिस्पांस सीट चेक कर सकते हैं.&amp;nbsp;
3 विषयों के लिए आयोजित हुआ था री-एग्जाम
यूजीसी नेट जून 2026 री-एग्जाम इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी विषयों के लिए 9 और 10 सितंबर 2026 को देश के अलग-अलग परीक्षा केंद्र पर आयोजित की गई थी. एनटीए ने यह परीक्षा प्रश्न पत्रों से जुड़ी शिकायतों की समीक्षा के बाद कराई थी. एक्सपर्ट समिति की जांच में प्रश्न पत्र को टाइपिंग संबंधी गलतियां, अनुवाद से जुड़ी दिक्कतें, कुछ नामों का छूट जाना, किताबों के नाम में गड़बड़ी और प्रश्नों की भाषा से संबंधित समस्याएं सामने आई थी. इसके बाद तीनों विषयों की परीक्षा दोबारा करने का निर्णय लिया गया था.&amp;nbsp;
13 सितंबर तक करा सकते हैं आपत्ति दर्ज&amp;nbsp;
अगर किसी उम्मीदवार को प्रोविजनल आंसर की में किसी उत्तर पर संदेह है, तो वह ऑनलाइन चैलेंज कर सकता है. प्रति प्रश्न पर आपत्ति के लिए 200 रुपये की प्रोसेसिंग फीस देनी होगी. फीस का पेमेंट ऑनलाइन किया जा सकता है. फीस जमा करने का समय भी 13 सितंबर रात 11:59 बजे तक है. एनटीए ने स्पष्ट किया है कि तय समय के बाद किसी भी तरह की आपत्ति को एक्सेप्ट नहीं किया जाएगा.&amp;nbsp;
कैसे दर्ज कराएं आपत्ति?

उम्मीदवार सबसे पहले यूजीसी नेट की ऑफिशियल वेबसाइट ugcnet.nta.nic.in पर जाएं.&amp;nbsp;
इसके बाद जून 2026 प्रोविजनल आंसर की से जुड़े लिंक पर क्लिक करें.
अब मांगी गई लॉगिन डिटेल्स, एप्लीकेशन नंबर और जन्म तिथि या पासवर्ड डालकर लॉगिन करें.&amp;nbsp;
इसके बाद स्क्रीन पर प्रोविजनल आंसर की, प्रश्न पत्र और रिकॉर्डेड रिस्पांस दिखाई देगा.&amp;nbsp;
उम्मीदवार अपने उत्तरों का मिलान करने के बाद जिस प्रश्न पर आपत्ति दर्ज करनी है उसे चुन सकते हैं.&amp;nbsp;
जरूरत पड़ने पर संबंधित प्रमाण पत्र या डॉक्यूमेंट भी अपलोड किया जा सकते हैं.&amp;nbsp;
इसके बाद 200 रुपये प्रति प्रश्न की फीस जमा करके आपत्ति सबमिट करनी होगी.&amp;nbsp;
वहीं आवेदन पूरा होने के बाद कंफर्मेशन पेज और पेमेंट रसीद को डाउनलोड करके रख लें.&amp;nbsp;

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एक्सपर्ट कमेटी करेगी आपत्तियों की जांच&amp;nbsp;
उम्मीदवारों की ओर से भेजी गई आपत्तियों की जांच एक्सपर्ट कमेटी करेगी. अगर किसी आपत्ती को सही पाया जाता है, तो प्रोविजनल आंसर की में जरूरी बदलाव किया जाएगा और सभी उम्मीदवारों के लिए उस विषय की आंसर की को इस आधार पर संशोधित किया जाएगा. ऐसी स्थिति में इस सवाल पर अलग-अलग उम्मीदवारों को दोबारा आपत्ति कराने की जरूरत नहीं होगी. वहीं एक्सेप्ट की गई आपत्ति के लिए जमा किए गए 200 रुपये की फीस वापस कर दी जाएगी. एनटीए के अनुसार अंतिम आंसर की को ही रिजल्ट तैयार करने का आधार बनाया जाएगा.
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        <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 00:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>UGC, NET, जून, 2026, री-एग्जाम, की, प्रोविजनल, आंसर, की, जारी, सितंबर, तक, दर्ज, कराएं, आपत्ति</media:keywords>
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        <title>NMC ने बढ़ाई MBBS सीटें, अब देशभर में 1.40 लाख से ज्यादा सीटों पर एडमिशन </title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/nmc-ने-बढ़ाई-mbbs-सीटें-अब-देशभर-में-140-लाख-से-ज्यादा-सीटों-पर-एडमिशन</link>
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        <description><![CDATA[ नीट यूजी 2026 के उम्मीदवारों के लिए मेडिकल एडमिशन से जुड़ी बड़ी जानकारी सामने आई है. नेशनल मेडिकल कमिशन (NMC) ने 2026-27 एकेडमी ईयर के लिए एमबीबीएस सीट मैट्रिक्स में बदलाव किया है. नए अपडेट के बाद देशभर में एमबीबीएस की कुल 1,40,214 सीटें हो गई. यह संख्या इंस्टीट्यूट ऑफ नेशनल इंर्पोटेंस कि सीटों को छोड़कर है.
इससे पहले जुलाई में जारी सीट मैट्रिक्स में कुल 1,36,939 एमबीबीएस सीटें थी. कुल 13,186 एमबीबीएस सीटें बढ़ाई गई हैं. सीटों में यह बदलाव नए मेडिकल कॉलेज की मंजूरी और पहले से संचालित कॉलेजों में एमबीबीएस की सीट बढ़ाने से हुआ है. एनएमसी के अनुसार संशोधित सीट मैट्रिक्स को मेडिकल एसेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड, एनएमसी की पहली अपील समिति और स्वास्थ्य एंव परिवार कल्याण मंत्रालय की दूसरी समिति के फैसलों के आधार पर तैयार किया गया है.&amp;nbsp;
सरकारी और प्राइवेट कॉलेज में कितनी सीटें?
संशोधित आंकड़ों के अनुसार सरकारी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 63,971 सीटें हो गई है. ये सीटें 445 सरकारी मेडिकल कॉलेज में है. वहीं प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में 76,243 एमबीबीएस सीटें हैं, जो 391 संस्थानों में उपलब्ध हैं. जुलाई के मुकाबले सरकारी कॉलेज में 2,786 और प्राइवेट कॉलेज में 10,400 सीटों में बढ़ोतरी हुई है. वहीं इस साल देश में मेडिकल कॉलेज की संख्या बढ़ी है जिसके बाद कुल कॉलेज की संख्या 836 हो गई है. इस वर्ष 38 में मेडिकल कॉलेज को मंजूरी दी गई है.&amp;nbsp;
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इन राज्यों में बढ़ी मेडिकल सीटें
सितंबर 2026 के आंकड़ों के अनुसार कर्नाटक में कुल 15,745 एमबीबीएस सीटें हैं. जबकि उत्तर प्रदेश में 14,400 और तमिलनाडु में 14,299 सीटें हैं. महाराष्ट्र में 13,249, तेलंगाना में 10,450 और राजस्थान में 8,280 सीटें हैं. नए सीट मैट्रिक्स के अनुसार बिहार में सरकारी मेडिकल कॉलेज की संख्या बढ़कर 14 हो गई. (दो नए सरकारी कॉलेज मंजूर हुए, श्री राम जानकी मेडिकल कॉलेज समस्तीपुर-50 सीटें और राजकीय मेडिकल कॉलेज छपरा सारण- 50 सीटें) वहीं सरकारी सीटें बिहार में 290 बढ़कर 1520 से 1810 हो गई. आंध्र प्रदेश में 19 सरकारी कॉलेज में 275 सीटें बढ़कर 3,290 से 3,565 हो गई. इसके अलावा असम के 16 सरकारी मेडिकल कॉलेज में 100 सीटें बढ़कर 1,875 से 1,975 हो गई.
क्या है नीट यूजी काउंसलिंग में सीट मैट्रिक्स का महत्व?
एनएमसी का संशोधित सीट मैट्रिक्स नीट यूजी 2026 काउंसलिंग के लिए जरूरी है. उम्मीदवारों को कॉलेज की चॉइस फिलिंग और सीटों की उपलब्धता देखते समय नई स्वीकृत सीटों की जानकारी देखनी होगी. एमसीसी और संबंधित राज्य काउंसलिंग समितियां को भी केवल एनएमसी से स्वीकृत सीटों के आधार पर ही एडमिशन प्रक्रिया करनी होगी. एनएमसी ने स्पष्ट किया है कि किसी मेडिकल कॉलेज में स्वीकृत संख्या से ज्यादा छात्रों को एडमिशन नहीं दिया जा सकता. निर्धारित सीटों से ज्यादा एडमिशन होने पर इसे एनएमसी एक्ट 2019 के प्रावधान का उल्लंघन माना जाएगा.
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        <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 00:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>IIT दिल्ली और IIT इंदौर में डायरेक्टर पद पर भर्ती, 2.25 लाख रुपये तक सैलरी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/iit-दिल्ली-और-iit-इंदौर-में-डायरेक्टर-पद-पर-भर्ती-225-लाख-रुपये-तक-सैलरी</link>
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        <description><![CDATA[ शिक्षा मंत्रालय ने आईआईटी दिल्ली और आईआईटी इंदौर में डायरेक्टर पद के लिए आवेदन मांगे हैं. इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग की ओर से अलग-अलग विज्ञापन जारी किए गए हैं. इसके बाद अब उम्मीदवार निर्धारित प्रारूप में आवेदन कर सकते हैं. आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर है. वहीं किसी भी आईआईटी में डायरेक्टर संस्थान के एकेडमिक और प्रशासनिक प्रमुख होते हैं. ऐसे में चयनित उम्मीदवारों को संस्थान के शैक्षणिक कामकाज के साथ-साथ प्रशासनिक जिम्मेदारियों का नेतृत्व भी करना होगा. इस पद के लिए मजबूत एकेडमिक रिकॉर्ड के साथ प्रशासन और नेतृत्व का एक्सपीरियंस भी मांगा गया है.&amp;nbsp;
&amp;nbsp;IIT डायरेक्टर के लिए कौन एलिजिबल?&amp;nbsp;
मंत्रालय के अनुसार उम्मीदवार के पास पीएचडी डिग्री होनी चाहिए और पिछली डिग्री में फर्स्ट क्लास या उसके समकक्ष योग्यता होनी चाहिए. इंजीनियरिंग बैकग्राउंड वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी. हालांकि अलग योग्यता रखने वाले साइंस, मैथमेटिक्स या मैनेजमेंट क्षेत्र के उम्मीदवारों पर भी विचार किया जा सकता है. आवेदक के पास किसी प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी संस्थान या यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर के तौर पर कम से कम 10 साल का एक्सपीरियंस होना चाहिए. इसके अलावा पीएचडी छात्रों को गाइड करने का एक्सपीरियंस भी जरूरी है. डायरेक्टर पद के लिए उम्मीदवार में संस्थान का नेतृत्व करने की क्षमता और कम से कम 5 साल का प्रशासनिक अनुभव होना चाहिए. इसके अलावा आवेदन की अंतिम तारीख तक उम्मीदवार की उम्र 60 साल से कम होना जरूरी है.
2.25 लाख रुपये होगी महीने की सैलरी&amp;nbsp;
आईआईटी डायरेक्टर के पद पर चयनित उम्मीदवारों को 2,25,000 रुपये प्रतिमाह सैलरी मिलेगी इसके अलावा सरकार के निर्धारित नियमों के अनुसार दूसरे भत्ते भी दिए जाएंगे. यह पद ऐसे उम्मीदवारों के लिए है, जिनके पास एकेडमिक और प्रशासनिक दोनों क्षेत्रों में मजबूत एक्सपीरियंस हो. आवेदन में उम्मीदवारों को अपनी उपलब्धियां और संस्थान के नेतृत्व से जुड़ी क्षमता को स्पष्ट करना होगा.&amp;nbsp;
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आवेदन के साथ यह जानकारी भी बतानी होगी&amp;nbsp;
इन पदों के लिए आवेदन निर्धारित प्रारूप में जमा करना होगा. इसमें रिसर्च, टीचिंग इंडस्ट्री, अकेडमिक सहयोग और प्रशासनिक एक्सपीरियंस से जुड़ी जरूरी जानकारी देनी होगी. इसके साथ उम्मीदवार को कम से कम दो पेज का जस्टिफिकेशन देना होगा, जिसमें बताना होगा कि वह डायरेक्टर पद के लिए सही क्यों है. वहीं आवेदक को संस्थान को अपने दो पेज का विजन स्टेटमेंट भी देना होगा. इसके अलावा कम से कम दो ऐसे प्रतिष्ठित व्यक्तियों की कांटेक्ट डिटेल देनी होगी, जो उम्मीदवार की योग्यता और एक्सपीरियंस को जानता हो.&amp;nbsp;
फिलहाल ये है &amp;nbsp;IIT दिल्ली और इंदौर के डायरेक्ट&amp;nbsp;
वर्तमान में आईआईटी दिल्ली के निदेशक रंगन बनर्जी है, जबकि सुहास एस जोशी आईआईटी इंदौर के निर्देश के रूप में कार्यरत हैं. वहीं पात्रता मानदंडों को पूरा करने वाले उम्मीदवार 31 अक्टूबर 2026 तक जरूरी डॉक्यूमेंट और जानकारी के साथ अपना आवेदन जमा कर सकते हैं. आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को &amp;nbsp;iits@gmail.com. पर अपना आवेदन भेजना होगा. इसके अलावा आपको बता दें कि यह भर्ती प्रक्रिया मंत्रालय की ओर से आईआईटी मंडी में नए निदेशक की खोज के साथ चल रही है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 00:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>IIT, दिल्ली, और, IIT, इंदौर, में, डायरेक्टर, पद, पर, भर्ती, 2.25, लाख, रुपये, तक, सैलरी</media:keywords>
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    <item>
        <title>स्टूडेंट्स को हर महीने मिलेंगे 7500 रुपये, यहां की सरकार दे रही स्कॉलरशिप</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/स्टूडेंट्स-को-हर-महीने-मिलेंगे-7500-रुपये-यहां-की-सरकार-दे-रही-स्कॉलरशिप</link>
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        <description><![CDATA[ मध्य प्रदेश सरकार राज्य के मजदूरों के मेधावी बच्चों के लिए नई छात्रवृत्ति योजना शुरू करने की तैयारी में है. इस योजना के तहत पढ़ाई में अच्छा प्रदर्शन करने वाले छात्रों को हर महीने 7,500 की आर्थिक सहायता दी जाएगी. खास बात यह है कि इस रकम का इस्तेमाल केवल सामान्य पढ़ाई के लिए ही नहीं, बल्कि नीट, जेईई और क्लेट जैसे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी किया जा सकेगा. सरकार ने इस योजना का ड्राफ्ट तैयार कर दिया है. इसे गजट नोटिफिकेशन के लिए भेजने की तैयारी है. श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल के अनुसार सरकार की योजना इसी सत्र से लागू करने की है. शुरुआत में सीमित संख्या में छात्रों को शामिल करके योजना की उपयोगिता देखी जाएगी.&amp;nbsp;
क्या है श्री मेधा छात्र उन्नयन योजना?&amp;nbsp;
मध्य प्रदेश में यह योजना भवन एवं अन्य सन्निर्माण श्रमिक श्री मेधावी छात उन्नयन योजना के नाम से लाई जा रही है. इसके तहत चयनित विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के दौरान हर महीने 7500 दिए जाएंगे. इस राशि का इस्तेमाल ट्यूशन फीस, किताबें, हॉस्टल, आने-जाने के खर्च और दूसरी शैक्षणिक जरूरतों के लिए किया जा सकेगा. इसके अलावा नीट, जेईई और क्लेट जैसी प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करने वाले संस्थानों की कोचिंग फीस भी इसी सहायता से दी जा सकेगी.&amp;nbsp;
पहले चरण में 600 बच्चों को मिलेगा लाभ&amp;nbsp;
योजना की शुरुआत में कुल 600 मेधावी विद्यार्थियों को सहायता देने की तैयारी में है. 100 बच्चे श्रमिक कल्याण बोर्ड से लिए जाएंगे. श्रम मंत्री के अनुसार यह शुरुआत एक प्रयोग के तौर पर की जा रही है. यदि योजना से विद्यार्थियों को बेहतर लाभ मिलता है, तो आगे चलकर लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने और कटऑफ में बदलाव पर विचार किया जाएगा.&amp;nbsp;
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10वीं में 80 फीसदी अंक जरूरी&amp;nbsp;
योजना का लाभ हर निर्माण श्रमिक के बच्चे को नहीं मिलेगा. इसके लिए विद्यार्थियों चयन नियमित छात्र होना जरूरी है. उसे 10वीं कक्षा में कम से कम 80 प्रतिशत अंक हासिल करने होंगे. छात्र मध्य प्रदेश बोर्ड या सीबीएसई से पढ़ाई कर रहा होना चाहिए. इसके साथ ही माता-पिता का संबंधित निर्माण श्रमिक बोर्ड में रजिस्ट्रेशन होना जरूरी है. रजिस्ट्रेशन निर्धारित अवधि का होना चाहिए और श्रमिक के 90 दिन तक काम करने की शर्त भी पूरी होनी चाहिए. योजना के लिए विद्यार्थी की उम्र 14 से 19 साल के बीच रखी गई है.&amp;nbsp;
मेरिट से होगा चयन छात्राओं के लिए 20% सीटें&amp;nbsp;
पात्र छात्रों में से चयन एमपी बोर्ड और सीबीएसई की संयुक्त मेरिट सूची के आधार पर किया जाएगा. शुरुआती प्रावधान के अनुसार हर साल अधिकतम 500 विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा. इनमें 20 प्रतिशत सीटें छात्राओं के लिए आरक्षित रहेंगी. वहीं सिर्फ 10वीं में 80 प्रतिशत अंक प्राप्त करना ही अनिवार्य नहीं होगा. योजना में चयन के बाद सहायता जारी रखने के लिए विद्यार्थियों को 12वीं में कम से कम 75 प्रतिशत अंक हासिल करने होंगे.
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        <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 00:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>एमपी पुलिस में खत्म किए जा रहे 63 पद, जानें क्यों लिया गया यह फैसला?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/एमपी-पुलिस-में-खत्म-किए-जा-रहे-63-पद-जानें-क्यों-लिया-गया-यह-फैसला</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/एमपी-पुलिस-में-खत्म-किए-जा-रहे-63-पद-जानें-क्यों-लिया-गया-यह-फैसला</guid>
        <description><![CDATA[ मध्य प्रदेश पुलिस अपने प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है. पुलिस मुख्यालय की नीति निर्धारण समिति ने ऐसे 122 डीएसपी पदों की पहचान की है, जिनका मौजूदा व्यवस्था में उपयोग नहीं रह रहा है. इनमें से 63 पद खत्म करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है. इन पदों से मिलने वाले संसाधनों का इस्तेमाल अब साइबर अपराधों से निपटने और जिलों की पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने में किया जाएगा. पुलिस मुख्यालय की ओर से तैयार प्रस्ताव को प्रबंधन शाखा को भेजा गया है. परीक्षण के बाद इसे शासन की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा. इसके बाद ही पद खत्म करने का अंतिम फैसला लिया जाएगा.
15 साल से नहीं हुई एंटी डकैती डीएसपी की तैनाती&amp;nbsp;
पुराने ढांचे में मौजूद कुछ पद बदलती जरूरतों के बीच लगभग अप्रासंगिक हो चुके हैं. मध्य प्रदेश को डकैत मुक्त घोषित हुए 15 साल हो चुके हैं, लेकिन डीएसपी एंटी डकैती का पद अभी तक पुलिस के दस्तावेजों में मौजूद है. इस पद पर करीब डेढ़ दशक से किसी अधिकारी की तैनाती नहीं हुई. इस तरह डीएसपी लाइन और डीएसपी लीव रिजर्व जैसे पद भी मौजूदा जरूरतों के हिसाब से उपयोगी नहीं रह गए हैं. इसके अलावा कई जिलों में महिला अपराध और अजाक के लिए अलग-अलग डीएसपी पद है, जबकि पुलिस के आकलन के अनुसार दोनों जिम्मेदारियां एक अधिकारी को दी जा सकती हैं.&amp;nbsp;
साइबर विंग में बढ़ेंगे 115 पद&amp;nbsp;
63 पद खत्म करने के बाद तैयार होने वाले नए ढांचे में सबसे बड़ा हिस्सा साइबर विंग को देने का प्रस्ताव है. यहां डीएसपी से लेकर सिपाही तक कुल 115 नए पर जोड़ी जाएंगे. इनमें 8 डीएसपी पद शामिल है. साइबर विंग में 15 डीएसपी सेंटर के लिए 20 इंस्पेक्टर और 22 सब इंस्पेक्टर के पद बढ़ाने का प्रस्ताव है. 10 डीएसपी सेंटरों पर 20 हवलदार और 15 सेंटरों पर 45 सिपाही के पद भी जोड़े जाएंगे. इसका उद्देश्य साइबर अपराध से जुड़े मामलों की जांच के लिए फील्ड स्तर तक पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध करना है.
जिलों में भी बदलेगा पुलिस का ढांचा&amp;nbsp;
प्रस्ताव में जिलों की प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 40 नए डीएसपी हेडक्वार्टर पद बनाने की बात है. यह अधिकारी दफ्तर प्रबंधन के साथ ट्रैफिक से जुड़ी जानकारी भी देखेंगे. इसके अलावा 8 नए पुलिस सब डिवीजन बनाए जाने का प्रस्ताव है. जहां सीएसपी या एसडीओपी की तैनाती होगी. पुलिस मुख्यालय के लिए 4 नए डीएसपी पद और हाई कोर्ट समन्वय के लिए तीन नए डीएसपी पद भी प्रस्तावित है. चार नए जिलों में महिला अपराध और अजाक की जिम्मेदारी के लिए भी डीएसपी पद बनाए जाएंगे.&amp;nbsp;
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साइबर थानों को सीधी मिल सकेंगे जांच अधिकारी&amp;nbsp;
प्रस्ताव लागू होने के बाद 57 दिनों में प्रस्तावित साइबर थानाें को जांच अधिकारियों की उपलब्धता का फायदा मिलने की उम्मीद है. नई भर्ती का इंतजार किए बिना मौजूदा पदों के पुनर्गठन से स्टाफ उपलब्ध कराया जा सकेगा. इससे ऑनलाइन फ्रॉड जैसे मामलों में कार्रवाई तेजी से करने, रकम को समय रहते फ्रीज कराने और रिकवरी की प्रक्रिया आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है. वहीं 40 जिलों में डीएसपी हेड क्वार्टर की व्यवस्था होने से संबंधित मामलों और ट्रैफिक की निगरानी भी बेहतर हो सकेगी.&amp;nbsp;
अंतिम मंजूरी के बाद होगा फैसला&amp;nbsp;
मध्य प्रदेश पुलिस में डीएसपी स्तर के 1009 और एएसपी स्तर के 265 पद हैं. पुराने पदों के पुनर्गठन का प्रस्ताव भी शासन के पास मंजूरी की प्रक्रिया में जाएगा. मंजूरी मिलने के बाद ही नए पड़े को लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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        <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 00:30:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>एमपी, पुलिस, में, खत्म, किए, जा, रहे, पद, जानें, क्यों, लिया, गया, यह, फैसला</media:keywords>
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        <title>BRICS के चलते दिल्ली के स्कूल बंद, क्या पूरे NCR में भी रहेगी छुट्टी?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/brics-के-चलते-दिल्ली-के-स्कूल-बंद-क्या-पूरे-ncr-में-भी-रहेगी-छुट्टी</link>
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        <description><![CDATA[ दिल्ली में होने वाले 18वें BRICS Summit को लेकर राजधानी में सुरक्षा और ट्रैफिक की तैयारियां तेज हो गई हैं. इसी बीच दिल्ली के स्कूल के छात्रों को लेकर छुट्टी के लिए अपडेट सामने आया है. सरकार ने फैसला लिया है की 11 सितंबर 2026 यानी शुक्रवार को स्कूल बंद रहेंगे. BRICS Summit 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में होना है.
विदेशी मेहमानों और बड़े नेताओं की मौजूदगी को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा के साथ-साथ कई सड़कों पर ट्रैफिक की व्यवस्था भी बदली जाएगी. ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या दिल्ली के साथ-साथ नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे NCR के दूसरे शहरों में भी स्कूल बंद रहेंगे?
दिल्ली के सभी स्कूल 11 सितंबर को रहेंगे बंद
दिल्ली में 11 सितंबर को स्कूलों की छुट्टी रहेगी. शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी निर्देश के अनुसार इस दिन दिल्ली के सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त निजी स्कूल बंद रहेंगे. शिक्षा निदेशालय के अंतर्गत आने वाले कार्यालय भी इस दिन बंद रहेंगे. यानी दिल्ली में पढ़ने वाले छात्रों को शुक्रवार को स्कूल नहीं जाना होगा.
&amp;nbsp;BRICS Summit की वजह से लिया गया फैसला
दिल्ली में होने वाला Brics Summit 12 और 13 सितंबर को होने जा रहा है. इस दौरान कई देशों के बड़े नेता राजधानी में मौजूद रहेंगे. उनकी सुरक्षा के लिए दिल्ली में बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं और कई रूट पर ट्रैफिक में भी बदलाव किया है. रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में करीब 25 हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है. ऐसे स्तिथि में दिल्ली के स्कूल को बंद रखने का फैसला भीड़ और ट्रैफिक को कम रखने में मदद कर सकता है.
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&amp;nbsp;क्या पूरे NCR में भी स्कूल बंद रहेंगे?
दिल्ली में छुट्टी के आदेश को पूरे NCR पर लागू नहीं माना जाएगा. NCR में नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे शहर अलग-अलग राज्यों और जिला प्रशासन में आते हैं. इसलिए अगर वहां स्कूल बंद रहेंगे तो उसका फैसला वहां की राज्य सरकार या जिला प्रशासन ले सकते हैं.
नोएडा-गाजियाबाद के छात्रों को क्या करना चाहिए?
अगर बच्चा नोएडा या गाजियाबाद में पढ़ता है तो सिर्फ दिल्ली की छुट्टी देखकर स्कूल न जाने का फैसला न करें. अभी तक BRICS के नाम पर पूरे NCR के स्कूलों के लिए दिल्ली जैसा एक समान छुट्टी आदेश सामने नहीं आया है. खासकर नोएडा में 9 सितंबर को स्थानीय कार्यक्रम की वजह से स्कूल बंद थे, लेकिन उसे BRICS की छुट्टी से नहीं जोड़ा जा सकता है. इसलिए अपने स्कूल का नया नोटिस या जिला प्रशासन का आदेश जरूर देखें.
&amp;nbsp;11 से 13 सितंबर तक दिल्ली में ट्रैफिक भी प्रभावित रहेगा
स्कूल की छुट्टी के अलावा दिल्ली में 11 से 13 सितंबर तक ट्रैफिक पर भी असर पड़ सकता है. कई महत्वपूर्ण रास्तों पर सुरक्षा जांच और ट्रैफिक के डायवर्जन की व्यवस्था रहेगी. रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट जाने वाले लोगों को भी घर से थोड़ा पहले निकले तो उनके लिए सही होगा. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने यात्रियों को सफर की प्लानिंग पहले से बनाने और जरूरत पड़ने पर मेट्रो का इस्तेमाल करने की सलाह दी है.
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        <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 08:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>जामिया में अब हर क्लास ग्रुप पर रहेगा एक शिक्षक, प्रशासन का बड़ा फैसला</title>
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        <description><![CDATA[ जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी ने छात्रों के बीच एकेडमी जानकारी शेयर करने को लेकर अपनी व्यवस्था को फिर से स्पष्ट किया है. यूनिवर्सिटी ने छात्रों को सोशल मीडिया पर बनाए गए अनौपचारिक क्लास ग्रुप से दूरी बनाने की सलाह भी दी है. साथ ही हर क्लास या बैच के लिए बनाए गए ऑफिशियल ग्रुप में यूनिवर्सिटी की ओर से नाम में दिए गए शिक्षक को शामिल करना अनिवार्य किया गया है. इन ग्रुप के जरिए ही छात्रों तक कक्षाओं पढ़ाई और दूसरी एकेडमी गतिविधियों से जुड़ी जानकारी पहुंचाई जाएगी.
यूनिवर्सिटी की ओर से सोमवार को जारी नोटिस में इस व्यवस्था को दोहराया गया है. पहले यह नीति पहली बार 15 सितंबर 2025 को लागू की गई थी. जामिया के अनुसार छात्रों की ओर से बनाए गए कुछ अनऑफिशियल ग्रुप में एकेडमिक चर्चा के अलावा दूसरी तरह की एक्टिविटी होने की शिकायतें सामने आई थी. कुछ मामलों में आपत्तिजनक और अश्लील सामग्री शेयर किए जाने के बात भी यूनिवर्सिटी ने कही थी.&amp;nbsp;
अब हर क्लास में बनेगा ऑफिशियल ग्रुप
नई व्यवस्था के तहत हर क्लास के लिए एक ऑफिशियल सोशल मीडिया ग्रुप बनाया जाएगा. इसमें संबंधित क्लास का प्रतिनिधि एडमिन की भूमिका निभाएगा. इसके साथ यूनिवर्सिटी की ओर से नामित एक फैकल्टी मेंबर भी ग्रुप में मौजूद रहेगा. शिक्षकों की जिम्मेदारी ग्रुप में शेयर किए जा रहे कंटेंट पर नजर रखने की होगी. यूनिवर्सिटी चाहता है कि इन ग्रुप का इस्तेमाल मुख्य रूप से पढ़ाई और दूसरी शैक्षणिक गतिविधियों से संबंधित जानकारी के लिए किया जाए. साथ ही आपत्तिजनक, अश्लील या अनुचित सामग्री के प्रसार को रोका जा सके.&amp;nbsp;
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डीन और विभाग अध्यक्षों को दी गई जिम्मेदारी
जामिया ने भी सभी डीन विभाग अध्यक्षों और सेंटर डायरेक्टर्स से कहा कि वह अपनी अपनी कक्षाओं और बैच के लिए आधिकारिक ग्रुप बनवाना सुनिश्चित करें. इन ग्रुप में यूनिवर्सिटी की ओर से नामित शिक्षकों भी जोड़ा जाएगा. प्रशासन ने भी यह स्पष्ट किया है कि छात्रों को एकेडमी जानकारी ऑफिशियल ग्रुप के माध्यम से उपलब्ध कराई जाए. यानि पढ़ाई, क्लासरूम और दूसरी यूनिवर्सिटी से जुड़ी शैक्षणिक सूचनाओं के लिए छात्रों को अलग-अलग ऑफिशियल ग्रुप पर निर्भर नहीं रहना होगा.
2025 में भी जारी हुई थी यही नीति
यूनिवर्सिटी ने बताया कि यह कोई नई व्यवस्था नहीं है, बल्कि सितंबर 2025 में जारी किए गए निर्देश को ही दोबारा स्पष्ट किया गया है. उस समय भी छात्रों की ओर से बनाए गए, अनौपचारिक सोशल मीडिया ग्रुप को लेकर आपत्ति जताई गई थी. जामिया का कहना था कि कुछ ग्रुप एकेडमिक बातचीत के बजाय, पर्सनल मुद्दों और दूसरी एक्टिविटी के लिए इस्तेमाल किए जा रहे हैं. ऐसे में अब यूनिवर्सिटी ने ऑफिशियल ग्रुप में एक टीचर को जोड़ने का फैसला किया है.
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        <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 08:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>क्रिकेटर्स के रिकॉर्ड का कौन रखता है लेखा&amp;जोखा, इसमें कैसे मिलती है नौकरी?</title>
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        <description><![CDATA[ क्रिकेट के मैदान पर जब बल्लेबाज रन बनाता है, गेंदबाज जो विकेट लेता है या किसी ओवर में कोई खास घटना होती है, तो इन सभी चीजों का रिकॉर्ड रखा जाता है. टीवी पर मैच देखते समय हमारा ध्यान अक्सर खिलाड़ी और उनकी परफॉर्मेंस पर रहता है, लेकिन मैदान के बाहर और परदे के पीछे ऐसे कई लोग होते हैं, जो हर गेंद और हर रन का हिसाब संभालते हैं. इन्हीं में से एक अहम भूमिका क्रिकेट स्कोरर की होती है. क्रिकेट में बढ़ते डेटा के इस्तेमाल के साथ आज के समय में इन प्रोफेशनल्स की भूमिका भी बहुत जरूरी हो गई है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि क्रिकेटर्स के रिकॉर्ड का लेखा-जोखा कौन रखता है और इसमें नौकरी कैसे मिलती है.&amp;nbsp;
क्या करता है क्रिकेट स्कोरर?
क्रिकेट स्कोरर का मुख्य काम मैच के दौरान होने वाली हर जरूरी एक्टिविटी को रिकॉर्ड करना होता है. कौन सा बल्लेबाज कितने रन बना रहा है, किस गेंदबाज ने कितने विकेट लिए, ओवर में क्या हुआ और टीम का स्कोर किस स्थिति में है, इन सभी चीजों का हिसाब स्कोरर रखता है. इसके लिए स्कोरर को क्रिकेट के नियमों के साथ-साथ गणित और अंग्रेजी की अच्छी समझ होनी चाहिए. स्ट्राइक रेट, बैटिंग और बॉलिंग औसत, जरूरी रन और नेट रन रेट जैसी गणनाओं को समझना भी इस काम का हिस्सा है.&amp;nbsp;
कैसे बने ऑफिशियल स्कोरर?
क्रिकेट स्कोरिंग को करियर के तौर पर अपनाने के लिए स्थानीय क्रिकेट एसोसिएशन से जुड़ना एक शुरुआती रास्ता माना जाता है. यहां हर साल स्कोरर की परीक्षा आयोजित होती. स्थानीय स्तर की परीक्षा पास करने के बाद राज्य क्रिकेट एसोसिएशन की परीक्षा देनी होती है. राज्य क्रिकेट एसोसिएशन में 80 फीसदी अंक हासिल करने के बाद ही बीसीसीआई के स्कोरर एग्जाम में बैठने की एलिजिबिलिटी मिलती है. यानी इस क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए क्रिकेट की समझ के साथ परीक्षा और स्कोरिंग से जुड़ी जानकारी भी जरूरी है. बीसीसीआई के अलावा आईसीसी भी कई ट्रेनिंग प्रोग्राम कराता है. वहीं नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स से भी कोर्स कर सकते हैं. कई प्राइवेट जगहों से भी कोर्स किया जा सकता है. &amp;nbsp;
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स्कोरर की कितनी होती है कमाई?
स्कोरर को आमतौर पर मासिक वेतन के बजाय मैच या दिन के हिसाब से भी पेमेंट मिलता है. जानकारी के अनुसार बीसीसीआई के स्टेट पैनल स्कोर को एक मैच के लिए 3000 रुपये मिलते हैं. डोमेस्टिक मैच के लिए 15,000 रुपये रोजाना और टेस्ट मैच में भी 15,000 रुपये रोजाना का पेमेंट मिलता है. टेस्ट मैच अगर 5 दिन से पहले खत्म हो जाए, तब भी स्कोरर को 5 दिन के हिसाब से सैलरी दी जाती है. &amp;nbsp;इसके अलावा स्कोरर को डीए भी मिलता है.&amp;nbsp;
क्रिकेट में डेटा एनालिस्ट का भी बढ़ा रोल&amp;nbsp;
आज क्रिकेट सिर्फ मैदान पर प्रदर्शन का खेल नहीं रह गया है, टीमों के फैसले में डेटा का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है. आईपीएल जैसी प्रतियोगिता में खिलाड़ी के प्रदर्शन, बल्लेबाजी और गेंदबाजी की क्षमता विपक्षी टीम की कमजोरी और टीम संयोजन से जुड़े आंकड़ों का विश्लेषण किया जाता है. डेटा एनालिस्ट खिलाड़ी के प्रदर्शन के समय के साथ आने वाले बदलाव को समझने के साथ उसकी मजबूती और कमजोरी की पहचान करते हैं. खिलाड़ियों के वर्कलोड मूवमेंट और पुराने इंजरी रिकॉर्ड का विश्लेषण करके संभावित चोट के खतरे को समझने में भी डेटा का इस्तेमाल किया जाता है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 08:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>दिल्ली पुलिस CAPS में SI की 1871 वैकेंसी, 30 सितंबर तक आवेदन का मौका</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/दिल्ली-पुलिस-caps-में-si-की-1871-वैकेंसी-30-सितंबर-तक-आवेदन-का-मौका</link>
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        <description><![CDATA[ स्टाफ सेलेक्शन कमीशन (SSC) ने दिल्ली पुलिस और सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सज (CAPF) में सब इंस्पेक्टर के पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है. इस भर्ती प्रक्रिया के जरिए कुल 1,871 पद भरे जाएंगे. ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 10 सितंबर 2026 से शुरू हो गई है और इच्छुक उम्मीदवार 30 सितंबर तक का आवेदन कर सकते हैं. उम्मीदवारों का आवेदन एसएससी के ऑफिशियल वेबसाइट ssc.gov.in के जरिए करना होगा. आवेदन में किसी तरह का बदलाव करने के लिए करेक्शन विंडो 8 से 10 अक्टूबर तक खुली रहेंगी.&amp;nbsp;
दिल्ली पुलिस में 317 पद, CAPF में 1320 वैकेंसी&amp;nbsp;
कुल 1,871 रिक्तियों में दिल्ली पुलिस में सब-इंस्पेक्टर के 317 पद है. इनमें में पुरुष उम्मीदवारों के लिए 205 और महिला उम्मीदवारों के लिए 112 पद निर्धारित है. वहीं सीएपीएफ में सब इंस्पेक्टर के कुल 1,320 पद है. इसमें बीएसएफ में 457, सीआईएसएफ में 250, सीआरपीएफ में 254, आइटीबीपी में 187 और एसएसबी में 172 पद शामिल है. इसके अलावा सीआईएसएफ में सब इंस्पेक्टर के लिए पुरुष उम्मीदवारों के 234 पद रखे गए है. &amp;nbsp;इस तरह भर्ती में दिल्ली पुलिस, &amp;nbsp;सीएपीएफ और सीआईएसएफ फायर के पद शामिल है.&amp;nbsp;
किस पद पर कितनी मिलेगी सैलरी?
दिल्ली पुलिस में सब इंस्पेक्टर और सीएपीएफ में एसआई के पद लेवल 6 के है. इनकी सैलरी 35,400 रुपये से 1,12,400 रुपये है. वहीं सीएपीएफ में एसआई का पद ग्रुप बी नॉन गैजेटेड, नॉन मिनिस्ट्रियल कैटेगरी में आता है. सीआईएसएफ में एसआई का पद भी लेवल 6 का है और इसे ग्रुप बी नॉन गैजेटेड, नॉन मिनिस्ट्रियल पद के तौर पर वर्गीकृत किया गया है. दिल्ली पुलिस में एसआई का पद ग्रुप सी के तहत आता है.&amp;nbsp;
ग्रेजुएट उम्मीदवार कर सकते हैं आवेदन&amp;nbsp;
एसएससी सीपीओ भर्ती के लिए किसी भी विषय में ग्रेजुएशन की डिग्री रखने वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं. सामान्य एसआई के लिए आयु सीमा 20 से 25 वर्ष है, जबकि सीआईएसएफ में एसआई पद के लिए आयु सीमा 18 से 30 वर्ष निर्धारित है. भर्ती के लिए उम्मीदवारों काे एसएससी की ओर से निर्धारित दूसरी पात्रता और फिजिकल मानकों को भी पूरा करना होगा.&amp;nbsp;
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कई चरणों में होगा चयन&amp;nbsp;
एसएससी सीपीओ भर्ती में उम्मीदवारों का चयन एक से ज्यादा चरणों के जरिए किया जाएगा. पहले पेपर 1 सीबीटी मोड में होगी. इसके बाद फिजिकल दक्षता परीक्षा होगी. इन चरणों में सफल उम्मीदवार पेपर 2 में शामिल होंगे. इसके बाद मेडिकल जांच और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी.&amp;nbsp;
कैसे करें आवेदन?

उम्मीदवार को सबसे पहले ssc.gov.in पर जाकर एसएससी पोर्टल पर ओटीआर पूरा करना होगा.&amp;nbsp;
एसएससी वेबसाइट पर किया गया ओटीआर नए पोर्टल पर मान्य नहीं होगा.&amp;nbsp;
ओटीआर के बाद लॉगिन करके एसएससी सीपीओ 2026 आवेदन फॉर्म भरना होगा.&amp;nbsp;
फाॅर्म में व्यक्तिगत और शैक्षणिक जानकारी के साथ पद और फोर्स की प्राथमिकताएं भरनी होगी&amp;nbsp;
आवेदन प्रक्रिया में आधार आधारित प्रमाणीकरण की सुविधा भी उपलब्ध है.&amp;nbsp;
लास्ट में आवेदन फीस का पेमेंट करने के बाद सभी जानकारी जांच कर फॉर्म सबमिट करना होगा.&amp;nbsp;

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        <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 08:30:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>दिल्ली में EWS एडमिशन का मौका, 20 सितंबर तक भरें फॉर्म</title>
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        <description><![CDATA[ दिल्ली में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और फ्रीशिप कैटेगरी के तहत प्राइवेट स्कूलों में एडमिशन का इंतजार कर रहे पेरेंट्स के लिए जरूरी खबर है. दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 2 से आगे की कक्षाओं में खाली ईडब्ल्यूएस और फ्रीशिप सीटों पर एडमिशन की ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू कर दी है.
इच्छुक उम्मीदवार 20 सितंबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं. ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 8 सितंबर से शुरू हुई है. आवेदन पूरा होने के बाद खाली सीटों पर एडमिशन कंप्यूटरीकृत ड्राॅ ऑफ लॉट्स के जरिए किया जाएगा. डीओई के शेड्यूल के अनुसार ड्रॉ 24 सितंबर को आयोजित किए जाने की संभावना है.&amp;nbsp;
किन स्कूलों में मिलेगा एडमिशन?&amp;nbsp;
यह प्रक्रिया सरकारी और डीडीए की ओर आवंटित जमीन पर संचालित निजी गैर सहायता प्राप्त मान्यता प्राप्त स्कूलों में कक्षा 2 और उससे ऊपर की खाली ईडब्ल्यूएस फ्रीशिप सीटों के लिए है. इसमें अल्पसंख्यक संस्थान में शामिल नहीं होंगे. सीटों का आवंटन पेरेंट्स की ओर से चुने गए स्कूलों और उनके आवासीय एड्रेस के आधार पर कंप्यूटर ड्राॅ से होगा. डीओई ने स्पष्ट किया है कि एड्रेस की जानकारी सही होना जरूरी है. पसंद के स्कूल में एडमिशन पाने के लिए गलत लोकेलिटी या एड्रेस दर्ज करने पर नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है.&amp;nbsp;
EWS एडमिशन के लिए कौन कर सकते हैं आवेदन?
ईडब्ल्यूएस कैटेगरी में आवेदन करने वाले परिवार की सभी सोर्स से सालाना आय 5 लाख रुपये से कम होनी चाहिए. इसके लिए दिल्ली सरकार के राजस्व विभाग से जारी वैध आय प्रमाण पत्र जरूरी होगा. इसके अलावा बीपीएल, एएवाय राशन कार्ड या फूड सिक्योरिटी कार्ड रखने वाले परिवारों के बच्चे भी आवेदन कर सकते हैं. इस एडमिशन प्रक्रिया में आवेदन करने वाले का दिल्ली का निवासी होना अनिवार्य है.&amp;nbsp;
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कक्षा के हिसाब से तय है उम्र&amp;nbsp;
डीओई ने कक्षा 2 से 9 तक एडमिशन के लिए उम्र सीमा भी निर्धारित की है. 31 मार्च 2026 को कक्षा 2 में आवेदन करने वाले बच्चे की उम्र 6 साल उससे ज्यादा लेकिन 7 साल से कम होनी चाहिए. इसके बाद कक्षा तीन में एडमिशन लेने वाले की उम्र 7 साल या उससे ज्यादा लेकिन 8 साल से कम होनी चाहिए. वहीं कक्षा 4 में एडमिशन लेने वाले की उम्र 8 साल या उससे ज्यादा, लेकिन 9 साल से कम होनी चाहिए. ऐसे ही हर कक्षा के लिए उम्र सीमा 1 साल बढ़ती जाएगी.&amp;nbsp;
एक बच्चे के लिए सिर्फ एक आवेदन&amp;nbsp;
अभिभावकों को आवेदन करते समय खास सावधानी की जरूरत है. एक बच्चे के लिए केवल एक ही रजिस्ट्रेशन और आवेदन किया जा सकता है. आवेदन के लिए मोबाइल नंबर का इस्तेमाल किया जाएगा. एक ही बच्चे के लिए एक से ज्यादा आवेदन या एक ही परिवार की ओर से डुप्लीकेट आवेदन मिलने पर रजिस्ट्रेशन रद्द किया जा सकता है. ऑनलाइन फॉर्म भरते समय जन्म प्रमाण पत्र, एड्रेस प्रमाण पत्र, ईडब्ल्यूएस के लिए आय प्रमाण पत्र, लागू होने पर जाति प्रमाण पत्र, सीडब्ल्यूएसएन कैटेगरी के लिए दिव्यांग प्रमाण पत्र और हाल ही के पासपोर्ट साइज फोटो जैसे डॉक्यूमेंट तैयार होने जरूरी है.
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        <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 20:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>दिल्ली, में, EWS, एडमिशन, का, मौका, सितंबर, तक, भरें, फॉर्म</media:keywords>
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        <title>बिहार बोर्ड में टॉपर्स पर सरकार मेहरबान, 2 लाख रुपये का मिलेगा इनाम</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/बिहार-बोर्ड-में-टॉपर्स-पर-सरकार-मेहरबान-2-लाख-रुपये-का-मिलेगा-इनाम</link>
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        <description><![CDATA[ बिहार बोर्ड की 10वीं और 12वीं की वार्षिक परीक्षा 2026 में शानदार प्रदर्शन करने वाले छात्रों को राज्य सरकार ने सम्मानित किया है. पटना के नेक संवाद में आयोजित राज्य स्तरीय मेधावी छात्र सम्मान समारोह में मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षा के कुल 168 टॉपर को सम्मान दिया गया. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मेधावी विद्यार्थियों को मेडल और पुरस्कार राशि प्रदान की. समारोह में टॉपर्स के साथ उनके परिवार के सदस्य भी मौजूद रहे. सरकार ने छात्रों की उपलब्धि को सम्मान देने के साथ उन्हें आगे पढ़ाई के लिए आर्थिक मदद देने का भी ऐलान किया. पुरस्कार पाने वाले सभी 168 विद्यार्थियों को लैपटॉप खरीदने के लिए 51,000 की अतिरिक्त सहायता राशि दी जाएगी.&amp;nbsp;
पहले स्थान पर आने वाले को 2 लाख रुपये
बिहार बोर्ड मैट्रिक और इंटरमीडिएट टॉपर्स के लिए अलग-अलग रैंक के आधार पर पुरस्कार राशि तय की गई है. राज्य स्तर पर पहला स्थान हासिल करने वाले विद्यार्थी को 2 लाख रुपये दिए गए. दूसरे स्थान पर रहने वाले को 1.5 लाख रुपये और तीसरे स्थान वाले को 1 लाख की पुरस्कार राशि मिली. इंटरमीडिएट परीक्षा में चौथा और पांचवें स्थान पर आने वाले छात्रों को 30-30 हजार रुपये दिए गए. वहीं मैट्रिक में चौथे से 10वें स्थान पर रहने वाले विद्यार्थियों को 20-20 मिले. &amp;nbsp;इन पुरस्कारों के अलावा सभी सम्मानित छात्रों को लैपटॉप के लिए 51 हजार रुपये अलग से दिए जाएंगे.&amp;nbsp;
इंटर टॉपर्स को हर महीने मिलेगी स्कॉलरशिप&amp;nbsp;
सरकार की ओर से इंटरमीडिएट के मेधावी छात्रों के लिए स्कॉलरशिप का भी प्रावधान किया गया है. देश रत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेधा छात्रवृत्ति के तहत इंटर टॉपर्स को हर महीने 2500 रुपये दिए जाएंगे. नॉर्मल ग्रेजुएशन करने वाले छात्रों को यह छात्रवृत्ति 3 साल, टेक्निकल अंडर ग्रेजुएट डिग्री के लिए 4 साल और 5 वर्षीय इंटीग्रेटेड कोर्स के लिए 5 साल तक मिलेगी. टेक्निकल डिप्लोमा करने वाले विद्यार्थियों को कोर्स पूरा होने तक इसका लाभ दिया जाएगा. मैट्रिक परीक्षा में टॉप 10 में जगह बनाने वाले छात्रों को कक्षा 11वीं और 12वीं के दौरान 2 साल तक हर महीने 2000 रुपये की स्कॉलरशिप मिलेगी. टेक्निकल डिप्लोमा में एडमिशन लेने वाले छात्रों के लिए यह सहायता कोर्स पूरा होने तक जारी रहेगी.&amp;nbsp;
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इन छात्रों ने किया टॉप&amp;nbsp;
इंटरमीडिएट साइंस में समस्तीपुर के उच्च माध्यमिक विद्यालय पांड़ के आदित्य प्रकाश अमन ने पहला स्थान हासिल किया. सीतामढ़ी की साक्षी कुमारी और नागदा की सपना कुमारी संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर रही. आर्ट्स में गया कि यशवंत इंटर विद्यालय, खिजरसराय की निशु कुमारी टॉपर बनी. सीतामढ़ी की सिद्धि शिखा और लखीसराय के चंद्रदीप कुमार ने दूसरा स्थान हासिल किया. पूर्णिया के एमडी लकी अंसारी भी टॉपर में शामिल है. कॉमर्स में पटना के सेंट जेवियर्स हाई स्कूल की अदिति कुमारी पहले स्थान पर रही. पटना की माही कुमारी दूसरे और निशिका श्री तीसरे स्थान पर रही. वोकेशनल कोर्स में सारण के प्रियांशु राज ने टॉप किया, जबकि अनिका उपाध्याय दूसरे स्थान पर रही. इस साल पहली बार बिहार बोर्ड के सम्मान समारोह में वोकेशनल कोर्स के टॉपर को भी शामिल किया गया. मैट्रिक में जमुई के सिमुलतला आवासीय विद्यालय की पुष्पांजलि कुमारी और वैशाली की सबरीन परवीन ने संयुक्त रूप से पहला स्थान हासिल किया. दोनों ने 500 से 492 अंक यानी 98.4 प्रतिशत अंक हासिल किए. बेगूसराय की नाहिद सुल्तान दूसरे स्थान पर रही.&amp;nbsp;
CM ने कहा नौकरी लेने वाले नहीं देने वाले बनें
सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने छात्रों को आगे बढ़ाने और दूसरों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने की दिशा में काम करने की बात कही. उन्होंने कहा कि बिहार के युवाओं को केवल नौकरी तलाशने तक नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनने का टारगेट रखना चाहिए. सीएम ने यह भी घोषणा की कि अगले साल से बोर्ड टॉपर्स का सम्मान समारोह परीक्षा परिणाम जारी होने की एक महीने के अंदर आयोजित किया जाएगा, ताकि मेधावी विद्यार्थियों को उनकी सफलता के लिए समय पर प्रोत्साहन मिल सके.
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        <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 20:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>UPSSSC PET 2026 का शेड्यूल जारी, 23 अक्टूबर से होगा एग्जाम</title>
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        <description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने प्रारंभिक अर्हता परीक्षा 2026 की परीक्षा तारीख घोषित कर दी है. आयोग के शेड्यूल के अनुसार UPSSSC PET 2026 का आयोजन 23, 24 और 25 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा. परीक्षा तीन दिनों तक चलेगी और हर दिन दो शिफ्ट में उम्मीदवार परीक्षा देंगे. जिन उम्मीदवारों ने पीईटी 2026 के लिए आवेदन किया है, उन्हें अब परीक्षा की तैयारी पर जोर देना चाहिए. परीक्षा से जुड़ी तारीख, शिफ्ट और केंद्र की जानकारी एडमिट कार्ड के जरिए उम्मीदवारों को मिलेगी. वहीं आयोग ने अभी एडमिट कार्ड को लेकर तारीख की घोषणा नहीं की है.&amp;nbsp;
दो शिफ्टों में होगी PET 2026 की परीक्षा&amp;nbsp;
UPSSSC PET 2026 की परीक्षा तीन दिनों में आयोजित की जाएगी. पहली शिफ्ट सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगी, जबकि दूसरी शिफ्ट दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी. दोनों शिफ्ट में परीक्षा की अवधि 2 घंटे रहेगी. उम्मीदवारों को कौन सी तारीख, शिफ्ट और परीक्षा केंद्र आवंटित किया जाएगा, इसकी जानकारी उनके हॉल टिकट में दी जाएगी. एडमिट कार्ड में रिपोर्टिंग टाइम और परीक्षा केंद्र से जुड़े जरूरी निर्देश भी दर्ज होंगे.
कब तक जारी होगा एडमिट कार्ड?
UPSSSC ने अभी पीईटी 2026 के लिए एडमिट कार्ड की तारीख जारी नहीं की है. परीक्षा से पहले हॉल टिकट उपलब्ध कराया जाएगा. उम्मीदवारों को आयोग की ऑफिशियल वेबसाइट और नोटिस बोर्ड पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है. एडमिट कार्ड जारी होने के बाद उम्मीदवार वेबसाइट पर जाकर नोटिस बोर्ड सेक्शन में पीईटी एडमिट कार्ड का नोटिफिकेशन देख सकेंगे. लॉगिन डिटेल दर्ज करने के बाद हॉल टिकट डाउनलोड किया जा सकेगा. इसे डाउनलोड करने के बाद उसमें नाम, परीक्षा की तारीख, शिफ्ट और केंद्र की जानकारी जरूर देखनी होगी.&amp;nbsp;
100 सवाल, 100 नंबर का पेपर&amp;nbsp;
UPSSSC PET 2026 में कुल 100 एमसीक्यू प्रश्न पूछे जाएंगे और पेपर 100 अंकों का होगा. परीक्षा में भारतीय इतिहास, भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन, भूगोल, भारतीय अर्थव्यवस्था, भारतीय संविधान एवं लोक प्रशासन, सामान्य विज्ञान, प्रारंभिक अंकगणित, सामान्य हिंदी, सामान्य अंग्रेजी, रीजनिंग और सामान्य जागरूकता जैसे विषय शामिल होंगे. परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग भी होगी. प्रत्येक गलत उत्तर के लिए के लिए उस प्रश्न के निर्धारित अंक का एक चौथाई हिस्सा काटा जाएगा. ऐसे में उम्मीदवारों को सवाल हल करते समय अनुमान से जवाब देने से बचना होगा.&amp;nbsp;
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10वीं पास उम्मीदवार दे सकते हैं परीक्षा&amp;nbsp;
पीईटी 2026 के लिए किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से कक्षा 10वीं परीक्षा पास उम्मीदवार पात्र होंगे. इसके अलावा मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से इससे उच्च योग्यता रखने वाले उम्मीदवार भी आवेदन कर सकते हैं. आयु की बात करें तो 1 जुलाई 2026 को उम्मीदवार की उम्र कम से कम 18 और अधिकतम 40 वर्ष होनी चाहिए. आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों काे आयोग के नियमों के अनुसार छूट दी जाएगी.&amp;nbsp;
7 सितंबर को खत्म हो चुका है आवेदन&amp;nbsp;
UPSSSC PET 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 3 अगस्त 2026 से शुरू हुई थी. आवेदन करने के अंतिम तारीख 7 सितंबर 2026 निर्धारित की गई थी. परीक्षा फीस जमा करने की आखिरी तारीख भी 7 सितंबर थी, जबकि आवेदन में सुधार के लिए 8 सितंबर तक का समय दिया गया था. आवेदन फीस सामान्य और ओबीसी वर्ग के लिए 185 रुपये एससी, एसटी के लिए 95 रुपये और दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए 25 रुपये निर्धारित थी.
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        <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 20:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>उत्तराखंड में PCS में 67 पदों पर भर्ती, DSP और डिप्टी कलेक्टर बनने का मौका </title>
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        <description><![CDATA[ उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (UKPSC) ने राज्य सिविल/प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा 2026 के लिए भर्ती विज्ञापन जारी कर दिया है. इस भर्ती के जरिए प्रदेश के अलग-अलग विभागों में ग्रुप बी के कुल 67 पदों को भरा जाएगा. इनमें डिप्टी कलेक्टर, पुलिस उपाधीक्षक, जिला कमांडेंट होमगार्ड, वित्त अधिकारी, ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर समेत कई दूसरे पद शामिल है. भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन के प्रक्रिया 9 सितंबर 2026 से शुरू हो चुकी है. योग्य एलिजिबल उम्मीदवार 29 सितंबर 2026 रात 11:59 बजे तक आयोग की वेबसाइट पर के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं. आवेदन फीस जमा करने की अंतिम तारीख भी 29 सितंबर ही है.&amp;nbsp;
DSP के हैं सबसे ज्यादा पद&amp;nbsp;
UKPSC की ओर से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार कुल 67 रिक्तियों में सबसे ज्यादा 14 पद पुलिस उपाधीक्षक के हैं. डिप्टी कलेक्टर के लिए 10 पद निर्धारित किए गए हैं. इसके अलावा सहायक निदेशक/लेखा परीक्षा अधिकारी के 8, ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर के 5 और सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी के 5 पद हैं. वहीं वित्त अधिकारी/कोषाधिकारी के 4, संस्कृत शिक्षा विभाग में सहायक निदेशक/उपसचिव के 4, जिला कमांडेंट होमगार्ड के 2 और सहायक निदेशक कारखाना/बॉयलर के 2 पद है. सहायक आयुक्त राज्य कर, सहायक नगर आयुक्त/अधिशासी अधिकारी कैटेगरी 1, उप शिक्षा अधिकारी/स्टाफ ऑफिसर/विधि अधिकारी, सहायक श्रम आयुक्त और उद्यान विकास अधिकारी कैटेगरी 2 के एक-एक पद रखे गए हैं. राज्य कर अधिकारी के 5 और महिला कल्याण विभाग में केस वर्कर के 3 पद भी भर्ती में शामिल है.&amp;nbsp;
67 पदों का कैटेगरी वाइज ब्यौरा
कुल 67 पदों में 37 पद सामान्य वर्ग के लिए है. अनुसूचित जाति के लिए 13, अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 11 और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 6 पद निर्धारित है. कुल पदों पर उत्तराखंड की महिलाओं और राज्य आंदोलनकारियों के लिए क्षैतिज आरक्षण भी लागू होगा.&amp;nbsp;
किस पद पर कितनी मिलेगी सैलरी?
भर्ती में शामिल अधिकांश पद लेवल 10 के हैं, जिनका सैलरी 56,100 रुपये से 1,77,500 रुपये तक है. राज्य कर अधिकारी का पद लेवल 7 में है, जिसकी सैलरी 44,900 से 1,42,400 रुपये है. वहीं केस वर्कर के लिए लेवल 6 के तहत 35,400 से 1,12,400 रुपये तक सैलरी निर्धारित है.
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कौन कर सकता है आवेदन?
ज्यादातर पदों के लिए मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन डिग्री जरूरी है. हालांकि कुछ पदों के लिए अलग-अलग शैक्षणिक योग्यता रखी गई है. सहायक निदेशक/लेखा परीक्षा अधिकारी के लिए कॉमर्स में ग्रेजुएशन की योग्यता चाहिए. उप शिक्षा अधिकारी/स्टाफ ऑफिसर/विधि अधिकारी के लिए पोस्ट ग्रेजुएशन निर्धारित है. सहायक श्रम आयुक्त के लिए अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र, कॉमर्स जैसे सब्जेक्ट में ग्रेजुएशन होना जरूरी है. वहीं संस्कृत शिक्षा विभाग के पद के लिए संस्कृत में पोस्ट ग्रेजुएशन या बीएड की योग्यता दी गई है. सहायक निदेशक कारखाना/बॉयलर के लिए मैकेनिक या इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिग्री, जबकि उद्यान विकास अधिकारी के लिए हॉर्टिकल्चर या कृषि से संबंधित डिग्री जरूरी होगी. वही केस वर्कर पद के लिए समाजशास्त्र, एप्लाइड सोशियोलॉजी या सोशल वर्क में पोस्ट ग्रेजुएशन जरूरी है.&amp;nbsp;
कितने चरणों में होगा चयन?
यूकेपीएससी की भर्ती प्रक्रिया के आवेदन 9 सितंबर से शुरू हो चुके हैं और 29 सितंबर तक आवेदन जारी रहेंगे. आवेदन में सुधार के लिए 7 से 16 अक्टूबर तक विंडो खुलेगी. वहीं उम्मीदवारों का चयन प्रारंभिक परीक्षा, लिखित परीक्षा, इंटरव्यू, मेडिकल जांच और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के चरणों के जरिए किया जाएगा. प्रारंभिक परीक्षा में जनरल स्टडीज और जनरल एप्टीट्यूड के पेपर होंगे, जबकि मुख्य परीक्षा में समान हिंदी निबंध और सामान्य अध्ययन के अलग-अलग पेपर शामिल है.
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        <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 20:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>पहले से टीईटी वाले शिक्षकों को दोबारा देना होगा स्पेशल TET, क्या बोला शिक्षा विभाग?</title>
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        <description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश में कार्यरत शिक्षकों और विशेष शिक्षकों के लिए आयोजित होने वाली स्पेशल टीईटी को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग ने स्थिति को स्पष्ट कर दिया है. विभाग ने बताया कि जिन शिक्षकों ने पहले ही टीईटी या सीटीईटी पास कर रखा है, उन्हें दोबारा स्पेशल टीईटी पास करने की जरूरत नहीं होगी. वहीं ऐसे शिक्षक, जिन्होंने अभी तक &amp;nbsp;टीईटी या सीटीईटी में सफलता हासिल नहीं की है उन्हें स्पेशल टीईटी के लिए आवेदन कर परीक्षा में शामिल होना होगा. बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने संबंध में निर्देश जारी किए हैं. शासन के निर्देश के बाद उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने स्पेशल टीईटी 2026 का विज्ञापन भी जारी कर दिया है. परीक्षा 3 नवंबर 2026 को आयोजित की जाएगी.&amp;nbsp;
किन शिक्षकों को मिलेगा स्पेशल TET का मौका?
स्पेशल टीईटी का आयोजन प्राथमिक और प्राथमिक स्तर पर काम कर रहे हैं, शिक्षकों तथा विशेष शिक्षकों के लिए किया जा रहा है. प्राथमिक स्तर पर कक्षा 1 से 5 तक पढ़ने वाले शिक्षक इसके दायरे में होंगे. इनमें बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों, स्थानीय निकायों के स्कूल, &amp;nbsp;राज्य सरकार या बेसिक शिक्षा परिषद से मान्यता अथवा संबंधित विद्यालयों और सहायता प्राप्त विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक शामिल है. प्राथमिक स्तर के स्पेशल टीचर भी परीक्षा में शामिल हो सकेंगे. इस तरह उच्च प्राथमिक स्तर पर कक्षा 6 से 8 तक पढ़ाने वाले एलिजिबल शिक्षक और स्पेशल टीचर को भी परीक्षा में शामिल होने का अवसर दिया जाएगा.&amp;nbsp;
TET और CTET में पास शिक्षकों के लिए राहत&amp;nbsp;
शिक्षा विभाग में सबसे जरूरी स्पष्टीकरण उन शिक्षकों को लेकर दिया है जो पहले से टेट या स्टेट उतरन कर चुके हैं ऐसे शिक्षकों के लिए स्पेशल ट दोबारा पास करना अनिवार्य या आवश्यक नहीं है वहीं जिन शिक्षकों ने अब तक या टेट पास नहीं किया उन्हें स्पेशलिटी के निर्धारित विज्ञापन के अनुसार रजिस्ट्रेशन कर आवेदन करना होगा और परीक्षा में शामिल होना होगा.&amp;nbsp;
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5 सितंबर से शुरू हुआ आवेदन&amp;nbsp;
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से स्पेशल टीईटी का विज्ञापन 3 सितंबर 2026 को जारी किया गया था. इसके लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और आवेदन की प्रक्रिया 5 सितंबर से शुरू हो चुकी है. आवेदन फीस जमा करने की अंतिम तारीख 4 अक्टूबर है. वहीं आवेदन फॉर्म में सुधार करने का मौका 8 अक्टूबर तक दिया जाएगा. इसके बाद 3 नवंबर 2026 को परीक्षा आयोजित की जाएगी.
सभी एलिजिबल शिक्षकों तक सूचना पहुंचाने के निर्देश&amp;nbsp;
बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिया गया है कि वे संबंधित शिक्षकों तक स्पेशल टीईटी से जुड़ी जानकारी पहुंचाएं, ताकि एलिजिबल उम्मीदवार समय सीमा के अंदर रजिस्ट्रेशन और आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर सकें. इस व्यवस्था के जरिए विभाग ने स्पेशल एजुकेटर और दूसरे कार्यरत शिक्षकों के लिए परीक्षा में शामिल होने की पात्रता और आवेदन से जुड़ी स्थिति को स्पष्ट किया है.
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        <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 20:30:05 +0530</pubDate>
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        <title>यूपी बोर्ड परीक्षा की कॉपियों में मिले 500 के नोट, 12 स्कूलों के प्रिंसिपल तलब</title>
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        <description><![CDATA[ यूपी बोर्ड की 10वीं और 12वीं की कंपार्टमेंट परीक्षा 2026 के बाद मुजफ्फरपुर नगर में परीक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. परीक्षा की कॉपियां जांच के लिए दूसरे जिलों में पहुंचने के बाद कई कॉपियों में 500-500 के नोट बंधे हुए मिले. मामला सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने जांच शुरू कर दी है. अब परीक्षा केंद्र प्रभारी और उनके उन स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को भी जवाब देने के लिए तलब किया गया है, जिनके छात्रों की कॉपी में पैसे मिले थे.&amp;nbsp;
100 से ज्यादा बोर्ड कॉपी में मिले 500 के नोट&amp;nbsp;
मुजफ्फरनगर के राजकीय इंटर कॉलेज में जुलाई में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की कंपार्टमेंट व इंप्रूवमेंट परीक्षा आयोजित की गई थी. इसमें करीब 700 परीक्षार्थी शामिल हुए थे. परीक्षा के बाद जब उत्तर पुस्तिकाएं मूल्यांकन के लिए दूसरे जिले में भेजी गई, तो जांच के दौरान कॉपियों में नोट मिलने का मामला सामने आया. जानकारी के अनुसार 100 से ज्यादा बोर्ड कॉपी में 500 रुपये के नोट बंधे हुए मिले. यह कॉपियां 12 स्टूडेंट से संबंधित बताई गई. कॉपी में इस तरह धनराशि मिलने के बाद मामले को अनुचित साधनों के इस्तेमाल से जोड़कर देखा गया और इसकी जानकारी माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रयागराज के अधिकारियों तक पहुंचाई गई.&amp;nbsp;
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सामूहिक नकल की भी आशंका&amp;nbsp;
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए मुजफ्फरनगर के परीक्षा केंद्र प्रभारी और संबंधित विद्यालयों के प्रधानाचार्य को मेरिट स्थित क्षेत्रीय सचिव कार्यालय में सुनवाई के लिए बुलाया गया. मंगलवार को हुई सुनवाई में सभी 12 प्रधानाचार्य के साथ जीआईसी मुजफ्फरनगर के प्रधानाचार्य और परीक्षा केंद्र प्रभारी सुभाष चंद्र का भी पक्ष सुना गया. सुनवाई के दौरान क्षेत्रीय सचिव ज्योति प्रसाद ने प्रधानाचार्यों को फटकार लगाई. मामले में सामूहिक नकल कराई जाने के आशंका भी जताई गई. सुनवाई पूरी होने के बाद क्षेत्रीय कार्यालय की ओर से रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी गई. अब इस मामले में अंतिम निर्णय उच्च स्तर से लिया जाएगा.&amp;nbsp;
इन स्कूलों के प्रधानाचार्य हुए तलब&amp;nbsp;
मेरठ क्षेत्रीय कार्यालय में जिन विद्यालयों के प्रधानाचार्य को सुनवाई के लिए बुलाया गया, उनमें श्री कुंदकुंद जैन इंटर कॉलेज खतौली, जीआईसी बडसू, आदेश इंटर कॉलेज, श्री प्राणनाथ इंटर कॉलेज रतनपुरी, सर सैयद इंटर कॉलेज बुढ़ाना और एसडीएस इंटर कॉलेज तितावी शामिल है. इसके अलावा किसान मजदूर इंटर कॉलेज जसोई, जीआईसी कन्या इंटर कॉलेज सिसौली, एसडी इंटर कॉलेज, नेशनल इंटर कॉलेज दधेडू और भारत इंटर कॉलेज नंगला मंदौड़ के प्रधानाचार्यों को भी तलब किया गया.
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        <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 04:30:07 +0530</pubDate>
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        <title>कौन है अमृत सागर चोपड़ा? जो IIT को हर साल देंगे 1 करोड़?</title>
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        <description><![CDATA[ आईआईटी से पढ़ाई करने के बाद जब कोई छात्र अपने करियर में बड़ी सफलता हासिल करता है, तो उसके संस्थान के लिए इससे बड़ी खुशी शायद ही कुछ और हो. लेकिन कुछ पूर्व छात्र ऐसे भी होते हैं, जो सफलता के बाद अपने संस्थान को वापस कुछ देने का फैसला करते हैं. आईआईटी-आईएसएम धनबाद के पूर्व छात्र अमृत सागर चोपड़ा का नाम भी इसी कड़ी में चर्चा का विषय बन गया है. उन्होंने तय किया है कि वह अपने जीवन काल में हर साल आईआईटी धनबाद को एक करोड़ रुपये देंगे. इससे पहले भी वह संस्थान को 3 करोड़ रुपये का योगदान दे चुके हैं. चोपड़ा का यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब आईआईटी धनबाद अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे करने के मौके पर शताब्दी समारोह मना रहा है. वहीं संस्थान की ओर से 100 वर्ष 100 करोड़ रुपये का अभियान चलाया जा रहा है. जिसमें पूर्व छात्र बढ़-चढ़कर योगदान कर रहे हैं. ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं कि अमृत सागर चोपड़ा कौन है, जो आईआईटी धनबाद को हर साल एक करोड़ रुपये देंगे.
कौन है अमृत सागर चोपड़ा?
अमृत सागर चोपड़ा आईआईटी आईएसएम धनबाद के 1961 बैच से हैं. उस समय संस्थान को इंडियन स्कूल ऑफ माइंस यानी आईएसएम धनबाद के नाम से जाना जाता था. उन्होंने यहां माइनिंग इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और बाद में अपने करियर में कई अलग-अलग क्षेत्र में काम किया. माइनिंग सेक्टर में काम करने के बाद उन्होंने टेक्नोलॉजी की दुनिया में भी कदम रखा. एंड्रयू युले एंड कंपनी में कुलेरी मैनेजर के तौर पर काम करने के बाद वह आईबीएम, टीसीएस और टाटा एलेक्सी जैसी कंपनियों से जुड़े. इसके बाद 1982 में ओमान जाकर उन्होंने कंप्यूटर एजूकेशन और हेल्थकेयर सिस्टम से जुड़ा अपना संस्थान शुरू किया.&amp;nbsp;
मेडिकॉम सॉफ्टवेयर के मालिक है अमृत सागर चोपड़ा&amp;nbsp;
अमृत सागर चोपड़ा ने आगे चलकर अपनी कंपनी खड़ी की. उनकी कंपनी मेडिकॉम सॉफ्टवेयर का तैयार किया गया हॉस्पिटल मैनेजमेंट सिस्टम दुनिया के 150 से ज्यादा अस्पताल में इस्तेमाल किया जा रहा है. माइन वेंटिलेशन के विषय पर भी वह किताब लिख चुके हैं. &amp;nbsp;इसके अलावा उन्हें फर्स्ट क्लास माइन मैनेजर का सर्टिफिकेट मिला था. इनोवेशन, एंटरप्रेन्योरशिप और फिलांथ्रोपी के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए आईआईटी धनबाद ने उन्हें स्पेशल कंटेनेरी अवाॅर्ड 2026 से भी सम्मानित किया.&amp;nbsp;
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पहले 3 करोड़ रुपये दे चुके हैं चोपड़ा&amp;nbsp;
अपने करियर में मिली सफलता का श्रेय अमृत सागर चोपड़ा अपने संस्थान और वहां के शिक्षकों को भी देते हैं. यही वजह है कि उन्होंने आईआईटी धनबाद के विकास में आर्थिक योगदान देने का फैसला किया. आईआईटी शताब्दी भवन में प्रस्तावित कन्वेंशन हॉल के लिए उन्होंने शताब्दी फंड में पहले ही 3 करोड रुपये दिए थे. अब उन्होंने इससे आगे बढ़ते हुए अपने जीवनकाल तक हर साल एक करोड़ रुपये देने का संकल्प लिया है. उनका यह योगदान संस्थान के विकास और शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए होगा.&amp;nbsp;
कई पूर्व छात्र दे रहे हैं योगदान
आईआईटी धनबाद की शताब्दी अभियान में सिर्फ अमृत सागर चोपड़ा ही नहीं, बल्कि कई पूर्व छात्र भी योगदान कर रहे हैं. पेट्रोलियम इंजीनियरिंग के 1962 बैच के मोहिंदर सिंह गुलाटी ने 10 करोड़ रुपये दिए हैं. वहीं 1988 बैच के संतोष चंद्र ने शताब्दी एंडोमेंट के लिए 65.5 लाख रुपये का योगदान किया है. उन्होंने यह राशि अपने माता-पिता की स्मृति में दी है. इसके अलावा अविनाश आहूजा ने 84 लाख रुपये दिए हैं. इस तरह से कई दूसरे पूर्व छात्र भी आईआईटी के लिए योगदान दे रहे हैं.
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        <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 04:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>46 लाख की नौकरी ठुकराई, 7 बार एसएसबी में फेल; फिर ऐसे आर्मी ऑफिसर बने शारदेंदु</title>
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        <description><![CDATA[ 46 लाख की नौकरी ठुकराई, 7 बार एसएसबी में फेल; फिर ऐसे आर्मी ऑफिसर बने शारदेंदु ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 04:30:04 +0530</pubDate>
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        <title>अगस्त में प्रोफेशनल जॉब्स में भर्ती 14 पर्सेंट बढ़ी... फ्रेशर्स हायरिंग में भी 15 पर्सेंट का इजाफा</title>
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        <description><![CDATA[ भारत के प्रोफेशनल जॉब मार्केट के लिए अगस्त का महीना राहत भरा रहा है. अलग-अलग सेक्टर में कंपनियों की ओर से भर्ती बढ़ी और नौकरी की तलाश कर रहे फ्रेशर्स के लिए भी अच्छी तस्वीर सामने आई. नौकरी जॉब स्पीक्स की ताजा रिपोर्ट के अनुसार अगस्त में देश में व्हाइट कॉलर हायरिंग पिछले साल के अगस्त महीने की तुलना में 14 फीसदी बढ़ी. इस दौरान ऑटो, हेल्थ केयर और रिटेल जैसे सेक्टरों में भर्ती ने रफ्तार पकड़ी. नौकरी जॉब स्पीक्स इंडेक्स अगस्त में 3,028 पर पहुंच गया, जबकि पिछले साल अगस्त में यह 2,664 था. हालांकि जुलाई के 3,227 के मुकाबले अगस्त का इंडेक्स 6 फरवरी कम रहा. रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि अगस्त के आंकड़ों को त्योहारी सीजन के बदलते समय के रूप में देखना जरूरी है. पिछले साल कई त्यौहार अगस्त में पड़ रहे थे, जबकि इस साल इसका ज्यादा असर सितंबर में दिखाई देगा.&amp;nbsp;
फ्रेशर्स के लिए भी बढ़े नौकरी के मौके
अगस्त में सिर्फ एक्सपीरियंस कर्मचारियों की मांग नहीं बढ़ी, बल्कि शुरुआती करियर वाले उम्मीदवारों के लिए भी हायरिंग में इजाफा हुआ. 3 साल तक के एक्सपीरियंस वाले उम्मीदवारों की भर्ती सालाना आधार पर 15 फीसदी बढ़ी. बीमा क्षेत्र में अकेले फ्रेशर हायरिंग 37 प्रतिशत बढ़ी. 4 से 7 साल के एक्सपीरियंस वाले प्रोफेशनल्स की भर्ती में 10 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई. वहीं 8 से 12 साल के एक्सपीरियंस वाले उम्मीदवारों की हायरिंग 16 फीसदी और 13 से 16 साल के एक्सपीरियंस वाले प्रोफेशनल की भर्ती 18 फीसदी बढ़ी. 16 साल से ज्यादा एक्सपीरियंस वाले उम्मीदवारों की मांग में भी 13 फीसदी का इजाफा हुआ.&amp;nbsp;
ऑटो, हेल्थकेयर और रिटेल में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी&amp;nbsp;
सेक्टर के हिसाब से देखें तो ऑटो और ऑटो एंसिलरी में हायरिंग 19 फीसदी बढ़ी. हेल्थ केयर में 16 फीसदी और रिटेल में 15 फीसदी की वृद्धि दर्ज हुई. इंश्योरेंस में 12 फीसदी और आईटी में 11 फीसदी के बढ़ोतरी रही. वहीं बैंकिंग और एफएमसीजी सेक्टर में भर्ती 10-10 फीसदी बढ़ी. बीपीओ-आईटीईएस, ऑयल एंड गैस और रियल एस्टेट में 8-8 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई. वहीं फार्मा और बायोटेक में भर्ती लगभग स्थिर रही. कुछ सेक्टरों में स्थिति इसके उलट &amp;nbsp;रही. हॉस्पिटैलिटी और ट्रैवल में हायरिंग 4 फीसदी घटी,जबकि एजुकेशन, टीचिंग और ट्रेनिंग में 8 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई. मीडिया, डॉट कॉम एंटरटेनमेंट में भी भर्ती 14 फीसदी कम रही.&amp;nbsp;
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AI और मशीन लर्निंग से जुड़े पदों में बढ़ी मांग&amp;nbsp;
टेक्नोलॉजी से जुड़ी नौकरियों में भी अगस्त के दौरान मांग बनी रही. एआई और मशीन लर्निंग से जुड़े पदों की हायरिंग में 31 फीसदी की सालाना वृद्धि हुई. आईटी और सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में कुल 11 फीसदी बढ़ी. आईटी सेक्टर के अंदर एआई-मशीन लर्निंग भूमिका में 12 फीसदी और आईटी व इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी में 32 फीसदी के वृद्धि दर्ज की गई. वहीं फंक्शन के आधार पर हेल्थ केयर एवं लाइफ साइंस में हायरिंग 34 फीसदी, मीडिया प्रोडक्शन एवं एंटरटेनमेंट में 33 फीसदी, इंजीनियरिंग हार्डवेयर एवं नेटवर्क में 30 फीसदी और बीएफएसआई, इन्वेस्टमेंट एवं ट्रेडिंग में 29 फीसदी बढ़ी. जीसीसीएस में भी भर्ती 10 फीसदी ऊपर रही.&amp;nbsp;
हैदराबाद और कोलकाता में हायरिंग की तेज रफ्तार&amp;nbsp;
बड़े शहरों की बात करें तो हैदराबाद 23 फीसदी की वृद्धि के साथ सबसे आगे रहा. इसके बाद कोलकाता में 22 फीसदी, चेन्नई में 20 फीसदी, बेंगलुरु और पुणे में 14-14 फीसदी, दिल्ली एनसीआर में 10 फीसदी और मुंबई में 7 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई. वहीं उभरते शहरों में भुवनेश्वर में हायरिंग 32 फीसदी बढ़ी, जबकि रायपुर में 23 फीसदी की वृद्धि रही. इसके अलावा सूरत और रांची में भी भर्ती के आंकड़ों में मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई.
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        <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 04:30:02 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>अगस्त, में, प्रोफेशनल, जॉब्स, में, भर्ती, पर्सेंट, बढ़ी..., फ्रेशर्स, हायरिंग, में, भी, पर्सेंट, का, इजाफा</media:keywords>
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        <title>SSC CHSL भर्ती शुरू, 12वीं पास उम्मीदवारों को 92 हजार तक की सैलरी</title>
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        <description><![CDATA[ सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे 12वीं पास युवाओं के लिए कर्मचारी चयन आयोग (SSC में नौकरी का बड़ा मौका सामने आया है. आयोग ने कंबाइंड हायर सेकेंडरी, लेवल एग्जामिनेशन यानी SSC CHSL 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है. इस भर्ती के जरिए लोअर डिविजनल क्लर्क, जूनियर सेक्रेटेरिएट अस्सिटेंट और डेटा एंट्री ऑपरेटर के पदों पर करीब 2,536 उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा. इच्छुक उम्मीदवार 7 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. वहीं आवेदन की प्रक्रिया कल यानी 7 सितंबर से शुरू हो चुकी है.&amp;nbsp;
किन-किन पदों पर हो रही है भर्ती?
SSC CHSL 2026 के तहत LDC-JSA और DEO ग्रेड ए पदों पर भर्ती होगी. आयोग ने फिलहाल करीब 2,536 वैकेंसी बताई है. पद और कैटेगरी के अनुसार अंतिम वैकेंसी का डिटेल बाद में एसएससी की वेबसाइट पर जारी की जाएगी.&amp;nbsp;
12वीं पास कर सकते हैं आवेदन&amp;nbsp;
एलडीसी-जेएसए और अधिकांश डीईओ पदों के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं या पास होना जरूरी है. वहीं उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय, एससी और संस्कृति मंत्रालय में डीईओ- डीईओ ग्रेड ए पदों के लिए 12वीं में साइंस स्ट्रीम के साथ गणित विषय होना जरूरी है, जो उम्मीदवार 12वीं की परीक्षा दे चुके हैं, वह भी आवेदन कर सकते हैं. लेकिन उनकी आवश्यक योग्यता 7 अक्टूबर 2026 तक पूरी हो जानी चाहिए.&amp;nbsp;
आयु सीमा और सैलरी&amp;nbsp;
SSC CHSL 2026 के लिए उम्मीदवार की उम्र 18 से 27 वर्ष के बीच होनी चाहिए. जिसका मतलब है कि 2 अगस्त 1999 से पहले और 1 अगस्त 2008 के बाद जन्मे उम्मीदवार आवेदन नहीं कर सकते. वहीं आरक्षित वर्गों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु में छूट भी मिलेगी. इसके अलावा एसएससी सीएचएसएल में चयनित उम्मीदवारों को अलग-अलग पदों के अनुसार 7वें केंद्रीय वेतन आयोग के तहत सैलरी मिलेगी. एलडीसी-जीएसए पद के लिए पे लेवल-2 में 19,900 से 63,200 रुपये तक सैलरी मिलेगी. डीईओ पद पर पे लेवल-4 में 25,500 से 81,100 रुपये और पे लेवल-5 में 29,200 से 92,300 तक सैलरी दी जाएगी. डीईओ ग्रेड ए के लिए पे लेवल 4 के तहत 25,500 से 81,100 रुपये तक सैलरी मिलेगी.
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दो चरणों में होगी चयन प्रक्रिया
उम्मीदवारों का चयन टियर-1 और टियर-2 कंप्यूटर आधारित परीक्षा के जरिए किया जाएगा. टियर-1 में इंग्लिश, जनरल इंटेलिजेंस, क्वांटेटिव एप्टीट्यूड और जनरल अवेयरनेस से सवाल पूछे जाएंगे. परीक्षा में गलत उत्तर के लिए 0.50 अंक की निगेटिव मार्किंग होगी. टियर-2 में अलग-अलग सेक्शन के साथ कंप्यूटर नॉलेज टेस्ट और पद के अनुसार स्किल या टाइपिंग टेस्ट शामिल होगा. टियर-2 के दोनों सेशन एक ही दिन आयोजित किए जाएंगे&amp;nbsp;
ऐसे करें आवेदन&amp;nbsp;

इन पदों पर आवेदन करने के लिए सबसे पहले ssc.gov.in पर जाएं.&amp;nbsp;
इसके बाद वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन पूरा करके लोगिन करें.
अब SSC CHSL 2026 का ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरें.&amp;nbsp;
इसके बाद मांगी गई डिटेल भरकर डॉक्यूमेंट अपलोड करें.
डॉक्यूमेंट अपलोड करने के बाद ऑनलाइन फीस का पेमेंट करें.&amp;nbsp;
फीस पेमेंट करके फॉर्म को दोबारा अच्छे से जांच कर इसे सबमिट कर लें और कंफर्मेशन पेज डाउनलोड कर लें.

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        <pubDate>Wed, 09 Sep 2026 16:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>SSC, CHSL, भर्ती, शुरू, 12वीं, पास, उम्मीदवारों, को, हजार, तक, की, सैलरी</media:keywords>
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        <title>बॉम्बे हाईकोर्ट को कुक की जरूरत, 10वीं&amp;12वीं पास भी कर सकते हैं अप्लाई</title>
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        <description><![CDATA[ सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे उम्मीदवारों के लिए मुंबई हाईकोर्ट में नौकरी पाने का मौका है. मुंबई हाई कोर्ट की औरंगाबाद बेंच ने रसोइया के पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है. इस भर्ती के तहत कुल 18 पदों को भर जाना है. वहीं इस भर्ती की खास बात यह है कि इन पदों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता सिर्फ चौथी कक्षा पास रखी गई है. ऐसे में कक्षा 10वीं और 12वीं पास उम्मीदवार भी इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं. वहीं इन पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन नहीं, बल्कि ऑफलाइन रखी गई है. इन पदों के लिए उम्मीदवारों को फॉर्म भरकर स्पीड पोस्ट के जरिए भेजना होगा.&amp;nbsp;
कितनी है वैकेंसी और क्या है योग्यता?
मुंबई हाई कोर्ट के औरंगाबाद बेंच की ओर से जारी विज्ञापन के अनुसार कुल 18 पदों पर भर्ती की जानी है. इनमें एक पद दिव्यांग उम्मीदवार के लिए आरक्षित है. कुक पद के लिए उम्मीदवार का कम से कम चौथी कक्षा पास होना जरूरी है. जिन उम्मीदवारों ने 10वीं 12वीं या इससे ज्यादा पढ़ाई की है. वह भी आवेदन के योग्य है. अगर किसी उम्मीदवार के पास चौथी कक्षा की मार्कशीट नहीं है, तो आवेदन में चौथी कक्षा के लिए 50 प्रतिशत अंक का अनुमानित स्कोर दर्ज करने का प्रावधान है. इसके अलावा उम्मीदवार को हिंदी और मराठी दोनों भाषाओं में पढ़ने-लिखने और बोलने के ज्ञान होना चाहिए. वहीं उम्मीदवार को शाकाहारी और मांसाहारी दोनों तरह का खाना बनाना आना चाहिए.
52 हजार रुपये तक मिलेगी सैलरी&amp;nbsp;
बॉम्बे हाईकोर्ट में कुक के पद पर चयनित उम्मीदवारों को सातवें वेतन आयोग के तौर पर मैट्रिक्स लेवल एस 3 में सैलरी दी जाएगी. इन पदों पर सैलरी 16,600 से 52,400 तक मिलेगी. इसके अलावा नियमानुसार दूसरे सरकारी भत्ते भी मिलेंगे. वहीं इन पदों के लिए उम्मीदवारों की उम्र न्यूनतम 18 वर्ष और अधिकतम 38 वर्ष होनी चाहिए. पिछड़ा वर्ग के लिए अधिकतम आयु सीमा 23 वर्ष रखी गई है. वहीं कोर्ट या सरकारी कर्मचारी निर्धारित शर्तों के तहत आवेदन कर सकते हैं.&amp;nbsp;
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50 अंकों के आधार पर होगा चयन&amp;nbsp;
उम्मीदवारों का चयन कुल 50 अंकों की प्रक्रिया के आधार पर किया जाएगा. इसमें सबसे ज्यादा जरूरी कुकिंग प्रैक्टिकल टेस्ट का होगा. कुकिंग प्रैक्टिकल टेस्ट 30 अंकों का होगा. इसमें कम से कम 15 अंक हासिल करना जरूरी है. इसके बाद फिजिकल फिटनेस टेस्ट 10 अंकों का और ओरल इंटरव्यू 10 अंकों का होगा, जो उम्मीदवार प्रैक्टिकल कुकिंग टेस्ट में सफल नहीं होंगे वह आगे के प्रक्रिया में शामिल नहीं हो सकेंगे. वहीं अंतिम चरण तीनों चरणों में प्राप्त कुल अंकों के आधार पर मेरिट से किया जाएगा.&amp;nbsp;
ऐसे भेजना होगा आवेदन&amp;nbsp;
उम्मीदवारों को मुंबई हाई कोर्ट के ऑफिशियल वेबसाइट से निर्धारित आवेदन फॉर्म डाउनलोड करना होगा. फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारी सही तरीके से भरने के बाद फोटो लगानी होगी और जरूरी डॉक्यूमेंट की सेल्फ एसिस्टेड कॉपी जमा करनी होगी. आवेदन वाले लिफाफे पर एप्लीकेशन फॉर पोस्ट ऑफ स्वयंपाकी लिखना होगा. इसके बाद पूरा आवेदन केवल स्पीड पोस्ट के जरिए भेजना होगा. स्पीड पोस्ट पर एड्रेस प्रबंधक प्रशासन, मुंबई हाई कोर्ट, बेंच औरंगाबाद जालना रोड, छत्रपति संभाजी नगर-431009 पर 10 सितंबर शाम 5 बजे तक पहुंच जाना चाहिए. दूसरे किसी माध्यम से भेजे गए आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे. वहीं आवेदन जमा करते समय कोई फीस भी नहीं देनी होगी.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Wed, 09 Sep 2026 16:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>बॉम्बे, हाईकोर्ट, को, कुक, की, जरूरत, 10वीं-12वीं, पास, भी, कर, सकते, हैं, अप्लाई</media:keywords>
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        <title>नीट में 10 हजार से 1 लाख रैंक वालों को कहां मिलेगा एडमिशन? देखें ये 10 MBBS कॉलेज</title>
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        <description><![CDATA[ नीट यूजी 2026 में अच्छी रैंक पाने के बाद ज्यादातर छात्रों की कोशिश सरकारी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस सीट हासिल करने की होती है. लेकिन सिर्फ रैंक से यह तय नहीं होता कि किस कॉलेज में एडमिशन मिलेगा. कैंडिडेट की कैटेगरी, ऑल इंडिया कोटा, स्टेट कोटा, उपलब्धि सीटें और पिछले राउंड के क्लोजिंग रैंक जैसे कई फैक्टर सीट अलॉटमेंट में बड़ी भूमिका निभाते हैं. ऐसे में नीट यूजी 2026 के राउंड 1 काउंसलिंग का डेटा सामने आने के बाद अलग-अलग रैंक और कैटेगरी के हिसाब से सरकारी मेडिकल कॉलेज में एडमिशन की तस्वीर कुछ हद तक साफ हुई है. 10 हजार से 1 लाख तक रैंक वाले उम्मीदवारों के लिए भी सरकारी एमबीबीएस कॉलेज के ऑप्शन मौजूद है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि नीट में 10 हजार से 1 लाख रैंक वालों को कहां एडमिशन मिल सकता है.&amp;nbsp;
10 हजार से 1 लाख रैंक पर कॉलेज के ऑप्शन
सरकारी मेडिकल कॉलेज&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; कोटा&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; कैटेगरी&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; नीट रैंक&amp;nbsp;
सरकारी मेडिकल कॉलेज और सुपर फैसिलिटी हॉस्पिटल, आजमगढ़ &amp;nbsp; &amp;nbsp; ऑल इंडिया &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;ओबीसी&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;10,002&amp;nbsp;पं. रघुनाथ मुर्मू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, बारीपदा&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;ऑल इंडिया &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;ओपन जनरल&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;10,004&amp;nbsp;डॉ. वैशम्पायन मेमोरियल मेडिकल कॉलेज, सोलापुर&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; ऑल इंडिया&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; ओपन जनरल&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;10,561&amp;nbsp;सरकारी मेडिकल कॉलेज, अनंतनाग&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;ऑल इंडिया&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; ओपन जनरल&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;10,654&amp;nbsp;सरकारी मेडिकल कॉलेज, बारां&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; ऑल इंडिया &amp;nbsp; &amp;nbsp; ओपन जनरल&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; 12,759&amp;nbsp;स्टेट मेडिकल कॉलेज सोसाइटी, फतेहपुर&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; ऑल इंडिया&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; ओबीसी&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; 13,729&amp;nbsp;सरकारी मेडिकल कॉलेज, करौली&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; ऑल इंडिया&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;एससी&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; 63,909&amp;nbsp;अगरतला गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, अगरतला&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;ऑल इंडिया&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;एससी&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; 68,983&amp;nbsp;शेख-उल-हिंद मौलाना महमूद हसन मेडिकल कॉलेज, सहारनपुर&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; ऑल इंडिया&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;एसटी&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;87,624&amp;nbsp;मालदा मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल, मालदा&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; ऑल इंडिया&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;एससी&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; 88,094&amp;nbsp;
ओपन जनरल कैटेगरी में 10 हजार के आसपास ऑप्शन&amp;nbsp;
ओपन जनरल कैटेगरी के उम्मीदवारों के लिए राउंड 1 डेटा में पं. रघुनाथ मुर्मू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, बारीपदा में 10,004 रैंक पर सीट अलॉट हुई. वहीं डॉ. वैशम्पायन मेमोरियल मेडिकल कॉलेज, सोलापुर में 10,561 और सरकारी मेडिकल कॉलेज, अनंतनाग में 10,654 रैंक पर सीट मिली. सरकारी मेडिकल कॉलेज, बारां में भी 12,759 रैंक पर ओपन जनरल कैटेगरी में सीट अलॉटमेंट हुआ है.&amp;nbsp;
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OBC उम्मीदवारों के लिए भी ऑप्शन&amp;nbsp;
ओबीसी कैटेगरी में सरकारी मेडिकल कॉलेज और सुपर फैसिलिटी हॉस्पिटल, आजमगढ़ में 10,002 रैंक पर सीट अलॉट हुई. इसके अलावा स्टेट मेडिकल कॉलेज सोसाइटी, फतेहपुर में 13,729 रैंक पर ओबीसी उम्मीदवार को सीट मिली.&amp;nbsp;
SC और ST कैटेगरी में 1 लाख के आसपास भी मौके&amp;nbsp;
एससी कैटेगरी में रैंक बढ़ने पर भी कुछ सरकारी मेडिकल कॉलेज ऑप्शन में आते हैं. क्लोजिंग रैंक डेटा के अनुसार ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज लुधियाना में 1,00,011 गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज नागौर में 1,00,025 और गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज बदायूं में 1,00,034 तक रैंक के ऑप्शन दिए गए हैं. इसके अलावा नालंदा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, पटना में 1,00,279 गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज बारां में 1,00,308 हजारीबाग मेडिकल कॉलेज में 1,00,310 और कर्नाटक इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज हुबली में 1,00,347 तक की क्लोजिंग रैंक दी गई थी.
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        <pubDate>Wed, 09 Sep 2026 16:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>DU के 91 में से 71 कॉलेजों में हॉस्टल नहीं, हजारों छात्रों को होती है परेशानी</title>
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        <description><![CDATA[ दिल्ली के सत्य निकेतन में पीजी बिल्डिंग गिरने की घटना ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के हजारों छात्रों के सामने रहने की जगह और सुरक्षा से जुड़ी मुश्किलों को एक बार फिर उजागर कर दिया है. यूनिवर्सिटी के पास सत्य निकेतन पीजी हादसे में सात लोगों की जान चली गई. इस घटना के बाद डीयू के उन छात्रों की भी चिंता सामने आई, जो कॉलेज हॉस्टल में जगह नहीं मिलने के कारण मजबूरी में महंगे और असुरक्षित पीजी या किराए के मकान में रहने को मजबूर हैं.
दरअसल, हर साल हजारों छात्रों को डीयू में एडमिशन मिलने के बाद उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती रहने की जगह की खड़ी हो जाती है. डीयू के ज्यादातर कॉलेजों में हॉस्टल की सुविधा उपलब्ध नहीं है और जिन कॉलेजों में हॉस्टल है, वहां भी सीटों की संख्या छात्रों की तुलना में बहुत कम है. ऐसे में दूसरे शहरों और राज्यों से आने वाले हजारों छात्रों को पीजी, प्राइवेट हॉस्टल या किराए के मकान का सहारा लेना पड़ता है.&amp;nbsp;
DU के 91 कॉलेज में सिर्फ 20 के पास हॉस्टल&amp;nbsp;
दिल्ली यूनिवर्सिटी में कुल 91 कॉलेज है, लेकिन इनमें से सिर्फ 20 कॉलेज में हॉस्टल की सुविधा है. यानी 71 कॉलेज ऐसे हैं, जहां छात्रों के लिए कॉलेज स्तर पर हॉस्टल उपलब्ध नहीं है. यूनिवर्सिटी के नॉर्थ और साउथ कैंपस में भी हॉस्टल की सुविधा मौजूद है, लेकिन कुल मिलाकर करीब 7000 ही हॉस्टल सीटें हैं. यह संख्या डीयू में पढ़ने वाले छात्रों की कुल संख्या के मुकाबले बहुत कम है. यूनिवर्सिटी की 2024-25 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार यहां करीब 2.1 लाख अंडरग्रेजुएट छात्र और 34,520 पोस्ट ग्रेजुएट छात्र है, जिनमें पीएचडी स्कॉलर भी शामिल है. इस तरह डीयू में कुल छात्र संख्या करीब 2.5 लाख पहुंचती है. &amp;zwnj;
2026-27 में करीब 71,600 नए UG छात्र&amp;nbsp;
छात्रों की संख्या और हॉस्टल सीटों के बीच अंतर एडमिशन के साथ ही जरूरी हो जाता है. 2026-27 एडमिशन सेशन में डीयू करीब 71,600 अंडर ग्रेजुएट छात्रों को एडमिशन दे रहा है. कॉलेजों के अनुमान के अनुसार यूनिवर्सिटी के करीब आधे छात्र दिल्ली से बाहर के इलाकों से आते हैं. ऐसे छात्रों के लिए एडमिशन मिलने के बाद रहने की व्यवस्था करना जरूरी हो जाता है. लेकिन सीमित हॉस्टल सीटों के कारण हर छात्र को कैंपस में कमरा मिलना संभव नहीं है.&amp;nbsp;
हॉस्टल वाले कॉलेजों में भी सीटों की भारी कमी&amp;nbsp;
जिन कॉलेजों में हॉस्टल मौजूद है, वहां भी स्थिति बहुत अलग नहीं है. उदाहरण के तौर पर मिरांडा हाउस में करीब 5,375 छात्र हैं, जबकि हॉस्टल में लगभग 370 छात्रों के रहने की क्षमता है. 2026-27 में फर्स्ट ईयर के छात्रों के लिए सिर्फ करीब 90 हॉस्टल सीटें उपलब्ध है.
इसी तरह श्री वेंकटेश्वर कॉलेज में लगभग 4,600 छात्र है, लेकिन हॉस्टल की क्षमता केवल 150 छात्रों की है. इनमें से फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट्स के लिए सिर्फ 50 सीटें उपलब्ध है. वही मिरांडा हाउस, किरोड़ी मल कॉलेज, हिंदू कॉलेज, एसआरसीसी और लेडी श्री राम कॉलेज को देखें तो करीब 24,350 छात्रों के मुकाबले हॉस्टल की कुल क्षमता 1,140 है. यानी इन कॉलेज में उनके हॉस्टल मिलाकर कुल छात्र संख्या के करीब 4.7 फीसदी को ही जगह दे पाते हैं.&amp;nbsp;
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हॉस्टल की कमी कोई नई समस्या नहीं&amp;nbsp;
डीयू में हॉस्टल की कमी कोई नई स्थिति नहीं है. नवंबर 2016 में राज्यसभा में दिए गए एक जवाब में यूनिवर्सिटी के हवाले से बताया गया था कि डीयू में 19 हॉस्टल थे, जिनकी कुल क्षमता 3,580 छात्रों की थी. कॉलेज की ओर से उपलब्ध कराए जाने वाले आवास को शामिल करने पर यह संख्या करीब 6000 सीटों तक पहुंचती थी. उस समय डीयू हर साल कम से कम 60 हजार छात्रों को एडमिशन दे रहा था. वहीं करीब एक दशक बाद भी छात्रों की संख्या और हॉस्टल क्षमता के बीच बड़ा अंतर बना हुआ है.
हॉस्टल नहीं मिलने पर PG और किराए का सहारा&amp;nbsp;
कैंपस में जगह नहीं मिलने के बाद छात्रों का रुख प्राइवेट आवास की और जाता है. नॉर्थ कैंपस के आसपास विजयनगर और मिलका गंज, जबकि साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन जैसे इलाकों में बड़ी संख्या में छात्र पीजी, प्राइवेट हॉस्टल और किराए के फ्लैट तलाशते हैं. हालांकि निजी आवास में भी छात्रों के सामने कई परेशानियां रहती है. ज्यादा किराया, सीमित जगह और कई बार खराब रखरखाव जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है. दूसरे राज्यों से दिल्ली आने वाले छात्रों के लिए एडमिशन के बाद रहने की व्यवस्था करना इसलिए एक बड़ी चुनौती बन जाता है.
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        <pubDate>Wed, 09 Sep 2026 16:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>हरियाणा में 5 लाख छात्रों को मिलेंगे डेटा सिम, पढ़ाई डिजिटल करने पर जोर</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/हरियाणा-में-5-लाख-छात्रों-को-मिलेंगे-डेटा-सिम-पढ़ाई-डिजिटल-करने-पर-जोर</link>
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        <description><![CDATA[ हरियाणा सरकार ने सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों की डिजिटल पढ़ाई को बढ़ावा देने के लिए बड़ा फैसला लिया है. राज्य में कक्षा 10वीं से 12वीं तक के छात्रों को दिए जाने वाले टैबलेट में इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने के लिए 5 लाख डेटा सिम खरीदने को मंजूरी दी है. इन सिम कार्ड की मदद से छात्र टैबलेट के जरिए ऑनलाइन पढ़ाई की सामग्री और दूसरे डिजिटल शैक्षणिक संसाधनों तक अपनी पहुंच आसान बना सकेंगे. यह फैसला मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई हाई पावर्ड परचेज कमेटी की बैठक में लिया गया. सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य छात्रों को तकनीकी आधारित शिक्षा से जोड़ने और उन्हें मौजूदा जरूरतों के अनुसार जरूरी कौशल विकसित करने में मदद करना है.&amp;nbsp;
5 लाख छात्रों को दिए जाएंगे टैबलेट&amp;nbsp;
हरियाणा सरकार ने कक्षा 10वीं से 12वीं के छात्रों के लिए 5 लाख टैबलेट उपलब्ध कराने की बात कही. इन्हीं टैबलेट के इस्तेमाल के लिए नए डेटा सिम कार्ड खरीदे जाएंगे. इंटरनेट कनेक्टिविटी मिलने से छात्र और डिवाइस का इस्तेमाल, डिजिटल स्टडी मैटेरियल और शैक्षणिक संसाधनों तक पहुंचने के लिए कर सकेंगे. यह पूरी पहल हरियाणा के ई-अधिगम कार्यक्रम का हिस्सा है. इस योजना के तहत सरकारी स्कूलों के छात्रों को टैबलेट आधारित पढ़ाई से जोड़ने और पर्सनलाइज्ड व एडाप्टिव लर्निंग को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है.&amp;nbsp;
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डिजिटल और तकनीकी शिक्षा पर फोकस&amp;nbsp;
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता छात्रों को गुणवत्तापूर्ण और तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराना है, ताकि वह वर्तमान समय की जरूरत के अनुसार अपने कौशल को विकसित कर सकें. सरकार की ओर से 5 लाख डेटा सिम कार्ड की खरीद को मंजूरी इसी दिशा में उठाया गया कदम है. टैबलेट के साथ इंटरनेट इस्तेमाल होने की सुविधा मिलने से सरकारी स्कूलों के छात्रों को डिजिटल संसाधनों का इस्तेमाल करने का बेहतर अवसर मिलेगा. मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि इससे पहले सरकार ने यह ई-अधिगम योजना के तहत कक्षा 10वीं से 12वीं के सरकारी स्कूल छात्रों को 5 लाख मुफ्त टैबलेट उपलब्ध कराए थे. अब नए डेटा सिम कार्ड इन डिवाइस के जरिए डिजिटल पढ़ाई को आगे बढ़ाने में मदद करेंगे.&amp;nbsp;
हरियाणा में सीएम श्री स्कूल की भी तैयारी&amp;nbsp;
हरियाणा सरकार के डेटा सिम के फैसले के अलावा राज्य के शिक्षा मंत्री महिपाल धांडा ने बताया कि पीएम श्री स्कूल की तर्ज पर हरियाणा में जल्दी ही सीएम श्री स्कूल शुरू किए जाएंगे. उन्होंने विधानसभा के बजट सत्र में एक सदस्य के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि सीएम श्री स्कूलों में सीबीएसई पैटर्न का पालन किया जाएगा.
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        <pubDate>Wed, 09 Sep 2026 16:30:02 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>UGC NET Re&amp;exam&amp; NTA की एडवाइजरी, इन बातों का रखें ध्यान</title>
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        <description><![CDATA[ एनटीए ने यूजीसी नेट जून 2026 के लिए एग्जाम में शामिल होने वाले उम्मीदवारों के लिए एडवाइजरी जारी की है. एनटीए ने खासतौर पर दिल्ली में परीक्षा केंद्र वाले उम्मीदवारों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है. अंग्रेजी, कॉमर्स और सोशियोलॉजी विषयों की दोबारा परीक्षा 9 और 10 सितंबर को आयोजित की जाएगी. इसी दौरान दिल्ली में 18वें ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था के चलते कई इलाकों में ट्रैफिक डायवर्जन और प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं. ऐसे में उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए पहले से अपनी यात्रा की योजना बनाने की सलाह दी गई है.
किस दिन किस विषय का होगा री-एग्जाम
यूजीसी नेट री एग्जाम 3 शिफ्ट में आयोजित किया जाएगा. 9 सितंबर को पहली शिफ्ट में इंग्लिश का पेपर होगा, जो यह पेपर सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगा. वहीं दूसरी शिफ्ट में कॉमर्स का पेपर होगा, जो इसी दिन दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक होगा. इसके अलावा दूसरे दिन 10 सितंबर को एक ही शिफ्ट में पेपर होगा, जिसमें एक ही शिफ्ट में सोशियोलॉजी का पेपर होगा. यह पेपर सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगा. उम्मीदवारों को अपने एडमिट कार्ड में दिए गए रिपोर्टिंग टाइम और दूसरे निर्देशों का पालन करना होगा. एनटीए ने यह भी स्पष्ट किया है कि इन तीनों विषयों की दोबारा परीक्षा के लिए उम्मीदवारों से कोई अतिरिक्त फीस नहीं ली गई है.
दिल्ली में एग्जाम देने वालों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी
एनटीए ने दिल्ली में परीक्षा देने जा रहे उम्मीदवारों से कहा है कि वह घर से निकलने से पहले अपना रूट चेक कर लें. संभावित ट्रैफिक प्रतिबंध और डायवर्जन को देखते हुए अतिरिक्त समय लेकर चले और परीक्षा केंद्र पर रिपोर्टिंग टाइम से बहुत पहले पहुंचने की कोशिश करें. उम्मीदवारों को दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और संबंधित अधिकारियों की ओर से जारी ट्रैफिक एडवाइजरी भी चेक करने की सलाह दी गई है. एनटीए के अनुसार 9 और 10 सितंबर को सुरक्षा व्यवस्था के कारण कुछ रास्तों पर सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा समय लग सकता है.
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एग्जाम सेंटर पर क्या लेकर जाए और क्या नहीं?
यूजीसी नेट री-एग्जाम में शामिल होने वाले उम्मीदवार परीक्षा केंद्र के अंदर मोबाइल फोन, स्मार्टफोन और ईयरफोन लेकर न जाए. कैलकुलेटर या दूसरे किसी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को भी परीक्षा हॉल में न ले जाएं. इसके अलावा पर्स, हैंडबैग और बड़े बैग परीक्षा केंद्र पर ले जाने से बचें. वहीं अनावश्यक स्टेशनरी या प्रतिबंधित सामान लेकर परीक्षा के अंदर पर न पहुंचे. उम्मीदवारों के ड्रेस कोड की बात करें तो पुरुष उम्मीदवारों को हल्के रंग की हाफ स्लीव्स वाली शर्ट या टी-शर्ट और सामान्य ट्राउजर पहनने की सलाह दी गई है. वहीं महिलाओं को भी ईयररिंग्स, अंगूठी, चैन, ब्रेसलेट, कंगन, बड़ी एंब्रॉयडरी वाले कपड़े, बड़े बटन या बहुत लेयर वाले आउटफिट पहनने से बचने की सलाह दी गई है.
एडमिट कार्ड भी जरूर करें चेक
परीक्षा के लिए निकलने से पहले उम्मीदवारों को अपना एडमिट कार्ड ध्यान से देखने की भी सलाह दी गई है. इसमें परीक्षा का केंद्र, शहर, समय, रिपोर्टिंग टाइम और दूसरे जरूरी निर्देश दिए गए हैं. परीक्षा केंद्र पर पहुंचने के दौरान उम्मीदवारों को एडमिट कार्ड में दिए गए सभी निर्देशों का पालन करना होगा. एनटीए ने उम्मीदवारों को सलाह दी है कि परीक्षा के दिन किसी तरह की जल्दबाजी से बचने के लिए ट्रैवल करने की तैयारी पहले ही कर लें. खासतौर पर दिल्ली में परीक्षा केंद्र वाले उम्मीदवार ट्रैफिक को ध्यान में रखकर निकले.
क्यों हो रहा है यूजीसी नेट का एग्जाम
यूजीसी नेट जून 2026 की परीक्षा 22 से 30 जून के बीच 87 विषयों के लिए आयोजित की गई थी. इसके बाद इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी के प्रश्न पत्र में गलतियों को लेकर शिकायतें सामने आई थी. एनटीए की ओर से बनाई गई समिति ने प्रश्न पत्रों की जांच में तथ्यात्मक, टाइपिंग, ट्रांसलेशन, ग्रामर और प्रश्नों से जुड़ी कई तरह की गलतियां सामने आई थी. वहीं समिति ने यह भी पाया था कि कुछ सवाल पहले की परीक्षा में दोहरा गए थे, इसके बाद तीनों विषयों की परीक्षा दोबारा कराने का एनटीए ने फैसला लिया था.
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        <pubDate>Wed, 09 Sep 2026 04:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>UGC, NET, Re-exam-, NTA, की, एडवाइजरी, इन, बातों, का, रखें, ध्यान</media:keywords>
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        <title>एमपी टीईटी 2026 का ऑफलाइन मोड पर फंसा पेच, ESB ने खींचे हाथ</title>
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        <description><![CDATA[ मध्य प्रदेश के करीब डेढ़ लाख से ज्यादा सेवारत शिक्षकों के लिए अनिवार्य शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर एक बार फिर पेच फंस गया है. शिक्षकों की मांग पर सरकार ने परीक्षा को ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन मोड में करने का फैसला किया था. लेकिन परीक्षा आयोजित कराने वाले मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ESB) ने ऑफलाइन परीक्षा कराने में असमर्थता जताई है. ऐसे में अब स्कूल शिक्षा विभाग के सामने परीक्षा के लिए दूसरी एजेंसी तलाशने की समस्या खड़ी हो गई है.&amp;nbsp;
CM ने की थी परीक्षा ऑफलाइन कराने की घोषणा&amp;nbsp;
दरअसल शिक्षक दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहनलाल यादव ने शिक्षकों की मांग को स्वीकार करते हुए टीईटी को ऑफलाइन मोड में भी कराने की घोषणा की थी. इसके बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने ईएसबी को ऑफलाइन मोड में भी कराने का प्रस्ताव भेजा था. लेकिन ईएसबी ने जवाब में कहा कि वह पिछले कई वर्षों से केवल ऑनलाइन परीक्षा आयोजित कर रहा है और ऑफलाइन परीक्षा कराने की व्यवस्था बंद कर दी गई है. इसलिए वह ऑनलाइन के अलावा किसी दूसरे मोड में परीक्षा कराने की स्थिति में नहीं है.&amp;nbsp;
अब नई एजेंसी के जरिए परीक्षा कराने की तैयारी
ईएसबी के इनकार के बाद अब स्कूल शिक्षा विभाग परीक्षा के लिए दूसरे ऑप्शन पर विचार कर रहा है. लोक शिक्षण संचालनालय के आयुक्त अभिषेक सिंह ने बताया कि ईएसबी ने फिलहाल सिर्फ ऑनलाइन परीक्षा कराने की इच्छा जताई है. ऐसे में अगर ऑफलाइन परीक्षा करानी है, तो दूसरी एजेंसी की व्यवस्था करनी होगी. वहीं नई परीक्षा एजेंसी कौन होगी, इसका फैसला शासन स्तर पर किया जाएगा. विभाग दूसरी एजेंसी के जरिए परीक्षा कराने के साथ ही टीईटी और इससे जुड़ी दूसरी प्रक्रियाओं को लेकर उपलब्ध दूसरे ऑप्शन भी पर भी विचार कर रहा है.&amp;nbsp;
मुख्यमंत्री के लौटने के बाद होगा फैसला&amp;nbsp;
डॉ. मोहन यादव इस समय दुबई में है और 9 सितंबर को भोपाल लौटेंगे. उनके लौटने के बाद स्कूल शिक्षा विभाग और स्कूल शिक्षा मंत्री के साथ चर्चा कर परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी को लेकर फैसला लिया जा सकता है. सरकार के सामने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग के जरिए परीक्षा कराने का ऑप्शन भी है. हालांकि पीएससी ने पहले शिक्षकों की पात्रता या भर्ती परीक्षा आयोजित नहीं की है. वह मुख्य रूप से वरिष्ठ पदों के लिए परीक्षा कराता है. ऐसे में अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री और स्कूल शिक्षा मंत्री की चर्चा के बाद होने की संभावना है.&amp;nbsp;
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12 अक्टूबर की परीक्षा पर भी संशय&amp;nbsp;
ईएसबी ने पहले टीईटी की परीक्षा 12 अक्टूबर से कराने की तैयारी की थी. लेकिन अब जब ऑफलाइन परीक्षा कराने के लिए दूसरी एजेंसी की तलाश की जा रही है, तो परीक्षा की तारीखों में बदलाव की संभावना बन गई है. नई एजेंसी तय होने के बाद उसकी परीक्षा व्यवस्था और उपलब्ध तारीख के अनुसार नई परीक्षा तिथि घोषित की जा सकती है. ऐसे में परीक्षा अक्टूबर के बजाय नवंबर या दिसंबर तक खिसक सकती है. हालांकि अभी इसे लेकर कोई घोषणा नहीं की गई है. वहीं आवेदन की अंतिम तारीख फिलहाल 18 सितंबर तक बढ़ाई गई है. जिन शिक्षकों ने पहले ही आवेदन कर दिया है, उन्हें दोबारा आवेदन करने की जरूरत नहीं है. अब तक 12,000 से ज्यादा शिक्षकों के आवेदन करने की बात भी सामने आई है.&amp;nbsp;
परीक्षा केंद्र बढ़ाने की मांग भी आई सामने&amp;nbsp;
ऑफलाइन परीक्षा को लेकर सिर्फ मोड ही नहीं, बल्कि परीक्षा केंद्रों को लेकर भी शिक्षकों की मांग सामने आई. फिलहाल भोपाल, इंदौर, जबलपुर, खंडवा, नीमच, रतलाम, रीवा, सागर, सतना, उज्जैन और सीधी में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं. सागर तथा चंबल-ग्वालियर क्षेत्र के जिलों को परीक्षा केंद्रों की सूची में शामिल नहीं किया गया है. शिक्षकों का कहना है कि परीक्षा केंद्र जिला और ब्लॉक स्तर पर बनाए जाने चाहिए, ताकि उन्हें परीक्षा देने के लिए दूर के शहरों में न जाना पड़े. नई परीक्षा एजेंसी तय होने के बाद केंद्रों की संख्या बढ़ाने और व्यवस्था में बदलाव पर भी विचार किया जा सकता है.
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        <pubDate>Wed, 09 Sep 2026 04:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>PM ने किया रेलवे यूनिवर्सिटी का जिक्र, जानिए यहां कैसे मिलता है एडमिशन</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/pm-ने-किया-रेलवे-यूनिवर्सिटी-का-जिक्र-जानिए-यहां-कैसे-मिलता-है-एडमिशन</link>
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        <description><![CDATA[ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के वड़ोदरा में एक बड़े कार्यक्रम के दौरान देश की इकलौती रेलवे यूनिवर्सिटी का विशेष रूप से जिक्र किया है. पीएम मोदी ने कहा कि वड़ोदरा अब देश में इंफ्रास्ट्रक्चर, ट्रांसपोर्टेशन और आधुनिक विकास का एक बड़ा केंद्र बन चुका है. इस यूनिवर्सिटी को पहले नेशनल रेल एंड ट्रांसपोर्टेशन इंस्टीट्यूट (NRTI) के नाम से जाना जाता था, लेकिन केंद्र सरकार ने इसका विस्तार करते हुए इसे अब एक केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दे दिया है, जिसका नाम गति शक्ति विश्वविद्यालय है.
यह भारत का पहला और इकलौता ऐसा विश्वविद्यालय है जो पूरी तरह से ट्रांसपोर्टेशन, लॉजिस्टिक्स और रेलवे सेक्टर की पढ़ाई के लिए समर्पित है. पीएम मोदी के भाषण के बाद से ही देश भर के युवाओं और छात्रों के बीच इस यूनिवर्सिटी को लेकर उत्सुकता काफी बढ़ गई है. हर कोई जानना चाहता है कि इस खास यूनिवर्सिटी में कौन-कौन से कोर्स कराए जाते हैं और यहां एडमिशन पाने की क्या प्रक्रिया है. आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं.
कौन-कौन से कोर्स कराए जाते हैं?
गति शक्ति विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट, दोनों क्षेत्रों से जुड़े कोर्स कराए जाते हैं. यहां बीटेक, बीबीए, एमबीए, एमटेक और पीएचडी जैसे कई प्रोग्राम उपलब्ध हैं. बीटेक में सिविल इंजीनियरिंग जैसी शाखाएं पढ़ाई जाती हैं, वहीं एमटेक में इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम, रेलवे इंजीनियरिंग, ब्रिज एंड टनल इंजीनियरिंग और रोड्स एंड हाईवे इंजीनियरिंग जैसे कोर्स शामिल हैं. एमबीए के अंतर्गत लॉजिस्टिक्स एंड सप्लाई चेन मैनेजमेंट, मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्टेशन, मेट्रो रेल मैनेजमेंट, एविएशन एंड ऑपरेशंस मैनेजमेंट और डिजिटल मैरीटाइम जैसे विशेष कोर्स भी कराए जाते हैं.
बीटेक में एडमिशन के लिए क्या है योग्यता?
अगर कोई छात्र गति शक्ति विश्वविद्यालय से बीटेक करना चाहता है, तो उसे 12वीं कक्षा फिजिक्स और मैथ्स विषयों के साथ पास करनी होगी, साथ ही केमिस्ट्री, बायोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी या टेक्निकल वोकेशनल विषयों में से कोई एक विषय भी होना जरूरी है. सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए 12वीं में कम से कम 75 फीसदी अंक या टॉप 20 पर्सेंटाइल जरूरी है, जबकि एससी-एसटी छात्रों के लिए यह सीमा 65 फीसदी रखी गई है. इसके साथ ही छात्रों को JEE Mains परीक्षा भी पास करनी होती है.
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एडमिशन प्रोसेस कैसे होता है?
बीटेक में एडमिशन के लिए सबसे पहले छात्रों को JEE Mains परीक्षा देनी होती है. इस परीक्षा में मिली रैंक के आधार पर छात्रों को JoSAA या CSAB काउंसलिंग में हिस्सा लेना होता है. इसके लिए सबसे पहले JoSAA या CSAB पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होता है, फिर अपनी पसंद के तौर पर गति शक्ति विश्वविद्यालय को चुनना होता है. इसके बाद रैंक और कैटेगरी के आधार पर सीट अलॉट की जाती है. सीट मिलने के बाद छात्रों को अपने दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करने होते हैं और एडमिशन व ट्यूशन फीस जमा करनी होती है. इसके बाद छात्रों को फिजिकल वेरिफिकेशन और ओरिएंटेशन के लिए वडोदरा कैंपस में रिपोर्ट करना होता है.
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        <pubDate>Wed, 09 Sep 2026 04:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>बड़ी खबर&amp; वाराणसी में कल बंद रहेंगे स्कूल, मौसम के चलते लिया गया फैसला</title>
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        <description><![CDATA[ वाराणसी में मौसम विभाग के भारी बारिश के अनुमान को देखते हुए प्रशासन ने स्कूलों को लेकर बड़ा फैसला लिया है. बुधवार 9 सितंबर को जिले में कक्षा 1 से 5 तक के सभी स्कूल बंद रहेंगे. वहीं कक्षा 6 से 12 तक की पढ़ाई के समय में भी बदलाव किया गया है. इन कक्षाओं की पढ़ाई अब सुबह 9 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक होगी. इस संबंध में बीएसए भूपेंद्र सिंह और डीआईओएस भोलेंद्र प्रताप सिंह ने संयुक्त आदेश जारी किया है. लगातार चौथी बार बारिश के चलते स्कूलों में छुट्टी की घोषणा हुई है. हालांकि इस बार छुट्टी कक्षा 1 से 5 तक ही सीमित रखी गई है.
जिले में लगातार तेज बारिश की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा के लिए एहतियाती कदम उठाया है. मौसम विभाग द्वारा जारी भारी बारिश की चेतावनी के आधार पर बुधवार (9 सितंबर) को पहली से पांचवीं कक्षा तक के सभी स्कूलों में अवकाश का फरमान जारी किया गया है.
वहीं, बड़ी कक्षाओं के छात्रों की पढ़ाई का नुकसान न हो, इसे ध्यान में रखते हुए कक्षा 6 से 12वीं तक के विद्यालयों के संचालन समय में फेरबदल किया गया है. अब ये कक्षाएं सुबह 9:00 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक संचालित की जाएंगी.
संयुक्त आदेश जारी, सभी बोर्डों पर होगा लागू
यह दिशा-निर्देश बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) भूपेंद्र सिंह और जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) भोलेंद्र प्रताप सिंह की ओर से संयुक्त रूप से जारी किए गए हैं. अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि समय सारणी और अवकाश का यह नियम किसी एक बोर्ड तक सीमित नहीं है. यह आदेश जिले के अंतर्गत आने वाले सभी परिषदीय, सरकारी, सहायता प्राप्त, निजी (प्राइवेट) स्कूलों के साथ-साथ सीबीएसई (CBSE) और आईसीएससी (ICSE) बोर्ड से संबद्ध सभी विद्यालयों पर पूरी तरह प्रभावी रहेगा.
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इस सत्र में चौथी बार लिया गया निर्णय
खराब मौसम और मूसलाधार बारिश की आशंका के चलते जिले में शैक्षणिक संस्थानों को बंद करने का निर्णय इस सत्र में चौथी बार लेना पड़ा है. हालांकि, इससे पहले जब भी ऐसा फैसला लिया गया था, तब कक्षा 8 तक के बच्चों को राहत दी जाती थी. इस बार प्रशासनिक स्तर पर थोड़ा बदलाव करते हुए अवकाश का दायरा केवल कक्षा 1 से 5 तक ही सीमित रखा गया है.
समय में किया गया यह बदलाव केवल बुधवार के दिन के लिए ही लागू रहेगा. अभिभावकों और विद्यार्थियों को सलाह दी गई है कि वे मौसम की स्थिति को देखते हुए ही घर से बाहर निकलें.
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        <pubDate>Wed, 09 Sep 2026 04:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>राहत भरी खबर: यूपी में असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी</title>
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        <description><![CDATA[ प्रयागराज: उत्तर प्रदेश में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए राहत भरी खबर है. उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 1,936 पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी कर दिया है. आयोग के अनुसार भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 8 सितंबर 2026 से शुरू हो गई है. इच्छुक और पात्र अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे.
7 अक्टूबर तक जमा करना होगा आवेदन शुल्क
आयोग की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन और शुल्क जमा करने की अंतिम तारीख 7 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है. अभ्यर्थियों को आवेदन करते समय सभी जरूरी जानकारी सावधानी से भरने की सलाह दी गई है. आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अभ्यर्थियों को अपने फॉर्म में संशोधन का मौका भी दिया जाएगा. ऑनलाइन आवेदन में संशोधन की अंतिम तिथि 11 अक्टूबर 2026 तय की गई है.
सह-शिक्षा और महिला महाविद्यालयों में होगी नियुक्ति
यह भर्ती प्रदेश के अशासकीय अनुदानित सह-शिक्षा महाविद्यालयों और महिला महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के रिक्त पदों को भरने के लिए की जा रही है. भर्ती के लिए निर्धारित योग्यता और पात्रता रखने वाले उम्मीदवार ही आवेदन कर सकेंगे. आयोग ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि आवेदन करने से पहले भर्ती का विस्तृत विज्ञापन और उसमें दी गई सभी शर्तों को अच्छी तरह पढ़ लें.
पहले OTR पूरा करना जरूरी
असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को सबसे पहले वन टाइम रजिस्ट्रेशन यानी OTR की प्रक्रिया पूरी करनी होगी. इसके बाद ही वे भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन कर पाएंगे. आयोग ने स्पष्ट किया है कि विज्ञापित पदों के लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता और अन्य पात्रता पूरी करने वाले उम्मीदवार ही आवेदन करें. पात्रता से जुड़ी जानकारी को लेकर किसी तरह की गलती से बचने के लिए अभ्यर्थियों को आधिकारिक निर्देश पुस्तिका देखने की सलाह दी गई है.
नवंबर में होगी भर्ती परीक्षा
आयोग की ओर से असिस्टेंट प्रोफेसर पदों के लिए भर्ती परीक्षा की तारीख भी घोषित कर दी गई है. यह परीक्षा 19 और 20 नवंबर 2026 को आयोजित की जाएगी. परीक्षा से जुड़ी आगे की जानकारी, केंद्र, प्रवेश पत्र और अन्य जरूरी निर्देश आयोग की वेबसाइट पर समय-समय पर जारी किए जाएंगे.
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आयोग की वेबसाइट पर पूरा विवरण
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने भर्ती को लेकर जानकारी दी है. अभ्यर्थी आवेदन करने से पहले आयोग की वेबसाइट upessc.up.gov.in पर उपलब्ध विस्तृत विज्ञापन और निर्देश पुस्तिका जरूर देख लें. आवेदन की तारीख, शुल्क, पात्रता और परीक्षा से जुड़ी जानकारी के लिए उम्मीदवारों को आधिकारिक सूचना को ही अंतिम आधार मानना चाहिए.
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        <pubDate>Wed, 09 Sep 2026 04:30:03 +0530</pubDate>
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        <title>बड़ी खबर&amp; यूपी टीईटी 2026 के सफल अभ्यर्थियों के प्रमाण&amp;पत्र जारी</title>
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        <description><![CDATA[ प्राथमिक स्तर के 5,71,435 और उच्च प्राथमिक स्तर के 7,59,513 अभ्यर्थी हुए हैं सफल घोषित. सफल अभ्यर्थी आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध लिंक के माध्यम से अपना अनुक्रमांक एवं जन्मतिथि दर्ज कर प्रमाण-पत्र डाउनलोड कर सकते हैं.
यूपी शिक्षा सेवा चयन आयोग से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है. आयोग ने यूपी टीईटी 2026 में सफल घोषित किए गए अभ्यर्थियों के प्रमाण-पत्र जारी कर दिए हैं. प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा में सफल अभ्यर्थी आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध लिंक के माध्यम से अपना प्रमाण-पत्र डाउनलोड कर सकते हैं. इसके लिए अभ्यर्थियों को अपना अनुक्रमांक और जन्मतिथि दर्ज करनी होगी. प्रमाण-पत्र जारी होने से सफल अभ्यर्थियों को इसे प्राप्त करने की सुविधा मिल गई है.
प्राथमिक स्तर पर 5,71,435 अभ्यर्थी सफल
UPTET-2026 के परिणाम में प्राथमिक स्तर यानी कक्षा 01 से 05 तक की परीक्षा में कुल 7,13,648 अभ्यर्थी सम्मिलित हुए थे. इनमें से 5,71,435 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया है. यह संख्या कुल शामिल अभ्यर्थियों की 80.07 प्रतिशत है. आयोग की ओर से अब सफल अभ्यर्थियों के प्रमाण-पत्र भी जारी कर दिए गए हैं, जिन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत डाउनलोड किया जा सकता है.
उच्च प्राथमिक स्तर पर 7,59,513 सफल
इसी तरह उच्च प्राथमिक स्तर यानी कक्षा 06 से 08 तक की परीक्षा में कुल 10,57,021 अभ्यर्थी सम्मिलित हुए थे. इनमें से 7,59,513 अभ्यर्थी सफल घोषित किए गए हैं. उच्च प्राथमिक स्तर पर सफल अभ्यर्थियों का प्रतिशत 71.85 रहा है. सफल अभ्यर्थी आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध लिंक के जरिए अनुक्रमांक और जन्मतिथि दर्ज कर अपना प्रमाण-पत्र डाउनलोड कर सकते हैं.
पांच पालियों में हुई थी UPTET-2026 परीक्षा
UPTET-2026 की लिखित परीक्षा 02 और 03 जुलाई 2026 को दो-दो पालियों तथा 04 जुलाई 2026 को एक पाली में आयोजित की गई थी. इस तरह परीक्षा कुल पांच पालियों में हुई थी. परीक्षा प्रदेश के 60 जनपदों के 955 परीक्षा केन्द्रों पर सकुशल सम्पन्न कराई गई थी. इनमें उच्च प्राथमिक स्तर की तीन पालियां और प्राथमिक स्तर की दो पालियां शामिल थीं.
26 अगस्त को घोषित हुआ था परीक्षा परिणाम
UPTET-2026 का परिणाम 26 अगस्त 2026 को घोषित किया गया था. अब सफल अभ्यर्थियों के प्रमाण-पत्र जारी कर दिए गए हैं. अभ्यर्थी आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध लिंक के माध्यम से इन्हें डाउनलोड कर सकते हैं. अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रमाण-पत्र जल्द ही डिजिलॉकर के माध्यम से भी उपलब्ध कराया जाएगा.
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आयोग अध्यक्ष ने दी सफल अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं
यूपी शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने UPTET-2026 में सफल घोषित किए गए सभी अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं दी हैं. प्रमाण-पत्र जारी होने के साथ सफल अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा से जुड़ी प्रक्रिया का यह महत्वपूर्ण चरण भी पूरा हो गया है.
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        <pubDate>Tue, 08 Sep 2026 11:30:10 +0530</pubDate>
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        <title>ऑस्ट्रेलिया में ग्रेजुएट डिप्लोमा कोर्स पर रोक, भारतीय छात्रों पर भी पड़ेगा असर </title>
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        <description><![CDATA[ ऑस्ट्रेलिया सरकार ने ग्रेजुएट डिप्लोमा ऑफ मैनेजमेंट कोर्स में विदेशी छात्रों के एडमिशन पर रोक लगाने का फैसला किया है. यह फैसला 5 अक्टूबर 2026 से लागू होगा. कोर्स का कोड बीएसबी 80120 है. इसका सीधा असर उन अंतरराष्ट्रीय छात्रों पर पड़ेगा जो आगे की पढ़ाई के लिए इस कोर्स में एडमिशन लेने की तैयारी कर रहे हैं. इनमें भारतीय छात्र भी शामिल हो सकते हैं. सरकार ने यह कदम कोर्स के इस्तेमाल को लेकर सामने आई चिंताओं के बाद उठाया है. ऑस्ट्रेलियाई सरकार के अनुसार कुछ छात्र इसका इस्तेमाल पढ़ाई के बजाय ऑस्ट्रेलिया में रहते हुए एक कोर्स से दूसरे कोर्स में ट्रांसफर की सुविधा के लिए कर रहे थे. इसके अलावा इस कोर्स से जुड़े विजा रिजेक्शन और कोर्स पूरा नहीं करने की दर भी ज्यादा पाई गई.&amp;nbsp;
5 अक्टूबर से नए छात्रों का एडमिशन बंद&amp;nbsp;
ऑस्ट्रेलिया के असिस्टेंट मिनिस्टर फॉर इंटरनेशनल एजुकेशन जूलियन हिल ने 4 सितंबर को इस फैसले की घोषणा की. सरकार के अनुसार यह पहली बार है जब नई कानूनी शक्तियों का इस्तेमाल किसी एक खास कोर्स के लिए के अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए रजिस्ट्रेशन को रोकने के लिए किया गया है. 5 अक्टूबर के बाद वीईटी संस्थान इस कोर्स में नई विदेशी छात्रों को एडमिशन नहीं दे सकेंगे, जिन छात्रों ने उसे तारीख से पहले कोर्स शुरू नहीं किया उनके संबंधित कन्फर्मेशन का एनरोलमेंट को भी रद्द किया जा सकता है.&amp;nbsp;
जो छात्र पहले से पढ़ रहे हैं उन्हें राहत&amp;nbsp;
इस फैसले का असर उन छात्रों पर नहीं पड़ेगा, जिन्होंने 5 अक्टूबर 2026 से पहले कोर्स शुरू कर दिया है. ऐसे छात्र अपने मौजूदा संस्थान में पढ़ाई जारी रख सकेंगे और कोर्स पूरा कर सकेंगे. सरकार के आंकड़ों के अनुसार ऑस्ट्रेलिया में 452 वीईटी प्रोवाइडर्स इस कोर्स अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए उपलब्ध करा रहे हैं. इसके अलावा इस कोर्स से जुड़े 41033 एक्टिव कन्फर्मेशन ऑफ एनरोलमेंट है, जिनमें 15,772 छात्र फिलहाल पढ़ाई कर रहे हैं. इन मौजूदा छात्रों को पढ़ाई बीच में छोड़ने और ऑस्ट्रेलिया छोड़ने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा.&amp;nbsp;
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क्यों लिया गया यह फैसला?
सरकार ने बताया कि कोर्स से जुड़े मामलों में बड़ी संख्या में ऐसे छात्र सामने आए हैं, जिनके बारे में माना गया है कि वह पढ़ाई के उद्देश्य से इस कोर्स में एडमिशन नहीं ले रहे थे. इसके साथ ही वीजा आवेदन खारिज होने और कोर्स पूरा नहीं करने के मामले ने भी सरकार की चिंता बढ़ाई. ऑस्ट्रेलिया सरकार ने कहा कि यह कार्रवाई सिर्फ ग्रेजुएट डिप्लोमा ऑफ मैनेजमेंट तक सीमित है. इसका मतलब यह नहीं है कि सभी ग्रेजुएट डिप्लोमा कोर्स पर रोक लगाई जा रही है.&amp;nbsp;
भारतीय छात्रों पर भी पड़ सकता है असर&amp;nbsp;
ऑस्ट्रेलिया सरकार के इस फैसले का असर भारतीय छात्रों पर भी पड़ सकता है. दरअसल हर साल हजारों छात्र भारत से पढ़ाई के लिए ऑस्ट्रेलिया जाते हैं, ऐसे में ऐसे छात्र जो अब इस कोर्स में एडमिशन लेने वाले थे उन पर भी इस फैसले का असर पड़ सकता है .&amp;nbsp;
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        <pubDate>Tue, 08 Sep 2026 11:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>ऑस्ट्रेलिया, में, ग्रेजुएट, डिप्लोमा, कोर्स, पर, रोक, भारतीय, छात्रों, पर, भी, पड़ेगा, असर </media:keywords>
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        <title>सिक्किम में JEE&amp;NEET की फ्री कोचिंग, सिर्फ इन छात्रों को ही मिलेगा फायदा</title>
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        <description><![CDATA[ सिक्किम में जेईई और नीट की तैयारी करने वाले आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए सरकार ने बड़ा ऐलान किया है. मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने शिक्षक दिवस के मौके पर सीएम-साथी पहल शुरू करने की घोषणा की है. इस योजना का मकसद ऐसे छात्रों को अच्छी कोचिंग देना है, जो इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करना चाहते हैं. लेकिन महंगे कॉलेज का खर्च उठाने में सक्षम नहीं है. ऐसे में सिक्किम के सीएम ने जेईई-नीट की फ्री कोचिंग का ऐलान किया है &amp;zwnj;
IIT कानपुर के साथ मिलकर शुरू होगी कोचिंग
सीएम-साथी योजना सिक्किम सरकार ने आईआईटी कानपुर के सहयोग से शुरू की है. इसके तहत गरीब परिवारों से आने वाले जेईई और नीट उम्मीदवारों को 2 महीने का क्रैश कोर्स कराया जाएगा. योजना के प्रस्ताव को राज्य कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में ऐसे बहुत से छात्र हैं, जो जेईई और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होकर आगे बढ़ना चाहते हैं, लेकिन उचित कोचिंग की फीस उनके लिए बड़ी बाधा बन जाती है. सीएम-साथी के जरिए ऐसे छात्रों को इस समस्या से राहत देने की कोशिश की गई है.&amp;nbsp;
केंद्र की परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी आर्थिक मदद&amp;nbsp;
शिक्षा के अलावा सिक्किम सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं के लिए लॉन्च पैड योजना का भी ऐलान किया. इसके तहत आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों, दिव्यांगों और अनाथ युवाओं को केंद्र सरकार और पीएसयू की परीक्षाओं की आर्थिक की तैयारी के लिए एक बार अधिकतम 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी. इस सहायता का इस्तेमाल स्टडी मैटेरियल, यात्रा और तैयारी से जुड़े दूसरे खर्चों के लिए किया जा सकेगा.&amp;nbsp;
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शिक्षा पर खर्च को बताया सबसे बड़ा निवेश&amp;nbsp;
सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने कहा कि उनकी सरकार शिक्षा को खर्च नहीं बल्कि सबसे जरूरी निवेश मानती है. 2025-26 में राज्य के कुल खर्च का करीब 15 प्रतिशत हिस्सा शिक्षा पर लगाया गया है. उन्होंने यह भी कहा कि सिक्किम को शिक्षा हब बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि सिक्किम को 27 मई 2026 को फुली लिटरेट स्टेट घोषित किया गया था. अब सरकार का फोकस शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने से आगे बढ़कर उसकी गुणवत्ता और उत्कृष्टता पर है.&amp;nbsp;
2035 तक सिक्किम को शिक्षा हब बनाने का टारगेट&amp;nbsp;
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का टारगेट है कि 2035 तक सिक्किम के छात्रों को अच्छे शिक्षा के लिए राज्य से बाहर जाने की जरूरत ना पड़े. इसके बजाय देश के दूसरे हिस्सों से छात्र बेहतर, समावेशी और भविष्य के लिए तैयार शिक्षा हासिल करने के लिए सिक्किम आए. सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए शिक्षकों के नियमितीकरण और भर्ती के साथ कई दूसरी योजनाओं पर भी काम कर रही है. राज्य में सिक्किम लाइफ स्किल्स करिकुलम शुरू करने की तैयारी है, जिसमें छात्रों को सीपीआर फर्स्ट एड फायर सेफ्टी और आपदा से निपटने जैसी चीज सिखाई जाएगी.
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        <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 18:30:13 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>सिक्किम, में, JEE-NEET, की, फ्री, कोचिंग, सिर्फ, इन, छात्रों, को, ही, मिलेगा, फायदा</media:keywords>
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        <title>SBI में बंपर भर्ती की तैयारी, 2027 में जुड़ेंगे 12000 नए कर्मचारी</title>
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        <description><![CDATA[ देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया वित्त वर्ष 2026-27 में करीब 12 हजार नए कर्मचारियों की भर्ती करने की तैयारी में है. एसबीआई चेयरमैन सीएस सेट्टी ने बताया कि इस साल बैंक का क्लेरिकल और ऑफिसर कैडर में करीब 11,000 से 12,000 नियुक्तियां कर सकता है. हालांकि इन नियुक्तियों की फाइनल संख्या रिटायरमेंट और बैंक की जरूरतों के आधार पर बदल भी सकती है. सीएस सेट्टी का कहना है कि बैंक को उम्मीद है कि वित्त वर्ष के अंत तक करीब 12,000 भर्तियां पूरी हो जाएगी. पिछले वित्त वर्ष में एसबीआई ने बड़े स्तर पर नियुक्तियां की थी, जिसमें करीब 1,500 स्पेशलिस्ट आईटी ऑफिसर्स भी शामिल थे. इस बार आईटी क्षेत्र में इतनी बड़ी संख्या में भर्ती की जरूरत नहीं है.
SBI में 2.45 लाख से ज्यादा कर्मचारी&amp;nbsp;
मार्च 2026 तक एसबीआई के कर्मचारियों की संख्या 2.45 लाख से ज्यादा थी. बैंक के फाइनेंशियल ईयर 2026 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में एसबीआई ने कुल 25,633 लोगों की भर्ती की थी. इनमें 4,640 ऑफिसर्स 19,340 एसोसिएट्स और 1,653 कॉन्ट्रैक्चुअल कर्मचारी थे. इस साल भर्ती का फोकस मुख्य रूप से क्लेरिकल और ऑफिसर कैडर पर रहने की उम्मीद है. हालांकि कितने पद किस कैडर में होंगे, इसकी अंतिम जानकारी बैंक की ओर से शेयर नहीं की गई है.&amp;nbsp;
SBI के नेटवर्क से जुड़ेंगी 250 नई ब्रांच&amp;nbsp;
कर्मचारियों की भर्ती के साथ एसबीआई अपने ब्रांच नेटवर्क का भी विस्तार करेगा. बैंक वित्त वर्ष 2026-27 में करीब 200 से 2500 नई शाखाएं नेट आधार पर जोड़ने की योजना बना रहा है. सीएस सेट्टी के अनुसार एसबीआई का नेटवर्क पहले से काफी बड़ा है, लेकिन अभी भी कहीं इलाकों में बैंक की मौजूदगी बढ़ाने की गुंजाइश है. नई कॉलोनियों के विकसित होने और व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ाने वाले जिलों में बैंक अपनी पहुंच मजबूत करना चाहता है. इसके साथ ही कुछ शाखों के युक्तिकरण पर भी काम किया जा रहा है.&amp;nbsp;
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NSE IPO में SBI बचेगा करीब 1% हिस्सेदारी&amp;nbsp;
एसबीआई चेयरमैन ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के प्रस्तावित आईपीओ को लेकर भी जानकारी दी है. एसबीआई और उसकी सहायक कंपनी एसबीआई कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड मिलकर एनएसई में अपनी करीब 1 प्रतिशत तक हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रही है. इसमें एसबीआई करीब 0.65 प्रतिशत और एसबीआई कैपिटल मार्केट करीब 0.35 प्रतिशत हिस्सेदारी भेज सकती है. हालांकि दूसरे शेयरधारकों के शामिल होने की स्थिति में यह हिस्सेदारी कम भी हो सकती है. फिलहाल एसबीआई के पास एनएसई में 3.23 प्रतिशत और एसबीआई कैपिटल मार्केट्स के पास 4.33 प्रतिशत हिस्सेदारी है. एनएसई को 30,000 करोड़ के प्रस्तावित आईपीओ के लिए नियामकीय मंजूरी मिल चुकी है. यह आईपीओ भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ बनने की संभावना रखता है. इसकी तुलना हुंडई मोटर इंडिया के 27,858.75 करोड़ एलआईसी के 20,557.23 करोड़ पेटीएम के 18,300 करोड़ टाटा कैपिटल के 15,511.87 करोड़ और लोन कॉल इंडिया के 15,200 करोड़ के इश्यू से की गई है.
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        <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 18:30:11 +0530</pubDate>
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        <title>जम्मू&amp;कश्मीर बना पूर्ण साक्षर, 98.43 प्रतिशत पहुंची लिटरेसी रेट</title>
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        <description><![CDATA[ जम्मू कश्मीर ने हाल ही में साक्षरता के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. केंद्र सरकार के उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत जम्मू कश्मीर को अब पूर्ण साक्षर केंद्र शासित प्रदेश घोषित किया गया है. यहां की साक्षरता दर बढ़कर 98.43 प्रतिशत हो गई है. जम्मू कश्मीर की शिक्षा मंत्री सकीना इट्टू ने इस उपलब्धि की जानकारी देते हुए इसे पूरे जम्मू कश्मीर के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया है.
जम्मू कश्मीर की शिक्षा मंत्री ने सोशल मीडिया पर इसे लेकर पोस्ट शेयर करते हुए शिक्षकों, शिक्षा स्वयंसेवकों, अधिकारियों और उन सभी स्टूडेंट को क्रेडिट दिया है, जिन्होंने साक्षरता अभियान को अलग-अलग समुदायों तक पहुंचाने में योगदान दिया है. उन्होंने कहा कि कश्मीर के पहाड़ी इलाकों से लेकर जम्मू के मैदानी क्षेत्रों तक शिक्षा की पहुंच बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए हैं.
घर-घर सर्वे से चिन्हित किए गए लोग
शिक्षा विभाग के एक अधिकारी के अनुसार 2023 से 2026 के बीच 7.58 लाख गैर साक्षर लोगों की पहचान की गई है. इसके लिए जम्मू कश्मीर में घर-घर सर्वे, सामुदायिक जागरूकता अभियान, लोगों को जोड़ने के प्रयास और दूसरी आउटरीच एक्टिविटी चलाई गई है. इस अभियान का उद्देश्य उन लोगों तक पहुंचाना था, जो पहले किसी वजह से औपचारिक शिक्षा व्यवस्था से बाहर हो गए थे और जिन्हें बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मकता की जरूरत थी.
5.53 लाख शिक्षार्थियों ने पास किया FLNAT
अधिकारियों के अनुसार 2023 से 2026 के बीच 5.84 लाख लोगों ने फाऊंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमैरिक असेसमेंट टेस्ट की तैयारी की. इनमें से 5.53 लाख शिक्षार्थी परीक्षा में सफल रहे. उल्लास के तहत शिक्षार्थियों को सीखने के लिए जरूरी सहायता दी गई और उन्हें FLNAT में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया गया. 2025-26 में शिक्षा विभाग और शिक्षार्थियों के प्रयासों के चलते FLNAT का आयोजन दो बार किया गया. इस दौरान 3,16,883 उम्मीदवारों ने परीक्षा पास की.
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उल्लास के जरिए वयस्क शिक्षा पर फोकस
जम्मू कश्मीर की इस उपलब्धि में उल्लास यानी अंडरस्टैंडिंग ऑफ लाइफ लोंग लर्निंग फॉर ऑल इन सोसाइटी पहल की बड़ी भूमिका रही है. कार्यक्रम उन वयस्कों तक शिक्षा पहुंचाने पर केंद्रित है, जो किसी कारण शिक्षा प्राप्त नहीं कर सके. उल्लास नव भारत कार्यक्रम को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप चलाया जा रहा है. इसका उद्देश्य हर गैर साक्षर व्यक्ति को बुनियादी साक्षरता हासिल करने का मौका देना है.
शिक्षा मंत्री बोली, यह अंत नहीं शुरुआत है
जम्मू कश्मीर की शिक्षा मंत्री सकीना इट्टू ने कहा कि जम्मू कश्मीर का पूर्ण साक्षर होना शिक्षा की यात्रा का अंत नहीं है, बल्कि एक नए अध्याय की शुरुआत है. उन्होंने शिक्षा को शांति, प्रगति, सम्मान, समानता और समृद्धि से जोड़ते हुए कहा कि आगे भी साक्षरता अभियान से हासिल उपलब्धियां को बनाए रखना जरूरी होगा. उन्होंने इस उपलब्धि को लोगों की सामूहिक जीत बताया है और कहां है कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक विरासत और उपहार है.
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        <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 18:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>क्या 11 सितंबर को रहेगी स्कूलों की छुट्टी, क्या ऑनलाइन होगी पढ़ाई?</title>
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        <description><![CDATA[ ब्रिक्स सम्मेलन के चलते दिल्ली सरकार ने 11 सितंबर 2026 को स्कूलों में छुट्टी घोषित की है. यह छुट्टी सिर्फ सरकारी स्कूलों में ही नहीं, बल्कि सरकारी सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूलों पर भी लागू होगी. शिक्षा निदेशालय ने इस संबंध में आदेश जारी कर सभी संबंधित स्कूलों और अपने अधीन आने वाले कार्यालय को 11 सितंबर को बंद रखने को कहा है. यह फैसला राजधानी में ब्रिक्स सम्मेलन से जुड़े सुरक्षा, ट्रैफिक और दूसरे इंतजामों को देखते हुए लिया गया है.&amp;nbsp;
18वें ब्रिक्स समिट के चलते बंद रहेंगे स्कूल&amp;nbsp;
दिल्ली में 18वां ब्रिक्स लीडर्स समिट आयोजित किया जा रहा है. कार्यक्रम से जुड़े इंतजामों के कारण राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है और कई इलाकों में वाहनों की आवाजाही को कंट्रोल किया गया है. &amp;nbsp;इस वजह से 11 सितंबर को दिल्ली सरकार के ऑफिसेज के साथ शिक्षा निदेशालय के अधीन आने वाले स्कूलों में भी छुट्टी घोषित की गई है. शिक्षा निदेशालय के आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूल 11 सितंबर को बंद रहेंगे.&amp;nbsp;
क्या ऑनलाइन होगी पढ़ाई?&amp;nbsp;
11 सितंबर को स्कूल बंद रखने का आदेश तो जारी हो गया है, लेकिन आधिकारिक आदेशों में ऑनलाइन क्लास संचालित करने को लेकर कोई निर्देश नहीं दिया गया है. इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि उस दिन ऑनलाइन पढ़ाई कराई जाएगी या नहीं. छात्रों और पेरेंट्स को ऑनलाइन क्लास के संबंध में अपने स्कूल की ओर से जारी होने वाले अलग निर्देश का इंतजार करना होगा, जबकि 11 सितंबर को ऑनलाइन रूप से स्कूल बंद रहेंगे.&amp;nbsp;
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ब्रिक्स समिट के चलते ट्रैफिक पर भी असर&amp;nbsp;
दिल्ली सबमिट के दौरान दिल्ली की सड़कों पर भी ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित होने की संभावना है. ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए 22 डायवर्जन पॉइंट बनाए गए हैं और 35 से ज्यादा सड़कों पर आवाजाही को कंट्रोल किया जा सकता है. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने मोटरकेड की आवाज को देखते हुए रूट डायवर्जेंट की तैयारी की है. प्रमुख चौराहों और सड़कों पर ट्रैफिक की निगरानी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल भी किया जा रहा है. इससे अधिकारियों को जाम की स्थिति पहचानने और जरूरत के अनुसार ट्रैफिक व्यवस्था बदलने में मदद मिलेगी.&amp;nbsp;
12 और 13 सितंबर को भी स्कूल बंद&amp;nbsp;
11 सितंबर के बाद 12 और 13 सितंबर को शनिवार और रविवार पड़ रहा है. इसलिए सामान्य साप्ताहिक अवकाश भी रहेगा. हालांकि ब्रिक्स समिट से जुड़े ट्रैफिक और सुरक्षा प्रतिबंध इस दौरान भी कुछ इलाकों में लागू रह सकते हैं. वहीं 11 सितंबर को स्कूल की छुट्टी को लेकर स्थिति साफ है.&amp;nbsp;
ये भी पढ़ें-सिक्किम में JEE-NEET की फ्री कोचिंग, सिर्फ इन छात्रों को ही मिलेगा फायदा ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 18:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>भगत सिंह की मार्कशीट वायरल, देखें किस सब्जेक्ट में कितने नंबर? </title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/भगत-सिंह-की-मार्कशीट-वायरल-देखें-किस-सब्जेक्ट-में-कितने-नंबर</link>
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        <description><![CDATA[ महान क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानी शहीद भगत सिंह की कक्षा 10वीं की मार्कशीट सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है. वायरल हो रही इस मार्कशीट में उनके स्कूल के दिनों के परीक्षा रिजल्ट और अलग-अलग विषय में मिले नंबर दर्ज हैं. 1923 की इस मार्कशीट के अनुसार, भगत सिंह ने मैट्रिकुलेशन एग्जामिनेशन में शानदार प्रदर्शन किया था और 950 में से 903 अंक हासिल कर फर्स्ट डिवीजन पास हुए थे. ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं कि वायरल हो रही भगत सिंह की मार्कशीट में महान स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह को कौन से सब्जेक्ट में कितने नंबर मिले थे.&amp;nbsp;
सोशल मीडिया पर वायरल हुई भगत सिंह की मार्कशीट&amp;nbsp;
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम और फेसबुक दोनों ही जगह भगत सिंह की यह मार्कशीट वायरल हो रही है. भगत सिंह की इस मार्कशीट में गवर्नमेंट हाई स्कूल लाहौर अनडिवाइडेड इंडिया लिखा हुआ है. इस मार्कशीट के अनुसार, यह मैट्रिकुलेशन परीक्षा 1923 की मार्कशीट है. इसमें स्टूडेंट के नाम वाले कॉलम में भगत सिंह का नाम दर्ज है, इसके अलावा उनके पिता का नाम सरदार किशन सिंह, रेजिडेंस लाहौर, एप्लीकेशन नंबर 246 और जन्म तारीख 28 सितंबर 1907 भी दर्ज है. यह मार्कशीट उनकी कक्षा 10वीं की मार्कशीट है.&amp;nbsp;
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किस विषय में कितने नंबर मिले थे?
वायरल मार्कशीट के अनुसार, भगत सिंह ने अलग-अलग विषयों में अच्छे अंक हासिल किए थे. उन्हें अंग्रेजी में 100 में से 83 अंक मिले थे, जबकि उर्दू में 100 में से 88 अंक मिले थे. वहीं पंजाबी में 100 में से 92, हिस्ट्री में 100 में से 95 अंक मिले थे. इसके अलावा ज्योग्राफी में 100 में से 90, मैथमेटिक्स में 100 में से 81 अंक, &amp;nbsp;साइंस में 100 में से 87, ऐसे राइटिंग में से 100 में से 93, फिजिकल ट्रेनिंग में 50 में से 46 और कंडक्ट एग्जाम में 50 में से 48 नंबर हासिल किए थे. &amp;zwnj;
टोटल 950 में से हासिल किए थे 903 अंक&amp;nbsp;
मार्कशीट में सभी सब्जेक्ट के अंक जोड़ने पर भगत सिंह के कुल 903 अंक दर्ज हैं. वहीं परीक्षा कुल 950 नंबर की थी. इस तरह उन्होंने करीब 95 प्रतिशत अंक हासिल करते हुए फर्स्ट डिवीजन से पास हुए थे. वहीं इस मार्कशीट की तारीख के अनुसार यह मार्कशीट 15 अप्रैल 1923 को जारी की गई थी. आपको बता दें कि भगत सिंह के 10वीं कक्षा के यह नंबर सिर्फ सोशल मीडिया पर वायरल हो रही मार्कशीट के अनुसार है. एबीपी न्यूज इस मार्कशीट की पुष्टि नहीं करता है.
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        <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 18:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>भगत, सिंह, की, मार्कशीट, वायरल, देखें, किस, सब्जेक्ट, में, कितने, नंबर </media:keywords>
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        <title>अब हिंदी मीडियम से करें बीटेक, MP में शुरू हुआ इंजीनियरिंग कोर्स</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/अब-हिंदी-मीडियम-से-करें-बीटेक-mp-में-शुरू-हुआ-इंजीनियरिंग-कोर्स</link>
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        <description><![CDATA[ मध्य प्रदेश में हिंदी माध्यम से पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी है. इंदौर के श्री जीएस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस SGSITS ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से बीटेक सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई हिंदी माध्यम में शुरू कर दी है. यह मध्य प्रदेश में इस तरह की पहली पहल मानी जा रही है, जिससे उन छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी जो अंग्रेजी में इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने में झिझकते थे.
क्यों लिया गया यह फैसला?
इंजीनियरिंग की पढ़ाई में ज्यादातर तकनीकी शब्द अंग्रेजी में होते हैं. इस वजह से कई छात्रों को शुरुआत में कॉन्सेप्ट समझने में दिक्कत होती है. भाषा की यह परेशानी कई बार पढ़ाई पर भी असर डालती है और कुछ छात्र तो बीच में ही कोर्स छोड़ने का फैसला कर लेते हैं. इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए संस्थान ने सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई हिंदी माध्यम में शुरू करने का फैसला किया.
छात्रों को मिलेगी प्रोत्साहन राशि
यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति NEP 2020 की सोच के मुताबिक उठाया गया है. NEP में मातृभाषा और क्षेत्रीय भाषाओं में शिक्षा देने पर खास जोर दिया गया है, ताकि छात्र अपनी भाषा में पढ़कर विषयों को बेहतर तरीके से समझ सकें. इसी सोच के तहत ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन AICTE ने साल 2021-22 से ही हिंदी सहित कई भारतीय भाषाओं में तकनीकी शिक्षा शुरू करने की पहल की थी.
पहले भी हो चुकी है शुरुआत
AICTE के मुताबिक साल 2021-22 में ही करीब 20 संस्थानों ने हिंदी, मराठी, तेलुगु, कन्नड़ और तमिल जैसी छह भाषाओं में इंजीनियरिंग कोर्स शुरू किए थे, जिनमें उस समय करीब 255 छात्रों ने दाखिला लिया था. इसके अलावा AICTE ने इंजीनियरिंग की किताबों को 12 भारतीय भाषाओं में अनुवाद कराने का भी बड़ा प्रोजेक्ट शुरू किया है, ताकि छात्रों को अपनी भाषा में पढ़ाई की पूरी सामग्री मिल सके.
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अब सिविल इंजीनियरिंग से हुई शुरुआत
फिलहाल SGSITS में यह कोर्स सिविल इंजीनियरिंग शाखा में ही शुरू किया गया है. आने वाले समय में अगर यह प्रयोग सफल रहता है, तो इसे मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और कंप्यूटर साइंस जैसी अन्य शाखाओं में भी लागू किया जा सकता है. इससे मध्य प्रदेश के उन हजारों छात्रों को फायदा मिलेगा जो गांव-कस्बों से आते हैं और हिंदी माध्यम से ही पढ़ाई करते आए हैं.
कितनी सीटें और कितने छात्रों ने लिया दाखिला
इस खास बैच के लिए कॉलेज ने 30 सीटें तय की हैं. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस कोर्स में करीब 20 छात्रों ने दाखिला ले लिया है. यानी हिंदी माध्यम से इंजीनियरिंग पढ़ने के इच्छुक छात्रों की संख्या अच्छी खासी रही, जिससे यह साफ होता है कि यह पहल छात्रों को पसंद आ रही है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 06:30:07 +0530</pubDate>
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        <title>CTET परीक्षा की नई तारीख पर बड़ा अपडेट, जल्द जारी होगा रिवाइज्ड शेड्यूल</title>
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        <description><![CDATA[ CBSE के स्कूलों में शिक्षक बनने का सपना देख रहे उम्मीदवारों के लिए एक जरूरी अपडेट आया है. सीबीएसई जल्द ही केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा CTET सितंबर 2026 की संशोधित परीक्षा तिथि घोषित करने जा रहा है. परीक्षा की नई तारीखें बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट ctet.nic.in पर जारी की जाएंगी.
संशोधित परीक्षा कार्यक्रम जारी होने के बाद, बोर्ड उम्मीदवारों के लिए एग्जाम सिटी स्लिप और एडमिट कार्ड भी जारी करेगा. एग्जाम सिटी स्लिप से उम्मीदवारों को यह पता चल सकेगा कि उनकी परीक्षा किस शहर में आयोजित होने वाली है.
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद दोबारा खुली थी Application Window
CTET परीक्षा के शेड्यूल में बदलाव की एक मुख्य वजह आवेदन प्रक्रिया का दोबारा शुरू होना है. सुप्रीम कोर्ट के एक महत्वपूर्ण फैसले के बाद, सीबीएसई को CTET सितंबर 2026 की Application Window को फिर से खोलना पड़ा था. उम्मीदवार 25 अगस्त से 1 सितंबर 2026 तक इस परीक्षा के लिए दोबारा आवेदन कर सकते थे. आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब बोर्ड परीक्षा की 22nd edition के लिए नया शेड्यूल तैयार करने में जुटा है, जिसे बहुत जल्द सार्वजनिक कर दिया जाएगा.
कैसा होगा परीक्षा का पैटर्न?
CTET 2026 परीक्षा ऑफलाइन मोड में आयोजित की जाएगी. परीक्षा को हल करने के लिए उम्मीदवारों को कुल 2 घंटे 30 मिनट का समय मिलेगा. CTET के प्रत्येक पेपर में कुल 150 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे, जो कुल 150 अंकों के होंगे. &amp;nbsp;साथ ही पेपर 1 में पांच और पेपर 2 में चार अलग-अलग सेक्शन शामिल होंगे. परीक्षा को पास करने के लिए उम्मीदवारों को न्यूनतम 90 अंक हासिल करना अनिवार्य है.
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पेपर 1 और पेपर 2 में क्या अंतर है?
पेपर 1- यह परीक्षा उन उम्मीदवारों के लिए होती है जो कक्षा 1 से कक्षा 5 तक के प्राथमिक शिक्षक बनना चाहते हैं.
पेपर 2- यह परीक्षा उन उम्मीदवारों के लिए आयोजित की जाती है जो कक्षा 6 से कक्षा 8 तक के उच्च प्राथमिक शिक्षक बनना चाहते हैं.&amp;nbsp;
यह परीक्षा उन सभी लोगों के लिए आवश्यक पात्रता परीक्षा Eligibility Test है जो केंद्र सरकार के स्कूलों और विभिन्न राज्यों द्वारा संचालित सरकारी स्कूलों में शिक्षक की नौकरी पाना चाहते हैं.
सीबीएसई ने साफ किया है कि सभी श्रेणियों के उम्मीदवारों के लिए CTET सर्टिफिकेट की वैधता अब आजीवन रहेगी. यानी एक बार परीक्षा पास करने के बाद यह प्रमाणपत्र हमेशा के लिए मान्य होगा. उम्मीदवारों को एडमिट कार्ड जारी होने के बाद उसे डाउनलोड करके परीक्षा केंद्र पर ले जाना होगा, क्योंकि बिना इसके परीक्षा हॉल में प्रवेश नहीं दिया जाएगा.
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        <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 06:30:05 +0530</pubDate>
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        <title>खुशखबरी: KVS&amp;NVS शिक्षक भर्ती टियर&amp;2 का रिजल्ट जारी, ऐसे करें चेक</title>
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        <description><![CDATA[ केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड CBSE ने केंद्रीय विद्यालय संगठन KVS और नवोदय विद्यालय समिति NVS में शिक्षक भर्ती को लेकर एक बड़ा अपडेट जारी किया है. CBSE ने पोस्ट ग्रेजुएट टीचर हिंदी और ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर हिंदी के पदों के लिए आयोजित हुई टियर-2 भर्ती परीक्षा का रिजल्ट घोषित कर दिया है. यह परीक्षा परिणाम 5 सितंबर 2026 की शाम को आधिकारिक तौर पर घोषित किया गया है. जो उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल हुए थे, वे अब बोर्ड के आधिकारिक भर्ती पोर्टल पर जाकर अपना शॉर्टलिस्टिंग स्टेटस देख सकते हैं.&amp;nbsp;
पोर्टल पर चुन सकेंगे अपनी पसंद
CBSE द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, जिन पदों के लिए उम्मीदवारों से पोस्ट प्रेफरेंस मांगी गई है, वे इस विकल्प को पोर्टल के माध्यम से सबमिट कर सकते हैं. इसके लिए बोर्ड ने एक निश्चित समयसीमा तय की है, जिसके भीतर ही उम्मीदवारों को अपनी पसंद दर्ज करनी होगी. बोर्ड ने उम्मीदवारों को यह भी सलाह दी है कि वे अपनी प्राथमिकता सबमिट करने से पहले अपने लॉगिन अकाउंट में दिखाए जा रहे निर्देशों को बहुत ध्यान से पढ़ लें ताकि सबमिशन के दौरान कोई गलती न हो.
इसके बाद क्या होगी आगे की प्रक्रिया?
टियर-2 परीक्षा का रिजल्ट आने के बाद अब आगे की चयन प्रक्रिया अलग-अलग पदों के आधार पर तय की जाएगी.
Interview वाले पदों के लिए- जिन शिक्षण पदों के चयन में Interview शामिल है, उनके लिए यह टियर-2 का रिजल्ट केवल शॉर्टलिस्टिंग का काम करेगा. यानी जिन उम्मीदवारों का नाम इस लिस्ट में आया है, उन्हें अब अगले चरण में इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा. इन उम्मीदवारों की फाइनल मार्कशीट अभी जारी नहीं की जाएगी. Interview की पूरी प्रक्रिया समाप्त होने और अंतिम परिणाम घोषित होने के 15 दिनों के भीतर उनकी मार्कशीट पोर्टल पर अपलोड की जाएगी.&amp;nbsp;
बिना Interview वाले पदों के लिए- जिन पदों के लिए चयन प्रक्रिया में कोई Interview नहीं होना है, उनके टियर-2 के Marks उम्मीदवारों के लॉगिन अकाउंट में रिजल्ट के साथ ही तुरंत उपलब्ध करा दिए गए हैं.
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एडमिट कार्ड और Interview शेड्यूल
जिन उम्मीदवारों के पदों के लिए आगे Interview या स्किल टेस्ट आयोजित किया जाना है, वे इससे जुड़ा पूरा शेड्यूल और अपना कॉल लेटर अपने कैंडिडेट लॉगिन के माध्यम से ही एक्सेस कर पाएंगे. बोर्ड जैसे ही Interview की तारीखें फाइनल कर लेगा, वैसे ही कैंडिडेट लॉगिन में कॉल लेटर डाउनलोड करने का लिंक एक्टिव कर दिया जाएगा.
अन्य पदों के परिणाम भी जल्द होंगे जारी
आपको बता दें कि पीजीटी और टीजीटी हिंदी शिक्षकों के इस रिजल्ट से पहले, सीबीएसई ने 3 सितंबर 2026 को केवीएस और एनवीएस में प्रिंसिपल पद के लिए भी टियर-2 का रिजल्ट जारी किया था. बोर्ड का कहना है कि बाकी बचे हुए अन्य पदों के परीक्षा परिणाम भी अंतिम चरण में हैं और उन्हें भी बहुत जल्द अलग-अलग चरणों में घोषित किया जाएगा.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 06:30:03 +0530</pubDate>
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        <title>NTA की तर्ज पर राजस्थान में बनेगी STA, कई बड़ी परीक्षाएं कराएगी एजेंसी</title>
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        <description><![CDATA[ राजस्थान में प्रवेश और पात्रता परीक्षाओं को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है. उच्च शिक्षा विभाग में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की तर्ज पर स्टेटस टेस्टिंग एजेंसी (STA) बनाने का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है. विभाग की टीम ने NTA का दौरा कर परीक्षा संचालन व्यवस्था का अध्ययन किया और संबंधित विभागों से सुझाव लेने के बाद एसटीए का प्रारूप तैयार किया है. प्रस्तावित एजेंसी के जरिए राजस्थान में यूनिवर्सिटी के एंट्रेंस एग्जाम से लेकर PTET, REET, SET और दूसरी परीक्षा कराने की तैयारी है. यह परीक्षाएं CBT मोड में कराई जाएगी और इसके लिए जिला मुख्यालय पर परीक्षा केंद्र बनाए जाने का प्रस्ताव है.&amp;nbsp;
यूनिवर्सिटी एंट्रेंस से PTET तक होगी परीक्षाएं&amp;nbsp;
STA के ड्राफ्ट के अनुसार यूनिवर्सिटी के यूजी-पीजी एंट्रेंस टेस्ट, स्टेट एलिजिबिलिटी टेस्ट, रीट, पीटीईटी और प्री पीएचडी परीक्षा को इसके तहत कराया जा सकता है. इसके अलावा बीएसटीसी, एग्रीकल्चर जॉइंट एंट्रेंस टेस्ट, फार्मेसी एंट्रेंस टेस्ट (यूजी), टेक्निकल व पॉलिटेक्निक कॉलेज के एंट्रेंस एग्जाम भी प्रस्तावित एजेंसी के जरिए कराए जाने हैं. राजस्थान में हर साल करीब 18 लाख विद्यार्थी यूनिवर्सिटी और अलग-अलग प्रवेश एवं पात्रता परीक्षाओं में शामिल होते हैं. अभी इनमें से कई परीक्षा अलग-अलग यूनिवर्सिटी और संस्थाओं की ओर से कराई जाती है.&amp;nbsp;
CBT मोड में होगी परीक्षा&amp;nbsp;
नई व्यवस्था के तहत परीक्षाओं को कंप्यूटर आधारित करने की तैयारी है. इसके लिए प्रदेश के जिला मुख्यालय पर परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे. इससे अलग-अलग परीक्षाओं की आयोजन की प्रक्रियाओं को एक समान तरीके से संचालित किया जाए सकेगा. एक एजेंसी के जरिए परीक्षा करने से आयोजन और मूल्यांकन की प्रक्रिया व्यवस्थित होने के साथ परिणाम भी समय पर जारी करने में मदद मिलने की उम्मीद लगाई जा रही है.&amp;nbsp;
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पेपर लीक पर भी लग सकता है अंकुश&amp;nbsp;
एसटीए के गठन के पीछे परीक्षा व्यवस्था को ज्यादा पारदर्शी और सुरक्षित बनाने का उद्देश्य भी बताया जा रहा है. एक्सपर्ट्स के अनुसार पीटीईटी और D.EI.Ed जैसी परीक्षाएं जब अलग-अलग यूनिवर्सिटी के बजाय एक एजेंसी कराएगी, तो पेपर लीक जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी. पूर्व वीसी, वीएमओयू &amp;nbsp;प्रो. कैलाश सोढ़ानी ने कहा कि एजेंसी की ओर से प्रवेश परीक्षाएं कराने से पेपर लीक पर रोक लगाने में मदद मिलेगी. साथ ही परीक्षाएं समय पर होगी और जल्द रिजल्ट भी जारी किए जाएंगे.&amp;nbsp;
अभी मंजूरी का है इंतजार
उच्च शिक्षा विभाग राजस्थान की टीम ने एनटीए की परीक्षा संचालन व्यवस्था का अध्ययन करने के लिए उसका दौरा किया था. इसके बाद संबंधित विभागों से सुझाव लेकर एसटीए का ड्राफ्ट तैयार किया गया. उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव डॉ. मुकेश कुमार शर्मा ने भी ड्राफ्ट तैयार होने की पुष्टि की है. फिलहाल एसटीए का प्रस्ताव ड्राफ्ट स्तर पर है. सरकार की ओर से अंतिम निर्णय और नियम जारी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कौन-कौन सी परीक्षाएं आधिकारिक तौर पर एसटीए के तहत कराई जाएगी और यह नई व्यवस्था कब से लागू होगी.
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        <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 14:30:23 +0530</pubDate>
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        <title>सेना में जाने का जुनून ऐसा, लाखों का पैकेज छोड़ स्पर्श छेत्री ने चुनी वर्दी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/सेना-में-जाने-का-जुनून-ऐसा-लाखों-का-पैकेज-छोड़-स्पर्श-छेत्री-ने-चुनी-वर्दी</link>
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        <description><![CDATA[ सेना में जाने का जुनून ऐसा, लाखों का पैकेज छोड़ स्पर्श छेत्री ने चुनी वर्दी ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 14:30:21 +0530</pubDate>
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        <title>यूके में पढ़ाई होगी महंगी? स्टूडेंट वीजा के लिए बढ़ी फंड की डिमांड</title>
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        <description><![CDATA[ यूके जाकर पढ़ाई करने की तैयारी करने वाले भारतीय छात्रों के लिए एक जरूरी बदलाव से जुड़ा अपडेट आया है. दरअसल 30 नवंबर 2026 से यूके के स्टूडेंट वीजा के लिए आवेदन करने वाले अंतरराष्ट्रीय छात्रों को पहले के मुकाबले ज्यादा रकम का इंतजाम दिखाना होगा. यूके होम ऑफिस में 3 सितंबर 2026 को इमीग्रेशन रूल में बदलाव किए हैं, जिसके तहत छात्रों के लिए जरूरी मेंटेनेंस फंड बढ़ाए जाएंगे.
इस बदलाव का असर उन छात्रों पर भी पड़ेगा, जो यूके में पढ़ाई के लिए स्टूडेंट वीजा के लिए आवेदन करेंगे. हालांकि यह रकम छात्रों को यूके सरकार को जमा नहीं करनी होगी, उन्हें यह साबित करना होगा कि पढ़ाई के दौरान अपने रहने और रोजमर्रा के खर्चों को पूरा करने के लिए उनके पास पर्याप्त पैसा उपलब्ध है. यह राशि ट्यूशन फीस से अलग होगी.&amp;nbsp;
लंदन में पढ़ाई के लिए कितनी रकम दिखानी होगी?&amp;nbsp;
नए नियम लागू होने के बाद लंदन में पढ़ाई करने वाले छात्रों को हर महीने 1,570 ब्रिटिश पाउंड यानी करीब 2.01 लाख रुपये का मेंटेनेंस फंड दिखाना होगा. अभी यह रकम 1,529 ब्रिटिश पाउंड यानी करीब 1.95 लाख रुपये है. वहीं छात्रों को अधिकतम 9 महीने की रहने का खर्च दिखाना होता है. ऐसे में लंदन के लिए अधिकतम राशि 14,130 ब्रिटिश डॉलर है, जो भारतीय रुपये में 18.06 लाख रुपये के बराबर हो जाएगी. अभी 9 महीने के लिए यह रकम 13,761 ब्रिटिश पाउंड है.
लंदन के बाहर पढ़ाई करने वालों के लिए भी बढ़ी रकम&amp;nbsp;
यूके के लंदन के बाहर पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए भी मेंटेनेंस रिक्वायरमेंट बढ़ाई गई है. अभी हर महीने 1,171 ब्रिटिश पाउंड की राशि दिखानी होती है, जो 30 नवंबर से बढ़कर 1,203 ब्रिटिश पाउंड हो जाएगी. 9 महीने के हिसाब से अधिकतम रकम 10,827 ब्रिटिश पाउंड होगी. मौजूदा नियमों में यह राशि 10,539 ब्रिटिश पाउंड है. यानी 9 महीने के लिए 288 ब्रिटिश पाउंड की बढ़ोतरी होगी.&amp;nbsp;
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ट्यूशन फीस से अलग होगा यह फंड&amp;nbsp;
स्टूडेंट वीजा के तहत मेंटेनेंस फंड का उद्देश्य यह दिखाना है कि छात्र यूके में रहते हुए अपना खर्च उठा सकता है. यह रकम ट्यूशन फीस, वीजा फीस और इमीग्रेशन हेल्थ चार्ट से अलग होगी. छात्रों को आमतौर पर अपने कोर्स की अवधि के हिसाब से रहने का खर्च दिखाना होता है, लेकिन इसकी अधिकतम सीमा 9 महीने है. अगर कोई कोर्स 9 महीने से कम का है, तो संबंधित अवधि के लिए रकम दिखानी होगी. कुछ मामलों में कंफर्मेशन और एक्सेप्टेंस फॉर स्टडीज में बकाया ट्यूशन फीस के लिए भी राशि दिखानी पड़ सकती है.&amp;nbsp;
30 नवंबर की तारीख है जरूरी&amp;nbsp;
नए और पुराने नियमों के बीच तारीख का अंतर जरूरी है. 30 नवंबर 2026 को पहले जमा किए गए आवेदन 29 नवंबर को लागू इमीग्रेशन रूल के तहत देखे जाएंगे. वहीं 30 नवंबर या उसके बाद किए गए आवेदन पर नए मेंटेनेंस रिक्वायरमेंट लागू होगी. यूके होम ऑफिस के अनुसार यह बढ़ोतरी 2026-27 के लिए यूके के घरेलू छात्रों को उपलब्ध मेंटेनेंस लोन के स्तर के अनुरूप की गई है. इस राशि की सालाना समीक्षा डिपार्टमेंट फॉर एजुकेशन करता है. होम ऑफिस ने कहा कि यह वार्षिक बढ़ोतरी पहले ही तय किए गए उन उपायों का हिस्सा थी, जिनका उद्देश्य स्टूडेंट रूट के दुरुपयोग से निपटना है.
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        <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 14:30:20 +0530</pubDate>
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        <title>जानिए 125 साल पुराने बिहार के उस स्कूल के बारे में, जहां से पढ़े हैं कई MP&amp;MLAs</title>
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        <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 14:30:18 +0530</pubDate>
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        <title>बिहार में MBBS की 100 सीटें बढ़ीं, इन 2 मेडिकल कॉलेजों को मिली मंजूरी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/बिहार-में-mbbs-की-100-सीटें-बढ़ीं-इन-2-मेडिकल-कॉलेजों-को-मिली-मंजूरी</link>
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        <description><![CDATA[ बिहार में मेडिकल की पढ़ाई करने की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए अच्छी खबर सामने आई है. राज्य में MBBS की 100 नई सीटें जुड़ने जा रही हैं. नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने बिहार के दो नए मेडिकल कॉलेजों को MBBS कोर्स शुरू करने की मंजूरी दी है. इन दोनों कॉलेजों में फिलहाल 50-50 सीटों पर एडमिशन&amp;nbsp; दिया जाएगा. इससे बिहार में मेडिकल की पढ़ाई के लिए छात्रों के पास पहले के मुकाबले ज्यादा विकल्प होंगे. खासकर छपरा और समस्तीपुर के आसपास के छात्रों को इसका फायदा मिल सकता है.
छपरा और समस्तीपुर में खुलेगा MBBS का रास्ता
NMC ने सरकारी मेडिकल कॉलेज, छपरा और श्री राम जानकी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, समस्तीपुर को MBBS की पढ़ाई शुरू करने की अनुमति दी है. दोनों संस्थानों में शुरुआती तौर पर 50-50 सीटें रखी गई हैं. यानी दोनों कॉलेज मिलकर इस सत्र में कुल 100 छात्रों को MBBS में दाखिला दे सकेंगे. नए कॉलेजों के शुरू होने से बिहार में मेडिकल शिक्षा का दायरा और बढ़ेगा.
&amp;nbsp;2026-27 सत्र से मिलेगा दाखिला
इन दोनों कॉलेजों में 2026-27 शैक्षणिक सत्र से MBBS की पढ़ाई शुरू करने की योजना है. मेडिकल में दाखिला लेने वाले छात्रों को इन सीटों का फायदा NEET UG के बाद होने वाली काउंसलिंग में मिलेगा. हालांकि किस कॉलेज में कितनी सीटें उपलब्ध होंगी और काउंसलिंग का पूरा प्रोसेस क्या रहेगा, इसकी जानकारी संबंधित आधिकारिक प्रक्रिया के दौरान सामने आएगी.
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&amp;nbsp;पहले 100 सीटों की मांगी गई थी अनुमति
दोनों मेडिकल कॉलेजों की ओर से 100-100 MBBS सीटों के लिए अनुमति मांगी गई थी. फिलहाल NMC ने दोनों को 50-50 सीटों के साथ शुरुआत करने की मंजूरी दी है. इसका मतलब है कि आगे कॉलेजों में सुविधाएं और जरूरी मानक पूरे होने पर सीटों की संख्या बढ़ाने का रास्ता खुल सकता है. अभी छात्रों के लिए सबसे अहम बात यही है कि दोनों जगह MBBS की 50-50 सीटें उपलब्ध होंगी.
छात्रों को क्या फायदा होगा?
मेडिकल की सीट बढ़ने का सीधा फायदा उन छात्रों को मिल सकता है जो NEET UG के जरिए MBBS में जगह बनाने की कोशिश कर रहे हैं. बिहार के छात्रों को अब राज्य में ही मेडिकल कॉलेजों के ज्यादा विकल्प मिलेंगे. इसके अलावा नए कॉलेजों में पढ़ाई और अस्पताल की सुविधाएं विकसित होने से आसपास के क्षेत्रों में इलाज की सुविधा भी बेहतर हो सकती है. इससे मेडिकल शिक्षा के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को भी बढ़ावा मिलेगा.
बिहार में मेडिकल शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा
नए मेडिकल कॉलेज शुरू होने से सिर्फ 100 छात्रों को MBBS पढ़ने का मौका नहीं मिलेगा, बल्कि आने वाले समय में इन संस्थानों का विस्तार भी हो सकता है. मेडिकल कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्र आगे चलकर डॉक्टर बनकर स्वास्थ्य सेवाओं का हिस्सा बनेंगे. ऐसे में बिहार में नए मेडिकल कॉलेजों की शुरुआत राज्य की मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था दोनों के लिए महत्वपूर्ण कदम मानी जा सकती है. फिलहाल छपरा और समस्तीपुर में 100 नई MBBS सीटों की मंजूरी इस दिशा में एक बड़ा अपडेट है.
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        <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 14:30:15 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Apple के नए CEO को कितनी मिल रही सैलरी, टॉप&amp;5 सीईओ से कितनी कम?</title>
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        <description><![CDATA[ Apple में लंबे समय से टिम कुक की जगह लेने की चर्चा चल रही थी, और अब कंपनी ने आधिकारिक तौर पर अपने नए सीईओ का ऐलान कर दिया है. जॉन टर्नस ने टिम कुक की जगह कंपनी की कमान संभाल ली है. टिम कुक अब कंपनी के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन की भूमिका में आ गए हैं. इसके साथ ही एप्पल ने अमेरिकी बाजार नियामक SEC के पास दाखिल फाइलिंग में दोनों के नए वेतन पैकेज की जानकारी भी सार्वजनिक कर दी है.
नए CEO जॉन टर्नस की सैलरी
जॉन टर्नस को कुल मिलाकर करीब 58 मिलियन डॉलर, यानी लगभग 551 करोड़ रुपये का सालाना पैकेज दिया गया है. इसमें उनकी बेसिक सैलरी 3 मिलियन डॉलर सालाना रखी गई है. इसके अलावा उन्हें 2026 के बचे हुए महीनों के लिए 2.5 मिलियन डॉलर का स्टॉक अवॉर्ड मिलेगा, क्योंकि वे साल के बीच में सीईओ बने हैं.
वित्त वर्ष 2027 के लिए उनका इक्विटी अवॉर्ड 55 मिलियन डॉलर के लक्ष्य पर तय किया गया है. इस इक्विटी का 75 फीसदी हिस्सा कंपनी के प्रदर्शन से जुड़ा है, यानी यह इस बात पर निर्भर करेगा कि एप्पल के शेयर एस एंड पी 500 की दूसरी बड़ी कंपनियों की तुलना में कैसा प्रदर्शन करते हैं. बाकी 25 फीसदी हिस्सा अगले चार साल में हर छह महीने में बराबर किस्तों में मिलेगा.
पूर्व बॉस टिम कुक की अब कितनी है सैलरी?
वहीं टिम कुक, जो अब एग्जीक्यूटिव चेयरमैन बन गए हैं, उन्हें 2 मिलियन डॉलर सालाना सैलरी के साथ 45 मिलियन डॉलर का इक्विटी अवॉर्ड मिलेगा. नई भूमिका में टिम कुक का ज्यादातर समय दुनियाभर की सरकारों और नीति-निर्माताओं के साथ एप्पल के रिश्तों को संभालने में जाएगा. इससे पहले वित्त वर्ष 2025 में सीईओ के तौर पर टिम कुक का कुल वेतन पैकेज करीब 74.3 मिलियन डॉलर था.
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दुनिया के टॉप-5 सीईओ से कितनी कम है टर्नस की सैलरी?
भले ही टर्नस एप्पल जैसी दिग्गज कंपनी को संभाल रहे हैं, लेकिन जब बात दुनिया के सबसे महंगे सीईओ से तुलना की आती है, तो उनका पैकेज काफी पीछे रह जाता है. टेक और ऑटो जगत के टॉप-5 सीईओ के सामने एप्पल के नए बॉस की सैलरी काफी कम दिखती है.
एलोन मस्क (Tesla)- टेस्ला के मालिक और सीईओ एलोन मस्क का पे-पैकेज दुनिया में सबसे बड़ा है. उनका 56 बिलियन डॉलर करीब 4.7 लाख करोड़ रुपये का स्टॉक पैकेज चर्चाओं में रहा है.
सुंदर पिचाई (Google)- गूगल के भारतीय मूल के सीईओ सुंदर पिचाई का सालाना पैकेज अक्सर 200 मिलियन डॉलर करीब 1,600 से 1,800 करोड़ रुपये के पार चला जाता है. सुंदर पिचाई की तुलना में टर्नस की सैलरी करीब तीन से चार गुना कम है.
सत्या नडेला (Microsoft)- माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला का सालाना पैकेज 50 से 70 मिलियन डॉलर के बीच रहता है, लेकिन कुछ खास वर्षों में बोनस मिलाकर यह टर्नस के मुकाबले काफी ज्यादा हो जाता है.&amp;nbsp;
सफरा कैट्स (Oracle) और निकेश अरोड़ा (Palo Alto Networks)- दुनिया के सबसे अमीर सीईओ की सूची में शामिल इन दिग्गजों का कुल सालाना पैकेज शेयर और इंसेंटिव को मिलाकर आसानी से 100 मिलियन डॉलर करीब 840 करोड़ रुपये से ऊपर निकल जाता है, जो टर्नस के 58 मिलियन डॉलर से लगभग दोगुना है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 02:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>कमर्शियल पायलट या फाइटर पायलट... किसकी सैलरी ज्यादा, जानें कमाई?</title>
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        <description><![CDATA[ 2019 में पाकिस्तान के एफ 16 लड़ाकू विमान को मार गिराने के बाद पूरी दुनिया में चर्चा में आए भारतीय वायु सेना के पूर्व फाइटर पायलट अभिनंदन वर्धमान अब अपने करियर की नई पारी शुरू कर चुके हैं. 22 साल तक भारतीय वायुसेना में सेवा देने वाले पूर्व ग्रुप कैप्टन और वीर चक्र से सम्मानित अभिनंदन ने 31 मार्च 2026 को समय से पहले रिटायरमेंट लिया और अब गोवा की क्षेत्रीय एयरलाइन FLY91 के कमर्शियल पायलट के तौर पर जुड़ गए हैं.
अगस्त 2026 में FLY91 से जुड़ने के बाद अभिनंदन फिलहाल कमर्शियल पायलट की ट्रेनिंग ले रहे हैं. फाइटर जेट के कॉकपिट से एयरलाइंस के कॉकपिट तक का यह बदलाव उनके करियर का एक बड़ा मोड़ रहा है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि कमर्शियल पायलट या फाइटर पायलट किसकी सैलरी ज्यादा होती है.&amp;nbsp;
कैसे तय होती है एयरफोर्स पायलट की सैलरी?
एयरफोर्स पायलट की सैलरी एक्सपीरियंस और जिम्मेदारी के आधार पर तय होती है. इसमें अलग-अलग भत्ते भी शामिल होते हैं. वहीं करियर की शुरुआत में सैलरी इसमें कम होती है, लेकिन एक्सपीरियंस बढ़ने के साथ इसमें सैलरी में लगातार बढ़ोतरी होती रहती है.&amp;nbsp;
IAF में ग्रुप कैप्टन की कितनी होती है सैलरी?&amp;nbsp;
भारतीय वायु सेना में ग्रुप कैप्टन का एक वरिष्ठ अधिकारी का पद होता है. इस पद पर अधिकारियों को हर महीने करीब 1,30,600 रुपये से 2,15,900 तक सैलरी मिलती है. हालांकि, एयरफोर्स अधिकारी की कमाई केवल बेसिक सैलरी तक सीमित नहीं होती. पद, एक्सपीरियंस और जिम्मेदारियों के आधार पर अलग-अलग भत्ते भी इसमें मिलते हैं. इनमें महंगाई भत्ता, मकान या HRA ट्रांसपोर्ट और दूसरे भत्ते शामिल हैं. इसके अलावा मेडिकल सुविधा पेंशन और रिटायरमेंट से जुड़े दूसरे लाभ भी इसमें मिलते हैं.&amp;nbsp;
कैसी होती है कमर्शियल पायलट की सैलरी?&amp;nbsp;
वहीं, एयरफोर्स के विपरीत कमर्शियल पायलट की सैलरी इस बात पर निर्भर करती है कि वह किस एयरलाइन में काम कर रहा है. इसके अलावा उसने कितने फ्लाइंग ऑवर पूरे कर लिए हैं और उसका पद क्या है. इन चीजों के आधार पर कमर्शियल पायलट की सैलरी अलग-अलग होती है.
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कमर्शियल पायलट की शुरुआती सैलरी&amp;nbsp;
कमर्शियल एविएशन में पायलट की कमाई उसके पद और एक्सपीरियंस के अनुसार बढ़ती जाती है. एयरलाइन में शामिल होने के बाद पायलट को शुरुआत में ट्रेनिंग से गुजरना पड़ता है. इस दौरान आमतौर पर 63,000 से 65,000 प्रतिमाह तक सैलरी मिलती है. ट्रेनिंग के बाद जब पायलट जूनियर फर्स्ट ऑफिसर के तौर पर काम शुरू करता है, तो उसकी महीने की सैलरी 1 लाख से डेढ़ लाख रुपये होती है. वहीं यह सैलरी अलग-अलग एयरलाइन के हिसाब से कम या ज्यादा भी हो सकती है. वहीं प्रमोशन के साथ ही कमर्शियल पायलट की सैलरी में भी बढ़ोतरी होती है.&amp;nbsp;
कैप्टन बनने के बाद लाखों में पहुंचती है सैलरी&amp;nbsp;
कमर्शियल पायलट के करियर में कैप्टन का पद महत्वपूर्ण माना जाता है. कैप्टन के पास विमान के साथ यात्रियों और पूरी उड़ान की जिम्मेदारी होती है. भारत में कई कैप्टन की महीने की सैलरी करीब 6 लाख से 12 लाख रुपये से भी ज्यादा होती है.
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        <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 02:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>टेक्नोलॉजी के दौर में बिना AI और गैजेट्स के पढ़ाई, University of Chicago ने बदले नियम</title>
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        <description><![CDATA[ आज के समय में जब पढ़ाई से लेकर असाइनमेंट और रिसर्च तक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल डिवाइस का इस्तेमाल बढ़ता जा रहा है, अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो ने इससे अलग रास्ता अपनाने का फैसला किया है. यूनिवर्सिटी के सोशल साइंस के छात्रों के लिए अब क्लासरूम का माहौल बहुत अलग होगा. 2026-27 के शैक्षणिक सत्र से सोशल साइंस कोर की क्लासेस को बड़े स्तर पर एनालॉग तरीके से चलाया जाएगा.
यानी छात्रों को क्लास के दौरान लैपटॉप, मोबाइल फोन और दूसरे पर्सनल गैजेट्स से दूरी रखनी होगी. इस व्यवस्था में पढ़ाई के लिए डिजिटल स्क्रीन की जगह मुख्य रूप से कागज पर उपलब्ध टेक्स्ट और आमने-सामने की बातचीत पर जोर दिया जाएगा.&amp;nbsp;
सोशल साइंस की कक्षा में नहीं चलेगा एआई&amp;nbsp;
यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो के सोशल साइंस कॉलेज डिवीजन की ओर से जारी नई गाइडलाइन के अनुसार सोशल साइंस कोर के छात्रों को आमतौर पर क्लास में व्यक्तिगत डिवाइस का इस्तेमाल नहीं करना होगा. इनमें लैपटॉप, मोबाइल फोन और वियरेबल डिवाइस भी शामिल है. बताया जा रहा है कि इन बदलावों से छात्रा कागज पर उपलब्ध टेक्स्ट के साथ पढ़ाई करेंगे और बिना किसी डिवाइस के क्लास रूम के डिस्कशन में हिस्सा लेंगे. वहीं असाइनमेंट पूरा करने में भी छात्रों को एआई की सहायता नहीं लेनी होगी.&amp;nbsp;
पढ़ाई में एनालॉग मॉडल पर जोर&amp;nbsp;
यूनिवर्सिटी की नई व्यवस्था का मकसद टेक्नोलॉजी को क्लास से बाहर करना नहीं है. सोशल साइंस कोर में चर्चा आधारित पढ़ाई होती है और यहां आमने-सामने संवाद को जरूरी माना जाता है. इस वजह से इन कोर्सेज को एआई और गैजेट्स से मुक्त वातावरण में पढ़ाने की दिशा में कदम उठाया गया है. एसएससीसीडी के अनुसार फैकल्टी के बीच इस बात पर मजबूत सहमति बनी है कि सोशल साइंस कोर को एआई के बिना पढ़ाया जाना बेहतर होगा.&amp;nbsp;
शिक्षकों के लिए एआई ग्रेडिंग पर रोक
नई नीति केवल छात्रों तक सीमित नहीं है. शिक्षकों के लिए भी एआई के इस्तेमाल को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं. इंस्ट्रक्टर को छात्रों की ग्रेडिंग के लिए एआई का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं होगी. इसके अलावा सोशल साइंस कोर्स के सिलेबस, एक्सपर्ट्स की ओर से तैयार कराए जाएंगे. जिसका मतलब है कि कोर्स में मानवीय एक्सपर्ट्स को प्राथमिकता दी जाएगी. &amp;nbsp;
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टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल की कुछ छूट भी मिलेगी&amp;nbsp;
यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो ने टेक्नोलॉजी पर पूरी तरह रोक नहीं लगाई. कुछ विशेष अकेडमिक की जरूरतों के लिए शिक्षक टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल की अनुमति मांग सकते हैं. डेटा सेट की जांच कोड में आ रही समस्याओं को दूर करने, टेक्स्ट में बदलाव करने या लाइब्रेरी संसाधनों तक पहुंचने जैसे खास एकेडमी कामों के लिए टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल की नौकरी की जा सकती है. इस तरह छात्रों को दिव्यांगता से जुड़ी सुविधाओं के तहत डिवाइस की जरूरत है, उन्हें भी इससे छूट दी जाएगी.&amp;nbsp;
क्या है सोशल साइंस कोर?
यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो का सोशल साइंस कोर उसके अंडर ग्रेजुएट जनरल एजुकेशन प्रोग्राम का हिस्सा है. छात्रों को अपने कोर रिक्वायरमेंट के तहत आमतौर पर सोशल साइंस की तीन कोर्स की एक सीक्वेंस पूरी करनी होती है. इन कक्षाओं को नए एनालॉग मॉडल के तहत पढ़ाने की दिशा में यूनिवर्सिटी आगे बढ़ रही है.
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        <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 02:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>MCD स्कूलों में शिक्षा और खेल का नया मॉडल: 24 स्कूल बनेंगे ‘निगमश्री’</title>
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        <description><![CDATA[ दिल्ली नगर निगम के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की पढ़ाई और खेल प्रतिभा को बढ़ावा देने के लिए अब स्कूलों के साथ-साथ पैरेंट्स की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है. नगर निगम की तरफ से सामने आई जानकारी के अनुसार तीन नई पहल शुरू करने की तैयारी है. &amp;nbsp;इनमें प्री प्राइमरी बच्चों की पढ़ाई में माता-पिता को जोड़ने की योजना, 12 जोन में 24 बेहतर प्रदर्शन करने वाले स्कूलों को निगमश्री स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करना और अंडर 9, अंडर 11 बच्चों के लिए मिनी स्पोर्ट्स लीग आयोजित करना शामिल है. निगम के अनुसार इन योजनाओं का उद्देश्य केवल स्कूलों की सुविधाओं में सुधार करना नहीं, बल्कि स्कूल, शिक्षक, पेरेंट्स और समुदाय के बीच बेहतर तालमेल बनाकर बच्चों के समग्र विकास को बढ़ावा देना है.&amp;nbsp;
प्रतिभागिता से घर तक पहुंचेगी पढ़ाई&amp;nbsp;
दरअसल MCD शिक्षा विभाग प्रतिभागिता नाम से पहले शुरू कर रहा है. इसके लिए रॉकेट लर्निंग नाम के एनजीओ के साथ सहयोग किया गया है. इस योजना में तकनीकी के जरिए अभिभावकों तक बच्चों की पढ़ाई से जुड़ी सामग्री, जरूरी सूचनाएं और शिक्षा में उनकी भागीदारी बढ़ाने वाले मैसेज भेजे जाएंगे. प्राइमरी बच्चों के माता-पिता को घर पर बच्चों के साथ कराई जाने वाली खेल आधारित एक्टिविटी भेजी जाएगी. ऑडियो-वीडियो के जरिए माता-पिता को बताया जाएगा बच्चों की शुरुआती शिक्षा में वह किस तरह मदद कर सकते हैं. वहीं स्कूल की एक्टिविटी और विभागीय योजनाओं की जानकारी भी नियमित रूप से पेरेंट्स तक पहुंचाई जाएगी. इसमें बच्चों से जुड़ी जरूरी सूचनाएं पेरेंट्स को दी जाएगी. MCD की योजनाओं और स्कूल से जुड़े अपडेट शेयर किए जाएंगे. इसके अलावा नियमित संवाद के जरिए स्कूल और परिवार के बीच संबंध मजबूत करने पर भी जोर रहेगा.&amp;nbsp;
12 जोन में बनेंगे 24 निगमश्री स्कूल&amp;nbsp;
MCD &amp;nbsp;के करीब 7 लाख बच्चों वाले शहरी प्राथमिक शिक्षा तंत्र में गुणवत्ता सुधार के लिए 24 निगमश्री स्कूल ऑफ एक्सीलेंस विकसित किए जाएंगे. एमसीडी के 12 जोन में से प्रत्येक जोन से दो बेहतर प्रदर्शन करने वाले स्कूल इसमें चुने जाएंगे. इन स्कूलों को दूसरे स्कूलों के लिए मॉडल के रूप में भी विकसित किया जाएगा. &amp;nbsp;
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चुने गए स्कूलों की यह होगी खासियत
हर एक चुने गए निगमश्री स्कूल को आसपास के 3 से 5 MCD &amp;nbsp;स्कूलों के लिए अकेडमिक सहयोगी केंद्र के रूप में भी विकसित किया जाएगा. यहां एक्टिविटी आधारित पढ़ाई पर जोर होगा और कक्षा 3 तक बच्चों में पढ़ने-लिखने और गणित की बुनियादी क्षमता मजबूत करने का टारगेट रखा गया है. हर निगम श्री स्कूल में कम से कम दो स्मार्ट क्लासरूम, बेहतर लाइब्रेरी और खेल सुविधाएं विकसित की जाएगी. इसके अलावा परिसर को बच्चों के अनुकूल और हरा भरा बनाने के साथ दिव्यांग बच्चों के लिए रैंप जैसी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर रहेगा. वहीं प्रिंसिपल और शिक्षकों के लिए नियमित ट्रेनिंग की व्यवस्था होगी. शिक्षकों को हर साल कम से कम 50 घंटे का प्रोफेशनल डेवलपमेंट की ट्रेनिंग दी जाएगी. पेरेंट्स, पूर्व छात्रों और समुदाय को जोड़ने के लिए विद्यांजलि जैसे प्लेटफार्म का इस्तेमाल भी किया जाएगा.&amp;nbsp;
अंडर 9 और अंडर 11 बच्चों के लिए मिनी स्पोर्ट्स लीग&amp;nbsp;
शिक्षा के साथ खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए MCD मिनी लीग भी शुरू करेगा. शुरुआत में अंडर 9 और अंडर 11 आयु वर्ग के बच्चों पर फोकस रहेगा. इसके लिए स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर और टैलेंट डेवलपमेंट सोसाइटी के साथ साझेदारी की जा रही है. लीग में फुटबॉल और क्रिकेट प्रतियोगिता के साथ बच्चों की शारीरिक फिटनेस का आकलन भी किया जाएगा. मैच और खिलाड़ियों के प्रदर्शन का डिजिटल रिकॉर्ड भी तैयार होगा और बच्चों को डिजिटल प्रमाण पत्र दिए जाएंगे. MCD &amp;nbsp;के शारीरिक शिक्षा शिक्षक और नोडल शिक्षक स्थानीय कोच और तकनीकी सहयोगी के तौर पर जुड़ेंगे.
इसके लिए मौजूदा MCD &amp;nbsp;खेल मैदान का इस्तेमाल किया जाएगा. सीएसआर के जरिए खेल किट, डिवाइस और छात्रवृत्ति जुटाने की योजना भी है. निगम के अनुसार इस पहल के तहत 1400 से ज्यादा MCD &amp;nbsp;छात्रों को दिल्ली एनसीआर की खेल अकादमियों के 4500 से ज्यादा बच्चों के साथ कंपटीशन करने का मौका मिलेगा. वहीं इससे खिलाड़ियों के प्रदर्शन और फिटनेस से जुड़ा डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जाएगा, जिससे फ्यूचर में प्रतिभाशाली बच्चों की पहचान और उनकी प्रगति पर नजर रखना आसान होगा.
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        <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 02:30:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>BHU में वेटनरी कोर्स के लिए आवेदन शुरू, NEET UG स्कोर पर मिलेगा एडमिशन</title>
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        <description><![CDATA[ बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए बैचलर ऑफ वेटरनरी साइंस और हसबेंडरी कोर्स में एडमिशन की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इस कोर्स में एडमिशन के लिए उम्मीदवारों का चयन नीट यूजी 2026 के स्कोर के आधार पर किया जाएगा. इसका मतलब है कि जिन उम्मीदवारों ने 2026 में नीट यूजी की परीक्षा दी है, वह भी इस कोर्स में एडमिशन के लिए आवेदन कर सकते हैं. एलिजिबल उम्मीदवार अब बीएचयू के एडमिशन पोर्टल के जरिए रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं.&amp;nbsp;
कब तक कर सकेंगे आवेदन?
बीएचयू ने साफ कर दिया है कि इस कोर्स में दिलचस्पी रखने वाले उम्मीदवारों को 20 सितंबर 2026 रात 11:59 बजे तक अपना रजिस्ट्रेशन पूरा करना होगा. जो उम्मीदवार तय समय सीमा तक रजिस्ट्रेशन नहीं कर पाए, उन्हें सीट अलॉटमेंट प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जाएगा. ऐसे में इच्छुक छात्रों को समय रहते अपना आवेदन पूरा करना होगा.&amp;nbsp;
तीन राउंड में होगा सीट अलॉटमेंट&amp;nbsp;
बीएचयू इस कोर्स के लिए एडमिशन प्रक्रिया कुल तीन सीट अलॉटमेंट राउंड के जरिए पूरी करेगा. रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख 20 सितंबर 2026 है. इसके बाद पहली सीट एलॉटमेंट लिस्ट 28 सितंबर 2026 को जारी होगी. दूसरी सीट अलॉटमेंट लिस्ट 1 अक्टूबर 2026 को और तीसरी सीट एलॉटमेंट लिस्ट 5 अक्टूबर 2026 को जारी की जाएगी. अगर इन तीनों राउंड के बाद भी कोई सीट खाली रह जाती है, तो उन्हें भरने के लिए माॅप-अप राउंड के तहत 14 अक्टूबर 2026 को खाली सीटों की लिस्ट जारी की जाएगी.
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कैसे करें आवेदन?
बीएचयू वेटरनरी कोर्स में एडमिशन के लिए आवेदन करने के इच्छुक छात्र नीचे दिए गए आसान चरणों का पालन कर सकते हैं. सबसे पहले बीएचयू के ऑफिशियल एडमिशन पोर्टल admission.bhu.ac.in पर जाना होगा. इसके बाद बीवीएससी एंड एएच प्रोग्राम के लिए दिए गए रजिस्ट्रेशन लिंक पर क्लिक करें. इसके बाद अपनी एक्टिव ईमेल आईडी का इस्तेमाल करके एक नया अकाउंट बनाएं. इसके बाद जरूरी एजुकेशनल और पर्सनल डिटेल भरें और अपना नीट यूजी 2026 रोल नंबर और स्कोर दर्ज करें. इसके बाद रजिस्ट्रेशन फीस का पेमेंट करें और आवेदन सबमिट कर दें. आवेदन पूरा होने के बाद कंफर्मेशन पेज डाउनलोड कर लें.&amp;nbsp;
फॉर्म भरते समय इन बातों का रखें ध्यान&amp;nbsp;
उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वह आवेदन फॉर्म सबमिट करने से पहले उसमें भरी गई सारी जानकारी को अच्छी तरह जांच लें. खास तौर पर नीट यूजी 2026 का रोल नंबर और स्कोर सही दर्ज करना जरूरी है. जिससे किसी तरह की गलती की गुंजाइश न रहे. इसके साथ ही यह भी जरूरी है कि सभी छात्र आखिरी तारीख का इंतजार किए बिना पहले ही अपनी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी कर लें. ताकि अंतिम समय में किसी तकनीकी दिक्कत या जल्दबाजी से बचा जा सके.
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        <pubDate>Sat, 05 Sep 2026 09:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>BHU, में, वेटनरी, कोर्स, के, लिए, आवेदन, शुरू, NEET, स्कोर, पर, मिलेगा, एडमिशन</media:keywords>
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        <title>UGC&amp;NET June 2026 Re&amp;Exam के एडमिट कार्ड जारी, ऐसे करें डाउनलोड</title>
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        <description><![CDATA[ UGC-NET June 2026 के तीन विषयों अंग्रेजी, कॉमर्स और सोशियोलॉजी Re-Exam में शामिल होने वाले उम्मीदवारों के लिए बड़ी खबर है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए ने 9 और 10 सितंबर 2026 को होने वाली परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं. आइए जानते हैं कि कैंडिडेट्स कैसे अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं?
किन उम्मीदवारों के एडमिट कार्ड जारी हुए?
NTA की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, 9 और 10 सितंबर 2026 को UGC-NET June 2026 के तहत इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी विषयों के री-एग्जाम होने हैं. संबंधित कैंडिडेट्स अपने लॉगिन क्रेडेंशियल का इस्तेमाल करके एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं.
कहां से डाउनलोड करें UGC-NET एडमिट कार्ड?
UGC-NET June 2026 Re-Exam का एडमिट कार्ड एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है. उम्मीदवारों को वेबसाइट ugcnet.nta.nic.in पर जाना होगा. इसके बाद अपने लॉगिन क्रेडेंशियल की मदद से पोर्टल पर लॉगिन करना होगा. लॉगिन के बाद एडमिट कार्ड डाउनलोड करने का ऑप्शन दिखाई देगा. उम्मीदवार एडमिट कार्ड को डाउनलोड करने के साथ उसका प्रिंटआउट भी निकालकर रख लें.
एडमिट कार्ड पर दी गई जानकारी जरूर करें चेक
एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के बाद उम्मीदवारों को उस पर दर्ज सभी जानकारी ध्यान से देखनी चाहिए. खास तौर पर नाम, विषय, परीक्षा की तारीख, परीक्षा केंद्र, रिपोर्टिंग टाइम और परीक्षा से जुड़े निर्देश अच्छी तरह जांच लें. अगर एडमिट कार्ड पर किसी तरह की जानकारी गलत है या उसे लेकर कोई समस्या है तो समय रहते NTA से संपर्क करें.&amp;nbsp;
परीक्षा केंद्र पर पहुंचने से पहले पढ़ लें निर्देश
NTA ने उम्मीदवारों को एडमिट कार्ड पर दिए गए सभी निर्देश ध्यान से पढ़ने की सलाह दी है. उम्मीदवारों को परीक्षा के दिन किसी तरह की परेशानी से बचने के लिए पहले से तैयारी कर लेनी चाहिए. परीक्षा केंद्र का पता भी पहले ही देख लेना बेहतर रहेगा, ताकि परीक्षा वाले दिन वहां पहुंचने में देरी न हो.
एडमिट कार्ड डाउनलोड करने में परेशानी हो तो क्या करें?
अगर किसी उम्मीदवार को UGC-NET June 2026 Re-Exam का एडमिट कार्ड डाउनलोड करने में परेशानी हो रही है या वेबसाइट पर लॉगिन से जुड़ी कोई समस्या आ रही है तो वह NTA की हेल्पलाइन से संपर्क कर सकता है. उम्मीदवार 011-40759000 पर कॉल कर सकते हैं. इसके अलावा अपनी समस्या ugcnet@nta.ac.in पर ईमेल के जरिए भी भेज सकते हैं.&amp;nbsp;
परीक्षा से जुड़ी जानकारी आधिकारिक वेबसाइट पर देखें
UGC-NET परीक्षा से जुड़े उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे परीक्षा से संबंधित किसी भी अपडेट के लिए NTA की आधिकारिक वेबसाइट और UGC-NET पोर्टल पर जारी सूचनाओं को ही देखें. सोशल मीडिया या दूसरे अनधिकृत स्रोतों से मिलने वाली जानकारी पर भरोसा न करें.
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        <pubDate>Sat, 05 Sep 2026 09:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>5 सितंबर का दिन क्यों है शिक्षकों के नाम? जानिए इसका पूरा इतिहास</title>
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        <description><![CDATA[ हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के मौके पर देशभर के स्कूल और कॉलेज एक अलग माहौल में नजर आते हैं. कहीं छात्र अपने शिक्षकों के लिए प्रोग्राम आयोजित करते हैं, तो कहीं जगह खास परफॉर्मेंस और गेम्स के जरिए टीचर्स को धन्यवाद दिया जाता है. कई स्कूलों में इस दिन सीनियर छात्र जूनियर कक्षाओं को पढ़ाते हैं और शिक्षक भी अपनी क्लासरूम जिम्मेदारियां से थोड़ी देर के लिए दूर रहते हैं. कुछ जगहों पर छात्र अपने शिक्षकों की नकल भी करते हैं, लेकिन इसे सम्मान के साथ पेश किया जाता हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि भारत में टीचर्स डे के लिए 5 सितंबर की तारीख ही क्यों चुनी गई. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि 5 सितंबर का दिन शिक्षकों के नाम क्यों है.&amp;nbsp;
5 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है टीचर्स डे?&amp;nbsp;
डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म 5 सितंबर 1888 को हुआ था. वह एक प्रसिद्ध दार्शनिक और विद्वान होने के साथ-साथ लंबे समय तक शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े रहे. जब 1962 में वह भारत के राष्ट्रपति बने, तब उनके कुछ छात्रों और प्रशंसकों ने उनका जन्मदिन मनाने की इच्छा जताई है. राधाकृष्णन ने व्यक्तिगत तौर पर अपना जन्मदिन मनाने के बजाय सुझाव दिया कि इस दिन को टीचर्स डे के रूप में मनाया जाए. उनका विचार था कि यह दिन किसी एक व्यक्ति के सम्मान तक सीमित न रहकर देशभर के टीचर्स और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को समर्पित होना चाहिए. यही से भारत में हर साल 5 सितंबर को टीचर्स डे मनाने की परंपरा शुरू हुई.&amp;nbsp;
कौन थे डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन?
डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन भारत के प्रमुख दार्शनिक और शिक्षकों में गिने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर का बड़ा हिस्सा शिक्षा के क्षेत्र में बिताया. वह आंध्र यूनिवर्सिटी और बनारस यूनिवर्सिटी के कुलपति भी रहे. बाद में वह 1952 में भारत के पहले उपराष्ट्रपति बने और 1962 में देश के दूसरे राष्ट्रपति का पद संभाला. शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान के कारण उनका नाम टीचर्स डे से गहराई से जुड़ गया. राधाकृष्णन का मानना था कि शिक्षा केवल जानकारी हासिल करने या परीक्षा पास करने तक सीमित नहीं है. शिक्षा का उद्देश्य व्यक्ति में तर्क, स्वतंत्र सोच और जिम्मेदार नागरिक बनने की भावना विकसित करना भी है.&amp;nbsp;
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1962 से चली आ रही है टीचर्स डे की परंपरा&amp;nbsp;
भारत में टीचर्स डे मनाने की शुरुआत 1962 में हुई. तब से हर साल 5 सितंबर को स्कूलों और कॉलेज में टीचर्स के सम्मान में कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. इस दिन छात्र अपने शिक्षकों के लिए विशेष कार्यक्रम करते हैं, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देते हैं और कई जगह उन्हें गिफ्ट भी देते हैं. कुछ संस्थानों में छात्र खुद शिक्षकों की भूमिका निभाकर क्लास लेते हैं. इस तरह दिनभर का माहौल सामान्य पढ़ाई से अलग और शिक्षकों के प्रति सम्मान व्यक्त करने वाला होता है.&amp;nbsp;
टीचर्स डे 2026 पर 48 शिक्षकों को मिलेगा राष्ट्रीय सम्मान&amp;nbsp;
5 सितंबर 2026 को इस बार टीचर्स डे के मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू नई दिल्ली में 48 शिक्षकों को नेशनल टीचर्स अवॉर्ड भी प्रदान करेगी. इन शिक्षकों का चयन जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर तीन चरणों वाली प्रक्रिया के जरिए किया गया. सम्मान पाने वाले शिक्षक 27 राज्यों, 7 केंद्र शासित प्रदेशों और 6 केंद्रीय सरकारी संगठनों का प्रतिनिधित्व करते हैं. आपको बता दें कि नेशनल टीचर्स अवार्ड की शुरुआत 1958 में हुई थी. इसका उद्देश्य ऐसे शिक्षकों को पहचान देना है, जिन्होंने स्कूल शिक्षा में उल्लेखनीय योगदान दिया है और अपने छात्रों के जीवन को बेहतर बनाने में भूमिका निभाई.
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        <pubDate>Sat, 05 Sep 2026 09:30:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>UP Special TET 2026 का नोटिफिकेशन जारी, 5 सितंबर से शुरू होंगे आवेदन</title>
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        <description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने स्पेशल टीईटी एलिजिबिलिटी टेस्ट 2026 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. आयोग ने इसे विज्ञापन संख्या 03/2026 के तहत जारी किया है. परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 5 सितंबर से शुरू होगी और उम्मीदवार 4 अक्टूबर तक फॉर्म भर सकेंगे. यह परीक्षा उत्तर प्रदेश के सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर पर शिक्षक पदों के लिए पात्रता तय करने के उद्देश्य से आयोजित की जाएगी.&amp;nbsp;
&amp;nbsp;यूपी स्पेशल टीईटी 2026 का शेड्यूल&amp;nbsp;
यूपी स्पेशल टीईटी 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 5 सितंबर से शुरू होगी. आवेदन करने की आखिरी तारीख 4 अक्टूबर निर्धारित की गई है. उम्मीदवारों को आवेदन के साथ निर्धारित फीस भी इसी अवधि में जमा करनी होगी. आयोग की ओर से जारी शेड्यूल के अनुसार आवेदन में सुधार के लिए 8 अक्टूबर की तारीख तय की गई है. वहीं स्पेशल टीईटी परीक्षा 3 नवंबर 2026 को आयोजित की जाएगी. परीक्षा से पहले 1 नवंबर 2026 को एडमिट कार्ड जारी किए जाने का कार्यक्रम है.&amp;nbsp;
ओटीआर करना होगा जरूरी&amp;nbsp;
यूपी स्पेशल टीईटी के लिए आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को वन टाइम रजिस्ट्रेशन पूरा करना होगा. बिना ओटीआर की आवेदन प्रक्रिया पूरी नहीं की जा सकेगी. जिन उम्मीदवारों ने पहले से ओटीआर कर रखा है, उन्हें दोबारा रजिस्ट्रेशन करने की जरूरत नहीं होगी. वह पहले से मिले लॉगिन क्रेडेंशियल के जरिए आगे की आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं. नए उम्मीदवारों को पहले ओटीआर करना होगा. इसके बाद लोगिन डिटेल में स्पेशल टीईटी 2026 के आवेदन फॉर्म को भरना होगा.&amp;nbsp;
कितनी है आवेदन फीस?
आवेदन फीस उम्मीदवार की कैटेगरी के अनुसार अलग-अलग रखी गई है. जनरल ईडब्ल्यूएस, ओबीसी वर्ग के उम्मीदवारों को 1000 रुपये, एससी-एसटी उम्मीदवारों को 500 रुपये और पीडब्ल्यूडी उम्मीदवारों को 300 रुपये जमा करने होंगे. फीस का पेमेंट ऑनलाइन माध्यम से किया जाएगा.&amp;nbsp;
पेपर 1 और पेपर 2 के लिए एलिजिबिलिटी&amp;nbsp;
यूपी स्पेशल टीईटी का पेपर 1 कक्षा 1 से 5 तक पढ़ाने वाले टीचर्स के लिए होगा. इसके लिए उम्मीदवार के पास कम से कम 50 प्रतिशत के साथ सीनियर सेकेंडरी और दो वर्षीय डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन की योग्यता होनी हो सकती है. इसके अलावा एनसीटीई के नियमों के तहत 45 प्रतिशत अंक के साथ सीनियर सेकेंडरी और दो वर्षीय डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन की योग्यता भी मान्य है. वहीं बीएड की योग्यता रखने वाले उम्मीदवार भी पेपर 1 के लिए एलिजिबल होंगे. इसके अलावा पेपर 2 कक्षा 6 से 8वीं के लिए होगा. इसके लिए उम्मीदवार के पास कम से कम 50 प्रतिशत अंकों के साथ ग्रेजुएशन और 2 वर्षीय डिप्लोमा की योग्यता हो सकती है. इसमें भी 50 प्रतिशत अंकों के साथ ग्रेजुएशन और बीएड मान्य होगी. वहीं सीनियर सेकेंडरी में कम से कम 50 प्रतिशत अंकों और 4 वर्षीय B.EI.Ed की योग्यता रखने वाले उम्मीदवार भी आवेदन कर सकते हैं.&amp;nbsp;
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पास होने के लिए कितने अंक जरूरी?
स्पेशल टीईटी में सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए क्वालीफाइंग बेंचमार्क 60 प्रतिशत रखा गया है. आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को नियमानुसार इसमें छूट दी गई है. परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग नहीं होने की वजह से उम्मीदवारों को गलत उत्तरों के लिए अंक नहीं गंवाने होंगे. वहीं यूपी स्पेशल टीईटी 2026 की परीक्षा में दोनों पेपरों में 150-150 एमसीक्यू सवाल पूछे जाएंगे.
ऐसे करना होगा यूपी स्पेशल टीईटी के लिए आवेदन&amp;nbsp;
स्पेशल टीईटी 2026 के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को सबसे पहले यूपीएससी की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाना होगा. इसके बाद ओटीआर की प्रक्रिया पूरी करनी होगी. जिन उम्मीदवारों का ओटीआर पहले बना हुआ है, वह मौजूदा क्रेडेंशियल से लॉगिन कर सकते हैं. लॉगिन करने के बाद स्पेशल टीईटी 2026 के लिए आवेदन लिंक पर जाकर मांगी गई जानकारी भरनी होगी. इसके बाद जरूरी डॉक्यूमेंट अपलोड करके अपनी कैटेगरी के अनुसार आवेदन फीस जमा करनी होगी. फॉर्म जमा करने से पहले उम्मीदवारों को सभी जानकारी जांच कर फॉर्म को सबमिट करना होगा.
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        <pubDate>Fri, 04 Sep 2026 20:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>NEET UG Round 2 में 659 नई मेडिकल सीटें जुड़ी, 11302 सीटें पूरी तरह खाली</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/neet-ug-round-2-में-659-नई-मेडिकल-सीटें-जुड़ी-11302-सीटें-पूरी-तरह-खाली</link>
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        <description><![CDATA[ नीट यूजी काउंसलिंग 2026 के दूसरे राउंड में मेडिकल कॉलेज में एडमिशन का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों के लिए सीटों की तस्वीर अब साफ हो गई है. मेडिकल काउंसलिंग कमेटी ने राउंड 2 सीट का मैट्रिक्स जारी कर दिया है. इसमें एमबीबीएस, बीडीएस और बीएससी नर्सिंग की 15 प्रतिशत ऑल इंडिया कोटा सीटों की जानकारी दी गई है. सीट मैट्रिक्स में कुल 659 नई सीटें जोड़ी गई हैं, जबकि 11302 सीटें क्लियर वैकेंसी के तौर पर उपलब्ध हैं. इसके अलावा 12,283 सीटें वर्चुअल वैकेंसी में रखी गई है.&amp;nbsp;
राउंड 2 में जोड़ी गई 659 नई सीटें&amp;nbsp;
एमसीसी की ओर से जारी सीट मैट्रिक्स में एमबीबीएस, बीडीएस और बीएससी नर्सिंग की कुल 659 नई सीटें शामिल की गई है. यह सीटें अलग-अलग मेडिकल और डेंटल कॉलेज के साथ नर्सिंग संस्थानों में जोड़ी गई है. उम्मीदवारों को सीट मैट्रिक्स में यह देखना होगा कि उनके पसंदीदा कॉलेज और कोर्स में कितनी सीटें उपलब्ध हैं. नई सीटों के अलावा बड़ी संख्या में ऐसी सीटें भी है, जो पहले राउंड के बाद खाली रह गई थी. इन सीटों को क्लियर वैकेंसी में शामिल किया गया है.&amp;nbsp;
11,302 सीटें क्लियर वैकेंसी में&amp;nbsp;
राउंड 2 के सीट मैट्रिक्स के अनुसार 11,302 सीटें क्लियर वैकेंसी के तौर पर उपलब्ध है. क्लियर वैकेंसी का मतलब ऐसी सीटों से है, जो पहले राउंड के बाद पूरी तरह खाली रह गई. यानी इन सीटों पर राउंड 1 में किसी उम्मीदवार का एडमिशन नहीं हुआ. इन खाली सीटों में देश के कुछ प्रमुख मेडिकल संस्थानों की सीटें भी शामिल है. इनमें एम्स पटना, एम्स रायपुर और एम्स गुवाहाटी जैसी संस्थाओं की सीटें बताई गई है.&amp;nbsp;
12,283 सीटें वर्चुअल वैकेंसी में&amp;nbsp;
एमसीसी ने 12,283 सीटों को वर्चुअल वैकेंसी के तौर पर दिखाया है. यह ऐसी सीटें हैं, जो फिलहाल राउंड 1 में किसी उम्मीदवार को आवंटित है, लेकिन उस उम्मीदवार ने अपग्रेड के लिए फ्लोट ऑप्शन चुना है. अगर वह उम्मीदवार राउंड 2 में अपनी पसंद की किसी दूसरी सीट पर चला जाता है, तो उसकी मौजूदा सीट खाली हो सकती है. ऐसी स्थिति में वह सीट अगले उम्मीदवार के लिए उपलब्ध हो सकती है. इसलिए राउंड 2 में चॉइस फिलिंग करते समय वर्चुअल वैकेंसी वाली सीटों को भी उम्मीदवारों को ध्यान में रखना होगा.&amp;nbsp;
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अलग-अलग कैटेगरी में जारी हुआ सीट मैट्रिक्स&amp;nbsp;
एमसीसी ने राउंड 2 के लिए सीट मैट्रिक्स को अलग-अलग कैटेगरी में जारी किया है. इसमें नई जोड़ी गई सीटों के साथ क्लियर और वर्चुअल वैकेंसी की जानकारी दी गई है. एमबीबीएस, बीडीएस और बीएससी नर्सिंग में उपलब्ध सीटों को उम्मीदवारों कैटेगरी के अनुसार देख सकते हैं. सीट मैट्रिक्स में यह जानकारी खास तौर पर उपयोगी है कि किस कॉलेज और किस कोर्स में कितनी सीटें उपलब्ध है.
कल से शुरू हुआ रजिस्ट्रेशन&amp;nbsp;
नीट यूजी काउंसलिंग 2026 के राउंड 2 के लिए रजिस्ट्रेशन 3 सितंबर 2026 से शुरू हुआ. उम्मीदवार 8 सितंबर 2026 तक रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. रजिस्ट्रेशन के बाद उम्मीदवारों को अपनी पसंद के कॉलेज और कोर्स भरने होंगे. चॉइस फिलिंग की आखिरी तारीख 9 सितंबर 2026 है. इसके बाद 9 और 10 सितंबर को सीट अलॉटमेंट की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. 11 सितंबर को राउंड 2 सीट एलॉटमेंट रिजल्ट जारी किया जाएगा. राउंड 2 में सीट मिलने वाले उम्मीदवारों को 12 से 18 सितंबर 2026 के बीच कॉलेज में जाकर एडमिशन लेना होगा. इसके बाद 19 सितंबर को एमसीसी और संबंधित राज्य अथॉरिटी की ओर से शामिल हुए उम्मीदवारों के डेटा का वेरिफिकेशन किया जाएगा.
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        <pubDate>Fri, 04 Sep 2026 20:30:08 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>NEET, Round, में, 659, नई, मेडिकल, सीटें, जुड़ी, 11302, सीटें, पूरी, तरह, खाली</media:keywords>
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        <title>BPSC 72वीं भर्ती में बदलाव, डीएसपी के पद घटे, अब 1187 पदों पर भर्ती</title>
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        <description><![CDATA[ बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए BPSC 72वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा से जुड़ा अपडेट आया है. बिहार लोक सेवा आयोग ने भर्ती की रिक्तियां में बदलाव किया है. आयोग की ओर से जारी नए नोटिस के अनुसार बिहार पुलिस सेवा में पुलिस उपाधीक्षक (DSP) के पदों की संख्या 22 से घटाकर 20 कर दी गई है. इस बदलाव के साथ 72वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के तहत होने वाली कुल भर्ती अब 1187 पदों पर होगी.&amp;nbsp;
DSP के पद हुए कम&amp;nbsp;
BPSC की ओर से जारी संशोधित सूचना के अनुसार मूल विज्ञापन में बिहार पुलिस सेवा के अंतर्गत डीएसपी के 22 पद निर्धारित किए गए थे. अब इन रिक्तियों को संशोधित करते हुए 20 पद कर दिया गया है. डीएसपी के पदों के लिए संशोधित डिटेल में जनरल के 10 पद है, जिनमें चार पद महिलाओं के लिए आरक्षित है. ईडब्ल्यूएस के 2, एससी के लिए 1 पद, एसटी के लिए 1 पद और ईबीसी के लिए पांच पद है. ईबीसी के 5 पदों में से दो पद महिलाओं के लिए आरक्षित है, वहीं ओबीसी के लिए 1 पद निर्धारित हैं. इन पदों के लिए न्यूनतम आयु सीमा 22 वर्ष है.&amp;nbsp;
अब 1187 पदों पर होगी भर्ती&amp;nbsp;
DSP की रिक्तियां में बदलाव के बाद 72वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा के तहत कुल रिक्तियों की संख्या 1187 हो गई है. यानी मई में जारी मूल विज्ञापन में बताए गए 1230 पदों की तुलना में अब कुल 43 पद काम रह गए हैं. आयोग के संशोधित नोटिस में यह भी स्पष्ट किया गया है कि विज्ञापन की बाकी शर्तों और नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है.&amp;nbsp;
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BPSC संशोधित रिक्तियां 2026
BPSC के संशोधित वैकेंसी को लेकर आयोग ने इससे पहले 44 गन्ना अधिकारी पदों की भर्ती प्रक्रिया से हटाया था. यह पद गन्ना उद्योग विभाग के तहत बताए गए थे. आयोग के अनुसार बिहार सुगरकेन डेवलपमेंट रूल्स 2025 के तहत गन्ना अधिकारी के पद असिस्टेंट डायरेक्टर, सुगरकेन डेवलपमेंट और इसी तरह के दूसरे पदों के अंतर्गत आते हैं. इन पदों की पात्रता और परीक्षा पैटर्न संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा से अलग है. इस वजह से इन 44 पदों को बीएससी 72वीं सीसीई भर्ती से बाहर कर दिया गया है.&amp;nbsp;
26 जुलाई को हुई थी प्रारंभिक परीक्षा&amp;nbsp;
बीपीएससी ने 72वीं CCE की प्रारंभिक परीक्षा 26 जुलाई 2026 को आयोजित की गई थी. परीक्षा ऑफलाइन मोड में हुई थी. प्रीलिम्स में जनरल स्टडीज से एमसीक्यू वाले सवाल पूछे जाते हैं. परीक्षा कुल 150 अंकों की होती है और इसके लिए 2 घंटे का समय दिया जाता है. गलत उत्तर के लिए एक तिहाई अंक की नेगेटिव मार्किंग का भी प्रावधान है. प्रारंभिक परीक्षा स्क्रीनिंग चरण और इसके आधार पर उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा के लिए आगे बढ़ाया जाता है.
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        <pubDate>Fri, 04 Sep 2026 20:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>BPSC, 72वीं, भर्ती, में, बदलाव, डीएसपी, के, पद, घटे, अब, 1187, पदों, पर, भर्ती</media:keywords>
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        <title>DRDO में 8&amp;9 सितंबर को वॉक&amp;इन इंटरव्यू, ITI पास वालों को मिलेगी नौकरी</title>
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        <description><![CDATA[ आईटीआई पास कर चुके युवाओं के लिए रक्षा क्षेत्र में करियर शुरू करने का एक और शानदार मौका सामने आया है. रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) की एक प्रमुख प्रयोगशाला कॉम्बैट आईटी व्हीकल रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट ने अप्रेंटिसशिप एक्ट 1961 के तहत आईटीआई अप्रेंटिस ट्रेनिंग की भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है. सबसे खास बात यह है कि इस भर्ती में किसी भी तरह की लिखित परीक्षा नहीं होगी, बल्कि सीधे वॉक इन इंटरव्यू के जरिए ही उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा.&amp;nbsp;
कुल कितनी वैकेंसी और कब होगा इंटरव्यू?&amp;nbsp;
इस भर्ती के तहत कुल 93 पदों पर अप्रेंटिस ट्रेनिंग की नियुक्ति की जाएगी. इसके लिए वॉक इन इंटरव्यू 8 और 9 सितंबर 2026 को चेन्नई की आवडी स्थित सीवीआरडीई परिसर में आयोजित किया जाएगा. इंटरव्यू का समय सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक रखा गया है. इच्छुक उम्मीदवारों को अपने सभी जरूरी डॉक्यूमेंट के साथ तय समय पर इस जगह पहुंचना होगा.&amp;nbsp;
किन-किन ट्रेड्स में मिलेगा मौका?&amp;nbsp;
यह भर्ती कुल 18 अलग-अलग ट्रेड्स के लिए निकाली गई है. इनमें कंप्यूटर ऑपरेटर एंड प्रोग्रामिंग असिस्टेंट (कोपा) के लिए 13 पद, ड्राफ्ट्समैन (मैकेनिकल) के लिए 10 पद, इलेक्ट्रीशियन के लिए 12 पद, फिटर के लिए 10 पद, मैकेनिक (मोटर व्हीकल) के लिए 8 पद और मशीनिस्ट के लिए पांच पद रखे गए हैं. इसके अलावा पेंटर के लिए 1 पद, प्लंबर के लिए 3 पद, टर्नर के लिए 5 पद, वेल्डर के लिए 5 पद और इलेक्ट्रॉनिक्स मैकेनिक के लिए 6 पद उपलब्ध है. शीट मेटल वर्कर, कंप्यूटर नेटवर्किंग टेक्नीशियन और कंप्यूटर एंड पेरिफेरल्स हार्डवेयर रिपेयर एंड मेंटेनेंस मैकेनिक के लिए एक-एक पद रखा गया है, जबकि फोटोग्राफर के लिए 4 बुक बाइंडर के लिए 2, सीएडी-सीएएम ऑपरेटर कम प्रोग्रामर के लिए 3 और फूड प्रोडक्शन (जनरल ट्रेड) के लिए भी तीन पद निर्धारित हैं.&amp;nbsp;
हर महीने मिलेगा इतना स्टाइपेंड&amp;nbsp;
चयनित उम्मीदवारों को ट्रेनिंग के दौरान हर महीने स्टाइपेंड भी दिया जाएगा. ज्यादातर ट्रेड्स के लिए यह स्टाइपेंड करीब 11,040 प्रतिमाह रखा गया है, जबकि कोपा, पेंटर, वेल्डर, कंप्यूटर नेटवर्किंग टेक्नीशियन, कंप्यूटर एंड पेरिफेरल्स हार्डवेयर रिपेयर मैकेनिक और सीएडी-सीएएम ऑपरेटर कम प्रोग्रामर जैसी कुछ ट्रेड्स में यह राशि करीब 10,560 रुपये प्रतिमाह तय की गई है.&amp;nbsp;
किन उम्मीदवारों को मिलेगा मौका, क्या है योग्यता?
इस अप्रेंटिसशिप के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार के पास एनसीवीटी या एसीवीटी से मान्यता प्राप्त संस्थान से संबंधित ट्रेड में आईटीआई का प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है. ज्यादातर ट्रेड्स के लिए आईटीआई कोर्स की न्यूनतम अवधि 2 साल होनी चाहिए. हालांकि कोपा, पेंटर, प्लंबर, वेल्डर और फूड प्रोडक्शन जैसी कुछ ट्रेड्स को इस शर्त से छूट दी गई है. इसके साथ ही सिर्फ वही उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं, जिन्होंने 2023, 2024, 2025 या 2026 में आईटीआई परीक्षा पास की हो. इससे पहले पास होने वाले उम्मीदवार इस अप्रेंटिसशिप के लिए एलिजिबल नहीं माने जाएंगे. इसके अलावा उम्मीदवारों के लिए एनसीवीटी- एसीवीटी एमआईएस पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना भी अनिवार्य है और आवेदन के समय अपना रजिस्ट्रेशन नंबर देना होगा. जिसे वॉक इन इंटरव्यू के समय जांचा जाएगा.&amp;nbsp;
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कैसे होगा चयन?
चयन प्रक्रिया में सबसे पहले उम्मीदवारों की आईटीआई परीक्षा में मिले अंकों के आधार पर शॉर्ट लिस्टिंग की जाएगी. इसके बाद शॉर्ट लिस्ट में उम्मीदवारों को वॉ इन इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा. जहां उनके डॉक्यूमेंट का वेरिफिकेशन किया जाएगा. इन सभी चरणों को पार करने के बाद अंतिम चयन किया जाएगा और चुने गए उम्मीदवारों को सीवीआरडीई, आवडी चेन्नई में उसी दिन मौके पर जॉइनिंग लेटर भी दे दिया जाएगा.&amp;nbsp;
यह डॉक्यूमेंट ले जाना जरूरी&amp;nbsp;
वॉक-इन-इंटरव्यू में शामिल होने वाले उम्मीदवार को अपने साथ 10वीं या 12वीं की मार्कशीट, आईटीआई की मार्कशीट, एनसीवीटी-एसीवीटी सर्टिफिकेट लागू होने पर जाति प्रमाण पत्र और आधार कार्ड जैसे डॉक्यूमेंट ले जाना जरूरी होगा.
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        <pubDate>Fri, 04 Sep 2026 20:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>IAF छोड़ कमर्शियल पायलट बने अभिनंदन, जानें उनकी एजुकेशनल क्वालिफिकेशन</title>
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        <description><![CDATA[ भारतीय वायुसेना के पूर्व ग्रुप कैप्टन और वीर चक्र से सम्मानित अभिनंदन वर्धमान ने अपने करियर का नया चैप्टर शुरू किया है. करीब 22 साल तक भारतीय वायुसेना में सेवा देने के बाद उन्होंने समय से पहले रिटायरमेंट ले लिया और अब कमर्शियल एविएशन में कदम रखा है. रिपोर्ट्स के अनुसार, अभिनंदन अगस्त 2026 में गोवा की रीजनल एयरलाइन FLY91 से जुड़े और फिलहाल ATR 72-600 विमान की टाइप 2 ट्रेनिंग ले रहे हैं.
ट्रेनिंग पूरी होने के बाद वह कमर्शियल रूट पर विमान उड़ा सकेंगे. आपको बता दें कि अभी तक अभिनंदन की पहचान देश में भले ही फरवरी 2019 की हुई हवाई मुठभेड़ से सबसे ज्यादा बनी हो, लेकिन फाइटर पायलट बनने के पीछे उनकी वर्षों की पढ़ाई और ट्रेनिंग से जुड़ा लंबा सफर रहा है. ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं कि विंग कमांडर अभिनंदन की एजुकेशनल क्वालिफिकेशन बताते हैं.&amp;nbsp;
चेन्नई में हुआ अभिनंदन का जन्म&amp;nbsp;
अभिनंदन वर्धमान का जन्म 21 जून 1983 को चेन्नई में हुआ था. वह तमिल जैन परिवार से आते हैं, जिसकी जड़ें कांचीपुरम के पास स्थित थिरुपनमूर गांव से जुड़ी है. उनके पिता सिंहकुट्टी वर्धमान भी भारतीय वायु सेना में एयर मार्शल के पद से रिटायर्ड हुए, जबकि उनकी मां डॉक्टर थी. ऐसे परिवार में पले-बढ़े अभिनंदन का बचपन भी काफी हद तक सैन्य माहौल में बीता. वायु सेना से उनका जुड़ाव भी उनकी शुरुआती पढ़ाई और पारिवारिक माहौल से बढ़ा था.&amp;nbsp;
सैनिक स्कूल से हुई पढ़ाई की शुरुआत&amp;nbsp;
अभिनंदन ने अपनी स्कूली शिक्षा सैनिक स्कूल से पूरी की. सैनिक स्कूलों में सामान्य एकेडमिक शिक्षा के साथ-साथ अनुशासन, फिजिकल ट्रेनिंग और नेतृत्व क्षमता पर भी जोर दिया जाता है. इन स्कूलों का उद्देश्य छात्रों को आगे चलकर नेशनल डिफेंस एकेडमी समेत सैन्य करियर के लिए तैयार करना भी है. इसके बाद एनडीए महाराष्ट्र के खड़गवासला में स्थित त्रि-सेवा एकेडमी में अभिनंदन ने अपनी ट्रेनिंग पूरी की और भारतीय वायु सेना की फाइटर स्ट्रीम ज्वाइन की. 19 जून 2004 को उन्हें फ्लाइंग ऑफिसर के तौर पर कमीशन मिला. इसके बाद उनकी प्रोफेशनल ट्रेनिंग का सिलसिला आगे बढ़ा. उन्होंने बठिंड और हलवारा स्थित वायुसेना केंद्रों में ट्रेनिंग ली. इसके बाद उन्हें SU 30MKi पर उड़ान का एक्सपीरियंस मिला. फिर वह MIG-21 Bison स्क्वाड्रन में चले गए. 2006 में वह &amp;nbsp;फ्लाइट लेफ्टिनेंट, 2010 में स्क्वाड्रन लीडर और 2017 में विंग कमांडर बने. दिसंबर 2021 में उन्हें ग्रुप कैप्टन के पद पर प्रमोट किया गया.&amp;nbsp;
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2019 की हवाई मुठभेड़ से आए थे चर्चा में&amp;nbsp;
अभिनंदन वर्धमान का नाम फरवरी 2019 में पूरी दुनिया में चर्चा में आया. 26 फरवरी को बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के ठिकाने पर भारतीय वायुसेना की कार्रवाई के अगले दिन पाकिस्तानी लड़ाकू विमान ने जवाबी कार्रवाई की थी. वहीं 27 फरवरी को अभिनंदन को लाइन ऑफ कंट्रोल की ओर बढ़ रहे पाकिस्तानी लड़ाकू विमान को रोकने के लिए भेजा गया. हवाई मुठभेड़ के दौरान उन्होंने पाकिस्तान के एफ 16 को मार गिराया. इसके बाद उनके मिग 21 को मिसाइल से नुकसान पहुंचा और उन्हें विमान से इंजेक्ट करना पड़ा. वह पाकिस्तान के क्षेत्र में जा गिरे, जहां उन्हें हिरासत में ले लिया गया. अभिनंदन करीब 60 घंटे तक पाकिस्तान की हिरासत में रहे और 1 मार्च 2019 को उन्हें वापस भारत भेजा गया.&amp;nbsp;
वीर चक्र से हुए सम्मानित&amp;nbsp;
2019 कि हवाई मुठभेड़ के बाद अभिनंदन वर्धमान को वीर चक्र से सम्मानित किया गया. यह भारत का तीसरा सर्वोच्च युद्ध कालीन वीरता पुरस्कार है. पुरस्कार के प्रशस्ति पत्र में हवाई मुठभेड़ के दौरान उनके कर्तव्य और साहस की भी सराहना की गई. वहीं भारतीय वायु सेना से समय से पहले रिटायरमेंट लेने के बाद अभिनंदन अब कमर्शियल एविएशन में आ गए. रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने 31 मार्च को वायुसेना छोड़ी और अगस्त में गोवा की रीजनल एयरलाइन FLY91 से जुड़े.
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        <pubDate>Fri, 04 Sep 2026 20:30:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>यूपी प्राथमिक शिक्षक भर्ती का सिलेबस जारी, जानें कैसा होगा परीक्षा पैटर्न?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/यूपी-प्राथमिक-शिक्षक-भर्ती-का-सिलेबस-जारी-जानें-कैसा-होगा-परीक्षा-पैटर्न</link>
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        <description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने कक्षा 1 से 5 तक के प्राथमिक सहायक अध्यापक भर्ती के लिए नया सिलेबस और परीक्षा पैटर्न जारी कर दिया है. आयोग ने यह भी साफ कर दिया है कि भर्ती परीक्षा में किस विषय से कितने सवाल आएंगे और प्रश्नों का स्तर किस कक्षा या पाठ्यक्रम तक रखा जाएगा. ऐसे में अब उम्मीदवारों के लिए तैयारी का दायरा और परीक्षा में विषयों का वेटेज पहले से स्पष्ट हो गया है. ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं कि यूपी प्राथमिक शिक्षक भर्ती का सिलेबस कैसा होगा&amp;nbsp;
120 सवाल, 360 अंक और 2 घंटे का समय&amp;nbsp;
यूपीईएसएससी की ओर से जारी परीक्षा पैटर्न के अनुसार, प्राथमिक सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा में कुल 120 प्रश्न पूछे जाएंगे. प्रत्येक प्रश्न तीन अंक का होगा, जिससे पूरा पेपर 360 अंकों का होगा. परीक्षा की अवधि 120 मिनट यानी 2 घंटे निर्धारित की गई है. उम्मीदवारों काे हर सही जवाब पर तीन अंक मिलेंगे और हर गलत उत्तर पर एक अंक की कटौती होगी. परीक्षा में किसी सवाल का जवाब नहीं देने पर उसके लिए अंक नहीं मिलेंगे. वहीं परीक्षा हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में होगी.&amp;nbsp;
किस तरह के होंगे परीक्षा में सवाल?&amp;nbsp;
आयोग ने सिलेबस जारी करने के साथ प्रश्नों के स्तर को भी स्पष्ट किया है. प्राथमिक शिक्षक भर्ती परीक्षा के सिलेबस को मोटे तौर पर दो स्तरों में रखा गया है. हिंदी, संस्कृत और अंग्रेजी, विज्ञान, गणित तथा पर्यावरण एवं सामाजिक अध्ययन से जुड़े सवालों का स्तर कक्षा 12वीं तक का होगा. वहीं शिक्षण कौशल, बाल मनो वैज्ञानिक, सूचना प्रौद्योगिकी, जीवन कौशल एवं प्रबंधन और अभिवृत्ति से संबंधित प्रश्नों का स्तर डीईएलईडी पाठ्यक्रम के अनुसार रखा गया है, जिसका मतलब है कि उम्मीदवारों को स्कूली विषयों की तैयारी के साथ शिक्षक प्रशिक्षण से जुड़े हिस्सों पर भी पकड़ बनानी होगी.&amp;nbsp;
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भाषा विषयों से सबसे ज्यादा 30 सवाल&amp;nbsp;
प्राथमिक शिक्षक भर्ती परीक्षा में सबसे ज्यादा सवाल हिंदी, संस्कृत और अंग्रेजी से पूछे जाएंगे. इस हिस्से से कुल 30 सवाल होंगे. भाषा वाले हिस्से में व्याकरण के साथ अपठित गद्यांश और पद्यांश तथा Grammar और Comprehension से जुड़े सवाल शामिल होंगे. इसलिए उम्मीदवारों को भाषा के नियमों के साथ समझ आधारित प्रश्नों की भी तैयारी करनी होगी.&amp;nbsp;
जनरल नॉलेज और करंट अफेयर के 25 सवाल&amp;nbsp;
भाषा के बाद सबसे ज्यादा वेटेज जनरल नॉलेज और करंट अफेयर्स को दिया गया है. इस सेक्शन से कुल 25 सवाल पूछे जाएंगे. इसमें अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय, उत्तर प्रदेश से जुड़ी महत्वपूर्ण घटनाएं, महत्वपूर्ण स्थान, व्यक्तित्व, रचनाएं, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार, खेलों तथा भारतीय संस्कृति और कला से संबंधित विषय शामिल किए गए हैं. इसके अलावा परीक्षा में लॉजिकल रीजनिंग से कुल 5 सवाल होंगे. इसके सिलेबस में कई तरह के रीजनिंग टॉपिक भी शामिल हैं. वहीं प्राथमिक शिक्षक भर्ती गणित और विज्ञान दोनों विषयों से मिलाकर 24 अंकों के प्रश्न पूछे जाएंगे. इसमें विज्ञान से 8 और गणित से 16 अंक के सवाल होंगे, जबकि पर्यावरण एवं सामाजिक अध्ययन के 8 अंक के प्रश्न पूछे जाएंगे. प्राथमिक शिक्षक भर्ती परीक्षा में टीचिंग स्किल से भी 8 सवाल होंगे. बाल मनोविज्ञान से भी 8 सवाल पूछे जाएंगे. वहीं सूचना एवं प्रौद्योगिकी से भी 4 सवाल और लाइफ और स्किल मैनेजमेंट एंड एटीट्यूड के आठ सवाल होंगे. इस तरह कुल परीक्षा में 120 सवाल पूछे जाएंगे.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Fri, 04 Sep 2026 04:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>ऑटो चलाकर पिता ने पढ़ाया, दिव्यांग बेटे ने IIT Madras पहुंच रचा इतिहास</title>
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        <description><![CDATA[ हमारे आसपास कई ऐसी कहानियां होती हैं, जिसमें कुछ लोग अपनी कमजोरी को ही अपनी ताकत बना लेते हैं.&amp;nbsp;ऐसी ही एक कहानी जे संतोष की भी है. 90 प्रतिशत स्पाइनल मस्कुलर डिसेबिलिटी और जन्म से सेरेब्रल पाल्सी के साथ जन्मे 17 साल के संतोष ने कुछ ऐसा कर दिखाया, जो लाखों लोगों के लिए प्रेरणा बन गया. संतोष ने IIT मद्रास के बीएस एप्लीकेशन प्रोग्राम में एडमिशन लेकर इतिहास रच दिया है.
खास बात यह है कि पिछले साल संतोष स्कूल की उस ट्रिप में नहीं जा सके, जहां उनकी पूरी क्लास आईआईटी मद्रास घूमने गई थी. अब एक साल बाद वही आईआईटी मद्रास उनकी मंजिल बन गया है. उनकी यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि वह एक साधारण ऑटो चालक की चालक के बेटे हैं और अपनी कमजोरी को उन्होंने अपने सपनों के बीच नहीं आने दिया.&amp;nbsp;
पढ़ाई के जज्बे ने बढ़ाया आगे&amp;nbsp;
आईआईटी मद्रास में एडमिशन लेने वाले संतोष ने बताया कि वह ऐसा कोर्स करना चाहते थे, जिसकी पढ़ाई घर से संभव हो. उनके लिए इंजीनियरिंग कोर्स मुश्किल था, क्योंकि उसमें नियमित रूप से कॉलेज में उपस्थित रहना पड़ता है. जबकि कॉरेस्पोंडेंस कोर्स में खर्च ज्यादा आता है. इसी दौरान पिछले साल एनजीओ टीएन वॉलंटियर्स के लोग उनके स्कूल पहुंचे और उन्हें आईआईटी मद्रास के इस बीएस प्रोग्राम के बारे में जानकारी मिली. इसके बाद संतोष ने इस कोर्स में एडमिशन लेने की तैयारी शुरू की.
पहली कोशिश में नहीं मिली थी सफलता ्र
IIT मद्रास में दाखिले की पहली कोशिश में वह क्वालीफायर पास नहीं कर पाए थे. इसके बाद दूसरी तैयारी करना उनके लिए आसान नहीं था. इसके बावजूद उन्होंने दोबारा प्रयास किया और इस बार क्वालीफायर परीक्षा पास कर ली. संतोष अब डिग्री पूरी करने के बाद आईटी सेक्टर में काम करना चाहते हैं. अब इसी महीने के तीसरे सप्ताह में वह इस 4 साल के कोर्स की पढ़ाई शुरू कर देंगे. खास बात यह है कि संतोष के पिता ऑटो ड्राइवर हैं और उन्होंने ऐसा कोर्स चुना, जिससे वह काफी हद तक घर से रहकर इसे पूरा कर सकते हैं.&amp;nbsp;

Dreams don&amp;rsquo;t always follow an easy path &amp;mdash; but determination can take you where you aspire to be. As reported in The Times of India, 17-year-old J Santhosh, who has 90% spinal muscular disability and cerebral palsy since birth, has secured admission to IIT Madras&amp;rsquo; four-year BS&amp;hellip; pic.twitter.com/y89tCIqJRL
&amp;mdash; IIT Madras (@iitmadras) September 2, 2026



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आईआईटी मद्रास में भी संतोष की उपलब्धि को सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए, उसकी मेहनत और दृढ़ता की सराहना की. संस्थान के अनुसार, संतोष ने टीएन वॉलिंटियर्स के जरिए प्रोग्राम के बारे में जाना और अपनी जरूरत के अनुसार ऐसे कोर्स को चुना जिसकी पढ़ाई बड़े स्तर पर घर से की जा सकती है.
क्या है IIT Madras फॉर ऑल पहल?
Anaivarukkum IITM यानी आईआईटी मद्रास फॉर ऑल आईआईटी मद्रास की एक आउटरीच और एजुकेशनल पहल है. इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों समेत अलग-अलग वर्गों के स्टूडेंट तक हायर एजुकेशन और एसटीईएम लर्निंग की पहुंच बनाना है. इस पहल के तहत संतोष जैसे छात्रों को भी आईआईटी मद्रास के बीएस प्रोग्राम से जोड़ने का अवसर मिल रहा है. उनके लिए ऑनलाइन पढ़ाई के साथ जरूरी जगह पर इन पर्सन एक्टिविटी की व्यवस्था की गई है. वहीं आपको बता दें कि इस कोर्स में संतोष की पहले साल की फीस एनजीओ की ओर से दी जाएगी.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Fri, 04 Sep 2026 04:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>ऑटो, चलाकर, पिता, ने, पढ़ाया, दिव्यांग, बेटे, ने, IIT, Madras, पहुंच, रचा, इतिहास</media:keywords>
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        <title>कब जारी होगा SSC GD रिजल्ट? जानें एक्सपेक्टेड मेरिट लिस्ट और कट ऑफ</title>
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        <description><![CDATA[ SSC GD कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में शामिल हुए लाखों उम्मीदवार अब अपने रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं. कर्मचारी चयन आयोग की ओर से जीडी कांस्टेबल 2026 का रिजल्ट जल्द जारी किए जाने की उम्मीद है. फिलहाल आयोग ने रिजल्ट जारी करने की कोई तारीख घोषित नहीं की है, लेकिन अपडेट के अनुसार एसएससी जीडी रिजल्ट 2026 सितंबर के दूसरे सप्ताह तक जारी हो सकता है. रिजल्ट आने के बाद उम्मीदवार इसे एसएससी की ऑफिशल वेबसाइट ssc.gov.in पर चेक कर सकेंगे. इस भर्ती परीक्षा का आयोजन 27 अप्रैल से 30 मई 2026 के बीच ऑनलाइन सीबीटी मोड में किया गया था.&amp;nbsp;
पीडीएफ में जारी होगी SSC GD मेरिट लिस्ट
SSC GD कांस्टेबल 2026 का रिजल्ट पीडीएफ फॉर्मेट में जारी होने की उम्मीद है. इस पीडीएफ में उन उम्मीदवारों के रोल नंबर दिए जाएंगे, जो अगले चरण के लिए सफल घोषित किए जाएंगे. उम्मीदवार रिजल्ट पीडीएफ डाउनलोड करने के बाद उसमें अपना रोल नंबर आसानी से खोज सकते हैं. रोल नंबर चेक करने के लिए पीडीएफ खोलने के बाद कंट्रोल एफ का इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके बाद स्क्रीन पर दिखाई देने वाले सर्च बॉक्स में अपना रोल नंबर दर्ज करके रिजल्ट चेक किया जा सकता है.&amp;nbsp;
रिजल्ट के साथ जारी होगी कट ऑफ&amp;nbsp;
एसएससी जीडी रिजल्ट के साथ कट ऑफ भी जारी की जाएगी. आयोग की ओर से कैटेगरी और फोर्स के अनुसार कट ऑफ अंक जारी किए जाने की उम्मीद है, जो उम्मीदवार निर्धारित कट ऑफ के बराबर या उससे ज्यादा अंक हासिल करेंगे, उन्हें भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण के लिए बुलाया जाएगा.
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SSC GD रिजल्ट कैसे चेक करें?

सबसे पहले एसएससी के ऑफिशियल वेबसाइट ssc.gov.in पर जाएं.
इसके बाद होम पेज पर दिए गए रिजल्ट सेक्शन पर क्लिक करें.
अब कांस्टेबल जीडी रिजल्ट 2026 के ऑप्शन को सेलेक्ट करें.
इसके बाद रिजल्ट की पीडीएफ स्क्रीन पर खुल जाएगी.&amp;nbsp;
पीडीएफ को सेव करने के बाद इसमें कंट्रोल एफ की मदद से अपना रोल नंबर या नाम देखें.

स्कोरकार्ड रिजल्ट के कुछ दिन बाद आएगा
एसएससी जीडी 2026 का स्कोर कार्ड रिजल्ट घोषित होने के कुछ दिन बाद ऑफिशियल वेबसाइट पर जारी किया जाएगा. उम्मीदवार स्कोरकार्ड के जरिए अपने अंको की जानकारी देख सकेंगे. स्कोर कार्ड डाउनलोड करने के लिए उम्मीदवारों को वेबसाइट पर दिए गए संबंधित ऑप्शन में लॉगिन करना होगा. रिजल्ट जारी होने के बाद आयोग की ओर से स्कोर कार्ड से जुड़ी जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी. वहीं एसएससी जीडी सीबीटी में सफल उम्मीदवारों को भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण में शामिल होना होगा.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Fri, 04 Sep 2026 04:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>कब, जारी, होगा, SSC, रिजल्ट, जानें, एक्सपेक्टेड, मेरिट, लिस्ट, और, कट, ऑफ</media:keywords>
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        <title>DU में अब उम्र की बंदिश खत्म, रेगुलर स्टूडेंट्स के साथ चलेगी क्लास</title>
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        <description><![CDATA[ दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करने की इच्छा रखने वालों के लिए अब उम्र आड़े नहीं आएगी. यूनिवर्सिटी ने सीईएस के तहत आवेदन शुरू कर दिए हैं. जिसके जरिए अलग-अलग उम्र और पेशे से जुड़े लोग डीयू के कुछ चुनिंदा कोर्स की पढ़ाई कर सकते हैं. खास बात यह है कि इसके लिए किसी पूरी डिग्री में एडमिशन लेने की जरूरत नहीं होगी. योग्य उम्मीदवार अपनी पसंद के उपलब्ध पेपर में एडमिशन लेकर रेगुलर छात्र के साथ कई कक्षाओं में पढ़ाई कर सकेंगे. डीयू की इस योजना को एनी कोर्स एनी एज के तौर पर पेश किया गया है. इसका मकसद उन लोगों को दोबारा पढ़ाई से जोड़ना है, जो किसी वजह से पहले अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर सके थे.&amp;nbsp;
अब पूरे साल कर सकते हैं आवेदन&amp;nbsp;
सीईएस के तहत आवेदन के लिए डीयू ने अलग पोर्टल शुरू किया है. इच्छुक उम्मीदवार ces.du.ac.in पर जाकर उपलब्ध पेपर, एलिजिबिलिटी एडमिशन संबंधी नियम और दूसरी जानकारी देख सकते हैं. यूनिवर्सिटी के अनुसार इस योजना के तहत रजिस्ट्रेशन और एडमिशन की प्रक्रिया पूरे साल जारी रहती है. जिस सेमेस्टर में एडमिशन संबंधित पेपर की कक्षाएं चलेंगी, उसी के एकेडमी कैलेंडर के अनुसार सीईएस छात्रों की पढ़ाई शुरू होगी. सीटें सीमित होने के कारण उम्मीदवारों को उपलब्ध पेपर और सीट की स्थिति देखकर जल्द आवेदन करने की सलाह दी गई है.&amp;nbsp;
कौन ले सकता है एडमिशन?
सीईएस के तहत वहीं उम्मीदवार किसी पेपर के लिए आवेदन कर सकते हैं, जो उस पेपर के लिए निर्धारित न्यूनतम योग्यता और जरूरी शर्तों को पूरा करते हो. इसका मतलब है कि केवल उम्र की कोई कोई ऊपरी सीमा न होने का मतलब यह नहीं है कि हर व्यक्ति किसी भी पेपर में सीधे एडमिशन ले सकता है. हर पेपर के लिए संबंधित योग्यता और एलिजिबिलिटी शर्ते लागू होगी. सीट उपलब्ध होने की स्थिति में उम्मीदवारों का चयन मेरिट के आधार पर किया जाएगा. इससे संबंधित योग्यता परीक्षा में प्राप्त अंकों के साथ उम्मीदवारों की उम्र को भी मेरिट के लिए ध्यान में रखा जा सकता है.&amp;nbsp;
एक सेमेस्टर में अधिकतम दो पेपर&amp;nbsp;
सीईएस के तहत उम्मीदवार एक सेमेस्टर में अधिकतम दो पेपर या आठ क्रेडिट जो भी सीमा पहले पूरी हो ले सकते हैं. दोनों पेपर एक ही अनुशासन से होने चाहिए. इस योजना के तहत मिलने वाली सीटें अतिरिक्त सीटें मानी जाएगी. इन सीटों की संख्या किसी भी कक्षा की स्वीकृत क्षमता की अधिकतम 10 फीसदी है. &amp;nbsp;इसलिए हर पेपर में सीईएस के लिए सीट उपलब्ध होना जरूरी नहीं है.
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रेगुलर छात्रों के साथ पढ़ेंगे सीईएस स्टूडेंट&amp;nbsp;
इस योजना की खास बात यह है की सीईएस के तहत चुने गए पेपर की पढ़ाई रेगुलर छात्रों से अलग किसी विशेष कक्षा में नहीं होगी. उम्मीदवार संबंधित पेपर के लिए रेगुलर स्टूडेंट के साथ कक्षाओं में शामिल होंगे. उन्हें इस पेपर के अकेडमिक नियमों के अनुसार पढ़ाई करनी होगी. कक्षाएं जिस माध्यम और तरीके से रेगुलर छात्रों के लिए संचालित होगी, सीईएस स्टूडेंट्स के लिए भी यही व्यवस्था लागू होगी. मूल्यांकन से संबंधित पेपर भी रेगुलर छात्रों के अनुसार ही किया जाएगा. योजना सिर्फ ऐसे लोगों के लिए नहीं है, जो फिलहाल कहीं काम नहीं कर रहे हैं. वर्किंग प्रोफेशनल्स भी सीईएस के तहत आवेदन कर सकते हैं, हालांकि नौकरी करने वाले उम्मीदवारों को अपने एंप्लॉयर से एनओसी देना होगा.&amp;nbsp;
एक पेपर की फीस 6,100 रुपये
सीईएस के मौजूदा फीस ढांचे के अनुसार एक पेपर के लिए 6,100 रुपये फीस निर्धारित है. उम्मीदवार अधिकतम दो पेपर ले सकते हैं, लेकिन आठ क्रेडिट की सीमा भी लागू रहेगी. एडमिशन के बाद उम्मीदवारों को संबंधित पेपर के कक्षा में शामिल होना होगा और निर्धारित मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी करनी होगी.
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        <pubDate>Fri, 04 Sep 2026 04:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>CBT मोड में होगी NEET&amp;UG 2027 परीक्षा? नए टेस्टिंग सेंटर की तैयारी तेज</title>
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        <description><![CDATA[ NEET-UG 2027 को कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में कराने की तैयारी तेज हो गई है. परीक्षा कराने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने देशभर में नए कंप्यूटर टेस्टिंग सेंटर तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इसके लिए ऐसे सरकारी तकनीकी संस्थानों की पहचान की जा रही है, जहां पहले से कंप्यूटर और दूसरी जरूरी IT सुविधाएं मौजूद हैं. NTA से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, एजेंसी ने इस दिशा में ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन से जानकारी जुटानी शुरू कर दी है. AICTE ने अपने दायरे में आने वाले सरकारी तकनीकी संस्थानों से वहां उपलब्ध कंप्यूटर, इंटरनेट और दूसरी तकनीकी सुविधाओं की जानकारी मांगी है.
सरकारी कॉलेजों में तलाशे जा रहे टेस्टिंग सेंटर
NEET-UG देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक है. हर साल लाखों छात्र इस परीक्षा में शामिल होते हैं. ऐसे में अगर इसे CBT मोड में कराया जाता है तो बड़ी संख्या में कंप्यूटर टेस्टिंग सेंटर की जरूरत होगी. NTA इसी जरूरत को पूरा करने के लिए नए सेंटर तैयार करने की संभावनाएं तलाश रहा है. सूत्रों के अनुसार, AICTE से जुड़े सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों और दूसरे तकनीकी संस्थानों में पहले से मौजूद IT इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल किया जा सकता है.
AICTE ने संबंधित सरकारी संस्थानों से यह जानकारी भी मांगी है कि उनके पास कितने कंप्यूटर उपलब्ध हैं. इसके साथ ही इंटरनेट कनेक्टिविटी, कंप्यूटर लैब और दूसरी जरूरी तकनीकी सुविधाओं की स्थिति के बारे में भी जानकारी मांगी गई है.
खाली जगह की भी मांगी गई जानकारी
सिर्फ कंप्यूटर और इंटरनेट की जानकारी ही नहीं, बल्कि संस्थानों में उपलब्ध खाली जगह का ब्योरा भी जुटाया जा रहा है. संस्थानों से पूछा गया है कि उनके पास कितनी ऐसी जगह है, जिसका फिलहाल इस्तेमाल नहीं हो रहा है या जिसे परीक्षा केंद्र के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है. माना जा रहा है कि इन सभी जानकारियों के आधार पर ऐसे संस्थानों की पहचान की जाएगी, जिन्हें भविष्य में स्टैंडर्ड टेस्टिंग सेंटर्स के तौर पर विकसित किया जा सकता है.
छोटे निजी संस्थानों को सेंटर देने की संभावना कम
NTA के एक अधिकारी के अनुसार, CBT परीक्षा के लिए छोटे निजी संस्थानों को परीक्षा केंद्र का काम आउटसोर्स करना आसान विकल्प नहीं होगा. परीक्षा केंद्र तय करने से पहले कई जरूरी मानकों की जांच की जाएगी. इनमें कंप्यूटर की संख्या, इंटरनेट की गुणवत्ता, बिजली की व्यवस्था, परीक्षा के दौरान सिस्टम की क्षमता और संस्थान में उपलब्ध जगह जैसे कई पहलू शामिल होंगे. इसके अलावा परीक्षा के दौरान बड़ी संख्या में छात्रों को संभालने की क्षमता भी देखी जाएगी. किसी संस्थान में केवल कंप्यूटर मौजूद होना ही उसे NEET-UG का टेस्टिंग सेंटर बनाने के लिए पर्याप्त नहीं होगा. NTA की ओर से संस्थान की तकनीकी क्षमता और दूसरी जरूरी सुविधाओं का मूल्यांकन किया जा सकता है.
अभी अंतिम फैसला बाकी
हालांकि, NEET-UG 2027 के CBT मोड में होने और किन संस्थानों को परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा, इस पर अंतिम फैसला अभी बाकी है. फिलहाल अलग-अलग सरकारी तकनीकी संस्थानों से उपलब्ध सुविधाओं और खाली जगह की जानकारी जुटाने की प्रक्रिया चल रही है.
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        <pubDate>Fri, 04 Sep 2026 04:30:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>CBT, मोड, में, होगी, NEET-UG, 2027, परीक्षा, नए, टेस्टिंग, सेंटर, की, तैयारी, तेज</media:keywords>
    </item>
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        <title>बैंक ऑफ बड़ौदा की कंपनी में 2049 पदों पर भर्ती, 30 सितंबर तक करें आवेदन</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/बैंक-ऑफ-बड़ौदा-की-कंपनी-में-2049-पदों-पर-भर्ती-30-सितंबर-तक-करें-आवेदन</link>
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        <description><![CDATA[ बैंक ऑफ बड़ौदा की सब्सिडियरी कंपनी बड़ौदा ग्लोबल शेयर्ड सर्विसेज लिमिटेड (BGSSL) ने अलग-अलग पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है. इस भर्ती अभियान के तहत देशभर में कुल 2049 पदों को भरा जाएगा. अलग-अलग विभागों में निकली इन भर्तियों में फ्रेशर्स के साथ-साथ संबंधित क्षेत्र में एक्सपीरियंस रखने वाले उम्मीदवारों के लिए भी अवसर दिए गए हैं. BGSSL की ओर से जारी शॉर्ट नोटिस के अनुसार भर्ती में कलेक्शन्स, डिजिटल बैंकिंग, ग्लोबल ट्रेड सर्विस, रिटेल सेल्स, ह्यूमन रिसोर्सेस, इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी, फील्ड कलेक्शन, डिजिटल ऑनबोर्डिंग और आधार ऑपरेशंस समेत कई विभाग शामिल है. इन पदों पर आवेदन की प्रक्रिया कल यानी 1 सितंबर से शुरू हो चुकी है.&amp;nbsp;
इन पदों पर होगी भर्ती&amp;nbsp;

अप्रेंटिस (टेली कॉलिंग)- 150 पद&amp;nbsp;
टेली कलेक्शन एजेंट (डेट रिकवरी एजेंट)-100 पद
एग्जीक्यूटिव एटीएम-रिकॉन्सिलिएशन-शिकायत-डेबिट कार्ड-40 पद&amp;nbsp;
एग्जीक्यूटिव ट्रेड फाइनेंस ऑपरेशंस- 25 पद&amp;nbsp;
एग्जीक्यूटिव सीएएसए-एफसीएनआर कॉलिंग-40 पद&amp;nbsp;
प्रोक्योरमेंट मैनेजर- 1 पद&amp;nbsp;
एमआईसी एनालिस्ट- 3 पद
डिप्टी मैनेजर एचआर और एडमिन-1 पद&amp;nbsp;
एग्जीक्यूटिव-सीनियर एग्जीक्यूटिव (मेकर्स)- 20 पद
डेस्कटॉप सपोर्ट एनालिस्ट- 1 पद&amp;nbsp;
फील्ड कलेक्शन ऑफिसर- 1 पद&amp;nbsp;
एम-डीएम लीड्स टेली कलेक्शन- 6 पद
एम-डिप्टी मैनेजर एलएंडडी- 1 पद&amp;nbsp;
एग्जीक्यूटिव डेबिट कार्ड ऑपरेशंस- 10 पद&amp;nbsp;
फील्ड कलेक्शन ऑफिसर्स- 400 पद&amp;nbsp;
डिजिटल ऑनबोर्डिंग स्पेशलिस्ट (पार्ट टाइम)- 400 पद&amp;nbsp;
सेल्स ऑफिसर एएसएम-आरएसएम-350 पद&amp;nbsp;
आधार ऑपरेटर (पार्ट टाइमर)- 400 पद

30 सितंबर तक कर सकते हैं आवेदन&amp;nbsp;
BGSSL रिक्रूटमेंट 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया 1 सितंबर से शुरू हो गई है. उम्मीदवारों के पास आवेदन करने के लिए 30 सितंबर 2026 तक का समय है. भर्ती के लिए आवेदन ऑनलाइन माध्यम से किया जा सकता है. उम्मीदवार चाहे तो भर्ती नोटिस में दिए गए निर्देशों के अनुसार अपना अपडेटेड रिज्यूमे recruitment@bgss.in पर ईमेल के माध्यम से भी भेज सकते हैं. वहीं तय समय सीमा के बाद मिले आवेदन को एक्सेप्ट नहीं किया जाएगा.&amp;nbsp;
पदों के अनुसार अलग-अलग होगी योग्यता&amp;nbsp;
इस भर्ती में सभी पदों के लिए एक समान शैक्षणिक की योग्यता निर्धारित नहीं है. उम्मीदवारों की योग्यता संबंधित पद के अनुसार तय होगी. अलग-अलग पदों के लिए ग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट, एमबीए, सीए, सीएस या इंजीनियरिंग की डिग्री की जरूरत होगी. वहीं ज्यादातर एग्जीक्यूटिव और मैनेजरियल पदों के लिए संबंधित क्षेत्र में काम का एक्सपीरियंस मांगा गया है. उम्मीदवारों को जिस पद के लिए आवेदन करना है. उसके लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता, एक्सपीरियंस और आयु सीमा की जानकारी ऑफिशियल नोटिस में जांचनी होगी, क्योंकि आयु सीमा भी पद के अनुसार अलग-अलग है.&amp;nbsp;
करियर ब्रेक के बाद वापसी करने वालों को प्राथमिकता&amp;nbsp;
BGSSL ने भर्ती नोटिस में यह भी बताया कि ऐसे उम्मीदवारों जो करियर ब्रेक के लिए बाद दोबारा वर्कफोर्स में लौट रहे हैं, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी. हालांकि इसके लिए उम्मीदवार को संबंधित पद की निर्धारित पात्रता पूरी करनी होगी. इस भर्ती में अलग-अलग एक्सपीरियंस और एक्सपर्टीज वाले उम्मीदवारों के लिए कई तरह के पद उपलब्ध है. इसलिए आवेदन से पहले संबंधित जॉब रोल की जरूरत को अच्छे से देखें.&amp;nbsp;
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चयन प्रक्रिया और सैलरी&amp;nbsp;
BGSSL रिक्रूटमेंट 2026 में चयन प्रक्रिया पद के अनुसार अलग-अलग है. जानकारी के अनुसार उम्मीदवारों के आवेदन और रिज्यूमे की पहले स्क्रीनिंग की जाएगी. इसके बाद पद की आवश्यकताओं और उम्मीदवार की योग्यता के आधार पर शॉर्टलिस्टिंग होगी. शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को पर्सनल इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा. वहीं चयन प्रक्रिया में डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन भी शामिल हो सकता है. नोटिफिकेशन में किसी तरह की लिखित परीक्षा का जिक्र नहीं है. जिसका मतलब है कि ज्यादातर पदों के लिए आवेदन की स्क्रीनिंग और शॉर्ट लिस्टिंग के बाद इंटरव्यू आधारित चयन प्रक्रिया अपनाई जाएगी.
ऐसे कर सकते हैं BGSSL भर्ती के लिए आवेदन&amp;nbsp;

आवेदन करने के लिए BGSSL की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं.
इसके बाद करियर सेक्शन में जाएं.&amp;nbsp;
यहां भर्ती के लिए पदों की जानकारी और अपनी योग्यता के अनुसार पद सेलेक्ट करें.
इसके बाद पद की एलिजिबिलिटी और जॉब डिस्क्रिप्शन को पढ़ें.&amp;nbsp;
अपडेटेड रिज्यूमे और जरूरी डॉक्यूमेंट तैयार करके BGSSL की ओर से निर्धारित आवेदन प्रक्रिया के माध्यम से जमा करें.&amp;nbsp;
भर्ती नोटिस में आप रिज्यूमे recruitment@bgss.in ईमेल से भेजने का ऑप्शन भी दिया गया है.

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        <pubDate>Thu, 03 Sep 2026 16:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>बैंक, ऑफ, बड़ौदा, की, कंपनी, में, 2049, पदों, पर, भर्ती, सितंबर, तक, करें, आवेदन</media:keywords>
    </item>
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        <title>जेईई एडवांस्ड में तीन अटेम्प्ट की मांग, मौजूदा नियम बदलने पर उठे सवाल</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/जेईई-एडवांस्ड-में-तीन-अटेम्प्ट-की-मांग-मौजूदा-नियम-बदलने-पर-उठे-सवाल</link>
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        <description><![CDATA[ देशभर के आईआईटी उम्मीदवारों ने जेईई एडवांस में शामिल होने के मौजूदा अटेम्प्ट नियमों में बदलाव की मांग उठाई है. छात्रों का कहना है कि जेईई एडवांस में उम्मीदवारों को 2 के बजाय 3 बार परीक्षा में बैठने का मौका मिलना चाहिए. इस मांग को लेकर 12,000 से ज्यादा उम्मीदवारों ने शिक्षा मंत्रालय, आईटीआई काउंसलिंग और ज्वाइंट एडमिशन बोर्ड को याचिका भेजी. छात्रों ने या तो अटेम्प्ट की संख्या बढ़ाकर तीन करने या मौजूदा दो अटेम्प्ट को &amp;nbsp;तीन लगातार वर्षों में इस्तेमाल करने की अनुमति देने की मांग की है.&amp;nbsp;
अभी क्या है जेईई एडवांस्ड की परीक्षा का नियम?
फिलहाल जेईई एडवांस में उम्मीदवार अधिकतम 2 बार और लगातार 2 वर्षों में परीक्षा दे सकते हैं. पहला प्रयास उसी साल करना होता है, जिस साल छात्र 12वीं कक्षा पास करता है. इसके बाद अगले साल लगातार वर्ष में दूसरा प्रयास किया जा सकता है. उम्मीदवारों का तर्क है कि यह नियम कई छात्रों के लिए परेशानी पैदा करता है, जो तैयारी और प्रदर्शन के मामले में एक अतिरिक्त अवसर के बाद अपना बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं.&amp;nbsp;
जेईई मेन और एडवांस्ड के अटेम्प्ट नियमों में अंतर&amp;nbsp;
उम्मीदवारों ने अपनी याचिका में जेईई मेन और जेईई एडवांस्ड के टाइम नियमों के बीच अंतर को भी प्रमुखता से उठाया है. जेईई मेन में प्रदर्शन सुधारने के लिए छात्रों को ज्यादा अवसर मिलते हैं, जबकि जेईई एडवांस्ड में दो लगातार प्रयासों की सीमा तय है. जेईई मेन में 3 लगातार वर्षों के दौरान कुल 6 बार परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिलता है. वहीं जेईई में प्रदर्शन के आधार पर टॉप 2.5 लाख उम्मीदवार जेईई एडवांस्ड के लिए एलिजिबल होते हैं. छात्रों का कहना है कि जब जेईई मेन पहले ही उम्मीदवारों को छांटकर जेईई एडवांस के लिए मौका देता है, तो जेईई एडवांस में एक और प्रयास देने से परीक्षा की प्रतिस्पर्धा और सीटों की संख्या में कोई बदलाव नहीं होगा. उम्मीदवारों के अनुसार तीसरा प्रयास देने से परीक्षा या मूल्यांकन की प्रक्रिया में भी कोई बदलाव नहीं आएगा. &amp;nbsp;
छात्रों का कहना, प्रतिभा को अटेम्प्ट की सीमा में न बांधे
याचिका में छात्रों ने कहा कि जेईई एडवांस्ड केवल जानकारी को रखने वाली परीक्षा नहीं है, बल्कि इसमें गहरी विश्लेषणात्मक क्षमता जरूरत होती है. उनके अनुसार हर छात्र की क्षमता एक जैसी होती है. कई अभ्यर्थियों को अंकों का कॉन्सेप्ट मजबूत कर और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करने के लिए लगातार तैयारी की जरूरत होती है, जो एक ड्रॉप इयर्स से आगे भी जा सकती है. छात्रों का यह भी कहना है कि जेईई एडवांस्ड एक हाई प्रेशर और 1 दिन में होने वाली परीक्षा है. परीक्षा के दिन हेल्थ संबंधित परेशानियां, टेंशन या छोटी सी गलती भी उम्मीदवार के प्रदर्शन पर असर डाल सकती है. ऐसे में केवल दो प्रयास किसी छात्र की क्षमता को पूरी तरह सामने लाने के लिए पर्याप्त नहीं है.&amp;nbsp;
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नीट और जेईई मेन के नियमों का उदाहरण&amp;nbsp;
छात्रों ने अपनी मांग में नीट का भी उदाहरण दिया, उन्होंने कहा कि नीट में उम्मीदवारों के लिए प्रयासों की कोई सीमा नहीं है और परीक्षा में शामिल होने के लिए आयु सीमा भी नहीं है. इस तरह जेईई मेन के 6 प्रयासों की व्यवस्था का हवाला देते हुए छात्रों ने सवाल उठाया की एक ही इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा का हिस्सा होने के बावजूद जेईई एडवांस में केवल दो लगातार प्रयासों की सीमा क्यों रखी गई है. उम्मीदवारों के अनुसार यह अंतर कई सक्षम और मेहनती छात्रों को अपनी क्षमता दिखाने का उचित अवसर नहीं देता है.&amp;nbsp;
कोविड के दौरान अतिरिक्त प्रयास का जिक्र
जेईई एडवांस्ड में तीन प्रयास की मांग नई नहीं है. छात्र कई वर्षों से इस नियम में बदलाव की मांग कर रहे हैं. अब छात्रों ने कोविड-19 महामारी के दौरान जेईई एडवांस में दिए गए अतिरिक्त प्रयास का भी उदाहरण दिया है. उम्मीदवारों का कहना है कि कोविड के दौरान नेतृत्व प्रयास की अनुमति दिए जाने से यह स्पष्ट हुआ की जरूरत पड़ने पर परीक्षा व्यवस्था में बदलाव किया जा सकता है. उनके अनुसार अतिरिक्त प्रयास से परीक्षा की क्वालिटी कम नहीं होती, बल्कि ज्यादा योग्य छात्रों को अपनी क्षमता साबित करने का मौका मिलता है.
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        <pubDate>Thu, 03 Sep 2026 16:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>जेईई, एडवांस्ड, में, तीन, अटेम्प्ट, की, मांग, मौजूदा, नियम, बदलने, पर, उठे, सवाल</media:keywords>
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        <title>यूपी के युवाओं को सौगात, स्कॉलरशिप से लेकर नौकरी तक कई बड़े ऐलान </title>
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        <description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश में युवाओं को शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास, स्वरोजगार और स्टार्टअप से जोड़ने के लिए सरकार की ओर से कई योजनाओं और कार्यक्रम का ऐलान किया गया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं से केवल नौकरी तलाशने की बजाय जॉब क्रिएटर और इनोवेटर बनने की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया है. सरकार की ओर से युवा उद्यमिता, डिजिटल स्किल, मुफ्त टैबलेट, छात्रवृत्ति, सरकारी नौकरी और स्वरोजगार से जुड़ी कई योजनाओं पर जोर दिया जा रहा है.&amp;nbsp;
सीएम-युवा में लोन पर ब्याज सब्सिडी&amp;nbsp;
युवाओं को रोजगार और माइक्रो एंटरप्राइज शुरू करने के लिए यूथ ब्रिगेड स्कीम का ऐलान 15 अगस्त को किया गया. योजना के पहले चरण में युवाओं को 5 लाख तक के लोन चार साल तक 100 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी देने की व्यवस्था है. वहीं योजना के दूसरे चरण में 10 से 20 लाख रुपये तक के लोन पर 3 साल तक 50 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी. इस योजना के लिए उम्र सीमा 21 से 40 साल रखी गई थी. इसके तहत हर साल एक लाख माइक्रो एंटरप्राइज तैयार करने का टारगेट रखा गया है.
यूपी स्टार्टअप पॉलिसी 2026&amp;nbsp;
युवाओं को स्टार्टअप और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए यूपी स्टार्टअप पॉलिसी 2026 को भी आगे बढ़ाया गया है. 27 अगस्त को स्टार्टअप मिशन पोर्टल लॉन्च किया गया. इस पहल के तहत 107 स्टार्टअप्स को 3.42 करोड़ रुपये और 9 इनक्यूबेटरों को 1.79 करोड़ रुपये की मदद बांटी गई है. इसका उद्देश्य युवाओं और नए उद्यमियों को स्टार्टअप इकोसिस्टम से जोड़ना और उनके लिए अवसर तैयार करना है.&amp;nbsp;
स्किल डेवलपमेंट का बजट बढ़ा&amp;nbsp;
युवाओं को रोजगार के लिए जरूरी स्किल देने पर भी जोर दिया गया है. कौशल विकास का बजट 9 गुना बढ़ाकर 3,310 करोड़ रुपये किया गया है. इसके साथ ही डिजिटल स्किल और प्रशिक्षण से जुड़ी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कौशल दिशा, दर्पण, दृष्टि कॉल सेंटर और चैट बोट्स जैसे पांच नए पोर्टल शुरू की गए हैं. वित्तीय वर्ष 2026-27 में 10 लाख युवाओं को ट्रेनिंग देने का टारगेट रखा गया है.&amp;nbsp;
25 लाख छात्रों को मुफ्त टैबलेट&amp;nbsp;
राज्य में छात्रों और युवाओं को डिजिटल शिक्षा से जोड़ने के लिए सरकार ने मुफ्त टैबलेट योजना को भी मंजूरी दी है. 26 अगस्त को कैबिनेट ने स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के तहत टेबलेट वितरण को मंजूरी दी है. इस योजना पर 2374.60 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. 25 लाख युवाओं और छात्रों को इसमें मुफ्त टैबलेट दिए जाएंगे.&amp;nbsp;
युवाओं के लिए नई एकीकृत युवा नीति&amp;nbsp;
सरकार की ओर से जुड़ी नीतियों को एक साथ लाने के लिए नई एकीकृत युवा नीति की भी घोषणा की है. इसका ऐलान 7 अगस्त को किया गया था. यह नीति 16 से 35 वर्ष के युवाओं पर केंद्रित होगी, इसमें शिक्षा, रोजगार, कौशल, विकास, स्टार्टअप, खेल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों पर फोकस रहेगा.&amp;nbsp;
6 महीने में एक लाख नौकरी का टारगेट&amp;nbsp;
सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा ऐलान किया है. सरकार के अनुसार पिछले 9 साल में 9.30 लाख से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है. वहीं 26 अगस्त को मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले 6 महीने में 1 लाख और युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे. उन्होंने कहा की भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से और बिना भेदभाव की पूरी की जा रही है.&amp;nbsp;
यूपी पुलिस में 1 लाख से ज्यादा भर्ती&amp;nbsp;
युवाओं के लिए रोजगार के बड़े अवसरों में यूपी पुलिस की भर्ती भी शामिल है. पुलिस में कांस्टेबल, सब इंस्पेक्टर, होमगार्ड और तकनीकी पदों पर मिलकर एक लाख से ज्यादा वैकेंसी की बात कही गई है. भर्ती प्रक्रिया में पेपर लीक जैसी समस्याओं को रोकने के लिए पूरी प्रक्रिया को टेक्नोलॉजी आधारित बनाने पर जोर दिया गया है.&amp;nbsp;
जेन जी रोजगार योजना को मंजूरी&amp;nbsp;
युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए जेन जी रोजगार योजना को भी मंजूरी दी गई है. 25 अगस्त की कैबिनेट बैठक में इस योजना को स्वीकृति मिली. योजना का खास फोकस 18 से 25 वर्ष के प्रथम मतदाता युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने पर हैं.&amp;nbsp;
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छात्रवृति के जरिए मदद&amp;nbsp;
सरकारी योजनाओं में छात्रवृत्ति को भी जरूरी जगह दी गई है. पिछड़ा वर्ग छात्रवृत्ति के आवेदन 11 अगस्त से शुरू किए गए हैं. इस योजना से 36 लाख से ज्यादा छात्र लाभान्वित होने की बात कही गई है. इसके अलावा सामान्य छात्रवृत्ति पोर्टल को 1 सितंबर को दोबारा खोला गया. इसके तहत पहले लाभ से वंचित रह गए 3.16 लाख छात्रों को 2 अक्टूबर तक पेमेंट किए जाने का टारगेट है.&amp;nbsp;
आउटसोर्स कर्मचारी के लिए यूपीसीओएस लॉन्च&amp;nbsp;
युवाओं और बड़ी संख्या में आउटसोर्स कर्मचारी से जुड़ी एक और बड़ी पहल के तौर पर आज 2 सितंबर 2026 को आउटसोर्स कर्मचारी निगम लॉन्च किया गया. सीएम योगी आदित्यनाथ ने इसकी शुरुआत की. इसके जरिए राज्य के करीब 20 लाख आउटसोर्स कर्मचारी को एक डिजिटल व्यवस्था से जोड़ने की योजना है. इनमें बड़ी संख्या युवाओं की है. भर्ती से लेकर वेतन तक की प्रक्रिया को डिजिटल पोर्टल पर मॉनिटर किया जाएगा. योजना के तहत बिचौलियों के शोषण से राहत देने, वेतन से होने वाली कटौती को रोकने और ईपीएफ-ईएसआई समय पर जमा करने की व्यवस्था पर जोर दिया गया है. इसके अलावा आउटसोर्स कर्मचारी के लिए दुर्घटना की स्थिति में 20 से 50 लाख रुपये तक का बीमा, आग लगने की स्थिति में 10 लाख रुपये की सहायता, इलाज के लिए 5 लाख तक और मृत्यु की स्थिति में 50 हजार रुपये तक की सहायता जैसी सुविधाओं का प्रावधान है.
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        <pubDate>Thu, 03 Sep 2026 16:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>फेल होने के बाद बिना कोचिंग IAS बनी किसान की बेटी, 23वीं रैंक के लिए ऐसे की &amp;apos;तपस्या&amp;apos;</title>
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        <description><![CDATA[ फेल होने के बाद बिना कोचिंग IAS बनी किसान की बेटी, 23वीं रैंक के लिए ऐसे की &#039;तपस्या&#039; ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 03 Sep 2026 16:30:05 +0530</pubDate>
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        <title>कब होगी BSF ASI कांस्टेबल भर्ती परीक्षा? सामने आ गई नई तारीख</title>
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        <description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश के कानपुर और राजस्थान के जयपुर में परीक्षा केंद्रों पर तकनीकी दिक्कतों के चलते 2 सितंबर 2026 को होने वाली असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर (स्टेनोग्राफर) और हेड कांस्टेबल (मिनिस्ट्रियल) भर्ती परीक्षा के कुछ शिफ्ट रद्द कर दिए गए हैं. कानपुर के श्याम नगर स्थित एमडी इन्फोटेक सेंटर में कंप्यूटर बार-बार बंद होने के बाद तीन परियों की परीक्षा रद्द करनी पड़ी. वहीं जयपुर के आईडीजेड सीतापुर सेंटर पर भी तकनीकी समस्या के कारण 2 सितंबर की शिफ्ट को रद्द किया गया. प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए अब दोबारा परीक्षा आयोजित कराई जाएगी.&amp;nbsp;
कानपुर में तीन शिफ्टों की परीक्षा रद्दa
कानपुर के चकेरी इलाके के श्याम नगर स्थित एमडी इन्फोटेक सेंटर में बुधवार 2 सितंबर को बीएसएफ एएसआई स्टेनोग्राफर और हेड कांस्टेबल मिनिस्ट्रियल भर्ती परीक्षा आयोजित हो रही थी. केंद्र का कोड 25916 बताया गया, यहां करीब 500 उम्मीदवारों के तीन पारियों में परीक्षा देने की व्यवस्था थी. सुबह की शिफ्ट के लिए उम्मीदवारों की एंट्री 7:30 बजे होनी थी, लेकिन इसमें देरी हुई और परीक्षा का समय बढ़ाकर 9 बजे कर दिया गया. उम्मीदवार जब परीक्षा देने बैठे तो करीब 15 मिनट बाद कंप्यूटर बंद हो गए. केंद्र के कर्मचारियों ने सिस्टम को ठीक करने की कोशिश की. कुछ समय बाद कंप्यूटर फिर चालू किए गए, लेकिन करीब 15 से 20 मिनट से बाद दोबारा बंद हो गए. लगभग 40 मिनट तक परीक्षा शुरू नहीं हो सकी, इसके बाद उम्मीदवारों को केंद्र से बाहर जाने के लिए कहा गया. बाद में अधिकारियों की ओर से तीन पारियों में होने वाली परीक्षा को रद्द करने की जानकारी दी गई.&amp;nbsp;
परीक्षा रद्द होने के बाद उम्मीदवारों ने किया प्रदर्शन&amp;nbsp;
परीक्षा के बीच कंप्यूटर बंद होने और व्यवस्था को लेकर उम्मीदवारों में नाराजगी देखने को मिली. 500 से ज्यादा छात्रों ने परीक्षा केंद्र के बाद प्रदर्शन किया और दोबारा परीक्षा कराने की मांग की. मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस और अधिकारी मौके पर पहुंचे, इसके बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया. कानपुर के एडीसीपी ईस्ट शिव सिंह के अनुसार शुरुआती तौर पर मामला तकनीकी समस्या से जुड़ा लग रहा है और इसकी जांच की जा रही है. इसके बाद अधिकारियों ने उम्मीदवारों को यह भी बताया कि रद्द हुई परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी.&amp;nbsp;
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18 सितंबर को दोबारा होगी परीक्षा&amp;nbsp;
कानपुर केंद्र पर रद्द हुई परीक्षा के लिए नई तारीख 18 सितंबर तय की गई है. उम्मीदवारों को आगे की जानकारी के लिए बीएसएफ के आधिकारिक पोर्टल पर अपडेट देखते रहने के लिए कहा गया है. यानी जिन उम्मीदवारों की परीक्षा 2 सितंबर को कानपुर के संबंधित केंद्र पर रद्द हुई है, उन्हें अब 18 सितंबर को दोबारा परीक्षा में शामिल होना होगा.&amp;nbsp;
जयपुर में भी 2 सितंबर की शिफ्ट हुई रद्द
कानपुर के अलावा जयपुर के आईडीजेड सीतापुर परीक्षा केंद्र से भी ऐसी ही जानकारी सामने आई. यहां सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स में असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर स्टेनोग्राफर और हेड कांस्टेबल मिनिस्ट्रियल पदों के लिए आयोजित कंप्यूटर बेस्ड रिटन एग्जाम की 2 सितंबर की शिफ्ट तकनीकी समस्या के कारण रद्द कर दी गई. जयपुर केंद्र पर जिन उम्मीदवारों को 2 सितंबर की शिफ्ट 3 परीक्षा रद्द हुई है, उनके लिए भी 18 सितंबर को दोबारा परीक्षा आयोजित की जाएगी. प्रभावित उम्मीदवारों को नए एडमिट कार्ड के जरिए परीक्षा में शामिल होना होगा. बीएसएफ की ओर से दोबारा होने वाली परीक्षा के लिए फ्रेश एडमिट कार्ड जारी किया जाएगा, जिसे उम्मीदवारों को परीक्षा से पहले और डाउनलोड करना होगा.
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        <pubDate>Thu, 03 Sep 2026 16:30:03 +0530</pubDate>
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        <title>UGC NET 2026 री&amp;एग्जाम की सिटी स्लिप जारी, 9&amp;10 सितंबर को होगी परीक्षा</title>
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        <description><![CDATA[ NTA ने UGC NET की दोबारा होने वाली तीन विषयों की परीक्षा के लिए एडवांस एग्जाम सिटी इंटीमेशन स्लिप जारी कर दी है. जिन उम्मीदवारों को इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी विषयों की दोबारा परीक्षा देनी है, वह अब अपनी परीक्षा सिटी चेक और डाउनलोड कर सकते हैं. परीक्षा सिटी की जानकारी ऑफिशियल यूजीसी नेट वेबसाइट ugcnet.nta.nic.in पर उपलब्ध कराई गई है. एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि यह सिटी इंटिमेशन स्लिप एडमिट कार्ड नहीं है. एडमिट कार्ड अलग से जारी किया जाएगा.&amp;nbsp;
9 और 10 सितंबर को होगा री-एग्जाम&amp;nbsp;
यूजीसी नेट जून 2026 की दोबारा परीक्षा इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी विषयों के लिए आयोजित की जा रही है. परीक्षा शेड्यूल के अनुसार इंग्लिश और कॉमर्स की परीक्षा 9 सितंबर को होगी, जबकि सोशियोलॉजी का पेपर 10 सितंबर को आयोजित किया जाएगा. 9 सितंबर को परीक्षा सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक इंग्लिश की परीक्षा और दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक कॉमर्स की परीक्षा होगी. जबकि 10 सितंबर को सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक सोशियोलॉजी की परीक्षा आयोजित की जाएगी.&amp;nbsp;
एडमिट कार्ड अब होगा जारी&amp;nbsp;
एनटीए ने उम्मीदवारों को खासतौर पर स्पष्ट किया है कि एग्जाम सिटी इंटीमेशन स्लिप को एडमिट कार्ड न समझे. इस स्लिप का उद्देश्य उम्मीदवारों को पहले यह जानकारी देना है कि उनका परीक्षा केंद्र किस शहर में आया है. सिटी स्लिप में परीक्षा केंद्र का पूरा एड्रेस और परीक्षा से जुड़ी जानकारी नहीं दी गई है. परीक्षा केंद्र का पूरा एड्रेस और दूसरे निर्देश एडमिट कार्ड में दिए जाएंगे. एनटीए एडमिट कार्ड बाद में अलग से जारी करेगा, इसलिए उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश के लिए एडमिट कार्ड का अभी फिलहाल इंतजार करना होगा.&amp;nbsp;
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दोबारा क्यों हो रही परीक्षा?
यूजीसी नेट के इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी पेपर को लेकर एनटीए को कई शिकायतें मिली थी. इन शिकायतों की जांच के लिए एजेंसी ने कमेटी का गठन किया था. कमेटी की जांच में इन तीनों पेपर में कई तरह की गलतियां सामने आई. इसके बाद कमेटी ने फिर से इन तीनों परीक्षाओं को दोबारा करने की सिफारिश की. जिसके बाद एनटीए ने इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी के लिए री-एग्जाम कराने का फैसला लिया था.&amp;nbsp;
ऐसे डाउनलोड करें UGC NET सिटी स्लिप&amp;nbsp;

सिटी स्लिप डाउनलोड करने के लिए सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट ugcnet.nta.nic.in पर जाएं.
होम पेज पर यूजीसी नेट जून 2026 सिटी इंटीमेशन स्लिप के लिंक पर क्लिक करें.&amp;nbsp;
अब अपना एप्लीकेशन नंबर और पासवर्ड समेत मांगी गई लॉगिन डिटेल दर्ज करें.
डिटेल भरने के बाद सबमिट पर क्लिक करें.
अब स्क्रीन पर आपकी यूजीसी नेट जून 2026 परीक्षा सिटी स्लिप दिखाई देगी.&amp;nbsp;
लास्ट में सिटी स्लिप को डाउनलोड करके इसकी कॉपी सुरक्षित रख लें.

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        <pubDate>Thu, 03 Sep 2026 00:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>UGC, NET, 2026, री-एग्जाम, की, सिटी, स्लिप, जारी, 9-10, सितंबर, को, होगी, परीक्षा</media:keywords>
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        <title>RIMC में 8वीं कक्षा में एडमिशन का मौका, 6 दिसंबर को 39 शहरों में होगा एग्जाम</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/rimc-में-8वीं-कक्षा-में-एडमिशन-का-मौका-6-दिसंबर-को-39-शहरों-में-होगा-एग्जाम</link>
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        <description><![CDATA[ नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने जुलाई 2027 टर्म में एडमिशन के लिए राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज एंट्रेंस एग्जामिनेशन 2026 (RIMCEE) का रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया है. इच्छुक और एलिजिबल छात्र 30 सितंबर 2026 शाम 5 बजे तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. एंट्रेंस एग्जाम 6 दिसंबर को आयोजित किया जाएगा. वहीं RIMC प्रवेश परीक्षा का आयोजन देशभर के 39 शहरों में किया जाएगा. यह परीक्षा पेन और पेपर मोड में होगी और इसकी अवधि 4 घंटे 30 मिनट निर्धारित की गई है.&amp;nbsp;
30 सितंबर तक आवेदन का मौका&amp;nbsp;
RIMCEE 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन की शुरुआत 1 सितंबर से हो चुकी है. सामान्य आवेदन प्रक्रिया 30 सितंबर तक चलेगी. इसी दिन परीक्षा फीस जमा करने की अंतिम तारीख भी निर्धारित की गई है. इसके बाद 1 अक्टूबर से 7 अक्टूबर तक लेट फीस के साथ आवेदन किया जा सकेगा. लेट आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को निर्धारित परीक्षा फीस के अतिरिक्त 500 रुपये लेट फीस देनी होगी. आवेदन फॉर्म की डिटेल में सुधार के लिए 9 अक्टूबर से 11 अक्टूबर तक करेक्शन विंडो खुलेगी. वहीं परीक्षा की सिटी इंटीमेशन स्लिप परीक्षा से 12 से 15 दिन पहले और एडमिट कार्ड परीक्षा से करीब 5 से 7 दिन पहले जारी किया जाएगा.
6 दिसंबर को होनी है परीक्षा&amp;nbsp;
RIMC एंट्रेंस एग्जाम 2026 का स्टेज 1 एग्जाम 6 दिसंबर 2026 को होगा. परीक्षा ऑफलाइन पेपर मोड में आयोजित की जाएगी. इसमें गणित और अंग्रेजी विषय में छात्रों से डिस्क्रिप्टिव सवाल पूछे जाएंगे, जबकि जीके का पेपर एमसीक्यू आधारित होगा. प्रवेश परीक्षा के दूसरे चरण में वाइवा होगा. यह अप्रैल 2027 आयोजित किया जाएगा.&amp;nbsp;
RIMC के लिए एलिजिबिलिटी और आवेदन&amp;nbsp;
RIMC में कक्षा 8 में एडमिशन के लिए उम्मीदवार की उम्र 1 जुलाई 2027 को कम से कम 12 साल 6 महीने और अधिकतम 14 साल होनी चाहिए. यानी निर्धारित कट ऑफ तारीख पर इस आयु सीमा को पूरा करने वाले छात्र ही आवेदन के पात्र होंगे. RIMC एंट्रेंस एग्जाम के लिए जनरल कैटेगरी, डिफेंस पर्सनेल और एक्स सर्विसमैन के वार्ड्स तथा ओबीसी कैटेगरी के उम्मीदवारों को 1000 रुपये फीस देनी होगी. वहीं एससी और एसटी कैटेगरी की उम्मीदवारों के लिए 750 रुपये फीस है.
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RIMC में एडमिशन के बाद करियर का रास्ता&amp;nbsp;
RIMC में 5 साल की पढ़ाई पूरी करने और कक्षा 12वीं की सीबीएसई बोर्ड परीक्षा पास करने के बाद छात्रों को आगे रक्षा सेवाओं में जाने का अवसर मिलता है. इसके बाद उन्हें यूपीएससी की ओर से आयोजित ऑल इंडिया रिटन परीक्षा और सर्विस सिलेक्शन बोर्ड के इंटरव्यू में सफलता हासिल करनी होती है. इन चरणों को पूरा करने वाले खड़गवासला स्थित नेशनल डिफेंस एकेडमी में 3 साल की डिग्री कोर्स में शामिल हो सकते हैं. इसके बाद आर्मी, नेवी और एयरफोर्स की संबंधित एकेडमी में प्रोफेशनल ट्रेनिंग होती है. ट्रेनिंग पूरी करने के बाद उम्मीदवारों को भारत के राष्ट्रपति की ओर से सशस्त्र बलों में अधिकारी के रूप में कमीशन किया जाता है.&amp;nbsp;
कैसे करें आवेदन?

आवेदन करने के लिए सबसे पहले एनटीए की ऑफिशियल वेबसाइट exams.nta.nic.in/RIMCEE पर जाए.&amp;nbsp;
इसके बाद कैंडिडेट एक्टिविटी सेक्शन में RIMC एंट्रेंस एग्जामिनेशन 2026 लिंक पर क्लिक करें.
अब न्यू रजिस्ट्रेशन के जरिए रजिस्ट्रेशन करें.&amp;nbsp;
इसके बाद मांगी गई जानकारी भरें और जरूरी डॉक्यूमेंट अपलोड करें.&amp;nbsp;
डॉक्यूमेंट अपलोड करने के बाद फीस सबमिट कर फॉर्म सबमिट कर दें.&amp;nbsp;
लास्ट में फॉर्म सबमिट होने के बाद कंफर्मेशन पेज भी डाउनलोड कर लें.

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        <pubDate>Thu, 03 Sep 2026 00:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>यूपी बोर्ड ने बढ़ाई 9वीं&amp;11वीं के रजिस्ट्रेशन की डेडलाइन, 10 सितंबर तक मौका</title>
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        <description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 9वीं और 11वीं के छात्रों के एडवांस्ड रजिस्ट्रेशन की डेडलाइन बढ़ा दी है. नए शेड्यूल के अनुसार एडवांस्ड रजिस्ट्रेशन फीस जमा करने की डेट और वेरिफिकेशन की प्रक्रियाओं की डेडलाइन अब 10 सितंबर कर दी गई है. बोर्ड के निर्देशों के अनुसार स्कूलों के प्रधानाचार्य को संशोधित शेड्यूल के अनुसार रजिस्ट्रेशन की सभी प्रक्रियाएं पूरी करनी होगी. इसमें छात्रों से फीस लेना, निर्धारित राशि सरकारी कोष में जमा करना, विद्यार्थियों की शैक्षणिक जानकारी ऑनलाइन दर्ज करना, रिकॉर्ड का वेरिफिकेशन और जरूरत पड़ने पर पहले से दर्ज जानकारी में सुधार करना जैसी चीजें शामिल है.&amp;nbsp;
अब 10 सितंबर तक होगा रजिस्ट्रेशन&amp;nbsp;
नए शेड्यूल के अनुसार कक्षा 9वीं और 11वीं के विद्यार्थियों का एडवांस्ड रजिस्ट्रेशन, फीस लेने और उसे चालान के जरिए सरकारी कोष में जमा करने की अंतिम तारीख 10 सितंबर 2026 कर दी गई है. यह प्रक्रिया 10 सितंबर की मध्य रात्रि तक पूरी की जा सकती है. प्रति छात्र कुल 50 रुपये रजिस्ट्रेशन फीस निर्धारित की गई है. इसमें 40 रुपये प्रति छात्र सरकारी कोर्स में चालान के माध्यम से जमा किए जाएंगे, जबकि 10 रुपये स्कूल के पास रहेंगे. फीस जमा करने के बाद स्कूलों को पेमेंट से जुड़ी जानकारी और स्टूडेंट की डिटेल बोर्ड की वेबसाइट पर ऑनलाइन अपलोड करनी होगी.&amp;nbsp;
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ऐसे पूरी करनी होगी प्रक्रिया&amp;nbsp;
फीस जमा होने के बाद स्कूलों को स्टूडेंट की रजिस्ट्रेशन संबंधी जानकारी ऑनलाइन दर्ज करनी होगी. बोर्ड ने छात्रों की रिपोर्ट की जांच के लिए भी अलग-अलग समय निर्धारित किया है. वेरिफिकेशन के दौरान स्कूलों को छात्र का नाम, माता-पिता का नाम, जन्म तिथि, जेंडर, सब्जेक्ट और फोटो समेत दर्ज की गई दूसरी जानकारी को ध्यान से जांचना होगा. बोर्ड के संशोधित कार्यक्रम के अनुसार वेरिफिकेशन की प्रक्रिया 11 से 13 सितंबर 2026 के बीच पुरी की जानी है. इस दौरान स्कूलों को यह सुनिश्चित करना होगा कि ऑनलाइन दर्ज सभी जानकारी सही हो. वेरिफिकेशन का समय पूरा होने के बाद पहले से दर्ज जानकारी में 14 से 20 सितंबर तक सुधार कर सकेंगे.
10वीं-12वीं के छात्रों की फीस के समय सीमा भी बढ़ाई&amp;nbsp;
संशोधित शेड्यूल में 2027 की बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्रों से जुड़ी प्रक्रिया के लिए भी समय सीमा बढ़ाई गई है. ऐसे छात्रों के लिए अब परीक्षा फीस जमा करने की अंतिम तारीख 4 सितंबर कर दी गई है वही कक्षा 10वीं और 12वीं के शैक्षणिक छात्र जानकारी और रजिस्ट्रेशन संबंधी डिटेल बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड करने की समय सीमा 3 सितंबर तक बढ़ाई गई है. स्कूल प्रधानाध्यापक छात्रों की जानकारी का वेरिफिकेशन 11 सितंबर तक कर सकेंगे. वेरिफिकेशन के बाद सुधार की जरूरत होती है, तो स्कूल 6 से 20 सितंबर के बीच ऑनलाइन बदलाव कर सकते हैं. इस समय में किसी भी तरह के नए छात्रों को रजिस्टर्ड करने की अनुमति नहीं होगी.
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        <pubDate>Thu, 03 Sep 2026 00:30:06 +0530</pubDate>
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        <title>MP पुलिस में SI&amp;सूबेदार के 504 पदों पर भर्ती, 23 सितंबर तक करें आवेदन</title>
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        <description><![CDATA[ मध्य प्रदेश पुलिस में सब इंस्पेक्टर और सूबेदार के पदों पर भर्ती का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों के लिए अच्छी खबर है. मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) ने सूबेदार और सब इंस्पेक्टर कैडर भर्ती चयन परीक्षा 2026 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. इस भर्ती के जरिए मध्य प्रदेश पुलिस में सूबेदार और सब इंस्पेक्टर के अलग-अलग पदों को भरा जाएगा. भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 9 सितंबर 2026 से शुरू होगी, जबकि उम्मीदवार 23 सितंबर तक आवेदन कर सकेंगे. वहीं आपको बता दें कि इस भर्ती का आयोजन पुलिस मुख्यालय, गृह (पुलिस) विभाग मध्य प्रदेश की ओर से किया जा रहा है.&amp;nbsp;
इन पदों पर हो रही इतनी भर्ती
एमपीईएसबी की ओर से जारी भर्ती के तहत सूबेदार और सब इंस्पेक्टर के कुल 504 पद भरे जाएंगे. इनमें तकनीकी, गैर तकनीकी दोनों तरह के पद शामिल है. इसमें सूबेदार के 81 पद, सब इंस्पेक्टर (स्पेशल आर्म्ड फोर्स) के 69 पद, सब इंस्पेक्टर (जिला पुलिस फोर्स) के 312 पद, सब इंस्पेक्टर आर्म्स टेक्निकल के 10 पद, सब इंस्पेक्टर फोटो टेक्निकल के 9 पद, सब इंस्पेक्टर क्वेश्चन डॉक्यूमेंट टेक्निकल के चार पद और सब इंस्पेक्टर फिंगरप्रिंट टेक्निकल के 22 पद शामिल है.&amp;nbsp;
23 सितंबर तक कर सकेंगे आवेदन&amp;nbsp;
इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन 9 सितंबर 2026 से शुरू होंगे. आवेदन जमा करने की आखिरी तारीख 23 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है. उम्मीदवार 28 सितंबर 2026 तक अपने आवेदन फाॅर्म में जरूरी सुधार कर सकेंगे. भर्ती की प्रारंभिक लिखित परीक्षा 28 अक्टूबर 2026 को होगी. परीक्षा दो शिफ्ट में आयोजित की जाएगी. पहली शिफ्ट सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी शिफ्ट तीन बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी. मुख्य परीक्षा की तारीख प्रारंभिक परीक्षा का रिजल्ट जारी होने के बाद जारी की जाएगी.&amp;nbsp;
कौन कर सकता है आवेदन?&amp;nbsp;
एमपी पुलिस एसआई और सूबेदार भर्ती के लिए उम्मीदवार का भारतीय नागरिक होना जरूरी है. मध्य प्रदेश के बाहर के उम्मीदवार भी इस भर्ती के लिए आवेदन कर सकते हैं, लेकिन उन्हें केवल ओपन कैटेगरी में आवेदन करने की अनुमति होगी. दूसरे राज्यों के उम्मीदवारों को मध्य प्रदेश में मिलने वाला आरक्षण और आयु सीमा में छूट का लाभ भी नहीं मिलेगा. वहीं मध्य प्रदेश के स्थाई डोमिसाइल उम्मीदवारों को नियमों के अनुसार आरक्षण और आयु में छूट दी जाएगी. इसके अलावा नोटिफिकेशन में यह भी कहा गया है कि ऐसे उम्मीदवार जिनके दो से ज्यादा बच्चे हैं और उनमें से किसी का एक का जन्म 26 जनवरी 2001 या उसके बाद हुआ है वह भर्ती के लिए पात्र नहीं होंगे.&amp;nbsp;
अलग-अलग पदों के लिए योग्यता&amp;nbsp;
सूबेदार, सब इंस्पेक्टर, एसएएफ और सब इंस्पेक्टर डीईएफ पदों के लिए उम्मीदवारों के पास किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए. वहीं तकनीकी पदों के लिए योग्यता अलग रखी गई है. सब इंस्पेक्टर (आर्म्स) पद के लिए टेक्निकल यूनिवर्सिटी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा, सब इंस्पेक्टर (फोटो), क्वेश्चन डॉक्यूमेंट और फिंगरप्रिंट पदों के लिए उम्मीदवार के पास गणित, भौतिक साइंस और रसायन विज्ञान के साथ बैचलर डिग्री होनी चाहिए.&amp;nbsp;
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चार चरणों में होगा चयन&amp;nbsp;
एमपी पुलिस एसआई और सूबेदार रिक्रूटमेंट 2026 में उम्मीदवारों का चयन कई चरणों के आधार पर किया जाएगा. सबसे पहले प्रारंभिक लिखित परीक्षा होगी. इसमें सफल उम्मीदवार मुख्य लिखित परीक्षा में शामिल होंगे. इसके बाद उम्मीदवारों को फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट से गुजरना होगा. अंतिम चरण में इंटरव्यू आयोजित किया जाएगा. प्रारंभिक परीक्षा 28 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित है, जबकि मुख्य परीक्षा की तारीख अभी निश्चित नहीं की गई है.&amp;nbsp;
ऐसे करें परीक्षा के लिए आवेदन&amp;nbsp;
योग्य उम्मीदवार एमपीईएसबी के ऑफिशियल वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. आवेदन प्रक्रिया 9 सितंबर से शुरू होगी और 23 सितंबर तक चलेगी. उम्मीदवारों को आवेदन से पहले अपनी शैक्षणिक योग्यता, आयु, डोमिसाइल और संबंधित पद के लिए निर्धारित डॉक्यूमेंट जांचने की सलाह दी गई है. इसके अलावा आवेदन फाॅर्म जमा करने के बाद उम्मीदवार 28 सितंबर 2026 तक उसमें सुधार भी कर सकेंगे.
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        <pubDate>Thu, 03 Sep 2026 00:30:05 +0530</pubDate>
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        <title>राम मंदिर के CEO जितेंद्र मिश्रा कितने पढ़े&amp;लिखे, जानें उनकी एजुकेशन</title>
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        <description><![CDATA[ भारतीय वायु सेना के पूर्व अधिकारी एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को राम मंदिर का सीईओ नियुक्त किया गया. जितेंद्र मिश्रा को मंदिर का पहला पूर्णकालिक सीईओ नियुक्त किया गया है. भारतीय वायु सेना में करीब 4 दशक तक सेवा देने वाले जितेंद्र मिश्रा अपने लंबे सेन्य अनुभव और कई जरूरी पदों पर काम करने के लिए जाने जाते हैं. वह पश्चिमी वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ भी रह चुके हैं और 30 अप्रैल 2026 को भारतीय वायु सेवा से रिटायर्ड हुए थे.
राम मंदिर के सीईओ के तौर पर अब उनके सामने मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था और अलग-अलग स्तर पर काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच समन्वय स्थापित करने की जिम्मेदारी होगी. जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति 5,585 आवेदनों में से चुने गए तीन उम्मीदवारों को शार्ट लिस्ट के बाद की गई. ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं कि एयर मार्शल रिटायर्ड जितेंद्र मिश्रा कितने पढ़े लिखे हैं और उनकी एजुकेशनल क्वालिफिकेशन क्या है.&amp;nbsp;
एनडीए के पूर्व छात्र रहे हैं जितेंद्र मिश्रा
जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायु सेना के फाइटर स्ट्रीम से जुड़े अधिकारी हैं. उन्होंने नेशनल डिफेंस अकेडमी पुणे से ट्रेनिंग ली. &amp;nbsp;उनके सर्विस रिकॉर्ड में 69 एनडीए कोर्स का जिक्र है, जिसमें उन्होंने दिसंबर 1985 से कैडेट के तौर पर ट्रेनिंग ली. इसके बाद उन्होंने भारतीय वायु सेना में अलग-अलग विशेषज्ञता वाली ट्रेनिंग और कोर्स भी किए. वह एयर फोर्स टेस्ट पायलट स्कूल, बेंगलुरु से जुड़े रहे और टेस्ट पायलट के तौर पर भी अपनी सेवाएं दी. इसके अलावा वह एयर कमांड एंड स्टाफ कॉलेज यूएसए के पूर्व छात्र भी हैं. उनके प्रोफेशनल बैकग्राउंड में रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडी यूके से जुड़ी ट्रेनिंग भी शामिल है.&amp;nbsp;
1986 में वायु सेना में हुए शामिल
जितेंद्र मिश्रा को 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायुसेना की फ्लाइंग ब्रांच में पायलट के तौर पर कमीशन मिला. उनका सर्विस नंबर 18575 एफ (पी) था और वह फाइटर स्ट्रीम से जुड़े थे. वायु सेना में करीब 40 साल के करियर के दौरान उन्होंने अलग-अलग जिम्मेदारियां संभाली. उनकी पदोन्नति का सफर भी लंबा रहा. वह 6 दिसंबर 1991 को फ्लाइट लेफ्टिनेंट, 5 मई 2003 को विंग कमांडर, 2 मार्च 2009 को ग्रुप कैप्टन और 17 जून 2013 को एयर कमोडोर बने. इसके बाद 1 जुलाई 2019 को एयर वाइस मार्शल और 1 जनवरी 2023 को मार्शल के पद पर पदोन्नति हुई.&amp;nbsp;
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पश्चिमी वायु कमान के प्रमुख रहे जितेंद्र मिश्रा&amp;nbsp;
जितेंद्र मिश्रा ने 1 जनवरी 2025 को कमांडर-इन-चीफ के तौर पर जिम्मेदारी संभाली थी. इसके बाद वह भारतीय वायुसेना की वेस्टर्न एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ बने. यह वायु सेवा में उनके अंतिम वरिष्ठ पदों में से एक था. वह ऑपरेशन सिंदूर के दौरान वेस्टर्न एयर कमांड का नेतृत्व भी कर रहे थे. इसके बाद 30 अप्रैल 2026 को रिटायर होने के बाद अब उन्हें राम मंदिर ट्रस्ट के पहले पहले सीईओ के जिम्मेदारी दी गई.&amp;nbsp;
कितनी मिलेगी सैलरी?&amp;nbsp;
राम मंदिर के सीईओ पद के लिए आवेदन प्रक्रिया के दौरान ही यह बताया गया था कि चयनित अधिकारी की सैलरी और अलाउंस आपसी सहमति से तय किए जाएंगे. नियुक्ति 3 साल के कॉन्ट्रैक्ट पर होगी और अधिकारी को अयोध्या में रहना होगा. इसके अलावा राम मंदिर ट्रस्ट के अनुसार सीईओ को सरकारी वाहन, आवास, सुरक्षा व्यवस्था और दूसरी सुविधाएं राम मंदिर ट्रस्ट के फंड से दी जाएगी.
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        <pubDate>Thu, 03 Sep 2026 00:30:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>इस परिवार में 6 IAS अफसर, पिता&amp;मां से लेकर बेटियां तक बनीं अधिकारी </title>
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        <description><![CDATA[ यूपीएससी की परीक्षा में हर साल लाखों उम्मीदवार शामिल होते हैं, लेकिन कुछ ही उम्मीदवार इसमें सफलता हासिल कर पाते हैं. वहीं अगर किसी के परिवार में से एक एक भी व्यक्ति आईएएस ऑफिसर बन जाए, तो यह उस परिवार, समाज और आसपास के लोगों के लिए बहुत बड़ी बात मानी जाती है. लेकिन क्या आपने सोचा है कि अगर एक ही परिवार के कई सदस्य यूपीएससी पास कर आईएएस अधिकारी बन जाए तो क्या होगा. जी हां राजस्थान में एक ऐसा परिवार है, जिसमें परिवार के 6 सदस्य आईएएस अधिकारी बने हैं.
राजस्थान के इस परिवार में 6 सदस्य IAS अधिकारी
राजस्थान के गंगापुर जिले के बामनवास से ताल्लुक रखने वाले वाला एक परिवार इसी वजह से चर्चा में रहा है कि इस परिवार की अलग-अलग पीढ़ियों से 6 सदस्य आईएएस अधिकारी बने हैं. इस परिवार की नई पीढ़ी से अर्नब प्रताप सिंह ने यूपीएससी सिविल सेवा एग्जामिनेशन 2022 में सफलता हासिल की है. उन्होंने परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 430 प्राप्त की और आईएएस अधिकारी बने. अर्नब के परिवार में पहले से ही सिविल सर्विस का मजबूत आधार है. उनके पिता- मां और ताऊ भी आईएएस अधिकारी रह चुके हैं, जबकि दो बहने भी यूपीएससी परीक्षा पास कर आईएएस अधिकारी बनी है.&amp;nbsp;
पिता और मां दोनों IAS अधिकारी&amp;nbsp;
राजस्थान के बामनवास के इस परिवार के नए आईएएस अधिकारी बने अर्नब के पिता बाबूलाल मीणा 1991 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और उत्तर प्रदेश में सेवाएं दे रहे हैं. उनकी मां वीना मीणा भी आईएएस अधिकारी है. वह 1993 बैच की अधिकारी है और उत्तर प्रदेश कैडर में कार्यरत है. इस तरह अर्नब को परिवार में ही सिविल सर्विस का माहौल मिला. उनके ताऊ डॉ. बत्ती लाल मीणा भी आईएएस अधिकारी रह चुके हैं, फिलहाल वह अब रिटायर्ड हो चुके हैं.&amp;nbsp;
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परिवार की दो बेटियां भी बनीं IAS अधिकारी&amp;nbsp;
अर्नब के परिवार में आईएएस अधिकारियों की संख्या केवल माता-पिता और ताऊ तक सीमित नहीं रही. उनके ताऊ डॉ. बत्ती लाल मीणा की बेटी और उनके एक दूसरे चाचा की बेटी शैफाली ने भी यूपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल की. दोनों ने साल 2016 में यूपीएससी परीक्षा पास की और आईएएस अधिकारी बनीं. दोनों बहने फिलहाल गुजरात कैडर में सेवाएं दे रही है. इस तरह परिवार की अलग-अलग पीढ़ियों में सिविल सेवा से जुड़ने का सिलसिला जारी रहा है.&amp;nbsp;
एक ही परिवार में IAS&amp;nbsp;अधिकारियों की फैक्ट्री&amp;nbsp;
अर्नब प्रताप सिंह की सफलता के बाद इस परिवार में आईएएस अधिकारियों की संख्या 6 हो गई है. पिता बाबूलाल मीणा, मां वीना मीणा, ताऊ डॉ. बत्ती लाल मीणा, परिवार की दो बेटियां और अर्नब प्रताप सिंह सभी ने सिविल सेवा में अपनी पहचान बनाई.एक ही परिवार के इतने सदस्यों का आईएएस अधिकारी बनना यह एक प्रकार की असाधारण उपलब्धि है. इस तरह परिवार के इतने सदस्यों के आईएएस अधिकारी होने से इस परिवार को आईएएस की फैक्ट्री भी कहा जाता है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Wed, 02 Sep 2026 08:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>इस, परिवार, में, IAS, अफसर, पिता-मां, से, लेकर, बेटियां, तक, बनीं, अधिकारी </media:keywords>
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        <title>यूपी PET&amp;2026 अभ्यर्थियों को बड़ी राहत, आवेदन की अंतिम तारीख बढ़ी</title>
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        <description><![CDATA[ अब 7 सितंबर तक कर सकेंगे PET-2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन. UPSSSC ने आवेदन की अंतिम तिथि 1 सितंबर से बढ़ाकर 7 सितंबर की. 7 सितंबर तक शुल्क जमा और ऑनलाइन आवेदन सबमिट करने का मिलेगा मौका.
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने दी बड़ी राहत
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने प्रारंभिक पात्रता परीक्षा यानी PET-2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी है. आयोग ने आवेदन की अंतिम तारीख को बढ़ा दिया है। अब अभ्यर्थी 7 सितंबर 2026 तक PET-2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे. इससे उन उम्मीदवारों को अतिरिक्त समय मिल गया है, जो किसी वजह से अभी तक अपना आवेदन पूरा नहीं कर पाए थे.
आयोग के मुताबिक, पहले आवेदन करने की अंतिम तारीख 1 सितंबर 2026 निर्धारित की गई थी. अब इसे बढ़ाकर 7 सितंबर कर दिया गया है. यानी अभ्यर्थियों के पास आवेदन प्रक्रिया पूरी करने के लिए छह दिन का अतिरिक्त समय है. इसी तारीख तक निर्धारित शुल्क जमा करने और ऑनलाइन आवेदन सबमिट करने का मौका भी मिलेगा.
3 अगस्त से शुरू हुई थी आवेदन प्रक्रिया
PET-2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 3 अगस्त 2026 से शुरू हुई थी. आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के बाद बड़ी संख्या में अभ्यर्थी इसमें शामिल हो रहे हैं. अब अंतिम तारीख बढ़ाए जाने से ऐसे उम्मीदवारों को राहत मिलेगी, जो किसी कारण से आवेदन नहीं कर सके थे या अपना फॉर्म पूरा नहीं कर पाए थे.
अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे आवेदन की प्रक्रिया को अंतिम दिन तक न टालें. वेबसाइट पर तकनीकी समस्या या किसी अन्य परेशानी से बचने के लिए समय रहते आवेदन पूरा करना बेहतर रहेगा.
8 सितंबर तक कर सकेंगे आवेदन में संशोधन
आयोग ने आवेदन में सुधार की तारीख में कोई बदलाव नहीं किया है. अभ्यर्थी अपने ऑनलाइन आवेदन में जरूरी संशोधन 8 सितंबर 2026 तक कर सकेंगे। इसलिए फॉर्म सबमिट करने से पहले सभी जानकारियों को अच्छी तरह जांच लेना जरूरी है.
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नियम और शुल्क में कोई बदलाव नहीं
UPSSSC की ओर से स्पष्ट किया गया है कि आवेदन की अंतिम तारीख बढ़ाने के अलावा आवेदन प्रक्रिया, शुल्क और अन्य नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. अभ्यर्थियों को पहले से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही आवेदन करना होगा.
आयोग ने उम्मीदवारों से अपील की है कि वे अंतिम तारीख का इंतजार न करें और अपना आवेदन समय रहते पूरा कर लें. साथ ही आवेदन जमा करने के बाद फॉर्म की जानकारी और जरूरी दस्तावेजों को भी सुरक्षित रखना चाहिए.
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        <pubDate>Wed, 02 Sep 2026 08:30:07 +0530</pubDate>
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        <title>UP PET 2026 में आवेदन की तारीख बढ़ी, अब 7 सितंबर तक मौका</title>
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        <description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपी एसएसएससी) ने प्रारम्भिक अर्हता परीक्षा-2026 (पीईटी-2026) के अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी है. आयोग ने पीईटी-2026 के लिए पंजीकरण, शुल्क जमा करने और ऑनलाइन आवेदन पत्र सबमिट करने की अंतिम तिथि 1 सितंबर से बढ़ाकर 7 सितंबर 2026 कर दी है. इस संबंध में आयोग की ओर से सूचना जारी कर दी गई है.
आयोग ने दी यह जानकारी
आयोग द्वारा जारी पत्र के अनुसार प्रारम्भिक अर्हता परीक्षा-2026 (पीईटी-2026) का विज्ञापन 1 अगस्त 2026 को प्रकाशित किया गया था. इसके तहत ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 3 अगस्त 2026 से शुरू हुई थी. पहले पंजीकरण, शुल्क जमा करने और ऑनलाइन आवेदन पत्र सबमिट करने की अंतिम तिथि 1 सितंबर 2026 निर्धारित की गई थी. अब आयोग ने अभ्यर्थियों को अतिरिक्त अवसर देते हुए इस अंतिम तिथि को 7 सितंबर 2026 तक विस्तारित कर दिया है.
7 सितंबर तक जमा कर सकेंगे शुल्क और आवेदन
नई व्यवस्था के अनुसार पीईटी-2026 में शामिल होने के इच्छुक अभ्यर्थी अब 7 सितंबर 2026 तक पंजीकरण कर सकते हैं, निर्धारित आवेदन शुल्क जमा कर सकते हैं और ऑनलाइन आवेदन पत्र सबमिट कर सकते हैं. इससे उन अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी जो किसी कारणवश निर्धारित समय सीमा में आवेदन प्रक्रिया पूरी नहीं कर सके हैं. आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाए जाने के बाद अभ्यर्थियों को अपना आवेदन समय रहते पूरा करने का अतिरिक्त अवसर मिल गया है.
आवेदन में संशोधन की अंतिम तिथि 8 सितंबर
आयोग ने स्पष्ट किया है कि शुल्क समायोजन एवं आवेदन पत्र में संशोधन की अंतिम तिथि 8 सितंबर 2026 ही रहेगी. यानी अभ्यर्थियों को आवेदन सबमिट करने के बाद यदि निर्धारित प्रावधानों के तहत किसी प्रकार का संशोधन करना है तो उसके लिए 8 सितंबर तक का समय रहेगा. अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे आवेदन की नई समय सीमा का ध्यान रखते हुए प्रक्रिया पूरी करें और अंतिम समय का इंतजार न करें.
सिर्फ इन चीजों के लिए बढ़ी तारीख
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि केवल पंजीकरण, शुल्क जमा करने और ऑनलाइन आवेदन पत्र सबमिट करने की अंतिम तिथि में बदलाव किया गया है. पीईटी-2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया, आवेदन शुल्क, चयन का आधार, निर्धारित शर्तें एवं अन्य दिशा-निर्देश वही रहेंगे, जो आयोग द्वारा पूर्व में जारी विज्ञापन में प्रकाशित किए गए हैं. इसलिए अभ्यर्थियों को पीईटी-2026 के मूल विज्ञापन में दिए गए सभी नियमों और निर्देशों के अनुसार ही आवेदन प्रक्रिया पूरी करनी होगी.
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        <pubDate>Wed, 02 Sep 2026 08:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>हार को बनाया ताकत, 15 से ज्यादा बार फेल होने के बाद बिलाल खान ने पास किया CAPF</title>
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        <description><![CDATA[ हार को बनाया ताकत, 15 से ज्यादा बार फेल होने के बाद बिलाल खान ने पास किया CAPF ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 02 Sep 2026 08:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>रील्स से गोरखपुर यूनिवर्सिटी प्रशासन परेशान क्यों, 24 घंटे में क्यों बदला फैसला?</title>
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        <description><![CDATA[ दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर यूनिवर्सिटी में छात्रों के रील और वीडियो बनाने को लेकर जारी किए गए आदेश ने महज 24 घंटे में ही नया मोड़ ले लिया है. रविवार को यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से ऐसा आदेश जारी किया गया था, जिसमें परिसर में बिना अनुमति रील, वीडियो या दूसरा डिजिटल कंटेंट बनाने और उसे सोशल मीडिया पर अपलोड करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की बात कही गई थी.
इसके अगले ही दिन सोमवार को यूनिवर्सिटी ने नया आदेश जारी कर इसे स्पष्ट किया और कहा कि विद्यार्थियों की क्रिएटिविटी को रोकना उनका उद्देश्य नहीं है. नए आदेश के बाद अब यूनिवर्सिटी परिसर में रील और वीडियो बनाने पर पूरी तरह रोक नहीं रहेगी, लेकिन डिजिटल कंटेंट बनाते समय भाषा, सब्जेक्ट और शालीनता और मर्यादा का ध्यान रखना होगा.&amp;nbsp;
पहले आदेश में क्या कहा गया था?
रविवार को यूनिवर्सिटी के नियंता की ओर से जारी आदेश में छात्रों को परिसर में रील या वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड करने से रोक दिया गया था. अगर किसी छात्र को वीडियो बनाना है, तो उसे पहले यूनिवर्सिटी प्रशासन से अनुमति लेने की बात कही गई थी. नियमों का उल्लंघन करने पर मामले की गंभीरता के अनुसार कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई थी. इस आदेश के बाद यूनिवर्सिटी के अंदर इसे लेकर रिएक्शन सामने आने लगे. बताया गया कि कुछ शिक्षकों ने भी आदेश को लेकर नाराजगी जाहिर की. मामला सामने आने के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अगले ही दिन नया आदेश जारी करते हुए अपना रुख स्पष्ट किया.&amp;nbsp;
24 घंटे बाद यूनिवर्सिटी ने बदला फैसला&amp;nbsp;
सोमवार को जारी नए आदेश में यूनिवर्सिटी ने कहा कि विद्यार्थियों को रील और वीडियो के जरिए अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलना चाहिए. सरकार की ओर से ऑरेंज इकोनॉमी और क्रिएटिविटी इंडस्ट्री को बढ़ावा दिए जाने का जिक्र करते हुए प्रशासन ने कहा कि छात्रों की क्रिएटिविटी को सामने आने के लिए पॉजिटिव माहौल मिलना जरूरी है. यूनिवर्सिटी के अनुसार उसका उद्देश्य स्टूडेंट्स को रील बनाने से रोकना नहीं था. हालांकि क्रिएटिविटी के साथ सामाजिक जिम्मेदारी का ध्यान रखना भी जरूरी है. किसी भी डिजिटल कंटेंट में नफरत फैलाने वाली बात, आपत्तिजनक भाषा या किसी व्यक्ति, संस्थान अथवा समुदाय को &amp;nbsp;निशाना बनाने वाला कंटेंट नहीं होना चाहिए.&amp;nbsp;
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आखिर रील से परेशान क्यों गोरखपुर यूनिवर्सिटी?
यूनिवर्सिटी के अनुसार परिसर में बड़ी संख्या में छात्र, टीचर, कर्मचारी और दूसरे लोग मौजूद रहते हैं. ऐसे में बिना अनुमति वीडियो रिकॉर्ड करने से कक्षा में परेशानी होती है. किसी व्यक्ति की बिना सहमति के रिकॉर्डिंग या परिसर की एक्टिविटी से जुड़ी दूसरी समस्या सामने आ सकती है. इस तरह सोशल मीडिया पर डाला गया कोई वीडियो तेजी से यूनिवर्सिटी परिसर से बाहर भी पहुंच सकता है. यही वजह है कि यूनिवर्सिटी डिजिटल कंटेंट से जुड़ी गतिविधियों को अनुशासनात्मक और जिम्मेदारी के दायरे में रखने का जोर दिया. छात्रों की क्रिएटिविटी पर रोक लगाने की बजाय अब इस बात पर ध्यान दिया जा रहा है कि रील या वीडियो किस तरह और किस उद्देश्य से बनाया जा रहा है.&amp;nbsp;
नियमावली में भी डिजिटल कंटेंट शामिल&amp;nbsp;
गोरखपुर यूनिवर्सिटी ने स्टूडेंट्स के लिए लागू अनुशासन नियमावली में भी संशोधन किया है. नियमों में बदलाव के लिए तीन सदस्य कमेटी गठित की गई. कमेटी की ओर से दिए गए सुझाव के आधार पर नियमावली में संशोधन किया गया. संशोधित नियमों में परिषद में फोटो खींचना, वीडियो या रील बनाने और उन्हें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करने जैसी गतिविधियों को भी शामिल किया गया. संशोधित नियमावली तत्काल प्रभाव से लागू की गई. यूनिवर्सिटी के अतिरिक्त नियंता डॉ. वेद प्रकाश राय के अनुसार संशोधित नियमावली की जानकारी हॉस्टल के वार्डन और टीचर्स को दे दी गई है. उनके माध्यम से स्टूडेंट्स को नए नियमों और नियमों के उल्लंघन की स्थिति में होने वाली कार्रवाई की जानकारी दी जाएगी.
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        <pubDate>Wed, 02 Sep 2026 08:30:02 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>रील्स, से, गोरखपुर, यूनिवर्सिटी, प्रशासन, परेशान, क्यों, घंटे, में, क्यों, बदला, फैसला</media:keywords>
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        <title>10वीं&amp;ITI पास युवाओं के लिए रेलवे में मौका, 4471 पदों पर भर्ती शुरू</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/10वीं-iti-पास-युवाओं-के-लिए-रेलवे-में-मौका-4471-पदों-पर-भर्ती-शुरू</link>
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        <description><![CDATA[ रेलवे में अप्रेंटिसशिप करने का इंतजार कर रहे 10वीं और आईटीआई पास युवाओं के लिए अच्छी खबर है. रेलवे भर्ती सेल, दक्षिण रेलवे ने अलग-अलग ट्रेड में अप्रेंटिस के 4,471 पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है. इस भर्ती में प्रेशर और एक्स आईटीआई दोनों कैटेगरी के उम्मीदवार शामिल है. ऑनलाइन आवेदन 28 अगस्त से शुरू हो चुके हैं और उम्मीदवार 27 सितंबर शाम 5 बजे तक आवेदन कर सकते हैं.&amp;nbsp;
साउथ रेलवे में हो रही भर्ती&amp;nbsp;
आरआरसी साउदर्न रेलवे की ओर से जारी भर्ती के अनुसार 4,471 खाली पदों को भरा जाएगा. इनमें 177 पद प्रेशर कैटेगरी के लिए और 4,308 पद एक्स आईटीआई कैटेगरी के लिए रखे गए हैं. प्रेशर कैटेगरी में फिटर, पेंटर और बिल्डर जैसे ट्रेड के लिए 10वीं पास उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं. वहीं मेडिकल लैब टेक्नीशियन से जुड़े पदों के लिए 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी विषय के साथ पढ़ाई जरूरी है. एक्स आईटीआई कैटेगरी में फिटर, मशीनिस्ट, मोटर मैकेनिक व्हीकल, टर्नर, डीजल, मैकेनिक, कारपेंटर, पेंटर, वेल्डर, वायरमैन, प्लंबर, ड्राफ्टमैन, मैकेनिक आरएंडएसी, इलेक्ट्रिशियन, इलेक्ट्रॉनिक्स मैकेनिक, सीओपीए-पीएएसएसए सहित कई ट्रेड शामिल है.&amp;nbsp;
भर्ती के लिए क्या होनी चाहिए शैक्षणिक योग्यता?
फ्रेशर कैटेगरी के उम्मीदवारों को संबंधित योग्यता के अनुसार 10वीं या 12वीं पास होना जरूरी है. 10वीं आधारित ट्रेड के लिए उम्मीदवारों ने 10+2 सिस्टम के तहत कम से कम 50 प्रतिशत अंकों के साथ 10वीं पास की होनी चाहिए. वहीं एक्स आईटीआई उम्मीदवारों के लिए 10वीं में कम से कम 50 प्रतिशत अंकों के साथ संबंधित ट्रेड में मान्यता प्राप्त आईटीआई से ट्रेनिंग और एनसीवीटी-एससीवीटी प्रमाण पत्र जरूरी है. इलेक्ट्रीशियन ट्रेड के लिए 10वीं में साइंस होना जरूरी है. इलेक्ट्रीशियन मैकेनिक के लिए साइंस के साथ फिजिक्स केमिस्ट्री और मैथ्स की शर्ते दी गई है. वहीं सीओपीए-पीएएसएसए के लिए संबंधित ट्रेड का नेशनल ट्रेड सर्टिफिकेट जरूरी है. एससी-एसटी और पीडब्ल्यूबीडी उम्मीदवारों के लिए 10वीं में 50 प्रतिशत अंक की शर्त लागू नहीं होगी.&amp;nbsp;
भर्ती के लिए आयु सीमा
रेलवे अप्रेंटिस भर्ती के लिए उम्मीदवार की उम्र 28 अगस्त 2026 के आधार पर देखी जाएगी. न्यूनतम आयु 15 वर्ष रखी गई है. फ्रेशर उम्मीदवारों के लिए अधिकतम उम्र 22 वर्ष है, जबकि कुछ एक्स आईटीआई और एमएलटी कैटेगरी के उम्मीदवारों के लिए अधिकतम आयु 24 वर्ष तक है. आरक्षित वर्गों के उम्मीदवारों को नियमों के अनुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट भी दी जाएगी.&amp;nbsp;
परीक्षा नहीं, मेरिट से होगा चयन&amp;nbsp;
इस भर्ती की खास बात यह है कि उम्मीदवारों के चयन के लिए लिखित परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी. उम्मीदवारों का चयन मेरिट के आधार पर किया जाएगा. फ्रेशर उम्मीदवारों की मेरिट 10वीं में प्राप्त अंकों के आधार पर तैयार की जाएगी. वहीं एक्स आईटीआई उम्मीदवारों के लिए 10वीं और आईटीआई में मिले अंकों को सामान वेटेज देकर मेरिट तैयार की जाएगी. इसके बाद शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों के डॉक्यूमेंट का वेरिफिकेशन किया जाएगा. रेलवे ने स्पष्ट किया है कि अप्रेंटिस के तौर पर चयन होने का मतलब रेलवे में स्थायी नौकरी मिलना नहीं है. यह भर्ती अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग के लिए की जा रही है &amp;zwnj;
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कितना मिलेगा स्टाइपेंड?
इस भर्ती में सिलेक्टेेड उम्मीदवारों को ट्रेनिंग के दौरान हर महीने स्टाइपेंड मिलेगा. दसवीं पास फ्रेशर उम्मीदवारों को 8,200 रुपये प्रतिमाह, जबकि 12वीं पास फ्रेशर और एक्स आईटीआई उम्मीदवारों को 9,600 रुपये हर महीने स्टाइपेंड मिलेगा. प्रशिक्षण के अलावा अगले साल स्टाइपेंड बढ़ाने का प्रावधान भी दिया गया है.&amp;nbsp;
आवेदन फीस
आवेदन के लिए जनरल, ईडब्ल्यूएस और ओबीसी वर्ग के उम्मीदवारों को 100 रुपये फीस देनी होगी. वहीं एससी, एसटी, पीडब्ल्यूबीडी और सभी महिला उम्मीदवारों को आवेदन फीस से छूट दी गई है. इसके अलावा दक्षिण रेलवे अप्रेंटिस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया की अंतिम तारीख 27 सितंबर 2026 शाम 5 बजे तक निर्धारित की गई है.
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        <pubDate>Tue, 01 Sep 2026 20:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>10वीं-ITI, पास, युवाओं, के, लिए, रेलवे, में, मौका, 4471, पदों, पर, भर्ती, शुरू</media:keywords>
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        <title>भारत का सबसे महंगा स्कूल कौन&amp;सा, वहां कितनी है LKG की फीस</title>
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        <description><![CDATA[ भारत में कई ऐसे स्कूल है जिनकी फीस लाखों में है जहां बच्चों को पढ़ाने के लिए उनके माता-पिता को हर साल लाखों रुपये खर्च करने पड़ते हैं. खासकर मुंबई जैसे बड़े शहरों में कई इंटरनेशनल स्कूल अपनी पढ़ाई, सुविधाओं और अलग तरह के करिकुलम के लिए जाने जाते हैं. इनमें American School of Bombay&amp;nbsp; का नाम भी आता है. यह मुंबई में स्थित एक इंटरनेशनल स्कूल है, जहां Pre-K से लेकर Grade 12 तक पढ़ाई होती है. स्कूल खुद को एक स्वतंत्र American education day school बताता है. यहां दुनिया के अलग-अलग देशों से आने वाले बच्चे भी पढ़ते हैं. आइए जानते हैं यहां LKG की फीस कितनी है और बड़ी कक्षाओं में पढ़ाई का खर्च कितना बढ़ जाता है?
मुंबई में है American School of Bombay
American School of Bombay मुंबई में बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स के इलाके में स्थित है. इस स्कूल की शुरुआत 1981 में हुई थी और आज यहां अलग-अलग देशों के बच्चे पढ़ते हैं. स्कूल में पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों के लिए कई तरह की अलग-अलग गतिविधियां भी होती हैं. यहां का करिकुलम इंटरनेशनल स्तर का है और आगे की कक्षाओं में American High School Diploma के साथ International Baccalaureate Diploma भी कर सकते हैं.
LKG की फीस कितनी है?
यहां एक बात समझना जरूरी है कि ASB में भारतीय स्कूलों की तरह LKG नाम की क्लास नहीं होती. शुरुआती कक्षाओं को Pre-K और Kindergarten के नाम से जाना जाता है. उपलब्ध 2026-27 फीस जानकारी के मुताबिक Kindergarten से Grade 5 तक की सालाना ट्यूशन फीस करीब 34,450 अमेरिकी डॉलर है. भारतीय रुपये में यह रकम डॉलर की मौजूदा कीमत के हिसाब से करीब 30 लाख रुपये से ज्यादा बैठ सकती है.
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सिर्फ ट्यूशन फीस ही नहीं है पूरा खर्च
स्कूल में एडमिशन लेने पर सिर्फ सालाना ट्यूशन फीस ही नहीं देनी होती. उपलब्ध फीस जानकारी के अनुसार आवेदन के समय 250 डॉलर की एप्लीकेशन फीस और एडमिशन के समय 2,500 डॉलर की रजिस्ट्रेशन फीस भी है. Kindergarten से Grade 12 के लिए 30,000 डॉलर की एनरोलमेंट फीस भी बताई गई है. इसलिए पहली बार एडमिशन लेने वाले परिवार का कुल खर्च सिर्फ सालाना फीस से काफी ज्यादा होता है.
बड़ी क्लास में कितनी फीस है?
बच्चा जैसे-जैसे बड़ी क्लास में जाता है, फीस भी बढ़ जाती है. 2026-27 की उपलब्ध जानकारी के मुताबिक Grades 6 से 10 के लिए सालाना ट्यूशन करीब 36,210 डॉलर है. वहीं Grades 11 और 12 के लिए यह करीब 37,180 डॉलर साल भर की बताई&amp;nbsp; है. यानी 2.73 लाख प्रतिमाहिना के बराबर .इसके अलावा कुछ दूसरी सेवाओं और सुविधाओं का खर्च अलग हो सकता है. इसलिए स्कूल में बच्चे की पूरी पढ़ाई का खर्च सिर्फ ट्यूशन फीस देखकर तय नहीं किया जा सकता.
स्कूल में कैसी पढ़ाई होती है?
American School of Bombay में पढ़ाई का तरीका सामान्य भारतीय स्कूलों से काफी अलग है. स्कूल में बच्चों को सिर्फ किताबों तक सीमित रखने के बजाय अलग-अलग गतिविधियों और सीखने के तरीकों पर भी ध्यान दिया जाता है. स्कूल के मुताबिक यहां 50 से ज्यादा देशों के बच्चे पढ़ते हैं. हाई स्कूल में छात्रों को American High School Diploma और International Baccalaureate Diploma की पढ़ाई करने का मौका मिलता है.
क्या इसे भारत का सबसे महंगा स्कूल कह सकते हैं?
American School of Bombay को भारत के सबसे महंगे इंटरनेशनल स्कूलों में से एक है यह कह सकते हैं. हालांकि किसी एक स्कूल को पूरे भारत का &amp;ldquo;सबसे महंगा स्कूल&amp;rdquo; कहना सही नहीं होगा, क्योंकि अलग-अलग स्कूलों की फीस और एडमिशन चार्ज अलग होते हैं और सभी स्कूल अपनी पूरी फीस एक ही तरीके से नहीं बताते हैं.
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        <pubDate>Tue, 01 Sep 2026 20:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>GDS के 23757 पदों पर आवेदन शुरू, 10वीं पास ऐसे करें अप्लाई </title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/gds-के-23757-पदों-पर-आवेदन-शुरू-10वीं-पास-ऐसे-करें-अप्लाई</link>
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        <description><![CDATA[ इंडिया पोस्ट ने ग्रामीण डाक सेवक भर्ती 2026 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. इस भर्ती के तहत ब्रांच पोस्टमास्टर, असिस्टेंट ब्रांच पोस्ट मास्टर और डाक सेवक के कुल 23,757 पदों पर नियुक्ति की जा रही है. भर्ती के लिए वन टाइम रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 31 अगस्त से शुरू हो गई है, जबकि ऑनलाइन आवेदन कल यानी 2 सितंबर से भरे जाएंगे. ऐसे में योग्य उम्मीदवार इंडिया पोस्ट की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं.&amp;nbsp;
10वीं पास के लिए मौका&amp;nbsp;
इंडिया पोस्ट जीडीएस भर्ती के लिए उम्मीदवार का किस मान्यता प्राप्त बोर्ड से दसवीं कक्षा पास होना जरूरी है. दसवीं में गणित और अंग्रेजी विषय पढ़ना और पास करना अनिवार्य है. इसके अलावा उम्मीदवार ने संबंधित राज्य या पोस्ट के लिए निर्धारित स्थानीय भाषा को भी दसवीं तक पढ़ा होना चाहिए. कुछ राज्यों में स्थानीय भाषा को लेकर अलग प्रावधान है. अरुणाचल प्रदेश, गोवा, सिक्किम और नागालैंड जैसे राज्यों में संबंधित स्थानीय जनजातीय भाषा की जानकारी का प्रमाण भी मांगा जा सकता है.&amp;nbsp;
18 से 40 वर्ष तक आयु सीमा&amp;nbsp;
जीडीएस भर्ती के लिए उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम 40 वर्ष निर्धारित की गई है. आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को नियमानुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट भी मिलेगी. एससी और एसटी वर्ग को 5 वर्ष, ओबीसी को 3 वर्ष और पीडब्ल्यूबीडी उम्मीदवारों को 10 वर्ष तक की छूट दी जाएगी.&amp;nbsp;
मेरिट के माध्यम से होगा चयन&amp;nbsp;
इंडिया पोस्ट जीडीएस भर्ती की खास बात यह है कि इसमें उम्मीदवारों के चयन के लिए लिखित परीक्षा या इंटरव्यू नहीं लिया जाएगा. उम्मीदवारों की मेरिट 10वीं कक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर तैयार की जाएगी. मेरिट में चयनित उम्मीदवारों को आगे डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए बुलाया जाएगा. डॉक्यूमेंट सही पाए जाने के बाद भर्ती की आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. चयन के बाद उम्मीदवारों को निर्धारित एंगेजमेंट प्रक्रिया और बेसिक ट्रेनिंग से भी गुजरना होगा.&amp;nbsp;
कितनी मिलेगी सैलरी?&amp;nbsp;
ग्रामीण डाक सेवक पदों पर चयनित उम्मीदवारों को टाइम रिलेटेड कंटिन्यूटी अलाउंस के तहत पेमेंट किया जाएगा. ब्रांच पोस्टमास्टर के लिए टीआरसीए 12,000 रुपये से 29,380 रुपये तक है. वहीं असिस्टेंट ब्रांच पोस्टमास्टर और डाक सेवक के लिए यह राशि 10,000 रुपये से 24,470 रुपये तक निर्धारित है. जीडीएस पदों पर सामान्य तौर पर काम के घंटे जिम्मेदारी के अनुसार करीब 4 से 5 घंटे रोजाना होते हैं.&amp;nbsp;
किस कैटेगरी के लिए कितनी है आवेदन फीस?
जनरल, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए पुरुष उम्मीदवारों के लिए आवेदन के लिए 100 फीस देनी होगी. वहीं एससी, एसटी, पीडब्ल्यूबीडी, महिला और ट्रांसजेंडर उम्मीदवारों को आवेदन फीस से छूट दी गई है. फीस का पेमेंट ऑनलाइन माध्यम से किया जाएगा.
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जीडीएस भर्ती के आवेदन से जुड़ी जरूरी तारीख&amp;nbsp;
इंडिया पोस्ट जीडीएस भर्ती के लिए ओटीआर की प्रक्रिया 31 अगस्त से 19 सितंबर 2026 तक चलेगी. ऑनलाइन आवेदन 2 सितंबर से 21 सितंबर 2026 तक किए जा सकेंगे. आवेदन में सुधार के लिए 23 और 24 सितंबर 2026 को करेक्शन विंडो उपलब्ध रहेगी.&amp;nbsp;
ऐसे करें जीडीएस भर्ती के लिए आवेदन&amp;nbsp;
आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को सबसे पहले इंडिया पोस्ट के जीडीएस भर्ती पोर्टल पर वन टाइम रजिस्ट्रेशन पूरा करना होगा. इसके लिए मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी की जरूरत होगी. रजिस्ट्रेशन के बाद प्राप्त रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड की मदद से लॉगिन करना होगा. इसके बाद उम्मीदवार को अपनी व्यक्तिगत जानकारी, 10वीं कक्षा की शैक्षणिक जानकारी और पसंदीदा पोस्ट पोस्टल डिविजन भरना होगा. निर्धारित प्रारूप में फोटो, सिग्नेचर अपलोड करने होंगे. फोटो जेपीजी-जेपीईजी फॉर्मेट में 30 से 100 केबी और सिग्नेचर 20 से 100 केबी के बीच होना चाहिए. फॉर्म जमा करने से पहले सभी जानकारी को अच्छी तरह जांच लें. जिन उम्मीदवारों पर आवेदन फीस लागू है, उन्हें फीस का पेमेंट करने के बाद ही आवेदन सबमिट करना होगा.
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        <pubDate>Tue, 01 Sep 2026 20:30:06 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>GDS, के, 23757, पदों, पर, आवेदन, शुरू, 10वीं, पास, ऐसे, करें, अप्लाई </media:keywords>
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        <title>UP में 12वीं पास महिलाओं के लिए आंगनवाड़ी में भर्ती, हजारों पदों पर आवेदन का मौका</title>
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        <description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश में बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से अलग-अलग जिलों में आंगनबाड़ी सहायिका के खाली पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है. इस भर्ती के लिए केवल महिला उम्मीदवार आवेदन कर सकती है. यूपी में यह भर्ती आंगनबाड़ी सहायिकाओं के पद पर जिला स्तर पर की जा रही है. इसलिए अलग-अलग जिलों के लिए हजारों पदों पर आवेदन की शुरुआत और अंतिम तारीख भी अलग है. वहीं इस भर्ती की खास बात यह है कि इसके लिए आवेदन करने वाली महिलाओं से किसी तरह की फीस नहीं ली जाएगी.&amp;nbsp;
12वीं पास महिलाएं कर सकती है पर आवेदन&amp;nbsp;
आंगनवाड़ी सहायिका पद के लिए उम्मीदवार किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं पास होना जरूरी है. इससे ज्यादा शैक्षणिक योग्यता रखने वाली महिलाएं भी आवेदन कर सकती है. उम्मीदवार के लिए सबसे जरूरी शर्त यह है कि वह जिस गांव, वार्ड, न्याय पंचायत का आवेदन कर रही है, वहीं की निवासी होनी चाहिए. इस भर्ती में केवल महिला उम्मीदवारों काे आवेदन करने का मौका दिया गया है. आवेदन करने वाली महिलाओं की उम्र कम से कम 18 और अधिकतम 35 वर्ष होनी चाहिए. आयु की गणना संबंधित भर्ती के निर्धारित नियमों के अनुसार की जाएगी. आरक्षित वर्ग की महिला उम्मीदवारों को नियमानुसार आयु सीमा में छूट भी दी जाएगी.&amp;nbsp;
कौन से जिले में कितने पदों पर भर्ती?
ललितपुर- 44 पद- अंतिम तारीख 3 सितंबर 2026&amp;nbsp;
चित्रकूट- 69 पद- अंतिम तारीख 5 सितंबर 2026&amp;nbsp;
कानपुर नगर- 307 पद- अंतिम तारीख 5 सितंबर 2026&amp;nbsp;
कुशीनगर- 214 पद- अंतिम तारीख 11 सितंबर 2026&amp;nbsp;
महाराजगंज- 141 पद- अंतिम तारीख 1 सितंबर 2026&amp;nbsp;
मथुरा- 544 पद- अंतिम तारीख 13 सितंबर 2026&amp;nbsp;
इन जिलों के अलावा उत्तर प्रदेश के दूसरे जिलों में भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिका के खाली पदों पर जिला स्तर पर भर्ती प्रक्रिया कराई जा रही है. हर जिले के लिए आवेदन की समय सीमा भी अलग-अलग निर्धारित की गई है.&amp;nbsp;
बिना फीस के भरना होगा फॉर्म&amp;nbsp;
इस भर्ती में आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को कोई फीस नहीं देनी होगी. जनरल, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस, एससी और एसटी सभी वर्गों के लिए आवेदन फीस जीरो रखी गई है. महिला उम्मीदवार घर बैठे मोबाइल या लैपटॉप के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकती है. फॉर्म भरने के साथ उम्मीदवारों को अपनी 10वीं और 12वीं की मार्कशीट, फोटो, सिग्नेचर, आधार कार्ड और निवास प्रमाण पत्र जैसे जरूरी डॉक्यूमेंट भी अपलोड करने होंगे.&amp;nbsp;
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मेरिट से होगा चयन&amp;nbsp;
आंगनवाड़ी सहायिका भर्ती में उम्मीदवारों के चयन के लिए किसी लिखित परीक्षा का आयोजन नहीं किया जाएगा. इस भर्ती के लिए चयन मेरिट के आधार पर किया जाना है. शैक्षणिक योग्यता के आधार पर मेरिट लिस्ट तैयार होने के बाद चयनित उम्मीदवारों को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए बुलाया जाएगा. इसलिए आवेदन करते समय उम्मीदवारों को अपनी एजुकेशनल शैक्षणिक जानकारी ध्यान से भरने की सलाह भी दी गई है.&amp;nbsp;
ऐसे भरे आंगनबाड़ी भर्ती का फॉर्म&amp;nbsp;

ऑनलाइन आवेदन करने के लिए सबसे पहले उत्तर प्रदेश आंगनबाड़ी के ऑफिशियल वेबसाइट upanganwadibharti.in पर जाना होगा.&amp;nbsp;
इसके बाद नए उम्मीदवार के लिए दिए गए रजिस्ट्रेशन लिंक पर रजिस्ट्रेशन करना होगा.&amp;nbsp;
अब रजिस्ट्रेशन के दौरान नाम, पिता का नाम, मोबाइल नंबर, आधार नंबर, ईमेल आईडी और दूसरी जानकारी दर्ज करें.&amp;nbsp;
रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद मोबाइल नंबर और पासवर्ड की मदद से लॉगिन कर आवेदन फॉर्म भरे.&amp;nbsp;
फाॅर्म में नाम, जन्म तिथि, एड्रेस, कैटेगरी, ग्राम सभा या वार्ड से जुड़ी जानकारी भरकर डॉक्यूमेंट अपलोड करें.&amp;nbsp;
सारी जानकारी भरने और आवेदन जांचने के बाद इसे सबमिट कर दें.
लास्ट में आवेदन फाॅर्म का एक प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें.

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        <pubDate>Tue, 01 Sep 2026 20:30:04 +0530</pubDate>
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        <title>बगैर प्रमोशन तहसीलदार से कैसे बनें डीएम? ये तरीका आएगा काम</title>
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        <description><![CDATA[ सरकारी नौकरी में तहसीलदार बनने के बाद IAS बनने का सपना पूरा करने के लिए सिर्फ प्रमोशन का इंतजार करना ही जरूरी नहीं है. IAS में पहुंचने का एक रास्ता UPSC Civil Services Examination भी है. इस परीक्षा के जरिए हर साल अलग-अलग सेवाओं के लिए उम्मीदवारों का चयन किया जाता है. अगर कोई तहसीलदार UPSC की परीक्षा देता है और उसकी रैंक व पसंद के अनुसार उसे IAS सेवा मिलती है , और वह IAS में सीधे भर्ती होने वाले अधिकारियों में शामिल होता है.इसके बाद अनुभव के आधार पर उसे आगे चलकर DM की जिम्मेदारी भी मिल सकती है. आइए आसान भाषा में समझते है की तहसीलदार रहते हुए भी UPSC के जरिए IAS कैसे बन सकते हैं.
तहसीलदार को UPSC क्यों देना होगा?
अगर कोई तहसीलदार प्रमोशन के जरिए IAS नहीं बनना चाहता और UPSC के रास्ते से IAS में जाना चाहता है, तो उसे UPSC की सिविल सेवा परीक्षा देनी होगी. तहसीलदार की नौकरी होने से उसे सीधे IAS का पद नहीं मिलता. उसे परीक्षा में आवेदन करना होगा और बाकी उम्मीदवारों की तरह परीक्षा के सारे चरण पूरे करने होते हैं.
UPSC में कौन-कौन से चरण होते हैं?
UPSC Civil Services Examination कई चरणों में होती है. &amp;nbsp;सबसे पहले उम्मीदवार को UPSC देने के लिए आवेदन करना होगा. उसके बाद प्रारंभिक परीक्षा यानी Prelims की परीक्षा होती है. इसमें सफल होने वाले उम्मीदवार मुख्य परीक्षा यानी Mains देते हैं. इसके बाद इंटरव्यू होता है. इन सभी चरणों में अच्छा प्रदर्शन करने के बाद अंतिम परीक्षा के परिणाम तैयार होता है.
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UPSC पास करने के बाद क्या होगा?
UPSC में पास होने के बाद उम्मीदवार को उसकी रैंक और पसंद के हिसाब से सेवा मिलती है. अगर उसे IAS सेवा मिलती है तो वह IAS अधिकारी बन सकता है. इसके बाद उसे IAS की ट्रेनिंग और नौकरी से जुड़ी दूसरी प्रक्रियाओं से गुजरना होता है. यानी UPSC पास करते ही सीधे DM की पोस्ट नहीं मिलती है.
IAS बनने के बाद DM कैसे बनते हैं?
IAS बनने के बाद अधिकारी को अलग-अलग पदों पर काम करने का मौका मिलता है. अधिकारी के अनुभव और सरकार के फैसले के आधार पर उसे अलग-अलग जिम्मेदारियां दी जाती हैं. इनमें से एक DM यानी District Magistrate का पद भी है. इसलिए तहसीलदार से UPSC के जरिए IAS बनने के बाद DM बनने का रास्ता भी खुल सकता है, लेकिन DM की पोस्टिंग अपने आप नहीं मिलती.
क्या प्रमोशन के बिना IAS बन सकते हैं?
&amp;nbsp;UPSC Civil Services Examination के जरिए IAS में जाने का रास्ता अलग है. वहीं राज्य सेवा के अधिकारियों के लिए IAS में जाने का प्रमोशन वाला रास्ता अलग होता है. इसलिए अगर कोई तहसीलदार UPSC के जरिए IAS बनना चाहता है तो उसे परीक्षा की पूरी प्रक्रिया से गुजरना होगा. सिर्फ तहसीलदार की नौकरी करने से सीधे IAS और DM का पद नहीं मिलता.
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        <pubDate>Tue, 01 Sep 2026 20:30:04 +0530</pubDate>
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        <title>महाराष्ट्र नीट यूजी काउंसलिंग: राउंड 1 में 10,509 छात्रों को मिला MBBS में एडमिशन</title>
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        <description><![CDATA[ महाराष्ट्र में नीट यूजी काउंसलिंग के पहले राउंड का सीट अलॉटमेंट जारी कर दिया गया है. स्टेट कोटा के तहत एमबीबीएस और बीडीएस प्रोग्राम में कुल 10,509 छात्रों को सीट आवंटित हुई. महाराष्ट्र स्टेट कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (सीईटी) की ओर से शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए सेंट्रलाइज्ड एडमिशन प्रोसेस राउंड 1 की लिस्ट जारी की गई है. इस राउंड में एमबीबीएस की 8,065 और बीडीएस की 2,444 सीटों पर छात्रों को एडमिशन का मौका मिला है. कुल मिलाकर एमबीबीएस और बीडीएस की 10,646 सीटें उपलब्ध थी, जिनमें से 10,509 सीटें पहले राउंड में आवंटित की गई है. इनमें &amp;nbsp;एमबीबीएस की 8,129 सीटों में से 8,065 सीटें भर गई है, जबकि 64 सीटें अभी खाली है. ये सीटें दिव्यांग और अनाथ कैटेगरी के लिए आरक्षित है. इसी तरह बीडीएस की 2,517 सीटों में से 2,444 सीटों पर सीट आवंटन हुआ है और 73 सीटें इन कैटेगरी में खाली रह गई है.&amp;nbsp;
31 अगस्त से 4 सितंबर तक करना होगा रिपोर्ट&amp;nbsp;
राउंड 1 में जिन उम्मीदवारों को कॉलेज आवंटित किया गया है, उन्हें एडमिशन कंफर्म करने के लिए संबंधित कॉलेज में व्यक्तिगत रूप से रिपोर्ट करना होगा. कॉलेज में रिपोर्टिंग की प्रक्रिया 31 अगस्त से 4 सितंबर शाम 5:30 बजे तक पूरी करनी होगी. उम्मीदवारों को रिपोर्टिंग के समय अपने जरूरी डॉक्यूमेंट साथ लेकर जाने होंगे. इसके अलावा फीस के लिए डिमांड ड्राफ्ट भी जमा करना होगा. सीईटी सेल के अनुसार बैंक की छुट्टी वाले दिन फीस के पेमेंट के लिए चेक स्वीकार किया जा सकता है. हालांकि अगले कार्य दिवस पर चेक को डिमांड ड्राफ्ट से बदलना जरूरी होगा. ऐसा नहीं करने पर उम्मीदवार का एडमिशन कैंसिल किया जा सकता है.&amp;nbsp;
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MBBS में इन कैटेगरी का रहा सबसे ज्यादा कट ऑफ&amp;nbsp;
महाराष्ट्र नीट यूजी काउंसलिंग राउंड 1 में सरकारी एमबीबीएस कॉलेज में ओपन कैटेगरी का कट ऑफ सबसे ज्यादा रहा. ओपन कैटेगरी में कट ऑफ 538 अंक रहा है. इसके बाद नोमेडिक ट्राइब डी कट ऑफ 535, स्पेशल बैकवर्ड क्लास का 534 और अन्य पिछड़ा वर्ग का 533 अंक रहा. सरकारी बीडीएस कॉलेज की बात करें तो यहां भी ओपन कैटेगरी का कट ऑफ सबसे ज्यादा 493 अंक रहा. वहीं स्पेशल बैकवर्ड क्लास के लिए कट ऑफ 484 अंक रहा.&amp;nbsp;
ऐसे चेक करें सीट अलॉटमेंट रिजल्ट&amp;nbsp;
जिन उम्मीदवारों ने महाराष्ट्र नीट यूजी काउंसलिंग 2026 के लिए आवेदन किया था, वह अपना सीट अलॉटमेंट रिजल्ट ऑफिशियल वेबसाइट पर देख सकते हैं. इसके लिए उम्मीदवार को महाराष्ट्र सीईटी सेल की वेबसाइट पर जाना होगा. इसके बाद यूजी मेडिकल सेक्शन में जाकर एमबीबीएस बीडीएस कोर्स के लिए सीट अलॉटमेंट का लिंक खोलना होगा. यहां से उम्मीदवार सीट अलॉटमेंट की लिस्ट डाउनलोड कर सकते हैं. सीट अलॉटमेंट रिजल्ट देखने के बाद उम्मीदवारों को अपना नाम, एप्लीकेशन नंबर, नीट यूजी रैंक, कैटेगरी और आवंटित कॉलेज में दूसरी जानकारी ध्यान से जांचनी होगी.
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        <pubDate>Tue, 01 Sep 2026 04:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>नीट पीजी में कैसे मिलेंगे नंबर? जानें 180 सवालों की मार्किंग स्कीम</title>
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        <description><![CDATA[ नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने 30 अगस्त 2026 को नीट पीजी परीक्षा आयोजित की थी. परीक्षा खत्म होने के बाद अब उम्मीदवारों को आंसर की का इंतजार है. NBEMS जल्द ही अपनी ऑफिशियल वेबसाइट पर आंसर की जारी कर सकता है. ऑफिशियल आंसर की जारी होने के बाद उम्मीदवार अपने परीक्षा में दिए गए जवाबों का मिलान NBEMS की ओर से एक्सेप्ट किए गए उत्तरों से कर सकेंगे. इसी के आधार पर वह अपने संभावित अंकों का आकलन कर पाएंगे. हालांकि अंतिम स्कोर के लिए ऑफिशियल आंसर की को ही आधार माना जाएगा. ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं कि नीट पीजी के लिए नंबर कैसे मिलेंगे, इसमें 180 सवालों की मार्किंग कैसे होगी.&amp;nbsp;
180 सवालों का था पेपर&amp;nbsp;
इस साल नीट पीजी परीक्षा के पैटर्न में सवालों की संख्या कम की गई थी. परीक्षा में कुल 180 मल्टीपल चॉइस के क्वेश्चन पूछे गए थे और पूरे पेपर के लिए अधिकतम 720 अंक निर्धारित थे. इससे पहले परीक्षा में 200 सवाल होते थे. उम्मीदवार अपने संभावित अंक निकालने के लिए सही और गलत उत्तरों की संख्या के आधार पर मार्किंग स्कीम लागू कर सकते हैं.&amp;nbsp;
सही जवाब पर 4 अंक गलत पर कटेगा 1 अंक
नीट पीजी 2026 में हर सही उत्तर के लिए उम्मीदवार को चार अंक मिलेंगे. वहीं गलत उत्तर देने पर एक अंक की नेगेटिव मार्किंग होगी. जिन सवालों को उम्मीदवार ने छोड़ दिया है, उनके लिए कोई अंक नहीं जोड़ा जाएगा और न ही अंक काटे जाएंगे. इसका मतलब है कि उम्मीदवार सही उत्तर के कुल अंक में से गलत उत्तरों के लिए काटे गए अंक घटाकर अपने स्कोर का अनुमान लगा सकते हैं.&amp;nbsp;
बराबर अंक आने पर ऐसे तय होगी रैंक&amp;nbsp;
अगर दो या उससे ज्यादा उम्मीदवारों के एक समान नंबर रहते हैं, तो उनकी रैंक तय करने के लिए टाई ब्रेकिंग नियम लागू किए जाएंगे. इसके लिए उम्मीदवारों के प्रदर्शन को तय क्रम में देखा जाएगा. सबसे पहले उस उम्मीदवार को प्राथमिकता दी जाएगी, जिसके गलत उत्तरों की संख्या कम होगी. यहां बराबरी रहती है तो सेक्शन ए में कम गलत जवाब देने वाले उम्मीदवारों की रैंक ऊपर होगी. इसके बाद जरूरत पड़ने पर सेक्शन बी, सी, डी और ई में गलत उत्तरों की संख्या को इसी क्रम में देखा जाएगा. इसके बावजूद टाई रहने पर एमबीबीएस की प्रोफेशनल परीक्षाओं में ज्यादा कुल अंक हासिल करने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता मिलेगी. अगर इसके बाद भी समानता बनी रहती है, तो ज्यादा उम्र वाले उम्मीदवारों को ऊपर की रैंक दी जाएगी.&amp;nbsp;
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2,63,535 उम्मीदवारों की परीक्षा पूरी हुई&amp;nbsp;
NBEMS की परीक्षा अपडेट के अनुसार नीट पीजी 2026 के लिए 2,65,980 उम्मीदवार निर्धारित है. यह परीक्षा देश भर में 338 शहरों में 1,111 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई. इनमें से 2,63,535 उम्मीदवारों की परीक्षा पूरी हुई थी. हालांकि जयपुर के सीतापुर क्षेत्र में स्थित दो परीक्षा केंद्रों पर बिजली खराबी के कारण परीक्षा पूरी नहीं हो सकी. इससे प्रभावित 2,445 उम्मीदवारों के लिए दोबारा परीक्षा आयोजित की जाएगी.&amp;nbsp;
जयपुर में 5 सितंबर को होगा री-एग्जाम&amp;nbsp;
जयपुर में प्रभावित उम्मीदवारों के लिए नीट पीजी की दोबारा परीक्षा 5 सितंबर 2026 को दोपहर 3 बजे आयोजित की जाएगी. सीतापुरा स्थित दो परीक्षा केंद्रों पर तकनीकी समस्या के कारण इन उम्मीदवारों की परीक्षा में पूरी नहीं हो पाई थी.
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        <pubDate>Tue, 01 Sep 2026 04:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>अजीम प्रेमजी स्कॉलरशिप 2026 का आज आखिरी मौका, ऐसे करें अप्लाई</title>
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        <description><![CDATA[ अजीम प्रेमजी फाउंडेशन स्कॉलरशिप 2026-27 के लिए आवेदन करने का आज आखिरी मौका है. स्कॉलरशिप के लिए आवेदन प्रक्रिया 10 अगस्त 2026 को शुरू हुई थी और 31 अगस्त को समाप्त हो रही है. ऐसे में एलिजिबल छात्रों को आज ही ऑनलाइन आवेदन करना होगा. स्कॉलरशिप के तहत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आने वाले छात्रों को ग्रेजुएशन या डिप्लोमा की पढ़ाई पूरी करने में आर्थिक सहायता दी जाती है. इस योजना के तहत छात्राओं को ग्रेजुएशन या डिप्लोमा के दौरान हर साल 30,000 स्कॉलरशिप दी जाएगी.&amp;nbsp;
किन छात्रों को मिलेगी स्कॉलरशिप?&amp;nbsp;
अजीम प्रेमजी स्कॉलरशिप खासतौर उन छात्राओं के लिए है, जो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आती है और किस मान्यता प्राप्त अंडर ग्रेजुएट डिग्री या डिप्लोमा कोर्स के पहले वर्ष में एडमिशन ले रही है. आवेदन के लिए छात्राओं को कुछ निर्धारित पात्रता पूरी करनी होगी. जैसे आवेदन करने वाली छात्रा ने 10वीं और 12वीं की पढ़ाई नियमित छात्रा के तौर पर किसी सरकारी स्कूल से की हो. साथ ही उसे किसी मान्यता प्राप्त ग्रेजुएशन डिग्री या डिप्लोमा कोर्स के प्रथम वर्ष में एडमिशन मिला हो. इसके अलावा उसके कोर्स की अवधि 2 से 5 साल के बीच होनी चाहिए.
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मेरिट के आधार पर नहीं होगा चयन&amp;nbsp;
अजीम प्रेमजी स्कॉलरशिप मेरिट आधारित छात्रवृत्ति नहीं है. यानी केवल परीक्षा में ज्यादा अंक हासिल करने के आधार पर छात्राओं का चयन नहीं किया जाएगा. इसके लिए फाउंडेशन की ओर से निर्धारित पात्रता मांगों को पूरा करना जरूरी है. वहीं स्कॉलरशिप के तहत चयनित छात्राओं को हर साल 30,000 की आर्थिक सहायता दी जाएगी. यह सहायता उनके अंडरग्रेजुएट डिग्री या डिप्लोमा कोर्स की अवधि के दौरान जारी रहेगी. फाउंडेशन ने आवेदन प्रक्रिया के लिए किसी भी तरह की फीस नहीं रखी है. स्कॉलरशिप के रजिस्ट्रेशन के नाम पर कोई फीस नहीं ली जाती है. ऐसे में अगर कोई व्यक्ति आवेदन के बदले पैसे मांगता है, तो छात्राओं को सावधान रहने की सलाह दी गई है.
कैसे करें स्कॉलरशिप के लिए आवेदन?

आवेदन करने के लिए सबसे पहले अजीम प्रेमजी की ऑफिशियल वेबसाइट azimpremjifoundation.org. पर जाना होगा.&amp;nbsp;
इसके बाद Register New Applicants Cohort 2026 के ऑप्शन पर क्लिक करें.&amp;nbsp;
अब अपना रजिस्टर मोबाइल नंबर और ओटीपी के जरिए उसे वेरीफाई करें.
इसके बाद यूजर आईडी और पासवर्ड बनाकर लॉगिन करें.
आवेदन में मांगी गई सभी जानकारी भरें और जरूरी डॉक्यूमेंट अपलोड करें.&amp;nbsp;
इसके बाद बैंक खाते की सही जानकारी दर्ज करें.&amp;nbsp;
वहीं लास्ट में फॉर्म में भरी गई जानकारी को जांचने के बाद फॉर्म को सबमिट कर दें.

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        <pubDate>Tue, 01 Sep 2026 04:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>अजीम, प्रेमजी, स्कॉलरशिप, 2026, का, आज, आखिरी, मौका, ऐसे, करें, अप्लाई</media:keywords>
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        <title>कौन हैं मेजर ऋषभ सिंह संब्याल? जिन्होंने राष्ट्रपति के ADC पद से लिया रिटायरमेंट</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/कौन-हैं-मेजर-ऋषभ-सिंह-संब्याल-जिन्होंने-राष्ट्रपति-के-adc-पद-से-लिया-रिटायरमेंट</link>
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        <description><![CDATA[ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ कई आधिकारिक कार्यक्रमों में नजर आने वाले मेजर ऋषभ सिंह संब्याल ने अब भारतीय सेना से रिटायरमेंट ले लिया है. करीब 12 साल तक सेना में सेवा देने के बाद, उन्होंने समय से पहले रिटायरमेंट लिया है. राष्ट्रपति के साथ उनकी तस्वीर और वीडियो सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रहते हैं. जिसकी वजह से &amp;nbsp;मेजर संब्याल सोशल मीडिया पर चर्चित चेहरा बन गए. राष्ट्रपति के ADC के तौर पर संब्याल की भूमिका ने उन्हें आम लोगों के बीच पहचान दिलाई, लेकिन इससे पहले भी उनके सैन्य करियर कई अहम जिम्मेदारी से जुड़ा रहा है. उन्होंने गणतंत्र दिवस परेड में जाट रेजिमेंट की टुकड़ी का नेतृत्व किया. 4 पैरा स्पेशल फोर्सज में सेवा दी और इसके बाद राष्ट्रपति भवन में एडीसी की जिम्मेदारी संभाली.&amp;nbsp;
NDA से शुरू हुआ सेना का सफर&amp;nbsp;
मेजर ऋषभ सिंह संब्याल ने 2013 में एनडीए की परीक्षा पास की थी. इसके बाद वह 133वें एनडीए कोर्स का हिस्सा बने, जिसकी शुरुआत 2014 में हुई थी. उन्होंने इंडियन मिलिट्री एकेडमी में मिलिट्री स्टडीज और डिफेंस मैनेजमेंट की पढ़ाई भी की. सेना में शुरुआती करियर के दौरान ही उन्होंने गणतंत्र दिवस परेड में नेतृत्व करने का अवसर मिला. 2021 में कैप्टन ऋषभ संब्याल ने जाट रेजिमेंट की टुकड़ी का नेतृत्व किया. इसी टुकड़ी को बेस्ट मार्चिंग कंटिंजेंट ट्रॉफी भी मिली थी. इसके बाद उन्होंने सेना की 4 पैरा स्पेशल फोर्सेज में सेवा दी, जिस डैगर्स के नाम से भी जाना जाता है. वहीं स्पेशल फोर्सज में सेवा के दौरान उन्हें बलिदान बैज मिला था.&amp;nbsp;
राष्ट्रपति के ADC कैसे बने ऋषभ संब्याल?
सांब्याल के सैन्य करियर में एक अहम पड़ाव तब आया जब उनका चयन राष्ट्रपति के एडीसी के तौर पर हुआ. रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने मार्च 2023 में राष्ट्रपति के ADC के रूप में जिम्मेदारी संभाली थी. ADC की जिम्मेदारी केवल राष्ट्रपति के साथ औपचारिक कार्यक्रमों में मौजूद रहने तक सीमित नहीं होती, इस भूमिका में प्रोटोकॉल, कार्यक्रमों में सुरक्षा और राष्ट्रपति के व्यस्त कार्यक्रम से जुड़ी जिम्मेदारियां भी शामिल होती है. उनके प्रोफेशनल प्रोफाइल में प्रोटोकॉल मैनेजमेंट, एग्जीक्यूटिव सिक्योरिटी और वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के साथ काम करने का एक्सपीरियंस दर्ज है. उन्होंने कई देश से जुड़े आधिकारिक और राजनीतिक कार्यक्रमों में भी काम किया है.&amp;nbsp;
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वायरल फोटो ने बनाया सोशल मीडिया सेंसेशन&amp;nbsp;
राष्ट्रपति के ADC के तौर पर संब्याल लगातार द्रौपदी मुर्मू के साथ आधिकारिक कार्यक्रमों, समारोहों और विदेशी दौरों में नजर आने लगे. उनकी सैन्य वर्दी, अनुशासनात्मक अंदाज और शांत व्यक्तित्व ने सोशल मीडिया यूजर्स का ध्यान खींचा. राष्ट्रपति के साथ उनकी तस्वीर और वीडियो अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से शेयर होने लगे. खासकर बड़े राष्ट्रीय कार्यक्रमों के दौरान उनकी मौजूदगी को लेकर यूजर्स ने खूब प्रतिक्रिया दी. इसी दौरान उन्होंने सोशल मीडिया पर नेशनल क्रश भी बुलाया जाने लगा.&amp;nbsp;
करीब 12 साल बाद सेना से लिया रिटायरमेंट&amp;nbsp;
ऋषभ सिंह ने करीब 12 साल की सैन्य सेवा के बाद भारतीय सेना से प्रीमेच्योर रिटायरमेंट लिया है. रिटायरमेंट के बाद उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से राष्ट्रपति भवन में मुलाकात भी की. इस मुलाकात की तस्वीरें शेयर करते हुए सांब्याल ने राष्ट्रपति से मिले मार्गदर्शन और सीट के लिए आभार भी जताया. हालांकि उनके समय से पहले रिटायरमेंट लेने को लेकर रक्षा मंत्रालय की ओर से वजह सामने नहीं आई है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Tue, 01 Sep 2026 04:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>कौन, हैं, मेजर, ऋषभ, सिंह, संब्याल, जिन्होंने, राष्ट्रपति, के, ADC, पद, से, लिया, रिटायरमेंट</media:keywords>
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        <title>जयपुर के दो केंद्रों पर बिजली की समस्या से AIIMS CRE 2026 परीक्षा रद्द, नई तारीख का ऐलान</title>
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        <description><![CDATA[ अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) की ओर से कॉमन रिक्रूटमेंट एग्जामिनेशन (CRE) 2026 का आयोजन देशभर में किया जा रहा है. इस परीक्षा के माध्यम से AIIMS सहित कई केंद्रीय सरकारी और स्वायत्त स्वास्थ्य संस्थानों में ग्रुप B और ग्रुप C के विभिन्न पदों पर भर्ती की जाएगी. AIIMS नई दिल्ली का परीक्षा विभाग वर्ष 2021 से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से इस परीक्षा का आयोजन कर रहा है. इस बार परीक्षा में जूनियर एडमिनिस्ट्रेटिव असिस्टेंट, सीनियर एडमिनिस्ट्रेटिव असिस्टेंट, डेटा एंट्री ऑपरेटर, पर्सनल असिस्टेंट, स्टेनोग्राफर, प्राइवेट सेक्रेटरी, असिस्टेंट सिक्योरिटी ऑफिसर, रिसेप्शनिस्ट, जूनियर मेडिकल रिकॉर्ड्स ऑफिसर, जूनियर वार्डन, हॉस्टल वार्डन, टेलीफोन ऑपरेटर और सोशल सिक्योरिटी ऑफिसर सहित कई पद शामिल हैं.
जयपुर के दो सेंटर्स पर आई परेशानी
CRE 2026 परीक्षा 31 अगस्त और 1 सितंबर को तीन शिफ्ट में आयोजित की जा रही है. अलग-अलग शिफ्ट रखने का उद्देश्य उन उम्मीदवारों को सुविधा देना है, जिन्होंने एक से अधिक पदों के लिए आवेदन किया है. इस परीक्षा के लिए कुल 30,142 उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया है. 31 अगस्त की पहली शिफ्ट में 21,098 उम्मीदवार पंजीकृत थे, जिनमें से 16,193 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए. देश के अधिकतर केंद्रों पर परीक्षा तय कार्यक्रम के अनुसार हुई. हालांकि, राजस्थान के जयपुर स्थित TCS iON Digital Zone, सीतापुरा के दो केंद्रों पर तकनीकी समस्या के कारण परीक्षा प्रभावित हुई. ये केंद्र RJ0101 और RJ0102 हैं. दोनों केंद्रों पर कुल 2,000 उम्मीदवार पंजीकृत थे. इनमें RJ0101 से 1,342 और RJ0102 से 436 उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हुए.
बिजली की समस्या से परीक्षा में आई रुकावट
परीक्षा सुबह 9 बजे शुरू हुई थी। इसी दौरान दोनों केंद्रों की आंतरिक बिजली आपूर्ति में समस्या आ गई. इससे परीक्षा प्रक्रिया बाधित हो गई. उम्मीदवारों के हित और परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए AIIMS ने इन केंद्रों की परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया.
7 सितंबर को होगी दोबारा परीक्षा
जयपुर के दोनों केंद्रों पर पंजीकृत उम्मीदवारों की परीक्षा अब 7 सितंबर 2026 को दोबारा कराई जाएगी. इसके लिए नए परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था की जा रही है. उम्मीदवारों की संख्या के आधार पर परीक्षा एक साथ या अलग-अलग समूहों में आयोजित की जा सकती है.
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TCS से मांगी गई रिपोर्ट
AIIMS ने TCS से घटना की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। साथ ही, कंपनी को सिस्टम लॉग, CCTV फुटेज और कंट्रोल रूम की बातचीत से जुड़े रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं। इन दस्तावेजों की मदद से परीक्षा में आई रुकावट के कारणों की जांच की जाएगी. AIIMS ने कहा है कि वह भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और सभी उम्मीदवारों को समान अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है.
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        <pubDate>Tue, 01 Sep 2026 04:30:03 +0530</pubDate>
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        <title>SBI में ट्रेड फाइनेंस ऑफिसर के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू, जानें कैसे करें अप्लाई?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/sbi-में-ट्रेड-फाइनेंस-ऑफिसर-के-लिए-रजिस्ट्रेशन-शुरू-जानें-कैसे-करें-अप्लाई</link>
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        <description><![CDATA[ बैंकिंग सेक्टर में नौकरी की तलाश कर रहे उम्मीदवारों के लिए एक बड़ा मौका सामने आया है. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया यानी SBI ने ट्रेड फाइनेंस ऑफिसर के पदों पर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है. स्पेशलिस्ट कैडर ऑफिसर कैटेगरी के तहत निकाली गई इस भर्ती में इंटरनेशनल बैंकिंग ग्रुप यानी IBG में ट्रेड फाइनेंस ऑफिसर के पद भरे जाएंगे.
कितनी हैं वैकेंसी?
SBI ने इस भर्ती के लिए कुल 35 पदों की जानकारी दी है. इनमें से 14 पद जूनियर मैनेजमेंट ग्रेड स्केल-1 यानी JMGS-I के लिए हैं, जबकि 21 पद मिडिल मैनेजमेंट ग्रेड स्केल-2 यानी MMGS-II के लिए रखे गए हैं. जो उम्मीदवार दोनों ग्रेड की एलिजिबिलिटी पूरी करते हैं, वे दोनों पदों के लिए अलग-अलग आवेदन भी कर सकते हैं.
कब से कब तक कर सकते हैं आवेदन?
इस भर्ती के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 29 अगस्त 2026 से शुरू हो चुकी है. इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 19 सितंबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं. SBI ने उम्मीदवारों को सलाह दी है कि वे आखिरी तारीख का इंतजार न करें, क्योंकि वेबसाइट पर ज्यादा ट्रैफिक आने से टेक्निकल दिक्कतें आ सकती हैं.
क्या है एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया?
दोनों पदों के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास किसी भी सरकारी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी या संस्थान से किसी भी विषय में ग्रेजुएशन डिग्री होनी चाहि.। इसके साथ ही उम्मीदवारों के पास भारतीय बैंकिंग एवं वित्त संस्थान यानी IIBF से फॉरेक्स ऑपरेशंस में सर्टिफिकेशन भी होना जरूरी है. यह सर्टिफिकेट 31 जुलाई 2026 या उससे पहले जारी हुआ होना चाहिए.
एज लिमिट JMGS-I पद के लिए उम्मीदवारों की उम्र 21 से 30 साल के बीच होनी चाहिए. वहीं MMGS-II पद के लिए उम्मीदवारों की उम्र 23 से 32 साल के बीच रखी गई है. उम्र की गणना 31 जुलाई 2026 के आधार पर की जाएगी.
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कैसे होगा सिलेक्शन?
इस भर्ती में किसी तरह की लिखित परीक्षा नहीं होगी. उम्मीदवारों का चयन शॉर्टलिस्टिंग और पर्सनल इंटरव्यू के आधार पर किया जाएगा. सबसे पहले उम्मीदवारों की एजुकेशनल क्वालिफिकेशन और वर्क एक्सपीरियंस के आधार पर शॉर्टलिस्टिंग होगी. इसके बाद शॉर्टलिस्ट हुए उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा. फाइनल मेरिट लिस्ट इंटरव्यू में मिले नंबरों के आधार पर तैयार की जाएगी.
कैसे करें आवेदन?
आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को सबसे पहले SBI की आधिकारिक करियर वेबसाइट पर जाना होगा. वहां करंट ओपनिंग्स सेक्शन में जाकर ट्रेड फाइनेंस ऑफिसर भर्ती के लिंक पर क्लिक करना होगा. इसके बाद ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन करके फॉर्म भरना होगा. जरूरी डॉक्यूमेंट्स और सर्टिफिकेट अपलोड करने के बाद आवेदन शुल्क का भुगतान ऑनलाइन करना होगा. फॉर्म सबमिट करने के बाद कंफर्मेशन पेज डाउनलोड कर लेना चाहिए.
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        <pubDate>Mon, 31 Aug 2026 16:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>SBI, में, ट्रेड, फाइनेंस, ऑफिसर, के, लिए, रजिस्ट्रेशन, शुरू, जानें, कैसे, करें, अप्लाई</media:keywords>
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        <title>2014 से लेकर अब तक, उत्तर भारत में कितने स्कूल हुए बंद?</title>
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        <description><![CDATA[ भारत में सरकारी स्कूलों की संख्या को लेकर नीति आयोग की एक रिपोर्ट ने बड़ी चिंता खड़ी कर दी है. रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले करीब 10 साल में देशभर में लगभग 94 हजार सरकारी स्कूल बंद हो चुके हैं, यानी औसतन हर दिन करीब 25 स्कूल बंद हुए हैं. इसी दौरान सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या में भी बड़ी गिरावट देखी गई है. आइए जानते हैं आंकड़े क्या कहते हैं और इसके पीछे की असली वजह क्या हैं?
स्कूलों की संख्या में आई बड़ी गिरावट
नीति आयोग की रिपोर्ट के आंकड़ों के अनुसार, सरकारी स्कूलों की संख्या करीब 11.07 लाख से घटकर 10.13 लाख रह गई है. यानी एक दशक के दौरान करीब 94 हजार सरकारी स्कूलों पर ताला लग गया है. वहीं इसी दौर में निजी स्कूलों की संख्या में बढ़ोतरी देखने को मिली है, जो शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की एक बड़ी तस्वीर पेश करती है.
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दाखले में भी आई है कमी
स्कूलों की संख्या घटने के साथ साथ बच्चों के दाखले में भी बड़ी गिरावट देखी की गई है. रिपोर्ट के मुताबिक सरकारी स्कूलों में छात्रों की संख्या में करीब 2.26 करोड़ की कमी आई है. हालांकि स्कूल बंद होने का यह मतलब हर जगह नहीं है कि शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह खत्म हो गई है. कई इलाकों में कम छात्र संख्या वाले स्कूलों को पास के दूसरे स्कूलों के साथ मिला दिया गया है.
स्कूल बंद होने के पीछे कई वजह
सरकारी स्कूलों की संख्या घटने की सिर्फ एक वजह नहीं है. कई राज्यों में बच्चों की संख्या कम होने पर छोटे स्कूलों का दूसरे स्कूलों में मिला दिया गया है. कुछ इलाकों में जन्म दर में कमी आने से भी स्कूल जाने वाले बच्चों की संख्या पर असर हुई है. इसके अलावा ग्रामीण इलाकों से लोगों का शहरों की तरफ पलायन और निजी स्कूलों की तरफ बढ़ता रुझान भी सरकारी स्कूलों के दाखले को असरअंदाज करने वाले नजह में शामिल हो सकता है.
यह बात ध्यान में रखें
94 हजार स्कूलों का यह आंकड़ा पूरे भारत का है, सिर्फ उत्तर भारत का नहीं. इसलिए बिना आधिकारिक आंकड़ों के यह कहना सही नहीं होगा कि 2014 से अब तक अकेले उत्तर भारत में कितने स्कूल बंद हुए. पूरी तस्वीर समझने के लिए उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और दूसरे राज्यों के अलग अलग सरकारी आंकड़ों को देखना बेहतर होगा.
निजी स्कूलों की तरफ बढ़ता रुझान
जिस दौर में सरकारी स्कूलों की संख्या कम हुई, उसी दौरान निजी स्कूलों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है. यह बदलाव शिक्षा व्यवस्था में हो रहे बड़े बदलाव की तरफ इशारा करता है. हालांकि सरकारी स्कूलों के बंद होने के पीछे कम एडमिसन और जनसंख्या से जुड़े बदलाव जैसे वजह भी&amp;nbsp; जिम्मेदार हो सकते हैं, और अलग अलग राज्यों में इसकी वजह अलग भी हो सकती हैं.
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        <pubDate>Mon, 31 Aug 2026 16:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>2014, से, लेकर, अब, तक, उत्तर, भारत, में, कितने, स्कूल, हुए, बंद</media:keywords>
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        <title>पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में ड्राइवर की भर्ती, 18 सितंबर तक करें आवेदन</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/पंजाब-और-हरियाणा-हाईकोर्ट-में-ड्राइवर-की-भर्ती-18-सितंबर-तक-करें-आवेदन</link>
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        <description><![CDATA[ पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में भर्ती निकली है. हाई कोर्ट ने ड्राइवर भर्ती 2026 के तहत 25 पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू कर दिए हैं. एलिजिबल उम्मीदवार 18 सितंबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं. आवेदन हाई कोर्ट की ऑफिशियल वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन किए जाएंगे. इस भर्ती का नोटिफिकेशन 28 अगस्त को जारी किया गया था. ड्राइवर के कुल 25 पदों में 21 पद जनरल कैटेगरी, 3 पद एससी-एसटी-बीसी और 1 पद पूर्व सैनिक के लिए निर्धारित है. हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि जरूरत के अनुसार रिक्त पदों की संख्या में बदलाव भी किया जा सकता है.&amp;nbsp;
12वीं पास उम्मीदवार कर सकते हैं आवेदन&amp;nbsp;
ड्राइवर पद के लिए उम्मीदवार कम से कम 12वीं पास होना जरूरी है. इसके साथ मैट्रिक में हिंदी या पंजाबी विषय पढ़ा होना चाहिए. उम्मीदवार के पास वैलिड लाइट मोटर व्हीकल लाइसेंस भी होना चाहिए. इसके अलावा कार चलने का कम से कम 2 वर्ष का एक्सपीरियंस मांगा गया है. नोटिफिकेशन के अनुसार &amp;nbsp;उम्मीदवार को लापरवाही से वाहन चलाने से संबंधित किसी अपराध में दोषी नहीं ठहराया गया होना चाहिए.&amp;nbsp;
18 से 35 साल तक की उम्र सीमा&amp;nbsp;
ड्राइवर पद के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार की उम्र 18 सितंबर 2026 को 18 वर्ष से कम और 35 वर्ष से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. वहीं आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को नियमानुसार आयु सीमा में छूट दी जाएगी.&amp;nbsp;
प्रेक्टिकल टेस्ट और इंटरव्यू से होगा चयन&amp;nbsp;
ड्राइवर पद के लिए उम्मीदवार का चयन प्रैक्टिकल टेस्ट कम इंटरव्यू के जरिए किया जाएगा. आवेदन प्राप्त होने के बाद उम्मीदवारों को चयन प्रक्रिया के अलग-अलग चरणों के लिए बुलाया जाएगा. इसके बाद डॉक्यूमेंट की जांच और मेडिकल परीक्षा की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी. इसके अलावा चयनित उम्मीदवारों को शुरुआत में ट्रेनिंग दी जाएगी. इस दौरान उम्मीदवार को सैलरी चंडीगढ़ प्रशासन के निर्धारित दैनिक मजदूरी के आधार पर दी जाएगी.&amp;nbsp;
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1000 तक है आवेदन फीस&amp;nbsp;
इन पदों पर आवेदन के लिए उम्मीदवारा की आवेदन फीस को कैटेगरी के आधार पर अलग-अलग निर्धारित किया गया है. पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ से बाहर के सामान्य और आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए फीस 1000 रुपये निर्धारित है. वहीं पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के एससी, एसटी, बीसी वर्ग और पूर्व सैनिकों के लिए आवेदन फीस 800 रुपये निर्धारित है.&amp;nbsp;
ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन&amp;nbsp;

आवेदन करने के लिए उम्मीदवार को सबसे पहले पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट &amp;nbsp;की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाना होगा.&amp;nbsp;
अब भर्ती से संबंधित लिंक खोलने के बाद रजिस्ट्रेशन करना होगा.
उसके बाद लॉगिन करके आवेदन फॉर्म भरना होगा.
अब फॉर्म में पर्सनल और एजुकेशनल डिटेल भरें.
इसके बाद जरूरी डॉक्यूमेंट अपलोड करें और फीस जमा कर दें.

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        <pubDate>Mon, 31 Aug 2026 16:30:05 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>पंजाब, और, हरियाणा, हाईकोर्ट, में, ड्राइवर, की, भर्ती, सितंबर, तक, करें, आवेदन</media:keywords>
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        <title>IAS दिव्या मित्तल का इस्तीफा, लंदन की नौकरी छोड़ क्लियर किया था UPSC</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/ias-दिव्या-मित्तल-का-इस्तीफा-लंदन-की-नौकरी-छोड़-क्लियर-किया-था-upsc</link>
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        <description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश की 2013 बैच की चर्चित IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने इस बात की जानकारी सोशल मीडिया पर किए गए लंबे-चौड़े पोस्ट के जरिए दी. सोशल मीडिया पर अक्सर चर्चा में रहने वाली आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल की कहानी आज के युवाओं के लिए एक बड़ी मिसाल है. लाखों रुपये सैलरी वाली विदेश की नौकरी छोड़कर भारत लौटना और फिर UPSC जैसी मुश्किल परीक्षा को क्रैक करना, यह सफर आसान नहीं रहा. आइए जानते हैं कौन हैं आईएएस दिव्या मित्तल और कैसा रहा उनका करियर.&amp;nbsp;
हरियाणा से हैं दिव्या मित्तल&amp;nbsp;
दिव्या मित्तल मूल रूप से हरियाणा के रेवाड़ी की रहने वाली हैं. पढ़ाई में शुरू से ही होशियार रहीं दिव्या ने आईआईटी दिल्ली से बीटेक की डिग्री हासिल की. इसके बाद उन्होंने आईआईएम बेंगलुरु से एमबीए भी किया. इतनी शानदार पढ़ाई के बाद उन्हें विदेश में नौकरी का मौका मिला और वह लंदन चली गईं.
लंदन में जेपी मॉर्गन में की नौकरी
एमबीए पूरा करने के बाद दिव्या मित्तल को लंदन की मशहूर कंपनी जेपी मॉर्गन में लाखों रुपये सैलरी वाली नौकरी मिली. करियर की नजर से यह किसी भी युवा के लिए सपनों जैसा मौका था. लेकिन विदेश में लंबे समय तक रहने के बावजूद दिव्या का मन वहां नहीं लगा. देश सेवा करने की चाहत उनके मन में लगातार बनी रही, जिसके चलते उन्होंने बड़ा फैसला लिया.
नौकरी छोड़कर लौटीं भारत, शुरू की UPSC की तैयारी
दिव्या मित्तल ने लंदन की मोटी सैलरी वाली नौकरी को छोड़कर भारत वापस आने का फैसला किया. भारत लौटने के बाद उन्होंने खुद को पूरी तरह UPSC की तैयारी में झोंक दिया. खास बात यह है कि उन्होंने यह तैयारी अकेले नहीं, बल्कि अपने पति गगनदीप सिंह के साथ मिलकर की. गगनदीप सिंह भी इंजीनियरिंग बैकग्राउंड से थे और दोनों ने साथ मिलकर मेहनत की. पति गगनदीप सिंह ने साल 2011 में आईएएस परीक्षा पास की थी.
दिव्या मित्तल ने साल 2012 में यूपीएससी परीक्षा पास कर आईपीएस अधिकारी बनने का सम्मान हासिल किया. इसके बाद उन्होंने एक बार फिर हिम्मत नहीं हारी और 2013 में दोबारा परीक्षा दी. इस बार उन्होंने 68वीं रैंक हासिल की और आईएएस अधिकारी बन गईं. कम समय में दो बार यूपीएससी क्रैक करना उनकी मेहनत और लगन को दिखाता है.
कई जिलों में संभाल चुकी हैं जिम्मेदारी
आईएएस बनने के बाद दिव्या मित्तल उत्तर प्रदेश कैडर में पोस्ट हुईं. उन्होंने संत कबीर नगर, मिर्जापुर और बस्ती जैसे जिलों में जिला मजिस्ट्रेट के तौर पर काम किया है. हर जिले में उनका कार्यकाल प्रशासनिक कामकाज के लिहाज से सफल माना जाता है. इसके बाद उन्हें देवरिया जिले की डीएम की जिम्मेदारी भी सौंपी गई.
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बाढ़ राहत कार्यों के दौरान चर्चा में आईं
देवरिया की डीएम रहते हुए दिव्या मित्तल एक बार बाढ़ प्रभावित इलाके का निरीक्षण करने पहुंची थीं. इस दौरान सड़क पर पानी भरा होने और काम में देरी को लेकर उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को फटकार लगाई थी. तेज धूप के बावजूद वह मैदान में डटी रहीं और अधिकारियों के साथ मिलकर हालात का जायजा लिया. उनकी यह सक्रियता सोशल मीडिया पर काफी पसंद की गई थी.
युवाओं के लिए बनीं प्रेरणा
आईएएस दिव्या मित्तल की कहानी बताती है कि अच्छी सैलरी और आरामदायक जिंदगी छोड़कर भी बड़े सपने पूरे किए जा सकते हैं. आईआईटी और आईआईएम जैसे संस्थानों से पढ़ाई करने के बाद विदेश की नौकरी छोड़कर देश सेवा को चुनना आसान फैसला नहीं था. यही वजह है कि आज दिव्या मित्तल की गिनती उन प्रेरणादायक अधिकारियों में होती है, जिनकी कहानी हर यूपीएससी एस्पिरेंट को मोटिवेट करती है.
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        <pubDate>Sun, 30 Aug 2026 23:30:10 +0530</pubDate>
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        <title>अब NEET PG एग्जाम में भी गड़बड़ी, जयपुर के सेंटर पर रद्द हुई परीक्षा </title>
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        <description><![CDATA[ देश में आयोजित होने वाली कई बड़ी परीक्षाओं में गड़बड़ी के मामले सामने आने के बाद अब NEET PG परीक्षा में भी लापरवाही का मामला सामने आया है. जयपुर के सीतापुरा केंद्र पर NEET PG एग्जाम के दौरान सर्वर में अचानक गड़बड़ी आ गई, जिसके बाद अभ्यर्थियों में परीक्षा में दिक्कत का सामना करना पड़ा. जानकारी के मुताबिक, अभ्यर्थियों ने एग्जामिनेशन हॉल से बाहर निकलकर परीक्षा कराने वाली एजेंसी के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की. मामला बढ़ता देख नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने परीक्षा को रद्द कर दिया है. &amp;nbsp;&amp;nbsp;
NBEMS की ओर से नोटिस जारी करके परीक्षा की नई तारीख का भी ऐलान कर दिया गया है. सूचना के मुताबिक, अब इस सेंटर पर 5 सितंबर को दोबारा परीक्षा का आयोजन किया जाएगा. यह परीक्षा दोपहर 3 बजे से आयोजित की जाएगी. इसके साथ ही NBEMS ने परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थियों को हुई परेशानी पर खेद भी जताया है.&amp;nbsp;
एक घंटे में तीन बार आई सर्वर में दिक्कत&amp;nbsp;
जानकारी के मुताबिक, नीट पीजी की परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों को एक घंट में तीन बार सर्वर में दिक्कत का सामना करना पड़ा. बार-बार गड़बड़ी होने के बाद छात्र परीक्षा केंद्र से बाहर आ गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे. प्रशासन का कहना है कि बड़ी संख्या में छात्रों के बाहर आने से परीक्षा की गोपनीयता भंग हुई, क्योंकि कई छात्रों ने इस दौरान सवालों को भी डिस्कस किया, जिससे पारदर्शिता पूरी तरह खत्म हो चुकी है. ऐसे में कई छात्रों ने परीक्षा रद्द कर दोबारा परीक्षा कराए जाने की मांग की.&amp;nbsp;
अलग से एडमिट कार्ड होंगे जारी&amp;nbsp;
इधर, नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज ने परीक्षा रद्द कर नई तारीख का ऐलान कर दिया है. बोर्ड ने प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए 5 सितंबर को दोपहर 3 बजे जयपुर में दोबारा परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया है. बोर्ड की ओर से कहा गया है कि दोबारा परीक्षा केंद्र समेत अन्य जानकारी अलग से जारी की जाएगी, साथ ही संशोधित एडमिट कार्ड भी जारी किए जाएंगे.&amp;nbsp;
देशभर में आयोजित हो रही परीक्षा&amp;nbsp;
बता दें, एनबीईएमएस के अनुसार 30 अगस्त को देशभर में 2,73,096 पंजीकृत अभ्यर्थियों के लिए 1111 केंद्रों पर नीट -पीजी 2026 परीक्षा आयोजित की गई. इनमें से 2,65,980 अभ्यर्थी परीक्षा में उपस्थित हुए और लगभग 2,63,535 अभ्यर्थियों की परीक्षा पूरी हुई. एनबीईएमएस ने कहा है कि जयपुर के आईओएन डिजिटल जोन आईडीजी सीतापुर के टीसी नंबर 41682 एवं 41683 पर केंद्र में आंतरिक तकनीकी समस्या के कारण सर्वर डाउन होने से परीक्षा पूरी नहीं हो सकी.
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        <pubDate>Sun, 30 Aug 2026 23:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>क्या होता है राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार? कैसे मिलता है यह सम्मान</title>
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        <description><![CDATA[ हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के मौके पर देश के कुछ चुनिंदा शिक्षकों को एक बेहद खास सम्मान से नवाजा जाता है. यह सम्मन है, राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार. यह अवॉर्ड सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि उन शिक्षकों की मेहनत, समर्पण और छात्रों की जिंदगी बदलने वाले योगदान को पहचान देने का एक जरिया है.
आखिर यह पुरस्कार है क्या?
शिक्षा मंत्रालय हर साल देशभर के उन शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार देता है, जिन्होंने अपने स्कूल, कॉलेज या संस्थान में पढ़ाई के तरीके और छात्रों की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए खास प्रयास किए हों. इसका मकसद है शिक्षकों के नवाचार, डेडिकेशन और शिक्षा के क्षेत्र में योगदान को सामने लाना, ताकि बाकी शिक्षकों को भी मोटिवेशन मिल सके.
कौन कर सकता है नामांकन?
इसके लिए आवेदन का तरीका काफी आसान रखा गया है. सबसे पहला तरीका है सेल्फ नॉमिनेशन यानी कि शिक्षक खुद अपना फॉर्म भर सकता है. दूसरा तरीका है इंस्टिट्यूशनल नॉमिनेशन, जिसमें कॉलेज या संस्थान का प्रमुख किसी शिक्षक का नाम आगे भेज सकता है. तीसरा तरीका है पीयर नॉमिनेशन जिसमें उसी संस्थान के साथी शिक्षक किसी फैकल्टी मेंबर का नाम नामांकित कर सकते हैं. आवेदन ऑनलाइन आधिकारिक पोर्टल पर किया जाता है और साथ में शिक्षक को अपने काम से जुड़े दस्तावेज, फोटो, वीडियो और उपलब्धियों का पूरा पोर्टफोलियो भी जमा करना होता है.
ऐसे होती है सख्त छंटनी
सेलेक्शन प्रोसेस आसान नहीं होती है. सबसे पहले जिला या क्षेत्रीय स्तर पर आवेदनों की छंटनी होती है, इसके बाद राज्य या संगठन स्तर पर मूल्यांकन होता है और आखिर में एक स्वतंत्र राष्ट्रीय जूरी अंतिम फैसला लेती है. कुल मिलाकर तीन चरणों से गुजरने के बाद ही किसी शिक्षक का नाम फाइनल लिस्ट में शामिल होता है. मूल्यांकन में शिक्षक के काम और प्रदर्शन से जुड़े मानदंडों को सबसे ज्यादा अहमियत दी जाती है.
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कितने शिक्षकों को मिलता है यह सम्मान?
हर साल इस पुरस्कार के लिए चुने जाने वाले शिक्षकों की संख्या तय नहीं रहती है, बल्कि यह हर साल थोड़ी बदलती है. हाल के वर्षों में यह आंकड़ा 48 से 50 शिक्षकों के बीच रहा है, जिनमें स्कूल, उच्च शिक्षा और कौशल विकास मंत्रालय से जुड़े शिक्षक भी शामिल होते हैं. चुने गए शिक्षकों में पुरुष और महिला दोनों शामिल होते हैं, और वे अलग-अलग राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों का रिप्रेजेंटेशन करते हैं.
सम्मान के साथ क्या मिलता है?&amp;nbsp;
पुरस्कार पाने वाले शिक्षकों को शिक्षक दिवस के मौके पर एक खास समारोह में सम्मानित किया जाता है, जिसमें प्रमाण पत्र, मेडल और स्मृति चिन्ह दिया जाता है. यह सिर्फ व्यक्तिगत सम्मान नहीं है, बल्कि पूरे शिक्षक समुदाय के लिए गर्व करने का लम्हा होता है, जो यह दिखाता है कि मेहनत और लगन से किया गया काम कभी नजरअंदाज नहीं किया जाता है.
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        <pubDate>Sun, 30 Aug 2026 23:30:07 +0530</pubDate>
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        <title>यूपी में अब इन छात्रों की भी बनेगी अपार आईडी, ये रहेगी प्रक्रिया</title>
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        <description><![CDATA[ यूपी बोर्ड से जुड़े कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों के लिए एक जरूरी अपडेट सामने आया है. योगी सरकार अब इन छात्रों की डिजिटल पहचान को मजबूत बनाने के लिए अपार आईडी पर खास फोकस कर रही है, जिससे वन नेशन-वन स्टूडेंट आईडी की व्यवस्था पूरी तरह लागू हो सके. इसके तहत, माध्यमिक शिक्षा परिषद ने कक्षा 9 और 11 के अग्रिम रजिस्ट्रेशन के लिए निर्देश जारी किए हैं, जबकि कक्षा 10 और 12 के परीक्षा आवेदन पत्र भरने की प्रक्रिया भी साथ साथ चल रही है. परिषद ने सभी स्कूलों से अपील की है कि छात्रों की अपार आईडी बनवाकर उसे आवेदन पत्र में दर्ज करें.
परिषद ने साफ किया है कि अपार आईडी देना फिलहाल जरूरी नहीं है. फिर भी छात्रों के फायदे को देखते हुए इसे बनवाने का अनुरोध किया गया है, क्योंकि यह उनके डिजिटल ऐकडमिक भविष्य को सुरक्षित रखने में मददगार होगा. माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव भगवती सिंह के मुताबिक, सभी स्कूल प्रिंसिपल, शिक्षकों और माता और पिता से गुजारिस किया गया है कि वे अग्रिम रजिस्ट्रेशन की अंतिम तारीख से पहले सौ फीसदी छात्रों की अपार आईडी दर्ज करा दें.
कैसे बनती है अपार आईडी?&amp;nbsp;
अपार आईडी का निर्माण एक सरल और सुरक्षित प्रोसेस है, जो पूरी तरह माता-पिता की सहमति से की जाती है. इसके लिए माता-पिता को स्कूल के जरिए सहमति देनी होती है, जिसके बाद छात्र की एक यूनिक डिजिटल आईडी तैयार हो जाती है. यह आईडी छात्र के पूरे ऐकडेमिक करियर से जुड़ी रहती है, चाहे वह किसी भी स्कूल या राज्य में पढ़ाई क्यों न करें.
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छात्रों को क्या होगा फायदा?
सही जानकारी और आंकड़ों के आधार पर तैयार होने वाली यह आईडी छात्रों को स्कॉलरशिप, योजनाओं और बाकी ऐकडेमिक सुविधाओं का लाभ आसानी से दिलाने में मदद करेगी. साथ ही, अगर कोई छात्र स्कूल या राज्य बदलता है तो उसका पूरा ऐकडेमिक रिकॉर्ड इसी आईडी के जरिए आसानी से ट्रैक हो सकेगा, जिससे कागजी झंझट भी कम होगा.
समय रहते प्रक्रिया पूरी करना जरूरी
परिषद ने साफ किया है कि अग्रिम रजिस्ट्रेशन की अंतिम तारीख से पहले ही यह प्रोसेस पूरी कर ली जाए. माता-पिता और स्कूलों को सलाह दी गई है कि वे इसमें देरी न करें, ताकि छात्रों को आगे चलकर किसी भी योजना या सुविधा का लाभ लेने में दिक्कत न हो.
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        <pubDate>Sun, 30 Aug 2026 23:30:05 +0530</pubDate>
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        <title>10वीं की मार्कशीट पर बार&amp;बार नहीं बदल पाओगे जन्मतिथि, UP Board ने सख्त कर दिए नियम</title>
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        <description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने हाईस्कूल प्रमाणपत्र और मार्कशीट में जन्मतिथि संशोधन को लेकर स्कूलों के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं. अब स्टूडेंट्स की जन्मतिथि दर्ज करते वक्त स्कूलों को पहली बार एडमिशन के दौरान जमा किए गए वैलिड एज प्रूफ को ही आधार बनाना होगा. इसके बाद जन्मतिथि में किसी भी तरह के बदलाव के लिए पेश किए गए दस्तावेज़ों की भी बारीकी से जांच की जाएगी. आइए जानते हैं परिषद ने यह सख्ती क्यों बढ़ाई है, और नए नियमों के तहत जन्मतिथि दर्ज करने की पूरी प्रोसेस क्या होगी.
गड़बड़ी के मामलों के बाद बढ़ी सख्ती
परिषद ने पाया है कि कई मामलों में प्राथमिक या उच्च प्राथमिक स्तर की ट्रांसफर सर्टिफिकेट को जन्मतिथि के प्रमाण के तौर पर पेश किया जा रहा था, जबकि पुराने रिकॉर्ड में जरूरी जानकारी साफ नहीं होती थी. इन मामलों को देखते हुए स्कूल के प्रिंसिपलों को रिकॉर्ड सही रखने और दस्तावेजों के असली होने की जांच करने को कहा गया है.
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एडमीशन के समय ही तय होगी जन्मतिथि
परिषद ने साफ किया है कि हाईस्कूल प्रमाणपत्र और मार्कशीट में दर्ज जन्मतिथि अब मनमानी तरीके से नहीं बदली जा जाइगी. छात्र के स्कूल में पहले एडमिशन के वक्त वैलिड एज प्रूफ के आधार पर ही जन्मतिथि दर्ज करनी होगी. प्रिंसिपलों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि प्रवेश के समय जिस दस्तावेज के आधार पर जन्मतिथि दर्ज हुई थी, उसका रिकॉर्ड स्कूल में सुरक्षित रहे.
सचिव ने बताई असली वजह
परिषद के सचिव भगवती सिंह के मुताबिक क्षेत्रीय कार्यालयों में जन्मतिथि संशोधन के कई मामले सामने आ रहे हैं. जांच के दौरान ऐसे मामले भी मिले हैं जिनमें बाद में जारी हुई ट्रांसफर सरटीफिकट को प्रमाण बनाकर जन्मतिथि बदलने की कोशिश की गई है. कुछ मामलों में तो बच्चे की प्रवेश के समय उम्र भी पूरी नहीं थी, और कई स्कूलों में मूल रिकॉर्ड की जानकारी दर्ज ही नहीं थी.
किन दस्ताजियों की बुनियाद पर होगी जन्मतिथि
राइट तो एजुकेशन के तहत कक्षा एक में प्रवेश के लिए बच्चे की उम्र छह वर्ष तय है. अगर प्रवेश के समय जन्म प्रमाणपत्र न हो, तो अस्पताल का रिकॉर्ड, रजिस्टर्ड सहायक नर्स एवं मिडवाइफ का रिकॉर्ड, आंगनबाड़ी का रिकार्ड &amp;nbsp;और ग्राम पंचायत की तरफ से जारी जन्म या आयु प्रमाणपत्र के बुनियाद पर भी उम्र तय की जा सकती है. इसके अलावा माता पिता की तरफ से दिए गए शपथपत्र को भी माना जा सकता है. परिषद ने स्कूलों को साफ कहा है कि इन्हीं मान्य दस्तावेजों के आधार पर छात्र की जन्मतिथि दर्ज की जाए.
कागजें के सुधारने के नियम जान लें &amp;nbsp;
अगर मार्कशीट या सर्टिफिकेट में जन्म तारीख गलत है, तो अब उसे सुधारने के लिए बोर्ड द्वारा तय किए गए नियमों का ही पालन करना होगा क्योंकि कोई भी शॉर्टकट मान्य नहीं होगा. इसके लिए छात्र को अपने बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय में जाकर एक आवेदन पत्र देना होगा, जिसके साथ असली जन्म प्रमाण पत्र और आधार कार्ड जैसे जरूरी सरकारी दस्तावेज जमा करना है. बोर्ड ने साफ कर दिया है कि बिना पक्के और असली कागजों के जन्म तारीख में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा, ताकि कोई भी गलत जानकारी देकर अपनी उम्र का फायदा न उठा सके. इसके अलावा बाद में आने वाले ऐसे सभी आवेदनों और कागजों की बोर्ड द्वारा जांच पड़ताल की जाएगी.
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        <pubDate>Sun, 30 Aug 2026 23:30:04 +0530</pubDate>
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        <title>MP पुलिस भर्ती में अग्निवीरों को 7.5% आरक्षण, बदला कोटा सिस्टम </title>
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        <description><![CDATA[ मध्य प्रदेश में अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरी का रास्ता आसान करने की दिशा में राज्य सरकार बड़ा फैसला लेने की तैयारी में है. प्रदेश की यूनिफॉर्म सर्विस की भर्तियों में अग्निवीरों के लिए आरक्षण की व्यवस्था लागू की जाएगी. इसके तहत पुलिस, जेल, वन, आबकारी और परिवहन विभाग की भर्तियों में मध्य प्रदेश के मूल निवासी और 4 साल की सैन्य सेवा पूरी कर चुके अग्निवीरों को आरक्षण का लाभ मिलेगा.
पुलिस के सामान्य आरक्षक भर्ती में अग्निवीरों के लिए 7.5 प्रतिशत पद आरक्षित करने का प्रस्ताव है. आपको बता दें कि अग्निवीरों के लिए यह आरक्षण अलग से अतिरिक्त पद बढ़ाकर नहीं बल्कि कुछ विभागों में पहले से लागू आरक्षण व्यवस्था में बदलाव करके दिया जाएगा.&amp;nbsp;
पुलिस आरक्षक भर्ती में ऐसे बदलेगा आरक्षण&amp;nbsp;
पुलिस की सामान्य आरक्षक भर्ती में अभी होमगार्ड के लिए 15 प्रतिशत और पूर्व सैनिकों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण है. प्रस्तावित व्यवस्था में होमगार्ड का कोटा घटाकर 10 प्रतिशत किया जाएगा, जबकि पूर्व सैनिक आरक्षण 7.5 फीसदी रहेगा. इसके साथ अग्नि वीरों के लिए 7.5 प्रतिशत आरक्षण तय किया जाएगा. इस तरह सामान्य आरक्षित के पदों पर आरक्षण का नया गणित होमगार्ड 10 प्रतिशत, पूर्व सैनिक 7.5 प्रतिशत और अग्निवीर 7.5 प्रतिशत होगा.&amp;nbsp;
जेल प्रहरी और वनरक्षक में भी बदलेगा कोटा&amp;nbsp;
जेल विभाग में प्रहरी और वन विभाग में वनरक्षकों के पदों पर फिलहाल होमगार्ड के लिए 30 प्रतिशत आरक्षण है. प्रस्ताव के अनुसार इस घटाकर 20 प्रतिशत &amp;nbsp;किया जाएगा. बचा हुआ 10 प्रतिशत आरक्षण अग्निवीरों के लिए निर्धारित किया जाएगा. वहीं विशेष सशस्त्र आरक्षक और आबकारी विभाग के आरक्षित पदों पर होमगार्ड और पूर्व सैनिकों के मौजूदा आरक्षण में कटौती नहीं की जाएगी. इन पदों पर अग्निवीरों के लिए अलग से 10 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रस्ताव रखा गया है.&amp;nbsp;
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जनवरी-फरवरी से शुरू हो सकती है भर्ती&amp;nbsp;
राज्य में अग्निवीरों के पहले बैच ने दिसंबर 2022 और जनवरी 2023 में भर्ती प्रक्रिया पूरी की थी. इन अग्निवीरों के चार साल की सेवा दिसंबर 2026 से जनवरी 2027 के बीच पूरी होने वाली है. ऐसे में सरकार की योजना जनवरी-फरवरी के दौरान यूनिफॉर्म सर्विस की भर्तियां शुरू करने की है, ताकि 4 साल की सेवा पूरी कर चुके प्रदेश के मूल निवासी अग्निवीर इन भर्तियों में शामिल हो सके. इस अवधि तक प्रदेश में प्रस्तावित पुलिस भर्ती बोर्ड के गठन की भी तैयारी है. यह बोर्ड राज्य की यूनिफॉर्म सर्विस से जुड़ी भर्तियों के प्रक्रिया संभाल सकता है.&amp;nbsp;
प्रस्ताव को मिल चुकी है विभागों की सहमति&amp;nbsp;
अग्निवीरों के आरक्षण से जुड़ा प्रस्ताव गृह विभाग की ओर से तैयार किया गया है. इसे वित्त विभाग की मंजूरी मिल चुकी है. इसके अलावा जेल, वन, आबकारी और परिवहन विभाग में भी प्रस्ताव पर सहमति दी है. प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए राज्य सरकार के पास भेजा गया है. इसे सितंबर में होने वाली कैबिनेट बैठक में रखा जाना है. कैबिनेट की मंजूरी के बाद अग्निवीरों को यूनिफॉर्म सर्विस की भर्ती में प्रस्तावित आरक्षण का रास्ता साफ हो जाएगा.
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        <pubDate>Sun, 30 Aug 2026 11:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>बिहार में फेल नहीं होंगे बच्चे, कम नंबर पर भी मिलेगा स्किल ट्रेनिंग का मौका</title>
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        <description><![CDATA[ बिहार में कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में फेल रहने वाले छात्रों के लिए सरकार ने एक नई पहल की है. अब ऐसे छात्रों की मार्कशीट पर सीधे फेल नहीं लिखा जाएगा, इसकी जगह एलिजिबल फॉर स्किल डेवलपमेंट यानी कौशल विकास के लिए योग्य लिखा जाएगा. राज्य सरकार का कहना है कि परीक्षा में पास होने जितने अंक हासिल नहीं कर पाने से किसी छात्र की प्रतिभा खत्म नहीं हो जाती. इसी सोच के साथ असफल छात्रों को आगे बढ़ने के लिए दूसरा रास्ता देने की तैयारी की गई है. सरकार के अनुसार, यह बदलाव मौजूद शैक्षणिक सत्र से कक्षा 10वीं और 12वीं के बोर्ड परीक्षाओं में लागू किया जाएगा.&amp;nbsp;
फेल की जगह क्या लिखा जाएगा?&amp;nbsp;
बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बताया कि बोर्ड प्रमाणपत्रों पर फेल शब्द की जगह एलिजिबल फॉर स्किल डेवलपमेंट लिखा जाएगा. इस बदलाव का मकसद उन छात्रों को आगे की पढ़ाई और कौशल प्रशिक्षण से जोड़ना है, जो बोर्ड परीक्षा में पास नहीं हो पाते हैं. ऐसे छात्रों को बिहार बोर्ड ऑफ ओपन स्कूलिंग एंड एग्जामिनेशन की ओर से संचालित ट्रेनिंग प्रोग्राम में आगे बढ़ने का अवसर मिल सकेगा. यानी परीक्षा में फेल होना छात्रों के लिए स्किल सीखने का रास्ता बंद नहीं करेगा.&amp;nbsp;
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1 महीने तक मिलेंगे विशेष सत्र&amp;nbsp;
सरकार ने सिर्फ मार्कशीट में शब्द बदलने तक ही पहल को सीमित नहीं रखा है. कक्षा 10वीं की सप्लीमेंट्री परीक्षा देने वाले छात्रों के लिए एक महीने के विशेष सत्र भी आयोजित किए जाएंगे. इन सत्रों का उद्देश्य छात्रों को परीक्षा की तैयारी में मदद करना और उनके दोबारा सफल होने की संभावना बढ़ाना है. शिक्षा मंत्री के अनुसार परीक्षा में उम्मीद के अनुसार प्रदर्शन नहीं करने का मतलब यह नहीं है कि छात्रों में प्रतिभा नहीं है. इस वजह से असफल प्रयास के बाद छात्रों को सुधार का मौका देने और उन्हें पीछे छूटने से रोकने पर जोर दिया जा रहा है.&amp;nbsp;
पढ़ाई के अलावा एक्टिविटी पर भी जोर&amp;nbsp;
बिहार सरकार स्कूलों में छात्रों को केवल किताबों तक सीमित रखने के बजाय दूसरी एक्टिविटी से जोड़ने की दिशा में भी कदम उठा रही है. इसी कड़ी में शनिवार को सरकारी स्कूलों में नो बैग डे की व्यवस्था शुरू करने की घोषणा की गई है. 6 अगस्त को घोषित व्यवस्था के अनुसार शनिवार को सरकारी स्कूल सुबह 9:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक चलेंगे. वहीं सोमवार से शुक्रवार तक स्कूल का समय सुबह 9:30 बजे से शाम 4 बजे तक रहेगा.
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        <pubDate>Sun, 30 Aug 2026 11:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>बिहार, में, फेल, नहीं, होंगे, बच्चे, कम, नंबर, पर, भी, मिलेगा, स्किल, ट्रेनिंग, का, मौका</media:keywords>
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        <title>CSIR&amp;UGC NET June 2026 का रिजल्ट जारी, फटाफट करें चेक</title>
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        <description><![CDATA[ CSIR-UGC NET June 2026 का रिजल्ट जारी, फटाफट करें चेक.
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने CSIR UGC NET June 2026 परीक्षा के स्कोर जारी कर दिए हैं. परीक्षा में शामिल अभ्यर्थी अब आधिकारिक वेबसाइट पर लॉगिन कर अपना स्कोरकार्ड चेक और डाउनलोड कर सकते हैं. CSIR UGC NET जून 2026 की परीक्षा का आयोजन 17 और 18 जुलाई 2026 को कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में किया गया था.
NTA के अनुसार, इस परीक्षा के लिए कुल 1,87,739 अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया था, जिनमें से 1,50,057 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए. परीक्षा का आयोजन देशभर के 224 शहरों में किया गया था.
पांच विषयों में आयोजित हुई थी परीक्षा
CSIR UGC NET June 2026 परीक्षा पांच विषयों के लिए आयोजित की गई थी. इनमें लाइफ साइंसेज, मैथमेटिकल साइंसेज, फिजिकल साइंसेज, केमिकल साइंसेज और अर्थ, एटमॉस्फेरिक, ओशन एंड प्लैनेटरी साइंसेज शामिल हैं. विषयवार अभ्यर्थियों की उपस्थिति की बात करें तो लाइफ साइंसेज में 83,546 अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया था, जिनमें से 67,650 परीक्षा में शामिल हुए. मैथमेटिकल साइंसेज में 31,574 रजिस्टर्ड अभ्यर्थियों में से 24,964 ने परीक्षा दी.

Results are now declared for Joint CSIR-UGC NET June 2026 Candidates can visit the official portal to check their scorecards and result details.???? https://t.co/MU0mGVvWRu#NTA #NTAUpdate #NTAExams #CSIRNET #CSIRNETResult #ResultsDeclared pic.twitter.com/BqdA2QzOia
&amp;mdash; National Testing Agency (@NTA_Exams) August 29, 2026



इसी तरह फिजिकल साइंसेज में 27,791 में से 21,810, केमिकल साइंसेज में 38,740 में से 30,885 और अर्थ, एटमॉस्फेरिक, ओशन एंड प्लैनेटरी साइंसेज में 6,088 में से 4,748 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए.
महिला अभ्यर्थियों की संख्या अधिक
NTA द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, इस परीक्षा में महिला अभ्यर्थियों की संख्या पुरुष अभ्यर्थियों से अधिक रही. कुल 1,11,274 महिला अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया था, जिनमें से 90,380 परीक्षा में शामिल हुईं. वहीं, 76,463 पुरुष अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया था, जिनमें से 59,675 ने परीक्षा दी. थर्ड जेंडर श्रेणी में दो अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया था और दोनों परीक्षा में शामिल हुए.
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ऐसे डाउनलोड करें CSIR UGC NET June 2026 स्कोरकार्ड
परीक्षा में शामिल अभ्यर्थी अपना स्कोरकार्ड डाउनलोड करने के लिए सबसे पहले CSIR UGC NET की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं. इसके बाद June 2026 Scorecard/Result से संबंधित लिंक पर क्लिक करें. &amp;nbsp;अब मांगी गई लॉगिन डिटेल जैसे एप्लीकेशन नंबर और पासवर्ड दर्ज करें. लॉगिन करने के बाद स्क्रीन पर CSIR UGC NET June 2026 का स्कोरकार्ड दिखाई देगा. अभ्यर्थी स्कोरकार्ड में दर्ज सभी जानकारियों को ध्यान से जांच लें और भविष्य की जरूरत के लिए इसे डाउनलोड कर प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें.
NTA ने यह भी स्पष्ट किया है कि पात्र पाए गए अभ्यर्थियों के एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया, सेल्फ-डिक्लेरेशन और अन्य जरूरी दस्तावेजों का सत्यापन संबंधित प्राधिकरण द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा.
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        <pubDate>Sun, 30 Aug 2026 11:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>बिजली गुल होने से रद्द हुई थी परीक्षा, NTA ने री&amp;एग्जाम के जारी किए एडमिट कार्ड</title>
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        <description><![CDATA[ ऑल इंडिया आयुष पोस्ट ग्रेजुएट एंट्रेंस टेस्ट 2026 में शामिल होने वाले उन अभ्यर्थियों के लिए एक जरूरी अपडेट है, जिनकी परीक्षा बिजली गुल होने के कारण पूरी नहीं हो सकी थी. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने ऐसे उम्मीदवारों के लिए होने वाली दोबारा परीक्षा का एडमिट कार्ड जारी कर दिया है. उम्मीदवार अब अपना हॉल टिकट एनटीए की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर डाउनलोड कर सकते हैं.&amp;nbsp;
1 सितंबर को होगी दोबारा परीक्षा&amp;nbsp;
एनटीए की ओर से जारी जानकारी के अनुसार AIAPGET 2026 का री एग्जाम 1 सितंबर को सुबह 10 बजे आयोजित किया जाएगा. परीक्षा केंद्र राजस्थान कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग फॉर वूमेन जयपुर निर्धारित किया गया है. उम्मीदवार को अपने एडमिट कार्ड में दिए गए रिपोर्टिंग समय के अनुसार परीक्षा केंद्र पर पहुंचना होगा. परीक्षा में शामिल होने के लिए एडमिट कार्ड की प्रिंटेड कॉपी साथ ले जाना जरूरी होगा. इसके अलावा एडमिट कार्ड में बताए गए दूसरे जरूरी डॉक्यूमेंट और सामान भी उम्मीदवारों को साथ रखना होगा.&amp;nbsp;
लॉगिन डिटेल से डाउनलोड करें एडमिट कार्ड&amp;nbsp;
री एग्जाम के लिए जारी हॉल टिकट एनटीए की वेबसाइट पर उपलब्ध है. इसे डाउनलोड करने के लिए उम्मीदवारों को अपना एप्लीकेशन नंबर, पासवर्ड और सिक्योरिटी पिन दर्ज करना होगा.&amp;nbsp;
ऐसे करें एडमिट कार्ड डाउनलोड&amp;nbsp;

AIAPGET 2026 एग्जाम एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के लिए सबसे पहले exam.nta.nic.in/aiapget वेबसाइट पर जाएं.
अब होम पेज पर दिए गए एडमिट कार्ड लिंक को खोलें.
इसके बाद एप्लीकेशन नंबर, पासवर्ड और सिक्योरिटी पिन दर्ज करें.&amp;nbsp;
सबमिट पर क्लिक करते ही अब री-एग्जाम का एडमिट कार्ड दिखाई देगा.&amp;nbsp;
एडमिट कार्ड को डाउनलोड करके रख लें और इसकी प्रिंटेड कॉपी सुरक्षित रखें&amp;nbsp;

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49 उम्मीदवारों का होगा री-एग्जाम&amp;nbsp;
जयपुर के परीक्षा केंद्र पर बिजली की समस्या के चलते 49 उम्मीदवार अपनी परीक्षा पूरी नहीं कर पाए थे. इन्हीं अभ्यर्थियों को ध्यान में रखते हुए एनटीए ने दोबारा परीक्षा आयोजित करने का फैसला किया. अब इन उम्मीदवारों के लिए 1 सितंबर को निर्धारित परीक्षा केंद्र पर परीक्षा होगी. किसी भी जानकारी या समस्या के लिए उम्मीदवार एनटीए के हेल्पलाइन नंबर 011-40759000 और 011-69227700 पर कांटेक्ट कर सकते हैं. इसके अलावा aiapget@nta.ac.in पर ईमेल के जरिए भी अपनी समस्या भेज सकते हैं.&amp;nbsp;
क्या है AIAPGET 2026 परीक्षा?
AIAPGET 2026 राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा है, जिसके जरिए 2026-27 शैक्षणिक सत्र में पोस्ट ग्रेजुएट एएसयू एंड एच प्रोग्राम में एडमिशन के लिए उम्मीदवारों का चयन किया जाता है. इसके माध्यम से आयुर्वेद सिद्ध यूनानी और होम्योपैथी में एमडी-एमएस कार्यक्रमों में एडमिशन दिया जाता है.
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        <pubDate>Sun, 30 Aug 2026 11:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>दो बार UPSC क्रैक कर IAS बनीं दिव्या शक्ति, अब शराबबंदी की कमान</title>
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        <description><![CDATA[ दो बार UPSC क्रैक कर IAS बनीं दिव्या शक्ति, अब शराबबंदी की कमान ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 30 Aug 2026 11:30:02 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>कितने पढ़े&amp;लिखे हैं कुशाग्र अद्वैत, जिनकी कविता पर मचा बवाल?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/कितने-पढ़े-लिखे-हैं-कुशाग्र-अद्वैत-जिनकी-कविता-पर-मचा-बवाल</link>
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        <description><![CDATA[ हिंदी साहित्य में युवा कवि कुशाग्र अद्वैत की कविता छानकर की कुछ पंक्तियों को लेकर इन दिनों बहस छिड़ी हुई है. रेख्ता फाउंडेशन के हिंदवी ने उनकी कविता की कुछ पंक्तियां सोशल मीडिया पर शेयर की थी, जिसके बाद साहित्य से जुड़े लोगों के बीच इसको लेकर अलग-अलग राय सामने आने लगी. कविता की पंक्तियों को में दो स्तन शब्द के इस्तेमाल को लेकर एक पक्ष ने आपत्ति जताई, जबकि दूसरा पक्ष कवि के साथ खड़ा नजर आया.
सोशल मीडिया पर विवाद बढ़ने के बीच कुशाग्र अद्वैत ने भी इस मामले पर अपनी बात रखी. कुशाग्र अद्वैत का कहना है कि कविता में उन्होंने जानबूझकर स्तन शब्द का इस्तेमाल किया और वह इसे किसी दूसरे शब्द से बदलना नहीं चाहते. ऐसे में अब सोशल मीडिया पर कुशाग्र अद्वैत की चर्चाएं होने लगी है. तो चलिए आज हम आपको बताते हैं कि कुशाग्र अद्वैत कितने पढ़े लिखे हैं, जिनकी कविता पर बवाल मच गया है.&amp;nbsp;
बीएचयू से कर रहे हैं पीएचडी&amp;nbsp;
कुशाग्र अद्वैत की उम्र 28 साल है और वह लंबे समय से कविता लिख रहे हैं. उनकी कविताएं समय-समय पर प्रकाशित होती रही है. वह बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से पीएचडी कर रहे हैं. उनका रिसर्च सब्जेक्ट भी उपनिवेशीकरण है. कविता को लेकर चल रहे विवाद के बीच उन्होंने एक इंटरव्यू में अपने बारे में यह जानकारी दी थी.&amp;nbsp;
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स्तन शब्द बदलने का भी आया दबाव&amp;nbsp;
कविता की कुछ पंक्तियां सामने आने के बाद कुशाग्र अद्वैत को सोशल मीडिया पर आलोचना और गलियों का सामना भी करना पड़ा. उन्होंने कहा कि वह फेसबुक पर नहीं है और कविताओं की पंक्तियां पोस्ट होने के बाद उन्हें लगातार गलियां मिलने लगी. उनका कहना था कि वह ऐसी गालियों के आदी नहीं है. उन्होंने बताया कि विवाद के बाद वह हिंदवी के संपादक के पास भी गए.
उनका कहना था कि अगर ये उनकी कविता की पंक्तियां है, तो उनके साथ साहस के साथ खड़ा रहना चाहिए. उन्होंने कहा कि शुरुआत में वह इस विवाद में सामने नहीं थे, लेकिन अब वह अपनी उन पंक्तियों के साथ मजबूती से खड़े हैं. कुशाग्र ने यह भी कहा कि उन पर स्तन शब्द को आंख शब्द जैसे किसी दूसरे शब्दों से बदलने का दबाव था, लेकिन वह ऐसा नहीं करना चाहते थे .उनके अनुसार वह कविता में स्तन लिखना चाहते हैं थे.&amp;nbsp;
छनकर कविता की इन पंक्तियों पर हुआ विवाद&amp;nbsp;
दरअसल यह विवाद कुशाग्र अद्वैत की कविता छनकर की कुछ पंक्तियों को लेकर शुरू हुआ. हिंदवी की कविता की कुछ पंक्तियां सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई थी, इनमें कवि ने दो दिनों के लिए मिले प्रेम और उसे दौरान के अनुभव का जिक्र किया. कविता में वह लिखते हैं कि दो दिन बहुत कम होते हैं और इतने कम समय में वसंत और आषाढ़ को समेटना संभव नहीं.
इस क्रम में दो स्तन वाली पंक्ति आती है, जिस पर सोशल मीडिया पर फिलहाल बहस छिड़ी हुई है. इसके अलावा कविता की शुरुआत में चाय से छनकर आने, धूप के छनकर कमरे में पहुंचने और खबरों की पहरेदारी के बीच छनकर आने का जिक्र है. इसके बाद कवि प्रेमिका के आने को -छन से जोड़ता है और पायल, बिंदी, पापड़, टिहरी और साथ बिताए जाने वाले दो दिनों के अलग-अलग अनुभवों को कविता में पिरोता है.
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        <pubDate>Sat, 29 Aug 2026 19:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>CBSE 12वीं सप्लीमेंट्री का शेड्यूल जारी, 31 अगस्त को मिलेगी आंसर कॉपी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/cbse-12वीं-सप्लीमेंट्री-का-शेड्यूल-जारी-31-अगस्त-को-मिलेगी-आंसर-कॉपी</link>
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        <description><![CDATA[ सीबीएसई ने कक्षा 12वीं की सप्लीमेंट्री परीक्षा 2026 के रिजल्ट के बाद होने वाली प्रक्रियाओं का शेड्यूल जारी कर दिया है. जिन छात्रों को अपने नंबरों को लेकर आपत्ति है, वह अब अपनी मूल्यांकन आंसर बुक की स्कैन कॉपी मांग सकते हैं. इसके बाद ही नंबरों के वेरिफिकेशन या री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन किया जा सकेगा. बोर्ड ने इन सभी प्रक्रियाओं के लिए अलग-अलग तारीख और फीस निर्धारित की है. वही आपको बता दें कि सीबीएसई कक्षा 12वीं सप्लीमेंट्री रिजल्ट 12 अगस्त 2026 को जारी किया गया था. वहीं अब बोर्ड ने पोस्ट रिजल्ट सुविधाओं के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू करने की जानकारी दी है.&amp;nbsp;
31 अगस्त को मिलेगी आंसर बुक की स्कैन कॉपी&amp;nbsp;
सीबीएसई के शेड्यूल के अनुसार छात्र अपनी मूल्यांकित आंसर बुक की स्कैन कॉपी के लिए 31 अगस्त से 1 सितंबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं. इसके लिए प्रति विषय 100 रुपये फीस देनी होगी. आवेदन के बाद स्कैन की गई आंसर बुक एक छात्र के लॉगिन अकाउंट में उपलब्ध कराई जाएगी. बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि आंसर बुक की स्कैन कॉपी हासिल करने के बाद ही छात्र नंबरों के वेरिफिकेशन या री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन कर सकेंगे. यानी री-इवैल्यूएशन के लिए सीधा आवेदन करने का ऑप्शन नहीं होगा.&amp;nbsp;
7 और 8 सितंबर को वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन&amp;nbsp;
स्कैन कॉपी मिलने के बाद छात्रों को अपनी कॉपी देखने और उसमें दिए गए अंकों की जांच करने का मौका मिलेगा. अगर किसी छात्र को लगता है कि मूल्यांकन में कोई गलती हुई है, तो वह इसके बाद नंबरों के वेरिफिकेशन या री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन कर सकता है. इसके लिए आवेदन विंडो 7 और 8 सितंबर 2026 को खुलेगी. नंबरों के वेरिफिकेशन के लिए प्रति आंसर बुक 100 रुपये, जबकि री-इवैल्यूएशन के लिए प्रति प्रश्न 100 रुपये फीस निर्धारित की गई है. छात्र दोनों सुविधाओं के लिए भी आवेदन कर सकेंगे, जिसके लिए फीस देनी होगी.&amp;nbsp;
सिर्फ थ्योरी वाले हिस्से का होगा री-इवैल्यूएशन
सीबीएसई ने बताया कि री-इवैल्यूएशन की सुविधा केवल थ्योरी वाले हिस्से के लिए उपलब्ध होगी. किसी प्रश्न के लिए सिर्फ एक हिस्से की जगह पूरे प्रश्न का री-इवैल्यूएशन किया जाएगा. छात्रों को आवेदन करने से पहले संबंधित विषय की मार्किंग स्कीम और प्रश्न पत्र को देखने की सलाह दी गई है. री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन करते समय छात्र को अपने अनुरोध का कारण भी स्पष्ट रूप से बताना होगा.&amp;nbsp;
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नंबर बढ़ और कम भी हो सकते हैं
बोर्ड ने छात्रों को यह भी स्पष्ट किया है कि वेरिफिकेशन या री-इवैल्यूएशन के बाद नंबरों में बदलाव हो सकता है. अंक बढ़ने के साथ कम भी हो सकते हैं. यहां तक कि अगर एक नंबर की कटौती होती है, तो वह भी लागू की जाएगी. री-इवैल्यूएशन का रिजल्ट सीबीएसई के ऑफिशियल वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा. बोर्ड का निर्णय ही अंतिम होगा और री-इवैल्यूएशन के रिजल्ट के खिलाफ किसी अपील या दोबारा समीक्षा का प्रावधान नहीं होगा.&amp;nbsp;
ऑनलाइन करना होगा आवेदन&amp;nbsp;
छात्रों को पोस्ट रिजल्ट सुविधा के लिए आवेदन सीबीएसई की वेबसाइट पर दिए गए ऑनलाइन लिंक के माध्यम से करना होगा. आवेदन के साथ निर्धारित फीस का पेमेंट भी ऑनलाइन करना होगा. बोर्ड ने छात्रों को आवेदन करते समय सभी जानकारी ध्यान से पढ़ने की सलाह दी है. सीबीएसई के अनुसार छात्रों की ओर से गलत जानकारी भरने पर उसकी जिम्मेदारी बोर्ड नहीं कि नहीं होगी. इसलिए आवेदन जमा करने से पहले सभी डिटेल की जांच करना जरूरी है.
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        <pubDate>Sat, 29 Aug 2026 19:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>CBSE, 12वीं, सप्लीमेंट्री, का, शेड्यूल, जारी, अगस्त, को, मिलेगी, आंसर, कॉपी</media:keywords>
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        <title>NEET UG काउंसलिंग राउंड 2 का शेड्यूल जारी, 3 सितंबर से शुरू होगी प्रक्रिया</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/neet-ug-काउंसलिंग-राउंड-2-का-शेड्यूल-जारी-3-सितंबर-से-शुरू-होगी-प्रक्रिया</link>
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        <description><![CDATA[ नीट यूजी 2026 काउंसलिंग के राउंड 2 को लेकर मेडिकल काउंसलिंग कमेटी ने शेड्यूल जारी कर दिया है. ऑल इंडिया कोटा, डीम्ड यूनिवर्सिटी और सेंट्रल यूनिवर्सिटी की सीटों के लिए दूसरे राउंड की काउंसलिंग प्रक्रिया 3 सितंबर 2026 से शुरू होगी. इस दिन रजिस्ट्रेशन फीस, पेमेंट और चॉइस फिलिंग की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी. राउंड 2 का सीट अलॉटमेंट रिजल्ट 11 सितंबर को जारी किया जाएगा. राउंड 2 में सीट पाने वाले उम्मीदवारों को तय समय के अंदर संबंधित संस्थान में रिपोर्ट कर एडमिशन प्रक्रिया पूरी करनी होगी.&amp;nbsp;
3 सितंबर से रजिस्ट्रेशन और फीस पेमेंट&amp;nbsp;
एक्यूआई, डीम्ड और सेंट्रल यूनिवर्सिटी के लिए राउंड 2 का रजिस्ट्रेशन और फीस पेमेंट 3 सितंबर से 8 सितंबर किया जा सकेगा. 8 सितंबर को फीस जमा करने की सुविधा शाम 6:00 बजे तक उपलब्ध रहेगी. वहीं चॉइस फिलिंग का मौका 3 से 9 सितंबर तक मिलेगा. उम्मीदवार 8 सितंबर शाम 4 बजे से 9 सितंबर सुबह 10 बजे तक अपनी पसंद लोग कर सकेंगे. इसके बाद एमसीसी 9 और 10 सितंबर को सीट अलॉटमेंट की प्रक्रिया पूरी करेगा. वहीं 11 सितंबर को राउंड 2 का रिजल्ट जारी किया जाएगा.
राउंड 2 का पूरा शेड्यूल एक नजर में

टेंटेटिव सीट मैट्रिक्स- 1 और 2 सितंबर 2026
रजिस्ट्रेशन और फीस पेमेंट- 3 से 8 सितंबर&amp;nbsp;
च्वाइस फिलिंग- 3 से 9 सितंबर&amp;nbsp;
च्वाइस लॉकिंग- 8 सितंबर शाम 4 बजे से 9 सितंबर सुबह 10 बजे तक&amp;nbsp;
सीट अलॉटमेंट प्रोसेस- 9 और 10 सितंबर&amp;nbsp;
राउंड 2 सीट अलॉटमेंट रिजल्ट- 11 सितंबर&amp;nbsp;
रिपोर्टिंग और ज्वाइनिंग-12 से 18 सितंबर&amp;nbsp;
ज्वॉइन किए उम्मीदवारों का वेरिफिकेशन- 19 सितंबर &amp;nbsp;&amp;nbsp;

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स्टेट काउंसलिंग का भी शेड्यूल जारी&amp;nbsp;
एमसीसी ने एक्यूआई के साथ स्टेट काउंसलिंग राउंड 2 की टाइमलाइन भी जारी की है. राज्य स्तर की काउंसलिंग की प्रक्रिया 7 सितंबर से 11 सितंबर तक चलेगी. इसमें संबंधित राज्य की काउंसलिंग अथॉरिटी उम्मीदवारों के एडमिशन और दूसरी प्रक्रियाओं को पूरा करेगी. एक्यूआई और स्टेट काउंसलिंग दोनों के तहत अलॉट सीट पर उम्मीदवारों को 18 सितंबर तक ज्वाइन करना होगा. 19 सितंबर को संबंधित अथॉरिटी की ओर से ज्वाइन कर चुके उम्मीदवारों के रिकॉर्ड का वेरिफिकेशन किया जाएगा. उम्मीदवारों को अपने राज्य की काउंसलिंग अथॉरिटी की ओर से जारी निर्देशों पर भी नजर रखनी होगी.&amp;nbsp;
किन उम्मीदवारों को राउंड 2 में मौका मिलेगा?
जिन उम्मीदवारों को राउंड 1 में कोई सीट नहीं मिली. वे निर्धारित नियमों के अनुसार राउंड 2 में हिस्सा ले सकेंगे. इसके अलावा राउंड 1 में सीट पाने वाले उम्मीदवार राउंड 2 सीट अपग्रेडेशन के लिए शामिल हो सकते हैं, जिन्होंने फ्लोट का ऑप्शन चुना है. वहीं जिन उम्मीदवारों ने फ्रीज ऑप्शन चुना उनकी राउंड 1 की सीट बरकरार रहेगी लेकिन उन्हें राउंड 2 में सीट अपग्रेडेशन के लिए नहीं माना जाएगा. राउंड 1 में सीट पाने वाले और अपग्रेडेशन के राउंड 2 में जाने वाले उम्मीदवारों को निर्धारित ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करनी होगी और जरूरी डॉक्यूमेंट जमा करने होंगे. इस साल की व्यवस्था के तहत फ्लोट उम्मीदवारों के डॉक्यूमेंट और वेरिफिकेशन के लिए अलॉट कॉलेज में व्यक्तिगत रूप से जाने की जरूरत नहीं होगी, संस्थान ऑनलाइन माध्यम से डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की जांच करेगा.
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        <pubDate>Sat, 29 Aug 2026 19:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>एसबीआई पीओ प्रीलिम्स रिजल्ट 2026 जारी, ऐसे चेक करें स्कोरकार्ड</title>
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        <description><![CDATA[ स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने प्रोबेशनरी ऑफिसर (PO) भर्ती 2026 के प्रीलिम्स का रिजल्ट जारी कर दिया है. जिन उम्मीदवारों ने 1 और 2 अगस्त 2026 को आयोजित प्रारंभिक परीक्षा में हिस्सा लिया था, वह अब अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं. रिजल्ट एसबीआई की ऑफिशियल वेबसाइट पर उपलब्ध कराया गया है. प्रीलिम्स में पास में पास उम्मीदवारों को भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण की परीक्षा में शामिल होने का मौका मिलेगा. एसबीआई इस भर्ती अभियान के जरिए कुल 1500 प्रोबेशनरी पदों पर नियुक्तियां करेगा. वहीं आपको बता दें कि प्रीलिम्स परीक्षा में उम्मीदवारों से इंग्लिश लैंग्वेज, क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड और रीजनिंग एबिलिटी से सवाल पूछे गए थे. प्रारंभिक परीक्षा में सफल होने वाले उम्मीदवारों की लिस्ट एसबीआई ने जारी कर दी है.
&amp;nbsp;जारी हुआ, SBI PO प्रीलिम्स रिजल्ट
एसबीआई में पीओ प्रीलिम्स का रिजल्ट ऑफिशियल वेबसाइट पर जारी किया है. उम्मीदवार अपना रोल नंबर रिजल्ट पीडीएफ में चेक कर सकते हैं. जिन उम्मीदवारों का रोल नंबर रिजल्ट लिस्ट में मौजूद है, उन्हें अगले चरण के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है. वहीं यह भर्ती विज्ञापन संख्या CRPD/PO/2026-27/09 के तहत आयोजित की जा रही है. प्रीलिम्स परीक्षा एक और दो अगस्त को अलग-अलग शिफ्टों में अलग-अलग परीक्षा केंद्र आयोजित हुई थी.
अब मेन्स परीक्षा में होंगे शामिल
प्रीलिम्स में सफल उम्मीदवार भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण यानी मेन्स परीक्षा में शामिल होंगे. जानकारी के अनुसार एसबीआई पीओ मेन्स परीक्षा 12 सितंबर को 2026 को आयोजित की जाएगी. इसकी तारीख फिलहाल टेंटेटिव है. मेन्स परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड और दूसरी जानकारी एसबीआई की ओर से अलग से जारी की जाएगी.
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ऐसे चेक करें एसबीआई पीओ प्रीलिम्स रिजल्ट

रिजल्ट चेक करने के लिए सबसे पहले एसबीआई की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाए.
इसके बाद करियर सेक्शन पर जाएं.
अब यहां करंट ओपनिंग या रिक्रूटमेंट रिजल्ट सेक्शन में जाएं.
रिक्रूटमेंट ऑफ प्रोबेशनरी ऑफिसर्स (Advt. CRPD/PO/2026-27/09) लिंक पर क्लिक करें.
अब &amp;nbsp;प्रीलिम्स एग्जामिनेशन रिजल्ट के लिंक को खोलें.
उसके बाद पीडीएफ खुल जाएगा, उसमें कंट्रोल एफ के जरिए आप अपना रोल नंबर चेक करें.
अगर आपका रोल नंबर लिस्ट में है, तो आप मेन्स परीक्षा के लिए शाॅर्ट लिस्ट हुए हैं

उम्मीदवार इन बातों का रखें ध्यान
रिजल्ट चेक करते समय उम्मीदवार अपना रजिस्ट्रेशन नंबर या रोल नंबर और जन्मतिथि-पासवर्ड तैयार रखें. एसबीआई की ओर से प्रीलिम्स रिजल्ट की जानकारी के लिए अलग से ईमेल या एसएमएस नहीं भेजा जाएगा, इसलिए उम्मीदवारों को आधिकारिक पोर्टल पर ही अपना स्टेटस चेक करना होगा. वहीं प्रीलिम्स में सफल उम्मीदवारों को मेन्स परीक्षा के एडमिट कार्ड की जानकारी एसबीआई की ओर से अलग से दी जाएगी.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sat, 29 Aug 2026 19:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>एसबीआई, पीओ, प्रीलिम्स, रिजल्ट, 2026, जारी, ऐसे, चेक, करें, स्कोरकार्ड</media:keywords>
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    <item>
        <title>यूपी में नौकरी की बहार, चुनाव से पहले 1 लाख युवाओं को मिलेगी जॉब </title>
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        <description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले बड़ी संख्या में युवाओं को सरकारी नौकरी मिलने की तैयारी है. अगले करीब साढ़े तीन महीने में राज्य में एक लाख से ज्यादा युवाओं को अलग-अलग सरकारी विभागों में रोजगार देने का टारगेट रखा गया है. इनमें सबसे बड़ी संख्या पुलिस भर्ती से जुड़ी है. पुलिस भर्ती प्रोन्नति बोर्ड के जरिए 74,103 युवाओं को सेवायोजित किया जाना है. इसके अलावा अधीनस्थ सेवा चयन आयोग और सहकारी संस्थागत सेवा मंडल की भर्तियों के रिजल्ट भी तय समय सीमा में जारी किए जाने की तैयारी है.&amp;nbsp;
मुख्य सचिव की बैठक के बाद मिली जानकारी&amp;nbsp;
हाल ही में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में अलग-अलग भर्ती संस्थाओं की ओर से चल रही परीक्षाओं और उनके रिजल्ट को लेकर जानकारी दी गई है. पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने बताया कि अप्रैल से जून के बीच होमगार्ड और आरक्षी नागरिक पुलिस समेत दूसरे पदों के लिए परीक्षा आयोजित की जा चुकी है. अब इन भर्तियों के रिजल्ट जारी किए जाने की तैयारी है.&amp;nbsp;
पुलिस भर्ती में 74,103 युवाओं को मिलेगा मौका&amp;nbsp;
पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की ओर से कुल 74,103 पदों पर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है. इसमें होमगार्ड के 41,424 पद और आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष के 32,679 पद शामिल है. होमगार्ड भर्ती का रिजल्ट 30 सितंबर तक और कांस्टेबल भर्ती का रिजल्ट 31 अक्टूबर तक जारी किए जाने की संभावना है. परीक्षा पूरी होने के बाद अब बड़ी संख्या में उम्मीदवारों को रिजल्ट का इंतजार है
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अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से 25,194 युवाओं को नौकरी&amp;nbsp;
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से भी अलग-अलग भर्तियों के रिजल्ट जारी कर युवाओं की नई को नियुक्ति देने की तैयारी है. आयोग के जरिए 15 दिसंबर तक 25,194 युवाओं को नौकरी दिए जाने की संभावना है. आयोग की ओर से जानकारी से अब तक परीक्षाओं के रिजल्ट दिसंबर तक जारी किए जाने की योजना है. कनिष्ठ सहायक के 54 पदों का रिजल्ट 31 अगस्त तक आने की संभावना है. वहीं सम्मिलित कनिष्ठ सहायक और दूसरों पदों के 5,369 पदों पर 10 सितंबर तक रिजल्ट आ सकता है.
इसके अलावा महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता के 5,272 पद, नक्शानवीस एवं मानचित्र के 283 पद और प्रवर्तन कांस्टेबल के 477 पदों के लिए रिजल्ट 30 सितंबर तक की आने की संभावना है. सहायक स्टोर कीपर और सहायक ग्रेड के 200 पदों का रिजल्ट 7 अक्टूबर तक, जबकि वन रक्षक के एवं वन्य जीव रक्षक के 709 पदों का रिजल्ट 15 अक्टूबर तक जारी किया जा सकता है. इसके अलावा लेखपाल के 7,994 पदों का रिजल्ट 10 नवंबर तक आने की संभावना है. आशुलिपिक के 1,557 पदों का रिजल्ट 30 नवंबर तक और कनिष्ठ सहायक के 3,279 पदों का रिजल्ट 15 दिसंबर तक आने की संभावना है.&amp;nbsp;
सहकारी सेवा मंडल में 2200 पदों पर भर्ती&amp;nbsp;
उत्तर प्रदेश सहकारी संस्थागत सेवा मंडल भी भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने की तैयारी कर रहा है. सम्मिलित सहकारी बैंकिंग और तकनीकी सेवा के करीब 2,200 पदों के लिए सितंबर-अक्टूबर के दौरान परीक्षा कराई जाने की तैयारी है. &amp;nbsp;इन भर्तियों का अंतिम चयन रिजल्ट 30 नवंबर तक घोषित किए जाने की संभावना है.
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        <pubDate>Sat, 29 Aug 2026 19:30:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>यूपी, में, नौकरी, की, बहार, चुनाव, से, पहले, लाख, युवाओं, को, मिलेगी, जॉब </media:keywords>
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    <item>
        <title>KVS&amp;NVS 2026 टियर 2 रिजल्ट जारी, ऐसे चेक करें अपना परिणाम</title>
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        <description><![CDATA[ KVS-NVS भर्ती परीक्षा 2026 में शामिल उम्मीदवारों के लिए रिजल्ट से जुड़ा जरूरी अपडेट सामने आया है. केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की ओर से केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) और नवोदय विद्यालय समिति (NVS) के अलग-अलग शिक्षण और गैर-शिक्षण पदों के Tier-II परिणाम जारी कर दिए गए हैं. उम्मीदवार अब अपना रिजल्ट और शॉर्टलिस्टिंग स्टेटस देख सकते हैं. इसके लिए उम्मीदवारों को आवेदन पोर्टल पर जाकर अपने परिणाम की जांच करनी होगी.&amp;nbsp;
CBSE HQ की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, आज यानी 28 अगस्त 2026 को अलग-अलग पदों के लिए Tier-II के नतीजे जारी किए जा रहे हैं. इसमें Post Graduate Teachers (PGTs), Trained Graduate Teachers (TGTs) और एक Non-Teaching Post शामिल है. जिन पदों के लिए इंटरव्यू या स्किल टेस्ट होना है, उन के लिए उम्मीदवारों को आगे की प्रक्रिया के लिए अलग से जानकारी दी जाएगी.&amp;nbsp;
इन PGT पदों का रिजल्ट जारी
Tier-II Recruitment Examination के तहत Post Graduate Teachers यानी PGT के तीन पदों के परिणाम घोषित किए जा रहे हैं. इनमें PGT (Biology), PGT (Commerce) और PGT (Geography) शामिल हैं. इन पदों के लिए Tier-II परीक्षा में शामिल उम्मीदवार अब अपना रिजल्ट या शॉर्टलिस्टिंग स्टेटस आवेदन पोर्टल के माध्यम से देख सकते हैं.&amp;nbsp;
KVS-NVS Tier 2 Result 2026 ऐसे करें चेक
1. KVS-NVS Tier 2 रिजल्ट देखने के लिए उम्मीदवार सबसे पहले आधिकारिक एप्लीकेशन पोर्टल पर जाएं.
2. इसके बाद KVS-NVS Tier-II भर्ती रिजल्ट से जुड़े लिंक को खोलें.
3. अब अपनी पोस्ट के अनुसार रिजल्ट लिंक चुनें और मांगी गई लॉगिन डिटेल दर्ज करें.
4. लॉगिन करने के बाद स्क्रीन पर रिजल्ट या स्कोरबोर्ड दिखाई देगा. इसमें शॉर्टलिस्टिंग स्टेटस और लागू होने पर नंबर देखे जा सकते हैं.
5. उम्मीदवार स्कोरकार्ड डाउनलोड करके फ्यूचर के लिए इसकी कॉपी सुरक्षित रख सकते हैं.
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इन TGT पदों के नतीजे भी घोषित
Trained Graduate Teachers यानी TGT के लिए भी दो पदों के Tier-II परिणाम जारी किए जा रहे हैं. इनमें TGT (Art/Art Education) और TGT (Library)/Librarian शामिल हैं. इन पदों की Tier-II परीक्षा में शामिल अभ्यर्थी भी आवेदन पोर्टल पर जाकर अपना रिजल्ट और शॉर्टलिस्टिंग स्टेटस चेक कर सकते हैं.&amp;nbsp;
Assistant Section Officer का भी रिजल्ट
CBSE की ओर से जारी अपडेट में एक Non-Teaching Post का रिजल्ट भी शामिल है. इसमें Assistant Section Officer पद के लिए Tier-II Recruitment Examination का परिणाम घोषित किया जा रहा है. संबंधित उम्मीदवार आवेदन पोर्टल पर अपना रिजल्ट और शॉर्टलिस्टिंग स्टेटस देख सकते हैं.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sat, 29 Aug 2026 03:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>NTA में बड़ा बदलाव, 2 नए डायरेक्टर और जॉइंट डायरेक्टर की नियुक्ति</title>
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        <description><![CDATA[ NTA Appointments: केंद्र सरकार ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को मजबूत और पुनर्गठित करने की कोशिश के तहत दो डायरेक्टर और एक जॉइंट डायरेक्टर नियुक्त किए हैं. यह आदेश 27 अगस्त को जारी किया गया था और नियुक्तियों की जानकारी आज सामने आई है. यह कदम एनटीए की लगातार हो रही जांच और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े विवाद के बाद एजेंसी में सुधार लाने की सरकार की कोशिश के बीच उठाया गया है.&amp;nbsp;
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी में नई नियुक्तियां&amp;nbsp;
आईपीएस अधिकारी रवि कुमार सिंह और आईएएस अधिकारी प्रसन्ना वेंकटेश वी को डायरेक्टर नियुक्त किया गया है. इसी के साथ 2016 बैच के आईआरएस अधिकारी अमित सामदारिया&amp;nbsp;को जॉइंट डायरेक्टर नियुक्त किया गया है.&amp;nbsp;
तीनों अधिकारियों को आदेश जारी होने के तीन हफ्तों के अंदर अपना पद संभालने का निर्देश दिया गया है. साथ ही यह भी कहा गया है कि तय समय में शामिल न होने पर अधिकारियों को सेंट्रल स्टाफिंग स्कीम से बाहर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी.
नए नियुक्त अधिकारी कौन हैं?
आईपीएस अधिकारी रवि कुमार सिंह को 5 साल के कार्यकाल के लिए एनटीए का डायरेक्टर नियुक्त किया गया है. आईएएस अधिकारी प्रसन्ना वेंकटेश वी को भी 5 साल के कार्यकाल के लिए डायरेक्टर नियुक्त किया गया है. वहीं 2016 बैच के आईआरएस अधिकारी अमित सामदरिया 4 साल के कार्यकाल के लिए जॉइंट डायरेक्टर के तौर पर काम करेंगे. इन नियुक्तियों को टेस्टिंग एजेंसी के प्रशासनिक ढांचा को मजबूत करने की सरकार की व्यापक कोशिश के हिस्से के तौर पर देखा जा रहा है.

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी सुधारों के तहत और भर्तियां
पुनर्गठन की प्रक्रिया सिर्फ वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्तियों तक ही सीमित नहीं है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने 4 जनरल मैनेजर और 16 यंग प्रोफेशनल पदों के लिए भी भर्ती की घोषणा की है. इन पदों के लिए यूपीएससी पोर्टल के जरिए आवेदन मांगे गए हैं. इस अतिरिक्त भर्ती का मकसद एजेंसी कि संस्थागत और प्रशासनिक क्षमता को मजबूत करना है.
इससे पहले 47 अधिकारियों को हटाया गया&amp;nbsp;
यह नई युक्तियां एनटीए अधिकारियों के खिलाफ पहले की गई बड़ी कार्रवाई के बाद हुई हैं. 25 जुलाई को एजेंसी ने नीट पेपर लीक मामले में 47 अधिकारियों को हटा दिया था. रिपोर्ट के मुताबिक हटाए गए अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामले भी दर्ज किए जाएंगे. यह कार्रवाई परीक्षा से जुड़े विवाद और अनियमितताओं के आरोपों पर संस्थागत प्रतिक्रिया का हिस्सा थी.&amp;nbsp;

नीट पेपर लीक मामला क्या है?&amp;nbsp;
यह विवाद 3 मई 2026 को हुई नीट यूजी 2026 परीक्षा के प्रश्न पत्र के लीक से जुड़ा है. विवाद के बाद सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने परीक्षा रद्द कर दी और दोबारा परीक्षा आयोजित की.
इस मुद्दे ने छात्रों में भारी आक्रोश को पैदा किया और जवाबदेही के साथ-साथ जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन हुए. इस विवाद का देश भर के छात्रों पर काफी गंभीर असर पड़ा. इस दौरान आत्महत्या से कई छात्रों की मौत की खबर भी सामने आई.
विरोध प्रदर्शन हफ्तों तक जारी रहे. इसमें दिल्ली के जंतर मंतर पर हुए प्रदर्शन भी शामिल थे. कॉकरोच जनता पार्टी ने एक महीने तक विरोध प्रदर्शन किया और सोनम वांगचुक ने 26 दिन की भूख हड़ताल की. इस विरोध प्रदर्शन के नतीजे भी सामने आए. शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया.
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सीबीआई की जांच जारी&amp;nbsp;
सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन फिलहाल पेपर लीक की जांच कर रही है. महाराष्ट्र, राजस्थान और दिल्ली सहित कई राज्यों में जांच की जा रही है. ऐसा इसलिए क्योंकि जांचकर्ता लीक से जुड़े व्यापक नेटवर्क और परिस्थिति की पड़ताल कर रहे हैं. अब तक इस मामले में 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी सीबीआई जल्द ही चार्ज शीट दाखिल कर सकती है.
नेशनल टेस्टिस एजेंसी का पुनर्गठन क्यों जरूरी है?&amp;nbsp;
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी कई प्रमुख प्रवेश और प्रतियोगी परीक्षाओं को आयोजित करता है. इस वजह से भारत भर के शिक्षण संस्थानों में दाखिला लेने के इच्छुक लाखों छात्रों के लिए इसका कामकाज काफी जरूरी है.&amp;nbsp;
दो डायरेक्टर और एक जॉइंट डायरेक्ट की हालिया नियुक्ति के साथ-साथ जनरल मैनेजर और युवा पेशेवर की प्रस्तावित भर्ती एजेंसी को प्रशासनिक रूप से काफी ज्यादा मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है.
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        <pubDate>Sat, 29 Aug 2026 03:30:06 +0530</pubDate>
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        <title>NIT राउरकेला में प्लेसमेंट का जलवा, औसत पैकेज 15.33 लाख रुपये का</title>
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        <description><![CDATA[ नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) राउरकेला में 2025-26 का प्लेसमेंट सीजन छात्रों के लिए शानदार रहा. संस्थान के छात्रों को प्लेसमेंट के दौरान कुल 1340 प्लेसमेंट ऑफर मिले. वहीं 6 महीने की इंटर्नशिप के लिए 364 ऑफर मिले. प्री फाइनल ईयर के छात्रों ने भी 258 समर इंटर्नशिप हासिल की जो संस्थान के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी संख्या है. बीटेक छात्रों का प्लेसमेंट रेट 95.47 प्रतिशत रहा. इस दौरान बीटेक के एक छात्र को सबसे ज्यादा 1.31 करोड़ सालाना का पैकेज मिला. वहीं बीटेक का औसत सीटीसी 15.33 लाख रुपये सालाना और मीडियन सीटीसी 12.15 लाख रुपये रहा. प्लेसमेंट में 83 से ज्यादा छात्रों को 30 लाख रुपये सालाना से ज्यादा पैकेज मिले.&amp;nbsp;
बीटेक में 1.31 करोड़ रुपये का सबसे बड़ा पैकेज&amp;nbsp;
बीटेक में सबसे ज्यादा पैकेज कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग के छात्र को मिला. इसके बाद इसी ब्रांच के दूसरे छात्र को 83.60 लाख रुपये सालाना का पैकेज मिला है. संस्थान के अनुसार बायोमेडिकल इंजीनियरिंग, केमिकल इंजीनियरिंग, सेरेमिक इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और मैकेनिकल इंजीनियरिंग के सभी रजिस्टर छात्रों को प्लेसमेंट मिला. वहीं बायोटेक्नोलॉजी, सिविल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंस्ट्रूमेंटेशन इंजीनियरिंग, इंडस्ट्रियल डिजाइन और मेटलर्जिकल एंड मैटेरियल्स इंजीनियरिंग में प्लेसमेंट रेट 90 प्रतिशत से ज्यादा रहा.&amp;nbsp;
एमटेक में 46.38 लाख रुपये का पैकेज&amp;nbsp;
एमटेक छात्रों के लिए भी प्लेसमेंट के रिजल्ट अच्छे रहे. इस प्रोग्राम में सबसे ज्यादा 46.38 लख रुपये सालाना का पैकेज सीण्सई के छात्रों को मिला. इसके बाद इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग के छात्रों को 44 लाख रुपये का पैकेज मिला. एमटेक का औसत सीटीसी से 11.90 लाख रुपये और मीडियन सीटीसी 9 लाख रुपये रहा.&amp;nbsp;
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374 कंपनियों ने लिया हिस्सा&amp;nbsp;
एनआईटी राउरकेला के प्लेसमेंट ड्राइव में कुल 374 कंपनियों ने हिस्सा लिया. इनमें करीब आधी कंपनियां ऐसी थी, जो पहली बार संस्थान के कैंपस प्लेसमेंट में शामिल हुई. सबसे ज्यादा भागीदारी सॉफ्टवेयर और आईटी सर्विसेज क्षेत्र की कंपनियों की रही. इसके बाद मैन्युफैक्चरिंग, बीएफएसआई इलेक्ट्रॉनिक्स और एजुकेशन सेक्टर की कंपनियां शामिल रही. प्लेसमेंट ऑफर्स में कोर सेक्टर की हिस्सेदारी 41.69 प्रतिशत रही. सॉफ्टवेयर और आईटी से 17.79 प्रतिशत, पावर और हैवी सेक्टर से 13.77 प्रतिशत और बीएफएसआई से 11.52 प्रतिशत ऑफर आए. एनालिटिक्स एंड कंसलटिंग की हिस्सेदारी 9.5 प्रतिशत, इलेक्ट्रॉनिक्स सेमीकंडक्टर और वीएलएसआई की 8.40 प्रतिशत, मैन्युफैक्चरिंग की 8.09 प्रतिशत, &amp;nbsp;ऑयल एंड गैस की 7.86 प्रतिशत और एजुकेशन सेक्टर की 7.23 फीसदी रही.&amp;nbsp;
इंटर्नशिप में भी छात्रों का शानदार प्रदर्शन&amp;nbsp;
प्लेसमेंट के साथ-साथ इंटर्नशिप के मामले में भी छात्रों को अच्छे अवसर मिले. 6 महीने की इंटर्नशिप के लिए 364 ऑफर मिले. जिनसे सफलतापूर्वक इंटर्नशिप पूरी करने वाले छात्रों को फ्री प्लेसमेंट ऑफर मिलने की संभावना रहेगी. इसके अलावा प्री फाइनल ईयर के छात्रों ने 258 समय इंटर्नशिप हासिल की. इस दौरान सबसे ज्यादा इंटर्नशिप स्टाइपेंड 1.50 लाख रुपये प्रतिमाह रहा. संस्थान के अनुसार समर इंटर्नशिप भी अगले प्लेसमेंट सीजन में छात्रों के लिए प्री प्लेसमेंट ऑफर का रास्ता खोल सकती है.
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        <pubDate>Sat, 29 Aug 2026 03:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>NIT, राउरकेला, में, प्लेसमेंट, का, जलवा, औसत, पैकेज, 15.33, लाख, रुपये, का</media:keywords>
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        <title>GATE 2027 के आवेदन शुरू, 27 सितंबर तक करें रजिस्ट्रेशन </title>
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        <description><![CDATA[ ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट एंड इंजीनियरिंग के लिए आवेदन प्रक्रिया को लेकर उम्मीदवारों के लिए जरूरी डेट आया है. आईआईटी मद्रास की ओर से आयोजित होने वाली गेट-2027 परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 27 अगस्त से शुरू हो गई है. उम्मीदवार बिना लेट फीस के 27 सितंबर 2026 तक आवेदन कर सकेंगे. इसके अलावा लेट फीस के साथ आवेदन करने का मौका 5 अक्टूबर तक दिया जाएगा. इस बार आवेदन प्रक्रिया में डिजिलॉकर को अनिवार्य किया गया है. वहीं परीक्षा में रोबोटिक एंड ऑटोमेशन को नया पेपर जोड़ा गया है.&amp;nbsp;
27 सितंबर तक करें आवेदन&amp;nbsp;
गेट 2027 के लिए सामान्य आवेदन प्रक्रिया की आखिरी तारीख 27 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है. जो उम्मीदवारी इस तारीख तक आवेदन नहीं कर पाएंगे, उन्हें लेट फीस के साथ 5 अक्टूबर 2026 तक आवेदन करने का मौका मिलेगा. आवेदन में सुधार के लिए विंडो 14 से 21 अक्टूबर 2026 तक खुलेगी. उम्मीदवारों को आवेदन से पहले सभी जरूरी जानकारी और डॉक्यूमेंट तैयार रखने की सलाह दी है.&amp;nbsp;
फरवरी में होगी गेट 2027 परीक्षा&amp;nbsp;
गेट 2027 परीक्षा का आयोजन कंप्यूटर आधारित मोड में किया जाएगा. परीक्षा की तारीख 6, 7, 13, 14, 20 और 21 फरवरी 2027 निर्धारित की गई है. परीक्षा का रिजल्ट 19 मार्च 2027 को जारी किया जाएगा. परीक्षा 3 घंटे की होगी और प्रश्न पत्र में कुल 65 प्रश्न होंगे जो 100 अंकों के होंगे. पेपर में जनरल एप्टीट्यूड के 15 अंक होंगे, जबकि संबंधित विषय से 85 अंक के प्रश्न पूछे जाएंगे.&amp;nbsp;
MCQ, MSQ और NAT तरह के सवाल होंगे
गेट 2027 में प्रश्न तीन तरह के होंगे. इनमें एमसीक्यू, MSQ और NAT शामिल है. गलत उत्तर के लिए नेगेटिव मार्किंग केवल एमसीक्यू प्रश्नों में लागू होगी. 1 नंबर वाले गलत एमसीक्यू उत्तर पर एक तिहाई अंक काटा जाएगा, जबकि दो अंक वाले गलत एमसीक्यू उत्तर पर दो तिहाई की कटौती होगी.&amp;nbsp;
रोबोटिक्स एंड ऑटोमेशन नया पेपर जोड़ा गया&amp;nbsp;
इस बार गेट में रोबोटिक्स एंड ऑटोमेशन को नया टेस्ट पेपर बनाया गया है. इसके जुड़ने के बाद गेट में कुल 30 पेपर हो गए. यह पेपर स्मार्ट सिस्टम, &amp;nbsp;मेकाट्रॉनिक्स और रोबोटिक्स इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित उम्मीदवारों के लिए है. इसके अलावा बायोटेक्नोलॉजी के सिलेबस और विषय के वेटेज में भी बदलाव किया गया है. इंजीनियरिंग साइंस, ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंस और लाइफ साइंस में भी सिलेबस फॉर्मेट और स्ट्रक्चर से जुड़े बदलाव किए गए हैं. टेक्सटाइल इंजीनियरिंग के कोड स्ट्रक्चर और कंटेंट फ्रेमवर्क में भी परिवर्तन किया गया.&amp;nbsp;
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आवेदन के लिए डिजिलॉकर जरूरी&amp;nbsp;
गेट 2027 की आवेदन प्रक्रिया में इस बार डिजिलाॅकर को शामिल किया गया है. भारतीय नागरिक उम्मीदवारों के लिए वेरीफाइड डिजिलॉकर अकाउंट होना जरूरी है. रजिस्ट्रेशन के दौरान उम्मीदवार का नाम, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर, ईमेल, फोटो, एड्रेस और वेरीफाइड पहचान पत्र संख्या जैसी जानकारी डिजिलॉकर से ली जाएगी.&amp;nbsp;
गेट 2027 के लिए आवेदन फीस&amp;nbsp;
जनरल आवेदन में ज्यादातर उम्मीदवारों के लिए एक पेपर की फीस 2000 रुपये निश्चित है. वहीं महिला, एससी, एसटी और पीडब्ल्यूडी उम्मीदवारों के लिए यह 1000 रुपये है. लेट फीस की अवधि में ज्यादातर उम्मीदवारों के लिए फीस 2500 और महिला, एससी, एसटी और पीडब्ल्यूडी उम्मीदवारों के लिए 1500 हो जाएगी
गेट का स्कोर कहां होगा इस्तेमाल?
गेट स्कोर का इस्तेमाल पोस्ट ग्रेजुएट और डॉक्टोरल प्रोग्राम में एडमिशन के लिए किया जा सकता है. इसके अलावा कई सार्वजनिक क्षेत्र के कंपनियां भी भर्ती के लिए गेट स्कोर को ध्यान में रखती है.
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        <pubDate>Sat, 29 Aug 2026 03:30:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>डाक विभाग में निकली 25 हजार से ज्यादा नौकरियां, 10वीं पास करें आवेदन</title>
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        <description><![CDATA[ भारतीय डाक विभाग ने ग्रामीण डाक सेवक (GDS) भर्ती 2026 के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. इस भर्ती के जरिए देशभर के अलग-अलग डाक सर्कल और डिवीजन में 25,000 से ज्यादा पदों पर नियुक्ति की जाएगी. इनमें ब्रांच पोस्टमास्टर (BPM), असिस्टेंट ब्रांच पोस्टमास्टर (ABPM) और डाक सेवक के पद शामिल है. खास बात यह है कि इन पदों के लिए कोई लिखित परीक्षा नहीं होगी, बल्कि दसवीं के अंकों के आधार पर मेरिट लिस्ट तैयार कर उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा.&amp;nbsp;
दो चरणों में होगी आवेदन प्रक्रिया &amp;nbsp;
डाक विभाग की ओर से जारी GDS Online Engagement Schedule-II, July 2026 के तहत आवेदन प्रक्रिया दो चरणों में होगी. पहले उम्मीदवार को वन टाइम रजिस्ट्रेशन करना होगा. ओटीआर की प्रक्रिया 31 अगस्त से शुरू होगी, जबकि ऑनलाइन आवेदन और फीस जमा करने की प्रक्रिया 2 सितंबर 2026 शाम 5 बजे से शुरू होगी. वहीं इच्छुक उम्मीदवार 21 सितंबर 2026 शाम 5बजे तक आवेदन कर सकेंगे.&amp;nbsp;
10वीं पास उम्मीदवारों कर सकते हैं आवेदन&amp;nbsp;
जीडीएस भर्ती के लिए उम्मीदवार का 10वीं पास होना जरूरी है. 10वीं में गणित और अंग्रेजी विषय में पासिंग मार्क्स होने चाहिए. इसके अलावा उम्मीदवार को संबंधित सर्कल की निर्धारित स्थानीय भाषा की कम से कम दसवीं तक पढ़ाई की होनी चाहिए. उम्मीदवार के पास कंप्यूटर की जानकारी और साइकिल चलाने का ज्ञान भी होना चाहिए. इसके अलावा भर्ती के लिए आयु सीमा 18 से 40 वर्ष निर्धारित है. आयु की गणना आवेदन की अंतिम तारीख के आधार पर की जाएगी. वहीं आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को आयु सीमा में छूट मिलेगी.&amp;nbsp;
इन पदों पर होगी नियुक्ति&amp;nbsp;
भर्ती के तहत तीन तरह के पदों पर नियुक्ति की जाएगी. ब्रांच पोस्ट मास्टर को संबंधित ब्रांच पोस्ट ऑफिस की जिम्मेदारी संभालनी होगी. वहीं असिस्टेंट ब्रांच पोस्टमास्टर डाक वितरण, स्टांप और स्टेशनरी की बिक्री समेत अन्य कामों में बीपीएम की सहायता करेंगे. डाक सेवक के तौर पर डाक और पार्सल से जुड़े काम, स्टांप बिक्री और पोस्ट ऑफिस के दूसरे कार्यों में जिम्मेदारी निभानी होगी. इस भर्ती में पदों की सर्कल और डिवीजनवार संख्या उम्मीदवारों को जीडीएस ऑनलाइन एंगेजमेंट पोर्टल पर उपलब्ध कराई जाएगी. उम्मीदवार आवेदन करते समय पदों के अनुसार अपनी पसंद का डिवीजन और पोस्ट चुन सकेंगे.&amp;nbsp;
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10वीं के नंबरों पर बनेगी मेरिट&amp;nbsp;
जीडीएस भर्ती की सबसे खास बात यह है कि इसमें लिखित परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी. उम्मीदवारों का चयन कक्षा दसवीं में प्राप्त अंकों के आधार पर की गई सिस्टम जेनरेटेड मेरिट लिस्ट से होगा. अंकों की गणना 4 दशमलव तक की जाएगी. मेरिट लिस्ट में शॉर्टलिस्ट होने वाले उम्मीदवारों के मूल डॉक्यूमेंट का वेरिफिकेशन किया जाएगा. इसके बाद मेडिकल जांच और दूसरी औपचारिकताएं पूरी करनी होगी. इसके अलावा इन पदों पर सभी वर्गों के लिए आवेदन फीस 100 रुपये निर्धारित हैं. वहीं महिला एससी, एसटी, पीडब्ल्यूबीडी और ट्रांस वूमेन उम्मीदवारों को फीस से छूट दी गई.&amp;nbsp;
ऐसे कर सकते हैं आवेदन&amp;nbsp;
उम्मीदवारों को सबसे पहले जीडीएस ऑनलाइन एंगेजमेंट पोर्टल पर जाकर वन टाइम रजिस्ट्रेशन करना होगा. इसके बाद रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड के जरिए लोगिन करके एक्टिव नोटिफिकेशन में आवेदन करना होगा. आवेदन के दौरान व्यक्तिगत जानकारी 10वीं की शैक्षणिक जानकारी, डिवीजन और पोस्ट की पसंद दर्ज करनी होगी. अब उम्मीदवार को निर्धारित प्रारूप में अपनी फोटो और सिग्नेचर अपलोड करने होंगे. जिन उम्मीदवारों पर आवेदन शुल्क लागू है, उन्हें ऑनलाइन फीस जमा करनी होगी. वहीं आवेदन में सुधार के लिए 23 और 24 सितंबर को करेक्शन विंडो खोली जाएगी.
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        <pubDate>Fri, 28 Aug 2026 15:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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    <item>
        <title>14 की उम्र में पिता को खोया, 3 बार UPSC में फेल, अब CAPF बने पंकज कंबोज</title>
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        <description><![CDATA[ 14 की उम्र में पिता को खोया, 3 बार UPSC में फेल, अब CAPF बने पंकज कंबोज ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 28 Aug 2026 15:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>दिल्ली की बेटियों के लिए अजीम प्रेमजी स्कॉलरशिप, हर साल मिलेगी 30 हजार की मदद</title>
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        <pubDate>Fri, 28 Aug 2026 15:30:07 +0530</pubDate>
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        <title>IIT के किस ट्रेड में मिलती हैं सबसे ज्यादा नौकरी? देखें पूरा रिपोर्ट कार्ड</title>
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        <description><![CDATA[ IIT में एडमिशन लेने का सपना देश के लाखों छात्रों का होता है. इसकी एक बड़ी वजह यहां मिलने वाली पढ़ाई के साथ-साथ अच्छे करियर और नौकरी के मौके भी हैं. लेकिन क्या IIT की हर ब्रांच में नौकरी के मौके एक जैसे होते हैं? हाल ही के प्लेसमेंट के &amp;nbsp;आंकड़े इस सवाल का जवाब देते हैं. IIT भुवनेश्वर की 2026 की B.Tech प्लेसमेंट रिपोर्ट में Electrical Engineering ने placement rate के मामले में Computer Science को भी पीछे छोड़ दिया है. इससे पता चलता है कि नौकरी के मामले में सिर्फ CSE ही सबसे आगे नहीं है. आइए जानते है IIT के किस ट्रेड में मिलती हैं सबसे ज्यादा नौकरी.
Electrical Engineering सबसे आगे
IIT भुवनेश्वर की 2026 प्लेसमेंट रिपोर्ट के अनुसार Electrical Engineering के 68 छात्रों ने प्लेसमेंट के लिए हिस्सा लिया, जिनमें से 62 छात्रों को नौकरी मिली. यानी इस ब्रांच की placement rate 91.1 प्रतिशत रही. इस ब्रांच का औसत सालाना पैकेज 20.4 लाख रुपये रहा, जबकि सबसे ज्यादा पैकेज 74.3 लाख रुपये तक पहुंचा. IIT के ये आंकड़े बताते हैं कि Electrical Engineering की मांग अभी भी काफी बनी हुई है.
CSE में भी नौकरी के अच्छे मौके
Computer Science Engineering को आमतौर पर IIT की सबसे ज्यादा डिमांड वाली ब्रांच माना जाता है. IIT भुवनेश्वर के 2026 के आंकड़ों में CSE के 69 छात्रों ने प्लेसमेंट में हिस्सा लिया और 60 छात्रों को नौकरी मिली. इसकी placement rate 86.9 प्रतिशत रही. हालांकि यह Electrical Engineering से कम है, लेकिन CSE का औसत पैकेज 25.7 लाख रुपये रहा, जो इस रिपोर्ट में Electrical Engineering के औसत पैकेज से ज्यादा है. CSE में सबसे ज्यादा पैकेज 74.3 लाख रुपये रहा.
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Mechanical और दूसरी ब्रांचों का क्या हाल?
प्लेसमेंट के मामले में Mechanical Engineering भी पीछे नहीं रही। इस ब्रांच के 61 छात्रों में से 54 को नौकरी मिली और placement rate 88.5 प्रतिशत रही. Metallurgical and Materials Engineering में 19 में से 17 छात्रों को प्लेसमेंट मिला, यानी 89.4 प्रतिशत छात्र प्लेस हुए. वहीं Electronics and Communication Engineering की placement rate 76.4 प्रतिशत और Civil Engineering की 77.7 प्रतिशत रही। यानी हर ब्रांच में नौकरी के मौके हैं, लेकिन placement rate अलग-अलग रही.
सबसे ज्यादा पैकेज किस ब्रांच में मिला?
अगर बात सबसे ज्यादा पैकेज की करें तो इस रिपोर्ट में Electrical Engineering और Computer Science Engineering दोनों के छात्रों को अधिकतम 74.3 लाख रुपये सालाना तक का ऑफर मिला. ECE में सबसे ज्यादा पैकेज 56 लाख रुपये और Mechanical Engineering में 56 लाख रुपये रहा. Civil Engineering का सबसे ज्यादा पैकेज 29.7 लाख रुपये रहा. इससे साफ है कि सिर्फ placement rate नहीं, बल्कि औसत और अधिकतम पैकेज भी ब्रांच चुनते समय देखना जरूरी है.
IIT में कौन सी ब्रांच चुनें?
इन आंकड़ों को देखकर यह नहीं कहा जा सकता कि हर IIT में Electrical Engineering ही सबसे ज्यादा नौकरी देने वाली ब्रांच होगी. अलग-अलग IIT और हर साल के प्लेसमेंट आंकड़े अलग हो सकते हैं. कंपनी की जरूरत, छात्र की स्किल और कॉलेज की स्थिति भी नौकरी पर असर डालती है. इसलिए सिर्फ एक रिपोर्ट देखकर ब्रांच चुनने के बजाय अपने पसंदीदा विषय, करियर लक्ष्य और अलग-अलग IIT के पिछले प्लेसमेंट आंकड़ों को भी देखना चाहिए.
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        <pubDate>Fri, 28 Aug 2026 15:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>रोजगार के मोर्चे पर जेन जी की चिंता बढ़ी, 32% ने कहा नौकरियां हैं कम</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/रोजगार-के-मोर्चे-पर-जेन-जी-की-चिंता-बढ़ी-32-ने-कहा-नौकरियां-हैं-कम</link>
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        <description><![CDATA[ भारत के युवाओं के लिए रोजगार की चुनौती सिर्फ अपनी पसंद की नौकरी हासिल करने तक सीमित नहीं है. बल्कि बड़ी संख्या में युवा पर्याप्त नौकरियां उपलब्ध न होने को ही सबसे बड़ी समस्या मानते हैं. हाल ही में सामने आई अगस्त 2026 की एक रिपोर्ट के सर्वे में 32 फीसदी लोगों ने कहा कि युवाओं के सामने सबसे बड़ी रोजगार समस्या पर्याप्त नौकरियों का नहीं होना है. इसके बाद 18 प्रतिशत लोगों ने कम वेतन को बड़ी परेशानी बताया. सर्वे में 17-17 प्रतिशत लोगों ने कहा कि नौकरियां उनकी योग्यता के अनुरूप नहीं है और सरकारी भर्ती धीमी है. वहीं 7 प्रतिशत लोगों के अनुसार शिक्षा युवाओं को नियोक्ताओं की जरूरत के अनुसार कौशल स्किल नहीं देती. सिर्फ चार प्रतिशत ने सुरक्षित नौकरी और सुविधाओं की कमी को सबसे बड़ी समस्या माना है.&amp;nbsp;
रोजगार क्षमता बढ़ाने की जिम्मेदारी किसकी?
रोजगार और युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने के जिम्मेदारी किसकी होनी चाहिए. इस सवाल पर भी सर्वे में बताया गया है कि इसकी जिम्मेदारी सरकार को उठानी चाहिए. वहीं 63 प्रतिशत लोगों ने कहा युवाओं कि रोजगार क्षमता सुधारने के मुख्य जिम्मेदारी केंद्र और राज्य सरकारों की होनी चाहिए. इसके मुकाबले 14 प्रतिशत लोगों ने कहा कि इसकी जिम्मेदारी स्कूल और यूनिवर्सिटी की भी हाेनी चाहिए. 9 प्रतिशत ने प्राइवेट कंपनी और 5 प्रतिशत ने व्यक्ति और परिवार को इसकी जिम्मेदारी दी. वहीं 10 प्रतिशत लोग ने सवाल पर कोई जवाब नहीं दिया.&amp;nbsp;
देश में युवाओं की आबादी बढ़ी, लेकिन नौकरी तक पहुंच नहीं&amp;nbsp;
भारत में 15 से 29 वर्ष की उम्र के करीब 36.7 करोड़ लोग हैं, जो दुनिया में सबसे बड़ी युवा आबादी है. बड़ी संख्या में युवा उच्च शिक्षा की ओर बढ़ रहे हैं और उनके बीच बेहतर करियर को लेकर उम्मीद भी बढ़ी है. हालांकि रोजगार के आंकड़े बताते हैं कि पढ़ाई पूरी करने के बाद स्थिर और अच्छी आय वाली नौकरी तक पहुंचना भी बड़ी समस्या है. अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी की स्टेट ऑफ वर्किंग इंडिया 2026 रिपोर्ट के अनुसार देश में ग्रेजुएट्स की संख्या जिस गति से बढ़ रही है, उस अनुपात में ग्रेजुएट्स के लिए नौकरी नहीं बढ़ी. युवा ग्रेजुएट के बीच बेरोजगारी, स्थायी और बेहतर सैलरी वाली नौकरियों की पहुंच समस्या बनी हुई है. रिपोर्ट के अनुसार 2021-22 से 2023-24 के बीच जो 8.3 करोड़ नौकरियां जुड़ीं, उनमें करीब 4 करोड़ नौकरियां कृषि क्षेत्र में थी. ऐसे में बेरोजगारी दर में कमी आने के बावजूद रोजगार की गुणवत्ता एक अलग चुनौती बनी हुई है.&amp;nbsp;
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सरकारी आंकड़ों में बेरोजगारी दर घटी&amp;nbsp;
सरकार के आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में रोजगार की स्थिति में सुधार के आंकड़े सामने आए. इसके अनुसार 2017-18 में बेरोजगारी दर 6 प्रतिशत थी, जो 2023-24 में घट कर 3.2 प्रतिशत रह गई. इसी अवधि में महिलाओं की लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन रेट 23 प्रतिशत से बढ़कर 42 प्रतिशत हुई. वहीं चालू वित्त वर्ष के शुरुआती 6 महीने में नेशनल करियर सर्विस के जरिए 2.3 करोड़ से ज्यादा रिक्तियों को भी उपलब्ध कराया गया. हालांकि सर्वे और रिपोर्ट इस बात की ओर इशारा करते हैं कि रोजगार की संख्या के साथ-साथ नौकरी का वेतन स्थायित्व और उम्मीदवार की योग्यता के अनुरूप काम मिलना भी जरूरी है.&amp;nbsp;
रोजगार से जुड़ी सरकारी योजनाओं पर जोर&amp;nbsp;
सरकारी की रोजगार नीति में रोजगार से जुड़े प्रोत्साहन, स्किलिंग और औपचारिक के रोजगार को बढ़ावा देने पर छोड़ दिया गया है. रोजगार से जुड़े प्रोत्साहन की योजना अब प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के रूप में लागू है. इस योजना के लिए &amp;nbsp;99,446 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है और दो वर्ष में 3.5 करोड़ से ज्यादा रोजगार को समर्थन देने का टारगेट रखा गया है. इसमें करीब 1.92 करोड़ों ऐसे लोगों को शामिल किया गया है, जो पहली बार वर्कफोर्स में एंट्री करेंगे. पहली बार नौकरी करने वाले युवाओं को 15,000 रुपये तक का प्रोत्साहन दिया जा सकता है, जबकि एलिजिबल नियोक्ताओं को अतिरिक्त कर्मचारियों के लिए हर महीने 3000 रुपये तक मिल सकते हैं.
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        <pubDate>Fri, 28 Aug 2026 15:30:04 +0530</pubDate>
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        <title>दिल्ली पुलिस कांस्टेबल भर्ती का फिजिकल फिर स्थगित, ये हैं नई तारीखें</title>
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        <description><![CDATA[ दिल्ली पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा 2025 के तहत होने वाले फिजिकल सहनशक्ति एवं माप प्रशिक्षण को एक बार फिर स्थगित कर दिया गया है. दिल्ली पुलिस की ओर से जारी नोटिस के अनुसार 27 और 28 अगस्त को आयोजित होने वाला फिजिकल टेस्ट अब स्थगित हो गया है. इन तारीखों के लिए निर्धारित परीक्षाओं को मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के चलते आगे बढ़ाया गया है. &amp;nbsp;नई तारीखों की जानकारी बाद में जारी की जाएगी.&amp;nbsp;
27 और 28 अगस्त का फिजिकल टेस्ट स्थगित&amp;nbsp;
दिल्ली पुलिस कांस्टेबल भर्ती के लिए पीई एंड एमटी का आयोजन अलग-अलग तारीखों में किया जा रहा है. इस क्रम में 27 और 28 अगस्त को होने वाली शारीरिक परीक्षण को स्थगित कर दिया गया है. दिल्ली पुलिस के नए नोटिस में इन दोनों तारीखों के एग्जाम को आगे बढ़ाने की जानकारी दी है. जिन उम्मीदवारों ने इन दोनों दिनों में पीई एंड एमटी के लिए उपस्थित होना था, उन्हें अब संशोधित परीक्षा तारीख का इंतजार करना होगा. पुलिस की ओर से कहा गया है कि नई तारीख की सूचना समय पर दी जाएगी.&amp;nbsp;
खराब मौसम के कारण लिया फैसला&amp;nbsp;
दिल्ली एनसीआर में लगातार बारिश और मौसम की स्थिति को देखते हुए फिजिकल टेस्ट को स्थगित करने का फैसला लिया गया है. पीई एंड एमटी में उम्मीदवारों को दौड़, लंबी कूद और ऊंची कूद जैसी फिजिकल एक्टिविटी में हिस्सा लेना होता है. ऐसे में मैदान की स्थिति खराब होने पर परीक्षा आयोजित करना मुश्किल हो जाता है. इससे पहले भी बारिश और मौसम संबंधी परिस्थितियों के कारण 22, 24 और 25 अगस्त को निर्धारित फिजिकल टेस्ट स्थगित किया जा चुके हैं. इन तारीखों की परीक्षा अब 10, 11 और 12 सितंबर 2026 को आयोजित की जाएगी.&amp;nbsp;
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28 अगस्त वालों की नई परीक्षा कब होगी&amp;nbsp;
जिन उम्मीदवारों का पीई एंड एमटी 27 और 28 अगस्त को निर्धारित था. उन्हें फिलहाल नई तारीख घोषित होने का इंतजार करना होगा. दिल्ली पुलिस ने दोनों दिनों के स्थगित परीक्षण की संशोधित तारीख अभी जारी नहीं की है. उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वह दिल्ली पुलिस की ऑफिशियल वेबसाइट पर नियमित रूप से नोटिस और अपडेट चेक करते रहे. नई तारीख को लेकर सोशल मीडिया या किसी दूसरे अनधिकृत माध्यम से मिलने वाली जानकारी पर निर्भर रहने न रहने को भी कहा गया है.
उम्मीदवार कहां देखे नया अपडेट
उम्मीदवार दिल्ली पुलिस की भर्ती से जुड़ा ऑफिशियल नोटिस और पीई एंड एमटी की संशोधित तारीख की जानकारी दिल्ली पुलिस की वेबसाइट delhipolice.gov.in &amp;nbsp;के भर्ती सेक्शन में देख सकते हैं. नई तारीख जारी होने के बाद उम्मीदवार को उसी के अनुसार परीक्षा की तारीख और दूसरी व्यवस्थाएं करनी होगी.
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        <pubDate>Thu, 27 Aug 2026 23:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>केनरा बैंक में जॉब्स, बंपर सैलरी के साथ मुंबई&amp;बेंगलुरु में मिलेगी पोस्टिंग</title>
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        <description><![CDATA[ केनरा बैंक सिक्योरिटीज लिमिटेड ने अलग-अलग डिपार्टमेंट में 10 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए है. यह भर्ती मुंबई और बेंगलुरु में की जाएगी. भर्ती में एवीपी ऑपरेशंस, सीएस एवं कंप्लायंस ऑफिसर के अलावा असिस्टेंट मैनेजर, ऑफिसर और जूनियर ऑफिसर के पद शामिल है. इच्छुक उम्मीदवार इस भर्ती के लिए 15 सितंबर 2026 शाम 6 बजे तक आवेदन कर सकते हैं. आवेदन प्रक्रिया ईमेल के माध्यम से पूरी करनी होगी. उम्मीदवारों को निर्धारित आवेदन फॉर्म भरकर जरूरी डॉक्यूमेंट और अपडेटेड रिज्यूमे के साथ केनरा बैंक के ईमेल एड्रेस पर भेजना होगा.&amp;nbsp;
10 पदों पर होनी है भर्ती&amp;nbsp;
सीबीएसएल की ओर से जारी भर्ती के तहत कुल 10 खाली पद है. इनमें एवीपी ऑपरेशंस और सीएस एवं कंप्लायंस ऑफिसर के एक-एक पद शामिल है. इसके अलावा डीपी बैक ऑफिस ऑपरेशन बैंगलोर में दो पद पर भर्ती होगी. रिस्क मैनेजमेंट मुंबई के दो पद, कंप्लायंस &amp;nbsp;मुंबई का एक पद, इंस्टीट्यूशन डीलर मुंबई का एक पद और रिसर्च विभाग मुंबई बेंगलुरु के दो पदों पर भर्ती होगी. इस तरह कुल 10 पदों पर नियुक्ति की जानी है.&amp;nbsp;
ये उम्मीदवार कर सकते हैं आवेदन&amp;nbsp;
इन पदों के लिए उम्मीदवारों की न्यूनतम उम्र 20 और अधिकतम उम्र 30 वर्ष निर्धारित की गई है. एससी और एसटी वर्ग के उम्मीदवारों को अधिकतम आयु सीमा में 5 वर्ष, जबकि ओबीसी उम्मीदवारों को 3 साल की छूट दी जाएगी. इसके अलावा कैपिटल मार्केट या फाइनेंशियल सर्विसेज में एक्सपीरियंस रखने वाले उम्मीदवारों को नियमों के अनुसार एक्सपीरियंस की अवधि के आधार पर अधिकतम 10 साल तक की अतिरिक्त आयु छूट मिल सकती है. इसके लिए संबंधित एक्सपीरियंस का प्रमाण पत्र देना होगा. सभी पदों के लिए कंप्यूटर का नॉलेज जरूरी है. हालांकि अलग-अलग पदों के लिए संबंधित शैक्षणिक योग्यता और काम का एक्सपीरियंस निर्धारित है. वहीं कंपनी उम्मीदवारों की योग्यता और एक्सपीरियंस के आधार पर ही पद ग्रेड तय कर सकती है.&amp;nbsp;
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बिना लिखित परीक्षा होगा चयन&amp;nbsp;
सीबीएसएल की भर्ती में उम्मीदवारों को लिखित परीक्षा में शामिल नहीं होना होगा. सबसे पहले शैक्षणिक रिकॉर्ड, एक्सपीरियंस और पद के लिए उपयुक्तता के आधार पर उम्मीदवार की शॉर्ट लिस्टिंग की जाएगी. शॉर्ट लिस्टिंग किए किए गए उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा. इंटरव्यू की तारीख, समय और स्थान की जानकारी उम्मीदवारों को ईमेल के जरिए दी जाएगी. इंटरव्यू में शामिल होने के लिए आने जाने का खर्च उम्मीदवार को खुद उठाना होगा. वहीं अंतिम चयन इंटरव्यू में प्राप्त अंकों के आधार पर किया जाएगा . इसके साथ ही चयनित उम्मीदवारों का कंपनी की आवश्यकताओं के अनुसार मेडिकल फिटनेस पूरा करना जरूरी होगा.&amp;nbsp;
15 सितंबर तक भेजना होगा आवेदन&amp;nbsp;
सीबीएसएल भर्ती 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया ईमेल के जरिए होगी. उम्मीदवारों को कंपनी की वेबसाइट के करियर सेक्शन से निर्धारित आवेदन फॉर्म डाउनलोड कर उसे भरना होगा. इसके बाद आवेदन फॉर्म के साथ अपडेटेड रिज्यूमे और जरूरी डॉक्यूमेंट की कॉपी लगानी होगी. इन डॉक्यूमेंट में जन्म प्रमाण पत्र, दसवीं का प्रमाण पत्र, दूसरी मार्कशीट, एक्सपीरियंस सर्टिफिकेट, लागू होने पर जाति प्रमाण पत्र और दूसरे डॉक्यूमेंट शामिल है. पूरा आवेदन applications@canmoney.in पर ईमेल करना होगा. आवेदन की आखिरी तारीख 26 सितंबर है.
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        <pubDate>Thu, 27 Aug 2026 23:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>राजस्थान में 76 हजार टीचर्स को घंटे के हिसाब से मिलेगी सैलरी, जानें कैसे होगी भर्ती</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/राजस्थान-में-76-हजार-टीचर्स-को-घंटे-के-हिसाब-से-मिलेगी-सैलरी-जानें-कैसे-होगी-भर्ती</link>
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        <description><![CDATA[ राजस्थान में सरकारी स्कूलों और शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए सरकार विद्या संबल योजना के तहत गेस्ट फैकल्टी की नियुक्ति करने जा रही है. इस योजना के तहत करीब 76,791 पदों पर शिक्षकों को मौका दिया जाएगा. खास बात यह है कि इन शिक्षकों को नियमित सरकारी कर्मचारी की तरह वेतन नहीं मिलेगा, बल्कि पढ़ाए गए घंटों के आधार पर वेतन दिया जाएगा. इससे एक तरफ स्कूलों में खाली पदों को भरने में मदद मिलेगी, वहीं दूसरी तरफ योग्य युवाओं को पढ़ाने का अवसर मिलेगा.
76 हजार से ज्यादा पदों पर होगी नियुक्ति
विद्या संबल योजना के तहत राज्य के सरकारी स्कूलों और दूसरे शिक्षण संस्थानों में खाली पदों को जरूरत के हिसाब से भरा जाएगा. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक कुल 76,791 गेस्ट फैकल्टी पदों पर नियुक्ति की तैयारी है. इसमें अलग-अलग कक्षाओं और विषयों के लिए शिक्षक रखे जाएंगे. कक्षा 1 से 8 तक के लिए ग्रेड-3 शिक्षक, कक्षा 9 और 10 के लिए वरिष्ठ अध्यापक और कक्षा 11 व 12 के पद शामिल किए गए हैं. उच्च शिक्षा संस्थानों में भी जरूरत के अनुसार गेस्ट फैकल्टी रखी जा सकती है.
घंटे के हिसाब से मिलेगी सैलरी
इस योजना में शिक्षकों का वेतन उनके पद और पढ़ाने वाली कक्षा के आधार पर तय किया गया है. कक्षा 1 से 8 तक पढ़ाने वाले ग्रेड-3 शिक्षक को 300 रुपये प्रति घंटा मानदेय मिलेग. इनके लिए अधिकतम मासिक मानदेय 21 हजार रुपये तय है. कक्षा 9 और 10 के वरिष्ठ अध्यापक को 350 रुपये प्रति घंटा और अधिकतम 25 हजार रुपये महीने तक मिलेंगे. वहीं कक्षा 11 और 12 के व्याख्याता को 400 रुपये प्रति घंटा और अधिकतम 30 हजार रुपये महीने तक मानदेय दिया जाएगा.
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चयन के लिए नहीं होगी लिखित परीक्षा
इस भर्ती की खास बात यह है कि उम्मीदवारों को इसके लिए अलग से लिखित परीक्षा देने की जरूरत नहीं होगी. चयन शैक्षणिक योग्यता और अनुभव के आधार पर तैयार मेरिट से किया जाएगा. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक शैक्षणिक योग्यता के लिए 75 प्रतिशत और प्रशैक्षणिक योग्यता व अनुभव के लिए 25 प्रतिशत अंक रखे जा सकते हैं. इससे संबंधित विषय में अच्छी योग्यता रखने वाले उम्मीदवारों को फायदा मिल सकता है. पात्र सेवानिवृत्त शिक्षक भी इस योजना के तहत आवेदन कर सकेंगे&amp;rsquo;
कैसे करना होगा आवेदन?
गेस्ट फैकल्टी के लिए आवेदन संबंधित स्कूल, कॉलेज या शिक्षण संस्थान की ओर से जारी सूचना के अनुसार किया जाएगा. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक आवेदन ऑफलाइन माध्यम से लिया जा सकता है और इसके लिए उम्मीदवारों से कोई आवेदन शुल्क नहीं लिया जाएगा. उम्मीदवारों को अपने क्षेत्र के संबंधित स्कूल या संस्थान की ओर से जारी होने वाली सूचना पर नजर रखनी होगी. आवेदन करते समय शैक्षणिक योग्यता, अनुभव और दूसरे जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे.
क्या यह स्थायी सरकारी नौकरी होगी?
यहां एक बात समझना जरूरी है कि विद्या संबल योजना के तहत होने वाली नियुक्ति नियमित सरकारी नौकरी नहीं है. गेस्ट फैकल्टी को जरूरत के हिसाब से अस्थायी तौर पर रखा जाएगा. नियमित शिक्षक की नियुक्ति होने या संबंधित संस्थान में गेस्ट फैकल्टी की जरूरत खत्म होने पर सेवा भी समाप्त हो सकती है. इसलिए उम्मीदवार इसे स्थायी सरकारी नौकरी न समझें. हालांकि जिन युवाओं को शिक्षण क्षेत्र में अनुभव लेना है, उनके लिए यह अच्छा मौका हो सकता है.
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        <pubDate>Thu, 27 Aug 2026 23:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>राजस्थान, में, हजार, टीचर्स, को, घंटे, के, हिसाब, से, मिलेगी, सैलरी, जानें, कैसे, होगी, भर्ती</media:keywords>
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        <title>हिमाचल स्कूलों में एडमिशन फॉर्म से हटेगा जाति कॉलम, सीएम के निर्देश</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/हिमाचल-स्कूलों-में-एडमिशन-फॉर्म-से-हटेगा-जाति-कॉलम-सीएम-के-निर्देश</link>
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        <description><![CDATA[ हिमाचल प्रदेश के स्कूलों में अगले शैक्षणिक स्तर से एडमिशन फॉर्म में जाति का कॉलम नहीं होगा. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुधवार को अधिकारियों को स्कूल में प्रवेश फाॅर्म से जाति का कॉलम हटाने का निर्देश दिया. सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य बच्चों को कम उम्र से ही जाति के आधार पर पहचान दिए जाने से रोकना और स्कूलों में समानता व भाईचारे की भावना को बढ़ावा देना है.
मुख्यमंत्री ने यह निर्देश हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति कल्याण बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए. उन्होंने कहा कि सरकार समाज में जातीय भेदभाव को खत्म करने की दिशा में काम कर रही है और स्कूल स्तर से ही बच्चों के बीच जाती के आधार पर किसी तरह की हीन भावना पैदा नहीं होनी चाहिए.&amp;nbsp;
सरकारी योजनाओं के लाभ में नहीं होगी परेशानी&amp;nbsp;
जाति का कॉलम हटाए जाने के बावजूद अनुसूचित जाति और दूसरे एलिजिबल वर्गों के विद्यार्थियों को सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ मिलता रहेगा. इसके लिए जरूरत पड़ने पर छात्र अपने माता-पिता या अभिभावकों के माध्यम से जाति से संबंधित जरूरी जानकारी उपलब्ध करा सकेंगे. सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है स्कूल एडमिशन फॉर्म से जाति का कॉलम हटाने का मतलब यह नहीं होगा कि एलिजिबल स्टूडेंट्स को सरकारी योजनाओं से बाहर कर दिया जाएगा. योजनाओं का लाभ देने के लिए जरूरी जानकारी उपलब्ध रहेगी.&amp;nbsp;
ये भी पढ़ें-जामिया में एडमिशन पर घमासान, छात्रों को जबरन हटाने का आरोप&amp;nbsp;
शिक्षा विभाग तैयार करेगा नीति&amp;nbsp;
शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने बताया कि इस फैसले को लागू करने के लिए शिक्षा विभाग जल्द ही नीति तैयार करेगा. इसमें इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि सरकारी योजनाओं और पिछड़े वर्गों के कल्याण के लिए एलिजिबल किसी भी बच्चे को जरूरी सुविधाओं से वंचित न होना पड़े. व्यवस्था लागू होने के बाद स्कूलों के एडमिशन फॉर्म और संबंधित रिकार्ड में भी बदलाव किए जाएंगे. वहीं जिन मामलों में सरकारी योजनाओं या दूसरे प्रशासनिक जरूरत के लिए जाती से जुड़ी जानकारी जरूरी होगी, उसे उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी.&amp;nbsp;
दूसरी योजनाओं का भी जिक्र&amp;nbsp;
मुख्यमंत्री ने मेधावी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए 20 लाख रुपये तक का एजुकेशन लोन एक प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध कराने के बाद भी कही. सरकार का उद्देश्य आर्थिक परेशानी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई न रुके, इसे सुनिश्चित करना है. इसके अलावा बैठक में मुख्यमंत्री ने अनुसूचित जाति समुदाय के कल्याण के लिए चल रही योजनाओं की भी जानकारी दी. वहीं सीएम ने राजीव गांधी स्टार्टअप स्वरोजगार योजना का भी उल्लेख किया. इसके अलावा सीएम ने बताया कि राज्य सरकार बहुत गरीब परिवारों के लिए अपना परिवार सुखी परिवार योजना लागू करने जा रही है.
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        <pubDate>Thu, 27 Aug 2026 23:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>RRB NTPC UG CBT 2 की तारीख जारी, इस दिन होगी परीक्षा</title>
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        <description><![CDATA[ रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने नॉन-टेक्निकल पॉपुलर कैटेगरी (NTPC) अंडर ग्रेजुएट भर्ती के दूसरे चरण की कंप्यूटर आधारित परीक्षा की तारीख जारी कर दी है. आरआरबी एनटीपीसी यूजी सीबीटी 2 परीक्षा 17 सितंबर 2026 को आयोजित की जाएगी. यह परीक्षा उन उम्मीदवारों के लिए होगी, जिन्हें सीबीटी 1 के रिजल्ट के बाद अगले चरण के लिए शार्ट लिस्ट किया गया है. उम्मीदवार अपने क्षेत्रीय आरआरबी की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर परीक्षा से जुड़ी जानकारी और शेड्यूल देख सकते हैं. &amp;nbsp;
17 सितंबर को होगी सीबीटी 2 परीक्षा&amp;nbsp;
आरआरबी एनटीपीसी यूजी सीबीटी 2 परीक्षा 17 सितंबर को कंप्यूटर आधारित टेस्ट के रूप में होगी. परीक्षा के लिए उम्मीदवारों को कुल 90 मिनट का समय दिया जाएगा. प्रश्न पत्र में कुल 120 बहुविकल्पीय प्रश्न होंगे, जो तीन विषयों से पूछे जाएंगे. जनरल अवेयरनेस से 50 प्रश्न, जबकि मैथमेटिक्स और जनरल इंटेलिजेंस एंड रीजनिंग से 35-35 प्रश्न होंगे. इस तरह कुल 120 प्रश्न 120 अंकों के होंगे. परीक्षा में गलत उत्तर देने पर एक तिहाई अंक की नेगेटिव मार्किंग भी लागू होगी.&amp;nbsp;
कब जारी होगी सिटी स्लिप और एडमिट कार्ड?
सीबीटी 2 में शामिल होने वाले उम्मीदवारों के लिए परीक्षा सिटी इंटीमेशन स्लिप और एससी-एसटी ट्रैवल पास 7 सितंबर से उपलब्ध होगा. वही परीक्षा का एडमिट कार्ड 13 सितंबर 2026 डाउनलोड किया जा सकेगा. इसके अलावा सीबीटी 2 पास करने वालों के लिए टाइपिंग स्किल टेस्ट 4 दिसंबर 2026 काे निर्धारित है.&amp;nbsp;
45,898 उम्मीदवार सीबीटी 2 के लिए शॉर्टलिस्ट&amp;nbsp;
आरआरबी एनटीपीसी यूजी भर्ती के लिए बड़ी संख्या में उम्मीदवारों ने आवेदन किया था. अंडर ग्रेजुएट स्तर के पदों के लिए 63,27,474 उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन कराया था. इनमें से 45,898 उम्मीदवारों को सीबीटी 2 के लिए शार्ट लिस्ट किया गया. यह संख्या कुल रिक्तियों की तुलना में करीब 15 गुना है. इस भर्ती में कुल 3,058 पद हैं. इनमें सबसे ज्यादा 2,424 पद कमर्शियल कम टिकट क्लर्क के है. इसके अलावा 394 अकाउंट्स क्लर्क कम टाइपिस्ट, 163 जूनियर क्लर्क कम टाइपिस्ट और 77 ट्रेन्स क्लर्क के पद शामिल है.&amp;nbsp;
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सीबीटी 2 में कितना स्कोर जरूरी?&amp;nbsp;
सीबीटी 2 में अलग-अलग कैटेगरी के उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम योग्यता अंक निर्धारित है. अनारक्षित और ईडब्ल्यूएस वर्ग के उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम 40 प्रतिशत, ओबीसी नॉन क्रीमीलेयर और एससी उम्मीदवारों के लिए 30 प्रतिशत, जबकि एसटी उम्मीदवारों के लिए 25 प्रतिशत अंक निर्धारित है. पीडब्ल्यूबीडी उम्मीदवारों के लिए आरक्षित रिक्तियों के मुकाबले पर्याप्त योग्य उम्मीदवार उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में न्यूनतम अंकों में दो अंक तक की छूट दी जा सकती है.
चार चरणों में पूरी होगी भर्ती&amp;nbsp;
आरआरबी एनटीपीसी यूजी भर्ती में चयन कई चरणों के जरिए किया जाएगा. इससे पहले चरण की कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT 2), &amp;nbsp;दूसरे चरण की कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT 2), संबंधित पदों के लिए कंप्यूटर आधार टाइपिंग स्किल टेस्ट और इसके बाद डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और मेडिकल एग्जामिनेशन शामिल है. वहीं टाइपिंग टेस्ट पद के अनुसार लागू होगा. इसके अलावा सभी चरणों में प्रदर्शन के आधार पर मेरिट के अनुसार उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा.
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        <pubDate>Thu, 27 Aug 2026 23:30:03 +0530</pubDate>
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        <title>जामिया में क्यों नहीं होते छात्रसंघ चुनाव? जानें वजह</title>
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        <description><![CDATA[ दिल्ली स्थित जामिया मिल्लिया इस्लामिया देश के प्रमुख केंद्रीय विश्वविद्यालयों में शामिल है. विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और ऐतिहासिक पहचान जितनी मजबूत है, उतनी ही चर्चा यहां छात्र राजनीति को लेकर भी होती रही है. जामिया का इतिहास भी इसे सामान्य विश्वविद्यालयों से अलग बनाता है. इसकी स्थापना राष्ट्रीय आंदोलन और शिक्षा के उद्देश्य से जुड़ी रही है. इसलिए यहां छात्र राजनीति का सवाल केवल चुनाव कराने या न कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि विश्वविद्यालय की प्रशासनिक संरचना, छात्र भागीदारी और कैंपस संस्कृति से भी जुड़ा हुआ है. हालांकि, दूसरे कई विश्वविद्यालयों की तरह जामिया में नियमित रूप से छात्रसंघ चुनाव नहीं होते. ऐसे में अक्सर सवाल उठता है कि आखिर यहां छात्रसंघ चुनाव क्यों नहीं कराए जाते हैं?
अनुशासन है बड़ी वजह
जामिया में छात्रसंघ चुनावों का इतिहास उतार-चढ़ाव भरा रहा है. विश्वविद्यालय प्रशासन ने समय-समय पर परिसर में चुनाव और छात्र राजनीति को लेकर अलग-अलग निर्णय लिए हैं. चुनाव नहीं होने की एक बड़ी वजह विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से परिसर में शैक्षणिक माहौल, अनुशासन और प्रशासनिक व्यवस्था को प्राथमिकता देना रही है.
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छात्र संगठन उठाते हैं छात्रों की आवाज
जामिया में छात्र प्रतिनिधित्व का मुद्दा हालांकि पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है. छात्रों की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाने के लिए अलग-अलग छात्र संगठन और प्रतिनिधि सक्रिय रहे हैं. छात्र संगठन फीस, हॉस्टल, परीक्षा, छात्रवृत्ति, सुविधाओं और अन्य शैक्षणिक मुद्दों को लेकर अपनी आवाज उठाते रहे हैं. लेकिन ये गतिविधियां नियमित निर्वाचित छात्रसंघ के समान नहीं हैं. छात्र विभिन्न माध्यमों से अपनी शिकायतें और मांगें विश्वविद्यालय प्रशासन तक पहुंचाते हैं.
क्या कहते हैं समर्थक?
छात्रसंघ चुनाव के समर्थकों का तर्क है कि चुनाव छात्रों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने का अवसर देते हैं. इससे छात्र अपनी समस्याओं के लिए चुने हुए प्रतिनिधियों के जरिए विश्वविद्यालय प्रशासन से संवाद कर सकते हैं. उनका मानना है कि कैंपस में लोकतांत्रिक भागीदारी छात्रों के नेतृत्व कौशल को भी विकसित करती है. दूसरी ओर, चुनावों के विरोध या उन्हें सीमित रखने के पक्ष में यह तर्क दिया जाता है कि राजनीतिक गतिविधियों के कारण पढ़ाई का माहौल प्रभावित होता है. बड़े स्तर पर चुनाव होने पर परिसर में गुटबाजी, प्रदर्शन और विवाद की स्थिति बनने की आशंका भी जताई जाती है. केंद्रीय विश्वविद्यालयों में प्रशासन अक्सर शैक्षणिक गतिविधियों और परिसर में अनुशासन बनाए रखने को प्राथमिकत देता है.
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        <pubDate>Thu, 27 Aug 2026 07:30:04 +0530</pubDate>
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        <title>CTET 2026 के लिए दोबारा आवेदन का मौका, ये है लास्ट डेट</title>
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        <description><![CDATA[ केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा के लिए 22वें संस्करण के लिए आवेदन विंडो दोबारा खोल दी है. योग्य उम्मीदवार 1 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. सीबीएसई ने 25 अगस्त को जारी किए नोटिस में बताया कि यह मौका उन योग्य उम्मीदवारों के लिए दिया गया है, जो पहले आवेदन नहीं कर सके थे. वहीं जो उम्मीदवार पहले से ही सफलतापूर्वक आवेदन जमा कर चुके हैं, उन्हें दोबारा आवेदन करने की जरूरत नहीं है.&amp;nbsp;
1 सितंबर तक कर सकते हैं आवेदन&amp;nbsp;
सीटीईटी 2026 के लिए दोबारा आवेदन की प्रक्रिया 25 अगस्त से शुरू हो चुकी है. उम्मीदवार 1 सितंबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं. इससे पहले 22वें संस्करण के लिए आवेदन प्रक्रिया 11 मई से 10 जून तक चली थी. जिन योग्य उम्मीदवारों ने उस समय आवेदन नहीं किया था, उन्हें एक और मौका दिया गया है. उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट के जरिए अब अपना आवेदन जमा कर सकते हैं.&amp;nbsp;
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद लिया फैसला&amp;nbsp;
सीबीएसई ने आवेदन विंडो दोबारा खोलने का फैसला सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद दिया. बोर्ड के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि योग्य शिक्षकों को निर्धारित शिक्षक पात्रता परीक्षा की योग्यता पूरी करने के लिए उचित अवसर दिया जाना चाहिए. इसी को ध्यान में रखते हुए सीबीएसई ने उन सभी योग्य उम्मीदवारों के लिए ऑनलाइन आवेदन पोर्टल दोबारा खोलने का फैसला किया है, जो पहले आवेदन नहीं कर पाए थे.&amp;nbsp;
पहले आवेदन कर चुके उम्मीदवारों को क्या करना होगा?
जिन उम्मीदवारों ने पहले ही सीटीईटी 2026 के लिए अपना आवेदन जमा कर दिया है, उन्हें दोबारा रजिस्ट्रेशन करने की जरूरत नहीं है. नया आवेदन विंडो केवल उन योग्य उम्मीदवारों के लिए खुला है जो पिछली आवेदन प्रक्रिया में आवेदन नहीं कर सके थे.&amp;nbsp;
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सीटीईटी 2026 की नई परीक्षा तारीख कब?
सीबीएसई ने अभी सीटीईटी के 22 वें संस्करण की नई तारीखें घोषित नहीं की है. बोर्ड के अनुसार आवेदन की दोबारा खोली गई विंडो 1 सितंबर को बंद होने के बाद संशोधित परीक्षा तारीख जारी की जाएगी. इसलिए नई सिरे से आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को परीक्षा कार्यक्रम से जुड़ी जानकारी के लिए सीबीएसई की ऑफिशियल वेबसाइट पर नजर रखनी होगी. वहीं आपको बता दें कि सीबीएसई अब तक सीटीईटी के 21 संस्करण आयोजित कर चुका है. 21वें सीटीईटी का रिजल्ट 30 मार्च 2026 को जारी किया गया था. वहीं 22वें संस्करण के लिए आवेदन प्रक्रिया दोबारा शुरू की गई है.&amp;nbsp;
ऐसे करें सीटीईटी 2026 के लिए आवेदन&amp;nbsp;

आवेदन के लिए उम्मीदवार सबसे पहले सीटीईटी की ऑफिशियल वेबसाइट ugcnet.nta.nic.in पर जाए.&amp;nbsp;
इसके बाद होम पेज पर सीटीईटी सितंबर 2026 से जुड़े लिंक पर क्लिक करें.&amp;nbsp;
अब नए पेज पर रजिस्ट्रेशन करें.
उसके बाद पर्सनल और एजुकेशनल डिटेल भरें.
लास्ट में फॉर्म को एक बार फिर चेक करके सबमिट कर दें.

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        <pubDate>Thu, 27 Aug 2026 07:30:03 +0530</pubDate>
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        <title>FMGE रिजल्ट के बाद फिर सड़कों पर अभ्यर्थी, क्या है प्रमुख मांगें?</title>
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        <description><![CDATA[ जून 2026 के फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट एग्जामिनेशन (FMGE) को लेकर शुरू हुआ विवाद एक बार फिर दिल्ली की सड़कों तक पहुंच गया है. विदेशी मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई करने वाले भारतीय मेडिकल ग्रेजुएट्स परीक्षा में कम प्रतिशत, पेपर के कठिन स्तर और वीडियो आधारित सवालों को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं. अब कुछ उम्मीदवार अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं. जून 2026 की FMGE &amp;nbsp; परीक्षा में कुल 37,448 उम्मीदवार शामिल हुए थे, लेकिन इनमें से सिर्फ 12.38 फीसदी ही परीक्षा पास कर सके. रिजल्ट 10 जुलाई को जारी होने के बाद से ही अभ्यर्थियों का विरोध शुरू हो गया था. उम्मीदवारों का आरोप है कि इस बार परीक्षा का पेपर सामान्य से ज्यादा कठिन था और वीडियो आधारित सवालों को पर्याप्त जानकारी दिए बिना शामिल किया गया. इसके अलावा परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था और परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता को भी लेकर शिकायत सामने आई.&amp;nbsp;
3 अगस्त को जंतर मंतर पर हुआ था प्रदर्शन&amp;nbsp;
कम पास प्रतिशत के बाद जुलाई में अभ्यर्थियों ने विरोध प्रदर्शन शुरू किया. यह मामला 3 अगस्त को दिल्ली के जंतर मंतर तक पहुंचा था, जहां ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट एसोसिएशन-फॉरेन मेडिकल स्टूडेंट विंग और ऑल FMGE &amp;nbsp;संगठन के प्रतिनिधियों ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया. प्रदर्शन के बाद अभ्यर्थियों के प्रतिनिधियों को नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज के अधिकारियों के साथ बातचीत के लिए बुलाया गया. इसके बाद NBEMS ने जून FMGE से जुड़ी शिकायतों के लिए तीन सदस्यीय स्वतंत्र समिति का गठन किया. समिति को परीक्षा के आयोजन और उसके नतीजे की समीक्षा करने की जिम्मेदारी दी गई. बातचीत शुरू होने के बाद उम्मीदवारों ने कुछ समय के लिए अपना आंदोलन रोक दिया. उम्मीदवारों के अनुसार उन्हें उम्मीद थी कि उनकी शिकायतों का समाधान बातचीत के जरिए निकलेगा. उनका कहना है कि परीक्षा की आंसर की, पेपर की कठिनाई, वीडियो आधारित सवाल, परीक्षा फीस और दूसरे समस्याओं पर चर्चा हुई, लेकिन जून परीक्षा में शामिल उम्मीदवारों को राहत देने की मांग आगे नहीं बढ़ सकी.&amp;nbsp;
जून FMGE &amp;nbsp;के उम्मीदवारों के लिए मुआवजे की मांग
प्रदर्शनकारी उम्मीदवारों की सबसे बड़ी मांग जून 2026 की एफएमजी परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों को मुआवजा या किसी तरह की राहत देने की है. उनका कहना है कि अगर परीक्षा को लेकर भविष्य के लिए बदलाव जरूरी माने गए, तो इस साल जून में परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों को भी राहत मिलनी चाहिए. उम्मीदवारों को कहना है कि वह बिना किसी प्रक्रिया के पास किए जाने की मांग नहीं कर रहे हैं, उनकी मांग एक बार की रियायत या मुआवजा को लेकर है. प्रदर्शनकारी उम्मीदवारों का कहना है कि जिन समस्याओं का वे आरोप लगा रहे हैं, उनका असर जून बैच के प्रदर्शन पर पड़ा है &amp;zwnj;
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NBEMS और NMC का क्या कहना?
वीडियो आधारित सवालों को लेकर NBEMS और नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) का पक्ष अलग-अलग है. एनएमसी के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार ऐसे सवालों के जरिए क्लीनिकल संकेत और मेडिकल स्थितियों को बेहतर तरीके से रखा जा सकता है, जिन्हें स्थिर तस्वीरों के जरिए हमेशा सही तरीके से नहीं जांचा जा सकता. अधिकारियों का कहना है कि वीडियो आधारित सवाल मेडिकल ट्रेनिंग के अनुरूप है. एफएमजीई का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भारत में मेडिकल प्रैक्टिस करने वाले विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट न्यूनतम जरूरी दक्षता के मानकों को पूरा करते हो.&amp;nbsp;
NExT को लेकर भी उम्मीदवारों का सुझाव&amp;nbsp;
कम पास प्रतिशत को लेकर उम्मीदवार विदेशी मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता से जुड़ी दलीलों से भी सहमत नहीं है. उनका कहना है कि अगर भारतीय और विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट के लिए समान दक्षता मानक तय करना है, तो दोनों के लिए एक ही बड़ी परीक्षा होनी चाहिए. प्रदर्शनकारी उम्मीदवारों ने नेशनल एग्जिट टेस्ट को इसके लिए एक ऑप्शन के तौर पर सुझाया हैं. उनका मानना है कि भविष्य में नेक्स्ट के जरिए घरेलू और विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट के लिए समान परीक्षा व्यवस्था बनाई जा सकती है.
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        <pubDate>Wed, 26 Aug 2026 18:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>पेपर लीक के आरोपों के बाद MPSC ड्रग इंस्पेक्टर की भर्ती रद्द, दोबारा होगी परीक्षा</title>
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        <description><![CDATA[ महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) ने ड्रग इंस्पेक्टर (ग्रुप B) पदों पर भर्ती प्रक्रिया को रद्द कर दिया है. यह भर्ती खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग (FDA) के लिए की जा रही थी. 22 मार्च को हुई स्क्रीनिंग परीक्षा में गड़बड़ी और पेपर लेकर आरोपी के बाद आयोग ने यह फैसला लिया है. अब इस भर्ती के लिए दोबारा स्क्रीनिंग परीक्षा आयोजित की जाएगी.&amp;nbsp;&amp;nbsp;एमपीएससी को 22 से 26 जुलाई के बीच कुछ अभ्यर्थी और जनप्रतिनिधियों की ओर से शिकायतें मिली थी. शिकायतों में आरोप लगाया गया था कि उम्मीदवारों को परीक्षा से पहले ही प्रश्न पत्र मिल गए थे. वहीं अब परीक्षा को लेकर जांच के बाद इसे रद्द कर दिया गया है और परीक्षा दोबारा करने का ऐलान किया गया है.
पुलिस से कराई गई थी जांच&amp;nbsp;
शिकायत मिलने के बाद एमपीएससी ने 27 जुलाई को मुंबई पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी. पूरे मामले की जांच का अनुरोध किया था, इसके बाद मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच के उपायुक्त की ओर से आयोग की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सौंपी गई. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार प्रारंभिक जांच में पहली नजर में यह सामने आया कि एक उम्मीदवार को प्रश्नों का सेट पहले मिल गया था और उसे इसका फायदा हुआ. हालांकि एमपीएससी ने यह नहीं कहा है कि पूरा प्रश्न पत्र लीक हुआ था. आयोग ने कहा की भर्ती प्रक्रिया रद्द करने का फैसला परीक्षाओं की गोपनीयता, निष्पक्षता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए किया गया है. साथ ही इससे उम्मीदवारों का आयोग की भर्ती प्रक्रिया पर भरोसा बनाए रखने में मदद मिलेगी.&amp;nbsp;
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अब दोबारा होगी ड्रग इंस्पेक्टर की परीक्षा&amp;nbsp;
एमपीएससी अब ड्रग इंस्पेक्टर ग्रुप बी पदों के लिए नई स्क्रीनिंग परीक्षा आयोजित करेगा. खास बात यह है कि पहले इस भर्ती के लिए आवेदन कर चुके उम्मीदवारों को दोबारा आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी. उन्हें नए सिरे से आवेदन फीस भी नहीं देनी होगी. दोबारा होने वाली परीक्षा की तारीख आयोग की ओर से बाद में जारी की जाएगी, यानी फिलहाल उम्मीदवारों को नई तारीख के ऐलान का इंतजार करना होगा.&amp;nbsp;
इंटरव्यू तक पहुंच चुकी थी भर्ती प्रक्रिया &amp;nbsp;&amp;nbsp;ड्रग इंस्पेक्टर पदों के लिए भर्ती का नोटिफिकेशन 29 जुलाई 2025 को जारी किया गया. इसके बाद 22 मार्च 2026 को महाराष्ट्र के 6 संभागीय मुख्यालय में ऑफलाइन स्क्रीनिंग परीक्षा आयोजित की गई थी. एमपीएससी ने 12 जून को स्क्रीनिंग परीक्षा का रिजल्ट जारी किया गया था. इसमें 506 उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए शाॅर्ट लिस्ट किया गया था. इसके बाद 1 जुलाई से 22 जुलाई के बीच इंटरव्यू आयोजित किए गए, जिनमें 488 उम्मीदवार शामिल हुए. इंटरव्यू के बाद आयोग ने 488 उम्मीदवारों की जानकारी वाली प्रोविजनल जनरल मेरीट लिस्ट भी जारी की थी. इसमें 485 उम्मीदवारों को ड्रग इंस्पेक्टर पद के लिए चयनित किया गया, जबकि तीन उम्मीदवारों को अयोग्य घोषित किया गया.
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        <pubDate>Wed, 26 Aug 2026 18:30:06 +0530</pubDate>
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        <title>नीट पीजी 2026 परीक्षा नहीं होगी पोस्टपोन, NBEMS ने दी चेतावनी</title>
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        <description><![CDATA[ नीट पीजी 2026 परीक्षा पोस्टपोन होने को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा चल रही. वहीं परीक्षा पोस्टपोन होने की चर्चाओं के बीच नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन एंड मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने उम्मीदवारों को चेतावनी दी है कि बोर्ड ने सोशल मीडिया पर परीक्षा से जुड़ी झूठी, गलत या भ्रामक पोस्ट शेयर करने की सलाह नहीं दी है और NBEMS ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की जानकारी फैलाने पर कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है.&amp;nbsp;
सोशल मीडिया पोस्ट के बाद NBEMS की चेतावनी&amp;nbsp;
नीट पीजी परीक्षा स्थगित होने की चर्चा सोशल मीडिया पर अलग-अलग पोस्ट के जरिए सामने आई थी. एक यूजर ने पोस्ट में लिखा क्या नीट पीजी परीक्षा स्थगित होने वाली है, उसने कई लोगों और ग्रुप्स में ऐसी बात सुनी है. यूजर ने यह पोस्ट NBEMS टैग करते हुए किया. इसके जवाब में NBEMS &amp;nbsp;ने सावधानी बरतने की सलाह दी है. इसके बाद NBEMS की ओर से जारी सार्वजनिक चेतावनी दिए जाने के बाद उस यूजर ने अपनी पोस्ट डिलीट कर दी. बोर्ड ने एक दूसरे यूजर पर भी इसी तरह की चेतावनी दी. इसके बाद NBEMS ने उम्मीदवारों को परीक्षा की तारीख को लेकर बिना आधिकारिक पुष्टि के किसी भी तरह की जानकारी शेयर करने से बचने की सलाह दी है.&amp;nbsp;
30 अगस्त को होनी है परीक्षा&amp;nbsp;
नीट पीजी 2026 परीक्षा 30 अगस्त को आयोजित की जानी है. परीक्षा सुबह 9:00 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक होगी. NBEMS की ओर से परीक्षा स्थगित किए जाने की कोई जानकारी नहीं दी गई है और बोर्ड की चेतावनी सोशल मीडिया पर चल रही पोस्ट और अटकलों के बीच आई है. उम्मीदवारों को परीक्षा से संबंधित अपडेट के लिए NBEMS की ऑफिशियल वेबसाइट पर भरोसा करने की सलाह दी गई है. इसके अलावा NBEMS &amp;nbsp;ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा पोस्टपोन नहीं हो रही है, सोशल मीडिया पर चल रही है पोस्टपोन से जुड़ी सभी खबरें फेक है.&amp;nbsp;
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जारी हुआ एडमिट कार्ड&amp;nbsp;
नीट पीजी 2026 का एडमिट कार्ड 26 अगस्त को जारी कर दिया गया है. उम्मीदवारों NBEMS की ऑफिशियल वेबसाइट से एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं. इससे पहले एडमिट कार्ड जारी होने की तारीख में 1 दिन की देरी हुई थी. असम और मेघालय में मिली कुछ मांगों और अपरिहार्य परिस्थितियों के चलते इसमें बदलाव किया गया था. एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के लिए उम्मीदवारों NBEMS की वेबसाइट पर जाकर इसे डाउनलोड कर सकते हैं.&amp;nbsp;
इस बार का क्या है नीट एग्जाम पैटर्न&amp;nbsp;
नीट पीजी 2026 परीक्षा में कुल 180 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे. प्रत्येक सही उत्तर के लिए चार अंक दिए जाएंगे, जबकि गलत उत्तर के लिए एक अंक काटा जाएगा. जिन सवालों को उम्मीदवार छोड़ देंगे, उनके लिए कोई नंबर नहीं काटे जाएंगे. वहीं फिलहाल परीक्षा 30 अगस्त को सुबह 9 बजे से 12:30 बजे एक शिफ्ट में ही निर्धारित है.
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        <pubDate>Wed, 26 Aug 2026 18:30:05 +0530</pubDate>
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        <title>इस राज्य के इंटर्न डॉक्टरों की चांदी, इतना बढ़ा स्टाइपेंड </title>
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        <description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश में सरकारी मेडिकल कॉलेज और चिकित्सा संस्थानों में इंटर्नशिप कर रहे एमबीबीएस और बीडीएस छात्रों के लिए राहत की खबर है. उत्तर प्रदेश सरकार ने इंटर्न डॉक्टर के मासिक स्टाइपेंड में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है. अब सरकारी मेडिकल कॉलेजों, इंस्टीट्यूट और मेडिकल यूनिवर्सिटीज में अनिवार्य रोटेटरी इंटर्नशिप कर रहे छात्रों को हर महीने 12,000 की जगह 25,000 रुपये स्टाइपेंड मिलेगा. जिसका मतलब है कि इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड में 13 हजार की बढ़ोतरी की गई है. स्टाइपेंड बढ़ाने का फैसला मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया है. यह योगी सरकार के कार्यकाल में इंटर्नशिप स्टाइपेंड में दूसरी बढ़ोतरी है. इससे पहले साल 2021 में इंटर्न डॉक्टरों का मासिक स्टाइपेंड 7,500 रुपये से बढ़ाकर 12,000 रुपये किया गया था.&amp;nbsp;
किन छात्रों को मिलेगा बढ़ा हुआ स्टाइपेंड?
नया स्टाइपेंड उन एमबीबीएस और बीडीएस छात्रों को मिलेगा, जिन्होंने अपनी परीक्षा पास कर ली है और राज्य के सरकारी मेडिकल संस्थानों में अनिवार्य रोटेटरी इंटर्नशिप कर रहे हैं. यह बढ़ी हुई राशि राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों, &amp;nbsp;चिकित्सा संस्थान और मेडिकल यूनिवर्सिटीज में लागू होगी.&amp;nbsp;
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इंटर्नशिप के दौरान ये जिम्मेदारियां संभालते छात्र&amp;nbsp;
एमबीबीएस और बीडीएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद इंटर्नशिप मेडिकल छात्रों के लिए प्रशिक्षण का जरूरी हिस्सा होती है. इस दौरान छात्र सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर और दूसरे स्वास्थ्य कर्मचारियों के साथ काम करते हैं. वह मरीज की देखभाल और सहयोग करने के साथ वार्ड, ओपीडी और इमरजेंसी सेवाओं में भी अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं. इंटर्न डॉक्टरों की नाइट ड्यूटी भी लगाई जाती है. वहीं सरकार के अनुसार स्टाइपेंड बढ़ाने से इंटर्नशिप के दौरान छात्रों को आर्थिक राहत मिलेगी. इसके साथ ही सरकारी अस्पतालों में मरीजों की देखभाल और इमरजेंसी सेवाओं में उनकी भूमिका को भी प्रोत्साहन मिलेगा.&amp;nbsp;
स्टाइपेंड बढ़ाने को लेकर हुआ था, प्रदर्शन&amp;nbsp;
इंटर्न डॉक्टर लंबे समय से स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग कर रहे थे. इसी मांग को लेकर 22 अगस्त को लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के कई मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस इंटर्न ने प्रदर्शन किया था. इस प्रदर्शन में केजीएमयू के अलावा राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज लखनऊ, बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर और लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज मेरठ समेत दूसरे इंस्टीट्यूट के इंटर्न शामिल हुए थे. इसके बाद अब कैबिनेट की मंजूरी के बात उत्तर प्रदेश में सरकारी मेडिकल संस्थानों में इंटर्नशिप कर रहे हैं, एमबीबीएस और बीडीएस छात्रों को हर महीने 25,000 रुपये का स्टाइपेंड मिलेगा.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Wed, 26 Aug 2026 18:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>इस, राज्य, के, इंटर्न, डॉक्टरों, की, चांदी, इतना, बढ़ा, स्टाइपेंड </media:keywords>
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        <title>UGC&amp;NET जून 2026: इस हफ्ते जारी होंगे रिजल्ट और फाइनल आंसर की</title>
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        <description><![CDATA[ UGC-NET को लेकर एनटीए की ओर से अपडेट आया है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने बताया है कि यूजीसी नेट के 84 विषयों की फाइनल आंसर की और रिजल्ट इसी हफ्ते जारी किए जाएंगे. उम्मीदवार रिजल्ट और फाइनल आंसर की ऑफिशियल वेबसाइट के जरिए चेक कर सकेंगे. एनटीए ने यूजीसी नेट के साथ CSIR नेट और ICAR AIEEA (PG) व AICE (PhD) 2026 की फाइनल आंसर की और रिजल्ट भी इसी हफ्ते जारी करने की जानकारी दी है. एजेंसी ने उम्मीदवारों को रिजल्ट और आंसर की से जुड़ी जानकारी के लिए केवल ऑफिशियल अपडेट पर भरोसा करने की सलाह दी है.&amp;nbsp;
84 विषयों का जारी होगा रिजल्ट&amp;nbsp;
यूजीसी नेट जून 2026 की परीक्षा 22 जून से 30 जून 2026 के बीच देशभर के 87 विषयों के लिए आयोजित की गई थी. यह परीक्षा जूनियर रिसर्च फैलोशिप, असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए पात्रता और PhD में एडमिशन के लिए आयोजित की जाती है. एनटीए ने 84 विषयों की प्रोविजनल आंसर की 16 अगस्त को जारी की थी. उम्मीदवारों को 16 से 18 अगस्त तक आंसर की पर आपत्ति दर्ज करने का मौका दिया गया था. अब उम्मीदवारों की ओर से दर्ज कराई गई आपत्तियों की समीक्षा के बाद फाइनल आंसर की जारी की जाएगी.&amp;nbsp;
तीन विषयों का रिजल्ट बाद में आएगा&amp;nbsp;
NTA फिलहाल सभी 87 विषयों का रिजल्ट एक साथ जारी नहीं करेगा. अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र के पेपर दोबारा आयोजित किए जाएंगे. इन तीन विषयों की परीक्षा में प्रश्न पत्र से जुड़ी तथ्यात्मक, टाइपिंग, ट्रांसलेशन और दूसरी गलतियां सामने आने के बाद दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया गया था. अंग्रेजी और कॉमर्स की परीक्षा 9 सितंबर को होगी, जबकि समाजशास्त्र का पेपर 10 सितंबर को आयोजित किया जाएगा. इन परीक्षाओं की फाइनल आंसर की और रिजल्ट बाद में जारी किए जाएंगे.&amp;nbsp;
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ऐसे चेक कर सकते हैं UGC NET रिजल्ट&amp;nbsp;

&amp;nbsp;रिजल्ट चेक करने के लिए सबसे पहले यूजीसी नेट की ऑफिशियल वेबसाइट ugcnet.nta.nic.in पर जाएं.&amp;nbsp;
इसके बाद होम पेज पर यूजीसी से नेट जून 2026 रिजल्ट लिंक पर क्लिक करें.&amp;nbsp;
अब मांगी गई लॉगिन डिटेल भरें.
डिटेल सबमिट करने के बाद रिजल्ट स्क्रीन पर दिखाई देगा.
अब रिजल्ट चेक करके उसने डाउनलोड कर लें.&amp;nbsp;
लास्ट में रिजल्ट का प्रिंट आउट भी रख लें.

किस काम आती है UGC NET परीक्षा?&amp;nbsp;
यूजीसी नेट परीक्षा के जरिए उम्मीदवारों को जूनियर रिसर्च फैलोशिप और असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए पात्रता और पीएचडी में एडमिशन से जुड़ी पात्रता निर्धारित की जाती है. जून 2026 की परीक्षा में 87 विषय शामिल थे, जिनमें 84 विषयों की फाइनल आंसर की और रिजल्ट अब जारी किया जाना है.
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        <pubDate>Wed, 26 Aug 2026 18:30:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>UGC-NET, जून, 2026:, इस, हफ्ते, जारी, होंगे, रिजल्ट, और, फाइनल, आंसर, की</media:keywords>
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        <title>दिल्ली के इन स्कूलों में 3 साल से केमिस्ट्री टीचर नहीं, 200 छात्र परेशान</title>
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        <description><![CDATA[ दिल्ली के इन स्कूलों में 3 साल से केमिस्ट्री टीचर नहीं, 200 छात्र परेशान ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 25 Aug 2026 18:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>आरआरबी एनटीपीसी सीबीटी 1 का रिजल्ट जारी, यहां देखें स्कोरकार्ड</title>
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        <description><![CDATA[ रेलवे भर्ती बोर्ड ने एनटीपीसी अंडर ग्रेजुएट सीबीटी 1 परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया है. परीक्षा में शामिल उम्मीदवार अब अपने संबंधित रेलवे जोन की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं. सीबीटी 1 में सफल उम्मीदवारों को भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण यानी सीबीटी 2 परीक्षा में शामिल होने का मौका मिलेगा. उम्मीदवारों के लिए रिजल्ट जोन के अनुसार जारी किया जा रहा है.
कब हुई थी RRB NTPC CBT 1 परीक्षा?
आरआरबी एनटीपीसी यूजी सीबीटी 1 परीक्षा का आयोजन 7 मई से 20 जून 2026 के बीच किया गया था. इसके बाद 27 जून को प्रोविजनल आंसर की और उम्मीदवारों के रिस्पांस शीट जारी की गई थी. अब 24 अगस्त 2026 को सीबीटी 1 का रिजल्ट और शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों की मेरिट लिस्ट जारी की गई है.&amp;nbsp;
3058 पदों के लिए हुई भर्ती&amp;nbsp;
आरआरबी एनटीपीसी यूजी भर्ती सीईएन 07/2025 के तहत आयोजित की जा रही है. इस भर्ती के जरिए यूजी स्तर के कुल 3058 पदों को भरा जाना है. इनमें कमर्शियल कम टिकट क्लर्क, जूनियर क्लर्क कम टाइपिस्ट, अकाउंट्स क्लर्क कम टाइपिस्ट और ट्रेन्स क्लर्क जैसे पद शामिल है. वहीं सीबीटी 1 में पास होने वाले उम्मीदवारों के रोल नंबर, मेरिट लिस्ट में शामिल किए जाएंगे. उम्मीदवार अपने संबंधित आरआरबी जोन की वेबसाइट के जरिए रिजल्ट पीडीएफ डाउनलोड कर सकते हैं. पीडीएफ में अपना रोल नंबर सर्च करके यह पता लगा सकते हैं कि वह अगले चरण के लिए शाॅर्ट लिस्ट हुए हैं या नहीं.&amp;nbsp;
इन जोन का रिजल्ट हुआ जारी&amp;nbsp;
आरआरबी एनटीपीसी यूजी सीबीटी 1 का रिजल्ट जोन वाइज ऑनलाइन जारी किया गया है. नोटिफिकेशन के अनुसार अहमदाबाद, बिलासपुर, गोरखपुर, तिरुवंतपुरम, मुजफ्फरपुर, चंडीगढ़ और सिलीगुड़ी समेत कुछ रेलवे जोन के मेरिट लिस्ट जारी की जा चुकी है. दूसरे जोन के रिजल्ट भी संबंधित क्षेत्रीय आरआरबी वेबसाइट पर उपलब्ध कराए जाएंगे. रिजल्ट के साथ संबंधित जोन के लिए कैटिगरी वाइज कट ऑफ की जानकारी भी जारी की गई है. इसलिए उम्मीदवारों को केवल मेरिट लिस्ट ही नहीं, बल्कि अपने जोन की कट ऑफ चेक करने की सलाह दी गई.&amp;nbsp;
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ऐसे चेक करें RRB NTPC CBT 1 रिजल्ट&amp;nbsp;

आरआरबी एनटीपीसी यूजी सीबीटी 1 रिजल्ट चेक करने के लिए सबसे पहले संबंधित रेलवे जोन की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाए.&amp;nbsp;
इसके बाद वेबसाइट के रिजल्ट या लेटेस्ट नोटिफिकेशन सेक्शन में जाए.&amp;nbsp;
अब आरआरबी एनटीपीसी यूजी सीबीटी 1 रिजल्ट 2026 से संबंधित लिंक पर क्लिक करें.
रिजल्ट या शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों की पीडीएफ खोलें.&amp;nbsp;
पीडीएफ में सर्च ऑप्शन की मदद से अपना रोल नंबर दर्ज करें.
अगर रोल नंबर लिस्ट में मौजूद है तो उम्मीदवार सीबीटी 1 &amp;nbsp;के लिए शाॅर्ट लिस्ट माना जाएगा.
वहीं उम्मीदवार रिजल्ट का पीडीएफ डाउनलोड करके भी रख सकते हैं.&amp;nbsp;

17 सितंबर को होगी सीबीटी 2 परीक्षा&amp;nbsp;
सीबीटी 1 में सफल उम्मीदवारों के लिए भर्ती प्रक्रिया का अगला चरण सीबीटी 2 है. आरआरबी एनटीपीसी यूजी सीबीटी 2 परीक्षा 17 सितंबर 2026 को आयोजित की जाएगी. ऐसे में सीबीटी 1 में क्वालीफाई करने वाले उम्मीदवारों को अब अगले चरण की तैयारी पर ध्यान देना होगा.
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        <pubDate>Tue, 25 Aug 2026 18:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>आरआरबी, एनटीपीसी, सीबीटी, का, रिजल्ट, जारी, यहां, देखें, स्कोरकार्ड</media:keywords>
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    <item>
        <title>बिहार बोर्ड 10वीं&amp;12वीं के परीक्षा फॉर्म आज से शुरू, 16 सितंबर तक मौका</title>
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        <description><![CDATA[ बिहार विद्यालय समिति ने मैट्रिक (BSEB) और इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2027 को लेकर जरूरी तारीख की जारी कर दी है. बोर्ड की ओर से 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों की परीक्षा फॉर्म भरने की प्रक्रिया आज यानी 25 अगस्त से शुरू कर दी गई है. विद्यार्थियों के पास आवेदन प्रक्रिया पूरी करने के लिए 16 सितंबर 2026 तक का समय रहेगा. इस दौरान परीक्षा फीस भी जमा करनी होगी. बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थी अपने स्तर से ऑनलाइन फॉर्म नहीं भरेंगे. आवेदन की प्रक्रिया संबंधित स्कूल प्रधान के माध्यम से पूरे की जाएगी. ऐसे में परीक्षा 2027 में शामिल होने वाले विद्यार्थियों को तय समय के अंदर अपने स्कूल से कांटेक्ट करना होगा.&amp;nbsp;
स्कूलों के माध्यम से भरा जाएगा फॉर्म&amp;nbsp;
बिहार बोर्ड के अनुसार मैट्रिक और इंटरमीडिएट दोनों परीक्षाओं के लिए आवेदन प्रक्रिया स्कूलों के प्रधान की जिम्मेदारी होगी. इंटरमीडिएट के परीक्षा फाॅर्म के लिए intermediate.biharboardonline.com और मैट्रिक के लिए exam.biharboardonline.org का इस्तेमाल किया जाएगा. स्कूलों के हेड वेबसाइट से परीक्षा फॉर्म डाउनलोड करके विद्यार्थियों को उपलब्ध कराएंगे. विद्यार्थी फॉर्म की दो प्रतियां भरेंगे. एक प्रति संस्थान में जमा करनी होगी, जबकि दूसरी प्रति पर प्रधान के हस्ताक्षर, मुहर और तारीख दर्ज करके विद्यार्थी को वापस दिया जाएगा.&amp;nbsp;
फॉर्म जमा करने से पहले ये जानकारी देखें&amp;nbsp;
परीक्षा फॉर्म भरते समय विद्यार्थियों को लिस्ट में अपने प्रमाण पत्र में दर्ज जानकारी से सभी डिटेल का मिलान करना होगा. नाम, माता-पिता का नाम, जन्म तिथि, लिंग, जाति और चुने गए विषय जैसी जानकारी में किसी तरह की गलती होने पर उसे आवेदन अवधि के दौरान स्कूल के हेड के जरिए ठीक कराया जा सकता है. बोर्ड ने विद्यार्थियों के लिए मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी दर्ज करना भी अनिवार्य किया है. एक विद्यार्थी के लिए एक मोबाइल नंबर और एक ईमेल आईडी का इस्तेमाल किया जाएगा.&amp;nbsp;
फोटो और सिग्नेचर के लिए तय है साइज&amp;nbsp;
परीक्षा फाॅर्म के साथ अपलोड होने वाली फोटो और सिग्नेचर को लेकर भी बोर्ड ने मानक निर्धारित किए हैं. स्टूडेंट के रंगीन फोटो 35 एमएम * 30 एमएम आकार की होनी चाहिए. फोटो की फाइल जेपीजी-जेपीईजी फॉर्मेट में और उसका साइज 50 से 100 केबी के बीच होना चाहिए. फोटो का बैकग्राउंड सफेद या हल्का हरा रखा गया है. फोटो में चेहरे का हिस्सा खरीद 70 से 80 प्रतिशत होना चाहिए. फोटो में टोपी, चश्मा, स्कार्फ या काला चश्मा नहीं होना चाहिए. फोटो का रेजोल्यूशन 300 डीपीआई निर्धारित किया गया है. वहीं सिग्नेचर की फाइल 10 से 20 केबी की होने चाहिए. इसका निर्धारित आकार 3.5 सीएम* 1 सीएम है और सिग्नेचर सफेद कागज पर काली या &amp;nbsp;नीली स्याही के लिए किया हुआ होना चाहिए.&amp;nbsp;
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कितनी फीस जमा करनी होगी?
बोर्ड ने इंटरमीडिएट परीक्षा 2027 के लिए विद्यार्थियों की अलग-अलग कैटेगरी के हिसाब से फीस तय की है. नियमित आर्ट्स, साइंस और कॉमर्स कैटेगरी के स्टूडेंट्स को 1430 रुपये परीक्षा फीस देनी होगी, वहीं स्वतंत्र परीक्षार्थियों को 1770 रुपये देनी होगी. फीस क्वालीफाइंग करने वाले विद्यार्थियों के लिए फीस 2110 रुपये रखा गया है. व्यावसायिक प्रोग्राम में नियमित विद्यार्थियों के लिए 1830 रुपये, जबकि स्वतंत्र स्टूडेंट के लिए 2170 रुपये फीस निर्धारित है.&amp;nbsp;
16 सितंबर आवेदन के आखिरी तारीख&amp;nbsp;
बिहार बोर्ड में मैट्रिक और इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2027 आवेदन के लिए 25 अगस्त &amp;nbsp;से 16 सितंबर 2026 तक की समय सीमा तय की है. विद्यार्थियों को इसी अवधि में स्कूल के माध्यम से परीक्षा फॉर्म भरवाने के साथ फीस जमा करनी होगी. परीक्षा फॉर्म भरते समय अगर किसी तरह की गलती दिखाई देती है, तो विद्यार्थी को उसकी तुरंत जानकारी स्कूल के प्रधान को देनी होगी, जिससे गलती में जल्दी से जल्दी सुधार कराया जा सके.
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        <pubDate>Tue, 25 Aug 2026 18:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>बिहार, बोर्ड, 10वीं-12वीं, के, परीक्षा, फॉर्म, आज, से, शुरू, सितंबर, तक, मौका</media:keywords>
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        <title>हिमाचल बोर्ड का नया नियम, 9वीं&amp;11वीं में भी रजिस्ट्रेशन अनिवार्य</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/हिमाचल-बोर्ड-का-नया-नियम-9वीं-11वीं-में-भी-रजिस्ट्रेशन-अनिवार्य</link>
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        <description><![CDATA[ हिमाचल प्रदेश बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन ने छात्रों के रजिस्ट्रेशन से जुड़े नियमों में बदलाव किया है. अब बोर्ड से संबंध सरकारी स्कूलों और प्राइवेट स्कूलों के विद्यार्थियों का रजिस्ट्रेशन 10वीं और 12वीं में नहीं बल्कि 9वीं और 11वीं में किया जाएगा. बोर्ड ने यह बदलाव परीक्षा के दौरान आने वाली तकनीकी और प्रशासनिक दिक्कतों को कम करने के उद्देश्य से किया है. नए नियमों के तहत 9वीं कराया गया रजिस्ट्रेशन 10वीं की मैट्रिक परीक्षा पास करने तक और 11वीं का रजिस्ट्रेशन 12वीं की सीनियर सेकेंडरी परीक्षा पास करने तक मान्य रहेगा &amp;zwnj;
9वीं और 11वीं में होगा रजिस्ट्रेशन&amp;nbsp;
एचपीबीओएसई के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने परीक्षा अधिनियम 1994 के चैप्टर 18 के नियम 18.1 में संशोधन की जानकारी दी है. यह व्यवस्था बोर्ड से संबद्ध सभी स्कूलों और संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों पर लागू होगी. अब 9वीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्रों का रजिस्ट्रेशन बोर्ड में कराया जाएगा, जबकि 11वीं के विद्यार्थियों का भी इसी स्तर पर रजिस्ट्रेशन होगा. नए नियमों के अनुसार 9वीं में कराया गया, रजिस्ट्रेशन छात्र के 10वीं की मैट्रिक परीक्षा पास करने तक प्रभावी रहेगा. इस तरह 11वीं में किया गया रजिस्ट्रेशन छात्र के 12वीं की सीनियर सेकेंडरी परीक्षा पास करने तक मान्य रहेगा.&amp;nbsp;
दूसरे बोर्ड से आने वाले छात्रों के लिए नियम&amp;nbsp;
अगर कोई छात्र किसी दूसरे बोर्ड या बोर्ड से पढ़ाई करने के बाद सीधे 10वीं या 12वीं कक्षा में एडमिशन लेता है, तो उसे एचपीबीओएसई में नए उम्मीदवारों के तौर पर रजिस्ट्रेशन करना होगा. ऐसे विद्यार्थियों को बोर्ड की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अलग से रजिस्ट्रेशन करना होगा.&amp;nbsp;
ये भी पढ़ें-DU में UG की 13 हजार से ज्यादा सीटें खाली, इन विषयों में सबसे ज्यादा वैकेंसी&amp;nbsp;
200 रुपये होगी रजिस्ट्रेशन फीस&amp;nbsp;
एचपीबीओएसई ने रजिस्ट्रेशन के लिए 200 रुपये प्रति व्यक्ति छात्र फीस निर्धारित की है. बोर्ड से संबंधित स्कूलों को बिना लेट फीस के स्टूडेंट का रजिस्ट्रेशन 15 अक्टूबर 2026 तक पूरा करना होगा. इसके बाद भी रजिस्ट्रेशन करने का मौका मिलेगा, लेकिन इसके लिए 500 रुपये लेट फीस देनी होगी. लेट फीस के साथ रजिस्ट्रेशन की अंतिम तारीख 15 नवंबर 2026 निर्धारित की गई है. वहीं इस समय के बाद बोर्ड अध्यक्ष की पूर्व अनुमति के बिना कोई आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा.&amp;nbsp;
स्कूलों के प्रमुख को दिए गए निर्देश
बोर्ड ने संबद्ध स्कूलों के प्रिंसिपल और प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि वह एलिजिबल स्टूडेंट का रजिस्ट्रेशन संशोधन नियमों के अनुसार तय समय में पूरा करें. रजिस्ट्रेशन से जुड़ा शेड्यूल बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट पर किया जारी किया जाएगा. स्कूलों को रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी करने के लिए एचपीबीओएसई के ऑनलाइन पोर्टल का इस्तेमाल करना होगा. इसके लिए स्कूल लॉगिन के जरिए संबंधित कक्षा के विद्यार्थियों की डिटेल दर्ज की जाएगी. इसमें स्टूडेंट्स की पर्सनल एजुकेशनल और सब्जेक्ट से जुड़ी जानकारी शामिल होगी.&amp;nbsp;
क्यों बदल गया रजिस्ट्रेशन का नियम?
हिमाचल बोर्ड के अनुसार 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा के समय होने वाली तकनीकी और प्रशासनिक परेशानियों को कम करने के लिए रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था में बदलाव किया गया है. अब विद्यार्थियों का रिकॉर्ड बोर्ड के पास पहले से दर्ज रहेगा, जिससे आगे की बोर्ड परीक्षाओं के दौरान प्रक्रिया को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी.
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        <pubDate>Tue, 25 Aug 2026 18:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>हिमाचल, बोर्ड, का, नया, नियम, 9वीं-11वीं, में, भी, रजिस्ट्रेशन, अनिवार्य</media:keywords>
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        <title>लद्दाख में 2000 इंटर्नशिप का मौका, हर महीने ही मिलेगा 5000 स्टाइपेंड</title>
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        <description><![CDATA[ लद्दाख में छात्रों और युवाओं के लिए इंटर्नशिप का एक अच्छा अवसर सामने आया है. लद्दाख प्रशासन ने 2000 पेड इंटर्नशिप के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है. यह इंटर्नशिप 25 सरकारी विभागों में कराई जाएगी, जिसमें चयनित उम्मीदवारों को 3 महीने तक हर महीने 5000 का स्टाइपेंड दिया जाएगा. इस कार्यक्रम के जरिए युवाओं को सरकारी विभागों में कामकाज और पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन को करीब से समझने का मौका मिलेगा. इंटर्नशिप के लिए रजिस्ट्रेशन पर प्रक्रिया 22 अगस्त 2026 से शुरू हो चुकी है. इच्छुक उम्मीदवार 5 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.&amp;nbsp;
25 विभागों में मिलेगा काम करने का मौका&amp;nbsp;
यह प्रोग्राम एलजी युवा इंटर्नशिप प्रोग्राम के तहत शुरू किया गया है. जब Zhabstoke Ladakh यूथ इंटर्नशिप पोर्टल को लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने लॉन्च किया है. इसके तहत चयनित युवाओं को लद्दाख प्रशासन के अलग-अलग सरकारी विभागों में इंटर्नशिप करने का मौका मिलेगा. उम्मीदवारों को उनकी स्किल और रुचि के आधार पर विभाग आमंत्रित किए जाएंगे. इंटर्नशिप के दौरान उन्हें सरकारी कार्यालय के कामकाज को समझने और नीतियों व प्रस्तावों को जमीन पर योजना और परियोजनाओं में बदलने की प्रक्रिया को करीब से देखने का अवसर मिलेगा.&amp;nbsp;
3 महीने तक मिलेगा 5000 रुपये महीना
लद्दाख यूथ इंटर्नशिप की शुरुआत 3 महीने की होगी. इस दौरान चयनित उम्मीदवारों को हर महीने 5000 रुपये का मानदेय दिया जाएगा. इंटर्नशिप की शुरुआत 17 सितंबर 2026 से प्रस्तावित है. वहीं अच्छा प्रदर्शन करने वाले इंटर्न को आगे 3 महीने का एक्स्ट्रा एक्सटेंशन भी दिया जा सकता है. यह विस्तार शुरुआती इंटर्नशिप के दौरान उनके प्रदर्शन के आधार पर मिलेगा. कार्यक्रम पूरा करने वाले प्रतिभागियों को इंटर्नशिप का प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा.&amp;nbsp;
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कब तक कर सकते हैं आवेदन?
इच्छुक उम्मीदवारों के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 22 अगस्त से शुरू हो चुकी है. आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 5 सितंबर है. इसके बाद उम्मीदवारों के डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन 6 से 14 सितंबर के बीच किया जाएगा. वहीं इंटर्नशिप की शुरुआत 17 सितंबर से होगी.&amp;nbsp;
कैसे करें यूथ इंटर्नशिप के लिए आवेदन?

उम्मीदवारों को आवेदन करने के लिए सबसे पहले internship.ladakh.gov.in पोर्टल पर जाना होगा.&amp;nbsp;
अब अप्लाई फॉर इंटर्नशिप लिंक पर क्लिक करना होगा.&amp;nbsp;
यहां रजिस्ट्रेशन के लिए उम्मीदवार को अपना नाम, ईमेल, पासवर्ड और सिक्योरिटी पिन दर्ज करना होगा.&amp;nbsp;
इसके बाद उम्मीदवार अपनी स्किल और इंटरेस्ट के अनुसार डिपार्टमेंट सेलेक्ट करें.
अब सभी जरूरी जानकारी पढ़ने के बाद आवेदन फॉर्म सबमिट कर दें.

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        <pubDate>Tue, 25 Aug 2026 18:30:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>अब NEET PG पेपर भी हो गया लीक? NBEMS ने जारी किया बयान</title>
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        <description><![CDATA[ NEET PG 2026 परीक्षा से कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर पेपर लीक होने के दावे सामने आने लगे. टेलीग्राम, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप जैसे प्लेटफाॅर्म पर कुछ अकाउंट्स और चैनल पर नीट पीजी का पेपर उपलब्ध होने का दावा कर रहे हैं. इन दावों के बीच नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने उम्मीदवारों के लिए अलर्ट जारी किया है. बोर्ड ने साफ किया है कि सोशल मीडिया पर चल रहे पेपर लीक के दावे फर्जी है और उम्मीदवारों को ऐसे मैसेज या पोस्ट पर भरोसा नहीं करना चाहिए.
नीट पीजी परीक्षा से पहले पेपर लीक के दावे&amp;nbsp;
नीट पीजी 2026 का आयोजन 30 अगस्त 2026 को होना है. परीक्षा में अब कुछ ही दिन बाकी है, ऐसे में सोशल मीडिया पर सामने आ रहे पेपर लीक के दावों ने उम्मीदवारों की चिंता बढ़ा दी है. NBEMS ने उम्मीदवारों से कहा है कि परीक्षा से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए केवल ऑफिशियल वेबसाइट पर ही भरोसा करें. वहीं 30 अगस्त को होने वाली यह परीक्षा देशभर में एक ही शिफ्ट में होगी. इसके लिए 340 शहरों में 1300 से ज्यादा परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं. इसके अलावा नीट पीजी परीक्षा देशभर के मेडिकल संस्थानों में पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स में एडमिशन के लिए आयोजित होने वाली राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा है. इसके जरिए एमएस, एमडी और दूसरे पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल प्रोग्राम में एडमिशन मिलता है.
टेलीग्राम, इंस्टा और व्हाट्सएप पर किए जा रहे दावे&amp;nbsp;
NBEMS के अनुसार सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर ऐसे पोस्ट और मैसेज वायरल हो रहे हैं, जिनमें नीट पीजी 2026 का प्रश्न पत्र लीक और पहले से पेपर उपलब्ध होने का दावा किया जा रहा है. कुछ जगहों पर पेपर या परीक्षा से जुड़ी दूसरी सामग्री देने की बात भी कही है. बोर्ड ने इन दावों को फर्जी और भ्रामक बताया है. उम्मीदवारों को सलाह दी है कि वह किसी भी सोशल मीडिया अकाउंट, चैनल या विज्ञापन पर भरोसा न करें, जो नीट पीजी के पेपर लीक का दावा कर रहे हैं.&amp;nbsp;
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पैसे या पर्सनल जानकारी न करें शेयर&amp;nbsp;
परीक्षा पास आने के साथ उम्मीदवारों को सोशल मीडिया पर ऐसे ऑफर भी मिलने का अंदाजा लगाया जा रहा है, जिनमें कथित पेपर या परीक्षा से जुड़ी सामग्री उपलब्ध कराने के बदले पैसे मांगे जाए. NBEMS ने उम्मीदवारों को कहा है कि उम्मीदवारों को बिना किसी पुष्टि के किसी पोस्ट को आगे शेयर करने, अपनी प्राइवेट जानकारी देने या किसी तरह का पेमेंट करने से बचने के लिए कहा है. परीक्षा से जुड़ी जानकारी NBEMS की ओर से ही जारी की जाएगी.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Tue, 25 Aug 2026 02:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>अब, NEET, पेपर, भी, हो, गया, लीक, NBEMS, ने, जारी, किया, बयान</media:keywords>
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        <title>अगस्त के आखिरी हफ्ते में स्कूलों में कितनी छुट्टियां? यहां देखें पूरी लिस्ट</title>
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        <description><![CDATA[ अगस्त का यह आखिरी सप्ताह स्टूडेंट के लिए छुट्टियां के हिसाब से सबसे जरूरी माना जा रहा है. आज यानी 24 से 30 अगस्त के बीच अलग-अलग राज्यों में त्योहारों के चलते स्कूलों में छुट्टियां रहेगी. इस दौरान ईद-द-मिलाद, ओणम और रक्षाबंधन जैसे त्योहार पड़ रहे हैं, जबकि 30 अगस्त को रविवार है. हालांकि सभी राज्यों और स्कूलों में छुट्टियों की तारीख के एक जैसी नहीं होगी. स्कूलों की छुट्टियां राज्य सरकार के आदेश, शिक्षा बोर्ड और संबंधित स्कूल के कैलेंडर के आधार पर होती है. ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं कि अगस्त के इस आखिरी सप्ताह में कितनी छुट्टियां रहने वाली है.&amp;nbsp;
26 अगस्त बुधवार- इस सप्ताह 26 अगस्त को पैगंबर मुहम्मद के जन्म पर मिलाद-उल-नबी का त्यौहार मनाया जाएगा. वहीं इसे 2026 में राष्ट्रीय अवकाश के रूप में राजपत्रित किया गया है. ईद-ए-मिलाद के लिए स्कूलों में छुट्टी होगी या नहीं इसका निर्णय राज्य और संबंधित स्कूल स्तर पर जारी अधिसूचना के आधार पर लिया जाएगा.&amp;nbsp;
28 अगस्त शुक्रवार- इस बार 28 अगस्त को रक्षाबंधन का त्योहार पड़ रहा है. &amp;nbsp;रक्षाबंधन पर भाई-बहन राखी बांधकर इस त्योहार को सेलिब्रेट करते हैं. वहीं इस दिन देश के लगभग हर राज्य में दिन स्कूल बंद रहेंगे.&amp;nbsp;
30 अगस्त रविवार- 30 अगस्त को इस सप्ताह रविवार होने के चलते भी देशभर के स्कूलों में साप्ताहिक अवकाश रहेगा.&amp;nbsp;
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ओणम की छुट्टियां&amp;nbsp;
केरल में ओणम का मुख्य दिन 26 अगस्त को मनाया जाएगा. इसके अलावा फर्स्ट ओणम 25 अगस्त, तीसरा ओणम 27 अगस्त और चौथा ओणम 28 अगस्त को होगा. ऐसे में इन तारीख को पर केरल में स्कूल बंद रह सकते हैं. हालांकि इसे लेकर छुट्टियों का आदेश संबंधित राज्य सरकार की ओर से जारी आदेश पर निर्भर करेगा. वहीं केरल के अलावा देश के दूसरे राज्यों में भी 26 अगस्त को स्कूलों की छुट्टियां हो सकती है.&amp;nbsp;
सितंबर में भी छुट्टियों की भरमार&amp;nbsp;
अगस्त के बाद सितंबर में भी स्कूलों में छात्रों को त्योहारों के कारण छुट्टियां मिल सकती है. कैलेंडर के अनुसार 4 सितंबर को जन्माष्टमी और 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी है. खासतौर पर गणेश चतुर्थी के मौके पर महाराष्ट्र समेत कुछ राज्यों में छुट्टियां रहती है .
सभी स्कूलों में एक जैसी नहीं होगी छुट्टियां
अगस्त के सप्ताह में छुट्टियां को लेकर काफी कंफ्यूजन बना हुआ है. ऐसे में छात्रों और पेरेंट्स को ध्यान रखना होगा कि त्योहारों की छुट्टी पूरे देश में एक समान नहीं होती. राज्य सरकार की अधिसूचना शिक्षा बोर्ड और स्कूल के अपने एकेडमिक कैलेंडर के आधार पर छुट्टियों में अंतर होते हैं. कुछ स्कूल त्योहार पर अवकाश के बदले वर्किंग डे भी रख सकते हैं या अपना टाइम टेबल में भी बदल सकते हैं. इसलिए पेरेंट्स को स्कूलों की छुट्टियों को लेकर राज्य सरकार का ऑफिशियल नोटिफिकेशन या स्कूल की ओर से दी गई सूचना देखनी होगी.
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        <pubDate>Tue, 25 Aug 2026 02:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>अगस्त, के, आखिरी, हफ्ते, में, स्कूलों, में, कितनी, छुट्टियां, यहां, देखें, पूरी, लिस्ट</media:keywords>
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        <title>NEET PG 2026 एडमिट कार्ड आज नहीं होगा जारी, NBEMS ने बदली डेट</title>
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        <description><![CDATA[ नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन कॉलेज साइंसेज (NBEMS) की ओर से आज 24 अगस्त 2026 को नीट पीजी 2026 का एडमिड कार्ड जारी किया जाना था. लेकिन अब यह एडमिट कार्ड कल यानी 25 अगस्त को जारी किया जाएगा. NBEMS की ओर से जारी नोटिस के अनुसार कुछ अपरिहार्य कारणों से यह बदलाव किया गया है. ऐसे में अब कल 25 अगस्त को&amp;nbsp; एडमिट कार्ड जारी होने के बाद उम्मीदवार इसे एनबीईएमएस की ऑफिशियल वेबसाइट से अपने लॉगिन क्रेडेंशियल के जरिए डाउनलोड कर सकेंगे. नीट पीजी 2026 परीक्षा का आयोजन 30 अगस्त को किया जाना है. इससे पहले परीक्षा के लिए एग्जाम सिटी की जानकारी 12 अगस्त को जारी की जा चुकी है, ऐसे में उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वह अपनी यूजर आईडी और पासवर्ड तैयार रखें और एडमिट कार्ड जारी होते ही उसे डाउनलोड कर लें.&amp;nbsp;
क्यों बदली नीट पीजी एडमिट कार्ड की तारीख?
नीट पीजी एडमिट कार्ड को लेकर एनबीईएमएस की ओर से ऑफिशियल नोटिस जारी किया गया है. नोटिस में बताया गया है कि कुछ अपरिहार्य परिस्थितियों और असम और मेघालय राज्यों की ओर से आए विशेष अनुरोध को ध्यान में रखते हुए कुछ जरूरी बदलाव किए जा रहे हैं. इसी के चलते नीट पीजी 2026 परीक्षा के एडमिट कार्ड की तारीख को एक दिन आगे बढ़ा दिया गया है.&amp;nbsp;
बाकी तारीखों में नहीं हुआ कोई बदलाव&amp;nbsp;
एनबीईएमएस की ओर से जारी नोटिस के अनुसार सिर्फ नीट पीजी 2026 के एडमिट कार्ड की डेट को लेकर ही बदलाव किया गया है. इसके अलावा परीक्षा के समय और दूसरी चीजों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. नीट पीजी 2026 परीक्षा एक शिफ्ट में 30 अगस्त को सुबह 9:00 से दोपहर 12:30 बजे तक देशभर के अलग अलग परीक्षा केंद्रों पर ही आयोजित की जाएगी.
ऐसे डाउनलोड होगा नीट पीजी 2026 एडमिट कार्ड

नीट पीजी एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के लिए सबसे पहले एनबीईएमएस की ऑफिशियल वेबसाइट natboard.edu.in पर जाएं.&amp;nbsp;
इसके बाद होम पेज पर नीट पीजी सेक्शन पर क्लिक करें.&amp;nbsp;
अब नीट पीजी 2026 एडमिट कार्ड से संबंधित लिंक खोलें.&amp;nbsp;
इसके बाद अपना यूजर आईडी और पासवर्ड दर्ज करें.&amp;nbsp;
लॉगिन करने के बाद एडमिट कार्ड स्क्रीन पर दिखाई देगा.&amp;nbsp;
अब हॉल टिकट डाउनलोड करके फ्यूचर के लिए इसे सेव करके रख लें.&amp;nbsp;

एडमिट कार्ड में यह डिटेल्स जरूर चेक करें&amp;nbsp;
नीट पीजी एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के बाद उम्मीदवारों को उसे पर दर्ज सभी जानकारी ध्यान से देखनी होगी. हॉल टिकट में उम्मीदवार का नाम, रोल नंबर, एप्लीकेशन आईडी, जन्मतिथि, कैटेगरी, परीक्षा केंद्र का कोड, केंद्र का नाम और पता, परीक्षा की तारीख का समय और रिपोर्टिंग टाइम जैसी जानकारी दी जाएगी. उम्मीदवारों को अपने एडमिट कार्ड में दर्ज जानकारी को आवेदन फाॅर्म की डिटेल्स से मिलाकर देखना होगा. किसी भी तरह की गलती होने पर छात्र को एनबीईएमएस से ऑनलाइन कांटेक्ट करना होगा.&amp;nbsp;
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30 अगस्त को होगी नीट पीजी की परीक्षा&amp;nbsp;
नीट पीजी 2026 परीक्षा 30 अगस्त 2026 को आयोजित की जाएगी. परीक्षा के लिए एग्जाम सिटी इंटीमेशन 12 अगस्त को जारी की जा चुकी है. अब एडमिट कार्ड जारी होने के बाद उम्मीदवार को परीक्षा केंद्र, रिपोर्टिंग टाइम और दूसरे जरूरी निर्देश की जानकारी देखनी होगी.&amp;nbsp;
परीक्षा केंद्र पर कौन से डॉक्यूमेंट जरूरी&amp;nbsp;
परीक्षा में समय शामिल होने वाले उम्मीदवारों को कुछ डॉक्यूमेंट अपने साथ ले जाने होंगे. इनमें नीट पीजी एडमिट कार्ड, हाल की पासपोर्ट साइज फोटो और और वेलिड ओरिजिनल फोटो आईडी शामिल है. इसके अलावा उम्मीदवारों को स्थायी प्रोविजनल एसएमसी, एमसीआई, या एनएमसी रजिस्ट्रेशन की फोटो कॉपी भी साथ रखने के निर्देश दिए गए हैं. वैलिड फोटो आईडी के तौर पर आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, पासपोर्ट या ड्राइविंग लाइसेंस जैसे डॉक्यूमेंट निर्धारित निर्देशों के अनुसार इस्तेमाल किए जा सकते हैं.
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        <pubDate>Tue, 25 Aug 2026 02:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>DU में UG की 13 हजार से ज्यादा सीटें खाली, इन विषयों में सबसे ज्यादा वैकेंसी </title>
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        <description><![CDATA[ दिल्ली यूनिवर्सिटी में 2026-27 शैक्षणिक सत्र के लिए कई राउंड की एडमिशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी बड़ी संख्या में यूजी सीटें खाली है. यूनिवर्सिटी की ओर से जारी ताजा वैकेंसी डेटा के अनुसार इस बार कुल 13,433 यूजी सीटों पर अभी एडमिशन होना बाकी है. इन सीटों को भरने के लिए डीयू ने स्पॉट राउंड के जरिए छात्रों को एक और मौका दिया है. यह सीटें अलग-अलग कॉलेज, कोर्स और कैटेगरी में उपलब्ध है.&amp;nbsp;
किस कैटेगरी की सबसे ज्यादा सीटें खाली?&amp;nbsp;
डीयू में यूजी एडमिशन के लिए 2022 से सीयूईटी यूजी स्कोर का इस्तेमाल हाे रहा है. इस बार करीब 71 हजार यूजी सीटों में से 13,433 सीटें खाली रह गई है. वैकेंसी की संख्या में अलग-अलग आरक्षित और अनारक्षित कैटेगरी की सीटें शामिल है. इनमें ओबीसी की 4,133, एसटी की 2,476, जनरल की 2,113, एससी की 2,038 और ईडब्ल्यूएस की 1,791 सीटें खाली है. इसके अलावा सिख माइनॉरिटी की 566 और क्रिश्चियन माइनॉरिटी की 316 सीटें भी खाली है.&amp;nbsp;
किन विषयों में सबसे ज्यादा सीटें खाली?
डीयू के वैकेंसी डेटा में कुछ विषयों में सीटों की संख्या काफी ज्यादा है. बीए ऑनर्स में सबसे ज्यादा 1,455 सीटें खाली है. इसके बाद बीकॉम में 937 और बीए (ऑनर्स) संस्कृत में 911 सीटें खाली है. वहीं साइंस स्ट्रीम के कुछ कोर्स में भी बड़ी संख्या में सीटें खाली है. जैसे बीएससी फिजिकल साइंस विद केमिस्ट्री में 728, बीएससी (ऑनर्स) मैथमेटिक्स में 560 और बीएससी (ऑनर्स) फिजिक्स में 406 सीटें उपलब्ध है. इसके अलावा बीकॉम (ऑनर्स) में 369 और बीए प्रोग्राम में हिस्ट्री और पॉलिटिकल साइंस के कांबिनेशन में 348 सीटें खाली है. दूसरे कोर्स की बात करें तो बीए (ऑनर्स) हिस्ट्री में 342, बीए (ऑनर्स) इकोनॉमिक्स में 324, बीए (ऑनर्स) इंग्लिश में 319 और बीएससी ऑनर्स केमिस्ट्री में 299 सीटें खाली है.&amp;nbsp;
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इन बड़े कॉलेज में भी खाली है सीटें&amp;nbsp;
खाली सीटों का असर सिर्फ कम डिमांड वाले कॉलेज तक सीमित नहीं है. डीयू के कई चर्चित कॉलेज में भी अलग-अलग कोर्स और कैटेगरी की सीटें खाली है. हंसराज कॉलेज में 84, किरोड़ी मल कॉलेज में 68, मिरांडा हाउस में 49, एसटी स्टीफंस कॉलेज में 44 खाली सीटें बताई गई है. इसके अलावा गार्गी कॉलेज में 108, श्री वेंकटेश्वर कॉलेज में 99 और रामजस कॉलेज में 90 सीटें उपलब्ध है. इंद्रप्रस्थ कॉलेज फॉर वूमेन में भी 151 सीटें खाली है. वही हिंदू कॉलेज में 28 और लेडी श्री राम कॉलेज फॉर वूमेन में 25 सीटें खाली है. श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स में भी कुछ सीटें उपलब्ध है, हालांकि यहां वैकेंसी की संख्या काफी कम है.&amp;nbsp;
स्पॉट राउंड में मिलेगा एडमिशन का मौका&amp;nbsp;
डीयू की ओर से खाली सीटों के लिए स्पॉट राउंड आयोजित किया जा रहा है. हालांकि यूनिवर्सिटी ने साफ किया है कि वैकेंसी के यह आंकड़े अंतिम नहीं माने जा सकते हैं. दरअसल 23 अगस्त की दोपहर 1 बजे तक उपलब्ध डेटा के आधार पर यह खाली सीटें बताई गई है. एग्जिट, कैंसिलेशन, शिकायतों के निपटारे और सीटों के मिलान की प्रक्रिया के &amp;nbsp;कारण खाली सीटों की संख्या में बदलाव भी हो सकता है.
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        <pubDate>Tue, 25 Aug 2026 02:30:02 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>में, की, हजार, से, ज्यादा, सीटें, खाली, इन, विषयों, में, सबसे, ज्यादा, वैकेंसी </media:keywords>
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        <title>भारतीय क्रिकेट टीम के सितारे सारांश जैन, जानिए उन्होंने कहां से की है पढ़ाई</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/भारतीय-क्रिकेट-टीम-के-सितारे-सारांश-जैन-जानिए-उन्होंने-कहां-से-की-है-पढ़ाई</link>
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        <description><![CDATA[ मध्य प्रदेश के स्पिन ऑलराउंडर सारांश जैन इन दिनों सुर्खियों में हैं. श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय टेस्ट टीम में पहली बार चुने गए सारांश ने कोलंबो में अपना टेस्ट डेब्यू भी कर लिया है. 33 साल की उम्र में मिली यह उपलब्धि उनके सालों के संघर्ष का नतीजा है. आइए जानते हैं सारांश जैन के बचपन और उनके क्रिकेट करियर की पूरी कहानी.&amp;nbsp;
कौन हैं सारांश जैन
सारांश सुबोध जैन का जन्म 31 मार्च 1993 को मध्य प्रदेश के इंदौर में हुआ था. उनके पिता सुबोध जैन खुद मध्य प्रदेश के लिए रणजी ट्रॉफी खेल चुके क्रिकेटर रहे हैं, तो क्रिकेट सारांश को विरासत में मिला. बचपन से ही उन्होंने इंदौर के प्रतिष्ठित विजय क्लब में ट्रेनिंग ली, जहां वे मध्यप्रदेश और भारत के मौजूदा बल्लेबाज रजत पाटीदार के साथ भी खेले.&amp;nbsp;
कहां से की है पढ़ाई?
भारतीय ऑलराउंडर क्रिकेटर सारांश जैन की प्रारंभिक और उच्च शिक्षा मुख्य रूप से उनके गृहनगर इंदौर, मध्य प्रदेश में हुई है. उन्होंने इंदौर के स्थानीय संस्थानों से अपनी स्कूली और कॉलेज की पढ़ाई पूरी की, हालांकि उनके विशिष्ट स्कूल या कॉलेज का नाम सार्वजनिक तौर पर मीडिया प्रोफाइल्स में शेयर नहीं किया गया है. उनकी क्रिकेट की वास्तविक शिक्षा और ट्रेनिंग इंदौर में ही उनके घर की छत पर उनके पिता सुबोध जैन की देखरेख में हुई और बाद में उन्होंने इंदौर के प्रसिद्ध विजय क्लब से जुड़कर अपने पेशेवर क्रिकेट कौशल को निखारा.
घरेलू क्रिकेट में लंबा और शानदार सफर
सारांश ने दिसंबर 2014 में मध्य प्रदेश के लिए फर्स्ट क्लास क्रिकेट में डेब्यू किया था. इसके बाद फरवरी 2017 में उन्होंने लिस्ट ए क्रिकेट में भी कदम रखा. एक दशक से ज्यादा समय तक घरेलू क्रिकेट में मेहनत करने के बाद उन्होंने अपनी जगह पक्की की. अब तक उन्होंने 54 फर्स्ट क्लास मैचों की 97 पारियों में 27.30 की औसत और 3.01 की इकॉनमी रेट से 188 विकेट झटके हैं, जबकि बेटिंग में भी 2,223 रन बनाए हैं, जिसमें उनका औसत 31.75 का रहा है. इसके अलावा उन्होंने 47 लिस्ट ए और 21 टी20 मैच भी खेले हैं.
2021-22 के रणजी खिताब में अहम भूमिका
सारांश मध्य प्रदेश की 2021-22 सीजन की ऐतिहासिक रणजी ट्रॉफी जीत के अहम खिलाड़ियों में शामिल रहे. निचले क्रम में बल्लेबाजी के साथ-साथ अहम मौकों पर विकेट निकालने की उनकी काबिलियत ने टीम को कई बार हारने से बचाया. यही वजह है कि उन्हें डोमेस्टिक क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद ऑलराउंडरों में गिना जाने लगा.
दलीप ट्रॉफी और इंडिया ए दौरे से टीम इंडिया तक
2025 के दलीप ट्रॉफी में सेंट्रल जोन के लिए खेलते हुए सारांश ने सिर्फ दो मैचों में 16 विकेट झटके और प्लेयर ऑफ द सीरीज का खिताब जीता. सेंट्रल जोन इस टूर्नामेंट का चैंपियन भी बना. इसके बाद इंडिया ए के श्रीलंका दौरे पर भी उन्होंने अपनी दावेदारी और मजबूत की. जून-जुलाई में खेले गए अनऑफिशियल टेस्ट मैचों में से एक में उन्होंने छह विकेट लेने के साथ नाबाद 70 रन की पारी भी खेली, जिसने चयनकर्ताओं का पूरा भरोसा जीत लिया.
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टीम इंडिया में मिली एंट्री
आखिरकार जुलाई 2026 में सारांश को श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टेस्ट टीम में पहली बार शामिल किया गया. चोटिल वॉशिंगटन सुंदर की जगह उन्हें टीम में लिया गया था. कोलंबो के सिंहली स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए दूसरे टेस्ट में उन्हें अंतरराष्ट्रीय डेब्यू का मौका मिला. इस मैच में उन्होंने प्लेइंग इलेवन में संक्रमण से जूझ रहे स्पिनर कुलदीप यादव की जगह ली.
आर अश्विन हैं उनके रोल मॉडल
सारांश ने पहले एक इंटरव्यू में बताया था कि वे अक्सर दिग्गज ऑफ स्पिनर आर अश्विन को देखकर प्रेरणा लेते हैं और उनकी तरह ही समर्पण के साथ अपने क्रिकेट करियर को आगे बढ़ाना चाहते हैं. उनकी यह सोच और मेहनत आखिरकार 33 साल की उम्र में रंग लाई, और वे भारत के लिए डेब्यू करने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ियों में शामिल हो गए.
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        <pubDate>Mon, 24 Aug 2026 14:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Indian Army Terrier Cyber Quest 2026 आवेदन की लास्ट डेट नजदीक, जानें डिटेल</title>
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        <description><![CDATA[ साइबर सिक्योरिटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल जागरूकता से जुड़े लोगों के लिए एक खास मौका सामने आया है. इंडियन आर्मी ने Terrier Cyber Quest (TCQ) 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू किया है. यह एक राष्ट्रीय स्तर की कॉम्पीटिशन है, जिसमें साइबर सुरक्षा के साथ-साथ AI और डिजिटल अवेयरनेस से जुड़े अलग-अलग चैलेंज शामिल किए गए हैं. इस कॉम्पिटिशन का आयोजन Territorial Army और CyberPeace के सहयोग से किया जा रहा है.&amp;nbsp;
इसमें छात्र, साइबर सिक्योरिटी प्रोफेशनल्स, AI रिसर्चर्स, एथिकल हैकर्स, सॉफ्टवेयर डेवलपर्स, कंटेंट क्रिएटर्स, स्टार्टअप्स और टेक्नोलॉजी में इंटरेस्ट रखने वाले लोग हिस्सा ले सकते हैं. पार्टिसिपेंट्स आधिकारिक TCQ पोर्टल के जरिए आवेदन कर सकते हैं. रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख 31 अगस्त 2026 है.&amp;nbsp;
Terrier Cyber Quest 2026 जरूरी तारीखें
TCQ 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन 30 जुलाई 2026 से शुरू हो चुके हैं. इसके बाद ऑनलाइन शॉर्टलिस्टिंग राउंड 1 से 10 सितंबर 2026 तक होगा.शॉर्टलिस्ट किए गए पार्टिसिपेंट्स ग्रैंड फिनाले में पहुंचेंगे, जो 6 से 8 अक्टूबर 2026 तक नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा. इसके बाद 9 अक्टूबर 2026 को अवॉर्ड सेरेमनी होगी.&amp;nbsp;
Terrier Cyber Quest 2026 में तीन ट्रैक
कॉम्पिटिशन को तीन अलग-अलग ट्रैक में बांटा गया है. इनमें Bug Hunting, AI Kavach और National Creators Challenge शामिल हैं.&amp;nbsp;
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ऐसे करें रजिस्ट्रेशन
पार्टिसिपेंट्स आधिकारिक Terrier Cyber Quest पोर्टल पर जाकर अपनी पसंद का ट्रैक चुनकर प्रोफाइल बना सकते हैं. इसके बाद जरूरी जानकारी भरकर संबंधित ट्रैक के दिशा-निर्देशों के अनुसार आवेदन जमा करना होगा. AI Kavach के पार्टिसिपेंट्स को अपनी प्रपोजल प्रेजेंटेशन अपलोड करनी होगी, जबकि National Creators Challenge में ओरिजिनल अवेयरनेस कंटेंट जमा करना होगा.&amp;nbsp;
फाइनलिस्ट को क्या मिलेगा?
आयोजकों के अनुसार, फाइनलिस्ट को Territorial Army की ओर से सर्टिफिकेट और मेडलियन, कैश प्राइज और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी. पार्टिसिपेंट्स को वरिष्ठ सरकारी और रक्षा अधिकारियों से बातचीत का अवसर भी मिल सकता है. विनर्स को डिफेंस प्रतिष्ठानों का दौरा करने और Territorial Army के साथ फ्यूचर की साइबर सिक्योरिटी पहलों में योगदान देने का मौका भी मिल सकता है. &amp;nbsp;
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        <pubDate>Mon, 24 Aug 2026 14:30:11 +0530</pubDate>
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        <title>बिहार के आदर्श ने जीती 3.5 करोड़ की स्कॉलरशिप, 14 साल की उम्र में घर छोड़ा</title>
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        <description><![CDATA[ कभी जेब में सिर्फ 1,000 रुपये और एक पुराना लैपटॉप लेकर घर से निकलने वाला 14 साल का लड़का आज करोड़ों की स्कॉलरशिप के साथ विदेश में पढ़ाई करने की तैयारी कर रहा है. यह कहानी बिहार के चंपारण के आदर्श कुमार की है, जिन्होंने मुश्किल हालात के बाद भी अपनी पढ़ाई और फ्यूचर की राह खुद बनाने की कोशिश की. 19 साल की उम्र में आदर्श को Georgetown University in Qatar में करीब 3.5 करोड़ रुपये की फुल-राइड स्कॉलरशिप मिली है. आदर्श को इससे पहले Global Student Prize 2025 भी मिल चुका है. उनकी बनाई Skillzo पहल करीब 20,000 छात्रों तक पहुंच चुकी है. हालांकि, इस मुकाम तक पहुंचने से पहले उन्हें विदेश की 22 यूनिवर्सिटीज से रिजेक्शन का सामना भी करना पड़ा.&amp;nbsp;
कैसे और कहां से शुरू हुआ सफर?
आदर्श का बचपन आर्थिक परेशानियों के बीच बीता. वह बिहार में अपनी सिंगल मदर के साथ बड़े हुए. 14 साल की उम्र में वह बेहतर फ्यूचर की उम्मीद लेकर कोटा चले गए थे, लेकिन वहां कोचिंग की फीस पूरी करना उनके लिए संभव नहीं था. ऐसे में उन्होंने स्टार्टअप्स और ग्रासरूट प्रोजेक्ट्स पर काम किया और बाद में Skillzo नाम का प्लेटफॉर्म बनाया. इसका मकसद छात्रों को स्किल्स, मेंटरशिप और अलग-अलग अवसरों तक पहुंच दिलाना था. यह पहल अब करीब 20,000 छात्रों तक पहुंच चुकी है. इसी दौरान आदर्श ने खुद भी कई अवसर हासिल किए. उन्हें स्कॉलरशिप मिली, वह Google Youth Advisor बने और इंटरनेशनल एंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम्स में हिस्सा लिया.&amp;nbsp;
11 हजार नॉमिनेशन में जीता Global Student Prize
साल 2025 में आदर्श ने Global Student Prize जीता. उन्हें 148 देशों से आए करीब 11,000 नॉमिनेशन में से चुना गया. इस उपलब्धि के बाद उनकी पहचान बिहार से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंची. अब उनकी पढ़ाई का अगला पड़ाव Georgetown University in Qatar है. उन्हें यहां करीब 3.5 करोड़ रुपये की फुल-राइड स्कॉलरशिप मिली है. इसमें ट्यूशन फीस, रहने की सुविधा, खाना, फ्लाइट, वीजा, हेल्थ इंश्योरेंस और अन्य शैक्षणिक खर्च शामिल हैं. वह दोहा के Education City में 70 से ज्यादा देशों के छात्रों के साथ पढ़ेंगे.&amp;nbsp;
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22 यूनिवर्सिटी से मिला रिजेक्शन
Georgetown में दाखिले से पहले आदर्श को 22 यूनिवर्सिटीज से रिजेक्शन मिल चुका था. उनकी नियमित एडमिशन प्रक्रिया के ऑप्शन लगभग खत्म हो गए थे. इसी दौरान Second Chance के जरिए Georgetown University in Qatar तक उनकी प्रोफाइल पहुंची और यूनिवर्सिटी ने उनके आवेदन पर विचार करने का फैसला किया.&amp;nbsp;
ऐसे मिला स्कॉलरशिप का ईमेल
Georgetown से एडमिशन और फुल स्कॉलरशिप का ईमेल मिलने का पल आदर्श के लिए बेहद खास था, वह उस समय अपनी मां के साथ बैठे थे. उन्होंने सबसे पहले यही खबर अपनी मां को बताई, जो उनकी पूरी यात्रा में उनके साथ रही हैं. आदर्श अब मुख्य रूप से Political Science, Economics और International Relations पढ़ना चाहते हैं. बिहार में शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और सरकारी योजनाओं तक पहुंच को करीब से देखने के कारण उनकी रुचि पॉलिसी और गवर्नेंस में बढ़ी.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Mon, 24 Aug 2026 14:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>NEET PG 2026: एग्जाम सेंटर पर टेक्निकल ग्लिच हो तो क्या करें? NBEMS ने दी सलाह</title>
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        <description><![CDATA[ NEET PG 2026 की परीक्षा में अब ज्यादा समय नहीं बचा है. परीक्षा की तैयारी के साथ उम्मीदवारों के मन में एग्जाम सेंटर से जुड़ी कई बातें भी रहती हैं. खासकर कंप्यूटर आधारित परीक्षा में अगर अचानक पावर कट हो जाए, सिस्टम लॉक हो जाए या स्क्रीन और माउस में कोई दिक्कत आने लगे, तो क्या करना होगा. इसे लेकर National Board of Examinations in Medical Sciences (NBEMS) ने उम्मीदवारों के लिए जरूरी जानकारी शेयर की है.
NBEMS के मुताबिक, परीक्षा के दौरान किसी तकनीकी समस्या को लेकर उम्मीदवारों को घबराने की जरूरत नहीं है. ऐसी स्थिति से निपटने के लिए जरूरी व्यवस्था की गई है और तकनीकी गड़बड़ी के कारण उम्मीदवार के तय परीक्षा समय का नुकसान नहीं होगा.&amp;nbsp;
30 अगस्त को होगी NEET PG 2026 परीक्षा
NBEMS 30 अगस्त 2026 को NEET PG 2026 आयोजित करेगा. आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस परीक्षा के लिए कुल 2,73,183 उम्मीदवारों ने सफलतापूर्वक रजिस्ट्रेशन किया है. यह संख्या पिछले साल की तुलना में 12.5 फीसदी से ज्यादा है. परीक्षा करीब 340 शहरों और 1,300 से ज्यादा परीक्षा केंद्रों पर एक ही शिफ्ट में आयोजित की जाएगी.&amp;nbsp;
पावर कट होने पर क्या करना होगा?
अगर उम्मीदवार परीक्षा में लॉग इन कर चुका है और इसी दौरान पावर फेलियर हो जाता है, तो उसे अपनी तरफ से कोई कार्रवाई करने की जरूरत नहीं होगी. NBEMS के अनुसार, पावर कट होते ही परीक्षा का टाइमर रुक जाएगा. बिजली की समस्या ठीक होने के बाद टाइमर वहीं से दोबारा शुरू होगा, जहां वह रुका था. यानी तकनीकी समस्या के कारण उम्मीदवार के परीक्षा समय में कोई कटौती नहीं होगी.&amp;nbsp;
कंप्यूटर लॉक होने पर क्या होगा?
अगर परीक्षा के दौरान मुख्य सर्वर से कनेक्टिविटी खत्म होने के कारण उम्मीदवार की मशीन लॉक हो जाती है, तो परीक्षा केंद्र के हर एग्जाम रूम में मौजूद IT मैनेजर उम्मीदवार के अकाउंट को वेरीफाई करके उसे अनलॉक करेगा. इसके बाद परीक्षा का टाइमर उसी समय से शुरू होगा, जहां उम्मीदवार ने परीक्षा छोड़ी थी.&amp;nbsp;
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स्क्रीन या माउस में दिक्कत हो तो तुरंत बताएं
अगर उम्मीदवार के सिस्टम में कोई खास समस्या आ रही है, जैसे स्क्रीन फ्लिकर करना, माउस में परेशानी, सिस्टम बार-बार लॉक या हैंग होना, तो इसकी जानकारी तुरंत इनविजिलेटर को देनी होगी. NBEMS के मुताबिक, शिकायत मिलने के बाद IT मैनेजर या इनविजिलेटर उम्मीदवार की मशीन को वेरीफाई करके लॉक करेगा. जरूरत पड़ने पर उम्मीदवार को उसी लैब या किसी दूसरी लैब में मौजूद बफर सीट पर शिफ्ट किया जा सकता है.&amp;nbsp;
परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के इंतजाम
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, NEET PG 2026 के लिए परीक्षा केंद्रों की पहले से सीलिंग और वेरिफिकेशन, CCTV निगरानी, बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन, उम्मीदवारों की फ्रिस्किंग और सिग्नल जैमर जैसी व्यवस्थाएं की गई हैं. इसके अलावा डायनेमिक कंप्यूटर, सेंट्रल और रीजनल कमांड सेंटर के जरिए लाइव मॉनिटरिंग और स्वतंत्र ऑब्जर्वर्स साथ ही अप्रेजर्स की रियल-टाइम निगरानी भी परीक्षा व्यवस्था का हिस्सा होगी.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Mon, 24 Aug 2026 14:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>NEET, 2026:, एग्जाम, सेंटर, पर, टेक्निकल, ग्लिच, हो, तो, क्या, करें, NBEMS, ने, दी, सलाह</media:keywords>
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        <title>NEET PG 2026 एडमिट कार्ड कभी भी हो सकता है जारी, ऐसे करें डाउनलोड</title>
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        <description><![CDATA[ नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन कॉलेज साइंसेज (NBEMS) की ओर से आज 24 अगस्त 2026 को नीट पीजी 2026 का एडमिड कार्ड जारी किया जा सकता है. एडमिट कार्ड जारी होने के बाद उम्मीदवार इसे एनबीईएमएस की ऑफिशियल वेबसाइट से अपने लॉगिन क्रेडेंशियल के जरिए डाउनलोड कर सकेंगे. नीट पीजी 2026 परीक्षा का आयोजन 30 अगस्त को किया जाना है. इससे पहले परीक्षा के लिए एग्जाम सिटी की जानकारी 12 अगस्त को जारी की जा चुकी है, ऐसे में उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वह अपनी यूजर आईडी और पासवर्ड तैयार रखें और एडमिट कार्ड जारी होते ही उसे डाउनलोड कर लें.&amp;nbsp;
ऐसे डाउनलोड होगा नीट पीजी 2026 एडमिट कार्ड

नीट पीजी एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के लिए सबसे पहले एनबीईएमएस की ऑफिशियल वेबसाइट natboard.edu.in पर जाएं.&amp;nbsp;
इसके बाद होम पेज पर नीट पीजी सेक्शन पर क्लिक करें.&amp;nbsp;
अब नीट पीजी 2026 एडमिट कार्ड से संबंधित लिंक खोलें.&amp;nbsp;
इसके बाद अपना यूजर आईडी और पासवर्ड दर्ज करें.&amp;nbsp;
लॉगिन करने के बाद एडमिट कार्ड स्क्रीन पर दिखाई देगा.&amp;nbsp;
अब हॉल टिकट डाउनलोड करके फ्यूचर के लिए इसे सेव करके रख लें.&amp;nbsp;

एडमिट कार्ड में यह डिटेल्स जरूर चेक करें&amp;nbsp;
नीट पीजी एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के बाद उम्मीदवारों को उसे पर दर्ज सभी जानकारी ध्यान से देखनी होगी. हॉल टिकट में उम्मीदवार का नाम, रोल नंबर, एप्लीकेशन आईडी, जन्मतिथि, कैटेगरी, परीक्षा केंद्र का कोड, केंद्र का नाम और पता, परीक्षा की तारीख का समय और रिपोर्टिंग टाइम जैसी जानकारी दी जाएगी. उम्मीदवारों को अपने एडमिट कार्ड में दर्ज जानकारी को आवेदन फाॅर्म की डिटेल्स से मिलाकर देखना होगा. किसी भी तरह की गलती होने पर छात्र को एनबीईएमएस से ऑनलाइन कांटेक्ट करना होगा.&amp;nbsp;
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30 अगस्त को होगी नीट पीजी की परीक्षा&amp;nbsp;
नीट पीजी 2026 परीक्षा 30 अगस्त 2026 को आयोजित की जाएगी. परीक्षा के लिए एग्जाम सिटी इंटीमेशन 12 अगस्त को जारी की जा चुकी है. अब एडमिट कार्ड जारी होने के बाद उम्मीदवार को परीक्षा केंद्र, रिपोर्टिंग टाइम और दूसरे जरूरी निर्देश की जानकारी देखनी होगी.&amp;nbsp;
परीक्षा केंद्र पर कौन से डॉक्यूमेंट जरूरी&amp;nbsp;
परीक्षा में समय शामिल होने वाले उम्मीदवारों को कुछ डॉक्यूमेंट अपने साथ ले जाने होंगे. इनमें नीट पीजी एडमिट कार्ड, हाल की पासपोर्ट साइज फोटो और और वेलिड ओरिजिनल फोटो आईडी शामिल है. इसके अलावा उम्मीदवारों को स्थायी प्रोविजनल एसएमसी, एमसीआई, या एनएमसी रजिस्ट्रेशन की फोटो कॉपी भी साथ रखने के निर्देश दिए गए हैं. वैलिड फोटो आईडी के तौर पर आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, पासपोर्ट या ड्राइविंग लाइसेंस जैसे डॉक्यूमेंट निर्धारित निर्देशों के अनुसार इस्तेमाल किए जा सकते हैं.
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        <pubDate>Mon, 24 Aug 2026 14:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>NEET, 2026, एडमिट, कार्ड, कभी, भी, हो, सकता, है, जारी, ऐसे, करें, डाउनलोड</media:keywords>
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        <title>8वें वेतन आयोग के बाद कितनी बढ़ेगी बैंक क्लर्क की सैलरी, देखें हिसाब&amp;किताब</title>
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        <description><![CDATA[ बैंकिंग सेक्टर में नौकरी को लेकर युवाओं के बीच हमेशा चर्चा रहती है. इसकी बड़ी वजह अच्छी सैलरी, नौकरी की सुरक्षा और समय के साथ मिलने वाली करियर ग्रोथ है. बैंक क्लर्क की नौकरी भी इसी वजह से काफी पसंद की जाती है. क्लर्क को बेसिक पे के साथ महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता, ट्रांसपोर्ट अलाउंस और दूसरी सुविधाएं मिलती हैं.
अब 8वें वेतन आयोग को लेकर संभावित बदलावों की चर्चा के बीच बैंक क्लर्क की सैलरी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर वेतन में कितनी बढ़ोतरी हो सकती है. अनुमान के मुताबिक, फिटमेंट फैक्टर के आधार पर बैंक क्लर्क की बेसिक सैलरी में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि 8वें वेतन आयोग के बाद बैंक क्लर्क की सैलरी कितनी बढ़ेगी.&amp;nbsp;
बैंक क्लर्क की सैलरी कितनी होती है?
आईबीपीएस क्लर्क के लिए शुरुआती बेसिक पे 19,900 है. इसके अलावा महंगाई भत्ता, एचआरए, स्पेशल अलाउंस और ट्रांसपोर्ट अलाउंस जैसे भत्ते भी सैलरी में शामिल होते हैं. आंकड़ों के अनुसार, शुरुआती स्तर पर इन-हैंड सैलरी लगभग 28,000 से 30,000 तक हो सकती है, जबकि पोस्टिंग और मिलने वाले भत्तों के आधार पर इसमें बदलाव होता है. वहीं एसबीआई क्लर्क की बेसिक सैलरी 17,900 प्रति माह है. इसमें DA, HRA, ट्रांसपोर्ट अलाउंस और दूसरी सुविधाएं जुड़ने के बाद ग्रॉस सैलरी लगभग 46,000 तक पहुंच सकती है. कटौती के बाद इन-हैंड सैलरी करीब 42,327 है.&amp;nbsp;
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8वें वेतन आयोग के बाद बैंक क्लर्क की सैलरी कितनी बढ़ेगी?
8वें वेतन आयोग को लेकर 2.57 के फिटमेंट फैक्टर की चर्चा है. अगर इस तरह का फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो बेसिक सैलरी में बड़ा बदलाव हो सकता है. अनुमान के मुताबिक, आईबीपीएस क्लर्क की मौजूदा 19,900 बेसिक सैलरी बढ़कर करीब 51,400 तक पहुंच सकती है. वहीं 1.83 के फिटमेंट फैक्टर के अनुमान के आधार पर यह बेसिक पे लगभग 36,600 हो सकती है.&amp;nbsp;
75 हजार तक पहुंच सकती है सैलरी
फिटमेंट फैक्टर के साथ संशोधित DA और HRA को जोड़ने पर बैंक क्लर्क की कुल सैलरी में भी बड़ा बदलाव संभव माना जा रहा है. अनुमान के अनुसार, मेट्रो शहरों में नए क्लर्क की मासिक सैलरी करीब 75,000 तक पहुंच सकती है. हालांकि यह आंकड़ा अनुमानित है और सही वेतन फिटमेंट फैक्टर, संशोधित भत्तों, पोस्टिंग लोकेशन और लागू वेतन व्यवस्था पर निर्भर करेगा.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sun, 23 Aug 2026 22:30:09 +0530</pubDate>
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        <title>CGHS की सफाई, 27 से 31 अगस्त तक बंद नहीं होंगे वेलनेस सेंटर</title>
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        <description><![CDATA[ केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना यानी CGHS ने एक फर्जी नोटिस को लेकर बड़ी सफाई दी है. पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर एक नोटिस वायरल हो रहा था, जिसमें दावा किया जा रहा था कि 27 से 31 अगस्त 2026 तक CGHS वेलनेस सेंटर बंद रहेंगे. अब CGHS के डायरेक्टोरेट ने साफ कर दिया है कि यह नोटिस पूरी तरह फर्जी और अनधिकृत है और सभी वेलनेस सेंटर तय समय के हिसाब से खुले ही रहेंगे.
क्या था वायरल नोटिस में दावा
वायरल हो रहे इस फर्जी नोटिस में CGHS का नाम और लोगो इस्तेमाल करते हुए यह दावा किया गया था कि NEET-PG 2026 परीक्षा में मेडिकल ऑफिसर्स की ड्यूटी लगने की वजह से 27 से 31 अगस्त के बीच वेलनेस सेंटर बंद रहेंगे. यह नोटिस इतनी तेजी से फैला कि लाखों लाभार्थियों के बीच कन्फ्यूजन की स्थिति बन गई, क्योंकि यह नोटिस देखने में बिल्कुल असली सरकारी सर्कुलर जैसा लग रहा था.&amp;nbsp;
CGHS डायरेक्टोरेट ने दी सफाई
22 अगस्त 2026 को जारी एक आधिकारिक सर्कुलर में CGHS डायरेक्टोरेट ने साफ शब्दों में कहा कि यह नोटिस न तो उनके द्वारा जारी किया गया है और न ही इसे किसी तरह की मंजूरी मिली है. सर्कुलर में यह भी कहा गया कि नोटिस में दी गई जानकारी पूरी तरह गलत है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए इस बात की पुष्टि की कि सभी CGHS वेलनेस सेंटर अपने तय समय-सारिणी के अनुसार ही काम करते रहेंगे.
फर्जी नोटिस पर सख्ती
CGHS ने अपने सभी दफ्तरों और अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे इस फर्जी नोटिस को कहीं भी प्रदर्शित या आगे शेयर न करें. साथ ही, डायरेक्टोरेट ने CGHS के नाम और लोगो के गलत इस्तेमाल को गंभीरता से लिया है और अधिकारियों से कहा है कि अगर उन्हें इस नोटिस के स्रोत या इसे फैलाने वालों के बारे में कोई जानकारी मिलती है, तो उसकी रिपोर्ट की जाए.
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क्यों जरूरी है यह जानकारी
देशभर में लाखों केंद्र सरकार के कर्मचारी और पेंशनर्स अपने और अपने परिवार के इलाज के लिए CGHS वेलनेस सेंटर पर निर्भर हैं. ऐसे में अगर बीच में कोई फर्जी सूचना फैलती है, तो जरूरतमंद लोगों को समय पर इलाज मिलने में दिक्कत आ सकती है. यही वजह है कि सरकार ने समय रहते इस भ्रम को दूर करने के लिए तुरंत सफाई जारी की, ताकि किसी भी लाभार्थी को स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी परेशानी का सामना न करना पड़े.
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        <pubDate>Sun, 23 Aug 2026 22:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>NTA को खत्म करना नहीं, मजबूत करना जरूरी, पूर्व UGC चीफ ने बताया पूरा प्लान</title>
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        <description><![CDATA[ नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA पिछले कुछ समय से लगातार सवालों के घेरे में रही है. पिछले कुछ दिनों में UGC NEET पेपर लीक के मामले में बच्चों ने बड़ी मात्रा में दिल्ली के जंतर-मंतर पर कई दिनों का प्रदर्शन किया था, जिसके बाद देश के शिक्षा मंत्री को इस्तीफा तक देना पड़ा था. इन सारे मामलों की आग अभी तक ठंडी हुई ही नहीं थी कि अब इसके बाद UGC NET परीक्षा में भी गड़बड़ियां सामने आईं. इन घटनाओं के बाद से ही यह सवाल उठ रहा है कि क्या NTA को पूरी तरह बदल दिया जाना चाहिए. इसी सवाल पर पूर्व UGC चेयरमैन मामिडाला जगदीश कुमार ने अपनी राय रखी है. वे फिलहाल NEP 2020 की रिव्यू कमेटी के चेयरमैन भी हैं. उन्होंने PTI से बातचीत में कहा कि NTA को खत्म करके नई एजेंसी बनाना सही रास्ता नहीं है, बल्कि इसे अंदर से मजबूत करने की जरूरत है. उनके मुताबिक हर साल एक करोड़ से ज्यादा छात्र NTA की परीक्षाओं में बैठते हैं, इसलिए यह मुद्दा सिर्फ एक एजेंसी बदलने का नहीं बल्कि पूरे सिस्टम को सुरक्षित बनाने का है.
एक ही एजेंसी क्यों जरूरी है
कुमार ने कहा कि परीक्षाओं को अलग-अलग एजेंसियों में बांटना कोई समाधान नहीं है. उनका कहना था कि सिर्फ काम का बोझ कम दिखाने के लिए परीक्षाओं को कई एजेंसियों में बांटना ठीक नहीं होगा. उन्होंने समझाया कि एक ही राष्ट्रीय टेस्टिंग बॉडी होने से सुरक्षा के नियम, टेक्नोलॉजी, छात्रों को दी जाने वाली सुविधाएं और रिजल्ट बनाने का तरीका एक जैसा रहता है. अगर कई नई एजेंसियां बना दी जाएं तो खर्चा भी दोगुना हो जाएगा और हर जगह सुरक्षा का स्तर अलग-अलग हो जाएगा. साथ ही उन्होंने रामकृष्णन कमेटी की सिफारिशों का भी जिक्र किया, जिसमें कहा गया था कि जो मंत्रालय या संस्था परीक्षा कराना चाहती है, उसे सिलेबस, विषय विशेषज्ञ और सवालों की क्वालिटी की जिम्मेदारी खुद लेनी चाहिए. वहीं NTA को सुरक्षित प्लेटफॉर्म, परीक्षा केंद्रों का नेटवर्क, छात्रों की पहचान जांच और रिजल्ट तैयार करने पर ध्यान देना चाहिए. सरकार ने जुलाई में बताया था कि कमेटी के 46 में से 35 बड़े सुझावों पर पहले ही काम हो चुका है, जैसे करीब 600 विशेषज्ञों को बदलना और सवालों की चार स्तर पर जांच शुरू करना चाहिए.
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आगे क्या करना जरूरी है
कुमार ने तीन बड़े सुधारों को सबसे जरूरी बताया.

पहला, पूरी परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित बनाना यानी सवाल बनाने से लेकर छपाई, स्टोरेज और सेंटर तक हर कदम पर पूरा रिकॉर्ड रखा जाए.
दूसरा, टेस्ट डिजाइन, साइबर सिक्योरिटी, भाषा और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में स्थायी विशेषज्ञ टीम बनाना ताकि हर बार नए लोग न रखने पड़ें.
तीसरा, परीक्षा केंद्रों और छात्रों की सुविधाओं को पूरी तरह भरोसेमंद बनाना, जिसमें CCTV निगरानी, बायोमेट्रिक जांच, बिजली और इंटरनेट की सुविधा तथा ट्रेंड स्टाफ शामिल हो.

कुमार के अनुसार NTA के पास पहले से ही अनुभव, टेक्नोलॉजी और परीक्षा केंद्रों का बड़ा नेटवर्क मौजूद है, इसलिए इसे खत्म करने के बजाय इसे और मजबूत बनाना ज्यादा सही रास्ता है.&amp;nbsp;&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sun, 23 Aug 2026 22:30:06 +0530</pubDate>
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        <title>UPSC CDS 2 Admit Card 2026 जल्द होगा जारी, यहां चेक करें अपडेट</title>
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        <description><![CDATA[ UPSC CDS 2 परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों के लिए अब एडमिट कार्ड का इंतजार जल्द खत्म हो सकता है. Union Public Service Commission (UPSC) जल्द ही Combined Defence Services Examination (II), 2026 का एडमिट कार्ड जारी करने की उम्मीद है. जिन उम्मीदवारों ने इस परीक्षा के लिए आवेदन किया है, उन्हें सलाह दी गई है कि UPSC की आधिकारिक वेबसाइट पर लगातार नजर बनाए रखें. एडमिट कार्ड जारी होने के बाद उम्मीदवार इसे upsc.gov.in से अपने लॉगिन डिटेल्स की मदद से डाउनलोड कर सकेंगे, हालांकि आयोग ने अभी एडमिट कार्ड जारी होने की मेन तारीख की घोषणा नहीं की है.&amp;nbsp;
CDS 2 परीक्षा कब होगी?
UPSC CDS 2 2026 परीक्षा का आयोजन 13 सितंबर 2026 को किया जाना है. यह परीक्षा उन उम्मीदवारों के लिए आयोजित होगी, जो Indian Military Academy, Indian Naval Academy, Air Force Academy और Officers Training Academy के अलग-अलग कोर्स में एडमिशन लेना चाहते हैं. एडमिट कार्ड उम्मीदवारों के लिए एक जरूरी डॉक्यूमेंट होगा. इसमें कैंडिडेट का नाम, रोल नंबर, परीक्षा केंद्र, रिपोर्टिंग टाइम और परीक्षा के दिन से जुड़े जरूरी निर्देश दिए होंगे.&amp;nbsp;
कैसे डाउनलोड करें CDS 2 Admit Card?
1. एडमिट कार्ड का लिंक एक्टिव होने के बाद उम्मीदवार &amp;nbsp;सबसे पहले UPSC की आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर जाएं.&amp;nbsp;
2. इसके बाद वेबसाइट पर Examinations सेक्शन में जाएं.&amp;nbsp;
3. यहां CDS 2 Admit Card 2026 के लिंक पर क्लिक करें.&amp;nbsp;
4. अब मांगी गई लॉगिन डिटेल्स दर्ज करें.&amp;nbsp;
5. इसके साथ ही डिटेल्स सबमिट करने के बाद एडमिट कार्ड स्क्रीन पर दिखाई देगा.&amp;nbsp;
6. अब एडमिट कार्ड डाउनलोड करें और परीक्षा के लिए उसका प्रिंट निकाल लें.&amp;nbsp;
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एडमिट कार्ड डाउनलोड करने से पहले रखें ये डिटेल्स तैयार
उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि अपना रजिस्ट्रेशन नंबर या रोल नंबर और अन्य जरूरी लॉगिन डिटेल्स पहले से तैयार रखें. इससे एडमिट कार्ड जारी होने के बाद उसे डाउनलोड करने में परेशानी नहीं होगी. &amp;nbsp;एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के बाद उसमें दी गई सभी जानकारियों को ध्यान से चेक करना भी जरूरी है. उम्मीदवार को यह देखना चाहिए कि नाम, रोल नंबर, परीक्षा केंद्र, रिपोर्टिंग टाइम और अन्य जानकारी सही दर्ज है.&amp;nbsp;
एग्जाम सेंटर पर क्या लेकर जाएं?
उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र पर एडमिट कार्ड की प्रिंटेड कॉपी लेकर जाना होगा. इसके साथ एक वैध फोटो आईडी कार्ड भी रखना होगा. UPSC ने अभी CDS 2 Admit Card 2026 जारी होने की तारीख घोषित नहीं की है. ऐसे में उम्मीदवारों को लेटेस्ट अपडेट के लिए UPSC की आधिकारिक वेबसाइट नियमित रूप से चेक करते रहना चाहिए. एडमिट कार्ड जारी होते ही उम्मीदवार अपने लॉगिन डिटेल्स के जरिए इसे डाउनलोड कर सकेंगे.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sun, 23 Aug 2026 22:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>UPSC, CDS, Admit, Card, 2026, जल्द, होगा, जारी, यहां, चेक, करें, अपडेट</media:keywords>
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        <title>हापुड़ के परिषदीय स्कूलों में यू&amp;ट्यूबर्स की एंट्री बैन, BSA का बड़ा आदेश</title>
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        <description><![CDATA[ स्कूलों में पढ़ाई का माहौल बनाए रखने और छात्रों की सुरक्षा को लेकर हापुड़ में बड़ा निर्देश जारी किया गया है. अब परिषदीय स्कूलों में बाहरी लोगों, यू-ट्यूबर्स और सोशल मीडिया से जुड़े लोगों की एंट्री बिना परमिशन नहीं हो सकेगी. स्कूल परिसर में फोटो या वीडियो बनाने के लिए भी अधिकारी की परमिशन जरूरी होगी. जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) दीपा भाटी ने सभी संबंधित प्रिंसिपल को इन निर्देशों का पालन करने को कहा है. इसके साथ ही स्कूलों के गेट को स्कूल संचालन के दौरान और उसके बाद भी बंद रखने का आदेश दिया गया है. अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि स्कूल परिसर में किसी तरह की अनऑथराइज्ड एक्टिविटी न हो.&amp;nbsp;
बिना परमिशन बाहरी लोगों की एंट्री पर रोक
जारी आदेश में कहा गया है कि कुछ बाहरी व्यक्ति और यू-ट्यूबर्स बिना परमिशन परिषदीय स्कूलों में प्रवेश कर स्कूल और स्टाफ के फोटो-वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर करते हैं. इससे स्कूल में चल रही पढ़ाई प्रभावित होती है. साथ ही टीचर पद की गरिमा और विभाग की छवि पर भी असर पड़ता है. &amp;nbsp;इसी को देखते हुए छात्रों की सुरक्षा और उनके हित को ध्यान में रखकर स्कूलों में ऐसे बाहरी लोगों का प्रवेश तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित करने के निर्देश दिए गए हैं.&amp;nbsp;
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फोटो-वीडियोग्राफी के लिए भी परमिशन जरूरी
आदेश के मुताबिक, कोई भी बाहरी व्यक्ति, यू-ट्यूबर या सोशल मीडिया से जुड़ा व्यक्ति अधिकारी की परमिशन के बिना स्कूल परिसर में प्रवेश नहीं कर सकेगा. इसके अलावा स्कूल में फोटो या वीडियो बनाने की भी परमिशन नहीं होगी. &amp;nbsp;आदेश में यह भी बताया गया है कि स्कूलों के निरीक्षण के लिए शासन और प्रशासन की ओर से पहले से ही जनपद और ब्लॉक स्तर पर अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है. ये अधिकारी समय-समय पर स्कूलों का निरीक्षण और मॉनिटरिंग करते हैं.&amp;nbsp;
स्कूलों के गेट बंद रखने के निर्देश
BSA ने प्रभारी प्रिंसिपल को स्कूल का गेट बंद रखने के भी निर्देश दिए हैं. आदेश में कहा गया है कि स्कूल संचालन के समय या उसके बाद भी गेट खुला रहना सही नहीं है. इसलिए स्कूल का गेट बंद रखना जरूरी किया गया है, जिससे छात्रों के हित पर कोई असर न पड़े. इसके साथ ही स्कूल परिसर में होने वाली अनऑथराइज्ड एक्टिविटी पर नजर रखने और जारी निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sun, 23 Aug 2026 22:30:03 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>हापुड़, के, परिषदीय, स्कूलों, में, यू-ट्यूबर्स, की, एंट्री, बैन, BSA, का, बड़ा, आदेश</media:keywords>
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    <item>
        <title>बारिश के चलते टली दिल्ली पुलिस कांस्टेबल PE&amp;amp;MT परीक्षा, नई तारीख जारी </title>
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        <description><![CDATA[ बारिश और खराब मौसम के चलते आज होने वाली दिल्ली पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा 2025 &amp;nbsp;का फिजिकल एंड्योरेंस एंड मेजरमेंट टेस्ट स्थगित कर दिया गया है. अब इस दिन परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों का PE&amp;amp;MT 10 सितंबर 2026&amp;nbsp; को आयोजित किया जाएगा. पुलिस की ओर से जारी अधिसूचना में बताया गया है कि आज 22 अगस्त को निर्धारित परीक्षा को मौसम की स्थिति को देखते हुए टाला गया है और परीक्षा को सुचारू रूप से ध्यान में रखते हुए यह बदलाव किया गया है.&amp;nbsp;
10 सितंबर को होगा PE&amp;amp;MT
22 अगस्त 2026 को होने वाली कांस्टेबल एग्जीक्यूटिव PE&amp;amp;MT अब 10 सितंबर 2026 को आयोजित किया जाएगा. उम्मीदवारों को अपने पुराने एडमिट कार्ड में दिए गए उस परीक्षा केंद्र और रिपोर्टिंग टाइम पर पहुंचना होगा. दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि 22 अगस्त के लिए जारी किया गया एडमिट कार्ड-ई एडमिशन सर्टिफिकेट 10 सितंबर को भी मान्य रहेगा यानी अब उम्मीदवारों को नया एडमिट कार्ड जारी करने नहीं किया जाएगा.&amp;nbsp;
परीक्षा केंद्र और रिपोर्टिंग टाइम में &amp;nbsp;कोई बदलाव नहीं&amp;nbsp;
जिन उम्मीदवारों की परीक्षा स्थगित हुई है, उनके लिए परीक्षा केंद्र और रिपोर्टिंग समय में कोई बदलाव नहीं किया गया है. अभ्यर्थियों को अपने मौजूदा एडमिट कार्ड में दिए गए डिटेल के अनुसार ही परीक्षा केंद्र पहुंचना होगा. उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वह परीक्षा केंद्र पर पर्याप्त समय से पहले पहुंचे और PE&amp;amp;MT के लिए जरूरी सभी डॉक्यूमेंट अपने साथ लेकर जाए.&amp;nbsp;
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बाकी तारीखों में बदलाव नहीं&amp;nbsp;
दिल्ली पुलिस के नोटिस के अनुसार 22 अगस्त के लिए जारी किया गया यह एडमिट कार्ड ही 10 सितंबर की परीक्षा के लिए इस्तेमाल किया जाएगा. उम्मीदवार अपने पुराने एडमिट कार्ड को सुरक्षित रखें और उसी के आधार पर परीक्षा केंद्र पर उपस्थित हो. इसके अलावा PE&amp;amp;MT का बाकी शेड्यूल पहले की तरह जारी रहेगा. आगे किसी तारीख में बदलाव किया जाता है, तो इसकी जानकारी दिल्ली पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर दी जाएगी.
उम्मीदवारों को रखना होगा इन बातों का ध्यान&amp;nbsp;

22 अगस्त की परीक्षा अब 10 सितंबर को होगी.&amp;nbsp;
नया एडमिट कार्ड डाउनलोड करने की जरूरत नहीं है.&amp;nbsp;
22 अगस्त को जारी किया एडमिट कार्ड ही 10 सितंबर को मान्य रहेगा&amp;nbsp;
परीक्षा केंद्र और रिपोर्टिंग टाइम वही रहेगा.&amp;nbsp;
एडमिट कार्ड में दिए गए निर्देशों के अनुसार जरूरी डॉक्यूमेंट साथ लेकर जाने होंगे.
परीक्षा केंद्र पर समय से पहले पहुंचना होगा.

ये भी पढ़ें-NTA की एक और परीक्षा में गड़बड़ी, रद्द हुई AIAPGET 2026 परीक्षा ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 23 Aug 2026 10:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>बारिश, के, चलते, टली, दिल्ली, पुलिस, कांस्टेबल, PE&amp;MT, परीक्षा, नई, तारीख, जारी </media:keywords>
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        <title>NTA की बड़ी कार्रवाई&amp; जयपुर केंद्र पर अव्यवस्था के बाद एजेंसी Eduquity को किया सस्पेंड</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/nta-की-बड़ी-कार्रवाई-जयपुर-केंद्र-पर-अव्यवस्था-के-बाद-एजेंसी-eduquity-को-किया-सस्पेंड</link>
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        <description><![CDATA[ राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने ऑल इंडिया आयुष पोस्ट ग्रेजुएट एंट्रेंस टेस्ट (AIAPGET) के दौरान जयपुर स्थित एक परीक्षा केंद्र पर हुई गंभीर खामियों के बाद शनिवार को कड़ी कार्रवाई की है. NTA ने परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी M/s Eduquity Career Technologies Pvt. Ltd. को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. इसके साथ ही कारण बताओ नोटिस के समाधान होने तक Eduquity के NTA के साथ पैनल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है.
बिजली गुल होने के कारण 49 अभ्यर्थी नहीं दे पाए थे पूरी परीक्षा
यह पूरा मामला जयपुर स्थित श्री सत्य साईं पीजी कॉलेज परीक्षा केंद्र का है, जहां AIAPGET परीक्षा के दौरान तकनीकी कुप्रबंधन देखने को मिला था. NTA ने जो जानकारी शेयर की उसके मुताबिक, केंद्र पर बिजली गुल होने की वजह से कुल 49 अभ्यर्थी अपनी परीक्षा पूरी नहीं कर सके थे. राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने इस बिजली कटौती और अव्यवस्था के लिए सीधे तौर पर परीक्षा का संचालन कर रही एजेंसी Eduquity Career Technologies को जिम्मेदार ठहराया है.

NTA has issued a show-cause notice to M/s Eduquity Career Technologies Pvt. Ltd. for lapses in the conduct of the AIAPGET examination at a center in Jaipur. Pending resolution of the notice, the empanelment of M/s Eduquity with NTA stands suspended with immediate effect.
&amp;mdash; National Testing Agency (@NTA_Exams) August 22, 2026



अप्रभावित पारदर्शिता और एजेंसी की जिम्मेदारी
NTA ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही या अव्यवस्था को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. हालांकि, एजेंसी द्वारा जारी नवीनतम अपडेट में उन विशिष्ट खामियों का विवरण नहीं दिया गया है जिनके आधार पर यह कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, लेकिन जब तक इस नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं मिलता और जांच पूरी नहीं होती, तब तक Eduquity का निलंबन प्रभावी रहेगा. NTA के इस सख्त कदम का उद्देश्य भविष्य में होने वाली परीक्षाओं में इस प्रकार की तकनीकी और बुनियादी ढांचे से जुड़ी कमियों को रोकना है.
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49 प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए 1 सितंबर को पुनः परीक्षा
परीक्षा से वंचित रहे अभ्यर्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए, NTA ने पहले ही पुनर्मांकन और री-एग्जाम की घोषणा कर दी थी. जयपुर केंद्र के जिन 49 अभ्यर्थियों की परीक्षा प्रभावित हुई थी, उनके लिए 1 सितंबर को दोबारा परीक्षा का आयोजन किया जाएगा. यह पुनः परीक्षा जयपुर स्थित &#039;राजस्थान कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग फॉर विमेन&#039; केंद्र पर आयोजित की जाएगी. एजेंसी का कहना है कि प्रभावित छात्रों को किसी भी तरह का नुकसान न हो, इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं.
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        <pubDate>Sun, 23 Aug 2026 10:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>NTA, की, बड़ी, कार्रवाई-, जयपुर, केंद्र, पर, अव्यवस्था, के, बाद, एजेंसी, Eduquity, को, किया, सस्पेंड</media:keywords>
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        <title>UPSC EPFO में एपीएफसी के 80 पदों पर भर्ती, आज से शुरू हो रहे आवेदन</title>
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        <description><![CDATA[ यूपीएससी ने ईपीएफओ में असिस्टेंट प्रोविडेंट फंड कमिश्नर (APFC) के पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. इस भर्ती योजना के तहत कुल 80 पदों को भरा जाएगा. इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया आज यानी 22 अगस्त से शुरू हो गई है. योग्य उम्मीदवार यूपीएससी के ऑनलाइन आवेदन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं. आवेदन की आखिरी तारीख 11 सितंबर शाम 6 बजे तक निर्धारित है. वहीं यूपीएससी की जानकारी के अनुसार APFC पदों के लिए भर्ती परीक्षा 20 दिसंबर 2026 को आयोजित की जाएगी.
ईपीएफओ के 80 पदों पर होगी भर्ती&amp;nbsp;
यूपीएससी ईपीएफओ APFC भर्ती 2026 के तहत कुल 80 खाली पदों को भरा जाना है. इनमें 29 पद जनरल कैटेगरी के, 8 पद ईडब्ल्यूएस, 18 पद ओबीसी, 15 पद एससी और 10 पद एसटी उम्मीदवारों के लिए है. कुल पदों में से तीन पद PwBD कैटेगरी के लिए आरक्षित है. इस पद पर चयनित उम्मीदवार कर्मचारी भविष्य निधि संगठन में कार्य करेंगे. APFC पद सातवें वेतन आयोग के पे मैट्रिक्स के लेवल 10 के अंदर आता है. &amp;zwnj;
आवेदन से जुड़ी जरूरी तारीख के देख लें&amp;nbsp;
APFC भर्ती के लिए शॉर्ट नोटिफिकेशन 19 अगस्त को जारी किया गया था, जबकि 21 अगस्त को विस्तृत नोटिफिकेशन जारी हुआ. इसके बाद आज 22 अगस्त से आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है. उम्मीदवार 11 सितंबर तक ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकते हैं. वहीं भर्ती 20 दिसंबर 2026 को होगी. इन पदों पर उम्मीदवारों का चयन रिक्रूटमेंट टेस्ट और इंटरव्यू के आधार पर किया जाएगा.&amp;nbsp;
इन पदों के लिए कौन है एलिजिबल?
APFC पद के लिए उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से डिग्री होनी चाहिए. नोटिफिकेशन में कंपनी लॉ, लेबर लॉ या पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में डिप्लोमा को वांछनीय योग्यता के तौर पर बताया गया है. जनरल और ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के उम्मीदवारों के लिए अधिकतम आयु 35 वर्ष है. वहीं ओबीसी के लिए अधिकतम आयु 38 वर्ष और एससी, एसटी के लिए 40 वर्ष है. आयु की गणना आवेदन की आखिरी तारीख के आधार पर की जाएगी. इसके अलावा आरक्षित वर्गों को आयु में छूट भी मिलेगी. वहीं अगर फीस की बात करें तो जिन उम्मीदवारों पर फीस लागू होगी, उन्हें 25 रुपये फीस देनी होगी. वहीं एससी, एसटी, पीडब्ल्यूबीडी और महिला उम्मीदवारों के लिए आवेदन में छूट दी है.
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APFC भर्ती परीक्षा में आएगा, बदला हुआ सिलेबस&amp;nbsp;
&amp;nbsp;इस बार APFC भर्ती परीक्षा के सिलेबस में भी बदलाव किया गया है. नोटिफिकेशन में लेबर लॉ की जगह लेबर कोड्स को शामिल किया गया है. इसके अलावा परीक्षा में जनरल इंग्लिश, भारतीय संस्कृति विरासत और स्वतंत्रता आंदोलन, विकास से जुड़े मुद्दे, भारतीय अर्थव्यवस्था के मौजूदा रुझान, शासन और भारतीय संविधान से जुड़े विषय शामिल है. सिलेबस में जनरल साइंस और बेसिक कंप्यूटर एप्लीकेशन, एलिमेंट्री मैथमेटिक्स, स्टैटिसटिक्स और जनरल मेंटल एबिलिटी के साथ इंडस्ट्रियल रिलेशन, लेबर कोड्स और भारत में सोशल सिक्योरिटी जैसे विषय भी शामिल है. इसके अलावा प्रिंसिपल्स ऑफ अकाउंटेंसी, ऑडिटिंग एंड इंश्योरेंस और राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाओं से जुड़े सवाल भी पूछे जाएंगे.&amp;nbsp;
ऐसे करें UPSC EPFO ईपीएफओ के लिए आवेदन&amp;nbsp;

उम्मीदवारों को आवेदन करने के लिए सबसे पहले यूपीएससी के एप्लीकेशन पोर्टल upsconline.nic.in पर जाना होगा.
अब यहां अकाउंट बनाकर यूनिवर्सल रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी.
रजिस्ट्रेशन के बाद लॉगिन करके पर्सनल और एजुकेशनल डिटेल्स भरनी होगी.
उसके बाद डॉक्यूमेंट अपलोड करके फीस जमा करनी होगी.&amp;nbsp;
वहीं फॉर्म को अंतिम रूप से सबमिट करने से पहले सारी जानकारी अच्छी तरह जांच लें
लास्ट में फॉर्म सबमिट करने के बाद कंफर्मेशन पेज डाउनलोड करके रख लें.

ये भी पढ़ें-NTA की एक और परीक्षा में गड़बड़ी, रद्द हुई AIAPGET 2026 परीक्षा ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 23 Aug 2026 10:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>CAT के बाद कैसे मिलता है IIM में एडमिशन? जानिए पूरा प्रोसेस</title>
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        <description><![CDATA[ CAT के बाद कैसे मिलता है IIM में एडमिशन? जानिए पूरा प्रोसेस ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 23 Aug 2026 10:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>हरियाणा TET का रिजल्ट जारी, 16.57% अभ्यर्थी हुए पास</title>
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        <description><![CDATA[ हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा (HTET) 2025 में शामिल अभ्यर्थियों का इंतजार खत्म हो गया है. हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (HBSE) भिवानी ने रिजल्ट जारी कर दिया है, जिन उम्मीदवारों ने इस परीक्षा में हिस्सा लिया था वह अपना स्कोर कार्ड ऑनलाइन चेक कर सकते हैं. रिजल्ट बोर्ड के ऑफिशियल एचटीईटी पोर्टल पर उपलब्ध जारी किया गया है. इस बार टेट परीक्षा में कुल 1,92,220 अभ्यर्थी शामिल हुए थे. वहीं परीक्षा में सफल उम्मीदवारों की संख्या 31,847 रही. जिसका मतलब है कि क1ल 16.57 फीसदी अभ्यर्थी परीक्षा में पास हुए हैं.&amp;nbsp;
HTET 2025 में किस लेवल पर कितने अभ्यर्थी शामिल हुए?
बोर्ड की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार HTET 2025 में तीनों लेवल के लिए बड़ी संख्या में उम्मीदवारों ने परीक्षा दी थी. &amp;nbsp;पीआरटी लेवल 1 में 31,402, टीजीटी लेवल 2 में 99,896 और पीजीटी लेवल 3 में 60,922 उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हुए थे. तीनों लेवल को मिलाकर परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों की संख्या 1,92,220 रही. परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों में ज्यादातर की बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है. बोर्ड के अनुसार कुल सफल उम्मीदवारों में से 30,883 अभ्यर्थी बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन करा चुके हैं, जबकि 964 उम्मीदवार इस प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पाए हैं.
ये भी पढ़ें-रांची यूनिवर्सिटी में सीधे PhD एडमिशन, ग्रेजुएशन में चाहिए 75% नंबर
बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन का एक और मौका&amp;nbsp;
जिन सफल उम्मीदवारों का बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन किसी कारण से नहीं हो पाया, उन्हें भी प्रक्रिया पूरी करने का एक और अवसर दिया जाएगा. ऐसे उम्मीदवारों के लिए भिवानी स्थित बोर्ड मुख्यालय में अलग से बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन कराया जाएगा. इसका शेड्यूल बोर्ड की ओर से जल्दी जारी किया जा सकता है.
ऐसे डाउनलोड करें HTET रिजल्ट&amp;nbsp;

हरियाणा टेट का रिजल्ट चेक करने के लिए सबसे पहले बोर्ड के ऑफिशियल वेबसाइट htet.eapplynow.com पर जाए.&amp;nbsp;
इसके बाद होम पेज पर दिए गए HTET रिजल्ट के लिंक पर क्लिक करें.&amp;nbsp;
अब रिजल्ट पेज पर मांगी गई जानकारी जैसे रोल नंबर और पासवर्ड दर्ज करें.
जानकारी सबमिट करने के बाद आपका रिजल्ट स्क्रीन पर दिखाई देगा.&amp;nbsp;
यहां उम्मीदवार अपने प्राप्त अंकों और क्वालीफाइंग स्टेटस को देख सकते हैं.&amp;nbsp;
रिजल्ट चेक करने के बाद स्कोर कार्ड डाउनलोड कर लें और इसका प्रिंटआउट निकाल लें.

स्कोर कार्ड में मिलेगी यह जानकारी
HTET स्कोरकार्ड में उम्मीदवारों से जुड़ी और परीक्षा में प्रदर्शन से संबंधित कई जानकारी दी जाएगी. इसमें उम्मीदवार का नाम, रजिस्ट्रेशन नंबर, जन्मतिथि, जेंडर, पिता का नाम और कैटेगरी शामिल होगी. इसके अलावा स्कोर कार्ड में क्वालीफाइंग मार्क्स, कुल प्राप्त नंबर और विषय वार नंबर भी दर्ज होंगे. उम्मीदवारों को रिजल्ट डाउनलोड करने के बाद इन सभी डिटेल को अच्छी तरह जांचने की सलाह दी गई है.
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        <pubDate>Sun, 23 Aug 2026 06:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>हरियाणा, TET, का, रिजल्ट, जारी, 16.57, अभ्यर्थी, हुए, पास</media:keywords>
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        <title>कभी भी जारी हो सकता है UPTET 2026 रिजल्ट, 2 लाख अभ्यर्थियों को इंतजार </title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/कभी-भी-जारी-हो-सकता-है-uptet-2026-रिजल्ट-2-लाख-अभ्यर्थियों-को-इंतजार</link>
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        <description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) 2026 में शामिल हुए उम्मीदवारों का इंतजार जल्दी खत्म हो सकता है. उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग जल्दी ही परीक्षा का रिजल्ट जारी कर सकता है. रिजल्ट जारी होने के बाद उम्मीदवार अपना स्कोर कार्ड ऑफिशियल वेबसाइट upessc.up.govt.in पर जाकर चेक कर सकेंगे. इसके लिए उम्मीदवारों को अपना रोल नंबर और पासवर्ड दर्ज करना होगा.&amp;nbsp;
कब हुई थी UPTET की परीक्षा?&amp;nbsp;
UPTET 2026 परीक्षा 2,3 और 4 जुलाई को उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में बनाए गए अलग-अलग परीक्षा केंद्र पर आयोजित की गई थी. परीक्षा के लिए कुल 2,27,481 उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन कराया था. इनमें उत्तर प्रदेश के अलावा दूसरे राज्यों से आने वाले करीब 2 लाख उम्मीदवार भी शामिल थे. परीक्षा में पेपर 1 और पेपर 2 के उम्मीदवार शामिल हुए थे. UPTET 2026 परीक्षा से पहले 22 जून को एग्जाम सिटी डिटेल्स जारी की गई. इसके बाद 30 जून को एडमिट कार्ड उपलब्ध कराया गया. परीक्षा 2 से 4 जुलाई तक आयोजित होने के बाद आयोग ने 8 जुलाई को आंसर-की जारी की थी. अब उम्मीदवार फाइनल रिजल्ट इंतजार कर रहे हैं. रिजल्ट जारी होने के बाद उम्मीदवारों को ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर अपने स्कोर कार्ड की जांच करनी होगी.&amp;nbsp;
UPTET 2026 में कितने अंक जरूरी?
UPTET 2026 परीक्षा में सफल होने के लिए उम्मीदवारों को निर्धारित न्यूनतम अंक हासिल करना जरूरी है. अलग-अलग कैटेगरी के लिए क्वालीफाइंग मार्क्स तय किए गए हैं. जैसे जनरल कैटेगरी के लिए 60 प्रतिशत अंक और आरक्षित वर्गों के लिए 75 प्रतिशत अंक. वहीं जो उम्मीदवार परीक्षा में निर्धारित अंक हासिल कर सफल होंगे, उन्हें UPTET प्रमाण पत्र दिया जाएगा. इस प्रमाण पत्र की वैधता आजीवन रहेगी.&amp;nbsp;
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स्कोर कार्ड में जरूरी डिटेल चेक करें
UPTET 2026 के स्कोरकार्ड में उम्मीदवार और उसके परीक्षा प्रदर्शन से जुड़ी गई जानकारियां दी जाएगी. इसमें उम्मीदवार का नाम, रजिस्ट्रेशन नंबर, बर्थ डेट, जेंडर, पिता का नाम और कैटेगरी शामिल होगी. इसके अलावा स्कोर कार्ड में क्वालीफाइंग मार्क्स, उम्मीदवार के कुल अंक और विषयवार प्राप्त अंकों की जानकारी भी दी जाएगी. उम्मीदवारों को रिजल्ट डाउनलोड करने के बाद इन सभी डिटेल को ध्यान से जांचने की सलाह दी गई है.
ऐसे चेक कर सकेंगे UPTET रिजल्ट 2026&amp;nbsp;

रिजल्ट जारी होने के बाद उम्मीदवार सबसे पहले यूपीएससी की ऑफिशियल वेबसाइट upessc.up.govt.in पर जाएं.&amp;nbsp;
इसके बाद होम पेज पर दिए गए UPTET 2026 रिजल्ट के लिंक पर क्लिक करें.
अब मांगी गई जानकारी में अपना रोल नंबर और पासवर्ड भरें.&amp;nbsp;
अब इसे सबमिट करते ही स्क्रीन पर UPTET 2026 का रिजल्ट दिखाई देगा.
उम्मीदवार अपने अंकों और दूसरी जानकारी को चेक करने के बाद इसे डाउनलोड कर सकते हैं.&amp;nbsp;

ये भी पढ़ें-हरियाणा TET का रिजल्ट जारी, 16.57% अभ्यर्थी हुए पास ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 23 Aug 2026 06:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>कभी, भी, जारी, हो, सकता, है, UPTET, 2026, रिजल्ट, लाख, अभ्यर्थियों, को, इंतजार </media:keywords>
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        <title>NTA की एक और परीक्षा में गड़बड़ी, रद्द हुई AIAPGET 2026 परीक्षा</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/nta-की-एक-और-परीक्षा-में-गड़बड़ी-रद्द-हुई-aiapget-2026-परीक्षा</link>
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        <description><![CDATA[ NTA द्वारा आयोजित एक और परीक्षा में गड़बड़ी का मामला सामने आया है. जयपुर में ऑल इंडिया आयुष पोस्ट ग्रेजुएट टेस्ट (AIAPGET) के दौरान परीक्षा केंद्र की व्यवस्था को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है. ट्रांसपोर्ट नगर स्थित श्री सत्य साईं कॉलेज में ऑनलाइन परीक्षा के दौरान अचानक बिजली चली गई. इसके बाद कंप्यूटर सिस्टम बंद हो गए और परीक्षा प्रभावित हो गई. नाराज अभ्यर्थियों ने परीक्षा केंद्र के बाद बाहर हंगामा और नारेबाजी शुरू कर दी. बाद में परीक्षा केंद्र के ऑब्जर्वर की ओर से परीक्षा रद्द किए जाने की जानकारी दी गई.
उम्मीदवारों का आरोप है कि परीक्षा शुरू होने के करीब 15 से 30 मिनट बाद ही बिजली चली गई. ऑनलाइन परीक्षा होने के कारण बिजली कटते ही परीक्षा सिस्टम ठप हो गए. छात्रों का कहना है कि केंद्र पर पर्याप्त पावर बैकअप या जनरेटर की व्यवस्था नहीं थी, जिसकी वजह से उन्हें काफी देर तक परीक्षा शुरू होने का इंतजार करना पड़ा.
जयपुर में परीक्षा के बीच बंद हुए कंप्यूटर
AIAPGET 2026 के आयोजन के दौरान बिजली बिल गुल होने के बाद उम्मीदवारों ने हंगामा कर दिया. उम्मीदवारों के अनुसार, बिजली जाने के बाद कंप्यूटर सिस्टम बंद हो गए और परीक्षा आगे नहीं बढ़ सकी. कुछ समय तक उम्मीदवार परीक्षा हॉल में ही बैठे रहे, लेकिन सिस्टम शुरू नहीं होने पर उन्हें बाहर निकाल कर ग्राउंड में एकत्रित किया गया. परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित होनी थी. बिजली आपूर्ति बाधित होने के बाद बचे हुए समय की भरपाई नहीं की गई और उन्हें परीक्षा केंद्र से बाहर कर दिया. इसी को लेकर अभ्यर्थियों का गुस्सा बढ़ा और उन्होंने केंद्र के बाहर हंगामा शुरू कर दिया.
पावर बैकअप नहीं होने से भी उठे सवाल
बिजली जाने के बाद अभ्यर्थियों ने परीक्षा केंद्र की व्यवस्था पर सवाल उठाए. उनका कहना है कि राष्ट्रीय स्तर की कंप्यूटर बेस्ड परीक्षा के लिए केंद्र पर पर्याप्त बिजली और पावर बैकअप की व्यवस्था होनी चाहिए थी. छात्रों के अनुसार, अगर पावर बैकअप होता तो बिजली जाने के बाद पर इस तरह परीक्षा प्रभावित नहीं होती. बताया जा रहा है कि बिजली आपूर्ति बाधित होने के पीछे पावर सप्लायर में खराबी की बात सामने आई. वहीं कुछ अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया की परीक्षा के दौरान ही पावर सप्लाई की सर्विसिंग का काम किया जा रहा था.
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परीक्षा रद्द, अभ्यर्थी लिखित आदेश अड़े
हंगामे के परीक्षा केंद्र के ऑब्जर्वर ने परीक्षा रद्द करने की जानकारी दी. हालांकि अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्हें परीक्षा रद्द होने की जानकारी लिखित में दी जाए. छात्रों ने सभी अभ्यर्थियों की परीक्षा रद्द कर दोबारा कराने की मांग की. अभ्यर्थियों ने परीक्षा के दौरान नकल का आरोप भी लगाया. उनका कहना है कि बिजली जाने के बाद जब सभी उम्मीदवारों को एक साथ बाहर किया गया, उस दौरान परीक्षा की निष्पक्षता प्रभावित हुई. कुछ छात्रों का दावा है कि बिजली कटने के दौरान अभ्यर्थी आपस में प्रश्नों को लेकर चर्चा करने लगे. इसी आधार पर वह पूरी परीक्षा को रद्द कर दोबारा आयोजित करने की मांग कर रहे हैं.
आयुष डॉक्टरों के पीजी एडमिशन के लिए होती है परीक्षा
AIAPGET आयुर्वेद, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी से जुड़े पीजी में एडमिशन के लिए आयोजित की जाती है. इस परीक्षा का आयोजन एनटीए करता है. यह परीक्षा साल में एक बार सीबीटी के रूप में आयोजित होती है. परीक्षा में 120 मल्टीपल चॉइस सवाल होते हैं और कुल 480 अंक निर्धारित है. प्रत्येक सही उत्तर के लिए 4 अंक मिलते हैं, जबकि गलत उत्तर पर 1 अंक के नेगेटिव मार्किंग होती है. परीक्षा का समय 2 घंटे का होता है.
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        <pubDate>Sun, 23 Aug 2026 06:30:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>रांची यूनिवर्सिटी में सीधे PhD एडमिशन, ग्रेजुएशन में चाहिए 75% नंबर</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/रांची-यूनिवर्सिटी-में-सीधे-phd-एडमिशन-ग्रेजुएशन-में-चाहिए-75-नंबर</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/रांची-यूनिवर्सिटी-में-सीधे-phd-एडमिशन-ग्रेजुएशन-में-चाहिए-75-नंबर</guid>
        <description><![CDATA[ Ranchi University PhD Admission Rule: रांची यूनिवर्सिटी ने पीएचडी में एडमिशन को लेकर नए नियम लागू कर दिए हैं. नई शिक्षा नीति 2020 और यूजीसी रेगुलेशन 2022 के प्रावधानों के तहत यूनिवर्सिटी ने करीब डेढ़ दशक बाद पीएचडी एडमिशन से जुड़े नियमों में बदलाव किया है. नए नियमों के अनुसार चार वर्षीय ग्रेजुएशन में 75 फीसदी अंक हासिल करने वाले छात्रों को पोस्ट ग्रेजुएट किए बिना सीधे पीएचडी के लिए आवेदन करने का मौका मिलेगा. यूनिवर्सिटी के कुलपति सरोज शर्मा ने पीएचडी की डिग्री देने के लिए न्यूनतम मानकों और प्रक्रियाओं से जुड़े नियमों को अधिसूचना जारी की है.&amp;nbsp;
4 साल की ग्रेजुएशन के बाद सीधे मिलेगा PhD का मौका&amp;nbsp;
रांची यूनिवर्सिटी के नए नियमों के तहत 4 वर्षीय ग्रेजुएशन कोर्स में कम से कम 75 फीसदी अंक हासिल करने वाले उम्मीदवार पीएचडी के लिए आवेदन कर सकते हैं. ऐसे छात्रों के लिए पीएचडी में एडमिशन के लिए पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री अनिवार्य नहीं होगी. वहीं दो वर्षीय पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स में कम से कम 55 फीसदी अंक हासिल करने वाले उम्मीदवार भी पीएचडी के लिए एलिजिबल होंगे. आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को न्यूनतम पात्रता अंकों में पांच फीसदी छूट दी जाएगी.&amp;nbsp;
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एंट्रेंस एग्जाम और इंटरव्यू में होगा एडमिशन&amp;nbsp;
नए नियमों के तहत पीएचडी में एडमिशन प्रवेश परीक्षा और इंटरव्यू के जरिए होगा. प्रवेश परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों की मेरिट परीक्षा और इंटरव्यू में प्राप्त अंकों के आधार पर तैयारी की जाएगी. दोनों का वेटेज 70:30 रखा गया है. पीएचडी एंट्रेंस टेस्ट में आधे सवाल रिसर्च मेथाडोलॉजी और आधे संबंधित विषय से पूछे जाएंगे. वहीं नेट जेआरएफ क्वालिफाइड उम्मीदवारों को एडमिशन परीक्षा से छूट दी गई है. इन उम्मीदवारों का चयन इंटरव्यू के आधार पर किया जाएगा
न्यूनतम 3 और अधिकतम 6 साल में पूरी करनी होगी PhD&amp;nbsp;
पीएचडी में एडमिशन मिलने के बाद रिसर्चर को 12 क्रेडिट का स्कोर वर्क पूरा करना होगा. इसके बाद ही वे अपनी रिसर्च प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकेंगे. नए नियमों में पीएचडी की अवधि को लेकर भी प्रावधान तय किए गए हैं. नए नियमों के अनुसार पीएचडी पूरी करने का न्यूनतम समय 3 साल होगा, वहीं अधिकतम अवधि 6 साल निर्धारित की गई है. इसके बाद रिसर्चर्स 2 साल के लिए दोबारा रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं. हालांकि इसके बाद किसी और विस्तार का प्रावधान नहीं है. वहीं महिला रिसर्चर और 40 फीसदी से ज्यादा दिव्यांगता वाले रिसर्चर को अतिरिक्त 2 साल की छूट दी जाएगी. इसके अलावा महिला रिसर्चर्स को 240 दिन तक मैटरनिटी या चाइल्ड केयर लीव देने का भी प्रावधान नए नियमों में किया गया है.
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        <pubDate>Sat, 22 Aug 2026 14:30:06 +0530</pubDate>
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        <title>10वीं में 54%, फिर JEE Advanced पास कर IIT Bombay पहुंचा युवक</title>
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        <description><![CDATA[ जिंदगी में कई बार हमें लगता है कि एक बुरा रिजल्ट हमारा पूरा भविष्य तय कर देता है, लेकिन असल में यह सिर्फ एक पड़ाव होता है, मंजिल नहीं. कुछ ऐसी ही कहानी है जैनेंद्रजीत की, जिन्होंने दसवीं कक्षा में मिले कमजोर नंबरों को अपनी कमजोरी नहीं बल्कि बदलाव की शुरुआत बनाया. उस समय शायद उन्हें भी अंदाजा नहीं था कि यही रिजल्ट आगे चलकर उनकी सबसे बड़ी ताकत बन जाएगा. आइए जानते हैं कैसे एक साधारण से लड़के ने हार को हिम्मत में बदला और देश के सबसे बड़े इंजीनियरिंग कॉलेज तक का सफर तय किया.&amp;nbsp;
शुरुआत एक छोटी सी हार से हुई
यह कहानी है जैनेंद्रजीत की, जिन्होंने दसवीं कक्षा में सिर्फ 54% अंक हासिल किए थे. मैथ्स में तो उनके सिर्फ 41 नंबर आए थे और साइंस में 48. वृंदावन के जवाहर नवोदय विद्यालय से पढ़ाई करने वाले जैनेंद्रजीत को खुद भी अपने रिजल्ट पर यकीन नहीं हुआ था. उन्होंने बताया कि जब उन्होंने वेबसाइट खोलकर अपना स्कोर देखा, तो वह वहीं जम गए और उन्हें लगा कि यह उनका रिजल्ट हो ही नहीं सकता. उनकी परेशानी और बढ़ गई जब उन्होंने देखा कि उनके कई साथियों के 90% से ज्यादा नंबर आए थे. लेकिन तीन साल बाद यही लड़का JEE Advanced पास करके देश के सबसे बड़े इंजीनियरिंग कॉलेज IIT Bombay पहुंच गया. यह कहानी बताती है कि एक बुरा रिजल्ट किसी की पूरी जिंदगी तय नहीं करता.
जैनेंद्रजीत के दसवीं के खराब नतीजों के पीछे एक बड़ी वजह उनकी सेहत भी थी. बोर्ड परीक्षाओं से पहले वह करीब 40 से 50 दिनों तक बेड रेस्ट पर थे, जिसकी वजह से वह ठीक से तैयारी नहीं कर पाए थे. रिजल्ट आने के बाद उन्हें लोगों की आलोचना और ताने भी झेलने पड़े, कई लोगों ने उनके कम नंबरों को लेकर मजाक भी बनाया. लेकिन जैनेंद्रजीत ने इस नतीजे को अपनी काबिलियत का सबूत नहीं माना. उन्होंने इसे एक संकेत की तरह लिया कि उन्हें अपनी पढ़ाई का तरीका बदलने की जरूरत है. यहीं से उनकी असली मेहनत की शुरुआत हुई और उन्होंने ठान लिया कि वह अपने आगे के सफर में कोई कमी नहीं छोड़ेंगे.
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पढ़ाई का तरीका बदला, नतीजा भी बदल गया
दसवीं के बाद जैनेंद्रजीत ने सिर्फ पढ़ाई के घंटे नहीं बढ़ाए, बल्कि पढ़ने का तरीका ही पूरी तरह बदल दिया. उन्होंने एक फिक्स टाइम-टेबल बनाया, सोशल मीडिया और बाकी चीजों से ध्यान हटाया और धीरे-धीरे रोजाना करीब 10 घंटे पढ़ाई करने लगे. क्लास में जाने से पहले वह उस टॉपिक से जुड़े एजुकेशनल वीडियो देख लेते थे, ताकि क्लास में समझने में आसानी हो. उन्होंने बड़े सिलेबस को छोटे-छोटे लक्ष्यों में बांटा और हर दिन का टारगेट तय करके उसे पूरा करने की कोशिश की. पिछले सालों के पेपर हल करना भी उनकी तैयारी का अहम हिस्सा बन गया. इसी मेहनत का नतीजा रहा कि JEE Main 2023 में उन्हें 99.98 पर्सेंटाइल मिला और JEE Advanced में उन्होंने AIR 349 हासिल की.&amp;nbsp;&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sat, 22 Aug 2026 14:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>14 बार असफलता फिर भी नहीं मानी हार, CDS&amp;SSB पास कर 24 साल के किशु बने सेना में लेफ्टिनेंट</title>
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        <description><![CDATA[ 14 बार असफलता फिर भी नहीं मानी हार, CDS-SSB पास कर 24 साल के किशु बने सेना में लेफ्टिनेंट ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 22 Aug 2026 14:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>CPCB में निकली कई पदों पर भर्ती, 24 अगस्त से भर सकते हैं फॉर्म</title>
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        <description><![CDATA[ केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने अलग-अलग पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है. इस भर्ती अभियान के तहत कुल 51 पदों को भरा जाएगा. भर्ती स्ट्रेंथनिंग ऑफ एनवायरनमेंटल रेगुलेटर्स (एसईआर)- फेज-3 प्रोजेक्ट ओन रिवर गंगा के तहत संविदा आधार पर की जाएगी. यह प्रोजेक्ट राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत वित्त पोषित है. &amp;nbsp;
इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 24 अगस्त 2026 को सुबह 10 बजे से शुरू होगी. इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 7 सितंबर 2026 रात 11:59 बजे तक आवेदन कर सकेंगे. उम्मीदवारों को आवेदन करने से पहले संबंधित पद की शैक्षणिक योग्यता, एक्सपीरियंस और आयु सीमा की शर्तों को ध्यान से जांचना होगा.&amp;nbsp;
51 पदों पर होगी भर्ती
सीपीसीबी की भर्ती में साइंटिस्ट डी, साइंटिस्ट सी, साइंटिस्ट बी, साइंटिफिक असिस्टेंट मैनेजर (फाइनेंस), एडमिनिस्ट्रेटिव असिस्टेंट, टैक्सनॉमिस्ट, डेटा एंट्री ऑपरेटर और फील्ड असिस्टेंट के पद शामिल है. अगर पदों के अनुसार देखे तो साइंटिस्ट डी का 1 पद, साइंटिस्ट सी के 8 पद, साइंटिस्ट बी के 12 पद, साइंटिफिक असिस्टेंट के 13 पद, असिस्टेंट मैनेजर (फाइनेंस) के 3 पद, एडमिनिस्ट्रेटिव असिस्टेंट का 1 पद, टैक्सनॉमिस्ट का 1 पद, डेटा एंट्री ऑपरेटर के 4 पद और फील्ड असिस्टेंट के 8 पद शामिल है.&amp;nbsp;
अलग-अलग पदों के लिए योग्यता अलग&amp;nbsp;
सीपीसीबी भर्ती में शैक्षणिक योग्यता पद के अनुसार अलग-अलग निर्धारित की गई है. साइंटिस्ट डी, साइंटिस्ट सी और साइंटिस्ट बी जैसे पदों के लिए पर्यावरण विज्ञान, प्राकृतिक विज्ञान या संबंधित इंजीनियरिंग-टेक्नोलॉजी में निर्धारित योग्यता मांगी गई है. कुछ वैज्ञानिक पदों के लिए गेट या नेट जेआरएफ जैसी योग्यता और संबंधित एक्सपीरियंस भी जरूरी है. डेटा एंट्री ऑपरेटर के पद के लिए साइंस में फर्स्ट क्लास बैचलर डिग्री या बीएससी मांगी गई है. इसके साथ कंप्यूटर और टाइपिंग से जुड़ी दक्षता भी जरूरी है. वही फील्ड असिस्टेंट पद के लिए साइंस विषय में 12वीं पास होना जरूरी है और न्यूनतम 55 फीसदी अंक मांगे गए हैं. इसके अलावा असिस्टेंट मैनेजर (फाइनेंस) के लिए कॉमर्स में मास्टर डिग्री, सीए या एमबीए जैसी योग्यता निर्धारित है. एडमिनिस्ट्रेटिव असिस्टेंट के लिए मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से बैचलर डिग्री और कंप्यूटर की जानकारी जरूरी है. टैक्सनॉमिस्ट पद के लिए फर्स्ट क्लास एमएससी मांगी गई है.&amp;nbsp;
पद के हिसाब से उम्र सीमा&amp;nbsp;
इन पदों के लिए अधिकतम आयु सीमा भी अलग-अलग रखी गई है. साइंटिस्ट डी के लिए अधिकतम 50 साल, साइंटिस्ट सी के लिए 45 साल और साइंटिस्ट बी के लिए 35 साल आयु सीमा है. असिस्टेंट मैनेजर, एडमिनिस्ट्रेटिव असिस्टेंट, साइंटिफिक असिस्टेंट और टैक्सनॉमिस्ट के लिए अधिकतम आयु सीमा 35 साल रखी गई है, जबकि डेटा एंट्री ऑपरेटर के लिए अधिकतम आयु 32 साल और फील्ड असिस्टेंट के लिए 27 साल निर्धारित हैं. इसके अलावा आरक्षित वर्ग के अनुसार उम्मीदवारों को आयु सीमा में भी छूट दी जाएगी.&amp;nbsp;
लाखों तक मिलेगी हर महीने सैलरी&amp;nbsp;
भर्ती में चयनित उम्मीदवारों के पद के अनुसार हर महीने निर्धारित सैलरी दी जाएगी है. साइंटिस्ट डी पद के लिए 1,71,597 रुपये, साइंटिस्ट सी के लिए &amp;nbsp;1,48,997 रुपये और साइंटिस्ट बी के लिए 1,25,380 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे. &amp;nbsp;वहीं असिस्टेंट मैनेजर को 1,19,272 रुपये, एडमिनिस्ट्रेटिव असिस्टेंट और साइंटिफिक असिस्टेंट को 77,654 रुपये, टैक्सनॉमिस्ट को 65,031 रुपये, डेटा एंट्री ऑपरेटर को 57,498 रुपये और फील्ड असिस्टेंट को 38,741 रुपये प्रतिमाह तक सैलरी मिलेगी.&amp;nbsp;
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24 अगस्त से शुरू होंगे आवेदन&amp;nbsp;
सीपीसीबी रिक्रूटमेंट 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन 24 अगस्त सुबह 10 बजे से शुरू होंगे. आवेदन की आखिरी तारीख 7 सितंबर रात 11:59 बजे है. उम्मीदवार सीपीसीबी की ऑफिशियल वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. वहीं इस भर्ती में पहले प्राप्त आवेदनों की स्क्रीनिंग की जाएगी. योग्यता और एक्सपीरियंस के आधार पर उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया जाएगा. शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा, इसके बाद डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन किया जाएगा और अंतिम चयन सूची तैयार की जाएगी
ऐसे करें आवेदन&amp;nbsp;

सबसे पहले आप सीपीसीबी के ऑफिशियल वेबसाइट https://www.cpcb.gov.in/ पर जाएं.
अब यहां पर जॉब्स टैब सेक्शन पर क्लिक करें.&amp;nbsp;
इसके बाद सीपीसीबी भर्ती 2026 नोटिफिकेशन पर क्लिक करें.&amp;nbsp;
अब ऑनलाइन आवेदन के लिए रजिस्ट्रेशन करें.
रजिस्ट्रेशन करने के बाद लॉगिन करके अपनी पर्सनल और एजुकेशनल डिटेल भरे.
इसके बाद जरूरी दिशानिर्देशों का पालन करते हुए डॉक्यूमेंट अपलोड करें.&amp;nbsp;
लास्ट में सभी जानकारी को जांच कर फॉर्म सबमिट कर दें और कंफर्मेशन पेज डाउनलोड कर लें.

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        <pubDate>Sat, 22 Aug 2026 14:30:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>NITI Aayog की रिपोर्ट में खुलासा, सिर्फ 8.25% ग्रेजुएट्स को ही पढ़ाई से जुड़ी नौकरी</title>
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        <description><![CDATA[ भारत में हर साल बड़ी संख्या में युवा ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करके नौकरी की तलाश में निकलते हैं, लेकिन अब उनकी डिग्री और नौकरी के बीच बड़ा अंतर सामने आया है. दरअसल नीति आयोग की और से जारी Reimagining Skilling For Viksit Bharat@2047 रिपोर्ट में बताया गया है कि देश में सिर्फ 8.25 प्रतिशत साड़ी ग्रेजुएट्स ही अपनी योग्यता के अनुरूप नौकरी कर रहे हैं. रिपोर्ट के अनुसार समस्या सिर्फ बेरोजगारी तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, स्किल और रोजगार के बीच तालमेल की कमी भी बड़ी समस्या बनकर सामने आई है.&amp;nbsp;
पढ़ाई और नौकरी के बीच बड़ा गैप&amp;nbsp;
नीति आयोग ने देश की हायर और तकनीकी शिक्षा व्यवस्था में शिक्षा और रोजगार बाजार के बीच एक बुनियादी अंतर की ओर इशारा किया है. रिपोर्ट के अनुसार कई संस्थानों में पढ़ाया जाने वाला पाठ्यक्रम बदलती इंडस्ट्री की जरूरत के अनुसार अपडेट नहीं है. ऐसे में डिग्री डिप्लोमा और सर्टिफिकेट हासिल करने के बावजूद युवाओं के लिए नौकरी हासिल करना आसान नहीं होता है. देश में बड़ी संख्या में छात्र सामान्य ग्रेजुएशन कोर्स में एडमिशन लेते हैं. करीब 3.4 करोड़ छात्र अंडर ग्रेजुएट प्रोग्राम में पढ़ रहे हैं, जिनमें लगभग 1.3 करोड़ छात्र बीए कर रहे हैं. बीए, बीएससी और बीकॉम में पढ़ने वाले छात्रों की संयुक्त संख्या 2 करोड़ से ज्यादा है. रिपोर्ट के अनुसार इन सामान्य डिग्री कोर्स का रोजगार से सीधा जुड़ाव कमजोर है और कई छात्र इन्हें सरकारी नौकरी के लिए जरूरी शैक्षणिक योग्यता पूरी करने के उद्देश्य से भी करते हैं.&amp;nbsp;
80% छात्रों को प्रैक्टिकल एक्सपीरियंस की कमी&amp;nbsp;
रिपोर्ट में छात्रों की ओर से बताई गई कमियों को भी सामने रखा गया है. करीब 80 फीसदी लर्नर्स ने प्रैक्टिकल एक्सपीरियंस और इंडस्ट्री एक्सपोजर की कमी को अपनी पढ़ाई में बड़ी समस्या बताया है. वहीं 34 फीसदी छात्रों ने स्किल्स की कमी और 18 फीसदी ने इंटरव्यू की तैयारी की कमी को प्रमुख परेशानी बताया. रिपोर्ट में डिजिटल और कम्युनिकेशन स्किल्स की कमी की ओर भी ध्यान दिलाया गया है. यानी कई छात्र डिग्री तो हासिल कर लेते हैं, लेकिन नौकरी के लिए जरूरी व्यावहारिक क्षमता और ऑफिस से जुड़ी स्किल उनके लिए पर्याप्त नहीं होती.&amp;nbsp;
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BA, BCom और BSC के बाद नहीं मिलता करियर का रास्ता&amp;nbsp;
नीति आयोग के अनुसार बीए, बीकॉम और बीएससी जैसी सामान्य डिग्री अपने आप में बेकार नहीं है, लेकिन कई बार यह डिग्रियां यह स्पष्ट नहीं करती कि छात्र के पास नौकरी के लिए कौन सी व्यावहारिक क्षमता है. रिपोर्ट में कहा गया है कि इन डिग्रियों से सीधे रोजगार हासिल करना मुश्किल हो सकता है और एंट्री लेवल की नौकरियों के लिए भी टेली या ऑफिस एप्लीकेशन जैसी अतिरिक्त वर्कप्लेस स्किल की जरूरत पड़ सकती है. यही वजह है की डिग्री पूरी करने के बाद भी कई युवाओं को अतिरिक्त ट्रेनिंग, स्किल्स डेवलपमेंट या एक्सपीरियंस हासिल करना पड़ता है.&amp;nbsp;
सरकारी नौकरी की तरफ बढ़ता युवाओं का रुझान
रिपोर्ट में सरकारी नौकरियों के लिए युवाओं के बीच बढ़ते कंपटीशन का भी जिक्र किया गया है. नवंबर 2024 से जुलाई 2025 के बीच करीब 55,000 पदों के लिए 1.86 करोड़ आवेदन प्राप्त हुए. यह आंकड़ा सरकारी नौकरी की मांग और उपलब्ध पदों के बीच बड़ा अंतर दिखता है. रिपोर्ट के अनुसार इसका समाधान केवल सरकारी नौकरियों की संख्या बढ़ाना नहीं है बल्कि शिक्षा व्यवस्था को युवाओं को रोजगार, उद्यमिता, स्वरोजगार और पारिवारिक कारोबार अलग-अलग करियर ऑप्शन के लिए भी तैयार करना होगा.
ये भी पढ़ें-दिल्ली में 9वीं की तीसरी भाषा का नियम वापस, R3 में फेल होने पर भी दे सकेंगे 10वीं बोर्ड ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 21 Aug 2026 22:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>सिविल जज बनने का बदला नियम, 3 साल की जगह अब 1 साल वकालत जरूरी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/सिविल-जज-बनने-का-बदला-नियम-3-साल-की-जगह-अब-1-साल-वकालत-जरूरी</link>
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        <description><![CDATA[ सिविल जज बनने का बदला नियम, 3 साल की जगह अब 1 साल वकालत जरूरी ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 21 Aug 2026 22:30:10 +0530</pubDate>
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        <title>IIM Bangalore में नया UG School शुरू, Tata Trusts ने साइन किया एमओयू</title>
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        <description><![CDATA[ IIM बेंगलुरु और Tata Trusts ने नए अंडरग्रेजुएट स्कूल के लिए एमओयू साइन किया है. इस स्कूल का नाम IIMB&amp;ndash;Dorabji Tata School of Undergraduate Studies रखा गया है. पहले बैच में 80 स्टूडेंट्स को एडमिशन मिला, जिसके लिए करीब 12 हजार एप्लिकेशन आई थीं.
31 अगस्त से शुरू होगी पढ़ाई&amp;nbsp;आईआईएम बेंगलुरु के नए अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम का पहला बैच 31 अगस्त 2026 से शुरू होगा, जिसमें कुल 80 स्टूडेंट्स होंगे. इनमें 40 छात्र स्टूडेंट्स बीएससी (ऑनर्स) इन डेटा साइंसेज की पढ़ाई करेंगे. वहीं, बाकी 40 स्टूडेंट्स बीएससी (ऑनर्स) इन इकोनॉमिक्स में होंगे. दोनों प्रोग्राम चार साल के फुल टाइम और रेजिडेंशियल कोर्स होंगे. डेटा साइंसेज के स्टूडेंट्स को इकोनॉमिक्स के बेसिक और इकोनॉमिक्स के स्टूडेंट्स को डेटा साइंसेज के बेसिक सीखने का मौका मिलेगा. इसका मतलब है कि सभी स्टूडेंट्स को दोनों फील्ड में पढ़ाई का मौका मिलेगा.
क्या है इस समझौते का मकसद?
आईआईएम बेंगलुरु और टाटा ट्रस्ट्स के बीच हुए एमओयू के तहत टाटा ट्रस्ट्स नए अंडरग्रेजुएट स्कूल के शुरुआती डिवेलपमेंट में मदद करेगा. इसके तहत इन चीजों पर फोकस किया जाएगा.&amp;nbsp;

मॉडर्न अकैडमिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना
रिसर्च फैसिलिटीज को मजबूत करना
स्कूल का स्ट्रैटिजीकल डायरेक्शन तय करने में सहयोग
पॉलिसी और गवर्नेंस से जुड़े काम में योगदान
नई फैकल्टी और रिसर्च क्षमता को डिवेलप करने में मदद

टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा और आईआईएम बेंगलुरु के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की चेयरपर्सन डॉ. देवी शेट्टी ने एमओयू पर साइन किए.&amp;nbsp;
एआई और डेटा साइंसेज पर रहेगा खास फोकस
आईआईएम बेंगलुरु के नए यूजी स्कूल का फोकस सिर्फ पारंपरिक मैनेजमेंट एजुकेशन पर नहीं रहेगा. संस्थान एआई, डेटा साइंसेज और दूसरी नई टेक्नोलॉजी को पढ़ाई और रिसर्च का अहम हिस्सा बनाना चाहता है. स्कूल में ऐसे रिसर्च एरिया पर भी काम होगा, जहां आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, डेटा साइंसेज, एल्गोरिदम डिजाइन, इंडियन नॉलेज सिस्टम और बिजनेस एक-दूसरे से कनेक्ट होते हैं.
IIMB के मुताबिक, आज के दौर में AI बिजनेस, सरकार और समाज के काम करने के तरीके को तेजी से बदल रहा है. ऐसे में छात्रों को तकनीकी जानकारी के साथ अलग-अलग विषयों को जोड़कर सोचने की क्षमता भी डिवेलप करनी होगी.
23 किलोमीटर दूर बनेगा नया कैंपस
नए अंडरग्रेजुएट स्कूल का कैंपस आईआईएम बेंगलुरु के बन्नेरघट्टा रोड स्थित मौजूदा कैंपस से करीब 23 किलोमीटर दूर है. यह कैंपस जिगनी अनेकल एरिया में डिवेलप किया जा रहा है, जिसे यूजी स्टूडेंट्स के लिए खासतौर पर रेजिडेंशियल अकैडमिक कैंपस के रूप में तैयार किया जा रहा है. यहां छात्रों के लिए आधुनिक क्लासरूम, रिसर्च और रहने की सुविधाएं डिवेलप की जा रही हैं.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Fri, 21 Aug 2026 22:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>BPSC LDC भर्ती परीक्षा रद्द, टंकण टेस्ट और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन भी निरस्त</title>
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        <description><![CDATA[ बिहार लोक सेवा आयोग यानी बीपीएससी ने विज्ञापन संख्या 43/2025 के तहत निम्नवर्गीय लिपिक यानी एलडीसी भर्ती से जुड़ी टंकण एवं कंप्यूटर जांच परीक्षा और दस्तावेज सत्यापन को रद्द कर दिया है. आयोग ने इसके पीछे की वजह तकनीकी कारण बताया है. हालांकि, नोटिस में तकनीकी समस्या की विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है. नई परीक्षा और दस्तावेज सत्यापन की तारीख जल्द जारी की जाएगी.
क्या है पूरा मामला?
निम्नवर्गीय लिपिक यानी एलडीसी के पद पर सरकारी नौकरी पाने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को तगड़ा झटका लगा है. बीपीएससी ने विज्ञापन संख्या 43/2025 के तहत चल रही भर्ती प्रक्रिया में टंकण एवं कंप्यूटर जांच परीक्षा को निरस्त कर दिया है. वहीं, इस परीक्षा के आधार पर जिन अभ्यर्थियों को दस्तावेज सत्यापन के लिए बुलाया गया था, उनका सत्यापन भी अब मान्य नहीं रहेगा. आयोग ने अपने नोटिस में परीक्षा और दस्तावेज सत्यापन रद्द करने की वजह तकनीकी कारण बताई है. हालांकि, तकनीकी समस्या की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है.
17 और 18 जनवरी को हुई थी परीक्षा
बीपीएससी की ओर से एलडीसी भर्ती के तहत टंकण एवं कंप्यूटर जांच परीक्षा का आयोजन 17 और 18 जनवरी 2026 को अलग-अलग पालियों में किया गया था. इस परीक्षा में अभ्यर्थियों के टाइपिंग और कंप्यूटर संबंधी कौशल की जांच की गई थी. इसके परिणाम के आधार पर आगे की प्रक्रिया के लिए अभ्यर्थियों को शॉर्टलिस्ट किया गया था. अब आयोग ने तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए इस परीक्षा को ही रद्द कर दिया है. इसका सीधा मतलब है कि इस परीक्षा के आधार पर तैयार किया गया परिणाम भी अब प्रभावी नहीं रहेगा.
25 फरवरी का दस्तावेज सत्यापन भी रद्द
टंकण एवं कंप्यूटर जांच परीक्षा के परिणाम के आधार पर जिन उम्मीदवारों को दस्तावेज सत्यापन के लिए बुलाया गया था, उन्हें भी तगड़ा झटका लगा है. इन अभ्यर्थियों का दस्तावेज सत्यापन 25 फरवरी 2026 को कराया गया था. बीपीएससी ने अब इस दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया को भी निरस्त कर दिया है. आयोग की ओर से नई तारीख और आगे की प्रक्रिया की जानकारी बाद में दी जाएगी.
क्या फिर देना होगा टाइपिंग टेस्ट?
बीपीएससी के मौजूदा फैसले के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिन उम्मीदवारों ने जनवरी में टंकण एवं कंप्यूटर जांच परीक्षा दी थी, उन्हें क्या दोबारा परीक्षा देनी होगी? बता दें कि आयोग ने परीक्षा की नई तारीख अभी घोषित नहीं की है. ऐसे में यह स्पष्ट नहीं है कि सभी पात्र अभ्यर्थियों को दोबारा टंकण-कंप्यूटर परीक्षा देनी होगी या आयोग किसी दूसरी प्रक्रिया के जरिए आगे बढ़ेगा. अभ्यर्थियों को इस संबंध में बीपीएससी के अगले आधिकारिक नोटिस का इंतजार करना होगा.
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        <pubDate>Fri, 21 Aug 2026 22:30:06 +0530</pubDate>
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        <title>UPSSSC कनिष्ठ सहायक भर्ती रिजल्ट जारी, 50 अभ्यर्थियों का चयन</title>
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        <description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) ने औद्योगिक विकास विभाग में कनिष्ठ सहायक के पदों पर भर्ती का चयन परिणाम जारी कर दिया है. शुक्रवार को कनिष्ठ सहायक मुख्य परीक्षा के आधार पर घोषित परिणाम में 50 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है. भर्ती प्रक्रिया में निर्धारित नियमों, मेरिट और आरक्षण प्रावधानों का पालन किया गया है. इससे प्रदेश में योगी सरकार की पारदर्शी और मेरिट आधारित भर्ती व्यवस्था को एक और मजबूती मिली है.
आयोग के अनुसार, प्रारंभ में कनिष्ठ सहायक के 62 पदों पर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे. विभाग से प्राप्त संशोधित अधियाचन के बाद पदों की संख्या घटाकर 54 कर दी गई. संशोधित पदों के आधार पर आयोग ने चयन प्रक्रिया पूरी करते हुए 50 अभ्यर्थियों का अंतिम चयन किया है.
आरक्षण नियमों के अनुरूप हुआ चयन
अंतिम चयनित 50 अभ्यर्थियों में 34 अनारक्षित, 3 अनुसूचित जाति, 1 अनुसूचित जनजाति, 7 अन्य पिछड़ा वर्ग और 5 आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अभ्यर्थी शामिल हैं. आयोग ने स्पष्ट किया कि क्षैतिज आरक्षण के तहत उपलब्ध अभ्यर्थियों को उनकी मूल श्रेणी में समायोजित किया गया है. महिला, दिव्यांगजन सहित अन्य क्षैतिज आरक्षण श्रेणियों में भी नियमानुसार प्रक्रिया अपनाई गई. कुछ श्रेणियों में निर्धारित पदों के सापेक्ष पात्र अभ्यर्थी उपलब्ध नहीं होने पर नियमों के अनुसार पदों को आगे बढ़ाते हुए अन्य पात्र अभ्यर्थियों का चयन किया गया.
कटऑफ जारी, चयन का आधार स्पष्ट
आयोग ने अंतिम परिणाम के साथ श्रेणीवार कटऑफ भी जारी की है. अनारक्षित वर्ग में चयनित अभ्यर्थी की कटऑफ 65 अंक रही. अनुसूचित जाति की कटऑफ 26.75, अनुसूचित जनजाति की 50, ओबीसी की 62.50 और ईडब्ल्यूएस की कटऑफ 63.75 अंक रही. क्षैतिज आरक्षण में दिव्यांगजन की एएसडी/एचएच/डीई/ओएच श्रेणी की कटऑफ 54.75 और दिव्यांगजन की अन्य श्रेणी की कटऑफ 44.25 अंक रही. महिला अभ्यर्थियों की कटऑफ 42 अंक दर्ज की गई.
योगी सरकार में पारदर्शिता से बढ़ा अभ्यर्थियों का भरोसा
योगी सरकार में सरकारी भर्तियों को पारदर्शी, निष्पक्ष और मेरिट आधारित बनाने पर लगातार जोर दिया जा रहा है. कनिष्ठ सहायक भर्ती का अंतिम परिणाम भी इसी दिशा में उठाया गया कदम है. लिखित परीक्षा, अभिलेख परीक्षण और आरक्षण संबंधी प्रावधानों के आधार पर चयन प्रक्रिया पूरी की गई है. आयोग ने स्पष्ट किया है कि अंतिम चयन परिणाम उच्च न्यायालय में लंबित संबंधित याचिकाओं में पारित होने वाले आदेशों के अधीन रहेगा. इसके अलावा 5 अभ्यर्थियों को औपबंधिक रूप से शामिल किया गया है, जिनका अंतिम चयन आयोग के निर्णय के अधीन होगा. चयनित अभ्यर्थियों के नाम और श्रेणीवार कटऑफ आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई है.
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        <pubDate>Fri, 21 Aug 2026 22:30:03 +0530</pubDate>
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        <title>क्या NET के पेपर बनाने में हुआ AI का इस्तेमाल, किन गड़बड़ियों के कारण उठे सवाल?</title>
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        <description><![CDATA[ UGC NET Controversy: यूजीसी नेट की तीन परीक्षाओं को दोबारा कराने के फैसले के बाद एनटीए की परीक्षा प्रक्रिया पर कई सवाल खड़े हो गए हैं. सब्जेक्ट एक्सपर्ट और एनटीए से जुड़े कई पूर्व विशेषज्ञों ने दावा किया है कि प्रश्न पत्र तैयार करने और उनके अनुवाद में एआई का इस्तेमाल किया गया था. हालांकि, एनटीए इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि विवादित प्रश्न पत्र तैयार करने के लिए जेनरेटिव एआई का इस्तेमाल नहीं किया गया.
विवादों के बीच अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र के यूजीसी नेट पेपर दोबारा कराने का फैसला लिया गया है. एक्सपर्ट्स के अनुसार, इन प्रश्नपत्रों में ऐसी गलतियां सामने आई है, जिससे पेपर तैयार करने के बाद की गई मानवीय जांच और निगरानी पर भी सवाल उठे.&amp;nbsp;
क्या प्रश्न पत्र तैयार करने में एआई का हुआ इस्तेमाल?
एनटीए पेपर को लेकर एक सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स ने दावा किया है कि यूजीसी नेट के प्रश्न पत्र तैयार करने में एआई का बड़े स्तर पर इस्तेमाल किया गया था. एनटीए से जुड़े रहे कुछ पूर्व सब्जेक्ट एक्सपर्ट ने भी यह कहा कि परीक्षा सामग्री के अनुवाद में तकनीक का इस्तेमाल किया गया था. हालांकि सिर्फ तकनीक के इस्तेमाल से यह साबित नहीं होता कि प्रश्न पत्रों में हुई गलतियों की वजह एआई ही था. विवाद का मुख्य सवाल यह है कि प्रश्न पत्र तैयार होने के बाद उनकी पर्याप्त मानवीय और सब्जेक्ट एक्सपर्ट से जांच कराई गई थी या नहीं. एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने एआई के जरिए विवादित प्रश्न पत्र तैयार किए जाने से इनकार किया है. उनके अनुसार प्रश्न पत्र तैयार होने के बाद उनका ह्यूमन रिव्यू किया गया था. इसके बावजूद कई गलतियां सामने आने से इस समीक्षा प्रक्रिया की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं.&amp;nbsp;
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6 हफ्ते तक क्यों नहीं रद्द हुए पेपर?&amp;nbsp;
विवाद सिर्फ प्रश्न पत्रों से मिली गड़बड़ियों तक सीमित नहीं है. परीक्षा में खामियां सामने आने के बाद कार्रवाई में हुई देरी को लेकर भी सवाल उठे. रिपोर्ट के अनुसार, शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों और एनटीए से जुड़े सूत्रों के बीच पेपर रद्द कर जुलाई के अंत या अगस्त के पहले सप्ताह तक दोबारा परीक्षा कराने को लेकर चर्चा हुई थी और लेकिन एनटीए ने तत्काल परीक्षा रद्द नहीं की. करीब 6 सप्ताह के बाद 87 में से 84 विषयों की प्रोविजनल आंसर की जारी करते समय तीन विषयों की परीक्षा रद्द कर दोबारा कराने की घोषणा की गई.&amp;nbsp;
एनटीए की जांच प्रक्रिया पर भी सवाल&amp;nbsp;
शिक्षा मंत्रालय से जुड़े सूत्रों के अनुसार, एनटीए के दो वरिष्ठ अधिकारियों से हुई बातचीत में प्रश्न पत्र को तैयार करने की प्रक्रिया को लेकर स्पष्टता नहीं मिल पाई थी. सूत्रों ने दावा किया है कि प्रश्नपत्रों में एडहॉक तरीके से तैयार किए जाने के बाद कही गई थी और इसी वजह से आंसर की तैयार करने में भी परेशानी आई. कुछ और रिपोर्ट्स में सामने आया कि अगर प्रश्न पत्र तैयार करने के लिए चार-पांच विषय एक्सपर्ट्स का पैनल मौजूद था तो पुराने प्रश्न पत्रों के इतने सवाल दोबारा कैसे आ गए और प्रश्न तैयार करने वाले एक्सपर्ट के पास ही उन सवालों के उत्तर क्यों स्पष्ट नहीं थे. वहीं एक्सपर्ट्स के अनुसार पूरे विवाद में सबसे बड़ा सवाल यही नहीं है कि परीक्षा प्रक्रिया में तकनीकी का इस्तेमाल हुआ है या नहीं. बल्कि यह है कि तकनीक के इस्तेमाल के बाद पर्याप्त मानवीय और अकादमिक जांच हुई या नहीं.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Fri, 21 Aug 2026 10:30:09 +0530</pubDate>
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        <title>झारखंड में 22 परीक्षाएं रद्द करने पर हाईकोर्ट की रोक, जानें अब आगे क्या होगा? </title>
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        <description><![CDATA[ Jharkhand Exam Controversy: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहे विवाद ने अब नया मोड़ ले लिया है. झारखंड हाई कोर्ट ने राज्य सरकार की ओर से 22 भर्ती परीक्षाओं और चयन प्रक्रियाओं को रद्द करने के आदेश पर रोक लगा दी है. सरकार ने 18 अगस्त को अधिसूचना जारी कर इन परीक्षाओं को रद्द करने के साथ ही 6 परीक्षाओं की जांच पूरी होने तक रोकने और 17 पुरानी भर्तियों को सीआईडी जांच के दायरे में रखने का फैसला किया था.
इस फैसले के बाद उन अभ्यर्थियों के सामने भी नौकरी को लेकर संकट खड़ा हो गया था, जो इन परीक्षाओं में सफल होकर सरकारी सेवा में नियुक्त हो चुके थे. इसके बाद अब हाई कोर्ट ने सरकार के फैसले पर रोक लगा दी है. हालांकि मामले की आगे की सुनवाई में सरकार को अपना पक्ष अदालत के सामने रखना होगा.
क्या था पूरा मामला?
दरअसल, झारखंड सरकार ने परीक्षाओं में गड़बड़ियों और अनियमितताओं की जांच के बीच JPSC-JSSC और परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी की कई भर्ती परीक्षाओं पर कार्रवाई की थी. इसमें 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द किया, 6 पर जांच लंबित रहने तक रोक लगा दी और 17 पुरानी जेपीएससी भर्तियों पर सीआईडी जांच के आदेश दिए गए. सरकार के इस फैसले से सबसे बड़ा सवाल उन उम्मीदवारों को लेकर उठा था, जिन्हें परीक्षा पास करने के बाद नियुक्ति मिल चुकी थी. वहीं, चार रद्द की गई भर्तियां ऐसी थी जो नियुक्ति के चरण तक पहुंच चुकी थी. इनमें 11वीं-13वीं झारखंड संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा से 342 पदों पर नियुक्तियां, JSSC-CGL से 1932 नियुक्तियां, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी के 64 पद और फूड सेफ्टी ऑफिसर के 56 पद शामिल थे.
चयनित अभ्यर्थियों के सामने आया था संकट&amp;nbsp;
परीक्षा रद्द होने के बाद पहले से सरकारी सेवा में काम कर रहे उम्मीदवारों को अपने भविष्य को लेकर कोई स्पष्टता नहीं थी. कई अभ्यर्थियों का कहना था कि उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत परीक्षा पास की, नियुक्ति हासिल की और इसके बाद सरकारी सेवा में योगदान दिया. ऐसे में बिना उनकी व्यक्तिगत भूमिका की जांच किए नियुक्ति पर सवाल उठाना उनके लिए बड़ी समस्या हो सकती है&amp;zwnj;. इनमें से कुछ चयनित अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्हें सरकार की ओर से यह जानकारी नहीं मिली कि अब उनकी नियुक्ति का क्या होगा. इसके बाद इन चयनित अभ्यर्थियों ने हाई कोर्ट का रुख करने का फैसला लिया था.&amp;nbsp;
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अभ्यर्थियों ने हाई कोर्ट में क्या दलील दी?
याचिकार्ताओं का कहना है कि सरकार ने उनका पक्ष सुने बिना परीक्षा और उसके आधार पर हुई नियुक्तियों को रद्द कर दिया. उनके अनुसार अगर किसी परीक्षा में गड़बड़ी हुई है, तो जांच के आधार पर दोषी उम्मीदवार या जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए. अभ्यर्थियों का सवाल है कि बिना व्यक्तिगत जांच के और किसी उम्मीदवार के खिलाफ बिना सबूत के पूरी भर्ती प्रक्रिया को रद्द करके उन लोगों को जिम्मेदार कैसे ठहराया जा सकता है, जिन्होंने सामान्य प्रक्रिया के तहत परीक्षा पास दी और नियुक्ति पाई. अभ्यर्थियों की ओर से अदालत में यह भी कहा गया कि उनके मामले में प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत का पालन नहीं किया गया. उनके वकील के अनुसार, सरकार को यह स्पष्ट करना होगा कि किस आधार पर पूरी परीक्षा और उससे हुई नियुक्तियों को रद्द किया गया है.&amp;nbsp;
अब आगे क्या होगा?
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि रद्द की गई परीक्षाओं और उनसे हुई नियुक्तियों का अंतिम भविष्य क्या होगा. वहीं हाईकोर्ट की रोक से उन अभ्यर्थियों को तत्काल राहत मिली है, जिनकी नौकरी या चयन प्रक्रिया सरकार के फैसले से प्रभावित हो रही थी. माना जा रहा है कि आगे की स्थिति अदालत के अंतिम आदेश पर निर्भर करेगी. सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में सुधार के लिए कई कदमों का ऐलान किया है. JPSC और JSSC से जुड़ी अनियमत्ताओं के मामले की जल्द सुनवाई के लिए फास्ट ट्रेक कोड बनाने का अनुरोध किया जाएगा. दोनों आयोग में आंतरिक मॉनिटरिंग या विजिलेंस सेल बनाने के बात भी कही गई है.
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        <pubDate>Fri, 21 Aug 2026 10:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>JNU में डिप्रिवेशन पॉइंट्स पर विवाद, CUET स्कोर पर कितना असर और किसे फायदा?</title>
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        <description><![CDATA[ JNU Deprivation Points Controversy:&amp;nbsp;जेएनयू की एडमिशन प्रक्रिया में इस्तेमाल होने वाले डिप्रिवेशन पॉइंट्स को लेकर विवाद दिल्ली हाई कोर्ट तक पहुंच गया है. इस व्यवस्था के तहत पिछड़े जिलों से आने वाले छात्रों को सीयूईटी में मिले अंकों के अलावा आंतरिक अंक दिए जाते हैं. इससे उम्मीदवारों की मेरिट बदल सकती है. एक अभ्यर्थी ने इस व्यवस्था को चुनौती देते हुए सवाल उठाया है कि सामान सीयूईटी स्कोर होने के बावजूद सिर्फ जिले के आधार पर किसी उम्मीदवार को अतिरिक्त अंक क्यों दिए जाएं. मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने जेएनयू को फिलहाल डिप्रिवेशन पॉइंट्स के आधार पर एडमिशन जारी रखने की अनुमति दे दी है. हालांकि ऐसे सभी एडमिशन इस मामले में आने वाले अंतिम फैसले के अधीन रहेंगे.
क्या होते हैं डिप्रिवेशन पॉइंट्स?&amp;nbsp;
जेएनयू की डिप्रिवेशन पॉइंट्स व्यवस्था के तहत देश के कुछ पिछड़े जिलों से आने वाले छात्रों को अतिरिक्त अंक दिए जाते हैं. इसका उद्देश्य उन छात्रों को एडमिशन प्रक्रिया में कुछ राहत देना है, जिन्हें सामाजिक, शैक्षिणक या आर्थिक परिस्थितियों के कारण दूसरे छात्रों की तुलना में कम अवसर मिलते हैं. जेएनयू ने इसके लिए &amp;nbsp;जिलों को दो कैटेगरी में बांटा है. इन्हें Quartile 1 और Quartile 1 कहा जाता है. Q1 सबसे ज्यादा वंचित जिले शामिल है और यहां से आने वाले छात्रों को सबसे ज्यादा डिप्रिवेशन पॉइंट्स मिलते हैं. वहीं Q2 के जिले को भी अतिरिक्त अंक मिलते हैं, लेकिन Q1 की तुलना में कम. जो जिले इन दोनों कैटेगरी में शामिल नहीं है, वहां के छात्रों को डिप्रिवेशन पॉइंट्स नहीं मिलते हैं..
किन आधार पर तय होते हैं यह पॉइंट्स?&amp;nbsp;&amp;nbsp;
जेएनयू ने 2011 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर कुल 313 जिलों को डिप्रिवेशन पॉइंट्स की लिस्ट में शामिल किया है. इनमें 160 जिले Q1 और 153 जिले Q2 में है. जानकारी के अनुसार इस लिस्ट में 2011 के बाद अपडेट नहीं किया गया है. जिलों को इस लिस्ट में शामिल करने के लिए चार प्रमुख संकेतकों को आधार बनाया गया था. इनमें जिले में महिला निरक्षरता प्रतिशत, कृषि कार्य करने वाली आबादी का प्रतिशत, ग्रामीण आबादी का प्रतिशत और ऐसे घरों का प्रतिशत जहां परिसर में शौचालय नहीं है, वह शामिल है.&amp;nbsp;
सीयूईटी स्कोर पर कितना पड़ता है असर?
डिप्रिवेशन पॉइंट्स के तहत किसी छात्र को अधिकतम 12 अतिरिक्त अंक मिल सकते हैं, लेकिन सीयूईटी के संदर्भ में इनका असर इससे ज्यादा हो सकता है. जेएनयू की व्यवस्था में यह 12 अंक सीयूईटी स्कोर में 36 अतिरिक्त अंकों के बराबर हो सकते हैं. यानी किसी छात्र के सीयूईटी में हासिल अंक को डिप्रिवेशन पॉइंट्स को जोड़ने के बाद उसकी मेरिट पोजिशन बदल सकती है. यही वजह है कि व्यवस्था को लेकर एडमिशन प्रक्रिया में विवाद खड़ा हुआ है.&amp;nbsp;
ये भी पढ़ें-NTA में बड़ा बदलाव, 3 महीने में खत्म होगी एडहॉक व्यवस्था
किस राज्य के छात्रों को सबसे ज्यादा फायदा?&amp;nbsp;
डिप्रिवेशन पॉइंट्स के लिए लिस्टेड 313 जिलों में सबसे ज्यादा जिले उत्तर प्रदेश के हैं. इसके बाद मध्य प्रदेश और बिहार का स्थान आता है. उत्तर प्रदेश के 52 जिले, मध्य प्रदेश के 43 जिले और बिहार के 36 जिले इसमें शामिल है. यह व्यवस्था जेएनयू के यूजी और पीजी के अलावा &amp;nbsp;सर्टिफिकेट ऑफ प्रोफिशिएंसी और एडवांस्ड डिप्लोमा ऑफ प्रोफिशिएंसी जैसे प्रोग्राम भी लागू है.
क्यों देता है जेएनयू डिप्रिवेशन पॉइंट्स?
इस व्यवस्था के पीछे जेएनयू का तर्क है कि सभी छात्र एक जैसी परिस्थितियों में से पढ़ाई और प्रतियोगिता की शुरुआत नहीं करते. कुछ क्षेत्र में शिक्षा, रोजगार, ग्रामीण, आबादी और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति कमजोर होने के कारण वहां के छात्रों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है. ऐसे में डिप्रिवेशन पॉइंट्स का उद्देश्य एवं छात्रों को एडमिशन में अतिरिक्त अवसर देना है. यह व्यवस्था जेएनयू में 1970 के दशक से चली आ रही है और समय-समय पर इसमें बदलाव किए गए हैं.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Fri, 21 Aug 2026 10:30:06 +0530</pubDate>
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        <title>UPSSSC 5369 पदों का रिजल्ट 10 सितंबर को संभव, चयन की तैयारी पूरी</title>
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        <description><![CDATA[ UPSSSC Junior Assistant Result: उत्तर प्रदेश में जूनियर असिस्टेंट जूनियर लिक्विड और सहायक स्तर-3 के 5369 पदों पर चल रही भर्ती प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है. लंबे समय से रिजल्ट का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों के लिए राहत की खबर है. सूत्रों के अनुसार उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने 10 सितंबर तक अंतिम परिणाम जारी करने को कहा है. इससे उन हजारों उम्मीदवारों की उम्मीद जगी है, जो लिखित परीक्षा, टाइपिंग टेस्ट और अभिलेख परीक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद रिजल्ट का इंतजार कर रहे थे.
3 साल से चल रही भर्ती, अब रिजल्ट का इंतजार
जूनियर असिस्टेंट भर्ती पीईटी-2022 के आधार पर शुरू हुई थी. भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाने के साथ बड़ी संख्या में अभ्यर्थी इसके अलग-अलग चरणों में शामिल हुए. उम्मीदवारों का कहना है कि भर्ती शुरू हुए 3 साल से ज्यादा समय बीत चुका है और अब तक रिजल्ट जारी नहीं किया गया है. इस वजह से समय-समय पर उम्मीदवार लखनऊ स्थित यूपीएसएससी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते रहे. उम्मीदवारों की मांग रही है कि भर्ती के सभी चरण पूरे होने के बाद अब अंतिम रिजल्ट जारी कर नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए.
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2.43 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों ने दी थी लिखित परीक्षा
जूनियर असिस्टेंट जूनियर लिपिक और सहायक स्तर-3 के पदों के लिए लिखित परीक्षा 29 जून को आयोजित की गई थी. इसमें कुल 2,43,981 अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया. परीक्षा के बाद आयोग ने 3 जुलाई को प्रोविजनल आंसर की जारी की और अभ्यर्थियों से पत्तियां मांगी थी. प्राप्त आपत्तियों के निस्तारण के लिए सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स की रिपोर्ट 21 जुलाई को आयोग को मिली. इसके बाद अंतिम आंसर की 30 अगस्त को जारी की गई. लिखित परीक्षा के अंकों के आधार पर 90,336 अभ्यर्थियों को टाइपिंग परीक्षा के लिए योग्य घोषित किया गया था. टाइपिंग परीक्षा 23 नवंबर से 17 दिसंबर तक आयोजित हुई थी.
टाइपिंग के बाद अभिलेख परीक्षण भी पूरा
टाइपिंग परीक्षा के बाद चयन प्रक्रिया में आगे बड़े अभ्यर्थियों के डॉक्यूमेंट की जांच की गई. इसके लिए 26,570 अभ्यर्थियों के अभिलेख आयोग को प्राप्त हुए. अभिलेख परीक्षण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, अब भर्ती के लगभग सभी प्रमुख चरण पूरे हो चुके हैं और अंतिम परिणाम जारी किया जाना बाकी है. इस वजह से अभ्यर्थियों की नजर आयोग की ओर से रिजल्ट की घोषणा पर टिकी हुई है.
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        <pubDate>Fri, 21 Aug 2026 10:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>UGC NET Answer Key पर NTA की सफाई, कहा&amp; सही चुनौती पर ₹200 हाेंगे वापस</title>
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        <description><![CDATA[ UGC NET 2026 की Answer Key को लेकर उम्मीदवारों के बीच उठ रहे सवालों पर National Testing Agency (NTA) ने सफाई दी है.&amp;nbsp;Answer Key पर सवाल उठाने के लिए ₹200 प्रति सवाल फीस को लेकर कुछ उम्मीदवार इसे महंगा बता रहे थे.&amp;nbsp;NTA ने कहा है कि यह व्यवस्था किसी एक उम्मीदवार के फायदे के लिए नहीं बल्कि सभी उम्मीदवारों के हित में बनाई गई है.
एक सवाल पर सही आपत्ति - सभी को फायदा
NTA के मुताबिक अगर कोई एक उम्मीदवार किसी सवाल की Answer Key को चुनौती देता है और विषय विशेषज्ञ उसकी आपत्ति को सही मानते हैं &amp;nbsp;तो बदली हुई Answer Key का फायदा सिर्फ उस उम्मीदवार को नहीं बल्कि परीक्षा देने वाले सभी उम्मीदवारों को मिलता है.&amp;nbsp;यानी किसी एक उम्मीदवार की सही चुनौती से हजारों-लाखों उम्मीदवारों के परिणाम पर असर पड़ सकता है.
&amp;nbsp;

On the concern being raised that answer key challenges are &quot;too expensive&quot;: a quick clarification for candidates.The answer key challenge system is designed to be fair to every student, not just the one who challenges.1. One challenge, everyone benefits. If even a single&amp;hellip;
&amp;mdash; National Testing Agency (@NTA_Exams) August 20, 2026



&amp;nbsp;
सही चुनौती पर ₹200 वापस
NTA ने स्पष्ट किया कि Answer Key को चुनौती देने के लिए ₹200 प्रति सवाल शुल्क लिया जाता है. हालांकि अगर उम्मीदवार की चुनौती सही पाई जाती है तो उसकी फीस वापस कर दी जाती है.&amp;nbsp;NTA का कहना है कि यह फीस गलत या बिना आधार वाली चुनौतियों को हतोत्साहित करने के लिए है &amp;nbsp;न कि इससे कमाई करने के लिए.
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NTA ने उम्मीदवारों से क्या कहा?
NTA ने कहा कि अगर किसी उम्मीदवार को Answer Key में वास्तविक गलती दिखाई देती है और उसके पास इसका ठोस आधार है तो उसे चुनौती जरूर देनी चाहिए.&amp;nbsp;अगर आपत्ति सही साबित होती है तो फीस वापस होने के साथ-साथ उस एक सही चुनौती से सभी उम्मीदवारों के रिकॉर्ड में सुधार हो सकता है.
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        <pubDate>Fri, 21 Aug 2026 10:30:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>NCERT पॉलिटिकल साइंस किताबें होंगी अपडेट, नई टीम की गठित</title>
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        <description><![CDATA[ NCERT New Texbooks 2026: नेशनल काउंसलिंग ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) ने कक्षा 11वीं और 12वीं की पॉलिटिकल साइंस की नई किताबें तैयार करने के लिए 20 सदस्यीय टीम का पुनर्गठन किया है. नई टीम को एनईपी 2020 और नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क फॉर स्कूल एजुकेशन के अनुरूप सिलेबस अंतिम रूप देने और नई पाठ्यपुस्तकें तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई.
इस नई टीम की अगुवाई निट्टे डीम्ड यूनिवर्सिटी के वाइस प्रेसिडेंट (बेंगलुरु) और अकादमिक एवं राजनीतिक विश्लेषक प्रो. संदीप शास्त्री करेंगे. डॉ. वंथांगपुई खोबुंग और डॉ. सुभाष सिंह को सदस्य समन्वयक बनाया गया है. यह दोनों टीम के साथ औपचारिक संवाद और NCERT से जुड़ी बैठकों व प्रकाशक संबंधी नियमों की जानकारी देने का काम करेंगे.&amp;nbsp;
4 सदस्यों के RSS और ABVP से जुड़े होने का दावा&amp;nbsp;
नई 20 सदस्य टीम में कम से कम चार ऐसे सदस्य हैं, जिनके RSS, उसके छात्र संगठन अखिल ABVP या उससे जुड़े संगठनों से संबंध बताए गए हैं. इनमें शिक्षा मंत्रालय के नेशनल सिलेबस एंड टीचिंग-लर्निंग मैटेरियल कमेटी से जुड़े वरिष्ठ सलाहकार यदुनाथ देशपांडे शामिल है. ABVP के रिकॉर्ड के अनुसार, वह महाराष्ट्र में संगठन के संयुक्त राज्य संगठन सचिव और मुंबई-कोंकण क्षेत्र में संगठन सचिव रह चुके हैं. टीम में पुणे स्थित ज्ञान प्रबोधिनी के टीचर एजुकेशन सेंटर एंड रिसर्च प्रोग्राम के प्रमुख डॉ. प्रशांत दिवेकर भी शामिल है. ज्ञान प्रबोधिनी की स्थापना 1962 में RSS प्रचारक विनायक विश्वनाथ ने की थी. जेएनयू की प्रोफेसर वंदना मिश्रा भी टीम का हिस्सा है. वह ABVP की पूर्व राष्ट्रीय सचिव रह चुकी है. वहीं जेएनयू के एसोसिएट प्रो. डॉ रवि रमेश चंद्र शुक्ला का संबंध आरएसएस से रह चुका है.&amp;nbsp;
कक्षा 11वीं की किताबें पहले होगी तैयार&amp;nbsp;
NCERT ने नई किताबों के लिए समय सीमा भी तय करती है. कक्षा 11वीं की पॉलिटिकल साइंस की किताब को 30 नवंबर 2026 तक पूरा करने का टारगेट रखा गया है. इसके बाद कक्षा 12वीं की किताबें 30 जुलाई 2027 तक तैयार की जानी है. नई किताबों को NEP 2020 और NCF-SE 2023 के तहत किए जा रहे पाठ्यक्रम बदलाव के रूप तैयार किया जाएगा. टीम में यूनिवर्सिटी, लॉ इंस्टीट्यूट, ओपन लर्निंग इंस्टीट्यूट और दूसरे शैक्षणिक क्षेत्र से जुड़े एक्सपर्ट्स और टीचर शामिल हैं.&amp;nbsp;
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किताबों में भारतीय ज्ञान प्रणाली पर रहेगा जोर&amp;nbsp;
नई पॉलिटिकल साइंस की किताबों में इंडियन नॉलेज सिस्टम और सांस्कृतिक जुड़ाव के प्रमुख क्रॉस कटिंग थीम के तौर पर शामिल किया जाएगा. इसके साथ ही समानता और समावेशन उम्र के अनुरूप शिक्षण पद्धति, मूल्य शिक्षा, पर्यावरण शिक्षा और सूचना एवं संचार तकनीकी जैसे विषयों को भी ध्यान में रखा जाएगा. टीम को NCERT के इंडियन नॉलेज सिस्टम, सोशल साइंस, भाषाओं, पर्यावरण शिक्षा और इनोवेटिव पेडागॉजी से जुड़े समूह के साथ सलाह मशविरा करना होगा. किताब के प्रत्येक चैप्टर में इन विषयों को किस तरह शामिल किया गया है, इसकी समीक्षा भी की जाएगी.&amp;nbsp;
कई चरणों में होगी किताबों की समीक्षा&amp;nbsp;
नई किताब अभी सीधे प्रकाशित नहीं की जाएगी. टीम के सभी 20 सदस्य किताबों की लेखन प्रक्रियाओं, चरित्र समीक्षा, भाषा संपादन और अलग-अलग विषयों के बीच संबंध तैयार करने में योगदान देंगे. प्रत्येक सदस्य कोड सामग्री तैयार करने से पहले संबंधित साहित्य की समीक्षा भी करनी होगी. तैयार किए गए चैप्टर पहले पूरी टीम के बीच साझा किए जाएंगे. इसके बाद टेक्स्ट बुक कोर ग्रुप समय-समय पर इन चैप्टर की समीक्षा करेगा और जरूरी सुझाव देगा. NCERT के संबंध समिति अभी किताबों की समीक्षा करेगी. अंतिम मंजूरी के बाद ही किताबों को प्रकाशित और छात्रों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा. वहीं जरूरत पड़ने पर NCERT किसी खास चैप्टर के लिए बाहरी एक्सपर्ट टीचर इलस्ट्रेटर या डिजाइनरों को भी शामिल कर सकता है.
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        <pubDate>Thu, 20 Aug 2026 21:30:12 +0530</pubDate>
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        <title>मुंबई यूनिवर्सिटी ने बदले परीक्षा नियम, हॉल टिकट के लिए APAAR ID होगी अनिवार्य</title>
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        <description><![CDATA[ Mumbai University Exam Rules:&amp;nbsp;मुंबई यूनिवर्सिटी में 2026-27 सत्र की परीक्षाओं को लेकर छात्रों के लिए निर्देश जारी किए हैं. यूनिवर्सिटी ने आगामी परीक्षाओं में शामिल होने वाले छात्रों के लिए APAAR ID को अनिवार्य कर दिया है. अब छात्रों को हॉल टिकट डाउनलोड करने के लिए निर्धारित लॉगिन विंडो में अपनी अपार आईडी की जानकारी दर्ज करनी होगी.
ऐसे में जिन छात्रों ने अभी तक अपनी अपार आईडी की जानकारी अपडेट नहीं की है, उन्हें हॉल टिकट डाउनलोड करने में परेशानी हो सकती है. यूनिवर्सिटी की ओर से जारी नए परीक्षा निर्देशों में यह भी कहा गया है कि 2026-27 शैक्षणिक सत्र की परीक्षाओं में शामिल होने वाले छात्रों को परीक्षा शुरू होने से कम से कम 30 मिनट पहले अपने निर्धारित परीक्षा केंद्र पर पहुंचना होगा.&amp;nbsp;
हॉल टिकट के लिए देनी होगी APAAR ID
मुंबई यूनिवर्सिटी की परीक्षा प्रक्रिया में अपार आईडी को हॉल टिकट डाउनलोड करने से जोड़ दिया गया है. छात्रों को निर्धारित ऑनलाइन लॉगिन विंडो में अपनी अपार आईडी की जानकारी भरनी होगी. उसके बाद ही वह आगामी सेमेस्टर परीक्षा का हॉल टिकट डाउनलोड कर सकेंगे. यूनिवर्सिटी ने छात्रों को सलाह दी है कि वह परीक्षा की तारीख नजदीक आने का इंतजार न करें और पहले से ही यह जांच कर लें कि उनकी अपार आईडी बनी हुई है या नहीं. साथ ही आईडी से जुड़ी जानकारी भी सही होनी चाहिए.&amp;nbsp;
क्या है APAAR ID?
APAAR ID का पूरा नाम ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमी अकाउंट रजिस्ट्री है. यह छात्रों के लिए 12 अंकों एक यूनिक डिजिटल पहचान संख्या है. इसके जरिए छात्र के शैक्षणिक रिकाॅर्ड को डिजिटल रूप से जोड़ा और व्यवस्थित किया जा सकता है. APAAR ID के जरिए शैक्षणिक योग्यता, अंक, एकेडमी क्रेडिट और दूसरी उपलब्धियां से जुड़ी जानकारी को डिजिटल रिकॉर्ड से जोड़ा जा सकता है. यह सिस्टम एकेडमििक बैंक ऑफ क्रेडिट से भी जुड़ा है, जिसके जरिए एकेडमी क्रेडिट को डिजिटल रूप से रिकॉर्ड और ट्रांसफर करने की सुविधा मिलती है.&amp;nbsp;
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छात्रों के लिए लगाया गया आधार सुधार केंद्र&amp;nbsp;
APAAR ID बनाने या उसे लिंक करने में छात्रों को परेशानी न हो, इसके लिए मुंबई यूनिवर्सिटी में आधार सुधार केंद्र भी आयोजित किया है. यूनिवर्सिटी की ओर से जारी सर्कुलर के अनुसार यह कैंप डायरेक्टर बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन एंड इवैल्यूएशन के संबंध से लगाया जाए. यह सुविधा ADMIFMS यूनिवर्सिटी ऑफ मुंबई में 19 और 20 अगस्त को उपलब्ध रहेगी. छात्र यहां सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक अपार आईडी बनाने, एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट आईडी लिंक करने और आधार से जुड़ी दूसरे समस्याओं के समाधान के लिए मदद ले सकते हैं.&amp;nbsp;
कैंप में आधार और जरूरी डॉक्यूमेंट लेकर जाएं&amp;nbsp;
यूनिवर्सिटी ने अपने सभी संबद्ध कॉलेज और विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों से छात्रों को इस सुविधा के बारे में जानकारी देने और अपार आईडी से जुड़ी समस्याओं वाले छात्रों को कैंप का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित करने को कहा है. कैंप में जाने वाले छात्रों को अपना आधार कार्ड और दूसरे जरूरी डॉक्यूमेंट और जानकारी साथ लेकर जाने की सलाह दी गई है, ताकि पहचान से जुड़ी जानकारी की जांच कर समस्याओं का समाधान किया जा सके.
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        <pubDate>Thu, 20 Aug 2026 21:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>मुंबई, यूनिवर्सिटी, ने, बदले, परीक्षा, नियम, हॉल, टिकट, के, लिए, APAAR, होगी, अनिवार्य</media:keywords>
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        <title>UPSSSC VDO में 1468 कैंडिडेट सेलेक्ट, कब शुरू होगी ड्यूटी और कितनी मिलेगी सैलरी?</title>
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        <description><![CDATA[ UPSSSC VDO Result 2026: उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने ग्राम पंचायत अधिकारी (VDO) भर्ती 2020 का रिजल्ट फाइनल रिजल्ट कर दिया है. पंचायती राज विभाग में ग्राम पंचायत अधिकारी के कुल 14,68 पदों पर भर्ती किया गया. परीक्षा प्रक्रिया में शामिल उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर फाइनल रिजल्ट और मेरिट लिस्ट चेक कर सकते हैं. लिस्ट में शामिल उम्मीदवारों के रोल नंबर दिए गए हैं. इसमें भर्ती रिजल्ट की पीडीएफ डाउनलोड कर, उसमें अपना रोल नंबर सर्च कर सकते हैं.&amp;nbsp;
1468 ग्राम पंचायत अधिकारी पदों पर हुआ चयन&amp;nbsp;
UPSSSC की इस भर्ती के तहत ग्राम पंचायत अधिकारी की 1468 रिक्त पदों को भरा जाना है. इसमें आरक्षित वर्ग के लिए 849 पद, एएसी के लिए 356 पद, एसटी के लिए 7, ओबीसी के लिए 139 और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 117 पद निर्धारित है. इसी आरक्षण व्यवस्था और मुख्य परीक्षा में उम्मीदवारों के प्रदर्शन के आधार पर अंतिम चयन सूची तैयार की गई है.&amp;nbsp;
महिला और अन्य क्षैतिज आरक्षण में भी हुआ चयन&amp;nbsp;
अंतिम चयन सूची में महिलाओं के लिए निर्धारित 270 पदों पर 270 अभ्यर्थियों का चयन किया गया है. रिटायर्ड सैन्य कैटेगरी के लिए 47 पदों पर 47 उम्मीदवार चयनित हुए हैं. वहीं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आश्रितों के लिए निर्धारित 2 पदों पर 2 उम्मीदवारों का चयन किया गया है. दिव्यांग कैटेगरी में एलवी श्रेणी के 28 पदों और एचएच उपश्रेणी के 2 पदों पर भी निर्धारित संख्या में उम्मीदवारों का चयन किया गया है. स्पोर्ट्स कोटा के लिए निर्धारित पदों के लिए योग्य उम्मीदवार उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में आयोग ने नियमों के अनुसार मेरिट के आधार पर पदों को भरने की प्रक्रिया अपनाई है.&amp;nbsp;
कब हुई थी UPSSSC VDO भर्ती की मुख्य परीक्षा?
ग्राम पंचायत अधिकारी भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया 23 मई 2023 से शुरू हुई. उम्मीदवारों को 23 जून 2023 तक आवेदन करने का मौका दिया गया, इसके बाद पात्रता से संबंधित रिजल्ट 27 सितंबर 2023 को की जारी किया गया. मुख्य परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों के लिए फीस जमा करने की प्रक्रिया अप्रैल 2025 में शुरू हुई. इसके बाद ग्राम पंचायत अधिकारी की मुख्य परीक्षा 27 अप्रैल 2025 को आयोजित की गई. परीक्षा के अगले दिन 28 अप्रैल 2025 को आयोग ने आंसर की जारी की. इसके बाद मुख्य परीक्षा के प्रदर्शन के आधार पर उम्मीदवारों को अगले चरण के लिए शार्ट लिस्ट किया गया. इसके बाद चयन प्रक्रिया में उम्मीदवारों से डॉक्यूमेंट अपलोड करवाए गए और इसी प्रक्रिया के बाद अब 17 अगस्त 2026 को 1468 उम्मीदवारों की अंतिम चयन सूची जारी की गई.&amp;nbsp;
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UPSSSC VDO फाइनल रिजल्ट कैसे चेक करें?

UPSSSC VDO फाइनल रिजल्ट चेक करने के लिए सबसे पहले UPSSSC की वेबसाइट upsssc.gov.in पर जाए.
होमपेज पर दिए गए नोटिस बोर्ड या रिजल्ट सेक्शन में जाए.
ग्राम पंचायत अधिकारी मुख्य परीक्षा से संबंधित अंतिम चयन परिणाम के लिंक पर क्लिक करें.
लिंक खुलने के बाद चयनित उम्मीदवारों की पीडीएफ स्क्रीन पर दिखाई देगी.
पीडीएफ को डाउनलोड कर उसमें आप अपना रोल नंबर या नाम खोज सकते हैं.&amp;nbsp;

कब शुरू होगी ड्यूटी?
17 अगस्त को ग्राम विकास अधिकारी का रिजल्ट जारी होने के बाद अब उम्मीदवारों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि उनकी ड्यूटी कब से शुरू होगी. दरअसल अंतिम परिणाम के बाद अब जिलों का आवंटन और नियुक्ति पत्र वितरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. विभाग की ओर से नियुक्ति पत्र मिलने के बाद उम्मीदवार निर्धारित समय सीमा के अंदर जिले के विकासखंड में जाकर ड्यूटी जॉइन कर सकेंगे.
UPSSSC VDO को कितनी मिलेगी सैलरी?
यूपीएसएसएससी ग्राम विकास अधिकारी की 2023 की भर्ती प्रक्रिया के तहत चयनित उम्मीदवारों की सैलरी करीब 25,000 से लेकर 83,100 प्रतिमाह होगी. चयनित उम्मीदवारों को पे लेवल-3 के आधार पर सैलरी दी जाएगी. सैलरी के अलावा उम्मीदवारों को पद के अनुसार भत्ते भी मिल सकता है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Thu, 20 Aug 2026 21:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>NTA में बड़ा बदलाव, 3 महीने में खत्म होगी एडहॉक व्यवस्था</title>
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        <description><![CDATA[ 


NTA Reform 2026: एनटीए पर परीक्षा व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों के बीच एक बार फिर एनटीए अपनी परीक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव करने की तैयारी में है. एजेंसी ने परीक्षा संचालन को बेहतर बनाने के लिए नई भर्तियां शुरू की हैं. अधिकारियों के अनुसार, अगले 3 महीने में एनटीए में एडहॉक व्यवस्था को खत्म करने का टारगेट रखा गया है. इसके लिए 20 से ज्यादा स्थायी पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है. इसके अलावा परीक्षा प्रबंधन से जुड़े कई अहम क्षेत्र में एक्सपर्ट्स की नियुक्ति भी की जा रही है.&amp;nbsp;



20 से ज्यादा स्थायी पदों पर भर्तियां
एनटीए के अधिकारियों के अनुसार, एजेंसी स्थायी स्टाफिंग व्यवस्था की ओर बढ़ रही है. 20 से ज्यादा स्थायी पदों के लिए एडवर्टाइजमेंट जारी किए जा चुके हैं. इसके साथ ही चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर, चीफ फाइनेंस ऑफिसर, चीफ इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी ऑफिसर समेत टेस्ट सिक्योरिटी, आर एंड डी और साइकोमेट्रिक से जुड़े जनरल मैनेजर स्तर के पदों पर भी नियुक्तियां की जा रही है. अधिकारियों ने बताया कि अगले दो से तीन सप्ताह में 20 से 25 अधिकारी एनटीए में शामिल किए जाने की उम्मीद है. एजेंसी का उद्देश्य परीक्षा संचालन से जुड़े अलग-अलग कामों के लिए एक्सपर्ट और स्थायी टीम तैयार करना है.&amp;nbsp;
600 एक्सपर्ट्स को परीक्षा टीम से भी हटाया गया&amp;nbsp;
परीक्षा व्यवस्था में बदलाव के तहत करीब 600 एक्सपर्ट्स को मौजूदा परीक्षा टीम से हटाया गया. अब इनकी जगह औपचारिक भर्ती प्रक्रिया के जरिए नए एक्सपर्ट्स को शामिल किया जा रहा है. एनटीए साइबर सिक्योरिटी, साइकोमेट्रिक और प्रश्न पत्र तैयार करने जैसे क्षेत्रों में प्राइवेट क्षेत्र के एक्सपर्ट्स को भी अपने साथ जोड़ रहा है. अधिकारियों के अनुसार एजेंसी का बड़ा प्रश्न बैंक तैयार करने की दिशा में भी काम कर रही है, ताकि परीक्षा से जुड़ी जरूरी जानकारी किसी व्यक्ति तक सीमित न रहे.&amp;nbsp;
प्रश्न पत्रों की जांच के लिए चार स्तर की व्यवस्था&amp;nbsp;
परीक्षा में प्रश्न पत्रों से जुड़ी गलतियों को कम करने के लिए चार स्तर पर जांच की व्यवस्था लागू की जाएगी. इसके तहत प्रश्न पत्रों की समीक्षा कई चरणों में की जाएगी, ताकि तथ्यात्मक, टाइपिंग, भाषा और अनुवाद से जुड़ी गलतियों को परीक्षा से पहले पकड़ा जा सके. शिक्षा मंत्रालय ने एनटीए को सभी परीक्षा प्रक्रियाओं का विस्तृत ऑडिट करने और उसमें किए गए सुधारों की रिपोर्ट देने के निर्देश भी दिए हैं. मंत्रालय के अनुसार परीक्षा टीम में बदलाव किया जा चुका है और 50 से ज्यादा कर्मचारियों को एजेंसी से हटाया गया है.&amp;nbsp;
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सरकारी परिसर में होंगे एनटीए के कार्यालय&amp;nbsp;
एनटीए के कार्यालय को सरकारी परिसर में स्थानांतरित करने की भी तैयारी है. जिससे एजेंसी कार्यालयों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए प्राइवेट सुरक्षा एजेंसी की जगह केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल की तैनाती की जाएगी. नई व्यवस्था में बायोमेट्रिक एक्सेस, सीसीटीवी निगरानी, बेहतर डिजिटल सिस्टम और मजबूत साइबर सिक्योरिटी को शामिल किया जाएगा. एजेंसी में साइबर एक्सपर्ट्स को भी जोड़ा जा रहा है.&amp;nbsp;
कॉन्फिडेंशियल ऑपरेशन व्यवस्था में भी बदलाव&amp;nbsp;
शिक्षा मंत्री ने एनटीए को परीक्षा से जुड़े तय प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने और कॉन्फिडेंशियल ऑपरेशन की व्यवस्था में बदलाव करने के निर्देश दिए हैं. इसके तहत परीक्षा से संबंधित संवेदनशील कामों के लिए अलग कमरे, एयर गैप्ड सिस्टम और डिवाइस जमा करने जैसी व्यवस्था शामिल होगी. एनटीए की परीक्षा व्यवस्था में यह बदलाव ऐसे समय में किया जा रहा है, जब एजेंसी को अलग-अलग परीक्षाओं में गड़बड़ी और प्रश्न पत्रों से जुड़ी शिकायतों को लेकर आलोचना का सामना करना पड़ रहा है.
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        <pubDate>Thu, 20 Aug 2026 21:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>UPPSC ने जारी किया नोटिफिकेशन, प्रोफेसर&amp;असिस्टेंट प्रोफेसर के 1156 पदों पर भर्ती</title>
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        <description><![CDATA[ UPPSC Jobs: यूपीपीएससी ने मेडिकल एजुकेशन डिपार्टमेंट में प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. इस भर्ती के जरिए कुल 1156 पदों को भरा जाएगा इनमें 1112 पद असिस्टेंट प्रोफेसर और 44 प्रोफेसर के हैं. इन पदों के लिए आवेदन पत्र 18 अगस्त से शुरू हो चुके हैं. योग्य उम्मीदवार आयोग की वेबसाइट के जरिए 1 सितंबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं. भर्ती के लिए जारी विज्ञापन संख्या D-1/E-1/2026 से उम्मीदवारों को आवेदन करने से पहले पद की शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा और दूसरी पात्रता शर्तों को ध्यान से देखना होगा.
1156 पदों पर होगी भर्ती
यूपीएससी की इस भर्ती में मेडिकल एजुकेशन डिपार्टमेंट के तहत प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर के पद शामिल है. इन पदों में 44 प्रोफेसर के पद, 1112 असिस्टेंट प्रोफेसर के पद शामिल है. उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता और संबंधित मेडिकल स्पेशलिटी के अनुसार निर्धारित की गई है. जानकारी के अनुसार मेडिकल स्पेशलिटी में एमडी-एमएस-डीएनबी जैसी योग्यता मांगी गई है. अलग-अलग पदों के लिए एक्सपीरियंस की शर्तें भी निर्धारित हैं.
आवेदन की जरूरी तारीख
यूपीपीएससी प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन 18 अगस्त से शुरू हो चुके हैं. उम्मीदवार 1 सितंबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं. आवेदन फीस जमा करने और आवेदन में संशोधन की अंतिम तारीख 8 सितंबर है. ऑनलाइन आवेदन जमा करने के बाद उम्मीदवारों को अपनी शैक्षणिक और दूसरे जरूरी डॉक्यूमेंट की कॉपी ऑनलाइन फॉर्म के प्रिंटआउट के साथ आयोग को भेजने होंगे. यह डॉक्यूमेंट 15 सितंबर 2026 शाम 5 बजे तक जमा किए जा सकते हैं.
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कितनी है आवेदन फीस?
भर्ती के लिए आवेदन फीस उम्मीदवार की कैटेगरी के अनुसार तय की गई है. जनरल, ईडब्ल्यूएस और ओबीसी वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 105 रुपये, जबकि एससी-एसटी उम्मीदवारों के लिए 65 रुपये फीस है. वहीं दिव्यांग कैटेगरी के उम्मीदवारों के लिए 25 रुपये निश्चित है. पूर्व सैनिकों के लिए फीस 65 रुपये, महिलाओं स्वतंत्रता सेनानियों के आश्रितों और स्पोर्ट्स कोटा के लिए फीस उनके संबंधित कैटेगरी के अनुसार लागू होगी. इसके अलावा असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 26 वर्ष और अधिकतम उम्र 40 वर्ष है. वहीं प्रोफेसर पद के लिए न्यूनतम आयु 35 वर्ष और अधिकतम आयु 55 वर्ष है. आयु की गणना 1 जुलाई 2026 के आधार पर की जाएगी.
ऐसे करें आवेदन

उम्मीदवारों को सबसे पहले यूपीपीएससी के ऑफिशियल वेबसाइट uppsc.up.nic.in पर जाना होगा.
इसके बाद कैंडिडेट डैशबोर्ड में लॉगिन करना होगा.
अब संबंधित भर्ती का आवेदन फॉर्म भरकर जरूरी जानकारी दर्ज करें.
आवेदन फीस जमा करने के बाद फॉर्म को सबमिट करना होगा.
लास्ट में फॉर्म सबमिट करके प्रिंट आउट सुरक्षित रख लें.

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        <pubDate>Thu, 20 Aug 2026 21:30:05 +0530</pubDate>
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        <title>उत्तराखंड बोर्ड 10वीं&amp;12वीं इंप्रूवमेंट रिजल्ट 2026 जारी, ऐसे चेक करें स्कोरकार्ड</title>
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        <description><![CDATA[ UK Board Improvement Result 2026:&amp;nbsp;उत्तराखंड बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन में 10वीं और 12वीं की इंप्रूवमेंट परीक्षा 2026 का रिजल्ट जारी कर दिया है. बोर्ड ने आज 19 अगस्त को हाईस्कूल और इंटरमीडिएट इम्प्रूवमेंट एग्जाम में शामिल हुए छात्रों के स्कोर कार्ड ऑनलाइन जारी कर दिए हैं. छात्र अपना रिजल्ट बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट ubse.uk.gov.in पर जाकर देख सकते हैं. इस रिजल्ट में 2026 की फर्स्ट इंप्रूवमेंट एग्जामिनेशन और 2025 की थर्ड इंप्रूवमेंट एग्जामिनेशन में शामिल उम्मीदवारों के अंक शामिल है.
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        <pubDate>Thu, 20 Aug 2026 04:30:09 +0530</pubDate>
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        <title>झारखंड में अब तक 44 एग्जाम रद्द, जानिए कितनों की गई नौकरी और अब आगे क्या?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/झारखंड-में-अब-तक-44-एग्जाम-रद्द-जानिए-कितनों-की-गई-नौकरी-और-अब-आगे-क्या</link>
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        <description><![CDATA[ Jharkhand Exam Controversy: झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने 2014 से अब तक आयोजित भर्ती परीक्षा में अनियमितताओं से जुड़े मामलों पर कार्रवाई करते हुए परीक्षाओं को रद्द कर दिया है. इनमें JPSC और JSSC से जुड़ी परीक्षाओं के अलावा आउटसोर्स एजेंसी TDPL के जरिए कराई गई परीक्षाएं भी शामिल हैं. सरकार की ओर से नोटिफिकेशन में परीक्षाओं को रद्द करने, कुछ को अगले आदेश तक स्थगित करने और पुरानी परीक्षाओं की जांच कराने का अलग-अलग फैसला लिया है.&amp;nbsp;
44 भर्ती परीक्षाओं की लिस्ट जारी&amp;nbsp;
झारखंड सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर रद्द की गई भर्ती परीक्षाओं की लिस्ट सामने रखी है. इन परीक्षाओं में ड्रग इंस्पेक्टर, असिस्टेंट प्रोफेसर, डिप्टी कलेक्टर, डेंटल डॉक्टर, असिस्टेंट इंजीनियर, सिविल जज,अतिरिक्त लोक अभियोजन और फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर जैसे पदों की भर्ती से जुड़ी परीक्षा शामिल है. इसके अलावा सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज में लेक्चरर, सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर, असिस्टेंट कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट फूड सेफ्टी ऑफिसर, चाइल्ड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट ऑफिसर समेत कई प्रशासनिक और तकनीकी पदों की भर्ती परीक्षाओं पर भी कार्रवाई की गई है. सरकार के फैसले में 22 परीक्षाओं को रद्द किया गया है, जबकि 6 परीक्षाओं को अगले आदेश तक स्थगित किया गया है. वहीं 17 पुरानी भर्ती परीक्षाओं में संभावित अनियमितताओं की जांच सीआईडी को सौंपी गई है.
JSSC-CGL भी रद्द, 1900 से ज्यादा अभ्यर्थियों पर असर&amp;nbsp;
झारखंड सरकार के फैसले का सबसे बड़ा असर जेएसएससी कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल परीक्षा के चयनित अभ्यर्थियों पर पड़ा. इस परीक्षा के जरिए करीब 1932 अभ्यर्थियों की नियुक्ति हुई थी. अलग-अलग विभागों में चयनित कई अभ्यर्थी नौकरी ज्वाइन कर चुके थे. सरकार की ओर से प्रक्रिया रद्द किए जाने के बाद चयनित अभ्यर्थी ने विरोध शुरू कर दिया. इन बच्चों में रांची में राज्य सचिवालय में बिरसा चौक तक मार्च किया.&amp;nbsp;
2628 सिलेक्टेड उम्मीदवारों की नियुक्ति प्रभावित&amp;nbsp;
झारखंड सरकार के फैसले से कुल 2628 चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रभावित हुई है. इनमें 11वीं से 13वीं जेपीएससी परीक्षा से नियुक्त 342 अधिकारी, 54 फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर, 63 एसडीपीओ, 237 महिला पर्यवेक्षिका और एसएससी सीजीएल से नियुक्त 1932 कर्मचारी शामिल है.&amp;nbsp;
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क्यों लिया गया इतना बड़ा फैसला?
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों और पारदर्शिता को लेकर छात्र लंबे समय से आंदोलन कर रहे थे. JPSC, JSSC और परीक्षा संचालन से जुड़ी TDPL की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए थे. छात्रों की मांग थी कि जिन परीक्षाओं में शिकायत मिली है, उनकी निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए. इसी आंदोलन के दौरान छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने भूख हड़ताल की थी. सरकार के परीक्षा रद्द करने के फैसले के बाद उन्होंने अपनी हड़ताल खत्म कर दी .
सरकार अब आगे क्या करेगी?
भर्ती परीक्षा में गड़बड़ियों पर कार्रवाई के साथ सरकार JPSC और JSSC की परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए कई फैसले लिए हैं. सरकार झारखंड हाई कोर्ट से JPSC और JSSC परीक्षाओं से जुड़ी अनियमितताओं के मामले में जल्द सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने का अनुरोध करेगी. इसके अलावा दोनों आयोग में इंटरनल मॉनिटरिंग सेल बनाया जाएगा, जो परीक्षा प्रक्रिया और कामकाज की निगरानी करेगा. परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक समिति बनाई गई है, जो परीक्षा प्रणाली का अध्ययन करेगी और 2 महीने के अंदर सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी.
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        <pubDate>Thu, 20 Aug 2026 04:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>झारखंड, में, अब, तक, एग्जाम, रद्द, जानिए, कितनों, की, गई, नौकरी, और, अब, आगे, क्या</media:keywords>
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        <title>Connor Hill Wins 2.39 Crore: 17 साल के छात्र ने कंप्यूटर से हल की मैथ्स की पहेली, जीते 2.39 करोड़</title>
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        <description><![CDATA[ Connor Hill Wins 2.39 Crore: 17 साल के एक अमेरिकी छात्र ने कंप्यूटर प्रोग्राम की मदद से गणित की एक बेहद जटिल और पुरानी पहेली को सुलझाकर पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है. इस अद्भुत कामयाबी के लिए छात्र को पुरस्कार के रूप में 2.5 लाख डॉलर यानी भारत के करीब 2.39 करोड़ रुपये का बंपर इनाम मिला है. हाई स्कूल में पढ़ने वाले इस छात्र ने अपनी लगन और स्मार्ट सोच से यह बड़ा मुकाम हासिल किया है.&amp;nbsp;
यह ऐतिहासिक कारनामा अमेरिका के पेंसिल्वेनिया के रहने वाले कॉनर हिल ने किया है. कॉनर ने दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित विज्ञान प्रतियोगिताओं में से एक, रीजेनरोन साइंस टैलेंट सर्च 2026 में पहला स्थान हासिल कर यह पुरस्कार अपने नाम किया है.&amp;nbsp;
क्या थी गणित की वह पहेली?
कॉनर हिल ने ज्योमेट्री की एक बेहद जटिल समस्या पर अपना रिसर्च किया था. उन्होंने नोबल पॉलीहेड्रा से जुड़ी एक पुरानी गणित की पहेली पर काम किया. पॉलीहेड्रा ऐसी 3D आकृतियों या आकारों को कहा जाता है जिनकी सतह पूरी तरह से सपाट होती है जैसे पिरामिड या पासा. गणित के जानकारों के बीच लंबे समय से यह एक खुला सवाल था कि इस विशेष श्रेणी में कुल कितनी आकृतियां संभव हैं.
इसी बीच कॉनर ने इस मुश्किल सवाल को इंसानी दिमाग के साथ-साथ कंप्यूटर कोडिंग के जरिए हल करने की ठानी. इसके लिए उन्होंने खुद एक विशेष कंप्यूटर प्रोग्राम तैयार किया. इस प्रोग्राम की मदद से उन्होंने गणितीय गणनाएं कीं और अंततः 146 अलग-अलग और विशिष्ट नोबल पॉलीहेड्रा की पहचान कर डाली. कॉनर के इस ठोस प्रमाण ने उस रहस्य को पूरी तरह सुलझा दिया, जो दुनिया भर के विशेषज्ञों के लिए सिरदर्द बना हुआ था.&amp;nbsp;
कैसे मिला 2.39 करोड़ का इनाम?
रीजेनरोन साइंस टैलेंट सर्च को अमेरिका की सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित हाई स्कूल विज्ञान और गणित प्रतियोगिता माना जाता है. इसमें देश भर के हजारों प्रतिभाशाली छात्र अपने इनोवेटिव आइडियाज और रिसर्च प्रोजेक्ट्स के साथ शामिल होते हैं. अंतिम राउंड में पहुंचे कई दिग्गजों को पीछे छोड़ते हुए कॉनर हिल के ज्योमेट्री प्रोजेक्ट को जूरी ने सबसे अच्छा माना. इसके बाद उन्हें विजेता घोषित करते हुए 2.5 लाख डॉलर भारतीय मुद्रा में करीब 2.39 करोड़ रुपये की इनामी राशि दी गई.&amp;nbsp;
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कॉनर की यह सफलता दिखाती है कि अगर सही तरीके से कंप्यूटर और तकनीक का इस्तेमाल किया जाए तो विज्ञान के क्षेत्र में असंभव दिखने वाले काम भी पूरे किए जा सकते हैं. कॉनर की इस कामयाबी की चर्चा आज पूरी दुनिया के वैज्ञानिकों और गणितज्ञों के बीच हो रही है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Thu, 20 Aug 2026 04:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Engineering Jobs: कौन&amp;सी कंपनी बनाती है दिल्ली मेट्रो के कोच, इसमें कैसे मिलेगी नौकरी?</title>
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        <description><![CDATA[ Engineering Jobs: दिल्ली मेट्रो देश की सबसे आधुनिक और व्यस्त मेट्रो रेल सेवाओं में से एक है. हर दिन लाखों यात्री दिल्ली-एनसीआर में सफर करने के लिए मेट्रो का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि दिल्ली मेट्रो में चलने वाले कोच आखिर कौन बनाता है? दिल्ली मेट्रो के कोच बनाने के क्षेत्र में BEML और Alstom जैसी बड़ी कंपनियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है. अगर आप रेलवे, मेट्रो या इंजीनियरिंग सेक्टर में करियर बनाना चाहते हैं तो इन कंपनियों में नौकरी करना आपके लिए एक अच्छा अवसर हो सकता है.
BEML बनाती है मेट्रो कोच
BEML भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के अधीन आने वाली प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी है. कंपनी रक्षा उपकरणों के साथ-साथ रेल और मेट्रो कोच के निर्माण में भी काम करती है. BEML ने दिल्ली मेट्रो सहित देश की कई मेट्रो परियोजनाओं के लिए कोच तैयार किए हैं.
BEML के मेट्रो कोच बनाने वाले प्लांट में डिजाइन, फैब्रिकेशन, इलेक्ट्रिकल सिस्टम, टेस्टिंग और क्वालिटी कंट्रोल और ऐसेंबली जैसे कई स्तरों पर काम होता है. इसलिए यहां केवल इंजीनियर ही नहीं, बल्कि ITI, डिप्लोमा और अन्य तकनीकी योग्यता वाले उम्मीदवारों के लिए भी अलग-अलग प्रकार के अवसर मिल सकते हैं.
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Alstom भी बना रही है दिल्ली मेट्रो के नए कोच
दूसरी बड़ी कंपनी Alstom है. Alstom एक वैश्विक कंपनी है जो रेलवे और मेट्रो के लिए ट्रेन, सिग्नलिंग और अन्य परिवहन समाधान उपलब्ध कराती है. दिल्ली मेट्रो के Phase-IV प्रोजेक्ट के लिए Alstom को नए ट्रेनसेट बनाने का बड़ा ऑर्डर मिला है. कंपनी ने इन मेट्रो ट्रेनसेट को भारत में अपनी श्री सिटी, आंध्र प्रदेश स्थित मैन्युफैक्चरिंग फेसेलिटी में तैयार किया है. इन नए ट्रेनसेट में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है और इन्हें दिल्ली मेट्रो के नए विस्तार वाले कॉरिडोर में उपयोग किया जा रहा है.
नौकरी करने के लिए योग्यता
अगर आप मेट्रो कोच बनाने वाली कंपनी में नौकरी करना चाहते हैं तो ITI, डिपलोमा या B.Tech एक अच्छा रास्ता हो सकता है. ITI करने वाले उम्मीदवार फिटर, इलेक्ट्रीशियन, वेल्डर, मशीनिस्ट जैसे ट्रेड से तकनीकी क्षेत्र में प्रवेश कर सकते हैं. डिपलोमा करने वाले उम्मीदवार मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स या संबंधित शाखाओं से टेकनिशियन और जूनियर लेवल टेकनिशियन रॉल्स के लिए तैयारी कर सकते हैं. ध्यान रहें कि नौकरी की तैयारी करते समय केवल क्वालिफिकेशन पर निर्भर न रहें. टेक्निकल नॉलेज &amp;nbsp;के साथ कम्युनिकेशन स्किल्स, कम्प्यूटर नॉलेज और इंडस्ट्री स्पेसिफिक &amp;nbsp;स्किल्स भी विकसित करना बेहतर होता है.
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        <pubDate>Thu, 20 Aug 2026 04:30:06 +0530</pubDate>
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        <title>नीट यूजी काउंसलिंग: राउंड&amp;1 रिजल्ट की तारीख बदली, अब 21 अगस्त को जारी होगा रिजल्ट</title>
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        <description><![CDATA[ NEET UG Counselling 2026: नीट यूजी काउंसलिंग 2026 के राउंड-1 रिजल्ट का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों के लिए जरूरी अपडेट आई है. MCC ने राउंड 1 काउंसलिंग का संशोधित शेड्यूल जारी किया है. इसके अनुसार अब सीट अलॉटमेंट रिजल्ट 21 अगस्त को जारी किया जाएगा. इससे पहले राउंड-1 का रिजल्ट आज यानी 19 अगस्त को जारी होने वाला था. नए शेड्यूल को डायरेक्टरेट जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज (DGHS) की ओर से जारी किया गया है. नोटिस के अनुसार राउंड-1 सीट अलॉटमेंट की प्रक्रिया 19 और 20 अगस्त को पूरी की जाएगी, जिसके पास बाद 21 अगस्त को सीट अलॉटमेंट रिजल्ट जारी होगा.&amp;nbsp;
किन सीटों के लिए हो रही है काउंसलिंग?
MCC की ओर से आयोजित इस काउंसलिंग में 15 प्रतिशत ऑल इंडिया कोटा के तहत सीटें शामिल है. इसके अलावा डीम्ड यूनिवर्सिटी, सेंट्रल यूनिवर्सिटीज, एम्स, JIPMER और AFMC से जुड़ी सीटों के लिए भी काउंसलिंग की जा रही है. इसमें MBBS, BDS और BSc नर्सिंग प्रोग्राम की सीटें शामिल है.&amp;nbsp;
22 अगस्त से शुरू होगी रिपोर्टिंग&amp;nbsp;
राउंड वन में जिन उम्मीदवारों को सीट आवंटित की जाएगी, उन्हें 22 अगस्त से 31 अगस्त 2026 के बीच संबंधित इंस्टीट्यूट में रिपोर्ट कर एडमिशन प्रक्रिया पूरी करनी होगी. इसके बाद 1 सितंबर को इंस्टीट्यूट ज्वाइन कर चुके उम्मीदवारों के डेटा का वेरिफिकेशन करेंगे. राज्य काउंसलिंग से जुड़े उम्मीदवारों के लिए भी संशोधित शेड्यूल जारी किया गया है. राज्य काउंसलिंग जुड़े उम्मीदवारों के डेटा का वेरिफिकेशन 13 से 27 अगस्त के बीच राज्य DME और स्टेट काउंसलिंग अथॉरिटी के ओर से किया जाएगा.
कब शुरू हुई काउंसलिंग की प्रक्रिया?
MCC राउंड-1 के लिए सीट मैट्रिक्स का वेरिफिकेशन संबंधित संस्थानों की ओर से 4 अगस्त को पूरा किया गया था. इसके बाद रजिस्ट्रेशन और फीस पेमेंट की प्रक्रिया 5 से 15 अगस्त तक चली. उम्मीदवारों के लिए चॉइस फिलिंग की प्रक्रिया 6 अगस्त से शुरू हुई थी, जिसकी अंतिम तारीख 18 अगस्त थी. चॉइस लॉक करने की सुविधा 17 अगस्त शाम 5:30 बजे से 18 अगस्त रात 11:59 बजे तक उपलब्ध रही. अब 19 और 20 अगस्त को सीट अलॉटमेंट की प्रक्रिया पूरी होगी और 21 अगस्त को राउंड-1 का रिजल्ट जारी किया जाएगा.&amp;nbsp;
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छुट्टियों में भी जारी रहेगा काम&amp;nbsp;
MCC के संशोधित नोटिस में काउंसलिंग के तय समय सीमा को पूरा करने के लिए सभी संबंधित संस्थानों और कॉलेजों को शनिवार, रविवार और राजपत्रित छुट्टियों के दिन भी काम करने का निर्देश दिया गया है. काउंसलिंग की प्रक्रिया निर्धारित समय के अंदर पूरी करने के लिए इन दिनों को भी कार्य दिवस माना जाएगा.&amp;nbsp;
कैसे चेक कर सकेंगे नीट यूजी राउंड-1 रिजल्ट?

राउंड 1 का रिजल्ट चेक करने के लिए सबसे पहले उम्मीदवार का एमसीसी के ऑफिसियल वेबसाइट mcc.nic.in पर जाए.&amp;nbsp;
अब होम पेज पर नीट यूजी काउंसलिंग से संबंधित रिजल्ट लिंक पर क्लिक करें.&amp;nbsp;
इसके बाद मांगी गई लॉगिन दर्ज करें.
अब सबमिट करने के बाद सीट अलॉटमेंट रिजल्ट स्क्रीन पर दिखाई देगा.&amp;nbsp;
रिजल्ट चेक करने के बाद उसे डाउनलोड करें और फ्यूचर के लिए हार्ड कॉपी सुरक्षित रख लें.

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        <pubDate>Thu, 20 Aug 2026 04:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>नीट, यूजी, काउंसलिंग:, राउंड-1, रिजल्ट, की, तारीख, बदली, अब, अगस्त, को, जारी, होगा, रिजल्ट</media:keywords>
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        <title>Teacher Shortage in Delhi Government Schools: दिल्ली के सरकारी स्कूलों में टीचर्स की भारी कमी, पढ़ाई पर पड़ रहा असर</title>
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        <description><![CDATA[ Teacher Shortage in Delhi Government Schools: चाहे शिक्षा का मामला हो या इंफ्रास्ट्रक्चर का देश की राजधानी दिल्ली का नाम हर क्षेत्र में सबसे ऊपर आता है. इतना ही नहीं दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था देश भर में एक मॉडल के तौर पर पेश किया जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं दिल्ली में जहां पर प्राइवेट स्कूलों की मिसाल खड़ी की जाती हैं वहीं सरकारी स्कूलों में इसका कुछ दूसरा ही चेहरा है. जी हां, हकीकत में दिल्ली के सरकारी स्कूलों में टीचर्स की कमी एक बड़ी समस्या बनी हुई है.
बता दें कि दिल्ली में कुल 1070 सरकारी स्कूल हैं, लेकिन इनमें सिर्फ 34 हजार टीचर्स ही पढ़ा रहे हैं. इतने सारे स्कूलों के लिए यह संख्या बहुत ही कम है यही वजह है कि जब एक स्कूल में जरूरत से कम टीचर्स होते हैं, तो एक-एक टीचर को कई-कई क्लास संभालनी पड़ती हैं. इससे टीचर पर काम का बोझ भी बढ़ता है और स्कूल का मेंटेनेंस भी खराब होता है. जिसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई और उनके रिजल्ट पर पड़ता है. विशेषज्ञों और खुद शिक्षा निदेशालय के परिपत्र के मुताबिक इनमें करीब 10,000 टीचर्स के पद अभी भी खाली पड़े हैं. आइए जानते हैं इन आंकड़ों के बारे में पूरी जानकारी.
30 हजार से ज्यादा पद खाली, भर्ती की रफ्तार धीमी
दिल्ली में सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त संस्थानों को मिलाकर करीब 2,681 स्कूल हैं, जिनमें 44.9 लाख से ज्यादा छात्र पढ़ते हैं. UDISE+ 2024-25 रिपोर्ट के अनुसार इन स्कूलों में कुल 1,61,958 टीचर्स तैनात हैं, जिससे छात्र-शिक्षक अनुपात 28:1 बैठता है. सबसे चिंता की बात यह है कि दिल्ली के सरकारी स्कूलों में 30 हजार से ज्यादा टीचर्स के पद खाली पड़े हैं. यानी जितने टीचर्स होने चाहिए, उससे कहीं कम टीचर्स असल में मौजूद हैं. इतनी बड़ी संख्या में पद खाली रहने से स्कूलों का पूरा सिस्टम प्रभावित हो रहा है. इसकी वजह है कि जब भर्ती समय पर नहीं होती, तो पुराने टीचर्स पर ही सारा दबाव आ जाता है. कई बार तो टीचर्स को अपने विषय के अलावा कई और विषय भी पढ़ाने पड़ते हैं, जिससे बच्चों के लिए पढ़ाई की क्वालिटी कमजोर होती है.
हालांकि एक शिक्षक के पास इतनी जानकारी तो होती है कि वे बच्चों को एक विषय के अलावा दूसरे भी विषय पढ़ा सकते हैं लेकिन इस पूरी समस्या का सबसे ज्यादा असर साइंस और मैथ जैसे जरूरी विषयों पर पड़ता है. क्योंकि ये दोनों ही विषय बेहद जरूरी और मुश्किल होते हैं इसलिए इसको कई शिक्षक इसको पढ़ाने से पीछे हटते हैं. यही वजह है कि कई सरकारी स्कूलों में साइंस और मैथ पढ़ाने वाले टीचर्स ही नहीं हैं. जब स्कूल में इन विषयों के टीचर्स ही नहीं होंगे, तो बच्चे अच्छी तरह पढ़ नहीं पाएंगे और पीछे रह जाएंगे. ऐसे में बच्चे स्कूल को छोड़कर ट्यूशन और कोचिंग पर ज्यादा भरोसा करने लगते हैं जिससे उनके परिवारों पर ट्यूशन फीस का अलग खर्च होता है.
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समाधान की दिशा में सरकार के कदम
अब सवाल आता है कि इस परेशानी को दूर करने के लिए सरकार कौन से कदम उठा रही है, तो ऐसे में आपको बता दें कि टीचर्स की कमी दूर करने के लिए दिल्ली सरकार कई स्तर पर कोशिश कर रही है. इस परेशानी को देखते हुए दिल्ली सरकार ने हाल ही में कक्षा 6 से 10 तक के लिए 5,346 नए ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर्स (TGT) की भर्ती की घोषणा भी की है, ताकि इन खाली पदों को भरा जा सके और इस परेशानी का समाधान हो सके.
इसके अलावा खाली पदों को भरने के लिए DSSSB के जरिए भर्ती प्रक्रिया चलाई जा रही है, और साथ ही गेस्ट टीचर्स को भी नए सत्र 2026-27 में दोबारा नियुक्ति देने का सर्कुलर जारी किया गया है. साथ ही सरकार ने 2026-27 में करीब 50 नए स्कूल भवन और 8,000 अतिरिक्त कक्षाओं के निर्माण का लक्ष्य भी रखा है. ताकि बढ़ती छात्रों और शिक्षकों की संख्या से आगे चलकर परेशानी न हो. ताकि बढ़ती छात्रों और शिक्षकों की संख्या से आगे चलकर परेशानी न हो.
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        <pubDate>Wed, 19 Aug 2026 16:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Teacher, Shortage, Delhi, Government, Schools:, दिल्ली, के, सरकारी, स्कूलों, में, टीचर्स, की, भारी, कमी, पढ़ाई, पर, पड़, रहा, असर</media:keywords>
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        <title>कर्नाटक सरकार का ऐलान, मेडिकल&amp;इंजीनियरिंग में ग्रामीण छात्रों को 7.5% आरक्षण</title>
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        <description><![CDATA[ Karnataka Education Scheme: कर्नाटक सरकार ने ग्रामीण इलाकों के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए प्रोफेशनल, हायर एजुकेशन में 7.5 प्रतिशत आरक्षण देने का ऐलान किया है. मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने घोषणा की थी यह आरक्षण मेडिकल और इंजीनियरिंग समेत प्रोफेशनल कोर्सेज में लागू किया जाएगा. सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य ग्रामीण सरकारी स्कूलों के छात्रों के लिए उच्च शिक्षा के अवसर को बढ़ाना है.&amp;nbsp;
ग्रामीण छात्रों के लिए सहाय-हस्ता, होसा-हस्ता योजना&amp;nbsp;
7.5 प्रतिशत आरक्षण के साथ कर्नाटक सरकार ग्रामीण छात्रों के लिए सहाय-हस्ता, होसा-हस्ता योजना भी लागू करेगी. इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों को हायर एजुकेशन हासिल करने में सहायता देना है. सरकार के अनुसार आरक्षण और इस योजना के जरिए ग्रामीण सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए प्रोफेशनल और हायर एजुकेशन के अवसरों को मजबूत किया जाएगा.&amp;nbsp;
इंजीनियरिंग की पढ़ाई में मिलेगा फायदा&amp;nbsp;
आरक्षण का दायर &amp;nbsp;प्रोफेशनल हायर एजुकेशन तक रखा गया है. इसमें मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसे कोर्स शामिल होंगे. ग्रामीण सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए इन कोर्स में प्रवेश के अवसर बढ़ाने की दिशा में से जरूरी घोषणा माना जा रहा है.
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छठी कक्षा से एआई और कोडिंग की पढ़ाई&amp;nbsp;
मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में तकनीक से जुड़ी कई अन्य घोषणाएं भी की. सरकार एआई अक्षरा अभियान और कोडिंग गुरुकुल कार्यक्रम शुरू करने की तैयारी कर रही है. इसके तहत स्कूलों में कक्षा 6 से एआई की पढ़ाई शुरू किए जाने की योजना है. इस पहल के जरिए छात्रों को एआई और कोडिंग जैसे नई तकनीक से परिचित कराने पर जोर दिया जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्नाटक एक नई तकनीकी दौर में प्रवेश कर रहा है और छात्रों को भविष्य की जरूरत के अनुसार तैयार करना जरूरी है. वहीं कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु में भारत की पहली राज्य सरकार के स्वामित्व वाली एआई यूनिवर्सिटी स्थापित करने की योजना भी बताई है. यह पहल शिक्षा, तकनीक और रोजगार के क्षेत्र में युवाओं के लिए नए अवसर तैयार करने की सरकार की योजना का हिस्सा है.
परीक्षा प्रणाली में भी बदलाव की तैयारी&amp;nbsp;
राज्य की परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए भी सरकार ने यह कदम उठाया है. मौजूदा परीक्षा प्रणाली की समीक्षा और उसमें जरूरी बदलाव के सुझाव देने के लिए एक विशेष समिति का गठन किया है. मुख्यमंत्री के अनुसार यह समिति करीब 2 महीने में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप सकती है. रिपोर्ट के आधार पर परीक्षा प्रणाली में जरूरी बदलाव किए जाएंगे.
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        <pubDate>Wed, 19 Aug 2026 16:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>नौकरी देने में यूपी का दबदबा, महाराष्ट्र और कर्नाटक भी टॉप&amp;3 में</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/नौकरी-देने-में-यूपी-का-दबदबा-महाराष्ट्र-और-कर्नाटक-भी-टॉप-3-में</link>
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        <description><![CDATA[ India Skills Report 2026: भारत में युवाओं की रोजगार क्षमता में सुधार देखने को मिला है. इंडिया स्किल रिपोर्ट 2026 के अनुसार देश की कुल रोजगार बढ़ाकर 56.35 फीसदी हो गई, जो 2025 में 54.81 फीसदी थी. रिपोर्ट में राज्यवार आंकड़ों में उत्तर प्रदेश सबसे आगे रहा. इसके बाद महाराष्ट्र और कर्नाटक को जगह मिली. इस रिपोर्ट में देश के अलग-अलग राज्यों में युवाओं की जॉब रेडीनेस और बदलती रोजगार जरूरत की जानकारी दी गई है.&amp;nbsp;
सबसे ज्यादा एम्पलाॅयबल राज्य में यूपी नंबर वन&amp;nbsp;
इंडिया स्किल रिपोर्ट 2026 की रिपोर्ट के अनुसार राज्यवार आंकड़ों में उत्तर प्रदेश ने पहला स्थान हासिल किया है. बड़ी आबादी, हायर एजुकेशन और स्किल डेवलपमेंट से जुड़े कार्यक्रमों की बढ़ती पहुंच के बीच राज्य से बड़ी संख्या में जॉब रेडी युवा सामने आ रहे हैं. इसके बाद महाराष्ट्र दूसरे और कर्नाटक तीसरे स्थान पर है. महाराष्ट्र में मुंबई और पुणे जैसे बड़े रोजगार केंद्र है, जहां फाइनेंस, मैन्युफैक्चरिंग और आईटी समेत कई क्षेत्रों में रोजगार के अवसर मौजूद हैं. वहीं कर्नाटक को टेक्नोलॉजी सेक्टर में मजबूत स्थिति का फायदा मिला है. बेंगलुरु में इंजीनियरिंग संस्थानों, स्टार्टअप और ग्लोबल टेक कंपनियों का बड़ा नेटवर्क है, जिससे राज्य में तकनीक और प्रोफेशनल स्किल वाले युवाओं के लिए अवसर बढ़े हैं.&amp;nbsp;
यह देश के टॉप 10 एम्पलाॅय बल राज्य&amp;nbsp;

उत्तर प्रदेश
महाराष्ट्र&amp;nbsp;
कर्नाटक&amp;nbsp;
केरल&amp;nbsp;
पंजाब&amp;nbsp;
मध्य प्रदेश&amp;nbsp;
पश्चिम बंगाल&amp;nbsp;
राजस्थान&amp;nbsp;
अरुणाचल प्रदेश&amp;nbsp;
जम्मू कश्मीर&amp;nbsp;

देश की रोजगार दर भी बढ़ी&amp;nbsp;
रिपोर्ट के अनुसार भारत की ओवरऑल रोजगार दर 2025 के 54.81 फीसदी बढ़कर 2026 में 56.35 फीसदी हो गई है. यानी आबादी से ज्यादा युवा नौकरी के लिए जरूरी कौशल के लिहाज एम्पलाॅय बल माने जा रहे हैं. रिपोर्ट में रोजगार दर का आकलन, तकनीकी कौशल, कम्युनिकेशन, स्किल कॉग्निटिव एबिलिटी और संबंधित क्षेत्र की जानकारी जैसे कई पहलुओं के आधार पर किया गया है.&amp;nbsp;
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छोटे शहर बन रहे नए टैलेंट हब&amp;nbsp;
रिपोर्ट में टियर-2 और टियर-3 शहरों की बढ़ती भूमिका पर भी ध्यान दिया गया है. इन शहरों में से देश के वर्कफोर्स में योगदान बढ़ रहा है. इससे रोजगार और टैलेंट के लिए केवल बड़े महानगरों पर निर्भरता कम होने के संकेत भी मिल रहे हैं. वहीं रोजगार के बदलते स्वरूप में टेक्नोलॉजी और एआई से जुड़ी स्किल की मांग भी लगातार बढ़ रही है. कंपनी अब केवल डिग्री और शैक्षणिक योग्यता के आधार पर उम्मीदवारों का चयन नहीं कर रही, बल्कि प्रैक्टिकल स्किल, डिजिटल नॉलेज, समस्या हल करने की क्षमता, कम्युनिकेशन, एडेप्टेबिलिटी और नई चीज सीखने की क्षमता को भी महत्व दिया जा रहा है. इस रिपोर्ट के अनुसार भारत के पास दुनिया के करीब 16 फीसदी एआई टैलेंट है और देश में 6 लाख से ज्यादा एआई प्रोफेशनल्स है.
इन सेक्टर में रोजगार के ज्यादा अवसर&amp;nbsp;
रिपोर्ट में टेक्नोलॉजी, बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और इंश्योरेंस मैन्युफैक्चरिंग रिन्यूएबल एनर्जी और हेल्थकेयर को प्रमुख हायरिंग सेक्टर के तौर पर बताया गया है. इन क्षेत्र में बदलती तकनीक और इंडस्ट्री की जरूरत के हिसाब से स्किल्ड उम्मीदवारों की मांग बनी हुई है.&amp;nbsp;
2030 तक 2.35 करोड़ हो सकती है गिग वर्कफोर्स&amp;nbsp;
रिपोर्ट में भारत की गिग इकोनॉमी को लेकर भी अनुमान दिया गया है. इसके अनुसार देश की गिग वर्कफोर्स 2030 तक 2.35 करोड़ तक पहुंच सकती है. इससे रोजगार के पारंपरिक तरीकों के साथ-साथ फ्लेक्सिबल और गैर-पारंपरिक काम के ऑप्शन की भूमिका भी बढ़ने की उम्मीद है.
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        <pubDate>Wed, 19 Aug 2026 16:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>नौकरी, देने, में, यूपी, का, दबदबा, महाराष्ट्र, और, कर्नाटक, भी, टॉप-3, में</media:keywords>
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        <title>फर्स्ट अटेम्प्ट में फेल, दूसरे में चोट के बाद नहीं मानी हार, प्राची ने ऐसे रचा इतिहास</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/फर्स्ट-अटेम्प्ट-में-फेल-दूसरे-में-चोट-के-बाद-नहीं-मानी-हार-प्राची-ने-ऐसे-रचा-इतिहास</link>
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        <description><![CDATA[ फर्स्ट अटेम्प्ट में फेल, दूसरे में चोट के बाद नहीं मानी हार, प्राची ने ऐसे रचा इतिहास ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 19 Aug 2026 16:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>फर्स्ट, अटेम्प्ट, में, फेल, दूसरे, में, चोट, के, बाद, नहीं, मानी, हार, प्राची, ने, ऐसे, रचा, इतिहास</media:keywords>
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        <title>देश के 67.4% स्कूलों में इंटरनेट, करीब एक&amp;तिहाई अब भी है वंचित</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/देश-के-674-स्कूलों-में-इंटरनेट-करीब-एक-तिहाई-अब-भी-है-वंचित</link>
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        <description><![CDATA[ UDISE+ 2025-26 Report: हमारे देश के स्कूलों में डिजिटल सुविधाओं का दायरा लगातार बढ़ रहा है, लेकिन अभी भी बड़ी संख्या में स्कूल इंटरनेट से जुड़े नहीं पाए हैं. शिक्षा मंत्रालय के UDISE+ 2025-26 के आंकड़ों के अनुसार देश के 67.4 प्रतिशत स्कूलों में इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध है. पिछले शैक्षणिक वर्ष में यह लगा यह आंकड़ा 63.5 प्रतिशत था, यानी एक साल में इंटरनेट के पहुंच में 3.9 प्रतिशत अंक का इजाफा हुआ है. इसके बावजूद देश के करीब एक तिहाई यानी 32.6 प्रतिशत स्कूल अभी भी इंटरनेट सुविधा से वंचित है.&amp;nbsp;
3 साल में इंटरनेट कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार&amp;nbsp;
UDISE+ के डेटा से सामने आया है कि पिछले कुछ सालों में स्कूलों में इंटरनेट की पहुंच लगातार बढ़ रही है. 2023-24 में देश के 53.9 प्रतिशत स्कूलों में इंटरनेट सुविधा थी. 2024-25 में यह बढ़कर 63.5 प्रतिशत और 2025-26 में 67.4 प्रतिशत हो गई. इस तरह 3 साल के दौरान इंटरनेट कनेक्टिविटी वाले स्कूलों की हिस्सेदारी में 13.5 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हुई है, हालांकि अभी भी 32.6 प्रतिशत स्कूलों को इंटरनेट सुविधा उपलब्ध नहीं है.&amp;nbsp;
स्कूलों में कंप्यूटर की सुविधा भी बढ़ी&amp;nbsp;
स्कूलों में कंप्यूटर उपलब्धता के मामले में भी लगातार सुधार देखा गया है. &amp;nbsp;2024-25 में 64.7 प्रतिशत स्कूलों में कंप्यूटर की सुविधा थी, जो 2025-26 में बढ़कर 69.9 प्रतिशत हो गई. यानी एक साल में करीब 5.2 प्रतिशत अंक की वृद्धि हुई है. हालांकि करीब 30.1 प्रतिशत स्कूलों को अभी भी कंप्यूटर सुविधा नहीं मिल पाई है. आंकड़ों के अनुसार 2023-24 में 57.2 प्रतिशत स्कूलों में कंप्यूटर थे, जो 2024-25 में 64.7 प्रतिशत और 2025-26 में 69.9 प्रतिशत हो गए. इंटरनेट और कंप्यूटर की उपलब्धता में यह अंतर बताता है कि स्कूलों में कंप्यूटर पहुंचने के बाद भी उन्हें इंटरनेट से जोड़ना अभी एक बड़ी समस्या बनी हुई है.&amp;nbsp;
स्कूलों में बिजली और दूसरी सुविधाओं की स्थिति&amp;nbsp;
UDISE+ 2025-26 के आंकड़ों में स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं में भी बेहतर स्थिति सामने आई है. देश के 95 प्रतिशत स्कूलों में बिजली 98.5 प्रतिशत में लड़कियों के लिए टॉयलेट और 97.2 प्रतिशत में लड़कों के लिए टॉयलेट उपलब्ध है. वहीं 99.5 प्रतिशत स्कूलों में सुरक्षित पेयजल की सुविधा पहुंच चुकी है. हाथ धोने की सुविधा भी 96.9 प्रतिशत स्कूलों में उपलब्ध है.&amp;nbsp;
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सिंगल टीचर स्कूलों की संख्या में भी कमी&amp;nbsp;
रिपोर्ट में स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता को लेकर भी आंकड़े सामने आए. एक ही शिक्षक वाले स्कूलों की संख्या 2024-25 में 1,04,125 थी, जो 2025-26 में घटकर 1,00,843 रह गई. यानी एक साल में ऐसे स्कूलों की संख्या में 3,282 की कमी आई. हालांकि राज्यों के बीच स्थित एक जैसी नहीं है. कुछ राज्यों में सिंगल टीचर स्कूलों की संख्या में बड़ी कमी दर्ज की गई, जबकि कई राज्यों में ऐसे स्कूलों की संख्या बढ़ी है.&amp;nbsp;
देश में है 14.67 लाख से ज्यादा स्कूल&amp;nbsp;
UDISE+ 2025-26 रिपोर्ट के अनुसार देश की स्कूल शिक्षा व्यवस्था में करीब 14.67 लाख स्कूल, 1.3 करोड़ शिक्षक और 24.72 करोड़ से ज्यादा छात्र शामिल है. औसतन एक स्कूल में 7 शिक्षकों और 169 छात्र हैं. देश का कुल प्यूपिल टीचर रेशियो 24:1 है] यानी औसतन 24 छात्रों पर एक शिक्षक उपलब्ध है. रिपोर्ट के अनुसार यह अनुपात और नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 के 30:1 के सुझाए गए मानक के अंदर है.
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        <pubDate>Wed, 19 Aug 2026 16:30:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>देश, के, 67.4, स्कूलों, में, इंटरनेट, करीब, एक-तिहाई, अब, भी, है, वंचित</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>UPSSSC VDO Result 2026: यूपी में ग्राम पंचायत अधिकारी के 1468 पदों पर चयन, कटऑफ भी जारी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/upsssc-vdo-result-2026-यूपी-में-ग्राम-पंचायत-अधिकारी-के-1468-पदों-पर-चयन-कटऑफ-भी-जारी</link>
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        <description><![CDATA[ योगी सरकार में सरकारी भर्तियों को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम सामने आया है. उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने ग्राम पंचायत अधिकारी मुख्य परीक्षा-2023 के तहत 1,468 पदों का अंतिम चयन परिणाम जारी कर दिया है. सोमवार को आयोग की ओर से जारी अधिसूचना में चयनित अभ्यर्थियों की श्रेणीवार सूची और अंतिम कटऑफ भी घोषित की गई है. इससे भर्ती प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है.
आरक्षण व्यवस्था के अनुरूप जारी हुआ परिणाम
अंतिम चयन में सभी प्रमुख आरक्षित श्रेणियों को निर्धारित नियमों के अनुसार प्रतिनिधित्व दिया गया है. कुल पदों में 849 पद अनारक्षित, 356 अनुसूचित जाति, 7 अनुसूचित जनजाति, 139 अन्य पिछड़ा वर्ग और 117 पद आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए थे. जिसे क्षैतिज आरक्षण के तहत स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आश्रित, दिव्यांगजन और भूतपूर्व सैनिक श्रेणी के अभ्यर्थियों को शामिल किया गया है. इसमें खास बात यह है कि 270 महिला अभ्यर्थी हैं.&amp;nbsp;
अनारक्षित व ओबीसी की कटऑफ 68.25 अंक
आयोग द्वारा जारी कटऑफ के अनुसार, अनारक्षित वर्ग और अन्य पिछड़ा वर्ग के अंतिम चयनित अभ्यर्थी के 68.25 अंक रहे. आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की कटऑफ 65.75 अंक रही. अनुसूचित जाति के लिए यह 57.75 और अनुसूचित जनजाति के लिए 54.50 अंक निर्धारित हुई. क्षैतिज आरक्षण में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित की कटऑफ 60, दिव्यांगजन एलवी की 57, एचएच की 48, महिला की 60.25 और भूतपूर्व सैनिक की 55.50 अंक रही.
योगी सरकार का भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर
योगी सरकार के कार्यकाल में चयन आयोगों के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने पर लगातार जोर दिया गया है. ग्राम पंचायत अधिकारी भर्ती का अंतिम परिणाम भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है. परीक्षा, अभिलेख परीक्षण और अंतिम चयन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अभ्यर्थियों को सरकारी सेवा में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा.
दरअसल, पंचायतीराज विभाग में ग्राम पंचायत अधिकारी के 1,468 रिक्त पदों पर चयन के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए थे. लिखित परीक्षा के बाद पात्र अभ्यर्थियों का अभिलेख परीक्षण कराया गया और उसके आधार पर अंतिम चयन परिणाम तैयार किया गया. आयोग ने चयनित अभ्यर्थियों की अनुक्रमांकवार सूची अपनी वेबसाइट पर जारी कर दी है.
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        <pubDate>Wed, 19 Aug 2026 00:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>UPSSSC, VDO, Result, 2026:, यूपी, में, ग्राम, पंचायत, अधिकारी, के, 1468, पदों, पर, चयन, कटऑफ, भी, जारी</media:keywords>
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        <title>DUSU Election Rules: DUSU चुनाव, इन 5 गलतियों पर रद्द हो सकता है नामांकन</title>
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        <description><![CDATA[ DUSU Election Rules: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ DUSU चुनाव की सरगर्मियां तेज हो गई हैं. हर साल की तरह इस साल भी कैंपस में चुनावी माहौल दिखने लगा है. डूसू चुनाव में जीत हासिल करने के लिए उम्मीदवार दिन-रात मेहनत करते हैं. हालांकि, चुनाव जीतने से पहले सबसे जरूरी कदम नामांकन प्रक्रिया को सही तरीके से पार करना है. डीयू प्रशासन और लिंगदोह कमेटी के सख्त नियमों के कारण उम्मीदवारों की एक छोटी सी चूक उनका नामांकन रद्द करवा सकती है. जानें उन गलतियों के बारें में जो उम्मीदवार को चुनाव में खड़ा ही न होने देगी.&amp;nbsp;
परिसर या गाड़ियों में नशीले पदार्थ का सेवन
चुनाव प्रचार के दौरान गाड़ियों के काफिले और हुड़दंग पर पूरी तरह रोक है. उम्मीदवारों को केवल उन्हीं गाड़ियों का इस्तेमाल करने की अनुमति है, जिन पर प्रॉक्टर ऑफिस द्वारा जारी किया गया अधिकृत स्टीकर लगा हो. बिना स्टीकर वाली गाड़ियां लाने, उन्हें फुटपाथ पर पार्क करने या ट्रैफिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने पर उम्मीदवार के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और पर्चा खारिज हो सकता है.&amp;nbsp;
पैम्फलेट का इस्तेमाल
लिंगदोह कमेटी के नियमों के मुताबिक, डूसू चुनाव में छपे हुए पोस्टरों, बैनरों और पैम्फलेट पर पूरी तरह से पाबंदी है. उम्मीदवार प्रचार के लिए केवल हस्तनिर्मित पोस्टरों का ही इस्तेमाल कर सकते हैं. यदि कोई उम्मीदवार दीवारों पर प्रिंटेड पोस्टर चिपकाता है या सार्वजनिक संपत्ति को गंदा करता है,तो उसका नामांकन रद्द होने के साथ-साथ उस पर कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है.
तय बजट से ज्यादा खर्च करना
डूसू चुनाव में पैसों के पानी की तरह बहाने पर पूरी तरह रोक है. नियमों के अनुसार, प्रत्येक उम्मीदवार चुनाव प्रचार में अधिकतम 5,000 रुपये ही खर्च कर सकता है. नामांकन के समय और चुनाव के बाद उम्मीदवारों को अपने खर्च का पूरा हिसाब देना होता है. यदि जांच में यह पाया गया कि उम्मीदवार ने तय सीमा से एक रुपया भी ज्यादा खर्च किया है, तो उसकी उम्मीदवारी को निरस्त कर दिया जाएगा.
75 प्रतिशत से कम अटेंडेंस
एक छात्र नेता होने से पहले आपका एक अनुशासित छात्र होना जरूरी है. कोर्ट और लिंगदोह कमेटी के दिशा-निर्देशों के अनुसार, चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार की कॉलेज में न्यूनतम उपस्थिति 75% होनी अनिवार्य है. यदि किसी छात्र की उपस्थिति इस आंकड़े से कम पाई जाती है, तो वह चुनाव लड़ने के योग्य नहीं माना जाएगा.&amp;nbsp;
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बाहरी लोगों का दखल
डूसू चुनाव केवल दिल्ली विश्वविद्यालय के नियमित छात्रों के लिए है. चुनाव प्रचार के दौरान किसी भी बाहरी व्यक्ति, पूर्व छात्र या राजनीतिक दल के कार्यकर्ताओं को कैंपस में हुड़दंग करने की इजाजत नहीं है. यदि किसी उम्मीदवार के प्रचार में बाहरी लोग हिंसा, हथियारों का प्रदर्शन या डराने-धमकाने का काम करते हैं, तो डीयू प्रशासन उस उम्मीदवार का नामांकन तुरंत निरस्त कर देगा.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Wed, 19 Aug 2026 00:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>DUSU, Election, Rules:, DUSU, चुनाव, इन, गलतियों, पर, रद्द, हो, सकता, है, नामांकन</media:keywords>
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        <title>झारखंड में CGL समेत कई परीक्षाएं रद्द, जानिए अब री&amp;एग्जाम और नौकरी का क्या होगा?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/झारखंड-में-cgl-समेत-कई-परीक्षाएं-रद्द-जानिए-अब-री-एग्जाम-और-नौकरी-का-क्या-होगा</link>
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        <description><![CDATA[ झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहे विवाद के बीच हेमंत सोरेन सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने के साथ ही आउटसोर्स एजेंसी TDPL के जरिए 2014 से कराई गई परीक्षाओं को भी रद्द करने का ऐलान किया है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि इन परीक्षाओं में सामने आई गड़बड़ियों की जांच सीआईडी करेगी. इस फैसले के बाद JSSC और JPSC की कई भर्ती परीक्षा और उनसे जुड़ी चयन प्रक्रियाओं पर असर पड़ सकता है.
किन परीक्षाओं पर पड़ा है असर?
झारखंड सरकार का फैसला सिर्फ JSSC-CGL तक सीमित नहीं है. मुख्यमंत्री ने कहा है कि TDPL के जरिए 2014 से आयोजित सभी परीक्षाओं और उनसे जुड़े परिणाम को रद्द किया जाएगा. साथ ही इन परीक्षाओं की जांच सीआईडी से कराने की बात कही गई है. इस फैसले के दायरे में JSSC-CGL &amp;nbsp; के अलावा JPSC की कुछ जरूरी परीक्षाएं भी आ सकती है. इनमें 14 वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा, 14वीं सिविल सेवा बैकलॉग परीक्षा-2023 और बैकलॉग परीक्षा-2025 का नाम सामने आया है. 14वीं सिविल सेवा परीक्षा की मुख्य परीक्षा भी 25 जुलाई 2026 को आयोजित हो चुकी है. इसके अलावा TDPL की भूमिका वाली अन्य भर्ती परीक्षाओं पर भी सरकार के फैसले का असर पड़ सकता है. हालांकि अभी सरकार की ओर से सभी प्रभावित परीक्षाओं की अंतिम लिस्ट जारी नहीं की गई है.&amp;nbsp;
किन परीक्षाओं का होगा री-एग्जाम?
झारखंड सरकार ने परीक्षा रद्द करने का फैसला तो घोषित कर दिया है, लेकिन किस-किस परीक्षा का री-एग्जाम कब होगा, आवेदन दोबारा होंगे या पुराने अभ्यर्थियों को सीधे मौका मिलेगा इसकी जानकारी अभी नहीं दी गई है. वहीं बताया जा रहा है कि अगर किसी परीक्षा की पूरी चयन प्रक्रिया रद्द की जाती है, तो सरकार और संबंधित आयोग के सामने नई चयन प्रक्रिया शुरू करने का ऑप्शन रहेगा. इस स्थिति में दोबारा परीक्षा आयोजित की जा सकती है लेकिन पुराने अभ्यर्थियों को नई प्रक्रिया में किस तरह शामिल किया जाएगा, यह नई अधिसूचना में तय होगा.&amp;nbsp;
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JSSC-CGL रद्द होने से कितनी नौकरियों पर असर?
JSSC-CGL भर्ती के जरिए अलग-अलग सरकारी विभागों में करीब 1975 पदों पर नियुक्तियां हुई थी. इनमें सहायक प्रशाखा पदाधिकारी, कनीय सचिवालय सहायक, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, प्लानिंग असिस्टेंट, प्रखंड कल्याण पदाधिकारी, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी और अंचल निरीक्षक सह कानूनगो जैसे पद शामिल है. सरकार की ओर से परीक्षा और उससे जुड़े परिणाम रद्द किए जाने के बाद इन नियुक्तियों का भविष्य भी सवालों के घेरे में आ गया.&amp;nbsp;
क्या चयनित उम्मीदवारों की नौकरी जाएगी?
JSSC-CGL परीक्षा और उससे जुड़े रिजल्ट को रद्द करने की घोषणा के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति का क्या होगा. इसे लेकर कई एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह कहना सही नहीं होगा कि चयनित उम्मीदवारों की नौकरी तत्काल प्रभाव से समाप्त हो जाएगी. चयनित उम्मीदवारों की स्थिति नियुक्ति आदेश, संबंधित सरकारी नियमों और सरकार की ओर से जारी किए जाने वाले आगे के निर्देश पर निर्भर करेगी. अब आगे क्या होगा &amp;nbsp;वहीं फिलहाल झारखंड परीक्षाओं को लेकर इस पूरे मामले में अगला चरण सरकार और संबंधित भर्ती आयोग की ओर से जारी होने वाली आधिकारिक अधिसूचना मानी जा रही है. इसमें स्पष्ट किया जाएगा कि रद्द की गई परीक्षाओं के आगे की प्रक्रिया क्या होगी.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Wed, 19 Aug 2026 00:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>झारखंड, में, CGL, समेत, कई, परीक्षाएं, रद्द, जानिए, अब, री-एग्जाम, और, नौकरी, का, क्या, होगा</media:keywords>
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        <title>IPS Prahlad Meena Success Story : रेलवे का गैंगमैन बना IPS, पढ़ें राजस्थान के प्रहलाद मीणा की कहानी</title>
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        <description><![CDATA[ IPS Prahlad Meena Success Story : राजस्थान के दौसा जिले के एक छोटे से गांव से निकलकर रेलवे में गैंगमैन की नौकरी करने वाले प्रहलाद मीणा ने UPSC परीक्षा पास कर IPS अधिकारी बनने तक का सफर तय किया. कभी रेल की पटरियों की मरम्मत करना उनकी डेली लाइफ का हिस्सा था, तो कभी नौकरी के बीच पढ़ाई के लिए वक्त निकालना सबसे बड़ी चुनौती भी थी, लेकिन प्रहलाद मीणा ने सीमित संसाधन, आर्थिक परेशानी, नौकरी का दबाव और लगातार मिली असफलताओं के बाद भी अपना लक्ष्य नहीं छोड़ा और आज उनकी कहानी हर किसी को प्रेरित करती है. तो आइए आज हम आपको बताते हैं कि राजस्थान के प्रहलाद मीणा की कहानी क्या है.&amp;nbsp;
प्रहलाद मीणा का सफर कहां से शुरू हुआ?
प्रहलाद मीणा का बचपन आर्थिक परेशानियों के बीच बीता. उनके परिवार के पास करीब 2 बीघा जमीन थी, जिससे घर का गुजारा करना आसान नहीं था. बचपन में उन्हें मवेशी चराने का काम भी करना पड़ता था. इन जिम्मेदारियों के साथ उन्होंने पढ़ाई भी जारी रखी. उनके लिए शिक्षा बेहतर भविष्य की उम्मीद थी और इसी सोच ने उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया.&amp;nbsp;
रेलवे में बने गैंगमैन
परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए प्रहलाद ने रेलवे में गैंगमैन यानी ग्रुप डी कर्मचारी के तौर पर नौकरी शुरू की, ओडिशा के भुवनेश्वर में उनकी ड्यूटी थी, जहां उनका काम रेलवे ट्रैक की देखभाल और मरम्मत करना था. नौकरी मिलने से उन्हें आर्थिक सुरक्षा मिली, लेकिन उनके सपने यहीं खत्म नहीं हुए. वह सरकारी सेवा में आगे बढ़ना चाहते थे. बाद में उन्होंने दिल्ली में असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर (ASO) के पद पर भी काम किया.&amp;nbsp;
कैसे करते थें UPSC की तैयारी?
नौकरी के साथ UPSC की तैयारी करना उनके लिए आसान नहीं था. इसके बाद भी उन्होंने समय का बेहतर इस्तेमाल किया. प्रहलाद रोज सुबह करीब 4 बजे उठकर पढ़ाई करते थे. ऑफिस के लंच ब्रेक में भी किताबें पढ़ते थे. मेट्रो से सफर के दौरान अखबार पढ़ना उनकी तैयारी का हिस्सा था. खास बात यह थी कि उन्होंने महंगी कोचिंग के बिना अपनी तैयारी जारी रखी.&amp;nbsp;
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UPSC की तैयारी में इतनी बार मिली असफलता
UPSC की तैयारी के दौरान प्रहलाद को कई बार असफलता मिली. उन्होंने 2013 और 2014 में मेंस परीक्षा दी, जबकि 2015 में प्रीलिम्स में भी सफलता नहीं मिली. लगातार तीन असफलताओं के बाद उन्होंने तैयारी नहीं छोड़ी. उन्होंने अपनी गलतियों और कमजोरियों को समझा और उन पर काम किया. खास तौर पर निबंध लेखन और ऑप्शनल सब्जेक्ट हिंदी साहित्य को मजबूत किया.&amp;nbsp;
2017 में पूरा हुआ IPS बनने का सपना
लगातार मेहनत के बाद आखिरकार साल 2017 में प्रहलाद मीणा ने UPSC परीक्षा पास की और 951 वीं रैंक हासिल की. इसके साथ ही उनका IPS बनने का सपना पूरा हुआ. जिस ओडिशा में उन्होंने कभी रेलवे गैंगमैन के तौर पर काम किया था, बाद में उन्हें उसी राज्य का IPS कैडर मिला.
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        <pubDate>Wed, 19 Aug 2026 00:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>CSBC सिपाही भर्ती परीक्षा का रिजल्ट जारी, ऐसे करें चेक</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/csbc-सिपाही-भर्ती-परीक्षा-का-रिजल्ट-जारी-ऐसे-करें-चेक</link>
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        <description><![CDATA[ 


Bihar Police Constable Result: केंद्रीय चयन पर्षद (CSBC) ने 18 अगस्त 2026 को सिपाही भर्ती परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया है. यह रिजल्ट विज्ञापन संख्या 01/2026 (स्पेशल ब्रांच कांस्टेबल) और विज्ञापन संख्या 02/2026 (कांस्टेबल ऑपरेटर) के लिए आया है. दोनों ही भर्तियों की लिखित परीक्षा जून 2026 में आयोजित की गई थी. लिखित परीक्षा में सफल उम्मीदवारों को अब चयन प्रक्रिया के अगले चरण के लिए बुलाया जाएगा. ऑपरेटर पद की लिखित परीक्षा में सफल 5,966 उम्मीदवारों को अब फिजिकल दक्षता परीक्षा (PET) के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है. वहीं जनरल ड्यूटी बंद कैडर के 254 उम्मीदवारों को PST के लिए चुना गया है.&amp;nbsp;



ऑपरेटर पदों के लिए 5,966 उम्मीदवार चयनित&amp;nbsp;
बिहार पुलिस कांस्टेबल ऑपरेटर भर्ती के तहत कुल 3,18,518 आवेदन प्राप्त हुए थे. आवेदन की जांच के बाद 2,82,823 उम्मीदवारों को वैध पाया गया. इसकी लिखित परीक्षा 28 जून 2026 को राज्य के 38 जिलों में बनाए गए 544 केंद्रों पर आयोजित की गई थी. वहीं परीक्षा में कुल 1,28,482 उम्मीदवार शामिल हुए, जबकि अनुचित साधनों के कारण 28 उम्मीदवारों को अयोग्य घोषित किया गया. इसके बाद एक लाख 1,28,454 उम्मीदवारों का मूल्यांकन किया गया. वहीं परीक्षा में उम्मीदवारों को न्यूनतम 30 प्रतिशत अंक हासिल करना जरूरी था. कटऑफ पर समान अंक आने के कारण टाई ब्रेक की स्थिति बनी और कुल 5,966 उम्मीदवारों को PET के लिए चयनित किया गया.
जीडी भर्ती में 254 उम्मीदवार PST के लिए चयनित&amp;nbsp;
विज्ञापन संख्या 01/2026 के तहत कांस्टेबल (जनरल ड्यूटी बंद कैडर) के 83 पदों पर भर्ती की जा रही है. इस भर्ती के लिए कुल 2,33,479 आवेदन मिले थे. जांच के बाद 2,24,429 आवेदन वैध पाए गए. इस भर्ती की लिखित परीक्षा 24 जून 2026 को 38 जिलों के 431 केंद्रों पर हुई थी. पेपर-1 में 64,410 और पेपर-2 में 64,409 उम्मीदवार उपस्थित हुए. अनुचित साधनों के कारण 3 उम्मीदवार अयोग्य घोषित किए गए और 64,408 उम्मीदवारों का मूल्यांकन किया गया. वहीं उम्मीदवारों के लिए हर एक पेपर और कुल मिलाकर कम से कम 30 प्रतिशत अंक हासिल करना जरूरी था. कटऑफ पर समान अंक आने के कारण टाई ब्रेक हुआ और कुल 254 उम्मीदवारों को PST के लिए चुना गया.&amp;nbsp;
ये भी पढ़ें-NEET-JEE फ्री कोचिंग का प्लान, &amp;nbsp;2 अक्टूबर से शुरू हो सकती है योजना &amp;nbsp;&amp;nbsp;
ऐसे चेक करें CSBC &amp;nbsp;सिपाही भर्ती का रिजल्ट&amp;nbsp;

CSBC &amp;nbsp;का रिजल्ट चेक करने के लिए सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट csbc.bihar.gov.in पर जाए.&amp;nbsp;
इसके बाद होम पेज पर रिजल्ट सेक्शन पर क्लिक करें.
अब अपनी भर्ती के अनुसार कांस्टेबल जीडी या कांस्टेबल ऑपरेटर रिजल्ट लिंक सेलेक्ट करें.
इसके बाद रिजल्ट की पीडीएफ स्क्रीन पर खुल जाएगी.
अब पीडीएफ डिवाइस में सेव करके और Ctrl+ F करके अपना रोल नंबर चेक करें. &amp;nbsp;

PST-PET के दिन होगा डॉक्युमेंट वेरीफिकेशन&amp;nbsp;
फिजिकल एग्जाम के दिन ही उम्मीदवारों के डॉक्यूमेंट का वेरिफिकेशन भी किया जाएगा. उम्मीदवार को अपने सभी मूल डॉक्यूमेंट के साथ उनकी एक सेट फोटोकॉपी लेकर जाना होगा. इनमें वैध फोटो पहचान पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, नॉन क्रीमीलेयर प्रमाण पत्र, ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र और दूसरे जरूरी डॉक्यूमेंट से शामिल है. ऑपरेटर पद के लिए आवेदन करने वाले ट्रांसजेंडर उम्मीदवारों को निर्धारित ट्रांसजेंडर पहचान पत्र भी साथ ले जाना होगा.
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        <pubDate>Wed, 19 Aug 2026 00:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>CSBC, सिपाही, भर्ती, परीक्षा, का, रिजल्ट, जारी, ऐसे, करें, चेक</media:keywords>
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        <title>NTA से 50 अधिकारियों की छुट्टी, UGC&amp;NET विवाद के बीच हुआ बड़ा बदलाव</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/nta-से-50-अधिकारियों-की-छुट्टी-ugc-net-विवाद-के-बीच-हुआ-बड़ा-बदलाव</link>
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        <description><![CDATA[ UGC NET Controversy: UGC-NET जून 2026 परीक्षा में सामने आई गड़बड़ियों के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में बड़े स्तर पर सुधार की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने सोमवार को उच्च शिक्षा विभाग के सचिव, NTA के महानिदेशक और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर परीक्षा व्यवस्था में किए जा रहे बदलावों की समीक्षा की.&amp;nbsp;
सामने आया है कि विवादों में घिरी NTA से अब तक 50 अधिकारियों को बाहर का रास्ता दिखाया गया है.&amp;nbsp;24 जुलाई 2026 को NTA के 47 अधिकारियों को निकाला था, इस 50 की संख्या में वो भी शामिल हैं. यानि आज 3 अन्य अधिकारियों को निकाला गया है.&amp;nbsp;
10 नए प्रोफेशनल्स की भर्ती
शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक, NTA से अब तक 50 से ज्यादा कर्मचारियों को हटाया जा चुका है. इसके साथ ही एजेंसी में विशेषज्ञता बढ़ाने के लिए 10 नए प्रोफेशनल नेतृत्व पदों पर नियुक्तियां की जा रही हैं. इनमें Chief Technology Officer, Chief Finance Officer, Chief Information Security Officer, General Manager-Test Security और General Manager-R&amp;amp;D and Psychometrics जैसे महत्वपूर्ण पद शामिल हैं.
NTA अब साइबर सिक्योरिटी, साइकोमेट्रिक्स, प्रश्नपत्र तैयार करने और परीक्षा से जुड़े अन्य विशेषज्ञ क्षेत्रों के लिए निजी क्षेत्र के डोमेन एक्सपर्ट्स को भी अपने साथ जोड़ रहा है. इसका उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया में तकनीकी और विषय विशेषज्ञता को मजबूत करना है.
यह भी पढ़ें: UGC NET की गड़बड़ियों पर&amp;nbsp;NTA सख्त, पेपर से प्रिंटिंग तक होगी समीक्षा&amp;nbsp;
तीन विषयों में पाई गई थी गड़बड़ी&amp;nbsp;
यह बदलाव ऐसे समय में किया जा रहा है जब UGC-NET जून 2026 परीक्षा के दौरान कई विषयों में बार-बार पूछे गए सवालों के साथ-साथ तथ्यात्मक, व्याकरण संबंधी और अनुवाद की गलतियां सामने आई थीं. इन गड़बड़ियों के बाद NTA ने Englिish, Commerce और Sociology विषयों की दोबारा परीक्षा कराने का फैसला किया है. ये री-एग्जाम 9 और 10 सितंबर 2026 को आयोजित होंगे. परीक्षा दोबारा कराने के लिए उम्मीदवारों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा और इन विषयों में क्वालिफाइंग उम्मीदवारों की संख्या या विषयवार आवंटन को कम नहीं किया जाएगा.
मंत्रालय की ओर से पहले यह भी बताया गया था कि NTA प्रश्नपत्र तैयार करने, मॉडरेशन, अनुवाद और कंपोजिंग की पूरी प्रक्रिया को मजबूत करेगा, ताकि इस तरह की गलतियां स्रोत स्तर पर ही रोकी जा सकें और लापरवाही की जिम्मेदारी तय की जा सके.
शिक्षा मंत्रालय ने मांगी रिपोर्ट
सोमवार की बैठक में शिक्षा मंत्री ने NTA को परीक्षा से जुड़े सभी स्थापित प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. साथ ही Confidential Operations (CONOPS) की पूरी व्यवस्था में बदलाव करने को कहा गया है. इसके तहत सुरक्षित और अलग कमरे, air-gapped computer systems यानी बाहरी नेटवर्क से अलग सिस्टम और परीक्षा से जुड़े उपकरणों को जमा कराने के लिए सख्त device-deposit protocols लागू किए जाएंगे.
मंत्री ने इन बदलावों को युद्धस्तर पर लागू करने के निर्देश दिए हैं. NTA को परीक्षा प्रक्रिया के हर चरण का विस्तृत ऑडिट कराने और उसमें सामने आने वाली कमियों को दूर करने के लिए उठाए गए corrective actions की रिपोर्ट शिक्षा मंत्रालय को सौंपने को कहा गया है. मंत्रालय का कहना है कि इन सुधारों का उद्देश्य NTA की परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाना है, ताकि भविष्य में प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर परीक्षा आयोजित करने तक किसी भी स्तर पर होने वाली चूक को रोका जा सके.
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        <pubDate>Tue, 18 Aug 2026 08:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>NTA, से, अधिकारियों, की, छुट्टी, UGC-NET, विवाद, के, बीच, हुआ, बड़ा, बदलाव</media:keywords>
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        <title>KVS&amp;NVS टियर&amp;2 भर्ती परीक्षा का रिजल्ट और फाइनल की जारी</title>
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        <description><![CDATA[ KVS NVS Tier 2 Result:&amp;nbsp; केवीएस और एनवीएस में अलग-अलग टीचिंग और नॉन टीचिंग पदों पर भर्ती के लिए आयोजित टियर-2 परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया गया है. सीबीएसई ने आज पहले चरण के पदों के लिए केवीएस और एनवीएस टियर 2 फाइनल रिजल्ट जारी किया है. परीक्षा में शामिल उम्मीदवार अब अपना रिजल्ट ऑफिशियल वेबसाइट पर लॉगिन डिटेल्स के जरिए चेक कर सकते हैं. 
फिलहाल टियर 2 रिजल्ट पीजीटी (कंंप्यूटर साइंस), टीजीटी (कंंप्यूटर साइंस), फाइनेंस ऑफिसर और स्टेनोग्राफर ग्रेड 1 पदों के लिए जारी किया गया है. सीबीएसई के अनुसार दूसरे पदों का रिजल्ट भी जल्द ही जारी किया जाएगाा.&amp;nbsp;
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इन पदों का जारी हुआ रिजल्ट&amp;nbsp;
सीबीएसई की ओर जारी रिजल्ट में पीजीटी, टीजीटी, फाइनेंस ऑफिसर और स्टेनोग्राफर ग्रेड 1 के पद शामिल है. वहीं रिजल्ट जारी होने के बाद उम्मीदवार अपना रिजल्ट सीबीएसई के ऑफिशियल वेबसाइट के अलावा केवीएस और एनवीएस के पोर्टल पर भी देख सकते हैं. जिन पदों के लिए केवीएस और एनवीएस के बीच संगठन या क्षेत्र की वरीयता लागू है, उन उम्मीदवारों को भर्ती नोटिफिकेशन के अनुसार आवेदन पोर्टल पर अपनी पसंद दर्ज करनी होगी. इसके अलावा उम्मीदवार सीबीएसई की ऑफिशियल वेबसाइट पर रिजल्ट के साथ फाइनल आंसर की भी देख सकते हैं.&amp;nbsp;&amp;nbsp;
इंटरव्यू और स्किल टेस्ट की तारीख बाद में&amp;nbsp;
पीजीटी (कंंप्यूटर साइंस), टीजीटी (कंंप्यूटर साइंस) और फाइनेंस ऑफिसर के पदों के लिए शाॅर्ट लिस्ट किए गए उम्मीदवारों के इंटरव्यू कॉल लेटर इंटरव्यू शेड्यूल तय होने के बाद उनके संबंधित आवेदन लॉगिन में उपलब्ध कराए जाएंगे. वहीं स्टेनोग्राफर ग्रेड 1 के लिए चयनित उम्मीदवारों के स्किल टेस्ट कॉल लेटर भी स्किल टेस्ट का शेड्यूल तैयार होने के बाद आवेदन पोर्टल पर जारी किए जाएंगे.&amp;nbsp;
ऐसे चेक करें केवीएस-एनवीएस टियर-2 रिजल्ट&amp;nbsp;

उम्मीदवार रिजल्ट चेक करने के लिए सबसे पहले सीबीएसई के ऑफिशियल cbse.gov.in वेबसाइट पर जाएं.
इसके बाद होम पेज पर केवीएस-एनवीएस टियर 2 रिजल्ट 2026 से संबंधित लिंक पर क्लिक करें.
नए पेज पर मांगी गई, लॉगिन डिटेल दर्ज करके सबमिट करें.
इसके बाद स्क्रीन पर रिजल्ट दिखाई देगा.&amp;nbsp;
उम्मीदवार रिजल्ट डाउनलोड कर उसका प्रिंट आउट भी सुरक्षित रख सकते हैं.&amp;nbsp;

बाकी के पदों का रिजल्ट भी होगा जारी&amp;nbsp;
सीबीएसई ने बताया कि बाकी पदों के रिजल्ट को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है और इन्हें आने वाले दिनों में अलग-अलग चरणों में जारी किया जाएगा. टियर 2 में सफल उम्मीदवार संबंधित पद के अनुसार भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण में शामिल होंगे. इसमें इंटरव्यू, स्किल टेस्ट या डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन शामिल होगा.
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        <pubDate>Tue, 18 Aug 2026 08:30:06 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>KVS-NVS, टियर-2, भर्ती, परीक्षा, का, रिजल्ट, और, फाइनल, की, जारी</media:keywords>
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        <title>Bhawana Kanth: IAF की भावना कंठ बनीं पहली महिला फाइटर कॉम्बैट लीडर, कितनी मिलेगी सैलरी?</title>
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        <description><![CDATA[ Bhawana Kanth: भारतीय वायुसेना IAF की जांबाज अधिकारी स्क्वाड्रन लीडर भावना कंठ ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है. बिहार की बेटी भावना कंठ देश की पहली महिला फाइटर कॉम्बैट लीडर बन गई हैं. उन्होंने मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित प्रतिष्ठित टैक्टिक्स एंड एयर कॉम्बैट डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट TACDE से इस बेहद कठिन और प्रतिष्ठित कोर्स को सफलतापूर्वक पूरा किया है. इस बड़ी कामयाबी के बाद से ही हर तरफ उनकी चर्चा हो रही है और लोग यह जानने के लिए उतावले हैं कि इस नए और बड़े पद पर उन्हें कितनी सैलरी मिलेगी.&amp;nbsp;
भावना कंठ के बारे में जानिए
स्क्वाड्रन लीडर भावना कंठ मुख्य रूप से बिहार के दरभंगा जिले की रहने वाली हैं. उनका जन्म बरौनी में हुआ था और उनकी शुरुआती पढ़ाई भी बरौनी रिफाइनरी के डीएवी पब्लिक स्कूल से हुई. स्कूल की पढ़ाई खत्म करने के बाद वह इंजीनियरिंग एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी के लिए राजस्थान के कोटा चली गईं. इसके बाद उन्होंने बेंगलुरु के बीएमएस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक्स में इंजीनियरिंग की डिग्री ली. पढ़ाई पूरी करने के बाद भावना ने टीसीएस कंपनी में नौकरी शुरू की. बाद में उनका सेलेक्शन भारतीय वायु सेना में हो गया, जहां से उन्होंने एक फाइटर पायलट बनकर इतिहास रच दिया.&amp;nbsp;
कितनी मिलेगी सैलरी
भावना कंठ को 7वें वेतन आयोग नियमों के अनुसार, फाइटर कॉम्बैट लीडर रैंक पर हर महीने लगभग 1.55 लाख से 1.90 लाख रुपये की इन-हैंड सैलरी मिलेगी. इसमें 69,400 रुपये मूल वेतन के साथ मिलिट्री सर्विस पे, फ्लाइंग अलाउंस और महंगाई भत्ता जैसे कई विशेष भत्ते शामिल हैं. इसके अलावा उन्हें सरकारी आवास और मुफ्त मेडिकल जैसी बेहतरीन सुविधाएं भी मिलती हैं.&amp;nbsp;
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क्या होता है फाइटर कॉम्बैट लीडर?
वायुसेना का फाइटर कॉम्बैट लीडर कोर्स बहुत ही मुश्किल माना जाता है. इसकी तुलना दुनिया की सबसे कठिन मिलिट्री ट्रेनिंग में से एक, अमेरिका के मशहूर &amp;nbsp;टॉप गन प्रोग्राम से की जाती है. इस कोर्स के लिए भारतीय वायुसेना के सिर्फ टॉप 1% सबसे अनुभवी फाइटर पायलट्स को ही शॉर्टलिस्ट किया जाता है, और कड़ी परीक्षा के कारण इनमें से भी कई लोग इसे पूरा नहीं कर पाते. भावना कंठ ने 20 हफ्तों की इस बेहद कठिन ट्रेनिंग को सफलतापूर्वक पूरा कर यह बड़ी कामयाबी हासिल की है.&amp;nbsp;
इस कोर्स को पास करने के बाद भावना कंठ अब सिर्फ एक सामान्य पायलट नहीं रही हैं, बल्कि वे युद्ध के मैदान में एक मास्टरमाइंड और लीडर का रोल निभाएंगी. इसका मतलब यह है कि जंग के समय वे हवा में लड़ाकू विमानों के पूरे ग्रुप को लीड करेंगी. मिशन की पूरी प्लानिंग करना और यह तय करना कि किस हथियार का इस्तेमाल कब, कहां और कैसे करना है. ये सभी अहम जिम्मेदारियां अब उन्हीं के हाथों में होंगी.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Tue, 18 Aug 2026 08:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Bhawana, Kanth:, IAF, की, भावना, कंठ, बनीं, पहली, महिला, फाइटर, कॉम्बैट, लीडर, कितनी, मिलेगी, सैलरी</media:keywords>
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        <title>महाराष्ट्र 12वीं बोर्ड परीक्षा 2027 के लिए आवेदन शुरू, 31 अक्टूबर तक आवेदन का मौका </title>
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        <description><![CDATA[ महाराष्ट्र स्टेट बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एंड हायर सेकेंडरी एजुकेशन (MSBSHSE) ने HSC फरवरी-मार्च 2027 बोर्ड परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है. नियमित कक्षा 12वीं के छात्र SARAL सिस्टम के माध्यम से परीक्षा फॉर्म भर सकते हैं. इसके लिए पिछले शैक्षणिक वर्ष में जनरेट किए गए पीएफएन-आईडी का इस्तेमाल करना होगा.&amp;nbsp;
किन छात्रों के लिए आवेदन की सुविधा?&amp;nbsp;
महाराष्ट्र एचएससी 2027 की आवेदन प्रक्रिया में नियमित छात्रों के साथ-साथ अन्य एलिजिबल छात्र भी शामिल है. इसके तहत नियमित कक्षा 12वीं के छात्रों के अलावा रिपीटर स्टूडेंट, एनरोलमेंट सर्टिफिकेट रखने वाली प्राइवेट उम्मीदवार, एलिजिबल वोकेशनल छात्र और दूसरे निर्धारित कैटेगरी की उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं. नियमित छात्रों की जानकारी परीक्षा फॉर्म भरते समय बोर्ड की ओर से FYJC ऑनलाइन सिस्टम से ली जाएगी. वहीं MCVC और आईटीआई स्ट्रीम के ऐसे छात्रों की जानकारी एफवाईजेसी सिस्टम पर उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में उन्हें संबंधित डिविजनल बोर्ड को अपनी जानकारी देनी होगी. जिन छात्रों के पास अपार आईडी है, उन्हें आवेदन फॉर्म भरते समय इसे भी दर्ज करने के लिए कहा गया है.&amp;nbsp;
31 अक्टूबर के बाद भी आवेदन का मौका&amp;nbsp;
महाराष्ट्र बोर्ड ने आवेदन प्रक्रिया 14 अगस्त से शुरू की है और 31 अक्टूबर तक बिना लेट फीस के आवेदन कर सकते हैं. वहीं बोर्ड की ओर जारी समय सीमा के बाद आवेदन करने वाले छात्रों के लिए भी मौका दिया गया है, लेकिन इसके लिए लेट फीस देनी होगी. छात्र 1 नवंबर से 15 नवंबर 2026 तक लेट फीस के साथ आवेदन कर सकेंगे. इसके बाद भी आवेदन नहीं करने वाले छात्रों को 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक अतिरिक्त लेट फीस के साथ फॉर्म जमा करने का एक और अवसर मिलेगा.&amp;nbsp;
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फोटो अपलोड करते समय इन बातों का रखें ध्यान
एचएससी 2027 के आवेदन फाॅर्म में छात्रों को हाल की रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो अपलोड करनी होगी. बोर्ड ने फोटो के लिए कुछ जरूरी शर्तें निर्धारित की है, जैसे फोटो जेपीजी फॉर्मेट में होने चाहिए. फोटो का साइज 25 केबी से 40 केबी के बीच होना चाहिए, फोटो पिछले 6 महीने के अंदर खींची हुई होनी चाहिए, फोटो में छात्र का चेहरा साफ दिखाई देना चाहिए, दोनों आंखें और कान स्पष्ट रूप से दिखाई देना चाहिए, बोर्ड ने छात्रों से कहा है कि फोटो निर्धारित बैकग्राउंड अपीरियंस और इमेज क्वालिटी से जुड़ी शर्तों के अनुसार ही अपलोड करें.&amp;nbsp;
छात्रों के लिए जरूरी सलाह&amp;nbsp;
माध्यमिक कक्षा 12वीं के छात्रों को SARAL सिस्टम पर आवेदन करते समय पिछले शैक्षणिक वर्ष में जारी पीएफएन-आईडी का इस्तेमाल करना होगा. आवेदन प्रक्रिया पूरी करने के बाद छात्रों को फॉर्म में दर्ज जानकारी की जांच कर उसे यह सबमिट करना होगा.
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        <pubDate>Tue, 18 Aug 2026 08:30:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>महाराष्ट्र, 12वीं, बोर्ड, परीक्षा, 2027, के, लिए, आवेदन, शुरू, अक्टूबर, तक, आवेदन, का, मौका </media:keywords>
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        <title>UGC NET री&amp;एग्जाम पर पूरी जानकारी, जानें परीक्षा जुड़े हर सवाल का जवाब </title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/ugc-net-री-एग्जाम-पर-पूरी-जानकारी-जानें-परीक्षा-जुड़े-हर-सवाल-का-जवाब</link>
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        <description><![CDATA[ UGC NET Re Exam F&amp;amp;Q: यूजीसी नेट जून 2026 की आंसर की जारी होने के बाद इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी के पेपर में गड़बड़ियां सामने आई. इसके बाद अब एनटीए ने यूजीसी नेट जून 2026 के तीनों विषयों अंग्रेजी, कॉमर्स और सोशियोलॉजी की परीक्षा दोबारा करने का फैसला लिया है. इन विषयों के प्रश्न पत्रों में तथ्यात्मक, टाइपिंग और अनुवाद संबंधित गलतियां मिलने के बाद जांच के लिए समिति बनाई गई थी. समिति की रिपोर्ट के आधार पर एनटीए ने तीनों विषयों की परीक्षा दोबारा करने का निर्णय लिया.
एनटीए की ओर से री-एग्जाम सितंबर में होगा और प्रभावित उम्मीदवार से इसके लिए कोई अतिरिक्त फीस नहीं ली जाएगी. ऐसे में उम्मीदवारों के मन में एग्जाम की तारीख, फीस, एडमिट कार्ड, परीक्षा केंद्र और रिजल्ट को लेकर कई सवाल हैं, तो चलिए आज हम आपको यूजीसी नेट एग्जाम से जुड़े हर सवाल का जवाब बताते हैं.
कब होगी UGC NET की दोबारा परीक्षा?
यूजीसी नेट के तीनों विषयों की दोबारा परीक्षा 9 और 10 सितंबर 2026 को आयोजित की जाएगी. इंग्लिश की परीक्षा 9 सितंबर को सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक होगी. वहीं कॉमर्स का पेपर 9 सितंबर को दूसरी शिफ्ट में दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक आयोजित होगा. सोशियोलॉजी की परीक्षा अगले दिन 10 सितंबर को पहली शिफ्ट में सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित की जाएगी.&amp;nbsp;
किन उम्मीदवारों को फिर से परीक्षा देनी होगी?
एनटीए की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, री-एग्जाम सिर्फ इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी के उम्मीदवारों के लिए होगा. इन तीनों विषयों के प्रश्न पत्र में कई तरह की खामियां पाए जाने के बाद एनटीए ने परीक्षा दोबारा करने का फैसला लिया.&amp;nbsp;
आखिर परीक्षा दोबारा कराने की जरूरत क्यों पड़ी?
एनटीए को इन तीनों विषयों के प्रश्न पत्र को लेकर कई शिकायत मिली थी. इसके बाद एजेंसी ने एक समिति गठित कर शिकायतों की जांच कराई. समिति ने पाया कि प्रश्नपत्रों में तथ्यात्मक, टाइपिंग और अनुवाद संबंधी गलतियां थी. इसके अलावा प्रमुख विद्वानों के नाम की गलत स्पेलिंग, किताबों के अस्पष्ट नाम, सवालों की भाषा में गलतियां, व्याकरण, लिंग-वचन और विराम चिह्न से जुड़ी गलतियां सामने आईं. समिति ने यह भी पाया कि पहले पूछे जा चुके कई सवाल दोबारा पूछे गए थे. ऐसे में समिति ने निष्पक्ष और त्रुटि रहित परीक्षा के लिए इन तीनों विषयों की परीक्षा दोबारा करने की सिफारिश की. वहीं परीक्षा को लेकर एनटीए ने कहा कि प्रश्नपत्रों की कमियों को केवल कुछ सवाल हटाकर ठीक करना संभव नहीं था, इसलिए दोबारा परीक्षा करने का फैसला लिया गया.
क्या उम्मीदवारों को दोबारा परीक्षा के लिए फीस देनी होगी?
एनटीए ने स्पष्ट किया है कि इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी तीनों विषयों की दोबारा परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों से कोई फीस नहीं ली जाएगी. इन तीनों विषयों के प्रभावित उम्मीदवार बिना किसी अतिरिक्त फीस के परीक्षा में शामिल हो सकेंगे.&amp;nbsp;
क्या री-एग्जाम के लिए नया फॉर्म भरना होगा?
यूजीसी नेट री-एग्जाम के लिए कोई नया आवेदन फॉर्म नहीं भरना होगा. यह दोबारा परीक्षाओं केवल उन्होंने पुराने रजिस्टर्ड उम्मीदवारों के लिए आयोजित की जा रही है, जिन्होंने पहले से इसके लिए आवेदन किया था.&amp;nbsp;
एडमिट कार्ड कब मिलेगा?
यूजीसी नेट के तीनों विषयों के एग्जाम को लेकर एडमिट कार्ड जारी होने की तारीख अभी एनटीए ने घोषित नहीं की है, लेकिन उम्मीद लगाई जा रही है कि एडमिट कार्ड परीक्षा से 3 से 4 दिन पहले यूजीसी नेट की ऑफिशियल वेबसाइट पर जारी किया जाएगा.&amp;nbsp;
क्या पुराना एडमिट कार्ड चलेगा?
एनटीए के अनुसार एग्जाम के लिए परीक्षा शहर, केंद्र और एडमिट कार्ड की जानकारी बाद में दी जाएगी. इसके अनुसार री-एग्जाम के लिए पूराना एडमिट कार्ड &amp;nbsp;नहीं चलेगा. कैंडिडेट्स को सलाह दी गई है कि वह यूजीसी नेट की ऑफिशियल वेबसाइट चेक करते रहे. क्योंकि वेबसाइट पर एडमिट कार्ड जारी होने के बाद कैंडिडेट्स को इसमें परीक्षा की तारीख, समय और केंद्र की जानकारी जान सकेंगे.&amp;nbsp;
इस बार एग्जाम सेंटर कैसे तय होगा?
यूजीसी नेट परीक्षा केंद्र और शहर की जानकारी एनटीए की ओर से कैंडिडेट्स के फॉर्म में भरी गई पसंद, उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था के आधार पर दी जाती है. वहीं री-एग्जाम को लेकर सेंटर कैसे तय होगा, इसकी अभी तक एनटीए ने कोई जानकारी नहीं दी है.&amp;nbsp;
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क्या पुराना परीक्षा केंद्र ही मिलेगा?
पुराने परीक्षा केंद्र मिलने को लेकर भी एनटीए की तरफ से अभी तक साफ-साफ जानकारी नहीं दी गई है. एनटीए ने केवल इतना बताया है कि टेस्ट सिटी और एग्जाम सेंटर से जुड़ी आगे की जानकारी अलग से जारी की जाएगी.&amp;nbsp;
क्या बाकी विषयों का रिजल्ट प्रभावित होगा?
नहीं बाकी 84 विषयों की परीक्षा प्रक्रिया जारी रहेगी और उनका रिजल्ट तय कार्यक्रम के अनुसार घोषित किया जाएगा. एनटीए ने कहा है कि इन तीन विषयों की दोबारा परीक्षा के कारण 84 दूसरे विषयों के रिजल्ट में देरी नहीं होगी. इन विषयों के लिए जेआरएफ सीटों का आवंटन और असिस्टेंट प्रोफेसर तथा पीएचडी के लिए पात्रता प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया भी प्रभावित नहीं होगी.&amp;nbsp;
क्या परीक्षा की शिफ्ट भी बदलेगी&amp;nbsp;
एनटीए के अनुसार री-एग्जाम को लेकर अंग्रेजी की परीक्षा 9 सितंबर को शिफ्ट 1 में सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित की जाएगी. वहीं कॉमर्स की परीक्षा 9 सितंबर को शिफ्ट 2 में दोपहर 3 बजे से 6 बजे तक होगी. इसके अलावा सोशियोलॉजी की परीक्षा 10 सितंबर को शिफ्ट 1 में सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक आयोजित की जाएगी.
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        <pubDate>Mon, 17 Aug 2026 20:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>UGC, NET, री-एग्जाम, पर, पूरी, जानकारी, जानें, परीक्षा, जुड़े, हर, सवाल, का, जवाब </media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>NSP Scholarship 2026: स्कॉलरशिप के लिए NSP पर आवेदन शुरू, 31 अक्टूबर तक करें अप्लाई  </title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/nsp-scholarship-2026-स्कॉलरशिप-के-लिए-nsp-पर-आवेदन-शुरू-31-अक्टूबर-तक-करें-अप्लाई</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/nsp-scholarship-2026-स्कॉलरशिप-के-लिए-nsp-पर-आवेदन-शुरू-31-अक्टूबर-तक-करें-अप्लाई</guid>
        <description><![CDATA[ NSP Scholarship 2026: नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल &amp;nbsp;के जरिए 2026-27 के लिए अलग-अलग छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए आवेदन शुरू हो चुके हैं. एलिजिबल छात्र अपनी योग्यता के अनुसार नई स्कॉलरशिप के लिए आवेदन कर सकते हैं. साथ ही पुराने छात्र पहले से मिल रही छात्रवृत्ति को रिन्यू करा सकते हैं. ज्यादातर पोस्ट, मैट्रिक और हायर एजुकेशन स्कॉलरशिप के लिए आवेदन के अंतिम तारीख 31 अक्टूबर है. एनएसपी के जरिए प्री-मैट्रिक से लेकर पोस्ट-मैट्रिक, ग्रेजुएशन, पोस्ट-ग्रैजुएट, डिप्लोमा, सर्टिफिकेट कोर्स और पीएचडी तक के पात्र छात्रों के लिए अलग-अलग योजना उपलब्ध है.&amp;nbsp;
पहले करना होगा वन टाइम रजिस्ट्रेशन
एनएसपी पर स्कॉलरशिप के लिए आवेदन करने से पहले छात्रों को वन टाइम रजिस्ट्रेशन पूरा करना होगा. इसके लिए आधार और चालू मोबाइल नंबर की जरूरत होगी. आधार उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में आधार एनरोलमेंट आईडी के जरिए भी ओटीआर किया जा सकता है. ओटीआर के लिए किसी तरह की फीस नहीं देनी होगी. ओटीआर पूरा होने के बाद छात्र पोर्टल पर लॉगिन कर अपनी पर्सनल, एजुकेशनल और बैंक से जुड़ी जानकारी भर सकते हैं. इसके बाद संबंधित स्कॉलरशिप योजना का चयन करके जरूरी डॉक्यूमेंट अपलोड करने होंगे और आवेदन सबमिट करना होगा.&amp;nbsp;
इन कक्षाओं और कोर्स के लिए कर सकते हैं आवेदन&amp;nbsp;
एनएसपी पर स्कूल से लेकर हायर एजुकेशन के तक के छात्रों के लिए अलग-अलग स्कॉलरशिप की योजना है. 10वीं तक पढ़ने वाले छात्र प्री मैट्रिक और 11वीं-12वीं की पढ़ाई करने वाले छात्र पोस्ट-मैट्रिक के लिए पात्रता के अनुसार आवेदन कर सकते हैं. ग्रेजुएशन और पोस्ट-ग्रेजुएशन के अलग-अलग कोर्स के छात्रों के लिए भी योजना उपलब्ध है. इनमें बीए, बीएससी, बीकॉम, बीएड, बीटेक, बीएससी, एलएलबी, बीबीए के साथ एमए, एमएससी, एमबीए, एमकोम, एमबीए, एमसीए, एमटेक, एलएलएम और एमएड जैसे कोर्स शामिल है. डिप्लोमा, सर्टिफिकेट और पीएचडी कर रहे एलिजिबल स्टूडेंट भी संबंधित योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं.&amp;nbsp;
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आवेदन के लिए से डॉक्यूमेंट जरूरी&amp;nbsp;
फॉर्म भरने से पहले छात्रों को अपनी मार्कशीट, जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र और आधार कार्ड समेत जरूरी डॉक्यूमेंट तैयार रखने होंगे. पहली बार आवेदन करने वाले छात्रों से बोनाफाइड सर्टिफिकेट भी मांगा जा सकता है. स्कॉलरशिप की राशि बैंक खाते में डीबीटी के जरिए ट्रांसफर की जाती है. इसके लिए छात्र का बैंक अकाउंट आधार से लिंक और एनपीसीआई में मैप होना चाहिए&amp;nbsp;
31 अक्टूबर तक आवेदन का मौका&amp;nbsp;
शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए एनएसपी पोर्टल 1 जून 2026 को खोला गया था. ज्यादातर पोस्ट मैट्रिक और हायर एजुकेशन स्कॉलरशिप के लिए आवेदन की आखिरी तारीख 31 अक्टूबर है. प्री-मैट्रिक्स स्कॉलरशिप के लिए अंतिम तारीख 31 अगस्त 2026 निश्चित है. आवेदन के बाद संस्थान स्तर पर वेरिफिकेशन की प्रक्रिया 15 नवंबर 2026 तक और जिला-राज्य स्तर पर सत्यापन 30 नवंबर 2026 तक किया जाना है.
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        <pubDate>Mon, 17 Aug 2026 20:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>NSP, Scholarship, 2026:, स्कॉलरशिप, के, लिए, NSP, पर, आवेदन, शुरू, अक्टूबर, तक, करें, अप्लाई</media:keywords>
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        <title>स्कूल में खाने को लेकर FSSAI का प्रस्ताव, नमक&amp;चीनी की मात्रा होगी तय </title>
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        <description><![CDATA[ 


School Mid Day Meal: स्कूलों में बच्चों को मिलने वाले खाने को लेकर भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने नए नियमों का प्रस्ताव रखा है. इसके तहत स्कूलों में मिड-डे-मील में एडेड फैट, एडेड शुगर और नमक की मात्रा तय करने के लिए निश्चित सीमा निर्धारित की जाएगी. FSSAI ने इसके लिए खाद्य पदार्थों को उनकी पोषण सामग्री के आधार पर वर्गीकृत करने का प्रस्ताव दिया है. 
FSSAI ने इसे लेकर नोटिफिकेशन जारी किया है. इसमें फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड रेगुलेशन 2020 के संशोधन का प्रस्ताव रखा गया है. नए प्रावधान के जरिए यह तय किया जाएगा कि किस खाद्य पदार्थ को एडेड फैट, एडेड शुगर या सोडियम की ज्यादा मात्रा वाला आ जाएगा.&amp;nbsp;



ICMR की गाइडलाइन के आधार पर सीमा&amp;nbsp;
प्रस्तावित संशोधन में खाद्य पदार्थ के लिए तय की जाने वाली सीमा इंडियन काउंसलिंग ऑफ मेडिकल रिसर्च की डाइटरी गाइडलाइंस फॉर इंडियन्स 2024 को आधार बनाकर निर्धारित की गई है. इसके तहत ठोस और तरल पदार्थ के लिए अलग मानक रखे गए हैं.&amp;nbsp;
खाने में फैट की मात्रा की सीमा&amp;nbsp;
प्रस्ताव के अनुसार, अगर किसी ठोस खाद्य पद्धति में 100 ग्राम में 4.2 ग्राम से ज्यादा एडेड फैट है, तो उस हाई एडेड फैट वाला खाद्य पदार्थ माना जाएगा. वहीं तरल पदार्थों के लिए यह सीमा 100 मिलीलीटर में 1.5 ग्राम से ज्यादा एडेड फैट रखी गई है.&amp;nbsp;
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चीनी और नमक की मात्रा भी होगी तय&amp;nbsp;
एडेड शुगर को लेकर भी अलग सीमा प्रस्तावित की गई है. ठोस खाद्य पदार्थ में 100 ग्राम में 3 ग्राम से ज्यादा एडेड शुगर होने पर उसे हाई एडेड शुगर वाली कैटेगरी में रखा जाएगा. वहीं तरल उत्पादों के लिए यह सीमा 100 मिलीलीटर में 2 ग्राम से ज्यादा होगी. प्रस्ताव में नमक की मात्रा को लेकर भी मानक तय किया गया है. ठोस खाद्य पदार्थों में 100 ग्राम में 0.625 ग्राम से ज्यादा नमक होने पर उसे हाई सोडियम वाले खाद्य पदार्थ की कैटेगरी में रखा जाएगा. तरल खाद्य पदार्थों के लिए सीमा 100 मिलीलीटर में 0.175 ग्राम से ज्यादा नमक प्रस्तावित की गई है.&amp;nbsp;
स्कूलों में लागू होंगे नए मानक&amp;nbsp;
FSSAI के प्रस्ताव में इन मांगों को स्कूल में बच्चों के लिए उपलब्ध कराए जाने वाले मिड डे मील से जुड़े नियमों में शामिल करने की बात कही है. इसके लिए मौजूदा नियमों में एक नया प्रावधान जोड़ा जाएगा. यह प्रावधान स्कूलों में मॉनिटरिंग और सर्विलांस से संबंधित मौजूदा नियम के बाद जोड़े जाने का प्रस्ताव है.&amp;nbsp;
लोगों से मांगे गए सुझाव&amp;nbsp;
मिड डे मिल प्रस्तावित संशोधन को आम लोगों से आपत्तियां और सुझाव मांगे है. नोटिफिकेशन जारी किए जाने की तारीख से 60 दिनों के अंदर सुझाव और आपत्तियां भेजे जा सकते हैं. प्राधिकरण ने कहा है कि तय समय के अंदर प्राप्त सुझाव और आपत्ति पर विचार करने के बाद ही नियमों को अंतिम रूप दे दिया जाएगा.
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        <pubDate>Mon, 17 Aug 2026 20:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>एमपी हाईकोर्ट में सरकारी नौकरी का मौका, 1174 पदों पर होगी सीधी भर्ती</title>
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        <description><![CDATA[ MP High Court Vacancy: मध्य प्रदेश में हाई कोर्ट में नौकरी करने का सपना देखने वालों के लिए बड़ी खबर आई है. मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने जिला एवं सत्र न्यायालय में असिस्टेंट ग्रेड-3 के 1174 पदों पर सीधी भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दी है. इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया आज से शुरू होगी. योग्य उम्मीदवार हाईकोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे. आवेदन की अंतिम तारीख 15 सितंबर 2026 शाम 5:00 बजे तक निर्धारित की गई है. इस भर्ती के लिए चयन ऑनलाइन प्रारंभिक परीक्षा और हिंदी टाइपिंग स्किल टेस्ट के आधार पर किया जाएगा.
एमपी हाई कोर्ट में इन पदों पर भर्ती
एमपी हाई कोर्ट की ओर से असिस्टेंट ग्रेड-3 के कुल 1174 पद घोषित किए गए हैं. इसमें 314 पद जनरल कैटेगरी के, 181 पद एससी के, 236 पद एसटी के, 325 पर ओबीसी और 118 पद ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के लिए है. यह भर्ती मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिला एवं सत्र न्यायालय के प्रतिष्ठानों में की जाएगी.&amp;nbsp;
आवेदन से जुड़ी जरूरी तारीख&amp;nbsp;
असिस्टेंट ग्रेड-3 भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन 17 अगस्त यानी आज दोपहर 12 बजे से शुरू हो रहे हैं. उम्मीदवार 15 सितंबर 2026 शाम 5 बजे तक आवेदन कर सकते हैं. आवेदन में सुधार के लिए विंडो 19 सितंबर 2026 से 21 सितंबर 2026 शाम 5 बजे तक खुली रहेगी. ऑनलाइन प्रारंभिक परीक्षा की तारीख अभी घोषित नहीं की गई है.&amp;nbsp;
आवेदन के लिए जरूरी योग्यताएं&amp;nbsp;
इस भर्ती के लिए उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से किसी भी विषय में ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए. इसके साथ कंप्यूटर संबंधी योग्यता पर अनिवार्य है. उम्मीदवार के पास एमएपी-आईटी मध्य प्रदेश सरकार की ओर से मान्यता प्राप्त एजेंसी का वैध सीपीसीटी स्कोर कार्ड होना चाहिए. इसके अलावा एक वर्षीय कंप्यूटर एप्लीकेशन डिप्लोमा, सरकारी आईटीआई से सीओपीए या मान्य कंप्यूटर संबंधी उच्च योग्यता रखने वाले उम्मीदवार भी एलिजिबल हो सकते हैं. बीसीए, एमसीए, बीई-बीटेक, एमएससी, एमई-एमटेक और और संबंधित कंप्यूटर डिप्लोमा जैसी योग्यता भी एक्सेप्ट की गई है.&amp;nbsp;
आयु सीमा और आवेदन&amp;nbsp;
इस भर्ती के लिए उम्मीदवार की आयु की गणना &amp;nbsp;1 जनवरी 2026 के आधार पर की जाएगी. न्यूनतम उम्र 18 वर्ष की गई है. सामान्य वर्ग के पुरुष उम्मीदवारों और मध्य प्रदेश से बाहर के रहने वाले वर्ग के पुरुष उम्मीदवारों के लिए अधिकतम उम्र 40 वर्ष है. एलिजिबल आरक्षित वर्ग, महिला, दिव्यांग उम्मीदवारों और कुछ निर्धारित सरकारी कर्मचारियों के लिए अधिकतम उम्र सीमा 45 वर्ष तक की गई है. इसके अलावा अनारक्षित वर्ग और मध्य प्रदेश के बाहर के उम्मीदवारों को परीक्षा शुल्क 200 के साथ 743.40 रुपये अन्य शुल्क के रूप में देने होंगे, यानी इन उम्मीदवारों के लिए कुल फीस 943.40 रुपये हैं. वहीं मध्य प्रदेश के मूल निवासी ओबीसी, एससी, एसटी और ईडब्ल्यूएस उम्मीदवारों तथा सभी दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए परीक्षा फीस शून्य है. इन उम्मीदवारों को केवल 743.40 रुपये अन्य शुल्क के रूप में देने होंगे.&amp;nbsp;
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क्या होगी चयन प्रक्रिया?
असिस्टेंट ग्रेड-3 पदों पर उम्मीदवारों का चयन 2 चरणों में होगा. सबसे पहले ऑनलाइन प्रारंभिक परीक्षा आयोजित की जाएगी. इसमें सफल उम्मीदवार को हिंदी टाइपिंग स्किल टेस्ट के लिए बुलाया जाएगा. इसके बाद जरूरी डॉक्यूमेंट का वेरिफिकेशन और दूसरी औपचारिकताएं पूरी की जाएगी. आपको बता दें कि प्रारंभिक परीक्षा में कुल 100 बहुविकल्पी प्रश्न होंगे और प्रत्येक प्रश्न एक अंक का होगा. परीक्षा के लिए दो घंटे का समय दिया जाएगा. इसमें सामान्य ज्ञान, सामान्य अध्ययन, गणित एवं तार्किक तर्क, सामान्य हिंदी, अंग्रेजी और कंप्यूटर ज्ञान से भी प्रश्न पूछे जाएंगे. उम्मीदवारों को हिंदी टाइपिंग स्किल टेस्ट देना होगा. टाइपिंग टेस्ट 50 अंकों का होगा, इसमें लगभग 350 शब्द टाइप करने होंगे और इसके लिए 10 मिनट का समय दिया जाएगा.&amp;nbsp;
कैसे करें आवेदन?

उम्मीदवारों को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ओर से अधिकारिक वेबसाइट mphc.gov.inपर जाना होगा.&amp;nbsp;
यहां रिक्रूटमेंट-रिजल्ट सेक्शन में असिस्टेंट ग्रेड 3 भर्ती का लिंक चुने.&amp;nbsp;
इसके बाद रजिस्ट्रेशन कर आवेदन फॉर्म में जरूरी जानकारी दर्ज करें.&amp;nbsp;
अब आवश्यक डॉक्यूमेंट अपलोड करें और निर्धारित फीस का पेमेंट करके फॉर्म सबमिट कर दें.&amp;nbsp;
आवेदन पूरा होने के बाद फॉर्म और फीस रशीद को डाउनलोड करके सुरक्षित रख लें.&amp;nbsp;

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        <pubDate>Mon, 17 Aug 2026 20:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>UGC NET की गड़बड़ियों पर NTA सख्त, पेपर से प्रिंटिंग तक होगी समीक्षा </title>
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        <description><![CDATA[ UGC NET 2026: यूजीसी नेट के तीन विषयों के पेपर रद्द होने के बाद अब एनटीए ने परीक्षा की पूरी प्रक्रिया की समीक्षा शुरू कर दी है. शिक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, एजेंसी ने पेपर तैयार करने से लेकर मॉडरेशन, अनुवाद और प्रिंटिंग से जुड़ी अपनी प्रक्रियाओं की समीक्षा शुरू कर दी है, ताकि आगे गलतियां न हो. साथ ही जिन स्तराें पर लापरवाही हुई है, उनकी जिम्मेदारी भी तय करने की बात कही गई है.
आपको बता दें कि यूजीसी नेट जून 2026 की परीक्षा 22 से 30 जून के बीच 87 विषयों में आयोजित की गई थी. परीक्षा के बाद इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी के प्रश्न पत्रों को लेकर अभ्यर्थियों की ओर से कई शिकायत के सामने आई. जांच के लिए बनाई गई कमेटी ने तीनों पेपर में कई तरह की खामियां पाई, जिसके बाद एनटीए ने तीनों विषयों की परीक्षा दोबारा करने का फैसला किया है.&amp;nbsp;
पेपर तैयार करने से लेकर प्रिंटिंग तक समीक्षा&amp;nbsp;
शिक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, एनटीए प्रश्न पत्र तैयार करने और उसकी मॉडरेशन प्रक्रिया, अनुवाद और प्रिंटिंग से जुड़े पूरे सिस्टम के समीक्षा कर रहा है. इसका उद्देश्य परीक्षा व्यवस्था को ज्यादा निष्पक्ष बनाना है. सूत्रों के अनुसार, जिन स्तरों पर लापरवाही सामने आई है, वहां जिम्मेदारी तय करने के लिए भी कार्रवाई की जाएगी. यानी सिर्फ परीक्षा दोबारा कराने तक मामला सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पेपर तैयार होने की पूरी प्रक्रिया में कहां कमी रह गई, इसकी भी समीक्षा की जा रही है.&amp;nbsp;
एनटीए अधिकारी ने कहा सफाई बहुत जरूरी
यूजीसी नेट के तीन पेपर रद्द किए जाने के बाद जब यह सवाल उठा की एनटीए में बार-बार इस तरह की गड़बड़ियां क्यों सामने आ रही है. इसे लेकर एनटीए के एक अधिकारी ने कहा कि एनटीए में इस समय सफाई बहुत जरूरी है. एनडीए अधिकारी के अनुसार जिस तरह दिवाली की सफाई की जाती है, उसी तरह एनटीए में भी सफाई की जारी है. एनटीए के अधिकारियों के अनुसार, यूजीसी नेट के इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी के पेपर में कई गलती और गड़बड़ियों की शिकायत मिली थी. इन शिकायतों की जांच के लिए NTA ने एक कमेटी बनाई. कमेटी ने तीनों विषयों के पेपर में गड़बड़ियां पाई. जांच में कमेटी ने यह भी पाया कि पिछले एग्जाम में पूछे जा चुके कई सवाल दोबारा प्रश्न पत्र में शामिल किए गए. इन सभी कमियों को देखते हुए कमेटी ने परीक्षा के तीनों विषयों का पेपर दोबारा कराने की सिफारिश की.&amp;nbsp;
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परीक्षा में पूछे गए 24,700 से ज्यादा सवाल&amp;nbsp;
एनटीए ने UGC NET, CSIR NET और ICAR से जुड़ी परीक्षा कुल 184 विषयों में आयोजित की थी. इन परीक्षाओं में करीब 24,700 अलग-अलग सवाल पूछे गए. उनके लिए 10 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन कराया था, जबकि 8 लाख अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए थे. वहीं यूजीसी नेट की बात करें तो यूजीसी नेट जून 2026 की परीक्षा 22 से 30 जून के बीच 87 विषयों में आयोजित हुई थी. इनमें से 84 विषयों की आंसर की जारी की जा चुकी है. अब तीन विषयों के री-एग्जाम &amp;nbsp;साथ एनटीए का फोकस प्रक्रिया में सामने आई कमियों को दूर करने पर हैं. इसके अलावा &amp;nbsp;एनटीए के अनुसार यूजीसी नेट के 84 विषयों, &amp;nbsp;CSIR NET के सभी पांच विषयों और ICAR के 92 विषयों के पेपर में कोई बड़ी समस्या नहीं मिली. जिसके बाद उनकी आंसर की भी जारी कर दी गई है.&amp;nbsp;
रि-एग्जाम से नहीं होगी सीटों की संख्या कम&amp;nbsp;
तीनों प्रभावित विषयों के उम्मीदवारों के लिए भी एनटीए ने स्पष्ट किया है कि दोबारा परीक्षा के कारण क्वालीफाई करने वाले उम्मीदवारों की संख्या या इन विषयों में सीटों के आवंटन में कमी नहीं की जाएगी. JRF असिस्टेंट प्रोफेसर और पीएचडी पात्रता से जुड़ी प्रक्रिया नियमों के अनुसार ही आगे बढ़ेगी.
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        <pubDate>Mon, 17 Aug 2026 20:30:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>UGC, NET, की, गड़बड़ियों, पर NTA, सख्त, पेपर, से, प्रिंटिंग, तक, होगी, समीक्षा </media:keywords>
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        <title>UGC NET Answer Key 2026 : CSIR UGC NET की आंसर की जारी, फटाफट करें डाउनलोड</title>
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        <description><![CDATA[ UGC NET Answer Key 2026 : UGC NET जून 2026 परीक्षा में शामिल उम्मीदवारों के लिए लंबे इंतजार के बाद आखिरकार जरूरी अपडेट सामने आ गया है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने UGC NET जून 2026 की प्रोविजनल आंसर की जारी कर दी है. अब परीक्षा दे चुके उम्मीदवार अपने जवाबों का मिलान आंसर की से कर सकते हैं और संभावित स्कोर का अंदाजा लगा सकते हैं.
NTA ने जून सत्र के लिए 84 विषयों की प्रोविजनल आंसर की जारी की है. इसके साथ ही उम्मीदवारों को आंसर की पर ऑब्जेक्शन फाइल कराने का मौका भी दिया गया है. ऐसे में अगर आपको किसी आंसर में गलती लगती है, तो तय समय के अंदर ऑब्जेक्शन दर्ज कराया जा सकता है.&amp;nbsp;
UGC NET Answer Key 2026 हुई जारी
NTA ने अपनी आधिकारिक UGC NET वेबसाइट पर जून 2026 की प्रोविजनल आंसर की उपलब्ध करा दी है. जून सत्र में परीक्षा देने वाले उम्मीदवार वेबसाइट पर जाकर अपनी आंसर की देख सकते हैं. इससे उम्मीदवार अपने दिए गए आंसर को आधिकारिक आंसर से मिलाकर संभावित नंबरों की गणना कर सकेंगे. इस साल UGC NET परीक्षा में कुल 87 विषय शामिल हैं. वहीं उपलब्ध जानकारी के अनुसार 84 विषयों के लिए प्रोविजनल आंसर की जारी की गई है.
कब तक दर्ज करा सकते हैं ऑबजेक्शन?
NTA ने प्रोविजनल आंसर की पर ऑब्जेक्शन फाइल कराने के लिए 16 अगस्त से 18 अगस्त 2026 की रात 11:59 बजे तक का समय दिया है. अगर किसी उम्मीदवार को किसी आंंसर पर ऑब्जेक्शन है, तो वह ऑनलाइन माध्यम से उसे चुनौती दे सकता है. हर प्रश्न पर ऑबजेक्शन दर्ज कराने के लिए 200 रुपये शुल्क देना होगा. यह शुल्क नॉन-रिफंडेबल है. हालांकि विषय विशेषज्ञों की समीक्षा के बाद अगर उम्मीदवार का ऑब्जेक्शन सही पाया जाता है, तो संबंधित प्रश्न के लिए जमा किया गया शुल्क वापस कर दिया जाएगा.
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UGC NET Answer Key ऐसे करें डाउनलोड
1. आंसर की डाउनलोड करने के लिए उम्मीदवारों को सबसे पहले UGC NET की आधिकारिक वेबसाइट ugcnet.nta.nic पर जाना होगा.
2. इसके बाद होमपेज पर दिए गए UGC NET Answer Key 2026 डाउनलोड लिंक पर क्लिक करना होगा.
3. नया पेज खुलने पर उम्मीदवार को अपना एप्लीकेशन नंबर, जन्म तिथि और सिक्योरिटी कोड दर्ज करना होगा.
4. जानकारी सबमिट करने के बाद स्क्रीन पर प्रोविजनल आंसर की दिखाई देगी. उम्मीदवार इसे डाउनलोड कर सकते हैं और आगे के लिए इसका प्रिंटआउट भी रख सकते हैं.
ऐसे कैलकुलेट करें अपना संभावित स्कोर
उम्मीदवार प्रोविजनल आंसर की की मदद से अपने संभावित नंबर भी निकाल सकते हैं. UGC NET में हर सही आंसर के लिए 2 नंबर दिए जाते हैं और परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग नहीं है. हालांकि उम्मीदवारों की ओर से दर्ज कराई गई ऑबजेक्शन की समीक्षा के बाद लास्ट आंसर की में बदलाव हो सकता है. रिजल्ट लास्ट आंसर की के आधार पर तैयार किया जाएगा.
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        <pubDate>Mon, 17 Aug 2026 04:30:07 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>UGC, NET, Answer, Key, 2026, CSIR, UGC, NET, की, आंसर, की, जारी, फटाफट, करें, डाउनलोड</media:keywords>
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        <title>BPSC Exam Calendar 2026 : BPSC ने जारी किया नया एग्जाम कैलेंडर, 25 अक्टूबर को 72वीं CCE परीक्षा</title>
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        <description><![CDATA[ BPSC Exam Calendar 2026 : बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए परीक्षा की तारीखों को लेकर तस्वीर अब काफी हद तक साफ हो गई है. बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने अपडेटेड एग्जाम कैलेंडर जारी किया है. लंबे समय से 72 वीं BPSC परीक्षा की नई तारीख का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों को अब राहत मिली है.
नए कैलेंडर के मुताबिक 72वीं BPSC CCE की प्रारंभिक परीक्षा 25 अक्टूबर 2026 को आयोजित की जाएगी. इससे पहले यह परीक्षा 26 जुलाई को प्रस्तावित थी, लेकिन बाद में इसे स्थगित कर दिया गया था. आयोग ने कैलेंडर में कई अन्य भर्ती परीक्षाओं के रिजल्ट, परीक्षा और इंटरव्यू से जुड़ी तारीखें भी दी हैं.&amp;nbsp;
72वीं BPSC CCE की नई तारीख तय
72वीं BPSC Combined Competitive Examination यानी CCE के लिए कुल 1189 पद हैं. आयोग के नए कैलेंडर में इसकी प्रारंभिक परीक्षा की तारीख 25 अक्टूबर 2026 तय की गई है. पहले यह परीक्षा 26 जुलाई को होने वाली थी, लेकिन परीक्षा स्थगित होने के बाद स्टूडेंट्स नई तारीख का इंतजार कर रहे थे. अब नई तारीख सामने आने के बाद उम्मीदवार अपनी तैयारी को नए शेड्यूल के अनुसार आगे बढ़ा सकते हैं.
71वीं BPSC को लेकर भी अपडेट
नए कैलेंडर में 71वीं BPSC CCE से जुड़ी जानकारी भी दी गई है. इसके तहत 71वीं CCE की मुख्य परीक्षा अगस्त-सितंबर 2026 में प्रस्तावित है. इस भर्ती के जरिए कुल 1,298 पदों पर नियुक्ति होनी है. वहीं District Statistical Officer और Assistant Director भर्ती का इंटरव्यू सितंबर 2026 में प्रस्तावित है. Auditor, Panchayati Raj Department के 102 पदों और Research Officer, Revenue Department के 3 पदों की प्रारंभिक परीक्षा का रिजल्ट अगस्त 2026 में आने की संभावना है. Prosecution Officer के 300 पदों का प्रारंभिक परीक्षा परिणाम सितंबर 2026 में प्रस्तावित है.
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4 अक्टूबर को होगी Project Manager परीक्षा
72वीं CCE के अलावा Industry Department में Project Manager के 9 पदों के लिए भी परीक्षा की तारीख घोषित की गई है. इस भर्ती की प्रारंभिक परीक्षा 4 अक्टूबर 2026 को आयोजित की जाएगी. इसके अलावा कैलेंडर में 33वीं Bihar Judicial Services के 173 पदों की प्रारंभिक परीक्षा 30 मई 2026 और Lower Division Clerk के 26 पदों का टाइपिंग टेस्ट जनवरी 2026 में होने की जानकारी दी गई है.
सभी तारीखें हैं संभावित
BPSC ने साफ किया है कि जारी किए गए कैलेंडर में दी गई तारीखें संभावित हैं. जरूरत पड़ने पर किसी परीक्षा, रिजल्ट या इंटरव्यू की तारीख में बदलाव किया जा सकता है. इसलिए उम्मीदवारों को BPSC की आधिकारिक सूचनाओं पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है. नए कैलेंडर से 72वीं BPSC CCE की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को परीक्षा के लिए अपनी रणनीति और टाइम टेबल तय करने में मदद मिलेगी. वहीं दूसरी परीक्षाओं में शामिल स्टूडेंट्स को रिजल्ट और आगे की प्रक्रिया को लेकर भी अपडेट मिल गया है.
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        <pubDate>Mon, 17 Aug 2026 04:30:06 +0530</pubDate>
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        <title>BTech Demand 2026 : क्या वापस आने वाला है बीटेक का क्रेज? मार्केट में बढ़ रही डिमांड</title>
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        <description><![CDATA[ BTech Demand 2026 : क्या वापस आने वाला है बीटेक का क्रेज? मार्केट में बढ़ रही डिमांड ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 17 Aug 2026 04:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>AI in India: भारत में बढ़ा AI का इस्तेमाल, लेकिन सीखने में कंफ्यूज हैं लोग</title>
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        <description><![CDATA[ AI in India: आज के समय में AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है. लोग पढ़ाई, नौकरी और रोज के कई कामों में AI का इस्तेमाल कर रहे हैं. लेकिन एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, बहुत से लोग AI सीखना तो चाहते हैं, लेकिन उन्हें यह समझ नहीं आता कि इसकी शुरुआत कहां से करें.
upGrad की एक रिपोर्ट में भारत के करीब 2,100 लोगों से बात की गई. इसमें अलग-अलग शहरों और अलग-अलग काम करने वाले लोगों को शामिल किया गया. रिपोर्ट के मुताबिक, 56 प्रतिशत लोगों ने कहा कि AI सीखने में सबसे बड़ी परेशानी यह है कि उन्हें पता ही नहीं होता कि शुरुआत कहां से करें. वहीं, 43 प्रतिशत लोगों ने कहा कि AI सीखने के लिए बहुत सारे कोर्स मौजूद हैं और यह समझना मुश्किल होता है कि कौन सा कोर्स सही है.
भारत में AI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा
रिपोर्ट के अनुसार, भारत में AI का इस्तेमाल अब आम होता जा रहा है. करीब 94 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे किसी न किसी तरह AI का इस्तेमाल करते हैं. वहीं, 53 प्रतिशत लोग रोज AI का इस्तेमाल करते हैं. खास बात यह है कि AI का इस्तेमाल सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं है. छोटे शहरों में रहने वाले लोग भी इसका इस्तेमाल कर रहे हैं.
लोग AI सीखने में भी रुचि दिखा रहे हैं. करीब 87 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे AI का कोई कोर्स कर रहे हैं या इसे सीखने की तैयारी कर रहे हैं. नौकरी करने वाले अनुभवी लोग भी AI सीखने पर ध्यान दे रहे हैं. आठ साल से ज्यादा काम का अनुभव रखने वाले 62 प्रतिशत लोग रोज AI का इस्तेमाल करते हैं. वहीं, कम अनुभव वाले लोगों में यह आंकड़ा 44 प्रतिशत है.
रिपोर्ट से यह भी पता चला कि अनुभवी लोग AI सीखने के लिए ज्यादा समय दे रहे हैं. आठ साल से ज्यादा अनुभव वाले करीब 31 प्रतिशत लोग हर हफ्ते कम से कम तीन घंटे AI सीखने में लगाते हैं.
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AI से लोगों को काम में मिल रहा फायदा
AI का इस्तेमाल करने से लोगों को अपने काम में फायदा भी मिल रहा है. रिपोर्ट में करीब 54 प्रतिशत लोगों ने कहा कि AI की वजह से उन्हें काम में कोई न कोई फायदा हुआ है. इसमें काम को लेकर भरोसा बढ़ना, नई नौकरी मिलना, नई जिम्मेदारी मिलना, प्रमोशन या फ्रीलांस काम मिलना शामिल है. करीब 49 प्रतिशत लोगों ने कहा कि AI की मदद से वे ऐसे काम भी कर पा रहे हैं, जो पहले उनके लिए मुश्किल थे.
हालांकि, अभी ज्यादातर लोग AI का इस्तेमाल केवल आसान कामों के लिए कर रहे हैं. सिर्फ 26 प्रतिशत लोगों ने AI को दूसरे टूल से जोड़कर इस्तेमाल किया है. वहीं, केवल 20 प्रतिशत लोगों ने AI की मदद से कोई ऐसा टूल या सिस्टम बनाया है, जो अपने आप काम कर सके.
AI सीखने में सबसे बड़ी परेशानी क्या है?
रिपोर्ट के मुताबिक, AI सीखने की सबसे बड़ी परेशानी यह है कि लोगों को शुरुआत का सही तरीका नहीं पता. इसके अलावा, AI में रोज नए बदलाव होते रहते हैं. करीब 43 प्रतिशत लोगों ने कहा कि AI में होने वाले लगातार बदलावों के साथ चलना भी उनके लिए मुश्किल है.
रिपोर्ट से साफ है कि भारत में लोग AI का इस्तेमाल तो तेजी से कर रहे हैं और इसे सीखना भी चाहते हैं. लेकिन उन्हें सही दिशा और आसान तरीके की जरूरत है. आने वाले समय में उन लोगों के लिए ज्यादा मौके हो सकते हैं, जो अपने काम की जानकारी के साथ AI का सही इस्तेमाल करना भी सीख लेते हैं.
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        <pubDate>Sun, 16 Aug 2026 12:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>MP NEET UG Merit List 2026 : MP NEET UG मेरिट लिस्ट 2026 जारी, ऐसे चेक करें स्टेट रैंक</title>
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        <description><![CDATA[ MP NEET UG Merit List 2026 : मध्य प्रदेश के लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने MP NEET UG Merit List 2026 जारी कर दी है. इस मेरिट लिस्ट के आधार पर राज्य कोटे की MBBS और BDS सीटों पर एडमिशन के लिए उम्मीदवार आगे की काउंसलिंग प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे. राज्य कोटे की 85 फीसदी MBBS और BDS सीटों के लिए जारी इस लिस्ट में कुल 17,093 NEET क्वालीफाई उम्मीदवारों को जगह मिली है. ऐसे में जिन उम्मीदवारों का नाम मेरिट लिस्ट में है, उनके लिए अब काउंसलिंग प्रक्रिया बेहद जरूरी हो गई है. ऐसे में आइए जानते हैं कि MP NEET UG Merit List 2026 में कौन टॉप पर है और कैसे स्टेट रैंक चेक करें.&amp;nbsp;
MP NEET UG Merit List 2026 में कौन टॉप पर?
मेरिट लिस्ट में जबलपुर के आर्यमान सिंह सोलंकी ने स्टेट रैंक 1 हासिल की है. उन्होंने 696 अंक प्राप्त किए और उनकी ऑल इंडिया रैंक (AIR) 46 रही. उनका NEET UG परसेंटाइल 99.9977 है. वहीं सार्थक साहू ने स्टेट रैंक 2 हासिल की है. उन्होंने 680 अंक प्राप्त किए और उनकी AIR 301 रही. उनका परसेंटाइल 99.984199 दर्ज किया गया है. टॉप 10 में सिर्फ एक महिला उम्मीदवार शामिल हैं. हिलोर अजमेरा ने स्टेट रैंक 7 हासिल की है. उनके 655 अंक हैं.
मेरिट लिस्ट में कितने उम्मीदवार शामिल?
MP NEET UG 2026 की राज्य मेरिट लिस्ट में कुल 17,093 NEET क्वालीफाई उम्मीदवार शामिल हैं. इनमें से 10 उम्मीदवारों ने 648 से ज्यादा अंक हासिल किए हैं, जबकि 34 उम्मीदवारों के अंक 629 से अधिक हैं. वहीं 168 उम्मीदवारों ने 599 से ज्यादा अंक प्राप्त किए हैं. मेरिट लिस्ट में उम्मीदवार का स्टेट रैंक, ऑल इंडिया रैंक, नाम, जेंडर, NEET UG स्कोर और परसेंटाइल जैसी जानकारी दी गई है.
कब तक कर सकेंगे काउंसलिंग के लिए रजिस्ट्रेशन?
संशोधित काउंसलिंग शेड्यूल के अनुसार ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 15 अगस्त तक जारी रहेगी. उम्मीदवार 17 अगस्त तक अपनी चॉइस फिलिंग कर सकते हैं. वहीं चॉइस लॉक करने की सुविधा 17 अगस्त को सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक उपलब्ध रहेगी. राउंड 1 का सीट अलॉटमेंट रिजल्ट 19 अगस्त को जारी किया जाएगा. इसके बाद उम्मीदवारों को 20 अगस्त से 25 अगस्त के बीच रिपोर्टिंग और जॉइनिंग करनी होगी.
NEET UG 2026 की क्वालीफाइंग कटऑफ
2026-27 सत्र के लिए UR/EWS उम्मीदवारों की क्वालीफाइंग कटऑफ 50वें परसेंटाइल पर है, जिसमें 213 से 715 अंक शामिल हैं. OBC/SC/ST के लिए 40वां परसेंटाइल और 177 से 212 अंक हैं. UR/EWS-PwD के लिए 45वां परसेंटाइल और 194 से 212 अंक हैं. OBC-PwD और SC-PwD उम्मीदवारों के लिए 177 से 193 अंक, जबकि ST-PwD के लिए 177 से 191 अंक तय हैं. मेरिट लिस्ट में शामिल उम्मीदवारों को तय शेड्यूल के अनुसार काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी करनी होगी, जिससे राज्य कोटे की MBBS और BDS सीटों पर एडमिशन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके.
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MP NEET UG Merit List 2026 में कैसे स्टेट रैंक चेक करें
1. MP NEET UG Merit List 2026 में स्टेट रैंक चेक करने के लिए सबसे पहले मध्य प्रदेश के लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की जारी की गई मेरिट लिस्ट खोलें.
2. इसके बाद लिस्ट में अपना नाम, NEET UG रोल नंबर या अन्य उपलब्ध जानकारी देखें.
3. मेरिट लिस्ट में उम्मीदवार का नाम, स्टेट रैंक, ऑल इंडिया रैंक, जेंडर, NEET UG स्कोर और परसेंटाइल जैसी जानकारी दी गई है.
4. अपने नाम के सामने दी गई State Rank देखकर आप अपनी रैंक आसानी से चेक कर सकते हैं.&amp;nbsp;यह भी पढ़ें - NALSAR Controversy: NALSAR में कैसे मिलता है एडमिशन, यहां कौन-कौन से कोर्स? ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 16 Aug 2026 12:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>IGNOU 1 Year Master&amp;apos;s Degree: 1 साल में MA की डिग्री देगा IGNOU, इन कोर्स में मिल रहा एडमिशन</title>
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        <description><![CDATA[ IGNOU 1 Year Master&#039;s Degree: इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी यानी IGNOU ने छात्रों के लिए एक बड़ी और खास सुविधा शुरू की है. यूनिवर्सिटी ने अब सिर्फ 1 साल में पूरी होने वाली मास्टर डिग्री के लिए 9 नए कोर्सेज शुरू किए हैं. यह पहल नेशनल एजुकेशन पॉलिसी यानी NEP 2020 के तहत लाई गई है, जिसका मकसद छात्रों को पढ़ाई में ज्यादा लचीलापन और तेज रास्ता देना है. खास बात यह है कि यह सुविधा हर किसी के लिए नहीं है, बल्कि सिर्फ उन छात्रों के लिए है जिन्होंने 4 साल का अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम यानी FYUP पूरा किया हो.&amp;nbsp; जिन छात्रों ने सामान्य तरीके से सिर्फ 3 साल की ग्रेजुएशन डिग्री ली है, वे इस 1 साल वाले कोर्स के लिए योग्य नहीं माने जाएंगे और उन्हें IGNOU के पुराने वाले 2 साल के मास्टर डिग्री कोर्स में ही एडमिशन लेना होगा.&amp;nbsp;
किन-किन कोर्स में मिल रहा है एडमिशन
IGNOU ने जो 9 नए 1 साल के मास्टर डिग्री कोर्स शुरू किए हैं, उनमें MA इकोनॉमिक्स, MA सोशियोलॉजी, MA हिस्ट्री, MCom, MA जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन, MA इंग्लिश, MA हिंदी, MA संस्कृत और MA उर्दू शामिल हैं. इन कोर्स में एडमिशन लेने के लिए छात्रों को सबसे पहले अपना आधार कार्ड तैयार रखने की सलाह दी गई है, क्योंकि रजिस्ट्रेशन के दौरान आधार डिटेल्स की जरूरत पड़ेगी. इन नए कोर्सेज के लिए आवेदन की आखिरी तारीख 16 अगस्त 2026 रखी गई है, यानी जो भी छात्र इस मौके का फायदा उठाना चाहते हैं, उन्हें जल्द से जल्द आवेदन करना होगा.&amp;nbsp;
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कैसे करें आवेदन
इन कोर्स में एडमिशन लेने की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है. सबसे पहले छात्रों को IGNOU के ऑफिशियल एडमिशन पोर्टल ignouadmission.samarth.edu.in पर जाना होगा. इसके बाद &quot;New Registration&quot; के ऑप्शन पर क्लिक करके अपनी वैलिड ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर डालना होगा. रजिस्ट्रेशन होने के बाद उसी लॉगिन डिटेल्स से साइन इन करके अपनी पसंद का कोर्स और स्टडी सेंटर चुनना होगा. इसके बाद जरूरी पर्सनल, एकेडमिक और कम्युनिकेशन डिटेल्स भरनी होंगी और जरूरी दस्तावेज तय फॉर्मेट में अपलोड करने होंगे. सारी डिटेल्स भरने के बाद आवेदन फीस जमा करके फॉर्म सबमिट कर दिया जाता है.&amp;nbsp; यह नई सुविधा उन छात्रों के लिए बड़ा फायदा है, जिन्होंने 4 साल की ग्रेजुएशन पूरी की है, क्योंकि अब उन्हें मास्टर डिग्री के लिए 2 साल की जगह सिर्फ 1 साल ही लगेगा, जिससे उनकी पढ़ाई का समय काफी कम हो जाएगा और वे जल्दी नौकरी या आगे की पढ़ाई की तरफ बढ़ सकेंगे.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sun, 16 Aug 2026 12:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>IOCL Executive Recruitment 2026: IOCL में Executive पदों पर बंपर भर्ती, सैलरी 1.60 लाख तक, जानें पूरी डिटेल</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/iocl-executive-recruitment-2026-iocl-में-executive-पदों-पर-बंपर-भर्ती-सैलरी-160-लाख-तक-जानें-पूरी-डिटेल</link>
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        <description><![CDATA[ IOCL Executive Recruitment 2026: इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (IOCL) ने अपने यहां कई एक्जीक्यूटिव पदों पर भर्ती निकाली है. यह भर्ती नोटिफिकेशन 14 अगस्त 2026 को जारी किया गया है, जिसमें ग्रेजुएट इंजीनियर, ऑफिसर (मार्केटिंग), लॉ ऑफिसर, असिस्टेंट क्वालिटी कंट्रोल ऑफिसर और डिप्लोमा इंजीनियर जैसे अलग-अलग पदों पर भर्ती की जाएगी. इन सभी पदों के लिए सिलेक्शन कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (सीबीटी) के जरिए किया जाएगा. जो उम्मीदवार सरकारी नौकरी की तलाश में हैं और इंजीनियरिंग, लॉ या क्वालिटी कंट्रोल के फील्ड से जुड़े हैं, उनके लिए यह एक बेहतरीन मौका है. आवेदन प्रक्रिया 14 अगस्त से शुरू हो चुकी है और इच्छुक उम्मीदवार IOCL की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.&amp;nbsp;
जरूरी तारीखें, फीस और योग्यता से जुड़ी शर्तें
इस भर्ती के लिए आवेदन करने की आखिरी तारीख 3 सितंबर 2026 है, जो शाम 5 बजे तक ही खुली रहेगी. साथ ही एडमिट कार्ड 15 सितंबर को जारी किया जाएगा, जबकि कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट 24 सितंबर को होने की संभावना है. हालांकि कंपनी ने साफ किया है कि ये सभी तारीखें फिलहाल तय नहीं हैं और उम्मीदवारों को समय-समय पर ऑफिशियल वेबसाइट चेक करते रहना चाहिए.&amp;nbsp; आवेदन फीस की बात करें तो SC, ST और दिव्यांग (PwBD) कैटेगरी के उम्मीदवारों को कोई फीस नहीं देनी होगी, जबकि बाकी सभी कैटेगरी के उम्मीदवारों को 1000 रुपये प्लस GST की फीस देनी होगी. आवेदन सिर्फ ऑनलाइन ही स्वीकार किए जाएंगे, हार्डकॉपी या मैनुअल आवेदन बिल्कुल मान्य नहीं होंगे.
उम्र सीमा की बात करें तो 1 जुलाई 2026 तक ग्रेजुएट इंजीनियर और डिप्लोमा इंजीनियर पद के लिए अधिकतम उम्र 26 साल, ऑफिसर मार्केटिंग के लिए 28 साल, जबकि लॉ ऑफिसर और असिस्टेंट क्वालिटी कंट्रोल ऑफिसर पद के लिए 30 साल रखी गई है.&amp;nbsp; आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को नियमानुसार उम्र में छूट भी दी जाएगी. लॉ ऑफिसर पद के लिए उम्मीदवार के पास 30 जून 2026 तक कम से कम दो साल का कानूनी क्षेत्र का अनुभव होना जरूरी है, वहीं असिस्टेंट क्वालिटी कंट्रोल ऑफिसर पद के लिए पेट्रोलियम, पेट्रोकेमिकल, पॉलिमर या फर्टिलाइजर लैब में कम से कम दो साल का अनुभव मांगा गया है.&amp;nbsp;
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सिलेक्शन प्रोसेस और मिलने वाली सैलरी
चयन प्रक्रिया की बात करें तो सबसे पहले कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट होगा, इसके बाद ग्रुप डिस्कशन और ग्रुप टास्क होगा, और आखिर में पर्सनल इंटरव्यू लिया जाएगा. CBT में कुल 100 सवाल पूछे जाएंगे, जिसमें सेक्शन ए में क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड, लॉजिकल रीजनिंग और इंग्लिश वर्बल एबिलिटी जैसे सामान्य सवाल होंगे, जबकि सेक्शन बी में उम्मीदवार के फील्ड से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे. हर सही जवाब पर एक अंक मिलेगा, जबकि हर गलत जवाब पर 0.25 अंक काटे जाएंगे.
फाइनल मेरिट लिस्ट में CBT का 85 फीसदी वेटेज, ग्रुप डिस्कशन और ग्रुप टास्क का 5 फीसदी, और पर्सनल इंटरव्यू का 10 फीसदी वेटेज रहेगा. जनरल, ईडब्ल्यूएस और ओबीसी कैटेगरी के उम्मीदवारों को हर सेक्शन में कम से कम 40 फीसदी और ओवरऑल 45 फीसदी अंक लाने होंगे, वहीं SC-ST उम्मीदवारों के लिए यह सीमा 35 और 40 फीसदी है.
अब बात करते हैं सैलरी की, जो इस भर्ती की सबसे आकर्षक बात है. Grade A में शुरुआती बेसिक सैलरी 50,000 रुपये प्रति महीना होगी, जिसका पे स्केल 50,000 से 1,60,000 रुपये तक जाता है और सालाना CCT करीब 18.4 लाख रुपये बनता है.&amp;nbsp; Grade A0 में शुरुआती बेसिक सैलरी 40,000 रुपये और सालाना CTC करीब 14.8 लाख रुपये होगा, जबकि Grade E0 में शुरुआती बेसिक सैलरी 30,000 रुपये और सालाना CTC करीब 11.1 लाख रुपये है.
इसके अलावा उम्मीदवारों को महंगाई भत्ता, हाउस रेंट अलाउंस या सब्सिडाइज्ड घर, मेडिकल सुविधा, प्रोविडेंट फंड, एक्सीडेंट इंश्योरेंस और परफॉर्मेंस के आधार पर अतिरिक्त सैलरी जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी.&amp;nbsp;
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        <title>IAS Tukaram Mundhe: कौन हैं IAS तुकाराम? 21 साल में 25 बार हुआ ट्रांसफर</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/ias-tukaram-mundhe-कौन-हैं-ias-तुकाराम-21-साल-में-25-बार-हुआ-ट्रांसफर</link>
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        <description><![CDATA[ IAS Tukaram Mundhe : महाराष्ट्र के चर्चित आईएएस अधिकारी तुकाराम हरिभाऊ मुंढे एक बार फिर अपने सख्त वर्किंग स्टाइल को लेकर चर्चा में हैं. महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के कमिश्नर का पद संभालने के बाद उन्होंने मिलावटखोरों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू की. उनकी कार्रवाई से जहां खाद्य कारोबार से जुड़े लोगों में हलचल है, वहीं उनका लंबा ट्रांसफर रिकॉर्ड भी एक बार फिर चर्चा में आ गया है.
2005 बैच के इस अधिकारी का करीब 21 साल की सेवा में 25वीं बार ट्रांसफर हुआ है. इसी वजह से उनकी तुलना हरियाणा कैडर के पूर्व आईएएस अशोक खेमका से की जा रही है. ऐसे में आइए जानते हैं कि आखिर IAS तुकाराम कौन हैं, जिनका 21 साल में 25 बार ट्रांसफर हुआ.&amp;nbsp;
IAS तुकाराम कौन हैं?
तुकाराम मुंढे ने 25 मई 2026 को महाराष्ट्र FDA कमिश्नर का पद संभाला था. इसके बाद उन्होंने मिलावट और खाद्य सुरक्षा से जुड़े मामलों पर सख्ती शुरू की. करीब दो महीनों में महाराष्ट्र भर में 1100 से ज्यादा निरीक्षण किए गए. इस दौरान करीब 50 करोड़ रुपये का खाद्य भंडार जब्त किया गया, जिसमें कथित तौर पर मिलावटी 1.6 लाख लीटर दूध भी शामिल था. 56 रेस्तरां के लाइसेंस निलंबित किए गए. संगठित गुटखा नेटवर्क के खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (MCOCA) भी लागू किया गया. उन्होंने पेप्सिको, रेड बुल और स्टिंग जैसी कंपनियों को अपने पेय पदार्थों पर एनर्जी ड्रिंक लिखने को लेकर चेतावनी दी थी. इसके बाद कंपनियों ने आदेश मानने की बात कही.
तुकाराम मुंढे का IAS बनने का सफर
तुकाराम मुंढे का जन्म 3 जून 1975 को महाराष्ट्र के बीड जिले के ताड़सोना गांव में एक किसान परिवार में हुआ. उनकी शुरुआती पढ़ाई जिला परिषद स्कूल से हुई. इसके बाद उन्होंने औरंगाबाद से उच्च शिक्षा हासिल की. उन्होंने इतिहास से बीए और पॉलिटिकल साइंस से एमए किया. मुंढे ने 2004 में UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास की और अखिल भारतीय रैंक 20 हासिल की. इसके बाद वह 2005 बैच के महाराष्ट्र कैडर के आईएएस अधिकारी बने.
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21 साल में 25 बार ट्रांसफर
आईएएस तुकाराम मुंढे के करियर में तबादलों का सिलसिला लगातार चर्चा में रहा है. अगस्त 2005 में सोलापुर में प्रशिक्षु उप-कलेक्टर के तौर पर उनकी पहली पोस्टिंग हुई. इसके बाद उन्होंने डिप्टी कलेक्टर, जिला कलेक्टर, नगर आयुक्त, सचिव और कई अन्य जरूरी पदों पर काम किया. उनकी पोस्टिंग सोलापुर, नांदेड़, वाशिम, जालना, नवी मुंबई, नासिक, नागपुर और पुणे समेत कई जगहों पर रही. वर्ष 2018 और 2023 में उनका तीन-तीन बार ट्रांसफर हुआ, जबकि 2009, 2020 और अगस्त 2026 तक एक ही साल में दो-दो ट्रांसफर हुए.
क्यों चर्चा में रहते हैं मुंढे?
तुकाराम मुंढे अपनी सख्त और नियमों के पालन वाले वर्किंग स्टाइल के लिए जाने जाते हैं. रेत माफिया और मिलावटखोरों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर भी वह चर्चा में रहे हैं. उन्हें मैन ऑफ ए मिशन कहा गया है और वह बेस्ट कलेक्टर का अवॉर्ड भी हासिल कर चुके हैं.FDA कमिश्नर बनने के बाद उन्होंने साफ कहा था कि जनता की सेहत से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति या प्रतिष्ठान के प्रति प्रशासन की ओर से नरमी नहीं बरती जाएगी. उनका कार्यालय आम लोगों के लिए भी खुला रहता है और हर कार्यदिवस शाम 4 से 5 बजे तक लोग उनसे मिल सकते हैं.
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        <pubDate>Sun, 16 Aug 2026 12:30:07 +0530</pubDate>
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        <title>Free Online Coaching: किन स्टूडेंट्स को मिलेगी फ्री ऑनलाइन कोचिंग, क्या योग्यता होनी जरूरी?</title>
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        <description><![CDATA[ Free Online Coaching for Students: महंगी कोचिंग फीस आज कई छात्रों और उनके परिवारों के लिए पढ़ाई के साथ-साथ एक बड़ी चिंता बन चुकी है. खासकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों को कई बार बेहतर पढ़ाई और गाइडेंस के लिए बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है. ऐसे में 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग का ऐलान किया.
पीएम मोदी ने कहा कि कोचिंग का बढ़ता खर्च गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर बड़ा बोझ बन गया है. सरकार का लक्ष्य देश के युवाओं तक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुफ्त ऑनलाइन शिक्षा पहुंचाना है. ऐसे में आइए जानते हैं कि किन स्टूडेंट्स को फ्री ऑनलाइन कोचिंग मिलेगी और क्या योग्यता जरूरी होनी चाहिए.&amp;nbsp;किन स्टूडेंट्स को फ्री ऑनलाइन कोचिंग मिलेगी?
पीएम मोदी के ऐलान के मुताबिक, देश के युवाओं को अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी. इसमें UPSC, NEET, JEE, SSC और बैंकिंग जैसी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों को फायदा मिलने की बात कही गई है. खासतौर पर गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के छात्रों के लिए यह पहल जरूरी बताई गई है, कोचिंग की फीस उनके परिवारों पर बड़ा आर्थिक बोझ डालती है.
क्या योग्यता होनी जरूरी है?
अभी सरकार की ओर से फ्री ऑनलाइन कोचिंग के लिए कोई पात्रता नियम, आवेदन प्रक्रिया, उम्र सीमा या चयन प्रक्रिया जारी नहीं की गई है. यह साफ नहीं है कि छात्रों को किन डॉक्यूमेंट्स या शर्तों के आधार पर इस सुविधा का फायदा मिलेगा. प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में मुख्य रूप से गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के युवाओं तक अच्छी शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की सुविधा पहुंचाने की बात कही है.
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देशभर में बनेगा फ्री कोचिंग नेटवर्क
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के पास डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ बड़ी संख्या में शिक्षक और एजुकेटर मौजूद हैं. इन संसाधनों को जोड़कर देशभर में मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग का नेटवर्क तैयार करने की बात कही गई है. इसका उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा युवाओं को अच्छी शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर देना है.
कोचिंग फीस के बोझ से मिलेगी राहत
पीएम मोदी ने कहा कि कोचिंग की बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण कई मध्यम वर्गीय परिवारों को लगता है कि अगर वे बच्चों को कोचिंग नहीं भेजेंगे तो वे पीछे रह जाएंगे. सरकार का कहना है कि मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग के जरिए परिवारों पर पड़ने वाले इस अतिरिक्त आर्थिक बोझ को कम किया जा सकेगा. साथ ही छात्रों को पढ़ाई के लिए परिवार से दूर बड़े शहरों में जाने की जरूरत भी कम हो सकती है.
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        <pubDate>Sun, 16 Aug 2026 00:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>UGC&amp;NET 2026 Answer key: UGC NET 2026 की आंसर&amp;की कल जारी करेगा NTA, ऐसे करें चेक</title>
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        <description><![CDATA[ UGC-NET 2026 Answer key : UGC-NET, CSIR-NET और ICAR AIEEA (PG) साथ ही &amp;nbsp;AICE (PhD) 2026 की परीक्षा में शामिल लाखों उम्मीदवारों के लिए इंतजार अब खत्म होने वाला है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने प्रोविजनल आंसर-की जारी करने की तारीख साफ कर दी है. एजेंसी के मुताबिक, इन परीक्षाओं की प्रोविजनल आंसर-की 16 अगस्त 2026 को NTA की वेबसाइट पर जारी की जाएगी. ऐसे में उम्मीदवार अब अपनी आंसर-की का इंतजार खत्म होने की उम्मीद कर सकते हैं. तो आइए जानते हैं कि UGC-NET, CSIR-NET और ICAR-NET 2026 आंसर की कैसे चेक करें.&amp;nbsp;
16 अगस्त को जारी होगी प्रोविजनल Answer Key
NTA ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी शेयर करते हुए बताया कि UGC-NET, CSIR-NET और ICAR AIEEA (PG) साथ ही AICE (PhD) 2026 की प्रोविजनल आंसर-की 16 अगस्त को जारी की जाएगी. एजेंसी ने उम्मीदवारों को सलाह दी है कि परीक्षा और आंसर-की से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए केवल NTA की आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें. UGC-NET 2026 की परीक्षाएं 22, 23, 24, 25, 29 और 30 जून को आयोजित की गई थीं. इसके बाद 5 जुलाई को इसका रीटेस्ट भी कराया गया था. वहीं, Joint CSIR-UGC NET June 2026 परीक्षा 17 और 18 जुलाई को कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में हुई थी.&amp;nbsp;
87 विषयों में हुई थी UGC-NET परीक्षा
UGC-NET परीक्षा कंप्यूटर आधारित मोड में 87 विषयों के लिए आयोजित की गई थी. इस परीक्षा के जरिए उम्मीदवारों की जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF), असिस्टेंट प्रोफेसर के पद और देशभर के विश्वविद्यालयों में PhD प्रोग्राम में दाखिले के लिए पात्रता तय की जाती है. UGC-NET परीक्षा में दो पेपर होते हैं.पेपर 1 में 50 सवाल होते हैं, जिनमें टीचिंग एप्टीट्यूड, रीजनिंग एबिलिटी और जनरल अवेयरनेस जैसे विषय शामिल होते हैं. वहीं पेपर 2 में संबंधित विषय से जुड़े 100 मल्टीपल चॉइस सवाल पूछे जाते हैं.&amp;nbsp;
Answer Key के साथ क्या मिलेगा?
प्रोविजनल आंसर-की जारी होने के बाद उम्मीदवार अपने सवालों के जवाबों का मिलान कर सकेंगे. इसके साथ उम्मीदवारों के लिए रिस्पॉन्स शीट और क्वेश्चन पेपर भी जारी किए जाने की उम्मीद है. इसके बाद उम्मीदवारों को आंसर-की में दिए गए जवाबों पर ऑब्जेक्शन फाइल कराने का मौका मिलेगा. &amp;nbsp;उम्मीदवारों से मिली ऑब्जेक्शन फाइल की समीक्षा करने के बाद NTA फाइनल आंसर-की जारी करेगा. इसी फाइनल आंसर-की के आधार पर आगे रिजल्ट तैयार किया जाएगा.&amp;nbsp;
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कहां चेक कर सकेंगे Answer Key?
UGC-NET और CSIR-NET की आंसर-की जारी होने के बाद उम्मीदवार इसे संबंधित आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर चेक और डाउनलोड कर सकेंगे. UGC-NET की आंसर-की ugcnet.nta.nic.in &amp;nbsp;पर जाकर &amp;nbsp;और CSIR-NET की आंसर-की csirnet.nta.nic.in पर जाकर चेक कर सकते हैं. आंसर-की देखने के लिए उम्मीदवारों को अपने एप्लिकेशन नंबर और पासवर्ड या डेट ऑफ बर्थ (DOB) की जरूरत होगी.&amp;nbsp;
ऐसे डाउनलोड करें UGC-NET, CSIR-NET Answer Key
1. UGC-NET, CSIR-NET Answer Key डाउनलोड करने के लिए सबसे पहले संबंधित आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं.
2. इसके बाद UGC-NET या CSIR-NET Answer Key 2026 के लिंक पर क्लिक करें.
3. अब मांगी गई जानकारी, जैसे एप्लिकेशन नंबर और पासवर्ड, दर्ज करके लॉगिन करें.
4. लॉगिन करने के बाद स्क्रीन पर आंसर-की और रिस्पॉन्स शीट दिखाई देगी. इसे डाउनलोड कर लें और इसकी कॉपी सुरक्षित रख लें.
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        <pubDate>Sun, 16 Aug 2026 00:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>NALSAR Controversy: NALSAR में कैसे मिलता है एडमिशन, यहां कौन&amp;कौन से कोर्स?</title>
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        <description><![CDATA[ NALSAR Controversy : हैदराबाद की NALSAR University of Law इन दिनों अपने दीक्षांत समारोह और उससे जुड़े विवाद को लेकर चर्चा में है. यूनिवर्सिटी के करीब 450 छात्रों ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत को दीक्षांत समारोह में बुलाए जाने का विरोध किया था. इसके बाद बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने 2026 बैच के NALSAR लॉ ग्रेजुएट्स के एनरोलमेंट पर रोक लगाने का निर्देश दिया, लेकिन कुछ ही घंटों बाद यह फैसला वापस ले लिया गया.
इस पूरे विवाद के बाद एक बार फिर NALSAR लोगों की नजरों में है. हालांकि, NALSAR सिर्फ लॉ की पढ़ाई के लिए ही नहीं जाना जाता, बल्कि यहां मैनेजमेंट, रिसर्च और कई स्पेशलाइज्ड प्रोग्राम भी कराए जाते हैं. ऐसे में आइए जानते हैं NALSAR में एडमिशन कैसे मिलता है और यहां कौन-कौन से कोर्स उपलब्ध हैं.
12वीं के बाद कर सकते हैं 5 साल का लॉ कोर्स
NALSAR का प्रमुख कोर्स B.A. LL.B. (Hons.) है. यह 5 साल का इंटीग्रेटेड लॉ प्रोग्राम है, जिसमें कानून के साथ मानविकी और सामाजिक विज्ञान की पढ़ाई भी कराई जाती है. इसमें एडमिशन के लिए CLAT स्कोर जरूरी है. सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए 12वीं में कम से कम 45 प्रतिशत और SC/ST उम्मीदवारों के लिए 40 प्रतिशत अंक की पात्रता है.&amp;nbsp;
NALSAR में एडमिशन कैसे मिलता है?
NALSAR में एडमिशन कोर्स के हिसाब से अलग-अलग एडमिशन परीक्षा और चयन प्रक्रिया के जरिए मिलता है. 5 साल के B.A. LL.B. (Hons.) में एडमिशन के लिए CLAT स्कोर जरूरी होता है, जबकि LL.M. में भी CLAT के जरिए एडमिशन होता है. वहीं मैनेजमेंट की पढ़ाई के लिए 5 साल के BBA-MBA (IPM) में IPMAT/JIPMAT जैसे स्कोर स्वीकार किए जाते हैं और 2 साल के MBA में CAT या NALSAR के N-MET PG जैसे ऑप्शन हैं. इसके अलावा Ph.D. और स्पेशलाइज्ड प्रोग्राम के लिए अलग पात्रता और चयन प्रक्रिया होती है.
यहां कौन-कौन से कोर्स उपलब्ध हैं?
NALSAR में सिर्फ लॉ की पढ़ाई ही नहीं, बल्कि मैनेजमेंट और रिसर्च से जुड़े कई कोर्स उपलब्ध हैं. यहां 12वीं के बाद 5 साल का B.A. LL.B. (Hons.) और 5 साल का Integrated BBA+MBA (IPM) किया जा सकता है. ग्रेजुएशन के बाद छात्रों के लिए LL.M. और 2 साल का MBA का ऑप्शन है. इसके अलावा Insolvency and Bankruptcy Laws में LL.M., साथ ही Law, Social Sciences, Humanities और Management जैसे क्षेत्रों में Ph.D. की सुविधा भी है. यूनिवर्सिटी साइबर लॉ, पेटेंट लॉ, साइबर सिक्योरिटी और डेटा प्रोटेक्शन, मीडिया लॉ और इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स लॉ जैसे क्षेत्रों में डिप्लोमा प्रोग्राम भी उपलब्ध कराती है.&amp;nbsp;
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Ph.D. में रिसर्च का भी ऑप्शन
जो छात्र रिसर्च के क्षेत्र में जाना चाहते हैं, उनके लिए NALSAR में Ph.D. के ऑप्शन भी हैं. यहां कानून के साथ सोशल साइंसेज, ह्यूमैनिटीज और मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में रिसर्च की जा सकती है. संबंधित विषय में मास्टर डिग्री और निर्धारित अंकों की पात्रता के आधार पर इसमें एडमिशन दिया जाता है.&amp;nbsp;
फीस और प्लेसमेंट कितना है?
कोर्स के अनुसार NALSAR की फीस अलग-अलग है. जानकारी के मुताबिक B.A. LL.B. की कुल अनुमानित फीस करीब 7.95 लाख रुपये है, जबकि MBA की फीस लगभग 4.2 लाख से 10.8 लाख रुपये तक हो सकती है. NALSAR के लॉ प्रोग्राम का प्लेसमेंट रिकॉर्ड भी मजबूत रहा है. आंकड़ों में छात्रों को 63 लाख रुपये तक का पैकेज मिलने की जानकारी दी गई है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sun, 16 Aug 2026 00:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>UPSC CSE Mains 2026 Admit Card : UPSC CSE Mains 2026 Admit Card जारी, ऐसे करें डाउनलोड</title>
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        <description><![CDATA[ UPSC CSE Mains 2026 Admit Card : UPSC Civil Services Mains 2026 की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए जरूरी अपडेट सामने आया है. संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने 14 अगस्त 2026 को सिविल सर्विसेज मेन्स परीक्षा का एडमिट कार्ड जारी कर दिया है. जिन उम्मीदवारों को इस परीक्षा में शामिल होना है, वे UPSC के ऑनलाइन पोर्टल upsconline.nic.in पर जाकर अपना ई-एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं.
इसके लिए रजिस्ट्रेशन आईडी या रोल नंबर और जन्मतिथि की जरूरत होगी. UPSC CSE Mains परीक्षा 21 अगस्त से 30 अगस्त 2026 तक आयोजित की जाएगी. ऐसे में उम्मीदवारों को परीक्षा से पहले अपना हॉल टिकट डाउनलोड करके उसमें दी गई सभी जरूरी जानकारियां ध्यान से चेक कर लेनी चाहिए.&amp;nbsp;
UPSC CSE Mains 2026 एडमिट कार्ड कैसे डाउनलोड करें?
1. उम्मीदवार सबसे पहले UPSC के ऑनलाइन पोर्टल upsconline.nic.in पर जाएं.
2. इसके बाद होमपेज पर दिए गए एडमिट कार्ड सेक्शन को खोलें और Civil Services Examination 2026 से जुड़े लिंक पर क्लिक करें.
3. अब रजिस्ट्रेशन आईडी या रोल नंबर और जन्मतिथि दर्ज करें. जरूरी जानकारी सबमिट करने के बाद स्क्रीन पर आपका UPSC Mains एडमिट कार्ड दिखाई देगा.
4. इसे डाउनलोड करें और एडमिट कार्ड में दी गई सभी जानकारी चेक करने के बाद इसका प्रिंट आउट निकालकर अपने पास रखें.
एडमिट कार्ड में क्या-क्या चेक करें?
हॉल टिकट डाउनलोड करने के बाद उम्मीदवार को अपना नाम, रोल नंबर, रजिस्ट्रेशन नंबर, फोटो, हस्ताक्षर और जन्मतिथि जरूर चेक करनी चाहिए. इसके अलावा परीक्षा की तारीख, रिपोर्टिंग टाइम, परीक्षा का समय, परीक्षा केंद्र का नाम और पता समेत जरूरी निर्देश भी एडमिट कार्ड में दिए होंगे. अगर किसी जानकारी में गलती दिखाई देती है तो उम्मीदवारों को बिना देरी किए UPSC से संपर्क करना चाहिए.
एडमिट कार्ड में गलती हो तो क्या करें?
अगर एडमिट कार्ड में किसी तरह की गलती मिलती है तो उम्मीदवारों को तुरंत UPSC से संपर्क करना चाहिए. आयोग का सुविधा काउंटर सोमवार से शनिवार सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक उपलब्ध है. उम्मीदवार 011-23381125, 011-23385271, 011-23098543 और 011-23098591 पर संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा web-upsc@nic.in पर ईमेल भी किया जा सकता है.&amp;nbsp;
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दो शिफ्ट में होगी UPSC Mains परीक्षा
UPSC Civil Services Mains परीक्षा दो शिफ्ट में आयोजित की जाएगी. फोरनून सेशन की परीक्षा सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगी, जबकि आफ्टरनून सेशन की परीक्षा दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक आयोजित होगी. उम्मीदवारों को अपने एडमिट कार्ड पर दिए गए रिपोर्टिंग टाइम और परीक्षा केंद्र से जुड़े निर्देश जरूर देखने चाहिए.
परीक्षा केंद्र पर ये डॉक्यूमेंट ले जाना जरूरी
परीक्षा में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों को एडमिट कार्ड की प्रिंटेड कॉपी साथ ले जानी होगी. इसके अलावा आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, पासपोर्ट या ड्राइविंग लाइसेंस में से कोई एक ओरिजिनल वैध फोटो पहचान पत्र भी लेकर जाना होगा. पहचान पत्र की एक फोटो कॉपी भी तैयार रखने को कहा गया है. जिन उम्मीदवारों के पास कैटेगरी या PwBD से जुड़े डॉक्यूमेंट लागू हैं, उन्हें संबंधित प्रमाणपत्र भी साथ रखना चाहिए. नाम कानूनी रूप से बदला गया है तो तय गजट नोटिफिकेशन या अन्य वैध प्रमाण भी जरूरी हो सकता है.
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        <pubDate>Sun, 16 Aug 2026 00:30:06 +0530</pubDate>
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        <title>AI Impact on Jobs: नौकरी नहीं छीन रहा AI, बना रहा मौके, Experienced Talent की डिमांड बढ़ी</title>
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        <description><![CDATA[ AI Impact on Jobs: आज के समय में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है. इसका असर अब नौकरियों पर भी दिखाई देने लगा है. कई लोगों को डर है कि AI की वजह से नौकरियां कम हो जाएंगी, लेकिन एक नई रिपोर्ट ने एकदम अलग तस्वीर पेश की है. इस रिपोर्ट के मुताबिक, AI की वजह से कुछ खास तरह की नौकरियों की मांग बढ़ भी रही है. कंपनियां अब ऐसे लोगों को ज्यादा पसंद कर रही हैं, जिन्हें अपने काम की अच्छी जानकारी हो और साथ ही AI का इस्तेमाल करना भी आता हो.
अनुभवी लोगों की मांग बढ़ी
Toptal की Q2 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल से जून के बीच अनुभवी टेक और दूसरे कामों से जुड़े लोगों की मांग बढ़ी है. इस दौरान इन लोगों की मांग पिछले तीन महीनों के मुकाबले 7.1 प्रतिशत और पिछले साल के मुकाबले 12.6 प्रतिशत बढ़ी. वहीं, घर से या हाइब्रिड तरीके से काम करने वाले अनुभवी टेक लोगों की मांग भी बढ़ी है. इनकी मांग 5.4 प्रतिशत और पिछले साल के मुकाबले 8.9 प्रतिशत बढ़ी. इसके उलट, अमेरिका और दूसरे बड़े देशों में सभी तरह की नौकरियों के लिए नौकरी के विज्ञापन 3.6 प्रतिशत और पिछले साल के मुकाबले 9 प्रतिशत कम हुए. यानी आम नौकरियों में कमी देखने को मिली, लेकिन अनुभवी लोगों की मांग बढ़ी.
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फाइनेंस और डेटा से जुड़े लोगों की मांग&amp;nbsp;
रिपोर्ट के अनुसार, फाइनेंस से जुड़े लोगों की मांग में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी हुई. घर से या हाइब्रिड तरीके से काम करने वाले अनुभवी फाइनेंस लोगों की मांग पिछले तीन महीनों के मुकाबले 27 प्रतिशत और पिछले साल के मुकाबले 42 प्रतिशत बढ़ी. इसकी एक बड़ी वजह फाइनेंस में AI का बढ़ता इस्तेमाल है.
अब सिर्फ AI चलाना काफी नहीं
रिपोर्ट में बताया गया है कि कंपनियों को अब सिर्फ ऐसे लोग नहीं चाहिए, जिन्हें AI टूल चलाना आता हो. वह ऐसे लोगों को ज्यादा पसंद कर रही हैं, जिन्होंने AI के साथ असली काम किया हो. खासकर डेवलपर्स से उम्मीद की जा रही है कि उन्हें AI सिस्टम बनाने और उसे काम में लगाने का अनुभव हो. डेटा से जुड़े कामों में भी बदलाव देखने को मिल रहा है. AI अब कई आसान काम खुद कर सकता है. इसलिए कंपनियां ऐसे लोगों को चाहती हैं, जो AI से मिले नतीजों को समझ सकें और उसके आधार पर सही सलाह दे सकें.
टेक कंपनियों में छंटनी अभी भी जारी




AI से जुड़ी नौकरियों की मांग बढ़ रही है, लेकिन टेक कंपनियों में लोगों को नौकरी से निकालने का सिलसिला अभी भी जारी है. अप्रैल से जून 2026 के बीच टेक कंपनियों में छंटनी पिछले तीन महीनों के मुकाबले 47 प्रतिशत कम हुई. हालांकि, पिछले साल अप्रैल से जून के मुकाबले इस बार छंटनी 5 प्रतिशत ज्यादा रही. रिपोर्ट से पता चलता है कि कंपनियां पूरी तरह से नौकरियां खत्म नहीं कर रही हैं. कुछ कामों में लोगों की संख्या कम कर रही हैं और दूसरी तरफ ऐसे अनुभवी लोगों को नौकरी दे रही हैं, जिनके पास अपने काम की अच्छी जानकारी और AI की समझ है.




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        <pubDate>Sun, 16 Aug 2026 00:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>UPSC से PMO तक पहुंची निधी तिवारी, जानिए PM की प्राइवेट सेक्रेटरी का सफर</title>
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        <description><![CDATA[ UPSC से PMO तक पहुंची निधी तिवारी, जानिए PM की प्राइवेट सेक्रेटरी का सफर ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 15 Aug 2026 08:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>नोएडा के स्कूलों में स्क्रीन टाइम पर लिमिट, प्राइमरी के लिए 30 मिनट की सीमा</title>
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        <description><![CDATA[ Noida School Screen Time:&amp;nbsp;नोएडा और ग्रेटर नोएडा के स्कूलों में स्मार्ट बोर्ड और डिजिटल स्क्रीन के इस्तेमाल को लेकर जिला प्रशासन ने नई गाइडलाइन जारी की है. गौतम बुद्ध नगर प्रशासन ने सभी सरकारी सहायता प्राप्त और प्राइवेट स्कूलों के छात्रों के लिए स्क्रीन टाइम सीमित और संतुलित रखने के निर्देश दिए हैं. इसके तहत प्राइमरी कक्षाओं के छात्रों के लिए स्क्रीन टाइम अधिकतम 30 मिनट और अपर प्राइमरी के छात्रों के लिए 60 मिनट प्रतिदिन किया गया है. जिला प्रशासन का यह निर्देश अभिभावकों की शिकायतों के बाद आया. अभिभावक संघ की ओर से बताया गया कि कुछ स्कूलों में स्मार्ट और डिजिटल बोर्ड का लगातार इस्तेमाल किया जा रहा है. इनमें किताबें और सीधे स्मार्ट बोर्ड पर दिखाने के साथ, क्लास वर्क, सवाल-जवाब और होमवर्क के लिए भी डिजिटल स्क्रीन का इस्तेमाल किया जा रहा था.&amp;nbsp;
स्मार्ट बोर्ड को पढ़ाई का एकमात्र माध्यम न बनाए&amp;nbsp;
जिला प्रशासन ने कहा है कि स्मार्ट बोर्ड का इस्तेमाल मुख्य रूप से कठिन विषयों और अवधारणाओं को समझने, तस्वीर-वीडियो और जरूरी शिक्षण सामग्री दिखाने के लिए किया जाना चाहिए. इसे हर विषय या हर कक्षा की एक्टिविटी के लिए अनिवार्य नहीं बनाया जाना चाहिए. स्कूलों को ब्लैक बोर्ड, ग्रीन बोर्ड और व्हाइट बोर्ड का नियमित इस्तेमाल करने के लिए भी कहा गया है. इनका प्रयोग लिखने, अभ्यास करने, सवाल-जवाब और छात्रों की भागीदारी वाली एक्टिविटी के लिए किया जा सकता है.&amp;nbsp;
20, 20, 20 नियम का पालन करने के निर्देश&amp;nbsp;
स्क्रीन के लगातार इस्तेमाल से बचने के लिए स्कूलों को 20, 20, 20 नियम अपनाने के लिए कहा गया है. इसके तहत करीब 20 मिनट की स्क्रीन एक्सपोजर के बाद छात्रों को ब्रेक दिया जाना चाहिए और कुछ समय के लिए करीब 20 फीट दूर किसी वस्तु को देखने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए. जिला प्रशासन ने डिजिटल बोर्ड की स्क्रीन, ब्राइटनेस और कक्षा में रोशनी को भी उचित स्तर पर रखने की निर्देश दिए हैं. जब स्मार्टफोन बोर्ड का इस्तेमाल केवल लिखने के लिए किया जा रहा हो तो बैकलाइट से बचने को कहा गया है.&amp;nbsp;
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आंखों और स्वास्थ्य पर भी चिंता&amp;nbsp;
प्रशासन ने डब्ल्यूएचओ और एनआईएमएचएएनएस की ओर से समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि लंबे समय तक स्क्रीन देखने से डिजिटल आई स्ट्रेन, सिर दर्द, आंखों में सूखापन और कम उम्र में मायोपिया जैसी समस्या हो सकती है. लंबे स्क्रीन एक्सपोजर का छात्रों के व्यवहार एकाग्रता और बौद्धिक विकास पर भी असर पड़ने की आशंका जताई गई है. ऐसे में स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि अगर किसी छात्र में आंखों में जलन, सिर दर्द, धुंधला दिखाई देना या स्वास्थ्य से जुड़ी दूसरी समस्याओं के लक्षण नजर आते हैं तो पेरेंट्स को तुरंत जानकारी दी जाए.&amp;nbsp;
पढ़ाई के साथ खेल और दूसरी एक्टिविटी पर भी जोर&amp;nbsp;
प्रशासन ने स्कूलों के छात्रों के लिए एक्टिविटी बेस्ड लर्निंग, स्ट्रेचिंग आउटडोर गेम्स और भारत को बढ़ावा देने को कहा है. इसके अलावा पढ़ने-लिखने, कहानी सुनने और सामूहिक गतिविधियों जैसी स्क्रीन से अलग गतिविधियों को महत्व देने के निर्देश दिए हैं.
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        <pubDate>Sat, 15 Aug 2026 08:30:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>नोएडा, के, स्कूलों, में, स्क्रीन, टाइम, पर, लिमिट, प्राइमरी, के, लिए, मिनट, की, सीमा</media:keywords>
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        <title>उत्तराखंड के छात्रों को मिलेगी फ्री ऑनलाइन कोचिंग, सरकार ला रही नई योजना</title>
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        <description><![CDATA[ Uttarakhand Free Online Coaching: उत्तराखंड में हायर एजुकेशन की पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए राज्य सरकार जल्द ही एक नई योजना शुरू करने जा रही है. मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना 2026 के तहत यूनिवर्सिटी, सरकारी कॉलेज और सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों को अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए फ्री ऑनलाइन कोचिंग दी जाएगी. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस योजना को मंजूरी दे दी है और जल्द ही इसका औपचारिक शुभारंभ होने की उम्मीद है.
सरकार का कहना है कि इस योजना का खास फायदा राज्य के दूरदराज और पहाड़ी इलाकों में रहने वाले छात्रों को मिलेगा. ऐसे छात्र जिन्हें अपने आसपास कोचिंग की सुविधा नहीं मिल पाती है, जो महंगी प्राइवेट कोचिंग का खर्च नहीं उठा सकते हैं, वे अब ऑनलाइन माध्यम से घर से ही तैयारी कर सकेंगे.&amp;nbsp;
किन परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे छात्र?
मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना 2026 के तहत छात्रों को कई तरह की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन कोचिंग और पढ़ाई से जुड़ी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी. इसमें यूपीएससी और राज्य लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षाएं, सीडीएस बैंकिंग, रेलवे और एससी जैसी परीक्षा शामिल है. इसके अलावा योजना के दायरे में कई प्रवेश और पात्रता परीक्षाएं भी रखी गई है. इनमें से टीएटी, एमएटी, गेट, नेट और सीएसआईआर-नेट शामिल है. इस तरह छात्र सरकारी नौकरी की प्रतियोगी परीक्षाओं के साथ उच्च शिक्षा और दूसरी प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी भी कर सकेंगे.&amp;nbsp;
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यूनिवर्सिटी और सरकारी कॉलेजों के छात्रों को भी फायदा&amp;nbsp;
यह योजना उत्तराखंड के यूनिवर्सिटी के साथ-साथ सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए भी होंगी. इसमें ऑनलाइन माध्यम से कोचिंग और स्टडी सपोर्ट उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि छात्रों को तैयारी के लिए अलग से कोचिंग संस्थान जाने की जरूरत ना पड़े.&amp;nbsp;
पहाड़ी और दूरदराज के छात्रों पर फोकस&amp;nbsp;
उत्तराखंड के पहाड़ी और दूरदराज इलाकों में रहने वाले छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अक्सर कोचिंग सेंटर की सुविधा आसानी से नहीं मिल पाती है. वहीं प्राइवेट कोचिंग की फीस भी बहुत ज्यादा होती है. ऐसे में सरकार ने इस समस्या को ध्यान में रखते हुए इस योजना में मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था की है. इसके जरिए छात्रों को घर से ही पढ़ाई और परीक्षा से जुड़ी तैयारी की सहायता मिल सकेगी. वहीं सीएम पुष्कर सिंह धामी की मंजूरी के बाद अभी योजना के औपचारिक लॉन्च की तैयारी है, हालांकि योजना की लाॅन्चिंग की तारीख अभी घोषित नहीं की गई है. योजना लॉन्च होने के बाद सरकार छात्रों के लिए ऑनलाइन कोचिंग शुरू करेगी.
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        <pubDate>Fri, 14 Aug 2026 20:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>DU हिस्ट्री के सिलेबस में बड़ा बदलाव, दिल्ली सल्तनत समेत कई पेपर हटाए गए</title>
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        <description><![CDATA[ दिल्ली यूनिवर्सिटी के पोस्ट ग्रेजुएट हिस्ट्री सिलेबस में बड़ा बदलाव किया गया है. यूनिवर्सिटी की ओर से जारी किए गए नए सिलेबस में दिल्ली सल्तनत पर आधारित पेपर हटाया गया है. यह पेपर तीसरे सेमेस्टर में पढ़ाया जाता था. वहीं नए सिलेबस में केवल दिल्ली सल्तनत से जुड़ा पेपर ही नहीं हटाया गया, बल्कि प्राचीन मध्यकालीन और आधुनिक भारत से जुड़े कई दूसरे पेपर को भी हटाया गया है. यूनिवर्सिटी के इतिहास विभाग ने कुल 38 डिसिप्लिन स्पेसिफिक इलेक्टिव पेपर प्रस्तावित किए थे, लेकिन तीसरे सेमेस्टर के लिए जारी सिलेबस में इनमें से सिर्फ 16 पेपर को शामिल किया गया है.
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दिल्ली सल्तनत पर PG में क्या पढ़ाया जाता था
पोस्ट ग्रेजुएशन के इतिहास सिलेबस में &amp;nbsp;दिल्ली सल्तनत: स्ट्रक्चर ऑफ अथॉरिटी इन मेडिवल नॉर्थ इंडिया (13वीं-14वीं सदी) पेपर में 13वीं और 14वीं शताब्दी के दौरान उत्तर भारत में बनी राजनीतिक व्यवस्था को पढ़ाया जाता था. इनमें मध्यकालीन राज्य के गठन शासकों की सत्ता और प्रशासनिक ढांचे के साथ-साथ राजनीतिक, धार्मिक और सांस्कृतिक जीवन में आए बदलाव को समझाया जाता था.&amp;nbsp;
कई और पुराने पेपर भी सिलेबस से बाहर&amp;nbsp;
तीसरी सेमेस्टर के नए सिलेबस में दिल्ली सल्तनत के साथ कुछ दूसरे पेपर को भी हटाया गया है. इनमें हिस्ट्री ऑफ नॉर्थ इंडिया, सी. 1400-1550, जेंडर एंड वीमेन इन अर्ली इंडिया 1500 बीसीई टू 1000 सीई, पॉलीटिकल प्रोसेसज एंड स्ट्रक्चर ऑफ पॉलिटिज इन एंशिएंट इंडिया, रिलिजन एंड सोसाइटी इन एंशिएंट इंडिया लिटरेचर जैसे पेपर शामिल है. यूनिवर्सिटी के रिकॉर्ड के अनुसार इनमें से कुछ पाठ्यक्रम सिलेबस को मंजूरी देने की प्रक्रिया की अलग-अलग चरण में पास भी किए गए थे, लेकिन 7 अगस्त को जारी अंतिम अधिसूचना में इनको शामिल नहीं किया. गया कुछ दूसरे प्रस्तावित पेपर अभी भी यूनिवर्सिटी के रिकॉर्ड में अंडर डिस्कशन या अनडिसकस्ड के तौर पर मार्क है &amp;zwnj;
DU ने सिलेबस में बदलाव को लेकर क्या कहा&amp;nbsp;
दिल्ली यूनिवर्सिटी के डीन ऑफ एकेडमिक अफेयर्स के रत्नाबली ने कहा कि किसी भी पेपर को जानबूझकर रोककर नहीं रखा गया था. उनके अनुसार सभी प्रस्तावित पाठ्यक्रम एकेडमिक काउंसिल के सामने रखे गए थे. इसके बाद वाइस चांसलर को उन पाठ्यक्रमों की समीक्षा के लिए एक्सपर्ट कमेटी बनाने की अनुमति दी गई. उन्होंने बताया कि स्टैंडिंग कमेटी से कुछ पेपर मंजूर होने के बाद विभाग की ओर से कुछ स्वीकृत सिलेबस में बदलाव किए गए थे. इनमें कुछ पेपर जोड़ना या हटाना, यूनिट में बदलाव और रीडिंग को हटाना या बदलना शामिल था. इसी वजह से कुछ सिलेबस की दोबारा समीक्षा की गई. एक्सपर्ट कमेटी ने संशोधित सिलेबस की जांच के बाद उन पाठ्यक्रमों को नोटिफिकेशन के लिए मंजूरी दी, जिन्हें समीक्षा के बाद उचित पाया गया. यूनिवर्सिटी के अनुसार कुछ और पेपर को भी समिति की समीक्षा पूरी होने के बाद नोटिफाई किया जा सकता है.&amp;nbsp;
NEP 2020 के बाद सिलेबस में बदलाव&amp;nbsp;
दिल्ली यूनिवर्सिटी में सिलेबस में बदलाव की प्रक्रिया एनईपी 2020 के तहत प्रोग्राम में किया जा रहे पुनर्गठन के बाद से जारी है. पोस्ट ग्रेजुएट स्तर पर हुआ यह बदलाव उससे पहले किए गए अंडर ग्रेजुएट प्रोग्राम के बदलाव के बाद आया है. डीयू यूजी प्रोग्राम में एनईपी 2020 के अनुरूप बदलाव 2022-23 से शुरू हुए थे. दिल्ली सल्तनत से जुड़े एक पेपर को अंडर ग्रेजुएट स्तर पर भी पढ़ाया जाता है, लेकिन दोनों पाठ्यक्रम को अलग बताया गया है. कुछ रिपोर्ट के अनुसार पोस्ट ग्रेजुएट स्तर का पेपर कई दशकों से मध्यकालीन भारत का एक महत्वपूर्ण कोर पेपर था, जबकि यूजी में इससे संबंधित पाठ्यक्रम भारतीय इतिहास का व्यापक सर्वेक्षण करता है. इसी तरह हिस्ट्री ऑफ नॉर्थ इंडिया, सी. 1400-1550 पोस्ट ग्रेजुएट स्तर पर एक विशेष विषय और ऐतिहासिक अध्ययन के तौर पर पढ़ाया जाता था, जबकि अंडर ग्रेजुएट पाठ्यक्रम का स्वरूप व्यापक है.
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        <pubDate>Fri, 14 Aug 2026 20:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>हिस्ट्री, के, सिलेबस, में, बड़ा, बदलाव, दिल्ली, सल्तनत, समेत, कई, पेपर, हटाए, गए</media:keywords>
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        <title>MP Board 2027: 10वीं&amp;12वीं बोर्ड परीक्षा का टाइम टेबल जारी, फरवरी से शुरू होंगे एग्जाम</title>
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        <description><![CDATA[ MP Board 2027 Time Table Released: मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) ने 10वीं और 12वीं की मुख्य परीक्षा 2027 का टाइम टेबल जारी कर दिया है. मंडल की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं 17 फरवरी 2027 से शुरू होगी, जबकि 10वीं बोर्ड की परीक्षाएं 24 फरवरी 2027 से शुरू होगी. दोनों कक्षाओं की परीक्षाएं मुख्य सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित की जाएगी. परीक्षा कार्यक्रम नियमित और स्वाध्यायी विद्यार्थियों के लिए जारी किया गया है.
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10वीं MP बोर्ड की परीक्षाएं 24 फरवरी से&amp;nbsp;
मध्य प्रदेश की दसवीं बोर्ड की मुख्य परीक्षाएं 24 फरवरी से शुरू होकर 18 मार्च 2027 तक चलेगी. पहले दिन भाषा विषयों के साथ चित्रकला, गायन-वादन, तबला-पखावज और कंप्यूटर से जुड़े पेपर होंगे. इसके बाद 25 फरवरी से एनएसक्यूएफ के सभी विषयों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की परीक्षाएं होगी. 27 फरवरी को उर्दू, 2 मार्च को हिंदी, 5 मार्च को गणित, 9 मार्च को अंग्रेजी, 12 मार्च को संस्कृत, 15 मार्च को विज्ञान और 18 मार्च को सामाजिक विज्ञान का पेपर होगा. दसवीं में गणित के स्टैंडर्ड और बेसिक दोनों ऑप्शन के लिए अलग-अलग प्रश्न पत्र निर्धारित किए गए हैं. दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए भी टाइम टेबल में निर्धारित विषयों का उल्लेख किया गया है.&amp;nbsp;
12वीं MP बोर्ड की परीक्षाएं 17 फरवरी से&amp;nbsp;
एमपी बोर्ड 12वीं की मुख्य परीक्षाएं 17 फरवरी 2027 से 19 मार्च 2027 तक चलेगी. पहले दिन बायोटेक्नोलॉजी, गायन-वादन और तबला-पखावज के पेपर होंगे. इसके बाद 18 फरवरी को उर्दू और मराठी, 20 फरवरी को संस्कृत और 22 फरवरी को एनएसक्यूएफ शारीरिक शिक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की परीक्षा होगी. 23 फरवरी को हिंदी और 26 फरवरी को अंग्रेजी का पेपर होगा. वहीं 1 मार्च को इनफॉर्मेटिक प्रैक्टिसेस, 3 मार्च को समाजशास्त्र, 4 मार्च को भौतिक शास्त्र-अर्थशास्त्र सहित अन्य विषय, 8 मार्च को जीव विज्ञान और 11 मार्च को राजनीति शास्त्र की परीक्षा होगी. इसके बाद 13 मार्च को रसायन शास्त्र, इतिहास, व्यवसाय अध्ययन सहित दूसरी विषयों और 16 मार्च को गणित की परीक्षा होगी. 17 और 19 मार्च को अलग-अलग व्यावसायिक और वैकल्पिक विषयों की परीक्षाएं होगी.&amp;nbsp;
प्रैक्टिकल परीक्षाओं का शेड्यूल भी जारी&amp;nbsp;
दसवीं की प्रैक्टिकल परीक्षाओं का शेड्यूल भी जारी कर दिया गया है. &amp;nbsp;कार्यक्रम के अनुसार प्रैक्टिकल परीक्षाएं 11 से 30 जून 2027 के बीच आयोजित की जाएगी. वहीं 12वीं की प्रैक्टिकल परीक्षाएं 1 फरवरी से 19 मार्च 2027 तक होगी. इसके अलावा जरूरत पड़ने पर प्रैक्टिकल परीक्षाएं छुट्टी वाले दिन भी आयोजित की जा सकती है.&amp;nbsp;
दूसरी परीक्षाएं होगी जून में&amp;nbsp;
मध्य प्रदेश मंडल ने 10वीं और 12वीं की दूसरी परीक्षाओं का कार्यक्रम भी जारी किया है. 12वीं की दूसरी परीक्षा 11 से 30 जून 2027 तक चलेगी. इसमें 11 जून को इनफॉर्मेटिक प्रैक्टिस, 15 जून को समाजशास्त्र, 16 जून को रसायन शास्त्र, इतिहास, व्यवसाय अध्ययन सहित दूसरे विषय और 19 जून को अंग्रेजी की परीक्षा होगी. वहीं 10वीं की दूसरी परीक्षा 15 से 30 जून 2027 तक चलेगी. 15 जून को अंग्रेजी, 18 जून को गणित, 19 जून को उर्दू, 21 जून को भाषा एवं दूसरे &amp;nbsp;विषय, 23 जून को एनएसक्यूएफ और एआई, 24 जून को संस्कृत, 26 जून को विज्ञान, 28 जून को हिंदी और 30 जून को सामाजिक विज्ञान की परीक्षा होगी.
ये भी पढ़ें-NCERT में 1596 और CBSE 933 पद खाली, संसदीय समिति ने उठाए सवाल ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 14 Aug 2026 20:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Board, 2027:, 10वीं-12वीं, बोर्ड, परीक्षा, का, टाइम, टेबल, जारी, फरवरी, से, शुरू, होंगे, एग्जाम</media:keywords>
    </item>
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        <title>CG बोर्ड 10वीं 12वीं सप्लीमेंट्री परीक्षा का रिजल्ट जारी, ऐसे चेक करें स्कोरकार्ड</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/cg-बोर्ड-10वीं-12वीं-सप्लीमेंट्री-परीक्षा-का-रिजल्ट-जारी-ऐसे-चेक-करें-स्कोरकार्ड</link>
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        <description><![CDATA[ CGBSE Supplementary Result 2026: छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल रायपुर (CGBSE) ने 10वीं और 12वीं की दूसरी मुख्य/अवसर परीक्षा 2026 का रिजल्ट जारी कर दिया है. बोर्ड ने दोनों कक्षाओं के सप्लीमेंट्री परीक्षा के नतीजे ऑनलाइन जारी किए हैं. जिन छात्रों ने जुलाई में आयोजित परीक्षा में हिस्सा लिया था, वह अब अपना स्कोर कार्ड सीजीबीएसई की ऑफिशियल वेबसाइट cgbse.nic.in पर जाकर देख सकते हैं. रिजल्ट चेक करने के लिए छात्रों को रोल नंबर और कैप्चा भरना होगा. ऑनलाइन जारी स्कोर कार्ड में छात्रों के विषयवार अंक और उनके पास या फेल की स्थिति की जानकारी दी गई है.
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        <pubDate>Fri, 14 Aug 2026 20:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>बोर्ड, 10वीं, 12वीं, सप्लीमेंट्री, परीक्षा, का, रिजल्ट, जारी, ऐसे, चेक, करें, स्कोरकार्ड</media:keywords>
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        <title>73% छात्र 12वीं से पहले ही छोड़ रहे पढ़ाई, संसदीय समिति की रिपोर्ट में खुलासा </title>
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        <description><![CDATA[ School Dropout Report: देश में शिक्षा के बढ़ते स्तर के साथ स्कूल और छात्रों की संख्या में लगातार बड़ी गिरावट सामने आ रही है. संसदीय समिति की एक रिपोर्ट के अनुसार, करीब 73 प्रतिशत छात्र 12वीं की पढ़ाई पूरी करने से पहले ही पढ़ाई छोड़ देते हैं. रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि प्राथमिक स्तर की तुलना में माध्यमिक और हायर सेकेंडरी स्तर पर स्कूलों की संख्या काफी कम है.
समिति ने इस स्थिति पर चिंता जताते हुए माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर के स्कूलों की संख्या बढ़ाने और मौजूदा स्कूलों को अपग्रेड करने की जरूरत बताई है. स्कूल ड्रॉप आउट को लेकर यह जानकारी कमेटी ऑन एस्टिमेट्स 2026-27 की 18वीं लोकसभा की दसवीं रिपोर्ट में सामने आई है.&amp;nbsp;
ड्रॉपआउट को लेकर क्या कहते हैं आंकड़े?
संसदीय समिति की रिपोर्ट छात्र नामांकन में बड़ा अंतर सामने आया है. UDISE 2024-25 के आंकड़ों के अनुसार, प्राथमिक कक्षाओं में 6,18,45,033 छात्र नामांकित हैं. वहीं कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों की संख्या 4,08,93,978 है. माध्यमिक स्तर पर यह संख्या घटकर 2,36,68,220 रह जाती है और हायर सेकेंडरी स्तर पर सिर्फ 1,64,17,949 छात्र रह जाते हैं. इन आंकड़ों के आधार पर समिति ने कहा है कि करीब 73 प्रतिशत छात्र हायर सेकेंडरी की पढ़ाई पूरी करने से पहले ही पढ़ाई छोड़ देते हैं.&amp;nbsp;
प्राथमिक के बाद स्कूलों की संख्या में भी कमी&amp;nbsp;
समिति ने UDISE 2024-25 के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि देश में कुल 10,92,671 सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल है. इनमें 9,11,032 &amp;nbsp;स्कूल प्राथमिक स्तर के हैं. वहीं से कक्षा 6 से 8वीं तक के अपर प्राइमरी स्तर पर 4,12,805 स्कूल है. माध्यमिक स्तर पर यह संख्या घटकर 1,61,808 रह जाती है, जबकि हायर सेकेंडरी स्तर पर देश में सिर्फ 90,866 स्कूल है. यानी जैसे-जैसे शिक्षा का स्तर आगे बढ़ता है, स्कूलों की संख्या में बड़ा अंतर दिखाई देता है. समिति ने कहा कि शिक्षा के स्तर के बढ़ने के साथ स्कूलों की संख्या में इस तरह की भारी गिरावट चिंता का विषय है. समिति के अनुसार एक करोड़ से ज्यादा सरकारी स्कूलों के बीच बड़ी संख्या केवल प्राथमिक स्तर के स्कूलों की है.&amp;nbsp;
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माध्यमिक और हायर सेकेंडरी स्कूल बढ़ाने की सिफारिश&amp;nbsp;
संसदीय समिति ने शिक्षा मंत्रालय से माध्यमिक और हायर सेकेंडरी स्तर पर स्कूलों की संख्या बढ़ाने को प्राथमिकता देने की सिफारिश की है. समिति का कहना है कि मौजूदा प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों को पूरी तरह हायर सेकेंडरी स्कूलों में अपग्रेड करने पर ध्यान दिया जाना चाहिए. इससे अलग-अलग क्षेत्र और समुदायों के छात्रों को आसपास ही उच्च कक्षाओं का तक पढ़ाई हासिल करने की सुविधा मिलेगी और पढ़ाई बीच में छोड़ने वाले छात्रों की संख्या में कमी आ सकती है. समिति ने यह भी कहा कि शिक्षा संविधान की समवर्ती सूची में आती है और अधिकांश स्कूल राज्य सरकार तथा केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन के अधिकार क्षेत्र में है. इसलिए शिक्षा मंत्रालय को राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ मिलकर माध्यमिक और हायर सेकेंडरी स्कूलों की संख्या बढ़ाने की दिशा में काम करना चाहिए.
दिव्यांग छात्रों के लिए भी सुविधाओं की कमी&amp;nbsp;
रिपोर्ट में दिव्यांग छात्रों के लिए स्कूलों में उपलब्ध सुविधाओं को लेकर भी चिंता जताई गई है. समिति ने कहा है कि देश के आधे से ज्यादा स्कूलों में दिव्यांग छात्रों के अनुकूल जरूरी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं है. UDISE 2024-25 के अनुसार, देश में कुल 14,71,437 स्कूलों में से सिर्फ 5,33,143 स्कूलों में सीडब्ल्यूएसएन टॉयलेट है. वहीं केवल 8,08,466 स्कूलों में रैंप के साथ हेंडरेल उपलब्ध है. समिति ने कहा है कि आंकड़ों से पता चलता है कि देश के आधे से ज्यादा स्कूल अभी भी दिव्यांग छात्रों के लिए अनुकूल बुनियादी ढांचे से वंचित हैं.
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        <pubDate>Fri, 14 Aug 2026 20:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>NCERT में 1596 और CBSE 933 पद खाली, संसदीय समिति ने उठाए सवाल</title>
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        <description><![CDATA[ एनसीईआरटी और सीबीएसई में बड़ी संख्या में पद खाली होने पर संसदीय समिति ने चिंता जताई है. संसदीय समिति की रिपोर्ट के अनुसार एनसीईआरटी में स्वीकृत पदों के आधे से ज्यादा खाली है. जबकि सीबीएसई में करीब 44 फीसदी पदों पर नियुक्ति नहीं हुई है. समिति ने पदों को जल्द भरने के लिए शिक्षा मंत्रालय और सीबीएसई को भर्ती प्रक्रिया पूरी करने की सिफारिश की है. यह जानकारी लोकसभा में पेश की गई संसदीय समिति 2026-27 की दसवीं रिपोर्ट में सामने आई है. रिपोर्ट में देश में सस्ती और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जुड़े बजट और नीतिगत पहलुओं के साथ सीबीएसई के कार्य प्रणाली की भी समीक्षा की गई है.
NCERT में 1596 पद खाली
समिति के अनुसार अक्टूबर 2025 तक एनसीईआरटी में कुल 2,844 पद स्वीकृत थे. इनमें से सिर्फ 1248 पद भरे हुए थे, जबकि 1,596 पद खाली पड़े थे. यानी एनसीईआरटी की स्वीकृत कर्मचारी क्षमता के आधे से ज्यादा पदों पर नियुक्ति नहीं हुई थी. रिक्त पदों में 145 एकेडमी पद, 131 स्कूल शिक्षक पद, 916 मंत्रालय पद और 404 अन्य सहायक पद शामिल है. समिति ने एनसीईआरटी में इतनी बड़ी संख्या में पद खाली होने पर शिक्षा मंत्रालय से तत्काल ध्यान देने को कहा है. रिपोर्ट में कहा गया है कि एनसीईआरटी देश में शिक्षा को नए तरीके से विकसित करने और राष्ट्रीय स्तर पर पाठ्यक्रम को आकार देने वाली प्रमुख संस्था है, इसलिए यहां कर्मचारियों की कमी को गंभीरता से लिया जाना चाहिए.
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एनईपी 2020 के लिए सबसे अहम NCERT
एनसीईआरटी की भूमिका एनईपी 2020 को लागू करने से भी जुड़ी हुई है. शिक्षा मंत्रालय ने समिति को बताया कि एनसीईआरटी ने नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क फॉर फाऊंडेशन स्टेज और नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क फॉर स्कूल एजुकेशन तैयार किया है. इन फ्रेमवर्क के आधार पर पाठ्यक्रम और किताबें तैयार करने का काम भी शुरू किया गया है. ऐसे में समिति ने एनसीईआरटी में खाली पदों को भरने के लिए ठोस प्रयास करने की जरूरत बताई है.
CBSE में 933 पद खाली
संसदीय समिति ने सीबीएसई में कर्मचारियों की कमी को लेकर भी चिंता जाता है. रिपोर्ट के अनुसार सीबीएसई में कुल 2,117 पद स्वीकृत है, जिनमें से 933 पद खाली है. यह कुल स्वीकृत पदों का करीब 44 फीसदी भी है. सीबीएसई में सबसे ज्यादा कमी ग्रुप सी सपोर्ट स्टाफ के स्तर पर है. इस कैटेगरी में 595 पद खाली है.
CBSE से जुड़े स्कूल और छात्रों की संख्या भी बढ़ी
रिपोर्ट में सीबीएसई के बढ़ते दायरे का भी उल्लेख किया गया है. 1992-93 में सीबीएसई से 3,787 स्कूल संबद्ध थे, जबकि 2024-25 में यह संख्या बढ़कर 31,234 हो गई. बढ़ते स्कूल नेटवर्क को संभालने के लिए सीबीएसई के पास अब 25 क्षेत्रीय कार्यालय और पांच उप क्षेत्रीय कार्यालय है. छात्रों की संख्या में भी लगातार बढ़ोतरी हुई है. 2025 में सीबीएसई से जुड़े कक्षा 12 के 17 लाख से ज्यादा और कक्षा 10 के 23.8 लाख से ज्यादा छात्र थे.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Fri, 14 Aug 2026 04:30:09 +0530</pubDate>
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        <title>सरकार ने किया स्कॉलरशिप योजनाओं का विस्तार, 2025&amp;26 में दी गई 1.09 करोड़ स्कॉलरशिप</title>
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        <description><![CDATA[ केंद्र सरकार ने उच्च शिक्षा और रिसर्च करने वाले छात्रों को आर्थिक सहायता देने के लिए स्कॉलरशिप और फेलोशिप योजना का दायरा बढ़ाया है. शिक्षा एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने राज्यसभा में सरकार की ओर दी जा रही छात्रवृत्ति और फेलोशिप से जुड़ी जानकारी बताई है. वित्त वर्ष 2025-26 में पोस्ट मैट्रिक और उच्च शिक्षा के लिए करीब 1.09 करोड़ छात्रवृत्तियां प्रदान की जा रही है. इनमें OBC, EBC, DTC और ST वर्ग के छात्रों के लिए दी जाने वाली छात्रवृत्तियां भी शामिल है.&amp;nbsp;
OBC, EBC और DT छात्रों के लिए 36 लाख की स्कॉलरशिप&amp;nbsp;
सरकार की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार से वित्त वर्ष 2025-26 में अन्य पिछड़ा वर्ग, आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग और विमुक्त-घुमंतू जनजातियों के छात्रों के लिए करीब 36 लाख छात्रवृत्तियां दी गई. इन योजनाओं का उद्देश्य छात्रों को उच्च शिक्षा जारी रखने के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है.&amp;nbsp;
SC छात्रों को करीब 48 लाख छात्रवृत्तियां&amp;nbsp;
अनुसूचित जाति (SC) वर्ग के छात्रों के लिए भी 48 लाख छात्रवृत्तियां प्रदान की गई है. यह सहायता पोस्ट मैट्रिक और उच्च शिक्षा से जुड़ी पढ़ाई के लिए दी जा रही है. वहीं अनुसूचित जनजाति (ST) छात्रों के लिए करीब 24 लाख का छात्रवृत्तियां उपलब्ध कराई गई है. OBC, EBC, DT, SC और ST छात्रों के लिए दी गई छात्रवृत्तियों को मिलाकर वित्त वर्ष 2025-26 में पोस्ट मैट्रिक और उच्च शिक्षा के लिए करीब 1.09 करोड़ स्कॉलरशिप का आंकड़ा सामने आया है.&amp;nbsp;
UGC ने शुरू की नेशनल स्कॉलरशिप फॉर पोस्ट ग्रेजुएट स्टडीज&amp;nbsp;
उच्च शिक्षा के छात्रों के लिए UGC ने 2023-24 में नेशनल स्कॉलरशिप फॉर पोस्ट ग्रेजुएट स्टडी शुरू की थी. इस योजना के तहत पहले से चल रही चार अलग-अलग स्कॉलरशिप योजना को मिलाकर एक योजना बनाई गई. इसमें सिंगल गर्ल चाइल्ड, पीजी यूनिवर्सिटी रैंक होल्डर्स, प्रोफेशनल कोर्स करने वाले एसटी और एससी छात्रों के लिए स्कॉलरशिप तथा और गेट या जीपेट के आधार पर दी जाने वाली पोस्ट ग्रेजुएट स्कॉलरशिप को शामिल किया गया है.&amp;nbsp;
हर महीने मिलती है 15,000 की स्कॉलरशिप&amp;nbsp;
NSPGS के तहत पात्र छात्रों को शैक्षणिक वर्ष में 10 महीने तक हर महीने 15,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है. &amp;nbsp;इस तरह पोस्ट ग्रेजुएट की पढ़ाई कर रहे हैं, एलिजिबल छात्रों को अपनी शिक्षा से जुड़े खर्चों में मदद मिलती है.&amp;nbsp;
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सिंगल गर्ल चाइल्ड के लिए भी फेलोशिप&amp;nbsp;
UGC की ओर से रिसर्च और हायर एजुकेशन की पढ़ाई करने वाली सिंगल गर्ल चाइल्ड के लिए भी फेलोशिप की व्यवस्था की गई है. सावित्रीबाई ज्योतिबा फुले पोस्ट ग्रेजुएट फैलोशिप फॉर सिंगल गर्ल चाइल्ड सितंबर 2022 में शुरू की गई थी. इससे पहले चल रही स्वामी विवेकानंद सिंगल गर्ल चाइल्ड फेलोशिप की जगह ली थी. यह फेलोशिप पात्र सिंगल गर्ल चाइल्ड को देश में रहकर उच्च शिक्षा और रिसर्च जारी रखने में आर्थिक सहायता देती है. इसके तहत 2 साल तक फेलोशिप सहायता मिलती है.&amp;nbsp;
DBT के जरिए सीधे बैंक खातों में पहुंच रही राशि&amp;nbsp;
सरकार के अनुसार स्कॉलरशिप और फेलोशिप की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए लाभार्थियों के आधार से जुड़े बैंक खातों में सीधे भेजी जा रही है. इससे छात्रवृत्ति और फैलोशिप की रकम सीधे छात्रों तक पहुंचती है. सरकार ने यह भी बताया की राशि के समय पर वितरण और उसके इस्तेमाल की निगरानी के लिए एसएनए-स्पर्श प्लेटफाॅर्म का इस्तेमाल किया जा रहा है. यह प्लेटफार्म फंड की रियल टाइम और उपयोग आधारित ट्रैकिंग में मदद करता है.
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        <pubDate>Fri, 14 Aug 2026 04:30:07 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>सरकार, ने, किया, स्कॉलरशिप, योजनाओं, का, विस्तार, 2025-26, में, दी, गई, 1.09, करोड़, स्कॉलरशिप</media:keywords>
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        <title>MP Board 2027: 10वीं&amp; 12वीं बोर्ड परीक्षा का टाइम टेबल जारी, फरवरी से शुरू होंगे एग्जाम</title>
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        <description><![CDATA[ MP Board 2027 Time Table Released: मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल ने 10वीं और 12वीं की मुख्य परीक्षा 2027 का टाइम टेबल जारी कर दिया है. मंडल की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं 17 फरवरी 2027 से शुरू होगी, जबकि 10वीं बोर्ड की परीक्षाएं 24 फरवरी 2027 से शुरू होगी. दोनों कक्षाओं की परीक्षाएं मुख्य सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित की जाएगी. परीक्षा कार्यक्रम नियमित और स्वाध्यायी विद्यार्थियों के लिए जारी किया गया है.
ये भी पढ़ें-सरकार ने किया स्कॉलरशिप योजनाओं का विस्तार, 2025-26 में दी गई 1.09 करोड़ स्कॉलरशिप ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 14 Aug 2026 04:30:06 +0530</pubDate>
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        <title>2026 में रिटायर हो रहे पहले अग्निवीर, 4 साल की सेवा के बाद कौन सी सरकारी नौकरी के मिलेंगे मौके</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/2026-में-रिटायर-हो-रहे-पहले-अग्निवीर-4-साल-की-सेवा-के-बाद-कौन-सी-सरकारी-नौकरी-के-मिलेंगे-मौके</link>
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        <description><![CDATA[ Government Jobs Ex Agniveer: अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए पहले बैच के अग्निवीर इस साल 4 साल की सैन्य सेवा पूरी करने के बाद रिटायर्ड होंगे. कार्यकाल पूरा होने के बाद सेना के बाहर निकलने वाले इन अग्निवीरों के लिए केंद्र सरकार अलग-अलग सरकारी विभागों में रोजगार के ऑप्शन तैयार कर रही है. रिपोर्ट के अनुसार पूर्व अग्निवीरों को आगे नौकरी के लिए अपनी पसंद का विभाग या स्थान चुनने का ऑप्शन मिल सकता है. इस संबंध में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के साथ गृह मंत्रालय की ओर से बैठक भी की जा चुकी है. ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं कि 2026 में रिटायर हो रहे पहले अग्निवीर 4 साल की सेवा के बाद कौन सी सरकारी नौकरी कर सकेंगे.
रेलवे में पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षण&amp;nbsp;
पूर्व अग्निवीरों के लिए भारतीय रेलवे और भारतीय सेना के बीच सहयोग का ढांचा तैयार किया गया है. इसका उद्देश्य अग्निवीरों और सेना से नागरिक जीवन में आने वाले कर्मियों के लिए रिटायरमेंट के बाद रोजगार का अवसर बढ़ाना है. इसके तहत पूर्व अग्निवीरों के लिए रेलवे में लेवल 2 और उससे ऊपर के पदों पर पांच फीसदी, जबकि लेवल 1 के पदों पर 10 फीसदी &amp;nbsp;आरक्षण का प्रावधान किया गया है. वहीं पूर्व सैनिकों के लिए लेवल 2 और उससे ऊपर के पदों पर 10 फीसदी तथा लेवल 1 के पदों पर 20 फीसदी आरक्षण का प्रावधान किया गया है.&amp;nbsp;
CAPF और असम राइफल्स में भी 50% आरक्षण&amp;nbsp;
पूर्व अग्निवीरों के लिए सबसे बड़ा ऑप्शन केंद्रीय सशस्त्र बल पुलिस बलों और असम राइफल्स में भी है. गृह मंत्रालय पहले ही ऐलान कर चुका है कि इन बलों में कांस्टेबल जनरल ड्यूटी और राइफलमैन जैसे पदों की भर्ती में 50 फीसदी पद पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित होंगे. इन पदों पर भर्ती के लिए पूर्व अग्निवीरों को लिखित परीक्षा में छूट देने की जानकारी भी गृह मंत्रालय ने संसद में दी है. इसके अलावा उन्हें फिजिकल स्टैंडर्ड टेस्ट और फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट से भी छूट दी जाएगी.&amp;nbsp;
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राज्यों में भी सरकारी नौकरी के मौके&amp;nbsp;
केंद्र के अलावा कुछ राज्यों में भी पूर्व अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरियों में आरक्षण का प्रावधान किया है. ऐसे पदों पर आरक्षण की सीमा अलग-अलग राज्यों में 10 से 20 फीसदी तक बताई गई है. चंडीगढ़ में पूर्व अग्निवीरों के लिए कई &amp;nbsp;विभागों में आरक्षण को मंजूरी दी गई है. चंडीगढ़ के जेल विभाग में ग्रुप-सी जेल वार्डर के सीधी भर्ती वाले पदों पर 20 फीसदी आरक्षण दिया गया. इसके अलावा चंडीगढ़ फायर सर्विस और वन विभाग में पात्र पदों पर भी पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है.&amp;nbsp;
4 साल के बाद क्या होगा?
केंद्र सरकार की ओर से पूर्व अग्निवीरों को सेना से बाहर आने के बाद अलग-अलग सरकारी संगठनों में रोजगार के ऑप्शन देने की तैयारी की जा रही है. इसमें केंद्रीय बल, रेलवे और राज्य स्तरीय पुलिस तथा अन्य सरकारी विभाग शामिल है. इसके साथ ही जुलाई की कुछ रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि केंद्र सरकार सशस्त्र बलों में अग्निवीरों की एक बड़ी संख्या को 4 साल की सेवा पूरी होने के बाद नियमित सेवा में बनाए रखने पर विचार कर रही है.
ये भी पढ़ें-सरकार ने किया स्कॉलरशिप योजनाओं का विस्तार, 2025-26 में दी गई 1.09 करोड़ स्कॉलरशिप ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 14 Aug 2026 04:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>2026, में, रिटायर, हो, रहे, पहले, अग्निवीर, साल, की, सेवा, के, बाद, कौन, सी, सरकारी, नौकरी, के, मिलेंगे, मौके</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>UPSSSC Result 2026: सहायक लेखाकार&amp;लेखा परीक्षक का रिजल्ट घोषित, 1828 पदों पर 1643 कैंडिडेट्स सेलेक्ट</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/upsssc-result-2026-सहायक-लेखाकार-लेखा-परीक्षक-का-रिजल्ट-घोषित-1828-पदों-पर-1643-कैंडिडेट्स-सेलेक्ट</link>
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        <description><![CDATA[ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में युवाओं को पारदर्शी एवं निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम सामने आया है. उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) ने विज्ञापन संख्या-03-परीक्षा/2024 के तहत आयोजित सहायक लेखाकार एवं लेखा परीक्षक मुख्य परीक्षा का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया है. कुल 1828 विज्ञापित पदों के सापेक्ष 1643 अभ्यर्थियों का अंतिम चयन किया गया है. आयोग ने चयनित अभ्यर्थियों के अनुक्रमांकों की सूची तथा विभिन्न श्रेणियों की कटऑफ लिस्ट अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर दी हैं.
668 सामान्य चयन पदों पर 570 अभ्यर्थी चयनित
आंतरिक लेखा एवं लेखा परीक्षा निदेशालय, उत्तर प्रदेश के अंतर्गत सहायक लेखाकार के 668 सामान्य चयन पदों के सापेक्ष 570 अभ्यर्थियों का चयन किया गया है. इनमें अनारक्षित वर्ग के 387, अन्य पिछड़ा वर्ग के 117 और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के 66 अभ्यर्थी शामिल हैं. अनुसूचित जाति के 88 और अनुसूचित जनजाति के 10 पदों के सापेक्ष संबंधित श्रेणी के अभ्यर्थी उपलब्ध नहीं होने के कारण इन पदों को नियमानुसार अग्रनीत किया गया है.
950 विशेष चयन पदों में 866 अभ्यर्थियों को मिली सफलता
सहायक लेखाकार के 950 विशेष चयन पदों के सापेक्ष 866 अभ्यर्थी अंतिम रूप से चयनित हुए हैं. इनमें अनुसूचित जाति के 341, अनुसूचित जनजाति के 12 और अन्य पिछड़ा वर्ग के 513 अभ्यर्थी शामिल हैं. महिला क्षैतिज आरक्षण के तहत विज्ञापित 190 पदों के सापेक्ष सभी 190 महिला अभ्यर्थियों का चयन हुआ है.
लेखा परीक्षक के 209 पदों पर 206 चयनित
आयोग ने लेखा परीक्षक के 209 सामान्य चयन पदों के सापेक्ष 206 अभ्यर्थियों का चयन किया है. इनमें अनारक्षित वर्ग के 96, अनुसूचित जाति के 28, अनुसूचित जनजाति के 4, अन्य पिछड़ा वर्ग के 58 और ईडब्ल्यूएस वर्ग के 20 अभ्यर्थी शामिल हैं.महिला क्षैतिज आरक्षण के तहत 41 पदों के सापेक्ष सभी 41 महिला अभ्यर्थियों का चयन किया गया है.
विधिक सेवा प्राधिकरण के पद पर भी चयन
उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के नियंत्रणाधीन सहायक लेखाकार के एक पद पर भी एक अभ्यर्थी का चयन हुआ है. यह पद अनारक्षित श्रेणी का था.
68 अभ्यर्थियों का चयन औपबंधिक
आयोग ने 68 अभ्यर्थियों को औपबंधिक रूप से अंतिम चयन परिणाम में शामिल किया है. इनका अंतिम चयन प्रस्तुत किए जाने वाले प्रमाण पत्रों एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों के परीक्षण के बाद आयोग और संबंधित अधियाचनकर्ता विभाग के निर्णय पर निर्भर होगा.आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि अंतिम चयन परिणाम संबंधित उच्च न्यायालय में विचाराधीन रिट याचिकाओं/विशेष अपीलों तथा भविष्य में दायर होने वाले संबंधित मामलों में पारित होने वाले आदेशों के अधीन रहेगा.
पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया पर सरकार का जोर
योगी सरकार लगातार प्रदेश में सरकारी भर्तियों को पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध बनाने पर जोर दे रही है. विभिन्न विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के साथ चयन आयोगों के माध्यम से परिणाम जारी किए जा रहे हैं. सहायक लेखाकार और लेखा परीक्षक के इन पदों पर चयन से बड़ी संख्या में युवाओं को सरकारी सेवा में आने का अवसर मिलेगा.&amp;nbsp;
वेबसाइट पर चयन सूची और कटऑफ उपलब्ध
यूपीएसएसएससी ने चयनित अभ्यर्थियों के अनुक्रमांक की सूची और श्रेणीवार कटऑफ आयोग की वेबसाइट पर अपलोड कर दी है. अभ्यर्थी अपने परिणाम एवं चयन से संबंधित विवरण आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं.
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        <pubDate>Fri, 14 Aug 2026 04:30:02 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>झारखंड छात्र आंदोलन के बीच 2 और JPSC परीक्षाएं रद्द, जानें अब तक कितने एग्जाम रद्द?</title>
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        <description><![CDATA[ Jharkhand Students Protest: झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहा छात्रों का आंदोलन अब सरकार के एक बड़े फैसले के बाद फिर चर्चा में है. &amp;nbsp;छात्रों के लगातार विरोध और सरकार के साथ हुई बातचीत के बीच 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा के साथ 2023 और 2025 की दो बैकलॉग परीक्षाओं को रद्द करने पर सहमति बनी है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विधानसभा में इन परीक्षाओं को रद्द करने का ऐलान किया. इसके अलावा कुछ अन्य परीक्षाओं की जांच करने और भर्ती व्यवस्था में सुधार के लिए एक्सपर्ट समिति बनाने के बात भी सामने आई है. हालांकि छात्रों के सबसे बड़ी मांगों में शामिल JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने और पूरे मामले की सीबीआई जांच करने पर अभी सहमति नहीं बनी है. ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं कि झारखंड छात्र आंदोलन में अब तक कौन-कौन सी परीक्षाएं रद्द हुई है और पास हुए स्टूडेंट्स का अब क्या होगा? क्या दोबारा एग्जाम होंगे?&amp;nbsp;
अब तक कौन-कौन सी परीक्षाएं हुई रद्द?
छात्र आंदोलन के बीच सरकार ने 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा और 2023 व 2025 की JPSC बैकलॉग परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला किया. ऐसे में इस आंदोलन के दौरान फिलहाल तीन जेपीएससी परीक्षाओं को रद्द करने पर सहमति बनी है. इन परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्र लंबे समय से सवाल उठा रहे थे. प्रदर्शनकारी परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, कथित गड़बड़ियों की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे.&amp;nbsp;
&amp;nbsp;पास कैंडिडेट्स का क्या होगा और दोबारा परीक्षा कब?
14वीं JPSC की प्रारंभिक परीक्षा रद्द होने के बाद इस परीक्षा के आधार पर जारी रिजल्ट को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा. क्योंकि परीक्षा को पूरी तरह रद्द कर दिया गया है. वहीं नई परीक्षा की तारीख अभी घोषित नहीं हुई है. सरकार ने परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया है, लेकिन दोबारा परीक्षा कब आयोजित की जाएगी इसे लेकर कोई जानकारी नहीं दी गई है.&amp;nbsp;
झारखंड में परीक्षाएं क्यों आई विवाद में?
14वीं जेपीएससी संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम सामने आने के बाद कटऑफ और रिजल्ट प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए गए. &amp;nbsp;जिसके बाद छात्रों ने परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच करने और परीक्षा रद्द करने की मांग की थी. लगातार विरोध के बाद सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच बातचीत हुई. इस बातचीत में 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने पर सहमति बनी.
हालांकि, आंदोलन में JSSC-CGL परीक्षा अब भी बड़ा मुद्दा बनी हुई है. छात्र इस परीक्षा को रद्द करने और पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग कर रहे हैं, लेकिन राज्य सरकार ने अभी इस मांग को स्वीकार नहीं किया है. सरकार का कहना है कि JSSC-CGL &amp;nbsp; परीक्षा हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत आयोजित हुई थी और इसकी प्रक्रिया अदालत की निगरानी में है. परीक्षा का परिणाम भी जारी हो चुका है और सफल अभ्यर्थियों की नियुक्ति हो चुकी हैं. ऐसे में सरकार का कहना है कि वह इसे एकतरफा रद्द नहीं कर सकती.&amp;nbsp;
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आंदोलन को लेकर क्या है छात्रों की प्रमुख मांगे?
छात्रों की ओर से विवादित परीक्षाओं को रद्द करने के साथ-साथ कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच, भर्ती प्रक्रिया में सुधार, परीक्षा और रिजल्ट में पारदर्शिता और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही है. सरकार का दावा है कि उन्होंने छात्रों के करीब 98 फीसदी मांगे मान ली है. वहीं छात्र नेताओं का कहना है कि उनकी कई अहम मांगे अभी पूरी नहीं हुई है. खास तौर पर जेएसएससी-सीजीएल को रद्द करने और पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग पर अभी कायम है.&amp;nbsp;
कब से चल रहा है यह छात्र आंदोलन?
जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ झारखंड के छात्रों का आंदोलन 24 जुलाई से शुरू हुआ था और उसके बाद रांची में लगातार प्रदर्शन हुए. आंदोलन के दौरान छात्रों ने धरना दिया और विधानसभा घेराव का प्रयास भी किया. प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई के बाद मामला और गरमा गया. इसके विरोध में भाजपा ने राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया, रांची समेत कई जगह पर प्रदर्शन, सड़क जाम और हिरासत की कार्रवाई भी हुई.
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        <pubDate>Thu, 13 Aug 2026 12:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>झारखंड, छात्र, आंदोलन, के, बीच, और, JPSC, परीक्षाएं, रद्द, जानें, अब, तक, कितने, एग्जाम, रद्द</media:keywords>
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        <title>MPSC भर्ती पर छात्र आंदोलन का असर, जानें कौन&amp;सी परीक्षाएं हुईं स्थगित?</title>
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        <description><![CDATA[ MPSC Exam Controversy: मिजोरम लोक सेवा आयोग के कामकाज को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन का असर अब भर्ती प्रक्रिया पर भी दिखाई देने लगा है. मिजो जिरलाई पावल के सदस्यों की ओर से आयोग के कार्यालय के बाहर किए जा रहे प्रदर्शन के चलते कर्मचारी कार्यालय में प्रवेश नहीं कर पा रहे हैं. इसके बाद आयोग ने कई भर्ती गतिविधियों और पहले से तय परीक्षाओं व इंटरव्यू को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया है. आयोग ने कहा है कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए नई तारीखों की घोषणा बाद में की जाएगी&amp;nbsp;
11 से 14 अगस्त तक होने वाली परीक्षाएं स्थगित&amp;nbsp;
MPSC की ओर से जारी सूचना के अनुसार 11 से 14 अगस्त के बीच निर्धारित सभी लिखित परीक्षाएं और इंटरव्यू स्थगित कर दिए गए हैं. इन परीक्षाओं और इंटरव्यू के लिए नई तारीखे मौजूदा स्थिति की समीक्षा के बाद घोषित की जाएगी. आयोग ने यह भी बताया कि अलग-अलग विभाग में ग्रुप सी पदों के लिए होने वाली भर्ती परीक्षाएं भी प्रभावित हो सकती है. दरअसल MPSC की ओर से तैयार किए जाने वाले गए प्रश्न पत्र मौजूदा परिस्थितियों के चलते संबंधित विभागों तक नहीं पहुंच पाए जा सके. ऐसे में संबंधित विभागों को प्रश्न पत्रों के विवरण को लेकर आयोग के अगले आदेश का इंतजार करने को कहा गया है.&amp;nbsp;
इन पदों के इंटरव्यू भी टले&amp;nbsp;
MPSC ने कुछ पदों के लिए निर्धारित इंटरव्यू भी स्थगित कर दिए हैं. इनमें वित्त विभाग के तहत अस्सिटेंट ऑडिट एंड अकाउंट्स ऑफिसर, असिस्टेंट अकाउंट्स ऑफिसर और असिस्टेंट अकाउंट्स ऑफिसर (वर्क) के पद शामिल है. इसके अलावा सोशल वेलफेयर, विमेन एंड चाइल्ड डेवलपमेंट डिपार्टमेंट के फील्ड फैसिलिटेटर के पद के लिए होने वाले इंटरव्यू भी टाल दिए गए हैं. इन पर इंटरव्यू की नई तारीख फिलहाल घोषित नहीं की गई है.&amp;nbsp;
परीक्षा केंद्रों को लेकर भी विभागों को निर्देश&amp;nbsp;
आयोग ने विभागों को भी वैकल्पिक व्यवस्था करने की सलाह दी है, जिन्होंने अपने भर्ती परीक्षाओं के लिए MPSC के परीक्षा हॉल इस्तेमाल करने की योजना बनाई थी. यानी मौजूदा स्थिति का असर सिर्फ MPSC की ओर से आयोजित भर्ती परीक्षाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि आयोग के परीक्षा केंद्रों का इस्तेमाल करने वाले विभागों की प्रक्रिया भी प्रभावित हो सकती है. इसके अलावा सरकारी विभागों में कर्मचारियों की पदोन्नति, नियमितीकरण और सेवा की पुष्टि से जुड़े डिपार्टमेंटल प्रमोशन कमेटी की बैठक भी फिलहाल स्थगित कर दी गई है.&amp;nbsp;
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क्यों हो रहा है MPSC के खिलाफ प्रदर्शन?
MPSC कार्यालय के बाहर मिजो जिरलाई पावल का प्रदर्शन सोमवार से चल रहा है. छात्र संगठन आयोग की भर्ती व्यवस्था में बदलाव और उसे मजबूत करने की मांग कर रहा है. &amp;nbsp;मिजो जिरलाई पावल ने आयोग में संरचनात्मक सुधार और अतिरिक्त कर्मचारियों की मांग उठाई है. मिजो जिरलाई पावल का आरोप है कि हाल ही की कुछ प्रक्रियाओं में प्रशासनिक कमियों के कारण उम्मीदवारों का आयोग की व्यवस्था पर भरोसा प्रभावित हुआ है. छात्र संगठन की प्रमुख मांगों में MPSC का मौजूदा वन टाइम रजिस्ट्रेशन सिस्टम खत्म करना भी शामिल है. इसके स्थान पर छात्र संगठन हर पद के लिए जरूरत के अनुसार अलग आवेदन फाॅर्म की व्यवस्था चाहता है.&amp;nbsp;
MPSC ने मांगों को क्यों किया खारिज?&amp;nbsp;
आयोग ने ओटीआर व्यवस्था खत्म करने की मांग को स्वीकार नहीं किया है. MPSC का कहना है कि ओटीआर सिस्टम भर्ती प्रक्रिया को व्यवस्थित करने और सरकारी नौकरी में निष्पक्षता व सामान्य बनाए रखने के लिए लागू किया गया है. आयोग के अनुसार इसे खत्म करने से भर्ती प्रक्रिया में कई समस्याएं आ सकती है. डॉक्यूमेंट की कमी वाले उम्मीदवारों के लिए अलग से मौके देने की मांग पर भी आयोग ने आपत्ति जताई है. MPSC का तर्क है कि अगर संघ समय में पूरे डॉक्यूमेंट जमा करने वाले उम्मीदवारों के बाद किसी दूसरे उम्मीदवार को दस्तावेज पूरे करने की अनुमति दी जाती है, तो यह समान व्यवहार के सिद्धांत के खिलाफ होगा. इसके अलावा आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि आवेदन अधूरा होने पर उम्मीदवार को किसी भी चरण में अयोग्य घोषित किया जा सकता है, भले ही उसने लिखित परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन ही क्यों ना किया हो.
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        <pubDate>Thu, 13 Aug 2026 12:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>नक्सल प्रभावित इलाके में ड्यूटी, फिर भी नहीं छोड़ा UPSC का सपना, अफसर ने रचा इतिहास</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/नक्सल-प्रभावित-इलाके-में-ड्यूटी-फिर-भी-नहीं-छोड़ा-upsc-का-सपना-अफसर-ने-रचा-इतिहास</link>
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        <description><![CDATA[ नक्सल प्रभावित इलाके में ड्यूटी, फिर भी नहीं छोड़ा UPSC का सपना, अफसर ने रचा इतिहास ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 13 Aug 2026 12:30:06 +0530</pubDate>
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        <title>आखिरी दिन तक नहीं कर पाए रजिस्ट्रेशन तो क्या ऑप्शन, कैसे करें मेडिकल की पढ़ाई?</title>
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        <description><![CDATA[ नीट यूजी काउंसलिंग 2026 में हिस्सा लेने वाले उम्मीदवारों के लिए आज यानी 12 अगस्त का दिन बहुत अहम है. मेडिकल सीट के लिए होने वाली MCC राउंड 1 काउंसलिंग में रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया आज खत्म हो रही है. ऐसे में जिन उम्मीदवारों ने अभी तक रजिस्ट्रेशन नहीं किया है, उनके लिए आज अंतिम मौका है. तय समय तक प्रक्रिया पूरी नहीं करने पर उम्मीदवार इस राउंड में हिस्सा नहीं ले पाएंगे. हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि मेडिकल में एडमिशन का पूरा रास्ता बंद हो गया है. आगे के राउंड में भी मौका मिल सकता है, लेकिन इसके लिए संबंधित काउंसलिंग अथॉरिटी के नियम और पात्रता देखना जरूरी है.&amp;nbsp;
रजिस्ट्रेशन नहीं किया तो क्या होगा?
अगर आप MCC की किसी काउंसलिंग राउंड की रजिस्ट्रेशन या चॉइस फिलिंग की आखिरी तारीख तक प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए हैं, तो उस राउंड में सीट अलॉटमेंट के लिए आपका नाम शामिल नहीं होगा. यानी उस राउंड की सीट अलॉटमेंट प्रक्रिया में आप हिस्सा नहीं ले पाएंगे. हालांकि एक राउंड मिस होने का मतलब यह नहीं है कि नीट यूजी के जरिए मेडिकल सीट पाने की आपकी पूरी संभावना खत्म हो गई है. एमसीसी काउंसलिंग में आगे भी राउंड होते हैं, इसलिए सबसे पहले यह देखना जरूरी है कि संबंधित साल के नियमों के अनुसार आप अगले राउंड में कैसे शामिल हो सकते हैं.&amp;nbsp;
अगला राउंड आने पर दोबारा मौका&amp;nbsp;
अगर आपने पहला राउंड मिस कर दिया है, तो आगे के राउंड की आधिकारिक सूचना पर नजर रखें. नियमों के अनुसार कई काउंसलिंग प्रक्रिया में उम्मीदवार अगले राउंड के लिए रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. एमसीसी काउंसलिंग में राउंड 1 और राउंड 2 के बाद मॉप अप राउंड और स्ट्रे वेकेंसी राउंड भी होते हैं. इन राउंड का उद्देश्य पहले के चरणों के बाद बची हुई सीटों को भरना होता है. इसलिए पहले राउंड में हिस्सा नहीं ले पाने वाले उम्मीदवारों के लिए आगे के चरण जरूरी होते हैं.&amp;nbsp;
MCC काउंसलिंग के अलावा स्टेट काउंसलिंग का ऑप्शन&amp;nbsp;
अगर एमसीसी काउंसलिंग का कोई राउंड मिस हो गया है, तो उम्मीदवार को स्टेट नीट यूजी काउंसलिंग का ऑप्शन भी देखना चाहिए. राज्य कोटे की सीटों के लिए संबंधित राज्य की काउंसलिंग अथॉरिटी अलग से प्रक्रिया आयोजित करती है. स्टेट काउंसलिंग में रजिस्ट्रेशन, चॉइस फिलिंग, सीट अलॉटमेंट और कॉलेज में रिपोर्टिंग की अपनी तारीखें होती है. इसलिए एमसीसी का राउंड मिस होने पर अपने राज्य की काउंसलिंग का शेड्यूल भी तुरंत चेक करना चाहिए. हालांकि यह भी ध्यान रखें कि राज्य काउंसलिंग में सीट और पात्रता से जुड़े नियम अलग होते हैं. इसलिए उम्मीदवार को अपने राज्य के अधिकारिक काउंसलिंग अथॉरिटी की शर्तों के अनुसार ही आवेदन करना होगा.&amp;nbsp;
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सिर्फ एक राउंड के भरोसे न रहे&amp;nbsp;
नीट यूजी के बाद मेडिकल सीट के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया में अलग-अलग चरण होते हैं. एक राउंड में मौका नहीं मिलने या उसमें हिस्सा नहीं ले पाए तो आगे की प्रक्रिया पर नजर रखना जरूरी है. बाद के राउंड में पहले से खाली रह गई या किसी उम्मीदवार के सीट छोड़ने के बाद खाली हुई सीटें उपलब्ध हो सकती है. मॉपअप और स्ट्रे वेकेंसी राउंड इस तरह बची हुई सीटों को भरने के लिए आयोजित किए जाते हैं. हालांकि बाद के राउंड तक सीटों के ऑप्शन सीमित हो जाते हैं, इसलिए सिर्फ अंतिम राउंड का इंतजार करने के बजाय उपलब्ध हर एलिजिबल काउंसलिंग ऑप्शन पर नजर रखना जरूरी है.&amp;nbsp;
अगर इस साल सीट नहीं मिली तो क्या करें?&amp;nbsp;
अगर सभी काउंसलिंग राउंड के बाद भी एमबीबीएस या बीडीएस की सीट नहीं मिलती है, तो उम्मीदवार के पास अगले साल नीट यूजी दोबारा देकर मेडिकल सीट हासिल करने का ऑप्शन रहता है. इसके अलावा उम्मीदवार प्राइवेट यूनिवर्सिटी के ऑप्शन भी देख सकते हैं. &amp;nbsp;इन संस्थानों की फीस और एडमिशन प्रक्रिया अलग होती है, इसलिए आवेदन से पहले संबंधित संस्थान और काउंसलिंग अथॉरिटी के नियमों की जानकारी लेना जरूरी है. इसके अलावा काउंसलिंग मिस होने पर उम्मीदवार एमबीबीएस के लिए विदेश के ऑप्शन भी देख सकते हैं.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Thu, 13 Aug 2026 00:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>आखिरी, दिन, तक, नहीं, कर, पाए, रजिस्ट्रेशन, तो, क्या, ऑप्शन, कैसे, करें, मेडिकल, की, पढ़ाई</media:keywords>
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        <title>Independence Day Speech: स्कूल स्पीच जीतनी है? ऐसे तैयार करें दमदार भाषण</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/independence-day-speech-स्कूल-स्पीच-जीतनी-है-ऐसे-तैयार-करें-दमदार-भाषण</link>
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        <description><![CDATA[ Independence Day Speech: स्वतंत्रता दिवस या गणतंत्र दिवस जैसे बड़े मौकों पर हर स्कूलों में भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं. हर छात्र का सपना होता है कि वह मंच पर जाकर ऐसा भाषण दे कि वहां बैठे लोगों की तालियों की गड़गड़ाहट से पूरे हॉल गूंज उठे. लेकिन एक दमदार और पुरस्कार जीतने वाला भाषण तैयार करना सिर्फ रट्टा मारने का खेल नहीं है. इसके लिए सही टाइम मैनेजमेंट, मजबूत शुरुआत, दमदार बॉडी लैंग्वेज और आत्मविश्वास की जरूरत होती है. अगर आप भी इस बार स्कूल की स्पीच प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल करना चाहते हैं, तो इन तरीकों से अपनी स्पीच तैयार कर सकते हैं.&amp;nbsp;
समय का रखें ध्यान
प्रतियोगिता में समय सीमा का ध्यान रखना सबसे जरूरी होता है. आपको बोलने के लिए जितने मिनट दिए गए हैं, उसी के हिसाब से अपना भाषण तैयार करें. यदि समय सिर्फ दो मिनट का है तो सीधे मुद्दे की बात करते हुए बीच के 1 मिनट में मुख्य संदेश दें और आखिरी 20 सेकंड में धन्यवाद के साथ समापन करें. अगर समय 5 मिनट तक का है तो इसमें आप विषय को थोड़ा विस्तार से बोल सकते हैं. बीच के 3 मिनट में विषय से जुड़े ऐतिहासिक तथ्य, उदाहरण या कोई छोटी कहानी शामिल कर सकते हैं.&amp;nbsp;
वहीं अगर 10 मिनट का समय मिलता है तो इन लंबे भाषण में दर्शकों को बांधे रखना सबसे बड़ी चुनौती होती है. इसके लिए अपने भाषण को तीन भागों में बांटें- शुरुआत के 2 मिनट, मेन बॉडी 6 मिनट और समापन 2 मिनट. इसमें आप कविताएं और महान नेताओं के विचारों को गहराई से जोड़ सकते हैं.&amp;nbsp;
शुरुआत और समापन के लिए दमदार कोट्स
भाषण की पहली और आखिरी लाइन ही तय करती है कि आपको कितने नंबर मिलेंगे. इसलिए भाषण की शुरुआत किसी शायरी या दिलचस्प कहानी से करें. ताकि शुरुआत से ही दर्शकों का ध्यान आपकी ओर ही खींचा रहे. इसके अलावा भाषण का समापन हमेशा एक मजबूत के साथ करें. भाषण का समापन ऐसा होना चाहिए जो लोगों के दिलों को छू जाए.&amp;nbsp;
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मंच पर आत्मविश्वास
आप कितना ही अच्छा भाषण तैयार कर लें, लेकिन मंच का डर अच्छे-भले भाषण को खराब कर सकता है. इससे बचने और जजों को प्रभावित करने के लिए भाषण देते समय सिर्फ जमीन, छत या जजों की तरफ न देखें. अपनी नजरें पूरे हॉल में घुमाएं. इससे दर्शकों को लगेगा कि आप सीधे उनसे बात कर रहे हैं. साथ ही पूरे भाषण को एक ही टोन पढ़ने की गलती न करें. जहां देशभक्ति और वीरता की बात आए, वहां आवाज में जोश लाएं और जहां शहीदों की बात हो, वहां आवाज को थोड़ा गंभीर रखें. भाषण देते समय मंच पर सीधे खड़े रहें, और माइक को कसकर पकड़ने के बजाय अपने हाथों के सामान्य इशारों से अपनी बात को समझाएं. इससे दर्शक ज्यादा देर तक आपका भाषण सुन पाएंगे.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Thu, 13 Aug 2026 00:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Independence, Day, Speech:, स्कूल, स्पीच, जीतनी, है, ऐसे, तैयार, करें, दमदार, भाषण</media:keywords>
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        <title>CBSE 12वीं कंपार्टमेंट रिजल्ट 2026 जारी, ऐसे चेक करें मार्कशीट</title>
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        <description><![CDATA[ CBSE 12th Compartment Result 2026 Released&amp;nbsp;:&amp;nbsp; केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 12वीं की कंपार्टमेंट परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया है. जिन छात्रों ने कंपार्टमेंट परीक्षा में भाग लिया था, वह अपना संशोधित रिजल्ट और मार्कशीट ऑनलाइन चेक कर सकते हैं. रिजल्ट सीबीएसई के ऑफिशियल वेबसाइट cbse.gov.in. पर जारी किया गया है. छात्र अपने रोल नंबर, एडमिट कार्ड नंबर, स्कूल कोड और जरूरी डिटेल की मदद से मार्कशीट डाउनलोड कर सकते हैं. वही 12वीं की कंपार्टमेंट परीक्षा 28 जुलाई को आयोजित की गई थी. परीक्षा के बाद अब बोर्ड ने इसका रिजल्ट जारी किया है. ऑफिशियल वेबसाइट के अलावा छात्र अपना रिजल्ट डिजिलॉकर और उमंग एप के जरिए भी देख सकते हैं.
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        <pubDate>Thu, 13 Aug 2026 00:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>CBSE, 12वीं, कंपार्टमेंट, रिजल्ट, 2026, जारी, ऐसे, चेक, करें, मार्कशीट</media:keywords>
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        <title>नीट यूजी काउंसलिंग दिल्ली की 85% कोटा सीटों के लिए फिर खुला मौका, ऐसे करें आवेदन</title>
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        <description><![CDATA[ NEET UG Delhi Quota Seats: नीट यूजी 2026 काउंसलिंग के बीच दिल्ली की 85 प्रतिशत कोटा सीटों को लेकर उम्मीदवारों के लिए जरूरी अपडेट सामने आया है. जिन उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन के समय दिल्ली 85 प्रतिशत कोटा का ऑप्शन नहीं चुना था, उन्हें मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) ने एक और मौका दिया है. ऐसे उम्मीदवार अपने रजिस्ट्रेशन फॉर्म को अनलॉक करके दिल्ली कोटा के तहत मेडिकल और डेंटल सीटों के लिए आवेदन कर सकते हैं. एमसीसी ने इसके लिए रजिस्ट्रेशन अनलॉक करने की सुविधा शुरू की है.
दिल्ली 85% कोटा के लिए क्या करना होगा?

जिन उम्मीदवारों ने शुरुआत में दिल्ली कोटा का ऑप्शन नहीं चुना था, वे सबसे पहले MCC यूजी काउंसलिंग 2026 पोर्टल पर जाएं.
इसके बाद अपने रजिस्ट्रेशन में लॉगिन करें.
अब रजिस्ट्रेशन अनलॉक करने का ऑप्शन इस्तेमाल करना होगा.
फॉर्म अनलॉक होने के बाद उम्मीदवारों को क्वालिफिकेशन सेक्शन खोलना होगा.
इसके बाद अप्लाई फॉर सेक्शन ऑप्शन सेलेक्ट करें.
फिर दिल्ली की जिन सीटों के लिए आवेदन करना है, उनसे संबंधित ऑप्शन का चयन करें.
इसके बाद जरूरी ऑप्शन चुनने के बाद फॉर्म को सबमिट कर दें.
लास्ट में काउंसलिंग शेड्यूल के अनुसार चॉइस फिलिंग पूरी करें.

इन सीटों के लिए कर सकते हैं आवेदन
MCC की ओर से दिए गए ऑप्शन में दिल्ली की अलग-अलग सीटों के लिए आवेदन का ऑप्शन उपलब्ध है. इनमें डीयू-आईपी, एमबीबीएस और बीडीएस तथा बीएससी नर्सिंग दिल्ली सीट कोटा शामिल है. उम्मीदवार को अपने पात्रता के अनुसार संबंधित ऑप्शन का चयन करना होगा और फिर आवेदन प्रक्रिया पूरी करनी होगी.
CW कैटेगरी के लिए भी जारी हुई अतिरिक्त सूची
एमसीसी ने दिल्ली 85 प्रतिशत कोटा के तहत चिल्ड्रन एंड विंडो कैटेगरी के लिए एलिजिबल उम्मीदवारों की अतिरिक्त सूची भी जारी की है. यह सूची MBBS-BDS के साथ BAMS, BUMS और BHMS जैसे अंडर ग्रेजुएट कोर्स के लिए है. इस लिस्ट में उम्मीदवारों से संबंधित कई जानकारियां दी गई है. इसमें उम्मीदवार का नाम, नीट रोल नंबर, ऑल इंडिया रैंक, सीडब्ल्यू कैटेगरी और प्राथमिकता और सर्विस केटेगरी से जुड़ी जानकारियां शामिल है. सीडब्ल्यू कैटेगरी के तहत आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को जारी की गई सूची को ध्यान से चेक करने और MCC की ओर से दिए गए निर्देशों का पालन करने के लिए कहा गया है.
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CW पोर्टल भी दोबारा खोलने का नोटिस
एमसीसी ने सीडब्ल्यू कैटेगरी से संबंधित पोर्टल को दोबारा खोलने को लेकर भी नोटिस जारी किया है. ऐसे उम्मीदवारों को पात्रता सूची और संबंधित निर्देशों की जांच करने के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी करनी होगी.
चॉइस फिलिंग की तारीख का रखें ध्यान
दिल्ली 85 प्रतिशत कोटा के लिए रजिस्ट्रेशन अनलॉक करने के बाद उम्मीदवारों को काउंसलिंग शेड्यूल के अनुसार अपनी सीटों की चॉइस फिलिंग पूरी करनी होगी. एमसीसी ने उम्मीदवारों को सलाह दी है कि वह आवेदन में बदलाव करते समय सभी जानकारी ध्यान से भरे और तय समय सीमा के अंदर अपनी चॉइस सबमिट करें.
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        <pubDate>Thu, 13 Aug 2026 00:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>नीट, यूजी, काउंसलिंग, दिल्ली, की, 85, कोटा, सीटों, के, लिए, फिर, खुला, मौका, ऐसे, करें, आवेदन</media:keywords>
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        <title>दिल्ली के सरकारी स्कूलों में अब मिड&amp;डे मील में मिलेगा इडली&amp;सांभर, लागू हुआ नया मेन्यू</title>
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        <description><![CDATA[ Delhi School Mid day Meal: दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के मिड-डे-मील के मेन्यू में बदलाव किया गया है. अब बच्चों को सप्ताह में एक दिन इडली-सांभर भी परोसा जाएगा. शिक्षा निदेशालय ने पीएम पोषण योजना के तहत मिलने वाले भोजन का नया मेन्यू जारी कर दिया है. इसके साथ ही कुछ पुराने डिशेस को भी बदल गया है. नए मेन्यू को दिल्ली के उन सभी सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में लागू किया जाएगा जो पीएम पोषण योजना के दायरे में आते हैं.&amp;nbsp;
6 दिन का होगा नया मिड-डे-मील मेनू&amp;nbsp;
शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार पीएम पोषण के तहत अब छात्रों को 6 दिन के चक्र में अलग-अलग भोजन दिया जाएगा. नए मेनू में पूरी-चना, चावल- दाल और कढ़ी के साथ इडली सांभर भी शामिल किया जाएगा. शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों और भोजन उपलब्ध कराने वाली एजेंसी को नए मेन्यू के अनुसार जरूरी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं. इडली-सांभर शुरू करने के लिए 24 अगस्त तक का समय दिया गया है, जबकि बाकी बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू किए जाने हैं.&amp;nbsp;
नया 6 दिवसीय मेन्यू इस तरह होगा&amp;nbsp;

पहला दिन- पूरी, काले चने की ग्रेवी और मैश की हुई सब्जियां&amp;nbsp;
दूसरा दिन- इडली और सांभर&amp;nbsp;
तीसरा दिन- चावल, छोले और मैश की हुई सब्जियां&amp;nbsp;
चौथा दिन- पूरी, छोले और मैश की हुई सब्जियां&amp;nbsp;
पांचवा दिन- चावल और दाल&amp;nbsp;
छठा दिन- चावल और कढ़ी&amp;nbsp;
इसके अलावा पुराने मेन्यू में शामिल रागी हलवे की जगह गेहूं का आटा और चना मसाला तथा वेजिटेबल दलिया की जगह ज्वार और बाजार को शामिल करने की सिफारिश की गई है.&amp;nbsp;

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इडली सांभर के लिए दो हफ्ते का समय&amp;nbsp;
शिक्षा निदेशालय ने नए मेन्यू के पहले दिन और तीसरे से छठे दिन तक के खाने को तुरंत लागू करने की निर्देश दिए हैं. वहीं इडली सांभर शुरू करने के लिए स्कूलों और संबंधित एजेंसियों को अधिकतम दो सप्ताह का समय दिया गया है. विभाग के अनुसार इडली सांभर तैयार करने के लिए विशेष उपकरण, अलग तरह की सामग्री, जरूरी बुनियादी ढांचा और प्रशिक्षित कर्मचारियों की जरूरत होगी. इसी वजह से इसे शुरू करने के लिए अलग से समय दिया गया है. इम्पैनल्ड एनजीओ और सेंट्रलाइज्ड किचन एजेंसी को निर्देश दिया गया है कि 24 अगस्त तक स्कूलों में इडली-सांभर परोसा जानना शुरू हो जाए. इसके बाद आमतौर पर कोई भी अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा.&amp;nbsp;
हर स्कूल में एक ही खाना देना जरूरी नहीं&amp;nbsp;
शिक्षा निदेशालय ने यह स्पष्ट किया है कि किसी एनजीओ सेंट्रलाइज्ड किचन एजेंसी के लिए एक ही दिन सभी स्कूलों में एक जैसा भोजन देना जरूरी नहीं होगा. सामग्री की उपलब्धता, लॉजिस्टिक समस्याओं और दूसरी जरूरत की आधार पर अलग-अलग स्कूलों में स्वीकृत मेन्यू के अलग-अलग व्यंजन दिए जा सकते हैं. हालांकि हर स्कूल को 6 दिनों के पूरे संशोधित मेन्यू का पालन करना होगा. यानी किसी स्कूल में किसी दिन मेन्यू में शामिल एक डिश उपलब्ध कराया जा सकता है, लेकिन 6 दिन के पूरे भोजन चक्र में तय सभी ऑप्शन को शामिल करना जरूरी रहेगा.
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        <pubDate>Thu, 13 Aug 2026 00:30:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>दिल्ली, के, सरकारी, स्कूलों, में, अब, मिड-डे, मील, में, मिलेगा, इडली-सांभर, लागू, हुआ, नया, मेन्यू</media:keywords>
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        <title>10th Pass Government Jobs: 10वीं पास करने के बाद किन सरकारी नौकरियों का खुल जाता है दरवाजा?</title>
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        <description><![CDATA[ 10th Pass Government Jobs:&amp;nbsp;बहुत से छात्र 10वीं की पढ़ाई पूरी करते ही सरकारी नौकरी की तलाश शुरू कर देते हैं. खुशी की बात यह है कि सिर्फ 10वीं पास करने के बाद भी सरकार के कई विभागों में अच्छी नौकरियां मिल सकती हैं. इन नौकरियों में न सिर्फ ठीक-ठाक सैलरी मिलती है, बल्कि नौकरी की सुरक्षा और सरकारी सुविधाएं भी मिलती हैं. आइए जानते हैं कि 10वीं पास करने के बाद कौन-कौन सी सरकारी नौकरियां हासिल की जा सकती हैं.&amp;nbsp;
किन विभागों में मिलता है मौका
सबसे ज्यादा मौके रेलवे विभाग में मिलते हैं, जहां रेलवे ग्रुप डी और असिस्टेंट लोको पायलट जैसे पदों के लिए 10वीं पास उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं. इसके अलावा SSC यानी स्टाफ सिलेक्शन कमीशन भी मल्टी टास्किंग स्टाफ (MTS) और GD कांस्टेबल जैसे पदों पर हर साल भर्ती निकालता है. जो उम्मीदवार देश की सेवा करना चाहते हैं, उनके लिए भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना में अग्निवीर योजना के तहत भी 10वीं पास के आधार पर भर्ती होती है. इसके अलावा राज्य पुलिस विभागों में कांस्टेबल पद के लिए भी बड़ी संख्या में वैकेंसी आती रहती है. डाक विभाग में ग्रामीण डाक सेवक यानी GDS के पद पर भी 10वीं पास उम्मीदवारों की भर्ती होती है, जिसमें परीक्षा के बजाय सीधे मार्कशीट के नंबरों के आधार पर चयन होता है. इसके अलावा वन विभाग में फॉरेस्ट गार्ड, बीएसएफ, सीआरपीएफ जैसे केंद्रीय सुरक्षा बलों में भी कांस्टेबल स्तर के पदों पर मौका मिलता है.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ेंः राजस्थान में 600 चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती को मंजूरी, जल्द जारी होगा विज्ञापन&amp;nbsp;
आवेदन कैसे करें और क्या रखें ध्यान
इन ज्यादातर सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन ऑनलाइन ही किया जाता है. इसके लिए संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर भर्ती से जुड़ी नोटिफिकेशन को ध्यान से पढ़ना जरूरी है, क्योंकि हर पद के लिए उम्र सीमा, शारीरिक योग्यता और अन्य शर्तें अलग-अलग हो सकती हैं. ज्यादातर भर्तियों में लिखित परीक्षा, शारीरिक दक्षता परीक्षा और दस्तावेज जांच जैसे चरण होते हैं, इसलिए समय रहते तैयारी शुरू कर देनी चाहिए.
सेना और पुलिस जैसी नौकरियों में शारीरिक फिटनेस पर खास ध्यान दिया जाता है, इसलिए दौड़ और अन्य शारीरिक परीक्षणों की प्रैक्टिस भी जरूरी है. आवेदन करते समय सभी जरूरी दस्तावेज जैसे 10वीं की मार्कशीट, आधार कार्ड और फोटो पहले से तैयार रखने चाहिए, ताकि आखिरी समय में कोई परेशानी न हो. सही जानकारी और सही तैयारी के साथ 10वीं पास उम्मीदवार भी एक अच्छी और स्थायी सरकारी नौकरी हासिल कर सकते हैं.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Wed, 12 Aug 2026 08:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>10th, Pass, Government, Jobs:, 10वीं, पास, करने, के, बाद, किन, सरकारी, नौकरियों, का, खुल, जाता, है, दरवाजा</media:keywords>
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        <title>राजस्थान में 600 चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती को मंजूरी, जल्द जारी होगा विज्ञापन </title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/राजस्थान-में-600-चिकित्सा-अधिकारियों-की-भर्ती-को-मंजूरी-जल्द-जारी-होगा-विज्ञापन</link>
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        <description><![CDATA[ Rajasthan Medical Officer recruitment 2026: राजस्थान में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. प्रदेश के सरकारी अस्पतालों और चिकित्सा संस्थानों में 600 चिकित्सा अधिकारियों के पदों पर भर्ती की जाएगी. राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने इन पदों पर भर्ती की विज्ञप्ति जारी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. जिसके बाद अब भर्ती प्रस्ताव जल्द जारी किया जाएगा. इस भर्ती को लेकर पहले यह प्रस्ताव चिकित्सा मंत्री के पास भेजा गया था, जिसे अब मंजूरी मिली है. वहीं भर्ती प्रक्रिया शुरू होने के बाद एलिजिबल उम्मीदवार इन पदों के लिए आवेदन कर सकेंगे.&amp;nbsp;
अब तक 39,288 पदों पर भर्ती और नियुक्तियां&amp;nbsp;
चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के अनुसार चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अलग-अलग संवर्गों में अब तक 39,288 पदों पर भर्ती और नियुक्ति की कार्रवाई पूरी की जा चुकी है. इनमें 208 चिकित्सा अधिकारी (दंत), 1,699 चिकित्सा अधिकारी और 19,240 अराजपत्रित संवर्ग के पद शामिल हैं. वहीं चिकित्सा विभाग में 14 सहायक आचार्य पदों पर नियुक्ति की गई है. इसके अलावा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत 18,126 पदों पर भी नियुक्तियां की जा चुकी है.&amp;nbsp;
सरकारी अस्पतालों में बढ़ेंगे डॉक्टर&amp;nbsp;
चिकित्सा मंत्री के अनुसार 600 चिकित्सा अधिकारियों की नई भर्ती सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम है. इस भर्ती के बाद सरकारी अस्पतालों और दूसरे चिकित्सा संस्थानों में डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी, इससे मरीजों के इलाज के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी. वहीं भर्ती को लेकर विभाग का जोर खास तौर पर ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्र के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में पर्याप्त चिकित्सकीय स्टाफ उपलब्ध कराने पर है. सरकार का मानना है कि डॉक्टरों की संख्या बढ़ने से अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में मदद मिलेगी.&amp;nbsp;
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निरामय राजस्थान पर होगा सरकार का फोकस
चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह ने कहा है कि सरकार निरामय राजस्थान के संकल्प को पूरा करने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और मानव संसाधन को मजबूत करने पर भी लगातार काम कर रही है. सरकार का लक्ष्य प्रदेश के लोगों को उनके नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में ही बेहतर और समय पर उपचार उपलब्ध कराना है.
आरयूएचएस के जरिए होगी भर्ती&amp;nbsp;
चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने बताया कि इन पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी. &amp;nbsp;भर्ती से संबंधित विज्ञापन जारी होने के बाद उम्मीदवारों को आवेदन और पात्रता से जुड़ी जानकारी उपलब्ध होगी. भर्ती प्रक्रिया राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज के माध्यम से कराए जाने की जानकारी भी दी गई है.
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        <pubDate>Wed, 12 Aug 2026 08:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>राजस्थान, में, 600, चिकित्सा, अधिकारियों, की, भर्ती, को, मंजूरी, जल्द, जारी, होगा, विज्ञापन </media:keywords>
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        <title>ग्लोबल यूनिवर्सिटी रैंकिंग में भारत की मौजूदगी, QS में शामिल  हुए 52 संस्थान</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/ग्लोबल-यूनिवर्सिटी-रैंकिंग-में-भारत-की-मौजूदगी-qs-में-शामिल-हुए-52-संस्थान</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/ग्लोबल-यूनिवर्सिटी-रैंकिंग-में-भारत-की-मौजूदगी-qs-में-शामिल-हुए-52-संस्थान</guid>
        <description><![CDATA[ QS world university ranking 2027: भारत की हायर एजुकेशनल व्यवस्था में वैश्विक स्तर पर अपनी मौजूदगी को और मजबूत किया है. QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में भारत के 52 हायर एजुकेशनल इंस्टीट्यूट को जगह मिली है, जबकि 2015 में यह संख्या महज 11 थी. केंद्र सरकार के अनुसार पिछले एक दशक में उच्च शिक्षा के विस्तार और संस्थानों में किए गए अलग-अलग सुधारो का असर विश्व रैंकिंग में भारत की स्थिति पर दिखाई दे रहा है. वहीं QS रैंकिंग में शामिल भारतीय संस्थानों की संख्या बढ़ने के साथ कई संस्थानों की रैंकिंग में भी सुधार हुआ है. 52 भारतीय संस्थानों में से 26 की रैंकिंग बेहतर हुई, 9 संस्थान अपनी पिछली स्थिति पर कायम रहे और 15 की रैंकिंग में गिरावट दर्ज की गई. वहीं 2 संस्थाओं ने पहली बार इस रैंकिंग में जगह बनाई.&amp;nbsp;
IIT दिल्ली रहा सबसे आगे&amp;nbsp;
QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में आईआईटी दिल्ली भारत का सबसे बेहतर रैंक वाला संस्थान रहा. आईआईटी दिल्ली ने 5 पायदान की छलांग लगाकर वैश्विक स्तर पर 118वीं रैंक हासिल की है. इसके बाद आईआईटी बॉम्बे 134वें, आईआईटी मद्रास 170वें, आईआईटी खड़गपुर 205वें और आईआईएससी बैंगलुरु 221वें स्थान पर रहा. आईआईटी बॉम्बे की रैंकिंग पिछले साल के मुकाबले 5 स्थान नीचे आई है. वहीं आईआईटी मद्रास और आईआईटी खड़गपुर की स्थिति में सुधार हुआ है.&amp;nbsp;
ये भी पढ़ें-दिल्ली के स्कूलों में रोजाना 30 मिनट अनिवार्य रीडिंग, लंच ब्रेक में भी खुली रहेगी लाइब्रेरी&amp;nbsp;
IIT के अलावा इन संस्थाओं ने भी किया बेहतर प्रदर्शन&amp;nbsp;
इस बार वैश्विक रैंकिंग में भारत की बेहतर स्थिति केवल IIT और IISc तक सीमित नहीं रही. कई नॉन आईआईटी संस्थानों ने भी रैंकिंग में बड़ी छलांग लगाई है. जैसे बिट्स पिलानी 93 स्थान ऊपर चढ़कर 575वें स्थान पर पहुंचा, जबकि VIT ने 94 पायदान की छलांग लगाकर 597वीं रैंक हासिल की. शूलिनी यूनिवर्सिटी ने भी 51 स्थान ऊपर उठकर 452वें स्थान पर पहुंची है. &amp;nbsp;इसके अलावा आईआईटी हैदराबाद की रैंकिंग में 76 स्थान का सुधार हुआ. वहीं जामिया मिलिया इस्लामिया ने भी 75 से ज्यादा स्थान ऊपर पहुंचकर 686वीं रैंक हासिल की. रैंकिंग में शामिल मिल 52 भारतीय संस्थानों में से 18 ने अपना अब तक का सबसे बेहतर प्रदर्शन किया जिनमें 13 नॉन आईआईटी इंस्टीट्यूट शामिल है.&amp;nbsp;
सरकार ने NIRF और NEP को दिया श्रेय&amp;nbsp;
केंद्र सरकार ने भारत की वैश्विक रैंकिंग की बढ़ती मौजूदगी को NIRF और उच्च शिक्षा क्षेत्र में किए गए सुधारों से भी जोड़ा है. एनआईआरएफ की शुरुआत 2015 में हुई. इसके तहत उच्च शिक्षण संस्थानों का मूल्यांकन शिक्षण एवं संसाधन, रिसर्च और प्रोफेशनल प्रैक्टिस, ग्रेजुएशन आउटकम, आउटरीच एवं इंक्लूसिविटी और पीयर परसेप्शन जैसे मानकों पर किया जाता है. इसके अलावा सरकार ने वैश्विक रैंकिंग में भारतीय संस्थानों के बेहतर प्रदर्शन के पीछे राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) समेत कई पहलों को भी जरूरी बताया.
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        <pubDate>Wed, 12 Aug 2026 08:30:05 +0530</pubDate>
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        <title>Government School Closure Report : देश में एक साल में बंद हुए करीब 10 हजार स्कूल, ये राज्य सबसे आगे</title>
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        <description><![CDATA[ Government School Closure Report : देश में सरकारी स्कूलों की संख्या को लेकर लोकसभा में पेश किए गए आंकड़े सामने आए हैं. UDISE+ के आंकड़ों के मुताबिक, 2024-25 से 2025-26 के बीच देशभर में सरकारी प्राथमिक स्तर के स्कूलों की संख्या में करीब 10 हजार की कमी दर्ज की गई. एक साल में यह संख्या 8,89,806 से घटकर 8,79,940 रह गई, यानी कुल 9,866 स्कूल कम हुए. हालांकि, शिक्षा मंत्रालय ने यह साफ नहीं किया है कि इनमें से कितने स्कूल छात्रों की कम संख्या के कारण सच में बंद हुए हैं.ऐसे में आइए जानते हैं कि देश में एक साल में सरकारी स्कूलों की संख्या कम होने में सबसे आगे कौन सा राज्य है.&amp;nbsp;
एक साल में 9,866 स्कूल कम हुए
लोकसभा में पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार, 2024-25 में देश में सरकारी प्राथमिक स्तर के 8,89,806 स्कूल थे. 2025-26 में इनकी संख्या घटकर 8,79,940 हो गई. एक साल में 9,866 स्कूलों की कमी आई, जो करीब 1.1 फीसदी है. यह आंकड़ा DMK सांसद टीआर बालू के सवाल के जवाब में सामने आया. उन्होंने पूछा था कि क्या छात्रों की कम संख्या के कारण बड़ी संख्या में प्राथमिक स्कूल बंद किए गए हैं और ड्रॉपआउट रोकने के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है. जवाब में शिक्षा मंत्रालय ने दोनों शैक्षणिक वर्षों में सरकारी स्कूलों की कुल संख्या बताई, लेकिन छात्रों की कमी के कारण बंद हुए स्कूलों की अलग संख्या नहीं दी.&amp;nbsp;
स्कूलों की संख्या कम होने में सबसे आगे कौन सा राज्य है?
मेघालय में सरकारी प्राथमिक स्कूलों की संख्या में सबसे बड़ी कमी दर्ज हुई. यहां 2024-25 में 7,633 स्कूल थे, जो 2025-26 में घटकर 5,459 रह गए. एक साल में 2,174 स्कूल कम हुए. इसके बाद तेलंगाना का नंबर रहा, जहां सरकारी स्कूलों की संख्या 22,983 से घटकर 21,022 हो गई. इस तरह यहां 1,961 स्कूल कम हुए. आंध्र प्रदेश में भी 1,446 स्कूलों की कमी दर्ज की गई. यहां संख्या 37,449 से घटकर 36,003 रह गई.&amp;nbsp;
इन राज्यों में भी घटी स्कूलों की संख्या
मध्य प्रदेश में सरकारी प्राथमिक स्कूलों की संख्या 1,043 कम हुई. कर्नाटक में 615, पश्चिम बंगाल में 587, राजस्थान में 473 और महाराष्ट्र में 357 स्कूल कम हुए. हिमाचल प्रदेश में 259 और असम में 209 स्कूलों की कमी दर्ज की गई. उत्तर प्रदेश में भी सरकारी प्राथमिक स्कूलों की संख्या थोड़ी घटी है. देश में सबसे बड़ा सरकारी प्राथमिक स्कूल नेटवर्क रखने वाले उत्तर प्रदेश में इनकी संख्या 1,34,115 से घटकर 1,33,948 रह गई.&amp;nbsp;
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बिहार और छत्तीसगढ़ में बढ़ी संख्या
सभी राज्यों में सरकारी स्कूलों की संख्या में गिरावट नहीं हुई. बिहार में 2024-25 के 66,803 स्कूलों की संख्या बढ़कर 2025-26 में 66,915 हो गई. यहां 112 स्कूल बढ़े. छत्तीसगढ़ में भी सरकारी प्राथमिक स्कूलों की संख्या 43,836 से बढ़कर 43,853 हो गई. वहीं जम्मू-कश्मीर, पुडुचेरी और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में स्कूलों की संख्या में कोई बदलाव नहीं हुआ.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Wed, 12 Aug 2026 08:30:03 +0530</pubDate>
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        <title>Deepak Dhar Dirac Medal 2026 : भारतीय भौतिक विज्ञानी दीपक धर को मिला डिराक मेडल, जानें उनका योगदान</title>
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        <description><![CDATA[ Deepak Dhar Dirac Medal 2026 : भारत के एक छोटे से शहर से शुरू हुआ विज्ञान का सफर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान बना चुका है. भारतीय सैद्धांतिक भौतिक विज्ञानी दीपक धर को साल 2026 का प्रतिष्ठित डिराक मेडल मिला है. इंटरनेशनल सेंटर फॉर थियोरेटिकल फिजिक्स (ICTP) की ओर से दिए जाने वाले इस सम्मान के लिए उन्हें सांख्यिकीय यांत्रिकी और जटिल भौतिक सिस्टम को समझने में उनके जरूरी योगदान के लिए चुना गया है, इस साल धर के अलावा तीन अन्य वैज्ञानिकों को भी इस सम्मान से नवाजा गया है. ऐसे में आइए जानते हैं कि भारतीय भौतिक विज्ञानी दीपक धर का योगदान क्या रहा है.&amp;nbsp;
भारतीय भौतिक विज्ञानी दीपक धर का योगदान
दीपक धर लंबे समय से सांख्यिकीय भौतिकी और मूश्किल सिस्टम से जुड़े विषयों पर शोध कर रहे हैं. सांख्यिकीय यांत्रिकी के जरिए यह समझने की कोशिश की जाती है कि बड़ी संख्या में मौजूद कण या किसी सिस्टम के अलग-अलग हिस्से मिलकर किस तरह सामूहिक व्यवहार करते हैं. धर के शोध ने वैज्ञानिकों को यह समझने में मदद की कि किसी सिस्टम के छोटे-छोटे हिस्सों के बीच होने वाली नॉर्मल सी एक्टिविटी समय के साथ बड़े और मुश्किल बदलाव कैसे पैदा कर सकती हैं. उनके काम का इस्तेमाल सैंडपाइल मॉडल जैसी &amp;nbsp;मुश्किल सिस्टम को समझने में किया गया है.&amp;nbsp;
सैंडपाइल मॉडल और धर बर्निंग एल्गोरिदम
दीपक धर के सबसे चर्चित वैज्ञानिक योगदानों में सैंडपाइल मॉडल पर उनका काम शामिल है. इस मॉडल में रेत के ढेर में लगातार रेत के कण जोड़े जाते हैं. ज्यादातर बार इससे कोई बड़ा बदलाव नहीं होता, लेकिन कभी-कभी एक छोटा सा बदलाव अचानक बहुत बड़ी घटना को जन्म दे सकता है. &amp;nbsp;इसी शोध से जुड़ा धर बर्निंग एल्गोरिदम भी उनके प्रमुख योगदानों में शामिल है. यह सेल्फ-ऑर्गनाइज्ड क्रिटीकेलिटी और मुश्किल सिस्ट के अध्ययन में जरूरी माना जाता है. ऐसे सिद्धांतों का इस्तेमाल भूकंप, ट्रैफिक जाम और वित्तीय बाजारों में होने वाले उतार-चढ़ाव जैसी जटिल घटनाओं को समझने में भी किया जाता है.&amp;nbsp;
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दीपक धर का जन्म और उनके करियर का सफर
दीपक धर का जन्म 1951 में उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में हुआ था. बचपन में उनके पिता विज्ञान से जुड़ी पत्रिकाएं घर लाते थे. अंडरस्टैंडिंग साइंस पत्रिका ने उन्हें काफी प्रभावित किया और विज्ञान के प्रति उनकी रुचि मजबूत हुई. उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पढ़ाई की और इसके बाद IIT कानपुर से MSc की, आगे की पढ़ाई के लिए वह अमेरिका के कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (Caltech) पहुंचे, जहां उन्हें रिचर्ड फेनमैन फेलोशिप मिली. उन्होंने प्रसिद्ध भौतिक विज्ञानी रिचर्ड फेनमैन के साथ काम किया और उनके टीचिंग असिस्टेंट भी रहे. साल 1978 में उन्होंने PhD पूरी की.&amp;nbsp;
विदेश में मौका मिला, फिर भारत लौटे
PhD के बाद धर ने अमेरिका में करियर बनाने के बजाय भारत लौटने का फैसला किया. वह मुंबई स्थित टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च (TIFR) से जुड़े. इसके बाद उन्होंने IISER पुणे में भी करीब आठ साल तक प्रोफेसर के रूप में काम किया. &amp;nbsp;डिराक मेडल से पहले भी दीपक धर को कई प्रतिष्ठित सम्मान मिल चुके हैं. साल 2022 में वह बोल्ट्जमैन मेडल पाने वाले पहले भारतीय बने. इसके बाद 2023 में उन्हें भारत के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण से सम्मानित किया गया.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Tue, 11 Aug 2026 20:30:07 +0530</pubDate>
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        <title>10 साल बच्चों को पढ़ाया, रात में की तैयारी अब DSP बने अंकित कुमार</title>
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        <description><![CDATA[ 10 साल बच्चों को पढ़ाया, रात में की तैयारी अब DSP बने अंकित कुमार ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 11 Aug 2026 20:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>UGC NET की आंसर&amp;की को लेकर NTA ने दिया अपडेट, इसी सप्ताह होगी जारी</title>
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        <description><![CDATA[ UGC NET जून 2026 की आंसर-की का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों के लिए एनटीए ने जानकारी दी है. NTA के अनुसार यूजीसी नेट जून 2026 की प्रोविजनल आंसर-की इसी सप्ताह जारी की जाएगी. लंबे समय से आंसर-की का इंतजार कर रहे हैं उम्मीदवारों के लिए यह अपडेट जरूरी है, क्योंकि आंसर-की जारी होने के बाद वह अपने रिस्पांस शीट और प्रश्न पत्र के साथ अपने संभावित स्कोर का अनुमान लगा सकेंगे. इसके अलावा किसी उत्तर पर आपत्ति होने पर उम्मीदवारों को उसे चुनौती देने का मौका भी मिलेगा.
वहीं, यूजीसी नेट जून 2026 परीक्षा का आयोजन 22 जून से 30 जून के बीच गया था. इसके अलावा कुछ उम्मीदवारों के लिए 5 जुलाई को दोबारा परीक्षा आयोजित की गई थी. परीक्षा के बाद से ही उम्मीदवार प्रोविजनल आंसर की और रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं.
इसी सप्ताह जारी होगी UGC NET आंसर-की
एनटीए के अपडेट के अनुसार यूजीसी नेट जून 2026 के प्रोविजनल आंसर की इसी सप्ताह जारी की जाएगी. आंसर-की के साथ उम्मीदवारों की रिस्पांस शीट और अटेंप्ट किया गया प्रश्न पत्र भी उपलब्ध कराया जाएगा. उम्मीदवार इन्हें एनटीए की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर देख सकेंगे. आंसर की जारी होने के बाद उम्मीदवार अपने रिकॉर्ड किए गए जवाबों को ऑफिशियल उत्तरों से मिला सकेंगे और इससे उन्हें परीक्षा में संभावित अंक का अंदाजा लगाने में मदद मिलेगी.
गलत जवाब पर आपत्ति का भी मिलेगा मौका
प्रोविजनल आंसर-की जारी होने के बाद &amp;nbsp;NTA उम्मीदवारों को किसी उत्तर में गलती मिलने पर आपत्ति दर्ज करने का मौका देगा. इसके अलावा उम्मीदवारों को अपने दावे के समर्थन में उचित कारण और प्रमाण देना होगा. प्रत्येक उत्तर को चुनौती देने के लिए 200 रुपये की नॉन रिफंडेबल फीस देनी होगी. केवल तय समय के अंदर और निर्धारित माध्यम से जमा की गई आपत्तियों पर ही विचार किया जाएगा, बिना उचित कारण या सबूत के भेजी गई आपत्ति तथा समय सीमा के बाद दर्ज किए गए चैलेंज स्वीकार नहीं किए जाएंगे. वहीं उम्मीदवारों की ओर से प्राप्त आपत्तियों की विषय एक्सपर्ट्स की ओर से जांच की जाएगी. इसके बाद जरूरी बदलाव किए जाने के बाद फाइनल आंसर-की तैयार की जाएगी.
ये भी पढ़ें-बिहार पुलिस ड्राइवर भर्ती, 11847 उम्मीदवारों की DET एडमिट कार्ड जारी
लंबे इंतजार के बाद आया अपडेट
यूजीसी नेट जून 2026 की परीक्षा जून के अंत में पूरी हो गई थी, लेकिन इसके बाद प्रोविजनल आंसर-की जारी नहीं होने से उम्मीदवारों का इंतजार बढ़ता गया. कई उम्मीदवार NTA से लगातार अपडेट मांग रहे थे. आंसर-की में देरी का असर उन उम्मीदवारों की आगे की पढ़ाई और अकेडमिक योजनाओं पर भी पढ़ रहा है, जो यूजीसी नेट के स्कोर के आधार पर जेआरएफ, असिस्टेंट प्रोफेसर की पात्रता या पीएचडी में एडमिशन की तैयारी कर रहे हैं. पिछले कुछ यूजीसी नेट सत्रों में की तुलना में इस बार आंसर-की जारी होने में ज्यादा समय लगा, जिसकी वजह से उम्मीदवारों की ओर से एनटीए की हेल्पडेस्क और अन्य माध्यम से भी जानकारी लेने की कोशिश की गई. लेकिन उन्हें आंसर-की की तारीख को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही थी.
क्यों जरूरी होता है UGC NET का स्कोर?
यूजीसी नेट परीक्षा के जरिए उम्मीदवारों की जूनियर रिसर्च फैलोशिप, असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए पात्रता और पीएचडी में एडमिशन से जुड़ी योग्यता तय की जाती है. ऐसे में आंसर-की के बाद आने वाला रिजल्ट उम्मीदवारों के आगे के अकेडमिक और करियर प्लान के लिए जरूरी होता है. जेआरएफ के लिए उम्मीदवार के पार्ट 1 और पार्ट 2 में प्रदर्शन को ध्यान में रखा जाता है. वही असिस्टेंट प्रोफेसर और पीएचडी एडमिशन वाली कैटेगरी में क्वालीफाई करने वाले उम्मीदवार इन अवसरों के लिए पात्र होते हैं, लेकिन उन्हें जेआरएफ नहीं मिलता.
ये भी पढ़ें-दिल्ली के स्कूलों में रोजाना 30 मिनट अनिवार्य रीडिंग, लंच ब्रेक में भी खुली रहेगी लाइब्रेरी&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 11 Aug 2026 20:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>UGC, NET, की, आंसर-की, को, लेकर, NTA, ने, दिया, अपडेट, इसी, सप्ताह, होगी, जारी</media:keywords>
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        <title>NTPC में नौकरी का मौका, डिप्टी मैनेजर पदों के लिए 12 अगस्त से आवेदन शुरू</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/ntpc-में-नौकरी-का-मौका-डिप्टी-मैनेजर-पदों-के-लिए-12-अगस्त-से-आवेदन-शुरू</link>
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        <description><![CDATA[ इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी कर सरकारी सेक्टर में नौकरी की तलाश कर रहे उम्मीदवारों के लिए एनटीपीसी लिमिटेड ने भर्ती का मौका दिया है. कंपनी ने डिप्टी मैनेजर के पदों पर भर्ती के लिए शॉर्ट नोटिफिकेशन जारी किया है. इस भर्ती के जरिए इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल और कंट्रोल एंड इंस्ट्रूमेंटेशन विभागों में कुल 135 पद भरे जाएंगे. आवेदन प्रक्रिया 12 अगस्त से शुरू होगी, जबकि उम्मीदवार 26 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे.&amp;nbsp;
135 पदों पर होगी भर्ती&amp;nbsp;
एनटीपीसी की इस भर्ती में डिप्टी मैनेजर (मैकेनिकल) के 55 पद, डिप्टी मैनेजर (इलेक्ट्रिकल) के 40 पद और डिप्टी मैनेजर (कंट्रोल एंड इंस्ट्रूमेंट) के 40 पद शामिल है. यानी कुल 135 रिएक्शन पर नियुक्तियां की जाएगी. इन पदों के लिए आवेदन करने की वाले उम्मीदवारों को संबंधित इंजीनियरिंग ब्रांच में फुलटाइम बीई या बीटेक की डिग्री होनी चाहिए. उम्मीदवारों के पास संबंधित क्षेत्र में जरूरी काम का एक्सपीरियंस भी होना चाहिए.&amp;nbsp;
किस ब्रांच के उम्मीदवार कर सकते हैं आवेदन&amp;nbsp;
डिप्टी मैनेजर (इलेक्ट्रिकल) पद के लिए इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग या इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीई-बीटेक करने वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं. वहीं डिप्टी मैनेजर (मैकेनिक) के लिए मैकेनिकल, प्रोडक्शन, थर्मल इंजीनियरिंग या संबंधित विषय में डिग्री जरूरी है. इसके अलावा सी एंड आई पद के लिए इंस्ट्रूमेंटेशन, कंट्रोल एंड इंस्ट्रूमेंटेशन, &amp;nbsp;इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंस्ट्रूमेंटेशन या इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में बीई-बीटेक होने चाहिए.&amp;nbsp;
2 लाख तक मिलेगी सैलरी&amp;nbsp;
एनटीपीसी में डिप्टी मैनेजर का पद ई4 ग्रेड में है. चयनित उम्मीदवारों को 70,000 से 2 लाख रुपये तक का आईडीए पे स्केल मिलेगा. इसके अलावा कंपनी के नियमों के अनुसार डीए, अलग-अलग भत्ते, मेडिकल सुविधाएं और दूसरे लाभ भी दिए जाएंगे.&amp;nbsp;
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एक्सपीरियंस उम्मीदवारों के लिए भर्ती&amp;nbsp;
यह भर्ती खासतौर पर संबंधित क्षेत्र में काम का एक्सपीरियंस रखने वाले इंजीनियरिंग उम्मीदवारों के लिए है. उम्मीदवारों के पास डिग्री पूरी करने के बाद संबंधित क्षेत्र का निर्धारित एक्सपीरियंस होना चाहिए. उम्र सीमा और अनुभव से जुड़ी जरूरी शर्तों की जानकारी ऑफिशियल नोटिफिकेशन में दी गई है. आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को नियमानुसार उम्र में छूट मिलेगी&amp;nbsp;
इंटरव्यू के आधार पर होगा चयन&amp;nbsp;
एनटीपीसी की ओर से उम्मीदवारों की ओर से जमा किए गए आवेदन और उनकी योग्यता व अनुभव की जांच की जाएगी. शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को इंटरव्यू &amp;nbsp;के लिए बुलाया जाएगा. इसके बाद डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी होगी और निर्धारित प्रक्रिया के आधार पर अंतिम चयन किया जाएगा.
ऐसे करें आवेदन&amp;nbsp;

आवेदन करने के लिए सबसे पहले उम्मीदवार एनटीपीसी के ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं
इसके बाद करियर ऑप्शन खोले और एनटीपीसी डिप्टी मैनेजर भर्ती 2026 लिंक पर क्लिक करें
अब रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी करें और लॉगिन आईडी और पासवर्ड बनाएं
आवेदन पत्र में व्यक्तिगत डिटेल, शैक्षणिक योग्यता और काम का एक्सपीरियंस भरें.
फोटो सिग्नेचर और प्रमाण पत्र सहित जरूरी डॉक्यूमेंट अपलोड करें.
अब ऑनलाइन फीस का पेमेंट करें और फॉर्म को सबमिट कर दें.

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        <pubDate>Tue, 11 Aug 2026 20:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>NTPC, में, नौकरी, का, मौका, डिप्टी, मैनेजर, पदों, के, लिए, अगस्त, से, आवेदन, शुरू</media:keywords>
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        <title>कौन है दीप्ति गौड़ मुखर्जी, जो बनीं उच्च शिक्षा विभाग की नई सचिव?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/कौन-है-दीप्ति-गौड़-मुखर्जी-जो-बनीं-उच्च-शिक्षा-विभाग-की-नई-सचिव</link>
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        <description><![CDATA[ Deepti Gaur Mukherjee Higher Education Secretary: उच्च शिक्षा विभाग में एक बार फिर बाद प्रशासनिक बदलाव किया गया है. केंद्र सरकार ने 1993 बैच की मध्य प्रदेश कैडर की आईएएस अधिकारी दीप्ति गौड़ मुखर्जी को उच्च शिक्षा विभाग का नया सचिव नियुक्त किया है. यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब देश की परीक्षा व्यवस्था और खास तौर पर एनटीए को लेकर सवाल उठ चुके हैं.
दीप्ति गौड़ मुखर्जी अब उच्च शिक्षा सचिव के तौर पर यूनिवर्सिटी, तकनीकी शिक्षा संस्थानों और राष्ट्रीय शिक्षा नीति से जुड़े कामकाज की जिम्मेदारी संभालेंगी. केंद्र ने सोमवार देर रात जारी आदेश में पहले किए गए नियुक्ति आदेश में आंशिक बदलाव किया है. इसके तहत मुखर्जी को उच्च शिक्षा सचिव बनाया गया है. वह नरेश पाल गंगवार की जगह लेंगी, जिन्हें करीब तीन सप्ताह पहले ही इस पद पर नियुक्त किया गया था.&amp;nbsp;
1993 बैच की आईएएस अधिकारी है, दीप्ति गौड़ मुखर्जी&amp;nbsp;
दीप्ति गौड़ मुखर्जी मूल रूप से उत्तर प्रदेश की रहने वाली है. उन्होंने अर्थशास्त्र में मास्टर्स दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी से की. &amp;nbsp;दीप्ति गौड़ मुखर्जी 1993 बैच की आईएएस अधिकारी है और मध्य प्रदेश कैडर से आती है. उच्च शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी मिलने से पहले वह कॉरपोरेट अफेयर्स सचिव पद के पद पर कार्यरत थी. अब उन्हें उच्च शिक्षा विभाग का सचिव बनाया गया है, इस विभाग के तहत देश में उच्च शिक्षा से जुड़े नीतिगत फैसले, यूनिवर्सिटी और तकनीकी शिक्षा संस्थानों से जुड़े कामकाज तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन जैसे अहम विषय आते हैं.&amp;nbsp;
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नरेश पाल गंगवार की जगह मिली जिम्मेदारी&amp;nbsp;
दीप्ति गौड़ मुखर्जी की नियुक्ति से पहले नरेश पाल गंगवार को 23 जुलाई को उच्च शिक्षा सचिव बनाया गया था. गंगवार 1994 बैच के राजस्थान कैडर के आईएएस अधिकारी है और उसे समय पशुपालन एवं डेयरी विभाग के सचिव थे. हालांकि के उनकी नियुक्ति के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर सवाल उठने लगे. रिपोर्ट में गंगवार के परिवार के सदस्यों को नेशनल हॉर्टिकल्चर बोर्ड की एक योजना के तहत मिली सरकारी सब्सिडी का मुद्दा उठाया गया. बताया गया कि उनकी मां, पत्नी और बेटे को व्यावसायिक खीरे की खेती के लिए योजना के तहत एक करोड़ रुपये से ज्यादा की सब्सिडी मिली थी. इस मामले को लेकर कई सवाल उठाए गए इसके बाद केंद्र सरकार ने उच्च शिक्षा सचिव के पद पर नियुक्ति में बदलाव करते हुए दीप्ति गौड़ मुखर्जी को यह जिम्मेदारी दी है.&amp;nbsp;
एनटीए विवादों के बीच मिली उच्च शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी&amp;nbsp;
दीप्ति गौड़ मुखर्जी को ऐसे समय उच्च शिक्षा विभाग की कमान मिली है, जब देश की परीक्षा व्यवस्था लगातार चर्चा में है. उच्च शिक्षा विभाग के अधीन एनटीए आती है, जो नीट यूजी समेत कई बड़ी प्रवेश और पात्रता परीक्षा आयोजित करती है. नीट यूजी को लेकर पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े विवादों के बाद परीक्षा व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही को लेकर सरकार पर दबाव रहा है. इस पूरे मामले के बाद परीक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने उच्च स्तरीय टास्क फोर्स का गठन भी किया. ऐसे में उच्च शिक्षा सचिव के तौर पर दीप्ति गौड़ मुखर्जी के सामने उच्च शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े कई अहम मुद्दों की जिम्मेदारी होगी.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Tue, 11 Aug 2026 20:30:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>कौन, है, दीप्ति, गौड़, मुखर्जी, जो, बनीं, उच्च, शिक्षा, विभाग, की, नई, सचिव</media:keywords>
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        <title>नीट यूजी काउंसलिंग में चॉइस फिलिंग शुरू, जानिए राज्यों में क्या है? काउंसलिंग का स्टेटस</title>
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        <description><![CDATA[ NEET UG Counselling: मेडिकल काउंसलिंग कमेटी ने ऑल इंडिया कोटा सीटों के लिए नीट यूजी 2026 के राउंड-1 की चॉइस फिलिंग शुरू कर दी है. रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 5 अगस्त से ही शुरू हो गई थी, जबकि उम्मीदवार 7 अगस्त से अपनी पसंद के मेडिकल कॉलेज और कोर्स चुनकर उन्हें प्राथमिकता के क्रम में भर सकते हैं. इस बीच एमसीसी ने रजिस्ट्रेशन में गलती सुधारने के लिए रिसेट रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी शुरू की है. वहीं अलग-अलग राज्यों में नीट यूजी की काउंसलिंग अलग-अलग चरणों में चल रही है. कहीं आवेदन प्रक्रिया जारी है, तो कहीं कुछ राज्यों में मेरिट और अगले चरण की तैयारी भी चल रही है.&amp;nbsp;
रजिस्ट्रेशन में गलती सुधारने का भी मौका&amp;nbsp;
एमसीसी ने राउंड 1 के लिए रिसेट रजिस्ट्रेशन का ऑप्शन भी उपलब्ध कराया है. अगर किसी उम्मीदवार ने रजिस्ट्रेशन के दौरान गलती से गलत जानकारी भरी है या कोई गलत ऑप्शन चुन लिया है, तो वह इस सुविधा के जरिए अपनी जानकारी में सुधार कर सकता है. यह सुविधा 12 अगस्त 2026 को सुबह 11:00 तक उपलब्ध रहेगी. उम्मीदवारों को तय अवधि के अंदर अपनी रजिस्ट्रेशन डिटेल्स जांच कर जरूरी सुधार करने होंगे.&amp;nbsp;
राज्यों में अलग-अलग चरण में चल रही काउंसलिंग&amp;nbsp;
ऑल इंडिया कोटा काउंसलिंग के साथ राज्य स्तर पर होने वाली नीट यूजी काउंसलिंग अलग प्रक्रिया है. राज्यों की अपनी रजिस्ट्रेशन, मेरिट लिस्ट, चॉइस फिलिंग और सीट अलॉटमेंट की तारीखें हैं. फिलहाल केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु और पंजाब में प्रक्रिया अलग-अलग स्तर पर चल रही है.&amp;nbsp;
केरल में नीट स्कोर जमा करने की प्रक्रिया
केरल में कमिश्नर फॉर एंट्रेंस एग्जामिनेशन की ओर से केईएएम 2026 के तहत मेडिकल और मेडिकल-अलाइड कोर्स के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों से नीट यूजी 2026 के रिजल्ट की जानकारी मांगी जा रही है. राज्य में अभी एमबीबीएस और बीडीएस राउंड-1 की चॉइस फिलिंग या सीट अलॉटमेंट का चरण शुरू नहीं हुआ है. नीट स्कोर जमा होने और आवेदन की जांच पूरी होने के बाद राज्य मेरिट और अलॉटमेंट प्रक्रिया आगे बढ़ेगी.&amp;nbsp;
आंध्र प्रदेश में 12 अगस्त तक आवेदन&amp;nbsp;
आंध्र प्रदेश में डॉ. एनटीआर यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज ने 2026-27 के एमबीबीएस और बीडीएस एडमिशन के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू कर दिए है. यह प्रक्रिया कम्पीटेंट अथॉरिटी कोटा के तहत हो रही है. आवेदन की आखिरी तारीख 12 अगस्त रात 9:00 बजे हैं. वहीं प्रमाण पत्र और उम्मीदवारों की ओर से दर्ज आपत्तियों की जांच के बाद नीट यूजी 2026 रैंक और एलिजिबिलिटी के आधार पर राज्य मेरिट तैयार की जाएगी. फिलहाल चॉइस फिलिंग और राउंड-1 सीट अलॉटमेंट की तारीख जारी नहीं की गई है.&amp;nbsp;
तेलंगाना में भी 12 अगस्त तक रजिस्ट्रेशन&amp;nbsp;
तेलंगाना में कालोजी नारायण राव यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज ने एमबीबीएस और बीडीएस एडमिशन के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया है. यूनिवर्सिटी ने नीट यूजी 2026 के राज्य स्तर पर योग्य उम्मीदवारों की लिस्ट भी जारी की है. रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख 12 अगस्त शाम 6 बजे हैं. &amp;nbsp;इसके बाद राज्य मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी और फिर वेब ऑप्शन तथा सीट अलॉटमेंट की प्रक्रिया यूनिवर्सिटी के नोटिफिकेशन के अनुसार आगे बढ़ेगी.&amp;nbsp;
कर्नाटक में काउंसलिंग आगे बढ़ी&amp;nbsp;
कर्नाटक में कर्नाटक एग्जामिनेशन अथॉरिटी पहले ही यूजी नीट 2026 काउंसलिंग की प्रक्रिया आगे बढ़ा चुका है. राज्य में मेडिकल और डेंटल एग्जामिनेशन एडमिशन के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया चल रही है. उम्मीदवारों को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन, चॉइस एंट्री और आगे होने वाली सीट अलॉटमेंट प्रक्रिया के लिए केईए &amp;nbsp;के यूजी नीट 2026 शेड्यूल को देखना होगा. यानी इन राज्यों की तुलना में कर्नाटक काउंसलिंग के अगले चरण में पहुंच चुका है.&amp;nbsp;
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तमिलनाडु में भी आवेदन प्रक्रिया पूरी&amp;nbsp;
तमिलनाडु में एमबीबीएस और बीडीएस एडमिशन के लिए आवेदन का चरण पूरा हो चुका है. फिलहाल मेडिकल सेलेक्शन कमेटी पात्रता और उम्मीदवारों की ओर से दर्ज शिकायतों से जुड़े मामलों को देख रही है. ऑफिशियल पोर्टल पर सरकारी और मैनेजमेंट कोटा के तहत अयोग्य पाए गए उम्मीदवारों के लिए शिकायत दर्ज करने की सुविधा दी गई है. इसके अलावा पीडब्ल्यूडी उम्मीदवारों के लिए प्रमाण पत्र अपलोड करने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है. राज्य में राउंड-1 की चॉइस फिलिंग और सीट अलॉटमेंट का शेड्यूल अभी जारी नहीं हुआ है.&amp;nbsp;
पंजाब में एडमिशन पोर्टल एक्टिव&amp;nbsp;
पंजाब में बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज ने नीट यूजी 2026 के एमबीबीएस और बीडीएस एडमिशन के लिए पोर्टल एक्टिव कर दिया है. राज्य में प्रक्रिया फिलहाल आवेदन चरण में है. वहीं राउंड-1 की चॉइस फिलिंग और सीट अलॉटमेंट की पूरी तारीखें अभी सामने नहीं आई है.
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        <pubDate>Tue, 11 Aug 2026 04:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>नीट, यूजी, काउंसलिंग, में, चॉइस, फिलिंग, शुरू, जानिए, राज्यों, में, क्या, है, काउंसलिंग, का, स्टेटस</media:keywords>
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        <title>कल जारी हो सकती है नीट पीजी 2026 एग्जाम सिटी स्लिप, 30 अगस्त को होगी परीक्षा</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/कल-जारी-हो-सकती-है-नीट-पीजी-2026-एग्जाम-सिटी-स्लिप-30-अगस्त-को-होगी-परीक्षा</link>
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        <description><![CDATA[ NEET PG 2026: नीट पीजी 2026 परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों के लिए बड़ा अपडेट है. नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन एंड मेडिकल साइंसेज कल यानी 11 अगस्त 2026 को नीट पीजी 2026 की एग्जाम सिटी इंटिमेशन स्लिप जारी कर सकता है. जिन उम्मीदवारों ने परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन किया है वे सिटी स्लिप जारी होने के बाद इसे NBEMS की ऑफिशियल वेबसाइट पर अपने लॉगिन डिटेल्स की मदद से डाउनलोड कर सकेंगे. नीट पीजी 2026 की परीक्षा 30 अगस्त 2026 को आयोजित होनी है, जबकि एडमिट कार्ड 27 अगस्त को जारी किया जाएगा.&amp;nbsp;
सिटी स्लिप से मिलेगी परीक्षा शहर की जानकारी&amp;nbsp;
नीट पीजी की सिटी इंटिमेशन स्लिप में उम्मीदवार को उस शहर की जानकारी दी जाएगी. जहां उसका परीक्षा केंद्र आवंटित किया गया है. यह स्लिप खासतौर पर उन अभ्यर्थियों के लिए जरूरी होगी, जिन्हें परीक्षा देने के लिए दूसरे शहर की यात्रा करनी है. इससे वह परीक्षा से पहले यात्रा और रहने की व्यवस्था कर सकेंगे. हालांकि उम्मीदवारों को ध्यान रखना होगा कि सिटी स्लिप एडमिट कार्ड नहीं है. इसमें परीक्षा शहर की जानकारी मिलेगी, जबकि परीक्षा केंद्र का पूरा पता रिपोर्टिंग और एडमिशन से जुड़ी जरूरी जानकारी एडमिट कार्ड में दी जाएगी.&amp;nbsp;
30 अगस्त को होगी नीट पीजी की परीक्षा&amp;nbsp;
NBEMS की तरह शेड्यूल के अनुसार नीट पीजी 2026 का आयोजन 30 अगस्त 2026 को किया जाएगा. परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड 27 अगस्त को जारी होने की उम्मीद है. उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र पर एडमिट कार्ड के साथ वैलिड पहचान पत्र भी लेकर जाना होगा. नीट पीजी, एमडी, एम, एस और पीजी डिप्लोमा जैसे पोस्टग्रेजुएट मेडिकल कोर्स में एडमिशन के लिए आयोजित की जाने वाली पात्रता और रैंकिंग परीक्षा है. इसके अलावा पोस्ट एमबीबीएस डीएनबी, पोस्ट एमबीबीएस, डायरेक्टर 6 ईयर डीआरएनबी और NBEMS &amp;nbsp;के दो वर्षीय पोस्ट एमबीबीएस डिप्लोमा कोर्स में एडमिशन भी नीट यूजी के जरिए किया जाता है.
ये भी पढ़ें-तमिलनाडु के प्रणव इलांगो ने रचा इतिहास, मिली 3.55 करोड़ की स्कॉलरशिप&amp;nbsp;
इसे डाउनलोड करें नीट पीजी सिटी स्लिप&amp;nbsp;

नीट पीजी सिटी स्लिप डाउनलोड करने के लिए सबसे पहले NBEMS की ऑफिशियल वेबसाइट nbe.edu.in. पर जाए.
इसके बाद नीट पीजी 2026 सिटी इंटिमेशन स्लिप के लिंक पर क्लिक करें.
अब मांगी गई लोगों डिटेल्स भरें.
इसके बाद सबमिट बटन पर क्लिक करें.
अब सिटी स्लिप स्क्रीन पर दिखाई देगी, इसे डाउनलोड करके सुरक्षित रख लें.&amp;nbsp;

सिटी स्लिप में क्या-क्या जानकारी होगी?
नीट पीजी 2026 के सिटी स्लिप में उम्मीदवारों से जुड़ी कुछ जरूरी जानकारी दी जाएगी. इसमें मुख्य रूप से उम्मीदवार का नाम, एप्लीकेशन नंबर, रोल नंबर, आवंटित परीक्षा शहर, परीक्षा की तारीख और जरूरी निर्देश शामिल हो सकते हैं. उम्मीदवारों को यह भी बताया गया है कि परीक्षा केंद्र का विस्तृत पता एडमिट कार्ड में दिया जाएगा, इसलिए सिटी स्लिप जारी होने के बाद भी उम्मीदवारों को एडमिट कार्ड का इंतजार करना होगा.
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        <pubDate>Tue, 11 Aug 2026 04:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>कल, जारी, हो, सकती, है, नीट, पीजी, 2026, एग्जाम, सिटी, स्लिप, अगस्त, को, होगी, परीक्षा</media:keywords>
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        <title>ICSE&amp;ISC 2028 बोर्ड परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू, जानिए आवेदन की आखिरी तारीख</title>
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        <description><![CDATA[ ICSE-ISC 2028 Registration:&amp;nbsp; काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन ने आईसीएसई कक्षा 10वीं और &amp;nbsp;कक्षा 12वीं परीक्षा &amp;nbsp;2028 के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू कर दी है. छात्र सीधे अपना रजिस्ट्रेशन नहीं कर सकेंगे. संबंधित CISCE से संबद्ध स्कूलों के माध्यम से उम्मीदवारों का रजिस्ट्रेशन CISCE CAREERS &amp;nbsp;पोर्टल पर किया जाएगा. बोर्ड ने ICSE और ISC दोनों के लिए अलग-अलग समय सीमा जारी की है. इसके साथ ही CISCE &amp;nbsp;ने 2027 की ICSE और ISC बोर्ड परीक्षाओं के लिए पहले से रजिस्टर्ड छात्रों के एंट्री कंफर्मेशन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है. स्कूल पोर्टल पर लॉगिन करके छात्रों की जानकारी की पुष्टि कर सकेंगे और जरूरी होने पर निर्धारित डॉक्यूमेंट्स के साथ डिटेल में बदलाव के लिए भी अनुरोध कर सकेंगे. &amp;nbsp;
ICSE 2028 रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख&amp;nbsp;
आईसीएसई कक्षा 10वीं परीक्षा 2028 के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 5 अगस्त 2026 से शुरू हो गई है. बिना लेट फीस के रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख 31 अक्टूबर 2026 है. इसके बाद लेट फीस के साथ 1 नवंबर से 15 नवंबर 2026 तक रजिस्ट्रेशन किया जा सकेगा.
आईएससी 2028 के लिए भी शुरू हुआ रजिस्ट्रेशन&amp;nbsp;
आईएससी कक्षा 12वीं परीक्षा 2028 के लिए भी रजिस्ट्रेशन 5 अगस्त 2026 से शुरू हो गया है. आईएससी उम्मीदवारों के लिए रजिस्ट्रेशन विंडो 15 नवंबर 2026 तक खुली रहेगी. जिसका मतलब है कि बिना लेट फीस रजिस्ट्रेशन के आखिरी तारीख 15 नवंबर है.&amp;nbsp;
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छात्र खुद नहीं कर सकेंगे रजिस्ट्रेशन&amp;nbsp;
आईसीएसई और आईएससी 2028 परीक्षा के लिए छात्रों को सीधे सीआईएससीई पोर्टल पर जाकर आवेदन करने की सुविधा नहीं है. रजिस्ट्रेशन की पूरी प्रक्रिया संबंधित सीआईएससीई से संबद्ध स्कूलों के माध्यम से पूरी होगी. स्कूल उम्मीदवारों की जरूरी जानकारी सीआईएससीई करियर पोर्टल पर दर्ज करेंगे. छात्रों को अपने स्कूल के साथ व्यक्तिगत जानकारी, सब्जेक्ट और जरूरी डॉक्यूमेंट से जुड़ी जानकारी शेयर करनी होगी. रजिस्ट्रेशन जमा होने से पहले छात्रों को अपनी जानकारी अच्छी तरह जांच लेने की भी सलाह दी गई है.
2027 बोर्ड परीक्षा की एंट्री भी करनी होगी कंफर्म&amp;nbsp;
सीआईएससीई ने 2028 के रजिस्ट्रेशन के साथ 2027 आईसीएसई और आईएससी बोर्ड परीक्षाओं के लिए एंट्री कंफर्मेशन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है. स्कूल पहले से रजिस्टर्ड उम्मीदवारों की जानकारी पोर्टल पर जाकर जांच और कंफर्म कर सकते हैं. 2027 परीक्षा के लिए एंट्री कंफर्मेशन की प्रक्रिया 5 अगस्त से 15 सितंबर 2026 तक बिना लेट फीस के पुरी की जा सकती है. इसके बाद 16 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक लेट फीस के साथ कंफर्मेशन किया जा सकेगा.
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        <pubDate>Tue, 11 Aug 2026 04:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>ICSE-ISC, 2028, बोर्ड, परीक्षा, के, लिए, रजिस्ट्रेशन, शुरू, जानिए, आवेदन, की, आखिरी, तारीख</media:keywords>
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        <title>UPSC Mains Admit Card 2026: UPSC मेन्स 2026 एडमिट कार्ड जल्द, ऐसे करें डाउनलोड</title>
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        <description><![CDATA[ UPSC Mains Admit Card 2026:&amp;nbsp; UPSC मेन्स की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए ये खबर खास साबित हो सकता है. बता दें कि सिविल सेवा मुख्य परीक्षा 2026 की तारीखों का ऐलान कर दिया है. यह परीक्षा 21 अगस्त से 30 अगस्त 2026 तक आयोजित की जाएगी. रिपोर्ट्स के मुताबिक, UPSC मुख्य परीक्षा का एडमिट कार्ड अगस्त महीने के दूसरे हफ्ते में जारी किया जा सकता है, यानी परीक्षा शुरू होने से करीब एक से दो हफ्ते पहले.&amp;nbsp; जो उम्मीदवार प्रीलिम्स में पास हो चुके हैं, वही मुख्य परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड डाउनलोड कर पाएंगे. इसलिए सभी उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे लगातार आयोग की आधिकारिक वेबसाइट चेक करते रहें ताकि एडमिट कार्ड जारी होते ही उसे समय पर डाउनलोड कर सकें.&amp;nbsp;
एडमिट कार्ड डाउनलोड करने का तरीका
एडमिट कार्ड डाउनलोड करने का तरीका बहुत आसान है. सबसे पहले उम्मीदवारों को आयोग की आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in या upsconline.nic.in पर जाना होगा.&amp;nbsp; वेबसाइट के होमपेज पर &amp;ldquo;ई-एडमिट कार्ड&amp;rdquo; या &amp;ldquo;एडमिट कार्ड&amp;rdquo; सेक्शन पर क्लिक करना होगा.&amp;nbsp; इसके बाद वहां दिए गए विकल्पों में से Civil Services (Main) Examination 2026 को चुनना होगा. अगले पेज पर उम्मीदवारों को अपनी रजिस्ट्रेशन आईडी या रोल नंबर और जन्म तिथि डालनी होगी. इसके बाद स्क्रीन पर दिखाई देने वाला कैप्चा कोड भरकर सबमिट बटन दबाना होगा.&amp;nbsp; सबमिट करते ही स्क्रीन पर एडमिट कार्ड दिखाई देने लगेगा.&amp;nbsp; इसमें उम्मीदवार का नाम, फोटो, रोल नंबर, परीक्षा केंद्र और परीक्षा से जुड़ी अन्य जरूरी जानकारी दी गई होगी.
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डाउनलोड करने के बाद ध्यान रखें
एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के बाद सबसे पहला काम यह है कि उसमें दी गई सभी जानकारी को ध्यान से जांच लें, जैसे नाम, फोटो, रोल नंबर, परीक्षा केंद्र और परीक्षा की तारीख. अगर किसी भी तरह की गलती नजर आए, तो तुरंत आयोग से संपर्क करना चाहिए ताकि परीक्षा से पहले उसे ठीक किया जा सके. परीक्षा वाले दिन उम्मीदवारों को एडमिट कार्ड की प्रिंट कॉपी के साथ-साथ एक वैध ओरिजिनल फोटो पहचान पत्र, जैसे आधार कार्ड, वोटर आईडी या पासपोर्ट भी साथ ले जाना जरूरी है.&amp;nbsp; बिना एडमिट कार्ड और पहचान पत्र के परीक्षा हॉल में प्रवेश नहीं दिया जाएगा. यह भी सलाह दी जाती है कि उम्मीदवार परीक्षा केंद्र पर रिपोर्टिंग टाइम से कम से कम एक घंटा पहले पहुंच जाएं, ताकि किसी भी आखिरी समय की परेशानी से बचा जा सके.&amp;nbsp;&amp;nbsp;
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        <pubDate>Tue, 11 Aug 2026 04:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>रिसर्च में महिलाओं की हिस्सेदारी 29% बढ़ी, लेकिन प्राइवेट सेक्टर में अब भी है सबसे पीछे</title>
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        <description><![CDATA[ Women Researchers in India: भारत में रिसर्च और डेवलपमेंट के क्षेत्र में महिलाओं के भागीदारी पिछले कुछ सालों में तेजी से बढ़ी है, लेकिन सेक्टर के हिसाब से तस्वीर अभी भी एक जैसी नहीं है. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) की Research and Development Statistics at a Glance 2025-26 रिपोर्ट के अनुसार देश के कुल रिसर्च वर्कफोर्स में महिलाओं की हिस्सेदारी 2020-21 के 18.6 प्रतिशत से बढ़कर 2023-24 में करीब 29 प्रतिशत हो गई है. हालांकि प्राइवेट इंडस्ट्री के आर एंड डी सेक्टर में महिला रिसर्चर की भागीदारी सिर्फ 17.8 प्रतिशत है, जो बाकी प्रमुख क्षेत्र के मुकाबले सबसे कम है.
देश में रिसर्चर्स में महिलाओं की भूमिका
रिपोर्ट के अनुसार 1 अप्रैल 2024 तक भारत में 5 लाख से ज्यादा फुल टाइम इक्विवेलेंट रिसर्चर्स थे. इनमें करीब 1.5 लाख महिला रिसर्चर्स शामिल थी. इस तरह कुल रिसर्च वर्कफोर्स में महिलाओं की हिस्सेदारी 29 प्रतिशत तक पहुंच गई है. महिला रिसर्चर्स की हिस्सेदारी में यह बढ़ोतरी पिछले कुछ वर्षों में हुई है. 2020-21 में रिसर्च वर्कफोर्स में महिलाओं की भागीदारी 18.6 प्रतिशत थी, जो 2023-24 तक बढ़कर 29 प्रतिशत हो गई. यानी इस अवधि में महिला रिसर्चर की हिस्सेदारी में करीब 10 प्रतिशत का इजाफा हुआ है.
किस सेक्टर में कितनी महिला रिसर्चर्स
अलग-अलग क्षेत्रों में महिला रिसर्चर्स की भागीदारी देखें तो उच्च शिक्षा क्षेत्र में 36 प्रतिशत के साथ महिलाएं सबसे आगे हैं. वहीं इसके बाद राज्य कृषि विश्वविद्यालयों और राज्य स्तर की आर एंड डी प्रयोगशालाओं में महिलाओं की हिस्सेदारी 28 प्रतिशत है. केंद्र सरकार की आर एंड डी लैब में महिला रिसर्चर्स की हिस्सेदारी 21.9 प्रतिशत और सार्वजनिक क्षेत्र की इंडस्ट्री में 21.2 प्रतिशत है. प्राइवेट इंडस्ट्री में यह आंकड़ा सबसे कम 17.8 प्रतिशत है. इस तरह कुल रिसर्च वर्कफोर्स में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने के बावजूद प्राइवेट आर एंड डी में उनकी मौजूदगी अभी भी दूसरे प्रमुख सेक्टर से पीछे बनी हुई है.
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रिसर्च प्रोजेक्ट की कमान संभाल रही महिलाएं
महिलाओं के भागीदारी सिर्फ रिसर्च टीम का हिस्सा बनने तक सीमित नहीं रही है. रिपोर्ट के आंकड़े बताते हैं कि रिसर्च प्रोजेक्ट के नेतृत्व में भी उनकी मौजूदगी बढ़ी है. केंद्र सरकार के फंड से मिलने वाली एक्स्ट्रा म्यूरल रिसर्च परियोजना में महिला प्रोजेक्ट हेड की हिस्सेदारी 2000-01 में 13 प्रतिशत थी. 2023-24 में यह आंकड़ा बढ़कर 28 प्रतिशत हो गया. &amp;nbsp;पिछले 2 वर्षों में भी करीब 30 प्रतिशत प्रोजेक्ट लीडर महिलाएं रही है. इससे रिसर्च क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका में आए बदलाव का अंदाजा लगाया जा सकता है, जहां वे अब परियोजनाओं के नेतृत्व की जिम्मेदारी भी संभाल रही है.
रिसर्च पर सरकार ने दिए 3,356 करोड़ रुपये
रिपोर्ट में देश में रिसर्च फंडिंग से जुड़े आंकड़े भी दिए गए हैं. साल 2023-24 में सरकार की ओर से समर्थित एक्स्ट्रा म्यूरल रिसर्च के तहत 6094 परियोजनाओं के लिए 3,356 करोड़ रुपये की फंडिंग हुई. इसका करीब तीन-चौथाई हिस्सा शैक्षणिक संस्थाओं को मिला. इस फंडिंग में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग का योगदान आधे से ज्यादा रहा. वहीं देश के कुल आर एंड डी खर्चे में सरकार और प्राइवेट उद्योग की हिस्सेदारी भी काफी करीब है. हर 100 &amp;nbsp;रुपये के आर एंड डी खर्चे में सरकार का योगदान करीब 48 रुपये और प्राइवेट इंडस्ट्री का करीब 45 रुपये है.
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        <pubDate>Tue, 11 Aug 2026 04:30:02 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>रिसर्च, में, महिलाओं, की, हिस्सेदारी, 29, बढ़ी, लेकिन, प्राइवेट, सेक्टर, में, अब, भी, है, सबसे, पीछे</media:keywords>
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        <title>ISRO में साइंटिस्ट इंजीनियर के 93 पदों पर भर्ती, GATE स्कोर से होगा चयन</title>
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        <description><![CDATA[ ISRO Recruitment 2026: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन में साइंटिस्ट और इंजीनियर बनने का सपना देख रहे हैं. इंजीनियरिंग युवाओं के लिए भर्ती का मौका आया है. इसरो सेंट्रलाइज्ड रिक्रूटमेंट बोर्ड ने साइंटिस्ट-इंजीनियर एससी के 93 पदों पर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू कर दिया है. यह भर्ती इलेक्ट्रॉनिक्स, मैकेनिकल, कंप्यूटर साइंस समेत इंजीनियरिंग विषयों में की जाएगी. योग्य उम्मीदवार 17 अगस्त 2026 तक इसरो के ऑफिशियल वेबसाइट के जरिए आवेदन कर सकते हैं. इस भर्ती में उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए GATE 2025 या GATE 2026 के वैध स्कोर के आधार पर शॉर्टलिस्ट किया जाएगा. &amp;nbsp;&amp;nbsp;
इन ब्रांच में भरे जाएंगे पद&amp;nbsp;
इसरो की इस भर्ती में अलग-अलग इंजीनियरिंग डिसिप्लिन के लिए कुल 93 पद रखे गए हैं. इनमें सबसे ज्यादा 35 पद इलेक्ट्रॉनिक्स के हैं. इसके बाद मैकेनिकल में 26 पद और कंप्यूटर साइंस में 13 पद है. इसके अलावा सिविल में 10 पद, इलेक्ट्रिकल में 4 पद, रेफ्रिजरेशन एंड एयर कंडीशनिंग में 2 पद, आर्किटेक्चर के 2 पद, सिविल पीआरएल ऑटोनॉमस बॉडी का एक पद शामिल है.
&amp;nbsp;किन इसरो केंद्र में होगी पोस्टिंग?&amp;nbsp; &amp;nbsp;
चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति इसरो के अलग-अलग केंद्रों में की जा सकती है. इनमें बेंगलुरु, हैदराबाद, अहमदाबाद, तिरुवंतपुरम, श्री हरिकोटा, महेंद्र गिरी, हासन और वलियामाला शामिल है. &amp;nbsp;&amp;nbsp;
क्या है भर्ती के लिए योग्यता?
आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों के पास संबंधित इंजीनियरिंग डिसिप्लिन में निर्धारित बीई या बीटेक की डिग्री होनी चाहिए. इसके अलावा इसके साथ ही उम्मीदवारों के पास संबंधित विषय में GATE 2025 या GATE 2026 का वैलिड स्कोर होना चाहिए. जिससे डिसिप्लिन के पद के लिए आवेदन किया जा रहा है. उसी से संबंधित GATE का स्कोर को मान्य माना जाएगा. इस भर्ती के लिए नेशनल करियर सर्विस पोर्टल पर रजिस्टर्ड और एलिजिबल उम्मीदवार भी आवेदन कर सकते हैं. &amp;nbsp; &amp;nbsp;
GATE स्कोर के आधार पर इंटरव्यू के लिए शॉर्टलिस्टिंग &amp;nbsp;
इस भर्ती में उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए GATE स्कोर के आधार पर शॉर्टलिस्ट किया जाएगा. इसरो ने स्पष्ट किया है कि इसके लिए GATE स्कोर को आधार बनाया जाएगा, केवल GATE मार्क्स या रैंक को नहीं. इंटरव्यू के लिए उम्मीदवारों का चयन 1-7 के अनुपात में किया जाएगा. इंटरव्यू में उम्मीदवारों के तकनीकी ज्ञान संबंधित विषय की समझ, प्रेजेंटेशन और कम्युनिकेशन स्किल समझने की क्षमता और शैक्षणिक उपलब्धियां का आकलन किया जाएगा. &amp;nbsp; &amp;nbsp;&amp;nbsp;
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GATE और इंटरव्यू से बनेगी फाइनल मेरिट
&amp;nbsp;फाइनल चयन में GATE स्कोर और इंटरव्यू दोनों को 50-50 प्रतिशत वेटेज दिया जाएगा. अनारक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए कुल मिलाकर न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक की योग्यता रखी गई है. आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए नियमों के अनुसार पात्रता मानदंड में छूट लागू होगी. इसरो आवेदन में दिए गए GATE स्कोर का वेरीफिकेशन करेगा. नोटिस के अनुसार आवेदन में गलत जानकारी देने पर संबंधित उम्मीदवार के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है. &amp;nbsp; &amp;nbsp;&amp;nbsp;
17 अगस्त तक कर सकते हैं आवेदन &amp;nbsp;
इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. उम्मीदवारों को इसरो की ऑफिशियल वेबसाइट isro.gov.in के भर्ती पोर्टल के जरिए आवेदन करना होगा. आवेदन के दौरान व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक योग्यता और GATE स्कोर से संबंधित जानकारी बनी होगी. रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद उम्मीदवार को एक रजिस्ट्रेशन नंबर मिलेगा, जिसे आगे की प्रक्रिया के लिए सुरक्षित रखना होगा. आवेदन में वैध ईमेल आईडी देना जरूरी है, क्योंकि भर्ती से जुड़ी जानकारी इसी के जरिए भेजी जाएगी. वहीं ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तारीख 17 अगस्त है.
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        <pubDate>Mon, 10 Aug 2026 12:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>ISRO, में, साइंटिस्ट, इंजीनियर, के, पदों, पर, भर्ती, GATE, स्कोर, से, होगा, चयन</media:keywords>
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        <title>TRAI में बिना एक्सपीरियंस नौकरी का मौका, 80 हजार तक सैलरी </title>
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        <description><![CDATA[ TRAI Recruitment 2026: नौकरी की तलाश कर रहे इंजीनियरिंग पास युवाओं के लिए भारतीय दूरसंचार प्राधिकरण ने भर्ती का मौका दिया है. खास बात यह है कि इस भर्ती में &amp;nbsp;किसी तरह का एक्सपीरियंस होना जरूरी नहीं है. यानी फ्रेशर्स भी आवेदन कर सकते हैं. ट्राई के नई दिल्ली स्थित मुख्यालय में एसोसिएट कंसलटेंट के पदों पर भर्ती की जा रही है. इच्छुक उम्मीदवार 27 अगस्त 2026 तक आवेदन कर सकते हैं.
दो पदों पर होगी भर्ती &amp;nbsp;
ट्राई की ओर से जारी भर्ती के तहत एसोसिएट कंसलटेंट के दो पद भरे जाएंगे. आवेदन प्रक्रिया 6 अगस्त 2026 से शुरू हो चुकी है और उम्मीदवारों को 27 अगस्त तक अपना आवेदन जमा करना होगा. आवेदन केवल ट्राई के ऑफिशल पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किया जाएगा. &amp;nbsp;&amp;nbsp;
BTech और BE उम्मीदवार कर सकते हैं आवेदन&amp;nbsp;
इस पद के लिए उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी या संस्थान से इलेक्ट्रॉनिक्स, कम्युनिकेशन, टेलीकम्युनिकेशन या इनसे संबंधित विषय में बीई या बीटेक डिग्री होनी चाहिए. इसके अलावा एमई, एमटेक, एमबीए या पीएचडी जैसी योग्यता रखने वाले उम्मीदवार भी आवेदन कर सकते हैं. इसके अलावा उम्मीदवार की उम्र 6 अगस्त 2026 को 30 वर्ष से कम होनी चाहिए. इस भर्ती की खास बात यह है कि आवेदन के लिए एक्सपीरियंस की अनिवार्यता नहीं रखी गई है. &amp;nbsp;&amp;nbsp;
हर महीने 80,000 सैलरी और ट्रांसपोर्ट अलाउंस अलग
चयनित उम्मीदवारों को 80,000 प्रतिमाह का निश्चित वेतन दिया जाएगा. इसके अलावा 8000 प्रतिमाह ट्रांसपोर्ट अलाउंस भी मिलेगा. इस तरह उम्मीदवार को हर महीने कुल 88,000 तक मिलेंगे. यह नियुक्ति शुरुआत में 1 साल के लिए होगी, उम्मीदवार के प्रदर्शन और ट्राई की जरूरत के आधार पर इस अवधि को आगे बढ़ाया जा सकता है. &amp;nbsp;
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इंटरव्यू के आधार पर होगा चयन
उम्मीदवार का चयन ट्राई की सिलेक्शन कमेटी करेगी. चयन के दौरान शैक्षणिक योग्यता, कम्युनिकेशन स्किल्स और इंटरव्यू में प्रदर्शन समेत अन्य जरूरी मानदंडों को ध्यान में रखा जाएगा. वहीं इस भर्ती में एक्सपीरियंस नहीं मांगा गया है, इसलिए संबंधित विषय से पढ़ाई पूरी कर चुके फ्रेशर्स भी इस भर्ती के लिए आवेदन कर सकते हैं. चयन के बाद उम्मीदवारों की नियुक्ति ट्राई के नई दिल्ली स्थित ऑफिस में होगी.
ऐसे कर सकते हैं आवेदन
इस भर्ती के लिए ट्राई के ऑफिशल पोर्टल पर जाकर अप्लाई ऑनलाइन के जरिए आवेदन कर सकते हैं. आवेदन करते समय उम्मीदवारों को अपनी जरूरी जानकारी के साथ पढ़ाई से जुड़े डॉक्यूमेंट भी अपलोड करने होंगे. डाक, ईमेल या किसी दूसरे माध्यम से भेजे गए, आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे.
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        <pubDate>Mon, 10 Aug 2026 12:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>TRAI, में, बिना, एक्सपीरियंस, नौकरी, का, मौका, हजार, तक, सैलरी </media:keywords>
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        <title>DU UG की तीसरी मेरिट लिस्ट जारी, सीट अलॉटमेंट के बाद इन तारीखों का रखें ध्यान</title>
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        <description><![CDATA[ दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) में अंडर ग्रेजुएट कोर्स को लेकर कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम के तहत तीसरी मेरिट लिस्ट जारी कर दी है. जिन छात्रों को इस राउंड में कॉलेज या कोर्स की सीट आवंटित हुई है, उन्हें तय समय के अंदर सीट स्वीकार करने के साथ आगे की एडमिशन प्रक्रिया पूरी करनी होगी. सीट एक्सेप्ट करने की तारीख 11 अगस्त 2026 है. &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;&amp;nbsp;
11 अगस्त तक स्वीकार करनी होगी सीट
तीसरे राउंड में सीट मिलने वाले उम्मीदवार 8 से 11 अगस्त के बीच अपनी आवंटित सीट को एक्सेप्ट कर सकते हैं. इसके बाद संबंधित कॉलेज छात्रों के आवेदन और डॉक्यूमेंट का वेरिफिकेशन करेगा. कॉलेज में 12 अगस्त तक आवेदन को वेरीफाई और अप्रूव करना होगा. वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद उम्मीदवारों को 13 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन एडमिशन फीस जमा करनी होगी, तय समय में जरूरी प्रक्रिया पूरी नहीं करने पर आवंटित सीट गंवाने का खतरा रहेगा.. &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;
CUET स्कोर और पसंद के आधार पर हुआ सीट आवंटन &amp;nbsp; &amp;nbsp;
डीयू की तीसरी सीट एलोकेशन प्रक्रिया में उम्मीदवारों के प्रोग्राम के अनुसार सीयूईटी मेरिट, कैटेगरी, उपलब्ध सीटों और सीएसएएस के दौरान भरी गई प्राथमिकताओं को ध्यान में रखा गया है. उम्मीदवार डीयू के पोर्टल पर लॉगिन करके देख सकते हैं कि उन्हें कौन सा कॉलेज और कौन सा प्रोग्राम आवंटित हुआ है. अगर दो या उससे ज्यादा उम्मीदवारों के सीयूईटी स्कोर समान होते हैं, तो टाई की स्थिति में पहले कक्षा 12वीं के अंको को देखा जाएगा. इसके बाद भी स्थिति समान रहने पर उम्र को आधार बनाया जाएगा. &amp;nbsp; &amp;nbsp;&amp;nbsp;
ऐसे चेक करें डीयू यूजी तीसरी मेरिट लिस्ट

उम्मीदवार तीसरे राउंड का सीट लोकेशन रिजल्ट देखने के लिए सबसे पहले ugadmission.uod.ac.in पर जाए.
इसके बाद CSAS UG 2026 एडमिशन पोर्टल पर लॉगिन करें.
अब राउंड 3 एलोकेशन सेक्शन खोलें.&amp;nbsp;
आवंटित कॉलेज और प्रोग्राम की जानकारी देखें.&amp;nbsp;
सभी डिटेल ध्यान से चेक करें और सीट एलोकेशन की जानकारी डाउनलोड करें. &amp;nbsp;&amp;nbsp;

ये भी पढ़ें-UPSC में हिंदी से IAS-IPS&amp;nbsp;बनने वालों की संख्या घटी, 2024 में सिर्फ 5 उम्मीदवार
डीयू यूजी राउंड 3 का पूरा शेड्यूल
डीयू यूजी राउंड 3 सीट एलोकेशन लिस्ट 8 अगस्त को जारी हुई. इसके बाद अब आवंटित सीट एक्सेप्ट 8 से 11 अगस्त तक कर सकते हैं. ऑनलाइन एडमिशन फीस जमा करने की आखिरी तारीख 13 अगस्त है. वहीं आपको बता दें कि इस राउंड में सीट मिलने वाले छात्रों को पहले सीट एक्सेप्ट करनी होगी. इसके बाद कॉलेज की ओर से आवेदन और डॉक्यूमेंट की जांच की जाएगी. वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद उम्मीदवार को तय समय सीमा के अंदर फीस जमा करनी होगी. &amp;nbsp;
&amp;nbsp;2.18 लाख से ज्यादा छात्रों ने कराया था रजिस्ट्रेशन
इस साल दिल्ली यूनिवर्सिटी में यूजी एडमिशन के लिए 2,18,284 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया. &amp;nbsp;इनमें से 2,08,043 उम्मीदवारों ने दूसरे चरण की प्रक्रिया पूरी की. वहीं अब तक यूनिवर्सिटी की ओर से 93,033 छात्रों को सीट आवंटित की जा चुकी है. इनमें 42,019 पुरुष और 51,014 महिला उम्मीदवार शामिल है. कुल सीट एलोकेशन दर 86.1 प्रतिशत बताई गई है.
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        <pubDate>Mon, 10 Aug 2026 12:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>की, तीसरी, मेरिट, लिस्ट, जारी, सीट, अलॉटमेंट, के, बाद, इन, तारीखों, का, रखें, ध्यान</media:keywords>
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        <title>दिल्ली में ड्रोन नीति की तैयारी, 1000 से ज्यादा नई नौकरियों की राह खुलेगी </title>
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        <description><![CDATA[ Delhi Govt Jobs: दिल्ली में ड्रोन से जुड़े क्षेत्र में रोजगार और कारोबार के नए अवसर पैदा करने की तैयारी है. दिल्ली सरकार की प्रस्तावित ड्रोन नीति का मसौदा तैयार हो चुका है और इसे अगले एक महीने के अंदर कैबिनेट की मंजूरी के लिए पेश किया जा सकता है. सरकार का टारगेट इस नीति के जरिए 1000 से ज्यादा नौकरियां पैदा करना है. नीति में ड्रोन इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के साथ रिसर्च, ट्रेंनिंग, टेस्टिंग और ड्रोन के इस्तेमाल से जुड़े ढांचे को विकसित करने पर जोर दिया जाएगा.
कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार &amp;nbsp;&amp;nbsp;
सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री पंकज सिंह ने बताया कि प्रस्तावित ड्रोन नीति तैयार है. फिलहाल यह अलग-अलग विभागों के बीच विचार विमर्श की प्रक्रिया में है. अधिकारियों के अनुसार मंत्री की मंजूरी के बाद नीति को कानूनी वित्त और दूसरे संबंधित विभागों के पास भेजा जाएगा. सरकार इसे एक महीने के अंदर कैबिनेट के सामने रख सकती है. यह प्रस्तावित नीति 5 साल के लिए होगी और इसके लिए 85 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है. इसके तहत ड्रोन क्षेत्र में काम करने वाले स्टार्टअप और कारोबारी को सहायता देने की योजना है. ड्रोन और इससे जुड़ी तकनीक पर रिसर्च करने वाले शैक्षणिक संस्थाओं को भी समर्थन दिया जा सकता है. &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;
रिसर्च और टेस्टिंग पर जोर
नीति के तहत ड्रोन रिसर्च क्लस्टर, विशेष फ्लाइट टेस्टिंग सुविधाएं और सेंटर ऑफ एक्सी ऑफ एक्सीलेंस विकसित करने की योजना है. सरकार ड्रोन से जुड़े कारोबार और रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी और राज्य जीएसटी प्रतिपूर्ति जैसे प्रावधानों पर भी विचार कर रही है. ड्रोन के निर्माण, उड़ान और रखरखाव के लिए प्रशिक्षित लोगों की जरूरत को देखते हुए स्किल ट्रेनिंग पर भी ध्यान दिया जाएगा. इसके लिए आईटीआई के जरिए प्रशिक्षण देने की योजना पर विचार किया जा रहा है. स्कूलों में ड्रोन को लेकर जागरूकता कार्यक्रम और रिमोट पायलट ट्रेनिंग से जुड़े कार्यक्रम भी नीति का हिस्सा हो सकते हैं. &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;
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सरकारी कामों में बढ़ेगा इस्तेमाल&amp;nbsp;
प्रस्तावित नीति में ड्रोन के सरकारी और नागरिक इस्तेमाल के नए क्षेत्रों में की पहचान पर जोर दिया जाएगा इनमें पुलिसिंग, निगरानी, ट्रैफिक मैनेजमेंट, आपदा प्रबंधन, जमीन का सर्वे, अतिक्रमण की पहचान और 3D मैपिंग जैसे काम शामिल है. यमुना क्षेत्र में भी ड्रोन के इस्तेमाल की संभावनाएं देखी जा रही है. इसके अलावा रियल एस्टेट, टेलीकॉम और मीडिया क्षेत्र में ड्रोन के व्यावसायिक इस्तेमाल को बढ़ावा देने पर भी विचार किया जा रहा है. &amp;nbsp; &amp;nbsp;&amp;nbsp;
सुरक्षा और नियमों का भी ध्यान &amp;nbsp; &amp;nbsp;
सरकार ड्रोन के सुरक्षित और नियंत्रित इस्तेमाल के लिए मौजूदा नियमों के तहत व्यवस्था विकसित करेगी. नीति में ड्रोन के दुरुपयोग को रोकने, निगरानी और प्रवर्तन व्यवस्था मजबूत करने के साथ डीजीसीए के डिजिटल स्काई प्लेटफार्म के साथ बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया जाएगा.
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        <pubDate>Mon, 10 Aug 2026 12:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>दिल्ली, में, ड्रोन, नीति, की, तैयारी, 1000, से, ज्यादा, नई, नौकरियों, की, राह, खुलेगी </media:keywords>
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        <title>नवोदय विद्यालय क्लास 6 में एडमिशन का आखिरी मौका, फार्म भरने की आखिरी तारीख आज</title>
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        <guid>https://hindi.attentionindia.com/नवोदय-विद्यालय-क्लास-6-में-एडमिशन-का-आखिरी-मौका-फार्म-भरने-की-आखिरी-तारीख-आज</guid>
        <description><![CDATA[ JNVST 2027 Registration: अगर आप भी अपने बच्चे का जवाहर नवोदय विद्यालय में कक्षा 6 में एडमिशन कराना चाहते हैं, तो आपके लिए यह खबर जरूरी हो सकती है. दरअसल, जवाहर नवोदय समिति ने जेएनवीएसटी क्लास 6 एडमिशन 2027-28 के लिए आवेदन की आखिरी तारीख बढ़ा दी थी. अब जिन छात्रों ने अभी तक जवाहर नवोदय विद्यालय चयन परीक्षा के लिए आवेदन नहीं किया है, वे 10 अगस्त यानी आज ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं.
आवेदन प्रक्रिया जेएनवीएस की ऑफिशियल वेबसाइट के जरिए पूरी की जा सकती है. कक्षा 6 में एडमिशन के लिए आयोजित होने वाली चयन प्रक्रिया में शामिल होने के लिए छात्रों को तय समय सीमा के अंदर आवेदन करना होगा. रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद उम्मीदवारों को अपने आवेदन में सुधार करने का मौका भी दिया जाएगा.&amp;nbsp;
11 और 12 अगस्त को कर सकेंगे सुधार&amp;nbsp;
आवेदन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद एनवीएस की ओर से 11 और 12 अगस्त को एप्लीकेशन करेक्शन विंडो खोली जाएगी. इस दौरान उम्मीदवार अपने आवेदन फार्म में दर्ज जरूरी जानकारी को जान सकते हैं और उपलब्ध सुविधा सुधार के तहत बदलाव कर सकते हैं. छात्रों को सलाह दी गई है कि फॉर्म जमा करने से पहले सभी जानकारी ध्यान से जांच लें और आवेदन सबमिट करने के बाद उसकी एक कॉपी आगे के लिए सुरक्षित रख लें.&amp;nbsp;
28 नवंबर को होगी चयन परीक्षा&amp;nbsp;
जेएनवीएसटी क्लास 6 एडमिशन 2027-28 के लिए चयन प्रक्रिया 28 नवंबर 2026 का आयोजित की जाएगी. यह परीक्षा समर बाउंड और विंटर बाउंड नवोदय विद्यालय में कक्षा 6 में एडमिशन के लिए होगी. परीक्षा के बाद मार्च-अप्रैल 2026 में रिजल्ट जारी होने की उम्मीद है. उम्मीदवार अपना रिजल्ट और स्कोरकार्ड ऑफिशियल वेबसाइट पर रोल नंबर के माध्यम से देख सकेंगे.&amp;nbsp;
जेएनवीएसटी क्लास 6 एडमिशन 2027 की जरूरी तारीखें

रजिस्ट्रेशन शुरू- 6 जुलाई 2026&amp;nbsp;
आवेदन के आखिरी तारीख-10 अगस्त 2026&amp;nbsp;
आवेदन में सुधार-11 और 12 अगस्त 2026&amp;nbsp;
जेएनवीएसटी क्लास 6 चयन परीक्षा- 28 नवंबर 2026&amp;nbsp;
रिजल्ट-मार्च-अप्रैल 2027 में संभावित

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कैसे कर सकते हैं आवेदन?&amp;nbsp;

कक्षा 6 में एडमिशन के लिए आवेदन के लिए सबसे पहले navodaya.gov.in. पर जाएं.
इसके बाद होम पेज पर अप्लाई फॉर कक्षा 6 जेएनवीएसटी 2027 पर क्लिक करें.
अब क्लिक हियर फॉर रजिस्ट्रेशन फॉर क्लास 6 जेएनवीएसटी 2027-28 ऑप्शन चुनें.
इसके बाद मांगी गई जरूरी जानकारी भरें और डॉक्यूमेंट अपलोड करें.
लास्ट में फॉर्म सबमिट करके कंफर्मेशन पेज डाउनलोड कर लें.&amp;nbsp;

आवेदन के लिए ये डॉक्यूमेंट है जरूरी

पासपोर्ट साइज फोटो
छात्र के हस्ताक्षर
पेरेंट्स के हस्ताक्षर
प्रधानाचार्य की ओर से सत्यापित प्रमाण पत्र
आधार कार्ड
कास्ट सर्टिफिकेट

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        <pubDate>Mon, 10 Aug 2026 12:30:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>नवोदय, विद्यालय, क्लास, में, एडमिशन, का, आखिरी, मौका, फार्म, भरने, की, आखिरी, तारीख, आज</media:keywords>
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        <title>शादी के 13 साल बाद मिली वर्दी, 2 बच्चों की मां बनीं पुलिस ऑफिसर</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/शादी-के-13-साल-बाद-मिली-वर्दी-2-बच्चों-की-मां-बनीं-पुलिस-ऑफिसर</link>
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        <description><![CDATA[ Women Success Story: आपने ऐसी कई कहानियां सुनी होगी, जहां जिम्मेदारियां के बीच भी लोग अपने सपनों के लिए रास्ता निकाल ही लेते हैं. इस बार भी ऐसा ही कुछ मध्य प्रदेश के ग्वालियर की रहने वाली मधु शर्मा ने कर दिखाया है. 36 साल की उम्र और दो बच्चों की मां मधु ने मध्य प्रदेश पुलिस सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में महिला कैटेगरी में 25वीं रैंक हासिल की है. खास बात यह है कि इस मुकाम तक पहुंचने से पहले वह तीन बार परीक्षा में असफल भी हो चुकी थीं.
मधु ने 2016, 2017, और 2018 में एसआई भर्ती परीक्षा दी थी, तीनों प्रयास में वह शुरुआती और लिखित परीक्षा पार कर गई, लेकिन फिजिकल टेस्ट में आगे नहीं बढ़ सकीं. इसके बाद भी उन्होंने पुलिस में जाने की अपनी इच्छा खत्म नहीं होने दी. शादी के बाद परिवार बढ़ा, दो बच्चों की जिम्मेदारी आई और दूसरी तरफ नौकरी भी जारी रही, लेकिन मधु ने सही समय का इंतजार करने के बजाय दोबारा परीक्षा तैयारी शुरू कर दी.&amp;nbsp;
2013 में शादी के बाद आईं दिल्ली&amp;nbsp;
मधु शर्मा की शादी 2013 में अभय शर्मा से हुई, इसके बाद में वह दिल्ली आ गई. उन्होंने गुरुग्राम स्थित विप्रो में क्वालिटी मैनेजर के तौर पर काम शुरू किया, उनके पति अब एक्सिस बैंक में मैनेजर थे. नौकरी के लिए मधु को रोज दिल्ली से गुरुग्राम जाना पड़ता था, इसी बीच में वह दो बच्चों की मां बनी. बच्चों की परवरिश घर और नौकरी के बीच प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करना उनके लिए आसान नहीं था, लेकिन पुलिस में जाने की इच्छा बनी रही. मधु ने तीन बार मध्य प्रदेश पुलिस एसआई भर्ती परीक्षा में किस्मत आजमाई, लेकिन फिजिकल परीक्षा में सफलता नहीं मिल सकी. बाद में उनके बेटे कार्तिक और बेटी कास्वी का जन्म हुआ, दोनों बच्चों का जन्म सिजेरियन ऑपरेशन से हुआ. दो बच्चों की जिम्मेदारी के साथ भी मधु ने अपने पुराने लक्ष्य को पूरी तरह नहीं छोड़ा.&amp;nbsp;
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अगली बार फिजिकल टेस्ट को बनाया सबसे बड़ा लक्ष्य&amp;nbsp;
2026 में मधु ने फिर से एसआई भर्ती परीक्षा दी तो प्री और लिखित परीक्षा पास करने के बाद उन्होंने पूरा ध्यान फिजिकल परीक्षा पर लगाया. इसके लिए उन्होंने ग्वालियर की एक फिजिकल एकेडमी में ट्रेनिंग शुरू की. 36 साल की उम्र में मधु ने नियमित प्रैक्टिस की और करीब 10 किलो वजन कम किया. इस बार उनकी तैयारी पहले से अलग थी, लगातार ट्रेनिंग के बाद उन्होंने फिजिकल टेस्ट भी पास किया और आगे मेडिकल परीक्षा में भी सफल रही. इसके बाद महिला वर्ग में 25वीं रैंक के साथ उनका चयन मध्य प्रदेश पुलिस में सब इंस्पेक्टर के पद पर हो गया.&amp;nbsp;
पति ने संभाली बच्चों की जिम्मेदारी&amp;nbsp;
मधु की सफलता में उनके पति अभय शर्मा का सहयोग भी महत्वपूर्ण रहा. जब मधु पढ़ाई और ट्रेनिंग में व्यस्त रहती थी, तब अभय बच्चों को संभालते थे. कई बार उन्होंने घर और रसोई के काम में भी हाथ बंटाया ताकि मधु को परीक्षा की तैयारी के लिए समय मिल सके. मधु का चयन होने के बाद उन्होंने जुलाई 2026 में विप्रो की नौकरी छोड़ दी, अब वह मध्य प्रदेश पुलिस में सब इंस्पेक्टर के तौर पर ट्रेनिंग के लिए जाएंगी.
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        <pubDate>Mon, 10 Aug 2026 00:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>शादी, के, साल, बाद, मिली, वर्दी, बच्चों, की, मां, बनीं, पुलिस, ऑफिसर</media:keywords>
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        <title>SBI ने क्लर्क भर्ती के लिए जारी किया नोटिफिकेशन, आवेदन शुरू</title>
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        <description><![CDATA[ SBI Clerk Recruitment: स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने क्लर्क 2026 के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. इस भर्ती के जरिए जूनियर एसोसिएट के 1538 पदों को भरा जाएगा. यह भर्ती विशेष रूप से एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के बैकलॉग रिक्तियों के लिए निकाली गई है. योग्य उम्मीदवार 7 अगस्त से 27 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.
आवेदन एसबीआई की ऑफिशियल वेबसाइट के जरिए ही एक्सेप्ट किए जाएंगे. इस भर्ती के लिए जारी नोटिफिकेशन के तहत हैं उम्मीदवार इस भर्ती में केवल एक राज्य या केंद्र शासित प्रदेश की रिक्तियों के लिए आवेदन कर सकेंगे.
1538 पदों पर होगी भर्ती
एसबीआई की इस विशेष भर्ती में कुल 1538 रिक्त पद है. इनमें 207 पद एससी. 1219 पद एसटी और 112 पद ओबीसी वर्ग के लिए है. जनरल कैटेगरी के उम्मीदवार इस भर्ती के लिए आवेदन नहीं कर सकते हैं. वहीं राज्यवार देखें तो सबसे ज्यादा गुजरात में 289 पद है, इसके बाद महाराष्ट्र में 165, मध्य प्रदेश में 134, झारखंड में 133, कर्नाटक में 120, ओडिशा में 111 और राजस्थान में 106 पद हैं. आंध्र प्रदेश में 88, तमिलनाडु में 65, पश्चिम बंगाल में 55, जम्मू कश्मीर में 42 और असम में 39 पद है.
कैसे कर सकते हैं आवेदन?

इस भर्ती में आवेदन के लिए उम्मीदवार सबसे पहले एसबीआई की वेबसाइट पर जाएं.&amp;nbsp;
इसके बाद करंट ओपनिंग सेक्शन में संबंधित भर्ती को चुनें.&amp;nbsp;
अब रजिस्ट्रेशन कर लॉगिन करें.&amp;nbsp;
इसके बाद शैक्षणिक और पर्सनल जानकारी भरकर डॉक्यूमेंट अपलोड करें.
लास्ट में निर्धारित फीस जमा कर फॉर्म सबमिट कर दें. &amp;nbsp;

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ग्रेजुएशन जरूरी, उम्र 20 से 28 साल&amp;nbsp;
इस भर्ती के लिए उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से किसी भी विषय में ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए. अंतिम वर्ष में पढ़ रहे उम्मीदवार भी आवेदन कर सकते हैं, लेकिन उन्हें 31 दिसंबर 2026 तक ग्रेजुएशन पूरी होने का प्रमाण देना होगा. वहीं उम्र की गणना 1 अप्रैल 2026 के आधार पर की जाएगी. उम्मीदवार की उम्र कम से कम 20 साल और अधिकतम 28 साल होने चाहिए, यानी उम्मीदवार का जन्म 2 अप्रैल 1998 से 1 अप्रैल 2006 के बीच हुआ होना चाहिए. आरक्षित वर्गों को एसबीआई के नियमों के अनुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट मिलेगी. &amp;nbsp; &amp;nbsp;
प्रीलिम्स, मेन्स और भाषा परीक्षा से होगा चयन
एसबीआई क्लर्क भर्ती में चयन के लिए तीन चरण होंगे. सबसे पहले प्रारंभिक परीक्षा, इसके बाद मुख्य परीक्षा और जरूरत पड़ने पर लोकल लैंग्वेज प्रोफिशिएंसी टेस्ट होगा. प्रारंभिक परीक्षा सितंबर 2026 में होने की संभावना है, जबकि मुख्य परीक्षा अक्टूबर या नवंबर 2026 में आयोजित की जा सकती है. प्रीलिम्स में कुल 100 अंकों के ऑब्जेक्टिव प्रश्न होंगे और परीक्षा की अवधि 1 घंटे होगी. गलत उत्तर देने पर प्रश्न के निर्धारित अंकों का एक चौथाई हिस्सा काटा जाएगा. एसबीआई ने प्रीलिम्स में अलग-अलग सेक्शन के लिए न्यूनतम क्वालीफाइंग अंक निर्धारित नहीं किए है. प्रीलिम्स के अंक केवल मुख्य परीक्षा के लिए उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट करने में इस्तेमाल होंगे.
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        <pubDate>Mon, 10 Aug 2026 00:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>SBI, ने, क्लर्क, भर्ती, के, लिए, जारी, किया, नोटिफिकेशन, आवेदन, शुरू</media:keywords>
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    <item>
        <title>डीयू के प्लेसमेंट ड्राइव में 500+ छात्र शामिल, 75 से ज्यादा कंपनियों ने लिया हिस्सा</title>
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        <guid>https://hindi.attentionindia.com/डीयू-के-प्लेसमेंट-ड्राइव-में-500-छात्र-शामिल-75-से-ज्यादा-कंपनियों-ने-लिया-हिस्सा</guid>
        <description><![CDATA[ Delhi University Placement Drive 2026: दिल्ली यूनिवर्सिटी ने छात्रों को रोजगार के अवसरों से जोड़ने और उन्हें इंडस्ट्री की जरूरत से परिचित कराने के लिए प्लेसमेंट ड्राइव 2026 का आयोजन किया है. शनिवार को आयोजित इस ड्राइव में 75 से ज्यादा कंपनियों ने हिस्सा लिया, जबकि 500 से ज्यादा छात्र इसमें शामिल हुए. कार्यक्रम के दौरान छात्रों को सीधे रिक्रूटर्स से बातचीत करने, अलग-अलग क्षेत्र में करियर के ऑप्शन समझने और इंडस्ट्रीज से जुड़े लोगों से संवाद करने का मौका मिला. यह प्लेसमेंट ड्राइव दिल्ली यूनिवर्सिटी के डिपार्टमेंट ऑफ कंटीन्यूइंग एजुकेशन एंड एक्सटेंशन की ओर सेंटर फोर डिस्टेंस एंड ऑनलाइन एजुकेशन के सहयोग से आयोजित किया गया. &amp;nbsp;&amp;nbsp;
इन छात्रों को मिला शामिल होने का मौका
&amp;nbsp;प्लेसमेंट ड्राइव में एमए टूरिज्म मैनेजमेंट और एमए लाइफलॉन्ग लर्निंग एंड एक्सटेंशन के छात्रों के अलावा सामाजिक विज्ञान विभागों के छात्र दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा केंद्र में नामांकित छात्र भी इसमें भाग लेने के पात्र थे. कार्यक्रम में छात्रों ने अलग-अलग रिक्रूटर्स के साथ सीधे बातचीत की. इसके अलावा उन्हें इंडस्ट्री के प्रोफेशनल्स के साथ-साथ नेटवर्किंग करने और करियर से जुड़े मार्गदर्शन सत्रों में हिस्सा लेने का अवसर मिला. इन सत्रों के जरिए छात्रों को उपलब्ध करियर ऑप्शंस और रोजगार के क्षेत्र में जरूरी अपेक्षाओं को समझने का मौका दिया गया.
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कई कंपनियां पहुंची प्लेसमेंट ड्राइव में &amp;nbsp; &amp;nbsp;
प्लेसमेंट ड्राइव में अलग-अलग क्षेत्रों से 75 से ज्यादा कंपनियां शामिल हुई. इनमें शिक्षा, सामाजिक विकास, हेल्थ केयर, रिसर्च, मानवाधिकार, टूरिज्म और हॉस्पिटैलिटी से जुड़ी कंपनियां शामिल थी. भाग लेने वाली कंपनियों में जनहित सोसायटी फॉर सोशल वेलफेयर, अभिव्यक्ति फाउंडेशन, सरस्वती एजुकेशनल सोसाइटी, चाइल्ड सर्वाइवल इंडिया, बाल विकास धारा, समन्वित शिक्षा संस्थान, आकांशी समिति, इंडियन सोसायटी फॉर एप्लाइड रिसर्च, ईएफआरएएच, समर्थ, मित्र ट्रस्ट, आधार और एमआरवाईडीओ शामिल थे. टूरिज्म और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र से भी कई कंपनियों में प्लेसमेंट ड्राइव में हिस्सा लिया.&amp;nbsp;
छात्रों और रिक्रूटर्स के बीस सीधे बातचीत पर जोर&amp;nbsp;
प्लेसमेंट ड्राइव के दौरान छात्रों को संभावित नियोक्ताओं से सीधे मिलने और बातचीत करने का अवसर दिया गया. यूनिवर्सिटी के अनुसार इस तरह के कार्यक्रम से छात्रों को रोजगार के लिए तैयार करने और उन्हें अलग-अलग क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों की जानकारी देने में मदद मिलती है. वहीं इस कार्यक्रम का आयोजन डीयू कुलपति योगेश सिंह के संरक्षण में किया गया. केंपस ऑफ ओपन लर्निंग की निदेशक पायल मागो और डिपार्टमेंट ऑफ कंटीन्यूइंग एजुकेशन एंड एक्सटेंशन के प्रमुख कुमार आशुतोष कार्यक्रम के संरक्षक रहे. वहीं सेंटर फॉर डिस्टेंस एंड ऑनलाइन एजुकेशन के निदेशक अजय जायसवाल सह-संरक्षक रहे.
ये भी पढ़ें-देश में सिंगल टीचर स्कूलों की संख्या घटी, एक साल में 3282 स्कूल हुए कम&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 10 Aug 2026 00:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>नीट यूजी में 7 साल में 42% बढ़ें उम्मीदवार, 2026 में करीब 20 लाख ने दी परीक्षा</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/नीट-यूजी-में-7-साल-में-42-बढ़ें-उम्मीदवार-2026-में-करीब-20-लाख-ने-दी-परीक्षा</link>
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        <description><![CDATA[ देश में मेडिकल की पढ़ाई के लिए बढ़ते कंपटीशन का असर नीट यूजी में शामिल होने वाले छात्रों की संख्या पर भी दिख रहा है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार नीट यूजी में शामिल होने वाले उम्मीदवारों की संख्या पिछले 7 साल में करीब 42.5 फीसदी बढ़ी है. साल 2019 में जहां 14.10 लाख उम्मीदवारों ने परीक्षा दी थी. वहीं 2026 में यह संख्या 19,99,895 हो गई यानी 7 साल में करीब 5.99 लाख उम्मीदवार बढ़े हैं. यह जानकारी लोकसभा में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने दी है.
नीट यूजी 2024 में सबसे ज्यादा उम्मीदवार
मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार नीट यूजी में शामिल होने वाले छात्रों की संख्या में पिछले कुछ वर्षों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली. 2019 में 14.10 लाख उम्मीदवारों ने परीक्षा दी थी. 2021 में यह आंकड़ा 15.44 लाख और 2022 में 17.65 लाख हो गया. &amp;nbsp;2023 में पहली बार नीट यूजी में परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों की संख्या 20 लाख के पार पहुंची. इस साल 20.39 लाख छात्रों ने परीक्षा में हिस्सा लिया. इसके बाद 2024 में यह संख्या बढ़कर 23.33 लाख हो गई, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा रहा. हालांकि 2024 के बाद उम्मीदवारों की संख्या में गिरावट आई. 2025 में 22.09 लाख और 2026 में 19,99,895 उम्मीदवारों ने नीट यूजी परीक्षा दी. इसके बावजूद 2026 का आंकड़ा 2019 की तुलना में करीब 42.5 प्रतिशत ज्यादा है. &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;
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एक दशक में मेडिकल कॉलेज भी बढ़े
नीट यूजी में उम्मीदवारों की संख्या बढ़ने के साथ देश में मेडिकल शिक्षा की क्षमता में भी विस्तार हुआ. स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार 2014 में देश में 387 मेडिकल कॉलेज थे, जिनकी संख्या 2026 में बढ़कर 846 हो गई. इस अवधि में एमबीबीएस सीटों की संख्या में भी बड़ा इजाफा हुआ है. 2014 में देश में 51,348 एमबीबीएस सीटें थी, जबकि 30 जुलाई 2026 तक यह संख्या 1,39,864 हो गई. इनमें 464 सरकारी मेडिकल कॉलेज में 66,221 एमबीबीएस सीटें हैं, जबकि 382 प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में 73,643 सीटें उपलब्ध है. &amp;nbsp;
&amp;nbsp;उम्मीदवार करीब 20 लाख और सीटें करीब 1.40 लाख
सरकारी आंकड़ों के अनुसार मेडिकल शिक्षा में एडमिशन की मांग लगातार बढ़ रही है. हालांकि मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस सीटों की संख्या में पिछले एक दशक में विस्तार हुआ है, लेकिन नीट यूजी में शामिल होने वाले उम्मीदवारों की संख्या की तुलना में उपलब्ध सीटें अब भी सीमित मानी जा रही है. इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 2026 में करीब 20 लाख उम्मीदवारों ने नीट यूजी परीक्षा दी, जबकि देश में एमबीबीएस की कुल सीटों की संख्या करीब 1.40 लाख है.
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        <pubDate>Mon, 10 Aug 2026 00:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>नीट, यूजी, में, साल, में, 42, बढ़ें, उम्मीदवार, 2026, में, करीब, लाख, ने, दी, परीक्षा</media:keywords>
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        <title>दिल्ली में प्राइवेट स्कूल फीस पर नया नियम, हर स्कूल में बनेगी फीस रेगुलेशन कमेटी</title>
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        <description><![CDATA[ Delhi Private School Fees 2026-27: दिल्ली में प्राइवेट स्कूलों की फीस को लेकर सरकार ने नई व्यवस्था की समय सीमा तय कर दी है. दिल्ली सरकार ने शुक्रवार को दिल्ली स्कूल एजुकेशन ऑर्डर 2026 विधानसभा में पेश किया. इसके तहत सभी प्राइवेट स्कूलों को फीस निर्धारण की प्रक्रिया के लिए स्कूल लेवल फीस रेगुलेशन कमेटी गठित करनी होगी. सरकार ने साफ किया है कि नई 3 साल की फीस व्यवस्था लागू होने तक स्कूल 1 अप्रैल 2025 को लागू फीस से ज्यादा रकम नहीं वसूल सकेंगे. सरकार ने यह कदम फीस नियमन कानून को लागू करने में सामने आई व्यवहारिक दिक्कतों को दूर करने के लिए उठाया है. नई व्यवस्था के तहत 2026-27 से शुरू होने वाले तीन शैक्षणिक वर्षों के लिए फीस तय करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा.
10 दिन में बनानी होगी फीस कमेटी &amp;nbsp;&amp;nbsp;
नए आदेश के अनुसार दिल्ली के सभी प्राइवेट स्कूलों को दिल्ली गजट में आदेश प्रकाशित होने के 10 दिनों के अंदर एसएलएफआरसी का गठन करना होगा. हालांकि जिन स्कूलों ने 24 दिसंबर 2025 के पुराने आदेश के तहत पहले ही यह कमेटी बना ली है, उन्हें दोबारा समिति गठित करने की जरूरत नहीं होगी. उनकी मौजूदा कमेटी को नया आदेश के तहत वैध माना जाएगा. कमेटी बनाने के बाद स्कूल प्रबंधन को 14 दिनों के अंदर अगले तीन शैक्षणिक वर्षों यानी 2026-27, 2027-28 और 2028-29 के लिए प्रस्तावित फीस का पूरा विवरण कमेटी के सामने रखना होगा. इसके बाद कमेटी प्रस्ताव की जांच कर कानून के तहत फीस तय करेगी. &amp;nbsp; &amp;nbsp;&amp;nbsp;
नई किस्त होने तक बढ़ोतरी पर रोक
सरकार ने फीस को लेकर सबसे अहम प्रावधान संक्रमण अवधि के लिए किया है. जब तक 2026-27 से शुरू होने वाले नए 3 साल के लिए फीस तय नहीं हो जाती, तब तक प्राइवेट स्कूल 1 अप्रैल 2025 को जो फीस ले रहे थे, उससे ज्यादा फीस नहीं ले सकेंगे. अगर इस अवधि में किसी स्कूल ने तय सीमा से ज्यादा फीस वसूली है तो नई फीस संरचना तय होने के बाद उस अतिरिक्त राशि को अंतिम रूप से स्वीकृत फीस में समायोजित करना होगा. &amp;nbsp;
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2025-26 की ज्यादा फीस वसूली पर भी नजर
फीस से जुड़े विवादों और अपील के लिए दिल्ली के प्रत्येक जिले में District Fee Appellate Committee बनाई जाएगी. आदेश के बाद 30 दिनों के अंदर शिक्षा निदेशक को सभी &amp;nbsp;जिलों में इन समितियां का गठन करना होगा. फीस निर्धारण से जुड़े किसी फैसले पर आपत्ति होने की स्थिति में संबंधित पक्ष इन समितियों के सामने अपील कर सकेंगे. इसके अलावा सरकार ने 2025-26 शैक्षणिक क्षेत्र के दौरान प्राइवेट स्कूलों की ओर से वसूली गई, ज्यादा फीस को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की है. आदेश के अनुसार इस अवधि में ली गई अत्यधिक फीस के मामले को कानून के तहत देखा जाएगा. हालांकि फीस नियमन कानून और उससे जुड़े नियमों की संवैधानिक वैधता को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में लंबित याचिकाओं के अंतिम फैसले का भी इन मामलों पर असर रहेगा
क्यों बदली गई समय सीमा? &amp;zwnj;
दिल्ली स्कूल एजुकेशन एक्ट 2025 को 10 दिसंबर 2025 को अधिसूचित किया गया था. इस कानून में स्कूलों को शैक्षणिक वर्ष के 15 जुलाई तक फीस नियमन समितियां गठित करने का प्रावधान था. &amp;nbsp;लेकिन कानून लागू होने की तारीख और तय समय सीमा के बीच कम समय होने के कारण 2025-26 सत्र में इस प्रक्रिया को लागू करना संभव नहीं हो पाया.
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        <pubDate>Mon, 10 Aug 2026 00:30:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>दिल्ली प्राइवेट यूनिवर्सिटी के लिए नया कानून, 25% सीटें छात्रों के लिए होंगी आरक्षित </title>
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        <description><![CDATA[ Delhi Private University Bill: दिल्ली में प्राइवेट यूनिवर्सिटी की स्थापना और संचालन के लिए अलग-अलग कानूनी व्यवस्था बनने का रास्ता साफ हो गया है. दिल्ली कैबिनेट ने शुक्रवार को दिल्ली प्राइवेट यूनिवर्सिटी बिल को मंजूरी दे दी है. प्रस्तावित कानून में दिल्ली के छात्रों के लिए हर कोर्स में 25 फीसदी सीटें आरक्षित रखने का प्रावधान किया गया है.
इसके साथ ही दिल्ली के छात्रों को मेरिट-कम-मीन्स के आधार पर फीस में छूट देने का भी प्रस्ताव है. सरकार के अनुसार इस बिल का उद्देश्य दिल्ली में उच्च शिक्षा के अवसरों को बढ़ाना और छात्रों को बेहतर शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों या विदेश जाने की जरूरत कम करना है. हालांकि बिल को लागू होने से पहले विधानसभा को विधायी प्रक्रिया से गुजरना होगा.
हर कोर्स में 25% सीटें दिल्ली के छात्रों के लिए आरक्षित&amp;nbsp;
प्रस्तावित कानून के तहत प्राइवेट यूनिवर्सिटी के हर कोर्स की 25 फीसदी सीटें दिल्ली के छात्रों के लिए आरक्षित होंगी. इन सीटों पर एडमिशन दिल्ली सरकार की मौजूदा आरक्षण नीति के अनुसार किया जाएगा. इस प्रावधान के जरिए सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि दिल्ली में खुलने वाली प्राइवेट यूनिवर्सिटी से स्थानीय छात्रों को भी उच्च शिक्षा के अवसर मिले.&amp;nbsp;
फीस में भी मिलेगी छूट
बिल में दिल्ली के छात्रों के लिए मेरिट-कम मीन्स स्कॉलरशिप का प्रावधान भी प्रस्तावित है. इसके तहत दिल्ली के छात्रों के एक हिस्से को फीस में अलग-अलग स्तर पर राहत मिलेगी. प्रस्ताव के अनुसार 5 प्रतिशत दिल्ली के छात्रों को पूरी फीस छूट मिलेगी, 10 प्रतिशत छात्रों को 50 प्रतिशत फीस माफ करने का प्रावधान है और 10 प्रतिशत छात्रों को 25 प्रतिशत फीस में छूट दी जाएगी.&amp;nbsp;
सरकार की निगरानी में काम करेगी प्राइवेट यूनिवर्सिटी&amp;nbsp;
प्रस्तावित बिल के तहत दिल्ली सरकार को नोटिफिकेशन के जरिए प्राइवेट यूनिवर्सिटी स्थापित करने की शक्ति मिलेगी. हालांकि इस संस्थानों को यूजीसी और संबंधित वैधानिक नियामक संस्थाओं के नियमों का पालन करना होगा. इन यूनिवर्सिटी के लिए यूनिटरी मॉडल प्रस्तावित किया गया है. इसका मतलब है कि यूनिवर्सिटी अपने कैंपस के जरिए काम करेगी और उससे संबद्ध कॉलेज चलाने की अनुमति नहीं होगी. हालांकि दिल्ली के अंदर अतिरिक्त कैंपस, रीजनल सेंटर और स्टडी सेंटर स्थापित किए जा सकेंगे. फैकल्टी और एकेडमिक स्टाफ की नियुक्ति भी यूजीसी के निर्धारित मानकों के अनुसार करनी होगी.&amp;nbsp;
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यूनिवर्सिटी बनाने के लिए 30 साल की जमीन की शर्त&amp;nbsp;
बिल में प्राइवेट यूनिवर्सिटीज स्थापित करने वाली संस्था के अनुसार कुछ कड़े नियम भी प्रस्तावित है. स्पॉन्सरिंग बॉडी के पास जरूरी जमीन का कम से कम 30 साल का स्वामित्व या लीज का अधिकार होना चाहिए. इसके अलावा संस्था को पर्याप्त शैक्षणिक ढांचा उपलब्ध कराना होगा. इसमें क्लासरूम, लैबोरेट्री, लाइब्रेरी, डिजिटल संसाधन और छात्रों के लिए जरूरी सुविधाएं शामिल है.&amp;nbsp;
उच्च शिक्षा मंत्री होंगे यूनिवर्सिटी के विजिटर&amp;nbsp;
इस प्रस्तावित व्यवस्था में दिल्ली के उच्च शिक्षा मंत्री को हर प्राइवेट यूनिवर्सिटी का विजिटर बनाए जाने का प्रावधान है. विजिटर को यूनिवर्सिटी से जानकारी मांगने, निरीक्षण करने और कानूनी संबंधित नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर निर्देश जारी करने का अधिकार होगा. जरूरत पड़ने पर यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक, अकादमिक और वित्तीय मामलों की जांच भी कराई जा सकेगी. यूनिवर्सिटी की प्रशासनिक व्यवस्था में चांसलर, वाइस चांसलर, रजिस्ट्रार, कंट्रोलर ऑफ फाइनेंस और कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन जैसे पद होंगे. अकादमी और प्रशासनिक फैसलों के लिए अकादमी काउंसिल और बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट जैसी व्यवस्थाएं काम करेंगी.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sun, 09 Aug 2026 08:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>यूपी के छात्रों से हर महीने संवाद करेंगे IAS&amp;IPS अधिकारी, देंगे टिप्स</title>
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        <description><![CDATA[ यूपी सरकार ने इंटरमीडिएट स्तर के छात्रों को करियर और प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर बेहतर मार्गदर्शन देने के लिए पहल शुरू की है. इसके तहत जिलों में तैनात युवा आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारी हर महीने कम से कम एक इंटरमीडिएट स्तर के स्कूल का दौरा करेंगे और विद्यार्थियों से सीधा संवाद करेंगे. इस दौरान अधिकारी अपने एक्सपीरियंस शेयर करने के साथ छात्रों के सवालों के जवाब देंगे और उन्हें भविष्य की पढ़ाई, करियर तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को लेकर टिप्स भी देंगे.&amp;nbsp;
IAS-IPS और IFS अधिकारी हर महीने जाएंगे स्कूल&amp;nbsp;
यूपी जिलाधिकारियों को जारी निर्देश के अनुसार प्रत्येक जिले में तैनात युवा IAS-IPS और IFS अधिकारियों को हर महीने कम से कम एक इंटरमीडिएट स्तर के स्कूल का भ्रमण करना होगा. स्कूल सरकारी या प्राइवेट दोनों में से कोई हो सकता है. विद्यालय प्रबंधन के साथ समन्वय कर अधिकारियों के संवाद और प्रश्नोत्तर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. इसमें विद्यार्थियों को अधिकारियों से सीधे अपने करियर, पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े सवाल पूछने का अवसर मिलेगा. वहीं कार्यक्रम में विद्यार्थियों को UPSC, UPPSC, UPSSSC, NDA, JEE, NEET और CUET समेत विभिन्न प्रतियोगी और प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के बारे में जानकारी दी जाएगी. राज्य स्तरीय पात्रता परीक्षाओं और उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग से जुड़ी परीक्षाओं को लेकर भी छात्रों का मार्गदर्शन किया जाएगा. अधिकारी अपने अनुभव, कार्यशैली और जीवन संघर्ष के बारे में भी विद्यार्थियों से बात करेंगे.
रोजगार और स्टार्टअप के अवसर भी बताए जाएंगे&amp;nbsp;
सरकार की इस पहल का दायरा सिर्फ प्रतियोगी परीक्षाओं तक सीमित नहीं रखा गया है. संवाद कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा, तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा के विकल्पों के साथ रोजगार, उद्यमिता और स्टार्टअप से जुड़े अवसरों की जानकारी भी दी जाएगी. इसके अलावा केंद्र और राज्य सरकार की युवाओं से संबंधित प्रमुख योजनाओं के बारे में भी छात्रों को बताया जाएगा. कार्यक्रम में वित्तीय, कौशल, संचार कौशल और व्यापार प्रबंधन, साइबर सुरक्षा, नशा मुक्ति, तनाव प्रबंधन और आत्मविश्वास जैसे विषयों को भी शामिल किया जाए.&amp;nbsp;
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हर महीने तैयार होगा अधिकारियों का रोस्टर&amp;nbsp;
इस पहल को लागू करने की जिम्मेदारी जिला स्तर पर जिलाधिकारियों को दी गई है. डीएम हर महीने अधिकारियों को विद्यालय भ्रमण का कैलेंडर तैयार करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि जिले में तैनात युवा अधिकारी इसमें भाग लें. &amp;nbsp;रोस्टर में यह जानकारी होगी कि कौन सा आधिकारिक किस स्कूल में और कब विद्यार्थियों से संवाद करेगा. जिलाधिकारी कार्यक्रमों के गुणवत्ता की व्यक्तिगत रूप से समीक्षा भी करेंगे और जरूरत के अनुसार अपने स्तर पर नए तरीके से कार्यक्रम आयोजित कर सकेंगे.&amp;nbsp;
मंडलायुक्त करेंगे समीक्षा&amp;nbsp;
कार्यक्रम की निगरानी के लिए मंडलायुक्तों को समय-समय पर इसकी समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं. वहीं जिला विद्यालय निरीक्षक यानी डीआईओएस स्कूलों को कार्यक्रम की जानकारी देने और संबंधित अधिकारियों तथा विद्यालय प्रबंधन के बीच संबंध स्थापित करने का काम करेंगे. इसके अलावा प्रत्येक जिले को हर महीने आयोजित किए गए कार्यक्रमों की रिपोर्ट शासन के माध्यमिक शिक्षा विभाग को भेजनी होगी. रिपोर्ट हर महीने की 5 तारीख तक उपलब्ध करानी होगी.
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        <pubDate>Sun, 09 Aug 2026 08:30:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>देशभर में बढ़ेंगी 5000 नई पीजी मेडिकल सीटें, केंद्र ने दी मंजूरी </title>
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        <description><![CDATA[ PG Medical Seat Increased: देश में पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन की सीटें बढ़ाने की तैयारी है. केंद्र सरकार ने अगले 4 वर्षों में 5000 अतिरिक्त पीजी मेडिकल सीटें बढ़ाने की मंजूरी दी है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने शुक्रवार को लोकसभा में इसकी जानकारी दी है. फिलहाल देश में 86,360 पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल सीटें उपलब्ध है. नई सीटें मौजूदा सरकारी मेडिकल कॉलेजों, पोस्ट ग्रेजुएट संस्थानों और सरकारी अस्पताल को मजबूत करने वाली योजना के तहत जोड़ी जाएंगी. सरकार के अनुसार 2025-26 से 2028-29 के बीच इन 5000 सीटों को बढ़ाया जाएगा. इसके साथ ही एक पीजी सीट के लिए मिलने वाली वित्तीय सहायता की अधिकतम सीमा भी बढ़ाकर 1.50 करोड़ रुपये कर दी गई है. इस विस्तार का उद्देश्य एक्सपर्ट डॉक्टरों की ट्रेनिंग के लिए सीटों की उपलब्धता बढ़ाना है.&amp;nbsp;
किन राज्यों में सबसे ज्यादा पीजी मेडिकल सीटें?
2026-27 के आंकड़ों के अनुसार कर्नाटक में सबसे ज्यादा पीजी मेडिकल सीटें है. राज्य में कुल 10,092 सीटें हैं, जिनमें 2,805 सरकारी और 7,287 में प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में है. इसके बाद महाराष्ट्र में 9,216 पीजी सीटें हैं. इनमें 4,277 सरकारी और 4,939 प्राइवेट सीटें हैं. तमिलनाडु में कुल 8,023 सीटें हैं, जिनमें 3,030 सरकारी और 4,993 प्राइवेट सीटें हैं. उत्तर प्रदेश में कुल 7,437 पीजी मेडिकल सीटें हैं. इनमें 3,568 सीटें सरकारी और 3,869 सीटें प्राइवेट संस्थानों में है. वहीं तेलंगाना में 5,248 और आंध्र प्रदेश में 4,782 पीजी मेडिकल सीटें हैं. आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि देश में पीजी मेडिकल शिक्षा की बड़ी संख्या अभी ऐसे राज्यों में है, जहां प्राइवेट मेडिकल कॉलेज की संख्या ज्यादा है.&amp;nbsp;
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नई सीटों के लिए पूरे करने होंगे मानक&amp;nbsp;
पीजी मेडिकल सीटों में बढ़ोतरी नेशनल मेडिकल कमीशन के पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन रेगुलेशन 2023 और पोस्ट ग्रेजुएट मिनिमम स्टैंडर्ड रिक्वायरमेंट 2024 के तहत की जाएगी. नए पीजी कोर्स या अतिरिक्त सीटों के लिए आवेदन करने वाले मेडिकल कॉलेजों को फैकल्टी, इंफ्रास्ट्रक्चर, अस्पताल की सुविधाओं और क्लीनिकल सामग्री से जुड़े निर्धारित मानकों को पूरा करना होगा. इन मानकों के आधार पर ही सीटों और नए कोर्स को मंजूरी दी जाएगी. वहीं नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज की ओर से भी पीजी शिक्षा के विस्तार के लिए नए कोर्स शुरू करने और Joint Accreditation Scheme लागू करने की दिशा में काम किया जा रहा है.
पीजी सीटों की मंजूरी में भी हुआ इजाफा&amp;nbsp;
सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में पीजी मेडिकल सीटों की मंजूरी में हुई बढ़ोतरी का आंकड़ा भी जारी किया है. 2014-15 में एनएमसी ने 415 पीजी सीटों को मंजूरी दी, जबकि एनबीईएमएस की ओर से 612 सीटें स्वीकृत की गई. वहीं 2025-26 में एनएमसी की ओर से मंजूर पीजी सीटों की संख्या बढ़कर 9,084 हो गई. इसी अवधि में एनबीईएमएस ने 2009 सीटों को मंजूरी दी. इससे पहले 2024-25 में एनएमसी ने 4188 और एनबीईएमएस ने 1667 सीटों को मंजूरी दी थी.
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        <pubDate>Sun, 09 Aug 2026 08:30:02 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>NEET Counselling: रजिस्ट्रेशन में गलती सुधारने का मौका, एक्टिव हुआ Reset Option</title>
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        <description><![CDATA[ NEET UG Counselling 2026: नीट यूजी 2026 काउंसलिंग राउंड-1 में रजिस्ट्रेशन के दौरान गलत जानकारी भरने वाले उम्मीदवारों के लिए राहत की खबर है. मेडिकल काउंसलिंग कमेटी ने रजिस्ट्रेशन रिसेट का ऑप्शन एक्टिव कर दिया है. इसके जरिए उम्मीदवार रजिस्ट्रेशन के समय दर्ज की गई गलत जानकारी को सुधार सकते हैं.
एमसीसी के 7 अगस्त के नोटिस के अनुसार यह सुविधा 12 अगस्त 2026 सुबह 11:00 बजे तक उपलब्ध रहेगी. एमसीसी ने इसके साथ ही नीट काउंसलिंग 2026 के राउंड-1 का सीट मैट्रिक्स भी जारी कर दिया है. इसमें एमबीबीएस, बीडीएस और बीएससी नर्सिंग को लेकर 31,728 सीटों का विवरण दिया गया है. ऐसे में जिन उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन में गलती की है, उन्हें तय समय सीमा के अंदर रिसेट ऑप्शन का इस्तेमाल कर जानकारी ठीक करने की सलाह दी गई है.&amp;nbsp;
किन उम्मीदवारों के लिए है रिसेट ऑप्शन?
एमसीसी का यह ऑप्शन उन उम्मीदवारों के लिए है, जिन्होंने राउंड 1 &amp;nbsp;के रजिस्ट्रेशन के दौरान कोई जानकारी गलत दर्ज कर दी है या गलती से कोई गलत ऑप्शन चुन लिया है. इसके जरिए उम्मीदवार रजिस्ट्रेशन में दर्ज गलत जानकारी को अनलॉक कर सकते हैं. गलत भरी गई डिटेल को सुधार सकते हैं, गलती से चुने गए ऑप्शन को बदल सकते हैं, जानकारी को दोबारा जांच सकते हैं और उम्मीदवार सुधार करने के बाद संशोधित जानकारी एमसीसी की पोर्टल पर जमा कर सकते हैं.&amp;nbsp;
राउंड 1 में 31,728 का सीटों का सीट मैट्रिक्स जारी&amp;nbsp;
एमसीसी ने नीट यूजी 2026 काउंसलिंग के राउंड 1 के लिए एमबीबीएस, बीडीएस और बीएससी नर्सिंग की सीट मैट्रिक्स जारी की है. तीनों कोर्स को मिलाकर कुल 31,728 सीटें शामिल है. इनमें एमबीबीएस की 27,292 सीटें, बीडीएस की 4068, बीएससी नर्सिंग की 328 सीटें शामिल है.
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सीट मैट्रिक्स में क्या-क्या जानकारी मिलेगी?&amp;nbsp;
एमसीसी की सीट मैट्रिक्स में उम्मीदवारों को अलग-अलग कॉलेज और कोर्स के हिसाब से सीटों की जानकारी दी गई है. इसमें राज्य, संस्थान, कोर्स और अलग-अलग कोटा के आधार पर सीटों का विवरण शामिल है. मैट्रिक्स में ऑल इंडिया, ओपन सीट कोटा, एनआरआई, सेल्फ फाइनेंस मेरिट सीट और ईएसआई सहित लागू दूसरे कोटे दिए गए हैं. इसके अलावा अलग-अलग कैटेगरी और पीडब्ल्यूडी-पीडब्ल्यूबीडी सीटों की जानकारी भी दी गई है. उम्मीदवार इसमें अपनी पसंदीदा राज्य या कॉलेज को देखकर यह जांच सकते हैं कि वहां एमबीबीएस, बीडीएस या बीएससी नर्सिंग में कितनी सीटें उपलब्ध है और उनकी कैटेगरी के लिए कौन सी सीटें हैं.&amp;nbsp;
चॉइस फिलिंग से पहले सीट मैट्रिक्स देखना जरूरी&amp;nbsp;
राउंड 1 की चॉइस फिलिंग करते समय उम्मीदवारों के लिए सीट मैट्रिक्स काफी जरूरी है. कॉलेज और कोर्स की पसंद भरने से पहले उम्मीदवार यह देख सकते हैं कि संबंधित संस्थान में उनकी कैटेगरी और लागू कोटे के तहत कितनी सीटें उपलब्ध है. इसके लिए उम्मीदवार पहले अपनी पसंद के राज्य या संस्थान को सीट मैट्रिक्स में सर्च कर सकते हैं. इसके बाद संबंधित कोर्स, कोटा और कैटेगरी के अनुसार सीटों की संख्या देखी जा सकती है. पीडब्ल्यूडी-पीडब्ल्यूबीडी या दूसरे कैटेगरी में आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को अपनी लागू सीटों की जानकारी भी देखनी चाहिए.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sat, 08 Aug 2026 20:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>MP ESB Recruitment 2026: 5 महीने में 12 बड़े एग्जाम कराएगा MP ESB, 19000 पदों पर होगी भर्ती</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/mp-esb-recruitment-2026-5-महीने-में-12-बड़े-एग्जाम-कराएगा-mp-esb-19000-पदों-पर-होगी-भर्ती</link>
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        <description><![CDATA[ MP ESB Recruitment 2026: सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे मध्य प्रदेश के युवाओं के लिए आने वाले कुछ महीने काफी जरूरी रहने वाले हैं. मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MP ESB) ने साल 2026 में होने वाली भर्तियों का संशोधित कैलेंडर जारी कर दिया है. इस कैलेंडर के मुताबिक सितंबर से दिसंबर 2026 के बीच प्रदेश में 12 बड़ी भर्ती परीक्षाएं आयोजित की जानी हैं. इन परीक्षाओं के जरिए अलग-अलग विभागों में 19 हजार से ज्यादा पदों पर भर्ती की जाएगी.&amp;nbsp;
इस भर्ती प्रक्रिया में पुलिस, पंचायत, कृषि, इंजीनियरिंग और दूसरे विभागों के पद शामिल हैं. इसके अलावा शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) भी सितंबर-अक्टूबर में प्रस्तावित है. ऐसे में सरकारी नौकरी और शिक्षक पात्रता परीक्षा की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए यह अपडेट काफी जरूरी है.&amp;nbsp;
सितंबर में होंगी दो बड़ी भर्ती परीक्षाएं
MP ESB के संशोधित भर्ती कैलेंडर के अनुसार सितंबर 2026 में ग्रुप-2 &amp;nbsp;सब ग्रुप-1 के तहत कृषि विस्तार अधिकारी भर्ती परीक्षा-2026 आयोजित की जाएगी. इसके जरिए कुल 2,784 पदों पर भर्ती की जानी है. इसी महीने ग्रुप-2 &amp;nbsp;सब ग्रुप--4 के तहत खंड पंचायत अधिकारी, पंचायत समन्वय अधिकारी, सहायक संपरीक्षक और समकक्ष पदों के लिए संयुक्त भर्ती परीक्षा भी आयोजित होगी. इस भर्ती के तहत कुल 2,299 पद भरे जाने हैं.&amp;nbsp;
सितंबर-अक्टूबर में SI और उपयंत्री की परीक्षा
सितंबर से अक्टूबर 2026 के दौरान ग्रुप-3 उपयंत्री, मानचित्रकार और प्रयोगशाला तकनीशियन परीक्षा आयोजित की जानी है. इस भर्ती के जरिए कुल 700 पदों पर उम्मीदवारों का चयन होगा. इसी अवधि में सूबेदार और उपनिरीक्षक (SI) संवर्ग भर्ती परीक्षा भी प्रस्तावित है. इसमें कुल 507 पदों पर भर्ती की जाएगी. &amp;nbsp;इसके साथ ही सेवात्तर शिक्षकों के लिए प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) 2026 भी सितंबर-अक्टूबर में आयोजित होने का प्रस्ताव है.&amp;nbsp;
अक्टूबर-नवंबर में पुलिस भर्ती पर रहेगा फोकस
अक्टूबर से नवंबर 2026 के बीच भी कई जरूरी परीक्षाएं आयोजित की जानी हैं. इस दौरान सूबेदार शीघ्रलेखक एवं सहायक उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा प्रस्तावित है, जिसमें कुल 566 पद भरे जाएंगे. &amp;nbsp;इसके अलावा पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा भी इसी अवधि में होगी. इस भर्ती में सबसे ज्यादा 7,500 पदों पर उम्मीदवारों का चयन किया जाना है.
नवंबर में 1000 पुलिस आरक्षक चालक पद
नवंबर 2026 में पुलिस आरक्षक चालक भर्ती परीक्षा आयोजित करने का प्रस्ताव है. इसके जरिए कुल 1,000 पदों पर भर्ती की जाएगी.&amp;nbsp;
नवंबर-दिसंबर में पंचायत से जुड़ी भर्तियां
नवंबर से दिसंबर 2026 के बीच नायब तहसीलदार विभागीय भर्ती परीक्षा आयोजित की जाएगी. इसके तहत कुल 73 पद भरे जाने हैं. &amp;nbsp;इसी अवधि में पंचायत सचिव एवं ग्राम रोजगार सहायक भर्ती परीक्षा भी प्रस्तावित है. इस भर्ती के जरिए कुल 2,900 पदों पर उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा.&amp;nbsp;
दिसंबर में ग्रुप-6 की भर्ती परीक्षा
दिसंबर 2026 में ग्रुप-6 स बग्रुप-1 भर्ती परीक्षा आयोजित की जानी है. इसके तहत कुल 700 पदों पर भर्ती होगी. इसके अलावा दिसंबर में संस्कृति संचालनालय के तहत संचालित शासकीय संगीत एवं ललित कला महाविद्यालयों के रिक्त पदों पर भर्ती के लिए भी परीक्षा आयोजित की जाएगी. इसमें कुल 33 पद भरे जाने हैं.&amp;nbsp;
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करीब 1.50 लाख शिक्षकों से जुड़ा TET अपडेट
MP ESB के संशोधित भर्ती कैलेंडर के अनुसार, मध्य प्रदेश में कुल 19,062 पदों पर भर्ती होगी, जिसमें सबसे ज्यादा 7,500 पद पुलिस आरक्षक के हैं. इसके अलावा पंचायत सचिव, ग्राम रोजगार सहायक, कृषि विस्तार अधिकारी, उपयंत्री और SI समेत कई पद शामिल हैं. वहीं करीब 1.50 लाख शिक्षकों के लिए TET परीक्षा सितंबर-अक्टूबर 2026 में आयोजित की जाएगी. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इसकी जिम्मेदारी MP ESB को दी गई है और जल्द ही ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू होने की बात कही गई है.&amp;nbsp;
किन शिक्षकों को देना होगा TET?
सुप्रीम कोर्ट के अनुसार कक्षा 1 से 8 तक पढ़ाने वाले सभी शिक्षकों के लिए TET जरूरी है. आरटीई लागू होने से पहले नियुक्त हुए कुछ शिक्षक यह परीक्षा नहीं दे पाए थे. अब उन्हें अपनी योग्यता साबित करने के लिए TET देना होगा. यह परीक्षा उन शिक्षकों को देनी होगी, जिनकी रिटायरमेंट में अभी 5 साल से ज्यादा का समय बाकी है और जो प्राथमिक साथ ही माध्यमिक स्कूलों में काम कर रहे हैं.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sat, 08 Aug 2026 20:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>ESB, Recruitment, 2026:, महीने, में, बड़े, एग्जाम, कराएगा, ESB, 19000, पदों, पर, होगी, भर्ती</media:keywords>
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        <title>NMMSS Scholarship 2026&amp;27 : NMMSS स्कॉलरशिप के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू, 31 अगस्त तक करें अप्लाई</title>
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        <description><![CDATA[ NMMSS Scholarship 2026-27 : शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग ने नेशनल मीन्स-कम-मेरिट स्कॉलरशिप स्कीम (NMMSS) के लिए शैक्षणिक सत्र 2026-27 का रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया है. इस योजना के तहत कक्षा 9 में पढ़ रहे पात्र छात्र पहली बार स्कॉलरशिप के लिए आवेदन कर सकते हैं. वहीं कक्षा 10 से 12 तक पढ़ने वाले छात्र अपनी पहले से मिल रही स्कॉलरशिप के नवीनीकरण यानी रिन्यूअल के लिए आवेदन कर सकते हैं. आवेदन की आखिरी तारीख 31 अगस्त 2026 तय की गई है और इसके लिए छात्रों को नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) का इस्तेमाल करना होगा.&amp;nbsp;
आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए है NMMSS योजना
नेशनल मीन्स-कम-मेरिट स्कॉलरशिप स्कीम का मकसद आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के मेधावी छात्रों को पढ़ाई जारी रखने में आर्थिक मदद देना है. यह योजना खास तौर पर कक्षा 8 के बाद छात्रों की पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करती है. केंद्र सरकार की इस योजना का एक प्रमुख उद्देश्य स्कूल छोड़ने यानी ड्रॉपआउट की समस्या को कम करना भी है. आर्थिक परेशानी के कारण जिन छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है, उन्हें इस स्कॉलरशिप के जरिए आगे की शिक्षा जारी रखने में मदद मिलती है.&amp;nbsp;
कौन कर सकता है NMMSS के लिए आवेदन?
NMMSS के लिए सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और स्थानीय निकाय के स्कूलों में कक्षा 9 में पढ़ने वाले छात्र आवेदन कर सकते हैं. इसके अलावा कक्षा 10, 11 और 12 में पढ़ने वाले छात्र अपनी स्कॉलरशिप को जारी रखने के लिए रिन्यूअल आवेदन कर सकते हैं. हालांकि रिन्यूअल के लिए छात्रों को स्कॉलरशिप से जुड़ी तय शर्तों को पूरा करना जरूरी होगा. इसके साथ ही छात्र NMMSS जैसी मेरिट आधारित स्कॉलरशिप के अलावा एक या उससे ज्यादा स्कॉलरशिप योजनाओं के लिए भी आवेदन कर सकते हैं, अगर वे संबंधित योजना की पात्रता पूरी करते हैं.&amp;nbsp;
31 अगस्त तक करना होगा आवेदन
NMMSS 2026-27 के लिए नए और रिन्यूअल दोनों तरह के आवेदन की लास्ट तारीख 31 अगस्त 2026 है. ऐसे में पात्र छात्रों को तय समय सीमा के भीतर अपना आवेदन पूरा करना होगा. आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन होगी और छात्रों को इसके लिए नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) पर जाना होगा.&amp;nbsp;
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NMMSS Scholarship 2026-27 के लिए ऐसे करें आवेदन
1. स्कॉलरशिप के लिए आवेदन करने के लिए सबसे पहले नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल की वेबसाइट पर जाएं
2. पहली बार आवेदन करने वाले छात्रों को पहले New Registration की प्रक्रिया पूरी करनी होगी.&amp;nbsp;
3. रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद मिले लॉगिन क्रेडेंशियल्स की मदद से पोर्टल पर लॉगिन करें.
4. इसके बाद उपलब्ध स्कॉलरशिप योजनाओं में National Means-cum-Merit Scholarship Scheme (NMMSS) का चयन करें.&amp;nbsp;
5. अब आवेदन फॉर्म में मांगी गई जरूरी जानकारी भरें और जरूरी डॉक्यूमेंट अपलोड करें.
6.सभी जानकारी भरने के बाद एक बार फॉर्म को अच्छी तरह जांच लें और फिर आवेदन सबमिट कर दें.
7. आवेदन जमा करने के बाद फ्यूचर के लिए कन्फर्मेशन पेज को डाउनलोड करके सुरक्षित रख लें.
आवेदन के बाद दो चरणों में होगा वेरिफिकेशन
NMMSS के लिए आवेदन जमा करने के बाद प्रक्रिया खत्म नहीं होगी. छात्रों के आवेदन फॉर्म का वेरिफिकेशन भी किया जाएगा. यह वेरिफिकेशन दो चरणों में पूरा होगा. जिसमें पहले चरण में इंस्टीट्यूट नोडल ऑफिसर (INO) छात्रों के आवेदन का वेरिफिकेशन करेंगे. यह प्रक्रिया 15 सितंबर 2026 तक पूरी की जाएगी. इसके बाद दूसरे चरण में डिस्ट्रिक्ट नोडल ऑफिसर (DNO) आवेदन का &amp;nbsp;वेरिफिकेशन करेंगे, जिसे 30 सितंबर 2026 तक पूरा किया जाना है.
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        <pubDate>Sat, 08 Aug 2026 20:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>NMMSS, Scholarship, 2026-27, NMMSS, स्कॉलरशिप, के, लिए, रजिस्ट्रेशन, शुरू, अगस्त, तक, करें, अप्लाई</media:keywords>
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        <title>IIT Delhi Convocation में PM ने किया PMRF का जिक्र, जानिए क्या है ये फेलोशिप </title>
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        <description><![CDATA[ IIT Delhi Convocation: आईआईटी दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल हुए. पीएम मोदी ने संस्थान से डिग्री हासिल करने वाले छात्रों को संबोधित किया. समारोह में 587 पीएचडी स्कॉलर समेत 3000 से ज्यादा छात्रों को डिग्रियां दी गई. इस दौरान शानदार एकेडमी प्रदर्शन करने वाले छात्रों को प्रेसिडेंट गोल्ड मेडल जैसे सम्मान भी दिए गए. अपने संबोधन में पीएम मोदी ने छात्रों की बदलती दुनिया, तकनीकी और नई चुनौतियों के लिए तैयार रहने की भी सलाह दी. इसी दौरान पीएम ने रिसर्च के क्षेत्र में युवाओं के लिए मौजूदा अवसरों का जिक्र करते हुए प्राइम मिनिस्टर रिसर्च फेलोशिप की बात कही. &amp;nbsp;उन्होंने कहा कि पीएमआरएफ देश के प्रतिभावान युवाओं को शोध के नए अवसर दे रही है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं किPMRF फेलोशिप क्या है, इसमें कौन आवेदन कर सकता है और इससे कितना पैसा मिलता है.&amp;nbsp;
क्या है PMRF फेलोशिप?
प्राइम मिनिस्टर रिसर्च फेलोशिप केंद्र सरकार की एक रिसर्च फेलोशिप योजना है. जिसे देश के प्रतिभावान छात्रों को उच्च गुणवत्ता वाले रिसर्च के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शुरू किया गया था. यह योजना 2018-19 में शुरू हुई थी और इसके लिए कुल 1,650 करोड़ रुपये का वित्तीय प्रावधान किया गया था. PMRF का उद्देश्य देश के बेहतरीन छात्रों को प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में उच्च स्तरीय का शोध करने के लिए आकर्षित करना है. इसके तहत फेलोशिप और रिसर्च ग्रांट के जरिए रिसर्चर को आर्थिक सहायता दी जाती है, ताकि वह अपनी रिसर्च पर बेहतर तरीके से काम कर सके. सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार अब तक 3,668 स्कॉलर PMRF &amp;nbsp;योजना के तहत दाखिल हो चुके हैं.&amp;nbsp;
PMRF में कौन कर सकता है आवेदन?&amp;nbsp;
PMRF के तहत मुख्य रूप से ऐसी प्रतिभाशाली छात्रों को रिसर्च के लिए चुना जाता है, जो देश के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में उच्च गुणवत्ता वाले शोध कार्यक्रम में आगे बढ़ना चाहते हैं. उम्मीदवारों का चयन उनकी शैक्षणिक क्षमता, रिसर्च की योग्यता और संबंधित क्षेत्र में प्रदर्शन के आधार पर किया जाता है. PMRF में आवेदन और चयन पात्रता संबंधित संस्थान की ओर से निर्धारित योजना के नियमों के अनुसार होता है. यह फेलोशिप खासतौर पर उन छात्रों के लिए है, जो उच्च स्तर पर रिसर्च कर पीएचडी जैसी उन्नत रिसर्च डिग्री की दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं.&amp;nbsp;
PMRF में कितना मिलता है पैसा?
PMRF के तहत चयनित स्कॉलर को हर महीने 70,000 रुपये तक की फेलोशिप मिलती है. फेलोशिप के राशि पीएचडी के अलग-अलग वर्षों के हिसाब से तय होती है. जैसे पहले साल में 70,000 प्रति महीना, दूसरे साल में भी 70,000 प्रतिमाह, तीसरे साल में 75,000 प्रतिमाह, चौथे साल में 80 हजार रुपये प्रतिमाह और पांचवे साल में 80,000 प्रतिमाह मिलते हैं. इसके अलावा स्कॉलर को हर साल 2 लाख का रिसर्च ग्रांट भी मिलता है. 5 साल की अवधि में यह रिसर्च ग्रांट 10 लाख रुपये तक हो सकता है.&amp;nbsp;
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लैटरल एंट्री से भी मिल सकता है PMRF मौका&amp;nbsp;
PMRF में लेटरल एंट्री का प्रावधान भी है. इसके लिए उम्मीदवार को PMRF फैलोशिप देने वाले संस्थानों में से किसी एक में पीएचडी करना जरूरी है. अगर उम्मीदवार ने मास्टर डिग्री के बाद पीएचडी ज्वाइन की है, तो आवेदन के समय पीएचडी प्रोग्राम में अधिकतम 12 महीने पूरे हुए होने चाहिए, वहीं अगर उम्मीदवार ने बैचलर डिग्री के बाद पीएचडी में एडमिशन लिया है ,तो पीएचडी प्रोग्राम में अधिकतम 24 महीने पूरे होने चाहिए.&amp;nbsp;
कैसे मिलता है PMRF का लाभ?
PMRF के लिए चयन सीधे सभी छात्रों को नहीं दिया जाता है. उम्मीदवारों को निर्धारित पात्रता और चयन प्रक्रिया से गुजरना होता है. छात्र संबंधित प्रमुख संस्थान में रिसर्च प्रोग्राम में एडमिशन लेने के बाद PMRF के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर सकते हैं. उम्मीदवार की एकेडमिक उपलब्धियां, रिसर्च क्षमता और रिसर्च के क्षेत्र में प्रदर्शन को चयन प्रक्रिया में महत्व दिया जाता है.
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        <pubDate>Sat, 08 Aug 2026 20:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>जल्द जारी हो सकता है UPTET रिजल्ट, लाखों उम्मीदवार कर रहे इंतजार</title>
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        <description><![CDATA[ UPTET Result 2026: उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा 2026 के रिजल्ट का इंतजार कर रहे लाखों व्यक्तियों के लिए बड़ी अपडेट आई है. उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने अभी तक रिजल्ट जारी करने की कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है, लेकिन कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार रिजल्ट किसी भी समय जारी किया जा सकता है. परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन पूरा हो चुका है और अब उम्मीदवारों को स्कोर कार्ड जारी होने का इंतजार है. रिजल्ट जारी होने के बाद अभ्यर्थी यूपीईएससी की ऑफिशियल वेबसाइट upessc.up.gov.in. पर जाकर चेक कर सकेंगे.&amp;nbsp;
2 से 4 जुलाई तक हुई थी UPTET परीक्षा&amp;nbsp;
इस बार UPTET की परीक्षा में 17.7 लाख से ज्यादा उम्मीदवार शामिल हुए थे. इसलिए बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की रिजल्ट पर नजर बनी हुई है. वहीं UPTET 2026 का आयोजन 2 जुलाई से 4 जुलाई 2026 तक किया गया था. परीक्षा ऑफलाइन मोड में उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आयोजित हुई थी. इसमें प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर पर शिक्षक बनने की पात्रता हासिल करने के लिए उम्मीदवारों ने हिस्सा लिया था. पेपर 1 कक्षा 1 से 5 तक पढ़ने के पात्रता के लिए और पेपर 2 कक्षा 6 से 8 तक पढ़ाने की पात्रता के लिए होता है. उम्मीदवारों अपने प्रदर्शन के आधार पर एक या दोनों पेपर में क्वालीफाई कर सकते हैं. वहीं परीक्षा के बाद आयोग ने 8 जुलाई को प्रोविजनल आंसर की जारी की थी. उम्मीदवारों को आंसर की पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए 14 जुलाई तक का समय दिया गया था. इन आपत्ति की समीक्षा के बाद फाइनल आंसर की के आधार पर रिजल्ट तैयार किया गया जा रहा है.&amp;nbsp;
UPTET रिजल्ट में क्या मिलेगी जानकारी?&amp;nbsp;
रिजल्ट जारी होने के बाद उम्मीदवार अपने स्कोर कार्ड में अपना नाम, रोल नंबर, प्राप्त अंक, क्वालीफाइंग स्टेटस, किस पेपर में परीक्षा दी है और परीक्षा से जुड़ी दूसरी जानकारी देख सकेंगे. स्कोर कार्ड डाउनलोड करने के बाद उम्मीदवारों को अपनी व्यक्तिगत जानकारी और प्राप्त अंकों को ध्यान से जांच लेना चाहिए. किसी तरह की गलती होने पर आयोग की ओर से निर्धारित प्रक्रिया के तहत इसकी जानकारी दी जा सकती है.
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UPTET पास करने के बाद क्या होगा?&amp;nbsp;
UPTET क्वालीफाई करना उत्तर प्रदेश में शिक्षक भर्ती के लिए निर्धारित न्यूनतम पात्रता में से एक है. हालांकि सिर्फ यूपीटीईटी पास करने से किसी उम्मीदवार की शिक्षक पद पर नियुक्ति नहीं होती. परीक्षा में सफल उम्मीदवारों को पात्रता प्रमाण पत्र दिया जाएगा. यह प्रमाण पत्र एनसीटीई के दिशा-निर्देशों के अनुसार जीवन भर वैलिड रहता है. उम्मीदवार फ्यूचर में उत्तर प्रदेश में निकलने वाली सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों की शिक्षक भर्तियों में अपनी पात्रता के अनुसार इसका इस्तेमाल कर सकेंगे. वहीं शिक्षक पद पर नियुक्ति के लिए उम्मीदवारों को संबंधित भर्ती प्रक्रिया, रिक्तियों और चयन प्रक्रिया में अलग से शामिल होना होगा.&amp;nbsp;
कैसे डाउनलोड कर सकेंगे स्कोर कार्ड?&amp;nbsp;

जारी होने के बाद रिजल्ट डाउनलोड करने के लिए उम्मीदवार सबसे पहले upessc.up.gov.in. की वेबसाइट पर जाए.
इसके बाद UPTET 2026 रिजल्ट के लिंक पर क्लिक करें.
अब मांगी गई रजिस्ट्रेशन डिटेल्स और पासवर्ड या दूसरी लोगिन जानकारी भरें.&amp;nbsp;
इसके बाद जानकारी सबमिट करने पर आपको रिजल्ट और स्कोर कार्ड स्क्रीन पर दिखाई देगा.
स्कोर कार्ड डाउनलोड करने के बाद आप इसका प्रिंट आउट लेकर भी रख सकते हैं.

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        <pubDate>Sat, 08 Aug 2026 20:30:03 +0530</pubDate>
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        <title>DGCA पोर्टल फेल! पायलट भर्ती की आखिरी तारीख बढ़ी</title>
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        <description><![CDATA[ पायलट बनने की तैयारी कर रहे हजारों छात्रों के लिए इस बार सबसे बड़ी चुनौती परीक्षा नहीं बल्कि DGCA का परीक्षा पोर्टल बन गया. आवेदन की आखिरी तारीख नजदीक आते ही वेबसाइट पर तकनीकी दिक्कतें आने लगीं. कई छात्र समय रहते फॉर्म ही जमा नहीं कर पाए. मामला बढ़ा तो नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु को खुद दखल देना पड़ा. केंद्रीय मंत्री ने फ्लाइट क्रू उम्मीदवारों के लिए आवेदन की आखिरी तारीख बढ़ाकर 10 अगस्त 2026 कर दी है और DGCA को पोर्टल की तकनीकी कमियां तुरंत दूर करने का निर्देश दिया है.
पूरा मामला क्या है?
DGCA पायलट, एयरलाइन ट्रांसपोर्ट पायलट और एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियर -AME बनने वाले उम्मीदवारों के लिए लाइसेंस संबंधी थ्योरी परीक्षाएं कराता है. &amp;nbsp;इनमें सबसे अहम होती है OLODE -Online On-Demand Examination, इसका फायदा यह है कि अगर किसी छात्र का सिर्फ एक पेपर बचा हो तो उसे अगले रेगुलर एग्जाम सेशन का तीन महीने इंतजार नहीं करना पड़ता. OLODE Session 06 of 2026 की परीक्षा 19 से 21 अगस्त के बीच होनी है. इसके लिए आवेदन DGCA के Pariksha Portal पर लिए जा रहे थे. हालांकि, लेकिन आवेदन विंडो खुलते ही बड़ी संख्या में छात्रों ने शिकायत की कि वेबसाइट ठीक से काम नहीं कर रही थी. किसी का लॉगिन नहीं हो रहा था किसी का पेज बार-बार हैंग हो रहा था और कई छात्रों का आरोप है कि पेमेंट होने के बाद भी आवेदन दर्ज नहीं हुआ. नतीजा यह हुआ कि कई उम्मीदवार तय समय तक फॉर्म नहीं भर सके.
मंत्री को करना पड़ा दखल
मामला सोशल मीडिया तक पहुंचा तो नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु ने संज्ञान लिया. उन्होंने कहा कि फ्लाइट क्रू उम्मीदवारों की परेशानियों की जानकारी मिली है. तकनीकी गड़बड़ी की वजह से कई छात्र आवेदन नहीं कर पाए इसलिए फ्लाइट क्रू उम्मीदवारों के लिए आवेदन की आखिरी तारीख 10 अगस्त 2026 तक बढ़ाई जा रही है. मंत्री ने DGCA को यह भी निर्देश दिया है कि परीक्षा पोर्टल को जल्द से जल्द रिवैंप किया जाए और उसकी बैकएंड क्षमता बढ़ाई जाए ताकि भविष्य में ऐसी परेशानी दोबारा न हो.
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अब किसके लिए कब तक आवेदन?
पोर्टल पर जारी नई व्यवस्था के मुताबिक दोनों श्रेणियों के उम्मीदवारों के लिए अलग-अलग आवेदन विंडो रखी गई है. AME उम्मीदवार - आवेदन 7 अगस्त तक और फ्लाइट क्रू उम्मीदवार - 8 अगस्त से 10 अगस्त तक आवेदन कर सकते हैं. माना जा रहा है कि ऐसा इसलिए किया गया है ताकि एक साथ भारी ट्रैफिक आने से सर्वर पर दबाव कम रहे.
यह पहली बार नहीं हुआ
DGCA का परीक्षा पोर्टल पहले भी कई बार सवालों के घेरे में रहा है. फ्लाइंग स्कूलों और उम्मीदवारों का कहना है कि जैसे ही आवेदन शुरू होते हैं या एडमिट कार्ड जारी होते हैं वेबसाइट धीमी पड़ जाती है या कई बार पूरी तरह बंद हो जाती है. कई छात्रों को सलाह दी जाती रही है कि वे देर रात या सुबह जल्दी लॉगिन करें क्योंकि उस समय सर्वर पर कम लोड रहता है.
पेमेंट कट गया... लेकिन फॉर्म नहीं भरा
छात्रों की एक और बड़ी शिकायत पेमेंट को लेकर रहती है. OLODE परीक्षा की फीस भारतकोष के जरिए जमा होती है और प्रति पेपर करीब 5,000 रुपये शुल्क देना पड़ता है. कई मामलों में उम्मीदवारों का पैसा कट गया लेकिन पोर्टल पर आवेदन पूरा नहीं दिखा. ऐसे मामलों के लिए DGCA ने Failed Transaction Refund का विकल्प तो दिया है, लेकिन छात्रों का कहना है कि रिफंड आने में कई बार महीनों लग जाते हैं.
एक पेपर छूटा तो करियर भी पीछे खिसक सकता है
DGCA की परीक्षा में हर विषय में 70 प्रतिशत अंक लाना जरूरी होता है. अगर कोई छात्र फेल हो जाए तो उसी विषय की परीक्षा दोबारा देने के लिए 42 दिन का कूलिंग पीरियड होता है. ऐसे में जिन छात्रों का सिर्फ एक पेपर बचा होता है उनके लिए आवेदन ही नहीं कर पाना बड़ा झटका बन जाता है. इसका असर सिर्फ परीक्षा पर नहीं बल्कि CPL पूरा होने, टाइप रेटिंग शुरू होने और एयरलाइन में नौकरी मिलने की पूरी टाइमलाइन पर पड़ सकता है. फिलहाल आवेदन की तारीख बढ़ा दी गई है लेकिन कई सवाल अभी भी बाकी हैं. फिलहाल राहत की बात सिर्फ इतनी है कि फ्लाइट क्रू उम्मीदवारों को 10 अगस्त तक एक और मौका मिल गया है लेकिन यह पूरा मामला एक बार फिर सरकारी डिजिटल सिस्टम की तैयारी और क्षमता पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sat, 08 Aug 2026 04:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>DGCA, पोर्टल, फेल, पायलट, भर्ती, की, आखिरी, तारीख, बढ़ी</media:keywords>
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        <title>छत्तीसगढ़ पुलिस भर्ती के नतीजों पर विवाद, News और Spacerani नाम के कैंडिडेट भी पास</title>
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        <description><![CDATA[ पहले दिल्ली फिर झारखंड और अब छत्तीसगढ़ से भी भर्ती परीक्षा को लेकर विवाद सामने आ रहे हैं. छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की सूबेदार, एसआई और प्लाटून कमांडर भर्ती परीक्षा के प्रीलिम्स रिजल्ट में सामने आए कुछ अजीब नाम को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. चयनित लिस्ट में NEWS, SPACE RANI, MANBAS, HE RAM और BHAKT PRAHLAD जैसे नाम दिखाई देने के बाद भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं. हालांकि, CGPSC ने इन आरोपों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि रिजल्ट में दिखाई दे रहे नाम अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन आवेदन के दौरान खुद दर्ज किए थे. आयोग ने कहा कि परिणाम में वही जानकारी प्रदर्शित हुई, जो आवेदन फाॅर्म में भारी गई थी.&amp;nbsp;
4 अगस्त को जारी हुआ था रिजल्ट&amp;nbsp;
सीजीपीएससी ने सूबेदार, उप निरीक्षक और प्लाटून कमांडर के 341 पदों पर भर्ती के लिए 12 जुलाई 2026 को प्रारंभिक परीक्षा आयोजित की थी. परीक्षा राज्य के सभी 33 जिलों में बनाए गए 183 केंद्रों पर हुई थी. आयोग ने 4 अगस्त को इसका रिजल्ट जारी किया, जिसमें 7301 अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया. इसी चयन सूची में कुछ असामान्य नाम सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर रिजल्ट के स्क्रीनशॉट वायरल होने लगे.&amp;nbsp;
रिजल्ट में न्यूज और स्पेस रानी नाम से मचा हंगामा&amp;nbsp;
रिजल्ट जारी होने के बाद सोशल मीडिया पर वायरल चयन लिस्ट में कुछ ऐसे नाम दिखाई दिए, जिन्हें देखकर अभ्यर्थियों और लोगों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए. इनमें न्यूज, स्पेस रानी और मानबास के अलावा हे राम, भक्त प्रहलाद और तू फेल जैसे नाम भी शामिल हैं. वायरल लिस्ट में न्यूज नाम का उम्मीदवार एसआई प्रारंभिक परीक्षा में सफल बताया गया. इस तरह स्पेस रानी और मानबास नाम भी सफल अभ्यर्थियों की लिस्ट में दर्ज है. कुछ जगहों पर मनमाने अक्षरों और अधूरी जानकारी वाली कॉपियों को लेकर भी सवाल उठें. सोशल मीडिया पर चयन लिस्ट के स्क्रीनशॉट समझने के बाद इस मामले ने राजनीतिक रूप भी ले लिया और कांग्रेस ने पूरी तरह भर्ती प्रक्रिया की जांच की मांग की.&amp;nbsp;
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विपक्ष ने उठाए भर्ती प्रक्रिया पर सवाल&amp;nbsp;
विपक्ष भर्ती परीक्षा के रिजल्ट में इस तरह के नाम को लेकर CGPSC की कार्य प्रणाली पर सवाल उठाए. विपक्ष का कहना है कि चयन सूची में इस तरह की प्रविष्टियां सामने आने से भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता को लेकर संदेह पैदा होता है. विपक्ष ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग की है. साथ ही भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण से पहले आवेदन में दर्ज उम्मीदवारों की जानकारी की जांच और प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने की बात कही है. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी इस मामले पर सोशल मीडिया के जरिए तंज कसा. उन्होंने न्यूज और स्पेस रानी नाम का जिक्र करते हुए दोनों को व्यंग्यात्मक अंदाज में बधाई दी और से राज्य की भाजपा सरकार से जोड़कर टिप्पणी की.&amp;nbsp;
CGPSC की सफाई, उम्मीदवारों ने खुद भरे थे नाम&amp;nbsp;
विवाद बढ़ने के बाद CGPSC ने गुरुवार को आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पूरे मामले पर सफाई दी. आयोग ने कहा कि सोशल मीडिया पर इन नाम को लेकर गलत और भ्रामक जानकारी प्रसारित की जा रही है. आयोग के अनुसार ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थियों को अपना नाम, जन्मतिथि और दूसरी व्यक्तिगत जानकारी खुद दर्ज करनी होती है. रिजल्ट तैयार करते समय इस रिकॉर्ड को इस्तेमाल किया जाता है और नाम में आयोग की ओर से मैन्युअल बदलाव नहीं किया जाता. CGPSC ने स्पष्ट किया है की न्यूज, स्पेस रानी, है राम, भक्त प्रहलाद और तू फेल जैसे नाम भी आवेदन फॉर्म में अभ्यर्थियों की ओर से दर्ज किए गए थे. इन्हीं विवरणों के आधार पर उनके एडमिट कार्ड जारी हुए और उन्हें भर्ती प्रक्रिया के लिए अलग-अलग चरणों में हिस्सा दिया.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sat, 08 Aug 2026 04:30:09 +0530</pubDate>
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        <title>यूपी के स्कूलों में सोमवार को 12:15 बजे हो जाएगी छुट्टी, हाफ&amp;डे का आदेश</title>
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        <description><![CDATA[ 


UP Govt Orders Half Day in Schools on Monday: उत्तर प्रदेश में चल रही कावड़ यात्रा और राज्य भर में कावड़ यात्रियों की आवाजाही को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने स्कूलों को लेकर जरूरी निर्देश जारी किए हैं. राज्य में सोमवार को स्कूलों में 12:15 बजे यानी आधे दिन में ही छुट्टी कर दी जाएगी. वहीं कावड़ यात्रा को देखते हुए पहले से जारी आदेश के तहत कई जिलों में 4 से 12 अगस्त तक को स्कूल कॉलेज बंद रखने का फैसला भी लागू है. प्रशासन का यह फैसला कावड़ यात्रा के दौरान सड़कों पर बढ़ने वाली भीड़ और भक्तों की आवाजाही को देखते हुए लिया गया है.



12:15 बजे होगी स्कूलों में छुट्टी
उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश के अनुसार सोमवार को स्कूलों में नियमित कक्षाओं के बजाय दोपहर 12:15 बजे छुट्टी कर दी जाएगी. इसका उद्देश्य कांवड़ यात्रा के दौरान बढ़ने वाली आवाजाही के बीच विद्यार्थियों और उनके परिवारों की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करना है. कांवड़ यात्रा के चलते प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बड़ी संख्या में भक्त और कावड़िये यात्रा कर रहे हैं. इसी को देखते हुए प्रशासन की ओर से स्कूलों के संचालन को लेकर भी जरूरी बदलाव किए गए हैं.
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4 से 12 अगस्त तक बंद रहेंगे, कई स्कूल और कॉलेज
पहले से जारी आदेश के तहत 4 से 12 अगस्त तक स्कूलों के साथ-साथ कॉलेज, यूनिवर्सिटी और तकनीकी संस्थानों में भी कक्षाएं बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं. यह आदेश सरकारी और प्राइवेट दोनों तरह के हायर एजुकेशनल इंस्टीट्यूट पर लागू है. स्कूलों में नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए छुट्टी रहेगी. इसके अलावा बेसिक शिक्षा परिषद, माध्यमिक शिक्षा परिषद, सीबीएसई, आईसीएसई और मदरसा बोर्ड से जुड़े स्कूल भी इस आदेश के दायरे में हैं. इसके अलावा कांवड़ यात्रा के दौरान बढ़ती भीड़ को देखते हुए उत्तर प्रदेश के कई जिलों में संचालित सरकारी और प्राइवेट कॉलेज, यूनिवर्सिटी और तकनीकी संस्थानों में भी नियमित कक्षाएं बंद रहेगी. हालांकि आदेश में पहले से निर्धारित परीक्षाओं को लेकर अलग प्रावधान किया गया है. जिन संस्थानों में परीक्षा पहले से तय है, वहां संबंधित परीक्षा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कराई जा सकती है. यानी छुट्टी की कारण पहले से तय परीक्षा का कार्यक्रम प्रभावित नहीं होगा.
इन जिलों में पहले से लागू है आदेश
कांवड़ यात्रा को देखते हुए मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद और मेरठ समेत कई जिलों में शैक्षणिक संस्थाओं को बंद रखने के आदेश पहले से ही जारी किए जा चुके हैं. सरकार के अनुसार प्रशासन यात्रा के दौरान स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और जरूरत के अनुसार आगे भी निर्देश जारी किए जा सकते हैं. वहीं श्रावण मास की शुरुआत 30 जुलाई 2026 से हुई और 11 अगस्त को श्रावण शिवरात्रि है, इस दौरान का कांवड़ियों की आवाजाही &amp;nbsp;बढ़ने के कारण प्रशासन की ओर से सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है.
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        <pubDate>Sat, 08 Aug 2026 04:30:07 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>यूपी, के, स्कूलों, में, सोमवार, को, 12:15, बजे, हो, जाएगी, छुट्टी, हाफ-डे, का, आदेश</media:keywords>
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        <title>72वीं BPSC परीक्षा को लेकर वायरल नोटिस निकला फेक, आयोग ने जारी की चेतावनी</title>
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        <description><![CDATA[ BPSC Fake Notice: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 72वीं संयुक्त प्रारंभिक प्रतियोगी परीक्षा को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक नोटिस ने अभ्यर्थियों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा कर दी है. आयोग ने वायरल नोटिस को फर्जी, भ्रामक और गलत बताते हुए अभ्यर्थियों को सावधान किया है. बीपीएससी ने स्पष्ट किया है कि 72वीं सीसीई और 2026 में प्रस्तावित अन्य परीक्षाओं को लेकर वायरल हो रहा है, यह नोटिस आयोग की ओर से जारी नहीं किया है. बीपीएससी ने अपने पोस्ट में बताया कि आयोग ने अभ्यर्थियों और आम लोगों से अपील की है कि वह सोशल मीडिया पर किसी अनधिकृत माध्यम से मिलने वाली परीक्षा संबंधी जानकारी पर भरोसा ना करें और ऐसे फर्जी नोटिस को आगे शेयर या प्रसारित करने से बचें.&amp;nbsp;
72वीं BPSC परीक्षा का फर्जी नोटिस वायरल&amp;nbsp;
आयोग के अनुसार सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफार्म पर BPSC के नाम से एक इंपोर्टेंट नोटिस प्रसारित किया जा रहा है. इसमें 2026 में होने वाली 72वीं संयुक्त प्रारंभिक प्रतियोगी परीक्षा समेत अन्य प्रस्तावित परीक्षाओं से संबंधित जानकारी दी गई थी. BPSC ने जांच के बाद स्पष्ट किया कि ऐसा कोई नोटिस आयोग की ओर से जारी नहीं किया गया है. आयोग में कहा गया है कि वायरल जानकारी पूरी तरह फेक, भ्रामक और असत्य है. अभ्यर्थियों से कहा गया है कि वह किसी भी अनधिकृत सोर्स से मिली परीक्षा की तारीख, नोटिफिकेशन या दूसरी जानकारी को सही न मानें.&amp;nbsp;
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26 जुलाई को होनी थी 72वीं CCE प्रीलिम्स&amp;nbsp;
दरअसल BPSC की 72वीं संयुक्त प्रारंभिक प्रतियोगी परीक्षा 2026 पहले 26 जुलाई को आयोजित होनी थी. आयोग ने परीक्षा से कुछ दिन पहले 18 जुलाई को जारी नोटिस के जरिए इसे स्थगित कर दिया था. बीपीएससी ने परीक्षा स्थगित करने के पीछे अपरिहार्य कारणों का हवाला दिया. आयोग ने उस समय कहा था कि परीक्षा की नई तारीख बाद में घोषित की जाएगी, फिलहाल स्थगित परीक्षा की संशोधित तारीख को लेकर आयोग की ओर से कोई नया शेड्यूल जारी नहीं किया गया है. इस वजह से परीक्षा की नई तारीख का इंतजार कर रहे हैं, अभ्यर्थी आयोग से लगातार अपडेट भी मांग रहे हैं.&amp;nbsp;
72वीं BPSC भर्ती में 1230 पद&amp;nbsp;
बीपीएससी ने 12वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा 2026 का नोटिफिकेशन 6 मई 2026 को जारी किया था. इस भर्ती अभियान के जरिए कुल 1230 पदों पर नियुक्ति की जानी है. ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 7 मई से 31 मई तक चली थी. इस भर्ती प्रक्रिया को तीन चरणों में पूरा किया जाएगा. सबसे पहले प्रारंभिक परीक्षा होगी, इसमें सफल अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा में शामिल होने का मौका मिलेगा. वहीं मुख्य परीक्षा के बाद सफल उम्मीदवारों का अंतिम इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा.
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        <pubDate>Sat, 08 Aug 2026 04:30:05 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>72वीं, BPSC, परीक्षा, को, लेकर, वायरल, नोटिस, निकला, फेक, आयोग, ने, जारी, की, चेतावनी</media:keywords>
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        <title>अगस्त में जारी होगा KVS, NVS और EMRS टियर&amp;2 रिजल्ट, CBSE ने दिया अपडेट</title>
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        <description><![CDATA[ CBSE KVS NVS EMRS Tier 2 Result: केंद्रीय विद्यालयों, नवोदय विद्यालयों और एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूलों में टीचिंग और नॉन-टीचिंग पदों पर भर्ती का इंतजार कर रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने आधिकारिक सूचना जारी की है. सोशल मीडिया और मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर टियर-2 परीक्षा के नतीजों को लेकर फैल रही भ्रामक खबरों और अटकलों पर विराम लगाने के मकसद से बोर्ड की सीटीईटी (CTET) यूनिट ने यह आधिकारिक प्रेस नोट रिलीज किया है और बताया है कि रिजल्ट आखिर कब घोषित हो रहा है.&amp;nbsp;
रिजल्ट प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंची
सीबीएसई बोर्ड ने प्रेस नोट के जरिए जानकारी दी है कि टियर-2 की डिस्क्रिप्टिव आंसर बुक्स का फिजिकल इवैल्यूएशन (कॉपियों की जांच) काफी तेजी से चल रही है. मूल्यांकन का यह कार्य अब बेहद एडवांस स्टेज यानी अपने अंतिम दौर में पहुंच चुका है. बोर्ड का कहना है कि पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए अंतिम प्रक्रियाओं में पूरा ध्यान रखा जा रहा है, जिससे परिणाम घोषित करने में थोड़ा समय लग रहा है.
अगस्त 2026 से जारी होंगे नतीजे
लाखों परीक्षार्थियों को बड़ी राहत देते हुए सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि केवीएस (KVS), एनवीएस (NVS) और ईएमआरएस (EMRS) टियर-2 का रिजल्ट अगस्त 2026 के मध्य से जारी होना शुरू हो जाएगा. ध्यान देने वाली बात यह है कि सभी पदों और संस्थानों के परिणाम एक साथ नहीं आएंगे, बल्कि इन्हें फेज वाइज तरीके से अलग-अलग तारीखों पर घोषित किया जाएगा.
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अफवाहों से बचें और आधिकारिक जानकारी देखें
बोर्ड ने अभ्यर्थियों को सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही अनवेरिफाइड खबरों और अफवाहों से सतर्क रहने की सख्त हिदायत दी है. उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई सूचनाओं पर ही विश्वास करें. रिजल्ट की तारीखों की ताजा जानकारी के लिए परीक्षार्थी लगातार ctet.nic.in पोर्टल को चेक करते रहें.

Important UpdateThe KVS, NVS &amp;amp; EMRS Recruitment Tier-II Results will be declared in phases, commencing mid-August 2026.Candidates are advised to rely only on official information and ignore rumours/ unverified reports.For more details, please see the Press Release pic.twitter.com/BcRNLqwjHP
&amp;mdash; CBSE HQ (@cbseindia29) August 7, 2026

&amp;nbsp;
जारी किया हेल्पलाइन नंबर&amp;nbsp;
किसी भी तरह के भ्रम या सवाल की स्थिति में सीबीएसई ने उम्मीदवारों की सुविधा के लिए आधिकारिक संपर्क नंबर भी जारी किया है. इसके लिए अभ्यर्थी सीधे बोर्ड के हेल्पलाइन नंबर +91-11-24050477 पर कॉल करके सही जानकारी हासिल कर सकते हैं.
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&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 08 Aug 2026 04:30:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>IIM Ahmedabad Business Finance Program: IIM अहमदाबाद में बिजनेस फाइनेंस प्रोग्राम में एडमिशन शुरू, जानें डिटेल्स</title>
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        <description><![CDATA[ IIM Ahmedabad Business Finance Program: भारतीय प्रबंधन संस्थान IIM अहमदाबाद ने Jaro Education के साथ मिलकर अपने एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम इन बिजनेस फाइनेंस EPBF के 8वें बैच के लिए एडमिशन प्रक्रिया शुरू कर दी है. यह कोर्स विशेष रूप से उन कामकाजी पेशेवरों के लिए डिजाइन किया गया है जो कॉरपोरेट फाइनेंस को गहराई से समझना चाहते हैं और अपनी लीडरशिप स्किल्स को मजबूत करना चाहते हैं. इस शॉर्ट-टर्म सर्टिफिकेट कोर्स के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इच्छुक उम्मीदवार 6 सितंबर 2026 तक आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं.&amp;nbsp;
कब से करें आवेदन और क्या है योग्यता?
इस प्रोग्राम में एडमिशन लेने की इच्छा रखने वाले उम्मीदवारों के लिए 6 सितंबर 2026 आवेदन करने की अंतिम तारिख हैं. क्योंकि 21 सितंबर 2026 से बैच की पढ़ाई शुरू होने जा रही है और 24 अप्रैल 2027 तक पढ़ाई पूरी हो जाएगी. आईआईएम अहमदाबाद के इस विशेष फाइनेंस प्रोग्राम में प्रवेश पाने के लिए उम्मीदवार के पास किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से स्नातक की डिग्री होनी चाहिए. साथ ही ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद उम्मीदवार के पास कम से कम 3 वर्ष का पूर्णकालिक कार्य अनुभव होना अनिवार्य है. क्योंकि यह कोर्स मुख्य रूप से मिड-लेवल और सीनियर लेवल के उन अधिकारियों के लिए है जो भविष्य में बिजनेस लीडरशिप या प्रॉफिट एंड लॉस की जिम्मेदारियां संभालने वाले हैं और जिनका फाइनेंस बैकग्राउंड नहीं है.&amp;nbsp;
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कितनी है कोर्स की फीस?
इस प्रीमियम एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम के लिए 3,43,000 फिस रखी गई है. इसके अलावा 18% लागू जीएसटी अलग से देनी होगी. साथ ही फॉर्म जमा करते समय उम्मीदवारों को 2,000 और जीएसटी का गैर-वापसी योग्य आवेदन शुल्क भी देना होगा. ध्यान दें कि इस फीस में कैंपस मॉड्यूल के दौरान होने वाले व्यक्तिगत यात्रा और रहने का खर्च शामिल नहीं है.&amp;nbsp;
चयन प्रक्रिया
इस प्रोग्राम में उम्मीदवारों का चयन किसी लिखित परीक्षा के आधार पर नहीं बल्कि प्रोफाइल के मूल्यांकन के आधार पर होगा. सबसे पहले उम्मीदवारों के ग्रेजुएशन के अंक और उनके कार्य अनुभव की जांच की जाएगी. फिर आवेदकों को एक स्टेटमेंट ऑफ पर्पस जमा करना होगा, जिसमें उन्हें बताना होगा कि वे यह कोर्स क्यों करना चाहते हैं. कोर्स के अंत में परीक्षाओं और असेसमेंट को सफलतापूर्वक पूरा करने और न्यूनतम 80% अटेंडेंस बनाए रखने वाले छात्रों को आईआईएम अहमदाबाद की ओर से सर्टिफिकेट ऑफ कंप्लीशन दिया जाएगा. और आपका यह कोर्स पूरा हो जाएगा.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Fri, 07 Aug 2026 12:30:16 +0530</pubDate>
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