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    <title>Attention India Hindi &amp; : बिज़नेस</title>
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    <description>Attention India Hindi &amp; : बिज़नेस</description>
    <dc:language>en</dc:language>
    <dc:creator></dc:creator>
    <dc:rights>Copyright 2024 Attention India&amp; All Rights Reserved.</dc:rights>
    <item>
        <title>LPG Rate Today: आज कितने का मिलेगा 14 किलो वाला गैस सिलेंडर, जानें एलपीजी की ताजा रेट लिस्ट</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/lpg-rate-today-आज-कितने-का-मिलेगा-14-किलो-वाला-गैस-सिलेंडर-जानें-एलपीजी-की-ताजा-रेट-लिस्ट</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/lpg-rate-today-आज-कितने-का-मिलेगा-14-किलो-वाला-गैस-सिलेंडर-जानें-एलपीजी-की-ताजा-रेट-लिस्ट</guid>
        <description><![CDATA[ LPG Rate Today 25 July 2026: अगर आपके घर का गैस सिलेंडर खत्म हो गया है और आप नई बुकिंग करने जा रहे हैं तो ये खबर आपके लिए ही है. आज घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर के भाव में कितने बदलाव हुए हैं, ये आप यहां से चेक कर सकते हैं. यहां अलग- अलग शहर के एलपीजी रेट के बारे में डिटेल में बताया गया है.
घरेलू (14.2 किलोग्राम) एलपीजी सिलेंडर के रेट-

दिल्ली- 942.00&amp;nbsp;
मुंबई- 941.50&amp;nbsp;
कोलकाता- 968.00&amp;nbsp;
चेन्नई- 957.50&amp;nbsp;
बेंगलुरु- 945.50&amp;nbsp;
हैदराबाद- 995.50&amp;nbsp;
जयपुर- 956.50&amp;nbsp;
लखनऊ- 980.50&amp;nbsp;
चंडीगढ़- 955.50&amp;nbsp;
पटना- 1,001.00

आज का पेट्रोल-डीजल रेट, जानिए 25 जुलाई 2026 को आपके शहर में क्या हैं ताजा कीमतें
कमर्शियल (19 किलोग्राम) एलपीजी सिलेंडर के रेट-

दिल्ली- 1,766.00&amp;nbsp;
मुंबई- 1,717.00&amp;nbsp;
कोलकाता- 1,879.00&amp;nbsp;
चेन्नई- 1,929.00&amp;nbsp;
बेंगलुरु- 1,837.00&amp;nbsp;
हैदराबाद- 1,978.00&amp;nbsp;
जयपुर- 1,804.00&amp;nbsp;
लखनऊ- 1,910.00&amp;nbsp;
चंडीगढ़- 1,786.00&amp;nbsp;
पटना- 2,018.00&amp;nbsp;

क्या आज बदले गैस सिलेंडर के दाम?
आज, 25 जुलाई 2026 को घरेलू यानी 14.2 किलोग्राम और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर यानी 19 किलोग्राम की कीमतों में कोई नया बदलाव नहीं किया गया है. तेल विपणन कंपनियों ने मौजूदा दरों को ही बरकरार रखा है.
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क्यों नहीं बदले एलपीजी के दाम?
एलपीजी सिलेंडर की कीमतें आमतौर पर हर महीने की शुरुआत में तेल कंपनियों द्वारा समीक्षा के बाद तय की जाती हैं. अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमत, एलपीजी आयात लागत, डॉलर-रुपये की विनिमय दर और सरकारी नीतियां इन कीमतों को प्रभावित करती हैं. जुलाई के अंतिम सप्ताह तक घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर के रेट स्थिर बने हुए हैं.
कैसे चेक करें अपने शहर का एलपीजी रेट?
उपभोक्ता इंडियन ऑयल, भारत गैस और एचपी गैस की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप के माध्यम से अपने शहर की ताजा एलपीजी कीमत देख सकते हैं. इसके अलावा, ऑनलाइन एलपीजी पोर्टल पर भी नए रेट रहते हैं.
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        <pubDate>Sat, 25 Jul 2026 15:30:17 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>LPG, Rate, Today:, आज, कितने, का, मिलेगा, किलो, वाला, गैस, सिलेंडर, जानें, एलपीजी, की, ताजा, रेट, लिस्ट</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>Bank Holiday Today: आज 25 जुलाई को बैंक खुले हैं या बंद हैं? घर से निकलने से पहले दूर करें कंफ्यूजन</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/bank-holiday-today-आज-25-जुलाई-को-बैंक-खुले-हैं-या-बंद-हैं-घर-से-निकलने-से-पहले-दूर-करें-कंफ्यूजन</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/bank-holiday-today-आज-25-जुलाई-को-बैंक-खुले-हैं-या-बंद-हैं-घर-से-निकलने-से-पहले-दूर-करें-कंफ्यूजन</guid>
        <description><![CDATA[ Bank Holiday Today 25 July 2026: अगर आज आपका बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम है, तो घर से निकलने से पहले यह खबर जरूर पढ़ लें. आज 25 जुलाई 2026, दिन शनिवार को देशभर में बैंक शाखाएं बंद रहेंगी. इसकी वजह यह है कि आज महीने का चौथा शनिवार है और RBI के नियमों के अनुसार हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को सभी सरकारी और निजी बैंक बंद रहते हैं.
आज बैंक क्यों बंद हैं?RBI के बैंक अवकाश नियमों के मुताबिक देशभर में बैंक हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को बंद रहते हैं. चूंकि आज 25 जुलाई चौथा शनिवार है, इसलिए सभी बैंक शाखाओं में अवकाश रहेगा. इसके बाद रविवार होने के कारण 26 जुलाई को भी बैंक बंद रहेंगे. इसके अलावा 27 जुलाई से 1 अगस्त के बीच किसी राज्य के लिए कोई अलग बैंक हॉलिडे नहीं है.
आज कितने का मिलेगा 14 किलो वाला गैस सिलेंडर, जानें एलपीजी की ताजा रेट लिस्ट
किन बैंकों पर लागू होगी छुट्टी?

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया&amp;nbsp;
पंजाब नेशनल बैंक
बैंक ऑफ बड़ौदा
केनरा बैंक
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया
इंडियन बैंक
एचडीएफसी बैंक
आईसीआईसीआई बैंक
एक्सीस बैंक
कोटक महिंद्रा बैंक
IndusInd बैंक
यश बैंक

क्या ऑनलाइन बैंकिंग सेवाएं चालू रहेंगी?भले ही बैंक शाखाएं बंद रहें, लेकिन डिजिटल बैंकिंग सेवाएं चालू रहेंगी. ग्राहक UPI से भुगतान करने के लिए इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, ATM से नकदी निकासी, NEFT और IMPS और बैलेंस चेक और फंड ट्रांसफर कर सकते हैं. हालांकि, शाखा में जाकर किए जाने वाले काम जैसे नकद जमा, चेक क्लियरेंस, डिमांड ड्राफ्ट या पासबुक अपडेट अगले कार्य दिवस पर ही होंगे.
आज का पेट्रोल-डीजल रेट, जानिए 25 जुलाई 2026 को आपके शहर में क्या हैं ताजा कीमतें
अगला बैंकिंग कार्य दिवस कब होगा?आज चौथा शनिवार और कल रविवार होने के कारण बैंक लगातार दो दिन बंद रहेंगे. ऐसे में अधिकांश राज्यों में बैंक शाखाएं सोमवार, 27 जुलाई 2026 को दोबारा खुलेंगी.&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 25 Jul 2026 15:30:16 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Bank, Holiday, Today:, आज, जुलाई, को, बैंक, खुले, हैं, या, बंद, हैं, घर, से, निकलने, से, पहले, दूर, करें, कंफ्यूजन</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>CJP Protest: &amp;apos;महंगा&amp;apos; पड़ रहा जंतर मंतर प्रदर्शन, वीकएंड पर ओला उबर रैपिडो का किराया बढ़ा! मेट्रो स्टेशन बंद होने से परेशानी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/cjp-protest-महंगा-पड़-रहा-जंतर-मंतर-प्रदर्शन-वीकएंड-पर-ओला-उबर-रैपिडो-का-किराया-बढ़ा-मेट्रो-स्टेशन-बंद-होने-से-परेशानी</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/cjp-protest-महंगा-पड़-रहा-जंतर-मंतर-प्रदर्शन-वीकएंड-पर-ओला-उबर-रैपिडो-का-किराया-बढ़ा-मेट्रो-स्टेशन-बंद-होने-से-परेशानी</guid>
        <description><![CDATA[ CJP Protest Jantar Mantar: सोनम वांगचुके के अनशन खत्म करने के बाद भी दिल्ली के जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन जारी है. वीकएंड होने के चलते आज जंतर मंजर पर बड़ी संख्या में भीड़ जुटने की आशंका है. उधर डीएमआरसी ने पहले ही जंतर मंतर और संसद के आस पास के 18 मेट्रो स्टेशन को बंद कर रखा है. ऐसे में लोगों को जंतर मंतर पहुंचने के लिए शनिवार और रविवार अपनी जेब ढीली करनी पड़ सकती है.&amp;nbsp;
दरअसल जंतर मंतर की ओर जाने वाले सभी मेट्रो स्टेशन बंद हैं, जो वहां पहुंचने के लिए सबसे आसान तरीका है. ऐसे में अब लोग ऑनलाइन कैब बुकिंग सेवाएं ले रहे हैं. इसी वजह से ओला, उबर और रैपिडो जैसी प्रमुख राइड-हेलिंग कंपनियों ने किराए में इजाफा कर दिया है.&amp;nbsp;
बता दें कि पीक टाइम पर या किसी एक जगह पर जब यात्रियों की संख्या अचानक बहुत बढ़ जाती है तो उस इलाके में या उस इलाके की ओर जाने वाली गाड़ियों की संख्या सीमित होती है. डिमांड ज्यादा बढ़ने के चलते ऑनलाइन कैब बुकिंग सेवाएं महंगी हो जाती हैं. ऐसे में सिस्टम खुद-ब-खुद किराया बढ़ा देता है.
Bank Holiday Today: आज 25 जुलाई को बैंक खुले हैं या बंद हैं? घर से निकलने से पहले दूर करें कंफ्यूजन
जंतर मंतर जाने के लिए अभी कितना किराया वसूल रही कैब कंपनियां?
अगर गाजियाबाद से जंतर मंतर जा रहे हैं तो...

बाइक से 250 से 300 रुपए
कैब इकॉनोमी- 500 से 550 रुपए
कैब प्रायोरिटी- 600 से 650 रुपए
कैब प्रिमियम- 650 से 700 रुपए
कैब एक्सएल- 900 से 1000 रुपए

अगर नोएडा से जंतर मंतर जा रहे हैं तो...

बाइक से 200 से 250 रुपए
ऑटो एनसीआर- 300 से 350 रुपए
कैब इकॉनोमी- 450 से 500 रुपए
कैब प्रायोरिटी- 500 से 550 रुपए
कैब प्रिमियम- 550 से 650 रुपए
कैब एक्सएल- 750 से 800 रुपए

अगर गुरुग्राम से जंतर मंतर जा रहे हैं तो...

बाइक से 350 से 400 रुपए
कैब इकॉनोमी- 550 से 600 रुपए
कैब प्रायोरिटी- 580 से 650 रुपए
कैब प्रिमियम- 600 से 750 रुपए
कैब एक्सएल- 850 से 900 रुपए

कम किराए के लिए क्या करें?
बता दें कि अगर आपको गाजियाबाद, नोएडा या ग्रुरुग्राम से जंतर मंतर पहुंचना है तो आप मेट्रो स्टेशन से उस नजदीकी मेट्रो स्टेशन पहुंच सकते हैं, जो खुला भी है और जंतर मंतर के आस पास है. इसके बाद आप वहां से ऑटो या कैब बुक करके जंतर मंतर पहुंच सकते हैं. लेकिन इसके लिए आपको ज्यादा जेब ढीली करनी पड़ सकती है.
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 ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 25 Jul 2026 15:30:15 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>CJP, Protest:, महंगा, पड़, रहा, जंतर, मंतर, प्रदर्शन, वीकएंड, पर, ओला, उबर, रैपिडो, का, किराया, बढ़ा, मेट्रो, स्टेशन, बंद, होने, से, परेशानी</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>Gold&amp; Silver Price Today: क्या सावन में सस्ता होगा सोना? जानें आज 25 जुलाई को कितना है सोने&amp; चांदी का भाव</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/gold-silver-price-today-क्या-सावन-में-सस्ता-होगा-सोना-जानें-आज-25-जुलाई-को-कितना-है-सोने-चांदी-का-भाव</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/gold-silver-price-today-क्या-सावन-में-सस्ता-होगा-सोना-जानें-आज-25-जुलाई-को-कितना-है-सोने-चांदी-का-भाव</guid>
        <description><![CDATA[ Gold- Silver Price Today 25 July 2026: सावन का महीना शुरू होते ही सोने और चांदी की खरीदारी में तेजी देखने को मिलती है. शादी-ब्याह, त्योहारों और धार्मिक अवसरों के कारण इस दौरान ज्वेलरी की मांग बढ़ जाती है. ऐसे में अगर आप भी सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं तो पहले आज का ताजा भाव जान लेना जरूरी है. जान लें कि आज यानी 25 जुलाई 2026 को भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है. बाजार में सोना पिछले कारोबारी सत्र के स्तर पर ही कारोबार कर रहा है, जबकि चांदी की कीमत भी लगभग स्थिर बनी हुई है.&amp;nbsp;
आज सोने का भाव-&amp;nbsp;



शहर
24 कैरेट सोना (10 ग्राम)
22 कैरेट सोना (10 ग्राम)
18 कैरेट सोना (10 ग्राम)


दिल्ली
₹147420
₹135150
₹110610


मुंबई
₹147280
₹135000
₹110460


कोलकाता
₹147280
₹135000
₹110460


चेन्नई
₹147280
₹135000
₹113150


पटना
₹147320
₹135050
₹110510


लखनऊ
₹147420
₹135150
₹110610


मेरठ
₹147420
₹135150
₹110610


अयोध्या
₹147420
₹135150
₹110610


कानपुर
₹147420
₹135150
₹110610


गाजियाबाद
₹147420
₹135150
₹110610


नोएडा
₹147420
₹135150
₹110610


गुरुग्राम
₹147420
₹135150
₹110610


चंडीगढ़
₹147420
₹135150
₹110610


जयपुर
₹147420
₹135150
₹110610


लुधियाना
₹147420
₹135150
₹110610


गुवाहाटी
₹147280
₹135000
₹110460


जलगांव
₹147280
₹135000
₹110460


इंदौर
₹147320
₹135050
₹110510


अहमदाबाद
₹147320
₹135050
₹110510


वडोदरा
₹147320
₹135050
₹110510


सूरत
₹147320
₹135050
₹110510


पुणे
₹147280
₹135000
₹110460


नागपुर
₹147280
₹135000
₹110460


नासिक
₹147310
₹135030
₹110490


बैंगलोर
₹147280
₹135000
₹110460


भुवनेश्वर
₹147280
₹135000
₹110460


रायपुर
₹147280
₹135000
₹110460


हैदराबाद
₹147280
₹135000
₹110460



&#039;महंगा&#039; पड़ रहा जंतर मंतर प्रदर्शन, वीकएंड पर ओला उबर रैपिडो का किराया बढ़ा! मेट्रो स्टेशन बंद होने से परेशानी
आज चांदी का भाव-&amp;nbsp;



शहर
1 किलो चांदी का भाव


दिल्ली
₹2,40,000


मुंबई
₹2,40,000


कोलकाता
₹2,40,000


चेन्नई
₹2,45,000


पटना
₹2,40,000


लखनऊ
₹2,40,000


अयोध्या
₹2,40,000


कानपुर
₹2,40,000


मेरठ
₹2,40,000


गाजियाबाद
₹2,40,000


नोएडा
₹2,40,000


गुरुग्राम
₹2,40,000


चंडीगढ़
₹2,40,000


जयपुर
₹2,40,000


लुधियाना
₹2,40,000


गुवाहाटी
₹2,40,000


इंदौर
₹2,40,000


अहमदाबाद
₹2,40,000


वडोदरा
₹2,40,000


सूरत
₹2,40,000


पुणे
₹2,40,000


नागपुर
₹2,40,000


नासिक
₹2,40,000


बैंगलोर
₹2,40,000


भुवनेश्वर
₹2,45,000


रायपुर
₹2,40,000


हैदराबाद
₹2,45,000



क्या सावन में सस्ता होगा सोना?
सावन में सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट की संभावना कम रहती है. इसकी वजह इस अवधि में ज्वेलरी की मांग बढ़ना है. हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत, डॉलर इंडेक्स, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों और भू-राजनीतिक घटनाओं का असर घरेलू बाजार पर भी पड़ता है. अगर वैश्विक बाजार में कमजोरी आती है तो सोने की कीमतों में कुछ नरमी देखने को मिल सकती है.&amp;nbsp;
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अभी खरीदें या करें इंतजार?
अगर आप शादी, त्योहार या खुद की जरूरत के लिए सोना खरीद रहे हैं तो केवल कीमतों में मामूली उतार-चढ़ाव का इंतजार करना जरूरी नहीं है. वहीं, निवेश के नजरिए से खरीदारी करने वाले निवेशक SIP या किस्तों में निवेश की रणनीति अपना सकते हैं, जिससे कीमतों के उतार-चढ़ाव का जोखिम कम हो जाता है. ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 25 Jul 2026 15:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Gold-, Silver, Price, Today:, क्या, सावन, में, सस्ता, होगा, सोना, जानें, आज, जुलाई, को, कितना, है, सोने-, चांदी, का, भाव</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>Flipkart News: ऑर्डर किया सवा लाख का iPhone, निकला दाढ़ी बढ़ाने का तेल, कोर्ट ने फ्लिपकार्ट पर ठोका भारी जुर्माना</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/flipkart-news-ऑर्डर-किया-सवा-लाख-का-iphone-निकला-दाढ़ी-बढ़ाने-का-तेल-कोर्ट-ने-फ्लिपकार्ट-पर-ठोका-भारी-जुर्माना</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/flipkart-news-ऑर्डर-किया-सवा-लाख-का-iphone-निकला-दाढ़ी-बढ़ाने-का-तेल-कोर्ट-ने-फ्लिपकार्ट-पर-ठोका-भारी-जुर्माना</guid>
        <description><![CDATA[ Fine on Flipkart: ऑनलाइन शॉपिंग करना हर किसी को पसंद होता है. एक्साइटिंग ऑफर्स और महंगे प्रोडेक्ट्स पर आसान ईएमआई ऑनलाइन शॉपिंग को और दिलचस्प बना देती है. लेकिन ऑनलाइन शॉपिंग में कई बार धोखाधड़ी का सामना भी करना पड़ जाता है. सोचिए आपने ऑनलाइन महंगा आईफोन ऑर्डर किया और जब डिलीवरी हुई तो उसमें आईफोन नहीं बल्कि दाढ़ी वाला तेल निकला. आपके पैरों तले जमीन खिसक जाएगी.&amp;nbsp;
ताजा मामला देश की आर्थिक राजधानी मुंबई का है. यहां एक शख्स ने ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म फ्लिपकार्ट से 1 लाख 11 हजार रुपए में आईफोन 14 प्रो (128 जीबी) का ऑर्डर किया. लेकिन डिब्बे में उसको दाढ़ी बढ़ाने वाला तेल मिला. इसके बाद शख्स ने मुंबई की कंज्यूमर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया.&amp;nbsp;
कोर्ट ने क्या आदेश दिया?
इस केस की सुनवाई के बाद कोर्ट ने फ्लिपकार्ट को एक ग्राहक को 1.11 लाख रुपए से ज्यादा की राशी वापस करने का निर्देश दिया. इतना ही नहीं कोर्ट ने फ्लिपकार्ट और आईफोन बेचने वाले विक्रेता को ग्राहक को मुआवजे और मुकदमेबाजी खर्च के रूप में 70 हजार रुपए का भुगतान करने का भी आदेश दिया. कोर्ट ने कहा कि &amp;nbsp;ग्राहकों की शिकायतों को बिना कोई राहत दिए बार-बार बंद करना अनुचित है.
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कोर्ट ने केस की सुनवाई के दौरान पाया कि ग्राहक ने जरूरी भुगतान करने के बाद फ्लिपकार्ट से आईफोन का ऑर्डर दिया था. सही प्रोडक्ट की &amp;nbsp;डिलीवरी सुनिश्चित करना प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी थी. कोर्ट ने कहा कि ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म बिक्री की सुविधा देने के बाद लेने देन से खुद को अलग नहीं रख सकता.
फ्लिपकार्ट और विक्रेता दोनों हैं सेवा में कमी के दोषी- कोर्ट
इसके बाद कोर्ट ने विक्रेता यानी इंटरनेशनल वैल्यू रिटेल प्राइवेट लिमिटेड को सेवा में कमी का दोषी पाया. कोर्ट ने कहा कि बार-बार अपील करने के बावजूद विक्रेता आईफोन देने या ग्राहक की शिकायत का समाधान करने में फेल रहा. कोर्ट ने फ्लिपकार्ट और विक्रेता दोनों को संयुक्त रूप से और अलग-अलग रूप से उत्तरदायी ठहराते हुए कहा कि वे शिकायतकर्ता को हुए नुकसान और असुविधा के लिए जिम्मेदार हैं.
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        <pubDate>Sat, 25 Jul 2026 03:30:16 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Flipkart, News:, ऑर्डर, किया, सवा, लाख, का, iPhone, निकला, दाढ़ी, बढ़ाने, का, तेल, कोर्ट, ने, फ्लिपकार्ट, पर, ठोका, भारी, जुर्माना</media:keywords>
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        <title>CJP Protest: सीजेआई आंदोलन के बाद दिल्ली में व्यापार ठप, CTI ने PM मोदी को लिखा पत्र, क्या&amp;क्या मांग की?</title>
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        <description><![CDATA[ CTI Letter to PM Modi: दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी की ओर से लगातार हो रहे बड़े धरना-प्रदर्शनों और सुरक्षा व्यवस्थाओं के कारण राजधानी का कारोबार बुरी तरह प्रभावित होने का दावा किया गया है. चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने इस मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजते हुए जल्द समाधान की मांग की है.
संगठन का कहना है कि बाजारों में ग्राहकों की संख्या तेजी से घटी है, कारोबार प्रभावित हुआ है और व्यापारियों के साथ होटल, रेस्टोरेंट और सेवा क्षेत्र पर भी इसका व्यापक असर देखने को मिल रहा है.
PM मोदी को पत्र लिखकर जल्द समाधान की मांग
CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजे पत्र में कहा है कि दिल्ली में चल रहे धरना-प्रदर्शनों का सीधा असर व्यापार और अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है. संगठन के अनुसार राजधानी में प्रतिदिन होने वाले लगभग 500 करोड़ रुपये के कारोबार में करीब 70 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की जा रही है. सीटीआई ने केंद्र सरकार से प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत कर जल्द समाधान निकालने का आग्रह किया है.
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5 दिनों में 1500 करोड़ रुपये के कारोबार का नुकसान होने का दावा
सीटीआई की ओर से प्रमुख बाजारों, होटल और रेस्टोरेंट से जुटाई गई जानकारी के आधार पर दावा किया गया है कि पिछले पांच दिनों के दौरान दिल्ली में लगभग 1500 करोड़ रुपये के कारोबार का नुकसान हुआ है. संगठन का कहना है कि इस अवधि में बाजारों, होटल और रेस्टोरेंट में ग्राहकों की आवाजाही करीब 70 प्रतिशत तक घट गई है, जिससे व्यापारिक गतिविधियां गंभीर रूप से प्रभावित हुई हैं.
बाहरी राज्यों से आने वाले ग्राहकों की संख्या भी घटी
संगठन के मुताबिक सामान्य दिनों में दिल्ली के बाजारों में खरीदारी के लिए रोजाना करीब तीन लाख लोग बाहर से आते हैं, लेकिन मौजूदा हालात में उनकी संख्या में भारी कमी आई है. इसका असर थोक और खुदरा दोनों तरह के कारोबार पर पड़ रहा है.
16 मेट्रो स्टेशन बंद होने और जाम से बढ़ी परेशानी
CTI ने कहा कि सुरक्षा कारणों से 16 मेट्रो स्टेशनों के बंद रहने से लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है. वहीं जंतर-मंतर, संसद मार्ग, कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में लगातार ट्रैफिक जाम की स्थिति के कारण ग्राहक बाजारों तक पहुंचने से बच रहे हैं. इसका सीधा असर व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ रहा है.
व्यापारियों का राष्ट्रीय सम्मेलन भी करना पड़ा स्थगित
धरना-प्रदर्शनों और यातायात बाधित होने के कारण CTI को अपना प्रस्तावित व्यापारी सम्मेलन भी स्थगित करना पड़ा है. यह सम्मेलन 25 जुलाई को NDMC कन्वेंशन सेंटर में आयोजित होना था, जिसमें देशभर से 2000 से अधिक व्यापारियों के शामिल होने की उम्मीद थी.
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लोकतंत्र का सम्मान, लेकिन व्यापार भी बचना चाहिए : बृजेश गोयल
CTI चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा कि दिल्ली देश का सबसे बड़ा कारोबारी केंद्र है, जहां रोजाना लाखों लोगों का आवागमन होता है. उनका कहना है कि पिछले पांच दिनों से जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन और मेट्रो स्टेशनों के बंद होने के कारण करीब 15 लाख व्यापारियों और 10 लाख MSME इकाइयों का काम प्रभावित हुआ है.
उन्होंने कहा कि संगठन लोकतंत्र और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार का सम्मान करता है, लेकिन केंद्र सरकार को बातचीत के माध्यम से जल्द समाधान निकालना चाहिए ताकि व्यापार, पर्यटन और रोजगार पर पड़ रहे असर को कम किया जा सके.
CTI ने सरकार के सामने रखीं दो प्रमुख मांगें
CTI ने केंद्र सरकार से दो प्रमुख मांगें रखी हैं. पहली, प्रदर्शनकारियों से तत्काल बातचीत कर जंतर-मंतर पर चल रहे धरने का जल्द समाधान निकाला जाए ताकि सामान्य गतिविधियां बहाल हो सकें. दूसरी, जंतर-मंतर और प्रमुख सरकारी तथा व्यावसायिक क्षेत्रों में एक हजार से अधिक लोगों के प्रदर्शन पर रोक लगे तथा बाहरी दिल्ली में धरना-प्रदर्शनों के लिए एक स्थायी स्थल विकसित किया जाए.
संगठन ने उम्मीद जताई है कि सरकार इस मुद्दे पर शीघ्र निर्णय लेकर राजधानी के व्यापारियों, कारोबारी प्रतिष्ठानों और आम लोगों को राहत पहुंचाने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी.
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        <pubDate>Sat, 25 Jul 2026 03:30:12 +0530</pubDate>
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        <title>Car Loan: नई कार का सपना होगा पूरा, 7.35% की शुरुआती दर पर मिल रहा लोन, कहां है सबसे कम EMI?</title>
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        <description><![CDATA[ Car Loan Interest Rate: अगर आप नई कार खरीदने के लिए लोन लेने की सोच रहे हैं तो जल्दबाजी में फैसला न करें. अलग-अलग बैंकों की ब्याज दरों की तुलना करने से आप अच्छी-खासी सेविंग्स कर सकते हैं. फिलहाल कुछ बैंक 7.35% सालाना की शुरुआती ब्याज दर पर भी कार लोन दे रहे हैं.&amp;nbsp;
समझने वाली बात यह है कि आपको मिलने वाली ब्याज दर आपके क्रेडिट स्कोर, नौकरी, आय, लोन की रकम और लोन की समय सीमा पर निर्भर करेगी. इसलिए हर कस्टमर &amp;nbsp;के लिए ब्याज दर अलग-अलग हो सकती है.
पॉलिसी बाजार की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक...

UCO Bank सबसे कम 7.35% की शुरुआती ब्याज दर पर कार लोन दे रहा है.
इसके बाद Canara Bank और Bank of Maharashtra 7.45% से
जबकि Union Bank of India, Punjab &amp;amp; Sind Bank और Indian Bank 7.50% से कार लोन दे रहे हैं.

अगर आप 5 लाख रुपये का लोन 5 साल के लिए लेते हैं तो सबसे कम ब्याज दर पर आपकी EMI करीब 9,983 रुपये होगी. वहीं ज्यादा ब्याज दर होने पर EMI 11,634 रुपये तक पहुंच सकती है. मतलब हर महीने 1,651 रुपये ज्यादा देने पड़ सकते हैं. पूरे 5 साल में यह रकम करीब 99 हजार रुपये तक पहुंच जाती है. मतलब सिर्फ सही बैंक चुनकर आप लोन की कुल कॉस्ट को काफी कम कर सकते हैं.
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प्राइवेट बैंकों की बात करें तो...

HDFC Bank- 8.15%
ICICI Bank- 8.40%
Federal Bank- 7.65%
Karnataka Bank- 8.14%
और IDFC FIRST Bank 8.99% की शुरुआती ब्याज दर पर कार लोन दे रहे हैं.

लेकिन हर कस्टमर को ब्याज दर उसके प्रोफाइल के हिसाब से ही मिलती है. अगर आपका क्रेडिट स्कोर अच्छा है और आपकी इंकम फिक्स्ड है तो कम ब्याज दर मिलने के चांस बढ़ जाते हैं.
प्रोसेसिंग फीस भी जरूर देखें
कार लोन लेते समय सिर्फ ब्याज दर ही नहीं, बल्कि प्रोसेसिंग फीस भी जरूर देख लें. कुछ बैंक कम फीस लेते हैं, जबकि कुछ बैंक लोन की रकम के हिसाब से चार्ज करती है. कई बैंक फिलहाल प्रोसेसिंग फीस और ब्याज दर पर डिस्काउंट भी दे रहे हैं. साथ ही यह भी पता करें कि बैंक समय से पहले लोन चुकाने पर कोई प्रीपेमेंट चार्ज तो नहीं ले रहा है.
कार लोन लेने से पहले ब्याज दर, लोन की ईएमआई, प्रोसेसिंग फीस, प्रीपेमेंट चार्ज और लोन की बाकी बातों को अच्छी तरह कम्पेयर कर लें. थोड़ी सी समझदारी और सही बैंक का चुनाव आपके पूरे लोन के दौरान हजारों रुपये बचा सकता है और आपकी नई कार का सपना भी ईजी बना सकता है.
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        <pubDate>Sat, 25 Jul 2026 03:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Car, Loan:, नई, कार, का, सपना, होगा, पूरा, 7.35, की, शुरुआती, दर, पर, मिल, रहा, लोन, कहां, है, सबसे, कम, EMI</media:keywords>
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        <title>Zomato News: ऑनलाइन खाना क्यों है महंगा? CCI ने जोमैटो को किस बेस पर दी क्लीन चिट? ग्राहक की हार</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/zomato-news-ऑनलाइन-खाना-क्यों-है-महंगा-cci-ने-जोमैटो-को-किस-बेस-पर-दी-क्लीन-चिट-ग्राहक-की-हार</link>
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        <description><![CDATA[ Online Food Delivery Charges: आज के समय जयदातार लोग ऑनलाइन फूड डिलीवरी ऐप के जरिए खाना ऑर्डर करते हैं, जिसकी कीमत रेस्तरां के मुकाबले काफी ज्यादा महंगा होता है. अगर आपने भी काभी ऑनलाइन खाना ऑर्डर करते समय यह नोटिस किया होगा कि ऐप पर खाना महंगा और रेस्तरां में सस्ता मिल रहा है, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है.
इसी मुद्दे को लेकर एक ग्राहक ने जोमैटो (Eternal Ltd.) के खिलाफ भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) में शिकायत दर्ज कराई. हालांकि, CCI ने इस मामले की जांच करने के बाद कंपनी को राहत देते हुए शिकायत खारिज कर दी. CCI का कहना है कि ऑनलाइन फूड डिलीवरी और सीधे रेस्तरां से खाना खरीदने का तरीका दो अलग-अलग बिजनेस मॉडल हैं. ऐसे में दोनों की कीमतों की सीधी तुलना नहीं की जा सकती.
क्या था पूरा मामला?
एक ग्राहक ने शिकायत की कि ऑनलाइन ऑर्डर किए गए खाने की कीमत रेस्तरां की मुकाबले में काफी ज्यादा थी. उसने बताया कि रेस्तरां में एक खाने की कीमत 105 रुपये थी, जबकि उसी रेस्तरां ऐप पर उस खाने की कीमत उसे 198 रुपये दिखाई गई. ग्राहक ने आरोप लगाया कि बढ़ी हुई मेन्यू कीमत, प्लेटफॉर्म फीस, डिलीवरी चार्ज और टैक्स की वजह से अपने ऐप के जरिए गरहक से ज्यादा पैसे वसूल रहे हैं. साथ ही उसने यह भी कहा कि जोमैटो के कमीशन के कारण रेस्तरां को अपने ऐप पर खाने के दाम बढ़ाने पड़ते हैं.
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ऑनलाइन खाना महंगा क्यों होता है?

ऑनलाइन ऑर्डर में डिलीवरी, प्लेटफॉर्म जैसी अन्य सेवाओं का खर्च शामिल होता है.
घर बैठे खाना मंगाने की सुविधा के कारण ज्यादा कीमत देना पड़ता है.
टैक्स, डिलीवरी चार्ज और प्लेटफॉर्म फीस भी कुल बिल बढ़ा देते हैं.
फूड डिलीवरी कंपनियां रेस्तरां से कमीशन लेती हैं, जिसकी भरपाई कई बार रेस्तरां अपने ऐप के जरिए कीमत बढ़ाकर करते हैं.

CCI ने किस आधार पर दी क्लीन चिट?

CCI ने कहा कि ग्राहक अपनी सुविधा के लिए अपनी मर्जी से ज्यादा कीमत चुकाते हैं.
प्लेटफॉर्म फीस, डिलीवरी चार्ज और टैक्स जैसी सभी जानकारी गरहक को पेमेंट से पहले दिखाई जाती है.
ग्राहक के पास लास्ट पेमेंट तक ऑर्डर कैन्सल करने का ऑप्शन दिया जाता है.
CCI को जांच के दौरान ऐसा कोई सबूत नहीं मिला जिससे यह साबित हो कि जोमैटो ने अपने ऐप का गलत फायदा उठाया है.

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        <pubDate>Sat, 25 Jul 2026 03:30:09 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>Zomato, News:, ऑनलाइन, खाना, क्यों, है, महंगा, CCI, ने, जोमैटो, को, किस, बेस, पर, दी, क्लीन, चिट, ग्राहक, की, हार</media:keywords>
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        <title>ITR Rules: कम कमाई पर भी लग सकता है जुर्माना, 4 लाख वाले भी हैं इस लिस्ट में शामिल, पढ़ें शर्तें</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/itr-rules-कम-कमाई-पर-भी-लग-सकता-है-जुर्माना-4-लाख-वाले-भी-हैं-इस-लिस्ट-में-शामिल-पढ़ें-शर्तें</link>
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        <description><![CDATA[ ITR Rules: इनकम टैक्स भरने की आखिरी तिथि अब नजदीक ही है, ऐसे में जिसने भी अब तक ITR फाइल ना किया हो उसे तत्काल प्रभाव से ही कर लेना चाहिए. यदि आपको लगता है कि आपकी आय कम है तो आपको ITR भरने की जरूरत नहीं है, तो ऐसा बिलकुल भी नहीं है, इससे पहले आप कुछ नियम जान लें, इसके बाद ही आगे कुछ करें.
4 लाख की आय पर टैक्स भरें या ना?आमतौर पर, नई टैक्स व्यवस्था में सालाना आय 4 लाख रुपये और पुरानी टैक्स व्यवस्था में 2.5 लाख रुपये से ज्यादा होने पर ITR भरना जरूरी होता है. लेकिन कुछ मामलों में कम आय होने पर भी ITR दाखिल करना जरूरी होता है. इन नियमों को हर टैक्स भरने वाले और ना भरने वाले दोनों के लिए जान लेना बेहद जरूरी है.
ये भी पढ़ें: Used Oil: जो तेल आप खा रहे वो पहले ही हो चुका इस्तेमाल! 46 लाख लीटर पुराना ऑयल जब्त, 29 लाख का लगा जुर्माना
इन स्थितियों में ITR भरना है जरूरी हैयदि आप नहीं जानते हैं कि ITR भरना किन स्थितियों में जरूरी है, तो आइये हम आपको बताते हैं.

अगर आपके वित्त वर्ष में आपके करंट अकाउंट में 1 करोड़ रुपये से ज्यादा जमा है तो ITR दाखिल करना होगा.
अगर आपने अपने या किसी अन्य व्यक्ति की विदेश यात्रा पर 2 लाख रुपये से ज्यादा खर्च किया है तब भी ITR भरना होगा.
यदि पूरे साल में आपका बिजली बिल 1 लाख रुपये से ज्यादा आता है तो आपके लिए ITR भरना जरूरी होगा.
अगर आपके पास विदेश में कोई संपत्ति है, किसी विदेशी कंपनी में निवेश है या किसी विदेशी बैंक खाते को संचालित करने का अधिकार है, तब भी आपके लिए ITR भरना जरूरी है.

अब तक भरे जा चुके ITRआयकर विभाग के अनुसार, आकलन वर्ष 2026-27 के लिए अब तक 3 करोड़ से ज्यादा इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल किए जा चुके हैं. सिर्फ 21 जुलाई को ही 15 लाख से ज्यादा लोगों ने अपना ITR भरा है. ITR-1 और ITR-2 दाखिल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 है. अगर आप अब भी ITR दाखिल नहीं कर पाए हैं तो अब भी समय है वक्त रहते इनकम टैक्स भर दें.
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        <pubDate>Fri, 24 Jul 2026 15:30:18 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>LPG Rate Today: गैस सिलेंडर पर 700 रुपये की सब्सिडी! संसद में सरकार का बड़ा खुलासा, इस बीच जानें आज कीमत</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/lpg-rate-today-गैस-सिलेंडर-पर-700-रुपये-की-सब्सिडी-संसद-में-सरकार-का-बड़ा-खुलासा-इस-बीच-जानें-आज-कीमत</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/lpg-rate-today-गैस-सिलेंडर-पर-700-रुपये-की-सब्सिडी-संसद-में-सरकार-का-बड़ा-खुलासा-इस-बीच-जानें-आज-कीमत</guid>
        <description><![CDATA[ LPG Rate Today on July 24: सरकार की तरफ से गुरुवार को यह जानकारी दी गई कि इस साल जून में पश्चिम एशिया में संकट की वजह से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर LPG की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के बावजूद 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू LPG सिलेंडर पर700 रुपये से ज्यादा की छिपी हुई सब्सिडी मिल रही थी, जिससे ग्राहकों के लिए रिटेल कीमतें किफायती बनी रहीं. संसद में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतें बहुत अधिक बढ़ने के बावजूद सरकार आम जनता पर इसका बोझ नहीं पड़ने दे रही है.
कितनी है सिलेंडर की असली कीमत?
वैश्विक अनिश्चितताओं और जियोपॉलिटिकल तनाव के बीच एक 14.2 किलोग्राम पर घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 1600 रुपये से ज्यादा हो चुकी है. जबकि उपभोक्ताओं को यही सिलेंडर 942 रुपये में मिल रहा है. यानी कि कीमतों में इस अंतर को पाटने के लिए सरकार और सरकारी तेल कंपनियां प्रति सिलेंडर 700 रुपये से ज्यादा का नुकसान खुद उठा रही हैं ताकि आम परिवारों का बजट न बिगड़े.&amp;nbsp;
मंत्रालय ने कहा कि पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के बाद दुनिया भर में LPG की कीमतें तेजी से बढ़ीं. LPG की कीमतों के लिए अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क- सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस (Saudi CP) अप्रैल और मई 2026 में बढ़कर 780 अमेरिकी डॉलर प्रति मीट्रिक टन हो गया और जून में यह और बढ़कर 796 अमेरिकी डॉलर प्रति मीट्रिक टन तक पहुंच गया. मंत्रालय ने कहा कि इन अंतरराष्ट्रीय कीमतों के आधार पर जून में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू LPG सिलेंडर की बाजार-निर्धारित कीमत 1695 रुपये है. इस भारी छूट के लिए कारोबारी साल 2025-26 और 2026-27 के दौरान तेल कंपनियों को 30000 करोड़ रुपये का भुगतान भी किया गया.&amp;nbsp;
उज्जवला योजना के लाभार्थियों को दोगुना मुनाफा
प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के लाभार्थियों को सरकार की तरफ से 300 रुपये की डायरेक्ट सब्सिडी उनके बैंक अकाउंट में भेजी ही जाती है. ऊपर से 700 रुपये की सब्सिडी भी अप्रत्यक्ष रूप से मिल रही है. यानी कि उन्हें प्रति सिलेंडर 1000 रुपये तक का फायदा मिल रहा है क्योंकि उज्जवला के लाभार्थियों को एक सिलेंडर 642 रुपये में मिलता है.&amp;nbsp;
आज कितनी है LPG की कीमत?&amp;nbsp;
आज देश में गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. घरेलू के साथ-साथ कमर्शियल सिलेंडर के दाम आज नहीं बदले गए हैं. इसी के साथ दिल्ली में घरेलू सिलेंडर की कीमत 942 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 2930 रुपये है. इसी तरह मुंबई में घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर की कीमत क्रमश: 941.50 रुपये और 2882 रुपये है. बेंगलुरु में घरेलू सिलेंडर की कीमत 948.50 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 3006 रुपये है.

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Petrol-Diesel Rate: आज कितने में फुल करा लेंगे गाड़ी की टंकी? जानें कहां मिल रहा सबसे सस्ता पेट्रोल-डीजल  ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 24 Jul 2026 15:30:17 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>LPG, Rate, Today:, गैस, सिलेंडर, पर, 700, रुपये, की, सब्सिडी, संसद, में, सरकार, का, बड़ा, खुलासा, इस, बीच, जानें, आज, कीमत</media:keywords>
    </item>
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        <title>Petrol&amp;Diesel Rate: आज कितने में फुल करा लेंगे गाड़ी की टंकी? जानें कहां मिल रहा सबसे सस्ता पेट्रोल&amp;डीजल</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/petrol-diesel-rate-आज-कितने-में-फुल-करा-लेंगे-गाड़ी-की-टंकी-जानें-कहां-मिल-रहा-सबसे-सस्ता-पेट्रोल-डीजल</link>
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        <description><![CDATA[ Petrol-Deisel Rate Today on July 24: अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद आज देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं. यह देश के आम उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात है कि तेल की कीमतों में वैश्विक स्तर पर उछाल आने के बाद भी सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियाें&amp;nbsp; (OMCs) ने रिटेल स्तर पर फ्यूल की कीमतों में कोई इजाफा नहीं किया है. 
दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 95.20 रुपये प्रति लीटर है. वहीं, मुंबई में पेट्रोल की कीमत 111.21 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 97.83 रुपये प्रति लीटर है.&amp;nbsp;
कब से नहीं बदले गए हैं रेट?
भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आखिरी बार बदलाव 25 मई को हुआ था. उस दौरान पेट्रोल की कीमत में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत में 2.71 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया गया था. अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए मई के महीने में लगातार चार बार दाम बढ़ाए गए थे.
सबसे पहले 15 मई को करीब 3 रुपये की बड़ी बढ़ोतरी की गई थी. फिर 19 मई को कीमतों में लगभग 90 पैसे का इजाफा किया गया था. इसके बाद 23 मई को रेट फिर लगभग 90 पैसे बढ़ा दिए गए. आखिर में 25 मई को 2.61-2.71 रुपये प्रति लीटर की चौथी बढ़ोतरी की गई. कुल मिलाकर इन 10 दिनों के भीतर पेट्रोल लगभग 7.35 रुपये और डीजल 7.53 रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ.&amp;nbsp;
शहरवार पेट्रोल-डीजल की कीमतें



शहर&amp;nbsp;
पेट्रोल की कीमत (प्रति लीटर)
डीजल की कीमत (प्रति लीटर)


दिल्ली&amp;nbsp;
&amp;nbsp;102.12 रुपये
95.20 रुपये


मुंबई&amp;nbsp;
111.21 रुपये
97.83 रुपये


कोलकाता
113.51 रुपये
99.82 रुपये


बेंगलुरु
110.93 रुपये
98.80 रुपये


चेन्नई&amp;nbsp;
107.77 रुपये
&amp;nbsp;99.55 रुपये


पटना&amp;nbsp;
113.35 रुपये
&amp;nbsp;99.36 रुपये


सूरत
101.81 रुपये
97.92 रुपये


वाराणसी
102.03 रुपये&amp;nbsp;
95.53 रुपये


कानपुर
101.59 रुपये
95.06 रुपये



सबसे सस्ता पेट्रोल-डीजल कहां?
हैदराबाद में पेट्रोल की कीमत सबसे ज्यादा 115.69 रुपये प्रति लीटर है. &amp;nbsp;इसके बाद दूसरे नंबर पर तिरुवनंतपुरम है, जहां पेट्रोल की कीमत 115.49 रुपये प्रति लीटर है.
दूसरी ओर, लिस्ट में शामिल शहरों में चंडीगढ़ में पेट्रोल की कीमत सबसे कम 98.10 रुपये प्रति लीटर है. कई मेट्रो शहरों के मुकाबले लखनऊ और नई दिल्ली में भी पेट्रोल की कीमतें कम- क्रमशः 102.05 रुपये और 102.12 रुपये प्रति लीटर बनी हुई हैं.&amp;nbsp;
डीजल की बात करें तो तिरुवनंतपुरम में कीमत सबसे ज्यादा 104.40 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गई है.इसके बाद हैदराबाद में डीजल की कीमत 103.82 रुपये प्रति लीटर लीटर है. लिस्ट में शामिल शहरों में चंडीगढ़ में डीजल की कीमत सबसे कम 86.09 रुपये प्रति लीटर है.

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        <pubDate>Fri, 24 Jul 2026 15:30:17 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Petrol-Diesel, Rate:, आज, कितने, में, फुल, करा, लेंगे, गाड़ी, की, टंकी, जानें, कहां, मिल, रहा, सबसे, सस्ता, पेट्रोल-डीजल</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>Gold&amp;Silver Rate: सुबह&amp;सवेरे सस्ता हुआ सोना, 1100 रुपये तक लुढ़का भाव; जानें अब कितनी रह गई 10 ग्राम की कीमत?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/gold-silver-rate-सुबह-सवेरे-सस्ता-हुआ-सोना-1100-रुपये-तक-लुढ़का-भाव-जानें-अब-कितनी-रह-गई-10-ग्राम-की-कीमत</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/gold-silver-rate-सुबह-सवेरे-सस्ता-हुआ-सोना-1100-रुपये-तक-लुढ़का-भाव-जानें-अब-कितनी-रह-गई-10-ग्राम-की-कीमत</guid>
        <description><![CDATA[ Gold-Silver Rate Today on July 24: आज सोने की कीमतों में गिरावट देखी जा रही है. ग्लोबल लेवल पर क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों और मिडिल-ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के चलते निवेशकों ने कल के हाई लेवल पर जमकर मुनाफावसूली की है इसलिए आज भाव गिर गए हैं.
अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कल सोना दो हफ्ते के ऊंचे स्तर&amp;nbsp;4100 डॉलर प्रति औंस के पार चला गया था, जो आज करीब 1-2% की गिरावट के साथ 4052.50 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है.&amp;nbsp;
कीमतों में आई कितनी गिरावट?
घरेलू सर्राफा बाजार में सोने की कीमतें कल के हाई लेवल 1,47,280 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर से 1100 रुपये फिसलकर 1,46,170 के स्तर पर आ गई हैं. 22 कैरेट की भी कीमत कल के 1,35,000 से 1010 रुपये गिरकर 1,33,990 रुपये पर आ गई है. 18 कैरेट वाला सोना भी 830 रुपया सस्ता होकर आज 1,09,630 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया है.
क्यों सस्ता हुआ सोना?
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और लाल सागर में जहाजों पर हूतियों के हमलों के कारण कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चला गया है. तेल महंगा होने से वैश्विक स्तर पर महंगाई बढ़ने का डर सता रहा है. ऐसे में निवेशक सोने जैसी संपत्तियों को बेचकर अपना मुनाफा निकाल रहे हैं और नकद पास में रखने को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिससे सोने की कीमतें कम हो रही हैं.
ऊपर से अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा बढ़ती महंगाई को काबू में करने के लिए ब्याज दरें बढ़ाने की संभावनाएं बढ़ गई है. बाजार को सितंबर में ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीद है. ब्याज दरें जब बढ़ती हैं, तो सोने जैसी गैर-ब्याज वाली संपत्ति से लोग अपना निवेश कम कर रहे हैं.&amp;nbsp;
चांदी की चमक बरकरार&amp;nbsp;
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सितंबर कॉन्ट्रैक्ट के लिए चांदी 2,27,180 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर है. इससे पता चलता है कि वैश्विक संकट के बीच भी निवेशक औद्योगिक मांग को देखते हुए चांदी पर दांव लगा रहे हैं. घरेलू रिटेल बाजार में भी चांदी की कीमतें 2,39,900 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई है. चांदी का इस्तेमाल गहनों के साथ-साथ सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक व्हीकल और 5G चिप्स में भी होता है इसलिए कल डिमांड में हुई बढ़ोतरी से आज इसके दाम कल के मुकाबले बढ़ गए हैं.&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;&amp;nbsp;

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        <pubDate>Fri, 24 Jul 2026 15:30:16 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Gold-Silver, Rate:, सुबह-सवेरे, सस्ता, हुआ, सोना, 1100, रुपये, तक, लुढ़का, भाव, जानें, अब, कितनी, रह, गई, ग्राम, की, कीमत</media:keywords>
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        <title>ITR Deadline Alert: अब सिर्फ 9 दिन बचे, फटाफट फाइल करें अपना इनकम टैक्स रिटर्न; नहीं तो होगा बड़ा नुकसान</title>
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        <description><![CDATA[ ITR Filing Last Date: अगर हर महीने आपकी भी सैलरी आती है या आप पेंशनर हैं या फिर प्रॉपर्टी या शेयर बेचकर मुनाफा कमाते हैं, तो &amp;nbsp;ITR फाइल करना आपकी जिम्मेदारी है. &amp;nbsp;
एसेसमेंट ईयर 2026-27 (कारोबारी साल 2025-26 ) के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई, 2026 है. इनकम टैक्स के e-filing पोर्टल पर रजिस्टर्ड टैक्सपेयर्स की संख्या 14 करोड़ से ज्यादा है. 21 जुलाई तक के आंकड़ों के मुताबिक, इनमें से 3.15 करोड़ टैक्सपेयर्स अपना रिटर्न फाइल कर चुके हैं. बाकी लोगों के पास रिटर्न फाइल करने के लिए अब सिर्फ 9 दिन बचे हैं. &amp;nbsp;
इस नियम का रखें ध्यान&amp;nbsp;
इनकम टैक्स के नियम के मुताबिक, अब आपको आईटीआर फाइल करते वक्त अपने सभी एक्टिव अकाउंट्स की जानकारी देनी होगी. इनमें सेविंग्स अकाउंट, करंट अकाउंट, ओवरड्राफ्ट अकाउंट, कैश क्रेडिट अकाउंट या नॉन-रेसिडेंट ऑर्डिनरी (NRO) अकाउंट शामिल हैं. अगर आप ऐसा नहीं करते हैं और बाद में आयकर विभाग को किसी ऐसे अकाउंट का पता चलता है, जिसकी जानकारी आपने रिटर्न पाऊइल करते वक्त नहीं दी है, तो आपको प्रति बैंक अकाउंट 10000 रुपये तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है.&amp;nbsp;
अटक सकता है रिफंड
टैक्स रिफंड पाने के लिए यह जरूरी है कि आपका बैंक अकाउंट इनकम टैक्स पोर्टल पर पहले से वैलिडेट हो. मान लीजिए कि अगर आपके मेन अकाउंट में कोई समस्या आती है, तो आयकर विभाग आपके द्वारा वैलिडेट किए गए किसी दूसरे अकाउंट में रिफंड ट्रांसफर कर सकता है, लेकिन सभी अकाउंट न बताने पर रिफंड का पैसा अटक सकता है.&amp;nbsp;
डेडलाइन से चूक गए तो...?
आप आईटीआई फाइल करने की समयसीमा 31 जुलाई के बाद भी अपना रिटर्न फाइल कर सकते हैं. आयकर अधिनियम की धारा 139 (4) के तहत आपको बिलेटेड रिटर्न फाइल करने की इजाजत है, लेकिन इसके लिए आपको लेट फीस चुकानी पड़ती है. अगर आपकी सालाना आय 5 लाख से अधिक है, तो 5000 रुपये तक की लेट फीस देनी पड़ सकती है. अगर सालाना आय 5 लाख या उससे कम है, तो लेट फीस की रकम 1000 रुपये होगी.&amp;nbsp;
नए नहीं पुराने कानून से लोग भर रहे ITR
नया आयकर कानून 2025 लागू होने के बावजूद लोग आयकर अधिनियम 1961 के तहत ही अपना टैक्स रिटर्न फाइल कर रहे हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि अभी आप अपनी जिस कमाई पर टैक्स रिटर्न फाइल कर रहे हैं, वह पिछले साल (1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026) की कमाई है. चूंकि यह अवधि पुराने कानून के दायरे में थी इसलिए रिटर्न पर आयकर अधिनियम 1961 के ही सभी नियम लागू होंगे. नया आयकर अधिनियम 2025, 1 अप्रैल 2026 से लागू हो चुका है. चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान होने वाली कमाई पर नया कानून लागू होगा. यानी कि जुलाई 2027 में जब आईटीआर भरा जाएगा, तो वह नए नियम के मुताबिक होगा.&amp;nbsp;

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        <pubDate>Thu, 23 Jul 2026 19:30:14 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>ITR, Deadline, Alert:, अब, सिर्फ, दिन, बचे, फटाफट, फाइल, करें, अपना, इनकम, टैक्स, रिटर्न, नहीं, तो, होगा, बड़ा, नुकसान</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>होर्मुज पर नई आफत, जहाज छोड़ भाग रहे वर्कर, कंपनी दे रही 6 महीने की एक्स्ट्रा सैलरी, बढ़ेगा शिपिंग चार्ज</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/होर्मुज-पर-नई-आफत-जहाज-छोड़-भाग-रहे-वर्कर-कंपनी-दे-रही-6-महीने-की-एक्स्ट्रा-सैलरी-बढ़ेगा-शिपिंग-चार्ज</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/होर्मुज-पर-नई-आफत-जहाज-छोड़-भाग-रहे-वर्कर-कंपनी-दे-रही-6-महीने-की-एक्स्ट्रा-सैलरी-बढ़ेगा-शिपिंग-चार्ज</guid>
        <description><![CDATA[ Hormuz Strait Crisis Update: दक्षिण कोरिया की बड़ी शिपिंग कंपनी सिनोकोर मर्चेंट मरीन (Sinokor Merchant Marine) ने अपने क्रू मेंबर्स को छह महीने की सैलरी के बराबर बोनस देने का ऑफर दिया है. बशर्ते उन्हें होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से एक राउंड ट्रिप पूरा करना होगा.
सिनोकोर का यह ऑफर शिपिंग इंडस्ट्री में अब तक के सबसे बड़े &#039;Danger Allowance&#039; में से एक है. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है. सिनोकोर के इस प्रस्ताव के मुताबिक, अगर क्रू मेंबर्स ने सऊदी अरब या इराक से तेल की लोडिंग से ओमान की खाड़ी में अनलोड करने तक, एक महीने के राउंड-ट्रिप को पूरा कर लिया, तो उन्हें 6 महीने की एक्स्ट्रा सैलरी दी जाएगी.&amp;nbsp;
अभी रिस्क जोन में होर्मुज
ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य संघर्ष और ताबड़तोड़ मिसाइल हमलों से यह पूरा इलाका अभी काफी संवेदनशील बना हुआ है. ऐसे में सऊदी अरब से ओमान की खाड़ी तक आने-जाने के लिए जहाजों को दो बार इस समुद्री रास्ते की सैर लगानी होगी. एक बार खाली जहाज ले जाते वक्त और फिर उसे लोड कर ले आते वक्त. इसी चुनौती को देखते हुए क्रू मेंबर्स को 6 महीने का अतिरिक्त वेतन ऑफर किया गया है.&amp;nbsp;
शिपिंग कॉस्ट में तगड़ा उछाल
जब क्रू की सैलरी 6 गुना बढ़ा दी जाएगी और जहाजों का वॉर-रिस्क प्रीमियम भी बढ़ जाएगा, तो तेल की प्रति लीटर ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट भी कई गुना बढ़ जाएगा. अब जब दूसरी कंपनियां सिनोकोर की तरह मोटा बोनस नहीं दे पाएगी, तो उनके क्रू मेंबर्स उस रूट में जाने से इंकार कर देंगे. इससे वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की भारी किल्लत हो सकती है. नतीजतन, क्रूड ऑयल 100 डॉलर या उसके पार पहुंच सकता है.
चूंकि भारत अपने हिस्से का अधिकतर कच्चा तेल इराक और सऊदी अरब से ही मंगाता है. ऐसे में सिनोकोर द्वारा डेंजर अलाउंस को इस कदर बढ़ाना यह दिखाता है एनर्जी पर संकट कितना गहरा रहा है.यही डर इस हफ्ते भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का बड़ा कारण बना.&amp;nbsp;

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        <pubDate>Thu, 23 Jul 2026 19:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>होर्मुज, पर, नई, आफत, जहाज, छोड़, भाग, रहे, वर्कर, कंपनी, दे, रही, महीने, की, एक्स्ट्रा, सैलरी, बढ़ेगा, शिपिंग, चार्ज</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>गर्मी में ज्यादा AC ना चले, इस कंपनी ने मेल कर्मचारियों को हाफ पैंट में आने को कहा, महिलाए बोलीं&amp; पैर के बाल...</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/गर्मी-में-ज्यादा-ac-ना-चले-इस-कंपनी-ने-मेल-कर्मचारियों-को-हाफ-पैंट-में-आने-को-कहा-महिलाए-बोलीं-पैर-के-बाल</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/गर्मी-में-ज्यादा-ac-ना-चले-इस-कंपनी-ने-मेल-कर्मचारियों-को-हाफ-पैंट-में-आने-को-कहा-महिलाए-बोलीं-पैर-के-बाल</guid>
        <description><![CDATA[ 
Japan Office Dress Code: जापान में तेज गर्मी और बढ़ते तापमान के बीच कर्मचारियों के लिए एक अनोखी पहल की गई है. टोक्यो मेट्रोपॉलिटन सरकार ने अपने कर्मचारियों को ऑफिस में पारंपरिक सूट-टाई की जगह शॉर्ट्स, पोलो टी-शर्ट और स्नीकर्स पहनकर आने की इजाजत दी है. इस पहल का खास मकसद कर्मचारियों को गर्मी से राहत दिलाना और एयर कंडीशनर (AC) के इस्तेमाल को कम करके ऊर्जा की बचत करना है. हालांकि, सरकार के इस फैसले के बाद सोशल मीडिया और ऑफिसों में एक नई बहस छिड़ गई है.&amp;nbsp;



क्या है &#039;कूल बिज़&#039; अभियान?
जापान में लंबे समय से ऑफिस में सूट और टाई पहनने की परंपरा रही है, लेकिन अब टोक्यो सरकार ने &#039;Tokyo Cool Biz&#039; अभियान के तहत ड्रेस कोड में ढील दे दी है. इसके जरिए अब कर्मचारियों को हल्के और आरामदायक कपड़े पहनने के लिए कहा गया है.
खराब सामान बेचता है ये ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, लगा 6200 करोड़ का जुर्माना, आप तो नहीं करते यहां से शॉपिंग?
साथ ही पुरुष कर्मचारी अब शॉर्ट्स, पोलो टी-शर्ट और स्नीकर्स पहनकर ऑफिस आ सकते हैं. इसका मकसद बढ़ती गर्मी में कर्मचारियों को आराम देना और बिजली की खपत कम करना है. हालांकि इस अभियान पहली शुरुआत 2005 में हुई थी और अब इसे और ज्यादा लचीला बना दिया गया है.&amp;nbsp;
महिलाओं की क्या रही प्रतिक्रिया?
कुछ महिला कर्मचारियों ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि पुरुषों के शॉर्ट्स पहनकर आने से उनके पैरों के बाल नजर आते हैं, जिससे वे अनकंफरटेबल महसूस करती है. वहीं कुछ कर्मचारियों का कहना है कि अगर ड्रेस कोड आरामदायक हो तो गर्मी में भी काम करना आसान हो सकता है.
क्यों उठाया गया यह कदम?
जापान में इस साल भी लोग लगातार तेज गर्मी और हीटवे का सामना कर रहे हैं. वहीं कई इलाकों में तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच चुका है. जानकारी के मुताबिक बताया जा रहा है कि पिछले साल हीट स्ट्रोक के कारण एक लाख से ज्यादा लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था. यही वजह है कि सरकार कर्मचारियों को हल्के और आरामदायक कपड़े पहनने के लिए कहा गया है, ताकि AC पर लोगों की निर्भरता कम हो सके.
ITR Deadline Alert: अब सिर्फ 9 दिन बचे, फटाफट फाइल करें अपना इनकम टैक्स रिटर्न; नहीं तो होगा बड़ा नुकसान


 ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 23 Jul 2026 19:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>गर्मी, में, ज्यादा, ना, चले, इस, कंपनी, ने, मेल, कर्मचारियों, को, हाफ, पैंट, में, आने, को, कहा, महिलाए, बोलीं-, पैर, के, बाल...</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>पेट्रोल के बाद खाने का तेल महंगा, भारत को क्यों चुकाने होंगे 1.75 ट्रिलियन? PM की अपील का नहीं दिखा असर</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/पेट्रोल-के-बाद-खाने-का-तेल-महंगा-भारत-को-क्यों-चुकाने-होंगे-175-ट्रिलियन-pm-की-अपील-का-नहीं-दिखा-असर</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/पेट्रोल-के-बाद-खाने-का-तेल-महंगा-भारत-को-क्यों-चुकाने-होंगे-175-ट्रिलियन-pm-की-अपील-का-नहीं-दिखा-असर</guid>
        <description><![CDATA[ Food Inflation: पेट्रोल- डीजल की कीमतें बढ़ने से पहले ही जनता काफी परेशान थी, लेकिन अब रसोई की अन्य चीजों के दाम भी सातवें आसमान को छू रहे हैं. पहले दूध, फिर सब्जियां और अब खाने का तेल भी महंगा हो गया है. इसमें सरसों का तेल, मूंगफली का तेल, तिल्ली का तेल, कच्चा पाम ऑइल और बिनौला तेल भी शामिल है. इससे अब एक बार फिर से गृहणियों के किचन का बजट जो है वो गड़बड़ हो जाएगा.
तेल की कीमतों में दिखा भारी उछालखाने वाला तेल हर घर, होटल और रेस्टोरेंट्स में काफी इस्तेमाल किया जाता है. खासतौर से त्यौहार के सीजन में इसकी मांगे काफी ज्यादा बढ़ जाती हैं. ऐसे में बीते महीने से ही इसकी कीमतों में काफी तेजी नजर आई है. पिछले हफ्ते ही डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट दर्ज की गई है, जिसके कारण खाने का वो तेल जो बाहर से मंगवाया जाता है उसकी कीमत में तेजी देखी गई है.
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कितना आया भारत का खाद्य तेल आयात बिल?SEA (Solvent Extractors Association of India) के अध्यक्ष संजीव अस्थाना ने अपने सदस्यों को लिखे एक पत्र में बढ़ते आयात बिल पर चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि देश में तिलहन उत्पादन बढ़ाने की दिशा में तेजी से काम करने की जरूरत है और अब ऑइलसीड रिवोल्यूशन को और टाला नहीं जा सकता.&amp;nbsp;
उन्होंने ये भी कहा कि भारत खाद्य तेल के मामले में एक अहम मोड़ पर खड़ा है. पिछले साल देश का खाद्य तेल आयात बिल 1.61 लाख करोड़ रुपये था, लेकिन इस साल इसके बढ़कर 1.75 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा होने का अनुमान है.
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कितने बढ़े तेल के दाम?

सरसों के तेल की कीमत 650 रुपये की तेजी के साथ 16,550 रुपये प्रति क्विंटल हो गई है.
सरसों पक्की घानी और कच्ची घानी तेल की कीमतों में 90 रुपये की बढ़ोतरी हुई है.
सोयाबीन के तेल की कीमत 375 रुपये की तेजी के बाद 7400 से 7475 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गया है.
मूंगफली का तेल गुजरात में 1000 रुपये की बढ़त के साथ 17000 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गया है.
मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल की कीमत 105 रुपये महंगा होकर 2665 से 2965 रुपये प्रति टिन (15 किलो) पर बंद हुआ है.

सोयाबीन की घटी आवक, सरसों की डिमांड में इजाफावहीं कुछ रिपोर्ट्स ने ये दावा भी किया है कि सोयाबीन की आवक मंडियों में तेजी से घट रही है. पिछले हफ्ते आवक दर 60 हजार बोरी थी जो अब घटकर महज 10 बोरी ही हो गई है. तो वहीं कुछ रिपोर्ट्स में ये भी दावा किया गया है कि सरसों की आवक कम हो गई है लेकिन बाजार में इसकी डिमांड कापी हद तक बढ़ गई है. जिसके चलते सरसों के तेल का दाम भी अब सोयाबीन और पाम-पामोलीन से 10 से 15 रुपये प्रति किलो के हिसब से बढ़ गया है.
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        <pubDate>Thu, 23 Jul 2026 19:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>पेट्रोल, के, बाद, खाने, का, तेल, महंगा, भारत, को, क्यों, चुकाने, होंगे, 1.75, ट्रिलियन, की, अपील, का, नहीं, दिखा, असर</media:keywords>
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        <title>Totapuri Mango: मैंगो ड्रिंक्स में 25 फीसदी असली आम मिलाएं, GST में तभी मिलेगी छूट, कंपनियों से सरकार</title>
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        <description><![CDATA[ GST on Mango Drinks: अगर आप गर्मियों में आम का जूस या मैंगो ड्रिंक खरीदना पसंद करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. अब आने वाले समय में आम के जूस की कीमत और उस पर लगने वाला GST इस बात पर निर्भर कर सकता है कि उसमें असली आम का गूदा यानी पल्प कितना इस्तेमाल किया गया है. सरकार एक नए नियम पर विचार कर रही हैं, जिसके तहत उन मैंगो ड्रिंक्स को टैक्स में राहत दी जा सकती है जिनमें असली आम का पल्प ज्यादा इस्तेमाल किया गया हो. इस प्रस्ताव का खास मकसद कंपनियों को बेहतर गुणवत्ता वाले उत्पाद बनाने के लिए प्रोत्साहित करना और आम ग्राहकों को फायदा पहुंचना है.&amp;nbsp;
किसे मिलेगा 5% GST का फायदा?
सरकारी समिति ने बताया है कि जिन मैंगो ड्रिंक्स में 22% से 25% या उससे ज्यादा नेचुरल आम का पल्प होगा, उन्हें 5% GST की मौजूदा रियायती दर का फायदा मिलता रहेगा. वहीं, जिन उत्पादों में पल्प की मात्रा तय सीमा से कम होगी, उन पर अधिक GST लगाया जा सकता है. हालांकि, इस प्रस्ताव को लागू करने का अंतिम फैसला सरकार और GST परिषद की मंजूरी के बाद ही लिया जाएगा.
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क्यों आया यह प्रस्ताव?
टोटापुरी आम मुख्य रूप से कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में उगया जाता है. लेकिन इस सीजन में टोटापुरी आम की कीमतों में गिरावट से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा. एक्सपर्टों के मुताबिक, प्रोसेसिंग कंपनियों की धीमी खरीद और कम पल्प वाले ड्रिंक्स की बढ़ती बिक्री इसकी एक सबसे बड़ी वजह रही.&amp;nbsp;
किसानों और ग्राहकों कैसे होगा फायदा?

कंपनियां अपने उत्पादों में ज्यादा प्राकृतिक आम का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित होंगी.
इससे टोटापुरी आम की मांग बढ़ने की उम्मीद है.&amp;nbsp;
इससे किसानों को अपनी फसल का पहले के मुकाबले बेहतर और अच्छी कीमत में मिल सकती है.
ग्राहकों को ऐसे मैंगो ड्रिंक मिलेंगे जिनमें असली फल की मात्रा पहले से ज्यादा होगी.&amp;nbsp;
साथ ही इससे प्रोसेस्ड मैंगो इंडस्ट्री को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.

क्या होगा अगला कदम?

सरकार इस प्रस्ताव पर GST परिषद, FSSAI और वित्त, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण व स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ चर्चा करेगी.&amp;nbsp;
इसके बाद मैंगो ड्रिंक के लिए टैक्स (GST) ढांचा तैयार किया जा सकता है.&amp;nbsp;
समिति ने टोटापुरी आम के बागों को बेहतर बनाने के लिए और किसानों को वैल्यू-एडेड उत्पाद तैयार करने के लिए प्रोत्साहित करने की भी सिफारिश की है.

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        <pubDate>Thu, 23 Jul 2026 19:30:09 +0530</pubDate>
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        <title>भारत या पाकिस्तान: किस मुल्क का मुसलमान है ज्यादा अमीर और खुशहाल? जानिए चौंकाने वाले आंकड़े</title>
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        <description><![CDATA[ Indian Pakistani Muslim Economy: भारत और पाकिस्तान, दोनों जगह मुसलमान बड़ी तादाद में रहते हैं, लेकिन दोनों की माली हालत में जमीन-आसमान का फर्क है. ऐसे में जानिए आखिर किस मुल्क का मुसलमान ज्यादा खुशहाल है और वहां के सबसे रईस मुसलमान कारोबारियों की जेब में कितना पैसा है. बंटवारे के 78 साल बाद भी यह सवाल बार-बार उठता है कि भारत का मुसलमान बेहतर है या पाकिस्तान का? आंकड़े दोनों तरफ की तस्वीर साफ करते हैं और नतीजा हैरान करने वाला है.
पहले समझिए, कौनसा मुल्क आर्थिक तौर पर कितना मजबूत है
भारत की अर्थव्यवस्था आज करीब 4.15 ट्रिलियन डॉलर है यानी पाकिस्तान से तकरीबन 10 गुना बड़ी. भारत में प्रति व्यक्ति आय 2694 डॉलर सालाना है, जबकि पाकिस्तान में यह सिर्फ 1,478 डॉलर है, यानी लगभग आधी. महंगाई के मोर्चे पर भी पाकिस्तान बुरी तरह पिछड़ा है. वहां महंगाई दर 11.07% है, जबकि भारत में महज 4.38% महंगाई है.
भारत के मुसलमान की हकीकत गरीबी घटी, पर फासला बरकरार

भारत में मुसलमानों की आबादी करीब 25 करोड़ है. सरकारी आंकड़े बताते हैं कि यहां के मुसलमान राष्ट्रीय औसत खर्च का सिर्फ 87.9% ही खर्च कर पाते हैं और घर-संपत्ति के मामले में सिर्फ 79% के मालिक हैं, जबकि हिंदुओं का यह आंकड़ा क्रमश 100% और 93% है.
Gallup के एक सर्वे में सामने आया कि भारत के 51% मुसलमान अपनी जिंदगी के स्तर से खुश नहीं हैं, जबकि हिंदुओं में यह आंकड़ा 63% है. करीब 47% मुसलमानों ने माना कि घर चलाना उनके लिए मुश्किल है.
संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के मुताबिक हर तीसरा भारतीय मुसलमान आज भी &amp;ldquo;बहुआयामी गरीबी&amp;rdquo; यानी शिक्षा, सेहत और घर जैसी बुनियादी सुविधाओं से महरूम है. करीब 80% मुसलमान असंगठित क्षेत्र में मजदूरी, दर्जी या रेहड़ी जैसे कामों में लगे हैं.
नवंबर 2025 में आई एक स्टडी के मुताबिक भारत में मुसलमानों में अत्यंत गरीबी घटकर सिर्फ 1.5% रह गई है, जो हिंदुओं के 2.3% से भी कम है.


पाकिस्तान के मुसलमानों पर है संकट!

पाकिस्तान की 97% आबादी मुस्लिम है, यानी वहां का हर आर्थिक संकट सीधे-सीधे वहां की मुस्लिम जनता पर असर डालता है.
ताजा सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2024-25 में पाकिस्तान की 28.8% आबादी गरीबी रेखा से नीचे जा रही है. छह साल पहले यह आंकड़ा सिर्फ 21.9% था. World Bank की मानें तो नए मानकों के हिसाब से यह आंकड़ा 45% तक पहुंच जाता है. वहां अत्यंत गरीबी भी 4.9% से बढ़कर 16.5% हो गई है.
पाकिस्तान पर कर्ज का बोझ इतना है कि उसका debt-to-GDP ratio 70-80% तक पहुंच चुका है. लगातार IMF बेलआउट, बाढ़ और सियासी उठापटक ने वहां के आम आदमी की कमर तोड़ दी है.

भारत के टॉप 5 मुस्लिम कारोबारी इस तरह हैं...
विप्रो के मालिक अजीम प्रेमजी सबसे ऊपर हैं, उनकी दौलत करीब 11 से 15 अरब डॉलर आंकी जाती है. दूसरे नंबर पर यूसुफ अली हैं, जो लुलु ग्रुप चलाते हैं और मूल रूप से भारतीय हैं भले ही उनका कारोबार खाड़ी देशों में फैला है, उनकी संपत्ति करीब 8 से 8.5 अरब डॉलर है. तीसरे नंबर पर सिप्ला के यूसुफ हमीद हैं, जिनकी दौलत 2.5 से 4 अरब डॉलर के बीच है. चौथे और पांचवें नंबर पर VPS हेल्थकेयर के शमशेर व्यालिल और एस्टर के आजाद मूपन हैं, दोनों की संपत्ति 1.5 से 3 अरब डॉलर के दायरे में है.
अब पाकिस्तान के टॉप 5 कारोबारियों पर नजर डालिए

पाकिस्तानी मूल के शाहिद ख़ान सबसे अमीर हैं, जिनकी संपत्ति 13 से 15 अरब डॉलर है लेकिन वे अमेरिका में बस चुके हैं और वहीं से अपना कारोबार चलाते हैं.
पाकिस्तान में रहकर कारोबार करने वालों में सबसे अमीर मियां मुहम्मद मंशा हैं, जिन्हें &#039;पाकिस्तान का मुकेश अंबानी&#039; भी कहा जाता है. उनकी दौलत 5 से 7.8 अरब डॉलर के बीच है.
तीसरे नंबर पर बेस्टवे ग्रुप के अनवर परवेज हैं, जिनकी संपत्ति करीब 3.5 से 4 अरब डॉलर है.
चौथे नंबर पर रियल एस्टेट कारोबारी मलिक रियाज हैं
और पांचवें नंबर पर हाशू ग्रुप के सादरुद्दीन हाशवानी हैं, जिनकी दौलत करीब 90 करोड़ डॉलर आंकी जाती है.


आंकड़े जो सबसे ज्यादा चौंकाते हैं
भारत में आज कुल 229 अरबपति हैं, जिनकी सामूहिक दौलत 1,000 अरब डॉलर से ज्यादा हो चुकी है. पाकिस्तान में सिर्फ 15 अरबपति हैं, जिनकी कुल संपत्ति महज 71 अरब डॉलर है.
गौर करने वाली बात यह है कि अकेले मुकेश अंबानी की दौलत (करीब 115 अरब डॉलर) पाकिस्तान के सभी 15 अरबपतियों की कुल दौलत से भी ज्यादा है. वहीं भारत के सबसे अमीर मुसलमान अजीम प्रेमजी की दौलत, पाकिस्तान में रहने वाले सबसे अमीर शख़्स मियां मंशा से करीब दोगुनी बैठती है.
निचोड़: किसकी हालत बेहतर है?
आंकड़े साफ़ कहते हैं कि भारत की अर्थव्यवस्था और यहाx के अरबपति वर्ग, पाकिस्तान से कहीं आगे हैं चाहे वह मुस्लिम कारोबारी हों या ग़ैर-मुस्लिम.
लेकिन आम मुसलमान की बात करें तो भारत में यह समुदाय आज भी शिक्षा, रोजगार और संपत्ति के मामले में देश के बाकी समुदायों से पीछे है. वहीं पाकिस्तान में चूंकि पूरी आबादी ही मुस्लिम-बहुल है, वहाx का आर्थिक संकट सीधे वहाx की मुस्लिम जनता का संकट बन जाता है और वह संकट भारत के मुक़ाबले कहीं ज्यादा गहरा है.
यानी भारत का औसत मुसलमान, पाकिस्तान के औसत नागरिक से आर्थिक तौर पर बेहतर स्थिति में जरूर है, लेकिन भारत के भीतर वह अब भी सबसे पिछड़े तबकों में गिना जाता है. यह दोनों बातें एक साथ सच है.
(आर्टिकल World Bank, सच्चर कमेटी रिपोर्ट, NITI Aayog, Gallup सर्वे, UNDP, Forbes डेटा के आधार पर) ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 23 Jul 2026 11:30:16 +0530</pubDate>
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        <title>ITR: 1 करोड़ का टैक्स भरा, लेऑफ में चली गई शख्स की नौकरी, पोस्ट कर छलका दर्द, छिड़ी बहस</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/itr-1-करोड़-का-टैक्स-भरा-लेऑफ-में-चली-गई-शख्स-की-नौकरी-पोस्ट-कर-छलका-दर्द-छिड़ी-बहस</link>
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        <description><![CDATA[ ITR Filing 2026: सोशल मीडिया पर एक भारतीय शख्स ने बताया कि उसने अब तक करीब 1 करोड़ रुपये का टैक्स भर दिया होगा. लेकिन फिर भी हाल ही में उसको कंपनी में हुए लेऑफ में बाहर का रास्ता दिखा दिया गया. अब इस पोस्ट पर लोगों की प्रतिक्रिया आ ही है, कोई इस शख्स के लिए दुखी हो रहा है, तो कोई उसे सांत्वना दे रहा है.
क्या है पोस्ट?दरअसल सोशल नेटवर्किंग साइट X पर एक मोहम्मद नौसथ नाम के एक युवक ने एक पोस्ट शेयर किया है. इस पोस्ट में युवक ने लिखा, &#039;14 साल के करियर में अब तक लगभग 1 करोड़ रुपये इनकम टैक्स के तौर पर भरे हैं. अब नौकरी से निकाला जा रहा है. सपोर्ट सिस्टम का कोई नामो-निशान नहीं है. धन्यवाद भारत.&#039; यो पोस्ट शेयर करते ही सोशल मीडिया पर तेजी वायरल हो गया है.

14 years of career, paid close to 1 cr as income tax so far. Now, being laid off. Absolutely no trace of any support system. Thank you India ????????
&amp;mdash; Mohamed Nowsath (@Md_Nowsath_) July 18, 2026



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सोशल मीडिया रिएक्शनइस पोस्ट के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर भी रिएक्शंस की बारिश होने लगी है. कई यूजर्स इस पोस्ट को लेकर शख्स को सांत्वना दे रहे हैं, तो वहीं कई लोग इस पर अलग तरह की प्रतिक्रया दे रहे हैं. इस पोस्ट पर टैक्स और सरकारी सुविधाओं को लेकर नई बहस छिड़ गई है. क्योंकि शख्स ने ये भी बताया कि उसे अभी पता चला है कि नौकरी छोड़ने पर मिलने वाला सेवरेंस पे भी टैक्स के दायरे में आएगा.
ITR 2026 की लास्ट डेट से पहले वायरल हुआ पोस्टये पोस्ट ITR भरने की आखिरी तारीख से पहले वायरल हो गया है. इसके बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग राय सामने आई. कुछ लोगों का कहना था कि भारत में नौकरी जाने पर लोगों के लिए पर्याप्त सरकारी मदद नहीं है. वहीं, कुछ लोगों ने कहा कि हर व्यक्ति को ऐसी स्थिति के लिए अपनी बचत और इमरजेंसी फंड तैयार रखना चाहिए.
सोशल मीडिया पर शुरू हुई ये बहस वाकई में कई सारे सवाल खड़े करती है. अगर इतना टैक्स भरने के बाद भी व्यक्ति को सुविधाएं ना मिलें तो ऐसा टैक्स भरने से क्या ही फायदा हो रहा है. हालांकि ऐसे समय में EPF, NPS और 80C जैसी टैक्स बचाने की योजनाएं भी लाभदायक साबित होती है.
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        <pubDate>Thu, 23 Jul 2026 11:30:15 +0530</pubDate>
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        <title>Niti Aayog: सरकार का बड़ा फैसला, नीति आयोग के नए CEO बने अनुराग जैन, कितना होगा कार्यकाल? जानें इनके बारे में</title>
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        <description><![CDATA[ Niti Aayog CEO: केंद्र सरकार ने 1989 बैच के IAS अधिकारी अनुराग जैन को नीति आयोग का नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया है. अनुराग जैन की नियुक्ति दो साल के लिए की गई है.&amp;nbsp;
सरकारी आदेश के मुताबिकसरकार के द्वारा जारी किए गए आदेश के मुताबिक, कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने 1989 बैच के मध्यप्रदेश कैडर के IAS ऑफिसर अनुराग जैन को नीति आयोग का मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी CEO के रूप में नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है. नियुक्ति अनुराग जैन के पदभार संभालने की तारीख से लागू होगी. वो पहले अपने एक्सटेंशन की अवधि तक इस पद पर रहेंगे. इसके बाद भी उनका कुल कार्यकाल दो साल का होगा या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो.
ये भी पढ़ें: ITR: 1 करोड़ का टैक्स भरा, लेऑफ में चली गई शख्स की नौकरी, पोस्ट कर छलका दर्द, छिड़ी बहस
कई दिनों से चल रही थी नाम पर चर्चाअनुराग जैन के नाम पर पिछले कई दिनों से चर्चा चल रही थी कि उन्हें मुख्य सचिव के रूप में एक और एक्सटेंशन मिलेगा. वैसे वो 31 अगस्त 2025 को रिटायर होने वाले थे लेकिन केंद्र सरकार ने उन्हें ठीक एक साल का एक्सटेंसन दे दिया. तो वहीं अब एक बार फिर से उन्हें नीति आयोग का कार्यकारी अधिकारी बनाकर दो सालों का एक्सटेंशन दे दिया गया है.
कौन हैं अनुराग जैन?अनुराग जैन एक वरिष्ठ IAS अधिकारी हैं और उन्हें प्रशासन, इंफ्रास्ट्रक्चर और सरकारी योजनाओं को लागू करने का लंबा अनुभव है. वो अपने कार्यकाल के दौरान मीति आयोग के कामकाज और सरकार की विकास योजनाओं को आगे बढ़ेने में अहम भूमिका निभाएंगे.
ये भी पढ़ें: Amazon Delivery: डिलीवरी के नाम पर 149 रुपए वसूल रहा अमेजन, क्या है &#039;ओपन बॉक्स फीस&#039;, जिसको लेकर गुस्से में हैं लोग
बता दें कि अनुराग जैन अक्टूबर 2024 में मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव बने थे. इससे पहले वो केंद्र सरकार में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव और प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में संयुक्त सचिव के पद पर भी कार्य कर चुके हैं. अब वे नीति आयोग का कार्यभार संभालेंगे, उनका प्रशासनिक सेवा लंबा अनुभव नीति आयोग के कार्यभार में भी काम आएगा. वो 1989 के IAS अधिकारी हैं जिनका चयन सीधी भर्ती के जरिए हुआ था.
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        <pubDate>Thu, 23 Jul 2026 11:30:14 +0530</pubDate>
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        <title>Amazon Delivery: डिलीवरी के नाम पर 149 रुपए वसूल रहा अमेजन, क्या है &amp;apos;ओपन बॉक्स फीस&amp;apos;, जिसको लेकर गुस्से में हैं लोग</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/amazon-delivery-डिलीवरी-के-नाम-पर-149-रुपए-वसूल-रहा-अमेजन-क्या-है-ओपन-बॉक्स-फीस-जिसको-लेकर-गुस्से-में-हैं-लोग</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/amazon-delivery-डिलीवरी-के-नाम-पर-149-रुपए-वसूल-रहा-अमेजन-क्या-है-ओपन-बॉक्स-फीस-जिसको-लेकर-गुस्से-में-हैं-लोग</guid>
        <description><![CDATA[ Amazon Open Box Inspection: अमेज़न की अनिवार्य ओपन बॉक्स इंस्पेक्शन फीस को लेकर विवाद हो रहा है. लोग इस अतिरिक्त चार्ज पर सवाल उठा रहे हैं और अमेज़न की रिटर्न पॉलिसी की भी आलोचना कर रहे हैं.
कुछ ऑर्डर पर &amp;lsquo;ओपन बॉक्स इंस्पेक्शनट फीस लगाई जाती है, इसको लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है. ग्राहकों का कहना है कि ऐसी प्रक्रिया के लिए अलग से पैसे क्यों देने पड़ रहे हैं, जिससे उन्हें लगता है कि विक्रेता को ज्यादा फायदा होता है.
अमेजन कर रहा घोटाला- यूजर्स
यह विवाद एक बार फिर चर्चा में तब आया जब एक यूजर ने अपनी पुरानी X पोस्ट को दोबारा शेयर किया. उन्होंने उस पोस्ट में अमेज़न इंडिया पर &quot;नए तरह का स्कैम&quot; करने का आरोप लगाया था. यूजर का कहना है कि 14,999 रुपये के एक ऑर्डर पर अमेज़न ने 99 रुपये का ओपन बॉक्स इंस्पेक्शन शुल्क जोड़ दिया था. &amp;nbsp;

What are you smoking @amazonIN . Adding open box inspection for every item ? It is your job to deliver properly isn&amp;rsquo;t it ? You are saying you can&amp;rsquo;t assure safe delivery , we have to pay you to make sure your job is done correctly . This is just day light robbery . pic.twitter.com/IHsfbpu1RX
&amp;mdash; Talk to my hand (@prathap_minnu) July 21, 2026

X यूज़र ने अपनी पोस्ट में अमेजन इंडिया की ओपन बॉक्स इंस्पेक्शन फीस पर सवाल उठाए थे. उन्होंने लिखा था कि यह कैसा नया तरीका है, जिसमें ग्राहकों को ओपन बॉक्स इंस्पेक्शन के लिए अलग से फीस देनी पड़ती है, इसे लेने या न लेना का कोई विकल्प भी नहीं दिया जाता. उन्होंने यह भी लिखा कि एक बार इंस्पेक्शन होने के बाद रिटर्न और रिप्लेसमेंट की सुविधा भी खत्म हो जाती है. यूजर ने यह भी बोला कि अगर इंस्पेक्शन के बाद प्रोडक्ट में कोई खराबी आ जाए, तो ग्राहक क्या करेगा?
99 से 149 रुपए हुई फीस
कुछ महीने बाद यूजर ने फिर इसी मुद्दे को उठाया और दावा किया कि पहले 99 रुपए की यह फीस अब बढ़ाकर 149 रुपए कर दी गई है. उन्होंने लिखा कि अब ग्राहकों को 149 रुपए सिर्फ इस बात के लिए देने पड़ रहे हैं कि कोई दूसरा व्यक्ति उनके खरीदे हुए सामान का बॉक्स खोले और इसके बाद ग्राहक रिटर्न या रिप्लेसमेंट जैसे अधिकार भी खो देता है, इसीलिए कई लोगों ने इस अतिरिक्त शुल्क और अमेंजन की रिटर्न पॉलिसी पर सवाल उठाए.
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यह पोस्ट X पर तेजी से वायरल हो गई. इसके बाद कई यूजर ने ओपन बॉक्स इंस्पेक्शन पॉलिसी पर अपनी राय दी और अपने अनुभव के बारे में भी बताया.&amp;nbsp;
वायरल पोस्ट को देखते हुए अमेजन इंडिया ने X पर जवाब दिया. कंपनी ने लिखा कि ओपन बॉक्स इंस्पेक्शन वाले ऑर्डर में रिर्टन और रिप्लेसमेंट से जुड़ी परेशानी के बारे में जानकर उन्हें खेद है. कंपनी ने यूजर से कस्टमर सपोर्ट टीम से चैट के जरिए संपर्क करने को कहा और भरोसा दिलाया कि उनकी टीम आवश्यक मदद करेगी. साथ में यह भी बताया कि चैट लिंक 1 घंटे तक ही रहेगी. &amp;nbsp;
इस मुद्दे के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने ओपन बॉक्स इंस्पेक्शन के लिए जा रहे अतिरिक्त शुल्क पर सवाल उठाए. एक यूजर ने लिखा कि उपभोक्ता संरक्षण कानून के अनुसार यह कंपनी की जिम्नेदारी है. ऐसे मामले में ग्राहक कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर सकते है और जीत भी सकते है.
अमेज़न व फ्लिपकार्ट को चुनौती दें- यूजर्स
दूसरे यूजर ने ई- कॉमर्स प्लेटफॉर्म से खरीदारी न करने की सलाह दी. उन्होंने लिखा, &#039;&#039;सामान सीधे कंपनी की अधिकारिक वेबसाइट से ही खरीदें, अमेज़न और फ्लिपकार्ट के बढ़ते दबदबे के कारण कुछ समय के लिए खरीदारी टाल दें और अमेज़न व फ्लिपकार्ट को चुनौती दें.&#039;&#039;
एक यूजर ने फ्लिपकार्ट के अनुभव की तुलना करते हुए बताया कि फ्लिपकार्ट पर ओपन बॉक्स इंस्पेक्शन मुफ्त होता है. उन्होंने दो दिन पहले ही जूते मंगवाए थे. डिलीवरी वाले ने कहा, &#039;&#039;भैया, आराम से अच्छी तरह चेक कर लीजिए, कोई जल्दी नहीं है. जब आप पूरी तरह संतुष्ट हो जाएं, तभी मुझे OTP दीजिए.&#039;&#039;
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        <pubDate>Thu, 23 Jul 2026 11:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Amazon, Delivery:, डिलीवरी, के, नाम, पर, 149, रुपए, वसूल, रहा, अमेजन, क्या, है, ओपन, बॉक्स, फीस, जिसको, लेकर, गुस्से, में, हैं, लोग</media:keywords>
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        <title>सरकार ने संसद में बताया बैंक फ्रॉड का डरावना सच, 5 साल में डूबे 1.42 लाख करोड़, कितनी हुई रिकवरी?</title>
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        <description><![CDATA[ Bank Fraud News: देश के बैंकिंग सेक्टर को लेकर संसद में एक बहुत ही चौंकानेवाला खुलासा हुआ है. बीते मंगलवार को संसद में वित्त मंत्रालय की तरफ से पेश आंकड़ों के मुताबिक, पिछले पांच सालों में देश के बैंकों में 1.42 लाख करोड़ से अधिक (1,42,112 करोड़ रुपये) की धोखाधड़ी के मामले सामने आए हैं. इनमें से केवल 4.5% (6389 रुपये) की ही रिकवरी हो पाई है.
राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि ये आंकड़े रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) से मिली जानकारी पर आधारित हैं. इस डेटा में कमर्शियल बैंक पब्लिक सेक्टर बैंक (PSB), प्राइवेट सेक्टर बैंक, विदेशी बैंक, स्मॉल फाइनेंस बैंक, पेमेंट बैंक, लोकल एरिया बैंक और ऑल-इंडिया फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस शामिल हैं.
रिकवरी पर और क्या बोली सरकार?
बैंक धोखाधड़ी की कुल रकम और रिकवर की गई राशि के बारे में पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए वित्त राज्य मंत्री ने कहा कि जिन अकाउंट्स से फ्रॉड हुए हैं उनसे रकम की रिकवरी लगातार की जाती रहती है.
RBI के आंकड़ों के मुताबिक, बैंकों ने पिछले पांच फाइनेंशियल वर्षों में ऐसे धोखाधड़ी वाले खातों से कुल 6,389 करोड़ रुपये रिकवर किए हैं. जानबूझकर कर्ज न चुकाने वालों (विलफुल डिफॉल्टर्स) के खिलाफ की गई कार्रवाई के बारे में मंत्री ने कहा कि RBI ऐसे कर्जदारों के खिलाफ शुरू की गई कार्रवाई की जानकारी नहीं रखता है. हालांकि, पब्लिक सेक्टर के बैंकों से मिली जानकारी के आधार पर, 31 मार्च, 2026 तक कानूनी और रिकवरी से जुड़े अहम कदम उठाए गए हैं.
बैंकों ने की तगड़ी कार्रवाई
सरकार ने बताया कि पब्लिक सेक्टर बैंकों (PSB) ने जानबूझकर कर्ज न चुकाने वालों (wilful defaulters) के खिलाफ 15,577 रिकवरी केस दायर किए हैं. इसके अलावा, 10,894 मामलों में SARFAESI एक्ट के तहत कार्रवाई शुरू की गई है, जबकि जानबूझकर कर्ज न चुकाने वालों के खिलाफ 7,173 FIR दर्ज की गई हैं.&amp;nbsp;
रिकवरी इतनी कम क्यों?
किसी बड़े फ्रॉड को पहचानने और उसे धोखाधड़ी घोषित करने में बैंकों को अमूमन 2-5 साल का वक्त लग जाता है. इस देरी का फायदा उठाते हुए आरोपी या तो फंड को शेल कंपनियों के नेटवर्क में ट्रांसफर कर देते हैं या विदेशी बैंकों में भेज देते हैं. या फिर फ्रॉड के पैसों से बेनामी संपत्तिया या क्रिप्टोकरेंसी खरीद ली जाती है. ऊपर से लंबी कानूनी प्रक्रियाओं, सालों से चलने वाले मुकदमे और अकाउंट फ्रीज करने या संपत्तियों की बिक्री में देरी भी ऐसी वजहें, जिनके चलते रिकवरी की रफ्तार धीमी रहती है और पूरे पैसे वापस भी नहीं मिल पाते हैं.

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        <pubDate>Wed, 22 Jul 2026 18:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>New LPG Connection: मिनटों में मिलेगा नया गैस कनेक्शन, जानें कैसे सुपरफास्ट होगी सिलेंडर की डिलीवरी</title>
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        <description><![CDATA[ Instant LPG Connection: अगर नया एलपीजी गैस कनेक्शन लेने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है तो अब ये परेशानी खत्म होने वाली है. भारत पेट्रोलियम ने Bharatgas Lite ZIP नाम से नई प्रीमियम एलपीजी सर्विस लॉन्च की है. इसकी सबसे बड़ी खासियत ये है कि ग्राहकों को इंस्टेंट गैस कनेक्शन और एक्सप्रेस सिलेंडर डिलीवरी की सुविधा मिलेगी. यहां से आप इसके बारे में जान सकते हैं.
क्या है भारतगैस लाइट जिप?भारतगैस लाइट जिप एक नई प्रीमियम सेवा है, जिसे तेजी से बदलती शहरी जीवनशैली को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. इसके तहत ग्राहक बिना लंबे प्रोसेस के ही नया एलपीजी कनेक्शन ले सकेंगे और सिलेंडर भी पहले के मुकाबले काफी जल्दी मिलेगा. फिलहाल इसकी शुरुआत मुंबई से हुई है.
सरकार ने संसद में बताया बैंक फ्रॉड का डरावना सच, 5 साल में डूबे 1.42 लाख करोड़, कितनी हुई रिकवरी?
कैसे मिलेगा नया गैस कनेक्शन?इस सेवा के जरिए ग्राहक BPCL के डिजिटल प्लेटफॉर्म या अधिकृत भारतगैस डिस्ट्रीब्यूटर के माध्यम से नया कनेक्शन ले सकेंगे. डॉक्यूमेंट प्रोसेस पूरा होने के बाद कनेक्शन जल्दी जारी किया जाएगा और सिलेंडर की डिलीवरी भी एक्सप्रेस मोड में की जाएगी. कंपनी का मकसद नए ग्राहकों के लिए पूरी प्रक्रिया को आसान और तेज बनाना है.&amp;nbsp;
क्या है खासियत?&amp;nbsp;भारतगैस लाइट जिप में कंपनी का कॉम्पोजिट एलपीजी सिलेंडर दिया जाएगा. ये पारंपरिक स्टील सिलेंडर की तुलना में हल्का है, जंग नहीं लगता और इसमें पारदर्शी बॉडी होने की वजह से गैस का लेवल भी आसानी से देखा जा सकता है. इसके अलावा इसमें बेहतर सुरक्षा फीचर्स भी दिए गए हैं.&amp;nbsp;
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100 शहरों तक पहुंचेगी सेवाBPCL ने बताया है कि अभी इस सेवा की शुरुआत मुंबई से की गई है. कंपनी की योजना है कि 15 अगस्त 2026 तक 24 राज्यों के 100 शहरों में भारतगैस लाइट जिप का विस्तार किया जाए, ताकि ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों को इसका फायदा मिल सके. ये सेवा खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद होगी, जिन्हें जल्दी गैस कनेक्शन चाहिए या जो तेज डिलीवरी चाहते हैं. नौकरीपेशा लोग, छोटे परिवार और नए घर में शिफ्ट होने वाले ग्राहक इससे सबसे ज्यादा लाभ उठा सकेंगे.&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 22 Jul 2026 18:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>पाकिस्तान ने अमेरिका से मांग लिए 96000 करोड़ रुपये, आखिर एकाएक क्यों पड़ गई इतने पैसों की जरूरत?</title>
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        <description><![CDATA[ Pakistan 10 Billion Dollar Help: पैसों के लिए दर-दर भटक रहे पाकिस्तान ने अब अमेरिका के सामने हाथ फैलाए हैं. पाकिस्तान ने अमेरिका से पूरे 10 अरब डॉलर (लगभग 96000 करोड़) रुपये मांगे हैं. इन पैसों का इस्तेमाल पाकिस्तान अपनी इकोनॉमी को मजबूत बनाने में करना चाहता है. पाकिस्तान लंबे समय से आर्थिक संकट से जूझ रहा है और अब उसने अमेरिका से यह मदद एक ऐसे समय में मांगी है, जब उस पर इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) का बेलआउट प्रोग्राम पहले से चल रहा है.&amp;nbsp;
कर्ज के भरोसे जैसे-जैसे चल रही इकोनॉमी
साल 2023 में पाकिस्तान डिफॉल्ट होने की कगार पर था, तब उसे अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से मिले 3 अरब डॉलर के आपाकालीन पैकेज ने बचा लिया. इसके बाद पाकिस्तान ने IMF से फिर 7 अरब डॉलर का एक और बड़ा लोन लिया. हालांकि, IMF से लोन मिलने की शर्त ही यह थी कि पाकिस्तान को इसके बदले जनता की कमाई पर सरकार द्वारा वसूले जाने वाले टैक्स को बढ़ाना होगा. इससे देश में महंगाई चरम पर पहुंच गई.&amp;nbsp;
पाकिस्तान के साथ एक और बड़ी दिक्कत यह भी है कि उसका विदेशी मुद्रा भंडार भी चीन और सऊदी अरब जैसे मित्र देशों से लिए गए उधार के भरोसे है. इस स्थिति में अगर अमेरिका से 10 अरब डॉलर की एक्सचेंज स्टेबलाइज़ेशन सुविधा (मुद्रा विनिमय स्थिरता सुविधा) मिल जाती है, तो पाकिस्तान को बड़ी आर्थिक मदद मिलेगी.&amp;nbsp;
पाकिस्तान का नया दांव
पाकिस्तान का यह अनुरोध हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य संघर्ष के दौरान दोनों देशों की आपस में बातचीत कराने की उसकी भूमिका के बाद आया. अमेरिका-ईरान में मध्यस्थता से पाकिस्तान की डिप्लोमैटिक स्थिति मजबूत हुई और ऐसी उम्मीदें जगीं कि वह अब अमेरिका से और मजूबूत आर्थिक मदद मांग सकता है. शायद यही वजह रही होगी कि पाकिस्तान के वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने वॉशिंगटन में अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट से मुलाकात कर उनसे 10 अरब डॉलर की द्विपक्षीय विनिमय स्थिरता सहायता सुविधा मांगी.
यह सामान्य लोन से अलग क्यों?&amp;nbsp;
यह कोई पारंपरिक लोन या उधार नहीं है, बल्कि यह एक तरह का करेंसी स्वैप है. इसके तहत, अमेरिकी ट्रेजरी पाकिस्तान को कोई फंड दान या भीख में नहीं देता, बल्कि वह अमेरिकी डॉलर के बदले पाकिस्तान रुपये का एक अस्थायी विनिमय (Swap) होता है. इससे पता चलता है कि देश के पास डॉलर की शॉर्ट टर्म गारंटी है. इससे विदेशी निवेशकों का भरोसा भी मजबूत होता है और देश में विदेशी निवेश की दोबारा शुरुआत होती है. इससे पाकिस्तान को IMF के कड़े शर्तों का सामना भी नहीं करना पड़ता.&amp;nbsp;

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        <pubDate>Wed, 22 Jul 2026 18:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>हवाईजहाज में क्यों नहीं बैठ रहे लोग? घट रही यात्रियों की संख्या, क्या सिर्फ महंगा सफर है कारण?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/हवाईजहाज-में-क्यों-नहीं-बैठ-रहे-लोग-घट-रही-यात्रियों-की-संख्या-क्या-सिर्फ-महंगा-सफर-है-कारण</link>
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        <description><![CDATA[ Air Traffic: मई-जून में गर्मियों की छुट्टियां होती हैं और इसी समय में लोग सबसे ज्यादा वेकेशन पर जाते हैं. अब उम्मीद की जाती है कि सबसे ज्यादा हवाई यात्रा भी इन्हीं महीनों में होती होगी, लेकिन नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने एक चौंकाने वाला आंकड़ा दिखाया है. डीजीसीए की रिपोर्ट के अनुसार, जून के महीने में घरेलू हवाई यात्रा में 12 फीसदी गिरावट आई है.&amp;nbsp;
कितनी धीमी पड़ी रफ्तार?रिपोर्ट के अनुसार, मई के महीने में 1.53 करोड़ लोगों ने हवाईसफर किया लेकिन जून में ये आंकड़ा 12 फीसदी गिरकर 1.35 करोड़ पर आ गया. आमतौर पर तो मई और जून में ही लोग ज्यादा ट्रैवल करते हैं, इसके बाद तो वैसे भी कमजोर सीजन आ जाता है.
पाकिस्तान ने अमेरिका से मांग लिए 96000 करोड़ रुपये, आखिर एकाएक क्यों पड़ गई इतने पैसों की जरूरत?
क्या है कारण?अब अगर हवाई यात्रा में कमी आने के कारण के बारे में बात करें तो सबसे पहला कारण एटीएफ ही है. ATF यानी विमान ईंधन. मिडिल ईस्ट संकट के दौरान एटीएफ बढ़ गया, जिससे एयरलाइंस ने ही कुछ रूटों की फ्लाइट कम कर दी. इसके अलावा कुछ रूट्स का तो किराया भी बढ़ गया है. ऐसे में लोगों ने ज्यादा यात्रा करने से तौबा कर लिया और बस फिर क्या था आंकड़े खुद ही गिर गए.&amp;nbsp;
कौन है हवाई बाजार का सरदार?
हालांकि, इस गिरते आंकड़े में भी इंडिगो सबसे ज्यादा फायदे में रहा है. हवाई बाजार में कंपनी पहले 64.9 फीसदी हिस्सेदारी पर थी जो अब बढ़कर 66.3 फीसदी पर आ दया है. लेकिन एयर इंडिया का बाजार कम हुआ है. एयर इंडिया तो सीधा 23.9 फीसदी हिस्से पर आ गई है. इसके अलावा उड़ान में अकासा एयर भी पीछे नहीं है और टोटल 6.4 फीसदी घेरे हुए है, वहीं, स्पाइसजेट सबसे पीछे हैं और 1.9 फीसदी हिस्से में ही है.&amp;nbsp;&amp;nbsp;
मिनटों में मिलेगा नया गैस कनेक्शन, जानें कैसे सुपरफास्ट होगी सिलेंडर की डिलीवरी ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 22 Jul 2026 18:30:09 +0530</pubDate>
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        <title>E20 Fuel: सरकार E20 पेट्रोल पर पीछे हटेगी या नहीं? संसद में बताया, एथेनॉल से खराब हो रही गाड़ियों पर क्या कहा?</title>
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        <description><![CDATA[ Govt on E20 Fuel: जब से पेट्रोल की कीमतें बढ़ी हैं तभी से E20 फ्यूल काफी चर्चा में आ गया है. इस फ्यूल को लेकर लोगों ने सरकार का काफी विरोध किया है. कई लोगों का मानना है कि इस फ्यूल की वजह से गाड़ी का इंजर खराब हो रहा है. जिसके बाद सरकार से लोगों ने इस फ्यूल को वापस लेने की बात भी की थी. वहीं अब सरकार ने खुद साफ कर दिया है कि वो ऐसा करने वाली है या नहीं.
E20 पर पीछे हटेगी सरकार?संसद का मानसून सत्र चल रहा है, जिसमें ई20 पर भी सरकार जनता के हर सवाल का जवाव दे रही है. इसी दौरान संसद में सरकार ने बताया है कि वो ई20 पेट्रोल पर पीछे नहीं हटेगी, क्योंकि E20 पेट्रोल पूरी तरह सुरक्षित, जांचा-परखा और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित है. ऑटोमोबाइल कंपनियां इसके साथ पूरा सहयोग कर रही हैं और वारंटी भी दे रही हैं. इसलिए सरकार का E0 या E10 पेट्रोल को दोबारा शुरू करने का कोई इरादा नहीं है.
ये भी पढ़ें: E20: एथेनॉल और कच्चा तेल खरीदने के लिए कितना पैसा खर्च करती है सरकार? संसद में बताया प्रति लीटर का हिसाब
नहीं मिली गाड़ी खराब होने की शिकायतेंसरकार ने इस दौरान ये भी बताया कि उन्हें E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से गाड़ियों के खराब होने या उनकी परफॉर्मेंस खराब होने की कोई शिकायत नहीं मिली है. इतना ही नहीं बल्कि देश में पिछले करीब साढ़े तीन सालों से E15+ और करीब ढाई साल से E19 qJ E20 पेट्रोल का इस्तेमाल किया जा रहा है. सरकार के मुताबिक करीब 20 करोड़ दोपहिया वाहन और 3 करोड़ से ज्यादा पेट्रोल कारें इस फ्यूल पर बिना किसी इंजन फेलियर के चल रही हैं. कंपनियां आज भी E20 पर चलने वाली गाड़ियों को वारंटी दे रही हैं.
सरकार ने दिए तेल कंपनियों को आदेशनीति आयोग की समिति ने इस फ्यूल की बराबर से टेस्टिंग की है, जिससे साफ है कि पुरानी गाड़ियों में भी स्टार्टिंग, ड्राइविंग, मेटल और प्लास्टिक के पुर्जों पर भी इसका कोई नुकसानदायक प्रभाव नहीं पड़ रहा है. जिसके बाद सरकार ने नीति के तहत तेल विपणन कंपनियों को पूरे देश में BIS मानकों के अनुरूप 20% तक एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल सप्लाई करने के निर्देश दिए हैं.
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1 अप्रैल से लागू हुआ नया नियमवहीं सरकार ने ये भी बताया कि 1 अप्रैल 2026 से कम से कम 95 RON (रिसर्च ऑक्टेन नंबर) वाले एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल को अधिसूचित किया गया है, जो ईंधन की गुणवत्ता को और बेहतर बनाता है. इस फ्यूल को जनता के सामने लाने का मकसद पर्यावरण के संरक्षण, देश की ऊर्जा सुरक्षा किसानों की आय को ध्यान में रखकर लिया गया है. ऐसे में ये फ्यूल देश का पैसा बचाएगा और किसीनों को भी मालामाल बनाएगा.
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        <pubDate>Wed, 22 Jul 2026 02:30:14 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>E20, Fuel:, सरकार, E20, पेट्रोल, पर, पीछे, हटेगी, या, नहीं, संसद, में, बताया, एथेनॉल, से, खराब, हो, रही, गाड़ियों, पर, क्या, कहा</media:keywords>
    </item>
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        <title>Mutual Fund: सेबी ने आसान बनाए मौत के बाद क्लेम पाने के नियम, म्यूचुअल फंड ट्रांसफर का नया तरीका जानें</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/mutual-fund-सेबी-ने-आसान-बनाए-मौत-के-बाद-क्लेम-पाने-के-नियम-म्यूचुअल-फंड-ट्रांसफर-का-नया-तरीका-जानें</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/mutual-fund-सेबी-ने-आसान-बनाए-मौत-के-बाद-क्लेम-पाने-के-नियम-म्यूचुअल-फंड-ट्रांसफर-का-नया-तरीका-जानें</guid>
        <description><![CDATA[ Mutual Fund: अपने किसी करीबी को खो देना किसी के लिए भी बहुत आसान नहीं होता. ये वो दुख है जिसे कोई जाहिर भी नहीं कर सकता. ऐसे समय में जब किसी भी क्लेम सेटलमेंट के बारे में बात की जाती है तो वो पूरी प्रक्रिया बहुत एग्जॉस्टिंग होती है. इस इमोशनल डैमेज को और ज्यादा ट्रिगर कर देती है ये सारी फंड्स और क्लेम से जुड़ी समस्याएं. लेकिन अब इस समस्या को देखते हुए खुद SEBI ने इस प्रक्रिया को काफी आसान कर दिया है, आइये जानें कैसे.
पहले से आसान हुई प्रक्रियादरअसल म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले लोगों के लिए क्लेम की प्रक्रिया अब पहले से काफी आसान हो गई है. सबसे बड़ा बदलाव ये है कि अब एसेट मैनेजमेंट कंपनियां हर छोटी गलती या जानकारी के मिसमैच होने पर उसे छोटा मामला ही मानेंगी.
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इसके अलावा पहले अगर म्यूचुअल फंड खाते में दर्ज पता और नॉमिनी के KYC में दिया गया पता अलग होता था, तो कई और दस्तावेज जैसे एफिडेविट और डिक्लेरेशन मांगे जाते थे, लेकिन अब AMC KYC में दर्ज सबसे नया पता मानकर क्लेम का निपटारा कर सकती है. इतना ही नहीं बल्कि नाम या हस्ताक्षर में मामूली सा फर्क होने पर भी अब क्लेम बार-बार वापस नहीं किया जाएगा. तय प्रक्रिया के तहत इनकी जांच करके क्लेम आगे बढ़ाया जाएगा.
क्लेम लेने वालों को क्या होगा फायदा?सेबी के द्वारा किए गए इस बदलाव के बाद क्लेम पाने वाले लोगों को काफी आसानी होगी. ऐसी दुख की स्थित में वो थोड़ी राहत की सांस लेंगे. जैसे पहले छोटी-सी गलती के कारण परिवारों को बार-बार दस्तावेज जमा करने पड़ते थे, जिससे क्लेम पूरा होने में कई हफ्तों या दो महीने तक लग जाते थे. लेकिन इन नए नियमों के बाद ऐसा नहीं होगा. इसके बाद आसानी से क्लेम किया जा सकेगा और आसानी से ही क्लेम मिल भी जाएगा.
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        <pubDate>Wed, 22 Jul 2026 02:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Mutual, Fund:, सेबी, ने, आसान, बनाए, मौत, के, बाद, क्लेम, पाने, के, नियम, म्यूचुअल, फंड, ट्रांसफर, का, नया, तरीका, जानें</media:keywords>
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        <title>33000 करोड़ रुपए दान करने वाले अरबपति की मौत, जीते जी लुटा दी पूरी दौलत, बोले थे&amp; कंगाल होकर जाऊंगा</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/33000-करोड़-रुपए-दान-करने-वाले-अरबपति-की-मौत-जीते-जी-लुटा-दी-पूरी-दौलत-बोले-थे-कंगाल-होकर-जाऊंगा</link>
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        <description><![CDATA[ Denny Sanford Death: बिजनेसमैन, बैंकर और समाजसेवी टी. डेनी सैनफोर्ड (T. Denny Sanford) का 90 साल की उम्र में निधन हो गया. डेनी ने 18 जुलाई को अंतिम सांस ली. उन्होंने अपनी जिंदगी में 4 अरब डॉलर (करीब 34 हजार करोड़ रुपये) से ज्यादा का दान किया है. उनकी हमेशा यही सोच थी कि वो अपनी पूरी संपत्ति समाज के काम में लगा दें. आइये जानते हैं कौन थे डेनी सैनफोर्ड?
डेनी की ये बात रहेगी हमेशा यादसाल 2007 में फोर्ब्स के साथ बात करते हुए डेनी ने कहा था कि, &#039;मैं चाहता हूं कि जब मेरी मौत हो, तब मेरे पास कोई पैसा न बचे. मैं जिंदगी को एक निवेशक की तरह देखता हूं. मेरा मानना है कि पैसा वहीं लगाना चाहिए, जहां उससे मुझे या समाज को सबसे ज्यादा फायदा मिले.&#039; अपनी इस फिलोसॉफी के चलते उन्होंननें अरबों रुपये दान किए, लेकिन फिर भी इस साल मार्च तक उनकी सम्पत्ति करीब 2.4 अरब डॉलर थी.
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कैसे हुई सफर की शुरुआत?टी. डेनी सैनफोर्ड का बचपन आसान नहीं था. चार साल की उम्र में उनकी मां का निधन हो गया था. आठ साल की उम्र से ही वो अपने पिता के कपड़ों के कारोबार में मदद करने लगे. बाद में उन्होंने फाइनेंस की दुनिया में करियर बनाया. साल 1986 में उन्होंने साउथ डकोटा के सिउक्स फॉल्स में एक छोटा बैंक खरीदा, जिसे बाद में फर्स्ट प्रीमियर बैंक के रूप में पहचान मिली. उनकी कंपनी प्रीमियर बैंकार्ड ने ऐसे लोगों को क्रेडिट कार्ड दिए, जिनका क्रेडिट रिकॉर्ड कमजोर था. इसी कारोबार ने उन्हें अरबपति बना दिया.
दान देने से मिली पहचानसैनफोर्ड ने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा समाज सेवा में लगाया. उन्होंने करीब 2 अरब डॉलर सिर्फ सैनफोर्ड हेल्थ को दिए. साल 2007 में उन्होंने इस हेल्थ सिस्टम को 40 करोड़ डॉलर का दान दिया, जो उस समय अमेरिका के किसी हेल्थ सिस्टम को मिला सबसे बड़ा एकमुश्त दान था. बाद में इसी संस्था का नाम बदलकर सैनफोर्ड हेल्थ रखा गया.
स्वास्थ्य- शिक्षा को दिया बढ़ावाअपने दान के जरिए सैनफोर्ड ने स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, वैज्ञानिक रिसर्च और कई सामुदायिक परियोजनाओं को बढ़ावा दिया है. उन्होंने बिल्ड डकोटा स्कॉलरशिप्स, सैनफोर्ड अंडरग्राउंड रिसर्च फेसिलिटी, चिल्ड्रन्स होम सोसाइटी और कई अन्य संस्थानों को भी आर्थिकरूप से सशक्त बनाया था.
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        <pubDate>Wed, 22 Jul 2026 02:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>CJP Protest: कपिल सिब्बल की नेटवर्थ कितनी है, जो सोनम वांगचुक का लड़ रहे हैं केस?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/cjp-protest-कपिल-सिब्बल-की-नेटवर्थ-कितनी-है-जो-सोनम-वांगचुक-का-लड़-रहे-हैं-केस</link>
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        <description><![CDATA[ CJP Protest: पिछले कई दिनों से जंतर- मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को वहां से हटाकर सफदरजंग अस्ताल ले जाया गया. जिसके बाद उनकी पत्नी ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और सोनम को प्राइवेट अस्पताल में भर्ती करने की गुजारिश की. हाईकोर्ट में सोनम के इस केस की पैरवी कपिल सिब्बल, उनके बेटे और टीम ने की है. जिसके बाद हाईकोर्ट ने पत्नी गीतांजली की गुजारिश को मान लिया और सोनम को मेदांता अस्पताल में शिफ्ट कर दिया.
कपिल सिब्बल का खुद इस केस को अपने हाथ में लेना इस कस को हाईप्रोफाइल बना देता है. ऐसे ेमं आइये जानते हैं कपिल सिब्बल कितनी सम्पत्ति के मालिक हैं?
कितनी सम्पत्ति के मालिक हैं कपिल सिब्बल?कपिल सिब्बल वैसे तो कांग्रेस के मशहूर नेताओं में से एक हैं. लेकिन को पेशे से वकील भी हैं और देश के कई हाईप्रोफाइल केसेस को लड़ते हैं. सोनम की सम्पत्ति की बात करें तो वो 100 करोड़ से भी ज्यादा सम्पत्ति के मालिक हैं. साल 2016 में भरे गए हलफनामा के मुताबिक उनकी सम्पत्ति 212 करोड़ रुपये है. जिसमें से करीब 14 करोड़ रुपये जमा बैंक खातों में थे. उस समय उनके पास कुल 3 लाख रुपये का कैश अमाउंट भी था.
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करोड़ों की प्रॉपर्टी के हैं मालिकइतना ही नहीं कपिल सिब्बल ने अपनी सम्पत्ति का बड़ा हिस्सा कई शहरों में प्रॉपर्टी के रूप में निवेश किया हुआ है. उनकी कमर्शियल लुधियाना, चंडीगढ़, दिल्ली और बेंगलुरू में हैं, जिनकी कीमत करीब 3.65 करोड़ रुपये है. तो वहीं उनकी रेजिडेंशियल प्रॉपर्टीज सिकंदराबाद, पटना, दिल्ली, चंडीगढ़, और बेंगलुरू में है, जिसकी कीमत करीब 3.65 करोड़ रुपये है.
लग्जरी गाड़ियों के भी हैं शौकीनकपिल सिब्बल को लग्जरी गाड़ियों का भी काफी शौक है. उनके पास कुल 89.48 लाख रुपये की गाड़ियां हैं. इनमें 1995 की एक सुजुकी जीप, साल 2001 की ह्युंडई सोनाटा, 2003 की टोयोटा कोरोला, 2012 की मारुति डिजायर, 2015 की मर्सिडीज GLC और साल 2016 की टोयोटा कार्मी भी शामिल है. इसके अलावा उनके पास 1997 में खरीदी हुई एक रॉयल एनफील्ड बुलेट और 2016 की हीरो स्पलेंडर जैसी मोटरसाइकिल भी है.
इनवेस्टमेंट में भी आगे हैं सिब्बलकपिल सिब्बल शेयर बाजार में भी निवेश करते हैं. शेयर मार्केट की लिस्टेड कंपनियों में उन्होंने 7 करोड़ रुपये निवेश किए हैं. तो वहीं नॉन-लिस्टेड कंपनियों में उन्होंने 53 हजार रुपये का निवेश किया है. वहीं बांड, एफडी और कॉरपोरेट बांड में भी उन्होंने 3 करोड़ रुपये का निवेश किया हुआ है.
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        <pubDate>Wed, 22 Jul 2026 02:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Petrol Diesel Price: पेट्रोल&amp;डीजल की कीमतों पर संसद में गूंजे सवाल, सरकार ने समझाया फ्यूल पर टैक्स का गणित</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/petrol-diesel-price-पेट्रोल-डीजल-की-कीमतों-पर-संसद-में-गूंजे-सवाल-सरकार-ने-समझाया-फ्यूल-पर-टैक्स-का-गणित</link>
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        <description><![CDATA[ Government on Petrol-Diesel Rate: ईरान-अमेरिका युद्ध के बाद देश में पेट्रोल और डीजल के दामों में इजाफा किया गया. पिछले कई दिनों से पेट्रोल और डीजल के दामों को लेकर सवाल उठ रहे हैं. अब राज्यसभा में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री से ईंधन की कीमतें और कराधान को लेकर सवाल पूछा गया. सांसद चंद्रकांत दामोदर हंडोरे ने पूछा क्या सरकार ने पेट्रोल और डीजल की ऊंची कीमतों का घरेलू बजट और महंगाई पर प्रभाव आंका है?
मंत्रालय के राज्यमंत्री सुरेश गोपी ने इस सवाल के जवाब में बताया कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों का महंगाई पर प्रभाव थोक मूल्य सूचकांक (WPI) में उनके भार (Weightage) के आधार पर आंका जाता है. जैसे...

पेट्रोल का भार: 1.73%
डीजल का भार: 4.03%

इसके अलावा संसद में मंत्रालय से सवाल पूछा गया कि पिछले पांच सालों में पेट्रोल और डीजल पर केंद्र सरकार की ओर से वसूले गए कर एवं उपकर (सेस) का विवरण क्या है? इस सवाल के जवाब में सुरेश गोपी ने बताया कि पेट्रोलियम क्षेत्र से केंद्र सरकार को प्राप्त कुल राजस्व (कर, उपकर, रॉयल्टी, सीमा शुल्क, उत्पाद शुल्क आदि) इस प्रकार रहा...
Ethanol: पेट्रोल में 20% से ज्यादा एथेनॉल मिलेगा या नहीं? सरकार ने संसद में बताया, कहा- अब सबसे चर्चा...
पेट्रोलियम क्षेत्र से केंद्र सरकार को कुल राजस्व योगदान (कर, उपकर, रॉयल्टी आदि)



वित्तीय वर्ष


केंद्र सरकार को कुल योगदान (₹ करोड़ में)




2021-22
4,92,302.5


2022-23
4,28,067.1


2023-24
4,32,394.1


2024-25*
4,24,826.7


2025-26*
4,75,739.0



इनमें प्रमुख मदों में उत्पाद शुल्क (Excise Duty), कस्टम ड्यूटी, कच्चे तेल पर सेस, रॉयल्टी, IGST, CGST, कॉरपोरेट टैक्स, डिविडेंड और अन्य शुल्क शामिल हैं.
केवल उत्पाद शुल्क (Excise Duty):



वित्तीय वर्ष


केंद्र सरकार को कुल योगदान (₹ करोड़ में)




2021-22
4,92,302.5


2022-23
4,28,067.1


2023-24
4,32,394.1


2024-25*
4,24,826.7


2025-26*
4,75,739.0



इसके अलावा संसद में पूछा गया कि क्या सरकार करों का युक्तिकरण (Rationalisation) कर ईंधन की कीमतें कम करने की योजना बना रही है? अगर हां तो विवरण, अगर नहीं तो कारण क्या हैं?
इस जवाब में मंत्री ने बताया कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें बाजार आधारित (Market Determined) हैं और सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) अंतरराष्ट्रीय बाजार और अन्य कारकों को देखते हुए कीमत तय करती हैं. हालांकि, आवश्यकता पड़ने पर सरकार कर संरचना में हस्तक्षेप करती रही है.
सरकार द्वारा उठाए गए प्रमुख कदम...

नवंबर 2021 और मई 2022 में केंद्र सरकार ने उत्पाद शुल्क में पेट्रोल पर 13 रुपए प्रति लीटर और डीजल पर 16 रुपए प्रति लीटर की कटौती की, जिसका पूरा लाभ उपभोक्ताओं को दिया गया.
मार्च 2024 में तेल विपणन कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल दोनों की कीमत 2 रुपए प्रति लीटर घटाई.
अप्रैल 2025 में केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क 2 रुपए प्रति लीटर बढ़ाया, लेकिन इसका बोझ उपभोक्ताओं पर नहीं डाला गया.
मार्च 2026 में पश्चिम एशिया संकट के कारण अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई. उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर 10 प्रति लीटर उत्पाद शुल्क घटा दिया.

सरकार के अनुसार, इस कटौती से केंद्र सरकार के कर राजस्व पर काफी नकारात्मक प्रभाव पड़ा, लेकिन इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों के प्रभाव से बचाना था.
India-China Border Trade: 6 साल बाद भारत-चीन ट्रेड को&amp;nbsp;मिली हरी झंडी, 1 अगस्त से सस्ते मिलेंगे तिब्बती ऊन और पश्मीना
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        <pubDate>Tue, 21 Jul 2026 10:30:14 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Petrol, Diesel, Price:, पेट्रोल-डीजल, की, कीमतों, पर, संसद, में, गूंजे, सवाल, सरकार, ने, समझाया, फ्यूल, पर, टैक्स, का, गणित</media:keywords>
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    <item>
        <title>Plastic Note: भारत में आने वाले प्लास्टिक नोटों में होंगे हाईटेक सिक्योरिटी फीचर्स! जानिए और किन देशों में चल रही है ये करेंसी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/plastic-note-भारत-में-आने-वाले-प्लास्टिक-नोटों-में-होंगे-हाईटेक-सिक्योरिटी-फीचर्स-जानिए-और-किन-देशों-में-चल-रही-है-ये-करेंसी</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/plastic-note-भारत-में-आने-वाले-प्लास्टिक-नोटों-में-होंगे-हाईटेक-सिक्योरिटी-फीचर्स-जानिए-और-किन-देशों-में-चल-रही-है-ये-करेंसी</guid>
        <description><![CDATA[ Plastic Currency: कुछ दिन पहले RBI ने बताया कि जल्दी ही वो प्लास्टिक करेंसी लेकर आने वाले हैं. जिसके बाद से ही इन नए नोटों को लेकर लोगों के कई सारे सवाल भी हैं. जैसे कि ये नोट कैसे दिखेंगे, क्या इनकी डिजाइन बदलेगी, क्या इन्हें ATM से निकाला जा सकेगा आदि. इसके अलावा एक सवाल और है इन नोटों के सेफ्टी फीचर्स के बारे में, कि क्या इसमें कोई सीक्रेट सिक्योरिटी फीचर होगा? आइये बताते हैं इस सवाल का जवाब.
प्लास्टिक नोटों में होंगे सिक्योरिटी फीचर्स?इस सवाल का जवाब है हां! प्लास्टिक नोटों में सीक्रेट सिक्योरिटी फीचर्स हो सकते हैं. इन नोटों में सालों से चल रहे कागजी नोटों की तुलना में ज्यादा आधुनिक और मजबूत सिक्योरिटी फीचर्स हो सकते हैं. इनमें ट्रांसपैरेंट विंडो, माइक्रो प्रिंटिंग, रंग बदलने वाली स्याही, उभरी हुई छपाई, लेजर बेस्ड डिजाइन और स्पेशल होलोग्राफिक तत्व जैसे फीचर्स शामिल हो सकते हैं. इन तकनीकों के कारण नकली नोट तैयार करना काफी मुश्किल हो जाता है.
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इन देशों में पहले से चल रही है प्लास्टिक करेंसीभारत से पहले दुनिया के कई देशों में प्लास्टिक करेंसी पहले से इस्तेमाल हो रही है. सबसे पहले ऑस्ट्रेलिया ने साल 1988 में प्लास्टिक नोट जारी किए थे. इसके बाद कनाडा, न्यूजीलैंड, ब्रिटेन, सिंगापुर, ब्रुनेई, रोमानिया, वियतनाम और कई अन्य देशों ने भी पॉलीमर नोट अपनाए. इन देशों का अनुभव बताता है कि प्लास्टिक नोट कागज के नोटों की तुलना में ज्यादा टिकाऊ होते हैं, पानी से खराब नहीं होते और लंबे समय तक चलते हैं.
मजबूत होते हैं प्लास्टिक नोटइतना ही नहीं सुरक्षा के लिहाज से भी पॉलीमर नोट काफी मजबूत माने जाते हैं. इनमें बने ट्रांसपैरेंट सेफ्टी फीचर्स और स्पेशल प्रिंटिंग तकनीक की नकल करना बेहद कठिन होता है. यही वजह है कि कई देशों में नकली नोटों पर काफी हद तक लगाम लगाने में प्लास्टिक करेंसी को प्रभावी माना गया है.
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        <pubDate>Tue, 21 Jul 2026 10:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Plastic, Note:, भारत, में, आने, वाले, प्लास्टिक, नोटों, में, होंगे, हाईटेक, सिक्योरिटी, फीचर्स, जानिए, और, किन, देशों, में, चल, रही, है, ये, करेंसी</media:keywords>
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        <title>50 Rupee: 100&amp; 200 ही नहीं 50 रुपये के नकली नोट से भी हो सकती है धोखाधड़ी, इस तरह पहचानें असली नोट</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/50-rupee-100-200-ही-नहीं-50-रुपये-के-नकली-नोट-से-भी-हो-सकती-है-धोखाधड़ी-इस-तरह-पहचानें-असली-नोट</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/50-rupee-100-200-ही-नहीं-50-रुपये-के-नकली-नोट-से-भी-हो-सकती-है-धोखाधड़ी-इस-तरह-पहचानें-असली-नोट</guid>
        <description><![CDATA[ 50 Rupee Note: खरीदारी करते समय कभी हमारे हाथ में जब छुट्टे पैसे यानी 100, 50, 20, 10 के नोट मिलते हैं तो उन्हें बिना देखे सीधा जेब में रख लेते हैं. लेकिन ऐसे में ही कई बार धोखे का शिकार बी हो जाते हैं. कई बार जेब में असली की जगह पर नकली नोट आ जाते हैं. ऐसे में भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI ने बहुत ही आसान तरीके से 50 रुपये के नोट को पहचानने का तरीका बताया है.
RBI ने बताई नोट की पहचानभारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ऑफिशियल वेबसाइट के जरिए हर भारतीय नोट की असली पहचान बताई गई है. इसी में 50 रुपये के नोट के भी कई फीचर्स बताए गए हैं, जिनसे पता चलता है कि ये नोट असली है या नकली. इन फीचर्स को इस तरह डिजाइन किया गया है कि उनकी नकल करना भी आसान नहीं है. ऐसे में इन पॉइंट्स को ध्यान में पढ़ें और असली नोट की पहचान करें.
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50 रुपये के असली नोट को ऐसे पहचानेंRBI की वेबसाइट के मुताबिक 50 रुपये के असली नोट को पहचानने का तरीका बेहद आसान है. आइये बताते हैं:

नोट के नीचे बाईं ओर 50 का सी-थ्रू सिक्योरिटी फीचर दिया गया है, जो नोट को रोशनी के सामने रखने पर साफ दिखाई देता है.
नोट पर 50 अंक देवनागरी (हिंदी) में भी लिखा गया है.
नोट के सामने वाले हिस्से के बीच में महात्मा गांधी की तस्वीर छपी है.
50 रुपये के नोट की दाईं ओर आरबीआई की गारंटी, गवर्नर के हस्ताक्षर, भुगतान का वादा और RBI का लोगो दिया गया है.
नोट के ऊपर बाईं ओर सीरियल नंबर छोटे अंक से शुरू होकर बड़े अंक तक बढ़ते क्रम में लिखा गया है.
नोट के नीचे दाईं ओर भी सीरियल नंबर छोटे से बड़े आकार में बढ़ते क्रम में छपा है.
नोट के नीचे दाईं ओर अशोक स्तंभ का प्रतीक (राष्ट्रीय चिन्ह) बना हुआ है.

बता दें कि RBI समय-समय पर लोगों से अपील करता है कि नकली नोटों से बचने के लिए करेंसी पर मौजूद सुरक्षा फीचर्स की जानकारी रखें. यदि किसी नोट को लेकर संदेह हो, तो उसे रोशनी में देखकर और इन सुरक्षा चिन्हों की जांच करके उसकी असलियत का पता लगाया जा सकता है. ऐसे में आपके पास जब भी 50 रुपये का नोट आए तो आप उसे अच्छी तरह से चेक करें उसके बाद ही इस्तेमाल करें.
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        <pubDate>Tue, 21 Jul 2026 10:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Rupee:, 100-, 200, ही, नहीं, रुपये, के, नकली, नोट, से, भी, हो, सकती, है, धोखाधड़ी, इस, तरह, पहचानें, असली, नोट</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>Petrol&amp; Diesel Price Today: आज टैंक फुल कराने से पहले चेक कर लें नए रेट, जानें आपके शहर में कितना है पेट्रोल&amp;डीजल का भाव</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/petrol-diesel-price-today-आज-टैंक-फुल-कराने-से-पहले-चेक-कर-लें-नए-रेट-जानें-आपके-शहर-में-कितना-है-पेट्रोल-डीजल-का-भाव</link>
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        <description><![CDATA[ Petrol- Diesel Price Today 21 July: अगर आप आज गाड़ी लेकर घर से निकलने वाले हैं, तो एक बार पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट जरूर देख लें. सरकारी तेल कंपनियों ने 21 जुलाई के लिए ईंधन की नई कीमतें जारी कर दी हैं. अच्छी बात ये है कि आज भी आम लोगों को राहत मिली है और पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर शहर में एक ही कीमत होगी. अलग-अलग राज्यों में लगने वाले वैट और स्थानीय टैक्स की वजह से पेट्रोल और डीजल के रेट अलग-अलग बने हुए हैं. यही वजह है कि दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता में ईंधन की कीमतों में अंतर देखने को मिलता है.
शहर अनुसार पेट्रोल- डीजल के दाम-



शहर का नाम
पेट्रोल का भाव
डीजल का भाव


दिल्ली
102.12 रुपये
95.20 रुपये


मुंबई
111.21 रुपये&amp;nbsp;
97.83 रुपये


कोलकाता
113.51 रुपये
99.82 रुपये


बेंगलुरु
110.93 रुपये
98.80 रुपये


चेन्नई
107.77 रुपये
99.55 रुपये


पटना
113.35 रुपये&amp;nbsp;
99.36 रुपये


चंडीगढ़
101.51 रुपये
89.47 रुपये


हैदराबाद
115.69 रुपये
103.82 रुपये


भुवनेश्वर
108.97 रुपये
100.68 रुपये



100- 200 ही नहीं 50 रुपये के नकली नोट से भी हो सकती है धोखाधड़ी, इस तरह पहचानें असली नोट
रोज सुबह क्यों जारी होते हैं नए रेट?देश की तेल कंपनियां हर दिन सुबह 6 बजे पेट्रोल और डीजल की कीमतें अपडेट करती हैं. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति और राज्यों के टैक्स को ध्यान में रखकर ये कीमतें तय की जाती हैं. इसलिए कई बार बिना किसी बड़े बदलाव के भी अलग-अलग शहरों में रेट अलग दिखाई देते हैं.
कैसे पता करें सही रेट?&amp;nbsp;अगर आप अपने शहर का ताजा रेट जानना चाहते हैं, तो इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम की वेबसाइट या SMS सेवा का इस्तेमाल कर सकते हैं. इससे आपको घर बैठे ही अपने इलाके में पेट्रोल और डीजल की सटीक कीमत पता चल जाएगी.
भारत में आने वाले प्लास्टिक नोटों में होंगे हाईटेक सिक्योरिटी फीचर्स! जानिए और किन देशों में चल रही है ये करेंसी ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 21 Jul 2026 10:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Petrol-, Diesel, Price, Today:, आज, टैंक, फुल, कराने, से, पहले, चेक, कर, लें, नए, रेट, जानें, आपके, शहर, में, कितना, है, पेट्रोल-डीजल, का, भाव</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>LPG Rate Today: 14 किलो और 19 किलो का गैस सिलेंडर कितने में मिलेगा? जानें आज क्या है एलपीजी का दाम</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/lpg-rate-today-14-किलो-और-19-किलो-का-गैस-सिलेंडर-कितने-में-मिलेगा-जानें-आज-क्या-है-एलपीजी-का-दाम</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/lpg-rate-today-14-किलो-और-19-किलो-का-गैस-सिलेंडर-कितने-में-मिलेगा-जानें-आज-क्या-है-एलपीजी-का-दाम</guid>
        <description><![CDATA[ LPG Rate Today 21 July 2026: रसोई गैस सिलेंडर इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए एक अच्छी खबर है. 21 जुलाई को घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में कोई नया बदलाव नहीं किया गया है. यानी इस महीने की शुरुआत में जो रेट तय किए गए थे, वही आज भी लागू हैं और कुछ महंगा नहीं हुआ है. ऐसे में अगर आप आज गैस सिलेंडर बुक कराने की सोच रहे हैं तो आपको पिछली कीमत पर ही सिलेंडर मिलेगा. वैसे भी पेट्रोल और डीजल की तरह LPG सिलेंडर के दाम रोजाना अपडेट नहीं होते हैं. तेल विपणन कंपनियां आमतौर पर हर महीने की पहली तारीख को कीमतों की समीक्षा करती हैं.&amp;nbsp;
आपके शहर में कितना है घरेलू सिलेंडर का रेट?

दिल्ली- 942.0 रुपये
मुंबई- 941.5 रुपये
कोलकाता- 968.0 रुपये
चेन्नई- 957.5 रुपये
चंडीगढ़- 951.5 रुपये
देहरादून- 961.0 रुपये&amp;nbsp;
हैदराबाद- 934.0 रुपये
भुवनेश्वर- 968.0 रुपये
तिरुवनंतपुरम- 951.0 रुपये

आज टैंक फुल कराने से पहले चेक कर लें नए रेट, जानें आपके शहर में कितना है पेट्रोल-डीजल का भाव
आपके शहर में कितना है कमर्शियल सिलेंडर का रेट? 

दिल्ली- 2930.0 रुपये
मुंबई- 2885.5 रुपये
कोलकाता- 3082.0 रुपये
चेन्नई- 3106.0 रुपये
चंडीगढ़- 2954.5 रुपये&amp;nbsp;
देहरादून- 2983.5 रुपये
हैदराबाद- 2052.5 रुपये
भुवनेश्वर- 3115.0 रुपये
तिरुवनंतपुरम- 2970.5 रुपये

घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर में क्या है अंतर?घरेलू 14.2 किलोग्राम वाला LPG सिलेंडर घरों में खाना बनाने के लिए इस्तेमाल होता है, जबकि 19 किलोग्राम का कमर्शियल सिलेंडर होटल, रेस्टोरेंट और व्यावसाय में उपयोग किया जाता है. इस महीने की शुरुआत में कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में कटौती की गई थी, जबकि घरेलू सिलेंडर के दाम स्थिर रखे गए थे.
100- 200 ही नहीं 50 रुपये के नकली नोट से भी हो सकती है धोखाधड़ी, इस तरह पहचानें असली नोट
अगले बदलाव पर रहेगी नजरअब गैस सिलेंडर इस्तेमाल करने वाले लोगों की नजर 1 अगस्त की कीमतों पर है. अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और LPG की कीमतों में बड़ा उतार-चढ़ाव होता है तो अगले महीने घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में बदलाव देखने को मिल सकता है. फिलहाल 21 जुलाई को रसोई गैस के दाम स्थिर बने हुए हैं.&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 21 Jul 2026 10:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>LPG, Rate, Today:, किलो, और, किलो, का, गैस, सिलेंडर, कितने, में, मिलेगा, जानें, आज, क्या, है, एलपीजी, का, दाम</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>बड़ी खबर: बंद होंगे 11 करोड़ टीवी, 4 से 6 गुना बढ़ेगा केबल और DTH का मंथली चार्ज? सरकार का आया बयान</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/बड़ी-खबर-बंद-होंगे-11-करोड़-टीवी-4-से-6-गुनाबढ़ेगा-केबल-और-dthका-मंथली-चार्ज-सरकार-का-आया-बयान</link>
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        <description><![CDATA[ TV- DTH News: सोशल मीडिया पर इन दिनों टीवी बंद होने की खबर एकदम चर्चा में है. असल में एक पोस्ट काफी वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि मोदी सरकार जल्दी ही 11 करोड़ टीवी बंद करने वाली है और टीवी ब्रॉडकास्ट बहुत महंगे होने वाले हैं. आइये यहां से समझचे हैं कि पूरा मामला क्या है और इस पूरे मामले के पीछे क्या और कितनी सच्चाई है.
क्या है पूरा मामला?&amp;nbsp;वायरल हो रहे पोस्ट में लिखा हुआ है कि &#039;मोदी सरकार का एक फैसला और बंद हो जाएंगे 11 करोड़ टीवी. पहले ही मोबाइल के चलते 1 करोड़ टीवी बंद हो चुके हैं. टीवी इंडस्ट्री बड़े खतरे में है, जिसकी अर्थी सरकार ने सजा दी है. सूचना प्रसारण मंत्रालय ने 12 जून को नए नियमों का ड्राफ्ट पेश किया है. टीवी ब्रॉडकास्ट और टेलीकॉम कंपनियों के लिए एक ही नियम होंगे. एक जैसे नियमों से सरकार को मोटी लाइसेंस फीस मिलेगी.

A social media post claims that the @MIB_India&#039;s new draft rules will force 11 crore TVs to shut down, increase cable and DTH charges 4 to 6 times, impose heavy licensing fees, and destroy millions of jobs.#PIBFactCheck❌ This claim is FAKE. The Union Government has NOT&amp;hellip; pic.twitter.com/aAdsGOdVQf
&amp;mdash; PIB Fact Check (@PIBFactCheck) July 20, 2026



इस पोस्ट में ये भी लिखा हुआ है कि इस चलते टीवी ब्रॉडकास्ट बहुत महंगा हो जाएगा. सर्विस प्रोवाइडर और केबल ऑपरेटर अपने चार्ज 4 से 6 गुना कर देंगे. DTH और केबल टीवी खत्म हो जाएंगे. एक झटके में टीवी तो बंद होंगे ही, लाखों लोगों के रोजगार भी एक झटके में खत्म हो जाएंगे. पैसे की भूखी सरकार देश को तबाह करने पर उतारू है.&#039;&amp;nbsp;
क्या है सच्चाई?पीआईबी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर ये साफ कहा है कि ये पोस्ट झूठा है और केंद्र सरकार ने ऐसा कोई नियम नहीं बनाया है जिससे टीवी सब्सक्रिप्शन का खर्च 4 से 6 गुना बढ़ जाए या देश में टीवी सेवाएं बंद हो जाएं.&amp;nbsp;
साथ ही पीआईबी ने लिखा कि MIB ने टेलीकम्युनिकेशंस (टेलीविजन, रेडियो और संबंधित सेवाएं) नियम, 2026 का ड्राफ्ट जारी किया है, जिस पर अभी 27 जुलाई, 2026 तक जनता और संबंधित लोगों से राय मांगी जा रही है. ड्राफ्ट नियमों में किसी भी तरह की फीस बढ़ाने का कोई प्रावधान नहीं है. साथ ही इन नियमों का मकसद टीवी और रेडियो सेवाओं के लिए जारी अलग-अलग गाइडलाइंस को एक साथ लाना है. इनका मकसद मौजूदा व्यवस्था को आसान और एक जैसा बनाना है, ताकि टीवी और रेडियो ब्रॉडकास्टिंग सेक्टर में आसानी से काम किया जा सके.&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 20 Jul 2026 22:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>बड़ी, खबर:, बंद, होंगे, करोड़, टीवी, से, गुना बढ़ेगा, केबल, और, DTH का, मंथली, चार्ज, सरकार, का, आया, बयान</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>Chaayos समेत 41 रेस्टोरेंट्स को भरना पड़ा 50 हजार जुर्माना, जानें आपसे कोई सर्विस चार्ज लें तो कहां करें शिकायत?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/chaayos-समेत-41-रेस्टोरेंट्स-को-भरना-पड़ा-50-हजार-जुर्माना-जानें-आपसे-कोई-सर्विस-चार्ज-लें-तो-कहां-करें-शिकायत</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/chaayos-समेत-41-रेस्टोरेंट्स-को-भरना-पड़ा-50-हजार-जुर्माना-जानें-आपसे-कोई-सर्विस-चार्ज-लें-तो-कहां-करें-शिकायत</guid>
        <description><![CDATA[ Restaurant Service Charge: अगर आप किसी होटल या रेस्टोरेंट में खाना खाने जाते हैं और बिल में बिना पूछे सर्विस चार्ज जोड़ दिया जाता है तो ये खबर आपके लिए ही है. केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण ने Chaayos, Barbeque Nation समेत देशभर के 41 रेस्टोरेंट्स के खिलाफ कार्रवाई की है. इन रेस्टोरेंट्स पर ग्राहकों की सहमति के बिना बिल में सर्विस चार्ज जोड़ने का आरोप है. कई मामलों में 50000 रुपये तक का जुर्माना लगाया गया है और ग्राहकों से वसूला गया सर्विस चार्ज लौटाने के भी निर्देश दिए गए हैं. आइये समझते हैं कि सर्विस चार्ज से जुड़े क्या- क्या अधिकार ग्राहकों के पास हैं.
क्या है पूरा मामला?CCPA के अनुसार, कई रेस्टोरेंट ग्राहकों के बिल में 5% या 10% सर्विस चार्ज अपने आप जोड़ रहे थे. कई ग्राहक इसे GST समझकर भुगतान कर देते थे, जबकि सर्विस चार्ज और GST दोनों अलग-अलग चीजें हैं. सरकार का कहना है कि किसी भी ग्राहक से उसकी मंजूरी के बिना सर्विस चार्ज लेना उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन है. इसी वजह से रेस्टोरेंट्स के खिलाफ कार्रवाई की गई है.&amp;nbsp;
बड़ी खबर: बंद होंगे 11 करोड़ टीवी, 4 से 6 गुना&amp;nbsp;बढ़ेगा केबल और DTH&amp;nbsp;का मंथली चार्ज? सरकार का आया बयान
क्या सर्विस चार्ज देना जरूरी है?नहीं, सर्विस चार्ज देना जरूरी नहीं है. CCPA के अनुसार होटल या रेस्टोरेंट सर्विस चार्ज देने के लिए फोर्स नहीं कर सकते हैं. अगर बिल में ये चार्ज जोड़ा गया है और आप इसे नहीं देना चाहते तो रेस्टोरेंट से इसे हटाने की मांग कर सकते हैं. रेस्टोरेंट सिर्फ इसलिए आपको खाना देने से मना नहीं कर सकता क्योंकि आपने सर्विस चार्ज देने से इनकार किया है.&amp;nbsp;
सर्विस चार्ज और GST में क्या अंतर है?कई लोग सर्विस चार्ज और GST को एक ही समझ लेते हैं, जबकि ऐसा नहीं है. GST सरकार द्वारा लगाया गया टैक्स है, जिसे देना जरूरी होता है. सर्विस चार्ज रेस्टोरेंट लगाते हैं और ये ऑप्शनल होता है. इसे देना या न देना पूरी तरह ग्राहक की इच्छा पर निर्भर करता है.&amp;nbsp;
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सर्विस चार्ज के लिए कैसे करें शिकायत?अगर कोई रेस्टोरेंट आपकी बात नहीं मानता और जबरन सर्विस चार्ज वसूलता है तो आप इसकी शिकायत कर सकते हैं. इसके लिए नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन पर 1915 नंबर पर कॉल करें या फिर एनसीएच एप या वेबसाइट पर ऑनलाइन शिकायत करें. इसके अलावा consumerhelpline.gov.in पर जाकर शिकायत कर सकते हैं.&amp;nbsp;
इन बातों का रखें ध्यानरेस्टोरेंट का बिल ध्यान से देखें. अगर उसमें सर्विस चार्ज जुड़ा है और आप उसे नहीं देना चाहते, तो तुरंत हटाने के लिए कहें. बिल और भुगतान का बिल अपने पास जरूर रखें. यही डॉक्यूमेंट शिकायत के समय आपके काम आएंगे.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Mon, 20 Jul 2026 22:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Chaayos, समेत, रेस्टोरेंट्स, को, भरना, पड़ा, हजार, जुर्माना, जानें, आपसे, कोई, सर्विस, चार्ज, लें, तो, कहां, करें, शिकायत</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>Diesel Blending: एथेनॉल की तरह डीजल में बायोडीजल का मिश्रण शुरू, पंपों पर हो रही बिक्री, जानें कितने परसेंट है मिलावट?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/diesel-blending-एथेनॉल-की-तरह-डीजल-में-बायोडीजल-का-मिश्रण-शुरू-पंपों-पर-हो-रही-बिक्री-जानें-कितने-परसेंट-है-मिलावट</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/diesel-blending-एथेनॉल-की-तरह-डीजल-में-बायोडीजल-का-मिश्रण-शुरू-पंपों-पर-हो-रही-बिक्री-जानें-कितने-परसेंट-है-मिलावट</guid>
        <description><![CDATA[ Diesel Blending: पेट्रोल में एथेनॉल ब्लेंड करने को लेकर देशभर में काफी बवाल चल रहा है. कई लोगों ने शिकायत की है कि उनकी गाड़ी इस पेट्रोल की वजह से खराब हो रही है. हालांकि सरकार ने इसे वापस लेने का कोई फैसला नहीं किया है. तमाम विरोध और शिकायतों के बीच अब सरकार पेट्रोल के बाद मिलावटी डीजल लाने की भी तैयारी कर रही है. जैसे बाजार में ई20 आ गया है, वैसे ही अब बी5 भी साल 2020 तक आने वाला है.
कितने प्रतिशत होगी मिलावट?दरअसल ई-20 के बाद अब सरकार जल्दी ही बी-5 फ्यूल लाने की तैयारी कर रही है. ये मिलावटी डीजल होगी, जैसे पेट्रोल में एथेनॉल का 20 प्रतिशत मिलाकर उसे ई-20 पेट्रोल बनाया गया है, उसी तरह से 95 प्रतिशत डीजल में 5 प्रतिशत जैवित मिलाकर इस बी-5 डीजल को बनाया जाएगा. सरकार का कहना है कि इसे इंजन में किसी तरह के संशोधन के बिना इस्तेमाल किया जा सकता है.
ये भी पढ़ें: Chaayos समेत 41 रेस्टोरेंट्स को भरना पड़ा 50 हजार जुर्माना, जानें आपसे कोई सर्विस चार्ज लें तो कहां करें शिकायत?
कैसे बनेगा बायोडीजल?इंडियन ऑइल की तरफ से मिली जानकारी के अनुसार ये डीजल जटरोफा और करंजिया से बनाया जाएगा. ये दोनों वनस्पति तेल होते हैं जिनका खाने- पीने में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है. ऐसे में इनकी मदद से अच्छी किस्म का बायोडीजल बन पाएगा. सरकार के द्वारा पहले भी बायोडीजल पर बनाकर उसकी परीक्षण किया जा चुका है, जो सफल भी रहा है. हरियाणा रोडवेज, रेलवे, टाटा की मदद से 5 से 10 प्रतिशत तक मिलाकर व्यापक परीक्षण किया जा चुका है.
प्रदूषण होगा नियंत्रितइस बायोडीजल को बनाना के उद्देश्य वही है जो ई-20 को लेकर सरकार का लक्ष्य रहा है. सरकार चाहती है कि तेल को लेकर अन्य देशों पर निर्भरता सही नहीं है. ऐसे में घरेलू उत्पादन ही ज्यादा सही होगा. इसके अलावा इस फ्यूल की मदद से प्रदूषण भी नियंत्रित होगा. ई-20 का लक्ष्य तय समय से पहले ही प्राप्त हो गया है. ऐसे में साल 2030 तक बायोडीजल लाने का भी सरकार का प्लान है.
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 ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 20 Jul 2026 22:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Diesel, Blending:, एथेनॉल, की, तरह, डीजल, में, बायोडीजल, का, मिश्रण, शुरू, पंपों, पर, हो, रही, बिक्री, जानें, कितने, परसेंट, है, मिलावट</media:keywords>
    </item>
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        <title>पानी से भी सस्ता पेट्रोल, दुनिया के सबसे सस्ते तेल वाले देशों की लिस्ट आई सामने, पहले नंबर पर कौन?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/पानी-से-भी-सस्ता-पेट्रोल-दुनिया-के-सबसे-सस्ते-तेल-वाले-देशों-की-लिस्ट-आई-सामने-पहले-नंबर-पर-कौन</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/पानी-से-भी-सस्ता-पेट्रोल-दुनिया-के-सबसे-सस्ते-तेल-वाले-देशों-की-लिस्ट-आई-सामने-पहले-नंबर-पर-कौन</guid>
        <description><![CDATA[ Petrol and Diesel Prices: क्या आप यकीन करेंगे कि लीबिया में पेट्रोल पानी से भी सस्ता मिलता है. भारत में एक लीटर पानी की बोतल का दाम औसतन 15 से 20 रुपए है. मान लीजिए एक लीटर पानी की बोतल के लिए हम 15 रुपए खर्च करते हैं. इतने में लीबिया में 6 लीटर पेट्रोल खरीद सकते हैं. यह कोई मजाक नहीं, बल्की हकीकत है. लीबीया में एक लीटर पेट्रोल की कीमत भारतीय मुद्रा में सिर्फ 2.25 रुपए है.
युद्ध और वैश्विक तनाव का असर कच्चे तेल की कीमतों पर साफ दिख रहा है. ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच चुका है, जबकि दुनिया में पेट्रोल की औसत कीमत 141 प्रति लीटर हो गई है. इसके बावजूद कुछ देश ऐसे भी हैं, जहां पेट्रोल की कीमत 4 प्रति लीटर से कम बनी हुई है.
सबसे सस्ता पेट्रोल बेचने वाले देश
लीबिया में एक लीटर पेट्रोल 2.25 रुपये है, आज की डेट में सबसे सस्ता पेट्रोल है. ग्लोबल पेट्रोल प्राइस की लिस्ट के अनुसार दूसरे नंबर में ईरान है, यहां एक लीटर पेट्रोल की कीमत 2.27 रुपये है. तीसरे नंबर पर वेनेजुएला है, यंहा पेट्रोल की कीमत 3.36 रुपये लीटर है. ये देश कच्चे तेल के उत्पादक हैं.
यह भी पढ़ें-&amp;nbsp;Plastic Bank Notes: क्या प्लास्टिक के नोट फोल्ड हो सकेंगे, इन्हें गिनने वाली मशीनें बदलनी पड़ेंगी?
कुवैत में पेट्रोल की कीमत 32.60 रुपये लीटर है वहीं, अंगोला में पेट्रोल की कीमत 31.43 रुपय लीटर है. तुर्कमेनिस्तान में 41.27 रुपये प्रति लीटर पेट्रोल है. इजिप्ट में एक लीटर की कीमत 45.49 रुपय है, ये भी दुनिया में सबसे सस्ता पेट्रोल बेचने वाले टॉप 10 देशों में शामिल है.
कतर और अऊदी अरब भी टॉप 10 देशो में शामिल हैं, लेकिन यहां पेट्रोल के दाम 50 रुपये से ऊपर हैं. कतर में पेट्रोल की कीमत 55.38 रुपये लीटर है, वहीं सऊदी अरब में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 59.58 रुपये है.
सबसे महंगा पेट्रोल बेचने वाले देश
अगर दुनिया के सबसे महंगे पेट्रोल वाले देशों की बात करें, तो हांगकांग सबसे ऊपर है, जहां एक लीटर पेट्रोल की कीमत 390.52 है. इसके बाद मलावी (310.97) और डेनमार्क (257.87) का स्थान आता है. वहीं, इजरायल और नीदरलैंड समेत कई यूरोपीय देशों में भी पेट्रोल की कीमत 200 प्रति लीटर से ज्यादा बनी हुई है.
सबसे सस्ता और महंगा डीजल बेचने वाले देश
अगर सबसे सस्ता डीजल बेचने वाले देशों की बात करें, तो वेनेजुएला सबसे ऊपर है, जहां एक लीटर डीजल की कीमत 40 पैसे है. इसके बाद ईरान में 55 पैसे और लीबिया में 2.25 रुपये लीटर. अल्जीरिया में एक लीटर डीजल की कीमत 22.37 रुपये है. तुर्केमेनिस्तान में डीजल 27.51 रुपये प्रति लीटर है, कुवैत में 35.70 रुपये, इजिप्ट में 38.35 रुपये प्रति लीटर है और अंगोला में 44 रुपये लीटर. कतर में एक लीटर डीजल की कीमत 54 रुपये है और सऊदी अरब में 44 रुपये.
डीजल की कीमतों के मामले में भी हांगकांग दुनिया में सबसे आगे है, जहां एक लीटर डीजल की कीमत 420 है. इसके बाद मलावी (348), सिंगापुर (261.84) और डेनमार्क (258.36) का स्थान है. वहीं, स्विट्जरलैंड (237.34), फिनलैंड (237), इजरायल (235) और नीदरलैंड (229) में भी डीजल की कीमतें काफी ऊंची हैं.
Chaayos समेत 41 रेस्टोरेंट्स को भरना पड़ा 50 हजार जुर्माना, जानें आपसे कोई सर्विस चार्ज लें तो कहां करें शिकायत? ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 20 Jul 2026 22:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>पानी, से, भी, सस्ता, पेट्रोल, दुनिया, के, सबसे, सस्ते, तेल, वाले, देशों, की, लिस्ट, आई, सामने, पहले, नंबर, पर, कौन</media:keywords>
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        <title>अपने Youtube चैनल से कितना पैसा कमाते हैं सोनम वांगचुक? क्या इस कमाई से सरकार को देते हैं टैक्स?</title>
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        <description><![CDATA[ Sonam Wangchuk YouTube Income: पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक एक बार फिर सुर्खियों में हैं. हाल ही में उनकी भूख हड़ताल और स्वास्थ्य को लेकर खबरें सामने आने के बाद लोग उनकी निजी जिंदगी और कमाई के स्त्रोतों के बारे में भी जानना चाहते हैं. खासकर लोग यह जानना चाहते हैं कि वह अपने YouTube चैनल से कितनी कमाई करते हैं और क्या वह इस कमाई पर टैक्स भी देते है.&amp;nbsp;
कितना पैसा कमाते हैं सोनम वांगचुक?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोनम वांगचुक का वांगचुक वर्ल्ड (Wangchuk World) नाम से एक YouTube चैनल है, जहां लाखों सब्सक्राइबर हैं. बताया जा रहा है कि इस चैनल से उन्हें हर महीने करीब 3 लाख से 7 लाख रुपये तक की कमाई हो सकती है. इसके अलावा सोनम वांगचुक की कमाई का जरिए कई तरह से होता है. YouTube चैनल के अलावा उन्हें देश-विदेश में आयोजित लेक्चर, कॉन्फ्रेंस और मोटिवेशनल स्पीकिंग से भी पैसे आते हैं. साथ ही उनकी नेटवर्थ करीब 75 लाख रुपये बताई जाती है.
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क्या YouTube की कमाई पर टैक्स लगता है?
भारत में YouTube, AdSense, स्पॉन्सरशिप, एफिलिएट मार्केटिंग और डिजिटल प्लेटफॉर्म से होने वाली कमाई पूरी तरह टैक्स के दायरे में आती है. जिसे आमतौर पर बिजनेस या प्रोफेशन से होने वाली आय कहा जाता है. ऐसे में कमाई से जुड़े खर्च घटाने के बाद बची हुई आय पर लागू टैक्स स्लैब के मुताबिक टैक्स देना होता है. वहीं अगर आपकी तय सीमा से ज्यादा कारोबार होने पर GST से जुड़े नियम भी लागू हो सकते हैं.
क्या सोनम वांगचुक सरकार को टैक्स देते हैं?
सार्वजनिक बयानों में सोनम वांगचुक ने खुद कई बार यह कह चुके हैं कि वे अपनी कमाई पर नियमित रूप से टैक्स का पेमेंट करते हैं. हालांकि लद्दाख के कुछ इलाकों के निवासियों को इनकम टैक्स के तहत विशेष छूट मिल सकती है. लेकिन सोनम वांगचुक ने इसे अपना नैतिक दायित्व बताते हुए कहा है कि वे अपनी कमाई के मुताबिक सरकार को पूरा टैक्स देते हैं.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Mon, 20 Jul 2026 06:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Plastic Bank Notes: क्या प्लास्टिक के नोट फोल्ड हो सकेंगे, इन्हें गिनने वाली मशीनें बदलनी पड़ेंगी?</title>
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        <description><![CDATA[ RBI Polymer Notes: अगर भारतीय रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की योजना सफल रही, तो आने वाले समय में आपको देश में कागजी नोटों की जगह पॉलीमर यानी प्लास्टिक करेंसी नोट को देखनी का मौका मिलेगा. RBI के मुताबिक शुरुआत में 10 और 20 के पॉलीमर नोटों का पायलट प्रोजेक्ट चलाया जा सकता है. यह नोट मौजूदा नोटों के मुकाबले में काफी बेहतर, मजबूत और लंबे समय तक इस्तेमाल किए जा सकते हैं. ऐसे में लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या ए नोट आसानी से फोल्ड किए जा सकते हैं.&amp;nbsp;
क्या प्लास्टिक के नोट फोल्ड किए जा सकेंगे?
पॉलीमर नोट आपको देखने में भले ही प्लास्टिक की तरह लगें, लेकिन यह आपको डेबिट या क्रेडिट कार्ड की तरह सख्त नहीं लगेंगे. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पूरी तरह लचीली और काफी पतले होते हैं. इसे आप मौजूदा कागजी नोटों की तरह आसानी से मोड़कर जेब या वॉलेट में रख सकते हैं. लेकिन यह कागजी नोटों से इसलिए अलग है क्योंकि इसे फोल्ड करने पर स्थायी क्रीज़ नहीं पड़ती और ये दोबारा अपने पुराने शेप में आने की कोशिश करते हैं.
अपने Youtube चैनल से कितना पैसा कमाते हैं सोनम वांगचुक? क्या इस कमाई से सरकार को देते हैं टैक्स?
क्या बदलनी पड़ेंगी नोट गिनने वाली मशीनें?
पॉलीमर नोटों की बनावट और मोटाई मौजूदा कागजी नोटों के मुकाबले काफी अलग होती है. ऐसे में मौजूदा नोट गिनने वाली मशीनों, कैश हैंडलिंग और ATM को इन नए नोटों की पहचानने और गिनने के लिए के लिए अपग्रेड करना पड़ सकता है. हालांकि जरूरत पड़ने पर कैश हैंडलिंग सिस्टम में भी तकनीकी बदलाव किए जा सकते हैं, ताकि लोग इन नए नोटों का इस्तेमाल बिना किसी परेशानी के आराम से कर सकें.&amp;nbsp;
पॉलीमर नोटों की क्या हैं खासियतें?

कागजी नोटों की तुलना में कई गुना अधिक टिकाऊ होते हैं.
इन पर गंदगी और बैक्टीरिया कम जमा होते हैं.
पानी, नमी और फटने से बेहतर सुरक्षा मिलती है.
एटीएम मशीनों को भी इन नोटों के अनुसार तैयार किया जाएगा.
पारदर्शी विंडो और आधुनिक सिक्योरिटी फीचर्स के कारण नकली नोट बनाना मुश्किल होता है.

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        <pubDate>Mon, 20 Jul 2026 06:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Plastic, Bank, Notes:, क्या, प्लास्टिक, के, नोट, फोल्ड, हो, सकेंगे, इन्हें, गिनने, वाली, मशीनें, बदलनी, पड़ेंगी</media:keywords>
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        <title>LPG Cylinder Price Today: आज गैस सिलेंडर खरीदना पड़ेगा महंगा या मिलेगा राहत? जानिए 19 जुलाई का ताजा एलपीजी रेट</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/lpg-cylinder-price-today-आज-गैस-सिलेंडर-खरीदना-पड़ेगा-महंगा-या-मिलेगा-राहत-जानिए-19-जुलाई-का-ताजा-एलपीजी-रेट</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/lpg-cylinder-price-today-आज-गैस-सिलेंडर-खरीदना-पड़ेगा-महंगा-या-मिलेगा-राहत-जानिए-19-जुलाई-का-ताजा-एलपीजी-रेट</guid>
        <description><![CDATA[ LPG Cylinder Price Today 19 July 2026: अगर आप नया LPG गैस सिलेंडर बुक कराने की सोच रहे हैं, तो पहले आज के ताजा रेट जरूर जान लें. सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने 19 जुलाई 2026 के लिए घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतें जारी कर दी हैं. इस महीने की शुरुआत में घरेलू गैस सिलेंडर के दाम में बढ़ोतरी की गई थी, जबकि 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में कटौती की गई थी. आज इन दरों में कोई नया बदलाव नहीं किया गया है और ग्राहक मौजूदा कीमतों पर ही सिलेंडर खरीद सकेंगे.
घरेलू गैस सिलेंडर के दाम-&amp;nbsp;

दिल्ली- 942.0 रुपये
मुंबई- 941.5 रुपये
कोलकाता- 968.0 रुपये
चेन्नई- 957.5 रुपये
चंडीगढ़- 951.5 रुपये
देहरादून- 961.0 रुपये&amp;nbsp;
हैदराबाद- 934.0 रुपये
भुवनेश्वर- 968.0 रुपये
तिरुवनंतपुरम- 951.0 रुपये

19 जुलाई को जारी हुए पेट्रोल-डीजल के नए रेट, जानें आपके शहर में कितना है भाव
कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम-&amp;nbsp;

दिल्ली- 2930.0 रुपये
मुंबई- 2885.5 रुपये
कोलकाता- 3082.0 रुपये
चेन्नई- 3106.0 रुपये
चंडीगढ़- 2954.5 रुपये&amp;nbsp;
देहरादून- 2983.5 रुपये
हैदराबाद- 2052.5 रुपये
भुवनेश्वर- 3115.0 रुपये
तिरुवनंतपुरम- 2970.5 रुपये

घर बैठे कैसे चेक करें रेट?
अगर आप अपने शहर के ताजा एलपीजी रेट जानना चाहते हैं, तो इंडेन, भारत गैस और HP Gas की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर जाकर आसानी से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं. वहां शहरवार घरेलू और कमर्शियल दोनों सिलेंडरों की कीमतें रहती हैं.&amp;nbsp;
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गैस सिलेंडर लेते समय किन बातों का रखें ध्यान?
एलपीजी गैस सिलेंडर लेते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए. सबसे पहले सिलेंडर की सेफ्टी सील सही है या नहीं, यह जरूर जांचें. सिलेंडर से गैस की लीकेज आने पर उसे स्वीकार न करें. सिलेंडर पर लिखी एक्सपायरी डेट भी देख लें और डिलीवरी के समय संभव हो तो उसका वजन भी चेक करें. रेगुलेटर सही तरीके से फिट हो रहा है या नहीं, इसकी पुष्टि करें और भुगतान के बाद बिल या कैश मेमो जरूर लें. साथ ही, सिलेंडर को हमेशा सीधी और हवादार जगह पर रखें तथा आग या तेज धूप से दूर रखें, ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके. ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 19 Jul 2026 18:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>LPG, Cylinder, Price, Today:, आज, गैस, सिलेंडर, खरीदना, पड़ेगा, महंगा, या, मिलेगा, राहत, जानिए, जुलाई, का, ताजा, एलपीजी, रेट</media:keywords>
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        <title>Gold&amp; Silver Price Today: आज रविवार को महंगा हुआ सोना, जानें चांदी के क्या हैं हालात, यहां है शहरवार रेट लिस्ट</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/gold-silver-price-today-आज-रविवार-को-महंगा-हुआ-सोना-जानें-चांदी-के-क्या-हैं-हालात-यहां-है-शहरवार-रेट-लिस्ट</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/gold-silver-price-today-आज-रविवार-को-महंगा-हुआ-सोना-जानें-चांदी-के-क्या-हैं-हालात-यहां-है-शहरवार-रेट-लिस्ट</guid>
        <description><![CDATA[ Gold- Silver Price Today 19 July 2026: अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो पहले ताजा रेट जरूर जान लें. 19 जुलाई 2026 को सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में कल के मुकाबले हल्की तेजी दर्ज की गई है, जबकि चांदी के दाम लगभग स्थिर बने हुए हैं. ऐसे में निवेश या ज्वेलरी खरीदने से पहले अपने शहर के लेटेस्ट रेट और कीमतों में हुए बदलाव की जानकारी लेना आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है. यहां से आप सोना और चांदी का भाव देख सकते हैं.&amp;nbsp;
आज क्या है सोने का भाव?

24 कैरेट सोना- करीब 1,43,440 रुपए प्रति 10 ग्राम
22 कैरेट सोना- करीब 1,31,450 रुपए प्रति 10 ग्राम
18 कैरेट सोना- करीब 1,07,620 रुपए प्रति 10 ग्राम

आज गैस सिलेंडर खरीदना पड़ेगा महंगा या मिलेगा राहत? जानिए 19 जुलाई का ताजा एलपीजी रेट
आज चांदी कितने की मिल रही है?आज 999 प्योरिटी वाली चांदी का भाव लगभग 1,68,000 रुपए प्रति किलोग्राम के आसपास बना हुआ है. हालांकि, अलग-अलग शहरों और स्थानीय टैक्स के कारण इसमें थोड़ा अंतर देखने को मिल सकता है.&amp;nbsp;
कल के मुकाबले आज क्या बदला?
आज 19 जुलाई को जारी रेट के अनुसार सोने की कीमत में मामूली बढ़त देखने को मिली है. 24 कैरेट सोना करीब 200 रुपए प्रति 10 ग्राम महंगा होकर लगभग 1,43,440 रुपए पर पहुंच गया, जबकि 22 कैरेट सोना भी करीब 200 रुपए चढ़कर 1,31,450 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया. वहीं, चांदी की कीमत में आज कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ और ये लगभग 1,68,000 रुपए प्रति किलोग्राम के आसपास स्थिर बनी हुई है. सर्राफा बाजार के जानकारों का कहना है कि वैश्विक बाजार में सोने की मांग और डॉलर में उतार-चढ़ाव के कारण कीमतों में हल्की तेजी देखने को मिल रही है.&amp;nbsp;
19 जुलाई को जारी हुए पेट्रोल-डीजल के नए रेट, जानें आपके शहर में कितना है भाव
सोना खरीदते समय रखें इन बातों का ध्यानसोना हमेशा BIS हॉलमार्क वाला ही खरीदें और खरीदारी के बाद पक्का बिल जरूर लें. हमेशा 22 कैरेट और 24 कैरेट के रेट की तुलना करें. मेकिंग चार्ज और GST की जानकारी पहले ही ले लें और निवेश के लिए गोल्ड ETF या डिजिटल गोल्ड जैसे ऑप्शन के बारे में बता करें.&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 19 Jul 2026 18:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Gold-, Silver, Price, Today:, आज, रविवार, को, महंगा, हुआ, सोना, जानें, चांदी, के, क्या, हैं, हालात, यहां, है, शहरवार, रेट, लिस्ट</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>Bank Holiday Calender: 20 से 26 जुलाई के बीच कब&amp; कब बंद रहेंगे बैंक? जानें क्या आपके शहर में भी है सरकारी छुट्टी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/bank-holiday-calender-20-से-26-जुलाई-के-बीच-कब-कब-बंद-रहेंगे-बैंक-जानें-क्या-आपके-शहर-में-भी-है-सरकारी-छुट्टी</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/bank-holiday-calender-20-से-26-जुलाई-के-बीच-कब-कब-बंद-रहेंगे-बैंक-जानें-क्या-आपके-शहर-में-भी-है-सरकारी-छुट्टी</guid>
        <description><![CDATA[ Bank Holiday July 2026: अगर आपको अगले सप्ताह बैंक से जुड़ा कोई भी जरूरी काम निपटाना है तो पहले बैंक हॉलिडे कैलेंडर जरूर देख लें. भारतीय रिजर्व बैंक की छुट्टियों की लिस्ट के अनुसार, 20 जुलाई से 26 जुलाई 2026 के बीच देश के अलग-अलग राज्यों में त्योहारों और साप्ताहिक अवकाश छुट्टी के चलते कई दिन बैंक बंद रहेंगे. हालांकि, सभी राज्यों में एक साथ छुट्टी नहीं होगी. यहां से आप छुट्टियों के बारे में डिटेल में जान सकते हैं.&amp;nbsp;
20 से 26 जुलाई के बीच कब-कब बंद रहेंगे बैंक?

20 जुलाई (सोमवार)- इस दिन ज्यादातर राज्यों में बैंक खुले रहेंगे. बैंक की छुट्टी नहीं है.&amp;nbsp;
21 जुलाई (मंगलवार)- कुछ राज्यों में स्थानीय पर्व के चलते बैंक की छुट्टी हो सकती है. वैसे बैंक बंद नहीं रहने वाला है.&amp;nbsp;
22 जुलाई (बुधवार)- खारची पूजा के अवसर पर अगरतला (त्रिपुरा) में बैंक बंद रहेगा.
23 जुलाई (गुरुवार)- गुरुवार के दिन बैंक खुले रहेंगे.
24 जुलाई (शुक्रवार)- स्थानीय त्योहारों वाले कुछ राज्यों में बैंक बंद रह सकते हैं.
25 जुलाई (शनिवार)- ये महीने का चौथा शनिवार है और आरबीाई के नियमों के अनुसार पूरे देश में बैंक बंद रहेंगे.
26 जुलाई (रविवार)- 26 को रविवार है और इसी कारण देशभर में सभी बैंक शाखाएं बंद रहेंगी.

आज रविवार को महंगा हुआ सोना, जानें चांदी के क्या हैं हालात, यहां है शहरवार रेट लिस्ट
क्यों अलग-अलग राज्यों में अलग होती हैं बैंक की छुट्टियां?RBI हर साल बैंक हॉलिडे कैलेंडर जारी करता है. इसमें राष्ट्रीय अवकाश, धार्मिक त्योहार, क्षेत्रीय पर्व और राज्य सरकारों द्वारा घोषित छुट्टियां शामिल होती हैं. इसलिए किसी राज्य में बैंक बंद हो सकते हैं, जबकि दूसरे राज्य में बैंक सामान्य रूप से खुले रहते हैं.
क्या ऑनलाइन बैंकिंग सेवाएं रहेंगी चालू?बैंक शाखाएं बंद रहने के बावजूद UPI, इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और ATM सेवाएं सामान्य रूप से चलेंगी. ग्राहक ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर, बिल भुगतान और अन्य डिजिटल बैंकिंग सेवाओं का इस्तेमाल कर सकेंगे.
आज गैस सिलेंडर खरीदना पड़ेगा महंगा या मिलेगा राहत? जानिए 19 जुलाई का ताजा एलपीजी रेट
बैंक जाने से पहले जरूर करें यह कामअगर आपको चेक जमा करना, ड्राफ्ट बनवाना, कैश जमा या निकासी जैसे काम करने हैं, तो बैंक जाने से पहले अपने शहर की बैंक हॉलिडे लिस्ट जरूर जांच लें. इससे आपको बेमतलब परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा. ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 19 Jul 2026 18:30:10 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>Bank, Holiday, Calender:, से, जुलाई, के, बीच, कब-, कब, बंद, रहेंगे, बैंक, जानें, क्या, आपके, शहर, में, भी, है, सरकारी, छुट्टी</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>इस महिला ने लिया 1 लाख का लोन, अब हर साल कमा रही 8 लाख, गांव की औरत कैसे बनीं बिजनेस वुमन?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/इस-महिला-ने-लिया-1-लाख-का-लोन-अब-हर-साल-कमा-रही-8-लाख-गांव-की-औरत-कैसे-बनीं-बिजनेस-वुमन</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/इस-महिला-ने-लिया-1-लाख-का-लोन-अब-हर-साल-कमा-रही-8-लाख-गांव-की-औरत-कैसे-बनीं-बिजनेस-वुमन</guid>
        <description><![CDATA[ Lakhpati Didi: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के लडुवा गांव की रहने वाली दिलमती ने मेहनत के दम पर अपनी पूरी जिंदगी बदल दी. कभी पारंपरिक खेती से गुजारा करने वाला उनका परिवार आज सूअर पालन के सफल कारोबार से हर साल करीब 7 से 8 लाख रुपये की कमाई कर रहा है. दिलमती की यह सफलता सिर्फ उनके परिवार तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि अब आसपास के गावों की महिलाओं के लिए भी एक मिसाल बन चुकी है. यही वजह है कि आज उन्हें इलाके की सफल &#039;लखपति दीदी&#039; के नाम से जाना जाता है.
कैसे शुरू हुआ कारोबार?
दिलमती &#039;मां दुर्गा महिला स्वयं सहायता समूह&#039; (SHG) से जुड़ी हुई हैं. पहले उनका परिवार सिर्फ खेती पर निर्भर था, जिसके उनके घर का खर्च चलना काफी मुश्किल हो गया था. स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ने के बाद दिलमती ने 1 लाख रुपये का लोन लिया और झारखंड से 10 सूअर खरीदकर एक छोटा कारोबार शुरू कर दिया.&amp;nbsp;
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आज कैसे हो रही है लाखों की कमाई?
शुरुआत में उनका यह कारोबार काफी छोटा था, लेकिन धीरे-धीरे यह कारोबार उन्हें काफी अच्छा मुनाफा देने लगा. आज उनके पास कई मादा सूअर हैं. हर मादा सूअर एक बार में 9 से 10 बच्चों को जन्म देती है और हर बच्चों की कीमत करीब 5,000 रुपये तक मिल जाती है.
सूअर पालन से होने वाली कमाई को दिलमती ने फिर से कारोबार और खेती में निवेश किया. उन्होंने पशुओं के लिए बेहतर शेड बनवाया, कृषि उपकरण खरीदे, ड्रिप सिंचाई अपनाई और जैविक सब्जियों की खेती भी शुरू की जिससे उनकी आय के कई स्रोत तैयार हो गए. इस कारोबार के बदौलत आज हर साल उनकी कमाई करीब 7-8 लाख रुपये तक है.&amp;nbsp;
दूसरी महिलाओं के लिए बनीं मिसाल
दिलमती की इस सफलता को देखते हुए उनके गांव के करीब 10 से 15 परिवारों ने भी सूअर पालन का व्यवसाय शुरू किया है. इसके साथ ही वह अब अन्य महिलाओं को स्वयं सहायता समूह से जुडने, नियमित बचत करने और स्वरोजगार के लिए लोन का सही इस्तेमाल की सलाह दे रही है.
Bank Holiday Calender: 20 से 26 जुलाई के बीच कब- कब बंद रहेंगे बैंक? जानें क्या आपके शहर में भी है सरकारी छुट्टी
 ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 19 Jul 2026 18:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>इस, महिला, ने, लिया, लाख, का, लोन, अब, हर, साल, कमा, रही, लाख, गांव, की, औरत, कैसे, बनीं, बिजनेस, वुमन</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>Sonam Wangchuk: अनशन करने वाले सोनम वांगचुक पैसा कैसे कमाते हैं, अब कितनी है उनकी नेटवर्थ?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/sonam-wangchuk-अनशन-करने-वाले-सोनम-वांगचुक-पैसा-कैसे-कमाते-हैं-अब-कितनी-है-उनकी-नेटवर्थ</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/sonam-wangchuk-अनशन-करने-वाले-सोनम-वांगचुक-पैसा-कैसे-कमाते-हैं-अब-कितनी-है-उनकी-नेटवर्थ</guid>
        <description><![CDATA[ Sonam Wangchuk Net Worth: पर्यावरण कार्यकर्ता, इंजीनियर और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक इन दिनों दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे हैं. उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिससे उनका नाम एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है. ऐसे में कई लोग ये जानना चाहते हैं कि आखिर सोनम वांगचुक की कमाई कैसे होती है और उनकी नेटवर्थ कितनी है. आइए यहां से डिटेल में बताते हैं.&amp;nbsp;
कितनी है नेटवर्थ?सोनम वांगचुक ने अपनी व्यक्तिगत संपत्ति या नेटवर्थ का कोई ऑफिशियल खुलासा नहीं किया है. हालांकि, मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उनकी नेटवर्थ करीब 75 लाख रुपये बताई जाती है. कुछ दूसरे रिपोर्ट्स में ये आंकड़ा इससे अधिक भी बताया गया है, लेकिन इसका कोई ऑफिशियल डेटा नहीं है.&amp;nbsp;
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कहां से होती है कमाई?सोनम वांगचुक की इनकम के कई सोर्स हैं. उनका अपना यूट्यूब चैनल वांगचुक वर्ल्ड नाम से है, जहां लाखों सब्सक्राइबर हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस चैनल से ही वो 3 से 7 लाख तक महीने की कमाई करते हैं. इसके अलावा उनको राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लेक्चर, कॉन्फ्रेंस और मोटिवेशनल स्पीकिंग से भी पैसे आते हैं.&amp;nbsp;
मिला है रैमोन मैग्सेसे पुरस्कार&amp;nbsp;लद्दाख के रहने वाले सोनम वांगचुक ने स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख की सह-स्थापना की और बाद में हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स, लद्दाख की स्थापना में भी अहम भूमिका निभाई है. वो आइस स्तूप जैसी पर्यावरणीय तकनीक के लिए दुनियाभर में पहचाने जाते हैं. उन्हें 2018 में रैमोन मैग्सेसे पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है.&amp;nbsp;
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क्यों चर्चा में हैं सोनम वांगचुक?सोनम वांगचुक फिलहाल अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं. उनकी सेहत बिगड़ने के बाद उन्हें दिल्ली के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इस घटना के बाद से ही सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक उनके आंदोलन और मांगों को लेकर चर्चा तेज हो गई है.&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 19 Jul 2026 02:30:14 +0530</pubDate>
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        <title>बच्चों को पैसे की अहमियत कैसे सिखाएं? फाइनेंस एक्सपर्ट ने बताए 5 आसान तरीके, जो जिंदगीभर आएंगे काम</title>
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        <description><![CDATA[ Money Tips for Kids: आज के समय में बच्चों को सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, बल्कि पैसों की सही समझ देना भी उतना ही जरूरी हो गया है.&amp;nbsp; विशेषज्ञों का मानना है कि अगर बचपन में ही अच्छी आर्थिक आदतें विकसित हो जाएं, तो आगे चलकर बच्चे जिम्मेदारी से पैसे खर्च करना और बचत करना सीखते हैं.
HT Lifestyle से बातचीत में फिनटेक कंपनी Finnovate के सह-संस्थापक नेहल मोटा ने बताया कि बच्चों को फाइनेंशियल रूप से समझदार बनाने के लिए बड़े-बड़े निवेश के पाठ पढ़ाने की जरूरत नहीं है. रोजमर्रा की कुछ छोटी आदतें ही उन्हें पैसों की असली कीमत समझा सकती हैं.
तीन हिस्सों में बांटें जेब खर्च
नेहल मोटा के मुताबिक, बच्चों को मिलने वाले पॉकेट मनी को तीन हिस्सों में बांटने की आदत डालनी चाहिए. एक हिस्सा खर्च के लिए, दूसरा बचत के लिए और तीसरा जरूरतमंदों की मदद या दान के लिए. इससे बच्चे शुरू से ही पैसे का सही इस्तेमाल करना सीखते हैं.
Sonam Wangchuk: अनशन करने वाले सोनम वांगचुक पैसा कैसे कमाते हैं, अब कितनी है उनकी नेटवर्थ?
खरीदारी के दौरान सिखाएं सही फैसला लेना
HT Lifestyle के अनुसार, किराने या सुपरमार्केट में खरीदारी के समय बच्चों से पूछें कि कौन-सी चीज जरूरी है और कौन-सी सिर्फ इच्छा उन्हें समझ आएगा कि हर चीज खरीदना जरूरी नहीं होता और हर खर्च सोच-समझकर करना चाहिए.
हर मांग तुरंत पूरी न करें
अगर बच्चा किसी खिलौने या दूसरी चीज की जिद करता है, तो उसे तुरंत खरीदने के बजाय एक दिन इंतजार करने के लिए कहें. विशेषज्ञों का कहना है कि इससे बच्चों में धैर्य बढ़ता है और बिना सोचे-समझे खर्च करने की आदत कम होती है.
कीमतों की तुलना करना सिखाएं
नेहल मोटा की सलाह है कि बच्चों को एक ही सामान की अलग-अलग जगहों पर कीमत देखने की आदत डालें. इससे वे समझ पाएंगे कि खरीदारी करते समय तुलना करना क्यों जरूरी है और कैसे समझदारी से पैसे बचाए जा सकते हैं.
बचत को बनाएं बच्चों के लिए मजेदार
विशेषज्ञों के मुताबिक, बच्चों के लिए पारदर्शी सेविंग जार या किसी लक्ष्य का चार्ट तैयार किया जा सकता है. जब वे अपनी बचत को धीरे-धीरे बढ़ते हुए देखते हैं, तो उनमें नियमित बचत करने की प्रेरणा मिलती है.
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छोटी आदतें, बड़ा असर
HT Lifestyle से बातचीत में नेहल मोटा ने कहा कि आर्थिक समझ&amp;nbsp; एक दिन नहीं बनती. यह रोजमर्रा की छोटी-छोटी आदतों से विकसित होती है. यही आदतें आगे चलकर बच्चों में जिम्मेदारी, आत्मविश्वास और पैसों को लेकर बेहतर फैसले लेने की क्षमता विकसित करती हैं.
वहीं, कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के एक शोध के मुताबिक, बच्चों में पैसों से जुड़ी कई बुनियादी आदतें सात साल की उम्र तक बननी शुरू हो जाती हैं. ऐसे में विशेषज्ञ मानते हैं कि बचपन से दी गई सही सीख भविष्य में मजबूत आर्थिक आधार तैयार कर सकती है.
&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sun, 19 Jul 2026 02:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>बच्चों, को, पैसे, की, अहमियत, कैसे, सिखाएं, फाइनेंस, एक्सपर्ट, ने, बताए, आसान, तरीके, जो, जिंदगीभर, आएंगे, काम</media:keywords>
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        <title>Home Loan Tips: होम लोन लेने से पहले अपना क्रेडिट स्कोर जरूर चेक करें, वरना बढ़ सकता है ब्याज का बोझ</title>
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        <description><![CDATA[ Home Loan Credit Score: अगर आप घर खरीदने के लिए होम लोन लेने की सोच रहे हैं तो सबसे पहले अपना क्रेडिट स्कोर चेक कर लें. बैंक लोन देने से पहले यह जरूर देखते हैं कि आपने पहले लिए गए लोन या क्रेडिट कार्ड का भुगतान समय पर किया है या नहीं. इसी रिकॉर्ड के आधार पर आपका क्रेडिट स्कोर बनता है.
आइए जानते हैं क्या होता है क्रेडिट स्कोर?

क्रेडिट स्कोर एक नंबर होता है, जिससे बैंक यह समझते हैं कि आपने पहले लिया गया लोन या क्रेडिट कार्ड का पैसा समय पर चुकाया है या नहीं.
हालांकि क्रेडिट स्कोर 300 से 900 के बीच होता है. आमतौर पर 750 या उससे ज्यादा का स्कोर अच्छा माना जाता है. ऐसे लोगों को बैंक आसानी से लोन देने के साथ-साथ कम ब्याज दर भी दे सकते हैं.&amp;nbsp;वहीं, अगर स्कोर 700 से कम है, तो लोन मिलने में दिक्कत आ सकती है. कई बार बैंक ज्यादा ब्याज दर पर लोन देते हैं या कुछ शर्तें भी लगा सकते हैं.
ब्याज दर में थोड़ा-सा अंतर भी आपके खर्च को काफी बढ़ा सकता है. मान लीजिए आपने 20 या 25 साल के लिए होम लोन लिया ह. ऐसे में अगर ब्याज दर सिर्फ आधा प्रतिशत भी ज्यादा है, तो आपको लाखों रुपये चुकाने पड़ सकते हैं.
लेकिन सिर्फ अच्छा क्रेडिट स्कोर होने से ही लोन मिल जाए, ऐसा जरूरी नहीं होता है.

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आपकी नौकरी या कारोबार कैसा है?
हर महीने आपकी सैलरी कितनी है, ओर क्या आपकी पहले से कितनी EMI चल रही हैं और जिस घर के लिए लोन लिया जा रहा है, उसके कागज पूरे हैं या नहीं. डाउन पेमेंट भी लोन मंजूर होने में अहम भूमिका निभाती है.
अगर आपका क्रेडिट स्कोर कम है, तो उसे धीरे-धीरे बेहतर बनाया जा सकता है.

&amp;nbsp;इसके लिए सभी EMI और क्रेडिट कार्ड के बिल समय पर भरें.
क्रेडिट कार्ड की पूरी लिमिट इस्तेमाल करने से बचें और कोशिश करें कि उसका इस्तेमाल 30 प्रतिशत से ज्यादा न हो.
इसके अलावा, कम समय में कई जगह लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करने से भी बचना चाहिए.
समय-समय पर अपनी क्रेडिट रिपोर्ट भी चेक करते रहें, ताकि अगर उसमें कोई गलती हो तो उसे ठीक किया जा सके.

Sonam Wangchuk: अनशन करने वाले सोनम वांगचुक पैसा कैसे कमाते हैं, अब कितनी है उनकी नेटवर्थ?
होम लोन लेते समय सिर्फ ब्याज दर पर ही ध्यान न दें.
प्रोसेसिंग फीस, दूसरे चार्ज, समय से पहले लोन चुकाने के नियम और पूरे लोन के दौरान कुल कितना पैसा चुकाना होगा, इन बातों को भी समझना जरूरी है. थोड़ी-सी तैयारी और अच्छा क्रेडिट स्कोर आपको बेहतर शर्तों पर होम लोन दिलाने में मदद कर सकता है.
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        <pubDate>Sun, 19 Jul 2026 02:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Home, Loan, Tips:, होम, लोन, लेने, से, पहले, अपना, क्रेडिट, स्कोर, जरूर, चेक, करें, वरना, बढ़, सकता, है, ब्याज, का, बोझ</media:keywords>
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        <title>30 लाख की सैलरी पर क्या 9 लाख इनकम टैक्स देना पड़ता है? जानिए नए टैक्स रिजीम में कैसे बचेंगे आपके पैसे</title>
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        <description><![CDATA[ Income Tax: अक्सर लोगों को लगता है कि अगर किसी की सालाना सैलरी 30 लाख है, तो उसे सीधे 30% यानी करीब 9 लाख इनकम टैक्स देना होगा. लेकिन नए टैक्स रिजीम में ऐसा नहीं होता. टैक्स पूरी सैलरी पर एक साथ 30% की दर से नहीं लगता, बल्कि अलग-अलग आय वर्ग (स्लैब) के हिसाब से लगाया जाता है.&amp;nbsp; यही वजह है कि वास्तविक टैक्स इससे काफी कम बनता है.
चार्टर्ड अकाउंटेंट संतोष मिश्रा के मुताबिक, सैलरी पाने वाले कर्मचारियों को नए टैक्स रिजीम में 75,000 का स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलता है. यानी अगर किसी की सालाना सैलरी 30 लाख है, तो पहले 75,000 घटाए जाएंगे. इसके बाद टैक्स की गणना 29.25 लाख की टैक्सेबल इनकम पर होगी.&amp;nbsp;
Sonam Wangchuk: अनशन करने वाले सोनम वांगचुक पैसा कैसे कमाते हैं, अब कितनी है उनकी नेटवर्थ?
AY 2026-27 (FY 2025-26) के नए टैक्स रिजीम के स्लैब इस प्रकार हैं...

4 लाख तक &amp;ndash; कोई टैक्स नहीं
4 लाख से 8 लाख &amp;ndash; 5%
8 लाख से 12 लाख &amp;ndash; 10%
12 लाख से 16 लाख &amp;ndash; 15%
16 लाख से 20 लाख &amp;ndash; 20%
20 लाख से 24 लाख &amp;ndash; 25%
24 लाख से ऊपर &amp;ndash; 30%

इसका मतलब यह नहीं है कि 29.25 लाख की पूरी आय पर 30% टैक्स लगेगा. 30% की दर सिर्फ 24 लाख से ऊपर की आय, यानी 5.25 लाख पर लागू होगी. बाकी आय पर संबंधित स्लैब के अनुसार 5% से 25% तक की दर से टैक्स लिया जाएगा.
इस गणना के अनुसार कुल इनकम टैक्स 4,57,500 बनता है. इसमें 4% हेल्थ और एजुकेशन सेस जोड़ने के बाद कुल टैक्स 4,75,800 हो जाता है.
चार्टर्ड अकाउंटेंट अभिनंदन पांडेय के अनुसार, अगर कुल टैक्स को कुल सैलरी से तुलना करें तो प्रभावी (Effective) टैक्स रेट करीब 15.86% बैठता है. यानी 30 लाख की सालाना सैलरी पर 30% नहीं, बल्कि लगभग 15.86% टैक्स देना पड़ता है.
RBI के हेड को गवर्नर ही क्यों कहते हैं, चेयरमैन या कुछ और क्यों नहीं? इनको कितनी मिलती है सैलरी?
विशेषज्ञों का कहना है कि इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि भारत में टैक्स स्लैब सिस्टम लागू है, जिसमें हर स्लैब की टैक्स दर सिर्फ उसी हिस्से की आय पर लागू होती है. इसके अलावा 75,000 का स्टैंडर्ड डिडक्शन भी टैक्सेबल इनकम को कम कर देता है.
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        <pubDate>Sun, 19 Jul 2026 02:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>लाख, की, सैलरी, पर, क्या, लाख, इनकम, टैक्स, देना, पड़ता, है, जानिए, नए, टैक्स, रिजीम, में, कैसे, बचेंगे, आपके, पैसे</media:keywords>
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        <title>सुबह चलिए और रात तक घर वापस, रामनगर&amp;देहरादून एक्सप्रेस के बारे में जानें, कहां&amp;कहां रुकेगी ये ट्रेन, वक्त भी जानें</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/सुबह-चलिए-और-रात-तक-घर-वापस-रामनगर-देहरादून-एक्सप्रेस-के-बारे-में-जानें-कहां-कहां-रुकेगी-ये-ट्रेन-वक्त-भी-जानें</link>
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        <description><![CDATA[ Ramnagar Dehradun Express Train: उत्तराखंड के कुमाऊं और गढ़वाल मंडल के बीच रेल संपर्क को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए रेल मंत्रालय ने रामनगर-देहरादून-रामनगर द्विसाप्ताहिक एक्सप्रेस के संचालन को मंजूरी दे दी है. नई ट्रेन शुरू होने से नैनीताल और ऊधम सिंह नगर जिले का सीधा रेल संपर्क प्रदेश की राजधानी देहरादून से होगा. लंबे समय से इस रेल सेवा की मांग की जा रही थी, जिसे अब मंजूरी मिल गई है.
बताया गया है कि क्षेत्रीय जनता की मांग और राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी के प्रयासों के बाद रेल मंत्रालय ने इस नई एक्सप्रेस ट्रेन के संचालन का निर्णय लिया है. यह रामनगर और देहरादून के बीच चलने वाली पहली एक्सप्रेस ट्रेन होगी.
सप्ताह में दो दिन चलेगी ट्रेन
रेल मंत्रालय के अनुसार 15310/15309 रामनगर-देहरादून-रामनगर एक्सप्रेस का संचालन प्रत्येक बुधवार और शुक्रवार को किया जाएगा. रामनगर से यह ट्रेन सुबह 5:50 बजे रवाना होकर दोपहर 12:40 बजे देहरादून पहुंचेगी. वहीं वापसी में देहरादून से दोपहर 3:55 बजे चलकर रात 11:30 बजे रामनगर पहुंचेगी. इससे यात्रियों को एक ही दिन में देहरादून जाकर अपना काम निपटाकर वापस लौटने की सुविधा मिलेगी.
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इन प्रमुख स्टेशनों पर होगा ठहराव
नई एक्सप्रेस अपने सफर के दौरान...

काशीपुर
रोशनपुर
पीपलसाना
मुरादाबाद
नजीबाबाद
और हरिद्वार रेलवे स्टेशनों पर रुकेगी.

इससे उत्तराखंड के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के कई जिलों के यात्रियों को भी इस सेवा का लाभ मिलेगा.
छात्रों, किसानों और कारोबारियों को राहत
नई रेल सेवा शुरू होने से नैनीताल, ऊधम सिंह नगर, हरिद्वार और देहरादून के अलावा उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद और बिजनौर जिले के यात्रियों को भी बेहतर आवागमन की सुविधा मिलेगी. खासतौर पर छात्रों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं, किसानों, व्यापारियों और नौकरीपेशा लोगों के लिए यह ट्रेन काफी उपयोगी मानी जा रही है. अब रामनगर और आसपास के क्षेत्रों के लोग राजधानी देहरादून जाकर सरकारी, शैक्षणिक और अन्य जरूरी कार्य एक ही दिन में पूरा कर सकेंगे.
पर्यटन और धार्मिक यात्रा को मिलेगा बढ़ावा
नई एक्सप्रेस ट्रेन से उत्तराखंड के पर्यटन क्षेत्र को भी गति मिलने की उम्मीद है. रामनगर स्थित जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान आने वाले पर्यटकों को बेहतर रेल सुविधा मिलेगी. इसके अलावा गिरिजा देवी मंदिर, सीतावनी (सीतामढ़ी) जैसे धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों तक पहुंचना भी आसान होगा. दूसरी ओर देहरादून और हरिद्वार पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को चारधाम यात्रा बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के लिए आगे की यात्रा करने में भी सुविधा मिलेगी.
सिर्फ 55 रुपये में मिल रहा ये वायरल प्रोडक्ट, बिना पानी और बिना धोए मिनटों में साफ होंगे आपके जूते
यात्रियों को मिलेंगी कई श्रेणियों की सुविधाएं
रेल मंत्रालय के अनुसार इस एक्सप्रेस में यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विभिन्न श्रेणियों के कोच लगाए जाएंगे. ट्रेन में एसी सेकेंड, एसी थर्ड, एसी चेयर कार, स्लीपर क्लास, सेकेंड सीटिंग और जनरल कोच उपलब्ध रहेंगे, जिससे हर वर्ग के यात्री अपनी जरूरत और बजट के अनुसार यात्रा कर सकेंगे.
क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही मांग हुई पूरी
रामनगर से देहरादून के बीच सीधी एक्सप्रेस ट्रेन की मांग लंबे समय से उठाई जा रही थी. अभी तक यात्रियों को कई बार ट्रेन बदलनी पड़ती थी या सड़क मार्ग का सहारा लेना पड़ता था. नई रेल सेवा शुरू होने के बाद कुमाऊं और गढ़वाल के बीच रेल संपर्क और मजबूत होगा तथा प्रदेश के सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और पर्यटन गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है.
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        <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 10:30:20 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>सुबह, चलिए, और, रात, तक, घर, वापस, रामनगर-देहरादून, एक्सप्रेस, के, बारे, में, जानें, कहां-कहां, रुकेगी, ये, ट्रेन, वक्त, भी, जानें</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>Samosa vs Burger: भारत के समोसे ने बर्गर को धोया, McDonald से दोगुना है हल्दीराम का मुनाफा, हर स्टोर कमाता है 20 करोड़</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/samosa-vs-burger-भारत-के-समोसे-ने-बर्गर-को-धोया-mcdonald-से-दोगुना-है-हल्दीराम-का-मुनाफा-हर-स्टोर-कमाता-है-20-करोड़</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/samosa-vs-burger-भारत-के-समोसे-ने-बर्गर-को-धोया-mcdonald-से-दोगुना-है-हल्दीराम-का-मुनाफा-हर-स्टोर-कमाता-है-20-करोड़</guid>
        <description><![CDATA[ Samosa vs Burger: हर भारतीय खाने का बहुत शौकीन होता है. चटपटा मसालेदार खाना भारत की एक तरह से पहचान ही है. लेकिन फिर भी भारतीयों का पसंदीदा अक्सर विदेशी खाना ही होता है. पिज्जा, बर्गर, चाइनीज जैसे फूड आइटम्स को लेकर लोगों के बीच काफी क्रेज है. लेकिन फिर भी जब बात देसी खाने की आती है तो उसका कोई जवाब ही नहीं है. तभी तो बाजार में समोसे के सामने बर्गर भी फेल हो गया. आइये बताते हैं कैसे?
बर्गर पर भारी पड़ा समोसादरअसल मशहूर बिजनेसमैन हर्ष गोयनका सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं. वो अक्सर अपने ऑफिशियल X (ट्विटर) अकाउंट के जरिए कई पोस्ट शेयर करते रहते हैं. इसी दौरान उन्होंने एक ट्वीट पर ये दावा किया है कि हल्दीराम का समोसा मैक डोनल्ड के बर्गर पर भारी पड़ गया है. इस पोस्ट को शेयर करते हुए उन्होंने कैप्शन में लिखा, &#039;भारत वर्सेज अमेरिका- किसका खाना भारत में जीता?&#039; यहां देखें पोस्ट:

Indian vs American- whose food wins in India ? pic.twitter.com/1Xh3b9PaEB
&amp;mdash; Harsh Goenka (@hvgoenka) July 17, 2026



ये भी पढ़ें: RBI Rule: अब अपनी ही संपत्ति दोबारा नहीं खरीद पाएंगे बैंक के कर्जदार, आरबीआई ने सख्त किया नियम
हल्दीराम की कमाईउन्होंने जो पोस्ट शेयर किया है उसमें हल्दीराम और मैकडोनल्ड्स के भारतीय स्टोर्स और कमाई की डीटेल है. जिसमें लिखा है कि हल्दीरा के भारत में 400 से भी ज्यादा स्टोर्स हैं. इसका रेवेन्यू 8000 करोड़ रुपये है, जिनसे 800 करोड़ रुपये का मुनाफा होता है. हर स्टोर से 20 करोड़ रुपये तक की कमाई होती है.
मैक डोनल्ड्स की कामईतो वहीं मैक डोनल्ड्स के भारत में 550 स्टोर्स है. जिसका रेवेन्यू भारत में 4500 करोड़ रुपये जनरेट होता है. इस स्टोर्स से 180 करोड़ रुपये का प्रॉफिट होता है. मैक डी के एक स्टोर से भारत में 8.2 करोड़ रुपुये का मुनाफा होता है.
ये आंकड़े बताते हैं कि वाकई में हल्दीराम का समोसा मैक डी के बर्गर के सामने राजा की तरह है. भीरतीय खाने की बात आती है तो हर भारतीय अपने देश को ही तवज्जो देता है. हालांकि ये दावा हम नहीं कर रहे हैं ये दावा हर्ष गोयनका की वायरल हो रही पोस्ट में किया जा रहा है.
ये भी पढ़ें: 8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग पर मंडराए संकट के बादल, इस नए सरकारी फैसले से कर्मचारियों और पेंशनर्स में मची खलबली
 ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 10:30:19 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Samosa, Burger:, भारत, के, समोसे, ने, बर्गर, को, धोया, McDonald, से, दोगुना, है, हल्दीराम, का, मुनाफा, हर, स्टोर, कमाता, है, करोड़</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>RBI News: रुक गई है पेमेंट तो 7500 में मिलेगा 1 लाख रुपए का रिफंड, RBI लाया नया नियम? सरकार ने क्या कहा</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/rbi-news-रुक-गई-है-पेमेंट-तो-7500-में-मिलेगा-1-लाख-रुपए-का-रिफंड-rbi-लाया-नया-नियम-सरकार-ने-क्या-कहा</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/rbi-news-रुक-गई-है-पेमेंट-तो-7500-में-मिलेगा-1-लाख-रुपए-का-रिफंड-rbi-लाया-नया-नियम-सरकार-ने-क्या-कहा</guid>
        <description><![CDATA[ RBI News: RBI पिछले कई दिनों से अपने नियमों में कई बदलाव कर रहा है. इसी बीच एक खबर सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है जिसमें दावा किया जा रहा है कि अपनी रुकी हुई रकम को रिफंड करने के लिए रिजर्व बैंक कुछ रुपये की डिमांड कर रहा है. क्या वाकई में ऐसा कुछ है? आइये जानते हैं.
क्या है पूरी खबर?दरअसल सोशल मीडिया पर RBI का एक लेटर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें लिखा है कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया आपकी 1 लाख रुपये की राशि जारी करने के लिए पहले 7,500 रुपये टैक्स के रूप में जमा करवा रहा है. इस खबर को पढ़कर हर कोई हैरान रह गया है. कई लोगों के पास ऐसे मैसेज और ईमेल लेटर के साथ पहुंच रहे हैं.
ये भी पढ़ें: Samosa vs Burger: भारत के समोसे ने बर्गर को धोया, McDonald से दोगुना है हल्दीराम का मुनाफा, हर स्टोर कमाता है 20 करोड़
क्या खबर की सच्चाई?अब इस वायरल हो रही खबर की सच्चाई को पीआईबी फैक्ट चेक ने उजागर किया है. PIB ने अपने ऑफिशियल X (ट्विटर) अकाउंट के जरिए इस लेटर का स्क्रीनशॉट शेयर किया है. इसके साथ साफ शब्दों में FAKE लिखा गया है. इसका मतलब है कि ये खबर पूरी तरह से निराधार है. इस पोस्ट के साथ कैप्शन में लिखा गया है, &#039;इंटरनेट पर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के नाम से एक लेयर वायरल हो रहा है. इसमें दावा किया गया है कि 1,00,000 की रुकी हुई रकम पाने के लिए 7,500 रुपये का रिफंडेबल टैक्स देना होगा.

⚠️Scam Alert!???? A letter doing rounds on the internet reportedly issued by the Reserve Bank of India (RBI) claims that the recipient must pay a refundable tax amount of ₹7,500 to facilitate the release of a pending amount of ₹1,00,000. #PIBFactCheck: ❌ This letter is&amp;hellip; pic.twitter.com/qKfnpQz36Q
&amp;mdash; PIB Fact Check (@PIBFactCheck) July 17, 2026



आगे लिखा गया है, &#039;पीआईबी फैक्ट चेक के मुताबिक ये लेटर फर्जी है. RBI कभी भी आम जनता से पैसे या किसी भी तरह की निजी जानकारी मांगने के लिए बिना मांगे फोन कॉल या ईमेल के ज़रिए संपर्क नहीं करता है. अगर आप ऐसे स्कैम का शिकार हुए हैं, तो स्थानीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों (पुलिस) के पास अपनी शिकायत दर्ज कराएं.
ये भी पढ़ें: RBI Rule: अब अपनी ही संपत्ति दोबारा नहीं खरीद पाएंगे बैंक के कर्जदार, आरबीआई ने सख्त किया नियम
ऑथेंटिक सोर्स पर ही करें भरोसाइसके अलावा एजेंसी ने ये भी कहा है कि केंद्र सरकार से जुड़ी किसी भी संदिग्ध जानकारी की रिपोर्ट PIB फैक्ट चेक को करें और हम आपको इसके पीछे का सच बताएंगे. इसके साथ ही पीआईबी का कॉन्टेक्ट नंबर और ईमेल भी दिया गया है.
बता दें कि पीआईबी एक सरकारी एजेंसी है, जो सरकार से संबंधित हर फर्जी खबर का फैक्ट चेक कर सच्चाई जनता के सामने लाती है. ऐसे में यदि किसी भी खबर को लेकर संदेह की स्थिति हो तो पीआईबी से कॉन्टेक्ट किया जा सकता है. ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 10:30:18 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>RBI, News:, रुक, गई, है, पेमेंट, तो, 7500, में, मिलेगा, लाख, रुपए, का, रिफंड, RBI, लाया, नया, नियम, सरकार, ने, क्या, कहा</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>Petrol&amp; Diesel Price Today: 18 जुलाई को कितना महंगा हुआ पेट्रोल&amp; डीजल, जानें आपके शहर का ताजा रेट</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/petrol-diesel-price-today-18-जुलाई-को-कितना-महंगा-हुआ-पेट्रोल-डीजल-जानें-आपके-शहर-का-ताजा-रेट</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/petrol-diesel-price-today-18-जुलाई-को-कितना-महंगा-हुआ-पेट्रोल-डीजल-जानें-आपके-शहर-का-ताजा-रेट</guid>
        <description><![CDATA[ Petrol- Diesel Price Today 18 july 2026: देशभर के गाड़ी चलाने वालों के लिए राहत की खबर है. 18 जुलाई 2026 को भी पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने लगातार एक और दिन ईंधन के दाम स्थिर रखे हैं. ऐसे में उपभोक्ताओं को फिलहाल बढ़ती महंगाई के बीच राहत मिली हुई है. हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है, लेकिन इसका असर अभी घरेलू खुदरा कीमतों पर देखने को नहीं मिला है. हर दिन सुबह 6 बजे नए रेट जारी किए जाते हैं, लेकिन आज भी कीमतें पहले जैसी ही बनी हुई हैं.
शहर अनुसार, पेट्रोल- डीजल के दाम-&amp;nbsp;



शहर&amp;nbsp;
पेट्रोल की कीमत (प्रति लीटर)
डीजल की कीमत (प्रति लीटर)


दिल्ली&amp;nbsp;
&amp;nbsp;102.12 रुपये
95.20 रुपये


मुंबई&amp;nbsp;
111.21 रुपये
97.83 रुपये


कोलकाता
113.51 रुपये
99.82 रुपये


बेंगलुरु
110.93 रुपये
98.80 रुपये


चेन्नई&amp;nbsp;
107.77 रुपये
&amp;nbsp;99.55 रुपये


पटना&amp;nbsp;
113.35 रुपये
&amp;nbsp;99.36 रुपये


चंडीगढ़&amp;nbsp;
101.51 रुपये
89.47 रुपये


हैदराबाद
115.69 रुपये&amp;nbsp;
103.82 रुपये


भुवनेश्वर
108.97 रुपये
100.68 रुपये



रुक गई है पेमेंट तो 7500 में मिलेगा 1 लाख रुपए का रिफंड, RBI लाया नया नियम? सरकार ने क्या कहा
आज क्यों नहीं बदले दाम?
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें कई चीजों पर निर्भर करती हैं. इनमें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति, फ्रेट कॉस्ट और केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले टैक्स शामिल हैं. हाल के दिनों में वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में हलचल जरूर देखने को मिली है, लेकिन तेल कंपनियों ने फिलहाल खुदरा कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है.&amp;nbsp;
सुबह 6 बजे अपडेट होंगे दाम
सरकारी तेल कंपनियां हर दिन सुबह 6 बजे पेट्रोल और डीजल के नए रेट जारी करती हैं. अगर किसी दिन कीमतों में बदलाव होता है, तो नई दरें उसी समय से लागू हो जाती हैं.
भारत के समोसे ने बर्गर को धोया, McDonald से दोगुना है हल्दीराम का मुनाफा, हर स्टोर कमाता है 20 करोड़
आने वाले दिनों में क्या होगा?
अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी तेजी या गिरावट आती है और रुपये की दर में भी बदलाव होता है तो आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव हो सकता है. ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 10:30:16 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Petrol-, Diesel, Price, Today:, जुलाई, को, कितना, महंगा, हुआ, पेट्रोल-, डीजल, जानें, आपके, शहर, का, ताजा, रेट</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>LPG Rate Today: आज कितने का मिलेगा 14 और 19 किलो वाला गैस सिलेंडर, जानें आपके शहर में एलपीजी का क्या है रेट</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/lpg-rate-today-आज-कितने-का-मिलेगा-14-और-19-किलो-वाला-गैस-सिलेंडर-जानें-आपके-शहर-में-एलपीजी-का-क्या-है-रेट</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/lpg-rate-today-आज-कितने-का-मिलेगा-14-और-19-किलो-वाला-गैस-सिलेंडर-जानें-आपके-शहर-में-एलपीजी-का-क्या-है-रेट</guid>
        <description><![CDATA[ LPG Rate Today 18 July 2026: देशभर के करोड़ों एलपीजी ग्राहकों के लिए आज खुशी की खबर है. 18 जुलाई 2026 को घरेलू 14.2 किलोग्राम LPG गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने इस महीने की शुरुआत में जारी की गई दरों को ही बरकरार रखा है. वहीं, 19 किलोग्राम कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में 1 जुलाई को कटौती की गई थी, जिसके बाद फिलहाल उसी दर पर सिलेंडर उपलब्ध हैं.&amp;nbsp;हर महीने की पहली तारीख को तेल कंपनियां LPG सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा करती हैं. ऐसे में फिलहाल घरेलू उपभोक्ताओं को पिछले रेट पर ही सिलेंडर मिल रहा है.
घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम-&amp;nbsp;



शहर&amp;nbsp;
घरेलू सिलेंडर की कीमत
कमर्शियल सिलेंडर की कीमत


दिल्ली
942.0 रुपये
2930.0 रुपये


मुंबई
941.5 रुपये
2885.5 रुपये


कोलकाता
968.0 रुपये
3082.0 रुपये


चेन्नई
957.5 रुपये
3106.0 रुपये


चंडीगढ़
951.5 रुपये
2954.5 रुपये&amp;nbsp;


देहरादून
961.0 रुपये
2983.5 रुपये


हैदराबाद
934.0 रुपये
2052.5 रुपये


भुवनेश्वर&amp;nbsp;
968.0 रुपये
3115.0 रुपये


तिरुवनंतपुरम
&amp;nbsp;951.0 रुपये
2970.5 रुपये



18 जुलाई को कितना महंगा हुआ पेट्रोल- डीजल, जानें आपके शहर का ताजा रेट
घर बैठे चेक करें गैस सिलेंडर के दाम-
उपभोक्ता इंडेन, भारत गैस और HP गैस की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप के जरिए अपने शहर में LPG सिलेंडर की ताजा कीमत देख सकते हैं. इसके अलावा ऑनलाइन गैस बुकिंग और रिफिल की सुविधा भी मिल जाती है.
क्या अगले महीने बदल सकते हैं दाम?
एक्सपर्ट्स की मानें तो अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में LPG और कच्चे तेल की कीमतों में बड़ा बदलाव होता है, तो अगले मासिक संशोधन में घरेलू या कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में बदलाव देखने को मिल सकता है. फिलहाल 18 जुलाई 2026 तक घरेलू LPG सिलेंडर के दाम स्थिर बने हुए हैं, जिससे उपभोक्ताओं को राहत मिली हुई है.
रुक गई है पेमेंट तो 7500 में मिलेगा 1 लाख रुपए का रिफंड, RBI लाया नया नियम? सरकार ने क्या कहा ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 10:30:15 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>LPG, Rate, Today:, आज, कितने, का, मिलेगा, और, किलो, वाला, गैस, सिलेंडर, जानें, आपके, शहर, में, एलपीजी, का, क्या, है, रेट</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>बदले जाएंगे 10 और 20 रुपए के नोट, आरबीआई ने कर दिया बड़ा ऐलान, इनकी जगह क्या आएगा?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/बदले-जाएंगे-10-और-20-रुपए-के-नोट-आरबीआई-ने-कर-दिया-बड़ा-ऐलान-इनकी-जगह-क्या-आएगा</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/बदले-जाएंगे-10-और-20-रुपए-के-नोट-आरबीआई-ने-कर-दिया-बड़ा-ऐलान-इनकी-जगह-क्या-आएगा</guid>
        <description><![CDATA[ 10 and 20 Rupees Plastic Notes: यूपीआई का जमाना है. लोग कैश कम ही अपने पास रखते हैं. वजह वाजिब भी है क्योंकि कागज के नोट जल्दी खराब हो जाते हैं. बड़ी आसानी से फट भी जाते हैं. हालांकि, अब यह समस्या दूर होने वाली है क्योंकि आपकी जेब में रखा नोट आने वाले समय में प्लास्टिक का हो सकता है.
भारतीय रिजर्व बैंक की नोट छापने वाली विंग BRBNMPL ने प्लास्टिक के नोट बनाने के लिए ग्लोबल टेंडर निकाला है. कंपनी ने दुनियाभर की कंपनियों से पॉलिमर शीट बनाने और सप्लाई करने के लिए रुचि की अभिव्यक्ति (EOI) मांगी है यानी पहली बार नोट छापने के लिए जरूरी प्लास्टिक मटेरियल खरीदने की प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर शुरू होती दिख रही है. शुरुआती चरण में 10 और 20 रुपये के नोट पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किए जा सकते हैं.&amp;nbsp;
आखिर प्लास्टिक नोट होते क्या हैं?
प्लास्टिक नोट को पॉलिमर नोट कहा जाता है. ये सामान्य प्लास्टिक नहीं, बल्कि एक खास तरह की मजबूत प्लास्टिक फिल्म पर छपते हैं. इस फिल्म पर सफेद कोटिंग की जाती है ताकि नोट की छपाई हो सके. नोट में एक ट्रांसपरेंट विंडो भी होता है, जो इसकी सबसे बड़ी सुरक्षा पहचान मानी जाती है. इसी वजह से ऐसे नोटों की नकली कॉपी बनाना बेहद मुश्किल होता है.
सबसे पहले कौन से नोट बदल सकते हैं?
एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर पायलट प्रोजेक्ट शुरू होता है, तो 10 और 20 रुपये के नोट सबसे पहले पॉलिमर में आ सकते हैं. वजह साफ है ये सबसे ज्यादा इस्तेमाल होते हैं और सबसे जल्दी खराब भी होते हैं.
RBI Rule: जब्त जमीनों-मकानों पर आरबीआई का हंटर, बैंकों के लिए बनाया नया नियम, आप पर क्या होगा असर?
RBI का यह कदम कितना बड़ा है?
BRBNMPL वही कंपनी है, जो मैसूरु और सालबोनी की प्रेस में भारतीय करेंसी छापती है. जब यही कंपनी पॉलिमर शीट खरीदने के लिए वैश्विक कंपनियों से प्रस्ताव मांग रही है, तो यह सिर्फ एक विचार नहीं बल्कि तैयारी का ठोस संकेत माना जा रहा है. हालांकि अभी इसका मतलब यह नहीं है कि अगले महीने से प्लास्टिक के नोट बाजार में आ जाएंगे. फिलहाल यह प्रक्रिया शुरुआती चरण में है.
5 जून, 2026 को मौद्रिक नीति के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा था कि पॉलिमर नोटों का प्रस्ताव विचाराधीन है. उन्होंने साफ किया था कि अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है और केंद्रीय बैंक इसके फायदे और नुकसान का आकलन कर रहा है.&amp;nbsp;
कहानी कोई नई नहीं

भारत में पॉलिमर नोट का विचार करीब 14 साल पुराना है.&amp;nbsp;
2009 के आसपास पहली बार इस पर चर्चा शुरू हुई
2012 में सरकार ने 10 रुपये के 100 करोड़ पॉलिमर नोटों के फील्ड ट्रायल को मंजूरी दी.
2014 में तय हुआ कि कोच्चि, मैसूरु, जयपुर, शिमला और भुवनेश्वर में अलग-अलग मौसम में इनका परीक्षण होगा.
2016 में सरकार ने बताया कि सामग्री खरीदने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है लेकिन तकनीकी और परिचालन कारणों से यह योजना आगे नहीं बढ़ सकी और प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में चला गया

अब फिर क्यों शुरू हुई तैयारी?
डिजिटल पेमेंट तेजी से बढ़े हैं, लेकिन नकदी की मांग भी लगातार बढ़ रही है. मई 2026 तक देश में चलन में नकदी 42.86 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई. दूसरी ओर हर साल बड़ी संख्या में कटे-फटे और गंदे नोट नष्ट करने पड़ रहे हैं. 2024-25 में करीब 23.8 अरब नोट चलन से हटाए गए. नोट छापने पर भी हर साल हजारों करोड़ रुपये खर्च होते हैं. ऐसे में लंबे समय तक चलने वाले पॉलिमर नोट सरकार और RBI के लिए लागत कम करने का विकल्प बन सकते हैं.
प्लास्टिक नोटों के फायदे

सबसे बड़ा फायदा इनकी लंबी उम्र है.
ये कागज के नोटों की तुलना में ढाई से चार गुना ज्यादा चल सकते हैं.
ये पानी से जल्दी खराब नहीं होते आसानी से फटते नहीं हैं और गंदगी भी कम पकड़ते हैं.
कई शोधों में पाया गया है कि इनकी सतह पर बैक्टीरिया भी कम टिकते हैं. सबसे अहम बात इनकी पारदर्शी विंडो और आधुनिक सुरक्षा फीचर इन्हें नकली बनाना बेहद कठिन बना देते हैं.

लेकिन चुनौतियां भी कम नहीं

पॉलिमर नोट शुरू में महंगे पड़ते हैं क्योंकि इनके लिए खास मटेरियल चाहिए जिसे फिलहाल विदेशों से खरीदना पड़ सकता है.
देशभर के ATM और नोट गिनने वाली मशीनों को भी नए नोटों के हिसाब से अपग्रेड करना पड़ सकता है.
भारत जैसे गर्म देश में अत्यधिक तापमान का असर भी एक चुनौती माना जाता है. इसके अलावा कई देशों में लोगों ने शिकायत की है कि नए पॉलिमर नोट आपस में चिपक जाते हैं और मोड़ने पर उन पर स्थायी सिलवट पड़ जाती है.

दुनिया में कहां-कहां चलते हैं पॉलिमर नोट?
ऑस्ट्रेलिया ने 1988 में सबसे पहले पॉलिमर नोट शुरू किए और बाद में पूरी करेंसी बदल दी गई.
इसके बाद कनाडा, ब्रिटेन, न्यूजीलैंड, सिंगापुर, वियतनाम, मलेशिया, ब्रुनेई समेत 40 से ज्यादा देशों ने इन्हें अपनाया. इन देशों का अनुभव बताता है कि शुरुआत में लागत ज्यादा होती है, लेकिन लंबे समय में नोट ज्यादा टिकाऊ साबित होते हैं.
आगे क्या होगा?
अभी EOI केवल पहला कदम है# इसके बाद टेंडर, तकनीकी जांच, सैंपल टेस्टिंग, सुरक्षा परीक्षण और पायलट प्रिंटिंग जैसी कई प्रक्रियाएं होंगी यानी कागज के नोट अभी खत्म नहीं होने वाले. अगर सब कुछ योजना के मुताबिक आगे बढ़ा तो शुरुआत छोटे मूल्य के नोटों से हो सकती है और कुछ समय तक कागज और पॉलिमर दोनों तरह के नोट साथ-साथ चलेंगे. फिलहाल इतना जरूर कहा जा सकता है कि 14 साल से रुकी हुई पॉलिमर नोट की योजना अब पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा गंभीरता से आगे बढ़ती दिखाई दे रही है.

ये भी पढ़ें:
अमिताभ बच्चन को इस शख्स ने बनाया अरबपति, कौन हैं प्रेमचंद गोधा, जो 15 हजार करोड़ के हैं मालिक ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 17 Jul 2026 22:30:15 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>बदले, जाएंगे, और, रुपए, के, नोट, आरबीआई, ने, कर, दिया, बड़ा, ऐलान, इनकी, जगह, क्या, आएगा</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>Zara के पॉपुलर ट्राउजर को पहनकर अस्पताल पहुंच रहे लोग, कई की टूटी टांग, अभी लॉन्च किया था स्टॉक</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/zara-के-पॉपुलर-ट्राउजर-को-पहनकर-अस्पताल-पहुंच-रहे-लोग-कई-की-टूटी-टांग-अभी-लॉन्च-किया-था-स्टॉक</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/zara-के-पॉपुलर-ट्राउजर-को-पहनकर-अस्पताल-पहुंच-रहे-लोग-कई-की-टूटी-टांग-अभी-लॉन्च-किया-था-स्टॉक</guid>
        <description><![CDATA[ Zara Wide Leg Trousers: फैशन ब्रांड Zara का एक नया ट्राउजर इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में है, लेकिन इस बार वजह इसके डिजाइन की खूबसूरती नहीं बल्कि इससे जुड़े हादसे हैं. कंपनी के Flowing Wide Leg Trousers को पहनने के बाद कई लोगों ने यह दावा किया है कि इसे पहनने के दौरान वे गिर गए और चोटिल हो गए. सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स इसे मजाकिया अंदाज में &quot;Death Pants&quot; और &quot;Lethal Trousers&quot; जैसे नाम देने शुरू कर दिए हैं.&amp;nbsp;
क्यों बन रहे हैं हादसे की वजह?
दरअसल यह ट्राउजर बेहद चौड़े पैरों और लंबी फ्लोइंग डिजाइन के साथ आता है. यही वजह है कि इसका कपड़ा चलते समय पैरों या जूतों में फंस जाते हैं और इससे बैलेंस बिगड़ने का खतरा बढ़ जाता है. खासकर सीढ़ियों, एस्केलेटर, ऊबड़-खाबड़ रास्तों या सैंडल और ओपन फुटवियर के साथ इसे पहनने पर गिरने की चांसेज बढ़ जाती है.&amp;nbsp;
जापान में बच्चों से ज्यादा हुई जानवरों की संख्या, बदला बिजनेस ट्रेंड, कुत्ते-बिल्ली के डायपर बनाने वालों की बंपर कमाई
सोशल मीडिया पर वायरल हुए कई मामले
टिकटॉक, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया यूजर्स ने वीडियो शेयर कर दावा किया कि इस ट्राउजर को पहनने के बाद वे गिरकर घायल हो गए. हालांकि कुछ लोगों को हाथ, कलाई और पैरों में चोट आने की बात भी बताई गई, जबकि कुछ ने अस्पताल तक पहुंचने की बात कही है. यही वजह है कि लोगों ने इसे &quot;ज़ारा डेथ पैंट्स&quot; तक कहना शुरू कर दिया है.&amp;nbsp;
क्या कहते हैं फैशन एक्सपर्ट?
फैशन एक्सपर्ट्स का मानना है कि बहुत ज्यादा चौड़े और लंबे ट्राउजर में चलते वक्त कपड़ा दूसरे पैर या जूते से उलझ सकते हैं, जिससे ठोकर लगकर गिरने की उम्मीद बढ़ जाती है. ऐसे में जरूरी है कि आप इस ट्राउजर को पहनते समय सही लंबाई का चुनाव करें और ऐसे फुटवियर का इस्तेमाल करें जिनमें कपड़ा आसानी से न फंसे. साथ ही अगर आपका ट्राउजर जमीन को छू रहा हो, तो उसे अल्टर करवाना न भूले.&amp;nbsp;
अमिताभ बच्चन को इस शख्स ने बनाया अरबपति, कौन हैं प्रेमचंद गोधा, जो 15 हजार करोड़ के हैं मालिक
 ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 17 Jul 2026 22:30:14 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Zara, के, पॉपुलर, ट्राउजर, को, पहनकर, अस्पताल, पहुंच, रहे, लोग, कई, की, टूटी, टांग, अभी, लॉन्च, किया, था, स्टॉक</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>PF Balance: 50% कर्मचारी सिर्फ 10 से 20 हजार रुपए के साथ हो रहे रिटायर, EPFO ने बताया पीएफ खातों का सच</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/pf-balance-50-कर्मचारी-सिर्फ-10-से-20-हजार-रुपए-के-साथ-हो-रहे-रिटायर-epfo-ने-बताया-पीएफ-खातों-का-सच</link>
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        <description><![CDATA[ EPFO News: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के तहत हर कर्मचारी का एक पीएफ अकाउंट होता है. जिसमें उस कर्मचारी के भविष्य और जरूरतों के लिए फंड इकट्ठा होता है. लेकिन इस अकाउंट को लेकर कई लोगों के बीच अवेयरनेस की कमी है. जिसके चलते हाल ही में खुलासा हुआ है कि करीब 50 प्रतिशत कर्मचारी रिटायरमेंट के समय महज 10 या 20 हजार रुपये बैलेंस के साथ रिटायर हो रहे हैं. जिसे देखते हुए अब संगठन ने एक नया फैसला किया है.
EPFO का नया फैसलादरअसल EPFO ने बताया है कि नए EPF स्कीम 2026 में PF खाते में कुल जमा राशि का कम से कम 25% हिस्सा बनाए रखना जरूरी होगा. बिजनेस स्टैंडर्ड के भेजे गए मेल पर रिप्लाय करते हुए EPFO ने ये भी बताया कि करीब 48.7 प्रतिशत कर्मचारियों के PF खाते में आखिरी भुगतान के समय सिर्फ 10,000 से 20,000 रुपये ही बचते थे. इससे रिटायरमेंट के बाद आर्थिक सुरक्षा कमजोर हो जाती थी.
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आधे से ज्यादा निकालने पर भी होगी बचतEPFO का ये भी कहना है कि अगर कोई कर्मचारी 20 साल तक हर महीने 15,000 रुपये की सैलरी पर नौकरी करता है, तो उसके PF खाते में करीब 14 लाख रुपये जमा हो सकते हैं. अगर वो बीच में 75% राशि निकाल भी ले, तब भी उसके खाते में करीब 3.5 लाख रुपये बचेंगे. इससे रिटायरमेंट के समय पहले की तुलना में 7 से 35 गुना ज्यादा बचत हो सकती है.
किए गए हैं कई बदलाव1 जुलाई 2026 से लागू हुई नई EPF स्कीम में कई बदलाव किए गए हैं. अब अलग-अलग जरूरतों के लिए अलग नियमों की जगह एक आसान व्यवस्था बनाई गई है. कर्मचारी 12 महीने की नौकरी पूरी करने के बाद बीमारी, पढ़ाई, शादी और घर खरीदने जैसी जरूरतों के लिए PF से पैसा निकाल सकते हैं.
25% राशि रखना होगा अनिवार्यअब यदि आपको कोई जरूरत होगी तो आप अपने पीएफ खाते से बैलेंस निकाल सकते हैं. लेकिन उससे पहले आपको कम से कम 25% राशि खाते में रखना जरूरी होगा. ये बदलाव कर्मचारियों के लिए फायदेमंद है क्योंकि इससे जरूरत पड़ने पर पैसा निकालना आसान होगा और रिटायरमेंट के लिए भी अच्छी बचत बनी रहेगी.
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        <pubDate>Fri, 17 Jul 2026 22:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Donald Trump: डोनाल्ड ट्रंप का टेलीप्रॉम्प्टर चलाने वाला शख्स सस्पेंड, भाषण पर खेलता था सट्टा, &amp;apos;शब्द&amp;apos; बेचकर कमाता था डॉलर</title>
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        <description><![CDATA[ Donald Trump TP Reader Suspended: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टेलीप्रॉम्पटर ऑपरेटर को हाल ही में सस्पेंड कर दिया गया है. ये खबर हर तरफ आग की तरह फैल गई है. ये कदम इसलिए उठाया गया क्योंकि शख्स पर आरोप लगा है कि वो ट्रंप के भाषण पर ऑनलाइन बेटिंग एप के जरिए सट्टा लगाता था. जिसके चलते व्हाइट हाउस की तरफ से ये कदम उठाया गया है.
अनपेड लीव पर भेजे गए TP ऑपरेटरदरअसल ट्रंप के टीपी ऑपरेटर गेब्रियल पेरेज को फिलहाल बिना वेतन वाली छुट्टी यानी अनपेड लीव पर भेज दिया गया है. इस बारे में खुद व्हाइट हाउस की तरफ से बताया गया है. व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने बताया कि, &#039;राष्ट्रपति ट्रंप को इस मामले की जानकारी है. उन्होंने इसे काफी दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक बताया है. व्हाइट हाउस में नैतिकता से जुड़े बहुत सख्त नियम हैं, इसलिए संबंधित कर्मचारी को जांच पूरी होने तक बिना वेतन छुट्टी पर रखा गया है.&#039;
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कई बार उठाया अंदरूनी जानकारी का फायदाएबीसी न्यूज की एर रिपोर्ट के अनुसार, गेब्रियल पेरेज साल 2016 से ट्रंप के टेलीप्रॉम्प्टर ऑपरेटर हैं. उन्होंने राष्ट्रपति के भाषणों की अंदरूनी जानकारी का फायदा उठाकर कई बार दांव लगाए. इनमें इस साल का स्टेट ऑफ द यूनियन भाषण भी शामिल है. इन जानकारियों का इस्तेमाल करके गेब्रियल ने ऑनलाइन प्रेडिक्शन प्लेटफॉर्म Kalshi पर सट्टा लगाया और इससे 1 लाख डॉलर (करीब 85 लाख रुपये) से ज्यादा कमाए है.
Kalshi के नियमों का हुआ उल्लघंनये मामला त सामने आया जब Kalshi के वकील और एनफॉर्समेंट प्रमुख रॉबर्ट डेनॉल्ट ने संदिग्ध गतिविधियों को पहचानकर उनकी जांच की. ये सच सामने आने के बाद रॉबर्ट ने इस मामले को अमेरिकी नियामक संस्था कमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग कमीशन (CFTC) को भेज दिया. हालांकि उन्होंने किसी कर्मचारी का नाम नहीं लिया. ये मामला बेटिंग एप Kalshi के नियमों के भी खिलाफ था. Kalshi के नियमों के अनुसार कोई भी व्यक्ति अपनी नौकरी के दौरान मिली गोपनीय जानकारी के आधार पर सट्टा नहीं लगा सकता.
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        <pubDate>Fri, 17 Jul 2026 22:30:12 +0530</pubDate>
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        <title>Top Airports in India: खजुराहो और औरंगाबाद एयरपोर्ट बने नंबर 1, टॉप 10 रैकिंग में कौन&amp;कौनसे शहर शामिल?</title>
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        <description><![CDATA[ AAI Customer Satisfaction Survey: देश के हवाई अड्डों पर यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं और सेवाओं को लेकर भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) ने कस्टमर सैटिस्फैक्शन सर्वे जारी किया है. AAI की ओर से जनवरी-जून 2026 के बीच किए गए सर्वे में यात्रियों से एयरपोर्ट की सुविधाओं और सेवाओं को लेकर फीडबैक लिया गया. इस सर्वे में देश के 60 एयरपोर्ट शामिल किए गए थे.
जिसमें खजुराहो और औरंगाबाद एयरपोर्ट ने संयुक्त रूप से पहला स्थान हासिल किया है. वहीं, प्रयागराज एयरपोर्ट ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए पहली बार देश के टॉप-10 एयरपोर्ट्स में अपनी जगह बनाई है.&amp;nbsp;
खजुराहो और औरंगाबाद एयरपोर्ट रहे नंबर-1
AAI के सर्वे के मुताबिक, खजुराहो और औरंगाबाद एयरपोर्ट ने सबसे ज्यादा स्कोर हासिल किया. दोनों एयरपोर्ट्स को 5 में से 4.98 अंक मिले और ये संयुक्त रूप से देश के नंबर-1 एयरपोर्ट बने. एयरपोर्ट का कहना है कि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने, साफ-सफाई बनाए रखने और सेवा की गुणवत्ता सुधारने के लगातार कोशिशों का असर ही इस रैंकिंग में दिखाई दिया है.
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टॉप-10 एयरपोर्ट रैंकिंग में शामिल शहर&amp;nbsp;
AAI के जनवरी-जून 2026 ग्राहक संतुष्टि सर्वे में टॉप प्रदर्शन करने वाले एयरपोर्ट में शामिल हैं.&amp;nbsp;

खजुराहो एयरपोर्ट
औरंगाबाद एयरपोर्ट
प्रयागराज एयरपोर्ट
कोल्हापुर एयरपोर्ट
बेलगावी एयरपोर्ट
बारापानी (शिलांग) एयरपोर्ट
तूतीकोरिन एयरपोर्ट

किन सुविधाओं के आधार पर होती है रैंकिंग?
AAI का यह सर्वे यात्रियों के अनुभव के आधार पर तैयार किया जाता है. इसमें 30 से ज्यादा मानकों को शामिल किया गया है.&amp;nbsp;

चेक-इन प्रक्रिया
सुरक्षा जांच की सुविधा
एयरपोर्ट की साफ-सफाई
यात्रियों का इंतजार समय
दिशा बताने वाले संकेतक
सामान ट्रॉली की उपलब्धता
सुरक्षा कर्मचारियों का व्यवहार
खाने-पीने की सुविधाएं
अन्य यात्री सेवाएं

एयरपोर्ट अड़गिकारियों के मुताबिक, बेहतर रैंकिंग से यह पता चलता है कि यात्रियों की सुविधा और यात्रा अनुभव को बेहतर बनाने के लिए किए जा रहे कोशिशों का सही असर हो रहा है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Fri, 17 Jul 2026 06:30:16 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>39 हफ्तों तक वेतन, फ्री हेल्थ इंश्योरेंस... छंटनी वाले कर्मचारियों को क्या&amp;क्या देगी माइक्रोसॉफ्ट?</title>
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        <description><![CDATA[ Microsoft Layoffs: माइक्रोसॉफ्ट ने दुनियाभर में करीब 4,800 कर्मचारियों की छंटनी का ऐलान किया है. यह कंपनी के कुल कर्मचारियों का लगभग 2.1 प्रतिशत है. बिजनेस इनसाइडर की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने प्रभावित कर्मचारियों के लिए राहत पैकेज की भी घोषणा की है. इस पैकेज में सेवा अवधि और पद के आधार पर कई तरह की आर्थिक सहायता, स्वास्थ्य सुविधाएं और अन्य लाभ दिए जाएंगे, ताकि नौकरी जाने के बाद कर्मचारियों को कुछ समय तक आर्थिक और सामाजिक सहारा मिल सके.
सेवा अवधि के हिसाब से मिलेगा भुगतान
रिपोर्ट के अनुसार, छंटनी से प्रभावित कर्मचारियों को उनकी सेवा अवधि और पद के अनुसार सेवरेंस पे दिया जाएगा. कई कर्मचारियों को अधिकतम 39 सप्ताह तक का मूल वेतन मिल सकता है. कंपनी के अलग-अलग स्तरों पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए भुगतान का तरीका अलग रखा गया है. वरिष्ठ अधिकारियों के लिए अलग मुआवजा योजना भी तैयार की गई है, जिसका लाभ पात्र कर्मचारियों को कंपनी के तय नियमों और शर्तों के अनुसार मिलेगा.
Top Airports in India: खजुराहो और औरंगाबाद एयरपोर्ट बने नंबर 1, टॉप 10 रैकिंग में कौन-कौनसे शहर शामिल?
स्टॉक और स्वास्थ्य बीमा का भी मिलेगा लाभ
आर्थिक सहायता के अलावा योग्य कर्मचारियों को कुछ समय तक कंपनी के शेयरों से जुड़े लाभ भी मिलते रहेंगे. इसके साथ ही छह महीने तक स्वास्थ्य बीमा की सुविधा भी जारी रहेगी. जरूरत पड़ने पर कर्मचारी अतिरिक्त अवधि तक स्वास्थ्य बीमा कवरेज बढ़ाने का विकल्प भी चुन सकेंगे. कंपनी का कहना है कि यह व्यवस्था कर्मचारियों को नई नौकरी मिलने तक राहत देने और आर्थिक दबाव कम करने के उद्देश्य से की गई है.&amp;nbsp;
बदलते कारोबार के बीच लिया गया फैसला
माइक्रोसॉफ्ट का कहना है कि बदलती तकनीक और कारोबार की जरूरतों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है. कंपनी इस समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े ढांचे और नई तकनीकों में बड़े स्तर पर निवेश कर रही है। इसी रणनीति के तहत खर्च कम करने और संसाधनों का बेहतर उपयोग करने के लिए कई विभागों में बदलाव किए जा रहे हैं, जिनका असर हजारों कर्मचारियों पर पड़ा है और आगे भी ऐसे बदलाव जारी रह सकते हैं.
Saving Tips: पैसे बचाने के लिए नहीं करनी पड़ेगी कंजूसी, अपनाएं ये आसान फाइनेंशियल टिप्स ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 17 Jul 2026 06:30:14 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>हफ्तों, तक, वेतन, फ्री, हेल्थ, इंश्योरेंस..., छंटनी, वाले, कर्मचारियों, को, क्या-क्या, देगी, माइक्रोसॉफ्ट</media:keywords>
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        <title>Cryptocurrency: RBI और SEBI मिलकर रेगुलेट करेंगे क्रिप्टो? सरकार का आया बयान, क्या कहा?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/cryptocurrency-rbi-और-sebi-मिलकर-रेगुलेट-करेंगे-क्रिप्टो-सरकार-का-आया-बयान-क्या-कहा</link>
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        <description><![CDATA[ Cryptocurrency News: क्रिप्टो करेंसी पिछले कई दिनों से काफी चर्चा का विषय बनी हुई है. कई दिनों से इसको रेगुलेट करने की खबरों पर संशय बना हुआ है. हालांकि कुछ दिन पहले ही RBI ने बताया था कि वो क्रिप्टो को लागू नहीं कर रहे हैं. जिसके बाद अब हाल ही में एक खबर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है. जिसमें बताया जा रहा है कि सरकार ने क्रिप्टो करेंसी को मंजूरी दे दी है.
क्या है खबर?दरअसल हाल ही में एक सोशल मीडिया पेज पर क्रिप्टो इंडिया के नाम से एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है. जिसमें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण क फोटो लगा है. इस खबर में लिखा है कि वित्त मंत्रालय ने RBI और SEBI दोनों को मिलकर क्रिप्टो करेंसी को रेगुलेट करने की मंजूरी दे दी है. हालांकि अब खुद सरकार की तरफ से इस खबर की सच्चाई सामने आई है.
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क्या है वायरल दावे की सच्चाई?सरकारी एजेंसी PIB फैक्ट चेक के सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए इस खबर का स्क्रीशॉट शेयर किया गया है, जिस पर साफ शब्दों में लिखा है FAKE. इसके साथ कैप्शन में लिखा गया है, &#039;फेक न्यूज़ अलर्ट! सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में दावा किया गया है कि वित्त मंत्रालय ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) और सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) से क्रिप्टो को रेगुलेट करने पर विचार करने के लिए कहा है.&#039;

⚠️Fake News Alert!????A social media post claims that the Ministry of Finance has asked the Reserve Bank of India (RBI) and Securities &amp;amp; Exchange Board of India (SEBI) to consider regulating crypto.#PIBFactCheck: ❌ This claim is #Fake. ✅ India does not recognise crypto as&amp;hellip; pic.twitter.com/yEbCWkG2lQ
&amp;mdash; PIB Fact Check (@PIBFactCheck) July 15, 2026



पोस्ट में आगे लिखा गया है, &#039;पीआईबी फैक्ट चेक के मुताबिक ये दावा फेक है. भारत क्रिप्टो को एसेट (संपत्ति) नहीं मानता है. वित्त मंत्रालय की ओर से ऐसा कोई निर्देश जारी नहीं किया गया है. हमेशा वेरिफाइड जानकारी के लिए सिर्फ आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें. भारत सरकार से जुड़े संदिग्ध कंटेंट को रोकने में PIB FactCheck की मदद करें.
RBI ने जारी किया था बयानबता दें कि कुछ दिन पहले ही RBI ने एक संसदीय समिति को बताया था कि क्रिप्टोकरेंसी जैसे वर्चुअल डिजिटल एसेट्स भारत जैसी उभरती अर्थव्यवस्था के लिए खतरा हैं. उन्होंने आगे ये भी गुहार लगाई थी कि देश में ऐसी एसेट्स को कानूनी मान्यता नहीं दी जानी चाहिए. इसके जरिए RBI ने खुद ही क्रिप्टो या किसी भी वर्चुअल करेंसी का विरोध किया है. तो ऐसे में सरकार के द्वारा ऐसा कोई आदेश दिया जाना ही अपने आप में सवालिया निशान खड़े करता है.
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        <pubDate>Fri, 17 Jul 2026 06:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Cryptocurrency:, RBI, और, SEBI, मिलकर, रेगुलेट, करेंगे, क्रिप्टो, सरकार, का, आया, बयान, क्या, कहा</media:keywords>
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        <title>Stock Market: Youtube देखकर स्टॉक मार्केट में लगाते हैं पैसा? साउथ कोरिया में जो हुआ, उससे सबक लें आप</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/stock-market-youtube-देखकर-स्टॉक-मार्केट-में-लगाते-हैं-पैसा-साउथ-कोरिया-मेंजो-हुआ-उससे-सबक-लें-आप</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/stock-market-youtube-देखकर-स्टॉक-मार्केट-में-लगाते-हैं-पैसा-साउथ-कोरिया-मेंजो-हुआ-उससे-सबक-लें-आप</guid>
        <description><![CDATA[ Stock Market News: क्या आप भी यूट्यूब वीडियो देखकर स्टॉक मार्केट में निवेश करते हैं? क्या आप किसी एक ही यूट्यूबर को फॉलो कर बस उसकी बात मानकर इनवेस्ट करते हैं? अगर हां तो ये खबर आपके लिए ही है. साउथ कोरिया से एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां पर एक युवक ने यूट्यूबर का वीडियो देख निवेश तो कर दिया लेकिन लॉस झेल नहीं पाया और गुस्से में यूट्यूबर पर ही हमला कर दिया.
क्या है पूरा मामला?दरअसल साउथ कोरिया के बुसान निम्बु पुलिस स्टेशन के मुताबिक ये मामला 13 जुलाई की सुबह 8 बजकर 9 मिनट के आसपास एक कमर्शियल बिल्डिंग के पास का है. लगभग 20 साल का एक युवक एक यूट्यूबर को फॉलो करता था और वीडियो में उसकी दी गई एडवाइस को मानकर ही स्टॉक मार्केट में इनवेस्ट किया करता था. एक दिन ऐसा करने के बाद युवक को तगड़ा लॉस हो गया, जिससे वो गुस्से में आ गया और यूट्यूबर को अकेले में पाकर उस पर चाकू से हमला कर दिया.
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हालांकि हमलावर को पुलिस हिरासत में है और घायल शख्स अस्पताल में भर्ती है. वहीं पुलिस लगातार आरोपी से पूछताछ कर रही है जिससे हमले की असली वजह का पता चल पाए. शुरुआती जांच में शख्स ने माना है कि उसने निवेश में हुए नुकसान की वजह से ये कदम उठाया. हालांकि, पुलिस ये भी जांच कर रही है कि इसके पीछे कोई और कारण तो नहीं था.
इस घटना से आप भी सीखेंइस घटना से हर किसी को ये सीख मिलती है कि सोशल मीडिया पर दी जाने वाली हर जानकारी सही नहीं होती है. खासतौर से निवेश जब भी करें तो बिना जानकारी कोई कदम ना उठाएं. पहले निवेश को अच्छी तरह से समझें रिस्क को समझें उसके बाद ही कोई फैसला करें. किस भी यूट्यूबर या यूट्यूब चैनल को फॉलो करके उस पर भरोसा करने से पहले 10 बार सोच लें. क्योंकि निराशा कई बार लोग झेल नहीं पाते हैं और ऐसा ही कोई कदम उठा लेते हैं.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Fri, 17 Jul 2026 06:30:11 +0530</pubDate>
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        <title>कच्चा तेल 85 डॉलर के पार, जेब पर मंदी की मार, जानिए क्यों कांप रहा है भारतीय रुपया?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/कच्चा-तेल-85-डॉलर-के-पार-जेब-पर-मंदी-की-मार-जानिए-क्यों-कांप-रहा-है-भारतीय-रुपया</link>
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        <description><![CDATA[ Currency Update: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब भारत की जेब पर भी दिखने लगा है. गुरुवार को भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 96.2475 पर खुला. यह मई में बने अपने सबसे निचले स्तर 96.96 के बेहद करीब पहुंच गया है. इस महीने अब तक रुपया करीब 1.7% कमजोर हो चुका है.
रुपया क्यों कमजोर हो रहा है?
इसकी सबसे बड़ी वजह है कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें. अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने के बाद ब्रेंट क्रूड 85 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया है. डर इस बात का है कि अगर हालात और बिगड़े तो होर्मुज से तेल की सप्लाई और ज़्यादा प्रभावित हो सकती है. दुनिया का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से तेल भेजता है. भारत अपनी जरूरत का 85% से ज्यादा कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है इसलिए तेल महंगा होते ही डॉलर की मांग बढ़ जाती है और रुपया कमजोर पड़ने लगता है.
आज कितने में बिक रहा आपके यहां 14.2 किलो वाला घरेलू गैस सिलेंडर? कमर्शियल का भी चेक करें रेट
तनाव बढ़ने से बाजार क्यों घबराया?
बुधवार को अमेरिका ने ईरान के तटीय रक्षा और मिसाइल ठिकानों पर हमला किया. इसके बाद ईरान ने ऊर्जा निर्यात और घटाने की चेतावनी दी. ऐसे में दुनिया को डर है कि तेल की सप्लाई पर असर पड़ सकता है. इसी वजह से निवेशकों ने सुरक्षित मानी जाने वाली अमेरिकी डॉलर की ओर रुख किया जिससे रुपये पर दबाव और बढ़ गया.
RBI की कोशिशों का असर क्यों नहीं दिख रहा?
कुछ हफ्ते पहले जब कच्चा तेल सस्ता हुआ था तब रिजर्व बैंक ने डॉलर की आमद बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए थे. इससे उम्मीद थी कि रुपया मजबूत होगा लेकिन अब तेल फिर महंगा हो गया है. बाजार में डॉलर की मांग बढ़ने से RBI के उन कदमों का असर कमजोर पड़ गया है.
आपकी जेब पर क्या असर पड़ेगा?

कमजोर रुपया और महंगा तेल, दोनों मिलकर आम लोगों का खर्च बढ़ा सकते हैं.
पेट्रोल और डीजल महंगे हो सकते हैं.
हवाई ईंधन महंगा होने से फ्लाइट टिकट महंगे पड़ सकते हैं.
मोबाइल, लैपटॉप और दूसरे आयातित सामान की कीमत बढ़ सकती है.
विदेश में पढ़ाई और विदेश यात्रा का खर्च बढ़ सकता है.
खाने-पीने की कई आयातित चीजें भी महंगी हो सकती हैं.

अगर तेल और रुपया दोनों पर दबाव लंबे समय तक बना रहा तो महंगाई बढ़ सकती है. ऐसे में RBI के लिए ब्याज दरें घटाना भी मुश्किल हो सकता है जिससे लोन और EMI पर असर पड़ सकता है.
बढ़ गया क्या आज से पेट्रोल-डीजल का रेट? जानें कितने में बिक रहा आपके शहर में 1 लीटर फ्यूल
आगे क्या होगा?
अब पूरी दुनिया की नजर अमेरिका और ईरान के अगले कदम पर है. अगर तनाव बढ़ता है तो कच्चा तेल और महंगा हो सकता है और रुपये पर दबाव बना रह सकता है. अगर रुपया 96.96 के स्तर से भी नीचे चला गया तो यह डॉलर के मुकाबले अब तक का सबसे कमजोर स्तर होगा.
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        <pubDate>Thu, 16 Jul 2026 14:30:20 +0530</pubDate>
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        <title>E20 पेट्रोल पर सबसे बड़ा सर्वे, एथेनॉल से गाड़ी का माइलेज बढ़ा या घटा? जानें कार मालिकों ने क्या बताया</title>
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        <description><![CDATA[ E20 Petrol Survey: E20 पेट्रोल पर मचे बवाल के बीच एक नई सर्वे रिपोर्ट आई है, जिसमें 10 में से 6 गाड़ियों के मालिकों ने माना कि E20 पेट्रोल के आने के बाद माइलेज में 10% से ज्यादा की कमी आई है. LocalCircles के सर्वे के मुताबिक, साल 2023 से पहले बनी गाड़ियों के लगभग 60% मालिकों का कहना है कि अप्रैल 2025 में पूरे देश में E20 इथेनॉल-ब्लेंडेड पेट्रोल लागू होने के बाद जब उन्होंने अपनी गाड़ियों में इसका इस्तेमाल किया, तो माइलेज 10% से अधिक गिर गया.
नई गाड़ियों का भी एक जैसा हाल
सर्वे के नतीजों से एक चौंकानेवाला खुलासा यह भी हुआ है कि माइलेज की यह समस्या सिर्फ पुरानी गाड़ियों तक ही सीमित नहीं है. 2023-2024 में खरीदी गई नई गाड़ियों के 59% (10 में से 6) मालिकों का भी यही कहना है कि इसमें भी माइलेज में 10% से ज्यादा की गिरावट आई है. कुछ ने तो माइलेज में 20% तक गिरावट आने की भी बात कही है. इसससे पता चलता है कि समस्या सिर्फ पुरानी गाड़ियों में ही नहीं, बल्कि नई गाड़ियों में भी एक जैसी ही है.&amp;nbsp;
CNG कारों पर भी असर
पेट्रोल से चलने वाली गाड़ियों के साथ-साथ सीएनजी कार मालिकों ने भी शिकायत की है कि E20 फ्यूल की वजह से गाड़ी स्टार्ट करते वक्त या पेट्रोल मोड पर चलाते वक्त ओवरऑल एवरेज पर असर पड़ रहा है.&amp;nbsp;
कहां आ रही है दिक्कत?&amp;nbsp;
लोकलसर्कल्स ने कहा, &quot;इससे इस बात की संभावना काफी बढ़ जाती है कि भारत में पेट्रोल में मिलावट या अशुद्धि की समस्या है. हो सकता है कि पंपों पर मिलने वाला ईंधन E20 के मानकों के अनुरूप न हो. वाहन निर्माताओं ने भी इस चिंता को दोहराया है और सरकार ने भी हाल ही में राज्यों को इथेनॉल-ब्लेंडेड सप्लाई सीरीज में मिलावट के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है.&quot;
सर्वे में इस बात का अंदेशा लगाया जा रहा है कि पेट्रोल की रिटेल कीमत (95-105 रुपये प्रति लीटर) से एथेनॉल की कीमत (60-72 रुपये प्रति लीटर) काफी कम है. इस मार्जिन के लालच में शायद पेट्रोल पंपों में 20% की तय सीमा से अधिक ओवर-ब्लेंडिंग की जा रही है. ईंधन में मिलावट होगी, तो गाड़ियों को नुकसान पहुंचेगा ही. अब इथेनॉल की ब्लेंडिंग रिफाइनरियों के बजाय तेल कंपनियों के टर्मिनलों पर की जाती है. इसका नेटवर्क 400 से ज्यादा डिस्टिलरीज से लेकर लगभग 90,000 रिटेल आउटलेट्स तक फैला है. मिक्सिंग का काम ऐसी जगहों पर होने लगा है जहां निगरानी कम होती है.&amp;nbsp;
सरकार का क्या है रुख?
अप्रैल 2025 में E20 पेट्रोल को जब लॉन्च किया गया, तब इसके इस्तेमाल से माइलेज कम होने, परफॉर्मेंस घटने जैसी शिकायतें सामने आई थीं. इस पर सफाई देते हुए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में कहा कि इथेनॉल की कैलोरीफिक वैल्यू कम होने के कारण ज्यादा ब्लेंड वाले पेट्रोल से माइलेज में बहुत मामूली कमी (3-5%) आ सकती है, लेकिन उन्होंने इंजन के खराक होने के दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया.

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        <pubDate>Thu, 16 Jul 2026 14:30:19 +0530</pubDate>
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        <title>Instamart पर करें बुकिंग, मिनटों में घर पहुंचेगा LPG सिलेंडर; कनेक्शन न भी हो तो चलेगा</title>
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        <description><![CDATA[ LPG on Instamart: भारत में क्विक कॉमर्स सेक्टर का दायरा तेजी से बढ़ता जा रहा है. आज के समय में कभी भी किसी भी चीज की जरूरत हो, तो हम तुरंत ऑर्डर कर देते हैं और सामान मिनटों में घर पहुंच जाता है. अब वह दिन दूर नहीं, जब किचन में खाना पकाते वक्त अगर अचानक से गैस खत्म हो जाए, तो ऑनलाइन LPG सिलेंडर ऑर्डर करने का भी हमें ऑप्शन मिलेगा.
इसे हकीकत में बदलने के लिए देश की दिग्गज सरकारी तेल कंपनी HPCL (हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड) और क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म स्विगी इंस्टामार्ट (Swiggy Instamart) ने हाथ मिलाया है. दोनों ने देश की पहली ऑन-डिमांड लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) सिलेंडर डिलीवरी सर्विस शुरू करने का ऐलान कर दिया है. इसके जरिए जैसे आप रोजमर्रा की चीजें और राशन का सामान ऑनलाइन ऑर्डर देते हैं, ठीक उसी तरह से आगे आने वाले समय में Swiggy Instamart ऐप के जरिए ऑन-डिमांड LPG गैस सिलेंडर भी ऑर्डर कर सकेंगे.&amp;nbsp;
पहले से कनेक्शन होने का नहीं टेंशन
इस सर्विस की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें नए सिलेंडर की खरीद के लिए ग्राहकों के पास पहले से घरेलू LPG कनेक्शन का होना जरूरी नहीं है. पहली बार ऑर्डर करने पर इसे नए सिलेंडर की खरीद माना जाएगा, जिसमें आईडी प्रूफ के लिए कुछ डॉक्यूमेंट्स की जरूरत पड़ेगी. बाद में ऑर्डर के तौर पर ग्राहक रिफिल का अनुरोध कर सकते हैं और डिलीवरी के समय खाली सिलेंडर ले लिया जाएगा.
चेक कर पाएंगे सिलेंडर में गैस का लेवल
Swiggy Instamart के साथ हुई पार्टनरशिप के तहत HPCL &#039;HP Navya&#039;को लॉन्च करने की तैयारी में है. यह एक नेक्स्ट जेनरेशन का 10 किलो का कम्पोजिट LPG सिलेंडर है, जिसकी बॉडी ट्रांसपरेंट और पारंपरिक एलपीजी सिलेंडर से 50% तक हल्की होगी. इसमें आप समय-समय पर चेक कर पाए्ंगे कि अब सिलेंडर में गैस का लेवल कितना है. &amp;nbsp;ग्राहकों की अलग-अलग जरूरतों का ख्याल रखते हुए प्लेटफॉर्म पर 5 किलो वाला स्टैंडर्ड मेटल LPG सिलेंडर भी उपलब्ध कराया जाएगा. इससे स्टूडेंट्स, कामकाजी लोगों और छोटे परिवारों के लिए काफी सहूलियत होगी, जिनके पास आमतौर पर कोई फॉर्मल गैस कनेक्शन नहीं होता है.&amp;nbsp;
इसके लेकर इंस्टामार्ट के CEO अमितेश झा ने कहा, &#039;&#039;इंस्टामार्ट ने ग्रॉसरी से आगे बढ़कर अपनी सर्विस का दायरा बढ़ाया है. HPCL के साथ मिलकर हम घर की एक जरूरी सर्विस के लिए भी यह सुविधा दे रहे हैं और सुरक्षा व भरोसे के मानकों का पालन करते हुए इंस्टामार्ट पर LPG उपलब्ध करा रहे हैं.&#039;&#039;
डिलीवरी का क्या होगा पैटर्न?
Instamart के जरिए दिए गए ऑर्डर HPCL के अधिकृत डिस्ट्रीब्यूटरों के मौजूदा नेटवर्क से पूरे किए जाएंगे, जबकि डिलीवरी डिस्ट्रीब्यूटर के ट्रेंड कर्मचारियों द्वारा सुरक्षा और रेगुलेटरी नियमों के अनुसार की जाएगी. यह सर्विस अभी पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर बेंगलुरु के कुछ चुनिंदा इलाकों में शुरू की गई है. जल्द ही इसे देश के दूसरे शहरों में भी शुरू किए जाने की उम्मीद है.&amp;nbsp;

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        <pubDate>Thu, 16 Jul 2026 14:30:17 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>Instamart, पर, करें, बुकिंग, मिनटों, में, घर, पहुंचेगा, LPG, सिलेंडर, कनेक्शन, न, भी, हो, तो, चलेगा</media:keywords>
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        <title>होम लोन के लिए तरस गई 10000 करोड़ की कंपनी, 800 से ज्यादा CIBIL स्कोर से भी नहीं बनी बात</title>
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        <description><![CDATA[ Home Loan: आज के समय में होम लोन का मिलना कोई बड़ी बात नहीं है. अगर बैंक में आपकी अच्छी जान-पहचान है और क्रेडिट हिस्ट्री भी बेहतर तो काम और भी आसान हो जाता है. लेकिन हर किसी के लिए बात एक समान नहीं है. कई बार CIBIL स्कोर शानदार होते हुए भी बैंक आपको लोन देने से मना कर सकता है. कुछ ऐसा ही हुआ फिनटेक कंपनी रेज फाइनेंशियल सर्विसेज (Raise Financial Services) के सीईओ प्रवीण जाधव (Pravin Jadhav) के साथ. उनका CIBIL स्कोर 800 के ऊपर है, कंपनी की वैल्यूएशन भी 10000 करोड़ रुपये के बराबर है. बावजूद इसके उनका लोन एप्लीकेशन रिजेक्ट होना वाकई में चौंकानेवाली है. CEO ने X पर एक पोस्ट शेयर करते हुए इस पर अपना दर्द भी बांटा है.&amp;nbsp;
सोशल मीडिया पर CEO का छलका दर्द
बुधवार को X पर एक पोस्ट में जाधव ने लिखा कि एक बड़े प्राइवेट बैंक ने उनका होम लोन एप्लीकेशन सिर्फ इसलिए रिजेक्ट कर दिया क्योंकि वह एक फाउंडर है. उन्होंने यह भी बताया कि ये वही बैंक है, जो उन्हें देश के टॉप फिनटेक इनोवेटर्स में से एक के तौर पर सम्मानित भी कर चुका है. CEO ने आगे कहा, &quot;वो हमारी कंपनी में काम करने वाले लोगों को तो लोन दे सकते हैं, लेकिन मुझे नहीं &amp;ndash; क्योंकि एक फाउंडर के तौर पर मैं &#039;हाई रिस्क&#039; कैटेगरी में आता हूं.&quot; उन्होंने आगे यह भी बताया कि वह 25 साल से ज्यादा समय से उस बैंक के साथ जुड़े हुए हैं और उनका मानना ​​है कि एसेट्स (संपत्ति) के मामले में वे बैंक के टॉप 0.1% ग्राहकों में से एक हैं. बतौर प्रवीण बैंक के साथ उनका रिश्ता लोन की वैल्यू से 5-6 गुना ज्यादा का है. इतना ही नहीं, उनका सिबिल स्कोर भी 800 से ज्यादा है, जो कि काफी अच्छा माना जाता है.

Founder&#039;s life is hard!My home loan application got rejected by a top private bank - just because I am a founder.&gt; 25 years+ of customer&gt; ~800 CIBIL Score&gt; 5x-6x of loan value in relationship with this bank&gt; may be in top 0.1% of its customers by assets&gt; and irony is this&amp;hellip;
&amp;mdash; pj (@BeingPractical) July 14, 2026



फाउंडर्स को क्यों &#039;हाई रिस्क&#039; मानते हैं बैंक?
बैंक स्टार्टअप फाउंडर्स और एंटरप्रेन्योर्स को लोन देना जोखिम भरा मानते हैं क्योंकि इनकी कोई फिक्स्ड या गारंटीड सैलरी नहीं होती है. ऊपर से इनकी इनकम भी ऊपर-नीचे होती रहती है. ऐसे में बैंक को डर रहता है कि कहीं इनकी ईएमआई न डूब जाए इसलिए बैंक अमूमन इन्हें लोन देने से कतराते हैं.&amp;nbsp;

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        <pubDate>Thu, 16 Jul 2026 14:30:15 +0530</pubDate>
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        <title>Top Banks: दुनिया के टॉप 10 में से 7 बैंक चीन के, अमेरिका और यूरोप से आगे, भारत कितना सुरक्षित? </title>
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        <description><![CDATA[ World&#039;s 10 Biggest Banks: ग्लोबल बैंकिंग से जुड़ी मशहूर मैगजीन &#039;द बैंकर&#039; दुनिया के 100 सबसे बड़े बैंकों की एक लिस्ट बनाई है, इनमें टॉप-10 बैंकों में से 7 बैंक अकेले चीन के हैं. इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल बैंक ऑफ चाइना (ICBC), चाइना कंस्ट्रक्शन बैंक, एग्रीकल्चरल बैंक ऑफ चाइना और बैंक ऑफ चाइना टॉप चार पोजीशन पर हैं. ये इस पोजीशन पर साल 2019 से कायम रहे हैं. &amp;nbsp;
पोस्टल सेविंग्स बैंक ऑफ़ चाइना - जो 2007 में पोस्ट ऑफिस के सेविंग्स काउंटर से बनाया गया था - पहली बार टॉप दस में शामिल हुआ है. टॉप 100 में 22 चीनी बैंक है. लिस्ट में &amp;nbsp;जेपी मॉर्गन चेस, बैंक ऑफ अमेरिका और सिटीग्रुप भी हैं, जो चीन के नहीं है. टॉप 100 की लिस्ट में भारतीय बैंकों का कोई अता-पता नहीं है.
चीन का क्या है इरादा?
चीन के सभी बड़े बैंक सरकारी हैं, जो पैसों का इस्तेमाल कारोबार से ज्यादा अपनी विदेश नीति के लिए करते हैं. इन बैंकों के पास इतना पैसा होता है, तो कि यह श्रीलंका, पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे अपने पड़ोस में स्थित देशों को भारी-भरकम कर्ज देने का दम रखते हैं.
जब ये देश कर्ज नहीं चुका पाते हैं, तो चीन इनके बंदरगाहों या जमीन को कब्जे में ले लेता है. इसे &#039;स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स&#039; या भारत को घेरने की रणनीति कहते हैं.&amp;nbsp;&#039;स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स&#039; को आप एक जियोपॉलिटिकल थ्योरी के तौर पर समझ सकते हें, जो यह बताती है कि चीन, भारत को किस तरह से जमीन और समुद्र के रास्ते घेरने की तैयारी कर रहा है.
चीन की तगड़ी है प्लानिंग
चीन का सबसे बड़ा बैंक ICBC है, जो 7.6 ट्रिलियन डॉलर की संपत्ति को संभालता है. भारत की पूरी जीडीपी इसकी आधी है. चीन के टॉप बैंकों के मुकाबले भारत का सबसे बड़ा बैंक- स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) काफी छोटा है. चीन इन बैंकों के जरिए अमेरिकी डॉलर का रूतबा खत्म करा चाहता है. चीन चाहता है कि डॉलर की जगह दुनियाभर में कारोबार के लिए युआन का इस्तेमाल हो.
चूंकि इन बैंकों के पास पैसों की कोई कमी नहीं है इसलिए ये आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ब्लाॅकचेन जैसी नई तकनीकों पर भर-भरकर निवेश कर रहे हैं ताकि भविष्य की टेक्नोलॉजी पर इनका कब्जा हो. ऐसे में अगर आने वाले समय में डिजिटल बैंकिंग, इंटरनेशनल पेमेंट गेटवे पर चीनी बैंकों का दबदबा रहेगा, तो ऑनलाइन सुरक्षा के नियम, तकनीक वगैरह येही तय करेंगे, जाे भारत के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं होगी.

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        <pubDate>Thu, 16 Jul 2026 14:30:14 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Noida Airport: जेवर एयरपोर्ट का एक महीना पूरा, उम्मीदें आसमान पर लेकिन रफ्तार सुस्त, क्यों नहीं मिल रहे यात्री?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/noida-airport-जेवर-एयरपोर्ट-का-एक-महीना-पूरा-उम्मीदें-आसमान-पर-लेकिन-रफ्तार-सुस्त-क्यों-नहीं-मिल-रहे-यात्री</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/noida-airport-जेवर-एयरपोर्ट-का-एक-महीना-पूरा-उम्मीदें-आसमान-पर-लेकिन-रफ्तार-सुस्त-क्यों-नहीं-मिल-रहे-यात्री</guid>
        <description><![CDATA[ Noida Airport Report: करीब 10 हजार करोड़ रुपए की लागत से बने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (पहले&amp;nbsp; फेज़) को शुरू हुए एक महीना पूरा हो गया है. चार हफ्तों के आंकड़े बताते हैं कि एयरपोर्ट पर धीरे-धीरे उड़ानें और यात्रियों की संख्या तो आगे बढ़ रही है, लेकिन तस्वीर का दूसरा पहलू भी उतना ही बड़ा है.
1.2 करोड़ सालाना यात्रियों की क्षमता वाले इस एयरपोर्ट से पहले महीने में सिर्फ 61 हजार 287 यात्रियों ने सफर किया यानी एयरपोर्ट फिलहाल अपनी क्षमता का करीब 5 फीसदी ही इस्तेमाल कर पा रहा है.
दिलचस्प बात यह है कि जेवर एयरपोर्ट पर पूरे दिन में जितनी फ्लाइट्स ऑपरेट होती हैं, उतनी दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर करीब आधे घंटे में उड़ जाती हैं. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या जेवर जल्द दिल्ली एयरपोर्ट का मजबूत विकल्प बन पाएगा या इसके लिए अभी लंबा इंतजार करना होगा?
चार हफ्तों में बदली तस्वीर लेकिन शुरुआत बेहद छोटी
15 जून से 21 जून के बीच एयरपोर्ट पर सिर्फ 86 फ्लाइट मूवमेंट हुए थे. दूसरे हफ्ते में यह संख्या 88 रही. तीसरे हफ्ते में बड़ा उछाल आया और फ्लाइट मूवमेंट बढ़कर 201 हो गए.&amp;nbsp;चौथे हफ्ते यानी 6 से 12 जुलाई के बीच यह आंकड़ा 224 पहुंच गया. यानी पहले हफ्ते के मुकाबले उड़ानों की संख्या करीब तीन गुना हो चुकी है.
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यात्रियों की संख्या भी पहले दिन के 1,427 से बढ़कर एक दिन में करीब 2,800 तक पहुंच गई है. शुरुआत में एयरपोर्ट सिर्फ 5 शहरों से जुड़ा था, अब यह संख्या बढ़कर 15 हो गई है. हालांकि रोजाना औसतन 2500 से 2600 यात्री ही सफर कर रहे हैं, जबकि दिल्ली एयरपोर्ट पर हर दिन करीब 1,300 फ्लाइट्स ऑपरेट होती हैं.
40 फीसदी यात्री सिर्फ फ्लाइट बदलने वाले
15 जून से 13 जुलाई के बीच एयरपोर्ट से 18 हजार 424 यात्रियों ने उड़ान भरी और 18 हजार 89 यात्री यहां उतरे. लेकिन सबसे दिलचस्प आंकड़ा कनेक्टिंग यात्रियों का है. इस दौरान 11 हजार 732 ट्रांसफर और 13 हजार 42 इन-ट्रांजिट यात्री रहे यानी कुल ट्रैफिक का करीब 40 फीसदी हिस्सा ऐसे यात्रियों का था, जो सिर्फ दूसरी फ्लाइट पकड़ने के लिए जेवर पहुंचे थे. इसका मतलब यह भी है कि स्थानीय यात्रियों की संख्या अभी उम्मीद से काफी कम है.
एयरलाइंस ने भी बदली रणनीति
एयरपोर्ट की शुरुआत तीन एयरलाइंस के साथ हुई थी, लेकिन पहले ही महीने एयर इंडिया एक्सप्रेस ने यहां से अपनी उड़ानें बंद कर दीं. अकासा एयर ने भी बेंगलुरु और नवी मुंबई रूट बंद कर दिए और अब सिर्फ मुंबई के लिए दो फ्लाइट चला रही है.
फिलहाल सबसे बड़ा दांव इंडिगो ने लगाया है. इंडिगो अब जेवर से 15 शहरों के लिए हफ्ते में 105 फ्लाइट्स चला रही है. लखनऊ और जयपुर के लिए दिन में दो-दो उड़ानें हैं. हालांकि कम यात्रियों की वजह से नोएडा-चंडीगढ़ रूट भी बंद करना पड़ा.
सबसे बड़ी बात यह है कि &#039;इंटरनेशनल एयरपोर्ट&#039; कहलाने वाले जेवर से एक महीने बाद भी कोई अंतरराष्ट्रीय उड़ान शुरू नहीं हुई है.
ग्राउंड रिपोर्ट- उम्मीद भी है चिंता भी
ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान एयरपोर्ट के बाहर टैक्सी और कैब चालकों से बात हुई. उनका कहना है कि फिलहाल सवारी बहुत कम मिल रही है. एक कैब ड्राइवर ने बताया अभी ज्यादातर लोग ट्रांजिट वाले होते हैं. फ्लाइट से बाहर निकलकर शहर जाने वाले यात्री बहुत कम हैं. कई बार घंटों इंतजार करना पड़ता है.
हालांकि स्थानीय लोगों की राय पूरी तरह निराशाजनक नहीं है. कई लोगों का कहना है कि एयरपोर्ट अभी नया है. जैसे-जैसे ज्यादा एयरलाइंस आएंगी नए शहर जुड़ेंगे और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू होंगी वैसे-वैसे यात्रियों की संख्या भी तेजी से बढ़ेगी.
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कनेक्टिविटी अभी सबसे बड़ी चुनौती
यात्रियों का कहना है कि एयरपोर्ट तक पहुंचना अभी आसान नहीं है. परी चौक के बाद यमुना एक्सप्रेसवे का लंबा सुनसान हिस्सा, खासकर सुबह और रात के समय, लोगों को असहज करता है.
YEIDA एक्सप्रेसवे पर लाइटिंग और दूसरी सुविधाएं बेहतर करने पर काम कर रही है. वहीं NHAI दनकौर के पास ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे को यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाला इंटरचेंज बना रहा है जिसके 15 अगस्त तक खुलने की उम्मीद है.&amp;nbsp; इससे गाजियाबाद, हापुड़ और आसपास के इलाकों से एयरपोर्ट पहुंचना आसान होगा. हालांकि मेट्रो या रैपिड रेल जैसी सीधी कनेक्टिविटी अभी दूर की बात है.
2030 तक असली परीक्षा
जेवर एयरपोर्ट की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि दिल्ली का IGI एयरपोर्ट अभी अपनी पूरी क्षमता तक नहीं पहुंचा है. उसकी सालाना क्षमता करीब 11 करोड़ यात्रियों की है लेकिन पिछले साल वहां 8 करोड़ से भी कम यात्रियों ने सफर किया.
दिल्ली-एनसीआर के ज्यादातर यात्रियों के पास अभी भी बेहतर कनेक्टिविटी, ज्यादा उड़ानों और सस्ते सार्वजनिक परिवहन के साथ IGI का विकल्प मौजूद है. इसके अलावा पाकिस्तान का एयरस्पेस बंद होने, महंगे एविएशन फ्यूल और कमजोर रुपए जैसी चुनौतियों ने भी एयरलाइंस पर दबाव बढ़ाया है. ऐसे माहौल में नई उड़ानें शुरू करना कंपनियों के लिए आसान नहीं है.
पहले महीने के आंकड़े दो अलग-अलग तस्वीरें दिखाते हैं. एक तरफ उड़ानों और शहरों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, दूसरी तरफ एयरपोर्ट अभी अपनी क्षमता के सिर्फ 5 फीसदी पर चल रहा है.
ग्राउंड पर लोगों में उम्मीद है कि अगर ज्यादा एयरलाइंस जुड़ती हैं अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू होती हैं और एयरपोर्ट तक पहुंच आसान बनती है तो आने वाले वर्षों में जेवर एयरपोर्ट दिल्ली-एनसीआर का बड़ा एविएशन हब बन सकता है. लेकिन फिलहाल इसका सफर अभी सिर्फ शुरू हुआ है.
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        <pubDate>Thu, 16 Jul 2026 02:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Noida, Airport:, जेवर, एयरपोर्ट, का, एक, महीना, पूरा, उम्मीदें, आसमान, पर, लेकिन, रफ्तार, सुस्त, क्यों, नहीं, मिल, रहे, यात्री</media:keywords>
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        <title>&amp;apos;केस खत्म करने के बदले नहीं हुई कोई डील&amp;apos;, गौतम अडानी ने अमेरिकी कोर्ट में सभी आरोपों को किया खारिज</title>
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        <description><![CDATA[ Gautam Adani News: अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी ने अमेरिकी कोर्ट में एक हलफनामा दायर कर उन सभी अफवाहों और कयासों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें कहा जा रहा था कि उनके खिलाफ अमेरिकी मामले को बंद करने के पीछे कोई गुप्त समझौता या डील हुई है.
अडानी ने साफ कहा है कि अमेरिकी न्याय विभाग यानी DoJ की ओर से उनके खिलाफ आपराधिक आरोपों को हटाने के फैसले के पीछे कोई वादा, लेन-देन या गुप्त डील नहीं थी. उन्हें ऐसी किसी भी बात की कोई जानकारी नहीं है.
फायदे के बदले केस हटाने की बात पूरी तरह गलत- अडानी
यह हलफनामा अमेरिकी कोर्ट के जज निकोलस गराउफिस के 8 जुलाई के आदेश के जवाब में दाखिल किया गया है. जज ने अडानी से लिखित में पूछा था कि क्या वे आरोपों को हटाने के बदले में किसी भी तरह के वादे, ऑफर या समझौते के बारे में जानते हैं. इसके जवाब में अडानी ने कहा, &#039;&#039;मुझे ऐसी किसी भी बात की जानकारी नहीं है, जिसे इस केस को बंद करने के बदले में किसी को देने, लेने, वादा करने या स्वीकार करने की बात कही गई हो. किसी भी तरह के कीमती सामान या फायदे के बदले केस हटाने की बात पूरी तरह गलत है.&quot;
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कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा था कि अडानी ग्रुप ने अमेरिका में जो 10 बिलियन डॉलर के निवेश की घोषणा की थी, उसी के बदले उनके खिलाफ केस हटाया गया है. इसका जवाब देते हुए अडानी ने बताया, &#039;&#039;अडानी ग्रुप ने अमेरिका में निवेश करने का फैसला 13 नवंबर 2024 को ही सार्वजनिक कर दिया था, जबकि उनके खिलाफ अमेरिकी कोर्ट का मामला इसके बाद सामने आया था.&#039;&#039;
अडानी के वकीलों (सुलिवन एंड क्रॉमवेल LLP) ने अमेरिकी अधिकारियों के साथ बैठकें की थीं और एक प्रस्ताव भी दिया था कि अगर अमेरिकी प्रशासन चाहे तो इस निवेश को मामले के समाधान का हिस्सा मान सकता है. हालांकि, अमेरिकी न्याय विभाग ने वकीलों को साफ कर दिया था कि केस हटाने के फैसले में इस निवेश का कोई रोल नहीं होगा. इसलिए, अडानी ने साफ किया कि इस निवेश योजना का केस बंद होने से कोई लेना-देना नहीं है.
अमेरिकी न्याय विभाग ने भी अफवाहों को नकारा
इससे पहले 4 जुलाई को अमेरिकी सरकारी वकीलों ने भी कोर्ट में साफ किया था कि निवेश के बदले केस हटाने की खबरें पूरी तरह झूठी हैं. यह फैसला लेने वाले मुख्य अधिकारी आर. ट्रेंट मैककॉप्टर ने कोर्ट को बताया कि उन्होंने यह केस इसलिए हटाने की मांग की, क्योंकि यह मामला कानूनी रूप से टिकने योग्य नहीं था.
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केस हटाने के कारण क्या थे?

कथित गड़बड़ी मुख्य रूप से भारत में हुई थी.
इस मामले में किसी भी अमेरिकी निवेशक को कोई नुकसान नहीं हुआ है.
भारत में पहले से ही इस मामले की जांच चल रही है.
यह मामला जो बाइडन प्रशासन के आखिरी दिनों में केवल &quot;नाम खराब करने&quot; के मकसद से लाया गया था.

अब अमेरिकी न्याय विभाग ने इस मामले को हमेशा के लिए बंद करने की मांग की है, जिससे यह केस पूरी तरह खत्म हो जाएगा. जज इस पर अंतिम फैसला सुनाने से पहले अडानी का पक्ष जानना चाहते थे, जो अब हलफनामे के जरिए साफ हो चुका है. ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 16 Jul 2026 02:30:13 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>केस, खत्म, करने, के, बदले, नहीं, हुई, कोई, डील, गौतम, अडानी, ने, अमेरिकी, कोर्ट, में, सभी, आरोपों, को, किया, खारिज</media:keywords>
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        <title>Bank Deal: बिकने जा रहा देश का ये बड़ा बैंक, कनाडा के अरबपति खरीद रहे, क्या आपका भी है इसमें खाता?</title>
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        <description><![CDATA[ Bank Deal: पिछले कई दिनों से सरकार IDBI बैंक के निजीकरण को लेकर प्लानिंग कर रही थी. लेकिन अब ये प्लानिंग जल्दी ही पूरी होने वाली है. कई मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो भारतीय मूल के अरबपति प्रेम वत्स जल्दी ही इस बैंक के आधिकारिक रूप से मालिक बन सकते हैं. क्योंकि इस बैंक को खरीदने के लिए उन्होंने सबसे बड़ा प्रपोजल सरकार के सरकार के सामने रखा है.
कंपनी ने सामने रखा प्रपोजलदरअसल भारतीय मूल के कनाडाई अरबपति प्रेम वत्स की कंपनी फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स IDBI को खरीदने के लिए काफी दिलचस्पी दिखा रही है. कंपनी की तरफ से बैंक को खरीदने के लिए 5.5 बिलियन से 5.7 बिलियन डॉलर (करीब 47,000-49,000 करोड़ रुपये) का प्रपोजल रखा है.
ये भारत के बैंकिंग सेक्टर में अब तक के सबसे बड़े विदेशी निवेशों में से एक होगा. हालांकि, सरकार ने अभी इस पर आखिरी फैसला नहीं लिया है और फिलहाल इस प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है.
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क्यों किया जा रहा है बैंक का सदा?IDBI एक निजी क्षेत्र बैंक है जिसकी 60.7% हिस्सेदारी &amp;nbsp;सरकार और LIC के पास है. जिसे वो बेचना चाहते हैं. फिलहाल सरकार के पास बैंक की करीब 45.5% और LIC के पास 49.2% हिस्सेदारी है. ये फैसला इसलिए लिया जा रहा है कि कुछ साल पहले IDBI बैंक खराब कर्ज (NPA) और कमजोर वित्तीय स्थिति से जूझ रहा था. 2018 में RBI ने बैंक को प्रॉम्प्ट करेक्टिव एक्शन (PCA) ढांचे में भी रखा था.&amp;nbsp;
हालांकि अब बैंक ने खराब कर्ज कम किया, मुनाफा बढ़ाया और अपनी वित्तीय स्थिति में सुधार किया है. जिसकी वजह से वैश्विक निवेशक इसमें निवेश करने के लिए तैयार हैं. बैंक के लिए दो कंपनियों फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स और दुबई की एमिरेट्स NBD ने दाव खेला है.
ग्राहकों पर क्या होगा असर?अगर फेयरफैक्स बैंक की हिस्सेदारी खरीद भी लेती है, तो आम ग्राहकों के लिए तुरंत कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा. बैंक की शाखाएं, जमा राशि, लोन और अन्य बैंकिंग सेवाएं पहले की तरह ही जारी रहेंगी. फिलहाल सरकार दोनों कंपनियों की बोलियों की समीक्षा कर रही है और आखिरी मंजूरी मिलने के बाद ही इस सौदे पर फैसला होगा.
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        <pubDate>Thu, 16 Jul 2026 02:30:12 +0530</pubDate>
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        <title>Content Creator: भारत के 66% कंटेंट क्रिएटर्स अब छोटे शहरों से, लेकिन नहीं कर पा रहे कमाई, जानें इसका क्या कारण है</title>
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        <description><![CDATA[ Content Creation: भारत में अब कोई और प्रोफेशन चुनने की बजाय लोग कंटेंट क्रिएशन को ही प्रोफेशन के रूप में चुन रहे हैं. कोविड के समय से शुरू हुआ कंटेंट क्रिएसन का काम शहरों से लेकर गांव तक हर जगह पर पॉपुलर हो रहा है. लेकिन इन दिनों कंटेंट क्रिएशन के काम में कई लोगों को थोड़ा ज्यादा स्ट्रगल करना पड़ रहा है. ये लोग हैं छोटी जगहों के क्रिएटर्स.
इन क्रिएटर्स के सामने चुनौतीदरअसल हाल ही में इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (ISB) और Hashfame की एक रिपोर्ट सामने आई है, इस रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि साल 2025 में भारत में करीब 41.2 लाख कंटेंट क्रिएटर हैं. इनमें से दो-तिहाई नॉन-मेट्रो शहरों से हैं. साल 2020 से 2025 के बीच छोटे शहरों के क्रिएटर्स की संख्या 6.4 गुना बढ़ी, जबकि मेट्रो सिटीज में ये बढ़ोतरी 2.6 गुना रही.
इस रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र मिलाकर ही देश के हर चार लोगों में से एक क्रिएटर बनकर सामने आता है. वहीं तमिलनाडु, कर्नाटक और गुजरात में भी उनकी आबादी के अनुपात से ज्यादा क्रिएटर हैं. छोटे शहरों के 50% से ज्यादा क्रिएटर ऐसे हैं जिनके सोशल मीडिया पर 1,000 से 10,000 फॉलोअर्स हैं. वहीं 28% क्रिएटर्स के 10,000 से 1 लाख फॉलोअर्स हैं.
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भाषावादी क्रिएटर्सबात करें भाषा के बारे में तो हिंदी में कंटेंट बनाने वाले क्रिएटर्स 42% हैं. जबकि क्षेत्रीय भाषाओं में कंटेंट बनाने वाले क्रिटर्स 58% हैं. हालांकि, भोजपुरी और कन्नड़ जैसी भाषाओं में कंटेंट बनाने वालों को उनकी संख्या के मुकाबले कम कमाई के मौके मिल रहे हैं. रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि 2020 में जहां औसत इंगेजमेंट रेट 1.8% था, वो 2025 में बढ़कर 7.2% हो गया है. यानी लोग पहले की तुलना में कंटेंट पर ज्यादा प्रतिक्रिया दे रहे हैं.
कमाई बनी सबसे बड़ी समस्याइसके बावजूद सबसे बड़ी समस्या कमाई बनी हुई है. रिपोर्ट के अनुसार, केवल करीब 15% क्रिएटर ही अपने कंटेंट से अच्छी खासी कमाई कर पा रहे हैं. बाकी अधिकतर लोगों के लिए कंटेंट क्रिएशन अभी भी एक्स्ट्रा आय का जरिया है, न कि रोजगार का जरिया है. खास बात ये भी है कि जो पहले से क्रिएटर हैं उनका कारोबार लगातार बढ़ रहा है, लेकिन जो नए क्रिएटर्स आ रहे हैं उन्हें सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
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        <pubDate>Thu, 16 Jul 2026 02:30:11 +0530</pubDate>
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        <title>Petrol&amp;Diesel Price: गाड़ी में तेल भरवाने से पहले जान लें 15 जुलाई के नए रेट, आपके शहर में आज कितने का है पेट्रोल&amp; डीजल?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/petrol-diesel-price-गाड़ी-में-तेल-भरवाने-से-पहले-जान-लें-15-जुलाई-के-नए-रेट-आपके-शहर-में-आज-कितने-का-है-पेट्रोल-डीजल</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/petrol-diesel-price-गाड़ी-में-तेल-भरवाने-से-पहले-जान-लें-15-जुलाई-के-नए-रेट-आपके-शहर-में-आज-कितने-का-है-पेट्रोल-डीजल</guid>
        <description><![CDATA[ Petrol-Diesel Price Today 15 July 2026: सुबह- सुबह गाड़ी में पेट्रोल या डीजल भरवाने जा रहे हैं तो रुकिए. हर दिन की तरह आज भी सरकारी तेल कंपनियों ने 15 जुलाई 2026 के लिए पेट्रोल और डीजल के नए रेट जारी कर दिए हैं. आपको अपनी बाइक या कार का टैंक फुल कराने से पहले अपने शहर की कीमत जरूर चेक कर लें. अच्छी बात ये है कि आज भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव लगातार बना हुआ है. यहां से शहर अनुसार रेट लिस्ट देखें.
आज पेट्रोल की कीमत (प्रति लीटर)-&amp;nbsp;

दिल्ली- 102.12 रुपये&amp;nbsp;
मुंबई- 111.21 रुपये&amp;nbsp;
कोलकाता- 113.51 रुपये&amp;nbsp;
अहमदाबाद- 101.70 रुपये&amp;nbsp;
चेन्नई-&amp;nbsp; 107.77 रुपये &amp;nbsp;
पटना-&amp;nbsp; 113.35 रुपये &amp;nbsp;
लेह- 109.81 रुपये&amp;nbsp;
हैदराबाद- 115.69 रुपये &amp;nbsp;
कोहिमा- 104.39 रुपये&amp;nbsp;

अगर होर्मुज पर अमेरिका ने किया कब्जा तो भारत पर क्या होगा असर, ट्रंप ऐंठेंगे हमारे अरबों डॉलर?
आज डीजल की कीमत (प्रति लीटर)-&amp;nbsp;

दिल्ली- 95.20 रुपये
मुंबई&amp;nbsp; 97.83 रुपये
कोलकाता- 99.82 रुपये
अहमदाबाद- 97.84 रुपये
चेन्नई-&amp;nbsp; 99.55 रुपये
पटना-&amp;nbsp; 99.36 रुपये
लेह- 97.92 रुपये
हैदराबाद- 103.82 रुपये
कोहिमा- 95.91 रुपये&amp;nbsp;

क्यों नहीं बदले दाम?पिछले कुछ समय से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है, लेकिन घरेलू स्तर पर पेट्रोल और डीजल के दाम एक जैसे ही बने हुए हैं. इसकी बड़ी वजह तेल कंपनियों की रेट सेट करने की नीति, टैक्स और बाजार की मौजूदा स्थिति है. ऐसे में फिलहाल गाड़ी चलाने वालों को किसी नई बढ़ोतरी का सामना नहीं करना पड़ा है.
भारत से लेकर जापान तक,&amp;nbsp;जानें किस देश में कितनी होती है इथेनॉल मिक्सिंग, वहां कैसा है पेट्रोल मॉडल
अलग- अलग क्यों होता है रेट?अगर आपके शहर में पेट्रोल या डीजल का रेट दिल्ली या मुंबई से अलग है तो इसका सीधा कारण राज्य सरकारों का VAT, स्थानीय टैक्स और परिवहन लागत है. इसलिए हर राज्य और शहर में पेट्रोल और डीजल की कीमत अलग-अलग होती हैं.
कितने बजे आते हैं नए रेट?इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम रोज सुबह 6 बजे पेट्रोल और डीजल के नए रेट अपडेट करते हैं. अगर किसी दिन कीमतों में बदलाव होता है तो वो भी इसी समय पता चल जाता है.
170 KM वाले होर्मुर्ज से बचने के लिए दुबई की कंपनी ने बनाया प्लान, अब ऐसे निकलेंगे जहाज ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 15 Jul 2026 10:30:22 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Petrol-Diesel, Price:, गाड़ी, में, तेल, भरवाने, से, पहले, जान, लें, जुलाई, के, नए, रेट, आपके, शहर, में, आज, कितने, का, है, पेट्रोल-, डीजल</media:keywords>
    </item>
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        <title>LPG Rate Today: अमेरिका&amp;ईरान में तनाव के बीच कहीं आज बढ़ तो नहीं गया सिलेंडर का रेट? फटाफट चेक करें कीमत</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/lpg-rate-today-अमेरिका-ईरान-में-तनाव-के-बीच-कहीं-आज-बढ़-तो-नहीं-गया-सिलेंडर-का-रेट-फटाफट-चेक-करें-कीमत</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/lpg-rate-today-अमेरिका-ईरान-में-तनाव-के-बीच-कहीं-आज-बढ़-तो-नहीं-गया-सिलेंडर-का-रेट-फटाफट-चेक-करें-कीमत</guid>
        <description><![CDATA[ LPG Rate Today on July 15: आज सरकारी तेल कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) ने देश भर में एलपीजी की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है. होर्मुज (Strait of Hormuz)&amp;nbsp; की नाकाबंदी और पश्चिम एशिया में दोबारा बढ़ते तनाव के बावजूद आज भी कमर्शियल और घरेलू गैस सिलेंडरों की कीमतें स्थिर रखी गई हैं. इससे पहले 1 जुलाई को 19 किलो वाले कमर्शिल सिलेंडर की कीमतों में 183.50 रुपये की बड़ी कटौती की गई थीं, जबकि 14.2 किलो घरेलू रसोई गैस की कीमतें 7 जून को 29 रुपये बढ़ाई गई थीं, तब से कीमतें स्थिर बनी हुई हैं.&amp;nbsp;
आज शहरवार LPG की कीमतें&amp;nbsp;



शहर&amp;nbsp;
घरेलू सिलेंडर की कीमत
कमर्शियल सिलेंडर की कीमत


दिल्ली
942.0 रुपये
2930.0 रुपये


मुंबई
941.5 रुपये
2885.5 रुपये


कोलकाता
968.0 रुपये
3082.0 रुपये


चेन्नई
957.5 रुपये
3106.0 रुपये


चंडीगढ़
951.5 रुपये
2954.5 रुपये&amp;nbsp;


देहरादून
961.0 रुपये
2983.5 रुपये


हैदराबाद
934.0 रुपये
2052.5 रुपये


भुवनेश्वर&amp;nbsp;
968.0 रुपये
3115.0 रुपये


तिरुवनंतपुरम
&amp;nbsp;951.0 रुपये
2970.5 रुपये



अमेरिका और ईरान में फिर से तनाव
पश्चिम एशिया में पिछले तीन हफ्तों से चला आ रहा युद्ध विराम पूरी तरह से टूट गया है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड एक तरफ जहां दक्षिणी ईरान के तटीय शहरों, रडार सिस्टम, मिसाइल ठिकानों और एयर डिफेंड सिस्टम्स को निशाना बना रहे हैं. अमेरिकी सेना के 20 से अधिक युद्धपोत और सैकड़ों लड़ाकू विमानों ने ईरान के समुद्री रास्तों का पूरी तरह से घेर लिया है. इससे ईरानी बंदरगाहों से जहाजों की आवाजाही ठप्प हो गई है.&amp;nbsp;
वहीं, ईरान ने भी पलटवार करते हुए बहरीन, कुवैत, जॉर्डल और ओमान जैसे खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें दागी हैं. इस भयंकर सैन्य टकराव का असर क्रूड ऑयल पर पड़ा है, जो 71 डॉलर प्रति बैरल के अपने पिछले निचले स्तर से अब धीरे-धीरे फिर से अपने उच्चतम स्तर की ओर बढ़ रहा है.
इससे आगे आने वाले समय में भारत में पेट्रोल-डीजल और LPG की कीमतों पर असर पड़ सकता है क्योंकि भारत का ज्यादातर एनर्जी शिपमेंट होर्मुज से होकर होता है. ऐसे में महंगे क्रूड का दबाव तो पहले से ही है, ऊपर से होर्मुज से सप्लाई चेन टूटने पर जहाजों व टैंकरों को केप ऑफ गुड होप का लंबा रास्ता तय करना होगा, जिसमें वक्त भी अधिक लगेगा यानि कि माल ढुलाई का खर्च बढ़ेगा, साथ ही समुद्री बीमा प्रीमियम बढ़ने से देश में ईंधन की कीमतें भी बढ़ेंगी.&amp;nbsp;

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        <enclosure url="http://hindi.attentionindia.com/uploads/images/202607/image_870x580_6a5713e5d5283.jpg" length="114237" type="image/jpeg"/>
        <pubDate>Wed, 15 Jul 2026 10:30:20 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>LPG, Rate, Today:, अमेरिका-ईरान, में, तनाव, के, बीच, कहीं, आज, बढ़, तो, नहीं, गया, सिलेंडर, का, रेट, फटाफट, चेक, करें, कीमत</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>क्या आपके पास है यह शेयर जिस पर विजय केडिया ने लगाया बड़ा दांव? खरीद डाले पूरे 83930 शेयर</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/क्या-आपके-पास-है-यह-शेयर-जिस-पर-विजय-केडिया-ने-लगाया-बड़ा-दांव-खरीद-डाले-पूरे-83930-शेयर</link>
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        <description><![CDATA[ Small Cap Stock: शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच अगर मुनाफा कमाना है, तो बाजार की हर गतिविधि पर नजर रखनी होगी. किसी भी स्टॉक में निवेश करने से पहले यह देखना जरूरी है कि किन-किन दिग्गज निवेशकों ने इस पर अपनी हिस्सेदारी कम की है या बढ़ाई है.
अगर आप भी एक रिटेल निवेशक है और आपको मुनाफे के लिए किसी बेहतरीन स्टॉक की तलाश है, तो हम आपको एक ऐसी ही कंपनी के शेयर के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे दिग्गज निवेशक विजय केडिया ने भी अपने पोर्टफोलियो में शामिल किया है.&amp;nbsp;
केडिया ने खरीदे 83930 शेयर
यहां स्मॉलकैप माइनिंग इंजीनियरिंग कंपनी Eimco Elecon की बात की जा रही है. केडिया ने अपनी इंवेस्टमेंट यूनिट &#039;केडिया सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड&#039; के जरिए कंपनी ने नई एंट्री ली है. विजय केडिया ने इस कंपनी के 83930 शेयर खरीदे हैं, जिसके बाद कंपनी में उनकी हिस्सेदारी 1.45% हो गई है. कल मंगलवार को BSE पर ईमको एलेकॉन के शेयर 1767 रुपये के स्तर पर बंद हुए. इस हिसाब से कंपनी में केडिया की हिस्सेदारी की टोटल वैल्यू करीब 14.8 करोड़ रुपये से 15 करोड़ के रेंज में बैठ रही है.&amp;nbsp;
शेयर का कैसा रहा है परफॉर्मेंस?
ईमको एलेकॉन के शेयरों में पिछले एक महीने में 14% से ज्यादा की तेजी देखने को मिली है. 1019 करोड़ रुपये के मार्केट कैप वाली इस कंपनी के शेयरों का 52- वीका का हाई लेवल 2578.65 रुपये और 52- वीक का लो लेवल 1413.70 रुपये है.
केडिया ने क्यों किया भरोसा?
जून 2026 की तिमाही में विदेशी निवेशकों (FIIs) ने भी स्टॉक पर अपनी हिस्सेदारी 3.10% से बढ़ाकर 3.25% कर ली है. मार्च 2026 तक&amp;nbsp;अंडरग्राउंड और ओपनकास्ट माइनिंग में इस्तेमाल होने वाले भारी उपकरण और मशीनरी बनाने वाली इस कंपनी पर केवल 4 करोड़ रुपये का कर्ज था. इसके मुकाबले कंपनी के पास 462 करोड़ का मजबूत कैश रिजर्व और 205 करोड़ का निवेश पोर्टफोलियो मौजूद है. भारत में माइनिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर्स में जिस तेजी से मॉर्डन और क्लीन-टेक मशीनों की मांग बढ़ रही है, जिससे कैश-रिच इस कंपनी को बड़ा मुनाफा हो सकता है.&amp;nbsp;
डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)

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E20 News: भारत से लेकर जापान तक, जानें किस देश में कितनी होती है इथेनॉल मिक्सिंग, वहां कैसा है पेट्रोल मॉडल&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 15 Jul 2026 10:30:19 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>क्या, आपके, पास, है, यह, शेयर, जिस, पर, विजय, केडिया, ने, लगाया, बड़ा, दांव, खरीद, डाले, पूरे, 83930, शेयर</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>Gold&amp;Silver Price Today: सुबह&amp; सुबह सस्ता हुआ सोना, चांदी स्थिर, जानें अपने शहर में कितना है 18K, 22K, 24K सोने का भाव</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/gold-silver-price-today-सुबह-सुबह-सस्ता-हुआ-सोना-चांदी-स्थिर-जानें-अपने-शहर-में-कितना-है-18k-22k-24k-सोने-का-भाव</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/gold-silver-price-today-सुबह-सुबह-सस्ता-हुआ-सोना-चांदी-स्थिर-जानें-अपने-शहर-में-कितना-है-18k-22k-24k-सोने-का-भाव</guid>
        <description><![CDATA[ Gold-Silver Price Today 15 July 2026: अगर आपके घर भी शादी, पार्टी या फंक्शन आ रहे हैं और आप सोना या चांदी खरीदने वाली हैं तो ये खबर आपके लिए है. असल में खुशखबर ही है, क्योंकि सोना सस्ता हो गया है. आज 15 जुलाई 2026 को एक बार फिर सोने की कीमतों में 0.38% की हल्की गिरावट दर्ज की गई है. 24 कैरेट सोना 10 ग्राम पर 540 रुपये सस्ता होकर 142260 रुपये पर पहुंच गया है. वहीं, 22 कैरेट सोने की कीमत भी 500 रुपये घटकर 130400 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई है. दूसरी ओर, चांदी को देखें तो इसकी कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ है और ये 234900 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही है. यहां से आप सोना और चांदी, दोनों की ही रेट लिस्ट देख सकते हैं.&amp;nbsp;
शहर अनुसार सोने का भाव (10 ग्राम वजन में)-&amp;nbsp;



शहर
24 कैरेट सोना&amp;nbsp;
22 कैरेट सोना
18 कैरेट सोना


दिल्ली
142950
131050
107250


मुंबई
142800
130900
107100


कोलकाता
142800
130900
107100


चेन्नई
143460
131500
109700


पटना
142850
130950
107150


लखनऊ
142950
131050
107250


मेरठ
142950
131050
107250


अयोध्या
142950
131050
107250


कानपुर
142950
131050
107250


गाजियाबाद
142950
131050
107250


नोएडा
142950
131050
107250


गुरुग्राम
142950
131050
107250


चंडीगढ़
142950
131050
107250


जयपुर
142950
131050
107250


लुधियाना
142950
131150
107250


गुवाहाटी
142800
130900
107100


इंदौर
142850
131050
107150


अहमदाबाद
142850
₹130950
107150


वडोदरा
142850
130950
107150


सूरत
142850
130950
107150


पुणे
142800
130900
107100


नागपुर
142800
130900
107100


नासिक
142830
130930
107130


बैंगलोर
142800
130900
107100


भुवनेश्वर
142800
130900
107100


रायपुर
142800
130900
107100


हैदराबाद
142800
130900
107100



गाड़ी में तेल भरवाने से पहले जान लें 15 जुलाई के नए रेट, आपके शहर में आज कितने का है पेट्रोल- डीजल?
शहर अनुसार चांदी का भाव-&amp;nbsp;



शहर
1 किलो चांदी का भाव


दिल्ली
2,35,000


मुंबई
2,35,000


कोलकाता
2,35,000


चेन्नई
2,40,000


पटना
2,35,000


लखनऊ
2,35,000


मेरठ
2,35,000


अयोध्या
2,35,000


कानपुर
2,35,000


गाजियाबाद
2,35,000


नोएडा
2,35,000


गुरुग्राम
2,35,000


जयपुर
2,35,000


लुधियाना
2,35,000


गुवाहाटी
2,35,000


इंदौर
2,35,000


अहमदाबाद
2,35,000


वडोदरा
2,35,000


सूरत
2,35,000


पुणे
2,35,000


नागपुर
2,35,000


चंडीगढ़
2,35,000


नासिक
2,35,000


बैंगलोर
2,35,000


भुवनेश्वर
2,40,000


रायपुर
2,35,000


हैदराबाद
2,40,000



सोना खरीदते समय रखें इन बातों का खास ख्याल-&amp;nbsp;&amp;nbsp;
सोना हमेशा हॉलमार्क का ही लें और इसकी शुद्धता भी चेक करें. देखें कि सोना कितने कैरेट का है. साथ ही सोने पर 6 अंको का HUID नंबर होता है, वो चेक करें. सोना लेने से पहले मेकिंग चार्ज पूछें और लेने के बाद पक्का बिल जरूर लें. सोने की खरीद पर नियमानुसार 3% का जीएसटी (GST) अलग से लगाया जाता है, जिसे आपके बिल में जोड़ा जाएगा, तो इसके बारे में भी पूछ लें.
क्या आपके पास है यह शेयर जिस पर विजय केडिया ने लगाया बड़ा दांव? खरीद डाले पूरे 83930 शेयर ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 15 Jul 2026 10:30:18 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Gold-Silver, Price, Today:, सुबह-, सुबह, सस्ता, हुआ, सोना, चांदी, स्थिर, जानें, अपने, शहर, में, कितना, है, 18K, 22K, 24K, सोने, का, भाव</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>37700 करोड़ के IPO से पहले Jio ने लिया बड़ा फैसला, जानें कंपनी ने एकाएक उठाया कौन सा कदम?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/37700-करोड़-के-ipo-से-पहले-jio-ने-लिया-बड़ा-फैसला-जानें-कंपनी-ने-एकाएक-उठाया-कौन-सा-कदम</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/37700-करोड़-के-ipo-से-पहले-jio-ने-लिया-बड़ा-फैसला-जानें-कंपनी-ने-एकाएक-उठाया-कौन-सा-कदम</guid>
        <description><![CDATA[ Jio IPO: अगर आप भी उनमें से हैं, जिन्हें मुकेश अंबानी की कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio Platforms) के आईपीओ के आने का बेसब्री से इंतजार है, तो यह खबर आपके लिए है. दरअसल, कंपनी ने अपनी टॉप लीडरशिप में बड़ा बदलाव किया है.
कंपनी ने किरण थॉमस (Kiran Thomas) की जगह पंकज पवार (Pankaj Mohan Pawar) को अपना नया CEO (Chief Executive Officer) चुना है. इस बदलाव की जानकारी IPO के लिए मार्केट रेगुलेटर SEBI के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट पेपर्स में दी गई है. इसके मुताबिक, पूर्व सीईओ किरण थॉमस ने 23 मार्च को CEO के अपने पद से इस्तीफा दे दिया था और इसके अगले ही दिन 24 &amp;nbsp;मार्च को पंकज पवार ने बतौर हट गए और पवार ने इसके अगले ही दिन 24 मार्च से बतौर सीईओ कमान संभाल ली थी.&amp;nbsp;
कौन है नए सीईओ पंकज पवार?
53 साल के पंकज पवार साल 2000 से रिलायंस ग्रुप से जुड़े हुए हैं. उन्हें कन्ज्यूमर और डिजिटल बिजनेस का करीब 30 साल का लंबा अनुभव है. इससे पहले वह जियो की टेलीकॉम यूनिट Reliance Jio Infocomm के मैनेजिंग डायरेक्टर के तौर पर काम कर चुके हैं.
कब आ रहा जियो का आईपीओ?
जियो का आईपीओ अगस्त से अक्टूबर 2026 के बीच बाजार में लॉन्च हो सकता है. कंपनी ने बीते 19 जून को सेबी के पास अपना DRHP जमा करा दिया है.कंपनी इस आईपीओ के जरिए करीब चार अरब डॉलर (लगभग 37,700 करोड़ रुपये) जुटाने की तैयारी में है. इस आईपीओ के लिए जियो की वैल्यूएशन करीब 137 बिलियन डॉलर (लगभग 11.5 लाख करोड़) आंकी जा रही है. आईपीओ में कोई &#039;ऑफर फॉर सेल&#039; (OFS) नहीं होगा. यानी कि जुटाई गई रकम का इस्तेमाल कंपनी अपने बिजनेस ग्रोथ, एआई इंफ्रास्ट्रक्चर को डेवलप करने और पुराने कर्ज चुकाने के लिए करेगी.

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        <pubDate>Wed, 15 Jul 2026 10:30:17 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>37700, करोड़, के, IPO, से, पहले, Jio, ने, लिया, बड़ा, फैसला, जानें, कंपनी, ने, एकाएक, उठाया, कौन, सा, कदम</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>Petrol&amp;Diesel Price: होर्मुज संकट से टेंशन में सरकार, पेट्रोल&amp;डीजल होगा महंगा या टैक्स घटाएगी सरकार?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/petrol-diesel-price-होर्मुज-संकट-से-टेंशन-में-सरकार-पेट्रोल-डीजल-होगा-महंगा-या-टैक्स-घटाएगी-सरकार</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/petrol-diesel-price-होर्मुज-संकट-से-टेंशन-में-सरकार-पेट्रोल-डीजल-होगा-महंगा-या-टैक्स-घटाएगी-सरकार</guid>
        <description><![CDATA[ Petrol Diesel News: ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध एक बार फिर से शुरू हो गया है. जिसके कारण एक बार फिर से लोगों के मन में डर बैठ गया है कि क्या दोबारा महंगाई बढ़ेगी? होर्मुज पर एक बार फिर से युद्ध के कारण संकट की स्थिति है जिसकी वजह से लग रहा है कि अब दोबारा पेट्रोल- डीजल की कीमतें बढ़ेंगी. हालांकि फिलहाल सरकार की तरफ से ऐसा कुछ कहा नहीं गया है. लेकिन फिर भी एक बार समझते हैं कि सरकार ऐसी संकट की स्थिति में क्या कर सकती है.
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतेंमार्च और अप्रैल के महीने में कच्चे तेल के दामों में बढ़ोतरी हुई थी. जिसकी वजह से मई में सरकार को पेट्रोल- डीजल की कीमतों में इजाफा करना पड़ा था. जिससे आम जनता काफी परेशान हुई थी. तो वहीं अब एक बार फिर से स्थिति वैसी ही है. क्योंकि ईरान- अमेरिका का युद्ध शुरू हो गया है, जिसके कारण कच्चे तेल की कीमतें एक बार फिर से बढ़ गई हैं. आज यानी मंगलवार को ब्रेंट क्रूड ऑइल की कीमत करीब 86 रुपये डॉलर प्रति बैरेल हो गई है.
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सरकार के पास हैं दो रास्तेसरकार के पास फिलहाल की स्थिति में दो रास्ते हैं या तो वो पेट्रोल- डीजल की कीमतें बढ़ाकर जनता पर इसका सारा बोझ डाल दे, या फिर टैक्स घटाकर सारा बोझ खुद के ऊपर ले ले. हालांकि फिलहाल सरकार ने ऐसी कोई बात नहीं की है लेकिन फिर भी जनता के मन में लगातार कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से अच्छा- खासा तनाव है.
तेल कंपनियों पर भी है दबावजनता से भी ज्यादा दबाव में इस समय यदि कोई है तो वो हैं तेल कंपनियां, क्योंकि तेल महंगा होने का सबसे बड़ा असर सरकारी तेल कंपनियों पर पड़ता है. इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) - भारत पेट्रोलियम कंपनी लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) जैसे सरकारी कंपनियां कई बार राजनीतिक और सामाजिक कारणों से तुरंत कीमतें नहीं बढ़ा पाते. जिसका दबाव उनके ऊपर पड़ता है और कंपनियां घाटे में जाती हैं.
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक जून 2026 तक इन कंपनियों की कुल अंडर-रिकवरी 2.19 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी थी. इसका मतलब है कि कंपनियां लंबे समय तक लागत से कम कीमत पर ईंधन बेचती रहीं. अब अगर एक बार फिर से वैसी ही स्थिति बनती है तो दोबारा तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ेगा.
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मई में बढ़ी थीं कीमतेंईरान- यूएस के बीच का युद्ध फरवी से चल रहा था, लेकिन सरकार ने अप्रैल तक टैक्स कम किया और लोगों के ऊपर कीमतें बढ़ने का दबाव नहीं आने दिया. लेकिन जब सरकार और तेल कंपनियों पर ज्यादा दबाव बढ़ा तब सरकार ने पेट्रोल- डीजल की कीमतें बढ़ाने का फैसला किया. मई के महीने में 4 बार पेट्रोल- डीजल की कीमतों में इजाफा हुआ. यदि एक बार फिर से कच्चे तेल की कीमतें 100 रुपये डॉलर प्रति बैरल के पार होती हैं तो एर बार फिर से सरकारी और तेल कंपनियां दबाव में आ जाएंगी. तब सरकार के पास यही दो विकल्प रह जाएंगे. अब देखना होगा कि सरकार पहले ही जनता पर बोझ डालती है या कुछ समय स्थित को संभालती है.
 ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 14 Jul 2026 22:30:16 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Petrol-Diesel, Price:, होर्मुज, संकट, से, टेंशन, में, सरकार, पेट्रोल-डीजल, होगा, महंगा, या, टैक्स, घटाएगी, सरकार</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>Flight Tickets: 4999 का फ्लाइट टिकट 9000 में कैसे बदल जाता है? कम किराया दिखाकर कैसे जेब काटती हैं एयरलाइंस? समझें पूरा खेल</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/flight-tickets-4999-का-फ्लाइट-टिकट-9000-में-कैसे-बदल-जाता-है-कम-किराया-दिखाकर-कैसे-जेब-काटती-हैं-एयरलाइंस-समझें-पूरा-खेल</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/flight-tickets-4999-का-फ्लाइट-टिकट-9000-में-कैसे-बदल-जाता-है-कम-किराया-दिखाकर-कैसे-जेब-काटती-हैं-एयरलाइंस-समझें-पूरा-खेल</guid>
        <description><![CDATA[ Flight Ticket Booking: फ्लाइट का टिकट बुक करते वक्त आपने भी यह महसूस किया होगा. सर्च करते समय किराया 4999 रुपए दिखता है, लेकिन पेमेंट करते-करते बिल 8 से 9 हजार पहुंच जाता है.&amp;nbsp;सीट चुनने के पैसे, बैग के पैसे, खाने के पैसे और आखिर में कन्वीनियंस फीस अलग से. यह कोई इत्तेफाक नहीं है, बल्कि एयरलाइंस और बुकिंग प्लेटफॉर्म्स का सोचा-समझा बिजनेस मॉडल है.&amp;nbsp;
अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है और कोर्ट ने केंद्र सरकार को दो हफ्ते के अंदर नए एविएशन नियम पेश करने का निर्देश दिया है. भले ही ये नियम अभी संसद में रखे गए हों या नहीं.&amp;nbsp;
सबसे पहले समझिए सस्ते टिकट का झांसा क्या है?
एयरलाइंस की कमाई का गणित अब सिर्फ टिकट से नहीं चलता. एयरलाइंस अपनी फ्लाइट की कुछ सीटें औसत लागत से भी कम दाम पर बेचती हैं, ताकि कम पैसे देने वाले ग्राहक आकर्षित हों.&amp;nbsp;यही सस्ता किराया विज्ञापनों में दिखाया जाता है. असली कमाई बाद में होती है, जिसे इंडस्ट्री की भाषा में एंसिलरी रेवेन्यू कहते हैं.
दुनियाभर में एयरलाइंस की कुल कमाई का करीब 14 से 16 फीसदी हिस्सा अब इन्हीं अतिरिक्त चार्ज से आता है. यानी बैग, सीट, खाना, प्रायोरिटी बोर्डिंग, सब कुछ अलग से बिकता है.
Wealth: दौलत की क्या परिभाषा है, ये क्या होती है, कैसे बताएं कि राम के पास दौलत है और श्याम के पास नहीं?
बुकिंग से बोर्डिंग तक कहां-कहां कटती है जेब?
पहला पड़ाव है सर्च और बुकिंग&amp;nbsp;
यहां आपको बेस फेयर दिखाया जाता है. पेमेंट पेज तक पहुंचते-पहुंचते टैक्स, फ्यूल चार्ज और एयरपोर्ट फीस जुड़ती जाती है. फिर ट्रैवल पोर्टल्स की कन्वीनियंस फीस अलग से लगती है जो ज्यादातर बड़े प्लेटफॉर्म्स पर प्रति यात्री करीब 149 से 499 रुपए तक होती है. यह पैसा एयरलाइन को नहीं बल्कि बुकिंग पोर्टल को जाता है.
दूसरा पड़ाव है सीट सिलेक्शन
विंडो या पसंदीदा सीट चुनने के लिए आमतौर पर 300 से 800 रुपए प्रति फ्लाइट देने पड़ते हैं और एक्स्ट्रा लेगरूम वाली सीटों के दाम इससे कहीं ज्यादा होते हैं. परिवार साथ बैठना चाहे तो अक्सर हर सदस्य के लिए अलग पेमेंट करनी पड़ती है.
तीसरा पड़ाव है बैगेज
यह इस पूरी कहानी का सबसे बड़ा विवाद है. सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहा गया है कि सभी निजी एयरलाइंस ने बिना किसी ठोस वजह के इकोनॉमी क्लास यात्रियों का फ्री चेक-इन बैगेज 25 किलो से घटाकर 15 किलो कर दिया यानी जो सुविधा पहले टिकट में शामिल थी, उसे कमाई का नया जरिया बना दिया गया. तय सीमा से ज्यादा वजन होने पर घरेलू उड़ानों में 400 से 750 रुपए प्रति किलो तक वसूले जाते हैं
चौथा पड़ाव है कैंसिलेशन और बदलाव
टिकट कैंसिल करने पर आमतौर पर 2500 से 3500 रुपए तक की फीस कट जाती है, जो कई बार सस्ते टिकट की पूरी कीमत के बराबर होती है.
डार्क पैटर्न यानी स्क्रीन पर छिपा जाल
सरकार खुद मानती है कि बुकिंग प्लेटफॉर्म्स पर यात्रियों को भ्रमित करने वाले तरीके इस्तेमाल होते हैं. उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण CCPA ने नवंबर 2023 में 13 तरह के डार्क पैटर्न पर रोक लगाई थी, जिनमें फॉल्स अर्जेंसी, बास्केट स्नीकिंग, कन्फर्म शेमिंग, ड्रिप प्राइसिंग जैसे तरीके शामिल हैं.
ATM के बाहर लगेगी नोटबंदी जैसी लाइन! होने वाली है कैश की किल्लत, बड़ी हड़ताल का ऐलान
आसान भाषा में समझें तो फॉल्स अर्जेंसी का मतलब है स्क्रीन पर बार-बार &#039;सिर्फ 2 सीटें बचीं&#039; जैसा दबाव दिखाना.&amp;nbsp;बास्केट स्नीकिंग का मतलब है आपकी मर्जी के बिना इंश्योरेंस या मील जैसी चीज कार्ट में जोड़ देना और ड्रिप प्राइसिंग का मतलब है असली कीमत आखिरी पेमेंट स्टेप पर जाकर खोलना.
यह समस्या कितनी बड़ी है इसका अंदाजा एक सर्वे से लगता है. LocalCircles के सर्वे में 62 फीसदी उपभोक्ताओं ने कहा कि उन्हें फ्लाइट बुकिंग में ऐसे हिडन चार्ज का सामना बार-बार करना पड़ा जो पहले से नहीं बताए गए थे, जबकि 40 फीसदी ने कहा कि उनकी सहमति के बिना कोई सर्विस उनके कार्ट में जोड़ दी गई.
दिसंबर 2025 में इंडिगो के बड़े संकट के दौरान जब हफ्तेभर में 5000 से ज्यादा उड़ानें रद्द हुईं, तब ऐसी शिकायतें और बढ़ गईं. एयरलाइन ने फ्री कैंसिलेशन और पूरे रिफंड का वादा किया था, लेकिन कई यात्रियों ने बताया कि ऐप पर कैंसिल का विकल्प ही काम नहीं कर रहा था और सिर्फ तारीख बदलने का ऑप्शन दिख रहा था.
डायनेमिक प्राइसिंग, यानी एक ही सीट के कई दाम
अब सवाल यह कि आखिर किराया घटता-बढ़ता कैसे है. दरअसल 1994 में एयर कॉरपोरेशन एक्ट खत्म होने के बाद से भारत में हवाई किराया पूरी तरह बाजार तय करता है. सरकार किराया न तय करती है और न नियंत्रित करती है. एयरलाइंस कई प्राइस लेवल यानी बकेट्स में टिकट बेचती हैं जिन्हें RBD कहा जाता है.
सबसे सस्ती बकेट पहले बिकती है और जैसे-जैसे सीटें भरती हैं, दाम अगली महंगी बकेट में चला जाता है. यही वजह है कि त्योहार या लंबे वीकेंड पर किराया कई गुना हो जाता है. सुप्रीम कोर्ट ने खुद इसका उदाहरण दिया. बेंच ने कहा कि एक ही दिन, एक ही रूट पर एक एयरलाइन इकोनॉमी का 8000 रुपए ले रही है तो दूसरी 18000 रुपए.
सुप्रीम कोर्ट में क्या-क्या हुआ, पूरी टाइमलाइन
यह मामला सामाजिक कार्यकर्ता एस लक्ष्मीनारायणन की जनहित याचिका से शुरू हुआ. नवंबर में कोर्ट ने केंद्र और अन्य पक्षों से जवाब मांगा था. याचिका में एक ऐसे मजबूत और स्वतंत्र रेगुलेटर की मांग की गई है, जो किराए में पारदर्शिता और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करे. कोर्ट किराए में बेतहाशा बढ़ोतरी को &#039;शोषण&#039; तक कह चुका है.
याचिका का सबसे तीखा तर्क यह है कि फिलहाल किसी भी अथॉरिटी के पास किराए या अतिरिक्त फीस की समीक्षा करने या उन पर सीमा लगाने की ताकत नहीं है, जिससे एयरलाइंस हिडन चार्ज और अनिश्चित प्राइसिंग के जरिए उपभोक्ताओं का शोषण कर पाती हैं.
अब जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने केंद्र से पूछा कि नए एविएशन नियम अधिसूचित करने में देरी क्यों हो रही है. केंद्र की ओर से बताया गया कि भारतीय व ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 14 Jul 2026 22:30:15 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Flight, Tickets:, 4999, का, फ्लाइट, टिकट, 9000, में, कैसे, बदल, जाता, है, कम, किराया, दिखाकर, कैसे, जेब, काटती, हैं, एयरलाइंस, समझें, पूरा, खेल</media:keywords>
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        <title>LPG News: बचाकर चलो गैस, होर्मुज से 90% एलपीजी सप्लाई पर मंडराया खतरा, कंपनियों ने झेला 700 रुपए का नुकसान</title>
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        <description><![CDATA[ LPG News: पिछली बार यानी फरवरी में जब यूएस और ईरान के बीच युद्ध शुरू हुआ था, तब तेल और गैस की किल्लत से भारत भी परेशान था. जब दोनों देशों के बीच युद्धविराम लगा तो जनता ने और सरकार ने थोड़ी राहत की सांस ली थी. लेकिन अब जब एक बार फिर दोनों देशों के बीच ये युद्ध शुरू हो गया है तो एक बार फिर स्थिति जस की तस हो गई है. ऐसे हालातों में रसोई गैस को सबसे बड़ा खतरा माना जा रहा है, आइये जानते हैं क्यों?
LPG को लेकर स्थिति हुई गंभीरदरअसर भारत अपनी जरूरत की LPG का अधिकतम हिस्सा बाहर से आयात करता है, जिसमें से भी 90 प्रतिशत LPG &amp;nbsp;स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होते हुए भारत आती है. ऐसे में सबसे बड़ा खतरा गैस की किल्लतों को लेकर ही है. मार्च, अप्रैल और मई के महीने में भारत ने गैस की खूब किल्लत देखी, लोगों को एक- एक महीना सिलेंडर के लिए इंतजार करना पड़ा, तो वहीं लंबी लाइनों में भी लगना पड़ा. ऐसे अगर युद्ध के कारण दोबारा समुद्री रास्ता बाधित हुआ तो घरेलू गैस सिलेंडर की सप्लाई प्रभावित हो सकती है. इतना ही नहीं कीमतों में भी इजाफा हो सकता है.
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सरकारी तेल कंपनियों ने उठाया नुकसानजैसे पेट्रोल डीजल की कीमतें ना बढ़ा पाने के कारण तेल कंपनियों ने नुकसान झेला है, वैसे ही गैस की वजह से भी तेल कंपनियों ने काफी नुकसान झेला है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार जून 2026 तक सरकारी तेल कंपनियां हर घरेलू LPG सिलेंडर पर 500 से 700 रुपये तक का नुकसान उठा रही थीं. अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें फिर बढ़ती हैं तो सरकार के सामने दो ही ऑप्शन होंगे या तो सब्सिडी बढ़ाई जाए या फिर सिलेंडर महंगा किया जाए.
रणनीतिक भंडार की है जरूरतदेश को इस संकट की स्थिति से बचने के लिए रणनीति बनाकर चलने की जरूरत है. केवल रोजाना तेल खरीदाकर इस्तेमाल करने से बेहतर होगा कि देश में इसका भंडार रखा जाए. फिलहाल भारत के पास 5.33 मिलियन मीट्रिक टन का स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व है, जो सिर्फ 9.5 दिन की जरूरत पूरी कर सकता है. जबकि IEA करीब 90 दिन का रणनीतिक भंडार रखने की सलाह देता है.
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        <pubDate>Tue, 14 Jul 2026 22:30:13 +0530</pubDate>
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        <title>Share vs Bond: अपना ज्ञान बढ़ाएं, शेयर और बॉन्ड में क्या अंतर होता है, कहां मिलता है ज्यादा फायदा? आसान भाषा में समझें</title>
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        <description><![CDATA[ Share vs Bond: आजकल हर व्यक्ति बचत को सही जगह निवेश करने पर ज्यादा जोर दे रहा है. इसके लिए लोग ऐसी जगह निवेश करना चाहते हैं, जहां से उन्हें अच्छा-खासा रिटर्न मिल सके. मौजूदा समय में निवेश के कई सारे विकल्प मौजूद हैं. इनमें शेयर और बॉन्ड भी लोगों के बीच चर्चा में रहते हैं. लेकिन कई लोग इन दोनों को एक जैसा समझने की गलती कर देते हैं. जबकि, दोनों का जोखिम और कमाई का तरीका बिल्कुल अलग होता है. इसलिए बेहतर यही है कि निवेश करने से पहले इन दोनों के बीच के अंतर के बारे में समझ लेना चाहिए.&amp;nbsp;
क्या होता है शेयर?
अगर आसान शब्दों में समझें तो जब आप किसी कंपनी का शेयर खरीदते हैं तो आप उस कंपनी में हिस्सेदार बन जाते हैं. इसका मतलब यह है कि अगर कंपनी को फायदा होगा तो आपको भी फायदा होगा, लेकिन उसके नुकसान का असर भी आपके निवेश पर पड़ सकता है. अगर कंपनी अच्छा प्रदर्शन कर रही है तो शेयर की कीमत बढ़ सकती है, जिसकी वजह से आपको अच्छा रिटर्न भी मिल सकता है. लेकिन वहीं कंपनी का प्रदर्शन खराब रहता है तो निवेश की गई वैल्यू पर भी असर पड़ेगा. यानी उसकी वैल्यू घट सकती है.
बचाकर चलो गैस, होर्मुज से 90% एलपीजी सप्लाई पर मंडराया खतरा, कंपनियों ने झेला 700 रुपए का नुकसान
क्या होता है बॉन्ड?
अब बात करते हैं बॉन्ड की. इसमें निवेश करने का मतलब कि आप किसी कंपनी या सरकार को तय समय के लिए पैसा उधार दे रहे हैं. जब आप पैसे उधार देते हो तो इसके बदले में आपको तय ब्याज मिलता है और समय पूरा होने पर आपका पूरा पैसा भी वापस कर दिया जाता है. इसमें निवेशक कंपनी का मालिक नहीं बनता, वह सिर्फ उधार देने वाला होता है.&amp;nbsp;
दोनों के अंतर को समझें

जब आप शेयर खरीदते हैं तो आप कंपनी के हिस्सेदार बन जाते हैं, जबकि बॉन्ड खरीदने पर आप सिर्फ कंपनी या सरकार को लोन देने वाले होते हैं.
शेयर में निवेशक की कमाई कंपनी के प्रदर्शन पर निर्भर करती है और शेयर की कीमत पर भी निर्भर करती है, जबकि बॉन्ड में आपको लोन देने के बाद तय ब्याज मिलता है.
जोखिम की बात करें तो शेयर में ज्यादा होता है, क्योंकि अगर कंपनी का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहता है तो उसका असर निवेश पर पड़ेगा.
आमतौर पर देखा जाए तो बॉन्ड को सुरक्षित माना जाता है, क्योंकि इसमें पहले से ही ब्याज तय रहता है.
हालांकि, शेयर से मिलने वाला मुनाफा सीमित नहीं होता है, वहीं बॉन्ड में रिटर्न पहले से ही तय रहता है.&amp;nbsp;

कहां मिलेगा ज्यादा फायदा?

अगर आप ज्यादा जोखिम उठाकर ज्यादा मुनाफा कमाना चाहते हैं तो आपके लिए शेयर एक बेहतर ऑप्शन है.
वहीं अगर आप एक तय रिटर्न और सुरक्षित निवेश करना चाहते हैं तो बॉन्ड एक अच्छा विकल्प है.

होर्मुज संकट से टेंशन में सरकार, पेट्रोल-डीजल होगा महंगा या टैक्स घटाएगी सरकार?
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        <pubDate>Tue, 14 Jul 2026 22:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Share, Bond:, अपना, ज्ञान, बढ़ाएं, शेयर, और, बॉन्ड, में, क्या, अंतर, होता, है, कहां, मिलता, है, ज्यादा, फायदा, आसान, भाषा, में, समझें</media:keywords>
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        <title>RBI आपके फोन में डालेगा नकद पैसा, जानें क्या है रिजर्व बैंक का नया डिजिटल करेंसी सिस्टम</title>
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        <description><![CDATA[ RBI News: सरकार लगातार जनता से डिजिटल होने की अपील कर रही है. लेकिन वहीं दूसरी तरफ रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया यानी RBI सीधे ग्राहकों के फोन में नकद डालने की बात कर रहा है. रिजर्व बैंक की ये बात सुनकर हर कोई हैरानी में है कि आखिर ऐसा कैसे हो सकता है? इस बारे में RBI की तरफ से खुद अपने ग्राहकों को बताया जा रहा है. बताते हैं कैसे.
RBI का मैसेजदरअसल RBI की तरफ से लोगों के फोन में एक मैसेज जा रहा है. जिसके जरिए बताया जा रहा है कि वो जल्दी ही लोगों के फोन में सीधे नकदी भेजने वाले हैं. इस मैसेज में लिखा है, &#039;क्या हो यदि नकद पैसे आपके फोन में ही आ जाएं? डिजिटल रुपया (eरुपया) के साथ यह संभव है.&#039; इस मैसेज के मुताबिक RBI आपके फोन में डिजिटल रुपया डालने की बात कर रहा है. जिसके जरिए आप आसानी से कहीं भी पेमेंट कर पाएंगे.

ये भी पढ़ें: Retail Inflation: सब्जियों और राशन के बढ़े दाम, जून में 4.38 प्रतिशत पहुंची खुदरा महंगाई, आंकड़े डराने लगे
इस मैसेज में आगे लिखा है, &#039;आरबीआई द्वारा जारी की गई डिजिटल करेंसी. छुट्टे पैसों की चिंता नहीं. यूपीआई सहित सभी क्यूआर कोड पर काम करता है. भारत के केंद्रीय बैंक के विश्वास के साथ, अब स्मार्ट तरीके से भुगतान करें. आरबीआई कहता है डिजिटल रुपया: नकद, लेकिन डिजिटल.&#039; इस मैसेज के मुताबिक RBI अब &amp;nbsp;यूपीआई नहीं बल्कि डिजिटल करेंसी अपनाने पर जोर दे रहा है.
क्या है डिजिटल करेंसी?डिजिटल करेंसी एक तरह से नकदी ही है लेकिन डिजिटल फॉर्म में. ये रुपये पैसे का एक इलैक्ट्रॉनिक रूप है, जिसे छू नहीं सकती लेकिन इसका इस्तेमाल किया जा सकता है. इसका इस्तेमाल मोबाइल, कंप्यूटर या डिजिटल वॉलेट के रूप में किया जा सकता है. इससे ऑनलाइन भुगतान, पैसे भेजना, खरीदारी करना ये सब काम किया जा सकता है.
RBI अब नकदी की जगह पर इसी डिजिटल करेंसी को बढ़ावा दे रहा है. जिससे लोग नकदी का इस्तेमाल कम से कम करें और डिजिटली सारा काम करें.
ये भी पढ़ें: सरकार का बड़ा फैसला, अब अमेरिका से ये चीज खरीदेगा भारत, कमाई का नया रास्ता भी खुलेगा
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        <pubDate>Tue, 14 Jul 2026 06:30:17 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Inflation News: AC से लेकर कार, आलू से लेकर LPG तक, सस्ता हो गया ये सामान, जानिए महंगा क्या&amp;क्या हुआ?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/inflation-news-ac-से-लेकर-कार-आलू-से-लेकर-lpg-तक-सस्ता-हो-गया-ये-सामान-जानिए-महंगा-क्या-क्या-हुआ</link>
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        <description><![CDATA[ Inflation News: ईरान और यूएस के बीच फरवरी से युद्ध चल रहा था, जिस पर जून में कुछ दिन का ब्रेक लगा लेकिन अब एक बार फिर से दोनों देशों के बीच घमासान शुरू हो गया. जिसकी वजह से देशभर में मार्च के बाद से ही महंगाई पैर पसारने लगी थी. खासतौर से मई के महीने में तो महंगाई बहुत तेजी से बढ़ी जिसका असर जनता की जेब पर भी पड़ा था. वहीं हाल ही में जून के महीने की महंगाई दर सामने आई है, जिसने लोगों की टेंशन बढ़ा दी है.
जून में बढ़ी महंगाईमई के मुकाबले जून में महंगाई काफी बढ़ी है. CPI की हाल ही में जारी हुई रिपोर्ट के मुताबिक जून में रिटेल इंफ्लेशन बढ़कर 4.38% हो गई है. जो मई के महीने में 3.93% थी. इस रिपोर्ट के मुताबिक खाने- पीने की चीजों पर महंगाई जून में 5.32% रही, जबकि मई में ये 4.78% थी. तो आइये बताते हैं क्या महंगा हुआ है और क्या सस्ता.
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इन चीजों के बढ़े दामजून के महीने में महंगाई बढ़ने का सबसे बड़ा कारण मई में पेट्रोल- डीजल की कीमतों में इजाफा रहा है. जिसके कारण ट्रांसपोर्टेशन क खर्च भी बढ़ा है. इसकी वजह से इन चीजों के दाम बढ़े हैं:



सामान
मई की महंगाई दर (प्रतिशत में)
जून की महंगाई दर (प्रतिशत में)


चांदी की ज्वेलरी&amp;nbsp;
155.25%
133.21%


अदरक&amp;nbsp;
32.50%
50.41%


टमाटर&amp;nbsp;
48.43%
31.92%


गोल्ड एंड डायमंड ज्वेलरी
40.91
36.82%



इन चीजों के दाम हुए कमहालांकि केवल चीजों के दाम बढ़े ही नहीं हैं बल्कि कई रोजमर्रा की चीजों के दाम घटे भी हैं जिसमें सब्जियां और फल भी शामिल हैं. इन चीजों की लिस्ट इस प्रकार है:



सामान
मई की महंगाई दर (प्रतिशत में)
जून की महंगाई दर (प्रतिशत में)


आलू&amp;nbsp;
-23.71
-20.34%


मटर&amp;nbsp;
-11.47
-9.67%


मोटर कार/जीप&amp;nbsp;
-7.19
-6.89%


जीरा&amp;nbsp;
-4.59
-3.75%



बता दें कि मई के मुकाबले जून के महीने में महंगाई की दर इस वजह से बढ़ी है क्योंकि सरकार ने मई में ही पेट्रोल- डीजल गैस सभी के दाम बढ़ाए थे. जिसका असर रोजमर्रा के जीवन में इस्तेमाल होने वाली चीजों पर पड़ा था. दूध से लेकर ट्रांसपोर्ट तक हर चीज महंगी होना शुरू हो गई थी. अब जुलाई की रिपोर्ट में क्या सामने आता है ये भी देखना दिलचस्प होगा.
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        <pubDate>Tue, 14 Jul 2026 06:30:16 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Inflation, News:, से, लेकर, कार, आलू, से, लेकर, LPG, तक, सस्ता, हो, गया, ये, सामान, जानिए, महंगा, क्या-क्या, हुआ</media:keywords>
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        <title>Loan EMI: लोन की ईएमआई न भरने पर बैंक ब्लॉक कर देगा आपका सिम? 90 दिनों का यह नियम जानना है जरूरी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/loan-emi-लोन-की-ईएमआई-न-भरने-पर-बैंक-ब्लॉक-कर-देगा-आपका-सिम-90-दिनों-का-यह-नियम-जानना-है-जरूरी</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/loan-emi-लोन-की-ईएमआई-न-भरने-पर-बैंक-ब्लॉक-कर-देगा-आपका-सिम-90-दिनों-का-यह-नियम-जानना-है-जरूरी</guid>
        <description><![CDATA[ Bank Loan EMI: अगर आपने बैंक या किसी नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी से लोन लिया है और किसी वजह से आप समय पर उसकी ईएमआई नहीं भर पाए हैं तो क्या बैंक आपका मोबाइल सिम ब्लॉक करा सकता है? जानिए इसकी सच्चाई क्या है और आपको क्या जानना बेहद जरूरी है.&amp;nbsp;
अगर कोई व्यक्ति ईएमआई नहीं भरता तो बैंक चुकाई गई रकम की वसूली के लिए कानूनी तरीका अपना सकता है, लेकिन मोबाइल नंबर बंद करवाना उसके अधिकार में नहीं आता.
क्या कभी फोन की सुविधाएं सीमित की जा सकती हैं?
अगर आप समय पर ईएमआई नहीं भर पाते हैं तो बैंक आपका मोबाइल नंबर या सिम बंद नहीं कर सकता, लेकिन इसके कुछ दूसरे नुकसान जरूर हो सकते हैं.

सबसे पहले आपका क्रेडिट स्कोर खराब हो सकता है. इसका मतलब है कि आगे चलकर बैंक से होम लोन, कार लोन, पर्सनल लोन या क्रेडिट कार्ड लेना मुश्किल हो सकता है.
ईएमआई देर से भरने पर बैंक जुर्माना पेनल्टी लेट फीस और अतिरिक्त ब्याज भी ले सकता है. इससे आपको ज्यादा पैसे चुकाने पड़ सकते हैं.
अगर कई महीनों तक ईएमआई नहीं भरी जाती तो बैंक नियमों के मुताबिक कानूनी कार्रवाई भी कर सकता है.
अगर आपने घर, गाड़ी या किसी दूसरी चीज को गिरवी रखकर लोन लिया है, तो बैंक उस पर भी कार्रवाई कर सकता है.

जितनी चलेगी कार, उतना ही लेना होगा इंश्योरेंस, क्या है Pay-As-You-Drive, जिससे होगी बंपर बचत?
क्या फोन की सुविधाएं बंद हो सकती हैं?
ऐसा सिर्फ तब हो सकता है, जब आपने मोबाइल फोन ही ईएमआई पर खरीदा हो. RBI के नियमों के मुताबिक, बैंक तुरंत कोई कार्रवाई नहीं कर सकता. पहले कम से कम 90 दिन तक ईएमआई नहीं भरने और पूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही फोन की कुछ सुविधाओं पर रोक लगाई जा सकती है. लेकिन कॉल, इंटरनेट और इमरजेंसी (SOS) जैसी जरूरी सेवाएं पूरी तरह बंद नहीं की जा सकतीं.
विशेषज्ञ क्या सलाह देते हैं?
वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि अगर किसी कारण से ईएमआई भरने में दिक्कत आ रही है तो बैंक से बात छिपाने के बजाय तुरंत संपर्क करना बेहतर होता है. कई बैंक जरूरत पड़ने पर लोन री-स्ट्रक्चरिंग, ईएमआई में बदलाव या भुगतान के लिए अतिरिक्त समय जैसी सुविधाएं भी देते हैं. समय रहते बातचीत करने से मामला बिगड़ने और कानूनी विवाद की नौबत आने से बचा जा सकता है.
CCTV Rules: घर के बाहर सीसीटीवी लगाने से पहले जान लें ये नियम, नहीं तो हो सकती है भारी मुसीबत
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        <pubDate>Tue, 14 Jul 2026 06:30:15 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>ITR Filing: आईटीआर में गड़बड़ी की तो लगेगा 25000 का फटका, देरी होने पर देने होंगे 5000, समझें नियम</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/itr-filing-आईटीआर-में-गड़बड़ी-की-तो-लगेगा-25000-का-फटका-देरी-होने-पर-देने-होंगे-5000-समझें-नियम</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/itr-filing-आईटीआर-में-गड़बड़ी-की-तो-लगेगा-25000-का-फटका-देरी-होने-पर-देने-होंगे-5000-समझें-नियम</guid>
        <description><![CDATA[ ITR Filing: अगर आप वेतनभोगी कर्मचारी हैं तो आपको ये बात पता ही होगी कि 31 जुलाई ITR फाइल करने की आखिरी तारीख है. इससे पहले सभी कर्मचारियों के लिए ITR भरना बेहद जरूरी है. लेकिन सिर्फ इनकम टैक्स रिटर्न भर देना ही काफी नहीं है. अगर आप समय पर ITR दाखिल नहीं करते, अपनी इनकम की गलत जानकारी देते हैं या टैक्स नियमों का पालन नहीं करते हैं, तो आपको जुर्माना, ब्याज और लेट फीस देनी पड़ सकती है.
गलती पड़ सकती है भारीITR भरते वक्त आपको कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. इसे भरते समय आपको किसी भी तरह की गलती करने से बचना चाहिए. क्योंकि यदि कोई व्यक्ति अपनी आय कम दिखाता है, तो धारा 270A के तहत उस पर कम दिखाई गई आय पर बनने वाले टैक्स का 50% जुर्माना लगाया जा सकता है. वहीं, अगर जानबूझकर गलत जानकारी दी गई हो, गलत डिडक्शन का दावा किया गया हो या कुछ फैक्ट्स छुपाए गए हों, तो लंबा- चौड़ा जुर्माना देना पड़ सकता है. ये जुर्माना टैक्स का 200% तक हो सकता है.
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देरी पर लगेगा जुर्मानाITR भरने की एक तय समय सीमा होती है, अगर आप तय समय के बाद ITR भरते हैं, तो आयकर कानून की धारा 234F के तहत 5,000 रुपये तक की लेट फीस लग सकती है. हालांकि, अगर आपकी कुल आय 5 लाख रुपये से कम है, तो ये फीस अधिकतम 1,000 रुपये होगी.
इन गलतियों को भी करने से बचेंकेवल एक गलती ही नहीं बल्कि और भी कई सारी गलतियां हैं जिन पर ध्यान नहीं देने से आपके ऊपर जुर्माना लग सकता है. जैसे TDS/TCS रिटर्न देर से जमा करने पर 200 रुपये प्रतिदिन की फीस देनी पड़ सकती है. जिन कारोबारियों या पेशेवरों को हिसाब-किताब की किताबें रखना जरूरी है, लेकिन वो ऐसा नहीं करते, उन पर 25,000 रुपये का जुर्माना लग सकता है. जिन लोगों के लिए टैक्स ऑडिट जरूरी है और वो ऑडिट नहीं कराते, उन पर टर्नओवर का 0.5% (अधिकतम 1.5 लाख रुपये) तक जुर्माना लगाया जा सकता है.
अगर आप इस जुर्माने से बचना चाहते हैं तो समय पर ITR फाइल करें, अपनी सभी आय की सही जानकारी दें, टैक्स समय पर जमा करें और जरूरी दस्तावेज और रिकॉर्ड सही रखें. इससे नोटिस, एक्स्ट्रा खर्च और टैक्स विभाग से विवाद से बचा जा सकता है.
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        <pubDate>Tue, 14 Jul 2026 06:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>ITR, Filing:, आईटीआर, में, गड़बड़ी, की, तो, लगेगा, 25000, का, फटका, देरी, होने, पर, देने, होंगे, 5000, समझें, नियम</media:keywords>
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        <title>Penalty on Builder: फ्लैट बेच दिया, 10 साल तक नहीं लगाई लिफ्ट, कोर्ट ने बिल्डर पर ठोका इतने लाख का जुर्माना</title>
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        <description><![CDATA[ Penalty on Builder: एक बिल्डर को अपने वादे की खिलाफत करना इतना भारी पड़ गया कि उसके ऊपर साढ़े सात लाख रुपये का जुर्माना लगा दिया है. ये मामला दिल्ली का है जहां पर दो बिल्डरों ने खरीदारों को फ्लैट बेचते समय वादा किया था कि वो बिल्डिंग में लिफ्ट लगवाकर देगा. लेकिन 10 साल बीत जाने पर भी ऐसा नहीं हुआ, जिससे नाराज होकर लोगों ने कंज्यूमर कोर्ट में शिकायत दर्ज कर दी.
क्या है पूरा मामला?दरअसल दो फ्लैट मालिकों ने आयोग में शिकायत की थी कि उन्होंने साल 2013 और साल 2014 में फ्लैट खरीदे थे. उस समय बिल्डरों ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि रजिस्ट्री के एक महीने के अंदर लिफ्ट लगा दी जाएगी. फ्लैट की कीमत में लिफ्ट का खर्च भी शामिल था, लेकिन कई साल बाद भी ये वादा पूरा नहीं हुआ. जिससे नाराज फ्लैट मालिकों ने बिल्डर की शिकायत कर दी.
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कानूनी नोटिस भेजाइस मामले के करीब चार साल तक इंतजार करने के बाद फ्लैट मालिकों ने साल 2018 में कानूनी नोटिस भेजा. इसके बाद दोनों पक्षों के बीच 19 अगस्त 2018 को समझौता हुआ. समझौते के अनुसार, बिल्डरों को 31 मार्च 2019 तक लिफ्ट लगानी थी. अगर वे ऐसा नहीं करते, तो उन्हें फ्लैट मालिकों को 6 लाख रुपये देने थे.
आयोग का फैसलाफ्लैट मालिकों की शिकायत के बाद आयोग ने पाया कि बिल्डरों ने न तो तय समय तक लिफ्ट लगाई और न ही 6 लाख रुपये का भुगतान किया. दस्तावेजों में भी साफ लिखा था कि खरीदारों को इमारत की लिफ्ट और अन्य शेयर की गई सुविधाओं का इस्तेमाल करने का अधिकार होगा. इसलिए लिफ्ट देना बिल्डरों की जिम्मेदारी थी. आयोग ने बिल्डरों को फ्लैट मालिकों को 6 लाख रुपये, मानसिक परेशानी और उत्पीड़न के लिए 1 लाख रुपये तथा मुकदमे के खर्च के रूप में 50,000 रुपये देने का आदेश दिया.
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इतना ही नहीं आयोग ने ये भी कहा कि बिल्डर खरीदारों से किए गए वादों और तय सुविधाओं को समय पर उपलब्ध कराने के लिए कानूनी रूप से जिम्मेदार हैं. अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो उन्हें मुआवजा देना पड़ सकता है.
क्या कर सकते हैं उपभोक्ता?यदि आपके साथ या आपके किसी करीबी के साथ ऐसा कुछ होता है तो आप कानून की मदद ले सकते हैं. कोर्ट आपकी ऐसे मामलों में सहायता करेगा और आपको हर्जाना भी दिलवाएगा.
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        <pubDate>Tue, 14 Jul 2026 06:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>82 साल बुजुर्ग के पेंशन अकाउंट में आए 759 करोड़ रुपये, फिर आगे क्या हुआ? बिहार का है मामला</title>
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        <description><![CDATA[ Bihar Account Error News:&amp;nbsp;बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां पेंशन निकालने गए 82 साल के बुज़ुर्ग अपने बैंक अकाउंट में लगभग 759 करोड़ रुपये देख हैरान हो गए. यह अजीबोगरीब घटना सकरा प्रखंड के थतिया सिहो गांव के रहने वाले कामेश्वर मिश्रा के साथ हुई है.
पेशे से कवि और सोशल सिक्योरिटी पेंशन स्कीम के लाभार्थी कामेश्वर रविवार को जब पेंशन निकालने एक कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) में गए, तो उन्होंने देखा कि 759,69,51,951 रुपये - यानी लगभग 759 करोड़ रुपये है. मामला तब सामने आया, जब पेंशन की रकम निकालने के बाद उन्होंने बैलेंस चेक करने का सोचा. उस वक्त साथ में उनका दिव्यांग बेटा भी था. हैरानी तब और बढ़ गई, जब बेटे का अकाउंट चेक करने पर उसमें भी इतने ही बड़े अमाउंट का बैलेंस दिखा. दोनों अकाउंट में कुल मिलाकर 1,500 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम थी.&amp;nbsp;
बुजुर्ग ने किया यह काम
कामेश्वर मिश्रा ने कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि अकाउंट में अचानक से इतने पैसे कहां से आ गए. सूझबूझ से काम लेते हुए उन्होंने बैंक और संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर उनसे मामले की जांच करने का आग्रह किया ताकि अगर कोई गलती हुई हो, तो उसे तत्काल प्रभाव से ठीक कर सके. हालांकि, अभी तक किसी अधिकारी ने इस पर स्पष्टीकरण नहीं दिया है. हालांकि, बताया जा रहा है बैंक सर्वर की तकनीकी गड़बड़ी या बैंकिंग सिस्टम की गलती इसकी वजह हो सकती है.&amp;nbsp;
गया जिले में भी यही हुआ
गया जिले के डेल्हा से भी एक ऐसा ही मामला सामने आया है. यहां एक ई-रिक्शा शिव कुमार पटेल के खाते में भी ठीक इसी तरह से 759 करोड़ रुपये आ गए थे. वैशाली और समस्तीपुर जिले में भी कुछ पेंशनर्स के अकाउंट में 740 करोड़ रुपये का बैलेंस शो हुआ था.

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        <pubDate>Mon, 13 Jul 2026 17:30:15 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>साल, बुजुर्ग, के, पेंशन, अकाउंट, में, आए, 759, करोड़, रुपये, फिर, आगे, क्या, हुआ, बिहार, का, है, मामला</media:keywords>
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        <title>Govt Survey on Shopping: आप राशन, गैजेट्स या कपड़ों पर कितना खर्च करते हैं? अब हिसाब रखेगी सरकार, किया ये बड़ा ऐलान</title>
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        <description><![CDATA[ Govt Survey on Shopping: क्या आप नोटिस करते हैं कि हर महीने आपके घर में राशन, कपड़ों, मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स या दूसरी जरूरी चीजों पर कितना खर्च हो जाता है? अब सरकार इन सभी खरीदारी का पूरा ट्रेंड समझने की तैयारी में है. इसके लिए देश का पहलारिटेल कंजम्पशन सर्वे होने वाला है. इस सर्वे से पता लगाया जाएगा कि लोग किस सामान पर कितना खर्च कर रहे हैं. ये सर्वे ही बताएगा कि देशभर में खरीदारी का पैटर्न कैसे बदल रहा है.&amp;nbsp;
सरकार का कहना है कि अभी तक घरेलू खर्च से जुड़े जो भी आंकड़े मिलते हैं उसमें पूरी जानकारी नहीं मिल पाती है और पता नहीं चल पाता है कि कि अलग-अलग तरह की दुकानों पर कौन- कौन सी चीजें बिक रही हैं.
82 साल बुजुर्ग के पेंशन अकाउंट में आए 759 करोड़ रुपये, फिर आगे क्या हुआ? बिहार का है मामला
क्या-क्या पता चलेगा?सर्वे में किराना स्टोर, कपड़ों की दुकान, मेडिकल स्टोर, इलेक्ट्रॉनिक्स, बर्तन की दुकान और दूसरे रिटेल आउटलेट्स से बिक्री से जुड़ी जानकारी इकट्टी की जाएगी. इससे ये समझने में मदद मिलेगी कि लोग रोज की जरूरतों, गैजेट्स, कपड़ों और दूसरे सामान पर कितना खर्च कर रहे हैं.
सरकार मांगेगी हिसाब?इस सर्वे से सरकार किसी भी व्यक्ति की पर्सनल खरीदारी या टैक्स की डिटेल लेना नहीं है. इसका पूरा फोकस रिटेल बाजार और लोगों के खर्च को समझना है. यानी सरकार बस यही जानना चाहती है कि देश में किन सामानों की मांग बढ़ रही है, किनकी घट रही है और अब लोगों का खर्च किस दिशा में जा रहा है.
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इससे क्या होगा फायदा?बात करें फायदे कि तो इस सर्वे से सरकार को अर्थव्यवस्था और लोगों की आर्थिक स्थिति समझने में मदद मिलेगी. अगर ये पता चल जाए कि देशभर में लोग किन चीजों पर ज्यादा या कम खर्च कर रहे हैं तो उसी के हिसाब से आर्थिक नीतियां, महंगाई और रिटेल सेक्टर से जुड़े फैसले लेना आसान होगा. मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो इस सर्वे का सबसे ज्यादा फायदा सिर्फ सरकार को ही नहीं बल्कि कारोबारियों को भी मिलेगा. कंपनियां ये समझ सकेंगी कि मार्केट में किस तरह के प्रोडक्ट की डिमांड बढ़ रही है.
कब से शुरू होगा सर्वे?फिलहाल तो सरकार इस सर्वे का रोडमैप तैयार कर रही है. सर्वे शुरू होने की तारीख के बारे में ऑफिशियल तौर पर अभी कुछ भी नहीं बोला गया है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Mon, 13 Jul 2026 17:30:14 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>क्या है Thumpn स्टार्टअप, जिसमें अरिजीत सिंह, बादशाह और सुनिधि ने लगाया पैसा, इससे क्या फायदा होगा?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/क्या-है-thumpn-स्टार्टअप-जिसमें-अरिजीत-सिंह-बादशाह-और-सुनिधि-ने-लगाया-पैसा-इससे-क्या-फायदा-होगा</link>
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        <description><![CDATA[ thumpN Startup: लाइव शोज के बारे में पता लगाने और टिकट बुक करने वाले देश के पहले एआई-नेटिव प्लेटफॉर्म thumpN ने हाल ही में अपने प्री-सीड फंडिंग राउंड में 3.75 मिलियन (करीब 35.7 करोड़) जुटाए हैं. इस राउंड में बिजनेस जगत के दिग्गजों से लेकर संगीत जगत के नामचीन सितारों ने पैसे लगाए हैं, जिनमें Paytm के फाउंडर विजय शेखर शर्मा और कंपनी के CFO मधुर देवरा के साथ अरिजीत सिंह, सुनिधि चौहान और बादशाह जैसे कलाकारों ने बड़ा निवेश किया है. thumpN मुंबई बेस्ड स्टार्टअप है.&amp;nbsp;
thumpN कैसे काम करता है?
thumpN एक एआई-बेस्ड लाइव एंटरटेनमेंट डिस्कवरी और टिकटिंग प्लेटफॉर्म है, जो लोगों को सही इवेंट का पता लगाने और उसके लिए टिकट बुक कराने की प्रक्रिया को आसान बनाता है. इसमें Shadow के नाम से एक एडवांस एआई एजेंट है, जिनसे आप बात कर सकते हैं. ऐप की मदद से आप अपने शहर में चल रहे म्यूजिक कॉन्सर्ट और लाइव बैंड शोज से लेकर स्टैंड-अप कॉमेडी और थियेटर, नाइटलाइफ या किसी दूसरे बड़े इवेंट्स का पता लगा सकते हैं.
आमतौर पर लोग आज के समय में शोज वगैरह का पता लगाने के लिए दोस्तों या व्हाट्सऐप ग्रुप या इंस्टाग्राम रील्स वगैरह की मदद लेते हैं, लेकिन थम्पसन आपको एक ही क्लिक में यह बता देगा अभी आपके शहर में कौन-कौन से इवेंट्स चल रहे हैं, टिकट की बुकिंग कैसे करनी है वगैरह. आप Shadow एआई एजेंट से पूछ सकते हैं कि अभी शहर में बेस्ड कॉमेडी स्टैंडअप कॉमेडी शोज कहां चल रहे हैं? उनकी टिकट कैसे बुक करानी है.
thumpN अलग-अलग जगहों से जानकारी जुटाकर आपको बेस्ट शो के बारे में बताएगा. धीरे-धीरे आप जैसे-जैसे इसके साथ बात करते जाएंगे यह आपको आपकी पसंद के हिसाब से आपको रिजल्ट दिखाएगा.&amp;nbsp;
BookMy Show और Zomato को कड़ी टक्कर
भारत का लाइव एंटरटेनमेंट मार्केट इस वक्त तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिसमें मौजूदा समय में BookMy Show और Zomato के District App और SkillBox का दबदबा है. अब इन्हें टक्कर देने के लिए मार्केट में thumpN भी आ गया है.&amp;nbsp;
स्टार्स क्यों लगा रहे पैसे?
अरिजीत सिंह, सुनिधि चौहान और बादशाह देश-विदेश में लाइव शोज करते हैं. thumpN एक ऐसा प्लेटफॉर्म है, जो उन्हें डायरेक्ट उनके फैंस से कनेक्ट करेगा. इन्हें पता है कि जिस तेजी से लाइव एंटरटेनमेंट का मार्केट आगे बढ़ रहा है, उसे देखते हुए इसमें निवेश उन्हें भविष्य में बड़ा मुनाफा दिला सकता है.&amp;nbsp;

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        <pubDate>Mon, 13 Jul 2026 17:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>क्रेडिट कार्ड नहीं तो इमरजेंसी में कहां से मिलेगा पैसा? और क्या&amp;क्या विकल्प हैं, जहां सस्ता मिल जाएगा लोन?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/क्रेडिट-कार्ड-नहीं-तो-इमरजेंसी-में-कहां-से-मिलेगा-पैसा-और-क्या-क्या-विकल्प-हैं-जहां-सस्ता-मिल-जाएगा-लोन</link>
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        <description><![CDATA[ Cheapest Loan in Emergency: इमरजेंसी की स्थिति में पैसों की जरूरत पड़ने पर क्रेडिट कार्ड लोन का एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है. घर में कोई जरूरी काम हो या बच्चों की फीस भरनी हो या घर में किसी की शादी हो, तो क्रेडिट कार्ड से आप लोन लेकर बाद में ब्याज सहित इसका भुगतान आराम से कर सकते हैं, लेकिन क्या हो जब अपने पास कोई क्रेडिट कार्ड ही न हो, तो? आज हम आपको कुछ ऐसे ही बेहतरीन ऑप्शंस के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके लिए क्रेडिट कार्ड होने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी और सस्ते में लोन भी मिल जाएगा.&amp;nbsp;
कहां मिलेगा सबसे सस्ता लोन?
गोल्ड लोन- अगर आपके पास थोड़ा-बहुत सोना रखा है, तो आप उसे गिरवी रखकर लोन ले सकते हैं. इसमें ब्याज दरें भी काफी कम- 8-10% के बीच होती है.&amp;nbsp;
PPF या LIC पर लोन- सरकारी स्कीम हो या इंश्योरेंस पॉलिसी दोनों ही जरूरत के समय लोन के अच्छे विकल्प साबित हो सकते हैं. इसमें सरेंडर वैल्यू पर काफी कम इंटरेस्ट रेट पर आपको लोन मिल जाता है.&amp;nbsp;
FD पर लोन- बैंक आपको आपकी फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर 90% तक लोन देता है. इसमें एफडी पर मिलने वाले इंटरेस्ट से महज 1-2% ज्यादा ही ब्याज चुकाना पड़ता है.
लोन लेने के कुछ और आसान विकल्प
मान लीजिए कि आपके पास गिरवी रखने के लिए कुछ भी नहीं है, तो उस स्थिति में भी आपको कई अन्य तरीकों से लोन मिल जाएंगे. इनमें से एक है Buy Now Pay Later का ऑप्शन. अमेजन, पेटीएम या फ्लिपकार्ट जैसे ऐप जरूरत पड़ने पर कुछ हजार तक की क्रेडिट लिमिट पर ब्याज देते हैं. सही समय पर चुकाने पर इसमें ब्याज भी नहीं देना पड़ता है. इसके अलावा, KreditBee, Moneytrap&amp;nbsp; और NAVI जैसे भी कुछ ऐप हैं, जो सिर्फ पैन या आधार कार्ड पर कुछ हजार तक लोन दे देते हैं. कुछ ऐप ऐसे भी हैं, जो आपकी सैलरी के आधार पर छोटा-मोटा लोन तुरंत दे देते हैं.

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        <pubDate>Mon, 13 Jul 2026 17:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Petrol Price: पाकिस्तान&amp;बांग्लादेश में 40% से ज्यादा महंगा हुआ पेट्रोल, भारत में कीमतों को लेकर सरकार ने दिया अपडेट</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/petrol-price-पाकिस्तान-बांग्लादेश-में-40-से-ज्यादा-महंगा-हुआ-पेट्रोल-भारत-में-कीमतों-को-लेकर-सरकार-ने-दिया-अपडेट</link>
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        <description><![CDATA[ Fuel Prices in Pakistan-Bangladesh: पश्चिम एशिया में तनाव के चलते अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में काफी देखने को मिली. इसके चलते भारत के पड़ोसी देशों में ईंधन की कीमतें काफी बढ़ गई हैं. पाकिस्तान में पेट्रोल लगभग 40-50% तक महंगा हो चुका है. बांग्लादेश में भी पेट्रोल की कीमतें करीब 43% तक बढ़ गई हैं. गनीमत है कि भारत सरकार ने सूझबूझ से कदम उठाते हुए घरेलू उपभोक्ताओं को इस बड़े झटके से बचा लिया.&amp;nbsp;
पाकिस्तान और बांग्लादेश में बिगड़े हालात
पाकिस्तान में सरकार ने हाल ही में बीते 11 जुलाई को पेट्रोल की कीमतों में 13 रुपये से ज्यादा की बढ़ोतरी की है. इससे अब यहां पेट्रोल की कीमत प्रति लीटर बढ़कर 310.71PKR हो गई है, जो भारतीय मुद्रा में 106.59 रुपये के बराबर है. यहां डीजल की कीमत 323.30 रुपये है, जो भारतीय करेंसी में करीब 110.91 रुपये है.&amp;nbsp;
बांग्लादेश का भी कुछ यही हाल है. यहां पेट्रोल की कीमतें जून में 109.82 टका प्रति लीटर है, जबकि जून 2022 में यहां पेट्रोल की कीमतें 76.97 टका थी. यानी कि कीमतों में 42.69% का उछाल आया है. इससे साफ है कि भारतीय मुद्रा के हिसाब से देखें, तो पाकिस्तान और बांग्लादेश दोनों ही देशों में ईंधन की कीमतें भारत के कई राज्यों के मुकाबले 5-10 रुपये तक महंगी पड़ रही है.&amp;nbsp;
भारत में क्या है स्थिति?
वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतें भले ही आसमान छू रही हैं, लेकिन इस संकट के दौर में भी भारत में ईंधन की कीमतों में महज 5.58%-7.76% का ही इजाफा हुआ. अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तेल की बढ़ी कीमतों के झटके को सरकारी तेल कंपनियां (IOCL, BPCL, HPCL) झेल गईं ताकि आम जनता पर महंगाई का कोई असर न पड़े. स्थिति थोड़ी सामान्य हुई, तो पेट्रोल और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 1 जुलाई, 2026 से सभी अस्थायी पाबंदियां हटा ली.&amp;nbsp;
इसके अलावा, सरकार ने घरेलू स्तर पर सप्लाई बढ़ाने के लिए पेट्रोल पर निर्यात शुल्क को बढ़ाकर 4 रुपये प्रति लीटर कर दिया ताकि कंपनियां देश के बाहर तेल बेचने से पहले घरेलू बाजारों को प्राथमिकता दे.&amp;nbsp;

Q2. How did India move to 20 percent blending so quickly?????In 2021, India required around 500 to 600 crore litres of ethanol annually to achieve 10 percent blending. As fresh investments expanded production capacity, annual ethanol availability approached 1,200 crore litres.&amp;hellip; pic.twitter.com/HKYjmSAKnp
&amp;mdash; PIB India (@PIB_India) July 10, 2026



E20 पर सरकार ने क्या दी सफाई?
सरकार ने E20 फ्यूल को लेकर लोगों के मन में उठ रहे सवालों पर सफाई देते हुए इससे पुरानी गाड़ियों को नुकसान पहुंचने की आशंकाओं को खारिज कर दिया. सरकार का दावा है कि E20 ईंधन को बाजार में उतारने से पहले 40000 से अधिक वाहनों पर इसका व्यापक परीक्षण किया गया है और यह पूरी तरह से सुरक्षित है.&amp;nbsp;&amp;nbsp;
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        <pubDate>Mon, 13 Jul 2026 01:30:16 +0530</pubDate>
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        <title>इतनी ज्यादा सैलरी पहले कभी नहीं बढ़ी! क्यों आठवां वेतन आयोग अब तक का सबसे महंगा वेतन संशोधन? जानें</title>
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        <description><![CDATA[ 8th Pay Commission Salary Hike: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली केंद्रीय कैबिनेट ने बीते 28 अक्टूबर को 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (CPC) के &#039;टर्म्स ऑफ रेफरेंस&#039; को मंजूरी दे दी है. इसके अलावा, सरकार ने नए CPC का गठन और उसकी अधिसूचना भी जारी कर दी है. आयोग के गठन के 18 महीनों के भीतर अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपने होंगे. आठवें वेतन आयोग के तहत रक्षा सेवा कर्मियों सहित लगभग 50 लाख केंद्र सरकार के कर्मचारी और लगभग 69 लाख पेंशनभोगियों को फायदा होगा.
क्यों आठवां वेतन आयोग सबसे महंगा?&amp;nbsp;
बताया जा रहा है कि आठवां वेतन आयोग भारत के इतिहास का अब तक का सबसे महंगा वेतन संशोधन होगा क्योंकि कर्मचारियों और पेंशनर्स की संख्या में हुए भारी इजाफे और फिटमेंट फैक्टर व भत्तों में बड़े बदलावों की मांग के कारण इस बार सरकारी खजाने पर अब तक का सबसे बड़ा वित्तीय बोझ पड़ने का अनुमान है. आठवें वेतन आयोग के तहत होने वाले सैलरी रिवीजन से 1.2 करोड़ से अधिक परिवार प्रभावित होंगे. इनमें लगभग 50 लाख से अधिक केंद्रीय कर्मचारी और 65 लाख से अधिक पेंशनर्स शामिल हैं.&amp;nbsp;
अभी 7वें वेतन आयोग के तहत मिनिमम बेसिक सैलरी 18000 रुपये है. 8वें वेतन आयोग के तहत विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने फिटमेंट फैक्टर को 1.92 से लेकर 3.83 गुना तक बढ़ाने की मांग की है. भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ जैसे संगठनों ने तो न्यूनतम मूल वेतन को 18000 से बढ़ाकर 72000 (4 गुना फिटमेंट फैक्टर) करने का प्रस्ताव रखा है.&amp;nbsp;&amp;nbsp;
भत्तों को भी बढ़ाने का प्रस्ताव
अखिल भारतीय एनपीएस कर्मचारी महासंघ जैसे संगठनों ने बड़े शहरों में रहने की बढ़ती लागत को देखते हुए HRA को 30%, 20% और 10% से बढ़ाकर क्रमश: 36%, 24% और 12% करने की मांग की है. चूंकि सभी भत्ते बेसिक सैलरी के हिसाब से तय होते हैं इसलिए बेसिक सैलरी बढ़ेगी, तो भत्तों पर खर्च भी अपने आप ही बढ़ जाएगा. हाल की रिपोर्टों से पता चलता है कि 8वें वेतन आयोग के तहत बढ़ी हुई सैलरी और पेंशन पर टोटल खर्च 4 लाख करोड़ से ज्यादा पहुंच सकता है. पिछली लगभग पांच तिमाहियों के एरियर (बकाया राशि) को मिलाकर कुल वित्तीय बोझ 9 लाख करोड़ के करीब पहुंच सकता है, जिससे यह अब तक का सबसे महंगा सैलरी रिविजन बन सकता है.

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        <pubDate>Mon, 13 Jul 2026 01:30:14 +0530</pubDate>
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        <title>4 महीने बाद FPI की तगड़ी वापसी, जुलाई में अब तक खरीद डाले 15157 करोड़ के भारतीय शेयर</title>
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        <description><![CDATA[ Share Market: विदेशी पोर्टफोलियाे निवेशक (FPIs) इन दिनों दिल खोलकर भारतीय शेयरों की खरीदारी कर रहे हैं. पिछले लगातार 4 महीने तक बिकवाली करने के बाद जुलाई 2026 &amp;nbsp;के शुरुआती हफ्तों में FPIs ने 15157 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे हैं. इससे पहले जून के अंतिम हफ्तों में भी FPIs ने निचले स्तरों पर खरीदारी शुरू की थी, लेकिन जुलाई में जिस आक्रामक तरीके से विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयरों पर पैसे लगाए हैं, उसे पिछले 4 महीने के सूखे को पूरी तरह से खत्म कर दिया है. FPIs इक्विटी के साथ-साथ सरकारी बॉन्ड और डेट मार्केट में भी निवेश कर रहे हैं. इससे देश के विदेशी मुद्रा भंडार को भी काफी सपोर्ट मिल रहा है.
सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज (इंडिया) लिमिटेड (CDSL) के आंकड़ों के मुताबिक, FPIs ने जून में 49,340 करोड़ रुपये, मई में 32,963 करोड़ रुपये, अप्रैल में 60,847 करोड़ रुपये और मार्च में 1.17 लाख करोड़ रुपये के भारतीय शेयर बेचे थे. अब ये दोबारा से भारतीय शेयर बाजार की ओर रुख कर रहे हैं. बिकवाली के दौर से पहले फरवरी में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में 22,615 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया था. साल 2026 में अब तक FPIs भारतीय शेयरों से कुल 2.60 लाख करोड़ रुपये निकाल चुके हैं.&amp;nbsp;
क्यों भारतीय शेयर खरीद रहे FPIs?

HDFC Bank, Kotak Mahindra Bank और Yes Bank जैसी दिग्गज कंपनियों के कारोबारी साल 2027 की पहली तिमाही में शानदार नतीजे आए. इससे यह साबित हुआ कि भारतीय बैंकिंग और उपभोक्ता बाजार की नींव बहुत मजबूत है. FPIs इसे भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बेहद सकारात्मक मानते हैं.&amp;nbsp;
अमेरिका में जून में रोजगार की सुस्त रफ्तार से एक बार फिर यूएस फेड द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें बढ़ गई हैं: जब फेड रिजर्व ब्याज दरें घटाता है, तो निवेशक अपना पैसा भारत जैसे उभरते बाजारों में लगाने लगते हैं.
अमेरिका में 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड और डॉलर इंडेक्स के अपने हाई लेवल से नीचे फिसलने की वजह से भारतीय रुपये को मजबूती मिलती है, जिससे विदेशी निवेशकों का करेंसी रिस्क खत्म हो गया है.&amp;nbsp;

FPIs ने किन सेक्टर्स पर सबसे ज्यादा लगाया पैसा?
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, विदेशी निवेशकों ने बड़े प्राइवेट बैंकों, ग्रामीण मांग में सुधार को देखते हुए FMCG सेक्टर्स, कच्चे तेल में गिरावट के चलते पेंट और एविएशन स्टॉक्स में ज्यादा से ज्यादा निवेश कर रहे हैं.&amp;nbsp;

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        <pubDate>Mon, 13 Jul 2026 01:30:13 +0530</pubDate>
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        <title>पैसे बचाने का नायाब तरीका, लाइफस्टाइल बदलने की भी नहीं जरूरत; बेंगलुरु के शख्स ने सुझाए टिप्स</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/पैसे-बचाने-का-नायाब-तरीका-लाइफस्टाइल-बदलने-की-भी-नहीं-जरूरत-बेंगलुरु-के-शख्स-ने-सुझाए-टिप्स</link>
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        <description><![CDATA[ Tips for saving money: आमतौर पर बड़े शहरों में रहने वाले लोगों की यही शिकायतें रहती हैं कि महीने के आखिर तक उनके पास कोई सेविंग्स नहीं बचती है. आधी से भी ज्यादा सैलरी तो घर के किराए, ट्रांसपोर्ट, किराने का सामान लाने में ही खर्च हो जाते हैं.
खासकर, अगर मुंबई-बेंगलुरु जैसे शहरों में रहने वाले कई कामकाजी लोगों के लिए खर्चों को मैनेज करना एक चुनौती बन गया है. इन सबके ही बीच बेंगलुरु में ही रहने वाले एक शख्स ने कुछ ऐसी आसान आदतें बताई हैं, जिनसे उन्हें अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में कोई बड़ा समझौता किए बगैर पैसे बचाने में मदद मिल रही है.
अक्षय CN नाम के इस व्यक्ति ने अपने इंस्टाग्राम पेज @bangalore_viral पर ये टिप्स शेयर किए. वीडियो में उन्होंने बताया कि कैसे अपनी लाइफस्टाइल और खर्च करने की आदतों में छोटे-छोटे बदलाव करके उन्होंने अपनी लाइफस्टाइल को मेंटेंन रखते हुए भी फालतू के खर्च कम किए. पोस्ट के कैप्शन में अक्षय ने लिखा, &quot;मैंने अपनी लाइफस्टाइल से समझौता किए बगैर बेंगलुरु में अपने खर्च कैसे कम किए.&quot;
मेट्रो के पास रहना सबसे किफायती
सबसे पहले तो अक्षय ने अपने रहने के लिए किसी महंगे या फैंसी इलाके को नहीं चुना, बल्कि मेट्रो स्टेशन के पास रहने को अहमियत दी. अक्षय ने लिखा,&quot;मैंने किसी &#039;फैंसी&#039; इलाके में जाने के बजाय मेट्रो के पास रहने का फैसला किया. शुरुआत में किराया थोड़ा ज्यादा लगा, लेकिन रोजाना आने-जाने, पेट्रोल और ऑटो के खर्च में मेरे काफी पैसे बचे और मानसिक तनाव भी कम हुआ.&quot; उन्होंने बताया कि सफर में कम समय लगने और ट्रांसपोर्ट का खर्च कम होने से उनके महीने के खर्च में फर्क साफ देखने को मिला.
सहूलियत पर खर्च कम
अक्षय ने बताया कि बेंगलुरु में रहते हुए उन्होंने अपनी सहूलियत के लिए किए जाने वाले खर्च को धीरे-धीरे कम करना शुरू किया. क्विक डिलीवरी, ऑटो सब्सक्रिप्शन और ऑनलाइन छोटी-मोटी खरीदारी से महीने में खर्च का पैमाना धीरे-धीरे बढ़ता गया. अक्षय ने लास्ट मिनट के बजाय पूरे वीकेंड का प्लान पहले से ही बनाना शुरू कर दिया.
अक्षय का कहना है कि बिना सोचे-समझे कैफे या पब चले जाना, मन में कुछ अचानक से आने पर खर्च कर बैठना, इन सारी चीजों का तुरंत पता चले बिना ही सेविंग्स पर असर पड़ता है. अक्षय ने आगे कहा, &quot;मैंने बिना सोचे-समझे खर्च करने के बजाय अपने वीकेंड का प्लान बनाना शुरू किया. बिना प्लान के कैफ़ घूमना, पब जाना और अचानक घूमने-फिरने का मन बनाकर खर्च करना, बेंगलुरु में लोगों को पता चलने से कहीं ज्यादा तेजी से बचत को खत्म कर देता है.&quot;



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लाइफस्टाइल मेंटेन करने का प्रेशर
वीडियो में अक्षय ने बेंगलुरु के वर्क कल्चर में लोगों पर अपने लाइफस्टाइल को लगातार बेहतर बनाने के दबाव के बारे में भी बात की. यहां कई लोग सिर्फ बाहर से खुद को अपडेटेड दिखाने या &amp;nbsp;अपने आस-पास के ट्रेंड्स के साथ बने रहने के लिए पैसे खर्च करते हैं.
अक्षय ने बताया कि दूसरों की तरह उन्होंने अपने गैजेट्स अपग्रेड करने बंद कर दिए. रोज रेस्टारेंट्स और ऑनलाइन फूड डिलीवरी पर निर्भर रहने के बजाय घर पर खाना पकाने का भी बचत के साथ-साथ सेहत पर भी असर पड़ा. अपने पोस्ट के आखिर में अक्षय ने लिखा कि सैलरी ज्यादा होने से ही सिर्फ आपकी आर्थिक परेशानियां हल नहीं हो जाती हैं. बेहतर आदतें ज्यादा मायने रखती हैं.

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        <pubDate>Mon, 13 Jul 2026 01:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>भारत के इस पड़ोसी देश में हाहाकार! 4.54 लाख करोड़ के &amp;apos;बैड लोन&amp;apos; में डूबा, बैंकिंग सिस्टम भी हुआ फेल</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/भारत-के-इस-पड़ोसी-देश-में-हाहाकार-454-लाख-करोड़-के-बैड-लोन-में-डूबा-बैंकिंग-सिस्टम-भी-हुआ-फेल</link>
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        <description><![CDATA[ Bangladesh Banking Crisis: भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश की बैंकिंग हालत इन दिनों लगातार बिगड़ती हुई नजर आ रही है. हालिया आंकड़ों के मुताबिक, देश के बैंकों पर डूबे हुए कर्ज (NPA) का बोझ काफी तेजी से बढ़ गया है, जिसकी वसूली कर पाना मुश्किल हो गया है. ऐसे में बैंकों की कुल कर्ज अब करीब 32.26% हिस्सा नॉन-परफॉर्मिंग एसेट में बदल चुका है. एनपीए वाले देशों के लिस्ट में अब बांग्लादेश दूसरे स्थान पर पहुंच चुका है.&amp;nbsp;
लगतार तेजी से बढ़ते बैड लोन, बैंकिंग व्यवस्था में कमजोर निगरानी ने हालत और बदतर बना दी है. इसका असर सिर्फ बैंकों पर ही नहीं, बल्कि देश की आर्थिक स्थिति पर भी पड़ रही है. एक्सपर्टों के मुताबिक, अगर हालात में जल्द सुधार नहीं हुआ तो देश की अर्थव्यवस्था का अंजाम काफी बुरा हो सकता है.&amp;nbsp;
कितने करोड़ रुपये के बराबर पहुंचा बैड लोन
रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च 2026 तक &amp;nbsp;बांग्लादेश में बैड लोन यानी डूबा हुआ कर्ज बढ़कर 5.89 लाख करोड़ टका (करीब 4.54 लाख करोड़ रुपये) तक पहुंच गया है. सिर्फ तीन महीनों में ही करीब 31,000 करोड़ टका कर्ज एनपीए में बदल चुका है. ऐसे में बताया जा रहा है कि देश के कुल बैंक ऋण का कारीब एक-तिहाई अब वसूली से बाहर हो गया है.
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क्यों बिगड़ी बैंकिंग व्यवस्था?
दरअसल, बैंकों ने लोन देते समय आने वाले खतरे का सही से अंदाजा नहीं लगाया. उन्होंने उधार लेने वाले की पेमेंट क्षमता की बजाय राजनीतिक प्रभाव और व्यक्तिगत संबंधों के बुनियाद पर बड़े कर्ज दे दिए, जिनकी बाद में समय रहते वसूली नहीं हो सकी. यही वजह है कि आज बैंकों की वित्तीय स्थिति लगातार कमजोर होती चली गई. ऐसे में अब बैंकों के पास पूंजी कम होने से उद्योग, कारोबार और आम लोगों को नए लोन देना भी काफी मुश्किल हो गई है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sun, 12 Jul 2026 13:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>FD vs Lump Sum Investment: 10 लाख रुपये का निवेश करने पर कहां मिलेगा ज्यादा मुनाफा? जानिए दोनों विकल्पों का फर्क</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/fd-vs-lump-sum-investment-10-लाख-रुपये-का-निवेश-करने-पर-कहां-मिलेगा-ज्यादा-मुनाफा-जानिए-दोनों-विकल्पों-का-फर्क</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/fd-vs-lump-sum-investment-10-लाख-रुपये-का-निवेश-करने-पर-कहां-मिलेगा-ज्यादा-मुनाफा-जानिए-दोनों-विकल्पों-का-फर्क</guid>
        <description><![CDATA[ FD vs Lump Sum Investment: अपने भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए हर कोई निवेश करना चाहता है. एक निवेश होता है जिसमें किश्तों में थोड़े- थोड़े पैसे जमा करना होते हैं. लेकिन जब आपके पास एक मुश्त रकम हो तब क्या करेंगें? इसकी या तो एफडी करवाएंगे, या फिर लम्प सम इनवेस्टमेंट में इसे निवेश करेंगे. इन दोंनों में से किसमें निवेश करना बेहतर है? आइये जानते हैं.
FD में कितना मिल सकता है रिटर्न?FD यानी फिक्स्ड डिपॉजिट उन लोगों के लिए अच्छा ऑप्शन माना जाता है जो बिना जोखिम के तय रिटर्न चाहते हैं. फिलहाल कई बैंक 5 साल की FD पर करीब 6.5% से 7.5% तक ब्याज दे रहे हैं. अगर 10 लाख रुपये को 7% सालाना ब्याज पर 5 साल के लिए FD में रखा जाए, तो मैच्योरिटी पर रकम लगभग 14 लाख रुपये के आसपास पहुंच सकती है. यानी करीब 4 लाख रुपये का ब्याज मिल सकता है. हालांकि, ब्याज पर टैक्स भी देना पड़ सकता है.
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लम्प सम निवेश में कितना फायदा?अगर यही 10 लाख रुपये किसी इक्विटी म्यूचुअल फंड में लम्प सम इनवेस्टमेंट में निवेश किए जाएं और औसतन 12% सालाना रिटर्न मिले, तो 5 साल में निवेश की वैल्यू करीब 17.6 लाख रुपये तक पहुंच सकती है. यानी लगभग 7.6 लाख रुपये का फायदा हो सकता है. हालांकि, म्यूचुअल फंड का रिटर्न बाजार के उतार-चढ़ाव पर निर्भर करता है और इसमें नुकसान की संभावना भी रहती है.
निवेश से पहले रखें इन बातों का ध्यान

सिर्फ संभावित रिटर्न देखकर फैसला न लें.
अपने वित्तीय लक्ष्य और जोखिम उठाने की क्षमता को जाचें.
इमरजेंसी के लिए कुछ रकम सुरक्षित रखें.
म्यूचुअल फंड में निवेश से पहले फंड का रिकॉर्ड और खर्च जरूर देखें.
जरूरत पड़ने पर किसी वित्तीय सलाहकार की सलाह लें.

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दोनों में से क्या है फायदेमंद?यदि आपको इन दोनों में से कुछ एक चुनना है तो आप अपनी समझ और जरूरत के हिसाब से चुनें. जैसे अगर आपका लक्ष्य पूंजी को सुरक्षित रखना है और आप बिना जोखिम के निश्चित रिटर्न चाहते हैं, तो FD बेहतर ऑप्शन हो सकती है. वहीं, अगर आपका निवेश का समय लंबा है और आप बाजार के उतार-चढ़ाव को झेल सकते हैं, तो लम्प सम म्यूचुअल फंड निवेश लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न दे सकता है.
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        <pubDate>Sun, 12 Jul 2026 13:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Petrol&amp;Diesel Rate: वीकेंड पर बाहर निकलने का है प्लान? पहले जानें आज पेट्रोल&amp;डीजल का क्या चल रहा रेट?</title>
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        <description><![CDATA[ Petrol-Diesel Rate Today on July 12: आज 12 जुलाई, रविवार को देशभर में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है. जबकि शुक्रवार को तेल की कीमतों में गिरावट आई थी. इस दिन ब्रेंट क्रूड फिसलकर 76.24 डॉलर प्रति बैरल और WTI क्रूड 72.04 रुपये प्रति बैरल पर बंद हुआ. तेल की कीमतों में यह गिरावट तनाव के बावजूद अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर और शांति समझौते को लेकर आई पॉजिटिव खबरों के बीच आई, जिससे होर्मुज (Strait of Hormuz) से एनर्जी शिपिंग फिर से शुरू होने की उम्मीद जगी. अमेरिका ने इस बीच ईरान के मुख्य एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाने से परहजे किया. उन्होंने यह भी कहा कि &#039;&#039;यह संघर्ष एक लंबे युद्ध में नहीं बदलेगा.&#039;&#039; उनके ऐसा कहने से निवेशकों का डर कुछ कम हुआ है.&amp;nbsp;
क्या अभी कम होंगी पेट्रोल-डीजल की कीमतें?
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पिछले हफ्ते संकेत दिया था कि अभी घरेलू स्तर पर ईंधन की कीमतें कम करने पर कोई विचार नहीं हो रहा है. यह फैसला तब लिया गया है जब OPEC+ ने अगस्त 2026 से तेल उत्पादन में हर दिन 1,88,000 बैरल की और बढ़ोतरी करने का ऐलान किया है. यह लगातार 50वां महीना है, जब OPEC+ में शामिल देशों ने अपनी प्रोडक्शन लिमिट बढ़ाई है. बता दें कि फरवरी के अंतिम सप्ताह में अमेरिका-ईरान के बीच तनाव शुरू होने के बाद से पिछले चार महीनों में देश में ईंधन की कीमतें चार बार बढ़ी हैं, जिससे इस दौरान कीमतें लगभग 7.5-8 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ गई हैं.
शहरवार पेट्रोल-डीजल की कीमतें



शहर&amp;nbsp;
पेट्रोल की कीमत (प्रति लीटर)
डीजल की कीमत (प्रति लीटर)


दिल्ली&amp;nbsp;
&amp;nbsp;102.12 रुपये
95.20 रुपये


मुंबई&amp;nbsp;
111.21 रुपये
97.83 रुपये


कोलकाता
113.51 रुपये
99.82 रुपये


बेंगलुरु
110.93 रुपये
98.80 रुपये


चेन्नई&amp;nbsp;
107.77 रुपये
&amp;nbsp;99.55 रुपये


पटना&amp;nbsp;
113.35 रुपये
&amp;nbsp;99.36 रुपये


लेह
109.81 रुपये
97.92 रुपये


हैदराबाद
115.69 रुपये&amp;nbsp;
103.82 रुपये


कोहिमा
104.39 रुपये
95.91 रुपये



क्यों अलग-अलग शहरों में रेट अलग-अलग?
केंद्र सरकार पूरे देश में एक समान एक्साइज ड्यूटी लगाती है, लेकिन राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर अपने अलग-अलग प्रतिशत में VAT या सेल्स टैक्स लगाती है. जैसे कि अंडमान-निकोबार में टैक्स बहुत कम होने के चलते वहां तेल सस्ता है. वहीं, राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में टैक्स ज्यादा&amp;nbsp;लगने की वजह से तेल महंगा हो जाता है. ट्रांसपोर्टेशन का खर्च और मांग-आपूर्ति की मौजूदा स्थिति भी उस रिटेल कीमत पर असर डालती है, जो ग्राहकों को पेट्रोल पंप पर दिखती है.

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        <pubDate>Sun, 12 Jul 2026 13:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Petrol-Diesel, Rate:, वीकेंड, पर, बाहर, निकलने, का, है, प्लान, पहले, जानें, आज, पेट्रोल-डीजल, का, क्या, चल, रहा, रेट</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>40 साल का सूखा खत्म! भारत&amp;न्यूजीलैंड ने तैयार किया &amp;apos;विजन 2030&amp;apos;, 35000 करोड़ का होगा ट्रेड, क्या समझौते हुए?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/40-साल-का-सूखा-खत्म-भारत-न्यूजीलैंड-ने-तैयार-किया-विजन-2030-35000-करोड़-का-होगा-ट्रेड-क्या-समझौते-हुए</link>
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        <description><![CDATA[ India-New Zealand FTA: भारत और न्यूजीलैंड के रिश्तों में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है. करीब 40 साल बाद न्यूजीलैंड के किसी प्रधानमंत्री की भारत यात्रा और दोनों देशों के बीच हुई अहम बातचीत ने व्यापारिक रिश्तों के लिए नए रास्ता खोल दिए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने मिलकर &#039;विजन 2030&#039; का रोडमैप तैयार किया है, जिसका मकसद दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को मजबूत करना है.&amp;nbsp;दोनों देशों की कोशिश है कि आने वाले वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को करीब 35,000 करोड़ रुपये तक पहुंचाया जाए.
भारत- न्यूजीलैंड रिश्तों में नई शुरुआतभारत और न्यूजीलैंड के बीच लंबे समय से अच्छे कूटनीतिक संबंध रहे हैं, लेकिन आर्थिक मोर्चे पर दोनों देशों के बीच व्यापार की रफ्तार उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ पाई थी. अब दोनों देशों ने इस अंतर को कम करने के लिए विजन 2030 तैयार किया है. प्रधानमंत्री मोदी और पीएम लक्सन की बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि दोनों देश एक-दूसरे के बाजारों में पहुंच आसान बनाने, निवेश बढ़ाने और कारोबारी सहयोग को मजबूत करने की दिशा में काम करेंगे.
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35000 करोड़ रुपये का ट्रेड&amp;nbsp;भारत और न्यूजीलैंड के बीच व्यापार बढ़ाने पर सबसे ज्यादा फोकस किया गया है. दोनों देश चाहते हैं कि आने वाले समय में व्यापारिक गतिविधियां तेजी से बढ़ें और कंपनियों को नए अवसर मिलें. न्यूजीलैंड भारत के लिए कृषि, डेयरी और तकनीक जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण साझेदार बन सकता है. वहीं, भारत न्यूजीलैंड के लिए फार्मा, आईटी, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर में बड़ा बाजार बन सकता है.
न्यूजीलैंड एक्सपोर्ट को टैरिफ फ्री एंट्रीभारत और न्यूजीलैंड के बीच हुए ट्रेड समझौते का सबसे बड़ा फायदा न्यूजीलैंड के एक्सपोर्टर्स को मिलने की उम्मीद है. न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के अनुसार, ट्रेड डील लागू होने के बाद पहले दिन से ही न्यूजीलैंड के 57% निर्यात को भारत में बिना टैरिफ के एंट्री मिलेगी. इससे न्यूजीलैंड के कृषि, फूड प्रोसेसिंग, डेयरी के सामान को भारतीय बाजार में पहुंच बनाने में मदद मिलेगी. वहीं, भारत को भी न्यूजीलैंड के बाजार में अपने उत्पादों के लिए बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद है. इस समझौते से दोनों देशों के बीच व्यापार के नए रास्ते खुलेंगे.&amp;nbsp;
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क्या हैं बड़े समझौते?
1. व्यापार और निवेश- भारत और न्यूजीलैंड कारोबारियों के लिए निवेश को आसान बनाने और नई साझेदारियों को बढ़ावा देने पर जोर देने वाले हैं.&amp;nbsp;
2. शिक्षा- दोनों देश छात्र, विश्वविद्यालयों और रिसर्च संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने पर काम करेंगे.&amp;nbsp;
3. कृषि और डेयरी- न्यूजीलैंड अपनी डेयरी और कृषि तकनीक के लिए मशहूर है. भारत को इस सहमति से लाभ मिल सकता है.
4. सुरक्षा- दोनों देशों ने रक्षा और समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की बात कही है. इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में बदलती स्थितियों को देखते हुए ये फैसला लिया गया है.
5. टेक्नोलॉजी- डिजिटल टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप में भी दोनों देश मिलकर काम करने पर सहमत हुए हैं.
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        <pubDate>Sat, 11 Jul 2026 21:30:17 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>साल, का, सूखा, खत्म, भारत-न्यूजीलैंड, ने, तैयार, किया, विजन, 2030, 35000, करोड़, का, होगा, ट्रेड, क्या, समझौते, हुए</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>हवाई यात्रियों की जान जोखिम में! सुरक्षा नियमों में ढिलाई पर इंडिगो को लगी फटकार, कब&amp; कब लगा जुर्माना?</title>
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        <description><![CDATA[ IndiGo Flight Disruption: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनियों में शामिल इंडिगो एक बार फिर सुरक्षा और नियमों के पालन को लेकर सवालों के घेरे में है. एविएशन रेगुलेटर डीसीजीए ने एयरलाइन को खतरनाक सामानों की हैंडलिंग से जुड़े नियमों में लापरवाही को लेकर चेतावनी दिया है. डीसीजीए की जांच में कुछ ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें तय सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया था.
इस कार्रवाई के बाद यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हो गई है. हालांकि, डीसीजीए ने अभी इस मामले में जुर्माना नहीं लगाया है, बल्कि नियमों में सुधार के लिए चेतावनी दी है और एयरलाइन से कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है.
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क्या है पूरा मामला?डीसीजीए की ओर से की गई जांच में इंडिगो के इंजीनियरिंग स्टोरेज और खतरनाक सामानों की हैंडलिंग प्रोसेस में कुछ कमियां पाई गई हैं. जांच में सामने आया कि कुछ मामलों में खतरनाक सामान को संभालने के लिए नियम और स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर का पूरी तरह पालन नहीं हुआ.
एयरलाइन ने भी एक घटना का जिक्र किया जिसमें फ्लाइट में भेजे गए खतरनाक सामान से जुड़ी समस्या सामने आई थी. इसके बाद डीसीजीए ने सुरक्षा नियमों को लेकर सख्ती दिखाई और इंडिगो को सुधार करने के निर्देश दिए.
इंडिगो पर कब-कब हुई डीसीजीए की बड़ी कार्रवाई?
1. जुलाई 2026डीसीजीए ने विशेष ऑडिट में पाया कि इंडिगो ने खतरनाक सामान की हैंडलिंग से जुड़े कुछ सुरक्षा नियमों और एसओपी का पूरी तरह पालन नहीं किया. इसके बाद एयरलाइन को वार्निंग लेटर जारी किया गया और एक महीने के भीतर सुधार करके रिपोर्ट मांगी गई. इस मामले में कोई जुर्माना नहीं लगाया गया, केवल चेतावनी दी गई.
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2. जनवरी 2026दिसंबर 2025 में हजारों उड़ानों के रद्द और लेट होने के मामले में डीसीजीए ने इंडिगो पर 22.20 करोड़ रुपए का रिकॉर्ड जुर्माना लगाया. जांच में पाया गया कि ऑपरेशन प्लानिंग, क्रू मैनेजमेंट और रेगुलेटरी तैयारी में गंभीर कमियां थीं. डीसीजीए ने एयरलाइन से 50 करोड़ रुपए की बैंक गारंटी भी मांगी ताकि आगे चलकर ऐसी स्थिति दोबारा न हो.
3. अक्टूबर 2025&amp;nbsp;डीसीजीए ने पायलट ट्रेनिंग और कैटगरी सी एयरपोर्ट ऑपरेशन से जुड़े नियमों के पालन में कमी मिलने पर इंडिगो पर 20 लाख रुपए का जुर्माना लगाया था. एयरलाइन ने बाद में इस आदेश को चुनौती देने की बात कही थी.
4. दिसंबर 2025&amp;nbsp;फ्लाइट कैंसिलेशन संकट के दौरान डीसीजीए ने इंडिगो के सीइओ समेत वरिष्ठ अधिकारियों को शो-कॉज नोटिस जारी किया. इसके अलावा एयरलाइन की उड़ानों पर खास निगरानी रखी गई, अधिकारियों को एयरपोर्ट और ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर में तैनात किया गया और कंपनी से नियमित रिपोर्ट मांगी गई. ये कार्रवाई बाद में 22.20 करोड़ रुपए के जुर्माने का आधार बनी.
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यात्रियों की सुरक्षा पर कितना असर?एविएशन सेक्टर में सुरक्षा नियमों का पालन बेहद जरूरी माना जाता है. खासतौर पर खतरनाक सामान जैसे सामानों की सही पहचान, पैकिंग और ट्रांसपोर्टेशन में छोटी सी लापरवाही भी बड़ा खतरा पैदा कर सकती है. डीसीजीए लगातार एयरलाइंस की निगरानी करता है ताकि यात्री सुरक्षा से जुड़े नियमों में कोई कमी न रहे. इंडिगो को जारी चेतावनी भी इसी निगरानी का हिस्सा है. ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 11 Jul 2026 21:30:16 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>हवाई, यात्रियों, की, जान, जोखिम, में, सुरक्षा, नियमों, में, ढिलाई, पर, इंडिगो, को, लगी, फटकार, कब-, कब, लगा, जुर्माना</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>मुंबई में बनेगा दुनिया का सबसे बड़ा वॉटर मेट्रो नेटवर्क, खर्च होंगे 6066 करोड़, क्या&amp;क्या होगा खास?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/मुंबई-में-बनेगा-दुनिया-का-सबसे-बड़ा-वॉटर-मेट्रो-नेटवर्क-खर्च-होंगे-6066-करोड़-क्या-क्या-होगा-खास</link>
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        <description><![CDATA[ Mumbai&amp;nbsp;Water Metro Project: अगर आप भी मुंबई के रहने वाले है, तोयह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. दरअसल मुंबई और उसके आसपास के शहरों में बढ़ते ट्रैफिक से राहत दिलाने के लिए महाराष्ट्र सरकार एक खास योजना की तैयारी कर रही है. सरकार दुनिया का सबसे बड़ा वॉटर मेट्रो नेटवर्क तैयार करेगी, जिसकी लागत करीब 6,066 करोड़ रुपये है. इसका खास मकसद सड़कों और रेलवे पर बढ़ते दबाव को कम करना है. इसके साथ ही यात्रा को तेज बनाने और पर्यावरण के अनुकूल सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना है.
इस योजना के तहत सैकड़ों किलोमीटर लंबा जलमार्ग नेटवर्क बनाया किया जाएगा. इसके अलावा इलेक्ट्रिक-हाइब्रिड नौकाएं चलाई जाएगी और सिंधुदुर्ग में आधुनिक बोट बनाने का केंद्र भी स्थापित की जाएगी. सरकार का कहना है कि इस योजना के तहत आने वाले सालों में करोड़ों यात्रियों को इसका सीधा फायदा मिलेगा.
क्या-क्या होगा खास?

6,066 करोड़ रुपये की लागत से परियोजना विकसित की जाएगी.
340 किलोमीटर लंबा वॉटर मेट्रो नेटवर्क तैयार होगा.
कुल 33 जलमार्ग और 44 आधुनिक टर्मिनल बनाए जाएंगे.
यात्रियों के लिए 203 इलेक्ट्रिक-हाइब्रिड नौकाएं चलाई जाएंगी.
पूरा होने पर यह दुनिया का सबसे बड़ा वॉटर मेट्रो नेटवर्क होगा.

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2031 तक करोड़ों यात्रियों को मिलेगा फायदा
महाराष्ट्र का मकसद है कि साल 2031 तक करीब 7.5 करोड़ यात्रियों को इस सेवा का फायदा मिल सकें. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मुताबिक, मुंबई की ट्रैफिक परेशानी का हल सिर्फ सड़क और रेल नेटवर्क बढ़ाने से मुमकिन नहीं है. यही वजह है कि परिवहन को भी शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था का अहम हिस्सा बनाया जा रहा है. इसके अलावा बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) में पॉड टैक्सी सेवा भी शुरू करने की उम्मीद है.
कहां बनेगा आधुनिक बोट निर्माण केंद्र?
मुंबई वॉटर मेट्रो परियोजना के लिए महाराष्ट्र समुद्री बोर्ड और ज़ोया मरीन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के बीच एक समझौता किया गया है. जिसके तहत सिंधुदुर्ग जिले के सावंतवाड़ी तालुका में करीब 22 एकड़ जमीन पर करीब 150 करोड़ रुपये की लागत से इलेक्ट्रिक बोट निर्माण केंद्र बनाया जाएगा. यहां वॉटर मेट्रो के लिए इलेक्ट्रिक और पर्यावरण अनुकूल नौकाएं तैयार की जाएंगी.
40 साल का सूखा खत्म! भारत-न्यूजीलैंड ने तैयार किया &#039;विजन 2030&#039;, 35000 करोड़ का होगा ट्रेड, क्या समझौते हुए?
 ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 11 Jul 2026 21:30:14 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>मुंबई, में, बनेगा, दुनिया, का, सबसे, बड़ा, वॉटर, मेट्रो, नेटवर्क, खर्च, होंगे, 6066, करोड़, क्या-क्या, होगा, खास</media:keywords>
    </item>
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        <title>भारत की तिजोरी में आया डॉलर का सैलाब, विदेशी मुद्रा भंडार 674 अरब डॉलर के पार, बढ़ने के क्या हैं कारण?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/भारत-की-तिजोरी-में-आया-डॉलर-का-सैलाब-विदेशी-मुद्रा-भंडार-674-अरब-डॉलर-के-पार-बढ़ने-के-क्या-हैं-कारण</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/भारत-की-तिजोरी-में-आया-डॉलर-का-सैलाब-विदेशी-मुद्रा-भंडार-674-अरब-डॉलर-के-पार-बढ़ने-के-क्या-हैं-कारण</guid>
        <description><![CDATA[ India&#039;s Forex Reserve:&amp;nbsp;भारत की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी राहत की खबर आई है. भारतीय रिजर्व बैंक के ताजा आंकड़े देखें तो 3 जुलाई 2026 को देश का विदेशी मुद्रा भंडार 7.26 अरब डॉलर बढ़कर 674.19 अरब डॉलर पर पहुंच गया है. पिछले सप्ताह इसमें गिरावट दिखी थी, लेकिन इस बार मजबूत उछाल है. आइये विदेशी मुद्रा भंडार के बारे में और डिटेल में जानते हैं और समझते हैं कि पीएम मोदी की अपील से कितना फर्क पड़ा है.
विदेशी मुद्रा भंडार क्या है?विदेशी मुद्रा भंडार वो पूंजी है जिसे RBI डॉलर, यूरो, पाउंड, येन जैसी विदेशी मुद्राओं, सोने, IMF के स्पेशल ड्रॉइंग राइट्स और IMF में रिजर्व पोजिशन के रूप में रखता है. यही भंडार जरूरत पड़ने पर रुपये को सहारा देती है और आयात का भुगतान करने और किसी आर्थिक संकट से निपटने में काम आती है. किसी भी देश के लिए मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार उसकी आर्थिक ताकत मानी जाती है.
मुंबई में बनेगा दुनिया का सबसे बड़ा वॉटर मेट्रो नेटवर्क, खर्च होंगे 6066 करोड़, क्या-क्या होगा खास?
674 अरब डॉलर कैसे पहुंचा आंकड़ा?इस बार विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ने के पीछे कई कारण रहे. सबसे बड़ा योगदान फॉरेन करेंसी एसेट्स का रहा, जो 4.51 अरब डॉलर बढ़कर 545.58 अरब डॉलर पर पहुंच गया. इसके अलावा सोने का भंडार भी 2.67 अरब डॉलर बढ़कर 105.21 अरब डॉलर हो गया. वहीं, इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड के SDR और रिजर्व पोजिशन में भी हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे कुल विदेशी मुद्रा भंडार मजबूत हुआ. इसके अलावा FCNR जमा और एक्सटर्नल कमर्शियल बॉरोइंग्स के जरिए भी डॉलर का फ्लो बढ़ा है, जिससे विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूती मिली है.
पीएम मोदी ने क्या अपील की?
कुछ महीने पहले जब मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर की मांग में तेजी आई थी, तब पीएम नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से विदेशी मुद्रा बचाने की अपील की थी. उन्होंने लोगों से कहा था कि जितना हो सके विदेशी यात्राएं टालें, ईंधन बचाएं, पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें और कम से कम एक साल तक सोने की खरीदारी से बचें. असल में भारत बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और सोना आयात करता है, जिसके लिए बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च होती है. अगर देश में पेट्रोल-डीजल की खपत कम होती है और सोने की मांग नियंत्रित रहती है, तो डॉलर की बचत होती है और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम होता है.
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पीएम मोदी की अपील का क्या असर पड़ा?
पीएम मोदी की अपील के बाद लोगों में ऊर्जा बचत की है और गैर-जरूरी खर्चों को कंट्रोल किया है. हालांकि, विदेशी मुद्रा भंडार में मौजूदा बढ़ोतरी का सीधा कारण केवल आम लोगों की बचत नहीं है, बल्कि इसमें विदेशी निवेश, निर्यात से आने वाली कमाई, डॉलर की आवक और सोने की कीमतों में बदलाव जैसे कई बड़े आर्थिक कारण शामिल हैं. फिर भी, सरकार की ओर से आयात कम करने और विदेशी मुद्रा बचाने की कोशिशों ने लंबे समय में काफी मदद की है.
40 साल का सूखा खत्म! भारत-न्यूजीलैंड ने तैयार किया &#039;विजन 2030&#039;, 35000 करोड़ का होगा ट्रेड, क्या समझौते हुए? ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 11 Jul 2026 21:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Ethanol Rice: सरकारी राशन में हेराफेरी! एथेनॉल बनाने वाला FCI का सरकारी चावल प्राइवेट मिल को बेचा</title>
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        <description><![CDATA[ Ethanol Plant: मध्य प्रदेश में एथेनॉल बनाने के लिए भेजे गए सरकारी राशन की चावल की हेराफेरी का मामला सामने आया है, जहां भारतीय खाद्य निगम (FCI) से एथेनॉल बनाने के लिए भेजी गई चावल की खेप तय जगह पहुंचने की बजाय एक निजी राइस मिल में पहुंच गई. इस मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी. शक के मुताबिक शुरुआत जांच में बताया गया है कि सरकारी योजना के जरिए दिए गए चावल का गलत तरीके से इस्तेमाल कर सरकार को आर्थिक नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई थी.&amp;nbsp;
क्या है पूरा मामला?
प्रारम्भिक जांच के मुताबिक, FCI से जारी सरकारी चावल छिंदवाड़ा के एक एथेनॉल प्लांट के लिए भेजी गई थी, लेकिन चावल से भरा ट्रक छिंदवाड़ा जाने की बजाय बालाघाट जिले की एक निजी राइस मिल में खड़ा मिला. बताया जा रहा है कि उस ट्रक में करीब 242.55 क्विंटल चावल से भरे 490 बोरे बरामद हुए है. जिसके बाद पुलिस ने ट्रक और उसमें मौजूद चावल को जब्त कर लिया.
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FIR में क्या लगाए गए हैं आरोप?
FIR के मुताबिक, एथेनॉल कंपनी के एक अधिकृत प्रतिनिधि पर सरकारी चावल को हेर-फेर करने का आरोप लगाया गया है. बताया जा रहा है कि सरकारी चावल की जगह सस्ता टूटा चावल एथेनॉल उत्पादन में इस्तेमाल करने की योजना बनाई जा रही थी. इस हेराफेरी से सरकार को काफी नुकसान पहुंची है. हालांकि, पुलिस ने इस मामले में ट्रक चालक और राइस मिल के मालिक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है.
एथेनॉल योजना में FCI चावल कैसे मिलता है?
केंद्र सरकार एथेनॉल बनाने के लिए पात्र डिस्टिलरी को FCI का चावल देती है. FCI का यह चावल सिर्फ वही डिस्टिलरी खरीद सकती हैं, जिसके पास ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) के साथ एथेनॉल सप्लाई का समझौता होता है. सरकार एथेनॉल बनाने के लिए यह चावल रियायती कीमतों पर दिया जाता है.&amp;nbsp;
अब क्या होगी कार्रवाई?
इस मामले की चेकिंग के लिए खास जांच दल (SIT) बनाया गया है. फिलहाल पुलिस भी इस मामले से जुड़े सभी लोगों से पूछताछ कर रही है. साथ ही यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि सरकारी चावल को जानबूझकर गलत जगह भेजा गया था या नहीं. पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही असल दोषी के खिलाफ कारवाई की जाएगी. &amp;nbsp;
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        <pubDate>Sat, 11 Jul 2026 09:30:25 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>PM Modi News: न कैश, ना क्रेडिट कार्ड, जानिए पीएम मोदी विदेशी दौरों पर कैसे पेमेंट करते हैं</title>
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        <description><![CDATA[ PM Modi News: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्सर विदेश दौरे पर होते हैं. इस समय भी पीएम मोदी तीन देशों की यात्रा पर हैं. फिलहाल वो इस यात्रा के अंतिम चरण पर न्यूजीलैंड पहुंचे हैं. अपनी विदेश यात्राओं के दौरान पीएम मोदी अक्सर कई चीजें भी खरीदते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि पीएम विदेश में पेमेंट कैसे करते हैं? नहीं सोचा होगा ना? ना ही जानते होंगे? तो आइये हम आपको बताते हैं.
पीएम मोदी कैसे करते हैं पेमेंट्स?पीएम मोदी साल 2018 में जब सिंगापुर के दौरा पर थे, उस दौरान उन्होंने वहां से एक मधुबनी पेंटिंग खरीदी थी. इस पेंटिंग को खरीदते समय उन्होंने RuPay कार्ड का इस्तेमाल किया था. तो वहीं अगस्त 2019 में भूटान भी उन्होंने एक आधिकारिक यात्रा के दौरान स्थानीय भूटानी हस्तशिल्प सामग्री खरीदी और RuPay कार्ड का इस्तेमाल किया.&amp;nbsp;
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तो वहीं फरवरी 2024 में अबू धाबी दौरे के समय पीएम मोदी और यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने भारत के UPI को यूएई के &#039;AANI&#039; पेमेंट सिस्टम से और रुपे कार्ड को वहां के &#039;JAYWAN&#039; कार्ड से जोड़ने की शुरुआत की थी. इस दौरान दोनों नेताओं ने एक-दूसरे के कार्ड को स्वाइप कर लाइव ट्रांजैक्शन होते हुए भी देखा था.
भारतीय UPI को देते हैं बढ़ावाप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विदेशों में इन सामानों को खरीदने और खुद पेमेंट करने का मकसद भारतीय पर्यटकों और दुनिया को ये दिखाना होता है कि भारत की फिनटेक तकनीकें जैसे UPI और RuPay अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पूरी तरह सुरक्षित और स्वीकृत हैं. ऐसे में भारतीय लोग भी विदेश यात्रा पर जाएं तो इन तकनीकों का ही इस्तेमाल करें, ना कि करेंसी एक्सचेंज करवाकर.
किन देशों में चलता है UPI और RuPay?भारतीय UPI और RuPay भारत समेत फ्रांस, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), सिंगापुर, भूटान, नेपाल, श्रीलंका, मॉरीशस, कतर, ओमान, दक्षिण कोरिया जैसे देशों में चलता है. हालांकि फ्रांस के कुछ हिस्सों में RuPay नहीं चलता है, लेकिन कुछ हिस्सों में काम करता है.
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        <pubDate>Sat, 11 Jul 2026 09:30:24 +0530</pubDate>
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        <title>भारत के &amp;apos;आइंस्टीन&amp;apos; तैयार कर रहा अडानी ग्रुप! RSI&amp;India 2026 में देश के छात्रों को मिली फ्री साइंटिफिक ट्रेनिंग</title>
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        <description><![CDATA[ RSI-India 2026: भारत में भविष्य के वैज्ञानिकों को तैयार करने के लिए एक बेहद खास कार्यक्रम का आयोजन किया गया. अदानी ग्रुप और अमेरिका की संस्था सेंटर फॉर एक्सीलेंस इन एजुकेशन यानी सीईई ने मिलकर &#039;रिसर्च साइंस इनिशिएटिव&#039; नाम के एक स्पेशल साइंस कैंप का आयोजन किया. छह हफ्तों तक चला यह कैंप बेंगलुरु के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस में आयोजित किया गया था, जिसका हाल ही में समापन हुआ.
कार्यक्रम के बारे में जानें
यह कार्यक्रम हाई स्कूल छात्रों के लिए एक स्पेशल साइंस रिसर्च प्रोग्राम है. यह अमेरिका की मशहूर यूनिवर्सिटी &#039;एमआईटी&#039; में होने वाले प्रोग्राम की तर्ज पर भारत में आयोजित किया गया था. इस साल देश भर से सिर्फ 32 बेहद होनहार और टैलेंटेड छात्रों को इसके लिए चुना गया था. खास बात यह है कि इस छह हफ्ते के एडवांस कोर्स के लिए बच्चों से कोई फीस नहीं ली गई, यह बिल्कुल मुफ्त था.
बच्चों ने खुद लैब में किया काम
इस कैंप में हिस्सा लेने वाले छात्रों ने बताया कि यह उनके लिए एक अनोखा और बेहतरीन अनुभव था. छात्रों को सीधे आईआईएससी के बड़े-बड़े प्रोफ़ेसरों के साथ काम करने और उनकी लैब में रिसर्च को समझने का मौका मिला. तनिष्ष्क नाम के एक छात्र ने बताया, &quot;यह बहुत शानदार अनुभव था. हमें न केवल बड़े प्रोफ़ेसरों के साथ सीखने को मिला, बल्कि उन साथियों के साथ वक्त बिताने का मौका मिला जिनकी रुचि भी साइंस में है.&quot;
वहीं, एक अन्य छात्र शिव मांडलिक ने मीडिया को बताया, &#039;&#039;हाल ही में मुझे &#039;रिसर्च साइंस इनिशिएटिव इन इंडिया&#039; के छह हफ्ते के कोर्स में हिस्सा लेने का मौका मिला. मैं पूरे देश के हाई स्कूल के छात्रों को ऐसा शानदार अनुभव देने के लिए अडानी ग्रुप का दिल से शुक्रिया अदा करना चाहता हूं, क्योंकि हर किसी को मुफ़्त में ऐसे कड़े और बेहतरीन प्रोग्राम में हिस्सा लेने का मौका नहीं मिलता.&#039;&#039;

#WATCH | Bengaluru: Participant student Shiv Mandlik says, &quot;I recently got an opportunity to participate in a 6-week course of the Research Science Initiative in India underwritten by the Adani Group and powered by the Center for Excellence in Education. I wholeheartedly like to&amp;hellip; https://t.co/6AKBLn1H0J pic.twitter.com/IutlYCCfZE
&amp;mdash; ANI (@ANI) July 9, 2026



इंजीनियरिंग और डॉक्टर से आगे सोचने की जरूरत- प्रोफेसर
कार्यक्रम को लेकर आईआईएससी के प्रोफेसर और संयोजक दीपक सैनी ने बताया कि भारत में ज़्यादातर स्कूली बच्चे या तो डॉक्टर बनना चाहते हैं या इंजीनियर. वे इसी सोच में बंध जाते हैं. लेकिन भारत को आज ऐसे वैज्ञानिकों और रिसर्चर्स की बहुत जरूरत है जो देश के लिए नए आविष्कार कर सकें.
प्रोफ़ेसर सैनी ने कहा, &quot;बच्चों को साइंस की तरफ मोड़ने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि उन्हें खुद लैब में काम करने का स्वाद चखाया जाए. इस काम में अडानी ग्रुप हमारा पूरा साथ दे रहा है और उनके सहयोग से ही हम आने वाली पीढ़ी के वैज्ञानिक तैयार कर पा रहे हैं.&quot; इस समापन समारोह में बच्चों ने अपने रिसर्च प्रोजेक्ट्स को सबके सामने पेश किया और उन्हें सम्मानित भी किया गया.
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        <pubDate>Sat, 11 Jul 2026 09:30:23 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>WFH Survey: ऑफिस जाना पसंद है या वर्क फ्रॉम होम? सर्वे में भारतीयों ने कर दी इस मॉडल की मांग</title>
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        <description><![CDATA[ WFH Survey: साल 2019 में जब COVID महामारी आई थी, उससे पहले कोई भी वर्क फ्रॉम होम का कॉन्सेप्ट नहीं जानता था. खासतौर से भारत में. लेकिन इस महामारी के बाद से लोगों ने वर्क फ्रॉम हो किया और उन्हें ये काफी पसंद आया. हालांकि करीब 2-3 साल लागातर गऱ से ऑफिस का काम करना थोड़ा सा एग्जॉस्टिंग भी लगने लगा था. लेकिन अब जब एक बार फिर से वर्क फ्रॉम ऑफिस शुरू हुआ, तब लोगों को फिर WFH की याद आई. इसी बीच अब अब एक सर्वे में कुछ नई ही बात सामने आई है.
WFH सर्वे में क्या आया सामने?दरअसल हाल ही में ग्रेट प्लेस टू वर्क इंडिया वॉइस ऑफ इंडिया 2025 का एक सर्वे सामने आया है. इसके अनुसार, अगर कर्मचारियों को ऑप्शन मिले तो 39% लोग हाइब्रिड वर्क मॉडल को सबसे ज्यादा पसंद करते हैं. सर्वे में बताया गया है कि प्रोफेशनल सर्विसेज और टेक्नोलॉजी सेक्टर के कर्मचारी हाइब्रिड मॉडल को सबसे ज्यादा पसंद करते हैं. अब कंपनियां इस बात पर ज्यादा ध्यान दे रही हैं कि कर्मचारी कहां से काम कर रहे हैं, इसके बजाय वो कितना अच्छा काम कर रहे हैं.
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क्या है हाइब्रिड वर्क मॉडल?हाइब्रिड वर्क मॉडल &#039;वर्क फ्रॉम होम&#039; और &#039;वर्क फ्रॉम ऑफिस&#039; का मिक्सचर है. इसमें कर्मचारी को हफ्ते में दो या तीन दिन ऑफिस जाना होता है और बाकी दिन वो घर से काम करता है. इसे ही हाईब्रिड वर्क मॉडल कहते हैं. इससे घर पर आराम से रहकर काम भी हो जाता है और कुछ दिन ऑफिस से काम करने पर माइंड भी फ्रेश हो जाता है. इसलिए लोग इसे काफी पसंद करते हैं.
हाइब्रिड वर्क मॉडल के क्या फायदे हैं?हाइब्रिड वर्क मॉडल के कई सारे फायदे होते हैं, जैसे:

इसमें कर्मचारी कुछ दिन घर से और कुछ दिन ऑफिस से काम करते हैं.
इसमें वो अपने काम और निजी जिंदगी के बीच बेहतर संतुलन बना पाते हैं.
हाइब्रिड तरीके से काम करने पर कर्मचारियों की संतुष्टि बढ़ती है, नौकरी छोड़ने की संभावना कम होती है.
कंपनियों को अच्छे टैलेंट को आकर्षित करने में भी मदद मिलती है.

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WFO होगा खत्म?इस सर्वे की मानें तो ऐसा नहीं है. कई ऐसे सेक्टर हैं जहां ऑफिस या साइट पर मौजूद रहकर काम करना जरूरी है. उदाहरण के लिए, मैन्युफैक्चरिंग और प्रोडक्शन सेक्टर में 72% कर्मचारी आज भी मुख्य रूप से वर्कप्लेस पर जाकर काम करते हैं. वहीं, ऑन-साइट काम करने वाले 59% कर्मचारी अपने नियोक्ता के दफ्तर या फैक्ट्री से काम करते हैं.
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        <pubDate>Sat, 11 Jul 2026 09:30:21 +0530</pubDate>
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        <title>टैक्स वसूली में हरियाणा देश में नंबर&amp;1, बिहार सबसे फिसड्डी, रिपोर्ट में राज्यों की आत्मनिर्भरता पर खुलासा</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/टैक्स-वसूली-में-हरियाणा-देश-में-नंबर-1-बिहार-सबसे-फिसड्डी-रिपोर्ट-में-राज्यों-की-आत्मनिर्भरता-पर-खुलासा</link>
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        <description><![CDATA[ Tax Report: यह तो सभी जानते हैं कि किसी राज्य में सड़क, अस्पताल से लेकर स्कूल और दूसरे सरकारी सुविधाओं पर होने वाले खर्च इस बात पर निर्भर करते हैं कि उस राज्य में कितना टैक्स जुटाया जा रहा है. अभी हाल ही में देश के राज्यों की वित्तीय स्थिति को लेकर एक रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें बहुत बड़ा अंतर देखने को मिला है. रिपोर्ट में देखा गया है कि कुछ राज्य टैक्स से अच्छी-खासी आय जुटा रहे हैं, लेकिन वहीं कुछ राज्य ऐसे भी हैं जो अभी भी केंद्र सरकार से मिलने वाले टैक्स शेयर और आर्थिक सहायता पर ही निर्भर हैं.&amp;nbsp;
सबसे आगे है हरियाणा
फाइनेंशियल ईयर 2024-24 के आंकड़ों के मुताबिक, हरियाणा टैक्स वसूली के मामले में सबसे आगे रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, हरियाणा की कुल आय का 73.23 प्रतिशत हिस्सा खुद के टैक्स से आया. &amp;nbsp;मतलब साफ है कि हरियाणा अपनी कमाई का एक बड़ा हिस्सा खुद ही जुटा रहा है.
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सबसे पीछे है बिहार
अगर बात करें बिहार की तो यह टैक्स वसूली के मामले में सबसे पीछे हैं. राज्य के कुल आय का केवल 24.50 प्रतिशित हिस्सा ही खुद के टैक्स से आया, जिसकी वजह से बिहार को केंद्र सरकार से मिलने वाली आर्थिक मदद का सहारा लेना पड़ता है.&amp;nbsp;
पहले ये राज्य था सबसे आगे
फाइनेंशियल ईयर 2017 से 2020 तक टैक्स के मामले में सबसे आगे महाराष्ट्र था. लेकिन 2020-21 के बाद अब हरियाणा ने महाराष्ट्र को पीछे छोड़ दिया है. खास बात तो यह है कि तब से लेकर अभी तक पहले स्थान पर हरियाणा ही है.
हरियाणा के अलावा इन राज्यों ने भी किया अच्छा प्रदर्शन
रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 10 साल में इन राज्यों ने भी अच्छा-खासा टैक्स से मजबूत कमाई की है. इनमें शामिल है...

कर्नाटक
हरियाणा
तमिलनाडु
तेलंगाना
और महाराष्ट्र

इन राज्यों की दूसरे राज्यों के मुकाबले टैक्स वसूली ज्यादा रही.
आज 14 और 19 किलो वाला गैस सिलेंडर कितने का मिलेगा? जानें 10 जुलाई को आपके शहर में क्या है एलपीजी का रेट
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        <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 17:30:16 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Explained: पहले हरदीप सिंह पुरी ने कहा&amp; &amp;apos;सब ठीक&amp;apos;, फिर नितिन गडकरी ने माना&amp; &amp;apos;माइलेज घटेगा&amp;apos;, आखिर क्या है सच?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/explained-पहले-हरदीप-सिंह-पुरी-ने-कहा-सब-ठीक-फिर-नितिन-गडकरी-ने-माना-माइलेज-घटेगा-आखिर-क्या-है-सच</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/explained-पहले-हरदीप-सिंह-पुरी-ने-कहा-सब-ठीक-फिर-नितिन-गडकरी-ने-माना-माइलेज-घटेगा-आखिर-क्या-है-सच</guid>
        <description><![CDATA[ 6 दिन पहले यानी 4 जुलाई 2026 को पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा था, &#039;E20 पूरी तरह सफल है, किसी को कोई दिक्कत नहीं है.&#039; लेकिन 10 जुलाई 2026 को सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने खुद कहा,&#039;E20 से माइलेज पर असर पड़ेगा.&#039; इन्हीं दो बयानों ने देशभर में E20 पेट्रोल को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है. एक तरफ आम लोग सोशल मीडिया पर अपनी गाड़ियों के माइलेज घटने और इंजन खराब होने की शिकायतें कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ सरकार के दो बड़े मंत्री अलग-अलग बातें कह रहे हैं. आखिर चल क्या रहा है, क्या वाकई माइलेज पर फर्क पड़ेगा और बयानों के मायने क्या हैं...
E20 पेट्रोल पर बवाल क्या है?
E20 का मतलब है 20% इथेनॉल और 80% पेट्रोल का मिश्रण. इथेनॉल गन्ना और मक्का जैसी फसलों से बनता है. सरकार ने अप्रैल 2026 से देशभर में E20 पेट्रोल को मानक ईंधन बना दिया. इससे पहले E10 (10% इथेनॉल) चलता था, जिसके लिए ज्यादातर पुरानी गाड़ियां डिजाइन की गई थीं.
सरकार का कहना है कि इससे तेल आयात कम होगा, किसानों को फायदा होगा और प्रदूषण घटेगा. भारत ने 2013-14 में 1.5% इथेनॉल ब्लेंडिंग से शुरू करके 2025-26 तक 20% का लक्ष्य 5 साल पहले ही हासिल कर लिया.
दिक्कतों की जड़ यह है कि इथेनॉल अल्को्हल है. इसकी दो बड़ी कैमिकल प्रॉपर्टीज हैं जो गाड़ी के लिए सिरदर्द बन सकती हैं:

पानी सोखने की आदत: इथेनॉल हवा से नमी खींचता है. जब पेट्रोल में पानी की मात्रा बढ़ जाती है तो &amp;lsquo;फेज सेपरेशन&amp;rsquo; होता है यानी इथेनॉल और पानी नीचे बैठ जाते हैं और ऊपर पेट्रोल रह जाता है. यह निचली परत सीधे इंजन में जाकर जंग और खराब कंबस्शन पैदा करती है.
रबर और प्लास्टिक की गलन: पुरानी गाड़ियों की फ्यूल लाइनें, सील और गैस्केट एथेनॉल-रेसिस्टेंट मटेरियल से नहीं बने होते. इथेनॉल इन्हें धीरे-धीरे गला देता है, जिससे ईंधन रिसाव और महंगी मरम्मत का खतरा पैदा होता है.

पहले बोले हरदीप सिंह पुरी- &#039;सब ठीक है, कोई दिक्कत नहीं&#039;
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने E20 को लेकर साफ कहा, &#039;देश में 20 करोड़ दोपहिया और करीब 20 लाख कारें E20 पेट्रोल का इस्तेमाल कर रही हैं और किसी को कोई दिक्कत नहीं है.&#039;
पुरी ने बताया कि भारत में पिछले साढ़े तीन साल से E15 और अप्रैल 2025 से E20 इस्तेमाल हो रहा है. कार-बाइक कंपनियां और मैकेनिक दोनों मान चुके हैं कि E20 से इंजन में कोई खराबी नहीं आ रही. पुरी ने यह भी कहा कि सरकार अब E25 (25% इथेनॉल) पर टेस्टिंग कर रही है. उन्होंने E20 को &#039;पूरी तरह सफल&#039; बताया.
फिर बोले नितिन गडकरी- &#039;माइलेज घटेगी, पर गाड़ी खराब नहीं होगी&#039;
सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने भी इस मामले पर अपनी बात रखी. उन्होंने सबसे पहले माना कि E20 से माइलेज पर असर पड़ेगा क्योंकि इथेनॉल की कैलोरिफिक वैल्यू (ऊर्जा) पेट्रोल से कम होती है. गडकरी ने कहा, &#039;इथेनॉल और पेट्रोल की कैलोरिफिक वैल्यू में अंतर है और यह एक फैक्ट है.&#039;
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि ज्यादातर मामलों में यह असर बहुत मामूली होगा. गडकरी ने उदाहरण देते हुए कहा, &#039;दिल्ली-गुरुग्राम के रुक-रुक कर चलने वाले ट्रैफिक में आप लगातार ब्रेक लगाते हैं, स्पीड 40-50 से ऊपर नहीं जाती. लेकिन अगर आप 100 किमी/घंटा की लगातार स्पीड पर चलते हैं, तो कुछ अंतर दिख सकता है.&#039;
गडकरी ने E20 से इंजन खराब होने के दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा, &#039;मुझे एक भी ऐसी कार दिखाओ जो E20 की वजह से खराब हुई हो. सोशल मीडिया पर जो चल रहा है, वह एक झूठी कहानी का हिस्सा है.&#039;
गडकरी ने यह भी बताया कि E20 को ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI) और वाहन कंपनियों के कई टेस्ट के बाद ही लॉन्च किया गया. पुरानी गाड़ियों के लिए कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि सर्विसिंग के दौरान कुछ पार्ट्स (जैसे वॉशर) मुफ्त में बदलें.
तो फिर क्यों E20 पर मचा है बवाल?
केंद्र सराकर के बयान के बावजूद आम लोगों की शिकायतें थम नहीं रही हैं. सोशल मीडिया पर हजारों लोग इंजन के खराब होने, माइलेज घटने और परफॉर्मेंस पर असर की शिकायत कर रहे हैं. कुछ लोगों ने तो दिल्ली में प्रदर्शन भी किया.
बड़ी समस्या यह है कि पुरानी गाड़ियां (जो E10 के लिए बनी थीं) अब E20 से चल रही हैं. हालांकि अनब्लेंडेड पेट्रोल (बिना इथेनॉल वाला) अब भी मिलता है, लेकिन वह 40-50% ज्यादा महंगा है. यानी आम आदमी के पास कोई विकल्प नहीं है. ARAI की रिपोर्ट ने भी पुरानी E10-कंपैटिबल गाड़ियों में रबर फ्यूल-सिस्टम पार्ट्स पर खतरे की बात कही है.
दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने इस मामले को गंभीरता से उठाया. केजरीवाल ने 29 ऑटोमोबाइल कंपनियों को पत्र लिखकर साफ जवाब मांगा कि क्या E20 से पुरानी गाड़ियों को नुकसान होगा. केजरीवाल ने कहा कि कुछ कंपनियों के मैनुअल में E20 की जगह E10 की सलाह दी गई है. उन्होंने कंपनियों से लिखित आश्वासन मांगा कि E20 से न तो माइलेज घटेगा और न ही इंजन खराब होगा.
आखिर E20 पेट्रोल को लेकर सच क्या है?
नितिन गडकरी ने आलोचकों को खुली चुनौती दी है, &#039;अगर E20 पेट्रोल से एक भी कार, बाइक या स्कूटर खराब हुआ है, तो नाम बताइए.&#039; उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि E20 के खिलाफ &#039;झूठी और पेड मुहिम&#039; चलाई जा रही है. वहीं, हरदीप सिंह पुरी ने साफ कहा कि उन्हें नहीं लगता कि आम जनता को E20 से कोई दिक्कत है.
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, E20 से माइलेज पर असर पड़ेगा, यह सच है. गडकरी ने खुद इसे माना है. इथेनॉल में पेट्रोल से कम ऊर्जा होती है, इसलिए माइलेज थोड़ी कम होना स्वाभाविक है. कंपनियों ने भी 3-3.5% माइलेज घटने की बात कही है. कुछ अनुमानों के मुताबिक यह 4-12% तक हो सकती है.
दूसरी ओर E20 से इंजन खराब होने के कोई ठोस सबूत नहीं है. सरकार, ARAI और कंपनियों का कहना है कि टेस्टिंग के बाद ही E20 लॉन्च किया गया. मारुति सुजुकी ने कहा कि उसने 1.5 करोड़ से ज्यादा पुरानी गाड़ियों &amp;nbsp; की सर्विसिंग की, जिनमें E20 से जुड़ी कोई खराबी नहीं मिली. लेकिन बड़ी समस् ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 17:30:14 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Explained:, पहले, हरदीप, सिंह, पुरी, ने, कहा-, सब, ठीक, फिर, नितिन, गडकरी, ने, माना-, माइलेज, घटेगा, आखिर, क्या, है, सच</media:keywords>
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        <title>Per Capita Income: सिक्किम के लोग सबसे अमीर, बिहार अभी भी सबसे गरीब, प्रति व्यक्ति आय में किन राज्यों ने मारी बाजी?</title>
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        <description><![CDATA[ Per Capita Income: देश की अर्थव्यवस्था लगातार बढ़ रही है लेकिन अभी भी देश के हर राज्य में लोगों की कमाई एक जैसी नहीं है. एक नई रिपोर्ट के अनुसार, प्रति व्यक्ति आय के मामले में सिक्किम अभी देश का सबसे अमीर राज्य बना है, जबकि बिहार सबसे निचले पायदान पर है. रिपोर्ट में साफ बताया गया है कि राज्यों के बीच आमदनी का अंतर अभी भी काफी बड़ा है. किसी राज्य की प्रति व्यक्ति आय बताती है कि वहां रहने वाले लोगों की औसत कमाई कितनी है. इससे उस राज्य की आर्थिक स्थिति और लोगों के लाइफस्टाइल का भी अंदाजा लगाया जाता है.
क्या है प्रति व्यक्ति आय?
किसी राज्य की टोटल इनकम को वहां की कुल आबादी से भाग देने पर जो आंकड़ा निकलता है, उसे ही प्रति व्यक्ति आय कहा जाता है. हालांकि, इसका मतलब ये नहीं है कि हर व्यक्ति की कमाई उतनी ही है, लेकिन इससे राज्य की आर्थिक स्थिति का अंदाजा जरूर मिल जाता है.
पहले हरदीप सिंह पुरी ने कहा- &#039;सब ठीक&#039;, फिर नितिन गडकरी ने माना- &#039;माइलेज घटेगा&#039;, आखिर क्या है सच?
सिक्किम कैसे बना नंबर 1?
रिपोर्ट के अनुसार, सिक्किम ने प्रति व्यक्ति आय के मामले में सभी राज्यों को पीछे छोड़ दिया है. इसके पीछे के कारण की बात करें तो एक्सपर्ट्स इसे राज्य की छोटी आबादी, पर्यटन, जलविद्युत परियोजनाओं और मजबूत आर्थिक गतिविधियों को ही कारण मान रहे हैं. कम आबादी और अच्छे टैक्स के कारण ही यहां प्रति व्यक्ति आय देश में सबसे ज्यादा है.
बिहार सबसे पीछे क्यों?
रिपोर्ट के साफ कहा हया है कि बिहार फिर से प्रति व्यक्ति आय के मामले में सबसे नीचे है. इसकी वजह राज्य की बड़ती आबादी, कम औद्योगिक विकास और प्रति व्यक्ति कम आय को ही माना गया है. हालांकि, पिछले कुछ साल में बिहार की अर्थव्यवस्था में सुधार हुआ है लेकिन प्रति व्यक्ति आय के मामले में वो अभी भी दूसरे राज्यों से काफी पीछे है.
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कौन- कौन से राज्य हैं आगे?
सिक्किम अकेला ही आगे नहीं है. इसके अलावा गोवा, दिल्ली, कर्नाटक, हरियाणा और तेलंगाना जैसे राज्यों की प्रति व्यक्ति आय भी देश में सबसे ज्यादा है. इन राज्यों में उद्योग, आईटी, सेवा क्षेत्र और पर्यटन जैसी गतिविधियां मजबूत होने के कारण लोगों की एवरेज आय ज्यादा है.&amp;nbsp;
समझें राज्य की तस्वीर-
प्रति व्यक्ति आय बढ़ने का मतलब ये माना जाता है कि राज्य की आर्थिक गतिविधियां मजबूत हो रही हैं और लोगों की औसत कमाई बढ़ रही है. हालांकि किसी राज्य की पूरी तस्वीर समझने के लिए रोजगार, महंगाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और जीवनयापन की लागत जैसे दूसरे पहलुओं को भी देखना जरूरी होता है.
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        <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 17:30:13 +0530</pubDate>
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        <title>फिजूलखर्ची बंद करो, खुद की कमाई बढ़ाओ, राज्यों से सरकार ने ऐसा क्यों कहा, आप पर क्या होगा असर?</title>
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        <description><![CDATA[ Financial Planning: किसी भी राज्य की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने के लिए अच्छी टैक्स वसूली जरूरी होती है, लेकिन कई बार टैक्स से अच्छी कमाई होने के बाद भी राज्यों की आर्थिक स्थिति उतनी मजबूत नहीं हो पाती है और इसका कारण जरूरत से ज्यादा खर्च करना है. केवल कमाई बढ़ाने से ही आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं होती, जब तक लगातार होने वाले खर्चों पर काबू न रखा जाए. इसी को देखते हुए 16वें वित्त आयोग ने राज्यों की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने के लिए एक जरूरी सुझाव दिया है.&amp;nbsp;
दरअसल, आयोग का ऐसा मानना है कि कुछ राज्यों में आय उतनी नहीं बढ़ रही है, जितनी तेजी से खर्चा बढ़ रहा है. इसलिए राज्यों को अपनी कमाई को बढ़ाने की कोशिश करनी होगी और वहीं कमाई बढ़ाने के साथ ही अपने गैर-जरूरी खर्चों को भी कम करना होगा, ताकि राज्य की आर्थिक स्थिति बेहतर बनी रहे.
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बजट के बाहर लोन न लें
इसके अलावा आयोग का कहना है कि राज्य बजट से ज्यादा लोन न लें, ऐसा करने से बचना चाहिए. अगर किसी कारणवश लोन लेना भी पड़े तो उससे जुड़ी सभी जानकारी हर साल बजट में लोगों के सामने रखी होगी.
राजस्व घाटा अनुदान मिलेगा या नहीं?
रिपोर्ट के मुताबिक, इस बार किसी भी राज्य को राजस्व घाटा अनुदान यानी Revenue Deficit Grant देने की सिफारिश नहीं की गई है. इतना ही नहीं, बल्कि किसी भी राज्य या क्षेत्र को अलग से खास आर्थिक मदद देने का भी प्रस्ताव नहीं रखा गया है. इसके साथ ही आयोग ने सलाह दी है कि राज्यों को अपनी कमाई के हिसाब से ही खर्च करना चाहिए. यही कारण है कि आयोग ने कहा कि किसी भी राज्य का राजकोषीय घाटा उसकी कुल आर्थिक क्षमता के 3 प्रतिशत के अंदर ही रखा जाए, इससे ज्यादा नहीं होना चाहिए.
सिक्किम के लोग सबसे अमीर, बिहार अभी भी सबसे गरीब, प्रति व्यक्ति आय में किन राज्यों ने मारी बाजी?
आयोग ने राज्यों को दी सलाह

आयोग का कहना है कि अब राज्यों को अपनी टैक्स से होने वाली कमाई को बढ़ाना चाहिए.
साथ ही &amp;nbsp;जरूरत के मुताबिक ही खर्च करें. अगर जरूरत नहीं है तो गैर-जरूरी खर्चों पर नियंत्रण करें.
इससे राज्य आर्थिक रूप से मजबूत बनेंगे.

इसका लोगों पर क्या असर होगा?
इसका असर लोगों पर भी पड़ेगा जैसे...

अगर राज्य आर्थिक तौर पर मजबूत होगा तो बेहतर सुविधाएं लोगों तक पहुंचेगी.
आर्थिक स्थिति मजबूत होने से सड़क, स्कूल और अस्पताल जैसी सुविधाएं पर पहले से ज्यादा खर्च हो पाएगा.
राज्य को किसी प्रकार का लोन नहीं लेना पड़ेगा.
जरूरी विकास योजनाओं के लिए अच्छा-खासा पैसा उपलब्ध रहेगा.
आगे चलकर यह पैसा सरकारी कामों में मदद कर सकता है.

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        <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 17:30:11 +0530</pubDate>
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        <title>Old Currency: 50 और 100 रुपए के ये खास नोट बना देंगे करोड़पति! चेक करें अपना पर्स, बीवी की तिजोरी भी देखें</title>
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        <description><![CDATA[ Old 50 and 100 rs Notes: कई लोगों को पुरानी चीजें यादों के रूप में इकट्ठा करने की आदत होती है. ऐसे ही कई लोग एक रिकॉर्ड बनाने के लिए भी कुछ चीजों का कलेक्शन बनाते हैं. जैसे अलग- अलग तरह के पेन, पत्ते, किताब, या फिर पुराने सिक्के या नोट. ऐसा कर लोग गिनीज बुक में भी अपना नाम दर्ज करवा चुके हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि पुराने नोट या सिक्के जो अब बाजार में चलते भी नहीं हैं, उनका कलेक्शन रखने वाले घर बैठे- बैठे करोड़पति तक बन सकते हैं. आइये बताते हैं कैसे.
यूनिक नोटों की बढ़ रहीं मांगदरअसल इन दिनों पुराने और यूनिक नोटों की बाजार में काफी डिमांड है. जिसमें पुराने नोटों के साथ कुछ खास सीरियल नंबर भी लोग जमा करना पसंद करते हैं. जैसे कि 786 नंबर को काफी लकी माना जाता है, ऐसे में यदि किसी नोट के सीरियल नंबर के आखिर में 786 होता है तो वो रेयर नोट की गिनती में आ जाता है. ऐसे नोटों की मार्केट में भयंकर वैल्यू है.
ये भी पढ़ें: Electronic Market: रुक जाओ! सस्ते होंगे फोन-गैजेट्स, सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स पार्ट्स पर हटाई कस्टम ड्यूटी, बचेंगे टैक्स के पैसे
पुराने नोट नया जमानाजमाने के साथ पुरानी चीजें भी बदल जाती हैं, ऐसे में समय के साथ- साथ नोट का रूप भी बदलता चला गया. 5 रुपये, 10 रुपये, 20 रुपये, 50 रुपये और 100 रुपये के पुराने नोट, जिनके सीरियल नंबर में आखिर में 786 या कोई और सीरियल नंबर जो लकी या यूनिक होता है, उसका क्रेज बाजार में काफी होता है. लेकिन ध्यान रहे कि पुराने नोट ही केवल इस सीरीज में पसंद किए जाते हैं.
50 रुपये का दबदबापुराने डिजाइन वाले 50 रुपये के नोट भी काफी पसंद किए जा रहे हैं. अगर ऐसा नोट बिल्कुल नया हो, उस पर कोई दाग, कट या ज्यादा मोड़ न हो और उसमें कोई प्रिंटिंग एरर भी ना हो या यूनिक सीरियल नंबर हो, तो उसकी कीमत हजारों रुपये से लेकर लाखों रुपये तक पहुंच सकती है. हालांकि, करोड़ों रुपये मिलने के दावे बहुत कम ही होता हैं, लेकिन होते जरूर हैं.
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कहां पर बेचें नोटआजकल बाजार में कई सारे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म होते हैं, जो ऐसे खास पुराने नोटों को खरीदते हैं. अंगर आपके पास भी ऐसे यूनिक नोट हैं तो आप भी इन्हें बेंच सकते हैं और मोटी कमाई कर सकते हैं. कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म हैं जहां इन्हें अपलोड करके सीधे पुराने नोट बेच सकते हैं. वहां नोट की फोटो अपलोड कर कीमत तय की जा सकती है और खरीदार से सीधे बात भी की जा सकती है. इससे पहले सही बाजार भाव जानना भी जरूरी है, क्योंकि कई बार बहुत ज्यादा कीमत मांगने पर खरीदार नहीं मिलते.
सावधानी भी बरतेंहालांकि सोशल मीडिया पर किए जाने वाले हर दावे को सही मानना बेवकूफी हो सकती है. ऐसी कई फोटोज सोशल मीडिया पर वायरल होती हैं जिनमें गलत प्रिंटिंग, अलग-अलग सीरियल नंबर या अन्य खास गलतियां होती हैं. लेकिन हर वायरल दावा सही नहीं होता. इसलिए किसी भी नोट की कीमत तय करने से पहले उसकी असलियत और बाजार में मांग जरूर चेक कर लेना चाहिए. इसके अलावा ऐसे लोगों पर भरोसा ना करें जो फोन- मैसेज कर तुरंत खरीदने या बहुत ज्यादा कीमत देने का दावा करे.
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        <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 01:30:13 +0530</pubDate>
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        <title>आपको तो नहीं दे गया कोई 500 का नकली नोट, सिगरेट बेचने वाली महिला के एक कदम ने किया सबका भला</title>
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        <description><![CDATA[ Fake 500 Rupee Note: आज के समय में डिजिटल टेक्नोलॉजी जितनी तेजी से तरक्की कर रही है, उतनी ही तेजी से ठगी के तरीके भी बदल रहे हैं. नकली नोटों का कारोबार अब भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है. आमतौर पर कई लोगों को धोके से फर्जी नोट पकड़ा दिया जाता है. ऐसा ही एक मामला कर्नाटक के बेंगलुरु से सामने आया है, जहां एक दुकानदार महिला की सूझबूझ से 500 रुपये के नोटों का मामला उजागर हुआ है. ऐसे में अगर आपके पास भी 500 रुपये का नोट है, तो उसे इस्तेमाल करने से पहले एक बार अच्छी तरह चेक जरूर कर लें.
क्या है पूरा मामला?
एक ग्राहक ने सिगरेट खरीदने के बाद महिला को 500 रुपये का नकली नोट थमा दिया. महिला को उस नोट पर शक हुआ और उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कारवाई. इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी और एक ऐसे आरोपी तक पहुंचे, जिस पर लंबे समय से बाजार में नकली नोट चलाने का आरोप था.
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पुलिस के मुताबिक, आरोपी की पहचान रुद्रेश के रूप में हुई है, जिसकी उम्र करीब 41 साल है. उस पर बेंगलुरु, तुमकुरु और आसपास के इलाकों में 500 रुपये के जाली नोट चलाने का आरोप है. जांच के दौरान जब पुलिस आरोपी के घर पहुंची, तो शुरुआत में वह नहीं मिला. लेकिन तलाशी लेने पर वह पलंग के नीचे बनी एक अलमारी में छिपा हुआ मिला. जिसके बाद पुलिस ने उसे तुरंत गिरफ्तार कर पूछताछ करना शुरू कर दिया.&amp;nbsp;
कैसे पहचानें 500 रुपये का असली नोट?

जब आप नोट को रोशनी में देखते हैं तो उसपर महात्मा गांधी की वॉटरमार्क तस्वीर और 500 की वॉटरमार्क दिखाई देती है.
सुरक्षा धागा (Security Thread) रंग बदलता है और उस पर भारत और RBI लिखा होता है.
जब आप नोट को तिरछा करेंगे तो उसपर 500 का अंक हरे से नीले रंग में बदलता हुआ दिखाई देगा.&amp;nbsp;
महात्मा गांधी की तस्वीर, अशोक स्तंभ और अन्य छपाई उभरी हुई होती है, जिसे छूकर महसूस किया जा सकता है.
पीछे की तरफ लाल किले की तस्वीर और स्वच्छ भारत का लोगो बना होना चाहिए.

Electronic Market: रुक जाओ! सस्ते होंगे फोन-गैजेट्स, सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स पार्ट्स पर हटाई कस्टम ड्यूटी, बचेंगे टैक्स के पैसे
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        <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 01:30:12 +0530</pubDate>
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        <title>Petrol News: 20 रुपए सस्ता होगा ये वाला पेट्रोल, सरकार ने एथेनॉल पर बना लिया नया प्लान, हरदीप पुरी ने क्या बताया?</title>
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        <description><![CDATA[ E85 Fuel: पिछले कई दिनों से बाजार में एथेनॉल मिक्स पेट्रोल को लेकर चर्चाएं काफी तेज हो रही हैं. एक तरफ सरकार इसका समर्थन कर रही है, तो वहीं दूसरी तरफ कई लोग इसके खिलाफ भी नजर आ रहे हैं. जब से ये फ्यूल अनाउंस हुआ है तभी से इसमें कई नुख्स निकाले जा रहे हैं. अब इसी बीच सरकार की तरफ से E20 फ्यूल को लेकर सारी उड़ रही अफवाहों को खारिज कर दिया गया है.
क्या बोले पेट्रोलियम मिनिस्टरदरअसल हाल ही में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मिनिस्टर हरदीप सिंह पुरी न्यूज 18 के एक प्रोग्राम में शामिल होने पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल को लेकर खुल बात की और हर सवाल का बेबाकी से जवाब दिया. इसी दौरान उन्होंने 20% एथेनॉल मिले हुए पेट्रोल यानी E20 को लेकर लोगों की चिंताओं को पूरी तरह से बेबुनियाद बताया. उन्होंने कहा कि, &#039;E20 पेट्रोल से इंजन खराब होने की खबरें गलत हैं. ये योजना पर्यावरण को बेहतर बनाने और भारत की तेल आयात पर निर्भरता को कम करने के लिए शुरू की गई है&#039;.
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E85 लाने की तैयारी में सरकारइस दौरान ही मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने E85 फ्यूल को लेकर भी बात की और बताया कि सरकार जल्दी ही इसे लाने की तैयारी कर रही है. उन्होंने कहा, &#039;सरकार E85 पेट्रोल लाने की तैयारी कर रही है. इसमें 85% तक एथेनॉल होगा और इसकी कीमत E20 पेट्रोल से करीब 20 रुपये प्रति लीटर कम हो सकती है. हालांकि इसका इस्तेमाल केवल फ्लेक्स-फ्यूल व्हीकल (FFV) में ही किया जा सकेगा.
E25 की भी हो रही टेस्टिंगइतना ही नहीं बल्कि मंत्री हरदीर सिंह पुरी ने ये भी साफ किया कि E25 पेट्रोल अभी केवल टेस्टिंग लेवल पर ही है. इसे लेकर किसी तरह की भ्रम की स्थिति नहीं होनी चाहिए. सरकार वैज्ञानिक परीक्षण के बाद ही आगे कोई फैसला करेगी. उन्होंने ये भी कहा कि सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को भी पूरा समर्थन देती है. इसका मतलब है कि आने वाले समय में भारत में एथेनॉल ब्लेंडेड फ्यूल और इलेक्ट्रिक वाहन, दोनों साथ-साथ आगे बढ़ेंगे.
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        <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 01:30:11 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>Petrol, News:, रुपए, सस्ता, होगा, ये, वाला, पेट्रोल, सरकार, ने, एथेनॉल, पर, बना, लिया, नया, प्लान, हरदीप, पुरी, ने, क्या, बताया</media:keywords>
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        <title>8th Pay Commission की मीटिंग में न्यूनतम बेसिक सैलरी पर बड़ा मंथन, सीधे 72000 होगा वेतन!</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/8th-pay-commission-की-मीटिंग-में-न्यूनतम-बेसिक-सैलरी-पर-बड़ा-मंथन-सीधे-72000-होगा-वेतन</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/8th-pay-commission-की-मीटिंग-में-न्यूनतम-बेसिक-सैलरी-पर-बड़ा-मंथन-सीधे-72000-होगा-वेतन</guid>
        <description><![CDATA[ 8th Pay Commission Kolkat Meeting: जबसे केंद्र सरकार ने आठवें वेतन आयोग को मंजूरी दी है, तभी से लगातार इसकी बैठकों का दौर जारी है. इन बैठकों में आठवें वेतनमान को लेकर लगातार चर्चा हो रही है. जिसमें फिटमेंट फैक्टर, पेंशनर्स से संबंधित चर्चा और अन्य ही कई मुद्दों को लेकर चर्चा हो रही है. हाल ही में एक बैठक गुरुवार यानी 9 जुलाई 2026 को कोलकाता में हुई. जिसमें भी ऐसे ही तमाम मुद्दों को लेकर सार्थक चर्चा चल रही है.
ये दो दिवसीय बैठक शुक्रवार 10 जुलाई 2026 तक चलने वाली है. इससे पहले आयोग ने भुवनेश्वर, दिल्ली, लखनऊ, हैदराबाद, श्रीनगर और लद्दाख जैसे शहरों में भी ऐसी ही बैठक रखी थी, जहां पर कर्मचारियों के वेतन को लेकर महत्वपूर्ण चर्चाएं हुई थीं. तो वहीं अब कोलकाता में चल रही इस बैठक पर कर्मचारियों की नजरें हैं, आइये बताते हैं इस बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हो सकती है.
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8वें वेतन आयोग की कोलकाता मीटिंग में चर्चा के मुद्दे&amp;nbsp;8वें वेतन आयोग की इस बैठक में कर्मचारियों, पेंशनर्स और अन्य के वेतन, महंगाई भत्ते समेत पेंशनर्स की पेंशन को लेकर चर्चाजारी है. इस दौरान यहां मीटिंग में कई मुद्दों पर चर्चा होने वाली है. जिनमें अहम मुद्दें इस प्रकार हैं:

कर्मचारी संगठन सबसे ज्यादा फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने की मांग कर रहा हैं. अभी 7वें वेतन आयोग में ये 2.57 था. जिसे बढ़ाकर इब 3.8 तक करने की मांग की जा रही है.
भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ (BPMS) ने 4 गुना फिटमेंट फैक्टर की मांग की है. इससे मिनिमम बेसिक सैलरी 72,000 रुपये हो सकती है.
वहीं नेशनल काउंसिल (JCM) स्टाफ साइड (NCJCM) ने 3.833 फिटमेंट फैक्टर का प्रस्ताव दिया है.

बेसिक सैलरी भी बढ़ेगीयदि इस बैठक में फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाने पर मंजूरी मिल जाती है तो कर्मचारियों का बेसिक वेतन भी बढ़ेगा. फिलहाल केंद्र सरकार के कर्मचारियों की मिनिमम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है, जिसे बढ़ाने की मांग की जा रही है. तो वहीं कई कर्मचारी संगठन पुरानी पेंशन योजना (OPS) को फिर से लागू करने की मांग भी उठा सकते हैं. हालांकि सरकार यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) लागू कर चुकी है, लेकिन कई संगठन अभी भी OPS को दोबारा वापस लाना चाहते हैं.
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इस मुद्दों पर भी होगी चर्चाकेवल इतना ही नहीं बल्कि इस बैठक में अन्य कई मुद्दों पर भी चर्चा होगी जैसे हाउस रेंट अलाउंस (HRA) में बदलाव, एक जैसी महंगाई राहत (Dearness Relief), पेंशनर्स के लिए बेहतर मेडिकल सुविधाएं, MACP (Modified Assured Career Progression) योजना में सुधार आदि.
बैठक में होगा फैसला?कई लोगों को लग रहा है कि इस बैठक के बाद कोई फैसला आ जाएगा. लेकिन ऐसा नहीं है, कोलकाता की बैठक में वेतन बढ़ाने पर कोई अंतिम फैसला नहीं होगा. आयोग सिर्फ कर्मचारियों और संगठनों की राय और सुझाव ले रहा है. इन्हीं सुझावों के आधार पर बाद में अपनी अंतिम रिपोर्ट तैयार करेगा.
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        <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 01:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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    <item>
        <title>Household Income: देश के इस शहर में है सबसे रईस लोग! घरेलू इनकम के मामले में तोड़े सारे रिकॉर्ड, मुंबई&amp;दिल्ली सब पीछे छूटे</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/household-income-देश-के-इस-शहर-में-है-सबसे-रईस-लोग-घरेलू-इनकम-के-मामले-में-तोड़े-सारे-रिकॉर्ड-मुंबई-दिल्ली-सब-पीछे-छूटे</link>
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        <description><![CDATA[ Household Income: मुंबई- दिल्ली जैसे भागदौड़ भरे शहर, जहां पर महंगाई भी ज्यादा है और लोगों की भीड़ भी ज्यादा है. इन शहरों में सर्वाइव करने के लिए घर के केवल एक सदस्य की कमाई ही काफी नहीं है, बल्कि पूरे परिवार को मिलकर इसमें हाथ बंटना चाहिए, और ऐसा होता भी है. लेकिन हाल ही में एक डाटा सामने आया है, जिसमें पता चला है कि मुंबई- दिल्ली नहीं बल्कि एक ऐसा शहर भी है जहां पर हाउसहोल्ड इनकम इन शहरों से भी ज्यादा है.&amp;nbsp;
कौन सा शहर है सबसे आगे?साल 2025-26 के आंकड़ों के मुताबिक, औसत घरेलू आय यानी Household Income के मामले में बेंगलुरु ने दिल्ली और मुंबई को भी पछाड़ दिया है. देश में सबसे ज्यादा हाउसहोल्ड इनकम के मामले में बेंगलुरु टॉप पर है, जबकि देश की राजधानी दिल्ली तीसरे नंबर है तो वहीं मायानगरी कही जाने वाली मुंबई पांचवे नंबर है.
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Paytm के संस्थापक ने किया खुलासाये आंकड़े तब चर्चा में आए जब Paytm के संस्थापक ने एक पोस्ट शेयर की. विजय शेखर शर्मा ने अपने ऑफिशियल X (ट्विटर) अकाउंट के जरिए एक पोस्ट शेयर की है. इस पोस्ट में उन्होंने PRICE और Tata Sons की रिसर्च 2025-26 के आधार पर ये आंकड़े बताए हैं. पोस्ट के साथ उन्होंने कैप्शन में लिखा, &#039;हर घर की हाउसहोल्ड इनकम में दिल्ली तीसरे, मुंबई पांचवे नंबर पर है. बेंगलुरु और चंडीगढ़ लिस्ट में टॉप पर हैं&#039;.

टॉप 5 शहरों की आय कितनी है?इस चार्ट के मुताबिक बेंगलुरु सबसे आगे है, यहां पर एक परिवार की औसत सालाना आय करीब 28 लाख रुपये है, जो देश में सबसे ज्यादा है. इसके साथ ही चंडीगढ़ भी लिस्ट में इसकी बराबरी पर ही है. दोनों शहरों की आय लगभग एक जैसी ही है, ऐसे में चंडीगढ़ इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर है. तो वहीं दिल्ली करीब 26 लाख रुपये की औसत सालाना घरेलू आय के साथ तीसरे नंबर पर है. इसके बाद वडोदरा चौथे और मुंबई करीब 25 लाख रुपये की औसत आय के साथ पांचवें नंबर पर इस लिस्ट में है.
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कई शहरों की आय में कम है अंतरइस चार्ट के मुताबिक कई शहरों के बीच आय का अंतर बहुत कम है. जिसमें पुणे, तिरुवनंतपुरम, सूरत और हैदराबाद में औसत घरेलू आय करीब 22 लाख से 24 लाख रुपये सालाना है. तो वहीं कोयंबटूर में औसत आय लगभग 20 लाख रुपये है. वहीं अहमदाबाद, कोच्चि और चेन्नई में ये आंकड़ा करीब 19 लाख रुपये सालाना है.
इस रैंकिंग के मुताबिक तिरुप्पुर, जयपुर, लखनऊ, कोलकाता, मदुरै, रांची और छत्रपति संभाजीनगर जैसे छोटे शहर भी हैं. इन शहरों में औसत घरेलू आय करीब 15 लाख से 18 लाख रुपये सालाना के बीच है.
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        <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 09:30:29 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Train Food: ट्रेन में सबसे ज्यादा कौनसा फूड ऑर्डर करते हैं लोग? Swiggy ने बताया, लिस्ट में शामिल हैं ये 5 चीजें</title>
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        <description><![CDATA[ Swiggy Food on Train: कुछ ट्रेनों में खाना मिलता है जैसे शताब्दी, वंदे भारत, राजधानी आदि में, लेकिन इसके अलावा भी अब ट्रेन में खाने के कई सारे ऑप्शंस भी आ गए हैं. जैसे ऑनलाइन ऑर्डर का ऑप्शन, अब स्विगी ने भी ट्रेन में खाना डिलीवर करना शुरू कर दिया है. इसकी फऊड ऑन ट्रेन सर्विस का लोग काफी इस्तेमाल कर रहे हैं. जिसके जरिए खाने- पीने की कुछ खास चीजें ऑर्डर की जाती हैं. जिनकी लिस्ट भी हाल ही में स्विगी इंडिया ने जारी की है.
जून में कितना हुआ खाना ऑर्डर?हाल ही में स्विगी की एक रिपोर्ट जारी हुई है, जिसमें बताया गया है कि अप्रैल से जून 2026 के बीच उनकी &#039;फूड ऑन ट्रेन&#039; सेवा की मांग में काफी बढ़ोतरी हुई है. इस दौरान ट्रेन में खाने के ऑर्डर पिछले साल की अपेक्षा तीन गुना बढ़ गए. कंपनी के मुताबिक, गर्मियों की छुट्टियों में ज्यादा लोगों ने ट्रेन से यात्रा की, जिससे इस सेवा का इस्तेमाल भी बढ़ा. कई यात्रियों ने एक ही टिकट (PNR) पर दो या उससे ज्यादा स्टेशनों के लिए खाना ऑर्डर किया. ऐसे ऑर्डर पिछले साल के मुकाबले 300% से ज्यादा बढ़े. इन यात्रियों ने एक स्टेशन पर ऑर्डर करने वालों की तुलना में करीब 2.2 गुना ज्यादा खर्च किया.
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क्या हुआ सबसे ज्यादा ऑर्डर?गर्मी के मौसम में ठंडी ड्रिंक्स और स्वीट्स की मांग भी काफी बढ़ी. सॉफ्ट ड्रिंक के ऑर्डर 354%, आइसक्रीम के ऑर्डर 140% और लस्सी के ऑर्डर दोगुने हो गए. वहीं, मैंगो शेक सबसे पसंदीदा समर ड्रिंक रहा, जिसकी मांग सर्दियों के मुकाबले लगभग 10 गुना बढ़ गई. खाने की बात करें तो गर्मियों में Swiggy के जरिए 4 लाख से ज्यादा रोटियां ऑर्डर की गईं. रोटी सबसे ज्यादा ऑर्डर किया जाने वाला फूड आइटम रही. इसके बाद मसाला डोसा, आलू पराठा और मैक आलू टिक्की बर्गर का नंबर रहा. नॉन-वेज में चिकन बिरयानी सबसे ज्यादा पसंद की गई.
नए रेलवे स्टेशन जुड़ेइतना ह नहीं कंपनी ने इस तिमाही में 17 नए रेलवे स्टेशनों को भी अपनी इस सर्विस से जोड़ा है. इन स्टेशनों में गुरुग्राम, उदयपुर, बीकानेर, नांदेड़ और निजामाबाद भी शामिल हैं. इसके अलावा कंपनी ने अपनी ये सर्विस देश के 180 से ज्यादा शहरों तक पहुंचा दी है. कई यात्रियों ने अपनी यात्रा शुरू होने से चार दिन पहले ही खाना बुक कर लिया.
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ऐसे कर सकते हैं खाना बुकअगर आपने भी अब तक इस सर्विस का लाभ नहीं उठाया है तो अब भी मौका है, ये बेहद आसान है. अगर आने वाले समय में आप यात्रा करने वाले हैं तो यात्रा से पहले भी स्विगी की ऐप पर &#039;Scan Your Ticket&#039; नाम का नया फीचर है, इसके लिए अपने रेलवे टिकट को स्कैन करके PNR अपने-आप जोड़ सकते हैं, जिससे खाना ऑर्डर करना और आसान हो जाएगा.
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        <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 09:30:27 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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    <item>
        <title>Petrol&amp;Diesel Rate: ट्रंप की धमकी से क्रूड ऑयल में उबाल, क्या अब पेट्रोल&amp;डीजल के बढ़ेंगे रेट? जानें आज कीमत</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/petrol-diesel-rate-ट्रंप-की-धमकी-से-क्रूड-ऑयल-में-उबाल-क्या-अब-पेट्रोल-डीजल-के-बढ़ेंगे-रेट-जानें-आज-कीमत</link>
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        <description><![CDATA[ Petrol-Diesel Rate Today on July 9: अमेरिका और ईरान के बीच फिर से शुरू हुई लड़ाई के चलते बुधवार को कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 6% का उछाल आया. ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 4.58 डॉलर या 6.09% बढ़कर 78.66 डॉलर प्रति बैरल हो गए, जबकि U.S. वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 4.22 डॉलर या 6% की तेजी के साथ 74.65 डॉलर प्रति बैरल हो गया. ये दोनों ही बेंचमार्क 23 जून के बाद से अपने सबसे ऊंचे स्तर पर ट्रेड कर रहे हैं. ऐसे में भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें कम होने की उम्मीदें भी कम हो गई हैं, जो हाल में कच्चे तेल में आई गिरावट के बाद जगी थी.&amp;nbsp;
भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें 25 मई के बाद से स्थिर बनी हुई है. आखिरी बार &amp;nbsp;सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने पेट्रोल की कीमतों में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमतों में 2.71 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी. दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर से ऊपर 102.12 रुपये प्रति लीटर बनी हुई है, जबकि डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है.&amp;nbsp;
शहरवार पेट्रोल-डीजल की कीमतें



शहर&amp;nbsp;
पेट्रोल की कीमत (प्रति लीटर)
डीजल की कीमत (प्रति लीटर)


दिल्ली&amp;nbsp;
&amp;nbsp;102.12 रुपये
95.20 रुपये


मुंबई&amp;nbsp;
111.21 रुपये
97.83 रुपये


कोलकाता
113.51 रुपये
99.82 रुपये


अहमदाबाद
101.70 रुपये
97.84 रुपये


चेन्नई&amp;nbsp;
107.77 रुपये
&amp;nbsp;99.55 रुपये


पटना&amp;nbsp;
113.35 रुपये
&amp;nbsp;99.36 रुपये


लेह
109.81 रुपये
97.92 रुपये


तिरुवनंतपुरम
115.49 रुपये&amp;nbsp;
104.40 रुपये


पुणे&amp;nbsp;
111.52 रुपये
98.15 रुपये



तेल की कीमतें क्यों बढ़ीं?
अमेरिकी रष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तुर्की के अंकारा में चल रहे नाटो (NATO)&amp;nbsp; समिट के दौरान संवाददाताओं से बात करते हुए ईरान के साथ सीजफायर खत्म होने की बात कही. उन्होंने कहा, &#039;&#039;मेरे हिसाब से यह सीजफायर अब खत्म हो चुका है.&#039;&#039; उन्होंने जून में अमेरिका-ईरान के बीच हस्ताक्षरित शांति समझौते को लेकर कहा कि ईरान से बात करना पूरी तरह से समय की बर्बादी है. ट्रंप के इस बयान के बाद एक बार फिर से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने और होर्मुज (Strait of Hormuz) के जरिए तेल की सप्लाई रुकने का डर फिर से सताने लगा है. यही वजह है कि कल एकाएक तेल की कीमतें बढ़ गईं.
भारत पर क्या होगा असर?
भारत अपनी जरूरत का लगभग 85% कच्चा तेल विदेशों से मंगाता है. ऐसे में अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में कीमतों में तेजी का सीधा असर भारत की तेल कंपनियों पर पड़ता है क्योंकि इनके लिए आयात महंगा हो जाता है. वैश्विक बाजार में अगर इसी रफ्तार से क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़ती रहीं और लंबे समय तक 80 डॉलर के पार बनी रही, तो आने वाले दिनों में भारत में भी घरेलू स्तर पर ईंधन के दाम बढ़ सकते हैं.&amp;nbsp;

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Petrol-Diesel: अमेरिका का एक फैसला भारत में सस्ता करा सकता है पेट्रोल-डीजल! ईरान से भी है कनेक्शन&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 09:30:26 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Petrol-Diesel, Rate:, ट्रंप, की, धमकी, से, क्रूड, ऑयल, में, उबाल, क्या, अब, पेट्रोल-डीजल, के, बढ़ेंगे, रेट, जानें, आज, कीमत</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>LPG Rate Today: 14.2 किलो वाले गैस सिलेंडर का आज क्या चल रहा भाव? चेक करें दिल्ली से पटना तक के रेट</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/lpg-rate-today-142-किलो-वाले-गैस-सिलेंडर-का-आज-क्या-चल-रहा-भाव-चेक-करें-दिल्ली-से-पटना-तक-के-रेट</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/lpg-rate-today-142-किलो-वाले-गैस-सिलेंडर-का-आज-क्या-चल-रहा-भाव-चेक-करें-दिल्ली-से-पटना-तक-के-रेट</guid>
        <description><![CDATA[ LPG Rate Today on July 9: भारत में आज 9 जुलाई, गुरुवार को घरेलू रसोई गैस और कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं. दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू रसोई गैस की कीमत 942 रुपये प्रति सिलेंडर और 19 किलो वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर का रेट 2930 रुपये है. कल अंतर्राष्ट्रीय बाजारा में कच्चे तेल की कीमतों में 6% के भारी उछाल के बाद आशंका जताई जा रही है कि आने वाले समय में तेल कंपनियां गैस की कीमतों की दोबारा समीक्षा कर सकती हैं.&amp;nbsp;&amp;nbsp;
शहरवार LPG की कीमतें



शहर&amp;nbsp;
घरेलू सिलेंडर की कीमत
कमर्शियल सिलेंडर की कीमत


दिल्ली
942.0 रुपये
2930.0 रुपये


मुंबई
941.5 रुपये
2885.5 रुपये


कोलकाता
968.0 रुपये
3082.0 रुपये


चेन्नई
957.5 रुपये
3106.0 रुपये


चंडीगढ़
951.5 रुपये
2954.5 रुपये&amp;nbsp;


देहरादून
961.0 रुपये
2983.5 रुपये


हैदराबाद
934.0 रुपये
2052.5 रुपये


गाजियाबाद/नोएडा
968.0 रुपये
3115.0 रुपये


तिरुवनंतपुरम
&amp;nbsp;939.50 रुपये
2930.00 रुपये



क्या गैस सिलेंडर के बढ़ेंगे दाम?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ अस्थायी युद्धविराम पर सवाल उठाए जाने के बाद बुधवार को वैश्विक वित्तीय बाजारों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला. तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई. ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 5.2% बढ़कर 78.02 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई और कारोबार के दौरान कुछ समय के लिए 80 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को भी पार कर गई. अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और एलपीजी की बेंचमार्क कीमतों में होने वाले किसी भी बड़े बदलाव का असर भारत में घरेलू ईंधन की कीमतों पर पड़ता है.&amp;nbsp;
कमर्शियल गैस की कीमतों की समीक्षा सरकारी तेल कंपनियां (IOCL, HPCL, BPCL) समय-समय पर करती हैं. अगर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कीमतों पर दबाव बढ़ता है, तो 1 जुलाई को 183.50 रुपये की राहत अगली समीक्षा में वापस ली जा सकती है. जहां तक रही घरेलू गैस की बात, तो सरकार इसे हर तरह से स्थिर रखने की कोशिश करती है, लेकिन कच्चे तेल की कीमतें और अंडर रिकवरी लगातार बढ़ती रहीं, तो सरकार को मजबूरन इसकी भी कीमतें बढ़ानी पड़ती है. &amp;nbsp;

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        <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 09:30:25 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>LPG, Rate, Today:, 14.2, किलो, वाले, गैस, सिलेंडर, का, आज, क्या, चल, रहा, भाव, चेक, करें, दिल्ली, से, पटना, तक, के, रेट</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>Gold&amp;Silver Rate Fall: ईरान&amp;अमेरिका में तनाव के बीच सस्ता हुआ सोना, चांदी में भी गिरावट; जानें लेटेस्ट कीमत</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/gold-silver-rate-fall-ईरान-अमेरिका-में-तनाव-के-बीच-सस्ता-हुआ-सोना-चांदी-में-भी-गिरावट-जानें-लेटेस्ट-कीमत</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/gold-silver-rate-fall-ईरान-अमेरिका-में-तनाव-के-बीच-सस्ता-हुआ-सोना-चांदी-में-भी-गिरावट-जानें-लेटेस्ट-कीमत</guid>
        <description><![CDATA[ Gold-Silver Rate Today on July 9: आज भारत में सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट देखी जा रही है. COMEX (Commodity Exchange) पर भले ही सोना बिना किसी बदलाव के आज 4804.70 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा है. इससे पता चलता है कि&amp;nbsp; अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव का कीमतों पर तुरंत कोई असर नहीं पड़ा है. हालांकि, घरेलू स्तर पर कीमतों मेें गिरावट आई है.
आज कितनी है सोने की कीमत?
आज देश के सर्राफा बाजारों में 24 कैरेट सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम 1,43,890 रुपये है, जो कल के मुकाबले 1.18% की गिरावट को दर्शाता है. कल&amp;nbsp; 24 कैरेट सोने की कीमत 1,45,600 के आसपास थी. इसी तरह से आज 22 कैरेट सोने की कीमत 1,31,803 रुपये प्रति 10 ग्राम है, जो कल के 1,33,377 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर से 1574 रुपये कम है. यानी कि प्रति ग्राम कीमतों में 157 रुपये की गिरावट आई है. आज 18 कैरेट सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम के हिसाब से 1,07,917.5 रुपये है, जबकि कल कीमत इससे 1288 रुपये ज्यादा 1,09,206.13 रुपये थी.&amp;nbsp;
शहरवार सोने की कीमतें



शहर
24 कैरेट सोने की कीमत (प्रति 10 ग्राम)
22 कैरेट सोने की कीमत (प्रति 10 ग्राम)


दिल्ली
1,43,650 रुपये
1,31,680 रुपये


मुंबई
1,44,090 रुपये
1,31,940 रुपये


कोलकाता
1,44,090 रुपये
1,32,000 रुपये


चेन्नई
1,44,450 रुपये
1,32,350 रुपये


बेंगलुरु
1,44,090 रुपये
1,31,940 रुपये


हैदराबाद
1,44,150 रुपये
1,32,000 रुपये


अहमदाबाद
1,44,090 रुपये
1,31,940 रुपये



चांदी की आज कीमतें
वैश्विक बाजार में आज चांदी कल के मुकाबले 0,26% की मामूली बढ़त के साथ 58.69 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस पर कारोबार कर रही है. भारतीय बाजारों में कल के मुकाबले 3.35% की गिरावट के साथ चांदी 2.29 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई है. इससे पहले भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच चांदी रिकॉर्ड हाई लेवल पर पहुंच गई थी, लेकिन अब कीमतों में वापस से उतार-चढ़ाव देखने को मिल रही है. &amp;nbsp;
सोने-चांदी में गिरावट का अमेरिका से कनेक्शन
अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता के टूटने और मिडिल ईस्ट में तनाव दोबारा बढ़ने की स्थिति में अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल 5% से ज्यादा उछलकर 78 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया है. तेल महंगा होने से वैश्विक बाजारों में महंगाई बढ़ने का डर बना रहेगा, जिसे काबू में लाने के लिए अमेरिकी फेड रिजर्व (US Fed) को ब्याज दरें बढ़ानी पड़ेगी. इससे निवेशक सोने-चांदी से पैसा निकालकर सरकारी बॉन्ड में लगाने लगेंगे, जिससे कीमती धातुओं की डिमांड कम होंगी और कीमतें गिरेंगी.&amp;nbsp;

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        <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 09:30:24 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Gold-Silver, Rate, Fall:, ईरान-अमेरिका, में, तनाव, के, बीच, सस्ता, हुआ, सोना, चांदी, में, भी, गिरावट, जानें, लेटेस्ट, कीमत</media:keywords>
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        <title>DA Hike: सरकार ने बढ़ा दिया DA, जानिए अब हर महीने अकाउंट में कितनी बढ़कर आएगी सैलरी?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/da-hike-सरकार-ने-बढ़ा-दिया-da-जानिए-अब-हर-महीने-अकाउंट-में-कितनी-बढ़कर-आएगी-सैलरी</link>
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        <description><![CDATA[ DA Hike News: केरल में ओणम (Onam 2026) से पहले सरकारी कर्मचारियों के लिए 2% DA Hike का ऐलान किया गया है. डीए में की गई इस बढ़ोतरी का फायदा राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में काम करने वाले कर्मचारियों को मिलेगा. बताया जा रहा है कि सरकार ने इसकी तैयारी पूरी कर ली है और बढ़े हुआ डीए कर्मचारियों को अगस्त 2026 की सैलरी के साथ मिलने लगेगा.&amp;nbsp;
सरकार दे रही ओणम का तोहफा
ओणम का त्योहार इस साल अगस्त के आखिरी हफ्ते में मनाया जाना है. त्योहार से पहले कर्मचारियों को वित्तीय राहत देने के लिए इस किस्त को मंजूरी दिए जाने की बात कही जा रही है. सरकारी कर्मचारियों के लिए डीए में 2% बढ़ोतरी के प्रस्ताव की आंतरिक तैयारी पूरी हो चुकी है और बहुत जल्द इस पर आधिकारिक आदेश जारी कर दिया जाएगा. इससे पहले, फरवरी 2026 में केरल सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को राहत देते हुए डीए में 10% की भारी बढ़ोतरी का ऐलान किया था, जिसका लाभ मार्च की सैलरी के साथ मिलने लगा है.&amp;nbsp;&amp;nbsp;
कितनी बढ़ जाएगी सैलरी?
डीए का कैलकुलेशन हमेशा बेसिक सैलरी के आधार पर किया जाता है. मान लीजिए कि अगर किसी की बेसिक सैलरी 30000 रुपये है, तो 2% हाइक के हिसाब से सैलरी में हर महीने 600 रुपये का इजाफा होगा. इसी तरह से अगर किसी की सैलरी 50000 रुपये है, तो उसे अब महीने 1000 रुपये बढ़कर मिलेंगे. हालांकि, डीए में 2% की बढ़ोतरी के चलते राज्य सरकार पर अतिरिक्त 60 करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा.&amp;nbsp;
केंद्रीय कर्मचारियों का भी बढ़ा DA
केरल में सरकार ने यह फैसला वित्त मंत्रालय द्वारा इस साल 1 जनवरी से DA और महंगाई राहत (DR) में 2% की बढ़ोतरी के बाद लिया है. इसके चलते बेसिक पे पहले के 58% से बढ़कर 60% हो गया है. DA में बदलाव ऑल-इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI) के आधार पर हर छह महीने में किया जाता है. DA Hike को लेकर ऐलान आमतौर पर मार्च और अक्टूबर में किया जाता है, जबकि इसे लागू जनवरी और जुलाई में किया जाता है.&amp;nbsp;
केंद्रीय कर्मचारियों के लिए डीए बढ़ने के बाद इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) ने भी &amp;nbsp;मई, जून और जुलाई 2026 के लिए सभी स्तरों के कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए संशोधित DA और DR का ऐलान किया. इससे उनकी बेसिक सैलरी में 48,000 से 1,17,000 तक और DA में 435 से 1,050 रुपये तक का इजाफा हुआ.

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        <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 21:30:17 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Hike:, सरकार, ने, बढ़ा, दिया, DA, जानिए, अब, हर, महीने, अकाउंट, में, कितनी, बढ़कर, आएगी, सैलरी</media:keywords>
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        <title>Flight Ticket: पसंदीदा सीट के लिए मोटी रकम दे रहे लोग, क्या है कम्फर्ट Tax जो खाली कर रहा जेब</title>
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        <description><![CDATA[ Flight Seat Charges: आप भी जब फ्लाइट की टिकट लेते होंगे तो विंडो सीट या आगे की सीट के लिए अलग से पैसे देते ही होंगे. ब्रिटेन में तो काफी ज्यादा लोग अपनी फेवरेट सीट लेने के लिए एक्स्ट्रा पैसे दे रहे हैं. डिजिटल हेल्थ प्लेटफॉर्म Numan की नई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सीट को लेकर बढ़ रही चिंता की वजह से लोग न सिर्फ ज्यादा पैसे दे रहे हैं, बल्कि कई बार ट्रैवल करने का प्लान तक कैंसल कर देते हैं. इसी ट्रेंड को अब कंफर्ट टैक्स का नाम दिया जा रहा है.
इस रिपोर्ट के मुताबिक, कई यात्री सिर्फ इस डर से कि उन्हें बीच वाली सीट न मिल जाए या परिवार से अलग न बैठना पड़े. ऐसे में फिर लोग टिकट बुकिंग के दौरान ही सीट चुनने के लिए एक्स्ट्रा पैसे चुका रहे हैं. एयरलाइंस के लिए यह कमाई का बड़ा जरिया बनता जा रहा है, जबकि यात्रियों की जेब पर इसका सीधा असर पड़ रहा है.
क्या है कंफर्ट टैक्स?कंफर्ट टैक्स कोई सरकारी टैक्स नहीं है. ये वो एक्स्ट्रा पैसे हैं जो यात्री अपनी सुविधा के लिए खुद खर्च करते हैं. जैसे विंडो सीट, एक्स्ट्रा लेगरूम, फ्रंट रो या परिवार के साथ बैठने के लिए सीट चुनना.
क्या पेट्रोल में एथेनॉल की तरह सीएनजी में भी मिलावट हो सकती है, आपको क्या जानना जरूरी है?
रिपोर्ट में क्या सामने आया?ब्रिटेन में किए गए सर्वे के अनुसार, बड़ी संख्या में लोग सीट को लेकर तनाव महसूस करते हैं. कई लोग एक्स्ट्रा पैसे देकर अपनी पसंद की सीट बुक करते हैं, जबकि कुछ लोग सीट को लेकर असहज महसूस होने पर यात्रा टालने तक का फैसला कर लेते हैं. यही वजह है कि सीट को लेकर बढ़ती चिंता और कंफर्ट टैक्स जैसे शब्द तेजी से चर्चा में हैं.
भारत में बढ़ रहा है ट्रेंड-
भारत में भी इंडिगो, एयर इंडिया, स्पाइसजेट जैसी ज्यादातर एयरलाइंस पसंदीदा सीट चुनने के लिए अलग से पैसे लेती हैं. खासकर विंडो सीट, आगे की सीट और ज्यादा लेगरूम वाली सीट के लिए यात्रियों को ज्यादा ही पैसे अलग से देने पड़ते हैं. ऐसे में कई भारतीय यात्री भी जाने- अनजाने में कंफर्ट टैक्स चुका रहे हैं.
ट्रंप की हुंकार से शेयर बाजार का हुआ बुरा हाल, 1800 अंक लुढ़का सेंसेक्स; निफ्टी भी 493 अंक नीचे
सीट बुक करते समय कैसे बचाएं पैसे?

जल्दी ऑनलाइन चेक-इन करें
अगर किसी खास सीट की जरूरत नहीं है, तो ऑटो-सीट अलॉटमेंट चुनें
टिकट बुक करते समय सीट चुनने के पैसे पहले ही देख लें
सिर्फ जरूरत होने पर ही पेड सीट चुनें

कंफर्ट टैक्स कोई सरकारी टैक्स नहीं, बल्कि आपकी सुविधा की कीमत है. अगर सही प्लानिंग की जाए, तो इस एक्स्ट्रा खर्च से बचा भी जा सकता है.
उधर अमेरिका ने दागी मिसाइल, इधर कच्चे तेल में लगी आग; मिडिल ईस्ट में टेंशन से 6% उछला क्रूड ऑयल ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 21:30:15 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Flight, Ticket:, पसंदीदा, सीट, के, लिए, मोटी, रकम, दे, रहे, लोग, क्या, है, कम्फर्ट, Tax, जो, खाली, कर, रहा, जेब</media:keywords>
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        <title>Share Market Crash: अमेरिका&amp;ईरान तनाव फिर ले डूबा शेयर बाजार, 8 लाख करोड़ एक झटके में स्वाहा! मार्केट क्रैश से सहमे निवेशक</title>
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        <description><![CDATA[ Share Market Crash Reasons: मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात एक बार फिर से ईरान और अमेरिका के बीच का युद्ध शुरू हो गया. रातभर दोनों तरफ से ताबड़तोड़ हमले हुए और युद्धविराम खत्म हो गया. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड जे ट्रंप ने भी एक समिट के दौरान कहा कि दोनों देशों के बीच युद्धविराम खत्म हो गया. इसी के साथ अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में सीधे 6 प्रतिशकत का उछाल आया. इतनी ही नहीं बल्कि शेयर बाजार पर भी इसका गहरा असर पड़ा है. BSE सेंसेक्स और निफ्टी 50 के अंकों में भारी गिरावट आई है. आइये जानते हैं ऐसा क्यों?
शेयर बाजार का हालबुधवार की सुबह NIFTY50 24,259 अंक पर खुला और दोपहर करीब ढाई बजे 500 अंकों की गिरावट के साथ 23,897 पर बंद हुआ. तो वहीं सेंसेक्स का हाल भी बेहाल रहा, ये सुबह के वक्त 77,816 पर खुला और दोपहर में 76,302.46 तक गिर गया. इसी के साथ आखिर में ये 1900 अंक पर बंद हुआ. जिससे निवेशकों के बीच भी डर का माहौल देखने को मिल रहा है.
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निवेशकों का हुआ भारी नुकसानBSE के डाटा के मुताबिक शेयर बाजार में आई इस गिरावट से BSE में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब 8 लाख करोड़ रुपये तक घट गया. मंगलवार को ये 480 लाख करोड़ रुपये था, जो बुधवार को घटकर 472 लाख करोड़ रुपये रह गया. इसका सबसे ज्यादा असर तेल- गैस, ऑटो, एफएमसीजी, तेल कंपनियों आदि सेक्टरों पर पड़ा है.
भारतीय स्टॉक मार्केट के गिरने की वजह?आज यानी 8 जुलाई 2026 बुधवार को स्टॉक मार्केट में गिरावट क्यों आई? ये एक बड़ा सवाल ह. वैसे तो ईरान- यूएस युद्ध इसकी सबसे बड़ी वजह है, लेकिन ये अकेली ही वजह नहीं है. यहां आपको बताते हैं उन 5 वजहों के बारे में जो आज के शेयर बाजार गिरने की सबसे बड़ी वजह हैं.

भारतीय शेयर बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव है. दोनों देशों के बीच दोबारा शुरू हुए युद्ध के कारण दुनियाभर के शेयर बाजारों पर इसका असर पड़ा है.
कच्चे तेल की कीमतों में भी युद्ध के कारण इजाफा हुआ है, और भारत दुनिया में कच्चे तेल का बड़ा आयातक है. ये भी शेयर बाजार क्रेश होने की एक बड़ी वजह है.
मिडिल ईस्ट में तनाव का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ा है. ऐसे में कंपनियों के अप्रैल-जून तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे कमजोर रहने की आशंका है. इसी डर से निवेशक पहले से ही शेयर बेच रहे हैं.
विदेशी निवेशक लगातार भारतीय शेयर बाजार से पैसा निकाल रहे हैं. रुपये की कमजोरी और बढ़ते जोखिम के कारण विदेशों से होने वाला निवेश अब कम हो रहा है.
रुपये के कमजोर होने और बढ़ते जोखिम की वजह से निवेशकों में डर बैठ गया है. जिसका असर इंडिया VIX पर भी दिखा, जो बुधवार को 5% से ज्यादा बढ़ गया.

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        <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 21:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Share, Market, Crash:, अमेरिका-ईरान, तनाव, फिर, ले, डूबा, शेयर, बाजार, लाख, करोड़, एक, झटके, में, स्वाहा, मार्केट, क्रैश, से, सहमे, निवेशक</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>वेज हो या नॉन&amp;वेज, दोनों थालियां हुईं महंगी, महंगाई से 5 महीने के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा खाने का खर्च</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/वेज-हो-या-नॉन-वेज-दोनों-थालियां-हुईं-महंगी-महंगाई-से-5-महीने-के-रिकॉर्ड-स्तर-पर-पहुंचा-खाने-का-खर्च</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/वेज-हो-या-नॉन-वेज-दोनों-थालियां-हुईं-महंगी-महंगाई-से-5-महीने-के-रिकॉर्ड-स्तर-पर-पहुंचा-खाने-का-खर्च</guid>
        <description><![CDATA[ Kitchen Budget: अगर इन दिनों आपको भी यह महसूस हो रहा है कि आपकी रसोई का खर्च लगातार बढ़ रहा है तो यह सिर्फ आपको नहीं लग रहा है, बल्कि ताजा आंकड़े भी यही बताते हैं. जून 2026 में घर पर बनने वाले खाने की बजट में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है, खासकर शाकाहारी और नॉन-वेज दोनों तरह की थालियों में. पिछले 5 महीनों में यह पहली बार है जब दोनों की लागत पहले के मुकाबले और ज्यादा महंगी हो गई है.&amp;nbsp;
घर की रसोई का खर्च बढ़ने की सबसे बड़ी वजह खाने के तेल, एलपीजी सिलेंडर और ब्रॉयलर चिकन की कीमतों में आई तेजी है. क्रिसिल इंटेलिजेंस की मासिक &#039;रोटी-राइस रेट&#039; रिपोर्ट के मुताबिक, जून में एक शाकाहारी थाली की कीमत 28.4 पहुंच गई, जबकि मई में यह 27.4 रुपये थी. वहीं, नॉन-वेज थाली की औसत कीमत जून में 58.2 रुपये दर्ज की गई है, जो मई में 56.5 रुपये थी.
नॉन-वेज थाली क्यों हुई महंगी?

नॉन-वेज थाली की कीमत बढ़ने का कारण ब्रॉयलर चिकन के दाम में आई तेजी है.
पिछले साल के मुकाबले ब्रॉयलर चिकन की कीमत करीब 7% बढ़ी है, जबकि एक महीने में इसमें करीब 2% की बढ़ोतरी दर्ज की गई.
क्रिसिल के मुताबिक, नॉन-वेज थाली की कुल कीमत में सबसे बड़ा हिस्सा ब्रॉयलर चिकन का होता है.
यही वजह है कि इसकी कीमत बढ़ने से पूरी थाली महंगी हो गई.

Share Market Crash: डोनाल्ड ट्रंप की हुंकार से थरथराया शेयर बाजार, 1900 अंक लुढ़का सेंसेक्स; निफ्टी का भी बुरा हाल
किन वजहों से बढ़ा रसोई का खर्च?

बाजार में महंगा रबी स्टॉक आने से प्याज की कीमत करीब 2% बढ़ी.
खाद्य तेल और एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में करीब 10-10% की बढ़ोतरी.&amp;nbsp;
एक साल में टमाटर की कीमत करीब 31% बढ़कर 42 रुपये प्रति किलो हो गई.
पश्चिम एशिया में तनाव के कारण सप्लाई प्रभावित होने से कई जरूरी वस्तुओं की कीमतों पर दबाव बढ़ा.
मई के मुकाबले जून में टमाटर 17%, प्याज 8% और आलू 5% महंगे हुए.&amp;nbsp;
नई रबी फसल आने से सालाना आधार पर आलू की कीमत 14% घटी, जिससे लागत में कुछ हद तक राहत मिली.

Share Market Crash: अमेरिका-ईरान तनाव फिर ले डूबा शेयर बाजार, 8 लाख करोड़ एक झटके में स्वाहा! मार्केट क्रैश से सहमे निवेशक
 ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 21:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>वेज, हो, या, नॉन-वेज, दोनों, थालियां, हुईं, महंगी, महंगाई, से, महीने, के, रिकॉर्ड, स्तर, पर, पहुंचा, खाने, का, खर्च</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>Richest Cities List: कमाने में बेंगलुरु&amp;दिल्ली नंबर&amp;1 तो उड़ाने में चंडीगढ़ आगे, देश के सबसे अमीर शहरों की लिस्ट देख लो</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/richest-cities-list-कमाने-में-बेंगलुरु-दिल्ली-नंबर-1-तो-उड़ाने-में-चंडीगढ़-आगे-देश-के-सबसे-अमीर-शहरों-की-लिस्ट-देख-लो</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/richest-cities-list-कमाने-में-बेंगलुरु-दिल्ली-नंबर-1-तो-उड़ाने-में-चंडीगढ़-आगे-देश-के-सबसे-अमीर-शहरों-की-लिस्ट-देख-लो</guid>
        <description><![CDATA[ Income of Top Cities in India: भारत में कई बड़े- छोटे शहर हैं, हर शहर की अपनी क्षमता के हिसाब से खर्च करने की और कमाई की क्षमता है. जैसे दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में लोगों को खबह अच्छी सैलरी मिलती है. तो ऐसे में इन शहरों में लोगों के खर्च भी इनकम के हिसाब से ही हैं. हाल ही में इसे लेकर अर्बन इंडियाज की एक रिपोर्ट भी सामने आई है. जिसमें बताया गया है कि कौन सा शहर सबसे ज्यादा खर्चीला है और कौन सा शहर कमाई में सबसे आगे हैं.
नई रिपोर्ट में क्या आया?दरअसल हाल ही में टाइम्स ऑफ इंडिया ने डेटा एनालिटिक्स कंपनी PRICE और टाटा संस की एक रिपोर् निकाली है. जिसमें इन शहरों से जुड़ा डाटा बताया गया है. &#039;Many Urban Indias&#039; के मुताबिक, देश के 6 बड़े शहर दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता, चेन्नई और हैदराबाद मिलकर भारत की कुल खपत का 46% हिस्सा रखते हैं. शहरी इलाकों की कुल खपत में इन शहरों की हिस्सेदारी लगभग दो-तिहाई है.
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दिल्ली-NCR में ट्रांसपोर्ट पर ही होते हैं अरबों खर्चदिल्ली-एनसीआर देश का सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार बनकर सामने आया है. यहां सालाना खपत करीब 126 अरब डॉलर है. इसका मुख्य कारण यहां की बड़ी आबादी है. दिल्ली-एनसीआर में लगभग 75 लाख परिवार रहते हैं. दिल्ली-एनसीआर के परिवार केवल ट्रांसपोर्ट पर ही हर साल 33 अरब डॉलर से ज्यादा खर्च करते हैं.
मुंबई- पुणे का हालतो वहीं मुंबई में करीब 46 लाख परिवार हैं. ये खर्च पुणे या अहमदाबाद जैसे शहरों के पूरे उपभोक्ता बाजार से भी ज्यादा है. रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि देश के टॉप 100 शहरों में भारत की 20% से भी कम आबादी रहती है, लेकिन ये शहर देश की एक-तिहाई से ज्यादा आय कमाते हैं और कुल खपत का 31% हिस्सा रखते हैं.
इस रिपोर्ट में इन शहरों को चार अलग- अलग ग्रुप्स में बांटा गया है. जो इस प्रकार हैं:

Big Six: 1 करोड़ से ज्यादा आबादी वाले शहर, जिनकी औसत सालाना आय करीब 23 लाख रुपये होगी.
Boomtowns: अहमदाबाद, जयपुर, सूरत और पुणे जैसे शहर, जिनकी औसत आय 17 लाख रुपये होगी.
Breakout Cities: 15 से 25 लाख आबादी वाले शहर, जिनकी औसत आय 14 लाख रुपये होगी.
Frontier Cities: 5 से 15 लाख आबादी वाले शहर, जिनकी औसत आय 12 लाख रुपये होगी.

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मिडिल क्लास परिवारइस रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 10 सालों में 6 लाख से 36 लाख रुपये सालाना कमाने वाले मिडिल क्लास परिवारों की हिस्सेदारी 29% से बढ़कर 53% हो गई है. 2030 तक ये बढ़कर 60% हो सकतीहै. इस मामले में हैदराबाद सबसे आगे है.
हाई इनकम वाले परिवारवहीं 36 लाख रुपये से ज्यादा सालाना कमाने वाले हाई-इनकम परिवारों की हिस्सेदारी भी 3% से बढ़कर 12% हो गई है. साल 2030 तक ये आंकड़ा करीब 20% तक पहुंच सकता है. अभी इस वर्ग में दिल्ली, मुंबई और पुणे आगे हैं, जबकि रायपुर, थूथुकुडी और कन्नूर जैसे शहरों में हाई-इनकम और मिडिल-इनकम परिवारों की संख्या सबसे तेजी से बढ़ रही है.
इस रिपोर्ट में ये भी अंदाजा लगाया गया है कि 1.5 लाख रुपये से कम सालाना कमाई वाले परिवारों की संख्या साल 2030 तक टॉप 100 शहरों में लगभग खत्म हो जाएगी और उनकी हिस्सेदारी घटकर सिर्फ 0.3% रहने की संभावना होगी.
 ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 09:30:20 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>Richest, Cities, List:, कमाने, में, बेंगलुरु-दिल्ली, नंबर-1, तो, उड़ाने, में, चंडीगढ़, आगे, देश, के, सबसे, अमीर, शहरों, की, लिस्ट, देख, लो</media:keywords>
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        <title>Explained: जून 2026 में 3.6 लाख EV गाड़ियां बिकीं! जबकि पूरे देश में सिर्फ 27 हजार चार्जिंग स्टेशन, क्या बढ़ेगा &amp;apos;चार्जिंग संकट&amp;apos;?</title>
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        <description><![CDATA[ जून 2026 का महीना भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के लिए ऐतिहासिक रहा. फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) के मुताबिक, पूरे देश में कुल 25,57,234 वाहनों की रिटेल बिक्री हुई, जो पिछले साल जून के मुकाबले 21.83 फीसदी ज्यादा है. यह जून महीने का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है, लेकिन असली हैरान करने वाली बात EV सेगमेंट में है. टू-व्हीलर, थ्री-व्हीलर, पैसेंजर और कमर्शियल व्हीकल की कुल EV रिटेल बिक्री 3,06,220 यूनिट तक पहुंच गई. यह किसी भी महीने का सबसे बड़ा आंकड़ा है और EV की कुल पैठ 12.5 फीसदी तक जा पहुंची हैं. लेकिन सवाल यही है कि इतनी सारी EV गाड़ियां कहां चार्ज होंगी...
जून में रिकॉर्ड बिक्री के आंकड़े क्या कहते हैं?
FADA के मुताबिक, पैसेंजर व्हीकल (कार और SUV) सेगमेंट में EV कारों की रिटेल बिक्री रिकॉर्ड 31,823 यूनिट रही. लेकिन इससे भी बड़ी बात यह कि पहली बार CNG, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक गाड़ियों की कुल हिस्सेदारी 40.35 फीसदी तक पहुंच गई. यानी जून में बिकने वाली हर पांच में से दो कार या तो CNG थी, हाइब्रिड थी या फिर पूरी तरह इलेक्ट्रिक.
CNG की हिस्सेदारी 24.33 फीसदी, हाइब्रिड की 8.27 फीसदी और EV की 7.75 फीसदी रही. पिछले साल जून में यही आंकड़ा 33.3 फीसदी था. पेट्रोल और डीजल गाड़ियों की हिस्सेदारी पहली बार 60 फीसदी से नीचे आ गई.
EV टू-व्हीलर की हिस्सेदारी पहली बार 10.60 फीसदी तक पहुंची. पिछले साल जून में यह 7.34 फीसदी थी. थ्री-व्हीलर सेगमेंट तो पहले से ही EV की तरफ झुका हुआ था, लेकिन अब EV की हिस्सेदारी 64.08 फीसदी तक जा पहुंची. कमर्शियल व्हीकल में भी EV की पैठ रिकॉर्ड 3.5 फीसदी तक पहुंच गई.
FADA के प्रेसिडेंट सीएस विग्नेश्वर ने कहा कि शहर हो या गांव, हर जगह डिमांड बढ़ रही है. ग्रामीण बाजार शहरी बाजार से भी तेजी से बढ़ रहा है. जून में ग्रामीण बिक्री 35.1 फीसदी बढ़ी, जबकि शहरी बिक्री 24.7 फीसदी.
चार्जिंग स्टेशनों का गणित: आंकड़े, राज्य और हकीकत
सरकार ने राज्यसभा में 1 मार्च 2026 तक के आंकड़े पेश किए देशभर में 27,737 पब्लिक EV चार्जिंग स्टेशन लगाए गए हैं. लेकिन इनमें से 22,753 ही ऑपरेशनल हैं. यानी करीब 5,000 चार्जिंग स्टेशन या तो खराब पड़े हैं या चालू नहीं हो पाए हैं.
इसके अलावा FAME-II स्कीम के तहत 9,332 चार्जिंग स्टेशन मंजरू किए गए थे. 1 मार्च 2026 तक इनमें से सिर्फ 6,645 ऑपरेशनल थे. यानी FAME-II के तहत भी करीब 2,700 स्टेशन अभी भी कागजों में या बंद पड़े हैं.
राज्यवार आंकड़े भी दिलचस्प हैं. FAME-II के तहत सबसे ज्यादा 957 चार्जर तमिलनाडु में लगे. इसके बाद उत्तर प्रदेश (937) और महाराष्ट्र (670) हैं. लेकिन ऑपरेशनल होने की बात करें तो महाराष्ट्र ने 670 में से 615 चालू किए, जबकि उत्तर प्रदेश ने 937 में से सिर्फ 456.
JMK रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक, दिसंबर 2025 तक देशभर में 29,151 पब्लिक चार्जिंग स्टेशन थे. इनमें कर्नाटक अकेले 6,096 स्टेशनों के साथ 20.91 फीसदी हिस्सेदारी रखता है. महाराष्ट्र 4,166 स्टेशनों (14.29 फीसदी) के साथ दूसरे नंबर पर है, तमिलनाडु 1,780 और तेलंगाना 1,062 स्टेशनों के साथ है. यानी दक्षिण के तीन राज्य कर्नाटक, तमिलनाडु और तेलंगाना मिलकर देश के 30 फीसदी से ज्यादा पब्लिक चार्जिंग स्टेशनों पर कब्जा जमाए हुए हैं.
दरअसल, बात सिर्फ संख्या की नहीं है. फास्ट चार्जर की कमी एक बड़ी समस्या है. देश में 50kW+ के फास्ट चार्जर करीब 20 फीसदी से भी कम हैं. मतलब ज्यादातर चार्जर धीमे (स्लो) हैं, जिनमें कार को पूरा चार्ज होने में घंटों लग जाते हैं. एक फास्ट चार्जर पर 235 EV गाड़ियां आती हैं. दुनिया के बाकी EV बाजारों में यह अनुपात 6:1 से 20:1 के बीच होता है, यानी वहां एक चार्जर पर 6 से 20 गाड़ियां, जबकि भारत में एक चार्जर पर 235 गाड़ियां.
नीति आयोग के 30 फीसदी EV पैठ के लक्ष्य तक पहुंचने के लिए 2030 तक करीब 13 लाख चार्जिंग स्टेशन चाहिए. अभी 29,000-30,000 हैं यानी 2030 तक 40 गुना ज्यादा चार्जर बनाने होंगे. इस रफ्तार से तो ऐसा होता नजर नहीं आ रहा.
सिर्फ संख्या ही नहीं, चार्जिंग की और भी हैं असली मुश्किलें &amp;nbsp;
पहली मुश्किल: चार्जर बने तो बने, पर चलते क्यों नहीं?
यह कोई नई बात नहीं है. दिल्ली, गोवा और कर्नाटक समेत हर जगह यही हाल है. गोवा में एक तिहाई EV चार्जिंग स्टेशन नॉन-फंक्शनल या डिकमीशन हो चुके हैं. कर्नाटक के तुमकुरु में BESCOM ने चार्जिंग स्टेशन लगवाए, मगर बिजली की सप्लाई न होने की वजह से वे बेकार पड़े हैं. फरीदाबाद में करीब 25,000 इलेक्ट्रिक वाहन रजिस्टर्ड हैं, लेकिन एक भी सरकारी पब्लिक चार्जिंग स्टेशन नहीं है. MCD के तहत आवंटित आधे से ज्यादा EV चार्जिंग स्टेशन अभी तक ऑपरेशनल नहीं हो पाए हैं.
दूसरी मुश्किल: घर पर चार्जिंग का झंझट
करीब 45 फीसदी भारतीय घरों में EV चार्जिंग के लिए बिजली के अपग्रेड की जरूरत है. अलायंस फॉर एन एनर्जी एफिशियंट इकोनॉमी (AEEE) और कजम की रिपोर्ट में कहा गया है कि रिहायशी चार्जिंग इलेक्ट्रिक गाड़ियों का सबसे बड़ा रोड़ा बन सकता है. यानी पुराने वायरिंग, पार्किंग की समस्या और बिजली के लोड को संभालने की क्षमता ये सब रोड़े हैं.
तीसरी मुश्किल: बिजली का ग्रिड संभालेगा कैसे?
फास्ट चार्जर (350kW) एक बार में 50-70 घरों के बराबर बिजली खींच लेते हैं. पुराने ट्रांसफार्मर इस लोड को संभाल नहीं पाते. नेशनल स्मार्ट ग्रिड मिशन ने पहले ही चेतावनी दी है कि अनियंत्रित EV चार्जिंग से ग्रिड पर दबाव पड़ सकता है और इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई पर असर पड़ सकता है. छोटे शहरों में वोल्टेज में उतार-चढ़ाव, खराब अर्थिंग और अनौपचारिक कनेक्शन EV चार्जिंग के लिए सुरक्षा जोखिम पैदा करते हैं.
हालांकि, एक राहत की बातभी है कि देशभर की सभी EVs की सालाना बिजली की मांग 20.07 टेरावॉट-घंटा है, जो भारत की सालाना बिजली उत्पादन का करीब 1.1 फीसदी ही है. यानी कुल बिजली की कमी तो नहीं है, मगर स्थानीय स्तर पर लोड मैनेजमेंट की चुनौती बड़ी है.
चौथ ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 09:30:18 +0530</pubDate>
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        <title>Anti Women Skew: दिल्ली की कंपनियों में औरतों संग भेदभाव? हर 10 में से 9 कर्मचारी हैं मर्द, रिपोर्ट ने बताई कड़वी सच्चाई</title>
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        <description><![CDATA[ Anti Women Skew: दुनियाभर में महिला संरक्षण और महिलाओं को समान अधिकार देने वाली बातें तो कई बार हमने सुनी हैं. लेकिन जब कोई रिपोर्ट या डाटा देखते हैं तो जमीनी हकीकत के बारे में पता चलता है. जैसे हाल ही में आई एक रिपोर्ट से पता चला है कि दिल्ली के ऑफिसों में महिला कर्मचारियों की अपेक्षा पुरुष कर्मचारियों की संख्या ज्यादा है.
क्या कहती है रिपोर्टदरअसल हाल ही में नेशनल स्टेटिक्स ऑफिस (NSO) की एक रिपोर्ट सामने आई है. इस रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली के छोटे कारोबार अच्छी कमाई कर रहे हैं, लेकिन इन कारोबारों में महिलाओं की भागीदारी अभी भी बहुत कम है. रिपोर्ट में बताया गया है कि दिल्ली के ऐसे छोटे कारोबार, जो कंपनी के रूप में रजिस्टर्ड नहीं हैं, उनमें काम करने वाले लोगों में सिर्फ 13.5% ही महिलाएं हैं. जिसका मतलब है कि हर 10 कर्मचारियों में लगभग 9 पुरुष और सिर्फ 1 महिला है.
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ये जानकारी &#039;अर्बन अनइनकॉर्पोरेटेड एंटरप्राइजेस लैंडस्केप: ASUSE 2025- इनसाइट्स फ्रॉम मिलियन प्लस सिटीज की रिपोर्ट में दी गई है. इस रिपोर्ट में 10 लाख से भी ज्यादा आबादी वाले 46 शहरों के छोटे दुकानदारों, व्यापारियों, मरम्मत की दुकानों, छोटे निर्माताओं और काम करने वाले कारोबारों का अध्ययन किया गया. इसमें बड़ी कंपनियों, सरकारी संस्थानों और बड़े कारखानों को शामिल नहीं किया गया.
महिलाओं के पास नहीं है मालिकाना हक भीरिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में ऐसे करीब 5.92 लाख छोटे कारोबार हैं, जिनमें लगभग 13.94 लाख लोग काम करते हैं. वहीं पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCT) में इनकी संख्या 10.34 लाख कारोबार और 22.31 लाख तक है. वहीं बात करें कारोबार के मालिक बनने की तो इस मामले में भी महिलाओं की संख्या कम है. दिल्ली में सिर्फ 16.2% छोटे कारोबार महिलाओं के नाम पर हैं, जबकि 80% से ज्यादा कारोबार के मालिक पुरुष हैं.
हालांकि, NSO ने इस रिपोर्ट के बारे में ये भी कहा है कि ये आंकड़े सैम्पल सर्वे के आधार पर जारी किए गए हैं, ऐसे में इन्हें अनुमान के तौर पर ही देखा जाना चाहिए.
ये भी पढ़ें: Explained: जून 2026 में 3.6 लाख EV गाड़ियां बिकीं! जबकि पूरे देश में सिर्फ 27 हजार चार्जिंग स्टेशन, क्या बढ़ेगा &#039;चार्जिंग संकट&#039;?
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        <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 09:30:17 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Anti, Women, Skew:, दिल्ली, की, कंपनियों, में, औरतों, संग, भेदभाव, हर, में, से, कर्मचारी, हैं, मर्द, रिपोर्ट, ने, बताई, कड़वी, सच्चाई</media:keywords>
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        <title>SBI Manager Salary: कागज पर 35 लाख रुपए, हाथ में कितना? SBI मैनेजर की सैलरी स्लिप देख घूम गया लोगों का सिर</title>
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        <description><![CDATA[ SBI Bank Manager Salary Slip: देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक SBI, अक्सर काफी चर्चा मेंबना रहता है. बैंक के कर्मचारियों का व्यवहार, उनकी बैंकिंग गतिविधियां और अन्य कई चीजें अक्सर चर्चा का विषय होती हैं. इसके अलावा एक और चीज है जो काफी चर्चा में रहती है, वो है SBI बैंक कर्मचारियों की सैलरी. जिसके लिए कई लोग इस बैंक में नौकरी की भी चाहत रखते हैं. लेकिन इससे इतर इन दिनों सोशल मीडिया पर SBI बैंक के मैनेजर की सैलरी स्लिप तेजी से वायरल हो रही है.
कितनी होती है SBI बैंक मैनेजर की सैलरी?दरअसल सोशल नेटवर्किंग साइट X (पहले ट्विटर) पर एक यूजर ने एक पोस्ट शेयर की है. इस पोस्ट में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के एक मैनेजर का Form 16 नजर आ रहा है. जो तेजी से वायरल हो रहा है. इस फॉर्म में मैनेजर की सालाना ग्रॉस सैलरी करीब 35.24 लाख रुपये नजर आ रही है. इस आंकड़े को देखकर कई लोग हैरान रह गए और सरकारी बैंक कर्मचारियों की सैलरी को लेकर सोशल मीडिया पर तेज बहस शुरू हो गई है.
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इस पोस्ट को शेयर करते हुए कैप्शन में यूजर ने लिखा, &#039;अक्सर लोग कहते हैं कि SBI कर्मचारियों की नौकरी पूरी तरह सेटल होती है. लेकिन SBI के एक स्केल-3 मैनेजर की सैलरी देखकर आपकी सोच बदल सकती है. करीब 8 साल पहले उन्होंने SBI में प्रोबेशनरी ऑफिसर (PO) के तौर पर नौकरी शुरू की थी. आज उनकी FY 2025-26 की Form 16 में 35.24 लाख रुपये की ग्रॉस सैलरी दिखाई गई है. पहली नजर में ये रकम बहुत बड़ी लगती है, लेकिन पूरी सच्चाई कुछ और है&#039;.

People often say that SBI employees have a &quot;settled life&quot;but this Scale 3 Manager&#039;s salary slip might completely change your perspective.Eight years ago, a young man joined State Bank of India as a Probationary Officer.Today, he is a Scale 3 Manager, and his Form 16 for FY&amp;hellip; pic.twitter.com/Iy7TJOkUJI
&amp;mdash; Pooja (@poojaofficial5) July 5, 2026



क्या है सैलरी की सच्चाई?आगे इस पोस्ट में यूजर ने सैलरी की डिस्क्राइब करते हुए लिखा, &#039;इस ग्रॉस सैलरी में LFC एन्कैशमेंट और लीव एन्कैशमेंट जैसे भुगतान भी शामिल हैं. ये हर महीने मिलने वाली सैलरी का हिस्सा नहीं होते, बल्कि चार साल में एक बार मिलने वाले लाभ हैं. इसके अलावा हर महीने इनकम टैक्स, NPS, EPF, होम लोन, कार लोन और टू-व्हीलर लोन की EMI जैसी कई कटौतियां भी होती हैं. यही वजह है कि Form 16 में दिखाई गई ग्रॉस सैलरी और हर महीने बैंक खाते में आने वाली टेक-होम सैलरी में काफी अंतर होता है.&#039;
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहसइस पोस्ट के आखिर ने यूजर ने लोगों से उनकी राय बताने को भी कहा है, ऐसे में कई सोशल मीडिया यूजर्स ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया भी दी है. कई लोग इस पोस्ट पर कमेंट करते हुए कह रहे हैं कि वाकई में लोगों को दूर से ये सैलरी काफी अच्छी लगती है, लेकिन असलियत का अंदाजा उन्हें नहीं होता है. हालांकि कई यूजर्स ऐसे भी हैं जो इससे इत्तेफाक नहीं रखते हैं.
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        <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 09:30:15 +0530</pubDate>
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        <title>Airlines News: भारतीय एयरलाइंस का दबदबा, मई में 1.53 करोड़ यात्रियों ने किया सफर, DCGA की रिपोर्ट में हुआ खुलासा</title>
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        <description><![CDATA[ Airlines News: भारत में इन दिनों एयर ट्रैवल यानी हवाई यात्रा की धूम मची हुई है. बीते दिनों देखे गए हालातों के चलते विदेश यात्रा तो लोगों ने कुछ हद तक कम की है. लेकिन घरेलू उड़ानें काफी ज्यादा भरी गई हैं. ऐसा हम नहीं कह रहे हैं बल्कि DCGA की रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है. इस रिपोर्ट में आए आंकड़ों के अनुसार करीब डेढ़ करोड़ यात्रियों में डोमेस्टिक एयरलाइंस से सफर किया है.
DCGA की रिपोर्ट में खुलासादरअसल हाल ही में आई DCGA की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि, भारत में मई 2026 के दौरान करीब 1.53 करोड़ यात्रियों ने घरेलू उड़ानों से यात्रा की. ये संख्या अप्रैल के 1.38 करोड़ यात्रियों की तुलना में करीब 11% ज्यादा है. वहीं, पिछले साल मई के मुकाबले घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या में 9.49% की बढ़ोतरी हुई है.
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DGCA की मासिक रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी से मई 2026 के बीच घरेलू एयरलाइंस से 729.40 लाख यात्रियों ने सफर किया. पिछले साल इसी समयावधि में ये आंकड़ा 715.70 लाख था. यानी इस दौरान यात्री संख्या में 1.91% की वृद्धि दर्ज की गई.
INDIGO बनी सबसे बड़ी एयरलाइनइस रिपोर्ट की मानें तो इंडिगो देश की सबसे बड़ी एयरलाइन बनी रही, हालांकि उसकी बाजार हिस्सेदारी घटकर 64.9% रह गई. वहीं एयर इंडिया समूह की हिस्सेदारी बढ़कर 25.6% हो गई. अकासा एयर की हिस्सेदारी 5.8% पर स्थिर रही, जबकि स्पाइसजेट की हिस्सेदारी घटकर 2.5% रह गई.
समय पर उड़ान के मामले में कौन आगे?इसके अलावा समय पर उड़ान भरने के मामले में भी इंडिगो सबसे आगे रही. मई में देश के 10 प्रमुख हवाई अड्डों पर इंडिगो की 82.8% उड़ानें समय पर रहीं. इसके बाद अकासा एयर (78.3%) और एयर इंडिया समूह (74.5%) रहा. अलायंस एयर की समयबद्धता 70.5% रही, जबकि स्पाइसजेट का प्रदर्शन सबसे कमजोर रहा और उसका केवल 26.5% उड़ानें समय पर रहा.
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कितनी उड़ानें हुईं रद्द?इस रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि मई में 0.55% उड़ानें रद्द हुईं. इससे 63,723 यात्री प्रभावित हुए. इन यात्रियों को मुआवजा और अन्य सुविधाएं देने पर एयरलाइंस ने 70.32 लाख रुपये खर्च किए. इसके अलावा, 1.77 लाख से अधिक यात्रियों को उड़ानों में देरी का सामना करना पड़ा. वहीं, 900 यात्रियों को अलग-अलग कारणों से विमान में सवार होने की अनुमति नहीं दी गई.
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        <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 09:30:14 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>10 से 50 रुपये तक महंगी हो सकती है शराब की बोतल, जानें कहां रेट बढ़ाने की चल रही तैयारी</title>
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        <description><![CDATA[ Liquor Price Hike: तमिलनाडु में शराब पीने वालों के लिए एक बुरी खबर सामने आ रही है. राज्य सरकार अपने यहां शराब की कीमतें 10-50 रुपये प्रति बोतल बढ़ाने का सोच रही है. &amp;nbsp;
सोमवार को चेन्नई में सचिवालय में शराबबंदी और आबकारी मंत्री के. विग्नेश की अध्यक्षता में तमिलनाडु राज्य विपणन निगम (Tasmac) की बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा की गई. हो सकता है कि इसी हफ्ते के आखिर से प्रति बोतल शराब के लिए ज्यादा पैसे चुकाने पड़े.&amp;nbsp;
कितनी बढ़ जाएगी प्रति बोतल कीमत?&amp;nbsp;
बताया जा रहा है कि साधारण और मिडियम रेंज के ब्रांड्स के लिए प्रति बोतल 10-20 रुपये का इजाफा होगा. प्रीमियम और विदेशी शराब (IMFL) के लिए प्रति बोतल 30-50 रुपये का इजाफा होगा. इसी तरह से बीयर की कीमत में भी प्रति बोतल 10 रुपये की बढ़ोतरी का अनुमान है.
हालांकि, अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है. राज्य में शराब की कीमतों में पिछली बार बदलाव 1 फरवरी, 2024 को किया गया था, जब सरकार ने शराब के विभिन्न ब्रांडों की कीमतों में 10 से 80 रुपये तक की बढ़ोतरी की थी. अगर इस बार कीमतें बढ़ाए जाने की मंजूरी मिलती है, तो यह दो साल से ज्यादा समय में कीमतों में पहला बदलाव होगा.
क्यों बढ़ाई जा रही है कीमत?
सरकार ने हाल ही में स्कूल-कॉलेज जैसे शैक्षणिक संस्थानों, बस स्टैंड और मंदिरों के पास स्थित 717 Tasmac रिटेल आउटलेट्स बंद करा दिए. इससे सरकार के रेवेन्यू में भारी कमी आई. हो सकता है कि रेट बढ़ाकर सरकार इसी नुकसान की भरपाई करना चाह रही हो.
द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, Tasmac के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि राज्य में हाल ही में &amp;nbsp;IMFL प्रोडक्ट्स और बीयर सप्लाई करने वाले शराब निर्माताओं पर एक मैन्युफैक्चरिंग सेस लागू किया गया था. इस शुल्क से सरकार को सालाना करीब 6000-10000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिलेगा. इधर, बढ़ते टैक्स और कच्चे माल की बढ़ती लागत के चलते शराब बनाने वाली कंपनियों ने भी सरकार को खरीद मूल्य बढ़ाने के लिए कहा था. &amp;nbsp;

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केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर: DA मर्जर पर आया वित्त मंत्रालय का बड़ा फैसला, क्या सैलरी स्ट्रक्चर में होगा बदलाव?&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 07 Jul 2026 16:30:17 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>शेयर बाजार में दहाड़ रहा यह स्टॉक, लिस्टिंग के बाद दनादन मार रहा अपर सर्किट; क्या दांव लगाना रहेगा सही?</title>
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        <description><![CDATA[ Share Market News: Cordelia Cruises की ऑपरेटन कंपनी Waterways Leisure Tourism के शेयर इन दिनों बाजार में धूम मचा रहे हैं. शेयर मार्केट में लिस्टिंग के बाद लगातार दो दिनों तक यह 10% के अपर सर्किट को टच करने में कामयाब रहा.
सोमवार शाम एक्सचेंज फाइलिंग में दी जानकारी में कंपनी ने बताया कि शुक्रवार, 10 जुलाई को होने वाली बोर्ड की बैठक में स्टॉक स्प्लिट पर विचार किया जाएगा. वॉटरवेज लीजर टूरिज्म शेयर मार्केट में कदम रखने वाली एक नई कंपनी है. अगले शुक्रवार को इसका 8वां कारोबारी दिन होगा. लिस्टिंग के महज चार दिनों के भीतर ही वॉटरवेज लीजर टूरिज्म के शेयरों ने लगातार दो दिनों तक 10-10% के अपर सर्किट को छुआ है.&amp;nbsp;
कंपनी लेकर आई थी IPO
वॉटरवेज लीजर टूरिज्म 585 करोड़ रुपये का अपना आईपीओ लेकर आई थी. इसका इश्यू प्राइस 808 रुपये था. हालांकि, कमजोर डिमांड के चलते 1 जुलाई को इसकी लिस्टिंग करीब 15-16% के डिस्काउंट पर 681-690 रुपये पर हुई. डिस्काउंट पर लिस्टिंग के तुरंत बाद इसके शेयरों की ताबड़तोड़ खरीदारी हुई, जिसके चलते शेयरों में दो-दो बार अपर सर्किट्स लगे. मौजूदा समय में शेयर अपने निचले स्तरों से अच्छी रिकवरी करते हुए 800 रुपये के आसपास ट्रेड कर रहा है.
स्टॉक स्प्लिट की चल रही तैयारी
कंपनी ने हाल ही में बताया कि कंपनी 10 जुलाई को होने वाली बोर्ड मीटिंग में स्टॉक स्प्लिट करने पर विचार कर रही है. इससे शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी और बढ़ गई. स्टॉक स्प्लिट का मतलब है शेयरों के छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटना. जब शेयरों की कीमत बढ़ जाती है और रिटेल निवेशक उसे खरीद नहीं पाते हैं, तो कंपनियां स्टॉक स्प्लिट करती हैं. इससे बाजार में शेयरों की संख्या बढ़ जाती है और उसी अनुपात में शेयरों की कीमत कम हो जाती है, जिससे छोटे निवेशकों के लिए भी उसे खरीदना आसान हो जाता है.&amp;nbsp;
क्या लगा सकते हैं दांव?
अगर आप स्टॉक स्प्लिट का फायदा उठाना चाहते हैं, तो कम पैसों के साथ सख्त स्टॉप-लॉस अपनाकर दांव लगा सकते हैं. लॉन्ग टर्म इंवेस्टर्स अभी जल्दबाजी करने से बचे क्योंकि यह अभी एक नई लिस्टेड कंपनी है. इसके 1-2 तिमाही के नतीजे के बाद ही इसमें बड़े निवेश का सोच सकते हैं, तब तक शेयरों में स्थिरता भी आ जाएगी और वैल्यूएशन में भी सुधार आएगा.
डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)

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        <pubDate>Tue, 07 Jul 2026 16:30:16 +0530</pubDate>
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        <title>Ethanol: माइलेज घटा और इंजन खराब हुआ तो जिम्मेदारी किसकी? E20 पेट्रोल पर भड़के ट्रांसपोर्टर्स, सरकार पर दागे सवाल</title>
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        <description><![CDATA[ Transporters on Ethanol Blending:&amp;nbsp;देशभर में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित E-20 पेट्रोल को तेजी से लागू किया जा रहा है. सरकार इसे हरित ऊर्जा, विदेशी मुद्रा की बचत और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में अहम कदम बता रही है. हालांकि, ट्रांसपोर्ट उद्योग ने इस नीति के तकनीकी और आर्थिक प्रभावों को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं. ट्रांसपोर्ट संगठनों का कहना है कि यदि E-20 पेट्रोल के इस्तेमाल से इंजन की कार्यक्षमता प्रभावित होती है, माइलेज कम होता है या रखरखाव का खर्च बढ़ता है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी, इस पर सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए.
छोटे ट्रांसपोर्टरों पर बढ़ सकता है आर्थिक दबाव
ऑल इंडिया मोटर एंड गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन का कहना है कि देश में लाखों छोटे और मध्यम ट्रांसपोर्टर बैंक से ऋण लेकर ट्रक, हल्के वाणिज्यिक वाहन और अन्य कमर्शियल वाहन संचालित कर रहे हैं. ऐसे में यदि E-20 पेट्रोल के कारण ईंधन की खपत बढ़ती है या वाहनों के रखरखाव पर अतिरिक्त खर्च आता है, तो इसका सीधा असर ट्रांसपोर्ट कारोबार की लागत पर पड़ेगा.
माइलेज घटने का दावा, बढ़ सकती है परिवहन लागत
एसोसिएशन का दावा है कि विभिन्न वैज्ञानिक अध्ययनों में E-20 ईंधन के उपयोग से लगभग 2 से 6 प्रतिशत तक माइलेज कम होने की बात सामने आई है. भले ही यह आंकड़ा देखने में छोटा लगे, लेकिन रोजाना लंबी दूरी तय करने वाले व्यावसायिक वाहनों के लिए यह हर महीने हजारों रुपये का अतिरिक्त ईंधन खर्च बन सकता है. ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि यदि ऐसा होता है तो अंततः इसका असर मालभाड़े, व्यापारिक लागत और आम उपभोक्ताओं तक पहुंचेगा.
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पुराने वाहनों की तकनीकी सुरक्षा पर भी उठे सवाल
ट्रांसपोर्ट संगठनों ने यह भी चिंता जताई है कि जो पुराने कमर्शियल वाहन E-20 ईंधन के अनुरूप डिजाइन नहीं किए गए हैं, उनमें फ्यूल पाइप, रबर सील, गैस्केट, फ्यूल पंप और ईंधन प्रणाली के अन्य हिस्सों पर अतिरिक्त प्रभाव पड़ सकता है. उनका कहना है कि यदि भविष्य में ऐसे वाहनों में तकनीकी खराबियां सामने आती हैं, तो वाहन निर्माता कंपनियां, तेल कंपनियां या सरकार में से कौन इसकी जिम्मेदारी लेगा, यह पहले से स्पष्ट होना चाहिए.
&#039;नीतिगत प्रयोग&#039; का माध्यम न बनें करोड़ों के वाणिज्यिक वाहन
एसोसिएशन का कहना है कि देश में करोड़ों रुपये मूल्य के वाणिज्यिक वाहनों को किसी नई नीति का प्रयोगात्मक आधार नहीं बनाया जाना चाहिए. संगठन का मानना है कि किसी भी नई ईंधन नीति को व्यापक स्तर पर लागू करने से पहले उसके दीर्घकालिक प्रभावों का स्वतंत्र, पारदर्शी और भारतीय परिस्थितियों के अनुरूप परीक्षण कराया जाना चाहिए तथा उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए.
सरकार के सामने रखे गए चार बड़े सवाल
ट्रांसपोर्ट उद्योग ने केंद्र सरकार से कई अहम सवाल पूछे हैं. इनमें यह जानना शामिल है कि क्या देश में चल रहे सभी वाणिज्यिक वाहन E-20 के लिए पूरी तरह सुरक्षित और प्रमाणित हैं. क्या सरकार के पास ऐसा कोई सार्वजनिक वैज्ञानिक अध्ययन है जो 8 से 15 वर्ष पुराने कमर्शियल वाहनों पर E-20 के सुरक्षित उपयोग की पुष्टि करता हो. यदि भविष्य में इंजन या फ्यूल सिस्टम में खराबी आती है तो उसकी भरपाई कौन करेगा. साथ ही, यदि माइलेज घटने से परिवहन लागत बढ़ती है तो उसका आर्थिक बोझ ट्रांसपोर्टर, व्यापारी या आम उपभोक्ता में से कौन उठाएगा.
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IIT समेत विशेषज्ञों की संयुक्त समिति बनाने की मांग
एसोसिएशन ने कहा है कि वह पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छ ऊर्जा और किसानों के हितों के पक्ष में है, लेकिन इन लक्ष्यों को हासिल करने के दौरान ट्रांसपोर्ट उद्योग पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ना चाहिए. संगठन ने केंद्र सरकार से मांग की है कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IIT), वैज्ञानिक संस्थानों, वाहन निर्माता कंपनियों, तेल कंपनियों और ट्रांसपोर्ट संगठनों के प्रतिनिधियों को शामिल कर एक उच्चस्तरीय समिति गठित की जाए. यह समिति वास्तविक परिचालन परिस्थितियों में E-20 के प्रभावों का विस्तृत अध्ययन करे और उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए.
क्षतिपूर्ति नीति और जवाबदेही तय करने की भी मांग
ट्रांसपोर्ट संगठनों का कहना है कि यदि E-20 के कारण किसी वाहन को तकनीकी या आर्थिक नुकसान होता है, तो उसके लिए स्पष्ट जवाबदेही तय की जानी चाहिए. साथ ही प्रभावित वाहन मालिकों और ट्रांसपोर्टरों के लिए क्षतिपूर्ति की पारदर्शी व्यवस्था भी घोषित की जानी चाहिए.
&#039;यह केवल ईंधन का नहीं, पूरी अर्थव्यवस्था का मुद्दा&#039;
एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेन्द्र कपूर ने कहा कि यह मामला केवल ईंधन बदलने तक सीमित नहीं है. इसका संबंध करोड़ों वाहन मालिकों, लाखों ट्रांसपोर्ट कारोबारियों, व्यापारिक गतिविधियों और देश की आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ा हुआ है. उन्होंने मीडिया और जनप्रतिनिधियों से भी इस विषय को गंभीरता से उठाने की अपील करते हुए कहा कि नई नीति लागू करने से पहले वैज्ञानिक पारदर्शिता, आर्थिक सुरक्षा और स्पष्ट जवाबदेही सुनिश्चित करना समय की सबसे बड़ी जरूरत है.
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        <pubDate>Tue, 07 Jul 2026 16:30:15 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>Ethanol:, माइलेज, घटा, और, इंजन, खराब, हुआ, तो, जिम्मेदारी, किसकी, E20, पेट्रोल, पर, भड़के, ट्रांसपोर्टर्स, सरकार, पर, दागे, सवाल</media:keywords>
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        <title>Mobile Recharge: कमर कस लें, अगले 3&amp;4 महीनों में महंगे हो जाएंगे मोबाइल रिचार्ज, कितनी कटेगी जेब?</title>
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        <description><![CDATA[ Mobile Recharge Costlier: भारत में एक बार फिर से रीचार्ज प्लांस महंगे होने जा रहे हैं. सेंट्रम इंस्टीट्यूशनल रिसर्च की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि अगले तीन से चार महीनों में टैरिफ में 12-15% की भारी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि भारती एयरटेल और रिलायंस जियो के सब्सक्राइबर्स की संख्या बढ़ती रहेगी, जबकि वोडाफोन आइडिया अपने 5G नेटवर्क का विस्तार करेगा.&amp;nbsp;
रीचार्ज पर कितना पड़ेगा असर?
अगर टेलीकॉम कंपनियां 15% की भी बढ़ोतरी करती है, तो 199 वाले रीचार्ज प्लान पर खर्च बढ़कर लगभग 229 रुपये हो जाएगा. 299 वाला डेटा प्लान बढ़कर लगभग 344-359 रुपये तक पहुंच जाएगा. 999 वाले लॉन्ग टर्म वाला प्लान बढ़कर करीब 1149 तक जा सकता है. इससे साफ है आपको अभी के मुकाबले आने वाले समय में रीचार्ज के लिए ज्यादा खर्च करने पड़ सकते हैं.&amp;nbsp;
क्यों कंपनियां बढ़ा रही हैं रेट?
Reliance Jio और Airtel जैसी कंपनियां देश भर में 5G इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने के लिए काफी भारी-भरकम निवेश कर रही हैं. इसकी भरपाई कंपनियां कहीं न कहीं ग्राहकों से भी करना चाहती है.
कंपनियां अपने &#039;एवरेज रेवेन्यू प्रति यूजर&#039; (ARPU)&amp;nbsp; के टारगेट को बढ़ाना चाहती है. Average Revenue Per User यानी ARPU से यह पता चलता है कि एक तय अवधि में आप अपने बिजनेस में हर सक्रिय यूजर से औसतन कितना रेवेन्यू कमा रहे हैं.&amp;nbsp;
दाम बढ़ाने की एक और वजह यह है कि भारत में टेलीकॉम सेक्टर के मार्केट में रिलायंस जियो और एयरटेल का ही दबदबा है. अब चूंकि कॉम्पिटिशन कम है इसलिए कंपनियों के लिए दाम बढ़ाना भी आसान है. रिपोर्ट में भारती एयरटेल और रिलायंस जियो के सब्सक्राइबर्स की संख्या में भी भारी इजाफा होने का अनुमान लगाया गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, हर तिमाही में रिलायंस जियो संग लगभग 70 लाख नए सब्सक्राइबर जुड़ते जाएंगे, जबकि &amp;nbsp;इसी दौरान भारती एयरटेल के लगभग 50 लाख नए सब्सक्राइबर जोड़ने की उम्मीद है.&amp;nbsp;

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        <pubDate>Tue, 07 Jul 2026 16:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Mobile, Recharge:, कमर, कस, लें, अगले, 3-4, महीनों, में, महंगे, हो, जाएंगे, मोबाइल, रिचार्ज, कितनी, कटेगी, जेब</media:keywords>
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        <title>Microsoft Layoff: टेक जगत में फिर हड़कंप, माइक्रोसॉफ्ट ने की 4800 कर्मचारियों की छंटनी, HR हेड ने बताई वजह</title>
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        <description><![CDATA[ Microsoft Layoff: टेक जगत में अचानक से उस वक्त हड़कंप मच गया जब दिग्गज कंपनी Microsoft ने यहां के कई कर्मचारियों को अचानक से नौकरी से निकाल दिया. इस खबर से ना केवल टेक जगत बल्कि यहां नौकरी का सपना देखने वाले युवा भी सख्ते में आ गए हैं. हाल ही में आई खबर के मुताबिक माइक्रोसॉफ्ट ने अपने करीब 4,800 कर्मचारियों की छंटनी करने का फैसला किया है. ये फैसला कंपनी ने क्यों लिया, इस बारे में कंपनी की हेड HR ने खुद बताया है.
माइक्रोसॉफ्ट ने निकले 4800 कर्मचारीदरअसल दिग्गज टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने अपने कुल कर्मचारियों में लगभग 2.1% कर्मचारियों को हाल ही में निकाल दिया. जिसमें करीब 4800 कर्मचारियों का नाम शामिल है. कंपनी ऐसे समय में ये फैसला किया, जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर बड़े पैमाने पर निवेश किया जा रहा है और खर्च कम करने की कोशिश की जा रही है.
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हेड HR ने बताई वजहइस खबर के बारे में कंपनी की हेड HR एमी कोलमेन ने खुद बताया है. उन्होंने कर्मचारियों को भेजे एक मेमो में इस छंटनी की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि ये फैसला सिर्फ खर्च कम करने के लिए नहीं, बल्कि कंपनी के काम करने के तरीके में बड़े बदलाव का हिस्सा है.
एमी कोलमैन ने मेमो में लिखा, &#039;आज हम अपने वैश्विक कर्मचारियों की संख्या का करीब 2.1%, यानी लगभग 4,800 पद खत्म कर रहे हैं. हमारा मकसद अपने कर्मचारियों, निवेश और संसाधनों को उन प्राथमिकताओं पर केंद्रित करना है, जिनकी मदद से Microsoft तेजी से बदलती टेक इंडस्ट्री में अपने ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देता रहे.&#039;
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कंपनी के शेयरों में भी आई गिरावटइस साल माइक्रोसॉफ्ट के शेयरों में भी बड़ी गिरावट आई है. साल 2026 के पहले छह महीनों में कंपनी का शेयर करीब 23% तक गिर गया, जो 2022 के बाद सबसे खराब प्रदर्शन है. इससे पहले कंपनी ने अमेरिका में अपने करीब 9,000 कर्मचारियों को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (Voluntary Buyout) का प्रस्ताव भी दिया था.
इस साल हुई बड़ी छंटनीबता दें कि सिर्फ माइक्रोसॉफ्ट ही नहीं बल्कि बल्कि अमेजॉन और मेटा जैसी बड़ी टेक कंपनियां भी इस साल हजारों कर्मचारियों की छंटनी कर चुकी हैं. AI पर बढ़ते खर्च के कारण कंपनियों पर मुनाफा बढ़ाने का दबाव बढ़ गया है.
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        <pubDate>Tue, 07 Jul 2026 00:30:22 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Gadgets Price Hike: &amp;apos;दीवाली पर खरीदूंगा&amp;apos;... फेस्टिव डील्स पर डिस्काउंट अब नहीं मिलेगा! दिन पर दिन महंगे हो रहे फोन और गैजेट्स</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/gadgets-price-hike-दीवाली-पर-खरीदूंगा-फेस्टिव-डील्स-पर-डिस्काउंट-अब-नहीं-मिलेगा-दिन-पर-दिन-महंगे-हो-रहे-फोन-और-गैजेट्स</link>
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        <description><![CDATA[ Gadgets Price Hike: त्यौहारों के मौके पर अक्सर फेस्टिव डील्स चलती है. चाहे ऑनलाइन बाजार हो या ऑफलाइन बाजार, हर जगह तगड़ा डिस्काउंट होता है. आप भी फिलहार कुछ खरीदने के लिए &amp;nbsp;दशहरा, दीवाली या नवरात्रि का इंतजार जरूर कर रहे होंगे. अगर वाकई में कर रहे हैं तो रुक जाइए और जो भी खरीदना है अभी खरीद लीजिए. ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि आने वाले समय में मोबाइल फोन, लैपटॉप और कई इलेक्ट्रॉनिक सामानों की कीमतें बढ़ने वाली हैं. तो इन डील्स में आपको फायदा नहीं बल्कि नुकसान ही होगा.
क्यों बढ़ रहे दाम?दरअसल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI कंप्यूटिंग की दुनिया में नई क्रांति ला रहा है. लेकिन इसका असर अब आम लोगों की जेब पर भी पड़ने लगा है. AI की वजह से स्मार्टफोन, टैबलेट और लैपटॉप जैसे रोजमर्रा के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स महंगे हो सकते हैं. ऐसे में यदि आप इंतजार कर रहे हैं किसी अच्छी डील का तो ये आपको काफी महंगी पड़ सकती है.
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AI क्यों बन रहा महंगाई की वजह?ऐसा इसलिए क्योंकि NVIDIA, माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, मेटा, अमेजॉन, ओपनएआई और एंथ्रोपिक जैसी कंपनियां AI के लिए बड़े-बड़े डेटा सेंटर और इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रही हैं. इसके चलते मेमोरी चिप्स की मांग तेजी से बढ़ गई है. बढ़ती मांग को देखते हुए चिप बनाने वाली कंपनियां अब AI सर्वर में इस्तेमाल होने वाली महंगी और ज्यादा फायदा देने वाली मेमोरी Chips का उत्पादन बढ़ा रही हैं. इसकी वजह से स्मार्टफोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में इस्तेमाल होने वाली सामान्य DRAM और NAND फ्लैश चिप्स की सप्लाई कम हो रही है.
इसी का नतीजा है कि इन चिप्स की कीमतों लगातार बढ़ रही हैं, जिससे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बनाने की लागत भी बढ़ गई है. यही कारण है कि आने वाले समय में स्मार्टफोन, टैबलेट और लैपटॉप की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है.
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उदाहरण से समझें कैसे बढ़ेगी कीमतजैसे अभी कुछ दिन पहले ही एप्पल के टैब की कीमत बढ़ गई थी, जिसके बाद लोगों को लगा कि अब जैसे टैब की कीमतें बढ़ीं हैं वैसे ही एप्पल के फोन की कीमतें भी बढ़ेंगी. तो लोगों ने धड़ल्ले से फोन खरीदना शुरू कर दिया, जिससे फोन की कीमतें भी बढ़ गई हैं. अब ऐसे ही आने वाले समय में अन्य चीजों की कीमतें भी बढ़ सकती है. जिसके बाद फेस्टिवल्स के दौरान जो भी डील्स होंगी उसमें आपको मान लीजिए 10 हजार रुपये का डिस्काउंट मिल रहा है, तो वो आज की कीमत में ही मिलेगा. तो ऐसे में तो खरीदने वाले का नुकसान ही है.
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        <pubDate>Tue, 07 Jul 2026 00:30:20 +0530</pubDate>
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        <title>Crude Oil News: सऊदी ने 26 साल में सबसे सस्ता किया तेल, भारत को क्या होगा फायदा? आसान भाषा में समझिए</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/crude-oil-news-सऊदी-ने-26-साल-में-सबसे-सस्ता-किया-तेल-भारत-को-क्या-होगा-फायदा-आसान-भाषा-में-समझिए</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/crude-oil-news-सऊदी-ने-26-साल-में-सबसे-सस्ता-किया-तेल-भारत-को-क्या-होगा-फायदा-आसान-भाषा-में-समझिए</guid>
        <description><![CDATA[ Saudi Arab Crude Oil: दुनिया के सबसे बड़े तेल निर्यातक सऊदी अरामको ने एशियाई देशों के लिए कच्चे तेल की कीमत में 26 साल की सबसे बड़ी कटौती कर दी है.&amp;nbsp;अगस्त में डिलीवरी होने वाले अरब लाइट क्रूड का दाम 11 डॉलर प्रति बैरल घटा दिया गया है. अब यह तेल ओमान-दुबई बेंचमार्क से भी 1.50 डॉलर प्रति बैरल सस्ता मिलेगा.
यह सिर्फ सऊदी अरब का फैसला नहीं है, बल्कि इसका असर भारत जैसे देशों पर भी पड़ सकता है, क्योंकि भारत अपनी जरूरत का 85% से ज्यादा कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है.
सऊदी ने तेल इतना सस्ता क्यों किया?
इसकी सबसे बड़ी वजह है बाजार में बढ़ती सप्लाई और घटती मांग. अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल की सप्लाई सामान्य होने लगी है. इससे बाजार में तेल की उपलब्धता बढ़ी और कीमतों पर दबाव आया.
&#039;दीवाली पर खरीदूंगा&#039;... फेस्टिव डील्स पर डिस्काउंट अब नहीं मिलेगा! दिन पर दिन महंगे हो रहे फोन और गैजेट्स
दूसरी तरफ चीन जो दुनिया का सबसे बड़ा तेल आयातक है पिछले दो महीनों से सऊदी से कम तेल खरीद रहा है क्योंकि उसे रूस और ईरान का तेल सस्ता मिल रहा है. ऐसे में ग्राहकों को वापस आकर्षित करने के लिए सऊदी ने कीमतें घटा दीं. इसके साथ ही OPEC प्लस ने भी लगातार पांचवें महीने उत्पादन बढ़ाने का फैसला किया है यानी बाजार में तेल और ज्यादा आएगा.
भारत के लिए यह खबर क्यों अहम है?
भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर कच्चा तेल आयात करता है और इसमें खाड़ी देशों में खासकर सऊदी अरब की बड़ी हिस्सेदारी है. अगर सऊदी से मिलने वाला तेल सस्ता होगा तो भारत का तेल आयात बिल कम हो सकता है. इसका सीधा फायदा सरकारी तेल कंपनियों जैसे इंडियन ऑयल, बीपीसीएल और एचपीसीएल को मिलेगा, क्योंकि उन्हें कच्चा तेल पहले के मुकाबले कम कीमत पर मिलेगा.
क्या पेट्रोल-डीजल सस्ता होगा?
फिलहाल इसकी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन अगर कच्चे तेल की कीमतें कुछ समय तक इसी तरह नीचे बनी रहती हैं तो पेट्रोल और डीजल के दाम कम करने की संभावना बन सकती है. हालांकि अंतिम फैसला तेल कंपनियां और सरकार ही लेंगी. कंपनियां पहले अपने पुराने नुकसान की भरपाई भी करना चाह सकती हैं.
हवाई सफर और एलपीजी पर भी असर
सस्ता कच्चा तेल सिर्फ पेट्रोल-डीजल तक सीमित नहीं रहता. अगर क्रूड सस्ता रहता है तो एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में भी राहत मिल सकती है. इससे आगे चलकर हवाई किरायों पर भी असर पड़ सकता है.
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इसके अलावा एलपीजी आयात की लागत भी कम हो सकती है. कच्चा तेल सस्ता रहने से महंगाई पर दबाव भी घट सकता है क्योंकि तेल की कीमतों का असर कई जरूरी चीजों की लागत पर पड़ता है.
आगे क्या देखना होगा?
फिलहाल सऊदी ने सिर्फ अपने आधिकारिक बिक्री मूल्य (OSP) में कटौती की है.&amp;nbsp;भारत को वास्तविक फायदा इस बात पर निर्भर करेगा कि आने वाले दिनों में ब्रेंट और दुबई क्रूड की कीमतें किस स्तर पर रहती हैं. अगर होर्मुज से सप्लाई सामान्य बनी रहती है और ओपेक प्लस उत्पादन बढ़ाता रहता है तो कच्चा तेल और सस्ता हो सकता है. लेकिन अगर पश्चिम एशिया में फिर तनाव बढ़ा तो कीमतें दोबारा ऊपर जा सकती हैं.
फिलहाल इतना तय है कि सऊदी की इस बड़ी कटौती से भारत जैसे बड़े तेल आयातक देशों को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है.
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        <pubDate>Tue, 07 Jul 2026 00:30:19 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>LPG News: अब नहीं होगी सिलेंडर की किल्लत, अमेरिका से दोगुनी गैस खरीदेगा भारत, सरकार ने बदला प्लान</title>
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        <description><![CDATA[ LPG News: ईरान और यूएस के बीच फिलहाल युद्ध विराम है. लेकिन कई महीनों तक चले इस युद्ध का असर अब तक भी कम नहीं हुआ है. इस युद्ध की वजह से भारत में तेल और गैस की काफी किल्लत देखने को मिली थी. लेकिन अब इससे निपटने का इंतजार भारत सरकार ने कर लिया है. क्योंकि अब रसोई गैस (LPG) के लिए भारत को सिर्फ खाड़ी देशों पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है. आइये बताते हैं आखिर ऐसा क्यों?
यूएस से होगा LPG का आयातदरअसल अब सरकारी तेल कंपनियां अमेरिका से हर साल होने वाले करीब 22 लाख टन LPG आयात को दोगुना करने की प्लानिंग कर रही है. साथ ही, अल्जीरिया जैसे नए देशों से भी LPG खरीदने के ऑप्शंस तलाशे जा रहे हैं, ताकि किसी एक क्षेत्र पर ज्यादा निर्भरता न रहे. नवंबर 2025 में भारत और अमेरिका के बीच एक साल का समझौता हुआ था. जिसके तहत 2026 में भारत अपनी सालाना LPG जरूरत का करीब 10% अमेरिका से खरीदने पर सहमत हुआ.
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क्या कहा अधिकारियों ने?तेल कंपनी के एक सीनियर एग्जिक्यूटिव ने TOI से बात करते हुए बताया कि, मिडिल ईस्ट में युद्ध के दौरान कच्चे तेल की उपलब्धता बड़ी समस्या नहीं थी, लेकिन LPG की सप्लाई चुनौती बन गई थी. ऐसे समय में अमेरिका ने एक्सट्रा गैस उपलब्ध कराकर भारत की जरूरत पूरी करने में जरूरी भूमिका निभाई. अमेरिका के पास LPG निर्यात करने की बड़ी क्षमता है. इसलिए भविष्य में भारत वहां से ज्यादा गैस खरीदकर अपनी सप्लाई को सुरक्षित और विविध बनाने की दिशा में काम कर रहा है.
बता दें कि भारत अब तक अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा मिडिल ईस्ट के देशों से मंगाता रहा है. लेकिन मार्च में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से LPG की सप्लाई सबसे ज्यादा प्रभावित हुई थी. कच्चे तेल की तुलना में रसोई गैस की उपलब्धता ज्यादा मुश्किल हो गई थी. ऐसे समय में अमेरिका भारत के लिए सबसे बड़े LPG सप्लायर में से एक बनकर सामने आया. इसके अलावा भारत ने अर्जेंटीना, नाइजीरिया और मलेशिया से भी LPG खरीदी.
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        <pubDate>Tue, 07 Jul 2026 00:30:17 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>100 Rupee: आपकी जेब में पड़ा 100 रुपए का नोट नकली तो नहीं? RBI ने किया सतर्क, चेक करने के बताए 7 तरीके</title>
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        <description><![CDATA[ How to Recognize 100 Rupee Original Note: बाजार में कई बार हम खरीदारी करने जाते हैं तो हमें खुल्ले पैसे मिलते हैं. इन खुल्ले पैसों में कई बार ऐसे नोट भी आ जाते हैं जिनको देखकर सवाल मन में आता है कि ये असली है या नकली? कई बार नकली नोट भी ऐसे होते हैं जो असली की तरह ही लगते हैं. ऐसे में इन्हें पहचान पाना बहुत मुश्किल है. लेकिन यहां पर हम आपको बताने वाले हैं कि 100 रुपये के नोट की असलियत कैसे पहचानें.
RBI ने बताया कैसे पहचानें असली नोट?RBI की ऑफिशियल वेबसाइट पर इंडियन करेंसी के बारे में पूरी जानकारी दी गई है. इसके बैंक नोट सेक्शन में सभी नोटों की असलियत पहचानने के तरीके बताए गए हैं. जैसे 100 रुपये के नोट को पहचानने के लिए भी 7 टिप्स बताई गई हैं. जिनके जरिए आप पता लगा सकते हैं कि आपके पास आया 100 रुपये का नोट असली है या नकली.
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नोट के नीचे लेफ्टस साइड पर &#039;100&#039; अंक वाला एक सी-थ्रू रजिस्टर (आर-पार दिखाई देने वाला सुरक्षा चिन्ह) होता है, जो नोट को रोशनी के सामने रखने पर साफ दिखाई देता है.
असली नोट पर &#039;100&#039; का मूल्य देवनागरी लिपि में भी लिखा होता है.
नोट के सामने वाले हिस्से के बीच में महात्मा गांधी का चित्र होता है.
नोट के राइट साइड गारंटी क्लॉज, आरबीआई गवर्नर के हस्ताक्षर (भुगतान के वचन के साथ) और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का प्रतीक चिन्ह होता है.
नोट के नीचे राइट साइड नंबर पैनल होता है, जिसमें अंक छोटे से बड़े आकार में लिखे होते हैं.
नोट के ऊपर लेफ्ट साइड भी नंबर पैनल होता है, जिसमें अंक छोटे से बड़े आकार में दिखाई देते हैं.
नोट के नीचे राइट साइड अशोक स्तंभ का प्रतीक चिन्ह बना होता है.

RBI के बताए हुए इन 7 तरीकों से आप असली और नकली नोट के बीच में अच्छी तरह से फर्क कर सकते हैं. इससे आप किसी भी तरह की ठगी या धोखाधड़ी का शिकार नहीं होंगे.
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        <pubDate>Tue, 07 Jul 2026 00:30:15 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Finance Tips: सिर्फ 10000 की मंथली सेविंग्स से बनें 10 करोड़ रुपए के मालिक, जानिए क्या है इसका पूरा गणित</title>
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        <description><![CDATA[ Mutual Fund Investment:&amp;nbsp;10 करोड़ रुपये की संपत्ति बनाना बहुत से लोगों मुश्किल लग सकता है, लेकिन सही निवेश और लंबे समय तक अनुशासन के साथ इसे हासिल किया जा सकता है. वित्तीय विशेषज्ञों के मुताबिक, बड़े फाइनेंशियल लक्ष्यों को पूरा करने में सबसे यहां भूमिका समय की होती है. जितनी जल्दी निवेश शुरू किया जाता है, उतनी ही कम पैसा लगाकर एक बड़ा फंड तैयार किया जा सकता है.
आज के समय में म्यूचुअल फंड की SIP (सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) लंबे समय में पैसा बनाने का एक लोकप्रिय तरीका बन चुका है. वहीं, इसमें मिलने वाला रिटर्न फंड बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर रहता है और इसकी कोई गारंटी नहीं दी जाती है.
10 हजार रुपये की SIP से कैसे बनेगा 10 करोड़ का फंड?
अगर कोई व्यक्ति हर महीने 10,000 रुपये का SIP शुरू करता है और हर साल निवेश की रकम में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी करता है, तो काफी समय बाद इससे एक बड़ा फंड तैयार किया जा सकता है.
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गणना के मुताबिक, अगर औसत सालाना रिटर्न 12 फीसदी माना जाए, तो करीब 31 साल में यह निवेश बढ़कर करीब 10.18 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है. इस दौरान निवेशक की ओर से कुल करीब 2.18 करोड़ रुपये लगाए जाएंगे, जबकि बाकी रकम 8 करोड़ रुपये कंपाउंडिंग यानी चक्रवृद्धि की ताकत से बढ़ेगी.
जल्दी करोड़पति बनने के लिए बढ़ाएं निवेश राशि
दूसरी ओर, अगर कोई व्यक्ति ज्यादा रकम से शुरुआत करता है, तो 10 करोड़ रुपये का लक्ष्य कम समय में हासिल किया जा सकता है. उदाहरण के तौर पर, अगर शुरुआत में 25,000 रुपये की एसआईपी (SIP) की जाए और हर साल इसमें 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाए, तो करीब 25 साल में 10.69 करोड़ रुपये का फंड तैयार हो सकता है. इस कुल निवेश रकम करीब 2.95 करोड़ रुपये होगी.
वहीं, अगर कोई व्यक्ति जल्दी लक्ष्य हासिल करना चाहते हैं, तो वे हर महीने 50,000 रुपये की की SIP से करीब 20 साल में 10 करोड़ रुपये के करीब पहुंच सकते हैं. SIP की राशि भले ही ज्यादा है, लेकिन काफी काम समय में हो जाएगा.
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स्टेप-अप SIP से बढ़ती है संपत्ति बनाने की रफ्तार
विशेषज्ञों के मुताबिक, स्टेप-अप SIP लंबे समय में धन बनाने का बेहतर तरीका हो सकता है. इसमें आय बढ़ने के साथ-साथ निवेश की रकम भी बढ़ाई जाती है, जिससे बिना आर्थिक दबाव के बड़ा फंड तैयार किया जा सकता है.
हालांकि, निवेश करने से पहले अपनी आर्थिक स्थिति, लक्ष्य और जोखिम क्षमता को समझना बेहद जरूरी है. म्यूचुअल फंड बाजार से जुड़े निवेश हैं, इसलिए इनमें रिटर्न की कोई गारंटी नहीं होता. इसलिए आप किसी भी बड़े निवेश का फैसले करने से पहले वित्तीय सलाहकार की सलाह जरूर लें , यह आपके लिए बेहतर ऑप्शन हो सकता है.
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        <pubDate>Mon, 06 Jul 2026 12:30:16 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>MP के शिवपुरी में बनेगा मिसाइल इकोसिस्टम, 2500 करोड़ खर्च करेगा अडानी डिफेंस, युवाओं को मिलेगा रोजगार</title>
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        <description><![CDATA[ Missile Ecosystem in Shivpuri: भारत को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है. अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस ने मध्य प्रदेश के शिवपुरी में 2500 करोड़ के बड़े निवेश के साथ दक्षिण एशिया के सबसे बड़े प्राइवेट सेक्टर मिसाइल इकोसिस्टम की आधारशिला रखी है.
इस अत्याधुनिक प्रोजेक्ट के तहत एक ही जगह पर कंपोजिट प्रोपेलेंट और टीएनटी का उत्पादन किया जाएगा. टीएनटी एक प्रकार का विस्फोटक है. भारत के निजी क्षेत्र (प्राइवेट सेक्टर) में इस तरह की बड़े पैमाने की क्षमता पहली बार तैयार की जा रही है.
5000 युवाओं को मिलेगा रोजगार
अदाणी समूह के इस निवेश से क्षेत्र की आर्थिक और औद्योगिक सूरत बदलने की उम्मीद है. इस परियोजना से लगभग 5000 डायरेक्ट और इनडायरेक्ट कुशल रोजगार पैदा होंगे. इसके साथ ही सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों यानी MSMEs के लिए नए अवसर खुलेंगे, जिससे मध्य प्रदेश देश के एक प्रमुख डिफेंस हब के रूप में स्थापित होगा. यह प्लांट भारतीय सशस्त्र बलों को बड़े पैमाने पर स्वदेशी मिसाइल प्रणालियों को शामिल करने में मदद करेगा.
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इस निवेश का स्वागत करते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, &#039;&#039;यह ऐतिहासिक निवेश रणनीतिक विनिर्माण के लिए एमपी के उभरते चेहरे को दर्शाता है. इससे देश के रक्षा तंत्र को मजबूती मिलेगी और राज्य में औद्योगिक विकास में तेजी आएगी.&quot;
वहीं गुना-शिवपुरी क्षेत्र के सांसद और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इसे क्षेत्र के लिए एक नया अध्याय बताया. उन्होंने कहा, &#039;&#039;एडवांस्ड डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग को राज्य के केंद्र में लाकर यह सुविधा हमारे युवाओं के लिए उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार के अवसर पैदा करेगी और भविष्य के लिए एक मजबूत औद्योगिक ढांचा तैयार करेगी.&quot;
देश की सुरक्षा होगी और मजबूत
अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस के डायरेक्टर जीत अदाणी ने इस शुरुआत को देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि एक ही स्थान पर मिसाइल सिस्टम इंटीग्रेशन और जरूरी सामग्री का उत्पादन होने से भारत की रक्षा तैयारियां मजबूत होंगी और यह आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा योगदान होगा.
किन आधुनिक मिसाइलों का होगा उत्पादन?
यह प्लांट एडवांस्ड ऑटोमेटेड प्रोडक्शन सिस्टम और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों से लैस होगा, जहां एक साथ कई मिसाइल कार्यक्रमों पर काम किया जा सकेगा. डीआरडीओ के साथ अदाणी डिफेंस के सफल परीक्षणों के बाद कई अगली पीढ़ी की मिसाइल प्रणालियां अब उत्पादन के चरण में हैं, जिनमें शामिल हैं...

क्स्ट जनरेशन एंटी-रेडिएशन मिसाइल
रुद्रम-2 मिसाइल
नेवल एंटी-शिप मिसाइल (शॉर्ट रेंज)
लॉन्ग रेंज ग्लाइड बम
टैक्टिकल ऑटोनॉमस रिकोनिसेंस एंड अटैक सिस्टम

ग्वालियर में छोटे हथियार बना रहा अदाणी ग्रुप
गौरतलब है कि अदाणी डिफेंस साल 2020 से मध्य प्रदेश के ही ग्वालियर में छोटे हथियारों, जैसे पिस्तौल, लाइट मशीन गन, कार्बाइन और असॉल्ट राइफल का एक मजबूत इकोसिस्टम विकसित कर चुका है, जिनकी सप्लाई भारतीय सेना को की जा रही है. अब शिवपुरी का यह नया प्रोजेक्ट भारत को सटीक निशाना लगाने वाले आधुनिक हथियारों का एक भरोसेमंद वैश्विक सप्लायर बनाने में मदद करेगा.
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        <pubDate>Mon, 06 Jul 2026 12:30:15 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>के, शिवपुरी, में, बनेगा, मिसाइल, इकोसिस्टम, 2500, करोड़, खर्च, करेगा, अडानी, डिफेंस, युवाओं, को, मिलेगा, रोजगार</media:keywords>
    </item>
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        <title>LPG Price Today: जारी हो गया घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर के लिए आज का नया रेट, फटाफट करें चेक</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/lpg-price-today-जारी-हो-गया-घरेलू-और-कमर्शियल-सिलेंडर-के-लिए-आज-का-नया-रेट-फटाफट-करें-चेक</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/lpg-price-today-जारी-हो-गया-घरेलू-और-कमर्शियल-सिलेंडर-के-लिए-आज-का-नया-रेट-फटाफट-करें-चेक</guid>
        <description><![CDATA[ LPG Price Today on July 6: रसोई गैस की कीमतों में आज भी कोई बदलाव देखने को नहीं मिल रहा है. जबकि आम लोगों को उम्मीद है कि जिस तरह से कमर्शियल सिलेंडर के दाम हाल-फिलहाल में कम हुए हैं, उसी तरह से घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में भी कुछ राहत मिलेगी. फिलहाल दिल्ली में घरेलू सिलेंडर की कीमत 942 रुपये है. वहीं, यहां 19- किलो वाला कमर्शियल सिलेंडर बीते 1 जुलाई को कीमतों में 183.50 रुपये की कटौती के बाद अभी 2930 रुपये के स्तर पर आ गया है.&amp;nbsp;
शहरवार एलपीजी की कीमतें



शहर&amp;nbsp;
घरेलू सिलेंडर की कीमत
कमर्शियल सिलेंडर की कीमत


दिल्ली
942.0 रुपये
2930.0 रुपये


मुंबई
941.5 रुपये
2885.5 रुपये


कोलकाता
968.0 रुपये
3082.0 रुपये


चेन्नई
957.5 रुपये
3106.0 रुपये


चंडीगढ़
951.5 रुपये
2954.5 रुपये&amp;nbsp;


देहरादून
961.0 रुपये
2983.5 रुपये


हैदराबाद
934.0 रुपये
2052.5 रुपये


भुवनेश्वर&amp;nbsp;
968.0 रुपये
3115.0 रुपये


तिरुवनंतपुरम
&amp;nbsp;951.0 रुपये
2970.5 रुपये



कच्चे तेल के दाम फिर हुए कम&amp;nbsp;
आज सोमवार को अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है. होर्मुज (Strait of Hormuz) से होकर टैंकरों की आवाजाही में सुधार होने और &amp;nbsp;OPEC+ के अगस्त से प्रोडक्शन बढ़ाने के फैसले के चलते ब्रेंट क्रूड की कीमत 72 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई है.
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बीच ओपेक प्लस में शामिल देशों ने जुलाई-अगस्त से बाजार में रोजाना 1,88,000 बैरल अतिरिक्त तेज उतारने का फैसला लिया है. इससे आने वाले समय में कीमतें और गिर सकती हैं. वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) की कीमत 68 डॉलर प्रति बैरल के रेंज में आ गई है. इससे पता है कि होर्मुज में अमेरिका द्वारा सुरक्षित कॉरिडोर से तेल और गैस की शिपमेंट में सुधार आ रहा है.&amp;nbsp;
क्या अब कम होंगी LPG की कीमत?
अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बाद भारत में पेट्रोल-डीजल और एलपीजी के दाम तुरंत नहीं घटेंगे. अगर कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक इस स्तर पर बनी रहती हैं, तो जुलाई अंत या अगस्त में कीमतों में कुछ कमी आने की उम्मीद की जा सकती है. दरअसल, भारत में अभी जो एलपीजी गैस, पेट्रोल-डीजल बिक रहा है, उन्हें पहले ऊंचे दामों में खरीदा गया था. अभी जो नया स्टॉक है, उसे भारत पहुंचने और रिफाइन होने में समय लगेगा.&amp;nbsp;

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        <pubDate>Mon, 06 Jul 2026 12:30:14 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>LPG, Price, Today:, जारी, हो, गया, घरेलू, और, कमर्शियल, सिलेंडर, के, लिए, आज, का, नया, रेट, फटाफट, करें, चेक</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>Petrol&amp; Diesel Price Today: 6 जुलाई को जारी हुए पेट्रोल&amp; डीजल के नए रेट, जानिए दिल्ली से पटना तक कहां कितना महंगा हुआ तेल</title>
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        <guid>https://hindi.attentionindia.com/petrol-diesel-price-today-6-जुलाई-को-जारी-हुए-पेट्रोल-डीजल-के-नए-रेट-जानिए-दिल्ली-से-पटना-तक-कहां-कितना-महंगा-हुआ-तेल</guid>
        <description><![CDATA[ Petrol- Diesel Price Today: देशभर में 6 जुलाई 2026 के लिए पेट्रोल और डीजल के नए दाम जारी कर दिए गए हैं. सरकारी तेल कंपनियों ने सुबह 6 बजे लेटेस्ट रेट अपडेट किए. कई शहरों में कीमतें स्थिर बनी हुई हैं, जबकि कुछ जगहों पर मामूली बदलाव देखने को मिला है.
हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है. इसके बावजूद फिलहाल भारतीय बाजार में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बड़ा बदलाव नहीं हुआ है. हालांकि अलग-अलग राज्यों में टैक्स और वैट की वजह से दाम अलग हैं.
कच्चे तेल का क्या है हाल?
ग्लोबल मार्केट में ब्रेंट क्रूड करीब 86 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है. वहीं WTI क्रूड भी 82 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बना हुआ है. मिडिल ईस्ट तनाव और सप्लाई को लेकर चिंता की वजह से तेल बाजार में दबाव बना हुआ है.
जारी हो गया घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर के लिए आज का नया रेट, फटाफट करें चेक
देश के बड़े शहरों में आज का पेट्रोल-डीजल रेट-



शहर का नाम&amp;nbsp;
पेट्रोल (प्रति लीटर)
डीजल (प्रति लीटर)


दिल्ली
₹94.72
₹87.62


मुंबई
₹103.44
₹89.97


कोलकाता
₹104.95&amp;nbsp;
₹91.76


चेन्नई
₹100.85
₹92.44&amp;nbsp;


नोएडा&amp;nbsp;
₹94.87&amp;nbsp;&amp;nbsp;
₹88.01&amp;nbsp;


गुरुग्राम
₹95.19
₹88.05


पटना
₹105.58
₹92.42


लखनऊ&amp;nbsp;
₹94.69
₹87.80


जयपुर
₹104.88&amp;nbsp;
₹90.36


भोपाल
₹106.31
₹91.72



आखिर हर शहर में अलग क्यों होता है रेट?
पेट्रोल और डीजल की बेस कीमत लगभग समान होती है, लेकिन राज्यों में लगने वाला VAT, स्थानीय टैक्स और ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट अलग-अलग होती है. इसी वजह से हर शहर में तेल के दाम बदल जाते हैं.
आगे सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल?
फिलहाल लोगों की नजर अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों पर बनी हुई है. अगर क्रूड ऑयल में बड़ी गिरावट आती है, तो आने वाले समय में पेट्रोल-डीजल के दाम कम हो सकते हैं. हालांकि अभी कंपनियों ने किसी बड़ी कटौती का संकेत नहीं दिया है.&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 06 Jul 2026 12:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Petrol-, Diesel, Price, Today:, जुलाई, को, जारी, हुए, पेट्रोल-, डीजल, के, नए, रेट, जानिए, दिल्ली, से, पटना, तक, कहां, कितना, महंगा, हुआ, तेल</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>LPG पर बड़ी खबर, सरकार ने LNG सप्लाई पर लगा बैन हटाया, होर्मुज से भारत में दौड़ेगी गैस</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/lpg-पर-बड़ी-खबर-सरकार-ने-lng-सप्लाई-पर-लगा-बैन-हटाया-होर्मुज-से-भारत-में-दौड़ेगी-गैस</link>
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        <description><![CDATA[ LNG Supply News: देश के लिए राहत भरी खबर है. केंद्र सरकार ने LNG की सप्लाई पर लगाए गए आपातकालीन रोक हटा दिए हैं. ये फैसला तब लिया गया है, जब मध्य पूर्व से भारत आने वाली LNG की सप्लाई फिर से पहले जैसी हो गई है. कुछ महीने पहले होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के कारण गैस की आवाजाही प्रभावित हुई थी, जिसके चलते सरकार को खास इंतजाम करने पड़े थे. अब हालात सुधरने के बाद पाबंदियां हटा दी गई हैं.
क्या है पूरा मामला?मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले LNG जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई थी. इसके कारण भारत में गैस की सप्लाई पर असर पड़ने की आशंका पैदा हो गई थी. ऐसे में सरकार ने मार्च में आपातकालीन नियम लागू किए थे जिससे गैस को पहले जरूरी जगहों तक पहुंचाया जाए. अब जब शआंती है और जहाजों की आना- जाना नॉर्मल हो गया है तो इन नियमों की जरूरत नहीं रही.
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किन्हें मिलेगा फायदा?LNG पर लगे रोक हटने से सबसे ज्यादा फायदा उन सेक्टरों को होगा जो प्राकृतिक गैस ही पर निर्भर हैं. इसमें सीएनजी, पीएनजी, फर्टिलाइजर, रिफाइनरी, सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन और कई इंडस्ट्री शामिल हैं. अब यहां पहले की तरह ही गैस की सप्लाई मिल सकेगी.
क्या LPG सस्ता हो जाएगा?वैसे तो सरकार ने LPG सिलेंडर की कीमतों में अभी किसी तरह केबदलाव का ऐलान नहीं किया है. लेकिन गैस की सप्लाई सही होने से आगे चलकर सप्लाई चेन पर दबाव कम हो सकता है. इससे घरेलू और कमर्शियल गैस के दाम पर असर पड़ सकता है. बता दें कि कीमतों में बदलाव का फैसला तेल कंपनियां और सरकार अलग से करती हैं.
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        <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 20:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>LPG, पर, बड़ी, खबर, सरकार, ने, LNG, सप्लाई, पर, लगा, बैन, हटाया, होर्मुज, से, भारत, में, दौड़ेगी, गैस</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>Bhutan E20 News: क्या भूटान ने ठुकराया भारत का E20 पेट्रोल? सरकार के बयान ने कर दिया सबकुछ साफ, जानें क्या कहा</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/bhutan-e20-news-क्या-भूटान-ने-ठुकराया-भारत-का-e20-पेट्रोल-सरकार-के-बयान-ने-कर-दिया-सबकुछ-साफ-जानें-क्या-कहा</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/bhutan-e20-news-क्या-भूटान-ने-ठुकराया-भारत-का-e20-पेट्रोल-सरकार-के-बयान-ने-कर-दिया-सबकुछ-साफ-जानें-क्या-कहा</guid>
        <description><![CDATA[ Bhutan Ethanol Petrol News: भूटान की ओर से भारत से E20 पेट्रोल यानी एथेनॉल वाला पेट्रोल आयात करने के प्रस्ताव को ठुकराए जाने की खबरें हैं. अब पेट्रोलियम मंत्रालय ने सब कुछ साफ कर दिया है. पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा है कि भूटान को लेकर किए जा रहे सभी दावे गलत हैं.&amp;nbsp;
भूटान को ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं भेजा गया- मंत्रालय
मंत्रालय ने एक्स पर पोस्ट में लिखा, &#039;&#039;तेल विपणन कंपनियों (OMC) की ओर से ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं दिया गया है और भूटान को E20 पेट्रोल निर्यात करने का कोई प्रस्ताव नहीं है.&#039;&#039; मंत्रालय ने कहा कि कृपया केवल पर्यावरण और कृषि मंत्रालय (MoPNG) और तेल विपणन कंपनियों द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें.
LPG पर बड़ी खबर, सरकार ने LNG सप्लाई पर लगा बैन हटाया, होर्मुज से भारत में दौड़ेगी गैस

Fact Check❌ Claims that Bhutan declined an offer to import E20 petrol from India are incorrect.No such offer has been made by the Oil Marketing Companies (OMCs), and there is no proposal for export of E20 petrol to Bhutan.✅ Please rely only on official information from&amp;hellip; pic.twitter.com/sqyAcEIvbw
&amp;mdash; Ministry of Petroleum and Natural Gas #MoPNG (@PetroleumMin) July 5, 2026



क्या है पूरा मामला?
बता दें कि कई मीडिया रिपोर्ट्स में शनिवार को दावा किया गया था कि भूटान ने भारत की तेल कंपनियों के के E20 पेट्रोल सप्लाई करने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है. रिपोर्ट्स में कहा गया था कि भूटान ने इस बात पर चिंता जताई है कि भारत के फ्यूल स्टोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर पुराने हो चुके हैं. साथ ही भूटान के &amp;nbsp;पहाड़ी इलाकों के लिए इथेनॉल-ब्लेंडेड फ्यूल सही नहीं है. हालांकि अब सरकार ने तस्वीर बिलकुल साफ कर दी है.&amp;nbsp;
रिपोर्ट में और क्या दावे किए गए थे.
&#039;द भूटानीज़&#039; की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भूटान ने भारत से यह अनुरोध किया था कि जब तक भारतीय बाज़ार में सामान्य पेट्रोल उपलब्ध है, तब तक उसकी सप्लाई जारी रखी जाए. रिपोर्ट में विशेषज्ञों के हवाले से यह भी लिखा गया था कि पुराने टैंकों में पानी रिसने का खतरा है, जिससे फ्यूल की क्वालिटी खराब हो सकती है, क्योंकि इथेनॉल आसानी से नमी सोख लेता है.
Isobutanol in Diesel: पेट्रोल के बाद अब डीजल की बारी, गाड़ियों में 15% तक मिलाया जाएगा &#039;आइसोब्यूटेनॉल&#039;, जानें क्या है ये
 ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 20:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Bhutan, E20, News:, क्या, भूटान, ने, ठुकराया, भारत, का, E20, पेट्रोल, सरकार, के, बयान, ने, कर, दिया, सबकुछ, साफ, जानें, क्या, कहा</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>3 करोड़ की नौकरी छोड़ किराना स्टोर चला रहा IIT गोल्ड मेडलिस्ट, कारण सुन विवेक को सलाम करेंगे आप</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/3-करोड़-की-नौकरी-छोड़-किराना-स्टोर-चला-रहा-iit-गोल्ड-मेडलिस्ट-कारण-सुन-विवेक-को-सलाम-करेंगे-आप</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/3-करोड़-की-नौकरी-छोड़-किराना-स्टोर-चला-रहा-iit-गोल्ड-मेडलिस्ट-कारण-सुन-विवेक-को-सलाम-करेंगे-आप</guid>
        <description><![CDATA[ IIT Bombay Graduate News:&amp;nbsp;आजकल ज्यादातर लोगों का यह सपना होता है कि वह विदेश में जाकर करोड़ों रुपये की नौकरी हासिल कर सकें. ऐसे में जरा सोचिए कि आपको अमेरिका सेसालाना 3 करोड़ रुपये की नौकरी का ऑफर मिले और आप उसे ठुकराकर अपने शहर में किराना स्टोर खोल लें. सुनने में यह थोड़ा अजीब लग सकता हैं, &amp;nbsp;लेकिन कानपुर के एक युवक ने ऐसा फैसला लिया जिसने सबको हैरान कर दिया है.
आईआईटी बॉम्बे से कंप्युटर साइंस में गोल्ड मेडल हासिल करने वाले विवेक शर्मा को अमेरिका से करीब 3 करोड़ रुपये सालाना की जॉब का ऑफर मिला था. लेकिन उन्होंने विदेश जाकर अपना करियर बनाने के बजाय अपने शहर में रहकर परिवार के किराना स्टोर को संभालने का फैसला किया. आज सोशल मीडिया पर लोग उनके इस फैसले और सोच की जमकर तारीफ कर रहे है.&amp;nbsp;
विदेश से मिला करोड़ों का जॉब ऑफर&amp;nbsp;
वायरल पोस्ट के मुताबिक, विवेक शर्मा अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को के एक स्टार्टअप से करीब 2.40 लाख डॉलर (2.90 करोड़ रुपये सालाना) का जॉब ऑफर मिला था. इसमें वीजा स्पांसरशिप, रीलोकेशन बेनिफिट और ग्लोबल लेवल पर करियर बनाने का मौका भी शामिल था.
LPG पर बड़ी खबर, सरकार ने LNG सप्लाई पर लगा बैन हटाया, होर्मुज से भारत में दौड़ेगी गैस
माता-पिता की बीमारी ने बदल दिया फैसला
विवेक एक लोअर मिडिल क्लास फैमिली से हैं. उनके पिता रेलवे में क्लर्क हैं, जबकि उनकी मां ट्यूशन पढ़ाकर घर की आर्थिक मदद करती थीं. परिवार ने उनकी पढ़ाई के लिए अपनी बचत तक खर्च कर दी और आईआईटी तक पहुंचाने के लिए हर मुमकिन कोशिश की है.&amp;nbsp;
अमेरिका जाने की तैयारी चल रही थी इसी दौरान अचानक विवेक की किस्मत ने करवट बदल दी. विवेक के पिता को हार्ट अटैक आ गया और मां को कैंसर होने का पता चला. ऐसे में विवेक ने विदेश जाकर अपना करियर बनाने के बजाय अपने माता-पिता के साथ रहने का फैसला बेहतर समझा. यही वजह है कि परिवार का खर्च चलाने के लिए विवेक ने कानपुर में किराना स्टोर खोल दिया. &amp;nbsp;साथ ही उन्होंने जरूरतमंद बच्चों को मुफ्त में कोडिंग सिखाना भी शुरू कर दिया.
सोशल मीडिया पर मिल रही खूब सराहना
विवेक की स्टोरी सामने के बाद सोशल मीडिया पर लोग उनके फैसले की जमकर तारीफ कर रहे हैं. कई यूजर्स का कहना है कि सफलता का पैमाना सिर्फ बड़ी सैलरी से नहीं, बल्कि आपके परिवार के लिए लिए गए फैसलों से भी मापी जाती है.
Bhutan E20 News: क्या भूटान ने ठुकराया भारत का E20 पेट्रोल? सरकार के बयान ने कर दिया सबकुछ साफ, जानें क्या कहा
 ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 20:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>करोड़, की, नौकरी, छोड़, किराना, स्टोर, चला, रहा, IIT, गोल्ड, मेडलिस्ट, कारण, सुन, विवेक, को, सलाम, करेंगे, आप</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>Ethanol: अब एथेनॉल से उड़ेंगे हवाई जहाज, प्रदूषण फैलाने वाला जेट फ्यूल होगा रिप्लेस! किसने लिया फैसला?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/ethanol-अब-एथेनॉल-से-उड़ेंगे-हवाई-जहाज-प्रदूषण-फैलाने-वाला-जेट-फ्यूल-होगा-रिप्लेस-किसने-लिया-फैसला</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/ethanol-अब-एथेनॉल-से-उड़ेंगे-हवाई-जहाज-प्रदूषण-फैलाने-वाला-जेट-फ्यूल-होगा-रिप्लेस-किसने-लिया-फैसला</guid>
        <description><![CDATA[ Ethanol: दुनियाभर में प्रदूषण कम करने के लिए नए-नए रास्ते तलाशे जा रहे हैं. अब एविएशन फील्ड में भी बड़ा बदलाव होने की उम्मीद है. दक्षिण कोरिया ने एथेनॉल बेस्ड सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल यानी SAF को बढ़ावा देने का फैसला किया है. इसका मकसद पुराने जेट फ्यूल पर निर्भरता कम करके हवा में कार्बन डाइऑक्साइड जैसी हानिकारक गैसों का घुलने से रोकना है.&amp;nbsp;
क्या है सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल?सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल, पुराने पेट्रोलियम बेस्ड जेट फ्यूल से ज्यादा इको फ्रेंडली माना जाता है. इसे एथेनॉल, कृषि अवशेष, इस्तेमाल किए गए कुकिंग ऑयल और दूसरे ऑर्गेनिक सोर्स से तैयार किया जा सकता है. इस फ्यूल का सबसे बड़ा फायदा ये है कि इससे विमान उड़ाने के दौरान कार्बन डाइऑक्साइड कम निकलता है.
3 करोड़ की नौकरी छोड़ किराना स्टोर चला रहा IIT गोल्ड मेडलिस्ट, कारण सुन विवेक को सलाम करेंगे आप
दक्षिण कोरिया ने क्या फैसला लिया?मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण कोरिया सरकार ने विमानन क्षेत्र में SAF के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए नया तरीका अपनाया है. अब एथेनॉल बेस्ड ईंधन के उत्पादन और उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा. सरकार चाहती है कि आने वाले साल में एयरलाइंस धीरे-धीरे पुराने जेट फ्यूल की जगह ज्यादा ईको- फ्रेंडली ईंधन का इस्तेमाल करें.&amp;nbsp;
भारत और बायोफ्यूल कनेक्शनभारत भी लंबे समय से एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम पर तेजी से काम कर रहा है. पेट्रोल में एथेनॉल मिलाकर देश आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम करने की कोशिश कर रहा है. इसके अलावा भारत में भी सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल पर रिसर्च और विकास का काम चल रहा है.&amp;nbsp;
क्या भूटान ने ठुकराया भारत का E20 पेट्रोल? सरकार के बयान ने कर दिया सबकुछ साफ, जानें क्या कहा
क्या जल्द पूरी तरह बदल जाएगा जेट फ्यूल?फिलहाल पारंपरिक जेट फ्यूल को पूरी तरह बदलना आसान नहीं है. विमान इंजन, ईंधन सप्लाई और उत्पादन क्षमता जैसी कई चुनौतियां अभी मौजूद हैं. इसलिए आने वाले समय में सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल को पुराने जेट फ्यूल के साथ मिलाकर इस्तेमाल किए जाने की संभावना अधिक है.&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 20:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Ethanol:, अब, एथेनॉल, से, उड़ेंगे, हवाई, जहाज, प्रदूषण, फैलाने, वाला, जेट, फ्यूल, होगा, रिप्लेस, किसने, लिया, फैसला</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>सॉरी नुई साहिबा! जिस भारत को आप कोस कह रही हैं, उसी में ये 7 महिलाएं राज कर रही हैं</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/सॉरी-नुई-साहिबा-जिस-भारत-को-आप-कोस-कह-रही-हैं-उसी-में-ये-7-महिलाएं-राज-कर-रही-हैं</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/सॉरी-नुई-साहिबा-जिस-भारत-को-आप-कोस-कह-रही-हैं-उसी-में-ये-7-महिलाएं-राज-कर-रही-हैं</guid>
        <description><![CDATA[ Indian Women Business Leaders: पेप्सिको की पूर्व CEO इंदिरा नुई ने हाल ही में एक कार्यक्रम में कहा कि अगर वो अमेरिका नहीं गई होतीं तो शायद किसी बड़ी कंपनी की CEO नहीं बन पातीं. उनका कहना था कि अमेरिका ने उन्हें वह मौका दिया जो शायद कहीं और नहीं मिलता. बात उनके अनुभव की थी और हर व्यक्ति का अनुभव अलग हो सकता है. लेकिन इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने एक सवाल जरूर पूछा कि क्या सच में भारत में महिलाओं के लिए बड़े पदों तक पहुंचना नामुमकिन है? इस सवाल का जवाब आंकड़ों से कम और उन महिलाओं से ज्यादा मिलता है, जिन्होंने भारत में रहकर ही बड़े बिजनेस की कमान संभाली है.&amp;nbsp;
घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 2000... पीएम मोदी के बयान ने सबको चौंकाया! बताया संकट के समय क्या हुआ
यहां से आप उन महिलाओं के बारे में जान सकते हैं कि जिन्होंने भारत में रहकर ही बड़ी कंपनियों में अपनी धाक जमाई है-&amp;nbsp;
1. फाल्गुनी नायरजिस उम्र में लोग रिटायरमेंट की प्लानिंग करते हैं उस पड़ाव पर फाल्गुनी नायर ने Nykaa शुरुआत की. देखते ही देखते कंपनी शेयर बाजार तक पहुंच गई और वो भारत की सबसे सफल महिला उद्यमियों में लिस्ट में शामिल हो गईं.
2. किरण मजूमदार-शॉआज Biocon का नाम पूरी दुनिया में मशहूर है, लेकिन इसकी शुरुआत एक छोटे से गैरेज से हुई थी. किरण मजूमदार-शॉ ने ऐसे समय में बायोटेक कंपनी शुरू की थी, जब इस क्षेत्र में महिलाओं की मौजूदगी बेहद कम थी.
3. रोशनी नाडरHCLTech जैसी बड़ी आईटी कंपनी की चेयरपर्सन रोशनी नाडर आज भारत की सबसे पावरफुल बिजनेस लीडर्स में गिनी जाती हैं. टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्र में उनका काम अपने आप में एक बड़ी कामयाबी है.
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4. विभा पाडलकरHDFC Life की एमडी और सीईओ विभा पाडलकर देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनियों में से एक को लीड कर रही हैं. बीमा कंपनी के क्षेत्र में उनका नाम खूब सम्मान के साथ लिया जाता है.&amp;nbsp;
5. प्रिया नायरHindustan Unilever जैसी बड़ी FMCG कंपनी की कमान भी अब एक महिला के हाथ में ही है. प्रिया नायर का इस पद तक पहुंचना इस बात का सबूत है कि इंडियन कॉरपोरेट वर्ल्ड तेजी से बदल रहा है.
6. राधिका गुप्ताबचपन में गर्दन की परेशानी के कारण उन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. आज राधिका गुप्ता Edelweiss Mutual Fund की एमडी और सीईओ हैं और लाखों निवेशकों का भरोसा जीत चुकी हैं.
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7. नायरिका होल्करThe Leela Hotels की चेयरपर्सन नायरिका होल्कर ने देश के लग्जरी होटल बिजनेस को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाई है. आज उनका नाम भारतीय हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की प्रमुख महिला नेताओं में शामिल है.
तस्वीर लगातार बदल रही हैक्या भारत में महिलाओं के सामने चुनौतियां नहीं हैं? बिल्कुल हैं. परिवार और करियर के बीच बैलेंस करके लीड करने तक का सफर आसान नहीं होता है, लेकिन ये कहना भी सही नहीं होगा कि महिलाओं के लिए रास्ते बंद हैं. आज भारत में बैंकिंग, आईटी, फार्मा, ऑटो, स्टार्टअप, FMCG और फाइनेंस जैसे लगभग हर बड़े सेक्टर में महिलाएं बड़े-बड़े पदों पर पहुंच रही हैं और बेहद कामयाब हैं.
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हर किसी की अलग है कहानीइंदिरा नुई के अनुभव का सम्मान होना चाहिए, लेकिन भारत की कहानी सिर्फ एक अनुभव से तय नहीं होती है. यहां भी लाखों महिलाएं अपने दम पर आगे बढ़ रही हैं और कई सारी महिलाएं ऐसी हैं जो देश की सबसे बड़ी कंपनियों की कमान संभाल रही हैं. इसलिए शायद तस्वीर को एक ही फ्रेम में देखने के बजाय पूरा एल्बम देखना ज्यादा सही होगा. भारत में चुनौतियां हैं, लेकिन अवसर भी हैं और इन अवसरों का सबसे मजबूत सबूत वही महिलाएं हैं, जो आज बोर्डरूम में फैसले ले रही हैं और हजारों कर्मचारियों को लीड कर रही हैं. ये महिलाएं दुनिया को बता रही हैं कि मंजिल मेहनत से मिलती है, सिर्फ जगह बदलने से नहीं. ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 08:30:15 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>सॉरी, नुई, साहिबा, जिस, भारत, को, आप, कोस, कह, रही, हैं, उसी, में, ये, महिलाएं, राज, कर, रही, हैं</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>Real Estate News: नोएडा में फ्लैट&amp;प्लॉट खरीदने से पहले रुकें, अथॉरिटी ने बताया कहां डील करना है गैरकानूनी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/real-estate-news-नोएडा-में-फ्लैट-प्लॉट-खरीदने-से-पहले-रुकें-अथॉरिटी-ने-बताया-कहां-डील-करना-है-गैरकानूनी</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/real-estate-news-नोएडा-में-फ्लैट-प्लॉट-खरीदने-से-पहले-रुकें-अथॉरिटी-ने-बताया-कहां-डील-करना-है-गैरकानूनी</guid>
        <description><![CDATA[ Noida Property Purchase: अगर आप भी नोएडा में प्लॉट, मकान या प्रॉपर्टी खरीदने का सोच रहे हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद जरूरी है. दरअसल नोएडा अथॉरिटी ने नई सार्वजनिक चेतावनी जारी करते हुए कुछ इलाकों में जमीनों पर खरीद-फरोख्त से बचने की सलाह दी है. अथॉरिटी की मुताबिक, इन इलाकों की कई जमीनें पहले से अधिग्रहित या सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज हैं.
इसके बावजूद यहां अवैध निर्माण और कब्जे के मामले सामने आए है. ऐसे में बिना पूरी जांच-पड़ताल और जमीन के डॉक्युमेंट्स चेक किए इन इलाकों में कोई भी प्रॉपर्टी खरीदना आपके लिए कानूनी और आर्थिक परेशानी का जरिया बन सकता है.&amp;nbsp;
किन इलाकों और खसरा नंबरों पर लागू है चेतावनी?

भंगेल बेगमपुर
हाजीपुर
सालारपुर खादर

अथॉरिटी ने सालारपुर खादर के खसरा नंबर 700&amp;ndash;711, 723, 724, 728&amp;ndash;735, 745&amp;ndash;752, 759, 760, 762&amp;ndash;764, 779, 780 और 795&amp;ndash;798, और भंगेल बेगमपुर के खसरा नंबर 176, 178, 217, 221, 223, 225, 226, 247, 250 और 251 को सरकारी रिकॉर्ड में शामिल किया है. प्रभावित जमीनों की पहचान के लिए नोटिस के साथ नक्शे और सैटेलाइट तस्वीरें भी जारी की गई हैं.&amp;nbsp;
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क्यों जारी की गई चेतावनी?
नोएडा अथॉरिटी के मुताबिक, सालारपुर खादर, भंगेल बेगमपुर और हाजीपुर गावों में कुछ भू-माफियाओं और अतिक्रमणकारियों ने अधिग्रहण जमीन पर गैरकानूनी निर्माण कर रखा है. इन गैरकानूनी निर्माणों के खिलाफ अथॉरिटी समय-समय पर तोड़फोड़ और सीलिंग अभियान चलाती रही है. इसके अलावा कई लोगों के खिलाफ FIR भी दर्ज की जा चुकी है.&amp;nbsp;
अथॉरिटी ने कहा है कि इन चिन्हित जमीनों पर किसी भी बिल्डिंग प्लान को मंजूरी नहीं दी गई है. ऐसे में यहां बना कोई भी मकान या प्लॉट कानूनी तौर पर वैध नहीं माना जाएगा. सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि इन इलाकों में बिजली, पानी, सड़क और नाली जैसी कई तरह की सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं कराई जाएंगी.
खरीदारों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
अगर कोई व्यक्ति आपको इन इलाकों में प्लॉट या मकान बेचने का प्रस्ताव देता है, तो इसे खरीदने से पहले आप खसरा नंबर और जमीन के रिकॉर्ड की अच्छी तरह से जांच लें. अगर वह मकान सालारपुर खादर का कोई प्लॉट खसरा नंबर 730 में आता है, तो वह अथॉरिटी की चेतावनी के दायरे में होगा.
ऐसी जमीन खरीदने पर आपको भविष्य में कई तरह की खतरा का सामना करना पड़ेगा खासकर निर्माण गिराए जाने, सरकारी सुविधाएं न मिलने और लंबे कानूनी विवादों का सामना करना पड़ सकता है. इसलिए जरूरी है कि प्रॉपर्टी खरीदने से पहले आप सभी दस्तावेजों का सत्यापन अच्छे तरीके से कर लें.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 08:30:14 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Real, Estate, News:, नोएडा, में, फ्लैट-प्लॉट, खरीदने, से, पहले, रुकें, अथॉरिटी, ने, बताया, कहां, डील, करना, है, गैरकानूनी</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>Isobutanol in Diesel: पेट्रोल के बाद अब डीजल की बारी, गाड़ियों में 15% तक मिलाया जाएगा &amp;apos;आइसोब्यूटेनॉल&amp;apos;, जानें क्या है ये</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/isobutanol-in-diesel-पेट्रोल-के-बाद-अब-डीजल-की-बारी-गाड़ियों-में-15-तक-मिलाया-जाएगा-आइसोब्यूटेनॉल-जानें-क्या-है-ये</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/isobutanol-in-diesel-पेट्रोल-के-बाद-अब-डीजल-की-बारी-गाड़ियों-में-15-तक-मिलाया-जाएगा-आइसोब्यूटेनॉल-जानें-क्या-है-ये</guid>
        <description><![CDATA[ Isobutanol Blending in Diesel: पेट्रोल में एथेनॉल की ब्लेंडिंग को लेकर देशभर में बवाल छिड़ा हुआ है. अब सरकार डीजल में ब्लेंडिंग की तैयारी कर रही है. केंद्रीय सड़क परिवहन नितिन गडकरी ने कहा कि सरकार ईंधन के आयात को कम करने कोशिश कर रही है. इसी के तहत अब सरकार &amp;nbsp;अपने बायोफ्यूल प्रोग्राम के अगले चरण की तैयारियों में जुटी हुई है. गडकरी ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि इस प्रोग्राम के तहत अब डीजल के साथ 15 प्रतिशत तक आइसोब्यूटेनॉल मिलाने की मंजूरी देने की योजना पर काम चल रहा है.
वैकल्पिक ईंधन को लेकर रोडमैप के बारे में बताते हुए नितिन गडकरी ने का कि एथेनॉल को सीधे डीजल के साथ नहीं मिलाया जा सकता, इसलिए इथेनॉल को एक व्यावहारिक और कुशल विकल्प के तौर पर आइसोब्यूटेनॉल में बदलने पर काम किया जा रहा है. उन्होंने कहा, &#039;&#039;आइसोब्यूटेनॉल डीजल का बढ़िया विकल्प बन सकता है. हमारा मकसद साफ सुथरे ईंधन को बढ़ावा देते हुए ऊर्जा सुरक्षा हासिल करना है.&#039;&#039;
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सरकार ने जेनरेटर पर किया टेस्ट
आइसोब्यूटेनॉल के बारे में बात करते हुए गडकरी ने कहा कि मंत्रालय ने 100 फीसदी एथेनॉल और आइसोब्यूटेनॉल पर दो जेनरेटर सेट सफलतापूर्वक चलाए हैं. इससे साबित होता है कि ऐसे इंजन बनाए जा सकते हैं, जो इन ईंधनों पर चल सकें. उन्होंने कहा, &#039;&#039; इस तकनीक से संकेत मिलता है कि आने वाले सालों में इसे बड़े पैमाने पर अपनाया जा सकता है.&#039;&#039;
क्या है आइसोब्यूटेनॉल ब्लेंडिंग?
गैस को कार्बन मोनोऑक्साइड और हाइड्रोजन गैस के साथ मिलाया जाता है. इस रिएक्शन से आइसोब्यूटिरलडिहाइड बनता है. इस एल्डिहाइड में हाइड्रोजन जोड़ी जाती है, जिससे शुद्ध आइसोब्यूटेनॉल तैयार हो जाता है.

इथेनॉल के मुकाबले आइसोब्यूटेनॉल में ज्यादा एनर्जी होती है, जिससे गाड़ी के माइलेज और परफॉर्मेंस पर बुरा असर नहीं पड़ता.
जब डीजल में 15% आइसोब्यूटेनॉल मिलाया जाता है तो गाड़ियों से निकलने वाला हानिकारक धुआं काफी कम हो जाता है.
वैज्ञानिक तरीके से आइसोब्यूटेनॉल को आसानी से डीजल में घोला जा सकता है.

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 ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 08:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Isobutanol, Diesel:, पेट्रोल, के, बाद, अब, डीजल, की, बारी, गाड़ियों, में, 15, तक, मिलाया, जाएगा, आइसोब्यूटेनॉल, जानें, क्या, है, ये</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>Adani News: &amp;apos;यह अमेरिका का काम नहीं&amp;apos;, US न्याय विभाग ने अडानी पर केस बंद करने के फैसले को ठहराया सही</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/adani-news-यह-अमेरिका-का-काम-नहीं-us-न्याय-विभाग-ने-अडानी-पर-केस-बंद-करने-के-फैसले-को-ठहराया-सही</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/adani-news-यह-अमेरिका-का-काम-नहीं-us-न्याय-विभाग-ने-अडानी-पर-केस-बंद-करने-के-फैसले-को-ठहराया-सही</guid>
        <description><![CDATA[ US DoJ on Adani Case: अरबपति उद्योगपति गौतम अडानी और सात अन्य लोगों के खिलाफ चल रहे आपराधिक मामले में अमेरिका के न्याय विभाग ने बड़ा बयान दिया है. न्याय विभाग यानी DOJ ने इस केस को पूरी तरह से बंद करने के फैसले का बचाव किया है. विभाग ने फेडरल जज से कहा है कि ये केस कानूनी रूप से बेहद कमजोर था और कूटनीतिक रूप से नुकसानदेह थे. इसे तो पहले ही खत्म हो जाना चाहिए था.
दरअसल यह पूरा मामला साल 2024 का है, जब अमेरिका में बाइडन प्रशासन था. उस समय अमेरिकी न्याय विभाग ने गौतम अडानी और अन्य लोगों पर आरोप लगाया था कि उन्होंने भारत में सौर ऊर्जा के ठेके हासिल करने के लिए भारतीय अधिकारियों को करीब 2100 करोड़ रुपए की रिश्वत देने की योजना बनाई. साथ ही अमेरिकी निवेशकों से झूठ बोलकर अरबों डॉलर का निवेश जुटाया. अब न्याय विभाग ने इस केस को पूरी तरह से खारिज करने के लिए अदालत में 10 पेज का एक सख्त जवाब दाखिल किया है.
केस बंद करने का फैसला एक दम सही- न्याय विभाग
यह जवाब तब आया, जब अमेरिकी जिला जज निकोलस गराउफिस ने न्याय विभाग से पूछा कि वह इस केस को हमेशा के लिए क्यों बंद करना चाहते हैं? इसके जवाब में न्याय विभाग के अधिकारी आर ट्रेंट मैकॉटर ने कोर्ट को दो टूक कहा कि अदालतों को सरकारी फैसलों की इस तरह जांच पड़ताल नहीं करनी चाहिए. ऐसा करने से विभाग के आंतरिक वीटो और विशेषाधिकारों का हनन होता है. उन्होंने साफ कहा कि इस केस को वापस लेने का फैसला कोई मुश्किल फैसला नहीं था, बल्कि यह पूरी तरह से सही कदम है.
Isobutanol in Diesel: पेट्रोल के बाद अब डीजल की बारी, गाड़ियों में 15% तक मिलाया जाएगा &#039;आइसोब्यूटेनॉल&#039;, जानें क्या है ये
न्याय विभाग ने केस बंद करने की बताई वजह&amp;nbsp;

विभाग ने साफ लिखा कि यह पूरी तरह से एक विदेशी मामला है. इसमें कुछ भारतीय लोग भारतीय सरकार को टैक्स रीबेट प्रोग्राम के जरिए पेमेंट करके भारतीय बिजली को भारत के लोगों तक पहुंचाने के लिए कॉन्ट्रैक्ट ले रहे थे.
अमेरिका का इसमें पड़ना कूटनीतिक रिश्ते खराब करता है और देश के संसाधनों की बर्बादी है. भारत अपने आंतरिक मामलों को संभालने में वाशिंगटन या ब्रुकलिन के वकीलों से कहीं ज्यादा सक्षम है.
भारतीय जांच एजेंसियों ने पहले ही इसकी जांच की और उन्हें कोई गड़बड़ी नहीं मिली.
अमेरिकी निवेशकों को एक भी रुपए का नुकसान नहीं हुआ है. सभी बॉन्ड्स का पैसा या तो चुका दिया गया है या समय पर दिया जा रहा है.
इस केस से जुड़े मुख्य सबूत और गवाह अमेरिका से बाहर हैं.
धोखाधड़ी के जो आरोप लगाए गए थे, वे सिर्फ कॉर्पोरेट जगत की सामान्य बातें थीं, जिन पर इतने बड़े निवेशक आंख मूंदकर भरोसा नहीं करते.

PM Modi on LPG: घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 2000... पीएम मोदी के बयान ने सबको चौंकाया! बताया संकट के समय क्या हुआ
यह एक कमजोर केस- न्याय विभाग
न्याय विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि जून 2025 में आई नई अमेरिकी नीति के तहत अब अमेरिकी सुरक्षा, अमेरिकी कंपनियों को नुकसान या गंभीर अंतरराष्ट्रीय अपराधों पर ही फोकस किया जाएगा और अडानी का मामला इस दायरे में नहीं आता. इसके अलावा अमेरिकी मीडिया में चल रही उन खबरों को भी विभाग ने पूरी तरह झूठा करार दिया, जिसमें कहा जा रहा था कि अडानी ग्रुप द्वारा अमेरिका में निवेश के वादे के बदले यह केस बंद किया जा रहा है. अधिकारी ने कहा कि अगर निवेश की कोई बात न भी होती, तब भी वे इस कमजोर केस को बंद करने की ही मांग करते.
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        <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 08:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Adani, News:, यह, अमेरिका, का, काम, नहीं, न्याय, विभाग, ने, अडानी, पर, केस, बंद, करने, के, फैसले, को, ठहराया, सही</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>LPG Cylinder Price Today: गैस सिलेंडर की कीमतों पर बड़ा अपडेट, जानिए घरेलू और कमर्शियल LPG के नए रेट</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/lpg-cylinder-price-today-गैस-सिलेंडर-की-कीमतों-पर-बड़ा-अपडेट-जानिए-घरेलू-और-कमर्शियल-lpg-के-नए-रेट</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/lpg-cylinder-price-today-गैस-सिलेंडर-की-कीमतों-पर-बड़ा-अपडेट-जानिए-घरेलू-और-कमर्शियल-lpg-के-नए-रेट</guid>
        <description><![CDATA[ LPG Cylinder Price Today: जुलाई महीने की शुरुआत के साथ कंपनियों ने एलपीजी सिलेंडर की नई कीमतें जारी कर दी थीं. इस बार घरेलू गैस सिलेंडर इस्तेमाल करने वालों और कमर्शियल गैस सिलेंडर इस्तेमाल करने वालों के लिए अलग-अलग अपडेट आया है. एक तरफ जहां 14 किलोग्राम वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, वहीं 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में बड़ी कटौती की गई है. ये सारी नई दरें 1 जुलाई 2026 से लागू हैं.
घरेलू LPG सिलेंडर के दामदेशभर में घरेलू रसोई में इस्तेमाल होने वाले 14 किलो वाले LPG सिलेंडर की कीमतों में इस महीने भी कोई बदलाव नहीं हुआ है यानी आम उपभोक्ताओं को फिलहाल पुराने रेट पर ही गैस सिलेंडर मिलेगा. तेल कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को कीमतों की समीक्षा करती हैं, लेकिन इस बार घरेलू ग्राहकों को राहत देते हुए कीमतें स्थिर रखी गई हैं.
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कमर्शियल LPG सिलेंडरहोटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और कारोबारियों के लिए राहत की खबर है. 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में ₹183.50 तक की कटौती की गई है. राजधानी दिल्ली में अब 19 किलो का कमर्शियल सिलेंडर ₹2,930 में मिलेगा.&amp;nbsp;
हर महीने क्यों बदलती हैं कीमतें?एलपीजी सिलेंडर की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में LPG की कीमत, डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर, परिवहन लागत और सरकारी नीतियों के आधार पर तय की जाती हैं. इसी वजह से हर महीने की पहली तारीख को तेल कंपनियां नई दरें जारी करती हैं.
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ऐसे चेक करें सिलेंडर का रेटअगर आप अपने शहर में घरेलू या कमर्शियल LPG सिलेंडर की ताजा कीमत जानना चाहते हैं, तो इंडेन, भारत गैस और एचपी गैस की आधिकारिक वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर जाकर आसानी से जानकारी ले सकते हैं.&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 15:30:15 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>LPG, Cylinder, Price, Today:, गैस, सिलेंडर, की, कीमतों, पर, बड़ा, अपडेट, जानिए, घरेलू, और, कमर्शियल, LPG, के, नए, रेट</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>Gold&amp; Silver Price Today: फिर से महंगा हुआ सोना, जानें चांदी के क्या हैं हाल, देखें 24K, 22K, 18K गोल्ड&amp; सिल्वर की रेट लिस्ट</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/gold-silver-price-today-फिर-से-महंगा-हुआ-सोना-जानें-चांदी-के-क्या-हैं-हाल-देखें-24k-22k-18k-गोल्ड-सिल्वर-की-रेट-लिस्ट</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/gold-silver-price-today-फिर-से-महंगा-हुआ-सोना-जानें-चांदी-के-क्या-हैं-हाल-देखें-24k-22k-18k-गोल्ड-सिल्वर-की-रेट-लिस्ट</guid>
        <description><![CDATA[ Gold- Silver Price Today: अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने का प्लान बना रहे हैं तो पहले नए रेट जरूर जान लें. 4 जुलाई 2026 के लिए सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की ताजा कीमतें जारी हो गई हैं. पिछले कारोबारी सत्र की तुलना में कीमती धातुओं में मजबूती देखने को मिली है. वैश्विक बाजार में तेजी और निवेशकों की बढ़ती मांग का असर घरेलू बाजार पर भी दिखाई दे रहा है. यहां से आप शहर अनुसार सोना- चांदी का भाव जानें.
आज 4 जुलाई का गोल्ड रेट-&amp;nbsp;



शहर
24 कैरेट सोना (10 ग्राम)
22 कैरेट सोना (10 ग्राम)
18 कैरेट सोना (10 ग्राम)


दिल्ली
₹147150
₹134900
₹110400


मुंबई
₹147000
₹134750
₹110250


कोलकाता
₹147000
₹134750
₹110250


पटना
₹147050
₹134800
₹110300


लखनऊ
₹147150
₹134900
₹110400


अयोध्या
₹147150
₹134900
₹110400


मेरठ
₹147150
₹134900
₹110400


कानपुर
₹147150
₹134900
₹110400


गाजियाबाद
₹147150
₹134900
₹110400


नोएडा
₹147150
₹134900
₹110400


गुरुग्राम
₹147150
₹134900
₹110400


चेन्नई
₹149560
₹137000
₹114400


चंडीगढ़
₹147150
₹134900
₹110400


जयपुर
₹147150
₹134900
₹110400


लुधियाना
₹147150
₹134900
₹110400


गुवाहाटी
₹147000
₹134750
₹110250


इंदौर
₹147050
₹134800
₹110300


अहमदाबाद
₹147050
₹134800
₹110300


सूरत
₹147050
₹134800
₹110300


पुणे
₹147000
₹134750
₹110250


नागपुर
₹147000
₹134750
₹110250


नासिक
₹147030
₹134780
₹110280


बैंगलोर
₹147000
₹134750
₹110250


वडोदरा
₹147050
₹134800
₹110300


भुवनेश्वर
₹147000
₹134750
₹110250


रायपुर
₹147000
₹134750
₹110250


हैदराबाद
₹147000
₹134750
₹110250



गैस सिलेंडर की कीमतों पर बड़ा अपडेट, जानिए घरेलू और कमर्शियल LPG के नए रेट
आज 4 जुलाई का सिल्वर रेट-&amp;nbsp;



शहर
10 ग्राम चांदी का भाव
100 ग्राम चांदी का भाव
1 किलो चांदी का भाव


दिल्ली
₹2,500
₹25,000
₹2,50,000


मुंबई
₹2,500
₹25,000
₹2,50,000


कोलकाता
₹2,500
₹25,000
₹2,50,000


पटना
₹2,500
₹25,000
₹2,50,000


लखनऊ
₹2,500
₹25,000
₹2,50,000


मेरठ
₹2,500
₹25,000
₹2,50,000


अयोध्या
₹2,500
₹25,000
₹2,50,000


कानपुर
₹2,500
₹25,000
₹2,50,000


गाजियाबाद
₹2,500
₹25,000
₹2,50,000


नोएडा
₹2,500
₹25,000
₹2,50,000


गुरुग्राम
₹2,500
₹25,000
₹2,50,000


चेन्नई
₹2,600
₹26,000
₹2,60,000


जयपुर
₹2,500
₹25,000
₹2,50,000


लुधियाना
₹2,500
₹25,000
₹2,50,000


गुवाहाटी
₹2,500
₹25,000
₹2,50,000


जलगांव
₹2,500
₹25,000
₹2,50,000


इंदौर
₹2,500
₹25,000
₹2,50,000


अहमदाबाद
₹2,500
₹25,000
₹2,50,000


वडोदरा
₹2,500
₹25,000
₹2,50,000


सूरत
₹2,500
₹25,000
₹2,50,000


पुणे
₹2,500
₹25,000
₹2,50,000


नागपुर
₹2,500
₹25,000
₹2,50,000


चंडीगढ़
₹2,500
₹25,000
₹2,50,000


नासिक
₹2,500
₹25,000
₹2,50,000


बैंगलोर
₹2,500
₹25,000
₹2,50,000


भुवनेश्वर
₹2,600
₹26,000
₹2,60,000


रायपुर
₹2,500
₹25,000
₹2,50,000


हैदराबाद
₹2,600
₹26,000
₹2,60,000



सोने-चांदी की कीमतें क्यों बदलती हैं?
भारत में सोने और चांदी की कीमतें कई चीजों की वजह से बदलती है. इनमें अंतरराष्ट्रीय बाजार के भाव, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति, आयात शुल्क, जीएसटी और घरेलू मांग प्रमुख हैं. शादी-विवाह और त्योहारों के सीजन में मांग बढ़ने से भी कीमतों पर असर पड़ता है.
क्या आज बदले पेट्रोल-डीजल के दाम? सुबह 6 बजे आया नया अपडेट, चेक करें लेटेस्ट रेट ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 15:30:14 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Gold-, Silver, Price, Today:, फिर, से, महंगा, हुआ, सोना, जानें, चांदी, के, क्या, हैं, हाल, देखें, 24K, 22K, 18K, गोल्ड-, सिल्वर, की, रेट, लिस्ट</media:keywords>
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        <title>ज्यादा ब्याज दर, KYC के भी तोड़े नियम, इस बैंक पर RBI ने लगाया 63 लाख का जुर्माना, क्या इसमें है आपका खाता?</title>
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        <description><![CDATA[ Bank of Baroda: आजकल ज्यादातर लोग अपनी बचत बैंक में जमा करते हैं, ताकि उन्हें उस पर ब्याज मिले और उनको फायदा हो. इसके अलावा कई लोग जरूरत पड़ने पर बैंक से लोन भी लेते हैं. ऐसे में सोचिए जिस बैंक में आपका अकाउंट हो, उसपर RBI किसी कारणवश कार्रवाई कर दे तो ऐसी स्थिति में ग्राहकों के मन में कई सवाल आएंगे. इसी बीच भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI ने बैंक ऑफ बड़ौदा पर जुर्माना लगाया है. जानिए इस जुर्माने के पीछे की क्या वजह है? &amp;nbsp;
RBI ने बैंक पर क्यों लगाया जुर्माना?
RBI की जांच में सामने आया है कि बैंक ने KYC और लेंडर्स के लिए फेयर प्रैक्टिस कोड से जुड़े कुछ जरूरी नियमों का पालन नहीं किया, इसलिए उस पर जुर्माना लगाया गया. इसके अलावा जांच में यह भी सामने आया कि कुछ लोन खातों पर तय नियमों से ज्यादा ब्याज लिया गया. इतना ही नहीं, बल्कि कुछ ग्राहकों के KYC रिकॉर्ड भी समय पर अपलोड नहीं की गई.
सभी आरोप निकले सच
बता दें कि RBI की जांच के दौरान नियमों के पालन में कमी मिली थी, जिसके बाद RBI ने बैंक ऑफ बड़ौदा को कारण बताने के लिए एक नोटिस भेजा था. जिसमें RBI ने आरोपों को सही पाया, जिसके बाद बैंक पर 63.60 लाख रुपये का जुर्माना लगाया.&amp;nbsp;
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क्या ग्राहकों को होगी दिक्कत?

RBI ने यह कार्रवाई बैंक के नियमों का पालन न करने पर की.
इसलिए इस जुर्माने का ग्राहकों के बैंक अकाउंट पर किसी तरह को कोई असर नहीं होगा.
ग्राहक जो भी सेवा बैंक से ले रहे हैं, वह पहले की ही तरह जारी रहेगी.
इस कार्रवाई का कोई असर ग्राहक को नहीं होगा.

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 ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 15:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>ज्यादा, ब्याज, दर, KYC, के, भी, तोड़े, नियम, इस, बैंक, पर, RBI, ने, लगाया, लाख, का, जुर्माना, क्या, इसमें, है, आपका, खाता</media:keywords>
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        <title>Tomato Price: मानसून गर्मी से राहत देगा, महंगाई से नहीं! बचाकर चलो टमाटर, फिर बढ़ गए रेट</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/tomato-price-मानसून-गर्मी-से-राहत-देगा-महंगाई-से-नहीं-बचाकर-चलो-टमाटर-फिर-बढ़-गए-रेट</link>
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        <description><![CDATA[ Tomato Price Hike: रसोई में रोज इस्तेमाल होने वाला टमाटर एक बार फिर लोगों के बजट पर असर डालने लगा है. देश के कई राज्य में इसकी कीमतों में लगातार उछाल देखने को मिल रहा है. मौसम की मार, तेज गर्मी और मानसून की धीमी शुरुआत की वजह से टमाटर की फसलें काफी प्रभावित हुई है. यही वजह है कि इसका असर अब बाजार में भी दिखाई देने लगा है, जहां टमाटर के दाम लगातार बढ़ते जा रहे हैं.&amp;nbsp;
टमाटर की कीमत ने बधाई रसोई की चिंता&amp;nbsp;
देश के बड़े उत्पादक राज्यों से टमाटरों की सप्लाई कम होने के कारण कीमतों में तेजी बनी हुई है. रिपोर्ट के मुताबिक, बाजारों में टमाटर की खुदरा कीमतें पिछले महीने के मुकाबले 16% और पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले में 23% तक बढ़ चुकी हैं. ऐसे में अगर आप भी रोजाना सब्जी में टमाटर का इस्तेमाल करते हैं, तो आने वाले दिनों में आपकी रसोई के बजट पर पहले से ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है.&amp;nbsp;
आखिर क्यों बढ़ रहे हैं टमाटर के दाम?
टमाटर की बढ़ती कीमतों की सबसे बड़ी वजह मौसाम की खराबी को माना जा रहा है. खासकर गर्मी के मौसम में कम खेती और कई प्रमुख उत्पादक राज्यों में खराब मौसम के कारण आने वाले महीनों में टमाटर महंगा होने की संभावना है. वहीं, टमाटर का कुल उत्पाद पिछले साल के मुकाबले में बढ़ेगा. ऐसे में अब लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या अब टमाटर की कीमत 100 के पार जाएगी.&amp;nbsp;
LPG News: ये देश ना होता तो आज भारत में गैस सिलेंडर के लाले पड़ जाते! यूएई और सऊदी अरब छूटे पीछे
इसके अलावा टमाटर की फसल मौसम पर काफी निर्भर होती है. अक्सर देखा जाता है कि अगर किसी बड़े उत्पादक राज्य में बारिश, गर्मी या किसी अन्य वजह से फसल प्रभावित होती है, तो बाजार में सप्लाई घाट जाता है. यही वजह है कि जून से अगस्त और अक्टूबर से नवंबर के दौरान टमाटर की कीमतों में अक्सर तेज उछाल देखने को मिलता है.&amp;nbsp;
कहां पड़ रहा है इसका असर&amp;nbsp;
महंगे टमाटर की असर अब सिर्फ रसोई पर ही नहीं, बल्कि कारोबारी पर भी दिखाई दे रहा है. खासकर होटल और रेस्तरां कारोबार ने टमाटर का इस्तेमाल करना अब कम कर दिया है, ताकि उनकी जेबों पर ज्यादा गहरा असर न पड़ें.&amp;nbsp;
ज्यादा ब्याज दर, KYC के भी तोड़े नियम, इस बैंक पर RBI ने लगाया 63 लाख का जुर्माना, क्या इसमें है आपका खाता?
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        <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 15:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Tomato, Price:, मानसून, गर्मी, से, राहत, देगा, महंगाई, से, नहीं, बचाकर, चलो, टमाटर, फिर, बढ़, गए, रेट</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>Cryptocurrency: RBI का बड़ा कदम, क्रिप्टोकरेंसी को अर्थव्यवस्था के लिए खतरा बताया, संसदीय समिति को दी रिपोर्ट</title>
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        <description><![CDATA[ RBI on Cryptocurrency: भारत में क्रिप्टोकरेंसी को वर्चुअल डिजिटल एसेट के रूप में इस्तेमाल किया जाता है. इसको लेकर तरह- तरह की बातें की जाती है, सरकार चाहती है कि इसे बैन कर दिया जाए, तो वहीं कई लोगों की मांग है कि इसे भारत में लीगलाइज किया जाए. अब RBI ने खुद इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है और बताया है कि वो क्रिप्टोकरेंसी को भारत में लीगलाइज नहीं करेंगे.
क्रिप्टोकरेंसी नहीं होगी लीगलाइजदरअसल हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया यानी RBI ने सांसद भर्तृहरि महताब की अध्यक्षता वाली एक संसदीय समिति को बताया है कि क्रिप्टोकरेंसी जैसे वर्चुअल डिजिटल एसेट्स भारत जैसी उभरती अर्थव्यवस्था के लिए खतरा हैं और देश में ऐसी एसेट्स को कानूनी मान्यता नहीं दी जानी चाहिए. इसके अलावा उन्होंने बताया कि चीन और कतर उन देशों में शामिल हैं जिन्होंने ऐसी वित्तीय गतिविधियों पर रोक लगा दी है, जबकि यूरोप ने बहुत कड़े और रेगुलेटेड तरीके से वर्चुअल डिजिटल एसेट्स की अनुमति दी है.
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डिजिटल मनी से होंगे ये नुकसानRBI ने इस दौरान एक छोटी सी रिपोर्ट भी सबमिट की है, जिसमें उसने बताया है कि डिजिटल मनी का इस्तेमाल कुछ इल-लीगल एक्टिविटीज जैसे टेरर फंडिंग या नार्कोटिक्स स्मगलिंग के लिए किया जा सकता है. ऐसे में इसके लीगलाइज करने पर बाहरी देशों में किए जाने वाले इस्तेमाल पर नजर रखना थोड़ा मुश्किल हो जाएगा. ऐसे में RBI ने इसे लीगलाइज ना करने पर जोर दिया है.
क्रिप्टो के इस्तेमाल पर रोक है जरूरी- RBIवहीं इस बैठक के दौरान RBI की तरफ से बताया गया है कि क्रिप्टो का इस्तेमाल भारत की अर्थव्यवस्था को हिला सकता है,. ऐसे में इसके इस्तेमाल पर जल्द से जल्द रोक लगा देनी चाहिए. RBI ने कहा, &#039;पेमेंट और सेटलमेंट में क्रिप्टो के इस्तेमाल को रोककर, बैंकिंग सेक्टर के जोखिम को सीमित करके और सिस्टम से जुड़े कनेक्शन को कम करके, क्रिप्टो पर रोक लगाने जैसी सावधानी भरी रणनीति से फाइनेंशियल सिस्टम को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी.&#039;
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        <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 03:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Cryptocurrency:, RBI, का, बड़ा, कदम, क्रिप्टोकरेंसी, को, अर्थव्यवस्था, के, लिए, खतरा, बताया, संसदीय, समिति, को, दी, रिपोर्ट</media:keywords>
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    <item>
        <title>200 Note: कैसे पहचानें 200 रुपए का नोट असली है या नकली, RBI के इन 7 प्वाइंट्स से दूर करें कंफ्यूजन</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/200-note-कैसे-पहचानें-200-रुपए-का-नोट-असली-है-या-नकली-rbi-के-इन-7-प्वाइंट्स-से-दूर-करें-कंफ्यूजन</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/200-note-कैसे-पहचानें-200-रुपए-का-नोट-असली-है-या-नकली-rbi-के-इन-7-प्वाइंट्स-से-दूर-करें-कंफ्यूजन</guid>
        <description><![CDATA[ How to Recognize Real 200 Rupee Note: बाजार में जब भी हम खरीदारी करने जाते हैं तो बंधा नोट देने पर जो छुट्टा रुपया मिलता है, उसकी जांच कई बार हम नहीं करते. हमें लगता है कि नोट जो मिला है वो सही ही होगा. लेकिन ऐसे ही कई बार लोग बिना जांचे नोट रख लेने पर धोखे का शिकार भी हो जाते हैं. ऐसे ही धोखे से बचने के लिए RBI ने ग्राहकों को असली नोट की पहचान करने के 7 तरीके बताए हैं. आइये जानते हैं.
RBI ने बताए तरीकेदरअसल RBI ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर सभी भारतीय नोटों की असलियत पहचानने के लिए कुछ तरीके बताए हैं. इसी में 200 रुपये के असली नोट को पहचानने के लिए सात टिप्स बताए गए हैं. आइये आपको भी बताते हैं इन टिप्स केबारे में, जिनकी मदद से आप आसानी से 200 रुपये के असली नोट पहचान पाएंगे और नकली नोट से चकमा नहीं खाएंगे.
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ऐसे पहचानें 200 रुपये का नोट

200 रुपये के नोट की लेफ्ट साइड में नीचे की ओर एक ट्रांसपेरेंट हिस्सा होता है, जिसमें &#039;200&#039; लिखा होता है. नोट को रोशनी के सामने रखने पर ये साफ दिखाई देता है.
200 रुपये के नोट पर &#039;200&#039; की राशि देवनागरी (हिंदी) अंकों में भी लिखी होती है.
इस नोट के सामने वाले हिस्से में (फ्रंट साइड) के बीच में महात्मा गांधी की फोटो होती है.
नोट के राइट साइड में गवर्नर के हस्ताक्षर, भुगतान का वादा (गारंटी क्लॉज) और आरबीआई का लोगो बना होता है.
इस नोट के लेफ्ट साइड ऊपर की ओर नंबरों का एक पैनल होता है, जिसमें अंक छोटे से बड़े आकार में लिखे होते हैं.
इसी तरह नीचे की तरफ राइट साइड में भी नंबरों का एक पैनल होता है, जिसमें अंक छोटे से बड़े आकार में दिखाई देते हैं.
नोट में नीचे की तरफ राइट साइड अशोक स्तंभ का प्रतीक (राष्ट्रीय चिन्ह) भी बना होता है.

तो अब जब भी आपके हाथ कोई 200 रुपये का नोट लगे और आपको जरा सा भी शक हो कि ये नोट नकली है, तो इन सात जरूरी निशानियों को अच्छी तरह से चेक कर लें. इससे आप किसी भी तरह की धोखाधड़ी से भी बच जाएंगे.
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        <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 03:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>200, Note:, कैसे, पहचानें, 200, रुपए, का, नोट, असली, है, या, नकली, RBI, के, इन, प्वाइंट्स, से, दूर, करें, कंफ्यूजन</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>Gold Price: क्या आज है सोना खरीदने का अच्छा मौका? एक्सपर्ट्स ने बताया, अब और कीमत गिरेगी या नहीं</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/gold-price-क्या-आज-है-सोना-खरीदने-का-अच्छा-मौका-एक्सपर्ट्स-ने-बताया-अब-और-कीमत-गिरेगी-या-नहीं</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/gold-price-क्या-आज-है-सोना-खरीदने-का-अच्छा-मौका-एक्सपर्ट्स-ने-बताया-अब-और-कीमत-गिरेगी-या-नहीं</guid>
        <description><![CDATA[ Gold Price Today: सोने की कीमतों में आए दिन उतार चढ़ाव आता ही रहता है. लेकिन इन दिनों MCX गोल्ड अगस्त फ्यूचर्स (Gold August Futures) में तेजी बनी हुई है. निचले स्तरों से अच्छी रिकवरी के बाद सोने की कीमत मजबूत स्थिति में कारोबार कर रही है. ऐसे में अब एक्सपर्ट्स ने बताया है कि आज के दिन यानी 3 जुलाई को सोना खरीदना चाहिए या नहीं.
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?LKP सिक्योरिटीज के कमोडिटी एंड करेंसी डिपार्टमेंट के वाइस प्रेसिडेंट रिसर्च एनालिस्ट जतीन त्रिवेदी ने के मुताबिक सोने की कीमत अभी शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज और पिछले कारोबारी सेशन के सपोर्ट लेवल से ऊपर बनी हुई है. इससे ये संकेत मिलता है कि बाजार में खरीदारों की पकड़ अभी भी मजबूत है, हालांकि RSI ओवरबॉट जोन में पहुंच चुका है.
ये भी पढ़ें: 200 Note: कैसे पहचानें 200 रुपए का नोट असली है या नकली, RBI के इन 7 प्वाइंट्स से दूर करें कंफ्यूजन
कब खरीदें सोनाआज यानी 3 जुलाई को अगर सोना खरीदने का मन बना रहे हैं, तो एक्सपर्ट्स के मुताबिक आपको सलाह दी जाती है कि अगर कीमत 1,47,400 रुपये के आसपास आए तो खरीदारी के बारे में सोचा जा सकता है. वहीं, जोखिम से बचने के लिए 1,46,800 रुपये के नीचे सख्त स्टॉप-लॉस जरूर रखें.
तकनीकि चार्ट के मुताबिकतो वहीं तकनीकी चार्ट पर सोने की चाल अभी भी मजबूत दिखाई दे रही है. कीमतें लगातार हायर हाई (Higher High) और हायर लो (Higher Low) बना रही हैं, जो तेजी के ट्रेंड का संकेत है. इसके अलावा शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज में बुलिश क्रॉसओवर, MACD का पॉजिटिव संकेत और पिछले कारोबारी दिन के पिवट सपोर्ट के ऊपर कारोबार करना ये दिखाता है कि बाजार में खरीदारी का माहौल अभी भी मजबूत है.
तो ऐसे में एक्सपर्ट्स की सलाह को समझते हुए उसी हिसाब से सोच- समझकर ही फैसला करें और सोने में निवेश करें.
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        <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 03:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Gold, Price:, क्या, आज, है, सोना, खरीदने, का, अच्छा, मौका, एक्सपर्ट्स, ने, बताया, अब, और, कीमत, गिरेगी, या, नहीं</media:keywords>
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        <title>Flight News: फ्लाइट के भीतर शख्स के सिर में लगी चोट, अब 2 लाख का मुआवजा देगी ये एयरलाइंस</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/flight-news-फ्लाइट-के-भीतर-शख्स-के-सिर-में-लगी-चोट-अब-2-लाख-का-मुआवजा-देगी-ये-एयरलाइंस</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/flight-news-फ्लाइट-के-भीतर-शख्स-के-सिर-में-लगी-चोट-अब-2-लाख-का-मुआवजा-देगी-ये-एयरलाइंस</guid>
        <description><![CDATA[ Flight News: आज के समय में फ्लाइट से सफर करना आम बात हो गई है, जबकि पहले हवाई सफर करना लोगों का सपना हुआ करता था. ऐसे में सोचिए अगर आपने फ्लाइट की महंगी टिकट खरीदी हो, लेकिन आपका यात्रा का अनुभव बिल्कुल खराब रहता है तो जाहिर सी बात है कि आप दोबारा उसी एयरलाइन से सफर करना नहीं चाहेंगे.
सफर के दौरान यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा का ध्यान रखना एयरलाइन की जिम्मेदारी होती है. अगर किसी भी तरह की लापरवाही के चलते यात्री को नुकसान होता है तो एयरलाइन को इसका भुगतान करना पड़ सकता है. हाल ही में एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जिसमें उपभोक्ता आयोग ने एयरलाइन को घायल यात्री को देने का आदेश दिया.
200 Note: कैसे पहचानें 200 रुपए का नोट असली है या नकली, RBI के इन 7 प्वाइंट्स से दूर करें कंफ्यूजन
पूरा मामला क्या है?
यह मामला जून 2024 का है. एक यात्री अपनी पत्नी और दो पोते-पोतियों के साथ बेंगलुरु से बीजिंग जा रहा था. सफर के दौरान यात्री&amp;nbsp;कैथे पैसिफिक की&amp;nbsp;हांगकांग से बीजिंग जाने वाली कनेक्टिंग फ्लाइट में बिजनेस क्लास में यात्रा कर रहा था. जानकारी के मुताबिक, यात्री वॉशरूम से बाहर निकल रहा था और इसी समय केबिन क्रू ने ओवरहेड कंपार्टमेंट का गेट खोल दिया, जिसके चलते यात्री के सिर पर दरवाजा लग गया और उसे गंभीर चोट आई. साथ ही यात्री का काफी खून भी बहने लगा, जिसके बाद यात्री को फ्लाइट में मौजूद क्रू ने प्राथमिक उपचार दिया.&amp;nbsp;
फिर जब यात्री बीजिंग पहुंचा तो उसका इलाज अस्पताल में हुआ. यहां डॉक्टरों ने उसके सिर के घाव का इलाज किया और घाव को बंद करने के लिए स्टेपल भी लगाए. हालांकि, इसके बाद भी जब यात्री भारत लौटा तो उसे यहां पर भी इलाज करवाना पड़ा. साथ ही सिर पर लगे स्टेपल को निकलवाना पड़ा. इलाज का सारा खर्च यात्री ने ही दिया.
एयरलाइन को देना पड़ा क्लेम
यात्री ने घटना के बाद एयरलाइन को कानूनी नोटिस भेजा, जिसके बाद एयरलाइन ने मेडिकल बिलों की जांच की और 66,570 रुपये देने की पेशकश की. इस पर यात्री का कहना था कि यह पैसे उसके नुकसान के मुकाबले कम है, जिसके बाद उसने उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज करवाई.
आयोग का फैसला क्या था?
बेंगलुरु के जिला उपभोक्ता आयोग ने कहा कि बिजनेस क्लास में यात्रा कर रहे यात्री की पूरी सुरक्षा की जिम्मेदारी केबिन क्रू की थी. इसके साथ ही आयोग ने यह भी कहा कि केबिन क्रू को वॉशरूम के पास लगे ओवरहेड दरवाजे को खोलने से पहले देखना चाहिए था कि कोई यात्री वहां से निकल तो नहीं रहा है. लेकिन ऐसा नहीं किया गया, जिससे साफ होता है कि यह एक बहुत बड़ी लापरवाही थी.
एयरलाइन ने यात्री की लापरवाही बताई
एयरलाइन ने कहा कि यह घटना यात्री की लापरवाही के चलते हुए. कंपनी का कहना था कि वॉशरूम से बाहर निकलते समय सामने सब कुछ साफ दिखाई दे रहा था. ऐसे में अगर यात्री ने ध्यान दिया होता तो ये हादसा होता ही नहीं.&amp;nbsp;&amp;nbsp;
यात्री को कितना मिला मुआवजा?
आयोग ने एयरलाइन को घायल यात्री को 2 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया. इसके अलावा शिकायत दर्ज होने की डेट से भुगतान की 6 प्रतिशत सालाना ब्याज देने को भी कहा. सिर्फ इतना ही, एयरलाइन को 3 हजार रुपये कानूनी खर्च के रूप में देने होंगे.
छंटनी का खतरा या प्रमोशन की बहार? भारत की कुंडली से जानिए अपनी नौकरी का भविष्य
अपने अधिकारों की रखें जानकारी

सबसे जरूरी बात यह है कि एयरलाइन की जिम्मेदारी है कि वह यात्रियों की सुरक्षा का ध्यान रखें.
अगर कभी एयरलाइन की लापरवाही के चलते किसी यात्री को चोट लगती है तो यात्री मुआवजा मांग सकता है.
घटना के तुरंत बाद एयरलाइन के अधिकारियों को इसकी जानकारी देनी चाहिए और शिकायत करें.
सभी जरूरी इलाज से जुड़े मेडिकल बिल को संभालकर रखें, ये आपके काम आएंगे.
अगर एयरलाइन आपकी बात नहीं सुनती है तो आप सीधे उपभोक्ता आयोग में शिकायत करें.
अगर आपके पास घटना से जुड़ा कोई वीडियो या फोटो हुआ तो यह आपके लिए अच्छा रहेगा.
अगर एयरलाइन की लापरवाही के चलते घटना हुई है तो तुरंत जल्द से जल्द शिकायत करें.

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        <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 03:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>LPG पर बड़ी खबर, गैस संकट से बिगड़ा सप्लाई चेन का गणित, क्यों कम हो रही सिलेंडरों की मांग?</title>
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        <description><![CDATA[ LPG News: ईरान और यूएस के बीच हुए युद्ध का असर दुनियाभर में देखने को मिला था. जिसके बाद कच्चे तेल की कीमतों में इजाफा हुआ था. तो वहीं गैस की सप्लाई भी बहुत हद तक प्रभावित हुई थी. गैस के दाम भी बढ़ गए थे और लोगों को इसकी किल्लत भी हो रही थी. जिसके चलते लोगों ने इस साल के पहले हाफ में यानी जनवरी 2026 से जून 2026 तक LPG की खपत कम कर दी.
कितनी घटी LPG की सप्लाई?दरअसल हाल ही में पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (PPAC) की एक रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें बताया गया है कि साल 2026 के शुरुआती छह महीनों में एलपीजी की कितनी खपत हुई है. इस रिपोर्ट के अनुसार भारत में LPG की खपत युद्ध के दौरान 8% तक घट गई है. रिपोर्ट में बताए गए आंकड़ों के मुताबिक जनवरी-जून 2026 के दौरान भारत में करीब 1.47 करोड़ टन LPG की खपत हुई, जबकि पिछले साल इसी अवधि में ये 1.59 करोड़ टन थी.
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क्यों घटी LPG की खपत?LPG की खपत में हुई कटौती को लेकर सरकार का कहना है कि, LPG की मांग कम नहीं हुई थी, बल्कि सप्लाई प्रभावित होने की वजह से खपत घटी है. भारत अपनी कुल LPG जरूरत का करीब 60% आयात करता है और इसमें से लगभग 90% LPG मिडिल ईस्ट के खाड़ी देशों से आती है. ये ज्यादातर स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के रास्ते भारत पहुंचती है. युद्ध के दौरान इसी रास्ते पर असर पड़ने से सप्लाई बाधित हुई.
मई- जून की खपत जानेंसप्लाई बाधित होने का असर सबसे ज्यादा मई में दिखा, जब LPG की खपत करीब 21.3 लाख टन रही, जो पिछले पांच सालों का सबसे निचला स्तर था. तो वहीं जून में LPG की खपत पिछले साल के मुकाबले करीब 17% कम रही, लेकिन मई की तुलना में इसमें 2% से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई.
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अब सामान्य है सप्लाईवहीं अब पेट्रोलियम मंत्रालय ने बताया है कि देशभर में घरेलू LPG, पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) और CNG की 100% सप्लाई बहाल हो चुकी है. संकट के दौरान घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने के लिए कम की गई कमर्शियल LPG की सप्लाई भी पहले जैसी हो गई है. ऑनलाइन गैस बुकिंग सामान्य स्तर पर पहुंच गई है और किसी भी गैस एजेंसी पर स्टॉक की कमी नहीं है.
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        <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 10:30:18 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Dubai Lottery: किस्मत हो तो ऐसी! दुबई में नौकरी करने गए 2 भारतीयों की लगी लॉटरी, जीते 9.5 करोड़ रुपए</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/dubai-lottery-किस्मत-हो-तो-ऐसी-दुबई-में-नौकरी-करने-गए-2-भारतीयों-की-लगी-लॉटरी-जीते-95-करोड़-रुपए</link>
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        <description><![CDATA[ Dubai Lottery: दुबई अपने आप में ही सपनों से भरा शहर है, यहां का नाम लेते ही लोगों के मुंह में केवल एक शब्द आता है वो है &#039;पैसा&#039;. दुबई में रहने वालों की किस्मत ऐसी चमकती है कि वो रातोंरात मालामाल हो जाते हैं. हाल ही में ऐसा ही कुछ दो भारतीयों के साथ भी हुआ है. यहां रहने वाले दो भारतीयों की किस्मत ऐसी चमकी कि दोनों रातों- रात करोड़पति बन गए. आइये बताते हैं कैसे.
दुबई के प्रवासी भारतीय बने करोड़पतिदरअसल संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में रहने वाले दो भारतीय प्रवासियों ने दुबई ड्यूटी फ्री मिलेनियम मिलियनेयर (Dubai Duty Free Millennium Millionaire) ड्रॉ में 1-1 मिलियन डॉलर (करीब 9.52 करोड़ रुपये) का इनाम जीता है. इन दोनों विजेताओं का नाम है महेंदीहसनज और मोहम्मद शिबिल थय्यिल.
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कौन हैं महेंदीहसनज जमानी?महेंदीहसनज जमानी ने मिलेनियम मिलियनेयर सीरीज 538 में 1324 नंबर का टिकट खरीदकर ये इनाम अपने नाम किया है. उन्होंने ये टिकट 26 फरवरी को ऑनलाइन खरीदा था. गल्फ न्यूज के मुताबिक खास बात ये है कि खबर लिखे जाने तक उन्हें अपनी जीत की जानकारी भी नहीं दी गई थी.&amp;nbsp;
मोहम्मद शिबिल ने कब खरीदा था टिकट?तो वहीं दूसरे विजेता 30 वर्षीय मोहम्मद शिबिल थय्यिल दुबई में रहते हैं और शारजाह एयरपोर्ट इंटरनेशनल फ्री जोन में सेल्स की नौकरी करते हैं. मूल रूप से केरल के रहने वाले थय्यिल अक्टूबर 2025 में दुबई गए थे. उन्होंने 18 जून को ऑनलाइन टिकट खरीदा था और मिलेनियम मिलियनेयर सीरीज 548 में 4832 नंबर के टिकट से 1 मिलियन डॉलर (करीब 9.52 करोड़ रुपये) जीत लिए.
मोहम्मद शिबिल थय्यिल की हाल ही में शादी हुई है. अपनी जीत पर उन्होंने खुशी जताते हुए कहा, &#039;आपने मेरी जिंदगी बदल दी. ये मेरे जीवन की सबसे बड़ी खुशखबरी है. दुबई ड्यूटी फ्री का बहुत-बहुत धन्यवाद&#039;.
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कब शुरू हुई ये लॉटरी?रिपोर्ट्स के मुताबिक, मिलेनियम मिलियनेयर लॉटरी की शुरुआत 1999 में हुई थी. तब से अब तक 273 भारतीय इस योजना में 1 मिलियन डॉलर का इनाम जीत चुके हैं. इन दो जीत के बाद ये संख्या और बढ़ गई है.
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        <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 10:30:16 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Dubai, Lottery:, किस्मत, हो, तो, ऐसी, दुबई, में, नौकरी, करने, गए, भारतीयों, की, लगी, लॉटरी, जीते, 9.5, करोड़, रुपए</media:keywords>
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        <title>Petrol&amp;Diesel Rate: कब तक सस्ता होगा पेट्रोल&amp;डीजल? सरकार ने दे दिया जवाब, जानें आज कितनी है कीमत?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/petrol-diesel-rate-कब-तक-सस्ता-होगा-पेट्रोल-डीजल-सरकार-ने-दे-दिया-जवाब-जानें-आज-कितनी-है-कीमत</link>
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        <description><![CDATA[ Petrol-Diesel Rate Today on July 3: पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आज भी कोई बदलाव नहीं किया गया है. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आज पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये और डीजल की कीमत 95.20 रुपये प्रति लीटर है. इसी तरह से मुंबई में पेट्रोल की कीमत 111.18 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 97.83 रुपये प्रति लीटर है.
देश की सबसे बड़ी प्राइवेट फ्यूल रिटेलर- नायरा एनर्जी के पेट्रोल की कीमतों में 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की कटौती किए जाने के बाद अब सरकारी तेल कंपनियों द्वारा भी दाम घटाए जाने की उम्मीदें लगाई जाने लगी हैं.&amp;nbsp;
Nayara ने कब बढ़ाए थे दाम?
अमेरिका और ईरान के बीच जंग और इसके चलते ग्लोबल लेवल पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने पर नायरा एनर्जी ने 26 मार्च को पेट्रोल की कीमत 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 3 रुपये प्रति लीटर बढ़ाई थी. बाद में, सरकारी तेल कंपनियों (OMCs) ने मई में पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में कुल मिलाकर 7.50 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की. इसके पीछे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और आयात लागत बढ़ने का हवाला दिया गया.
आज शहवार पेट्रोल-डीजल की कीमतें



शहर&amp;nbsp;
पेट्रोल की कीमत (प्रति लीटर)
डीजल की कीमत (प्रति लीटर)


दिल्ली&amp;nbsp;
&amp;nbsp;102.12 रुपये
95.20 रुपये


मुंबई&amp;nbsp;
111.21 रुपये
97.83 रुपये


कोलकाता
113.51 रुपये
99.82 रुपये


अहमदाबाद
101.70 रुपये
97.84 रुपये


चेन्नई&amp;nbsp;
107.77 रुपये
&amp;nbsp;99.55 रुपये


पटना&amp;nbsp;
113.35 रुपये
&amp;nbsp;99.36 रुपये


लेह
109.81 रुपये
97.92 रुपये


तिरुवनंतपुरम
115.49 रुपये&amp;nbsp;
104.40 रुपये


पुणे&amp;nbsp;
111.52 रुपये
98.15 रुपये



&amp;nbsp;

#WATCH | Delhi | Union Minister for Petroleum and Natural Gas Hardeep Singh Puri explains the dynamics behind fuel pricing and whether the prices will go down further. pic.twitter.com/NjgtRjkTgA
&amp;mdash; ANI (@ANI) July 2, 2026



कब सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल?
केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने गुरुवार को कहा कि देश में फिलहाल पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी. उन्होंने कहा कि सरकार ने कच्चे तेल की बढ़ी हुई वैश्विक कीमतों के असर को संभाल लिया है.
पेट्रोल और डीजल की कीमतें कब तक कम होंगी, इस बारे में पूछे जाने पर केंद्रीय मंत्री ने बताया कि रिटेल स्तर पर ईंधन की कीमतों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में हुए बदलाव का असर तुरंत नहीं दिखता है क्योंकि इनकी खरीद, ढुलाई और रिफाइनिंग में समय लगता है. उन्होंने बताया कि अभी फ्यूल स्टेशनों पर जो पेट्रोल और डीजल बेचा जा रहा है, उसे बनाने के लिए इस्तेमाल किया गया कच्चा तेल लगभग दो महीने पहले खरीदा गया था, जब अंतरराष्ट्रीय कीमतें ज्यादा थीं. कीमतें कम होने की उम्मीदों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री ने कहा कि सरकार आने वाले हफ्तों में ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतों पर नजर रखेगी. अगर अगर कीमतें इसी स्तर पर बनी रहती हैं, तो हम हर 10 से 15 दिन में स्थिति की समीक्षा करेंगे.

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        <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 10:30:15 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Petrol-Diesel, Rate:, कब, तक, सस्ता, होगा, पेट्रोल-डीजल, सरकार, ने, दे, दिया, जवाब, जानें, आज, कितनी, है, कीमत</media:keywords>
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        <title>LPG Rate: घरेलू सिलेंडर के उपभोक्ताओं को नहीं राहत, आज भी नहीं गिरी कीमत; 3 जुलाई के रेट पर डालें नजर</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/lpg-rate-घरेलू-सिलेंडर-के-उपभोक्ताओं-को-नहीं-राहत-आज-भी-नहीं-गिरी-कीमत-3-जुलाई-के-रेट-पर-डालें-नजर</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/lpg-rate-घरेलू-सिलेंडर-के-उपभोक्ताओं-को-नहीं-राहत-आज-भी-नहीं-गिरी-कीमत-3-जुलाई-के-रेट-पर-डालें-नजर</guid>
        <description><![CDATA[ LPG Rate Today on July 3: आज देश में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है. हालांकि, 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम हाल ही में 183.50 रुपये घटाए गए हैं. इससे रेस्टोरेंट, हलवाई, ढाबा मालिकों को राहत मिला है, जिनका कारोबार पहले बढ़ाई गई कीमतों की वजह से प्रभावित हुआ.&amp;nbsp;घरेलू सिलेंडर की कीमतों में जून के महीने में 29 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी. इसके बाद से अब तक इसकी कीमत में कटौती का कोई ऐलान नहीं किया गया है.&amp;nbsp;
कमर्शियल गैस सिलेंडर के कब-कब बढ़े दाम?

नए साल की शुरुआत (1 जनवरी, 2026) 111 रुपये की बढ़ोतरी के साथ हुई, जिससे इसकी कीमत 1691.50 रुपये पर पहुंच गई.
अगले महीने फरवरी को दाम फिर से 49 रुपये बढ़ा दिए गए, जिससे कीमतें 1740.50 रुपये पर पहुंच गईं.&amp;nbsp;
1 मार्च को कमर्शियल गैस सिलेंडर 28 रुपये महंगा होकर 1768.50 रुपये पर पहुंच गया.
7 मार्च को 114.50 रुपये की बढ़ोतरी की गई, जिससे कीमतें 1883.0 पर पहुंच गईं.&amp;nbsp;
1 अप्रैल को इसमें 195.50 रुपये का इजाफा किया गया.&amp;nbsp;
1 मई को 993 रुपये के बंपर उछाल के साथ रेट 3071.50 के हाई लेवल पर पहुंच गए.&amp;nbsp;
1 जून को दोबारा से 42 रुपये की बढ़ोतरी की गई और दाम 3113.50 रुपये पर पहुंच गए.&amp;nbsp;

शहरवार LPG की कीमतें



शहर&amp;nbsp;
घरेलू सिलेंडर की कीमत
कमर्शियल सिलेंडर की कीमत


दिल्ली
942.0 रुपये
2930.0 रुपये


मुंबई
941.5 रुपये
2885.5 रुपये


कोलकाता
968.0 रुपये
3082.0 रुपये


चेन्नई
957.5 रुपये
3106.0 रुपये


नोएडा
939.50 रुपये
2917.0 रुपये&amp;nbsp;


देहरादून
961.0 रुपये
2983.5 रुपये


हैदराबाद
934.0 रुपये
2052.5 रुपये


जयपुर
945.5 रुपये
&amp;nbsp;2957.5 रुपये


तिरुवनंतपुरम
&amp;nbsp;951.0 रुपये
2970.5 रुपये



LPG का कम हुआ इस्तेमाल
पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (PPAC) की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 के शुरुआती छह महीनों में भारत में LPG की खपत में 8% तक की गिरावट आई है. रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत ने जनवरी से जून 2026 के बीच लगभग 14.7 मिलियन टन LPG की खपत की, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह खपत 15.9 मिलियन टन थी. इससे पता चलता है कि एलपीजी का कम इस्तेमाल हो रहा है.
इस पर सरकार ने कहा कि LPG की खपत में कमी सप्लाई चेन में आई रुकावट के चलते आई है. भारत अपनी जरूरत का लगभग 60% आयात करता है और इसका भी लगभग 90% हिस्सा पश्चिम एशिया के खाड़ी देशों से आता है, जो होर्मुज (Strait of Hormuz) से होकर भारत पहुंचते हैं. अमेरिका और ईरान में जंग के चलते इस रास्ते की नाकेबंदी कर दी गई, जिससे सप्लाई में रुकावट आई.&amp;nbsp;

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        <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 10:30:14 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>LPG, Rate:, घरेलू, सिलेंडर, के, उपभोक्ताओं, को, नहीं, राहत, आज, भी, नहीं, गिरी, कीमत, जुलाई, के, रेट, पर, डालें, नजर</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से बढ़ेगा हवाई सफर, इंडिगो और अकासा ने शुरू की नई उड़ानें; देखें लिस्ट</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/नोएडा-इंटरनेशनल-एयरपोर्ट-से-बढ़ेगा-हवाई-सफर-इंडिगो-और-अकासा-ने-शुरू-की-नई-उड़ानें-देखें-लिस्ट</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/नोएडा-इंटरनेशनल-एयरपोर्ट-से-बढ़ेगा-हवाई-सफर-इंडिगो-और-अकासा-ने-शुरू-की-नई-उड़ानें-देखें-लिस्ट</guid>
        <description><![CDATA[ Noida International Airport Network: देश की सबसे बड़ी घरेलू एयरलाइन कंपनी IndiGo ने हाल ही में शुरू हुए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Noida International Airport) से 8 नए बड़े शहरों को कनेक्ट किया है. इसके लिए एयरलाइन ने एक ही दिन में रिकॉर्ड 31 नई उड़ानें शुरू की हैं. इसके अलावा, Akasa Air&amp;nbsp; ने भी आज 2 जुलाई से नोएडा एयरपोर्ट को देश की आर्थिक राजनीति मुंबई से जोड़ते हुए छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए नई उड़ानें शुरू की हैं.
IndiGo ने जोड़े कौन-कौन से नए शहर?
नोएडा इंटरनेशल एयरपोर्ट का उद्घाटन 15 जून, 2026 को हुआ था. उस दौरान एयरलाइन ने बेंगलुरु, हैदराबाद, लखनऊ, जम्मू और अमृतसर के लिए अपनी उड़ानें शुरू की थी. अब 1 जुलाई से जयपुर, जोधपुर, चंडीगढ़, देहरादून, धर्मशाला, भोपाल, बरेली और पंतनगर के लिए उड़ानें शुरू की गईं. आज 2 जुलाई से किशनगढ़&amp;nbsp; को भी नेटवर्क में शामिल किया जा रहा है. इसी के साथ नोएडा एयरपोर्ट से इंडिगो की डेस्टिनेशन की संख्या 15 हो जाएगी.
अकासा एयर का नया रूट
अकासा एयर के बुकिंग पोर्टल के अनुसार, एयरलाइन ने 2 जुलाई से मुंबई के लिए अपनी फ्लाइट सर्विस शुरू की है. अकासा की कल से दो नई फ्लाइट हर रोज मुंबई के लिए उड़ान भरेगी. इससे पहले अकासा भारत की पहली ऐसी एयरलाइन बनी, जिसने देश के दो नए ग्राीनफील्ड हवाई अड्डों- नोएडा एयरपोर्ट और नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट को आपस में कनेक्यान करने का काम किया.
नोएडा एयरपोर्ट की बढ़ रही कैपेसिटी&amp;nbsp;
इंडिगो और अकासा ने 16 जून को नोएडा एयरपोर्ट से रोजाना 12 उड़ानों के साथ अपना ऑपरेशन शुरू किया. इनमें से आठ उड़ानें इंडिगो और चार आकासा द्वारा ऑपरेट की जा रही है. इंडिगो ने अभी जिन आठ शहरों के लिए अपनी फ्लाइट सर्विस शुरू की हैं, उनमें बरेली, जोधपुर और किशनगढ़ के लिए उड़ानें एक दिन छोड़कर (ऑल्टरनेट डेज पर) चलेंगी. बाकी सभी जगहों के लिए उड़ानें रोज होंगी. एयरलाइन 13 जुलाई से चंडीगढ़ रूट पर दो और डेली फ्लाइट सर्विस शुरू करने जा रही है. इन सभी को मिलाकर जुलाई महीने में नोएडा एयरपोर्ट से रोजाना 40-42 फ्लाइट्स ऑपरेट करने का लक्ष्य रखा गया है.&amp;nbsp;

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        <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 22:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>नोएडा, इंटरनेशनल, एयरपोर्ट, से, बढ़ेगा, हवाई, सफर, इंडिगो, और, अकासा, ने, शुरू, की, नई, उड़ानें, देखें, लिस्ट</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>Loan News: लोन का बोझ बढ़ गया है? इन आसान तरीकों से चुकाएं जल्दी कर्ज, ये गलतियां करने से बचें</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/loan-news-लोन-का-बोझ-बढ़-गया-है-इन-आसान-तरीकों-से-चुकाएं-जल्दी-कर्ज-ये-गलतियां-करने-से-बचें</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/loan-news-लोन-का-बोझ-बढ़-गया-है-इन-आसान-तरीकों-से-चुकाएं-जल्दी-कर्ज-ये-गलतियां-करने-से-बचें</guid>
        <description><![CDATA[ Loan News: आम व्यक्ति अपने घर, कार, बच्चों की पढ़ाई या किसी पर्सनल छोटी- या बड़ी हर तरह की जरूरतों क पूरा करने के लिए लोन लेता ही है. लोन के जरिए भले ही आमदनी ज्यादा ना हो लेकिन तब भी जरूरत पूरी हो जाती है और धीरे- धीरे करके चुका भी दिया जाता है. हालांकि कई बार लोग लोन लेने के बाद बुरी तरह फंस भी जाते हैं, जब वो समय पर लोन चुका नहीं पाते.
ऐसी स्थिति में लोन लेने वाले के ऊपर कर्ज का बोझ ब्याज के रूप में बढ़ता ही जाता है. जिससे वित्तीय बोझ भी बढ़ जाता है और मानसिक तनाव भी बढ़ सकता है. ऐसे में सही योजना बनाकर लोन को तय समय से पहले भी चुकाया जा सकता है. यहां आपको बताते हैं कि कैसे समय से पहले लोन बिना किसी तनाव के चुकाया जा सकता है.
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हिसाब बनाकर चलेंसबसे पहले अपनी सभी EMI और मासिक खर्चों का हिसाब बनाएं. कोशिश करें कि हर महीने की आय का एक हिस्सा अतिरिक्त भुगतान (Prepayment) के लिए बचाएं.&amp;nbsp;
अतिरिक्त राशि जमा करेंअगर आपके लोन पर प्रीपेमेंट चार्ज नहीं है, तो समय-समय पर अतिरिक्त राशि जमा करने से प्रिंसिपल जल्दी कम होता है और कुल ब्याज का बोझ भी घट जाता है.
ज्यादा ब्याज वाला लोन पहलेअगर आपके ऊपर एक से ज्यादा लोन हैं, तो सबसे उस लोन को चुकाने पर फोकस करें जिसमें ज्यादा ब्याज दर लग रही हो. इससे लंबे समय में ब्याज पर अच्छी-खासी बचत हो सकती है.&amp;nbsp;
बोनस से चुकाएं लोनअगर आपकी सैलरी बढ़ी है या बोनस मिला है, तो उसका कुछ हिस्सा लोन चुकाने में लगाना बेहतर ऑप्शन हो सकता है.
कम ब्याज वाला लोन लेंअगर आपके लोन की ब्याज दर ज्यादा है, तो किसी दूसरे बैंक या वित्तीय संस्थान से कम ब्याज दर पर लोन बैलेंस भी ट्रांसफर करवा सकते हैं. इससे EMI या कुल ब्याज का बोझ कम हो सकता है.
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इन गलतियों से बचेंलोन भरने के दौरान कुछ बातों का अच्छी तरह से ख्याल भी रखना चाहिए, जिससे किसी भी तरह से वित्तीय तनाव या कर्ज का बोझ ना बढ़े. इन गलतियों को करने से जरूर बचें, जैसे:

EMI की तारीख मिस न करें, इससे जुर्माना और क्रेडिट स्कोर दोनों प्रभावित हो सकते हैं.
एक लोन चुकाने के लिए बार-बार नया महंगा लोन लेने से बचें.
क्रेडिट कार्ड का बकाया लंबे समय तक न छोड़ें, क्योंकि इस पर ब्याज दर काफी ज्यादा होती है.
बिना शर्तें समझे लोन बैलेंस ट्रांसफर न कराएं. प्रोसेसिंग फीस और अन्य शुल्क जरूर चेक कर लें.
अपनी क्षमता से ज्यादा EMI का बोझ न लें.

इन बातों का ध्यान रखेंगे तो आप कभी भी लोन से परेशान नहीं होंगे, बल्कि आपका लोन कैसे चुटकियों में निकल जाएगा आपको पता भी नहीं चलेगा. इतना ही नहीं इससे आपका क्रेडिट स्कोर भी बेहतर होगा और आगे कभी किसी काम के लिए लोन लेने में कोई परेशानी नहीं होगी.
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        <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 22:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Loan, News:, लोन, का, बोझ, बढ़, गया, है, इन, आसान, तरीकों, से, चुकाएं, जल्दी, कर्ज, ये, गलतियां, करने, से, बचें</media:keywords>
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        <title>RBI ने शुरू की रियायती Swap Facility, अब विदेशों से उधार लेना होगा आसान, सरकारी संस्थानों को होगा फायदा</title>
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        <description><![CDATA[ RBI News: भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI ने एक नई सुविधा की शुरुआत की है, जिससे अब सरकारी वित्तीय संस्थानों को थोड़ी राहत मिल सकती है. ये नई सुविधा है कंसेशनल फॉरेक्स स्वैप, जिसकी मदद से अब सरकारी वित्तीय संस्थानों के लिए विदेश से कर्ज लेना पहले की तुलना में ज्यादा आसान और सस्ता होगा. इस बारे में रेटिंग एजेंसी S&amp;amp;P ग्लोबल रेटिंग्स ने गुरुवार को अपनी रिपोर्ट के जरिए बताया है.
पिछले महीने शुरू हुई सुविधादरअसल, विदेशी पूंजी को भारत में आकर्षित करने के लिए RBI ने पिछले महीने एक विशेष फॉरेक्स स्वैप सुविधा शुरू की थी. इसके तहत 30 सितंबर तक सार्वजनिक क्षेत्र (PSU) की कंपनियां अगर विदेश से एक्सटर्नल कमर्शियल बॉरोइंग्स (ECB) यानी विदेशी कर्ज जुटाती हैं, तो RBI उन्हें 3 से 5 साल की अवधि के लिए डॉलर रुपया स्वैप पर सिर्फ 1.5% सालाना प्रीमियम की दर से सुविधा देगा.
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S&amp;amp;P रेटिंग्स एजेंसी की एनालिस्ट गीता चुघ इस बारे में बात करते हुए मनी कंट्रोल को बताया है कि, सरकारी वित्तीय संस्थानों को विदेश से कर्ज लेने के लिए प्रोत्साहित करने से भारत में विदेशी मुद्रा आएगी. इससे देश का विदेशी मुद्रा भंडार मजबूत होगा, रुपये को सहारा मिलेगा और ये पूंजी आगे विभिन्न क्षेत्रों तक पहुंचकर अर्थव्यवस्था में तेजी लाएगी.
क्या लिखा है रिपोर्ट में?S&amp;amp;P की रिपोर्ट के मुताबिक, इस सुविधा का सबसे बड़ा फायदा ये है कि इससे विदेशी करेंसी के उतार-चढ़ाव का जोखिम काफी कम लागत पर खत्म हो जाता है. यानी सरकारी वित्तीय संस्थान बिना ज्यादा जोखिम उठाए विदेश से सस्ता कर्ज ले सकेंगे. इससे उनकी फंडिंग लागत घटेगी और वो ज्यादा विदेशी कर्ज जुटाने के लिए आगे आएंगी.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 22:30:11 +0530</pubDate>
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        <title>India GDP: 7.7% की दमदार जीडीपी ग्रोथ के साथ चमका भारत, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में लगातार 37वें महीने उछाल</title>
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        <description><![CDATA[ Indian Economy Report:&amp;nbsp;ईरान-अमेरिका युद्ध के बाद से जहां दुनियाभर के बाजारों में अनिश्चितता का माहौल है, वहीं भारतीय अर्थव्यवस्था लगातार चमक रही है. सरकार की ओर से जारी हुई ताजा आर्थिक रिपोर्ट में बताया गया है कि देश में घरेलू मांग और निवेश की स्थिति मजबूत है. जीडीपी ग्रोथ हो, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर हो या फिर गाड़ियों की रिकॉर्ड बिक्री, हर मोर्चे पर देश की तरक्की हो रही है.
कैसी है देश की आर्थिक सेहत?
वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की जीडीपी ग्रोथ 7.7% रही है. साल की आखिरी तिमाही में यह और उछलकर 7.8% पर पहुंच गई. यानी देश की इकोनॉमी की रफ्तार और तेज हो रही है. देश के मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज, दोनों ही सेक्टर्स में जबरदस्त तेजी देखी जा रही है. जून 2026 में पीएमआई 54.2 पर रहा. लगातार 37वें महीने यह 50 के निशान से ऊपर है, जिसका मतलब है कि फैक्ट्रियों में लगातार काम बढ़ रहा है. कंपनियों को नए ऑर्डर मिल रहे हैं और रोजगार के मौके बन रहे हैं.
वहीं, सर्विसेज पीएमआई इंडेक्स अप्रैल के 58.8 से बढ़कर मई में 59.8 पर पहुंच गया. बड़ी बात यह है कि यह नवंबर 2025 के बाद की सबसे बड़ी बढ़त है. नए ग्राहकों और एक्सपोर्ट डिमांड की वजह से यह सेक्टर मजबूत है.
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भारत का औद्योगिक उत्पादन सूचकांक &amp;nbsp;यानी आईआईपी मई 2026 में 5.1% की रफ्तार से बढ़ा, जो पिछले 5 महीनों में सबसे ज्यादा है. मैन्युफैक्चरिंग में ऑटोमोबाइल सेक्टर ने 14.5% और इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट सेक्टर ने सीधे 20.8% की छलांग लगाई है. बिजली और गैस सप्लाई में भी करीब 10% की बढ़त दर्ज की गई है.
इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार का भारी दांव
रिपोर्ट में बताया गया है कि सरकार देश के बुनियादी ढांचे यानी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत कर रही है. वित्त वर्ष 2026-27 के शुरुआती दो महीनों (अप्रैल-मई) में ही सरकार ने 2.51 लाख करोड़ रुपए का कैपिटल एक्सपेंडिचर कर दिया है. यह पिछले साल के मुकाबले लगभग 29 हजार 650 करोड़ रुपए ज्यादा है.
बता दें कि इसमें से अकेले भारतीय रेलवे ने अप्रैल-मई में 84 हजार करोड़ से ज्यादा खर्च किए हैं, जो उसके पूरे साल के टारगेट का लगभग 30 फीसदी है. यह पैसा ट्रेनों की सुरक्षा, नए सिग्नल सिस्टम, प्रोटेक्शन सिस्टम और नई पटरियां बिछाने पर खर्च हो रहा है.
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जीएसटी कलेक्शन में उछाल
ये रिपोर्ट बताती है कि टैक्स कलेक्शन के मामले में भी सरकार की चांदी है. &amp;nbsp;जून 2026 में जीएसटी कलेक्शन 13.9% बढ़कर करीब 1.95 लाख करोड़ पहुंच गया, जो जून 2025 में 1.71 लाख करोड़ था. वहीं बात करें डायरेक्ट टैक्स की तो 17 जून तक नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 14.64% की बढ़त के साथ 5.21 लाख करोड़ रुपए हो गया है. इसमें कॉर्पोरेट और पर्सनल टैक्स दोनों में अच्छी ग्रोथ है.
गांवों में बढ़ी गाड़ियों की डिमांड
दिलचस्प बात यह है कि मई के महीने में ग्रामीण इलाकों में गाड़ियों की बिक्री में 7.8% की बढ़ोतरी हुई है. वहीं अगर पूरे देश की बात करें तो अप्रैल 2026 में 26.11 लाख गाड़ियां बिकीं, जो भारत के ऑटो इतिहास का सबसे बड़ा &#039;अप्रैल रिकॉर्ड&#039; है. मई और जून में भी एसयूवी, ईवी और टू-व्हीलर्स की बंपर डिमांड रही.
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        <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 22:30:10 +0530</pubDate>
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        <title>Explained: तो क्या अब रील से कमाई बंद? इन्फ्लूएंसर्स इकोनॉमी में कैसे पड़ रही दरारें, ब्रांड एंडोर्समेंट क्यों चल रहे चालें?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/explained-तो-क्या-अब-रील-से-कमाई-बंद-इन्फ्लूएंसर्स-इकोनॉमी-में-कैसे-पड़-रही-दरारें-ब्रांड-एंडोर्समेंट-क्यों-चल-रहे-चालें</link>
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        <description><![CDATA[ भारत की इन्फ्लुएंसर इकोनॉमी बीते कुछ सालों में जिस रफ्तार से बढ़ी है, उसे देखकर लगता था कि यह सेक्टर अब पीछे मुड़कर नहीं देखेगा. 2023 में 1,900 करोड़ रुपये का यह बाजार 2027 तक बढ़कर 3,400 करोड़ रुपये हो जाने का अनुमान था. लेकिन असलियत है कि यह बाजार 5,000 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार करने की राह पर है. यानी अनुमान से कहीं ज्यादा तेजी से बढ़ रहा है. हालांकि, जैसे-जैसे यह बाजार बड़ा हो रहा है, वैसे-वैसे इसकी कमजोरियां भी उजागर हो रही हैं. पेमेंट में देरी, एजेंसियों की भरमार और भरोसे की कमी वो दरारें हैं जो इस इकोनॉमी में दिखने लगी हैं...
पेमेंट में देरी बना सबसे बड़ा सिरदर्द
इन्फ्लुएंसर इकोनॉमी में सबसे बड़ी समस्या पेमेंट को लेकर है. फूड क्रिएटर आयुष सप्रा ने मनीकंट्रोल को बताया, &#039;आज क्रिएटर्स के लिए ब्रांड्स या एजेंसियों पर फौरन भरोसा करना बहुत मुश्किल हो गया है. भरोसा बनने में समय लगता है, खासकर जब बात पेमेंट की हो.&#039;
पेमेंट्स में देरी होने की दो बड़ी वजहें हैं:

एजेंसियों पर काम का बोझ: इन्फ्लुएंसर-मार्केटिंग एजेंसी ओप्राह के को-फाउंडर प्रणव पनपालिया कहते हैं कि एजेंसियों को क्रिएटर्स को जल्दी पेमेंट करनी होती है, जबकि क्लाइंट्स के पेमेंट टर्म्स काफी लंबे होते हैं, जिससे वर्किंग कैपिटल पर दबाव बनता है. यानी एजेंसी के पास पैसा आता तो है, लेकिन देर से, जबकि उसे क्रिएटर को समय पर देना होता है. इस बीच का गैप ही देरी की वजह बनता है.
क्रिएटर्स की भरमार: एजेंसियां अब 30 दिन या उससे ज्यादा की पेमेंट टर्म्स ऑफर कर रही हैं, क्योंकि उन्हें ऐसे क्रिएटर्स की कमी नहीं है जो ऐसी शर्तें मान लें. यानी अगर कोई क्रिएटर ये शर्तें नहीं मानता, तो एजेंसी को दूसरा क्रिएटर मिल ही जाएगा.

क्या इन्फ्लूएंसर इकोनॉमी में सिर्फ देरी से पेमेंट मिलना ही परेशानी है?
नहीं, इससे भी बड़ी समस्या- कोई ऑफिशियल एग्रीमेंट नहीं होना है. आयुष सप्रा ने बताया, &#039;मुझे ऐसे ब्रांड्स और एजेंसियों ने भी कॉन्टैक्ट किया जिन्होंने कोई ऑफिशियल एग्रीमेंट या ईमेल ट्रेल भी ऑफर नहीं किया. वे सिर्फ व्हाट्सएप मैसेज या फोन कॉल के आधार पर डील करना चाहते थे.&#039; छोटे क्रिएटर्स के पास अक्सर इन डील्स से मना करने का ऑप्शन नहीं होता.
2,000 एजेंसियों में सिर्फ 35 के हाथ में 70% बाजार
इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग में एक और बड़ी समस्या है कि एजेंसियां बहुत ज्यादा हो गई हैं. भारत में 1,500 से 2,000 इन्फ्लुएंसर-मार्केटिंग एजेंसियां हैं.
IPLIX मीडिया के को-फाउंडर और CEO नील गोगिया के मुताबिक, टॉप की 30-35 एजेंसियां 4,000 करोड़ रुपये के बाजार का 70-75% हिस्सा संभालती हैं. यानी बाकी की 1,200 से ज्यादा छोटी एजेंसियां बचे हुए 25-30% बाजार के लिए आपस में लड़ रही हैं.
नील गोगिया ने आगे बताया, &#039;महीने में 1-2 करोड़ रुपये का कारोबार करना आसान है क्योंकि बहुत सारे क्रिएटर्स और ब्रांड्स हैं, लेकिन इससे आगे बढ़ना मुश्किल है.&#039; ज्यादातर एजेंसियां 20 लाख से 1 करोड़ रुपये के रेवेन्यू ब्रैकेट में काम करती हैं और अक्सर &amp;nbsp; सिर्फ 2-3 बड़े क्लाइंट्स के भरोसा रहती हैं.
छत्रबॉक्स के MD और CEO राज मिश्रा ने कहा, &#039;जब किसी शख्स के पास इंस्टाग्राम हैंडल की स्प्रेडशीट हो, वह खुद को एजेंसी कह सकता है. ब्रांड्स के लिए यह बताना मुश्किल हो जाता है कि कौन असल में स्ट्रैटेजिक काम कर रहा है और कौन सिर्फ ट्रांजैक्शन कर रहा है.&#039;
मार्जिन पर घटती कमाई का बढ़ता दबाव
एजेंसियों की भरमार का एक और असर यह है कि मार्जिन पर दबाव बढ़ रहा है. राज मिश्रा ने साफ कहा, &#039;एजेंसियां अब वैल्यू के बजाय कीमत पर कॉम्पिटीशन कर रही हैं, जो लंबे समय में टिकाऊ नहीं है.&#039; इसका मतलब यह हुआ कि एजेंसियां एक-दूसरे से सस्ते दरों पर काम ले रही हैं, जिससे उनकी अपनी कमाई घट रही है. इससे क्रिएटर्स की फीस बढ़ रही है, लेकिन ROI (निवेश पर वापसी) को मापने में गड़बड़ है. नतीजतन, बाजार में हर कोई बिजी है, लेकिन हर कोई मुनाफे में नहीं है.&#039;
ASCI की रिपोर्ट से टूटता भरोसा
पेमेंट और एजेंसियों की समस्या के अलावा इस इकोनॉमी के सामने एक और बड़ा संकट है- भरोसा. एडवरटाइजिंग स्टैंडर्ड्स काउंसिल ऑफ इंडिया (ASCI) ने 2025 में 1,609 इन्फ्लुएंसर-बेस्ड एडवर्टाइजमेंट मामलों की जांच की. चौंकाने वाली बात यह है कि &amp;nbsp; 97% से ज्यादा मामलों में संशोधन या सुधारात्मक कार्रवाई की जरूरत पड़ी. इनमें:

50% से ज्यादा उल्लंघन अवैध उत्पादों के प्रमोशन से जुड़े थे. इसमें ऑफशोर बेटिंग प्लेटफॉर्म और शराब शामिल हैं.
869 इन्फ्लुएंसर अवैध बेटिंग या दूसरे प्रतिबंधित कैटेगरी के प्रमोशन में पकड़े गए.
फोर्ब्स इंडिया की टॉप 100 डिजिटल स्टार्स लिस्ट में शामिल इन्फ्लुएंसरों में 76% 2025 में उल्लंघन में पाए गए, जो 2024 के 69% से ज्यादा था.

ASCI ने साफ चेतावनी दी है, &#039;इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग की तेज ग्रोथ ने जवाबदेही व्यवस्था को पीछे छोड़ दिया है.&#039;
आखिर इन्फ्लूएंसर्स के साथ क्यों हो रहा है &#039;क्वाइट रीसेट&#039;?
ETPlay की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इन्फ्लुएंसर इकोनॉमी &#039;क्वाइट रीसेट&#039; से गुजर रही है. ब्रांड्स अब इन्फ्लुएंसरों पर अपने खर्चों में कटौती कर रहे हैं और ज्यादा सावधानी बरत रहे हैं. अब किसी भी विवादास्पद चूक या लापरवाह सोशल मीडिया पोस्ट से किसी बड़े ब्रांड एंडोर्समेंट को नुकसान पहुंच सकता है. &#039;इंडियाज गॉट लेटेंट&#039; जैसे हालिया विवादों ने ब्रांड्स को और सतर्क कर दिया है.
क्या इन्फ्लुएंसर इकोनॉमी मुश्किल में है?
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, भारत की इन्फ्लुएंसर इकोनॉमी तेजी से बढ़ रही है, लेकिन इसके साथ कई दरारें भी सामने आ रही हैं:

पेमेंट में देरी: क्रिएटर्स को 30 दिन या उससे ज्यादा का इंतजार करवाना और कोई ऑफिशियल एग्रीमेंट नहीं करना.
एजेंसियों की भरमार: 2,000 एजेंसियां, लेकिन सिर्फ 30-35 एजेंसियों के हाथ में 70-75% बाजार है.
मार्जिन पर दबाव: कीमत पर प्रतिस्पर्धा, मुनाफा घट रहा है.
भरोसे  ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 06:30:15 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>BNPL vs Credit Card: शॉपिंग से पहले जान लें! Buy Now Pay Later और क्रेडिट कार्ड में क्या है बड़ा अंतर?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/bnpl-vs-credit-card-शॉपिंग-से-पहले-जान-लें-buy-now-pay-later-और-क्रेडिट-कार्ड-में-क्या-है-बड़ा-अंतर</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/bnpl-vs-credit-card-शॉपिंग-से-पहले-जान-लें-buy-now-pay-later-और-क्रेडिट-कार्ड-में-क्या-है-बड़ा-अंतर</guid>
        <description><![CDATA[ BNPL vs Credit Card: अगर आपको शॉपिंग करना पसंद है, तो आपको ये भी पता ही होगा कि आज के समय में यदि पैसे ना भी हों तो भी शॉपिंग की जा सकती है. इसके लिए कई ऑप्शंस भी होते हैं. जैसे BNPL (Buy Now, Pay Later) या क्रेडिट कार्ड. इन दोनों की मदद से ही आप अभी खरीदारी कर सकते हैं और पेमेंट बाद में कर सकते हैं. हालांकि, दोनों का तरीका, लागत और उपयोग अलग-अलग होता है. ऐसे में इसके इस्तेमाल से पहले ये जान लेना बहुत जरूरी है कि इन दोनों में से आपके लिए कौन-सा ऑप्शन बेहतर रहेगा.
BNPL क्या है?BNPL यानी (Buy Now, Pay Later) इससे मतलब है &#039;अभी खरीदें, बाद में भुगतान करें&#039;. इसमें आप किसी सामान या सेवा को तुरंत खरीद सकते हैं और उसकी कीमत बाद में एक साथ या आसान किस्तों (EMI) में चुका सकते हैं. कई BNPL कंपनियां तय समय के अंदर भुगतान करने पर ब्याज नहीं लेतीं. हालांकि, समय पर भुगतान नहीं करने पर लेट फीस और ब्याज दोनों देना पड़ सकता है.
ये भी पढ़ें: Gold-Silver News: सरकार ने सोने-चांदी पर लिया बड़ा फैसला, और कम होंगे गोल्ड सिल्वर के दाम! ज्वेलरी इंडस्ट्री को मिलेगा बूस्ट
क्रेडिट कार्ड क्या है?क्रेडिट कार्ड बैंक के द्वारा दी जाने वाली एक क्रेडिट सुविधा है. इसके जरिए आप तय लिमिट तक खर्च कर सकते हैं और बिलिंग साइकिल खत्म होने के बाद भुगतान कर सकते हैं. अगर आप पूरा बकाया समय पर चुका देते हैं, तो आमतौर पर कोई ब्याज नहीं लगता. लेकिन सिर्फ मिनिमम ड्यू भरने या भुगतान में देरी करने पर भारी ब्याज देना पड़ सकता है.
BNPL वर्सेज क्रेडिट कार्डवैसे तो इन दोनों का काम एक ही है, लेकिन इनके काम का तरीका अलग- अलग होता है. BNPL आमतौर पर छोटी खरीदारी और लिमिटेड समय के भुगतान के लिए ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है, जबकि क्रेडिट कार्ड रोजमर्रा के खर्च, ऑनलाइन-ऑफलाइन शॉपिंग, ट्रेवल और बड़े पेमेंट्स के लिए ज्यादा फायदेमंद माना जाता है. क्रेडिट कार्ड पर रिवॉर्ड पॉइंट्स, कैशबैक, एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस और अन्य फायदे भी मिलते हैं, जो BNPL में अक्सर उपलब्ध नहीं होते.
ये भी पढ़ें: EPS 2026: सरकार ने लागू की नई पेंशन योजना, जानें नई EPFO स्कीम में क्या बदला और क्या नहीं
दोनों में से क्या है बेहतर?अगर आपको कभी कोई छोटी-मोटी रकम की खरीदारी करना है और आप तय समय पर पूरा भुगतान कर सकते हैं, तो BNPL एक आसान ऑप्शन हो सकता है. वहीं, अगर आप नियमित रूप से डिजिटल भुगतान करते हैं, अच्छी क्रेडिट हिस्ट्री बनाना चाहते हैं और रिवॉर्ड्स का फायदा उठाना चाहते हैं, तो क्रेडिट कार्ड ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है.
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        <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 06:30:14 +0530</pubDate>
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        <title>कहीं खुशी&amp;कहीं गम! 1 जुलाई को LPG&amp;पेट्रोल हुआ सस्ता तो ये सुविधाएं हुई महंगी, देखें लिस्ट</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/कहीं-खुशी-कहीं-गम-1-जुलाई-को-lpg-पेट्रोल-हुआ-सस्ता-तो-ये-सुविधाएं-हुई-महंगी-देखें-लिस्ट</link>
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        <description><![CDATA[ Cheap and Costlier Amenities List: 1 जुलाई 2026 का दिन देशभर में कई सारे बदलाव लेकर आया है. ये ऐसे बदलाव हैं जो आम लोगों के जीवन में बहुत महत्व रखते हैं. इन बदलावों के चलते किसी की जिंदगी आसान होगी तो किसी की मुश्किल हो सकती है. क्योंकि 1 जुलाई के आगाज के साथ ही कई सुविधाएं महंगी हुई हैं तो कई सुविधाएं सस्ती भी हुई हैं.
सस्ता और महंगा हुआ सामान1 जुलाई से आम लोगों को एक तरफ कमर्शियल LPG, ATF और सोने-चांदी की बेस इंपोर्ट प्राइस में राहत मिली है, तो वहीं दूसरी तरफ रेलवे यात्रा, कुछ बैंकिंग सेवाएं और क्रेडिट कार्ड से जुड़े कई शुल्क महंगे या कम फायदेमंद हो गए हैं. तो आइये यहां आपको एक लिस्ट दिखाते हैं जिसमें क्या सस्ता हुआ है और क्या महंगा वो बताया जा रहा है.
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1 जुलाई से क्या हुआ सस्ता?आज के दिन की शुरुआत ही महत्वपूर्ण चीजों के दामों में कटौती के साथ हुई. यहां देखें लिस्ट:

19 किलो वाला कमर्शियल LPG सिलेंडर सस्ता हुआ है.&amp;nbsp;
5 किलो वाला छोटू सिलेंडर 13 रुपये सस्ता हुआ.
पेट्रोल 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल 3 रुपये प्रति लीटर सस्ता हुआ है.
ATF (एविएशन टर्बाइन फ्यूल) 5 रुपये प्रति लीटर सस्ता हुआ है.
सोने का बेस इम्पोर्ट प्राइस 51 डॉलर (करीब 4 हजार 851 रुपये) प्रति 10 ग्राम घटाया गया गया है.
चांदी का बेस इम्पोर्ट प्राइस 22 डॉलर (करीब 2 हजार 092 रुपये) प्रति किलोग्राम कम किया गया है.

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1 जुलाई से क्या हुआ महंगा?1 जुलाई से कई चीजें और सुविधाएं सस्ती हुई हैं तो वहीं कई सुविधाओं के दामों में बढ़ोतरी भी देखी गई है. यहां देखें लिस्ट:

भारतीय रेलवे ने पैसेंजर किराए में बढ़ोतरी की है.
नॉन-एसी मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों का किराया 1 पैसा प्रति किलोमीटर बढ़ाया गया है.
एसी क्लास का किराया 2 पैसे प्रति किलोमीटर बढ़ा दिया गया है.
ICICI Bank ATM से तय सीमा से अधिक ट्रांजैक्शन पर शुल्क बढ़ाया गया है.
IMPS और कुछ अन्य बैंकिंग सेवाओं के चार्ज संशोधित किए गए हैं.
HDFC Bank के क्रेडिट कार्ड में कुछ श्रेणियों के खर्च पर अतिरिक्त शुल्क लागू किया गया है.
रिवॉर्ड प्वाइंट्स और कुछ ट्रांजैक्शन की शर्तों में भी बदलाव किया गया है.
SBI Card के कुछ को-ब्रांडेड क्रेडिट कार्ड्स पर मिलने वाले कॉम्प्लिमेंट्री एयर एक्सीडेंट इंश्योरेंस कवर को बंद किया गया.
कुछ कार्ड्स के लाभ और पेमेंट स्ट्रक्चर में भी बदलाव हुए.
अब पासपोर्ट बनावाना भी महंगा हो गया है, ना केवल नया पासपोर्ट बल्कि पुराने को अपडेट करवाना भी महंगा हो गया है.

बता दें कि इन सुविधाओं के महंगा और सस्ते होने से आम लोगों की जिंदगी पर इसका बहुत असर पड़ेगा. जो चीजें सस्ती हुई हैं, उनसे तो लोगों को फायदा ही होगा. लेकिन महंगाई बढ़ने से आम आदमी का बजट हिलेगा. हालांकि रोजमर्रा से जुड़ी के दामों में तो कटौती ही हुई है इससे आम लोगों ने राहत की सांस ली है.
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        <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 06:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>कहीं, खुशी-कहीं, गम, जुलाई, को, LPG-पेट्रोल, हुआ, सस्ता, तो, ये, सुविधाएं, हुई, महंगी, देखें, लिस्ट</media:keywords>
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    <item>
        <title>500 Rupees News: आपका पांच सौ का नोट असली है या नकली? RBI ने बताया नोट पर छिपा &amp;apos;सीक्रेट&amp;apos; फीचर, ऐसे पहचानें</title>
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        <description><![CDATA[ 500 Rupees News: जैसे- जैसे टेक्नोलॉजी तरक्की कर रही हैं वैसे- वैसे ही ठगों के इरादे भी बढ़ते ही जा रहे हैं. नकली नोटों का कारोबार हमेशा से ही काफी चर्चा में रहा है. इस पर लगाम लगाने की भी तमाम कोशिशें की जाती हैं, लेकिन फिर भी कहीं ना कहीं से जेब में नकली नोट आ ही जाते हैं. इसी बीच अब RBI (रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया) ने भी लोगों को असली और नकली नोट के बीच कार्क बताया है. यदि आपके पास भी 500 रुपये का कोई नोट हो तो उसे जल्दी से चेक कर लें.
RBI ने बताया असली- नकली नोट का फर्करिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) अपने ग्राहकों का बहुत अच्छी तरह से ख्याल रखता है. ऐसे में अपने सोशल मीडिया के जरिए वो ग्राहकों को जागरुक भी करता रहता है. अब हाल ही में RBI ने अपने आधिकारिक X (ट्विटर) अकाउंट के जरिए एक पोस्ट शेयर की है. इस पोस्ट में केंद्रीय बैंक ने 500 रुपये के असली नोट की पहचान वाला खास फीचर बताया है.
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इस पोस्ट के साथ एक 500 रुपये के नोट की फोटो लगी है. जिसमें मैग्निफाइन ग्लास से नोट पर एक जगह को फोकस और जूम करके दिखाया गया है जिस पर &#039;INDIA भारत&#039; लाइन से लिखा है. इसके साथ ही इस इमेज के जरिए बताया गया है कि नकली और असली नोट में कैसे फर्क करें. यहां देखें पोस्ट:

In times when counterfeit currency is a growing concern, knowing the smallest details can make the biggest difference.​Learn about one such security feature &quot;Microlettering&quot; on the ₹500 note.​For more information on other security features, visit: https://t.co/vLDWXwbbI2&amp;hellip; pic.twitter.com/AxY829jwc8
&amp;mdash; ReserveBankOfIndia (@RBI) July 1, 2026



MICROLETTERING है खास फीचरइस पोस्ट को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, &#039;आजकल नकली नोटों के मामले बढ़ रहे हैं. ऐसे में नोट की छोटी-से-छोटी सुरक्षा पहचान को जानना आपको बड़े नुकसान से बचा सकता है. 500 रुपये के नोट में मौजूद ऐसे ही एक खास सुरक्षा फीचर &#039;माइक्रोलेटरिंग (Microlettering)&#039; के बारे में जानिए.&#039;
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RBI ने इस पोस्ट में बताया है कि नोट की माइक्रोलेटरिंग इसका खास फीचर है, जो असली- नकली में फर्क बताता है. इसके अलावा लिखा:

ये माइक्रोलेटर्स &#039;भारत&#039; और &#039;INDIA&#039; महात्मा गांधी के शॉल फोल्ड पर हैं.
माइक्रोलेटर्स RBI महात्मा गांधी के चश्में की फ्रेम पर नजर आएगा.
माइक्रोलेटर RBI500INDIA बैंक नोट के लेफ्ट साइड में नजर आएगा.

RBI ने अपने इस पोस्ट में ये भी बताया है कि नोट की पहचान या नोट से संबंधित कोई भी बात हो तो उसकी परख और पूछताछ के लिए RBI की वेबसाइट पर जा सकते हैं. यदि आपके पास भी कोई नोट आ गया है और आपके लिए उसे पहचान पाना मुश्किल है कि वो असली है या नकली तो RBI की इस तकनीक से नोट की पहचान कर लें.
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        <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 06:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>500, Rupees, News:, आपका, पांच, सौ, का, नोट, असली, है, या, नकली, RBI, ने, बताया, नोट, पर, छिपा, सीक्रेट, फीचर, ऐसे, पहचानें</media:keywords>
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        <title>Stock Market: हरे निशान पर खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स 76000 के पार; निफ्टी में भी तेजी</title>
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        <description><![CDATA[ Share Market Today on July 1: आज महीने की पहली तारीख को शेयर बाजार की सपाट शुरुआत हुई. अमेरिका-ईरान के बीच शांति समझौते को लेकर दोहा में चल रही बातचीत को लेकर जारी अनिश्चितताओं के चलते शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स-निफ्टी में सुस्ती देखी जा रही थी. हालांकि, कुछ ही देर बाद रिकवरी करते हुए सेंसेक्स करीब 263 अंकों की बढ़त के साथ 76742.50 के स्तर पर जा चुका है. वहीं, निफ्टी करीब 82 अंक उछलकर अभी 23947.90 पर ट्रेड कर रहा है.
एशियाई बाजार
बुधवार को एशियाई बाजारों में तेजी देखने को मिली. जापान का निक्केई 225 1.79% चढ़ा. इसी तरह से टॉपिक्स (Topix) ने भी 1.07% की बढ़त हासिल की. इस दौरान दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) भी 1.52% तक उछल गया. हालांकि, स्मॉल-कैप कोस्डैक (Kosdaq) में 0.42% की गिरावट आई है. हांगकांग के हैंग सेंग इंडेक्स के फ्यूचर्स 22,990 पर रहे, जो इसके पिछले क्लोजिंग लेवल 22,881.02 से ज्यादा है.
अमेरिकी शेयर बाजार
आज अमेरिकी बेंचमार्क से जुड़े फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट्स में गिरावट देखी गई है. Dow Jones Industrial Average से जुड़े फ्यूचर्स 83 पॉइंट या 0.2% तक गिरे. S&amp;amp;P 500 फ्यूचर्स और Nasdaq 100 फ्यूचर्स में कोई खास बदलाव नहीं देखने को नहीं मिला. मंगलवार यानी कि 30 जून की रात को अमेरिकी बाजार बढ़त के साथ बंद हुए. Dow Jones में 136.46 पॉइंट या 0.26% का उछाल आया. S&amp;amp;P 500 में 0.79% की तेजी आई, जबकि Nasdaq Composite भी 1.52% की बढ़त हासिल करने में कामयाब रहा.
क्रूड ऑयल की कीमत
आज 1 जुलाई को कच्चे तेल की कीमतों में हल्की तेजी देखी जा रही है. वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड फ्यूचर्स 0.81% बढ़कर 70.06 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गए हैं. &amp;nbsp;वहीं, अगस्त डिलीवरी वाले ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स भी इस वक्त 72.92 डॉलर पर कारोबार कर रहे हैं. हालांकि, COMEX पर क्रूड की कीमतें 0.79% गिरकर 70.05 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई हैं.
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        <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 14:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Stock, Market:, हरे, निशान, पर, खुला, शेयर, बाजार, सेंसेक्स, 76000, के, पार, निफ्टी, में, भी, तेजी</media:keywords>
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    <item>
        <title>PF क्लेम करना है? ठहरिए! आज काम नहीं करेगा EPFO पोर्टल, जानें कब से शुरू होंगी सेवाएं?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/pf-क्लेम-करना-है-ठहरिए-आज-काम-नहीं-करेगा-epfo-पोर्टल-जानें-कब-से-शुरू-होंगी-सेवाएं</link>
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        <description><![CDATA[ EPFO Portal: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) तकनीकी अपग्रेडेशन (सेंट्रलाइज्ड आईटी सिस्टम 2.0) के चलते 1 जुलाई 2026 की रात तक अपनी सारी ऑनलाइन सेवाएं रोकने जा रही हैं. इसमें पीएफ क्लेम करने सेलेकर पासबुक डाउनलोड और UAN सभी शामिल हैं. EPFO ​​पोर्टल पर दिए गए नोटिस के अनुसार, सेवाएं अब 1 जुलाई को रात 11:59 बजे तक उपलब्ध नहीं रहेंगी और उम्मीद है कि 2 जुलाई, 2026 को रात 12:00 बजे से ये फिर से शुरू हो जाएंगी.
क्यों बढ़ाई जा रही समय सीमा?
यह समय सीमा पोर्टल की स्पीड को बढ़ाने और आगे आने वाले समय में क्लेम सेटलमेंट में और तेजी लाने के मकसद से बढ़ाई जा रही है. EPFO ​​इन दिनों अपने क्लेम प्रोसेसिंग सिस्टम के डेटाबेस को एक साथ लाने (कंसोलिडेशन) और सॉफ्टवेयर को अपग्रेड करने के काम में बीते 26 जून से जुटा हुआ है.
इस अपग्रेडेशन के बाद क्लेम सेटलमेंट में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा, प्रोसेसिंग की क्षमता और सर्विस डिलीवरी बेहतर होगी और बार-बार पोर्टल क्रैश होन की समस्या भी ठीक हो जाएगी. हालांकि, जब तक काम जारी रहेगा, तब तक तब तक मेंबर और एम्प्लॉयर मेंबर इंटरफेस और एम्प्लॉयर इंटरफेस के जरिए ऑनलाइन सेवाओं का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे.&amp;nbsp;

pic.twitter.com/Gn2rcyLbA7
&amp;mdash; EPFO (@officialepfo) July 1, 2026



अब क्या है उपाय?
अगर आपको किसी जरूरी काम के लिए पीएफ क्लेम करना है या पासबुक चेक करनी है, तो 2 जुलाई को सिस्टम के रीस्टार्ट होने का इंतजार करें. हालांकि, अगर शादी-ब्याह या मेडिकल इमरजेंसी जैसी कोई स्थिति हो, तो आप अपने नजदीकी पीएफ ऑफिस में जाकर फिजिकल फॉर्म जमा करा सकते हैं.&amp;nbsp;
दो बार बढ़ाई गई डेडलाइन
EPFO ने शुरू में जब 26 जून से काम करना शुरू किया था, तब 28 जून तक ऑनलाइन सर्विस बंद रखने और 29 जून को उन्हें फिर से बहाल करने की बात कही थी. बाद में मेंटेनेंस का समय सीमा 30 जून तक बढ़ा दी गई और बताया गया कि सर्विस 1 जुलाई से शुरू होगी. अब ताजा नोटिस में सर्विस शुरू होने में एक दिन और देरी होने की बात कही गई है. अब पोर्टल पर सर्विसेज 2 जुलाई से उपलब्ध होने की उम्मीद है.

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1 July Rule Change: पासपोर्ट बनवाना हुआ महंगा, मुफ्त आधार अपडेट भी शुरू; जानें आज से लागू हुए बड़े बदलाव&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 14:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>क्लेम, करना, है, ठहरिए, आज, काम, नहीं, करेगा, EPFO, पोर्टल, जानें, कब, से, शुरू, होंगी, सेवाएं</media:keywords>
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        <title>साथ है सिर्फ हैंड बैग तो सस्ता मिलेगा फ्लाइट टिकट, इस एयरलाइन ने ग्राहकों को दिया तोहफा</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/साथ-है-सिर्फ-हैंड-बैग-तो-सस्ता-मिलेगा-फ्लाइट-टिकट-इस-एयरलाइन-ने-ग्राहकों-को-दिया-तोहफा</link>
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        <description><![CDATA[ Indigo lite Fare: इंडिगो ने इकॉनमी क्लास के यात्रियों के लिए एक नया किराया विकल्प लॉन्च किया है जिसका नाम इंडिगो लाइट रखा गया है. यह एयरलाइन के मौजूदा फेयर पोर्टफोलियो में एक नया इंट्री लेवल विकल्प है जो खासतौर पर उन यात्रियों के लिए है जो सिर्फ केबिन बैगेज के साथ यात्रा करते हैं.&amp;nbsp; इस फेयर के जरिए यात्री सिर्फ उन्हीं सुविधाओं के लिए भुगतान करेंगे जिनका वे इस्तेमाल करते हैं जिससे उन्हें अपने ट्रैवल खर्च पर ज्यादा नियंत्रण और लचीलापन मिलेगा.
बुकिंग कब से शुरू होगी
इंडिगो लाइट फेयर की बुकिंग एक जुलाई 2026 से शुरू होगी और यह सिर्फ इंडिगो के डायरेक्ट चैनलों पर उपलब्ध रहेगी. इसमें कंपनी की वेबसाइट मोबाइल एप्लिकेशन और कॉन्टैक्ट सेंटर शामिल हैं यानी थर्ड पार्टी बुकिंग प्लेटफॉर्म पर यह किराया विकल्प फिलहाल नहीं मिलेगा.
पेट्रोल पर 4 रुपये और डीजल के एक्सपोर्ट पर सरकार ने बढ़ाए 8.5 रुपये, जानें अब क्या होगा आपके ऊपर असर
कब से मिलेगी यह सुविधा
इस नए फेयर के तहत यात्रा 15 जुलाई 2026 से शुरू होगी. यानी बुकिंग की शुरुआत और असल यात्रा की तारीख के बीच करीब दो हफ्ते का अंतर रखा गया है.
किन रूट्स पर लागू होगा
इंडिगो लाइट फेयर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह के नॉन स्टॉप रूट्स पर लागू होगा. यह वन वे राउंडट्रिप और मल्टीसिटी तीनों तरह की यात्राओं के लिए उपलब्ध रहेगा. यह सुविधा वयस्क और बच्चे दोनों तरह के यात्रियों के लिए लागू होगी.
देश में दो साल बाद 5 रुपए सस्ता हुआ पेट्रोल और डीजल में 3 रुपए की गिरावट, किस कंपनी ने दी बड़ी राहत
बड़ी बात क्या है
इंडिगो लगातार अपने फेयर पोर्टफोलियो को यात्रियों की जरूरत के हिसाब से बांटने की कोशिश कर रहा है. इससे पहले भी कंपनी सेवर फ्लेक्सी और अपफ्रंट जैसे किराया विकल्प पेश कर चुकी है. इंडिगो लाइट के आने से उन यात्रियों को सीधा फायदा होगा जो कम सामान के साथ छोटी यात्राएं करते हैं और चेक्ड बैगेज पर पैसे खर्च नहीं करना चाहते.
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        <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 14:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>साथ, है, सिर्फ, हैंड, बैग, तो, सस्ता, मिलेगा, फ्लाइट, टिकट, इस, एयरलाइन, ने, ग्राहकों, को, दिया, तोहफा</media:keywords>
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        <title>महीना शुरू होते ही बड़ी गिरावट! जेट फ्यूल की कम हुई कीमत, क्या अब सस्ता होगा हवाई सफर?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/महीना-शुरू-होते-ही-बड़ी-गिरावट-जेट-फ्यूल-की-कम-हुई-कीमत-क्या-अब-सस्ता-होगा-हवाई-सफर</link>
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        <description><![CDATA[ Aviation Fuel Prices cut down: अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में क्रूड ऑयल की गिरती कीमतों का असर अब अपने देश में भी दिखने लगा है. दरअसल, आज 1 जुलाई 2026 को सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियों ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में लगभग 5 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है. इस गिरावट के साथ ही दिल्ली में अब ATF की कीमत 110 रुपये प्रति लीटर हो गई है.
इस गिरावट के साथ ही दिल्ली में अब ATF की कीमत 110 रुपये प्रति लीटर हो गई है. जेट फ्यूल की कीमत कम होने के बाद अब हवाई किराए में कमी किए जाने की भी उम्मीद की जा सकती है क्योंकि किसी भी एयरलाइन के ऑपरेटिंग कॉस्ट में लगभग 40-50% हिस्सा ATF पर खर्च से ही जुड़ा होता है. ऐसे में जाहिर सी बात है कि इसकी कीमत गिरने से हवाई किराए में भी कमी आने की संभावना है.
महीने में 2 बार बदली जाती है कीमत&amp;nbsp;
भारत में सरकारी तेल कंपनियां एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में महीने में दो बार (हर 15 दिन के अंतराल) पर बदलाव करती हैं. अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की औसत कीमत और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये के एक्सचेंज रेट के आधार पर अमून महीने की पहली और 16 तारीख को ये नए रेट लागू किए जाते हैं. इसी नियम के तहत, आज जेट फ्यूल के दाम 5 रुपये प्रति लीटर घटा दिए गए हैं. चूंकि महीने में दो बार जेट फ्यूल की कीमतें तय की जाती हैं इसलिए एयरलाइन कंपनियां भी उस हिसाब से टिकट की कीमत और अपने बजट को एडजस्ट करती हैं.&amp;nbsp;
क्या कम होगा हवाई किराया?
ATF की कीमतों में 5 रुपये प्रति लीटर की कटौती किए जाने के बाद हो सकता है कि आने वाले दिनों में दिल्ली-मुंबई, मुंबई-बेंगलुरु जैसे रूट्स पर बेस फेयर में कमी लाई जाए. हो सकता है कि विमानन कंपनियां टिकट की कीमतों में से Fuel Surcharge को घटा दे, इससे भी टिकट सस्ता हो जाएगा.&amp;nbsp;
आज और क्या हुआ बदलाव?

सरकार ने 1 जुलाई से अगले दो हफ्तों के लिए पेट्रोल, डीजल और ATF पर एक्सपोर्ट ड्यूटी में बदलाव किया है. अब एक्सपोर्ट ड्यूटी पेट्रोल पर 4 प्रति लीटर, डीजल पर 8.5 रुपये प्रति लीटर और ATF पर 7.5 रुपये प्रति लीटर तय की गई है.
आज तेल मार्केटिंग कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में 183.50 रुपये की कटौती की है.&amp;nbsp;
घरेलू LPG की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है.
पेट्रोल-डीजल के भी दाम नहीं बदले गए हैं.&amp;nbsp;


ये भी पढ़ें:
Fuel News: पेट्रोल पर 4 रुपये और डीजल के एक्सपोर्ट पर सरकार ने बढ़ाए 8.5 रुपये, जानें अब क्या होगा आपके ऊपर असर&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 14:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>महीना, शुरू, होते, ही, बड़ी, गिरावट, जेट, फ्यूल, की, कम, हुई, कीमत, क्या, अब, सस्ता, होगा, हवाई, सफर</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>केंद्रीय कर्मचारियों की बल्ले&amp;बल्ले: 150.8 पर पहुंचा मई का AICPI&amp;IW, डीए में 3% की बढ़ोतरी तय!</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/केंद्रीय-कर्मचारियों-की-बल्ले-बल्ले-1508-पर-पहुंचा-मई-का-aicpi-iw-डीए-में-3-की-बढ़ोतरी-तय</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/केंद्रीय-कर्मचारियों-की-बल्ले-बल्ले-1508-पर-पहुंचा-मई-का-aicpi-iw-डीए-में-3-की-बढ़ोतरी-तय</guid>
        <description><![CDATA[ DA Hike in July 2026: केंद्र सरकार के सभी कर्मचारियों का जुलाई 2026 में लागू होने वाले महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी का बेसब्री से इंतजार है. लेबर ब्यूरो द्वारा हाल ही में मई 2026 के लिए जारी अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) 0.9 अंक बढ़कर 150.8 पर पहुंच गया है, जबकि अप्रैल 2026 में यह 149.9 था. यह डेटा केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए DA में बदलाव तय करने में अहम भूमिका निभाता है.
AICPI-IW बढ़ने से केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 1 जुलाई 2026 से लागू होने वाले DA में 3% की बढ़ोतरी लगभग तय मानी जा रही है. इस बढ़ोतरी का बाद कर्मचारियों का डीए मौजूदा 60% से बढ़कर 63% पर पहुंच जाएगा, इस बात की उम्मीद लगाई जा रही है.&amp;nbsp;
कितनी रही महंगाई दर?
औद्योगिक श्रमिकों के लिए मई 2026 में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 4.72 पर पहुंच गई है, जो पिछले साल मई के 2.93 के मुकाबले कहीं ज्यादा है. मार्च में महंगाई दर 149.1 था, जिसके बाद इसमें लगातार इजाफा होता जा रहा है. ऐसे में कर्मचारियों की सैलरी में बढ़ोतरी तय मानी जा रही है. अभी जून 2026 के AICPI-IW डेटा का इंतजार है, जो जुलाई के अंत में जारी कर दिए जाएंगे.
अगर जून में इंडेक्स स्थिर भी रहता है, तो भी फॉर्मूले के तहत डीए में 3% की बढ़ोतरी तय मानी जा रही है. अभी जुलाई 2025 से मई 2026 तक उपलब्ध 11 महीनों के आंकड़ों के आधार पर DA का स्कोर 63% को पार कर चुका है. AICPI-IW बढ़ने से लेवल-6 के कर्मचारियों की सैलरी में लगभग 1062 रुपये और लेवल-10 के अधिकारियों की सैलरी में करीब 1683 रुपये की बढ़ोतरी होगी.
AICPI-IW क्या होता है?&amp;nbsp;
आसान भाषा में हें तो AICPI-IW महंगाई को मापने का एक पैमाना है. यह एक ऐसा सरकारी आंकड़ा है, जो यह बताता है देश की आम कामकाजी जनता के लिए खाने-पीने और रोजमर्रा की जिंदगी में काम आने वाली चीजें कितनी महंगी हो गई हैं. इनमें खाने-पीने की चीजों से लेकर कपड़े, बिजली बिल, दवाइयां वगैरह शामिल हैं. सरकार इसी आंकड़े को आधार मानते हुए यह तय करती है कि केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी कितनी बढ़नी चाहिए.&amp;nbsp;
बता दें कि सरकार हर छह महीने में (जनवरी और जुलाई) में केंद्रीय कर्मचारियों का डीए रिवाइज करती है और इसी के लिए पिछले 6 महीनों के AICPI-IW आंकड़ों का औसत निकाला जाता है.&amp;nbsp;

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        <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 14:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>केंद्रीय, कर्मचारियों, की, बल्ले-बल्ले:, 150.8, पर, पहुंचा, मई, का, AICPI-IW, डीए, में, की, बढ़ोतरी, तय</media:keywords>
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        <title>सरकार ने PNB&amp;SBI और केनरा बैंक के विलय को दी मंजूरी? क्या इन बैंकों में है आपका खाता? पढ़ लें ये जरूरी खबर</title>
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        <description><![CDATA[ Bank Merger News: सोशल मीडिया पर इन दिनों कुछ ऐसी खबरें सामने आ रही हैं, जिसमें कहा जा रहा है कि भारत के तीन बड़े बैंकों का विलय होने जा रहा है. यदि ये खबरें सही हैं तो इन बैंकों में खाता रखने वाले हर एक शख्स को इस खबर को बड़े ही ध्यान से पढ़ना होगा. ये कोई छोटे- मोटे या ऐसे ही बैंक नहीं हैं बल्कि PNB, SBI जैसे बड़े बैंक हैं.
किन- किन बैंकों का है नाम?खबरों के मुताबिक इस लिस्ट में तीन बैंक शामिल हैं. एक तो PNB यानी पंजाब नेशनल बैंक, SBI यानी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और तीसरा है केनरा बैंक. ये तीनों ही बैंक देश के बड़े बैंकों में शामिल हैं. इतना ही नहीं SBI तो सबसे बड़ा सरकारी बैंक है. हालांकि अब इन खबरों की सच्चाई भी सामने आ गई है. ऐसी खबरों पर भरोसा करने से पहले यहां इनकी सच्चाई के बारे में भी जान लीजिए.
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क्या है खबर की सच्चाई?वायरल हो रहीं इन खबरों की सच्चाई अब सरकारी एजेंसी PIB ने बताई है. दरअसल हाल ही में पीआईबी फैक्ट चेक ने अपने ऑफिशियल X (ट्विटर) अकाउंट के जरिए पोस्ट शेयर कर इस खबर को साफतौर पर झूठा बताया है. उन्होंने इस खबर का एक स्क्रीनशॉट शेयर किया है और उसके ऊपर साफ शब्दों में FAKE लिखा है.&amp;nbsp;

An image circulating on social media platforms falsely claims that the Government has approved the merger of Punjab National Bank (PNB), Canara Bank, and State Bank of India (SBI).#PIBFactCheck❌ This claim is #FAKE.✅ The Government of India has NOT approved any proposal&amp;hellip; pic.twitter.com/0A7gJZznHT
&amp;mdash; PIB Fact Check (@PIBFactCheck) June 29, 2026



इस खबर की सच्चाई को उजागर करते हुए PIB की तरफ से फोटो के साथ कैप्शन में लिखा गया है, &#039;सोशल मीडिया पर एक फोटो वायरल हो रही है जिसमें गलत दावा किया गया है कि सरकार ने पंजाब नेशनल बैंक (PNB), केनरा बैंक और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के विलय को मंजूरी दे दी है. ये दावा #FAKE (झूठा) है.&#039;
ये है सच्चाईइसके आगे एजेंसी ने सच्चाई बताते हुए लिखा, &#039;भारत सरकार ने PNB, केनरा बैंक और SBI के विलय के किसी भी प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी है. वायरल हो रही तस्वीर मनगढ़ंत है और ये किसी असली अखबार या सरकार की आधिकारिक सूचना से संबंधित नहीं है. सही जानकारी के लिए हमेशा RBI की आधिकारिक वेबसाइट देखें: http://rbi.org.in&#039;
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इसके अलावा एजेंसी की तरफ से अपील की गई है कि भारत सरकार से जुड़ी किसी भी संदिग्ध जानकारी की रिपोर्ट पीआईबी फैक्ट चेक पर करें. साथ ही इसका मोबाइल नंबर और ईमेल भी शेयर किया गया है.
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        <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 02:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>सरकार, ने, PNB-SBI, और, केनरा, बैंक, के, विलय, को, दी, मंजूरी, क्या, इन, बैंकों, में, है, आपका, खाता, पढ़, लें, ये, जरूरी, खबर</media:keywords>
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        <title>Gold Price: सोने के साथ पिछले 18 सालों में ऐसा नहीं हुआ, जो जून में हुआ, 2008 के बाद सबसे बड़ी मासिक गिरावट दर्ज</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/gold-price-सोने-के-साथ-पिछले-18-सालों-में-ऐसा-नहीं-हुआ-जो-जून-में-हुआ-2008-के-बाद-सबसे-बड़ी-मासिक-गिरावट-दर्ज</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/gold-price-सोने-के-साथ-पिछले-18-सालों-में-ऐसा-नहीं-हुआ-जो-जून-में-हुआ-2008-के-बाद-सबसे-बड़ी-मासिक-गिरावट-दर्ज</guid>
        <description><![CDATA[ Gold Price: सोने की कीमतों में हमेशा से ही उतार चढ़ाव देखा जाता रहा है. लेकिन बीते कुछ समय से इसकी कीमतों में चढ़ाव ही देखने को मिल रहा था. हाल ही में मिडिल ईस्ट में हुए तनाव के कारण स्थिति काफी अनिश्चित बनती दिखाई दी. लेकिन किसी ने सोचा भी नहीं था कि सोने की कीमतों में इतनी गिरावट देखने को मिल सकती है. ऐसा करीब 18 साल में पहली बार देखने को मिल रहा है जब सोने के दाम इतने गिरे.
सोने की कीमतों में गिरावटदरअसल मंगलवार को सोने की कीमतों में काफी गिरावट देखने को मिली है. जून का आखिरी दिन यानी 30 जून 2026 को गोल्ड की कीमत करीब 12% तक कम नजर आई. इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह मिडिल- ईस्ट में बढ़ा तनाव और अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने की आशंका बताई जा रही है. निवेशकों को डर है कि महंगाई पर काबू पाने के लिए अमेरिकी केंद्रीय बैंक (फेडरल रिजर्व) इस साल ब्याज दरें कई बार बढ़ा सकता है.
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कितनी दर्ज की गई है कीमत?Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक स्पॉट गोल्ड की कीमत मंगलवार को 0.8% गिरकर 3,985.57 डॉलर प्रति औंस (भारतीय रुपये के अनुसार करीब 3.77 लाख रुपये) पर आ गई. जून महीने में अब तक सोने की कीमत करीब 12% तक गिर चुकी है, जिससे ये लगातार चौथे महीने गिरावट की ओर बढ़ रही है. वहीं, अगस्त डिलीवरी वाले अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स भी 1% गिरकर 3,999.20 डॉलर प्रति औंस (भारतीय रुपये के हिसाब से करीब 3 लाख 78 हजार रुपये) पर पहुंच गए.
चांदी की कीमतों में भी बदलावसोने के साथ ही चांदी की कीमतों में भी गिरावट दर्ज की गई है. चांदी की कीमत 1.3% गिरकर 57.53 डॉलर प्रति औंस (भारतीय रुपया के हिसाब से करीब 5 हजार 4 सौ रुपया) पर आ गई. वहीं, प्लैटिनम 0.7% टूटकर 1,563.25 डॉलर प्रति औंस (भारतीय रुपये के मुताबिक करीब 1 लाख 48 हजार रुपये) पर पहुंच गया.&amp;nbsp;
18 साल में पहली बार दिखी गिरावटइससे पहले सोने के दामों में इतनी भारी गिरावट अक्टूबर 2008 में देखने को मिली थी. जून 2026 की गिरावट करीब 18 साल बाद पहली इतनी बड़ी मासिक गिरावट के रूट में दर्ज की गई है. हालांकि इतनी तनावपूर्ण स्थिति में इस गिरावट के बारे में किसी ने सोचा भी नहीं था.
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        <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 02:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Gold, Price:, सोने, के, साथ, पिछले, सालों, में, ऐसा, नहीं, हुआ, जो, जून, में, हुआ, 2008, के, बाद, सबसे, बड़ी, मासिक, गिरावट, दर्ज</media:keywords>
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        <title>E20 Policy: इथेनॉल आवंटन पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, BPCL को मिली राहत, केंद्र समेत 24 पक्षों को भेजा नोटिस</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/e20-policy-इथेनॉल-आवंटन-पर-सुप्रीम-कोर्ट-का-बड़ा-फैसला-bpcl-को-मिली-राहत-केंद्र-समेत-24-पक्षों-को-भेजा-नोटिस</link>
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        <description><![CDATA[ E20 Policy: पेट्रोल- डीजल की कीमतें बढ़ने के बाद से ही ई20 पेट्रोल यानी इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल काफी चर्चा में रहा है. सरकार भी लगातार इसकी पैरवी कर रही थी. तो वहीं इसके आवंटन को लेकर अलग- अलग चर्चाएं भी चल रही थी. जिसके बाद अब हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐसा आदेश जारी किया है, जिसने फिलहाल ई20 के आवंटन को लेकर सारे कंफ्यूजन को दूर कर दिया है.
सुप्रीम कोर्ट का फैसलादरअसल हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि 2025-26 के लिए इथेनॉल आवंटन व्यवस्था में फिलहाल कोई बदलाव नहीं होगा. NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक कोर्ट ने ये फैसला भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड की एक याचिका की सुनवाई के दौरान किया है. इस फैसले से BPCL को काफी राहत मिली है.&amp;nbsp;
ये भी पढ़ें: Salary Claim: &#039;2.5 लाख है अब 1 लाख के बराबर&#039;, सोशल मीडिया पर इस आंत्रप्रिन्योर की सैलरी पर पोस्ट ने छेड़ी बहस
क्या है पूरा मामला?ये पूरा मामला हाई कोर्ट के उस फैसले से जुड़ा है, जिसमें उसने तेल विपणन कंपनियों (OMCs) से कहा था कि वो कुछ डिस्टिलरी (शराब बनाने वाली इकाइयों) की इथेनॉल आवंटन बढ़ाने की मांग पर सोच- विचार करें. हाईकोर्ट के इस फैसले को BPCL ने कर्नाटक हाई कोर्ट में चुनौती दी थी और कहा था कि अगर कुछ डिस्टिलरी को ज्यादा इथेनॉल दिया गया, तो पूरे देश में लागू इथेनॉल खरीद और आवंटन व्यवस्था प्रभावित हो सकती है.
सुनवाई के दौरान क्या हुआ?इस मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने कहा कि हाई कोर्ट के आदेश से सरकार की पेट्रोल में 20% इथेनॉल मिलाने की नीति पर असर पड़ सकता है. उन्होंने ये भी बताया कि 2025-26 के लिए इथेनॉल सप्लाई के अनुबंध पहले ही अक्टूबर 2025 में पूरे हो चुके हैं और इसी तरह के कई मामले देश के अलग-अलग हाई कोर्ट में भी लंबित हैं.
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केंद्र सरकार समेत 24 पक्षों से जवाब तलबसुनवाई के दौरान इन दलीलों को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है. यानी 2025-26 के लिए इथेनॉल आवंटन की मौजूदा व्यवस्था में अभी कोई बदलाव नहीं होगा. कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार और 23 डिस्टिलरी समेत कुल 24 पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. अब उनके जवाब आने के बाद मामले की अगली सुनवाई होगी.
 ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 02:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>E20, Policy:, इथेनॉल, आवंटन, पर, सुप्रीम, कोर्ट, का, बड़ा, फैसला, BPCL, को, मिली, राहत, केंद्र, समेत, पक्षों, को, भेजा, नोटिस</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>Salary Claim: &amp;apos;2.5 लाख है अब 1 लाख के बराबर&amp;apos;, सोशल मीडिया पर इस आंत्रप्रिन्योर की सैलरी पर पोस्ट ने छेड़ी बहस</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/salary-claim-25-लाख-है-अब-1-लाख-के-बराबर-सोशल-मीडिया-पर-इस-आंत्रप्रिन्योर-की-सैलरी-पर-पोस्ट-ने-छेड़ी-बहस</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/salary-claim-25-लाख-है-अब-1-लाख-के-बराबर-सोशल-मीडिया-पर-इस-आंत्रप्रिन्योर-की-सैलरी-पर-पोस्ट-ने-छेड़ी-बहस</guid>
        <description><![CDATA[ Salary Claim: ये दौर महंगाई का दौर है, इस बात से किसी भी तरह से कोई मुकर नहीं सकता. महंगाई इस समय में दिन दोगुनी और रात चौगुनी की रफ्तार से बढ़ रही है. तेल- गैस के दामों में इजाफा, किराया- भाड़ा में बढ़ोतरी, ब्याजदरों में बढ़ोतरी, हर तरह से जनता के ऊपर महंगाई की मार पड़ रही है. इसका अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि लोगों की सैलरी भी अब ना के बराबर लगती है. ऐसा हम नहीं बल्कि बेंगलुरु के एक आंतत्रप्रिन्योर का कहना है.
दरअसल सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है. जिसमें नए दौर की नई सैलरी के बारे में बात की जा रही है. इस पोस्ट में बताया गया है कि आजकल मेट्रो सिटी में जो सैलरी लोगों को मिल रही है, वो असल खर्च से काफी कम है. ये पोस्ट बेंगलुरु के रहने वाले एक आंत्रप्रिन्योर की है, जिनके इस इस पोस्ट ने सोशल मीडिया पर तगड़ी बहस छेड़ दी है.
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क्या है पोस्ट?बेंगुलुरु के रहने वाले एक आंत्रप्रिन्योर निकेत राज द्विवेदी ने कुछ दिन पहले एक ट्वीट किया. इस ट्वीट में उन्होंने लिखा, &#039;2.5 लाख हर महीने नया 1 लाख रुपये है&#039;. जिसका सीधे तौर पर मतलब है कि यदि आपकी सैलरी ढाई लाख रुपये है तो ये आज के दौर के हिसाब से 1 लाख रुपये के बराबर है. इतना ही नहीं उन्होंने इसके लिए दो शहरों का नाम भी लिखा, &#039;खासतौर से मुंबई और बेंगलुरु&#039; जैसे शहरों के लिए. यहां देखें पोस्ट:

2.5 Lac per month is the new 1 Lac
&amp;mdash; Niket Raj Dwivedi (@niketrajdwivedi) June 24, 2026



सोशल मीडिया पर छिड़ी बहसनिकेत के इस ट्वीट को लेकर सोशल मीडिया पर काफी तगड़ी बहस छिड़ गई है. कई यूजर्स उनके इस ट्वीट से सहमत हैं, तो कई लोग इसके खिलाफ भी नजर आ रहे हैं. एक यूजर ने इस पर कमेंट करते हुए लिखा, &#039;कई लोग असलियत से कितना दूर है, ये बात वाकई इम्प्रेसिव है.&#039; तो वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा, &#039;वाकई, अब 28 लाख LPA को नॉर्मल समझना चाहिए.&#039; तो वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा, &#039;1 लाख हर महीने सैलरी को 20 हजार समझना चाहिए.&#039;

Genuinely impressive how detached from reality some people are
&amp;mdash; Vaibhav Shivrain (@Vaibnof) June 25, 2026



&amp;nbsp;

Genuinely impressive how detached from reality some people are
&amp;mdash; Vaibhav Shivrain (@Vaibnof) June 25, 2026



ये भी पढ़ें: सरकार ने PNB-SBI और केनरा बैंक के विलय को दी मंजूरी? क्या इन बैंकों में है आपका खाता? पढ़ लें ये जरूरी खबर
इस पोस्ट पर इसी तरह के कमेंट्स लोगों के आ रहे हैं. ये बात तो साफ है कि महंगाई का दौर है, रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल होने वाले सामान तक काफी महंगे हो रहे हैं. ऐसे में निकेत की बात को पूरी तरह से सिरे से खारिज भी नहीं किया जा सकता. हालांकि निकेत केवल मेट्रो सिटीज की बात कर रहे हैं. छोटे शहरों में कई लोगों की सैलरी 40-50 हजार या उससे कम भी होती है, जिसमें उन्हें हर हाल में गुजारा करना पड़ता है.
 ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 02:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Salary, Claim:, 2.5, लाख, है, अब, लाख, के, बराबर, सोशल, मीडिया, पर, इस, आंत्रप्रिन्योर, की, सैलरी, पर, पोस्ट, ने, छेड़ी, बहस</media:keywords>
    </item>
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        <title>LPG Rate Today: बदलाव के लिए रहें तैयार! कल एलपीजी के रेट पर आ सकता है बड़ा अपडेट, जानें आज की कीमत?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/lpg-rate-today-बदलाव-के-लिए-रहें-तैयार-कल-एलपीजी-के-रेट-पर-आ-सकता-है-बड़ा-अपडेट-जानें-आज-की-कीमत</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/lpg-rate-today-बदलाव-के-लिए-रहें-तैयार-कल-एलपीजी-के-रेट-पर-आ-सकता-है-बड़ा-अपडेट-जानें-आज-की-कीमत</guid>
        <description><![CDATA[ LPG Rate Today on June 30: आज जून महीने की आखिरी तारीख को भी देश में घरेलू और कमर्शियल दोनों तरह के सिलेंडर के रेट नहीं बदले गए हैं. 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत 939.50 से 1031.50 रुपये के बीच बनी हुई है.
घरेलू सिलेंडर की कीमतों में आखिरी बार बदलाव 7 जून, 2026 को हुआ था, जब तेल कंपनियों ने कीमतों में 29 रुपये की बढ़ोतरी की थी. वहीं, 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम आखिरी बार 1 जून, 2026 को बढ़ाए गए थे, तब कीमतों में 42 रुपये से 53.50 रुपसे का इजाफा किया गया था.&amp;nbsp;
कल कीमतों में हो सकता है बदलाव
कल जुलाई की पहली तारीख है. ऐसे में हो सकता है कि तेल कंपनियां कल सुबह गैस सिलेंडरों के नए रेट जारी कर सकती है. सरकारी तेल कंपनियां (IOCL, HPCL, BPCL) पिछले महीने के वैश्विक मार्केट ट्रेंड की समीक्षा करेंगे और उस हिसाब से नए रेट लागू किए जाएंगे. कीमतें अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में क्रूड ऑयल और एलपीजी की औसत कीमतों के आधार पर तय की जाती हैं.
भारत अपनी जरूरत का आधे से ज्यादा एलपीजी आयात करता है. ग्लोबल लेवल पर एलपीजी की कीमत सऊदी अरामको कॉन्ट्रैक्ट प्राइस (Saudi Aramco Contract Price- CP) से तय होती हैं. सऊदी अरामको महीने के आखिरी में नए रेट का ऐलान करती है. इसी को आधार बनाकर भारतीय तेल कंपनियां भी 1 तारीख को सुबह 6 बजे नया रेट लिस्ट जारी करती हैं.&amp;nbsp;
शहरवार LPG सिलेंडर की कीमत



शहर&amp;nbsp;
घरेलू सिलेंडर की कीमत
कमर्शियल सिलेंडर की कीमत


दिल्ली
&amp;nbsp;942.0 रुपये
3113.5 रुपये


मुंबई
941.5 रुपये
&amp;nbsp;3067.5 रुपये


कोलकाता
968.0 रुपये
3256.0 रुपये


चेन्नई
&amp;nbsp;957.5 रुपये
&amp;nbsp;3283.0 रुपये


बेंगलुरु
944.5 रुपये
&amp;nbsp;3198.0 रुपये


अमृतसर
983.0 रुपये
&amp;nbsp;3220.0&amp;nbsp;रुपये


लखनऊ
979.5 रुपये
3236.0 रुपये


गाजियाबाद
939.50 रुपये
3113.50 रुपये


पटना
1031.5 रुपये
3400.5 रुपये



आज LPG e-KYC कराने का आखिरी दिन
आज 30 जून, 2026 को एलपीजी गैस कनेक्शन की ई-केवाईसी कराने का आखिरी दिन है. सरकार और तेल कंपनियों के निर्देशों के मुताबिक, सभी उपभोक्ताओं को यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी. जिन ग्राहकों का आधार-बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन आज पूरा नहीं होगा, उनके बैंक खाते में आने वाली सरकारी सब्सिडी रूक जाएगी. तेल कंपनियों ने साफ कह दिया है कि e-KYC पेंडिंग होने की स्थिति में सिलेंडर की बुकिंग भले ही नहीं रोकी जाएगी, लेकिन इससे आगे चलकर डिलीवरी और री-फिलिंग में दिक्कतें आ सकती हैं.&amp;nbsp;

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        <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 09:30:16 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>LPG, Rate, Today:, बदलाव, के, लिए, रहें, तैयार, कल, एलपीजी, के, रेट, पर, आ, सकता, है, बड़ा, अपडेट, जानें, आज, की, कीमत</media:keywords>
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        <title>बाजार में आग उगल रहे टमाटर&amp;प्याज और आलू, सब्जियों की बढ़ती कीमतों से अब महंगाई बढ़ने का डर</title>
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        <description><![CDATA[ Onion-Tomatoes Price Hike: सब्जियां बनाने के लिए अमूमन जिन तीन चीजों की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, उनकी कीमतें तेजी से बढ़ती जा रही है. मंडियों में आलू, प्याज और टमाटर पहले से महंगे नजर आ रहे हैं. इन तीन चीजों की कीमतें बढ़ने से आगे आने वाले समय में खाने-पीने की चीजों की महंगाई यानी कि फूड इंफ्लेशन बढ़ने का डर अब लोगों को सताने लगा है.
सब्जियों की कितनी बढ़ी है कीमत?&amp;nbsp;
कंज्यूमर अफेयर्स मिनिस्ट्री के डेटा के मुताबिक, पिछले एक महीने से टमाटर के दाम औसतन 18-26%, आलू की 1.3% और प्याज के दाम 11% तक बढ़ चुके हैं. उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में टमाटर 50% तक महंगा हो गया है. कुछ ऐसा ही हाल दिल्ली-NCR की मंडियों का भी है. आवक घटने से यहां भी दाम दोगुने हो चुके हैं.
कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) में इन तीनों सब्जियों की कुल हिस्सेदारी 1.75% है इसलिए इनकी कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर महंगाई के आंकड़ों पर भी पड़ सकता है. पिछले साल की कीमतों से तुलना करें, तो टमाटर एक साल में 25% महंगा हो चुका है. प्याज की भी कीमतें 3.3% बढ़ी हैं. हालांकि, आलू पिछले साल के मुकाबले 17% सस्ता है.&amp;nbsp;
आपकी थाली पर कितना पड़ेगा असर?
CRISIl की रिपोर्ट &#039;Roti Rice Rate&#039; के मुताबिक, केवल टमाटर की कीमत बढ़ने की वजह से घर में बनने वाली शाकाहारी थाली 5% और मांसाहारी थाली 7% तक महंगी हो चुकी है. चूंकि, भारत में खाना पकाने के लिए आमतौर पर टमाटर, प्याज और आलू का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है इसलिए इनके महंगे होने से रेस्टारेंट्स में खाना महंगा हो जाएगा, कई फूड प्रोडक्ट्स महंगे हो जाएंगे. वैसे ही खुदरा महंगाई दर 16 महीने के उच्च स्तर 3.9% पर पहुंच चुकी है.&amp;nbsp;
क्यों बढ़ रही सब्जियों की कीमतें?&amp;nbsp;
मई और जून में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और हीट वेव के चलते टमाटर के फसलें खेतों में ही झुलस गईं, जिससे उत्पादन को भारी नुकसान पहुंचा. ऊपर से भीषण गर्मी होने की वजह से लंबी दूरी के ट्रांसपोर्टेशन में टमाटर जल्दी सड़ जा रहे हैं. ऐसे में मंडियों में टमाटर की सप्लाई कम होने लगी है.
प्याज के मामले में एक्सपर्ट्स का कहना है कि बेमौसम बारिश के चलते प्याज के भंडारण को नुकसान पहुंचा है और इसकी गुणवत्ता पर भी असर पड़ा है. ऐसे में बाजार में अच्छी क्वॉलिटी के प्याज की कमी देखी जा रही है. ऊपर से अल नीनो और मानसून में देरी के चलते खरीफ फसलों की बुआई भी प्रभावित हुई है. ऐसे में आगे संकट और बढ़ सकता है.&amp;nbsp;

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        <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 09:30:15 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>बाजार, में, आग, उगल, रहे, टमाटर-प्याज, और, आलू, सब्जियों, की, बढ़ती, कीमतों, से, अब, महंगाई, बढ़ने, का, डर</media:keywords>
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        <title>Gold&amp; Silver Price Today: सोना&amp;चांदी फिर हुए सस्ते, एक दिन में कितना बदला भाव? जानिए आज का ताजा रेट</title>
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        <description><![CDATA[ Gold- Silver Price Today: सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए राहत की खबर है. 30 जून 2026 को सर्राफा बाजार में दोनों की कीमतों में हल्की गिरावट देखने को मिली है. पिछले कुछ दिनों से बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है, लेकिन आज गोल्ड और सिल्वर दोनों नरम दिखाई दिए.&amp;nbsp;
एक दिन में कितना बदला सोने का भाव?आज 24 कैरेट सोना करीब ₹1.44 लाख प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखा. कल के मुकाबले इसमें करीब ₹800 से ₹1,000 तक की गिरावट दर्ज की गई है. वहीं 22 कैरेट सोना भी करीब ₹700-₹900 तक सस्ता हुआ है.&amp;nbsp;
बदलाव के लिए रहें तैयार! कल एलपीजी के रेट पर आ सकता है बड़ा अपडेट, जानें आज की कीमत?
चांदी में भी आई नरमीचांदी की कीमतों में भी आज गिरावट देखने को मिली. एक किलो चांदी का भाव करीब ₹2.23 लाख के आसपास रहा, जो कल के मुकाबले लगभग ₹2,000-₹3,000 तक कम है.&amp;nbsp;
शहर अनुसार में आज सोने का रेट-



शहर का नाम
24K सोने का भाव (प्रति ग्राम)


दिल्ली
14207


मुंबई
14192


नोएडा
14207


कोलकाता
14192


पटना
14192


चेन्नई
14508


बेंगलुरु
14192


लखनऊ
14207


हैदराबाद
14192



30 जून को नहीं बदले पेट्रोल-डीजल के दाम? जानिए दिल्ली से पटना तक आज का रेट
शहर अनुसार आज चांदी का रेट-



शहर का नाम
चांदी का भाव (प्रति किलोग्राम)


दिल्ली
&amp;nbsp;239900


नोएडा
239900


कोलकाता
239900


पटना
239900


चेन्नई
244900&amp;nbsp;


बेंगलुरु
239900


लखनऊ
239900


हैदराबाद
244900



क्यों सस्ता हुआ सोना?बाजार एक्सपर्ट्स के मुताबिक डॉलर मजबूत हुआ है और निवेशकों ने मुनाफावसूली की है. अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर चिंता बनी हुई है. इन्हीं वजहों से सोने-चांदी पर दबाव देखने को मिल रहा है.&amp;nbsp;
क्या अभी खरीदना सही रहेगा?अगर आप शादी या लॉन्ग टर्म निवेश के लिए सोना खरीदना चाहते हैं, तो एक्सपर्ट्स इसे अच्छा मौका मान रहे हैं. लगातार तेजी के बाद आई यह गिरावट खरीदारों को राहत दे सकती है.
घर खरीदें या SIP करें? करोड़पति बनने का सबसे सुरक्षित रास्ता कौन सा है, कहां तेजी से बढ़ेगा आपका पैसा? ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 09:30:14 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Gold-, Silver, Price, Today:, सोना-चांदी, फिर, हुए, सस्ते, एक, दिन, में, कितना, बदला, भाव, जानिए, आज, का, ताजा, रेट</media:keywords>
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        <title>Stocks to watch: आज इन शेयरों पर रखें, दिख सकती है बड़ी हलचल; फटाफट चेक करें पूरी लिस्ट</title>
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        <description><![CDATA[ Stocks to focus Today on June 30: आज मंगलवार, 30 जून को शेयर बाजार कई कंपनियों के शेयरों में हलचल देखे जाने की उम्मीद है. कॉर्पोरेट घोषणाओं, मैनेजमेंट में बदलाव और बड़े ऑडर्स के चलते कई शेयर फोकस में रहेंगे. आइए बाजार खुलने से पहले इन पर एक नजर डालते हैं:-
HDFC Bank- बैंक के बोर्ड ने 30 जून से चार साल के लिए HDFC बैंक के एडिशनल डायरेक्टर (इंडिपेंडेंट डायरेक्टर) के तौर पर राजीव कुमार की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है. उन्हें RBI की मंजूरी मिलने पर बैंक का पार्ट-टाइम चेयरमैन भी नियुक्त किया गया है. इसके अलावा, बोर्ड ने पुनीत शर्मा (एक्सिस बैंक के पूर्व CFO) को 1 सितंबर, 2026 से HDFC बैंक का चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर-डेजिग्नेट और 1 दिसंबर से चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर के तौर पर नियुक्त करने को भी मंजूरी दी है. बैंक द्वारा मैनेजमेंट स्तर पर बदलाव का असर आज शेयरों पर दिख सकता है.
Axis Bank- एक्सिस बैंक के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) पुनीत शर्मा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, जो 30 अगस्त से लागू माना जाएगा. अब वह HDFC बैंक में 1 सितंबर, 2026 से चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर-डेजिग्नेट और 1 दिसंबर से चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर की जिम्मेदारी संभालेंगे.&amp;nbsp;
Bandhan Bank- प्राइवेट सेक्टर के बैंक Bandhan Bank के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) राजीव मंत्री ने अपने करियर के अगले पड़ाव में जाने के लिए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, &amp;nbsp;जो 25 सितंबर से लागू होगा. बैंक को उनका इस्तीफा 29 जून 2026 को मिला.इस बिजनेस अपडेट के चलते बंधन बैंक के शेयर आज फोकस में रहने वाले हैं.
Yes Bank- प्राइवेट सेक्टर के ही बैंक Yes Bank के बोर्ड ने इक्विटी सिक्योरिटीज जारी करके 7,500 करोड़ रुपये तक और डेट सिक्योरिटीज जारी करके 8,500 करोड़ रुपये तक फंड जुटाने की मंजूरी दे दी है. हालांकि, यह फैसला अब भी शेयरधारकों और नियामकीय मंजूरी के अधीन है.
RITES- रेलवे सेक्टर की इस इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी ने Container Corporation of India (CONCOR) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं. इसके तहत दोनों कंपनियां CONCOR के टर्मिनल और लॉजिस्टिक्स परियोजनाओं के विकास और सुधार के लिए (कॉन्सेप्ट से लेकर कमीशनिंग तक) प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी (PMC) सेवाओं पर साथ में सहयोग करेंगी.&amp;nbsp;
Juniper Hotels- तरुण जेटली ने इसके चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) के पद से इस्तीफा दे दिया है. उनका इस्तीफा 15 जुलाई से लागू माना जाएगा.&amp;nbsp;
Sterling and Wilson Renewable Energy- रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की इस कंपनी को विदेशों से बड़ा ऑर्डर मिला है. इनमें मिस्र के मिन्या गवर्नरेट में वेस्ट मिन्या सोलर पावर प्रोजेक्ट के लिए लगभग 560 मिलियन डॉलर का ऑर्डर भी शामिल है.&amp;nbsp;
डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)

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        <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 09:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Stocks, watch:, आज, इन, शेयरों, पर, रखें, दिख, सकती, है, बड़ी, हलचल, फटाफट, चेक, करें, पूरी, लिस्ट</media:keywords>
    </item>
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        <title>Garbage City: बर्बाद हो रही भारत की सिलिकॉन वैली? इस बड़े उद्योगपति ने बेंगलुरु को बताया &amp;apos;कूड़ा शहर&amp;apos;, लेकिन क्यों?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/garbage-city-बर्बाद-हो-रही-भारत-की-सिलिकॉन-वैली-इस-बड़े-उद्योगपति-ने-बेंगलुरु-को-बताया-कूड़ा-शहर-लेकिन-क्यों</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/garbage-city-बर्बाद-हो-रही-भारत-की-सिलिकॉन-वैली-इस-बड़े-उद्योगपति-ने-बेंगलुरु-को-बताया-कूड़ा-शहर-लेकिन-क्यों</guid>
        <description><![CDATA[ Bengluru Garbage City: बेंगलुरु शहर किसी पहचान का मोहताज नहीं है. लेकिन ये स्मार्ट सिटी एक &#039;कचरा सिटी&#039; में तब्दील हो गई है. ऐसा हम नहीं कह रहे हैं बल्कि बायोकॉन की फाउंडर किरण मजुमदार का कहना है. किरण बेंगलुरु शहर की शहरी योजनाओं के बारे में बात कर रही थीं. उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर कर अपने मन की बात की है.
क्या बोलीं किरण मजुमदार?बायोकॉन की संस्थापक किरण मजुमदार सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं. वो अक्सर कई पोस्ट सोशल मीडिया पर शेयर करती रहती हैं. हाल ही में उन्होंने बेंगलुरु की अर्बन प्लानिंग को लेकर एक पोस्ट शेयर की है. जो तेजी से वायरल हो रही है. इस पोस्ट में एक फोटो है जिसमें दिखाया गया है कि अगर शहर की सड़कें बेहतर योजना के साथ बनाई जातीं तो वो कैसी दिख सकती थीं.
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किरण ने अपने ऑफिशयल X (ट्विटर) अकाउंट के जरिए ये पोस्ट शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, &#039;हमें अपनी सड़कों की योजना इस तरह बनानी चाहिए कि बेंगलुरु की &#039;गार्डन सिटी&#039; की पहचान बनी रहे. लेकिन दुर्भाग्य से ये अब हरियाली खोकर &#039;गार्बेज सिटी&#039; बनती जा रही है.&#039;

This is how we need to design &amp;amp; plan our roads that reflects our garden city image. Unfortunately it&amp;rsquo;s now a garbage city with shrinking greenery pic.twitter.com/EG29LPZd2j
&amp;mdash; Kiran Mazumdar-Shaw (@kiranshaw) June 27, 2026



तस्वीरों में क्या है?किरण ने जो फोटोज शेयर की हैं, उनमें से पहली फोटो में एक सड़क दिख रही है और उस पर लिखा है &#039;हम क्या बना रहे हैं&#039;. इसमें कंक्रीट से भरी सड़क, कटे हुए पेड़, गायब फुटपाथ, सर्विस रोड और सार्वजनिक सुविधाओं की कमी दिखाई गई है.
तो वहीं दूसरी फोटो में लिखा है &#039;हम क्या बना सकते थे&#039;. इसमें पेड़ों को बचाकर बनाई गई सड़क, साइकिल ट्रैक, चौड़े फुटपाथ, स्ट्रीट लाइट, बेंच और कूड़ेदान जैसी सुविधाएं दिखाई गई हैं.
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किरण का ये पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस पोस्ट के जरिए उन्होंने सीधे तौर पर ये कहा है कि हम विकास करने के चक्कर में प्रकृति और पर्यावरण के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं. जो आगे चलकर हमारे लिए ही नुकसानदेह है. उनके इस पोस्ट पर कई यूजर्स भी अपनी मिली जुली प्रतिक्रिया दे रहे हैं. ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 09:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Garbage, City:, बर्बाद, हो, रही, भारत, की, सिलिकॉन, वैली, इस, बड़े, उद्योगपति, ने, बेंगलुरु, को, बताया, कूड़ा, शहर, लेकिन, क्यों</media:keywords>
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        <title>हर महीने मिलेंगे 2.8 लाख रुपये, ब्रेकअप कराने का होगा काम; कंपनी ने निकाली अजीबोगरीब वैकेंसी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/हर-महीने-मिलेंगे-28-लाख-रुपये-ब्रेकअप-कराने-का-होगा-काम-कंपनी-ने-निकाली-अजीबोगरीब-वैकेंसी</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/हर-महीने-मिलेंगे-28-लाख-रुपये-ब्रेकअप-कराने-का-होगा-काम-कंपनी-ने-निकाली-अजीबोगरीब-वैकेंसी</guid>
        <description><![CDATA[ Part-time job offer: ग्लोबल डेटिंग फर्म Dating.com ने Chief Breakup Officer के पद की एक अनोखी वैकेंसी निकाली है, जिसके लिए हर महीने 3000 डॉलर (लगभग 2.8 लाख रुपये) की सैलरी ऑफर की जा रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह एक पार्ट-टाइम और वर्क-फ्रॉम-होम जॉब है. कंपनी ने इस रोल को डिजाइन ही इसलिए किया है ताकि लोगों को साफ-साफ और संवेदनशीलता के साथ अपने रिश्ते को खत्म करने में मदद मिल सके.
Dating.com का कहना है कि उन्हें ऐसे व्यक्ति की तलाश है, जिसमें बेहतरीन इमोशनल इंटेलिजेंस (भावनात्मक समझ) और मजबूत कम्युनिकेशन स्किल्स हों, साथ ही उसे आज की डेटिंग की गहरी समझ हो. कंपनी ने सही उम्मीदवार को लेकर कहा है, &quot;अगर आप वही दोस्त हैं जिसे ब्रेकअप का मैसेज भेजने से पहले हर कोई कॉल करता है, तो हम आपसे संपर्क करना चाहेंगे.&quot;
जॉब प्रोफाइल क्या है?&amp;nbsp;
कंपनी के इस जॉब प्रोफाइल के मुताबिक, &#039;चीफ ब्रेकअप ऑफिसर&#039; Dating.com की टीम के साथ मिलकर उन लोगों के लिए ब्रेकअप की बातचीत करेंगे जिन्हें पता चल चुका रहता है कि अब उनका रिश्ता खत्म होने की कगार पर है. कई बार लोग यह एहसास होने के बाद भी कि अब उनका रिश्ता कुछ खास नहीं चल रहा है, अपने पार्टनर से खुद ब्रेकअप को लेकर बोलने की हिम्मत नहीं दिखा पाते हैं. Chief Breakup Officer उनकी तरफ से कॉल कर रिश्ते को खत्म करने की जानकारी सूझबूझ के साथ देगा. इस क्रम में कुछ ऐसा तरीका अपनाया जाएगा, जिससे कि सामने वाले को बुरा भी न लगे, स्थिति भी संभल जाए और रिश्ता भी बिना किसी कड़वाहट के खत्म हो जाए.&amp;nbsp;
क्या है एलिजिबिलिटी?&amp;nbsp;
Dating.com की टीम ऐसे लोगों को ढूंढ रही है, जिन्हें खुद कम से कम तीन ब्रेकअप का अनुभव हो, जिन पर दोस्त मुश्किल रिश्तों की उलझनों के लिए भरोसा करते हो और जो इमोशनल दबाव में भी शांत रहता हो. कंपनी ने कहा कि सही कैंडिडेट वही होगा, जिसने कम से कम तीन ब्रेकअप झेले हों और उनसे उबरकर आगे बढ़ा हो और जिस पर दोस्त अपनी सबसे मुश्किल रिश्तों की उलझनों के लिए भरोसा करते हों. कंपनी के मुताबिक, सही कैंडिडेट रिश्ते (relationship), सिचुएशनशिप (situationship) और &quot;इट्स कॉम्प्लिकेटेड&quot; (it&#039;s complicated) जैसी चीजों के बीच का फर्क समझता हो, इमोशनल दबाव में शांत रहता हो और मुश्किल ब्रेकअप को भी सम्मानजनक तरीके से खत्म कर सकता है.&amp;nbsp;
कंपनी का क्या है मकसद?
कंपनी नौकरी के पीछे मकसद घोस्टिंग (अचानक गायब हो जाना) की आदत को रोकना है. कंपनी की रिसर्च बताती है कि लगभग 84% Gen-z और मिलेयनेयल्स कभी न कभी घोस्टिंग का शिकार हुए हैं. इस रोल की मदद से लोगों को सम्मानजनक तरीके से अपने रिश्ते को खत्म करने में मदद मिलेगी.&amp;nbsp;

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        <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 21:30:17 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>हर, महीने, मिलेंगे, 2.8, लाख, रुपये, ब्रेकअप, कराने, का, होगा, काम, कंपनी, ने, निकाली, अजीबोगरीब, वैकेंसी</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>Persistent&amp;Nagarro Deal: यूरोप के बाजार पर भारतीय कंपनी का कब्जा! $2.9 बिलियन के इस AI मर्जर के मायने समझिए</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/persistent-nagarro-deal-यूरोप-के-बाजार-पर-भारतीय-कंपनी-का-कब्जा-29-बिलियन-के-इस-ai-मर्जर-के-मायने-समझिए</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/persistent-nagarro-deal-यूरोप-के-बाजार-पर-भारतीय-कंपनी-का-कब्जा-29-बिलियन-के-इस-ai-मर्जर-के-मायने-समझिए</guid>
        <description><![CDATA[ Persistent Systems to accquire Nagarro: पुणे में हेडक्वार्टर वाली टेक कंपनी परसिस्टेंट सिस्टम्स (Persistent Systems) जर्मन आईटी कंपनी नागरो (Nagarro SE) का अधिग्रहण करने जा रही है. यह इतिहास के सबसे बड़े विदेशी सौदों में एक होगा.
कंपनी ने बीते 27 जून को बताया कि &amp;nbsp;वह अपनी सब्सिडियरी &#039;गैलेक्सी जर्मनी होल्डिंग&#039; के जरिए जर्मन डिजिटल इंजीनियरिंग फर्म &#039;नगरो SE&#039; के सभी बकाया शेयर नकद में 81 यूरो प्रति शेयर के भाव पर खरीदने के लिए वॉलंटरी पब्लिक टेकओवर करेगी. यह कहमत नागरो के 25 जून 2026के क्लोजिंग शेयर प्राइस से 140% अधिक प्रीमियम को दर्शाता है. इस डील के Q4CY26 या Q1CY27 तक पूरी होने की उम्मीद है.
सबसे बड़े शेयरहोल्डर से मिली मंजूरी
Persistent को पहले ही Nagarro के सबसे बड़े शेयरहोल्डर- Lantano Beteiligungen GmbH से इस &#039;बिजनेस कॉम्बिनेशन एग्रीमेंट&#039; के लिए समर्थन मिल चुका है. इसने कंपनी में अपनी पूरी 21% हिस्सेदारी बेचने के लिए सहमति दे दी है. Nagarro के मैनेजमेंट और सुपरवाइजरी बोर्ड ने भी इस डील का समर्थन किया है और वे शेयरहोल्डर्स को इस ऑफर को स्वीकार करने की सलाह देने का इरादा रखते हैं, जो कि फाइनल ऑफर डॉक्यूमेंट की समीक्षा के अधीन है.
मर्जर के बाद क्या होगा?
Persistent Systems और Nagarro SE के विलय के बाद यह एक ऐसी मजबूत कंपनी बनेगी, जिसके पास 40 से अधिक देशों में 46000 से अधिक कर्मचारी होंगे. इनमें से लगभग 37000 कर्मचारी अकेले भारत में होंगे. बाकी 3500 उत्तरी अमेरिका और 3000 यूरोप में होंगे. ये दोनों मिलकर एक ऐसी ग्लोबल एआई- बेस्ड डिजिटल इंजीनियरिंग कंपनी बनेगी, जिसका सालाना रेवेन्यू 2.9 अरब डॉलर (24000 करोड़ रुपये से अधिक) बैठेगा. इस डील के बाद कंपनी के पास 350 से अधिक बड़े क्लाइंट्स होंगे. इससे उनका टोटल एड्रेसेबल मार्केट (TAM) बढ़कर 1400 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा.&amp;nbsp;
यूरोपीय बाजार में भारतीय कंपनी का दबदबा
डील के बाद परसिस्टेंट का यूरोपीय बाजार से आने वाला रेवेन्यू 9% से बढ़कर सीधे 22% हो जाएगा. इससे कंपनी को यूरोप (खासकर जर्मनी में) में मजबूत पकड़ मिलेगी. इन दोनों ही कंपनियों का फोकस एआई-बेस्ड डिजिटल इंजीनियरिंग,क्लाउड, ERP और कस्टमर एक्सपीरियंस को वैश्विक स्तर पर डिलीवर करना है.

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        <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 21:30:15 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Persistent-Nagarro, Deal:, यूरोप, के, बाजार, पर, भारतीय, कंपनी, का, कब्जा, 2.9, बिलियन, के, इस, मर्जर, के, मायने, समझिए</media:keywords>
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        <title>Fuel Shortage: जिस सस्ते रूसी तेल पर लड़ रहे भारत&amp;अमेरिका, वहां ही हो गई भारी किल्लत, अब कैसे सस्ता होगा पेट्रोल&amp;डीजल</title>
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        <description><![CDATA[ Fuel Shortage: बीते कुछ महीनों में भारत ने तेल और गैस की किल्लत देखी. यूएस और ईरान के युद्ध की वजह से क्रूड ऑइल की आवाजाही प्रभावित हुई, जिसकी वजह से पेट्रोल- डीजल के दाम भी बढ़े. जिसके बाद भारत सस्ते रूसी तेल के ऊपर पूरी तरह से डिपेंडेंट होने की सोच रहा था. लेकिन अब खबरें हैं कि रूस में भी तेल की किल्लत शुरू हो गई है. ऐसा हम नहीं कह रहे बल्कि खुद रूप के राष्ट्रपति ने कहा बताया है.
रूस में ईंधन की किल्लतदरअसल हाल ही में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कुबूल किया है कि यूक्रेन के लगातार ड्रोन और मिसाइल हमलों की वजह से यहां ईंधन की किल्लत होने लगी है. इस बारे में खुद पुतिन ने बात करते हुए बताया है कि, &#039;अब रूस का ध्यान अपनी हवाई सुरक्षा (एयर डिफेंस) बढ़ाने और खासकर क्रीमिया तक ईंधन की आपूर्ति सुनिश्चित करने पर है.&#039;
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पुतिन ने आगे कहा, &#039;पिछले कुछ हफ्तों में यूक्रेन ने रूस की कई तेल रिफाइनरियों और ईंधन भंडारण केंद्रों पर हमला किया है. इससे रूस के कई इलाकों में पेट्रोल-डीजल की कमी हो गई है और पेट्रोल पंपों पर लंबी लाइनें लग रही हैं. यूक्रेन ने लंबी दूरी के हमलों को रोकने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन रूस को लगता है कि यूक्रेन ऐसा इसलिए चाहता है क्योंकि रूस के जवाबी हमले उसे ज्यादा नुकसान पहुंचा रहे हैं.&#039;
इन क्षेत्रों पर कब्जा करने की फिराक में रूसपुतिन ने ये भी कहा कि फिलहाल रूस का लक्ष्य डोनेट्स्क, लुहान्स्क, खेरसॉन और जापोरिज़्झिया क्षेत्रों पर पूरी तरह कब्जा करना है. जब तक उनका ये लक्ष्य पूरा नहीं होता, तब तक रूस किसी ऐसे शांति समझौते को स्वीकार नहीं करेगा जो उसकी शर्तों के मुताबिक न हो. साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अमेरिका के प्रतिनिधि स्टीव विटकॉफ और जैरेड कुशनर जल्द ही फिर से बातचीत शुरू करेंगे. उन्होंने ये भी कहा कि बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको शांति वार्ता में मदद कर सकते हैं.
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नहीं किए समझौते पर हस्ताक्षरइस बातचीत के दौरान पुतिन ने ये भी बताया कि पिछले साल अलास्का में उनकी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बातचीत के दौरान यूक्रेन युद्ध खत्म करने के कुछ संभावित तरीकों पर चर्चा हुई थी, लेकिन कोई आधिकारिक समझौता या दस्तावेज पर हस्ताक्षर नहीं हुए थे.
कैसे होगी भारत में पेट्रोल- डीजल की कीमतें कम?वैसे तो ईरान और यूएक के बीच अब युद्धविराम लग गया है, लेकिन ये महज 60 दिन का ही अनुबंध है. ऐसे में 60 दिन के बाद स्थिति दोबारा वैसी ही हो सकती है, जिस वजह से भारत ने रूस को ऐसी स्थिति में सहारे के रूप में देखा था. लेकिन अब जब रूस में भी तेल की किल्लत है तो भारत में पेट्रोल- डीजल की कीमतें कैसे होंगी इस बात पर संशय बना हुआ है. यदि स्थिति नहीं सुधरती है तो तेल के दामें में बढ़ोतरी भी हो सकती है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 21:30:14 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>SpiceJet Fined: हज से लौटे कश्मीर के कपल को SpiceJet ने बोर्डिंग से रोका, अब देना होगा भारी जुर्माना, जानें रकम</title>
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        <description><![CDATA[ SpiceJet Fined: स्पाइसजेट एयरलाइंस का नाम इन दिनों काफी चर्चा में आ गया है. श्रीनगर के कंज्यूमर कमिशन ने स्पाइसजेट के भपर करीब 62 हजार रुपये का जुर्माना लगा दिया है. वो भी हज यात्रा से लौट रहे एक कपल की वजह से. अब एयरलाइंस को इस कपल को टिकिट के पैसे के साथ ही जुर्माना भी देना होगा. लेकिन आखिर ऐसा क्यों? आइये बताते हैं.
क्यों लगा SpiceJet पर जुर्मानाइंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक ये मामला दो साल पुराना है. जब एक वृद्ध कश्मीरी कपल हज यात्रा से लौट रहा था, तब उनकी दिल्ली से श्रीनगर की फ्लाइट थी. उनके पास वेलिड बोर्डिंग पास भी थे लेकिन फिर भी उन्हें एयरलाइंस ने फ्लाइट में सवार नहीं होने दिया. जिसकी वजह से कपल को ज्यादा पैसे देकर अगले दिन की फ्लाइट से सफर करना पड़ा. इससे उन्हें सफर में परेशानी हुई पैसे ज्यादा लगे और तो और मानसिक तनाव भी हुआ.
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क्या थी शिकायत?शिकायत के मुताबिक दंपति हज यात्रा पूरी करके 8 जुलाई 2024 को दिल्ली से श्रीनगर लौट रहा था. उनके बेटे ने स्पाइसजेट की फ्लाइट बुक की थी, जो शाम 6:45 बजे दिल्ली से उड़ने वाली थी और 8:20 बजे श्रीनगर पहुंचने वाली थी. कपल का कहना है कि वो समय से काफी पहले एयरपोर्ट पहुंच गए थे. उन्होंने चेक-इन किया, सामान जमा कराया और बोर्डिंग पास भी ले लिया. लेकिन जब फ्लाइट में चढ़ने का समय आया, तो एयरलाइन कर्मचारियों ने उन्हें विमान में बैठने से रोक दिया. उनके पास वैध बोर्डिंग पास होने के बावजूद कोई कारण नहीं बताया गया.
इतना ही नहीं गुलाम नबी फफू ने ये भी आरोप लगाया कि उनकी जगह अन्य यात्रियों को फ्लाइट में बैठा लिया गया. एयरलाइन ने उनके बोर्डिंग पास रद्द कर दिए. उनका चेक-इन किया हुआ सामान भी कई घंटे बाद वापस मिला. तब तक श्रीनगर जाने वाली उस दिन की सभी दूसरी फ्लाइटें निकल चुकी थीं. इसलिए उन्हें पूरी रात दिल्ली में रुकना पड़ा. अगले दिन उन्हें मजबूरी में इंडिगो की फ्लाइट 13,450 रुपये में बुक करना पड़ी, जो पहले की टिकट से काफी महंगी थी.
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10 हजार टिकट, 52 हजार जुर्मानाजिसके बाद ये मामला उपभोक्ता आयोग में गया जहां पीठ ने माना कि स्पाइसजेट की सेवा में गंभीर कमी थी और उसने यात्रियों के साथ अनुचित व्यवहार किया. आयोग ने कहा कि एयरलाइन की लापरवाही के कारण दंपति को मानसिक तनाव, परेशानी और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा. इसलिए एयरलाइन को टिकट का पैसा लौटाने के साथ-साथ 52,000 रुपये का मुआवजा भी देने का आदेश दिया गया.
बता दें कि मामले पर फैसला लगभग दो साल बाद आया, 9 जून 2026 को उपभोक्ता आयोग ने एयरलाइन को आदेश दिया कि वो गुलाम नबी फफू और उनकी पत्नी रजा बेगम को 10,078 रुपये का टिकट रिफंड करे. इसके अलावा उन्हें 52,000 रुपये मुआवजा भी दे.
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        <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 21:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>100 और 200 रुपए के नोटों पर बड़ी खबर, घरों में जमा करने लगे लोग, इसके पीछे क्या है कारण?</title>
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        <description><![CDATA[ Cash Holdings In India: हाल के दिनों में 100 और 200 रुपये के नोटों को लेकर एक नया ट्रेंड देखने को मिला है. लोग पहले के मुकाबले अपने घरों में ज्यादा नकद पैसे रखने लगे हैं. यहां हम 500-2000 की बात नहीं कर रहे हैं. देखा जा रहा है कि 100- 200 जैसे छोटे नोटों की मांग बढ़ गई है. इसका मतलब ये नहीं है कि बाजार में नोटों की कोई कमी है, बल्कि कई लोग एहतियात के तौर पर अपने पास ज्यादा कैश रखना पसंद कर रहे हैं.
कैश क्यों रख रहे हैं लोग?
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच लोगों ने सावधानी के तौर पर नकदी अपने पास रखना शुरू किया है. ऐसे समय में कई लोग डिजिटल पेमेंट के साथ-साथ कुछ नकद राशि भी घर में रखना सुरक्षित मानते हैं. एक्सपर्ट्स की माने तो जब दुनिया में आर्थिक या भू-राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ती है, तो लोग अपनी जरूरतों के लिए पहले से कैश रखने लगते हैं.
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कोविड के बाद लोग हुए अलर्ट
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, देश में लोगों के पास मौजूद नकदी में बढ़ोतरी की रफ्तार कोविड-19 महामारी के बाद सबसे तेज रही है. इससे पता चलता है कि एहतियात के तौर पर कैश रखने की प्रवृत्ति फिर से बढ़ रही है. हालांकि, इसका ये बिल्कुल भी मतलब नहीं है कि बैंकिंग सिस्टम या डिजिटल भुगतान पर लोगों का भरोसा कम हुआ है. UPI और डिजिटल ट्रांजैक्शन लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन इसके साथ लोग थोड़ी नकदी भी अपने पास रखना पसंद कर रहे हैं.
क्या 100- 200 की कमी है?
इस सवाल का सीधा जवाब है, नहीं. फिलहाल 100 और 200 रुपये के नोटों की कोई ऑफिशियल कमी नहीं बताई गई है. भारतीय रिजर्व बैंक और बैंकिंग सिस्टम में भरपूर करेंसी है. बढ़ती मांग का कारण सिर्फ लोगों की एहतियात के तौर पर नकदी रखने की आदत माना जा रहा है.
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क्या घर में कैश रखना चाहिए?
रोज के काम और जरूरतों के लिए तो कैश रखना ही चाहिए. इसके अलावा इमरजेंसी जैसी स्थिति के लिए भी सीमित मात्रा में नकदी रखना सही रहता है. लेकिन बहुत ज्यादा कैश घर में रखना सुरक्षित नहीं माना जाता है. आप अपने पैसे बैंक अकाउंट या ऑनलाइन बैकिंग में ही रखें.&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 08:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>Adani Group का एनर्जी ट्रांजिशन पर $100 बिलियन का महा&amp;संकल्प, सागर अडानी ने लंदन डायलॉग में वैश्विक दिग्गजों को साधा</title>
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        <description><![CDATA[ Adani Group AGM: अडानी ग्रुप अब सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि ग्लोबल क्लीन एनर्जी सेक्टर में भी अपनी मजबूत मौजूदगी दिखा रहा है. लंदन के साइंस म्यूजियम में अडानी ग्रीन इलेक्ट्रिफिकेशन डायलॉग का आयोजन किया गया. इसमें अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सागर अडानी ने दुनिया के बड़े नेताओं, निवेशकों और ऊर्जा एक्सपर्ट्स के सामने कंपनी का बड़ा विजन रखा. इस कार्यक्रम में सागर अडानी ने कहा कि आने वाले समय में दुनिया की सबसे बड़ी जरूरत फास्ट इलेक्ट्रिफिकेशन होगी. उनका कहना है कि सिर्फ रिन्यूएबल एनर्जी काफी नहीं है, बल्कि उसके साथ बैटरी स्टोरेज और मजबूत पावर सिस्टम भी जरूरी होंगे.
क्लीन एनर्जी है भविष्य की ताकतइस कार्यक्रम में सागर अडानी ने कहा कि दुनिया इस समय एनर्जी सिक्योरिटी, सस्ती बिजली और सस्टेनेबिलिटी जैसी तीन बड़ी चुनौतियों से जूझ रही है. उन्होंने कहा कि अब इलेक्ट्रिफिकेशन कोई ऑप्शन नहीं, बल्कि जरूरत बन चुका है. उनका मानना है कि अगर देशों को आर्थिक विकास के साथ ऊर्जा सुरक्षा भी चाहिए, तो उन्हें तेजी से क्लीन एनर्जी की ओर बढ़ना होगा.
100 और 200 रुपए के नोटों पर बड़ी खबर, घरों में जमा करने लगे लोग, इसके पीछे क्या है कारण?
2030 तक 50 गीगावॉट रिन्यूएबल एनर्जीसागर अडानी ने बताया कि अडानी ग्रीन एनर्जी 2030 तक 50 गीगावॉट रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता हासिल करने के लिए तेजी से काम कर रही है. उन्होंने गुजरात के खावड़ा में बन रहे दुनिया के सबसे बड़े रिन्यूएबल एनर्जी प्लांट का भी जिक्र किया. यहां सोलर और विंड एनर्जी के साथ बड़े स्तर पर बैटरी स्टोरेज सिस्टम जोड़े जा रहे हैं ताकि 24 घंटे बिजली सप्लाई संभव हो सके.
$100 बिलियन का होगा निवेशअडानी ग्रुप ने एनर्जी ट्रांजिशन और उससे जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर पर 100 बिलियन डॉलर से ज्यादा निवेश करने की बात की है. इसे दुनिया के सबसे बड़े प्राइवेट सेक्टर निवेशों में गिना जा रहा है. ग्रुप सिर्फ सोलर और विंड एनर्जी पर ही नहीं, बल्कि ग्रीन हाइड्रोजन, एनर्जी स्टोरेज, ट्रांसमिशन नेटवर्क, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, न्यूक्लियर एनर्जी जैसे सेक्टर्स पर भी बड़ा दांव लगा रहा है.
एक्सपर्ट्स हुए शामिलइस डायलॉग में कई बड़ी ग्लोबल कंपनियों और संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल हुए. इनमें Octopus Energy, Schneider Electric, Green Finance Institute, Climate Bonds Initiative जैसी संस्थाएं शामिल हुईं. चर्चा का पूरा फोकस इस बात पर था कि दुनिया कैसे तेजी से क्लीन एनर्जी की तरफ बढ़ सकती है और इसके लिए किस तरह की नीतियां और निवेश जरूरी होंगे.
अंबानी परिवार की अटूट आस्था: रिलायंस के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी ने तिरुपति बालाजी में कराया मुंडन
AI और डेटा सेंटर बढ़ाएंगे बिजली की मांगकार्यक्रम में यह भी कहा गया कि आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग जैसी इंडस्ट्रीज बिजली की मांग को तेजी से बढ़ाएंगी. ऐसे में केवल पारंपरिक बिजली स्रोतों पर निर्भर रहना मुश्किल होगा. इसलिए स्टोरेज के साथ रिन्यूएबल एनर्जी भविष्य की सबसे बड़ी जरूरत बन सकती है.
गौतम अडानी ने भी दोहराया विजनहाल ही में हुई अडानी ग्रुप की AGM में चेयरमैन गौतम अडानी ने भी साफ कहा था कि ग्रुप भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए बड़े स्तर पर निवेश जारी रखेगा. उन्होंने न्यूक्लियर पावर सेक्टर में 10 GW तक क्षमता विकसित करने की योजना का भी ऐलान किया था.
मेहमानों के समझा क्लीन एनर्जी टेक्नोलॉजी&amp;nbsp;कार्यक्रम के आखिर में मेहमानों को Energy Revolution: The Adani Green Energy गैलरी भी दिखाया गया. ये गैलरी लंदन के साइंस म्यूजियम में बनाई गई है और इसमें क्लीन एनर्जी टेक्नोलॉजी को आसान तरीके से समझाया गया है. मार्च 2024 से अब तक इस गैलरी को 10 लाख से ज्यादा लोग देख चुके हैं.
भारत की ऊर्जा कहानी में बड़ा दांवअडानी ग्रुप का इतना फोकस ये साफ दिखाता है कि कंपनी खुद को सिर्फ एक बिजनेस ग्रुप नहीं बल्कि भारत के एनर्जी ट्रांजिशन का बड़ा खिलाड़ी बनाना चाहती है. आने वाले साल में क्लीन एनर्जी, स्टोरेज और डिजिटल पावर सिस्टम्स पर जो कंपनियां मजबूत पकड़ बनाएंगी, वही भविष्य की अर्थव्यवस्था में सबसे आगे नजर आएंगी.&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 08:30:07 +0530</pubDate>
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        <title>Loan News: दोस्त ने नहीं चुकाया लोन तो बैंक खाली करेगा आपका खाता, जानिए गारंटर बनने के खतरनाक नियम</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/loan-news-दोस्त-ने-नहीं-चुकाया-लोन-तो-बैंक-खाली-करेगा-आपका-खाता-जानिए-गारंटर-बनने-के-खतरनाक-नियम</link>
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        <description><![CDATA[ Loan News: रिश्तेदार हो या दोस्त हो, दोनों ही मुश्किल समय का सहारा होते हैं. आर्थिक तंगी के समय अपनों को &#039;ना&#039; कहना असहज महसूस कराता है. हो सकता है कि किसी दोस्त को बिज़नेस में मुश्किल के समय तुरंत मदद की ज़रूरत हो. हो सकता है कि कोई भाई-बहन कुछ समय के लिए आर्थिक मदद मांगे. हो सकता है कि कोई रिश्तेदार आपसे किसी लोन के लिए गारंटर बनने को कहे, क्योंकि &#039;यह तो बस एक औपचारिकता है&#039; और भावनात्मक रूप से मदद करना अक्सर सही काम लगता है.
लेकिन निजी रिश्तों में पैसे का मामला बहुत तेज़ी से उलझ सकता है, क्योंकि कभी-कभार किसी की मदद करना भले ही कोई समस्या न हो, लेकिन जोखिमों को पूरी तरह समझे बिना बार-बार पैसे उधार देना या लोन की गारंटी लेना चुपचाप आपकी अपनी आर्थिक स्थिरता को भी नुकसान पहुंचा सकता है.&amp;nbsp;
गारंटर बनना जोखिम भरा क्यों है?
जाने या अनजाने में लोगों में सबसे बड़ी गलतफहमियों में से एक लोन गारंटर बनने के बारे में है. बहुत से लोग सोचते हैं कि उनकी भूमिका सिर्फ़ दिखावे की होती है. जबकि ऐसा नहीं है. जब आप किसी के लोन के लिए गारंटी देते हैं तो आप कानूनी तौर पर लोन चुकाने की ज़िम्मेदारी लेते हैं, अगर असल उधार लेने वाला व्यक्ति लोन नहीं चुका पाता है. अगर उधार लेने वाला व्यक्ति लोन नहीं चुकाता, पेमेंट में देरी करता है या लोन का निपटारा ठीक से नहीं करता है तो लेंडर (लोन देने वाले) पैसे वसूलने के लिए गारंटर से संपर्क कर सकते हैं.
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इतना ही नहीं गारंटीशुदा लोन गारंटर की क्रेडिट प्रोफाइल और भविष्य में लोन लेने की क्षमता को भी प्रभावित कर सकता है. यही वजह है कि वित्तीय योजनाकार बार-बार लोगों को भावनात्मक बाध्यता के कारण गारंटी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने से बचने की सलाह देते हैं. क्योंकि कानूनी और वित्तीय रूप से यह जिम्मेदारी बहुत गंभीर होती है.
आर्थिक रूप से मदद करना गलत नहीं
बेशक, इसका मतलब यह नहीं है कि लोगों को कभी भी अपने करीबियों की आर्थिक मदद नहीं करनी चाहिए. परिवार और दोस्तों के बीच मुश्किल समय में एक-दूसरे का साथ देना आम बात है. लेकिन फाइनेंशियल प्लानर्स इस बात पर ज़्यादा ज़ोर देते हैं कि ऐसी मदद साफ सीमाओं के भीतर और इसमें शामिल जोखिमों की पूरी जानकारी के साथ की जानी चाहिए.
एक ज़रूरी बात यह है कि क्या आप अपनी आर्थिक स्थिति को नुकसान पहुंचाए बिना मदद कर सकते हैं. दूसरी बात यह है कि क्या पैसे लौटाने, समय-सीमा और ज़िम्मेदारियों के बारे में खुलकर बात की जाती है या फिर भावनाओं में बहकर इनसे बचा जाता है, क्योंकि अक्सर अस्पष्टता ही रिश्तों और आर्थिक स्थिति, दोनों को एक साथ नुकसान पहुंचाती है.
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        <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 08:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Loan, News:, दोस्त, ने, नहीं, चुकाया, लोन, तो, बैंक, खाली, करेगा, आपका, खाता, जानिए, गारंटर, बनने, के, खतरनाक, नियम</media:keywords>
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        <title>Stock Market: इक्विटी बनाम हाइब्रिड फंड: 7 लाख रुपए के एकमुश्त निवेश पर 10 साल में कहां मिलेगा ज्यादा रिटर्न?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/stock-market-इक्विटी-बनाम-हाइब्रिड-फंड-7-लाख-रुपए-के-एकमुश्त-निवेश-पर-10-साल-में-कहां-मिलेगा-ज्यादा-रिटर्न</link>
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        <description><![CDATA[ Equity vs Hybrid Funds Return: ज्यादातर लोग पैसा इकट्ठा करके उसे शेयर, बॉन्ड और अन्य वित्तीय संपत्तियों म्यूचुअल फंड के तौर पर निवेश करते हैं. म्यूचुअल फंड में निवेश करना लंबे समय के लिए संपत्ति बनाने का सबसे पसंद किया जाने वाला तरीका बन गया है, साथ ही इससे शेयर बाज़ार के उतार-चढ़ाव से सीधे निपटने की चुनौतियों को भी कम किया जा सकता है.
म्यूचुअल फंड की अलग-अलग कैटेगरी में मौजूद इक्विटी और हाइब्रिड फंड सबसे पसंद किए जाने ऑपशन्स में से एक हैं. यहां इक्विटी फंड और हाइब्रिड फंड में 7 लाख रुपए के एकमुश्त निवेश पर 10 साल के समय होने वाली बढ़ोतरी की तुलना की गई है.&amp;nbsp;
&#039;इक्विटी फंड&#039; से आप क्या समझते हैं?
इक्विटी फंड ऐसी म्यूचुअल फंड स्कीम हैं, जो खासतौर से नामी या मशहूर कंपनियों के स्टॉक या इक्विटी में निवेश करती है. ये फंड कई निवेशकों से पैसा इकट्ठा करते हैं और उसे स्टॉक के अलग-अलग पोर्टफोलियो में लगाते हैं, ताकि लंबे समय में पूंजी प्रशंसा में बढ़ोतरी हासिल की जा सके. क्योंकि इन फंड्स का इक्विटी में ज़्यादा निवेश होता है, इसलिए इनमें मार्केट रिस्क और उतार-चढ़ाव ज़्यादा होता है. यह ही वजह है कि डेट और हाइब्रिड फंड्स के मुकाबले में इनमें लंबे समय में ज़्यादा रिटर्न देने की शक्ति भी होती है.
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हाइब्रिड म्यूचुअल फंड क्या है?&amp;nbsp;
हाइब्रिड म्यूचुअल फंड इक्विटी और डेट इंस्ट्रूमेंट्स के मेल के साथ निवेश करते हैं. कई तरह के एसेट क्लास में निवेश बांटना अक्सर एक ही फंड में स्टॉक (इक्विटी), बॉन्ड (फिक्स्ड इनकम) या रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट का मेल हो सकता है. ये स्कीमें रिस्क और रिटर्न के बीच बैलेंस बनाने के मकसद से रखी जाती है. ऐसे फंड आम तौर पर उन निवेशकों के लिए सही माने जाते हैं, जो प्योर इक्विटी फंड के मुकाबले में कम जोखिम चाहते हैं, लेकिन साथ ही तय समय में फिक्स्ड इनकम निवेशों से बेहतर रिटर्न भी पाना चाहते हैं.
कौन सा विक्लप ज्यादा संपत्ति बनाता है?
ऊपर बताई गई दलीलों के अनुसार, 10 साल बाद एक इक्विटी फंड में करीब &amp;nbsp;21.74 लाख रूपए जमा होंगे, जबकि हाइब्रिड फंड में यह रकम 18.15 लाख रूपए होगी. करीब 3.6 लाख का यह फासला दिखाता है कि लंबे समय में इक्विटी-ओरिएंटेड निवेश से ज़्यादा रिटर्न मिल सकता है. इन्वेस्टरों को समझना चाहिए रिस्क के लेने के बाद ज्यादा रिटर्न मिलता है. वहीं इक्विटी फंड ज्यादा रिटर्न दे सकता है, लेकिन लंबे समय पर. सच्चाई तो यही है कि हाइब्रिड म्यूचुअल फंड ज्यादा बेहतर ग्रोथ और स्थिरता के बीच अच्छा रिटर्न देते हैं.
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        <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 08:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Stock, Market:, इक्विटी, बनाम, हाइब्रिड, फंड:, लाख, रुपए, के, एकमुश्त, निवेश, पर, साल, में, कहां, मिलेगा, ज्यादा, रिटर्न</media:keywords>
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    <item>
        <title>Petrol&amp; Diesel Price Today: आज जारी हुए पेट्रोल&amp;डीजल के नए रेट, जानें आपके शहर में कितना है भाव</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/petrol-diesel-price-today-आज-जारी-हुए-पेट्रोल-डीजल-के-नए-रेट-जानें-आपके-शहर-में-कितना-है-भाव</link>
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        <description><![CDATA[ Petrol- Diesel Price Today: अगर आप आज अपनी गाड़ी में पेट्रोल या डीजल भरवाने जा रहे हैं तो आपको घर से निकलने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर जान लें. सरकारी तेल कंपनियों ने 28 जून 2026 के लिए पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें जारी कर दी हैं. आम आदमी के लिए राहत की बात यह है कि आज भी ईंधन की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. पिछले कुछ दिनों से देशभर में पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर बने हुए हैं, जिसकी वजह से लोग थोड़ी राहत की सांस ले पा रहे हैं. यहां से आप अपने शहर की रेट लिस्ट चेक करें.
शहर अनुसार आज के पेट्रोल के दाम-
दिल्ली- 102.12मुंबई- 111.21कोलकाता- 113.51चेन्नई- 108.01नोएडा- 102.14गुरुग्राम- 102.67बेंगलुरु- 111.68हैदराबाद - 115.69जयपुर- 109.08&amp;nbsp;लखनऊ- 102.30
पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने का खतरा टला, क्रूड ऑयल से मिली राहत, GDP ग्रोथ का अनुमान भी बढ़ा
शहर अनुसार आज के डीजल के दाम-
दिल्ली- 95.20&amp;nbsp;मुंबई- 97.83&amp;nbsp;कोलकाता- 99.82&amp;nbsp;चेन्नई- 99.66&amp;nbsp;नोएडा- 95.29&amp;nbsp;गुरुग्राम- 95.54&amp;nbsp;बेंगलुरु- 99.56&amp;nbsp;हैदराबाद- 103.82जयपुर- 94.25&amp;nbsp;लखनऊ- 95.46&amp;nbsp;
आज क्यों नहीं बदले दाम?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में हाल के दिनों में नरमी देखने को मिली है. इसके बावजूद तेल कंपनियों ने फिलहाल पेट्रोल और डीजल के खुदरा दामों में कोई बदलाव नहीं किया है. अगर क्रूड ऑयल की कीमतें लंबे समय तक कम बनी रहती हैं, तो आने वाले समय में ग्राहकों को राहत मिल सकती है.
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ऑनलाइन ऐसे चेक करें अपने शहर का रेट
अगर आप घर बैठे ऑनलाइन ही अपने शहर के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट जानना चाहते हैं तो ये काफी आसान है. आपको बस इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम की वेबसाइट पर जाना है और भाव चेक कर लेने हैं या फिर आप SMS सेवा से रोज सुबह 6 बजे के बाद नई कीमतें देख सकते हैं. ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 16:30:19 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Petrol-, Diesel, Price, Today:, आज, जारी, हुए, पेट्रोल-डीजल, के, नए, रेट, जानें, आपके, शहर, में, कितना, है, भाव</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>LPG Price Today: 14 किलो वाला गैस सिलेंडर बुक कराने से पहले जान लें आज का रेट, आपके शहर में कितनी है कीमत?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/lpg-price-today-14-किलो-वाला-गैस-सिलेंडर-बुक-कराने-से-पहले-जान-लें-आज-का-रेट-आपके-शहर-में-कितनी-है-कीमत</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/lpg-price-today-14-किलो-वाला-गैस-सिलेंडर-बुक-कराने-से-पहले-जान-लें-आज-का-रेट-आपके-शहर-में-कितनी-है-कीमत</guid>
        <description><![CDATA[ LPG Cylinder Price Today: घर का गैस सिलेंडर खत्म हो गया? रुकिए, बुकिंग करने से पहले दो मिनट निकालकर ये खबर जरूर पढ़ लिजिए. इससे आपको पता चल जाएगा कि आज सिलेंडर के लिए कितने रुपये खर्च करने होंगे. तेल कंपनियों ने 28 जून 2026 के नए रेट जारी कर दिए हैं और फिलहाल घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. यहां से आप अपने शहर के एलपीजी का रेट देख सकते हैं.
आपके शहर में कितना है LPG सिलेंडर (14 किलो) का रेट?

दिल्ली- 942.00&amp;nbsp;
मुंबई- 941.50&amp;nbsp;
कोलकाता- 968.00&amp;nbsp;
चेन्नई- 957.50&amp;nbsp;
लखनऊ- 950.50&amp;nbsp;
जयपुर- 944.50&amp;nbsp;
पटना- 1,001.00&amp;nbsp;
भोपाल- 948.50&amp;nbsp;

आज जारी हुए पेट्रोल-डीजल के नए रेट, जानें आपके शहर में कितना है भाव
इस महीने क्या- क्या हुआ?
जून की शुरुआत में घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में बढ़ोतरी की गई थी. उसके बाद से कंपनियों ने रेट में कोई बदलाव नहीं किया है. यानी फिलहाल उपभोक्ताओं को उसी कीमत पर सिलेंडर मिलेगा जो इस महीने की शुरुआत में तय की गई थी.
गैस सिलेंडर बुक करने से पहले रखें इन बातों का ध्यान-&amp;nbsp;

बुकिंग से पहले अपने शहर का लेटेस्ट रेट जरूर चेक करें.
ऑनलाइन पेमेंट करने पर कई बार बैंक या UPI ऐप्स की ओर से कैशबैक ऑफर मिल जाते हैं.
हमेशा अधिकृत गैस एजेंसी या कंपनी के ऐप से ही बुकिंग करें.

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हर शहर में अलग क्यों होती है कीमत?
अक्सर लोगों के मन में सवाल होता है कि दिल्ली और पटना या मुंबई में गैस सिलेंडर की कीमत अलग-अलग क्यों होती है. असल में राज्य सरकारों के अलग-अलग टैक्स, परिवहन और डिलीवरी का खर्च और स्थानीय वितरण लागत के&amp;nbsp;कारण हर शहर में LPG सिलेंडर का रेट थोड़ा अलग होता है. ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 16:30:17 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>LPG, Price, Today:, किलो, वाला, गैस, सिलेंडर, बुक, कराने, से, पहले, जान, लें, आज, का, रेट, आपके, शहर, में, कितनी, है, कीमत</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>Gold&amp; Silver Rate Today: फिर महंगा हुआ 18k, 22k, 24k का सोना? जानें आज चांदी के भी क्या हैं हाल</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/gold-silver-rate-today-फिर-महंगा-हुआ-18k-22k-24k-का-सोना-जानें-आज-चांदी-के-भी-क्या-हैं-हाल</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/gold-silver-rate-today-फिर-महंगा-हुआ-18k-22k-24k-का-सोना-जानें-आज-चांदी-के-भी-क्या-हैं-हाल</guid>
        <description><![CDATA[ Gold- Silver Rate Today: शादी-ब्याह का सीजन हो या निवेश की योजना, सोने की कीमत हर किसी की नजर में रहती है. अगर आप भी आज गोल्ड या सिल्वर खरीदने का मन बना रहे हैं, तो पहले ताजा रेट जान लेना जरूरी है. आज सर्राफा बाजार से जारी कीमतों के मुताबिक सोने के दाम में हल्की तेजी देखने को मिली है, जबकि चांदी भी ऊंचे भाव पर कारोबार कर रही है. यहां से आप पूरी रेट लिस्ट डिटेल में देख सकते हैं.
आज कितना है सोने का भाव?आज 10 ग्राम सोने की कीमत इस प्रकार है-

24 कैरेट- ₹1,43,950
22 कैरेट- ₹1,31,950
18 कैरेट- ₹1,07,960

वहीं, चांदी का भाव 2,40,000 रुपए प्रति किलोग्राम के आसपास बना हुआ है.
14 किलो वाला गैस सिलेंडर बुक कराने से पहले जान लें आज का रेट, आपके शहर में कितनी है कीमत?
किन शहरों में क्या है सोने का रेट?



शहर
24 कैरेट सोना (10 ग्राम)
22 कैरेट सोना (10 ग्राम)
18 कैरेट सोना (10 ग्राम)


दिल्ली
₹144100
₹132100
₹108110


मुंबई
₹143950
₹131950
₹107960


कोलकाता
₹143950
₹131950
₹107960


चेन्नई
₹145860
₹133700
₹111450


पटना
₹144000
₹132000
₹108010


लखनऊ
₹144100
₹132100
₹108110


मेरठ
₹144100
₹132100
₹108110


अयोध्या
₹144100
₹132100
₹108110


कानपुर
₹144100
₹132100
₹108110


गुरुग्राम
₹144100
₹132100
₹108110


चंडीगढ़
₹144100
₹132100
₹108110


गाजियाबाद
₹144100
₹132100
₹108110


नोएडा
₹144100
₹132100
₹108110


जयपुर
₹144100
₹132100
₹108110


लुधियाना
₹144100
₹132100
₹108110


गुवाहाटी
₹143950
₹131950
₹107960


इंदौर
₹144000
₹132000
₹108010


अहमदाबाद
₹144000
₹132000
₹108010


सूरत
₹144000
₹132000
₹108010


वडोदरा
₹144000
₹132000
₹108010


नागपुर
₹143950
₹131950
₹107960


पुणे
₹143950
₹131950
₹107960


नासिक
₹143980
₹131980
₹107990


बैंगलोर
₹143950
₹131950
₹107960


भुवनेश्वर
₹143950
₹131950
₹107960


कटक
₹143950
₹131950
₹107960


रायपुर
₹143950
₹131950
₹107960


हैदराबाद
₹143950
₹131950
₹107960



रोज क्यों बदलते हैं सोने के दाम?कई लोग सोचते हैं कि सोने की कीमत हर दिन ऊपर-नीचे क्यों होती है. इसकी सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार है. इसके अलावा डॉलर की कीमत, रुपये की मजबूती या कमजोरी, आयात शुल्क और देश में मांग बढ़ने या घटने का भी सीधा असर सोने और चांदी के भाव पर पड़ता है.
शहर अनुसार चांदी के दाम-&amp;nbsp;



शहर
10 ग्राम चांदी का भाव
100 ग्राम चांदी का भाव
1 किलो चांदी का भाव


दिल्ली
₹2,400
₹24,000
₹2,40,000


मुंबई
₹2,400
₹24,000
₹2,40,000


कोलकाता
₹2,400
₹24,000
₹2,40,000


चेन्नई
₹2,350
₹23,500
₹2,35,000


पटना
₹2,400
₹24,000
₹2,40,000


लखनऊ
₹2,400
₹24,000
₹2,40,000


मेरठ
₹2,400
₹24,000
₹2,40,000


अयोध्या
₹2,400
₹24,000
₹2,40,000


कानपुर
₹2,400
₹24,000
₹2,40,000


गाजियाबाद
₹2,400
₹24,000
₹2,40,000


नोएडा
₹2,400
₹24,000
₹2,40,000


जयपुर
₹2,400
₹24,000
₹2,40,000


गुरुग्राम
₹2,400
₹24,000
₹2,40,000


चंडीगढ़
₹2,400
₹24,000
₹2,40,000


लुधियाना
₹2,400
₹24,000
₹2,40,000


गुवाहाटी
₹2,400
₹24,000
₹2,40,000


इंदौर
₹2,400
₹24,000
₹2,40,000


अहमदाबाद
₹2,400
₹24,000
₹2,40,000


वडोदरा
₹2,400
₹24,000
₹2,40,000


सूरत
₹2,400
₹24,000
₹2,40,000


पुणे
₹2,400
₹24,000
₹2,40,000


नागपुर
₹2,400
₹24,000
₹2,40,000


नासिक
₹2,400
₹24,000
₹2,40,000


बैंगलोर
₹2,400
₹24,000
₹2,40,000


भुवनेश्वर
₹2,350
₹23,500
₹2,35,000


कटक
₹2,350
₹23,500
₹2,35,000


केरल
₹2,350
₹23,500
₹2,35,000


रायपुर
₹2,400
₹24,000
₹2,40,000


हैदराबाद
₹2,350
₹23,500
₹2,35,000



आज जारी हुए पेट्रोल-डीजल के नए रेट, जानें आपके शहर में कितना है भाव
खरीदारी का सही समय कैसे तय करें?अगर आप निवेश के लिए सोना खरीदना चाहते हैं तो सिर्फ एक दिन की कीमत देखकर फैसला बिल्कुल न लें. कुछ दिनों का ट्रेंड देखें और अलग-अलग ज्वेलर्स के रेट की तुलना करें. गहने खरीदते समय हमेशा BIS हॉलमार्क जरूर जांचें और पक्का बिल लें. अगर आपको किसी शादी, त्योहार के लिए सोना खरीदना है, तो मौजूदा कीमत पर खरीद सकते हैं.&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 16:30:16 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Gold-, Silver, Rate, Today:, फिर, महंगा, हुआ, 18k, 22k, 24k, का, सोना, जानें, आज, चांदी, के, भी, क्या, हैं, हाल</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>Gold Mine: भारत की धरती से निकला सोना, जोनागिरी खदान के पहले गोल्ड बिस्कुट की बाजार में एंट्री, कितनी है कीमत?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/gold-mine-भारत-की-धरती-से-निकला-सोना-जोनागिरी-खदान-के-पहले-गोल्ड-बिस्कुट-की-बाजार-में-एंट्री-कितनी-है-कीमत</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/gold-mine-भारत-की-धरती-से-निकला-सोना-जोनागिरी-खदान-के-पहले-गोल्ड-बिस्कुट-की-बाजार-में-एंट्री-कितनी-है-कीमत</guid>
        <description><![CDATA[ Jonnagiri Gold Mine: अब तक भारत में बिकने वाला ज्यादातर सोना विदेशों से आयात किया जाता था, लेकिन अब तस्वीर बदलती नजर आ रही है. आंध्र प्रदेश की जोनागिरी (स्वर्णगिरि) गोल्ड माइन से निकला पहला 24 कैरेट गोल्ड बिस्कुट बाजार में बिक्री के लिए पहुंच गया है. हाल ही में इसे मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने लॉन्च किया था. ये कदम भारत में घरेलू गोल्ड प्रोडक्शन को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ी कामयाबी माना जा रहा है.
कहां मिल रहा है बिस्कुट?जोनागिरी गोल्ड माइन से तैयार किए गए गोल्ड बिस्कुट अभी तो आंध्र प्रदेश के कुरनूल शहर के वेंकटचलपति सर्राफा बाजार की कुछ ज्वेलरी दुकानों पर मिल रहा है. बाजार में आते ही इनकी अच्छी मांग देखने को मिली है और छोटे साइज के कई गोल्ड बिस्कुट शुरुआती दिनों में ही बिक गए.
फिर महंगा हुआ 18k, 22k, 24k का सोना? जानें आज चांदी के भी क्या हैं हाल

VIDEO | The first gold biscuit produced at the Jonnagiri Gold Mine and inaugurated by Andhra Pradesh Chief Minister N Chandrababu Naidu is now available with local vendors at Venkatachalapathi Saraf Bazaar, near Konda Reddy Burj Circle in Kurnool.#Kurnool #AndhraPradeshNews&amp;hellip; pic.twitter.com/pvpFza30v4
&amp;mdash; Press Trust of India (@PTI_News) June 27, 2026



कितनी है कीमत?ये गोल्ड बिस्कुट 50 ग्राम, 100 ग्राम और 500 ग्राम के तीन साइज में लॉन्च किया गया है. इनमें सबसे बड़ा 500 ग्राम का 24 कैरेट (999 प्योरिटी) गोल्ड बिस्कुट सबसे ज्यादा चर्चा में है. अभी इसकी कीमत मौजूदा बाजार भाव के अनुसार 75 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है. बाकि वजन वाले सोने के बिस्कुट भी बाजार के भाव में मिल रहे हैं.
गोल्ड बिस्कुट की क्या है खासियत?ये गोल्ड बिस्कुट भारत में गोल्ड माइनिंग के नए दौर की शुरुआत का प्रतीक है. ये 24 कैरेट यानी 99.9% शुद्ध सोना है और बिस्कुट पर जोनागिरी गोल्ड माइन अंकित है साथ ही 500 ग्राम वाले बिस्कुट पर आंध्र प्रदेश का नक्शा भी बनाया गया है. इसकी एक खासियत ये भी है कि सोना पूरी तरह भारत की धरती से निकाला और प्रोसेस किया गया है.&amp;nbsp;
14 किलो वाला गैस सिलेंडर बुक कराने से पहले जान लें आज का रेट, आपके शहर में कितनी है कीमत?
क्यों खास है जोनागिरी गोल्ड माइन?जोनागिरी गोल्ड माइन को भारत के प्राइवेट क्षेत्र की सबसे बड़ी गोल्ड माइनिंग परियोजनाओं में गिना जा रहा है. इस परियोजना से शुरुआत में हर साल सैकड़ों किलोग्राम सोने का उत्पादन होगा, जिसे आगे बढ़ाकर करीब 900 किलोग्राम सालाना करने की प्लानिंग है. इससे देश की आयातित सोने पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है.
क्या सस्ता मिलेगा भारतीय सोना?सोना भारत में निकाला जा रहा है लेकिन फिलहाल इस पर वही टैक्स और GST लागू हैं जो दूसरे गोल्ड प्रोडक्ट्स पर लगते हैं. इसलिए अभी ग्राहकों को कीमत में कोई खास राहत मिलने की उम्मीद नहीं है.&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 16:30:15 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Gold, Mine:, भारत, की, धरती, से, निकला, सोना, जोनागिरी, खदान, के, पहले, गोल्ड, बिस्कुट, की, बाजार, में, एंट्री, कितनी, है, कीमत</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>Bank Holiday Today: आज बैंक बंद है क्या, जानें 27 जून को आपके शहर में बैंक खुले हैं या नहीं</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/bank-holiday-today-आज-बैंक-बंद-है-क्या-जानें-27-जून-को-आपके-शहर-में-बैंक-खुले-हैं-या-नहीं</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/bank-holiday-today-आज-बैंक-बंद-है-क्या-जानें-27-जून-को-आपके-शहर-में-बैंक-खुले-हैं-या-नहीं</guid>
        <description><![CDATA[ Bank Holiday Today: अगर आपको आज बैंक से जुड़ा कोई भी जरूरी काम है, तो ये खबर आपके लिए ही है. 27 जून 2026 यानी शनिवार को देशभर में बैंक शाखाएं बंद रहेंगी. इसकी वजह महीने का चौथा शनिवार है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के अनुसार हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को सभी सरकारी और निजी बैंक बंद रहते हैं. यहां से आप इसके बारे में डिटेल में जान सकते हैं.&amp;nbsp;
आज क्यों बंद हैं बैंक?आज 27 जून 2026 को महीने का चौथा शनिवार है. RBI की बैंक हॉलिडे लिस्ट के अनुसार चौथे शनिवार को पूरे देश में बैंक शाखाओं में कामकाज नहीं होता है. ऐसे में अगर आपको बैंक में जाकर कोई जरूरी काम करना है, तो अब आपको अगले कार्य दिवस का इंतजार करना होगा.&amp;nbsp;
14 किलो वाला सिलेंडर बुक कराने से पहले जान लें आज का रेट, CNG की कीमत भी यहां से देखें
किन सेवाओं पर नहीं पड़ेगा असर?

UPI से पैसे भेजना&amp;nbsp;
इंटरनेट बैंकिंग
मोबाइल बैंकिंग
ATM से नकद निकालना
IMPS, NEFT और RTGS जैसी ऑनलाइन फंड ट्रांसफर सेवाएं
बैलेंस चेक
मिनी स्टेटमेंट

कौन-कौन से काम नहीं हो पाएंगे?

नकद जमा और निकासी&amp;nbsp;
चेक जमा करना
पासबुक अपडेट कराना
डिमांड ड्राफ्ट बनवाना
लॉकर से जुड़े काम
KYC&amp;nbsp;

27 जून 2026 को क्या बदली कीमतें? जानें अपने शहर के पेट्रोल- डीजल का रेट
अगला बैंक अवकाश कब है?27 जून के बाद अगले दिन भी आपका काम रुकने वाला है. असल में रविवार, 28 जून 2026 को भी साप्ताहिक अवकाश के कारण बैंक बंद रहेंगे. ऐसे में शाखा से जुड़े काम अब सीधा 29 जून 2026 यानी सोमवार से दोबारा शुरू होंगे.&amp;nbsp;
 ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 03:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Bank, Holiday, Today:, आज, बैंक, बंद, है, क्या, जानें, जून, को, आपके, शहर, में, बैंक, खुले, हैं, या, नहीं</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>Gold&amp; Silver Price Today: आज सोना खरीदना सही होगा क्या? जानें 24K, 22K, 18K सोने और चांदी का भाव</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/gold-silver-price-today-आज-सोना-खरीदना-सही-होगा-क्या-जानें-24k-22k-18k-सोने-और-चांदी-का-भाव</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/gold-silver-price-today-आज-सोना-खरीदना-सही-होगा-क्या-जानें-24k-22k-18k-सोने-और-चांदी-का-भाव</guid>
        <description><![CDATA[ Gold- Silver Price Today: अगर आप आज सोना या चांदी की शॉपिंग करने की प्लानिंग में हैं, तो पहले ताजा भाव जरूर जान लें. सर्राफा बाजार में हर दिन सोने और चांदी की कीमतों में बदलाव देखने को मिलता है. 27 जून 2026 को भी गोल्ड और सिल्वर के नए रेट जारी हो गए हैं. ऐसे में खरीदारी से पहले अपने शहर का भाव जानना ही चाहिए. रेट जान लेने से आपको भी खरीदारी करने में आसानी होगी और आप ये भी समझ पाएंगे कि आज सोना या चांदी खरीदना चाहिए कि नहीं.
आज सोने का भाव-&amp;nbsp;



शहर
24 कैरेट सोना (10 ग्राम)
22 कैरेट सोना (10 ग्राम)
18 कैरेट सोना (10 ग्राम)


दिल्ली
₹142960
₹131060
₹107270


मुंबई
₹142760
₹130860
₹107070


कोलकाता
₹142760
₹130860
₹107070


चेन्नई
₹145100
₹133010
₹110760


पटना
₹142860
₹130960
₹107170


लखनऊ
₹142960
₹131060
₹107270


मेरठ
₹142960
₹131060
₹107270


अयोध्या
₹142960
₹131060
₹107270


गाजियाबाद
₹142960
₹131060
₹107270


नोएडा
₹142960
₹131060
₹107270


गुरुग्राम
₹142960
₹131060
₹107270


चंडीगढ़
₹142960
₹131060
₹107270


जयपुर
₹142960
₹131060
₹107270


लुधियाना
₹142960
₹131060
₹107270


गुवाहाटी
₹142760
₹130860
₹107070


जलगांव
₹142760
₹130860
₹107070


इंदौर
₹142860
₹130960
₹107170


कानपुर
₹142960
₹131060
₹107270


अहमदाबाद
₹142860
₹130960
₹107170


वडोदरा
₹142860
₹130960
₹107170


सूरत
₹142860
₹130960
₹107170


पुणे
₹142760
₹130860
₹107070


नागपुर
₹142760
₹130860
₹107070


नासिक
₹142790
₹130890
₹107100


बैंगलोर
₹142760
₹130860
₹107070


भुवनेश्वर
₹142760
₹130860
₹107070


कटक
₹142760
₹130860
₹107070


रायपुर
₹142760
₹130860
₹107070


हैदराबाद
₹142760
₹130860
₹107070



आज बैंक बंद है क्या, जानें 27 जून को आपके शहर में बैंक खुले हैं या नहीं
आज चांदी का भाव-&amp;nbsp;



शहर
100 ग्राम चांदी का भाव
1 किलो चांदी का भाव


दिल्ली
₹24,000
₹2,40,000


मुंबई
₹24,000
₹2,40,000


कोलकाता
₹24,000
₹2,40,000


चेन्नई
₹23,500
₹2,35,000


पटना
₹24,000
₹2,40,000


लखनऊ
₹24,000
₹2,40,000


मेरठ
₹24,000
₹2,40,000


अयोध्या
₹24,000
₹2,40,000


कानपुर
₹24,000
₹2,40,000


गाजियाबाद
₹24,000
₹2,40,000


नोएडा
₹24,000
₹2,40,000


जयपुर
₹24,000
₹2,40,000


गुरुग्राम
₹24,000
₹2,40,000


चंडीगढ़
₹24,000
₹2,40,000


लुधियाना
₹24,000
₹2,40,000


गुवाहाटी
₹24,000
₹2,40,000


इंदौर
₹24,000
₹2,40,000


अहमदाबाद
₹24,000
₹2,40,000


वडोदरा
₹24,000
₹2,40,000


सूरत
₹24,000
₹2,40,000


पुणे
₹24,000
₹2,40,000


नागपुर
₹24,000
₹2,40,000


नासिक
₹24,000
₹2,40,000


बैंगलोर
₹24,000
₹2,40,000


भुवनेश्वर
₹23,500
₹2,35,000


कटक
₹23,500
₹2,35,000


केरल
₹23,500
₹2,35,000


रायपुर
₹24,000
₹2,40,000


हैदराबाद
₹23,500
₹2,35,000



सोने और चांदी का रेट क्यों बदलता है?
सोने और चांदी की कीमतें वैसे तो रोज बदलती है लेकिन इसके पीछे भी कई सारे कारण होते हैं. इनमें अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांग, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति, आयात शुल्क, वैश्विक आर्थिक हालात और निवेशकों की खरीदारी भी कारण माने जाते हैं. जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत बढ़ती है, तो भारत में भी इसका असर देखने को मिलता है.
14 किलो वाला सिलेंडर बुक कराने से पहले जान लें आज का रेट, CNG की कीमत भी यहां से देखें
खरीदारी से पहले इन बातों का रखें ध्यान
अगर आप सोने की जूलरी खरीद रहे हैं, तो हमेशा BIS हॉलमार्क जरूर देखें. इसके अलावा मेकिंग चार्ज, GST और बिल लेना भी नहीं भूलना चाहिए. इससे आपको शुद्ध सोना मिलने की गारंटी रहती है और आगे भी इसे बेचने पर भी अच्छी कीमत मिलती है.&amp;nbsp;
 ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 03:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Gold-, Silver, Price, Today:, आज, सोना, खरीदना, सही, होगा, क्या, जानें, 24K, 22K, 18K, सोने, और, चांदी, का, भाव</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>Goldman Sachs: पेट्रोल&amp;डीजल के दाम बढ़ने का खतरा टला, क्रूड ऑयल से मिली राहत, GDP ग्रोथ का अनुमान भी बढ़ा</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/goldman-sachs-पेट्रोल-डीजल-के-दाम-बढ़ने-का-खतरा-टला-क्रूड-ऑयल-से-मिली-राहत-gdp-ग्रोथ-का-अनुमान-भी-बढ़ा</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/goldman-sachs-पेट्रोल-डीजल-के-दाम-बढ़ने-का-खतरा-टला-क्रूड-ऑयल-से-मिली-राहत-gdp-ग्रोथ-का-अनुमान-भी-बढ़ा</guid>
        <description><![CDATA[ Goldman Sachs: देश के करोड़ों लोगों के लिए राहत भरी खबर है. क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट हुई है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट के बाद अब भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने की आशंका काफी कम हो गई है. इतना ही नहीं, वैश्विक निवेश बैंक गोल्डमैन सैश ने भी भारत की आर्थिक विकास दर का अनुमान बढ़ा दिया है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि सस्ता क्रूड ऑयल भारत की अर्थव्यवस्था के लिए कई तरह से फायदेमंद साबित हो सकता है.
क्यों मिली राहत?हाल के दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है. इससे तेल की सप्लाई को लेकर बनी चिंता भी कम हुई है. भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चा तेल आयात करता है. ऐसे में जब वैश्विक बाजार में तेल सस्ता होता है, तो सरकार और तेल कंपनियों पर पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाने का दबाव भी कम हो जाता है.
आज सोना खरीदना सही होगा क्या? जानें 24K, 22K, 18K सोने और चांदी का भाव




गोल्डमैन सैश की भविष्यवाणी
गोल्डमैन सैश ने भारत की कैलेंडर वर्ष 2026 की GDP ग्रोथ का अनुमान 6.5% से बढ़ाकर 6.8% कर दिया है. वहीं, FY27 के लिए भी ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर 6.5% कर दिया गया है. ब्रोकरेज का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों में कमी आने से महंगाई का दबाव घटेगा, लोगों की जेब पर बोझ कम होगा और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी.




महंगाई पर भी पड़ेगा असरक्रूड ऑयल सस्ता होने का फायदा सिर्फ पेट्रोल-डीजल तक सीमित नहीं रहता है. इससे परिवहन लागत भी कम होती है, जिसका असर खाने-पीने की चीजों, रोजमर्रा के सामान और दूसरे उत्पादों की कीमतों पर भी पड़ सकता है. गोल्डमैन सैश ने भारत के लिए महंगाई का अनुमान भी घटाया है. इसके साथ ही करंट अकाउंट डेफिसिट का अनुमान भी पहले के मुकाबले कम किया गया है.
आज बैंक बंद है क्या, जानें 27 जून को आपके शहर में बैंक खुले हैं या नहीं
भारत को कैसे होगा फायदा?

पेट्रोल-डीजल की कीमत पर दबाव कम होगा
महंगाई कंट्रोल करने में मदद मिलेगी
सरकार का आयात बिल घट सकता है
रुपये पर दबाव कम होगा

क्या सस्ते होंगे पेट्रोल-डीजल?फिलहाल तेल कंपनियों की ओर से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में किसी कटौती का ऐलान नहीं किया गया है. हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक नीचे बनी रहती हैं, तो आने वाले समय में ग्राहकों को राहत मिल सकती है.
14 किलो वाला सिलेंडर बुक कराने से पहले जान लें आज का रेट, CNG की कीमत भी यहां से देखें
 ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 03:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Goldman, Sachs:, पेट्रोल-डीजल, के, दाम, बढ़ने, का, खतरा, टला, क्रूड, ऑयल, से, मिली, राहत, GDP, ग्रोथ, का, अनुमान, भी, बढ़ा</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>Finance Tips: 30000 की सैलरी में कैसे मैनेज होगा होम लोन और कार लोन, समझें पूरा गणित</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/finance-tips-30000-की-सैलरी-में-कैसे-मैनेज-होगा-होम-लोन-और-कार-लोन-समझें-पूरा-गणित</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/finance-tips-30000-की-सैलरी-में-कैसे-मैनेज-होगा-होम-लोन-और-कार-लोन-समझें-पूरा-गणित</guid>
        <description><![CDATA[ Finance Tips: आज के समय में अपना घर और कार खरीदना ज्यादातर लोगों का सपना होता है. लेकिन आपकी महीने की सैलरी अगर 30,000 रुपये ही है तो ऐसा लगता है कि न लोन मिलेगा और ना ही इसे चुका पाएंगे. लेकिन ऐसा नहीं है. अगर आपके मन में ये सवाल है कि क्या इतनी इनकम में ही होम लोन और कार लोन दोनों की EMI एक साथ चुकाई जा सकती है? तो इसका सही जवाब आपको यहां से मिलने वाला है.
बैंक कब देता है लोन?जब लोन देने की बारी आती है तो बैंक ये जरूर देखता है कि टोटल EMI आपकी महीने की सैलरी के 40% से 50% से अधिक न हो. इसे FOIR कहा जाता है. अगर आपकी सैलरी 30,000 रुपये है, तो 40% के हिसाब से अधिकतम EMI ₹12,000 और 50% के हिसाब से अधिकतम EMI ₹15,000 होगी, यानी बैंक आमतौर पर यही मानते हैं कि आपकी कुल EMI 12,000 से 15,000 रुपये के बीच होनी चाहिए.
पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने का खतरा टला, क्रूड ऑयल से मिली राहत, GDP ग्रोथ का अनुमान भी बढ़ा
होम लोन और कार लोन का गणित समझें-&amp;nbsp;
मान लीजिए आपके होम लोन की EMI ₹9,000 प्रति माह और कार लोन की EMI ₹4,000 प्रति माह तो आपकी कुल EMI होगी ₹13,000 प्रति माह हुुई. ये 30,000 रुपये की सैलरी का करीब 43% है. इस हिसाब से बैंक से लोन मिल जाएगा. हालांकि, इसके बाद भी आपकी क्रेडिट प्रोफाइल, पुराने लोन डिटेल और खर्चे की जानकारी बैंक जरूर लेगा और तब ही फैसला करेगा.
कितनी सैलरी बचेगी?अगर आपकी सैलरी 30,000 रुपये है और EMI 13,000 रुपये है, तो आपके पास हर महीने करीब 17,000 रुपये बचेंगे. इसी 17000 में से आपको अपना घर खर्च निकालना है, बिजली-पानी के बिल देना है, मेडिकल खर्च भी हैं और पेट्रोल या CNG पर भी पैसे खर्च करने पड़ेंगे. हो सकता है निवेश के लिए कुछ बचे ही नहीं.
आज सोना खरीदना सही होगा क्या? जानें 24K, 22K, 18K सोने और चांदी का भाव
किन बातों का रखना चाहिए ध्यान?&amp;nbsp;

कुल EMI आपकी आय के 40% से ज्यादा न हो.
इमरजेंसी फंड जरूर बनाएं.
क्रेडिट स्कोर अच्छा रखें.
डाउन पेमेंट ज्यादा करेंगे तो EMI उतनी कम होगी.

क्या 30 हजार की सैलरी में दोनों लोन लेना सही है?अगर आपकी नौकरी स्थिर है, अन्य कोई बड़ा कर्ज नहीं है और मासिक खर्च नियंत्रित हैं, तो सही योजना बनाकर होम लोन और कार लोन दोनों की EMI संभाली जा सकती है. लेकिन अगर पहले से कोई लोन चल रहा है या खर्च ज्यादा हैं, तो दोनों लोन एक साथ लेने से पहले अच्छी तरह बजट बनाना जरूरी है.
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        <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 03:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Finance, Tips:, 30000, की, सैलरी, में, कैसे, मैनेज, होगा, होम, लोन, और, कार, लोन, समझें, पूरा, गणित</media:keywords>
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        <title>देश में इस खदान से हर साल निकलेगा 400 किलो सोना, 2 टन गोल्ड भी उगलेगी ये माइन, याद आया KGF</title>
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        <description><![CDATA[ Gold Mining Project Andhra Pradesh: देश में सोने के बढ़ते दामों के बीच भारत के ही एक राज्य में एक खदान सोना उगलने की तैयारी में है. आंध्र प्रदेश राज्य जहां के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने कुरनूल जिले के जोन्नागिरी में राज्य की एक बड़ी प्राइवेट गोल्ड माइनिंग और प्रोसेसिंग परियोजना को हरी झंडी दिखाई है. ये परिवयोजना भारत की प्रमुख गोल्ड माइनिंग परियोजनाओं में से एक मानी जा रही है.
ये परियोजना करीब 405 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की गई है. जो 1,500 एकड़ क्षेत्र में फैली है, जिसमें पहले चरण में 600 एकड़ में खनन का काम शुरू किया गया है. राज्य सरकार ने जोन्नागिरी गांव का नाम बदलकर &#039;स्वर्णगिरि&#039; भी रख दिया है. हालांकि ये टेम्पररी या प्रतीकात्मक नाम ही होगा.
KGF की तरह नई उम्मीद लाई परियोजना
सरकार के मुताबिक, यह परियोजना किसी समय देश की सबसे मशहूर सोने की खदान रही कोलार गोल्ड फील्ड्स (KGF) की तरह नई उम्मीद लेकर आई है. खदान से पहले साल में करीब 400 किलोग्राम सोना निकलने की उम्मीद है. दूसरे साल से उत्पादन बढ़कर 900 किलोग्राम हो सकता है और आगे चलकर हर साल 2 टन सोना उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है.
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परियोजना कैसे देगी रोजगार?
ये परियोजना केवल स्वर्ण उत्खनन के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि इसके जरिए करीब 700 लोगों को रोजगार मिलने की भी संभावना है. इसके साथ ही राज्य सरकार को इस परियोजना से बड़ा आर्थिक लाभ भी होगा. सोने के उत्पादन मूल्य पर सरकार को 4% रॉयल्टी मिलेगी, जिससे करोड़ों रुपये की आय हो सकती है. यह परियोजना न सिर्फ खनन क्षेत्र के साथ-साथ स्थानीय विकास, रोजगार और आर्थिक मजबूती के लिहाज से भी एक बड़ा कदम मानी जा रही है.
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        <pubDate>Sat, 27 Jun 2026 11:30:15 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>देश, में, इस, खदान, से, हर, साल, निकलेगा, 400, किलो, सोना, टन, गोल्ड, भी, उगलेगी, ये, माइन, याद, आया, KGF</media:keywords>
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        <title>Mango Export: हवाई जहाज छोड़ समुद्र से विदेश भेजे जा रहे आम, इस ट्रिक से कैसे मालामाल होंगे किसान?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/mango-export-हवाई-जहाज-छोड़-समुद्र-से-विदेश-भेजे-जा-रहे-आम-इस-ट्रिक-से-कैसे-मालामाल-होंगे-किसान</link>
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        <description><![CDATA[ Mango Export News: गर्मियों के मौसम का इंतजार लोग एक खास वजह से करते हैं, और वो वजह है &#039;आम&#039;. यूं ही इसे फलों का राजा नहीं कहा जाता है. आम भारत में फूलता- फलता है लेकिन विदेश में भी इसकी खूब पूछ परख है. इसलिए हर साल इस मौसम में आम बड़ी मात्रा में विदेशों में एक्सपोर्ट किया जाता है. लेकिन इस बार भारतीय आमों के निर्यात को एक बड़ी सफलता मिली है. अब आम का निर्यात समुद्री रास्ते से किया जाएगा.
आमों के निर्यात को मिली बड़ी सफलतादरअसल भारतीय आमों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए इस दिशा में कदम उठाया जा रहा है. अब आमों का निर्यात प्लेन से नहीं बल्कि समुद्री रास्ते से होगा. ये सफलता तब मिली, जब आंध्र प्रदेश के 4.3 टन बंगनपल्ली आम एक विशेष रेफ्रिजरेटेड (रीफर) कंटेनर में सफलतापूर्वक सिंगापुर भेजे गए. इस तकनीक को ICAR-केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान (ICAR-CISH), लखनऊ ने APEDA के साथ मिलकर विकसित किया है.
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लागत भी होगी कमअब तक प्रीमियम भारतीय आमों का निर्यात ज्यादातर हवाई मार्ग से यानी प्लेन होता था. इसमें परिवहन लागत 150 से 250 रुपये प्रति किलोग्राम तक आती थी. वहीं समुद्री रास्ते से भेजे जाने केबाद ये लागत कम हो जाएगी. इसका खर्च घटकर 13 से 20 रुपये प्रति किलोग्राम हो सकती है. यानी निर्यातकों का खर्च काफी कम होगा.
लंबा सफर हो पाएगा तय?आमों के समुद्री मार्ग से निर्यात में सबसे बड़ी चुनौती ये थी कि लंबे समुद्री सफर के दौरान आम खराब न हों. इसके लिए वैज्ञानिकों ने ऐसी तकनीक बनाई है, जिसमें बिना केमिकल वाली खेती, गुड एग्रीकल्चरल प्रैक्टिस (GAP), वैज्ञानिक तरीके से तुड़ाई, ग्रेडिंग, पैकिंग और कटाई के बाद सही मैनेजमेंट अपनाया गया. इसके अलावा आमों पर हॉट वॉटर ट्रीटमेंट और CISH-Met Wash तकनीक का इस्तेमाल किया गया, जिससे उनकी गुणवत्ता बनी रही, बीमारियों का खतरा कम हुआ और शेल्फ लाइफ बढ़ गई. इस नई तकनीक से 30 दिनों तक आम ताजा रह सकते हैं.
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        <pubDate>Sat, 27 Jun 2026 11:30:14 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Mango, Export:, हवाई, जहाज, छोड़, समुद्र, से, विदेश, भेजे, जा, रहे, आम, इस, ट्रिक, से, कैसे, मालामाल, होंगे, किसान</media:keywords>
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        <title>Inflation News: अगर अब तेल और LPG की सप्लाई रुकी तो भारत पर क्या होगा असर? फिर उठाना पड़ेगा जोखिम!</title>
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        <description><![CDATA[ LPG- OIL News: ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम तो हो गया है. ये युद्धविराम 60 दिनों तक लागू रहेगा. लेकिन सवाल ये है कि 60 दिन के बाद क्या? यदि ईरान और अमेरिका के बीच समझौता नहीं हुआ तब? क्या वापस महंगाई बढ़ेगी? दोबारा तेल और गैस की किल्लत होगी? इन सबसे बड़ा सवाल ये है कि भारत पर इसका असर क्या पड़ेगा?
भारत पर क्या पड़ेगा असर?दरअसल हाल ही में रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने कुछ नए आंकड़े निकाले हैं, जिससे पता चलता है कि आने वाले समय में क्या हो सकता है. क्रिसिल की इस रेटिंग के मुताबिक अब भारतीय कंपनियों के मुनाफे पर इस संघर्ष का असर पहले की अपेक्षा काफी कम रहेगा. वित्त वर्ष 2026-27 में कंपनियों के परिचालन मुनाफे में अब करीब 1% की कमी आने की उम्मीद है.
ये भी पढ़ें: Strait of Hormuz: ईरान के इस कदम से और बढ़ेगी महंगाई, हर साल $40 बिलियन कमाने का बना लिया प्लान, संकट में कई देश
हालांकि इससे पहले ये अंदाजा लगाया जा रहा था कि अगर संघर्ष लंबा चलता है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होती, तो मुनाफा 2% तक घट सकता था. ये अनुमान ऐसे समय आया है जब युद्धविराम के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही फिर से शुरू हो गई है. इसके चलते कच्चे तेल की कीमतों में भी गिरावट आई है. हालांकि, क्रिसिल ने कहा कि मिडिल ईस्ट में तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और गैस आपूर्ति सामान्य होने में अभी कुछ समय लग सकता है.
बढ़ेंगे कच्चे तेल के दाम?क्रिसिल की रिपोर्ट के मुताबिक इस वित्त वर्ष में ब्रेंट कच्चे तेल की औसत कीमत 80-85 डॉलर प्रति बैरल रह सकती है. वहीं, गैस आपूर्ति में रुकावट करीब चार महीने तक बनी रह सकती है.&amp;nbsp;
इन क्षेत्रों पर पड़ सकता है असरपहले जहां 22 क्षेत्रों पर असर पड़ने की आशंका थी, अब ये घटकर 10 क्षेत्रों तक रह गई है. जिन क्षेत्रों पर दबाव बना रह सकता है, उनमें:

एविएशन
सिरेमिक
फ्लेक्सिबल पैकेजिंग
स्पेशियलिटी केमिकल्स
पॉलिएस्टर टेक्सटाइल
हीरा पॉलिशिंग उद्योग शामिल हैं.

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इन उद्योगों पर महंगे कच्चे माल और आपूर्ति (सप्लाई) संबंधी चुनौतियों का असर बना रह सकता है. ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) को कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का सबसे ज्यादा फायदा मिलने की उम्मीद है. उर्वरक (फर्टिलाइजर) कंपनियों को भी सस्ते कच्चे तेल और ऊर्जा लागत में कमी से लाभ मिल सकता है. क्रिसिल के अनुसार, तेल की कीमतें कम रहने से इन कंपनियों की कमाई (प्रॉफिटेबिलिटी) में सुधार होने की संभावना है.
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        <pubDate>Sat, 27 Jun 2026 11:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Strait of Hormuz: ईरान के इस कदम से और बढ़ेगी महंगाई, हर साल $40 बिलियन कमाने का बना लिया प्लान, संकट में कई देश</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/strait-of-hormuz-ईरान-के-इस-कदम-से-और-बढ़ेगी-महंगाई-हर-साल-40-बिलियन-कमाने-का-बना-लिया-प्लान-संकट-में-कई-देश</link>
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        <description><![CDATA[ Strait of Hormuz: बीते कुछ महीनों से जबसे ईरान और यूएस के बीच युद्ध शुरू हुआ था, तभी से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ब्लॉक था. हाल ही में युद्ध विराम के बाद लोगों ने राहत की सांस ली ही थी, कि अब एक बार फिर से लगता है महंगाई की मार लोगों पर पड़ेगी. क्योंकि अमेरिका से युद्ध खत्म होने के बाद ईरान अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अपना कमाई का नया जरिया बनाने वाला है. आइये जानें कैसे.
होर्मुज कैसे बनेगा ईरान की कमाई का जरिया?दरअसल द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के मैनेजमेंट में बड़ा बदलाव करना चाहता है. इसके लिए उसने एक नया प्रस्ताव दिया है, जिसके तहत इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों से सुरक्षा, सुरक्षित नौवहन और पर्यावरण संरक्षण जैसी सेवाओं के बदले फीस ली जाएगी. अगर ये प्लान लागू होता है तो इसमें शामिल देशों को हर साल करीब 40 अरब डॉलर तक की आय हो सकती है.
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क्या बोला ईरान?इसे लेकर ईरान का कहना है कि हालिया युद्ध के बाद अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का संचालन पहले की तरह नहीं चल सकता. इसलिए एक नई व्यवस्था बनाई जानी चाहिए, जिसमें खाड़ी के देश मिलकर इस समुद्री रास्ते का मैनेजमेंट करें और फीस से होने वाली कमाई आपस में बांटें. जिससे ईरान और उससे जुड़े देशों की आय वृद्धि होगी.
रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान इस योजना को लागू करने के लिए चीन और खाड़ी के अन्य देशों का समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहा है. ईरान के चीफ नेगोशिएटर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने अपने ओमान दौरे के दौरान कहा कि होर्मुज का मैनेजमेंट अब पुराने तरीके से नहीं होगा. ईरान ने ये मॉडल टर्की के स्ट्रोट ऑफ डार्डानेल्स से इंस्पायर होकर तैयार किया है.
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क्या पड़ेगी महंगाई की मार?यदि ईरान का ये प्रस्ताव पास हो जाता है तो आने वाले समय में अन्य देश जहां पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से कच्चे तेल और गैस का निर्यात होता है, वहां महंगाई बढ़ सकती है. जिसमें से एक भारत भी है, जहां ईरान- अमेरिका के बीच युद्ध का भी सीधा असर पड़ा था. यहां पर कच्चे तेल की कमी के कारण पेट्रोल- डीजल और गैस की किल्लत देखी गई. तो वहीं इनके दामों में भी इजाफा हुआ था.
विरोध में है अमेरिकाबता दें कि अमेरिका ने ईरान के इस प्रस्ताव का विरोध किया है. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि किसी भी देश को इंटरनेशनल जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों से फीस लेने का कोई अधिकार नहीं है और अमेरिका ऐसी किसी व्यवस्था का समर्थन नहीं करेगा. रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि हाल ही में हुए 60 दिन के युद्धविराम समझौते के तहत ईरान को स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से बारूदी सुरंगें हटानी होंगी और जहाजों की आवाजाही बिना किसी टोल के जारी रखनी होगी.
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        <pubDate>Sat, 27 Jun 2026 11:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Strait, Hormuz:, ईरान, के, इस, कदम, से, और, बढ़ेगी, महंगाई, हर, साल, 40, बिलियन, कमाने, का, बना, लिया, प्लान, संकट, में, कई, देश</media:keywords>
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        <title>1 जुलाई से क्या&amp;क्या बदल जाएगा? लागू होने वाले नए नियमों का आपकी जेब पर कितना पड़ेगा असर?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/1-जुलाई-से-क्या-क्या-बदल-जाएगा-लागू-होने-वाले-नए-नियमों-का-आपकी-जेब-पर-कितना-पड़ेगा-असर</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/1-जुलाई-से-क्या-क्या-बदल-जाएगा-लागू-होने-वाले-नए-नियमों-का-आपकी-जेब-पर-कितना-पड़ेगा-असर</guid>
        <description><![CDATA[ New Rules 1 July 2026: हर महीने की पहली तारीख अपने साथ कुछ नए नियम साथ लाती है. जून का महीना अब बस खत्म होने को है और जुलाई का महीना शुरू होने की कगार पर है. भारत में 1 जुलाई 2026 से&amp;nbsp;कई महत्वपूर्ण वित्तीय नियम (India financial rule changes July 2026) बदल रहे हैं, जिनका ग्राहकों और करदाताओं पर सीधा असर होगा. इन नए नियमों में UPI से PF की निकासी से लेकर डीए में बढ़ोतरी, LPG की कीमतों में बदलाव जैसी कई चीजों के होने की उम्मीद है. आइए जानते हैं 1 जुलाई 2026 से क्या-क्या बदलाव होने जा रहे हैं.
ITR फाइल करने की डेडलाइन
नौकरीपेशा और बिना ऑडिट वाले टैक्सपेयर्स के लिए सैलरीड इनकम टैक्स रिटर्न (ITR-1 और ITR-2) भरने की आखिरी तारीख 31 जुलाई है. यानी कि सैलरी पाने वाले कर्मचारी और वे लोग जिनकी इनकम कैपिटल गेन्स, हाउस प्रॉपर्टी या ऐसी दूसरी नॉन-बिजनेस इनकम से होती है जिसके लिए ऑडिट की जरूरत नहीं है, उन्हें ITR-1 और ITR-2 फॉर्म भरने होंगे.
HDFC क्रेडिट कार्ड के बदलेंगे नियम
1 जुलाई से नए वित्तीय वर्ष की दूसरी तिमाही शुरू हो रही है. इस मौके पर HDFC Bank ने अपने Regalia Gold और Diners Club Privilege क्रेडिट कार्ड के नियमों में कुछ बदलाव करने जा रहा है. पहले लागू हो चुके कुछ बदलावों के अलावा 1 जुलाई 2026 से एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस से जुड़े नए नियम लागू होंगे कुछ बदलाव पहले ही लागू हो चुके हैं, जबकि 1 जुलाई 2026 से एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस से जुड़े नए नियम लागू होंगे.
नए नियम के अनुसार, 1 जुलाई से HDFC बैंक Regalia Gold क्रेडिट कार्ड यूजर्स को घरेलू एयरपोर्ट लाउंज का एक्सेस पाने के लिए हर तिमाही में खर्च की एक नई सीमा पूरी करनी होगी.&amp;nbsp;इस पॉलिसी के तहत, ग्राहकों को अगली तिमाही में मुफ्त घरेलू एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस पाने के लिए पिछली तिमाही में कम से कम 60000 रुपये खर्च करने होंगे.


LPG, CNG और PNG की कीमतों में संभावित बदलाव
हर महीने की पहली तारीख्र की तरह 1 जुलाई को भी तेल विपणन कंपनियां (OMCs) एलपीजी सिलेंडर, सीएनजी और पीएनजी की कीमतों की समीक्षा करेगी. इस दौरान घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर के दामों में बदलाव देखने को मिल सकता है. साथ ही एयर टर्बाइन फ्यूल के लिए भी नए रेट जारी किए जाएंगे, जिसका हवाई जहाजों की टिकट की कीमतों पर बड़ा असर पड़ेगा.&amp;nbsp;

UPI निकाला जा सकेगा PF
1 जुलाई से UPI से PF निकालना ATM से कैश निकालने जितना आसान हो जाएगा. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के जुलाई में अपने नए डिजिटल प्लेटफॉर्म EPFO 3.0 को लॉन्च करने की उम्मीद है. इस सुविधा के शुरू होने के साथ EPFO सब्सक्राइबर्स UPI के जरिए अपने PF का पैसा निकाल सकेंगे. नई व्यवस्था लागू होने के बाद PF का पैसा निकालने में कुछ दिन नहीं, बल्कि चंद मिनट लगेंगे.&amp;nbsp;

पासपोर्ट बनवाना होगा महंगा
विदेश मंत्रालय ने एक दशक से भी अधिक समय के बाद पासपोर्ट फीस में भारी बढ़ोतरी की है. 1 जुलाई से लागू नए नियमों के तहत, 36- पेज के नए या री-इश्यू पासपोर्ट की फीस 1500 रुपये से बढ़कर 2500 रुपये हो जाएगी. यानी कि सीधे 1000 रुपये की बढ़ोतरी की गई है. वहीं, तत्काल सर्विस के लिए अब पहले के 3500 की जगह 5000 रुपये देने होंगे. 60- पेज के जंबो पासपोर्ट की फीस भी बढ़ाकर 6000 रुपये तक कर दी जाएगी.
रेलवे पेनल्टी के नियमों में बदलाव
1 जुलाई से बिना टिकट यात्रा करने पर डबल जुर्माना देना होगा. नए नियमों के तहत, जुर्माने की राशि को 250 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये किया जा रहा है. साथ ही अब से अगर कोई पुरुष महिला कोच में सफर करते हुए पाया गया, तो उस पर 2500 रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है.&amp;nbsp;
फ्री में अपडेट होगा आधार
UIADAI ने नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए 1 जुलाई से अगले छह महीने के लिए आधार अपडेट को मुफ्त कर दिया है. पहले आधार में नाम, पता, जन्म तिथि, मोबाइल नंबर और ईमेल बदलने के लिए 75 रुपये देने पड़ते थे&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;&amp;nbsp;

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8th Pay Commission: फिटमेंट फैक्टर पर क्या है सरकार का गेम प्लान? कहीं 2.28 तक सिमट कर न रह जाए बात&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 26 Jun 2026 19:30:39 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>जुलाई, से, क्या-क्या, बदल, जाएगा, लागू, होने, वाले, नए, नियमों, का, आपकी, जेब, पर, कितना, पड़ेगा, असर</media:keywords>
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        <title>बिना बैंक खाते के बच्चे कैसे चलाएंगे Paytm UPI? जानिए पूरा प्रोसेस, स्कूल&amp;कॉलेज कैंटीन&amp;मेट्रो के लिए करें पेमेंट</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/बिना-बैंक-खाते-के-बच्चे-कैसे-चलाएंगे-paytm-upi-जानिए-पूरा-प्रोसेस-स्कूल-कॉलेज-कैंटीन-मेट्रो-के-लिए-करें-पेमेंट</link>
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        <description><![CDATA[ Paytm Pocket Money: देश में डिजिटल पेमेंट की सुविधाएं तेजी से बढ़ रही हैं. जैसे-जैसे बच्चे बड़े होते हैं, उनके खर्चे भी बढ़ते हैं और उन्हें पॉकेट मनी की जरूरत पड़ती है. लेकिन बच्चों में वित्तीय समझ की कमी के कारण माता-पिता उन्हें पैसे देने या बैंक अकाउंट खुलवाने में हिचकिचाते हैं. अब इस समस्या का समाधान मिल सकता है.
पेमेंट एप पेटीएम ने पॉकेट मनी नाम से एक नई सुविधा शुरू की है. इसकी मदद से अब नाबालिग बच्चे बिना बैंक अकाउंट के भी यूपीआई का इस्तेमाल कर सकेंगे. इसमें मुख्य UPI यूजर जैसे माता-पिता या परिवार का कोई सदस्य बच्चे को अपने बैंक खाते से तय सीमा तक भुगतान करने दे सकता है. इससे बच्चे खर्च कर सकते हैं और उसका नियंत्रण यूपीआई यूजर के पास रहता है.
पॉकेट मनी फीचर शुरू करने की वजह क्या है?
टीनेजर्स के खर्चे ऐसे होते हैं कि उन्हें अक्सर घर पर फोन करके ओटीपी लेना पड़ता है या QR कोड भेजकर पैसे मंगवाने पड़ते हैं. इससे वे अपने माता-पिता पर निर्भर रहते हैं. अब इस फीचर की मदद से युवा अपने खर्च खुद कर सकते हैं, जबकि उनकी पॉकेट मनी पर पूरा कंट्रोल रियल-टाइम में माता-पिता के पास रहता है.
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फीचर काम कैसे करता है?
&amp;bull; माता-पिता बच्चों को पेटीएम ऐप पर यूपीआई सर्किल के जरिए बच्चे को अपने खाते से जोड़ देते हैं.
&amp;bull; इसके&amp;nbsp; बाद बच्चे आसानी से अपने मोबाइल से UPI पेमेंट कर सकता है.
&amp;bull; माता-पिता इसमें महीने की लिमिट तो&amp;nbsp; सेट कर सकते हैं.
सुरक्षा को लेकर क्या हैं नियम?
माता-पिता की सबसे बड़े डर को देख कर ये फीचर बनाया गया है. इससे बच्चे ज्यादा खर्च नि कर पाते.
&amp;bull; पूरे महीने का कुल खर्च&amp;nbsp; 15000 रुपए तय किया गया है. जिसे आप अपनी सुविधा अनुसार घटा सकते है.
&amp;bull; एक बार 5000 तक ही पेमेंट किया जा सकता है.
&amp;bull; शुरुआती दिनों में खर्च करने पर कुछ&amp;nbsp; पाबंदियां रहती हैं.
&amp;bull; फोन में&amp;nbsp; पासवर्ड होना जरूरी है.
&amp;bull; इस फीचर में कैश नहीं निकला जा सकता है.
&amp;bull; इसमें इंटरनेशनल पेमेंट नहीं किया जा सकता है
&amp;bull; माता-पिता के हाथ में पूर्ण कंट्रोल होता है वो जब चाहे इसका&amp;nbsp; एक्सेस बंद&amp;nbsp; कर सकते हैं.
फीचर देता है पैसों खर्च करने की समझ
इस सुविधा से बच्चे आत्मनिर्भर बनते हैं और पेमेंट करना सीखते हैं. साथ ही उन्हें पैसे कैसे खर्च करने हैं, इसकी भी समझ आने लगती है. इससे वे बजट बनाना और समझदारी से खर्च करना भी सीख जाते हैं. डिजिटल पेमेंट में हर खर्च का पूरा रिकॉर्ड रहता है.
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        <pubDate>Fri, 26 Jun 2026 19:30:35 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>बिना, बैंक, खाते, के, बच्चे, कैसे, चलाएंगे, Paytm, UPI, जानिए, पूरा, प्रोसेस, स्कूल-कॉलेज, कैंटीन-मेट्रो, के, लिए, करें, पेमेंट</media:keywords>
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        <title>Personal Loan vs Credit Card: पर्सनल लोन या क्रेडिट कार्ड, इमरजेंसी के लिए पैसे चाहिए तो क्या करें? एक्सपर्ट्स ने बताए दोनों के फायदे</title>
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        <description><![CDATA[ Personal Loan vs Credit Card: कई बार अचानक से ऐसी कोई इमरजेंसी आ जाती है जिसके लिए तुरंत में पैसों की जरूरत पड़ जाती है. कोई मेडिकल इमरजेंसी या कोई फाइनेंशियल इमरजेंसी कभी भी आ सकती है. ऐसे में लोगों के पास होते हैं दो रास्ते किसी से उधार लेना या फिर पर्सनल लोन लेना, या फिर क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करना.
हालांकि पर्सनल लोन या क्रेडिट कार्ड भी एक तरह से उधार ही होता है. दोनों से जल्दी पैसे मिल सकते हैं, लेकिन दोनों का तरीका और खर्च अलग-अलग होता है. इसलिए सही ऑप्शन चुनना जरूरी है. लेकिन वो कैसे होगा? आइये बताते हैं.
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पर्सनल लोन क्या है?पर्सनल लोन में बैंक या वित्तीय संस्था आपको एकमुश्त (Lump Sum) रकम देती है. इस रकम को आपको तय समय के भीतर हर महीने EMI के जरिए चुकाना होता है. आमतौर पर इसकी ब्याज दर पहले से तय होती है, जिससे आपको पहले ही पता होता है कि हर महीने कितनी किश्त देनी होगी.
क्रेडिट कार्ड क्या है?क्रेडिट कार्ड में आपको एक तय क्रेडिट लिमिट मिलती है, जिसका इस्तेमाल जरूरत पड़ने पर कभी भी किया जा सकता है. अगर आप बिल की पूरी रकम तय तारीख तक चुका देते हैं, तो आमतौर पर कोई ब्याज नहीं देना पड़ता. लेकिन अगर भुगतान समय पर नहीं हुआ, तो उस पर भारी ब्याज और अन्य चार्जेस लग सकते हैं.
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पर्सनल लोन वर्सेज क्रेडिट कार्डदोनों का इस्तेमाल अलग- अलग तौर पर किया जाता है, जैसे अगर आपको 2 से 5 लाख रुपये जैसी बड़ी रकम की जरूरत है, जैसे हॉस्पिटल बिल या किसी बड़े काम के लिए, तो पर्सनल लोन बेहतर ऑप्शन है. इसकी EMI तय होती है, जिससे भुगतान करना आसान रहता है और लंबे समय तक क्रेडिट कार्ड का बकाया रखने की तुलना में ये अक्सर सस्ता पड़ता है.
तो वहीं अगर आपको थोड़ा छोटा अमाउंट जैसे 10 या 20 हजार रुपये की जरूरत है, आप अगले महीने सैलरी आने पर पूरा भुगतान कर सकते हैं, तो क्रेडिट कार्ड ज्यादा अच्छा ऑप्शन है. इसमें लोन लेने की प्रक्रिया नहीं होती और पैसे तुरंत मिल जाते हैं.
दोनों में से क्या है बेहतर?लोन या क्रेडिट कार्ड चुनते समय केवल ब्याज दर ही नहीं देखना चाहिए. पर्सनल लोन पर प्रोसेसिंग फीस और EMI के खतम होने पर पेनाल्टी लग सकती है. वहीं, क्रेडिट कार्ड में लेट पेमेंट चार्ज, फाइनेंस चार्ज और अन्य फीस भी जुड़ सकती हैं. इसलिए कुल खर्च को समझकर ही फैसला लें.
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        <pubDate>Fri, 26 Jun 2026 19:30:32 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Personal, Loan, Credit, Card:, पर्सनल, लोन, या, क्रेडिट, कार्ड, इमरजेंसी, के, लिए, पैसे, चाहिए, तो, क्या, करें, एक्सपर्ट्स, ने, बताए, दोनों, के, फायदे</media:keywords>
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        <title>इस सरकारी बैंक ने HDFC और ICICI को पछाड़ा, क्रेडिट कार्ड रेस में हुआ आगे, लोगों ने खूब किया खर्च</title>
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        <description><![CDATA[ Credit Card Spendings: क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल इन दिनों हर कोई कर ही रहा है. छोटे- मोटे खर्च या बिल भरने के अलावा शॉपिंग के लिए भी लोग इसका इस्तेमाल करते हैं. प्राइवेट बैकों के क्रेडिट कार्डों से ज्यादा इन दिनों सरकारी बैंक ज्यादा पसंद कर रहे हैं. इसका उदाहरण हाल ही में सामने आए डाटा में भी देखने को मिला है. आइये बताते हैं ये कौन सा बैंक है.
ये बैंक है रेस में आगेदरअसल हाल ही में आए RBI के आंकड़ों के मुताबिक, मई 2026 में SBI बैंक की तरफ से लोगों को 1.82 लाख नए क्रेडिट कार्ड जारी किए गए हैं. इस दौरान SBI कार्ड से कुल 38556 करोड़ रुपये का खर्च हुआ, जो अप्रैल के मुकाबले 2% ज्यादा है. ये आंकड़े किसी भी अन्य संस्था से कहीं ज्यादा हैं.
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अन्य बैंकों का डाटाजहां SBI ने सबसे ज्यादा क्रेडिट कार्ड जारी किए हैं तो वहीं इसके बाद अन्य बैंकों के आंकड़े भी सामने आए है, जो इस प्रकार है:

ICICI बैंक ने मई 2026 में 1.68 लाख नए क्रेडिट कार्ड जारी किए. जिससे 32,818 करोड़ रुपये का खर्च हुआ, जो अप्रैल के मुकाबले 1% ज्यादा है.
HDFC बैंक ने मई में 1.42 लाख नए क्रेडिट कार्ड जारी किए. जिससे कार्डधारकों ने 59,138 करोड़ रुपये खर्च किए.&amp;nbsp;
HDFC बैंक के कार्ड में एक महीने क हिसाब से 2% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है.
कोटक महिंद्रा बैंक ने 54,000 नए क्रेडिट कार्ड जारी किए. जिससे खर्च 6% बढ़कर 6,389 करोड़ रुपये पहुंच गया.
एक्सिस बैंक ने मई में 52,000 नए क्रेडिट कार्ड जारी किए हैं. जिससे खर्च 6% बढ़कर 23,301 करोड़ रुपये हो गया.

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क्या कहते हैं आंकड़े?ये आंकड़े बताते हैं कि देश में क्रेडिट कार्ड का चलन लोगों के बीच कितना ज्यादा बढ़ रहा है. लोग नए कार्ड भी बनवा रहे हैं और उनका इस्तेमाल भी पहले से ज्यादा कर रहे हैं. इससे बैंकों के क्रेडिट कार्ड कारोबार में लगातार मजबूती देखने को मिल रही है. हालांकि सबसे बड़ी बात ये है कि लोगों का भरोसा सरकारी बैंक में है, ना कि प्राइवेट संस्थान में. ऐसे में एसबीआई लोगों की लिस्ट में सबसे ज्यादा है.
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        <pubDate>Fri, 26 Jun 2026 19:30:30 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>जींस में छुपा रखा था सवा 3 करोड़ का सोना, एयरपोर्ट पर धरे गए, विदेश से गोल्ड लाने के क्या नियम हैं?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/जींस-में-छुपा-रखा-था-सवा-3-करोड़-का-सोना-एयरपोर्ट-पर-धरे-गए-विदेश-से-गोल्ड-लाने-के-क्या-नियम-हैं</link>
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        <description><![CDATA[ Gold Import Rules: अक्सर जो लोग विदेश घूमने जाते हैं या फिर वहां पर नौकरी करते हैं वह वापस लौटते समय अपने परिवार के लिए गहने खरीदकर लाते हैं. लेकिन विदेश से भारत सोना लाने के भी कुछ जरूरी नियम हैं और अगर कोई भी व्यक्ति उस नियम का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है. इसलिए सही नियमों का पता होना भी जरूरी है, वरना लेने के देने पड़ सकते हैं.
अभी हाल ही में ऐसा ही मामला हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सामने आया है, यहां कुआलालंपुर से आए दो भारतीय यात्रियों को पकड़ा गया, क्योंकि दोनों की पैंट की कमर के पास पेस्ट के रूप में छिपाया गया 24 कैरेट सोना बरामद हुआ, जिसकी कुल मात्रा 2.271 किलोग्राम और अनुमानित कीमत लगभग 3.36 करोड़ बताई गई. अब दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. अगर आप भी विदेश से सोना लाने के बारे में सोच रहे हैं तो पहले सभी जरूरी नियमों के बारे में जान लें.&amp;nbsp;
इस सरकारी बैंक ने HDFC और ICICI को पछाड़ा, क्रेडिट कार्ड रेस में हुआ आगे, लोगों ने खूब किया खर्च
तय सीमा से ज्यादा सोना लाना पड़ेगा भारी
पहले तो जान लें कि सोना लाने को लेकर कस्टम्स विभाग के कुछ नियम हैं. अगर कोई व्यक्ति विदेश से तय सीमा से ज्यादा सोना या नियमों का पालन नहीं करता है तो उस पर कस्टम ड्यूटी, सोना जब्त और जुर्माना जैसी कार्रवाई की जा सकती है.

भारतीय कस्टम्स के नियमों के मुताबिक, पुरुष यात्री को 20 ग्राम सोना ड्यूटी फ्री लाने की परमिशन है.
वहीं महिला यात्री अपने साथ 40 ग्राम सोने के गहने बिना कस्टम ड्यूटी के ला सकती हैं.
साथ ही ध्यान दें, यह सुविधा सिर्फ उन भारतीय मूल के लोगों के लिए हैं, जो एक साल या उससे ज्यादा समय तक विदेश में रहे हैं.
अगर कोई छह महीने से कम विदेश में रहता है तो उसे ड्यूटी फ्री सोना लाने का लाभ नहीं मिलेगा.

सिक्कों और गोल्ड बार पर अलग हैं नियम

ड्यूटी-फ्री की यह सुविधा सिर्फ सोने के गहनों पर ही लागू होती है.
लेकिन अगर कोई गोल्ड बार, बिस्कुट या सोने के सिक्के लाता है तो उस पर लागू कस्टम ड्यूटी का भुगतान करना होगा.

ज्यादा सोना लाने के नियम समझ लें

अगर कोई तय सीमा से ज्यादा या सिक्कों के रूप में सोना ला रहा है तो उसको कुछ जरूरी काम करने होंगे जैसे...
उसे एयरपोर्ट पर रेड चैनल से होकर गुजरना पडे़गा.
यहां पर सोने की जानकारी कस्टम्स अधिकारियों को देनी होगी.
फिर लागू कस्टम ड्यूटी जमा करना पड़ेगा.
नियमों के मुताबिक, एक किलोग्राम तक सोना लाने की परमिशन है, लेकिन सभी जरूरी नियमों का पालन करके.&amp;nbsp;

पर्सनल लोन या क्रेडिट कार्ड, इमरजेंसी के लिए पैसे चाहिए तो क्या करें? एक्सपर्ट्स ने बताए दोनों के फायदे
यह गलती करने से बचें
विदेश से भारत लौट रहे कई यात्रियों को सोना लेकर आने के नियम की जानकारी नहीं होती है और वह ये मान लेते हैं कि विदेश से खरीदा सोना बिना किसी रोक-टोक के भारत लाया जा सकता है. लेकिन असल में बिना जानकारी के सोना लाना मुसीबत में डाल सकता है. साथ ही एयरपोर्ट पर पकड़े जाने के बाद कार्रवाई, जुर्माना और सोना जब्त किया जा सकता है. इसलिए जब भी सोना लाए तो सबसे पहले तय सीमा, ड्यूटी और डिक्लेरेशन के नियमों की जानकारी जरूर रखनी चाहिए.
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        <pubDate>Fri, 26 Jun 2026 19:30:27 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>जींस, में, छुपा, रखा, था, सवा, करोड़, का, सोना, एयरपोर्ट, पर, धरे, गए, विदेश, से, गोल्ड, लाने, के, क्या, नियम, हैं</media:keywords>
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        <title>SEBI: सोशल मीडिया पर 5 लाख फॉलोअर्स हैं तो आप भी कहलाएंगे &amp;apos;सेलिब्रिटी&amp;apos;, SEBI ने बनाया नया ड्राफ्ट</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/sebi-सोशल-मीडिया-पर-5-लाख-फॉलोअर्स-हैं-तो-आप-भी-कहलाएंगे-सेलिब्रिटी-sebi-ने-बनाया-नया-ड्राफ्ट</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/sebi-सोशल-मीडिया-पर-5-लाख-फॉलोअर्स-हैं-तो-आप-भी-कहलाएंगे-सेलिब्रिटी-sebi-ने-बनाया-नया-ड्राफ्ट</guid>
        <description><![CDATA[ Social Media Influencers: सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में फॉलोअर्स रखने वाले लोगों के लिए SEBI तरफ से एक अहम खबर सामने आई है. बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने विज्ञापनों से जुड़े नए नियमों में बदलाव का एक ऐसा प्रस्ताव रखा है, जिसके तहत अगर किसी व्यक्ति का सोशल मीडिया के किसी एक प्लेटफॉर्म पर 5 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स या सब्सक्राइबर हैं, तो उसे सेलिब्रिटी की श्रेणी में शामिल किया जाएगा.&amp;nbsp;
SEBI के नए ड्राफ्ट के मुताबिक, अब सेलिब्रिटी की परिभाषा सिर्फ फिल्म सितारों तक सीमित नहीं है, बल्कि सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, टीवी एंकर, खिलाड़ी, रियलिटी शो के विजेता और डिजिटल अवतार जैसे नए चेहरे को भी इसमें शामिल किया जाएगा.
किन लोगों को माना जाएगा सेलिब्रिटी?
SEBI के प्रस्ताव के मुताबिक, किसी भी व्यक्ति या किरदार को सेलिब्रिटी मानने के लिए आठ अलग-अलग मानदंड तय किए गए हैं. इसके जरिए अगर आप इनमें से कोई भी एक शर्त पूरी कर देते हैं, तो विज्ञापन नियमों के तहत आपको सेलिब्रिटी माना जा सकता है.
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इसके अलावा अगर आप टीवी सीरियल्स, टीवी शो, फिल्मों और ओटीटी प्लेटफॉर्म की वेब सीरीज में मुख्य भूमिका निभाते हैं, तो आप भी इस श्रेणी का हिस्सा बन सकते हैं. खासतौर पर सोशल मीडिया के बढ़ते हुए प्रभाव को देखकर इंस्टाग्राम, फेसबुक, यूट्यूब, एक्स जैसे प्लेटफॉर्म पर जिन इन्फ्लुएंसर्स &amp;nbsp;का 5 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स है उसे भी इसमें शामिल किया जा सकता है.&amp;nbsp;
खिलाड़ी, टीवी होस्ट और AI अवतार भी होंगे शामिल

SEBI के ड्राफ्ट में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों को भी सेलिब्रिटी का एक हिस्सा माना गया है.
खासकर इनमें कॉमनवेल्थ गेम्स, ओलंपिक, क्रिकेट और एशियन गेम्स जैसे बड़े खेल में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ी भी होंगें.
इसके अलावा ऐसे टीवी होस्ट और एंकर भी सेलिब्रिटी मवं शामिल हो सकते हैं, जिन्होंने किसी शो में कम से कम एक सीजन या 10 एपिसोड में काम किया हो.
क्विज शो, कुकिंग शो, कॉमेडी शो, डांस और सिंगिंग प्रतियोगिताओं के होस्ट भी इसके दायरे में आ सकते हैं.
इंसानों जैसे दिखने वाले कंप्यूटर से बनाए गए AI अवतारों को भी सेलिब्रिटी को सेलिब्रिटी माना जा सकता है.

LPG Cylinder Supply: क्या 30 जून के बाद नहीं मिलेगा गैस सिलेंडर? जानें क्या है सरकार की नई गाइडलाइन
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        <pubDate>Fri, 26 Jun 2026 07:30:16 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>SEBI:, सोशल, मीडिया, पर, लाख, फॉलोअर्स, हैं, तो, आप, भी, कहलाएंगे, सेलिब्रिटी, SEBI, ने, बनाया, नया, ड्राफ्ट</media:keywords>
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    <item>
        <title>Oil&amp;LPG Crisis: 9 गुना बढ़ा तेल का किराया, देश पर फिर आई नई आफत, रसोई गैस पर भी मंडराया खतरा</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/oil-lpg-crisis-9-गुना-बढ़ा-तेल-का-किराया-देश-पर-फिर-आई-नई-आफत-रसोई-गैस-पर-भी-मंडराया-खतरा</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/oil-lpg-crisis-9-गुना-बढ़ा-तेल-का-किराया-देश-पर-फिर-आई-नई-आफत-रसोई-गैस-पर-भी-मंडराया-खतरा</guid>
        <description><![CDATA[ Oil-LPG Crisis News: खाड़ी देशों में तनाव कुछ कम होने की खबर के बीच एक नई मुसीबत सामने आ रही है. युद्ध विराम के बाद अब होर्मुज से जहाजों का आना-जाना तो दोबारा तेजी से शुरू हो गया है, लेकिन अब वहां जहाजों की भारी कमी हो गई है. इसी वजह से भारत आने वाले एक बड़े तेल टैंकर का किराया सामान्य दर से करीब 9 गुना ज्यादा तय हुआ है जो इस साल का सबसे महंगा किराया बताया जा रहा है.
इसके साथ दक्षिण कोरिया की शिपिंग कंपनी सिनोकोर की इस बुकिंग ने साफ कर दिया है कि होर्मुज वाला संकट खत्म नहीं हुआ है, बल्कि अब एक नए रूप में सामने आ गया है.
रिकॉर्ड किराए की बुकिंग
फारस की खाड़ी से भारत तक कच्चा तेल लाने के लिए जिस बड़े जहाज को बुक किया गया है, उसमें करीब 20 लाख बैरल तेल आ सकता है. शिप ब्रोकर्स के मुताबिक इसका किराया सामान्य से लगभग 9 गुना ज्यादा तय हुआ है और यह साल की सबसे बड़ी बुकिंग है. यह आंकड़ा खुद बताता है कि भले ही तनाव की खबरें कम हो गई हों, लेकिन समंदर में हालात अभी सामान्य नहीं हुए हैं.
सोशल मीडिया पर 5 लाख फॉलोअर्स हैं तो आप भी कहलाएंगे &#039;सेलिब्रिटी&#039;, SEBI ने बनाया नया ड्राफ्ट
किराया तय कैसे होता है?
तेल के जहाजों का किराया सीधे डॉलर में तय नहीं होता, बल्कि एक खास सिस्टम से तय होता है, जिसमें हर रूट का एक स्टैंडर्ड किराया तय रहता है. जब कोई जहाज बुक होता है तो उसका किराया इसी स्टैंडर्ड किराए के मुकाबले प्रतिशत में बताया जाता है. आसान शब्दों में कहें तो इस बार तेल मंगाने वाली कंपनी को एक बार तेल लाने के लिए लगभग 9 बार जितना पैसा चुकाना पड़ रहा है.
तनाव की असली शुरुआत
तनाव कम होने के बावजूद किराया इतना ज्यादा क्यों है, इसकी वजह समझना जरूरी है. मार्च 2026 में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच टकराव शुरू हुआ था जिसके बाद होर्मुज इलाके से जहाजों का आना-जाना 92 फीसदी तक थम गया था.
यह वही समुद्री रास्ता है, जहां से दुनिया का 20 फीसदी तेल गुजरता है. उस दौरान जहाजों का किराया 4 लाख 23 हजार 736 डॉलर रोजाना तक पहुंच गया था और बीमा कंपनियों ने डर के मारे जहाजों को सुरक्षा कवर देना ही बंद कर दिया था.
रास्ता खुला तो जहाजों की कमी सामने आई
जून 2026 में अमेरिका और ईरान के बीच समझौता होने के बाद तनाव कुछ कम हुआ तो तेल कंपनियों ने राहत की सांस ली और दोबारा खाड़ी से तेल मंगाने की कोशिश शुरू की, लेकिन यहीं से असली मुसीबत शुरू हुई. तेल तो वहां मौजूद है लेकिन उसे लाने के लिए पर्याप्त जहाज नहीं बचे हैं.&amp;nbsp;
सोने की कीमत पर बड़ी भविष्यवाणी: 36% का आएगा बंपर उछाल! 2 लाख तक चढ़ सकता है भाव
तनाव के महीनों में कई जहाज वहां से दूर चले गए थे और अब वापसी इतनी जल्दी नहीं हो पा रही. तनाव कम होने के बाद ओमान की खाड़ी में एक हफ्ते के अंदर सिर्फ 65 खाली जहाज ही पहुंच सकते हैं, जिनमें से 25 जहाज सिर्फ सिनोकोर कंपनी के पास हैं. मांग ज्यादा है और जहाज कम हैं इसलिए खरीदार मजबूरी में मुंहमांगी कीमत दे रहे हैं.
भारत की सतर्कता और कूटनीति
इस पूरे संकट में भारत की तरफ से क्या किया जा रहा है, यह भी जानना जरूरी है. भारत सरकार अपनी ऊर्जा सुरक्षा और नाविकों की सुरक्षा को लेकर हाई अलर्ट पर है. सरकार भारत के समुद्री हितों को बचाने के लिए लगातार अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ बातचीत में जुटी है.&amp;nbsp;
राहत की बात यह है कि 94 भारतीय नाविक और 8.6 लाख मीट्रिक टन कच्चे तेल से भरे 3 भारतीय जहाज देश वैभव, देश विभोर और सन्मार हेराल्ड इस खतरनाक रास्ते को सफलतापूर्वक पार कर चुके हैं.&amp;nbsp;ये जहाज 24 जून से 1 जुलाई 2026 के बीच भारत के बंदरगाहों पर पहुंच रहे हैं. विदेश मंत्रालय के मुताबिक अमेरिका-ईरान समझौते के बाद से भारत आने वाले कुल 11 जहाज इस रास्ते को सुरक्षित पार कर चुके हैं.
भारत का रूस से तेल मंगाने का रिकॉर्ड
भारत ने इस खतरे को पहले ही भांप लिया था और अपनी रणनीति बदल दी है. भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए होर्मुज वाले रास्ते पर काफी निर्भर है खासकर रसोई गैस यानी एलपीजी के लिए जिसका 90 फीसदी हिस्सा यहीं से आता है.
इसी वजह से भारत ने रूस से तेल आयात का नया रिकॉर्ड बना दिया है. जून 2026 में रूस से आने वाला तेल 26 लाख बैरल रोजाना के अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुँच गया है और अब भारत के कुल तेल आयात का करीब 53.5 फीसदी हिस्सा अकेले रूस से आ रहा है. इसके अलावा भारतीय कंपनियों ने उत्तरी अमेरिका और वेनेजुएला जैसे देशों से भी तेल मंगाना शुरू कर दिया है, ताकि किसी एक जगह पर निर्भरता न रहे.
आम आदमी पर क्या असर होगा?
आम आदमी की जिंदगी पर इसका क्या असर पड़ेगा, यह सवाल सबसे ज्यादा मायने रखता है. दिलचस्प बात यह है कि जहाजों का किराया भले ही 9 गुना तक बढ़ गया हो, लेकिन दुनिया के बाजार में कच्चे तेल के दाम गिर रहे हैं. ब्रेंट क्रूड की कीमत फिलहाल गिरकर करीब 73 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई है.&amp;nbsp;
फिर भी जब तक जहाजों की किल्लत बनी रहेगी, तब तक भारत की सरकारी तेल कंपनियों को राहत मिलना मुश्किल है, जो संकट के समय हर दिन करीब 650 करोड़ रुपए का नुकसान झेल रही थीं.&amp;nbsp;अगर आने वाले हफ्तों में जहाजों की सप्लाई सामान्य होती है तो भारत का आयात बिल कम होगा, रुपए को मजबूती मिलेगी और पेट्रोल-डीजल की महंगाई को कंट्रोल करने में भी मदद मिलेगी, लेकिन तब तक के लिए टेंशन बरकरार रहने वाली है.
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        <pubDate>Fri, 26 Jun 2026 07:30:14 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Oil-LPG, Crisis:, गुना, बढ़ा, तेल, का, किराया, देश, पर, फिर, आई, नई, आफत, रसोई, गैस, पर, भी, मंडराया, खतरा</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>Explained: PM मोदी की अपील के बाद लगातार सस्ता हो रहा सोना! इस महीने 16,000 रुपए गिरा, एक्सपर्ट्स से समझें&amp; खरीदें या नहीं?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/explained-pm-मोदी-की-अपील-के-बाद-लगातार-सस्ता-हो-रहा-सोना-इस-महीने-16000-रुपए-गिरा-एक्सपर्ट्स-से-समझें-खरीदें-या-नहीं</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/explained-pm-मोदी-की-अपील-के-बाद-लगातार-सस्ता-हो-रहा-सोना-इस-महीने-16000-रुपए-गिरा-एक्सपर्ट्स-से-समझें-खरीदें-या-नहीं</guid>
        <description><![CDATA[ &#039;देशवासियों से मेरी गुजारिश है कि अगले एक साल तक सोना न खरीदें...&#039;
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस अपील के बाद से सोने के दामों में जबरदस्त गिरावट आई है. 25 जून 2026 को 24 कैरेट सोना 2,156 रुपए गिरकर 1.40 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम पर आ गया. इस महीने की शुरुआत यानी 1 जून को सोना 1.56 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम था. यानी महज 25 दिनों में सोना 16,000 रुपए प्रति 10 ग्राम सस्ता हो चुका है. सवाल यह है कि क्या PM मोदी की बात मानकर अब भी सोना न खरीदें या यह मौका है खरीदारी का?
IBJA में 25 जून 2026 को सोने की कीमतें क्या रहीं?
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 25 जून 2026 को सोने के दाम:



कैरेट
कीमत (रुपए/10 ग्राम)


24 कैरेट
1,40,022


22 कैरेट
1,28,260


18 कैरेट
1,05,017


14 कैरेट
81,913



सोने की कीमतों में इस साल का उतार-चढ़ाव:



तारीख
24 कैरेट सोना (रुपए/10 ग्राम)


31 दिसंबर 2025
1,33,000


29 जनवरी 2026 (सबसे ऊपर)
1,76,121


25 जून 2026
1,40,022



यानी 29 जनवरी के रिकॉर्ड स्तर से सोना 36,099 रुपए सस्ता &amp;nbsp;हो चुका है.
PM मोदी की अपील का मकसद क्या था?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक साल तक सोना न खरीदने की अपील की थी. इसका मकसद था- विदेशी मुद्रा भंडार को बचाना और महंगे आयात पर निर्भरता कम करना. दरअसल, सोना भारत का कच्चे तेल के बाद दूसरा सबसे बड़ा आयात है. वित्त वर्ष 2026 में भारत ने लगभग 72 बिलियन डॉलर (करीब 6 लाख करोड़ रुपये) सोने के आयात पर खर्च किए. जब पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा और कच्चे तेल की कीमतें 70 डॉलर से बढ़कर 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं, तो भारत को तेल आयात के लिए ज्यादा डॉलर चाहिए थे. ऐसे में सोने के आयात पर रोक लगाना डॉलर बचाने का एक तरीका था.
सरकार ने सोने पर आयात शुल्क भी 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया. यानी 10% बेसिक कस्टम ड्यूटी और 5% एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC) यानी कुल मिलाकर 15% टैक्स. इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स ने PM मोदी की इस अपील का समर्थन किया है. उनका कहना है कि इससे विदेशी मुद्रा भंडार बचाने में मदद मिलेगी.
सोने की कीमतें क्यों गिर रही हैं?
एक्सपर्ट्स सोने की कीमतें गिरने की 5 बड़ी वजहें बताते हैं:

अमेरिका-ईरान समझौता: अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता हुआ है. इससे पश्चिम एशिया में युद्ध का खतरा कम हो गया है. नतीजतन, निवेशक &#039;सुरक्षित निवेश&#039; यानी सोने-चांदी से पैसा निकाल रहे हैं.
अमेरिकी फेडरल रिजर्व का रुख: फेडरल रिजर्व ने संकेत दिया है कि वह ब्याज दरें बढ़ा सकता है. जब ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो बिना ब्याज वाली चीजें (जैसे सोना) सस्ता हो जाता है.
मजबूत डॉलर: फेडरल रिजर्व के संकेतों के बाद अमेरिकी डॉलर इंडेक्स मजबूत हुआ है. जब डॉलर मजबूत होता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी की कीमतें गिरती हैं.
मुनाफावसूली: कुछ समय पहले सोने-चांदी की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थीं. जनवरी 2026 में सोना 1.76 लाख रुपए और चांदी 3.86 लाख रुपए के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी. इसके बाद निवेशकों ने मुनाफा कमाने के लिए बेचना शुरू कर दिया.
PM मोदी की अपील: प्रधानमंत्री के सोना न खरीदने की गुजारिश का भी असर पड़ा है. गुजरात में तो सोने की मांग सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है.

तो सोना खरीदें या नहीं, एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं?
जो एक्सपर्ट्स &#039;खरीदारी&#039; के पक्ष में हैं:

टाटा म्यूचुअल फंड के जून 2026 के आउटलुक के मुताबिक, &#039;सोने और चांदी के निवेशकों को शॉर्ट-टर्म वॉलेटिलिटी का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन लंबी अवधि में सोना रखने का मामला मजबूत बना हुआ है.&#039; टाटा म्यूचुअल फंड एकमुश्त निवेश की बजाय स्टेप बाय स्टेप इन्वेस्टमेंट करने की सलाह देता है.
नुवामा प्रोफेशनल क्लाइंट्स ग्रुप में फॉरेक्स एंड कमोडिटीज हेड अभिलाष कोइक्कारा कहते हैं, &#039;गिरावट को खरीदारी के अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए.&#039;
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, &#039;मौजूदा निवेशकों को घबराकर बेचने से बचना चाहिए, क्योंकि लंबी अविधि का नजरिया पॉजिटिव बना हुआ है. नए निवेशक ETF में SIP के जरिए धीरे-धीरे निवेश कर सकते हैं, जबकि पोर्टफोलियो का 10-15% कीमती धातुओं में रखना चाहिए.&#039;

जो एक्सपर्ट्स सतर्कता बरतने की सलाह देते हैं:
न तो सोना और न ही चांदी को पोर्टफोलियो का रिटर्न ड्राइवर (मुनाफा कमाने का मुख्य जरिया) मानना चाहिए.&#039;
HDFC म्यूचुअल फंड के एक्सपर्ट फिरोज अजीज के मुताबिक, &#039;तेजी के बाद सोना खरीदने की आदत एक पैटर्न है, जहां निवेशक चोटी की कीमत पर खरीदारी कर लेते हैं. यानी जब कीमतें बहुत गिर चुकी हों, तब खरीदारी करना चाहिए, न कि जब कीमतें आसमान पर हों.&#039; सोने की कीमतों में 5% उतार-चढ़ाव मुमकिन है.
आम आदमी के लिए आसान सलाह क्या है?
अगर आप सोना खरीदने की सोच रहे हैं: &amp;nbsp;

जल्दबाजी न करें: एक्सपर्ट्स का कहना है कि कीमतें और गिर सकती हैं. अगर आपको तुरंत जरूरत नहीं, तो थोड़ा इंतजार करें.
SIP की तरह खरीदें: एक साथ बड़ी खरीदारी की बजाय थोड़ा-थोड़ा खरीदें. इससे औसत लागत कम हो जाती है.
सिर्फ BIS हॉलमार्क वाला सोना खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) हॉलमार्क वाला सोना ही खरीदें. हॉलमार्क में अल्फान्यूमेरिक कोड (जैसे AZ4524) होता है, जो बताता है कि सोना कितने कैरेट का है.
कीमत क्रॉस-चेक करें: खरीदने से पहले IBJA की वेबसाइट या अन्य सोर्स से उस दिन की सही कीमत चेक करें.पोर्टफोलियो का 10-15% ही रखें: एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कुल निवेश का 10-15% से ज्यादा सोने में न रखें.

अगर आप PM मोदी की अपील मानना चाहते हैं:
PM मोदी की अपील देश के हित में है. विदेशी मुद्रा भंडार बचाने के लिए यह जरूरी है. अगर आप जरूरी खरीदारी (जैसे शादी, त्योहार) नहीं कर रहे हैं, तो कुछ समय इंतजार करना देश के लिए फायदेमंद हो सकता है. ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 26 Jun 2026 07:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Explained:, मोदी, की, अपील, के, बाद, लगातार, सस्ता, हो, रहा, सोना, इस, महीने, 16, 000, रुपए, गिरा, एक्सपर्ट्स, से, समझें-, खरीदें, या, नहीं</media:keywords>
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        <title>गूगल से लेकर अमेजन तक, जानिए क्यों भारत में चेक बुक लेकर कतार में खड़े हैं दुनिया के दिग्गज</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/गूगल-से-लेकर-अमेजन-तक-जानिए-क्यों-भारत-में-चेक-बुक-लेकर-कतार-में-खड़े-हैं-दुनिया-के-दिग्गज</link>
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        <description><![CDATA[ Investment in India: ईरान-अमेरिका युद्ध के बाद पिछले तीन महीनों से जहां एक तरफ पूरी दुनिया व्यापारिक संकट से जूझ रही है, वहीं दूसरी तरफ भारत के लिए बहुत अच्छी खबर आ रही है. गूगल हो या अमेजन, दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों के मालिकों यानी CEOs को भारत का बाजार इतना पसंद आ रहा है कि वह यहां दिल खोलकर पैसा लगाने को तैयार हैं.
दुनिया की बड़ी विदेशी कंपनियां भारत में बहुत बड़ा निवेश करने के लिए लाइन लगाकर खड़ी हैं. कंपनियों के बड़े अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि इंफ्रास्ट्रक्चर हो या स्किल्स, उन्हें भारत के भविष्य पर पूरा भरोसा है.
जानिए दुनिया की किन-किन बड़ी कंपनियों और उनके सीईओ ने भारत के लिए अपने खजाने का दरवाजा खोला है और वह यहां कितना बड़ा दांव खेलने जा रहे हैं.
38 लाख रोजगार और $48 बिलियन का निवेश, PM मोदी से मिले एंडी जेसी, अमेजन का भारत पर बड़ा दांव
गूगल ने की बड़ी घोषणा
इसी साल यानी फरवरी 2026 में गूगल ने भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा सेंटर, क्लाउड सर्विसेज और डिजिटल स्किलिंग के लिए अगले पांच सालों में 15 अरब डॉलर निवेश करने की योजना का ऐलान किया.&amp;nbsp;
ABB कंपनी
मार्च में औद्योगिक तकनीक क्षेत्र की कंपनी ABB ने भारत में मैन्युफैक्चरिंग और रिसर्च सुविधाओं के विस्तार के लिए 7.5 करोड़ डॉलर के निवेश की घोषणा की है.
AirTrunk कंपनी
जून 2026 में ऑस्ट्रेलिया की डाटा सेंटर कंपनी AirTrunk ने साल 2030 तक भारत में 30 अरब डॉलर निवेश कर बड़े पैमाने पर डाटा सेंटर बनाने की योजना भारत के सामने पेश की है.
CPP इनवेस्टमेंट
कनाडा की CPP इनवेस्टमेंट कंपनी ने भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए 7,000 करोड़ रुपये के निवेश का ऐलान किया है.
सेंट गोबेन
फ्रांस की Saint-Gobain ने भी अगले पांच वर्षों में भारत में 1 अरब यूरो निवेश करने की घोषणा की है. कंपनी ने भारत को अपने सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में से एक बताया है.
अमेजन
इन सभी घोषणाओं में से सबसे बड़ी घोषणा Amazon ने की है. कंपनी के CEO एंडी जेसी ने पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान भारत में कुल निवेश को 2030 तक 48 अरब डॉलर तक बढ़ाने की घोषणा की है. ये निवेश AI और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार पर केंद्रित होगा.
निवेश से बढ़ेगे रोजगार के अवसर
इस निवेश से साफ है कि दुनिया की बड़ी कंपनियां भारत को भविष्य का बड़ा विकास केंद्र मान रही हैं और लंबे समय के लिए यहां भारी निवेश कर रही हैं. इससे रोजगार को बढ़ावा मिलेगा इसके साथ ही तकनीक, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है. ये भारत के भविष्य के लिए एक अच्छी खबर है, इसे भारत में भी विकासदर बढ़ेगी. ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 26 Jun 2026 07:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>गूगल, से, लेकर, अमेजन, तक, जानिए, क्यों, भारत, में, चेक, बुक, लेकर, कतार, में, खड़े, हैं, दुनिया, के, दिग्गज</media:keywords>
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        <title>Share Market: शेयर बाजार में छाई हरियाली, 400 अंक के करीब चढ़ा सेंसेक्स; निफ्टी भी 24000 के पार</title>
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        <description><![CDATA[ Share Market Today on June 25: आज लगातार दूसरे दिन घरेलू शेयर बाजार में तेजी का सिलसिला जारी है. एक तरफ सेंसेक्स 399 अंक उछलकर 77391 के लेवल पर खुला. वहीं, निफ्टी 50 भी 104 अंक चढ़कर 24125 के लेवल पर कारोबार की शुरुआत की.&amp;nbsp;
आईटी शेयरों में तेजी
अमेरिकी चिपमेकर कंपनी Micron के शानदार नतीजे और क्वालकॉम (Qualcomm) के बेहतरीन अर्निंग आउटलुक को देखते हुए आज एशियाई बाजारों में बंपर उछाल आया. जापान का निक्केई 225&amp;nbsp; इंडेक्स 3.37% तक चढ़ गया. इसका असर आज भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिला. आज भारतीय आईटी दिग्गजों- TCS, Infosys और Wipro के शेयरों में तेजी देखने को मिल रही है.&amp;nbsp;
एशियाई बाजार
आज एशियाई बाजारों में गजब की तेजी देखने को मिल रही है. अमेरिकी सेमीकंडक्टर कंपनी माइक्रोन (Microm) के शानदार नतीजे, चिप बनाने वाली कंपनी क्वालकॉम (Qualcomm) के ब्लॉकबस्ट अर्निंग आउटलुक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेक्टर में भारी डिमांड के दम पर एशियाई बाजारों में पिछले दो दिनों की गिरावट के बाद रिकवरी करते हुए मजबूती से ट्रेंड कर रहे हैं. इस दौरान जापान के निक्केई 225 इंडेक्स में 3.37% की बढ़त देखी जा रही है. दक्षिण कोरिया का कोस्पी भी 4.89%-5.5% तक उछल गया है. हैंगसेंग भी 0.3% की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है. चीन का शंघाई कंपोजिट भी हरे निशान पर है.&amp;nbsp;
वॉल स्ट्रीट
आज 25 जून को अमेरिकी फ्यूचर्स मार्केट में भी तेजी देखने को मिल रही है. S&amp;amp;P 500 फ्यूचर्स और Nasdaq 100 फ्यूचर्स में क्रमशः 0.5% और 1.9% की बढ़ोतरी हुई है. Dow Jones Industrial Average से जुड़े फ्यूचर्स में 29 पॉइंट्स, यानी 0.1% से भी कम की बढ़त देखी गई. अमेरिका में निवेशक आज और कल आने वाले महंगाई के आकंड़ों का बेसब्र से इंतजार कर रहे हैं. यह फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें तय करने का एक अहम पैमाना होगा.&amp;nbsp;
कच्चे तेल की कीमत
आज अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है. आज ब्रेंट क्रूड करीब 1.52% टूटकर 72.40 डॉलर प्रति बैरल के लेवल पर आ गया है. वहीं, वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 1.6% की कमजोरी के साथ 69.15-69.30 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में कारोबार कर रहा है. अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता में प्रगति और होर्मुज (Strait of Hormuz) से जहाजों और टैंकरों की आवाजाही सामान्य होने के कारण कीमतों में बड़ी गिरावट देखी जा रही है.&amp;nbsp;
अमेरिकी डॉलर
US डॉलर इंडेक्स (DXY) आज 0.05% चढ़कर 101.64 पर पहुंच गया है. यह इंडेक्स दुनिया की छह प्रमुख करेंसीज के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की मजबूती या कमजोरी का आकलन करता है. इस बास्केट में ब्रिटिश पाउंड, यूरो, स्वीडिश क्रोना, जापानी येन, स्विस फ्रैंक जैसी मुद्राएं शामिल हैं. 24 जून को रुपया 0.08% मजबूत होकर डॉलर के मुकाबले 94.66 पर बंद हुआ था.

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Mutual Fund: सिर्फ 100 से शुरू करें निवेश, जब चाहें पैसा निकालें, Swiggy पर सीधे मिलेगा ज़ेरोधा म्यूचुअल फंड का विकल्प&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 25 Jun 2026 15:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Share, Market:, शेयर, बाजार, में, छाई, हरियाली, 400, अंक, के, करीब, चढ़ा, सेंसेक्स, निफ्टी, भी, 24000, के, पार</media:keywords>
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        <title>पेंशन लेने वालों को RBI की बड़ी राहत, खाते में ज्यादा पैसा आ भी गया तो बिना बताए एक रुपया नहीं काट सकेंगे बैंक</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/पेंशन-लेने-वालों-को-rbi-की-बड़ी-राहत-खाते-में-ज्यादा-पैसा-आ-भी-गया-तो-बिना-बताए-एक-रुपया-नहीं-काट-सकेंगे-बैंक</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/पेंशन-लेने-वालों-को-rbi-की-बड़ी-राहत-खाते-में-ज्यादा-पैसा-आ-भी-गया-तो-बिना-बताए-एक-रुपया-नहीं-काट-सकेंगे-बैंक</guid>
        <description><![CDATA[ Pension Update: रिटायरमेंट के बाद ज्यादातर लोगों की आय का मुख्य साधन पेंशन ही होती है, जिससे वह अपने रोजमर्रा के खर्चों और मेडिकल जैसी जरूरतों को पूरा करते हैं. सोचिए, अगर ऐसे में आपके बैंक अकाउंट से अचानक पैसे कट जाएं तो जाहिर सी बात है कि आपको दिक्कत होगी. लेकिन अब परेशान होने की जरूरत नहीं है.
सरकारी पेंशन पाने वालों के लिए एक खास खबर आई है. RBI ने बैंको को निर्देश जारी किए हैं कि अब बैंक पेंशनभोगियों के अकाउंट से एक्स्ट्रा पेंशन के पैसे सीधे नहीं काट सकता है. RBI ने यह फैसला इसलिए लिया है, ताकि बुजुर्ग पेंशनभोगियों को अचानक पैसे कटने जैसी परेशानियों का सामना न करना पड़े.&amp;nbsp;
आज मुहर्रम के दिन बैंक खुला है या बंद? घर से निकलने से पहले चेक करें RBI की हॉलिडे लिस्ट
बिना जानकारी के नहीं काटेगा बैंक पैसे

कई बार तकनीकी गलती या रिकॉर्ड अपडेट में देरी के कारण से पेंशनभोगी के अकाउंट में ज्यादा पैसे जमा हो जाते हैं.
इस स्थिति में बैंक पहले सीधे अकाउंट से पैसे काटकर भरपाई कर लेता था.
लेकिन अब RBI ने साफ किया है कि किसी भी तरह की वसूली करने से पहले बैंक को जानकारी देनी होगी.
साथ ही पेंशनभोगी की सहमति के बाद ही आगे की कार्रवाई की जा सकती है.

बैंक को पहले देना होगा नोटिस

RBI ने साफ किया कि अगर किसी के अकाउंट में ज्यादा पेंशन जमा हो गई है तो इसके लिए पहले कुछ जरूरी काम करना होगा.
बैंक को पहले पेंशनभोगी को नोटिस जारी करना होगा.
नोटिस में &amp;nbsp;बैंक पेंशनभोगी को वसूली की वजह और राशि की पूरी जानकारी देगा.
इससे पेंशनधारक को पता चल जाएगा कि बैंक अकाउंट से क्यों और कब काटी जाएगी.
इसके साथ ही RBI ने बैंकों को यह भी निर्देस दिए हैं कि पेंशन अकाउंट शुरू करते समय ग्राहकों से एक लिखित अंडरटेंकिंग लें.
इसमें यह साफ तौर पर लिखा जाए कि अगर फ्यूचर में गलती से अतिरिक्त पेंशन का भुगतान होता है तो सूचना मिलने के बाद पेंशनभोगी उस पैसे को लौटाने के लिए तैयार रहेगा.&amp;nbsp;

आ गया आज का पेट्रोल-डीजल रेट, कहीं 115 तो कहीं 113 रुपये के पार पहुंची कीमत
पेंशनभोगी इन बातों का रखें खास ध्यान

हमेशा अपना बैंक स्टेटमेंट चेक करते रहें.
बैंक की तरफ से आए किसी भी नोटिस या मैसेज को नजरअंदाज न करें.
अपने सारे डॉक्यूमेंट को संभालकर रखें.
पेंशन से जुड़ी किसी भी समस्या के लिए तुरंत बैंक से संपर्क करें.
अगर बैंक से पैसे कट जाते हैं तो भी तुरंत बैंक को इसकी जानकारी दें.
इन सभी बातों को ध्यान रखें, ताकि आपको किसी तरह की दिक्कत न हो.&amp;nbsp;

 ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 25 Jun 2026 15:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>पेंशन, लेने, वालों, को, RBI, की, बड़ी, राहत, खाते, में, ज्यादा, पैसा, आ, भी, गया, तो, बिना, बताए, एक, रुपया, नहीं, काट, सकेंगे, बैंक</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>एलन मस्क के हाथ से गया &amp;apos;ट्रिलियनेयर&amp;apos; का रिकॉर्ड, एक दिन में गंवाए 11.14 लाख करोड़; अब कितनी है दौलत?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/एलन-मस्क-के-हाथ-से-गया-ट्रिलियनेयर-का-रिकॉर्ड-एक-दिन-में-गंवाए-1114-लाख-करोड़-अब-कितनी-है-दौलत</link>
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        <description><![CDATA[ Elon Musk: दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर के तौर पर एलन मस्क का छोटा सा दौर खत्म हो गया है. SpaceX (SPCX) और Tesla (TSLA) के शेयरों में भारी गिरावट के चलते उनकी संपत्ति में भारी गिरावट आई है और उन्होंने दुनिया के इकलौते &#039;ट्रिलियनेयर&#039; होने का रिकॉर्ड गंवा दिया है.
मस्क को बड़ा झटका
ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के मुताबिक, बुधवार को मस्क की नेट वर्थ गिरकर 946 बिलियन डॉलर रह गई है. जबकि अभी दो हफ्ते से भी कम समय पहले उन्होंने लगभग 1.11 ट्रिलियन डॉलर और हाल ही में सबसे ज्यादा 1.32 ट्रिलियन डॉलर नेटवर्थ होने का रिकॉर्ड बनाया था.इस गिरावट के चलते भले ही मस्क अब ट्रिलियनेयर नहीं रहे, लेकिन अभी भी वह काफी बड़े अंतर से दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति बने हुए हैं.हाल ही में 12 जून को नैस्डेक पर स्पेसएक्स के ऐतिहासिक आईपीओ के बाद मस्क की संपत्ति 1.1 ट्रिलियन डॉलर को पार कर गई थी.&amp;nbsp;
SpaceX के शेयर हुए क्रैश
16 जून को स्पेसएक्स के शेयर 225.64 डॉलर के अपने ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गए थे, जिससे कंपनी की मार्केट कैप 2.5 ट्रिलियन डॉलर को पार कर गई थी. हालांकि, इस हफ्ते स्पेसएक्स के शेयर अपने पीक से 30% तक लुढ़ककर 154-156 डॉलर के दायरे में आए. अकेले सोमवार (22 जून) को इसमें 16% तक की गिरावट आई. इससे मस्क के नेटवर्थ से एक झटके में 240 बिलियन डॉलर साफ हो गए. टेस्ला के शेयर भी बीते दो दिनों में 6-9% तक टूटकर 375.53 डॉलर के स्तर पर आ चुके हैं. इससे मस्क को हुए नुकसान का पैमाना और बढ़ गया है.&amp;nbsp;
क्यों गिरे स्पेसएक्स के शेयर?&amp;nbsp;
बाजार विश्लेषकों के मुताबिक, आईपीओ के तुरंत बाद स्पेसएक्स द्वारा अंतरिक्ष में नए डेटा सेंटर और एआई संबंधित परियोजनाओं के लिए 25 बिलियन डॉलर के बॉन्ड्स बेचने के ऐलान ने निवेशकों को सतर्क कर दिया. दरअसल, स्पेसएक्स ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कोडिंग रेस में OpenAI और Anthropic जैसी कंपनियों को पछाड़ने के लिए Cursor AI नाम की एक स्टार्टअप कंपनी को 60 बिलियन डॉलर में खरीदने का सौदा किया है, जिसका भुगतान स्पेसएक्स के नए शेयर जारी करके किया जाएगा. इससे बाजार में मौजूदा निवेशकों की हिस्सेदारी की वैल्यू करीब 3.4% तक कम हो गई है.&amp;nbsp;
निवेशकों को इस बात का डर है AI पर खर्च का पैमाना बढ़ रहा है, लेकिन मुनाफा आने में अभी समय लगेगा. इससे डर से बाजार में कई बड़े टेक शेयर टूटे हैं.&amp;nbsp;

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Rishabh Pant Salary Cut: ऋषभ पंत के &#039;12 करोड़ के पे-कट&#039; पर बोले हर्ष गोयनका- कॉर्पोरेट लाइफ में यह सोचना भी असंभव&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 25 Jun 2026 15:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>एलन, मस्क, के, हाथ, से, गया, ट्रिलियनेयर, का, रिकॉर्ड, एक, दिन, में, गंवाए, 11.14, लाख, करोड़, अब, कितनी, है, दौलत</media:keywords>
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        <title>ऑनलाइन ठगे गए तो 5 दिन के भीतर रिपोर्ट करें, बैंक को रिफंड करना होगा पूरा पैसा, RBI का बड़ा ऐलान</title>
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        <description><![CDATA[ RBI Refund Policy: आज के समय में यूपीआई और डेबिट-क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करना लोगों के ज़िंदगी का एक अहम हिस्सा बन चुका हैं. चाहे छोटी दुकान हो या बड़ा शॉपिंग मॉल हर जगह लोग अब नकद देने कि जगह डिजिटल पेमेंट का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं. लेकिन जैसे-जैसे डिजिटल पेमेंट बढ़ रहा है, वैसे-वैसे ऑनलाइन धोखाधड़ी और साइबर ठगी के मामले भी लगातार बढ़ते जा रहे हैं. ऐसे में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियम ग्राहकों को सुरक्षा और राहत देने का काम करते हैं.&amp;nbsp;
RBI के मुताबिक, अगर आपके खाते से धोखाधड़ी या तकनीकी खराबी के कारण पैसा कट जाता है और आप 5 दिनों के भीतर बैंक को सूचना देते हैं, तो आपको जीरो लायबिलिटी के तहत पूरा पैसा वापस मिल सकता है. यानी अगर इस फ्रॉड में ग्राहक की कोई गलती नहीं है, तो बैंक को पूरी रकम वापस करनी होगी. हालांकि, कई मामलों में अगर आप शिकायत दर्ज करते हैं, तो बैंक को 90 दिनों के अंदर पूरे मामले को सुलझाना जरूरी होता है.&amp;nbsp;
जिम्मेदारी के आधार पर ते होती है रिफंड&amp;nbsp;
आमतौर पर बैंक आपकी जिम्मेदारी और गलती के आधार पर रिफंड तय करता हैं.&amp;nbsp;

जीरो लायबिलिटी: अगर यह फ्रॉड बैंक की गलती या सिस्टम की चूक से हुआ है और इसमें आपकी कोई गलती नहीं है, तो आपको पूरा पैसा वापस मिलेगा.
लिमिटेड लायबिलिटी: अगर आप शिकायत करने में देरी करते हैं यानी 5 से 6 दिनों के अंदर नहीं किए, तो आपके नुकसान का कुछ हिस्सा ही वापस मिलेगा.
फुल लायबिलिटी: अगर फ्रॉड आपकी छोटी सी गलती OTP, PIN या CVV शेयर करने की वजह से होती है, तो रिफंड मिलना मुश्किल हो सकता है.

पेंशन लेने वालों को RBI की बड़ी राहत, खाते में ज्यादा पैसा आ भी गया तो बिना बताए एक रुपया नहीं काट सकेंगे बैंक
फ्रॉड होने पर तुरंत क्या करें?&amp;nbsp;
अगर आपके साथ भी ऑनलाइन धोखाधड़ी हो जाती है, तो घबराने कि बजाय जितनी जल्दी हो सके आप ये कदम जरूर उठाए. इससे आपका पैसा जल्द ही वापस मिल सकता है.&amp;nbsp;

तुरंत बैंक को दें सूचना और कार्ड, UPI ब्लॉक करवाएं
साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें
अपने सभी बैंकिंग पासवर्ड और UPI PIN बदलें
अपने बैंक स्टेटमेंट को ध्यान से चेक करें और अनजान ट्रांजैक्शन रिपोर्ट करें
शिकायत नंबर और सबूत को संभाल कर अपने पास रखें
जरूरत पड़ने पर FIR दर्ज करवाएं&amp;nbsp;

ठगी से बचने का आसान तरीका

OTP, PIN और पासवर्ड किसी से शेयर न करें
कभी भी किसी अनजान लिंक या नंबर पर भरोसा न करें
सिर्फ आधिकारिक ऐप और वेबसाइट का इस्तेमाल करें
UPI पेमेंट करने से पहले हमेशा ध्यान दे कर वेरिफाई करें

Share Market: शेयर बाजार में छाई हरियाली, 400 अंक के करीब चढ़ा सेंसेक्स; निफ्टी भी 24000 के पार
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        <pubDate>Thu, 25 Jun 2026 15:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Rishabh Pant Salary Cut: ऋषभ पंत के &amp;apos;12 करोड़ के पे&amp;कट&amp;apos; पर बोले हर्ष गोयनका&amp; कॉर्पोरेट लाइफ में यह सोचना भी असंभव</title>
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        <description><![CDATA[ Rishabh Pant Salary Cut: एक वक्त पर स्टार क्रिकेटर के रूप में पहचान बनाने वाले भारतीय क्रिकेटर ऋषभ पंत इन दिनों काफी सुर्खियों में हैं. ऋषभ पंत की इस साल IPL में सैलरी कटौती की खबरें तेजी से सामने आ रही है. पंत दिल्ली कैपिटल्स के लिए साल 2027 में IPL जरूर खेलेंगे लेकिन उनकी सैलरी सीधे आधी कर दी गई है. अब इस पर दिग्गज कारोबारी हर्ष गोयनका ने भी चुटकी ली है.
हर्ष गोयनक ने ली पंत की चुटकीऋषभ पंत की सैलरी कटौती की खबरें सामने आने के बाद मशहूर उद्योगपति हर्ष गोयनका ने इस बात पर क्रिकेटर का मजाक उड़ाया है. उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर ऋषभ की सैलरी कटौरी की तुलना कॉर्पोरेट कल्चर से की है. उन्होंने अपने पोस्ट में IPL ऑक्शन को कॉर्पोरेट से भी बदतर बताया है.
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हर्ष गोयनका ने अपने आधिकारिक X (ट्विटर) अकाउंट के जरिए एक पोस्ट किया है. जिसमें उन्होंने लिखा, &#039;ऋषभ पंत: 27 करोड़ रुपये - 15 करोड़ रुपये. जरा सोचिए, अगर किसी कंपनी के CEO से कहा जाए कि &quot;पिछले साल आपको 27 करोड़ रुपये मिले थे, लेकिन इस साल आपके परफॉर्मेंस और बाजार की मांग को देखते हुए आपकी सैलरी घटाकर 15 करोड़ रुपये कर दी जा रही है.&quot; कॉर्पोरेट दुनिया में ऐसा सोचना भी मुश्किल है.&#039;

Rishabh Pant: ₹27 crore ➝ ₹15 crore.Imagine a CEO being told &amp;ldquo;Last year we paid you ₹27 crore. This year, based on performance and market demand, we&amp;rsquo;re cutting it to ₹15 crore.&amp;rdquo; In corporate life, that&amp;rsquo;s unthinkable.In the IPL, it&amp;rsquo;s an auction that determines what you&amp;rsquo;re&amp;hellip;
&amp;mdash; Harsh Goenka (@hvgoenka) June 23, 2026



उन्होंने आगे लिखा, &#039;लेकिन IPL में खिलाड़ियों की कीमत नीलामी (ऑक्शन) तय करती है और उसी के आधार पर उनकी मौजूदा वैल्यू तय होती है. इसलिए शुक्र है कि हममें से ज्यादातर लोग कॉर्पोरेट दुनिया में काम करते हैं.&#039; गोयनका के इस पोस्ट पर कई सोशल मीडिया यूजर्स की मिली जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है. कई लोग इस पर हर्ष गोयनका को खरी- खोटी सुना रहे हैं तो कई लग उनके साथ मिलकर पंत का मजाक बना रहे हैं.
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27 करोड़ से 15 करोड़ सैलरीबता दें कि IPL 2025 से पहले हुई नीलामी में एलएसजी (लखनऊ सुपर जायंट्स) ने ऋषभ पंत को 27 करोड़ रुपये की रकम में खरीदा था. ये लीग के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी रकम थी. इतना ही नहीं वो इस टीम के कप्तान भी थे. हालांकि उनकी कप्तानी में खराब प्रदर्शन के चलते ये फीस कटौती हुई है. अब ऋषभ पंत दोबारा से दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेलेंगे, जिसके लिए उन्हें 12 करोड़ रुपये की सैलरी दी जा रही है. जो उनकी पिछली सैलरी की सीधे आधी से भी कम है.
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        <pubDate>Thu, 25 Jun 2026 03:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Rishabh, Pant, Salary, Cut:, ऋषभ, पंत, के, 12, करोड़, के, पे-कट, पर, बोले, हर्ष, गोयनका-, कॉर्पोरेट, लाइफ, में, यह, सोचना, भी, असंभव</media:keywords>
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        <title>अब पेट्रोल&amp;डीजल सस्ता करेगी सरकार! $120 से $76 पर आए कच्चे तेल के दाम, होर्मुज ने दूर की महंगाई की टेंशन</title>
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        <description><![CDATA[ Crude Oil Price Drop: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है. बीते दिनों ईरान-अमेरिका युद्ध के बाद होर्मुज संकट पैदा हआ और इस वजह से कच्चे तेल के दाम ने आसमान छू लिया था. कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल से ज्यादा हो गई थीं. इस दौरान तेल कंपनियों ने भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ा दिए थे.
हालांकि अब ईरान-अमेरिका डील के बाद होर्मुज संकट टल गया है. होर्मुज से अब गैस और तेल वाले जहाजों की आवाजाही शुरू हो गई है. यानी कच्चे तेल की सप्लाई अब पहले से काफी बेहतर हो गई है. ऐसे में हालात सुधरने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें घटकर करीब 76 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं. कच्चे तेल की कीमतों में आई इस गिरावट के बाद लोगों की नजरें पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर टिक गई हैं.&amp;nbsp;
तेल की कीमतें क्यों गिर रही हैं?
कच्चे तेल के दाम कम होने के पीछे सबसे बड़ी वजह वैश्विक स्तर पर तनाव कम होना है. इसके साथ ही एक वजह सप्लाई को लेकर बनी चिंता का भी खत्म होना है. ईरान-अमेरिका विवाद के दौरान होर्मुज संकट की वजह से तेल की सप्लाई प्रभावित होने की काफी आशंका जताई जा रही थी, जिसके कारण कच्चे तेल की कीमतों में काफी तेजी से उछाल देखने को मिला था. अब हालात सुधरने के बाद बाजार में सप्लाई को लेकर भरोसा बढ़ा है. मांग और उपलब्धता के बीच संतुलन के कारण कच्चे तेल की कीमतें नीचे आने लगी हैं.&amp;nbsp;
इस रूट पर रेलवे की &#039;कुबेर&#039; बनी वंदे भारत एक्सप्रेस, कमाई के मामले में तोड़े सारे पुराने रिकॉर्ड, कितना हुआ मुनाफा?
क्या पेट्रोल-डीजल के दाम तुरंत घटेंगे?
कच्चे तेल के सस्ता होने के बाद अब लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही ऑयल कंपनी पेट्रोल और डीजल के दामों में भी कटौती करेंगी. हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम घटने का असर सीधे पेट्रोल पंपों पर नहीं दिखाई देता है, बल्कि इसमें कुछ समय लग सकता है.
तेल कंपनियां कच्चे तेल की कीमत के साथ-साथ डॉलर के मुकाबले रुपये कि स्थिति और अन्य खर्चों को ध्यान में रखते हुए इन कीमतों में बदलाव करती हैं. ऐसे में अगर आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमत कम रहती है तो पेट्रोल-डीजल कि दाम में गिरावट देखने को मिल सकता है.&amp;nbsp;
पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर सरकार ने क्या कहा था?
कुछ दिन पहले पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी कहा था कि ऑयल कंपनियों के पास अभी महंगे कच्चे तेल का स्टॉक मौजूद है. जैसे ही कम कीमत वाले कच्चे तेल का स्टॉक प्रोसेस होगा, तेल की खुदरा कीमतों में कटौती की जा सकती है.
होर्मुज ने दूर की टेंशन!
बता दें कि होर्मुज खुलने से अब तेल की सप्लाई में राहत मिली है. अगर आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल के दाम घटते हैं तो आम लोगों को महंगाई से बड़ी राहत मिलेगी, क्योंकि पेट्रोल डीजल महंगा होने से माल ढुलाई के दाम भी बढ़ जाते हैं, जिसका सीधा असर आम नागरिकों की जेब पर पड़ता है. माल ढुलाई बढ़ती है तो रोजमर्रा की चीजों के दाम भी बढ़ने लगते हैं.
Mutual Fund: सिर्फ 100 से शुरू करें निवेश, जब चाहें पैसा निकालें, Swiggy पर सीधे मिलेगा ज़ेरोधा म्यूचुअल फंड का विकल्प
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        <pubDate>Thu, 25 Jun 2026 03:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>सिद्धांतों पर आधारित निवेश का नया दौर, जानिए कैसे एक&amp;दूसरे से बिल्कुल अलग हैं सात्विक, शरिया और ईएसजी इंडेक्स</title>
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        <description><![CDATA[ Share Market News: भारत के शेयर बाजार में अब सिर्फ पैसा कमाने के लिए नहीं बल्कि अपनी सोच और सिद्धांतों के हिसाब से भी निवेश करने का चलन बढ़ रहा है.&amp;nbsp;हाल ही में बीएसई इंडेक्स सर्विसेज ने सात्विक 100 इंडेक्स लॉन्च किया है, लेकिन इससे पहले भी भारत में दो और तरह के थीम वाले इंडेक्स मौजूद हैं. इनमें एक है ईएसजी इंडेक्स और दूसरा है शरिया इंडेक्स. तीनों का काम एक जैसा लगता है यानी किसी एक सोच के आधार पर कंपनियों को छानना लेकिन तीनों का तरीका बिल्कुल अलग है.
सात्विक 100 इंडेक्स में कौन सी कंपनियां आती हैं?
बीएसई सात्विक 100 इंडेक्स बीएसई 500 की कंपनियों में से उन कंपनियों को चुनता है जो सात्विक सिद्धांतों पर चलती हैं. इसमें कुल 100 कंपनियां शामिल हैं. वेल्थ कंपनी नाम के एक फंड हाउस के मुताबिक इस तरह की छानबीन में शराब, तंबाकू, जुआ, अश्लील मनोरंजन, नशीले पदार्थ, चमड़ा, मांस मुर्गी पालन, कीटनाशक और जानवरों पर अत्याचार से जुड़ी कंपनियों को बाहर रखा जाता है.
इस इंडेक्स में एचडीएफसी बैंक सबसे ज्यादा हिस्सेदारी के साथ शामिल है, उसके बाद आईसीआईसीआई बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज आती हैं, यानी बैंक और फाइनेंस कंपनियों को इस इंडेक्स से बाहर नहीं रखा गया है.
Mutual Fund: सिर्फ 100 से शुरू करें निवेश, जब चाहें पैसा निकालें, Swiggy पर सीधे मिलेगा ज़ेरोधा म्यूचुअल फंड का विकल्प
शरिया इंडेक्स में बैंकों की जगह नहीं
एनएसई का निफ्टी शरिया 25 इंडेक्स इस्लामी नियमों के हिसाब से कंपनियों को चुनता है. इसकी सबसे बड़ी बात यह है कि इसमें ऐसी कंपनियां नहीं आती जो ब्याज पर पैसा देने या लेने का काम करती हैं, इसलिए बैंक और एनबीएफसी जैसी कंपनियां इस इंडेक्स में लगभग नहीं आती. इसके अलावा शराब, जुआ, सूअर के मांस से जुड़ी कंपनियां भी इसमें शामिल नहीं होती.&amp;nbsp;
निफ्टी शरिया 25 में हिंदुस्तान यूनिलीवर, टीसीएस, अल्ट्राटेक सीमेंट, एचसीएल टेक्नोलॉजीज जैसी कंपनियां शामिल हैं. यहां हर महीने जांच होती है कि कंपनी अभी भी नियमों पर चल रही है या नहीं और साल में दो बार पूरी लिस्ट का रिव्यू होता है.
ईएसजी इंडेक्स का तरीका सबसे अलग
बीएसई 100 ईएसजी इंडेक्स किसी धर्म या नैतिकता के सिद्धांत पर नहीं चलता बल्कि कंपनी पर्यावरण का कितना ध्यान रखती है समाज के साथ कैसा व्यवहार करती है और कंपनी का कामकाज कितना साफ सुथरा है इन तीन बातों के स्कोर पर चलता है.
इसमें बीएसई 100 की उन कंपनियों को रखा जाता है, जिनका यह स्कोर एक तय सीमा से ज्यादा हो. यह स्कोर एक अलग एजेंसी देती है, जो कंपनी का पर्यावरण को लेकर रवैया, कर्मचारियों के साथ बर्ताव और बोर्ड का कामकाज देखकर तय करती है. यहां किसी एक तरह के बिजनेस को सीधे बाहर नहीं किया जाता बल्कि हर कंपनी का स्कोर देखकर फैसला होता है.
अब पेट्रोल-डीजल सस्ता करेगी सरकार! $120 से $76 पर आए कच्चे तेल के दाम, होर्मुज ने दूर की महंगाई की टेंशन
तीनों में बुनियादी फर्क क्या है?
सबसे बड़ा फर्क यह है कि सात्विक इंडेक्स खाने पीने और नैतिकता से जुड़ी बातों के आधार पर कंपनियां चुनता है. शरिया इंडेक्स इस्लामी पैसों के नियमों के आधार पर चुनता है, जिसमें ब्याज वाला कारोबार पूरी तरह बाहर हो जाता है और ईएसजी इंडेक्स कंपनी के पर्यावरण और कामकाज के स्कोर के आधार पर फैसला लेता है. इसी वजह से एचडीएफसी बैंक जैसी कंपनी सात्विक 100 में सबसे ऊपर है, लेकिन शरिया इंडेक्स में बैंकों की कोई जगह नहीं बनती.&amp;nbsp;
तीनों इंडेक्स का इस्तेमाल फंड हाउस अपने ईटीएफ, इंडेक्स फंड और दूसरी स्कीम के बेंचमार्क के तौर पर कर सकते हैं.
निवेशकों के लिए क्या मतलब निकलता है?
अगर कोई निवेशक सिर्फ रिटर्न नहीं बल्कि अपनी सोच के हिसाब से भी पैसा लगाना चाहता है तो अब उसके पास तीन रास्ते हैं. सात्विक 100 उन लोगों के लिए है, जो खाने पीने और नैतिकता से जुड़ी बातों को अहमियत देते हैं.
शरिया इंडेक्स उन लोगों के लिए है, जो इस्लामी पैसों के नियम मानना चाहते हैं और ईएसजी इंडेक्स उन लोगों के लिए है जो कंपनी की पर्यावरण और कामकाज से जुड़ी जिम्मेदारी को ज्यादा अहमियत देते हैं.
हालांकि अभी सात्विक 100 पर कोई सीधा फंड या ईटीएफ मौजूद नहीं है, इसलिए निवेशकों को इसमें सीधे पैसा लगाने के लिए अभी इंतजार करना होगा.
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        <pubDate>Thu, 25 Jun 2026 03:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>Kunal Shah Net Worth: कैसे होती है WhatsApp की कमाई? इसके नए हेड कुणाल शाह के पास कितनी है दौलत? जीरो गिनते रह जाएंगे आप</title>
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        <description><![CDATA[ Kunal Shah Net Worth: इंडियन फिनटेक प्लेटफॉर्म क्रेड के फाउंडर कुणाल शाह का नाम जब से मेटा के साथ जुड़ा है, तभी से उनके बारे में खूब चर्चाएं हो रही हैं. हाल ही में कुणाल को व्हॉट्सएप का नया ग्लोबल सीईओ नियुक्त किया गया है. अब कुणाल ही व्हॉट्सएप को ग्लोबल लेवल पर लीड करेंगे. इस खबर के सामने आने के साथ ही सबसे ज्यादा जो बात चर्चा में रही वो है कुणाल की नेटवर्थ. तो आइये जानते हैं कुणाल शाह के पास कितनी दौलत है.कुणाल शाह की कुल सम्पत्तिकुणाल शाह CRED के फाउंडर होने से पहले FreeCharge के फाउंडर भी रहे हैं. उनकी कुल सम्पत्ति कितनी है इस बारे में कोई आधिकारिक डाटा नहीं है. उन्होंने खुद भी कभी इस बारे में कोई जिक्र नहीं किया है. यहां तक कि उन्होंने ये भी खुलासा नहीं किया कि CRED में उनकी कितनी हिस्सेदारी है. इतना ही नहीं बल्कि उन्होंने इस बात का खुलासा भी नहीं किया कि उन्होंने कहां कितना निवेश किया है.
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नेटवर्थ को लेकर अनुमानकुणाल ने अपनी आय और सम्पत्ति से जुड़ा कोई भी खुलासा कबी नहीं किया है. यही वजह है कि उनकी नेटवर्थ को लेकर अलग-अलग अनुमान लगाए जाते हैं. कुछ रिपोर्ट्स में उनकी सम्पत्ति 4,700 करोड़ रुपये से भी ज्यादा बताई गई है, जबकि कुछ में 15,000 करोड़ रुपये से भी ज्यादा की सम्पत्ति का मालिक कुणाल को बताया गया है. हालांकि ये केवल अनुमान हैं और इनकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
कैसे हुई थी CRED की शुरुआतकुणाल शाह की कुल संपत्ति का ब्यौरा तो कोई नहीं दे सकता है. हालांकि उनके स्टार्टअप्स से थोड़ा अंदाजा लगाया जा सकता है. कुणाल की पहली बड़ी सफलता FreeCharge रही, जिसे उन्होंने डिजिटल पेमेंट्स के शुरुआती दौर में शुरू किया था. इसके बाद उन्होंने कई स्टार्टअप्स में निवेश किया और 2018 में CRED की शुरुआत की. उन्होंने शुरुआत में इसमें करीब 10 लाख डॉलर का निवेश किया. इसकी शुरुआत क्रेडिट कार्ड बिल भुगतान से हुई, बाद में लोन, इंश्योरेंस, वेल्थ मैनेजमेंट और अन्य फाइनेंशियल सुविधाओं में भी आगे बढ़े. आज CRED के 1.7 करोड़ से ज्यादा सदस्य हैं और ये भारत की प्रमुख फिनटेक कंपनियों में गिनी जाती है.
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कैसे होती है व्हॉट्सएप की कमाई?कुणाल शाह हाल ही में व्हॉट्सएप के ग्लोबल सीईओ बने हैं. ऐसे में व्हॉट्सएप की कमाई का जरिया क्या है ये बात भी लोग जानना चाहते हैं. व्हॉट्सएप की कमाई मुख्य रूप से बिजनेस मैसेजिंग, विज्ञापनों और कंपनियों को दी जाने वाली सेवाओं से होती है. इस एप पर आम यूजर्स से फीस नहीं ली जाती है. ना ही पर्सनल मैसेजिंग में कोई विज्ञापन का इस्तेमाल किया जाता है. ऐसे में अब ये देखना भी दिलचस्प होगा कि नए ग्लोबल सीईओ इसमें क्या बदलाव करते हैं.
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        <pubDate>Thu, 25 Jun 2026 03:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Kunal, Shah, Net, Worth:, कैसे, होती, है, WhatsApp, की, कमाई, इसके, नए, हेड, कुणाल, शाह, के, पास, कितनी, है, दौलत, जीरो, गिनते, रह, जाएंगे, आप</media:keywords>
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        <title>LPG News: गैस संकट पर बड़ी खबर, भारत ने अमेरिका से खरीदी रिकॉर्ड तोड़ LPG, क्या अब सस्ता मिलेगा सिलेंडर?</title>
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        <description><![CDATA[ LPG Import News: बीते कुछ महीने में ही एलपीजी गैस का संकट जनता ने करीब से देख लिया है. इस संकट की स्थिति से जनता और सरकार दोनों ने ही सबक लिया और अब आगे ऐसी ही किसी स्थिति में ना फंस जाएं इसके लिए स्टॉक भी बचाकर रख लिया है. इसी बीच कुछ रिपोर्ट्स का कहना है कि भारत ने अमेरिका से रसोई गैस खरीदी वो भी इतनी मात्रा में कि इसे एक रिकॉर्ड बना लिया है.
अमेरिका से इम्पोर्ट हुई LPGदरअसल एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक मिडिल ईस्ट में युद्ध और तनाव के हालातों को देखते हुए भारत ने एलपीजी के लिए अमेरिका के ऊपर अपनी निर्भरता बढ़ा दी. जिसके बाद जून में अमेरिका से आयात होकर भारत आई रसोई गैस रिकॉर्ड तोड़ने की कगार पर पहुंच गई है.&amp;nbsp;
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KPLER के आंकड़ों के मुताबिक, जून में अब तक भारत ने अमेरिका से करीब 6.35 लाख टन एलपीजी का आयात किया है, जो देश के कुल एलपीजी आयात का लगभग 65% हिस्सा है. मार्च से ही अमेरिका भारत का सबसे बड़ा एलपीजी आपूर्तिकर्ता बना हुआ है.
UAE से घटा आयातइतना ही नहीं जहां एक तरफ अमेरिका ने आयात बढ़ा है तो वहीं दूसरी तरफ संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से एलपीजी का आयात घटकर जून में करीब 90,000 टन ही रह गया है. इससे पहले यूएई भारत को एलपीजी की सबसे ज्यादा आपूर्ति करने वाला देश था, लेकिन मिडिल ईस्ट में संघर्ष और उसकी वजह से आई आपूर्ति की कमी की वजह से अब स्थिति पहले के मुकाबले बदल गई है. ताजा आंकड़ों की मानें तो भारत पिछले कुछ दिनों की स्थिति को देखते हुए अब एलपीजी के स्रोतों में और भी ऑप्शंस देख रहा है, इसकी के चलते अब अमेरिका से आने वाली गैस पर निर्भरता लगातार बढ़ रही है.
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        <pubDate>Wed, 24 Jun 2026 11:30:15 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>LPG, News:, गैस, संकट, पर, बड़ी, खबर, भारत, ने, अमेरिका, से, खरीदी, रिकॉर्ड, तोड़, LPG, क्या, अब, सस्ता, मिलेगा, सिलेंडर</media:keywords>
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        <title>RBI का बड़ा कदम, बैंकिंग सिस्टम में डाले 1.41 लाख करोड़, जानिए इससे जनता को क्या फायदा होगा</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/rbi-का-बड़ा-कदम-बैंकिंग-सिस्टम-में-डाले-141-लाख-करोड़-जानिए-इससे-जनता-को-क्या-फायदा-होगा</link>
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        <description><![CDATA[ RBI News: जब से ईरान और यूएस के बीच युद्ध हुआ था, तभी से देश की अर्थव्यवस्था काफी गड़बड़ा गई थी. महंगाई की मार आम जनता की जेबों तक भी पहुंची. इस महंगाई की मार से कोई सेक्टर नहीं छूटा. यहां तक कि बैंकिंग सिस्टम की कार्यप्रणाली भी काफी आहत हुई है. इसी के चलते अब हाल ही में RBI ने एक ऐसा कदम उठाया है जिससे बैंकिंग सिस्टम की कार्यप्रणाली सुचारू रूप से चलती रहे.
RBI ने किया नकदी की कमी को दूरदरअसल हाल ही में RBI यानी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने बैंकिंग सिस्टम में नकदी की कमी को दूर करने के लिए कुछ नकदी डाली है. आरबीआई ने मंगलवार को 7 दिन की वैरिएबल रेट रेपो (VRR) नीलामी के जरिए 1.41 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की अस्थायी नकदी बैंकिंग सिस्टम में डाली है. इससे बैंक की कार्यप्रणाली सुचारू रूप से चलती रहेगी. साथ ही साथ इससे जनता को भी फायदा पहुंचेगा.
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बैंकों में हुई नकदी की कमीन्यूज एजेंसी IANS के मुताबिक हाल के दिनों में जीएसटी भुगतान के कारण बैंकों से बड़ी मात्रा में पैसा बाहर गया, जिससे बैंकिंग सिस्टम में नकदी की कमी देखने को मिली. जिसकी वजह से अल्पकालिक ब्याज दरों पर दबाव बढ़ने लगा था. ऐसे में आरबीआई को बीच में आना पड़ा और बैंकों को 5.26% की दर पर फंड उपलब्ध करवाना पड़ा, ताकि उन्हें पैसों की कमी का सामना न करना पड़े और बैंकों की कार्यप्रणाली सुचारु रूप से चलती रहे.
बता दें कि जब टैक्स भुगतान या अन्य कारणों से बैंकिंग सिस्टम में नकदी कम हो जाती है, तो RBI रेपो नीलामी जैसे उपायों के जरिए बैंकों को अस्थायी रूप से पैसा उपलब्ध कराता है. वहीं, लंबे समय के लिए नकदी बढ़ाने के लिए केंद्रीय बैंक सरकारी बॉन्ड खरीदने और डॉलर-रुपया स्वैप जैसे उपाय भी अपनाता है. इसका मकसद ये सुनिश्चित करना होता है कि बाजार में पैसों की कमी के कारण ब्याज दरें अचानक न बढ़ें और अर्थव्यवस्था की रफ्तार पर असर न पड़े.
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        <pubDate>Wed, 24 Jun 2026 11:30:14 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>RBI, का, बड़ा, कदम, बैंकिंग, सिस्टम, में, डाले, 1.41, लाख, करोड़, जानिए, इससे, जनता, को, क्या, फायदा, होगा</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>Petrol&amp;Diesel Price Today: कच्चे तेल में उतार&amp;चढ़ाव जारी, जानें आज आपके शहर में क्या हैं पेट्रोल&amp;डीजल के ताजा रेट</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/petrol-diesel-price-today-कच्चे-तेल-में-उतार-चढ़ाव-जारी-जानें-आज-आपके-शहर-में-क्या-हैं-पेट्रोल-डीजल-के-ताजा-रेट</link>
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        <description><![CDATA[ Petrol-Diesel Price Today: देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर लोगों की चिंता अभी भी बनी हुई है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है, लेकिन फिलहाल घरेलू बाजार में तेल कंपनियों ने आम लोगों को राहत नहीं दी है. बुधवार यानी 24 जून 2026 को भी पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर बने हुए हैं. हालांकि पिछले महीने हुई कई बार की बढ़ोतरी का असर अब भी लोगों की जेब पर साफ दिखाई दे रहा है.&amp;nbsp;ऐसे में अगर आप घर से बाहर निकलने वाले हैं या टैंक फुल कराने की सोच रहे हैं, तो पहले अपने शहर के ताजा रेट जरूर चेक कर लें.
RBI का बड़ा कदम, बैंकिंग सिस्टम में डाले 1.41 लाख करोड़, जानिए इससे जनता को क्या फायदा होगा
बड़े शहरों में क्या हैं पेट्रोल-डीजल के रेट?
देश के चार बड़े महानगरों की बात करें तो दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर के आसपास बना हुआ है, जबकि डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर से ऊपर बिक रहा है. वहीं मुंबई में पेट्रोल 111.21 रुपये के पार और डीजल 97.83 रुपये के करीब बना हुआ है. कोलकाता और चेन्नई में भी तेल के दाम लोगों की जेब पर भारी पड़ रहे हैं. बिहार की राजधानी पटना में पेट्रोल का रेट 113.37 रुपये प्रति लीटर के आसपास पहुंच चुका है, जो देश के महंगे शहरों में शामिल है.&amp;nbsp;
शहर अनुसार पेट्रोल- डीजल का दाम-&amp;nbsp;



शहर
पेट्रोल का रेट
डीजल का रेट


दिल्ली
102.12
95.20


कोलकाता
113.51
99.82


मुंबई
111.21
97.83


चेन्नई
107.77
99.55


नोएडा
102.12
97.56


चंडीगढ़
101.51
89.47


लखनऊ
101.89
95.36


पटना
113.37
99.36


रांची
105.26
100.49


भोपाल
114.57
99.64



बिहार समेत कई राज्यों में महंगा है पेट्रोल
राज्यों के हिसाब से देखें तो टैक्स और वैट की वजह से कई जगहों पर पेट्रोल-डीजल काफी महंगा बिक रहा है. एक तरफ जहां आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में पेट्रोल 117 रुपये प्रति लीटर से ऊपर बिक रहा है. वहीं, दूसरी तरफ अरुणाचल प्रदेश जैसे कुछ राज्यों में पेट्रोल फिर भी थोड़ा सस्ता है. यही वजह है कि हर राज्य में ईंधन के दाम अलग-अलग दिखाई देते हैं.
गैस संकट पर बड़ी खबर, भारत ने अमेरिका से खरीदी रिकॉर्ड तोड़ LPG, क्या अब सस्ता मिलेगा सिलेंडर?
क्या है सस्ता होगा पेट्रोल- डीजल?
पिछले कुछ दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों में थोड़ी नरमी जरूर आई है, लेकिन तेल कंपनियों का कहना है कि उन्हें अभी भी पुराने नुकसान की भरपाई करनी है. इसी वजह से घरेलू बाजार में कीमतों में कटौती नहीं की जा रही है. अगर आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतें लगातार नीचे रहती हैं, तभी लोगों को पेट्रोल-डीजल में राहत मिल सकती है.
फोन में कैसे चेक करें आज का ताजा दाम?
अगर आप अपने शहर के पेट्रोल-डीजल के ताजा दाम जानना चाहते हैं तो इसके लिए इंडियन ऑयल, बीपीसीएल और एचपीसीएल की वेबसाइट या SMS सेवा का इस्तेमाल कर सकते हैं. इंडियन ऑयल के ग्राहक RSP लिखकर अपने शहर का डीलर कोड 92249 92249 पर भेजकर रेट पता कर सकते हैं.&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 24 Jun 2026 11:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Petrol-Diesel, Price, Today:, कच्चे, तेल, में, उतार-चढ़ाव, जारी, जानें, आज, आपके, शहर, में, क्या, हैं, पेट्रोल-डीजल, के, ताजा, रेट</media:keywords>
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        <title>Real Estate: बिल्डर की करतूत, पूरा पैसा डकार कर दूसरे को बेच दिया फ्लैट, कोर्ट ने ठोका 1.05 करोड़ का जुर्माना</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/real-estate-बिल्डर-की-करतूत-पूरा-पैसा-डकार-कर-दूसरे-को-बेच-दिया-फ्लैट-कोर्ट-ने-ठोका-105-करोड़-का-जुर्माना</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/real-estate-बिल्डर-की-करतूत-पूरा-पैसा-डकार-कर-दूसरे-को-बेच-दिया-फ्लैट-कोर्ट-ने-ठोका-105-करोड़-का-जुर्माना</guid>
        <description><![CDATA[ Real Estate News: मुंबई में एक बिल्डर की धोखाधड़ी का शिकार हुआ एक कपल पिछले 10 सालों से न्याय के लिए भटक रहा था. जिसे अब एक दशक के बाद जाकर न्याय मिला है. मामला मुंबई का था जहां पर एक कपल ने बिल्डर के जरिए फ्लैट खरीदा था. फ्लैट क पूरी कीमत देने के बाद भी बिल्डर ने उस फ्लैट को किसी और को दिया था. जिसके बाद कपल ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जहां से अब कपल को न्याय मिला है और ब्याज समेत फ्लैट की पूरी रकम भी वापस मिल गई है.
क्या है पूरा मामला?दरअसल मोहम्मद जलील हार्नेकर और उनकी पत्नी असगर शबनम ने 2013 में मुंबई में 660 वर्ग फुट का फ्लैट बुक कराया था. पहले उन्होंने डोंगरी की एक परियोजना में निवेश किया था, लेकिन परियोजना रुकने के बाद बिल्डर ने उनकी बुकिंग को मजगांव स्थित &#039;बे व्यू&#039; परियोजना में स्थानांतरित कर दिया और फ्लैट की कीमत 90 लाख रुपये तय की. कपल ने 2018 तक पूरी रकम चुका दी, लेकिन न तो उन्हें फ्लैट का कब्जा मिला और न ही बिक्री समझौता पंजीकृत हुआ.
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बिल्डर की चालाकीबाद में पता चला कि बिल्डर ने चालाकी की है और वही फ्लैट किसी और खरीदार को बेच दिया गया है. जिसके बाद कपल ने बिल्डर से बात की और उससे अपनी रकम वापस मांगी, तब बिल्डर ने 1.25 करोड़ रुपये के चेक दिए, लेकिन खाते में पर्याप्त रकम नहीं थी जिसकी वजह से चेक बाउंस हो गए. जिसके बाद कपल आयोग के पास मदद की गुहार लगाने पहुंचा था.
आयोग का फैसलामामले की शिकायत आने के बाद पूरा मामला जान आयोग ने भी इसे गंभीर लापरवाही और अनुचित व्यापारिक व्यवहार माना. जिसके बाद आयोग ने बिल्डर को 1.05 करोड़ रुपये 10% सालाना ब्याज के साथ लौटाने, 50,000 रुपये मानसिक पीड़ा के लिए और 25,000 रुपये मुकदमे के खर्च के रूप में देने का आदेश दिया है. अगर 60 दिनों के अंदर भुगतान नहीं किया गया, तो ब्याज दर बढ़ाकर 15% कर दी जाएगी.
आयोग के इस फैसले से पीड़ित कपल को काफी राहत मिली है. ये मामला पिछले 10 सालों से लंबित था. जिसके बाद कपल को अब जाकर राहत की सांस मिली है.
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        <pubDate>Wed, 24 Jun 2026 11:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Real, Estate:, बिल्डर, की, करतूत, पूरा, पैसा, डकार, कर, दूसरे, को, बेच, दिया, फ्लैट, कोर्ट, ने, ठोका, 1.05, करोड़, का, जुर्माना</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>Post office scheme: 50 रुपये के निवेश पर 35 लाख तक का धाकड़ रिटर्न, पोस्ट ऑफिस की यह स्कीम बना देगी अमीर</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/post-office-scheme-50-रुपये-के-निवेश-पर-35-लाख-तक-का-धाकड़-रिटर्न-पोस्ट-ऑफिस-की-यह-स्कीम-बना-देगी-अमीर</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/post-office-scheme-50-रुपये-के-निवेश-पर-35-लाख-तक-का-धाकड़-रिटर्न-पोस्ट-ऑफिस-की-यह-स्कीम-बना-देगी-अमीर</guid>
        <description><![CDATA[ Post Office Scheme: महीने के आखिर में पगार या मेहनताना चाहे कितना ही क्यों न हो, बचत जरूरी है ताकि भविष्य में जरूरत पड़ने पर किसी के सामने हाथ फैलाने की नौबत नहीं आए.
हालांकि, महंगाई के इस जमाने में रोजमर्रा की जिंदगी में तमाम चीजों का खर्च उठाते हुए बचत करना हमेशा मुमकिन नहीं हो पाता. इसी समस्या का ध्यान रखते हुए आज हम आपको पोस्ट ऑफिस की एक ऐसी स्कीम के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके लिए रोजाना सिर्फ 50 रुपये बचाते हुए 35 लाख तक का बड़ा फंड बना सकते हैं. यहां &#039;ग्राम सुरक्षा योजना&#039; की बात की जा रही है, जिसे खासतौर पर ग्रामीण इलाकों के लोगों के लिए डिजाइन किया गया है.&amp;nbsp;
स्कीम की क्या है खासियत?
डाकघर ग्राम सुरक्षा योजना (Gram Suraksha Yojana) ग्रामीण डाक जीवन बीमा (RPLI) के तहत आने वाली एक सरकारी संपूर्ण जीवन बीमा पॉलिसी (Whole Life Insurance) है. इसे आप बीमा और लंबी अवधि की बचत का मेल के तौर पर देख सकते हैं, जिसमें कम निवेश पर अच्छा रिटर्न मिलता है.
निवेश की सीमा की बात करें तो, इस स्कीम को इस तरह से बनाया गया है कि ज्यादा से ज्यादा लोग इसका फायदा उठा सकें. कम से कम बीमा राशि (सम एश्योर्ड) सिर्फ 10000 रुपये तय की गई है, जिससे कम आय वाले परिवारों के लिए भी इसे अपनाना आसान हो जाता है. वहीं, इस प्लान के तहत सब्सक्राइबर ज्यादा से ज्यादा 10 लाख तक का लाइफ इंश्योरेंस कवर चुन सकते हैं, जिससे उन्हें अच्छी-खासी आर्थिक सुरक्षा और सुविधा मिलती है.
क्या है कैलकुलेशन?
डाकघर ग्राम सुरक्षा योजना में मिलने वाला रिटर्न पूरी तरह से सरकारी बोनस दरों पर निर्भर करता है. डाकघर आपकी चुनी हुई बीमा राशि पर हर साल 1000 रुपये के बदले 60 रुपये का बोनस खुद से जोड़ती है. मान लीजिए कि आपकी उम्र 19 साल है और आपने 60 साल तक प्रीमियम भरने का विकल्प चुना है, तो आपके कुल निवेश की अवधि 41 साल होगी. चूंकि स्कीम के तहत 1000 रुपये के सम एश्योर्ड पर 60 रुपये का बोनस मिलता है, तो आपके 10 लाख पर हर साल मिलने वाला बोनस कुछ प्रकार होगा:-
1 साल का बोनस (1000000&amp;divide;1000)&amp;times;60= 60000 रुपये
41 सालों का कुल बोनस- 60000&amp;times;41= 2,460,000 रुपये (24.60 लाख रुपये)
चूंकि यह एक Whole Life Insurance प्लान है इसलिए इसके मैच्योर होने पर पैसा इस फार्मूले के तहत मिलता है:-
&amp;nbsp;(Sum Assured) + 41
10,000,00+2,460,000 रुपये= 3,460,000 रुपये यानी कि कुल 34.60 रुपये (लगभग 35 लाख रुपये)
कैसे करें अप्लाई?
अपने किसी नजदीकी पोस्ट ऑफिस जाए और वहां काउंटर से ग्रामीण डाक जीवन बीमा (RPLI) या ग्राम सुरक्षा योजना के आवेदन के लिए एप्लीकेशन फॉर्म मांगे. इस दौरान अपने पास आधार कार्ड, पैन कार्ड या वोटर आईडी रखना न भूलें. एड्रेस प्रूफ के तौर पर बिजली का बिल या राशन कार्ड भी साथ रख सकते हैं. आयु प्रमाण पत्र के तौर पर (चूंकि इसमें आयु सीमा 19 से 55 वर्ष है) 10वीं की मार्कशीट रखें. साथ में दो पासवर्ड साइज फोटो भी कैरी करें.&amp;nbsp;&amp;nbsp;
फॉर्म भरते व्क्त आप अपनी सुविधानुसार 10,000 से 10 लाख के बीच का सम एश्योर्ड चुन सकते हैं.&amp;nbsp;

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        <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 19:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>हिंदुस्तान के ब्रह्मोस पर दुनिया की नजर! खरीदने के लिए कतार में खड़े 14 देश, &amp;apos;ऑपरेशन सिंदूर&amp;apos; में दिखा दम</title>
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        <description><![CDATA[ Brahmos Demand: एक वक्त था जब भारत दुनिया के तमाम देशों से हथियार आयात करने के मामले में आगे था, लेकिन अब तस्वीर बदल रही है. सरकार के &#039;मेक इन इंडिया&#039; और &#039;आत्मनिर्भर भारत&#039; अभियान के तहत अब देश दुनिया का सबसे बड़ा डिफेंस एक्सपोर्टर बनकर उभरा है.
रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का रक्षा निर्यात रिकॉर्ड 38424 करोड़ रुपये के ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया, जो पिछले साल के 23622 करोड़ के मुकाबले 62.66% ज्यादा है. दुनिया में भारत के स्वदेशी उपकरणों की मांग तेजी से बढ़ रही है. इन्हीं में से एक है- ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल.
ब्रह्मोस की दिवानी हुई दुनिया
&#039;ऑपरेशन सिंदूर&#039; में शानदार प्रदर्शन के बाद ब्रह्मोस मिसाइल का रुतबा कई गुना बढ़ गया है. इसके चलते ग्लोबल लेवल पर इसकी डिमांड भी कई गुना बढ़ गई है. दुनिया में लगभग 14 ऐसे देश हैं, जिन्होंने भारत से ब्रह्मोस खरीदने की इच्छा जताई है.
ब्रह्मोस को भारत और रूस ने मिलकर बनाया है, लेकिन &#039;ऑपरेशन सिंदूर&#039; में इसने जिस तरह से पाकिस्तान की धूल चटाई है उसे देखते हुए अब रूस ने भी इसे अपनी सेना में शामिल करने की इच्छा जताई है. इसे लेकर भारत की फिलीपींस के साथ भी 375 डॉलर की बड़ी डील हुई है. फिलीपींस के बाद वियतनाम ने भी भारत के साथ लगभग 629 मिलियन डॉलर (लगभग 12500 करोड़ रुपये) की बड़ी ब्रह्मोस डील साइन की है. वियतनाम में बाद अब इंडोनेशिया ने भी इसे खरीदने का फैसला लिया है.&amp;nbsp;
संयुक्त अरब अमीरात भी आया आगे
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अपनी सेना को और मजबूत बनाने के लिए संयुक्त अरब अमीरात ने भी भारत से आकाशतीर और ब्रह्मोस जैसे एयर डिफेंस सिस्टम्स को खरीदने की इच्छा जताई है. बातचीत भले ही अभी शुरुआती चरण में हैं, लेकिन इस पर तेजी से काम किया जा रहा है. बताया जा रहा है कि थाइलैंड, मलेशिया, ओमान, चिली, ब्राजील, सऊदी अरब, मिस्र जैसे देश भी अब अपनी देश की सेना में ब्रह्मोस को शामिल करने की तैयारी में हैं.
ब्रह्मोस में क्या है खास?
ब्रह्मोस को भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) और रूस ने संयुक्त रूप से मिलकर बनाया है. इसकी गिनती दुनिया की सबसे तेज ऑपरेशनल सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों में होती है. यह 2.8 से 3 मैक (ध्वनि की गति सेभी लगभग तेज गुना तेज) की रफ्तार से उड़ती है. इसकी गति 3700 किलोमीटर प्रति घंटा है. यही वजह है कि दुश्मन देश का रडार या एयर डिफेंस सिस्टम इसका पता लगाए, यह अपना काम कर निकल जाता है. यह जमीन से, हवा से, समुद्र की सतह से और समुद्र के नीचे पनडुब्बी से भी वार करने की क्षमता रखता है.&amp;nbsp;

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        <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 19:30:13 +0530</pubDate>
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        <title>Share Market Crash: क्रैश हुआ शेयर मार्केट, 700 अंक तक लुढ़का सेंसेक्स; निवेशकों के 5 लाख करोड़ डूबे</title>
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        <description><![CDATA[ Share Market Crash Today: वॉल स्ट्रीट में टेक शेयरों की बिकवाली और इसके चलते दक्षिण कोरियाई बाजार में आई बड़ी गिरावट का असर आज भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिल रहा है. बाजार में आज इस कदर बिकवाली हावी है कि बीएसई सेंसेक्स लगभग 600-700 &amp;nbsp;अंक तक टूट चुका है. एनएसई का निफ्टी 50 भी 23900 के स्तर के नीचे फिसल चुका है.&amp;nbsp;
भरभराकर गिरा एशियाई बाजार
दक्षिण कोरियाई बाजार में गिरावट के चलते आज भारतीय शेयर बाजार का भी मूड बिगड़ा हुआ है. यहां का प्रमुख इंडेक्स कोस्पी (KOSPI) में लगभग 10 परसेंट तक की बड़ी गिरावट आ चुकी है. इस भारी गिरावट के चलते वहां के शेयर बाजार में ट्रेडिंग 20 मिनट तक के लिए रोकनी पड़ गई.
दरअसल, अमेरिकी शेयर बाजार (Wall Street) में Alphabet और SpaceX जैसी बड़ी टेक कंपनियों के शेयरों में आई गिरावट के चलते आज ग्लोबल मार्केट का सेंटिमेंट बिगड़ गया. इस गिरावट के चलते आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और टेक कंपनियों के महंगे वैल्यूएशन को लेकर निवेशक डर गए और बाजार में चौतरफा बिकवाली शुरू कर दी.&amp;nbsp;आज दक्षिण कोरियाई बाजार में SK Hynix के शेयर 11% से अधिक टूट गए और Samsung Electronics के शेयर भी 8% से ज्यादा नीचे गिर गए. इन दो बड़ी सेमीकंडक्टर शेयरों के धराशायी होने से पूरे बाजार का बैलेंस बिगड़ गया.
दक्षिण कोरियाई बाजार ने बनाए कई रिकॉर्ड
बता दें कि ईरान में छिड़ी जंग और वैश्विक अनिश्चितताओं को दरकिनार करते हुए भी इस साल एआई और चिप्स की बड़ी डिमांड की वजह से दक्षिण कोरियाई मार्केट अपने ऑल-टाइम रिकॉर्ड हाई लेवल पर कारोबार कर रहा था. इससे इंडेक्स में करीब 80-90% तक का उछाल आ चुका था. इतने ऊंचे स्तर पर कंपनियों का वैल्यूएशन काफी महंगा हो गया था. इसके चलते आज अमेरिकी शेयर बाजार में आज गिरावट के बाद विदेशी निवेशकों ने यहां भी बिकवाली करनी शुरू कर दी और 1.3 बिलियन डॉलर (करीब 2 ट्रिलियन वॉन) से अधिक के शेयर बेचकर मुनाफावसूली की. &amp;nbsp;
घरेलू शेयर बाजार की हालत बिगड़ी
एशियाई बाजार का संतुलन बिगड़ा, तो भारत में निवेशकों की हालत खराब हो गई. भारत में आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनियों Infosys, TCS, HCL Tech और Wipro में आज सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई. इसके चलते निफ्टी आईटी इंडेक्स आज सबसे ज्यादा टूटने वाला सेक्टर बन गया. शेयर बाजार में आई इस बड़ी गिरावट के कारण आज निवेशकों के करीब 4.57 लाख करोड़ से 5 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गए.&amp;nbsp;

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        <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 19:30:12 +0530</pubDate>
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        <title>नीति आयोग की रिपोर्ट: बढ़ रहा है देश का व्यापार, लेकिन इम्पोर्ट&amp;एक्सपोर्ट का असंतुलन बना बड़ी चुनौती</title>
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        <description><![CDATA[ NITI Aayog Report on Economy: नीति आयोग की रिपोर्ट बताती है कि भारत का व्यापार बढ़ जरूर रहा है, लेकिन यह संतुलित नहीं है. जनवरी&amp;ndash;मार्च 2026 की तिमाही में कुल व्यापार 1.84 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचा और 5.4% की ग्रोथ दर्ज हुई, लेकिन यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि इंपोर्ट (6.5%) एक्सपोर्ट (4.2%) से तेज बढ़ रहा है. इसका मतलब है कि भारत की बाहरी निर्भरता अभी भी ज्यादा है और घरेलू उत्पादन उतनी तेजी से ग्लोबल मार्केट में नहीं बढ़ पा रहा.
गुड्स ट्रेड दबाव में, सर्विस सेक्टर बना सहारा&amp;nbsp;
रिपोर्ट के आंकड़े बताते हैं कि मर्चेंडाइज यानी सामान का एक्सपोर्ट 2.8% घटकर 112 अरब डॉलर रह गया, जबकि इंपोर्ट 11.9% बढ़कर 195.5 अरब डॉलर पहुंच गया. यह सीधा संकेत है कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर अभी दबाव में है, लेकिन सर्विस सेक्टर खासकर IT और डिजिटल सेवाएं ने स्थिति संभाली. सर्विस एक्सपोर्ट 9% बढ़कर 111 अरब डॉलर हुआ और 60.4 अरब डॉलर का सरप्लस आया. यही सरप्लस भारत के कुल व्यापार घाटे को काबू में रख रहा है.
Share Market Crash: क्रैश हुआ शेयर मार्केट, 700 अंक तक लुढ़का सेंसेक्स; निवेशकों के 5 लाख करोड़ डूबे
ट्रेड डेफिसिट- नियंत्रण में लेकिन जोखिम जारी
कुल मिलाकर गुड्स और सर्विसेज को जोड़ें तो 23.15 अरब डॉलर का घाटा दर्ज हुआ जो साल का दूसरा सबसे कम है. रिपोर्ट के ग्राफ भी दिखाते हैं कि साल के दूसरे हिस्से में घाटा कुछ कम हुआ है, लेकिन यह सुधार स्थायी नहीं माना जा सकता, क्योंकि यह काफी हद तक सर्विस सेक्टर पर निर्भर है.
एक्सपोर्ट-इंपोर्ट का पैटर्न क्या कहता है?
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के एक्सपोर्ट में इलेक्ट्रिकल मशीनरी, मिनरल फ्यूल्स और न्यूक्लियर रिएक्टर जैसे सेक्टर आगे हैं. आयरन-स्टील (18.4%) और व्हीकल्स (14.2%) में अच्छी बढ़त दिखी. वहीं, जेम्स और जूलरी में गिरावट आई जो ग्लोबल डिमांड कमजोर होने का संकेत है.
इंपोर्ट में सबसे बड़ा उछाल गोल्ड और सिल्वर से जुड़ी कैटेगरी में आया (82%) जबकि मिनरल फ्यूल्स (-11%) और आयरन-स्टील (-16.8%) में गिरावट रही. इसका मतलब है कि घरेलू खपत और निवेश का पैटर्न भी बदल रहा है.
ट्रेड पार्टनर्स- नए देशों से जुड़ा लेकिन निर्भरता खत्म नहीं
रिपोर्ट में यह पॉइंट अहम है कि भारत अब धीरे-धीरे अपने व्यापार को अलग-अलग देशों में फैला रहा है.
टॉप 10 देशों का एक्सपोर्ट शेयर घटकर 50% हो गया है. वहीं, इंपोर्ट में भी कंसंट्रेशन कम हुआ है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि चीन और रूस से इंपोर्ट अभी भी बढ़ रहा है. खासकर मैन्युफैक्चरिंग और फार्मा सेक्टर में चीन पर निर्भरता एक बड़ा रिस्क बना हुआ है.
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सर्विस सेक्टर, लगातार मजबूत हो रही पकड़

भारत 2025 में दुनिया का 8वां सबसे बड़ा सर्विस एक्सपोर्टर बन गया.
2015 से 2025 के बीच सर्विस एक्सपोर्ट लगभग 3 गुना बढ़ा
ग्रोथ रेट 10.3% रही (ग्लोबल 6.6% से ज्यादा)

रिपोर्ट का एक अहम संकेत यह भी है कि अब भारत का सर्विस एक्सपोर्ट सिर्फ अमेरिका पर निर्भर नहीं है.

नॉर्थ अमेरिका का शेयर घटा
यूरोप का शेयर बढ़ा
यह विविधता लंबे समय में स्थिरता देता है.

फार्मा सेक्टर- वॉल्यूम में ताकत! वैल्यू में कमजोरी
रिपोर्ट का बड़ा फोकस फार्मा पर है और यहीं सबसे बड़ा विरोधाभास दिखता है. भारत दुनिया को सस्ती जेनेरिक दवाएं सप्लाई करता है.

अफ्रीका की- 50%
अमेरिका की- 40%
UK की- 25% जरूरत

लेकिन हाई-वैल्यू सेगमेंट जैसे बायोलॉजिक्स, वैक्सीन, एडवांस थेरेपी में भारत की हिस्सेदारी बहुत कम है (करीब 0.6%). इसके अलावा...

API के लिए 65% निर्भरता चीन पर
R&amp;amp;D खर्च सिर्फ 7% (ग्लोबल 15&amp;ndash;20%)
यानी भारत वॉल्यूम में बड़ा है लेकिन टेक्नोलॉजी और वैल्यू में पीछे है.

ग्लोबल ट्रेंड- कीमतें और पॉलिसी दबाव
रिपोर्ट बताती है कि क्रूड ऑयल, कोल और प्रेशियस मेटल्स की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है.

गोल्ड-सिल्वर की कीमतें बढ़ीं
ऊर्जा कीमतों में भी दबाव
साथ ही यूएस-चीन ट्रेड मूवमेंट, WTO की अनिश्चितता और नए FTA जैसे कदम यह दिखाते हैं कि ग्लोबल ट्रेड माहौल तेजी से बदल रहा है.

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, आने वाले समय में अगर भारत को ट्रेड में मजबूत बनना है तो सिर्फ एक्सपोर्ट बढ़ाने से काम नहीं चलेगा. हाई-वैल्यू प्रोडक्ट, टेक्नोलॉजी और R&amp;amp;D पर बड़ा दांव लगाना पड़ेगा.
 ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 19:30:11 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>नीति, आयोग, की, रिपोर्ट:, बढ़, रहा, है, देश, का, व्यापार, लेकिन, इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट, का, असंतुलन, बना, बड़ी, चुनौती</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>ATF News: फ्लाइट खर्च पर बड़ी राहत, एयरलाइंस हटाएंगी फ्यूल सरचार्ज, कम होंगे टिकट के दाम!</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/atf-news-फ्लाइट-खर्च-पर-बड़ी-राहत-एयरलाइंस-हटाएंगी-फ्यूल-सरचार्ज-कम-होंगे-टिकट-के-दाम</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/atf-news-फ्लाइट-खर्च-पर-बड़ी-राहत-एयरलाइंस-हटाएंगी-फ्यूल-सरचार्ज-कम-होंगे-टिकट-के-दाम</guid>
        <description><![CDATA[ ATF News: पिछले काफी समय से ईरान वॉर की वजह से महंगाई की मार हर सेक्टर पर पड़ रही थी. इससे एयरलाइंस भी अछूती नहीं रही थीं. लेकिन अब जब धारे- धारे सब ठीक हो रहा है, तो दोबारा से महंगाई से थोड़ी राहत मिलने के आसार नजर आ रहे हैं. अब खबरें हैं कि हवाई यात्रा करने वालों को भी आने वाले समय में थोड़ी राहत मिलने वाली है.
फ्यूल सरचार्ज को लेकर बड़ा फैसलादरअसर NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक आने वाले समय में भारतीय एयरलाइंस इस साल मार्च में लगाए गए फ्यूल सरचार्ज को वापस लेने पर विचार कर रही हैं. कच्चे तेल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में हाल के दिनों में आई गिरावट के बाद ये कदम उठाया जा सकता है. एयरलाइंस इस पर सक्रिय रूप से चर्चा कर रही हैं और दूसरी तिमाही के अंत या तीसरी तिमाही की शुरुआत तक इस पर फैसला लिया जा सकता है.
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ईरान और यूएस के युद्ध के चलते कच्चे तेल की कीमतोंमें इजाफा हुआ था. जिससे मार्च के महीने में फ्लाइंट्स में इस्तेमाल होने वाले फ्यूल की कीमतें भी बढ़ाई गई थीं. हालांकि अब इनमें थोड़ी लरमी देखी जा रही है. जिसके बाद फिलहाल कंपनियां ये देखना चाहती हैं कि ईंधन की कीमतों में आई गिरावट लंबे समय तक बनी रहती है या नहीं. इसके बाद ही वो किसी फैसले पर पहुंचेंगी, फिलहाल केवल चर्चा ही चल रही है.
टिकट भी होगा सस्तारिपोर्ट्स की मानें तो डोमेस्टिक उड़ानों में फ्यूल सरचार्ज पहले हटाया जा सकता है, जबकि इंटरनेशनल रूट्स पर इसे चरणबद्ध तरीके से खत्म करने पर विचार किया जा रहा है. अगर फ्यूल सरचार्ज हटाया जाता है, तो हवाई टिकट की कीमतों में भी कुछ राहत मिल सकती है और यात्रियों के लिए उड़ानें पहले की तुलना में अधिक किफायती हो सकती हैं.
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बता दें कि बीते दिनों चले युद्ध के बाद अकासा, इंडियो, एयर इंडिया जैसी कंपनियों ने सरचार्ज लगा दिया था. जिसे अब हटाने की कोशिश की जा रही है. फ्यूल पर सरचार्ज लगने से टिकट की कीमतें बढ़ीं थी जिससे यात्रियों की संख्या भी कम हो गई थीं. जिसके बाद कछ उड़ानें रद्द् और रूट डायवर्ट भी कर दिए गए थे. हालांकि अब लगता है कि एक बार फिर से जल्दी ही सबकुछ ट्रैक पर आ जाएगा.
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        <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 19:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>ATF, News:, फ्लाइट, खर्च, पर, बड़ी, राहत, एयरलाइंस, हटाएंगी, फ्यूल, सरचार्ज, कम, होंगे, टिकट, के, दाम</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>Explained: कॉर्पोरेट दुनिया का नया खिलाड़ी बना CPO! &amp;apos;चीफ पर्पस ऑफिसर&amp;apos; पद क्या है और क्यों बढ़ रही डिमांड? जानें कैसे बनें</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/explained-कॉर्पोरेट-दुनिया-का-नया-खिलाड़ी-बना-cpo-चीफ-पर्पस-ऑफिसर-पद-क्या-है-और-क्यों-बढ़-रही-डिमांड-जानें-कैसे-बनें</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/explained-कॉर्पोरेट-दुनिया-का-नया-खिलाड़ी-बना-cpo-चीफ-पर्पस-ऑफिसर-पद-क्या-है-और-क्यों-बढ़-रही-डिमांड-जानें-कैसे-बनें</guid>
        <description><![CDATA[ कॉर्पोरेट जगत में इन दिों एक नया पद चुपचाप अपनी जगह बना रहा है- चीफ पर्पस ऑफिसर (CPO). यह नाम शायद थोड़ा अजीब लगे, लेकिन दुनिया की बड़ी-बड़ी कंपनियां इसे सीरियस ले रही हैं. यूबीसॉफ्ट, वर्जिन अटलांटिक, सिस्को, सेफोरा और KPMG जैसी कंपनियां पहले ही इस तरह की पोजीशन बना चुकी हैं. यह पद है क्या, क्या वाकई कंपनियों को इसकी जरूरत है और आप कैसे बनेंगे CPO...
यह &#039;चीफ पर्पस ऑफिसर&#039; है क्या?
बहुत सी कंपनियां बड़े-बड़े नारे लगाती हैं- &#039;हम दुनिया बदलेंगे&#039;, &#039;हमारा मकसद सिर्फ पैसा कमाना नहीं है&#039; या &#039;हम समाज के लिए कुछ करना चाहते हैं&#039;. लेकिन असल जिंदगी में इन नारों का क्या होता है? एम्प्लॉयज को ये सारी बातें अक्सर बहुत ऊपरी और झूठी लगती हैं. दफ्तर में रोजाना का काम तो वैसे ही चलता है- टारगेट, प्रॉफिट और क्वार्टरली रिजल्ट्स.
यहीं पर चीफ पर्पस ऑफिसर काम आता है. इस पद का काम थ्योरी में बहुत आसान है, लेकिन प्रैक्टिस में बेहद मुश्किल. CPO कंपनी के बड़े-बड़े वादे और उसके असली फैसलों को एक-दूसरे से बराबर रखने का काम करता है. वह यह देखता है कि कंपनी सिर्फ मुनाफा कमाने के चक्कर में अपने बताए गए मकसद को तो नहीं भूल रही.
CPO कंपनी की स्ट्रैटेजी, कल्चर और एथिक्स के बीच में काम करता है. असल जिंदगी में उसका काम कुछ इस तरह दिखता है:

लीडरशिप मीटिंग्स में मुश्किल सवाल पूछना: जब बड़े बॉस बैठकर कोई फैसला ले रहे हों, तो CPO वहां खड़ा होकर पूछता है, &#039;क्या यह फैसला वाकई हमारे लंबे समय के मकसद से मेल खाता है, क्या हम मुनाफे के चक्कर में अपने वैल्यूज को तोड़ तो नहीं रहे या क्या हम समाज के लिए वाकई कोई वैल्यू क्रिएट कर रहे हैं.&#039;
जॉइनिंग और रिवॉर्ड्स पैटर्न बदलना: कुछ CPO हायरिंग और सैलरी-बोनस के सिस्टम को इस तरह बदलते हैं कि कर्मचारियों को सिर्फ टारगेट पूरा करने पर ही नहीं, बल्कि कंपनी के मकसद के मुताबिक काम करने पर भी इनाम मिले.
नारों को हकीकत में बदलना: कंपनी बड़े-बड़े भाषण देती है कि वह समाज के लिए कुछ करना चाहती है, लेकिन CPO यह देखता है कि ये बातें दफ्तर के रोजाना के काम का हिस्सा बनें या नहीं.

आखिर कंपनियों को CPO की जरूरत क्यों पड़ी?
पुराने जमाने में कंपनियों का सबसे बड़ा ध्यान शेयरहोल्डर्स को खुश करने पर होता था, लेकिन अब दुनिया बदल गई है. AI, इकोनॉमिक चेंजेस और लगातार बदलते सिनेरियो के इस दौर में लोग कंपनियों से सिर्फ मुनाफा नहीं, बल्कि कुछ और भी उम्मीद करने लगे हैं.
2019 में अमेरिका की बिजनेस राउंडटेबल ने एक बड़ा बयान दिया कि कंपनियों का मकसद सिर्फ शेयरहोल्डर्स के लिए नहीं, बल्कि &amp;nbsp; सभी स्टेकहोल्डर्स के लिए होना चाहिए. इसके बाद से कंपनियों पर &#039;पर्पस&#039; यानी मकसद &amp;nbsp; की बात करने का दबाव बढ़ गया.
भारत में कैसा है CPO का हाल?
भारत में CPO की कहानी काफी दिलचस्प है. अक्टूबर 2017 में रोश फार्मा इंडिया ने लारा युमी त्सुजी बेजेरा को भारत की पहली चीफ पर्पस ऑफिसर नियुक्त किया. यह पहली बार था जब भारत में किसी कंपनी ने यह पद बनाया. कंपनी की बड़ी समस्या थी अलग-अलग विभागों में बंटे मैनेजमेंट प्रोसेस. हर विभाग सिर्फ अपने KPI की परवाह करता था, किसी और की नहीं. लारा को जब कंपनी में लाया गया, तो उन्होंने सबसे पहले पूछा, &#039;मुझे पहला काम क्या करना चाहिए?&#039; जवाब मिला- &#039;एक नया शेयर्ड एस्पिरेशन बनाओ.&#039;
CPO बनने के लिए क्या पढ़ाई और एक्सपीरियंस चाहिए?

किसी भी सब्जेक्ट में &amp;nbsp;ग्रेजुएशन होना जरूरी है. लेकिन बिजनेस, मैनेजमेंट, सोशल साइंसेज, पब्लिक पॉलिसी या सस्टेनेबिलिटी जैसे सब्जेक्ट्स ज्यादा काम आते हैं.
मास्टर्स डिग्री MBA, पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन, सस्टेनेबिलिटी या सोशल इनोवेशन में मास्टर्स को प्रायोरिटी दी जाती है.कम से कम 5 साल का लीडरशिप अनुभव जरूरी है. चाहे वह नॉन-प्रॉफिट हो, फॉर-प्रॉफिट हो, सरकारी हो या फिलैंथ्रॉपी ग्रोथ, बिजनेस डेवलपमेंट,
स्ट्रैटेजिक प्लानिंग या फंडरेजिंग में एक्सपीरियंस जरूरी है.

CPO की नौकरी सीधे ऑनलाइन पोस्ट नहीं होती है, इसलिए इसे पाने का रास्ता थोड़ा अलग है:

एग्जीक्यूटिव सर्च फर्म्स (हेडहंटर्स): बड़ी कंपनियां CPO ढूंढने के लिए खास हेडहंटिंग एजेंसियों को लगाती हैं.
लिंक्डइन पर नेटवर्किंग: टॉप लीडरशिप पोजीशंस के लिए लिंक्डइन सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म है.
कंपनी के अंदर से प्रमोशन: जैसे रोश इंडिया में लारा पहले मैनेजिंग डायरेक्टर थीं, फिर उन्हें CPO बनाया गया.
CEO और बोर्ड की मंजूरी: CPO को सीधे CEO को रिपोर्ट करना चाहिए और स्ट्रैटेजिक मीटिंग्स में शामिल होना चाहिए, तभी वह असल में कुछ कर सकता है.

CPO को कितनी सैलरी मिलती है?
अमेरिका की वेबसाइट जिपरिक्रूटर के मुताबिक, जून 2026 तक अमेरिका में एक चीफ पर्पस ऑफिसर की औसत सालाना सैलरी 166,511 डॉलर (करीब 1.4 करोड़ रुपये) है. हालांकि, यह आंकड़ा कंपनी और एक्सपीरियंस के हिसाब से ऊपर-नीचे हो सकता है.
वैसे, CPO एक काफी नया पद है, इसलिए इसकी सैलरी को लेकर अभी बहुत ज्यादा डेटा उपलब्ध नहीं है. लेकिन C-सुइट (CEO, CFO, COO जैसे टॉप पदों) में यह एक अहम जगह है, इसलिए सैलरी भी उसी हिसाब से मिलती है. ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 07:30:12 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>Explained:, कॉर्पोरेट, दुनिया, का, नया, खिलाड़ी, बना, CPO, चीफ, पर्पस, ऑफिसर, पद, क्या, है, और, क्यों, बढ़, रही, डिमांड, जानें, कैसे, बनें</media:keywords>
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        <title>Petrol&amp;Diesel: तेल कंपनियों को बंपर मार्जिन, जनता परेशान, पेट्रोल&amp;डीजल की कीमतों पर आई बड़ी रिपोर्ट</title>
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        <description><![CDATA[ Petrol- Diesel Price:&amp;nbsp;पेट्रोल-डीजल के रेट से लंबे समय से आम आदमी परेशान हैं तो वहीं दूसरी तरफ तेल कंपनियों की कमाई लगातार मजबूत बनी हुई है. आने वाले दिनों में कच्चे तेल की चाल और सरकार की नीति तय करेगी कि पेट्रोल-डीजल सस्ता होगा या नहीं. ऑयल मार्केटिंग कंपनियों का मार्जिन फिर से बढ़कर पुराने स्तर पर पहुंच गया है. यानी कंपनियां हर लीटर पेट्रोल-डीजल पर अच्छी कमाई कर रही हैं, लेकिन इसका फायदा फिलहाल ग्राहकों तक नहीं पहुंच रहा. वहीं, एक रिपोर्ट ने फिर से इस बहस को तेज कर दिया है कि जब तेल कंपनियों की कमाई बढ़ रही है तो जनता को राहत क्यों नहीं मिल रही है. यहां से आप इस रिपोर्ट के बारे में डिटेल में जानिए.
रिपोर्ट में क्या है?
तेल कंपनियां जिस कीमत पर कच्चा तेल खरीदती हैं और प्रोसेसिंग के बाद जिस दाम पर पेट्रोल-डीजल बेचती हैं, उसके बीच का अंतर उनका मार्जिन कहलाता है. ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म JP Morgan की रिपोर्ट के अनुसार भारत की तेल कंपनियों का पेट्रोल और डीजल पर मार्केटिंग मार्जिन फिर से बढ़ गया है. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि पश्चिम एशिया तनाव के दौरान जो दबाव बना था, अब वह काफी हद तक कम हो चुका है. तेल कंपनियों का मार्जिन अब फिर से प्री-कॉन्फ्लिक्ट यानी संघर्ष से पहले वाले स्तर पर पहुंच गया है. इसका मतलब है कि कंपनियां तेल बेचकर अच्छी कमाई कर रही हैं.
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आम जनता के क्या हैं सवाल?
अब आम जनता पेट्रोल- डीजल के दाम को लेकर बड़े सवाल कर रही है. सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब तेल कंपनियों का मार्जिन बढ़ रहा है तो पेट्रोल-डीजल सस्ता क्यों नहीं हो रहा है? दरअसल भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमत सिर्फ कच्चे तेल पर निर्भर नहीं करती. इसमें केंद्र और राज्य सरकारों के टैक्स, डीलर कमीशन, ट्रांसपोर्ट खर्च और कंपनियों का मार्जिन भी शामिल होता है. यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल नरम होने के बावजूद आम लोगों को तुरंत राहत नहीं मिलती.
कच्चे तेल में उतार-चढ़ाव जारी
बीते कुछ दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है. कभी मध्य पूर्व तनाव से कीमतें बढ़ती हैं तो कभी मांग कमजोर होने पर गिरावट आ जाती है. हालांकि फिलहाल कई रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि तेल बाजार पहले के मुकाबले थोड़ा स्थिर हुआ है. अगर कच्चे तेल की कीमतें नियंत्रण में रहती हैं और खुदरा दाम ज्यादा नहीं घटते, तो ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की कमाई मजबूत बनी रहती है. इसी वजह से निवेशकों की नजर अब तेल कंपनियों के शेयरों पर भी बनी हुई है.
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        <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 07:30:11 +0530</pubDate>
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        <title>PhonePe यूजर्स सावधान, वॉलेट इस्तेमाल नहीं करने पर क्या बैंक अकाउंट से कट जाएंगे पैसे?</title>
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        <description><![CDATA[ PhonePe: अगर आप फोन पे इस्तेमाल करते हैं तो यह खबर आपके लिए जरूरी है. सोशल मीडिया और कई रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि अगर लंबे समय तक फोन पे वॉलेट इस्तेमाल नहीं किया गया तो यूजर्स से इनएक्टिविटी फीस ली जा सकती है. इसके बाद कई लोगों के मन में सवाल उठने लगे हैं कि क्या बैंक अकाउंट से भी पैसे कट जाएंगे? आइए आसान भाषा में समझते हैं पूरा मामला.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल फोन पे वॉलेट से जुड़ी एक इनएक्टिविटी फीस चर्चा में है. इसका मतलब यह है कि अगर कोई यूजर लंबे समय तक अपने वॉलेट का इस्तेमाल नहीं करता, तो उस वॉलेट बैलेंस पर कुछ शुल्क लगाया जा सकता है. हालांकि, ये नियम सिर्फ वॉलेट पर लागू होता है, सीधे बैंक अकाउंट पर नहीं हैं.
तेल कंपनियों को बंपर मार्जिन, जनता परेशान, पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर आई बड़ी रिपोर्ट
बैंक अकाउंट से कट जाएंगे पैसे?
सबसे जरूरी बात यही है कि अगर आपके फोन पे वॉलेट में बैलेंस नहीं है, तो सिर्फ वॉलेट सक्रिय होने की वजह से आपके बैंक अकाउंट से पैसे नहीं काटे जाएंगे. यानी आपका लिंक्ड बैंक अकाउंट एकदम सुरक्षित है. इनएक्टिविटी फीस केवल वॉलेट में पड़े बैलेंस पर लागू होती है, यानी अगर किसी यूजर ने लंबे समय तक वॉलेट इस्तेमाल नहीं किया और उसमें बैलेंस पड़ा रहा, तभी शुल्क लागू हो सकता है.&amp;nbsp;
वॉलेट और बैंक अकाउंट में क्या है अंतर?
बहुत से लोग फोन पे ऐप और फोन पे वॉलेट को एक ही चीज समझ लेते हैं, जबकि दोनों अलग हैं. जैसे समझिए कि UPI पेमेंट सीधे बैंक अकाउंट से होती है और वॉलेट में पहले से पैसा जोड़ना पड़ता है. अगर आप सिर्फ UPI इस्तेमाल करते हैं और वॉलेट में पैसा नहीं रखते, तो चिंता की जरूरत नहीं है.
कॉर्पोरेट दुनिया का नया खिलाड़ी बना CPO! &#039;चीफ पर्पस ऑफिसर&#039; पद क्या है और क्यों बढ़ रही डिमांड? जानें कैसे बनें
आपको क्या करना है?

वॉलेट बैलेंस चेक करते रहें
जरूरत न हो तो वॉलेट खाली रखें
ऑफिशियल नोटिफिकेशन देखते रहें
अफवाहों पर तुरंत भरोसा न करें

क्या दूसरे ऐप्स में भी होता है ऐसा?
कुछ डिजिटल वॉलेट कंपनियां लंबे समय तक निष्क्रिय रहने वाले वॉलेट पर मेंटेनेंस या इनएक्टिविटी चार्ज लगाती हैं. हालांकि हर कंपनी के नियम अलग होते हैं. तो अभी आप ये समझिए कि अगर आप फोन पे यूजर हैं तो घबराने की जरूरत नहीं है. सिर्फ वॉलेट इस्तेमाल न करने पर आपके बैंक अकाउंट से पैसे नहीं कटेंगे. लेकिन समय-समय पर अपना वॉलेट और ऐप अपडेट जरूर चेक करते रहें. ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 07:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>PhonePe, यूजर्स, सावधान, वॉलेट, इस्तेमाल, नहीं, करने, पर, क्या, बैंक, अकाउंट, से, कट, जाएंगे, पैसे</media:keywords>
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        <title>फ्लाइट टिकट हुए सस्ते, इस कंपनी ने किराए में की 5% की कटौती, पेट्रोल&amp;डीजल पर कब मिलेगी राहत?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/फ्लाइट-टिकट-हुए-सस्ते-इस-कंपनी-ने-किराए-में-की-5-की-कटौती-पेट्रोल-डीजल-पर-कब-मिलेगी-राहत</link>
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        <description><![CDATA[ Fuel Price: महंगाई और बढ़ते ट्रैवल खर्च के बीच यात्रियों के लिए राहत भरी खबर आई है. एयरलाइन कंपनी AirAsia X ने अपने टिकट किराए में करीब 5 फीसदी तक की कटौती कर दी है. कंपनी ने कहा है कि जेट फ्यूल की कीमतों में आई गिरावट के बाद ये फैसला लिया गया है. एयर एशिया के इस फैसले के बाद अब लोगों के मन में सवाल आ रहा है कि अगर फ्लाइट की टिकट सस्ती हो सकती है तो क्या पेट्रोल और डीजल के दाम में भी कम हो जाएंगे? आइये यहां से जानते हैं.
क्यों सस्ते हुए टिकट?
पिछले कुछ हफ्तों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और जेट फ्यूल की कीमतों में नरमी देखने को मिली है. एयरलाइंस कंपनियों के कुल खर्च में फ्यूल का हिस्सा काफी बड़ा होता है. ऐसे में जब जेट फ्यूल सस्ता होता है तो कंपनियों की लागत कम हो जाती है. इसी का फायदा अब यात्रियों को मिलने लगा है. AirAsia X के CEO ने कहा कि 15 जून के बाद से कंपनी ने कई रूट्स पर टिकट किराए कम कर दिए हैं.&amp;nbsp;
PhonePe यूजर्स सावधान, वॉलेट इस्तेमाल नहीं करने पर क्या बैंक अकाउंट से कट जाएंगे पैसे?
क्या दूसरी कंपनियां भी कम करेंगी किराया?
अगर फ्यूल की कीमतें ऐसे ही कंट्रोल में रहती हैं, तो आने वाले समय में दूसरी एयरलाइंस कंपनियां भी किराए कम कर सकती हैं. गर्मी की छुट्टियों और तीज- त्योहारों के सीजन में सस्ते टिकट आम जनता की जेब पर पड़ा रहा दबाव कम करेंगी.
पेट्रोल-डीजल कब होगा सस्ता?
अब चूंकि फ्लाईट की टिकट सस्ती हुई है तो लोगों के मन में ये भी सवाल आ रहा है कि क्या पेट्रोल-डीजल भी सस्ते हो सकते हैं? असल&amp;nbsp; में, भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें सिर्फ कच्चे तेल पर निर्भर नहीं करतीं है. इसमें टैक्स, वैट, फ्रेट चार्ज और तेल कंपनियों का मार्जिन भी शामिल होता है. हालांकि, अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल लंबे समय तक सस्ता बना रहता है तो सरकार और तेल कंपनियां रेट कम कर सकती हैं.
तेल कंपनियों को बंपर मार्जिन, जनता परेशान, पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर आई बड़ी रिपोर्ट ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 07:30:09 +0530</pubDate>
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        <title>Share Market Today: हफ्ते के पहले दिन शेयर मार्केट में तेजी, 77000 के पार पहुंचा सेंसेक्स; निफ्टी भी 93 अंक ऊपर</title>
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        <description><![CDATA[ Share Market Today on June 22: हफ्ते के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत शानदार रही. बीएसई का 30 शेयरों वाला इंडेक्स सेंसेक्स 357 अंक उछलकर 77160 के लेवल पर खुला. वहीं, एनएसई का निफ्टी 50 793 अंक चढ़कर 24106 के स्तर पर कारोबार की शुरुआत की.&amp;nbsp;
एशियाई बाजार&amp;nbsp;
अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड में चल रही शांति वार्ता के बीच वैश्विक बाजारों का मूड सुधरा है. हालांकि, इस बीच तेल की कीमतों में आए उछाल की वजह से एशियाई बाजार आज मिले-जुले रुख के साथ खुले. जापान के बाजार में आज शानदार तेजी देखी गई. जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 1.82% की बढ़त के साथ 72550 के स्तर को पार कर गया. इस दौरान दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स भी 1.58% की मजबूत बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है. हालांकि, इस दौरान हांगकांग के हैंगसेंग इंडेक्स में 1.5%-2% की गिरावट देखी जा रही है और यह 23545 के स्तर पर कारोबार कर रहा है. &amp;nbsp;
अमेरिकी शेयर बाजार
अमेरिकी शेयर बाजार वॉल स्ट्रीट लंबे वीकेंड के बाद आज खुलने जा रहा है. 19 जून को यह &#039;जूनीथ&#039; हॉलिडे के चलते बंद था. हालांकि, कारोबार शुरू होने से पहले आज सुबह US इक्विटी बेंचमार्क से जुड़े फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट्स में गिरावट आई. S&amp;amp;P 500 फ्यूचर्स में 0.4% और Nasdaq-100 फ्यूचर्स 0.6% की गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आ रहे हैं. Dow Jones इंडस्ट्रियल एवरेज से जुड़े फ्यूचर्स में 183 पॉइंट्स या 0.4% की गिरावट आई है. स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता, तेल की कीमतों में उछाल और इस हफ्ते आने वाले महंगाई के आंकड़ों से पहले अमेरिकी निवेशक सतर्क बने हुए हैं.&amp;nbsp;
क्रूड ऑयल की कीमत
आज 22 जून को अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर से तेजी देखने को मिल रही है. वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड फ्यूचर्स में 2.06% का उछाल आया है और यह 78.18 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड करने लगा. वहीं, अगस्त डिलीवरी वाले ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.83% गिरकर 81.24 पर ट्रेड कर रहे थे, जो 80 डॉलर के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर है. COMEX पर क्रूड की कीमतें 2.06% बढ़कर 78.18 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गईं. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को फिर से बंद करने की ईरान की घोषणा और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनियों के बीच वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों ने फिर से रफ्तार पकड़ी है.&amp;nbsp;
&amp;nbsp;

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        <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 15:30:16 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>आनंद महिंद्रा ने वैभव सूर्यवंशी के उदाहरण से समझाया &amp;apos;प्रेशर&amp;apos; हैंडल करने का तरीका, बोले&amp; ये स्टार...</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/आनंद-महिंद्रा-ने-वैभव-सूर्यवंशी-के-उदाहरण-से-समझाया-प्रेशर-हैंडल-करने-का-तरीका-बोले-ये-स्टार</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/आनंद-महिंद्रा-ने-वैभव-सूर्यवंशी-के-उदाहरण-से-समझाया-प्रेशर-हैंडल-करने-का-तरीका-बोले-ये-स्टार</guid>
        <description><![CDATA[ Vaibhav Suryavanshi: भारतीय क्रिकेट टीम में 15 साल के युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) इन दिनों सबके चहेते बने हुए हैं. दांबुला के रणगिरि दांबुला इंटरनेशनल स्टेडियम बीते 21 जून को भारत ए और श्रीलंका ए के बीच खेली गई ट्राई-नेशन सीरीज के फाइनल में उन्होंने अपनी तूफानी पारी से आलोचकों को करारा जवाब दिया. उनकी इस शानदार उपलब्धि ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा. इसमें क्रिकेट जगत में उनके प्रशंसकों से लेकर पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी व कारोबार जगत के दिग्गज भी शामिल हैं. इन्हीं में से एक हैं आनंद महिंद्रा (Anand Mahindra), जिन्होंने उनकी जमकर तारीफ की.&amp;nbsp;
आनंद महिंद्रा ने क्या कहा?&amp;nbsp;
मशहूर उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर युवा क्रिकेट सनसनी वैभव की बल्लेबाजी से ज्यादा प्रेशर हैंडल करने की क्षमता और उनकी&amp;nbsp; मानसिक दृढ़ता की तारीफ की. एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा, वैभव की इस ऐतिहासिक पारी से भी ज्यादा उनके टेंपरामेंट (मानसिक संतुलन और धैर्य) ने उनका दिल जीत लिया. उन्होंने वैभव का उदाहरण देते हुए समझाया कि जीवन और करियर में दबाव को धैर्य और मनोबल के साथ किस तरह से हैंडल करना चाहिए.

Fifty off 11 balls. Incredible. But it isn&amp;rsquo;t only that statistic which I applaud Because after the earlier match&amp;rsquo;s on-field confrontation, he could have carried that baggage into this game.Instead, he carried his bat &amp;amp; let it do the talking.Talent is a gift. But&amp;hellip;
&amp;mdash; anand mahindra (@anandmahindra) June 21, 2026



बल्ले से लिया बदला
इस मैच से ठीक पहले 15 जून को वैभव की श्रीलंका-ए के खिलाड़ियों से तीखी बहस हो गई थी. दरअसल, 15 जून को खेले गए सुपर ओवर में इंडिया-ए की टीम श्रीलंका-ए की टीम से हार गई थी. श्रीलंका की जीत के जश्न और छींटाकशी के बीच वैभव की श्रीलंकाई फील्डर विशेन हलंबगे (Vishen Halambage) से तीखी बहस हो गई थी.&amp;nbsp; बात आगे बढ़ते हुए धक्का-मुक्की तक पहुंच गई. मैदान पर हुए इस विवाद के बाद रेफरी में दोनों खिलाड़ियों के खिलाफ एक्शन लेते हुए 50% तक मैच फीस काटने का भी फैसला लिया.
सुपर ओवर में इंडिया-ए की टीम श्रीलंका-ए की टीम में हार भी गई थी. हालांकि, मैदान में श्रीलंकाई खिलाड़ियों के तंज कसने की स्थिति में भी वैभव ने अपना आपा न खोते हुए कल 21 जून को खेले गए मैच में&amp;nbsp;अपनी पूरी ताकत झोंक दी और अपने बल्ले से लंका से सूद समेत बदला लिया. कल ग्रैंड फिनाले में इंडिया-ए ने श्रीलंका-ए को 66 रनों से करारी शिकस्त देते हुए ट्रॉफी पर अपना कब्जा जमा लिया.&amp;nbsp;

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        <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 15:30:15 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>आनंद, महिंद्रा, ने, वैभव, सूर्यवंशी, के, उदाहरण, से, समझाया, प्रेशर, हैंडल, करने, का, तरीका, बोले-, ये, स्टार...</media:keywords>
    </item>
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        <title>Gold&amp;Silver Rate Today: सोने ने किया आज कमबैक, पिछले हफ्ते ₹5000 से ज्यादा की थी गिरावट; जानें कितना चढ़ा भाव?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/gold-silver-rate-today-सोने-ने-किया-आज-कमबैक-पिछले-हफ्ते-5000-से-ज्यादा-की-थी-गिरावट-जानें-कितना-चढ़ा-भाव</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/gold-silver-rate-today-सोने-ने-किया-आज-कमबैक-पिछले-हफ्ते-5000-से-ज्यादा-की-थी-गिरावट-जानें-कितना-चढ़ा-भाव</guid>
        <description><![CDATA[ Gold-Silver Rate Today on June 22: पिछले हफ्ते की गिरावट के बाद आज 22 जून को सोने-चांदी की कीमतों में हल्की रिकवरी देखने को मिल रही है. GoodReturns के मुताबिक, आज, 24 कैरेट सोने की कीमत 43 रुपये बढ़कर 14,651 रुपये प्रति ग्राम हो गई, जबकि 22 कैरेट सोने की कीमत 40 रुपये बढ़कर 13,430 रुपये प्रति ग्राम हो गई. हालांकि, आज चांदी की कीमतों में कोई बदलाव नहीं देखने को मिल रहा है. चांदी की कीमत 250 रुपये प्रति ग्राम पर बनी हुई है, जबकि घरेलू बाजार में 1 किलोग्राम चांदी की कीमत 2,50,000 रुपये है.
वायदा बाजारों में भी चढ़ी कीमत
आज MCX (मल्टी-कमोडिटी एक्सचेंज) पर अगस्त फ्यूचर्स वाले गोल्ड की कीमत मजबूती के साथ प्रति 10 ग्राम 1,48,040 पर ट्रेड कर रहा है. वहीं, MCX सिल्वर जुलाई फ्यूचर्स लगभग 1.13% की मजबूती के साथ 2,36,490 प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रहा है.&amp;nbsp;
महानगरों में आज सोने की कीमत (प्रति 10 ग्राम)



शहर&amp;nbsp;
24 कैरेट सोने की कीमत
22 कैरेट सोने की कीमत
चांदी की कीमत


दिल्ली
1,46,660 रुपये
1,34,450 रुपये
2,50,000 रुपये


मुंबई
1,46,510 रुपये
1,34,300 रुपये
2,50,000 रुपये


कोलकाता&amp;nbsp;
1,46,510 रुपये
1,34,300 रुपये
2,50,000 रुपये


चेन्नई
1,48,360 रुपये
1,35,990 रुपये
2,50,000 रुपये



पिछले हफ्ते कितनी आई थी गिरावट?
पिछले हफ्ते देश के खुदरा बाजारों में 24 कैरेट सोने की कीमत में प्रति 10 ग्राम 5228 रुपये की गिरावट आई थी. वहीं, पिछले हफ्ते के आखिरी कारोबारी सेशन 19 जून को मल्टी-कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने की कीमत में प्रति 10 ग्राम 2750 रुपये तक की गिरावट आई थी.
इस दौरान चांदी की भी कीमत में बड़ी गिरावट आई थी, जो प्रति किलो 10609 रुपये से 12000&amp;nbsp; रुपये तक थी. दरअसल, अमेरिकी फेड रिजर्व के ब्याज दरों में जल्दी कमी नहीं करने के संकेत से सोने-चांदी की कीमतों में यह गिरावट आई थी. ब्याज दरें जब ऊंची रहती हैं, तो निवेशक सोने से पैसा निकालकर बैंक या सरकारी बॉन्ड्स में लगाने लगते हैं क्योंकि यहां बिना किसी जोखिम के ब्याज मिलता रहता है.&amp;nbsp;
फिर आज कैसे बढ़ गई कीमत?
पिछले हफ्ते की भारी गिरावट के बाद सोना अपने रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया था. ऐसे में भविष्य में मुनाफे का ख्याल रखते हुए निवेशकों ने निचले स्तरों पर इसकी खरीदारी करनी शुरू कर दी. मार्केट में इसकी डिमांड बढ़ी, तो दाम अपने आप फिर से चढ़ने शुरू हो गए.&amp;nbsp;

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        <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 15:30:14 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Gold-Silver, Rate, Today:, सोने, ने, किया, आज, कमबैक, पिछले, हफ्ते, ₹5000, से, ज्यादा, की, थी, गिरावट, जानें, कितना, चढ़ा, भाव</media:keywords>
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        <title>ATM से कैश नहीं निकला पर कट गए पैसे? बैंक देता है जुर्माना, जानें कब मिलता है रिफंड</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/atm-से-कैश-नहीं-निकला-पर-कट-गए-पैसे-बैंक-देता-है-जुर्माना-जानें-कब-मिलता-है-रिफंड</link>
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        <description><![CDATA[ ATM Users Alert: पहले के मुकाबले आज बैंकिंग से जुड़े काफी काम आसान हो गए हैं. पहले लोगों को छोटे-बड़े किसी भी काम के लिए बैंकों के चक्कर लगाने पड़ते थे. इसमें उनका काफी समय भी बर्बाद होता था, लेकिन अब चीजें काफी बदल गई हैं. क्या आपके साथ ऐसा हुआ है कि आप ATM से पैसे निकालने गए हो और आपके पैसे बैंक से कट जाते हैं, लेकिन एटीएम से कैश नहीं निकलता है तो जाहिर सी बात है कि ऐसी स्थिति में कोई भी परेशान हो जाएगा. काफी लोगों को लगता है कि उनके पैसे फंस गए. लेकिन ऐसी स्थिति में घबराने की जगह आपको समय रहते सही कदम उठाना चाहिए.&amp;nbsp;
ऐसी स्थिति में यह करना है जरूरी

अगर ATM से पैसे नहीं निकलते हैं तो कुछ बात का ध्यान रखना चाहिए.
सबसे पहले दोबारा ट्रांजैक्शन न करें.
वहीं बैंक अकाउंट में कितने पैसे हैं यह चेक करें.
इससे आपको यह पता चलेगा कि आपके बैंक से पैसे कट गए हैं या नहीं.
अगर अकाउंट से पैसे डेबिट हो चुके हैं तो ट्रांजैक्शन से जुड़ी सारी जानकारी अपने पास रखें.
इसमें निकाली जाने वाली रकम, एटीएम की जगह, ट्रांजैक्शन का टाइम शामिल है.
जब आप शिकायत दर्ज करवाएंगे तो यही जानकारी आपके काम आएगी.

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बिना समय गंवाए बैंक को सूचना दें
अगर पैसे कट जाते हैं और एटीएम मशीन से बाहर नहीं निकलते तो बिना समय गंवाए बैंक से संपर्क करें. शिकायत दर्ज करवाते ही बैंक की तरफ से एक कंप्लेंट नंबर दिया जाएगा. इस नंबर को अपने पास सुरक्षित रखें, यह आगे शिकायत की स्थिति को पता करने और कार्रवाई के लिए जरूरी है. &amp;nbsp;
शिकायत मिलने के बाद बैंक एटीएम के रिकॉर्ड और ट्रांजैक्शन से जुड़े लॉग की जांच करता है. इस पूरे प्रोसेस में यह पता किया जाता है कि एटीएम से पैसे निकले हैं या नहीं. अगर जांच में पता चल जाता है कि बैंक अकाउंट से पैसे कट गए हैं, लेकिन एटीएम मशीन से पैसे नहीं निकले थे तो ग्राहक के अकाउंट में पैसे जमा कर दिए जाते हैं.&amp;nbsp;
रिफंड मिलने में लगता है समय
बैंक को शिकायत करने के बाद कई मामलों में जांच पूरी होते ही रकम बैंक अकाउंट में वापस आ जाती है. लेकिन अगर तय समय के अंदर रिफंड नहीं मिलता है तो ग्राहक को बैंक से दोबारा संपर्क करना चाहिए और रिफंड से जुड़े सभी की जानकारी लेनी चाहिए.&amp;nbsp;
बैंक को देना पड़ेगा जुर्माना
RBI नियमों के मुताबिक, अगर ATM से पैसे नहीं निकलते और अकाउंट से कट जाते हैं तो बैंक को जांच पूरी करने के बाद ग्राहक की रकम वापस करनी होती है.लेकिन अगर बैंक 5 कार्य दिवस के अंदर पैसा वापस नहीं करता है तो ग्राहक मुआवजा पाने का हकदार होता है.
ऐसे मामलों में बैंक को ग्राहक को 100 रुपये हर दिन जुर्माना देना पड़ सकता है. लेकिन ध्यान रहे बैंक ग्राहक को मुआवजा तभी देगा अगर ग्राहक ने शिकायत दर्ज करवाई हो और उसके पास शिकायत का रेफरेंस नंबर हो.&amp;nbsp;
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समाधान न होने पर यहां करें शिकायत

अगर बैंक शिकायत करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं करता तो ग्राहक कुछ जरूरी कदम उठा सकता है.
ग्राहक बैंक की शिकायत निवारण प्रणाली का सहारा ले सकता है.
साथ ही RBI की इंटीग्रेटेड ओम्बड्समैन स्कीम के तहत भी शिकायत कर सकता है.&amp;nbsp;

ध्यान दें कुछ जरूरी बात
अगर आपके साथ भी ऐसी घटना होती है तो सबसे पहले आपको घबराना नहीं है. ऐसे मामले में तुरंत बैंक का सूचना देनी है. कई मामलों में पैसे वापस आ जाते हैं. अगर आप समय रहते बैंक को जानकारी दे दें तो पैसे मिलने की संभावना ज्यादा हो जाती है.
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        <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 15:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>ATM, से, कैश, नहीं, निकला, पर, कट, गए, पैसे, बैंक, देता, है, जुर्माना, जानें, कब, मिलता, है, रिफंड</media:keywords>
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    <item>
        <title>निवेश पर PM मोदी का ऐलान, मिलेंगे 3.5 लाख रुपए? आपके पास भी आ गया मैसेज तो सावधान!</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/निवेश-पर-pm-मोदी-का-ऐलान-मिलेंगे-35-लाख-रुपए-आपके-पास-भी-आ-गया-मैसेज-तो-सावधान</link>
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        <description><![CDATA[ PIB Fact Check: सोशल मीडिया के इस दौर में सूचनाएं जिस कदर तेजी से फैलती हैं, उसी रफ्तार से भ्रामक और गलत जानकारियां भी लोगों तक पहुंचते देर नहीं लगातीं. इस क्रम में इन दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह एक निवेश प्लेटफॅार्म का प्रचार करते हुए दिखाई दे रहे हैं.
PIB Fact Check ने किया चौंकानेवाला खुलासा
वायरल वीडियो में &#039;क्वांटम एआई&#039; नाम के एक निवेश प्लेटफॉर्म को लेकर दावा किया जा रहा है कि इसमें मात्र 21000-22000 रुपये के शुरुआती निवेश से हर महीने 3.5 लाख रुपये तक की मोटी कमाई की जा सकती है. भारत सरकार की आधिकारिक फैक्ट चेक विंग PIB Fact Check ने जब इस वायरल वीडियो की जांच की तो पाया कि यह एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जनरेटेड डीपफेक वीडियो है. पीआईबी (PIB) की फैक्ट चेक यूनिट ने इसे ऑनलाइन इंवेस्टमेंट स्कैम करार देते हुए दावे का पूरी तरह से खंडन कर दिया है. &amp;nbsp;



PIB ने क्या कहा?
पीआईबी फैक्ट चेक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी अपने बयान में कहा है कि यह वीडियो फर्जी है और इसे AI से बनाया गया है. भारत सरकार ने ऐसे किसी भी इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म या स्कीम को मंजूरी नहीं दी है. संदिग्ध लिंक पर कभी भी क्लिक न करें और न ही अपनी पर्सनल या फ़ाइनेंशियल जानकारी शेयर करें. इन्वेस्ट करने से पहले हमेशा ऑफिशियल सोर्स से जानकारी वेरिफाई करें.&amp;nbsp;

???? Don&#039;t Fall for &#039;Easy Money&#039; Investment Scams‼️A manipulated video circulating online falsely shows Prime Minister @narendramodi endorsing an investment platform and claiming returns of up to ₹3.5 lakh per month on an investment of ₹22,000.#PIBFactCheck❌ This video is&amp;hellip; pic.twitter.com/NWQgGH9Z2X
&amp;mdash; PIB Fact Check (@PIBFactCheck) June 19, 2026



फेक खबर की कहां करें शिकायत?
अगर आपको सोशल मीडिया पर सरकार से जुड़ी कोई भ्रामक जानकारी मिलती है, तो आप इसकी शिकायत सीधे PIB Fact Check को सीधे उनके व्हाट्सऐप नंबर- +91 8799711259 पर या ईमेल factcheck@pib.gov.in भेकर कर सकते हैं.
आजकल डीपफेक तकनीक के दुरुपयोग के मामले बढ़ते जा रहे हैं. स्कैमर्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से इस तरह से किसी आदमी के वीडियो को बनाते हैं, जिससे उसका रंग-रंग, कद-काठी, आवाज, बोलचाल बिल्कुल असली लगे. इस तरह से स्कैमर्स भोले-भाले लोगों को अपनी जाल में फंसाकर उनसे ठगी करते हैं.&amp;nbsp;

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        <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 03:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>निवेश, पर, मोदी, का, ऐलान, मिलेंगे, 3.5, लाख, रुपए, आपके, पास, भी, आ, गया, मैसेज, तो, सावधान</media:keywords>
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        <title>इस साल 1.65 लाख करोड़पति छोड़ रहे हैं अपना देश, वजह भी जान लीजिए, ये देश होंगे नया ठिकाना</title>
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        <description><![CDATA[ Henley Wealth Report 2026: दुनिया में कई ऐसे अमीर लोग है जो अब सिर्फ पैसा और आलीशान जिंदगी के लिए नहीं, बल्कि बेहतर सुविधाओं और भविष्य की तलाश में अपने देश को छोड़कर दूसरे देशों में जाने की तैयारी कर रहे हैं. करोड़ों-अरबों की संपत्ति रखने वाले कई करोड़पति अब दूसरे देशों में अपना नया ठिकाना बना रहे हैं.
हेनली की अनुमान 2026 के मुताबिक, इस साल करीब 1.65 लाख करोड़पति पैसा, रुतबा और शानदार जिंदगी होने के बावजूद अपना देश छोड़कर दूसरे देशों में शिफ्ट होने जा रहे हैं. अमीरों के देश छोड़ने का ये ट्रेंड दुनियाभर में काफी तेजी से देखने को मिल रहा है.&amp;nbsp;
रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा अमीरों का पलायन
दुनिया में करोड़पतियों के दूसरे देशों में बसने का आंकड़ा पिछले कुछ सालों में तेजी से बढ़ा है. रिपोर्ट के मुताबिक...

2026: इस साल 1.65 लाख अमीरों के देश छोड़ने का अनुमान
2025: पिछले साल 1.42 लाख करोड़पति अपना देश छोड़ चुके थे
2024: साल 2024 में 1.34 लाख करोड़पति ने अपना देश छोड़ा
2013: अगर 2013 से तुलना करें तो उस समय यह संख्या करीब 51 हजार ही थी, यानी आज अमीरों के शिफ्ट होने ये संख्या तीन गुना से ज्यादा बढ़ गई है.

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UAE बना अमीरों का नया ठिकाना
बताया जा रहा है कि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) दुनिया भर के अमीरों की पहली पसंद बन चुका है. इसकी सबसे खास बात यह है कि यहां की बेहतर लाइफस्टाइल और बिजनेस का माहौल अमीरों को अपनी ओर खींचती हैं.
UAE का वेल्थ मोबिलिटी स्कोर 85.3 बताया जा रहा है, जो इसे सबसे पसंदीदा देशों में शामिल करता है. वहीं अमेरिका का स्कोर 62.3 है. चौंकाने वाली बात यह है कि अमेरिका से भी ज्यादा लोग दूसरी नागरिकता और नए ठिकानों की तलाश कर रहे हैं.&amp;nbsp;
अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों पर असर
रईसों के देश छोड़ने के इस ट्रेंड का असर अब दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं पर भी दिखाई दे रहा है. अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों से बाहर जाने वाले अमीरों की संख्या भी बढ़ रही है. ब्रिटेन इस समय अमीरों के देश छोड़ने के मामले में दुनिया के प्रमुख देशों में शामिल है. हालांकि, ब्रिटेन से बाहर जाने वाले लोगों में बड़ी संख्या खुद ब्रिटिश नागरिकों की है.
भारतीय अमीर क्यों छोड़ रहे हैं देश?
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत को लेकर भी कई अहम बातें सामने आई हैं. भारत का वेल्थ मोबिलिटी स्कोर 56.5 बताया गया है. भारतीय अमीरों केदूसरे देशों में जाने के पीछे मुख्य कारणों में पूंजी पर सीमित कंट्रोल और कड़े टैक्स नियम शामिल हैं.
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        <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 03:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>इस, साल, 1.65, लाख, करोड़पति, छोड़, रहे, हैं, अपना, देश, वजह, भी, जान, लीजिए, ये, देश, होंगे, नया, ठिकाना</media:keywords>
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        <title>Credit Cards Rules: क्या विदेश में रहकर भी मिल सकता है भारतीय क्रेडिट कार्ड? जानिए NRIs के लिए क्या हैं नियम</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/credit-cards-rules-क्या-विदेश-में-रहकर-भी-मिल-सकता-है-भारतीय-क्रेडिट-कार्ड-जानिए-nris-के-लिए-क्या-हैं-नियम</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/credit-cards-rules-क्या-विदेश-में-रहकर-भी-मिल-सकता-है-भारतीय-क्रेडिट-कार्ड-जानिए-nris-के-लिए-क्या-हैं-नियम</guid>
        <description><![CDATA[ Credit Card Rules: कई NRI के लिए भारतीय क्रेडिट कार्ड रखना लग्ज़री से ज़्यादा सुविधा की बात है. भारत में आज कई तरह के पेमेंट करने होते हैं, जैसे बिल भरना, सब्सक्रिप्शन का खर्च, परिवार का खर्च, होटल बुकिंग, शॉपिंग और कभी-कभी यात्रा की योजनाएं.
विदेशी बैंकिंग पर लगातार भरोसा करने के बजाय भारतीय कार्ड का इस्तेमाल करने से ये ट्रांज़ैक्शन अक्सर बहुत आसान हो जाते हैं और बहुत से लोगों की सोच के उलट, NRI को भारतीय क्रेडिट कार्ड बिल्कुल मिल सकते हैं. असल में कई भारतीय बैंक NRI ग्राहकों को कार्ड के लिए खासतौर से प्रसारित करते हैं. हालांकि यह तरिका आमतौर पर उतनी आसान नहीं होती जितनी कि भारत में रहने वाले आवेदकों के लिए होती है.&amp;nbsp;
कागज़ी कार्रवाई हो सकती है मुश्किल
दरअसल, NRI कागज़ी कार्रवाई &amp;nbsp;को लेकर ज़्यादातर आवेदक परेशान हो जाते हैं. इसकी वजह साफ है बैंक अक्सर कई तरह के डॉक्यूमेंट्स मांगते हैं, जैसे पासपोर्ट की कॉपी, वीज़ा के कागज़ात, विदेश में पते का सबूत, PAN की जानकारी, नौकरी से जुड़े लेटर और विदेश में मिलने वाली सैलरी के डॉक्यूमेंट्स. कुछ बैंक भारत में पते का सबूत भी मांग सकते हैं.
इस साल 1.65 लाख करोड़पति छोड़ रहे हैं अपना देश, वजह भी जान लीजिए, ये देश होंगे नया ठिकाना
NRI के नजरिए से यह पूरी प्रक्रिया कभी-कभी कार्ड के लिए अप्लाई करने जैसा काम और कागज़ों पर अपनी पूरी फाइनेंशियल पहचान को फिर से बनाने जैसा ज़्यादा लग सकता है और आप किस देश में रहते हैं, इसके मुताबिक कंप्लायंस चेक ज़्यादा सख़्त हो सकते हैं क्योंकि बैंक अब ज़्यादा कड़े इंटरनेशनल वेरिफिकेशन नियमों के अनुसार काम करते हैं.
फिक्स्ड डिपॉज़िट-बेस्ड कार्ड सबसे आसान काम&amp;nbsp;
सबसे दिलचस्प बात यह कि कई NRI जिन्हें रेगुलर अप्रूवल पाने में मुश्किल होती है, वे आखिर में आसान रास्ता चुनते हैं &#039;सिक्योर्ड क्रेडिट कार्ड&#039;. यह कार्ड बैंक में रखी जमा फिक्स्ड रकम या राशि के बदले जारी किए जाते हैं. चूंकि डिपॉज़िट सिक्योरिटी का काम करती है, इसलिए बैंक इन्हें मंज़ूरी देने के लिए ज़्यादा तैयार रहते हैं. यहां तक कि कई लोगों के लिए खासकर विदेश में लंबे समय तक रहने के बाद, यह भारतीय क्रेडिट प्रोफ़ाइल को फिर से शुरू करने या बनाए रखने का एक आसान तरीका बन जाता है. समय को देखते हुए, रेगुलर इस्तेमाल और समय पर पेमेंट करने से बाद में बेहतर कार्ड पाने की शर्तें भी बेहतर हो सकती है.
बैंक के लिए फाइनेंशियल क्लैरिटी जरूरी&amp;nbsp;
बैंक के लिए फाइनेंशियल क्लैरिटी बेहद जरूरी है. ज़्यादातर बैंकों के लिए, असल मुद्दा यह नहीं होता कि कोई NRI है. उन्हें असल में भरोसेमंद हालात चाहिए होती है. रहने की जगह (रेसिडेंसी स्टेटस) से कहीं ज़्यादा ज़रूरी है. &amp;nbsp;स्टेबल कमाई, साफ़-सुथरी बैंकिंग रिकोर्ड, लोन चुकाने का अच्छा रिकॉर्ड और भारत में कुछ आर्थिक लेन-देन का पूरा इतिहास.ऐसे में जो NRI पहले से ही भारतीय बैंकिंग सिस्टम से जुड़े हुए हैं, उन्हें अक्सर पता चलता है कि क्रेडिट कार्ड पाना उनकी शुरुआती उम्मीद से कहीं ज़्यादा आसान है.
निवेश पर PM मोदी का ऐलान, मिलेंगे 3.5 लाख रुपए? आपके पास भी आ गया मैसेज तो सावधान!
 ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 03:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Credit, Cards, Rules:, क्या, विदेश, में, रहकर, भी, मिल, सकता, है, भारतीय, क्रेडिट, कार्ड, जानिए, NRIs, के, लिए, क्या, हैं, नियम</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>Loan Tips: पर्सनल लोन चाहिए? बैंक के रिजेक्शन से बचना है तो आज ही तैयार कर लें ये डॉक्यूमेंट्स</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/loan-tips-पर्सनल-लोन-चाहिए-बैंक-के-रिजेक्शन-से-बचना-है-तो-आज-ही-तैयार-कर-लें-ये-डॉक्यूमेंट्स</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/loan-tips-पर्सनल-लोन-चाहिए-बैंक-के-रिजेक्शन-से-बचना-है-तो-आज-ही-तैयार-कर-लें-ये-डॉक्यूमेंट्स</guid>
        <description><![CDATA[ Personal Loan: पर्सनल लोन को अक्सर जल्दी मिलने वाला और आसान प्रोसेस बताया जाता है. कई विज्ञापनों में कहा जाता है कि तुरंत अप्रूवल मिल जाएगा, कुछ ही घंटों में पैसे खाते में आ जाएंगे और बहुत कम डॉक्युमेंट्स लगेंगे. होम लोन या बिजनेस लोन के मुकाबले यह सच में थोड़ा आसान होता है. अक्सर लोग &amp;ldquo;तुरंत&amp;rdquo; का मतलब यह समझ लेते हैं कि उन्हें कोई कागज़ात देने की जरूरत नहीं होगी. इसी गलतफहमी की वजह से कई बार लोग बिना डॉक्युमेंट तैयार किए ही लोन के लिए आवेदन कर देते हैं, जिससे बाद में प्रोसेस में देरी हो जाती है.
सच यह है कि ज्यादातर लोगों के पास जरूरी डॉक्युमेंट पहले से ही मौजूद होते हैं, बस उन्हें पहले से तैयार रखना जरूरी होता है ताकि लोन लेने में कोई परेशानी न आए.
पहचान साबित करना है जरूरी
लोन देने से पहले बैंक या कंपनी ये जरूर चेक करती है कि आप कौन हैं. मतलब आपकी पहचान सही है या नहीं. ज्यादातर लोगों के लिए ये स्टेप बहुत आसान होता है क्योंकि इसके लिए आधार, पैन, पासपोर्ट, वोटर आईडी या ड्राइविंग लाइसेंस जैसे डॉक्युमेंट लग जाते हैं. इनमें पैन कार्ड थोड़ा ज्यादा जरूरी होता है क्योंकि इसी से आपकी क्रेडिट हिस्ट्री देखी जाती है. यानी आपने पहले जो लोन या क्रेडिट लिया था वो आपने सही से चुकाया है या नहीं. इसलिए लोन प्रोसेस में पैन कार्ड जल्दी मांग लिया जाता है.
इस साल 1.65 लाख करोड़पति छोड़ रहे हैं अपना देश, वजह भी जान लीजिए, ये देश होंगे नया ठिकाना
आपको प्रमाणित करना होगा कि आप रहते कहां है?
आपको यह साबित करना होता है कि आप कहाँ रहते हैं. अगर आपने हाल ही में घर बदला है तो लोन के लिए आवेदन करने से पहले अपने सभी डॉक्युमेंट में सही और नया पता अपडेट कर लेना चाहिए. इससे लोन लेने में किसी तरह की परेशानी नहीं आएगी. कई बार लोन देने वाली कंपनियां आधार को पहचान और एड्रेस प्रूफ दोनों के रूप में स्वीकार करती हैं. वहीं कुछ मामलों में पासपोर्ट, वोटर आईडी, बिजली या पानी का बिल और रेंट एग्रीमेंट जैसे डॉक्युमेंट भी मांगे जाते हैं.
लोन के लिए आपकी इनकम है सबसे जरूरी
लोन देने वाले सबसे पहले आपकी इनकम देखते हैं. क्योंकि उन्हें ये समझना होता है कि आप पैसा वापस सही समय पर चुका पाएंगे या नहीं. अगर आप नौकरी करते हैं तो बैंक आपसे सैलरी स्लिप, बैंक स्टेटमेंट और कभी-कभी फॉर्म 16 भी मांग सकता है. इसका मतलब सिर्फ आपकी सैलरी देखना नहीं होता बल्कि ये देखना होता है कि आपकी कमाई हर महीने सही समय पर आ रही है या नहीं. जिन लोगों की कमाई हर महीने तय और नियमित होती है, उन्हें ज्यादा भरोसेमंद माना जाता है. वहीं जिनकी इनकम कभी ज्यादा कभी कम होती है, उनके लिए लोन लेना थोड़ा मुश्किल हो सकता है.
सेल्फ- एम्प्लॉयड लोगो के लिए है अलग प्रोसेस
अगर आप खुद का काम करते हैं या बिजनेस चलाते हैं, तो आपके लिए लोन की प्रक्रिया थोड़ी अलग होती है चूंकि आपके पास सैलरी स्लिप नहीं होती, इसलिए बैंक आपकी कमाई समझने के लिए ITR, GST रिटर्न, बैंक स्टेटमेंट और बिजनेस से जुड़े रिकॉर्ड देखते हैं. इसका मतलब यह नहीं है कि आपको लोन मिलना मुश्किल है. बस आपके डॉक्युमेंट और फाइनेंशियल रिकॉर्ड सही और साफ होने चाहिए. अगर आपकी इनकम और पेपर्स व्यवस्थित हैं तो लोन मिलना आसान हो जाता है.
बैंक स्टेटमेंट क्यों मांगा जाता है?
बैंक स्टेटमेंट आपकी पूरी फाइनेंशियल स्थिति दिखाता है. इसमें साफ पता चलता है कि आपकी सैलरी कब आती है, पहले से कोई लोन चल रहा है या नहीं, आप कितना खर्च करते हैं और पैसों का लेन-देन कैसे करते हैं. स्टेटमेंट इसलिए मांगा जाता है ताकि यह समझा जा सके कि आप अपने पैसों को कितनी अच्छी तरह संभालते हैं और क्या आप नए लोन की जिम्मेदारी आसानी से निभा पाएंगे या नहीं.
आपका क्रेडिट स्कोर सही रहना है जरूरी
लोन देने से पहले आपकी क्रेडिट हिस्ट्री देखी जाती है. अगर आपने पहले लोन या क्रेडिट कार्ड का पैसा समय पर चुकाया है, तो आपका रिकॉर्ड अच्छा माना जाता है. इससे लोन मिलने की संभावना बढ़ जाती है और कई बार कम ब्याज दर भी मिल सकती है. इसी वजह से पर्सनल लोन के लिए आवेदन करने से पहले अपनी क्रेडिट रिपोर्ट देख लेना अच्छा रहता है. इससे आप आगे आने वाली परेशानियों से आप बच सकते है.
सही डॉक्युमेंट्स से लोन प्रोसेस होगा तेज
पर्सनल लोन अक्सर जरूरी समय पर लिया जाता है जैसे मेडिकल इमरजेंसी, शादी, घर का काम या पैसों की जरूरत. ऐसे समय में अगर आप पहले से सारे डॉक्यूमेंट्स तैयार रखते हैं तो प्रोसेस में कोई देरी नहीं होती. पैन कार्ड, आधार, सैलरी स्लिप और बैंक स्टेटमेंट जैसे डॉक्यूमेंट पहले से तैयार रखने पर लोन जल्दी अप्रूव हो जाता है और पूरी प्रक्रिया आसान हो जाती है. इससे आपका समय भी बचता है और लोन भी जल्दी मिल जाता है.
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        <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 03:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Loan, Tips:, पर्सनल, लोन, चाहिए, बैंक, के, रिजेक्शन, से, बचना, है, तो, आज, ही, तैयार, कर, लें, ये, डॉक्यूमेंट्स</media:keywords>
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        <title>ईरान की ये 2 शर्ते मानी तो ही होर्मुज से निकलेंगे जहाज, नए प्लान से LPG&amp;तेल की सप्लाई चेन में हलचल</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/ईरान-की-ये-2-शर्ते-मानी-तो-ही-होर्मुज-से-निकलेंगे-जहाज-नए-प्लान-से-lpg-तेल-की-सप्लाई-चेन-में-हलचल</link>
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        <description><![CDATA[ Iran Shipping Regulations: अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते के बाद दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक हॉर्मुज स्ट्रेट को फिर से व्यावसायिक जहाजों के लिए दोबारा खोल दिया गया है. लेकिन इसके साथ ही अब ईरान ने यहां से गुजरने वाले सभी जहाजों के लिए नई शर्तें लागू कर दी हैं. इस नियम के जरिए वैश्विक तेल और गैस सप्लाई पर असर पड़ सकता है.
नए नियमों के मुताबिक, अब किसी भी देश के जहाज को समुद्री मार्ग से गुजरने के लिए पहले से रजिस्ट्रेशन, सरकारी अनुमति और पुख्ता इंश्योरेंस जरूरी है. इसके बिना कोई भी जहाज इस रास्ते से गुजर नहीं सकता है. इस नियम का खास मकसद सुरक्षा और निगरानी को मजबूत करना है.&amp;nbsp;
क्या है दो नए शर्त?

ईरान ने इस पूरे सिस्टम को संभालने के लिए &#039;पर्सियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी&#039; (PGSA) नाम की नई संस्था बनाई है, जिससे सभी जहाजों की एंट्री और अनुमति को कंट्रोल करेगी.
अब जहाजों को हॉर्मुज स्ट्रेट में एंट्री करने से 48 घंटे पहले अपनी ट्रांजिट रिक्वेस्ट सबमिट करनी होगी.

इसके अलावा, सभी जहाजों के लिए तय किए गए सुरक्षित कॉरिडोर से ही गुजरना अनिवार्य कर दिया गया है, ताकि किसी भी तरह की हादसे का शिकार न हों.
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सप्लाई चेन पर असर की आशंका
होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया का करीब 20% तेल औरलिक्विफा इड नेचुरल गैस (LNG) गुजरता है, इसलिए यहां किसी भी बदलाव का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों और वैश्विक व्यापार पर पड़ता है.
ईरान ने साफ किया है कि अगर कोई जहाज इन नियमों, शर्तों या तय रूट को तोड़ता है, तो उस नुकसान की पूरी जिम्मेदारी सिर्फ और सिर्फ जहाज के मालिकों और ऑपरेटरों की होगी. का मानना है कि इन नए नियमों के लागू होने पर इसका सीधा असर अंतरराष्ट्रीय तेल और गैस कीमतों पर पड़ सकता है.
सिगरेट पर MRP से 20 रुपए ज्यादा वसूले, कंपनी-दुकानदार दोनों नपे, लगा 10 लाख का जुर्माना, ग्राहक ऐसे करें शिकायत
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        <pubDate>Sun, 21 Jun 2026 11:30:10 +0530</pubDate>
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        <title>सिगरेट पर MRP से 20 रुपए ज्यादा वसूले, कंपनी&amp;दुकानदार दोनों नपे, लगा 10 लाख का जुर्माना, ग्राहक ऐसे करें शिकायत</title>
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        <description><![CDATA[ Consumer Court Verdict: अलीगढ़ में सिगरेट को MRP से ज्यादा कीमत पर बेचने वाला एक दुकानदार और सिगरेट बनाने वाले मशहूर कंपनी आईटीसी दोनों पर भारी जुर्माना लगाया गया है. उपभोक्ता कोर्ट ने इस मामले में सख्त कारवाई करते हुए लाखों रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है. उपभोक्ता कोर्ट के इस फैसला न सिर्फ अलीगढ़, बल्कि पूरे प्रदेश के दुकानदारों में हड़कम्प मच गया है.
29 जनवरी को एक ग्राहक ने दुकानदार से &#039;क्लासिक&#039; ब्रांड सिगरेट का एक पैकेट खरीदा था. हालांकि, उससे उस सिगरेट पैकेट पर छपे MRP से 20 रुपये ज्यादा वसूले गए. जब उसने इसका विरोध किया, तब भी दुकानदार ने उससे 360 रुपये वसूले यानी 20 रुपये ज्यादा लिए. इसके बाद ग्राहक ने सबूतों को इकट्ठा कर कोर्ट में शिकायत दर्ज कराया.
क्या है कोर्ट का फैसला?
मामले की सुनवाई के दौरान जिला उपभोक्ता आयोग ने दोनों पक्षों की दलीलों को विस्तार से सुना. इसके आयोग की पीठ के अध्यक्ष हसनैन कुरैशी और सदस्य पूर्णिमा सिंह राजपूत ने शिकायत को सही ठहराया. आयोग ने दुकानदार को दोषी मानते हुए उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 की धारा 39(1)(के) के तहत दोनों विपक्षी गणों पर करीब 10 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया है.
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साथ ही आदेश दिया गया कि उपभोक्ता को वसूले गए 20 रुपये 18% वार्षिक ब्याज के साथ वापस किए जाएं और मानसिक उत्पीड़न के एवज में 5,000 रुपये का मुआवजा भी दिया जाए.&amp;nbsp;ग्राहक कैसे करें शिकायत?
कोर्ट के इस फैसले से साफ है कि किसी भी तरह की वस्तु को MRP से ज्यादा कीमत पर बेचना कानूनन अपराध है. ऐसे मामलों में उपभोक्ता इन सबूत के साथ शिकायत दर्ज करा सकते हैं.

पक्का बिल लें: दुकानदार से पक्का बिल या कैश मेमो जरूर लें.
राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (NCH): इस हेल्पलाइन की वेबसाइट तुरंत शिकायत दर्ज करा सकते हैं.&amp;nbsp;
&amp;nbsp;टोल-फ्री नंबर 1915 पर कॉल करके शिकायत करें.&amp;nbsp;
ई-दाखिल: E-Daakhil Portal के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं.

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        <pubDate>Sun, 21 Jun 2026 11:30:10 +0530</pubDate>
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        <title>डिफेंस सेक्टर की कंपनी ने साइन की 425 करोड़ की डील, मजबूत होगी देश की नौसेना; शेयर पर भी असर</title>
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        <description><![CDATA[ Bharat Forge 425 Crore Deal: डिफेंस सेक्टर की दिग्गज कंपनी Bharat Forge Limited देश के रक्षा मंत्रालय से 425 &amp;nbsp;करोड़ रुपये का बड़ा ऑर्डर मिला है. इसके तहत, कंपनी भारतीय नौसेना के लिए गैस टर्बाइन जनरेटर करेगी. इस डील को कंपनी के लिए बहुत अहम माना जा रहा है और इसका असर आने वाले हफ्ते में इसके शेयरों पर भी दिख सकता है.
425 करोड़ की इस डील के तहत भारत फोर्ज भारतीय नौसेना के लिए 12 सेट मरीन गैस टर्बाइन जनरेटर (Marine Gas Turbine Generators- GTGs) बनाकर सप्लाई करेगी. इन जेनरेटरों का इस्तेमाल कोलकाता क्लास युद्धपोतों के पावर सिस्टम को बढ़ाने के लिए &amp;nbsp;किया जाएगा, जहां ये बिजली उत्पादन का काम करेंगे.&amp;nbsp;
रूसी तकनीक को किया जाएगा रिप्लेस
मौजूदा समय में इन युद्धपोतों पर बिजली और सेंसर प्रणालियों को चलाने के लिए 1980 के दशक की कम क्षमता वाले रूसी जनरेटर सिस्टम का इस्तेमाल हो रहा है. इसे अब भारत फोर्ज की स्वदेशी उच्च-क्षमता वाली प्रणालियों से रिप्लेस किया जाएगा. कंपनी की 1.25 मेगावाट की क्षमता वाली मशीनों से जहाजों की ऑपरेशनल कैपेसिटी बढ़ेगी. इस प्रोजेक्ट को अगले पांच सालों में पूरा किया जाना है.&amp;nbsp;
&amp;nbsp;

MoD signed a Rs 425 crore contract with @BharatForgeLtd for 12 indigenous 1.25 MW Marine Gas Turbine Generators for the @indiannavy. The deal boosts #AatmanirbharBharat, strengthens naval self-reliance and enhances operational readiness. Read here: https://t.co/NQjD88LnfF pic.twitter.com/7B1zlTMN0H
&amp;mdash; Ministry of Defence, Government of India (@SpokespersonMoD) June 19, 2026



क्यों जरूरी मानी जा रही यह डील?
रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि यह कॉन्ट्रैक्ट &#039;बाय (इंडियन)&#039; कैटेगरी के तहत साइन किया गया है और इसमें कम से कम 60% सामान देश में बना होना जरूरी है. यह समझौता रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की मौजूदगी में किया गया. यह कॉन्ट्रैक्ट नौसेना के लिए 1.25 मेगावाट के स्वदेशी मरीन गैस टर्बाइन जनरेटर के लिए विदेशी निर्भरता को कम करने के साथ ही &#039;मेक इन इंडिया&#039; और &#039;आत्मनिर्भर भारत&#039; को बढ़ावा देगा.
मंत्रालय के अनुसार, इस प्रोजेक्ट का मकसद नौसेना की अहम टेक्नोलॉजी में घरेलू मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को मजबूत करना और सरकार की &#039;आत्मनिर्भर भारत&#039; और &#039;मेक इन इंडिया&#039; पहल को आगे बढ़ाना है. मरीन गैस टर्बाइन जनरेटर का इस्तेमाल नौसेना के युद्धपोतों पर बिजली बनाने के लिए किया जाता है और ये अहम कॉम्बैट सिस्टम, एडवांस्ड हथियारों और ऑनबोर्ड सेंसर को सपोर्ट करते हैं. मंत्रालय ने इन जनरेटरों को आधुनिक नौसैनिक युद्धपोतों का एक अहम हिस्सा बताया.
शेयरों में उछाल
शुक्रवार, 19 जून को भारत फोर्ज के शेयर 1.06% की बढ़त के साथ 2041.40 के स्तर पर बंद हुए. डिफेंस मिनिस्ट्री से कंपनी को मिले 425 करोड़ के ऑर्डर के बाद इसने 2059.50 के अपने नए ऑल-टाइम और 52-वीक के हाई को भी टच किया. लगभग 97597 करोड़ की इस कंपनी के शेयर आगे आने वाले समय में भी फोकस में रहेंगे.&amp;nbsp;

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        <pubDate>Sat, 20 Jun 2026 19:30:19 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>क्यों चीन से लेकर भारत में फंसा है ईरान का पैसा? जानें तेहरान के 8.3 लाख करोड़ के फंड लॉक की सच्चाई</title>
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        <description><![CDATA[ Iran&amp;rsquo;s Frozen Assets: ईरान की कुछ संपत्तियां मोहम्मद रजा शाह पहलवी (Mohammad Reza Shah Pahalvi) के तख्तापलट समय से फ्रीज है. उस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति जिमी कार्टर ने अमेरिका में मौजूद ईरान की संपत्तियों को फ्रीज कर दिया. बीते 47 सालों से शाह के युग की ये अचल संपत्तियां, सोना, बैंक अकाउंट्स कानूनी मुकदमों और प्रतिबंधों के बीच अटकी हुई हैं.
ओबामा प्रशासन में मिली थी राहत
2015 में बराक ओबामा के प्रशासन में हुए ऐतिहासिक परमाणु समझौते के बाद ईरान पर से प्रतिबंध हटे थे. इसके बाद ईरान बिना किसी रोकटोक के वैध तरीके से दुनिया को तेल बेचकर कमाई कर रहा था. हालांकि, 2018 में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को समझौते से बाहर निकाल दिया और उस पर व्यापारिक प्रतिबंध लगा दिए. इसका नतीजा कुछ यूं हुआ कि भारत, चीन, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे बड़े एशियाई देशों ने ईरान से जो तेल खरीदा था, उसका पेमेंट अंतर्राष्ट्रीय बैंकिंग ट्रांसफर (SWIFT) ब्लॉक होने की वजह से बैंक में ही फंसा रह गया.&amp;nbsp;
चीन में फंसा कितना पैसा?
ईरान का अनुमानित 20-50 अरब डॉलर चीन के पास फंसा हुआ है. अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद चीन ईरान का सबसे बड़ा कच्चे तेल का खरीदार है. हालांकि, अंतर्राष्ट्रीय बैंकिंग प्रणाली पर अमेरिकी नियंत्रण के चलते आयात किए गए तेल का पैसा ट्रांसफर नहीं किया जा सका है. हालांकि, इन पैसों के कुछ हिस्से का इस्तेमाल ईरान, चीन से मशीनरी वगैरह आयात करने के लिए करता है.&amp;nbsp;
भारत में भी फंसा है पैसा
2018 में लगाए गए प्रतिबंध से पहले भारत ईरान का दूसरा सबसे बड़ा तेल खरीदार था. प्रतिबंध लागू होने के बाद भारत की तेल कंपनियों ने ईरान से खरीदे गए तेल का भुगतान भारतीय बैंकों के एस्क्रो अकाउंट्स (Excrow Accounts) में जमा करा दिया था. हालांकि, अमेरिकी प्रतिबंधों की वजह से आगे प्रॉसेस नहीं हो सका. इसी तरह से इराक और कतर जैसे देशों में भी ईरान का अरबों डॉलर फंसा हुआ है.

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        <pubDate>Sat, 20 Jun 2026 19:30:18 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>क्यों, चीन, से, लेकर, भारत, में, फंसा, है, ईरान, का, पैसा, जानें, तेहरान, के, 8.3, लाख, करोड़, के, फंड, लॉक, की, सच्चाई</media:keywords>
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        <title>EPFO के 7 करोड़ कर्मचारियों के लिए खुशखबरी: 8.25% ब्याज दर पर लगी मुहर, जानें कब से खाते में आएगा पैसा?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/epfo-के-7-करोड़-कर्मचारियों-के-लिए-खुशखबरी-825-ब्याज-दर-पर-लगी-मुहर-जानें-कब-से-खाते-में-आएगा-पैसा</link>
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        <description><![CDATA[ EPFO Interest Rate News: प्राइवेट या सरकारी संस्थानों में काम करने वाले हर व्यक्ति को एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड (EPF) की जानकारी होती है. इसके तहत, कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने और रिटायरमेंट के बाद भी लगातार आर्थिक मदद सुनिश्चित करने के लिए फंड जमा किया जाता है. अब सरकार ने इस फंड का लाभ उठाने वाले कर्मचारियों के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए इस पर ब्याज दरें बढ़ा दी हैं.
वित्त मंत्रालय ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के 7 करोड़ से अधिक खाताधारकों के लिए ब्याज दर को बढ़ाकर 8.25% करने की आधिकारिक मंजूरी दे दी है. सरकार ने साल 2025-26 के लिए एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड (EPF) में जमा राशि पर ब्याज दरें बढ़ा दी हैं. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त मंत्रालय ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) द्वारा तय की गई 8.25% ब्याज दर को मंजूरी दे दी है. उम्मीद है कि इस महीने लगभग 7 करोड़ EPF सदस्यों के खातों में यह राशि जमा कर दी जाएगी.बता दें कि CBT एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन (EPFO) की सबसे बड़ी फैसला लेने वाली संस्था है.
लगातार तीसरे साल ब्याज दर स्थिर
बीते 2 मार्च को केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया की अध्यक्षता में CBT की हुई बैठक में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ब्याज दर 8.25% तय करने का फैसला लिया गया. गौरतलब है कि यह लगातार तीसरा साल है, जब ब्याज दर को 8.25% पर बरकरार रखने का फैसला लिया गया. वित्तीय वर्ष 2022-23 में ब्याज दर 8.15% थी, जिसे 2023-24 में बढ़ाकर 8.25% किया गया था और अब वर्तमान में भी यही दर लागू रहेगी.
सालाना ब्याज दर 8.25% मासिक आधार पर 0.688% प्रति महीना बैठता है. यानी कि हर महीने के अंत में आपके पीएफ अकाउंट में जितना भी बैलेंस होता है (कर्मचारी और नियोक्ता का योगदान), उस पर 0.688% की दर से ब्याज जुड़ता जाता है. साल के आखिर में इसे एक साथ आपके पीएफ खाते में क्रेडिट कर दिया जाता है.&amp;nbsp;
कैसे चेक करेंगे बैलेंस?

ब्याज की राशि आपके पीएफ अकाउंट में क्रेडिट हुई है या नहीं. इसे आप Umang App के जरिए देख सकते हैं. ऐप डाउनलोड कर EPFO सर्च करें. फिर View Passbook पर जाकर अपना UAN और OTP डालकर बैंलेंस देख सकते हैं.&amp;nbsp;
EPFO Member Passbook Portal पर जाकर अपना UAN, पासवर्ड और कैप्चा डालकर भी पासबुक डाउनलोड कर सकते हैं.
7738299899 पर अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से EPFOHO UAN ENG (आखिरी तीन अक्षर आपकी भाषा के लिए है, हिंदी के लिए HIN लिखें) लिखकर SMS भेज सकते हैं.
रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से 9966044425 पर मिस्ड कॉल देकर बैंलेस की जानकारी ले सकते हैं.&amp;nbsp;


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        <pubDate>Sat, 20 Jun 2026 19:30:17 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>EPFO, के, करोड़, कर्मचारियों, के, लिए, खुशखबरी:, 8.25, ब्याज, दर, पर, लगी, मुहर, जानें, कब, से, खाते, में, आएगा, पैसा</media:keywords>
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        <title>8th Pay Commission: अब लखनऊ में होगी आठवें वेतन आयोग की बड़ी बैठक, जानें मीटिंग का पूरा शेड्यूल और मकसद</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/8th-pay-commission-अब-लखनऊ-में-होगी-आठवें-वेतन-आयोग-की-बड़ी-बैठक-जानें-मीटिंग-का-पूरा-शेड्यूल-और-मकसद</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/8th-pay-commission-अब-लखनऊ-में-होगी-आठवें-वेतन-आयोग-की-बड़ी-बैठक-जानें-मीटिंग-का-पूरा-शेड्यूल-और-मकसद</guid>
        <description><![CDATA[ 8th Pay Commission: वक्त जैसे-जैसे बीतता जा रहा है, वैसे-वैसे आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की बेसब्री भी बढ़ती जा रही है. इस बीच, 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की एक बड़ी मीटिंग लखनऊ में होने जा रही है. 8वें वेतन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर पहले दी गई जानकारी के मुताबिक, 22 और 23 जून, 2026 को लखनऊ में अगली बैठक होगी. इसका मकसद उत्तर प्रदेश क्षेत्र में केंद्रीय कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और विभिन्न कर्मचारी यूनियनों से मिलकर उनसे सैलरी रिवीजन, अलाउंस और पेंशन स्ट्रक्चर में सुधारों पर सुझाव लेना है.&amp;nbsp;
बैठक का क्या है एजेंडा?
15 जून, 2026 को मेमोरेंडम जमा करने की अंतिम समय-सीमा समाप्त होने के बाद यह पहली बड़ी बैठक होगी. आयोग की अध्यक्ष रंजना प्रकाश देसाई की अगुवाई में पैनल उत्तर प्रदेश और इसके आसपास के क्षेत्रों में रेलवे, पोस्टल, डिफेंस और इनकम टैक्स विभागों के कर्मचारी यूनियनों से आमने-सामने बात करेगा. इसमें संगठनों द्वारा जमा कराए गए &#039;यूनिक मेमो आईडी&#039; के प्रस्ताव पर भी चर्चा होगी.
इससे पहले हैदराबाद, दिल्ली, श्रीनगर में भी बैठके हो चुकी हैं. आयोग की इन बैठकों का मकसद हर क्षेत्र के कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति और जमीनी स्तर पर उनकी उम्मीदों का पता लगाना और अपनी रिपोर्ट में उनका जिक्र करना है. लखनऊ के बाद जुलाई में बंगाल, ओडिशा में भी बैठकें होने की उम्मीद है. इन सभी जगहों में कर्मचारी यूनियनों के साथ हुई बैठकों और उनसे मिले सुझावों के आधार पर रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसकी सिफारिशें अप्रैल, 2027 तक आ सकती है.&amp;nbsp;
कर्मचारियों की क्या हैं मांगें?

कर्मचारी आठवें वेतन आयोग के तहत 3-4 के बीच फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रहे हैं. अगर इसे मंजूरी दे दी जाती है, तो न्यूनतम बेसिक सैलरी 18000 से बढ़कर 50000 के पार पहुंच सकती है.
पेंशन एसोसिएशन द्वारा न्यूनतम पेंशन को अंतिम सैलरी का 67% करने और वरिष्ठ नागरिकों के लिए अतिरिक्त अलाउंसेज को बढ़ाने का प्रस्ताव है.&amp;nbsp;
प्रमोशन और इंक्रीमेंट के नियमों में सुधार की भी मांग है. मौजूदा समय में 30 साल की नौकरी में सिर्फ 3 बार मिलने वाले वित्तीय अपग्रेडेशन को हर 6 साल में करने की मांग उठाई गई है. साथ में 5% इंक्रीमेंट की भी डिमांड है.&amp;nbsp;

किसके हाथ कमीशन की कमान?
आठवें वेतन आयोग की अगुवाई सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं. इसके अन्य सदस्यों में IIM बैंगलोर के प्रोफ़ेसर पुलक घोष और पंकज जैन (रिटायर्ड IAS) शामिल हैं, जो मेंबर-सेक्रेटरी के तौर पर काम कर रहे हैं.
इस पैनल को केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों से जुड़े सैलरी स्ट्रक्चर, भत्ते, पेंशन, सर्विस की शर्तों और अन्य संबंधित पहलुओं की समीक्षा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है. पे कमीशन के सबसे अहम पहलुओं में से एक &#039;फिटमेंट फ़ैक्टर&#039; होता है, जिससे बेसिक पे में बदलाव होता है. अगर पिछले रिकॉर्ड को देखें, तो छठे पे कमीशन ने 1.86 के फिटमेंट फैक्टर, सातवें पे कमीशन ने 2.57 फिटमेंट फैक्टर की सिफारिश की थी. अब सभी की निगाहें आठवें वेतन आयोग के फिटमेंट फैक्टर पर टिकी हुई हैं.

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        <pubDate>Sat, 20 Jun 2026 19:30:16 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>8th, Pay, Commission:, अब, लखनऊ, में, होगी, आठवें, वेतन, आयोग, की, बड़ी, बैठक, जानें, मीटिंग, का, पूरा, शेड्यूल, और, मकसद</media:keywords>
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        <title>Telegram Ban in India: भारत में टेलीग्राम पर लगा &amp;apos;ताला&amp;apos;, क्या अब कंगाल होने पर आ जाएगी कंपनी? जानें पूरा मामला</title>
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        <description><![CDATA[ Telegram Ban Impact: भारत में टेलीग्राम के इस्तेमाल पर 22 जून तक रोक लगी रहेगी. इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की IT एक्ट की धारा 69A के तहत देशभर के टेलीग्राम के इस्तेमाल पर 22 जून तक रोक लगाई गई है. कंपनी ने सरकार की ओर से लगाए गए इस प्रतिबंध को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी थी.
कंपनी की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने सरकार के आदेश को मनमाना या अनुचित मानने से इनकार करते हुए इसे खारिज कर दिया.&amp;nbsp; कोर्ट ने यह साफ शब्दों में कह दिया कि सरकार के पास आपातकालीन स्थितियों में किसी ऐप या डिजिटल प्लेटफॉर्म को ब्लॉक करने का पूरा अधिकार है.
कोर्ट ने और क्या कहा?&amp;nbsp;
टेलीग्राम की याचिका को खारिज करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि बैन लगाने के सरकार के फैसले को मनमाना नहीं कहा जा सकता. हाई कोर्ट के इस फैसले को टेलीग्राम के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है. गौरतलब है कि सरकार ने 22 जून तक टेलीग्राम को बंद करने और 30 जून तक इसके मैसेज-एडिटिंग फीचर को डीएक्टिवेट करने का आदेश दिया था. इसका मकसद NEET-UG 2026 &amp;nbsp;की परीक्षा में होने वाली धोखाधड़ी और पेपर लीक रैकेट पर लगाम कसने के लिए लगाया था, जिसे कंपनी ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर कर चुनौती दी थी.
भारत में कितने हैं टेलीग्राम यूजर्स?
भारत में टेलीग्राम के 10.4 करोड़ से 15 करोड़ के बीच एक्टिव यूजर्स हैं, जो इसे पूरी दुनिया में टेलीग्राम का सबसे बड़ा मार्केट बनाता है. ऐसे में अगर प्रतिबंध सिर्फ 22 जून तक ही लागू रहा, तो कंपनी के रेवेन्यू को तुरंत कोई बड़ा सीधा नुकसान नहीं पहुंचेगा. हालांकि, इस दौरान भारत से होने वाली इन-ऐप विज्ञापन से होने वाली कमाई पूरी तरह से रूक जाएगी. भारत में टेलीग्राम के लाखों पेड यूजर्स हैं. ऐप ब्लॉक रहने की वजह से नए सब्सक्रिप्शन पर रोक लगी हुई है. इससे कंपनी के कैश-फ्लो पर असर पड़ा है.&amp;nbsp;&amp;nbsp;
निवेशकों का टूटा भरोसा
टेलीग्राम पहले से ही घाटे में चल रही कंपनी है. 2025 की शुरुआत में 870 मिलियन डॉलर रेवेन्यू के बावजूद कंपनी को 220 मिलियन डॉलर से ज्यादा का नुकसान हुआ था. अब भारत में बैन लगने से वैश्विक निवेशकों की बीच कंपनी की साख कमजोर होगी. ऐसे में भविष्य में इसे फंडिंग मिलने में दिक्क्तें आ सकती हैं. इसका मार्केट के वैल्यूएशन पर बुरा असर पड़ सकता है.
कंपनी के सीईओ पावेल डुराेव ने टेलीग्राम पर लगे बैन पर कहा, भारत में टेलीग्राम पर बैन लगने की सजा 15 करोड़ यूजर्स को मिलेगी, न कि उन अंदरुनी लोगों को जिन्होंने पेपर मटेरियल को लीक कराया. लीक रुकेंगे नहीं, बैन लगने से स्कैमर्स दूसरे ऐप्स पर शिफ्ट हो जाएंगे.&amp;nbsp;

India&amp;rsquo;s IT ministry banned Telegram for one week because some users shared leaked exam questions.This punishes 150M+ ordinary Telegram users in India &amp;mdash; not the insiders who leaked the exam materials.And the ban hasn&#039;t stopped anything. The leaks just moved to other apps. https://t.co/CzQWN4mXfb
&amp;mdash; Pavel Durov (@durov) June 16, 2026



क्या हमेशा के लिए बैन हो गया टेलीग्राम?
सरकार की तरफ से पहले ही यह कहा जा चुका है कि टेलीग्राम पर अस्थायी और सीमित समय के लिए प्रतिबंध लगाया गया है. 21 जून, 2026&amp;nbsp; को NEET-UG की दोबारा परीक्षा होगी. इसके सुरक्षित तरीके से सम्पन्न होने के बाद ऐप पर से बैन हटा दिया जाएगा. इससे पहले 3 मई, 2026 को NEET-UG पेपर लीक होने के बाद परीक्षा रद्द करनी पड़ी. जांच में पाया गया कि स्कैमर्स टेलीग्राम चैनल्स पर परीक्षा से जुड़े मेटेरियल्स धड़ल्ले से बेच रहे हैं. इसी के चलते सरकार ने 21 जून को दोबारा परीक्षा होने से पहले इस पर अस्थायी बैन लगा दिया.&amp;nbsp;

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        <pubDate>Sat, 20 Jun 2026 19:30:14 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Jio IPO: जारी होंगे 27 करोड़ नए शेयर, निवेशक कब कर पाएंगे मुकेश अंबानी की जियो में निवेश?</title>
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        <description><![CDATA[ Jio IPO: रिलायंस जियो के IPO को लेकर बड़ी खुशखबरी आई है.जियो प्लेटफॉर्म्स के बोर्ड ने जियो के ड्राफ्ट को पास कर दिया है और अब सेबी के पास DRHP आज दाखिल होगा. बता दें इस आईपीओ में 27 करोड़ नए शेयर जारी होंगे लेकिन इन्वेस्टर्स को अभी तारीख और प्राइस बैंड के लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा.
IPO की डेट क्या है?जियो की आईपीओ को लेकर निवेशक काफी ज्यादा एक्साइटेड हैं लेकिन अभी IPO की ऑफिशियल डेट रिलीज नहीं की गई है. अभी तो प्रोसेस शुरू ही हुआ है और अभी कई तरह की जरूरी मंजूरियां मिलना बाकी हैं. इसलिए अभी आपको अभी थोड़ा इंतजार और करना होगा. फिलहाल तो DRHP आज दाखिल हो रहा है.
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क्या अटका है प्रोसेस?बता दें कि DRHP दाखिल होने के बाद सबसे पहले सेबी की मंजूरी मिलती है और इसके बाद बाकी के प्रोसेस लगाए जाते हैं. आमतौर पर बड़े IPO में इस पूरा प्रोसेस होने में 2 से 3 महीने का समय तो लग ही जाता है. इसके बाद ही ये पता चल पाता है IPO कब खुलेगा.
प्राइस बैंड का इंतजार
अभी ये भी तय नहीं हुआ है कि एक शेयर की कीमत कितनी होगी या प्राइस बैंड क्या रहेगा. इतना ही नहीं, निवेशकों को कितने शेयर मिलेंगे, इसकी जानकारी भी नहीं मिली है, यानी फिलहाल निवेश से जुड़े सभी खास डिटेल्स का इंतजार है.
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शेयरहोल्डर्स के लिए क्या है खास?बता दें कि अगर किसी के पास पहले से रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर हैं, तो उन्हें IPO में फायदा मिलने वाला है. पुराने निवेशकों को शेयरहोल्डर कैटेगरी में अलग से कोटा मिल सकता है.
कुल मिलाकर, जियो का IPO भारतीय शेयर बाजार के सबसे बड़े इवेंट्स में से एक माना जा रहा है. लेकिन फिलहाल तो हालात ये हैं कि न तारीख पता है और ना ही कीमत और शर्त भी साफ नहीं हैं. सब कुछ सेबी की मंजूरी और आगे के प्रोसेस पर निर्भर करता है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sat, 20 Jun 2026 11:30:24 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Jio, IPO:, जारी, होंगे, करोड़, नए, शेयर, निवेशक, कब, कर, पाएंगे, मुकेश, अंबानी, की, जियो, में, निवेश</media:keywords>
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        <title>Jio: कौन है जियो का असली मालिक? मुकेश अंबानी ने इस शख्स को सौंप रखी है कमान, IPO के बाद बनेगा और अमीर</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/jio-कौन-है-जियो-का-असली-मालिक-मुकेश-अंबानी-ने-इस-शख्स-को-सौंप-रखी-है-कमान-ipo-के-बाद-बनेगा-और-अमीर</link>
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        <description><![CDATA[ Jio: जियो आज भारत की सबसे बड़ी टेलीकॉम और डिजिटल कंपनियों में से एक है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इसकी कमान असल में किसके हाथ में है. बता दें कि समय के साथ मुकेश अंबानी ने भी धीरे-धीरे कंपनी की जिम्मेदारी अपनी अगली पीढ़ी को सौंपनी शुरू कर दी है. अब चूंकि जियो का IPO आने वाला है तो ये सवाल भी आ रहा है कि आखिर कंपनी की बागडोर कौन संभाल रहा है.
किसके पास है जियो की कमान?
मुकेश अंबानी के तीन बच्चे हैं और उनके बड़े बेटे आकाश अंबानी फिलहाल रिलायंस जियो इन्फोकॉम के चेयरमैन हैं. वही अभी कंपनी के रोज के कामकाज, प्लानिंग और ग्रोथ स्ट्रैटजी को देख रहे हैं, यानी जियो के ऑपरेशनल फैसलों में उनकी काफी अहम भूमिक है. आकाश अंबानी लगातार कंपनी के डिजिटल, टेलीकॉम नेटवर्क और नए बिजनेस आइडियाज पर काम कर रहे हैं.
जारी होंगे 27 करोड़ नए शेयर, निवेशक कब कर पाएंगे मुकेश अंबानी की जियो में निवेश?
मुकेश अंबानी क्या करते हैं?
मुकेश अंबानी अब भी पूरी रिलायंस इंडस्ट्रीज ग्रुप की ओवरऑल बिजनेस प्लानिंग और बड़े फैसलों की जिम्मेदारी संभालते हैं. लेकिन धीरे-धीरे वो अपने बच्चों को अलग-अलग बिजनेस यूनिट्स की जिम्मेदारियां भी सौंप रहे हैं, ताकि कंपनी का आगे चलकर मजबूत तरीके से आगे बढ़ सके.&amp;nbsp;
IPO के बाद क्या बदल सकता है?
जियो का IPO आने के बाद कंपनी में काफी बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. जब कंपनी शेयर बाजार में लिस्ट होगी तो उसकी वैल्यू और बढ़ेंगी. ऐसी उम्मीद की जा रही है कि IPO के बाद आकाश अंबानी का रोल और भी मजबूत हो जाएगा, क्योंकि उन्हें एक पब्लिक लिस्टेड कंपनी की जिम्मेदारी संभालनी होगी. इसके साथ ही उनकी पर्सनल वेल्थ भी बढ़ सकता है.&amp;nbsp;
बदल जाएगा लोन का गेम, 730 से कम CIBIL स्कोर पर आया अपडेट, फूंक-फूंक कर कदम रख रहे बैंक
 ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 20 Jun 2026 11:30:23 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Jio:, कौन, है, जियो, का, असली, मालिक, मुकेश, अंबानी, ने, इस, शख्स, को, सौंप, रखी, है, कमान, IPO, के, बाद, बनेगा, और, अमीर</media:keywords>
    </item>
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        <title>Dubai vs India: दुबई या भारत, प्रॉपर्टी में निवेश के लिए कौन है सबसे बेस्ट, किस जगह मिलेगा ज्यादा रिटर्न? कहां लगाएं अपनी कमाई?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/dubai-vs-india-दुबई-या-भारत-प्रॉपर्टी-में-निवेश-के-लिए-कौन-है-सबसे-बेस्ट-किस-जगह-मिलेगा-ज्यादा-रिटर्न-कहां-लगाएं-अपनी-कमाई</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/dubai-vs-india-दुबई-या-भारत-प्रॉपर्टी-में-निवेश-के-लिए-कौन-है-सबसे-बेस्ट-किस-जगह-मिलेगा-ज्यादा-रिटर्न-कहां-लगाएं-अपनी-कमाई</guid>
        <description><![CDATA[ Dubai vs India: दुबई में प्रॉपर्टी खरीदना आजकल काफी लोगों को काफी ज्यादा अट्रैक्ट कर रहा है. यहां टैक्स नहीं लगता और कई बार किराये से अच्छी कमाई हो जाती है. विदेशी निवेशकों के लिए भी यहां के नियम भी आसान हैं. अब कुछ लोग ये सारे फायदे देखकर दुबई में प्रॉपर्टी लेते हैं तो कुछ लोग अभी भी भारत में ही प्रॉपर्टी खरीदना पसंद करते हैं. लेकिन दोनों में फायदा किसमें है, ये आप यहां से जान सकते हैं.
भारत में प्रॉपर्टी निवेश
India today की रिपोर्ट्स के अनुसार भारत में प्रॉपर्टी निवेश थोड़ा धीमा लेकिन स्थिर माना जाता है. यहां घरों और फ्लैट्स की मांग लगातार बढ़ रही है, खासकर बड़े शहरों में. लंबे समय में प्रॉपर्टी की कीमत बढ़ने से अच्छा फायदा मिल सकता है.
कौन है जियो का असली मालिक? मुकेश अंबानी ने इस शख्स को सौंप रखी है कमान, IPO के बाद बनेगा और अमीर
कहां ज्यादा रिटर्न मिलता है?दुबई में जल्दी और ज्यादा किराये की कमाई मिल सकती है, जबकि भारत में धीरे-धीरे लेकिन स्थिर ग्रोथ देखने को मिलती है. यानी दुबई शॉर्ट टर्म कमाई के लिए अच्छा है और भारत लॉन्ग टर्म निवेश के लिए बेहतर माना जाता है.
जोखिम क्या है?
दुबई का बाजार दुनिया की आर्थिक स्थिति पर ज्यादा निर्भर करता है, जबकि भारत का बाजार लोकल डिमांड पर चलता है और ज्यादा स्थिर माना जाता है. लेकिन दोनों जगह सही जगह चुनना बहुत जरूरी है. अगर आप जल्दी रिटर्न चाहते हैं तो दुबई अच्छा ऑप्शन हो सकता है, लेकिन अगर आप लंबे समय में पैसा बढ़ाना चाहते हैं तो भारत में निवेश ही बेहतर माना जाता है. फैसला आपकी जरूरत और समझ के अनुसार ही लें.
जारी होंगे 27 करोड़ नए शेयर, निवेशक कब कर पाएंगे मुकेश अंबानी की जियो में निवेश? ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 20 Jun 2026 11:30:20 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Dubai, India:, दुबई, या, भारत, प्रॉपर्टी, में, निवेश, के, लिए, कौन, है, सबसे, बेस्ट, किस, जगह, मिलेगा, ज्यादा, रिटर्न, कहां, लगाएं, अपनी, कमाई</media:keywords>
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    <item>
        <title>Strait of Hormuz: 11 दिन बाद नॉर्मल होगा होर्मुज, LPG या तेल, कौन&amp;से जहाज पहले आएंगे भारत? ये है सरकार का प्लान</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/strait-of-hormuz-11-दिन-बाद-नॉर्मल-होगा-होर्मुज-lpg-या-तेल-कौन-से-जहाज-पहले-आएंगे-भारत-ये-है-सरकार-का-प्लान</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/strait-of-hormuz-11-दिन-बाद-नॉर्मल-होगा-होर्मुज-lpg-या-तेल-कौन-से-जहाज-पहले-आएंगे-भारत-ये-है-सरकार-का-प्लान</guid>
        <description><![CDATA[ Strait of Hormuz News: करीब चार महीने के संकट के बाद अब हालात सामान्य होते नजर आ रहे हैं. अमेरिका-ईरान के बीच हुए समझौते के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने की तैयारी शुरू हो गई है. हालांकि, सिर्फ रास्ता खुलने से जहाजों का आना- जाना तुरंत नॉर्मल नहीं होगा. भारत समेत दुनिया के कई देशों को अब यह इंतजार है कि सबसे पहले कौन-से कार्गो और जहाज वापस अपनी रफ्तार पकड़ेंगे. खासतौर से भारत में पहले क्या आएगा, ये देखने वाली बात होगी.
पहले LPG या तेल?
बता दें कि भारत के लिए ये बड़ी राहत की बात है कि सरकार और तेल कंपनियों ने LPG की सप्लाई को पहले लाने का फैसला किया है. होर्मुज में ट्रैफिक बहाल होने के बाद सबसे पहले LPG ले जाने वाले जहाजों को भारत भेजा जाएगा.
दुबई या भारत, प्रॉपर्टी में निवेश के लिए कौन है सबसे बेस्ट, किस जगह मिलेगा ज्यादा रिटर्न? कहां लगाएं अपनी कमाई?
LPG ही क्यों?
भारत में ज्यादातर गैस और तेल खाड़ी देशों से आयात होकर आता है. होर्मुज संकट के दौरान LPG की सप्लाई पर सबसे ज्यादा असर पड़ा था और देशभर में इसके दाम भी महंगे हो गए. इसी को देखते हुए इंडियन ऑयल ने पहले ही LPG और कच्चा तेल लाने के लिए जहाजों की व्यवस्था शुरू कर दी है. कंपनी ने एक VLGC और बड़े तेल टैंकरों को चार्टर करने का काम लगा दिया है. LPG कार्गो जून के आखिर और जुलाई के पहले सप्ताह में ही लोड किए जाने की प्लानिंग है.&amp;nbsp;
11 दिन में क्या- क्या होगा?
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, होर्मुज के दोबारा खुलने के बाद सबसे पहले फंसे हुए जहाजों को बाहर निकाला जाएगा, फिर नए कार्गो लोड होंगे और उसके बाद शिपिंग शुरू होगी. मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि 10-11 दिनों में समुद्री ट्रैफिक तेजी से बढ़ेगा और ऊर्जा कार्गो का आना-जाना पहले जैसा ही होने लगेगा. हालांकि, बीमा मंजूरी, सुरक्षा जांच और शिपिंग बैकलॉग की वजह से एकदम नॉर्मल स्थिति होने में ज्यादा समय भी लग सकता है.
कौन है जियो का असली मालिक? मुकेश अंबानी ने इस शख्स को सौंप रखी है कमान, IPO के बाद बनेगा और अमीर
भारत को कितना फायदा होगा?
भारत अपनी जरूरत का 40% से ज्यादा कच्चा तेल और लगभग 90% LPG आयात करता है. ऐसे में होर्मुज के खुलने से भारत को सबसे ज्यादा फायदा है. अगर LPG और कच्चे तेल की नियमित सप्लाई शुरू होती है तो घरेलू बाजार की परेशानी ही कम हो जाएगी. साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों पर भी दबाव कम हो सकता है, जिससे भारत का आयात बिल घटने की भी संभावना है. ऐसा मान सकते हैं कि जल्द ही आम आदमी की जेब पर पड़ा दबाव भी कम होने की संभावना है. ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 20 Jun 2026 11:30:19 +0530</pubDate>
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    <item>
        <title>अच्छी कमाई के बाद भी नहीं बचते पैसे? ये आसान फाइनेंशियल टिप्स आएंगे आपके काम</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/अच्छी-कमाई-के-बाद-भी-नहीं-बचते-पैसे-ये-आसान-फाइनेंशियल-टिप्स-आएंगे-आपके-काम</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/अच्छी-कमाई-के-बाद-भी-नहीं-बचते-पैसे-ये-आसान-फाइनेंशियल-टिप्स-आएंगे-आपके-काम</guid>
        <description><![CDATA[ Money Saving Tips: आजकल के इस तुलनात्मक दौर में आर्थिक तनाव आम बात है. अक्सर देखा होगा आपने कि आप चाहे कितना भी कमा लें, महीने के आखिर में कभी भी जरूरत के हिसाब से पैसे नहीं बचते. यहां कुछ इस्तेमाल किए जाने वाले तरीके आपकी इस स्थिति में मदद कर सकते है.&amp;nbsp;
आर्थिक सुरक्षा के लिए योजना तैयार करें
पैसे को लेकर तनाव महसूस होने का एक वजह यह है कि हर अचानक होने वाला खर्च किसी इमरजेंसी जैसा लगता है. उदाहरण के तौर पर कार की मरम्मत की ज़रूरत पड़ना, वॉशिंग मशीन का खराब हो जाना, या परिवार में किसी के इलाज की ज़रूरत पड़ना. बात सपष्ट है कि आपके पास कोई इमरजेंसी बचत नहीं है तो छोटा-मोटा खर्च भी सब कुछ गड़बड़ कर सकता है.&amp;nbsp;
बीमा कंपनी ने रिजेक्ट कर दिया क्लेम? जानिए IRDAI का नया नियम आपको कैसे देगा बड़ी राहत
दूसरों से तुलना करना बंद करें
सबसे महत्वपूर्ण चीज यह कि अपनी आर्थिक स्थिति की तुलना किसी और की दिखाई देने वाली कामयाबियों से करना, पैसे को लेकर तनाव महसूस करने&amp;nbsp; की सबसे बड़ी वजह है. उदहारण के लिए आपके दोस्त घर खरीद रहे हैं, छुट्टियों की तस्वीरें पोस्ट कर रहे हैं या इन्वेस्टमेंट के बारे में बात कर रहे हैं. दूसरा पहलू यह कि उनकी EMI, परिवार की ज़िम्मेदारियां, माता-पिता से मिलने वाली आर्थिक मदद या उन पर चढ़ा हुआ कर्ज़ होता है. जो अक्सर हम नहीं देखते है.&amp;nbsp;
वेतन के मुताबिक प्लान बनाएं
बहुत से लोग अपने काम, बच्चो की पढ़ाई और विकेंड पर घूमने फिरने के खर्चे को लेकर योजना तैयार करते है, बजाए सैलरी के हिसाब. अगले वेतन आने से पहले अपने वेतन का पूरा गणित तैयार करें कि कितना बचाना है? कितना खर्च करना है?आपको किसी मुश्किल स्प्रेडशीट की ज़रूरत नहीं है. बस हर रुपये का एक मकसद तय करने से ही आपको काफी ज़्यादा कंट्रोल महसूस हो सकता है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 22:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>अच्छी, कमाई, के, बाद, भी, नहीं, बचते, पैसे, ये, आसान, फाइनेंशियल, टिप्स, आएंगे, आपके, काम</media:keywords>
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        <title>बैंक लॉकर में कितना सोना रखने की है इजाजत? तुरंत जान लें RBI का यह जरूरी नियम, वरना होगा नुकसान</title>
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        <description><![CDATA[ Gold Storage Rules: भारत में ज्यादातर लोग अपने घर के कीमती गहनें सुरक्षित रखने के लिए बैंक के लॉकर का इस्तेमाल करते हैं. अब सोना रख तो देते हैं, लेकिन कितना सोना लॉकर में रखने की मंजूरी है इस बात की जानकारी किसी के पास नहीं होती है. क्या आरबीआई ने सोना रखने के लिए भी कोई लिमिट रखी है या फिर आप अपनी मन मर्जी का सोना लॉकर में रख सकते हैं? इस तरह के सवाल अक्सर मन में आते हैं. यहां हम आपको बैंक लॉकर में गोल्ड रखने से जुड़ी सभी सवालों का जवाब यहां देंगे. वैसे भी सोना रखने से पहले आपको सभी नियमों के बारे में पता होना चाहिए.
क्या बैंक में सोना रखने की कोई लिमिट है?
नहीं, RBI ने बैंक लॉकर में सोना रखने की कोई लिमिट नहीं रखी है. आप अपने लॉकर की क्षमता के अनुसार, जितना चाहें उतना सोना रख सकते हैं. बैंक तो ये भी नहीं पूछ सकता कि आपने लॉकर में कितना सोना-चांदी या कौन- सा सामान रखा है. इसलिए लोग बैंक लॉकर को सुरक्षित मानते हैं.
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किस बात का रखना है ध्यान?
हालांकि, सोना रखने की कोई सीमा नहीं है. लेकिन इसका मतलब ये भी नहीं है कि आप सारा सोना आप लॉकर में ही रख दें और ये एकदम सुरक्षित और बीमित है. असल में बैंक सिर्फ लॉकर की जगह देता है. लॉकर के अंदर क्या रखा है, इसकी जानकारी बैंक के पास भी नहीं होती. इसलिए बैंक आपके सोने का बीमा नहीं कराता है.
नुकसान होने पर कौन करता है भरपाई?बहुत कम लोग जानते हैं कि RBI के नियमों के अनुसार अगर बैंक की लापरवाही, चोरी, आग, डकैती या बैंक कर्मचारियों की धोखाधड़ी के कारण लॉकर का सामान नुकसान होता है, तो बैंक की जिम्मेदारी लिमिटेड होती है. जैसे अगर आपके लॉकर का सालाना किराया 3,000 रुपये है, तो बैंक ज्यादा से ज्यादा 3 लाख रुपये तक का मुआवजा दे देगा. लेकिन हो सकता है कि लॉकर में रखे सोना 20 लाख या 30 लाख रुपये का हो.
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क्या अलग से बीमा कराना चाहिए?
अगर आपके पास ज्यादा सोना या महंगे गहने हैं, तो आपको उनका अलग से बीमा जरूर कराना चाहिए, क्योंकि बैंक लॉकर भी सुरक्षा नहीं देता है.&amp;nbsp;
घर में सोना रखने के नियम क्या हैं?
अक्सर लोग बैंक लॉकर और घर में सोना रखने के नियमों को कंफ्यूज रहते हैं. आयकर विभाग की गाइडलाइन के अनुसार विवाहित महिला के पास 500 ग्राम, अविवाहित महिला के पास 250 ग्राम और पुरुष के पास 100 ग्राम तक सोना होने पर आमतौर पर सवाल नहीं उठाए जाते. हालांकि वैध खरीद के दस्तावेज होने पर इससे ज्यादा सोना भी रखा जा सकता है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 22:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>E20 Business: मोटी कमाई का नया फॉर्मूला, कम निवेश में शुरू करें इथेनॉल से जुड़े ये 3 दमदार बिजनेस</title>
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        <description><![CDATA[ Ethanol Business Ideas: भारत में ग्रीन एनर्जी और वैकल्पिक ईंधन की मांग तेजी से बढ़ रही है. इसी बीच इथेनॉल एक ऐसा सेक्टर बनकर उभर रहा है, इसके जरिए आने वाले समय में जबरदस्त कमाई की संभावनाएं देखने को मिल रही है. सरकार की इथेनॉल ब्लेंडिंग पॉलिसी के तहत पेट्रोल में इथेनॉल मिलकर ने सिर्फ बढ़ती प्रदूषण को कम किया जा रहा है, बल्कि इस इंडस्ट्री में निवेश और बिजनेस के नए अवसर भी लगातार बढ़ रहे हैं.
एक्सपर्टों के मुताबिक, देश 20% इथेनॉल यानी ई20 मिश्रण की ओर जैसे-जैसे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे इसकी मांग और तेजी से बढ़ने वाली है. यही वजह है कि यह सिर्फ बड़े उद्योगों तक सीमित नहीं है, बल्कि छोटे और मीडियम निवेशक भी इससे जुड़कर काफी अच्छा मुनाफा कमा लेते हैं. आइए जानते हैं इथेनॉल से जुड़े तीन दमदार बिजनेस आइडियाज के बारे में विस्तार से....
1. इथेनॉल उत्पादन प्लांट (Ethanol Production Plant)

इथेनॉल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाना आज के दौर में सबसे बड़ा और मुनाफे वाला बिजनेस माना जा रहा है.अगर आपके पास अच्छा निवेश है, तो यह एक मजबूत बिजनेस साबित हो सकता है.
इथेनॉल अब सिर्फ गन्ने से नहीं, बल्कि मक्का, टूटे चावल और कृषि अवशेषों जैसे पराली, बांस से भी तैयार किया जा रहा है, जिसे 2G इथेनॉल कहा जाता है.
सरकार का लक्ष्य पेट्रोल में 20% इथेनॉल (E20) मिलाना है, जिससे इस उत्पाद की डिमांड आने वाले समय में हमेशा बनी रहेगी.

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2. बायोमास सप्लाई चेन बिजनेस (Biomass Supply Chain)

इथेनॉल उत्पादन के लिए बड़े पैमाने पर कृषि अवशेष (कच्चे माल) की जरूरत होती है. ऐसे में आप किसानों और इथेनॉल प्लांट्स के बीच सप्लाई चेन का काम शुरू कर सकते हैं.
इस बिजनेस में आप किसानों से पराली, गन्ने की खोई, मक्का या खराब अनाज इकट्ठा करके प्रोसेस कर सकते हैं और इथेनॉल कंपनियों को सप्लाई भी कर सकते हैं.
यह बिजनेस कम निवेश में शुरू हो सकता है और यह पर्यावरण कोभी नुकसान से बचाने में यहां भूमिका निभाता है. इसका सबसे बड़ा फायदा यह है इसमें लगातार ग्रोथ होने की संभावना रहती है.

3. फ्लेक्स-फ्यूल कन्वर्जन किट बिजनेस (Flex-Fuel Conversion Kits)

आने वाले समय में कारें और बाइक्स पूरी तरह 100% इथेनॉल (E100) या फ्लेक्स-फ्यूल पर चलने लगेंगी. ऐसे में पुराने पेट्रोल गाड़ियों को भी अपग्रेड करने की जरूरत पड़ेगी.
ऐसे में आप फ्लेक्स-फ्यूल कन्वर्जन किट की डीलरशिप या अपनी वर्कशॉप शूर कर सकते हैं.
जैसे हले CNG किट का ट्रेंड बढ़ा था, वैसे ही अब आने वाले समय में लोग इथेनॉल किट का इस्तेमाल तेजी से करेंगे, क्योंकि इथेनॉल पेट्रोल से काफी सस्ता है.

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        <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 22:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>E20, Business:, मोटी, कमाई, का, नया, फॉर्मूला, कम, निवेश, में, शुरू, करें, इथेनॉल, से, जुड़े, ये, दमदार, बिजनेस</media:keywords>
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        <title>Pakistan News: पाकिस्तान ने समझी महिलाओं की जरूरत, खत्म किया ये वाला टैक्स, फैसले की हो रही तारीफ</title>
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        <description><![CDATA[ Pakistan Pink Tax News: पाकिस्तान सरकार के ऊपर हमेशा से ही लैंगिक भेदभाव के आरोप लगते आए हैं. कहा जाता रहा है कि भारत के इस पड़ोसी मुल्क में महिलाएं और उनकी सुरक्षा के लिए कोई भी सीरियस नहीं है. वहीं अब हाल ही में पाकिस्तान सरकार ने अपने महज एक कदम से इस बात को खारिज कर दिया है. हाल ही में पाकिस्तान सरकार ने ऐसा टैक्स जो महिलाओं के हाईजीन से जुड़ा है उसे हटा दिया है.
पाकिस्तान सरकार ने कौन सा टैक्स हटाया?दरअसल अरब न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान सरकार ने हाल ही में पिंक टैक्स या पीरियड टैक्स और कॉन्ट्रासेप्टिव टैक्स को हटा दिया है. ये देश की महिलाओं के लिए एक खुशी की खबर है. &amp;nbsp;जिसके बाद अब पाकिस्तान में सैनिटरी नैपकिन्स और कॉन्ट्रासेप्टिव्स की कीमतें कम हो गई हैं. इससे महिलाओं के बीच हाईजीन को लेकर भी जागरुकता बढ़ेगी.
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कॉन्ट्रासेप्टिव टैक्स में भी राहतपाकिस्तान के वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब के मुताबिक, &#039;सैनिटरी प्रोडक्ट्स महिलाओं के स्वास्थ्य, सम्मान और सामाजिक भागीदारी के लिए बेहद जरूरी हैं. पाकिस्तान दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा आबादी वाला देश बन चुका है, इसलिए परिवार नियोजन को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है&#039;.
सरकार का &#039;राहत बजट&#039;वहीं पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लह तरार ने इसे राहत बजट का नाम देते हुए कहा है कि, &#039;ये बजट ऐसे दौर के लिए है जब हम खुशहाली के समय में प्रवेश कर रहे हैं.&#039; सरकार के इस कदम का पाकिस्तान से जुड़े कई महिला उत्थान संस्थानों ने भी स्वागत किया है. उन्होंने इस कदम को सराहनीय बताते हुए इसे महिलाओं के हक में सबसे अच्छा फैसला करार दिया है.
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क्या होता है &#039;पिंक या पीरियड टैक्स&#039;?बता दें कि पिंक टैक्स या पीरियड टैक्स उसे कहते हैं जो महिलाओं के हाईजीन से जुड़े प्रोडक्ट्स पर लगाया जाता है. इसकी वजह से ये प्रोडक्ट्स महंगे हो जाते हैं और गरीब तबके की महिलाएं इसे इस्तेमाल करने की बजाय कपड़े का इस्तेमाल करती हैं. जो उनकी हाईजीन के साथ खिलवाड़ होता है. पाकिस्तान सरकार के इस फैसले ने इन प्रोडक्ट्स पर लगने वाले 18% टैक्स को शून्य कर दिया है, जिससे इनकी कीमतें कम हुई हैं.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 22:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>RBI News: चेतावनी! आसानी से पैसे कमाने का न लें रिस्क, RBI ने किया अलर्ट, बता दीं बैंक अकाउंट बचाने की 3 टिप्स</title>
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        <description><![CDATA[ RBI Warning Message: क्या आपके किसी दोस्त, कलीग या फिर कोई जान पहचान वाला आपको ये कहता है कि उसके पैसे अपने खाते में जमा करवा लें. फिर वो कुछ दिन बाद पैसा वापस ले लेगा, उसके बदले में आपको पैसे देने का लालच दिया जाता है? यदि आपको भी ऐसा ही कोई ऑफर मिल रहा है तो लालच में आने से ज्यादा आपको सावधान रहने की जरूरत है. ऐसा हम नहीं कह रहे बल्कि केंद्रीय बैंक RBI की तरफ से ग्राहकों को सतर्क किया जा रहा है.
क्या है पूरा मामला?दरअसल केंद्रीय बैंक RBI के आधिकारिक व्हॉट्सएप नंबर से कई लोगों के पास एक मैसेज भेजा जा रहा है. जिसमें लोगों को सावधान और सतर्क रहने की हिदायत दी जा रही है. इस मैसेज में लिखा गया है, &#039;क्या आपके बैंक खाते का प्रयोग करने के बदले, कोई आपको आसानी से धन कमाने का प्रलोभन दे रहा है? अवैध धन वाहक न बनें!&#039;

ये भी पढ़ें: RBI ने आम जनता को दी बड़ी राहत, बैंकों की इन मनमानियों को किया बैन, आपकी जेब कटने से बचेगी
क्या होता है &#039;अवैध धन वाहक&#039;?RBI ने &#039;अवैध धन वाहक&#039; का मतलब भी इस मैसेज में बताया है. उन्होंने बताया, &#039;अवैध धन वाहक वह व्यक्ति होता है जो किसी अन्य की ओर से अवैध तरीके से कमाए गए धन को अंतरित करता है या एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाता है&#039;. इसके साथ ही RBI ने लोगों को बताया है कि आपका बैंक खाता है यदि तो उसमें आपका ही धन होना चाहिए.
RBI ने दिए टिप्सइसके अलावा RBI ने लोगों को सतर्क करते हुए कुछ पॉइंट्स में लिखा है:

किसी अन्य व्यक्ति को धन भेजने के लिए अपने बैंक खाते का प्रयोग करने की अनुमति न दें.
आपके बैंक खाते के माध्यम से धन प्राप्त करने या भेजने की अनुमति देने पर आप जेल जा सकते हैं.
कभी भी अपने खाते से संबंधित विवरण, ओटीपी या पासवर्ड किसी के साथ शेयर न करें.
अपने खाते की सुरक्षा करें. अपनी सुरक्षा करें.
आसानी से धन कमाने का जोखिम कभी भी न लें.

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इसके आगे RBI ने अपनी वेबसाइट का लिंक शेयर किया है, साथ ही लिखा है अधिक जानकारी के लिए वहां संपर्क किय जा सकता है. तो वहीं &#039;आरबीआई कहता है&amp;hellip; जानकार बनिए, सतर्क रहिए!&#039;
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        <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 05:30:17 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>RBI, News:, चेतावनी, आसानी, से, पैसे, कमाने, का, न, लें, रिस्क, RBI, ने, किया, अलर्ट, बता, दीं, बैंक, अकाउंट, बचाने, की, टिप्स</media:keywords>
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        <title>Bharat Innovates 2026: 40 से ज्यादा स्टार्टअप्स को मिली बड़ी कामयाबी, भारत बनेगा ग्लोबल टेक लीडर, बरसेंगे करोड़ों डॉलर</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/bharat-innovates-2026-40-से-ज्यादा-स्टार्टअप्स-को-मिली-बड़ी-कामयाबी-भारत-बनेगा-ग्लोबल-टेक-लीडर-बरसेंगे-करोड़ों-डॉलर</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/bharat-innovates-2026-40-से-ज्यादा-स्टार्टअप्स-को-मिली-बड़ी-कामयाबी-भारत-बनेगा-ग्लोबल-टेक-लीडर-बरसेंगे-करोड़ों-डॉलर</guid>
        <description><![CDATA[ Bharat Innovates 2026 News: देश की राजधानी दिल्ली में चल रहे &#039;भारत इनोवेट्स 2026&#039; समिट का दूसरा दिन पूरी तरह से ग्लोबल इनवेस्टर्स और भारतीय स्टार्टअप्स के नाम रहा. इस समिट ने यह साबित कर दिया है कि भारत अब सिर्फ दुनिया का बाजार नहीं, बल्कि दुनिया को टेक्नोलॉजी देने वाला एक ग्लोबल हब बन चुका है.
समिट के दूसरे दिन का मुख्य फोकस था,&#039;इन्वेस्टर-स्टार्टअप एंगेजमेंट&#039;. इस दौरान 10 से ज्यादा देशों के 50 से अधिक ग्लोबल इनवेस्टर्स के सामने भारत के 80 से ज्यादा डीपटेक स्टार्टअप्स ने अपनी क्रांतिकारी तकनीकों को पेश किया. बड़ी बात यह है कि 40 से ज्यादा स्टार्टअप्स ने ऑन-द-स्पॉट निवेशकों से आगे की बातचीत और फंडिंग के पक्के कमिटमेंट्स हासिल कर लिए.
E20 Fuel: कार में इथेनॉल वाला पेट्रोल इस्तेमाल किया तो नहीं मिलेगा बीमा क्लेम? अब आया सरकार का बयान, साफ कर दी तस्वीर
&#039;भारत इनोवेट्स 2026&#039; है केंद्र सरकार की पहल
बता दें कि &#039;भारत इनोवेट्स 2026&#039; भारत सरकार की एक बेहतरीन पहल है, जिसे शिक्षा मंत्रालय द्वारा आयोजित किया जा रहा है. इसका मकसद भारत के तेजी से बढ़ते इनोवेशन को दुनिया के बड़े निवेशकों, रिसर्च नेटवर्क और इंटरनेशनल मार्केट से जोड़ना है. दूसरे दिन की शुरुआत &#039;इन्वेषण शोकेस&#039; से हुई, जिसमें हमारे प्रीमियर संस्थानों और स्टार्टअप्स ने सेमीकंडक्टर, बायोटेक, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, हेल्थकेयर, स्पेस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे सेक्टर्स में भारत की ताकत दिखाई.
कार्यक्रम में मुख्य भाषण देते हुए एशियन पेंट्स लिमिटेड के को-प्रमोटर और एंजेल इन्वेस्टर जलज दानी ने कहा, &#039;&#039;वैज्ञानिक आविष्कारों को बाजार की मांग और लॉन्ग-टर्म पार्टनरशिप के साथ जोड़ना बेहद जरूरी है.&#039;&#039; इसके बाद हुई पैनल डिस्कशंस में दुनिया भर के दिग्गजों ने हिस्सा लिया. इंस्टिट्यूट पाश्चर, सफ्रान रियोस्क, थेल्स ऐलेनिया स्पेस, जिफास, सोनी इनोवेशन फंड और मिजुहो फाइनेंशियल ग्रुप जैसे ग्लोबल ब्रांड्स के लीडर्स ने भारत में &#039;पेशेंट कैपिटल&#039; यानी दीर्घकालिक निवेश और डिफेंस सप्लाई चेन पर गहराई से चर्चा की.
50 से ज्यादा समझौतों पर किए गए दस्तखत&amp;nbsp;
इस समिट की असली जान रहे इसके छह स्पेशल &#039;थीमैटिक पिच रूम्स&#039;. स्पेस-डिफेंस से लेकर एआई और एग्रीटेक जैसे रूम्स में स्टार्टअप्स ने सीधे ग्लोबल वेंचर फंड्स के सामने अपनी पिच रखी. अगर दो दिनों की कुल कामयाबी पर नजर डालें तो आंकड़े चौंकाने वाले हैं.&amp;nbsp; अब तक 1350 से ज्यादा बीटूबी (B2B) मीटिंग्स हो चुकी हैं. 50 से ज्यादा समझौतों पर दस्तखत किए गए हैं और लगभग 254.5 मिलियन डॉलर के फंडिंग कमिटमेंट्स और एडवांस्ड स्टेज इन्वेस्टमेंट्स की घोषणा की जा चुकी है.
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साफ है कि इस आयोजन ने भारत, यूरोप और बाकी दुनिया के बीच सहयोग के नए दरवाजे खोल दिए हैं. समिट का तीसरे और आखिरी दिन &amp;nbsp;का फोकस क्लाइमेट टेक्नोलॉजी, इंडस्ट्रियल डिकार्बोनाइजेशन, टेक्नोलॉजी पार्क्स और ग्लोबल स्केलिंग स्ट्रेटेजीज पर रहेगा. यानी कि पर्यावरण को बचाने और भारतीय स्टार्टअप्स को दुनिया भर में फैलाने की रणनीति पर बात होगी.
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        <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 05:30:16 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>Bharat, Innovates, 2026:, से, ज्यादा, स्टार्टअप्स, को, मिली, बड़ी, कामयाबी, भारत, बनेगा, ग्लोबल, टेक, लीडर, बरसेंगे, करोड़ों, डॉलर</media:keywords>
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        <title>Gas Crisis: ओमान से गुजरात तक बिछ रही अंडरवाटर गैस पाइपलाइन? सरकार ने जो बताया, उसे भी जान लें</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/gas-crisis-ओमान-से-गुजरात-तक-बिछ-रही-अंडरवाटर-गैस-पाइपलाइन-सरकार-ने-जो-बताया-उसे-भी-जान-लें</link>
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        <description><![CDATA[ Gas Pipeline: बीते दिनों चले ईरान और यूएस के बीच युद्ध की वजह से भारत में भी तेल और गैस का संकट देखने को मिला. इस संकट की स्थिति में देश ने इससे निपटने के कई उपाय सोचे. इसी दौरान खबरें आईं कि ईरान युद्ध के कारण गैस की किल्लतों से निपटने के लिए भारत सरकार ने ओमान के साथ एक डील की, जिसके तहत ओमान से गुजरात के बीच 2 हजार किलोमीटर लंबी डीप-सी पाइपलाइन बिछाई जाएगी. जानें क्या है इस खबर की सच्चाई.
क्या है खबर की सच्चाई?दरअसल हाल ही में सरकारी एजेंसी PIB फैक्ट चेक ने ओमान से गुजरात के बीच गैस पाइपलाइन के प्रस्ताव की खबर की सच्चाई बताई है. एजेंसी ने अपने आधिकारिक X (ट्विटर) के जरिए एक न्यूज वेबसाइट के यूट्यूब वीडियो का स्क्रीनशॉट शेयर किया है. इस वीडियो में बताया गया है कि ओमान से गुजरात तक दुनिया की सबसे गहरी गैस पाइपलाइन बिछाई जाएगी. इस खबर की सच्चाई बताते हुए एजेंस ने इसे पूरी तरह से FAKE बताया है.
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झूठा है दावाइस स्क्रीनशॉट को शेयर करते हुए एजेंसी ने कैप्शन में लिखा, &#039;एक यूट्यूब वीडियो में गलत दावा किया गया है कि भारत सरकार मिडिल ईस्ट-इंडिया डीपवॉटर पाइपलाइन (MEIDP) नाम की एक डीप-सी एनर्जी पाइपलाइन पर सक्रिय रूप से काम कर रही है, जो गुजरात को ओमान और खाड़ी के अन्य देशों से जोड़ेगी. ये दावा फेक है.&#039;
ये है सच्चाईइसके साथ ही एजेंसी ने बताया है कि &#039;पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के पास अभी ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है. इस प्रोजेक्ट पर कोई सक्रिय चर्चा नहीं हो रही है. ऐसे दावों को शेयर करने या उन पर कोई कदम उठाने से पहले हमेशा आधिकारिक स्रोतों से उनकी पुष्टि करें.&#039; इसके अलावा एजेंसी ने ये भी कहा है कि भारत सरकार से जुड़ी संदिग्ध सामग्री की रिपोर्ट पीआईबी फैक्ट चेक पर करें.
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        <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 05:30:15 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Gas, Crisis:, ओमान, से, गुजरात, तक, बिछ, रही, अंडरवाटर, गैस, पाइपलाइन, सरकार, ने, जो, बताया, उसे, भी, जान, लें</media:keywords>
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        <title>Apple&amp;Amazon में लगाएं पैसा, देश के 4 बड़े ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म्स को मिली इंटरनेशनल निवेश की मंजूरी</title>
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        <description><![CDATA[ International Investment Tips: भारतीय निवेशक देश के शेयर बाजार में तो निवेश करते ही हैं. लेकिन जब से एलॉन मस्क की कंपनी SpaceX की आईपीओ से जुड़ी खबरें सामने आ रही हैं, तभी से भारतीयों की दिलचस्पी भी विदेश में निवेश को लेकर नजर आने लगी है. ऐसे में अब भारत में बैठे- बैठे विदेश में निवेश करने को भी आसान बनाने की कवायद चल रही है. आइये बताते हैं कैसे.
भारत में बैठे- बैठे करें विदेश में निवेशदरअसल भारत में कई सारी ऐसी एप्स हैं जो भारतीय निवेशकों को आसानी से निवेश के लिए प्लेटफॉर्म देती हैं, लेकिन इनके जरिए केवल भारत में ही निवेश किया जा सकता है. हालांकि अब भारतीय निवेशक देश में बैठे- बैठे भी विदेशी कंपनियों में इनवेस्ट कर सकते हैं. वो ऐसे कि मनी कंट्रोल की रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत की 4 एप्स जो निवेश करती हैं उन्हें इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म बनाया जा रहा है. यानी इनकी मदद से अब आप भारत से ही विदेशी बाजार में निवेश कर पाएंगे.
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कौन सी हैं ये एप्स?इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर्स अथॉरिटी (IFSCA) के मुताबिक, देश के टॉप चार ब्रोकर जेरोधा (Zerodha), ग्रो (Groww), एंजेल वन (Angel One) और अपस्टॉक्स (Upstox) को GIFT सिटी के जरिए इंटरनेशनल और US स्टॉक में निवेश की सुविधा देने की मंजूरी मिल गई है. ये खबर भारतीय निवेशकों के लिए बेहद खुशी वाली है.
कब होगी लॉन्चिंग?Moneycontrol के साथ इससे जुड़े एक सोर्स ने बातचीत की है, जिसने बताया है कि टेक्नोलॉजी, टेस्टिंग और कंप्लायंस का काम पूरा होने में दो से तीन महीने लगेंगे. इसका मतलब है कि फिलहाल इसकी लॉन्चिंग में करीब तीन महीने का समय लगेगा. जिसके बाद भारतीय निवेशक आसानी से इन प्लोटफॉर्म्स के जरिए विदेश में निवेश कर पाएंगे.
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लॉन्चिंग के बाद जहां जेरोधा और अपस्टॉक्स ब्रोकर-डीलर के तौर पर काम करेंगे, वहीं ग्रो और एंजेल वन ग्लोबल एक्सेस प्रोवाइडर (GAP) के तौर पर काम करेंगे. सूत्रों के मुताबिक, इंटरनेशनल इन्वेस्टमेंट को मुमकिन बनाने के लिए जेरोधा और अपस्टॉक्स विदेशी क्लियरिंग फर्मों व्यूट्रेड इंटरनेशनल, इंटरेक्टिव ब्रोकर्स और Alpaca Securities के जरिए ट्रेड करेंगे.
एक अन्य सूत्र ने बताया, &#039;इन खास फर्मों के US ब्रोकिंग फर्मों (जैसे Charles Schwab, Robinhood वगैरह) के साथ गहरे संबंध हैं, जो इंटरनेशनल स्टॉक में ट्रेडिंग आसान बनाते हैं.&#039;
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        <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 05:30:14 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Apple-Amazon, में, लगाएं, पैसा, देश, के, बड़े, ब्रोकिंग, प्लेटफॉर्म्स, को, मिली, इंटरनेशनल, निवेश, की, मंजूरी</media:keywords>
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        <title>Dividend Paying Stock: तगड़ा डिविडेंड देते हैं ये 5 स्टॉक्स, बिना काम किए ही हो जाती है मोटी कमाई</title>
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        <description><![CDATA[ Highest Dividend Paying Stocks: शेयर बाजार में सिर्फ शेयरों के कैपिटल एप्रिसिएशन से ही कमाई नहीं होती, बल्कि डिविडेंड से भी अच्छा कमा सकते हैं. यहां हम आपको टॉप 5 कंपनियों के बारे में बता रहे है जो मुनाफे का एक बड़ा हिस्सा डिविडेंड के रूप में शेयरधारकों को बांटते हैं.
क्या होता है डिविडेंड?
जब कोई कंपनी मुनाफा कमाती है तो उसका एक हिस्सा शेयरधारकों को देती है, इसे ही डिविडेंड कहा जाता है. डिविडेंड नकद या फिर अतिरिक्त शेयरों के रूप में दिया जा सकता है. ये निवेशकों के लिए फायदे का सौदा होता है.
1. Coal India
सरकारी कंपनी कोल इंडिया लंबे समय से अच्छे डिविडेंड के लिए जानी जाती है. ये कंपनी हर साल कई बार निवेशकों को डिविडेंड देती है.
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2. Indian Oil Corporation (IOC)
IOC का नाम भी डिविडेंड देने वाली टॉप की कंपनियों में शामिल है. तेल और गैस क्षेत्र की ये कंपनी नियमित रूप से शेयरधारकों को फायदे देती ही रहती है.
3. Power Grid Corporation
पावर सेक्टर की सरकारी कंपनी Power Grid Corporation अपने स्थिर कारोबार और नियमित डिविडेंड के लिए ही निवेशकों को काफी ज्यादा पंसद आता है.
4. Hindustan Zinc
हिंदुस्तान जिंक ने भी पिछले कुछ सालों में निवेशकों को जबरदस्त डिविडेंड दिया है. डिविडेंड यील्ड के मामले में ये कंपनी हमेशा ही चर्चा में रहती है.
बढ़ती महंगाई के बीच एयर इंडिया ने निकाला सस्ती उड़ान का जुगाड़, अब टिकट में करने जा रही ये बदलाव
5. ITC
एफएमसीजी सेक्टर की दिग्गज कंपनी ITC भी लगातार शानदार डिविडेंड देने के लिए जानी जाती है. लंबे समय के निवेशकों के बीच ये काफी फेमस रही है.
निवेश से पहले रखें ध्यान-&amp;nbsp;
इन सारी कंपनियों में निवेश से पहले सिर्फ डिविडेंड नहीं देखना है, कंपनी की वित्तीय स्थिति भी जांचें. जान लें कि डिविडेंड की कोई गारंटी नहीं होती और शेयर की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रहता है. निवेश से पहले कंपनी की बुनियादी स्थिति और अपने जोखिम प्रोफाइल को जरूर समझें.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 17:30:15 +0530</pubDate>
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        <title>महंगाई का जेब पर &amp;apos;साइलेंट अटैक&amp;apos;: पिछले 15 दिनों में चुपचाप से बढ़ गए इन चीजों के दाम, लिस्ट कर देगी हैरान</title>
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        <description><![CDATA[ Products Price Hike: पेट्रोल-डीजल और LPG सिलेंडर की कीमतों में हाल ही में हुई बढ़ोतरी से देश के आम आदमी का बजट गड़बड़ा गया. लोग महंगाई का रोना रोने लगे. इस बीच, बीते महज 15 दिनों में&amp;nbsp;कुछ और भी चीजों के दाम बढ़ा दिए गए हैं, जिनके बारे में शायद हम में से ज्यादातर लोगों को कोई खबर ही नहीं है. आइए इस खबर के जरिए हम आपको पिछले 15 दिनों में महंगी हुई चीजों की जानकारी देते हैं:-
FMCG प्रोडक्ट्स के बढ़े दाम
कच्चे माल की कीमतों में 11% और पैकेजिंग कॉस्ट में सीधे 56% के उछाल के बाद HUL, डाबर, मैरिको और कोलगेट जैसी देश की दिग्गज FMCG कंपनियों ने अपने उत्पादों के दाम बढ़ा दिए हैं. Dove और Pears जैसे प्रीमियम ब्रांड्स के साबुन 4-5% तक महंगे हो गए हैं. डिटर्जेंट की भी कीमतें 5-11% तक बढ़ी हैं. महंगाई के इस दौर में ओरल केयर भी मुश्किल हो गया है. कोलगेट से लेकर डाबर तक ने अपने कई टूथपेस्ट रेंज के दाम बढ़ा दिए हैं.&amp;nbsp;
डेयरी प्रोडक्ट्स हुए महंगे
अमूल गोल्ड का 1 लीटर वाला पैकेट बीते इन कुछ दिनों में महंगा हुआ है. अब 68 की जगह इसकी कीमत 70 रुपये कर दी गई है. अमूल ताजा भी पहले के 55 रुपये से बढ़कर 57 रुपये पर पहुंच गया है. मदर डेयरी का फुल क्रीम मिल्क (1 लीटर) 69 रुपये से बढ़कर 72 रुपये हो गया है. वहीं, मदर डेयरी का बफेलो मिल्क की भी कीमत पहले के 75 रुपये से सीधे 5 रुपये बढ़ाकर 80 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है.&amp;nbsp; &amp;nbsp;
खाना पकाना भी हुआ महंगा
थोक बाजार में मालभाड़े में हुए इजाफे का असर कुछ ऐसा रहा है कि रिटेल स्तर पर दुकानदारों ने खुले चावल और दालों के दाम प्रति किलो 5-7 रुपये तक बढ़ा दिए. मैरिको कंपनी ने अपनी फ्लैगशिप एडिबल ऑयल &#039;सफोला&#039; में 6-11% तक का इजाफा किया है.
इस बीच, सब्जियों के भी दाम बढ़े हैं. टमाटर पिछले 15 दिनों में 30-40 रुपये प्रति किलो से भागकर अब 60-70 रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंच चुके हैं. प्याज, अदरक, हरी मिर्च, नींबू के भी दाम इस बीच बढ़े हैं. ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ने से आलू, बैंगन और भिंडी कई और सब्जियों के दाम भी 5-10 रुपये तक बढ़ा दिए गए हैं.&amp;nbsp;&amp;nbsp;
बाहर खाना भी हुआ महंगा
कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों के दाम बढ़ने से रेस्टोरेंट और होटलों में खाने-पीने के आइटम्स के रेट बढ़ा दिए हैं. इसकी महंगाई दर 5.75% तक पहुंच गई है. इनपुट कॉस्ट को रिकवर करने की कोशिश में पिछले एक महीने में रेस्टोरेंट मालिकों ने अपने मेन्यू के दाम 1.8% तक बढ़ा दिए हैं.&amp;nbsp;

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        <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 17:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>महंगाई, का, जेब, पर, साइलेंट, अटैक:, पिछले, दिनों, में, चुपचाप, से, बढ़, गए, इन, चीजों, के, दाम, लिस्ट, कर, देगी, हैरान</media:keywords>
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        <title>Retirement Plan: कमाई का नया जरिया, रिटायरमेंट के बाद 50 लाख को कहां और कैसे बांटे कि लाइफ सेट रहे</title>
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        <description><![CDATA[ Retirement Plan: नौकरीपेशा लोगो के लिए रिटायर होना आसान नहीं होता है. रिटायरमेंट के समय 50 लाख रुपये होना सुनने में तो अच्छा लगता है, लेकिन असली परिक्षा रिटायरमेंट के बाद शुरू होती है. अब सवाल उठता है कि आखिर&amp;nbsp;इस पैसे को महंगाई से सुरक्षित और स्थिर मासिक आय में कैसे बदला जाए. रिटायरमेंट के बाद अब चुनौती कमाई करने की नहीं है, असली चुनौती अपनी कमाई की वैल्यू को धीरे-धीरे कम होने से बचाने की है.
रिटायरमेंट के बाद सबसे बड़ा खतरा महंगाई
दरअसल, रिटायरमेंट के बाद सबसे बड़ा खतरा महंगाई होती है, जो धीरे-धीरे बचत की ताकत को खत्म कर देता है. मेडिकल बिल, रोजमर्रा के खर्च, बिलजी बिल और अन्य चीजों के बिल समय के साथ बढ़ते रहते हैं. असल में यही रिटायरमेंट का असली जोखिम है. इसीलिए रिटायरमेंट प्लानिंग का मतलब अब सिर्फ़ &#039;पैसे को सुरक्षित रखना&#039;नहीं है. इसका मतलब है अपनी जीवनशैली को सुरक्षित रखना.
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म्यूचुअल फंड समीकरण में बदलाव
इस स्थिति में म्यूचुअल फंड काम आते हैं, ये आक्रामक टूल के तौर पर नहीं, बल्कि महंगाई से बचाने वाले शांत ज़रिया के तौर पर काम करते हैं. कंजर्वेटिव हाइब्रिड और इक्विटी सेविंग्स फंड, डेट की स्थिरता और सीमित इक्विटी एक्सपोज़र का मेल होते हैं. इनमें प्योर इक्विटी के मुकाबले कम उतार-चढ़ाव होता है और प्योर डिपॉज़िट के मुकाबले ज़्यादा ग्रोथ मिलती है.
50 लाख रूपये से हर महीने कितनी कमाई ?
जानकारी के मुताबिक, स्ट्रक्चर और मार्केट की परिस्थितियों के अनुसार, 50 लाख रुपये का फंड रखने वाला रिटायर व्यक्ति 5 प्रतिशत की निकासी दर पर सालाना करीब 2.5 लाख रुपये की इनकम पा सकता है, जो महीने में लगभग 20,800 रुपये के बराबर है. हालांकि,अगर राशि तरह तरह के इन्वेस्टमेंट ऑप्शन में लगाया जाए, जिससे औसतन 7 से 8 प्रतिशत का पोर्टफोलियो रिटर्न मिले, तो हर महीने होने वाली इनकम बढ़कर करीब 25,000-35,000 रुपये हो सकती है.
तगड़ा डिविडेंड देते हैं ये 5 स्टॉक्स, बिना काम किए ही हो जाती है मोटी कमाई
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        <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 17:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Unemployment: मई में बेरोजगारी दर में इजाफा, 11 महीनों में सबसे खराब हालत, गांवों में नहीं मिल रहा काम</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/unemployment-मई-में-बेरोजगारी-दर-में-इजाफा-11-महीनों-में-सबसे-खराब-हालत-गांवों-में-नहीं-मिल-रहा-काम</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/unemployment-मई-में-बेरोजगारी-दर-में-इजाफा-11-महीनों-में-सबसे-खराब-हालत-गांवों-में-नहीं-मिल-रहा-काम</guid>
        <description><![CDATA[ Unemployment: भारत के आंकड़े परेशान करने वाले हैं. एक बार फिर बेरोजगारी दर में बढ़ोतरी हुई है. मई के महीने में 5.5 फीसदी का बदलाव नजर आया है. अप्रैल में जो बेरोजगारी दर 5.2 फीसदी था, वो बढ़कर 5.5 फीसदी हो चुका है. बता दें कि पिछले 11 महीनों में ये सबसे ज्यादा बढ़ोतरी है. हैरानी की बात ये है कि शहर की स्थिति में फिर भी मामूली सुधार है, लेकिन गांव में स्थिति बद से बदतर हो रही है. गांवों में लोगों को काम नहीं मिल रहा है और इससे जॉब मार्केट में आफत आ चुकी है.&amp;nbsp;
गांव में बढ़ी बेरोजगारी
गांव में बेरोजगारी दर अप्रैल के महीने में 4.6 फीसदी थी, जो बढ़कर 5.1 फीसदी हो चुकी है. वहीं, शहर में बेरोजगारी दर कम हुई है. जो आंकड़ा पहले 6.6 पर था, वो मई में घटकर 6.4 फीसदी पर आ गया है. इसका सीधा अर्थ है कि शहर में नौकरी के बेहतर मौके हैं. जानने वाली बात ये भी है कि लगातार चौथे महीने बेरोजगारी दर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है. यह पिछले 11 महीनों का सबसे ऊंचा स्तर माना जा रहा है.&amp;nbsp;
महंगाई का जेब पर &#039;साइलेंट अटैक&#039;: पिछले 15 दिनों में चुपचाप से बढ़ गए इन चीजों के दाम, लिस्ट कर देगी हैरान
काम करने वालों की संख्या भी घटी
सिर्फ बेरोजगारी ही नहीं बढ़ी, बल्कि काम करने वाले लोगों का रेसियो भी कम हुआ है. लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन रेट मई में घटकर 54.4 फीसदी रह गया, जो अप्रैल में 55 फीसदी था. वहीं र्कर पॉपुलेशन रेश्यो यानी WPR भी 52.2 फीसदी से घटकर 51.4 फीसदी पर आ गया.&amp;nbsp; इसका मतलब है कि रोजगार सृजन की रफ्तार श्रम बाजार में आने वाले लोगों की तुलना में कमजोर पड़ रही है.&amp;nbsp;
महिलाओं और युवाओं के लिए भी चुनौतीताजा आंकड़े बताते हैं कि गांव के इलाकों में महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर काफी लिमिटेड हैं. वहीं युवाओं के बीच भी बेरोजगारी को लेकर चिंता बनी हुई है. अब सिर्फ महिला- पुरुष तक ये बात नहीं रह गई है बल्कि बेरोजगारी दर किसी भी देश की आर्थिक सेहत पर खतरा बन जाती है. रोजगार बढ़ने से लोगों की आय बढ़ती है, जिससे खपत और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलती है. लेकिन बेरोजगारी बढ़ती है तो उपभोक्ता खर्च पर असर पड़ सकता है और आर्थिक विकास की रफ्तार भी प्रभावित हो सकती है.
शेयर बाजार में आज भी रौनक बरकरार, 76000 के पार पहुंचा सेंसेक्स; निफ्टी भी 70 अंक ऊपर
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        <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 17:30:11 +0530</pubDate>
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        <title>Petrol&amp;Diesel News: अब तेल कंपनियों को 1 लीटर पेट्रोल पर कितना घाटा हो रहा है? डीजल पर कम हुआ नुकसान</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/petrol-diesel-news-अब-तेल-कंपनियों-को-1-लीटर-पेट्रोल-पर-कितना-घाटा-हो-रहा-है-डीजल-पर-कम-हुआ-नुकसान</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/petrol-diesel-news-अब-तेल-कंपनियों-को-1-लीटर-पेट्रोल-पर-कितना-घाटा-हो-रहा-है-डीजल-पर-कम-हुआ-नुकसान</guid>
        <description><![CDATA[ Petrol Diesel News: पिछले महीने यानी मई 2026 में करीब चार बार पेट्रोल- डीजल की कीमतों में इजाफा हुआ. जिससे आम जनता काफी परेशान और तनाव में आ गई थी. लोग दुआ कर रहे थे कि जल्द से जल्द ईरान और यूएस के बीच चल रहा युद्ध शांत हो, जिससे महंगाई ना बढ़े. वहीं अब जब खबरें ऐसी सामने आई हैं कि ईरान और यूएस के बीच शांति वार्ता हो गई है, तब लोगों ने राहत की सांस ली है. इसी बीच तेल कंपनियों के लिए भी अच्छी खबर है.
सरकार ने जारी किए आंकड़ेदरअसल हाल ही में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने खुलासा किया है कि तेल कंपनियों का घाटा अब काफी कम हो गया है. पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने हाल ही में एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान बताया कि, तेल विपणन कंपनियों (OMCs) को पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर होने वाला घाटा काफी कम हुआ है. उन्होंने आंकड़े जारी करते हुए बताया कि पेट्रोल पर प्रति लीटर घाटा 24 रुपये से घटकर 3 रुपये रह गया है, यानी इसमें 83% की कमी आई है. वहीं डीजल पर घाटा 105 रुपये प्रति लीटर से घटकर 27 रुपये रह गया है, जो 75% की कमी दर्शाता है.
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कैसे हुआ तेल कंपनियों का घाटा कम?वहीं हाल ही में सरकार ने भी तेल कंपनियों की मदद करने के लिए फंड दिया. वित्त विभाग के मुताबिक उन्होंने तेल विपणन कंपनियों को 1.23 लाख करोड़ रुपये की मदद की है. वो ऐसे कि केंद्र सरकार ने उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ ना डालने के लिए पेट्रोल- डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती कर तेल कंपनियों को राहत दी. ये भी एक बड़ी वजह है कि तेल कंपनियों का घाटा कम हुआ है.
बता दें कि ईरान और यूएस के बीच चल रहे युद्ध की वजह से क्रूड ऑइल की कीमतों में इजाफा हुआ था. जिसक चलते मई के महीने में केंद्र सरकार ने ईंधन की कीमतों में चार बार बढ़ोतरी की थी. इसके बाद भी तेल कंपनियों का कुल घाटा घटकर करीब 600 करोड़ रुपये प्रतिदिन रह गया था. इससे पहले 18 मई 2026 को ये आंकड़ा करीब 750 करोड़ रुपये प्रतिदिन था.
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        <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 01:30:15 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Petrol-Diesel, News:, अब, तेल, कंपनियों, को, लीटर, पेट्रोल, पर, कितना, घाटा, हो, रहा, है, डीजल, पर, कम, हुआ, नुकसान</media:keywords>
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        <title>Investment Scheme: हर महीने 30 लाख कमाने का मौका, वीडियो में PM मोदी ने बता दी निवेश की नई स्कीम?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/investment-scheme-हर-महीने-30-लाख-कमाने-का-मौका-वीडियो-में-pm-मोदी-ने-बता-दी-निवेश-की-नई-स्कीम</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/investment-scheme-हर-महीने-30-लाख-कमाने-का-मौका-वीडियो-में-pm-मोदी-ने-बता-दी-निवेश-की-नई-स्कीम</guid>
        <description><![CDATA[ Investment Scheme: अपने सुरक्षित भविष्य के लिए हर कोई निवेश तो जरूर करता है. फिर बत जब सरकारी कंपनी में सरकार के द्वारा बताई गई किसी स्कीम में निवेश करने की आती है तो इससे बेहतर क्या हो सकता है. ऐसे में हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पीएम नरेंद्र मोदी लोगों से अपील कर रहे हैं कि वो एक स्कीम में निवेश करें. जिसमें उन्हें 30 लाख रुपये हर महीने कमाने का मौका मिलेगा. क्या वाकई में ऐसा हो सकता है? आइये जानते हैं!
क्या है पूरा मामला?दरअसल सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट फेसबुक पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में पीएम नरेंद्र मोदी, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, मुकेश अंबानी और सुधा मूर्ति नजर आ रहे हैं. वीडियो में एक स्कीम के बारे में बात की जा रही है, जिसमें कहा जा रहा है कि महज 22 हजार रुपये निवेश करने पर 30 लाख रुपये हर महीने मिलेंगे. इस स्कीम में निवेश करने की अपील पीएम मोदी और वित्त मंत्री दोनों ही कर रहे हैं. अब हाल ही में इस खबर की सच्चाई सामने आई है.
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क्या है वायरल वीडियो की सच्चाई?इस खबर की सच्चाई बताते हुए सरकारी एजेंसी PIB फैक्ट चेक ने साफ कर दिया है कि ये फेक वीडियो है और ऐसे किसी स्कैम से बचकल रहें. इस वीडियो को शेयर कर फेक बताते हुए एजेंसी ने कैप्शन में लिखा है, &#039;ऑनलाइन &#039;आसान पैसे&#039; वाले स्कैम से सावधान रहें. फेसबुक पर एक AI-जनरेटेड वीडियो फैल रहा है. इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को एक इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म का समर्थन करते हुए गलत तरीके से दिखाया गया है. वीडियो में दावा किया गया है कि 22,000 रुपये के निवेश पर रोजाना 1 लाख रुपये और महीने में 30 लाख तक का रिटर्न मिल सकता है.&#039;

???? Don&amp;rsquo;t Fall for &#039;Easy Money&#039; Scams Online ❗A #Facebook advertisement is circulating an AI-generated video that falsely shows Prime Minister Narendra Modi and Union Finance Minister Nirmala Sitharaman endorsing an investment platform, claiming returns of up to ₹1 lakh per&amp;hellip; pic.twitter.com/lEERMJsjqx
&amp;mdash; PIB Fact Check (@PIBFactCheck) June 15, 2026



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PIB ने किया लोगों को सावधानपीआईबी फैक्ट चेक ने इस वीडियो को पूरी तरह से फेक और गलत बताया है. साथ ही लोगों से सावधान रहने की अपील करते हुए लिखा है:&amp;nbsp;

ये वीडियो फेक है और इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल करके बनाया गया है.
न तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, न ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और न ही भारत सरकार ने ऐसी किसी इन्वेस्टमेंट स्कीम या प्लेटफॉर्म का समर्थन, मंजूरी या प्रचार किया है.
धोखेबाज अक्सर लोगों को ठगने के लिए AI-जनरेटेड कंटेंट, झूठे समर्थन और बहुत ज्यादा रिटर्न के वादों का इस्तेमाल करते हैं.
पैसे निवेश करने या अपनी पर्सनल या फाइनेंशियल जानकारी शेयर करने से पहले, हमेशा ऐसे दावों की आधिकारिक स्रोतों से पुष्टि करें.
गलत जानकारी और ऑनलाइन धोखाधड़ी को रोकने में मदद करें. संदिग्ध या छेड़छाड़ किए गए कंटेंट की रिपोर्ट करें.

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        <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 01:30:14 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Investment, Scheme:, हर, महीने, लाख, कमाने, का, मौका, वीडियो, में, मोदी, ने, बता, दी, निवेश, की, नई, स्कीम</media:keywords>
    </item>
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        <title>Mukesh Ambani News: एक बार में ही कर दिए करोड़ों दान, केदारनाथ&amp;बद्रीनाथ पहुंचे मुकेश अंबानी, जानें कितनी रकम की डोनेट</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/mukesh-ambani-news-एक-बार-में-ही-कर-दिए-करोड़ों-दान-केदारनाथ-बद्रीनाथ-पहुंचे-मुकेश-अंबानी-जानें-कितनी-रकम-की-डोनेट</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/mukesh-ambani-news-एक-बार-में-ही-कर-दिए-करोड़ों-दान-केदारनाथ-बद्रीनाथ-पहुंचे-मुकेश-अंबानी-जानें-कितनी-रकम-की-डोनेट</guid>
        <description><![CDATA[ Mukesh Ambani News: देश के सबसे अमीर परिवारों में टॉप पर रहने वाला अंबानी परिवार कितना धार्मिक है, ये तो हम सभी जानते हैं. अंबानी परिवार के सदस्य अक्सर मंदिरों में पूजा- पाठ करते नजर आते हैं. इसी कड़ी में हाल ही में रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में बाबा महादेव के दर्शन करने पहुंचे. यहां से उनकी कई फोटोज भी सोशल मीडिया पर सामने आी हैं. जिनमें वो भक्तिभाव के साथ भगवान भोलेनाथ के दर्शन कर रहे हैं.
केदारनाथ में किया जलाभिषेकमुकेश अंबानी आज यानी सोमवार को हेलीकॉप्टर से पहले केदारनाथ धाम पहुंचे. यहां उन्होंने भगवान शिव के दर्शन किए, साथ ही उनका जलाभिषेक भी किया. इस दौरान उनके साथ परिवार से कोई सदस्य मौजूद नहीं था. वे अकेले ही दर्शन के लिए पहुंचे थे. मुकेश अंबानी इस दौरान मंदिर प्रशासन के साथ फोटो भी क्लिक करवाते नजर आए. उनके ये फोटोज न्यूज एजेंसी ANI ने शेयर किए हैं.

Uttarakhand | Mukesh Ambani, Chairman and Managing Director of Reliance Industries Limited, visited Badrinath and Kedarnath temples. pic.twitter.com/OfblJRvHgn
&amp;mdash; ANI (@ANI) June 15, 2026



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बद्रीनाथ धाम में की पूजामुकेश अंबानी ने केदारनाथ धाम के दर्शन करने के बाद बद्रीनाथ धाम में भी दर्शन किए. ना केवल दर्शन बल्कि वो मंदिर में भगवान की अच्छे से पूजा-अर्चना करते नजर आए. महादेव की आरती करते हुए उनका एक वीडियो भी सामने आया है. इसके अलावा कुछ फोटोज में वो बड़े ही भक्तिभाव से हाथ जोड़कर भगवान के दर्शन करते नजर आ रहे हैं.

#WATCH | Uttarakhand | Mukesh Ambani, Chairman and Managing Director of Reliance Industries Limited, offered prayers at Badrinath temple pic.twitter.com/N9vtq5zooL
&amp;mdash; ANI (@ANI) June 15, 2026



दो घंटे में दर्शन, 10 करोड़ दानमुकेश अंबानी ने महज दो घंटे में ही बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम के दर्शन कर लिए. वो करीब सुबह 10 बजे हैलीकॉप्टर से उतरे, जिसके बाद महज 20 मिनट में ही बद्रीविशाल के दर्शन किए. जहां उन्होंनें मंदिर में 5 करोड़ रुपये का दान किया. तो वहीं इसके बाद केदारनाथ धाम भी पहुंचे, यहां भी उन्होंने 5 करोड़ रुपये का दान किया. कुल मिलाकर मुकेश अंबानी मंदिर समिति के पास 10 करोड़ रुपये का दान देकर आए हैं.
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        <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 01:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Mukesh, Ambani, News:, एक, बार, में, ही, कर, दिए, करोड़ों, दान, केदारनाथ-बद्रीनाथ, पहुंचे, मुकेश, अंबानी, जानें, कितनी, रकम, की, डोनेट</media:keywords>
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    <item>
        <title>ग्लोबल संकेतों ने बदला बाजार का मूड, जानिए किन सेक्टर्स ने कराई निवेशकों की बंपर कमाई</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/ग्लोबल-संकेतों-ने-बदला-बाजार-का-मूड-जानिए-किन-सेक्टर्स-ने-कराई-निवेशकों-की-बंपर-कमाई</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/ग्लोबल-संकेतों-ने-बदला-बाजार-का-मूड-जानिए-किन-सेक्टर्स-ने-कराई-निवेशकों-की-बंपर-कमाई</guid>
        <description><![CDATA[ Share Market News: भारतीय इक्विटी बेंचमार्क ने सोमवार, 15 जून को लगभग 1 प्रतिशत की वृद्धि के साथ समाप्त किया, जब यू.एस. और ईरान ने मध्य पूर्व में संघर्ष समाप्त करने और होर्मुज&amp;nbsp; को फिर से खोलने के उद्देश्य से एक प्रारंभिक समझौते की घोषणा की. इस विकास ने ऊर्जा आपूर्ति के बारे में चिंताओं को कम किया, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट आई और वैश्विक बाजारों में निवेशकों की भावना को बढ़ावा मिला.
निफ्टी 50 ने 350 से अधिक अंकों की गैप-अप के साथ खुला लेकिन सत्र के दौरान अपने शुरुआती लाभ का कुछ हिस्सा खो दिया, इंट्राडे निम्न स्तर 23,817.80 तक छूने के बाद 23,900 के स्तर के आसपास मंडराने लगा. अंततः बेंचमार्क इंडेक्स 23,853.90 पर बंद हुआ, जो 231 अंक या 0.98 प्रतिशत ऊपर था. सेंसेक्स 736.38 अंक या 0.97 प्रतिशत बढ़कर 76,264.33 पर बंद हुआ. बैंक निफ्टी भी 0.68 प्रतिशत बढ़ा, जबकि इंडिया VIX, बाजार का डर गेज, 2.5 प्रतिशत घटा, जो अस्थिरता की चिंताओं को कम करता है.
Mukesh Ambani News: एक बार में ही कर दिए करोड़ों दान, केदरनाथ-बद्रीनाथ पहुंचे मुकेश अंबानी, जानें कितनी रकम की डोनेट
 शीर्ष 3 मूल्य-वॉल्यूम ब्रेकआउट स्टॉक्स: 
आईएफसीआई लिमिटेड: आईएफसीआई लिमिटेड ने 30.98 करोड़ शेयरों के वॉल्यूम के साथ एक मजबूत ट्रेडिंग सत्र देखा. स्टॉक ने रु 91.30 का उच्चतम स्तर छुआ, जो इसका 52-सप्ताह का उच्चतम भी है, और वर्तमान में रु 89.00 पर ट्रेड कर रहा था, जो पिछले बंद रु 84.57 की तुलना में 5.24 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है. कंपनी का बाजार पूंजीकरण रु 23,414.13 करोड़ है. स्टॉक ने 92.52 प्रतिशत रिटर्न अपने 52-सप्ताह के निचले स्तर से दिया है. इस काउंटर ने सत्र के दौरान वॉल्यूम स्पाइक के साथ मूल्य-वॉल्यूम ब्रेकआउट दर्ज किया.
कल्याण ज्वैलर्स इंडिया लिमिटेड: कल्याण ज्वैलर्स इंडिया लिमिटेड ने 3.92 करोड़ शेयरों का ट्रेडेड वॉल्यूम दर्ज किया. स्टॉक ने रु 386.70 का इंट्राडे उच्चतम स्तर छुआ और वर्तमान में रु 382.50 पर ट्रेड कर रहा था, जो इसके पिछले बंद रु 344.75 से ऊपर था, 10.95 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज कर रहा था. कंपनी का बाजार पूंजीकरण रु 39,511.58 करोड़ था. हालांकि यह अपने 52-सप्ताह के उच्चतम रु 617.70 से नीचे बना हुआ है, स्टॉक ने 16.95 प्रतिशत रिटर्न अपने 52-सप्ताह के निचले स्तर से उत्पन्न किया है. स्टॉक ने वॉल्यूम स्पाइक के साथ मूल्य-वॉल्यूम ब्रेकआउट देखा.
हर महीने 30 लाख कमाने का मौका, वीडियो में PM मोदी ने बता दी निवेश की नई स्कीम?
अशोका बिल्डकॉन लिमिटेड: अशोका बिल्डकॉन लिमिटेड ने सत्र के दौरान 3.87 करोड़ शेयरों की ट्रेडिंग गतिविधि देखी. स्टॉक ने रु 140.13 का उच्चतम स्तर छुआ और वर्तमान में रु 131.80 पर ट्रेड कर रहा था, जबकि इसका पिछला बंद मूल्य रु 123.06 था, जो 7.10 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है. कंपनी का बाजार पूंजीकरण रु 3,712.34 करोड़ है. स्टॉक ने अपने 52-सप्ताह के निचले स्तर से 30.50 प्रतिशत रिटर्न दिया है, जबकि यह अपने 52-सप्ताह के उच्चतम स्तर रु 218.44 से नीचे बना हुआ है. काउंटर ने एक मूल्य-वॉल्यूम ब्रेकआउट और वॉल्यूम स्पाइक दर्ज किया, जो बढ़ी हुई ट्रेडिंग भागीदारी का संकेत देता है.
&amp;nbsp;
 ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 01:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>ग्लोबल, संकेतों, ने, बदला, बाजार, का, मूड, जानिए, किन, सेक्टर्स, ने, कराई, निवेशकों, की, बंपर, कमाई</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>Petrol Diesel Price Today: 15 जून को फिर बढ़े पेट्रोल&amp;डीजल के दाम? जानें आपके शहर में क्या है ताजा रेट</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/petrol-diesel-price-today-15-जून-को-फिर-बढ़े-पेट्रोल-डीजल-के-दाम-जानें-आपके-शहर-में-क्या-है-ताजा-रेट</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/petrol-diesel-price-today-15-जून-को-फिर-बढ़े-पेट्रोल-डीजल-के-दाम-जानें-आपके-शहर-में-क्या-है-ताजा-रेट</guid>
        <description><![CDATA[ Petrol-Diesel Price Today: देशभर में 15 जून 2026 को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. तेल विपणन कंपनियों ने आज भी ईंधन के दाम स्थिर रखे हैं. हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है और मिडिल ईस्ट तनाव की वजह से बाजार की नजर क्रूड ऑयल पर टिकी हुई है. यहां से आप अपने शहर अनुसार, पेट्रोल और डीजल के दाम देख सकते हैं.
पिछले महीने बढ़े थे पेट्रोल-डीजल के दाम
&amp;nbsp;मई 2026 में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी. इसके बाद से तेल कंपनियां लगातार कीमतों की समीक्षा कर रही हैं, लेकिन फिलहाल उपभोक्ताओं को राहत देते हुए दाम स्थिर रखे गए हैं.
शहरों अनुसार पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट-&amp;nbsp;



शहर&amp;nbsp;&amp;nbsp;
पेट्रोल (₹/लीटर)
डीजल (₹/लीटर)


दिल्ली&amp;nbsp;&amp;nbsp;
₹102.12
₹95.20


मुंबई&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;
₹111.21
₹97.83


कोलकाता&amp;nbsp;
₹113.47 &amp;nbsp;
₹99.82


चेन्नई&amp;nbsp;
₹107.88
₹99.65


लखनऊ&amp;nbsp; &amp;nbsp;
₹101.86
₹95.36


नोएडा&amp;nbsp;
₹102.12
₹95.56 &amp;nbsp;



इन 3 स्टॉक्स में दिखा तगड़ा प्राइस-वॉल्यूम ब्रेकआउट, सोमवार को रहेगी नजर
बिहार में क्या है पेट्रोल का भाव?
बिहार की राजधानी पटना में पेट्रोल की कीमत करीब ₹113.37 प्रति लीटर बनी हुई है. राज्य में स्थानीय टैक्स और वैट के कारण पेट्रोल की कीमतें देश के कई अन्य राज्यों की तुलना में अधिक हैं.&amp;nbsp;
क्यों अलग-अलग होते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम?
हर राज्य में VAT, स्थानीय टैक्स, फ्रेट चार्ज और डीलर कमीशन अलग-अलग होता है. यही वजह है कि दिल्ली, मुंबई, पटना और लखनऊ जैसे शहरों में ईंधन की कीमतें अलग-अलग देखने को मिलती हैं.&amp;nbsp;
मस्क की दौलत के आगे बौनी दिखी RCB, 561 बार खरीदने की ताकत, भारत की GDP से जुड़ा है आंकड़ा
आगे बढ़ सकते हैं दाम?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल महंगा बना रहता है और मिडिल ईस्ट तनाव बढ़ता है तो आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है. फिलहाल तेल कंपनियों ने कीमतों को स्थिर रखा है.
ऐसे चेक करें अपने शहर का रेट
आप इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम की वेबसाइट या SMS सेवा के जरिए अपने शहर के ताजा पेट्रोल-डीजल रेट चेक कर सकते हैं. कीमतें रोज सुबह 6 बजे अपडेट होती हैं. ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 12:30:17 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Petrol, Diesel, Price, Today:, जून, को, फिर, बढ़े, पेट्रोल-डीजल, के, दाम, जानें, आपके, शहर, में, क्या, है, ताजा, रेट</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>Crude Oil Price: अमेरिका&amp;ईरान समझौते से धड़ाम हुआ कच्चा तेल, एक झटके में 4% टूटे दाम</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/crude-oil-price-अमेरिका-ईरान-समझौते-से-धड़ाम-हुआ-कच्चा-तेल-एक-झटके-में-4-टूटे-दाम</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/crude-oil-price-अमेरिका-ईरान-समझौते-से-धड़ाम-हुआ-कच्चा-तेल-एक-झटके-में-4-टूटे-दाम</guid>
        <description><![CDATA[ Crude Oil Price: कच्चे तेल की कीमतों में सोमवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली. अमेरिका और ईरान के बीच समझौते की खबर आते ही वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें धड़ाम हो गईं. ब्रेंट क्रूड करीब 4% टूटकर 83.96 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि अमेरिकी क्रूड (WTI) भी फिसलकर 80.25 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया.&amp;nbsp;
क्यों गिरे तेल के दाम?
पिछले कई महीनों से अमेरिका और ईरान के बीच तनाव की वजह से तेल बाजार में चिंता बनी हुई थी. निवेशकों को डर था कि तनाव बढ़ने पर तेल सप्लाई प्रभावित हो सकती है. लेकिन अब दोनों देशों के बीच समझौते की खबर आने के बाद बाजार को राहत मिली है.&amp;nbsp;
15 जून को फिर बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम? जानें आपके शहर में क्या है ताजा रेट
होर्मुज जलडमरूमध्य खुलने की उम्मीद
इस समझौते का सबसे बड़ा असर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर पड़ा है. यह दुनिया का सबसे अहम तेल मार्ग माना जाता है, जहां से वैश्विक तेल सप्लाई का बड़ा हिस्सा गुजरता है. समझौते के बाद इस मार्ग के फिर से सामान्य रूप से खुलने की उम्मीद बढ़ गई है, जिससे सप्लाई को लेकर चिंता कम हुई है.&amp;nbsp;

BREAKING: Brent crude futures fell 4% to $83.96 a barrel after the announcement of an agreement between Tehran and Washington, according to Reuters. US crude futures also touched a session low of $80.25 a barrel.???? More on https://t.co/hGzrK2N8WC pic.twitter.com/11skUFh3gJ
&amp;mdash; Al Jazeera Breaking News (@AJENews) June 14, 2026



शेयर बाजार को भी मिला सहारा
तेल सस्ता होने की खबर से एशियाई शेयर बाजारों में भी तेजी देखने को मिली. निवेशकों को उम्मीद है कि अगर कच्चा तेल सस्ता रहता है तो महंगाई पर दबाव कम होगा और वैश्विक अर्थव्यवस्था को राहत मिलेगी.&amp;nbsp;
भारत के लिए क्यों है अच्छी खबर?
भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है. ऐसे में तेल की कीमतें घटने से देश का आयात बिल कम हो सकता है. इससे पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर दबाव कम होगा और महंगाई को भी राहत मिल सकती है. हालांकि इसका सीधा फायदा कब मिलेगा, यह सरकार और तेल कंपनियों के फैसलों पर निर्भर करेगा.
इन 3 स्टॉक्स में दिखा तगड़ा प्राइस-वॉल्यूम ब्रेकआउट, सोमवार को रहेगी नजर
आगे क्या रहेगा फोकस?
एक्सपर्ट्स का कहना है कि फिलहाल बाजार की नजर अमेरिका-ईरान समझौते के अगले चरण पर रहेगी. अगर समझौता पूरी तरह लागू होता है और तेल सप्लाई सामान्य रहती है तो कच्चे तेल की कीमतों में और नरमी देखने को मिल सकती है.&amp;nbsp;
निवेशकों के लिए क्या मायने?
तेल की कीमतों में गिरावट एयरलाइन, पेंट, केमिकल और तेल पर निर्भर कई सेक्टरों के लिए सकारात्मक मानी जाती है. वहीं तेल उत्पादक कंपनियों पर इसका कुछ दबाव देखने को मिल सकता है. कुल मिलाकर, अमेरिका-ईरान समझौते की खबर ने तेल बाजार को बड़ी राहत दी है और इसी के चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई.
 ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 12:30:15 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Crude, Oil, Price:, अमेरिका-ईरान, समझौते, से, धड़ाम, हुआ, कच्चा, तेल, एक, झटके, में, टूटे, दाम</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>LPG Rate Today: पटना&amp;श्रीनगर में 1000 रुपये के पार बिक रहा घरेलू सिलेंडर, आपके शहर में अभी क्या चल रहा भाव?</title>
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        <description><![CDATA[ LPG Rate Today on June 15: आज सोमवार को देशभर में गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. देश की तेल विपणन कंपनियों (OMcs) ने इसके रेट को स्थिर रखने का फैसला लिया है. इसी के साथ दिल्ली में आज 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी की कीमत 942 रुपये है. हाल के समय में घरेलू सिलेंडर की कीमतों में हुई 29 रुपये की बढ़ोतरी के बाद नए रेट लागू हो चुके हैं. अलग-अलग राज्यों में स्थानीय कर (VAT) और माल ढुलाई के खर्च के चलते कीमतें थोड़ी ऊपर-नीचे हैं.&amp;nbsp;
शहरवार LPG की कीमतें



शहर
घरेलू सिलेंडर की कीमत
कमर्शियल सिलेंडर की कीमत


दिल्ली
942.0 रुपये
3113.5 रुपये


मुंबई
941.5 रुपये
3067.5 रुपये


कोलकाता
968.0 रुपये
3256.0 रुपये


चेन्नई&amp;nbsp;
957.5 रुपये
&amp;nbsp;3283.0 रुपये


जयपुर
945.5 रुपये
3141.0 रुपये


नोएडा/गाजियाबाद
&amp;nbsp;939.50 रुपये
3113.50 रुपये


पटना
1031.5 रुपये
&amp;nbsp;3400.5 रुपये


शिलॉन्ग
1009.0 रुपये
&amp;nbsp;3378.5 रुपये


श्रीनगर&amp;nbsp;
1058.0 रुपये
3420.0 रुपये



क्यों बढ़ती जा रहीं कीमतें?
सरकार और तेल कंपनियों के अनुसार, एलपीजी की कीमतों में यह बढ़ोतरी अंतर्राष्ट्रीय बाजार में बढ़ती लागत और तेल मार्केटिंग कंपनियों पर बढ़ते वित्तीय दबाव के कारण हुई है. रिपोर्टों से पता चलता है कि कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद कंपनियों को घरेलू LPG सिलेंडर पर नुकसान हो रहा है.
1 जून से 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में भी 42 रुपये से 54 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है. इससे होटलों, रेस्तरां और छोटे व्यवसायों की परिचालन लागत पर असर पड़ रहा है. LPG सिलेंडर की कीमतें हर महीने की शुरुआत में तय की जाती हैं. उपभोक्ता इंडेन, भारत गैस और HP गैस की वेबसाइटों या मोबाइल ऐप के माध्यम से अपने शहर के लिए लेटेस्ट दरें देख सकते हैं.

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        <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 12:30:14 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Stocks to Watch Today: वेदांता से RBL Bank तक... आज इन शेयरों में बन सकते हैं बड़े मौके, चेक करें पूरी लिस्ट</title>
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        <description><![CDATA[ Stocks to watch today on June 15: भारतीय शेयर बाजार के लिए आज से एक और नया कारोबारी हफ्ता शुरू हो रहा है. आज सोमवार के ट्रेडिंग सेशन में कॉर्पोरेट खबरों, नतीजों और बड़े सौदों के कारण कई प्रमुख शेयर्स फोकस में रहने वाले हैं. आइए इन पर एक नजर डालते हैं:-
Vedanta Limited- आज वेदांता ग्रुप के शेयरों पर निवेशकों की सबसे ज्यादा नजर रहेगी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वेदांता के डीमर्जर के बाद इसकी चार नई कंपनियां- Vedanta Aluminium Metal, Vedanta Oil &amp;amp; Gas, Vedanta Power और Vedanta Iron &amp;amp; Steel आज स्टॉक एक्सचेंजों (BSE/NSE) में लिस्ट होने जा रही हैं. ऐसे में शेयरहोल्डर्स के लिए वैल्यू अनलॉकिंग के लिहाज से यह एक बड़ा मौका है.&amp;nbsp;
Kotak Mahindra Bank- कोटक महिंद्रा बैंक का शेयर आज कई विश्लेषकों के लिए टॉप पिक बना हुआ है. शेयर ने एक मजबूत रेजिस्टेंस को पार कर एक मजबूत ब्रेकआउट दिखाया है और तकनीकी तौर पर इसमें तेजी की संभावना है.&amp;nbsp;
HDFC Bank &amp;amp; ICICI Bank- ये दोनों ही बैंकिंग स्टॉक लगातार संस्थागत खरीदारी (Institutional Buying) के लिए निवेशकों की रडार पर है.&amp;nbsp;
RBL Bank- बैंक के बोर्ड ने 12 जून से बैंक के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) और की मैनेजेरियल पर्सनल (KMP) के तौर पर भाविन लखपतवाला की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है. दीपक रुइया अब बैंक के KMP नहीं रहेंगे और डिप्टी CFO के तौर पर अपनी भूमिका निभाते रहेंगे. इस कॉर्पोरेट गतिविधि के चलते आज RBL बैंक के शेयर फोकस में रहने वाले हैं.
Hindustan Petroleum Corportation- बोर्ड ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए प्रति शेयर 19.25 रुपये के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है.&amp;nbsp;रिकॉर्ड डेट 14 अगस्त तय की गई है.
Larsen &amp;amp; Toubro (L&amp;amp;T)- कैपेस पुश के दम पर इतिहास में पहली बार इसके शेयर 4000 के पार बंद हुए हैं इसलिए ये आज भी फोकस में रहेंगे.
Meesho- कंपनी ने कम्युनिटी-बेस्ड B2B कॉमर्स प्लेटफॉर्म &#039;किराना क्लब&#039; को 202.08 करोड़ रुपये में खरीदने का ऐलान किया है. यह डील तीन किश्तों में पूरी होगी. इस अधिग्रहण के बाद किराना क्लब कंपनी की पूरी तरह से मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी बन जाएगी, जबकि रिटेल पल्स लैब्स प्राइवेट लिमिटेड (RPLPL) एक स्टेप-डाउन सब्सिडियरी बन जाएगी. कंपनी किराना क्लब के जरिए 99.59 प्रतिशत हिस्सेदारी अप्रत्यक्ष रूप से और बाकी 0.41 प्रतिशत हिस्सेदारी सीधे अपने पास रखेगी.
Power Grid Corporation of India- कंपनी को काकीनाडा इलाके (फेज I) में प्रस्तावित ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया प्रोजेक्ट्स के लिए &#039;बिल्ड, ओन, ऑपरेट एंड ट्रांसफर&#039; (BOOT) आधार पर इंटर-स्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम (ISTS) बनाने के लिए सफल बोलीदाता घोषित किया गया है. इस प्रोजेक्ट में आंध्र प्रदेश में एक नया 765/400 kV GIS सबस्टेशन बनाना, साथ ही STATCOM और 765 kV ट्रांसमिशन लाइन का काम शामिल है.
Aurobindo Pharma- यूनाइटेड स्टेट्स फ़ूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (US FDA) ने 27 जनवरी से 6 फरवरी, 2026 के बीच तेलंगाना में &amp;nbsp;इसके &#039;यूगिया यूनिट-III&#039; का निरीक्षण किया. यह &#039;यूगिया फार्मा स्पेशलिटीज&#039; की फॉर्मूलेशन बनाने वाली फैसिलिटी है, जो &#039;ऑरोबिंदो फार्मा&#039; की पूरी तरह से अपनी सब्सिडियरी कंपनी है. निरीक्षण के बाद 11 ऑब्जर्वेशन (निरीक्षण-टिप्पणियां) सामने आई हैं.
Ashoka Buildcon- कंपनी को छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम से रायपुर में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत जेम्स एंड ज्वैलरी पार्क विकसित करने के लिए &#039;लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस&#039; (LoA) मिला है# इस प्रोजेक्ट के लिए तय प्रीमियम राशि 112.40 करोड़ रुपये है.
डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)

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        <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 12:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Stocks, Watch, Today:, वेदांता, से, RBL, Bank, तक..., आज, इन, शेयरों, में, बन, सकते, हैं, बड़े, मौके, चेक, करें, पूरी, लिस्ट</media:keywords>
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    <item>
        <title>Bank Holidays Next Week: कल सोमवार को बैंक खुला रहेगा या बंद? जानें 15&amp;21 जून के बीच RBI की छुट्टियों की लिस्ट</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/bank-holidays-next-weekकल-सोमवार-को-बैंक-खुला-रहेगा-या-बंद-जानें-15-21-जून-के-बीच-rbi-की-छुट्टियों-की-लिस्ट</link>
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        <description><![CDATA[ Bank Holidays Next Week: कल यानी कि 15 जून से एक नया हफ्ता शुरू हो रहा है. ऐसे में अगर आपको 15-21 जून के बीच कैश जमा करने, KYC डॉक्यूमेंट जमा करने, चेक क्लियर करने, पासबुक अपडेट करने या बैंक लॉकर का इस्तेमाल करने के लिए बैंक जाना है, तो यह खबर आपके लिए है.
बता दें कि इस हफ्ते अलग-अलग राज्यों में स्थानीय त्योहारों और वीकेंड के चलते बैंक 3 दिन बंद रहने वाले हैं. चूंकि यह महीने का तीसरा हफ्ता है इसलिए शनिवार (20 जून) को बैंक खुले रहेंगे. आइए देखते हैं कि भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) की लिस्ट के हिसाब से अगले हफ्ते किस-किस दिन बैंक की छुट्टियां हैं?
15 जून (सोमवार)- राजा संक्राति और YMA डे के तौके पर ओडिशा और मिजोरम में बैंक की शाखाएं बंद रहेंगी. बाकी पूरे देश में सामान्य रूप से कामकाज होगा.&amp;nbsp;
17 जून (बुधवार)- महाराणा प्रताप जयंती के उपलक्ष्य में केवल हरियाणा राज्य में बैंक बंद रहेंगे.&amp;nbsp;
18 जून (गुरुवार)- श्री गुरु अर्जुन देव जी के शहीदी दिवस के कारण विशेष रूप से पंजाब में बैंक बंद रहेंगे.&amp;nbsp;
21 जून (रविवार)- साप्ताहिक अवकाश के चलते देश भर में सभी बैंक बंद रहेंगे.&amp;nbsp;
जून में बैंकों में छुट्टियों की लिस्ट

15 जून (सोमवार)- आइजोल में &#039;यंग मिजो एसोसिएशन डे&#039; और ओडिशा में &#039;राजा संक्रांति&#039; के कारण बैंक बंद रहेंगे.
17 जून (बुधवार)- हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में &#039;महाराणा प्रताप जयंती&#039; के कारण बैंक बंद रहेंगे.
18 जून (गुरुवार)- पंजाब में &#039;श्री गुरु अर्जन देव जी के शहीदी दिवस&#039; पर छुट्टी रहेगी.
25 जून (गुरुवार)- विजयवाड़ा में &#039;मुहर्रम&#039; की छुट्टी रहेगी.
26 जून (शुक्रवार)- अगरतला, आइजोल, बेलापुर, बेंगलुरु, भोपाल, चेन्नई, हैदराबाद, जम्मू, कानपुर, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई, नागपुर, नई दिल्ली, पटना, रायपुर, रांची और श्रीनगर में &#039;मुहर्रम/आशूरा&#039; के कारण बैंक बंद रहेंगे.
29 जून (सोमवार)- शिमला में &#039;संत गुरु कबीर जयंती&#039; के कारण बैंक बंद रहेंगे.
30 जून (मंगलवार)- आइजोल में &#039;रेमना नी&#039; (Remna Ni) के कारण छुट्टी रहेगी

जून 2026 में वीकेंड पर बैंक की छुट्टियां
13 जून - दूसरा शनिवार
27 जून - चौथा शनिवार
रविवार- 7, 14, 21 और 28 जून
डिजिटल बैंकिंग सेवाएं रहेंगी चालू
छुट्टियों के मौके पर बैंक की शाखाएं बंद होने पर भी ग्राहक डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए कई तरह की सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं. इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग ऐप्स, UPI ट्रांजैक्शन, ATM सेवाएं और ऑनलाइन फंड ट्रांसफर जैसी सुविधाएं चौबीसों घंटे उपलब्ध रहती हैं.

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        <pubDate>Sun, 14 Jun 2026 20:30:18 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Bank, Holidays, Next, Week: कल, सोमवार, को, बैंक, खुला, रहेगा, या, बंद, जानें, 15-21, जून, के, बीच, RBI, की, छुट्टियों, की, लिस्ट</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>US&amp;Iran Peace Deal: अमेरिका&amp;ईरान के बीच आज डील पर दुनिया की नजर, खुल गया होर्मुज तो किन देशों की लगेगी लॉटरी?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/us-iran-peace-deal-अमेरिका-ईरान-के-बीच-आज-डील-पर-दुनिया-की-नजर-खुल-गया-होर्मुज-तो-किन-देशों-की-लगेगी-लॉटरी</link>
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        <description><![CDATA[ US-Iran Deal Impact: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्त करने के लिए आज (14 जून, 2026) एक ऐतिहासिक शांति समझौते पर हस्ताक्षर हो सकता है. इस समझौते के साथ ही फरवरी के आखिर से जारी उस जंग के खत्म होने की उम्मीदें फिर से तेज हो गई हैं, जिसके चलते वैश्विक तेल आपूर्ति को नुकसान पहुंचा है और पूरी दुनिया के सामने एक नई चुनौती पैदा हो गई है.
इन दो देशों के बीच मध्यस्थता कर रहे पाकिस्तान का कहना है कि समझौते का मसौदा पूरी तरह से तैयार है. ट्रंप ने कहा है कि समझौते के तुरंत बाद रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जलमार्ग &#039;Strait of Hormuz&#039; को सभी अंतर्राष्ट्रीय जहाजों और तेल टैंकरों के लिए फिर से खोल दिया जाएगा. अब सवाल आता है कि अगर वाकई में समझौते के बाद होर्मुज जलमार्ग को पूरी तरह से खोल दिया जाता है, तो इससे किन-किन देशों को सबसे ज्यादा फायदा होगा?&amp;nbsp;
सबसे ज्यादा फायदा पाने वाले आयातक देश
चीन- होर्मुज के खुलने से सबसे बड़ा फायदा चीन को होगा क्योंकि इस जलमार्ग से गुजरने वाले कुल तेल का 37.7% अकेला चीन आयात करता है. इसके बंद होने से चीन में कारोबार से लेकर आम जिंदगी पर भारी असर पड़ा है.&amp;nbsp;
भारत- भारत अपनी जरूरत का लगभग 50% कच्चा तेल (करीब 2.5-2.7 मिलियन बैरल) इसी रास्ते से मंगाता है. होर्मुज के खुलने से भारत का तेल के आयात पर बिल कम होगा, माल ढुलाई के खर्च में कमी आएगी और घरेलू बाजार में ईंधन की कीमतें स्थिर रखने में मदद मिलेगी.
दक्षिण कोरिया और जापान- दक्षिण कोरिया कुल तेल का 12% और जापान 10.9% हिस्सा इसी समुद्री रास्ते से मंगाता है. होर्मुज के खुलने से इनके लिए भी ऊर्जा संकट पूरी तरह से टल जाएगा.&amp;nbsp;&amp;nbsp;
फायदे में रहने वाले निर्यातक देश
सऊदी अरब- होर्मुज के रास्ते से कुल तेल निर्यात में सऊदी अरब की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा37.2% है. इसके खुलने से बिना किसी रुकावट के सऊदी एशियाई देशों में अपने खरीदारों को तेल भेज सकेगा.&amp;nbsp;
इराक और यूएई- तेल के कुल निर्यात में इराक 22.8% और संयुक्त अरब अमीरात 12.9% का योगदान रखता है. समुद्री नाकेबंदी हटने से इनका फंसा हुआ बिजनेस भी दोबारा से चालू हो जाएगा.&amp;nbsp;
कतर- कतर दुनिया का सबसे बड़ा LNG और हीलियम का सप्लायर है. दुनिया का 20% एलपीजी कतर से इसी रास्ते से होकर आता है.&amp;nbsp;
कुवैत- कुवैत की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से होर्मुज पर ही टिकी हुई है. अमेरिका और ईरान के बीच अगर शांति समझौते पर मुहर लगती है, तो ईरान पर से अमेरिकी प्रतिबंध हटेंगे, जिससे वह अपने बंदरगाहों से आधिकारिक रूप से 2 मिलियन बैरल प्रतिदिन से ज्यादा का तेल बेच पाएगा. इससे उसकी इकोनॉमी को बूस्ट मिलेगा.&amp;nbsp;
वैश्विक बाजारों को राहत&amp;nbsp;
होर्मुज से होकर अगर वापस से तेल और गैस की सप्लाई सुचारू रूप से होने लगे, तो अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम तेजी से नीचे गिरेंगे. इसके अलावा, समुद्री जहाजों का बीमा प्रीमियम भी सस्ता होगा, जिससे दुनियाभर में मंहगाई कम होने में मदद मिलेगी.

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Petrol-Diesel Price Cut: भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमत में 3.1% की गिरावट, सरकार ने समझाया पूरा गणित&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 14 Jun 2026 20:30:17 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>US-Iran, Peace, Deal:, अमेरिका-ईरान, के, बीच, आज, डील, पर, दुनिया, की, नजर, खुल, गया, होर्मुज, तो, किन, देशों, की, लगेगी, लॉटरी</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>Dividend Alert: हर शेयर पर 25 रुपये का बंपर डिविडेंड बांट रही टाटा ग्रुप की यह कंपनी, जानें कब है रिकॉर्ड डेट?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/dividend-alert-हर-शेयर-पर-25-रुपये-का-बंपर-डिविडेंड-बांट-रही-टाटा-ग्रुप-की-यह-कंपनी-जानें-कब-है-रिकॉर्ड-डेट</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/dividend-alert-हर-शेयर-पर-25-रुपये-का-बंपर-डिविडेंड-बांट-रही-टाटा-ग्रुप-की-यह-कंपनी-जानें-कब-है-रिकॉर्ड-डेट</guid>
        <description><![CDATA[ Dividend Stock News: टाटा ग्रुप की हॉस्पिटैलिटी सेक्टर से जुड़ी कंपनी बनारस होटल्स लिमिटेड (Benares Hotels Ltd) ने कारोबारी साल 2025-26 के लिए डिविडेंड देने का ऐलान किया है. कंपनी ने 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले हर इक्विटी शेयर पर 25 रुपये का डिविडेंड देने की सिफारिश की है.
इसके लिए रिकॉर्ड डेट 16 जुलाई, 2017 तय की गई है. यानी कि इस दिन तक कंपनी के रजिस्टर्ड रिकॉर्ड में आपका नाम होना चाहिए तभी आपको डिविडेंड का मुनाफा मिलेगा. आपको 15 जुलाई 2026 या उससे पहले इस शेयर को खरीदना होगा ताकि रिकॉर्ड डेट तक यह आपके डीमैट अकाउंट में क्रेडिट हो जाए.&amp;nbsp;
कंपनी ने क्या कहा?
कंपनी ने कहा, &quot;जैसा कि 29 अप्रैल, 2026 के हमारे लेटर में बताया गया है, बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 10 रुपये प्रति इक्विटी शेयर पर 25 रुपये का डिविडेंड देने की सिफारिश की है. अगर AGM में शेयरहोल्डर्स इसे मंजूरी देते हैं, तो लागू टैक्स (TDS) काटने के बाद सोमवार, 3 अगस्त, 2026 से डिविडेंड का भुगतान किया जाएगा.&quot;
कंपनी ने आगे कहा, &quot;सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (लिस्टिंग ऑब्लिगेशन्स एंड डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स) रेगुलेशंस, 2015 के रेगुलेशन 42 के तहत, फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए डिविडेंड पाने के हकदार सदस्यों की पहचान करने के लिए गुरुवार, 16 जुलाई, 2026 को &#039;रिकॉर्ड डेट&#039; तय किया गया है.&quot;
डिविडेंड से कितनी हो जाएगी कमाई?



आपके पास कंपनी के शेयरों की संख्या
प्रति शेयर डिविडेंड&amp;nbsp;
कुल अनुमानित डिविडेंड राशि


10 शेयर
25 रुपये
250 रुपये


50 शेयर
25 रुपये
1250 रुपये


100 शेयर
25 रुपये
2500 रुपये


500 शेयर
25 रुपये
12500 रुपये



निवेशकों के लिए जरूरी बातें
टैक्स में कटौती (TDS)- अगर एक वित्तीय वर्ष में आपका कुल डिविडेंड अमाउंट 5000 रुपये से अधिक होता है, तो कंपनी भुगतान करने से पहले 10% TDS काटेगी.
शेयर प्राइस एडजसमेंट- एक्स डिविडेंड डेट (16 जुलाई) को बनारस होटल्स के शेयर की कीमत में से 25 रुपये की कटौती (एडजस्टमेंट) देखी जा सकती है इसलिए सिर्फ डिविडेंड के लिए अंतिम दिनों में खरीदारी करते समय मार्केट रिस्क का ध्यान रखें.&amp;nbsp;
पात्रता माध्यम- शेयर आपके डीमैट अकाउंट में इलेक्ट्रॉनिक रूप में होने चाहिए या फिजिकल फॉर्म में ट्रांसफर की वैध प्रक्रिया 16 जुलाई, 2026 के कामकाजी घंटों के बंद होने से पहले पूरी होनी चाहिए.
डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)

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        <pubDate>Sun, 14 Jun 2026 20:30:15 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Dividend, Alert:, हर, शेयर, पर, रुपये, का, बंपर, डिविडेंड, बांट, रही, टाटा, ग्रुप, की, यह, कंपनी, जानें, कब, है, रिकॉर्ड, डेट</media:keywords>
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        <title>केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर! कब आएगी 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट? जानें सैलरी हाइक की पूरी टाइमलाइन</title>
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        <description><![CDATA[ 8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग को लेकर इस वक्त चर्चाएं तेज हो रही हैं. केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजर इस वक्त &#039;फिटमेंट फैक्टर&#039; पर है, जो सैलरी और पेंशन में बढ़ोतरी तय करने में अहम भूमिका निभाता है.
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इसका ऐलान कब किया जाएगा? बता दें कि आठवें वेतन आयोग के तहत फिटमेंट फैक्टर और सैलरी हाइक का ऐलान अगले साल जून या जुलाई के आसपास होने की संभावना है.&amp;nbsp;
आयोग कब तक देगा रिपोर्ट?&amp;nbsp;
इतिहास बताता है कि केंद्र सरकार जब भी नया वेतन आयोग गठित करती है, तो उसकी समीक्षा, हितधारकों के साथ बातचीत और अंतिम रिपोर्ट तैयार करने में कम से कम 18-24 महीने का समय लगता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार ने 8वें वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर, 2025 को किया था. इसके बाद सरकार ने आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए शुरुआती तौर पर 18 महीने का समय दिया.
हालांकि, हाल ही में विभिन्न विभागों और कर्मचारी यूनियनों से सुझाव व ज्ञापन स्वीकार करने की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 15 जून, 2026 कर दिया गया. आयोग द्वारा सभी सुझावों का विश्लेषण करने के बाद शुरुआती 2027 तक अपनी अतिम रिपोर्ट सरकार को सौंपे जाने की उम्मीद है.&amp;nbsp;
कैबिनेट की मंजूरी
आयोग से रिपोर्ट मिलने के बाद वित्त मंत्रालय इसका मूल्याकंन करेगा. पुराने ट्रेंड्स को देखते हुए केंद्रीय कैबिनेट द्वारा फिटमेंट फैक्टर और नए सैलरी स्ट्रक्चर का आधिकारिक ऐलान जून या जुलाई 2027 में होने की प्रबल संभावना है. बताया जा रहा है कि आयोग 2.64 से 2.86 के बीच फिटमेंट फैक्टर तय कर सकता है. इस हिसाब से मिनिमम बेसिक सैलरी में 47500 रुपये से 51500 के दायरे में बढ़ोतरी हो सकती है. इससे कर्मचारियों की टेक होम सैलरी में सीधे तौर पर 15-25% तक की शुद्ध बढ़ोतरी दर्ज होगी.&amp;nbsp;&amp;nbsp;
एरियर को लेकर क्या है नियम?
कर्मचारियों के मन में यह भी सवाल आ सकता है कि अगर ऐलान 2027 में होगा, तो 1 जनवरी 2026 से लेकर घोषणा की तारीख तक के समय का क्या होगा?
केंद्र सरकार का नियम है कि नया वेतन आयोग हमेशा अपनी तय तिथि (इस बार 1 जनवरी 2026) से ही प्रभावी माना जाएगा. यानी कि जून या जुलाई में जब कैबिनेट की इस पर मुहर लग जाएगी, तब से बढ़ी हुर्द सैलरी मिलनी शुरू हो जाएगी. इसके साथ ही, 1 जनवरी 2026 से लेकर लागू होने वोल महीने तक की पूरी बढ़ी हुई रकम (Basic Pay+DA) कर्मचारियों और पेंशनर्स को एरियर के रूप में एकमुश्त मिलेगी.&amp;nbsp;

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        <pubDate>Sun, 14 Jun 2026 20:30:14 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Elon Musk: दौलत के मामले में धनकुबेर अंबानी&amp;अडानी से कितने आगे हैं एलन मस्क, अंतर कर देगा हैरान</title>
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        <description><![CDATA[ Elon Musk Networth: एयरोस्पेस सेक्टर की दिग्गज कंपनी स्पेसएक्स (SpaceX) की अमेरिकी शेयर बाजार Nasdaq में लिस्टिंग हो चुकी है. इस आईपीओ ने वॉल स्ट्रीट और वैश्विक कॉर्पोरेट इतिहास के अब तक के सारे रिकॉर्ड्स तोड् दिए हैं.
स्पेसएक्स ने आईपीओ के जरिए बाजार से रिकॉर्ड 75 अरब डॉलर (लगभग 6.4 लाख करोड़) जुटाए हैं. इससे पहले दुनिया के इतिहास में सबसे बड़ा आईपीओ लाने का रिकॉर्ड तेल कंपनी &#039;सऊदी अरामको&#039; (29.4 अरब डॉलर) के नाम था, जिसे स्पेसएक्स ने दोगुने से भी अधिक अंतर से ध्वस्त कर दिया.&amp;nbsp;
19% का जबरदस्त उछाल
कंपनी का इश्यू प्राइस 135 डॉलर प्रति शेयर था. लिस्टिंग के तुरंत बाद इसमें 19% की जबरदस्त तेजी आई और यह 160 डॉलर के पार बंद हुआ. इस बंपर लिस्टिंग के साथ ही स्पेसएक्स का कुल मार्केट कैप 2 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 170 लाख करोड़) को पार कर गया.
अब स्पेसएक्स Apple, Microfost, Nvidia जैसी ट्रिलियन-डॉलर कंपनियों के क्लब में शामिल हो गई है. इस आईपीओ के बाद मस्क का टोटल नेटवर्थ भी अब 1.1 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 94.6 लाख करोड़) के अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच गया है. इसी के साथ मस्क अब दुनिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति गूगल के लैरी पेज से करीब तीन गुना अधिक अमीर हो चुके हैं.&amp;nbsp;&amp;nbsp;
अंबानी-अडानी से कितने अमीर मस्क?&amp;nbsp;
एलन मस्क की संपत्ति भारत के दो सबसे अमीर दिग्गजों- मुकेश अंबानी और गौतम अडानी की कुल संपत्ति से लगभग 905 डॉलर (करीब 77.8 लाख करोड़) ज्यादा है. ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स पर गौतम अडानी दुनिया के सबसे अमीर व्यक्तियों की सूची में 11वें स्थान पर हैं. वहीं मुकेश अंबानी 23वें सबसे अमीर आदमी हैं. जहां अडानी की दौलत 112 बिलियन डॉलर के आंकड़े को भी पार कर गई है.
वहीं, मुकेश अंबानी की दौलत 83 बिलियन डॉलर है. इस हिसाब से देखें तो मस्क अकेले गौतम अडानी से लगभग 8 गुना अधिक अमीर हैं. दोनों की दौलत के बीच का अंतर लगभग 988 अरब डॉलर या 85 लाख करोड़ है. इसी तरह से मस्क की कुल दौलत मुकेश अंबानी से लगभग 10 गुना ज्यादा है, यह अंतर 1017 &amp;nbsp;अरब डॉलर या 87.5 लाख करोड़ का है.&amp;nbsp;

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        <pubDate>Sun, 14 Jun 2026 04:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>मिडिल क्लास पर चौतरफा मार! सब्जी से लेकर ईंधन तक सब महंगा, अब कैसे चलेगा घर?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/मिडिल-क्लास-पर-चौतरफा-मार-सब्जी-से-लेकर-ईंधन-तक-सब-महंगा-अब-कैसे-चलेगा-घर</link>
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        <description><![CDATA[ हर महीने की शुरुआत में बजट बनाना अब पहले जितना आसान नहीं रह गया है. मिडिल क्लास परिवारों के लिए घर चलाने की लागत लगातार बढ़ती जा रही है. रसोई का खर्च हो, बच्चों की पढ़ाई हो या रोजाना आने-जाने का खर्च, लगभग हर मोर्चे पर जेब पर दबाव बढ़ा है. हाल के महीनों में खाद्य पदार्थों और ईंधन की कीमतों में तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है. खुदरा महंगाई दर में बढ़ोतरी के पीछे भी खाद्य और ईंधन लागत को प्रमुख वजह माना जा रहा है.
रसोई का बजट सबसे ज्यादा प्रभावित
सब्जियों, फलों और रोजमर्रा के खाद्य सामान की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर घरेलू बजट पर पड़ रहा है. पहले जो सामान एक तय रकम में आ जाता था, अब उसके लिए ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है. गर्मी, सप्लाई में रुकावट और बढ़ी हुई ढुलाई लागत ने खाद्य महंगाई को बढ़ावा दिया है. कई परिवारों का कहना है कि महीने का राशन बजट पिछले साल के मुकाबले काफी बढ़ चुका है, जबकि आय में उसी अनुपात में बढ़ोतरी नहीं हुई है.
HDFC के बाद अब इन बैंकों ने भी बढ़ा दीं ब्याज दरें, अब लोन पर ज्यादा भरनी होगी EMI
ईंधन महंगा तो सब कुछ महंगा
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर सिर्फ वाहन चलाने तक सीमित नहीं रहता. ट्रांसपोर्ट महंगा होने से सब्जियों, दूध, किराना और अन्य जरूरी सामान की लागत भी बढ़ जाती है. यही वजह है कि ईंधन की हर बढ़ोतरी आम आदमी के खर्च को कई स्तर पर प्रभावित करती है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर ऊर्जा कीमतों पर दबाव बना रहा तो आने वाले महीनों में महंगाई और बढ़ सकती है.
स्कूल फीस और बच्चों के खर्च भी बढ़े
मिडिल क्लास परिवारों के लिए शिक्षा हमेशा प्राथमिकता रहती है, लेकिन अब यह खर्च भी लगातार बढ़ रहा है. स्कूल फीस, किताबें, यूनिफॉर्म, कोचिंग और ट्रांसपोर्ट जैसी जरूरतें परिवार के मासिक बजट का बड़ा हिस्सा खा रही हैं. ऐसे में जिन परिवारों के पास होम लोन, कार लोन या अन्य ईएमआई हैं, उनके लिए आर्थिक दबाव और ज्यादा बढ़ जाता है.
दौलत के मामले में धनकुबेर अंबानी-अडानी से कितने आगे हैं एलन मस्क, अंतर कर देगा हैरान
बचत पर पड़ रहा असर
बढ़ते खर्च का सबसे बड़ा नुकसान यह है कि लोगों की बचत कम होती जा रही है. कई परिवारों को निवेश या बचत योजनाओं में योगदान घटाना पड़ रहा है ताकि रोजमर्रा के खर्च पूरे किए जा सकें. ऐसी स्थिति में परिवारों को अपने खर्चों को जोड़ना चाहिए और गैर-जरूरी खर्चों पर कंट्रोल करना चाहिए.
आगे क्या राहत मिलेगी?
अगर कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं और खाद्य आपूर्ति पर दबाव रहता है, तो घरेलू बजट पर बोझ और बढ़ सकता है. मिडिल क्लास के लिए फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती आय और खर्च के बीच संतुलन बनाए रखना है. रसोई से लेकर स्कूल और ट्रांसपोर्ट तक, लगभग हर जरूरी खर्च बढ़ चुका है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sun, 14 Jun 2026 04:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>मिडिल, क्लास, पर, चौतरफा, मार, सब्जी, से, लेकर, ईंधन, तक, सब, महंगा, अब, कैसे, चलेगा, घर</media:keywords>
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        <title>HDFC के बाद अब इन बैंकों ने भी बढ़ा दीं ब्याज दरें, अब लोन पर ज्यादा भरनी होगी EMI</title>
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        <description><![CDATA[ Bank Interest Rate: देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक HDFC Bank ने हाल ही में मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) में 5-10 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की है. इसे चलते 1 साल का MCLR (जिससे अधिकतर रिटेल लोन जुड़े होते हैं) 8.35% से बढ़कर 8.40% हो गए हैं. इसी तरह से 2 साल की अवधि वाले लोन पर सबसे ज्यादा 10bps का इजाफा किया गया है, जो अब 8.55% है.&amp;nbsp;
बता दें कि रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) द्वारा हाल ही में रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रखने के बावजूद बैंकों न अपनी फंडिंग कॉस्ट के दबाव के चलते MCLR (Marginal Cost of Funds-Based Lending Rate) में बढ़ोतरी की है. इसका सीधा असर होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन लेने वाले ग्राहकों की मासिक EMI पर पड़ेगा.&amp;nbsp;&amp;nbsp;
इन बैंकों ने भी बढ़ाईं ब्याज दरें
बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda)- इस सरकारी बैंक ने अपनी ब्याज दरों में संशोधन करते हुए नया रेट स्लैब लागू किया है. इसके तहत, पांच अलग-अलग समय सीमा वाले लोन पर ब्याज 0.05% बढ़ाया गया है. इसका 1 साल का MCLR 8.70% से बढ़कर 8.75% हो गया है. 6 महीने का MCLR 8.45% से बढ़कर 8.50% हो गया है. 3 महीने के MCLR को बढ़ाकर 8.20% कर दिया गया है, जो पहले 8.15% था. इसी तरह से 1 महीने और 1 दिन के MCLR को बढ़ाकर क्रमश: 7.95% और 7.85% कर दिया गया है.
केनरा बैंक (Canara Bank)- केनरा बैंक ने भी हाल ही में अपनी वित्तीय समीक्षा के बाद ब्याज दरों में बढ़ोतरी की है. इसके एक दिन का MCLR 7.90% से बढ़ाकर 7.95% कर दिया गया है. एक महीने के MCLR को 7.95% से बढ़ाकर 8.00% और तीन महीने के MCLR को 8.20% से बढ़कर 8.25% कर दिया गया है. छह महीने का रेट 8.55% से बढ़ाकर 8.60% कर दिया गया है.
इंडियन बैंक (Indian Bank)- इंडियन बैंक ने अपने 1 साल के MCLR रेट को 10 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर 8.55% कर दिया है, जो पहले 8.75% था.
बैंक ऑफ इंडिया (Bank of India)- बैंक ऑफ इंडिया ने भी अपने 1 साल का MCLR 8.75% कर दिया है.&amp;nbsp;
ग्राहकों पर असर
अगर आपका मौजूदा होम या कार लोन MCLR बेस्ड फ्लोटिंग रेट पर आधािरत है, तो लोन रिसेट डेट आते ही आपकी मंथली EMI बढ़ जाएगी या फिर आपके लोन की अवधि लंबी हो जाएगी. बैंकों के इस कदम से अब नए ग्राहकों को पर्सनल लोन या होम लोन पहले के मुकाबले ज्यादा ब्याज दरों पर ऑफर किए जाएंगे.&amp;nbsp;

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बढ़ती महंगाई के बीच एक और झटका! इस बैंक ने बढ़ा दी ब्याज दरें, होम से लेकर कार लोन होगा महंगा&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 14 Jun 2026 04:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>HDFC, के, बाद, अब, इन, बैंकों, ने, भी, बढ़ा, दीं, ब्याज, दरें, अब, लोन, पर, ज्यादा, भरनी, होगी, EMI</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>Liquor News: पूरी दुनिया में घटेगी शराब की बिक्री, लेकिन भारत में क्यों बढ़ रहा है दारु का बाजार?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/liquor-news-पूरी-दुनिया-में-घटेगी-शराब-की-बिक्री-लेकिन-भारत-में-क्यों-बढ़-रहा-है-दारु-का-बाजार</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/liquor-news-पूरी-दुनिया-में-घटेगी-शराब-की-बिक्री-लेकिन-भारत-में-क्यों-बढ़-रहा-है-दारु-का-बाजार</guid>
        <description><![CDATA[ Liquor News: एक समय था जब शराब कंपनियां अमेरिका, यूरोप और चीन जैसे बड़े बाजारों पर सबसे ज्यादा निर्भर रहती थीं. लेकिन अब तस्वीर बदल रही है. दुनिया के कई बड़े देशों में शराब की खपत घटने की आशंका जताई जा रही है, जबकि भारत शराब उद्योग के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आ रहा है. मार्केट रिसर्च फर्म IWSR की रिपोर्ट के मुताबिक अगले 10 सालों में वैश्विक शराब खपत में गिरावट देखने को मिल सकती है. इसके बावजूद भारत में मांग लगातार बढ़ने की उम्मीद है.
क्यों गिर रहा है शराब का बाजार?
शराब उद्योग के सामने कई नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं. बढ़ती महंगाई के कारण लोगों के पास खर्च करने के लिए कम पैसा बच रहा है. इसके अलावा स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी तेजी से बढ़ी है, जिसके चलते कई लोग शराब का सेवन कम कर रहे हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिका, ब्रिटेन, जापान, जर्मनी और चीन जैसे देशों में युवा पीढ़ी पहले की तुलना में कम शराब पी रही है. यही वजह है कि आने वाले सालों में इन बाजारों में मांग कमजोर रहने की संभावना है.
मिडिल क्लास पर चौतरफा मार! सब्जी से लेकर ईंधन तक सब महंगा, अब कैसे चलेगा घर?
भारत में क्यों बढ़ी शराब की मांग?
भारत की कहानी पूरी तरह अलग है. यहां की युवा आबादी, बढ़ती आय और तेजी से हो रहा शहरीकरण शराब बाजार को मजबूती दे रहे हैं. जैसे-जैसे लोगों की कमाई बढ़ रही है, वो सस्ते उत्पाद की जगह प्रीमियम और ब्रांडेड शराब खरीद रहे हैं. IWSR के आंकड़ों के अनुसार भारत में कुल बेवरेज अल्कोहल की बिक्री पिछले कुछ सालों में लगातार बढ़ी है और आने वाले समय में ये और ज्यादा बढ़ सकती है.
शराब कंपनियों की नजर भारत पर
वैश्विक मांग कमजोर पड़ने के बीच बड़ी शराब कंपनियां भारत को अपने सबसे अहम ग्रोथ मार्केट के रूप में देख रही हैं. यही कारण है कि कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियां भारतीय बाजार में निवेश बढ़ा रही हैं और प्रीमियम उत्पादों पर फोकस कर रही हैं. एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि 2032 तक भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा शराब बाजार बन सकता है. यह बदलाव वैश्विक शराब उद्योग के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
HDFC के बाद अब इन बैंकों ने भी बढ़ा दीं ब्याज दरें, अब लोन पर ज्यादा भरनी होगी EMI
क्या चुनौतियां भी हैं?
भारत में शराब का बाजार बढ़ रहा है, लेकिन उद्योग के सामने कई चुनौतियां भी मौजूद हैं. अलग-अलग राज्यों के अलग नियम, ऊंचे टैक्स, लाइसेंसिंग व्यवस्था और कई तरह के नियम कंपनियों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई है. इसके अलावा कुछ राज्यों में शराबबंदी और सख्त नियंत्रण नीतियां भी कारोबार को प्रभावित करती हैं.
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        <pubDate>Sun, 14 Jun 2026 04:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Liquor, News:, पूरी, दुनिया, में, घटेगी, शराब, की, बिक्री, लेकिन, भारत, में, क्यों, बढ़, रहा, है, दारु, का, बाजार</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>Top Mango Importers: भारत के तोतापुरी, लंगड़ा, दशहरी का दुनिया दीवाना, लंदन से सऊदी तक है बड़ी डिमांड</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/top-mango-importers-भारत-के-तोतापुरी-लंगड़ा-दशहरी-का-दुनिया-दीवाना-लंदन-से-सऊदी-तक-है-बड़ी-डिमांड</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/top-mango-importers-भारत-के-तोतापुरी-लंगड़ा-दशहरी-का-दुनिया-दीवाना-लंदन-से-सऊदी-तक-है-बड़ी-डिमांड</guid>
        <description><![CDATA[ Top Mango Importers from India: आम भारत का राष्ट्रीय फल है और इसे फलों का राजा भी माना जाता है. दुनिया भर में आम की 1,500 से ज्यादा किस्में हैं, जिनकी खेती 140 से ज्यादा देशों में की जाती है. अकेले भारत में ही आपको आम की 1,000 से ज्यादा किस्में मिल जाएंगी जैसे मलिहाबादी दशहरी से लेकर रत्नागिरी अल्फोंसो तक.
इसके अलावा, आम उत्पादन करने वाले देशों में भारत पहले नंबर पर है और इस मामले में दुनिया में सबसे आगे है. भारत में उगाई जाने वाली 1,000 किस्मों में से सिर्फ तीस के आस-पास ही ऐसी किस्में हैं जिनकी खेती बड़े पैमाने पर और व्यवस्थित तरीके से कमर्शियल स्तर पर की जाती है ताकि उन्हें घरेलू बाजारों में बेचा जा सके और एक्सपोर्ट किया जा सके.&amp;nbsp;
जापान ने रोका आम का आयात
पिछले महीने जापान ने भारत से आम के इंपोर्ट पर रोक लगा दी थी. दरअसल, भारत के ट्रीटमेंट सेंटर्स में पेस्ट-कंट्रोल (कीटनाशक प्रक्रियाओं) की कमियों के कारण जापान ने भारत से आम के आयात तक रोक लगाई थी.
पिछले लगभग 20 सालों में ऐसा पहली बार हुआ है जब जापान ने इस तरह का कदम उठाया. जापान ने इससे पहले फ्रूट फ्लाइज़ (fruit flies) की वजह से भारतीय आमों पर बैन लगाया था और फिर 2006 में भारत के कड़े कदम उठाने के बाद ही उन्हें दोबारा इंपोर्ट करने की इजाजत दी थी.
नेपाल ने भी लगाई रोक
जापान के बाद नेपाल ने भी आम के इंपोर्ट पर पाबंदियां लगा दी हैं क्योंकि बॉर्डर पर क्वारंटीन इंस्पेक्टर्स को इंपोर्ट की गई एक खेप में केमिकल पेस्टिसाइड्स की बहुत ज्यादा मात्रा मिली थी. हालांकि, बावजूद इनके दुनिया में भारतीय आमों के दीवानों की कोई कमी नहीं है. आइए जानते हैं कि भारत से सबसे ज्यादा आम मंगाने वाले देशों में कौन-कौन से नाम शामिल हैं?
भारत से सबसे ज्यादा आम मंगाने वाले देश



देश
निर्यात की जाने वाली आम की किस्में
एक्सपोर्ट शेयर
भारत को चुकाई जाने वाली कीमत


संयुक्त अरब अमीरात

अल्फांसो, केसर, बंगनपल्ली, तोतापुरी

31.16%
16.28 मिलियन डॉलर


ब्रिटेन
अल्फांसो, केसर, लंगड़ा
19.27%
3.25 मिलियन डॉलर


अमेरिका
अल्फांसो, केसर, दशहरी
17.72%
0.57 मिलियन डॉलर


कुवैत
अल्फांसो, तोतापुरी, सफेदा
4.65%
0.84 मिलियन डॉलर


कनाडा
अल्फांसो, केसर, बंगनपल्ली
4.19%
0.20 मिलियन डॉलर


सऊदी अरब
ताेतापुरी, अल्फांसो, लंगड़ा
3.50%
1.20 मिलियन डॉलर


कतर&amp;nbsp;
अल्फांसो, केसर, बंगनपल्ली
2.90%
0.88 मिलियन डॉलर


नेपाल
दशहरी, लंगड़ा, चौसा
2.10%
0.60 मिलियन डॉलर


सिंगापुर

अल्फांसो, केसर, बादामी

1.80%
0.41 मिलियन डॉलर


ओमान
बंगनपल्ली, तोतापुरी
1.10%
0.30 मिलियन डॉलर




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        <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 16:30:19 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Top, Mango, Importers:, भारत, के, तोतापुरी, लंगड़ा, दशहरी, का, दुनिया, दीवाना, लंदन, से, सऊदी, तक, है, बड़ी, डिमांड</media:keywords>
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        <title>Gold&amp;Silver Rate: सोने की आज फिर बढ़ गई कीमत, चांदी भी हुई महंगी; देखें आपके शहर में कितनी है कीमत?</title>
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        <description><![CDATA[ Gold-Silver Price Today: आज 13 जून, शनिवार को भारत के सर्राफा बाजार में पिछले दिनों की गिरावट के बाद सोने-चांदी की कीमतों में तेजी देखी जा रही है. वैश्विक उतार-चढ़ाव और निवेशकों से बढ़ी मांग के चलते कीमती धातुओं की कीमतों में फिर उछाल आया है.&amp;nbsp;
आज 24 कैरेट वाले शुद्ध सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम 1,48,580 रुपये है. वहीं, गहनों के लिए इस्तेमाल होने वाले 22 कैरेट सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम 1,36,200 से 1,37,230 रुपये है. इसी क्रम में 18 कैरेट सोने की कीमत आज 1,11,450-1,12,420 रुपये प्रति 10 ग्राम है.&amp;nbsp;
शहरवार सोने की कीमतें&amp;nbsp; (प्रति 10 ग्राम)
दिल्ली- 1,49,320 रुपये&amp;nbsp;
मुंबई- 1,49,580 रुपये
कोलकाता- 1,49,380 रुपये
चेन्नई- 1,50,020 रुपये
हैदराबाद- 1,49,820 रुपये
अहमदाबाद- 1,49,780 रुपये
पटना- 1,48,910 रुपये
आज चांदी की कीमत
चांदी की कीमतों में भी आज मजबूत बढ़त है. आज चांदी प्रति ग्राम 260.10 रुपये है. इस हिसाब से आज एक किलो चांदी की कीमत 2,60,000 रुपये के आसपास कारोबार कर रही है.&amp;nbsp;
क्यों बढ़ी कीमत?
अमेरिका-ईरान में जंग टलने की उम्मीद- हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा ईरान पर नियोजित सैन्य हमलों को रोने और बातचीत के संकेत देने के बाद वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता थोड़ी कम हुई है. इससे निवेशकों का भरोसा लौटा है, जिससे अंतर्राष्ट्रीय बाजार के साथ-साथ भारतीय कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने-चांदी के फ्यूचर्स में बड़ी लिवाली (Buying) शुरू हो गई.&amp;nbsp;
बेस इम्पोर्ट प्राइस में बड़ी कटौती- सरकार ने सोने का बेस इम्पोर्ट प्राइस 80 डॉलर से घटाकर 1343 डॉलर प्रति 10 ग्राम कर दिया है और चांदी का बेस इम्पोर्ट प्राइस 276 डॉलर प्रति किलो घटाया है. इससे इम्पोर्टर्स और बड़े ज्वेलर्स के लिए आयात की वैल्यूएशन अनुकूल हुई है, जिससे घरेलू बाजार के सेंटिमेंट मजबूत हुए हैं और मांग बढ़ गई है.&amp;nbsp;
भारी गिरावट के बाद निचले स्तरों पर खरीदारी- पिछले कुछ दिनों में भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी में रिकॉर्ड गिरावट आई थी. सोने की कीमतें जब भी इस तरह से नीचे आती हैं, तो निवेशक और ज्वेलर्स इसे खरीदारी का सही मौका मानकर बड़ी मात्रा में &#039;डिप बाइंग&#039; (कम दाम पर खरीदारी) शुरू कर देते हैं. इससे कीमतें दोबारा चढ़ने लगती हैं.&amp;nbsp;
ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद- ग्लोबल मार्केट में फिर से यह चर्चा गर्म हो गई है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व जल्द ही ब्याज दरों में कटौती कर सकता है. ब्याज दरें कम होने की उम्मीद से डॉलर थोड़ा कमजोर हो सकता है और जब डॉलर कमजोर होता है, तो सुरक्षित निवेश के रूप में सोने-चांदी की वैश्विक मांग और कीमतें दोनों बढ़ जाती हैं.&amp;nbsp;

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        <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 16:30:17 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Gold-Silver, Rate:, सोने, की, आज, फिर, बढ़, गई, कीमत, चांदी, भी, हुई, महंगी, देखें, आपके, शहर, में, कितनी, है, कीमत</media:keywords>
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        <title>Petrol&amp;Diesel Limit: पेट्रोल पंपों पर लागू कोटा सिस्टम, अब तय लिमिट से 1 बूंद भी ज्यादा नहीं खरीद पाएंगे डीजल</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/petrol-diesel-limit-पेट्रोल-पंपों-पर-लागू-कोटा-सिस्टम-अब-तय-लिमिट-से-1-बूंद-भी-ज्यादा-नहीं-खरीद-पाएंगे-डीजल</link>
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        <description><![CDATA[ Petrol-Diesel Limit: सरकार ने सरकारी तेल कंपनियों के रेवेन्यू में हो रहे नुकसान को रोकने के लिए पेट्रोल पंपों पर थोक में ईंधन खरीदने पर पूरी तरह रोक लगा दी है. यानी कि नए नियमों के तहत, थोक खरीदार अब रिटेल पेट्रोल पंपों से तेल नहीं खरीद पाएंगे.
अब तक मॉल, अस्पताल, बड़ी फैक्ट्रियां, ट्रैवल एजेंसियां और निजी बस ऑपरेटर्स, जो पहले रिटेल पंपों से भारी मात्रा में डीजल खरीदते थे, वे अब ऐसा नहीं कर पाएंगगे. उन्हें केवल बल्क सेल पॉइंट्स से ही डीजल खरीदने की अनुमति होगी.&amp;nbsp;
कितनी तय की गई है लिमिट?
साथ ही एक गाड़ी के लिए एक दिन में अधिकतम 200 लीटर की लिमिट भी तय कर दी है. इसके चलते आम जनता और छोटे कमर्शियल वाहन भी पेट्रोल पंपों पर एक बार में या एक दिन में 200 लीटर से ज्यादा डीजल नहीं खरीद पाएंगे.
इस फैसले से आम पेट्रोल पंपों पर होने वाली भारी भीड़ और अचानक होने वाली तेल की किल्लत पर रोक लगेगी, जिससे आम वाहन चालकों को आसानी से ईंधन मिलता रहेगा. इस बीच, बीते शुक्रवार को अमेरिका-ईरान के बीच समझौते की खबरों से कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमत 86 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई. &amp;nbsp;
क्यों लगाई गई पाबंदी?&amp;nbsp;
इस बार खासकर डीजल की बिक्री पर पाबंदी लगाई गई है. नोटिफिकेशन में कहा गया है, &quot;रिटेल आउटलेट डीलर HSD (हाई स्पीड डीज़ल या डीजल) सिर्फ गाड़ी के टैंक या PESO से मंजूर कंटेनर में ही देंगे. एक ग्राहक या गाड़ी को एक दिन में 200 लीटर से ज्यादा डीजल नहीं दिया जाएगा और इस HSD को दोबारा बेचा नहीं जा सकेगा.&quot; यह आदेश तुरंत लागू हो गया है और ज्यादा से ज्यादा तीन महीने के लिए जारी किया गया है.
सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) के अधिकारियों और एग्जीक्यूटिव ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि यह कदम असली ग्राहकों के लिए पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता पक्का करने और ऑटो फ्यूल के गलत इस्तेमाल (डायवर्जन) को रोकने के लिए उठाया गया है क्योंकि पंप की कीमत और थोक बिक्री की कीमत में बहुत ज्यादा अंतर है. दिल्ली के पंपों पर डीजल की कीमत 95.20 रुपये प्रति लीटर है, जबकि थोक में इसकी कीमत 134.50 रुपये प्रति लीटर है.

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        <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 16:30:16 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Petrol-Diesel, Limit:, पेट्रोल, पंपों, पर, लागू, कोटा, सिस्टम, अब, तय, लिमिट, से, बूंद, भी, ज्यादा, नहीं, खरीद, पाएंगे, डीजल</media:keywords>
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        <title>SpaceX IPO Listing: स्पेसएक्स की बंपर लिस्टिंग से मस्क ने रचा इतिहास, बन गए दुनिया के पहले खरबपति</title>
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        <description><![CDATA[ SpaceX IPO Listing:&amp;nbsp; एलन मस्क की रॉकेट, सैटेलाइट और एआई (Artificial Company) SpaceX के आईपीओ की अमेरिकी शेयर बाजार में टेक शेयरों के इंडेक्स Nasdaq पर बंपर लिस्टिंग हो चुकी है. इसके बाद मस्क अब आधिकारिक तौर पर इतिहास के पहले खरबपति (First Trillionaire) बन चुके हैं.
स्पेसएक्स ने इस आईपीओ के जरिए बाजार से रिकॉर्ड 75 अरब डॉलर (लगभग 6.4 लाख करोड़) रुपये जुटाए. इसी के साथ इसने साल 2019 में सऊदी अरामको के बनाए गए 29.4 अरब डॉलर के पिछले ग्लोबल रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया.&amp;nbsp;
कितने में हुई शेयरों की लिस्टिंग?
स्पेसएक्स के शेयर 135 डॉलर के इश्यू प्राइस के मुकाबले 150 डॉलर प्रति शेयर के भाव पर लिस्ट हुए. यानी कि करीब 11% के बंपर प्रीमियम के साथ इसकी लिस्टिंग हुई. साथ ही पहले ही दिन यह 176 डॉलर के हाई लेवल पर भी पहुंच गया. इस बंपर शुरुआत के साथ ही कंपनी का कुल मार्केट कैप 2 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 170 लाख करोड़) के पार पहुंच गया.
मस्क दुनिया में सबसे अमीर
इस धमाकेदार लिस्टिंग की वजह से महज एक ही दिन में मस्क की संपत्ति में 188 अरब डॉलर से ज्यादा की बढ़ाेतरी दर्ज की गई. फोर्ब्स और ब्लूमबर्ग की लिस्ट के मुताबिक, स्पेसएक्स के शेयरों में आए इस भारी उछाल के बाद एलन मस्क की कुल संपत्ति 1.1 ट्रिलियन डॉलर (यानी करीब 94.6 लाख करोड़) को पार कर गई.&amp;nbsp;
मस्क के पास इस कंपनी की लगभग 38%-42% तक की हिस्सेदारी और मेजोरिटी स्टेक है. अब टेस्ला के मुकाबले स्पेसएक्स मस्क की सबसे महंगी कंपनी बन चुकी है. अकेले स्पेसएक्स की कुल मार्केट वैल्यू अब पाकिस्तान जैसी दुनिया के 175 से अधिक छोटे-बड़े देशों की जीडीपी से भी कई गुना ज्यादा है.&amp;nbsp;
स्पेसएक्स के शेयरों में उछाल
स्पेसएक्स के शेयरों की लिस्टिंग के बाद इसके शेयरों में 19% का उछाल दर्ज किया गया है. कंपनी की इस ऐतिहासिक लिस्टिंग ने इसे वॉल स्ट्रीट के अब तक के इतिहास का सबसे सफल आईपीओ बना दिया है. स्टॉक में आए इस 19% की तेजी ने एलन मस्क की कुल संपत्ति को 1.1 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंचा दिया है. अब स्पेसएक्स 2 ट्रिलियन डॉलर के मार्केट कैप के साथ Microsoft और Apple जैसी दिग्गज टेक कंपनियों के क्लब में शामिल हो गई है.&amp;nbsp;

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        <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 16:30:15 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>SpaceX, IPO, Listing: स्पेसएक्स, की, बंपर, लिस्टिंग, से, मस्क, ने, रचा, इतिहास, बन, गए, दुनिया, के, पहले, खरबपति</media:keywords>
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        <title>FSSAI का बड़ा एक्शन, फूड पैकेट्स में मेटल पिन&amp;तार के इस्तेमाल पर बैन, नियम तोड़ा तो खैर नहीं</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/fssai-का-बड़ा-एक्शन-फूड-पैकेट्स-में-मेटल-पिन-तार-के-इस्तेमाल-पर-बैन-नियम-तोड़ा-तो-खैर-नहीं</link>
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        <description><![CDATA[ FSSAI Advisory: खाने-पीने की चीजों की पैकेजिंग को लेकर फूड सेफ्टी रेगुलेटर FSSAI ने एक अहम एडवाइजरी जारी की है. FSSAI ने देशभर के सभी फूड बिजनेस ऑपरेटर्स को निर्देश दिया है कि खाद्य पदार्थों और उनकी पैकेजिंग में धातु की पिन, तार या ऐसी किसी भी सामग्री का इस्तेमाल तुरंत बंद किया जाए.&amp;nbsp;
क्यों जारी हुई एडवाइजरी?
FSSAI के मुताबिक उसके संज्ञान में आया है कि फूड बिजनेस ऑपरेटर्स डेकोरेटिव केक बनाने और फूड पैकेट, केक बॉक्स, मिठाई के डिब्बे, स्नैक पाउच और टेकअवे फूड पार्सल को बंद करने के लिए मेटल या स्टेपलर पिन और तारों का इस्तेमाल कर रहे हैं.&amp;nbsp;
कई मामले ऐसे सामने आए हैं जहां केक और फूड पैकेज में स्टेपलर पिन धंसी हुई या चिपकी हुई पाई गई. रेगुलेटर का कहना है कि इससे फूड सेफ्टी को गंभीर खतरा पैदा होता है क्योंकि ये पिन गलती से खाने के साथ निगली जा सकती हैं जिससे चोट लगने और सेहत को नुकसान पहुंचने का बड़ा जोखिम है.
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किन चीजों पर लागू होगा निर्देश?
एडवाइजरी के मुताबिक यह निर्देश हर तरह के खाद्य पदार्थ और पैकेजिंग पर लागू होगा. इसमें फूड पार्सल, टेकअवे मील, बेकरी प्रोडक्ट, केक बॉक्स, मिठाई के डिब्बे और स्नैक पैकेट शामिल हैं यानी अब कोई भी कारोबारी खाने की किसी भी चीज को सील करने, बांधने या पैक करने के लिए मेटल पिन या तार का इस्तेमाल नहीं कर सकेगा.
नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई
FSSAI ने साफ कहा है कि निर्देश का पालन नहीं करने वाले फूड बिजनेस ऑपरेटर्स के खिलाफ फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट 2006 और उसके तहत बने नियमों के मुताबिक उचित दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी.&amp;nbsp;
उपभोक्ताओं की सुरक्षा है मकसद
FSSAI का कहना है कि यह कदम जनस्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा के हित में उठाया गया है. मकसद यह है कि उपभोक्ताओं को पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाली धातु की पिन से होने वाली संभावित चोट या स्वास्थ्य जोखिम से बचाया जा सके.
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        <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 00:30:28 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>FSSAI, का, बड़ा, एक्शन, फूड, पैकेट्स, में, मेटल, पिन-तार, के, इस्तेमाल, पर, बैन, नियम, तोड़ा, तो, खैर, नहीं</media:keywords>
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        <title>Petrol&amp;Diesel News: चक्का जाम की आशंका? पेट्रोल&amp;डीजल के नए नियमों से ट्रांसपोर्टर परेशान, बढ़ सकता है मालभाड़ा</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/petrol-diesel-news-चक्का-जाम-की-आशंका-पेट्रोल-डीजल-के-नए-नियमों-से-ट्रांसपोर्टर-परेशान-बढ़-सकता-है-मालभाड़ा</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/petrol-diesel-news-चक्का-जाम-की-आशंका-पेट्रोल-डीजल-के-नए-नियमों-से-ट्रांसपोर्टर-परेशान-बढ़-सकता-है-मालभाड़ा</guid>
        <description><![CDATA[ Petrol Diesel Update:&amp;nbsp;देश में पेट्रोल और डीज़ल की निर्बाध उपलब्धता बनाए रखने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 11 जून, 2026 को राजपत्र अधिसूचना जारी कर मोटर स्पिरिट (पेट्रोल) और हाई स्पीड डीज़ल (एचएसडी) की खुदरा बिक्री पर अस्थायी नियमन लागू कर दिया है.
नए आदेश के तहत खुदरा पेट्रोल पंपों से डीज़ल की बिक्री पर सीमा तय की गई है और औद्योगिक, वाणिज्यिक तथा संस्थागत उपभोक्ताओं के लिए नई शर्तें लागू की गई हैं. आदेश प्रारंभिक रूप से 90 दिनों तक प्रभावी रहेगा.
सरकार ने क्यों उठाया यह कदम?
राजपत्र अधिसूचना में कहा गया है कि वर्तमान वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों का असर अंतरराष्ट्रीय पेट्रोलियम आपूर्ति श्रृंखलाओं, शिपिंग लॉजिस्टिक्स और पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता पर पड़ रहा है. सरकार का मानना है कि ऐसी परिस्थितियों में पेट्रोल और डीज़ल की उपलब्धता बनाए रखना, जमाखोरी रोकना तथा आम उपभोक्ताओं तक उचित मूल्य पर ईंधन पहुंचाना आवश्यक है.
अधिसूचना के अनुसार कुछ क्षेत्रों में खुदरा और थोक कीमतों के बीच अंतर बढ़ने के कारण औद्योगिक, वाणिज्यिक और संस्थागत उपभोक्ता बड़ी मात्रा में खुदरा पेट्रोल पंपों से ईंधन खरीदने लगे थे. इससे कुछ इलाकों में खुदरा बिक्री केंद्रों पर असामान्य मांग बढ़ने और आम उपभोक्ताओं के लिए उपलब्धता प्रभावित होने की आशंका पैदा हो गई थी.
नया आदेश क्या कहता है?
केंद्र सरकार द्वारा जारी &quot;मोटर स्पिरिट और उच्च वेग डीज़ल (खुदरा विक्रय केंद्रों के माध्यम से प्रदाय का अस्थायी विनियमन) आदेश, 2026&quot; के तहत तेल विपणन कंपनियों और अधिकृत खुदरा विक्रेताओं को विशेष अधिकार दिए गए हैं.
आदेश के अनुसार संस्थागत, प्रत्यक्ष, औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ता अब खुदरा बिक्री केंद्रों से पेट्रोल या डीज़ल नहीं खरीद सकेंगे और उन्हें अपनी आवश्यकता के लिए अपने उपभोक्ता पंपों अथवा निर्धारित आपूर्ति व्यवस्था का उपयोग करना होगा.
एक वाहन को प्रतिदिन अधिकतम 200 लीटर डीज़ल
अधिसूचना के सबसे महत्वपूर्ण प्रावधान के अनुसार खुदरा बिक्री केंद्र डीज़ल केवल वाहन के टैंक या पीईएसओ (PESO) से अनुमोदित कंटेनरों में ही बेच सकेंगे. इसके अलावा किसी भी ग्राहक या वाहन को एक दिन में 200 लीटर से अधिक डीज़ल नहीं दिया जाएगा.
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस प्रकार खरीदे गए डीज़ल की पुनर्विक्रय नहीं की जा सकेगी. तेल विपणन कंपनियों और पेट्रोल पंप संचालकों को इन प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं.
90 दिनों तक लागू रहेगा आदेश
अधिसूचना के अनुसार यह व्यवस्था आदेश जारी होने की तारीख से प्रभावी हो गई है. इसकी प्रारंभिक वैधता 90 दिनों तक रहेगी या फिर सरकार द्वारा जारी किसी अन्य आदेश तक लागू रहेगी. आवश्यकता पड़ने पर इसकी अवधि बढ़ाई भी जा सकती है.
Explained: मस्क के एक ट्रिलियन डॉलर, गिनेंगे तो लगेंगे 31,700 साल, 60 साल तक दुनिया खाएगी भरपेट खाना, भारतीयों को मिलेंगे 60000
तलाशी और जब्ती के अधिकार भी दिए गए
आदेश के तहत केंद्र और राज्य सरकारों के अधिकृत राजपत्रित अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों तथा तेल कंपनियों के अधिकृत अधिकारियों को तलाशी और अधिग्रहण संबंधी अधिकार प्राप्त होंगे. इन अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का दायित्व दिया गया है कि आदेश के प्रावधानों का उल्लंघन न हो.
राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि वे आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 तथा अन्य लागू कानूनों के तहत डीज़ल और पेट्रोल से संबंधित जमाखोरी, कालाबाजारी, अनधिकृत खरीद, विचलन तथा अन्य अनियमितताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें.
उल्लंघन पर होगी कानूनी कार्रवाई
अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि आदेश के किसी भी प्रावधान या उसके तहत जारी निर्देशों का उल्लंघन आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 और अन्य लागू कानूनों के तहत दंडनीय होगा.
ट्रांसपोर्ट उद्योग ने जताई व्यावहारिक दिक्कतों की आशंका
आल इंडिया मोटर एंड गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (पंजी.) के अध्यक्ष राजेन्द्र कपूर ने नए प्रावधानों पर चिंता व्यक्त की है. उनका कहना है कि डीज़ल बिक्री संबंधी नए नियमों से परिवहन उद्योग के सामने कई व्यावहारिक चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं.
उन्होंने कहा कि यदि ट्रक चालक अलग-अलग शहरों और राज्यों से डीज़ल भरवाएंगे तो मालभाड़ा दरों का निर्धारण कठिन हो जाएगा, क्योंकि डीज़ल की कीमतें हर राज्य में अलग-अलग हैं और समय-समय पर बदलती रहती हैं.
राजेन्द्र कपूर के अनुसार यह सुनिश्चित करना भी आसान नहीं होगा कि चालक किस स्थान से, कितनी मात्रा में और किस कीमत पर डीज़ल खरीद रहा है. ऐसे में ट्रांसपोर्ट कंपनियों और ट्रक मालिकों के लिए ईंधन लागत का सटीक आकलन, निगरानी और लेखा-जोखा रखना बेहद मुश्किल हो सकता है.
उन्होंने कहा कि सभी चालकों से समान स्तर की पारदर्शिता और ईमानदारी की अपेक्षा करना व्यावहारिक नहीं है. इसलिए सरकार को इस तरह के किसी भी निर्णय को लागू करने से पहले परिवहन क्षेत्र की जमीनी चुनौतियों और परिचालन संबंधी वास्तविकताओं पर गंभीरता से विचार करना चाहिए.&amp;nbsp;
आम उपभोक्ताओं को राहत, उद्योग पर नजर
सरकार का तर्क है कि यह कदम पेट्रोल और डीज़ल की उपलब्धता बनाए रखने, जमाखोरी रोकने और आम उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए उठाया गया है. वहीं ट्रांसपोर्ट और औद्योगिक क्षेत्र का मानना है कि नए प्रतिबंधों का असर परिचालन लागत और मालभाड़ा संरचना पर पड़ सकता है. ऐसे में आने वाले दिनों में इस आदेश के वास्तविक प्रभाव पर सभी की नजर रहेगी.
Petrol-Diesel News: पेट्रोल-डीजल के नए नियमों से आपको है कोई खतरा? जानिए कार-बाइक वालों के लिए क्या बदला
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        <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 00:30:26 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>Petrol-Diesel, News:, चक्का, जाम, की, आशंका, पेट्रोल-डीजल, के, नए, नियमों, से, ट्रांसपोर्टर, परेशान, बढ़, सकता, है, मालभाड़ा</media:keywords>
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        <title>Shrinkflation: दाम वहीं, सामान में कमी! जानें क्या है Shrinkflation का खेल? ब्रांड मालिक और किसानों का बिजनेस बढ़ाने का फॉर्मूला</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/shrinkflation-दाम-वहीं-सामान-में-कमी-जानें-क्या-है-shrinkflation-का-खेल-ब्रांड-मालिक-और-किसानों-का-बिजनेस-बढ़ाने-का-फॉर्मूला</link>
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        <description><![CDATA[ What is Shrinkflation: किसान और कई ब्रांड्स के मालिक अपना बिजनेस बढ़ाने के लिए हर तरह के हथकंडे अपनाते हैं. जो बिजनेस से जुड़े लोग नहीं हैं उन्हें इसकी टर्म्स के बारे में ज्यादा अच्छी तरह से पता नहीं है. बिजनेस की एक टर्म है &#039;श्रिंकफ्लेशन&#039;, जिसका इस्तेमाल बिजनेस को बढ़ाने के लिए किया जाता है. इस नाम से इसे कम ही लोग जानते हैं, लेकिन जब इसे आसान भाषा में समझा जाएगा तो आप कहेंगे &#039;अरे हां ये तो होता है अक्सर&#039;. आइये जानते हैं क्या है श्रिंकफ्लेशन और ये कैसे काम करता है?
क्या है &#039;श्रिंकफ्लेशन&#039;?आपने कई बार देखा होगा कि किसी चिप्स, बिस्किट, साबुन या फिर किसी और पैक्ड आइटम की कीमत वही रहती है लेकिन पैकेट के अंदर का सामान कम हो जाता है. इसी को श्रिंकफ्लेशन (Shrinkflation) कहा जाता है. आसान शब्दों में कहें तो, जब कंपनियां किसी प्रोडक्ट की कीमत बढ़ाने की जगह उसकी मात्रा या वजन कम कर देती हैं, तो उसे श्रिंकफ्लेशन कहते हैं.
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कैसे काम करता है श्रिंकफ्लेशन?श्रिंकफ्लेशन में प्रोडक्ट का दाम सालों तक एक ही रहता है, लेकिन प्रोडकट की क्वांटिटी को कम कर दिया जाता है. इससे ग्राहक को कीमत में बदलाव नहीं दिखता, लेकिन उसे पहले के मुकाबले कम सामान मिलता है.
उदाहरण के लिए पारले जी बिस्किट हम बचपन से खाते आ रहे हैं, इसके पैकेट की कीमत तब से लेकर आज तक भी 10 रुपये ही है. लेकिन आप ध्यान देंगे तो अंदर बिस्किट कम हो गए हैं, बस यही श्रिंकप्लेशन है. ऐसे ही चॉकलेट, मैगी आदि चीजों के साथ भी होता आ रहा है.
कंपनियां ऐसा क्यों करती हैं?जब कच्चे माल, पैकेजिंग, मजदूरी और परिवहन की लागत बढ़ जाती है, तब कंपनियों के सामने मुनाफा बनाए रखने की चुनौती होती है. ऐसे में वो सीधे कीमत बढ़ाने की जगह प्रोडक्ट की मात्रा कम कर देती हैं. ऐसा करने से ग्राहकों को कीमत बढ़ने का झटका नहीं लगता, कंपनी का मुनाफा भी बना रहता है इतना ही नहीं बिक्री पर भी ज्यादा असर नहीं पड़ता.
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ब्रांड मालिकों और किसारों को कैसे पहुंचता है फायदा?श्रिंकफ्लेशन की वजह से ब्रांड मालिक बढ़ती लागत के बावजूद अपने मुनाफे को बचा पाते हैं. अगर वो सीधे कीमत बढ़ा दें तो ग्राहक दूसरे ब्रांड की ओर जा सकते हैं. इसलिए कई कंपनियां केवल कम करके लागत को नियंत्रित करती हैं.
तो वहीं जब किसी प्रोडक्ट की मांग बनी रहती है और कंपनी का मुनाफा सुरक्षित रहता है, तो वो प्रोडक्शन जारी रखती है. इससे कृषि उत्पादों जैसे गेहूं, आलू, चीनी, दूध, तेल बीज आदि की खरीद भी जारी रहती है. प्रोडक्शन बढ़ने पर किसानों की उपज की मांग बनी रहती है, जिससे उनके कारोबार को भी फायदा मिल सकता है.
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        <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 00:30:25 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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    </item>
    <item>
        <title>Onion Price Hike: शनिवार से रुलाएगा प्याज, किसानों को मिली राहत लेकिन गड़बड़ा गया किचन का बजट</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/onion-price-hike-शनिवार-से-रुलाएगा-प्याज-किसानों-को-मिली-राहत-लेकिन-गड़बड़ा-गया-किचन-का-बजट</link>
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        <description><![CDATA[ Inflation News: देशभर में महंगाई की मार ने लोगों को परेशान कर रखा है. हाल ही में भारत की खुदरा महंगाई बढ़कर 3.93 प्रतिशत हो गई है. जिससे आम आदमी के घर का बजट हिल गया है. वहीं अब किचन में सब्जियों का स्वाद बढ़ाने वाली प्याज भी लोगों को जमकर रुलाने वाली है. खबरें हैं कि प्याज की कीमतें जल्दी ही बढ़ सकती हैं, क्योंकि सरकार ने किसानों से प्याज खरीदी की कीमतों को बढ़ाने का फैसला कर लिया है.
सरकार का फैसलादरअसल हाल ही में सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए अपने बफर स्टॉक कार्यक्रम के तहत प्याज खरीदने की कीमत 15.80 रुपये प्रति किलो से बढ़ाकर 16.50 रुपये प्रति किलो कर दी हैं. ये नई दरें शनिवार से लागू हो जाएंगी. जब खरीद की कीमत बढ़ी है तो जाहिर सी बात है कि प्याज बेचने की कीमतों में भी जल्दी ही इजाफा होगा. बाजार में अब लोगों को प्याज काफी महंगी मिलने वाली है.
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किसान नहीं है संतुष्टहालांकि, देश में सबसे ज्यादा प्याज पैदा करने वाले राज्य महाराष्ट्र के किसान इस कीमत से संतुष्ट नहीं हैं. उनका कहना है कि खेती की लागत (बीज, खाद, मजदूरी आदि) काफी बढ़ गई है, इसलिए सरकार को प्याज की खरीद 30 रुपये प्रति किलो के भाव से करनी चाहिए. किसानों की मांग के मुताबिक वो सीधे खरीद दर को दोगुना करना चाहते हैं. लेकिन सरकार भी ये बात जानती है कि इससे आम आदमी पर और भी ज्यादा बोझ बढ़ जाएगा.
बता दें कि हाल ही में देश की खुदरा मंहगाई दर भी बढ़ी है. जिसमें टमाटर की कीमतों में 48.43 प्रतिशत का इजाफा हुआ है. तो वहीं अदरक की कीमतों में 32.49 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. ये आंकड़े मई महीने के हैं. ईरान- यूएस के युद्ध के कारण भारत की अर्थव्यवस्था लगातार कई महीनों से गड़बड़ाई हुई है. आने वाले समय में इसके और भी ज्यादा बढ़ने की पूरी उम्मीद है.
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        <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 00:30:24 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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    <item>
        <title>पेट्रोल में 30% इथेनॉल मिलाने के सरकारी फैसले का आप पर क्या असर होगा, क्या घटेंगे ईंधन के दाम?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/पेट्रोल-में-30-इथेनॉल-मिलाने-के-सरकारी-फैसले-का-आप-पर-क्या-असर-होगा-क्या-घटेंगे-ईंधन-के-दाम</link>
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        <description><![CDATA[ Ethanol Excise Duty: सरकार ने देश में इथेनॉल वाले पेट्रोल को बढ़ावा देने को लेकर नया नोटिफिकेशन जारी किया है. भारत ने पेट्रोल के ऐसे मिश्रणों पर टैक्स में छूट दी है, जिन्हें ज़्यादातर वाहन चालक आज नहीं खरीद सकते. हाल ही में जारी सेंट्रल एक्साइज़ नोटिफिकेशन के ज़रिए सरकार ने 22%, 25%, 27% और 30% इथेनॉल वाले पेट्रोल को एक्साइज़ ड्यूटी से छूट दी है.&amp;nbsp;
ताज़ा नोटिफ़िकेशन का मतलब यह नहीं है कि फ़्यूल स्टेशनों पर तुरंत ई 22, ई 22 या ई &amp;nbsp;30 पेट्रोल मिलने लगेगा. अभी भारत में 20% से ज़्यादा इथेनॉल वाले पेट्रोल की बड़े पैमाने पर रिटेल बिक्री नहीं हो रही है. इसके बजाय, यह कदम भविष्य में ज़्यादा इथेनॉल वाले ब्लेंड के लिए एक टैक्स फ़्रेमवर्क बनाता है, क्योंकि देश आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम करने की अपनी योजना के अगले चरण की तैयारी कर रहा है.
भारत ज़्यादा इथेनॉल की तैयारी क्यों कर रहा है?
सरकार का यह महत्वपूर्ण कदम इथेनॉल को घरेलू चीनी और अनाज उद्योगों को सहारा देने के लिए है. लंबे समय की ऊर्जा सुरक्षा को बेहतर बनाने के एक तरीके के तौर पर देखा जा रहा है. रेगुलेटरी स्तर पर ज़्यादा ब्लेंड की ओर बढ़ने की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है. इन स्तर में इन ईधनों के लिए ईंधन का कंपोज़िशन, ब्लेंडिंग के तरीके, अशुद्धियों की सीमा, टेस्टिंग के तरीके, सुरक्षा से जुड़ी ज़रूरतें और क्वालिटी के मानक शामिल हैं. तेल मार्केटिंग कंपनियां स्टोरेज, ब्लेंडिंग और डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम को भी अपग्रेड कर रही हैं ताकि ज़्यादा इथेनॉल ब्लेंड और फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियों के लिए खास ईंधनों को सपोर्ट किया जा सके.&amp;nbsp;
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E30 पेट्रोल का इस्तेमाल कौन करेगा?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या मौजूदा गाड़ियां इन फ्यूल पर चल सकती हैं. भारत में अभी जो गाड़ियां हैं, वे ज़्यादातर कम इथेनॉल वाले फ्यूल (जैसे ई 5 या ई10) के हिसाब से बनाई गई थीं. इंडस्ट्री के अनुमान बताते हैं कि पिछले 15 सालों में बेची गई लगभग 80% गाड़ियां असल में कम इथेनॉल वाले फ्यूल के लिए ही डिज़ाइन की गई थीं.
हालांकि ऑटोमोबाइल बनाने वाली कंपनियों ने हाल के वर्षों में ई 20-कम्पैटिबल गाड़ियां बनाई हैं, लेकिन ई &amp;nbsp;30 जैसे ज़्यादा ब्लेंड के लिए इंजन डिज़ाइन, फ्यूल सिस्टम और मटीरियल कम्पैटिबिलिटी में और बदलाव की ज़रूरत पड़ सकती है. यही वजह है कि नई टैक्स छूट का फ़ायदा आम गाड़ी मालिकों के बजाय तेल कंपनियों, फ्यूल सप्लायरों और भविष्य की इथेनॉल-कम्पैटिबल गाड़ियां बनाने वाली कंपनियों को मिलने की संभावना है.
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        <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 12:30:37 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>पेट्रोल, में, 30, इथेनॉल, मिलाने, के, सरकारी, फैसले, का, आप, पर, क्या, असर, होगा, क्या, घटेंगे, ईंधन, के, दाम</media:keywords>
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        <title>US Stocks: भारत में बैठकर कैसे खरीदें Apple, Google और Tesla के शेयर्स? अमेरिकी बाजार में निवेश का पूरा प्रोसेस जानिए</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/us-stocks-भारत-में-बैठकर-कैसे-खरीदें-apple-google-और-tesla-के-शेयर्स-अमेरिकी-बाजार-में-निवेश-का-पूरा-प्रोसेस-जानिए</link>
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        <description><![CDATA[ US Stock Market Investment from India: भारतीय शेयर बाजार भारतीय निवेशकों के लिए काफी आसान है. लेकिन अब भारतीय निवेशकों की संख्या विदेशी निवेश की ओर भी बढ़ रही है. ये प्रक्रिया कुछ साल पहले तक तो काफी मुश्किल लगती थी. लेकिन अब विदेशी शेयर बाजार भी लोगों के लिए काफी आसान हो गया है. तो वहीं कई लोगों को ये भी गलतफहमी थी कि विदेशी स्टॉक मार्केट में केवल वही लोग निवेश कर सकते हैं जिनके पास अथाह पैसा हो. हालांकि ये पूरी तरह से गलत बात है, क्योंकि विदेश बाजार में कोई भी निवेश कर सकता है.
अब जो समय है उसमें अमेरिकी शेयर बाजार में भारतीय निवेशकों के लिए निवेश करना पहले के मुकाबले काफी आसान हो गया है. यहां बैठे- बैठे आप आसानी से एप्पल, गूगल और टेस्ला जैसी कंपनियों में निवेश कर सकते हैं. ये प्रक्रिया अब ऑनलाइन हो गई है, इसके लिए निवेशकों को कुछ जरूरी प्रक्रियाओं को समझना होता है.
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सबसे पहले चुनें निवेश प्लेटफॉर्मअमेरिकी शेयरों में निवेश करने के लिए निवेशक कई डोमेस्टिक फिनटेक प्लेटफॉर्म्स या ब्रोकरेज एप्स जैसे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर सकते हैं. इनमें से कई प्लेटफॉर्म अमेरिकी ब्रोकरेज कंपनियों के साथ साझेदारी के जरिए निवेश की सुविधा देते हैं.
KYC और अकाउंट खोलना है जरूरीनिवेश शुरू करने के लिए पैन कार्ड, आधार कार्ड और बैंक खाते की जानकारी के साथ KYC प्रक्रिया पूरी करनी होती है. इसके बाद निवेशक का इंटरनेशनल इनवेस्टमेंट अकाउंट एक्टिव हो जाता है.
डॉलर में भेजना होता है पैसाअमेरिकी शेयरों की खरीद डॉलर में होती है. भारतीय रिजर्व बैंक की लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत कोई भी भारतीय नागरिक एक वित्त वर्ष में 2.5 लाख डॉलर तक विदेश भेज सकता है. निवेशक अपने बैंक खाते से रुपये को डॉलर में बदलकर निवेश खाते में ट्रांसफर कर सकते हैं.
फ्रैक्शनल शेयर खरीदने की भी सुविधाअगर किसी शेयर की कीमत ज्यादा है तो निवेशक उसका पूरा शेयर खरीदने के बजाय उसका छोटा हिस्सा यानी फ्रैक्शनल शेयर भी खरीद सकते हैं. उदाहरण के लिए, अगर एप्पल का एक शेयर महंगा है, तो निवेशक 10 या 50 डॉलर से भी निवेश की शुरुआत कर सकते हैं.
टैक्स नियमों को समझना जरूरीअमेरिकी शेयरों से होने वाले मुनाफे पर भारत में कैपिटल गेन टैक्स लागू होता है. इसके अलावा, डिविडेंड पर अमेरिका में टैक्स कट सकता है. हालांकि, भारत और अमेरिका के बीच डबल टैक्सेशन अवॉइडेंस एग्रीमेंट (DTAA) होने के कारण निवेशकों को दो बार टैक्स देने से राहत मिलती है.
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इन बातों का रखें ख्यालअमेरिकी बाजार में निवेश करने का शौक तो कई लोगों को होता है, क्योंकि इससे फायदा भी है. लेकिन इसमें कई जोखिम भी होते हैं, जिनके बारे में जानकर ही निवेश करना चाहिए. आइये बताते हैं:

अमेरिकी बाजार में ज्यादा उतार-चढ़ाव बना रहता है. खासकर टेक शेयरों में तेजी और गिरावट दोनों बहुत तेज हो सकती हैं.
छिपे हुए खर्चों का ध्यान रखें. करेंसी कन्वर्जन कॉस्ट, रेमिटेंस चार्ज और प्लेटफॉर्म फीस निवेश की लागत बढ़ा सकते हैं.
टैक्स और TCS नियमों को भी समझना जरूरी होता है. एलआरएस के तहत विदेश पैसा भेजते समय टैक्स से जुड़े नियमों की जानकारी होनी चाहिए.
भावनात्मक दबाव से बचना चाहिए, क्योंकि अलग टाइम जोन और लगातार आने वाली वैश्विक खबरें निवेशकों के लिए चुनौती बन सकती हैं.
सिर्फ नाम या ट्रेंड देखकर निवेश न करें, बल्कि किसी कंपनी में पैसा लगाने से पहले उसकी बुनियादी स्थिति और जोखिमों को समझना जरूरी है.

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        <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 12:30:36 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Stocks:, भारत, में, बैठकर, कैसे, खरीदें, Apple, Google, और, Tesla, के, शेयर्स, अमेरिकी, बाजार, में, निवेश, का, पूरा, प्रोसेस, जानिए</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>Petrol&amp;Diesel Price Today: आज पेट्रोल&amp;डीजल के दाम में नहीं हुआ कोई बदलाव, जानें आपके शहर में क्या है ताजा रेट</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/petrol-diesel-price-today-आज-पेट्रोल-डीजल-के-दाम-में-नहीं-हुआ-कोई-बदलाव-जानें-आपके-शहर-में-क्या-है-ताजा-रेट</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/petrol-diesel-price-today-आज-पेट्रोल-डीजल-के-दाम-में-नहीं-हुआ-कोई-बदलाव-जानें-आपके-शहर-में-क्या-है-ताजा-रेट</guid>
        <description><![CDATA[ Petrol Diesel Price 12 June 2026: देशभर में आज यानी 12 जून 2026 के दिन पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई नया बदलाव नहीं किया गया है. तेल विपणन कंपनियों ने लगातार स्थिरता बनाए रखी है. हालांकि, पिछले महीने पेट्रोल और डीजल के दाम में 3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी, जिसके बाद से कीमतें इसी स्तर पर बनी हुई हैं. अब आज पेट्रोल- डीजल अलग- अलग शहरों में किस रेट पर मिल रहे हैं, इसकी पूरी लिस्ट यहां दी गई है.
शहर अनुसार पेट्रोल-डीजल के दाम-&amp;nbsp;



शहर
पेट्रोल का भाव रुपये प्रति लीटर
डीजल का भाव रुपये प्रति लीटर


दिल्ली
102.12
95.20


कोलकाता
113.51
99.82


मुंबई
111.21
97.83


चेन्नई
107.77
99.55


नोएडा
102.12
97.56


चंडीगढ़
101.51
89.47


लखनऊ
101.89
95.36


पटना
113.37
99.36


रांची
105.26
100.49


भोपाल
114.57
99.64



पेट्रोल में 30% इथेनॉल मिलाने के सरकारी फैसले का आप पर क्या असर होगा, क्या घटेंगे ईंधन के दाम?
बिहार के प्रमुख शहरों में रेट
पटना में पेट्रोल 113.45 रुपए प्रति लीटर मिल रही है. वहीं, सीवान, गया, मुजफ्फरपुर समेत अन्य जिलों में कीमतें स्थानीय टैक्स और परिवहन लागत के आधार पर थोड़ी अलग हो सकती हैं.&amp;nbsp;
क्यों नहीं बदल रहे हैं दाम?
एक्सपर्ट्स के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है, लेकिन फिलहाल तेल कंपनियों ने खुदरा कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है. हाल ही में सरकार ने अधिक एथेनॉल मिश्रित ईंधन को बढ़ावा देने के लिए कुछ राहतें भी दी हैं, लेकिन उसका असर अभी आम उपभोक्ताओं के लिए पेट्रोल-डीजल के दाम पर नहीं दिखा है.&amp;nbsp;
बैंक अकाउंट हो जाएगा ब्लॉक, क्या RBI ने आपके फोन पर भेजा अलर्ट? अब आया सरकार का बयान
घर बैठे ऐसे चेक करें अपने शहर का रेट
आप SMS, इंडियन ऑयल, BPCL और HPCL की वेबसाइट या मोबाइल ऐप के जरिए अपने शहर के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट जान सकते हैं. पेट्रोल और डीजल की कीमतें रोज सुबह 6 बजे अपडेट होती हैं और इनमें राज्यवार टैक्स के कारण अंतर हो सकता है.
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        <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 12:30:34 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Petrol-Diesel, Price, Today:, आज, पेट्रोल-डीजल, के, दाम, में, नहीं, हुआ, कोई, बदलाव, जानें, आपके, शहर, में, क्या, है, ताजा, रेट</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>LPG Price Today: आज 14 और 19 किलो का गैस सिलेंडर कितने का मिलेगा? जानें आपके शहर में क्या है नया रेट</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/lpg-price-today-आज-14-और-19-किलो-का-गैस-सिलेंडर-कितने-का-मिलेगा-जानें-आपके-शहर-में-क्या-है-नया-रेट</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/lpg-price-today-आज-14-और-19-किलो-का-गैस-सिलेंडर-कितने-का-मिलेगा-जानें-आपके-शहर-में-क्या-है-नया-रेट</guid>
        <description><![CDATA[ LPG Price Today: देशभर में घरेलू LPG गैस सिलेंडर उपभोक्ताओं को हाल ही में महंगाई का झटका लगा है. केंद्र सरकार ने 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में 29 रुपए की बढ़ोतरी की और नई दरें 7 जून 2026 से लागू हैं. बढ़ती महंगाई ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है. हालांकि, आज घरेलू या कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं किए गए हैं. यहां ये आप शहर अनुसार, घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर की पूरी रेट लिस्ट देख सकते हैं.
घरेलू LPG सिलेंडर के नए दाम-



शहर का नाम
घरेलू LPG (14.2 KG)


दिल्ली
942


मुंबई
941.50


कोलकाता
968


चेन्नई
957.50


पटना
1031.50


लखनऊ
979.50


जयपुर
945.50



आज पेट्रोल-डीजल के दाम में नहीं हुआ कोई बदलाव, जानें आपके शहर में क्या है ताजा रेट
कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम-&amp;nbsp;



शहर का नाम
कमर्शियल LPG (19 KG)


दिल्ली
3,113.50 &amp;nbsp;


मुंबई
3,067.50


कोलकाता
3,255.50


चेन्नई
3,283


पटना
3,400


लखनऊ
3,236&amp;nbsp;



क्यों बढ़े गैस सिलेंडर के दाम?
सरकार और तेल कंपनियों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती लागत और तेल विपणन कंपनियों पर बढ़ रहे वित्तीय दबाव के कारण यह बढ़ोतरी की गई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, कीमत बढ़ने के बावजूद कंपनियों को घरेलू LPG सिलेंडर पर नुकसान उठाना पड़ रहा है.&amp;nbsp;
भारत में बैठकर कैसे खरीदें Apple, Google और Tesla के शेयर्स? अमेरिकी बाजार में निवेश का पूरा प्रोसेस जानिए
कमर्शियल सिलेंडर भी हुआ महंगा
1 जून से 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में भी 42 रुपए से 54 रुपए तक की बढ़ोतरी की गई है. इसका असर होटल, रेस्टोरेंट और छोटे कारोबारों की लागत पर पड़ सकता है.&amp;nbsp;
ऐसे चेक करें अपने शहर का रेट
LPG सिलेंडर की कीमतें हर महीने की शुरुआत में फिक्स की जाती हैं. उपभोक्ता इंडेन, भारत गैस और HP गैस की वेबसाइट या मोबाइल ऐप के जरिए अपने शहर का ताजा रेट चेक कर सकते हैं.&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 12:30:32 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>LPG, Price, Today:, आज, और, किलो, का, गैस, सिलेंडर, कितने, का, मिलेगा, जानें, आपके, शहर, में, क्या, है, नया, रेट</media:keywords>
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        <title>Gold Price: भारत में बढ़ते दामों के बीच जानें किन देशों में मिलता है सबसे सस्ता सोना, क्यों है ये अंतर</title>
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        <description><![CDATA[ Cheap Gold in The World: यूएस- ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण तेल के साथ ही साथ सोने- चांदी की कीमतों में भी लगातार इजाफा हो रहा है. 8 जून 2026 को 24 कैरेट सोने का भाव करीब 1.53 लाख से 1.56 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच रहा, जबकि 22 कैरेट सोना लगभग 1.40 लाख से 1.45 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार करता दिखा.
सोने की बढ़ती कीमतों के बीच अक्सर ये सवाल उठता है कि दुनिया में सबसे सस्ता सोना कहां मिलता है? वैसे तो सोने की अंतरराष्ट्रीय कीमत लगभग एक जैसी होती है, लेकिन टैक्स, आयात शुल्क, वैट (VAT), स्थानीय कर और मेकिंग चार्ज के कारण अलग-अलग देशों में इसकी अंतिम कीमत बदल जाती है. चलिए बताते हैं वो 5 देश जहां भारत की अपेक्षा सबसे सस्ता सोना मिलता है.
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दुबई (UAE)दुबई को दुनिया के सबसे लोकप्रिय गोल्ड मार्केट्स में गिना जाता है. यहां टैक्स कम होने और बाजार में कॉम्पिटीशन ज्यादा होने के कारण सोना अक्सर भारत से सस्ता मिलता है.
हांगकांगहांगकांग में सोने पर बेहद कम टैक्स लगता है, जिससे इसकी कीमतें कई देशों की तुलना में कम रहती हैं.
सिंगापुरसिंगापुर निवेश-ग्रेड गोल्ड पर टैक्स छूट देता है, इसलिए यहां भी सोना अपेक्षाकृत सस्ता माना जाता है.
स्विट्जरलैंडस्विट्जरलैंड दुनिया का बड़ा गोल्ड रिफाइनिंग हब है. यहां शुद्धता और कम कर व्यवस्था के कारण निवेशकों को बेहतर कीमत मिलती है.
सऊदी अरबसऊदी अरब में भी मेकिंग चार्ज और टैक्स अपेक्षाकृत कम हैं, इसलिए यहां सोना भारत की तुलना में सस्ता मिलता है.
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भारत में क्यों है सोना महंगा?भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर सोना आयात करता है. आयात शुल्क, जीएसटी, परिवहन लागत और ज्वेलरी पर लगने वाले मेकिंग चार्ज सोने की कीमत बढ़ा देते हैं. इसके अलावा भारत में शादी-ब्याह और त्योहारों के दौरान भारी मांग भी कीमतों को ऊंचा बनाए रखती है.
आपको बता दें कि, विदेश में सस्ता सोना मिलने का मतलब ये कतई नहीं है कि भारतीय खरीदारों को उतनी ही बचत होगी. विदेश से सोना लाने पर भारतीय कस्टम नियम, ड्यूटी और अन्य शुल्क लागू होते हैं. इसलिए खरीदारी से पहले कुल लागत का आकलन करना जरूरी है.
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        <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 20:30:25 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Hormuz Crisis: ईरान&amp;अमेरिका में फिर भड़की जंग, होर्मुज पूरी तरह बंद, जानिए अब आपकी जेब पर क्या असर पड़ेगा?</title>
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        <description><![CDATA[ Indian Economy News: ईरान और अमेरिका के बीच जंग एक बार फिर भड़क गई है. अप्रैल में हुआ नाजुक सीजफायर अब टूटता दिख रहा है. ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह बंद करने का ऐलान कर दिया है और साफ कहा है कि जो भी जहाज वहां से गुजरने की कोशिश करेगा उस पर गोली चलाई जाएगी. उधर अमेरिका ने ईरान के कई ठिकानों पर नए हमले किए हैं. राष्ट्रपति ट्रंप ने धमकी दी है कि अगर ईरान फौरन समझौते पर साइन नहीं करता तो हमले और तेज होंगे.
इस खबर के बाद गुरुवार सुबह कच्चा तेल करीब 2 डॉलर उछल गया हालांकि बाद में बढ़त थोड़ी कम हुई. ब्रेंट क्रूड 93 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर और अमेरिकी WTI क्रूड 90 डॉलर के ऊपर कारोबार कर रहा है. बाजार के जानकारों का कहना है कि तेजी इसलिए पूरी नहीं टिकी क्योंकि अभी तक तेल की सप्लाई में असल रुकावट नहीं दिखी है. अमेरिकी सेना का कहना है कि कमर्शियल जहाज अब भी स्ट्रेट से आ-जा रहे हैं.
भारत के लिए यह कितनी बड़ी टेंशन है
समझिए कि होर्मुज भारत के लिए कितना अहम है. भारत का करीब दो-तिहाई कच्चा तेल और आधी LNG इसी रास्ते से आती है यानी अगर यह रास्ता लंबे समय तक बंद रहा तो भारत का इंपोर्ट बिल बढ़ेगा महंगाई बढ़ेगी और सरकारी खजाने पर दबाव आएगा.
याद रखिए यह जंग फरवरी के आखिर से चल रही है और इसका असर भारत पहले से झेल रहा है. जंग शुरू होने से पहले ब्रेंट करीब 73 डॉलर पर था जो एक समय 126 डॉलर तक पहुंच गया था अब 93 डॉलर के आसपास है लेकिन यह भी जंग से पहले के मुकाबले करीब 27 फीसदी महंगा है.
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राहत की एक बड़ी खबर भी है
इस बीच भारतीय रिफाइनरी कंपनियों ने सूत्रों ने गुरुवार को बताया है कि उनके पास कम से कम अगस्त तक के लिए पर्याप्त कच्चा तेल मौजूद है यानी अगले दो-ढाई महीने तक देश में तेल की कोई किल्लत नहीं होगी. अबू धाबी की कंपनी ADNOC समेत कुछ सप्लायर एशिया के खरीदारों को तेल भेजने में कामयाब भी हो रहे हैं.
लेकिन सप्लाई की तस्वीर पूरी दुनिया में टाइट होती जा रही है. अमेरिका का क्रूड स्टॉक एक हफ्ते में 72 लाख बैरल घट गया है और जंग शुरू होने के बाद से अब तक 7.9 करोड़ बैरल कम हो चुका है. मई में OPEC देशों का तेल उत्पादन दो दशक से ज्यादा के सबसे निचले स्तर पर आ गया है.
पेट्रोल-डीजल पर क्या होगा
आम आदमी के लिए सीधा सवाल यही है कि पेट्रोल-डीजल का क्या होगा. दिल्ली में पेट्रोल करीब 102 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है. सरकार ने मार्च के आखिर में पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 10 रुपये प्रति लीटर घटाई थी, ताकि ग्राहकों पर बोझ कम पड़े फिर भी तेल कंपनियों को रोजाना करीब 750 करोड़ रुपये का घाटा हो रहा है. अगर क्रूड फिर 100 डॉलर के पार गया तो कंपनियों पर दाम बढ़ाने का दबाव और बढ़ेगा.
हवाई किराए और ATF पर असर
जंग का सबसे बड़ा झटका एविएशन सेक्टर को लगा है. ATF यानी हवाई जहाज का ईंधन महंगा होने से एयरलाइंस पहले ही किराए बढ़ा चुकी हैं और कई रूट पर उड़ानें घटा चुकी हैं. सरकार ने जून के पहले हफ्ते में ATF के दाम काबू में रखने के लिए 10 हजार करोड़ रुपये तक के सपोर्ट पैकेज को मंजूरी दी है ! अगर तनाव और बढ़ा तो खाड़ी देशों की उड़ानों पर फिर असर पड़ सकता है क्योंकि एयरलाइंस को लंबे और महंगे रूट लेने पड़ते हैं.
रुपये और बाजार पर नजर
जंग की वजह से रुपया भी दबाव में है. रुपया डॉलर के मुकाबले 92 के पार जा चुका है और विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं. RBI रुपये को संभालने के लिए अपने विदेशी मुद्रा भंडार से डॉलर बेच रहा है ! कमजोर रुपये का मतलब है कि हर बैरल तेल भारत को और महंगा पड़ता है.
FAQ: 1 महीने में कितनी बार निकाल सकते हैं PF, जानें एक बार पीएफ निकालने के बाद दोबारा कब निकाल सकते हैं?
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        <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 20:30:24 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Hormuz, Crisis:, ईरान-अमेरिका, में, फिर, भड़की, जंग, होर्मुज, पूरी, तरह, बंद, जानिए, अब, आपकी, जेब, पर, क्या, असर, पड़ेगा</media:keywords>
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        <title>Aviation News: हवाई सफर पर ब्रेक! अचानक क्यों बंद हो रही हैं डोमेस्टिक फ्लाइट्स, उड़ानों में कटौती का कारण क्या?</title>
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        <description><![CDATA[ Aviation News: ईरान और यूएस के बीच फरवरी से युद्ध चल रहा है. जिसका असर दुनियाभर के कई देशों में भी देखने को मिल रहा है. हालात ये हैं कि तेल, गैस, परिचालन हर एक इंडस्ट्री पर महंगाई की मार पड़ रही है. ईंधन की कीमतें बढ़ रही हैं, यात्रियों की संख्या कम हो रही है, गैस के दाम बढ़ रहे हैं. इस तरह से हर एक इंडस्ट्री पर इस युद्ध का गहरा असर पड़ रहा है. खासतौर से एविएशन इंडस्ट्री में काफी मारामारी मची हुई है.
एविएशन इंडस्ट्री का हाल बेहालएविएशन इंडस्ट्री पिछले कुछ सालों में काफी अच्छा प्रदर्शन कर रही थी, इस सेक्टर को काफी बूम मिल रहा था. लेकिन ईरान युद्ध के कारण इस सेक्टर की गति में थोड़ी रुकावट आ गई है. इन दिनों कई डोमेस्टिक और इंटरनेशनल एयरलाइंस मुश्किल के दौर से गुजर रही हैं. ऐसे में कई महत्वपूर्ण एयरलाइंस की उड़ानों को कम किया जा रहा है. तो वहीं कई जरूरी रूट्स पर यात्रियों की संख्या भी कम देखी जा रही है.
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इन रूट्स पर आई सबसे ज्यादा गिरावटदेश के सबसे बिजी 9 एयरपोर्ट्स में से पांच पर वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में सीटें पिछले साल के मुकाबले कम हो गई हैं. यूके की एविएशन एनालिटिक्स कंपनी OAG के डाटा के मुताबिक, इन रूट्स पर सबसे ज्यादा गिरावट आई है:

हैदराबाद में 3.57 मिलियन सीटें कम हुई हैं, जिसके कारण सबसे ज्यादा 12% की गिरावट दर्ज की गई है.
चेन्&amp;zwj;नई में 2.48 मिलियन पर सीटें पहुंची हैं और 8% कमी आई है.
अहमदाबाद, मुंबई और कोलकाता में 2-3% की गिरावट देखी गई.
गुवाहाटी और बेंगलुरु में कोई बदलाव नहीं हुआ.&amp;nbsp;
तो वहीं दिल्ली में 9.6% और पुणे में 6% की बढ़ोतरी हुई है.

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महंगे एटीएफ का असरदेशभर में जैसे पेट्रोल- डीजल की कीमतें बढ़ रही हैं, वैसे ही जेट फ्यूल यानी ATF की कीमतों में भी इजाफा हो रहा है. जिसके कारण फ्लाइट्स की उड़ानें कम कर दी गई हैं. तो वहीं ईंधन की कीमत बढ़ने की वजह से फ्लाइट्स के किराए में भी इजाफा किया गया है. ये भी एक बड़ा कारण है जिससे यात्री फ्लाइट का सफर करने से बच रहे हैं. जब यात्रियों की संख्या कम होती है, तब एयरलाइंस के पास मेंटेनेंस के लिए भी कम लागत बचती है, ऐसे में उड़ानें रद्द करने के सिवाय कोई रास्ता बाकी नहीं रहता है.
बता दें कि इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) के मुताबिक, फरवरी से जून के बीच ATF की कीमतों में ग्लोबली करीब 52% से ज्यादा की बढ़ोतरी देखी गई है. जिसके बाद ये 146.25 डॉलर प्रति बैरल हो गया.
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        <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 20:30:22 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>Aviation, News:, हवाई, सफर, पर, ब्रेक, अचानक, क्यों, बंद, हो, रही, हैं, डोमेस्टिक, फ्लाइट्स, उड़ानों, में, कटौती, का, कारण, क्या</media:keywords>
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        <title>बाल कटवाना&amp;शेविंग कराना भी हुआ महंगा, इस राज्य में सैलून सर्विस के बढ़ गए दाम, जानें कितना हुआ इजाफा</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/बाल-कटवाना-शेविंग-कराना-भी-हुआ-महंगा-इस-राज्य-में-सैलून-सर्विस-के-बढ़-गए-दाम-जानें-कितना-हुआ-इजाफा</link>
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        <description><![CDATA[ Maharasthra News: इस बढ़ती महंगाई ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है. अगर आप भी महीने में दो से तीन बार सैलून जाकर बाल कटवाते हैं तो अब आपको महंगाई का एक झटका लगने वाला है. महाराष्ट्र में आम लोगों को अब सैलून सेवाओं के लिए पहले से ज्यादा पैसे देने होंगे. राज्य में नाई संगठन ने बाल कटवाने, शेविंग और अन्य सेवाओं के दामों में लगभग 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी. यह बढ़ोतरी शनिवार से लागू हो जाएगी और इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ने वाला है.
बढ़ोतरी के पीछे की वजह क्या है?
संगठन का कहना है कि बढ़ती लागत और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक अनिश्चितता, खासकर मिडिल ईस्ट तनाव के बीच कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते यह फैसला लिया गया. अगर नई दरें कुछ इस प्रकार हैं.&amp;nbsp;

बाल कटवाने का चार्ज 180 रुपये
शेविंग 120 रुपये
दाढ़ी ट्रिमिंग 150 रुपये
हेड मसाज 180 रुपये
बाल धोने का 120 रुपये
फेसियल कम से कम 700 रुपये
हेयर स्पा 600 रुपये हो गया

हवाई सफर पर ब्रेक! अचानक क्यों बंद हो रही हैं डोमेस्टिक फ्लाइट्स, उड़ानों में कटौती का कारण क्या?
संगठन का दावा- हर दो साल में होती है समीक्षा
बता दें कि महाराष्ट्र नाभिक महामंडल के पदाधिकारी श्याम अस्करकर ने बताया कि आमतौर पर दरें हर दो साल में संशोधित होती हैं, लेकिन इस बार हालात सामान्य नहीं रहे, इसलिए बीच में ही दाम बढ़ने पड़े. संगठन का कहना है कि तेल, क्रीम, ब्लेड और बाकी के जरूरी सामान की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. अब इसका सीधा असर छोटे बिजनेस करने वालों पर पड़ रहा है.
महाराष्ट्र में लगभग एक लाख से ज्यादा नाई की दुकानें हैं. यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से पारंपरिक सैलून पर लागू है. हालांकि, लग्जरी सैलून इसमें शामिल नहीं हैं. अब इस बढ़ोतरी का असर आम लोगों पर पड़ेगा.&amp;nbsp;
ईरान-अमेरिका में फिर भड़की जंग, होर्मुज पूरी तरह बंद, जानिए अब आपकी जेब पर क्या असर पड़ेगा?
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        <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 20:30:21 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>बाल, कटवाना-शेविंग, कराना, भी, हुआ, महंगा, इस, राज्य, में, सैलून, सर्विस, के, बढ़, गए, दाम, जानें, कितना, हुआ, इजाफा</media:keywords>
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        <title>Petrol&amp;Diesel Price: 78 दिनों तक नहीं बढ़ेंगे पेट्रोल&amp;डीजल के दाम? ईंधन पर सरकार खर्च करेगी 1.23 लाख करोड़</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/petrol-diesel-price-78-दिनों-तक-नहीं-बढ़ेंगे-पेट्रोल-डीजल-के-दाम-ईंधन-पर-सरकार-खर्च-करेगी-123-लाख-करोड़</link>
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        <description><![CDATA[ Petrol Diesel Price: पेट्रोल और डीजल के दामों में बीते महीने ही बढ़ोतरी हुई है. जिससे जनता के ऊपर काफी बोझ बढ़ गया है. ईंधन के दाम बढ़ने से ना केवल परिचालन में महंगाई आई है बल्कि रोजमर्रा के सामानों के दामों में भी बढ़ोतरी हुई है. जनता को अब भी इस बात का डर है कि आने वाले दिनों में ईंधन के दाम और भी बढ़ने वाले हैं. इसी बीच सरकार ने जनता का थोड़ा सा बोझ कम करने के लिए कुछ और ही प्लान बना लिया है. ये खबर पढ़कर ही लोगों को थोड़ी राहत की सांस आएगी.
सरकार कर रही मदददरअसल लोगों पर पड़ रही महंगाई की मार को रोकने के लिए अब सरकार खुद तेल कंपनियों (OMC) को करोड़ों रुपये चुका रही है. जिससे कि कई दिनों तक पेट्रोल- डीजल की कीमतें ना बढ़ सकें. न्यूज एजेंसी PTI की रिपोर्ट के मुताबिक सरकार तेल कंपनियों को करीब 1.23 लाख करोड़ रुपये दे रही है, जिससे कि 78 दिनों तक पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई भी बदलाव ना आए.
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वहीं सरकारी सूत्रों ने PTI को ये भी बताया कि फर्टिलाइजर मंत्री ने वित्त वर्ष 2027 के लिए तय 1.77 लाख करोड़ रुपये की फर्टिलाइजर सब्सिडी को दोगुना करने की मांग की है. ये कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब सरकार अलग-अलग सेक्टर में बढ़ती सब्सिडी और ऊर्जा की लागत से जूझ रही है.
सब्सिडी LPG सिलेंडर घटाएसोमवार को केंद्र सरकार ने &#039;प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना&#039; के लाभार्थियों को हर साल मिलने वाले सब्सिडी वाले LPG सिलेंडरों की संख्या 9 से घटाकर 4 कर दी. सरकार का कहना है कि ये बदलाव परिवारों की औसत खपत के हिसाब से किया गया है. साल 2016 में शुरू की गई इस स्कीम के तहत, लाभार्थियों को शुरुआत में हर साल 14.2 किलोग्राम के 12 सब्सिडी वाले सिलेंडर मिलते थे, लेकिन बाद में कोटा घटाकर नौ कर दिया गया और अब इसकी संख्या चार कर दी गई है.
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बता दें कि ये सब वैश्विक हालातों के मद्देनजर हो रहा है. ईरान और यूएस के बीच चल रहे युद्ध के कारण भारत की अर्थव्यवस्था भी पूरी तरह से गड़बड़ा गई है. ऐसे में सरकार पूरी कोशिश कर रही है कि जनता पर इसका ज्यादा बोझ नहीं आने दे. इसके तहत ही सरकार तेल कंपनियों की मदद कर रही है.
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        <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 04:30:24 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Petrol-Diesel, Price:, दिनों, तक, नहीं, बढ़ेंगे, पेट्रोल-डीजल, के, दाम, ईंधन, पर, सरकार, खर्च, करेगी, 1.23, लाख, करोड़</media:keywords>
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        <title>RBI: 30 जून से बंद हो जाएंगे कागजी नोट, RBI लाएगा प्लास्टिक वाली करेंसी? सरकार ने क्या कहा, जानें</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/rbi-30-जून-से-बंद-हो-जाएंगे-कागजी-नोट-rbi-लाएगा-प्लास्टिक-वाली-करेंसी-सरकार-ने-क्या-कहा-जानें</link>
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        <description><![CDATA[ RBI News: बीते कई दिनों से RBI को लेकर कई तरह की खबरें सोशल मीडिया पर चल रही हैं. जिनमें से एक खबर है कि आरबीआई जल्दी ही कागजी नोट बैन करने वाला है और उसकी जगह पर अब भारत में प्लास्टिक नोट चलाए जाएंगे. हालांकि सरकार की तरफ से इसे लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है कि ऐसा कबसे होने जा रहा है. लेकिन सोशल मीडिया पर तो नोट बैन करने की तारीखें भी आ गई हैं, जिससे यूजर्स के बीच काफी खलबली मची हुई है.
क्या हैं पूरा मामला?दरअसल सोशल मीडिया पर एक खबर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें बताया जा रहा है कि RBI 30 जून से कागजी नोट बैन करने जा रहा है. तो वहीं इसी तारीख से प्लास्टिक करेंसी को रिप्लेस कर दिया जाएगा. इस खबर को सोशल मीडिया पर देखते ही लोगों के बीच काफी अफरा- तफरी मच गई. लोगों को 2016 का नोटबंदी वाला सीन याद आने लगा. हालांकि इस पोस्ट के वायरल होने के बाद अब सरकार की तरफ से इस पर प्रतिक्रिया सामने आई है.
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क्या है खबर की सच्चाई?सरकारी की ऑथराइज्ड एजेंसी PIB के आधिकारिक X (ट्विटर) अकाउंट के जरिए ये वीडियो शेयर किया गया है. जिसे इस एजेंसी ने पूरी तरह फेक बताया है. इस वीडियो की सच्चाई को उजागर करते हुए एजेंसी ने लिखा, &#039;ये क्लेम पूरी तरह से फेक है. RBI के मुताबिक 30 जून 2026 तक कागज़ी नोटों को हटाने या उनकी जगह प्लास्टिक के नोट लाने की कोई योजना नहीं है.&#039;
इसके आगे इस एजेंसी ने लोगों से ऐसी किसी भी गलत जानकारी पर भरोसा करने से इनकार किया है. उन्होंने लिखा, &#039;सही जानकारी के लिए हमेशा RBI की आधिकारिक वेबसाइट देखें. जानकारी शेयर करने से पहले हमेशा आधिकारिक स्रोतों से उसकी पुष्टि करें. भारत सरकार से जुड़ी संदिग्ध जानकारी की रिपोर्ट पीआईबी फैक्ट चेक पर जांचें&#039;.
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 ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 04:30:23 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>RBI:, जून, से, बंद, हो, जाएंगे, कागजी, नोट, RBI, लाएगा, प्लास्टिक, वाली, करेंसी, सरकार, ने, क्या, कहा, जानें</media:keywords>
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        <title>इमारत 32 फ्लोर की और बेच दिया 34वीं मंजिल का फ्लैट, रियल एस्टेट के इस अनोखे स्कैम ने सबको चौंकाया</title>
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        <description><![CDATA[ Chine Real Estate Scam: रियल एस्टेट सेक्टर में बढ़ते घोटालों के बीच चीन के शानक्सी प्रांत से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, यहां एक व्यक्ति ने 34वीं मंजिल पर फ्लैट खरीदा था, लेकिन बाद में पता चला कि उस बिल्डिंग में केवल 32 मंजिलें ही मौजूद थीं. इस घटना को जानकर हर कोई ही हैरान रह गया है.&amp;nbsp;
2013 में खरीदा था फ्लैट&amp;nbsp;
रिपोर्ट के मुताबिक, शेन नाम के व्यक्ति ने 2013 में शियान के पास एक गांव में यह फ्लैट खरीदा था. उन्होंने 90 वर्ग मीटर का यूनिट 34वीं मंजिल पर लिया था, जिसकी कीमत लगभग 2,646 युआन प्रति वर्ग मीटर थी. यह कीमत उस टाइम इलाके के औसत घरों से काफी कम थी, क्योंकि यह प्रोजेक्ट ग्रामीण जमीन पर बना था. यह प्रोजेक्ट ग्रे-मार्केट हाउसिंग के तहत आता था, जो अक्सर बिना सही सरकारी मंजूरी के ग्रामीण जमीन पर बनाए जाते हैं. ध्यान देने वाली बात तो यह है कि ऐसे घर सस्ते जरूर होते हैं, लेकिन इनमें कानूनी सुरक्षा और दोबारा ब्रिकी की सुविधा नहीं होती है.&amp;nbsp;
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धोखा कैसे हुआ?
बता दें कि शेन ने 2013 में लगभग 117,700 युआन का डाउन पेमेंट किया था. डेवलपर ने वादा किया था कि 2015 तक फ्लैट सौंप दिया जाएगा, लेकिन यह प्रोजेक्ट टाइम पर पूरा नहीं हुआ, जिसके बाद 2017 में डेवलपर ने कहा कि प्रोजेक्ट पूरा हो चुका है और साथ ही उसने बाकी के पैसे देने को भी कहा, लेकिन शेन ने चाबी मिलने के बाद ही बाकी के पैसे देने की बात कही.
ऐसे हुआ 32वीं मंजिल का खुलासा
चौंकाने वाली बात तो यह है कि कुछ टाइम के बाद शेन को पता चला कि बिल्डिंग में केवल 32 मंजिलें ही बनी हैं. पहले उन्हें 32वीं मंजिल पर फ्लैट देने की पेशकश की गई, लेकिन बाद में वह भी उपलब्ध नहीं रहा. जिसके बाद शेन ने पैसे वापस लेने की मांग की, लेकिन डेवलपर ने फंड की कमी का हवाला देते हुए उन्हें टालता रहा. जिसके बाद उन्हें 2020 में 20 हजार युआन (भारतीय रुपये में लगभग 2.2 लाख से 2.3 लाख रुपये) और 2022 में 50 हजार युआन वापस मिले (लगभग 5.5 लाख से 5.8 लाख रुपये) , लेकिन बाकी पैसा अभी अटका हुआ है.&amp;nbsp;
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मामला पहुंचा कोर्ट तक
जब डेवलपर ने बाकी की रकम नहीं वापस की तो शेन ने मामला कोर्ट तक पहुंचाया. जिसके बाद मध्यस्थता आयोग ने डेवलपर को ब्याज और मुआवजे सहित पैसा लौटाने का आदेश दिया, लेकिन मई 2026 तक भी पूरा भुगतान नहीं हुआ.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 04:30:22 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>इमारत, फ्लोर, की, और, बेच, दिया, 34वीं, मंजिल, का, फ्लैट, रियल, एस्टेट, के, इस, अनोखे, स्कैम, ने, सबको, चौंकाया</media:keywords>
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        <title>SpaceX IPO: भारत में बैठकर क्या आप बन सकते हैं मस्क की कंपनी में हिस्सेदार, कैसे खरीदें SpaceX के शेयर?</title>
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        <description><![CDATA[ SpaceX IPO: इन दिनों यदि कोई IPO सबसे ज्यादा चर्चा में है तो वो है इल़न मस्क की कंपनी स्पेसएक्स का IPO. जो फिलहाल IPO की दुनिया में शामिल भी नहीं हुआ है. लेकिन इसको लेकर निवेशकों का एक्साइटमेंट भी कापी ज्यादा है. इस कंपनी की शेयर मार्केट में लिस्टिंग के बाद भारत में बैठे-बैठे भी कई निवेशक SpaceX में हिस्सेदार बन सकते हैं. हालांकि भारतीय निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या वो भी इस कंपनी के शेयर खरीद सकते हैं और अगर हां, तो कैसे?
क्या भारत में बैठे- बैठ कर पाएंगे SpaceX IPO में निवेश?भारतीय निवेशक विदेशी कंपनियों के शेयरों में निवेश कर सकते हैं, लेकिन किसी अमेरिकी कंपनी के IPO में सीधे आवेदन करना आसान नहीं होता. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के नियमों के तहत भारतीय नागरिक एक वित्त वर्ष में अधिकतम 2.5 लाख डॉलर (करीब 2.4 करोड़ रुपये) तक विदेश में निवेश के लिए भेज सकते हैं.
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कैसे कर सकते हैं निवेश?अगर भविष्य में SpaceX जैसी कोई कंपनी शेयर बाजार की लिस्ट में शामिल होती है, तो भारतीय निवेशक अपने अंतरराष्ट्रीय ब्रोकरेज एप के जरिए रुपये को डॉलर में बदलकर ये रकम विदेश भेज सकते हैं. इसके बाद, कंपनी के शेयर NASDAQ पर ट्रेडिंग शुरू होने के बाद खुले बाजार से खरीदे जा सकते हैं. इसका मतलब है कि भारतीय निवेशक आमतौर पर IPO में सीधे शेयर खरीदने की जगह, लिस्टिंग के बाद अमेरिकी शेयर बाजार में कारोबार शुरू होने पर कंपनी के शेयर खरीदकर उसमें हिस्सेदारी ले सकते हैं.
निवेश से पहले इन बातों का रखें ध्यानअगर आप भी SpaceX में निवेश करने वाले हैं तो इन मुख्य बातों का ध्यान आपको रखना होगा. क्योंकि SpaceX का वैल्यूएशन बहुत ऊंचा माना जा रहा है. ऐसे में IPO के बाद शेयरों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है. कंपनी अभी भी बड़े पैमाने पर निवेश कर रही है और भविष्य में मुनाफे को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि सिर्फ एक्साइटमेंट में ही निवेश ना करें बल्कि जोखिमों को समझकर ही निवेश करने का फैसला करें.
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बता दें कि फिलहाल इलॉन मस्क की कंपनी SpaceX का IPO शेयर बाजार में नहीं आया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी करीब 1.75 ट्रिलियन डॉलर के वैल्यूएशन पर 75 अरब डॉलर जुटाने की तैयारी कर रही है, जो इतिहास का सबसे बड़ा IPO हो सकता है. जिसके चलते इसको लेकर लोगों में काफी ज्यादा एक्साइटमेंट भी बना हुआ है. वहीं ये कंपनी रॉकेट लॉन्च, सैटेलाइट इंटरनेट सेवा स्टारलिंक और अंतरिक्ष तकनीक के क्षेत्र में तेजी से बढ़ रही है. ये भी एक बड़ी वजह है कि कई निवेशक इसके संभावित IPO का इंतजार कर रहे हैं.
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        <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 04:30:21 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Mutual Funds: म्यूचुअल फंड में नए युग की शुरुआत, SEBI लाया &amp;apos;लाइफ साइकिल फंड्स&amp;apos;, जानें इसके फायदे</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/mutual-funds-म्यूचुअल-फंड-में-नए-युग-की-शुरुआत-sebi-लाया-लाइफ-साइकिल-फंड्स-जानें-इसके-फायदे</link>
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        <description><![CDATA[ SEBI introduces Life Cycle Funds: भारतीय म्यूचुअल फंड उद्योग अब एक नए युग की ओर बढ़ रहा है. भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने 26 फरवरी, 2026 को &#039;लाइफ साइकिल फंड्स&#039; नामक एक नए प्रकार के म्यूचुअल फंड के साथ कदम बढ़ाया. फंड हाउसों ने इस नियमावली परिवर्तन पर तेजी से प्रतिक्रिया दी है. जून 2026 के पहले सप्ताह में दो परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों ने SEBI के साथ अपने ड्राफ्ट दायर किए. इन ड्राफ्टों के दाखिल होने के साथ, पुराने समाधान-आधारित योजनाओं का अंत हो गया है. SEBI ने उन्हें एक अधिक गतिशील संरचना से बदल दिया है. निवेशकों को अब एक विशेष समय सीमा के अनुसार अनुकूलित स्वचालित परिसंपत्ति आवंटन का लाभ मिलेगा.
नए दाखिलों से पता चलता है कि फंड हाउस इस लक्ष्य-आधारित निवेश मार्ग के माध्यम से दीर्घकालिक खुदरा पूंजी को आकर्षित करना चाहते हैं. लाइफ साइकिल फंड क्या है? लाइफ साइकिल फंड एक ओपन-एंडेड म्यूचुअल फंड है जिसमें पूर्व-निर्धारित परिपक्वता वर्ष होता है. एक पारंपरिक हाइब्रिड फंड के विपरीत, परिसंपत्ति आवंटन स्थिर नहीं रहता है.
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इसके बजाय, फंड एक &quot;ग्लाइड पथ&quot; का अनुसरण करता है. इसका मतलब है कि पोर्टफोलियो धीरे-धीरे अधिक रूढ़िवादी हो जाता है जैसे-जैसे यह परिपक्वता के करीब आता है. प्रारंभिक अवधि में, पोर्टफोलियो में वृद्धि प्राप्त करने के लिए इक्विटी निवेश का बड़ा हिस्सा हो सकता है. लक्षित तिथि के करीब आते ही, निवेश ऋण या अन्य निश्चित-आय निवेशों में वृद्धि के माध्यम से अधिक रूढ़िवादी हो जाता है.
SEBI ने यह श्रेणी क्यों पेश की? 
यह नई श्रेणी तब उभरी जब SEBI ने समाधान उन्मुख योजनाओं को बंद करने का निर्णय लिया, जिसमें सेवानिवृत्ति फंड और बच्चों के फंड शामिल थे. SEBI को लगा कि एक अधिक संरचित लक्ष्य-आधारित उत्पाद की आवश्यकता है.
परिणामस्वरूप, जीवन चक्र फंडों को म्यूचुअल फंड ढांचे के भीतर एक अलग श्रेणी के रूप में पेश किया गया. विनियमों के तहत, इन फंडों की पूर्व-निर्धारित परिपक्वता अवधि 5 वर्ष से 30 वर्ष के बीच होनी चाहिए. योजना के नाम में परिपक्वता वर्ष का भी खुलासा किया जाना चाहिए. भारतीय खुदरा निवेशकों के लिए एक वैश्विक समाधान यह अवधारणा वित्तीय दुनिया के लिए पूरी तरह से नई नहीं है. इन उत्पादों ने टारगेट डेट फंड के ब्रांड नाम के तहत पश्चिमी निवेशकों के बीच बड़ी लोकप्रियता हासिल की है. यह प्रवृत्ति पहले से ही संयुक्त राज्य अमेरिका में काफी लोकप्रिय हो चुकी है.
उपलब्ध उद्योग रिपोर्टों के अनुसार, लक्षित तिथि फंडों के माध्यम से प्रबंधित संपत्तियाँ 2025 में $4.8 ट्रिलियन तक बढ़ गईं, जो पिछले वर्ष की तुलना में 20.3% की वृद्धि है. पिछले दशक में, इस क्षेत्र में वार्षिक रूप से 11.9% की वृद्धि हुई है.लाइफ साइकल फंड्स की शुरुआत के माध्यम से, सेबी का उद्देश्य भारतीय निवेशकों के लिए एक समान लक्ष्योन्मुख निवेश ढांचा लाना है. पहली सेबी फाइलिंग के अंदर आधिकारिक सेबी वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी से पता चलता है कि प्रस्ताव दस्तावेजों के पांच ड्राफ्ट प्रस्तुत किए गए हैं.
ज़ेरोधा म्यूचुअल फंड ने सबसे पहले कदम उठाया, 05 जून, 2026 को दो योजनाओं के लिए ड्राफ्ट दस्तावेज दाखिल किए. इनमें ज़ेरोधा लाइफ साइकल फंड 2036 और ज़ेरोधा लाइफ साइकल फंड 2041 शामिल हैं. कुछ दिन बाद, 08 जून, 2026 को, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड ने तीन योजनाओं के लिए ड्राफ्ट पेपर प्रस्तुत किए. प्रस्तावित पेशकशों में आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ साइकल फंड 2031, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ साइकल फंड 2036, और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ साइकल फंड 2041 शामिल हैं.
इमारत 32 फ्लोर की और बेच दिया 34वीं मंजिल का फ्लैट, रियल एस्टेट के इस अनोखे स्कैम ने सबको चौंकाया
5 व्यक्तिगत योजनाओं पर एक करीबी नजर
1. ज़ेरोधा लाइफ साइकल फंड 2036 यह फंड अपनी फाइलिंग के समय से 10 साल के निवेश क्षितिज को लक्षित करता है. इसे उन निवेशकों के लिए बनाया गया है जिनके महत्वपूर्ण वित्तीय लक्ष्य अगले दशक के मध्य में आने वाले हैं. इसे निष्क्रिय दृष्टिकोण का उपयोग करके इंडेक्स फंड और एक्सचेंज ट्रेडेड फंड में निवेश करके कम संचालन लागत सुनिश्चित करने के लिए किया जाएगा. बेंचमार्क पोर्टफोलियो में 50% निफ्टी 200 टीआरआई, 40% क्रिसिल 10-वर्षीय गिल्ट इंडेक्स, और भारतीय सोने और चांदी के सूचकांकों का 5% प्रत्येक शामिल होगा.
2. ज़ेरोधा लाइफ साइकल फंड 2041 यह योजना निवेशकों को अपने पूंजी को बढ़ाने के लिए 15 वर्षों की लंबी समयावधि देती है. क्योंकि लक्ष्य वर्ष आगे है, फंड एक अधिक आक्रामक रुख से शुरू होता है. इसका बेंचमार्क वृद्धि की ओर भारी झुकाव रखता है, जिसमें 65% निफ्टी 200 TRI, 25% क्रिसिल 10-वर्षीय गिल्ट इंडेक्स, और 5% शारीरिक सोने और चांदी में होता है. यदि आप एक युवा निवेशक हैं जो दीर्घकालिक धन सृजन की योजना बना रहे हैं, तो यह लंबा ग्लाइड पाथ फंड मैनेजर को पहले कुछ वर्षों के दौरान इक्विटी एक्सपोजर को अधिकतम करने की अनुमति देता है.
3. आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ साइकिल फंड 2031 आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ साइकिल फंड 2031 उन निवेशकों के लिए लक्षित है जो एक विविधीकृत पोर्टफोलियो के माध्यम से दीर्घकालिक धन सृजन की तलाश कर रहे हैं. यह ओपन-एंडेड योजना 2031 के लक्ष्य परिपक्वता वर्ष के साथ आती है और एक ग्लाइड पाथ रणनीति का पालन करती है. इस योजना में, परिसंपत्ति आवंटन समय के साथ धीरे-धीरे बदलता है. फंड को &#039;बहुत उच्च&#039; जोखिम श्रेणी के अंतर्गत वर्गीकृत किया गया है. इसका बेंचमार्क निफ्टी 200 TRI के साथ 50% भार, निफ्टी कंपोजिट डेट इंडेक्स के साथ 45% भार, घरेलू सोने की कीमतों के साथ 3% भार, और घरेलू चांदी की कीमतों के साथ 2% भार के साथ बनाया गया है.
4. आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ साइकिल फंड 2036 यह मध्यवर्ती योजना ज़ेरोधा 20 ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 04:30:19 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Mutual, Funds:, म्यूचुअल, फंड, में, नए, युग, की, शुरुआत, SEBI, लाया, लाइफ, साइकिल, फंड्स, जानें, इसके, फायदे</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>Gold&amp;Silver Rate: सोना हुआ सस्ता, कीमत में 4000 रुपये से ज्यादा की गिरावट; जानें अब 24 और 22 कैरेट का रेट?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/gold-silver-rate-सोना-हुआ-सस्ता-कीमत-में-4000-रुपये-से-ज्यादा-की-गिरावट-जानें-अब-24-और-22-कैरेट-का-रेट</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/gold-silver-rate-सोना-हुआ-सस्ता-कीमत-में-4000-रुपये-से-ज्यादा-की-गिरावट-जानें-अब-24-और-22-कैरेट-का-रेट</guid>
        <description><![CDATA[ Gold-Silver Rate Today on June 10: आज अंतर्राष्ट्रीय और घरेलू सर्राफा बाजार में सोने-चांदी की कीमत में बड़ी गिरावट देखी जा रही है. पश्चिम एशया में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़े नए सैन्य तनाव और मजबूत अमेरिकी डॉलर की वजह से दोनों कीमती धातुओं की 1-3% तक की बड़ी गिरावट आई है.&amp;nbsp;
कितना सस्ता हुआ सोना?
आज 24 कैरेट सोने की कीमत में प्रति 10 ग्राम 4300 रुपये तक की बड़ी गिरावट आई है, जबकि गहनों के लिए इस्तेमाल होने वाला 22 केरेट सोना 1,36,450 से 1,37,160 रुपये प्रति 10 ग्राम के दायरे में बिक रहा है. वैश्विक बाजार में सोना इस वक्त 4175 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है, जो साल की शुरुआत में इसके 5602 डॉलर प्रति औंस के इसके हाई लेवल से 25% से ज्यादा नीचे है.&amp;nbsp;
शहरवार सोने की कीमतें



शहर&amp;nbsp;
24 कैरेट सोने की कीमत (प्रति ग्राम)
22 कैरेट सोने की कीमत (प्रति ग्राम)


दिल्ली
14,901 रुपये
13,660 रुपये


मुंबई
14,886 रुपये
13,645 रुपये


कोलकाता
14,886 रुपये
13,645 रुपये


चेन्नई&amp;nbsp;
15,055 रुपये
13,800 रुपये


बेंगलुरु
14,886 रुपये
13,645 रुपये


पुणे&amp;nbsp;
14,886 रुपये
13,645 रुपये


जयपुर&amp;nbsp;
14,901 रुपये
13,660 रुपये



चांदी की कीमतों में भी गिरावट
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी का वायदा भाव करीब 8,100 से 8,200 रुपये प्रति किलो (3.3%) टूटकर 2,38,225 के स्तर पर आ गया है. दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों में 999 फाइन चांदी का रेट गिरकर 2,35,520-2,36,110 रुपये प्रति किलो के स्तर पर बना हुआ है. अंतर्राष्ट्रीय बाजार में स्पॉट चांदी 1.4% गिरकर 64.48 डॉलर प्रति औंस पर आ गई है, जो मार्च के बाद इसकस सबसे निचला स्तर है.&amp;nbsp;
क्यों गिरी सोने-चांदी कीमत?
महंगाई और ब्याज दरों का डर- अमेरिका और ईरान के बीच फिर नए सिरे से टेंशन बढ़ने और इसके चलते कच्चे तेल की कीमतों में उबाल आने से वैश्विक स्तर पर महंगाई बढ़ने की आशंकाएं बढ़ गई हैं. निवेशकों को डर है कि इससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रख सकता है, जिससे नॉन-यील्डिंग एसेट्स (सोना-चांदी) की मांग कमजोर हुई है.&amp;nbsp;
मजबूत अमेरिकी डॉलर- भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच वैश्विक निवेशकों ने डॉलर को सुरक्षित विकल्प के तौर पर चुना है. डॉलर इंडेक्स के 99.95 के पार जाने से अन्य देशों की करेंसीज के लिए सोना-चांदी खरीदना महंगा हो गया है. इसके अलावा, चांदी में पिछले कुछ दिनों से जारी प्रॉफिट बुकिंग और एआई बेस्ड ट्रेडर्स की बिकवाली से गिरावट और गहरा गई है.

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        <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 16:30:22 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Gold-Silver, Rate:, सोना, हुआ, सस्ता, कीमत, में, 4000, रुपये, से, ज्यादा, की, गिरावट, जानें, अब, और, कैरेट, का, रेट</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>Home Loan EMI Tips: EMI में सिर्फ 2000 रुपए एक्स्ट्रा दें, होम लोन पर ऐसे बच जाएगा 6.85 लाख का ब्याज</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/home-loan-emi-tips-emi-में-सिर्फ-2000-रुपए-एक्स्ट्रा-दें-होम-लोन-पर-ऐसे-बच-जाएगा-685-लाख-का-ब्याज</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/home-loan-emi-tips-emi-में-सिर्फ-2000-रुपए-एक्स्ट्रा-दें-होम-लोन-पर-ऐसे-बच-जाएगा-685-लाख-का-ब्याज</guid>
        <description><![CDATA[ Home Loan Tips: घर खरीदना हम सभी के जीवन का सबसे बड़ा सपना होता है. इसके लिए हम सालों प्लानिंग करते हैं और आखिर में होम लोन का सहारा लेते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि 15 से 25 साल की इस लंबी अवधि में आप बैंक से जितना लोन लेते हैं, लगभग उतनी ही रकम सिर्फ ब्याज के रूप में चुका देते हैं? यानी आपका अपना घर आपको असल में दोगुनी कीमत पर मिलता है. ऐसे में क्या कोई ऐसा तरीका है जिससे इस भारी-भरकम ब्याज को लाखों रुपए कम किया जा सके? जी हां सिर्फ एक छोटा सा बदलाव और आपके लाखों रुपए और कई महीनों का समय बच सकता है.
मान लेते हैं कि आपने अपने सपनों के घर के लिए एक करोड़ रुपए का होम लोन लिया है, जिसकी ब्याज दर है 8.25 फीसदी और अवधि है 20 साल. इस हिसाब से आपकी हर महीने की सामान्य ईएमआई बनेगी लगभग 85207 रुपए. अब पूरे 20 साल यानी 240 महीनों में आप कुल मिलाकर बैंक को चुकाएंगे पूरे दो करोड़ 4 लाख 49 हजार 680 रुपए. इसमें से एक करोड़ रुपए तो आपका मूलधन है, लेकिन ऊपर का पूरा एक करोड़ 4 लाख रुपए सिर्फ और सिर्फ ब्याज है. यानी लोन की रकम से भी ज्यादा आप ब्याज में अपनी जेब ढीली कर रहे हैं.
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जादुई ट्रिक से बचाएं अपना ब्याज
अगर आप अपनी ईएमआई को हर महीने सिर्फ दो हजार रुपए बढ़ा देते हैं. यानी अब आपकी ईएमआई 85 हजार 207 रुपए से बढ़कर 87 हजार 207 रुपए हो जाती है. यह सुनने में बहुत मामूली सा बदलाव लगता है, कोई भी सोच सकता है कि दो हजार रुपए से क्या होगा? लेकिन यहीं पर सारा खेल बदल जाता है. इस छोटे से एक्स्ट्रा अमाउंट की वजह से आपका लोन पूरे 20 साल यानी 240 महीने नहीं चलेगा. बल्कि यह लगभग 227 महीनों में, यानी 18 साल और 11 महीने में ही पूरी तरह बंद हो जाएगा. सीधे 13 महीने पहले आपका लोन खत्म होगा तो पैसे भी बचेंगे.
सिर्फ दो हजाररुपए बढ़ाने से बड़ी बचत कैसे होगी?
होम लोन के शुरुआती सालों में आपकी ईएमआई का एक बहुत बड़ा हिस्सा सिर्फ ब्याज चुकाने में चला जाता है और मूलधन यानी प्रिंसिपल अमाउंट बहुत धीरे-धीरे घटता है. जैसे पहले महीने में एक करोड़ के लोन का ब्याज ही 68 हजार 750 रुपए बनता है. सामान्य ईएमआई में आपका मूलधन सिर्फ 16 हजार 457 रुपए घटता है. लेकिन जब आप दो हजार रुपए अतिरिक्त देते हैं तो वो पूरा का पूरा पैसा सीधे आपके बकाया मूलधन को कम करता है. जब मूलधन तेजी से घटता है तो अगले महीने से ब्याज भी कम बची हुई रकम पर लगता है और यह चक्र हर महीने आपकी बचत को बढ़ाता जाता है.
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समय के साथ यह अंतर कितना बड़ा होगा?
एक साल के बाद सामान्य ईएमआई के मुकाबले आपका लोन बैलेंस 25 हजार रुपए कम होगा. पांच साल बाद यह अंतर बढ़कर लगभग डेढ़ लाख रुपए हो जाएगा. 10 साल बीतते-बीतते, जहां सामान्य ईएमआई में आपका बकाया 69.47 लाख होगा, वहीं एक्स्ट्रा ईएमआई के साथ यह सिर्फ 65.76 लाख रह जाएगा, यानी सीधे तीन लाख 70 हजार रुपए का फायदा. इतना ही नहीं 15 साल आते-आते तो कमाल हो जाएगा. आपका लोन बैलेंस सामान्य से पूरे सात लाख रुपए कम बचेगा और फिर 19वें साल की शुरुआत में ही आपका पूरा लोन हमेशा के लिए क्लोज हो जाएगा.
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        <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 16:30:20 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Home, Loan, EMI, Tips:, EMI, में, सिर्फ, 2000, रुपए, एक्स्ट्रा, दें, होम, लोन, पर, ऐसे, बच, जाएगा, 6.85, लाख, का, ब्याज</media:keywords>
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        <title>ITR Filing:अगर वक्त पर नहीं भरा इनकम टैक्स रिटर्न तो क्या होगा? अभी समझ लें पूरा गणित, वरना पछताएंगे</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/itr-filingअगर-वक्त-पर-नहीं-भरा-इनकम-टैक्स-रिटर्न-तो-क्या-होगा-अभी-समझ-लें-पूरा-गणित-वरना-पछताएंगे</link>
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        <description><![CDATA[ Tax Payers: आमतौर पर इनकम टैक्स रिटर्न भरने की हड़बड़ी के दौरान कुछ गलतियों की वजह से न केवल आपका रिफंड नामंजूर हो जाता हैं, बल्कि नोटिस और जुर्माना लगने की संभावना बन सकती हैं. अगर आप समय सीमा से चूक जाते हैं तो आपको इनकम टैक्स एक्ट की धारा 234F के तहत लेट फाइलिंग चार्ज देना होगा.
टैक्सपेयर की इनकम और फाइलिंग में हुई देरी के मुताबिक यह जुर्माना 5000 रुपए तक हो सकता है. अगर कुल इनकम 5 लाख रुपए से कम है, तो लेट फाइलिंग का अधिकतम जुर्माना 1000 रुपए है, और अगर कुल इनकम 5 लाख रुपए से ज़्यादा है, तो यह जुर्माना 5000 रुपए है.
क्या ज़ीरो टैक्स लायबिलिटी के बावजूद जुर्माना लगेगा?
सबसे जरूरी बात यह कि अगर किसी सैलरी पाने वाले व्यक्ति को 31 जुलाई, 2026 तक ITR फाइल करना है और वह समय सीमा चूक जाता है, तो भी वह 31 दिसंबर, 2026 तक &#039;बिलेटेड रिटर्न&#039; (देरी से भरा जाने वाला रिटर्न) जमा कर सकता है. हालांकि, उन्हें लेट फाइलिंग फीस देनी पड़ सकती है. यह नियम तब भी लागू होता है जब टैक्स विभाग की ओर से दी गई छूट या रिबेट की वजह उनकी टैक्स देनदारी शून्य हो.
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ऐसे में सिर्फ़ उन्हीं लोगों को ITR फ़ाइल करने की ज़रूरत नहीं है जिनकी आय छूट की सीमा से कम है. पुरानी टैक्स व्यवस्था में यह बेसिक लिमिट 2.5 लाख रुपए है, जबकि नई व्यवस्था में यह 4 लाख रुपए है. &amp;nbsp;
मिसाल के तौर पर टैक्सपेयर ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में 9 लाख रुपए कमाए और उसे 31 जुलाई, 2026 तक रिटर्न फाइल करना था. अगर वह नवंबर 2026 में रिटर्न फाइल करता है, तो भी वह ऐसा कर सकता है, लेकिन उसे 5,000 रुपए की लेट फाइलिंग फीस देनी होगी. पेनल्टी के अलावा, अगर तय तारीख के बाद भी कोई टैक्स बकाया रहता है, तो टैक्सपेयर को उस पर ब्याज भी देना पड़ सकता है.
FY26 के लिए ITR की समय-सीमा
दरअसल, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने टैक्सपेयर के मुताबिक अलग-अलग डेडलाइन तय की हैं. सैलरी पाने वाले लोगों और ITR-1 या ITR-2 भरने वालों को 31 जुलाई तक अपना रिटर्न फाइल करना होगा. जिन टैक्सपेयर्स को टैक्स ऑडिट की ज़रूरत नहीं है और जो ITR-3 या ITR-4 भरते हैं, उनके पास 31 अगस्त तक का समय है. जिन लोगों के खाते का टैक्स ऑडिट होना ज़रूरी है, उन्हें 31 अक्टूबर तक रिटर्न फाइल करना होगा.
ट्रांसफर प्राइसिंग नियमों के दायरे में आने वाले टैक्सपेयर्स के लिए डेडलाइन 30 नवंबर तय की गई है. अगर कोई टैक्सपेयर तय डेडलाइन तक रिटर्न फाइल नहीं कर पाता है, तो भी वह 31 दिसंबर तक &#039;बिलेटेड रिटर्न&#039; (देरी से भरा गया रिटर्न) फाइल कर सकता है. आमतौर पर 31 मार्च, 2027 तक &#039;रिवाइज्ड रिटर्न&#039; के ज़रिए रिटर्न में सुधार भी किया जा सकता है.
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        <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 16:30:20 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>EU Ban: रूस से दोस्ती पड़ी भारी! यूरोपियन यूनियन ने भारत&amp;चीन की कंपनियों पर लगाए कड़े प्रतिबंध</title>
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        <description><![CDATA[ EU Fresh Russia Sanctions: यूरोपीय यूनियन ने भारत-चीन समेत कई अन्य देशों को 50 कंपनियों को बड़ा झटका देते हुए 21वें प्रतिबंध पैकेज का ऐलान कर दिया है. यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सला वॉन डेर लेयन द्वारा घोषित इस 21वें प्रतिबंध पैकेज के तहत भारत और चीन जैसे कई तीसरे देशों की कंपनियों पर कड़े निर्यात प्रतिबंध लगाए गए हैं. इसका मकसद यूक्रेन में जंग के लिए रूस की फंडिंग और रक्षा संसाधनों को रोकना है.&amp;nbsp;
लिस्ट में कौन-कौन से देश शामिल?
इस नए प्रतिबंध प्रस्ताव में 50 &amp;nbsp;कंपनियों को एक्सपोर्ट कंट्रोल की सूची में डाल दिया गया है, जिनमें भारत, चीन, तुर्किये, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), किर्गिस्तान और कजाकिस्तान की कई कंपनियां शामिल हैं.
यूरोपीय यूनियन के मुताबिक, ये कंपनियां रूस को ऐसी तकनीक और दोहरे उपयोग वाली वस्तुएं पहुंचा रही थीं, जिसका इस्तेमाल वह अपने हथियार और सैन्य ढांचे को मजबूत करने के लिए कर रहा है. प्रतिबंध लगाए गए देशों में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग को कमजोर करने के लिए ड्रोन निर्माण से जुड़ी 30 से अधिक नई कंपनियों को भी इस लिस्ट में डाल दिया गया है. &amp;nbsp;
एनर्जी और बैंकिंग सेक्टर पर असर
यह प्रतिबंध सिर्फ कंपनियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए रूस के पूरे आर्थिक तंत्र को घेरने की कोशिश की गई है. लिस्ट में शामिल किए गए तीसरे देशों के लगभग 90 बैंकों की संपत्ति फ्रीज करने का भी इसमें प्रस्ताव है. इसके तहत, रूस व अन्य जगहों के 30 से अधिक बैंकों के लेनदेन पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी. प्रतिबंधों को बायपास करने से रोकने के लिए 11 क्रिप्टोकरेंसी प्लेटफॉर्म्स के लेनदेन को भी प्रतिबंधित किया गया है.&amp;nbsp;

Our sanctions are working.They are weakening the economic foundations of Russia&amp;rsquo;s war effort.Today we double down.With a 21st package.Covering energy, banks &amp;amp; crypto, trade including fisheries and visa for Russian soldiers &amp;darr; https://t.co/fTIkATOSfN
&amp;mdash; Ursula von der Leyen (@vonderleyen) June 9, 2026



शैडो फ्लीट और तेल पर घेराबंदी
रूस अवैध रूप से तेल बेचने के लिए बिना पहचान वाले जिन पुराने जहाजों का इस्तेमाल करता है, उन्हें &#039;शैडो फ्लीट&#039; कहा जाता है. यूरोपीय यूनियन ने अपनी लिस्ट में 30 नए जहाजों को शामिल किया है और 2 रूसी बंदरगाहों और 4 एयरपोर्ट्स पर प्रतिबंध कड़े कर दिए हैं. इसके अलावा, रूसी क्रूड ऑयल के लिए प्राइस कैप को 44.10 डॉलर प्रति बैरल पर अगले 6 महीनों के लिए फ्रीज कर दिया है. &amp;nbsp;
भारत पर क्या होगा असर?
यूरोपीय यूनियन की एक्सपोर्ट कंट्रोल लिस्ट में जिन भारतीय कंपनियों को डाला गया है, वे अब यूरोपीय यूनियन के किसी भी देश या कंपनी के साथ कारोबार या टेक्नोलाॅजी का आदान-प्रदान नहीं कर पाएंगे. इस फैसले से भारत और यूरोपीय यूनियन की रणनीतिक साझेदारी तनाव में आ सकती है.&amp;nbsp;&amp;nbsp;

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        <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 16:30:18 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Ban:, रूस, से, दोस्ती, पड़ी, भारी, यूरोपियन, यूनियन, ने, भारत-चीन, की, कंपनियों, पर, लगाए, कड़े, प्रतिबंध</media:keywords>
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        <title>Gold News: जब भारतीय सोना खरीदते हैं तो डॉलर क्यों हो जाता है कमजोर? समझें गणित</title>
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        <description><![CDATA[ Gold vs Dollar: भारत में सोना खरीदना बहुत शुभ माना जाता है. लोग कई मौकों पर सोना खरीदते हैं. खासतौर से शादी, त्यौहार जैसे मौके पर तो सबसे ज्यादा सोना खरीदा जाता है. भले ही सोने की कीमत कितनी भी क्यों ना बढ़ जाए लेकिन शगुन के लिए सोना तो खरीदते ही हैं. ना केवल शगुन के लिए बल्कि कई लोग तो सोना निवेश के रूप में भी खरीदते हैं. लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि जब भी भारत में कोई सोना खरीदता है तो अमेरिका में डॉलर कमजोर हो जाता है? नहीं जानते होंगे ना, आइये बताते हैं ऐसा क्यों.
सोना खरीदने पर पड़ता इकोनॉमी पर असरसोना भारत में एक इमोशनल एसेट है, लेकिन इसका हिडन फंडा ये है कि जब भी इंडिया में ज्यादा गोल्ड खरीदा जाता है, तो इसका असर केवल ज्वेलरी मार्केट पर ही नहीं पड़ता है, बल्कि पूरी इकोनॉमी पर इसका प्रेशर पड़ता है. ऐसा इसलिए क्योंकि इससे डॉलर कमजोर होता है. डॉलर कमजोर होता है तो इसका असर भारतीय इकोनॉमी पर भी पड़ता है.
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डॉलर क्यों होता है कमजोर?ये तो हम सभी जानते हैं कि भारत में सोने का उत्पादन नहीं होता, बल्कि सोना आयात किया जाता है. जो सोना भारत दूसरे देशों से खरीदता है उसका पेमेंट भारतीय रुपये में नहीं होता है बल्कि डॉलर्स में होता है. यहां से ही असली खेल शुरू होता है. क्योंकि आप जब भी किसी ज्वेलर से सोना खरीदते हैं, तो वो उसे आयात करता है, ऐसे में भारत को बाहर पेमेंट करना पड़ता है और उसके लिए डॉलर खरीदने पड़ते हैं.
इसका मतलब है कि भारत के लिए सोना खरीदना, डॉलर को खर्च करने के बराबर होता है. जब डॉलर की डिमांड बढ़ती है तो रुपया कमजोर होने लगता है.
RBI का भी है इसमें रोलजब रुपये पर किसी भी तरह का प्रेशर पड़ता है, तब RBI अपने फॉरेक्स रिजर्व से डॉलर्स बेचता है जिससे रुपया स्टेबल रहे. इसका मतलब है कि सोने की बढ़ती मांग सीधे तौर पर भारत के विदेशी मुद्र भंडार पर भी असर डालती है. ये कोई छोटी बात नहीं है, क्योंकि सोने का आयात भारत के लिए एक बड़ा आयात है. मतलब जिसका ज्यादा सोना आयात किया जाता है उतना ही बड़ा व्यापारिक घाटा भारत तो उठाना पड़ता है. और व्यापारिक घाटा बढ़ने का मतलब है कि इकोनॉमी पर प्रेशर पड़ने वाला है.
Gold इम्पोर्ट ड्यूटी क्यों बदलती है सरकार?सोने पर लगने वाला आयात शुल्क, यानी इम्पोर्ट ड्यूटी बार बार सरकार के द्वारा बदली जाती है, जानते हैं क्यों? नहीं जानते होंगे, तो हम बताते हैं. दरअसर ये सरकार का तरीका है क्योंकि आयात शुल्क बढ़ाने पर सोना महंगा हो जाता है, लोग इसे कम खरीदते हैं और डॉलर का निकलना कम हो जाता है.
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हालांकि ज्यादा इम्पोर्ट ड्यूटी का एक साइड इफैक्ट भी है, स्मगलिंग. इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ने की वजह से व्यापारी तस्करी करने लगते हैं. सरकार को इससे बचने के लिए बैलेंस बनाकर रखना पड़ता है.
डॉलर में ही क्यों होती है गोल्ड की पेमेंट?ऐसा इसलिए होता है क्योंकि वैश्विक स्तर पर सोने की कीमतें डॉलर सिस्टम पर ही आधारित रहती हैं. इस वजह से ही भारतीय कहीं से भी सोना खरीदें उन्हें इंटरनेशनल मार्केट में USD में ही सेटलमेंट करना पड़ता है.
इसका साफतौर पर मतलब ये है कि आपका सोना सिर्फ पर्सनल इनवेस्टमेंट नहीं है, बल्कि वो पूरी तरह से डॉलर डिमांड, रुपया की ताकत, फॉरेक्स रिजर्व और इंडिया के व्यापार से जुड़ा होता है. ये केवल एक कल्चरल आदत ही नहीं है बल्कि पूरी तरह से भारत की अर्थव्यवस्था से जुड़ी हुई है. इसलिए सरकार जब भी गोल्ड इम्पोर्ट ड्यूटी के बारे में बात करती है तो वो पूरे भारत की अर्थव्यवस्था की बात करती है.
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        <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 00:30:19 +0530</pubDate>
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        <title>1 लाख के बना दिए करोड़ों, पिछले 10 साल में इन 5 शेयरों ने निवेशकों को दिया 6000% तक का रिटर्न</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/1-लाख-के-बना-दिए-करोड़ों-पिछले-10-साल-में-इन-5-शेयरों-ने-निवेशकों-को-दिया-6000-तक-का-रिटर्न</link>
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        <description><![CDATA[ 5 Stocks Delivered Bumper Returns:&amp;nbsp;मंगलवार को भारतीय इक्विटी बेंचमार्क उच्च स्तर पर कारोबार कर रहे थे, जिसमें बेंचमार्क निफ्टी 50 सूचकांक 0.63 प्रतिशत बढ़कर 23,269.35 पर पहुंच गया,&amp;nbsp;जबकि व्यापक बाजार ने पिछले दशक में स्वस्थ रिटर्न दिया, कुछ स्टॉक्स ने निवेशकों के लिए असाधारण संपत्ति उत्पन्न की, जिससे 1 लाख रुपये के निवेश को लगातार व्यापार वृद्धि और परिचालन परिवर्तन के माध्यम से कई लाखों में बदल दिया.
यहां इन मल्टीबैगर रिटर्न्स के पीछे के मुख्य व्यापारिक विकास और वृद्धि कारकों पर एक नज़दीकी दृष्टिकोण है.
डायमंड पावर इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड
डायमंड पावर इंफ्रास्ट्रक्चर ने पिछले 10 वर्षों में लगभग 4,290 प्रतिशत का रिटर्न दिया है. कंपनी का पुनरुद्धार संचालन के पुनरुद्धार, क्षमता उपयोग में सुधार, भारत के पावर ट्रांसमिशन और वितरण क्षेत्र से बढ़ती मांग और मजबूत ऑर्डर प्रवाह द्वारा संचालित था. इसके अलावा कंपनी ने अपने पुनर्गठन और व्यवसाय पुनरुद्धार के बाद हाल के तिमाहियों में लाभप्रदता में तीव्र सुधार की रिपोर्ट भी की है. मार्च 2026 तक प्रमोटर की हिस्सेदारी 84 प्रतिशत से अधिक रही.
पतंजलि फूड्स लिमिटेड&amp;nbsp;
पतंजलि फूड्स इस अवधि के दौरान सबसे बड़े धन सृजनकर्ताओं में से एक के रूप में उभरा, जिसने लगभग 6,156 प्रतिशत का रिटर्न दिया. कंपनी ने अधिग्रहण और खाद्य, होम केयर और पर्सनल केयर सेगमेंट में विस्तार के माध्यम से खुद को एक शुद्ध खाद्य तेल खिलाड़ी से एक विविध एफएमसीजी व्यवसाय में बदल दिया. पतंजलि आयुर्वेद से व्यवसायों के अधिग्रहण ने इसके एफएमसीजी पोर्टफोलियो को काफी मजबूत किया, जबकि खाद्य तेलों ने वॉल्यूम और लाभप्रदता को बढ़ाना जारी रखा. खाद्य तेलों और एफएमसीजी व्यवसायों में मजबूत वृद्धि ने हाल के वर्षों में आय वृद्धि का समर्थन किया है.
क्यूपिड लिमिटेड 
क्यूपिड लिमिटेड ने पिछले दशक में लगभग 5,692 प्रतिशत का रिटर्न उत्पन्न किया. कंपनी ने पुरुष और महिला कंडोम, व्यक्तिगत स्नेहक और नैदानिक उत्पादों के वैश्विक आपूर्तिकर्ता के रूप में अपनी स्थिति मजबूत की. निर्यात बाजारों में वृद्धि, अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसियों से बढ़ती मांग, क्षमता विस्तार और वेलनेस और डायग्नोस्टिक्स उत्पादों में विविधीकरण ने इसके दीर्घकालिक विकास प्रक्षेपवक्र में योगदान दिया है. कंपनी अपनी विनिर्माण क्षमताओं और निर्यात पदचिह्न का भी विस्तार कर रही है.
लॉयड्स इंजीनियरिंग वर्क्स&amp;nbsp; 
लॉयड्स इंजीनियरिंग वर्क्स ने पिछले 10 वर्षों में लगभग 4,704 प्रतिशत का रिटर्न दिया है. कंपनी की वृद्धि को इंजीनियरिंग, विनिर्माण और इन्फ्रास्ट्रक्चर से संबंधित व्यवसायों में उसकी उपस्थिति से समर्थन मिला है. उच्च-मूल्य वाले औद्योगिक परियोजनाओं में विस्तार, इंजीनियरिंग अनुबंधों का निष्पादन और विभिन्न क्षेत्रों में विविधीकरण ने इस अवधि में इसके ऑर्डर पाइपलाइन और वित्तीय प्रदर्शन को मजबूत करने में मदद की.
अदानी पावर लिमिटेड 
अदानी पावर ने पिछले 10 वर्षों में लगभग 3,587 प्रतिशत का रिटर्न उत्पन्न किया है. कंपनी को भारत में बढ़ती बिजली की मांग, मजबूत परिचालन प्रदर्शन, रणनीतिक अधिग्रहण और निरंतर क्षमता विस्तार से लाभ हुआ. अदानी पावर ने पावर संपत्तियों के अधिग्रहण और अपने उत्पादन पोर्टफोलियो के विस्तार के माध्यम से भारत के सबसे बड़े निजी थर्मल पावर उत्पादक के रूप में अपनी स्थिति मजबूत की है. कंपनी ने वित्तीय वर्ष 26 में 105 अरब यूनिट बिजली उत्पादन की सूचना दी, जबकि विस्तार क्षमता संबंध 13.3 गीगावॉट तक पहुंच गए.
अस्वीकरण: यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और निवेश सलाह नहीं है. ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 00:30:19 +0530</pubDate>
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        <title>हमेशा के लिए काम से छुट्टी! जानिए क्या है वो &amp;apos;फ्रीडम नंबर&amp;apos; जो आपको जवानी में कर देगा रिटायर</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/हमेशा-के-लिए-काम-से-छुट्टी-जानिए-क्या-है-वो-फ्रीडम-नंबर-जो-आपको-जवानी-में-कर-देगा-रिटायर</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/हमेशा-के-लिए-काम-से-छुट्टी-जानिए-क्या-है-वो-फ्रीडम-नंबर-जो-आपको-जवानी-में-कर-देगा-रिटायर</guid>
        <description><![CDATA[ Retirement in young age: कल्पना करें कि आप एक मंगलवार की सुबह जागते हैं और महसूस करते हैं कि आपको काम पर नहीं जाना है. न तो इसलिए कि आप बीमार हैं, और न ही इसलिए कि आप छुट्टी पर हैं, बल्कि इसलिए कि आपका बैंक खाता इतना पैसा बनाता है कि वह हमेशा के लिए आपकी जीवनशैली को कवर कर सके. यह केवल अरबपतियों के लिए आरक्षित एक दिवास्वप्न नहीं है. यह FIRE (वित्तीय स्वतंत्रता, जल्दी सेवानिवृत्ति) आंदोलन के पीछे का मूल विचार है. इसे प्राप्त करने के लिए, आपको भाग्य की आवश्यकता नहीं है, बल्कि आपको एक विशिष्ट मीट्रिक की आवश्यकता है.
व्यक्तिगत वित्त में इस मील के पत्थर को आपका फ्रीडम नंबर कहा जाता है. आपका फ्रीडम नंबर आपके निवेश पोर्टफोलियो का वह सटीक आकार है, ताकि आप आराम से जी सकें और फिर कभी अपने समय को तनख्वाह के लिए न बदलना पड़े. इसकी गणना करना आश्चर्यजनक रूप से सरल है. आइए इसे सरल भाषा और आसान गणित का उपयोग करके समझें.
चरण 1: अपने वास्तविक वार्षिक खर्चों को ट्रैक करें लोग सेवानिवृत्ति की योजना बनाते समय सबसे बड़ी गलती अपनी आय पर ध्यान केंद्रित करना करते हैं. आपका फ्रीडम नंबर इस पर आधारित नहीं है कि आप क्या कमाते हैं; यह पूरी तरह से इस पर आधारित है कि आप क्या खर्च करते हैं. अपने वार्षिक खर्चों की गणना करने के लिए अपने पिछले 12 महीनों के बैंक स्टेटमेंट को देखें. अपने खर्च को दो व्यापक श्रेणियों में विभाजित करें.
 आवश्यकताएं: आवास, किराना, उपयोगिता बिल, बीमा, और स्वास्थ्य देखभाल.
जीवनशैली: बाहर खाना, छुट्टियां, शौक और मनोरंजन.
महत्वपूर्ण नोट: जल्दी सेवानिवृत्ति की योजना बनाते समय, याद रखें कि कुछ खर्च गायब हो सकते हैं (जैसे आपकी दैनिक कार्यालय यात्रा), जबकि अन्य बढ़ सकते हैं (जैसे निजी स्वास्थ्य बीमा).
एक त्वरित उदाहरण: आइए रोहन से मिलें. रोहन 28 साल का है और एक आरामदायक लेकिन जागरूक जीवन जीता है. अपने किराए, भोजन, सप्ताहांत यात्राओं, और बिलों को ट्रैक करने के बाद वह महसूस करता है कि वह हर महीने औसतन 50,000 रुपये खर्च करता है.
वार्षिक खर्च = &quot;50,000 रुपये &amp;times; 12 महीने&quot; = 6,00,000 रुपये प्रति वर्ष रोहन को अपने वर्तमान जीवन स्तर को बनाए रखने के लिए प्रति वर्ष 6 लाख रुपये की आवश्यकता है. यह वार्षिक खर्च आंकड़ा उसके फ्रीडम नंबर के लिए आधारशिला है.
चरण 2: 25 का नियम लागू करें
एक बार जब आप अपने वार्षिक खर्चों को जान लेते हैं तो आपका फ्रीडम नंबर खोजने के लिए एक सरल गणितीय शॉर्टकट की आवश्यकता होती है, जिसे 25 का नियम कहा जाता है. यह नियम कहता है कि सुरक्षित रूप से सेवानिवृत्त होने के लिए आपको अपने वार्षिक जीवन व्यय का ठीक 25 गुना एक नेस्ट एग की आवश्यकता होती है. गणित यह मानता है कि आप इस नेस्ट एग को इक्विटी (शेयर) और स्थायी आय संपत्तियों (बॉन्ड या फिक्स्ड डिपॉजिट) के संतुलित मिश्रण में निवेश करेंगे.
आइए, रोहन के वित्तीय मामलों पर 25 के नियम को लागू करें: फ्रीडम नंबर = वार्षिक व्यय &amp;times; 25 फ्रीडम नंबर = रु 6,00,000 &amp;times; 25 = रु 1,5,00,000 रौहन का फ्रीडम नंबर रु 1.5 करोड़ है. एक बार जब उसका निवेश पोर्टफोलियो इस निशान तक पहुंच जाता है तो वह सैद्धांतिक रूप से वित्तीय रूप से स्वतंत्र होता है. क्यों 25? 4 प्रतिशत नियम को समझना आप सोच सकते हैं कि संख्या 25 कहां से आती है. यह 4 प्रतिशत नियम का गणितीय उलटा है, जो एक प्रसिद्ध वित्तीय अनुसंधान पत्र &#039;ट्रिनिटी स्टडी&#039; से व्युत्पन्न हुआ है.
अध्ययन ने बाजार इतिहास के दशकों का विश्लेषण किया और निष्कर्ष निकाला कि यदि एक निवेशक सेवानिवृत्ति के पहले वर्ष में अपने पोर्टफोलियो का 4 प्रतिशत निकालता है और उसके बाद हर साल उस राशि को मामूली रूप से मुद्रास्फीति के लिए समायोजित करता है, तो पैसे के 30 वर्षों या उससे अधिक समय तक समाप्त न होने की अत्यधिक उच्च संभावना होती है. रौहन के मामले में वापस आते हैं: रौहन अपने फ्रीडम नंबर रु 1.5 करोड़ पर पहुंचता है. अपने पहले स्वतंत्रता वर्ष में, वह 4 प्रतिशत निकालता है.
रु 1.5 करोड़ का 4 प्रतिशत = रु 6,00,000. वह अपने वार्षिक व्यय को पूरी तरह से कवर करता है जबकि अपने पोर्टफोलियो के शेष 96 प्रतिशत को बाजार में बढ़ने के लिए छोड़ देता है. अपने नंबर को अनुकूलित करना: अपनी जीवनशैली के लिए समायोजन 25 का नियम एक उत्कृष्ट आधारभूत है, लेकिन जीवन स्थिर नहीं है. आपके व्यक्तिगत लक्ष्यों के आधार पर, आप प्रारंभिक सेवानिवृत्ति की दुनिया में एक अलग रास्ता चुन सकते हैं. वित्तीय योजनाकार आमतौर पर तीन विशिष्ट रास्तों का वर्णन करते हैं:
लीन FIRE: यह उन लोगों के लिए है जो न्यूनतमवादी हैं. यदि आप अपने विलासिता खर्च को काफी कम करने, अपने रहने की जगह को छोटा करने और मितव्ययिता से जीने की योजना बनाते हैं, तो आप अपने वार्षिक खर्च का 20 गुना जैसे कम गुणक का उपयोग कर सकते हैं.
स्टैंडर्ड FIRE: यह हमारे द्वारा रोहन के लिए गणना की गई आधार रेखा है. इसका उद्देश्य आपके वर्तमान, आरामदायक जीवन स्तर को पूरी तरह से बनाए रखना है, जो आपके खर्च का 25 गुना गुणक का उपयोग करता है.
फैट FIRE: यह उन लोगों के लिए है जो एक समृद्ध सेवानिवृत्ति चाहते हैं. यदि आप अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने, बाहर खाने और बिना कड़ी बजट के उदारता से खर्च करने की योजना बनाते हैं, तो आपको अपने वार्षिक खर्च का 30 गुना (या अधिक) सुरक्षित गुणक का लक्ष्य रखना चाहिए. यदि रोहन ने निर्णय लिया कि वह एक प्रीमियम, &quot;फैट FIRE&quot; जीवनशैली चाहते हैं जिसमें बार-बार अंतरराष्ट्रीय यात्रा शामिल है, तो उनके वास्तविक वार्षिक खर्च 10 लाख रुपये तक बढ़ सकते हैं. उस सुरक्षित गुणक 30 का उपयोग करते हुए, उनका नया लक्ष्य इस प्रकार होगा...
नया फ्रीडम नंबर = रुपये 10,00,000 &amp;times; 30 = रुपये 3,00,000 ध्यान में रखने के लिए दो कारक
1. मुद्रास्फीति का कारक यदि आप 5 वर्षों में सेवानिवृत्त होने की योजना बनाते हैं, तो 25 का नियम खूबसूरती से काम करता है. ह ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 00:30:18 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>हमेशा, के, लिए, काम, से, छुट्टी, जानिए, क्या, है, वो, फ्रीडम, नंबर, जो, आपको, जवानी, में, कर, देगा, रिटायर</media:keywords>
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        <title>Cheap Diesel: सस्ते पेट्रोल के बाद सस्ता डीजल बनाएगी सरकार, जानें क्या है आइसोब्यूटिनोल, जो डीजल में मिलाया जाएगा</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/cheap-diesel-सस्ते-पेट्रोल-के-बाद-सस्ता-डीजल-बनाएगी-सरकार-जानें-क्या-है-आइसोब्यूटिनोल-जो-डीजल-में-मिलाया-जाएगा</link>
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        <description><![CDATA[ Cheap Diesel: सस्ता पेट्रोल देने के बाद अब भारत सरकार जनता को सस्ता डीजल देने की तैयारी कर रही है. ऐसा खुद भारत सरकार के मंत्री नितिम गडकरी ने खुद कहा है. नितिन गडकरी ने हाल ही में एक संबोधन के दौरान बताया है कि अब भारत में सस्ते पेट्रोल की तर्ज पर ही सस्ता डीजल भी बनाया जाएगा. जैसे पेट्रोल बनाने में इथेनॉल का इस्तेमाल किया जा रहा है, वैसे ही डीजल बनाने में आइसोब्यूटिनोल (Isobutinol) का इस्तेमाल किया जाएगा.
क्या है Isobutinol?सबसे पहले तो जानते हैं कि आइसोब्यूटिनोल क्या है. आइसोब्यूटिनोल (Isobutanol) एक प्रकार का अल्कोहल और औद्योगिक रसायन है, जिसका इस्तेमाल मुख्य रूप से ईंधन, पेंट, कोटिंग, सॉल्वेंट और अन्य रसायनों के निर्माण में किया जाता है. इसे पारंपरिक ईंधनों के विकल्प के रूप में भी देखा जाता है, क्योंकि ये ऊर्जा क्षेत्र में बायोफ्यूल के तौर पर उपयोगी माना जाता है.
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आइसोब्यूटिनोल वाले डीजल के फायदेजैसे ई-85 फ्यूल के कई सारे फायदे हैं, वैसे ही आइसोब्यूटिनोल वाले डीजल के भी बहुत सारे फायदे हैं. यहां जानें:

इससे डीजल की कुल लागत कम करने में मदद मिल सकती है.
आइसोब्यूटिनोल मिले डीजल से कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी.
इस डीजल की मदद से कार्बन उत्सर्जन और प्रदूषण में कमी आएगी.
कृषि अवशेष और बायोमास से उत्पादन होने पर किसानों को एक्स्ट्रा इनकम हो सकती है.
गाड़ी के इंजन की दक्षता और दहन प्रक्रिया बेहतर हो सकती है.
पारंपरिक डीजल की तुलना में ये ज्यादा पर्यावरण-अनुकूल ईंधन माना जाता है.
ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने और वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है.

बता दें कि सरकार का प्लान है कि डीजल में 15 प्रतिशत आइसोब्यूटिनोल मिलाया जाए, जिससे डीजल की कीमत कम हो सके. इससे जनता की जेब पर असर थोड़ा कम होगा. हालांकि इथेनॉल वाला ईंधन सरकार लॉन्च कर चुकी है लेकिन फिलहाल लोगों को उसके बारे में कम जानकारी है तो वो गाड़ी में इस फ्यूल को भरवाने से बच रहे हैं. ऐसे में डीजल के लिए सरकार का इस तरह रिस्क लेना थोड़ा संशय की स्थिति बना रहा है.
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        <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 00:30:17 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Currency: कमजोर करेंसी का मतलब गरीब देश? तो जापान कैसे हो रहा है भारत से भी ज्यादा मजबूत, जानें</title>
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        <description><![CDATA[ Currency: दुनियाभर में तनाव की स्थिति है, जबसे यूएस और ईरान के बीच युद्ध शुरू हुआ है, तभी से पूरी दुनिया इसकी मार झेल रही है. खासतौर से भारत पर इसका असर काफी पड़ रहा है. देश में पेट्रोल- डीजल के दाम बढ़ गए हैं, गैस के दामों में बी इजाफा हुआ है. इसके अलावा देश की करेंसी यानी रुपया भी कमजोर हो गया है. जिसे देख कई लोगों ने ये मान लिया है कि देश की गरीब हो रहा है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि किसी भी देश की करेंसी के कमजोर होने से देश कभी भी गरीब नहीं होता. आइये जानते हैं क्यों?
कमजोर करेंसी, गरीब देश!मिडिल ईस्ट में जारी संकट और डॉलर की मजबूती के बीच कई देशों की मुद्राओं पर इसका दबाव बढ़ा है. ऐसे माहौल में अक्सर ये सवाल उठता है कि क्या कमजोर करेंसी का मतलब ये है कि देश आर्थिक रूप से कमजोर या गरीब है? इस सवाल का जवाब है नहीं! बिलकुल भी नहीं. इसका सबसे बड़ा उदाहरण जापान है, जो इस धारणा को गलत साबित करता है.
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जापान की मुद्रा येन हाल के सालों में डॉलर के मुकाबले काफी कमजोर हुई है. कई बार इसकी कीमत भारतीय रुपये के मुकाबले भी कम दिखाई देती है. इसके बावजूद जापान दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और तकनीक, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और मशीनरी निर्माण में उसका दबदबा बना हुआ है.
जापान कैसे हो रहा मजबूत?दरअसल जापान एक एक्सपोर्ट बेस्ड देश है. यानी इस देश में उत्पादन ज्यादा होता है जो अन्य देशों में भी निर्यात किया जाता है. इससे देश में पैसा आता है और देश मजबूत होता है. वहीं इससे उलट भारत इम्पोर्ट बेस्ड देश है, हम अन्य देशों से ज्यादा सामान खरीदते हैं ऐसे में हमारा रुपया ज्यादा खर्च होता है. जब येन (जापान की करेंसी) वीक होता है तो जापान को ज्यादा फायदा होता है. क्योंकि इससे जापान का एक्सपोर्ट सस्ता हो जाता है और उसकी कमाई बढ़ जाती है.
वहीं, मौजूदा वैश्विक हालातों के बीच निवेशक जापानी येन को अब भी एक सुरक्षित निवेश विकल्प मानते हैं. यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उथल-पुथल बढ़ने पर भी जापान की आर्थिक स्थिति मजबूत बनी रहती है.
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        <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 00:30:16 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Petrol&amp; Diesel Price: अब सस्ता होगा पेट्रोल&amp;डीजल! सरकार ने किया इशारा, कब और क्यों कम हो सकती हैं कीमतें?</title>
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        <description><![CDATA[ Petrol Diesel News: कच्चे तेल की कीमतों बढ़ोतरी के बाद भारत में भी पेट्रोल- डीजल की कीमतों में इजाफा हुआ. जिससे आम जनता काफी परेशान हो गई है. क्योंकि इससे ना केवल ईंधन महंगा हुआ है बल्कि इससे जुड़ी हर एक चीज की कीमतें बढ़ रही हैं. इसी बीच महंगे पेट्रोल-डीजल से परेशान लोगों के लिए एक राहत भरी खबर है. केंद्र सरकार के मंत्री ने बताया है कि तेल की कीमतें ज्यादा लंबे समय तक बढ़ी हुई नहीं रहेंगी.
सरकार बोली तेल की कीमतें होंगी कम!दरअसल हाल ही में केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया है कि कच्चे तेल और गैस की मौजूदा कीमतें लंबे समय तक नहीं टिकेंगी और आने वाले महीनों में ये कीमतें कम हो सकती हैं. उन्होंने कहा कि, &#039;भारत के पास पर्याप्त तेल और गैस भंडार मौजूद हैं. मौजूदा स्टॉक देश की जरूरतों को लगभग 70 से 80 दिनों तक पूरा कर सकता है. इससे कम समय के संकट से निपटने में मदद मिलेगी&#039;. हालांकि, उन्होंने ये भी कहा कि अगर संघर्ष जारी रहता है तो स्थिति ज्यादा गंभीर हो सकती है.
ये भी पढ़ें: LPG Price Hike: अंतरराष्ट्रीय बाजार में 1600 रुपए पहुंच गई गैस सिलेंडर की कीमत, फिर भी सस्ता दे रही सरकार, जानें वजह
कूटनीति से हल निकाल रहा भारतभारत अपनी जरूरत का तेल का बड़ा हिस्सा आयात से पूरा करता है. ऐसे में अगर खाड़ी क्षेत्र से सप्लाई प्रभावित होती है तो अमेरिका और कनाडा जैसे पश्चिमी देशों से तेल की आपूर्ति बढ़ाकर कमी पूरी की जा सकती है. इस बीच भारत लगातार सभी पक्षों से बातचीत और कूटनीतिक समाधान अपनाने की अपील कर रहा है. विदेश मंत्रालय ने भी हालिया तनाव पर चिंता जताते हुए तुरंत तनाव कम करने और बातचीत जारी रखने की जरूरत बताई है.
बता दें कि ईरान और यूएस के बीच चल रहे संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में उथल-पुथल मची हुई है. इसके चलते तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं. खास तौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में व्यवधान से वैश्विक सप्लाई प्रभावित हुई, जहां से दुनिया के करीब 20 फीसदी तेल और गैस की आवाजाही होती है.
ये भी पढ़ें: Petrol News: नेपाल में भारत से 60 रुपए महंगा है पेट्रोल, कीमतों में अंतर का फायदा उठा रहे तस्कर, सरकार ने लिया ये एक्शन
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        <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 12:30:34 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>ITR News: मौत के बाद भी खत्म नहीं होता टैक्स, जानिए कैसे भरा जाता है मृत व्यक्ति का आईटीआर</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/itr-news-मौत-के-बाद-भी-खत्म-नहीं-होता-टैक्स-जानिए-कैसे-भरा-जाता-है-मृत-व्यक्ति-का-आईटीआर</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/itr-news-मौत-के-बाद-भी-खत्म-नहीं-होता-टैक्स-जानिए-कैसे-भरा-जाता-है-मृत-व्यक्ति-का-आईटीआर</guid>
        <description><![CDATA[ ITR after Death:&amp;nbsp;एक करदाता की मृत्यु उनके आयकर दायित्वों को समाप्त नहीं करती है. आयकर अधिनियम, 2025 के तहत आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने और किसी भी बकाया कर का निपटान करने की जिम्मेदारी मृत व्यक्ति के कानूनी प्रतिनिधि को हस्तांतरित हो जाती है. अनुपालन में विफलता नोटिस, दंड और संपत्ति के निपटान में जटिलताओं का कारण बन सकती है. जैसे-जैसे आईटीआर दाखिल करने का मौसम नजदीक आता है, परिवारों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि मृतक रिश्तेदारों के कर मामलों को समय पर संबोधित किया जाए.
मृत करदाता का आईटीआर कौन दाखिल कर सकता है?
आयकर अधिनियम, 2025 की धारा 302, जो पहले के कानून की धारा 159 के अनुरूप है, मृतक के कानूनी प्रतिनिधि पर कर अनुपालन की जिम्मेदारी डालती है. एक कानूनी प्रतिनिधि में जीवनसाथी, वयस्क बच्चा, माता-पिता, वसीयत में नामित निष्पादक, संपत्ति का प्रशासक, या नाबालिग कानूनी उत्तराधिकारी की ओर से कार्य करने वाला अभिभावक शामिल हो सकता है. यदि मृतक ने एक वैध वसीयत छोड़ी है तो निष्पादक को रिटर्न दाखिल करने और संपत्ति से कर देनदारियों का निपटान करने की जिम्मेदारी होती है, इससे पहले कि संपत्ति को लाभार्थियों में वितरित किया जाए. उन मामलों में जहां मृतक की बिना वसीयत के मृत्यु हो गई, कानूनी उत्तराधिकारी जैसे जीवनसाथी, बच्चे या माता-पिता इस जिम्मेदारी को लागू उत्तराधिकार कानूनों के तहत स्वीकार कर सकते हैं.
कानूनी प्रतिनिधि के रूप में पंजीकरण कैसे करें
एक कानूनी उत्तराधिकारी सीधे मृत व्यक्ति के आयकर खाते तक पहुंच नहीं सकता. प्रतिनिधि असेसी के रूप में पंजीकरण अनिवार्य है. प्रक्रिया शुरू करने के लिए, कानूनी प्रतिनिधि को आयकर ई-फाइलिंग पोर्टल पर अपने खाते में लॉग इन करना होगा और &quot;अधिकृत भागीदार&quot; अनुभाग के तहत आवेदन करना होगा. आवेदन में निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होती है...

मृत करदाता का पैन
मृत्यु प्रमाण पत्र
कानूनी उत्तराधिकारी का प्रमाण या संपत्ति का प्रतिनिधित्व करने का अधिकार

एक बार आयकर विभाग द्वारा अनुमोदित होने के बाद, प्रतिनिधि अपने लॉगिन के माध्यम से मृत करदाता के खाते तक पहुंच सकते हैं और रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं. रिपोर्ट की जाने वाली आय आईटीआर में वित्तीय वर्ष की शुरुआत से लेकर मृत्यु की तारीख तक मृतक द्वारा अर्जित सभी आय शामिल होनी चाहिए. इसमें शामिल हो सकता है...

वेतन पेंशन किराये की आय
ब्याज आय
लाभांश आय
अन्य कर योग्य आय

करदाता की मृत्यु के बाद उत्पन्न आय को अलग से माना जाता है. यदि वसीयत के माध्यम से एक कार्यकारी नियुक्त किया गया है तो कार्यकारी को संपत्ति के वितरण तक रिटर्न दाखिल करना जारी रखना चाहिए. वसीयत की अनुपस्थिति में विरासत में मिली संपत्ति से आय कानूनी उत्तराधिकारियों के हाथों में कर योग्य हो जाती है और इसे उनके संबंधित पैन के तहत रिपोर्ट किया जाना चाहिए.
अनुपालन न करने के परिणाम
यदि रिटर्न दाखिल नहीं किए जाते हैं, तो कर विभाग नोटिस जारी कर सकता है और मूल्यांकन कार्यवाही शुरू कर सकता है. कानूनी प्रतिनिधियों को देर से दाखिल करने की फीस, ब्याज शुल्क और कर कानूनों के तहत लागू अन्य दंड का भी सामना करना पड़ सकता है. जिन मामलों में कर नहीं चुकाए जाते हैं, उनमें ब्याज के प्रावधान लागू हो सकते हैं.
उदाहरण के लिए, जब अग्रिम कर दायित्व पूरे नहीं होते हैं, तब धारा 234B और 234C के तहत ब्याज लगाया जा सकता है. ये प्रावधान आमतौर पर कर की कमी पर प्रति माह 1 प्रतिशत ब्याज लगाते हैं. हालांकि, कानूनी उत्तराधिकारियों की देयता मृत व्यक्ति की संपत्ति से विरासत में मिली संपत्ति के मूल्य तक सीमित होती है.
खो सकते हैं रिफंड 
मृत करदाता का रिटर्न दाखिल करने में विफलता से योग्य कर रिफंड का नुकसान भी हो सकता है. यदि विलंबित रिटर्न दाखिल करने की निर्धारित समय सीमा चूक जाती है तो कोई भी लंबित रिफंड दावा अनुपलब्ध हो सकता है. जल्दी योजना बनाना समस्याओं को रोक सकता है कर विशेषज्ञ कानूनी प्रतिनिधि की पहचान जल्दी करने, आवश्यक दस्तावेज एकत्र करने और आयकर पोर्टल पर पंजीकरण प्रक्रिया को पूरा करने की सलाह देते हैं, इससे पहले कि दाखिल करने की समय सीमा निकट आए. समय पर कार्रवाई परिवारों को दंड, नोटिस और संपत्ति निपटान में देरी से बचने में मदद कर सकती है.
अस्वीकरण: यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और निवेश सलाह नहीं है ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 12:30:31 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Share Market: बाजार में हाहाकार के बीच भी इन 3 शेयरों ने काटा गदर, निवेशकों को दिया बंपर रिटर्न</title>
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        <description><![CDATA[ Share Market News: भारतीय बेंचमार्क सूचकांक सोमवार 8 जून को तेज गिरावट के साथ समाप्त हुए, क्योंकि निवेशकों ने एशियाई बाजारों में व्यापक बिकवाली और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज वृद्धि पर प्रतिक्रिया दी. बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितता और उच्च ऊर्जा लागतों को लेकर चिंताओं ने पूरे ट्रेडिंग सत्र के दौरान बाजार की धारणा पर दबाव डाला. निफ्टी 50 लगभग 300 अंक नीचे खुला लेकिन शुरुआती रिकवरी करते हुए इंट्राडे उच्च स्तर 23,267.30 को छूने में सफल रहा.
हालांकि, सत्र के उत्तरार्ध में बिकवाली का दबाव बढ़ गया, जिससे सूचकांक अपने दिन के उच्च स्तर से 140 अंक से अधिक नीचे खिसक गया. निफ्टी 50 अंततः 23,123 पर बंद हुआ, जो 243.70 अंक या 1.04 प्रतिशत की गिरावट थी.
शीर्ष 3 मूल्य-वॉल्यूम ब्रेकआउट स्टॉक्स:
एक्सिकॉम टेली-सिस्टम्स लिमिटेड: एक्सिकॉम टेली-सिस्टम्स लिमिटेड ने सत्र के दौरान मूल्य-वॉल्यूम ब्रेकआउट देखा, जिसमें स्टॉक वर्तमान में 146.70 रुपये पर ट्रेड कर रहा है, जो इसके पिछले बंद 133.85 रुपये से 9.60 प्रतिशत ऊपर है. स्टॉक ने इंट्राडे उच्च स्तर 154.32 रुपये को छुआ जबकि वॉल्यूम 7.63 करोड़ शेयरों तक बढ़ गया, जो बाजार गतिविधि में वृद्धि का संकेत देता है. स्टॉक अपने 52-सप्ताह के उच्च 208.84 रुपये से नीचे बना हुआ है और अपने 52-सप्ताह के निचले स्तर से 94.05 प्रतिशत रिटर्न दिया है. उच्च वॉल्यूम और तेज मूल्य वृद्धि का संयोजन ट्रेडिंग सत्र के दौरान मजबूत भागीदारी को दर्शाता है.
थॉमस कुक (इंडिया) लिमिटेड: थॉमस कुक (इंडिया) लिमिटेड ने मूल्य-वॉल्यूम ब्रेकआउट दर्ज किया, जिसमें स्टॉक वर्तमान में 104.44 रुपये पर ट्रेड कर रहा है, जो इसके पिछले बंद 93.86 रुपये से 11.27 प्रतिशत की वृद्धि है. दिन के दौरान, स्टॉक ने 109.70 रुपये का उच्च स्तर मारा और 5.12 करोड़ शेयरों का ट्रेडिंग वॉल्यूम दर्ज किया. स्टॉक अपने 52-सप्ताह के उच्च स्तर 188.29 रुपये से नीचे ट्रेड कर रहा है और अपने 52-सप्ताह के निचले स्तर से 20.95 प्रतिशत रिटर्न उत्पन्न किया है. मूल्य में वृद्धि के साथ-साथ उच्च वॉल्यूम सत्र के दौरान काउंटर में बढ़ती ट्रेडिंग रुचि को इंगित करता है.
बीसीएल इंडस्ट्रीज लिमिटेड: बीसीएल इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने भी प्राइस-वॉल्यूम ब्रेकआउट देखा, जिसमें स्टॉक वर्तमान में 37.25 रुपये पर ट्रेड कर रहा है, जो इसके पिछले बंद 33.45 रुपये से 11.36 प्रतिशत ऊपर है. स्टॉक ने इंट्राडे हाई 39.20 रुपये का स्पर्श किया और 2.20 करोड़ शेयर्स के ट्रेडिंग वॉल्यूम रिकॉर्ड किए, जो गतिविधि में उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाता है. स्टॉक अपने 52-सप्ताह के उच्च 49.30 रुपये से नीचे है और इसके 52-सप्ताह के निम्न स्तर से 45.91 प्रतिशत रिटर्न दिया है. ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 12:30:29 +0530</pubDate>
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        <title>Cheap Petrol: 20 रुपये सस्ता पेट्रोल मिलना तो शुरू हो गया, लेकिन अब तक नहीं आया कोई खरीदार, क्यों?</title>
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        <description><![CDATA[ Cheap Fuel News: देश में पेट्रोल की बढ़ती कीमतों से लोगों को थोड़ी राहत देने के लिए सरकार ने इसके लिए सस्ता विकल्प तैयार किया है. ये सस्ता विकल्प है E-85 ईंधन. जिसका पहला स्टेशन दिल्ली में खोला गया है. इसकी बिक्री शुरू हो चुकी है, ये ईंधन सामान्य पेट्रोल के मुकाबले करीब 20 रुपये प्रति लीटर तक सस्ता है, लेकिन हैरानी की बात ये है कि इसकी इसे अब तक कोई खरीदने के लिए सामने नहीं आया है.
क्या है ई-85 ईंधन?E-85 एक ऐसा ईंधन है, जिसमें 85 फीसदी एथेनॉल और 15 फीसदी पेट्रोल का मिश्रण होता है. सरकार लंबे समय से एथेनॉल आधारित ईंधन को बढ़ावा दे रही है, ताकि कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम हो और प्रदूषण पर भी नियंत्रण पाया जा सके.
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कम कीमत के बावजूद नहीं हो रही बिक्रीहालांकि, कम कीमत के बावजूद E-85 को लेकर ग्राहकों में उत्साह नहीं दिख रहा है. इसकी सबसे बड़ी वजह ये है कि सामान्य पेट्रोल से चलने वाली गाड़ियों में E-85 का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता. इसके लिए विशेष प्रकार के फ्लेक्स-फ्यूल (Flex Fuel) इंजन वाली गाड़ियों की जरूरत होती है, जो अभी भारतीय बाजार में बहुत कम संख्या में उपलब्ध हैं.
जानकारी का अभावइसके अलावा, ज्यादातर वाहन मालिकों को E-85 ईंधन के बारे में पर्याप्त जानकारी भी नहीं है. कई लोगों को ये पता ही नहीं है कि ये ईंधन क्या है और किन वाहनों में इस्तेमाल किया जा सकता है. इसी कारण पेट्रोल पंपों पर E-85 उपलब्ध होने के बावजूद मांग नहीं बन पाई है.
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फ्लेक्स- फ्यूल वाहनों की संख्याजब तक फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों की संख्या नहीं बढ़ती और लोगों के बीच इस ईंधन के प्रति जागरूकता नहीं आती, तब तक इसकी बिक्री में तेजी आने की संभावना कम है. सरकार और ऑटो कंपनियां आने वाले वर्षों में फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों को बढ़ावा देने की योजना पर काम कर रही हैं. ऐसे में भविष्य में E-85 ईंधन की मांग बढ़ सकती है.
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        <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 12:30:28 +0530</pubDate>
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        <title>LPG संकट के बीच भारत के लिए बड़ी खबर: अब अर्जेंटीना से होगी LNG की सप्लाई, अडानी पोर्ट्स को मिला ठेका</title>
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        <description><![CDATA[ Adani Ports and Special Economic Zone: देश में एलपीजी की बढ़ती कीमतों और ईरान में जंग के चलते होर्मुज (Strait of Hormuz) के जरिए सप्लाई में आ रही दिक्कतों के बीच भारत के लिए एक बड़ी खबर सामने आ रही है.
दरअसल, दिग्गज कारोबारी गौतम अडानी की कंपनी- अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (APSEZ) को अर्जेंटीना के पहले लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) एक्सपोर्ट प्रोजेक्ट के लिए &amp;nbsp;10 साल का मरीन सर्विस कॉन्ट्रैक्ट मिला है. इसके साथ ही कंपनी ने पहली बार दक्षिण अमेरिका में अपने इंटरनेशनल मरीन ऑपरेशन का विस्तार किया है.&amp;nbsp;
क्या काम करेगी कंपनी?&amp;nbsp;
यह कॉन्ट्रैक्ट APSEZ की सब्सिडियरी कंपनी &#039;अडानी हार्बर इंटरनेशनल FZCO&#039; को अर्जेंटीना की &#039;मेरिडियन ग्रुप&#039; के कंसोर्टियम को ग्लोबल टेंडर प्रक्रिया के तहत मिला है. यह कॉन्ट्रैक्ट प्रोजेक्ट डेवलपर &#039;सदर्न एनर्जी S.A. (SESA)&#039; द्वारा निकाले गए ग्लोबल कॉम्पिटिटिव टेंडर के बाद मिला है. इस समझौते के तहत, अडानी-मेरिडियन कंसोर्टियम प्रोजेक्ट साइट से चलने वाले LNG कैरियर के लिए एंड-टू-एंड मरीन सर्विस देगा.
इसमें टगबोट ऑपरेशन, ऑफशोर लॉजिस्टिक्स और सप्लाई सपोर्ट, और क्रू ट्रांसफर सर्विस शामिल हैं. इस काम के लिए चार हाई-स्पेसिफिकेशन टगबोट, एक एंकर हैंडलिंग टग सप्लाई वेसल और एक क्रू बोट का इस्तेमाल किया जाएगा.
फाइलिंग के अनुसार, इस कॉन्ट्रैक्ट से जुड़ा इन्वेस्टमेंट लगभग 70 मिलियन डॉलर होने का अनुमान है. कुल मिलाकर आसान भाषा में कहें, तो अर्जेंटीना के समुद्र तट पर गैस ले जाने वाले बड़े-बड़े जहाजों को सुरक्षित ले आने-जाने का काम अडानी पोर्ट्स का होगा. इसके लिए कंपनी 4 स्पेशल टगबोट और क्रू बोट्स तैनात करेगी. इस प्रोजेक्ट पर सितंबर 2027 से काम शुरू होने की उम्मीद है.&amp;nbsp;
क्यों अहम है यह कॉन्ट्रैक्ट?
इजरायल और श्रीलंका के बाद अडानी ग्रुप ने पहली बार दक्षिण अमेरिका के बाजार में एंट्री ली है. कंपनी का लक्ष्य साल 2030 तक दुनिया का सबसे बड़ा ऑपरेटर बनना है. इस कॉन्ट्रैक्ट के तहत अडानी पोर्ट्स को हर साल 7 मिलियन डॉलर की बंधी-बंधाई कमाई होगी. भारत के लिए यह खबर अहम इसलिए है क्योंकि इससे भविष्य में भारत के लिए अर्जेंटीना से गैस का एक्सपोर्ट हो सकता है. इससे गैस के लिए भारत की खाड़ी देशों से आयात पर निर्भरता कम होगी.&amp;nbsp;

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        <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 20:30:21 +0530</pubDate>
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        <title>ब्लैक मंडे: शेयर बाजार में हाहाकार! 800 अंक टूटा सेंसेक्स, निवेशकों के डूबे 500000 करोड़</title>
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        <description><![CDATA[ Share Market Crash: शेयर बाजार निवेशकों के लिए आज का दिन &#039;ब्लैक मंडे&#039; हुआ. कारोबार शुरु होने के कुछ ही घंटों के भीतर उनके करोड़ों का निवेश पानी में डूब गए. सोमवार को शुरुआती कारोबार में ही निफ्टी 50 और सेंसेक्स दोनों औंधे मुंह गिर गए.
कमजोर ग्लोबल संकेतों, विदेशी निवेशकों की ताबड़तोड़ बिकवाली, बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों के सेंटिमेंट पर बुरा असर डाला, जिससे शेयर बाजार की चाल भी डगमगा गई. आज बाजार में चौतरफा बिकवाली के चलते सेंसेक्स लगभग 800 अंक तक टूट गया और निफ्टी भी 23100 के करीब फिसल गया. इस बड़ी गिरावट की वजह से महज कुछ ही घंटों में निवेशकों के 5 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गए. इससे BSE में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन घटकर लगभग 456 लाख करोड़ रुपये रह गया.
बाजार के सामने बढ़ी चुनौतियां
आज बाजार में हर तरफ बिकवाली देखी गई. सेंसेक्स में शामिल हर स्टॉक गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा था. बेंचमार्क इंडेक्स के अलावा भी बाजार में कमजोरी साफ देखी गई. निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 दोनों में 1% से ज्यादा की गिरावट आई, जो निवेशकों के बीच जोखिम से बचने के मूड को दिखाता है.
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी.के. विजयकुमार बताते हैं, &quot;हफ्ते की शुरुआत में बाजार के सामने बड़ी चुनौतियां हैं. पिछले शुक्रवार नैस्डैक में 4.18% की भारी गिरावट ने ग्लोबल मार्केट को हिलाकर रख दिया था, जिससे टेक-हेवी दक्षिण कोरिया और ताइवान में जबरदस्त बिकवाली हो रही है. पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने और लेबनान में इजरायल की कार्रवाई के जवाब में ईरान द्वारा इजरायल पर मिसाइल दागने से कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गई हैं. ब्रेंट क्रूड की कीमत 96 डॉलर के पार चली गई है. अमेरिका से मई के महीने के लिए आए जॉब्स के आंकड़े भी अच्छे हैं इसलिए फेडरल रिजर्व (Fed) दरों में कटौती न करने की भी उम्मीदें तेज हैं.&amp;nbsp;
शेयर बाजार में गिरावट की वजहें
ईरान-इजरायल के बीच बढ़ा तनाव- रविवार रात ईरान द्वारा इजरायल पर नए सिरे से किए गए मिसाइल हमलों और इस पर इजरायल की जवाबी कार्रवाई के बाद भू-राजनीतिक तनाव गहरा गया है. इससे वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता का माहौल है.
क्रूड ऑयल में उछाल- ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव से ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 3.29% उछलकर 96.15 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई हैं. भारत अपनी जरूरत का 85% से ज्यादा तेल आयात करता है. ऐसे में आयात महंगा होगा, तो महंगाई बढ़ने का भी खतरा रहेगा. इससे कॉर्पोरेट कंपनियों के मुनाफे पर काले बादल छा सकते हैं.&amp;nbsp;
अमेरिकी टेक बाजार में गिरावट- बीते शुक्रवार को अमेरिकी बाजार का टेक इंडेक्स Nasdaq 4.18% और S&amp;amp;P 500 2.64% तक क्रैश हो गया. अमेरिकी शेयर बाजार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सेमीकंडक्टर शेयरों में आई बड़ी गिरावट का असर भारत के आईटी सेक्टर के शेयरों पर भी दिखा. इससे निफ्टी आईटी इंडेक्स 1.85% तक क्रैश हो गया.&amp;nbsp;
विदेशी निवेशकों की बिकवाली- विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) भारतीय बाजार से लगातार पैसा निकाल रहे हैं. मजबूत डॉलर और ऊंची बॉन्ड यील्ड के कारण विदेशी फंड गोल्ड जैसे सेफ हेवेन एसेट्स का रुख कर रहे हैं. इससे बाजार में बिकवाली का दबाव बना हुआ है.&amp;nbsp;
कमजोर होता रुपया- वैश्विक तनाव और डॉलर की मजबूती के बीच भारतीय रुपया आज डॉलर के मुकाबले 38 पैसे टूटकर 95.32 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया. कमजोर रुपया विदेशी निवेशकों के लिए रिटर्न कम करता है, जिससे बाजार में वे और ज्यादा बिकवाली करते हैं.&amp;nbsp;

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Share Market: हफ्ते के पहले दिन क्रैश हुआ शेयर मार्केट, 800 से ज्यादा अंक फिसला सेंसेक्स; निफ्टी भी 286 अंक नीचे&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 20:30:19 +0530</pubDate>
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        <title>Rajesh Exports: गबन&amp; हेराफेरी के आरोपों के बीच लगातार तीसरे दिन गिरे राजेश एक्सपोर्ट्स के शेयर, PLI स्कीम से भी हटाई जा सकती है कंपनी</title>
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        <description><![CDATA[ Rajesh Export LTD Shares: बीते गुरुवार यानी 4 जून को राजेश एक्सपोर्ट उस समय चर्चा में आ गई, जब कंपनी के ऊपर धोखाधड़ी और गबन का आरोप लगा. कंपनी तभी से जांच के दायरे में है. इसी बीच सोमवार को लगातार तीसरे दिन राजेश एक्सपोर्ट्स लिमिटेड कंपनी के शेयर गिरे हैं. तो वहीं कुछ रिपोर्ट्स में ये भी बताया गया है कि कंपनी को जल्दी ही PLI स्कीम से भी हटाया जा सकता है.
कंपनी के शेयर्स में भारी गिरावटदरअसल सोमवार को राजेश एक्सपोर्ट्स लिमिटेड के शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली. कंपनी का शेयर लगातार तीसरे कारोबारी दिन 5% के लोअर सर्किट पर पहुंच गया. शेयर 4.95 रुपये गिरकर 94.50 रुपये पर बंद हुआ.
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PLI स्कीम से बाहर हो सकती है कंपनीइसी बीच कुछ सूत्रों ने ये जानकारी दी है कि मिनिस्ट्री ऑफ हैवी इंडस्ट्रीज, राजेश एक्सपोर्ट्स को एडवांस्ड केमिस्ट्री सेल (ACC) बैटरी स्टोरेज के लिए दी गई PLI योजना के लाभार्थियों की लिस्ट से हटाने पर भी विचार कर रही है. आखिर फैसला केंद्रीय मंत्री एडी कुमारस्वामी की मंजूरी के बाद लिया जाएगा.
SEBI ने लगाए हैं ये आरोपसिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने 3 जून को जारी एक अंतरिम आदेश में आरोप लगाया कि कंपनी के कुछ फंड निजि खातों और प्रमोटरों से जुड़ी संस्थाओं के जरिए भेजे गए, जिसकी सही जानकारी निवेशकों को नहीं दी गई. SEBI का ये भी दावा है कि कंपनी ने वित्त वर्ष 2020-21 से 2024-25 के बीच अपने (Revenue) को करीब 15.15 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया हो सकता है.
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कंपनी ने आरोपों को बताया गलतवहीं इस पूरे मामले पर जब कंपनी के संस्थापक और चेयरमैन राजेश मेहता का भी बयान सामने आया है. उन्होंने बताया कि SEBI के आरोप पूरी तरह से गलत हैं. उनका कहना है कि कंपनी पहले ही 300 से 400 जीबी डेटा और लाखों पन्नों के दस्तावेज जमा कर चुकी है. हो सकता है कि SEBI को जरूरी दस्तावेज नहीं मिले हों. कंपनी आने वाले 15 दिनों में सभी दस्तावेज दोबारा जमा करेगी.
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        <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 20:30:19 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>LPG Price Hike: एलपीजी गैस सिलेंडर और होगा महंगा, केंद्र सरकार ने कर दिया साफ, कारण भी बता दिया</title>
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        <description><![CDATA[ LPG Price Hike: यूएस-ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण भारत में भी लोगों को महंगाई की मार झेलना पड़ रही है. बीते कुछ दिनों में पेट्रोल- डीजल के साथ ही कमर्शियल और एलपीजी गैस सिलेंडर के दाम भी बढ़ गए हैं. लेकिन ये महंगाई की मार अभी थमी नहीं है बल्कि आने वाले समय में और भी बढ़ने वाली है. सरकार की तरफ से ये बात कंफर्म कर दी गई है कि आने वाले समय में घरेलू गैस के दाम और भी बढ़ने वाले हैं. &amp;nbsp;
सरकार की तरफ से आया बयानदरअसल हाल ही में केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने बताया है कि आने वाले समय में पेट्रोल- डीजल के दामों में इजाफा हो सकता है. उन्होंने कहा, &#039;गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ने से हमें भी दुख और अफसोस है. लेकिन इसकी आलोचना करने से पहले लोगों को दुनिया की मौजूदा स्थिति को समझना चाहिए. इस समय पूरी दुनिया कई गंभीर संकटों का सामना कर रही है.&#039;
उन्होंने आगे कहा, &#039;दुनिया भर में माल की ढुलाई और सप्लाई (ट्रांसशिपमेंट) प्रभावित हो रही है. एलपीजी भी अब बहुत कम जगहों से उपलब्ध हो रही है. ऐसे में सप्लाई और कीमतों पर दबाव बढ़ गया है.&#039;
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आम लोगों के लिए चिंतित है सरकारउन्होंने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि, &#039;ढुलाई (ट्रांसपोर्टेशन) का खर्च काफी बढ़ गया है. गैस की मूल कीमत (बेस कॉस्ट) भी ज्यादा है. इसके अलावा, सामान को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने में 40-45 दिन लग रहे हैं, जिससे बीमा (इंश्योरेंस) का खर्च भी बढ़ गया है. आम लोगों की परेशानी को लेकर हम भी उतने ही चिंतित हैं, लेकिन मौजूदा हालात में गैस की कीमत बढ़ाना मजबूरी बन गया है.&#039;
हाल में बढ़े हैं दामबता दें कि हाल ही में 7 जून, रविवार को घरेलू गै सिलेंडर के दामों में बढ़ोतरी हुई है. प्रति सिलेंडर 29 रुपये की बढ़ोतरी के बाद अब बाजार में 14.2 किलो का सिलेंडर दिल्ली में 942 रुपये का हो गया है. वहीं इससे पहले कमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों में भी बढ़ोतरी हुई थी. जिससे व्यापारियों और खाने से जुड़ा कारोबार करने वालों के बीच काफी तनाव देखा गया था.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 20:30:18 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Gold&amp;Silver Price Today 7 June: सोना&amp;चांदी खरीदने वालों की हुई बल्ले&amp;बल्ले! 5 दिनों में धड़ाम हुए दाम, जानें आज के ताजा रेट</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/gold-silver-price-today-7-june-सोना-चांदी-खरीदने-वालों-की-हुई-बल्ले-बल्ले-5-दिनों-में-धड़ाम-हुए-दाम-जानें-आज-के-ताजा-रेट</link>
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        <description><![CDATA[ Gold-Silver Price Today 7 June 2026: अगर आप सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है. पिछले पांच दिनों में सोना और चांदी दोनों की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है. खासकर चांदी के दाम में तेज गिरावट आई है, जबकि सोना भी लगातार दबाव में बना हुआ है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोरी और निवेशकों की बदली रणनीति का असर घरेलू बाजार पर भी साफ दिखाई दे रहा है.
पांच दिनों में कितना सस्ता हुआ सोना?
देश के कई बड़े शहरों में 24 कैरेट सोने के दाम में पिछले कुछ दिनों के दौरान अच्छी- खासी गिरावट दर्ज की गई है. दिल्ली में 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव करीब 1.6 लाख रुपये के आसपास से फिसलकर लगभग 1.52 से 1.59 लाख रुपये के दायरे में पहुंच गया है. इससे उन लोगों को राहत मिली है जो शादी-ब्याह या निवेश के लिए सोना खरीदने का इंतजार कर रहे थे.
चंडीगढ़ से दिल्ली-NCR तक CBI ने लगाई रेड, 661 करोड़ रुपये की हेराफेरी पर आज की बड़ी कार्रवाई
आज सोना का भाव-&amp;nbsp;



शहर
24 कैरेट सोना (10 ग्राम)
22 कैरेट सोना (10 ग्राम)
18 कैरेट सोना (10 ग्राम)


दिल्ली
₹155910
₹140150
₹116990


मुंबई
₹152730
₹140000
₹114550


कोलकाता
₹152730
₹140000
₹114550


चेन्नई
₹154910
₹142000
₹119100


पटना
₹155810
₹140050
₹116890


लखनऊ
₹155910
₹140150
₹116990


अयोध्या
₹155910
₹140150
₹116990


मेरठ
₹155910
₹140150
₹116990


कानपुर
₹155910
₹140150
₹116990


गाजियाबाद
₹155910
₹140150
₹116990


नोएडा
₹155910
₹140150
₹116990


गुरुग्राम
₹155910
₹140150
₹116990


चंडीगढ़
₹155910
₹140150
₹116990


जयपुर
₹155910
₹140150
₹116990


लुधियाना
₹155910
₹140150
₹116990


गुवाहाटी
₹152730
₹140000
₹114550


इंदौर
₹155810
₹140050
₹116890


अहमदाबाद
₹155810
₹140050
₹116890


वडोदरा
₹155810
₹140050
₹116890


सूरत
₹155810
₹140050
₹116890


पुणे
₹152730
₹140000
₹114550


नागपुर
₹152730
₹140000
₹114550


नासिक
₹152760
₹140030
₹114580


बैंगलोर
₹152730
₹140000
₹114550


भुवनेश्वर
₹152730
₹140000
₹114550


कटक
₹152730
₹140000
₹114550


केरल
₹152730
₹140000
₹114550


रायपुर
₹152730
₹140000
₹114550


हैदराबाद
₹152730
₹140000
₹114550



आज चांदी का भाव-&amp;nbsp;



शहर
10 ग्राम चांदी का भाव
100 ग्राम चांदी का भाव
1 किलो चांदी का भाव


दिल्ली
₹2,650
₹26,500
₹2,65,000


मुंबई
₹2,650
₹26,500
₹2,65,000


कोलकाता
₹2,650
₹26,500
₹2,65,000


चेन्नई
₹2,700
₹27,000
₹2,70,000


पटना
₹2,650
₹26,500
₹2,65,000


लखनऊ
₹2,650
₹26,500
₹2,65,000


अयोध्या
₹2,650
₹26,500
₹2,65,000


मेरठ
₹2,650
₹26,500
₹2,65,000


कानपुर
₹2,650
₹26,500
₹2,65,000


गाजियाबाद
₹2,650
₹26,500
₹2,65,000


नोएडा
₹2,650
₹26,500
₹2,65,000


गुरुग्राम
₹2,650
₹26,500
₹2,65,000


चंडीगढ़
₹2,650
₹26,500
₹2,65,000


जयपुर
₹2,650
₹26,500
₹2,65,000


अहमदाबाद
₹2,650
₹26,500
₹2,65,000


वडोदरा
₹2,650
₹26,500
₹2,65,000


लुधियाना
₹2,650
₹26,500
₹2,65,000


गुवाहाटी
₹2,650
₹26,500
₹2,65,000


इंदौर
₹2,650
₹26,500
₹2,65,000


सूरत
₹2,650
₹26,500
₹2,65,000


पुणे
₹2,650
₹26,500
₹2,65,000


नागपुर
₹2,650
₹26,500
₹2,65,000


नासिक
₹2,650
₹26,500
₹2,65,000


बैंगलोर
₹2,650
₹26,500
₹2,65,000


भुवनेश्वर
₹2,700
₹27,000
₹2,70,000


कटक
₹2,700
₹27,000
₹2,70,000


रायपुर
₹2,650
₹26,500
₹2,65,000


हैदराबाद
₹2,700
₹27,000
₹2,70,000



चांदी में आई बड़ी गिरावट
सोने के मुकाबले चांदी में ज्यादा कमजोरी देखने को मिली है. हाल के दिनों में चांदी की कीमत में हजारों रुपये प्रति किलो की गिरावट दर्ज की गई है. बाजार रिपोर्ट्स के अनुसार, चांदी में निवेश करने वाले कई निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिससे कीमतों पर दबाव बढ़ गया. अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी की कीमतों में तेज गिरावट देखी गई है.&amp;nbsp;
महंगाई की मार: घरेलू एलपीजी 29 रुपया महंगा, भड़की जनता; विपक्ष ने पीएम मोदी को कहा- &#039;इंफ्लेशन मैन&#039;
क्यों गिर रहे हैं सोना-चांदी के भाव?
सोना और चांदी की कीमतों में हालिया गिरावट के पीछे कई कारण हैं. सबसे बड़ा कारण अमेरिकी अर्थव्यवस्था के मजबूत आंकड़े और ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता है. निवेशकों को उम्मीद है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में जल्द कटौती नहीं करेगा, जिससे डॉलर मजबूत हुआ है. आमतौर पर डॉलर मजबूत होने पर सोने और चांदी की मांग कमजोर पड़ जाती है. इसके अलावा, हाल के महीनों में कीमतों में तेज उछाल के बाद कई निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिससे बाजार में बिकवाली बढ़ी. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोर रुख का असर भारतीय सर्राफा बाजार पर भी पड़ा, जिसके चलते सोना और चांदी दोनों के दाम लगातार नीचे आए हैं. हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक हालात और भू-राजनीतिक घटनाक्रम आगे की कीमतों की दिशा तय करेंगे.
 ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 04:30:14 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Gold-Silver, Price, Today, June:, सोना-चांदी, खरीदने, वालों, की, हुई, बल्ले-बल्ले, दिनों, में, धड़ाम, हुए, दाम, जानें, आज, के, ताजा, रेट</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>LPG Gas Supply: क्या भारत में रुक जाएगी गैस की सप्लाई? होर्मुज में फंसे एलपीजी जहाजों का क्या है सच?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/lpg-gas-supply-क्या-भारत-में-रुक-जाएगी-गैस-की-सप्लाई-होर्मुज-में-फंसे-एलपीजी-जहाजों-का-क्या-है-सच</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/lpg-gas-supply-क्या-भारत-में-रुक-जाएगी-गैस-की-सप्लाई-होर्मुज-में-फंसे-एलपीजी-जहाजों-का-क्या-है-सच</guid>
        <description><![CDATA[ LPG Gas Supply through Hormuz: ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों की शुरुआत बीते 28 फरवरी, 2026 को हुई थी. इसके बाद से ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इस रूट पर नाकेबंदी का ऐलान कर दिया. यह रास्ता दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत तेल और प्राकृतिक गैस की सप्लाई के लिए अहम है. इस रुकावट से अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों में हलचल मच गई और सरकारों तथा शिपिंग कंपनियों को व्यापार जारी रखने के लिए नई रणनीतियां बनानी पड़ी.
भारत के लिए यह मामला बहुत अहम था, जो ऊर्जा की अपनी जरूरतों के लिए काफी हद तक इसी जलमार्ग पर निर्भर है. भारत का लगभग 30 प्रतिशत कच्चा तेल और करीब 70 प्रतिशत लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) इसी रास्ते से आता है. हालांकि, हालात बिगड़ने के बावजूद भारत इस इलाके से जहाजों की आवाजाही को लगातार बनाए रखने में कामयाब रहा है.
क्या होर्मुज में फंसे हैं भारतीय जहाज?&amp;nbsp;
फरवरी के आखिर में जब तनाव बढ़ा और होर्मुज पर पाबंदियां लगाई गईं, तो भारतीय झंडे वाले 36 से 38 कमर्शियल जहाज या तो खाड़ी इलाके में फंसे हुए थे या होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के आसपास मौजूद थे. इन जहाजों पर 1,100 से ज्यादा भारतीय नाविकों की भी संख्या थी. कई जहाजों में भारत की ऊर्जा जरूरतों और कमर्शियल सप्लाई चेन से जुड़े जरूरी सामान लदे हुए थे. कुछ अन्य जहाज औद्योगिक उत्पादन और घरेलू खपत के लिए जरूरी सामान ले जाने का इंतजार कर रहे थे.
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, मार्च के मध्य से अब तक भारतीय झंडे वाले लगभग 23 से 25 जहाज सफलतापूर्वक होर्मुज से बाहर निकल चुके हैं. मई के आखिर तक, खबर है कि भारतीय झंडे वाले सिर्फ 13 ही जहाज खाड़ी देशों के आसपास या जलडमरूमध्य वाले इलाके में बचे हुए हैं. इन्हें सुरक्षित निकालने के लिए सरकार हाई-प्रॉयोरिटी इमरजेंसी ऑपरेशन कर रही है.
क्या भारत में है गैस की किल्लत?
सरकार और पेट्रोलियम मंत्रालय के आधिकारिक बयान के मुताबिक देश में घरेलू सिलेंडराें की आपूर्ति पूरी तरह से सामान्य और सुरक्षित है. होर्मुज पर निर्भरता कम करने के लिए देश के भीतर तेल रिफाइनरियां अपनी अधिकतम कैपेसिटी पर काम कर रही हैं. इससे दैनिक एलपीजी उत्पादन बढ़कर 50000 मीट्रिक टन हो गया है, जो देश की कुल जरूरत का 60% से अधिक हिस्सा पूरा कर रहा है.
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने देशवासियों को आश्वस्त करते हुए साफ कहा है, &#039;&#039;घरेलू उपभोक्ताओं के लिए देश में LPG सिलेंडर की कोई किल्लत नहीं है और गैस सप्लाई पूरी तरह से सामान्य है. नागरिकों को किसी भी तरह से घबराने की कोई जरूरत नहीं है.&#039;&#039;

ये भी पढ़ें:
LPG Price Hike: क्यों बढ़ती जा रही हैं गैस सिलेंडर की कीमतें? क्या अब आगे और बढ़ेगा रेट?&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 04:30:14 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>LPG, Gas, Supply:, क्या, भारत, में, रुक, जाएगी, गैस, की, सप्लाई, होर्मुज, में, फंसे, एलपीजी, जहाजों, का, क्या, है, सच</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>Crude Oil Crisis: कच्चे तेल से बिगाड़ेगा घर का बजट! 100 डॉलर के पार पहुंचा क्रूड, अर्थशास्त्री ने दी बड़ी चेतावनी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/crude-oil-crisis-कच्चे-तेल-से-बिगाड़ेगा-घर-का-बजट-100-डॉलर-के-पार-पहुंचा-क्रूड-अर्थशास्त्री-ने-दी-बड़ी-चेतावनी</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/crude-oil-crisis-कच्चे-तेल-से-बिगाड़ेगा-घर-का-बजट-100-डॉलर-के-पार-पहुंचा-क्रूड-अर्थशास्त्री-ने-दी-बड़ी-चेतावनी</guid>
        <description><![CDATA[ Crude Oil Crisis: पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर अब दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं पर दिखने लगा है. सबसे ज्यादा चिंता कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को लेकर है. हालात ऐसे बन गए हैं कि ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर चुका है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर ये स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो भारत में पेट्रोल-डीजल महंगा हो सकता है और आम लोगों के घरेलू बजट पर दबाव बढ़ सकता है.
क्यों बढ़ रही हैं तेल की कीमतें?
इंफोमेरिक्स रेटिंग्स के मुख्य अर्थशास्त्री मनोरंजन शर्मा ने ANI से हुई बातचीत में बताया है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में पैदा हुई बाधाओं ने वैश्विक तेल आपूर्ति को प्रभावित किया है. यह समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल व्यापार मार्गों में से एक है. भारत भी अपनी तेल जरूरतों के लिए इस रास्ते पर काफी हद तक निर्भर है. शर्मा के मुताबिक, भारत के कुल आयातित कच्चे तेल का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के जरिए आता है.
LPG Gas Supply: क्या भारत में रुक जाएगी गैस की सप्लाई? होर्मुज में फंसे एलपीजी जहाजों का क्या है सच?
100 डॉलर तक पहुंचा कच्चा तेल
विशेषज्ञों के अनुसार, जब पश्चिम एशिया में तनाव की शुरुआत हुई थी तब कच्चे तेल की कीमत 67-68 डॉलर प्रति बैरल के आसपास थी. लेकिन हालात बिगड़ने के बाद इसमें तेजी से उछाल आया है. वर्तमान में ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच चुका है, जबकि स्पॉट मार्केट में कीमतें 120 से 130 डॉलर प्रति बैरल तक बताई जा रही हैं. यह बढ़ोतरी वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए चिंता का विषय बन गई है.
आम आदमी पर क्या होगा असर?
कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर पेट्रोल और डीजल के दामों पर पड़ता है. ईंधन महंगा होने से परिवहन लागत बढ़ जाती है, जिसका असर खाद्य पदार्थों, सब्जियों, फलों और अन्य जरूरी सामानों की कीमतों पर भी दिखाई देता है. मनोरंजन शर्मा का कहना है कि बढ़ती ईंधन कीमतें घरेलू बजट को प्रभावित करेंगी और परिवारों के लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ पैदा करेंगी.
सोना-चांदी खरीदने वालों की हुई बल्ले-बल्ले! 5 दिनों में धड़ाम हुए दाम, जानें आज के ताजा रेट
सरकार के सामने चुनौती
हालांकि सरकार लगातार आम लोगों को राहत देने की कोशिश कर रही है, लेकिन वैश्विक ऊर्जा संकट के सामने उसकी भी सीमाएं हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक बढ़ी हुई लागत को सरकार या तेल कंपनियां अपने ऊपर नहीं ले सकतीं. यही वजह है कि पिछले कुछ सप्ताहों में ईंधन की कीमतों में धीरे-धीरे बढ़ोतरी देखने को मिली है.
क्या है समाधान?
मनोरंजन शर्मा का मानना है कि भारत को भविष्य में ऐसे झटकों से बचने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों पर अधिक ध्यान देना होगा. उन्होंने कहा कि देश पहले से इस दिशा में आगे बढ़ रहा है और भारत के कुल ऊर्जा उत्पादन में नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी करीब एक-तिहाई तक पहुंच चुकी है. हालांकि आयातित जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने में अभी समय लगेगा.
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        <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 04:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Crude, Oil, Crisis:, कच्चे, तेल, से, बिगाड़ेगा, घर, का, बजट, 100, डॉलर, के, पार, पहुंचा, क्रूड, अर्थशास्त्री, ने, दी, बड़ी, चेतावनी</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>भारत बनेगा ग्लोबल ऑयल डिमांड ग्रोथ का सबसे बड़ा इंजन, रूसी CEO ने की बड़ी भविष्यवाणी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/भारत-बनेगा-ग्लोबल-ऑयल-डिमांड-ग्रोथ-का-सबसे-बड़ा-इंजन-रूसी-ceo-ने-की-बड़ी-भविष्यवाणी</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/भारत-बनेगा-ग्लोबल-ऑयल-डिमांड-ग्रोथ-का-सबसे-बड़ा-इंजन-रूसी-ceo-ने-की-बड़ी-भविष्यवाणी</guid>
        <description><![CDATA[ रूसी तेल कंपनी Rosneft के सीईओ इगोर सेचिन ने भारत को लेकर एक बड़ी भविष्यवाणी की है. उन्होंने कहा है कि आने वाले एक दशक में दुनिया में जितनी भी नई तेल मांग बढ़ेगी, उसका लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा अकेले भारत से आएगा. यानी भारत धीरे-धीरे ग्लोबल एनर्जी मार्केट का सबसे बड़ा ड्राइविंग फोर्स बन सकता है.
भारत क्यों बनेगा सबसे बड़ा तेल उपभोक्ता?
इगोर सेचिन के मुताबिक भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था, बढ़ती आबादी, शहरीकरण और वाहन उपयोग में वृद्धि इसके मुख्य कारण हैं. उन्होंने बताया कि 2035 तक भारत का तेल खपत लगभग 44% बढ़कर करीब 8 मिलियन बैरल प्रति दिन तक पहुंच सकता है. उनका कहना है कि विकासशील देशों में ऊर्जा की मांग सबसे तेज़ी से बढ़ रही है, लेकिन इनमें भारत सबसे आगे है. इसलिए आने वाले वर्षों में ग्लोबल ऑयल मार्केट में भारत की भूमिका और भी अहम हो जाएगी.
कच्चे तेल से बिगाड़ेगा घर का बजट! 100 डॉलर के पार पहुंचा क्रूड, अर्थशास्त्री ने दी बड़ी चेतावनी
वैश्विक ऊर्जा बाजार में बड़ा बदलाव
Rosneft CEO ने यह भी संकेत दिया कि दुनिया का ऊर्जा ढांचा बदल रहा है. विकसित देशों में तेल की मांग स्थिर या धीमी हो सकती है, लेकिन भारत जैसे विकासशील देशों में मांग तेजी से बढ़ेगी. इसी वजह से ग्लोबल ऑयल डिमांड ग्रोथ का बड़ा हिस्सा भारत से जुड़ जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि भारत सिर्फ तेल उपभोक्ता ही नहीं बल्कि वैश्विक ऊर्जा रणनीति का केंद्र बनता जा रहा है.
रूस-भारत ऊर्जा साझेदारी का बढ़ता असर
सेचिन ने यह भी बताया कि रूस से भारत को मिलने वाले तेल सप्लाई ने दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को मजबूत किया है. 2022 के बाद से भारत और चीन को सस्ते रूसी तेल से अरबों डॉलर का फायदा हुआ है. इससे यह साफ होता है कि वैश्विक ऊर्जा बाजार अब सिर्फ सप्लाई और डिमांड का खेल नहीं रहा, बल्कि इसमें भू-राजनीति की भूमिका भी काफी बढ़ गई है.
क्या भारत में रुक जाएगी गैस की सप्लाई? होर्मुज में फंसे एलपीजी जहाजों का क्या है सच?
आने वाले समय में क्या चुनौती होगी?
हालांकि भारत के लिए यह ग्रोथ एक अवसर है, लेकिन इसके साथ चुनौतियां भी हैं. तेल की बढ़ती मांग का मतलब है कि देश की आयात निर्भरता और बढ़ सकती है. अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें ऊपर जाती हैं तो इसका सीधा असर पेट्रोल-डीजल और महंगाई पर पड़ेगा. विशेषज्ञों के अनुसार भारत को अपनी ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने के लिए रिन्यूएबल एनर्जी और वैकल्पिक ईंधन पर भी तेजी से काम करना होगा.&amp;nbsp;
 ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 04:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>भारत, बनेगा, ग्लोबल, ऑयल, डिमांड, ग्रोथ, का, सबसे, बड़ा, इंजन, रूसी, CEO, ने, की, बड़ी, भविष्यवाणी</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>SpaceX IPO: दुनिया का सबसे बड़ा IPO ला रहे हैं Elon Musk, क्या भारतीय कर पाएंगे SpaceX में निवेश? जान लें सारे रिस्क</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/spacex-ipo-दुनिया-का-सबसे-बड़ा-ipo-ला-रहे-हैं-elon-musk-क्या-भारतीय-कर-पाएंगे-spacex-में-निवेश-जान-लें-सारे-रिस्क</link>
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        <description><![CDATA[ SpaceX IPO: दुनिया की सबसे चर्चित निजी कंपनियों में शामिल SpaceX जल्द ही शेयर बाजार में कदम रखने जा रही है. Elon Musk की इस कंपनी के संभावित IPO को लेकर निवेशकों में काफी ज्यादा एक्साइटमेंट है. ये इतिहास के सबसे बड़े IPO में से एक हो सकता है. ऐसे में भारत के रिटेल निवेशकों के मन में भी सवाल है कि क्या वे इस IPO में सीधे निवेश कर पाएंगे या नहीं. साथ ही इसमें क्या- क्या रिस्क हो सकते हैं.
SpaceX IPO क्यों है इतना खास?
SpaceX रॉकेट लॉन्च, सैटेलाइट इंटरनेट सेवा Starlink और अंतरिक्ष तकनीक के क्षेत्र में दुनिया की अग्रणी कंपनियों में गिनी जाती है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी का संभावित वैल्यूएशन 1.75 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है, जो इसे दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनियों में शामिल कर देगा. IPO के जरिए कंपनी करीब 75 अरब डॉलर जुटाने की तैयारी में है.&amp;nbsp;
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भारतीय निवेशकों के लिए क्या है नियम?
बता दें कि भारत में रहने वाले रिटेल निवेशकों के लिए सीधे अमेरिकी IPO में हिस्सा लेना आसान नहीं है. अमेरिकी IPO आमतौर पर वहां के संस्थागत निवेशकों और स्थानीय रिटेल निवेशकों को प्राथमिकता देते हैं. भारतीय निवेशकों को आम तौर पर कंपनी के शेयर बाजार में लिस्ट होने के बाद ही शेयर खरीदने का मौका मिलता है.&amp;nbsp;
लिस्टिंग के बाद कैसे खरीद सकते हैं शेयर?
अगर SpaceX अमेरिकी शेयर बाजार में लिस्ट होती है, तो भारतीय निवेशक विदेशी शेयरों में निवेश की सुविधा देने वाले प्लेटफॉर्म्स के जरिए इसके शेयर खरीद सकते हैं. इसके लिए निवेशकों को भारतीय रिजर्व बैंक की Liberalised Remittance Scheme के नियमों का पालन करना होगा. इसके अलावा GIFT City के माध्यम से भी विदेशी शेयरों में निवेश के ऑप्शन आ सकते हैं.&amp;nbsp;
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निवेश से पहले जान लें ये 4 अहम बातें-&amp;nbsp;
1. 2025 में घाटे में रही SpaceX
SpaceX ने साल 2025 में 18.67 अरब डॉलर का कुल राजस्व दर्ज किया, जिसमें सबसे बड़ा योगदान Starlink कनेक्टिविटी बिजनेस का रहा. हालांकि, कंपनी को 2025 में करीब 4.9 अरब डॉलर का घाटा हुआ, जबकि 2024 में उसे 791 मिलियन डॉलर का मुनाफा हुआ था. लेकिन ये घाटा मुख्य रूप से भारी पूंजी निवेश की वजह से हुआ. कंपनी ने 2025 में xAI/Grok के AI इंफ्रास्ट्रक्चर और Starlink सैटेलाइट नेटवर्क के विस्तार पर 20.7 अरब डॉलर का निवेश किया, जो पिछले साल के मुकाबले दोगुना है. SpaceX के प्रॉस्पेक्टस के मुताबिक, उसके स्पेस, AI डेटा सेंटर और कनेक्टिविटी कारोबार का कुल संभावित बाजार 28.5 ट्रिलियन डॉलर का है.
2. कंपनी के पास Bitcoin में बड़ा निवेश
SpaceX के निवेश पोर्टफोलियो में 8,285 बिटकॉइन शामिल हैं, जिनकी मौजूदा कीमत लगभग 642 मिलियन डॉलर है. ये बिटकॉइन Coinbase Prime की कस्टडी में रखे गए हैं. कंपनी ने बताया है कि भविष्य में उसकी आय पर बिटकॉइन की कीमतों का बड़ा असर पड़ सकता है. Bitcoin की कीमत में हर 10,000 डॉलर के उतार-चढ़ाव से कंपनी की तिमाही शुद्ध आय में करीब 83 मिलियन डॉलर का बदलाव आ सकता है.
3. Elon Musk के पास 85.1% वोटिंग पावर
Elon Musk के पास Class B शेयरों के जरिए कंपनी की कुल वोटिंग पावर का 85.1% हिस्सा है. पब्लिक को मिलने वाले Class A शेयरों में प्रति शेयर 1 वोट का अधिकार होगा, जबकि Class B शेयरों में प्रति शेयर 10 वोट का अधिकार होगा. इसके अलावा Class B शेयरधारकों के पास कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के अधिकांश सदस्यों को चुनने का विशेष अधिकार भी रहेगा.
4. SpaceX के पास xAI और Starlink जैसे कारोबार
SpaceX ने फरवरी 2026 में Elon Musk के AI स्टार्टअप xAI का ऑल-स्टॉक अधिग्रहण पूरा किया था. वहीं Starlink भी तेजी से अपने कारोबार का विस्तार कर रहा है. 31 मार्च 2026 तक Starlink के 164 देशों, क्षेत्रों और बाजारों में 1.03 करोड़ (10.3 मिलियन) सक्रिय ग्राहक हो चुके थे. कंपनी लगातार दुनिया के कई देशों में अपनी सेवाएं शुरू कर रही है, जिससे उसके कारोबार के और बढ़ने की उम्मीद है.
डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)
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        <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 04:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Petrol&amp;Diesel Price: क्या घरेलू सिलेंडर के साथ आज पेट्रोल&amp;डीजल की भी बढ़ी कीमत? चेक करें लेटेस्ट रेट</title>
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        <description><![CDATA[ Petrol-Diesel Rate Today on June 7: देश के आम उपभोक्ताओं के घरेलू बजट को आज एक बड़ा झटका लगा है क्योंकि 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में 29 रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई है. सरकार ने LPG की कीमतों में यह बढ़ोतरी पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और मध्य पूर्व में सप्लाई में रुकावट की बढ़ती आशंकाओं के कारण की है.
इस साल मार्च में 60 रुपये की बढ़ोतरी के बाद पिछले तीन महीनों में घरेलू LPG की कीमतों में यह दूसरी बढ़ोतरी है. इस बदलाव के बाद, दिल्ली में घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत 915.50 रुपये से बढ़कर 944.50 रुपये हो गई है. यह बढ़ोतरी देश के प्रमुख शहरों में घरेलू कुकिंग गैस सिलेंडरों पर लागू होती है, जबकि कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है.
पेट्रोल-डीजल की बदली कीमत?
घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हुई बढ़ोतरी के बाद राहत की बात यह है कि आज देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. पश्चिम एशिया संकट की वजह से भले ही आज दाम नहीं बढ़े हैं, लेकिन सरकारी तेल कंपनियां अभी भी लागत से काफी कम पर ईंधन बेच रही हैं. मौजूदा समय में उन्हें पेट्रोल पर करीब 11 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 33.6 रुपये प्रति लीटर का नुकसान उठाना पड़ रहा हे.&amp;nbsp;
शहरवार पेट्रोल-डीजल की कीमतें



शहर
पेट्रोल की कीमत (प्रति लीटर)
डीजल की कीमत (प्रति लीटर)


दिल्ली
102.12 रुपये
&amp;nbsp;95.20 रुपये


मुंबई
111.18 रुपये
97.83 रुपये


कोलकाता
113.47 रुपये
99.82 रुपये


चेन्नई&amp;nbsp;
107.77 रुपये
&amp;nbsp;99.55 रुपये


बेंगलुरु
110.93 रुपये
&amp;nbsp;98.80 रुपये


पटना
113.35 रुपये
99.36 रुपये


जयपुर
112.66 रुपये
97.78 रुपये


लखनऊ
102.05 रुपये
95.55 रुपये


भोपाल
114.54 रुपये
99.64 रुपये



देश में सबसे सस्ता और सबसे महंगा पेट्रोल कहां?
25 मई, 2026 को हैदराबाद में पेट्रोल की कीमत सबसे ज्यादा 115.69 रुपये प्रति लीटर रही. इसके बाद तिरुवनंतपुरम का नंबर रहा, जहां पेट्रोल की कीमत 115.49 रुपये प्रति लीटर थी. दूसरी ओर, लिस्ट में शामिल शहरों में चंडीगढ़ में पेट्रोल की कीमत सबसे कम 98.10 रुपये प्रति लीटर है. कई मेट्रो शहरों की तुलना में लखनऊ और नई दिल्ली में भी पेट्रोल की कीमतें कम रहीं, जहां ये क्रमशः 102.05 रुपये और 102.12 रुपये प्रति लीटर हैं.
डीजल के मामले में, तिरुवनंतपुरम में सबसे ज्यादा कीमत 104.40 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गई है. इसके बाद हैदराबाद में डीजल की कीमत 103.82 रुपये प्रति लीटर है. लिस्ट में शामिल शहरों में चंडीगढ़ में डीजल की कीमत सबसे कम 86.09 रुपये प्रति लीटर है.

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        <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 16:30:34 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Petrol-Diesel, Price:, क्या, घरेलू, सिलेंडर, के, साथ, आज, पेट्रोल-डीजल, की, भी, बढ़ी, कीमत, चेक, करें, लेटेस्ट, रेट</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>LPG Price Hike: क्या रेट बढ़ने के साथ नियम भी गए हैं बदल? जानें रसोई गैस को लेकर सरकार का रुख</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/lpg-price-hike-क्या-रेट-बढ़ने-के-साथ-नियम-भी-गए-हैं-बदल-जानें-रसोई-गैस-को-लेकर-सरकार-का-रुख</link>
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        <description><![CDATA[ LPG Cylinder Price Hike: आज यानी कि 7 जून, रविवार को घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में 29 रुपये की बढ़ोतरी की गई. हालांकि, रेट बढ़ाने के साथ नियमों में भले ही कोई बदलाव नहीं किया गया हो, लेकिन तेल विपणन कंपनियों (OMCs) द्वारा पहले जारी दिशा-निर्देश पूरी तरह से प्रभावी हैं.
कीमतों में वृद्धि के बीच उपभोक्ताओं की सुरक्षा, गैस की कालाबाजारी रोकने और सप्लाई सुचारू रूप से सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने कई नियम लागू किए हैं. आइए इन पर एक नजर डालते हैं:-
ड्यूल कनेक्शन पर रोक
अगर आपके पास पाइपलाइन वाली नैचुरल गैस (PNG) का कनेक्शन है, तो आप घरेलू सिलेंडर नहीं रख सकते. पीएनजी चालू होने के 30 दिनों के भीतर एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना अनिवार्य है. ऐसा न करने पर तेल कंपनियां आपके एलपीजी कनेक्शन को अपने आप ही ब्लॉक कर देंगी.
रीफिल लॉकिंग पीरियड
दो गैस सिलेंडरों की बुकिंग के बीच समयसीमा बढ़ाई गई है. एक सिलेंडर लेने के बाद दूसरा सिलेंडर 25 दिन पहले बुक नहीं हो सकता. यह नियम शहरी उपभोक्ताओं के लिए है. गांवों में बुकिंग का यह अंतर 45 दिन तय किया गया है ताकि जमाखोरी रोकी जा सके.&amp;nbsp;
डिलीवरी ऑथेन्टिकेशन कोड
सुरक्षा व्यवस्था के तहत गैस बुक करते ही उपभोक्ता के फोन पर एक सिक्योरिटी पिन या ओटीपी (OTP) भेजा जाता है. डिलीवरी बॉय को यह कोड दिखाने के बाद ही सिलेंडर हैंडओवर किया जाएगा. इससे सिलेंडर की ब्लैक मार्केटिंग, गैस की चोरी नहीं होगी. सिलेंडर गलत पते या गलत व्यक्ति को डिलीवर नहीं होगा. गैस कंपनियों के पास उपभोक्ताओं का लाइव डेटा अपडेटेड रहेगा.&amp;nbsp;
आधार बायोमेट्रिक e-KYC
सभी वैद्य उपभोक्ताओं के लिए गैस खाते की e-KYC प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य कर दिया गया है. जिन उपभोक्ताओं ने अभी तक एजेंसी में जाकर या मोबाइल ऐप के जरिए अपनी बायोमेट्रिक या आधार केवाईसी अपडेट नहीं कराई है, उनकी गैस सब्सिडी रोकी जा सकती है या अगली बुकिंग में दिक्कत आ सकती है.&amp;nbsp;
सालाना कोटा तय
प्रत्येक परिवार को एक वित्तीय वर्ष में केवल 12 रियायती (सब्सिडी वाले) घरेलू सिलेंडर ही मिलेंगे. इससे अधिक सिलेंडर की आवश्यकता होने पर बाजार की वर्तमान ऊंची दरों (जैसे दिल्ली में 942 रुपये) का भुगतान करना होगा.&amp;nbsp;

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        <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 16:30:32 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>LPG, Price, Hike:, क्या, रेट, बढ़ने, के, साथ, नियम, भी, गए, हैं, बदल, जानें, रसोई, गैस, को, लेकर, सरकार, का, रुख</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>LPG Price Hike: 942 रुपये के पार हुआ घरेलू सिलेंडर, जानिए दाम बढ़ने के बाद अब खाते में कितनी आएगी सब्सिडी?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/lpg-price-hike-942-रुपये-के-पार-हुआ-घरेलू-सिलेंडर-जानिए-दाम-बढ़ने-के-बाद-अब-खाते-में-कितनी-आएगी-सब्सिडी</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/lpg-price-hike-942-रुपये-के-पार-हुआ-घरेलू-सिलेंडर-जानिए-दाम-बढ़ने-के-बाद-अब-खाते-में-कितनी-आएगी-सब्सिडी</guid>
        <description><![CDATA[ LPG Gas Subsidy: घरेलू LPG की कीमतों में बदलाव किया गया है और नई दरें रविवार, 7 जून से लागू हो गई हैं. प्रति सिलेंडर 29 रुपये की हालिया बढ़ोतरी के बाद घरेलू रसोई गैस अब और भी महंगी हो गई है. कीमतों में यह बढ़ोतरी तेल कंपनियों द्वारा 7 मार्च को LPG की कीमतों में 60 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी किए जाने के लगभग तीन महीने बाद हुई है.
इस ताजा बदलाव के बाद, 14.2 किलो वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत अब दिल्ली में 942 रुपये, मुंबई में 941.50 रुपये, हैदराबाद में 994 रुपये और कोलकाता में 968 रुपये हो गई है. सिर्फ बेंगलुरु में घरेलू LPG की कीमतें 915.50 प्रति सिलेंडर पर ही बनी हुई हैं. कीमत में हुई इस बढ़ोतरी के साथ अब दिमाग में इस सवाल का आना लाजिमी है कि क्या सरकार ने सब्सिडी को लेकर नियमों में कोई बदलाव किया है या नहीं? आइए जानते हैं.&amp;nbsp;
क्या सब्सिडी पर बदले हैं नियम?
आज घरेलू सिलेंडर के दाम 29 रुपये बढ़ने के बाद भी सरकार की तरफ से दी जाने वाली सब्सिडी राशि (Subsidy Amount) में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है. सरकार ने इस बढ़ी हुई कीमत का पूरा बोझ बाजार दरों पर डाल दिया है, जिससे सब्सिडी का पुरा ढांचा ही लागू रहेगा. अलग-अलग कैटेगरीज में उपभोक्ताओं को मिलने वाली सब्सिडी पर आइए एक नजर डालते हैं:-
प्रधानमंत्री उज्जवला योजना&amp;nbsp;
उज्जवला योजना (PMUY) के तहत आने वाले परिवारों को पहले की तरह ही राहत मिलती रहेगी. इसके तहत, 300 रुपये प्रति सिलेंडर सीधे लिंक किए गए बैंक अकाउंट में भेज दिए जाएंगे. दिल्ली में घरेलू सिलेंडर की कीमत अब 942.00 रुपये हो चुकी है, लेकिन 300 रुपये की सब्सिडी के बाद उज्जवला लाभार्थियों को यह 642.00 रुपये का पड़ेगा. यह सब्सिडी एक कारोबारी साल में केवल 12 सिलेंडरों तक ही मान्य है.
सामान्य उपभोक्ताओं को सब्सिडी
अगर आप उज्जवला योजना के लाभार्थी नहीं है और सामान्य कनेक्शन का उपयोग करते हैं, तो आपकी जेब पर बोझ बढ़ गया है. सामान्य उपभोक्ताओं को मिलने वाली यह सब्सिडी बेहद सीमित है. कई शहरों में यह पूरी तरह बंद है, तो कुछ शहरों में स्थानीय मालभाड़े (Freight Subsidy) के रूप में केवल 12-40 रुपये के बीच ही बैंक खाते में आती है.&amp;nbsp;
सामान्य उपभोक्ताओं को अब अपने शहर की पूरी बढ़ी हुई नई कीमत अदा करनी होगी जैसे दिल्ली में 942 रुपये और पटना में 1031.50 रुपये.&amp;nbsp;
सब्सिडी रोकने के नियम
अगर आपके खाते में सब्सिडी नहीं आ रही है, तो इसके दो कारण हो सकते हैं:-

अगर आपकी या आपके पति/पत्नी की सालाना टैक्सेबल इनकम 10 लाख रुपये या उससे ज्यादा है, तो नियमानुसार आपको एलपीजी सब्सिडी का लाभ नहीं मिलेगा.
e-KYC तेल कंपनियों के नए नियमों के तहत जिन लोगों ने अपनी गैस एजेंसी पर जाकर आधार e-KYC की प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उनकी सब्सिडी अस्थायी रूप से रोक दी जाएगी.&amp;nbsp;


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        <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 16:30:30 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>LPG, Price, Hike:, 942, रुपये, के, पार, हुआ, घरेलू, सिलेंडर, जानिए, दाम, बढ़ने, के, बाद, अब, खाते, में, कितनी, आएगी, सब्सिडी</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>महंगाई की मार: घरेलू एलपीजी 29 रुपया महंगा, भड़की जनता; विपक्ष ने पीएम मोदी को कहा&amp; &amp;apos;इंफ्लेशन मैन&amp;apos;</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/महंगाई-की-मार-घरेलू-एलपीजी-29-रुपया-महंगा-भड़की-जनता-विपक्ष-ने-पीएम-मोदी-को-कहा-इंफ्लेशन-मैन</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/महंगाई-की-मार-घरेलू-एलपीजी-29-रुपया-महंगा-भड़की-जनता-विपक्ष-ने-पीएम-मोदी-को-कहा-इंफ्लेशन-मैन</guid>
        <description><![CDATA[ LPG Price Hike Public Reaction: घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में 29 रुपये की बढ़ोतरी की गई है. यह तीन महीनों में दूसरी बार की गई बढ़ोतरी है. इंडस्ट्री के सूत्रों के मुताबिक, 7 जून से दिल्ली में 14.2 किलो वाले LPG सिलेंडर की कीमत 913 रुपये से बढ़कर 942 रुपये हो जाएगी. इससे पहले 7 मार्च को सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी.
यह बढ़ोतरी मिडिल ईस्ट में चल रहे टकराव की वजह से ग्लोबल एनर्जी सप्लाई में रुकावट और इंटरनेशनल फ्यूल की कीमतों में उछाल के बाद की गई थी. इंडस्ट्री के सूत्रों का कहना है कि इस बढ़ोतरी से घरेलू LPG की बिक्री पर हुए नुकसान की सिर्फ कुछ हद तक ही भरपाई हो पाई है. सूत्रों के मुताबिक, कीमतों में इस ताजा बदलाव से पहले, सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियों को हर LPG सिलेंडर की बिक्री पर लगभग 703 रुपये का नुकसान हो रहा था.
पेट्रोल-डीजल और CNG की भी बढ़ी कीमत
मई के बीच से पेट्रोल और डीजल के दाम भी कुल मिलाकर 7.50 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ चुके हैं, जबकि कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) के दाम लगभग 6 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़े हैं. हालिया बढ़ोतरी के बावजूद, इंडस्ट्री के सूत्रों के अनुसार, तेल कंपनियां अभी भी पेट्रोल और डीजल को लागत से कम कीमत पर बेच रही हैं, जिससे उन्हें पेट्रोल पर लगभग 11 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 33.6 रुपये प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है.
सरकार ने अब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा की बढ़ी हुई कीमतों का पूरा बोझ ग्राहकों पर नहीं डाला है. वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और ईंधन के बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने के कारण सरकार सरकारी ईंधन कंपनियों के जरिए बढ़ी हुई कीमतों का कुछ हिस्सा खुद उठा रही है.

#WATCH | 29 रुपए बढ़ी घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत, महिलाओं ने इस पर क्या कहा सुनिए@aparna_journo | @sushilemediahttps://t.co/smwhXUROiK#LPGCylinder #PriceHike #DomesticCylinder #ABPNews pic.twitter.com/LtLwQMJSl5
&amp;mdash; ABP News (@ABPNews) June 7, 2026



चौरतफा महंगाई की मार
पेट्रोल-डीजल, सीएनजी, कमर्शियल सिलेंडर के बाद अब घरेलू एलपीजी की कीमत बढ़ने से जनता में आक्रोश है. खासतौर पर, गृहणियों और मध्यमवर्गीय परिवारों का कहना है कि मई के महीने से अब तक पेट्रोल-डीजल के दाम 7.50 रुपये प्रति लीटर और CNG के दाम 6 रुपये प्रति किलो बढ़ाए जा चुके हैं. अब घरेलू सिलेंडर की कीमत बढ़ने से रसोई गैस का बजट भी गड़बड़ा गया है.&amp;nbsp;
इधर, देश के कई हिस्सों से पैनिक बुकिंग की भी खबरें सामने आ रही हैं. लोग आने वाले महीनों में दाम और बढ़ने के डर से एडवांस बुकिंग करने के लिए गैस एजेंसियों के चक्कर काट रहे हैं.&amp;nbsp;

#WATCH | Patna, Bihar: On domestic LPG cylinder price hike, Samajwadi Party MP Neeraj Maurya says, &quot;... We have been continuously opposing the rising inflation, the increasing cylinder prices, and the shortage of cylinders. The government has failed to control this. An all-party&amp;hellip; pic.twitter.com/IaaA06Cnyb
&amp;mdash; ANI (@ANI) June 7, 2026



विपक्ष ने पीएम मोदी पर साधा निशाना
कीमत में हुई इस ताजा बढ़ोतरी के बाद विपक्षी दल कांग्रेस ने सरकार को घेरते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला है. कांग्रेस व अन्य विपक्षी नेताओं ने पीएम मोदी काे &#039;इंफ्लेशन मैन&#039; का नाम दिया है. उनका आरोप है कि चुनाव होने के ठीक बाद जनता पर यह &#039;इंफ्लेशन बिल&#039; थोपा जा रहा है.

&#039;महंगाई मैन मोदी&#039; का चाबुक फिर चला है।&amp;bull; अब घरेलू गैस सिलेंडर 29 रुपए महंगा कर दिया गया।&amp;bull; मोदी का फंडा साफ है- जनता से वसूली करो, अमीर दोस्त की तिजोरी भरो। pic.twitter.com/Z3zUg6ofNE
&amp;mdash; Congress (@INCIndia) June 6, 2026



छोटे कारोबारियों को चिंता
1 जून को कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में 42 से 53.50 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई थी. अब घरेलू सिलेंडर के महंगा होने से छोटे कैटरर्स, चाय वाले, टिफिन सर्विस चलाने वालों का कहना है कि उनके पास खाने की थाली और चाय के दाम बढ़ाने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है.&amp;nbsp;

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        <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 16:30:29 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>महंगाई, की, मार:, घरेलू, एलपीजी, रुपया, महंगा, भड़की, जनता, विपक्ष, ने, पीएम, मोदी, को, कहा-, इंफ्लेशन, मैन</media:keywords>
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        <title>Tallest Skyscraper: मुंबई नहीं, इस शहर में बनेगी देश की सबसे ऊंची बिल्डिंग, जानिए क्या है ग्लोबल सिटी का पूरा प्लान</title>
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        <description><![CDATA[ Tallest Skyscraper: भारत में जल्द ही एक नया रिकॉर्ड बनने वाला है. अब तक देश की सबसे ऊंची इमारत का नाम मुंबई के पास था, लेकिन आने वाले समय में यह रिकॉर्ड गुरुग्राम के नाम हो सकता है. हरियाणा सरकार की ग्लोबल सिटी परियोजना के तहत गुरुग्राम में एक ऐसी गगनचुंबी इमारत बनाने की तैयारी है, जो भारत की सबसे ऊंची बिल्डिंग होगी.
क्या है ग्लोबल सिटी प्रोजेक्ट?
हरियाणा सरकार गुरुग्राम में एक बड़ा और आधुनिक शहर विकसित कर रही है, जिसे ग्लोबल सिटी नाम दिया गया है. ये गुरुग्राम में द्वारका एक्सप्रेसवे के पास करीब 1,000 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है. इस प्रोजेक्ट का मकसद गुरुग्राम को दुनिया के बड़े बिजनेस हब्स की तरह विकसित करना है. इसी योजना के तहत यहां एक बेहद ऊंची इमारत बनाने का प्रस्ताव रखा गया है. बताया जा रहा है कि यह बिल्डिंग इतनी ऊंची होगी कि मौजूदा भारतीय रिकॉर्ड आसानी से टूट जाएगा.
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कितनी ऊंची होगी यह इमारत?
रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रस्तावित टावर की ऊंचाई 620 मीटर से 700 मीटर के बीच हो सकती है. वर्तमान में भारत की सबसे ऊंची इमारत मुंबई की पैलेस रॉयल (Palais Royale) है, जिसकी ऊंचाई लगभग 320 मीटर है. ऐसे में गुरुग्राम का यह टावर मौजूदा रिकॉर्ड को दोगुने से भी ज्यादा अंतर से पीछे छोड़ सकता है. यह सिर्फ एक ऊंची इमारत नहीं होगी, बल्कि इसमें ऑफिस, होटल, शॉपिंग स्पेस, कॉन्फ्रेंस सेंटर और कई आधुनिक सुविधाएं मौजूद होंगी. यानी यह एक तरह से अपने आप में पूरा बिजनेस सेंटर होगी. सरकार का मानना है कि इससे बड़ी-बड़ी देशी और विदेशी कंपनियां गुरुग्राम की ओर आकर्षित होंगी और निवेश बढ़ेगा.
गुरुग्राम को क्या फायदा होगा?
इस परियोजना के पूरा होने से हजारों लोगों को रोजगार मिल सकता है. निर्माण कार्य से लेकर बाद में चलने वाले बिजनेस तक, कई नए अवसर पैदा होंगे. इसके अलावा गुरुग्राम की पहचान सिर्फ आईटी और कॉर्पोरेट शहर के रूप में नहीं, बल्कि एक वैश्विक बिजनेस डेस्टिनेशन के रूप में भी बनेगी. रियल एस्टेट सेक्टर को भी इससे बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है.
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कब होगा शुरू?
फिलहाल यह परियोजना शुरुआती चरण में है. डिजाइन, मंजूरी और डेवलपर के चयन जैसी प्रक्रियाएं अभी बाकी हैं. इसलिए इस बिल्डिंग को बनने में कई साल लग सकते हैं. अगर यह योजना सफल होती है, तो गुरुग्राम भारत के नक्शे पर एक नई पहचान बना सकता है. देश की सबसे ऊंची बिल्डिंग सिर्फ एक रिकॉर्ड नहीं होगी, बल्कि यह दिखाएगी कि भारत तेजी से आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और वैश्विक स्तर की सुविधाओं की ओर बढ़ रहा है. आने वाले वर्षों में गुरुग्राम की तस्वीर पूरी तरह बदलती हुई नजर आ सकती है.
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        <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 00:30:23 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>Tallest, Skyscraper:, मुंबई, नहीं, इस, शहर, में, बनेगी, देश, की, सबसे, ऊंची, बिल्डिंग, जानिए, क्या, है, ग्लोबल, सिटी, का, पूरा, प्लान</media:keywords>
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        <title>LPG संकट के बीच जान लें गैस सिलेंडर के ये 7 सरकारी नियम, कभी नहीं कटेगा कनेक्शन, मिलेंगे फायदे</title>
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        <description><![CDATA[ LPG News: अगर आप घर में LPG गैस सिलेंडर का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. हाल के दिनों में गैस कनेक्शन और सिलेंडर वितरण को लेकर कई नए नियम लागू किए गए हैं. इनका मकसद फर्जी कनेक्शन, कालाबाजारी और डुप्लीकेट उपभोक्ताओं पर रोक लगाना है. अगर ग्राहक इन नियमों का पालन नहीं करते हैं, तो उन्हें गैस बुकिंग या सिलेंडर डिलीवरी में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.
LPG से जुड़े 7 जरूरी नियम-&amp;nbsp;
1. OTP वेरिफिकेशन&amp;nbsp;
अब गैस सिलेंडर की डिलीवरी के समय OTP वेरिफिकेशन अनिवार्य किया गया है. सिलेंडर बुक करने के बाद आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक OTP भेजा जाएगा. डिलीवरी बॉय को यह OTP बताने के बाद ही सिलेंडर मिलेगा. इसका मकसद सही ग्राहक तक सिलेंडर पहुंचाना है.
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2. ई-केवाईसी और बायोमेट्रिक अपडेट
सरकार और तेल कंपनियां ग्राहकों से ई-केवाईसी कराने की अपील कर रही हैं. कई जगहों पर बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन भी किया जा रहा है. अगर आपका KYC अपडेट नहीं है, तो भविष्य में गैस सेवा लेने में दिक्कत आ सकती है.
3. मोबाइल नंबर अपडेट&amp;nbsp;
आपका मोबाइल नंबर गैस एजेंसी के रिकॉर्ड में अपडेट होना चाहिए. OTP, बुकिंग मैसेज और अन्य जरूरी जानकारी इसी नंबर पर भेजी जाती है. अगर नंबर बदल गया है तो जल्द से जल्द एजेंसी में अपडेट करवा लें.
4. दूसरी बुकिंग नहीं होगी
नए नियमों के अनुसार शहरी क्षेत्रों में एक सिलेंडर लेने के बाद 25 दिन से पहले दूसरी LPG बुकिंग नहीं की जा सकेगी. इसका उद्देश्य जरूरत के अनुसार गैस वितरण सुनिश्चित करना है.
5. गांवों में 45 दिन का नियम
ग्रामीण क्षेत्रों में दूसरी सिलेंडर बुकिंग के लिए 45 दिन का अंतर रखा गया है. इससे फर्जी बुकिंग और गैस की कालाबाजारी पर रोक लगाने में मदद मिलेगी.
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6. PNG में सब्सिडी पर नजर
जिन क्षेत्रों में पाइप्ड नेचुरल गैस की सुविधा उपलब्ध है, वहां LPG सब्सिडी और कनेक्शन से जुड़े नियमों की निगरानी बढ़ाई जा रही है. सरकार चाहती है कि दोनों सुविधाओं का गलत फायदा न उठाया जाए.
7. एक पते पर कई कनेक्शन की जांच
तेल कंपनियां अब ऐसे मामलों की जांच कर रही हैं जहां एक ही पते पर कई LPG कनेक्शन मौजूद हैं. यदि कोई कनेक्शन फर्जी या नियमों के खिलाफ पाया जाता है, तो उस पर कार्रवाई हो सकती है.
इन नियमों का फायदा क्या होगा?
इन नए नियमों से असली उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेंडर मिल सकेगा. साथ ही फर्जी कनेक्शन, डुप्लीकेट उपभोक्ता और कालाबाजारी पर रोक लगेगी. इससे गैस वितरण व्यवस्था और ज्यादा पारदर्शी और सुरक्षित बनेगी.
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        <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 00:30:22 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>LPG, संकट, के, बीच, जान, लें, गैस, सिलेंडर, के, ये, सरकारी, नियम, कभी, नहीं, कटेगा, कनेक्शन, मिलेंगे, फायदे</media:keywords>
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        <title>IPL स्टार होने के बावजूद वैभव सूर्यवंशी से क्यों पीछे हट रही हैं बड़ी कंपनियां, यह है असली वजह</title>
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        <description><![CDATA[ Vaibhav Suryavanshi: IPL के फैंस तो दुनिया के कोने-कोने में हैं, लेकिन अब इसका शोर थम चुका है. IPL ट्रॉफी पर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू ने कब्जा जमा लिया है. सभी खिलाड़ी अपने अगले आसाइनमेंट की तैयारी में जुट चुके हैं, लेकिन एक नाम जो काफी चर्चा में है और वह है वैभव सूर्यवंशी. 15 साल के इस युवा क्रिकेटर ने IPL 2026 में ऐसा प्रदर्शन किया, जिसे क्रिकेट फैंस लंबे टाइम तक नहीं भूल सकते हैं.&amp;nbsp;
शानदार प्रदर्शन से जीता दिल
राजस्थान रॉयल्स यानी RR के लिए खेलते हुए वैभव सूर्यवंशी ने इस सीजन में 16 मैचों में 776 रन बनाए और ऑरेंज कैप अपने नाम की. सिर्फ यहीं नहीं , उन्हें सीजन का मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर भी चुना गया. इस जबरदस्त प्रदर्शन के बाद वैभव सूर्यवंशी की ब्रांड वैल्यू भी तेजी से बढ़ गई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनकी एंडोर्समेंट फीस प्रति डील करीब 50 लाख रुपये से बढ़कर 1.5 से 2 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है. वैभव सूर्यवंशी फिलहाल राजस्थान रॉयल्स के साथ 1.10 करोड़ रुपये के सालाना कॉन्ट्रैक्ट पर जुड़े हुए हैं. वैभव की ब्रांड मार्केट में डिमांड तेजी से बढ़ रही है.
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विज्ञापनों में सीमित मौजूदगी क्यों?
इन सभी चीजों के बीच अब सवाल यह उठ रहा है कि इतनी चर्चा और सफलता के बाद भी वैभव सूर्यवंशी फिलहाल बहुत कम विज्ञापनों में क्यों दिखाई दें रहे हैं? उनकी उम्र केवल 15 साल है, जिसकी वजह से कुछ कानूनी और व्यावहारिक सीमाएं हैं. इसी कारण बड़ी ऑटोमोबाइल और कुछ लाइफस्टाइल कंपनियां उन्हें फिलहाल साइन नहीं कर पा रही हैं.&amp;nbsp;
लाइफस्टाइल और फाइनेंस ब्रांड्स की सीमाएं
बता दें कि डियोड्रेंट, ग्रूमिंग प्रोडक्ट्स, लग्जरी घड़ियां और फैंटेसी ऐप्स जैसी कई कैटेगरी एडल्ट ऑडियंस को टारगेट करती हैं. भारत में ASCI और कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट के नियमों के चलते ऐसे ब्रांड्स नाबालिग को फेस नहीं बना सकते. इसी तरह ही क्रेडिट कार्ड, म्यूचुअल फंड जैसी कंपनियां भी सावधानी बरतती है.
परिवार और टीम का संतुलित फैसला
वैभर के ब्रांड को मैनेज करने में राजस्थान रॉयल्स और उनका परिवार बहुत संतुलित रणनीति अपना रहा है. वह जानकर उन्हें ज्यादा विज्ञापन और मीडिया चमक-दमक से दूर रख रहे हैं, ताकि उनका ध्यान खेल पर बना रहे. फिलहाल वैभव सिर्फ वहीं ब्रांड्स के साथ जुड़ रहे हैं जो उनकी उम्र के मुताबिक उपयुक्त है जैसे Complan और Google Pay का पॉकेट मनी ऐप. जानकारी के मुताबिक, अब ब्रांड्स युवा खिलाड़ियों के साथ लंबे कॉन्ट्रैक्ट के बजाय 2-3 साल के शॉर्ट-टर्म एग्रीमेंट कर रहे हैं. अभी परिवार और मैनेजमेंट चाहते हैं कि वह धीरे-धीरे आगे बढ़े और उनका करियर लंबे समय तक स्तिर रहे.
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        <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 00:30:20 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>IPL, स्टार, होने, के, बावजूद, वैभव, सूर्यवंशी, से, क्यों, पीछे, हट, रही, हैं, बड़ी, कंपनियां, यह, है, असली, वजह</media:keywords>
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        <title>Bank KYC: केवाईसी के तोड़े नियम, इस बैंक पर RBI ने लगाया भारी भरकम जुर्माना, क्या इसमें है आपका खाता?</title>
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        <description><![CDATA[ Bank KYC: अगर आपका खाता सरकारी बैंक केनरा बैंक में है, तो यह खबर आपके लिए ही है. भारतीय रिजर्व बैंक ने केवाईसी नियमों का पालन नहीं करने पर केनरा बैंक पर 41.80 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. हालांकि, इससे बैंक ग्राहकों के पैसे या जमा राशि पर कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन ये मामला बैंकिंग नियमों के पालन को लेकर चर्चा में आ गया है.&amp;nbsp;
आरबीआई ने क्यों लगाया जुर्माना?
आरबीआई की जांच में पाया गया कि बैंक ने कुछ ग्राहकों के केवाईसी रिकॉर्ड तय समय पर सेंट्रल केवाईसी रिकॉर्ड्स रजिस्ट्री में अपलोड नहीं किए. इसके अलावा कुछ खातों को गलत तरीके से इनऑपरेटिव यानी निष्क्रिय श्रेणी में डाल दिया गया था, जबकि उन खातों में लेनदेन हुआ था. इन कमियों को आरबीआई ने नियमों का उल्लंघन माना.&amp;nbsp;
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क्या ग्राहकों को घबराने की जरूरत है?
नहीं. आरबीआई द्वारा लगाया गया जुर्माना बैंक की कार्यप्रणाली में पाई गई कमियों के कारण है. इसका ग्राहकों के जमा पैसे, बचत खाते, एफडी या अन्य बैंकिंग सेवाओं पर कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा. बैंक का संचालन पहले की तरह जारी रहेगा.&amp;nbsp;
केवाईसी इतना जरूरी क्यों है?
केवाईसी का मतलब है ग्राहक की पहचान और पते की पुष्टि करना. इसके जरिए बैंक यह सुनिश्चित करते हैं कि खाते का इस्तेमाल किसी गलत या गैरकानूनी गतिविधि के लिए न हो. इसी वजह से समय-समय पर बैंक ग्राहकों से आधार कार्ड, पैन कार्ड, मोबाइल नंबर और पते से जुड़े दस्तावेज अपडेट करने को कहते हैं.
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केवाईसी अपडेट नहीं है तो क्या होगा?यदि लंबे समय तक केवाईसी अपडेट नहीं किया जाता है, तो बैंक कुछ सेवाओं पर रोक लगा सकता है. कई मामलों में खाते से लेनदेन सीमित हो सकता है या बैंक ग्राहक से दोबारा दस्तावेज जमा करने को कह सकता है. इसलिए बैंक से केवाईसी अपडेट का मैसेज या कॉल आने पर उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.
आरबीआई क्यों सख्ती कर रहा है?पिछले कुछ वर्षों में आरबीआई ने केवाईसी नियमों को लेकर काफी सख्ती दिखाई है. कई बैंकों और वित्तीय संस्थानों पर नियमों के उल्लंघन के लिए जुर्माना लगाया जा चुका है. आरबीआई का मानना है कि मजबूत केवाईसी व्यवस्था से फर्जी खातों, मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय धोखाधड़ी पर रोक लगाने में मदद मिलती है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 00:30:19 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Bank, KYC:, केवाईसी, के, तोड़े, नियम, इस, बैंक, पर, RBI, ने, लगाया, भारी, भरकम, जुर्माना, क्या, इसमें, है, आपका, खाता</media:keywords>
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        <title>Gas Discovery: ईरान वॉर के बीच अंडमान में मिला गैस का महाभंडार, ऑयल इंडिया को मिली बड़ी कामयाबी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/gas-discovery-ईरान-वॉर-के-बीच-अंडमान-में-मिला-गैस-का-महाभंडार-ऑयल-इंडिया-को-मिली-बड़ी-कामयाबी</link>
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        <description><![CDATA[ Gas Discovery in India: हाल ही में खबरें सामने आई थीं कि भारत के पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान के सिंध प्रांत में तेल का भंडार मिला है. इसके अलावा गैस को लेकर भी खबरें हैं कि वहां गैस का भंडार भी मिला है. जिससे पाकिस्तान में खुशी का माहौल बन गया. इसी बीच अब खबरें हैं कि भारत में भी गैस का भंडार मिला है. बीते कई दिनों से गैस की किल्लत चलने के बाद अब गैस का भंडार मिलना अपने आप में खुशी और राहत की बात है.
ऑइल इंडिया की रिपोर्टदरअसल सरकारी कंपनी ऑइल इंडिया लिमिटेड को भारत के अंडमान समुद्र क्षेत्र में नेचुरल गैस का एक और बड़ा भंडार मिला है. कंपनी की तरफ से बताया गया है कि अंडमान के तट के समीप विजयपुरम-3 में एक कुएं में प्राकृतिक गैस मिली है. ये इस क्षेत्र में कंपनी की दूसरी जरूरी हाइड्रोकार्बन (तेल- गैस) की खोज है. कंपनी के मुताबिक विजयपुरम-3 कुआं अंडमान द्वीप समूह के पूर्वी तट से करीब 15 किलोमीटर दूर स्थित है.
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गहराई में मिली प्राकृतिक गैसइस जगह की ड्रिलिंग 355 मीटर गहरे समुद्री क्षेत्र में की गई. शुरुआती जांच के दौरान 1900 मीटर से ज्यादा गहराई में प्राकृतिक गैस के संकेत मिले और लगातार गैस निकलती दिखाई दी, जिससे यहां इसकी मौजूदगी की पुष्टि हुई.&amp;nbsp;
ऑइल इंडिया का बयानइस बारे में बात करते हुए ऑइल इंडिया ने कहा कि ये खोज इसलिए भी जरूरी है क्योंकि इससे ये संकेत मिलता है कि अंडमान समुद्री क्षेत्र में तेल और गैस के बड़े भंडार मौजूद हो सकते हैं. हालांकि अभी ये तय नहीं हुआ है कि यहां से बिजनेस के लिहाज से उत्पादन संभव होगा या नहीं. इसके लिए आने वाले समय में और ज्यादा टेस्ट किए जाएंगे. कंपनी फिलहाल गैस के सैम्पल की जांच कर रही है जिससे उसकी गुणवत्ता और ऊर्जा क्षमता का पता लगाया जा सके. इतना ही नहीं वैज्ञानिक ये स्टडी कर रहे हैं कि गैस किस स्त्रोत से बनी है.
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बता दें कि इससे पहले सितंबर 2025 में विजयपुरम-2 कुएं में भी प्राकृतिक गैस मिलने की जानकारी सामने आई थी. अब तक इस ब्लॉक में खोदे गए तीन कुओं में से दो में गैस के संकेत मिल चुके हैं. इससे क्षेत्र की संभावनाओं को लेकर भरोसा और भी बढ़ गया है.
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        <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 12:30:18 +0530</pubDate>
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        <title>Cheap Fuel: इस राज्य में मिलेगा पेट्रोल से 20 रुपये सस्ता ईंधन! सरकार लेकर आई कम खर्च में गाड़ी चलाने का मास्टर प्लान</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/cheap-fuel-इस-राज्य-में-मिलेगा-पेट्रोल-से-20-रुपये-सस्ता-ईंधन-सरकार-लेकर-आई-कम-खर्च-में-गाड़ी-चलाने-का-मास्टर-प्लान</link>
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        <description><![CDATA[ Cheap Fuel News: देशभर में पेट्रोल- डीजल के दान महज 10 दिनों में ही 4 बार बढ़े. जिससे आम जनता की जेब पर काफी बोझ पड़ गया. पेट्रोल- डीजल के महंगा होने की वजह से रोजमर्रा में इस्तेमल होने वाली चीजें भी महंगी होने लगी हैं. इसी बीच सरकार की तरफ से एक राहत की खबर सामने आई है. पेट्रोल- डीजल की कीमत तो कम नहीं हुई है लेकिन दिल्ली में आपको सफर करना अब इतना महंगा नहीं पड़ेगा. आइये बताते हैं क्यों?
क्या है सरकार का मास्टर प्लानदरअसल देश की राजधानी दिल्ली में केंद्र सरकार ने एक ऐसे ईंधन का इंतजाम कर दिया है जो पेट्रोल से भी करीब 20 रुपये सस्ता मिलने वाला है. जिसके लिए सरकार की तरफ से देश का पहला E-85 फ्यूल स्टेशन लॉन्च किया गया है. केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इस फ्यूल स्टेशन का उद्घाटन किया, जो इंडियन ऑइल के पुसा रोड आउटलेट पर स्थित है.
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क्या है E-85 फ्यूल?ई-85 एक ऑप्शनल ईंधन है, जिसमें एथेनॉल मिला होता है. ई-85 से तात्पर्य है कि इस पेट्रोल में करीब 85 प्रतिशत एथेनॉल मिला होगा और बाकी 15 प्रतिशत पेट्रोल होगा. पेट्रोल में ज्यादा मात्रा में एथेनॉल मिलाने से कच्चे तेल पर इसकी डिपेंडेंसी कम हो जाती है. इससे कच्चा तेल यदि आयात कम भी होगा तो पेट्रोल की कमी नहीं होगी. एथेनॉल भारत में ही बनाया जाता है ऐसे में इस पर कोई आयात शुल्क नहीं होता है. ना केवल इससे पेट्रोल की कीमतों में कटौती होगी बल्कि किसानों का भी मुनाफा होगा.
कितना होगा कीमत में फर्क?बात करें ई-85 फ्यूल की तो ये पेट्रोल से करीब 20 रुपये तक सस्ता मिल सकता है. फिलहाल राजधानी दिल्ली में इसकी कीमत 82.12 रुपये प्रति लीटर तय की गई है. फिलहाल जो पेट्रोल ई-20 मिल रहा है, उसमें 20 प्रतिशत एथेनॉल होता है और बाकी 80 प्रतिशत पेट्रोल होता है.
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बता दें कि जनता की सुविधा के लिए फ्यूल स्टेशन पर ई-85 के डिस्पेंसर पर अलग से ब्रांडिंग और लेबल लगाए जाएंगे, जिससे किसी को भी किसी तरह की भ्रम की स्थिति पैदा ना हो. ग्राहकों को आसानी से समझ में आए कि वो कौन सा पेट्रोल भरवा रहे हैं.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 12:30:17 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Cheap, Fuel:, इस, राज्य, में, मिलेगा, पेट्रोल, से, रुपये, सस्ता, ईंधन, सरकार, लेकर, आई, कम, खर्च, में, गाड़ी, चलाने, का, मास्टर, प्लान</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>Petrol&amp;Diesel Rate: आज बढ़ा है पेट्रोल&amp;डीजल का भाव या कीमतें हैं कल जितनी? फटाफट चेक करें रेट</title>
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        <description><![CDATA[ Petrol-Diesel Rate on June 6: पिछले कुछ हफ्तों से कई दफा रेट बढ़ने के बाद आज 5 जून, 2026 को देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं. पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव और होर्मुज (Strait of Hormuz) की नाकेबंदी के चलते एनर्जी सप्लाई में आ रही रुकावटों की वजह से ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है. इस बीच, मार्केट एक्सपर्ट्स ईंधन की कीमतों में एक और बदलाव की संभावना पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं. &amp;nbsp;&amp;nbsp;
क्यों बढ़ाई गईं कीमतें?&amp;nbsp;
ईंधन की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) पर बढ़ते दबाव के कारण हुई है. इंडस्ट्री के अनुमान बताते हैं कि मई के महीने में कई बार कीमतें बढ़ने के बावजूद OMCs को अभी भी पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर काफी नुकसान (अंडर-रिकवरी) हो रहा है. रिपोर्टों से पता चलता है कि घाटे का पैमाने इतना ज्यादा है, जिससे यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि मुनाफा कमाने के लिए कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है.&amp;nbsp;
अब तक कितनी हुई बढ़ोतरी?&amp;nbsp;
पिछले कुछ हफ्तों में ईंधन की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है. 15 मई के बाद से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कई बार बढ़ोतरी की गई है, जिससे कई शहरों में इनकी कीमतों में कुल मिलाकर लगभग 7.5 रुपये प्रति लीटर का इजाफा हुआ है. तेल कंपनियों ने एनर्जी मार्केट में जारी उठा-पटक के बीच खरीद और रिफाइनिंग की बढ़ती लागत की भरपाई करने के लिए ये कीमतें धीरे-धीरे बढ़ाईं.
शहरवार पेट्रोल-डीजल की कीमतें



शहर
पेट्रोल की कीमत (प्रति लीटर)
डीजल की कीमत (प्रति लीटर)


दिल्ली
102.12 रुपये
95.20 रुपये


गाजियाबाद
101.73 रुपये
95.29 रुपये


नोएडा
102.42 रुपये
95.37 रुपये


मुंबई
111.21 रुपये
97.83 रुपये


कोलकाता
113.51 रुपये
100 रुपये लगभग


चेन्नई&amp;nbsp;
107.75 रुपये
94.00 रुपये


लखनऊ
101.86 रुपये
95.53 रुपये


जयपुर
113.91 रुपये
98.54 रुपये


पटना
113.77 रुपये
100 रुपये लगभग


 ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 12:30:15 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Petrol-Diesel, Rate:, आज, बढ़ा, है, पेट्रोल-डीजल, का, भाव, या, कीमतें, हैं, कल, जितनी, फटाफट, चेक, करें, रेट</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>LPG Price Today: आज कितनी है 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत? कमर्शियल सिलेंडर का भी चेक करें रेट</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/lpg-price-today-आज-कितनी-है-142-किलो-वाले-घरेलू-सिलेंडर-की-कीमत-कमर्शियल-सिलेंडर-का-भी-चेक-करें-रेट</link>
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        <description><![CDATA[ LPG Price Today on June 6: कमर्शियल कुकिंग गैस और कम्प्रैस्ड नेचुरल गैस (CNG) की कीमतों में बार-बार बढ़ोतरी के बाद LPG, CNG और PNG की कीमतों को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं. फिलहाल घरेलू LPG की कीमतें जस की तस बनी हुई हैं.
कितनी बढ़ाई जा चुकीं कीमतें?&amp;nbsp;
1 जून को कमर्शियल LPG की कीमतों में फिर से बदलाव किया गया. दिल्ली में 19 किलो वाले सिलेंडर की कीमत 42 रुपये और कोलकाता में 53.5 रुपये और बढ़ गई. वहीं, दिल्ली में 5 किलो वाले फ्री ट्रेड LPG सिलेंडर की कीमत 11 रुपये बढ़ने के बाद अब 821.5 रुपये हो गई है. घरेलू ग्राहकों के लिए कीमतों में तुरंत कोई बदलाव नहीं हुआ है.
14.2 किलोग्राम वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत मार्च की शुरुआत से ही 913 रुपये के स्तर पर बनी हुई है. उस दौरान कीमतों में 60 रुपये का इजाफा किया गया था. ये बदलाव जो ईंधन की उपलब्धता, वैश्विक स्तर पर बढ़ती ऊर्जा लागत और तेल कंपनियों पर दबाव के कारण हुए हैं. सरकार का कहना है कि वह ईंधन भंडार को मजबूत करने और घरेलू आपूर्ति को संभालने के लिए कदम उठा रही है. किश्तों में हो रही इस बढ़ोतरी का मकसद &amp;nbsp;महंगाई का बड़ा झटका दिए बिना तेल कंपनियों पर मार्जिन का दबाव कम करना है, हालांकि महंगाई पर असर पड़ने की उम्मीद अभी भी है.&amp;nbsp;
शहरवार LPG सिलेंडर की कीमतें



शहर&amp;nbsp;
घरेलू सिलेंडर की कीमत
कमर्शियल सिलेंडर की कीमत&amp;nbsp;


दिल्ली
913.0 रुपये
&amp;nbsp;3071.5 रुपये


मुंबई
912.5 रुपये
3024.0 रुपये


कोलकाता
&amp;nbsp;939.0 रुपये
3202.5 रुपये


चेन्नई
928.5 रुपये
3237.0 रुपये


पटना&amp;nbsp;
1002.5 रुपये
&amp;nbsp;3347.0 रुपये


जयपुर
&amp;nbsp;916.5 रुपये
3099.0 रुपये



सप्लाई रेट में भी हुई बढ़ोतरी
हाल के महीनों में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू LPG सिलेंडर के सप्लाई रेट में लगभग दो-पांचवें हिस्से की बढ़ोतरी हुई है, जो लगभग 1200 रुपये प्रति सिलेंडर तक पहुंच चुकी है. आम उपभोक्ताओं को यही सिलेंडर 913 रुपये में मिल रहा है. सप्लाई लागत में यह बढ़ोतरी प्रोपेन के लिए सऊदी अनुबंध मूल्य (Saudi Contract Price) में भारी वृद्धि के कारण हुई है.
भारत एलपीजी की अपनी जरूरत का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है, जिसके लिए सऊदी अरामको के कॉन्ट्रैक्ट प्राइस को ग्लोबल बेंचमार्क माना जाता है. होर्मुज (Strait of Hormuz) के जरिए सप्लाई रुकने के बाद अप्रैल में इसमें 38% का उछाल आया. सरकारी सूत्रों के मुताबिक, &amp;nbsp;वैश्विक कीमतों में वृद्धि के बावजूद भारत में घरेलू LPG की दरें इस क्षेत्र में सबसे कम बनी हुई हैं. सब्सिडी वाले और बिना सब्सिडी वाले घरेलू सिलेंडर, दोनों की कीमतें पड़ोसी देशों में समान कुकिंग गैस सिलेंडरों की तुलना में कम हैं, हालांकि सिलेंडरों के आकार में अंतर है.

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        <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 12:30:14 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>LPG, Price, Today:, आज, कितनी, है, 14.2, किलो, वाले, घरेलू, सिलेंडर, की, कीमत, कमर्शियल, सिलेंडर, का, भी, चेक, करें, रेट</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>Hindustan Zinc में 2% की हिस्सेदारी बेचेगी सरकार, खबर मिलते ही लगा 5% का लोअर सर्किट</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/hindustan-zinc-में-2-की-हिस्सेदारी-बेचेगी-सरकार-खबर-मिलते-ही-लगा-5-का-लोअर-सर्किट</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/hindustan-zinc-में-2-की-हिस्सेदारी-बेचेगी-सरकार-खबर-मिलते-ही-लगा-5-का-लोअर-सर्किट</guid>
        <description><![CDATA[ Hindustan Zinc: आज हिंदुस्तान जिंक के शेयरों में 5% से अधिक की भारी गिरावट देखी गई. इंट्रा-डे में शेयर अपने पिछले बंद भाव से टूटकर 570 रुपये के निचले स्तर पर पहुंच गए. शेयरों की कीमत में आई इस कमी के पीछे एक बड़ी वजह है. दरअसल, सरकार हिंदुस्तान जिकं में अपनी 2% &amp;nbsp;तक की हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में है, जिससे बाजार से करीब 5000 करोड़ रुपये तक जुटाए जा सके.&amp;nbsp;
ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त मंत्रालय के तहत आने वाला डिपार्टमेंट ऑफ इंवेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (DIPAM) हिस्सेदारी बेचे जाने की इस प्रक्रिया को इसी महीने या जुलाई से शुरू कर सकती है. सरकार ने इसके लिए देश के बड़े मर्चेंट बैंकर्स से सलाह लेने का काम भी शुरू कर दिया है. इनमें मुख्य रूप से ICICI Securities, Axis Capital, IIFL Capital Services, HDFC Securities शामिल हैं.&amp;nbsp;
मौजूदा शेयर होल्डिंग पैटर्न&amp;nbsp;
हिंदुस्तान जिंक देश की सबसे बड़ी जिंग, लेड और चांदी उत्पादक कंपनियों में से एक है. इस कंपनी में अनिल अग्रवाल की कंपनी वेदांता लिमिटेड की लगभग 61% की हिस्सेदारी है, जबकि सरकार के पास कंपनी की करीब 28% हिस्सेदारी है. इसमें से सरकार 2% बेचने जा रही है. यह बिक्री ऑफर फॉर सेल (OFS) रूट के जरिए स्टॉक एक्सचेंज पर की जाएगी.&amp;nbsp;
शेयर की कीमतों पर असर
इस खबर के सामने आते ही शुक्रवार को हिंदुस्तान जिकं के शेयरों में अच्छी-खासी गिरावट देखी गई. शेयर लगभग 5% टूटकर 570-575 रुपये के स्तर पर पहुंच गए, जो पिछले दो हफ्तों का सबसे निचला स्तर है. हिंदुस्तान जिंक की मुख्य प्रमोटर कंपनी वेदांता लिमिटेड के शेयरों में भी आज करीब 3-5% तक की गिरावट आई है.&amp;nbsp;
गिरावट की वजह
सरकार जब भी OFS लेकर आती है, तो वह शेयरों की मौजूदा बाजार कीमत से कुछ डिस्काउंट पर फ्लोर प्राइस तय करती है. इसी डिस्काउंट की उम्मीद में बाजार में पहले से ही बिकवाली शुरू हो जाती है. &amp;nbsp;

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        <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 19:30:25 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Hindustan, Zinc, में, की, हिस्सेदारी, बेचेगी, सरकार, खबर, मिलते, ही, लगा, का, लोअर, सर्किट</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>Credit Card News: बैंक बिना बताए क्यों घटा रहे हैं आपकी कार्ड लिमिट, कम होने पर क्या करें?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/credit-card-news-बैंक-बिना-बताए-क्यों-घटा-रहे-हैं-आपकी-कार्ड-लिमिट-कम-होने-पर-क्या-करें</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/credit-card-news-बैंक-बिना-बताए-क्यों-घटा-रहे-हैं-आपकी-कार्ड-लिमिट-कम-होने-पर-क्या-करें</guid>
        <description><![CDATA[ Credit Card Limit: अगर आपने हाल ही में नोटिस किया है कि आपके क्रेडिट कार्ड की लिमिट पहले से कम हो गई है, तो हैरान होने की जरूरत नहीं है. कई बैंक और कार्ड कंपनियां समय-समय पर ग्राहकों की प्रोफाइल की जांच करते हैं और जोखिम के आधार पर क्रेडिट लिमिट बढ़ाने या घटाने का फैसला लेते हैं. ये प्रोसेस ज्यादातर तो ऑटोमैटिक ही होता है. लेकिन जब लिमिट कम हो जाती है, तब आपको क्या करना है ये आप यहां से जान सकते हैं.&amp;nbsp;
बैंक क्रेडिट लिमिट क्यों घटाते हैं?
बैंक आमतौर पर बिना वजह लिमिट कम नहीं करते. इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं जैसे क्रेडिट कार्ड का बहुत कम इस्तेमाल करना, लगातार ज्यादा लिमिट का उपयोग करना, क्रेडिट स्कोर में गिरावट, लोन या ईएमआई का बढ़ता बोझ, आय में कमी या अपडेटेड इनकम डिटेल्स न होना. इसके अलावा बैंक की आंतरिक रिस्क मैनेजमेंट पॉलिसी में बदलाव भी लिमिट कम होने का कारण बन सकती है.
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क्या बैंक बिना बताए लिमिट कम कर सकते हैं?
कई मामलों में बैंक कार्डधारक समझौते के तहत क्रेडिट लिमिट की समय-समय पर समीक्षा कर सकते हैं. हालांकि आमतौर पर SMS, ईमेल या ऐप नोटिफिकेशन के जरिए जानकारी दी जाती है, लेकिन कई ग्राहक इसे बाद में नोटिस करते हैं.&amp;nbsp;
लिमिट कम होने से क्या नुकसान होगा?
क्रेडिट लिमिट घटने का सबसे बड़ा असर आपके क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेशियो पर पड़ता है. उदाहरण के लिए, अगर आपकी लिमिट 2 लाख रुपये से घटकर 1 लाख रुपये हो जाती है और खर्च 50,000 रुपये है, तो आपका यूटिलाइजेशन 25% से बढ़कर 50% हो जाएगा. ज्यादा क्रेडिट यूटिलाइजेशन आपके क्रेडिट स्कोर को नुकसान पहुंचा सकता है और भविष्य में लोन या नया क्रेडिट कार्ड लेने में परेशानी हो सकती है.&amp;nbsp;
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लिमिट कम हो जाए तो क्या करें?
अगर आपकी क्रेडिट लिमिट कम हो गई है, तो सबसे पहले बैंक से संपर्क करें और कारण जानने की कोशिश करें. इसके अलावा आपको यहां दिए काम करने हैं-

सभी बिल समय पर भरें
क्रेडिट कार्ड का उपयोग लिमिट के 30% से कम रखें
CIBIL स्कोर बेहतर बनाए रखे
बैंक में अपनी आय संबंधी जानकारी अपडेट करें
एक साथ कई नए कार्ड के लिए आवेदन करने से बचें&amp;nbsp;

किन लोगों को ज्यादा ध्यान देना है?
जो लोग क्रेडिट कार्ड का लगातार या फिर बहुत ज्यादा इस्तेमाल करते हैं, न्यूनतम भुगतान करते हैं या जिनका क्रेडिट स्कोर हाल में गिरा है, उनकी लिमिट घटने की संभावना ज्यादा हो सकती है.
क्या लिमिट दोबारा बढ़ सकती है?
हां. अगर आपका भुगतान रिकॉर्ड अच्छा है, आय बढ़ी है और क्रेडिट स्कोर मजबूत है, तो आप बैंक से लिमिट बढ़ाने का अनुरोध कर सकते हैं. कई बैंक समय-समय पर अच्छे ग्राहकों को खुद भी लिमिट बढ़ाने का ऑफर देते हैं.&amp;nbsp;&amp;nbsp;
 ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 19:30:24 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Credit, Card, News:, बैंक, बिना, बताए, क्यों, घटा, रहे, हैं, आपकी, कार्ड, लिमिट, कम, होने, पर, क्या, करें</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>Google में फिर छंटनी! क्लाउड और टॉप साइबर सिक्योरिटी टीम के कर्मचारियों की गई नौकरी, क्या है कारण?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/google-में-फिर-छंटनी-क्लाउड-और-टॉप-साइबर-सिक्योरिटी-टीम-के-कर्मचारियों-की-गई-नौकरी-क्या-है-कारण</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/google-में-फिर-छंटनी-क्लाउड-और-टॉप-साइबर-सिक्योरिटी-टीम-के-कर्मचारियों-की-गई-नौकरी-क्या-है-कारण</guid>
        <description><![CDATA[ Google layoff News: इस महंगाई के दौर में लोगों की नौकरी बची रहे यही सब चाहते हैं. हर कोई हर तरीके से अपनी नौकरी को बचाने की जुगत में लगा रहता है. इसी बीच खबरें हैं कि दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में से एक गूगल ने अपने स्टाफ से कई कर्मचारियों को निकाल दिया है. ये खबर ऐसे मंदी के दौर में आई है जहां एक तरफ ईरान और यूएस का युद्ध चल रहा है. तो वहीं दूसरी तरफ महंगाई बढ़ती ही जा रही है.
क्या है पूरा मामला?दरअसल खबरें हैं कि गूगल ने अपने क्लाउड डिवीजन में कर्मचारियों की छंटनी शुरू कर दी है. बिजनेस इनसाइडर की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले दो हफ्तों में गूगल क्लाउड की कई टीमों में नौकरी में कटौती की गई है. प्रभावित इकाइयों में गूगल थ्रेट इंटेलिजेंस ग्रुप भी शामिल है, जो ग्लोबल हैकिंग ऑपरेशंस पर रिसर्च कर रिपोर्ट को पब्लिश करती है.
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इस रिपोर्ट के मुताबिक गूगल ने साल 2022 में 5.4 अरब डॉलर में एक साइबर सिक्योरिटी कंपनी को टेकओवर किया था, जिसका नाम Mandiant है. इसके कुछ कर्मचारियों पर भी इस छंटनी का असर हुआ है. हालांकि, फिलहाल कंपनी ने इस बात का खुलासा नहीं किया है कि उन्होंने कितने कर्मचारियों को निकाला है.
कर्मचारी का पोस्टइस खबर की पुष्टि करने के लिए गूगल के एक कर्मचारी ने लिंक्डइन पर भी पोस्ट शेयर की है. इस पोस्ट में बताया गया है कि इस कर्मचारी के समेत कई और लोगों को इनकी टीम से निकाला जा चुका है. इसके बाद इस कर्मचारी ने अपने आगे के प्लान के बारे में लिखते हुए बताया है कि कुछ समय के ब्रेक के बाद वो नई नौकरी ढूंढेंगे.

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कंपनी की तरफ से बयानसूत्रों के अनुसार, गूगल ने कुछ मामलों में संसाधनों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों में शिफ्ट करने को इस फैसले की वजह बताया है. कंपनी के एक स्पोक्सपर्सन ने बताया कि, गूगल समय-समय पर अपने इंटरनल स्ट्रक्चर को बदलती है जिससे कस्टमर्स और बिजनेस की बदलती जरूरतों के अनुरूप खुद को बेहतर ढंग से तैयार कर सके.
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        <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 19:30:22 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Google, में, फिर, छंटनी, क्लाउड, और, टॉप, साइबर, सिक्योरिटी, टीम, के, कर्मचारियों, की, गई, नौकरी, क्या, है, कारण</media:keywords>
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    <item>
        <title>8th Pay Commission पर बड़ी खबर, 65 की उम्र में 70% &amp;90 साल पर 100% सैलरी जितनी पेंशन की मांग</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/8th-pay-commission-पर-बड़ी-खबर-65-की-उम्र-में-70-90-साल-पर-100-सैलरी-जितनी-पेंशन-की-मांग</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/8th-pay-commission-पर-बड़ी-खबर-65-की-उम्र-में-70-90-साल-पर-100-सैलरी-जितनी-पेंशन-की-मांग</guid>
        <description><![CDATA[ 8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग के गठन के बाद से ही कर्मचारियों के बीच काफी हलचल देखी जा रही है. कर्मचारी संगठनों की वेतन आयोग से कुछ उम्मीदें हैं, तो वहीं पेंशनर्स की भी कुछ अलग उम्मीदें हैं. कर्मचारी संगठनों की मांगों के बाद अब पेंशनर्स संगठनों की तरफ से भी पेंशन स्ट्रक्चर में बदलाव की मांग इस वेतन आयोग से की गई है. अब पेंशनभोगी चाहते हैं कि उन्हें उम्र के हिसाब से बढ़कर पेंशन मिला.
उम्र के हिसाब से हो पेंशन8वें वेतन आयोग में कर्मचारियों से लेकर पेंशनर्स तक ने अपनी- अपनी डिमांड रखी है. किसी ने DA को बढ़ाने की मांग की है, किसी ने सैलरी रिवीजन की मांग की है तो वहीं किसी ने पेंशन बेनेफिट्स की मांग की है. कर्मचारियों की मांग के अलावा पेंशन संगठनों की मांग है कि रिटायर्ड कर्मचारियों को उनकी उम्र के हिसाब से पेंशन दी जाए. जिसकी उम्र जिनती ज्यादा उसे पेंशन के रूप में रिटायरमेंट के दौरान सैलरी का उतना प्रतिशत हिस्सा मिले. ये स्ट्रक्चर इस प्रकार रखने की मांग की गई है:
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65 वर्ष के रिटायर्ड कर्मचारी को अपनी आखिरी सैलरी का 70% पेंशन के रूप में मिले.
70 वर्ष के रिटायर्ड कर्मचारी को अपनी आखिरी सैलरी का 75% पेंशन के रूप में मिले.
75 वर्ष के रिटायर्ड कर्मचारी को अपनी आखिरी सैलरी का 80% पेंशन के रूप में मिले.
80 वर्ष के रिटायर्ड कर्मचारी को अपनी आखिरी सैलरी का 85% पेंशन के रूप में मिले.
85 वर्ष के रिटायर्ड कर्मचारी को अपनी आखिरी सैलरी का 90% पेंशन के रूप में मिले.
90 वर्ष या उससे अधिक उम्र के रिटायर्ड कर्मचारी को अपनी आखिरी सैलरी पूरी 100% पेंशन के रूप में मिले.

इतना ही नहीं कर्मचारियों ने भी पेंशन को लेकर अपनी मांगे रखी हैं. जिनमें:

मिनिमम पेंशन को अंतिम वेतन (एलपीडी) के 67% तक बढ़ाना, या सर्विस के अंतिम 10 महीनों के दौरान मिले औसत वेतन के बराबर करना.
पेंशन गणना के लिए उपयोग किए जाने वाले फिटमेंट फैक्टर में संशोधन करना.
महंगाई राहत (DR) संरचना की समीक्षा करना और इसे पेंशन लाभों में एकीकृत करना.
पारिवारिक पेंशन लाभों के दायरे का विस्तार करना.

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बता दें कि 8वें वेतन आयोग के गठन के बाद कर्मचारियों और पेंशन भोगियों की मांगे मान ली जाती है, तो करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा. तो वहीं करीब 56 लाख रिटायर्ड पेंशनभोगियों को भी इसका लाभ मिलेगा, जिनमें डिफेंस और रेलवे के रिटायर्ड कर्मचारी भी होंगे.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 19:30:21 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>8th, Pay, Commission, पर, बड़ी, खबर, की, उम्र, में, 70, -90, साल, पर, 100, सैलरी, जितनी, पेंशन, की, मांग</media:keywords>
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        <title>India GDP Growth: ग्लोबल मंदी का डर बेअसर, चालू वित्त वर्ष में 7.7% की रफ्तार से दौड़ेगी भारत की जीडीपी</title>
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        <description><![CDATA[ India GDP Growth: ईरान और यूएस के बीच चल रहे युद्ध की वजह से भारत की अर्थव्यवस्था लगातार डगमगा रही थी. इसी बीच अब खबरें हैं कि वित्त वर्ष 2025-26 में इसकी रफ्तार मजबूत होकर बढ़ी है. सरकार के द्वारा बताए गए शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, देश की वास्तविक जीडीपी (GDP) में 7.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो पिछले वित्त वर्ष की अपेक्षा 7.1% की दर ज्यादा है.
ये डाटा मिनिस्ट्री ऑफ स्टेटिक्स एंड प्रोग्राम इम्प्लिमेंटेशन (MoSPI) ने शुक्रवार को ही जारी किए हैं. इन आंकड़ों के अनुसार जनवरी- मार्च 2026 की तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था 7.8% की दर से बढ़ी है. इससे पता चलता है कि वित्त वर्ष के आखिरी तीन महीनों में भी आर्थिक गतिविधियां मजबूत बनी रहीं.
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भारत की GDP में ये बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब दुनियाभर में अर्थव्यवस्था हिली हुई है, भू-राजनीतिक तनाव और क्रूड ऑइल की कीमतें बढ़ी हुई हैं, जिससे लगातार चुनौतियां भी सामने आ रही है.
स्थिर (2022-23) कीमतों के आधार पर मापी गई वास्तविक जीडीपी (Real GDP) वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 323.12 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो एक साल पहले यानी वित्तवर्ष 2025 में 299.89 लाख करोड़ रुपये थी. वहीं नॉमिनल जीडीपी जिसमें महंगाई का असर भी शामिल होता है, वित्तवर्ष 2026 में 8.9% बढ़कर 346.36 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गई. पिछले वित्त वर्ष में ये 318.07 लाख करोड़ रुपये थी.
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सरकार के मुताबिक ये अनुमान कई महत्वपूर्ण आर्थिक संकेतकों के आधार पर तैयार किए गए हैं. इनमें औद्योगिक उत्पादन, जीएसटी कलेक्शन, कंपनियों के रिजल्ट्स, वाहन बिक्री, माल ढुलाई, टेलीकॉम सेवाओं का उपयोग, बैंकिंग गतिविधियां, टैक्स संग्रह और व्यापार से जुड़े आंकड़े शामिल हैं.
मंत्रालय ने क्या कहा?MoSPI मंत्रालय ने बताया कि नए अनुमान तैयार करते समय वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) के ताजा आंकड़ों के साथ-साथ पहले की तिमाहियों के संशोधित आंकड़ों को भी शामिल किया गया है. मंत्रालय ने ये भी कहा कि भविष्य में जारी होने वाले जीडीपी आंकड़ों में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) और थोक मूल्य सूचकांक (WPI) की नई सीरीज का इस्तेमाल किया जाएगा, जिसका आधार वर्ष 2022-23 होगा.
इसके अलावा, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी अप्रैल- जून 2026 के जीडीपी आंकड़े 31 अगस्त 2026 को जारी किए जाएंगे.
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        <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 19:30:20 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>SIP News: गिरते बाजार में एसआईपी रोकने की भूल कतई न करें, उठाना पड़ेगा भारी नुकसान, जानिए क्यों</title>
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        <description><![CDATA[ SIP News: SIP यानी सिस्टमैटिक इनवेस्टमेंट प्लान को हम हमेशा एक सेविंग की तरह देखते हैं. हर महीने एक छोटी रकम कटवाकर उसे सालों तक निवेश करते हैं और फिर उस पर ब्याज मिलता है, जो हमारे भविष्य को सुरक्षित रखता है. लेकिन इसका एक पहलू और भी है, वो ये है कि जब भी शेयर बाजार में गिरावट आती है तब यही SIP हमारा सबसे बड़ा सहारा बनती है. आइये बताते हैं कैसे?
बाजार में गिरावट है बड़ा अवसरदरअसल जब भी शेयर मार्केट में तेज गिरावट आती है, तो निवेशक घबरा जाते हैं. हर कोई उस समय में अपने म्यूचुअल फंड पोर्टफोलियो की वैल्यू घटती देखकर SIP रोकने या बंद करने का फैसला कर लेते हैं. लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए, क्योंकि बाजार में गिरावट का दौर उन निवेशकों के लिए अवसर की तरह होता है जो लंबे समय का निवेश करते हैं.
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SIP का सबसे बड़ा फायदा ये है कि आप हर महीने एक तय रकम निवेश करते हैं, चाहे बाजार ऊपर हो या नीचे. जब बाजार गिरता है, तो म्यूचुअल फंड की NAV (नेट एसेट वैल्यू) भी कम हो जाती है. ऐसे में आपकी वही SIP राशि पहले की तुलना में ज्यादा यूनिट्स खरीदती है. यानी कम कीमत पर ज्यादा हिस्सेदारी मिलती है. इसे अगर आसान भाषा में समझें तो बाजार में गिरावट के दौरान आप &quot;सस्ते में खरीदारी&quot; कर रहे होते हैं. बाद में जब बाजार में सुधार आता है, तो यही एक्स्ट्रा यूनिट्स आपके रिटर्न को बढ़ाने में मदद करती हैं.
XIRR क्यों है निवेशकों के लिए जरूरी?ज्यादातर निवेशक अपने निवेश का प्रदर्शन देखने के लिए CAGR का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन SIP में हर महीने अलग-अलग समय पर पैसा लगाया जाता है. इसलिए SIP के लिए XIRR ज्यादा सटीक माना जाता है. ये हर किस्त की तारीख और रकम को ध्यान में रखकर सटीक रिटर्न बताता है.
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उदाहरण से समझिएमान लीजिए दो लोगों ने एक ही समय पर महीने 10,000 रुपये की SIP की है. जैसे ही बाजार में गिरावट आई तो निवेशक ने अपनी SIP जारी रखी और दूसरे निवेशक ने बंद कर दी और बाजार सामान्य होने पर दोबारा शुरू कर दी. तो ऐसी स्थिति में गिरावट के दौरान SIP जारी रखने वाले निवेशक ने कम कीमत पर ज्यादा यूनिट्स खरीदीं. बाजार में रिकवरी आने के बाद उसका पोर्टफोलियो करीब 2.51 लाख रुपये तक पहुंच गया और उसका XIRR लगभग 49% रहा.
तो वहीं SIP रोकने वाले निवेशक का पोर्टफोलियो करीब 1.46 लाख रुपये रहा और उसका XIRR लगभग 27% तक सीमित रहा. इसका मतलब है कि बाजार गिरने पर निवेश जारी रखने वाले निवेशक को ज्यादा फायदा मिलता है.
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        <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 07:30:23 +0530</pubDate>
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        <title>IndiGo News: इन 6 रूट्स पर 3 महीने तक बंद रहेंगी इंडिगो की उड़ानें, सफर से पहले देख लें लिस्ट</title>
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        <description><![CDATA[ IndiGo News: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo ने अपने कुछ अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर उड़ान सेवाएं अस्थायी रूप से बंद करने का फैसला किया है. कंपनी ने बताया कि यात्रियों की मांग में संभावित कमी और बढ़ती ऑपरेटिंग कॉस्ट को देखते हुए ये फैसला लिया गया है.
इन रूट्स की उड़ानें रहेंगी रद्दएयरलाइन के मुताबिक, लंकावी (Langkawi), कराबी (Krabi), हो ची मिन सिटी (Ho Chi Minh City), हॉन्ग कॉन्ग (Hong Kong), शंघाई (Shanghai) और सीम रीप (Siem Reap) के लिए संचालित होने वाली उड़ानें रद्द रहने वाली हैं. ये उड़ानें 1 जुलाई या 3 जुलाई 2026 से 30 सितंबर 2026 तक के लिए निलंबित रहेंगी. इस दौरान इन रूट्स पर कोई नियमित उड़ान सेवा उपलब्ध नहीं होगी.
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क्या बोला IndiGo प्रशासन?इस मामले पर IndiGo की तरफ से बयान आया है, जिसमें कहा गया है कि आने वाली तिमाही में इन रूट्स के लिए यात्रियों की मांग अपेक्षा से कम रहने की संभावना है. इतना ही नहीं ईंधन, एयरपोर्ट शुल्क और अन्य परिचालन खर्चों में भी बढ़ोतरी हुई है, जिसकी वजह से ये फैसला किया गया है. हालांकि, एयरलाइन ने स्पष्ट किया है कि ये फैसला अस्थायी है और मांग में सुधार होने पर इन रूट्स पर सेवाएं दोबारा शुरू की जा सकती हैं.
कंपनी फिलहाल हर हफ्ते 1800 से भी ज्यादा अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन कर रही है और अन्य प्रमुख विदेशी रूट्स पर उसकी सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहेंगी. ऐसे में इस फैसले का एयरलाइन के कुल अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर सीमित असर पड़ने की उम्मीद है.
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यात्रियों के लिए मैसेजतो वहीं IndiGo ने यात्रियों के लिए कहा है कि जिन भी यात्रियों ने इन रूट्स पर पहले से टिकट बुक कर रखी है, उन्हें सीधे सूचित किया जाएगा. प्रभावित यात्रियों को एयरलाइन की नीतियों के अनुसार री-शेड्यूलिंग या रिफंड की सुविधा दी जाएगी. यदि आप इन रूट्स पर आने वाले समय में यात्रा करने का प्लान कर रहे हैं तो सावधान रहें, पहले जांच लें उसके बाद ही यात्रा करने का फैसला करें.
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        <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 07:30:21 +0530</pubDate>
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        <title>UPI News: अब इस देश में भी QR कोड स्कैन कर आसानी से कर सकेंगे यूपीआई पेमेंट, टूरिस्ट्स के लिए बड़ी राहत</title>
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        <description><![CDATA[ UPI in Cambodia for Tourists: भारत ने कंबोडिया में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) को लॉन्च किया है. जिसकी मदद से भारतीय &amp;nbsp;ग्राहक को UPI करने में आसानी होगी. साथ ही अब भारतीय दक्षिण-पूर्वी एशियाई देश में 40 लाख से ज्यादा खुदरा दुकानों पर मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए सीधे भुगतान कर सकते हैं. भारत की ओर से उठाया हुआ यह महत्वपूर्ण कदम बड़ा ही कारगार माना जा रहा है. यात्री भारतीय बैंकों और भुगतान सेवा प्रदाताओं के सहभागी यूपीआई ऐप का उपयोग करके कंबोडियाई व्यापारियों की ओर से पेश किया गया केएचक्यूआर कोड को स्कैन करके जल्द भुगतान कर सकते हैं.
NIPL और ACLEDA बैंक की साझेदारी&amp;nbsp;
भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) की विदेशी शाखा, एनपीसीआई ओवरसीज पेमेंट्स लिमिटेड (NIPL) और कंबोडिया के एसीलेडा बैंक पीएलसी ने इस सुविधा को उपलब्ध कराने के लिए साझेदारी की है. यह समझौता कंबोडिया के राष्ट्रीय क्यूआर भुगतान प्रणाली, जिसे केएचक्यूआर के नाम से जाना जाता है और जो बाकोंग डिजिटल भुगतान प्रणाली के अंतर्गत काम करती है, जो भारत के यूपीआई नेटवर्क से जोड़ता है.
बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, यह कदम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने घरेलू डिजिटल भुगतान बुनियादी ढांचे का विस्तार करने और यात्रियों के अंतरराष्ट्रीय खर्च को सुविधाजनक बनाने के भारत के प्रयासों में एक और महत्वपूर्ण कदम है.&amp;nbsp;
यात्री कैसे कर सकते हैं भुगतान?
यह सिस्टम घरेलू यूपीआई लेनदेन की तरह ही काम करता है. यात्री अपने लिंक किए गए बैंक खातों से सीधे क्यूआर कोड के तौर पर भुगतान कर सकते हैं, जिससे उन्हें बहुत सारा कैश साथ ले जाने या विदेशी डेबिट और क्रेडिट कार्ड पर निर्भर रहने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी. इस सिस्टम के शुरुआती चरण का लक्ष्य कंबोडिया जाने वाले भारतीय &amp;nbsp;ग्राहक को सुविधा देना है. बाद के चरण में, कंबोडियाई &amp;nbsp;ग्राहक को भी यूपीआई मर्चेंट जगाहों पर अपने केएचक्यूआर-सक्षम ऐप का इस्तेमाल करके भारत में भुगतान करने की सुविधा मिलेगी.
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भारतीय रिज़र्व बैंक ने क्या कहा?&amp;nbsp;
भारतीय रिज़र्व बैंक ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, &#039;भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) सीमा पार भुगतान को बढ़ावा देने के लिए UPI को अन्य देशों की त्वरित भुगतान प्रणालियों से जोड़ने के लिए बेहतर रूप से कोशिश है. यह पहलें सीमा पार भुगतान को बेहतर बनाने के लिए G20 रोडमैप के समान हैं, जिसका मकसद सस्ते, ज्यादा कुशल, ज्यादा पारदर्शी और अधिक सुलभ भुगतान पर ध्यान केंद्रित करना है.&#039;
योजना का केंद्र भारतीय ग्राहक
इस योजना के पहले चरण में कंबोडिया आने वाले भारतीय ग्राहक पर ध्यान केंद्रित किया गया है. बाद के चरण में मंजूरी शुरू होने की उम्मीद है, जिससे कंबोडियाई ग्राहको यूपीआई व्यापारी स्थानों पर अपने केएचक्यूआर-सक्षम एप्लिकेशन का इस्तेमाल करके भारत में भुगतान कर सकेंगे.
भारत के डिजिटल भुगतान सिस्टम में कंबोडिया का जुड़ना यूपीआई के ग्लोबल लेवल के लिए एक बेहद खास कदम है. अब यात्रियों के पास एक और ऐसा स्थान है जहां भोजन, टैक्सी या स्मारक के लिए भुगतान करना क्यूआर कोड स्कैन करने और स्मार्टफोन पर लेनदेन को मंजूरी देने जितना आसान हो सकता है.
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        <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 07:30:20 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>UPI, News:, अब, इस, देश, में, भी, कोड, स्कैन, कर, आसानी, से, कर, सकेंगे, यूपीआई, पेमेंट, टूरिस्ट्स, के, लिए, बड़ी, राहत</media:keywords>
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        <title>Free laptop Scheme: बच्चों को फ्री लैपटॉप बांट रही सरकार? छात्रों और अभिभावकों के लिए जरूरी खबर, PIB का आया बयान</title>
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        <description><![CDATA[ Free Laptop Scheme: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है. जिसमें दावा किया जा रहा है कि भारत सरकार की तरफ से छात्रों को फ्री में लैपटॉप बांटे जाएंगे. ये काम केंद्र सरकार की &#039;नेशनल स्टूडेंट लैपटॉप स्कीम 2026&#039; के अंतर्गत किया जाने वाला है. अब खुद सरकार की तरफ से इस योजना की सच्चाई का पर्दाफाश किया गया है.
क्या है मामले की सच्चाई?इस मामले के सामने आने के बाद सरकार की फैक्ट-चेकिंग एजेंसी PIB Fact Check ने इस दावे की पोल खोल दी है. PIB ने स्पष्ट कर दिया है कि ये पूरी तरह से फेक न्यूज है. भारत सरकार ने ऐसी किसी भी योजना की घोषणा नहीं की है. PIB के आधिकारिक X (ट्विटर) अकाउंट के जरिए एक पोस्ट शेयर कर इस खबर की सच्चाई बताई गई है.
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???? Free laptops for students? A WhatsApp message is circulating claiming that the Government is accepting applications for free laptops under the &amp;lsquo;National Student Laptop Scheme 2026&amp;rsquo;.#PIBFactCheck: ❌ This claim is #FAKE.✅ The Government of India has NOT announced any&amp;hellip; pic.twitter.com/uZ9iPy5JRL
&amp;mdash; PIB Fact Check (@PIBFactCheck) June 4, 2026



इस पोस्ट में वायरल हो रहे मैसेज का स्क्रीनशॉट शेयर किया गया है, जिस पर बड़े अक्षरों में लिखा है FAKE. इसके साथ ही कैप्शन में लिखा गया है, &#039;व्हाट्सएप पर एक मैसेज वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि सरकार &#039;नेशनल स्टूडेंट लैपटॉप स्कीम 2026&#039; के तहत मुफ्त लैपटॉप देने के लिए आवेदन स्वीकार कर रही है. PIB फैक्ट चेक के अनुसार येदावा पूरी तरह से फर्जी है.&#039;
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सावधान रहने की हिदायतइसके साथ ही इ, पोस्ट में आगे लिखा है, &#039;भारत सरकार ने ऐसी किसी भी योजना की घोषणा नहीं की है. इस तरह के मैसेज अक्सर लोगों की निजी या वित्तीय जानकारी एकत्रित करने के उद्देश्य से फैलाए जाते हैं. ऐसी किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और आधिकारिक स्रोतों से पुष्टि किए बिना ऐसे मैसेज को आगे न भेजें. सतर्क रहें और संदिग्ध सामग्री की शिकायत PIB Fact Check को करें&#039;.
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        <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 07:30:19 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>Free, laptop, Scheme:, बच्चों, को, फ्री, लैपटॉप, बांट, रही, सरकार, छात्रों, और, अभिभावकों, के, लिए, जरूरी, खबर, PIB, का, आया, बयान</media:keywords>
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        <title>Share Market: गिरकर शेयर बाजार ने खुद को संभाला, 74000 के पार पहुंचा सेंसेक्स; निफ्टी में भी तेजी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/share-market-गिरकर-शेयर-बाजार-ने-खुद-को-संभाला-74000-के-पार-पहुंचा-सेंसेक्स-निफ्टी-में-भी-तेजी</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/share-market-गिरकर-शेयर-बाजार-ने-खुद-को-संभाला-74000-के-पार-पहुंचा-सेंसेक्स-निफ्टी-में-भी-तेजी</guid>
        <description><![CDATA[ Share Market Today on June 4: आज शेयर बाजार कमजोर शुरुआत के बाद खुद को संभालते हुए तेजी से पटरी पर लौटा. सेंसेक्स 122 अंकों की बढ़त के साथ 74468 के स्तर पर पहुंच गया. वहीं, निफ्टी भी 7 अंकों की बढ़त के साथ अभी 23412.60 पर कारोबार कर रहा है. कल आईटी शेयरों में गिरावट के बाद आज बाजार को बैंकिंग सेक्टर के शेयरों का सहारा मिला. State Bank of India] ICICI जैसे बड़े बैंकिंग स्टॉक्स में तेजी आई. इनके अलावा, इटरनल के शेयरों ने भी 4.31% परसेंट की बढ़त हासिल की. टॉप गेनर्स में महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाइटन और एशियन पेंट्स जैंसे शेयर भी हैं.&amp;nbsp;
आज सुबह शेयर बाजार लाल निशान में खुला था. निफ्टी 50 इंडेक्स 123 अंकों की गिरावट के साथ 23283 पर कारोबार की शुरुआत की थी. वहीं, सेंसेक्स भी बुधवार के बंद स्तर से करीब 450 अंक टूटकर 73900-74000 की रेंज में आ गया था.&amp;nbsp;&amp;nbsp;
क्यों गिरा शेयर बाजार?

मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव से वैश्विक वित्तीय बाजारों में अनिश्चितता का माहौल है. इसके चलते निवेशक जोखिम लेने से कतरा रहे हैं.&amp;nbsp;
युद्ध की बढ़ती आशंका के बीच अंतर्राष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल के दाम तेजी से बढ़कर 97 डॉलर प्रति बैरल के पास पहुंच गए, जो भारत जैसी कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता रखने वाली अर्थव्यवस्था के लिए चिंताजनक है.
आज सुबह एशियाई शेयर बाजारों में भी भारी गिरावट देखी गई, जिसका असर दलाल स्ट्रीट पर पड़ता नजर आ रहा है.&amp;nbsp;&amp;nbsp;

अमेरिकी बाजार
कल रात अमेरिकी शेयर बाजार भारी गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुआ. डाऊ जोन्स इंडेक्स में 620.72 अंक या 1.21% की गिरावट देखी गई. S&amp;amp;P 500 इंडेक्स 56.10 अंक फिसलकर 7553.68 पर बंद हुआ. इसके 11 में से 6 प्रमुख सेक्टर्स घाटे में नजर आए. हेवी टेक शेयरों वाला नैस्डेक कम्पोजिट इंडेक्स 240 अंकों के नुकसान के साथ 26853.98 के स्तर पर बंद हुआ. मिडिल ईस्ट में ईरान द्वारा कुवैत एयरपोर्ट पर किए गए हालिया हमलों के बाद अमेरिकी और ईरानी सेना के बीच सीधी झड़पें हुईं. फिर से रफ्तार पकड़ते इस जियोपॉलिटिकल तनाव ने निवेशकों को फिर से डरा दिया है.
क्रूड ऑयल की कीमत
वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड फ्यूचर्स 95.43 डॉलर प्रति बैरल के आसपास चल रहे हैं. दूसरी ओर, ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स आज सुबह 97.07 डॉलर पर ट्रेड करते नजर आए. इससे पहले 29 मई को ब्रेंट क्रूड लगभग 90 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था. भू-राजनीतिक अनिश्चितता के कारण पिछले कुछ सत्रों में कीमतें फिर से बढ़ी हैं. COMEX पर कच्चे तेल की कीमतें 0.59% गिरकर 95.45 डॉलर प्रति बैरल पर आ गईं.
अमेरिकी डॉलर
दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती दिखाने वाला डॉलर इंडेक्स (DXY) आज 0.09% की गिरावट के साथ 99.45 पर ट्रेड करता नजर आया. इस बास्केट में ब्रिटिश पाउंड, यूरो, स्वीडिश क्रोना, जापानी येन, स्विस फ्रैंक जैसी करेंसीज शामिल हैं. 03 जून को रुपया 0.45% कमजोर होकर डॉलर के मुकाबले 95.71 पर बंद हुआ था.&amp;nbsp;
चांदी |RBI ने किया Redemption Price Announce| Paisa Live&quot; src=&quot;https://www.youtube.com/embed/jeQiVDwJ29Q&quot; width=&quot;775&quot; height=&quot;436&quot; frameborder=&quot;0&quot; allowfullscreen=&quot;allowfullscreen&quot;&gt;
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        <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 14:30:34 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Gold&amp;Silver Rate: सोने और चांदी दोनों के भाव आज गिरे, जानें आपके शहर में कितनी है अभी ताजा कीमत?</title>
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        <description><![CDATA[ Gold-Silver Rate Today on June 4: आज देश में सोने की कीमतों में हल्की गिरावट देखी जा रही है. कल यानी कि 3 जून की भारी गिरावट के बाद आज सुबह शुरुआती वायदा कारोबार (MCX) में मामूली सुधार होते जरूर देखा गया, लेकिन रिटेल स्तर पर कीमतें अभी भी अपने हाई लेवल से काफी नीचे बनी हुई हैं. आज 24 कैरेट शुद्ध सोने की कीमत लगभग 1,59,380 रुपये से 1,56,360 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच बनी हुई है. वहीं, गहनों के लिए इस्तेमाल होने वाले 22 कैरेट सोने की कीमत आज प्रति 10 ग्राम 1,43,100-1,46,340 रुपये के स्तर पर टिका हुआ है.
क्यों गिरी आज सोने की कीमत?
अमेरिका और ईरान के बीच हालिया सैन्य तनातनी के कारण भू-राजनीतिक तनाव के और गहराने की आशंकाएं बढ़ गई हैं. तनाव बढ़ा, तो क्रूड ऑयल की कीमतें भी उछलेंगी. इससे महंगाई बढ़ने का डर बना रहेगा. महंगाई बढ़ेगी, तो अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों पर कड़ा रुख अपनाते हुए इसे ऊंचा रहेगा. ब्याज दरें ऊंची होंगी, तो निवेशक बैंक बॉन्ड्स या दूसरी सरकारी स्कीम्स में लगाएंगे क्योंकि सोने पर कोई ब्याज या डिविडेंड नहीं मिलता है. सोने की मांग कम होगी, तो कीमतें भी गिरेंगी.&amp;nbsp;
शहरवार आज सोने की कीमतें



शहर&amp;nbsp;
24 कैरेट सोने की कीमत (प्रति 10 ग्राम)
22 कैरेट सोने की कीमत (प्रति 10 ग्राम)


नोएडा&amp;nbsp;
1,56,360 रुपये
1,43,340 रुपये


मुंबई&amp;nbsp;
1,59,380 रुपये
1,46,100 रुपये


कोलकाता&amp;nbsp;
1,59,380 रुपये
1,46,100 रुपये


चेन्नई
1,61,240 रुपये
1,47,800 रुपये


बेंगलुरु
1,59,380 रुपये
1,46,100 रुपये


हैदराबाद
1,59,380 रुपये&amp;nbsp;
1,46,100 रुपये


अहमदाबाद&amp;nbsp;
1,59,430 रुपये&amp;nbsp;
1,46,150 रुपये


लखनऊ&amp;nbsp;
1,59,530 रुपये&amp;nbsp;
1,46,230 रुपये


जयपुर&amp;nbsp;
1,59,530 रुपये&amp;nbsp;
1,46,230 रुपये



चांदी की कीमत&amp;nbsp;
कल 3 जून को देश के सर्राफा बाजारों में चांदी की कीमतों में 3000-4500 रुपये प्रति किलोग्राम तक की गिरावट देखी गई थी. हालांकि, आज सुबह वायदा बाजार (MCX) पर जुलाई फ्यूचर्स में 2,64,060-2,76,598 रुपये प्रति किलो के दायरे में हल्की रिकवरी देखी जा रही है.
देश के अलग-अलग शहराें में बिना मेकिंग चार्ज और 3% जीएसटी के बिना आज 999 शुद्धता वाली चांदी की कीमत नोएडा और गाजियाबाद में 2,79,900 रुपये प्रति किलो है. वहीं, दिल्ली में रेट 2,96,900 रुपये किलो है. मुंबई में आज एक किलो चांदी की कीमत 2,95,900 रुपये है. हालांकि, चेन्नई और हैदराबाद में रेट कुछ ज्यादा है. यहां एक किलो चांदी की कीमत 3,02,900 रुपये से 3,05,900 रुपये प्रति किलो के स्तर पर है.&amp;nbsp;

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        <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 14:30:32 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>इन लोगों को Tax से मिल सकती है बड़ी आजादी, कैपिटल गेन्स टैक्स हटाने की तैयारी में सरकार</title>
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        <description><![CDATA[ Capital Gains Tax: इकोनॉमी को लेकर लगातार चिंताओं के बीच और विदेशी निवेश को लुभाने के मकसद से एक बड़ा कदम उठाते हुए सरकार ने भारतीय सरकारी बॉन्ड में निवेश करने वाले विदेशी निवेशकों पर लगने वाले कैपिटल गेन्स टैक्स को हटाने का फैसला किया है. सूत्रों ने इंडिया टुडे को बताया कि इस प्रस्ताव को बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है.
यह मंजूरी कैपिटल इनफ्लो को बढ़ावा देने, रुपये को मजबूती देने और ईरान में जारी जंग व कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के असर से अर्थव्यवस्था को बचाने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है. कैबिनेट ने इन बदलावों को लागू करने के लिए इनकम टैक्स एक्ट में संशोधन हेतु एक अध्यादेश को भी मंजूरी दी है. यह फैसला राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद लागू होगा.
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब भारत रिकॉर्ड स्तर पर विदेशी निवेशकों के बाहर जाने, रुपये पर दबाव और पश्चिम एशिया में लंबे समय से चल रहे संघर्ष के कारण बढ़ती ऊर्जा लागत जैसी समस्याओं से जूझ रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, RBI ने सरकार को विदेशी बॉन्ड निवेश पर टैक्स कम करने की सिफारिश की थी.&amp;nbsp;
अभी क्या है नियम?
मौजूदा नियमों के मुताबिक, विदेशी निवेशकों को भारत में बॉन्ड निवेश पर शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म दोनों तरह के टैक्स देने पड़ते हैं. 12 महीने से अधिक समय तक बॉन्ड रखने पर 12.5% लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स लगता है. वहीं, 12 महीने से कम समय में बेचने पर कैटेगरी के हिसाब से 30-40% तक का भारी शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स देना होता है.
अब अध्यादेश के बाद सरकारी प्रतिभूतियों पर लगने वाला यह कैपिटल गेन टैक्स पूरी तरह से शून्य हो जाएगा. पहले ब्याज पर मिलने वाले ब्याज पर भी विदेशी निवेशकों को 20% विथहोल्डिंग टैक्स देना होता था. अब सरकार इस 20% टैक्स को भी आधा करने या इसमें ढील देने के लिए पैकेज पर काम कर रही है. यही वजह है कि कई विदेशी निवेशक भारतीय बॉन्ड मार्केट से दूरी बनाए रखते थे.&amp;nbsp;
अर्थव्यवस्था और रुपये पर असर
अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ी जंग और वैश्विक अनिश्चितता के चलते इस साल अब तक भारतीय बाजारों से 2.47 लाख करोड़ की बिकवाली हाे चुकी है. इससे रुपया भी 96.96 के निचले स्तर पर चला गया है. टैक्स हटने से ग्लोबल लेवल पर बड़े फंड्स (सॉवरेन वेल्थ फंड्स और पेंशन फंड्स) भारत के डेट मार्केट में सालाना 10 बिलियन डॉलर से 30 बिलियन डॉलर (80000 करोड़ से लेकर 2.5 लाख करोड़) का निवेश ला सकते हैं. जब भारतीय बॉन्ड्स खरीदने के लिए विदेशी निवेशक बाजार में डॉलर लगाएंगे, तो डॉलर का इनफ्लो मजबूत होगा. इससे रुपये को मजबूती मिलने की उम्मीद है.
बॉन्ड यील्ड में गिरावट
भारी खरीदारी से भारत सरकार के बॉन्ड्स की यील्ड (ब्याज दर) नीचे आएगी. बॉन्ड यील्ड गिरने का सीधा मतलब यही है कि सरकार को कर्ज उठाने के लिए कम ब्याज देना होगा, जिससे वित्तीय घाटे में भी गिरावट आएगी.

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        <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 14:30:31 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>इन, लोगों, को, Tax, से, मिल, सकती, है, बड़ी, आजादी, कैपिटल, गेन्स, टैक्स, हटाने, की, तैयारी, में, सरकार</media:keywords>
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        <title>Business Idea: आज ही शुरू करें LED विज्ञापन का बिजनेस, हर महीने होगी मोटी कमाई, जानें पूरा तरीका</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/business-idea-आज-ही-शुरू-करें-led-विज्ञापन-का-बिजनेस-हर-महीने-होगी-मोटी-कमाई-जानें-पूरा-तरीका</link>
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        <description><![CDATA[ LED Screen Business: आपने भी कभी न कभी तो शहर के बड़े चौराहों, मॉल में लगी LED स्क्रीन पर विज्ञापन चलते देखा ही होगा. ये स्क्रीन लोगों का ध्यान आकर्षित करती हैं, लेकिन क्या आपने कभी ये सोचा है कि इससे कमाई कैसे होती होगी? यह बिजनेस आपके लिए काफी दिलचस्प हो सकता है. आज के टाइम में डिजिटल विज्ञापन का बाजार तेजी से बढ़ गया है. ऐसे में आप भी LED स्क्रीन लगाकर अच्छी कमाई कर सकते हैं.
सही लोकेशन का चुनाव है जरूरी
अगर आप LED स्क्रीन के जरिए बिजनेस करके पैसे कमाना चाहते हैं तो इस बिजनेस की सफलता काफी हद तक लोकेशन पर निर्भर करती है. इसके लिए आपको ऐसी जगह चुननी चाहिए जहां लोगों का आना-जाना काफी ज्यादा हो और साथ ही स्क्रीन काफी दूर से आसानी से दिखाई दे दें जैसे, बड़े चौराहे, बाजार, मॉल के आसपास का इलाका और हाई ट्रैफिक रोड इसके लिए काफी हद तक बेहतर माने जाते हैं. अगर आपकी लोकेशन अच्छी होगी तो विज्ञापनदाताओं को आकर्षित करना काफी आसान हो जाएगा.
इन लोगों को Tax से मिल सकती है बड़ी आजादी, कैपिटल गेन्स टैक्स हटाने की तैयारी में सरकार
LED स्क्रीन कैसे चुनें?
मार्केट में अलग-अलग साइज और गुणवत्ता की LED स्क्रीन आसानी से मिल जाती है. आउटडोर विज्ञापन के लिए हाई-ब्राइटनेस और वेदर-रेसिस्टेंट स्क्रीन का उपयोग किया जाता है, ताकि धूप, बारिश और धूल में भी आपका विज्ञापन अच्छे से नजर आए. स्क्रीन का साइज और तकनीक आपकी जरूरत और साथ ही बजट पर निर्भर करती है. शुरुआत छोटे या मीडियम साइज की स्क्रीन से भी की जा सकती है.
परमिशन और लाइसेंस लेना है जरूरी
LED विज्ञापन स्क्रीन लगाने से पहले स्थानीय नगर निगम, विकास प्राधिकरण या संबंधित विभाग से परमिशन लेना जरूरी हो सकता है. कई शहरों में आउटडोर विज्ञापन के लिए अलग नियम और चार्ज तय हैं. इसके अलावा बिजली कनेक्शन, सुरक्षा मानकों और स्थानीय नियमों का पालन करना भी आवश्यक है. अगर आप बिना किसी परमिशन के स्क्रीन लगाते हैं तो आपके खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है.
कितनी आएगी लागत?
अगर इस बिजनेस के कुल खर्च की बात करें तो स्क्रीन के साइज, गुणवत्ता, लोकेशन और इंस्टॉलेशन पर &amp;nbsp;निर्भर करती है. एक मीडियम साइज की स्क्रीन लगाने में कुछ लाख रुपये तक खर्च हो सकते हैं. इसके अलावा स्ट्रक्चर,बिजली, इंटरनेट, कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम और रखरखाव का खर्च भी शामिल होता है.&amp;nbsp;
587 रुपये में मिल रहा 900 से ज्यादा का सिलेंडर, 10 करोड़ से ज्यादा परिवार उठा रहे फायदा
कमाई कैसे होगी?
इस बिजनेस में कमाई विज्ञापन देखने पर होती है. इसके लिए आप स्थानीय दुकानदारों, स्कूलों, अस्पतालों, रेस्टोरेंट्स, रियल एस्टेट कंपनियों, ऑटोमोबाइल डीलरों और बड़े ब्रांड्स को अपनी LED स्क्रीन पर विज्ञापन चलाने की सुविधा दे सकते हैं. आमतौर पर विज्ञापन कुछ सेकंड के स्लॉट में दिखाए जाते हैं और इसके बदले ग्राहकों से महीने या तय समय के मुताबिक चार्ज &amp;nbsp;लिया जाता है. अगर आपकी लोकेशन और स्क्रीन अच्छी है तो आप विज्ञापन दिखाकर अच्छी कमाई कर सकते हैं.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 14:30:29 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Business, Idea:, आज, ही, शुरू, करें, LED, विज्ञापन, का, बिजनेस, हर, महीने, होगी, मोटी, कमाई, जानें, पूरा, तरीका</media:keywords>
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        <title>राजेश एक्सपोर्ट्स पर सेबी का बड़ा हंटर, कथित वित्तीय हेरफेर के बाद 5% के लोअर सर्किट पर लगा शेयर</title>
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        <description><![CDATA[ Rajesh Export Shares: सोने और ज्वेलरी के कारोबार से जुड़ी कंपनी रोजश एक्सपोर्ट और उसके प्रोमोटर राजेश मेहता पर मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) ने तगड़ा एक्शन लिया है. इसके चलते कंपनी के शेयर गुरुवार, 4 जून को 5% के लोअर सर्किट पर पहुंच गए. बीएसई और एनएसई पर यह शेयर गिरकर 103.92 रुपये से 104.65 रुपये के स्तर पर आ गया. कंपनी के शेयरों में यीह गिरावट उस समय आई, जब सेबी ने कंपनी के प्रोमोटर और चेयरमैन राजेश मेहता पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया और शेयर बाजार में उनके कारोबार पर रोक लगा दी.&amp;nbsp;
क्या है आरोप?
सेबी के अंतरिम आदेश के मुताबिक, कंपनी ने कारोबारी साल 2021 से 2025 के बीच अपने कंसोलिडेटेड रेवेन्यू को करीब 15.35 लाख करोड़ रुपये तक का बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया. इसमें से 15.15 लाख करोड़ यानी कि लगभग 98.7% का रेवेन्यू पूरी तरह से फर्जी पाया गया. असल रेवेन्यू 20111 करोड़ रुपये का था.&amp;nbsp;&amp;nbsp;सेबी की जांच में और भी कई गंभीर बातें सामने आई हैं.
कंपनी के कागजों पर फर्जी कंपनियां बनाई. राजेश एक्सपोर्ट्स खुद ही माल खरीदकर खुल को ही सामान बेचा. इससे घूम-फिरकर अपनी ही कंपनियों को सामान बेचकर रेवेन्यू को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया. जांच में पाया गया कि कंपनी का पैसा बिना बोर्ड याद ऑडिट कमेटी की मंजूरी के बिना प्रोमोटर के पर्सनल बैंक अकाउंट्स में ट्रांसफर किए गए और नियमों का उल्लंघन किया गया.&amp;nbsp;
शेयर बाजार और निवेशकों पर असर
सेबी के लगाए गए इन आरोपों के बाद राजेश एक्सपोर्ट्स के भविष्य को लेकर निवेशकों की चिंताएं बढ़ गई हैं.&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 14:30:28 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>संकट में भारत की &amp;apos;रूसी तेल लाइफलाइन&amp;apos;, क्या फिर महंगा होगा पेट्रोल&amp;डीजल, अमेरिका ने अब क्या किया?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/संकट-में-भारत-की-रूसी-तेल-लाइफलाइन-क्या-फिर-महंगा-होगा-पेट्रोल-डीजल-अमेरिका-ने-अब-क्या-किया</link>
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        <description><![CDATA[ Russion Oil: रूस से सस्ता कच्चा तेल खरीदने वाले भारत के लिए आने वाले दिनों में एक नई मुसीबत आ खड़ी हो सकती है. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने अपने हालिया बयान में कहा कि अमेरिका इन छूटों को जल्द से जल्द समाप्त करना चाहता है. यूक्रेन संघर्ष शुरू होने के बाद से अमेरिका ने रूसी तेल की खरीद की बार-बार टिप्पणी की है. यह दावा करते हुए कि कच्चे तेल के निर्यात से होने वाली आय मॉस्को के सैन्य अभियान को आर्थिक सहायता प्रदान करने में मदद करती है.
मंगलवार को सीनेट की विदेश संबंध बैठक हुई. इस दौरान इन टिप्पणियों ने नई दिल्ली और वाशिंगटन के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव के एक मुद्दे को फिर से हवा दे दी है. यूक्रेन जंग शुरू होने के बाद से अमेरिका ने रूसी तेल की खरीद की बार-बार आलोचना की है, यह दावा करते हुए कि कच्चे तेल के निर्यात से होने वाली आय मॉस्को के सैन्य अभियान को आर्थिक पुष्टी करने में मदद करती है. हालांकि, ट्रंप ने तब अस्थायी छूट भी दी थी जब अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर थोपे गए युद्ध की वजह से वैश्विक ऊर्जा बाजारों को प्रस्ताव के दबाव का सामना करना पड़ा था. बता दें, पहली बार छूट मार्च में दी गई थी और बाद में दो बार बढ़ाई गई, 17 जून को समाप्त होने वाली है.&amp;nbsp;
भारत के मजबूत रुख अपनाने की संभावना&amp;nbsp;
अब मामले में भारत की ओर से मजबूत रुख अपनाने की आशंका है. ऐसे में कई एक्पर्टों ने साफ किया है कि भारत की ओर से रूसी तेल के आयात ने रूसी कच्चे तेल की उपलब्धता सुनिश्चित करके, भले ही वह रियायती दरों पर बेचा गया हो, ऊर्जा संकट को और गंभीर होने से रोकने में मदद की. यह मुद्दा केवल तेल तक ही सीमित नहीं है.&amp;nbsp;
नई दिल्ली ने लगातार यह कहा है कि ऊर्जा खरीद राष्ट्रीय हित, संरक्षण और ऊर्जा सुरक्षा से प्रेरित होती है. सरकार ने बार-बार देश की जरूरतों को पूरा करने वाले किसी भी व्यापारी से तेल खरीदने के अपने अधिकार का बचाव किया है.
भारत को तगड़ा झटका देंगे ट्रंप, फिर लगाएंगे टैरिफ, लिस्ट में चीन-बांग्लादेश का भी नाम, पाकिस्तान को छूट?
भारत के लिए इसका क्या है मतलब ?&amp;nbsp;
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से भारतीय वस्तुओं पर 25 प्रतिशत तक शुल्क लगाया है. जिसके बाद भारत की ओर से रूसी तेल की खरीद पर दबाव बढ़ गया है. ट्रंप ने नई दिल्ली पर यूक्रेन में रूस के युद्ध प्रयासों को आर्थिक सहायता करने में मदद का आरोप लगाया था. &amp;nbsp;वाशिंगटन ने बार-बार मामले में अपना पक्ष रखा है. वाशिंगटन ने &amp;nbsp;कहा रूसी कच्चे तेल के निर्यात से प्राप्त राजस्व मॉस्को को अपने सैन्य अभियानों को जारी रखने के लिए आर्थिक सहायता देता था.&amp;nbsp;
ट्रंप ने कई मौकों पर यह दावा भी किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें भरोसा दिया था कि भारत धीरे-धीरे रूसी तेल की खरीद बंद कर देगा. हालांकि नई दिल्ली ने खुलेआम ऐसी किसी वफादारी की पुष्टि नहीं की है, लेकिन यह मुद्दा बाद में दोनों देशों के बीच व्यापक व्यापार बातचीत के दौरान सामने आया.
&#039;क्रिटिकल मिनरल्स पर चीन का बढ़ता दबदबा सुरक्षा के लिए खतरा&#039;, बोले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो
अमेरिका-भारत व्यापार समझौते के बाद व्हाइट हाउस के मुताबिक, &amp;nbsp;ट्रंप ने 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ वापस लेने पर सहमति जताई, जब भारत ने रूसी संघ के तेल की खरीद बंद करने की वफादारी जताई. दस्तावेज़ में कहा गया है कि टैरिफ में कमी भारत की ओर से रूसी कच्चे तेल के आगे या पीछे आयात को रोकने की शपथ से जुड़ी थी. साथ ही पाबंदीयों को लेकर चिंता के पीछे एक बड़ा भू-राजनीतिक लक्ष्य है. वाशिंगटन भारत और अन्य प्रमुख आयातकों पर रूसी कच्चे तेल पर अपने भरोसे को धीरे-धीरे कम करने और अन्य स्रोतों, विशेष रूप से वेनेजुएला से आपूर्ति प्राप्त करने के लिए दबाव डाल रहा है.
&amp;nbsp;
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        <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 02:30:21 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>संकट, में, भारत, की, रूसी, तेल, लाइफलाइन, क्या, फिर, महंगा, होगा, पेट्रोल-डीजल, अमेरिका, ने, अब, क्या, किया</media:keywords>
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        <title>TCS Share Crash: टीसीएस के शेयरों में 9% की एतिहासिक गिरावट, कोविड काल के बाद सबसे बड़ा सिंगल&amp;डे क्रैश</title>
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        <description><![CDATA[ TCS Share Crash: सबसे बड़ी IT कंपनियों की लिस्ट में से एक दिग्गज कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के शेयरों में बुधवार को 8% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई. ये गिरावट मार्च 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान आई भारी गिरावट के बाद कंपनी के शेयर की सबसे बड़ी गिरावट है, जो एक ही दिन में देखने को मिली है.
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर TCS का शेयर 2,241.70 रुपये पर बंद हुआ. इससे पहले कंपनी के शेयर में पिछले दो बिजनेस सेशन के दौरान करीब 9% की वृद्धि देखी गई थी, लेकिन बुधवार की बिकवाली ने इस पूरी वृद्धि को खत्म कर दिया है.
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IT सेक्टर पर पड़ रहा गिरावट का असरTCS में आई इस गिरावट का असर पूरे आईटी सेक्टर पर पड़ रहा है. आईटी शेयरों में बिकवाली के चलते सेंसेक्स और निफ्टी पर भी दबाव देखने को मिला. मंगलवार को निफ्टी आईटी इंडेक्स में 4% से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई थी, जो मई 2026 के बाद उसकी सबसे बड़ी एकदिवसीय बढ़त थी.
क्या बोले एक्सपर्ट्सइकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार विशेषज्ञों का कहना है कि, TCS को 2,600 से 2,605 रुपये के स्तर पर मजबूत प्रतिरोध का सामना करना पड़ा, जिसके बाद शेयर में तेज गिरावट आई है. इस बारे में बात करते हुए SBI सिक्योरिटीज के तकनीकी विश्लेषक सुदीप शाह का कहना है कि, &#039;शेयर कई महत्वपूर्ण तकनीकी स्तरों के कारण नीचे फिसल गया है, जो कमजोरी का संकेत है. 2,210 से 2,200 रुपये का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट है और इसके नीचे जाने पर गिरावट और तेज हो सकती है.&#039;
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तो वहीं, INVasset PMS के बिजनेस हेड हर्षल दसानी का मानना है कि हाल ही में आई तेजी केवल एक अस्थायी उछाल थी. बाजार अब आईटी सेक्टर की धीमी वृद्धि, AI से बढ़ता कॉम्पिटीशन और मौजूदा वैल्यूएशन को ध्यान में रखते हुए शेयरों का पुनर्मूल्यांकन कर रहा है.
निवेशकों की नजरबता दें कि निवेशकों की नजर अब TCS के 52 हफ्ते के निचले स्तर 2,206 रुपये पर रहेगी. अगर शेयर इस स्तर से नीचे बंद होता है, तो इसमें और कमजोरी देखने को मिल सकती है. वहीं 2,400 से 2,450 रुपये का दायरा फिलहाल मुख्य रुकावट माना जा रहा है. ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 02:30:20 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>TCS, Share, Crash:, टीसीएस, के, शेयरों, में, की, एतिहासिक, गिरावट, कोविड, काल, के, बाद, सबसे, बड़ा, सिंगल-डे, क्रैश</media:keywords>
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        <title>41% भारतीयों के मानसिक तनाव की बड़ी वजह है &amp;apos;फाइनेंशियल गोल्स&amp;apos;, युवाओं पर सबसे ज्यादा दबाव&amp; रिपोर्ट</title>
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        <description><![CDATA[ Financial Goal: शहरों में रहने वाले कई भारतीयों के लिए पैसे से जुड़े लक्ष्य पूरे करना तनाव की बड़ी वजह बन गया है. लोग अच्छी बचत और आर्थिक सुरक्षा चाहते हैं, लेकिन इसके साथ अपनी सेहत और जीवन का संतुलन बनाए रखना भी उनके लिए चुनौती बन रहा है.
मणिपालसिग्ना हेल्थ इंश्योरेंस और YouGov India की इंडिया हेल्थ कोटिएंट 2026 रिपोर्ट के मुताबिक, 41 फीसदी शहरी भारतीयों का मानना है कि पैसों से जुड़े लक्ष्य पूरे करने की कोशिश उन्हें तनाव और चिंता देती है. यही वजह है कि आर्थिक चिंताएं लोगों की सेहत पर असर डालने वाले प्रमुख कारणों में शामिल हो गई हैं. स्टडी में आर्थिक स्थिति को सबसे कम अंक मिले, जहां शारीरिक स्वास्थ्य को 68 और सामाजिक स्वास्थ्य को 66 अंक मिले, वहीं आर्थिक स्थिति को 100 में से सिर्फ 62 अंक प्राप्त हुए.
16 शहरों के 2600 लोगों से की गई बातचीत&amp;nbsp;
इंडिया हेल्थ कोटिएंट 2026 के लिए 16 शहरों के 2,600 लोगों से बातचीत की गई. इसमें लोगों की शारीरिक, मानसिक, आर्थिक और सामाजिक स्थिति से जुड़े पहलुओं को समझने की कोशिश की गई. रिपोर्ट के अनुसार, आर्थिक दबाव सिर्फ बचत या निवेश तक सीमित नहीं है. करीब 36 फीसदी लोगों ने कहा कि हेल्दी खाना, पोषण संबंधी उत्पाद और नियमित हेल्थ चेकअप पर होने वाला खर्च उनके बजट पर अतिरिक्त बोझ डालता है.
वहीं 40 फीसदी लोगों का कहना है कि तनाव और चिंता का असर उनकी शारीरिक सेहत पर पड़ रहा है. इतने ही लोगों ने यह भी माना कि परिवार और दोस्तों के साथ कम समय बिताने से उनके काम या पढ़ाई पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है.
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युवाओं पर सबसे ज्यादा आर्थिक दबाव
स्टडी में यह बात सामने आई कि कई लोग अपनी कमाई, बचत और भविष्य के खर्चों को लेकर लगातार चिंता में रहते हैं. इसका असर उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर भी पड़ता है. जब सेहत से जुड़ी जरूरतें बढ़ती हैं, तो लोगों को उस पर अतिरिक्त पैसा खर्च करना पड़ता है, जिससे आर्थिक दबाव और बढ़ जाता है.
रिपोर्ट के अनुसार, युवा वर्ग इस समस्या से सबसे ज्यादा प्रभावित है. खासकर 25 से 34 साल की उम्र के लोग अपने भविष्य को सुरक्षित बनाने, घर-परिवार की जिम्मेदारियों और बढ़ते खर्चों के कारण अधिक दबाव महसूस कर रहे हैं. अध्ययन में महिलाओं ने भी आर्थिक मामलों को लेकर ज्यादा चिंता जताई. कई महिलाओं का मानना है कि भविष्य के खर्चों, बचत और वित्तीय सुरक्षा को लेकर उन्हें अधिक सतर्क रहना पड़ता है.
 आर्थिक रूप से मजबूत बनना बड़ी प्राथमिकता
रिपोर्ट बताती है कि आज लोगों के लिए आर्थिक रूप से मजबूत बनना सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल हो गया है. कई लोग अपनी शारीरिक या मानसिक सेहत से पहले अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने पर ध्यान देना चाहते हैं, क्योंकि उनका मानना है कि आर्थिक सुरक्षा बेहतर जीवन की नींव है.
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        <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 02:30:19 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Wedding SIP: बिना कर्ज लिए करनी है शाही शादी? आज ही शुरू करें वेडिंग एसआईपी और बनाएं बड़ा फंड, समझें गणित</title>
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        <description><![CDATA[ Wedding SIP: क्या आप भी सपने देखते हैं कि आपकी शादी रॉयल और ग्रैंड हो? क्या आप भी सेलेब्स की तरह डेस्टिनेशन वेडिंग करना चाहते हैं? या फिर आपको भी सेलेब्स की तरह अपनी शादी में डिजाइनर लहंगा पहनना है? तो इसके लिए बहुत सारे रुपये भी चाहिए, वो कहां से आएंगे? ये कोई मुश्किल काम नहीं है बल्कि बेहद आसान है. इसके लिए बहुत थोड़ी सी समझ और एक रुटीन होना जरूरी है. आइये बताते हैं कैसे.
शादी के लिए कैसे जोड़े पैसे?आजकल शादी का खर्च लाखों रुपये तक पहुंच जाता है. ऐसे में कई लोग शादी के लिए लोन लेते हैं या अपनी सेविंग्स को खत्म कर देते हैं. लेकिन अगर आप अपनी सेविंग्स भी बचाकर रखना चाहते हैं और लोन भी नहीं लेना चाहते, तो आप अभी से ही निवेश शुरू कर दें. इसके लिए आप वेडिंग SIP का सहारा ले सकते हैं. ये आसान भी होगा और आपको बहुत ज्यादा कर्ज भी आपके ऊपर नहीं चढ़ेगा.
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कैसे करेगी वेडिंग SIP काम?शादी तो कभी ना कभी हर किसी को करना ही होती है, ऐसे में यदि मान लीजिए आपकी शादी 10 साल बाद होना है और इसके लिए 20 लाख रुपये की जरूरत है. अगर आप अभी से हर महीने SIP में निवेश शुरू करते हैं और लगभग 12% सालाना रिटर्न आपको मिलता है तो लाखों रुपया अपनी शादी के लिए जमा कर सकते हैं.
अगर आपकी शादी को 5 साल हैं, तो भी आप करीब 5 लाख रुपये की सेविंग तो कर ही सकते हैं. इसके लिए आपको हर महीने करीब 2500 रुपये SIP में निवेश करना होगा. ये कोई बड़ी रकम नहीं है, लेकिन ये आपकी शादी में आपका खर्च तो उठा ही सकती है.
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कौन से खर्च हो सकते हैं पूरे?अगर आप दुल्हन हैं और आपने 5 लाख रुपये SIP के जरिए जमा कर रखे हैं, तो आपकी शादी के कपड़े, गहने, हर फंक्शन का मेकअप, जूते- चप्पल, जैसे खर्चो को आप खुद ही उठा सकती हैं. ऐसा करने से आपको किसी भी चीज के लिए मन नहीं मारना होगा और परिवार के ऊपर भी ज्यादा बोझ नहीं पड़ेगा.
तो वहीं यदि आप दूल्हा हैं, तो कपड़े गहनों का तो खर्च नहीं होता है. लेकिन आप अपनी शादी की केटरिंग या हॉल बुक करने जैसी सुविधाओं का बोझ खुद उठा पाएंगे. या इससे आप शादी के बाद हनीमून पर भी जा पाएंगे.
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        <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 02:30:18 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Wedding, SIP:, बिना, कर्ज, लिए, करनी, है, शाही, शादी, आज, ही, शुरू, करें, वेडिंग, एसआईपी, और, बनाएं, बड़ा, फंड, समझें, गणित</media:keywords>
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        <title>Petrol&amp;Diesel: आज कितने में बिक रहा है 1 लीटर पेट्रोल? डीजल की भी कितनी है कीमत? चेक करें ताजा रेट</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/petrol-diesel-आज-कितने-में-बिक-रहा-है-1-लीटर-पेट्रोल-डीजल-की-भी-कितनी-है-कीमत-चेक-करें-ताजा-रेट</link>
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        <description><![CDATA[ Petrol-Diesel Price Today on June 3: पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 25 मई को हुई बढ़ोतरी के बाद 3 जून को पूरे भारत में ईंधन की कीमतें स्थिर रहीं. पिछले कुछ महीनों से अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष और होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) के बंद होने के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार अस्थिर बने हुए हैं और कच्चे तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर हैं. 25 मई की बढ़ोतरी इससे पहले बीते दो हफ्तों में कीमतों में हुई चौथी बढ़ोतरी थी.
शहरवार पेट्रोल-डीजल की कीमत



शहर
पेट्रोल की कीमत (प्रति लीटर)
डीजल की कीमत (प्रति लीटर)


दिल्ली
102.12 रुपये
95.20 रुपये


मुंबई
&amp;nbsp;111.18 रुपये
97.83 रुपये


कोलकाता
113.47 रुपये
99.82 रुपये


चेन्नई
107.77 रुपये
&amp;nbsp;99.55 रुपये


बेंगलुरु
110.93 रुपये
98.80 रुपये


हैदराबाद
115.69 रुपये
103.82 रुपये


अहमदाबाद
101.70 रुपये
97.84 रुपये


लखनऊ&amp;nbsp;
&amp;nbsp;102.05 रुपये
&amp;nbsp;95.55 रुपये


पटना
113.35 रुपये
99.36 रुपये



महंगाई बढ़ने का खतरा
CRISIL की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतें भारतीय अर्थव्यवस्था पर महंगाई का काफी दबाव डाल सकती हैं. आने वाले महीनों में ट्रांसपोर्ट और मैन्युफैक्चरिंग की लागत बढ़ने से खाने-पीने की चीजों और कोर महंगाई, दोनों के बढ़ने की उम्मीद है.
रिपोर्ट में बताया गया है कि 15 मई से अब तक खुदरा पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगभग 7.5 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है. अगर दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं, तो कीमतों में और भी बढ़ोतरी हो सकती है. तेल मार्केटिंग कंपनियां धीरे-धीरे अपने नुकसान (under-recoveries) को कम कर रही हैं, ऐसे में आने वाले समय में ईंधन की कीमतों में कुल बढ़ोतरी 10 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच सकती है.
CRISIL ने क्या लगाया अनुमान?
CRISIL के लगाए गए अनुमानों के अनुसार, ईंधन की कीमतों में 7.5 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी से कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) महंगाई में सीधे तौर पर लगभग 36 बेसिस पॉइंट्स (bps) की वृद्धि कर सकती है, जबकि 10 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी से यह असर बढ़कर लगभग 48 bps तक पहुंच सकता है.
रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि ट्रांसपोर्टेशन पर आने वाला खर्च एक ऐसा बड़ा और अहम जरिया है, जिससे ईंधन की महंगाई पूरे अर्थव्यवस्था में फैलती है. भारत की लॉजिस्टिक्स लागत में माल ढुलाई का हिस्सा 54 परसेंट है, जबकि देश की लगभग 71 परसेंट माल ढुलाई सड़क परिवहन के जरिए होती है. सड़क परिवहन की लागत में ईंधन का हिस्सा लगभग 42 परसेंट है, जिससे यह क्षेत्र ईंधन की बढ़ती कीमतों के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील हो जाता है.

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        <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 10:30:18 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Petrol-Diesel:, आज, कितने, में, बिक, रहा, है, लीटर, पेट्रोल, डीजल, की, भी, कितनी, है, कीमत, चेक, करें, ताजा, रेट</media:keywords>
    </item>
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        <title>Silver Import: सरकार ने अचानक कड़े किए चांदी के आयात नियम, सराफा बाजार&amp;ज्वेलर्स के लिए बड़ी खबर</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/silver-import-सरकार-ने-अचानक-कड़े-किए-चांदी-के-आयात-नियम-सराफा-बाजार-ज्वेलर्स-के-लिए-बड़ी-खबर</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/silver-import-सरकार-ने-अचानक-कड़े-किए-चांदी-के-आयात-नियम-सराफा-बाजार-ज्वेलर्स-के-लिए-बड़ी-खबर</guid>
        <description><![CDATA[ Silver Import: ईरान और यूएस का युद्ध जबसे शुरू हुआ है, तभी से इसने भारत की अर्थव्यवस्था को भी हिलाकर रख दिया है. इस स्थिति से निपटने के लिए सरकार कई कड़े कदम उठा रही है लेकिन फिर भी महंगाई की मार जनता पर पड़ ही रही है. इसी को देखते हुए अब हाल ही में भारत सरकार ने एक बार फिर से चांदी के आयात के नियमों में बदलाव कर दिया है. ये नियम अब और भी ज्यादा सख्त कर दिए गए हैं.
दरअसल भारत सरकार ने चांदी के आयात पर नियंत्रण बढ़ाते हुए इसके नियम और भी ज्यादा सख्त कर दिए हैं. अब चांदी के दाने (ग्रेन), पाउडर और 99.9% शुद्धता वाली चांदी का आयात करने के लिए पहले सरकार से अनुमति लेनी होगी. जिसके लिए आदेश मंगलवार को ही जारी हुए हैं.&amp;nbsp;
इस आदेश के अनुसार ऐसे सभी आयातकों को विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) से वैध आयात अनुमति (इंपोर्ट ऑथराइजेशन) लेना होगा. बिना इसकी मंजूरी के इन उत्पादों का आयात नहीं किया जा सकेगा.
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पिछले कुछ समय में हुए बदलावसरकार ने पिछले महीने सोने और चांदी पर आयात शुल्क बढ़ाकर 15% कर दिया था. इसका उद्देश्य मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच गैर-जरूरी आयात को कम करना और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव घटाना है. हाल ही के महीनों में चांदी के आयात में तेजी से बढ़ोतरी देखी गई है. अप्रैल में चांदी का आयात सालाना आधार पर 157% बढ़कर 411 मिलियन डॉलर पहुंच गया. वहीं, वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक ये करीब 150% बढ़कर 12 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है.
चांदी व्यापरियों में बढ़ चिंतासरकार के इस फैसले से चांदी व्यापारियों के बीच भी काफी हलचल मच गई है. नए नियमों से आयातकों के लिए अनिश्चितता बढ़ सकती है और आयात प्रक्रिया भी थोड़ी ज्यादा मुश्किल हो सकती है. जिसका खामियाजा व्यापारियों को भुगतना होगा.
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सख्ती बढ़ाने की वजह?बता दें कि भारत दुनिया में चांदी का सबसे बड़ा उपभोक्ता है और हाल के समय में इसके आयात में तेज बढ़ोतरी हुई है. वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने रिकॉर्ड 12 अरब डॉलर की चांदी आयात की, जबकि इससे पिछले वित्त साल में ये आंकड़ा 4.8 अरब डॉलर था. सरकार बढ़ते आयात पर लगाम लगाना चाहती है ताकि विदेशी मुद्रा भंडार (फॉरेक्स रिजर्व) पर दबाव कम हो सके. इसी दिशा में पिछले महीने सोने और चांदी पर आयात शुल्क भी 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया गया था.
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        <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 10:30:18 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Silver, Import:, सरकार, ने, अचानक, कड़े, किए, चांदी, के, आयात, नियम, सराफा, बाजार-ज्वेलर्स, के, लिए, बड़ी, खबर</media:keywords>
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        <title>AI Business Ideas: घर बैठे शुरू करें ये 6 स्मार्ट बिजनेस, हो सकती है लाखों की कमाई</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/ai-business-ideas-घर-बैठे-शुरू-करें-ये-6-स्मार्ट-बिजनेस-हो-सकती-है-लाखों-की-कमाई</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/ai-business-ideas-घर-बैठे-शुरू-करें-ये-6-स्मार्ट-बिजनेस-हो-सकती-है-लाखों-की-कमाई</guid>
        <description><![CDATA[ AI Business Ideas: आज के समय में AI का इस्तेमाल हर क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहा है. एजुकेशन, मीडिया, हेल्थकेयर, मार्केटिंग और ऑटोमेशन में यह काम को आसान और तेज बना रहा है. इसी वजह से AI आधारित बिजनेस काफी तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं.कई लोग AI की मदद से छोटे स्तर पर काम शुरू करके हर महीने ₹1 लाख से ₹3 लाख तक की कमाई कर रहे हैं.
इस सेक्टर की डिमांड लगातार बढ़ रही है और आने वाले समय में इसका मार्केट और बड़ा होने की संभावना है.अगर आप कम निवेश में बिजनेस शुरू करना चाहते हैं, तो AI आपके लिए एक अच्छा अवसर हो सकता है. आइए जानते हैं AI से जुड़े कुछ बेहतरीन बिजनेस आइडियाज, उनका इनकम मॉडल, जरूरी टूल्स और शुरुआत करने का तरीका
राजधानी में पॉल्यूशन पर लगाम की तैयारी! दिल्ली में बनेंगे 100 ऑक्सीजन पार्क, जानिए सुविधाएं
&amp;nbsp;AI संबंधित बिज़नेस योजना
1. AI कंटेंट क्रिएशन एजेंसी
AI टूल्स की मदद से आप घर बैठे कंटेंट राइटिंग और मार्केटिंग का काम शुरू कर सकते हैं. इसे फ्रीलांसर या छोटी एजेंसी के रूप में शुरू किया जा सकता है. इसमें ब्लॉग आर्टिकल, वीडियो स्क्रिप्ट, सोशल मीडिया पोस्ट और ई-बुक्स लिखने जैसे काम किए जाते हैं. क्लाइंट्स पाने के लिए Fiverr, Upwork और सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया जाता है.
इस बिजनेस की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें लागत बहुत कम लगती है. कमाई के तौर पर एक आर्टिकल के ₹500 से ₹3,000 और वीडियो स्क्रिप्ट के ₹800 से ₹5,000 तक मिल सकते हैं. वहीं मंथली पैकेज के जरिए हर महीने ₹10,000 से ₹1 लाख तक की कमाई भी की जा सकती है.
2. AI वॉइसओवर और वीडियो ऑटोमेशन सेवाएं
इसमें &amp;nbsp;AI टूल्स की मदद से रील्स, शॉर्ट्स और एक्सप्लेनर वीडियो बनाए जाते हैं. इसमें वॉयसओवर, बैकग्राउंड म्यूजिक और एनिमेशन जोड़कर प्रोफेशनल वीडियो तैयार किए जाते हैं.
इस काम की डिमांड यूट्यूबर्स, इंस्टाग्राम एजेंसियों और स्टार्टअप्स में तेजी से बढ़ रही है. कमाई के तौर पर एक शॉर्ट वीडियो के ₹500 से ₹2,000 और एक्सप्लेनर वीडियो के ₹3,000 से ₹10,000 तक मिल सकते हैं. इस काम के लिए ElevenLabs, Lovo AI, Synthesia, Pictory, InVideo और CapCut जैसे AI टूल्स का इस्तेमाल किया जाता है.
3. AI चैटबॉट डेवलपमेंट
AI Chatbot Services में पहले से तैयार chatbots बनाकर SMEs को बेचे जाते हैं. इसमें hospitality, retail और coaching सेक्टर के for custom chatbot solutions दिए जाते हैं, जो WhatsApp और वेबसाइट पर ऑटोमैटिक रिप्लाई का काम करते हैं.इस काम में एक chatbot के ₹5,000 से ₹25,000 तक मिल सकते हैं. वहीं AMC और monthly subscription से ₹1,000 से ₹5,000 प्रति क्लाइंट हर महीने कमाए जा सकते हैं. इस काम के लिए Dialogflow, Botpress, ManyChat और Chatbase जैसे टूल्स का इस्तेमाल किया जाता है.
4.&amp;nbsp; AI पर्सनलाइज्ड &amp;nbsp;ट्यूटरिंग, कोचिंग सेवाएं
इसमें AI की मदद से स्टूडेंट्स को पर्सनलाइज्ड पढ़ाई और डाउट सॉल्विंग की सुविधा दी जाती है. इसमें वेबसाइट या ऐप के जरिए प्रश्नोत्तरी प्रतिक्रिया और पढ़ाई की विषय-वस्तु उपलब्ध कराया जाता है. भारत में एग्जाम तैयारी और हिंदी माध्यम टूल्स की डिमांड तेजी से बढ़ रही है. कमाई के तौर पर सब्सक्रिप्शन ₹199 से ₹999 प्रति माह तक रखा जा सकता है, जिससे ₹10,000+ मंथली इनकम बनाई जा सकती है. इस काम के लिए ChatGPT API, Notion, Typeform और Webflow जैसे टूल्स का इस्तेमाल किया जाता है.
5. AI रेज्यूमे और करियर गाइडेंस सेवा
इसमें Resume, Cover Letter, LinkedIn प्रोफाइल और Interview Feedback जैसी सेवाएं दी जाती हैं. इसमें job seekers के लिए Resume और AI Interview Prep पैकेज तैयार किए जाते हैं.फ्रेशर्स और सरकारी-प्राइवेट नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं में इसकी डिमांड तेजी से बढ़ रही है. कमाई के तौर पर एक resume के ₹500 से ₹3,000 और mock interview prep के ₹1,000 से ₹5,000 तक मिल सकते हैं.इस काम के लिए Resume.io, Rezi AI, InterviewWarmup, Canva और ChatGPT जैसे टूल्स का इस्तेमाल किया जाता है.
6. AI- पावर्ड सोशल मीडिया मैनेजमेंट
AI सोशल मीडिया मैनेजमेंट में क्लाइंट्स के लिए सोशल मीडिया कंटेंट को स्केड्यूल क्रिए और विश्लेषणकिया जाता है. इसमें इंस्टाग्राम फेसबुक और यूट्यूब शॉट्स के लिए स्वचालित सामग्री तैयार किया जाता है. छोटे बिजनेस, डॉक्टर और इंस्टिट्यूट्स को मासिक वेतन में ये सेवाएं दी जाती हैं. आज हर स्थानीय व्यापारी इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर अपनी मौजूदगी बढ़ाना चाहता है, इसलिए इसकी डिमांड तेजी से बढ़ रही है. इस काम में ₹3,000 से ₹25,000 प्रति माह प्रति क्लाइंट तक कमाई की जा सकती है. इसके लिए ChatGPT, Buffer, Lately.ai, Canva और CapCut जैसे टूल्स का इस्तेमाल किया जाता है
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AI और भविष्य की संभावनाएं
AI और भविष्य की संभावनाएं बहुत व्यापक और प्रभावशाली हैं. आने वाले समय में AI न सिर्फ काम करने के तरीके को बदल देगा, बल्कि कई नए रोजगार और बिजनेस अवसर भी पैदा करेगा.साथ ही, AI की मदद से छोटे व्यवसाय भी तेजी से बड़े बन सकेंगे और लोग कम समय में ज्यादा काम कर पाएंगे. सही स्किल्स सीखकर और AI टूल्स को समझकर भविष्य में बेहतर करियर और इनकम के मौके हासिल किए जा सकते हैं. ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 10:30:17 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Business, Ideas:, घर, बैठे, शुरू, करें, ये, स्मार्ट, बिजनेस, हो, सकती, है, लाखों, की, कमाई</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>LPG Rate Today: क्या आज हुआ है गैस सिलेंडरों की कीमतों में कोई बदलाव? फटाफट चेक करें रेट</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/lpg-rate-today-क्या-आज-हुआ-है-गैस-सिलेंडरों-की-कीमतों-में-कोई-बदलाव-फटाफट-चेक-करें-रेट</link>
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        <description><![CDATA[ LPG Cylinder Rate on June 3: आज 3 जून को भी देश में LPG की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं. तेल कंपनियों ने 1 जून को जारी किया गया रेट ही बरकरार रखा है. हालांकि, जून की पहली तारीख को 19 किलो वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम बढ़ाए गए हैं. कीमतों में करीब 42 रुपये की बढ़ोतरी की जा चुकी है.इसके अलावा, 5 किलो वाले &#039;छोटू&#039; गैस सिलेंडर के भी दाम बढ़ाए गए, जो आमतौर पर छोटे परिवारों और सीमित उपयोग वाले ग्राहकों के बीच लोकप्रिय है.&amp;nbsp;
शहरवार LPG सिलेंडरों की कीमतें



शहर&amp;nbsp;
घरेलू सिलेंडर की कीमत
कमर्शियल सिलेंडर की कीमत


दिल्ली
913.0 रुपये
3071.5 रुपये


मुंबई
&amp;nbsp;912.5 रुपये
3024.0 रुपये


कोलकाता
939.0 रुपये
&amp;nbsp;3202.5 रुपये


चेन्नई
&amp;nbsp;928.5 रुपये
3237.0 रुपये


बेंगलुरु
915.5 रुपये
3152.0 रुपये


जयपुर
916.5 रुपये
&amp;nbsp;3099.0 रुपये


लखनऊ
950.5 रुपये
&amp;nbsp;3194.0 रुपये


अगरतला
1073.5 रुपये
3415.5 रुपये


पटना
1002.5 रुपये
&amp;nbsp;3347.0 रुपये



आम जनता को राहत&amp;nbsp;
जून में घरेलू सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं कर सरकार ने आम उपभोक्ताओं को राहत दी है. हालांकि, होटल, ढाबों और रेस्टोरेंट्स में इस्तेमाल होने वाला 19 किलो का कमर्शियल सिलेंडर महंगा हुआ है. पहले मई की तारीख को इसमें सीधे 993 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी. फिर अब जून में रेट में करीब 42 रुपये का इजाफा किया गया. तेल कंपनियों ने 5 किलो वाले फ्री-ट्रेड (FTL) गैस सिलेंडरों के दाम भी बढ़ा दिए हैं. अब दिल्ली में इसकी कीमत बढ़कर 821.50 रुपये तक पहुंच गई है.&amp;nbsp;
क्यों बढ़ाई गई कीमत?
जून में गैस सिलेंडरों में बढ़ोतरी का कारण भी भू-राजनीतिक तनाव और ग्लोबल सप्लाई चेन में आई रुकावट है. चूंकि भारत अपनी जरूरत का लगभग 60% एलपीजी मिडिल ईस्ट देशों से आयात करता है इसलिए वहां तनाव की स्थिति के चलते भारत तक गैस कार्गो का पहुंचना मुश्किल और खर्चीला हो गया है. इससे कंपनियों का इनपुट कॉस्ट बढ़ रहा है.&amp;nbsp;

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        <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 10:30:15 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>LPG, Rate, Today:, क्या, आज, हुआ, है, गैस, सिलेंडरों, की, कीमतों, में, कोई, बदलाव, फटाफट, चेक, करें, रेट</media:keywords>
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    <item>
        <title>Payroll System: एक बार नहीं, महीने में 2 बार मिले सैलरी, इस दिग्गज बिजनेसमैन ने कंपनियों से की बड़ी अपील</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/payroll-system-एक-बार-नहीं-महीने-में-2-बार-मिले-सैलरी-इस-दिग्गज-बिजनेसमैन-ने-कंपनियों-से-की-बड़ी-अपील</link>
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        <description><![CDATA[ Payroll System: शादी डॉट कॉम (Shaadi.com) के संस्थापक अनुपन मित्तल ने कंपनियों से अपने कर्मचारियों को भुगतान करने के तरीके पर फिर से विचार करने की अपील की है. उनका कहना है कि जिस ब्रिटिश युग की पारंपरिक महीने के लास्ट या अलगे महीने सैलरी देने की व्यवस्था को अब बदलने की जरूरत है. उनकी राय में कर्मचारियों को महीने में दो बार सैलरी मिलनी चाहिए.
LinkedIn पोस्ट में क्या कहा?
बता दें कि अनुपम मित्तल ने लिंक्डइन पर पोस्ट किया. इसमें उन्होंने कहा कि कई कंपनियां कर्मचारियों को आकर्षित करने के लिए फ्री खाना, वर्क फ्रॉम होम और लंबी छुट्टियों जैसे फायदे देती हैं, लेकिन अक्सर वे कर्मचारियों की सबसे बुनियादी जरूत समय पर सैलरी को नजरअंदाज कर देती हैं. उन्होंने लिखा कि ज्यादातर कंपनियां 7 तारीख या फिर उससे पहले सैलरी देती हैं, लेकिन कई बार यह तारीख वीकेंड के कारण और आगे खिसक जाती है, जिससे कर्मचारियों को देरी का सामना करना पड़ता है.
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कंपनी ने किया था बदलाव
अनुपाम मित्तल ने बताया कि Shaadi.com ने कुछ साल पहले अपनी पेरोल प्रणाली में चेंज किया था और अब सैलरी अगले महीने के बजाय उसी महीने के अंत में दी जाती है. मित्तल के मुताबिक, यह कोई सुविधा नहीं है, बल्कि सामान्य समझ का हिस्सा है. उन्होंने आगे कहा कि सैलरी में देरी केवल कुछ दिनों की बात नहीं होती है, बल्कि इसका सीधा असर कर्मचारियों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है. इसकी वजह से EMI बाउंस होना, किराया टाइम पर न भर पाना और आर्थिक तनाव जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं. उनका कहना है कि नकद प्रवाह ही असल में सम्मान और सुरक्षा देता है.&amp;nbsp;
महीने में दो बार सैलरी देने का सुझाव
अनुपम मित्तल ने सुझाव दिया कि कंपनियों को अपने कर्मचारियों को महीने में दो बार यानी 15 और 30 तारीख को सैलरी देने पर विचार करना चाहिए. उनका मानना है कि आज के आधुनिक तकनीक के इस दौर में यह प्रक्रिया मुश्किल नहीं है और इससे कर्मचारियों को आर्थिक स्थिरता मिल सकती है. इससे कर्ज के दबाव में कमी आएगी और खर्च करने की क्षमता भी बेहतर होगी.
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मित्तल के मुताबिक, अगर कंपनियां इस सिस्टम को अपनाती हैं तो कर्मचारियों पर आर्थिक दबाव कम होगा और पूरी अर्थव्यवस्था में खर्च की गति बढ़ सकती है. उनका कहना है कि यह कदम कर्मचारियों, कंपनियों और देश की अर्थव्यवस्था तीनों के लिए फायदेमंद हो सकता है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 18:30:18 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Payroll, System:, एक, बार, नहीं, महीने, में, बार, मिले, सैलरी, इस, दिग्गज, बिजनेसमैन, ने, कंपनियों, से, की, बड़ी, अपील</media:keywords>
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    <item>
        <title>AI Engineer Salary: इस कंपनी में एआई इंजीनियर्स को मिल रहा है करोड़ों का पैकेज, सैलरी जान उड़ जाएंगे होश</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/ai-engineer-salary-इस-कंपनी-में-एआई-इंजीनियर्स-को-मिल-रहा-है-करोड़ों-का-पैकेज-सैलरी-जान-उड़-जाएंगे-होश</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/ai-engineer-salary-इस-कंपनी-में-एआई-इंजीनियर्स-को-मिल-रहा-है-करोड़ों-का-पैकेज-सैलरी-जान-उड़-जाएंगे-होश</guid>
        <description><![CDATA[ AI Engineer Salary: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में इन दिनों एनवीडिया यानी (NVIDIA) का दबदबा तेजी से बढ़ रहा है. यह कंपनी खासतौर पर AI चिप्स यानी GPU बनाती है, जिनकी मांग पूरी दुनिया में है. लेकिन इस बार कंपनी अपने टेक्नोलॉजी नहीं, बल्कि कर्मचारियों को दी जा रही भारी-भरकम सैलरी की वजह से चर्चा में है.&amp;nbsp;
करोड़ों का सैलरी पैकेज
अमेरिका सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, एनवीडिया अपने कर्मचीरियों को करीब 4.7 करोड़ रुपये तक का सालाना पैकेज दे रही है. इस पैकेज में बेसिक सैलरी शामिल है, जबकि स्टॉक ऑप्शन और बोनस इससे अलग होते हैं, जो इसे और भी ज्यादा बढ़ा सकते हैं.
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विदेशी टैलेंट को बड़ा मौका
रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब कई बड़ी टेक कंपनियां विदेशी कर्मचारियों की भर्ती कम कर रही हैं, तक एनवीडिया लगातार बाहर के टैलेंट को मौका दे रही है. कंपनी ने H-1B वीजा वाले कर्मचारियों की भर्ती भी बढ़ाई है. इस साल शुरुआती छह महीनों में लगभग 1,200 H-1B पदों को मंजूरी दी गई, जबकि पिछले साल यह संख्या लगभग 1,000 थी. इसके उलट गूगल और अमेजन जैसी कंपनियों में विदेशी कर्मचारियों की भर्ती में कमी देखी गई है.
किन पदों पर कितनी सैलरी?
एनवीडिया में अलग-अलग पदों पर करोड़ों रुपये का पैकेज दिया जा रहा है जैसे...

Research Scientist: ₹99 लाख से ₹3.41 करोड़
Principal Research Scientist: ₹2.60 करोड़ से ₹4.12 करोड़
Software Engineer: ₹1.03 करोड़ से ₹3.74 करोड़
Principal Architect: ₹2.37 करोड़ से ₹4.07 करोड़
AI Algorithms Engineer: ₹2.94 करोड़ से ₹4.50 करोड़
Software Engineering Director: ₹3.72 करोड़ से ₹4.50 करोड़

क्यों दे रही है इतनी बड़ी सैलरी?
एनवीडिया का मानना है कि AI और क्लाउड टेक्नोलॉजी के इस दौर में सबसे बड़ा हथियार टैलेंट है. कंपनी के CEO जेन्सेन हुआंग के मुताबिक, दुनिया भर से बेहतरीन दिमागों को जोड़ना उनकी सबसे बड़ी रणनीति है. कंपनी डेटा सेंटर और AI सिस्टम को मजबूत करने में लगातार इन्वेस्ट कर रही है, जिसके लिए हाई-लेवल इंजीनियर और रिसर्चर्स की जरूरत है.
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टेक इंडस्ट्री पर असर
सबसे बड़ी बात तो यह है कि जहां कई कंपनियां लागत कम करने के लिए छंटनी और भर्ती में कटौती कर रही हैं, वहीं एनवीडिया का यह कदम दिखाता है कि AI सेक्टर में प्रतिभा की कीमत तेजी से बढ़ रही है. ध्यान देने वाली बात तो यह है कि इस ट्रेंड से आने वाले टाइम में टेक इंडस्ट्री में कंपटीशन और बढ़ सकता है. साथ ही भारत जैसे देशों के इंजीनियरों के लिए भी विदेशी कंपनियों में बड़े पैकेज पर नौकरी के नए मौके बन सकते हैं.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 18:30:16 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Engineer, Salary:, इस, कंपनी, में, एआई, इंजीनियर्स, को, मिल, रहा, है, करोड़ों, का, पैकेज, सैलरी, जान, उड़, जाएंगे, होश</media:keywords>
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    <item>
        <title>LPG Crisis: घरेलू गैस सिलेंडर बेचने पर कंपनियों को हो रहा कितना घाटा? सरकार ने बताया, कीमतों में होगा भारी इजाफा?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/lpg-crisis-घरेलू-गैस-सिलेंडर-बेचने-पर-कंपनियों-को-हो-रहा-कितना-घाटा-सरकार-ने-बताया-कीमतों-में-होगा-भारी-इजाफा</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/lpg-crisis-घरेलू-गैस-सिलेंडर-बेचने-पर-कंपनियों-को-हो-रहा-कितना-घाटा-सरकार-ने-बताया-कीमतों-में-होगा-भारी-इजाफा</guid>
        <description><![CDATA[ LPG News: ईरान और यूएस के बीच चल रहा युद्ध दुनियाभर में परेशानी का सबब बन रहा है. खासतौर से क्रूड ऑइल की कीमतों में इजाफा होने के चलते गैस सिलेंडर और पेट्रोल- डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी हो रही है. भारत की बात करें तो कुछ दिन पहले ही पेट्रोल- डीजल की कीमतो में यहां भारी इजाफा हुआ है. जिसके बाद बीते दिन की कमर्शियल सिलेंडर और छोटू गैस सिलेंडर के दाम बढ़े हैं. वहीं अब खबरें ऐसी सामने आ रही हैं कि जल्दी ही घरेलू गैस सिलेंडर यानी 14.2 किलो के गैस सिलेंडर की कीमतें भी बढ़ने वाली है.
तेल कंपनियों को हो रहा भारी नुकसानदरअसल हाल ही में सरकार की तरफ से बताया गया है कि सरकारी तेल विपणन कंपनियां (ओएमसी) फिलहाल बेचे जा रहे हर घरेलू LPG सिलेंडर पर लगभग 650 रुपये का घाटा उठा रही हैं. इस बारे में बात करते हुए एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने बताया है कि, &#039;घरेलू एलपीजी की बिक्री पर OMC को वर्तमान में प्रति सिलेंडर लगभग 650 रुपये का नुकसान हो रहा है.&#039;
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घर का बजट बिगड़ने से बचा रही सरकाररसोई गैस पर तेल कंपनियों का घाटा बढ़ता जा रहा है, लेकिन इसके बाद भी सरकार ने आम लोगों को राहत देने के लिए घरेलू गैस सिलेंडर के दाम नहीं बढ़ाए हैं. सरकार चाहती है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल और गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर घरों के बजट पर न पड़े. अधिकारियों के मुताबिक, हाल ही में कुछ ईंधन कीमतों में बदलाव के बाद भी सरकारी तेल कंपनियां (OMCs) हर दिन भारी नुकसान झेल रही हैं.
हाल में बढ़े हैं कमर्शियल गैस के दामबता दें कि हाल ही में 1 जून से 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए गए हैं. बड़े शहरों में इसकी कीमत 53.50 रुपये तक बढ़ी है. तो वहीं 5 किलों वाले छोटे गैस सिलेंडर की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है. हालांकि, 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है.
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        <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 18:30:15 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>LPG, Crisis:, घरेलू, गैस, सिलेंडर, बेचने, पर, कंपनियों, को, हो, रहा, कितना, घाटा, सरकार, ने, बताया, कीमतों, में, होगा, भारी, इजाफा</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>India&amp;US Trade Deal: अमेरिकी ट्रेड एक्ट की वो &amp;apos;खतरनाक&amp;apos; धारा, जिससे सुरक्षा के लिए भारत बना रहा है खास रणनीति</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/india-us-trade-deal-अमेरिकी-ट्रेड-एक्ट-की-वो-खतरनाक-धारा-जिससे-सुरक्षा-के-लिए-भारत-बना-रहा-है-खास-रणनीति</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/india-us-trade-deal-अमेरिकी-ट्रेड-एक्ट-की-वो-खतरनाक-धारा-जिससे-सुरक्षा-के-लिए-भारत-बना-रहा-है-खास-रणनीति</guid>
        <description><![CDATA[ US Trade Act: भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका यानी यूएस व्यापार समझौते की ओर अग्रसर होते दिख रहे हैं. हाल ही में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) के पहले दौर की करीब सभी चर्चाएं पूरी हो चुकी हैं. जैसे-जैसे बातचीत आखिरी चरण में दाखिल हो रही है, एक बेहद जरूरी मुद्दा भी अब सुर्खियां बटौर रहा है.
अमेरिकी व्यापार अधिनियम की धारा 301 क्या है?
दरअसल&amp;nbsp; अमेरिकी व्यापार अधिनियम 1974 की एक धारा है. ये धारा है 301. धारा 301 का इस्तेमाल अमेरिका अन्य देशों द्वारा की जाने वाली धोखाधड़ी वाली व्यापार रणनीतियों से निपटने के लिए करता है. इस प्रावधान के तहत अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (यूटीआर) को विदेशी सरकारों की जांच करने और उनकी नीतियों को अमेरिकी व्यवसायों या व्यापारिक हितों के लिए नुकसान पाए जाने पर जवाबी कार्रवाई करने की इजाजत देता है.&amp;nbsp;
बिजनेस करना होगा और भी आसान! जानिए क्या है केंद्र सरकार की &#039;भव्य योजना&#039;, आपको कैसे होगा फायदा?
धारा 301 का इस्तमाल कब किया जा सकता है?
अमेरिका यूएसटीआर धारा 301 के तहत जांच शुरू कर सकता है, अगर उसे लगता है कि किसी देश की व्यापार नीतियां अंतरराष्ट्रीय समझौतों का उल्लंघन करती हैं या अमेरिकी व्यवसायों को अनुचित रूप से नुकसान पहुंचाती हैं. जिसमें जबरन टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, श्रम अधिकारों का उल्लंघन, अत्यधिक उत्पादन को बढ़ावा देने वाली बड़ी सरकारी सब्सिडी जैसी चिंताएं शामिल हैं.&amp;nbsp;
व्यापार समझौते से मिलेगी राहत?
बिजनेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट के अनुसार, अगर दोनों देश 24 जुलाई से पहले एक अंतरिम व्यापार समझौते पर पहुंच जाते हैं तो अमेरिका संभवतः भारत को यह आश्वासन देगा कि धारा 301 के तहत कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगाया जाएगा. गौरतलब है कि ऐसे समझौतों के बिना देशों को धारा 301 के प्रावधानों का उल्लंघन पाए जाने पर काफी ज्यादा शुल्क का सामना करना पड़ सकता है. इसलिए ही भारत इस धारा से अपनी सुरक्षा के लिए रणनितियां तैयार कर रहा है.
Insurance Scams: बीमा में फंसी रकम दिलाने के नाम पर हो रही ठगी, खुद को कैसे बचाएं, जानें टिप्स ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 18:30:14 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>India-US, Trade, Deal:, अमेरिकी, ट्रेड, एक्ट, की, वो, खतरनाक, धारा, जिससे, सुरक्षा, के, लिए, भारत, बना, रहा, है, खास, रणनीति</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>Trump Tariff: डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा फैसला, इन उत्पादों पर टैरिफ घटाने की घोषणा, ट्रेड वॉर के बीच यू&amp;टर्न</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/trump-tariff-डोनाल्ड-ट्रंप-का-बड़ा-फैसला-इन-उत्पादों-पर-टैरिफ-घटाने-की-घोषणा-ट्रेड-वॉर-के-बीच-यू-टर्न</link>
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        <description><![CDATA[ Trump Tariff News: ईरान से जंग के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बड़ा एलान किया है. &amp;nbsp;ट्रंप ने कृषि और औद्योगिक उपकरणों की एक अलग-अलग श्रेणियों पर शुल्क में 10 प्रतिशत की कमी की घोषणा की, जिससे अगले साल के आखिर तक शुल्क 25% से घटकर 15% हो गया. तमाम देश 85 प्रतिशत अमेरिकी स्टील या एल्यूमीनियम का इस्तमाल करते हैं. टैरिफ पर यह बदलाव 2027 तक प्रभावी रहेगा.
बदलावों के तहत, कंबाइन, हार्वेस्टर और अन्य कृषि उपकरणों जैसी कृषि मशीनरी पर टैरिफ मौजूदा 25% से घटकर 15% हो जाएगा. अमेरिकी सरकार ने कहा कि इस कटौती का उद्देश्य उत्पादकों के लिए लागत कम करना और साथ ही अमेरिका के कृषि क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देना है. इस घोषणा से औद्योगिक उपकरणों के उस दायरे का भी विस्तार हुआ है, जिन पर 15% की कम टैरिफ दर लागू होगी.
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बुलडोजर, फोर्कलिफ्ट और इसी तरह के अन्य उपकरण समेत मोबाइल इंडस्ट्रीयल मशीनरी, जो अमेरिकी व्यापार समझौतों के अंतर्गत आने वाले देशों से मंगाई जाती हैं, अब कम शुल्क के लाभ के लिए पात्र होंगी. घरेलू धातु उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक और प्रोत्साहन के रूप में, विदेशी निर्माताओं को आयातित पूंजीगत उपकरणों पर 10% की और भी कम टैरिफ दर का लाभ मिलेगा, अगर &amp;nbsp;उनके उपकरणों में वजन के हिसाब से कम से कम 85% अमेरिकी निर्मित स्टील या एल्यूमीनियम शामिल हो. इसके लिए स्टील को संयुक्त राज्य अमेरिका में पिघलाकर ढाला जाना चाहिए, जबकि एल्यूमीनियम को घरेलू स्तर पर पिघलाकर ढाला जाना चाहिए.&amp;nbsp;
व्हाइट हाउस के एक बयान में कहा गया है, &#039;राष्ट्रपति ट्रम्प ने आयातित एल्युमीनियम, स्टील और तांबे पर टैरिफ का इस्तेमाल संयुक्त राज्य अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा, महत्वपूर्ण उद्योगों की आर्थिक स्थिरता और अमेरिकी परिवारों, समुदायों और व्यवसायों की वित्तीय स्थिति को कम कीमत वाले विदेशी आयात के खतरे से बचाने के लिए किया है&#039;.
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        <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 18:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Trump, Tariff:, डोनाल्ड, ट्रंप, का, बड़ा, फैसला, इन, उत्पादों, पर, टैरिफ, घटाने, की, घोषणा, ट्रेड, वॉर, के, बीच, यू-टर्न</media:keywords>
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        <title>Organic Waste: &amp;apos;गीले कचरे&amp;apos; से करोड़ों कमाएगा हिंदुस्तान, जानें इससे देश की अर्थव्यवस्था को कैसे मिलेगी रफ्तार?</title>
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        <description><![CDATA[ Organic Waste Economy: भारत के शहरों में तेजी से बढ़ रहा गीला कचरा अब सिर्फ एक चुनौती नहीं, बल्कि रोजगार, स्वच्छ ऊर्जा और आर्थिक विकास का बड़ा अवसर बन सकता है. &#039;काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वॉटर&#039; (CEEW) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का शहरी ऑर्गेनिक कचरा (रसोई का बचा खाना, सब्जियों के छिलके और बागवानी का कचरा) साल 2047 तक करीब 5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की अर्थव्यवस्था खड़ी हो सकती है और 26 लाख लोगों को सीधे रोजगार मिल सकता है.
क्या होता है जैविक कचरा?
आपके रसोई के गीले कचरे में सच में एक &#039;खजाना&#039; छिपा होता है. इस कचरे को जैविक खजाना या &#039;काला सोना&#039; भी कहा जाता है. गीले कचरे में फलों-सब्जियों के छिलके, चाय की पत्तियां और बचा हुआ खाना जैसी चीजें आती हैं. इसे बेकार समझकर फेंकने के बजाय आप इसका इस्तेमाल कम्पोस्ट, बायोगैस, बायो-CNG और अन्य ऑर्गेनिक उत्पादों के रूप में कर सकते है, जिसकी बड़ी भूमिका होगी.
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हर दिन 1.71 लाख टन कचरा
एक रिपोर्ट के मुताबिक, &#039;भारतीय &amp;nbsp;शहरों में प्रतिदिन करीब 1,71,000 टन नगरपालिका ठोस कचरा निकलता हैं, जिसमें से करीब आधा गीला कचरा होता है. मौजूदा कुल नगरपालिका ठोस कचरे का करीब 61 प्रतिशत सुधार किया जाता है. साल 2047 तक केवल शहरी नगरपालिका कचरा ही हर साल करीब 20 करोड़ टन तक पहुंच सकता है&#039;.
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लाखों नौकरियां पैदा हो सकती हैं
रिपोर्ट में कहा गया है कि, कचरे के संग्रह, छंटाई, प्रोसेसिंग, प्लांट संचालन, तकनीकी रखरखाव और अन्य सेवाओं में बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा हो सकते हैं. बेहतर कचरा प्रबंधन से करीब 26 लाख प्रत्यक्ष नौकरियां बनने की संभावना है. रिपोर्ट का मानना है कि अगर भारत गीला कचरे को समस्या की बजाय रोजगार के रूप में देखे और उसके प्रबंधन पर तेजी से काम करे, तो यह क्षेत्र आने वाले सालों में रोजगार, निवेश, स्वच्छ ऊर्जा और जलवायु लक्ष्यों को हासिल करने में अहम भूमिका निभा सकता है. ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 06:30:15 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Richest Chief Minister: देश के सबसे अमीर CM होंगे DK शिवकुमार, 1413 करोड़ की संपत्ति के साथ टॉप पर</title>
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        <description><![CDATA[ DK Shivakumar Richest CM: सिद्दारमैया के इस्तीफा देने के बाद अब कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार बनने जा रहे हैं. शिवकुमार 3 जून को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. जिसको लेकर जनता के साथ ही पूरी कांग्रेस पर्टी काफी उत्साहित है. इसी बीच अब कुछ खबरें डीके शिवकुमार के हलफनामे को लेकर भी सामने आ रही हैं, जो बता रहा है कि वो देश के सबसे रईस और अमीर मुख्यमंत्री बनने वाले हैं.
दरअसल साल 2023 के हलफनामे के मुताबिक उनकी घोषित कुल संपत्ति करीब 1,413 करोड़ रुपये है. ये संपत्ति उन्हें देश के कई बड़े नेताओं से आगे खड़ा करती है.
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कितनी सम्पत्ति के हैं मालिक?इस हलफनामे के अनुसार डीके शिवकुमार की चल संपत्ति लगभग 1,140 करोड़ रुपये है. तो वहीं उनकी अचल संपत्ति लगभग 273 करोड़ रुपये की है. इन दोनों को मिलाकर डीके शिवकुमार के पास करीब 1,413 करोड़ रुपये की कुल सम्पत्ति है. इसके अलावा उनके ऊपर कुछ कर्ज भी हैं, जो करीब 265 करोड़ रुपये है. बात करें उनके कारोबार के बारे में तो वो रियल एस्टेट, इंफ्रास्ट्रक्चर, खनन और शिक्षा संस्थानों जैसे क्षेत्रों में फैला हुआ है.
इतने Assets के हैं मालिकडीके शिवकुमार के पास बेंगलुरु, मैसूरु, कनकपुरा और नई दिल्ली में कई कीमती रिहायशी और व्यावसायिक संपत्तियां हैं. उनकी सबसे कीमती सम्पत्तियों में बेंगलुरु के गोपालपुरा इलाके में स्थित एक कमर्शियल मॉल की जमीन शामिल है. कर्नाटक में जमीन की कीमतें बढ़ने से इस संपत्ति का मूल्य पिछले दो दशकों में काफी बढ़ गया है. इसके अलावा उन्हें लग्जरी घड़ियों का भी शौक है, तो वहीं वो निवेश से भी अपनी सम्पत्ति को बढ़ाते हैं.
रियल एस्टेट के अलावा डीके शिवकुमार के पास कुछ फिक्स्ड डिपॉजिट (FD), कई सारे निवेश, लग्जरी घड़ियां और एक्सेसरीज हैं. उनके पास रोलेक्स और हब्लोट जैसे इंटरनेशनल ब्रांड्स की महंगी घड़ियां भी हैं.
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लिस्ट में है इन मुख्यमंत्रियों का नाम भी शामिलडीके शिवकुमार के अलावा अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री भी हैं जो इस अमीरी की लिस्ट में शुमार होते हैं. इस लिस्ट में साउथ इंडिया के नेताओं का राज है. डीके शिवकुमार के बाद एन चंद्रबाबू नायडू की घोषित संपत्ति लगभग 931 से 936 करोड़ रुपये है. उनकी संपत्ति का बड़ा हिस्सा हेरिटेज फऊड्स लिमिटेड में हिस्सेदारी से जुड़ा है. इसके अलावा हाल ही में एक्टर से तमिलनाडु के सीएम बने जोसफ विजय का नाम भी इस लिस्ट में शामिल है. विजय के पास घोषित संपत्ति 640 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई जाती है.
बात करें साउथ इंडिया के अलावा अन्य क्षेत्रों के मुख्यमंत्रियों के बारे में तो, अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू करीब 332 करोड़ रुपये की संपत्ति के मालिक हैं. वो भी भारत के सबसे अमीर मुख्यमंत्रियों में शामिल हैं.
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        <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 06:30:14 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>8th Pay Commission: रिटायरमेंट बेनिफिट के बदल सकते हैं नियम, जानें OPS&amp;NPS और UPS पर क्या है ताजा अपडेट</title>
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        <description><![CDATA[ 8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग का जबसे गठन हुआ है, तभी से इसको लेकर काफी चर्चा होती रहती है. इस बार 8वें वेतन आयोग में केवल फिटमेंट फैक्टर और DA पर ही चर्चा नहीं हो रही है, बल्कि रिटायर हो चुके केंद्रीय कर्मचारियों की पेंशन स्कीम को लेकर भी विचार किया जा रहा है. इसका मकसद है कि कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद बेहतर और सम्मानजनक जीवन मिल सके.
पेंशन बढ़ाने का प्रस्तावकर्मचारी संगठनों ने सुझाव दिया है कि रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली पूरी पेंशन को मौजूदा 50% की बजाय अंतिम वेतन का 67% किया जाए. उनका कहना है कि इससे रिटायर्ड कर्मचारियों और उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी. एक संसदीय समिति की सिफारिश का हवाला देते हुए ये भी प्रस्ताव रखा गया है कि 65 साल की उम्र के बाद हर 5 साल में पेंशन बढ़ाई जाए.
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ऐसा हो पेंशन स्ट्रक्चररिटायरमेंट के बाद एक सम्मानजनक और अच्छी जिंदगी का सपना हर कर्मचारी का होता है. इसके लिए 8वें वेतन आयोग में पेंशन स्ट्रक्चर में भी बदलाव के लिए प्रस्ताव दिया गया है. नया पेंशन स्ट्रक्चर कुछ इस हिसाब से तय किया जाना है.



उम्र
अंतिम वेतन का प्रस्तावित प्रतिशत


65
70%


70&amp;nbsp;
75%


75
80%


80
85%


85
90%


90
100%



इस नए स्ट्रक्चर के जरिए अब 90 साल की आयु पर कर्मचारी को उसके अंतिम वेतन के बराबर पेंशन मिल सकती है.
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OPS, NPS और UPS में चुनने का विकल्प?लाइव मिंट की रिपोर्ट्स के अनुसार, कर्मचारी संगठनों ने ये मांग भी उठाई है कि कर्मचारियों को अपनी जरूरत के हिसाब से पेंशन योजना चुनने की आजादी दी जाए. इसके लिए तीन ऑप्शंस होते हैं:

OPS (Old Pension Scheme)
NPS (National Pension Scheme)
UNS (Unified Pension Scheme)

ओपीएस (Old Pension Scheme)ये पुरानी पेंशन स्कीम है, इसमें रिटायरमेंट के बाद निश्चितरूप से पेंशन मिलती है. इसमें पेंशन आखिरी वेतन और DA के आधार पर तय होती है, जिसका पूरा खर्च सरकार उठाती है. इसके लिए कर्मचारी को अलग से योगदान नहीं देना पड़ता है.
एनपीएस (National Pension System)इस स्कीम में कर्मचारी और सरकार दोनों का योगदान रहता है. रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली राशि जमा फंड और बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर करती है. इस पेंशन स्कीम में निश्चित पेंशन की गारंटी नहीं होती.
यूपीएस (Unified Pension Scheme)ये पेंशन स्कीम OPS और NPS का मिला- जुला मॉडल है. इसमें योगदान भी होता है और निश्चित पेंशन का प्रावधान भी रखा गया है. कई कर्मचारी संगठनों का मानना है कि रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली पेंशन शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव पर निर्भर नहीं होनी चाहिए.
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        <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 06:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>TCS vs Infosys: टीसीएस है देश की सबसे बड़ी IT कंपनी, लेकिन इंफोसिस के CEO सलिल पारेख की सैलरी 3 गुना ज्यादा क्यों?</title>
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        <description><![CDATA[ TCS vs Infosys: भारत की सबसे बड़ी IT कंपनियों की लिस्ट में शुमार TCS और इंफोसिस किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं. दोनों ही कंपनियों में लोगों को बड़ी दिलचस्पी रहती है. हाल ही में दोनों कंपनियों के सीईओ को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है. दोनों कंपनियों से सामने आए सालाना रिकॉर्ड्स के मुताबिक कंपनियों के सीईओ की सैलरी में बड़ा फर्क है, लेकिन ऐसा क्यों? आइये जानें.
CEO की सैलरी में फर्कदरअसल हाल ही में इंफोसिस और टीसीएस की वित्त वर्ष 2025-26 की सालाना रिपोर्ट सामने आई है. जिसके मुताबिक इंफोसिस के CEO सलिल पारेख को इस साल में 82.6 करोड़ रुपये वेतन के रूप में मिले. तो वहीं TCS के CEO के कृथिवासन को 28 करोड़ रुपये वेतन के रूप में मिले. इसका मतलब है कि सैलरी के मामले में सलील पारेख की कमाई TCS के CEO से करीब 55 करोड़ रुपये ज्यादा रही है.
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बड़ी कंपनी छोटी कमाईदोनों सीईओ की सैलरी में इतना बड़ा अंतर इसलिए भी चर्चा का विषय है क्योंकि TCS कारोबार, इंफोसिस के कारोबार से काफी बड़ा है. टीसीएस का वित्त वर्ष 2026 रेवेन्यू 2.67 लाख करोड़ रुपये है. जिसमें कंपनी का मुनाफा 49,210 करोड़ रुपये बताया जा रहा है.&amp;nbsp;
तो वहीं इंफोसिस का वित्त वर्ष 2026 का रेवेन्यू 1.79 लाख करोड़ रुपये है. जिसमें कंपनी का मुनाफा 29,440 करोड़ रुपये बताया जा रहा है. इसका मतलब है कि कंपनी छोटी होने के बावजूद भी इंफोसिस के सीईओ को ज्यादा वेतन मिला है.
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क्यों है सलिल पारेख का इतना मोटा पैकेज?सलील पारेख का कुल पैकेज 82.6 करोड़ रुपये है. जो इस प्रकार बांटा गया है:
फिक्स्ड सैलरी: 7.97 करोड़ रुपयेरिटायरमेंट और अन्य लाभ: 0.53 करोड़ रुपयेपरफॉर्मेंस आधारित बोनस: 8.5 करोड़ रुपयेस्टॉक (शेयर) आधारित इंसेंटिव: 23.35 करोड़ रुपयेशेयर ऑप्शन बेचने/एक्सरसाइज करने से फायदा: 50.75 करोड़ रुपये
इस गणित को देखें तो उनकी कमाई का मोटा हिस्सा कंपनी के शेयरों और स्टॉक इंसेंटिव से आया है.
के कृथिवासन का पैकेज कितना और कैसा है?इंफोसिस के सीईओ के. कृथिवासन का कुल सालाना पैकेज 28 करोड़ रुपये है. जो इस प्रकार से बांटा गया है:
बेसिक सैलरी: 1.67 करोड़ रुपयेभत्ते और अन्य सुविधाएं: 1.43 करोड़ रुपयेप्रदर्शन आधारित कमीशन: 25 करोड़ रुपये
इसका मतलब है कि उनकी सैलरी का अधिकांश हिस्सा नकद वेतन और बोनस से आता है, जबकि स्टॉक आधारित भुगतान बहुत कम था.
फिर भी बड़ी कंपनी है TCSहालांकि TCS, इंफोसिस से बड़ी और ज्यादा मुनाफा कमाने वाली कंपनी है, फिर भी इंफोसिस के CEO सलिल पारेख की कमाई कहीं ज्यादा है. इसकी मुख्य वजह ये है कि उनके वेतन पैकेज में शेयर और स्टॉक आधारित इंसेंटिव का बड़ा हिस्सा शामिल है. यही कारण है कि उनकी कुल कमाई TCS के CEO से लगभग तीन गुना ज्यादा हो गई है.
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        <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 06:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>TCS, Infosys:, टीसीएस, है, देश, की, सबसे, बड़ी, कंपनी, लेकिन, इंफोसिस, के, CEO, सलिल, पारेख, की, सैलरी, गुना, ज्यादा, क्यों</media:keywords>
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        <title>LPG Price Hike: कमर्शियल गैस सिलेंडर हुआ महंगा, जानिए आपके शहर में क्या हैं नए रेट</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/lpg-price-hike-कमर्शियल-गैस-सिलेंडर-हुआ-महंगा-जानिए-आपके-शहर-में-क्या-हैं-नए-रेट</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/lpg-price-hike-कमर्शियल-गैस-सिलेंडर-हुआ-महंगा-जानिए-आपके-शहर-में-क्या-हैं-नए-रेट</guid>
        <description><![CDATA[ LPG Rate Today 1 June: देशभर में 1 जून से कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी गई है. तेल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में 42 रुपये तक का इजाफा किया है. इसका असर रेस्टोरेंट, होटल, कैटरिंग और अन्य व्यावसायिक संस्थानों पर पड़ सकता है, जो रोजमर्रा के कामकाज के लिए LPG पर निर्भर हैं. हालांकि, राहत की बात यह है कि घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में अभी कोई बदलाव नहीं किया गया है.
कमर्शियल LPG सिलेंडर के बढ़े दाम
नई कीमतों के बाद दिल्ली में 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडरों की कीमतों में 42 रुपए की बढ़ोतरी की गई है, जिससे इसकी कीमत बढ़कर अब 3113.50 रुपए हो गई है. मुंबई में इसकी कीमत 3067 है. वहीं कोलकाता में कीमतों में 53.50 रुपए की बढ़ोतरी हुई है, जिससे कीमत 3255.50 रुपए हो गई है और चेन्नई में 3283 पहुंच गई है.
1 जून से बदले ये 5 बड़े नियम! LPG से UPI तक, जानें आपकी जेब और जिंदगी पर पड़ेगा कितना असर
घरेलू सिलेंडर की कीमतों में नहीं हुआ बदलाव
बता दें कि 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू LPG सिलेंडर के दाम फिलहाल स्थिर हैं. दिल्ली में इसकी कीमत 913 रुपये, मुंबई में 912, कोलकाता में 939 और चेन्नई में 928.50 बनी हुई है.
अपने शहर में LPG सिलेंडर के रेट देखें
शहर&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; घरेलू LPG (14.2 Kg)&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;कमर्शियल LPG (19 Kg)नई दिल्ली&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;₹913.00&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; ₹3113.50कोलकाता&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;₹939.00&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; ₹3,255.00मुंबई&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; ₹912.50&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;₹3,067.00चेन्नई&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;₹928.50&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; ₹3,283.00गुरुग्राम&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; ₹921.50&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; ₹3,130.00नोएडा&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; ₹910.50&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; ₹3,113.50बेंगलुरु&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; ₹915.50&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; ₹3,198.00भुवनेश्वर&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; ₹939.00&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;₹3,290.00चंडीगढ़&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; ₹922.50&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;₹3,136.50हैदराबाद&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; ₹965.00&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;₹3,367.00जयपुर&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;₹916.50&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;₹3,141.00लखनऊ&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;₹950.50&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; ₹3,236.00पटना&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;₹1,002.50&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; ₹3,400.50तिरुवनंतपुरम&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;₹922.00&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;₹3,152.00
क्यों बढ़ रहे हैं ईंधन के दाम?
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और यु्द्ध का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर देखने को मिल रहा है. भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आयात करता है. ऐसे में सप्लाई प्रभावित होने से ईंधन की कीमतों पर दबाव बढ़ा है. भारत का लगभग 40 प्रतिशत कच्चा तेल, 65 प्रतिशत प्राकृतिक गैस और 90 प्रतिशत LPG खाड़ी देशों से आता है.&amp;nbsp;
1 जून से लगा महंगाई का झटका, 5 किलो वाले छोटू गैस सिलेंडर के दाम भी बढ़े, जानें नया रेट
हर महीने बदलती हैं LPG की कीमतें
भारत में LPG सिलेंडर के दाम आमतौर पर हर महीने की पहली तारीख को संशोधित किए जाते हैं. इन कीमतों पर अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के दाम, डॉलर-रुपया विनिमय दर, परिवहन ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 14:30:28 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>LPG, Price, Hike:, कमर्शियल, गैस, सिलेंडर, हुआ, महंगा, जानिए, आपके, शहर, में, क्या, हैं, नए, रेट</media:keywords>
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        <title>Gold&amp; Silver Price Today: सोना&amp;चांदी खरीदने से पहले चेक करें भाव, 1 जून को क्या हैं आपके शहर के रेट?</title>
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        <description><![CDATA[ Gold- Silver Price Today 1 June: अगर आप भी सोना-चांदी खरीदने की सोच रहे हैं तो ये खबर आपके लिए जरूरी है. 1 जून 2026 यानी आज सोमवार को सोने और चांदी की कीमतों में बदलाव देखने को मिला है. वैश्विक बाजार के रुझान, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति और घरेलू मांग का असर इनकी कीमतों पर पड़ रहा है. आइए जानते हैं आज आपके शहर में सोने और चांदी के ताजा भाव क्या हैं?
सोने की कीमतों में बढ़त
महंगाई और वैश्विक मांग के दबाव के चलते सोने की कीमतों में हल्की तेजी दर्ज की गई है. आज 24 कैरेट ( 999 शुद्धता) सोने की कीमत 15,703 रुपये प्रति ग्राम है, जबकि 22 कैरेट सोना 14,394 रुपये प्रति ग्राम के भाव पर बिक रहा है.
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प्रमुख शहरों में सोने का भाव
शहर &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;24 कैरेट सोना (प्रति ग्राम)&amp;nbsp; &amp;nbsp;22 कैरेट सोना (प्रति ग्राम)&amp;nbsp; &amp;nbsp;18 कैरेट (प्रति ग्राम)
चेन्नई&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;₹15,959&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; ₹14,629&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;₹12,274मुंबई&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;₹15,703&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; ₹14,394&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; ₹11,777दिल्ली&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; ₹15,718&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; ₹14,409&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;₹11,792कोलकाता&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;₹15,703&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; ₹14,394&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;₹11,777बेंगलुरु&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;₹15,703&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;₹14,394&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;₹11,777हैदराबाद&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; ₹15,703&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;₹14,394&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; ₹11,777केरल&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; ₹15,703&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;₹14,394&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; ₹11,777पुणे&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;₹15,703&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;₹14,394&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; ₹11,777वडोदरा&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; ₹15,708&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;₹14,399&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;₹11,782अहमदाबाद&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;₹15,708&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;₹14,399&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;₹11,782
जानें चांदी के ताजा दाम
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी मजबूती बनी हुई है. देश में चांदी की कीमत लगभग 2,79,900 रुपये प्रति किलोग्राम पर बिजनेस कर रही है. वहीं सिल्वर 925 की कीमत करीब 2,74,000 रुपये प्रति किलोग्राम है.
प्रमुख शहरों में चांदी का भाव
शहर&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;सिल्वर 999 (प्रति 10 ग्राम)दिल्ली&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;₹2,799मुंबई&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;₹2,799कोलकाता&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; ₹2,799चेन्नई&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;₹2,899
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इन्वेस्टर्स की नजर बाजार पर
चांदी का उपयोग सिर्फ आभूषणों में ही नहीं, बल्कि कई उद्योगों में भी होता है. यही कारण है कि औद्योगिक मांग बढ़ने या घटने का असर इसकी कीमतों पर साफ दिखाई देता है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और इन्वेस्टर्स की मांग के चलते आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है.
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        <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 14:30:27 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Gold-, Silver, Price, Today:, सोना-चांदी, खरीदने, से, पहले, चेक, करें, भाव, जून, को, क्या, हैं, आपके, शहर, के, रेट</media:keywords>
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        <title>Share Market Today: शेयर बाजार में 440 अंकों की तेजी, 75200 के पार पहुंचा सेंसेक्‍स, निफ्टी भी 100 अंक उछला</title>
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        <description><![CDATA[ Share Market Today: जून महीने के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार ने शानदार शुरुआत की है. शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स करीब 440 अंक की तेजी के साथ 75,200 के स्तर को पार कर गया, जबकि एनएसई निफ्टी 100 अंकों से अधिक चढ़कर 23,650 के आसपास कारोबार करता नजर आया.
विदेशी बाजारों की तेजी का दिखा असर
अमेरिकी बाजारों में पिछले कारोबारी सत्र की मजबूती और एशियाई बाजारों में तेजी का सकारात्मक असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला. जापान, दक्षिण कोरिया और हांगकांग के प्रमुख सूचकांकों में बढ़त के बीच घरेलू निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ.
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पिछले सप्ताह की गिरावट से उबरा बाजार
शुक्रवार को विदेशी निवेशकों की बिकवाली और MSCI रीबैलेंसिंग के कारण बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई थी. हालांकि, सोमवार को निवेशकों ने निचले स्तरों पर खरीदारी की, जिससे बाजार में अच्छी रिकवरी देखने को मिली है.
बैंकिंग और आईटी शेयरों में खरीदारी
बाजार की तेजी में बैंकिंग, आईटी और ऑटो शेयरों का अहम योगदान रहा है. प्रमुख निजी और सरकारी बैंकों के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली है. इसके अलावा आईटी कंपनियों के शेयरों में भी निवेशकों ने रुचि दिखाई.
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क्या कहते हैं जानकार?
एक्सपर्ट्स के अनुसार आने वाले दिनों में विदेशी निवेशकों (FII) की गतिविधियां, कच्चे तेल की कीमतें, मानसून की प्रगति और वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम बाजार की दिशा तय करेंगे. यदि विदेशी निवेशकों की खरीदारी जारी रहती है तो बाजार में और मजबूती देखने को मिल सकती है. मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि बाजार में फिलहाल रिकवरी के संकेत दिख रहे हैं. हालांकि निवेशकों को उतार-चढ़ाव के बीच सतर्क रहने और मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों में निवेश करने की सलाह दी जा रही है.
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        <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 14:30:26 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>Share, Market, Today:, शेयर, बाजार, में, 440, अंकों, की, तेजी, 75200, के, पार, पहुंचा, सेंसेक्‍स, निफ्टी, भी, 100, अंक, उछला</media:keywords>
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        <title>Financial Rules: अमीर बनना है तो गांठ बांध लें निवेश के ये 7 सुनहरे नियम, बदल जाएगी आपकी किस्मत</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/financial-rules-अमीर-बनना-है-तो-गांठ-बांध-लें-निवेश-के-ये-7-सुनहरे-नियम-बदल-जाएगी-आपकी-किस्मत</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/financial-rules-अमीर-बनना-है-तो-गांठ-बांध-लें-निवेश-के-ये-7-सुनहरे-नियम-बदल-जाएगी-आपकी-किस्मत</guid>
        <description><![CDATA[ 
7 Rule of Investing: निवेश की दुनिया में पैसा बढ़ाने के कई तरीके होते हैं. शेयर बाजार (इक्विटी), बॉन्ड (डेट) म्यूचुअल फंड जैसे अलग-अलग विकल्पों में लोग अपने रिस्क लेने की क्षमता और जरूरत के हिसाब से पैसे लगाते हैं. लेकिन सिर्फ निवेश करना ही काफी नहीं है, बल्कि सही तरीके और नियमों को समझकर निवेश करना जरूरी होता है.
हालांकि, सबसे अहम बात यह भी है कि पूरा पैसा निवेश में नहीं लगाना चाहिए, बल्कि कुछ हिस्सा इमरजेंसी के लिए सुरक्षित रखना चाहिए. इसी को ध्यान में रखते हुए यहां 7 फॉर्मूले बताए गए हैं, जो निवेश को समझने और सही दिशा देने में मदद करते हैं.
Rule of 72 और Rule of 114
Rule of 72 के मुताबिक, यह पता लगाया जा सकता है कि आपका पैसा कितने साल में डबल हो जाएगा. इस फॉर्मूला के इस्तेमाल के लिए 72 को रेट ऑफ रिटर्न से डिवाइड करना होता है. जैसे अगर कहीं सालाना 12% की रफ्तार से रिटर्न मिल रहा है, तो उसमें पैसा 72/12 यानी करीब 6 साल में डबल हो जाएगा.
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Rule of 114 इंस्ट्रूमेंट का इस्तेमाल यह जानने के लियी होता है कि पैसा कितने समय में तीन गुना या उससे ज्यादा हो सकता है. उदाहरण के लिए 12% की दर से रिटर्न मिल रहा है तो उसमें निवेश पर 144/12 यानी 12 साल में पैसा चार गुना के आसपास पहुंच सकता है.
50-30-20 और 100 माइनस एज रूल
50-30-20 नियम के तहत अपनी कमाई का 50% हिस्सा अपनी जरूरतों, 30% अपने शौक पर और बाकी 20% सेविंग्स पर खर्च करना चाहिए. यह नियम आमतौर पर खर्च और बचत के बीच संतुलन बनाता है.
100 माइनस एज रूल बताता है कि आपकी उम्र के मुताबिक कितना पैसा इक्विटी और कितना पैसा डेट में लगाना चाहिए. अगर उम्र 30 साल है, तो 70% पैसा इक्विटी में और बाकी 30% डेट में लगाना सही माना जाता है.
निवेश और इमरजेंसी फंड के नियम
Minimum 10% Investment Rule कहता है कि अपनी कमाई का कम से कम 10% लॉन्ग टर्म के लिए हर महीने निवेश करना चाहिए और इसे हर साल 10% की रफ्तार से बढ़ाना भी चाहिए. इससे लंबे समय में बड़ा फंड तैयार होता है.
Emergency Fund Rule के मुताबिक, इसमें कुछ फंड इतना भी होना चाहिए, जो किसी इमरजेंसी में सहारा दे सके. यह फंड कितना होना चाहिए, इसका कोई फिक्स्ड रूल नहीं है लेकिन इसमें कम से कम 6 महीने के खर्चों के बराबर पैसा होना चाहिए, ताकि अचानक नौकरी जाने या बीमारी जैसी स्थिति में दिक्कत न हो.
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        <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 14:30:25 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Financial, Rules:, अमीर, बनना, है, तो, गांठ, बांध, लें, निवेश, के, ये, सुनहरे, नियम, बदल, जाएगी, आपकी, किस्मत</media:keywords>
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        <title>Share Market: शेयर बाजार में बड़ा बदलाव, 10 मिनट बढ़ा ट्रेडिंग का समय, फटाफट नोट करें नया मार्केट क्लोजिंग टाइम</title>
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        <description><![CDATA[ Share Market New Closing Time: अगर आप शेयर बाजार में निवेश करते हैं तो ये खबर आपके लिए बहुत ज्यादा जरूरी है. शेयर बाजार से जुड़े एक बड़े बदलाव के तहत ट्रेडिंग टाइम में 10 मिनट की बढ़ोतरी की गई है. नए नियम लागू होने के बाद अब निवेशकों को ट्रेडिंग के लिए पहले से ज्यादा समय मिलेगा.
क्या है नया समय?
नए बदलाव के तहत बाजार के क्लोजिंग टाइम को 10 मिनट आगे बढ़ा दिया गया है. यानी अब ट्रेडर्स और निवेशक अतिरिक्त 10 मिनट तक शेयरों की खरीद-बिक्री कर सकेंगे. इसे आसानी से समझें कि अगस्त 2026 से F&amp;amp;O सेगमेंट की ट्रेडिंग टाइमिंग 10 मिनट बढ़ जाएगी यानी अभी F&amp;amp;O बाजार शाम 3:30 बजे बंद होता है, लेकिन अब अगस्त से ये 3 बजकर 40 मिनट पर बंद होगा. बता दें कि सभी शेयरों के लिए ट्रेडिंग समय नहीं बदला है. ये बदलाव सिर्फ F&amp;amp;O सेगमेंट के लिए ही है. कैश मार्केट की टाइमिंग में भी कोई बदलाव नहीं होगा और वो पहले की तरह 3:30 बजे ही बंद होगा.
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निवेशकों को क्या होगा फायदा?
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि एक्स्ट्रा 10 मिनट मिलने से निवेशकों को बाजार की चाल समझने और अपने सौदों को बेहतर तरीके से पूरा करने में मदद मिलेगी. खासतौर पर उन दिनों में जब बाजार में ज्यादा उतार-चढ़ाव होता है, ये 10 मिनट का समय काफी उपयोगी साबित हो सकता है.
फ्यूचर्स का क्लोजिंग प्राइस कैसे तय होगा?फ्यूचर्स के लिए VWAP फॉर्मूला जारी रहेगा. लेकिन समय की गणना बदल जाएगी. पहले 3:00 PM से 3:30 PM के VWAP से क्लोजिंग भाव तय होता था. अब 3:10 PM से 3:40 PM के VWAP से क्लोजिंग भाव तय होगा.
क्यों लिया गया फैसला?
बाजार नियामक और एक्सचेंज समय-समय पर ट्रेडिंग सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए बदलाव करते रहते हैं. इसी कड़ी में ट्रेडिंग समय बढ़ाने का फैसला लिया गया है ताकि बाजार की दक्षता बढ़ सके और निवेशकों को अधिक सुविधा मिल सके.
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निवेशकों के लिए सलाह
अगर आप नियमित रूप से शेयर बाजार में ट्रेडिंग करते हैं तो नए ट्रेडिंग समय को जरूर नोट कर लें. इससे किसी भी तरह की असुविधा से बचा जा सकेगा और आप अपने निवेश संबंधी फैसले समय पर ले सकेंगे.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 14:30:24 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Multibagger स्टॉक करने जा रहा स्टॉक स्प्लिट और बोनस शेयर का ऐलान, फोकस में रहेंगे शेयर</title>
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        <description><![CDATA[ AVI Polymers Limited Shares: पॉलिमर बनाने वाली कंपनी एवीआई पॉलीमर्स लिमिटेड (AVI Polymers Shares) के शेयर शुक्रवार, 29 मई को 5 परसेंट के अपर सर्किट को टच करते हुए 15.21 पर बंद हुए. कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की 4 जून, 2026 को एक अहम बैठक होने जा रही है.
इसमें 1:10 के रेशियो में स्टॉक स्प्लिट और 10:1 के रेशियो में बोनस शेयर के प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा और मंजूरी दी जाएगी. कंपनी ने जैसे ही बीते शुक्रवार को इसकी जानकारी स्टॉक एक्सचेंजों को दी शेयरों में तेजी देखने को मिली.&amp;nbsp;
निवेशकों को क्या होगा फायदा?
अगर बोर्ड मीटिंग में वाकई में इन दोनों प्रस्तावों को मंजूरी दे दी जाती है, तो निवेशकों के पास अभी मौजूद शेयरों की संख्या पहले के मुकाबले काफी बढ़ जाएगी. 1:10 के रेशियो में स्टॉक स्प्लिट होने से आपके पास मौजूद 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 1 शेयर के टुकड़े होकर 1 रुपये फेस वैल्यू के 10 शेयर बन जाएंगे. स्टॉक स्प्लिट होने के बाद आपको हर शेयर पर 10 फ्री बोनस शेयर मिलेंगे. इसे इस तरह से समझें- अगर आपके पास अभी एवीआई पॉलीमर्स के 100 शेयर हैं, तो 1:10 स्प्लिट के बाद शेयरों की संख्या 1000 (100&amp;times;10) जाएगी.&amp;nbsp;
वहीं, 1:10 के बोनस के बाद 1000 शेयरों पर 1000 &amp;times;10= 10000 बोनस शेयर मुफ्त में मिलेंगे. यानी कुल शेयरों की संख्या 11000 हो जाएगी. यहां ध्यान रखने वाली बात यह है कि शेयरों की संख्या 110 गुना बढ़ने के अनुपात में शेयर बाजार में इनकी कीमत भी नीचे आ जाएगी. लेकिन टोटल वैल्यू समान ही रहेगी.&amp;nbsp;
शेयर ने कराया मुनाफा
लगभग 143.10 रुपये के मार्केट कैप वाली इस कंपनी ने पिछले एक साल में लगभग 138% से 140% तक का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है. इसके 52- हफ्तों का हाई रेंज 29.41 रुपये और लो रेंज 5.43 रुपये रहा है. कंपनी केमिकल और पॉलीमर बिजनेस के साथ अब ग्रीन टेक्नोलॉजी, वेस्ट मैनेजमेंट और रीसाइक्लिंग जैसे नए और भविष्य के सेक्टर्स में भी एंट्री लेने की तैयारी में है.
(यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें.&amp;nbsp;ABPLive.com&amp;nbsp;की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)

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        <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 00:30:25 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>8th Pay Commission पर बड़ा अपडेट, आयोग में बढ़ा दी मेमोरेंडम की डेडलाइन; जानें नई डेट क्या है?</title>
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        <description><![CDATA[ 8th Pay Commission: देशभर के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए एक बड़ी खबर सामने आ रही है. दरअसल, 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) कर्मचारी संगठनों के लिए मेमोरेंडम (ज्ञापन) जमा करने की समय सीमा को बढ़ाकर 15 जून, 2026 कर दिया है.
जबकि पहले इस मेमोरेंडम को ऑनलाइन जमा करने की डेडलाइन 31 मई, 2026 तय की गई थी. इसे अब आधिकारिक तौर पर बढ़ा दिया गया है यानी कि कर्मचारियों को अपनी बात रखने का एक और मौका दिया गया है. नए नियम के तहत, कर्मचारी यूनियन और पेंशनर्स एसोसिएशन 15 जून तक अपने सुझाव और मांगें आयोग को सौंप सकते हैं.
यह एक आखिरी मौका
आयोग के मुताबिक, यह कर्मचारी यूनियनों के लिए आयोग के समक्ष अपनी मांगें रखने का आखिरी मौका होगा क्योंकि इसके बाद समय सीमा में और विस्तार नहीं किया जाएगा. सभी आवेदनों और ज्ञापनों को केवल 8वें वेतन आयोग के आधिकारिक पोर्टल 8cpc.gov.in पर जाकर ही तय फाॅर्मेट में जमा कराना होगा. ऑफलाइन पोस्ट या हाथ से लिखी गई प्रतियां या पीडीएफ फॉर्मेट में भेजे गए मेमोरेंडम स्वीकार नहीं किए जाएंगे.&amp;nbsp;
आयोग की अगली बैठकें
मेमोरेंडम जमा करने की प्रक्रिया के साथ-साथ आयोग अलग-अलग राज्यों का दौरा कर कर्मचारी यूनियनों के साथ बैठकर उनकी मांगें सुन रही हैं, बातचीत कर रही है. आने वाले दिनों में भी कई जगह बैठक होने वाले हैं:-
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख- 1 से 4 जून (श्रीनगर/जम्मू) और 8 जून लद्दाख में बैठक होगी.
उत्तर प्रदेश (लखनऊ)- 22-23 जून&amp;nbsp;
ओडिशा (भुवनेश्वर)- 6-7 जुलाई
पश्चिम बंगाल (कोलकाता)- 9-10 जुलाई
मेमोरेंडम में कर्मचारियों की प्रमुख मांगें

बेसिक सैलरी को 18000 से बढ़ाकर 69000 प्रति महीना करना.
फिटमेंट फैक्टर को 7वें वेतन आयोग के 2.57 से बढ़ाकर 3.83 करना.
हर साल मिलने वाले इंक्रीमेंट को 3% से बढ़ाकर 6% करना.&amp;nbsp;
NPS की जगह Old pension scheme को बहाल करना.


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        <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 00:30:24 +0530</pubDate>
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        <title>महंगाई का डबल अटैक: पेट्रोल&amp;डीजल और गैस के बाद अब दालों की कीमतों ने बिगाड़ा रसोई का बजट</title>
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        <description><![CDATA[ Pulses Price Hike after Petrol-Diesel: देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें लगातार बढ़ने के बाद अब दालों की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है. इससे आम जनता की रसोई का बजट पूरी तरह से गड़बड़ा गया है. मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के मद्देनजर एक तरफ जहां पेट्रोल-डीजल की कीमतें बीते 15 दिनों में 7.50 रुपये तक बढ़ गई हैं. वहीं, अब ट्रांसपोर्टेशन और मौसम की मार से दालों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं.&amp;nbsp;
क्यों बढ़ रही हैं दालों की कीमत?&amp;nbsp;

पेट्रोल-डीजल के दाम इन दिनों बढ़े हैं. क्रूड ऑयल महंगा होने से पहले ही आयात महंगा हो गया है. अब देश में पेट्रोल-डीजल की कीमत में बढ़ोतरी का असर मालभाड़े पर पड़ रहा है. ट्रकों का किराया पहले के मुकाबले काफी बढ़ गया है. इससे मंडियों से किराना दुकानों तक दाल पहुंचाने की लागत बढ़ गई है.&amp;nbsp;
बेमौसम बारिश और अल-नीनो (El Nino) की वजह से देश के प्रमुख उत्पादक राज्यों में उड़द और तुअर या अरहर की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है.&amp;nbsp;
अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में डॉलर की मजबूती और ग्लोबल सप्लाई चेन में आ रही दिक्कतों की वजह से आयात भी महंगा हो गया है इसलिए देश में दालों की कीमतें बढ़ती जा रही हैं.&amp;nbsp;

अभी कितनी है कीमत?&amp;nbsp;



दाल
कीमत


अरहर
115-150 रुपये


उड़द
110-140 रुपये


मूंग
95-130 रुपये


मसूर
85-110 रुपये


चना दाल
80-95 रुपये



अरहर के सबसे बढ़े दाम
थोक बाजार में इस समय अरहर के दाल के दामों में सबसे तेजी देखने को मिल रही है. कारोबारियों का कहना है कि थोक बाजार में अरहर दाल 12 फीसदी महंगी होकर 9000-12250 रुपये प्रति क्विंटल के स्तर पर पहुंच गई हैं. उत्तर प्रदेश की मंडियों में इसका औसत थोक भाव 10440 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास है. वहीं, सिलीगुड़ी जैसी कुछ और बड़ी मंडियों में कीमत अधिकतम 11000 प्रति क्विंटल पर पहुंच गई हैं.&amp;nbsp;
क्यों अरहर के सबसे ज्यादा उछले दाम?
भारत अपनी जरूरत को पूरा करने के लिए म्यांमार और अफ्रीकी देशों से बड़े पैमाने पर अरहर दाल आयात करता है. पश्चिम एशिया में तनाव के चलते समुद्री मालभाड़ा इतना अधिक बढ़ गया है कि विदेशों से अरहर दाल भारत आते-आते महंगी होती जा रही है.&amp;nbsp;
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LPG Crisis: होर्मुज से हटी नाकाबंदी तो क्या भारत में खत्म हो जाएगी गैस की किल्लत? सस्ता होगा सिलेंडर?&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 00:30:22 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>SIP: मात्र 1000 की मंथली एसआईपी से बनाना है 5 लाख का फंड? जानें कितने साल लगेंगे</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/sip-मात्र-1000-की-मंथली-एसआईपी-से-बनाना-है-5-लाख-का-फंड-जानें-कितने-साल-लगेंगे</link>
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        <description><![CDATA[ SIP News: म्यूचुअल फंड में एसआईपी छोटे और नियमित निवेश से बड़ा फंड बनाने का आज के समय में एक बेहतरीन जरिया बन चुका है. जहां, हर महीने अगर आप केवल 1 हजार रुपये का निवेश करते हैं तो, 5 लाख रुपये का लक्ष्य कितने समय में पूरा होगा, यह पूरी तरह आपके मिलने वाले सालाना रिटर्न पर ही निर्भर करता है. इस खबर में आपको तीन विभिन्न तरह के रिटर्न दरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है.&amp;nbsp;
1. 12 प्रतिशत सालाना रिटर्न पर
इसमें करीब 15 साल तक आपका कुल निवेश रहता है, यानी लगभग 1.80 लाख रुपये और बाकि 3.20 लाख रुपये से ज्यादा की ब्याज पर ब्याज और रिटर्न के ज़रिए जुड़ेगी. इसके अलावा लंबी अवधि के लिए कई अच्छे इक्विटी फंड्स में 12 प्रतिशत का रिटर्न एक अनुमान माना जाता है.&amp;nbsp;
2. 15 प्रतिशत सालाना रिटर्न पर
इसमें करीब 13 साल 3 महीने का ही समय होता है, जहां आपको कुल निवेश 1.59 लाख रुपये तक बिना किसी परेशानी के आसानी से हो जाता है. इसके फायदे के बारे में बात करें तो, बेहतर प्रदर्शन करने वाले फ्लेक्सी कैप फंड्स में लंबी अवधि में ऐसा रिटर्न देखने को मिलता है.&amp;nbsp;
बाजार में बढ़ रहा नकली नोट, RBI का खुलासा, शक होने पर ऐसे करें जाली नोट की पहचान
3. 20 प्रतिशत सालाना रिटर्न पर
तो वहीं, 12 प्रतिशत रिटर्न के मुकाबले में लगभग 4 साल पहले यानी करीब 11 साल में यह लक्ष्य आसानी से हासिल किया जा सकता है.&amp;nbsp;
जानें इसकी ताकत और बाज़ार के जोखिम के बारे में&amp;nbsp;
एसआईपी की सबसे बड़ी खासियत है उसका कंपाउंडिंग. रिटर्न में सिर्फ कुछ प्रतिशत का सुधार भी आपके लक्ष्य तक पहुंचने के समय को कई साल पहले ही कम कर देता है. लेकिन, इस बात का ध्यान देना सबसे ज्यादा जरूरी है कि म्यूचुअल फंड में रिटर्न कभी भी तय या फिर पूरी तरह से फिक्स नहीं होता है. यह पूरी तरह से बाजार के उतार-चढ़ाव के साथ-साथ आपकी चुनी गई स्कीम पर ही निर्भर करता है.
तो &amp;nbsp;वहीं, कम समय के निवेश में रिटर्न कभी-कभी कम हो जाता है. हांलाकि, लंबी अवधि में निवेश करने पर ज्यादा से ज्यादा फायदा मिलने की संभावना भी रहती है. इसलिए निवेश करते समय इस बात का हमेशा ध्यान रखें कि सिर्फ और सिर्फ ऊंचे रिटर्न के पीछे भागने के बजाय अनुशासन के साथ निवेश करने पर सही तरीके से ध्यान दें, ताकि निवेश करने पर यह आपके लिए ज्यादा फायदेमंद हो सके.&amp;nbsp;
एक से ज्यादा पैन कार्ड रखना पड़ सकता है आपको भारी, यहां जानें सजा और बचाव के आसान तरीके ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 00:30:21 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>20 लाख मुंबई में और 8 लाख जयपुर में कमाना, सारे खर्चे जोड़कर बिजनेस एक्सपर्ट ने बताया कौन करता है ज्यादा बचत</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/20-लाख-मुंबई-में-और-8-लाख-जयपुर-में-कमाना-सारे-खर्चे-जोड़कर-बिजनेस-एक्सपर्ट-ने-बताया-कौन-करता-है-ज्यादा-बचत</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/20-लाख-मुंबई-में-और-8-लाख-जयपुर-में-कमाना-सारे-खर्चे-जोड़कर-बिजनेस-एक्सपर्ट-ने-बताया-कौन-करता-है-ज्यादा-बचत</guid>
        <description><![CDATA[ अगर आपसे पूछा जाए कि मुंबई में 20 लाख रुपये सालाना कमाने वाला और जयपुर में 8 लाख रुपये सालाना कमाने वाला, इनमें से कौन ज्यादा पैसे बचाता होगा, तो ज्यादातर लोग पहला विकल्प चुनेंगे. लेकिन एक बिजनेस एक्सपर्ट की गणना कुछ और ही कहानी बताती है. उनके मुताबिक, सैलरी जितनी जरूरी है, उतना ही जरूरी है उस शहर में रहने का खर्च. कई बार कम कमाई वाला व्यक्ति भी ज्यादा बचत कर लेता है, अगर उसका खर्च कम हो.
मुंबई का हिसाब-किताब
बिजनेस एक्सपर्ट ने ऐसा दावा किया है कि मुंबई देश की आर्थिक राजधानी है और यहां सैलरी पैकेज भी आमतौर पर ज्यादा होते हैं. लेकिन इसके साथ रहने का खर्च भी काफी ऊंचा है. एक बेडरूम फ्लैट का किराया कई इलाकों में 45 हजार रुपये महीने तक पहुंच जाता है. इसके अलावा खाने-पीने, ट्रांसपोर्ट, पार्किंग और दूसरी रोजमर्रा की जरूरतों पर भी अच्छा-खासा पैसा खर्च होता है. यानी बड़ी सैलरी का एक बड़ा हिस्सा शुरुआत में ही खर्चों में निकल जाता है.
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जयपुर के क्या हैं हालात 
दूसरी तरफ जयपुर जैसे टियर-2 शहर में रहने की लागत काफी कम है. यहां एक बेडरूम फ्लैट करीब 18 हजार रुपये महीने में मिल सकता है. खाने-पीने, यात्रा और अन्य घरेलू खर्च भी महानगरों की तुलना में कम होते हैं. ऐसे में भले ही सैलरी कम हो, लेकिन महीने के अंत में बचत के लिए ज्यादा पैसा बच जाता है.
रोज के खर्चे में अंतर
बिजनेस एक्सपर्ट के अनुसार, अगर जयपुर में किसी चीज पर 100 रुपये खर्च होते हैं तो मुंबई में उसी चीज के लिए करीब 148 रुपये तक खर्च करने पड़ सकते हैं. यह अंतर सिर्फ एक-दो सामान तक सीमित नहीं है. किराना, बाहर खाना, कैब, बिजली बिल और दूसरी कई सेवाएं मुंबई में महंगी पड़ती हैं. यही वजह है कि दोनों शहरों की कमाई की तुलना सिर्फ सैलरी के आधार पर नहीं की जा सकती.
मुंबई में रहने वाले लोगों की एक बड़ी शिकायत ट्रैफिक को लेकर रहती है. कई कर्मचारी रोजाना दो घंटे या उससे ज्यादा समय सड़क पर बिताते हैं. वहीं जयपुर में ज्यादातर लोग 15 से 20 मिनट में अपने ऑफिस या जरूरी जगहों तक पहुंच जाते हैं. इससे न सिर्फ समय बचता है, बल्कि पेट्रोल और यात्रा पर होने वाला खर्च भी कम होता है.
क्या है ICMR का 3490 कैलोरी फॉर्मूला, अब खाने की थाली तय करेगी आपकी सैलरी?
आखिर कौन करता है ज्यादा बचत?
बिजनेस एक्सपर्ट के मुताबिक, जब किराया, रोजमर्रा का खर्च, यात्रा और जीवनशैली से जुड़े दूसरे खर्चों को जोड़कर देखा जाता है तो जयपुर में रहने वाला व्यक्ति सालाना करीब 3 लाख रुपये ज्यादा बचा सकता है. यानी 8 लाख रुपये कमाने वाला व्यक्ति भी कई मामलों में 20 लाख रुपये कमाने वाले से बेहतर स्थिति में हो सकता है.
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        <pubDate>Sun, 31 May 2026 12:30:17 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>लाख, मुंबई, में, और, लाख, जयपुर, में, कमाना, सारे, खर्चे, जोड़कर, बिजनेस, एक्सपर्ट, ने, बताया, कौन, करता, है, ज्यादा, बचत</media:keywords>
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        <title>Patanjali Foods: पतंजलि फूड्स का महा&amp;धमाका, 40000 करोड़ के पार पहुंचा सालाना राजस्व, डिविडेंड का किया ऐलान</title>
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        <description><![CDATA[ Patanjali Revenue: पतंजलि फूड्स ने वित्त वर्ष 2025-26 में शानदार प्रदर्शन करते हुए एक नया रिकॉर्ड बना दिया है. कंपनी का सालाना परिचालन राजस्व पहली बार 40,000 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया है. मजबूत बिक्री, खासकर खाद्य तेल और एफएमसीजी कारोबार में बढ़ोतरी के दम पर कंपनी ने यह उपलब्धि हासिल की है. कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 1.75 रुपये प्रति शेयर का दूसरा अंतरिम डिविडेंड भी घोषित किया है. इसके साथ पूरे साल का कुल डिविडेंड 3.50 रुपये प्रति शेयर हो गया है.
17% से ज्यादा बढ़ा राजस्व
मार्च 2026 तिमाही में पतंजलि फूड्स का परिचालन राजस्व 11,155.60 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 17.28 फीसदी ज्यादा है. तिमाही के दौरान कंपनी का शुद्ध लाभ (PAT) 524.02 करोड़ रुपये रहा. यह सालाना आधार पर 46.16 फीसदी की मजबूत बढ़ोतरी को दर्शाता है. वहीं EBITDA 501.96 करोड़ रुपये रहा. कंपनी का कहना है कि ग्रामीण और शहरी दोनों बाजारों में मांग मजबूत रहने से कारोबार को फायदा मिला है.
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40,169 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड
पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में पतंजलि फूड्स का कुल परिचालन राजस्व 40,169.58 करोड़ रुपये रहा. यह कंपनी के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा सालाना राजस्व है. वहीं पूरे साल का EBITDA 1,931.52 करोड़ रुपये दर्ज किया गया. कंपनी के कुल राजस्व में FMCG कारोबार का योगदान 27.60 फीसदी और EBITDA में 61.13 फीसदी रहा. इससे साफ है कि खाद्य उत्पादों और कंज्यूमर प्रोडक्ट्स की बढ़ती मांग कंपनी के लिए बड़ा सहारा बन रही है.
खाद्य तेल कारोबार बना सहारा
पतंजलि फूड्स के लिए खाद्य तेल कारोबार सबसे बड़ा ग्रोथ इंजन साबित हुआ. मार्च तिमाही में इस कारोबार से 8,324.11 करोड़ रुपये का राजस्व आया, जो सालाना आधार पर 23.28 फीसदी ज्यादा है. पूरे वित्त वर्ष में खाद्य तेल कारोबार का राजस्व 29,313.54 करोड़ रुपये रहा. कंपनी के मुताबिक बिक्री की मात्रा बढ़ने से इस सेगमेंट में मजबूत प्रदर्शन देखने को मिला. ब्रांडेड खाद्य तेलों का योगदान कुल बिक्री में करीब 75 फीसदी रहा.
FMCG कारोबार ने भी दिखाई ताकत
मार्च तिमाही में FMCG कारोबार से कंपनी को 2,890.46 करोड़ रुपये का राजस्व मिला. वहीं पूरे साल में यह आंकड़ा 11,188.24 करोड़ रुपये तक पहुंच गया. होम एंड पर्सनल केयर श्रेणी में 35.42 फीसदी की शानदार वृद्धि दर्ज की गई. स्किन केयर सेगमेंट में तो 57.66 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली. कंपनी का लोकप्रिय दूध बिस्कुट ब्रांड भी लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहा है. इसकी सालाना बिक्री 1,300 करोड़ रुपये के पार पहुंच चुकी है.
ऑयल पाम प्रोजेक्ट में भी तेजी
पतंजलि फूड्स ऑयल पाम खेती पर भी तेजी से काम कर रही है. मार्च 2026 तक कंपनी का ऑयल पाम खेती क्षेत्र बढ़कर 1,10,722 हेक्टेयर हो गया है. यह पिछले साल की तुलना में 23.65 फीसदी अधिक है. कंपनी 12 राज्यों में इस परियोजना का विस्तार कर रही है और भविष्य में घरेलू खाद्य तेल उत्पादन बढ़ाने पर फोकस कर रही है.
सिर्फ प्रीमियम देखकर न खरीदें बीमा कंपनियों के शेयर, निवेश से पहले चेक करें ये कड़े नियम
प्रबंधन ने क्या कहा?
कंपनी के CEO संजीव अस्थाना ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अच्छी फसल और सरकारी योजनाओं के कारण मांग मजबूत बनी रही. वहीं शहरी बाजारों में प्रीमियम उत्पादों की मांग बढ़ी है. उन्होंने कहा कि खाद्य तेल कारोबार में मजबूत प्रदर्शन कंपनी की रणनीति और बेहतर क्रियान्वयन का नतीजा है.
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
40,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का सालाना राजस्व, मजबूत मुनाफा, बढ़ता FMCG कारोबार और डिविडेंड की घोषणा यह संकेत देती है कि पतंजलि फूड्स अपने कारोबार का दायरा लगातार बढ़ा रही है. आने वाले समय में कंपनी की नजर खाद्य तेल, FMCG और हेल्थ प्रोडक्ट्स सेगमेंट में विस्तार पर रहेगी.
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        <pubDate>Sun, 31 May 2026 12:30:16 +0530</pubDate>
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        <title>Insurance Stocks: सिर्फ प्रीमियम देखकर न खरीदें बीमा कंपनियों के शेयर, निवेश से पहले चेक करें ये कड़े नियम</title>
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        <description><![CDATA[ शेयर बाजार में बीमा सेक्टर को लंबे समय से स्थिर और भरोसेमंद निवेश विकल्प माना जाता है. जब किसी बीमा कंपनी के प्रीमियम कलेक्शन या पॉलिसी बिक्री के आंकड़े तेजी से बढ़ते हैं, तो निवेशकों का ध्यान भी उसकी तरफ जाता है. लेकिन सिर्फ प्रीमियम बढ़ने का मतलब यह नहीं है कि कंपनी अच्छा मुनाफा भी कमा रही है. बीमा कारोबार दूसरे बिजनेस से थोड़ा अलग होता है. यहां कंपनी पहले ग्राहकों से प्रीमियम लेती है और बाद में दावों का भुगतान करती है. ऐसे में किसी बीमा कंपनी की असली ताकत समझने के लिए सिर्फ प्रीमियम नहीं, बल्कि कई दूसरे आंकड़ों को भी देखना जरूरी होता है.
सिर्फ प्रीमियम ग्रोथ देखकर न लें फैसला
बीमा कंपनियां अक्सर अपने प्रीमियम कलेक्शन में बढ़ोतरी को बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश करती हैं. जीवन बीमा कंपनियों में नया बिजनेस प्रीमियम और नवीनीकरण प्रीमियम पर नजर रखी जाती है, जबकि सामान्य बीमा कंपनियों में ग्रॉस रिटन प्रीमियम देखा जाता है. हालांकि कई बार कंपनियां ज्यादा ग्राहकों को जोड़ने के लिए कम कीमत पर पॉलिसी बेचती हैं या ज्यादा कमीशन देती हैं. इससे शुरुआती आंकड़े तो अच्छे दिख सकते हैं, लेकिन भविष्य में दावों का बोझ बढ़ने पर मुनाफा प्रभावित हो सकता है.
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एम्बेडेड वैल्यू बताती है असली ताकत
जीवन बीमा कंपनियों का मूल्यांकन करते समय एम्बेडेड वैल्यू एक महत्वपूर्ण पैमाना माना जाता है. यह बताता है कि कंपनी की मौजूदा पॉलिसियों से भविष्य में कितना लाभ मिलने की उम्मीद है. क्योंकि जीवन बीमा की पॉलिसियां कई सालों तक चलती हैं, इसलिए आज बेची गई पॉलिसी आने वाले वर्षों में भी कमाई का जरिया बन सकती है. एम्बेडेड वैल्यू निवेशकों को यह समझने में मदद करती है कि कंपनी के पास भविष्य के लिए कितना मजबूत आधार मौजूद है.
VNB और VNB मार्जिन पर भी रखें नजर
बीमा क्षेत्र में VNB यानी वैल्यू ऑफ न्यू बिजनेस एक अहम संकेतक माना जाता है. यह बताता है कि नई बेची गई पॉलिसियों से कंपनी को भविष्य में कितना फायदा हो सकता है. अगर किसी कंपनी का VNB मार्जिन अच्छा है तो इसका मतलब है कि वह सिर्फ ज्यादा पॉलिसियां नहीं बेच रही, बल्कि लाभदायक पॉलिसियां भी बेच रही है. निवेशकों के लिए यह संकेत काफी महत्वपूर्ण होता है.
ग्राहक कंपनी के साथ टिके हुए हैं या नहीं?
बीमा कारोबार में ग्राहक को बनाए रखना बेहद जरूरी होता है. इसी को परसिस्टेंसी रेशियो यानी स्थायित्व अनुपात से मापा जाता है. यह आंकड़ा बताता है कि पॉलिसी खरीदने के बाद कितने ग्राहक समय पर प्रीमियम जमा करते रहते हैं. अगर यह अनुपात ज्यादा है तो इसका मतलब है कि ग्राहक कंपनी पर भरोसा कर रहे हैं. वहीं कम अनुपात गलत बिक्री या कमजोर ग्राहक सेवा का संकेत हो सकता है.
सामान्य बीमा कंपनियों के लिए संयुक्त अनुपात जरूरी
अगर आप किसी जनरल इंश्योरेंस कंपनी में निवेश करना चाहते हैं तो संयुक्त अनुपात जरूर देखें. यह दावों और खर्चों को जोड़कर बताता है कि कंपनी अंडरराइटिंग से मुनाफा कमा रही है या नहीं. 100 फीसदी से कम संयुक्त अनुपात को अच्छा माना जाता है. इसका मतलब है कि कंपनी प्रीमियम से ज्यादा कमा रही है और खर्च कम कर रही है.
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सॉल्वेंसी रेशियो भी है बेहद अहम
बीमा कारोबार भरोसे पर चलता है. ग्राहक इस उम्मीद में प्रीमियम भरते हैं कि जरूरत पड़ने पर कंपनी उनका दावा चुकाएगी. सॉल्वेंसी रेशियो बताता है कि कंपनी के पास भविष्य की जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए पर्याप्त पूंजी है या नहीं. मजबूत सॉल्वेंसी वाली कंपनियां आमतौर पर ज्यादा सुरक्षित मानी जाती हैं.
उत्पाद और वितरण नेटवर्क भी देखें
सभी बीमा उत्पाद समान रूप से लाभदायक नहीं होते. कुछ पॉलिसियों में मार्जिन ज्यादा होता है, जबकि कुछ में कम. इसके अलावा कंपनी ग्राहकों तक कैसे पहुंच रही है, यह भी महत्वपूर्ण है. मजबूत एजेंट नेटवर्क, बैंक साझेदारी और डिजिटल प्लेटफॉर्म कंपनी की लंबी अवधि की ग्रोथ में मदद करते हैं.
निवेश से पहले यह चेकलिस्ट जरूर अपनाएं
बीमा कंपनियों में निवेश करते समय सिर्फ प्रीमियम ग्रोथ देखकर फैसला न लें. एम्बेडेड वैल्यू, VNB, VNB मार्जिन, परसिस्टेंसी रेशियो, संयुक्त अनुपात, सॉल्वेंसी रेशियो और उत्पाद पोर्टफोलियो जैसे संकेतकों का भी विश्लेषण करें.
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        <pubDate>Sun, 31 May 2026 12:30:16 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>Insurance, Stocks:, सिर्फ, प्रीमियम, देखकर, न, खरीदें, बीमा, कंपनियों, के, शेयर, निवेश, से, पहले, चेक, करें, ये, कड़े, नियम</media:keywords>
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        <title>कब &amp;apos;डेड&amp;apos; मान लिया जाएगा आपका क्रेडिट कार्ड? नए नियम पढ़ लें, आपको लग सकता है झटका</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/कब-डेड-मान-लिया-जाएगा-आपका-क्रेडिट-कार्ड-नए-नियम-पढ़-लें-आपको-लग-सकता-है-झटका</link>
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        <description><![CDATA[ Credit Card Update: अक्सर क्रेडिट कार्ड को कम समय में उधार और बकाया जमा करने के लिए लाभदायक माना गया है. हालांकि लंबे समय से कार्ड का इस्तेमाल नहीं होता है तो बैंक की ओर से कार्ड को बंद किया जा सकता है. जिसका नतीजा होता है कि ग्राहक जमा अच्छी क्रेडिट राशि भी खो देते है. ऐसे में अपने क्रेडिट कार्ड को समय -समय पर स्टेबल रखने से क्रेडिट कार्ड को बंद होने से बचाया जा सकता है.&amp;nbsp;
अक्सर क्रेडिट कार्ड होल्डर के लिए जो बैंक की गाइडलाइन्स होती है कि तीन से 12 महीने के बीच कोई भी गतिविधि ना होना. क्रेडिट कार्ड होल्डर जरूरी है कि, तीस दिनों के भीतर कार्ड के बंद होने की जानकारी बैंक को दें और जिससे वह अपने कार्ड के दोबारा शुरू होने की जानकारी पा सकते है.&amp;nbsp;
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लंबे समय तक क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल न करें तो क्या होगा?
बैंकबाज़ार के सीईओ, अधिल शेट्टी ने कहा, अगर 12 महीनों के भीतर ग्राहक क्रेडिट कार्ड का किसी भी हालत में इस्तेमाल नहीं करता है, बैंक की ओर से कोई भी कदम उठाने से &amp;nbsp;पहले ग्राहक के अमल में यह जानकारी होना जरूरी है.
आरबीआई के गाइड्सलाइन के मुताबिक, अगर क्रेडिट कार्ड की ओर से साल भर में किसी तरह की कोई भी आर्थिक लेन देन नहीं होता है तो, जैसे स्टेटमेंट जनरेशन, पिन बदलना, लेन देन में बदलाव का होना और लेन देन में कंट्रोल शामिल है. यहां तक कि कार्ड को नोटिस नहीं किया जाएगा और जिसका सीधा -सीधा असर जमा क्रेडिट स्कोर पर पड़ेगा.&amp;nbsp;
क्रेडिट कार्ड के संदर्भ में महत्वपूर्ण जानकारी
लंबे समय से क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल ना होने जोखिम भर हो सकता है. शेट्टी ने कहा, इसका असर अलग अलग तरीके से हो सकता है. यह निर्भर करता है ग्राहक की पिछली लेन देन पर. इसी के साथ आंकड़ों को देखते हुए, महीने में कार्ड का इस्तेमाल तय करता है प्रतिशत सीमा.
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        <pubDate>Sun, 31 May 2026 12:30:15 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>कब, डेड, मान, लिया, जाएगा, आपका, क्रेडिट, कार्ड, नए, नियम, पढ़, लें, आपको, लग, सकता, है, झटका</media:keywords>
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        <title>Petrol&amp;Diesel: पूरे 22 रुपये सस्ता हो गया पेट्रोल और डीजल, सरकार ने घटाए दाम तो लोगों ने ली राहत की सांस</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/petrol-diesel-पूरे-22-रुपये-सस्ता-हो-गया-पेट्रोल-और-डीजल-सरकार-ने-घटाए-दाम-तो-लोगों-ने-ली-राहत-की-सांस</link>
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        <description><![CDATA[ Petrol-Diesel Price Cut: ईरान-अमेरिका में लड़ाई, होर्मुज की नाकेबंदी और पश्चिम एशिया में टेंशन के बीच एक तरफ जहां भारत सहित दुनिया के तमाम हिस्सों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ रही हैं. वहीं, भारत के ही पड़ोसी देश पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल के दाम लगातार घट रहे हैं.
सरकार ने दिया ईद का तोहफा
पाकिस्तान में शहबाज शरीफ की सरकार ने बीते 29 मई को पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल (HSD) की कीमत में भारी कटौती का ऐलान किया है. यहां सरकार ने ईद-अल-अजहा के मौके पर देश की जनता को राहत देते हुए पेट्रोल-डीजल के दाम पहले के मुकाबले और कम कर दिए हैं और इसे &#039;ईद का तोहफा&#039; बताया है. कल पाकिस्तान में पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल दोनों के दाम सीधे 22 रुपये घटा दिए गए.&amp;nbsp;
लगातार तीसरी बार कम हुई कीमत

सबसे पहले 15 मई को पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल की कीमतों में 5 रुपये प्रति लीटर की कटौती की गई.
फिर 22 मई को साप्ताहिक समीक्षा के तहत पेट्रोल के दाम 6 रुपये प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल 6.80 रुपये प्रति लीटर कम किए गए.&amp;nbsp;
ईद के मौके पर 29 मई को तीसरी बार सबसे बड़ी कटौती की गई. सरकार ने दोनों के ही दाम 22 रुपये कम कर दिए.&amp;nbsp;

कुल मिलाकर पाकिस्तान में मई के महीने में पेट्रोल कुल 33 रुपये प्रति लीटर सस्ता हुआ है. वहीं, डीजल के दाम कुल 33.80 रुपये कम किए गए हैं.
क्यों कम किए गए रेट?
पाकिस्तान की आवाम महंगाई से परेशान थी. मार्च और अप्रैल में यहां ईंधन की कीमतें पहली बार 414 रुपये प्रति लीटर के पार चली गई थीं. इसके चलते माल ढुलाई से लेकर ट्रांसपोर्ट बेहद महंगा हो गया था.लोग सड़कों पर उतर आए थे. जगह-जगह विरोध प्रदर्शन होने लगे. अपनी सरकार को बचाने और घरेलू राजनीतिक स्थिरता के लिए सरकार ने दाम कम किए. इस क्रम में सरकार ने ईद के मौके पर अधिकारियों को तेल कंपनियों को होने वाले मुनाफे या टैक्स का कुछ हिस्सा घटाकर सीधे जनता को राहत पहुंचाने के निर्देश दिए.&amp;nbsp;&amp;nbsp;
कीमतें कम करने की एक और वजह भी है. पाकिस्तान इन दिनों अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के नियमों पर चल रहा है. IMF ने प्रति लीटर तेल पर एक निश्चित लेवी वसूलने की शर्त रखी थी. अब चूंकि सरकार चालू वित्त वर्ष के लिए टैक्स कलेक्शन का अपना टारगेट पूरा कर पा रही है इसलिए बंतर्राष्ट्रीय बाजारदमें कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का लाभी टैक्स के रूप में खुद रखने के बजाय उपभोक्ताओं को दे रही है.&amp;nbsp;

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        <pubDate>Sat, 30 May 2026 20:30:22 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>8th Pay Commission: रेलवे ने फिटमेंट फैक्टर पर कर दी बड़ी मांग, जानें कितनी बढ़ जाएगी सैलरी?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/8th-pay-commissionरेलवे-ने-फिटमेंट-फैक्टर-पर-कर-दी-बड़ी-मांग-जानें-कितनी-बढ़-जाएगी-सैलरी</link>
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        <description><![CDATA[ 8th Pay Commission: इंडियन रेलवे टेक्निकल सुपरवाइजर्स एसोसिएशन (IRTSA) ने 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के सामने अपने कर्मचारियों के लिए बड़ी मांग रखी है. इसके तहत, रेलवे ने सभी कर्मचारियों के लिए एक समान के बजाय पे-मैट्रिक्स के आधार पर 5- ग्रेडेड फिटमेंट फैक्टर की मांग की है. यानी कि अलग-अलग स्तर के कर्मचारियों के लिए अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर लागू करने की मांग. इस फॉर्मूले के तहत, उच्च पदों पर बैठे अधिकारियों और टेक्निकल स्टाफ की बेसिक सैलरी में 192% से अधिकतम 338% &amp;nbsp;तक का इजाफा हो सकता है.&amp;nbsp;
क्या है 5-ग्रेडेड फिटमेंट फैक्टर का पूरा कैलकुलेशन?
7वें वेतन आयोग के तहत सभी के लिए एक समान 2.57 का फिटमेंट फैक्टर था. इसके विपरीत, IRTSA ने पदों की जिम्मेदारी के हिसाब से पांच अलग-अलग Multipliers तय करने का प्रस्ताव दिया है.&amp;nbsp;

लेवल 1-5 : 2.92
लेवल 6-8 : 3.50
लेवल 9-12 : 3.80
लेवल 13-16 : 4.09
लेवल 17-18 : 4.38

इतना ही नहीं, IRTSA ने रेलवे टेक्निकल सुपरवाइजर्स के लिए नया कैडर स्ट्रक्चर और शुरुआती वेतन भी सुझाया है. यह कुछ इस प्रकार से है:-

जूनियर इंजीनियर (Level-7) 1,57,400 रुपये
सीनियर सेक्शन इंजीनियर (Gr-B, Level-8) 1,66,800 रुपये
असिस्टेंट मैनेजर (Gr-B, Level-9) 2,01,600 रुपये
मैनेजर (Gr-B, Level-10) 2,13,000 रुपये
सीनियर मैनेजर (Gr-A, Level-11) 2,57,000 रुपये

क्या है रेलवे का तर्क?
रेलवे एसोसिएशन का तर्क है कि पिछले वेतन आयोगों के कारण सीनियर सुपरवाइजर और उनके नीचे काम करने वाले कर्मचारियों के वेतन में अंतर बहुत कम हो गया था. कई बार सुपरवाइजर को अपने अंडर काम करने वाले कर्मचारी के बराबर ही वेतन मिलता है. 4.38% का फिटमेंट फैक्टर इसी विसंगति को दूर करेगा.
इसके अलावा, रेलवे में टॉप लेवल के इंजीनियर्स और दूसरे बड़े पदों के लिए बड़ी सैलरी हाइक का प्रस्ताव इसलिए रखा गया है ताकि सरकारी नौकरी की सैलरी भी प्राइवेट सेक्टर के मुकाबले आकर्षक बना रहे. इसके अलावा, संगठन ने और भी कई मांगे की हैं जैसे कि DA का बेसिक सैलरी में ऑटोमेटिक मर्जर, 5% का एनुअल सैलरी ग्रोथ वगैरह.&amp;nbsp;

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        <pubDate>Sat, 30 May 2026 20:30:20 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>8th, Pay, Commission: रेलवे, ने, फिटमेंट, फैक्टर, पर, कर, दी, बड़ी, मांग, जानें, कितनी, बढ़, जाएगी, सैलरी</media:keywords>
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        <title>Iran War: इनपुट कॉस्ट बढ़ने से कंपनियों की बढ़ी टेंशन, बढ़ती महंगाई कॉर्पोरेट आय पर कैसे डालेगी दबाव?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/iran-war-इनपुट-कॉस्ट-बढ़ने-से-कंपनियों-की-बढ़ी-टेंशन-बढ़ती-महंगाई-कॉर्पोरेट-आय-पर-कैसे-डालेगी-दबाव</link>
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        <description><![CDATA[ Iran War:&amp;nbsp;अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब सिर्फ मध्य-पूर्व तक सीमित नहीं है. इसका असर दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं पर दिखाई देने लगा है. सबसे बड़ी चिंता कच्चे तेल की कीमतों को लेकर है. हाल के दिनों में तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला, जिससे भारत जैसे बड़े तेल आयातक देशों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर तनाव लंबे समय तक बना रहा तो महंगाई बढ़ सकती है और इसका सीधा असर कंपनियों की कमाई पर पड़ सकता है.
महंगाई क्यों बन रही है बड़ा खतरा?
भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है. ऐसे में जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होता है तो परिवहन, लॉजिस्टिक्स और उत्पादन की लागत बढ़ जाती है. धीरे-धीरे इसका असर रोजमर्रा के सामानों की कीमतों पर भी दिखने लगता है. पिछले कुछ महीनों में महंगाई नियंत्रण में थी, जिससे कंपनियों को राहत मिली थी. लेकिन अब तेल की कीमतों में आई तेजी ने फिर से महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा कर दिया है. अगर ईंधन महंगा होता है तो कंपनियों का खर्च बढ़ेगा और अंततः इसका बोझ ग्राहकों तक पहुंच सकता है.&amp;nbsp;
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कॉर्पोरेट आय पर कैसे पड़ेगा असर?
किसी भी कंपनी की कमाई सिर्फ बिक्री पर निर्भर नहीं करती, बल्कि उसकी लागत भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है. जब कच्चा माल, ईंधन और परिवहन खर्च बढ़ते हैं तो कंपनियों का मुनाफा घटने लगता है. हालांकि कुछ बड़ी कंपनियां अपने उत्पादों की कीमत बढ़ाकर इस असर को कम कर सकती हैं, लेकिन हर कंपनी के लिए ऐसा करना आसान नहीं होता. खासकर उन सेक्टरों में जहां प्रतिस्पर्धा ज्यादा है, वहां कीमत बढ़ाने से बिक्री प्रभावित हो सकती है. ऐसे में कंपनियों के मार्जिन पर दबाव बढ़ने की आशंका रहती है.&amp;nbsp;
इन सेक्टरों पर सबसे ज्यादा दबाव
तेल की बढ़ती कीमतों का सबसे बड़ा असर एयरलाइंस कंपनियों पर पड़ सकता है. विमानन ईंधन उनकी लागत का बड़ा हिस्सा होता है. ऐसे में ईंधन महंगा होने पर या तो टिकट महंगे होंगे या कंपनियों का मुनाफा घटेगा. पेंट, केमिकल और पेट्रोकेमिकल सेक्टर भी दबाव में आ सकते हैं क्योंकि इनका कच्चा माल सीधे तौर पर कच्चे तेल से जुड़ा होता है. कई विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इन कंपनियों के मार्जिन पर असर दिखाई दे सकता है.&amp;nbsp;इसके अलावा एफएमसीजी कंपनियां, सीमेंट निर्माता, इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियां और उर्वरक उद्योग भी बढ़ती लागत का सामना कर सकते हैं. माल ढुलाई महंगी होने से इनके खर्च बढ़ेंगे और मुनाफा प्रभावित हो सकता है.&amp;nbsp;
शेयर बाजार पर भी दिख सकता है असर
बढ़ती महंगाई और ऊंची तेल कीमतें शेयर बाजार के लिए भी अच्छी खबर नहीं मानी जाती हैं. निवेशकों को डर है कि अगर महंगाई बढ़ती रही तो ब्याज दरों में कटौती की संभावना कम हो सकती है. इससे बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है. विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल बाजार पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है. आने वाली तिमाहियों के नतीजे यह तय करेंगे कि बढ़ती लागत का कंपनियों की कमाई पर कितना असर पड़ा है.&amp;nbsp;
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क्या FY27 में कमाई के अनुमान घट सकते हैं?
अभी तक FY27 के लिए कंपनियों की कमाई को लेकर उम्मीदें सकारात्मक बनी हुई हैं. लेकिन अगर तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं तो कई सेक्टरों के लिए आय अनुमान में कटौती की जा सकती है. विश्लेषकों का मानना है कि पहली और दूसरी तिमाही के नतीजों में इस दबाव की तस्वीर साफ दिखाई दे सकती है. खासकर उन कंपनियों पर ज्यादा असर होगा जिनकी लागत का बड़ा हिस्सा ईंधन और आयातित कच्चे माल पर निर्भर है.&amp;nbsp;
आगे क्या है सबसे बड़ी चिंता?
फिलहाल सबसे बड़ी चिंता यही है कि मध्य-पूर्व में तनाव कितना लंबा चलता है. अगर हालात जल्द सामान्य हो जाते हैं तो तेल की कीमतों में राहत मिल सकती है. लेकिन अगर संघर्ष बढ़ता है तो महंगाई, कंपनियों की कमाई और शेयर बाजार तीनों पर दबाव बढ़ सकता है. यही वजह है कि निवेशकों से लेकर कंपनियों तक, सभी की नजर अब कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक घटनाक्रम पर टिकी हुई है. आने वाले कुछ महीने यह तय करेंगे कि बढ़ती इनपुट कॉस्ट सिर्फ अस्थायी परेशानी है या फिर भारत इंक के लिए एक बड़ी चुनौती बनने वाली है.
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        <pubDate>Sat, 30 May 2026 20:30:19 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>8th Pay Commission: क्या है ICMR का 3490 कैलोरी फॉर्मूला, अब खाने की थाली तय करेगी आपकी सैलरी?</title>
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        <description><![CDATA[ 8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच लगातार चर्चा चल रही है. कर्मचारी संगठनों की सबसे बड़ी मांग न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी को लेकर है. इसी बीच एक ऐसा फॉर्मूला चर्चा में आ गया है, जिसका सीधा संबंध कर्मचारियों की खाने की थाली से है. दरअसल, राष्ट्रीय संयुक्त परामर्श तंत्र ने सरकार को दिए अपने ज्ञापन में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के 3490 कैलोरी फॉर्मूले को वेतन निर्धारण का आधार बनाने की मांग की है. कर्मचारी संगठनों का कहना है कि अगर सरकार वास्तव में कर्मचारियों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना चाहती है तो न्यूनतम वेतन तय करते समय उनकी जरूरतों को ध्यान में रखना होगा और इनमें सबसे पहली जरूरत भोजन और पोषण की है.
क्या है ICMR का 3490 कैलोरी फॉर्मूला?
ICMR देश की प्रमुख स्वास्थ्य अनुसंधान संस्था है, जो समय-समय पर लोगों की पोषण संबंधी जरूरतों पर ध्यान देती है. इसके अनुसार एक औसत कामकाजी व्यक्ति को प्रतिदिन लगभग 3490 कैलोरी ऊर्जा की आवश्यकता होती है. यह कैलोरी सिर्फ पेट भरने के लिए नहीं, बल्कि शरीर को स्वस्थ रखने, काम करने की क्षमता बनाए रखने और पोषण की जरूरतों को पूरा करने के लिए जरूरी मानी जाती है. कर्मचारी संगठनों का तर्क है कि जब सरकार न्यूनतम वेतन तय करती है तो उसे यह देखना चाहिए कि कर्मचारी अपने परिवार के लिए पर्याप्त और पौष्टिक भोजन खरीद पाने में सक्षम है या नहीं. अगर वेतन इतना कम हो कि परिवार की बुनियादी जरूरतें भी पूरी न हों, तो वेतन वृद्धि का मकसद अधूरा रह जाता है.
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खाने की थाली से सैलरी का क्या संबंध?
पहली नजर में यह सवाल अजीब लग सकता है कि खाने की थाली का सैलरी से क्या लेना-देना है. लेकिन वेतन आयोगों के इतिहास पर नजर डालें तो पता चलता है कि न्यूनतम वेतन तय करने में कर्मचारियों की बुनियादी जरूरतों को हमेशा आधार बनाया गया है. इन जरूरतों में भोजन, कपड़े, आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन और अन्य जरूरी खर्च शामिल होते हैं. कर्मचारी संगठनों का कहना है कि मौजूदा समय में महंगाई पहले की तुलना में काफी बढ़ चुकी है. ऐसे में पुराने मानकों से कर्मचारियों के खर्च का सही आकलन नहीं हो सकता. यही वजह है कि अब ICMR के आधुनिक पोषण मानकों को शामिल करने की मांग की जा रही है. इसके जरिए यह पता लगाया जाएगा कि एक परिवार को स्वस्थ जीवन जीने के लिए हर महीने खाने-पीने पर कितना खर्च करना पड़ता है और उसी आधार पर न्यूनतम वेतन तय किया जाए.
69 हजार रुपये न्यूनतम वेतन की मांग क्यों?
JCM ने सरकार को दिए ज्ञापन में केंद्रीय कर्मचारियों के लिए न्यूनतम वेतन करीब 69,000 रुपये प्रति माह करने की मांग की है. कर्मचारी संगठनों का कहना है कि वर्तमान वेतन संरचना बढ़ती महंगाई के मुकाबले काफी पीछे रह गई है. उनका तर्क है कि आज के समय में सिर्फ राशन और भोजन ही महंगा नहीं हुआ है, बल्कि बच्चों की पढ़ाई, इलाज, किराया, बिजली-पानी, इंटरनेट, मोबाइल और यात्रा जैसे खर्च भी तेजी से बढ़े हैं. ऐसे में कर्मचारियों को सम्मानजनक जीवन जीने के लिए अधिक वेतन की जरूरत है.
फिटमेंट फैक्टर पर भी टिकी हैं उम्मीदें
8वें वेतन आयोग की चर्चा में फिटमेंट फैक्टर भी बड़ा मुद्दा बना हुआ है. फिटमेंट फैक्टर वह गुणांक होता है जिसके आधार पर कर्मचारियों की मौजूदा बेसिक सैलरी को बढ़ाया जाता है. हालांकि अभी सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन कर्मचारी संगठन चाहते हैं कि फिटमेंट फैक्टर ऐसा हो जिससे न्यूनतम वेतन में बड़ा इजाफा हो सके. माना जा रहा है कि अगर सरकार कर्मचारी संगठनों की मांगों पर विचार करती है तो बेसिक सैलरी में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है.
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कर्मचारियों के लिए क्यों अहम है यह बहस?
सरकारी कर्मचारियों का कहना है कि महंगाई बढ़ने के साथ जीवनयापन का खर्च भी तेजी से बढ़ा है. ऐसे में सिर्फ मामूली वेतन वृद्धि से काम नहीं चलेगा. वे चाहते हैं कि वेतन निर्धारण का तरीका भी समय के साथ बदले. ICMR के 3490 कैलोरी फॉर्मूले को शामिल करने की मांग इसी सोच का हिस्सा है.&amp;nbsp;
सरकार का क्या है रुख?
फिलहाल सरकार की तरफ से ICMR के 3490 कैलोरी फॉर्मूले या 69 हजार रुपये न्यूनतम वेतन की मांग पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. 8वें वेतन आयोग से जुड़ी कई सिफारिशों और मांगों पर अभी चर्चा चल रही है. अंतिम फैसला आयोग की सिफारिशों और सरकार की मंजूरी के बाद ही सामने आएगा. इसलिए अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि कर्मचारियों की सभी मांगें स्वीकार होंगी या नहीं.
लाखों कर्मचारियों की नजर 8वें वेतन आयोग पर
देश के लाखों केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर्स 8वें वेतन आयोग से बड़ी उम्मीदें लगाए बैठे हैं. उन्हें उम्मीद है कि इस बार सिर्फ वेतन बढ़ोतरी ही नहीं, बल्कि उनकी वास्तविक जरूरतों को भी ध्यान में रखा जाएगा. अगर वेतन निर्धारण में ICMR के पोषण मानकों जैसे आधुनिक पैमानों को शामिल किया जाता है तो यह कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है. इससे न केवल उनकी आय बढ़ेगी, बल्कि बढ़ती महंगाई के बीच आर्थिक सुरक्षा भी मजबूत होगी.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sat, 30 May 2026 20:30:17 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Petrol Diesel Price: ट्रंप होर्मुज से नाकाबंदी हटा देंगे तो क्या भारत में सस्ता हो जाएगा पेट्रोल&amp;डीजल? जानें कहां फंस सकता है पेंच</title>
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        <description><![CDATA[ Petrol Diesel Price in India: भारत में पिछले 15 दिनों के अंदर पेट्रोल और डीजल के दामों में चार बार बढ़ोतरी की गई है. जनता दिन पर दिन बढ़ती महंगाई से त्रस्त है. इसका कारण है ईरान और अमेरिका के बीच पिछले तीन महीनों से जारी युद्ध और होर्मुज संकट. लेकिन अब देश की जनता को बढ़ते पेट्रोल डीजल के दामों से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद जगी है.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक हालिया बयान ने पूरी दुनिया के तेल बाजार में हलचल मचा दी है. ट्रंप ने कहा है कि अमेरिकी सेना स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से नाकाबंदी हटाने के लिए तैयार है. समझिए ट्रंप के इस बयान का भारत में तेल की बढ़ती कीमतों पर क्या असर होगा.&amp;nbsp;
ट्रंप ने क्या कहा है?
दरअसल ट्रंप ने कहा है कि ईरान को हर हाल में परमाणु बम बनाने का इरादा छोड़ना होगा. इसी के साथ उन्होंने ऐलान किया कि हॉर्मुज स्ट्रेट को तुरंत बिना किसी टैक्स और रुकावट के दोनों तरफ की शिपिंग के लिए खोल दिया जाएगा. ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी नौसेना ने वहां बिछाई गई बारूदी सुरंगों को नष्ट कर दिया है और जो जहाज वहां फंसे थे, वे अब अपने घर लौट सकते हैं.
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तो क्या भारत में सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल?
ट्रंप के इस फैसले का सीधा और बड़ा असर पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर पड़ सकता है. अगर हॉर्मुज से नाकाबंदी पूरी तरह हट जाती है तो भारत में पेट्रोल-डीजल के सस्ता होने की पूरी संभावना बन जाएगी.
इसके तीन कारण हैं...
पहला- रास्ता साफ होने से दुनिया में कच्चे तेल की सप्लाई बढ़ेगी. जब सप्लाई बढ़ेगी तो ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल के दाम गिरेंगे.
दूसरा- युद्ध के खतरे की वजह से जहाजों का जो बीमा और माल ढुलाई का किराया आसमान छू रहा था, वो अब कम हो जाएगा. यानी भारत को तेल का आयात करना सस्ता पड़ेगा.
तीसरा- ट्रंप के बयान से साफ है कि ईरान के साथ भी बातचीत का रास्ता खुल रहा है. अगर ईरान अमेरिका की मांगों पर सहमति दे देता है तो कीमतें और तेजी से नीचे आ सकती हैं.
कहां फंस सकता है पेंच?
हालांकि एक बात समझनी जरूरी है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में दाम घटते ही भारत में तुरंत पेट्रोल सस्ता नहीं होता. यह इस बात पर निर्भर करेगा कि भारत की सरकारी तेल कंपनियां इस गिरावट का फायदा आम जनता तक कितनी जल्दी पहुंचाती हैं. साथ ही अगर सरकार ने इस मौके पर टैक्स नहीं बढ़ाया तो आने वाले दिनों में आपको पेट्रोल-डीजल की कीमतों में एक बड़ी राहत देखने को मिल सकती है.
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भारत में कितना महंगा हुआ पेट्रोल डीजल?
भारत में आखिरी बार पेट्रोल और डीजल के दाम 25 मई को बढ़ाए गए थे. 25 मई को पेट्रोल 2 रुपए 61 पैसे और डीजल 2 रुपए 71 पैसे महंगा हुआ था. बीते 15 दिनों में देश में पेट्रोल 7 रुपए 35 पैसे और &amp;nbsp;डीजल 7 रुपए 53 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ है. तेल के साथ-साथ दिल्ली-एनसीआर में सीएनजी के दाम भी बढ़ गए हैं.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sat, 30 May 2026 04:30:16 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Petrol, Diesel, Price:, ट्रंप, होर्मुज, से, नाकाबंदी, हटा, देंगे, तो, क्या, भारत, में, सस्ता, हो, जाएगा, पेट्रोल-डीजल, जानें, कहां, फंस, सकता, है, पेंच</media:keywords>
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        <title>Indian Govt: LPG गैस के स्टॉक पर मोदी सरकार का बड़ा फैसला, तेल कंपनियों से कहा&amp; 1 महीने के लिए...</title>
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        <description><![CDATA[ LPG News: ईरान और यूएस के बीच फरवरी से युद्ध चल रहा है, जो अब तक खत्म नहीं हो रहा है. इसका असर दुनियाभर में तेल के आयात पर पड़ रहा है. भारत में भी इस युद्ध की वजह से तेल और गैस की किल्लत हो रही है. इसी बीच हाल ही में भारत की मोदी सरकार ने गैस को लेकर एक बड़ा फैसला किया है. सरकार की तरफ से फैसला किया गया है कि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को अब कम से कम 30 दिन का एलपीजी स्टॉक रखना होगा.&amp;nbsp;
क्या बोली सरकार?दरअसल हाल ही में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने एक प्रेस ब्रीफिंग की, जिसमें उन्होंने कहा कि, &#039;तेल विपणन कंपनियों को कम से कम 30 दिन का एलपीजी रिजर्व बनाने के लिए कहा गया है.&#039; ये फैसला फिलहाल की स्थिति को देखते हुए लिया गया है. ताकि देशवासियों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना ना करना पड़े.
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तो वहीं घरेलू एलपीजी की मांग पर सुजाता शर्मा ने कहा कि, &#039;अभी खपत 72,000 मीट्रिक टन प्रति दिन है, जिसमें से 50,000 से 52,000 मीट्रिक टन घरेलू उत्पादन है. पश्चिम एशिया संघर्ष से पहले भारत का घरेलू एलपीजी उत्पादन लगभग 35,000 मीट्रिक टन प्रति दिन था. पिछले चार दिनों में 1.78 करोड़ एलपीजी रिफिल बुकिंग मिली हैं और लगभग 1.8 करोड़ सिलेंडर डिलीवर किए गए हैं.&#039;
पेट्रोल- डीजल की बढ़ती मांग की पुष्टिइतना ही नहीं सरकार ने ये भी बताया है कि देश के कई जिलों में पेट्रोल- डीजल की मांग भी बढ़ी है. सुजाता शर्मा ने बताया कि, &#039;150 जिलों में पेट्रोल की मांग में 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी जा रही है, जबकि 14 जिलों में 100 प्रतिशत वृद्धि देखी जा रही है. इसी तरह 156 जिलों में डीजल की मांग में 30 प्रतिशत बढ़ोतरी है, जबकि 6 जिलों में 100 प्रतिशत वृद्धि देखी जा रही है.&#039;
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इसके अलावा सुजाता शर्मा ने तेल की कालाबाजारी और जमाखोरी को भी रोकने की अपील की है. साथ ही साथ कमर्शियल LPG की सप्लाई के बारे में बात करते हुए कहा है कि &#039;1 मई से अब तक 186,000 मीट्रिक टन कमर्शियल एलपीजी बेचा गया है&#039;.
समुद्री यातायात पर भी मिला अपडेटइतना ही नहीं इस प्रेस ब्रीफिंग में समुद्री यातायात पर अपडेट देते हुए बंदरगाह, शिपिंग और जलमार्ग मंत्रालय के निदेशक ओपेश कुमार शर्मा ने कहा कि, &#039;मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाला जहाज निसोस केरोस ने 25-26 मई की रात को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित पार किया और इसके 3 जून 2026 को विशाखापट्टनम पहुंचने की उम्मीद है. ये व्यापारी जहाज लगभग 270,000 मीट्रिक टन कच्चा तेल ले जा रहा है. इसमें सभी विदेशी क्रू सदस्य हैं.&#039;
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        <pubDate>Sat, 30 May 2026 04:30:14 +0530</pubDate>
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        <title>SBI Rewards: एसबीआई रिवार्ड्स रीडीम करने पर मिल रहे हजारों रुपए, क्या आपके पास आया मेसेज?</title>
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        <description><![CDATA[ SBI Rewards: कई बैंक अपनी किली नई स्कीम या किसी नए अपडेट को लेकर लोगों के फोन में मैसेज करते हैं. ये मैसेज किसी भी तरह के हो सकते हैं, चाहे तो मल्टीमीडिया मैसेज, टेक्स्ट मैसेज, लेकिन क्या ये सभी असली होते हैं? इस बात का पता कैसे चलेगा.? जैसे हाल ही में कुछ लोगों के पास SBI बैंक के नाम से एक मैसेज पहुंच रहा है, जिसमें रिवॉर्ड पाने के लिए APK फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल करने के लिए कहा जा रहा है. लेकिन क्या ये मैसेज सही है? क्या ये फाइल डाउनलोड करना चाहिए? आइये बताते हैं.
क्या है पूरा मामला?दरअसल कुछ दिनों से कई लोगों के पास SBI बैंक की तरफ से एक मैसेज आ रहा है. इस मैसेज में लिखा है, &#039;प्रिय कस्टमर्स, आपका एसबीआई नेटबैंकिंग रिवॉर्ड पॉइंट (Rs 9980.00) आप एक्सपायर होने वाला है! इसे अभी SBI रिवॉर्ड एप इंस्टॉल करके क्लेम करें, आपका रिवॉर्ड कैश के रूप में खाते में जमा हो जाएगा. धन्यवाद. टीम एसबीआई.&#039; अब इस मैसेज की सच्चाई खुद सरकार ने बताई है.

Did you also receive a message asking you to download &amp;amp; install an APK file to redeem SBI rewards❓Beware‼️ #PIBFactCheck❌@TheOfficialSBI NEVER sends links or APK files over SMS/WhatsApp.✔️Never download unknown files or click on such links. pic.twitter.com/mWIXrSYpRe
&amp;mdash; PIB Fact Check (@PIBFactCheck) May 29, 2026



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क्या है मैसेज की सच्चाई?अब इस मैसेज की सच्चाई सरकरी एजेंसी PIB फैक्ट चेक के जरिए उजागर की गई है. जिसमें इस मैसेज के स्क्रीनशॉट को शेयर किया गया है, जिस पर साफ शब्दों में लिखा है FAKE. इसके अलावा लिखा है, &#039;ठगों से बचकर रहें! SBI कभी लिंक या अनसॉलिसिटेड एपीके फाइल्स एसएमएस या व्हॉट्सएप पर नहीं भेजता है.&#039;
इसके साथ कैप्शन में लिखा गया है, &#039;क्या आपको भी SBI रिवॉर्ड रिडीम करने के लिए APK फाइल डाउनलोड और इंस्टॉल करने का मैसेज मिला है? सावधान!&#039; आगे इसे फैक्ट चेक करते हुए लिखा गया है, कि PIB फैक्ट चेक इस खबर की पुष्टि नहीं करता. &amp;nbsp;इसके साथ @TheOfficialSBI को टैग करते हुए लिखा गया है, &#039;कभी भी SMS/WhatsApp पर लिंक या APK फाइलें नहीं भेजता है. अज्ञात फाइलें डाउनलोड न करें या ऐसे लिंक पर क्लिक न करें.&#039;
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        <pubDate>Sat, 30 May 2026 04:30:13 +0530</pubDate>
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        <title>Rupee News: कमजोर रुपया, मजबूत कमाई! जानिए कैसे बढ़ सकता है आपका पोर्टफोलियों रिटर्न</title>
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        <description><![CDATA[ Indian Rupee: अधिकांश निवेशक शेयर बाजार पर नजर रखते हैं, लेकिन बहुत कम लोग मुद्रा यानी रुपये और डॉलर की चाल पर ध्यान देते हैं. जबकि सच ये है कि रुपये की कमजोरी आपके निवेश रिटर्न को बढ़ाने में मदद कर सकती है. खासकर तब, जब आपने अंतरराष्ट्रीय म्यूचुअल फंड में निवेश किया हो.&amp;nbsp;
अंतरराष्ट्रीय म्यूचुअल फंड में निवेशअंतरराष्ट्रीय म्यूचुअल फंड निवेशकों का पैसा विदेशी बाजारों और अमेरिकी डॉलर जैसी विदेशी मुद्राओं में लगाते हैं. ऐसे में निवेश का रिटर्न सिर्फ शेयर बाजार के प्रदर्शन पर नहीं, बल्कि डॉलर-रुपया विनिमय दर पर भी निर्भर करता है.
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उदाहरण के लिए, अगर किसी निवेशक ने उस समय 1 लाख रुपये अंतरराष्ट्रीय फंड में लगाए, जब 1 डॉलर = 75 रुपये था, तो उसका निवेश करीब 1,333 डॉलर के बराबर हुआ. बाद में अगर डॉलर 85 रुपये तक पहुंच जाए, तो बिना बाजार बढ़े भी निवेश की वैल्यू करीब 1.13 लाख रुपये हो सकती है. यानी सिर्फ रुपये की कमजोरी से फायदा मिल सकता है.
बाजार के प्रदर्शन से पड़ता है फर्कअगर वैश्विक बाजार भी अच्छा प्रदर्शन करें, तो रिटर्न और बढ़ सकता है. मान लीजिए फंड डॉलर में 8% रिटर्न दे और उसी दौरान रुपया 3% कमजोर हो जाए, तो भारतीय निवेशक का कुल प्रभावी रिटर्न करीब 11% तक पहुंच सकता है. अंतरराष्ट्रीय फंड सिर्फ मुद्रा लाभ के लिए नहीं, बल्कि पोर्टफोलियो में विविधता लाने के लिए भी जरूरी हैं. इससे निवेशक अमेरिकी टेक कंपनियों, हेल्थकेयर और वैश्विक ब्रांड्स जैसे सेक्टरों में निवेश का मौका पा सकते हैं.
हालांकि, मुद्रा हमेशा फायदा नहीं देती. अगर रुपया मजबूत होता है, तो रिटर्न कम भी हो सकता है. इसलिए अंतरराष्ट्रीय फंड को लंबी अवधि के निवेश और विविधीकरण के नजरिए से देखना बेहतर माना जाता है. आमतौर पर सलाह दी जाती है कि निवेशक अपने इक्विटी पोर्टफोलियो का 10-15% हिस्सा अंतरराष्ट्रीय फंड में रख सकते हैं.
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        <pubDate>Sat, 30 May 2026 04:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>BSE Limited: ट्रेडर जीते या हारे, कमाई पक्की! जानें निवेशकों की हर खरीद&amp;बिक्री से कैसे कमाता है BSE?</title>
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        <description><![CDATA[ BSE Limited: दुनिया के हर कैसीनो में एक कहावत मशहूर है, &#039;हाउस हमेशा जीतता है.&#039; यानी खिलाड़ी जीतें या हारें, कैसीनो मालिक हर दांव से पैसा कमाता है. कुछ ऐसा ही मॉडल भारत के शेयर बाजार में भी देखने को मिलता है, खासकर BSE Limited के बिजनेस में. भारत में फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&amp;amp;O) ट्रेडिंग करने वाले 90% से ज्यादा छोटे निवेशक पैसा गंवाते हैं. इसके बावजूद BSE का कारोबार तेजी से बढ़ा है. वजह ये है कि BSE हर ट्रेड, हर एक्सपायरी और हर सौदे पर फीस कमाता है. ट्रेडर को फायदा हो या नुकसान, एक्सचेंज की कमाई होती रहती है.
BSE का इतिहासएशिया का सबसे पुराना स्टॉक एक्सचेंज BSE साल 1875 में शुरू हुआ था. लंबे समय तक ये नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया यानी NSE से पीछे माना जाता था. लेकिन पिछले कुछ वर्षों में इसकी तस्वीर बदल गई. जब सुंदररमन राममूर्ति 2023 में CEO बने, तब BSE का मार्केट कैप करीब 5,000 करोड़ रुपये था. अब ये बढ़कर लगभग 1.68 लाख करोड़ रुपये हो चुका है. पिछले पांच साल में शेयर ने करीब 3,985% रिटर्न दिया है.
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BSE का बिजनेस मॉडल है मजबूतइस तेजी की सबसे बड़ी वजह डेरिवेटिव कारोबार में बढ़ोतरी रही. SEBI के सख्त नियमों और NSE के कुछ बदलावों के बाद BSE के Sensex और Bankex ऑप्शन प्रोडक्ट्स में ट्रेडिंग तेजी से बढ़ी. FY26 में डेरिवेटिव कारोबार से मिलने वाली ट्रांजैक्शन फीस 87% बढ़कर 3,795 करोड़ रुपये पहुंच गई. BSE का बिजनेस मॉडल बेहद मजबूत माना जाता है क्योंकि ये खुद बाजार में दांव नहीं लगाता. ये सिर्फ ट्रेडिंग के लिए प्लेटफॉर्म, टेक्नोलॉजी और सिस्टम उपलब्ध कराता है और हर लेनदेन पर फीस कमाता है.
हालांकि इसमें जोखिम भी हैं. अगर सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया भविष्य में F&amp;amp;O ट्रेडिंग पर और सख्त नियम लागू करता है, तो BSE की कमाई पर असर पड़ सकता है. फिर भी फिलहाल बढ़ती ट्रेडिंग गतिविधि और निवेशकों की संख्या BSE के लिए बड़ा फायदा साबित हो रही है.
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        <pubDate>Sat, 30 May 2026 04:30:11 +0530</pubDate>
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        <title>Ethanol News: इथेनॉल वाले पेट्रोल से घट रहा है गाड़ियों का माइलेज? सर्वे में 10 में से 5 लोगों ने दिया ये जवाब</title>
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        <description><![CDATA[ Ethanol Fuel Impact Report: मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव का असर कई देशों पर देखने को मिल रहा है. अगर बात करें भारत की तो यहां पेट्रोल-डीजल की सप्लाई और कीमतों पर इसका असर पड़ा है. हाल के दिनों में पेट्रोल-डीजल के दामों में कई बार बढ़ोतरी देखने को मिली है. ऐसे में भारत सरकार &amp;nbsp;इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल यानी E20 पेट्रोल को तेजी से बढ़ावा दे रही है. सरकार का मानना है कि इससे कच्चे तेल के आयात को कम करने, विदेशी मुद्रा बचाने और किसानों को फायदा पहुंचाने में मदद मिलेगी, लेकिन अब कई वाहन मालिकों, खासकर पुरानी पेट्रोल कार और बाइक चलाने वालों की चिंताएं भी बढ़ने लगी हैं.&amp;nbsp;
सर्वे में क्या सामने आया?
अगर बात करें सर्वे की तो हाल ही में LocalCircles के एक सर्वे में सामने आया है कि 2022 या उससे पहले खरीदे गए पेट्रोल वाहनों के करीब 10 में से 5 मालिकों का कहना है कि E20 पेट्रोल आने के बाद उनकी गाड़ी का माइलेड कम हो गया है. इस सर्वे में 24 हजार से ज्यादा वाहन मालिकों की राय शामिल की गई. सर्वे के मुताबिक, जिन लोगों ने माइलेज घटने की शिकायत की, उनमें लगभग 25 प्रतिशत लोगों ने कहा कि उनकी गाड़ी का माइलेज 20 प्रतिशत से ज्यादा तक कम हो गया. वहीं, 7 प्रतिशत लोगों ने 15 से 20 प्रतिशत तक और 13 प्रतिशत लोगों ने 10 से 15 प्रतिशत तक माइलेज घटने की बात कही.&amp;nbsp;
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सरकारी दावों और लोगों के अनुभव में फर्क
बता दें कि यह आंकड़े इसलिए भी चर्चा में हैं, क्योंकि पहले सरकार की तरफ से कहा गया था कि E20 पेट्रोल से माइलेज पर बहुत कम असर पड़ेगा. अनुमान लगाया गया था कि माइलेज में केवल 1 से 6 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है, लेकिन अब कई यूजर्स का कहना है कि असल जिंदगी में उन्हें ज्यादा फर्क महसूस हो रहा है. ऐसे में यह मुद्दा लगातार चर्चा का विषय बनता जा रहा है.
पुरानी गाड़ियों पर ज्यादा असर क्यों?
दरअसल, 2023 से पहले खरीदे गए कई पेट्रोल गाड़ी E5 या E10 जैसे कम इथेनॉल मिश्रण वाले पेट्रोल के हिसाब से बनाए गए थे. ऐसे में E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने पर पुराने इंजन पर ज्यादा असर देखने को मिल सकता है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इथेनॉल की एनर्जी डेंसिटी सामान्य पेट्रोल से कम होती है. इसका साफ मतलब यह है कि समान दूरी तय करने के लिए वाहन को ज्यादा ईंधन की जरूरत पड़ सकती है. इसके अलावा लंबे टाइम तक उपयोग करने पर इथेनॉल पुराने गाड़ियों के रबर और प्लास्टिक पार्ट्स को भी नुकसान पहुंचा सकता है.
मरम्मत खर्च बढ़ने की भी शिकायत
इसके साथ ही सर्वे में केवल माइलेज ही नहीं बल्कि गाड़ी खराब होने की शिकायतें भी सामने आई हैं. लगभग 29 प्रतिशत लोगों ने कहा कि E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने के बाद उन्हें इंजन, फ्यूल लाइन, कार्बेरेटर या फिर अन्य हिस्सों से जुड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. हालांकि, ये दावे गाड़ी मालिकों के अनुभवों पर आधारित हैं. यह कोई वैज्ञानिक या सरकारी रिसर्च नहीं है. फिर भी इससे लोगों के बीच E20 पेट्रोल को लेकर चिंता बढ़ती दिखाई दे रही है.
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सरकार क्यों दे रही E20 को बढ़ावा?
भारत अपनी जरूरत का लगभग 87 प्रतिशत कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है. ऐसे में सरकार इथेनॉल मिश्रण को लंबे टाइम की रणनीति के तौर पर देख रही है. इससे तेल आयात कम करने, विदेशी मुद्रा बचाने और गन्ना व मक्का किसानों को फायदा देने की कोशिश की जा रही है. सरकार ने E20 लक्ष्य तय टाइम से पहले हासिल कर लिया है और अब फ्यूचर में E22,E25,E30 और कुछ मामलों में E85 जैसे ज्यादा इथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन पर भी काम किया जा रहा है.
यूजर्स की सबसे बड़ी चिंता
गाड़ी मालिकों के लिए सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर माइलेज कम होगा तो हर महीने पेट्रोल पर खर्च बढ़ जाएगा. इसके साथ अगर गाड़ी की मरम्मत का खर्च भी बढ़ता है तो पुरानी पेट्रोल गाड़ियां चलाना पहले के मुकाबले महंगा पड़ सकता है. हालांकि, सरकार इथेनॉल मिश्रण को देश की ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक मजबूती के लिए जरूरी मान रही है. वहीं दूसरी तरफ, यूजर अब यह जानना चाहते हैं कि फ्यूचर में बढ़ते इथेनॉल के साथ उनके पुराने गाड़ी कितना बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगे. ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 29 May 2026 16:30:47 +0530</pubDate>
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        <title>बड़ी खबर: अब पेट्रोल पंप पर खुद चुन सकेंगे गाड़ी के हिसाब से इथेनॉल ब्लेंड, नया नियम तैयार&amp; रिपोर्ट</title>
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        <description><![CDATA[ Ethanol&amp;nbsp;Blend: देश भर के वाहन चालकों के लिए एक बड़ी खबर सामने आ रही है. दरअसल, सरकार &#039;सुपरमार्केट-स्टाइल चॉइस&#039; लागू करने की दिशा में काम कर रही है. इसके चलते फ्यूल स्टेशनों में गाड़ी चलाने वालों को अलग-अलग इथेनॉल ब्लेंड वाले पेट्रोल का विकल्प दे सकते हैं, जिससे ग्राहक अपनी गाड़ी की कम्पैटिबिलिटी के आधार पर फ्यूल चुन सकेंगे.&amp;nbsp;
द मिंट ने सूत्रों के हवाले से अपनी रिपोर्ट में जानकारी दी है कि सरकार ने तेल कंपनियों को E20, E22, E25 और E30 ईंधन वेरिएंट के लिए डिस्पेंसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की सलाह दी है. यह कदम ब्यूरो ऑफ़ इंडियन स्टैंडर्ड्स द्वारा नए इथेनॉल मिश्रणों के लिए नियम लागू करने और अप्रैल में सरकार के पूरी तरह से इथेनॉल से चलने वाले वाहनों को अनुमति देने के प्रस्ताव के बाद उठाया गया है.&amp;nbsp;
इसके पीछे सरकार का मकसद
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय इस नियम को लागू करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है. भारत ने पहले ही 20% इथेनॉल ब्लेंडिंग (E20) का लक्ष्य हासिल कर लियर है और अब इस नई नीति के जरिए सरकार का लक्ष्य अगले 1-2 साल में (2027-2028 तक) इथेनॉल मिश्रण को बढ़ाकर 25% (E25) और 30% (E30) तक ले जाना है. इससे कच्चे तेल की आयात पर भारत की निर्भरता काफी हद तक कम होगी. पेट्रोल पंपों पर जितना अधिक इथेनॉल का ऑप्शन मिलेगा, उतनी तेजी से तेल का आयात घटता जाएगा. इससे सरकार की अरबों डॉलर की बचत होगी.&amp;nbsp;
इसका एक दूसरा फायदा यह है कि चूंकि इथेनॉल मुख्य रूप से गन्ने के रस, मक्के और खराब अनाज से बनाया जाता है इसलिए जब पेट्रोल पंपों पर इसकी मांग बढ़ेगी, सरकार को भारी मात्रा में इथेनॉल खरीदना होगा. इसका सीधा फायदा देश के किसानों और चीनी मिलों को होगा. इन्हें इनकी फसलों का सही दाम मिलेगा.
इथेनॉल के फायदे
इथेनॉल के इस्तेमाल का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह पेट्रोल के मुकाबले कार्बन मोनोऑक्साइड जैसे हानिकारक गैसें कम छोड़ता है. इसी के चलते सरकार ने ऑटोमोबाइल कंपनियों को भी निर्देश दिया है कि अब वे कार और टू-व्हीलर व्हीकल्स के लिए ऐसे इंजन बनाएं, जो E20 से ऊपर यानी कि E25,E27 और E30 ईंधन को भी बिना किसी खराबी के झेल सके.
इथेनॉल के बड़े पैमाने पर इस्तेमाल का यह कदम शहरों में प्रदूषण को कम करने की दिशा में गेम चेंजर साबित होगा. हालांकि, इसके लिए अभी अलग डिस्पेंसिंग सिस्टम, स्टोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर, ब्लेंडिंग कंट्रोल और फ्यूल क्वालिटी मॉनिटरिंग मैकेनिज्म में निवेश की जरूरत होगी. मिंट से बात करते हुए एक सूत्र ने कहा, &amp;ldquo;फ्यूल स्टेशनों पर बिकने वाले इथेनॉल-ब्लेंडिंग पेट्रोल की जानकारी डिस्पेंसिंग पंपों पर साफ-साफ दिखानी होगी, ताकि ग्राहक आसानी से पहचान सकें कि वे कौन सा फ्यूल खरीद रहे हैं। रिटेल आउटलेट्स को अलग-अलग तरह के फ्यूल पर लेबल लगाना होगा.&amp;rdquo;

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        <pubDate>Fri, 29 May 2026 16:30:47 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>बड़ी, खबर:, अब, पेट्रोल, पंप, पर, खुद, चुन, सकेंगे, गाड़ी, के, हिसाब, से, इथेनॉल, ब्लेंड, नया, नियम, तैयार-, रिपोर्ट</media:keywords>
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        <title>Loan News: कम EMI का मतलब हमेशा सस्ता लोन नहीं, बैंक के इस &amp;apos;गेम&amp;apos; से बचें, घटेगा ब्याज का बोझ</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/loan-news-कम-emi-का-मतलब-हमेशा-सस्ता-लोन-नहीं-बैंक-के-इस-गेम-से-बचें-घटेगा-ब्याज-का-बोझ</link>
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        <description><![CDATA[ Loan and EMI: ज्यादातर लोग लोन लेते समय सिर्फ और सिर्फ ईएमआई की तरफ ही देखते हैं. अगर ईएमआई बजट में लगती है तो लोग जल्द से जल्द लोन लेने की योजना बनाना शुरू कर देते हैं. ऐसे में यह तरीका आपको किसी परेशानी में भी डाल सकता है. कम ईएमआई का मतलब लंबा कार्यकाल होता है जिसकी वजह से आपको समय के साथ-साथ ज्यादा से ज्यादा ब्जाज का बोझ चुकाना पड़ सकता है. इसलिए जब भी आप लोन लें तो इन नियमों का हमेशा ध्यान रखें.&amp;nbsp;
1. अपनी जरूरत के अनुसार ही लें उधार
हमेशा इस बात का ध्यान रखें कि, आपकी सभी ईएमआई आपकी मासिक आय के सीमित हिस्से के अंदर ही होनी चाहिए. अपनी क्षमता के मुताबिक की उधार लें.&amp;nbsp;
2. लंबे कार्यकाल का नुकसान
इसके अलावा कार्यकाल जितना ज्यादा लंबा होगा, ब्याज भी समय के साथ-साथ जुड़ता जाएगा. इसलिए, थोड़ा ज्यादा ईएमआई देकर छोटा कार्यकाल चुनना आपके लिए बेहतरीन विक्लप है.&amp;nbsp;
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3. ब्याज दर और छिपे हुए खर्च
इतना ही नहीं, सिर्फ विज्ञापनों में दिखाई जाने वाली ब्याज दरों की तुलना करना बंद कर देनी चाहिए. प्रोसेसिंग फीस, प्रीपेमेंट चार्ज और लेट पेमेंट पेनाल्टी जैसे छिपे हुए खर्चों को आपको सही तरह से समझने की जरूरत है.&amp;nbsp;
4. छोटे प्रीपेमेंट का बड़ा असर
एक बात का हमेशा ध्यान रखें कि लोन को जल्दी खत्म करने के लिए किसी बड़ी रकम का इंतजार न करें. यानी समय-समय पर किए गए छोटे-छोटे भुगतान भी लोन को बेहद ही कम करने में सबसे ज्यादा मदद करता है. ऐसा करने से भविष्य में लगने वाला ब्याज और लोन धीरे-धीरे कम होने लगता है.&amp;nbsp;
हांलाकि, लोन तभी किफायती होता है जब वह आपके भविष्य पर किसी तरह का दबाव नहीं डालता है. सिर्फ ईएमआई देखने के बजाय कार्यकाल, कुल ब्याज और अपनी वास्तविक चुकाने की क्षमता को ध्यान में रखना अनिवार्य है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Fri, 29 May 2026 16:30:46 +0530</pubDate>
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        <title>Desi Bling: पत्नी को हर साल 3 किलो सोना देता है ये बिजनेसमैन, ऐसा क्या काम करता है ये अरबपति आदमी?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/desi-bling-पत्नी-को-हर-साल-3-किलो-सोना-देता-है-ये-बिजनेसमैन-ऐसा-क्या-काम-करता-है-ये-अरबपति-आदमी</link>
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        <description><![CDATA[ Desi Bling: इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा में बना रियलिटी शो &#039;देसी ब्लिंग&#039; दुबई के बड़े बिजनेसमैन और उनकी लाइफ को दिखा रहा है. ये रियलिटी शो कंटेस्टेंट्स के हाई- फाई अंदाज और उनकी दुबई की लाइफ क वजह से काफी लाइम लाइट बटोर रहा है. इस शो में एक बिजनेसमैन ने अपनी पत्नी के साथ पार्टिसिपेट किया है. जिन्होंने शो के दौरान ये बताया कि उनके पास 40 किलो सोना है. ये सुकर हर कोई हैरान रह गया और सभी लोग जानना चाहते हैं कि इनका आखिर किस चीज का कारोबार है?
कौन हैं ये बिजनेसमैन?दरअसल ये बिजनेसमैन सतीश सानपाल हैं, जो हैं तो भारतीय लेकिन अब दुबई में सैटल हो गए हैं. सतीश की पत्नी बिंदा ने शो के दौरान बताया है कि सतीश उन्हें हर साल 3 किलो गोल्ड दिलाते हैं. हर साल 3 किलो गोल्ड मिलकर अब बिंदाके पास कुल 40 किलो गोल्ड हो गया है. इस एक बात ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है.
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कौन हैं सतीश सानपाल और क्या करते हैं?सतीश सानपाल अब दुबई में रहते हैं लेकिन पहले वो भारतीय मूल के ही रहे हैं. सतीश पहले मध्यप्रदेश के जबलपुर के निवासी थे. लेकिन अब वो कई सालों से दुबई में सेल हो गए हैं. यहां उनके कई सारे बिजनेस हैं, जो दुनियाभर में मशहूर हैं. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो उन्होंने कम उम्र में ही पढ़ाई छोड़ दी थी और छोटे कारोबार से शुरुआत की. बाद में वो दुबई चले गए, जहां उन्होंने बिजनेस खड़ा किया.
मुख्य रूप से सतीश ANAX Holding के फाउंडर और चेयरमैन हैं. उनकी कंपनी रियल एस्टेट, हॉस्पिटैलिटी और इन्वेस्टमेंट सेक्टर में काम करती है. उनका बिजनेस लग्जरी रियल एस्टेट प्रोजेक्ट, हॉस्पिटैलिटी और होटल बिजनेस, निवेश और डेवलपमेंट प्रोजेक्ट, हाई-एंड प्रॉपर्टी और लक्जरी लाइफस्टाइल सेक्टर जैसे क्षेत्रों में फैला हुआ है.
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सतीश पर दर्ज हैं कई आपराधिक मामले?रिपोर्ट्स में ये भी बताया गया है कि सतीश के ऊपर कई आपराधिक मामले भी दर्ज हैं. भारतीय पुलिस दस्तावेजों के हिसाब से सतीश के खिलाफ मध्यप्रदेश के कई थानों में कुल नौ आपराधिक मामले दर्ज हैं. उनके ऊपर सट्टेबाजी, जुआ और कई गैर कानूनी मामलों में FIR दर्ज हैं. इसके अलावा उनके ऊपर 1000 करोड़ के हवाला रैकेट में शामिल होने के भी आरोप लगे हुए हैं. ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 29 May 2026 16:30:45 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>DK Shivakumar Net worth: कलाई में रोलेक्स&amp;करोड़ों की जमीन, अरबों के मालिक हैं कर्नाटक के होने वाले सीएम डीके शिवकुमार, जानें नेटवर्थ</title>
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        <description><![CDATA[ DK Shivakumar Net worth: कर्नाटक के मुख्यमंत्री रहे सिद्धारमैया ने हाल ही में अपने पद से इस्तीफा दिया है. इसके लिए वो राजभवन में पहुंचे जहां राज्यपाल के विशेष सचिव प्रभु शंकर को उन्होंने इस्तीफा सौंपा, क्योंकि राज्यपाल थावरचंद गहलोत वहां मौजूद नहीं थे. इस दौरान सिद्धारमैया काफी इमोशनल भी नजर आए. वहीं अब उनके बाद कर्नाटक के नए सीएम डीके शिवकुमार बनने जा रहे हैं.
डीके शिवकुमार होंगे नए मुख्यमंत्रीसिद्धारमैया ने इस्तीफा देने से पहले गुरुवार को अपने कैबिनेट के साथियों के साथ चर्चा की, इस दौरान ही उन्होंने अपने इस्तीफा देने के फैसले के बारे में बताया. साथ ही ये भी बताया कि कांग्रेस हाईकमान के निर्देश पर उपमुख्यमंत्री डी शिवकुमार अगले मुख्यमंत्री होंगे. अब इसके बाद से ही डीके शिवकुमार की सम्पत्ति को लेकर भी चर्चा हो रही है. तो आइये जानते हैं डीके शिवकुमार कितनी सम्पत्ति के मालिक है.
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डीके शिवकुमार की नेटवर्थडीके शिवकुमार की कुल घोषित संपत्ति लगभग 1,413 करोड़ रुपये है. चुनाव आयोग को दिए गए हलफनामे के मुताबिक, इसमें 1,140 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और 273 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति शामिल है. वहीं उन पर करीब 265 करोड़ रुपये की देनदारी भी है.
साल 2023 में उन्होंने कर्नाटक विधानसभा चुनाव के समय ये जानकारी दी थी. साल 2018 में उनकी घोषित संपत्ति 840 करोड़ रुपये थी, जो अब काफी बढ़ गई है.&amp;nbsp;
महंगी गाड़ी और घड़ियों के हैं शौकीनडीके शिवकुमार के हलफनामे के मुताबिक उन्हें महंगी गाड़ियों और क्लासिक वॉचेज का काफी शौक है. उनके पास एक रजिस्टर्ड टोयोटा क्वालिस गाड़ी, रोलैक्स और हुब्लोट जैसे महंगे ब्रांड्स की घड़ियां हैं. इसके अलावा सोना-चांदी और अन्य संपत्तियां भी उनके नाम पर हैं.
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आपराधिका मामले भी हैं दर्जहलफनामे में ये भी बताया गया है कि 2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करते समय कनकपुरा से विधायक शिवकुमार के खिलाफ 19 आपराधिक मामले लंबित थे. ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 29 May 2026 00:30:23 +0530</pubDate>
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        <title>Siddaramaiah Net Worth: देश के तीसरे सबसे अमीर मुख्यमंत्री थे सिद्धारमैया, अमीरी में भी और कर्ज में भी आगे, जानें नेट वर्थ</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/siddaramaiah-net-worth-देश-के-तीसरे-सबसे-अमीर-मुख्यमंत्री-थे-सिद्धारमैया-अमीरी-में-भी-और-कर्ज-में-भी-आगे-जानें-नेट-वर्थ</link>
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        <description><![CDATA[ Karnataka Former CM Siddaramaiah Net Worth: कर्नाटक के मुख्यमंत्री रहे सिद्धारमैया ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. अब डीके शिवकुमार कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री होंगे. इस बीच उनके इस्तीफे की खबरों के साथ ही उनकी संपत्ति और कर्ज को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है. ADR और MyNeta की रिपोर्ट के मुताबिक, 77 साल के सिद्धारमैया देश के तीसरे सबसे अमीर मुख्यमंत्री माने जा रहे हैं, लेकिन साथ ही वे सबसे ज्यादा कर्जदार मुख्यमंत्रियों में भी शमिल हैं.
करोड़ों की संपत्ति के मालिक सिद्धारमैया
बता दें कि चुनाव के दौरान दिए गए हलफनामे के मुताबिक, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया और उनके परिवार की टोटल संपत्ति करीब 51.93 करोड़ ( लगभग 52 करोड़ रुपये) बताई गई है.
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बैंक से लेकर निवेश तक बड़ा पोर्टफोलियो
उनकी चल संपत्ति में कई तरह के इन्वेस्ट शामिल हैं जैसे...

अलग-अलग बैंकों में लगभग 7 करोड़ जमा.
वहीं शेयर,बॉन्ड और म्यूचुअल फंड में करीब 2.42 करोड़.
इसके साथ ही जीवन बीमा योजनाओं में लगभग 33 लाख का इन्वेस्ट.
और सोना-चांदी मिलाकर करीब 97 लाख रुपये की संपत्ति.

अचल संपत्ति में भी मजबूत है स्थिति
सिद्धारमैया और उनकी पत्नी के नाम पर बड़ी मात्रा में जमीन और मकान हैं. मैसूरु और बेगलुरु के आसपास कृषि भूमि, व्यावसायिक प्लॉट और आवासीय प्रॉपर्टी मिलाकर इनकी कीमत 30 करोड़ से ज्यादा आंकी गई है.&amp;nbsp;
चारधाम जा रहे हैं तो सावधान! ढीली हो रही श्रद्धालुओं की जेब, पेट्रोल-डीजल के साथ होटल और टैक्सी भी हुई महंगी
कर्ज का बोझ भी काफी भारी
हैरानी की बात तो यह है कि जहां एक तरफ संपत्ति का आंकड़ा बड़ा है तो वहीं दूसरी ओर कर्ज भी कम नहीं है. रिपोर्ट के मुताबिक, उनके परिवार पर करीब 23.86 करोड़ का लोन है. अगर बात करें देशभर की तो कर्ज के मामले में वे दूसरे नंबर पर हैं. ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 29 May 2026 00:30:22 +0530</pubDate>
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        <title>Inflation: पेट्रोल&amp; डीजल के बाद मुंबई में महंगी हुईं सब्जियां, Heatwave का भी है इसमें बड़ा हाथ, जानें कैसे</title>
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        <description><![CDATA[ Mumbai Vegetable Price Hike: देशभर में लगातार पेट्रोल- डीजल के दाम बढ़ रहे हैं. महज 10 दिनों में चार बार दाम बढ़ने की वजह से जनता के ऊपर काफी दबाव बन रहा है. मुंबई में भी लोग ईंधन के दाम बढ़ने से पहले से ही परेशान थे, वहीं अब खबरें हैं कि यहां सब्जियों की कीमत भी आसमान छू रही है. APMC वाशी मार्केट में पिछले कुछ हफ्तों में ही सब्जियों के दाम इतनी तेजी से बढ़ गए कि लोगों के घर के किचन तक का बजट हिल गया है.
क्यों बढ़े दाम?मुंबई में सब्जियों के दाम बढ़ने वजह पेट्रोल- डीजल के दाम बढ़ने से ट्रांसपोर्ट का खर्च बढ़ना तो बताया ही जा रहा है. साथ ही साथ व्यापारियों का ये भी कहना है कि तेज गर्मी, फसल खराब होना भी इसकी बड़ी वजह हैं. मंगलवार को बाजार में सब्जियां लेकर करीब 480 गाड़ियां पहुंचीं, लेकिन ये सामान्य दिनों के मुकाबले कम थीं. थोक बाजार में सब्जियों के दाम करीब 20% बढ़ चुके हैं, जबकि खुदरा बाजार में कीमतें इससे भी ज्यादा बढ़ी हैं. मटर, फ्रेंच बीन्स और सेम जैसी सब्जियां मुंबई और नवी मुंबई के कई इलाकों में 100 रुपये किलो से ऊपर बिक रही हैं.
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किचन का हिल गया है बजटमिड डे की रिपोर्ट के मुताबिक उनके साथ कई खरीदारी करने आए लोगों ने बातचीत में बताया है कि उनके घर के किचन का सारा बजट गड़बड़ा गया है. खारघर की रहने वाली फातिमा बर्डे ने कहा कि, &#039;हर हफ्ते सब्जियों का खर्च बढ़ रहा है. पहले 400-500 रुपये में 2-3 दिन की सब्जियां आ जाती थीं, लेकिन अब सामान्य सब्जियां भी महंगी हो गई हैं.जिसकी वजह से हरी सब्जियां और बीन्स खरीदना कम करना पड़ रहा है.&#039;
वाशी की रहने वाली सविता राजीव ने का कहना है कि, &#039;अब लोग कम मात्रा में सब्जियां खरीद रहे हैं. टमाटर, बीन्स, धनिया और पत्तेदार सब्जियां काफी महंगी हो चुकी हैं. इसका सबसे ज्यादा असर मिडिल क्लास परिवारों पर पड़ रहा है.
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जून में बढ़ेंगे और दामइतना ही नहीं व्यापारियों का तो यहां तक कहना है कि अभी स्कूल बंद हैं और छुट्टियां चल रही हैं इस वजह से मांग थोड़ी कम है. लेकिन जून के पहले हफ्ते से घरों, होटलों, कैंटीन और टिफिन सेवाओं की मांग बढ़ेगी. अगर बाजार में सब्जियों की सप्लाई कम रही, तो कीमतें और बढ़ सकती हैं. ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 29 May 2026 00:30:20 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Inflation:, पेट्रोल-, डीजल, के, बाद, मुंबई, में, महंगी, हुईं, सब्जियां, Heatwave, का, भी, है, इसमें, बड़ा, हाथ, जानें, कैसे</media:keywords>
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        <title>Inflation News: आपकी बढ़ती सुख&amp;सुविधाएं खा रही हैं आपका फंड, क्या होती है &amp;apos;लाइफस्टाइल इन्फ्लेशन&amp;apos;?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/inflation-news-आपकी-बढ़ती-सुख-सुविधाएं-खा-रही-हैं-आपका-फंड-क्या-होती-है-लाइफस्टाइल-इन्फ्लेशन</link>
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        <description><![CDATA[ Lifestyle Inflation: जब सैलरी बढ़ती है, तो लोगों का पहला मन होता है कि अब लाइफस्टाइल को बेहतर बनाया जाए. इसके लिए लोग नया फोन खरीदते हैं, बड़ा घर खरीदते हैं, महंगी कार लेते हैं, विदेश घूमते हैं और ज्यादा से ज्यादा खर्च करते हैं. धीरे-धीरे ये शौक लोगों की जरूरत बन जाते हैं. इसे ही &#039;लाइफस्टाइल इन्फ्लेशन&#039; कहा जाता है.
बढ़ती जा रही समस्याआज के समय में ये समस्या और बढ़ गई है क्योंकि सोशल मीडिया पर हर दिन लग्जरी लाइफस्टाइल दिखाई देती है. लोग अब पड़ोसियों से नहीं, बल्कि इन्फ्लुएंसर्स, सेलिब्रिटीज और अमीर लोगों से तुलना करने लगे हैं. इससे महंगा खर्च करना सामान्य लगने लगता है. धीरे-धीरे महंगे मोबाइल, ब्रांडेड कपड़े, बाहर खाना, ऑनलाइन शॉपिंग और लग्जरी चीजें रोजमर्रा का हिस्सा बन जाती हैं. समस्या ये है कि एक बार बढ़ा खर्च बाद में कम करना मुश्किल होता है. नौकरी जाने या आर्थिक परेशानी के समय यही खर्च बोझ बन जाते हैं.
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20 साल बाद बढ़ सकता है खर्चऐसी लाइफस्टाइल आने वाले समय में आपका खर्च बढ़ा सकती है. जैसे मान लीजिए आज आपके परिवार का खर्च 50,000 रुपये महीना है. अगर महंगाई औसतन 6% साल के हिसाब से रही, तो 20 साल बाद यही खर्च लगभग 1.6 लाख रुपये महीना हो सकता है. यानी अगर आपकी लाइफस्टाइल नहीं भी बदले, तब भी महंगाई खर्च को कई गुना बढ़ा देती है. अगर हर कुछ साल में लाइफस्टाइल भी महंगी होती जाए, तो भविष्य की आर्थिक जरूरतें और ज्यादा बढ़ जाएंगी.
इसी वजह से कई लोग अच्छी कमाई के बावजूद पैसे बचा नहीं पाते. उनकी आय बढ़ती है, लेकिन खर्च उससे भी तेजी से बढ़ जाते हैं.
इन गलतियों को करने से बचेंअगर आप भी लाइफस्टाइल इन्फ्लेशन के जाल से बचना चाहते हैं, तो कुछ गलतियांकरने से आपको बचना चाहिए. जैसे:

हर बार सैलरी बढ़ने पर खर्च बढ़ाना
सिर्फ दिखावे के लिए बड़ा घर या महंगी कार खरीदना
हर चीज EMI पर लेना
इमरजेंसी फंड न बनाना
निवेश को टालते रहना

SIP है जरूरीमहंगाई और लाइफस्टाइल इन्फ्लेशन से लड़ने का सबसे अच्छा तरीका SIP (Systematic Investment Plan) है. इससे धीरे-धीरे बड़ा फंड बनाया जा सकता है. अगर कोई 25 साल की उम्र में 10,000 रुपये महीने की SIP शुरू करे और हर साल उसे 10% बढ़ाए, तो 30 साल में करीब 8 करोड़ रुपये तक का फंड बन सकता है.
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सबसे जरूरी बातमहंगाई को रोकना संभव नहीं है, लेकिन लाइफस्टाइल इन्फ्लेशन को कंट्रोल किया जा सकता है. ज्यादा पैसा कमाना ही असली लक्ष्य नहीं होना चाहिए. असली लक्ष्य भविष्य को सुरक्षित रखना, आर्थिक आजादी और तनावमुक्त जीवन है. अच्छी कमाई आपकी लाइफस्टाइल बेहतर बनाती है, लेकिन अनुशासित निवेश आपका भविष्य सुरक्षित बनाता है. ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 29 May 2026 00:30:19 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Inflation, News:, आपकी, बढ़ती, सुख-सुविधाएं, खा, रही, हैं, आपका, फंड, क्या, होती, है, लाइफस्टाइल, इन्फ्लेशन</media:keywords>
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        <title>RBI Proposal: 10000 से ज्यादा के ऑनलाइन ट्रांसफर में होगी 1 घंटे की देरी? RBI के प्रस्ताव पर बैंकों ने क्या कहा?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/rbi-proposal-10000-से-ज्यादा-के-ऑनलाइन-ट्रांसफर-में-होगी-1-घंटे-की-देरी-rbi-के-प्रस्ताव-पर-बैंकों-ने-क्या-कहा</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/rbi-proposal-10000-से-ज्यादा-के-ऑनलाइन-ट्रांसफर-में-होगी-1-घंटे-की-देरी-rbi-के-प्रस्ताव-पर-बैंकों-ने-क्या-कहा</guid>
        <description><![CDATA[ RBI New Proposal: RBI यानी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की तरफ से समय- समय पर फ्रॉड और स्कैम रोकने के लिए नए- नए तरीके आजमाए जाते रहे हैं. इसी कड़ में हाल ही में ऑनलाइन फ्रॉड रोकने के लिए RBI ने बड़े डिजिटल ट्रांजैक्शन पर 1 घंटे की देरी लागू करने का प्रस्ताव दिया है. लेकिन RBI के इस प्रस्ताव पर कई बैंकों ने चिंता जाहिर की है.
क्या कहना है बैंकों का?कई बैंकों का कहना है कि RBI द्वारा तय की गई 10,000 रुपये की लिमिट बहुत कम है. उनका मानना है कि इसे बढ़ाकर कम से कम 25,000 रुपये किया जाना चाहिए. बैंक के कर्मचारियों के मुताबिक, 10,000 रुपये से ऊपर के ट्रांजैक्शन पर 1 घंटे की देरी से UPI और ऑनलाइन पेमेंट की रफ्तार प्रभावित हो सकती है.
ये भी पढ़ें: Elon Musk का महा प्लान, एक होने जा रही हैं Tesla और Space X? बाजार में मची हलचल
एनडीटीवी प्रॉफिट के साथ बातचीत में एक वरिष्ठ सरकारी बैंक अधिकारी ने कहा कि इमरजेंसी पेमेंट और टैक्स से जुड़े ट्रांजैक्शन को इस नियम से बाहर रखा जाना चाहिए. साथ ही कुछ छोटे और कम तकनीकी क्षमता वाले बैंकों के लिए किल स्विच जैसी सुविधा लागू करना मुश्किल हो सकता है.
क्या था RBI का प्रपोजल?बता दें कि RBI ने पिछले महीने साइबर फ्रॉड रोकने के लिए एक चर्चा पत्र जारी किया था. इसमें चार बड़े सुझाव दिए गए थे, जिसमें:

बड़े ऑनलाइन ट्रांजैक्शन पर 1 घंटे की देरी
हाई वैल्यू ट्रांजैक्शन के लिए एक्स्ट्रा सुरक्षा जांच
केवल भरोसेमंद खातों में बड़ी रकम ट्रांसफर की अनुमति
ग्राहकों को बड़े डिजिटल ट्रांजैक्शन पर अतिरिक्त कंट्रोल देना

RBI के इस फैसले के बाद पेमेंट इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का कहना है कि 25 लाख से ज्यादा रकम पाने वाले खातों की अलग जांच वाला नियम भी व्यवहारिक नहीं है. फ्रॉड करने वाले लोग कई छोटे खातों का इस्तेमाल कर इस नियम से बच सकते हैं. भारत में डिजिटल फ्रॉड के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. साल 2025 में डिजिटल धोखाधड़ी के करीब 28 लाख मामले सामने आए, जबकि 2024 में ये दर 24 लाख थी. वहीं फ्रॉड की रकम बढ़कर लगभग 22,931 करोड़ पहुंच गई.
ये भी पढ़ें: इस सरकारी बैंक के शेयरों में आई तेजी, अब 8000 करोड़ जुटाने का लक्ष्य, जानें पूंजी बढ़ाने का मास्टर प्लान ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 28 May 2026 12:30:16 +0530</pubDate>
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        <title>Elon Musk का महा प्लान, एक होने जा रही हैं Tesla और Space X? बाजार में मची हलचल</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/elon-musk-का-महा-प्लान-एक-होने-जा-रही-हैं-tesla-और-space-x-बाजार-में-मची-हलचल</link>
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        <description><![CDATA[ Elon Musk: दुनिया के सबसे चर्चित कारोबारी और अरबपतियों की लिस्ट में शुमार इलॉन मस्क एक बार फिर से चर्चा में छाए हुए हैं. खबरें हैं कि इलॉन बिजनेस जगत में कुछ बड़ा और नया करने जा रहे हैं. जिसके चलते बाजार में भी हलचल मची हुई है.&amp;nbsp;
दरअसल खबरें हैं कि इलॉन मस्क की कंपनी SpaceX जल्द ही बड़ा IPO लाने की तैयारी में है. इसी बीच एक रिपोर्ट में ये भी दावा किया जा रहा है कि आने वाले समय में SpaceX और Tesla का मर्जर करने की प्लानिंग भी मस्क कर रहे हैं.
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IPO के दस्तावेज हुए जमाकुछ रिपोर्ट्स की मानें तो, SpaceX की तरफ से 20 मई 2026 को अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) के पास IPO के डॉक्युमेंट्स भी जमा किए गए हैं. माना जा रहा है कि ये दुनिया के सबसे बड़े IPO में से एक हो सकता है. कंपनी करीब 75 अरब डॉलर जुटाने की तैयारी में है और इसकी वैल्यूएशन लगभग 1.75 ट्रिलियन डॉलर आंकी जा रही है.
टेस्ला और स्पेसएक्स होंगी एकसीएनबीसी की रिपोर्ट्स की मानें तो इलॉन मस्क ने अपने करीबी लोगों के साथ टेस्ला और स्पेसएक्स को एक करने पर चर्चा की है. हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि या घोषणा नहीं हुई है. रिपोर्ट में तो ये भी कहा गया है कि दोनों कंपनियां पहले से कई संसाधन भी शेयर करती हैं. टेस्ला के कुछ कर्मचारियों का मानना है कि दोनों कंपनियों का एक साथ आना लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है.
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इंटरेस्टिंग होगा कोलेबोरेशनइन दोनों कंपनियों का कोलेबोरेशन काफी इंटरेस्टिंग माना जा रहा है. क्योंकि टेस्ला इलेक्ट्रिक कार बनाने वाली कंपनी है और स्पेसएक्स अंतरिक्ष क्षेत्र में काम करती है ऐसे में दोनों कंपनियां मिलकर क्या कमाल करेंगी इस पर नजर है. हालांकि दोनों कंपनियों में एक बात कॉमन है कि दोनों ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और हाई-टेक इंफ्रास्ट्रक्चर पर तेजी से निवेश कर रही हैं.
इतना ही नहीं दोनों कंपनियों के बोर्ड में भी कई समान लोग शामिल हैं. इलॉन मस्क दोनों कंपनियों के बोर्ड का हिस्सा हैं और कई अन्य अधिकारी भी पहले टेस्ला और स्पेसएक्स दोनों से जुड़े रहे हैं. ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 28 May 2026 12:30:16 +0530</pubDate>
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        <title>Petrol&amp;Diesel Price Today: 28 मई को फिर महंगा हुआ सफर? जानिए आपके शहर में क्या हैं पेट्रोल&amp;डीजल के ताजा रेट</title>
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        <description><![CDATA[ Petrol Diesel Price Today: देशभर में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों ने आम आदमी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. पिछले करीब 13 दिनों में तेल कंपनियां कई बार दाम बढ़ा चुकी हैं और अब इसका असर सीधे लोगों के घर के बजट पर दिखाई दे रहा है. 28 मई 2026 यानी आज भी देश के ज्यादातर शहरों में पेट्रोल और डीजल ऊंचे स्तर पर बिक रहे हैं. मिडिल ईस्ट तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों की वजह से भारत में तेल महंगा बना हुआ है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर हालात ऐसे ही रहे तो आने वाले दिनों में और बढ़ोतरी हो सकती है.
पिछले 13 दिनों में कितना महंगा हुआ तेल?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पिछले 13 दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 7 से 8 रुपये प्रति लीटर तक का इजाफा हुआ है. इस दौरान चार बार दाम बढ़ाए गए. दिल्ली में जहां पेट्रोल पहले 94-95 रुपये प्रति लीटर के आसपास था, वहीं अब यह 102 रुपये के पार पहुंच चुका है. डीजल भी करीब 8 रुपये तक महंगा हो चुका है.
क्यों बढ़ रहे हैं दाम?
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल लगातार महंगा हो रहा है. भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है, इसलिए ग्लोबल बाजार में बढ़ोतरी का असर सीधे यहां दिखाई देता है. इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी भी तेल आयात को और महंगा बना रही है.
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28 मई 2026: राज्य अनुसार पेट्रोल-डीजल रेट लिस्ट-&amp;nbsp;



राज्य / शहर&amp;nbsp;
पेट्रोल (₹/लीटर)
डीजल (₹/लीटर)


दिल्ली &amp;nbsp;
102.14 &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;
94.28


मुंबई
111.21
97.83 &amp;nbsp; &amp;nbsp;&amp;nbsp;


कोलकाता
105.63&amp;nbsp;
96.45&amp;nbsp;


चेन्नई
104.98&amp;nbsp;
96.12 &amp;nbsp;


नोएडा&amp;nbsp;
99.84 &amp;nbsp;
91.12&amp;nbsp; &amp;nbsp;


गुरुग्राम&amp;nbsp;
100.45&amp;nbsp;
&amp;nbsp;92.08&amp;nbsp;


&amp;nbsp;पटना&amp;nbsp;
110.34&amp;nbsp;
&amp;nbsp;96.89 &amp;nbsp; &amp;nbsp;&amp;nbsp;


लखनऊ
101.22 &amp;nbsp;
93.41


अहमदाबाद
99.92 &amp;nbsp; &amp;nbsp;
94.16 &amp;nbsp;



दिल्ली-NCR में सबसे ज्यादा असर
दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम में लाखों लोग रोजाना निजी गाड़ियों से ऑफिस जाते हैं. ऐसे में लगातार बढ़ती कीमतों ने लोगों का महीने का फ्यूल बजट बिगाड़ दिया है. ऑटो और कैब चालकों का कहना है कि कमाई का बड़ा हिस्सा अब सिर्फ ईंधन में ही निकल जा रहा है.
मुंबई और पटना में सबसे ज्यादा दबाव
मुंबई और पटना जैसे शहरों में पेट्रोल पहले ही 110 रुपये के आसपास पहुंच चुका है. इन शहरों में ट्रांसपोर्ट महंगा होने का असर अब सब्जियों, राशन और दूसरी जरूरी चीजों पर भी दिखने लगा है. एक्सपर्ट्स मानते हैं कि तेल की कीमत बढ़ने का असर सिर्फ गाड़ियों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरी इकोनॉमी पर पड़ता है.
आम आदमी का बिगड़ा बजट
पिछले कुछ दिनों में सिर्फ पेट्रोल-डीजल ही नहीं, बल्कि सीएजी, दूध और दूसरी जरूरी चीजों के दाम भी बढ़े हैं. ऐसे में मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं. बता दें कि&amp;nbsp;अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें और बढ़ीं, तो भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम फिर बढ़ सकते हैं.
अब सरकार कराएगी शॉपिंग, जल्द लॉन्च होगी वेबसाइट, जानिए आपको इससे कैसे मिलेगा फायदा? ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 28 May 2026 12:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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    <item>
        <title>सैलरी&amp;DA हाइक पर सबसे बड़ा अपडेट, 8वें वेतन आयोग को लेकर इस दिन कर्मचारियों के साथ होगी महाबैठक</title>
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        <description><![CDATA[ 8th Pay Commission Meeting News: बढ़ती महंगाई और घरेलू खर्चों के बीच वेतन और पेंशन संशोधन के लिए कर्मचारी संगठनों के लगातार दबाव की वजह से आठवें वेतन आयोग को लेकर विचार-विमर्श तेज हो गया है.अब आठवां वेतन आयोग को लेकर बेहद जरूरी खबर आ रही है. &amp;nbsp;6 और 7 जुलाई को आठवां वेतन आयोग भुवनेश्वर, ओडिशा का दौरा करेगा और संगठनों, यूनियनों और कर्मचारी संघों से बातचीत करेगा. ये दौरा क्षेत्रीय वार्ताओं को मजबूत बनाने और वेतन, भत्ते और पेंशन से जुड़ी &amp;nbsp;मांगों को जानने के मकसद से किया जा रहा है.
26 मई को जारी एक सरकारी नोटिस में आयोग ने कहा कि भुवनेश्वर दौरे के दौरान आयोग से बातचीत करने के इच्छुक हितधारक 15 जून, 2026 या उससे पहले समय के लिए आवेदन जमा कर सकते हैं. नोटिस में कहा गया है कि, संगठनों और यूनियनों को आयोग के सामने अपना प्रस्ताव दाखिल करने के बाद बने &quot;अद्वितीय ज्ञापन आईडी&quot; के साथ अपने अनुरोध प्रस्तुत करने होंगे.
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यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब 8वां वेतन आयोग कर्मचारी प्रतिनिधियों और पेंशनभोगी निकायों से प्रतिक्रिया और मांगें जानने के लिए देश के अलग अलग हिस्सों में सुझाव का दायरा धीरे-धीरे बढ़ा रहा है. आयोग पहले ही दिल्ली में बैठकें कर चुका है और हाल के हफ्तों में लखनऊ, हैदराबाद, श्रीनगर, लद्दाख और जम्मू-कश्मीर सहित कई अन्य शहरों के दौरे का भी एलान किया है.&amp;nbsp;
सरकारी सूचना के अनुसार, हितधारक 8वें वेतन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए से सूचना-पत्र पेश किया जा सकता हैं. सूचना-पत्र पेश करने की आखिरी तारिख 31 मई, 2026 है. सूचना में कहा गया है, &#039;स्थान और बैठक की समय सारिणी की जानकारी अलग से दी जाएगी. साथ ही आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए अलग से बैठकें जरूरी समय पर आयोजित की जाएंगी.
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कर्मचारी संघों ने आयोग के सामने रखी ये मांगें-

उच्चतर उपयुक्तता कारक
महंगाई भत्ता (डीए) का मूल वेतन में विलय
परिवार इकाई सूत्र में संशोधन
पेंशन सुधार
और ओपीएस जैसे सुरक्षा उपाय

ऐसे में गौर करने वाली बात यह है कि, भुवनेश्वर की यह दौरा चर्चाओं का एक और जरूरी दौर बनने की उम्मीद है क्योंकि आयोग अपनी सिफारिशें तैयार करने से पहले स्थानीय टिप्पणी इकट्ठा करना जारी रखेगा.&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 28 May 2026 12:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>सैलरी-DA, हाइक, पर, सबसे, बड़ा, अपडेट, 8वें, वेतन, आयोग, को, लेकर, इस, दिन, कर्मचारियों, के, साथ, होगी, महाबैठक</media:keywords>
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        <title>Shopping News: अब सरकार कराएगी शॉपिंग, जल्द लॉन्च होगी वेबसाइट, जानिए आपको इससे कैसे मिलेगा फायदा?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/shopping-news-अब-सरकार-कराएगी-शॉपिंग-जल्द-लॉन्च-होगी-वेबसाइट-जानिए-आपको-इससे-कैसे-मिलेगा-फायदा</link>
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        <description><![CDATA[ Khaadi India Portal: हमारे देश में खादी सेक्टर में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिली है. इसी को लेकर खादी और ग्रामोद्योग आयोग के चेयरमैन मनोज कुमार ने बड़ा ऐलान करते हुए बताया कि देश में जल्द ही खादी इंडिया उत्पादों के लिए एक नया और आधुनिक ई-कॉमर्स पोर्टल की शुरुआत होने जा रही है. जहां, पिछले साल 2 लाख करोड़ की बिक्री के बाद अब आम जनता के लिए बड़ा एक खजाना खुलने जा रहा है.&amp;nbsp;
1. क्या है नए पोर्टल की खास तकनीक?
चेयरमैन मनोज कुमार ने इस नए पोर्टल की तकनीक और फीचर्स के बारे में बताया कि यह पोर्टल मोबाइल-फर्स्ट पर ही पूरी तरह से आधारित होगा. जिसमें, हाई रिजॉल्यूशन तस्वीरें, बेहतर भुगतान सुविधाएं और &#039;शॉप द लुक&#039; जैसे कमाल के फीचर्स ग्राहकों को देखने को मिलेंगे. इसके अलावा उन्होंने आगे कहा कि इस पोर्टल का मुख्य उद्देश्य यह है कि जेन जी को सबसे ज्यादा आकर्षित कर ब्रांड की कहानी को पूरी दुनिया के सामने मजबूती के साथ पेश करना है.&amp;nbsp;
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2. बिक्री और उत्पादन के रिकॉर्ड आंकड़े
तो वहीं, वित्तीय वर्ष 2025-26 में खादी उत्पादों की बिक्री में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. जहां, रिकॉर्ड 1 लाख 87 हजार 105 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है. जो कि साल 2013-14 में केवल 31 हजार 154 करोड़ रुपये हुआ करता था. इतना ही नहीं, वित्त वर्ष 2026-27 में इस बिक्री के 2.51 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा होने की संभावना जताई जा रही है.&amp;nbsp;
3. रोजगार में देखने को मिली बढ़ोतरी
खादी और ग्रामोद्योग गतिविधियों में कुल रोजगार 2013-14 के 1.30 करोड़ से बढ़कर 2025-26 में 2.04 करोड़ हो गया है. यानी, साल 2013-14 के मुकाबले &amp;nbsp;2025-26 में खादी के माध्यम से करोड़ों को लोगों को रोजगार का अवसर मिला है.&amp;nbsp;
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4. प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम का योगदान
इसके अलावा प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत वर्ष 2025-26 में 66 हजार 494 नई इकाइयां स्थापित की गईं. जिसके तहत 7 लाख 31 हजार 434 लोगों को रोजगार के सुनहरे मौके मिले. इसके लिए 7 हजार 375 करोड़ रुपये के कर्ज पर 2 हजार 457 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी भी लोगों को दी जा चुकी है.&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 27 May 2026 20:30:27 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Rupee News: तेल, रुपया और युआन... जानिए क्यों पुराने आर्थिक नियमों से नहीं संभल रही हमारी करेंसी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/rupee-news-तेल-रुपया-और-युआन-जानिए-क्यों-पुराने-आर्थिक-नियमों-से-नहीं-संभल-रही-हमारी-करेंसी</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/rupee-news-तेल-रुपया-और-युआन-जानिए-क्यों-पुराने-आर्थिक-नियमों-से-नहीं-संभल-रही-हमारी-करेंसी</guid>
        <description><![CDATA[ अगर आपको लग रहा है कि पिछले कुछ सालों में पेट्रोल, गैजेट्स और रोजमर्रा की चीजें तेजी से महंगी हुई हैं, तो इसके पीछे सिर्फ महंगाई नहीं है. असली कहानी तीन बड़ी ताकतों के इर्द-गिर्द घूम रही है रुपया, कच्चा तेल और चीनी युआन. पहले माना जाता था कि अगर रुपया कमजोर होगा तो भारत के एक्सपोर्ट बढ़ेंगे और अर्थव्यवस्था को फायदा होगा. लेकिन अब हालात बदल चुके हैं. 2019 से 2025 के बीच के आर्थिक ट्रेंड बताते हैं कि अब कमजोर रुपया हमेशा फायदे का सौदा नहीं रहा. आज भारत की अर्थव्यवस्था सिर्फ डॉलर पर निर्भर नहीं है, बल्कि तेल की कीमतें और चीन पर बढ़ती निर्भरता भी रुपये की चाल तय कर रही हैं.
भारत के लिए तेल क्यों सबसे बड़ा खतरा?
भारत अपनी जरूरत का करीब 88 प्रतिशत कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है. यानी अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होते ही सीधा असर भारत की जेब पर पड़ता है. विशेषज्ञों के मुताबिक अगर कच्चे तेल की कीमत 10 डॉलर प्रति बैरल बढ़ती है, तो भारत पर सालाना करीब 16 अरब डॉलर से ज्यादा का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है. यही वजह है कि जब तेल महंगा होता है, तो सिर्फ पेट्रोल-डीजल ही नहीं, बल्कि ट्रांसपोर्ट, खाने-पीने की चीजें और रोजमर्रा का खर्च भी बढ़ जाता है.
रुपया कमजोर होने का फायदा अब कम क्यों?
एक समय था जब कमजोर रुपया भारतीय एक्सपोर्टर्स के लिए फायदा माना जाता था. क्योंकि इससे भारत का सामान विदेशों में सस्ता पड़ता था. लेकिन अब भारत की अर्थव्यवस्था बदल चुकी है. पहले भारत मुख्य रूप से कपड़े और सस्ते उत्पाद बेचता था. अब भारत फार्मा, केमिकल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और टेक्नोलॉजी जैसे सेक्टर्स में आगे बढ़ रहा है. इन सेक्टर्स में सिर्फ सस्ता होना काफी नहीं है. यहां क्वालिटी, टेक्नोलॉजी और सप्लाई चेन ज्यादा मायने रखती है. इसलिए अब सिर्फ रुपये के कमजोर होने से एक्सपोर्ट में बड़ा फायदा नहीं मिलता.
आईटी सेक्टर और फैक्ट्रियों की अलग कहानी
कमजोर रुपया हर सेक्टर को एक जैसा प्रभावित नहीं करता. आईटी और BPO कंपनियों को कुछ फायदा जरूर मिलता है क्योंकि उनकी कमाई डॉलर में होती है. लेकिन अब AI और ऑटोमेशन की वजह से यह फायदा भी पहले जितना बड़ा नहीं रहा. दूसरी तरफ मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों की मुश्किल बढ़ जाती है. भारत में मोबाइल, कार और इलेक्ट्रॉनिक्स बनाने वाली कंपनियों को चिप्स, मशीनें और पार्ट्स विदेशों से मंगाने पड़ते हैं. जब रुपया गिरता है, तो इन चीजों की कीमत और बढ़ जाती है. यानी उत्पादन महंगा हो जाता है और कंपनियों का मुनाफा कम हो जाता है.
चीन बना सबसे बड़ी चिंता
डॉलर के अलावा अब चीन का युआन भी भारत के लिए बड़ा फैक्टर बन गया है. भारत का चीन के साथ व्यापार घाटा लगातार बढ़ रहा है. भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा और सोलर सेक्टर में चीन पर काफी निर्भर है. स्थिति ऐसी है कि भारत की कई इंडस्ट्रीज में इस्तेमाल होने वाले जरूरी सामान का 80 से 95 प्रतिशत हिस्सा चीन से आता है. अगर रुपया कमजोर होता है, तो चीन से आने वाला सामान और महंगा हो जाता है. इसका असर भारत की फैक्ट्रियों और उपभोक्ताओं दोनों पर पड़ता है.
क्यों पहले बढ़ता है नुकसान?
अर्थशास्त्र में इसे जे कर्व इफेक्ट कहा जाता है. इसका मतलब है कि जब रुपया कमजोर होता है, तो शुरुआत में फायदा नहीं बल्कि नुकसान ज्यादा दिखाई देता है. क्योंकि भारत तेल जैसी जरूरी चीजें खरीदना बंद नहीं कर सकता. भले कीमत बढ़ जाए, फिर भी आयात करना पड़ता है. यानी कमजोर रुपया पहले व्यापार घाटा बढ़ाता है और बाद में जाकर कुछ फायदा देता है. 2022 में भी ऐसा ही हुआ था, जब भारत का चालू खाता घाटा काफी बढ़ गया था.
अब सिर्फ रुपये से नहीं चलेगा काम
अब भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौती सिर्फ रुपये को बचाना नहीं है. असली चुनौती है देश के अंदर मजबूत उत्पादन तैयार करना. विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत को तेल पर निर्भरता कम करनी होगी, घरेलू मैन्युफैक्चरिंग बढ़ानी होगी और चीन पर जरूरत से ज्यादा भरोसा घटाना होगा. अगर भारत हाई-टेक प्रोडक्ट्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और मजबूत सप्लाई चेन तैयार कर लेता है, तो रुपया लंबे समय तक मजबूत रह सकता है.
अब सवाल सिर्फ यह नहीं है कि रुपया कितना गिरेगा. असली सवाल यह है कि भारत कितना मजबूत उत्पादन कर पाएगा. क्योंकि आने वाले समय में वही देश आगे बढ़ेंगे जो सिर्फ मुद्रा नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी, ऊर्जा और मैन्युफैक्चरिंग में मजबूत होंगे. ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 27 May 2026 20:30:26 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Rupee, News:, तेल, रुपया, और, युआन..., जानिए, क्यों, पुराने, आर्थिक, नियमों, से, नहीं, संभल, रही, हमारी, करेंसी</media:keywords>
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        <title>CNG Price: महंगी सीएनजी ने बढ़ाई सबकी परेशानी, टूट रहा लोगों का सब्र, ABP से बोले ड्राइवर्स&amp; अब तो बस...</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/cng-price-महंगी-सीएनजी-ने-बढ़ाई-सबकी-परेशानी-टूट-रहा-लोगों-का-सब्र-abp-से-बोले-ड्राइवर्स-अब-तो-बस</link>
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        <description><![CDATA[ CNG Price Hike: दिल्ली NCR समेत देश के सही राज्यों में CNG की कीमतों में फिर बढ़ोतरी ने आम लोगों और कमर्शियल ड्राइवरों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं. लगातार बढ़ती महंगाई के बीच टैक्सी, ऑटो और कैब चलाने वाले लोग अब खुद को आर्थिक दबाव में घिरा महसूस कर रहे हैं. ड्राइवरों का कहना है कि कमाई घट रही है, खर्च बढ़ रहा है और कंपनियां अपना कमीशन काटने में कोई कमी नहीं कर रहीं.
छोटी दूरी की राइड्स में भी कंपनियां का 25 से 30 फीसदी तक होता है कमीशन
कार ड्राइवर गुलशन कुमार सैनी का कहना है कि मौजूदा हालात में गाड़ी चलाना घाटे का सौदा बन चुका है. उनका आरोप है कि छोटी दूरी की राइड्स में भी कंपनियां 25 से 30 फीसदी तक कमीशन काट लेती हैं. उन्होंने कहा कि सरकार लोगों को प्राइवेट गाड़ियों की जगह कमर्शियल वाहन और मेट्रो इस्तेमाल करने की सलाह देती है, लेकिन लोग अब भी अकेले कार लेकर निकल रहे हैं. ऐसे में ट्रैफिक और ईंधन दोनों का दबाव बढ़ता जा रहा है.
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सैलरी नहीं बढ़ती, सिर्फ महंगाई बढ़ती है
जसवीर सिंह (नौकरी पेशा वाले) ने कहा कि सभी प्रकार की ईंधनों की कीमतें धीरे-धीरे इसलिए बढ़ाई जा रही हैं ताकि जनता का गुस्सा अचानक न भड़के. उनका मानना है कि अगर महंगाई के साथ लोगों की आय भी बढ़ती तो असर कम पड़ता, लेकिन फिलहाल हालात उल्टे हैं. उन्होंने सरकार से मांग की कि रोजमर्रा की चीजों की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण जरूरी है, वरना आम आदमी की मुश्किलें और बढ़ेंगी.
पेट्रोल-डीजल से लेकर सिलेंडर तक, लोगों ने सरकार पर उठाए सवाल
निजी कार चालक अमित नाम के एक अन्य नागरिक ने मौजूदा हालात को लेकर सरकार पर तीखी नाराजगी जाहिर की. उन्होंने कहा कि पहले विपक्ष में रहते हुए जो नेता महंगे पेट्रोल-डीजल और गैस सिलेंडर को लेकर विरोध करते थे, अब वही मुद्दों पर चुप हैं. उनका कहना है कि CNG के दाम 35 रुपये से बढ़कर 83 रुपये तक पहुंच चुके हैं, लेकिन टैक्सी किराए में कोई राहत नहीं दी जा रही. उन्होंने आरोप लगाया कि सबसे ज्यादा दबाव मिडिल क्लास और ड्राइवरों पर पड़ रहा है.
रेट बढ़े तो घटने भी चाहिए, लोगों ने मांगी राहत
रूपेश कुमार ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बढ़ने पर भारत में तुरंत असर दिखता है, लेकिन जब कीमतें कम होती हैं तो राहत नहीं मिलती. उनका कहना है कि मिडिल क्लास हर तरफ से दबाव झेल रहा है. टैक्स से लेकर रोजमर्रा के खर्च तक सबसे ज्यादा बोझ नौकरीपेशा लोगों पर पड़ रहा है. उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार आने वाले समय में आम लोगों की परेशानियों को समझेगी.
EMI, लोन और घटती कमाई ने ड्राइवरों की बढ़ाई चिंता
गजेंद्र बजाज ने बताया कि होम लोन, गाड़ी की किश्त और लगातार बढ़ती महंगाई ने ड्राइवरों की आर्थिक हालत कमजोर कर दी है. उनका कहना है कि कई ड्राइवर मानसिक तनाव में जी रहे हैं क्योंकि आमदनी पहले जैसी नहीं रही. उन्होंने आरोप लगाया कि ऐप बेस्ड कंपनियां बेहद कम किराए में राइड्स करा रही हैं, जिससे स्थानीय ड्राइवरों की कमाई पर असर पड़ रहा है. उन्होंने दावा किया कि कर्ज और बैंक के दबाव की वजह से कई लोग मानसिक रूप से टूट चुके हैं.
इलेक्शन रिजल्ट के 24 दिन बाद पेट्रोल-डीजल, गैस और खाने का तेल के दाम कहां पहुंच गए, अभी और कितना बढ़ना बाकी?
दिल्ली में फिर 11 दिन में चौथी बार बढ़े CNG के दाम
राजधानी दिल्ली में CNG अब 83.09 रुपये प्रति किलो हो गई है. इससे पहले कीमत 81.09 रुपये प्रति किलो थी. बीते 11 दिनों में यह चौथी बार है जब CNG महंगी हुई है. 23 मई को भी 1 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई थी. लगातार बढ़ रही कीमतों ने कैब, ऑटो और निजी वाहन चालकों की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है.
देश के कई शहरों में CNG 90 रुपये के पार
दिल्ली के अलावा नोएडा, गाजियाबाद, लखनऊ, हैदराबाद, पुणे और कोलकाता जैसे शहरों में CNG के दाम 90 रुपये प्रति किलो के आसपास या उससे ऊपर पहुंच चुके हैं. हैदराबाद में CNG सबसे महंगी होकर 97 रुपये प्रति किलो बिक रही है. वहीं मुंबई और अहमदाबाद जैसे शहरों में कीमतें अपेक्षाकृत कम हैं, लेकिन वहां भी लगातार बढ़ोतरी का सिलसिला जारी है.
बढ़ती महंगाई के बीच राहत की उम्मीद में आम लोग
ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी ने आम आदमी के बजट को पूरी तरह प्रभावित किया है. टैक्सी और ऑटो चालक जहां किराया बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, वहीं नौकरीपेशा और मध्यम वर्ग महंगाई से राहत की उम्मीद लगाए बैठा है. लोगों का कहना है कि अगर जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो आने वाले समय में हालात और मुश्किल हो सकते हैं. ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 27 May 2026 20:30:26 +0530</pubDate>
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        <title>Byju Raveendran: मेस्सी और टीम इंडिया की जर्सी से जेल तक, सबसे बड़े स्टार्टअप ने रवींद्रन को बना दिया था अरबपति</title>
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        <description><![CDATA[ Byju&#039;s Collapsed News: इन दिनों मशहूर एडटेक कंपनी बायजू &amp;nbsp;वित्तीय संकट और कानूनी विवादों में घिरी हुई है. बायजूस के फाउंडर रवींद्रन को सिंगापुर की एक कोर्ट ने छह महीने की जेल की सजा सुनाई है. &amp;nbsp;उन पर कोर्ट के कई आदेशों का पालन नहीं करने का आरोप है. &amp;nbsp;कोर्ट ने साथ ही उन पर 70,500 डॉलर का जुर्माना भी लगाया है.
एक समय ऐसा भी था जब प्रसिद्ध फुटबॉल खिलाड़ी लियोनेल मेस्सी बायजू के ग्लोबल अंबेसडर बने, जिससे पता चलता है कि भारत का सबसे फेमस एडटेक स्टार्टअप कितना बड़ा बन चुका था. कंपनी का लोगो भारतीय क्रिकेट टीम की जर्सी पर दिखाई दिया. ग्लोबल इन्वेस्टरों ने स्टार्टअप में अरबों डॉलर का निवेश किया. जिसके बाद बायजू रवींद्रन भारत के स्टार्टअप बूम के सबसे बड़े चेहरों में से एक बन गए.&amp;nbsp;
क्या है पूरा मामला और क्यों हुई सजा?
दरअसल, यह पूरा मामला रवींद्रन की प्रोपर्टीयों और कानूनी आदेशों को नजरअंदाज से जुड़ा हुआ है. सिंगापुर की कोर्ट के मुताबिक, &amp;nbsp;रवींद्रन ने अप्रैल 2024 से अपनी संपत्तियों से जुड़ी &amp;nbsp;वित्तीय जानकारी को जानबूझकर नजरअंदाज किया. इन आदेशों का पालन न करने की वजह से उन्हें कोर्ट &amp;nbsp;की अवमानना का दोषी पाया गया और छह महीने की जेल की सजा तय की गई. सजा के अलावा, कोर्ट ने रवींद्रन पर जुर्माना भी लगाया है. कानूनी खर्च के तौर पर 90,000 सिंगापुर डॉलर (करीब 70,500 अमेरिकी डॉलर) का भुगतान करने का निर्देश दिया है.&amp;nbsp;
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एक समय कंपनी के सर पर था &#039;ताज&#039;
साल 2011 जब थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड के रूप में कंपनी ने अपनी नीव रखी. बायजू ने भारत में शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की भारी मांग का फायदा उठाते हुए तेजी से विकास किया. समय भी बिल्कुल अनुकूल था. जहां भारत में स्मार्टफोन का विस्तार हो रहा था तो, दूसरी ओर ऑनलाइन शिक्षा मुख्यधारा बन गई, कंपनी ने खुद को शिक्षा के भविष्य के रूप में खुद को खड़ा किया.&amp;nbsp;
बात साल 2020 की है. जब पूरी दुनिया कोरोना महामारी से जूझ रहा था, स्कूल बंद हो गए, छात्र ऑनलाइन पढ़ाई करने लगे और डिजिटल शिक्षा की मांग में जबरदस्त उछाल आया. निवेशकों ने तुरंत निवेश किया और बायजू ने भारत और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बड़े लेवल पर अपना विस्तार किया.
आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी ने आकाश एजुकेशनल सर्विसेज, ग्रेट लर्निंग और एपिक समेत कई फर्मों पर अपना कब्जा किया, जिनके सौदे आमतौर पर करीब 3 अरब डॉलर के थे. जिसके बाद साल 2022 में बायजू की कुल वैल्यूएशन 22 अरब डॉलर के पार पहुंच गई. कंपनी ने बड़े पैमाने पर विज्ञापन अभियान चलाए, मशहूर हस्तियों के साथ कोलाबरेशन किया, &amp;nbsp;रवींद्रन विश्व के नए टेक अरबपति का खिताब अपने नाम कर चुके थे.
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        <pubDate>Wed, 27 May 2026 20:30:24 +0530</pubDate>
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        <title>ITR News: फॉर्म 16 आने से पहले क्या भर सकते हैं आईटीआर? जल्दबाजी में टैक्स फाइल करने वाले जान लें जरूरी बात</title>
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        <description><![CDATA[ ITR Rules 2026: आयकर रिटर्न दाखिल करने में बहुत दिक्कतें होती हैं. हर साल की तरह इस बार भी आयकर विभाग ने ऑनलाइन फाइलिंग शुरू कर दी है. विभाग ने आईटीआर-1 और आईटीआर-4 के लिए एक्सेल यूटिलिटीज़ जारी कर दी हैं, जिससे कई टैक्सपेयर फॉर्म 16 प्राप्त होने से पहले ही प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं, जो आमतौर पर जून के बीच तक आता है.&amp;nbsp;
दिलचस्प बात यह है कि इस साल टैक्स दाखिल करने के नियमों में कुछ जरूरी बदलाव हैं. हालांकि फाइलिंग का तरिका पहली नज़र में थोड़ा फैमिलियर लग सकता है, लेकिन फॉर्म और रिपोर्टिंग नियमों में कई बदलावों का मतलब है कि टैक्सपेयर को पहले से ज्यादा जागरूक रहने की जरूरत हो सकती है. वही नए प्रकटीकरण आवश्यकताओं से लेकर वित्तय फायदा रिपोर्टिंग में बदलाव तक, आकलन साल (AY) 2026-27 के लिए अपना रिटर्न दाखिल करना पिछले साल जैसा बिल्कुल नहीं हो सकता है.&amp;nbsp;
इसके अलावा, भले ही नया आयकर अधिनियम, 2025 लागू हो चुका है, फिर भी पुराने आयकर एक्ट 1961 के तहत यह रिटर्न दाखिल करने का आखिरी राउंड होगा. चूंकि वित्तीय साल 2025-26 के लिए टैक्स का हिसाब पुराने कानून के तहत ही किया जाएगा, इसलिए टैक्सपेयर को रिटर्न दाखिल करते समय जरूर ध्यान देना चाहिए.
दो आवासीय संपत्तियों से होने वाली आय की रिपोर्टिंग
इस साल की एक बड़ी राहत उन टैक्सपेयर के लिए है जिनके पास एक से अधिक मकान हैं. पहले, आयकर-1 (सहज) दाखिल करने वाले कर्मचारी व्यक्तियों और आयकर-4 (सुगम) दाखिल करने वाले लघु व्यवसाय करदाताओं के पास आय रिपोर्टिंग के लिए सीमित ऑपशन थे. लेकिन अब, टैक्सपेयर इन प्रपत्रों का इस्तमाल करते हुए ज्यादातर दो आवासीय संपत्तियों से होने वाली आय का खुलासा कर सकते हैं. सरल शब्दों में, यह है कि वेतनभोगी और दो मकानों के मालिक व्यक्ति जटिल आयकर प्रपत्रों के बजाय आसान आयकर प्रपत्रों का उपयोग जारी रख सकते हैं.
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वसूल न हो सकने वाले किराए को लेकर नया खुलासा
इसी के साथ एक और बदलाव जिस पर मकान मालिकों का ध्यान जा सकता है, वह है वसूल न हो सकने वाले किराए से जुड़ा एक नई खुलासा आवश्यकता. दरअसल, आयकर विभाग ने आईटीआर फॉर्म, जिनमें आईटीआर-1 और आईटीआर-4 शामिल हैं, में &quot;वसूल न हो सकने वाले किराए की राशि&quot; नामक एक अलग खंड जोड़ा है. &amp;nbsp;बात करें पहले कि तो, पहले इन फॉर्मों को भरने वाले करदाताओं के पास वसूल न हो सकने वाले किराए की जानकारी देने के लिए कोई अलग स्थान नहीं था. &amp;nbsp;इस बदलाव का मकसद किराये से होने वाली कमाई के खुलासे को ज्यादा व्यापक और साफ सुथरा बनाना है.
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बैंक बैलेंस की जानकारी देना अब जरूरी&amp;nbsp;
Presumptive Taxation Scheme के तहत आयकर रिटर्न (ITR-4) दाखिल करने वाले टैक्सपेयर के लिए एक ज्यादा जानकारी देना जरूरी हो गया है. धारा 44एडी, 44एडीए और 44एई के तहत आने वाले लोगो को अब 31 मार्च, 2026 तक अपने सभी एक्टिव बैंक खातों का कुल समापन बैलेंस बताना होगा. यह जानकारी आयकर रिटर्न(ITR-4) के ई21 क्षेत्र में देनी जरूरी है. टैक्स एक्सपर्टों &amp;nbsp;का कहना है कि गलत रिपोर्टिंग या बकाया राशि का खुलासा न करने पर कर नोटिस या जुर्माना लग सकता है. ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 27 May 2026 04:30:16 +0530</pubDate>
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        <title>Education Loan: युवा भारतीयों में कर्ज लेने का बढ़ा क्रेज, क्यों तेजी से बढ़ रही है स्टूडेंट लोन की मांग?</title>
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        <description><![CDATA[ Education Loan News: अक्सर लोग घर बनाने, जमीन खरीदने के लिए लोन लेते है. आजकल भारतीय युवाओं में लोन लेने को लेकर इच्छुकता बढ़ी है. अब बड़ी संख्या में युवा खरीदारी के लिए ही नहीं ब्लकि कुछ अलग उद्देश्यों के लिए लोन ले रहे हैं, जैसे कि नए स्किल्स सीखना और करियर की संभावनाओं को बेहतर बनाना.&amp;nbsp;
दरअसल, आज के इस डीजिटल दौर में कई युवा भारतीयों के लिए, शिक्षा अब कॉलेज तक ही नहीं सिमट कर रह गई है. &amp;nbsp;भले ही डिग्री पहला द्वार खोलने में मदद करती है. लेकिन काम की जगाहों में योग्य बने रहने के लिए लगातार नए स्किल्स, प्रमाणपत्र और एक्सपेरीमेंट प्राप्त करना बेहद जरूरी है. &amp;nbsp;आगे बढ़ने का दबाव बेहद जरूरी हो गया है, और इसके साथ-साथ लागत भी लगातार बढ़ती जा रही है.
बात चाहे सरकारी परीक्षा की तैयारी हो, कोडिंग प्रशिक्षण शिविर में दाखिला लेना हो, कोई विदेशी भाषा सीखना हो या कोई ऑनलाइन कोर्स करना हो, शिक्षा धीरे-धीरे एक बार का लक्ष्य नहीं बल्कि एक फिक्सड यानी तय &amp;nbsp;खर्च बनती जा रही है, और कई युवा कमाने वाले भारी बचत होने तक इंतजार नहीं करना चाहते.&amp;nbsp;
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युवा लोनदाता ट्रेंड में चल रहा आगे&amp;nbsp;
डिजिटल लोन प्लेटफॉर्म रुपीरेडी के आंकड़ों के अनुसार, शिक्षा से जुडे़ लोन युवा भारतीयों के बीच तेजी से पसंद किया जा रहा है. पिछले वित्तीय वर्ष में, सभी पर्सनल लोन लेने वालों में से लगभग 14 प्रतिशत ने शिक्षा से जुड़े लोन लिए है.&amp;nbsp;
लोन को लेकर युवाओं में बढ़ी दिलचस्पी&amp;nbsp;
सबसे दिलचस्प बात यह कि, पढ़ाई से जुड़े इन लोनों में से करीब 46% प्रतिशत &amp;nbsp;21 से 30 &amp;nbsp;साल की उम्र के लोगों ने लिया था. वही 16.1% प्रतिशत लोन 31 से 35 साल की उम्र &amp;nbsp;के उधारकर्ताओं द्वारा लिए गए थे. ऐसे में &amp;nbsp;यह एक जरूरी बदलाव की ओर इशारा करता है, शिक्षा से जुड़ा लोन अब केवल कॉलेज की फीस जमा &amp;nbsp;करने वाले छात्रों या परिवारों तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि कामकाजी आयु के युवा भी इन्हें ज्यादा अहमियत दे रहे हैं.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Wed, 27 May 2026 04:30:16 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Education, Loan:, युवा, भारतीयों, में, कर्ज, लेने, का, बढ़ा, क्रेज, क्यों, तेजी, से, बढ़, रही, है, स्टूडेंट, लोन, की, मांग</media:keywords>
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        <title>ब्याज दरों का खेल और शेयर बाजार की चाल, जानिए क्यों रेपो रेट बढ़ते ही मार्केट में आ जाता है तूफान</title>
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        <description><![CDATA[ Central Bank Repo Rate: जब भी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) या फेडरल रिजर्व जैसे सेंट्रल बैंक ब्याज दरों को लेकर कोई भी अपडेट देते हैं, तब सिर्फ बैंकिंग सेक्टर ही नहीं बल्कि पूरा शेयर बाजार उथल- पुथळ हो जाता है. दरें बढ़ने की खबर आते ही अक्सर बाजार में गिरावट दिखती है, जबकि दरें घटने पर इनवेस्टर खरीदारी शुरू कर देते हैं और बाजार में तेजी आ जाती है. ऐसा इसलिए क्योंकि ब्याज दरों का सीधा असर कंपनियों की कमाई, निवेशकों के फैसलों और शेयरों की वैल्यू पर पड़ता है.
कैसे शुरू होता है असर?सेंट्रल बैंक जिस दर पर बैंकों को पैसा उधार देता है, उसे भारत में रेपो रेट कहा जाता है. जब RBI इस दर को बढ़ाता है, तो बैंकों के लिए पैसा महंगा हो जाता है. इसके बाद बैंक होम लोन, कार लोन और बिजनेस लोन पर ब्याज बढ़ा देते हैं. इसका असर सीधे कंपनियों और आम लोगों दोनों पर पड़ता है.
ये भी पढ़ें: Education Loan: युवा भारतीयों में कर्ज लेने का बढ़ा क्रेज, क्यों तेजी से बढ़ रही है स्टूडेंट लोन की मांग?
कंपनियों का खर्च बढ़ जाता हैज्यादातर कंपनियां कारोबार बढ़ाने के लिए बैंक से कर्ज लेती हैं. मान लीजिए किसी ऑटो कंपनी ने 1,000 करोड़ रुपये का लोन लिया हुआ है. अगर ब्याज दर 8% से बढ़कर 9% हो जाए, तो कंपनी को हर साल करोड़ों रुपये एक्स्ट्रा ब्याज देना पड़ेगा. इससे कंपनी का मुनाफा घट जाता है. दूसरी तरफ, महंगे कार लोन की वजह से ग्राहक नई कार खरीदने से बचते हैं. यानी कंपनी को एक तरफ ज्यादा ब्याज देना पड़ता है और दूसरी तरफ बिक्री भी घट जाती है. यही वजह है कि शेयर कीमतों पर दबाव बढ़ता है.
शेयरों की वैल्यू क्यों घटती है?शेयर बाजार भविष्य की कमाई पर चलता है. निवेशक ये देखते हैं कि कोई कंपनी आने वाले सालों में कितना मुनाफा कमा सकती है. लेकिन जब ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो बैंक एफडी और सरकारी बॉन्ड पर ज्यादा रिटर्न मिलने लगता है. ऐसे में निवेशकों को सुरक्षित निवेश ज्यादा आकर्षक लगने लगता है.
उदाहरण के लिए, अगर बैंक FD सिर्फ 3% ब्याज दे रही हो, तो लोग बेहतर रिटर्न के लिए शेयर बाजार में पैसा लगाते हैं. लेकिन अगर FD पर 7%&amp;ndash;8% रिटर्न मिलने लगे, तो कई निवेशक जोखिम वाले शेयरों से पैसा निकालकर सुरक्षित निवेश में चले जाते हैं.
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बाजार से पैसा निकलने लगता हैहाई इंटरेस्ट रेट के दौर में बड़े निवेशक और फंड मैनेजर भी अपना पैसा शेयर बाजार से निकालकर बॉन्ड और FD जैसे सुरक्षित ऑप्शंस में लगाने लगते हैं. इससे बाजार में नकदी कम हो जाती है और शेयर सूचकांकों पर दबाव बढ़ जाता है.
किन सेक्टरों पर पड़ता है ज्यादा असर?

टेक और ग्रोथ कंपनियां: टेक कंपनियों की कमाई का बड़ा हिस्सा भविष्य पर आधारित होता है. इसलिए ब्याज दर बढ़ने पर इनके शेयर सबसे ज्यादा दबाव में आते हैं.
बैंकिंग सेक्टर: कई बार बैंकों को शुरुआती दौर में फायदा होता है. बैंक लोन पर ब्याज जल्दी बढ़ा देते हैं, लेकिन जमा पर ब्याज धीरे बढ़ाते हैं. इससे उनका मार्जिन बेहतर हो सकता है.
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        <pubDate>Wed, 27 May 2026 04:30:15 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Silver News: अब नकली चांदी से सावधान! सिक्कों और गहनों में मिलाई जा रही है सस्ती धातु, BIS ने किया अलर्ट</title>
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        <description><![CDATA[ Silver Purity News: भारतीय बाजार में इन दिनों तेजी से सोने और चांदी की कीमतों में इजाफा हो रहा है. जिसके बावजूद भी इसकी डिमांड भी लगातार बढ़ ही रही है. वैश्विक स्तर पर चल रहे हालातों का भी इसकी बिक्री पर कोई खास असर नहीं पड़ रहा है. इसी बीच अब खबरें ऐसी भी सामने आ रही हैं कि चांदी की खपत और मांग के चलते बाजार में इसकी शुद्धता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं.
बाजार में मिल रही मिलावटी चांदीदरअसल उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों के मुताबिक, BIS (ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड) ने सितंबर 2025 से चांदी की सभी चीजों पर हॉलमार्किंग को जरूरी कर दिया था, लेकिन अभी तक भी बड़ी संख्या में व्यापारी इस नियम का पालन नहीं कर रहे हैं. बाजार में बिकने वाले कई चांदी के बार, सिक्के और बर्तन 999 शुद्धता मानक पर खरे नहीं उतरते हैं और उनमें BIS प्रमाणित हॉलमार्क भी नहीं होती है. ऐसे में ये ग्राहकों के साथ धोखा ही कहलाया जाता है.
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ये है चांदी के बड़े केंद्रभारत में चांदी के केंद्र माने जाने वाले शहरों में जयपुर, राजकोट, आगरा, कोल्हापुर, सलेम और कटक हैं. यहां पर बड़े स्तर पर धार्मिक वस्तुएं और गहने बनाए जाते हैं. कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि ये शहर भीअशुद्ध चांदी के केंद्र हो सकते हैं. इन सभी जगहों पर बड़ी मात्रा में चांदी के बर्तन, गहने, सिक्के आदि तैयार किए जाते हैं.
चांदी की खपतबता दें कि भारत में हर साल करीब 7 हजार टन चांदी की खपत होती है, लेकिन इसके लिए केवल 286 अस्सेयिंग और हॉलमार्किंग सेंटर मौजूद हैं. ऐसे में शुद्धता मापी भी कैसे जाए. तो वहीं चांदी के मुकाबले देश में सोने की खपत करीब 800-850 टन है, लेकिन उसके लिए 1,595 हॉलमार्किंग सेंटर हैं. ऐसे में स्थिति साफ है कि चांदी की खपत ज्यादा होने के बाद भी बाजार में इसकी जांच व्यवस्था काफी कमजोर है.
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        <pubDate>Wed, 27 May 2026 04:30:14 +0530</pubDate>
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        <title>बाजार गिरा, फिर भी चमके डिविडेंड शेयर! ITC से बजाज ऑटो तक, जानें किन स्टॉक्स पर है फोकस,</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/बाजार-गिरा-फिर-भी-चमके-डिविडेंड-शेयर-itc-से-बजाज-ऑटो-तक-जानें-किन-स्टॉक्स-पर-है-फोकस</link>
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        <description><![CDATA[ EX-Dividend Date: मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ. प्रमुख इंडेक्स निफ्टी 50 करीब 0.49 प्रतिशत से टूटकर 23,913.70 के स्तर पर बंद हुआ. बाजार के कमजोर होते ही निवेशकों की नजर अब उन बड़ी कंपनियों पर टिकी हुई हैं, जिन्होंने मई 2026 के लिए डिविडेंड और एक्स-डिविडेंड डेट का ऐलान किया है.
इस लिस्ट में आईटीसी लिमिटेड, बजाज ऑटो, टोरेंट फार्मास्युटिकल्स, आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस, और बैंक ऑफ इंडिया जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं.
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एक्स-डिविडेंड डेट क्या है?एक्स-डिविडेंड डेट वो तारीख है, जो तय करती है कि किसी निवेशक को कंपनी का घोषित डिविडेंड मिलेगा या नहीं. अगर किसी निवेशक को डिविडेंड का फायदा लेना है, तो उसे एक्स-डिविडेंड डेट से पहले शेयर खरीदने होते हैं. अगर शेयर एक्स-डेट वाले दिन या उसके बाद खरीदे जाते हैं, तो उस डिविडेंड का अधिकार पुराने शेयरधारक के पास ही रहता है. इसी वजह से डिविडेंड में रुचि रखने वाले निवेशक इन तारीखों का खास ख्याल रखते हैं.
इन कंपनियों पर है निवेशकों की नजर?
आईटीसी लिमिटेडये देश की सबसे बड़ी विविध कारोबार वाली कंपनियों में गिनी जाती है. कंपनी FMCG, सिगरेट, होटल, पैकेजिंग और एग्री बिजनेस जैसे क्षेत्रों में काम करती है. ITC लंबे समय से लगातार डिविडेंड देने के लिए जानी जाती है.
बजाज ऑटोये भारत की प्रमुख टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर वाहन निर्माता कंपनी है. पल्सर और डोमिनार जैसे लोकप्रिय ब्रांड्स के कारण कंपनी की मजबूत पहचान है. मजबूत कैश फ्लो की वजह से कंपनी को निवेशक पसंद करते हैं.
टोरेंट फार्मास्यूटिकल्सये दवा क्षेत्र की बड़ी कंपनियों में शामिल है. जिसमें हार्ट संबंधी बीमारियां, डायबिटीज और अन्य बीमारियों की दवाइयों के कारोबार में निवेश किया जाता है.
ICICI लोम्बार्डये निजी क्षेत्र की बड़ी जनरल इंश्योरेंस कंपनी है, जो मोटर, हेल्थ और ट्रैवल इंश्योरेंस जैसी सेवाएं देती है.
बैंक ऑफ इंडियाये सार्वजनिक क्षेत्र का बड़ा बैंक है, जो रिटेल बैंकिंग, कॉर्पोरेट लोन और डिजिटल बैंकिंग सेवाओं पर तेजी से काम कर रहा है.
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डिविडेंड स्टॉक्स क्यों पसंद करते हैं निवेशक?डिविडेंड देने वाली कंपनियों को आमतौर पर मजबूत और स्थिर माना जाता है. ऐसे स्टॉक्स निवेशकों को नियमित आय के साथ लंबी अवधि में पूंजी बढ़ाने का मौका भी देते हैं. हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों को केवल ज्यादा डिविडेंड देखकर निवेश नहीं करना चाहिए. कंपनी की वित्तीय स्थिति, भविष्य की ग्रोथ और वैल्यूएशन को भी ध्यान में रखना जरूरी है. ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 27 May 2026 04:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>बाजार, गिरा, फिर, भी, चमके, डिविडेंड, शेयर, ITC, से, बजाज, ऑटो, तक, जानें, किन, स्टॉक्स, पर, है, फोकस</media:keywords>
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        <title>Nepal: नेपाल में महंगाई का महा&amp;विस्फोट, 3 महीने में 60% महंगा हुआ डीजल, रोटी, कपड़ा और मकान पर भी संकट</title>
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        <description><![CDATA[ Nepal LPG Price Update: ईरान युद्ध और होर्मुज तनाव का सीधा असर केवल भारत पर ही नहीं, बल्कि भारत के पड़ोसी देश नेपाल पर भी सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है. जहां, नेपाल में तेजी से बढ़ती जा रही महंगाई ने आम जनता की जेब पर प्रहार करना शुरू कर दिया है. इसी बीच कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, नेपाल में पिछले तीन महीनों के अंदर डीजल की कीमतों में 60 प्रतिशत और पेट्रोल के दामों में 28 प्रतिशत तक का रिकॉर्ड उछाल दर्ज किया जा चुका है.&amp;nbsp;
नेपाल के हर घरों में बिगड़ा बजट
दरअसल, युद्ध की वजह से तेजी से हुए ईंधनों की कीमतों में उछाल के कारण अब नेपाल के हर घर का बजट पूरी तरह से बिगड़ता हुआ नज़र आ रहा है. जहां, रोजमर्रा के इस्तेमाल में आने वाली रसोई गैस की कीमतों में भी 11.5 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी देखने को मिली रही है. इसके अलावा अब लोगों को सबसे ज्यादा इस बात की चिंता है कि वे आखिर अपना घर कैसे चलाएंगे?
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माल ढुलाई की लागत में बढ़ोतरी दर्ज
इतना ही नहीं, ईंधन के महंगा होने का सबसे बड़ा असर देश की परिवहन व्यवस्था पर भी देखने को मिल रहा है. जहां, आम जनता द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले सार्वजनिक वाहनों का किराया 20 प्रतिशत तक बढ़ा दिया गया है. जिसकी वजह से देश के अंदर सामान को एक जगह से दूसरी जगह भेजने की लागत में लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.&amp;nbsp;
हांलाकि, माल ढुलाई महंगी होने का सीधा असर अब लोगों की रसोई घर में देखने को मिल रहा है. जिसको लेकर खुदरा व्यापारियों ने इस मामले में जानकारी देते हुए बताया कि परिवहन खर्च बढ़ने की वजह से फल, सब्जियां, दालें और अन्य जरूरी खाद्य पदार्थों के दाम हर हफ्ते तेजी से बदलते जा रहे हैं जिसकी वजह से लोगों ने खरीददारी भी कम कर दी है.&amp;nbsp;
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आम जनता की जेब पर पड़ रहा असर
नेपाल में इस वक्त हालात बेहद चिंताजनक वाले हैं. एक तरफ जहां लोगों की जेब पर सबसे ज्यादा असर पड़ रहा है, तो वहीं दूसरी तरफ खाने-पीने की सारी चीजें लगातार तेजी से महंगी होते जा रही है. जिसको लेकर कुछ विशेषज्ञों ने बताया कि अगर वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में जल्द ही सुधार नहीं देखने को मिलता है, तो आने वाले दिनों में नेपाल में महंगाई की स्थिति और भी ज्यादा खराब होते जाएगी.&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 26 May 2026 16:30:23 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Nepal:, नेपाल, में, महंगाई, का, महा-विस्फोट, महीने, में, 60, महंगा, हुआ, डीजल, रोटी, कपड़ा, और, मकान, पर, भी, संकट</media:keywords>
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        <title>Fixed Deposit Rules: मैच्योरिटी से पहले एफडी बंद करने पर बैंक कितना काटते हैं चार्ज? जानें नियम</title>
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        <description><![CDATA[ Fixed Deposit: आमतौर पर फिक्स्ड डिपॉजिट को सबसे ज्यादा सुरक्षित निवेश के रूप में माना जाता है. जहां, लोग सालों के लिए अपना पैसा सुरक्षित तरह से बिना किसी परेशानी के जमा करते हैं. लेकिन, ज्यादातर लोग यह सोचकर भी अपनी एफडी करवाते हैं कि अवधि पूरी होने से पहले वे जमा किए गए पैसे की तरफ देखेंगे भी नहीं. आप से बेहद ही कम लोगों को इस बारे में जानकारी होगी कि अचानक जरूरत पड़ने पर समय से पहले एफडी तोड़ना आपका कितना भारी पड़ सकता है और क्यों?
एफडी तोड़ना क्यों पड़ सकता है भारी?
ज्यादातर लोग यह सोचते हैं कि एफडी को बीच में ही तोड़ने पर बैंक ज्यादा से ज्यादा जुर्माना के तौर पर उनकी रकम को काटेगा. लेकिन, जल्दबाजी के चक्कर में लोग यह भूल जाते हैं कि बैंक आपके मुनाफे का पूरा हिसाब-किताब ही बदल देती है. जैसे उदाहरण के लिए, अगर आपने 5 साल के लिए एफडी की थी और किसी कारणवर्श उसे एक साल के अंदर ही तोड़ दिया तो बैंक आपको 5 साल वाली उच्च ब्याज दर का फायदा देने से पूरी तरह से साफ इंकार कर देगा.&amp;nbsp;
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इतना ही नहीं, बैंक उन जमा की गई राशि पर सिर्फ और सिर्फ 1 साल वाली कम अवधि की ब्याज दर को पूरी तरह से लागू भी कर देगा. तो &amp;nbsp;वहीं, दूसरी तरफ कम अवधि की ब्याज दर लागू होने के बाद आपका &amp;nbsp;बैंक उस पर 0.5 प्रतिशत से 1 प्रतिशत तक का जुर्माना अलग से लगाएगा. &amp;nbsp;
आखिर क्या है बैंकों के विभिन्न नियम?&amp;nbsp;
इस बात का हमेशा ध्यान रखें कि एफडी तोड़ने के नियम हर बैंकों में अलग-अलग होते हैं. जिसको लेकर कुछ बैंक वरिष्ठ नागरिकों को जुर्माने में थोड़ी छूट देने का काम करते हैं. इसके अलावा, अन्य बैंकों में तो, &amp;lsquo;नो-पेनल्टी एफडी&amp;rsquo; भी उपलब्ध हैं, लेकिन इनमें सामान्य एफडी के मुकाबले शुरुआत से ही ब्याज दर लोगों को कम दिया जाता है.&amp;nbsp;
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एक बात का हमेशा ध्यान रखें कि एफडी अगर आप समय से पहले तोड़ देते हैं तो, जितने दिन भी आपका पैसा बैंक में रहा और उस पर जो भी ब्याज बनेगा, वह पूरी तरह से टैक्सेबल माना जाएगा. ऐसे में यह लगने वाला टैक्स आपके टैक्स स्लैब के हिसाब से कटेगा जिससे हाथ में आने वाला पैसा और घट जाएगा. इसलिए, एफडी तोड़ने का कदम उठाने से पहले अपने बैंक के नियमों और नुकसान के बारे में अच्छी तरह से जानना बेहद ही अनिवार्य होता है.&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 26 May 2026 16:30:22 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Fixed, Deposit, Rules:, मैच्योरिटी, से, पहले, एफडी, बंद, करने, पर, बैंक, कितना, काटते, हैं, चार्ज, जानें, नियम</media:keywords>
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        <title>अब खाने के तेल पर सरकार की नजर, नहीं चलेगा वजन का खेल, नए नियम का क्या होगा असर?</title>
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        <description><![CDATA[ New Rules For Oil Packs: मार्केट में खाने के तेल के पैकेट कई अलग-अलग साइज में बिक रहे हैं, जैसे 650 ग्राम, 700 ग्राम, 810 ग्राम, 850 ग्राम. ऐसे में ग्राहकों को कीमतों की सही तुलना करने में दिक्कत होती है. इसी परेशानी को दूर करने के लिए सरकार नए नियम लाने पर विचार कर रही है.
उपभोक्ता मामले विभाग के मुताबिक, खाने के तेल के पैकेट के लिए मानक साइज तय किए जा सकते हैं. यह कदम लीगल मेट्रोलॉजी यानी वैधानिक माप-तौल नियमों के तहत उठाया जाएगा. नए नियम लागू होने के बाद पैकेट 200 ml, 500 ml, 1 से 5 लीटर, 15 लीटर या किलो और 20 लीटर या 20 किलो जैसे तय साइज में मिल सकते हैं.&amp;nbsp;
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उद्योग संगठनों ने जताई चिंता
बता दें कि हाल ही में उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे की अध्यक्षता में एक बैठक हुई, जिसमें खाने के तेल उद्योग से जुड़े बड़े संगठनों ने हिस्सा लिया. इस संगठनों ने बाजार में पैकेट के बढ़ते अलग-अलग साइज को लेकर चिंता जताई है. उद्योग संगठनों का कहना है कि एक जैसे मानक साइज होने से ग्राहकों को तेल की कीमत समझने और अलग-अलग ब्रांड की तुलना करने में आसानी होगी. इसी वजह से खाने के तेल की प्रमुख किस्मों के लिए मानक पैकेट साइज तय करने पर सहमति बनी है.
छोटे पैकेट फिलहाल रह सकते हैं बाहर
उद्योग संगठनों ने सुझाव दिया है कि 200 ml से छोटे पैकेट को इस नियम के दायरे से बाहर रखा जाए. इससे कम कीमत वाले छोटे पैकेट पहले की तरह बाजार में उपलब्ध रहेंगे और आम ग्राहकों को परेशानी नहीं होगी.
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 ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 26 May 2026 16:30:20 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>अब, खाने, के, तेल, पर, सरकार, की, नजर, नहीं, चलेगा, वजन, का, खेल, नए, नियम, का, क्या, होगा, असर</media:keywords>
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        <title>तेल की धार&amp;जेब पर मार: पिछले 12 दिनों में महंगाई से लुट गया आम आदमी, बिगड़े बजट का रिपोर्ट कार्ड देखें</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/तेल-की-धार-जेब-पर-मार-पिछले-12-दिनों-में-महंगाई-से-लुट-गया-आम-आदमी-बिगड़े-बजट-का-रिपोर्ट-कार्ड-देखें</link>
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        <description><![CDATA[ Inflation In India:&amp;nbsp;पिछले 12 दिनों में आम आदमी की जेब पर महंगाई ने ऐसा हमला किया है कि घर का पूरा बजट ही गड़बड़ा गया है. पेट्रोल-डीजल से लेकर सीएनजी, दूध, सोना-चांदी और रोजमर्रा की कई चीजों के दाम बढ़ चुके हैं. जैसे- जैसे घर का खर्च बढ़ रहा है वैसे- वैसे लोगों की चिंता भी बढ़ती जा रही है.
सबसे बड़ी बात ये है कि एक- दो नहीं, एकसाथ कई जरूरी चीजें महंगी हुई हैं. यानी आम आदमी चाहे गाड़ी चलाए, सफर करे, दूध खरीदे या शादी के लिए सोना ले. हर जगह जेब ढीली करनी पड़ रही है.
12 दिनों में 4 बार बढ़े तेल के दाम
बढ़ती महंगाई की बात करें तो सबसे ज्यादा असर पेट्रोल और डीजल की कीमतों ने डाला है. पिछले 12 दिनों में चार बार तेल के दाम बढ़ाए जा चुके हैं. कई शहरों में पेट्रोल 110 रुपये प्रति लीटर के करीब पहुंच गया है, जबकि डीजल भी लगातार महंगा हो रहा है. मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल को इसकी सबसे बड़ी वजह माना जा रहा है. तेल कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में दबाव बढ़ा है. लेकिन आम लोगों के लिए इससे फर्क सिर्फ इतना है कि अब गाड़ी चलाना पहले से कहीं ज्यादा महंगा हो गया है.
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सीएनजी ने भी बढ़ाई टेंशन
अब जो लोग पेट्रोल-डीजल की महंगाई से बचने के लिए CNG गाड़ियां चला रहे थे, वो भी इस महंगाई से बच नहीं पाए हैं. पिछले कुछ दिनों में सीएनजी के दाम भी चार बार बढ़ चुके हैं. कई शहरों में CNG रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है. ऑटो और कैब ड्राइवरों का कहना है कि अब कमाई का बड़ा हिस्सा सिर्फ ईंधन में चला जा रहा है. कई जगह किराया बढ़ाने की मांग भी शुरू हो गई है.
रसोई का बजट बिगड़ा
महंगाई की मार सिर्फ सड़क तक ही नहीं है. घर का राशन भी डमाडोल हो रहा है. दूध कंपनियों ने दूध की कीमत बढ़ा दी हैं. बता दें कि कुछ जगहों पर तो दूध में प्रति लीटर 2 से 4 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है. दूध के अलावा ब्रेड, दाल भी महंगा हो चुका है. इन चीजों का महंगा होना सीधे किचन के बजट पर असर डाल रहा है. चाय से लेकर बच्चों के खाने और मुंबई के वड़ा- पाव तक, हर चीज पर खर्च बढ़ गया है.
सोना-चांदी खरीदना हुआ मुश्किल
महंगाई की मार यही खत्म नहीं होती है. शादी का सीजन शुरू होते ही सोने-चांदी की कीमतों ने भी लोगों को झटका दिया है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी और बढ़ी हुई इंपोर्ट ड्यूटी की वजह से सोना लगातार महंगा हो रहा है. कई शहरों में सोना 1 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के करीब पहुंच गया है. मिडिल क्लास के परिवारों के लिए अब शादी-ब्याह में सोना खरीदना बड़ा बोझ बनता जा रहा है.
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ट्रांसपोर्ट महंगा, हर चीज पर असर
पेट्रोल-डीजल महंगा होने का असर सिर्फ गाड़ी वालों पर नहीं पड़ता. ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ते ही सब्जियां, राशन, फल और दूसरी जरूरी चीजें भी महंगी होने लगती हैं. ट्रक ऑपरेटर्स का कहना है कि डीजल महंगा होने से माल ढुलाई की लागत तेजी से बढ़ी है. इसका असर बाजार में दिखाई देना शुरू हो गया है.
EMI और खर्च के बीच फंसा मिडिल क्लास
मिडिल क्लास इस समय सबसे ज्यादा दबाव महसूस कर रहा है. एक तरफ घर और गाड़ी की EMI, बच्चों की फीस और बिजली बिल हैं, दूसरी तरफ रोजमर्रा का खर्च लगातार बढ़ रहा है. कई लोगों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में घर का महीने का बजट पूरी तरह बिगड़ गया है. पहले जितने पैसे में महीने का खर्च चल जाता था, अब उससे काम नहीं चल पा रहा.
आखिर कब मिलेगी राहत?
एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें कम नहीं होतीं, तब तक राहत मिलना मुश्किल है. मिडिल ईस्ट तनाव और डॉलर की मजबूती की वजह से भारत जैसे देशों पर दबाव बना हुआ है. हालांकि सरकार लगातार हालात पर नजर रखने की बात कह रही है, लेकिन फिलहाल आम आदमी को राहत मिलती नहीं दिख रही. साफ है कि पिछले 12 दिनों में बढ़ी महंगाई ने लोगों की बचत, बजट और रोजमर्रा की जिंदगी में एकदम उथल- पुथल मचाकर रख दिया है. अब देखने वाली बात है कि आखिर इससे कबतक राहत मिलती है.
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        <pubDate>Tue, 26 May 2026 16:30:18 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>तेल, की, धार-जेब, पर, मार:, पिछले, दिनों, में, महंगाई, से, लुट, गया, आम, आदमी, बिगड़े, बजट, का, रिपोर्ट, कार्ड, देखें</media:keywords>
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        <title>Petrol Diesel News: पेट्रोल&amp; डीजल की कीमतें बढ़ने के बाद जानें तेल कंपनियों का हाल, अब भी हर दिन हो रहा इतना नुकसान</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/petrol-diesel-news-पेट्रोल-डीजल-की-कीमतें-बढ़ने-के-बाद-जानें-तेल-कंपनियों-का-हाल-अब-भी-हर-दिन-हो-रहा-इतना-नुकसान</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/petrol-diesel-news-पेट्रोल-डीजल-की-कीमतें-बढ़ने-के-बाद-जानें-तेल-कंपनियों-का-हाल-अब-भी-हर-दिन-हो-रहा-इतना-नुकसान</guid>
        <description><![CDATA[ Petrol Diesel News: देश में महंगाई लगातार बढ़ रही है, इसकी शुरुआत तेल की कीमतों से होती है. जो 10 दिनों में लगातार चौथी बार बढ़ चुके हैं. अब पेट्रोल- डीजल की कीमतें बढ़ने के बाद तेल कंपनियों को हो रहे घाटे में थोड़ी कमी आई है. इस बारे में खुद पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की तरफ से जानकारी दी गई है. जिसमें मंत्रालय की संयुक्त सचिव ने बताया है कि सरकारी तेल कंपनियों को लागत से कम कीमत पर ईंधन बेचने से हो रहे नुकसान में कमी आई है.
मंत्रालय की तरफ से आया अपडेटदरअसल हाल ही में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने सोमवार को हुई एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान बताया कि, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में चार चरणों करीब 7.5 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है. जिससे सरकारी तेल कंपनियों को लागत से कम कीमत पर ईंधन बेचने से हो रहे नुकसान में कमी आई है. ये नुकसान घटकर लगभग 600 करोड़ रुपये प्रति दिन रह गया है.
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उन्होंने आगे बताया कि 15 मई को मूल्य संशोधन शुरू होने से पहले पेट्रोल, डीजल और घरेलू खाना पकाने की गैस एलपीजी की बिक्री पर नुकसान लगभग 1,000 करोड़ रुपये प्रति दिन था. अब ये नुकसान लगभग 600 करोड़ रुपये प्रति दिन से थोड़ा कम है. इस नुकसान में घरेलू एलपीजी की बिक्री से होने वाला नुकसान भी शामिल है. घरेलू उपयोग के लिए बेची जाने वाली एलपीजी एक सब्सिडी वाला उत्पाद है, और लागत, खुदरा विक्रय मूल्य के बीच का अंतर सरकार द्वारा पूरा किया जाता है.
दूसरी ओर, पेट्रोल और डीजल अनियंत्रित उत्पाद हैं जिनकी कीमत बाजार द्वारा निर्धारित होती है. ईरान में युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में 50 प्रतिशत से ज्यादा की वृद्धि होने के बावजूद, सरकारी तेल कंपनियों को खुदरा दरों को स्थिर रखने के बाद इन उत्पादों पर नुकसान हुआ.
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चौथी बार बढ़े पेट्रोल- डीजल के दामबता दें कि आज मई के महीने में चौथी बार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा हुआ है. पेट्रोल की कीमत में आज 2.61 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है और डीजल कीकीमत में 2.71 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है. जिससे महंगाई भी लगातार बढ़ती जा रही है. वहीं कयास ये भी लगाए जा रहे हैं कि आने वाले समय में और भी बढ़ोतरी हो सकती है.&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 26 May 2026 00:30:19 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Petrol, Diesel, News:, पेट्रोल-, डीजल, की, कीमतें, बढ़ने, के, बाद, जानें, तेल, कंपनियों, का, हाल, अब, भी, हर, दिन, हो, रहा, इतना, नुकसान</media:keywords>
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        <title>LPG News: पीएनजी इस्तेमाल करने वाले सावधान! सरकार के इस आदेश के बाद आप नहीं खरीद पाएंगे गैस सिलेंडर</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/lpg-news-पीएनजी-इस्तेमाल-करने-वाले-सावधान-सरकार-के-इस-आदेश-के-बाद-आप-नहीं-खरीद-पाएंगे-गैस-सिलेंडर</link>
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        <description><![CDATA[ LPG Supply: ईरान और यूएस के बीच चल रहे युद्ध की वजह से तेल और गैस के संकट से भारत पिछले काफी समय से जूझ रहा है. जिसके चलते गैस सिलेंडर की किल्लत लोगों को झेलना पड़ी. वहीं अब हाल ही में सरकार की तरफ से एक आदेश जारी किया गया है, जिसमें कहा गया है कि जो लोग अपने घर पर पाइपलाइन से नेचुरल गैस (एलपीजी) इस्तेमाल कर रहे हैं, उन लोगों को अब LPG सिलेंडर नहीं मिलेगा.
सरकारी ने जारी किए आदेशदरअसल सोमवार को ही सरकार ने आदेश जारी किए हैं, जिसमें तत्काल प्रभाव से PNG कनेक्शन वालों के लिए LPG सिलेंडर खरीदने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. अमेरिका और इज़राइल के बीच ईरान पर चल रहे युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से एलपीजी की कमी हो गई है, जिसके चलते भारत ने कुछ उद्योगों को एलपीजी की आपूर्ति में कटौती की है.
ये भी पढ़ें: Travel Expense: PM मोदी की अपील से पहले ही कम हुआ भारतीयों के विदेश घूमने का क्रेज, RBI के आंकड़े ने चौंकाया
भारत ने साल 2025 में 33.15 मिलियन मीट्रिक टन एलपीजी की खपत की थी, जिसका ज्यादातर उपयोग खाना पकाने के लिए किया गया. इस खपत में आयात की हिस्सेदारी लगभग 60% थी. इस आयात का लगभग 90% हिस्सा मध्य पूर्व से आया था.
PNG कनेक्शन के लिए प्रोत्साहित कर रही सरकारएक तरफ सरकार ग्राहकों को पाइप वाली गैस का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है. तो हीं दूसरी तरफ पीएनजी धारकों को गैस सिलेंडर ना देने का फैसला किया गया है. ऐसा सरकार के द्वारा गैस की किल्लतों को देखते हुए किया जा रहा है. हाल ही में पेट्रोल- डीजल की कीमतों में इजाफा हुआ है. जिसके बाद अब गैस सिलेंडर के दामों के बढ़ने की भी बारी आ सकती है.
ये भी पढ़ें: Petrol Diesel Price: हर दिन बदलते पेट्रोल-डीजल के दाम, ट्रांसपोर्ट वालों ने केंद्र सरकार से की ये खास अपील ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 26 May 2026 00:30:18 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>LPG, News:, पीएनजी, इस्तेमाल, करने, वाले, सावधान, सरकार, के, इस, आदेश, के, बाद, आप, नहीं, खरीद, पाएंगे, गैस, सिलेंडर</media:keywords>
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        <title>Travel Expense: PM मोदी की अपील से पहले ही कम हुआ भारतीयों के विदेश घूमने का क्रेज, RBI के आंकड़े ने चौंकाया</title>
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        <description><![CDATA[ Indians on foreign travel: भारतीय रिजर्व बैंक ने विदेश यात्रा को लेकर चौंकाने वाले आंकड़ों का खुलासा किया है. आरबीआई ने बताया है कि भारतीयों की ओर से विदेश यात्रा पर किया जाने वाला खर्च मार्च महीने में घटकर 1.09 अरब डॉलर तक सीमीत रह गया है. जानकारी के अनुसार जनवरी में विदेशी खर्च 1.65 अरब डॉलर और फरवरी में 1.30 अरब डॉलर डॉलर था.
आरबीआई की उदारीकृत धन प्रेषण योजना यानी एलआरएस के तहत इन सभी आंकड़ों को सही तरीके से समझना बेहद ही जरूरी है.&amp;nbsp; मार्च के महीने में बात करें तो भारतीय यात्रियों द्वारा विदेशों में भेजी गई कुल राशि 2.59 अरब डॉलर रही, जिसमें सबसे बड़ी हिस्सेदारी यात्रा पर हुए खर्च की देखने को मिली.
नियमों के मुताबिक, एलआरएस के तहत कोई भी निवासी भारतीय एक साल में &amp;nbsp;2.50 लाख डॉलर तक की राशि को सिर्फ और सिर्फ लेन-देन के लिए ही विदेश भेज सकता है.&amp;nbsp;
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अब अन्य खर्चों पर डालते हैं एक नजर
भारतीय द्वारा किए गए अन्य खर्चों के गणित को भी समझना बाकि है, जहां अन्य यात्रा श्रेणी में घूमने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय क्रेडिट कार्ड के खर्च को शामिल किया गया है. इसके अलावा, मार्च के महीने में 62.30 करोड़ डॉलर खर्च किए गए थे, जो कुल यात्रा का लगभग 57 प्रतिशत है.
1. शिक्षा और पढ़ाई
सबसे पहले शिक्षा संबंधी यात्रा पर 45.01 करोड़ डॉलर खर्च किए गए है. तो वहीं, &#039;विदेश में अध्ययन&#039; श्रेणी में मार्च का खर्च घटकर 15.17 करोड़ डॉलर रह गया, जो जनवरी में 26.74 करोड़ डॉलर था.&amp;nbsp;
2. परिजनों को आर्थिक मदद&amp;nbsp;
इतना ही नहीं, विदेश में रहने वाले परिजनों को भेजा गया राशि मार्च में बढ़कर 38.97 करोड़ डॉलर हो गया था जो फरवरी में 26.61 करोड़ डॉलर था. इसके अलावा अन्य खर्च में व्यापार यात्रा, तीर्थयात्रा और चिकित्सा पर 2.13 करोड़ डॉलर खर्च हुए, जबकि विदेश में रियल एस्टेट की खरीद पर खर्च घटकर 3.86 करोड़ डॉलर अब देखने को मिल रहा है.
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पीएम मोदी ने कुछ दिनों पहले क्या की थी अपील?
विदेश यात्राओं पर होने वाले इस भारी-भरकम खर्च को बचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ समय पहले देश के अमीर और मध्यम वर्ग के लोगों से बेहद ही खास अपील की थी. जिसमें उन्होंने &#039;वेड इन इंडिया&#039; और &#039;देखो अपना देश&#039;पर सबसे ज्यादा जोर देने को कहा था. जिसपर पीएम मोदी ने जानकारी देते हुए बताया कि भारतीयों को अपने जीवन के बड़े आयोजन, जैसे शादियां और छुट्टियां, विदेशों में मनाने के बजाय भारत के खूबसूरत पर्यटन स्थलों पर ही योजना बनाने के बारे में विचार करना चाहिए.&amp;nbsp;
इसके अलावा पीएम मोदी ने आगे कहा था कि जब देश का पैसा देश के अंदर ही खर्च होगा, तो इससे स्थानीय पर्यटन को न सिर्फ बढ़ावा मिलेगा बल्कि ऐसा करने पर रोजगार के नए अवसर के साथ-साथ भारत की अर्थव्यवस्था में भी तेजी से सुधार देखने को मिलेगा.&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 26 May 2026 00:30:17 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>डरा रहा तेल संकट! 27 देशों ने मांगा वर्ल्ड बैंक से लोन, क्या भारत का नाम भी है शामिल?</title>
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        <description><![CDATA[ Petrol Diesel News: दुनिया भर में बढ़ते तनाव के बीच अब कई देश भविष्य के बड़े संकट को लेकर तैयारी करने लगे हैं. वर्ल्ड बैंक के एक रिपोर्ट के अनुसार तकरीबन 27 देश ऐसे हैं जो चाहते हैं कि जरूरत पड़ने पर उन्हें तुरंत इमरजेंसी फंड मिल सके. इसके लिए ये सभी देश वर्ल्ड बैंक और दूसरी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के साथ लोन के लिए बातचीत कर रहे हैं. अब सवाल ये खड़ा होता है कि क्या इन देशों में भारत का नाम भी शामिल है?
दरअसल, मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव, बढ़ते तेल के दाम और आर्थिक दबाव की वजह से कई देशों को डर है कि आने वाले समय में वित्तीय संकट और बड़ा हो सकता है. यही कारण है कि अब सभी देश पहले से तैयारी करना चाहते हैं, जिससे जब भी अचानक हालात बिगड़ने पर उनके पास फंड की कमी न हो.
वर्ल्ड बैंक क्यों देता है इमरजेंसी फंड?
वर्ल्ड बैंक और दूसरी वैश्विक वित्तीय संस्थाएं जरूरत पड़ने पर देशों को आर्थिक सहायता देती हैं, इसे ही इमरजेंसी फंड भी कहते हैं. इस फंड का इस्तेमाल आर्थिक संकट, युद्ध, प्राकृतिक आपदा और तेल संकट जैसी परेशानियों में किया जाता है. अब 27 देश चाहते हैं कि अगर हालात और खराब होते हैं, तो उन्हें जल्द से जल्द फंड मिल सके और इसके लिए ज्यादा इंतजार भी न करना पड़े.
क्यों बढ़ रही है चिंता?
देखा जाए तो इस समय दुनियाभर के देश कई तरह का दबाव झेल रहे हैं. मिडिल ईस्ट में चल रहे संकट की वजह से तेल सप्लाई को लेकर चिंता बनी हुई है. अगर हालात और बिगड़ते हैं तो कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं. इसके अलावा कई देशों पर पहले से भारी कर्ज है. महंगाई भी कई जगह कंट्रोल से बाहर बनी हुई है. ऐसे में अगर नई आर्थिक परेशानी आती है, तो कमजोर अर्थव्यवस्था वाले देशों पर सबसे ज्यादा असर पड़ सकता है.
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कौन-कौन से देश शामिल?
वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट में सभी देशों के नाम तो नहीं बताए गए हैं, लेकिन जानकारी के अनुसार इसमें अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका के कई विकासशील देश शामिल हैं. ये देश पहले भी आर्थिक संकट का सामना कर चुके हैं और अब पहले से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना चाहते हैं. हालांकि, अभी तक इस लिस्ट में भारत का नाम सामने नहीं आया है.
तेल संकट बना सबसे बड़ा खतरा
एक्सपर्ट्स मानते हैं कि अगर मिडिल ईस्ट संकट लंबा चला तो दुनिया को बड़ा तेल संकट देखने को मिल सकता है. इसका सीधा असर सिर्फ पेट्रोल-डीजल तक नहीं रहेगा, बल्कि महंगाई, ट्रांसपोर्ट, व्यापार और नौकरियों पर भी पड़ सकता है. कई देशों को डर है कि तेल महंगा होने से उनकी अर्थव्यवस्था पर काफी दबाव आ सकता है. इसलिए वो पहले से इमरजेंसी फंड सुनिश्चित करना चाहते हैं.
आम लोगों पर क्या असर होगा?
अगर वैश्विक आर्थिक संकट बढ़ता है तो असल तो आम लोगों की जिंदगी पर दिखाई देगा ही. महंगाई भी और ज्यादा बढ़ सकती है. साथ ही नौकरी के अवसर कम हो सकते हैं और जरूरी चीजें महंगी हो सकती हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि दुनिया अभी पूरी तरह स्थिर नहीं है. कोविड के बाद कई देशों की अर्थव्यवस्था अभी भी कमजोर बनी हुई है और अब नए जियोपॉलिटिकल तनाव ने चिंता और बढ़ा दी है.
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आगे क्या हो सकता है?
फिलहाल वर्ल्ड बैंक और दूसरी संस्थाएं इन देशों की मांग पर विचार और चर्चा कर रही हैं. माना जा रहा है कि आने वाले समय में इमरजेंसी फंड को लेकर नए नियम बन सकते हैं. दुनिया के कई देश अब समझ चुके हैं कि अचानक आने वाले आर्थिक झटकों से बचने के लिए पहले से तैयारी जरूरी है.&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 26 May 2026 00:30:15 +0530</pubDate>
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        <title>Petrol&amp;Diesel Price Hike: 10 दिनों में चौथा झटका! बढ़ी पेट्रोल&amp;डीजल की कीमत, दिल्ली में 100 रुपये के पार पहुंचा भाव</title>
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        <description><![CDATA[ Petrol-Diesel Price Hike: देश में पेट्रोल-डीजल की कीमत में आज फिर से बढ़ोतरी की गई है. 25 मई, 2026 सुबह 6 बजे से &amp;nbsp;दिल्ली में पेट्रोल 2 रुपए 61 पैसे महंगा होकर 102 रुपए 12 पैसे प्रति लीटर पर पहुंच गया है. जबकि डीजल 2 रुपए 71 पैसे बढ़कर 95 रुपए 20 पैसे प्रति लीटर हो गया है.
सबसे बड़ी बात ये है कि पिछले 10 दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में ये चौथी बढ़ोतरी मानी जा रही है. 15 मई को करीब 3 रुपए, फिर 19 मई को लगभग 90 पैसे, 23 मई को फिर करीब 90 पैसे और अब 25 मई को एक बार फिर बड़ा इजाफा किया गया है. कुल मिलाकर &amp;nbsp;पिछले 10 दिन में पेट्रोल 7 रुपये 35 पैसे और &amp;nbsp;डीजल 7 रुपये 53 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ है.
दिल्ली में कितनी बढ़ी कीमत?
कीमतों में हुई इस बढ़ोतरी के साथ दिल्ली में पहले जो डीजल 92.49 रुपये प्रति लीटर था, वह अब आज से 95.20 रुपये प्रति लीटर पर बिकेगा. यानी कि डीजल 2.71 रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ है. इसी तरह से पहले पेट्रोल की कीमत &amp;nbsp;99.51 रुपये प्रति लीटर थी, जो आज 25 मई को बढ़कर 102.12 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गई है.
राजधानी में सिर्फ सामान्य पेट्रोल-डीजल ही नहीं, बल्कि प्रीमियम ईंधनों के दाम भी उसी रफ्तार से बढ़े हैं. &amp;nbsp;XP95 जो 106.63 रुपये प्रति लीटर था, वह 25 मई को 109.24 रुपये हो गया. XG की कीमत 97.81 रुपये से बढ़कर 100.52 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई.
मुंबई में भी बढ़े दाम
मुंबई में आज पेट्रोल की कीमत 111.21 रुपये प्रति लीटर है, जो कल के रेट 108.45 के मुकाबले कुछ ज्यादा है. यहां पेट्रोल की अब तक सबसे कम कीमत 6 मई को 103 रुपये प्रति लीटर थी.&amp;nbsp;
शहरवार पेट्रोल-डीजल की नई कीमत

नोएडा में डीजल की कीमत 95.56 रुपये प्रति लीटर, पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर, XP95 की कीमत 110.68 रुपये प्रति लीटर और XG की कीमत 101.17 रुपये प्रति लीटर है.
भोपाल में डीजल की कीमत 99.64 रुपये प्रति लीटर, पेट्रोल 114.57 रुपये प्रति लीटर, XP95 123.88 रुपये प्रति लीटर और XG की कीमत 104.90 रुपये प्रति लीटर है.
चंडीगढ़ में डीजल 89.47 रुपये प्रति लीटर, पेट्रोल का दाम 101.51 रुपये प्रति लीटर और XG की कीमत 94.65 रुपये प्रति लीटर है.&amp;nbsp;
गांधीनगर में डीजल की कीमत 98.13, पेट्रोल की कीमत 102.01, XP95 की कीमत 110.57 &amp;nbsp;और XG की कीमत 103.37 रुपये प्रति लीटर है.&amp;nbsp;
गुवाहाटी में डीजल की नई कीमत 97.23 रुपये प्रति लीटर, पेट्रोल की कीमत 105.73 रुपये प्रति लीटर और XP95 की कीमत 114.68 रुपये प्रति लीटर है.
जयपुर में आज कीमतों में हुई बढ़ोतरी के बाद डीजल की कीमत 97.78 रुपये प्रति लीटर, पेट्रोल की कीमत 112.69 रुपये प्रति लीटर, XP95 की कीमत 121.97 रुपये प्रति लीटर और XG की कीमत 103.23 रुपये प्रति लीटर है.
बिहार की राजधानी पटना में डीजल की कीमत 99.36 रुपये प्रति लीटर, पेट्रोल की कीमत 113.37 रुपये प्रति लीटर और XP95 की कीमत 122.25 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गई है.


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        <pubDate>Mon, 25 May 2026 12:30:19 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Petrol-Diesel, Price, Hike:, दिनों, में, चौथा, झटका, बढ़ी, पेट्रोल-डीजल, की, कीमत, दिल्ली, में, 100, रुपये, के, पार, पहुंचा, भाव</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>चौथी बार पढ़े पेट्रोल&amp;डीजल के दाम, दिल्ली में 100 के पार तो मुंबई में 111, जानें कहां कितनी हुई कीमत</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/चौथी-बार-पढ़े-पेट्रोल-डीजल-के-दाम-दिल्ली-में-100-के-पार-तो-मुंबई-में-111-जानें-कहां-कितनी-हुई-कीमत</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/चौथी-बार-पढ़े-पेट्रोल-डीजल-के-दाम-दिल्ली-में-100-के-पार-तो-मुंबई-में-111-जानें-कहां-कितनी-हुई-कीमत</guid>
        <description><![CDATA[ Petrol Diesel Price Today List: आम आदमी की जेब तो जैसे फटती ही जा रही है. आज सुबह- सुबह एक बार फिर पेट्रोल- डीजल के दाम बढ़ गए. 10 दिनों में ये चौथी बार है, जब पेट्रोल- डीजल के दाम बढ़े हैं. इसी के साथ प्रीमियम ईंधन भी महंगे हो गए हैं और अब मंजर कुछ ऐसा है कि सड़क पर गाड़ी निकालना मुश्किल हो गया है. देशभर में कीमत बढ़ी है ये तो सभी जान चुके हैं लेकिन आपके अपने शहर में पेट्रोल और डीजल किस दाम पर बिक रहा है, ये आप यहां से जान सकते हैं.&amp;nbsp;
नोएडा&amp;nbsp;नोएडा में पेट्रोल की कीमत 102 रुपये 12 पैसे और डीजल का दाम बढ़कर 95 रुपये 56 पैसे हो गया है. यहां XP95 11 रुपये 68 पैसे और XG 101 रुपये 17 पैसे का बिक रहा है.
मुंबई&amp;nbsp;मुंबई में पेट्रोल की कीमत बढ़कर आज 111 रुपये 21 पैसे हो गए. कल यानी 24 मई को इसकी कीमत 108 रुपये 45 पैसे थे. वहां सबसे सस्ता रेट 103 रहा है और वो भी 6 मई के दिन.&amp;nbsp;
Petrol-Diesel Price Hike: 10 दिनों में चौथा झटका! बढ़ी पेट्रोल-डीजल की कीमत, दिल्ली में 100 रुपये के पार पहुंचा भाव
गुवाहाटीअसम के गुवाहाटी में पेट्रोल का दाम 112 रुपये 69 पैसे हो चुका है. वहीं डीजल का रेट यहां 97 रुपये 78 पैसे है. वहीं, प्रीमियम ईंधन XP95 की कीमत 121 रुपये 97 पैसे और XG की कीमत 103 रुपये 23 पैसे है.&amp;nbsp;
गांधीनगरगुजरात के गांधीनगर में पेट्रोल आज बढ़कर 102 रुपये 1 पैसे हुआ तो वहीं डीजल का दाम 98 रुपये 13 पैसे रहा. यहां XP95 की कीमत 110 रुपये 57 पैसे और XG का रेट 103 रुपये 37 पैसे हुआ है. &amp;nbsp;
पटनाबिहार के पटना में पेट्रोल 25 मई की सुबह पेट्रोल 113 रुपये 37 पैसे का हो गया और डीजल भी बढ़कर 99 रुपये 36 पैसे पर आ पहुंचा. यहां XP95 की कीमत 122 रुपये 25 पैसे हुई है.&amp;nbsp;
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जयपुर&amp;nbsp;राजस्थान के जयपुर की बात करें तो यहां डीजल 97 रुपया 78 पैसा हो चुका है और पेट्रोल 112 रुपये 69 पैसे का बिक रहा है. वहीं प्रीमियम ईंधन का रेट देखें तो XP95 का रेट 121 रुपये 97 पैसे और XG 103 रुपये 23 पैसै हो गया है. ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 25 May 2026 12:30:18 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>चौथी, बार, पढ़े, पेट्रोल-डीजल, के, दाम, दिल्ली, में, 100, के, पार, तो, मुंबई, में, 111, जानें, कहां, कितनी, हुई, कीमत</media:keywords>
    </item>
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        <title>LPG Price Today: पेट्रोल&amp;डीजल की बढ़ती हुई कीमतों के बीच गैस सिलेंडर हुआ महंगा या सस्ता? चेक करें लेटेस्ट रेट</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/lpg-price-today-पेट्रोल-डीजल-की-बढ़ती-हुई-कीमतों-के-बीच-गैस-सिलेंडर-हुआ-महंगा-या-सस्ता-चेक-करें-लेटेस्ट-रेट</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/lpg-price-today-पेट्रोल-डीजल-की-बढ़ती-हुई-कीमतों-के-बीच-गैस-सिलेंडर-हुआ-महंगा-या-सस्ता-चेक-करें-लेटेस्ट-रेट</guid>
        <description><![CDATA[ LPG Cylinder Price Today on May 25: देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें आज फिर से बढ़ा दी गई हैं. आज प्रति लीटर कीमत में 2.71 रुपये की बढ़ोतरी की गई है. आज बीते 10 दिनों में रेट में की गई यह चौथी बढ़ोतरी है. इससे पहले 15 मई को करीब 3 रुपये, फिर 19 मई को लगभग 90 पैसे, 23 मई को फिर करीब 90 पैसे और अब 25 मई को एक बार फिर बड़ा इजाफा किया गया है. इस बीच, LPG उपभोक्ताओं को राहत है क्योंकि देशभर में LPG की कीमतों में आज भी कोई बदलाव नहीं किया गया. रेट पहले के स्तर पर स्थिर बने हुए हैं.&amp;nbsp;
शहरवार LPG की कीमत



शहर
घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत
कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत


दिल्ली
913.0 रुपये
3071.5 रुपये


मुंबई
912.5 रुपये
3024.0 रुपये


कोलकाता
939.0 रुपये
3202.5 रुपये


बेंगलुरु
915.5 रुपये
3152.0 रुपये


चेन्नई
928.5 रुपये
3237.0 रुपये


जयपुर
916.5 रुपये
3099.0 रुपये


लखनऊ
950.5 रुपये
3194.0 रुपये


पटना
1002.5 रुपये
3347.0 रुपये


भोपाल
918.5 रुपये
3077.0 रुपये



मार्च में आखिरी बार बढ़ी कीमत
घरेलू सिलेंडर के दाम आखिरी बार 7 मार्च 2026 को 60 रुपये बढ़ाए गए थे. इसके बाद से कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई. घरेलू कुकिंग गैस की कीमतों को स्थिर रखने का यह फ़ैसला ऐसे समय में आया है, जब पश्चिम एशिया में तनाव के चलते सप्लाई में रुकावट की आशंकाओं के बीच वैश्विक कच्चे तेल और LPG बाजार अस्थिर बने हुए हैं. होर्मुज (Strait of Hormuz) पर शिपिंग रूट से जुड़ी चिंताओं के बीच हाल के हफ्तों में लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस के अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क मूल्यों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है.
कमर्शियल सेक्टर पर पड़ी मार
इस बीच कमर्शियल सेक्टर को बढ़ती कीमतों का सबसे ज्यादा असर झेलना पड़ा है क्योंकि मई की पहली तारीख को 19- किलो वाले LPG सिलेंडरों की कीमत 900 रुपये से ज्यादा बढ़ा दी गई. हालांकि, उसके बाद से कीमतें काफी हद तक स्थिर रही हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी सरकारी तेल कंपनियां, ग्लोबल कीमतों में बढ़ोतरी के चलते घरेलू LPG की बिक्री पर होने वाले नुकसान का कुछ हिस्सा खुद उठा रही हैं.

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        <pubDate>Mon, 25 May 2026 12:30:17 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>LPG, Price, Today:, पेट्रोल-डीजल, की, बढ़ती, हुई, कीमतों, के, बीच, गैस, सिलेंडर, हुआ, महंगा, या, सस्ता, चेक, करें, लेटेस्ट, रेट</media:keywords>
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        <title>CNG Price Today: आज कितना महंगा हुआ CNG? दिल्ली&amp; मुबंई से पटना तक, जानें 25 मई को क्या है सीएनजी का रेट</title>
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        <description><![CDATA[ CNG Price Today: एक बार फिर आज पेट्रोल- डीजल के दाम बढ़ गए हैं. ऐसे में सीएनजी वाली गाड़ियों का इस्तेमाल करने वाले, इसके रेट लिस्ट को सर्च रहे हैं. असल में पेट्रोल- डीजल के मुकाबले CNG को किफायती ऑप्शन माना जाता है और ज्यादातर लोगों के पास अब सीएनजी कार भी है. अगर आपके पास भी सीएनजी कार है तो यहां से आप 25 मई 2026 की रेट लिस्ट देख सकते हैं और जान सकते हैं कि आज इसकी कीमत में कितने बदलाव हुए हैं.
सीएनजी रेट लिस्ट 25 मई 2026-&amp;nbsp;

दिल्ली (Delhi): ₹81.09 प्रति किलो
नोएडा (Noida): ₹89.70 प्रति किलो
गुड़गांव (गुरुग्राम) (Gurugram): ₹82.12 प्रति किलो
गाजियाबाद (Ghaziabad): ₹100.90 प्रति किलो
फरीदाबाद (Faridabad): ₹88.30 प्रति किलो
मुंबई (Mumbai): ₹81.00 प्रति किलो
कोलकाता (Kolkata): ₹93.50 प्रति किलो
चेन्नई (Chennai): ₹91.50 प्रति किलो
बेंगलुरु (Bangalore): ₹90.00 प्रति किलो
हैदराबाद (Hyderabad): ₹97.00 प्रति किलो
अहमदाबाद (Ahmedabad): ₹82.25 प्रति किलो
पुणे (Pune): ₹92.50 प्रति किलो
सोनीपत (Sonipat): ₹86.60 प्रति किलो
करनाल (Karnal): ₹85.43 प्रति किलो
लखनऊ (Lucknow): ₹95.75 प्रति किलो
आगरा (Agra): ₹95.75 प्रति किलो
मेरठ (Meerut): ₹86.05 प्रति किलो
पटना (Patna): ₹87.90 प्रति किलो
इन्दौर (Indore): ₹93.55 प्रति किलो
जयपुर (Jaipur): ₹90.91 प्रति किलो
सूरत (Surat): ₹82.95 प्रति किलो

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तीसरी बार बढ़ें सीएनजी के दाम-&amp;nbsp;23 मई, शनिवार के दिन सीएनजी के दाम 1 रुपये प्रति किलो बढ़ोतरी की गई. पहले CNG का रेट 80.09 पैसे था जो अब बढ़कर 81.09 पैसे हो गया है. बता दें कि मई में तीन बार सीएनजी के दाम बढ़ चुके हैं.&amp;nbsp;
क्यों बढ़ रहे हैं सीएनजी के दाम?गैस वितरण कंपनी IGL के अनुसार, &#039;इंटरनेशनल मार्केट में गैस की लागत बढ़ने और अमेरिकी डॉलर की मजबूती का असर सीएनजी की लागत पर पड़ा है. यही वजह है कि कंपनी को खुदरा कीमतों में बदलाव करना पड़ा. हालांकि, कंपनी ने दावा किया है कि कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद सीएनजी अभी भी पेट्रोल और डीजल की तुलना में सस्ता ईंधन है.&#039;
सरकारी कर्मचारियों को झटका! ओल्ड पेंशन स्कीम में अब लौटना होगा मुश्किल, जानें क्यों? ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 25 May 2026 12:30:15 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>CNG, Price, Today:, आज, कितना, महंगा, हुआ, CNG, दिल्ली-, मुबंई, से, पटना, तक, जानें, मई, को, क्या, है, सीएनजी, का, रेट</media:keywords>
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        <title>Gold&amp;Silver Price Prediction: सोना 3 लाख का, चांदी 5 लाख के पार; रॉबर्ट कियोसाकी की भविष्णवाणी ने बढ़ाई टेंशन</title>
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        <description><![CDATA[ Gold-Silver Price Prediction: &#039;Rich Dad Poor Dad&#039; के मशहूर लेखक रॉबर्ट कियोसाकी (Robert Kiyosaki) ने एक बार फिर से वैश्विक बाजार में ऐतिहासिक गिरावट आने की चेतावनी दी है. साथ ही उन्होंने सोने-चांदी की कीमतों में बंपर उछाल आने का भी अनुमान लगाया है. अपने सोशल मीडिया पोस्ट में रॉबर्ट कियोसाकी ने दिग्गज मार्केट एनालिस्ट जिम रिकॉर्ड्स के हवाले से कहा है कि आने वाले समय में सोना 100000 डॉलर प्रति आउंस तक पहुंच सकता है. साथ ही चांदी भी 200 डॉलर प्रति आउंस के ऑल टाइम हाई लेवल को टच कर सकती है.&amp;nbsp;
रॉबर्ट कियोसाकी ने अपनी पोस्ट में कहा, &quot;मार्केट में गिरावट तय है. जिम रिकार्ड्स का अनुमान है कि सोना 100,000 डॉलर तक पहुंच जाएगा. आज सोने की कीमत 4,500 डॉलर है. मुझे लगता है कि चांदी की कीमत 200 डॉलर प्रति आउंस तक पहुंच जाएगी. आज चांदी की कीमत 75 डॉलर है.&quot; रॉबर्ट कियोसाकी का यह बयान एक ऐसे वक्त पर आया है, जब वैश्विक बाजार पहले से ही बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, लगातार बनी हुई महंगाई, बढ़ते सरकारी कर्ज और केंद्रीय बैंक की नीतियों को लेकर बनी अनिश्चितता से जूझ रहा है.

Crash imminent.Jim Richard&amp;rsquo;s calls for gold to get to$ 100,000Today gold is at $4,500I think silver will hit $200 an ounceToday silver is at $75.What do you think?The best investors are able to see the future and take action. Remember you do not have to be a&amp;hellip;
&amp;mdash; Robert Kiyosaki (@theRealKiyosaki) May 23, 2026



आखिर किस ओर बढ़ रही है दुनिया?&amp;nbsp;
कियोसाकी की इस ताजा चेतावनी ने एक बार फिर इस बात पर चर्चा छेड़ दी है कि क्या दुनिया एक और बड़े वित्तीय बदलाव (financial reset) की ओर बढ़ रही है, जो आखिरकार निवेशकों को ठोस संपत्तियों (hard assets) की ओर धकेल सकता है।
रॉबर्ट कियोसाकी ने कहा, &quot;सबसे अच्छे निवेशक वे होते हैं जो भविष्य को देख पाते हैं और उसके अनुसार कदम उठाते हैं. याद रखें, इस गिरावट (crash) में आपको पीड़ित बनने की जरूरत नहीं है. आप और भी अमीर बन सकते हैं.&quot; सालों से, कियोसाकी लगातार इस बात की वकालत करते रहे हैं कि सिर्फ कागजी मुद्राओं या पारंपरिक वित्तीय संपत्तियों पर निर्भर रहने के बजाय, सोना, चांदी और बिटकॉइन जैसी असली संपत्तियों को अपने पास रखना चाहिए. उनकी ताजा टिप्पणियां एक बार फिर उनके इस पुराने विचार को मजबूती देती हैं. उन्होंने बिटकॉइन के भी 750,000 डॉलर तक पहुंचने की बात कही है.&amp;nbsp;
दूसरे मार्केट एक्सपर्ट्स की क्या है राय?
बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और देशों पर बढ़ते सरकारी कर्ज को देखते हुए कई एक्सपर्ट्स आंशिक रूप से सहमत हैं कि सोने-चांदी की कीमतों में आने वाले समय में तेजी बनी रहेगी.&amp;nbsp; हालांकि, कई कियोसाकी की आलोचना भी करते हैं कि वे सालों से बाजार क्रैश होने की एक जैसी भविष्यवाणियां करते आ रहे हैं. अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और वल्ड बैंक की ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर सरकारी कर्ज बढ़कर 100 ट्रिलियन डॉलर के पार जा चुका है, जो दुनिया की कुल जीडीपी का लगभग 94% है. अमेरिका, जापान, सूडान, सिंगापुर जैसे कई देश इस वक्त भारी सरकारी कर्ज की चपेट में हैं.&amp;nbsp;

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        <pubDate>Sun, 24 May 2026 20:30:20 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Gold-Silver, Price, Prediction:, सोना, लाख, का, चांदी, लाख, के, पार, रॉबर्ट, कियोसाकी, की, भविष्णवाणी, ने, बढ़ाई, टेंशन</media:keywords>
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        <title>Stocks to watch: मोटी कमाई का दम रखते हैं ये स्टॉक्स, जानें कल निवेशकों की रडार पर रहने वाले स्टॉक्स की लिस्ट</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/stocks-to-watch-मोटी-कमाई-का-दम-रखते-हैं-ये-स्टॉक्स-जानें-कल-निवेशकों-की-रडार-पर-रहने-वाले-स्टॉक्स-की-लिस्ट</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/stocks-to-watch-मोटी-कमाई-का-दम-रखते-हैं-ये-स्टॉक्स-जानें-कल-निवेशकों-की-रडार-पर-रहने-वाले-स्टॉक्स-की-लिस्ट</guid>
        <description><![CDATA[ Stocks to focus: कल सोमवार, 25 मई को शेयर बाजार में एक और कारोबारी हफ्ता शुरू हो रहा है. इस दौरान निवेशकों की नजर कुछ ऐसे स्टॉक्स पर रहेगी, जो बंपर कमाई करा सकते हैं. हाल ही में जारी हुए शानदार तिमाही नतीजों, ब्रोकरेज हाउसेज की पॉजिटिव रिपोर्ट्स और मजबूत कॉर्पोरेट ट्रिगर्स के कारण इन शेयरों में तगड़ी हलचल दिखने की उम्मीद की जा रही है. आइए इन शेयरों की लिस्ट पर एक नजर डालते हैं:-
Paytm
चौथी तिमाही के नतीजे के बाद से ही पेटीएम के शेयर फोकस में हैं. मार्केट एक्सपर्ट Equentis के मुताबिक, कंपनी द्वारा कॉस्ट कटिंग के उपायों और फाइनेंशियल इकोसिस्टम के विस्तार के बाद अब स्टॉक्स केवल चर्चा में ही नहीं, बल्कि परफॉर्मेंस के दम पर रिकवरी दिखा रहा है.&amp;nbsp;
Hindalco Industries
हिंडालको ने भी हाल ही में अपने Q4 के नतीजे जारी किए. शुक्रवार को संस्थागत निवेशकों द्वारा भारी खरीदारी के चलते बाजार बंद होने से ठीक पहले शेयर ने शानदार रिकवरी दिखाते हुए 1085 रुपये के मजबूत स्तर को छूने में सफलता पाई.
Sun Pharma
कंपनी ने Q4 के नतीजे के बाद डिविडेंड देने के फैसले पर विचार किया है. 11.75 बिलियन डॉलर में Organon का अधिग्रहण करने और कमजोर होते रुपये के बीच (कंपनी की 53% कमाई विदेशी बाजारों से ही होती है) एक्सपर्ट्स इसे सबसे सुरक्षित डिफेंसिव स्टॉक मान रहे हैं.&amp;nbsp;
BPCL
अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच BPCL इस समय अपने इतिहास के सबसे निचले वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहा है. 2.84.45 रुपये के मौजूदा भाव पर यह अपने 52-वीक लो के बेहद करीब है. इस वजह से वैल्यू इंवेस्टर्स के लिए यह बड़ा दांव बन सकता है.&amp;nbsp;
इन शेयरों के अलावा Blue Dart Express, Ola Electric, Crompton Greaves, L&amp;amp;T, Pradeep Phosphates के शेयरों पर भी निवेशकों की नजर रहेगी.
(यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें.&amp;nbsp;ABPLive.com&amp;nbsp;की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)
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        <pubDate>Sun, 24 May 2026 20:30:19 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>Stocks, watch:, मोटी, कमाई, का, दम, रखते, हैं, ये, स्टॉक्स, जानें, कल, निवेशकों, की, रडार, पर, रहने, वाले, स्टॉक्स, की, लिस्ट</media:keywords>
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        <title>कहीं ₹ 300, तो कहीं ₹190 बढ़ी कीमत, दुनिया में पेट्रोल&amp;डीजल के लिए त्राहिमाम; अकेले भारत में स्थिति काबू में</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/कहीं-300-तो-कहीं-190-बढ़ी-कीमत-दुनिया-में-पेट्रोल-डीजल-के-लिए-त्राहिमाम-अकेले-भारत-में-स्थिति-काबू-में</link>
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        <description><![CDATA[ Petrol-Diesel Prices All over the world: भारत में बीते 10 दिनों में 3 बार पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ाई जा चुकी हैं. इसके चलते पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कुल लगभग 4.80 प्रति लीटर से लेकर 5.00 रुपये तक का इजाफा हुआ है.
रेट बढ़ने के बाद लोगों में अफरा-तफरी मच गई. फ्यूल स्टेशनों में भीड़ जमा होने लगी, विरोधी पार्टियां सरकार को बढ़ती कीमतों और महंगाई को लेकर घेरने लगी, कहीं-कहीं लोग भी सरकार को कोसने लगे. लेकिन क्या आपको पता है कि इस वक्त इकलौता भारत ऐसा देश है, जहां स्थिति काबू में है. पूरी दुनिया के मुकाबले अकेले भारत में अब तक पेट्रोल-डीजल की कीमतें सबसे कम बढ़ी हैं. दुनिया के बाकी देशों का हाल जानेंगे, तो आपके होश उड़ जाएंगे.&amp;nbsp;
भारत में अब तक 3 बार बढ़ी कीमतें
फरवरी से मई 2026 के बीच वैश्विक संकट के बीच अलग-अलग देशों में पेट्रोल में की कीमतों में बंपर उछाल आया है, जिनमें भारत में हुआ इजाफा सबसे कम है. पश्चिम एशिया में सकंट के दबाव में भारत में लंबे समय बाद 15 मई को पेट्रोल-डीजल की कीमतें 3 रुपये प्रति लीटर बढ़ाई गईं. इसके ठीक चार दिन बाद 19 मई को दूसरी किश्त में औसतन 90 पैसे प्रति लीटर दाम और बढ़ाए गए. फिर 23 मई को पेट्रोल की कीमतों में 87 पैसे और डीजल में 91 पैसे का और इजाफा किया गया. अगर इसकी तुलना दुनिया के दूसरे देशों से किया जाए, तो यह काफी कम है.
कहां कितनी बढ़ी कीमत?



देश
कहां कितनी बढ़ी कीमत


म्यांमार
89.7% (सबसे ज्यादा बढ़ोतरी)


पाकिस्तान
54.9%


यूएई
52.4%


अमेरिका
44.5%


नेपाल
38.2%


चीन
21.7%


ब्रिटेन
19.2%


भारत
5.0%



भारत में सरकार ने क्या उपाय किए?
अमेरिका और ईरान में जंग और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Starit of Hormuz) की नाकेबंदी के चलते जब पूरी दुनिया में कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही थीं, तब भी भारत ने पूरे 76 दिनों तक पेट्रोल के दाम नहीं बढ़ने दिए. इस दौरान IOCL, BPCL और HPCL जैसी भारतीय तेल कंपनियों ने करीब 1000 करोड़ रुपये तक का प्रतिदिन नुकसान सहा, लेकिन आम जनता पर महंगाई का बोझ नहीं पड़ने दिया. मार्च 2026 में क्रूड ऑयल की सप्लाई में संकट गहराने से पहले सरकार ने पेट्रोल पर 10 रुपये प्रति लीटर की एक्साइज ड्यूटी में कटौती भी की थी, जिससे कीमतों को 100 रुपये के आसपास बनाए रखने में मदद मिली.&amp;nbsp;
दुनिया में पेट्रोल-डीजल के लिए हाहाकार
लंदन में पेट्रोल की कीमतें 190 रुपये प्रति लीटर के पार निकल गई हैं. यूरोपीय यूनियन में भी कीमत 179 रुपये प्रति लीटर के पार चली गई हैं. दुनिया में सबसे महंगा पेट्रोल अभी हांगकांग में है. यहा कीमतें 300 लीटर के करीब पहुंच चुकी हैं. नीदरलैंड्स में पेट्रोल अभी 2.90 USD में बिक रहा है, जो भारतीस करेंसी के हिसाब से करीब 245-255 रुपये प्रति लीटर है.&amp;nbsp;

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        <pubDate>Sun, 24 May 2026 20:30:18 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>कहीं, ₹, 300, तो, कहीं, ₹190, बढ़ी, कीमत, दुनिया, में, पेट्रोल-डीजल, के, लिए, त्राहिमाम, अकेले, भारत, में, स्थिति, काबू, में</media:keywords>
    </item>
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        <title>DA Hike: रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर! सरकार ने बढ़ा दिया DA, जानें अब कितनी बढ़कर आएगी पेंशन?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/da-hike-रिटायर्ड-कर्मचारियों-के-लिए-बड़ी-खबर-सरकार-ने-बढ़ा-दिया-da-जानें-अब-कितनी-बढ़कर-आएगी-पेंशन</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/da-hike-रिटायर्ड-कर्मचारियों-के-लिए-बड़ी-खबर-सरकार-ने-बढ़ा-दिया-da-जानें-अब-कितनी-बढ़कर-आएगी-पेंशन</guid>
        <description><![CDATA[ DA Hike News: केंद्र सरकार के पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoPPW) ने 22 मई को एक आधिकारिक आदेश जारी कर कुछ पुराने केंद्रीय कर्मचारियों और उनके परिवारों को बड़ी राहत दी है. सरकार ने इनके लिए महंगाई राहत (DR) को बढ़ाने का फैसला लिया है. यह फैसला उन रिटायर्ड कर्मचारियों और &amp;nbsp;उनके पात्र परिवार के सदस्यों के लिए है, जो अब भी 5वें वेतन आयोग (5th CPC) के दायरे में आते हैं. नए DR रेट 1 जुलाई 2025 और 1 जनवरी 2026 से लागू होंगे.
किन्हें होगा फायदा?&amp;nbsp;
यह बढ़ा हुआ DR सीमित श्रेणी के पुराने CPF लाभार्थियों और उनके परिवार के पात्र सदस्यों को ही मिलेगा. पहली श्रेणी में वे जीवित CPF लाभार्थी आएंगे, जो 18 नवंबर 1960 से 31 दिसंबर 1985 के बीच रिटायर हुए हैं और जिन्हें बेसिक एक्स-ग्रेशिया पेमेंट मिल रहा है. इन लोगों के लिए DR की नई दरें इस प्रकार होंगी:-

1 जुलाई 2025 से 474%&amp;nbsp;1 जनवरी 2026 से 483%

दूसरी कैटेगरी मृत CPF लाभार्थियों की विधवाएं और पात्र आश्रित बच्चे, साथ ही 18 नवंबर 1960 से पहले रिटायर हुए कर्मचारी आएंगे, जिन्हें एक्स-ग्रेशिया पेमेंट मिल रहा है. इनके लिए DR की नई दरें इस प्रकार होंगी:-

1 जुलाई 2025 से 466%&amp;nbsp;1 जनवरी 2026 से 475%

चूंकि ये दरें पिछली तारीखों (जुलाई 2025 और जनवरी 2025) से लागू हाेंगी इसलिए पात्र लाभार्थियों को पिछले महीनों के बकाए का भी पूरा भुगतान किया जाएगा.
कैलकुलेशन के वक्त इन बातों का रखा जाएगा ध्यान
सरकार ने यह साफ कर दिया है DR का कैलकुलेशन करते वक्त अगर कोई राशि पैसों में आती है, तो उसे नियमों के तहत अगले उच्च रुपये (Next Higher Rupee) में बदल दिया जाएगा. मिसाल के तौर पर- अगर कैलकुलेशन 200.15 &amp;nbsp;में आती है, तो उसे 201 माना जाएगा. सरकार ने यह भी कह दिया है कि हर मामले में सही DR कैलकुलेशन की जिम्मेदारी पेंशन देने वाली एजेंसियों और सरकारी बैंकों की होगी.&amp;nbsp;
बता दें कि यह DR Hike पुराने CPF (Contributory Provident Fund) योजना के तहत एक्स-ग्रेशिया प्राप्त करने वाले गिने-चुने वरिष्ठ नागरिकों के लिए है. इसके विपरीत, जो सामान्य केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर्स 7वें वेतन आयोग के दायरे में आते हैं, उनका महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) वर्तमान में 60% (1 जनवरी 2026) की दर पर तय है.&amp;nbsp;

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        <pubDate>Sun, 24 May 2026 20:30:17 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Hike:, रिटायर्ड, कर्मचारियों, के, लिए, बड़ी, खबर, सरकार, ने, बढ़ा, दिया, DA, जानें, अब, कितनी, बढ़कर, आएगी, पेंशन</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>8th Pay Commission: लखनऊ में बंद कमरे में चल रही आठवें वेतन आयोग की अहम बैठक, जानें अब उठेगा कौन सा मुद्दा?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/8th-pay-commission-लखनऊ-में-बंद-कमरे-में-चल-रही-आठवें-वेतन-आयोग-की-अहम-बैठक-जानें-अब-उठेगा-कौन-सा-मुद्दा</link>
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        <description><![CDATA[ 8th Pay Commission: 8वां वेतन आयोग देश के अलग-अलग हिस्सों में जाकर बैठकें कर रहा है, जिसमें विभिन्न कर्मचारी संघों, संगठनों, सेवारत कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और अन्य हितधारकों से सुझाव (इनपुट) लिए जा रहे हैं. इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के लखनऊ में 22-23 को दो दिवसीय परामर्श बैठकें रखी गई हैं. इससे पहले दिल्ली, हैदराबाद, श्रीनगर और लद्दाख में बैठकें की जा चुकी हैं.
लखनऊ में होने वाली बैठक की अधिसूचना 21 मई 2026 को 8वें वेतन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की गई थी. केंद्र सरकार द्वारा 3 नवंबर, 2025 को गठित किए गए इस आयोग का यह दौरा देश के 1.1 करोड़ स अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के वेतन, भत्ते और पेंशन के स्ट्रक्चर को तय करने की दिशा में एक बड़ा कदम है.&amp;nbsp;
किन मुद्दों पर होगी बात?
बताया जा रहा है कि लखनऊ में दो दिवसीय मैराथन बैठकों में कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि आयोग के सामने मिनिमम बेसिक सैलरी और नए फिटमेंट फैक्टर पर अपनी बात रख सकते हैं. उनकी तरफ से यह डिमांड की जा सकती है कि 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 था. अब इसे बढ़ाकर 3.68-3.83 तक करने की मांग की जा रही है. अगर आयोग की तरफ से 3.83 फिटमेंट फैक्टर की मांग मान ली जाती है, तो केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी में 18000 से सीधे 69000 रुपये प्रति माह का इजाफा हो जाएगा.
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        <pubDate>Sun, 24 May 2026 04:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Petrol&amp;Diesel: 6 रुपये सस्ता हुआ पेट्रोल, डीजल का रेट भी हुआ कम; जानें कहां की सरकार ने दी राहत?</title>
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        <description><![CDATA[ Petrol-Diesel Rate on May 23: भारत में इस बीच पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ती ही है. रेट में बढ़ोतरी का यह सिलसिला बीते 15 मई से शुरू हुआ है. महज 10 दिनों के भीतर ईंधन की कीमतों में हुई तीन बार बढ़ोतरी से अफरा-तफरी का माहौल है. हालांकि, भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान में स्थिति इससे उलट हे. यहां सरकार ने पेट्रोल-डीजल दोनों की कीमतों में कटौती की है.
पाकिस्तान में शहबाज शरीफ की सरकार ने आज 23 मई को पेट्रोल की कीमतों में 6 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल (HSD) में 6.80 रुपये प्रति लीटर की कमी का ऐलान किया है. इससे यहां की जनता की काफी हद तक राहत पहुंची है.&amp;nbsp;
क्यों कम की गईं कीमतें?
पाकिस्तान पेट्रोलियम डिवीजन और डॉन न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आए हालिया उतार-चढ़ाव और इनलैंड फ्रेट इक्वलाइजेशन मार्जिन (IFEM) दरों में बदलाव के चलते वहां की सरकार ने बेस प्राइस को एडजस्ट करते हुए कीमतों में कमी की है. यहां सरकार चाह रही है कि पिछले हफ्ते कच्चे तेल के दामों में आई मामूली गिरावट का फायदा सीधे यहां की जनता को पहुंचे.&amp;nbsp;
पाकिस्तान में साप्ताहिक समीक्षा (Weekly Review) सिस्टम लागू की गई है. इसके तहत, हर शुक्रवार की रात को वैश्विक तेल बाजार के हिसाब से कीमतें तय की जाती हैं. चूंकि पिछले हफ्ते अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर क्रूड ऑयल के रेट कुछ कम हुए हैं इसलिए तय नियमों के मुताबिक यहां पेट्रोल-डीजल भी सस्ता कर दिया गया है.&amp;nbsp;
IMF की शर्त हुई पूरी
पाकिस्तान इस वक्त अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से लिए कर्ज के तहत उसकी शर्तों पर चल रहा है. IMF की एक शर्त यह भी थी कि पाकिस्तान में सरकार पेट्रोल-डीजल पर औसतन 80 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से पेट्रोलियम लेवी (Tax) वसूले. चूंकि सरकार पिछले ही हफ्ते टैक्स वसूली का अपना टारगेट पूरा कर चुकी है इसलिए अब जब वैश्विक बाजार में क्रूड ऑयल के दाम कुछ गिरे, तो सरकार ने उसका फायदा जनता को पहुंचाने का फैसला लिया.

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        <pubDate>Sun, 24 May 2026 04:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Senior Citizen FD Rates: 3 साल की FD पर 8% तक रिटर्न दे रहे ये बैंक, अभी देखें पूरी लिस्ट</title>
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        <description><![CDATA[ Senior Citizen FD Rates: पैसों का निवेश करने के लिए आज भी बैंक FD लोगों के पसंदीदा विकल्पों में से एक है क्योंकि इसमें फिक्स्ड रिटर्न मिलने की गारंटी होती है और पैसा डूबने का कोई डर भी नहीं रहता.
खासकर वरिष्ठ नागरिकों के बीच यह काफी मशहूर है क्योंकि इन्हें बैंक एफडी में सामान्य नागरिकों के मुकाबले जमा राशि पर अधिक रिटर्न मिलता है. ऐसे में अगर आप भी सीनियर सिटीजन या आपकी जान-पहचान में कोई सीनियर सिटीजन है, तो यह खबर आपके काम की है क्योंकि इसमें हम आपको कुछ ऐसे बैंकों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो 3 साल की एफडी पर 8% पर इंटरेस्ट दे रहे हैं.&amp;nbsp;
स्मॉल फाइनेंस बैंक
जना स्मॉल फाइनेंस बैंक (Jana SFB)- 3 साल की एफडी पर वरिष्ठ नागरिकों को सालाना पूरे 8 परसेंट तक ब्याज.
उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक (Utkarsh SFB)- यहां भी सीनियर सिटीजन्स को 3 साल की एफडी पर 8 परसेंट का शानदार ब्याज ऑफर किया जा रहा है.&amp;nbsp;
एक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक (Equitas SFB)- 3 साल की अवधि के लिए यह बैंक भी 7.50-8% तक की दर से एफडी पर शानदार रिटर्न दे रहा है.&amp;nbsp;
प्राइवेट सेक्टर के बैंक
यस बैंक (YES Bank)- 3 साल की एफडी पर यस बैंक वरिष्ठ नागरिकों को सबसे ज्यादा 7.75 की दर से इंटरेस्ट दे रहा है.&amp;nbsp;
आरबीएल बैंक (RBL Bank)- यह बैंक भी 3 साल की मैच्योरिटी वाली एफडी पर 7.70 की दर से रिटर्न दे रहा है.&amp;nbsp;
आईडीएफसी बैंक (IDFC Bank)- यह बैंक भी 3 साल की अवधि में जमा राशि पर वरिष्ठ नागरिकों को 7.50 परसेंट की दर से ब्याज दे रहा है.&amp;nbsp;
सरकारी बैंक
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI)- देश का सबसे बड़ा बैंक 2-3 साल की एफडी पर 6.90% और 3-5 साल की एफडी पर 6.80 परसेंट की दर से ब्याज दे रहा है.
बैंक ऑफ इंडिया (BOI)- बैंक ऑफ इंडिया 3 साल की एफडी पर वरिष्ठ नागरिकों को 7.45% तक का शानदार रिटर्न दे रहा है.
पंजाब नेशनल बैंक (PNB)- 3 साल की अवधि पर यह बैंक बुजुर्गों को 6.80% की रेट से इंटरेस्ट दे रहा है.

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        <pubDate>Sun, 24 May 2026 04:30:11 +0530</pubDate>
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        <title>IPO Alert: कमाई का बंपर मौका! आ रहा है 1400 करोड़ का आईपीओ, जानें कब से लगा सकेंगे दांव?</title>
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        <description><![CDATA[ Dhoot Transmission IPO:&amp;nbsp; ऑटो कॉम्पोनेंट बनाने वाली कंपनी और बैन कैपिटल समर्थित कंपनी Dhoot Transmission ने 1400 करोड़ के आईपीओ के लिए अपने कदम आगे बढ़ा दिए हैं. इस क्रम में कंपनी ने मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) के पास अपना अपडेटेड ड्राफ्ट पेपर जमा करा दिया है.
इससे पहले कंपनी को गोपनीय प्री-फाइलिंग रूट के जरिए 5 मई, 2026 को सेबी से मंजूरी मिल चुकी है. मेनबोर्ड सेगमेंट के इस आईपीओ के बाद कंपनी के शेयर BSE और NSE दोनों एक्सचेजों पर लिस्ट किए जाएंगे.&amp;nbsp;
आईपीओ का क्या होगा स्ट्रक्चर?
इस पब्लिक इश्यू में नए शेयरों के साथ-साथ पुराने शेयरों की बिक्री (OFS) को भी शामिल किया गया है. इसमें कंपनी 1400 करोड़ मूल्य के बिल्कुल नए इक्विटी शेयर जारी करेगी और OFS विंडो के तहत मौजूदा प्रोमोटर्स और शेयरहोल्डर्स अपने हिस्से के 1.63 करोड़ तक के इक्विटी शेयर बेचेंगे. OFS के तहत, US-बेस्ड बेन कैपिटल अपनी सहयोगी कंपनी BC Asia Investments XV Ltd के जरिए लगभग 1.32 करोड़ इक्विटी शेयर बेचेगी, जबकि मंगलम कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड (जिसे पहले मंगलम कॉइल्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम से जाना जाता था) कंपनी के 31.18 लाख शेयर बेचेगी.
जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल
कंपनी फ्रेश इश्यू से जुटाए गए पैसों में लगभग 493.9 करोड़ का इस्तेमाल अपने पुराने कर्ज का भुगतान करने में करेगी. 272.58 करोड़ धूत ऑटोकंपोनेंट्स और धूत यूके जैसी इसकी सहायक कंपनियों में निवेश किए जाएंगे. 150 करोड़ का इस्तेमाल हरियाणा के झज्जर और तमिलनाड़ु के शूलगिरी में नए प्लांट लगाने में किया जाएगा.
क्या करती है कंपनी?
1999 में बनी कंपनी Dhoot Transmission वायरिंग हार्नेस बनाती और सप्लाई करती है. ये हार्नेस इलेक्ट्रॉनिक सेंसर और कंट्रोलर, स्विच, टर्मिनल, कनेक्टर, जंक्शन बॉक्स, हाई-वोल्टेज इंटरकनेक्शन सिस्टम और डेटा केबल को इंटीग्रेट करते हैं और अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर एप्लिकेशन-स्पेसिफिक आर्किटेक्चर डिलीवर करते हैं.
कंपनी का दावा है कि वह देश के टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर वायरिंग हार्नेस मार्केट में शीर्ष दो कंपनियों में से एक है, जिसका FY25 में मूल्य के हिसाब से मार्केट शेयर 44.64 परसेंट है. इसके ग्राहकों में Bajaj Auto, TVS Motor Company, Honda Motorcycle and Scooter India और Royal Enfield शामिल हैं.
(यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें.&amp;nbsp;ABPLive.com&amp;nbsp;की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)

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        <pubDate>Sun, 24 May 2026 04:30:10 +0530</pubDate>
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        <title>GST on Petrol&amp;Diesel: पेट्रोल&amp;डीजल को जीएसटी के दायरे में लाए जाने की मांग, CTI ने PM मोदी को लिखा पत्र</title>
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        <description><![CDATA[ Petrol-Diesel GST: चेंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के चेयरमैन बृजेश गोयल ने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच इसे GST के दायरे में लाए जाने की मांग उठाई है. इस विषय पर उन्होंने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भी लिखा है.
उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की है कि पेट्रोल-डीजल को तुरंत जीएसटी के दायरे में शामिल किया जाए. लंबे समय से व्यापारी, फैक्ट्री ओनर और आम आदमी इसकी मांग कर रहे हैं, जिससे उन्हें इस भारी महंगाई से राहत मिल सके.&amp;nbsp;
पेट्रोल-डीजल पर लग रहे भारी टैक्स
दिल्ली और देश में व्यापारियों और उद्यमियों के शीर्ष संगठन CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा है कि अगर हम दिल्ली की बात करें तो &amp;nbsp;22 मई तक के आंकड़ों के अनुसार पेट्रोल का वास्तविक मूल्य 66.29 रुपये था, इस पर एक्साइज ड्यूटी 11.90 रुपये और VAT 16.03 रुपये लगता है, जबकि डीलर का मार्जिन 4.42 रुपये था. डीजल का वास्तविक मूल्य 67.36 रुपये, एक्साइज ड्यूटी 7.80 रुपये और VAT 13.39 रुपये था, जबकि डीलर मार्जिन 3.03 रुपये था.
उन्होंने बताया कि आज के समय में पेट्रोल के वास्तविक मूल्य पर एक्साइज ड्यूटी और वैट को मिलाकर लगभग 42% टैक्स लगता है जबकि डीजल पर लगभग 32% टैक्स लगता है. CTI के मुताबिक देश में तेलंगाना में पेट्रोल सबसे महंगा है क्योंकि तेलंगाना में पेट्रोल पर सर्वाधिक वैट 35.2% लगता है जबकि अंडमान निकोबार में पेट्रोल डीजल पर केवल 1% वैट लगने के कारण वहां सबसे सस्ता है.
GST के दायरे में आए पेट्रोल-डीजल
बृजेश गोयल ने पीएम मोदी को लिखे पत्र में कहा है कि 2017 में जब GST लागू किया गया था, तो वन नेशन वन टैक्स की बात कही गई थी और कहा गया था कि देश में हर चीज पर एक समान टैक्स होगा और एक समान रेट होगा, लेकिन पेट्रोल-डीजल पर सभी राज्य मनमानी करते हुए अपने अपने हिसाब से वैट वसूल रहे हैं. इसके कारण हर राज्य में पेट्रोल-डीजल की दरें अलग-अलग हैं.
इसके कारण वन नेशन वन टैक्स की अवधारणा पर भी कुठाराघात हो रहा है. ऐसे में पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी और वैट को समाप्त करके GST के दायरे में लाया जाए. इससे ना केवल पूरे देश में पेट्रोल-डीजल की दरें एक समान हो जाएंगी बल्कि पेट्रोल-डीजल के रेट में भी कमी आएगी.

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        <pubDate>Sat, 23 May 2026 16:30:21 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Gold Price Today: सोने की तेजी थमी, चांदी भी हुई सस्ती, जानें अपने शहर के ताजा रेट</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/gold-price-today-सोने-की-तेजी-थमी-चांदी-भी-हुई-सस्ती-जानें-अपने-शहर-के-ताजा-रेट</link>
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        <description><![CDATA[ Gold-Silver Price Today May 23: मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव का असर कई देशों पर देखने को मिल रहा है. भारत में भी महंगाई दिन पर दिन बढ़ती जा रही है, लेकिन इसी बीच देश में सोने की कीमतों में जारी तेजी पर अब ब्रेक लग गया है. 23 मई शनिवार की सुबह सोने के दामों में गिरावट देखने को मिली है. अगर बात करें राजधानी दिल्ली की तो यहां 24 कैरेट सोना घटकर 1,59,630 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया है. वहीं मुंबई में इसकी कीमत 1,59,480 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है.&amp;nbsp;
बता दें कि एक दिन पहले दिल्ली के सराफा बाजार में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 600 रुपये गिरकर 1,64,900 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया था. अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी हाजिर सोना 4,522.32 डॉलर प्रति औंस के आसपास बिजनेस कर रहा है.
मई में तीसरी बार बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, आम आदमी के बजट पर बढ़ा दबाव
सोने की कीमतों पर क्यों पड़ा असर?
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका-ईरान बातचीत को लेकर इन्वेस्टर्स सर्तक बने हुए हैं. मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव, होर्मुज स्ट्रेट से जुड़ी स्थिति और वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर सोने की कीमतों पर पड़ रहा है. इसके साथ ही भारतीय रुपये की अस्थिरता भी सोने के रेट को प्रभावित कर रही है.
अपने शहर के ताजा रेट जानें
शहर&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; 146240&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; 159630मुंबई&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;146190&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;159480अहमदाबाद&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; 146240&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;159530चेन्नई&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; 147790&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;161230कोलकाता&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;146190&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;159480हैदराबाद&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; 146190&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; 159480जयपुर&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; 146240&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; 159630भोपाल&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; 146240&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; 159530लखनऊ&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; 146240&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;159630चंडीगढ़&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;146240&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;159630
पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाए जाने की मांग, CTI ने PM मोदी को लिखा पत्र
चांदी की कीमत में भी गिरावट
बता दें कि सोने के साथ-साथ चांदी कीमतों में भी गिरावट दर्ज की गई है. 23 मई यानी आज सुबह चांदी 2,84,900 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई है. &amp;nbsp;इससे पहले इस साल जनवरी में चांदी 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर को भी पार कर चुकी थी. अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी 75.87 डॉलर प्रति औंस के आसपास ट्रेड कर रही है. ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 23 May 2026 16:30:20 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Gold, Price, Today:, सोने, की, तेजी, थमी, चांदी, भी, हुई, सस्ती, जानें, अपने, शहर, के, ताजा, रेट</media:keywords>
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        <title>LPG Rate Today: पेट्रोल&amp;डीजल के बाद क्या LPG भी हुआ महंगा? जानें आज गैस सिलेंडर की कीमत</title>
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        <description><![CDATA[ LPG Price Today on May 23: पेट्रोल और डीजल की कीमतें आज एक बार फिर से बढ़ा दी गई हैं. पेट्रोल 87 पैसा और महंगा हुआ है, जबकि डीजल में 91 पैसे की बढ़ोतरी की गई है. यह इस महीने तीसरी बार है, जब कीमतों में फिर से इजाफा किया गया है.
हालांकि, LPG के मोर्चे पर आज भी उपभोक्ताओं को राहत है क्योंकि आज 23 मई, 2026 को भारत में घरेलू एलपीजी सिलेंडर और कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. इनकी कीमतें आज स्थिर हैं. हालांकि, अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में ऊर्जा संकट और भू-राजनीतिक तनाव अभी जारी है. बावजूद इसके देश में तेल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने देश की आम जनता को राहत देते हुए कीमतों के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की है.&amp;nbsp;
शहरवार आज LPG सिलेंडर की कीमत



शहर&amp;nbsp;
घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत
कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत


दिल्ली
913.0 रुपये
3071.5 रुपये


मुंबई
912.5 रुपये
3024.0 रुपये


कोलकाता
939.0 रुपये
3202.5 रुपये


चेन्नई
928.5 रुपये
&amp;nbsp;3237.0 रुपये


बेंगलुरु
915.5 रुपये
3152.0 रुपये


नोएडा
910.50 रुपये
3071.5 रुपये


हैदराबाद
905.0 रुपये
2176.5 रुपये


पटना
1002.5 रुपये
3347.0 रुपये


भोपाल
&amp;nbsp;918.5 रुपये
3077.0 रुपये



एक और LPG टैंकर भारत पहुंचा
मिडिल-ईस्ट संकट और अमेरिका व ईरान में छिड़ी जंग के बीच भारत के लिए एक राहत भरी खबर है. दरअसल, कतर से रवाना हुआ एक और बड़ा एलपीजी टैंकर MV SYMI सुरक्षित रूप से गुजरात के कांडला पोर्ट पर पहुंच गया है.
इसके साथ ही वियतनाम के झंडे वाला एक और विशालकाय Envy Sunshine भी करीब 46000 मीट्रिक टन रसोई गैस लेकर न्यू मैंगलोर पोर्ट पर पहुंच चुका है. इन टैंकरों के भारत पहुंचने सप्लाई काफी हद तक सामान्य होगी. हालांकि, तेल कंपनियां अब भी अंतर्राष्ट्रीय बाजार से ऊंचे रेट पर गैस खरीद रही है. नागरिकों को बचाने के लिए फिलहाल OMCs इस घाटे को खुद वहन कर रही है. ऐसे में कीमतों में बढ़ोतरी की गुंजाइश बनी रहती है.

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        <pubDate>Sat, 23 May 2026 16:30:19 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग में कितनी होगी सैलरी बढ़ोतरी? यहां समझे &amp;apos;फिटमेंट फैक्टर&amp;apos; का पूरा गणित</title>
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        <description><![CDATA[ 8th Pay Commission: पिछले कई दिनों से आठवें आयोग को लेकर काफी चर्चाओं का बाजार गर्म है. हाल ही में 8वें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी मिली है. जिसके बाद अब लोगों को अपनी सैलरी के बढ़ने का इंतजार है. इसी बीच &#039;फिटमेंट फैक्टर&#039; को लेकर भी तेजी से चर्चाएं हो रही हैं. तो आइये बताते हैं फिटमेंट फैक्टर क्या है और इसका आपकी सैलरी पर क्या असर होगा.
&#039;फिटमेंट फैक्टर&#039; क्या है?8वें वेतन आयोग के बाद &#039;फिटमेंट फैक्टर&#039; पर सभी की नजर है, क्योंकि इसी के आधार पर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की सैलरी और पेंशन बढ़ाई जाती है. फिटमेंट फैक्टर एक ऐसा गुणांक (Multiplier) होता है, जिसकी मदद से कर्मचारियों की पुरानी बेसिक सैलरी को नई सैलरी में बदला जाता है.
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फिटमेंट फैक्टर का फॉर्मुला:फिटमेंट फैक्टर का एक बेसिक फॉर्मुला होता है, जिससे आपकी सैलरी डिसाइड की जाती है.
नई बेसिक सैलरी = मौजूदा बेसिक सैलरी &amp;times; फिटमेंट फैक्टर
कैसे काम करता है फॉर्मुला?अगर फिटमेंट फैक्टर बढ़ता है, तो कर्मचारियों की सैलरी, पेंशन, इंक्रीमेंट और एरियर भी बढ़ जाते हैं.
उदाहरण के तौर पर, 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 रखा गया था. इससे मिनिमम बेसिक सैलरी 7,000 रुपये से बढ़कर 18,000 रुपये हो गई थी. फॉर्मुला के हिसाब से:
7,000 &amp;times; 2.57 = 18,000
हालांकि इस देखकर लगता है कि ये काफी बड़ी बढ़ोतरी है, लेकिन वेतन आयोग आमतौर पर 10 साल में एक बार लागू होता है.
8वें वेतन आयोग में होगा फिटमेंट फैक्टर?फिलहाल 8वें वेतन आयोग का फिटमेंट फैक्टर तय नहीं हुआ है. लेकिन कई रिपोर्ट्स में अनुमान लगाया जा रहा है कि ये 2.28 से 3.83 के बीच हो सकता है.
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बता दें कि 6वें और 7वें वेतन आयोग के दौरान भी फिटमेंट फैक्टर काफी चर्चा में रहा था. इससे पहले वेतन बढ़ाने के लिए अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल किया जाता था, जैसे महंगाई भत्ते को जोड़ना और वेतन संरचना में बदलाव करना. पहले पांच वेतन आयोगों में &#039;फिटमेंट फैक्टर&#039; जैसा कोई एक तय फॉर्मूला नहीं था. उस समय वेतन बढ़ाने के लिए पूरे सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव किया जाता था. ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 23 May 2026 16:30:18 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Rupee Fall: रुपये की गिरती कीमत से टेंशन में सरकार, अब RBI चलाएगा अपना पुराना &amp;apos;मास्टर स्ट्रोक&amp;apos;</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/rupee-fall-रुपये-की-गिरती-कीमत-से-टेंशन-में-सरकार-अब-rbi-चलाएगा-अपना-पुराना-मास्टर-स्ट्रोक</link>
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        <description><![CDATA[ Taper Tantrum Playbook: फरवरी से शुरू हुआ ईरान और यूएस का युद्ध, अब तक भी चल ही रहा है. जिसका असर अन्य पड़ोसी देशों पर भी पड़ रहा है. भारत भी इस समय आर्थिक संकट से जूझ रहा है. जिसके चलते डॉलर के सामने लगातार रुपया की कीमत घटती जा रही है. ऐसे में अब सरकार ने भी अपना पुराना &#039;मास्टर स्ट्रोक&#039; खेलने की प्लानिंग कर ली है.
RBI का पुराना मास्टर स्ट्रोकदरअसल रुपये की लगातार गिरती हुई कीमत को देखते हुए अब रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने इस संकट से बचने के लिए अपना पुराना दाव खेलने का मन बना लिया है. RBI अब रुपये को संभालने के लिए साल 2013 में आर्थिक संकट के दौरान अपनाए गए तरीकों को फिर से इस्तेमाल कर सकता है. इस बारे में खुद RBI के गवर्र संजय मल्होत्रा ने बताया है.
ये भी पढ़ें: Petrol-Diesel News: किसी पंप पर टैंकर नहीं पहुंचा तो कहीं लग गई लिमिट... लोगों में पैनिक बढ़ा, अब सफर से पहले सावधान
संजय मल्होत्रा ने गुरुवार को ब्लूमबर्ग न्यूज के साथ बातचीत में बताया है कि, भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​के नेतृत्व में बैंक करेंसी को स्टेबल करने के लिए ब्याज दरों में वृद्धि, एडिशनल करेंसी की अदला-बदली और विदेशी निवेशकों से डॉलर जुटाने जैसे तरीकों पर विचार कर रहा है.
क्या है टैपर टैंट्रम प्लेबुक?जब अमेरिका का केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व बैंक जब बाजार में पैसा डालना बंद कर देता है, तब विदेशी निवेशक भारत जैसे देशों में पैसा डालना बंद कर देते हैं. जिससे रुपया कमजोर हो जाता है, शेयर बाजार में गिरावट आती है, डॉलर महंगा हो जाता है, भारत पर आर्थिक दबाव बनता है. ऐसी स्थिति साल 2013 में बनी थी, तब RBI ने &#039;टैपर टैंट्रम प्लेबुक&#039; नीति अपनाई थी. इसमें RBI डॉलर को बेचकर रुपया संभालता है, ब्याज दरें बढ़ा देता है.
2013 में भी अपनाई थी यही रणनीतिबता दें कि सरकार ने साल 2013 में भी यही रणनीति अपनाई थी. जब उस दौर में आर्थिक संकट से देश जूझ रहा था, तब भी टैपर टैंट्रम प्लेबुक का सहारा लेकर देश में डॉलर को बेचकर रुपये को संभाला गया था. अब RBI इस योजना के तहत अपने डॉलर बेचेगा जिससे डॉलर की कमी ना हो और रुपये में गिरावट ना आए.
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        <pubDate>Sat, 23 May 2026 00:31:19 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Rupee, Fall:, रुपये, की, गिरती, कीमत, से, टेंशन, में, सरकार, अब, RBI, चलाएगा, अपना, पुराना, मास्टर, स्ट्रोक</media:keywords>
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        <title>RBI का केंद्र को तोहफा, क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों के बीच मंजूर किया 2.87 लाख करोड़ का लाभांश</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/rbi-का-केंद्र-को-तोहफा-क्रूड-ऑयल-की-बढ़ती-कीमतों-के-बीच-मंजूर-किया-287-लाख-करोड़-का-लाभांश</link>
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        <description><![CDATA[ RBI Dividend: ईरान और इजरायल- अमेरिका के बीच फरवरी से ही युद्ध चल रहा है. जिसके कारण वैश्विक स्तर पर क्रूड ऑयल की कीमतें लगातार बढ़ती ही जा रही हैं. जिसकी वजह से भारत पर आर्थिक रूप से काफी दबाव भी बढ़ रहा है. ऐसे में अब आरबीआई ने भारत की केंद्र सरकार को थोड़ी राहत की सांस दी है. जिससे अब क्रूड ऑयल की कीमतों के बढ़ने से भी सरकार को खासा फर्क नहीं पड़ेगा.
आरबीआई का केंद्र को तोहफादरअसल रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने FY25-26 के लिए केंद्र सरकार को एक बड़ा तोहफा दिया है. क्रूड ऑइल की बढ़ती कीमतों के बीच RBI ने 2.87 लाख करोड़ रुपये सरकार को देने की मंजूरी दे दी है. ये पैसा RBI अपने मुनाफे में से सरकार को देता है, जिसे लाभांश (डिविडेंड) कहा जाता है.

RBI की तरफ से मिली जानकारीइस बारे में आरबीआी ने खुद एक प्रेस रिलीज जारी कर बताया है. जिसमें उन्होंने बताया कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की 623वीं मीटिंग के दौरान ये फैसला किया गया है. ये मीटिंग आज यानी शुक्रवार 22 मई को मुंबई में हुई, जिसमें आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा भी शामिल हुए.
पिछले साल की रकम से भी ज्यादा दी गईइसमें ये भी बताया गया कि ये रकम पिछले साल के 2.69 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है. इससे पहले RBI ने 2023-24 में 2.1 लाख करोड़ रुपये और 2022-23 में 87,416 करोड़ रुपये सरकार को दिए थे. RBI ने बताया कि 2025-26 में उसकी कुल शुद्ध आय बढ़कर करीब 3.96 लाख करोड़ रुपये हो गई, जबकि पिछले साल ये 3.13 लाख करोड़ रुपये थी.
अर्थव्यवस्था संभालने में मिलेगी मददइसके अलावा, RBI की कुल संपत्ति यानी बही-खाता भी 20.61% बढ़कर लगभग 92 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई. आसान शब्दों में कहें तो RBI को इस साल ज्यादा मुनाफा हुआ है, इसलिए वो सरकार को रिकॉर्ड रकम दे रहा है. इससे सरकार को खर्च चलाने और अर्थव्यवस्था संभालने में मदद मिलेगी. इस समय देश के जो हालात हैं उन्हें देखा जाए तो ये रकम सरकार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. फिलहाल महंगाई के दौर को देखते हुए ये एक बड़ा तोहफा ही माना जाएगा.


 ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 23 May 2026 00:31:16 +0530</pubDate>
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        <title>SBI ने जारी की ग्राहकों के लिए एडवायजरी, बताया दो दिनों की हड़ताल पर क्या करें और क्या नहीं</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/sbi-ने-जारी-की-ग्राहकों-के-लिए-एडवायजरी-बताया-दो-दिनों-की-हड़ताल-पर-क्या-करें-और-क्या-नहीं</link>
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        <description><![CDATA[ SBI Staff Strike: देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक SBI अपने ग्राहकों की सुविधा का हमेशा से ख्याल रखता है. शुक्रवार को बैंक की तरफ से ग्राहकों के लिए एक एडवायजरी जारी की गई है. जिसमें बताया गया है कि बैंक के कर्मचारी दो दिवसीय हड़ताल पर हैं, ऐसे में ग्राहकों को यदि बैंक से संबंधित काम हैं तो उन्हें क्या करना चाहिए.
बैंक ने जारी की एडवायजरीबैंक के आधिकारिक x अकाउंट के जरिए एक पोस्ट शेयर किया गया है. जिसके जरिए बैंक की तरफ से ग्राहकों को जानकारी दी गई है कि हड़ताल के समय में बैंक की शाखाओं में जरूरी बैंकिंग सेवाएं जारी रखने की कोशिश की जा रही है. हालांकि, बैंक ने ग्राहकों से असुविधा को कम करने के लिए अल्टरनेटिव बैंकिंग चैनलों का उपयोग करने की सलाह दी है.

pic.twitter.com/1B6bJTc9Co
&amp;mdash; State Bank of India (@TheOfficialSBI) May 22, 2026



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इस पोस्ट में लिखा है, &#039;कृपया ध्यान दें कि अखिल भारतीय स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ फेडरेशन (AISBISF) ने 25 और 26 मई 2026 को दो दिवसीय हड़ताल की सूचना दी है. हम पूरी कोशिश कर रहे हैं कि ब्रांच में ग्राहकों को जरूरी सुविधाएं मिल सकें.&#039; इसके बाद बैंक ने तीन मुख्य बिंदुओं में ग्राहकों से जरूरी निवेदन किया है. जिसमें लिखा है:

कैश की जरूरत पड़ने पर ATM/ADWMs का इस्तेमाल करें.
कस्टमर सर्विस पॉइंट का इस्तेमाल करें (CSPs)
इंटरनेट बैंकिंग, योनो, मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को प्रिफर करें.

इसके बाद बैंक की तरफ से ग्राहकों से असुविधाओं के लिए माफी भी मांगी गई है.
बता दें कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के कर्मचारी 25 और 26 मई को दो दिवसीय हड़ताल पर रहने वाले हैं. इससे पहले 23 और 24 मई को शनिवार और रविवार है और इसके बाद भी बैंक की ईद की छुट्टी है. ऐसे में SBI बैंक पूरे छह दिनों तक बंद रहने वाला है. यदि आपको ब्रांच से जुड़ा कोई भी काम हो तो उसे पहले ही निपटा लें.
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        <pubDate>Sat, 23 May 2026 00:31:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>RBI Warning: और बढ़ेंगे पेट्रोल&amp; डीजल के दाम! नहीं रुका युद्ध तो आएगी दूसरे दौर की महंगाई, RBI ने दी चेतावनी</title>
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        <description><![CDATA[ RBI Warning of Inflation: फरवरी से शुरू हुआ ईरान और यूएस का युद्ध अब तक भी जारी है. इस युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर कचेच तेल की कीमतों में लगातार इजाफा हो रहा है. जिसका असर भारत की अर्थव्यवस्था और महंगाई पर भी पड़ रहा है. इसी बीच अब RBI ने भी चेतावनी दे दी है कि यदि ये युद्ध ऐस ही चलता रहा तो वो दिन दूर नहीं जब भारत में दूसरे दौर की महंगाई आ जाएगी.
पेट्रोल- डीजल के बढ़ सकते हैं दामरिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) का कहना है कि वेस्ट मिडिल ईस्ट में चल रहा तनाव जितना लंबा खिंचेगा ऊर्जा कीमतें, ट्रेड डिफिसिट और रुपये पर उतना ही ज्यादा दबाव बढ़ेगा. इस युद्ध के कारण ग्लोबल लेवल पर कच्चा तेल और पेट्रोल-डीजल महंगा हो रहा है. इससे भारत में भी पेट्रोल, डीजल और गैस के दाम और भी ज्यादा बढ़ सकते हैं.
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महंगाई पर असरRBI ने कहा है कि अगर वेस्ट एशिया संकट इसी तरह लंबा चला तो दूसरे दौर की महंगाई बढ़ सकती है यानी ट्रांसपोर्ट से लेकर खाने-पीने तक सबकुछ महंगा हो सकता है. इतना ही नहीं इसका असर सप्लाई चेन पर भी पड़ सकता है. युद्ध की वजह से समुद्री रास्तों और सप्लाई चेन पर असर पड़ रहा है. इससे सामान की डिलीवरी और आयात-निर्यात महंगा हो सकता है.
शेयर बाजार और निवेशग्लोबल तनाव बढ़ने पर विदेशी निवेशक पैसा निकाल सकते हैं. इससे शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है. साल 2021-25 के बीच भारत की औसत ग्रोथ 8.2% रही. RBI ने 2026-27 के लिए भी करीब 6.9% ग्रोथ का अनुमान दिया है. अभी भारत में महंगाई 4% के आसपास कंट्रोल में है लेकिन तेल संकट से खतरा बढ़ सकता है. भारत के पास करीब 11 महीने के आयात जितना विदेशी मुद्रा भंडार है इसलिए तुरंत बड़ा आर्थिक खतरा नहीं है.
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        <pubDate>Sat, 23 May 2026 00:31:09 +0530</pubDate>
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        <title>Investment Tips: किन लोगों को शेयरों में निवेश नहीं करना चाहिए? दिग्गज अरबपति ने बताया, गिनाए कारण</title>
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        <description><![CDATA[ Warren Buffett Investment Tips: शेयर बाजारों में उतार- चढ़ाव की स्थिति तो हमेशा ही बनी रहती है. अगर आप भी स्टॉक मार्केट में निवेश करते हैं तो आपको पता ही होगा कि इस समय बाजार की स्थिति काफी दयनीय है. शेयरों में लगातार गिरावट की वजह से निवेशकों के बीच मायूसी देखी जा रही है. फरवरी से चल रहे ईरान- यूएस युद्ध के कारण ही ये गिरवाट देखी जा रही है.
यदि आप भी इसकी वजह से मायूस हैं, तो आपको अमेरिकी निवेशक वॉरेन बफेट से कुछ सीखने की जरूरत है. उन्होंने शेयर बाजार की गिरावट को लेकर जो कुछ कहा है वो किसी मोटिवेशन से कम नहीं है. उन्होंने बताया है कि किसे स्टॉक्स में निवेश नहीं करना चाहिए और क्यों?
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किसे नहीं करना चाहिए निवेश?दिग्गज अमेरिकी निवेशक वॉरेन बफेट ने साल 2015 में The Street के साथ एक इंटरव्यू किया था, इस दौरान उन्होंने बताया था कि जिसे करेक्शन से डर लगता है उसे शेयरों में निवेश नहीं करना चाहिए. वॉरेन बताया था, &#039;अगर आपको करेक्शन से डर लगता है, तो आपको शेयर नहीं खरीदने चाहिए&#039;. इसके अलावा उन्होंने ये भी बताया था कि लंबी अवधि के टारगेट के साथ अपने रिटायरमेंट के लिए या फिर घर खरीदने के लिए शेयरों में निवेश कर रहे हैं, तो आपको कभी भी शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव को लेकर परेशान नहीं होना है.
शेयर बाजार में निवेश के टिप्सअगर आप शेयर बाजार में निवेश करना चाहते हैं तो आपको वॉरेन बफेट की इन टिप्स को ध्यान में रखना बेहद जरूरी है. जैसे:

वॉरेन बफेट के मुताबिक शेयर बाजार में असली कमाई लंबी अवधि के निवेश से होती है.
शॉर्ट टर्म निवेश में मुनाफा हो सकता है, लेकिन जोखिम थोड़ा ज्यादा रहता है.
बाजार के हर रोज चढ़ता- उतरता है, ऐसे में इस पर ध्यान नहीं देना चाहिए.
सही कीमत पर अच्छे शेयर खरीदकर उन्हें लंबे समय तक होल्ड करना ज्यादा बेहतर है.
गिरावट आते ही घबराकर शेयर बेचने वाले निवेशकों को अक्सर नुकसान उठाना पड़ता है.
हर बड़ी गिरावट के बाद बाजार में रिकवरी आती है, इसलिए परेशान होने की बजाय थोड़ी हिम्मत और सूझ बूझ से काम लें.
जो निवेशक गिरावट के दौर में धैर्य बनाए रखते हैं, उन्हें रिकवरी में सबसे ज्यादा फायदा मिलता है.

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बता दें कि फिलहाल बाजार की जो स्थिति है वो किसी से छुपी नहीं है, ऐसे में निवेशकों के लिए ये एक बड़ा चैलेंज है. लेकिन इस समय में थोड़ा धीर से काम लेना होगा, जिससे किसी भी तरह की परेशानी का सामना ना करना पड़े. ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 22 May 2026 12:30:19 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Dollar vs Yuan: अमेरिकी डॉलर को पछाड़ रही चीन की करेंसी, 3 साल के टॉप पर पहुंचा &amp;apos;युआन&amp;apos;</title>
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        <description><![CDATA[ Dollar vs Yuan: पिछले कई महीनों से ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध चल रहा है. इस युद्ध का असर ग्लोबल मार्केट पर इतना पड़ रहा है कि भारत का रुपया लगातार अपनी वैल्यू डॉलर के आगे खोता जा रहा है. केवल भारतीय रुपया ही नहीं बल्कि कई देशों की करेंसी डॉलर के आगे घुटने टेक रही है. इसी बीच एक देश ऐसा भी है, जिसकी करेंसी ग्लोबल लेवल पर खासी चमक रही है. ये करेंसी है &#039;युआन&#039;.
&#039;युआन&#039; ने डॉलर को पछाड़ादरअसल चीन के केंद्रीय बैंक पीपल्स बैंक ऑफ चाइना ने गुरुवार को बताया कि युआन, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लगातार मजबूत हो रही है. अपने जारी किए गए डाटा में बैंक ने बताया युआन का दैनिक रेफरेंस रेट 6.8349 प्रति डॉलर तय की गई है, जो फरवरी 2023 के बाद का सबसे मजबूत स्तर है. इससे साफ संकेत मिलता है कि चीन अपनी मुद्रा को स्थिर और मजबूत बनाए रखना चाहता है.
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वैश्विक स्तर पर चमका युआनइस खबर के सामने आने के बाद अब वैश्विक बाजार में भी कई बड़े बैंक युआन को लेकर काफी पॉजिटिव नजर आ रहे हैं. दूसरी ओर अमेरिकी डॉलर पर दबाव बना हुआ है. इसी वजह से निवेशकों का भरोसा धीरे-धीरे चीनी करेंसी की तरफ बढ़ रहा है. ऑफशोर युआन भी लगातार मजबूत हुआ है और गुरुवार को ये करीब 6.803 प्रति डॉलर के स्तर पर कारोबार करता दिखा.
इस वजह से बढ़ रही वैल्यूबता दें कि पिछले साल से चीन के निर्यात में मजबूती आई है, जिसका फायदा युआन को मिल रहा है. इसके अलावा चीन की अर्थव्यवस्था को लेकर निवेशकों का भरोसा भी बेहतर हुआ है. अमेरिका और चीन के रिश्तों में स्थिरता आने की उम्मीद भी युआन को समर्थन दे रही है. बैंक ऑफ अमेरिका की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल के अंत तक युआन 6.70 प्रति डॉलर तक मजबूत हो सकता है. बैंक का ये भी मानना है कि अगर मिडिल ईस्ट में जारी तनाव कम रहता है और चीन मुद्रा स्थिरता की नीति जारी रखता है, तो युआन में और तेजी देखने को मिल सकती है.
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        <pubDate>Fri, 22 May 2026 12:30:17 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Dollar, Yuan:, अमेरिकी, डॉलर, को, पछाड़, रही, चीन, की, करेंसी, साल, के, टॉप, पर, पहुंचा, युआन</media:keywords>
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        <title>Royal Pop: 40 हजार की घड़ी, जिसे हाथ पर नहीं पहन सकते, उसको खरीदने को बेताब हुए लोग, क्यों है खास?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/royal-pop-40-हजार-की-घड़ी-जिसे-हाथ-पर-नहीं-पहन-सकते-उसको-खरीदने-को-बेताब-हुए-लोग-क्यों-है-खास</link>
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        <description><![CDATA[ Royal Pop Pocket Watch: लग्जरी &amp;nbsp;के घड़ियों के शौकीन कई लोग होते हैं, जो नया कलेक्शन लॉन्च होते ही बाजार में नजर आते हैं. ऐसे ही हाल ही में दो लग्जरी वॉच ब्रैंड्स स्वैच और ऑडेमर्स पिगुएट ने साथ में मिलकर कोलैबोरेट किया है. लोगों को उम्मीद थी कि इस कोलैबरेशन से उनके कलेक्शन में कुछ नया और बेहद ही खास जुड़ने वाला है. ऐसा ही हुआ ही. जैसे ही इन कोलैब के अंतर्गत नया कलेक्शन लॉन्च हुआ बाजार में देखने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी.
&#039;रॉयल पॉप&#039; हुई लॉन्चस्वैच और ऑडेमर्स पिगुएट ने मिलकर कोलैबरेट किया और इसके तहत रॉयल पॉप (Royal Pop) नाम से नई पॉकेट वॉच कलेक्शन को लॉन्च किया है. 16 मई 2026 को लॉन्च हुई इस सीरीज में 8 कलरफुल पॉकेट वॉच शामिल हैं, जिनकी कीमत 400 से 420 डॉलर रखी गई है (भारतीय रुपया के हिसाब से 40 हजार रुपये). इन घड़ियों के लॉन्च के बाद दुनियाभर के बाजारों में भारी भीड़ उमड़ पड़ी. कई जगहों पर पुलिस बुलानी पड़ी और सुरक्षा कारणों से 30 से ज्यादा स्टोर्स बंद करने पड़े.&amp;nbsp;
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लॉन्च ईवेंट हुए रद्दइतना ही नहीं भारत में मुंबई, दिल्ली और दुबई के लॉन्च ईवेंट तक रद् करना पड़े. जबकि बेंगलुरु में लंबी लाइनें देखने को मिलीं. ये कोलैबोरेशन इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि ऑडेमार्स पिगुए दुनिया के सबसे महंगे और प्रतिष्ठित वॉच ब्रांड्स में गिना जाता है. आमतौर पर इसकी घड़ियों की शुरुआती कीमत करीब 20,000 डॉलर होती है. ऐसे में कम कीमत वाली स्वैच के साथ साझेदारी ने वॉच प्रेमियों को हैरान कर दिया.
GenZ में देखने को मिल रहा क्रेजलॉन्च के दौरान बड़ी संख्या में स्टोर्स पर Gen Z ग्राहक नजर आए. ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि इन युवाओं के बीच इसका कितना क्रेज है. सोशल मीडिया पर इस कलेक्शन की जमकर चर्चा हो रही है. तो वहीं &amp;nbsp;रीसेल मार्केट में इन्हें हजारों डॉलर में बेचने की कोशिशें भी शुरू हो गईं.
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        <pubDate>Fri, 22 May 2026 12:30:16 +0530</pubDate>
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        <title>LIC का बड़ा धमाका! चौथी तिमाही में 23% उछला मुनाफा, डिविडेंड का भी दिया तोहफा</title>
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        <description><![CDATA[ LIC Q4 Results: लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया यानी LIC ने अपने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (Q4) में शानदार प्रदर्शन किया है. कंपनी का शुद्ध मुनाफा 23 प्रतिशत बढ़कर 23,467 करोड़ रुपए पहुंच गया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में ये 19,039 करोड़ रुपए था.
डिविडेंड किया घोषितकंपनी ने अपने निवेशकों के लिए 10 रुपए फेस वैल्यू वाले हर शेयर पर 10 रुपए के अंतरिम डिविडेंड देने का ऐलान किया है. बोनस शेयर जारी होने से पहले ये राशि प्रति शेयर 20 रुपए के बराबर होगी. डिविडेंड पाने के लिए रिकॉर्ड डेट 25 जून तय की गई है. वहीं, 1:1 बोनस शेयर इश्यू के लिए रिकॉर्ड डेट 29 मई होगी और बोनस शेयर 1 जून 2026 तक निवेशकों के खाते में आने की उम्मीद है.
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LIC की शुद्ध आयइन रिजल्ट्स में एलआईसी की कुल शुद्ध प्रीमियम आय चौथी तिमाही में 12 प्रतिशत बढ़कर 1.65 लाख करोड़ रुपये हो गई. पिछले साल इसी अवधि में ये 1.48 लाख करोड़ रुपए थी. कंपनी को ये बढ़त रिन्यूअल और सिंगल प्रीमियम दोनों सेगमेंट में अच्छी ग्रोथ से मिली. जनवरी-मार्च तिमाही में पिछले साल का प्रीमियम 17 प्रतिशत बढ़कर 13,009 करोड़ रुपए पहुंच गया. वहीं, रिन्यूअल प्रीमियम आय भी बढ़कर 82,233 करोड़ रुपए हो गई.
कंपनी के बढ़े हैं खर्च भीनिवेश से होने वाली एलआईसी की आय में भी मजबूत बढ़ोतरी देखने को मिली. चौथी तिमाही में निवेश आय 1.09 लाख करोड़ रुपए रही, जो पिछले साल 93,443 करोड़ रुपए थी. हालांकि, इस दौरान कंपनी के खर्च भी बढ़े. कर्मचारियों के वेतन और अन्य परिचालन खर्च में इजाफा हुआ. इसके बावजूद कंपनी का सॉल्वेंसी रेशियो बढ़कर 2.35 पहुंच गया, जो मजबूत वित्तीय स्थिति को दिखाता है. पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में एलआईसी का कुल मुनाफा 19 प्रतिशत बढ़कर 57,453 करोड़ रुपए हो गया. वहीं, पूरे साल की प्रीमियम आय 10 प्रतिशत बढ़कर 5.38 लाख करोड़ रुपए रही.
ये भी पढ़ें: Dollar vs Yuan: अमेरिकी डॉलर को पछाड़ रही चीन की करेंसी, 3 साल के टॉप पर पहुंचा &#039;युआन&#039; ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 22 May 2026 12:30:15 +0530</pubDate>
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        <title>Intuit AI Layoff: Mata के बाद अब इस कंपनी से निकाले जाएंगे हजारों लोग, कई ऑफिस भी होंगे बंद</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/intuit-ai-layoff-mata-के-बाद-अब-इस-कंपनी-से-निकाले-जाएंगे-हजारों-लोग-कई-ऑफिस-भी-होंगे-बंद</link>
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        <description><![CDATA[ Intuit Layoff: ग्लोबल फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी फर्म Intuit ने अपने ग्लोबल वर्कफोर्स में से 17 परसेंट कर्मचारियों यानी कि करीब 3000 लोगों की छंटनी करने का बड़ा ऐलान कर दिया है.
कंपनी के इंटरनल मेमो के अनुसार, CEO Sasan Goodarzi ने बुधवार को कर्मचारियों को बताया कि इस रीस्ट्रक्चरिंग का मकसद जटिलता को कम करना और कंपनी के संगठनात्मक ढांचे को सरल बनाना है ताकि बेहतर प्रोडक्ट्स दिए जा सकें और इनोवेशन की गति को तेज किया जा सके.&amp;nbsp;
क्या इंसान को AI से रिप्लेस कर रही है कंपनी?&amp;nbsp;
कंपनी का मकसद ऑर्गेनाइजेशन की जटिलताओं को कम करने और ऑपरेशंस को बेहतर बनाना है. इस क्रम में Intuit अपने रिसोर्सेज को AI-बेस्ड टेक्नोलॉजी की तरफ शिफ्ट कर रहा है.
कंपनी ने हाल ही में अपने TurboTax और QuickBooks जैसे फाइनेंशियल और टैक्स सॉफ्टवेयर में एआई जोड़ने के लिए OpenAI और Anthropic जैसी कंपनियों के साथ समझौते भी किए. बहरहाल, कंपनी ने सीईओ ने यह साफ कह दिया है कि छंटनी वर्कर्स को एआई से रिप्लेस करने के लिए नहीं की गई है, बल्कि यह कंपनी की अपनी कार्यक्षमता बढ़ाने का एक रणनीतिक हिस्सा है.
प्रभावित कर्मचारियों को क्या मिलेगा?
Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका में इस छंटनी से प्रभावित कर्मचारियों को 16 हफ्ते की बेसिक सैलरी दी जाएगी. साथ ही कंपनी में बिताए गए हर साल की सर्विस के लिए अतिरिक्त 2 हफ्ते की सैलरी को भी पैकेज में शामिल किया जाएगा.&amp;nbsp; &amp;nbsp;
भारत पर असर
Intuit की इस वैश्विक छंटनी का असर भारत पर भी पड़ना तय है क्योंकि भारत में खासतौर पर बेंगलुरु, कंपनी के ग्लोबल हब में से एक है. यहां प्रोडक्ट डेवलपमेंट, इंजीनियरिंग और डेटा साइंस की बड़ी टीमें काम करती हैं इसलिए इन ऑफिसेज में भी कुछ रोल खत्म किए जा साकते हैं. Intuit Reno, Nevada और Woodland Hills, California में अपने ऑफिसेज भी बंद करने जा रही है. कंपनी ने इस छंटनी का ऐलान उसी दिन किया, जिस तरह Meta ने अपने यहां से 8000 लोगों को निकाल दिए जाने का ऐलान किया.

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Meta Layoffs: Meta ने सुबह 4 बजे मेल भेजा, एक झटके में 8000 लोगों की गई नौकरी, कहां खर्च करेगा छंटनी का पैसा?&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 21 May 2026 20:30:32 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Intuit, Layoff:, Mata, के, बाद, अब, इस, कंपनी, से, निकाले, जाएंगे, हजारों, लोग, कई, ऑफिस, भी, होंगे, बंद</media:keywords>
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        <title>ATF Tax: दिल्ली, मुंबई ने जेट फ्यूल टैक्स घटाया! इसका एयरलाइंस और टिकटों पर क्या असर पड़ सकता है?</title>
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        <description><![CDATA[ ATF Tax Relief: भारत के दो सबसे बड़े एविएशन हब दिल्ली और मुंबई ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी ATF पर वैट (VAT) में बड़ी कटौती की है. इस फैसले से एयरलाइंस को बढ़ती लागत से राहत मिलने की उम्मीद है, खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक ईंधन कीमतें, रुपये की कमजोरी और ऑपरेशनल खर्च तेजी से बढ़ रहे हैं.
दिल्ली और मुंबई में कितना टैक्स घटा?
अगर बात करें टैक्स की तो दिल्ली ने ATF पर VAT को 25 प्रतिशत से घटाकर 7 प्रतिशत कर दिया है. यह राहत छह महीने के लिए लागू की गई है. वहीं महाराष्ट्र ने मुंबई में घरेलू उड़ानों के लिए ATF पर VAT को 18 प्रतिशत से घटाकर 7 प्रतिशत कर दिया है. यह फैसला ऐसे समय आया है जब एयरलाइंस फ्यूल की बढ़ती कीमतों से जूझ रही थी और सरकार को लागत बढ़ाने की चेतावनी दे चुकी थी.
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फ्यूल संकट ने बढ़ाई एयरलाइंस की मुश्किल
एविएशन सेक्टर इस समय भारी फ्यूल संकट से जूझ रहा है. फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस यानी FIA, जिसमें Air India, Indigo और SpiceJet जैसी कंपनियां शामिल हैं, ने सरकार को चेतावनी दी थी कि बढ़ती ईंधन लागत की वजह से कई रूट आर्थिक रूप से नुकसानदेह होते जा रहे हैं. FIA के मुताबिक, पहले फ्यूल लागत एयरलाइंस के टोटल खर्च का लगभग 30 से 40 प्रतिशत हुआ करती थी, लेकिन अब यह बढ़कर 55 से 60 प्रतिशत तक पहुंच गई है.
वैश्विक तनाव का असर
मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास सप्लाई में पैदा हुई दिक्कतों का असर जेट फ्यूल की कीमतों पर भी दिखाई दिया. दुनिया भर में तेल और LNG सप्लाई का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है. फरवरी 2026 के अंत में जेट फ्यूल की कीमत जहां लगभग 99 डॉलर प्रति बैरल थी, वहीं मई 2026 तक यह बढ़कर करीब 263 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई.
दिल्ली और मुंबई क्यों हैं इतने अहम?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के बताए गए आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के Indira Gandhi International Airport 2024-25 में करीब 8 करोड़ यात्रियों को संभाला, जबकि मुंबई हवाई अड्डे ने 2025 में 5.55 करोड़ यात्रियों को संभाला और 3,31,000 से अधिक विमानों की आवाजाही दर्ज की. देश की सबसे ज्यादा घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें इन्हीं दोनों शहरों से संचालित होती हैं. यही वजह है कि यहां ईंधन पर टैक्स में कमी का असर पूरे एविएशन सेक्टर पर दिखाई देगा.
ATF की बढ़ती खपत
भारत में ATF की मांग लगातार बढ़ रही है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, फरवरी 2026 में देश में करीब 764 हजार मीट्रिक टन ATF की खपत हुई. वहीं 2025 में घरेलू एयरलाइंस ने लगभग 167 मिलियन यात्रियों को यात्रा कराई. इतनी बड़ी मांग के बीच ईंधन की कीमतों में थोड़ी राहत भी एयरलाइंस के लिए बड़ी बचत साबित हो सकती है.
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एयरलाइंस पर बढ़ता वित्तीय दबाव
एयरलाइंस पहले से कई तरह की वित्तीय चुनौतियों का सामना कर रही हैं. बढ़ते लीज रेंटल, विमानों की कमी, इंजन में तकनीकी समस्याएं, मेंटेनेंस खर्च और डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी ने कंपनियों की मुश्किल बढ़ा दी हैं. इसका असर कंपनियों के प्रदर्शन पर भी दिखाई देने लगा है. Air India ने शिकागो, नेवार्क और शंघाई जैसी कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानें बंद कर दी हैं, जबकि कई रूटों पर उड़ानों की संख्या घटाई गई है. दूसरी ओर इंडिगो का शुद्ध लाभ वित्त साल 2026 की तीसरी तिमाही में लगभग 77.6 प्रतिशत गिर गया.&amp;nbsp;
फ्यूल टैंकरिंग में आ सकती है कमी
ATF टैक्स में कमी का असर एयरलाइंस की फ्यूल रणनीति पर भी पड़ सकता है. अब तक कई एयरलाइंस फ्यूल टैंकरिंग रणनीति अपनाती थी. यानी वे कम टैक्स वाले एयरपोर्ट से ज्यादा ईंधन भरवा लेती थी ताकि महंगे एयरपोर्ट पर दोबारा फ्यूल न लेना पड़े. हालांकि, इससे विमान का वजन बढ़ जाता था और फ्यूल एफिशिएंसी प्रभावित होती थी. एक्सपर्ट्स का मानना है कि दिल्ली और मुंबई में टैक्स कम होने से ऐसी रणनीतियों की जरूरत कम होगी.&amp;nbsp;
क्या सस्ते होंगे हवाई टिकट?
टैक्स कटौती के बाद यात्रियों को तुरंत सस्ते टिकट मिलने की संभावना कम है. एविएशन सेक्टर में किराया सेक्टर में किराया सिर्फ लागत से तय नहीं होता, बल्कि मांग और सप्लाई भी इसमें बड़ी भूमिका निभाती है. फिलहाल यात्रियों की मांग मजबूत बनी हुई है, जबकि विमानों की कमी और तकनीकी दिक्कतों की वजह से उड़ानों की क्षमता सीमित है. ऐसे में एयरलाइंस पहले अपने वित्तीय दबाव को कम करने की कोशिश करेंगी.
राज्यों को होगा राजस्व नुकसान
इस फैसले से राज्य सरकारों को राजस्व का नुकसान भी होगा. दिल्ली सरकार के अनुमान VAT कटौती से उसे लगभग 985 करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है. वहीं महाराष्ट्र को सालाना 550 से 600 करोड़ रुपये तक का राजस्व नुकसान होने का अनुमान है. इसके बाद दोनों सरकारों का मानना है कि यह कदम उनके शहरों को मजबूत एविएशन हब बनाए रखने में मदद करेगा.&amp;nbsp;
ATF को GST में लाने की मांग तेज
इस पूरे मुद्दे के बीच एविएशन इंडस्ट्री की पुरानी मांग एक बार फिर तेज हो गई है कि ATF को GST के दायरे में लाया जाए. फिलहाल ATF पर अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग VAT लागू है और एयरलाइंस इनपुट टैक्स क्रेडिट का फायदा नहीं उठा पाती. इंडस्ट्री का मानना है कि अगर ATF को GST में शामिल किया जाता है तो पूरे देश में ईंधन लागत को स्थिर किया जा सकता है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Thu, 21 May 2026 20:30:30 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Inspiring Story: IIT से पढ़कर मुर्गियां पाल रहा है ये लड़का, पहले लोग उड़ाते थे मजाक, आज हर महीने 1 करोड़ से ज्यादा की है कमाई</title>
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        <description><![CDATA[ Who is Saikesh Goud: आज के समय में ज्यादातर छात्रों का आईआईटी से पढ़ाई करने के बाद एक बेहतरीन पैकेज वाली सुरक्षित नौकरी का सपना होता है. लेकिन, कुछ युवा ऐसे होते हैं जो अपनी किस्मत को खुद ही लिखने में विश्वास रखते हैं. कुछ ऐसी ही कहानी है तेलंगाना के रहने वाले सैकेश गौड की. जिन्होंने आईआईटी के बदले अपने खुद का बिजनेस बनाने के सपनों को हौसला दिया और आज वह हर युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक बन चुके हैं.
नौकरी छोड़ मीट इंडस्ट्री में रखा कदम
सैकेश गौड ने देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी वाराणसी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की. जिसके बाद पढ़ाई पूरी होते ही उन्हें एक सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल के रूप में 28 लाख रुपये सालाना का शानदार पैकेज भी मिला. लेकिन, वो हमेशा से ही खुद का कुछ करने के बारे में सोचते रहते थे.
कौन हैं हेमाम्बर रेड्डी और मोहम्मद सामी उद्दीन?
तो वहीं, अपने सपनों को पंख देते समय इसी बीच उनकी मुलाकात हेमाम्बर रेड्डी और मोहम्मद सामी उद्दीन से हो गई. जानकारी के मुताबिक, हेमाम्बर रेड्डी इस समय हमारे देश के रिटेल मीट सेक्टर को समझने की कोशिश में जुटे थे. तो वहीं, सैकेश गौड ने इस सेक्टर में छिपी अपार संभावनाओं को पहचानने की कोशिश करना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने अपने जीवन का सबसे बड़ा रिस्क लेते हुए अपनी शानदार सैलरी वाली नौकरी को हमेशा के लिए अलविदा कहते हुए इस नए सफर में कदम रखने के बड़ा फैसला लिया.&amp;nbsp;
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कैसे हुई कंट्री चिकन कंपनी की शुरुआत?
दरअसल, अपने बिजनेस को सही तरह से चलाने के लिए उन्होंने ICAR-नेशनल मीट रिसर्च इंस्टीट्यूट के एक इन्क्यूबेशन प्रोग्राम से तकनीकी से पढ़ाई कर साल 2022 में तीन दोस्तों के साथ मिलकर &#039;कंट्री चिकन कंपनी&#039; की पहली नींव रखी. जहां, उन्होंने इस बात पर खास जोर दिया कि अस्वच्छ मीट की दुकानों की छवि को पूरी तरह से बदला जा सकता है इसके अलावा हाइजीनिक सुपरमार्केट जैसे स्टोर को बनाकर उच्च गुणवत्ता वाला देसी चिकन को रखने के बारे में उन्होंने एक नई रणनीति बनाई.
जब लोग उड़ाते थे सैकेश गौड का मजाक
शुरुआती दिनों में समाज के अलावा उनके दोस्तों और अन्य लोगों ने भी जमकर मजाक उड़ाया. यहां तक कि लोगों ने यह कहना शुरू कर दिया था कि &quot;आईआईटी से इतनी बड़ी पढ़ाई करके अब मुर्गी बेचने का काम करोगे?&quot; लेकिन, वो कहते हैं न सुनो सबकि लेकिन करो अपनी. बस उन्होंने किसी के बारे में परवाह न करते हुए अपने सपनों पर जमकर काम किया. इसके अलावा उन्होंने अपने प्रोडक्ट्स को एक गिफ्ट आइटम की तरह प्रीमियम पैकेजिंग में बेचना शुरू कर दिया, जिसे ग्राहकों ने बिना किसी देर के हाथों-हाथ खरीदना शुरू कर दिया.
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करोड़ों का रेवेन्यू और किसानों को मिला फायदा
तो वहीं, हैदराबाद में भारत का पहला ऑथेंटिक देसी चिकन स्टोर खोलने के बाद उनकी कंपनी ने तेजी से विस्तार करना शुरू कर दिया. आज कंपनी ने दक्षिण भारत में 15 हजार से ज्यादा पोल्ट्री किसानों का एक मजबूत नेटवर्क तैयार किया है, जिससे किसानों को भी अपनी उपज का सही मूल्य मिल रहा है.
हांलाकि, जनवरी 2022 में जिस कंपनी का रेवेन्यू महज 3 लाख रुपये महीना था, वह अप्रैल 2023 तक बढ़कर 1.2 करोड़ रुपये प्रति महीने के पार पहुंच गया है. जो, वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी का कुल टर्नओवर 5 करोड़ रुपये तक देखने को मिला था. सैकेश गौड की यह कहानी बताती है कि खुद पर विश्वास हो तो दुनिया में ऐसी कोई भी चीज नहीं है जो हम हासिल नहीं कर सकते हैं.&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 21 May 2026 20:30:28 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Inspiring, Story:, IIT, से, पढ़कर, मुर्गियां, पाल, रहा, है, ये, लड़का, पहले, लोग, उड़ाते, थे, मजाक, आज, हर, महीने, करोड़, से, ज्यादा, की, है, कमाई</media:keywords>
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        <title>DA Hike: इस राज्य के कर्मचारियों का बढ़ा 2% महंगाई भत्ता, जानें अब कितनी मिलेगी टेक होम सैलरी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/da-hike-इस-राज्य-के-कर्मचारियों-का-बढ़ा-2-महंगाई-भत्ता-जानें-अब-कितनी-मिलेगी-टेक-होम-सैलरी</link>
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        <description><![CDATA[ DA Hike News: बिहार, केरल और तमिलनाडु के बाद उत्तर प्रदेश सरकार भी केंद्र के नक्शे कदम पर चल रही है. केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ने के फैसले के बाद राज्य की सरकारें भी अपने कर्मचारियों को ये सौगात दे रही हैं. अब हाल ही में उत्तर प्रदेश के कर्मचरियों को भी महंगाई भत्ते पर बढ़ोतरी मिली है. जिससे कर्मचारियों के बीच खासा खुशी का माहौल है.
कितना बढ़ा महंगाई भत्ता?दरअसल हाल ही में ऐलान किया गया है कि उत्तर प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को महंगाई भत्ते में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाएगी. जिसके बाद अब कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 58% से 60% हो गया है. इसके लिए उत्तर प्रदेश के ACS वित्त दीपक कुमार ने आदेश भी जारी कर दिए हैं.
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कितनी मिलेगी टेक होम सैलरी?कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में छोटी सी भी बढ़ोतरी घर ले जाने वाली सैलरी में नजर आ सकती है. ऐसे में इंडिया टुडे के मुताबिक आइये आपको एक टेबल के जरिए बताते हैं कि 18 हजार रुपये बेसिक सैलरी वाले कर्मचारी से ढाई लाख रुपये तक की बेसिक सैलरी वाले कर्मचारी का कितना महंगाई भत्ता बढ़ेगा.



बेसिक सैलरी (महीने के हिसाब से)
हर महीने कितना अमाउंट जुड़ेगा (लगभग)
वृद्धि (प्रतिशत में)


18,000 रुपये
360 से 540 रुपये
2%


29,200 रुपये
584 से 876 रुपये
2%


30,000 रुपये
600 रुपये
2%


56,100 रुपये
1,122 रुपये
2%


1,00,000 रुपये
2,000 &amp;nbsp;रुपये
2%


2,50,000 रुपये
5,000 से 7,500 रुपये
2%



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बता दें कि सरकार के आदेश के अनुसार ये महंगाई भत्ता 1 जनवरी से लागू होगा. जिसका लाभ पेंशन भोगियों को भी मिलने वाला है. इस बार शासन का ये आदेश थोड़ा लेट हो गया है, जिसकी वजह से कर्मचारियों के बीच काफी हलचल थी. वहीं अब केंद्र सरकार ने 8वें वेतनमान को भी लागू करने की मंजूरी दे दी है. ऐसे में ये कर्मचारियों के लिए दोगुनी खुशी की तरह है. ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 21 May 2026 20:30:26 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Hike:, इस, राज्य, के, कर्मचारियों, का, बढ़ा, महंगाई, भत्ता, जानें, अब, कितनी, मिलेगी, टेक, होम, सैलरी</media:keywords>
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        <title>Bank Layoff: ये बड़ा बैंक खत्म करेगा 7000 से ज्यादा नौकरियां, इंसानों की जगह लेंगे रोबोट और AI</title>
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        <description><![CDATA[ Standard Chartered Bank Layoffs: स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक अगले चार सालों में यानी 2030 तक 7,000 से अधिक नौकरियों को खत्म करने की योजना बना रहा है क्योंकि अभी तेजी से दक्षता बढ़ाने और मुनाफा बढ़ाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ऑटोमेशन का इस्तेमाल बढ़ा रहा है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, लंदन मुख्यालय वाला यह बैंक 2030 तक अपने कॉरपोरेट विभागों में लगभग 15% पदों को कम करने का लक्ष्य रखता है.&amp;nbsp;
रॉयटर्स के अनुमान के अनुसार, इस पुनर्गठन का असर उन विभागों में काम करने वाले 52,000 से ज्यादा कर्मचारियों में से 7,000 से अधिक कर्मचारियों पर पड़ सकता है. बैंक में दुनियाभर में करीब 82,000 लोग काम करते हैं. बैंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) बिल विंटर्स (Bill Winters) के अनुसार, यह कदम केवल लागत कम करने के लिए नहीं है, बल्कि यह एक बड़े तकनीकी बदलाव का हिस्सा है.
CEO ने कहा कि जो लोग रीस्किल होना चाहते हैं और आगे बढ़ना चाहते हैं, हम उन्हें नई जगह रीपोजीशन करने का पूरा अवसर दे रहे हैं. बैंक ने यह भी स्पष्ट किया है कि कुछ कर्मचारियों को नए पदों के लिए प्रशिक्षित और शिफ्ट किया जा सकता है.
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AI और ऑटोमेशन से बदलेगा बैंकिंग सिस्टम
बैंक दक्षता बढ़ाने और लाभ कमाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ऑटोमेशन का बड़े पैमाने पर उपयोग करेगा. विंटर्स ने कहा कि कुछ मामलों में यह कम-मूल्य वाली मानव पूंजी को वित्तीय और निवेश पूंजी से बदलने जैसा है.बैंक के अनुसार, इसका सबसे बड़ा असर चेन्नई, बेंगलुरु, कुआलालंपुर और वारसॉ जैसे शहरों में स्थित बैक-ऑफिस केंद्रों पर पड़ने की संभावना है
बैंकिंग सेक्टर में बड़ा टेक्नोलॉजी बदलाव
इस कदम के साथ, बैंक ने अपने दीर्घकालिक लाभ के आउटलुक को बढ़ा दिया है. बैंक को उम्मीद है कि टेंजिबल इक्विटी पर रिटर्न &amp;nbsp;2028 तक 15% से अधिक और 2030 तक लगभग 18% तक बढ़ जाएगा.भू-राजनीतिक और आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद, बैंक का ध्यान समृद्ध रिटेल बैंकिंग और वेल्थ मैनेजमेंट जैसे उच्च-मार्जिन वाले व्यवसायों पर रहेगा.
Mata के बाद अब इस कंपनी से निकाले जाएंगे हजारों लोग, कई ऑफिस भी होंगे बंद
जापान के प्रमुख वित्तीय संस्थान &#039;मिज़ूहो फाइनेंशियल ग्रुप&#039; ने पहले ही यह घोषणा कर दी थी कि वे ऑटोमेशन और नई तकनीकों के दम पर अगले 10 वर्षों यानी एक दशक में अपनी वर्कफोर्स से 5,000 नौकरियां कम करेंगे. यह किसी एक बैंक का फैसला नहीं है बल्कि पूरी ग्लोबल बैंकिंग इंडस्ट्री में एक बड़ा बदलाव आ रहा है.वित्तीय संस्थान वैश्विक बाजारों में खुद को प्रतिस्पर्धी और ज्यादा से ज्यादा प्रॉफिटेबल बनाए रखने के लिए लगातार AI टूल्स का सहारा ले रहे हैं.
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        <pubDate>Thu, 21 May 2026 20:30:24 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>Bank, Layoff:, ये, बड़ा, बैंक, खत्म, करेगा, 7000, से, ज्यादा, नौकरियां, इंसानों, की, जगह, लेंगे, रोबोट, और</media:keywords>
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        <title>Indian Billionaires: भारत में अमीरों की संपत्ति में रिकॉर्ड तोड़ बढ़ोतरी, मिले 26 नए अरबपति, जानें अब कितनी हो गई संख्या</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/indian-billionaires-भारत-में-अमीरों-की-संपत्ति-में-रिकॉर्ड-तोड़-बढ़ोतरी-मिले-26-नए-अरबपति-जानें-अब-कितनी-हो-गई-संख्या</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/indian-billionaires-भारत-में-अमीरों-की-संपत्ति-में-रिकॉर्ड-तोड़-बढ़ोतरी-मिले-26-नए-अरबपति-जानें-अब-कितनी-हो-गई-संख्या</guid>
        <description><![CDATA[ Indian Billionaires: देश के अमीरों की संपत्ति में इस बार रिकॉर्ड तोड़ बढ़ोतरी देखने को मिली है. जिसने हर किसी को हैरान करके रख दिया है. देश के 229 अरबपतियों की कुल संपत्ति पहली बार 1 ट्रिलियन डॉलर (97.5 लाख करोड़) के पार पहुंच गई है. इतना ही नहीं इस बार इस लिस्ट में 26 नए नाम भी जुड़े हैं. ये सभी मिलकर देश की बढ़ती आर्थिक ताकत को दुनिया के सामने मजबूती से रख रहे हैं.
टॉप पर मुकेश अंबानीफोर्ब्स इंडिया की सामने आई इस लिस्ट में मुकेश अंबानी ने एक बार फिर टॉप किया है. मुकेश अंबानी भारत के सबसे अमीर व्यक्ति बनकर शीर्ष पर काबिज हो गए हैं. इस लिस्ट में टेक्नोलॉजी, रिटेल, फार्मा और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर ने इस दौलत की रफ्तार को नई ऊंचाई दी है. भारत अब सिर्फ विकासशील नहीं, बल्कि वैश्विक आर्थिक महाशक्ति बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है.
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लिस्ट में टॉप 10 अमीर लोगों के नाम



नाम
सम्पत्ति (अरब डॉलर में)
सम्पत्ति कितनी बढ़ी/घटी


मुकेश अंबानी
99.7
7.8%


गौतम अडानी&amp;nbsp;
63.8
13.3%


सावित्री जिंदल&amp;nbsp;
39.1
10.1%


लक्ष्मी मित्तल&amp;nbsp;
31
61.5%


शिव नाडार&amp;nbsp;
30.9
10.4% (घटी)


साइरस पूनावाला&amp;nbsp;
27
16.9%


दिलीप शांघवी&amp;nbsp;
25.6
2.8%


केएम बिड़ला&amp;nbsp;
21.1
1.9%


आर दमानी&amp;nbsp;
15.7
1.9%


उदय कोटक&amp;nbsp;
14.4
2.9%



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टॉप गेनर्स की लिस्टफोर्ब्स ने ऐसे बिजनेसमैन की लिस्ट भी तैयार की है जिन्होंने इस साल अपनी नेटवर्थ में अच्छा- खासा इजाफा किया है. जिसमें लक्ष्मी मित्तल का नाम सबसे ऊपर है, जिनके शेयर्स में 61.5% की बढ़ोतकी आई है. इसके बाद जॉय अलुक्कास 57.6%, अल्पना दांगी 57.1%, इंदर जयसिंघनी, रमेश जयसिंघनी, अजय जयसिंघनी 56.3%, गिरधारी जयसिंघनी53.8%, फाल्गुनी नायर 51.7%, विक्राम लाल एंड फैमिली 48.2% और जॉर्ज एलेक्जेंडर मुथूट 47.4% के शेयर्स में भी इजाफा हुआ है.
टॉप लूजर्स की लिस्ट2026 में जहां कई भारतीय अरबपतियों की दौलत ने नए रिकॉर्ड बनाए, वहीं कुछ बड़े नाम ऐसे भी रहे जिनकी संपत्ति में भारी गिरावट दर्ज की गई. जिनमें वेदांत फैशन के रवि मोदी, जोहो कॉर्पोरेशन के राधा वेम्बू, मैक्रोटेक डेवलपर्स के मंगल प्रभात लोढा, जोहो कॉर्पोरेशन के सेकार वेम्बू, पतंजलि आयुर्वेदा के आचार्य बालकृष्ण, विप्रो लिमिटेड के अजीम प्रेमजी और इंफो एज इंडिया के संजीव बिखचंदानी का नाम शामिल है. इनकी कंपनियों में भारी गिरावट इस साल देखी गई है. ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 21 May 2026 08:30:16 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Indian, Billionaires:, भारत, में, अमीरों, की, संपत्ति, में, रिकॉर्ड, तोड़, बढ़ोतरी, मिले, नए, अरबपति, जानें, अब, कितनी, हो, गई, संख्या</media:keywords>
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        <title>Milk Price Hike: अब इस राज्य के लोगों पर महंगाई की मार, इस तारीख से बढ़ने जा रहे दूध के दाम</title>
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        <description><![CDATA[ Milk Price Hike: देशभर में में इस समय महंगाई का दौर देखने को मिल रहा है. हाल ही में पेट्रोल- डीजल के दाम बढ़ने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. इससे कुछ दिन पहले मदर डेयरी और अमूल जैसी कंपनियों ने दूध की कीमत में 2 रुपये का इजाफा किया था. अब इसी तर्ज पर केरल की मिल्क कंपनी भी चल पड़ी है. केरल की दूध कंपनी मिल्मा (Milma) ने भी अपने ब्रांड के दूध की कीमतें बढ़ाने का फैसला किया है.
कितनी बढ़ेंगी कीमतें?केरल में हाल ही में नई सरकार का गठन हुआ है, वीडी सतीशन ने 18 मई को शपथ ग्रहण की है. जिसके बाद राज्य की जनता पर महंगाई की मार पड़ने वाली है. राज्य की डेयरी संस्था मिल्मा ने फैसला किया है कि वो अपने मिल्क प्रोडक्ट के दाम बढ़ाने जा रहे हैं. कंपनी के दूध में अब 4 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की जा रही है. ये नई दरें 1 जून से लागू होने वाली है.&amp;nbsp;
कंपनी के चेयरमैन ने दी जानकारीमिल्मा कंपनी के चेयरमैन के एस मणि ने बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की मीटिंग होने के बाद दूध के दाम बढ़ने की जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि कीमतें बढ़ने का बड़ा शेयर दूध उत्पादकों को मिलेगा. इस फैसले के बारे में बात करते हुए उन्होंने बताया कि &#039;कीमत बढ़ाने का फैसला नया नहीं है. इसे पहले की सरकार ने भी मंजूरी दे दी थी, लेकिन उस समय चुनाव आचार संहिता लागू होने की वजह से इसे लागू नहीं किया गया था&#039;.
आगे उन्होंने बताया कि नई सरकार के काम संभालने के बाद बोर्ड ने इस मुद्दे पर फिर चर्चा की. विभाग के मंत्री को लेकर स्थिति साफ नहीं थी, इसलिए सीधे मुख्यमंत्री से मुलाकात की गई. मुख्यमंत्री से मंजूरी मिलने के बाद दूध की कीमत बढ़ाने का आखिरी फैसला लिया गया है.
बता दें कि मिल्मा केरल की एक भरोसेमंद दूध कंपनी है, जिस पर केरल की आधी से ज्यादा जनता निर्भर है. ऐसे में दूध की कीमतों के बढ़ने का सीधा असर जनता की जेब पर ही पड़ने वाला है. चूंकि ये रोजमर्रा की जरूरत की चीज है तो ऐसे में इससे आम लोगों के घर का बजट पूरी तरह से हिलने वाला है. ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 21 May 2026 08:30:15 +0530</pubDate>
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        <title>Ola Electric: घाटे से ग्रोथ की ओर Ola Electric! 500 करोड़ पर आया नुकसान, अब बैटरी विस्तार पर बड़ा दांव</title>
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        <description><![CDATA[ Ola Electric Report: भारतीय शेयर बाजार मंगलवार को हाई लेवल पर बढ़त के साथ बंद हुआ. इस दौरान निवेशकों की खास नजर इलेक्ट्रिक वाहन कंपनियों के ऊपर बनी रही. इसी बीच ओला इलेक्ट्रिक के शेयर करीब 1 प्रतिशत बढ़कर 36.96 रुपये पर पहुंच गए. कंपनी ने अपने Q4FY26 अपडेट में घाटे में कमी, सेवा सुधार और बैटरी विस्तार की बड़ी योजनाओं की जानकारी दी.
कंपनी का कहना है...कंपनी के मुताबिक, मार्च 2026 की तिमाही में उसका राजस्व घटकर 265 करोड़ रुपये रह गया, जो पिछले साल की इसी तिमाही में 611 करोड़ रुपये था. हालांकि, इस दौरान कंपनी का घाटा काफी कम हुआ. Q4FY26 में शुद्ध घाटा 500 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में ये 870 करोड़ रुपये था. ओला इलेक्ट्रिक ने बताया कि उसके ग्रॉस मार्जिन में भी सुधार हुआ है. साथ ही ऑपरेटिंग EBITDA घाटा भी पहले की तुलना में कम हुआ है. पूरे FY26 में कंपनी का कुल राजस्व 2,253 करोड़ रुपये रहा, जबकि सालाना शुद्ध घाटा घटकर 1,833 करोड़ रुपये पर आ गया.
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सर्विस क्वालिटी में हुआ सुधारकंपनी ने ये भी बताया है कि उसकी सर्विस क्वालिटी में बड़ा सुधार देखने को मिला है. अक्टूबर 2025 में जहां ग्राहकों की सर्विस में औसतन 9 दिन लगते थे, वहीं मार्च 2026 तक ये समय घटकर करीब 1 दिन रह गया. वारंटी लागत भी 555 करोड़ रुपये से घटकर सिर्फ 59 करोड़ रुपये रह गई.&amp;nbsp;
बैटरी कारोबार में विस्तारइस घाटे के बाद अब बैटरी विस्तार कर एक बड़ा दांव खेलने वाली है. ओला इलेक्ट्रिक ने बैटरी कारोबार में बड़ा विस्तार करने की योजना भी बताई है. कंपनी की 6 GWh गीगाफैक्ट्री का काम लगभग पूरा हो चुका है और इसे जल्द शुरू किया जाएगा. कंपनी अगले साल तक बैटरी क्षमता को बढ़ाकर 20 GWh करने की तैयारी में है.
इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिलों की मांग बढ़ीइसके अलावा कंपनी ने बताया कि अप्रैल 2026 में उसके वाहन रजिस्ट्रेशन 20 प्रतिशत बढ़े हैं. रोडस्टर इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिलों की मांग भी तेजी से बढ़ रही है और कंपनी इस सेगमेंट में लगभग 50 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी का दावा कर रही है. ओला इलेक्ट्रिक को उम्मीद है कि FY27 की पहली तिमाही में ऑर्डर दोगुने तक बढ़ सकते हैं. कंपनी का मानना है कि बेहतर सर्विस, मजबूत सप्लाई और बढ़ती मांग से कारोबार को आगे फायदा मिलेगा.
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        <pubDate>Thu, 21 May 2026 08:30:14 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Ola, Electric:, घाटे, से, ग्रोथ, की, ओर, Ola, Electric, 500, करोड़, पर, आया, नुकसान, अब, बैटरी, विस्तार, पर, बड़ा, दांव</media:keywords>
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        <title>Rubal vs Dollar: ईरान&amp;अमेरिका युद्ध से रूस की हुई चांदी, तेल बिक्री से &amp;apos;रूबल&amp;apos; बनी नंबर&amp;1 करेंसी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/rubal-vs-dollar-ईरान-अमेरिका-युद्ध-से-रूस-की-हुई-चांदी-तेल-बिक्री-से-रूबल-बनी-नंबर-1-करेंसी</link>
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        <description><![CDATA[ Russian Rubal: ईरान और यूएस के बीच पिछले कई महीनों से युद्ध चल रहा है, जिसके चलते अन्य कई देशों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. लेकिन इसी बीच एक देश ऐसा भी है जिसकी चांदी ही चांदी हो रही है. ये देश है रशिया, जिसकी मुद्रा ईरान और अमेरिका के युद्ध की वजह से तेल बिक्री के कारण नंबर वन करेंसी बन गई है.
रूबल vs डॉलरब्लूमबर्ग के आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल की शुरुआत से अब तक रूबल करीब 12 प्रतिशत मजबूत होकर 72.6 प्रति डॉलर तक पहुंच गया है. ये फरवरी 2023 के बाद रूबल का सबसे मजबूत स्तर माना जा रहा है. लगातार दूसरे साल रूबल बाजार और सरकारी अनुमानों से उलट मजबूत बना हुआ है. पहले अनुमान लगाया जा रहा था कि रूस की मुद्रा कमजोर होगी, लेकिन मौजूदा हालात ने तस्वीर बदल दी है.
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सरकार की नीतियों ने दिया सहारारूस पर लगाए गए प्रतिबंधों और सरकार की सख्त मौद्रिक नीति ने भी रूबल को सहारा दिया है. रूस ने यूक्रेन युद्ध के दौरान भारी सरकारी खर्च को नियंत्रित करने के लिए ब्याज दरें ऊंची रखी हैं. इससे विदेशी मुद्रा की मांग कम हुई और रूबल मजबूत हुआ.
रूस के मंत्री बोले...रूस के अर्थव्यवस्था मंत्री मैक्सिम रेशेट्निकोव (Maxim Reshetnikov) ने हाल ही में कहा था कि मौजूदा आर्थिक मॉडल के कारण आने वाले सालों में भी रूबल मजबूत रह सकता है. वहीं अगर मिडिल ईस्ट में तनाव जारी रहता है और तेल की कीमतें बढ़ सकती है, तो रूबल और मजबूत होकर 65-70 प्रति डॉलर तक पहुंच सकता है.&amp;nbsp;
तो वहीं रूप से वित्त मंत्री एंटोन सिलुनॉय (Anton Siluanov) ने कहा है कि सरकार फिलहाल मजबूत रूबल को लेकर परेशान नहीं है, क्योंकि तेल से होने वाली आय अभी भी बजट जरूरतों को पूरा करने के लिए काफी है.
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        <pubDate>Thu, 21 May 2026 08:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Rubal, Dollar:, ईरान-अमेरिका, युद्ध, से, रूस, की, हुई, चांदी, तेल, बिक्री, से, रूबल, बनी, नंबर-1, करेंसी</media:keywords>
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        <title>स्टारबक्स में छंटनी, वाइस प्रेसिडेंट से लेकर मैनेजर तक की गई नौकरी, सैकड़ों कर्मचारियों की छुट्टी</title>
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        <description><![CDATA[ Starbucks Layoffs Update: इन दिनों बड़ी- बड़ी कंपनियों में छंटनी का दौर चल रहा. छंटनी का नाम सुनते ही अक्सर कर्मचारियों की रूह कांप उठती है. यह कर्मचारी के लिए बिल्कुल भी अच्छा नहीं होता है. ऐसे में दुनिया की सबसे बड़ी कॉफी हाउस और रोस्टरी चैन में शामिल &#039;स्टारबक्स&#039; कंपनी ने यूएस में छंटनी को लेकर बड़ा ऐलान किया है.&amp;nbsp;
यूएस में &amp;nbsp;बेक टू स्टारबक्स नीति के तहत, &amp;nbsp;सीईओ बरियन निकोल ने &#039;स्टारबक्स&#039; के करीब 100 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया है. वही, वेबसाइट लिवस्टीन ट्रिब्यून और सिट्ल्स ट्रिब्यून के मुताबिक, हाल ही में हुई छंटनी में करीब 252 कर्मचारियों को इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है. स्टारबक्स के मुताबिक, &amp;nbsp;कंपनी ने बीते सप्ताह करीब &amp;nbsp;300 से ज्यादा कर्मचारियों को निकालने का फैसला लिया था. जिसमें पद, प्रशासनिक असिसटेंट, मैनेजर और अन्य वाइस प्रेसेडिंट भी शामिल थे.&amp;nbsp;
कभी भी बढ़ सकता है LPG का दाम, जानिए आज आपके शहर में कितने का मिल रहा है गैस सिलेंडर
कर्मचारियों के ट्रांसफर और नई जगहों पर शिफ्टिंग की तैयारी
इसी के साथ सिएटल स्थित कॉफी चेन अपनी क्षेत्रीय सहायता सेवाओं को भी मजबूत कर रही है. जिसमें शिकागो, डल्लास, अटलांटा, बरबैंक और केलिफॉर्निया जैसे देशों का भी नाम शामिल है. साथ ही उन स्थानों पर कार्यरत कर्मचारियों को कही ओर दूसरी जगह ट्रांसफर कर दिया जाएगा.
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, &amp;nbsp;सिएटल, न्यू योर्क और नशविले में चल रही कंपनी अन्य चेन को स्पोर्ट कर रही है. जिसमें लीज पर दी हुई छह -छह मंजिला इमारत भी शामिल है. इसी के साथ यह छंटनी का सिलसिला 17 जुलाई से शुरू होकर 1 फरवरी तक चलेगा. &amp;nbsp;
कंपनी में छंटनी और कॉस्ट कटिंग पर बड़ा फैसला
गौरतलब है कि, &amp;nbsp;निकोल ने जब से कंपनी का जिम्मा लिया है. जब से बेक टू स्टारबक्स नीती के तहत कंपनी में मौजूदा हालात कर्मचारी का कम होना देखा जा रहा है. ऐसे में कंपनी अब कोस्ट कटिंग, ऑपरेशन और लंबे समय चलने वाली नीती को खास तौर पर देख रही है. &amp;nbsp;सिएटल टाइम्स के अनुसार, फरवरी 2025 से अब तक स्टारबक्स ने करीब वॉशिंगटन बेस्ड कंपनी ने दो हजार से ज्याद कर्मचारियों कंपनी से निकाल चुकी है. जिसमें स्टाफ, स्टोर, रिटेल और रोस्टेरी लोकेशन मौजूद है.
ऑनलाइन धोखाधड़ी से मिलेगा छुटकारा, RBI लागू करने जा रहा है नया डिजिटल सुरक्षा चक्र
सिएटल को दिए बयान में स्टारबक्स के प्रवक्ता ने कहा, यह फैसला कंपनी को मजबूत बनाने के लिए बेहद ही निर्णनायक कदम है. इससे कंपनी को अच्छी ग्रोथ मिलेगी और कंपनी में सही ढंग से काम हो सकेगा. बात करें हाल ही में कंपनी की कमाई की तो स्टारबक्स ने 9.5 बिलियन डोलर सेल्स के साथ करीब 511 मिलियन डोलर की कमाई की है. जो की एक साल का आंकड़ा है.
मिली जानकारी के मुताबिक, कंपनी ने अनुमान लगाया है कि उसकी आगामी योजनाओं पर करीब 400 मिलियन डॉलर की लागत आएगी. &amp;nbsp;जिसमें कर्मचारियों की छंटनी का खर्च और उसके रियल एस्टेट पोर्टफोलियो में बदलाव भी शामिल हैं.
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        <pubDate>Wed, 20 May 2026 15:30:14 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>स्टारबक्स, में, छंटनी, वाइस, प्रेसिडेंट, से, लेकर, मैनेजर, तक, की, गई, नौकरी, सैकड़ों, कर्मचारियों, की, छुट्टी</media:keywords>
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        <title>LPG Rate Today: कभी भी बढ़ सकता है LPG का दाम, जानिए आज आपके शहर में कितने का मिल रहा है गैस सिलेंडर</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/lpg-rate-today-कभी-भी-बढ़-सकता-है-lpg-का-दाम-जानिए-आज-आपके-शहर-में-कितने-का-मिल-रहा-है-गैस-सिलेंडर</link>
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        <description><![CDATA[ LPG Gas Cylinder Price Today: मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव का असर अब सिर्फ कच्चे तेल तक ही सीमित नहीं रहा है, बल्कि इसका दबाव LPG और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों पर भी देखा जा रहा है. इसी बीच भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम में दो बार बढ़ोतरी के बाद कई राज्यों में ईंधन के दाम भी बढ़ चुके हैं. ऐसे में अब लोगों के मन में सवाल है कि क्या LPG गैस सिलेंडर के दाम भी बढ़ गए हैं या नहीं?
देश में LPG सिलेंडर के रेट में बदलाव?
20 मई यानी आज बुधवार को घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. इंडेन के मुताबिक, 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर के दाम के अलग-अलग शहरों में पहले जैसे ही बने हुए हैं. अगर बात करें राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की तो यहां LPG सिलेंडर की कीमत 913 रुपये है और कमर्शियल LPG सिलेंडर 19 किलो वाला 3,071.50 है. वहीं देहरादून में यह 932 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर 3129 रुपये में मिल रहा है. अंडमान में घरेलू सिलेंडर 989 रुपये और कमर्शियल 3490 में बिक रहा है.
फिर बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम? यहां देखें दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद समेत अन्य शहरों के नए रेट्स
इंदौर में घरेलू सिलेंडर 941 है, जबकि रायपुर में यह 984.5 और कमर्शियल सिलेंडर 3294.5 में उपलब्ध है. पटना की बात करें तो यहां घरेलू गैस सिलेंडर 1002.50 तक पहुंच गया है. जयपुर में घरेलू LPG सिलेंडर 916. 5 और 19 किलो वाला कमर्शियल सिलेंडर 3099 में बिक रहा है. बेंगलुरु में घरेलू सिलेंडर 915.50 रुपये और हैदराबाद में 965 रुपये में मिल रहा है. उत्तर प्रदेश में 14.2 किलो घरेलू &amp;nbsp;सिलेंडर की कीमत करीब 900 रुपये से 950 के बीच बनी हुई है.
कमर्शियल सिलेंडर 3000 रुपये के पार
हालांकि, घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन 19 किलों वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत कई जगहों पर 3000 रुपये के पार पहुंच गई है, जिससे होटल और व्यापारिक सेक्टर पर असर देखा जा रहा है.
आने वाले समय में बढ़ सकते हैं दाम
अभी फिलहाल कीमतें स्थिर बनी हुई हैं, लेकिन आने वाले महीनों में LPG सिलेंडर के दाम बढ़ने की आशंका जताई जा रही है. इसकी मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की बढ़ती कीमतें हैं. मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और सप्लाई चेन पर पड़ रहे असर के चलते ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बनी हुई है. भारत की सरकारी तेल कंपनियां इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम हर महीने की पहली तारीक को LPG की कीमतों की समीक्षा करती हैं.
रॉकेट की रफ्तार पकड़ रहा सोना तो चांदी ने दी राहत की सांस, जानें आज का सोने- चांदी का भाव
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        <pubDate>Wed, 20 May 2026 15:30:14 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>LPG, Rate, Today:, कभी, भी, बढ़, सकता, है, LPG, का, दाम, जानिए, आज, आपके, शहर, में, कितने, का, मिल, रहा, है, गैस, सिलेंडर</media:keywords>
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        <title>Dollar vs Rupee: लगातार 9वें दिन रुपये का निकला दम, क्या डॉलर के मुकाबले आज हो गया 100 पार?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/dollar-vs-rupee-लगातार-9वें-दिन-रुपये-का-निकला-दम-क्या-डॉलर-के-मुकाबले-आज-हो-गया-100-पार</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/dollar-vs-rupee-लगातार-9वें-दिन-रुपये-का-निकला-दम-क्या-डॉलर-के-मुकाबले-आज-हो-गया-100-पार</guid>
        <description><![CDATA[ Dollar vs Rupee: रुपये में आज लगातार नौंवे सत्र में गिरावट आई है. डॉलर के मुकाबले रुपया आज 0.3 फीसदी गिर गया है. इसी के साथ रुपया 96.86 पर खुला और शुरुआती कारोबार में 41 पैसे गिरकर 96.96 तक चला गया. अब वो दिन दूर नहीं जब रुपया 97 पर होगा. इस गिरावट ने हर किसी को परेशान कर दिया है. इस गिरावट का ही परिणाम है कि आज रुपया सबसे कमजोर मुद्रा बन गया है.
क्यों गिरता जा रहा है रुपया?
FII लगातार भारतीय बाजार से अपना पैसा वापस निकाल रहे हैं, जिसकी वजह से रुपया कमजोर होता जा रहा है. इसके अलावा भारत अपनी जरूरतों के लिए कच्चा तेल आयात करता है और इस समय जैसी अंतराष्ट्रीय स्थिति है, उसकी वजह से ज्यादा डॉलर खर्च करने पड़ रहे हैं.&amp;nbsp;
कभी भी बढ़ सकता है LPG का दाम, जानिए आज आपके शहर में कितने का मिल रहा है गैस सिलेंडर
सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला मुद्रा
रुपया साल 2026 में एशिया की सबसे कमजोर और खराब प्रदर्शन करने वाली मुद्रा बन गया है. इस महीने अबतक इसमें 1.5 प्रतिशत और इस साल 7 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है. विदेशी मुद्रा कारोबारी और एक्टपर्ट्स का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि और होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से निर्यात और खाड़ी देशों से आयात में बाधा आने के कारण रुपये की स्थिति अब भी नाजुक बनी हुई है.
कैसे हो रहा आयात में नुकसान?लंबे समय से जारी अमेरिका-ईरान तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी बनी हुई है. इससे रुपया कमजोर हो रहा है और भारत का आयात बिल बढ़ रहा है. साथ ही चालू खाते का घाटा बढ़ने का खतरा गहरा गया है. अर्थशास्त्रियों का मानना है कि चालू वित्त वर्ष में भारत का चालू खाते का घाटा काफी बढ़ सकता है. मध्य पूर्व से आने वाले रेमिटेंस पर संभावित असर और भारत की आर्थिक वृद्धि को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच विदेशी निवेश प्रवाह कमजोर रहने की आशंका भी दबाव बढ़ा रही है.
स्टारबक्स में छंटनी, वाइस प्रेसिडेंट से लेकर मैनेजर तक की गई नौकरी, सैकड़ों कर्मचारियों की छुट्टी ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 20 May 2026 15:30:13 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>Dollar, Rupee:, लगातार, 9वें, दिन, रुपये, का, निकला, दम, क्या, डॉलर, के, मुकाबले, आज, हो, गया, 100, पार</media:keywords>
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        <title>Explained: क्या डॉलर के मुकाबले शतक पार कर जाएगा रुपया? 5 एक्सपर्ट्स की राय एक&amp;दूजे से जुदा, निचोड़ क्या निकला?</title>
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        <description><![CDATA[ भारतीय रुपया इस समय भारी दबाव में है और लगातार नए रिकॉर्ड निचले स्तर को छू रहा है. 19 मई 2026 को यह डॉलर के मुकाबले 96.52 के स्तर पर पहुंच गया, जो अब तक का सबसे निचला स्तर है. साल 2026 की शुरुआत में रुपया 89 के आसपास था, लेकिन अब तक यह 6-7% कमजोर हो चुका है. इस गिरावट के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारण हैं. ईरान और अमेरिका के बीच तनाव ने कच्चे तेल की कीमतों को 105-107 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंचा दिया है. भारत अपनी जरूरत का 85% तेल आयात करता है, ऐसे में तेल की बढ़ती कीमतों ने आयात बिल बढ़ा दिया है और डॉलर की मांग बढ़ गई है. दूसरी तरफ, विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) भारतीय बाजारों से पैसा निकाल रहे हैं. 2026 में अब तक 2.65 लाख करोड़ रुपए की निकासी हो चुकी है.
ऐसे में हर किसी के मन में एक ही सवाल है- क्या रुपया 100 के पार जाएगा? इसपर बात करते हुए कई एक्सपर्ट्स ने अपनी राय रखी है. आइए जानते हैं 5 एक्सपर्ट्स की राय, जिनमें 2 रुपये के 100 के पार जाने के पक्ष में हैं, 2 विपक्ष में और 1 न्यूट्रल राय रखते हैं...
पक्ष में: ये एक्सपर्ट्स मानते हैं कि रुपया 100 के पार जा सकता है
पूर्व UN सलाहकार और अर्थशास्त्री संतोष मेहरोत्रा ने ANI से बात करते हुए कहा, &#039;पिछले तीन महीनों में रुपया 90 के नीचे से गिरकर करीब 96 प्रति डॉलर पर आ गया है. इसका अपना मुद्रास्फीति पर असर होगा.&#039; उन्होंने आगे चेतावनी देते हुए कहा, &#039;अगर मौजूदा दबाव जारी रहता है, तो रुपया अगली तिमाही में बहुत आसानी से 100 रुपये प्रति डॉलर को छू सकता है.&#039; उनकी यह राय रुपये के 100 के पार जाने की संभावना को बल देती है.
करेंसी एक्सपर्ट के.एन. डे भी रुपये के 100 के पार जाने की संभावना से इनकार नहीं करते. ANI से बात करते हुए उन्होंने कहा, &#039;11 मई के बाद से रुपये में जिस रफ्तार से गिरावट आई है, उसने बाजार को चौंका दिया है, फिर भी रेगुलेटर और नॉर्थ ब्लॉक दोनों चुप हैं.&#039; उन्होंने आगे कहा, &#039;चूंकि कोई निचला स्तर नजर नहीं आ रहा है, इसलिए स्थिरता बिंदु का अनुमान लगाना महज अंदाजा है. 100 की ओर मनोवैज्ञानिक स्लाइड भी अब संभव है.&#039; उनका बयान बाजार में अचानक हो रही उथल-पुथल और गिरावट की तेज रफ्तार को बयान करता है.
विपक्ष में: ये एक्सपर्ट्स जल्द ही 100 का आंकड़ा पार होने की संभावना नहीं मानते
फाइनेंस एनालिस्ट और FX स्ट्रैटेजिस्ट धीरज निम का मानना है कि RBI रुपये को जल्द ही 100 के स्तर तक नहीं पहुंचने देगा. उन्होंने एक टीवी चैनल से बातचीत में कहा, &#039;हमें नहीं लगता कि RBI फिलहाल रुपये को 100 के स्तर तक जाने देगा.&#039; ANZ रिसर्च को उम्मीद है कि रुपया साल के अंत तक 97.5 प्रति डॉलर पर रहेगा, जो मौजूदा स्तरों से कमजोर होने के बावजूद 100 के आंकड़े से दूर रहने का संकेत है.
हेड ऑफ FX और EM मैक्रो स्ट्रैटेजी एशिया (बार्कलेज) मितुल कोटेचा ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया, &#039;यह हमारा पूर्वानुमान नहीं है कि रुपया 100 रुपए प्रति डॉलर को छुएगा.&#039; हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि रुपये के डेप्रिसिएशन की रफ्तार उनके अनुमान से कहीं ज्यादा तेज और चौंकाने वाली रही है. उन्होंने कहा, &#039;हम पहले ही उन स्तरों को पार कर चुके हैं जिन्हें पहले मंदी का पूर्वानुमान माना जाता था.&#039; फिर भी, उन्होंने साफ कहा है कि 100 का स्तर उनके आधिकारिक पूर्वानुमान में शामिल नहीं है.
न्यूट्रल: यह एक्सपर्ट नियंत्रित गिरावट को चिंता की बात नहीं मानते
कोटक महिंद्रा एसेट मैनेजमेंट कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर निलेश शाह रुपये के 100 के पार जाने को लेकर एक संतुलित नजरिया रखते हैं. ANI को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, &#039;एक दिन हम रुपये को तीन अंकों में जाते देखेंगे? काफी संभावना है.&#039; हालांकि, उनका जोर इस बात पर है कि यह गिरावट कैसे होती है. उन्होंने कहा, &#039;अगर यह व्यवस्थित डेप्रिसिएशन है, तो यह सुनिश्चित करता है कि हमारी अर्थव्यवस्था मुकाबला करती रहे.&#039; उनका मानना है कि &#039;विदेशी मुद्राओं की तुलना में रुपया गिरता रहता है&#039; और अगर यह बड़े बदलाव के बिना और व्यवस्थित तरीके से होता है तो यह चिंता की बात नहीं है, बल्कि अर्थव्यवस्था को मुकाबले में बनाए रखने के लिए एक तालमेल बैठाना है.
रुपए की गिरावट के बीच RBI की भूमिका अहम
रुपया 100 के पार जाएगा या नहीं, यह काफी हद तक तेल की कीमतों और विदेशी निवेश के रुख पर निर्भर करेगा. अगर पश्चिम एशिया में तनाव कम होता है, तो रुपया 92-93 के स्तर तक वापस आ सकता है. वहीं, RBI के पास अभी भी लगभग 700 बिलियन डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार है, जिसके दम पर वह रुपये में अत्यधिक उतार-चढ़ाव को रोक सकता है. हालांकि, अगर वैश्विक हालात और बिगड़ते हैं, तो 100 का मनोवैज्ञानिक स्तर एक वास्तविक संभावना बन सकता है.
फिलहाल, एक्सपर्ट्स की राय बंटी हुई है, लेकिन सभी इस बात पर सहमत हैं कि आने वाले महीने भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं. ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 20 May 2026 15:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Petrol&amp;Diesel News: 2026 में 2 बार और 2022 में 13 बार बढ़े थे पेट्रोल&amp;डीजल के दाम, आखिरी बार कब हुआ था सस्ता?</title>
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        <description><![CDATA[ Petrol-Diesel Price: यूएस और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का असर वैश्विक स्तर पर देखने को मिल रहा है, जिसके चलते होर्मुज ब्लॉक है और कच्चे तेल का आयात इससे प्रभावित हो रहा है. दो महीनों से भारत में भी तेल और गैस की किल्लत देखने को मिल रही है. ना केवल किल्लत बल्कि हाल ही में पेट्रोल-डीजल और CNG की कीमतों में भी वृद्धि हुई है. लेकिन क्या आपको याद है कि आखिर बार पेट्रोल की कीमतें कब कम हुई थीं?
2026 में दो बार बढ़ी कीमतेंसाल 2026 की शुरुआत ही मिडिल ईस्ट के तनाव के साथ हुई है. जिसके बाद से ही आम जनता समेत हर शख्स ही इस भय में था कि ये युद्ध इसी तरह जारी रहा तो तमाम देशों की अर्थव्यवस्थाएं भी गड़बड़ा जाएंगी. ऐसा ही देखने को भी मिल रहा है. 15 मई को पेट्रोल-डीजल की कीमतों में करीब 3 रुपये का इजाफा हुआ है. जिसमें पेट्रोल की कीमत 3 रुपये 14 पैसे बढ़ी है, तो वहीं डीजल की कीमत 3 रुपये 11 पैसे बढ़ी है. जिसके चार दिन बाद यानी 19 मई को ही एक बार फिर से पेट्रोल- डीजल की कीमतों में करीब 90 पैसे प्रति लीटर के हिसाब से वृद्धि हुई है.
ये भी पढ़ें: Petrol Diesel Price: और महंगा होगा पेट्रोल-डीजल, किस्तों में क्यों बढ़ रहे दाम? तेल कंपनियों ने बताया अपना फॉर्मूला
2022 में 13 बार बढ़े दामफिलहाल तेल बाजार में जैसी उथल- पुथल देखने को मिल रही है, उसे देखते हुए लग रहा है कि 2022 का दौर दोबारा से आने वाला है. जिस तरह से महज चार दिनों में ही पेट्रोल- डीजल के दाम बढ़े हैं, उसी तरह साल 2022 में पेट्रोल डीजल की कीमतों में कुल 13 बार इजाफा हुआ था. उस समय रूस और यूक्रेन के बीच चले युद्ध की वजह से तेल बाजार में काफी अफरा- तफरी मची थी और कच्चे तेल की कीमतें भी बढ़ गई थी.
जिसके बाद भारत सरकार ने भी महज 15 दिनों के अंदर ही 13 बार पेट्रोल- डीजल की कीमतें बढ़ाई थीं. इस दौरान मार्च से अप्रैल के बीच 10 दिनों तक हर रोज 80 पैसा प्रति लीटर के हिसाब से दाम बढ़ाए गए थे. जिसके बाद कयास लगाए जा रहे हैं 2022 का दौर दोबारा लौट सकता है. क्योंक फिलहाल एक्सपर्ट्स भी बता रहे हैं कि धीरे- धीरे करके ईंधर की कीमतें और भी बढ़ने वाली हैं.
ये भी पढ़ें: Cheapest Gold Price: दुनिया के इन 10 देशों में मिलता है सबसे सस्ता सोना, जानें इस लिस्ट में कितने नंबर पर है भारत
कब हुआ था पेट्रोल- डीजल सस्ता?पेट्रोल- डीजल की कीमतों में अब तक केवल बढ़ोतरी पर लोगों की नजर है. साल 2022 के बाद सीधे अब यानी 2026 में ईंधन के दाम बढ़ रहे हैं. लेकिन क्या आपको याद है कि साल 2024 में इनकी कीमतें कम हुई थीं. दरअसल 15 मार्च 2024 में सरकार की तरफ से पेट्रोल- डीजल की कीमतो में 2 रुपये की कटौती की गई थी. जिसके बाद दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 94.72 रुपये और डीजल की कीमत 87.62 रुपये हो गई थीं.&amp;nbsp;बता दें कि साल 2026 में अब तक पेट्रोल कीमत में 4 रुपये और डीजल की कीमतों में 3 रुपए 94 पैसे का इजाफा हुआ है. जिसके बाद दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 98.64 रुपये और डीजल की कीमत 91.58 रुपये हो गई है. इसका सीधा असर जनता की जेब पर पड़ रहा है. हालांकि कयास लगाए जा रहे हैं कि आने वाले दिनों में पेट्रोल- डीजल की कीमतों में और भी ज्यादा इजाफा हो सकता है. ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 19 May 2026 23:30:15 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Explained: रोजाना 80 लाख बिक्री और 1.6 करोड़ कमाई! मुंबई की पहचान &amp;apos;वड़ा पाव&amp;apos; का महंगा होना नॉर्मल क्यों नहीं? कितना बड़ा असर</title>
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        <description><![CDATA[ मुंबई और वड़ा पाव का रिश्ता कोई नाजुक रिश्ता नहीं है. ये वो स्नैक है, जो मुंबई की रफ्तार का ईंधन है, मजदूर का पेट भरने वाला सहारा है और करोड़पति बिजनेसमैन की भी कमजोरी. लेकिन इन दिनों मुंबईकरों के लिए एक बुरी खबर है. उनका अपना वड़ा पाव अब उनकी जेब पर पहले से ज्यादा भारी पड़ने लगा है. शहर में पिछले कुछ हफ्तों में वड़ा पाव की कीमत में इजाफा हुआ है, जिसके चलते ये सस्ता और पेट भरने वाला स्नैक अब 25 से 30 रुपए तक पहुंच गया है. पहले जो वड़ा पाव 15 से 20 रुपए में मिलता था, अब उसके लिए ज्यादा जेब ढीली करनी पड़ रही है. लेकिन तेल-गैस और अन्य चीजों के दाम बढ़ने पर इतनी तेज चर्चा नहीं हुई, जितना वड़ा पाव पर हो रही, क्यों?
सिर्फ पांच रुपये की बढ़ोतरी नहीं, मुंबई की &#039;लाइफलाइन&#039; पर चोट
ये महज 5 से 10 रुपये की बढ़ोतरी नहीं है, बल्कि ये उस अर्थव्यवस्था और भावना पर चोट है, जो करोड़ों मुंबईकरों को रोज जोड़ती है. गौरतलब है कि कमर्शियल LPG गैस सिलेंडर की कीमतों में जबरदस्त बढ़ोतरी और कच्चे माल के दाम आसमान छूने की वजह से ये संकट खड़ा हुआ है. पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और उससे प्रभावित ईंधन आपूर्ति ने स्थिति को और भी गंभीर बना दिया है. नतीजा ये हुआ कि 2026 की शुरुआत में ही वड़ा पाव विक्रेताओं ने इसकी कीमत 5 रुपए तक बढ़ा दी.
मार्च 2026 में आई FPJ की रिपोर्ट के मुताबिक, कई इलाकों में वड़ा पाव 25 रुपए प्रति पीस बिकने लगा था. अब ताजा रिपोर्ट्स बताती हैं कि ये कीमत 25 से 30 रुपए तक पहुंच गई है. LPG संकट के चलते खाने-पीने की चीजों के दामों में 10 से 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. ब्रेड के दाम में 5 रुपये तक का इजाफा हुआ है, जिसका सीधा असर वड़ा पाव, मिसल पाव और सैंडविच जैसे स्नैक्स पर पड़ा है.
क्यों बढ़ रहे हैं वड़ा पाव के दाम?
वड़ा पाव की बढ़ती कीमतों के पीछे सिर्फ एक नहीं, बल्कि कई बड़ी वजहें हैं:

पिछले कुछ महीनों में कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है. इसकी वजह से बड़ी संख्या में छोटे होटल और स्ट्रीट फूड विक्रेता या तो बंद होने की कगार पर हैं या फिर उन्होंने अपने मेन्यू से कई चीजें हटा दी हैं. मुंबई के एक उपनगर में वड़ा पाव की दुकान चलाने वाले बबन यादव ने पाव की कीमत बढ़ने की वजह से वड़ा पाव के दाम 3 रुपए बढ़ा दिए हैं. उन्होंने समोसा तलना तक बंद कर दिया है.
खाद्य तेल की कीमतों में 30 से 40 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी हुई है. बेसन, आलू और मिर्च जैसे कच्चे माल के दाम भी बढ़ गए हैं, जिससे व्यापारियों को भारी घाटा सहना पड़ रहा है.
BMC ने बेकरियों में लकड़ी और कोयले के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है, जिससे पाव के उत्पादन की लागत में और इजाफा होने की आशंका है. इस फैसले के विरोध में बेकरी एसोसिएशन का कहना है कि इससे पाव की कीमत 3 रुपए से बढ़कर 5 रुपए प्रति पीस तक हो सकती है, जिसका सीधा असर वड़ा पाव की कीमत पर पड़ेगा.

ये सिर्फ शुरुआत है. LPG की कमी ने मुंबई की बेकरी इंडस्ट्री को घुटनों पर ला दिया है. शहर की 1200 बेकरियों में से लगभग 600 बेकरियां रोजाना करीब 32 लाख पाव का उत्पादन करती हैं. लेकिन गैस की कमी की वजह से ये बेकरियां बंद होने के कगार पर हैं, जिससे पूरी सप्लाई चेन पर खतरा मंडरा रहा है.
रोजाना कितने लोग खाते हैं वड़ा पाव और कितना बड़ा है ये कारोबार?
वड़ा पाव मुंबई की अर्थव्यवस्था का एक बड़ा और मजबूत हिस्सा है, हालांकि इसका कोई एक आधिकारिक आंकड़ा नहीं है. FPJ की रिपोर्ट के मुताबिक, शहर में रोजना करीब 10,000 से 20,000 लोग वड़ा पाव खाते हैं. एक अनुमान के मुताबिक, मुंबई में वड़ा पाव की लगभग 5,000 स्टॉल्स हैं. वहीं, फूड एंड वाइन की रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में 20,000 से भी ज्यादा वड़ा पाव के स्टॉल हैं. इस अनौपचारिक उद्योग से रोजाना लगभग 1.6 करोड़ रुपये का कारोबार होता है.
फूड एंड वाइन की रिपोर्ट बताती है कि शहर की रोजाना पाव की खपत 80 लाख से ज्यादा है, जिसमें से करीब 60 लाख पाव स्ट्रीट वेंडर्स और खाने-पीने की दुकानों पर सप्लाई होते हैं. गोली वड़ा पाव जैसे बड़े ब्रांड रोजाना 70,000 से ज्यादा वड़ा पाव बेचते हैं. मुंबई उपनगरीय रेलवे के 70 लाख से ज्यादा यात्रियों के लिए वड़ा पाव एक सस्ता और जल्दी मिलने वाला आहार है, जो उनकी दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है. वहीं, BMS.CO.IN की रिपोर्ट &#039;माय मुंबई एंड माय वड़ा पाव&#039; के मुताबिक, मुंबई में रोजाना 1 लाख वड़ा पाव खाए जाते हैं.
एक वड़ा पाव से कितने परिवारों का चलता है घर?
वड़ा पाव ने अनगिनत परिवारों की आजीविका का जरिया बनकर उन्हें आर्थिक स्वतंत्रता दिलाई है. एक छोटी सी रेहड़ी लगाने वाले से लेकर बड़े ब्रांड तक, ये स्नैक लाखों लोगों को रोजगार देता है. &#039;माय मुंबई एंड माय वड़ा पाव&#039; रिपोर्ट के मुताबिक, सेटअप का खर्च 50,000 रुपये से लेकर 5,00,000 रुपये तक हो सकता है, लेकिन सही जगह और स्वाद होने पर मुनाफा तुरंत शुरू हो जाता है. एक वेंडर रोजाना 500 से 1000 वड़ा पाव तक बेच लेता है. एक वेंडर हर वड़ा पाव पर करीब 8 रुपये बचाता है, जो दिनभर में अच्छी-खासी कमाई बन जाती है.
कुछ मशहूर स्टॉल्स की कमाई सुनकर आप हैरान रह जाएंगे. कई वेंडर्स महीने के 2.8 लाख रुपये तक कमा लेते हैं, जो कि किसी बड़ी IT कंपनी की नौकरी से भी ज्यादा है. सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें एक वड़ा पाव विक्रेता ने बताया कि वो सालाना 24 लाख रुपये तक कमा लेता है, जो सुनकर कई बड़ी नौकरी वाले भी हैरान रह गए.
मुंबई की मशहूर &#039;अशोक वड़ा पाव&#039; की दुकान हर महीने 30 लाख रुपये का कारोबार करती है. ये दुकान, जो अब तीसरी पीढ़ी चला रही है, इस बात का सबूत है कि वड़ा पाव किस तरह एक परिवार की तकदीर बदल सकता है. एक अनुमान के मुताबिक, मुंबई में करीब 2 लाख डिलीवरी वर्कर रोजाना साइकिल और मोटरसाइकिल से ताजा पाव की सप्लाई करते हैं. ये दर्शाता है कि इस एक स्नैक से जुड़ी सप्लाई  ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 19 May 2026 23:30:14 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>Explained:, रोजाना, लाख, बिक्री, और, 1.6, करोड़, कमाई, मुंबई, की, पहचान, वड़ा, पाव, का, महंगा, होना, नॉर्मल, क्यों, नहीं, कितना, बड़ा, असर</media:keywords>
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        <title>Investment by Rich: अमीरों का सीक्रेट, म्यूचुअल फंड छोड़ अब कहां पैसा लगा रहे हैं भारत के रईस? सीखें निवेश</title>
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        <description><![CDATA[ Investment Tips: पिछले दो सालों में भारत के अमीर निवेशकों यानी 10 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति वाले का रुझान म्युचुअल फंड और रियल एस्टेट से हटकर वैकल्पिक निवेश कोष (AIF), विशेषकर SME-केंद्रित फंड्स की तरफ तेजी से बढ़ा है. इस खबर में आपको यह बताएंगे कि&amp;nbsp;म्यूचुअल फंड के अलावा आप किन जगहों पर अपने पैसों को निवेश कर सकते हैं.&amp;nbsp;
म्युचुअल फंड बनाम AIF की सीमाएं
दरअसल, म्युचुअल फंड ने खुदरा निवेशकों को अनुशासन देने का काम किया है. तो वहीं, दूसरी तरफ सेबी (SEBI) के नियमों की वजह से ही वे किसी एक बेहतरीन माइक्रो-कैप कंपनी में बड़ा दांव नहीं लगा सकते हैं. इतना ही नहीं, यह बड़े निवेशकों के लिए एक &#039;स्पीड लिमिटर&#039; की तरह का काम करता है. हांलाकि, इसके विपरीत, कैटेगरी I और III AIF फंड प्रबंधकों को कम शेयरों, उच्च दृढ़ता और गहन शोध के साथ एक केंद्रित पोर्टफोलियो बनाने की अनुमति देते हैं. तो वहीं, &amp;nbsp;इसकी न्यूनतम निवेश सीमा 1 करोड़ रुपये है, जो इसे बेहद ही खास बनाता है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Tue, 19 May 2026 23:30:13 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>Investment, Rich:, अमीरों, का, सीक्रेट, म्यूचुअल, फंड, छोड़, अब, कहां, पैसा, लगा, रहे, हैं, भारत, के, रईस, सीखें, निवेश</media:keywords>
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        <title>Inspiring Story: 5000 की नौकरी छोड़ खड़ा किया 48 करोड़ का बिजनेस, आपको हैरान कर देगी इस महिला की कहानी</title>
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        <description><![CDATA[ Who is Nayana Vaidya: एक समय था जब भारत की महिलाओं को पढ़ने-लिखने का कोई अधिकार नहीं था. तो वहीं, आज का समय है जहां लड़कियों को न सिर्फ पढ़ाया जा रहा बल्कि पढ़-लिखकर वह खुद का बिज़नेस भी शुरू कर रही हैं. कुछ ऐसी ही कहानी है नयना वैद्य की. जिन्होंने अपनी 5 हजार रुपये की नौकरी छोड़कर 48 करोड़ का बिजनेस खड़ा कर हर किसी को पूरी तरह से हैरान कर दिया है. आज वह हर महिला के लिए एक प्रेरणादायक बन चुकी हैं.&amp;nbsp;
आखिर कौन हैं नयना वैद्य?&amp;nbsp;
यह प्रेरणादायक कहानी नयना वैद्य की है, जिन्होंने कभी केवल 5 हजार रुपये की मामूली सैलरी से अपने करियर की शुरुआत की थी और आज वह 48 करोड़ के बिजनेस की मालकिन हैं. &#039;ओम साई सर्जिकल्स&#039; (Om Sai Surgicals) नाम की हेल्थकेयर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी चलाने वाली नयना वैद्य ने हाल ही में &#039;करोड़ क्लब&#039; (Crore Club) पॉडकास्ट पर अपने जीवन के सफर के बारे में शेयर किया. जहां, उन्होंने बिजनेस में आए उतार चढ़ाव के बारे में भी जिक्र किया.&amp;nbsp;
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&quot;खुशी काम करने में है, पैसे में नहीं&quot;
पॉडकास्ट के दौरान नयना ने जानकारी देते हुए बताया कि इस साल मार्च के महीने में उनकी कंपनी का टर्नओवर लगभग 48 करोड़ रुपये का था. जिसको लेकर उन्होंने यह भी कहा कि इतनी बड़ी सफलता के बाद वह आज भी उनके पैर जमीन पर ही है. जिसको लेकर उन्होंने आगे बताया कि &quot;मुझे इस बात को लेकर कोई बहुत बड़ा घमंड या गर्व महसूस नहीं होता, क्योंकि सफर अभी भी जारी है, &quot;खुशी काम करने में है, पैसे में नहीं&quot;.
5,000 से 48 करोड़ तक का शानदार सफर
साल 1997 में नयना वैद्य एक फार्मास्युटिकल (दवा) कंपनी में सेल्स रिप्रेजेंटेटिव के रूप में काम किया करतीं थी. जिसपर उन्होंने पुरानी यादों को ताजा करते हुए बताया कि &amp;nbsp;&quot;1997 में उस फार्मा कंपनी में मेरी मासिक सैलरी करीब 5 हजार रुपये थी. उन्होंने आगे कहा कि &quot;जॉनसन एंड जॉनसन ने मेरे पति को एक डीलरशिप का शानदार ऑफर दिया था. क्योंकि मैंने शादी से पहले फार्मेसी की पढ़ाई की थी, इसलिए मेरे पास इस बिजनेस के लिए जरूरी लाइसेंस और योग्यताएं मौजूद थीं. इसके साथ ही उन्होंने आगे कहा कि इस तरह हम दोनों ने मिलकर इस डीलरशिप को हासिल किया और अपने सपनों को उड़ान देने के बारे में योजना बनाना शुरू कर दिया.&amp;nbsp;
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यहां जानें उनकी नेटवर्थ और पहली कमाई
हांलाकि, जब पॉडकास्ट में नयना से उनकी कुल संपत्ति (Net Worth) के बारे में पूछा गया तो उन्होंने सीधा आंकड़ा बताने से पूरी तरह से इंकार कर दिया. जिसपर उन्होंने आगे बताया कि &quot;मैंने जितना भी कमाया है, उससे मैं एक बहुत ही आरामदायक जीवन जी पा रही हूं और अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा देने में सक्षम रही हूं&quot;. इतना ही नहीं,&amp;nbsp;
लेकिन, उन्होंने यह जरूर बताया कि साल 2010 के आसपास अपना पहला करोड़ रुपया कमाया था. इसके साथ ही उन्होंने अपने बिजनेस की शुरुआत साल 2000 में की थी, यानी कंपनी शुरू करने के पूरे एक दशक बाद वे इस मुकाम पर पहुंच गईं थीं.&amp;nbsp;
इतना ही नहीं, आज के समय में नयना को अपनी संपत्तियों से किराए की आय भी मिलती है. इसके अलावा साल 2019 में उन्होंने एक घर खरीदने के लिए होम लोन लिया था, जिसकी कीमत आज बढ़कर 4 करोड़ रुपये हो चुकी है. उनकी यह कहानी दर्शाती है कि सही योग्यता, कड़ी मेहनत और निरंतर कोशिश से किसी भी बड़े लक्ष्य को आसानी हासिल किया जा सकता है.&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 19 May 2026 23:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Online Fraud: ऑनलाइन धोखाधड़ी से मिलेगा छुटकारा, RBI लागू करने जा रहा है नया डिजिटल सुरक्षा चक्र</title>
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        <description><![CDATA[ Online Scams and RBI: डिजिटल पेमेंट ने जहां काम को बेहद ही आसान बना दिया है तो वहीं, दूसरी तरफ भारत में तेजी से बढ़ते साइबर अपराध ने लोगों को जीना मुश्किल कर रखा है. ऐसे में अब भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) एक बेहद ही सख्त कदम के साथ-साथ आधुनिक सिस्टम पर तेजी से काम कर रहा है. जहां, इस नई पहल के तहत अब हर डिजिटल बैंक डिपॉजिट और ट्रांजैक्शन को एक रिस्क स्कोर (Risk Score) दिया जाएगा.&amp;nbsp;
म्यूल अकाउंट्स पर कसेगा शिकंजा
आपमें से बेहद ही कम लोगों को इस बारे में जानकारी होगी कि साइबर अपराधी ज्यादातर धोखाधड़ी का पैसा छिपाने के लिए दूसरों के बैंक खातों का इस्तेमाल करते हैं, जिसे दूसरे शब्दों में म्यूल अकाउंट्स (Mule Accounts) भी कहा जाता है. इस पर शिकंजा कसने के लिए रिजर्व बैंक इनोवेशन हब (RBIH) ने केंद्र सरकार के साथ मिलकर mulehunter.ai नाम की खास तरह की एआई (AI) टूल को विकसित किया है. जो एडवांस्ड मशीन लर्निंग (ML) एल्गोरिदम पर पूरी तरह से काम करता है. इस टूल के माध्यम से संदिग्ध खातों को पकड़ने में बेहद ही आसानी हो जाएगी.&amp;nbsp;
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अब IDPIC संभालेगा कमान
इसके अलावा इस पूरे सुरक्षा के संचालन की जिम्मेदारी IDPIC (Indian Digital Payment Intelligence Corporation) को फिलहाल सौंपी गई है. जहां, साइबर अपराधियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले संदिग्ध खातों की एक &#039;साझा रजिस्ट्री&#039; को सबसे पहले तैयार किया जाएगा. इतना ही नहीं, देश के दो बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में इस एआई टूल (AI Tool) का पायलट परीक्षण (Pilot Test) किया जा चुका है, जिसके बाद से इसके अच्छे खासे परिणाम भी देखने को मिल रहे हैं.&amp;nbsp;
Dollar, रुपया और बाथ जानें क्यों होती है हर देश की करेंसी की वैल्यू अलग? अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ता है असर
तो वहीं, दूसरी तरफ RBI सभी बैंकों को इस आधुनिक तकनीक को अपनाने के लिए लगातार प्रोत्साहित कर रहा है ताकि पूरे भारतीय बैंकिंग ढांचे को साइबर हमलों से जितना जल्दी हो सके उतनी जल्दी सुरक्षित किया जा सके.&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 19 May 2026 23:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Dollar, रुपया और बाथ जानें क्यों होती है हर देश की करेंसी की वैल्यू अलग? अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ता है असर</title>
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        <description><![CDATA[ Currency Value: भारतीय रुपये की वैल्यू वैश्विक स्तर पर काफी नीचे गिर गई है. तो वहीं डॉलर की कीमत बढ़ गई है. ये खबर आम जनता के लिए काफी परेशान करने वाली है, क्योंकि इससे देश में महंगाई बढ़ जाएगी. वैसे दुनिया के हर देश की अपनी अलग मुद्रा यानी करेंसी होती है. कहीं डॉलर चलता है, कहीं रुपया, तो कहीं दिनार या पाउंड. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि किसी देश की करेंसी की कीमत ज्यादा और किसी की कम क्यों होती है?
क्यों होती है करेंसी वैल्यू अलग- अलग?असल में किसी भी करेंसी की वैल्यू उस देश की अर्थव्यवस्था, व्यापार, महंगाई और दुनिया में उसके भरोसे पर निर्भर करती है. जब एक देश की मुद्रा दूसरे देश की मुद्रा के मुकाबले खरीदी या बेची जाती है, तब उसका एक्सचेंज रेट तय होता है.
उदाहरण के लिए: 1 अमेरिकी डॉलर की कीमत 96.283 भारतीय रुपये के बराबर है, जबकि 1 कुवैती दिनार की कीमत भारतीय रुपये से काफी ज्यादा है. इसका मतलब ये नहीं कि कोई देश गरीब या अमीर है, बल्कि उसकी मुद्रा की मांग और सप्लाई अलग होती है.
ये हैं करेंसी की वैल्यू अलग होने के बड़े कारणहर एक देश की करेंसी की वैल्यू अलग- अलग होने के कई कारण हो सकते हैं. जिनकी एक लिस्ट हमने आपके लिए तैयार की है. यहां जानें ये वजहे:

इसका सबसे बड़ा खेल अर्थव्यवस्था की ताकत का होता है. जिस देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होती है, उसकी करेंसी पर लोगों का भरोसा ज्यादा होता है. जैसे कि US की अर्थव्यवस्था मजबूत मानी जाती है, इसलिए अमेरिकी डॉलर की मांग दुनियाभर में रहती है.
अगर किसी देश में महंगाई बहुत ज्यादा बढ़ती है, तो वहां की करेंसी कमजोर होने लगती है. क्योंकि लोगों की खरीदने की क्षमता घट जाती है. जैसे इन दिनों भारत की करेंसी थोड़ी कमजोर हुई है.
देश का केंद्रीय बैंक अगर ब्याज दर बढ़ाता है, तो विदेशी निवेश बढ़ सकता है. इससे उस देश की करेंसी की मांग बढ़ती है और वैल्यू मजबूत हो सकती है.
जो देश ज्यादा सामान निर्यात करता है, वहां विदेशी मुद्रा ज्यादा आती है. इससे उसकी करेंसी मजबूत हो सकती है.
अगर किसी देश में राजनीतिक स्थिरता और अच्छी नीतियां हों, तो निवेशक वहां पैसा लगाना पसंद करते हैं. इससे करेंसी मजबूत रहती है.
जिस देश के पास ज्यादा विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserve) होता है, उसकी करेंसी पर दबाव कम रहता है.

हालांकि ये बता दें कि महंगी करेंसी का मतलब हमेशा अमीर देश नहीं होता. कई बार देश अपनी मुद्रा को जानबूझकर कमजोर रखते हैं ताकि उनका सामान विदेशों में सस्ता बिके और निर्यात बढ़ सके. दुनिया की सबसे मजबूत मुद्राओं में कुवैत का कुवैती दिनार, बहराइन का बहरीन दिनार और यूनाइटेड किंगडम का पाउंड स्टर्लिंग शामिल हैं. आसान शब्दों में कहें तो जिस करेंसी पर दुनिया का भरोसा ज्यादा होगा, उसकी कीमत भी उतनी ही मजबूत होगी. ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 19 May 2026 11:30:21 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Dollar, रुपया, और, बाथ, जानें, क्यों, होती, है, हर, देश, की, करेंसी, की, वैल्यू, अलग, अर्थव्यवस्था, पर, कैसे, पड़ता, है, असर</media:keywords>
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        <title>पंखा&amp;बल्ब तो क्या, घर बंद हो तब भी देना पड़ेगा बिजली बिल! लागू हुआ ये प्रस्ताव तो ढीली हो जाएगी जेब</title>
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        <description><![CDATA[ Electricity News: पेट्रोल, डीजल और CNG के बढ़ते दामों से पहले ही आम आदमी परेशान है. अब बिजली बिल को लेकर भी बड़ा झटका लग सकता है. केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) ने ऐसा प्रस्ताव दिया है, जिसके लागू होने पर लोगों को हर महीने ज्यादा फिक्स चार्ज देना पड़ सकता है. यानी अगर आपके घर में पंखा-बल्ब तक न चले, घर पर ताला लगा हो, तब भी बिजली बिल का एक हिस्सा भरना ही पड़ेगा.&amp;nbsp;
आखिर क्या है पूरा मामला?
अभी बिजली बिल दो हिस्सों में आता है. पहला- जितनी यूनिट बिजली खर्च हुई उसका चार्ज और दूसरा- फिक्स चार्ज. फिक्स चार्ज वह रकम होती है, जो हर महीने तय होती है, चाहे बिजली कम इस्तेमाल हो या ज्यादा. अब CEA चाहता है कि इस फिक्स चार्ज को बढ़ाया जाए ताकि बिजली कंपनियों को होने वाले नुकसान की भरपाई हो सके. रिपोर्ट के मुताबिक बिजली कंपनियों का बड़ा खर्च बिजली नेटवर्क, ट्रांसमिशन लाइन, कर्मचारियों की सैलरी और रखरखाव पर होता है. लेकिन उनकी कमाई का छोटा हिस्सा ही फिक्स चार्ज से आता है.
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घर बंद हो तब भी देना होगा पैसा
इस प्रस्ताव का सबसे बड़ा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है. अगर यह नियम लागू हो जाता है, तो कम बिजली खर्च करने वालों को भी हर महीने मोटा फिक्स चार्ज देना पड़ सकता है. मान लीजिए कोई व्यक्ति नौकरी या छुट्टियों के कारण एक महीने घर से बाहर है. अभी तक उसका बिल कम आता था क्योंकि बिजली खर्च नहीं हुई. लेकिन नए सिस्टम में घर बंद होने के बावजूद फिक्स चार्ज देना पड़ेगा. यही वजह है कि लोग इसे नो यूज, फिर भी बिल वाला सिस्टम कह रहे हैं.
आखिर बिजली कंपनियों को क्यों पड़ रही जरूरत?
दरअसल, देश में तेजी से रूफटॉप सोलर का इस्तेमाल बढ़ रहा है. बड़ी संख्या में लोग अपनी छतों पर सोलर पैनल लगाकर खुद बिजली बना रहे हैं. इससे बिजली कंपनियों से खरीदी जाने वाली बिजली कम हो रही है. CEA का कहना है कि कंपनियों को फिर भी पूरा नेटवर्क तैयार रखना पड़ता है, क्योंकि जरूरत पड़ने पर यही उपभोक्ता सरकारी ग्रिड का इस्तेमाल करते हैं. ऐसे में कंपनियों की कमाई घट रही है लेकिन खर्च कम नहीं हो रहा.
किस पर कितना असर पड़ेगा?
प्रस्ताव के मुताबिक घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं के लिए फिक्स चार्ज को कुल लागत का 25 फीसदी तक बढ़ाया जा सकता है. वहीं फैक्ट्री, मॉल और बड़े कमर्शियल उपभोक्ताओं के लिए इसे 2030 तक 100 फीसदी तक ले जाने की बात कही गई है. यानी आने वाले समय में बिजली बिल का बड़ा हिस्सा &amp;ldquo;फिक्स&amp;rdquo; हो सकता है और यूनिट खर्च का हिस्सा कम.
पेट्रोल-डीजल के फिर बढ़ेंगे दाम! अब भी कंपनियों को हो रहा 750 करोड़ का नुकसान, सरकार का आया बयान
मध्यम वर्ग की बढ़ सकती है टेंशन
पहले ही महंगाई, EMI और रोजमर्रा के खर्च से परेशान मध्यम वर्ग के लिए यह प्रस्ताव चिंता बढ़ाने वाला माना जा रहा है. खासकर उन परिवारों पर ज्यादा असर पड़ सकता है जो बिजली की बचत करके बिल कम रखने की कोशिश करते हैं. हालांकि अभी ये सिर्फ प्रस्ताव है और इसे लागू करने पर अंतिम फैसला रेगुलेटरी संस्थाएं लेंगी. लेकिन अगर यह लागू हुआ, तो आने वाले दिनों में बिजली बिल लोगों के घरेलू बजट पर बड़ा असर डाल सकता है.&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 19 May 2026 11:30:21 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>पंखा-बल्ब, तो, क्या, घर, बंद, हो, तब, भी, देना, पड़ेगा, बिजली, बिल, लागू, हुआ, ये, प्रस्ताव, तो, ढीली, हो, जाएगी, जेब</media:keywords>
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        <title>Petrol&amp;Diesel Price Hike: 5 दिन में दूसरा झटका... फिर से बढ़ी पेट्रोल&amp;डीजल की कीमत, जानें अब क्या है नई कीमत?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/petrol-diesel-price-hike-5-दिन-में-दूसरा-झटका-फिर-से-बढ़ी-पेट्रोल-डीजल-की-कीमत-जानें-अब-क्या-है-नई-कीमत</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/petrol-diesel-price-hike-5-दिन-में-दूसरा-झटका-फिर-से-बढ़ी-पेट्रोल-डीजल-की-कीमत-जानें-अब-क्या-है-नई-कीमत</guid>
        <description><![CDATA[ Petrol-Diesel Price Hike: आज 19 मई, मंगलवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई, जो एक हफ्ते से भी कम समय में की गई दूसरी बढ़ोतरी है. इंडस्ट्री से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, देश की राजधानी में पेट्रोल की कीमतें 97.77 से अब बढ़कर 98.64 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गई है, जबकि डीजल की दरें 90.67 से बढ़कर 91.58 रुपये प्रति लीटर हो गई हैं. पिछले शुक्रवार को भी तेल कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में करीब 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी.
चेक करें नया फ्यूल रेट&amp;nbsp;

दिल्ली में पेट्रोल 98.64 रुपये और डीजल 91.58 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया.
मुंबई में पेट्रोल 107.59 और डीजल 94.08 रुपये प्रति लीटर हो गया.
कोलकाता में पेट्रोल 109.70 और डीजल 96.07रुपये प्रति लीटर दर्ज किया गया.
चेन्नई में पेट्रोल 104.49 और डीजल 96.11 रुपये प्रति लीटर हो गया.
जयपुर में पेट्रोल की कीमत अब बढ़कर 108.84 रुपये और डीजल की कीमत 94.12 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गई है.&amp;nbsp;

सरकारी तेल कंपनियों को हो रहा घाटा
भारतीय सरकारी तेल कंपनियों ने पिछले चार सालों में रिटेल कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की थी. वैश्विक स्तर पर क्रूड ऑयल की कीमत बढ़ने से इन कंपनियों को रोजाना करीब 1000 करोड़ रुपये का घाटा हो रहा था, जिसकी भरपाई करने के लिए अब रेट धीरे-धीरे बढ़ाए जा रहे हैं. बीते दिन 3 रुपये की बढ़ोतरी के बाद नुकसान थोड़ा कम होकर &amp;nbsp;750 करोड़ रुपये प्रतिदिन पर आ गया. अब देखना है कि आज की गई बढ़ोतरी के बाद इस नुकसान को पाटने में कितनी मदद मिलती है.
बता दें कि अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में क्रूड ऑयल के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं, जो अब 100-110 डॉलर प्रति बैरल के पार जा चुका है. चूंकि भारत अपनी जरूरत का 85 परसेंट से अधिक तेल बाहर से आयात करता है इसलिए वैश्विक स्तर पर कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ता है.&amp;nbsp;

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        <pubDate>Tue, 19 May 2026 11:30:20 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Petrol-Diesel, Price, Hike:, दिन, में, दूसरा, झटका..., फिर, से, बढ़ी, पेट्रोल-डीजल, की, कीमत, जानें, अब, क्या, है, नई, कीमत</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>LPG Rate Today: आज आपके शहर में कितने का बिक रहा घरेलू सिलेंडर, कमर्शियल सिलेंडर का भी देखें रेट</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/lpg-rate-today-आज-आपके-शहर-में-कितने-का-बिक-रहा-घरेलू-सिलेंडर-कमर्शियल-सिलेंडर-का-भी-देखें-रेट</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/lpg-rate-today-आज-आपके-शहर-में-कितने-का-बिक-रहा-घरेलू-सिलेंडर-कमर्शियल-सिलेंडर-का-भी-देखें-रेट</guid>
        <description><![CDATA[ LPG Price Today, 19 May 2026: देशभर में रोजाना सोना- चांदी, दूध और तेल की दाम बढ़ ही रहे हैं. लेकिन आज 19 मई 2026, दिन मंगलवार को एलपीजी गैस सिलेंडर के दाम में कोई हलचल देखने को नहीं मिली. राजधानी दिल्ली में 14.2 किलो वाला घरेलू सिलेंडर 913 रुपये का मिल रहा है तो वहीं 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 3071.50 रुपये है. यहां से आप जान सकते हैं कि आपके शहर में गैस सिलेंडर कितने रुपये में आज मिलने वाला है. यहां LPG के घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर की पूरी रेट लिस्ट मौजूद है.&amp;nbsp;
शहर अनुसार एलपीजी गैस सिलेंडर का दाम-



शहर का नाम
घरेलू सिलेंडर का दाम
कमर्शियल सिलेंडर का दाम


नई दिल्ली
913.00 रुपये
3,071.50 रुपये


कोलकाता
939.00 रुपये
3,202.00 रुपये


मुंबई
912.50 रुपये
3,024.00 रुपये


चेन्नई&amp;nbsp;
928.50 रुपये
3,237.00 रुपये


गुरुग्राम&amp;nbsp;
921.50 रुपये
3,088.00 रुपये


नोएडा
910.50 रुपये
3,071.50 रुपये


बेंगलुरु
915.50 रुपये
3,152.00 रुपये


भुवनेश्वर
939.00 रुपये
3,238.00 रुपये


हैदराबाद
965.00 रुपये
3,315.00 रुपये


जयपुर
916.50 रुपये
3,099.00 रुपये


पटना
1,002.50 रुपये
3,346.50 रुपये


लखनऊ
950.50 रुपये
3,225.50 रुपये



क्या गैस सिलेंडर की बढ़ेंगी कीमतें?
घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव पश्चिम एशिया संकट के कारण सरकारी तेल विपणन कंपनियां जैसे IOCL, BPCL, HPCL हर महीने की पहली तारीख को एलपीजी की कीमतों की समीक्षा करती हैं. अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतें लगातार बढ़ती रहीं या आपूर्ति बाधित हुई तो तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ेगा, जिससे आने वाले महीनों जैसे जून 2026 में घरेलू सिलेंडर के दाम भी प्रभावित हो सकते हैं.
आज फिर बढ़ाई गई पेट्रोल-डीजल की कीमत
मंगलवार (19 मई) को पेट्रोल और डीजल की कीमतें फिर से बढ़ा दी गईं. अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों और सप्लाई में रुकावटों के बीच महज पांच दिनों में यह दूसरी बार है जब ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है. इंडस्ट्री से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली में पेट्रोल की कीमतें 97.77 रुपये से बढ़कर 98.64 रुपये प्रति लीटर हो गईं, जबकि डीजल की कीमतें 90.67 रुपये से बढ़कर 91.58 रुपये प्रति लीटर हो गईं.
कीमतों में यह ताजा बदलाव 15 मई (शुक्रवार) को घोषित 3 रुपये प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी के बाद हुआ है. इससे उन ग्राहकों पर दबाव और बढ़ गया है, जो पहले से ही महंगाई और ट्रांसपोर्टेशन की बढ़ती लागत से जूझ रहे हैं. मुंबई में पेट्रोल की कीमतें 91 पैसे बढ़कर 107.59 रुपये प्रति लीटर हो गईं, जबकि डीजल की कीमतें 94 पैसे बढ़कर 94.08 रुपये प्रति लीटर हो गईं.

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        <pubDate>Tue, 19 May 2026 11:30:18 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>LPG, Rate, Today:, आज, आपके, शहर, में, कितने, का, बिक, रहा, घरेलू, सिलेंडर, कमर्शियल, सिलेंडर, का, भी, देखें, रेट</media:keywords>
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        <title>Gen Z  Flavored Drinks: कड़वी शराब से तौबा! फ्लेवर्ड ड्रिंक्स की बढ़ी भारी मांग, Gen Z की हैबिट से बाजार में आए बड़े बदलाव</title>
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        <description><![CDATA[ &amp;nbsp;Flavored Drinks: भारतीय शराब उद्योग में इन दिनों बेहद ही बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. जहां, देश के युवा उपभोक्ता अब व्हिस्की और पारंपरिक ड्रिंकिंग की आदतों को तेजी से छोड़ने में जुटे हुए हैं. जिसको लेकर कुछ शराब निर्माताओं ने जानकारी देते हुए बताया कि यह युवा पीढ़ी अब फ्लेवर्ड अल्कोहल, फेस्टिवल-आधारित मार्केटिंग और हल्के अनुभवों को तेजी से अपनाने की कोशिश में जुटी हुई है.&amp;nbsp;
फ्लेवर्ड अल्कोहल को पसंद कर रहे हैं युवा
भारतीय शराब उद्योग में आए इस बड़े बदलाव ने हर किसी को पूरी तरह से हैरान कर दिया है. जहां, अब हमारे देश के युवा उपभोक्ता पारंपरिक विज्ञापनों और मजबूत व्हिस्की के बजाय फ्लेवर्ड अल्कोहल, फेस्टिवल-आधारित मार्केटिंग और आसान ड्रिंकिंग अनुभवों को तेजी से न सिर्फ पसंद कर रहे हैं बल्कि अपनी आदतों में डालने की कोशिश कर रहे हैं. इतना ही नहीं, &#039;स्मिरनॉफ&#039; और &#039;जॉनी वॉकर&#039; बनाने वाली कंपनी यूनाइटेड स्पिरिट्स ने इस मामले में जानकारी जदेते हुए बताया कि बाजार में यह ग्रोथ पूरी तरह से फ्लेवर को ऊपर ही आधारित है. जहां, उनके नए प्रयोग &#039;मिंटी जामुन&#039; ने बिक्री के सारे रिकॉर्ड को पूरी तरह से तोड़कर रख दिया है.&amp;nbsp;
Petrol Diesel News: &#039;देश में बचा सिर्फ 2 दिन का पेट्रोल, पंपों पर हो रही मारामारी&#039;, अब आया सरकार का बयान
क्यों भारतीय स्वादों को मिल रही जबरदस्त प्रतिक्रिया?&amp;nbsp;
दरअसल, यह बड़ा बदलाव पूरे शराब उद्योग जगत में देखने को मिल रहा है. जहां, हाल ही में &#039;मैजिक मोमेंट्स&#039; वोदका बेचने वाली कंपनी रेडिको खेतान ने इस साल में 21 प्रतिशत की बढ़त को हासिल करने में बड़ी सफलता हासिल की है. तो वहीं, दूसरी तरफ कंपनी ने यह भी बताया कि जामुन, आम और ठंडाई जैसे भारतीय स्वादों (Flavors of India) को देश भर में जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है. यह बात भी सच है कि कई सालों से भारत में शराब केवल पुरुष और प्रीमियम स्टेटस के इर्द-गिर्द ही घूमता रहता था, लेकिन आज के समय में कंपनियां जेन-जी (Gen Z) को लुभाने के लिए सोशल मीडिया क्रिएटर्स और म्यूजिक कंसर्ट्स का सबसे ज्यादा सहारा ले रही हैं ताकि उन्हें बिक्री करने में किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े&amp;nbsp;
Excise Policy: शराब के शौकीनों और ब्रांड्स के लिए बड़ी खबर, नई शराब नीति लागू, इस सरकार ने पेश किया नया मॉडल
आज के युवा नए प्रयोग करना करते हैं पसंद
दरअसल, आज का युवा वर्ग एक ही तरह की शराब पीने के बजाय अब अलग-अलग अवसरों पर नए प्रयोग (Repertoire Drinking) करना ज्यादा पसंद कर रहे हैं. तो वहीं, इसी बड़े बदलाव को देखते हुए सुला वाइनयार्ड्स जैसी कंपनियां वाइन टूरिज्म और &#039;सुलाफेस्ट&#039; जैसे आयोजनों को तेजी से आगे बढ़ाने में जुटी हुई हैं. जिसकी वजह उनका टूरिज्म बिजनेस 100 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है. लेकिन, इस बात पर ध्यान देने की सबसे ज्यादा जरूरत है कि आज भी पारंपरिक स्कॉच और व्हिस्की का बाजार सबसे ज्यादा बड़ा है. ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 18 May 2026 19:30:26 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Gen, Flavored, Drinks:, कड़वी, शराब, से, तौबा, फ्लेवर्ड, ड्रिंक्स, की, बढ़ी, भारी, मांग, Gen, की, हैबिट, से, बाजार, में, आए, बड़े, बदलाव</media:keywords>
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        <title>FD Interest Rate: इस सरकारी बैंक ने बढ़ा दिया FD पर ब्याज, आज से ही लागू हो गए हैं नए रेट्स</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/fd-interest-rate-इस-सरकारी-बैंक-ने-बढ़ा-दिया-fd-पर-ब्याज-आज-से-ही-लागू-हो-गए-हैं-नए-रेट्स</link>
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        <description><![CDATA[ FD Interest Rate: बैंक ऑफ इंडिया (Bank of India) ने अपने ग्राहकों को सौगात देते हुए फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर इंटरेस्ट रेट बढ़ा दिए हैं. जहां ज्यादातर बैंकों ने फरवरी 2025 से भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा रेपो रेट में कुल 125 बेसिस पॉइंट्स की कटौती के बाद फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर रेट कम कर दिए हैं. वहीं, बैंक ऑफ़ इंडिया ने इसके विपरीत कदम उठाते हुए कुछ चुनिंदा मध्यम और लंबी अवधि के डिपॉजिट पर ब्याज दरें बढ़ा दी हैं.इस सरकारी बैंक ने 3 करोड़ रुपये से कम की फिक्स्ड डिपॉजिट पर अपनी ब्याज दरें बढ़ा दी है. ये नई दरें आज 18 मई, 2026 से लागू हो गई हैं.&amp;nbsp;
नए FD रेट्स पर डालें नजर



FD अवधि
सामान्य नागरिक
वरिष्ठ नागरिक (60-80 साल)
सुपर सीनियर सिटीजन्स (80+ उम्र)


1 साल से लेकर 2 साल से कम
6.50%
7.00%
7.15%


2 साल से लेकर 3 साल से कम
6.60%
7.10%
7.25%


3 साल की FD पर
6.70%
7.45%
7.60%



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8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग में किन्हें मिलेगी पुरानी पेंशन, JCM ने मीटिंग में कर दी यह बड़ी डिमांड&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 18 May 2026 19:30:25 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Interest, Rate:, इस, सरकारी, बैंक, ने, बढ़ा, दिया, पर, ब्याज, आज, से, ही, लागू, हो, गए, हैं, नए, रेट्स</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>LPG News: देश में तेल&amp;गैस का स्टॉक बचा है या नहीं? सरकार ने दिया सवाल का जवाब, कहा&amp; होर्मुज संकट से...</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/lpg-news-देश-में-तेल-गैस-का-स्टॉक-बचा-है-या-नहीं-सरकार-ने-दिया-सवाल-का-जवाब-कहा-होर्मुज-संकट-से</link>
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        <description><![CDATA[ Petroleum Ministry: बीते कई महीनों से मिडिल ईस्ट में देखे जा रहे तनाव के कारण कई देशों पर भी इसका असर देखने को मिल रहा है. इसी के चलते हाल ही में भारत में भी पेट्रोल- डीजल की कीमतों में इजाफा देखने को मिला है. जिसके बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि जल्दी ही LPG और अन्य गैस उर्वरकों की कीमतें भी बढ़ सकती हैं. लेकिन इसी बीच अब सरकार ने भी इसे लेकर ताजा अपडेट दे दिया है. सरकार ने आश्वासन दे दिया है कि देश में गैस का भरपूर भंडारण है.
पेट्रोलियम मंत्रालय ने दिया अपडेटदेश के हालातों को देखते हुए हाल ही में पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने हाल ही में कहा है कि तेल, गैस और अन्य किसी भी चीज की कोई कमी नहीं है. हाल ही में इंटर मिनिस्टीरियल ब्रीफिंग के दौरान सुजाता ने बताया कि, &#039;पश्चिम एशिया संकट शुरू हुए ढाई महीने से ज्यादा समय हो गया है, और होर्मुज़ जलडमरूमध्य में स्थिति अभी भी सामान्य नहीं है&#039;.&amp;nbsp;
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उन्होंने आगे कहा, &#039;इसके परिणामस्वरूप, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस और LPG की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है. इन सब कारणों से, कच्चे तेल, LPG और प्राकृतिक गैस के हमारे आयात पर भी असर पड़ा है. हालांकि, हमारी रिफाइनरियां सामान्य रूप से काम कर रही हैं, और हमारे पास कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है&#039;.
उर्वरकों की उपलब्धता पर अपडेटवहीं इस ब्रीफिंग के दौरान DOF विभाग की जॉइंट सेक्रेटरी ने भी अपने विभाग की स्थिति के बारे में बताया है. उन्होंने कहा, &#039;उर्वरक विभाग की ओर से ये सूचित किया जाता है कि इस मौसम, यानी खरीफ मौसम के लिए, राज्यों में उर्वरकों की उपलब्धता 51% से अधिक बनी हुई है और पूरे देश में लगभग 200.98 LMT उर्वरक उपलब्ध हैं. प्रमुख उर्वरकों के MRP में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है. संकट काल के बाद घरेलू उत्पादन काफी अधिक रहा है, यानी 86.2 LMT, और 22 LMT से ज्यादा आयात हमारे तटों तक पहुंच चुका है.&#039;
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        <pubDate>Mon, 18 May 2026 19:30:24 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>LPG, News:, देश, में, तेल-गैस, का, स्टॉक, बचा, है, या, नहीं, सरकार, ने, दिया, सवाल, का, जवाब, कहा-, होर्मुज, संकट, से...</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>बंगाल में महिलाओं को 3000 रुपए देने का ऐलान, कैसे मिलेंगे ये पैसे, कैसे करें आवेदन?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/बंगाल-में-महिलाओं-को-3000-रुपए-देने-का-ऐलान-कैसे-मिलेंगे-ये-पैसे-कैसे-करें-आवेदन</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/बंगाल-में-महिलाओं-को-3000-रुपए-देने-का-ऐलान-कैसे-मिलेंगे-ये-पैसे-कैसे-करें-आवेदन</guid>
        <description><![CDATA[ Annapurna Bhandar 2026:&amp;nbsp;पश्चिम बंगाल में खुशी की लहर है. सीएम शुभेंदु अधिकारी की कैबिनेट ने पश्चिम बंगाल की महिलाओं के हित में कुछ अहम फैसले जो लिए हैं. असल में शुभेंदु सरकार ने अपनी दूसरी कैबिनेट की बैठक में ही महिलाओं को हर महीने 3000 रुपये और बस में फ्री सफर की सुविधा देने की घोषणा कर दी है. इस फैसले को अन्नपूर्णा भंडार योजना का नाम दिया गया है. इस घोषणा के बाद से ही ये सर्च किया जा रहा है कि रजिस्ट्रेशन कैसे करना है. साथ ही कौन-कौन इस योजना के लाभार्थी लिस्ट में आएंगे. योजना से जुड़ी सारी जानकारी आप यहां से भी ले सकते हैं.
कब से शुरू हो रही है अन्नपूर्णा भंडार योजना?पश्चिम बंगाल में अन्नपूर्णा भंडार योजना की शुरुआत 1 जून से होगी (ये संभावित तारीख है). इस योजना के तहत बंगाल की महिलाओं को 3000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी. साथ ही फ्री बस सेवा भी इस योजना में शामिल है. यानी कि बंगाल की महिलाएं बस में मुफ्त में यात्रा कर पाएंगी.&amp;nbsp;
इस सरकारी बैंक ने बढ़ा दिया FD पर ब्याज, आज से ही लागू हो गए हैं नए रेट्स
किन्हें महिलाओं को मिलेगा योजना का लाभ?

पश्चिम बंगाल का स्थायी निवास हो
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से हों
सलाना आय कम हो
25 साल से ज्यादा आयु हो
राशन कार्ड में नाम हो (BPL/AAY/PHH)

किन महिलाओं को मिलेगा योजना का लाभ?

पश्चिम बंगाल का स्थायी निवास नहीं हो
परमानेंट या रिटार्यड सरकारी कर्मचारी हों
सलाना आय 2 लाख से ज्यादा हो

अन्नपूर्णा योजना के लिए जरूरी दस्तावेज-&amp;nbsp;

आधार कार्ड
राशन कार्ड
आधार से लिंक पासबुक
निवास प्रमाण पत्र
पासपोर्ट साइज फोटो

निवेशकों के 7 लाख करोड़ रुपये स्वाहा, आज शेयर बाजार में कोहराम की क्या है वजह?
अन्नपूर्णा योजना में रजिस्ट्रेशन कैसे करें?&amp;nbsp;अभी फिलहाल पश्चिम बंगाल में अन्नपूर्णा योजना के रजिस्ट्रेशन की शुरुआत नहीं हुई है. योजना का आधिकारिक पोर्टल लॉन्च होने पर योग्य महिलाएं अपना मोबाइल नंबर और राशन कार्ड डालकर पंजीकरण कर सकेंगी.&amp;nbsp;
अन्नपूर्णा भंडार का उद्देश्य-&amp;nbsp;अन्नपूर्णा भंडार योजना का लाभ पश्चिम बंगाल में रहने वाली महिलाएं उठा सकती हैं. बता दें कि लक्ष्मी भंडार योजना का लाभ लेने वाली महिलाओं को अब खुद ही अन्नपूर्णा भंडार योजना का लाभ मिलेगा.&amp;nbsp;इस योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रुप से कमजोर और मिडिल क्लास महिलाओं को सशक्त करना है. मासिक तौर पर मिलने वाली ये राशि महिलाओं को घरेलु खर्च और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से निपटने में मदद करेगी.&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 18 May 2026 19:30:24 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>बंगाल, में, महिलाओं, को, 3000, रुपए, देने, का, ऐलान, कैसे, मिलेंगे, ये, पैसे, कैसे, करें, आवेदन</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>Water Fuel: अब पेट्रोल&amp;डीजल नहीं, &amp;apos;पानी&amp;apos; से चलेंगी गाड़ियां, इस विदेशी कंपनी ने निकाला तोड़, फॉर्मूला भी बताया</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/water-fuel-अब-पेट्रोल-डीजल-नहीं-पानी-से-चलेंगी-गाड़ियां-इस-विदेशी-कंपनी-ने-निकाला-तोड़-फॉर्मूला-भी-बताया</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/water-fuel-अब-पेट्रोल-डीजल-नहीं-पानी-से-चलेंगी-गाड़ियां-इस-विदेशी-कंपनी-ने-निकाला-तोड़-फॉर्मूला-भी-बताया</guid>
        <description><![CDATA[ Fuel Saving Technology: वैश्विक तेल संकट और बढ़ती ईंधन कीमतों के बीच एक विदेशी कंपनी ने ऐसा दावा किया है जिसने सबका ध्यान खींच लिया है. मोनाको की कंपनी FOWE Eco Solutions ने एक ऐसी तकनीक पेश करने का दावा किया है, जिसकी मदद से गाड़ियां और औद्योगिक मशीनें कम ईंधन में ज्यादा काम कर सकती हैं. कंपनी का कहना है कि इस तकनीक में पानी का इस्तेमाल करके ईंधन की खपत 10% तक कम की जा सकती है.
यह प्रस्ताव भारत के लिए एक नाजुक समय में आया है, जब देश अपनी जरूरत का करीब 88 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है. ऐसे में ईंधन बचाने वाली किसी भी तकनीक का सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था और रुपये पर पड़ता है. इसी वजह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी ईंधन बचाने पर जोर दे चुके हैं.
कैसे काम करती है यह तकनीक?
कंपनी के मुताबिक, उसकी पेटेंट तकनीक &amp;ldquo;कैविटेक फ्यूल इमल्शन&amp;rdquo; ईंधन और पानी को खास तरीके से मिलाती है. इससे ईंधन के अंदर पानी की बेहद छोटी बूंदें बनती हैं, जो जलने के दौरान कण के अंदर &amp;ldquo;माइक्रो एक्सप्लोजन&amp;rdquo; पैदा करती हैं.
Petrol-Diesel Price Today: क्या फिर बढ़े हैं पेट्रोल-डीजल के दाम? जानिए दिल्ली-NCR, मुंबई-बेंगलुरू में क्या हैं कीमतें
इस प्रक्रिया से ईंधन ज्यादा बेहतर तरीके से जलता है, जिससे ईंधन की खपत कम होती है और धुआं भी कम निकलता है. हालांकि, कंपनी का कहना है कि इस तकनीक के लिए इंजन में किसी बड़े बदलाव की जरूरत नहीं पड़ती. साथ ही इसका इस्तेमाल बिना मशीन बंद किए हुए भी किया जा सकता है.
ईंधन बचत और प्रदूषण घटाने का दावा
कंपनी और स्वतंत्र परीक्षण आंकड़ों के मुताबिक, इस तकनीक से बॉयलर और समुद्री इंजनों में 6-10% तक ईंधन बचत देखी गई है. भारत के कुछ रिफाइनरी और इस्पात संयंत्रों में भी परीक्षण किए गए, जिनमें ईंधन की बचत 3.6% से 6% तक दर्ज की गई.
FOWE का कहना है कि इससे NOx और SOx जैसे हानिकारक उत्सर्जन में भी 40% तक कमी लाई जा सकती है. साथ ही बॉयलर और भट्टियों के अंदर गंदगी कम जमा होती है, जिससे रखरखाव का खर्च भी घट सकता है.
हालांकि, यह तकनीक अभी बड़े स्तर पर आम वाहनों में इस्तेमाल नहीं हो रही है. फिलहाल इसका परीक्षण औद्योगिक इकाइयों, जहाजों और बिजली संयंत्रों में किया जा रहा है. वहीं, एक्सपर्टों का मानना है कि अगर यह तकनीक बड़े स्तर पर सफल साबित होती है, तो आने वाले दिनों में ईंधन बचत के क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकती है.
Gold Import: गोल्ड की खरीद पर बड़ी खबर, PM मोदी की अपील पर 10 में से 6 लोगों ने बदला अपना फैसला- सर्वे ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 18 May 2026 07:30:20 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Water, Fuel:, अब, पेट्रोल-डीजल, नहीं, पानी, से, चलेंगी, गाड़ियां, इस, विदेशी, कंपनी, ने, निकाला, तोड़, फॉर्मूला, भी, बताया</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>Gold Import: गोल्ड की खरीद पर बड़ी खबर, PM मोदी की अपील पर 10 में से 6 लोगों ने बदला अपना फैसला&amp; सर्वे</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/gold-import-गोल्ड-की-खरीद-पर-बड़ी-खबर-pm-मोदी-की-अपील-पर-10-में-से-6-लोगों-ने-बदला-अपना-फैसला-सर्वे</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/gold-import-गोल्ड-की-खरीद-पर-बड़ी-खबर-pm-मोदी-की-अपील-पर-10-में-से-6-लोगों-ने-बदला-अपना-फैसला-सर्वे</guid>
        <description><![CDATA[ PM Narendra Modi Appeal: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद देश में सोने की खरीदारी को लेकर लोगों का नजरिया बदलता दिख रहा है. लोकलसर्कल्स के एक सर्वे के मुताबिक, 61% सोना खरीदने वाले लोगों ने कहा कि वे अगले एक साल तक गैर-जरूरी सोना खरीदने से परहेज करेंगे. सरकार का मानना है कि इससे देश का विदेशी मुद्रा भंडार सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी.
यह रिपोर्ट ऐसे समय में सामने आया है जब भारत में सोने का आयात रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया है. बढ़ते आयात के कारण अमेरिका और इजराइल मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ रहा है, खासकर वैश्विक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता के बीच. इसी वजह से प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में लोगों से एक साल तक गैर-जरूरी सोने की खरीदारी से बचने की अपील की थी.
रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा सोने का आयात
रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026 में भारत ने करीब 71.98 अरब डॉलर का सोना आयात किया, जो पिछले साल 2025 के मुकाबले 58 अरब डॉलर से 24% से ज्यादा है. हालांकि, सोने की मात्रा में थोड़ी कमी आई है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बढ़ने से कुल आयात बिल काफी बढ़ गया.
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हैदराबाद में एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा, &quot;हमें हर हाल में विदेशी मुद्रा बचाने की जरूरत है.&quot; इसके बाद किए गए सर्वे में 66% लोगों ने माना कि अगर लोग कुछ समय तक सोना खरीदने से परहेज करें, तो इससे देश के विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूती मिलेगी. रिपोर्ट के मुताबिक, सोने और चांदी का कुल आयात बढ़कर 102.5 अरब डॉलर तक पहुंच गया है.
लोगों की सोच में दिखा बदलाव
सर्वे में शामिल 84,000 लोगों में से 28% लोगों ने कहा कि वे सोने की खरीदारी काफी कम कर देंगे, जबकि 36% लोगों ने कहा कि अगले एक साल तक वे सोना खरीदने की योजना नहीं बना रहे हैं.
वहीं, 19% लोगों का कहना है कि प्रधानमंत्री की अपील के बावजूद वे सिर्फ शादी-ब्याह या पारिवारिक परंपराओं के लिए ही सोना खरीदना जारी रखेंगे. दूसरी तरफ कुछ लोग अब भी सोने को सबसे सुरक्षित निवेश मानते हैं और उनका कहना है कि अनिश्चितता के दौर में वे इसकी खरीद जारी रखेंगे.
Gold Silver Price Today Live: सोने-चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी में बदलाव, महंगा हुआ या सस्ता? जानें दिल्ली-NCR, मुंबई में क्या हैं ताजा कीमतें ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 18 May 2026 07:30:20 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Gold, Import:, गोल्ड, की, खरीद, पर, बड़ी, खबर, मोदी, की, अपील, पर, में, से, लोगों, ने, बदला, अपना, फैसला-, सर्वे</media:keywords>
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        <title>Cheapest Cosmetic Market: 2 रुपए से शुरू होता है मेकअप का ये बाजार! दिल्ली में यहां मिलते हैं बेहद सस्ते कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स</title>
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        <description><![CDATA[ Cheapest Cosmetic Market: हर लड़की और महिला चाहती है कि उसके पास अच्छा मेकअप कलेक्शन हो, क्योंकि मेकअप से उनकी खूबसूरती में चार चांद लग जाते हैं, लेकिन आज के महंगाई में मेकअप के रेट भी आसमान छू रहे हैं, जिसकी वजह से लोग अपनी पसंद का सामान नहीं खरीद पाते हैं. ऐसे में सोचिए अगर आपको 2 रुपये में लिपस्टिक और 5 रुपये का काजल मिल जाए तो कैसा रहेगा? सुनने में जरूर आपको अजीब लग रहा है, लेकिन दिल्ली में एक ऐसी मार्केट है जहां मेकअप का सामान काफी सस्ता मिल जाता है.&amp;nbsp;
ये है दिल्ली का सबसे सस्ता कॉस्मेटिक मार्केट
अगर बात करें मार्केट की तो दिल्ली में सबसे बेस्ट जगह है सदर बाजार, यहां हर चीज बहुत ही कम रेट में आसानी से मिल जाती है. सदर बाजार दिल्ला का सबसे बड़ा थोक बाजार माना जाता है. यह बाजार सस्ते और किफायती सामान के लिए बेहद मशहूर है. यहां आपको मेकअप का लगभग सारा सामान बेहद कम कीमत में मिल जाता है. अगर बात करें रेट की तो यहां 2, 5 और 10 रुपये से लेकर 100 रुपये तक में लिपस्टिक, काजल और दूसरे कई कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स आसानी से मिल जाते हैं.
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बड़े ब्रांड्स का भी मिलता है सामान
खास बात तो यह है कि यहां पर Blue Heaven और Swiss Beauty जैसे कई पॉपुलर ब्रांड्स के प्रोडक्ट्स मिल जाते हैं. इसके अलावा लोकल ब्रांड्स के भी ढेरों ऑप्शन यहां मौजूद हैं. आपको &amp;nbsp;यहां अलग-अलग शेड्स और डिजाइन में कई तरह के प्रोडक्ट्स मिलेंगे, जैसे...

लिक्विड लिपस्टिक
काजल पेंसिल
आईलाइनर
नेल पेंट
मेकअप किट

थोक में खरीदना पड़ता है सामान
ध्यान रहें कि सदर बाजार थोक बाजार है तो यहां कई दुकानदार दर्जन या पूरे बॉक्स के हिसाब से सामान बेचते हैं. ऐसे में 2 रुपये वाला सामान आपको एक पीस में शायद न मिले, लेकिन थोक में खरीदने पर भी काफी सस्ती पड़ती है.
खरीदारी करते समय इन बातों का रखें ध्यान

प्रोडक्ट की क्वालिटी जरूर चेक करें
ब्रांडेड सामान की कॉपी से सावधान रहें
सीधे दुकानदार से बात करें
दलालों या बिचौलियों से बचें
रेट अच्छे से पूछकर ही खरीदें

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इस समय खुलता है बाजार
सदर बाजार आमतौर पर सुबह 10 बजे से 11 बजे के बीच खुलता है. वहीं शाम में 7 बजे से 8 बजे तक बाजार बंद हो जाता है. इसके साथ ही रविवार को बाजार की ज्यादातर दुकाने खुली रहती हैं तो अगर आप भी कम रेट में सामान खरीदना चाहते हैं तो सदर बाजार आपके लिए एक बेहदर ऑप्शन है.
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        <pubDate>Mon, 18 May 2026 07:30:19 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Cheapest, Cosmetic, Market:, रुपए, से, शुरू, होता, है, मेकअप, का, ये, बाजार, दिल्ली, में, यहां, मिलते, हैं, बेहद, सस्ते, कॉस्मेटिक, प्रोडक्ट्स</media:keywords>
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        <title>Wrong Money in Account: खाते में आ गए गलती से पैसे? एक भूल और लग सकता है 60% टैक्स और पेनाल्टी का झटका</title>
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        <description><![CDATA[ Bank Account: बैंक खाते में अचानक से पैसे आ जाते हैं तो लोग ज्यादातर असमंजस में पड़ जाते हैं कि क्या इस रकम पर टैक्स लगेगा और उन्हें तुरंत क्या करना चाहिए.
कुछ विशेषज्ञों का यह मानना है कि सिर्फ गलती से खाते में पैसे आने पर टैक्स देनदारी नहीं बनती है, लेकिन अगर खाताधारक यह जानने के बाद भी कि पैसा उसका नहीं है, उसका उपयोग करता है, तो यहां सबसे बड़ी समस्या देखने को मिल सकती है.&amp;nbsp;
क्या गलती से आए पैसे पर लग सकता है टैक्स?
आयकर कानून के मुताबिक, टैक्स आमतौर पर उसी आय पर लगता है जो करदाता की अपनी हो या जिसे वेतन, व्यापार, उपहार या फिर किसी अन्य वैध स्रोतों से कमाया गया हो. हांलाकि, अगर बैंकिंग त्रुटि (Banking Error) की वजह से कोई राशि गलत तरीके से क्रेडिट हो जाती है, तो उसे योग्य आय नहीं माना जाएगा लेकिन प्राप्तकर्ता का उस पर कोई कानूनी दावा नहीं होता है.&amp;nbsp;
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ऐसे में क्या कहते हैं टैक्स पार्टनर?&amp;nbsp;
तो वहीं, इस मामले में एन.ए. शाह एसोसिएट्स के टैक्स पार्टनर गोपाल बोहरा न जानकारी देते हुए बताया कि टॉक्स सिर्फ और सिर्फ तभी देय होता है जब पैसा वास्तव में करदाता का हो. यानी, अगर कोई गलत क्रेडिट हुआ है और करदाता तुरंत बैंक को लिखित में इसकी सूचना दे देता है, तो उसे टैक्स के लिए उत्तरदायी नहीं ठहराया जा सकता है.
शुरुआत में करदाता को ही टैक्स अधिकारियों के सामने इस जमा राशि की प्रकृति को पूरी तरह से बताना होगा.&amp;nbsp;
यहां जानें आयकर विभाग की सख्त धाराएं और जुर्माना
आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 69A के अनुसार, अगर करदाता पैसे के स्रोत की सही तरीके से व्याख्या नहीं कर पाता है, तो इसे उस वित्तीय साल (Financial Year) की &#039;डीम्ड इनकम&#039; (माना गया धन) मान लिया जाता है. हांलाकि, ऐसी स्थिति में इस राशि पर 60 प्रतिशत की दर से टैक्स, अधिभार (सर्चार्ज) और शिक्षा उपकर लगाया जाता है.&amp;nbsp;
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पैसे तुरंत आने पर क्या करना चाहिए तुरंत?
सिरिल अमरचंद मंगलदास के पार्टनर कुणाल सवानी और अन्य विशेषज्ञों ने बताया कि अगर आपके खाते में पैसे आ जाते हैं तो उन राशि को भूलकर भी खर्च या फिर ट्रांसफर करने की कोशिश न करें.
दूसरी तरफ तुरंत अपने बैंक को लिखित में या फिर ईमेल के माध्यम से सूचित करें और शिकायत संदर्भ संख्या (Complaint Reference Number) का रिकॉर्ड को चेक करना न भूलें. इसके अलावा अगर भेजने वाले की पहचान हो जाती है, तो उचित बैंकिंग चैनलों के माध्यम से राशि को जितना जल्दी हो सके उतनी जल्दी वापस करवा दें.&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 17 May 2026 15:30:22 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Wrong, Money, Account:, खाते, में, आ, गए, गलती, से, पैसे, एक, भूल, और, लग, सकता, है, 60, टैक्स, और, पेनाल्टी, का, झटका</media:keywords>
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        <title>CNG Price Hike: दिल्ली&amp;NCR में फिर बढ गए CNG के दाम, जानिए कितने रुपए की हुई बढ़ोतरी, अब क्या है ताजा रेट?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/cng-price-hike-दिल्ली-ncr-में-फिर-बढ-गए-cng-के-दाम-जानिए-कितने-रुपए-की-हुई-बढ़ोतरी-अब-क्या-है-ताजा-रेट</link>
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        <description><![CDATA[ CNG Price Hike in Delhi-NCR: दिल्ली-एनसीआर में रहने वालों को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है. दिल्ली-एनसीआर में सीएनजी के दामों में एक बार फिर बढ़ोतरी की गई है. सीएनजी एक रुपए प्रति किलो महंगी हो गई है. इससे पहले गैस कंपनियों ने दो रुपए की बढ़ोतरी की थी. यानी कुल मिलाकर तीन दिनों के भीतर सीएनजी 3 रुपए महंगी हो गई है.
दिल्ली में एक किलो सीएनजी की कीमत 80.09 रुपए हो गई है. वहीं, गाजियाबाद में एक किलो सीएनजी की कीमत अब 88.70 रुपए है. देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में सीएनजी 84 रुपए प्रति किलोग्राम है.
PNG और घरेलू सिलेंडर के दाम में अभी बदलाव नहीं
हालांकि, आम जनता की रसोई तक पाइप से मुहैया कराई जाने वाली प्राकृतिक गैस यानी पीएनजी और घरेलू खाना पकाने वाले एलपीजी गैस सिलेंडर, दोनों की कीमतों में अभी कोई बदलाव नहीं हुआ है.
पेट्रोल के दाम बढ़े, अब सरकार ने लगाया 3 रुपए का Tax, इससे आपकी जेब ढीली होगी या नहीं? जानें सबकुछ
यहां देखें कहां कितने रुपए है सीएनजी की कीमत (Revised Rate List)




क्र.सं.
शहर का नाम (हिंदी)
City Name (English)
नई दर (₹/Kg)




1
दिल्ली (NCT)
NCT of Delhi
₹80.09/-


2
नोएडा
Noida
₹88.70/-


3
गाजियाबाद
Ghaziabad
₹88.70/-


4
मुजफ्फरनगर
Muzaffarnagar
₹88.58/-


5
मेरठ
Meerut
₹88.58/-


6
शामली
Shamli
₹88.58/-


7
गुरुग्राम
Gurugram
₹85.12/-


8
रेवाड़ी
Rewari
₹84.70/-


9
करनाल
Karnal
₹84.43/-


10
कैथल
Kaithal
₹85.43/-


11
कानपुर
Kanpur
₹91.42/-


12
हमीरपुर
Hamirpur
₹91.42/-


13
फतेहपुर
Fatehpur
₹91.42/-


14
अजमेर
Ajmer
₹89.44/-


15
पाली
Pali
₹89.44/-


16
राजसमंद
Rajsamand
₹89.44/-


17
महोबा
Mahoba
₹86.42/-


18
बांदा
Banda
₹86.42/-


19
चित्रकूट
Chitrakoot
₹86.42/-


20
हापुड़
Hapur
₹89.70/-


21
गौतम बुद्ध नगर
Gautam Budh Nagar
₹88.70/-


22
ग्रेटर नोएडा
Greater Noida
₹88.70/-



क्यों बढ़ रहे हैं दाम?
दरअसल देश अपनी जरूरत के हिसाब से &amp;nbsp;प्राकृतिक गैस का आयात 50 फीसदी से ज्यादा करता है. होर्मुज संकट के बाद आपूर्ति में कमी और मांग बढने से गैस कंपनियों के लिए गैस खरीदना महंगा हो गया.
कंपनियों का कहना है कि अगर अब कीमतें नहीं बढ़ाई तो कंपनियों को भारी नुकसान झेलना पड़ेगा, इसलिए लागत का बोझ अब ग्राहकों पर डालना ही एक मात्र विकल्प है. दिल्ली-एनसीआर में आईजीएल और महाराष्ट्र में एमजीएल सीएनजी-पीएनजी गैस की सप्लाई करती है.
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        <pubDate>Sun, 17 May 2026 15:30:21 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>CNG, Price, Hike:, दिल्ली-NCR, में, फिर, बढ, गए, CNG, के, दाम, जानिए, कितने, रुपए, की, हुई, बढ़ोतरी, अब, क्या, है, ताजा, रेट</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>Petrol Diesel News: हैदराबाद में दिल्ली&amp;मुंबई से भी ज्यादा है पेट्रोल&amp;डीजल के दाम, इस मेट्रो सिटी में क्यों है सबसे ज्यादा महंगाई?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/petrol-diesel-news-हैदराबाद-में-दिल्ली-मुंबई-से-भी-ज्यादा-है-पेट्रोल-डीजल-के-दाम-इस-मेट्रो-सिटी-में-क्यों-है-सबसे-ज्यादा-महंगाई</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/petrol-diesel-news-हैदराबाद-में-दिल्ली-मुंबई-से-भी-ज्यादा-है-पेट्रोल-डीजल-के-दाम-इस-मेट्रो-सिटी-में-क्यों-है-सबसे-ज्यादा-महंगाई</guid>
        <description><![CDATA[ Hyderabad Petrol and Diesel Hike: उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने ईंधन की ऊंची कीमतों के लिए मुख्य रूप से तेलंगाना के अत्यधिक मूल्य वर्धित कर (वैट) को जिम्मेदार ठहराया है. जहां अब राज्य में पेट्रोल पर 35.20 प्रतिशत और डीजल पर 27 प्रतिशत वैट पूरी तरह से लागू कर दिया गया है, जो देश के सभी राज्यों में सबसे ज्यादा है. &amp;nbsp;इस ताजा संशोधन के बाद, देश के 6 महानगरों में हैदराबाद के निवासियों को अब ईंधन के लिए सबसे ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है.&amp;nbsp;
पश्चिम एशिया संकट के कारण ईंधन की दरों में बदलाव
दरअसल, वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और पश्चिम एशिया संकट की वजह से ही ईंधन की दरों में सबसे ज्यादा बदलाव देखने को मिल रहे हैं. जिसको लेकर तेल कंपनियों ने चार साल के लंबे समय के बाद यह संशोधन किया है. जिसपर डीलर्स ने जानकारी देते हुए कहा है कि वैश्विक तनाव की वजह से बढ़ते घाटे को कम करने के लिए यह महत्वपूर्ण कदम उठाना बेहद ही जरूरी था.&amp;nbsp;
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हैदराबाद में कितने बढ़े पेट्रोल और डीजल के दाम?
इस संशोधन &amp;nbsp;के बाद हैदराबाद में पेट्रोल और डीजल के दाम आसमान को छू रहे हैं. जहां, पेट्रोल की कीमतों में &amp;nbsp;3.39 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 3.26 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी देखने को मिल रही है, जिसकी वजह से आम जनता की जल्द ही जेब पर भारी असर पड़ने वाला है. तो वहीं, दूसरी तरफ इस बढ़ोतरी के बाद हैदराबाद में अब डीजल की कीमत 98.96 रुपये प्रति लीटर हो गई है. इसके अलावा तेलंगाना में प्रीमियम श्रेणियों के ईंधन जैसे XP100 पेट्रोल की कीमत 163 रुपये प्रति लीटर और XP95 की कीमत 120.33 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गए हैं.&amp;nbsp;
महानगरों में कितने हैं पेट्रोल और डीजल के दाम?
अन्य मेट्रोपॉलिटन शहरों के बारे में बात की जाए तो, हैदराबाद के बाद कोलकाता दूसरे स्थान पर (108.74 रुपये) है. इसके बाद सपनों की नगरी मुंबई में 106.64 रुपये, बेंगलुरु में 106.17 रुपये, चेन्नई में 103.90 रुपये और सबसे आखिरी में देश की राजधानी दिल्ली में सबसे कम 97.77 रुपये प्रति लीटर है.
तो वहीं, डीजल के मामले में हैदराबाद (98.96 रुपये) पहले नंबर पर है, जिसके बाद चेन्नई (95.47 रुपये), कोलकाता (95.13 रुपये), बेंगलुरु (94.10 रुपये), मुंबई (93.14 रुपये) और नई दिल्ली (90.67 रुपये) का नंबर आता है.
Fuel Saving: कीमतें बढ़ने के बाद इन 7 टिप्स से बचाएं पेट्रोल- डीजल, होगी बचत ही बचत
तेलंगाना पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के महासचिव ने क्या बताया?
तो वहीं, अब इस मामले में &amp;nbsp;तेलंगाना पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के महासचिव विनोद विश्वनाथ ने जानकारी देते हुए बताया कि भारी वैट की वजह से ही पेट्रोल और डीजल के दामों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी देखने को मिली है. इतना ही नहीं, इस विषय पर ईंधन विक्रेता कुणाल सोंथालिया ने भी कहा कि वैश्विक स्तर पर जारी मौजूदा तनाव को देखते हुए उन्हें आने वाले समय में कीमतों में 15 से 20 रुपये तक की बढ़ोतरी होने की आशंका जताई जा रही है.&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 17 May 2026 15:30:20 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Petrol, Diesel, News:, हैदराबाद, में, दिल्ली-मुंबई, से, भी, ज्यादा, है, पेट्रोल-डीजल, के, दाम, इस, मेट्रो, सिटी, में, क्यों, है, सबसे, ज्यादा, महंगाई</media:keywords>
    </item>
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        <title>Gold Silver Price Today Live: सोने&amp;चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी में बदलाव, महंगा हुआ या सस्ता? जानें दिल्ली&amp;NCR, मुंबई में क्या हैं ताजा कीमतें</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/gold-silver-price-today-live-सोने-चांदी-पर-इंपोर्ट-ड्यूटी-में-बदलाव-महंगा-हुआ-या-सस्ता-जानें-दिल्ली-ncr-मुंबई-में-क्या-हैं-ताजा-कीमतें</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/gold-silver-price-today-live-सोने-चांदी-पर-इंपोर्ट-ड्यूटी-में-बदलाव-महंगा-हुआ-या-सस्ता-जानें-दिल्ली-ncr-मुंबई-में-क्या-हैं-ताजा-कीमतें</guid>
        <description><![CDATA[ Gold Silver Price Today Live: पिछले कई दिनों से लगातार सोना और चांदी को लेकर नए-नए नियम सामने आ रहे हैं, जिनका सीधा असर सोने चांदी की कीमतों पर पड़ रहा है. बाजारों में सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिला है. जानें दिल्ली-एनसीआर और मुंबई समेत मेट्रो शहरों में आज सोने चांदी की कीमतें क्या हैं.
इंडियन बुलियन एसोसिएशन के आंकड़ों के मुताबिक, आज देश के खुदरा बाजार में 24 कैरेट सोने की औसत कीमत 1 लाख 59 हजार110 रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बनी हुई है. वहीं, आभूषण बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाला 22 कैरेट सोना 1 लाख 45 हजार 851 रुपए प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा है. इसके अलावा शुद्ध चांदी यानी ट्रिपल नाइन फाइन सिल्वर की कीमत 2 लाख 70 हजार के पार होकर 2 लाख 71 हजार 740 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई है.
क्या फिर बढ़े हैं पेट्रोल-डीजल के दाम? जानिए दिल्ली-NCR, मुंबई-बेंगलुरू में क्या हैं कीमतें
ध्यान रहे, यह बेस प्राइज है. जब आप अपने नजदीकी ज्वैलर के पास जाएंगे तो इस बिल में मेकिंग चार्जेस, लोकल टैक्स और 3 फीसदी जीएसटी भी जोड़ा जाएगा, जिससे आपके शहर में फाइनल रेट थोड़ा अलग हो सकता है.
देश के बड़े महानगरों के ताजा रेट्स पर नजर
मुंबई
मुंबई में आज 24 कैरेट सोने का भाव 1 लाख 59 हजार 820 रुपए प्रति दस ग्राम है. वहीं 22 कैरेट सोना 1 लाख 45 हजार 585 रुपए और चांदी 2 लाख 71 हजार 250 रुपए प्रति किलो बिक रही है.
दिल्ली&amp;nbsp;
दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 1 लाख 59 हजार 550 रुपए प्रति 10 ग्राम चल रही है. 22 कैरेट के दाम 1 लाख 45 हजार 338 रुपए हैं, जबकि चांदी 2 लाख 70 हजार780 रुपए प्रति किलोग्राम के स्तर पर है.
चेन्नई&amp;nbsp;
24 कैरेट सोने का भाव 1 लाख 59 हजार 800 रुपए, 22 कैरेट का भाव 1 लाख 46 हजार 67 रुपए और चांदी का भाव 2 लाख 72 हजार चालीस रुपए प्रति किलो है.
बेंगलुरु-हैदराबाद और कोलकाता
24 कैरेट सोना 1 लाख 59 हजार 400 रुपए और हैदराबाद में 1 लाख 59 हजार 70 रुपए प्रति 10 ग्राम पर बना हुआ है. कोलकाता में 24 कैरेट का रेट 1 लाख 59 हजार 610 रुपए दर्ज किया गया है.
दिल्ली-NCR में फिर बढ गए CNG के दाम, जानिए कितने रुपए की हुई बढ़ोतरी, अब क्या है ताजा रेट?
आगे बाजार का रुख कैसा रहेगा?&amp;nbsp;
एक्सपर्ट्स और टाटा म्यूचुअल फंड की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, सोने की कीमतों में आने वाले दिनों में थोड़ी स्थिरता या उतार-चढ़ाव देखा जा सकता है. अमेरिकी ब्याज दरों में लंबे समय तक बढ़ोतरी की आशंका, अमेरिकी डॉलर की मजबूती और ऊंचे बॉन्ड यील्ड्स के कारण बाजार में करीब पांच प्रतिशत तक का उतार-चढ़ाव बना रह सकता है. इसके साथ ही अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और युद्ध की आशंकाओं ने भी बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी है. ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 17 May 2026 15:30:19 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>Gold, Silver, Price, Today, Live:, सोने-चांदी, पर, इंपोर्ट, ड्यूटी, में, बदलाव, महंगा, हुआ, या, सस्ता, जानें, दिल्ली-NCR, मुंबई, में, क्या, हैं, ताजा, कीमतें</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>Petrol&amp;Diesel Price Today: क्या फिर बढ़े हैं पेट्रोल&amp;डीजल के दाम? जानिए दिल्ली&amp;NCR, मुंबई&amp;बेंगलुरू में क्या हैं कीमतें</title>
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        <description><![CDATA[ Petrol-Diesel Price Today City Wise: दिल्ली-एनसीआर वालों को हर दिन महंगाई का झटका लग रहा है. कभी पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ रहे हैं तो कभी सीएनजी महंगी हो रही है. आज सीएनजी एक रुपए और महंगी हो गई. जानिए क्या आज पेट्रोल डीजल के दाम भी बढ़े हैं या नहीं. जानिए आपके शहर में तेल की ताजा कीमतें क्या हैं.
केंद्र सरकार ने शुक्रवार को देशभर में पेट्रोल डीजल की कीमतों में तीन रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी. अचानक आई इस तेजी ने आम आदमी से लेकर कारोबारियों तक सबको चौंका दिया. हालांकि आज पेट्रोल-डीजल महंगा नहीं हुआ है. अब आपको बताते हैं कि देश के मेट्रो शहरों में आज यानी 17 मई को नई कीमतें क्या हैं.
दिल्ली-NCR में फिर बढ गए CNG के दाम, जानिए कितने रुपए की हुई बढ़ोतरी, अब क्या है ताजा रेट?
नई दिल्ली&amp;nbsp;

पेट्रोल 97 रुपए 77 पैसे प्रति लीटर है.
डीजल की कीमत 90 रुपए 67 पैसे प्रति लीटर है

कोलकाता

पेट्रोल अब 108 रुपए 70 पैसे
डीजल 95 रुपए 13 पैसे प्रति लीटर मिल रहा है

मुंबई&amp;nbsp;

एक लीटर पेट्रोल 106 रुपए 68 पैसे
डीजल के लिए 93 रुपए 14 पैसे चुकाने पड़ रहे हैं

चेन्नई&amp;nbsp;

पेट्रोल 103 रुपए 67 पैसे&amp;nbsp;
डीजल 95 रुपए 25 पैसे प्रति लीटर&amp;nbsp;

दिल्ली-एनसीआर और अन्य बड़े शहरों का हाल
दिल्ली से सटे एनसीआर के इलाकों और देश के दूसरे बड़े शहरों में भी कीमतें आसमान छू रही हैं. अगर आप नोएडा में रहते हैं तो यहां आज पेट्रोल 97 रुपए 76 पैसे और डीजल 90 रुपए 99 पैसे प्रति लीटर है. वहीं गुरुग्राम में पेट्रोल 98 रुपए 47 पैसे और डीजल 90 रुपए 94 पैसे प्रति लीटर पर बिक रहा है.&amp;nbsp;
हैदराबाद और तिरुवनंतपुरम जैसे शहरों में पेट्रोल का भाव 110 रुपए के आंकड़े को भी पार कर गया है. हैदराबाद में पेट्रोल 110 रुपए 89 पैसे और तिरुवनंतपुरम में 110 रुपए 61 पैसे प्रति लीटर मिल रहा है. इसके अलावा पटना में पेट्रोल 108 रुपए 92 पैसे और जयपुर में 107 रुपए 61 पैसे प्रति लीटर है.
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कीमतों में बढ़ोतरी की असली वजह
आखिर अचानक पेट्रोल-डीजल के दाम इतने क्यों बढ़ गए? इसकी मुख्य वजह भारत में नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहा तनाव है. इस समय पूरी दुनिया एक बड़े ऊर्जा संकट यानी एनर्जी क्राइसिस का सामना कर रही है.पश्चिम एशिया, यानी मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के कारण यह स्थिति पैदा हुई है. जंग की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में &#039;ब्रेंट क्रूड ऑयल&#039; यानी कच्चे तेल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं. वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें 50 प्रतिशत से भी ज्यादा बढ़ चुकी हैं. ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 17 May 2026 15:30:19 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Petrol-Diesel, Price, Today:, क्या, फिर, बढ़े, हैं, पेट्रोल-डीजल, के, दाम, जानिए, दिल्ली-NCR, मुंबई-बेंगलुरू, में, क्या, हैं, कीमतें</media:keywords>
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    <item>
        <title>Diesel&amp;Petrol Price: पेट्रोल&amp;डीजल 5 रुपए सस्ता, इस सरकार ने घटा दिए तेल के दाम, जानें नईं कीमतें</title>
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        <description><![CDATA[ Petrol-Diesel Price: मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव का असर कई देशों पर पड़ा रहा है. जब भी पेट्रोल डीजल के दाम बदलते हैं तो सबसे पहले इसका असर आम आदमी के महीने के बजट पर पड़ता है. ऐसे में शुक्रवार यानी 16 मई को भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम में 3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी, जबकि इसी बीच पड़ोसी देश पाकिस्तान की सरकार ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कटौती की है. इस खबर ने अब लोगों के बीच नई चर्चा छेड़ दी है.
पाकिस्तान में कितने रुपए सस्ता हुआ पेट्रोल-डीजल?
पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 5 रुपए प्रति लीटर की कटौती की है. कटौती के बाद वहां पेट्रोल की कीमत 409.78 रुपए प्रति लीटर हो गई है. हाई-स्पीड डीजल की कीमत 409.58 प्रति लीटर हो गई है. पाकिस्तान सरकार 28 फरवरी को शुरू हुए अमेरिका-इजरायल-ईरान यूद्ध के बाद से हर शुक्रवार रात पेट्रोलियम कीमतों की समीक्षा कर रही है.
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पिछले हफ्ते सरकार ने पेट्रोल में 14.92 रुपए प्रति लीटर और डीजल में 15 रुपए लीटर बढ़ोतरी की थी. युद्ध शुरू होने के बाद 6 मार्च को सबसे पहले पेट्रोल-डीजल 55 रुपए प्रति लीटर महंगा किया गया था. इसके बाद 9 मार्च को सरकार ने खर्च घटाने के कुछ बड़े फैसला भी लिए थे.
भारत में 3 रुपए महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल
भारत में सरकारी तेल कंपनियों ने चार साल बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बदलाव किया है. शुक्रवार को दोनों ईधनों के दाम में 3 रुपए प्रति लीटर को बढ़ोतरी की गई. पेट्रोल-डीजल की कीमतें अप्रैल 2022 से स्थिर थी. हालांकि, मार्च 2024 में लोकसभा चुनाव से पहले दोनों ईंधनों पर 2 रुपए प्रति लीटर की कटौती की गई थी.&amp;nbsp;
दूसरे देशों के मुकाबले भारत में कम बढ़े दाम
वैश्विक तेल संकट के बाद भी &amp;nbsp;भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी कई बड़े देशों के मुकाबले कम रही है. रिपोर्ट के मुताबिक, म्यांमार में पेट्रोल 89.7 प्रतिशत और डीजल 112.7 प्रतिशत तक महंगा हुआ. इसके अलावा मलेशिया, पाकिस्तान, UAE और अमेरिका में भी ईंधन कीमतों में 40 प्रतिशत से 80 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की गई. वहीं श्रीलंका,कनाडा, ब्रिटेन और फ्रांस में भी पेट्रोल-डीजल तेजी से महंगे हुए हैं. मतलब साफ है कि इसके मुकाबले भारत में पेट्रोल केवल 3.2 प्रतिशत और डीजल 3.2 प्रतिशत महंगा हुआ है.
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        <pubDate>Sat, 16 May 2026 23:30:17 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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    <item>
        <title>Word Longest Oil Pipeline: कैसे काम करती है दुनिया की सबसे बड़ी तेल पाइपलाइन, यह किन&amp;किन देशों से गुजरती है?</title>
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        <description><![CDATA[ Word Longest Crude Oil Pipeline: दुनिया की सबसे लंबी तेल पाइपलाइन एक विशाल औद्योगिक नेटवर्क की तरह काम करती है, जो हजारों किलोमीटर तक फैली हुई है. इस पाइपलाइन की बात करें तो यह ऊबड़-खाबड़ इलाकों और कई देशों की सीमाओं को पार करते हुए हर दिन करोड़ों बैरल कच्चा तेल एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाती है. इसे 1990 के दशक की बेहतरीन इंजीनियरिंग उपलब्धियों में से एक माना जाता है.&amp;nbsp;
कौन सी है दुनिया की सबसे लंबी तेल पाइपलाइन?
दुनिया की सबसे लंबी तेल पाइपलाइन की बात करें तो क्रॉस-कंट्री तेल पाइपलाइन रूस की द्रुजबा पाइपलाइन है. इसे Friendship Pipeline भी कहा जाता है. ये पाइपलाइन रूस से शुरू होकर कई देशों से गुजरते हुए मध्य और उत्तरी यूरोप तक जाती है. यह वैश्विक ऊर्जा सप्लाई का एक जरूरी हिस्सा मानी जाती है.
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आखिर किन देशों से गुजरती है पाइपलाइन?
द्रुजबा पाइपलाइन रूस के अल्मेत्येव्स्क से शुरू होती है और फिर कई देशों से होकर गुजरती है. ये पाइपलाइन खासकर इन देशों को जोड़ती है जैसे...

रूस
बेलारूस
पोलैंड
जर्मनी
यूक्रेन
हंगरी
स्लोवाकिया
चेक गणराज्य

साथ ही इसका नेटवर्क यूरोप के बड़े हिस्से को तेल सप्लाई करता है.
कितनी लंबी है द्रुज़बा पाइपलाइन?

इसके मुख्य ट्रंक लाइन करीब 4 हजार किमी.
वहीं पूरे नेटवर्क ( ब्रांच सहित) करीब 5500 किमी.

ये पाइपलाइन रोजाना लाखों बैरल कच्चा तेल ट्रांसपोर्ट करने की क्षमता रखती है.
दुनिया की अन्य लंबी तेल पाइपलाइनें
द्रुजबा के अलावा भी दुनिया में कई लंबी पाइपलाइनें हैं जैसे...

ESPO Pipeline (रूस से एशिया) &amp;ndash; 4,850 किमी
Keystone Pipeline (कनाडा से USA) &amp;ndash; 3,400 किमी
Kazakhstan&amp;ndash;China Pipeline &amp;ndash; 2,230 किमी
Baku&amp;ndash;Tbilisi&amp;ndash;Ceyhan Pipeline &amp;ndash; 1,768 किमी

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द्रुजबा पाइपलाइन की खास जानकारी

सबसे पहले यह रोजाना लगभग 1.2 से 1.4 मिलियन बैरल तेल ट्रांसपोर्ट कर सकती है.
इसके साथ ही ये 45 से ज्यादा बड़ी नदियों को पार करती है.
वहीं इसे 1960 से 1964 के बीच बनाया गया था.
इसका मकसद सोवियत देशों को सस्ती और भरोसेमंद ऊर्जा देना था.
यह आज भी यूरोप की ऊर्जा जरूरतों में जरूरी भूमिका निभाती है.

ऊर्जा सप्लाई में इसका महत्व क्या है?
द्रुजबा पाइपलाइन केवल एक तकनीकी प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि यह वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा का एक बड़ा हिस्सा है. हालांकि, समय के साथ इसमें कई बदलाव और रुकावटें भी आई हैं, लेकिन यह आज भी यूरोप के लिए कच्चे तेल की एक जरूरी लाइफलाइन बनी हुई है.
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        <pubDate>Sat, 16 May 2026 23:30:16 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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    <item>
        <title>Chinese Street Vendor: फ्राइड राइस बेचकर हर महीने 7 लाख कमा रहा है 19 साल का लड़का, लगाता है ग्लैमर का तड़का</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/chinese-street-vendor-फ्राइड-राइस-बेचकर-हर-महीने-7-लाख-कमा-रहा-है-19-साल-का-लड़का-लगाता-है-ग्लैमर-का-तड़का</link>
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        <description><![CDATA[ Fried Rice Business: चीन से बेहद ही अनोखा मामला सामने आया है. जहां, एक 19 साल के युवा स्ट्रीट वेंडर ने अपने छोटे से फ्राइड राइस स्टॉल के बेहद ही बड़े बिज़नेस में बदलकर हर किसी को पूरी तरह से हैरान कर दिया है. इतना ही नहीं, सूट-बूट पहने इस युवा शेफ की तेज गति के साथ-साथ अनोखे अंदाज में खाना बनाते हुए देखने के लिए न सिर्फ रुकते हैं बल्कि वीडियो भर बनाते हैं.
सोशल मीडिया से मिली लोकप्रियता&amp;nbsp;
&#039;साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट&#039; के मुताबिक, &amp;nbsp;लू नाम का यह युवक अपने परिवार के साथ स्टॉल चलाता है. इन दिनों सोशल मीडिया पर लोकप्रिय होने के बाद से लोग न सिर्फ देखने आते हैं बल्कि इस युवक का वीडियो भी बनाते हैं. तो वहीं, दूसरी तरफ सोशल मीडिया से मिली लोकप्रियता के बाद उसके व्यवसाय में तेजी से बदलाव देखने को मिला है. जिसको लेकर लू ने जानकारी देते हुए बताया कि स्टॉल का मासिक टर्नओवर लगभग 50,000 युआन (करीब 7,07,119 रुपये) तक पहुंच गया है.&amp;nbsp;
फिटिंग सूट पहनकर क्यों बनाते हैं खाना?
आम तौर पर बाजार में काम करते समय लोग ज्यादातर सभ्य दिखाई देते हैं. लेकिन, लू ने सभ्य दिखने की बजाय फिटिंग सूट पहनकर खाना बनाने का बड़ा फैसला लिया. बस फिर क्या था, उनके इस बड़े फैसले ने ग्राहकों को अपनी तरफ तेजी से आकर्षित किया. इसके साथ ही फ्राइड राइस बनाते समय कुछ खास हाव-भाव दिखाता है, जैसे अपने बालों को संवारना, ग्राहकों को देखकर आंख मारना और परिवार द्वारा फेंके गए अंडों को हवा में पकड़कर कड़ाही में डालना, लू के काम करने के तरीके को देखकर हर कोई पूरी तरह से हैरान रह जाता है.&amp;nbsp;
जापानी एनिमे से क्यों की जा रही है लू की तुलना?
इतना ही नहीं, लोग आज कल लू की तुलना जापानी एनिमे &#039;वन पीस&#039; के काल्पनिक रसोइये &#039;सेंजी&#039; से करने में जुटे हुए हैं. तो वहीं, दूसरी तरफ लू ने भी इस तुलना को अपनाया और &#039;#sanjifriedrice&#039; हैशटैग का सोशल मीडिया पर तेजी से इस्तेमाल शुरू कर दिया, जिससे उसके 46 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स हो गए हैं.&amp;nbsp;
केवल तीन मिनट में फ्राइड राइस कर लेते हैं तैयार
दरअसल, यह काम सबसे ज्यादा थका देने वाला है. जहां, स्टॉल रोजाना शाम 5 बजे से रात 11:30 बजे तक खुली रहती है. इतना ही नहीं, लू महज तीन मिनट में फ्राइड राइस की एक प्लेट पूरी तरह से तैयार कर लेता है और रोजाना 200 से ज्यादा प्लेटें बिकती हैं. जहां, &amp;nbsp;एक प्लेट की कीमत 10 युआन (लगभग 141 रुपये) है. इसके अलावा सभी खर्चे निकालने के बाद लू को हर महीने लगभग 20 हजार युआन (करीब ₹2.8 लाख) का बड़ा फायदा होता है, &amp;nbsp;इस काम में उसके पिता भी सामग्री तैयार करने में उसकी सबसे ज्यादा मदद करते हैं.&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 16 May 2026 23:30:15 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Chinese, Street, Vendor:, फ्राइड, राइस, बेचकर, हर, महीने, लाख, कमा, रहा, है, साल, का, लड़का, लगाता, है, ग्लैमर, का, तड़का</media:keywords>
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        <title>Silver News: सोने के बाद अब चांदी पर सख्ती, सरकार ने बदल दिया ये बड़ा नियम, अब कोई भी...</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/silver-news-सोने-के-बाद-अब-चांदी-पर-सख्ती-सरकार-ने-बदल-दिया-ये-बड़ा-नियम-अब-कोई-भी</link>
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        <description><![CDATA[ Silver Bar News: सोने-चांदी को लेकर सरकार हर दिन नए-नए नियम बना रही है. पहले सरकार ने सोने-चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ा दी तो अब सरकार ने चांदी के व्यापार पर बड़ा फैसला लिया है. केंद्र सरकार ने चांदी के आयात पर एक और सख्ती कर दी है. जानिए नया नियम क्या है.
विदेश व्यापार महानिदेशालय यानी डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT) ने आज चांदी के बार यानी ईंट के दो कोड 71069221 और 71069229 को फ्री कैटेगरी से हटाकर वर्जित कैटेगरी में डाल दिया है. मतलब अब कोई भी कारोबारी सीधे बाहर से चांदी की ईंट नहीं मंगा सकता.
अब चांदी सिर्फ तीन रास्तों से ही आएगी

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया यानी आरबीआई के नामित बैंक
डीजीएफटी की नामित एजेंसियां
या इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर अथॉरिटी यानी IFSCA से मंजूर योग्य जौहरी, जो इंडिया इंटरनेशनल बुलियन एक्सचेंज (IIBX) के जरिए आयात करेंगे.&amp;nbsp;

पेट्रोल के दाम बढ़े, अब सरकार ने लगाया 3 रुपए का Tax, इससे आपकी जेब ढीली होगी या नहीं? जानें सबकुछ
तुरंत लागू हो गया है फैसला&amp;nbsp;
बता दें कि यह फैसला तुरंत लागू हो गया है. यह कदम ऐसे समय आया है, जब बस चार दिन पहले ही सरकार ने सोने और चांदी पर इम्पोर्ट ड्यूटी 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत की थी. &amp;nbsp;
गौरतलब है कि साल 2025 में भारत ने 9.2 अरब डॉलर की चांदी मंगाई थी, &amp;nbsp;जो 2024 से 44 प्रतिशत ज्यादा है. चांदी के दाम भी एक साल में लगभग तीन गुना बढ़कर 2.43 लाख रुपए प्रति किलो के पार पहुंच गए हैं.&amp;nbsp;
चांदी का आयात हर तरह से कम करना चाहती है सरकार
व्यापार घाटा भी 333 अरब डॉलर के रिकॉर्ड पर है और रुपए पर भारी दबाव है. यही वजह है कि सरकार चांदी का आयात हर तरह से कम करना चाहती है. पिछले हफ्ते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से एक साल तक सोना नहीं खरीदने की अपील की थी, ताकि विदेशी मुद्रा का खर्च रोका जा सके.
Gold-Silver Price Today: आज घटे या बढ़े सोना-चांदी के दाम? जानिए आपके शहर में क्या हैं ताजा कीमतें ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 16 May 2026 23:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Silver, News:, सोने, के, बाद, अब, चांदी, पर, सख्ती, सरकार, ने, बदल, दिया, ये, बड़ा, नियम, अब, कोई, भी...</media:keywords>
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        <title>Two Luxurious Apartment: 294 करोड़ में साइन हुई मुंबई की सबसे बड़ी अपार्टमेंट डील्स, किसने और क्या खरीदा?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/two-luxurious-apartment-294-करोड़-में-साइन-हुई-मुंबई-की-सबसे-बड़ी-अपार्टमेंट-डील्स-किसने-और-क्या-खरीदा</link>
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        <description><![CDATA[ Godrej Family: गोदरेज परिवार की वंशज और गोदरेज इंडस्ट्रीज ग्रुप की कार्यकारी निदेशक तान्या दुबाश ने मुंबई के पॉश इलाके वर्ली सी फेस पर एक निर्माणाधीन प्रीमियम आवासीय टॉवर में 294 करोड़ रुपये से ज्यादा में समुद्र के सामने वाले (सी-फेसिंग) दो आलीशान अपार्टमेंट खरीदकर हर किसी को हैरान कर दिया है. &amp;nbsp;इकनॉमिक टाइम्स (ET) द्वारा देखे गए संपत्ति पंजीकरण दस्तावेजों से इस मामले की जानकारी हासिल हुई है.&amp;nbsp;
देश के सबसे महंगे आवासीय सौदों में से है एक
इस सौदे के तहत अपार्टमेंट की कीमत लगभग 2.5 लाख प्रति वर्ग फुट से ज्यादा की बताई जा रही है, जो प्रति वर्ग फुट दर के आधार पर देश के सबसे महंगे आवासीय सौदों में से एक की गिनती में आती है.
दरअसल ये दोनों अपार्टमेंट &#039;नमन ज़ाना&#039; (Naman Xana) नाम के &amp;nbsp;अल्ट्रा-लक्जरी टॉवर की 19वीं और 20वीं मंजिल पर स्थित हैं. हांलाकि, कुछ दस्तावेजों का मानना है कि, प्रत्येक अपार्टमेंट का कारपेट एरिया लगभग 5 हजार 812 वर्ग फुट है, जिसके साथ 645 वर्ग फुट की बालकनी भी है. इतना ही नहीं, इस बालकनी को छोड़कर दोनों आवासों का कुल क्षेत्रफल 11 हजार 500 वर्ग फुट से भी ज्यादा है.&amp;nbsp;
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एक कंपनी ने पहले भी खरीदा था डुप्लेक्स अपार्टमेंट
हांलाकि, इस टॉवर में गोदरेज परिवार का यह पहला निवेश नहीं है. पिछले साल भी तान्या दुबाश से जुड़ी एक कंपनी ने इसी प्रोजेक्ट की 30वीं और 31वीं मंजिल पर 225.76 करोड़ में एक डुप्लेक्स अपार्टमेंट खरीदकर सभी को चौंका दिया था. इतना ही नहीं, यह अल्ट्रा-लक्जरी टॉवर देश के सबसे महंगे आवासीय पतों में से एक बनकर सबके सामने आया है जो अरबपति प्रमोटरों, उद्योगपतियों और शीर्ष कॉर्पोरेट अधिकारियों को अपनी तरफ तेजी से आकर्षित कर रहा है.&amp;nbsp;
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आखिर कौन हैं तान्या दुबाश?&amp;nbsp;
आपमें से बेहद ही कम लोगों को तान्या दुबाश के बारे में जानकारी हासिल होगी. आदि गोदरेज की बड़ी बेटी हैं और गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और गोदरेज एग्रोवेट समेत कई सूचीबद्ध गोदरेज समूह की कंपनियों के बोर्ड में पूरी तरह से शामिल हैं. जिसको लेकर विशेषज्ञों ने जानकारी देते हुए कहा कि मुंबई कोस्टल रोड जैसे बुनियादी ढांचे में सुधार की वजह से वर्ली माइक्रो-मार्केट में अल्ट्रा-लक्जरी संपत्तियों की मांग काफी तेजी से बड़ गई है. इसके अलावा &amp;nbsp;बड़े प्रमोटर परिवार और अत्यधिक अमीर लोग (UHNWIs) मुंबई के इन आलीशान आवासों को विरासत संपत्ति के रूप में देख रहे हैं.&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 16 May 2026 23:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Two, Luxurious, Apartment:, 294, करोड़, में, साइन, हुई, मुंबई, की, सबसे, बड़ी, अपार्टमेंट, डील्स, किसने, और, क्या, खरीदा</media:keywords>
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        <title>दिल्ली में मुंबई से सस्ती क्यों है CNG? कीमतों में है इतना बड़ा अंतर, जानें दोनों शहरों में क्या है रेट</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/दिल्ली-में-मुंबई-से-सस्ती-क्यों-है-cng-कीमतों-में-है-इतना-बड़ा-अंतर-जानें-दोनों-शहरों-में-क्या-है-रेट</link>
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        <description><![CDATA[ CNG Price Hike: पेट्रोल- डीजल के बाद हाल ही में CNG की कीमतें भी दिल्ली औक मुंबई में बढ़ गई हैं. जिसकी वजह से अब आम जनता को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा. ये महंगाई की मार हर आम व्यक्ति जो पब्लिक ट्रांसपोर्ट या सीएनजी के भरोसे ट्रेवल करता है उसकी जेब पर पड़ने वाली है.&amp;nbsp;
दिल्ली और मुंबई में अब CNG की कीमत में 2 रुपये प्रति किलो बढ़ा दी गई है. जिसके बाद दिल्ली में CNG का दाम 77.09 रुपये से बढ़कर 79.09 रुपये प्रति किलो हो गया है. तो वहीं मुंबई और आसपास के इलाकों में CNG अब 84 रुपये प्रति किलो मिलेगी.
ये भी पढ़ें: इस राज्य ने फ्यूल पर घटा दिया VAT, 18% से सीधे 7% किया, महंगाई के बीच जनता को मिली राहत
दिल्ली के मुकाबले मुंबई में महंगी CNG, क्यो?दिल्ली और मुंबई दोनों ही जगहों पर CNG की कीमत में 2 रुपये की बढ़ोतरी हुई है. दोनों जगह एक जैसी कीमत बढ़ी है, फिर भी दोनों जगहों की कीमतों में इतना फर्क क्यों? ये सवाल हर किसी के मन में है. दरअसल मुंबई में CNG की कीमत दिल्ली से ज्यादा है क्योंकि मुंबई को महंगी विदेशी LNG (गैस) ज्यादा खरीदना पड़ती है. वहां टैक्स (VAT) ज्यादा है. गैस पहुंचाने और वितरण का खर्च भी ज्यादा आता है. वहीं दिल्ली में गैस सप्लाई अपेक्षाकृत सस्ती पड़ती है, इसलिए यहां पर कीमतें थोड़ी कम हैं.
आम आदमी पर पड़ेगा असरदिल्ली और मुंबई में बड़ी संख्या में ऑटो, टैक्सी और बसों में CNG का ही इस्तेमाल किया जाता है. अब CNG के महंगा होने से यहां ऑटो और टैक्सी का किराया बढ़ सकता है. बस ऑपरेटरों पर भी दबाव बढ़ेगा और रोज यात्रा करने वाले लोगों का खर्च भी बढ़ सकता है. इसी बीच कीमतें बढ़ने के साथ ही मुंबई में ऑटो यूनियनों ने किराया बढ़ाने की मांग भी शुरू कर दी है. वे बेस किराए में 1 रुपये बढ़ाने की बात कर रहे हैं.
ये भी पढ़ें: PM मोदी के UAE दौरे से LPG की टेंशन खत्म! आएगा भारी निवेश, इन सेक्टर्स की चमकेगी किस्मत
महंगी क्यों हुई CNG?बता दें कि मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव की वजह से स्ट्रेट ऑफ होर्मज में सप्लाई रुकने से दुनिया भर में कच्चे तेल और गैस की कीमतों बढ़ोतरी हुई है. जिसकी वजह से ही हाल ही में पेट्रोल- डीजल में भी 3 रुपये की बढ़ोतरी भारत में की गई है. ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 16 May 2026 11:30:18 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>दिल्ली, में, मुंबई, से, सस्ती, क्यों, है, CNG, कीमतों, में, है, इतना, बड़ा, अंतर, जानें, दोनों, शहरों, में, क्या, है, रेट</media:keywords>
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        <title>Sugar Export: चीनी पर सरकार टेंशन में क्यों? स्टॉक भरपूर फिर क्यों अपनाया प्रोटेक्शन मोड? जानें निर्यात बैन की वजह</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/sugar-export-चीनी-पर-सरकार-टेंशन-में-क्यों-स्टॉक-भरपूर-फिर-क्यों-अपनाया-प्रोटेक्शन-मोड-जानें-निर्यात-बैन-की-वजह</link>
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        <description><![CDATA[ Sugar Export Banned: भारत में लगातार बढ़ रही महंगाई मार लोगों की जेब तक आ पहुंची है. बाहर से आने वाले क्रूड ऑइल की लगातार बढ़ती कीमत की वजह से ईंधन की कीमतों में भी इजाफा हुआ है. इसी बीच भारत सरकार ने 13 मई को फैसला किया कि अब चीनी के निर्यात पर सितंबर 2026 तक पूरी तरह रोक रहेगी. इसका मतलब है कि अब भारत से चीनी बाहर नहीं भेजी जाएगी, सिर्फ कुछ बहुत कम मात्रा यूरोप और अमेरिका ही जाएगी. क्या इस फैसला असर महंगाई पर रोक लगाएगा या नहीं?
सरकार ने क्यों किया फैसला?सरकार का ये फैसला महंगाई की मार के बीच आया है, इसके पीछे की वजह अल नीनो बताई जा रही है. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक अल-नीनो (El Ni&amp;ntilde;o) तूफान की वजह से भारत में बारिश कम हो सकती है और गर्मी बढ़ सकती है. जिसकी वजह से अगले साल गन्ने की खेती प्रभावित होने का खतरा है. खासकर 2027-28 की चीनी उत्पादन पर इसका असर पड़ सकता है.
ये भी पढ़ें: Explained: पेट्रोल-डीजल से लेकर EMI तक! आपकी जेब पर कैसे पड़ रही है डबल मार? एक्सपर्ट से समझिए पूरा गणित
इसके अलावा मिडिल ईस्ट में चल रहे संकट के कारण खाद की सप्लाई प्रभावित हो सकती है. गन्ने की फसल को बहुत पानी और खाद चाहिए होती है. अगर खाद कम मिली तो उत्पादन घट सकता है. इतना ही नहीं फिलहाल सरकार को स्टॉक पर पूरा भरोसा भी नहीं है. कुछ चीनी मिलों के पास जितना स्टॉक बताया जा रहा है, उतना वाकई में है या नहीं इस पर भी सरकार को शक है, इसलिए सरकार कोई जोखिम नहीं लेना चाहती है. कई चीनी कंपनियों के शेयर भी गिरे हैं, ऐसे में सरकार का ये शक भी जाहिर है.
इन चीनी कंपनियों के शेयर गिरे



कंपनी
गिरावट (प्रतिशत में)


धामपुर शुगर मिल्स
6.66


द्वारिकेश शुगर इंडस्ट्रीज
5.88


डालमिया भारत शुगर
5.86


बजाज हिंदुस्तान शुगर मिल्स
5.22


उत्तम शुगर मिल्स
5.08


मवाना शुगर्स
4.18


राजश्री शुगर्स&amp;nbsp;
4.02


श्री रेणुका शुगर्स
2.41



देश में चीनी की स्थिति2025-26 में भारत में लगभग 279 लाख टन चीनी उत्पादन होने का अनुमान है. पुराने स्टॉक मिलाकर कुल उपलब्धता लगभग 329 लाख टन है. देश की जरूरत लगभग 280 लाख टन है. यानी फिलहाल चीनी की कमी नहीं है. सरकार ने पहले 20 लाख टन चीनी निर्यात की अनुमति दी थी. उसमें से लगभग 6.5 लाख टन चीनी पहले ही बाहर भेजी जा चुकी है. अब आगे कोई नया निर्यात नहीं होगा.
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क्या बढ़ेंगे चीनी के दाम?फिलहाल घरेलू बाजार में चीनी बेचने पर मिलों को ज्यादा फायदा मिल रहा है. इसलिए वैसे भी एक्सपोर्ट ज्यादा नहीं हो रहा था. बैन लगाने से सरकार ने सिर्फ पूरी तरह रास्ता बंद कर दिया है. सरकार की सबसे बड़ी चिंता ये है कि भविष्य में चीनी की कमी या महंगाई ना बढ़ें, इसलिए पहले से ही सावधानी के तौर पर एक्सपोर्ट रोक दिया है गया है.&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 16 May 2026 11:30:18 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Sugar, Export:, चीनी, पर, सरकार, टेंशन, में, क्यों, स्टॉक, भरपूर, फिर, क्यों, अपनाया, प्रोटेक्शन, मोड, जानें, निर्यात, बैन, की, वजह</media:keywords>
    </item>
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        <title>अब ये वाला टैक्स खत्म करने की तैयारी में सरकार! किसे और कैसे मिलेगा फायदा? जल्द लग सकती है मुहर</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/अब-ये-वाला-टैक्स-खत्म-करने-की-तैयारी-में-सरकार-किसे-और-कैसे-मिलेगा-फायदा-जल्द-लग-सकती-है-मुहर</link>
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        <description><![CDATA[ Withholding Tax: भारत में बढ़ती हुई महगाई के बीच सरकार और RBI देश में विदेशी निवेश को बढ़ावा देने की प्लानिंग कर रही है. इसके लिए सरकार टैक्स सिस्टम को आसान बनाते हुए विदहोल्डिंग टैक्स (Withholding Tax) में बदलाव करने की तैयारी कर रही है. खबरों की मानें तो सरकार की तरफ से इसे खत्म करने की प्लानिंग चल रही है. अगर ऐसा होता है, तो इसका सीधा फायदा निवेशकों, कंपनियों और विदेश से पैसा कमाने वालों को मिल सकता है.
विदहोल्डिंग टैक्स को लेकर सरकार की चिंताद इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले कुछ हफ्तों से विदहोल्डिंग टैक्स को खत्म करने की चर्चा चल रही है. नीति निर्माता विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने और मिडिल में जारी तनाव के बीच विदेशी खाते को सुरक्षित रखने के लिए ये कदम उठाना चाहते हैं. सरकार और RBI इस वजह से चिंता में है क्योंकि विदेशी मुद्रा भंडार में तेजी से गिरावट आ रही है, साथ ही विदेशी निवेशकों की बिकवाली भी है. पिछले दो महीनों में भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में करीब 38 अरब डॉलर की कमी आई है.
साल 2026 में अब तक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक भारतीय बाजारों से लगभग 22.5 अरब डॉलर निकाल चुके हैं. रुपये में भी भारी कमजोरी देखने को मिली है. युद्ध शुरू होने के बाद से रुपया डॉलर के मुकाबले करीब 5% टूट चुका है. ऐसे में सरकार का चिंता करना भी जायज है.
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क्या होता है विदहोल्डिंग टैक्स?विदहोल्डिंग टैक्स वो टैक्स होता है जो किसी भुगतान से पहले ही काट लिया जाता है. जैसे बैंक ब्याज पर TDS, विदेश से मिलने वाली कमाई पर टैक्स कटौती और डिविडेंड या रॉयल्टी पेमेंट पर टैक्स. इसे ही विदहोल्डिंग टैक्स कहा जाता है. जिसका आसान भाषा में मतलब है कि पैसा मिलने से पहले सरकार अपना हिस्सा काट लेती है. सरकार इसे खत्म इसलिए करना चाहती है ताकि टैक्स सिस्टम को आसान बनाया जा सके, विदेशी निवेश को बढ़ाया जा सके, कारोबार की लागत कम हो और कंपनियों- निवेशकों को ज्यादा नकदी मिल सके.
किसे फायदा मिलेगा?

सरकार के इस कदम से विदेशी निवेशकों को फायदा मिलेगा. अगर टैक्स कटौती कम या खत्म होती है, तो भारत में निवेश करना ज्यादा आकर्षक होगा.
कंपनियों के पास तुरंत ज्यादा पैसा बचेगा, जिससे वो निवेश और विस्तार कर सकेंगी.
TDS कम होने से हाथ में मिलने वाली रकम बढ़ सकती है और रिफंड का झंझट कम होगा.
ऐसे स्टार्टअप और IT सेक्टर जो विदेश से पेमेंट लेते हैं, उन्हें टैक्स कटौती से राहत मिल सकती है.
इतना ही नहीं बल्कि आम लोगों को भी टैक्स रिफंड का इंतजार कम करना होगा.
निवेश पर मिलने वाली रकम बढ़ सकती है.
बैंक ब्याज या डिविडेंड पर तुरंत कटने वाला टैक्स कम हो सकता है.

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बता दें कि फिलहाल इस पर सरकार ने कोई फैसला नहीं किया है बल्कि फिलहाल सरकार और RBI दोनों ही इस पर विचार कर रहे हैं. आखिरी फैसला आने के बाद ही साफ होगा कि किन सेक्टरों और लोगों को पूरी राहत मिलेगी. ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 16 May 2026 11:30:17 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>अब, ये, वाला, टैक्स, खत्म, करने, की, तैयारी, में, सरकार, किसे, और, कैसे, मिलेगा, फायदा, जल्द, लग, सकती, है, मुहर</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>अभी तो छंटनी बाकी है! पिछले 14 दिनों में 25000 लोगों की छूटी नौकरी, खत्म हो रहा है IT का सुनहरा दौर</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/अभी-तो-छंटनी-बाकी-है-पिछले-14-दिनों-में-25000-लोगों-की-छूटी-नौकरी-खत्म-हो-रहा-है-it-का-सुनहरा-दौर</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/अभी-तो-छंटनी-बाकी-है-पिछले-14-दिनों-में-25000-लोगों-की-छूटी-नौकरी-खत्म-हो-रहा-है-it-का-सुनहरा-दौर</guid>
        <description><![CDATA[ Tech Layoffs 2026: दुनिया भर की बड़ी टेक कंपनियों में इस समय छंटनी का दौर लगातार जारी है. साल 2026 में अब तक हजारों कर्मचारी अपनी नौकरी गंवा चुके हैं. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मई 2026 के दो हफ्तों में ही करीब 25 हजार टेक कर्मचारियों की नौकरी चली गई. सबसे बड़ी बात ये है कि ज्यादातर कंपनियां अब AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर ज्यादा फोकस कर रही हैं और इसी वजह से कर्मचारियों की संख्या कम की जा रही है. यहां से जानें वो कौन सी कंपनियां हैं, जो ले ऑफ कर रही हैं या कर चुकी हैं और छटनी का असली कारण क्या है, इसकी जानकारी भी यहां दी गई है.
कौन-कौन सी कंपनियों ने निकाले कर्मचारी?
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक PayPal, Cisco और Cloudflare जैसी बड़ी कंपनियों ने हजारों कर्मचारियों की छंटनी की है. सबसे ज्यादा चर्चा PayPal की हो रही है. कंपनी अगले कुछ सालों में अपनी लगभग 20 प्रतिशत वर्कफोर्स कम करने की तैयारी में है. रिपोर्ट्स देखें तो इससे करीब 4700 से ज्यादा कर्मचारी प्रभावित हो सकते हैं. कंपनी अब AI और ऑटोमेशन पर ज्यादा निवेश करना चाहती है. वहीं, Cisco ने भी करीब 4000 नौकरियां खत्म करने का फैसला लिया है. कंपनी का कहना है कि अब वह AI और तेजी से बढ़ते टेक सेक्टर पर फोकस करना चाहती है.&amp;nbsp;
अब ये वाला टैक्स खत्म करने की तैयारी में सरकार! किसे और कैसे मिलेगा फायदा? जल्द लग सकती है मुहर
क्या है छटनी की वजह?
पहले कंपनियां लागत कम करने या बिजनेस घाटे की वजह से कर्मचारियों को निकालती थीं, लेकिन अब तस्वीर बदल रही है. अब AI को सबसे बड़ा कारण माना जा रहा है. कई कंपनियों का कहना है कि AI की मदद से कई काम तेजी और कम लागत में हो रहे हैं. ऐसे में कंपनियां छोटी टीम के साथ ज्यादा काम करना चाहती हैं. यही वजह है कि टेक सेक्टर में लगातार रिस्ट्रक्चरिंग यानी बदलाव देखने को मिल रहा है.
लिंक्डइन से लेकर फ्रेशवर्क्स तक असर
छंटनी की मार सिर्फ अमेरिकी कंपनियों तक सीमित नहीं है. लिंक्डइन, फ्रेशवर्क्स, कॉइनबेस और ट्रूकॉलर जैसी कंपनियां भी कर्मचारियों की संख्या घटा रही हैं. फ्रेशवर्क्स ने करीब 500 कर्मचारियों की छंटनी की है. कंपनी का कहना है कि AI की वजह से काम करने का तरीका तेजी से बदल रहा है.&amp;nbsp;
कर्मचारियों में बढ़ रही चिंता
लगातार हो रही छंटनी की वजह से टेक इंडस्ट्री में काम करने वाले लोगों के बीच डर और अनिश्चितता बढ़ रही है. सोशल मीडिया और Reddit जैसे प्लेटफॉर्म पर भी लोग नौकरी को लेकर चिंता जाहिर कर रहे हैं. कई लोग मानते हैं कि आने वाले समय में AI की वजह से और नौकरियां प्रभावित हो सकती हैं. हालांकि, कुछ एक्सपर्ट्स का कहना है कि AI पूरी तरह इंसानों की जगह नहीं ले सकता. नए दौर में वही लोग ज्यादा सुरक्षित रहेंगे जो नई टेक्नोलॉजी सीखते रहेंगे और खुद को लगातार अपडेट करेंगे.
इस राज्य ने फ्यूल पर घटा दिया VAT, 18% से सीधे 7% किया, महंगाई के बीच जनता को मिली राहत
क्या करना चाहिए?
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में टेक कंपनियों में रिस्ट्रक्चरिंग और बढ़ सकती है. कंपनियां अब कम कर्मचारियों के साथ ज्यादा काम करने की प्लानिंग पर काम कर रही हैं. फिलहाल टेक सेक्टर में नौकरी करने वालों के लिए सबसे जरूरी चीज है नई स्किल सीखना और AI के साथ काम करने की क्षमता बढ़ाना,&amp;nbsp;क्योंकि अब इंडस्ट्री तेजी से बदल रही है और आने वाला समय पूरी तरह टेक्नोलॉजी और ऑटोमेशन का माना जा रहा है. ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 16 May 2026 11:30:16 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>अभी, तो, छंटनी, बाकी, है, पिछले, दिनों, में, 25000, लोगों, की, छूटी, नौकरी, खत्म, हो, रहा, है, का, सुनहरा, दौर</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>होर्मुज अब बीते कल की बात, UAE बना रहा है तेल की नई पाइपलाइन, दोगुनी होगी निर्यात क्षमता</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/होर्मुज-अब-बीते-कल-की-बात-uae-बना-रहा-है-तेल-की-नई-पाइपलाइन-दोगुनी-होगी-निर्यात-क्षमता</link>
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        <description><![CDATA[ UAE New Pipeline Project: मिडिल ईस्ट युद्ध के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे खतरनाक चोकपॉइंट बन गया है. यहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है लेकिन फिलहाल ईरान से इस रास्ते को ब्लॉक कर दिया है. इससे कच्चे तेल का आयात- निर्यात बंद हो गया और सीधा असर ईंधन की कीमत पर नजर आया है. लेकिन अब संयुक्त अरब अमीरत यानी यूएई ने इसका तोड़ निकाल लिया है. यहां से इसके बारे में विस्तार से जानें.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ें- पेट्रोल-डीजल-CNG महंगा, एल नीनो से फसलें बर्बाद और बढ़ेगी EMI! आखिर क्या है &#039;महंगाई का दुष्चक्र&#039;?
क्या है यूएई का मास्टप्लान?यूएई अब होर्मुज को बाइपास करके पश्चिम से पूर्व तट तक एक नई पाइपलाइन बना रहा है. नई पाइपलाइन के शुरू होने से फुजैरा से तेल निर्यात की क्षमता दोगुनी हो जाएगी. अभी जो हबशान-फुजैरा पाइपलाइन रोजाना 18 लाख बैरल तेल ले जाती है वही रोज 18 लाख बैरल तेल ले जा पाएगी.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ें- बिना एक भी रुपया खर्च किए कर सकते हैं ये 3 बिजनेस, कुछ ही महीनों में हो जाएंगे मालामाल
कब तक शुरू होगी नई पाइपलाइन?अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद ने कार्यकारी समिति की बैठक के दौरान अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी को पश्चिम-पूर्व पाइपलाइन परियोजना में तेजी लाने का निर्देश दिया। उम्मीद है कि साल 2027 से ये नई पाइपलाइन शुरू हो जाएगी, जिसके बाद होर्मुज जलडमरूमध्य &amp;nbsp;को आसानी से बायपास कर दिया जाएगा.
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
फुजैराह पहले से ही दुनिया के बड़े तेल स्टोरेज और बंकरिंग हब्स में शामिल है. अब इस नए प्रोजेक्ट के बाद यहां से तेल एक्सपोर्ट क्षमता काफी बढ़ जाएगी. विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम यूएई की ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक बाजार में उसकी पकड़ को और मजबूत करेगा. मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और तेल सप्लाई को लेकर चिंता के बीच यूएई लगातार अपने ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में जुटा है. ADNOC का यह प्रोजेक्ट आने वाले समय में वैश्विक तेल बाजार के लिए बड़ा गेमचेंजर साबित हो सकता है. इससे यूएई को तेल निर्यात के लिए होर्मुज रूट पर कम निर्भर रहना पड़ेगा और वैश्विक सप्लाई को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी. ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 15 May 2026 19:30:15 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>होर्मुज, अब, बीते, कल, की, बात, UAE, बना, रहा, है, तेल, की, नई, पाइपलाइन, दोगुनी, होगी, निर्यात, क्षमता</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>Petrol Diesel Price: 2014 से अब तक पेट्रोल&amp;डीजल में दाम में कितना हुआ इजाफा? कब&amp;कब कितनी बढ़ी कीमतें?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/petrol-diesel-price-2014-से-अब-तक-पेट्रोल-डीजल-में-दाम-में-कितना-हुआ-इजाफा-कब-कब-कितनी-बढ़ी-कीमतें</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/petrol-diesel-price-2014-से-अब-तक-पेट्रोल-डीजल-में-दाम-में-कितना-हुआ-इजाफा-कब-कब-कितनी-बढ़ी-कीमतें</guid>
        <description><![CDATA[ Petrol Diesel Price Hike: इंटरनेशनल मार्केट में लगातार कच्चे तेल की कीमतों के बढ़ने का असर अब भारत में भी दिखने लगा है. आज यानी 15 मई को भारत सरकार ने पेट्रोल- डीजल की कीमतों मे इजाफा कर दिया है. सरकार की तरफ से पेट्रोल- डीजल पर 3 रुपये और सीएनजी पर 2 रुपये की बढ़ोतरी की है. जिससे आम आदमी की जेब पर अच्छा- खासा दबाव बना है.
हालांकि ये कोई पहली बार नहीं है पेट्रोल- डीजल के दामों में इस कदर उछाल आया हो, पिछले 12 सालों में यानी 2014 से अब तक कई बार पेट्रोल- डीजल की कीमतों में उछाल देखा गया है. आइये बताते हैं इसका ग्राफ.
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यहां देखें साल के हिसाब से पेट्रोल और डीजल की कीमत में कितना बदलाव आया है.



साल
पेट्रोल की कीमत (एवरेज)
डीजल की कीमत (एवरेज)


2014
71 रुपये 41 पैसे
55 रुपये 49 पैसे


2015
66 रुपये 29 पैसे
52 रुपये 28 पैसे


2016
63 रुपये 02 पैसे
46 रुपये 43 पैसे


2017
68 रुपये 09 पैसे
57 रुपये 35 पैसे


2018
74 रुपये 63 पैसे
65 रुपये 93 पैसे


2019
73 रुपये 13 पैसे
66 रुपये 71 पैसे


2020
69 रुपये 59 पैसे
62 रुपये 29 पैसे


2021
90 रुपये 40 पैसे
80 रुपये 73 पैसे


2022
96 रुपये 72 पैसे
89 रुपये 62 पैसे


2026
97 रुपये 77 पैसे
90 रुपये 67 पैसे



बता दें कि 2022 के बाद से यानी पांच साल बाद आज 15 मई 2026 को पेट्रोल- डीजल की कीमतें बढ़ी हैं. साल 2014 में देश के कई शहरों में पेट्रोल करीब 70-75 रुपये प्रति लीटर था. जो 2021-22 तक 100 रुपये के पार पहुंच गया था. अब 2026 में फिर से कीमतों में बढ़ोतरी ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है.

ये भी पढ़ें: आजादी के समय कितने रुपए लीटर मिलता था पेट्रोल? इतने में फुल हो जाती थी टंकी, चौंकाने वाली है कीमत
गौरतलब है कि साल 2020 के बाद कोरोना काल और फिर ग्लोबल सप्लाई संकट के चलते पेट्रोल तेजी से महंगा हुआ. 2021 में कई शहरों में पहली बार पेट्रोल 100 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंचा. यही वो दौर था जब पेट्रोल- डीजल की कीमतों में तेजी से उछाल आया. जिसके बाद मई 2026 में कई शहरों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 3 प्रति लीटर तक बढ़ोतरी की गई है. ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 15 May 2026 19:30:14 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Petrol, Diesel, Price:, 2014, से, अब, तक, पेट्रोल-डीजल, में, दाम, में, कितना, हुआ, इजाफा, कब-कब, कितनी, बढ़ी, कीमतें</media:keywords>
    </item>
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        <title>मसालों, चायपत्ति से लेकर चावल तक... सब हुआ महंगा, अभी और बढ़ेंगे दाम, देखें सामानों की ताजा रेट लिस्ट</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/मसालों-चायपत्ति-से-लेकर-चावल-तक-सब-हुआ-महंगा-अभी-और-बढ़ेंगे-दाम-देखें-सामानों-की-ताजा-रेट-लिस्ट</link>
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        <description><![CDATA[ सखी सैयां तो खूब ही कमात है, महंगाई डायन खाए जात है... महंगाई की मार ने हर घर में हाहाकार मचा दिया है. दूध का रेट तो बढ़े ही थे लेकिन तेल, मसाले, साबून, शैंपू ने भी जीना मुश्किल कर दिया है. बीते 2 महीनों में तकरीबन 10 से 30 फीसदी की बढ़ोदरी हुई है. यहां से आप सभी सामानों की रेट लिस्ट देख सकते हैं और जान सकते हैं कि ये आपका कितना बजट बिगाड़ने वाली है.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ें- होर्मुज अब बीते कल की बात, UAE बना रहा है तेल की नई पाइपलाइन, दोगुनी होगी निर्यात क्षमता
यहां देखें रेट लिस्ट-&amp;nbsp;



सामान&amp;nbsp;
पुराने दाम
नए दाम


मूंगफली
160 प्रति किलो
200 प्रति किलो


रिफाइंड ऑयल
135 प्रति लीटर
148 प्रति लीटर


सरसों तेल
170 प्रति लीटर
190 प्रति लीटर


चावल
60- 120 प्रति किलो
70- 130 प्रति किलो


जीरा
300 प्रति किलो
360 प्रति किलो


चायपत्ती&amp;nbsp;
500 प्रति किलो
545 प्रति किलो


सूखा धनिया
180 प्रति किलो
220 प्रति किलो


लाल मिर्च&amp;nbsp;
300 प्रति किलो
350 प्रति किलो


हल्दी पाउडर
210 प्रति किलो
250 प्रति किलो



&amp;nbsp;
बता दें कि इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च की डायरेक्टर मेघा अरोड़ा ने बताया है कि थोक महंगाई और बढ़कर नौ फीसदी तक पहुंच सकती है. मेघा अरोड़ा के अनुसार, &amp;nbsp;ऊंची ऊर्जा कीमतों का असर पूरी अर्थव्यवस्था पर नजर आएगा.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ें- पेट्रोल-डीजल-CNG महंगा, एल नीनो से फसलें बर्बाद और बढ़ेगी EMI! आखिर क्या है &#039;महंगाई का दुष्चक्र&#039;?
खुदरा महंगाई दर की क्या है हालत?बता दें कि अप्रैल 2026 में भारती की खुदरा महंगाई दर यानी CPI 3.48 प्रतिशत पर पहुंच गई है. आश्चर्य की बात ये है कि एक महीना पहले ही यानी मार्च में ये 3.40 प्रतिशत थी. मई 2026 के आंकड़े जून 2026 में बताए जाएंगे.&amp;nbsp;
क्यों बढ़ रही है राशन की कीमत?मिडिल ईस्ट के यु्द्ध ने सिर्फ पेट्रोल-डीजल और दूध ही नहीं, राशन के सामान पर भी असर डाला है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में टैक्स, कच्चा तेल जैसी चीजों के रेट में काफी बदलाव हुए हैं और इसकी असर खुदरा सामान पर भी पड़ रहा है.&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 15 May 2026 19:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>ऐतिहासिक गिरावट! मंदी और वैश्विक तनाव के आगे बेबस हुआ रुपया, पहली बार 96 के पार निकला डॉलर</title>
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        <description><![CDATA[ Rupee Crash: भारतीय रुपया लगातार कमजोर होता जा रहा है. शुक्रवार को पहली बार ऐसा हुआ जब डॉलर के मुकाबले रुपया 96 के स्तर के पार चला गया. यानी अब 1 डॉलर खरीदने के लिए पहले से ज्यादा रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं. इसका सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था और आम लोगों की जेब पर पड़ सकता है. बता दें कि कल ही यानी 14 मई को इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज मार्केट में रुपया 95.74 से खिसक कर 95.86 पर आता दिखा, इसका मतलब है कि सीधा 20 पैसे की कमी आई. इसके पहले भी 13 मई को भी रुपया 95.80 पर पहुंचने के बाद 95.66 प्रति डॉलर पर नजर आया. लेकिन अब तो हालात बद से बदतर हो गए हैं और रुपया 96 पहुंच गया है. &amp;nbsp;
आखिर रुपया कमजोर क्यों हो रहा है?
पिछले कुछ दिनों से अंतरराष्ट्रीय बाजार में काफी हलचल है. मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने की वजह से कच्चे तेल की कीमतें ऊपर जा रही हैं. भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल विदेशों से खरीदता है. ऐसे में जब तेल महंगा होता है तो भारत को ज्यादा डॉलर खर्च करने पड़ते हैं. इसी वजह से रुपये पर दबाव बढ़ता है और उसकी कीमत गिरने लगती है.
इस समय रुपये में गिरावट की सबसे बड़ी वजह बढ़ती तेल कीमतें और विदेशी निवेशकों की बिकवाली मानी जा रही है. विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं और डॉलर खरीद रहे हैं. इससे डॉलर मजबूत हो रहा है और रुपया कमजोर पड़ रहा है. इसके अलावा दुनिया भर में आर्थिक अनिश्चितता भी बनी हुई है. ऐसे माहौल में निवेशक सुरक्षित निवेश की तरफ जाते हैं, जिससे अमेरिकी डॉलर की मांग और बढ़ जाती है.
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आम आदमी पर क्या असर पड़ेगा?
रुपये के कमजोर होने का असर धीरे-धीरे हर व्यक्ति तक पहुंचता है. सबसे पहले पेट्रोल और डीजल महंगे हो सकते हैं. क्योंकि भारत तेल बाहर से खरीदता है और भुगतान डॉलर में होता है. अगर तेल महंगा हुआ तो ट्रांसपोर्ट का खर्च बढ़ेगा. इसका असर सब्जियों, राशन, दूध और रोजमर्रा की दूसरी चीजों पर भी दिखाई दे सकता है. यानी आने वाले दिनों में महंगाई बढ़ने की आशंका है. इसके अलावा मोबाइल, लैपटॉप और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक सामान भी महंगे हो सकते हैं, क्योंकि इनमें इस्तेमाल होने वाला काफी सामान विदेशों से आता है.
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शेयर बाजार पर भी असर
रुपये में गिरावट का असर शेयर बाजार पर भी देखने को मिला. निवेशकों में थोड़ी चिंता का माहौल है. हालांकि आईटी कंपनियों को कमजोर रुपये से फायदा हो सकता है, क्योंकि उनकी कमाई डॉलर में होती है. लेकिन बाकी सेक्टरों के लिए यह स्थिति ज्यादा अच्छी नहीं मानी जा रही.
क्या डॉलर 100 रुपये तक जाएगा?
अब बाजार में यह चर्चा भी शुरू हो गई है कि क्या आने वाले समय में डॉलर 100 रुपये तक पहुंच सकता है. फिलहाल एक्सपर्ट्स मानते हैं कि ऐसा तुरंत होना मुश्किल है, लेकिन अगर अंतरराष्ट्रीय हालात और बिगड़े तो दबाव बढ़ सकता है. हालांकि RBI लगातार हालात पर नजर रखे हुए है. जरूरत पड़ने पर रिजर्व बैंक बाजार में दखल देकर रुपये को संभालने की कोशिश कर सकता है. फिलहाल, आम लोगों के लिए सबसे बड़ी चिंता यही है कि अगर रुपया लगातार कमजोर होता रहा, तो महंगाई और बढ़ सकती है. ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 15 May 2026 19:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>ऐतिहासिक, गिरावट, मंदी, और, वैश्विक, तनाव, के, आगे, बेबस, हुआ, रुपया, पहली, बार, के, पार, निकला, डॉलर</media:keywords>
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    <item>
        <title>Gig Workers Strike: Zomato&amp;Swiggy डिलीवरी ठप! महंगे पेट्रोल के खिलाफ गिग वर्कर्स की हड़ताल का ऐलान, रखी ये मांग</title>
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        <description><![CDATA[ Gig Workers Strike Petrol Price: देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ने के बाद अब इसका असर ऐप आधारित डिलीवरी और कैब सेवाओं पर भी दिखने लगा है. गिग एवं प्लेटफॉर्म सर्विस वर्कर्स यूनियन (GIPSWU) ने बढ़ती ईंधन कीमतों के खिलाफ विरोध का ऐलान किया है. यूनियन ने कहा है कि शुक्रवार को दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक गिग वर्कर्स ऐप बंद रखकर विरोध जताएंगे.
यूनियन का कहना है कि पेट्रोल-डीजल महंगा होने से सबसे ज्यादा असर डिलीवरी बॉय और ड्राइवरों पर पड़ रहा है. Swiggy, Zomato, Blinkit, Zepto, Ola, Uber और Rapido जैसी कंपनियों के लिए काम करने वाले लाखों वर्कर्स अपनी कमाई के लिए पूरी तरह बाइक और स्कूटर पर निर्भर हैं. ऐसे में ईंधन के दाम बढ़ने से उनकी रोज की बचत लगातार कम होती जा रही है.
20 रुपये प्रति किलोमीटर रेट की मांग
यूनियन ने कंपनियों से मांग की है कि गिग वर्कर्स के लिए कम से कम 20 रुपये प्रति किलोमीटर सर्विस रेट तय किया जाए. यूनियन का कहना है कि जब पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ते हैं तो खर्च तुरंत बढ़ जाता है, लेकिन कंपनियां डिलीवरी चार्ज या प्रति किलोमीटर भुगतान नहीं बढ़ातीं.
GIPSWU की अध्यक्ष सीमा सिंह ने कहा कि भीषण गर्मी में लंबे समय तक काम करने वाले डिलीवरी वर्कर्स पहले से ही दबाव में हैं. अब ईंधन महंगा होने से उनकी परेशानी और बढ़ गई है. उन्होंने कहा कि अगर कंपनियां भुगतान बढ़ाने पर फैसला नहीं लेतीं तो आने वाले समय में आंदोलन और तेज किया जाएगा.
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1 करोड़ से ज्यादा वर्कर्स पर असर
यूनियन के नेशनल कोऑर्डिनेटर निर्मल गोराना ने कहा कि देश में करीब 1 करोड़ 20 लाख गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स हैं. इनमें फूड डिलीवरी, ग्रॉसरी डिलीवरी, लॉजिस्टिक्स और कैब सेवाओं से जुड़े लोग शामिल हैं.
उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल महंगा होने का सीधा असर इन वर्कर्स की कमाई पर पड़ता है, क्योंकि उन्हें अपनी जेब से पेट्रोल, गाड़ी की सर्विस और बाकी खर्च उठाने पड़ते हैं.
सरकार से भी की मांग
यूनियन ने सरकार से मांग की है कि ऐप आधारित कंपनियों को भुगतान बढ़ाने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए जाएं, ताकि बढ़ती ईंधन कीमतों का पूरा बोझ वर्कर्स पर न पड़े.
यूनियन का कहना है कि शुक्रवार को होने वाला यह विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहेगा और इसका मकसद गिग वर्कर्स की आर्थिक परेशानियों को सरकार और कंपनियों तक पहुंचाना है.
मसालों, चायपत्ति से लेकर चावल तक... सब हुआ महंगा, अभी और बढ़ेंगे दाम, देखें सामानों की ताजा रेट लिस्ट ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 15 May 2026 19:30:11 +0530</pubDate>
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    </item>
    <item>
        <title>Petrol Saving: WFH से  30000 लीटर पेट्रोल बचाएगी ये दिग्गज कंपनी, कर दिया ऐलान, काम के साथ होगी बचत</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/petrol-saving-wfh-से-30000-लीटर-पेट्रोल-बचाएगी-ये-दिग्गज-कंपनी-कर-दिया-ऐलान-काम-के-साथ-होगी-बचत</link>
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        <description><![CDATA[ Work From Home: शादी.कॉम (Shaadi.com) के संस्थापक और सीईओ अनुपम मित्तल को कौन नहीं जानता होगा. इन दिनों सोशल मीडिया पर अनुपम मित्तल जमकर सुर्खियां बटोर रहे हैं. जहां, हाल ही में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्क फ्रॉम होम को लेकर खास अपील की थी. जिसके बाद से उन्होंने ने भी अपने कर्मचारियों के लिए सप्ताह में एक दिन घर से काम करने की बड़ी घोषणा की है.&amp;nbsp;
ईंधन की बचत और राष्ट्र निर्माण
इसके अलावा अनुपम मित्तल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म &#039;X&#039; पर इस फैसले को शेयर करते हुए यह बताया कि कंपनी में अब हर बुधवार को &#039;वर्क फ्रॉम होम&#039; रहेगा. इसके साथ ही उन्होंने एक गणितीय अनुमान को लेकर जानकारी देते हुए बताया कि उनके लगभग 500 कर्मचारियों के एक दिन घर से काम करने से साल भर में करीब 30 हजार लीटर पेट्रोल की बचत होगी.&amp;nbsp;
Work From Home: UP में वर्क फ्रॉम होम, CM योगी ने पेट्रोल-डीजल बचाने के लिए हफ्ते में 2 दिन WFH देने को कहा
इतना ही नहीं, अनुपम मित्तल ने अपनी पोस्ट में यह लिखा कि &amp;nbsp;&quot;कभी सोचा नहीं था, लेकिन 500 कर्मचारियों के लिए 1 दिन का रिमोट वर्क मतलब साल में 30 हजार लीटर पेट्रोल की एक बड़ी बचत कर सकेगा. इसके साथ ही उन्होंने यह भी लिखा कि अब बुधवार को वर्क फ्रॉम होम होगा. तो वहीं, &amp;nbsp;उन्होंने इसे एक &quot;छोटा कदम लेकिन सच्ची मंशा&quot; वाला फैसला भी बताया है. जहां, उनके मुताबिक राष्ट्र निर्माण के लिए हमेशा बड़े बलिदानों की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि सड़क पर वाहनों की संख्या कम करके भी इसकी बेहतरीन शुरुआत की जा सकती है.&amp;nbsp;
2 हजार से ज्यादा अब नहीं भरा पाएंगे पेट्रोल, संकट के बीच इस राज्य में शुरू राशनिंग; जानें नया नियम
सोशल मीडिया पर लोगों की विभिन्न प्रतिक्रियाएं
जैसे ही अनुपम मित्तल ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस पोस्ट को शेयर किया वैसे ही कई लोगों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ देखने को मिल रही है. जहां, लाखों लोग उनके इस पोस्ट को जमकर पसंद कर रहे हैं. तो वहीं, कई अन्य यूजर्स ने उनके इस फैसले को पर्यावरण के हित में बताते हुए जमकर सराहना भी की है.&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 15 May 2026 07:30:30 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Petrol, Saving:, WFH, से, 30000, लीटर, पेट्रोल, बचाएगी, ये, दिग्गज, कंपनी, कर, दिया, ऐलान, काम, के, साथ, होगी, बचत</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>तेल के लिए भारत&amp;UAE के बीच बिछेगी सीधी अंडरवाटर पाइपलाइन, हॉर्मुज संकट का मास्टर प्लान तैयार&amp; रिपोर्ट</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/तेल-के-लिए-भारत-uae-के-बीच-बिछेगी-सीधी-अंडरवाटर-पाइपलाइन-हॉर्मुज-संकट-का-मास्टर-प्लान-तैयार-रिपोर्ट</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/तेल-के-लिए-भारत-uae-के-बीच-बिछेगी-सीधी-अंडरवाटर-पाइपलाइन-हॉर्मुज-संकट-का-मास्टर-प्लान-तैयार-रिपोर्ट</guid>
        <description><![CDATA[ India-UAE Direct Pipeline News:&amp;nbsp;ईरान वॉर के बीच भारत ने दुनिया के सबसे बिज़ी समुद्री रास्ते &#039;स्ट्रेट ऑफ होर्मुज&#039; को बायपास करने का मास्टप्लान तैयार कर लिया है.&amp;nbsp;भारत एक ऐसी महात्वाकांक्षी योजना पर विचार कर रहा है, जो सीधे खाड़ी देशों से भारत तक तेल और गैस पहुंचाएगी. भारत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच एक डायरेक्ट अंडर-सी पाइपलाइन यानी समंदर के नीचे से गुजरने वाली पाइपलाइन की सुगबुगाहट तेज हो गई है.
एनडीटीवी प्रॉफिट की रिपोर्ट के मुताबिक,&amp;nbsp;यह प्रस्ताव इस समय भारत सरकार के उच्चतम स्तर पर विचाराधीन है. पीएमओ इस प्रोजेक्ट के रणनीतिक फायदों का आकलन कर रहा है.
एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के मुताबिक, &quot;यह केवल तत्काल संकट के प्रबंधन के बारे में नहीं है, बल्कि अगले दो-तीन दशकों के लिए भारत की ऊर्जा आपूर्ति सीरीज में रणनीतिक लचीलापन बनाने के बारे में है.&quot; यह पाइपलाइन न केवल कच्चे तेल बल्कि एलएनजी और एलपीजी की सीधी सप्लाई भी सुनिश्चित करेगी.
आसमान में महंगाई की आग, अब जेट फ्यूल की कीमत हुई दोगुनी, हवाई सफर पर ढीली होगी जेब
इस पाइपलाइन के क्या फायदे होंगे?

समुद्री टैंकरों पर होने वाले हमलों और समुद्री डकैती का खतरा खत्म हो जाएगा.
लागत में कमी आएगी, क्योंकि समुद्री रास्तों में अक्सर तनाव के दौरान शिपिंग फ्रेट रेट्स और इंश्योरेंस प्रीमियम यानी बीमा की लागत बहुत बढ़ जाती है. डायरेक्ट पाइपलाइन होने से भारत इन अस्थिर कीमतों से बच सकेगा.
यह भारत को भविष्य के लिए एक स्थिर और विश्वसनीय ऊर्जा पार्टनर के रूप में UAE के साथ और भी मजबूती से जोड़ेगा.

हालांकि, यह प्रोजेक्ट आसान नहीं रहने वाला है. विशेषज्ञों का मानना है कि समंदर के गहरे पानी में इतनी लंबी पाइपलाइन बिछाना एक इंजीनियरिंग चुनौती है. इसमें भारी निवेश की जरूरत होगी और इसे पूरा होने में कम से कम 5 से 7 साल का समय लग सकता है. लेकिन रणनीतिक लिहाज से भारत अब जोखिम नहीं लेना चाहता. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आगामी UAE यात्रा के दौरान इस मुद्दे पर महत्वपूर्ण चर्चा होने की उम्मीद है.
इसकी जरूरत क्यों पड़ी?&amp;nbsp;
दरअसल भारत अपनी जरूरत का करीब आधा कच्चा तेल और लगभग 90 फीसदी एलपीजी इसी रास्ते से मंगाता है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक ऐसा चोकपॉइंट है, जहां जरा सा भी तनाव होने पर भारत की पूरी एनर्जी सप्लाई चेन ठप हो सकती है और ऐसा फिलहाल देखने को भी मिल रहा है.
महंगा पेट्रोल-डीजल नहीं बेचने पर रोका जा रहा स्टॉक, डीलर्स की संस्था CIPD के HPCL पर गंभीर आरोप
हाल के दिनों में खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने भारत की चिंताएं बढ़ा दी हैं. अगर यह रास्ता बंद होता है या यहां युद्ध जैसे हालात बनते हैं, तो न केवल तेल की कीमतें आसमान छुएंगी, बल्कि भारत में ईंधन की भारी किल्लत हो सकती है. ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 15 May 2026 07:30:29 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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    <item>
        <title>नॉर्मल पेट्रोल और प्रीमियम पेट्रोल में क्या है अंतर, दोनों की कीमत में कितना फर्क है, बढ़ा लें अपनी नॉलेज</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/नॉर्मल-पेट्रोल-और-प्रीमियम-पेट्रोल-में-क्या-है-अंतर-दोनों-की-कीमत-में-कितना-फर्क-है-बढ़ा-लें-अपनी-नॉलेज</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/नॉर्मल-पेट्रोल-और-प्रीमियम-पेट्रोल-में-क्या-है-अंतर-दोनों-की-कीमत-में-कितना-फर्क-है-बढ़ा-लें-अपनी-नॉलेज</guid>
        <description><![CDATA[ Normal vs Premium Petrol: इन दिनों पेट्रोल को लेकर देशभर में काफी चर्चा हो रही है. जब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईंधन की खपत पर लगाम लगाने की बात कही है, तभी से लोगों को लग रहा है कि इसकी कीमतें बढ़ सकती हैं. हालांकि फिलहाल इसे लेकर कोई घोषणा या पुख्ता जानकारी नहीं सामने आई है. इसी बीच हम आपको पेट्रोल के बारे में थोड़ी सी जानकारी देंगे, क्या आप जानते हैं कि दो तरह के पेट्रोल भारत में इस्तेमाल किए जाते हैं.
भारत में पेट्रोल मुख्य तौर पर दो तरह का मिलता है, पहला नॉर्मल पेट्रोल और दूसरा प्रीमियम पेट्रोल. दोनों का काम गाड़ी चलाना ही है, लेकिन दोनों में अलग- अलग गुण होते हैं और दोनों की कीमतों में भी काफी डिफरेंस होता है.
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नॉर्मल पेट्रोल क्या है?नॉर्मल पेट्रोल वो ईंधन है, जो आमतौर पर रोजमर्रा की गाड़ियों बाइक, स्कूटर और कारों में इस्तेमाल होता है. इसे रेगुलर पेट्रोल भी कहा जाता है. भारत में सादा पेट्रोल का ऑक्टेन नंबर आमतौर पर 91 होता है, जो सामान्य इंजन वाली गाड़ियों के लिए पर्याप्त माना जाता है.
प्रीमियम पेट्रोल क्या है?प्रीमियम पेट्रोल एक खास तरह का पेट्रोल होता है, जिसमें नॉर्मल पेट्रोल की तुलना में ज्यादा ऑक्टेन और कुछ एडवांस एडिटिव्स मिलाए जाते हैं. इसे हाई-परफॉर्मेंस वाहनों के लिए बेहतर माना जाता है. भारत में प्रीमियम पेट्रोल का ऑक्टेन नंबर आमतौर पर 95 या उससे ज्यादा होता है.
नॉर्मल पेट्रोल और प्रीमियम पेट्रोल में अंतर?

दोनों के ऑक्टेन नंबर में फर्क होता है, जो बताता है कि ईंधन इंजन में कितनी आसानी से और नियंत्रित तरीके से जलता है.
हाई ऑक्टेन पेट्रोल हाई-परफॉर्मेंस इंजन में बेहतर काम करता है और नॉकिंग यानी इंजन में झटके या आवाज की समस्या को कम करता है.
प्रीमियम पेट्रोल में कुछ खास एडिटिव्स मिलाए जाते हैं, जो इंजन को साफ रखने, कार्बन जमा होने से बचाने और इंजन की परफॉर्मेंस बेहतर करने में मदद करते हैं.
इससे कई बार गाड़ी की स्मूदनेस और माइलेज में भी थोड़ा सुधार देखने को मिलता है.

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किस गाड़ी में कौन सा पेट्रोल डलवाएं?अगर आपकी गाड़ी का इंजन सामान्य है और कंपनी ने नॉर्मल पेट्रोल की सलाह दी है, तो सादा पेट्रोल ही भरवाएं. लेकिन स्पोर्ट्स बाइक, लग्जरी कार या टर्बो इंजन वाली गाड़ियों में कंपनी अक्सर हाई ऑक्टेन फ्यूल इस्तेमाल करने की सलाह देती है. ऐसी गाड़ियों में प्रीमियम पेट्रोल बेहतर प्रदर्शन करता है.
कीमत में भी होता है अंतरप्रीमियम पेट्रोल की कीमत हमेशा नॉर्मल पेट्रोल से 8 से 15 रुपये प्रति लीटर ज्यादा होती है. ये अंतर शहर और कंपनी के हिसाब से बदल सकता है. फिलहाल कीमतों की बात करें तो नॉर्मल पेट्रोल की कीमत दिल्ली में इस समय 94.81 रुपये प्रति लीटर है. तो वहीं प्रीमियम पेट्रोल की कीमत मार्च में बढ़ी थी, जिसके बाद ये 113.77 रुपये हो गई है. ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 15 May 2026 07:30:28 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>नॉर्मल, पेट्रोल, और, प्रीमियम, पेट्रोल, में, क्या, है, अंतर, दोनों, की, कीमत, में, कितना, फर्क, है, बढ़ा, लें, अपनी, नॉलेज</media:keywords>
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        <title>IT सेक्टर में धमाका! इस शेयर ने दिया TCS, Infosys और Wipro से भी ज्यादा डिविडेंड, निवेशकों की लगी लॉटरी</title>
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        <description><![CDATA[ LTIMindtree Limited Q4 Results:&amp;nbsp;शेयर मार्केट के निवेशकों की जल्द ही लॉटरी लगने वाली है. एक बड़ी आईटी कंपनी ने अपने निवेशको को डिविडेंड देने का ऐलान किया है. असल में कंपनी को 45 प्रतिशत का मुनाफा हुआ है, जिसके बाद कंपनी ने ये ऐलान किया कि वो 53 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड देगी. ये कंपनी कोई और नहीं बल्कि एलटीआईमाइंडट्री है. डिविडेंड के आंकड़े बताने के साथ ही एलटीआईमाइंडट्री ने TCS, Infosys और Wipro को पछाड़ दिया.&amp;nbsp;
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एलटीआईमाइंडट्री के बारे में जानिए-&amp;nbsp;एलटीआईमाइंडट्री असल में लार्सन एंड टुब्रो ग्रुप की आईटी कंपनी है. ये कंपनी साल 2022 में एलएंडटी इंफोटेक और माइंडट्री के मर्जर के बाद बनी और आज ये देश की छठी सबसे बड़ी आईटी कंपनी है. इस कंपनी में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा एनालिटिक्स, साइबर सिक्योरिटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस दी जाती है. साथ ही साथ अब इसे बेहतरीन डिविडेंड देने वाली कंपनी के तौर पर भी जाना जा रहा है.&amp;nbsp;
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कंपनियां क्यों देती हैं डिविडेंड?जब भी कोई कंपनी मुनाफा कमाती है तो वो अपने निवेशकों को मुनाफे में भी कुछ हिस्सा देती है. इसे ही डिविडेंड कहा जाता है. जब निवेशकों को मुनाफे में से डिविडेंड मिलता है तो इससे कंपनी और निवेशक के बीच का रिश्ता मजबूत होता है. साथ ही दूसरे निवेशक भी ज्यादा डिविडेंड दे रही कंपनी के शेयर खरीदने में दिलचस्पी दिखाते हैं. एक निश्चित अंतराल पर डिविडेंड देने वाली कंपनी निवेशकों का न सिर्फ भरोसा जीत लेती है बल्कि उन्हें इस बात का संकेत देती है कि वो आर्थिक रूप से कितने मजबूत है.&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 15 May 2026 07:30:27 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>सेक्टर, में, धमाका, इस, शेयर, ने, दिया, TCS, Infosys, और, Wipro, से, भी, ज्यादा, डिविडेंड, निवेशकों, की, लगी, लॉटरी</media:keywords>
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        <title>वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच सोने&amp;चांदी की कीमतों में बदलाव, चांदी 2600 रुपये टूटी; जानिए आपके शहर का ताजा रेट</title>
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        <description><![CDATA[ Gold Silver Price Today Live: घरेलू फ्यूचर मार्केट में गुरुवार, 14 मई को सोने-चांदी की कीमतों में हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. सोने में हल्की तेजी है, वहीं चांदी में गिरावट देखने को मिल रही है. खबर लिखे जाने तक मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 5 जून, 2026 का एक्सपायरी वाला गोल्ड फ्यूचर वायदा करीब 450 रुपये की तेजी के साथ ट्रेड कर रहा था.
एमसीएक्स पर गोल्ड वायदा 1,61,888 रुपये (प्रति 10 ग्राम) पर ओपन हुआ. इसके आखिरी कारोबारी दिन एमसीएक्स पर सोना 1,62,186 रुपये पर ट्रेड करते हुए बंद हुआ था.
सुबह करीब 11:00 बजे, गोल्ड वायदा 0.28 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,62,640 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. गोल्ड फ्यूचर वायदा शुरुआती कारोबार में 1,63,055 रुपये के हाई लेवल पर पहुंचा था. आइए जानते हैं आज आपके शहर में इन बहुमूल्य धातुओं को कीमत क्या चल रही हैं?&amp;nbsp;
चांदी की कीमत
एमसीएक्स पर 3 जुलाई 2026 का एक्सपायरी वाला सिल्वर 0.88 प्रतिशत या 2,638 रुपये की गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा है. चांदी ने कारोबारी दिन की शुरुआत 2,98,373 रुपये पर की थी. दिन के कारोबार के दौरान चांदी का हाई लेवल 2,99,000 रुपये था.
दिल्ली, मुंबई और कोलकाता में 10 ग्राम चांदी आज 3,000 रुपये की दर पर बिक रहा है. वहीं, 100 ग्राम चांदी खरीदने के लिए ग्राहकों को 30,000 रुपये देने होंगे. चेन्नई में 10 ग्राम चांदी की कीमत 3,150 रुपये चल रही है.&amp;nbsp;
आपके शहर में सोने का भाव (गुड रिटर्न के अनुसार)
दिल्ली में सोने के दाम &amp;nbsp;(प्रति 10 ग्राम)
24 कैरेट - 1,62,260 रुपए22 कैरेट - 1,48,950 रुपए18 कैरेट - 1,21,900 रुपए
मुंबई में सोने के दाम &amp;nbsp;(प्रति 10 ग्राम)
24 कैरेट - 1,62,330 रुपए22 कैरेट - 1,48,800 रुपए18 कैरेट - 1,21,750 रुपए
चेन्नई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)
24 कैरेट - 1,64,180 रुपए22 कैरेट - 1,50,500 रुपए18 कैरेट - 1,25,700 रुपए

कोलकाता में सोने के दाम &amp;nbsp;(प्रति 10 ग्राम)
24 कैरेट - 1,62,330 रुपए22 कैरेट - 1,48,800 रुपए18 कैरेट - 1,21,750 रुपए
अहमदाबाद में सोने के दाम &amp;nbsp;(प्रति 10 ग्राम)
24 कैरेट - 1,62,380 रुपए22 कैरेट - 1,48,850 रुपए18 कैरेट - 1,21,800 रुपए
लखनऊ में सोने के दाम &amp;nbsp;(प्रति 10 ग्राम)
24 कैरेट - 1,62,260 रुपए22 कैरेट - 1,48,950 रुपए18 कैरेट - 1,21,900 रुपए
पटना में सोने के दाम &amp;nbsp;(प्रति 10 ग्राम)
24 कैरेट - 1,62,380 रुपए22 कैरेट - 1,48,850 रुपए18 कैरेट - 1,21,800 रुपए
हैदराबाद में सोने के दाम &amp;nbsp;(प्रति 10 ग्राम)
24 कैरेट - 1,62,330 रुपए22 कैरेट - 1,48,800 रुपए18 कैरेट - 1,21,750 रुपए
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इस देश में अब एक बूंद भी नहीं बचा डीजल-पेट्रोल, सरकार ने घोषित किया &#039;ब्लैकआउट&#039; संकट ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 14 May 2026 15:30:21 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>वैश्विक, अनिश्चितताओं, के, बीच, सोने-चांदी, की, कीमतों, में, बदलाव, चांदी, 2600, रुपये, टूटी, जानिए, आपके, शहर, का, ताजा, रेट</media:keywords>
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        <title>महंगाई हुई बेकाबू, आसमान छुएंगे पेट्रोल&amp;डीजल के दाम, दिग्गजों की चेतावनी से समझिए क्यों संकट में है देश</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/महंगाई-हुई-बेकाबू-आसमान-छुएंगे-पेट्रोल-डीजल-के-दाम-दिग्गजों-की-चेतावनी-से-समझिए-क्यों-संकट-में-है-देश</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/महंगाई-हुई-बेकाबू-आसमान-छुएंगे-पेट्रोल-डीजल-के-दाम-दिग्गजों-की-चेतावनी-से-समझिए-क्यों-संकट-में-है-देश</guid>
        <description><![CDATA[ India Inflation Latest News: महंगाई को लेकर देश में चिंता लगातार बढ़ती जा रही है और आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल के दाम आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ा सकते हैं. ईरान संकट और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच अब बड़े उद्योगपति भी आर्थिक हालात को लेकर चेतावनी देने लगे हैं.
उदय कोटक जैसे दिग्गज बिजनेसमैन &amp;nbsp;ने कहा हैं कि भारत के आर्थिक हालात बहुत जल्द दबाव में आ सकते हैं. वहीं सरकार के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, खुदरा महंगाई दर बढ़कर 3.48 प्रतिशत तक पहुंच गई है. लगातार छठे महीने महंगाई बढ़ने से यह चिंता और गहरी हो गई है. अगर कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रही, तो आने वाले समय में पेट्रोल-डीजल से लेकर रोजमर्रा की कई चीजें और महंगी हो सकती हैं.
उदय कोटक ने कहा आगे और बढ़ सकती हैं मुश्किलें
Uday Kotak ने देश की अर्थव्यवस्था को लेकर बड़ी चिंता जताई है. CII की एनुअल बिजनेस समिट में उन्होंने कहा कि भारत को आने वाले संभावित संकट के लिए पहले से तैयार रहना चाहिए. उनका मानना है कि हालात आगे चलकर काफी मुश्किल हो सकते हैं, इसलिए समय रहते तैयारी करना जरूरी है.
उदय कोटक ने कहा कि अभी तक आम लोगों ने बढ़ती ऊर्जा कीमतों का पूरा असर महसूस नहीं किया है, लेकिन आने वाले समय में इसका असर साफ दिखाई दे सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि खाड़ी क्षेत्र में जारी तनाव और ईरान युद्ध की वजह से हालात और गंभीर हो सकते हैं. उनके मुताबिक, अगर जल्द स्थिति नहीं सुधरी तो पेट्रोल-डीजल समेत कई जरूरी चीजों की कीमतों पर बड़ा असर पड़ सकता है. जिसका सीधा बोझ आम लोगों पर देखने को मिल सकता हैं.&amp;nbsp;
तेल संकट पर आरबीआई का बयान
आरबीआई (रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने संकेत दिए हैं कि अगर पश्चिम एशिया में चल रहा तनाव लंबे समय तक जारी रहता है, तो इसका असर भारत में ईंधन की कीमतों पर पड़ सकता है.
उनका कहना हैं कि लगातार बढ़ती कच्चे तेल की कीमतों का पूरा बोझ सरकार लंबे समय तक अपने ऊपर नहीं रख पाएगी. ऐसे में आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है.&amp;nbsp;

महंगाई के आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, देश में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 3.48 प्रतिशत के आंकड़े तक पहुंच गई है. लगातार छठे महीने इसमें बढ़ोतरी दर्ज की गई है. जिससे आम लोगों की चिंता बढ़ सकती है. वहीं खाने-पीने की चीजों की महंगाई दर भी पिछले महीने के 3.87% से बढ़कर 4.20% हो गई है.
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&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 14 May 2026 15:30:20 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>महंगाई, हुई, बेकाबू, आसमान, छुएंगे, पेट्रोल-डीजल, के, दाम, दिग्गजों, की, चेतावनी, से, समझिए, क्यों, संकट, में, है, देश</media:keywords>
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        <title>Global Sugar Effect: सरकार ने रोक दिया चीनी का एक्सपोर्ट, भारत के इस फैसले से दुनिया पर पड़ेगा भारी असर, लेकिन...</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/global-sugar-effect-सरकार-ने-रोक-दिया-चीनी-का-एक्सपोर्ट-भारत-के-इस-फैसले-से-दुनिया-पर-पड़ेगा-भारी-असर-लेकिन</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/global-sugar-effect-सरकार-ने-रोक-दिया-चीनी-का-एक्सपोर्ट-भारत-के-इस-फैसले-से-दुनिया-पर-पड़ेगा-भारी-असर-लेकिन</guid>
        <description><![CDATA[ Sugar Export: भारत सरकार ने घरेलू बाजार में चीनी की कीमतों को बढ़ने से रोकने को नियंत्रित करने के लिए चीनी के निर्यात पर तत्काल प्रभाव से पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है. जहां, यह रोक 30 सितंबर, 2026 तक या अगले आदेश तक फिललहाल पूरी तरह से जारी रहेगा. इसके साथ ही भारत सरकार का यह बेहद ही महत्वपूर्ण फैसला एक ऐसे समय में लिया गया है जब खाद्य कीमतें भारतीय परिवारों के लिए राजनीतिक और आर्थिक रूप से एक संवेदनशील मुद्दा बनी हुई हैं.&amp;nbsp;
दो प्रकार की चीनी पर लागू रहेगा प्रतिबंध&amp;nbsp;
दरअसल, यह प्रतिबंध कच्चे (Raw) और रिफाइंड दोनों प्रकार की चीनी पर पूरी तरह से लागू रहेगा. लेकिन, सरकार ने उन शिपमेंट को एक बड़ी राहत दी है जो पहले से ही इस प्रक्रिया में शामिल हैं. इसके अलावा अगर अधिसूचना जारी होने से पहले लोडिंग शुरू हो चुकी थी, जहाज बंदरगाह पर आ चुके थे, या स्टॉक सीमा शुल्क (Customs) विभाग को सौंपा जा चुका था, तो उन खेपों को निर्यात की अनुमति दिए जाने का भी फैसला लिया गया है.&amp;nbsp;
2 हजार से ज्यादा अब नहीं भरा पाएंगे पेट्रोल, संकट के बीच इस राज्य में शुरू राशनिंग; जानें नया नियम
नीति में अचानक बदलाव की क्या है असली वजह?
जानकारी के मुताबिक, इससे पहले सरकार ने 1.59 मिलियन टन चीनी निर्यात की अनुमति दी थी, क्योंकि तब उत्पादन खपत से ज्यादा रहने का अनुमान लगाया जा रहा था. लेकिन अब अनुमान कमजोर पड़ गए हैं. तो वहीं, दूसरी तरफ प्रमुख उत्पादक राज्यों में गन्ने की कम पैदावार की वजह से भारत में लगातार दूसरे सीजन में खपत की तुलना में उत्पादन कम होने की आशंका जताई जा रही है.&amp;nbsp;
भारत सरकार के इस फैसले से क्या पड़ेगा वैश्विक प्रभाव?
यह तो सभी जानते हैं कि भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चीनी उत्पादक में से एक में आता है. तो वहीं, भारत सरकार के अस बड़े फैसले से &amp;nbsp;भारतीय आपूर्ति रुकने से एशिया और अफ्रीका के देश अब ब्राजील और थाईलैंड की तरफ तेजी से रुख करने लगेंगे. &amp;nbsp;जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में चीनी की वायदा कीमतों में पहले के मुताबिक और भी ज्यादा तेजी देखने को मिलेगी. हांलाकि, &amp;nbsp;मध्य पूर्व में जारी संघर्ष और बढ़ती ऊर्जा लागत ने पहले ही वैश्विक शिपिंग रूटों पर अपना दबाव बनाना शुरू कर दिया है.&amp;nbsp;
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आर्थिक संदर्भ और क्या लिए जा सकते हैं अन्य कदम?&amp;nbsp;
चीनी निर्यात पर रोक के एक दिन पहले ही सरकार ने सोने और चांदी पर आयात शुल्क 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया है. हांलाकि, &amp;nbsp;यह कदम विदेशी मुद्रा बचाने को पूरी तरह से कम करने के लिए ही उठाया गया है. तो वहीं, दूसरी तरफ ईरान से जुड़े संघर्ष और डॉलर के मुकाबले रुपये के 95.75 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचने की वजह से अर्थव्यवस्था फिलहाल दबाव में देखने को मिल रहा है. जिसको लेकर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नागरिकों से एक साल तक सोना न खरीदने की खास तौर से अपील की है ताकि देश की बाहरी वित्तीय स्थिति को जितना जल्दी हो सके उतना स्थिर किया जा सके.&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 14 May 2026 15:30:18 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Explained: क्या रूस से ऑयल इम्पोर्ट का ऑप्शन बाकी, रूसी मंत्री ने क्यों कहा भारत तेल की चिंता न करे? जानें पर्दे के पीछे की कहानी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/explained-क्या-रूस-से-ऑयल-इम्पोर्ट-का-ऑप्शन-बाकी-रूसी-मंत्री-ने-क्यों-कहा-भारत-तेल-की-चिंता-न-करे-जानें-पर्दे-के-पीछे-की-कहानी</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/explained-क्या-रूस-से-ऑयल-इम्पोर्ट-का-ऑप्शन-बाकी-रूसी-मंत्री-ने-क्यों-कहा-भारत-तेल-की-चिंता-न-करे-जानें-पर्दे-के-पीछे-की-कहानी</guid>
        <description><![CDATA[ एक तरफ रूस का दोस्ताना हाथ है जो सस्ते तेल का भरोसा दिला रहा है, तो दूसरी तरफ अमेरिका का चाबुक है जो टैरिफ और प्रतिबंधों की धमकी से हर आयात को महंगा बनाने पर तुला है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक को यह कहना पड़ा कि लोग पेट्रोल-डीजल कम इस्तेमाल करें, क्योंकि जिस इलाके से दुनिया को सबसे ज्यादा तेल मिलता है वो जंग की आग में जल रहा है. इसी बीच रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने दिल्ली में होने वाली ब्रिक्स बैठक से ठीक पहले बयान दिया, &#039;भारत तेल की चिंता बिल्कुल न करे.&#039; सवाल ये है कि जब आंकड़े पूरी तरह उलटी तस्वीर दिखा रहे हैं, तो क्या वाकई ये भरोसा काफी है?
लावरोव के आश्वासन के पीछे का असली दांव
रूसी विदेश मंत्री ने RT इंडिया को दिए इंटरव्यू में खुलकर कहा कि भारत और रूस के रिश्ते आजादी से पहले के हैं और दुनिया की कोई भी ताकत इसे कमजोर नहीं कर सकती. जब उनसे पूछा गया कि अमेरिकी प्रतिबंधों के चलते रूसी तेल कंपनियों लुकोइल और रोसनेफ्ट पर बैन के बाद भारत का आयात क्यों गिरा, तो उन्होंने सीधे अमेरिका को निशाने पर लिया.
लावरोव ने कहा, &#039;यह अमेरिका का गैरकानूनी फैसला है. भारत का इससे कोई लेना-देना नहीं है. हम सुनिश्चित करेंगे कि यह खेल हमारे कॉन्ट्रैक्ट्स पर असर न डाले और भारत के हितों को कोई नुकसान न हो.&#039; उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अमेरिका का मकसद बस इतना है कि तुम सस्ता रूसी तेल न खरीदो, बल्कि मेरा महंगा तेल और LNG खरीदो ताकि मैं दुनिया की ऊर्जा पर राज कर सकूं.
&amp;nbsp;

सर्जेई लावरोव ने कहा है कि अमेरिकी टैरिफ गैरकानूनी है.

जमीनी हकीकत के आंकड़े डरा क्यों रहे हैं?
बातों-बातों में भरोसा अच्छी चीज है, लेकिन असली कहानी तो आंकड़े सुनाते हैं. भारत अपनी कुल जरूरत का करीब 90 फीसदी कच्चा तेल आयात करता है. यूक्रेन जंग के बाद रूस ने जो सस्ता तेल देना शुरू किया, उसने पूरा गणित ही बदल दिया. जुलाई 2024 में रूस भारत का सबसे बड़ा तेल सप्लायर बन गया और कुल आयात में उसकी हिस्सेदारी 44.6% के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई. लेकिन फिर अमेरिका ने कड़े प्रतिबंधों और टैरिफ की धमकियों की झड़ी लगा दी.
नतीजा यह हुआ कि महज डेढ़ साल के अंदर जनवरी 2026 तक यह हिस्सा गिरकर सीधे 20.6% पर आ गया. मान लीजिए, आपकी सस्ती रसोई गैस का सिलेंडर अचानक आधे से भी कम हो जाए, तो चिंता तो होगी ही. यही भारत के ऊर्जा सुरक्षा का हाल है.
एक्सपर्ट्स के बीच सीधी जंग: अमेरिका से डरें या रूस से साथी बढ़ाएं?
इस मसले पर दिल्ली के कूटनीतिक गलियारों में राय बंटी हुई है. पूर्व वाणिज्य अधिकारी और ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव के प्रमुख अजय श्रीवास्तव साफ-साफ आक्रामक रुख अपनाने की सलाह देते हैं. उन्होंने बीबीसी से कहा है कि यह &#039;आपातकाल जैसी स्थिति&#039; है. वह समझाते हैं, &#039;खाड़ी देशों से आने वाला करीब 50 फीसदी तेल होर्मुज स्ट्रेट के चलते अटका है और बाकी 30 फीसदी जो हम रूस से ले रहे थे वो अमेरिकी दबाव में रुक गया है. हमें अमेरिका की जायज-नाजायज धमकियों को दरकिनार करते हुए अभी से 30-50 साल का समझैता कर लेना चाहिए.&#039; उनका तर्क है कि अमेरिका के पास इतना तेल है ही नहीं कि वह रूस की जगह ले सके, क्योंकि उसकी रिफाइनरियां आने वाले 10 साल तक ही बन पाएंगी.
लेकिन दूसरी तरफ, ORF अमेरिका के फेलो रिसर्चर विवेक मिश्र इस कड़वे सच की ओर इशारा करते हैं कि भारत फिलहाल अमेरिका से खुलकर भिड़ने की स्थिति में नहीं है. उन्होंने कहा, &#039;रूस के साथ तेल खरीदने के लिए स्ट्रैटजिक प्लान की जरूरत है. अमेरिका ने रूसी तेल खरीद पर सैंक्शन लगाए हैं. अगर भारत ने तेल खरीदा तो भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है. PM मोदी ने तेल-गैस बचाने की अपील की है, जिसपर सख्ती से अमल करना चाहिए. न कि सैंक्शन्ड रूसी तेल खरीदने की तरफ.&#039;

यही वजह है कि भारत सरकार ने एक बेहद चालाकी भरी &#039;धुंधली&#039; नीति अपनाई हुई है. न तो यह कभी ऐलान किया गया कि रूस से तेल खरीद बंद कर दिया और न ही खरीदारी के आंकड़ों पर कभी खुलकर बात की गई. फरवरी-मार्च 2026 में रूसी तेल की खरीद में हल्का उछाल भी आया, लेकिन यह पूरी तरह पर्दे के पीछे चल रहा है.
भारत के पास आगे का रास्ता क्या होगा?
यह तनाव सिर्फ तेल तक सीमित नहीं है, बल्कि ब्रिक्स जैसे मंचों पर भी फूट साफ नजर आती है. अमेरिका जहां भारत को अपनी तरफ खींच रहा है, वहीं रूस और चीन के साथ ईरान एक नया ध्रुवीकरण कर चुके हैं.
लावरोव भले ही तसल्ली दे रहे हों, लेकिन जब तक भारत के पास अमेरिकी टैरिफ और प्रतिबंधों से बचने का कोई स्थायी कूटनीतिक हल नहीं निकलता, तब तक सस्ता रूसी तेल एक &amp;lsquo;ऑप्शन&amp;rsquo; तो बना रहेगा, लेकिन उसे बेधड़क इस्तेमाल करने की आजादी नहीं मिल पाएगी. यह एक ऐसी सुई की नोक पर चलने जैसा है, जहां एक तरफ ऊर्जा सुरक्षा है तो दूसरी तरफ अमेरिकी बाजार और निवेश. ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 14 May 2026 15:30:17 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Explained:, क्या, रूस, से, ऑयल, इम्पोर्ट, का, ऑप्शन, बाकी, रूसी, मंत्री, ने, क्यों, कहा, भारत, तेल, की, चिंता, न, करे, जानें, पर्दे, के, पीछे, की, कहानी</media:keywords>
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        <title>अमूल&amp;मदर डेयरी के बाद अब पंजाब की इस कंपनी ने भी बढ़ाए दूध के दाम, अब कितने का मिलेगा 1 लीटर मिल्क?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/अमूल-मदर-डेयरी-के-बाद-अब-पंजाब-की-इस-कंपनी-ने-भी-बढ़ाए-दूध-के-दाम-अब-कितने-का-मिलेगा-1-लीटर-मिल्क</link>
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        <description><![CDATA[ Verka Milk Price Hike: देश में लगातार पेट्रोल- डीजल के दाम और गैस की कीमतों के बढ़ने का असर अब तक आम आदमी की जेब पर पड़ रहा था. वहीं अब डेयरी इंडस्ट्री की तरफ से भी लोगों को बड़ा झटका लगा है. लगातार कई बड़ी दूध कंपनियों ने अपने एक लीटर दूध में 2 रुपये का इजाफा किया है. इससे आम आदमी की जेब पर बोझ बढ़ने वाला है. इसी कड़ी में अब पंजाब की कंपनी वेरका का नाम भी जुड़ गया है.
वेरका ने बढ़ाए दूध के दाम
अमूल और मदर डेयरी के बाद अब पंजाब की कोऑपरेटिव मिल्क कंपनी वेरका ने भी दूध के दाम बढ़ा दिए हैं. वेरका ने 1 लीटर दूध पर 2 रुपये की वृद्धि की है. दूध की ये नई दरें कल यानी 14 मई 2026 से लागू हो जाएंगी. कल सुबह से ही दूध के दाम एक लीटर पर दो रुपये और आधा लीटर पर एक रुपये बढ़ जाएंगे.
कितने रुपये का मिलेगा दूध?
कल सुबह यानी 14 मई की सुबह से वेरका के फुल क्रीम दूध का आधा लीटर पैकेट अब 35 रुपए का नहीं बल्कि 36 रुपये का मिलेगा. जबकि स्टैंडर्ड दूध आधा लीटर की कीमत 32 रुपए से बढ़ाकर 33 रुपये की जा रही है. दूध की अन्य कैटेगरीज में भी एक रुपया आधा लीटर और दो रुपए प्रति लीटर की वृद्धि की गई है. इसके अलावा कंपनी ने बड़े पैक वाले दूध की कीमतों में भी बदलाव किया है. अब 1.5 लीटर फुल क्रीम दूध 106 रुपये में मिलेगा, जबकि स्टैंडर्ड दूध की कीमत 96 रुपये होगी.
छोटे पैक में नहीं कोई बदलाव
हालांकि, 200 ml और 350 ml के छोटे पैकेट की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. वहीं, 6 लीटर वाले बड़े पैक की कीमत भी पहले जैसी ही रहेगी. कंपनी ने ये भी साफ किया है कि कल सुबह से ही कीमतें बढ़ जाएंगी. हो सकता है कि कुछ पैकेट पर पुराने दाम ही छपे हुए हों, लेकिन कीमत नई दरों के हिसाब से ही ली जाएगी.
&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 14 May 2026 03:30:17 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Gold Price: सोना महंगा&amp;खरीदार कम, फिर भी कीमत क्यों नहीं गिर रही? इन 4 वजहों से समझ आएगी बात</title>
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        <description><![CDATA[ Gold Import Duty Hike: भारत सरकार ने सोने और चांदी पर आयात शुल्क 6 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया है. मकसद साफ है आयात घटाना और रुपए पर दबाव कम करना. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद लोगों से एक साल तक सोना न खरीदने की अपील की है. इसके बावजूद बाजार में सोने की कीमत थम नहीं रही.
आज 13 मई 2026 को भारत में सोने का भाव एक बड़े उछाल के साथ खुला. MCX पर सोना आज 6 फीसदी उछलकर करीब 1,62,390 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया. इंट्राडे में यह 1.64 लाख रुपए के पार भी गया.
अब सवाल यह है कि जब सरकार खरीद रोकना चाहती है खरीदार भी कम हैं तो फिर कीमत ऊपर क्यों जा रही है? इसके जवाब एक नहीं कई हैं.
पहला कारण- ईरान-अमेरिका युद्ध का असर
जब भी दुनिया में कोई बड़ा संकट आता है, निवेशक सोने की तरफ भागते हैं. सोना सुरक्षित निवेश माना जाता है. पश्चिम एशिया में तनाव के बीच वैश्विक बाजार में सोने की कीमत पहले से ऊंची है. भारत अपना लगभग पूरा सोना आयात करता है इसलिए बाहर की कीमत यहां सीधे असर डालती है.
इंतजार करें या अभी खरीदें? सोने-चांदी में इन्वेस्ट को लेकर निवेशकों के मन में उलझन, कौन सा शेयर है बेस्ट?
दूसरा कारण- खुद आयात शुल्क की बढ़ोतरी
&amp;nbsp;सरकार ने शुल्क इसलिए बढ़ाया ताकि सोना महंगा हो और लोग कम खरीदें, लेकिन इससे उल्टा भी होता है. जब शुल्क बढ़ता है तो घरेलू बाजार में सोने की कीमत और ऊपर चली जाती है. जो निवेशक पहले से सोना खरीदे हुए हैं उनका मुनाफा बढ़ता है. इससे नए निवेशक भी आकर्षित होते हैं कि कहीं वे पीछे न रह जाएं.
तीसरा कारण- निवेश मांग रिकॉर्ड स्तर पर
&amp;nbsp;इस साल मार्च तिमाही में पहली बार ऐसा हुआ कि सोने में निवेश की मांग, गहनों की मांग से आगे निकल गई. सोना ETF में निवेश एक साल में 186 फीसदी उछलकर 20 मीट्रिक टन के रिकॉर्ड पर पहुंच गया. शेयर बाजार से कमजोर रिटर्न के बीच लोगों ने सोने को चुना.
चौथा कारण- भारतीय खरीदार की मानसिकता
पिछले एक दशक में सोने की कीमत 443 फीसदी बढ़ी फिर भी सालाना मांग 666 से 803 मीट्रिक टन के बीच बनी रही. 2012-13 में भी जब शुल्क 2 से 10 फीसदी हुआ था मांग नहीं टूटी थी. ग्रामीण भारत में सोना बचत का साधन है, कर्ज की गारंटी है. इसे आसानी से छोड़ा नहीं जाता.
यही वजह है कि कम खरीदार होने के बावजूद कीमत नहीं गिर रही. वैश्विक संकट, बढ़ता हुआ आयात शुल्क, निवेश की बदलती प्राथमिकताएं और भारतीय बाजार की संरचना मिलकर सोने को ऊपर थामे हुए हैं.
Fuel Prices Hike: महंगा होगा पेट्रोल-डीजल! RBI गवर्नर का बड़ा बयान- &#039;कच्चा तेल महंगा रहा तो...&#039; ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 14 May 2026 03:30:17 +0530</pubDate>
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        <title>क्या पाकिस्तान में भी सोना और पेट्रोल&amp; डीजल नहीं खरीद पा रहे लोग, जानें ईरान युद्ध संकट से कैसे निपट रहा है पाक</title>
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        <description><![CDATA[ Economic Strain In Pakistan: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब सिर्फ युद्ध वाले देशों तक सीमित नहीं रह गया है. ईरान और इजरायल के बीच चल रहे तनाव ने दुनियाभर की अर्थव्यवस्थाओं को प्रभावित करना शुरू कर दिया है. भारत पर तो इसका असर दिख ही रहा है, लेकिन पड़ोसी देश पाकिस्तान पर भी इसका कहर साफ नजर रहा है. वैसे तो पाकिस्तान पहले से ही आर्थिक संकट, महंगाई और विदेशी कर्ज के दबाव से जूझ रहा था और अब ऐसे में तेल और सोने की बढ़ती कीमतों ने वहां रह रहे आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं. पाकिस्तान में हालत किस कदर बिगड़ी है और इससे निपटने के लिए वहां क्या- क्या उपाय किए जा रहे हैं, ये आप यहां से जान सकते हैं.
क्यों है पाकिस्तान परेशान?
दरअसल, जैसे ही युद्ध या तनाव बढ़ता है, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और सोने की कीमतें तेजी से ऊपर जाती हैं. निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की तरफ भागते हैं, जबकि तेल सप्लाई को लेकर डर पैदा हो जाता है. पाकिस्तान जैसे देश, जो अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करते हैं, उन पर इसका सीधा असर पड़ता है. पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल की कीमतें पहले ही रिकॉर्ड स्तर पर चल रही थीं. अब वैश्विक बाजार में तेल महंगा होने से सरकार पर दबाव और बढ़ गया है. ऐसे में आम आदमी के लिए सड़क पर गाड़ी चलाना काफी ज्यादा मुश्किल हो गया है.
यह भी पढ़ें- महंगाई का झटका! देशभर में कल से अमूल दूध के बढ़ जाएंगे दाम, 2 रुपये बढ़ाने का फैसला
क्या है पाकिस्तान की स्ट्रैटेजी?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान सरकार इन हालातों में सुधार लाने के लिए लगातार तेल कंपनियों और आर्थिक सलाहकारों के साथ बैठक कर रही है ताकि कीमतों को पूरी तरह बेकाबू होने से रोका जा सके. हालांकि, राहत की गुंजाइश कम दिखाई दे रही है, क्योंकि पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार अभी भी बहुत मजबूत स्थिति में नहीं हैं. ऐसे में आम लोगों की परेशानी सबसे ज्यादा बढ़ी है. कराची, लाहौर और इस्लामाबाद जैसे शहरों में लोग सोशल मीडिया पर बढ़ती महंगाई को लेकर नाराजगी जाहिर कर रहे हैं. कई जगहों पर लोग यह तक कह रहे हैं कि अब रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो रहा है. पेट्रोल महंगा होने का असर सिर्फ गाड़ियों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि ट्रांसपोर्ट, सब्जियां, राशन और बाकी जरूरी सामान भी महंगे हो जाते हैं.
यह भी पढ़ें- इंतजार करें या अभी खरीदें? सोने-चांदी में इन्वेस्ट को लेकर निवेशकों के मन में उलझन, कौन सा शेयर है बेस्ट?
क्या पाकिस्तान में सोना खरीद रहे हैं लोग?
सोने की बात करें तो पाकिस्तान में इसकी कीमतों में लगातार उछाल देखा जा रहा है. शादी का सीजन हो या निवेश, दोनों पर खूब असर पड़ा है. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो कई ज्वेलर्स ने ये दावा किया है कि अब पाकिस्तान में ग्राहक सोने की खरीदारी कम कर रहे हैं और लोग पुराने गहने बेचने ज्यादा पहुंच रहे हैं. कह सकते हैं कि पाकिस्तान में अब मिडिल क्लास के लिए सोना धीरे-धीरे लग्जरी बनता जा रहा है.
साऊदी और आईएमएफ ने की मदद&amp;nbsp;
फिलहाल पाकिस्तान की सबसे बड़ी चुनौती यही है कि वह अपनी कमजोर अर्थव्यवस्था को बाहरी संकटों से कैसे बचाए. ईरान युद्ध संकट को देखते हुए पाकिस्तान सरकार फिलहाल बचाव की रणनीति पर काम कर रही है. सरकार ऊर्जा बचत, आयात नियंत्रण और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर जोर दे रही है. वहीं, इसी बीच खबर आई कि पाकिस्तान को दिवालिया होने से बचाने के लिए सऊदी अरब और IMF ने बड़ी आर्थिक मदद की है. सऊदी अरब ने 3 अरब डॉलर की नई वित्तीय सहायता और 5 अरब डॉलर के लोन की अवधि बढ़ाई है, जबकि IMF ने 7 अरब डॉलर के कार्यक्रम के तहत 1.32 अरब डॉलर की किश्त मंजूर की है.&amp;nbsp;
पाकिस्तान में पेट्रोल डीजल और सोना की खपत अब कितने हो रही है?
13 मई, बुधवार को पाक में पेट्रोल की कीमतें 414 रुपये के पार चली गई, जिससे लोग काफी परेशान हैं. असल में &amp;nbsp;पाकिस्तान में पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल की संयुक्त दैनिक खपत लगभग 5.88 करोड़ लीटर है. वार्षिक रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान में कच्चे तेल की कुल खपत लगभग 4.5 लाख से 4.8 लाख बैरल प्रति दिन है, जो प्रति व्यक्ति के हिसाब से मात्र 0.08 गैलन प्रतिदिन बैठती है. वहीं, बात करें सोने की तो पाकिस्तान में सोने के बिस्कुट और सिक्कों की निवेश मांग प्रति तिमाही लगभग 4.5 से 4.8 टन के आसपास रहती है. लेकिन अब ये आकड़ा भी काफी गिर चुका है. ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 14 May 2026 03:30:16 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>क्या, पाकिस्तान, में, भी, सोना, और, पेट्रोल-, डीजल, नहीं, खरीद, पा, रहे, लोग, जानें, ईरान, युद्ध, संकट, से, कैसे, निपट, रहा, है, पाक</media:keywords>
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        <title>Mother Dairy Milk Price: अमूल के बाद मदर डेयरी ने इन 6 प्रोडक्ट्स के बढ़ा दिए दाम, यहां देखें रेट लिस्ट, कितनी बढ़ी कीमत?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/mother-dairy-milk-price-अमूल-के-बाद-मदर-डेयरी-ने-इन-6-प्रोडक्ट्स-के-बढ़ा-दिए-दाम-यहां-देखें-रेट-लिस्ट-कितनी-बढ़ी-कीमत</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/mother-dairy-milk-price-अमूल-के-बाद-मदर-डेयरी-ने-इन-6-प्रोडक्ट्स-के-बढ़ा-दिए-दाम-यहां-देखें-रेट-लिस्ट-कितनी-बढ़ी-कीमत</guid>
        <description><![CDATA[ Mother Dairy Milk Price Hike: वैश्विक आर्थिक संकट के बीच देश में लगातार जनता के ऊपर महंगाई की मार पड़ रही है. पहले प्रीमियम पेट्रोल, औद्योगिक डीजल और हाल में कमॉर्शियल गैस सिलेंडर के दाम बढ़ाए गए. अब दूध की कीमतों में जबरदस्त इजाफा किया गया है. अमूल, मदर डेयरी और सांची ने दूध की कीमतों में इजाफा किया है. बढ़ीं हुईं कीमतें 14 मई से लागू होंगी.&amp;nbsp;&amp;nbsp;
मदर डेयरी ने बढ़ाई दूध की कीमत
अमूल प्रति लीटर दूध की कीमतों में 2 रुपये तक का इजाफा किया है. इसके बाद मदर डेयरी और सांची ने भी दूध की कीमतों में फौरन बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया. मदर डेयरी के अब 6 प्रोडक्ट्स की कीमतें गुरुवार से बढ़ी जाएगी.&amp;nbsp;
ये भी पढ़ें: अमूल-मदर डेयरी के बाद अब पंजाब की इस कंपनी ने भी बढ़ाए दूध के दाम, अब कितने का मिलेगा 1 लीटर मिल्क?
यहां देखें वो प्रोडक्ट्स जिनकी कीमत बढ़ी है:



प्रोडक्ट्स
पुरानी कीमत (प्रति लीटर)
नई कीमत (प्रति लीटर)


बल्क वेंडेड मिल्क&amp;nbsp;
56 रुपये&amp;nbsp;
58 रुपये


फुल क्रीम मिल्क&amp;nbsp;
70 रुपये&amp;nbsp;
72 रुपये


टोन्ड मिल्क&amp;nbsp;
58 रुपये&amp;nbsp;
60 रुपये


डबल टोन्ड मिल्क&amp;nbsp;
52 रुपये&amp;nbsp;
54 रुपये


काऊ मिल्क&amp;nbsp;
60 रुपये&amp;nbsp;
62 रुपये


प्रो मिल्क&amp;nbsp;
70 रुपये&amp;nbsp;
72 रुपये



ये भी पढ़ें: Amul Price Hike: महंगाई का झटका! देशभर में कल से अमूल दूध के बढ़ जाएंगे दाम, 2 रुपये बढ़ाने का फैसला
बता दें कि हाल ही में अमूल कंपनी ने भी देशभर में दूध की कीमतें बढ़ाई हैं. अमूल ने भी 2 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से दूध की कीमत में इजाफा किया है. तो वहीं इसके बाद पंजाब की कंपनी वेरका ने भी दूध की कीमत बढ़ा दी है. वेरका के दूध की कीमत में भी 2 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से इजाफा हुआ है.
अमूल और मदर डेयरी दोनों ही अपनी कुल बिक्री से होने वाली आय का लगभग 75-80% हिस्सा सीधे दूध उत्पादकों को देते हैं. मदर डेयरी देशभर में प्रतिदिन करीब 55 लाख लीटर दूध बेचती है और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में इसकी प्रमुख आपूर्तिकर्ताओं में गिनती होती है. दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश में अमूल की नई दरों के अनुसार, 500 मिलीलीटर पैक में &amp;lsquo;स्लिम एंड ट्रिम&amp;rsquo; दूध 27 रुपये, &amp;lsquo;ताजा&amp;rsquo; 30 रुपये, &amp;lsquo;गाय का दूध&amp;rsquo; 31 रुपये और &amp;lsquo;गोल्ड&amp;rsquo; 36 रुपये में मिलेगा.
वहीं, भैंस के दूध की कीमत में 4 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है, जिससे इसकी नई कीमत 80 रुपये प्रति लीटर हो गई है. मदर डेयरी ने भी अपनी कीमतों में संशोधन किया है. थोक में मिलने वाले टोन्ड दूध की कीमत 56 रुपये से बढ़ाकर 58 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है. पैकेट में मिलने वाला फुल क्रीम दूध अब 72 रुपये प्रति लीटर होगा.
पैकेट वाला टोन्ड दूध 58 रुपये से बढ़कर 60 रुपये प्रति लीटर हो गया है, जबकि डबल-टोन्ड दूध की कीमत 54 रुपये प्रति लीटर तय की गई है. इसके अलावा, गाय के दूध की कीमत भी 60 रुपये से बढ़ाकर 62 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है. ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 14 May 2026 03:30:15 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Mother, Dairy, Milk, Price:, अमूल, के, बाद, मदर, डेयरी, ने, इन, प्रोडक्ट्स, के, बढ़ा, दिए, दाम, यहां, देखें, रेट, लिस्ट, कितनी, बढ़ी, कीमत</media:keywords>
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        <title>SIP vs RD: 10000 की मंथली बचत पर कहां बनेगा सबसे ज्यादा पैसा? 10&amp;15&amp;20 साल का पूरा कैलकुलेशन</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/sip-vs-rd-10000-की-मंथली-बचत-पर-कहां-बनेगा-सबसे-ज्यादा-पैसा-10-15-20-साल-का-पूरा-कैलकुलेशन</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/sip-vs-rd-10000-की-मंथली-बचत-पर-कहां-बनेगा-सबसे-ज्यादा-पैसा-10-15-20-साल-का-पूरा-कैलकुलेशन</guid>
        <description><![CDATA[ Which is more Better SIP vs RD: आज कल हर कोई अपने फ्यूचर के लिए इन्वेस्टमेंट करना पसंद करता है. इन्वेस्टमेंट करने वाले हर व्यक्ति के मन में एक सवाल होता है कि हर महीने 10 हजार बचाने पर SIP बेहतर है या फिर RD?
ये दोनों ही ऑप्शन नियमित इन्वेस्ट की आदत डालते हैं, लेकिन रिटर्न, जोखिम और लंबे समय में बनने वाले फंड में बड़ा अंतर होता है. अगर आप भी 10,15,20 साल में एक बड़ा फंड बनाना चाहते हैं तो सबसे पहले यह समझना जरूरी होगा कि कौन सा ऑप्शन ज्यादा फायदेमंद रहेगा.
यह भी पढ़ें - Share Market: शेयर बाजार गुलजार, 78000 के पार पहुंचा सेंसेक्स; निफ्टी भी 67 अंक ऊपर
SIP और RD में क्या अंतर है?
अगर बात करें RD यानी Recurring Deposit की तो इसमें...

बैंक और पोस्ट ऑफिस की सरकारी/वित्तीय योजना, इसलिए जोखिम बहुत कम होता है.
साथ ही हर महीने तय रकम जमा करनी होती है.
इसके साथ ही फिक्सड ब्याज मिलता है.
रिर्टन पहले से तय होता है.
इसमें जोखिम बहुत कम होता है.

SIP यानी Systematic Investment Plan

म्यूचुअल फंड में नियमित इन्वेस्ट का तरीका.
इक्विटी, डेट या हाइब्रिड फंड में इन्वेस्ट
मार्केट आधारित रिटर्न मिलता है.
लंबे समय में ज्यादा कमाई की संभावना होती है.
लेकिन इसमें जोखिम RD से ज्यादा होता है.

अगर हर महीने 10 हजार इन्वेस्ट करें तो RD में कितना पैसा बनेगा?
अगर 6.05 प्रतिशत से देखा जाए तो&amp;nbsp;

10 साल में RD
महीने में इन्वेस्ट- 10 हजार
टोटल जमा राशि-16,48,781

15 साल में RD

पहले 10 साल RD
मैच्योरिटी रकम FD में इन्वेस्ट
साथ में नई 5 साल की RD
टोटल राशि- 29,27,702

20 साल में RD

10 साल RD
रकम अगले 10 साल FD में
साथ में नई RD
टोटल राशि- 46,54,471

SIP में कितना पैसा बन सकता है?
इसका रिटर्न आपके चुने गए फंड पर निर्भर करता है. आमतौर पर

डेट फंड: 6 प्रतिशत-7 प्रतिशत
हाइब्रिड फंड: 8 प्रतिशत-10 प्रतिशत
इक्विटी फंड: 10 प्रतिशत-13 प्रतिशत

10 साल में 10,000 SIP
रिटर्न कुल राशि

6 प्रतिशत ₹16.32 लाख
8 प्रतिशत ₹18.12 लाख
10 प्रतिशत ₹20.14 लाख
12 प्रतिशत ₹22.40 लाख
13 प्रतिशत ₹23.63 लाख

15 साल में ₹10,000 SIP
रिटर्न कुल राशि

6 प्रतिशत ₹28.83 लाख
8 प्रतिशत ₹33.97 लाख
10 प्रतिशत ₹40.16 लाख
12 प्रतिशत ₹47.59 लाख
13 प्रतिशत ₹51.85 लाख

20 साल में ₹10,000 SIP
रिटर्न कुल राशि

6 प्रतिशत ₹45.56 लाख
8 प्रतिशत ₹57.26 लाख
10 प्रतिशत ₹72.39 लाख
12 प्रतिशत ₹91.98 लाख
13 प्रतिशत ₹1.03 करोड़

कौन है ज्यादा बेहतर?
अगर हम RD चुनते हैं तो

आपको सुरक्षित इन्वेस्टमेंट चाहिए.
आपको तय रिटर्न चाहिए.
साथ ही रिस्क नहीं लेना चाहते.
आपका शॉर्ट टर्म लक्ष्य है.

वहीं SIP चुनें अगर

लंबे समय के लिए इन्वेस्टमेंट चाहते हैं.
साथ ही ज्यादा रिटर्न भी चाहिए.
लेकिन मार्केट उतार-चढ़ाव झेल सकते हैं.
वेल्थ बनाना चाहते हैं.

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एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं?
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, 5 साल से ज्यादा के इन्वेस्टमेंट के लिए SIP ज्यादा बेहतर ऑप्शन साबित हो सकता है.&amp;nbsp;अगर बात करें युवा इन्वेस्टर्स की तो SIP इसलिए अच्छा माना जाता है क्योंकि

इसमें कंपाउंडिंग का फायदा मिलता है.
महंगाई को मात देता है.
लंबे समय में एक बड़ा फंड बनाता है.
वहीं अगर आपका लक्ष्य सुरक्षित बचत है तो RD ज्यादा फायदा दे सकती है.
लेकिन आप अगर 10-20 साल में बड़ा फंड बनाना चाहते हैं तो SIP ज्यादा फायदा दे सकती है.

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        <pubDate>Wed, 13 May 2026 11:30:38 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>SIP, RD:, 10000, की, मंथली, बचत, पर, कहां, बनेगा, सबसे, ज्यादा, पैसा, 10-15-20, साल, का, पूरा, कैलकुलेशन</media:keywords>
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        <title>Petrol&amp; Diesel Price: पाकिस्तान में पेट्रोल&amp;डीजल की कीमत ने तोड़े रिकॉर्ड, जानें अब कितने रुपए का है एक लीटर Petrol&amp;Diesel</title>
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        <description><![CDATA[ Pakistan Petrol Diesel Price: यूएस- ईरान वॉर का असर केवल भारत पर ही नहीं बल्कि पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान पर भी पड़ रहा है. जिस तरह से गैस और तेल की कमी भारत में देखने को मिल रही है, उसी तरह से पाकिस्तान में भी देखी जा रही है. पड़ोसी मुल्क का तो हाल इतना बुरा है कि यहां महज एक हफ्ते में ही पेट्रोल- डीजल के दाम दोबारा से बढ़ गए हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 15 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी है.
पेट्रोल- डीजल की कीमत में बढ़ोतरीदरअसल पाकिस्तान के ऊर्जा मंत्रालय की ओर से जारी आधिकारिक नोटिफिकेशन के मुताबिक, पेट्रोल की कीमत 399.86 पाकिस्तानी रुपये से बढ़ाकर 414.78 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है. वहीं हाई स्पीड डीजल (HSD) की कीमत 399.58 रुपये से बढ़कर 414.58 रुपये प्रति लीटर हो गई है. ये महज एक हफ्ते में दूसरी बार है जब पाकिस्तान में पेट्रो- डीजल की कीमतें बढ़ रही हैं.
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लगातार तीसरी बार बढ़े दामवहीं स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो, पाकिस्तान सरकार ने लगातार तीसरी बार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की है. पिछले दो हफ्तों में सरकार पेट्रोल के दाम 33.28 रुपये प्रति लीटर और डीजल के दाम 46.16 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ा चुकी है. इसके अलावा शहबाज शरीफ सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली लेवी (टैक्स) भी 13.91 रुपये प्रति लीटर बढ़ा दी है.
बता दें कि ये फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब इंटरनेशनल मोनेटरी फंड (IMF) ने आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान को करीब 1.32 अरब डॉलर की वित्तीय मदद देने का भरोसा दिया है. IMF ने शुक्रवार, 8 मई को बयान जारी कर कहा है कि पाकिस्तान को उसकी एक्सेंडेड फंड फेसिलिटी के तहत 1.1 अरब डॉलर मिलेंगे. इसके अलावा जलवायु और पर्यावरण से जुड़ी योजनाओं के लिए रेजिलेंस एंड सस्टेनेबिलिटी फेसिलिटी के तहत करीब 22 करोड़ डॉलर की मदद भी दी जाएगी.
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        <pubDate>Wed, 13 May 2026 11:30:31 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Petrol-, Diesel, Price:, पाकिस्तान, में, पेट्रोल-डीजल, की, कीमत, ने, तोड़े, रिकॉर्ड, जानें, अब, कितने, रुपए, का, है, एक, लीटर, Petrol-Diesel</media:keywords>
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