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    <title>Attention India Hindi &amp; Attention Desk</title>
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    <description>Attention India Hindi &amp; Attention Desk</description>
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    <dc:rights>Copyright 2024 Attention India&amp; All Rights Reserved.</dc:rights>
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        <title>लैपटॉप के Webcam के पास क्यों बने होते हैं ये छोटे&amp;छोटे छेद? ये है वजह</title>
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        <description><![CDATA[ लैपटॉप की स्क्रीन के ऊपर लगे Webcam को तो आपने जरूर देखा होगा लेकिन क्या आपने कभी उसके आसपास बने छोटे-छोटे छेदों पर गौर किया है? कई लोग इन्हें कैमरे का हिस्सा समझते हैं जबकि इनमें से कुछ छेद का कैमरे से कोई मतलब नहीं होता है. इन छोटे छेदों का लैपटॉप की आवाज, वीडियो कॉल और प्राइवेसी से खास कनेक्शन हो सकता है.
Webcam के पास छेद आखिर किस काम आते हैं?
लैपटॉप के Webcam के आसपास बने छोटे छेदों में सबसे नॉर्मली पर माइक्रोफोन छिपा होता है. आज के ज्यादातर लैपटॉप में इन-बिल्ट माइक्रोफोन दिए जाते हैं ताकि यूजर को वीडियो कॉल या ऑनलाइन मीटिंग के दौरान अलग से माइक्रोफोन लगाने की जरूरत न पड़े. माइक्रोफोन के लिए बनाया गया छेद बाहर से बेहद छोटा दिखाई देता है. इसके पीछे सेंसर या माइक्रोफोन कंपोनेंट लगा होता है जो आपकी आवाज को पकड़कर लैपटॉप तक पहुंचाता है.
एक नहीं, दो माइक्रोफोन भी हो सकते हैं
कई एडवांस लैपटॉप में Webcam के आसपास एक से ज्यादा छोटे छेद दिखाई देते हैं. इसकी वजह ये है कि उनमें डुअल या मल्टीपल माइक्रोफोन दिए जाते हैं. इनका काम सिर्फ आपकी आवाज रिकॉर्ड करना नहीं बल्कि आसपास के शोर को कम करने में भी मदद करना होता है.
जैसे मान लिजिए अगर आप वीडियो कॉल के दौरान पंखे, AC या आसपास लोगों की आवाज के बीच बात कर रहे हैं तो लैपटॉप का माइक्रोफोन सिस्टम आपकी आवाज को अलग से पहचानने की कोशिश करता है. इसी टेक्नोलॉजी की मदद से कॉल के दौरान आवाज साफ सुनाई देती है.
Noise Cancellation में भी होती है मदद
कुछ लैपटॉप में माइक्रोफोन की ऐसी व्यवस्था होती है जिसमें एक माइक्रोफोन आपकी आवाज पकड़ता है जबकि दूसरा आसपास की आवाजों को पहचानने में मदद करता है. इसके बाद सॉफ्टवेयर इन दोनों सिग्नल का एनालिसिस करके अनचाहे बैकग्राउंड नॉइज को कम कर सकता है.
यही कारण है कि Webcam के पास दिखने वाले हर छोटे छेद को कैमरे का हिस्सा समझना सही नहीं है. कुछ छेद लैपटॉप के ऑडियो सिस्टम का जरूरी हिस्सा होते हैं.
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हर छेद माइक्रोफोन का नहीं होता
यहां एक जरूरी बात समझना भी जरूरी है. हर लैपटॉप में Webcam के पास बने सभी छोटे छेद माइक्रोफोन के लिए हों, ये जरूरी नहीं है. अलग-अलग कंपनियां और मॉडल अपने डिजाइन के हिसाब से इनकी जगह बदल सकती हैं.
कुछ डिजाइन में Webcam के पास LED इंडिकेटर, सेंसर या दूसरे हार्डवेयर कंपोनेंट्स के लिए भी छोटी ओपनिंग हो सकती है. इसलिए सिर्फ देखकर किसी छेद का काम तय नहीं किया जा सकता है.
इन्हें गलती से बंद न करें
अगर आपके लैपटॉप में Webcam के पास माइक्रोफोन का छेद है तो उसे स्टिकर, टेप या किसी दूसरी चीज से ढकने से बचना चाहिए. ऐसा करने पर माइक्रोफोन की आवाज कम हो सकती है और वीडियो कॉल के दौरान सामने वाले व्यक्ति को आपकी आवाज ठीक से सुनाई नहीं देगी.
इसलिए अगली बार लैपटॉप के Webcam के पास ये छोटे-छोटे छेद दिखाई दें तो उन्हें सिर्फ डिजाइन का हिस्सा न समझें. इनमें छिपा छोटा-सा माइक्रोफोन आपके वीडियो कॉल और ऑनलाइन मीटिंग की आवाज को बेहतर बनाने में बड़ी भूमिका निभा सकता है.
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        <pubDate>Mon, 14 Sep 2026 17:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>AI से लेकर रोबोटिक्स तक, BRICS में दिखे 37 डीप&amp;टेक इनोवेशन</title>
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        <description><![CDATA[ भारत अब टेक्नोलॉजी के साथ नई और खास तकनीकों को विकसित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है. इसकी झलक नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित भारत इनोवेट्स एक्सपोजिशन में देखने को मिली. यहां AI, क्वांटम कंप्यूटिंग, समुद्री रोबोटिक्स, फ्लोटिंग सोलर टेक्नोलॉजी और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी जैसी अलग-अलग तकनीकों पर काम कर रहे 37 भारतीय डीप-टेक स्टार्टअप और उद्यमों ने अपने इनोवेशन पेश किए.
यह प्रदर्शनी 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के साथ 11 और 12 सितंबर 2026 को आयोजित की गई. इसका मकसद भारतीय रिसर्च लैब, स्टार्टअप और रिसर्च पार्क से निकलने वाले इनोवेशन को दुनिया के सामने लाना और उन्हें अंतरराष्ट्रीय निवेशकों, कंपनियों, विश्वविद्यालयों और रिसर्च संस्थानों से जोड़ना है.&amp;nbsp;
BRICS में दिखे 37 डीप-टेक इनोवेशन
नई दिल्ली में आयोजित BRICS प्रदर्शनी में भारत के 37 डीप-टेक इनोवेशन को प्रदर्शित किया गया. शिक्षा मंत्रालय ने विदेश मंत्रालय के सहयोग से इस प्रदर्शनी का आयोजन किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य BRICS नेताओं ने भारतीय डीप-टेक तकनीकों से जुड़े स्टॉलों का दौरा किया और देश की उभरती टेक्नोलॉजी क्षमताओं की जानकारी ली. प्रदर्शनी में शामिल स्टार्टअप्स ने हेल्थकेयर, क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, अंतरिक्ष तकनीक, रोबोटिक्स, बायोटेक्नोलॉजी, क्लाइमेट टेक्नोलॉजी, रिन्यूएबल एनर्जी और टेलीकम्युनिकेशन जैसे क्षेत्रों में अपने समाधान पेश किए.
AI से होगी कैंसर स्क्रीनिंग और हार्ट की जांच
Periwinkle Technologies ने AI आधारित सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग और ट्रायेज प्लेटफॉर्म पेश किया. यह तकनीक 60 सेकंड से भी कम समय में कैंसर के जोखिम का आकलन करने में सक्षम है. वहीं, Tricog Health ने AI-पावर्ड कार्डियक इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म प्रदर्शित किया. यह सिस्टम रियल टाइम ECG डायग्नोसिस और मरीजों की प्राथमिकता तय करने में मदद करता है. कंपनी के अनुसार, इसका यूज 12,000 से ज्यादा स्वास्थ्य सुविधाओं में हो रहा है और यह 3.5 करोड़ से ज्यादा मरीजों को कवर कर चुका है.
क्वांटम कंप्यूटर से लेकर समुद्री रोबोट तक
QpiAI ने सुपरकंडक्टिंग क्यूबिट पर आधारित क्वांटम कंप्यूटरों की अपनी रेंज दिखाई. इसमें रिसर्च और शिक्षा के लिए 8-क्यूबिट वाला Qvidya, एडवांस्ड रिसर्च और हाइब्रिड कंप्यूटिंग के लिए 25-क्यूबिट वाला Indus और स्केलेबिलिटी के लिए डिजाइन किया गया 64-क्यूबिट प्रोसेसर Kaveri शामिल हैं.
EyeRov ने जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर की जांच के लिए स्वदेशी मरीन रोबोटिक्स प्लेटफॉर्म पेश किया. इसमें रिमोटली ऑपरेटेड व्हीकल, ऑटोनॉमस सरफेस व्हीकल और ऑटोनॉमस अंडरवाटर व्हीकल के साथ AI एनालिटिक्स भी शामिल हैं.&amp;nbsp;
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सोलर और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में भी इनोवेशन
Quantsolar Technologies ने मुश्किल जल निकायों पर यूज किए जा सकने वाले फ्लोटिंग सोलर फोटोवोल्टिक प्लेटफॉर्म को प्रदर्शित किया. यह तकनीक अलग-अलग तरह के जल क्षेत्रों में सोलर एनर्जी सिस्टम लगाने के लिए तैयार की गई है. Chara Technologies ने रेयर-अर्थ-फ्री इलेक्ट्रिक पावरट्रेन तकनीक पेश की. कंपनी का उद्देश्य इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को ज्यादा स्किल, किफायती और टिकाऊ बनाने की दिशा में काम करना है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Mon, 14 Sep 2026 17:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Google Account की ये 5 सेटिंग्स अभी बदलें! वरना हो सकता है बड़ा नुकसान</title>
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        <description><![CDATA[ आज के समय में Google Account सिर्फ Gmail चलाने तक सीमित नहीं है. इसी एक अकाउंट से Google Photos, Drive, YouTube, Contacts और कई दूसरी सेवाएं जुड़ी होती हैं. ऐसे में अगर Google Account की सिक्योरिटी सेटिंग्स कमजोर हैं तो आपकी पर्सनल जानकारी से लेकर जरूरी फाइलों तक पर खतरा मंडरा सकता है. अच्छी बात ये है कि कुछ जरूरी सेटिंग्स बदलकर अकाउंट की सुरक्षा काफी मजबूत की जा सकती है.
2-Step Verification जरूर ऑन करें
Google Account को सुरक्षित रखने के लिए सबसे जरूरी सेटिंग 2-Step Verification है. इसे एक्टिव करने के बाद सिर्फ पासवर्ड से अकाउंट में लॉगिन नहीं किया जा सकता. लॉगिन के दौरान एक्सट्रा वेरिफिकेशन की जरूरत पड़ती है. इससे अगर किसी को आपका पासवर्ड पता भी चल जाए तो उसके लिए अकाउंट में डॉयरेक्ट एंट्री करना मुश्किल हो जाता है.
Security Checkup जरूर करें
Google Account में Security Checkup का ऑप्शन दिया जाता है, जहां आप अकाउंट की सुरक्षा से जुड़ी कई चीजों की जांच कर सकते हैं. यहां ये देखा जा सकता है कि किन डिवाइस पर आपका अकाउंट लॉगिन है, कौन-से ऐप्स या सर्विस आपके Google Account से जुड़ी हैं और कहीं कोई संदिग्ध एक्टिविटी तो नहीं हुई. अगर कोई अनजान डिवाइस दिखाई दे तो तुरंत उसे अकाउंट से साइन आउट कर देना बेहतर है.
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पुराने और कमजोर पासवर्ड से बचें
अगर आपका Google Account पासवर्ड काफी पुराना है या आपने उसे दूसरी वेबसाइटों पर भी इस्तेमाल किया है तो उसे बदलने का समय आ गया है. एक ही पासवर्ड को कई जगह इस्तेमाल करने पर किसी दूसरी वेबसाइट का डेटा लीक होने की कंडिशन में आपका Google Account भी खतरे में पड़ सकता है. पासवर्ड ऐसा रखें जिसे आसानी से अनुमान न लगाया जा सके और अलग-अलग सर्विसेज के लिए अलग पासवर्ड का इस्तेमाल करें.
थर्ड-पार्टी ऐप्स की Access चेक करें
कई बार हम किसी ऐप या वेबसाइट को Google Account से साइन-इन करने के लिए परमिशन दे देते हैं और बाद में उसे भूल जाते हैं. समय-समय पर Google Account में जाकर देखें कि किन थर्ड-पार्टी ऐप्स को आपके अकाउंट की परमिशन मिली हुई है. जिस ऐप या वेबसाइट का अब इस्तेमाल नहीं करते, उसकी एक्सेस हटा दें. इससे अनावश्यक डेटा एक्सेस का जोखिम कम किया जा सकता है.
Recovery Phone और Email अपडेट रखें
Google Account का Recovery Phone Number और Recovery Email बेहद जरूरी होते हैं. पासवर्ड भूलने या अकाउंट में किसी तरह की समस्या आने पर इन्हीं की मदद से अकाउंट वापस हासिल करने का मौका मिलता है. इसलिए ये जरूर जांच लें कि रिकवरी नंबर आपका चालू नंबर है और Recovery Email भी ऐसा है जिसे आप नियमित रूप से इस्तेमाल करते हैं.
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        <pubDate>Mon, 14 Sep 2026 17:30:10 +0530</pubDate>
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        <title>iPhone Duo में नहीं मिलेंगे iPhone 18 Pro के ये खास फीचर्स, खरीदने से पहले जान लें बड़ा अंतर</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/iphone-duo-में-नहीं-मिलेंगे-iphone-18-pro-के-ये-खास-फीचर्स-खरीदने-से-पहले-जान-लें-बड़ा-अंतर</link>
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        <description><![CDATA[ iPhone Duo में नहीं मिलेंगे iPhone 18 Pro के ये खास फीचर्स, खरीदने से पहले जान लें बड़ा अंतर ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 14 Sep 2026 17:30:09 +0530</pubDate>
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        <title>बारिश में भीग गया फोन? भूलकर भी तुरंत न लगाएं चार्जर, वरना हो सकता है बड़ा नुकसान</title>
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        <pubDate>Mon, 14 Sep 2026 17:30:07 +0530</pubDate>
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        <title>पीरियड में हो रहा सामान्य से तेज दर्द? एंडोमेट्रियोसिस के हो सकते हैं संकेत</title>
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        <description><![CDATA[ पीरियड्स में होने वाले दर्द को अक्सर सामान्य मानकर नजरअंदाज कर दिया जाता है. लेकिन अगर दर्द इतना ज्यादा हो कि रोजमर्रा के काम, पढ़ाई, नौकरी या नींद पर असर पड़ने लगे, तो इसे सामान्य पीरियड क्रैम्प्स समझकर टालना ठीक नहीं है. डॉक्टरों के मुताबिक ऐसा दर्द एंडोमेट्रियोसिस जैसी बीमारी का संकेत हो सकता है. सही समय पर इसकी पहचान और इलाज न होने पर यह महिला की जीवनशैली के साथ-साथ फर्टिलिटी को भी प्रभावित कर सकता है. ऐसे में जानिए क्या है एंडोमेट्रियोसिस और कैसे करें इसकी पहचान?
क्या है एंडोमेट्रियोसिस?
एंडोमेट्रियोसिस एक ऐसी स्थिति है, जिसमें गर्भाशय की अंदरूनी परत जैसी टिश्यू शरीर में गर्भाशय के बाहर विकसित होने लगती है. इससे सूजन, दर्द और दूसरे लक्षण पैदा होते हैं. डॉक्टरों के अनुसार यह स्थिति करीब 10 में से 1 महिला या लड़की को प्रभावित कर सकती है. इस बीमारी का सबसे आम संकेत तेज और बार-बार होने वाला पीरियड दर्द है. हालांकि हर महिला में इसके लक्षण एक जैसे नहीं होते. कुछ मामलों में पेल्विक एरिया में लगातार दर्द, सेक्स के दौरान दर्द या गर्भधारण में परेशानी भी सामने आती है.
डायग्नोसिस में लग जाते हैं कई साल
डॉक्टरों ने चिंता जताई है कि भारत में कई महिलाओं को एंडोमेट्रियोसिस का पता चलने में 7 से 10 साल तक लग जाते हैं. इसकी एक वजह शुरुआती लक्षणों को सामान्य पीरियड दर्द मान लेना भी है. देर से पहचान होने का असर सिर्फ दर्द तक सीमित नहीं रहता बल्कि यह फर्टिलिटी को भी प्रभावित कर देता है. इसके अलावा इलाज में देरी आर्थिक बोझ भी बढ़ा देती है.
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कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?
अगर पीरियड्स का दर्द लगातार बढ़ रहा है या हर महीने इतना ज्यादा होता है कि सामान्य गतिविधियां प्रभावित होने लगती हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है. खासकर तब जब सामान्य पेनकिलर लेने के बाद भी राहत न मिले. वहीं अगर पीरियड्स के आसपास पेशाब या मल त्याग के दौरान दर्द या लगातार पेल्विक पेन होता है, तो इन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. कुछ मामलों में गर्भधारण में परेशानी होने पर डॉक्टर की सलाह लेना चाहिए. विशेषज्ञों के अनुसार किशोरियों में भी ऐसे लक्षणों पर ध्यान देना जरूरी है, क्योंकि बीमारी कम उम्र में शुरू होकर समय के साथ ज्यादा परेशान कर सकती है.
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        <pubDate>Mon, 14 Sep 2026 17:30:05 +0530</pubDate>
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        <title>कितनी तरह का होता है बवासीर, किसमें रहता है जान का खतरा?</title>
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        <description><![CDATA[ बवासीर यानी पाइल्स एक आम समस्या है, जिसमें गुदा या मलाशय के आसपास की नसों में सूजन आ जाती है. कब्ज व मल त्याग के दौरान ज्यादा जोर लगाना, लंबे समय तक टॉयलेट में बैठना और कम फाइबर वाला खाना इसके प्रमुख कारणों में शामिल होते हैं. बवासीर होने पर दर्द, खुजली, जलन और मल के साथ खून आने जैसी परेशानी होती है. आमतौर पर बवासीर को दो मुख्य प्रकारों में बांटा जाता है. पहला आंतरिक बवासीर और दूसरा बाहरी बवासीर. दोनों के लक्षण और परेशानी अलग-अलग होते हैं. ऐसे में जानिए कब बवासीर में हो जाता है जान का खतर.
आंतरिक बवासीर क्या होती है?
आंतरिक बवासीर मलाशय के अंदर की नसों में होती है. शुरुआत में इसमें दर्द कम या बिल्कु नहीं होता, लेकिन मल त्याग के समय ताजा लाल खून दिखाई दे सकता है. कई बार बवासीर की नसें इतनी बढ़ जाती हैं कि वे गुदा के बाहर आने लगती हैं. आंतरिक बवासीर को उसकी गंभीरता के आधार पर चार ग्रेड में भी बांटा जाता है. शुरुआती ग्रेड में नसें अंदर ही रहती हैं, जबकि आगे के ग्रेड में वे बाहर निकलने लगती हैं और कभी-कभी उन्हें हाथ से अंदर भी करना पड़ता है.
बाहरी बवासीर क्या होती है?
बाहरी बवासीर गुदा के बाहर की नसों में सूजन के कारण होती है. इसमें दर्द, खुजली और सूजन ज्यादा महसूस होती है. कुछ मामलों में नस के अंदर खून का थक्का बन जाता है, जिसे Thrombosed Hemorrhoid कहा जाता है. इस स्थिति में अचानक तेज दर्द और गुदा के पास गांठ जैसा महसूस होने लगता है. हालांकि यह आमतौर पर जानलेवा नहीं होती, लेकिन तेज दर्द या अचानक हुई सूजन में डॉक्टर से जांच कराना बेहद जरूरी है.
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क्या बवासीर से जान का खतरा होता है?
सामान्य बवासीर आमतौर पर जानलेवा बीमारी नहीं होती. लेकिन इसे लंबे समय तक नजरअंदाज करना ठीक नहीं है. खासकर अगर लगातार या बहुत ज्यादा खून निकल रहा हो, तो शरीर में खून की कमी यानी एनीमिया हो सकता है. वहीं हर बार मल के साथ खून आने का कारण बवासीर ही हो, यह जरूरी नहीं है. फिशर, आंतों की दूसरी बीमारियां और कुछ मामलों में कैंसर भी रक्तस्राव का कारण हो सकता है. इसलिए बार-बार खून आने पर केवल बवासीर मानकर खुद से इलाज करना सही नहीं है.
कब डॉक्टर को दिखाएं?
अगर गुदा से लगातार या ज्यादा मात्रा में खून निकल रहा है, चक्कर या कमजोरी महसूस हो रही है, बेहोशी जैसा लग रहा है, तेज दर्द है या काला मल आ रहा है, तो तुरंत डॉक्टर से सहायता लेनी चाहिए. वहीं अगर कई दिनों से कब्ज, दर्द, खुजली या मल के साथ खून आने की समस्या बनी हुई है, तो डॉक्टर से जांच कराना बेहतर है. बवासीर से बचने के लिए कब्ज को रोकना सबसे जरूरी है. खाने में फाइबर वाली चीजें जैसे फल, सब्जियां, साबुत अनाज और दालें शामिल करें. पर्याप्त पानी पिएं और मल त्याग के समय ज्यादा जोर न लगाए.
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        <pubDate>Mon, 14 Sep 2026 17:30:04 +0530</pubDate>
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        <title>RBI बाजार से खींच रहा 1 लाख करोड़, आपके होम लोन और FD पर क्या असर पड़ेगा?</title>
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        <description><![CDATA[ अगर आपका होम लोन चल रहा है या बैंक की एफडी में पैसा जमा होकर रखा है तो आपको आरबीआई के नए फैसले की जानकारी होनी ही चाहिए. आरबीआई ने बैंकिंग सिस्टम में मौजूद एक्स्ट्रा पैसे यानी सरप्लस लिक्विडिटी को कम करने के लिए करीब 1 लाख करोड़ रुपए के सरकारी बॉन्ड बेचने का फैसला किया है. ये बिक्री सितंबर में तीन चरणों में होगी.
अब सवाल ये है कि आरबीआई के इस कदम से आम जनता पर क्या फर्क पड़ने वाला है और क्या इससे होम लोन की ईएमआई बढ़ जाएगी? क्या इससे एफडी पर ब्याज ज्यादा मिलेगा?&amp;nbsp;
आरबीआई 1 लाख करोड़ क्यों निकाल रहा है?
दरअसल, इस समय भारतीय बैंकिंग सिस्टम में जरूरत से काफी ज्यादा पैसा मौजूद है. सितंबर की शुरुआत में बैंकिंग सिस्टम में लिक्विडिटी करीब 10.3 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गई थी. अब आरबीआई बैंकिंग सिस्टम में मौजूद एक्स्ट्रा नकदी को कम करने के लिए बाजार से 1 लाख करोड़ रुपए निकाल रहा है.&amp;nbsp;
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आरबीआई बाजार से पैसा कैसे खींचता है?
आरबीआई जब सरकारी बॉन्ड बेचता है तो बैंक और दूसरे निवेशक उन बॉन्ड को खरीदने के लिए पैसा देते हैं. ये पैसा बैंकिंग सिस्टम से निकलकर आरबीआई के पास चला जाता है. इस तरह बाजार में घूम रहा एक्स्ट्रा पैसा कम हो जाता है. आरबीआई ने 1 लाख करोड़ रुपए की बॉन्ड बिक्री को तीन हिस्सों में करने का फैसला किया है. पहली बिक्री 17 सितंबर को 50000 करोड़ रुपए की होगी, जबकि 21 और 28 सितंबर को 25000- 25000 करोड़ रुपए की बिक्री की जाएगी.
होम लोन पर क्या असर पड़ेगा?
जब आरबीआई बाजार से पैसा खींचता है तो इसका होम लोन पर असर पड़ता ही है. बैंक के पास नकदी की कमी हो जाती है इसलिए वो अपनी लागत की भरपाई के लिए ब्याज बढ़ा देते हैं. इससे ईएमआई भी महंगी हो जाती है. इतना ही नहीं, कुछ बैंक तो लोन चुकाने का समय भी बढ़ा देते हैं.&amp;nbsp;
एफडी पर क्या पड़ेगा असर?
एफडी में पैसा रखने वालों पर भी इसका असर पड़ता है. चूंकि बाजार में पैसे की कमी होने लगती है, इसलिए बैंकों को अपनी लोन देने की जरूरतों को पूरा करने के लिए आम जनता से फंड जुटाना पड़ता है.&amp;nbsp;
लेकिन अगर सिस्टम में एक्स्ट्रा पैसा कम होता है और बैंक को फंड की जरूरत पड़ती है तो वो ज्यादा डिपॉजिट करते हैं और इसके लिए एफडी के ब्याज दर बढ़ जाते हैं. यानी लंबे समय में आरबीआई की नकदी की कमी एफडी रेट्स बढ़ा सकती है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि सारे बैंक तुरंत एफडी पर ब्याज बढ़ा देंगे.
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        <pubDate>Mon, 14 Sep 2026 16:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>सैलरी के मामले में देहरादून ने सबको पछाड़ा, यहां कामगारों की कमाई है सबसे ज्यादा</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/सैलरी-के-मामले-में-देहरादून-ने-सबको-पछाड़ा-यहां-कामगारों-की-कमाई-है-सबसे-ज्यादा</link>
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        <description><![CDATA[ एक आम आदमी सुबह अपने काम के लिए निकलता है और पूरे दिन मेहनत करके घर वापस लौटता है. ऐसे में जब महीना पूरा होने के बाद हाथ में सैलरी आती है और सैलरी अच्छी-खासी हो तो, हर व्यक्ति अपने साथ-साथ अपने परिवार की जरूरतों को भी खुशी-खुशी पूरा करता है. लेकिन अगर सैलरी काम के मुकाबले जरूरत से ज्यादा कम हो तो उसमें गुजारा करना मुश्किल हो जाता है.
इस बीच देश में अलग-अलग जिलों में कर्मचारियों की कमाई को लेकर सरकारी आंकड़े सामने आए हैं, जिसमें देहरादून का नाम टॉप पर है. यहां पर कर्मचारियों को मिलने वाली औसत सालाना कमाई 4 लाख से भी ज्यादा दर्ज की गई है.
कितनी है सैलरी?
दरअसल, यहां पर गैर-निगमित कारोबारों में काम करने वाले कर्मचारियों की औसत सालाना सैलरी के बारे में जानकर हर कोई हैरान रह सकता है, क्योंकि यहां पर कामगारों की औसत कमाई 4.6 लाख रुपये है. हां, ये जरूर है कि &amp;nbsp;सैलरी के मामले में देहरादून नंबर वन पर है, लेकिन इसके अलावा भी कई जिले हैं, जहां पर सालाना कमाई 2.5 लाख से 3.5 लाख के बीच रही है.
देहरादून के अलावा कौन से जिले हैं शामिल?

दूसरे नंबर पर दक्षिण कन्नड़ ( कर्नाटक) है.
वहीं तीसरे नंबर पर अजमेर ( राजस्थान ) है.
इसके बाद चौथे नंबर पर इंदौर ( मध्य प्रदेश) है.
फिर पांचवें नंबर पर कन्नूर ( केरल) है.

इन जिलों में कर्मचारियों की औसत सालाना कमाई लगभग 2.5 से 3.5 लाख रुपये के बीच रही.
नौकरी ढूंढने वालों के लिए जरूरी है आंकड़े
इस महंगाई के दौर में नौकरी करना काफी जरूरी है, क्योंकि हर व्यक्ति बिजनेस नहीं कर सकता है. अगर आप भी नौकरी की तलाश में किसी दूसरे शहर जाने की सोच रहे हैं तो इन आंकड़ों से ये साफ होता है कि देहरादून में कर्मचारियों की औसत कमाई सबसे ज्यादा है. यानी मतलब साफ है कि यहां गैर-निगामित कारोबारों में काम करने वालों की सैलरी अच्छी है.&amp;nbsp;
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सैलरी ही नहीं, काम के मामले में भी आगे
ये बात तो साफ है कि देहरादून में कर्मचारियों की औसत कमाई तो ज्यादा है , लेकिन इसके साथ ही काम के दौरान ज्यादा सेवाएं और काम तैयार करने में भी देहरादून आगे है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Mon, 14 Sep 2026 16:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>सिर्फ 7 दिन का बचा तेल! सऊदी की वजह से पेट्रोल&amp;डीजल की बढ़ेंगी रिकॉर्ड कीमतें?</title>
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        <description><![CDATA[ सऊदी अरब के पास एक्सपोर्ट करने लायक तेल का स्टॉक तेजी से खत्म हो रहा है. जानकारों का कहना है कि सऊदी के यानबू पोर्ट और मिस्र के टर्मिनलों पर पहले से स्टोर किया हुआ जो बैकअप तेल है, उससे फिलहाल सप्लाई बनी हुई है.
लेकिन एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह स्टॉक केवल 5 से 7 दिनों में खत्म हो जाएगा. अगर ऐसा हुआ, तो ग्लोबल सप्लाई में 4% तक की कमी आ सकती है. यानी कि दुनिया भर में रोजाना होने वाले कच्चे तेल के कुल कारोबार में से 40 से 50 लाख बैरल तेल का बाजार से अचानक गायब हो जाना.&amp;nbsp;
सप्लाई पर क्यों आई आफत?
यूएस-ईरान में जंग की वजह से होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) वाला रास्ता पहले से ही ब्लॉक था. ऐसे में सऊदी तेल के सप्लाई के लिए ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन का इस्तेमाल कर रहा था, जिसे बीते शुक्रवार को हुए ड्रोन हमलों के बाद एहतियातन बंद कराना पड़ा है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर जल्द से जल्द इस पाइपलाइन को दोबारा शुरू नहीं किया गया, तो वैश्विक तेल बाजार में तेल की भारी किल्लत हो जाएगी.
सूत्रों के लगाए गए अनुमानों के हवाले से न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने बताया कि सऊदी अरब की पाइपलाइन को पहुंचे नुकसान को ठीक करने में पांच से छह हफ्ते का समय लग सकते है. कुछ का कहना है कि इसे जल्दी भी ठीक किया जा सकता है और मरम्मत के दौरान ही आंशिक रूप से पंपिंग फिर से शुरू की जा सकती है.
सऊदी की जान ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन
बता दें कि 1,200 किलोमीटर लंबी और 5-मिलियन बैरल प्रति दिन की क्षमता वाली ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन सऊदी अरब की लाइफलाइन रही है. इसने ग्लोबल एक्सपोर्ट को अमेरिका-ईरान में जंग की वजह से होर्मुज के बंद होने के असर से बचाए रखा. रोज रेगिस्तान से होकर गुजरने वाली इसी पाइपलाइन का इस्तेमाल करके सऊदी ने लगभग 40 लाख बैरल (bpd) तेल- जो ग्लोबल सप्लाई का लगभग 4% है- को लाल सागर पर स्थित यानबू बंदरगाह तक पहुंचाया है, लेकिन सऊदी एक्सपोर्ट की जानकारी रखने वाले इंडस्ट्री के सूत्रों के मुताबिक, पाइपलाइन के बंद होने की वजह से यानबू में अब 5-7 दिनों का ही एक्सपोर्ट लायक स्टॉक बचा है.&amp;nbsp;

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        <pubDate>Mon, 14 Sep 2026 16:30:10 +0530</pubDate>
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        <title>क्यों भारतीय कारोबारियों की पहली पसंद है ग्वांगझू? दिल्ली से डायरेक्ट भरें उड़ान</title>
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        <description><![CDATA[ चीन के राष्ट्रपति जब 12 सितंबर को BRICKs SUMMIT में नई दिल्ली पहुंचे तब उसके बाद यह फैसला लिया गया चीन कि CHINA SOUTHERN AIRLINES 21 सितंबर से फिर शुरु कि जाने वाली है. यह उड़ाने पूरे छह साल बाद शुरु की जाने वाली है. भारतीय यात्रियों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है.&amp;nbsp;&amp;nbsp;चीन के दक्षिण का ग्वांगझू देश प्रमुख व्यापारिक और परिवहन में शामिल है. इस शहर कि खास पहचान यह है कि यह इलेक्ट्रोनिक्स, कपड़े और अन्य मशीनरी सामानों के जाना जाता है. माना जाता है कि ग्वांगझू देश में भारतीय व्यापारियों ने अपना काफी कारोबार जमा रखा है, कहा जाता है कि करीब 3,000 भारतीय प्रमुख कारोबारी &amp;nbsp;यहां मौजूद है.
ग्वांगझू देश कि एक और बढ़ी पहचान क्या है?
ग्वांगझू देश अपने Canton Fair के लिए भी काफी ज्यादा पहचाना जाता है. यह मेला प्रमुख व्यापार के लिए जाना जाता है. इस मेले में अलग-अलग देश से व्यापारी शामिल होते है. z21 सितंबर से शुरु होने वाली उड़ाने अब से सभी भारतीय व्यापारियों और कारोबारयों के लिए समय और यात्रा में खर्च करने कि बचत में आसानी रहेगी.
यह एशिया के सबसे ज्यादा महत्त्वपूर्ण एयर ट्रांजिट है, क्योंकि वहां से सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रायों के लिए कनेक्टिंग फलाईट है. अमेरिका के साथ-साथ और भी अन्य यात्रियों के लिए ट्रांजिट पॅाइंट है.&amp;nbsp;
यह भी पढ़े- इस राज्य में सस्ते होंगे फिल्मों के टिकट, हाई कोर्ट ने रद्द किया टैक्स
क्यों रोकी गई थी फलाईट?
कोरोना महामारी के चलते भारत से जाने वाली सारी चीन की फलाईट बंद कर दी गयी थी, जिसके कारण भारतीय व्यापारियों को और अन्य यात्रियों के लिए परेशानी हो गयी थी. सभी भारतीयों को बैंगकोक, सिंगापोर और होंग-कोंग से चीन जाने के लिए फलाईट लेनी पड़ती थी. इसकी वजह से यात्रियों का खर्चा और समय दोनों बरबाद होता था. &amp;nbsp;
अब बिल्कुल सीधी उड़ान हो जाने के कारण सभी भारतीय व्यापारी और अन्य यात्रियों के लिए काफी हद तक सुविधाजनक साबित होगा. कहा जारा हे कि सीधी उड़ानो कि वजह से दोनों देशों के बीच व्यापार, पर्यटन और लोगों के आवागमन को एक नई उम्मीद मिलने कि आकंशा जताई जा रही है.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ें- नोएडा में M3M ने 1839 करोड़ में खरीदा 12.5 एकड़ का प्लॉट, DLF को पछाड़ा
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        <pubDate>Mon, 14 Sep 2026 16:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>8th Pay Commission: साल में 4 बार बढ़े DA और 25% पर हो बेसिक में मर्जर</title>
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        <description><![CDATA[ चेन्नई और पुडुचेरी के बाद अब आठवां वेतन आयोग (8th Pay Commission) अब चंडीगढ़ का रुख करने जा रहा है. चंडीगढ़ में 16-18 अगस्त के बीच वेतन आयोग की बैठक होगी. चंडीगढ़ में होने जा रही बैठक में उत्तर भारत के विभिन्न कर्मचारी संघ और पेंशनर्स संगठन आयोग के सामने अपनी-अपनी मांगे रखेंगे. इसमें फिटमेंट फैक्टर, DA और HRA का मुद्दा उठ सकता है. इसके बाद 7-8 अक्टूबर को बेंगलुरु में बैठक होगी.
साल में 4 बार बढ़े DA
वर्तमान व्यवस्था के तहत केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता (DA) साल में दो बार (जनवरी और जुलाई) संशोधित किया जाता है, लेकिन अब बढ़ती महंगाई को देखते हुए कई कर्मचारी संगठनों ने यह मांग रखी है कि DA की समीक्षा अब साल में 4 बार यानी कि हर 3 महीने में की जाए महंगाई के असर से कुछ हद तक बचा स जा सके.&amp;nbsp;
25% DA पर बेसिक पे पर मर्जर
शनल काउंसिल (NC-JCM) सहित कुछ अन्य संगठनों ने मांग की है कि महंगाई भत्ता (DA) 25% होने पर उसे बेसिक पे में मिला दिया जाए. इससे आने वाले समय में कर्मचारियों की सैलरी और HRA, TA जैसे भत्तों का कैलकुलेशन बढ़े हुए बेस पर होगी, जिससे वेतन में तेजी से बढ़ोतरी होगी. बता दें कि अभी केंद्रीय कर्मचारियों का DA 60% के पार चल रहा है.&amp;nbsp;
कर्मचारियों की कुछ अन्य मांगे

कर्मचारियों की मांग हर 10 साल की जगह हर 5 साल में फाइनेंशियल अपग्रेडेशन (MACP) की है.
कुछ संगठनों ने 3.83 फिटमेंट फैक्टर लागू करने की मांग की है ताकि उस हिसाब से बेसिक पे भी बढ़ जाए.&amp;nbsp;
7वें वेतन आयोग में फैमिली यूनिट को 3 माना गया था, जिसे अब आठवें वेतन आयोग में बढ़ाकर 5 करने की मांग की जा रही है.&amp;nbsp;

बता दें कि अभी कर्मचारी संगठनों द्वारा दी गई मांगें और सुझाव दिए जा रहे हैं. इस पर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है. आयोग मई-जून 2027 तक अपनी अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंप सकता है. हालांकि, इसे 1 जनवरी 2026 से ही प्रभावी माना जाएगा.

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        <pubDate>Mon, 14 Sep 2026 16:30:08 +0530</pubDate>
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    <item>
        <title>बंगाल में बंद होंगे 252 मदरसे, मौलाना साजिद रशीदी बोले&amp; &amp;apos;ये बताना चाहते हैं कि...&amp;apos;</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/बंगाल-में-बंद-होंगे-252-मदरसे-मौलाना-साजिद-रशीदी-बोले-ये-बताना-चाहते-हैं-कि</link>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल की शुभेंदु अधिकारी सरकार ने पूरे राज्य में सर्वे के बाद 252 मदरसों को बंद करने के आदेश दिए हैं. साथ ही 100 अन्य मदरसों को कारण बताओ नोटिस भेजा है. रिपोर्ट में बुनियादी ढांचे की कमी सामने आने के बाद ये एक्शन सरकार ने लिया है.
जनजातीय और अल्पसंख्यक विकास मंत्री खुदीराम टुडू ने कहा कि जिला प्रशासन के माध्यम से राज्य के सभी मदरसों में व्यापक सत्यापन किया गया. मदरसों के प्रबंधन, विद्यार्थी-शिक्षकों, बुनियादी ढांचे और धन के स्रोतों के संबंध में गंभीर अनियमितताएं पाई गई. सत्यापन के परिणामों के आधार पर, पहले चरण में 252 मदरसों को तत्काल बंद करने और गतिविधियों से परहेज करने का आदेश दिया गया है.&amp;nbsp;
इस फैसले पर मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि बंगाल के मदरसे बंद करने पर कहा कि हिंदू मुसलमान करना बंद करें. ये मदरसे बंद करके मुसलमानों को ये बताना चाहते हैं कि हम मदरसों के खिलाफ हैं. हालांकि ये वो मदरसे है सरकार जिनको ग्रांट देती है.
डर फैलाना बंद करें- मौलाना साजिद रशीदी
उन्होंने कहा, &#039;&#039;सरकार के हिसाब से उनमें पढ़ाई होती है, जो हमारे ढ़ाई प्रतिशत के जकात पर मदरसे चलते है. उनको बंद करने की ताकत किसी भी सरकार में नहीं है. इसलिये कोई भी सरकार मदरसों के नाम पर हिंदू मुसलमान के अंदर डर फैलाने का काम नहीं करें.&#039;&#039;
मौलाना साजिद रशीदी ने कहा, &#039;&#039;मुसलमान ये अच्छी तरह से समझ ले ये जो मदरसे बंद हो रहे है, ये ढाई प्रतिशत जकात पर चलने वाले मदरसे नहीं हैं, बल्कि सरकार के अपने मदरसे हैं. ये 552 क्या स्टेट के अंदर जितने भी मदरसे हैं सरकारी वो बंद कर दें, मगर हमारे ढाई प्रतिशत जकात पर चलने वाले मदरसों को छेड़ने की कोशिश मत करना.&#039;&#039;
क्या बोले मंत्री?
मदरसों को लेकर राज्य मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि मदरसों को लेकर कई विवाद हैं. पहले कई चरमपंथी पकड़े जा चुके हैं. इनमें से कुछ मदरसों में शिक्षक थे. वे मदरसों से ही राष्ट्रविरोधी गतिविधियां चलाते थे. इसीलिए जांच चल रही है. जो मदरसे सरकारी नियमों के तहत चल रहे हैं और सरकार की अनुमति से संचालित हो रहे हैं, वे चलते रहेंगे. ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 14 Sep 2026 11:30:18 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>बंगाल, में, बंद, होंगे, 252, मदरसे, मौलाना, साजिद, रशीदी, बोले-, ये, बताना, चाहते, हैं, कि...</media:keywords>
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        <title>Xप्लेन: क्या ईरान के राष्ट्रपति पेज़ेशकियन ने दिल्ली में एक हिंदू संत के पैर छुए?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/xप्लेन-क्या-ईरान-के-राष्ट्रपति-पेज़ेशकियन-ने-दिल्ली-में-एक-हिंदू-संत-के-पैर-छुए</link>
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        <description><![CDATA[ ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के सिलसिले में नई दिल्ली आए ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा और बहसों का केंद्र बन गया. इस वीडियो में राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान को एक हिंदू आध्यात्मिक गुरु के सामने झुकते हुए देखा जा सकता है, जिसके बाद सोशल मीडिया पर यह दावा तेजी से वायरल होने लगा कि ईरानी राष्ट्रपति ने भारतीय संत के पैर छुए हैं. हालांकि, आधिकारिक सूत्रों, चश्मदीदों और ईरानी दूतावास की स्पष्ट सफाई के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि इस वायरल दावे में कोई सच्चाई नहीं थी और वीडियो को पूरी तरह से गलत संदर्भ में पेश किया गया था.
वायरल वीडियो और विवाद की शुरुआत
यह पूरा वाकया नई दिल्ली के प्रतिष्ठित ओबेरॉय होटल में आयोजित एक विशेष अंतर-धार्मिक और सांस्कृतिक सभा के दौरान का है. वायरल क्लिप में राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान को जगद्गुरु स्वामी सतीश आचार्य महाराज के पास खड़ा देखा जा सकता है. वीडियो में पेज़ेश्कियान पहले मुस्कुराते हुए आध्यात्मिक गुरु का हाथ थामे नजर आते हैं, और फिर अचानक नीचे की ओर झुकते हैं.



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सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स (विशेषकर एक्स और इंस्टाग्राम) पर इस वीडियो के सामने आते ही यूजर्स ने यह निष्कर्ष निकालना शुरू कर दिया कि एक शिया बहुल देश के राष्ट्रपति ने भारत में एक हिंदू संत के प्रति अत्यधिक आदर दिखाते हुए उनके चरण स्पर्श किए. भारत और ईरान के बीच सांस्कृतिक और कूटनीतिक रिश्तों के लिहाज से इस वीडियो को सोशल मीडिया पर भारी तवज्जो मिली, लेकिन साथ ही इसने गलत सूचनाओं का एक दौर भी शुरू कर दिया.
ईरानी दूतावास और मीडिया रिपोर्ट्स का सच
इस वायरल दावे के तूल पकड़ने के बाद प्रमुख समाचार माध्यमों और आधिकारिक सूत्रों ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी. प्रमुख वित्तीय और समाचार पोर्टल &#039;मनीकंट्रोल&#039; ने ईरानी दूतावास के सूत्रों के हवाले से स्पष्ट किया कि वीडियो को बिना संदर्भ के तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा था.
दूतावास के सूत्रों के मुताबिक, घटना के वक्त राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान और अन्य गणमान्य लोगों के बीच बातचीत चल रही थी. इसी दौरान पेज़ेश्कियान को किसी अन्य प्रतिनिधि या नेता से एक पत्र या कागजात मिला था, जो गलती से उनके हाथ से फिसलकर फर्श पर गिर गया. ईरानी राष्ट्रपति जमीन पर गिरी उसी चिट्ठी या दस्तावेज को उठाने के लिए नीचे झुके थे, न कि संत के पैर छूने के लिए. इस बात की पुष्टि वहां मौजूद अन्य लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों ने भी की, जिन्होंने स्पष्ट किया कि शारीरिक भाषा को गलत ढंग से पेश किया गया था.
कौन हैं जगद्गुरु स्वामी सतीश आचार्य महाराज?
वीडियो के केंद्र में नजर आने वाले हिंदू आध्यात्मिक गुरु जगतगुरु स्वामी सतीश आचार्य महाराज हैं, जो उत्तर प्रदेश के कानपुर के कल्याणपुर स्थित प्रेमेश्वर धाम के पीठाधीश्वर हैं.
सतीश आचार्य को भारत में ईरान के राजदूत डॉ. मोहम्मद फथाली द्वारा ओबेरॉय होटल के इस विशेष डिनर रिसेप्शन में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया था. सतीश आचार्य ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर इस मुलाकात की तस्वीरें और विवरण साझा किए थे. उन्होंने भारत में ईरान के राजदूत के साथ-साथ ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही से भी मुलाकात की थी.
इस सभा के दौरान स्वामी सतीश आचार्य ने सनातन धर्म के आध्यात्मिक संदेश और विभिन्न धर्मों के बीच शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के महत्व पर एक संक्षिप्त भाषण भी दिया था. रिपोर्ट्स के अनुसार, वर्ष 2023 में निर्वाणी, निर्मोही और दिगंबर अनी अखाड़ा जैसे देश के प्रमुख मठों और संगठनों ने मिलकर उन्हें &#039;जगद्गुरु&#039; की उपाधि से सम्मानित किया था.
दिल्ली में धार्मिक नेताओं से क्यों मिल रहे थे ईरानी राष्ट्रपति?
यह पूरी बैठक 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान की भारत यात्रा के आधिकारिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का एक अहम हिस्सा थी.
शिखर सम्मेलन से इतर, राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने नई दिल्ली में विभिन्न भारतीय धार्मिक नेताओं, बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और व्यापारिक प्रतिनिधियों के साथ संवाद किया था. &#039;WION&#039; और अन्य अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस सभा का मुख्य उद्देश्य कूटनीतिक दायरों से आगे बढ़कर भारत और ईरान के बीच &#039;लोगों से लोगों के आपसी जुड़ाव&#039; और सांस्कृतिक कूटनीति को मजबूत करना था.
इस बहु-धार्मिक सभा में देश के विभिन्न हिस्सों से प्रमुख हस्तियां शामिल थीं. इनमें ऑल पार्टीज़ हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष मीरवाइज़ उमर फ़ारूक़, कश्मीर के शिया धर्मगुरु आगा सैयद हसन मोसावी अल सफ़वी और इमरान रज़ा अंसारी जैसे धार्मिक व सामाजिक नेता प्रमुख रूप से मौजूद थे. इसके अलावा, जैन धर्म के प्रमुख गुरु और अंतर-धार्मिक संवाद के पैरोकार आचार्य लोकेश मुनि भी इस संवाद सत्र का हिस्सा बने थे. बैठक के बाद इन नेताओं ने शांति, आपसी सद्भाव और कूटनीति के माध्यम से क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने की अपील की थी.
भू-राजनीतिक संदर्भ और ईरान का रुख
यह पूरा वाकया एक ऐसे समय में सामने आया जब पेज़ेश्कियान की यह यात्रा व्यापक कूटनीतिक और भू-राजनीतिक गतिविधियों से घिरी हुई थी. अपनी इस यात्रा के दौरान, राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान ने अमेरिका और इज़राइल के साथ चल रहे कड़े संघर्ष और तनाव के बीच एक कड़ा संदेश भी दिया था.
12 सितंबर को ब्रिक्स नई दिल्ली घोषणापत्र को अपनाए जाने के बाद, पेज़ेश्कियान ने स्पष्ट किया था कि ईरान वाशिंगटन और इज़राइल के सामरिक दबाव के आगे नहीं झुकेगा. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय ताकतों पर आम नागरिकों से ज ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 14 Sep 2026 11:30:16 +0530</pubDate>
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        <title>BRICS की मीटिंग में किस&amp;किस राज्य के मुख्यमंत्री शामिल नहीं हुए? जानें</title>
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        <description><![CDATA[ नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय ब्रिक्स बैठक समाप्त हो गई. बैठक में विपक्ष शासित राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल नहीं हुए, जबकि सभी मुख्यमंत्रियों को इसमें आमंत्रित किया गया था. विपक्षी मुख्यमंत्रियों के बैठक में नहीं पहुंचने को लेकर कोई आधिकारिक वजह सामने नहीं आई है.&amp;nbsp;
हालांकि, तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश के सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और सुखविंदर सिंह सुक्खू पहले से तय कार्यक्रमों में व्यस्त थे. वहीं, BJP शासित छह राज्यों के मुख्यमंत्री बैठक में पहुंचे. उन्होंने नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित रात्रिभोज में हिस्सा लिया.
BJP शासित छह राज्यों के मुख्यमंत्री पहुंचे
रात्रिभोज में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता शामिल हुईं.
इसके अलावा केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय, कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू बैठक में नहीं पहुंचे.
पहले भी विपक्षी दलों ने बनाई दूरी
विपक्षी दल इससे पहले भी कई अहम बैठकों से दूरी बना चुके हैं. जुलाई 2024 में नीति आयोग की नौवीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक का भी विपक्षी दलों ने बहिष्कार किया था.
कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ INDIA ब्लॉक के कुछ नेताओं ने भी उस बैठक में शामिल नहीं होने का फैसला किया था. इनमें केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन, आम आदमी पार्टी शासित पंजाब और दिल्ली की सरकारें तथा उस समय तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन शामिल थे. इन नेताओं ने केंद्रीय बजट को गैर-NDA शासित राज्यों के प्रति &#039;भेदभावपूर्ण&#039; बताते हुए बैठक के बहिष्कार का फैसला किया था.
G20 डिनर से भी दूर रहे थे कांग्रेस के मुख्यमंत्री
2023 में नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की ओर से आयोजित G20 डिनर में कांग्रेस के सभी मुख्यमंत्री शामिल नहीं हुए थे. हालांकि, INDIA ब्लॉक के कई अन्य नेता, जिनमें एमके स्टालिन भी शामिल थे, इस कार्यक्रम में पहुंचे थे.
कांग्रेस ने BRICS बैठक के नतीजों पर उठाए सवाल
कांग्रेस ने BRICS बैठक को लेकर भी सवाल उठाए हैं. पार्टी ने बैठक की उपलब्धियों और जारी घोषणा-पत्र की आलोचना करते हुए कहा कि दोनों ही उम्मीदों से काफी कम रहे.
कांग्रेस ने कहा कि घोषणा में अरुणाचल प्रदेश, लद्दाख और यहां तक कि पहलगाम आतंकी हमले का भी उल्लेख नहीं किया गया. पार्टी के मुताबिक, इससे साफ है कि यह बैठक किसी तरह की जीत नहीं थी.
कांग्रेस नेता नाना पटोले ने कहा कि चीन ने अरुणाचल और लद्दाख जैसे क्षेत्रों पर कब्जा किया हुआ है, ऐसे में प्रधानमंत्री को स्पष्ट शब्दों में चीन से इन क्षेत्रों से पीछे हटने की मांग करनी चाहिए थी. उनके मुताबिक, भारत को इस शिखर सम्मेलन से मिलने वाला सबसे बड़ा फायदा यही हो सकता था.
राशिद अल्वी ने पहलगाम हमले के जिक्र पर सवाल उठाया
कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने दिल्ली घोषणा-पत्र में आतंकवाद और पहलगाम घटना की निंदा किए जाने को लेकर सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि घोषणा-पत्र में आतंकवाद और पहलगाम घटना की निंदा तो की गई है, लेकिन इसमें यह नहीं बताया गया कि पहलगाम हमला किसने किया था.
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि घोषणा-पत्र में कहीं यह नहीं बताया गया कि दुनिया भर में आतंकवाद कौन फैला रहा है.
यह भी पढ़िएः &#039;ब्रिक्स की थाली&#039; पर गरमाई राजनीति, वेज मेन्यू पर कांग्रेस-BJP में छिड़ा सियासी संग्राम
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        <pubDate>Mon, 14 Sep 2026 11:30:15 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>BRICS, की, मीटिंग, में, किस-किस, राज्य, के, मुख्यमंत्री, शामिल, नहीं, हुए, जानें</media:keywords>
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        <title>BRICS सम्मेलन कितना सफल? यशवंत सिन्हा ने 3 प्वाइंट्स में समझाया</title>
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        <description><![CDATA[ दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन का समापन रविवार को हो गया. इसे कूटनीतिक जानकार बड़ी सफलता के तौर पर देख रहे हैं. बीजेपी के पूर्व नेता यशवंत सिन्हा ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान और संयुक्त घोषणापत्र का जिक्र करते हुए कहा कि ये भारत के लिए बड़ी बात है.
न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बातचीत में पूर्व विदेश मंत्री यशवंत सिन्हा ने कहा, &#039;&#039;इस सम्मेलन को सफल इसलिए माना जाएगा क्योंकि जितने राष्ट्राध्यक्षों को निमंत्रण दिया गया, सभी आए, पुतिन, शी जिनपिंग आए. पहली सफलता इसी को मानते हैं. मीटिंग होने के बाद दूसरी सफलता यह है कि बैठक के बाद एक संयुक्त घोषणापत्र जारी किया गया. विदेश मंत्री की मीटिंग में ये पहले नहीं हो पाया था. अधिकारियों ने कोशिश की और इस बार संयुक्त घोषणापत्र जारी किया गया. तीसरा कि द्विपक्षीय वार्ता हुई. सभी के साथ मीटिंग हुई.&#039;&#039;
चीन पर भरोसा नहीं कर सकते- यशवंत सिन्हा
उन्होंने कहा, &#039;&#039;चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बैठक हुई. लेकिन मेरा मानना है कि हम चीन पर भरोसा नहीं कर सकते. चीन ने बराबर भारत को परेशान किया है. इसलिए बातचीत तो जारी रहनी चाहिए लेकिन भरोसा नहीं करना चाहिए. इसमें भारत ने बहुत सफलता के साथ अपनी भूमिका निभाई है. रात्रिभोज में चीन के राष्ट्रपति नहीं आए. माना जा रहा है कि द्विपक्षीय वार्ता से वो खुश नहीं थे.&#039;&#039;&amp;nbsp;
ईरान पर यशवंत सिन्हा का बड़ा बयान
उन्होंने कहा, &#039;&#039;ईरान के राष्ट्रपति आए, इतने महत्वपूर्ण लोगों के बीच पेजेश्कियान का काफी प्रभाव देखने को मिला. जब इजराइल और अमेरिका का ईरान पर हमला हुआ, सर्वोच्च नेता मारे गए तो तुरंत प्रतिक्रिया भारत ने नहीं दी. ईरान के राष्ट्रपति का भारत आना महत्वपूर्ण है.
यशवंत सिन्हा ने कहा, &#039;&#039;इजराइल और फिलिस्तीन को लेकर पिछले 12 सालों में लगा कि हमलोगों की परंपरागत लाइन से अलग &amp;nbsp;हैं, लेकिन इस सम्मेलन में खींच कर वापस लाया. पहले के स्टैंड पर ही रहे. घोषणापत्र में गाजा का भी जिक्र है. ओवरऑल देखें तो भारत ने ब्रिक्स में बड़ी सफलता हासिल की है.&#039;&#039; ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 14 Sep 2026 11:30:13 +0530</pubDate>
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        <title>Xप्लेन: गोवा में AAP&amp;GFP गठबंधन, क्या 2027 में दो सीटों से आगे बढ़ पाएगी केजरीवाल की पार्टी?</title>
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        <description><![CDATA[ 2022 में आम आदमी पार्टी (AAP) ने गोवा के चुनावी रण में अपनी मौजूदगी दर्ज कराते हुए दो विधानसभा सीटें और 6.77 प्रतिशत वोट शेयर हासिल किया था. अब पांच साल बाद, पार्टी इसी शुरुआती आधार को और अधिक मजबूत करने की जुगत में है. 2027 के विधानसभा चुनावों के मद्देनजर &#039;आप&#039; का गोवा फॉरवर्ड पार्टी (GFP) के साथ हाथ मिलाना इस बात का संकेत है कि पार्टी एक क्षेत्रीय सहयोगी, कमजोर होती कांग्रेस और बीजेपी के खिलाफ बढ़ती नाराजगी के सहारे पिछली दो सीटों की सीमा को पार करना चाहती है. सवाल यह है कि क्या यह रणनीति &#039;आप&#039; को गोवा में मुख्य विपक्षी ताकत के रूप में स्थापित कर पाएगी?
गोवा में &#039;आप&#039; की शुरुआती सफलता और राजनीतिक परिदृश्य
2022 का चुनाव &#039;आप&#039; के लिए गोवा में पहली बड़ी चुनावी उपलब्धि था. पार्टी ने राज्य की 40 में से 39 सीटों पर चुनाव लड़ा और दक्षिण गोवा की दो सीटों, वेलिम और बेनौलिम पर जीत दर्ज की. कुल 64,354 वोटों के साथ पार्टी का वोट शेयर 6.77 प्रतिशत रहा. यह आंकड़ा बीजेपी (33.31 प्रतिशत) या कांग्रेस (23.46 प्रतिशत) के मुकाबले भले ही काफी कम था, लेकिन इसने &#039;आप&#039; को पहली बार गोवा विधानसभा तक पहुंचने का रास्ता जरूर दिया.
गोवा की राजनीति की फितरत रही है कि यहां मुकाबला बेहद बंटा हुआ होता है, जहां कोई भी पार्टी कम सीटें जीतकर भी ठीक-ठाक वोट शेयर हासिल कर सकती है. उदाहरण के लिए, 2022 में बीजेपी ने 20 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस को 11 सीटें मिलीं. वहीं, रिवोल्यूशनरी गोअन्स पार्टी (RGP) को लगभग 9.8 प्रतिशत वोट मिलने के बावजूद सिर्फ एक ही सीट पर संतोष करना पड़ा.
कांग्रेस का पतन और विपक्ष की खाली जगह
2027 के चुनाव का राजनीतिक परिदृश्य 2022 से काफी जुदा होगा. चुनाव में 11 सीटें जीतने वाली कांग्रेस के आठ विधायक बाद में बीजेपी में शामिल हो गए, जिससे कांग्रेस के पास सिर्फ तीन विधायक बचे. निर्दोष और अन्य सहयोगियों के समर्थन से विधानसभा में बीजेपी की ताकत बढ़कर 28 पहुंच गई.
इस घटनाक्रम ने &#039;आप&#039; और जीएफपी को एक मजबूत सियासी तर्क दे दिया है: यदि कांग्रेस अपने ही टिकट पर जीते हुए विधायकों को सुरक्षित नहीं रख सकती, तो वह बीजेपी के खिलाफ मुख्य विपक्षी ताकत कैसे बन सकती है? यही वजह है कि &#039;आप&#039; अब केवल अपने प्रचार तक सीमित नहीं है, बल्कि वह मतदाताओं को यह समझाने में जुटी है कि गोवा को एक अधिक भरोसेमंद और स्थिर विपक्ष की जरूरत है.
GFP के साथ गठबंधन: समीकरण और चुनौतियां
गोवा में &#039;आप&#039; की सबसे बड़ी कमजोरी उसकी सीमित क्षेत्रीय पकड़ रही है. विजय सरदेसाई की &#039;गोवा फॉरवर्ड पार्टी&#039; (GFP) के साथ आने से इस कमी को पाटने की कोशिश की जा रही है. जहां &#039;गोवा फॉरवर्ड पार्टी&#039; के पास स्थानीय पहचान और जाना-माना चेहरा है, वहीं &#039;आप&#039; के पास राष्ट्रीय संगठन और दो मौजूदा विधायक हैं.
दोनों दल &#039;गोवा फर्स्ट&#039; गठबंधन के तहत बीजेपी और कांग्रेस दोनों के विकल्प के रूप में खुद को पेश कर रहे हैं. हालांकि, राह इतनी आसान नहीं है. 2022 के आंकड़ों के मुताबिक &#039;आप&#039; और &#039;गोवा फॉरवर्ड पार्टी&#039; का कुल वोट शेयर लगभग 8.6 प्रतिशत बैठता है. इसलिए केवल पुराने वोटों के जोड़ से बड़ी सफलता की उम्मीद नहीं की जा सकती. पार्टी को अपने पारंपरिक गढ़ से बाहर निकलकर अपना भौगोलिक दायरा बढ़ाना होगा.
&#039;आप&#039; के सामने चुनौतियां और अवसर
दक्षिण गोवा का आधार: पार्टी के लिए दक्षिण गोवा की मौजूदा दो सीटें और वहां का संगठनात्मक अनुभव एक स्वाभाविक शुरुआती बिंदु है.
कांग्रेस का कमजोर होना: यदि कांग्रेस के पारंपरिक मतदाताओं का एक धड़ा बीजेपी के विकल्प की तलाश में आगे आता है, तो &#039;आप&#039; और &#039;गोवा फॉरवर्ड पार्टी&#039; इसका पूरा फायदा उठा सकते हैं.
स्थानीय मुद्दों की प्राथमिकता: दिल्ली या पंजाब के मॉडल को सीधे गोवा में लागू करने के बजाय, &#039;गोवा फॉरवर्ड पार्टी&#039; के साथ मिलकर &#039;गोवा फर्स्ट&#039; के एजेंडे पर आगे बढ़ना पार्टी को बाहरी होने के ठप्पे से बचा सकता है.
सबसे बड़ी बाधा यह है कि यदि विपक्ष के वोट (कांग्रेस, आप, आरजीपी और अन्य दल) आपस में ही बंट गए, तो इसका सीधा लाभ बीजेपी को मिल सकता है.
2027 में &#039;आप&#039; के लिए सफलता के मायने
गोवा जैसे राज्य में सफलता का पैमाना सीधे सरकार बनाना ही हो, यह जरूरी नहीं है. इसके लिए कुछ प्रमुख पैमाने इस प्रकार हैं:
दो सीटें बरकरार रखना: यह साबित करेगा कि 2022 की सफलता कोई इकलौती घटना नहीं थी.
4 से 6 सीटों का दायरा: पार्टी को विपक्ष की एक प्रमुख ताकत बना देगा और कांग्रेस को सीधी चुनौती मिलेगी.
7 से 10 सीटों का लक्ष्य: यह गोवा की विपक्षी राजनीति का समीकरण पूरी तरह बदल सकता है.
फिलहाल, संगठनात्मक ताकत और 28 विधायकों वाली मजबूत मौजूदा स्थिति के बल पर बीजेपी चुनावी मैदान में सबसे आगे है, लेकिन त्रिशंकु विधानसभा की संभावनाओं वाले गोवा में छोटे दलों और नए गठबंधनों की भूमिका हमेशा से निर्णायक रही है. ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 14 Sep 2026 11:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>ऑस्ट्रेलिया ने 40% से ज्यादा भारतीय स्टूडेंट वीजा रिजेक्ट किए, जानें रिपोर्ट</title>
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        <description><![CDATA[ ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई का सपना देख रहे भारतीय छात्रों के लिए एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है. ऑस्ट्रेलिया ने इंटरनेशनल स्टूडेंट वीजा प्रोसेस की जांच काफी सख्त कर दी है, जिससे वीजा रिजेक्शन रेट पिछले एक दशक के सबसे ऊंचे लेवल पर पहुंच गया है. ऑस्ट्रेलिया के गृह मामलों के विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जून 2026 में करीब 24.2 प्रतिशत स्टूडेंट वीजा आवेदन रिजेक्ट किए गए, जबकि जून 2016 में यह आंकड़ा सिर्फ 7.9 प्रतिशत था. आइए जानते हैं भारतीय छात्रों पर इसका कितना असर पड़ा है, और आखिर इतनी सख्ती क्यों बरती जा रही है.
भारतीय छात्रों पर पड़ा असर
आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान भारत से आए 40 प्रतिशत से ज्यादा वीजा आवेदन रिजेक्ट कर दिए गए, जो बाकी देशों के मुकाबले काफी ज्यादा है. यह दिखाता है कि ऑस्ट्रेलिया की नई और सख्त वीजा जांच नीति का सबसे बड़ा असर भारतीय छात्रों पर ही पड़ा है.
यह भी पढ़ें:MBBS की पढ़ाई हुई महंगी, महाराष्ट्र की मेडिकल यूनिवर्सिटी में 56% बढ़ी फीस
नेपाल पर पड़ा असर
भारत से भी ज्यादा बुरा हाल नेपाल के आवेदकों का रहा, जहां इसी अवधि में आधे से ज्यादा वीजा आवेदन रिजेक्ट किए गए. वहीं इसकी तुलना में चीन का रिजेक्शन रेट सिर्फ 5.8 प्रतिशत रहा, जो साफ दिखाता है कि अलग अलग देशों के आवेदकों के साथ बर्ताव में बड़ा फर्क है.
आखिर क्यों रिजेक्ट हो रहे हैं वीजा
यह बढ़ोतरी ऑस्ट्रेलिया की उस बड़ी कोशिश का हिस्सा है, जिसके तहत देश अपने इंटरनेशनल एजुकेशन और माइग्रेशन सिस्टम की ट्रांसपेरेंसी को मजबूत करना चाहता है. इसके लिए जेन्युइन स्टूडें यानी असली छात्र होने की शर्त लागू की गई है, जिसके तहत आवेदकों को यह साबित करना होता है कि वे सच में पढ़ाई के मकसद से ही ऑस्ट्रेलिया जाना चाहते हैं.
किन बातों पर होता है फैसला
वीजा अधिकारी कई चीज़ों को देखकर ही फैसला लेते हैं. वे देखते हैं कि आपके अपने देश के हालात कैसे हैं, ऑस्ट्रेलिया जाने के बाद आपके हालात कैसे हो सकते हैं, आप जो कोर्स चुन रहे हैं वह आपके भविष्य के लिए कितना जरूरी है, और आपकी पुरानी इमिग्रेशन हिस्ट्री कैसी रही है. इसका मतलब यह है कि अब भारतीय छात्रों को यह पक्का करना होगा कि वे जो पढ़ाई चुन रहे हैं, वह उनकी पुरानी पढ़ाई, काम के अनुभव और भविष्य के करियर प्लान से पूरी तरह साबित करती है.
शिक्षा के क्षेत्र में बढ़ी चिंता
ऑस्ट्रेलिया के कॉलेज और यूनिवर्सिटीज भी इस सख्ती से परेशान हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर छात्रों को ऐसा लगने लगा कि ऑस्ट्रेलिया अब विदेशी छात्रों का पहले जैसा स्वागत नहीं करता है, तो जो असली और अच्छे छात्र हैं, वह भी वहाँ जाने से कतराने लगेंगे.
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यह भी पढ़ें:जामिया हॉस्टल के खाने में निकले कीड़े, स्टूडेंट्स ने किया प्रदर्शन 

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        <pubDate>Mon, 14 Sep 2026 10:30:13 +0530</pubDate>
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        <title>मार्कशीट खोने का टेंशन खत्म! MP के छात्रों को मिलेगी डिजिटल &amp;apos;अपार ID&amp;apos;</title>
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        <description><![CDATA[ मध्य प्रदेश के स्कूली छात्रों और उनके माता-पिता के लिए एक बहुत जरूरी खबर सामने आई है. राज्य सरकार ने स्कूली शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से डिजिटल और आसान बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. अब मध्य प्रदेश के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की आधार कार्ड की तरह एक खास और अलग पहचान आईडी बनाई जाएगी. इस नई आईडी को APAAR ID (Automated Permanent Academic Account Registry) का नाम दिया गया है.
मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग ने आधिकारिक रूप से इसकी घोषणा कर दी है. सरकार का मकसद हर बच्चे के पढ़ाई-लिखाई से जुड़े सारे रिकॉर्ड को एक सुरक्षित डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाना है, ताकि भविष्य में छात्रों को किसी भी तरह की कागजी दिक्कतों का सामना न करना पड़े. आइए जानते हैं कि यह अपार आईडी क्या है और इससे छात्रों को क्या फायदे होंगे.
क्या है 12 अंकों की APAAR ID?
अपार आईडी मुख्य रूप से 12 अंकों का एक खास नंबर होगा, जो सीधे तौर पर छात्र की पढ़ाई से जुड़ा रहेगा। इसे आप छात्रों का डिजिटल रिपोर्ट कार्ड या एजुकेशन आधार भी कह सकते हैं. केंद्र सरकार की राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी प्रोग्राम चलाया जा रहा है. मध्य प्रदेश में इस योजना को तेजी से लागू किया जा रहा है.
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश में अब तक लगभग 1 करोड़ स्कूली बच्चों की अपार आईडी बनाई जा चुकी है. इसका मतलब है कि राज्य के करीब 78.5 फीसदी छात्रों का यह डिजिटल खाता तैयार हो चुका है और बाकी बचे छात्रों के लिए भी काम तेजी से चल रहा है.
इस आईडी में क्या-क्या जानकारी रहेगी दर्ज?
एक बार जब किसी बच्चे की अपार आईडी बन जाएगी, तो स्कूल से लेकर कॉलेज तक की उसकी पूरी जानकारी इसमें दर्ज होती रहेगी। इस 12 अंकों के नंबर में छात्र का नाम, उम्र और उसके माता-पिता की जानकारी, उसके हर साल के परीक्षा परिणाम, टीसी और माइग्रेशन सर्टिफिकेट, &amp;nbsp;स्कॉलरशिप का पूरा विवरण शामिल रहेंगे.&amp;nbsp;
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छात्रों और अभिभावकों को इससे क्या फायदे होंगे?
इस डिजिटल आईडी के बन जाने से छात्रों और उनके माता-पिता को कई बड़े फायदे मिलेंगे, जब कभी आप एक शहर से दूसरे शहर जाएंगे और ऐसे में बच्चे को भी स्कूल बदलना होता है, तो इस परिस्थिति में अपार आईडी होने से नया स्कूल सिर्फ इस 12 अंकों के नंबर की मदद से बच्चे का पुराना सारा रिकॉर्ड ऑनलाइन देख सकेगा और एडमिशन तुरंत हो जाएगा.
साथ ही, अपार आईडी में सारा डेटा डिजिटल रूप से बिल्कुल सुरक्षित रहेगा, जिसे कभी भी और कहीं भी ऑनलाइन डाउनलोड किया जा सकेगा. &amp;nbsp;इस आईडी के जरिए सरकार सीधे तौर पर योग्य छात्रों की पहचान कर सकेगी. इससे स्कॉलरशिप का पैसा बिना किसी देरी के और सीधे सही छात्र तक पहुंच सकेगा.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Mon, 14 Sep 2026 10:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>16 नहीं 6 घंटे पढ़कर भी निकल सकता है UPSC, जानें सही तरीका</title>
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        <description><![CDATA[ UPSC सिविल सर्विसेज परीक्षा को देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में गिना जाता है, और इसी वजह से ज्यादातर लोग यह मान लेते हैं कि इसे पास करने के लिए दिन में 15 से 16 घंटे पढ़ाई करनी ही पड़ेगी. लेकिन हकीकत इससे काफी अलग है. कई टॉपर्स के इंटरव्यू और उनकी तैयारी की कहानियां बताती हैं कि यूपीएससी घंटों की गिनती की नहीं, बल्कि सही रणनीति और लगातार मेहनत की परीक्षा है. सही तरीके से पढ़ाई की जाए तो 6 घंटे की फोकस्ड स्टडी भी इस परीक्षा को पास कराने के लिए काफी हो सकती है.
घंटों से ज्यादा जरूरी है क्वालिटी स्टडी
एक्सपर्ट्स का मानना है कि लंबे समय तक बिना फोकस के पढ़ने से बेहतर है कि कम समय में पूरे ध्यान के साथ पढ़ाई की जाए. कई टॉपर्स ने अपने इंटरव्यू में बताया है कि पढ़ाई के घंटे हर कैंडिडेट के हिसाब से अलग-अलग होते हैं, यह इस बात पर निर्भर करता है कि कोई तैयारी के किस स्टेज पर है और उसकी बाकी जिम्मेदारियां क्या हैं. जो अभ्यर्थी नौकरी करते हुए तैयारी कर रहे हैं, वे भी रोजाना 5 से 6 घंटे की समझदारी से की गई पढ़ाई के दम पर परीक्षा पास कर चुके हैं.
सीमित किताबों को बार-बार पढ़ना ज्यादा फायदेमंद
टॉपर्स की तैयारी में एक बात कॉमन देखी जाती है, वे बहुत सारी किताबें इकट्ठा करने के बजाय सीमित और भरोसेमंद स्टडी मटीरियल को बार-बार दोहराते हैं. एनसीईआरटी की किताबों से बेसिक कॉन्सेप्ट क्लियर करना पहला कदम माना जाता है, क्योंकि इतिहास, भूगोल, राजनीति और अर्थशास्त्र जैसे विषयों की नींव यहीं से मजबूत होती है. इसके बाद करंट अफेयर्स को स्टैटिक सिलेबस से जोड़कर पढ़ना और पिछले सालों के प्रश्नपत्रों का लगातार अभ्यास करना तैयारी को असरदार बनाता है.
डेली रूटीन में क्या-क्या होना चाहिए शामिल?
एक अच्छे डेली रूटीन में सुबह अखबार पढ़कर जरूरी करंट अफेयर्स नोट करना, दिन में एक या दो बड़े विषयों की पढ़ाई करना और पहले पढ़े गए टॉपिक्स को रिवाइज करना शामिल होता है. इसके साथ ही रोजाना एक-दो आंसर लिखने की प्रैक्टिस करना मेन्स परीक्षा के लिए बेहद जरूरी माना जाता है. रिवीजन को तैयारी का सबसे अहम हिस्सा बताया जाता है, क्योंकि सिलेबस बहुत बड़ा होने की वजह से बिना दोहराए चीजें याद रखना मुश्किल हो जाता है.
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प्लानिंग भी है जरूरी
सिर्फ रोजाना का शेड्यूल बनाकर पढ़ना काफी नहीं है, बल्कि हफ्ते और महीने के हिसाब से भी लक्ष्य तय करने चाहिए. हफ्ते में उस विषय से जुड़ा सेक्शनल मॉक टेस्ट देना फायदेमंद रहता है जो उस हफ्ते पढ़ा गया हो, और उसके बाद गलतियों को ठीक करना जरूरी है. महीने के हिसाब से जीएस सिलेबस के किसी हिस्से को पूरा करने और फुल लेंथ टेस्ट देने का लक्ष्य रखने से बड़ा सिलेबस भी धीरे-धीरे कवर होता जाता है.
आखिरी महीनों में बढ़ानी पड़ती है रफ्तार
शुरुआत में भले ही 5 से 6 घंटे की पढ़ाई काफी हो, लेकिन परीक्षा के आखिरी 3 से 4 महीनों में ज्यादातर अभ्यर्थी रिवीजन और मॉक टेस्ट पर फोकस बढ़ाते हुए पढ़ाई के घंटे भी बढ़ा देते हैं. इस दौरान नई किताबें उठाने के बजाय पहले से पढ़े गए मटीरियल को बार-बार दोहराना और ज्यादा से ज्यादा प्रीवियस ईयर क्वेश्चन प्रैक्टिस करना बेहतर होता है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Mon, 14 Sep 2026 10:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>जामिया में बगैर एंट्रेंस दिए कैसे लें एडमिशन, जानें पूरा प्रोसेस</title>
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        <description><![CDATA[ जामिया मिल्लिया इस्लामिया में पढ़ना कई छात्रों का सपना होता है. अगर आप भी जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI) में बिना एंट्रेंस दिए पढ़ाई करना चाहते हैं, तो आपके लिए Distance और Online Learning एक अच्छा विकल्प हो सकता है. जामिया के Centre for Distance and Online Education (CDOE) के जरिए कई UG और PG कोर्स में एडमिशन लिया जा सकता है. इन कोर्सेज में एडमिशन एंट्रेंस टेस्ट के बजाय तय एजुकेशनल क्वालिफिकेशन के आधार पर होता है.
कौन-कौन से Distance Courses हैं?
जामिया में 12वीं के बाद कई कोर्स में एडमिशन लिया जा सकता है. इनमें Bachelor of Arts (General), Bachelor of Business Administration (BBA), Bachelor of Commerce (B.Com) और B.Com International Business and Finance शामिल हैं. इन UG कोर्स की सामान्य अवधि तीन साल है. वहीं कुछ कोर्स Distance के साथ Online Mode में भी चलाए जाते हैं.
PG में भी है विकल्प
अगर आपने Graduation पूरी कर ली है, तो PG स्तर पर भी आपके लिए कई विकल्प हैं. इनमें MA English, MA Hindi, MA History, MA Sociology, MA Political Science, MA Public Administration, MA Education, MA Human Resource Management और Master of Commerce जैसे कोर्स शामिल हैं. UG कोर्स में एडमिशन के लिए आमतौर पर छात्रों को 12वीं या इसके बराबर की परीक्षा पास होना जरूरी है. वहीं MA और M.Com जैसे PG कोर्स के लिए किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से Graduation की डिग्री जरूरी है.
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ऐसे करें आवेदन?
जामिया के Distance और Online Courses में आवेदन ऑनलाइन किया जाता है. इसके लिए आपको JMI के Centre for Distance and Online Education Admission Portal पर जाना होगा. वहां सबसे पहले New User Registration करना होगा. इसके बाद मांगी गई जानकारी भरकर अकाउंट को एक्टिवेट करना हगा. फिर लॉगिन करके संबंधित कोर्स चुनना, आवेदन फॉर्म भरना और जरूरी दस्तावेज जमा करने होते हैं. फॉर्म जमा करने के बाद आवेदन से जुड़ी फीस और बाकी जरूरी प्रोसेस पूरी करनी होती है. एडमिशन की तारीख और आवेदन से जुड़ी जानकारी JMI के ऑफिशियल पोर्टल पर जारी की जाती है.
किसके लिए बेहतर है Distance Learning?
Distance या Online Learning उन छात्रों के लिए उपयोगी है जो नौकरी, प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी या किसी दूसरी जिम्मेदारी के साथ पढ़ाई जारी रखना चाहते हैं. इसमें रोजाना रेगुलर कॉलेज जाकर क्लास अटेंड करने की जरूरत नहीं होती. जामिया अपने Distance Education छात्रों के लिए स्टडी मटेरियल जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराता है.
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        <pubDate>Mon, 14 Sep 2026 10:30:06 +0530</pubDate>
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        <title>IGNOU में शुरू होने वाली है मेगा प्लेसमेंट ड्राइव, आ रहीं ये कंपनियां</title>
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        <description><![CDATA[ इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) के छात्रों और पूर्व छात्रों के पास नौकरी पाने का शानदार मौका है. विश्वविद्यालय का कैंपस प्लेसमेंट सेल 17 और 18 सितंबर 2026 को दो दिवसीय मेगा कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव आयोजित करने जा रहा है. यह आयोजन IGNOU के बी.आर. आंबेडकर कन्वेंशन सेंटर, मैदान गढ़ी, नई दिल्ली में होने वाला है. उम्मीदवारों की रिपोर्टिंग सुबह 10 बजे से शुरू होगी. इस प्लेसमेंट ड्राइव का आयोजन Confederation of Indian Industry (CII) और Axis Bank Sales Academy (ASA) के सहयोग से किया जा रहा है. इसमें बैंकिंग, ई-कॉमर्स, हेल्थकेयर, फिनटेक, लॉजिस्टिक्स, मैन्युफैक्चरिंग और ह्यूमन रिसोर्स जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में रोजगार के अवसर मिलने वाले हैं.
ये कंपनियां होंगी शामिल
17 और 18 सितंबर को होने वाले इस सर्विस सेक्टर जॉब ड्राइव में कई बड़ी कंपनियां हिस्सा ले रही हैं. इनमें Axis Bank, Samsung, iEnergizer, Cogent E Services, Tata Play Fiber, Ather और 1Point1 Solutions शामिल हैं. अलग-अलग कंपनियों में कस्टमर सपोर्ट, सेल्स, बैंकिंग वॉइस प्रोसेस, प्री-सेल्स और अन्य पदों पर भर्ती की जाएगी.
Axis Bank में 200 से ज्यादा वैकेंसी
प्लेसमेंट ड्राइव का एक खास आकर्षण Axis Bank Sales Academy का विशेष भर्ती अभियान है. यह 17 सितंबर को आयोजित होगा. इसके तहत Officer Sales (OS1) के लिए 200 से अधिक वैकेंसी हैं. इस भर्ती में किसी भी स्ट्रीम से ग्रेजुएशन कर चुके उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं. इसके लिए उम्र सीमा 21 से 28 वर्ष रखी गई है. वहीं 0 से 9 महीने तक का कार्य अनुभव स्वीकार किया जाएगा. चयन प्रक्रिया में रिज्यूमे शॉर्टलिस्टिंग, असेसमेंट टेस्ट/इंटरव्यू, पांच दिन की वर्चुअल ट्रेनिंग और उसके बाद फाइनल ऑनबोर्डिंग शामिल है.
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कौन ले सकता है हिस्सा?
यह ड्राइव IGNOU के छात्रों और एलुमनाई के लिए है. उम्मीदवारों के पास अच्छी क्मयूनिकेशन स्किल्स और बेसिक कम्प्यूटर नॉलेज होना जरूरी बताया गया है. इच्छुक उम्मीदवारों को पहले से रजिस्ट्रेशन करना होगा. प्लेसमेंट ड्राइव में जाते समय उम्मीदवारों को अपना updated resume/CV, सरकारी फोटो ID, पासपोर्ट साइज फोटो और शैक्षणिक एवं अनुभव प्रमाणपत्रों की प्रतियां साथ रखनी होंगी.
छात्रों को मिलेगा फायदा
IGNOU का यह मेगा प्लेसमेंट ड्राइव खास तौर पर उन छात्रों और पूर्व छात्रों के लिए महत्वपूर्ण है, जो पढ़ाई के साथ करियर की शुरुआत या बेहतर नौकरी की तलाश में हैं. अलग-अलग सेक्टर की कंपनियों की भागीदारी से उम्मीदवारों को एक ही जगह पर कई रोजगार विकल्प तलाशने का मौका मिलेगा.
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        <pubDate>Mon, 14 Sep 2026 10:30:04 +0530</pubDate>
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        <title>महीनों पुरानी रजाई से ऐसे दूर करें दुर्गंध, ये तरीके आएंगे काम</title>
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        <description><![CDATA[ सर्दियां खत्म होने के बाद रजाई को महीनों तक संदूक, अलमारी या बिस्तर के नीचे रख दिया जाता है. कई बार अगली बार निकालने पर उसमें से अजीब सी सीलन या बासी गंध आने लगती है. इसकी एक वजह लंबे समय तक बंद रहने के दौरान नमी का फंसना हो सकती है. अगर रजाई नम जगह पर रखी रही हो तो फफूंद की समस्या भी हो सकती है. सीलन जैसी गंध फफूंद की मौजूदगी का संकेत हो भी हो सकती है और नमी को नियंत्रित करना इसका सबसे जरूरी है.&amp;nbsp;
हवा में अच्छी तरह रखें
रजाई को निकालकर सबसे पहले खुली और हवादार जगह पर फैलाएं. अगर संभव हो तो धूप में भी कुछ समय रखें और बीच बीच में पलटते रहें, ताकि अंदर तक हवा पहुंच सके. सिर्फ खुशबू वाला पदार्थ छिड़ककर गंध को ढकने के बजाय रजाई को अच्छी तरह हवादार करना ज्यादा जरूरी है. घर के अंदर भी नमी कम रखना फफूंद और सीलन की समस्या को रोकने में मदद करता है.&amp;nbsp;
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कपड़े के हिसाब से करें सफाई
रजाई को धोने से पहले उसका लेबल जरूर देखें. अगर उसे मशीन या हाथ से धोने की इजाजत है, तो दिए गए निर्देश के मपताबिक ही सफाई करें. भारी या ऐसी रजाई जिसे घर पर धोना मुश्किल हो, उसे जल्ज साफ करवाना बेहतर है. सफाई के बाद रजाई को पूरी तरह सुखाना बेहद जरूरी है. अधूरी सूखी रजाई दोबारा बंद करने पर नमी फंसा सकती है और बदबू वापस आ सकती है. एक्स्पर्ट्स गीली या नम घरेलू चीजों को अच्छी तरह सुखाने पर जोर देती है&amp;nbsp;
दाग दिखें तो रहें सावधान
अगर रजाई पर सीलन के दाग, फफूंद जैसी परत या लगातार तेज गंध दिखाई दे रही है, तो केवल खुशबू वाले पदार्थ से इसे ढकना सही तरीका नहीं है. फफूंद वाली चीजों को साफ और पूरी तरह सुखाना जरूरी है. बहुत ज्यादा प्रभावित या ऐसी चीज जिसे ठीक से साफ और सुखाया नहीं जा सकता, उसके लिए विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर माना जाता है.&amp;nbsp;
रखते समय नमी से बचाएं
रजाई को दोबारा रखने से पहले यह पक्का करें कि वह पूरी तरह सूखी है. उसे साफ, सूखी और हवादार जगह पर रखें और ऐसी जगह से बचें जहां पानी या नमी पहुंच सकती हो. कमरे में लगातार ज्यादा नमी रहने पर भी सीलन और फफूंद बढ़ सकती है. इसलिए रजाई की बदबू दूर करने का सबसे जरूरी तरीका सिर्फ खुशबू लाना नहीं, बल्कि नमी के स्रोत को हटाना और रजाई को पूरी तरह सुखाना है.
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        <pubDate>Mon, 14 Sep 2026 09:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>बाथरूम में बार बार दिखता है कनखजूरा? मिनटों में ऐसे भगाएं</title>
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        <description><![CDATA[ बारिश और नमी के मौसम में बाथरूम में छोटे कीड़े मकौड़े ज्यादा दिखाई देने लगते हैं. कनखजूरा भी ऐसी ही नम और अंधेरी जगहों में नजर आ सकता है. घर में इसे देखकर घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन बार बार दिखाई दे रहा है तो इसके पीछे की वजह पर ध्यान देना जरूरी है. कनखजूरे आमतौर पर नम जगहों और ऐसी जगहों को पसंद करते हैं जहां उन्हें छोटे कीड़े खाने के लिए मिल सके. इसलिए बाथरूम में पानी जमा रहना, लगातार नमी बने रहना या दरारों और छेदों का होना इनके आने की संभावना बढ़ जाता है.
ऐसे कनखजूरा भी कम आएगा
बाथरूम को इस्तेमाल के बाद जितना हो सके सूखा रखें. फर्श पर पानी जमा न रहने दें और हवा आने जाने की व्यवस्था रखें. नहाने के बाद फर्श और कोनों में जमा पानी साफ कर दें. अगर बाथरूम में लगातार सीलन रहती है तो केवल कनखजूरे को भगाना काफी नहीं होगा. नमी का स्रोत ढूंढकर उसे ठीक करना ज्यादा असरदार उपाय है. घर में नमी और सीलन को नियंत्रित करने को अहम माना जाता है, क्योंकि ज्यादा नमी कई तरह के जीवों और फफूंद के लिए मुनासिब वातावरण बना सकती है.&amp;nbsp;
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दरवाजे और पाइप के आसपास की जगह देखें
बाथरूम के दरवाजे के नीचे खाली जगह, पाइप के आसपास के छेद और दीवार या फर्श की दरारों को ध्यान से देखें. ऐसी जगहें छोटे जीवों के अंदर आने का रास्ता बन सकती हैं. जहां संभव हो,&amp;nbsp; सीलिंग से इन रास्तों को बंद करें. बाथरूम के आसपास पड़े पुराने डिब्बे, गीले कपड़े या ऐसी चीजें भी हटा दें जिनमें नमी बनी रहती है. मुनासिब सफाई से छोटे कीड़ों की संख्या कम करने में मदद मिल सकती है, जिससे कनखूजे को मिलने वाला भोजन भी कम होगा.
तुरंत दिख जाए तो बिना हाथ लगाए हटाएं
अगर कनखूजा अचानक दिखाई दे तो उसे नंगे हाथ से पकड़ने की कोशिश न करें. झाड़ू या किसी उपयुक्त साधन की मदद से उसे सुरक्षित तरीके से बाहर कर सकते हैं. बच्चों को ऐसे जीवों से दूर रखना भी बेहतर है. अगर बाथरूम में लगातार बहुत ज्यादा कनखजूरे दिखाई दे रहे हैं, तो घर में नमी, दरारों और छोटे कीड़ों की मौजूदगी की जांच करें. ध्यान रखें, सिर्फ कोई तेज गंध वाला घरेलू पदार्थ छिड़कने से समस्या का समाधान जरूरी नहीं माना जा सकता है. नमी कम करना, सफाई रखना और अंदर आने के रास्ते बंद करना बेहद कारगर तरीका माना जाता है.
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        <pubDate>Mon, 14 Sep 2026 09:30:06 +0530</pubDate>
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        <title>बगैर सीटी भी आराम से गलेगी चने की दाल, ये हैक्स आएंगे काम</title>
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        <description><![CDATA[ चना दाल स्वाद में जितनी अच्छी लगती है, उतना ही इसे पकाने में परेशानी होती है. कई बार दाल को कुकर में पकाने के बाद भी यह पूरी तरह नहीं गलती. वहीं अगर घर में प्रेशर कुकर नहीं हैं, तो बिना सीटी के दाल बनाने में ज्यादा समय लगता है. लेकिन कुछ आसान तरीकों की मदद से आप बिना सीटी के भी चने की दाल को अच्छी तरह पका सकते हैं. आइए जानते हैं किन असरदार हैक्स के साथ गलेगी चने की दल.
दाल को भिगोना है जरूरी
अगर आप चने की दाल को बिना प्रेशर के पकाना चाहते हैं, तो सबसे पहले इसे कुछ घंटे के लिए पानी में भिगो दें. इसके लिए दाल को अच्छी तरह धोकर कम से कम 4 से 6 घंटे पानी में रखें. अगर समय हो तो इसे रातभर भिगो के रखना ज्यादा अच्छा होता है. दाल भिगोने से इसके दाने पानी सोख लेते हैं और नरम हो जाते हैं. इससे गैस पर पकाते समय दाल जल्दी गलती है और ज्यादा मेहनत भी नहीं करनी पड़ती.
गर्म पानी से करें शुरुआत
दाल को सीधे ठंडे पानी में पकाने के बजाय गर्म या उबलते पानी में पकाना मददगार होता है. भीगी हुई दाल को एक मोटे तले वाले बर्तन में डालें और उसमें पर्याप्त गर्म पानी डालकर पकने के लिए रखें. दाल को तेज आंच पर लगातार पकाने के बजाय पहले उबाल आने दें और फिर आंच को मध्यम कर दें. बीच-बीच में दाल को चलाते रहें और जरूरत के हिसाब से गर्म पानी डालते रहें.
बर्तन को ढक कर पकाएं
बिना सीटी के चने की दाल पकाने में बर्तन को ढक कर रखना काफी मदद करता है. ढक्कन लगाने से अंदर की गर्मी और भाप बनी रहती है, जिससे दाल जल्दी नरम हो जाती है. हालांकि, दाल उबलते समय बर्तन पर नजर रखें, क्योंकि ज्यादा तेज आंच पर झाग ऊपर आकर बाहर गिर सकता है.
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नमक का रखें ध्यान
दाल के अच्छी तरह नरम होने के बाद उसमें नमक डालें और फिर कुछ मिनट और पकाएं. इससे दाल अच्छी तरह गलने के बाद स्वाद में भी बेहतर बनती है. दाल कितनी जल्दी गलेगी, यह उसकी क्वालिटी और कितनी देर भिगोई गई है, इस पर निर्भर करता है. इसलिए केवल तय समय देखकर गैस बंद न करें. बीच-बीच में एक दाना निकालकर उंगलियों या चम्मच से दबाकर देखें.
आखिर में लगाएं तड़का
जब दाल अच्छी तरह गल जाए, तो आखिर में तड़का लगाकर इसका स्वाद बढ़ाना बेहतर होता है. इसके लिए घी या तेल गर्म करके उसमें जीरा, हींग, सूखी लाल मिर्च और बारीक कटा हुआ लहसुन डालें. इस तरह बिना कुकर की सीटी के भी चने की दाल नरम और स्वादिष्ट बनाई जा सकती है.
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        <pubDate>Mon, 14 Sep 2026 09:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>बगैर, सीटी, भी, आराम, से, गलेगी, चने, की, दाल, ये, हैक्स, आएंगे, काम</media:keywords>
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        <title>गर्लफ्रेंड को रिझाने के काम आएंगे ये 5 फ्लेवर वाले कार फ्रेशनर, जान लें नाम</title>
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        <description><![CDATA[ कार में बैठते ही अगर अच्छी और हल्की खुशबू आए तो पूरा सफर और भी अच्छा लगने लगता है. खासकर जब आप अपनी गर्लफ्रेंड या पार्टनर के साथ लॉन्ग ड्राइव पर जा रहे हों, तब कार का माहौल भी मायने रखता है. इसके लिए जरूरी नहीं कि कोई महंगा परफ्यूम ही खरीदा जाए. बाजार में कई तरह के कार फ्रेशनर मिलते हैं, जिनमें अलग-अलग फ्लेवर और खुशबू के ऑप्शन होते हैं. कुछ खुशबू फ्रेश और हल्की होती हैं, तो कुछ में फूलों या लकड़ी जैसी महक आती है. गर्मी के मौसम में बहुत तेज खुशबू कार के छोटे केबिन में भारी भी लग सकती है, इसलिए हल्की और फ्रेश फ्रेगरेंस चुनना बेहतर रहता है.
लैवेंडर फ्रेगरेंस
अगर आपको ऐसी खुशबू पसंद है जो बहुत तेज न हो और कार में सॉफ्ट माहौल बनाए रखे तो लैवेंडर अच्छा ऑप्शन हो सकता है. इसकी खुशबू हल्की फ्लोरल और फ्रेश महसूस होती है पार्टनर के साथ शाम की ड्राइव या लंबी यात्रा के दौरान ऐसी सॉफ्ट फ्रेगरेंस कार के माहौल को अच्छा बना सकती है. लैवेंडर को कार फ्रेशनर में काफी पसंद किया जाता है और इसे सालभर इस्तेमाल करने वाले विकल्पों में भी गिना जाता है.
जैस्मिन या मोगरा
फूलों की खुशबू पसंद करने वालों के लिए जैस्मिन यानी चमेली या मोगरा वाला फ्रेशनर बढ़िया रहेगा. इसकी महक कार को एक अलग और थोड़ी रोमांटिक फील दे सकती है. हालांकि बंद कार केबिन में बहुत ज्यादा तेज जैस्मिन फ्रेगरेंस कुछ लोगों को भारी लग सकती है, इसलिए हल्की खुशबू वाला विकल्प लेना बेहतर रहेगा. पार्टनर के साथ शाम की ड्राइव के लिए यह फ्लोरल फ्रेगरेंस एक अच्छा विकल्प हो सकता है.
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लेमन फ्रेगरेंस
अगर आपको फूलों वाली खुशबू पसंद नहीं है तो लेमन फ्रेगरेंस ट्राई कर सकते हैं. नींबू जैसी सिट्रस खुशबू कार को फ्रेश और साफ-सुथरी फील देती है. खासकर गर्मी के दिनों में हल्की सिट्रस फ्रेगरेंस ज्यादा पसंद की जा सकती है. अगर आप दिन में पार्टनर के साथ ड्राइव पर जा रहे हैं और कार में बहुत भारी खुशबू नहीं चाहते, तो लेमन वाला फ्रेशनर अच्छा विकल्प है.
ओशन या सी ब्रीज
ओशन, एक्वा या सी ब्रीज जैसे फ्रेगरेंस उन लोगों को पसंद आ सकते हैं जिन्हें समुद्र या ठंडी हवा जैसी फ्रेश खुशबू अच्छी लगती है. इसकी खुशबू आमतौर पर साफ और फ्रेश महसूस होती है. कार में AC चलाते समय भी ऐसी फ्रेगरेंस काफी अच्छी लग सकती है. अगर आपको कुछ ऐसा चाहिए जो बहुत मीठा या फूलों जैसा न हो, तो ओशन फ्रेगरेंस चुन सकते हैं.
सैंडलवुड फ्रेगरेंस
थोड़ी प्रीमियम पसंद करने वालों के लिए सैंडलवुड यानी चंदन वाला कार फ्रेशनर अच्छा ऑप्शन है. इसकी खुशबू में लकड़ी जैसा हल्का और शांत एहसास आता है. अगर पार्टनर के साथ शाम या रात में ड्राइव पर जा रहे हैं और कार में एक अलग तरह का प्रीमियम माहौल बनाना चाहते हैं, तो सैंडलवुड ट्राई कर सकते हैं. गर्म मौसम में बस ध्यान रखें कि फ्रेगरेंस बहुत ज्यादा तेज न हो, क्योंकि बंद कार में भारी खुशबू परेशान कर सकती है.
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&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 14 Sep 2026 09:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>इस तरह से सोएंगे तो कभी नहीं होगी स्लिप डिस्क की दिक्कत&amp; जान लें सही तरीका</title>
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        <description><![CDATA[ आजकल कम उम्र में ही कमर दर्द और स्लिप डिस्क की शिकायत आम होती जा रही है, और इसकी एक बड़ी वजह गलत तरीके से सोना भी है. दिनभर की थकान के बाद रात की नींद शरीर को आराम देने के लिए होती है, लेकिन अगर सोने का तरीका सही न हो, तो यही नींद रीढ़ की हड्डी पर उल्टा असर डाल सकती है. स्लिप डिस्क की समस्या तब होती है जब रीढ़ की हड्डियों के बीच मौजूद जैली जैसा डिस्क अपनी जगह से खिसक जाता है और नसों पर दबाव डालने लगता है. सही सोने का तरीका अपनाकर इस दिक्कत के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है.
पीठ के बल सोते समय रखें यह सावधानी
अगर पीठ के बल सोने की आदत है, तो घुटनों के नीचे एक पतला तकिया रखना फायदेमंद रहता है. इससे कमर का प्राकृतिक कर्व बना रहता है और रीढ़ की हड्डी पर दबाव कम पड़ता है। बहुत नरम गद्दे पर पीठ के बल सोने से कमर का हिस्सा नीचे की तरफ धंस जाता है, जिससे डिस्क पर दबाव बढ़ सकता है. इसलिए ऐसा गद्दा चुनना चाहिए जो न बहुत सख्त हो और न बहुत मुलायम, ताकि रीढ़ अपनी सामान्य स्थिति में बनी रहे.
करवट लेकर सोने का सही तरीका
करवट लेकर सोना कमर के लिए अच्छा माना जाता है, लेकिन इसमें भी एक जरूरी बात का ध्यान रखना पड़ता है. दोनों घुटनों के बीच एक तकिया रखने से कूल्हे और रीढ़ की हड्डी एक सीध में रहते हैं, जिससे कमर पर मरोड़ नहीं पड़ता. बिना तकिए के करवट लेकर सोने पर ऊपर वाला पैर नीचे की तरफ खिंच जाता है, जिससे रीढ़ में हल्का ट्विस्ट आ जाता है और यही आदत लंबे समय में स्लिप डिस्क का कारण बन सकती है. समय-समय पर करवट बदलते रहना भी जरूरी है, ताकि शरीर के एक तरफ ज्यादा दबाव न बने.
पेट के बल सोने से बचना ही बेहतर
पेट के बल सोना कमर के लिए सबसे कम फायदेमंद पोजीशन मानी जाती है, क्योंकि इसमें गर्दन को एक तरफ मोड़कर रखना पड़ता है और कमर के निचले हिस्से पर दबाव बढ़ जाता है. अगर किसी को यह पोजीशन ज्यादा आरामदायक लगती है, तो पेट के नीचे एक पतला तकिया रखने से कमर पर पड़ने वाला दबाव थोड़ा कम किया जा सकता है. हालांकि जिन लोगों को पहले से कमर दर्द की शिकायत रहती है, उन्हें यह पोजीशन पूरी तरह अवॉइड करने की सलाह दी जाती है.
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तकिए की ऊंचाई का भी रखें ध्यान
सिर्फ सोने की पोजीशन ही नहीं, बल्कि तकिए की ऊंचाई भी रीढ़ की सेहत में बड़ी भूमिका निभाती है. बहुत ऊंचा या बहुत सपाट तकिया गर्दन और कमर के बीच तालमेल बिगाड़ सकता है. पीठ के बल सोने वालों को पतला तकिया और करवट लेकर सोने वालों को थोड़ा मोटा तकिया इस्तेमाल करना चाहिए, ताकि गर्दन और रीढ़ एक सीध में बनी रहे. सही तकिया चुनने से नींद के दौरान गर्दन में अकड़न और कमर दर्द दोनों की समस्या कम हो जाती है.
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        <pubDate>Mon, 14 Sep 2026 08:30:14 +0530</pubDate>
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        <title>आज का दैनिक राशिफल 14 सितंबर 2026, वृश्चिक&amp;तुला राशि रहें सावधान, कन्या और कुंभ राशि को बंपर फायदा; पढ़ें पूरा हाल</title>
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        <description><![CDATA[ आज का दैनिक राशिफल 14 सितंबर 2026, वृश्चिक-तुला राशि रहें सावधान, कन्या और कुंभ राशि को बंपर फायदा; पढ़ें पूरा हाल ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 14 Sep 2026 08:30:13 +0530</pubDate>
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        <title>Aaj Ka Rashifal 14 September 2026: गणेश चतुर्थी के दिन तुला राशि में चंद्रमा और शुक्र, आपकी राशि पर क्या होगा असर?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/aaj-ka-rashifal-14-september-2026-गणेश-चतुर्थी-के-दिन-तुला-राशि-में-चंद्रमा-और-शुक्र-आपकी-राशि-पर-क्या-होगा-असर</link>
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        <description><![CDATA[ Aaj Ka Rashifal 14 September 2026: सितंबर को गणेश चतुर्थी के साथ नए सप्ताह की शुरुआत हो रही है. पूजा और उत्सव की व्यस्तता के बीच नौकरी, कारोबार तथा घर के खर्च भी ध्यान मांगेंगे. फाइल में दी गई ग्रह स्थिति के अनुसार चंद्रमा तुला राशि में स्वराशि के शुक्र के साथ रहेगा. यह संयोग रिश्तों, साझेदारी, खरीदारी और सुविधा से जुड़े फैसलों को प्रमुख बना सकता है.
चित्रा नक्षत्र दोपहर 1:55 बजे तक रहने की गणना दी गई है. आज का फलादेश चंद्र राशि और प्रत्येक राशि से चंद्रमा की भाव स्थिति के आधार पर तैयार किया गया है. इसमें व्यक्तिगत लग्न, दशा और जन्मकुंडली शामिल नहीं है, इसलिए परिणामों को सामान्य संकेत के रूप में पढ़ें. राहुकाल और दूसरे पंचांग समय शहर के अनुसार बदल सकते हैं.

मेष राशि दैनिक राशिफल: 14 सितंबर 2026 (सोमवार)
हरतालिका तीज के व्रत का पारण और घर में गणपति बप्पा के स्वागत की रौनक आज आपके मन को पूरी तरह उत्साहित रखेगी. आपकी राशि से सातवें भाव में चंद्रमा और अपनी ही राशि के शुक्र की मौजूदगी आपके सामाजिक दायरे, रिश्तों और साझे के कामों में एक नई जान फूंकने वाली है. दोपहर 01:55 तक चित्रा नक्षत्र का प्रभाव आपके फैसलों में स्पष्टता और बातचीत में गजब का प्रभाव पैदा करेगा.
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करियर और व्यवसाय (Career &amp;amp; Business)अगर आप पार्टनरशिप, क्लाइंट डीलिंग, मीडिया, पीआर या फैशन-डिजाइनिंग से जुड़े हैं, तो आज का दिन आपके काम को सीधे तौर पर गति देने वाला है. कार्यस्थल पर आपकी समझ और बात रखने के अंदाज की कद्र होगी. कारोबारियों के लिए गणेश उत्सव की त्योहारी मांग को भुनाने का सीधा मौका है. नए ग्राहकों से सीधे संपर्क बनेंगे और किसी अटके हुए व्यापारिक सौदे पर बात आगे बढ़ सकती है.
आर्थिक स्थिति (Finance &amp;amp; Wealth)रुपये-पैसे के मामले में दिन काफी संतुलित और राहत भरा रहेगा. नियमित कारोबार और साझे के कामों से नकदी का प्रवाह सुधरेगा. बप्पा के स्वागत, पूजा सामग्री और घर की साज-सज्जा में खर्च तो होगा, लेकिन वह आपके तय बजट के भीतर ही रहेगा. किसी भी जरूरी एग्रीमेंट या वित्तीय कागजात पर दस्तखत करने के लिए दोपहर 11:51 से 12:41 का अभिजीत मुहूर्त सबसे सटीक रहेगा.
पारिवारिक और प्रेम जीवन (Love &amp;amp; Family)घर का माहौल पूजा-पाठ और बप्पा के जयकारों से जीवंत रहेगा. जीवनसाथी के साथ गजब का तालमेल देखने को मिलेगा; तीज व्रत के पारण और गणेश जी की स्थापना दोनों मिलकर पूरे भाव से करेंगे. अगर किसी बात पर पहले से कोई मनमुटाव था, तो आज वह बातचीत से आसानी से सुलझ जाएगा. लव लाइफ में आत्मीयता बढ़ेगी और पार्टनर के साथ खुलकर अपने दिल की बात साझा कर पाएंगे.
स्वास्थ्य (Health &amp;amp; Wellness)सेहत के लिहाज से दिन बढ़िया है और ऊर्जा भी भरपूर रहेगी. बस सुबह से चल रही भागदौड़ और पूजा की तैयारियों के चलते शाम ढलते-ढलते पैरों में हल्की थकान उतर सकती है. तला-भुना खाने से थोड़ा परहेज रखें, पूजा का प्रसाद और सात्विक आहार ही लें. भरपूर पानी पिएं और दिन के किसी हिस्से में 10 मिनट शांति से बैठकर गहरी सांस लें.
महत्वपूर्ण समय और उपायआज पूर्व दिशा की यात्रा में दिशा शूल रहेगा, इसलिए जरूरी न हो तो इस दिशा में लंबी दूरी तय करने से बचें. सुबह 07:38 से 09:10 तक राहुकाल का समय है, इसमें कोई नया या बड़ा काम शुरू न करें. सोमवार का दिन है और गणेश चतुर्थी का महापर्व भी, इसलिए सुबह भगवान गणेश को 21 दूर्वा, लाल सिंदूर और मोदक चढ़ाएं. शिवलिंग पर थोड़ा सा कच्चा दूध व जल अर्पित करें और &#039;ॐ गं गणपतये नमः&#039; का जप करते हुए दिन की शुरुआत करें.
शुभ रंग: सिंदूरी लाल और चमकीला सफेदशुभ अंक: 9
वृषभ राशि दैनिक राशिफल: 14 सितंबर 2026 (सोमवार)
घर और कार्यस्थल पर विघ्नहर्ता श्री गणेश की स्थापना और उत्सव की गूंज आज आपके भीतर एक नया उत्साह और अनुशासन भरेगी. आपकी राशि से छठे भाव (तुला राशि) में चंद्रमा और स्वराशि के शुक्र का गोचर आपके लंबित कार्यों को निपटाने, विरोधियों पर बढ़त बनाने और दिनचर्या को व्यवस्थित करने में पूरी मदद करेगा. दोपहर 01:55 तक चित्रा नक्षत्र और ब्रह्म योग का प्रभाव आपको जटिल मामलों में भी सही व व्यावहारिक फैसले लेने की शक्ति देगा.
करियर और व्यवसाय (Career &amp;amp; Business)नौकरीपेशा जातकों के लिए आज का दिन अपनी जिम्मेदारियों को चुस्ती से पूरा करने का है. लीगल, बैंकिंग, सर्विस सेक्टर, मेडिकल और मैनेजमेंट से जुड़े लोगों को अपनी मेहनत का सीधा फायदा मिलेगा. दफ्तर में प्रतिस्पर्धी आपकी कार्यकुशलता के आगे टिक नहीं पाएंगे. कारोबारियों के लिए त्योहार के चलते बढ़े हुए ऑर्डर्स, कर्मचारियों के प्रबंधन और सप्लायर्स के साथ तालमेल बिठाने के लिहाज से दिन काफी व्यस्त और उत्पादक रहने वाला है.
आर्थिक स्थिति (Finance &amp;amp; Wealth)धन के लेन-देन में सतर्कता और समझदारी दिखाने का दिन है. छठे भाव का प्रभाव पुराने बकाए की वसूली और बैंक से जुड़े मामलों को सुलझाने में अनुकूल रहेगा. गणेश उत्सव की पूजा, मिठाइयों और घरेलू व्यवस्थाओं पर थोड़ा अतिरिक्त खर्च हो सकता है, लेकिन आपकी वित्तीय स्थिति मजबूत बनी रहेगी. किसी भी तरह के बड़े निवेश या अनुबंध पर बातचीत के लिए दोपहर 11:51 से 12:41 का अभिजीत मुहूर्त सबसे उत्तम रहेगा.
पारिवारिक और प्रेम जीवन (Love &amp;amp; Family)बप्पा की अगवानी को लेकर घर के सभी सदस्यों में भारी उत्साह देखने को मिलेगा. पूजा की तैयारियों और घर के छोटे-मोटे प्रबंधों में आपका योगदान सराहा जाएगा. जीवनसाथी के साथ संवाद सहज रहेगा, हालांकि भागदौड़ के बीच एक-दूसरे की छोटी-मोटी बातों को दिल से लगाने से बचें. प्रेम संबंधों में एक-दूसरे के प्रति व्यावहारिक सहयोग और निष्ठा की भावना रिश्ते को अधिक परिपक्व बनाएगी.
स्वास्थ्य (Health &amp;amp; Wellness)त्योहारी उल्लास के बीच खान-पान पर थोड़ा संयम रखना जरूरी होगा. छठे भाव के ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 14 Sep 2026 08:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Aaj, Rashifal, September, 2026:, गणेश, चतुर्थी, के, दिन, तुला, राशि, में, चंद्रमा, और, शुक्र, आपकी, राशि, पर, क्या, होगा, असर</media:keywords>
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        <title>IND vs AFG 1st T20 Highlights: 43 पर गिरे 5 विकेट, फिर उमरजई और नबी ने पलटा मैच; अफगानिस्तान ने दिया 157 का लक्ष्य</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/ind-vs-afg-1st-t20-highlights-43-पर-गिरे-5-विकेट-फिर-उमरजई-और-नबी-ने-पलटा-मैच-अफगानिस्तान-ने-दिया-157-का-लक्ष्य</link>
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        <description><![CDATA[ दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले जा रहे पहले टी20 में मेजबान अफगानिस्तान ने मेहमान टीम इंडिया को 157 रनों का लक्ष्य दिया है. अफगानिस्तान की शुरुआत बेहद खराब रही थी. 43 रनों पर 5 विकेट गिर गए थे, लेकिन फिर भी 16 ओवर में स्कोर 120 रन था. 17वें ओवर में 7 और 18वें ओवर में 3 रन ही बने. हालांकि, अंतिम ओवर में 21 रन बने, और अफगानिस्तान की टीम 20 ओवर में 8 विकेट पर 156 रन पर पहुंच गई. अजमतुल्लाह उमरजई ने शानदार बैटिंग की. वह 44 गेंद में 64 रनों पर नाबाद लौटे.&amp;nbsp;
पावरप्ले में गिर गए थे 5 विकेट
टॉस हारकर पहले बैटिंग करने उतरी अफगानिस्तान की शुरुआत बेहद खराब रही थी. पावरप्ले में ही आधी टीम पवेलियन लौट गई थी. ओपनर रहमानुल्लाह गुरबाज जीरो पर आउट हुए. कप्तान इब्राहिम जादरान 11 रनों पर रन आउट होकर पवेलियन लौटे. फिर गुलबदीन नैब 02 और हारविश रसूली 02 रन बनाकर आउट हुए. वहीं सेदिकुल्लाह अटल एक चौके और एक छक्के की मदद से 13 रन बनाकर आउट हुए. 6 ओवर में 43 के स्कोर पर अफगानिस्तान ने 5 विकेट गंवा दिए थे.&amp;nbsp;
अंत में फिर लड़खड़ाई अफगानिस्तान की पारी&amp;nbsp;
शुरुआती झटकों से अफगानिस्तान को अजमतुल्लाह उमरजई और मोहम्मद नबी ने उबार दिया था. दोनों ने 56 गेंद में 83 रनों की साझेदारी की. उमरजई ने 39 गेंद में अर्धशतक पूरा किया. उमरजई 44 गेंद में 64 रनों पर नाबाद लौटे. उन्होंने 4 चौके और 4 छक्के लगाए.&amp;nbsp;वहीं मोहम्मद नबी 27 गेंद में 33 रन बनाकर आउट हुए. उनके बल्ले से 2 चौके और 2 छक्के निकले.
16 ओवर में अफगानिस्तान का स्कोर 120 हो गया था. हालांकि, इसके बाद 17वें ओवर में 7 रन, 18वें ओवर में 3 रन और 19वें ओवर में 5 रन ही बने. हालांकि, अंतिम ओवर शिवम दुबे को सौंपा गया, जिसमें 21 रन बने. मुजीब उर रहमान&amp;nbsp; तीन गेंद में 9 और उमरजई 44 गेंद में 64 रनों पर नाबाद रहे.
भारत के लिए अर्शदीप सिंह ने 4 ओवर में सिर्फ 19 रन देकर तीन विकेट चटकाए. जसप्रीत बुमराह ने 4 ओवर में 26 रन देकर एक विकेट निकाला. वहीं वरुण चक्रवर्ती ने 4 ओवर में सिर्फ 16 रन देकर एक विकेट झटका. अक्षर पटेल को भी एक विकेट मिला, लेकिन उन्होंने 4 ओवर में &amp;nbsp;27 रन दिए. शिवम दुबे ने एक ओवर में 21 और नितीश कुमार रेड्डी ने दो ओवर में 30 रन लुटाए.
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        <pubDate>Mon, 14 Sep 2026 08:30:09 +0530</pubDate>
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        <title>मंधाना&amp;शेफाली की विस्फोटक पारी, एशिया कप फाइनल में भारत ने बनाए 183 रन</title>
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        <description><![CDATA[ महिला एशिया कप 2026 के फाइनल मैच में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 183 रन बनाए हैं, हालांकि स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने जैसी शुरुआत दिलाई थी उसके बाद लगा था कि भारत 200 प्लस स्कोर आराम से बना लेगा. टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी टीम इंडिया को ओपनर्स मंधाना और शेफाली ने शानदार शुरुआत दिलाई थी, दोनों ने पहले विकेट के लिए 129 रनों की साझेदारी की थी, लेकिन इस जोड़ी के टूटने के बाद रनों की गति कम हो गई. हालांकि खिताबी मुकाबले में ये एक अच्छा स्कोर है. श्रीलंका को खिताब जीतने के लिए 184 रन बनाने हैं.
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत की शुरुआत शानदार हुई, स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने बिना विकेट गंवाए पॉवरप्ले में 57 रन बना लिए थे. शेफाली ने चमारी अट्टापट्टू द्वारा डाले गए पांचवें ओवर में 2 छक्के और 1 चौका लगाया. इस दौरान शेफाली ने अपने टी20 इंटरनेशनल के 400 चौके भी पूरे किए.
मंधाना और शेफाली की शतकीय साझेदारी
स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने पहले विकेट के लिए 129 रनों की साझेदारी की. श्रीलंका को पहला विकेट चामुडी ने दिलाया, जिन्होंने 13वें ओवर की पांचवीं गेंद पर शेफाली को आउट किया. शेफाली ने 68 रन बनाए. 39 गेंदों में खेली इस तूफानी पारी में उन्होंने 2 छक्के और 9 चौके लगाए.&amp;nbsp;
अगले ही ओवर में स्मृति मंधाना भी रन आउट हो गई, जिन्होंने 39 गेंदों में 59 रनों की शानदार पारी खेली. उन्होंने 3 छक्के और 5 चौके लगाए. इस समय भारत का स्कोर 13.4 ओवरों में 132 रन था, लग रहा था कि भारत 200 प्लस स्कोर आराम से बना लेगा. लेकिन फिर आखिरी 38 गेंदों में 51 रन ही बने.
हरमनप्रीत कौर ने 14 गेंदों में 14, ऋचा घोष ने 13 गेंदों में 17, दीप्ति शर्मा ने 7 गेंदों में 5 रन बनाए. कमालिनी ने 5 गेंदों में 15 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली, जिसमें उन्होंने 1 छक्का और 1 चौका जड़ा.
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श्रीलंका के लिए मिथाली अयोध्या, चमारी अट्टापट्टू और चामुडी ने 1-1 विकेट लिया. श्रीलंका को जीतने के लिए 184 रन बनाने हैं.
भारत की प्लेइंग 11: स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), कमालिनी (विकेटकीपर), ऋचा घोष, दीप्ति शर्मा, भारती फूलमाली, प्रेमा रावत, श्री चरणी, क्रांति गौड़, नंदनी शर्मा.
श्रीलंका की प्लेइंग 11: इमेशा दुलानी, चमारी अट्टापट्टू (कप्तान), विश्मी गुनारत्ने, हसीनी परेरा, हर्षिता माधवी, कविशा दिलहरी, नीलाक्षी डी सिल्वा, कौशानी (विकेटकीपर), सुगंदिका कुमारी, मिथाली बांदरा, चामुडी.
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        <pubDate>Mon, 14 Sep 2026 08:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>13.4 ओवर में 157 चेज, भारत ने जीता पहला टी20; अभिषेक शर्मा के तूफान में उड़ा अफगानिस्तान</title>
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        <description><![CDATA[ दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए पहले टी20 में मेहमान टीम इंडिया ने मेजबान अफगानिस्तान को 7 विकेट से हरा दिया है. भारत के लिए अभिषेक शर्मा ने सिर्फ 32 गेंद में 82 रनों की तूफानी पारी खेली. अफगानिस्तान ने भारत को 157 रनों का लक्ष्य दिया था, जिसे टीम इंडिया ने 14वें ओवर में ही हासिल कर लिया. इसके साथ ही टीम इंडिया ने तीन मैचों की टी20 सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है.&amp;nbsp;
संजू सैमसन का नहीं चला बल्ला, पावरप्ले में बने 82 रन
अर्शदीप सिंह (3 विकेट) की घातक गेंदबाजी के सामने अफगानिस्तान की टीम 156 रन ही बना सकी थी. जवाब में भारत की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही. &amp;nbsp;संजू सैमसन तीसरे ओवर में पवेलियन लौट गए. वह आठ गेंद में दो चौकों की मदद से 10 रन ही बना सके. हालांकि, अभिषेक शर्मा का बल्ला नहीं रुका. उन्होंने मैदान के चारों तरफ रन बनाए. अभिषेक ने सिर्फ 22 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया. ईशान किशन ने भी उनका अच्छा साथ दिया. इस तरह भारत ने पावरप्ले यानी 6 ओवर में ही 82 रन बना दिए.&amp;nbsp;
अभिषेक शर्मा की तूफानी पारी, ईशान किशन भी चमके
अभिषेक शर्मा शतक से चूक गए. वह 32 गेंद में 82 रन बनाकर पवेलियन लौटे. इस दौरान उनके बल्ले से 7 चौके और 7 छक्के निकले. यानी 70 रन अभिषेक ने बाउंड्री से बनाए. ईशान किशन ने 33 गेंद में 42 रन बनाए. उनके बल्ले से 5 चौके और एक छक्का निकला. कप्तान श्रेयस अय्यर पांच गेंद में आठ और उपकप्तान तिलक वर्मा चार गेंद में तीन रनों पर नाबाद लौटे.&amp;nbsp;
इससे पहले गेंदबाजी में अर्शदीप सिंह चमके थे. उन्होंने 4 ओवर में 19 रन देकर तीन विकेट चटकाए. वहीं वरुण चक्रवर्ती ने चार ओवर में 16 रन दिए, और एक विकेट निकाला. अफगानिस्तान के लिए अजमतुल्लाह उमरजई ने सबसे ज्यादा नाबाद 64 रन बनाए. अब इसी मैदान पर 15 सितंबर को दूसरा टी20 मैच खेला जाएगा. अफगानिस्तान की टीम इस सीरीज में मेजबान देश है.
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        <pubDate>Mon, 14 Sep 2026 08:30:07 +0530</pubDate>
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        <title>दक्षिण अफ्रीका को लगा बड़ा झटका, वनडे सीरीज से स्टार गेंदबाज बाहर</title>
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        <description><![CDATA[ ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज शुरू होने से पहले दक्षिण अफ्रीका की मुश्किलें बढ़ गई हैं. टीम के तेज गेंदबाज ओटनील बार्टमैन चोट के वजह से पूरी सीरीज से बाहर हो गए हैं. उन्हें बाएं हैमस्ट्रिंग में चोट लगी है. क्रिकेट साउथ अफ्रीका ने उनकी जगह डुआन जेनसन को टीम में शामिल किया है.
बार्टमैन को ये चोट घरेलू फर्स्ट क्लास सीजन के शुरुआती मुकाबले में लगी. वो डॉल्फिन्स की ओर से टाइटंस के खिलाफ खेल रहे थे. इस मैच में बार्टमैन सिर्फ 5 ओवर गेंदबाजी कर सके और इसके बाद मैदान से बाहर चले गए. डॉल्फिन्स की दूसरी पारी में वह बल्लेबाजी के लिए भी नहीं उतरे. अब उनकी चोट की गंभीरता और वापसी के समय को लेकर मेडिकल जांच की जाएगी.
डुआन जेनसन को मिला मौका
बार्टमैन के बाहर होने के बाद डुआन जेनसन को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे टीम में जगह दी गई है. जेनसन इस समय नामीबिया में दक्षिण अफ्रीका की दूसरी टीम के साथ थे. हाल में उन्होंने नामीबिया और जिम्बाब्वे के साथ हुई टी20 ट्राई सीरीज में अच्छा प्रदर्शन किया था. इसके बाद मौजूदा वनडे सीरीज में भी उन्होंने अपनी गेंदबाजी से प्रभावित किया है.
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पहले से रबाडा भी बाहर
दक्षिण अफ्रीका के लिए परेशानी यहीं खत्म नहीं होती. तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा भी हैमस्ट्रिंग की समस्या के वजह से ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज से बाहर हैं. ऐसे में बार्टमैन के बाहर होने से टीम की तेज गेंदबाजी पर एक और असर पड़ा है. डुआन जेनसन के टीम में आने से दक्षिण अफ्रीका के पास गेंदबाजी के लिए एक और ऑप्शन मिल गया है.
24 सितंबर से होगी वनडे सीरीज
दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज 24 सितंबर से शुरू होगी. पहला मुकाबला डरबन में खेला जाएगा, जबकि दूसरा मैच 27 सितंबर को जोहान्सबर्ग और तीसरा 30 सितंबर को पोटचेफस्ट्रूम में होगा. ये सीरीज 2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारियों के लिहाज से भी अहम मानी जा रही है.
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        <pubDate>Mon, 14 Sep 2026 08:30:05 +0530</pubDate>
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        <title>भारत ने 8वीं बार जीता महिला एशिया कप का खिताब, फाइनल में श्रीलंका को रौंदा</title>
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        <description><![CDATA[ भारत ने महिला एशिया कप 2026 का खिताब जीत लिया है. हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में टीम ने फाइनल में श्रीलंक को 72 रनों के बड़े अंतर से हराया. पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 183 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था. शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना ने पहले विकेट के लिए 129 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी की थी. 183 रनों को डिफेंड करते हुए श्री चरणी ने सर्वाधिक 4 विकेट चटकाए, दीप्ति शर्मा ने 3 विकेट लिए.
183 रनों को डिफेंड करते हुए भारत की शुरुआत अच्छी हुई थी, क्रांति गौड़ ने पहले ही ओवर में इमेशा दुलानी (4) को आउट किया था. हालांकि इसके बाद चमारी अट्टापट्टू और विश्मी गुनारत्ने ने दूसरे विकेट के लिए अर्धशतकीय (58) साझेदारी कर पारी को संभाला, तब लग रहा था कि ये मुकाबला टक्कर का हो सकता है, लेकिन वो रनों की गति को नहीं बढ़ा सके और इस जोड़ी के टूटने के बाद श्रीलंका की पारी बिखर गई. अट्टापट्टू ने 32 गेंदों में 2 छक्के और 4 चौकों की मदद से 36 रन बनाए. विश्मी ने 20 रन बनाए. दोनों को दीप्ति शर्मा ने आउट किया.
श्री चरणी ने चटकाए 4 विकेट
इसके बाद चरणी ने गेंदबाजी से कहर बरपाया, जिन्होंने 14वें ओवर में हर्षिता माधवी (9) को आउट किया. इसके बाद उन्होंने 16वें ओवर में कविषा दिलहरी (7) और नीलाक्षी डी सिल्वा (22) को आउट कर भारत की जीत कंफर्म कर दी थी. सुगंदिका कुमारी के रूप में उन्होंने अपना चौथा विकेट लिया. आखिरी ओवर की अंतिम गेंद पर दीप्ति ने कौशानी नुथ्यंगना को आउट कर श्रीलंका को ऑल आउट किया. भारत ने महिला एशिया कप 2026 का फाइनल 72 रनों से जीत लिया.

????. ????. ????. ????. ????. ????. ????. ????. ???? ???? A flawless campaign capped by sheer brilliance ????????????Congratulations to #TeamIndia on winning the #WomensAsiaCup ????????Scorecard ▶️ https://t.co/knKLXGSfOd #INDvSL pic.twitter.com/O3KaZ0oA3p
&amp;mdash; BCCI Women (@BCCIWomen) September 13, 2026



भारत ने 8वीं बार जीता महिला एशिया कप का खिताब
2004 में हुए पहले संस्करण की विजेता भारतीय महिला टीम के नाम अब कुल 8 महिला एशिया कप खिताब हो गए हैं. भारत ने पिछले संस्करण का बदला भी ले लिया है. बता दें कि पिछले संस्करण में श्रीलंका चैंपियन बनी थी, जिन्होंने फाइनल में भारत को ही हराया था.
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भारत ने किन साल जीते महिला एशिया कप खिताब
2004, 2005, 2006, 2008, 2012, 2016, 2022 और 2026.
स्मृति-शेफाली ने दिलाई थी शानदार शुरुआत
भारत ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी चुनी थी. स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने ताबड़तोड़ शुरुआत दिलाई थी, दोनों ने पॉवरप्ले में कोई विकेट नहीं गंवाया और बाद में अपना-अपना अर्धशतक जड़ा. दोनों ने पहले विकेट के लिए 129 रन जोड़े, मंधाना ने 39 गेंदों में 59 और शेफाली ने 39 गेंदों में 68 रन बनाए. अंत में रनों की गति कम जरूर हुई, लेकिन भारत ने फिर भी 183 रनों का स्कोर खड़ा कर दिया था.
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        <pubDate>Mon, 14 Sep 2026 08:30:03 +0530</pubDate>
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        <title>Bluetooth Mouse और Wireless Mouse में क्या है अंतर! जानें कौन सा होता है बेहतर?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/bluetooth-mouse-और-wireless-mouse-में-क्या-है-अंतर-जानें-कौन-सा-होता-है-बेहतर</link>
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        <description><![CDATA[ Bluetooth Mouse और Wireless Mouse में क्या है अंतर! जानें कौन सा होता है बेहतर? ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 14 Sep 2026 05:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>iPhone Duo के लिए बजट की टेंशन खत्म, 40 हजार रुपए से शुरू ये फोल्डेबल फोन</title>
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        <description><![CDATA[ फोल्डेबल फोन अब सिर्फ महंगे प्रीमियम डिवाइस तक सीमित नहीं रह गए हैं. Apple ने अपना पहला फोल्डेबल iPhone Duo करीब 3 लाख रुपये की शुरुआती कीमत के साथ पेश किया है. यह कीमत कई यूजर्स के बजट से काफी बाहर हो सकती है. हालांकि अगर आपको भी फोल्ड होने वाला फोन पसंद है और आप इसके लिए इतना बड़ा बजट नहीं रखना चाहते, तो भारत में कुछ सस्ते ऑप्शन मौजूद हैं. Tecno, Ai+, Motorola और Samsung के कई फोल्डेबल फोन कम कीमत में क्लैमशेल डिजाइन, AMOLED डिस्प्ले और कवर स्क्रीन जैसे फीचर्स देते हैं. इनमें कुछ मॉडल करीब 40 हजार रुपये से शुरू होते हैं. तो आइए जानते हैं कि 40 हजार रुपए से शुरू फोल्डेबल फोन कौन-से हैं.&amp;nbsp;
Tecno Phantom V Flip
करीब 40 हजार रुपये के बजट में Tecno Phantom V Flip एक ऑप्शन हो सकता है. इसमें 6.9 इंच का FHD+ Foldable AMOLED डिस्प्ले है, जो LTPO टेक्नोलॉजी के साथ 10Hz से 120Hz तक अडैप्टिव रिफ्रेश रेट सपोर्ट करता है. बाहर 1.32 इंच की AMOLED कवर स्क्रीन दी गई है. फोन का वजन 194 ग्राम है और इसमें MediaTek Dimensity 8050 चिपसेट, 8GB RAM और 256GB स्टोरेज मिलती है. &amp;nbsp;कैमरे में 64MP मेन और 13MP अल्ट्रावाइड कैमरा है. सेल्फी के लिए 32MP फ्रंट कैमरा दिया गया है. मेन कैमरे से 4K वीडियो रिकॉर्डिंग की जा सकती है. फोन में 4,000mAh बैटरी और 45W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट मिलता है.
Ai+ NovaFlip 5
Ai+ NovaFlip 5G की ऑफिशियल लिस्टिंग में 8GB RAM और 256GB स्टोरेज मॉडल की कीमत 49,999 रुपये है. इसमें 6.9 इंच का FHD+ AMOLED मेन डिस्प्ले और 3 इंच की AMOLED कवर स्क्रीन मिलती है. फोन में 2.5GHz तक की प्राइमरी क्लॉक-स्पीड वाला MediaTek ऑक्टा-कोर प्रोसेसर और Android 15 दिया गया है. इसमें 50MP + 2MP का डुअल रियर कैमरा सेटअप, 32MP फ्रंट कैमरा और 4,325mAh बैटरी मिलती है. फोन 5G, NFC और Bluetooth 5.4 सपोर्ट करता है.
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Motorola Razr 50
Motorola Razr 50 में 6.9 इंच की pOLED मुख्य स्क्रीन और बाहर एक बड़ी कवर स्क्रीन दी गई है. इससे फोन खोले बिना कई छोटे काम किए जा सकते हैं. इसमें MediaTek Dimensity 7300X चिपसेट, 8GB RAM और 256GB स्टोरेज मिलता है. फोन में 4,200mAh बैटरी है, जो 30W वायर्ड और 15W वायरलेस चार्जिंग सपोर्ट करती है. Motorola की भारतीय वेबसाइट पर इसका 8GB+256GB मॉडल 44,999 रुपये है.&amp;nbsp;
Samsung Galaxy Z Flip 5
Samsung Galaxy Z Flip 5 में 6.7 इंच की Dynamic AMOLED 2X स्क्रीन है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट सपोर्ट करती है. बाहर 3.4 इंच की कवर स्क्रीन मिलती है. फोन Snapdragon 8 Gen 2 चिपसेट, 8GB RAM और 256GB या 512GB स्टोरेज ऑप्शन के साथ आता है. इसमें 12MP + 12MP का रियर कैमरा सेटअप, 10MP सेल्फी कैमरा और 3,700mAh बैटरी दी गई है. फोन 25W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट करता है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Mon, 14 Sep 2026 05:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>WhatsApp की स्टोरेज हो रही फुल? बिना चैट डिलीट किए ऐसे बनाएं जगह</title>
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        <description><![CDATA[ WhatsApp पर आने वाली फोटो, वीडियो और फाइलें धीरे-धीरे फोन की स्टोरेज भर देती हैं. इससे Storage is Full का मैसेज दिख सकता है और चैट बैकअप भी फेल हो सकता है. हालांकि, स्टोरेज खाली करने के लिए पूरी चैट डिलीट करने की जरूरत नहीं है. WhatsApp में मौजूद एक यूजफुल टूल की मदद से गैर-जरूरी फोटो, वीडियो और फाइलों को चुनकर हटाया जा सकता है. तो आइए जानते हैं कि बिना चैट डिलीट किए WhatsApp में कैसे जगह बनाएं.&amp;nbsp;
WhatsApp का कौन-सा टूल करेगा मदद?
WhatsApp में Manage Storage नाम का एक टूल मिलता है. इसे यूज करने के लिए WhatsApp Settings में जाएं और Storage and Data सेक्शन खोलें. यहां आपको Manage Storage का ऑप्शन दिखाई देगा. यह टूल बताता है कि WhatsApp और उसमें सेव मीडिया फाइलें कितनी स्टोरेज यूज कर रही हैं. साथ ही, फोन में कितनी जगह खाली है, इसकी जानकारी भी मिलती है.
इसमें आप 5MB से बड़ी फाइलों को अलग से देख सकते हैं. इसके अलावा, बार-बार फॉरवर्ड की गई फोटो, वीडियो, डॉक्यूमेंट और ऑडियो फाइलें भी दिखाई देती हैं. कई बार अलग-अलग ग्रुप में एक ही तरह की फाइलें बार-बार आने से फोन में डुप्लीकेट फाइलें जमा हो जाती हैं. Storage Manager की मदद से इन्हें पहचान कर हटाया जा सकता है.&amp;nbsp;
बिना चैट डिलीट किए WhatsApp में कैसे जगह बनाएं?
1. सबसे पहले WhatsApp खोलें. iPhone में नीचे दिए गए You मेन्यू पर टैप करें. Android में ऊपर दाईं ओर मौजूद तीन डॉट वाले मेन्यू को खोलें.&amp;nbsp;
2. &amp;nbsp;अब Settings में Manage Storage पर जाएं, यहां आपको WhatsApp में स्टोरेज यूज होने की जानकारी मिलेगी.&amp;nbsp;
3. Larger than 5MB सेक्शन खोलें. इसमें 5MB से बड़ी फाइलों की लिस्ट दिखाई देगी. किसी फाइल को हटाने के लिए उस पर टैप करके होल्ड करें. सभी फाइलें चुनने के लिए Select All का ऑप्शन यूज कर सकते हैं.&amp;nbsp;
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4. इसके बाद वापस Manage Storage पेज पर जाएं और Forwarded many times सेक्शन खोलें. यहां मौजूद गैर-जरूरी फॉरवर्डेड फोटो, वीडियो, डॉक्यूमेंट और ऑडियो फाइलों को चुनकर डिलीट करें.&amp;nbsp;
5. अगर फिर भी स्टोरेज खाली नहीं होती है, तो अलग-अलग पर्सनल चैट या ग्रुप चैट खोलें. वहां मौजूद बड़ी या गैर-जरूरी मीडिया फाइलों को चुनकर हटाया जा सकता है.&amp;nbsp;
6. WhatsApp से गैर-जरूरी मीडिया हटाने पर क्लाउड बैकअप का साइज कम हो सकता है. इससे दूसरे फोन पर स्विच करते समय बैकअप से जुड़ी परेशानियां भी कम हो सकती हैं.&amp;nbsp;
इन सेटिंग्स से भी बचा सकते हैं स्टोरेज
WhatsApp में Media Auto-Download को बंद करना भी यूजफुल हो सकता है. इससे हर फोटो या वीडियो अपने आप डाउनलोड नहीं होगा और आपको जरूरत के हिसाब से फाइल डाउनलोड करनी पड़ेगी. जिन ग्रुप्स को आप अक्सर चेक नहीं करते, उनमें Disappearing Messages का इस्तेमाल भी किया जा सकता है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Mon, 14 Sep 2026 05:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Laptop नहीं है? 3 सस्ती एक्सेसरीज से फोन को बनाएं मिनी कंप्यूटर</title>
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        <description><![CDATA[ Laptop नहीं है? 3 सस्ती एक्सेसरीज से फोन को बनाएं मिनी कंप्यूटर ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 14 Sep 2026 05:30:06 +0530</pubDate>
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        <title>टैबलेट खरीदने का प्लान है? Lenovo और Samsung के इन मॉडल्स पर डालें नजर</title>
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        <description><![CDATA[ टैबलेट खरीदते समय बड़ी स्क्रीन या ज्यादा स्टोरेज देखना काफी नहीं होता है. लंबे समय तक स्क्रीन इस्तेमाल करने के लिए अलग-अलग फीचर्स काम आते हैं. ऐसे में बाजार में मौजूद कई मॉडल्स में से अपने लिए सही टैबलेट चुनना थोड़ा मुश्किल हो सकता है. अगर आप भी नया टैबलेट लेने की तैयारी कर रहे हैं, तो Lenovo और Samsung के कुछ मॉडल्स पर नजर डाल सकते हैं. इन टैबलेट्स में अलग-अलग स्क्रीन, प्रोसेसर, बैटरी और स्टोरेज ऑप्शन दिए गए हैं, जिससे जरूरत के हिसाब से चुनाव किया जा सकता है.&amp;nbsp;
Samsung के इन मॉडल्स पर डालें नजर
1. Samsung Galaxy Tab S11 Ultra 5G - इसकी कीमत 1,29,999 रुपए है. इसमें 14.6 इंच का 120Hz Dynamic AMOLED 2X डिस्प्ले मिलता है.टैबलेट में 12GB RAM, 512GB स्टोरेज और 11,600mAh की बड़ी बैटरी दी गई है. &amp;nbsp;
2. Samsung Galaxy Tab S11 - इसकी कीमत 67,498 रुपए &amp;nbsp;है. इसमें 11 इंच का 120Hz Dynamic AMOLED 2X डिस्प्ले दिया गया है. इसमें 12GB RAM के साथ 128GB, 256GB और 512GB स्टोरेज का ऑप्शन मिलता है.&amp;nbsp;
3. Samsung Galaxy Tab S10 Plus - इसकी कीमत 79,999 रुपए है. इसमें 12.4 इंच का 120Hz Dynamic AMOLED 2X डिस्प्ले मिलता है. टैबलेट में 12GB RAM और 256GB स्टोरेज दी गई है.&amp;nbsp;
4. Samsung Galaxy Tab S10 Lite 5G - इसकी कीमत 38,999 रुपए &amp;nbsp;है. इसमें 10.9 इंच का 90Hz TFT LCD डिस्प्ले दिया गया है. इसमें 6GB या 8GB RAM और 128GB या 256GB स्टोरेज का ऑप्शन है.&amp;nbsp;
Lenovo के बेस्ट टैबलेट
1. Lenovo Yoga Tab Plus 512GB - इसकी कीमत 63,999 रुपए है. इसमें 12.7 इंच का 144Hz डिस्प्ले मिलता है. टैबलेट में 16GB RAM और 512GB तक स्टोरेज दी गई है.&amp;nbsp;
2. Lenovo Idea Tab Pro 256GB - इसकी कीमत 41,999 रुपए है. इसमें 12.7 इंच का 144Hz LCD डिस्प्ले दिया गया है. इसमें 8GB या 12GB RAM और 256GB तक स्टोरेज का ऑप्शन मिलता है.&amp;nbsp;
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3. Lenovo Idea Tab Plus - इसकी कीमत 36,999 रुपए है. इसमें 12.1 इंच का 90Hz LCD डिस्प्ले मिलता है. टैबलेट में 12GB RAM और 256GB स्टोरेज दी गई है, जिसे 1TB तक बढ़ाया जा सकता है.&amp;nbsp;
4. Lenovo Tab Plus 256GB - इसकी कीमत 23,999 रुपए है. इसमें 11.5 इंच का 90Hz LCD डिस्प्ले दिया गया है. टैबलेट में 8GB RAM और 256GB स्टोरेज मिलती है.&amp;nbsp;
कम कीमत में ये मॉडल भी देख सकते हैं
कम बजट में Samsung का Galaxy Tab A11 LTE आपको 14,999 रुपए कीमत और Galaxy Tab A11 &amp;nbsp;वाला टेब 15,999 रुपए कीमत से मिल रहा है. Lenovo की तरफ से Tab M11 WiFi + Cellular भी 13,999 रुपए कीमत, Tab M10 (3rd Gen) 13,399 रुपए कीमत और Tab M9 LTE 9,799 रुपए कीमत में कम बजट वाले ऑप्शन शामिल हैं. इनमें स्क्रीन और बैटरी का साइज अलग-अलग है, इसलिए बजट के साथ अपनी जरूरत के हिसाब से मॉडल चुना जा सकता है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Mon, 14 Sep 2026 05:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>इस हफ्ते 4 दिन बंद रहेंगे बैंक, देखें 14 से 20 सितंबर तक RBI का हॉलिडे कैलेंडर</title>
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        <guid>https://hindi.attentionindia.com/इस-हफ्ते-4-दिन-बंद-रहेंगे-बैंक-देखें-14-से-20-सितंबर-तक-rbi-का-हॉलिडे-कैलेंडर</guid>
        <description><![CDATA[ इस हफ्ते यानी 14 सितंबर से 20 सितंबर 2026 के बीच देश के अलग-अलग हिस्सों में बैंक कई दिन बंद रहने वाले हैं. हालांकि सभी राज्यों और शहरों में एक ही दिन छुट्टी नहीं होने वाली है. RBI की हॉलिडे कैलेंडर के अनुसार इस हफ्ते अलग-अलग जगहों पर छुट्टियों की वजह से बैंक ब्रांच बंद रहेंगी. इसके अलावा रविवार की छुट्टी भी रहने वाली है.&amp;nbsp;
इस हफ्ते कितने दिन बंद रहेंगे बैंक?बता दें कि 14 से 20 सितंबर के बीच बैंक 4 दिन तक बंद रह सकते हैं. हालांकि ये छुट्टियां शहर और राज्य के हिसाब से अलग-अलग हैं. इसका मतलब ये है कि अगर आपके शहर में किसी दिन बैंक की छुट्टी है तो जरूरी नहीं कि उसी दिन दूसरे शहरों में भी बैंक बंद हों. इसलिए ब्रांच जाने से पहले अपने शहर की छुट्टी जरूर चेक कर लें. &amp;nbsp;
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14 सितंबर को बैंक क्यों बंद रहेंगे?14 सितंबर, सोमवार को गणेश चतुर्थी समेत अलग-अलग जगहों पर स्थानीय त्योहारों के कारण कई शहरों में बैंक बंद रहेंगे. इस दिन महाराष्ट्र समेत कुछ राज्यों में बैंकिंग सेवाओं पर छुट्टी रहने वाली है.&amp;nbsp;
15 सितंबर को क्यों है छुट्टी?15 सितंबर को जैन समुदाय का पर्व संवत्सरी है और ओडिशा का कृषि उत्सव नुआखाई भी है. साथ ही इस दिन गणेश चतुर्थी का दूसरा दिन भी है. इन्हीं त्योहारों के कारण बैंक ब्रांच बंद रह सकती हैं. इसलिए अगर आपका काम बैंक की ब्रांच में जाकर ही पूरा होना है तो तारीख और अपने शहर की छुट्टी पहले देख लेना सही रहेगा.
16 सितंबर को कहां बैंक बंद रहेंगे?16 सितंबर को भी कुछ जगह जैसे गोवा में क्षेत्रीय छुट्टी है. RBI की छुट्टियों की व्यवस्था में बैंक हॉलिडे पूरे देश के लिए एक जैसी नहीं होती है. अलग-अलग बैंकिंग सेंटर के हिसाब से छुट्टी तय की जाती है. यही कारण है कि SBI, HDFC Bank, ICICI Bank, PNB और दूसरे बैंक भी अलग-अलग शहरों में उसी RBI कैलेंडर के हिसाब से अपनी ब्रांच बंद रखते हैं.&amp;nbsp;
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20 सितंबर को रविवार की छुट्टी20 सितंबर, रविवार को देशभर में बैंक ब्रांच बंद रहने वाली है. रविवार की छुट्टी सभी बैंकों पर लागू होती है. इससे पहले 19 सितंबर शनिवार है. ऐसे में ये भी देखना जरूरी है कि महीने का कौन-सा शनिवार है, क्योंकि दूसरे और चौथे शनिवार को बैंक बंद रहते हैं, जबकि पहले और तीसरे शनिवार को बैंक खुले रहते हैं. &amp;nbsp;
बैंक बंद हैं तो कैसे होगा काम?बैंक की ब्रांच बंद होने का मतलब ये नहीं है कि सभी बैंकिंग सेवाएं बंद हो जाएंगी. छुट्टी के दौरान आमतौर पर बैंक के UPI, मोबाइल बैंकिंग, नेट बैंकिंग और ऑनलाइन पेमेंट जैसी डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल किया जा सकता है. ग्राहक बैलेंस चेक करने, पैसे ट्रांसफर करने और बिल पेमेंट जैसे कई काम तो ऑनलाइन ही कर सकते हैं.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Mon, 14 Sep 2026 04:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>खर्च करने में मुंबई&amp;दिल्ली छूटे पीछे, ये है देश की सबसे ज्यादा खर्चीली City</title>
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        <description><![CDATA[ भारत में जब ज्यादा खर्च करने वाले शहरों की बात होती है, तो आमतौरपर मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु जैसे बड़े महानगरों का नाम सामने आता है. लेकिन एक नई रिपोर्ट ने इस तस्वीर को थोड़ा बदल दिया है. प्रति परिवार औसत खर्च के मामले में छोटे और मझोले शहर कई बड़े महानगरों से आगे निकल गए हैं. &#039;द मेनी अर्बन इंडियाज&#039; रिपोर्ट के मुताबिक, चंडीगढ़ सबसे ऊपर है, जबकि तिरुवनंतपुरम दूसरे नंबर पर है.
हालांकि, रिपोर्ट के अनुसार, अमृतसर, अहमदाबाद और जबलपुर में भी परिवारों का औसत खर्च मुंबई के परिवारों से काफी ज्यादा है. लेकिन कुल उपभोग बाजार के मामले में बड़े महानगर अभी भी आगे हैं, क्योंकि वहां परिवारों की संख्या ज्यादा है.
सबसे ज्यादा खर्च करने वाले शहर कौन से हैं?
चंडीगढ़ प्रति परिवार औसत उपभोग के मामले में सबसे आगे है. वहीं, तिरुवनंतपुरम अभी दूसरे स्थान पर है. अमृतसर, अहमदाबाद और जबलपुर में भी औसत घरेलू खर्च मुंबई से ज्यादा बताया गया है. हालांकि, चंडीगढ़ की औसत सालाना घरेलू आय करीब 28.3 लाख रुपये बताई गई है. यहां परिवारों का खर्च भी देश के दूसरे शहरों के मुकाबले में काफी ज्यादा है.&amp;nbsp;
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मुंबई-दिल्ली क्यों नहीं हैं टॉप पर?
इस रिपोर्ट का मतलब यह नहीं है कि मुंबई या दिल्ली की खर्च करने की क्षमता कम हो गई है. आबादी और ज्यादा कमाई वाले परिवारों की संख्या बहुत ज्यादा होने की वजह से यह देश के सबसे बड़े उपभोक्ता बाजारों में शामिल हैं. बताया जा रहा है कि मुंबई में एक औसत परिवार की सालाना आय करीब 24.2 लाख रुपये है और वह करीब 14 लाख रुपये खर्च करता है.
दिल्ली-NCR में करीब 75 लाख परिवार हैं, जबकि मुंबई में करीब 46-47 लाख परिवार हैं. इसी बड़े परिवार के आधार की वजह से महानगर कुल खर्च के मामले में आगे रहते हैं.&amp;nbsp;
भारत के 100 शहरों में कितना होता है खर्च?
रिपोर्ट के मुताबिक, देश के टॉप 100 शहर मिलकर सालाना करीब 844 अरब डॉलर का उपभोक्ता बाजार बनाते हैं. बड़ी बात यह है कि भारत की कुल आबादी का करीब 19% हिस्सा इन शहरों में रहता है, लेकिन ये शहर देश की इनकम और खपत में काफी बड़ी हिस्सेदारी रखते हैं.
वहीं आंकड़े में बताया गया कि इन 100 शहरों में एक औसत परिवार का सालाना घरेलू खर्च करीब 12.1 लाख रुपये है. यानी भारत की शहरी अर्थव्यवस्था में अब सिर्फ बड़े महानगर ही नहीं, बल्कि छोटे और तेजी से विकसित शहर भी शामिल हैं.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Mon, 14 Sep 2026 04:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>गर्लफ्रेंड पर लुटाए 3.5 करोड़, ब्रेकअप होते ही कोर्ट पहुंचे भारतीय मूल के CEO</title>
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        <description><![CDATA[ रिलेशनशिप में रहते हुए प्यार के नाम पर अपनी गर्लफ्रेंड पर करोड़ों रुपये खर्च करना एक भारतीय मूल के CEO को भारी पड़ गया. सिंगापुर में एक हाई-प्रोफाइल मामला सामने आया है, जहां एक कारोबारी ने ब्रेकअप के बाद अपने एक्स-गर्लफ्रेंड पर खर्च किए गए 3.5 करोड़ रुपए की रकम वापस लेने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. लेकिन कोर्ट ने उनकी मांग को खारिज कर दिया.&amp;nbsp;
क्या है पूरा मामला?
यह मामला सिंगापुर हाई कोर्ट का है, जहां भारत में लिस्टेड लॉजिस्टिक्स कंपनी TCI Express के CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर चंदर अग्रवाल ने 2023 में ब्रेकअप के बाद अपनी एक्स-गर्लफ्रेंड फेलिशिया ली के खिलाफ मुकदमा दायर किया था. अग्रवाल ने दावा किया कि उन्होंने ली करीब 468,090 सिंगापुर डॉलर यानी भारतीय करेंसी में 3.5 करोड़ रुपए ब्याज मुक्त कर्ज के तौर पर दिए थे, जिसे वापस किया जाना चाहिए.&amp;nbsp;
इस हफ्ते 4 दिन बंद रहेंगे बैंक, देखें 14 से 20 सितंबर तक RBI का हॉलिडे कैलेंडर
किन चीजों में खर्च हुए करोड़ों रुपये?
अदालती दस्तावेजों के मुताबिक, रिश्ते के दौरान चंदर अग्रवाल ने फेलिशिया ली के कई खर्चों का पेमेंट किया था. इन खर्चों में कई तरह के निजी खर्च और महंगी खरीदारी शामिल थीं.&amp;nbsp;

क्रेडिट कार्ड बिलों पर करीब 2.06 लाख सिंगापुर डॉलर खर्च किए गए, जो भारतीय करेंसी में करीब 1.38 करोड़ रुपये हैं.
विदेश यात्राओं पर करीब 1.29 लाख सिंगापुर डॉलर यानी करीब 86.4 लाख रुपये खर्च हुए.
जीवन बीमा के प्रीमियम के लिए करीब 15,775 सिंगापुर डॉलर, जो भारतीय मुद्रा के रूप में 10.6 लाख रुपये दिए गए.
फेंगशुई से जुड़ी सलाह के लिए करीब 17,000 सिंगापुर डॉलर यानी 11.4 लाख रुपये खर्च किए.
स्टैनफोर्ड-एनयूएस के एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम के लिए करीब 30,000 सिंगापुर डॉलर यानी 20.1 लाख रुपये का पेमेंट किया गया.
इसके अलावा, हर्मेस, डायर, प्राडा और लुई विटॉन जैसे कई लग्जरी ब्रांड की खरीदारी भी इन खर्चों में शामिल थी.&amp;nbsp;

कोर्ट ने क्यों नहीं माना इसे कर्ज?
अग्रवाल का कहना था कि उन्होंने यह रकम अपनी एक्स-गर्लफ्रेंड को कर्ज के तौर पर दिया था और ब्रेकअप के बाद इसे अब वापस किया जाना चाहिए. हालांकि, अदालत के सामने इस दावे को साबित करने के लिए कोई ठोस सबूत नहीं रखा जा सका.&amp;nbsp;
सिंगापुर हाई कोर्ट ने 9 सितंबर को दिए फैसले में कहा कि यह रकम कर्ज के तौर पर नहीं, बल्कि रिश्ते के दौरान अपनी इच्छा से गिफ्ट के तौर पर दिए गए थे. अदलट के मुताबिक, मौजूदा सबूत इस बात की ओर इशारा करता है कि ये रकम रिलेशनशिप के दौरान दिए गए थे. इसलिए ब्रेकअप के बाद इसे कर्ज बताकर मांगना कानूनी तौर पर सही नहीं माना जा सकता है.&amp;nbsp;
CEO को कोर्ट से क्या मिल फैसला?
सिंगापुर हाई कोर्ट ने चंदर अग्रवाल का यह दावा खारिज कर दिया. इसका मतलब है कि वह अपनी एक्स-गर्लफ्रेंड से 468,090 सिंगापुर डॉलर यानी करीब 3.5 करोड़ रुपये वापस नहीं ले पाएंगे. इसके अलावा, कोर्ट ने उन्हें फेलिशिया ली के कानूनी खर्चों का भुगतान करने का भी आदेश दिया है.
खर्च करने में मुंबई-दिल्ली छूटे पीछे, ये है देश की सबसे ज्यादा खर्चीली City
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        <pubDate>Mon, 14 Sep 2026 04:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>आपके बैंक खाते से लेन&amp;देन पर लग सकती है रोक, RBI से आई बड़ी खबर</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/आपके-बैंक-खाते-से-लेन-देन-पर-लग-सकती-है-रोक-rbi-से-आई-बड़ी-खबर</link>
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        <description><![CDATA[ अगर आपके बैंक खाते में अचानक किसी संदिग्ध लेन-देन की पहचान होती है, तो आने वाले समय में उस रकम को कुछ समय के लिए रोक दिया जा सकता है. साथ ही जरूरत पड़ने पर पूरे खाते से पैसे निकलने या ट्रांसफर करने पर भी अस्थायी रोक लगा सकती है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने साइबर फ्रॉड और मनी-म्यूल अकाउंट से जुड़े खातों से निपटने के लिए एक जैसी प्रोसेस का ड्राफ्ट जारी किया है. इस नए प्रस्ताव का मकसद साइबर फ्रॉड के पैसे को आगे दसूरे खातों में जाने से रोकना है. फिलहाल यह प्रोसेस प्रस्तावित है और इस पर लोगों से सुझाव मांगे गए हैं.
किन बैंक खातों पर लग सकती है रोक?
अगर बैंक के ट्रांजैक्शन मॉनिटरिंग सिस्टम को कोई लेन-देन मनी-म्यूल गतिविधि या साइबर फ्रॉड से जुड़ा संदिग्ध लगता है, तो उस रकम को कुछ समय के लिए रोकने का प्रस्ताव है. प्रस्तावित नियमों के मुताबिक, 1,000 रुपये या उससे ज्यादा का लेन-देन तभी संदिग्ध माना जाएगा, जब बैंक के सिस्टम में फ्रॉड से जुड़ा फ्लैग मिल हो.
खर्च करने में मुंबई-दिल्ली छूटे पीछे, ये है देश की सबसे ज्यादा खर्चीली City
वहीं, अगर पूरा बैंक खाता ही मनी-म्यूल अकाउंट के लिए इस्तेमाल होने का संदेह हो, तो उस खाते से पैसे निकालने या ट्रांसफर करने पर भी अस्थायी रोक लगाई जा सकती है.&amp;nbsp;
मनी-म्यूल अकाउंट क्या होता है?
मनी-म्यूल अकाउंट वह बैंक खाता होता है, जिसका इस्तेमाल साइबर फ्रॉड या किसी गैरकानूनी तरीके से मिले पैसे को लेने और फिर उसे दूसरे खातों में भेजने के लिए किया जाता है. हालांकि, कई बार लोग जानबूझकर अपना खाता इसके लिए इस्तेमाल करते हैं, जबकि कुछ लोग बिना पूरी जानकारी के अपना बैंक अकाउंट किसी दूसरे शख्स को इस्तेमाल करने को दे देते हैं.
खाता होल्ड होने पर ग्राहक को क्या मिलेगा?
अगर बैंक किसी खाते पर अस्थायी डेबिट रोक लगाता है, तो उसे ग्राहक को इसकी नोटिस पहले देनी होगी. नोटिस में रोक लगाने की वजह, उसे हटाने की प्रोसेस और लेन-देन के बारे में जानकारी देना होगा. हालांकि, ग्राहक को अपना जवाब देने के लिए 20 दिन तक का समय मिल सकता है. वहीं, अस्थायी डेबिट रोक आमतौर पर 60 दिन तक रह सकती है. &amp;nbsp;
कब से लागू हो सकते हैं नए नियम?
फिलहाल RBI का यह ड्राफ्ट नियम हैं, आखिरी नियम नहीं. RBI ने इस पर लोगों को अपनी सुझाव देने की आखिरी तारीख 2 अक्टूबर 2026 रखी है. प्रस्तावित निर्देश 1 अप्रैल 2027 से लागू होने हैं.&amp;nbsp;
गर्लफ्रेंड पर लुटाए 3.5 करोड़, ब्रेकअप होते ही कोर्ट पहुंचे भारतीय मूल के CEO
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        <pubDate>Mon, 14 Sep 2026 04:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>आपके, बैंक, खाते, से, लेन-देन, पर, लग, सकती, है, रोक, RBI, से, आई, बड़ी, खबर</media:keywords>
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        <title>Singh Saptahik Rashifal: वीक स्टार्टिंग में पार्टनर का मिलेगा पूरा सपोर्ट, संतान सुख की गुड न्यूज, विदेशी क्लाइंट से बड़ी डील</title>
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        <description><![CDATA[ Leo Weekly Horoscope: 13 सितंबर से 19 सितंबर 2026 के इस सप्ताह में ग्रहों का गोचर सिंह राशि के जातकों के लिए रिश्तों में प्रगाढ़ता, व्यापारिक विस्तार और विदेशी संपर्कों से लाभ के शानदार अवसर लेकर आ रहा है.
प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित सुरेश श्रीमाली के ग्रह-गोचर विश्लेषण के अनुसार, सप्ताह की शुरुआत आपके व्यक्तिगत जीवन में मधुरता और आपसी विश्वास को नई ऊंचाई देगी. संतान की योजना बना रहे दंपतियों को शुभ समाचार मिलेगा, वहीं फेस्टिवल सीजन के चलते कारोबार में ग्राहकों की आमद बढ़ेगी. विदेशी कारोबारियों को बड़े ऑर्डर्स मिलने के योग हैं और कार्यक्षेत्र में महिलाओं व मार्केटिंग प्रोफेशनल्स को विशेष पहचान मिलेगी.
लव, फैमिली और रिलेशनशिप (Love &amp;amp; Family)
पारिवारिक और दांपत्य जीवन के लिहाज से सप्ताह की शुरुआत (वीक स्टार्टिंग) अत्यंत सुखद, सहयोगी और भावनात्मक रूप से मजबूत रहेगी. रिलेशनशिप में आपसी समझ पहले से कहीं अधिक बेहतर होगी; आपके जीवनसाथी या पार्टनर आपके किसी अत्यंत महत्वपूर्ण व्यक्तिगत या पेशेवर डिसीजन में आपका पूरा और निस्वार्थ सपोर्ट करेंगे. इसके साथ ही, जो दंपत्ति लंबे समय से संतान प्राप्ति की प्लानिंग कर रहे हैं, उन्हें इस सप्ताह कोई अत्यंत सुखद व पॉजिटिव गुड न्यूज मिल सकती है, जिससे पूरे घर-परिवार में उत्सव जैसा उल्लास छा जाएगा.
बिजनेस और फाइनेंस साप्ताहिक राशिफल (Business &amp;amp; Finance)
व्यापारिक दृष्टि से यह सप्ताह त्योहारी मांग को भुनाने, विदेशी सौदों को अंतिम रूप देने और इन्वेंट्री को संतुलित रखने का रहेगा. आगामी फेस्टिवल सीजन के चलते बाजार में कस्टमर फुटफॉल (ग्राहकों की आवाजाही) बहुत शानदार रहेगा और आपकी कुल बिक्री (Sales) में उल्लेखनीय उछाल आएगा. विदेशी व्यापार (Foreign Business) से जुड़े निर्यात-आयात करने वाले कारोबारियों को किसी प्रतिष्ठित ओवरसीज क्लाइंट से कोई बड़ा बहुप्रतीक्षित ऑर्डर या नया लाभकारी अनुबंध (New Deal) हासिल हो सकता है. हालांकि, बाजार के उत्साह में बहकर बिना योजना के पूंजी न लगाएं; नया स्टॉक खरीदने और इन्वेंट्री बढ़ाने का फैसला बाजार के रुझान को अच्छी तरह सोच-समझकर ही लें.
करियर और जॉब साप्ताहिक राशिफल (Career &amp;amp; Job)
नौकरीपेशा जातकों के लिए यह सप्ताह प्रोत्साहन, प्रोत्साहन राशि (Incentives) और प्रबंधन के समर्थन से भरा रहेगा. कामकाजी महिलाओं (Working Women) को अपने कार्यक्षेत्र में सीनियर्स और उच्चाधिकारियों का भरपूर सहयोग व सकारात्मक मार्गदर्शन प्राप्त होगा, जिससे वे अपने प्रोजेक्ट्स को आसानी से पूरा कर पाएंगी. वहीं, मार्केटिंग और फील्ड से जुड़े प्रोफेशनल्स अपने सभी आधिकारिक टारगेट समय पर या समय से पहले पूरा करके संस्थान से आकर्षक इंसेंटिव या उच्च स्तरीय अप्रिशिएसन (प्रशंसा पत्र) प्राप्त करने में सफल रहेंगे.
संगीत, खेल और समाज सेवा (Music &amp;amp; Politics)
संगीतकारों, गायकों और कलाकारों (Musicians &amp;amp; Artists) के लिए यह सप्ताह उत्साह और नई उपलब्धियों से भरा रहेगा. किसी नए प्रतिष्ठित मंच पर परफॉर्मेंस का अवसर मिलने या किसी प्रमुख प्रोजेक्ट/ऑडिशन में सिलेक्शन की शुभ खबर आपके भीतर नया उत्साह भर देगी. वहीं, राजनीति और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े जातकों की जमीनी स्तर पर पकड़ और अधिक मजबूत होगी; आपके नेतृत्व और जनहितैषी रुख की चारों ओर सराहना होगी.
स्वास्थ्य और यात्रा साप्ताहिक राशिफल (Health &amp;amp; Travel)
स्वास्थ्य के नजरिए से यह सप्ताह सिंह राशि के लोगों के लिए अत्यंत राहतकारी और सुखद रहने वाला है. आपकी सेहत पूरी तरह अच्छी रहेगी और पिछले कुछ समय से चली आ रही पुरानी शारीरिक व मानसिक थकान से मुक्ति मिलेगी, जिससे नई ताजगी महसूस होगी. यात्रा (Travel) के लिहाज से बिजनेस ट्रिप या परिजनों के साथ फैमिली ट्रिप की पहले से बनाई गई प्लानिंग पूरी तरह सफल और तनावमुक्त रहेगी, जिससे पारिवारिक रिश्ते और अधिक प्रगाढ़ होंगे.
शुभ रंग: सुनहरा (Golden) और नारंगी (Orange)
शुभ अंक: 1 और 5
दिशा शूल: सप्ताहांत में पश्चिम दिशा की यात्रा में थोड़ी सावधानी बरतें.
इस सप्ताह का अचूक उपाय: प्रतिदिन प्रातःकाल तांबे के लोटे में शुद्ध जल, लाल चंदन, रोली व अक्षत डालकर भगवान सूर्यनारायण को &#039;ॐ घृणिः सूर्याय नमः&#039; मंत्र का जाप करते हुए अर्घ्य दें. रविवार या मंगलवार के दिन आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें. शनिवार की शाम पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक प्रज्वलित करें और किसी जरूरतमंद को फल, गेहूं, गुड़ या भोजन का दान करें; इससे सूर्य देव के तेज से करियर में मान-सम्मान बढ़ेगा, विदेशी बिजनेस में अपार सफलता मिलेगी और पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा.
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि&amp;nbsp;ABPLive.com&amp;nbsp;किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें. ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 20:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Singh, Saptahik, Rashifal:, वीक, स्टार्टिंग, में, पार्टनर, का, मिलेगा, पूरा, सपोर्ट, संतान, सुख, की, गुड, न्यूज, विदेशी, क्लाइंट, से, बड़ी, डील</media:keywords>
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        <title>Kanya Saptahik Rashifal: वीक स्टार्टिंग में फिटनेस पर फोकस, फेस्टिवल एडवांस प्लानिंग से बंपर मुनाफा, प्रमोशन&amp;सैलरी हाइक के प्रबल योग</title>
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        <description><![CDATA[ Virgo Weekly Horoscope: 13 सितंबर से 19 सितंबर 2026 के इस सप्ताह में ग्रहों का गोचर कन्या राशि के जातकों के लिए स्वास्थ्य में सुधार, व्यापारिक लाभ और करियर में पदोन्नति के शानदार अवसर लेकर आ रहा है. प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित सुरेश श्रीमाली के ग्रह-गोचर विश्लेषण के अनुसार, सप्ताह की शुरुआत आपकी दिनचर्या और फिटनेस को नई गति देगी, जिससे आप खुद को ऊर्जावान महसूस करेंगे.
आगामी त्योहारों की अग्रिम तैयारी से कारोबारियों को बड़ा मुनाफा होगा, वहीं नौकरीपेशा जातकों के लिए इंक्रीमेंट और प्रमोशन के रास्ते खुलेंगे. पारिवारिक मोर्चे पर मांगलिक आयोजनों और अविवाहितों के रिश्ते पक्के होने से घर में खुशहाली का माहौल रहेगा.
स्वास्थ्य और जीवनशैली साप्ताहिक राशिफल (Health &amp;amp; Lifestyle)
सप्ताह की शुरुआत (वीक स्टार्टिंग) में अपनी फिटनेस, व्यायाम और डेली रूटीन पर विशेष ध्यान देने से आप दिनभर बेहद चुस्त-दुरुस्त और एक्टिव महसूस करेंगे. शारीरिक स्फूर्ति आपके हर काम में झलकेगी. हालांकि, बदलते मौसम के मिजाज और अनियमित खान-पान को लेकर थोड़ी सावधानी बरतने की सख्त जरूरत है; बाहर के खुले व तले-भुने भोजन से परहेज करें ताकि मौसमी सर्दी, जुकाम या पेट की गड़बड़ी जैसी समस्याओं से पूरी तरह बचाव हो सके.
बिजनेस और फाइनेंस साप्ताहिक राशिफल (Business &amp;amp; Finance)
व्यापारिक दृष्टि से यह सप्ताह दूरदर्शिता, अग्रिम कार्ययोजना और कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करने का रहेगा. आगामी फेस्टिवल सीजन की भारी मांग को देखते हुए बिजनेसमैन यदि पहले से एडवांस प्लानिंग (अग्रिम तैयारी) और स्टॉक की व्यवस्था करके चलेंगे, तो बाजार से बंपर प्रॉफिट और बेहतरीन मुनाफा कमाने में पूरी तरह सफल रहेंगे. वित्तीय मामलों में किसी भी प्रकार का सरकारी नोटिस, टैक्स असेसमेंट या कानूनी कागजी कार्रवाई लंबित हो, तो उसे समय रहते और तत्परता से पूरा करना आपके लिए अनिवार्य रहेगा; कागजी औपचारिकताओं में कतई लापरवाही न बरतें.
करियर और जॉब साप्ताहिक राशिफल (Career &amp;amp; Job)
नौकरीपेशा जातकों के लिए यह सप्ताह मेहनत का मीठा फल, पदोन्नति और वित्तीय लाभ दिलाने वाला साबित होगा. वर्कस्पेस पर एंप्लॉयड पर्सन को अपने द्वारा किए गए कठिन परिश्रम और समर्पण का बहुत ही शानदार व अनुकूल रिजल्ट प्राप्त होगा. यदि आप लंबे समय से प्रमोशन (पदोन्नति) या सैलरी हाइक (वेतन वृद्धि) की उम्मीद लगाए बैठे हैं, तो इस सप्ताह आपकी यह संभावना बेहद मजबूत हो जाएगी. बस कार्यक्षेत्र में दूसरों की गपशप और ऑफिस पॉलिटिक्स से पूरी तरह दूर रहकर केवल अपने दायित्वों पर ध्यान केंद्रित रखना ही आपके हित में रहेगा.
लव, फैमिली और रिलेशनशिप (Love &amp;amp; Family)
पारिवारिक और दांपत्य जीवन के लिहाज से यह सप्ताह उत्सव, उल्लास और मंगलकारी समाचारों से भरपूर रहेगा. परिवार में किसी मांगलिक कार्यक्रम, गृह प्रवेश या धार्मिक उत्सव के आयोजन को लेकर परिजनों के साथ गंभीर व आनंददायक चर्चा हो सकती है. विवाहित दंपतियों (Married People) को संतान पक्ष की ओर से कोई बड़ी खुशी या सफलता का समाचार मिलेगा जिससे घर में उत्सव का माहौल बनेगा. वहीं, अनमैरिड (अविवाहित) जातकों के लिए विवाह प्रस्ताव को हरी झंडी मिलने या सगाई (Engagement) की बात पक्की होने की प्रबल संभावना बन रही है.
कला, खेल, समाज सेवा और यात्रा (Art, Politics &amp;amp; Travel)
कलाकारों, खिलाड़ियों और संगीतकारों (Artists, Players &amp;amp; Musicians) के लिए यह सप्ताह अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने का रहेगा; किसी बड़े प्रतिष्ठित सांस्कृतिक व खेल इवेंट में हिस्सा लेने के बेहतरीन योग बन रहे हैं. राजनीति और समाज सेवा के क्षेत्र से जुड़े जातकों के जनसंपर्क में सुधार होगा और सार्वजनिक मंचों पर आपके मान-सम्मान व प्रतिष्ठा में उल्लेखनीय वृद्धि होगी. यात्रा (Travel) के लिहाज से यह सप्ताह बेहद अनुकूल रहेगा; यात्राओं के माध्यम से आपको नए व्यावसायिक अवसर मिलेंगे और सभी परिणाम आपके पक्ष में रहेंगे.
शुभ रंग: हरा (Green) और पन्ना जैसा चमकीला रंग
शुभ अंक: 5 और 6
दिशा शूल: सप्ताहांत में उत्तर दिशा की यात्रा में थोड़ी सतर्कता बरतें.
इस सप्ताह का अचूक उपाय: बुधवार के दिन भगवान श्री गणेश जी को 21 दूर्वा दल और मोदक या लड्डू अर्पित करें, साथ ही &#039;ॐ गं गणपतये नमः&#039; और &#039;ॐ बुं बुधाय नमः&#039; मंत्र का 108 बार जाप करें. गाय को हरा चारा, हरी घास या पालक खिलाएं. शनिवार की शाम पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का चौमुखा दीपक जलाएं और हनुमान चालीसा का पाठ करें. किसी जरूरतमंद को साबुत हरी मूंग की दाल, मौसमी फल या भोजन का दान करें; इससे बुध देव की शुभ कृपा प्राप्त होगी, बिजनेस में फेस्टिवल प्लानिंग सफल होगी, सरकारी नोटिस की समस्याएं सुलझेंगी और प्रमोशन व इंक्रीमेंट का रास्ता साफ होगा.
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि&amp;nbsp;ABPLive.com&amp;nbsp;किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें. ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 20:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Kanya, Saptahik, Rashifal:, वीक, स्टार्टिंग, में, फिटनेस, पर, फोकस, फेस्टिवल, एडवांस, प्लानिंग, से, बंपर, मुनाफा, प्रमोशन-सैलरी, हाइक, के, प्रबल, योग</media:keywords>
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    <item>
        <title>Ganesh Sthapana Muhurat 2026: नई दिल्ली में 11:02 बजे स्थापना, उससे पहले क्या करें?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/ganesh-sthapana-muhurat-2026-नई-दिल्ली-में-1102-बजे-स्थापना-उससे-पहले-क्या-करें</link>
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        <description><![CDATA[ Ganesh Chaturthi 2026:&amp;nbsp;गणेश चतुर्थी 14 सितंबर 2026 को है. कई परिवार गणपति बप्पा की मूर्ति एक दिन पहले ही घर ले आए हैं. लेकिन इस बार समय को लेकर एक व्यावहारिक सवाल सामने आ रहा है. चतुर्थी तिथि सुबह 7:06 बजे शुरू होगी, जबकि नई दिल्ली में गणपति स्थापना का मध्याह्न मुहूर्त सुबह 11:02 बजे से दोपहर 1:31 बजे तक रहेगा. ऐसे में करीब चार घंटे तक गणपति के सामने क्या करें? क्या दीपक जला सकते हैं, भोग लगा सकते हैं या मूर्ति को ढककर रखना चाहिए?
सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि चतुर्थी तिथि शुरू होना और मूर्ति की विधिवत स्थापना होना दो अलग बातें हैं. चतुर्थी शुरू होने के बाद पर्व की तिथि लग जाती है, लेकिन गणपति का आवाहन, संकल्प और मुख्य पूजन मध्याह्न के निर्धारित मुहूर्त में किया जाता है. समय शहर के अनुसार कुछ मिनट बदल सकता है, इसलिए स्थानीय पंचांग देखना जरूरी है. पंचांग अनुसार नई दिल्ली के लिए मध्याह्न मुहूर्त सुबह 11:02 से दोपहर 1:31 बजे तक दिया रहेगा.

मूर्ति घर में है तो सुबह क्या करें?
यदि गणपति की मूर्ति पहले ही घर आ चुकी है, तो उसे साफ और सुरक्षित स्थान पर रखें. मूर्ति को बार-बार उठाने या उसकी दिशा बदलने से बचें. परिवार की परंपरा में मूर्ति को स्थापना तक स्वच्छ वस्त्र से ढककर रखने का नियम हो तो कपड़ा मुहूर्त में ही हटाएं. यदि घर में आगमन के समय ही चेहरा खोलकर स्वागत आरती की परंपरा है, तो उसी पारिवारिक परंपरा का पालन किया जा सकता है.
यह भी पढ़ें- Google पर 15 सितंबर भी खोज रहे लोग, आखिर गणेश चतुर्थी 14 को है या 15 को?
सुबह स्नान करके पूजा का स्थान साफ करें. चौकी पर लाल या पीला वस्त्र बिछाएं और आसपास इतना स्थान छोड़ें कि दीपक, फूल, दूर्वा, मोदक तथा पूजा की थाली आसानी से रखी जा सके. कलश, अक्षत, रोली, मौली, जनेऊ, पान-सुपारी और नैवेद्य भी पहले से तैयार कर लें. इससे मुहूर्त शुरू होने पर सामग्री खोजने में समय नहीं जाएगा.
क्या स्थापना से पहले दीपक जला सकते हैं?
पूजा स्थल पर सामान्य श्रद्धा के रूप में दीपक जलाया जा सकता है, लेकिन उसे मुख्य स्थापना पूजा का दीप मानकर विधि शुरू न करें. दीपक ऐसी जगह रखें जहां कपड़ा, फूल, सजावट या मिट्टी की मूर्ति उसकी लौ के संपर्क में न आए. अगर मूर्ति ढकी हुई है तो उसके बिल्कुल पास दीपक या धूप न रखें.
इन घंटों में परिवार गणपति का नाम जप सकता है. &amp;ldquo;ॐ गं गणपतये नमः&amp;rdquo; मंत्र का स्मरण करें या गणेश स्तोत्र पढ़ें. इसे स्थापना का विकल्प न मानें; यह मुहूर्त से पहले मन और पूजा स्थल तैयार करने का समय है.
भोग और आरती कब करें?
मुख्य भोग, फूल, दूर्वा और आरती संकल्प, आवाहन एवं स्थापना के बाद करना बेहतर है. स्थापना से पहले मोदक तैयार करके स्वच्छ स्थान पर ढककर रख सकते हैं, लेकिन नैवेद्य के रूप में उन्हें मुहूर्त की पूजा में अर्पित करें. इसी तरह मुख्य आरती भी विधिवत स्थापना पूरी होने के बाद करें.
यदि घर की कुल परंपरा में गणपति के आगमन पर छोटी स्वागत आरती होती है, तो उसका पालन किया जा सकता है. स्वागत आरती और स्थापना के बाद होने वाली मुख्य आरती को एक न समझें.
इन चार घंटों में यह काम न करें
मूर्ति को सजाने के लिए उस पर पानी, दूध या पंचामृत न डालें, खासकर जब प्रतिमा मिट्टी और प्राकृतिक रंगों से बनी हो. इससे रंग उतर सकता है या मूर्ति में दरार आ सकती है. अभिषेक करना हो तो अपने पुरोहित से विधि पूछें; कई परिवार मिट्टी की प्रतिमा पर प्रतीकात्मक रूप से जल छिड़कते हैं.
मूर्ति के सामने जूते, पैकिंग का सामान या सजावट का कचरा न छोड़ें. मोबाइल से फोटो लेने के लिए मूर्ति को बार-बार घुमाने से भी बचें. स्थापना से पहले का यह समय जल्दबाजी का नहीं, तैयारी का है.
सुबह 7:06 से 11:02 के बीच बप्पा को यूं ही इंतजार नहीं कराया जा रहा होता. परिवार इस समय चौकी, सामग्री और स्वयं को पूजा के लिए तैयार करता है. फिर मध्याह्न मुहूर्त में संकल्प लेकर गणपति का आवाहन, स्थापना, दूर्वा, भोग और आरती की जाती है. क्षेत्र और कुल परंपरा अलग होने पर पारिवारिक पुरोहित की सलाह को प्राथमिकता दें.
FAQ
क्या गणपति स्थापना से पहले दीपक जला सकते हैं?पूजा स्थल पर सामान्य श्रद्धा के रूप में सुरक्षित स्थान पर दीपक जलाया जा सकता है. मुख्य स्थापना पूजा का दीप और आरती संकल्प तथा आवाहन के बाद करना बेहतर है.
क्या स्थापना से पहले गणपति को भोग लगा सकते हैं?मोदक या अन्य नैवेद्य पहले तैयार करके ढककर रखा जा सकता है. मुख्य भोग विधिवत स्थापना और आवाहन के बाद अर्पित करें.
गणपति की मूर्ति का कपड़ा कब खोलना चाहिए?यह परिवार और क्षेत्र की परंपरा पर निर्भर करता है. कुछ परिवार आगमन के समय स्वागत के बाद कपड़ा हटाते हैं, जबकि कुछ स्थापना मुहूर्त में मूर्ति का आवरण खोलते हैं.
क्या स्थापना से पहले गणपति की आरती कर सकते हैं?आगमन पर छोटी स्वागत आरती की पारिवारिक परंपरा हो तो उसका पालन किया जा सकता है. मुख्य आरती स्थापना पूजा पूरी होने के बाद करें.
क्या 7:06 और 11:02 बजे का समय पूरे भारत के लिए है?नहीं. ये समय नई दिल्ली के पंचांग के संदर्भ में है. शहर बदलने पर स्थापना मुहूर्त में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है.
स्थापना से पहले गणपति की मूर्ति को स्नान करा सकते हैं?मिट्टी और प्राकृतिक रंगों वाली प्रतिमा पर सीधे पानी या पंचामृत डालने से मूर्ति खराब हो सकती है. अपने पुरोहित से पूछकर प्रतीकात्मक शुद्धिकरण करें.
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें. ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 20:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Ganesh, Sthapana, Muhurat, 2026:, नई, दिल्ली, में, 11:02, बजे, स्थापना, उससे, पहले, क्या, करें</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>PM मोदी&amp;Xi Jinping Meeting: कितनी सच हुई ABP Live की भविष्यवाणी? सीमा पर खुला रास्ता, फैसला बाकी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/pm-मोदी-xi-jinping-meeting-कितनी-सच-हुई-abp-live-की-भविष्यवाणी-सीमा-पर-खुला-रास्ता-फैसला-बाकी</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/pm-मोदी-xi-jinping-meeting-कितनी-सच-हुई-abp-live-की-भविष्यवाणी-सीमा-पर-खुला-रास्ता-फैसला-बाकी</guid>
        <description><![CDATA[ PM मोदी और Xi Jinping की मुलाकात खत्म हो चुकी है. दोनों नेताओं ने हाथ मिलाया. सीमा पर शांति की बात हुई. व्यापार, Market Access और दोनों देशों के बीच आवाजाही बढ़ाने पर भी चर्चा हुई. लेकिन जिस बड़े फैसले का इंतजार था, वह सामने नहीं आया.
यही वह तस्वीर है जिसका संकेत बैठक से पहले भारत और चीन की कुंडलियों में दिखाई दे रहा था.

देश-प्रदेश और राजनीति की बड़ी खबरें विस्तार से ABP NEWS पर LIVE#ABPNews https://t.co/l15NpwGxIH
&amp;mdash; ABP News (@ABPNews) September 13, 2026



ABP Live के ज्योतिषीय विश्लेषण- 5:45 बजे PM मोदी से मिलेंगे Xi Jinping, सीमा पर बनेगी बात या चीन रखेगा शर्त? कुंडली का संकेत में कहा गया था कि बातचीत का रास्ता खुलेगा, लेकिन सीमा विवाद पर तत्काल अंतिम समाधान मुश्किल है. चीन संबंध सुधारने की इच्छा दिखाएगा, मगर अपने आर्थिक और रणनीतिक हित भी सामने रखेगा.
अब बैठक पूरी हो चुकी है. आधिकारिक जानकारी भी सामने है. इसलिए यह जांचने का समय है कि ABP Live के उस ज्योतिषीय आकलन की कौन-सी बातें सही निकलीं और किन संकेतों का परिणाम अभी बाकी है.
पहली भविष्यवाणी: सीमा पर बात बढ़ेगी
मुलाकात में PM मोदी ने साफ कहा कि भारत-चीन संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए सीमा पर शांति जरूरी है. दोनों नेताओं ने सीमा विवाद का निष्पक्ष, व्यावहारिक और दोनों पक्षों को स्वीकार्य समाधान खोजने की प्रतिबद्धता दोहराई.
पहले प्रकाशित विश्लेषण में भी बातचीत दोबारा तेज होने और सीमा के मुद्दे को मेज पर लाए जाने का संकेत दिया गया था. यह आकलन सही निकला.
हालांकि किसी नए Disengagement Plan, सैनिकों की वापसी या सीमा समझौते की घोषणा नहीं हुई. इसका अर्थ है कि रास्ता खुला है, लेकिन मंजिल अभी दूर है. बैठक के बाद सामने आई जानकारी भी रिश्तों में सुधार के साथ सीमा पर मौजूद कठिनाइयों की पुष्टि करती है.
दूसरी भविष्यवाणी: व्यापार बनेगा बड़ा मुद्दा
ABP Live के पहले विश्लेषण में कहा गया था कि यह मुलाकात केवल सीमा तक सीमित नहीं रहेगी. व्यापार, निवेश, Supply Chain और लोगों की आवाजाही भी बातचीत का हिस्सा बनेंगे.
बैठक में संरचनात्मक Trade Imbalance और Meaningful Market Access पर चर्चा हुई. दोनों देश व्यापारिक, परिवहन और सांस्कृतिक संपर्क बढ़ाने पर भी सहमत हुए. यह दूसरा बड़ा संकेत भी सही निकला.
हालांकि चीन ने बंद कमरे में भारत के सामने कौन-सी विशेष मांग रखी, इसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है. इसलिए चीन की संभावित शर्तों से जुड़ा हिस्सा अभी आंशिक रूप से ही पुष्ट माना जा सकता है.
राहु ने क्यों रखी तस्वीर अधूरी?
भारत के वर्षफल में इस समय राहु की मुद्दा दशा चल रही है. मेदिनी ज्योतिष में राहु विदेशी संबंधों में हलचल बढ़ाता है, लेकिन घोषणा और वास्तविक परिणाम के बीच दूरी भी बना सकता है.
इसका असर बैठक में दिखाई दिया. संदेश सकारात्मक रहा. बातचीत आगे बढ़ी. लेकिन सीमा पर लागू होने वाला कोई बड़ा फैसला सामने नहीं आया.
चीन के वर्षफल में गुरु की मुद्दा दशा बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच, संवाद और कूटनीतिक विस्तार को मजबूत कर रही है. इसी कारण चीन की ओर से संबंधों को लंबे नजरिए से देखने और सहयोग बढ़ाने वाली भाषा सामने आई.
D4 कुंडली ने दिखाई दोनों देशों की सख्ती
भारत की चतुर्थांश यानी D4 कुंडली में गुरु और शनि मजबूत हैं. यह भूमि, सीमा और राष्ट्रीय हितों पर टिके रहने का संकेत है. चीन की D4 कुंडली में मंगल और शनि की मजबूती बताती है कि बीजिंग भी सीमा के मामले में आसानी से पीछे नहीं हटेगा.
मुलाकात का परिणाम इसी के करीब रहा. संवाद हुआ, लेकिन किसी पक्ष ने अपना मूल रुख नहीं छोड़ा.
वर्ष कुंडलियों में पूर्ण इत्थशाल या कम्बूल जैसा साफ कार्यसिद्धि योग भी नहीं बन रहा था. इसके विपरीत इशराफ का प्रभाव बातचीत के बावजूद तत्काल परिणाम हाथ से दूर रहने का संकेत दे रहा था.
हस्त नक्षत्र ने जोड़ा टूटा संवाद
मुलाकात के निर्धारित समय पर हस्त नक्षत्र था. हस्त को बिखरी हुई स्थिति संभालने, संपर्क जोड़ने और व्यावहारिक रास्ता खोजने वाला नक्षत्र माना जाता है.
यह भारत के लिए साधना तारा था, इसलिए नई दिल्ली को बातचीत आगे बढ़ाने का अवसर मिला. चीन के लिए यह जन्म तारा था, जो बताता है कि उसकी प्राथमिकता अपने हित और स्थिति को सुरक्षित रखना रही.
आखिर कितनी सच हुई भविष्यवाणी?
मुलाकात होना और उसका समय भविष्यवाणी नहीं था, क्योंकि कार्यक्रम पहले से तय था. असली कसौटी उसके परिणाम थे.
सीमा पर संवाद बढ़ना, व्यापार और Market Access का मुद्दा उठना, रिश्ते सुधारने की इच्छा दिखाई देना और तत्काल अंतिम समझौता न होना. ABP Live के ज्योतिषीय विश्लेषण के ये प्रमुख संकेत सही निकले.
चीन की किसी खास छिपी शर्त की पुष्टि अभी नहीं हुई है. उसका जवाब आने वाली बैठकों और सीमा पर उठने वाले वास्तविक कदमों से मिलेगा.
सीमा पर संवाद बढ़ना, व्यापार और Market Access का मुद्दा उठना, रिश्तों को सामान्य करने की कोशिश और तत्काल समझौता न होना. ABP Live के ज्योतिषीय विश्लेषण के ये चार प्रमुख संकेत सही साबित हुए हैं.
लेकिन भविष्यवाणी की असली परीक्षा अभी बाकी है. चीन की कुंडली बातचीत के साथ अपने हित साधने की कोशिश भी दिखाती है. इसलिए अगला संकेत किसी साझा तस्वीर या बयान में नहीं, बल्कि सीमा पर सैनिकों की स्थिति, भारतीय कंपनियों के लिए Market Access और दोनों देशों के अगले फैसलों में मिलेगा.
फिलहाल इतना साफ है कि PM मोदी और Xi Jinping ने बंद दरवाजा खोल दिया है, लेकिन सीमा तक जाने वाली राह पर अब भी चीन की शर्तें और पुराने अविश्वास का पहरा है.
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें. ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 20:30:06 +0530</pubDate>
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        <title>Kal Ka Rashifal 14 September 2026: तुला और धनु समेत इन राशियों पर बरसेगी बप्पा की कृपा, जानें 12 राशियों का राशिफल!</title>
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        <description><![CDATA[ Kal Ka Rashifal, 14 September 2026 (कल का राशिफल): सोमवार का दिन मेष से लेकर मीन राशि तक के सभी 12 जातकों के लिए विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश चतुर्थी, हरितालिका तीज और हिन्दी दिवस के पावन त्रिवेणी संयोग के साथ ग्रह-नक्षत्रों के दृष्टिकोण से अत्यंत मंगलकारी और नई उमंग लेकर आ रहा है. कल सुबह 07:07 बजे तक भाद्रपद शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि रहेगी, जिसके बाद गणेश चतुर्थी तिथि का आरंभ होगा. वहीं दोपहर 01:55 बजे तक चित्रा नक्षत्र रहेगा, तत्पश्चात स्वाति नक्षत्र शुरू होगा. चंद्रमा पूरे दिन तुला राशि में संचरण करेंगे.
सोमवार को प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश की असीम अनुकंपा के साथ-साथ ब्रह्म योग, बुधादित्य योग और विशिष्ट राशियों के लिए मालव्य व भद्र योग का महासंयोग बन रहा है. इसके शुभ प्रभाव से वृषभ, कन्या, तुला और धनु राशि के जातकों को कानूनी अड़चनों से मुक्ति, कारोबार में भारी मुनाफा और करियर में मान-सम्मान मिलने के मजबूत योग हैं.

आइए विस्तार से जानते हैं कल का दिन सभी 12 राशियों के लिए कैसा रहने वाला है.
पंचांग (14 सितंबर 2026, सोमवार, श्री गणेश चतुर्थी)

तिथि: भाद्रपद शुक्ल पक्ष तृतीया (सुबह 07:07 बजे तक), तत्पश्चात चतुर्थी (गणेश चतुर्थी)
नक्षत्र: चित्रा नक्षत्र (दोपहर 01:55 बजे तक), तत्पश्चात स्वाति
चन्द्र राशि: तुला राशि
शुभ योग: ब्रह्म योग, बुधादित्य योग, वाशि योग, आनन्दादि योग, सुनफा योग (मेष, कर्क, तुला, मकर के लिए मालव्य योग व मिथुन, कन्या, धनु, मीन के लिए भद्र योग)
शुभ समय (चौघड़िया मुहूर्त):
सुबह 10:15 से 11:15 बजे तक (शुभ का चौघड़िया)
दोपहर 04:00 से शाम 06:00 बजे तक (लाभ-अमृत का चौघड़िया)
राहुकाल (अशुभ समय): सुबह 07:30 से 09:00 बजे तक
दिशाशूल: पूर्व दिशा की तरफ यात्रा करना शुभ रहेगा.

मेष, कल का राशिफल (Aries Horoscope)
पारिवारिक जीवन: घर का वातावरण सौहार्द्रपूर्ण रहेगा. जीवनसाथी और परिवारजन का सहयोग मिलेगा. परिवार में किसी शुभ कार्य या खुशखबरी की संभावना है. किसी पारिवारिक मतभेद को सुलझाने में आपकी मध्यस्थता की सराहना होगी. बड़े सदस्यों की सलाह का सम्मान करें, इससे लाभ मिलेगा.
व्यापार और नौकरी: नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी या महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट मिल सकता है. वरिष्ठ अधिकारी आपके काम से प्रभावित होंगे और आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा. व्यापारियों को नए संपर्कों से फायदा होगा. किसी पुराने क्लाइंट से दोबारा काम मिलने की संभावना बन रही है. कार्यक्षेत्र में गुप्त विरोधी से सावधान रहें और अपनी योजनाएं सबके साथ साझा न करें.
करियर और शिक्षा: करियर में तेजी देखने को मिलेगी और आपकी नेतृत्व क्षमता सामने आएगी. छात्रों का ध्यान पढ़ाई में लगेगा. प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को अनुशासित दिनचर्या अपनानी चाहिए, ध्यान केंद्रित करने का समय अनुकूल रहेगा.
स्वास्थ्य: स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन काम की अधिकता से थकान महसूस हो सकती है. नींद पूरी न होने पर मानसिक तनाव बढ़ेगा. पर्याप्त पानी पिएं, संतुलित आहार लें और आराम के लिए समय निकालें. लगातार लंबे समय तक काम करने से बचें.
आर्थिक स्थिति: आर्थिक स्थिति अच्छी रहने के संकेत हैं. आय के साथ अतिरिक्त लाभ का अवसर मिलेगा. पुराने निवेश से फायदा होने की संभावना है. अनावश्यक खरीदारी और जल्दबाजी में लिए गए आर्थिक फैसलों से बचें. किसी बड़े निवेश से पहले जोखिम और भविष्य के लाभ को अच्छी तरह समझें.
प्रेम जीवन: प्रेम संबंधों में बातचीत बढ़ेगी और पुरानी गलतफहमियां दूर हो सकती हैं. पार्टनर का पूरा सहयोग मिलेगा. अविवाहित लोगों की किसी खास व्यक्ति से बातचीत शुरू हो सकती है. भावनाओं में जल्दबाजी करने के बजाय रिश्ते को धीरे-धीरे मजबूत करें.
लकी अंक: 7 | लकी रंग: कत्था
उपाय: भगवान विष्णु को पीले फूल अर्पित करें और पीला वस्त्र धारण करें.
वृषभ, कल का राशिफल (Taurus Horoscope)
पारिवारिक जीवन: परिवार में छोटी-मोटी बातों को लेकर बहस हो सकती है, इसलिए अपनी बात शांत और विनम्र तरीके से रखने की कोशिश करें. धैर्य रखने से घर में सुख-शांति बनी रहेगी. परिवार के किसी बुजुर्ग सदस्य की सलाह किसी महत्वपूर्ण निर्णय में मदद करेगी और आपकी योजनाओं को मजबूती मिलेगी.
व्यापार और नौकरी: आर्थिक मामलों में सकारात्मक अवसर मिल सकते हैं. रियल एस्टेट से जुड़ी कोई अच्छी खबर मिलने की संभावना है. बैंकिंग, वित्त और प्रॉपर्टी से जुड़े व्यापारियों के लिए दिन उत्तम रहेगा. नए सौदे करने से पहले पूरी जांच-परख करें.
करियर और शिक्षा: कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत और स्थिरता रंग लाएगी. पुराने प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा और किसी महत्वपूर्ण काम में आपकी भूमिका बढ़ सकती है. छात्रों की पढ़ाई में एकाग्रता बढ़ेगी और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में सफलता मिलेगी.
स्वास्थ्य: स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन खान-पान की लापरवाही से परेशानी हो सकती है. ज्यादा तला-भुना भोजन और बाहर का खाना खाने से बचें. पर्याप्त पानी पिएं, नियमित वॉक करें और काम के बीच छोटे ब्रेक लेना लाभकारी रहेगा.
आर्थिक स्थिति: धन संबंधी मामलों में लाभ के योग बन रहे हैं. पुराने निवेश से अच्छा रिटर्न मिल सकता है और अटका हुआ भुगतान वापस मिलने की संभावना है. प्रॉपर्टी से जुड़ी डील फायदेमंद साबित होगी. हालांकि किसी के कहने पर निवेश न करें और संपत्ति के दस्तावेजों को ध्यान से जांचें.
प्रेम जीवन: रिश्तों में भरोसा और स्थिरता बढ़ेगी. पार्टनर के साथ भविष्य की योजनाओं पर बातचीत हो सकती है. विवाहित जीवन में तालमेल अच्छा रहेगा. अविवाहित लोगों को परिवार या परिचितों के माध्यम से कोई अच्छा रिश्ता मिलने की संभावना बन सकती है.
लकी अंक: 4 | लकी रंग: क्रीम
उपाय: जरूरतमंदों को गेहूं या अन्न का दान करें. मां लक्ष्मी को शुद्ध घी का दीपक अर्पित करें.
मिथुन, कल का राशिफल (Gemini Horoscope)
पारिवारिक जीवन: घर का माहौल सामान्य रहेगा, लेकिन जल्दबाजी मे ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 20:30:04 +0530</pubDate>
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        <title>BRICS डिनर मेन्यू: राहुल का तंज! छोले&amp;भटूरे की फोटो पोस्ट कर लिखा &amp; &amp;apos;भारतीय नॉनवेज...&amp;apos;</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/brics-डिनर-मेन्यू-राहुल-का-तंज-छोले-भटूरे-की-फोटो-पोस्ट-कर-लिखा-भारतीय-नॉनवेज</link>
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        <description><![CDATA[ ब्रिक्स समिट 2026 का समापन हो गया है. अब इस पर सियासी बयानबाजी देखने मिलने लगी है. लोकसभा नेता प्रतिपक्ष ने बिना नाम लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से आयोजित रात्रि भोज के खाने के मेन्यू को लेकर तंज कसा है. वेज और नॉनवेज की वैचारिक लड़ाई अक्सर देखने को मिलती है. अब इसी को लेकर राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट किया है.&amp;nbsp;
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर छोले-भटूरे की तस्वीर की साझा
रात्रि भोज के मेन्य में सिर्फ वेज खाना रखा गया था, जबकि इस डिनर पार्टी में इंटरनेशनल डेलीगेशन मौजूद था. राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर छोले भटूरे की पोस्ट साझा की है. इसमें उन्होंने लिखा है,&#039;जानकारी के लिए बता दें, कि 80 प्रतिशत भारतीय मांसाहारी हैं. भारतीय मांसाहारी खाना बहुत स्वादिष्ट होता है. और मेरी बहन के हाथों से बनाए गए छोले भटूरे भी&#039;

For the record: 80% of Indians are non-vegetarian.Indian non-vegetarian food is delicious. As are my sister&#039;s chole bhature. pic.twitter.com/8f6ziKjLan
&amp;mdash; Rahul Gandhi (@RahulGandhi) September 13, 2026



पिछले सर्वे में नहीं दिया गया था तुलनात्मक आंकड़ा
साल 2023-24 में हुए ताजा नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे की मानें तो नॉन वेज खाना खाने वालों के बारे में किसी तरह का तुलनात्मक आंकड़ा नहीं दिया गया है. इससे पहले साल 2019-21 के सर्वे में पाया गया था कि 15 से 49 साल के उम्र के 83.4 प्रतिशत पुरुष और 70.6 प्रतिशत महिलाएं कभी न कभी मछली, चिकन या मीट खाती थीं.&amp;nbsp;
पीएम के गाला डिनर के मेन्यू में कई शाकाहारी व्यंजन शामिल थे
पीएम मोदी की तरफ से आयोजित गाला डिनर के मेन्यू में भारत के पारंपरिक और कई तरह के शाकाहारी व्यंजन शामिल थे. इसमें खांडवी, पनीर लबाबदार, गुच्छी मार्मिक, मिलेट पुलाव, मशरम गलोटी और जलेबी शामिल था. मेन्यू में मोटे अनाज पर खास जोर दिया गया था. यह श्री अन्न को बढ़ावा देने और सस्टेनेबिलिटी को लेकर भारत की कोशिशों के अनुरूप था.&amp;nbsp;
&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 19:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>BRICS, डिनर, मेन्यू:, राहुल, का, तंज, छोले-भटूरे, की, फोटो, पोस्ट, कर, लिखा, भारतीय, नॉनवेज...</media:keywords>
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        <title>BRICS समिट पर गिरिराज सिंह बोले &amp; &amp;apos;देश में कुछ नाराज फूफा अब भी...&amp;apos;</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/brics-समिट-पर-गिरिराज-सिंह-बोले-देश-में-कुछ-नाराज-फूफा-अब-भी</link>
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        <description><![CDATA[ केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने रविवार (13 सितंबर, 2026) को भारत की अध्यक्षता में हुए 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की सराहना की और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में BRICS की बढ़ती ताकत और सफलता को आज पूरी दुनिया स्वीकार कर रही है. इस दौरान उन्होंने ब्रिक्स समिट को लेकर टिप्पणी करने वाले लोगों पर निशाना भी साधा. उन्होंने कहा कि ब्रिक्स की सफलता और वैश्विक मंच पर भारत की ताकत के बावजूद देश के अंदर कुछ नाराज फूफा अब भी मुंह फुलाए बैठे हैं.&amp;nbsp;
वीडियो पोस्ट में बोले केंद्रीय मंत्री
उन्होंने ब्रिक्स समिट के समापन के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो पोस्ट शेयर किया. पोस्ट में उन्होंने कहा, &amp;lsquo;ब्रिक्स का घोषणापत्र (Declaration) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के पूरी दुनिया में बढ़ता कद साफ तौर पर नजर आया है. आज अमेरिका, इंग्लैंड, जापान और अन्य देशों के अखबारों ने मोदी जी की तारीफ की है, लेकिन भारत में ही कुछ नाराज फूफा हैं, वो रहें, लेकिन भारत पूरी दुनिया में एक मजबूत राष्ट्र के तौर पर न सिर्फ उभर रहा है, बल्कि उभर चुका है और उसका नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी कर रहे हैं, जो कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में स्थापित हुआ है.&amp;rsquo;

मोदी जी के नेतृत्व में BRICS की बढ़ती ताकत और सफलता को आज पूरी दुनिया स्वीकार कर रही है।लेकिन देश के अंदर कुछ नाराज़ फूफा अब भी मुँह फुलाए बैठे हैं! pic.twitter.com/ZBRVgToYr8
&amp;mdash; Giriraj Singh (@girirajsinghbjp) September 13, 2026



&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 19:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>&amp;apos;यकीन नहीं हो रहा कि...&amp;apos;, ब्रिक्स मेन्यू को लेकर कांग्रेस पर बरसे रिजिजू</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/यकीन-नहीं-हो-रहा-कि-ब्रिक्स-मेन्यू-को-लेकर-कांग्रेस-पर-बरसे-रिजिजू</link>
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        <description><![CDATA[ भारत में आयोजित ब्रिक्स समिट 2026 का समापन तो हो गया, लेकिन देश के भीतर महमानों को परोसे गए खाने पर राजनीति गरमाई हुई है. लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 13 सितंबर को एक्स पर पोस्ट कर भारत के नॉन-वेज खाने की तारीफ की, जिसके बाद बीजेपी ने उनपर निशाना साधा. राहुल गांधी ने कहा था, &#039;भारत में 80 फीसदी लोग नॉन-वेजिटेरियन हैं. भारत का नॉन-वेज खाना बहुत स्वादिष्ट होता है.&#039; इसके साथ उन्होंने छोले-भटूरे की फोटो भी पोस्ट की. इसे ब्रिक्स समिट के डिनर से जोड़कर देखा गया.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के इस बयान के बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, &#039;मुझे यकीन नहीं हो रहा कि कांग्रेस पार्टी ब्रिक्स देशों के नेताओं को परोसे गए खाने के मेन्यू पर भी राजनीति कर रही है. हमारे मेहमानों ने भारतीय शाकाहारी भोजन का आनंद लिया, जो स्वाद और पोषण से भरपूर है और जिसमें अलग-अलग क्षेत्रों की परंपराएं शामिल हैं.&#039;

I can&#039;t believe that Congress party is making politics even on the food menu served to the leaders of BRICS nations. Our guests relished Indian vegetarian cuisine which are rich in flavor and nutritional variety with diverse regional traditions. https://t.co/oq1MJwXX9l
&amp;mdash; Kiren Rijiju (@KirenRijiju) September 13, 2026



बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि जब समिट में आलोचना करने के लिए विपक्ष के पास खाने के मेन्यू के अलावा कुछ न हो तो इससे पता चलता है कि ब्रिक्स कितना सफल रहा है. उन्होंने कहा कि भारत को वैश्विक स्तर पर आम सहमति बनाने वाले देश के तौर पर उभरते देख कांग्रेस नाराज है.
18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के पहले दिन शनिवार (12 सितंबर 2026) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत मंडपम में ब्रिक्स देशों के राष्ट्राध्यक्षों, प्रतिनिधिमंडलों और विशिष्ट अतिथियों के सम्मान में भव्य ब्रिक्स गाला डिनर का आयोजन किया. इस अवसर पर भारत की विविध पाक परंपराओं को दर्शाने वाला स्पेशल वेजिटेरियन मेन्यू परोसा गया, जिसमें देश के अलग-अलग क्षेत्रों के स्वाद और पारंपरिक व्यंजनों को आधुनिक अंदाज में पेश किया गया.

गाला डिनर की शुरुआत स्टार्टर के साथ हुई. मेहमानों को खंडवी मिले-फॉय परोसी गई, जिसमें बेसन से बनी स्टीम्ड खंडवी को सरसों, नारियल और करी पत्ते के तड़के के साथ केसर आम, माइक्रोग्रीन्स और योगर्ट ड्रेसिंग के साथ परोसा गया. इसके अलावा खुंब गलौटी में तवे पर हल्के से ग्रिल किए गए मशरूम कबाब को मिंट पर्ल्स और शीरमल ब्रेड के साथ परोसा गया.मुख्य भोजन में भारतीय व्यंजनों की समृद्ध परंपरा की झलक देखने को मिली.

मेन्यू में पनीर लबाबदार, गुच्छी मार्मिक (हिमालयी गुच्छी मशरूम और एस्पेरेगस को केसर, किशमिश और ममरा बादाम के साथ तैयार किया गया व्यंजन), कैरट बीन पोरियाल, ठक्काली बेले सारू (अरहर दाल और टमाटर से तैयार दक्षिण भारतीय शैली का हल्का सूप), मिलेट पुलाव, बीटरूट रायता और विभिन्न प्रकार की भारतीय रोटियां शामिल थीं.
डेजर्ट में मेहमानों को पुरानी दिल्ली के लोकप्रिय स्वाद से प्रेरित ओल्ड दिल्ली फ्रूट क्रीम विद जलेबी परोसी गई, जिसमें मौसमी फलों और हल्की व्हिप्ड क्रीम के साथ कुरकुरी जलेबी परोसी गई. इसके साथ शहतूत फिरनी भी परोसी गई, जिसे धीमी आंच पर दूध और चावल से तैयार कर मीठे शहतूत और गोल्ड लीफ से सजाया गया. ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 19:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>यकीन, नहीं, हो, रहा, कि..., ब्रिक्स, मेन्यू, को, लेकर, कांग्रेस, पर, बरसे, रिजिजू</media:keywords>
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        <title>पुतिन से जिनपिंग तक, समिट के दूसरे दिन BRICS देशों के नेताओं से मिले PM मोदी, देखें तस्वीरें</title>
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        <description><![CDATA[ पुतिन से जिनपिंग तक, समिट के दूसरे दिन BRICS देशों के नेताओं से मिले PM मोदी, देखें तस्वीरें ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 19:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>पुतिन, से, जिनपिंग, तक, समिट, के, दूसरे, दिन, BRICS, देशों, के, नेताओं, से, मिले, मोदी, देखें, तस्वीरें</media:keywords>
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        <title>अरविंद केजरीवाल ने किया गठबंधन का ऐलान, विधानसभा चुनाव में करेंगे बड़ा खेल?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/अरविंद-केजरीवाल-ने-किया-गठबंधन-का-ऐलान-विधानसभा-चुनाव-में-करेंगे-बड़ा-खेल</link>
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        <description><![CDATA[ 2027 में होने वाले गोवा चुनावों को लेकर आम आदमी पार्टी ने बड़ा राजनीतिक कदम उठाते हुए हर मोर्चे पर बीजेपी की मौजूदा सरकार घेरने की रणनीति बना दी है. पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने राज्य में अपने गठबंधन का ऐलान करते हुए बताया है कि यह गोवा को एक विकल्प देने के लिए बनाया गया है. इस का नाम गोवा फर्स्ट रखा गया है.&amp;nbsp;

The Goa Forward Party and the Aam Aadmi Party have come together to form &amp;ldquo;Goa First&amp;rdquo;, an alliance to give the people of Goa a real alternative.The people of Goa have been cheated twice. They won&amp;rsquo;t be cheated a third time. BJP and Congress may fight during elections, but behind&amp;hellip; pic.twitter.com/XSmFdscGq5
&amp;mdash; AAP (@AamAadmiParty) September 13, 2026



(ये ब्रेकिंग न्यूज़ स्टोरी है और इसे अपडेट किया जा रहा है. ताजा अपडेट के लिए कृपया रिफ्रेश करें) ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 19:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>अरविंद, केजरीवाल, ने, किया, गठबंधन, का, ऐलान, विधानसभा, चुनाव, में, करेंगे, बड़ा, खेल</media:keywords>
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        <title>यूपी ITI सेकंड फेज रिजल्ट 2026 जारी, 12 से 17 सितंबर तक एडमिशन का मौका</title>
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        <description><![CDATA[ यूपी आईटीआई सेकंड फेज रिजल्ट 2026 जारी कर दिया गया है. राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद ने आज 12 सितंबर दूसरे चरण का चयन और सीट आवंटन रिजल्ट जारी किया है. जिन उम्मीदवारों को इस चरण में सीट मिली है, उन्हें 12 से 17 सितंबर 2026 के बीच संबंधित आईटीआई में पहुंचकर एडमिशन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी. दूसरे चरण में 6 महीने, 1 साल और 2 साल की अवधि वाले प्रोग्राम के लिए सीटों का आवंटन किया गया है. उम्मीदवार अपना रिजल्ट एससीवीटी यूपी के ऑफिशियल वेबसाइट पर देख सकते हैं.&amp;nbsp;
रजिस्ट्रेशन नंबर से डाउनलोड करें रिजल्ट&amp;nbsp;

सेकंड फेज का रिजल्ट देखने के लिए सबसे पहले scvtup.in पर जाए.&amp;nbsp;
इसके बाद होम पेज पर एडमिशन 2026 से संबंधित सेक्शन में दूसरे चरण के आवंटन रिजल्ट का लिंक खोलें.
इसके बाद अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्मतिथि दर्ज करके लॉगिन करें.
रिजल्ट स्क्रीन पर आने के बाद उम्मीदवार अपने आवंटित आईटीआई और ट्रेड की जानकारी देख सकेंगे.
सेलेक्शन होने पर कॉल लेटर डाउनलोड करके उसके प्रिंट आउट निकालना होगा.
वहीं चयन की जानकारी रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एसएमएस के जरिए भी भेजी जा रही है.
जिन उम्मीदवारों को सीट नहीं मिली है, वह पोर्टल पर अपनी रैंक की जानकारी देख सकते हैं.

17 सितंबर तक पूरा करना होगा एडमिशन&amp;nbsp;
दूसरे चरण के लिए प्रवेश प्रक्रिया 12 सितंबर से शुरू होकर 17 सितंबर 2026 की रात 12 बजे तक चलेगी. उम्मीदवारों को तय समय के अंदर संबंधित आईटीआई में पहुंचकर एडमिशन लेना होगा. उम्मीदवारों को अंतिम तारीख का इंतजार करने के बजाय समय रहते संस्थान पहुंचने की सलाह दी गई है. एडमिशन प्रक्रिया के दौरान छुट्टी के दिनों में भी संस्थान खुले रहेंगे. आईटीआई में पहुंचने के बाद उम्मीदवार को संस्थान की चयन लिस्ट में अपने चयन का मिलान भी करना होगा. इसके बाद डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और दूसरी प्रवेश प्रक्रिया को पूरा करना होगा.&amp;nbsp;
ये भी पढ़ें-हिमाचल के स्कूलों में बदलेगा यूनिफॉर्म का रंग, टीचर्स के लिए भी नया ड्रेस कोड&amp;nbsp;
एडमिशन के समय ये डॉक्यूमेंट ले जाना जरूरी&amp;nbsp;
एडमिशन के लिए उम्मीदवारों को कॉल सेंटर ऑनलाइन आवेदन की प्रति सभी मूल प्रमाण पत्र और उनकी फोटो कॉपी, रिजल्ट की कॉपी, अंतिम शिक्षण संस्थान का मूल स्थानांतरण प्रमाण पत्र, पुलिस वेरिफिकेशन के लिए ऑनलाइन आवेदन की फोटो कॉपी और पासपोर्ट साइज फोटो लेकर जाना होगा.&amp;nbsp;
फ्रिज या फ्लोट का ऑप्शन भी चुनना होगा
एडमिशन प्रक्रिया में उम्मीदवारों को अपनी स्थिति के अनुसार फ्रिज या फ्लोट का ऑप्शन चुनना होगा. इसके बाद कॉल सेंटर में दिए गए निर्देशों के अनुसार प्रवेश की प्रक्रिया पूरी करनी होगी. यूपी आईटीआई में एडमिशन मेरिट के आधार पर होता है. उम्मीदवारों का चयन कक्षा 8वीं या 10वीं के अंकों के आधार पर किया जाता है. इसके लिए लिखित प्रवेश परीक्षा नहीं होती है. पहले चरण का सीट आवंटन रिजल्ट 26 अगस्त को जारी किया गया था, जबकि दूसरे चरण का रिजल्ट आज 12 सितंबर को जारी किया गया है.
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 18:30:11 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>यूपी, ITI, सेकंड, फेज, रिजल्ट, 2026, जारी, से, सितंबर, तक, एडमिशन, का, मौका</media:keywords>
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        <title>BRICS में भारत पहुंचे शी जिनपिंग कितने पढ़े&amp;लिखे? जानें उनकी डिग्री</title>
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        <description><![CDATA[ BRICS में भारत पहुंचे शी जिनपिंग कितने पढ़े-लिखे? जानें उनकी डिग्री ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 18:30:09 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>BRICS, में, भारत, पहुंचे, शी, जिनपिंग, कितने, पढ़े-लिखे, जानें, उनकी, डिग्री</media:keywords>
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        <title>कितनी पढ़ी&amp;लिखी हैं दीपिका आनंद, जिनकों BSP की कमान सौंपेंगी मायावती?</title>
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        <description><![CDATA[ बहुजन समाज पार्टी (BSP) में इन दिनों नेतृत्व को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. पार्टी प्रमुख मायावती ने अपने भाई आनंद कुमार के बेटों आकाश आनंद और ईशान आनंद को राजनीतिक पद नहीं देने का ऐलान किया है. इसी के साथ उनकी भतीजी दीपिका आनंद का नाम चर्चा में आ गया है. मायावती ने संकेत दिया है कि भविष्य में जरूरत पड़ने पर दीपिका पार्टी की कमान संभाल सकती हैं, यानी इशारों ही इशारों में दीपिका को मायावती का उत्तराधिकारी घोषित कर दिया गया है.&amp;nbsp;
इसी के साथ लोगों की दीपिका आनंद में दिलचस्पी भी बढ़ गई है. यूपी और बसपा की राजनीति को करीब से देखने वाले दीपिका आनंद के बारे में जानना चाह रहे हैं. ऐसे में आइए जानते हैं उनकी पूरी प्रोफाइल और वह कितनी पढ़ी-लिखी हैं.&amp;nbsp;
कौन हैं दीपिका आनंद?
दीपिका आनंद बसपा सुप्रीमो मायावती के छोटे भाई आनंद कुमार की बेटी हैं. यानी कि वे आकाश आनंद और ईशान आनंद की सगी बहन हैं. आनंद कुमार लंबे समय से मायावती के करीबी सहयोगी रहे हैं और BSP के संगठनात्मक कामकाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं. दीपिका अब तक सक्रिय राजनीति में सार्वजनिक रूप से कोई बड़ी भूमिका निभाती नजर नहीं आई हैं. उन्हें किसी राजनीतिक कार्यक्रम में भी अभी तक देखा नहीं गया है, लेकिन मायावती के ताजा बयान के बाद उनका नाम अचानक BSP के भविष्य को लेकर चर्चा में आ गया है.
कितनी पढ़ी-लिखी हैं दीपिका?
22 वर्षिय दीपिका आनंद फिलहाल लंदन में वकालत की पढ़ाई कर रही हैं. मायावती ने खुद अपने बयान में बताया है कि दीपिका कानून की पढ़ाई कर रही हैं और भविष्य में उनकी ईमानदारी, वफादारी और कार्यक्षमता को देखते हुए उन्हें पार्टी में नई जिम्मेदारी दी जा सकती है. उपलब्ध रिपोर्टों में उनकी स्कूली शिक्षा या किसी विश्वविद्यालय से हासिल की गई अन्य डिग्री की विस्तृत और आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है.
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क्यों चर्चा में आई दीपिका?
दीपिका का नाम ऐसे समय सामने आया है, जब मायावती ने परिवारवाद को लेकर अपना बयान दोहराया है. उन्होंने स्पष्ट किया है कि उनके भाई आनंद कुमार के बेटों आकाश आनंद और ईशान आनंद को BSP में कोई छोटा-बड़ा राजनीतिक पद नहीं दिया जाएगा. मायावती ने इसे अपना अंतिम फैसला भी बताया है. वहीं, दीपिका के मामले में उनका कहना है कि अगर आनंद कुमार को भविष्य में संगठनात्मक काम में मदद की जरूरत होती है, तो उनकी बेटी दीपिका उनकी मदद कर सकती हैं. जिसका मतलब है कि फिलहाल दीपिका की भूमिका भविष्य पर निर्भर करती है, न कि किसी औपचारिक राजनीतिक पद पर.
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&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 18:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>कितनी, पढ़ी-लिखी, हैं, दीपिका, आनंद, जिनकों, BSP, की, कमान, सौंपेंगी, मायावती</media:keywords>
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        <title>जामिया हॉस्टल के खाने में निकले कीड़े, स्टूडेंट्स ने किया प्रदर्शन</title>
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        <description><![CDATA[ जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां के जम्मू-कश्मीर गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं ने मेस के खाने की खराब क्वालिटी को लेकर भारी हंगामा किया. छात्राओं का आरोप है कि उन्हें जो खाना परोसा जा रहा है, उसमें कीड़े और इल्लियां निकल रही हैं. इस बात से नाराज सैकड़ों छात्राएं आधी रात को हॉस्टल से बाहर निकल आईं और यूनिवर्सिटी के सेंटेनरी गेट पर बैठकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया.
प्रदर्शन कर रही छात्राओं ने बताया कि खराब खाना खाने की वजह से हॉस्टल की कई लड़कियां बीमार पड़ चुकी हैं. कुछ छात्राओं को फूड पॉइजनिंग की शिकायत हुई, जिसके बाद उन्हें डॉक्टर के पास ले जाना पड़ा. छात्राओं का कहना है कि वे भारी-भरकम हॉस्टल फीस देती हैं, लेकिन बदले में उन्हें ऐसा खाना दिया जा रहा है जो सेहत के लिए खतरनाक है.
सुरक्षा और बदसलूकी को लेकर भी नाराजगी
खाने में कीड़े मिलने के अलावा छात्राओं ने हॉस्टल की सुरक्षा और मेस स्टाफ के बर्ताव पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं. लड़कियों का आरोप है कि जब भी वे मेस के पुरुष कर्मचारियों से खाने की शिकायत करती थीं, तो वे ठीक से बात नहीं करते थे और छात्राओं के साथ बदतमीजी की जाती थी. इसके साथ ही, छात्राओं ने हॉस्टल में पुरुष कर्मचारियों की एंट्री को लेकर भी अपनी चिंता जाहिर की. उनका कहना था कि गर्ल्स हॉस्टल के अंदर पुरुषों का बार-बार आना-जाना उन्हें असुरक्षित महसूस कराता है, इसलिए मेस के अंदर सिर्फ महिला कर्मचारियों को ही रखा जाना चाहिए ताकि छात्राओं की प्राइवेसी और सुरक्षा बनी रहे.
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प्रशासन ने मानी मांगें
जब छात्राओं का प्रदर्शन बहुत ज्यादा बढ़ गया और मीडिया में यह खबर आने लगी, तब जामिया प्रशासन हरकत में आया. वाइस चांसलर और रजिस्ट्रार के निर्देश पर अधिकारियों की एक टीम प्रदर्शन कर रही छात्राओं से बात करने पहुंची. शुरुआत में छात्राओं और प्रशासन के बीच तीखी बहस भी हुई, लेकिन लड़कियां अपनी मांगों पर अड़ी रहीं. आखिरकार, प्रशासन को छात्राओं के सामने झुकना पड़ा और उनकी सभी मुख्य मांगों को लिखित में स्वीकार करना पड़ा.&amp;nbsp;
प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि वर्तमान मेस ठेकेदार का कॉन्ट्रैक्ट तुरंत खत्म किया जाएगा और नए ठेकेदार को काम दिया जाएगा. साथ ही, मेस के अंदर साफ-सफाई पर नजर रखने के लिए एक कमेटी बनाई जाएगी, जिसमें छात्राओं को भी शामिल किया जाएगा. इसके अलावा, गर्ल्स हॉस्टल की मेस में छात्राओं की सुविधा के लिए केवल महिला स्टाफ की ही तैनाती की जाएगी.
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 18:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>जामिया, हॉस्टल, के, खाने, में, निकले, कीड़े, स्टूडेंट्स, ने, किया, प्रदर्शन</media:keywords>
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        <title>SSC CGL Tier 1 परीक्षा की तारीख जारी, 30 सितंबर से शुरू होगा एग्जाम</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/ssc-cgl-tier-1-परीक्षा-की-तारीख-जारी-30-सितंबर-से-शुरू-होगा-एग्जाम</link>
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        <description><![CDATA[ सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए SSC CGL 2026 से जुड़ा जरूरी अपडेट सामने आया है. कर्मचारी चयन आयोग ने परीक्षा का शेड्यूल जारी कर दिया है. इसके मुताबिक टायर 1 की परीक्षा 30 सितंबर से शुरू होकर 30 अक्टूबर 2026 तक चलेगी. परीक्षा कंप्यूटर पर ली जाएगी और इसमें चार विषयों से सवाल पूछे जाएंगे.
उम्मीदवारों को पेपर हल करने के लिए एक घंटे का समय मिलेगा. ऐसे में उम्मीदवारों के लिए परीक्षा की तारीख के साथ-साथ पेपर के पैटर्न और सिलेबस को समझना भी जरूरी है. परीक्षा की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को चारों विषयों पर बराबर ध्यान देना होगा और समय का सही इस्तेमाल करना होगा.
चार विषयों से पूछे जाएंगे 100 सवाल
SSC CGL Tier 1 के पेपर में कुल 100 सवाल होंगे. इन्हें चार हिस्सों में बांटा गया है. जनरल इंटेलिजेंस एंड रीजनिंग, जनरल अवेयरनेस, क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड और इंग्लिश कॉम्प्रिहेंशन से 25-25 सवाल पूछे जाएंगे. हर विषय के लिए 50 अंक तय हैं, यानी पूरा पेपर 200 अंकों का होगा. परीक्षा कंप्यूटर आधारित होने की वजह से उम्मीदवारों को स्क्रीन पर सवाल पढ़कर दिए गए विकल्पों में से जवाब चुनना होगा. सभी विषयों के सवालों को हल करने के लिए उम्मीदवारों को कुल 60 मिनट का समय मिलेगा. इसलिए परीक्षा से पहले मॉक टेस्ट और प्रैक्टिस सेट हल करना उम्मीदवारों के लिए फायदेमंद रहेगा.
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जानें किस विषय में क्या पढ़ना है?
रीजनिंग वाले हिस्से में तर्क और सोचने की क्षमता से जुड़े सवाल आते हैं. जनरल अवेयरनेस में करंट अफेयर्स के साथ इतिहास, भूगोल, संस्कृति, विज्ञान और देश-दुनिया से जुड़ी सामान्य जानकारी पूछी जाती है. क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड में गणित और संख्याओं से जुड़े सवाल होते हैं. इसमें प्रतिशत, औसत, अनुपात, लाभ-हानि और समय-दूरी जैसे टॉपिक शामिल रहते हैं. इंग्लिश कॉम्प्रिहेंशन में इंग्लिश भाषा को समझने और उससे जुड़े बेसिक सवाल पूछे जाएंगे. इंग्लिश वाले हिस्से को छोड़कर बाकी सवाल हिंदी और इंग्लिश दोनों भाषाओं में दिए जाएंगे. उम्मीदवारों को अपनी तैयारी के दौरान सभी विषयों के महत्वपूर्ण टॉपिक को दोहराते रहना चाहिए.
गलत जवाब पर कटेंगे नंबर
टायर 1 का पेपर हल करने के लिए उम्मीदवारों को कुल 60 मिनट मिलेंगे. परीक्षा में सभी सवाल बहुविकल्पीय होंगे. सही जवाब देने पर अंक मिलेंगे, जबकि गलत उत्तर देने पर 0.50 अंक काटे जाएंगे. इसलिए कम समय में ज्यादा सवाल हल करने के साथ सही जवाब चुनना भी जरूरी होगा. उम्मीदवारों को बिना सोचे किसी सवाल पर ज्यादा समय नहीं लगाना चाहिए और पहले आसान सवालों को हल करना बेहतर रहेगा. टायर 1 के बाद चयन प्रक्रिया में टायर 2 परीक्षा होगी. उम्मीदवार परीक्षा से जुड़े किसी भी नए अपडेट के लिए SSC की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखें और परीक्षा से पहले जारी होने वाले जरूरी निर्देशों को ध्यान से पढ़ें.
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 18:30:03 +0530</pubDate>
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        <title>घर पर ऐसे बनाएं टेस्टी पनीर कोफ्ता, उंगलिया चाटते रह जाएंगे मेहमान</title>
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        <description><![CDATA[ घर पर ऐसे बनाएं टेस्टी पनीर कोफ्ता, उंगलिया चाटते रह जाएंगे मेहमान ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 17:30:07 +0530</pubDate>
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        <title>गणपति बप्पा के स्वागत में ऐसे सजाएं अपना घर, ये रहे शानदार आइडिया</title>
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        <description><![CDATA[ गणपति बप्पा के स्वागत में ऐसे सजाएं अपना घर, ये रहे शानदार आइडिया ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 17:30:05 +0530</pubDate>
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        <title>तकिया मोड़कर सोते हैं, ये आदत खराब कर सकती है आपकी सेहत</title>
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        <description><![CDATA[ रात में आराम से सोने के लिए हर कोई अपनी पसंद का तरीका अपनाता है. कुछ लोगों को पतला तकिया पसंद होता है तो कुछ लोग तकिए को मोड़कर या उसके नीचे दूसरा तकिया रखकर सोते हैं. ऐसा करने से शुरुआत में आराम महसूस होता है, लेकिन लंबे समय तक गलत तरीके से सोने की आदत शरीर के लिए परेशानी पैदा करती है. तकिया बहुत ऊंचा होने पर गर्दन अपनी सही स्थिति में नहीं रहती. इससे सुबह उठने पर गर्दन में दर्द, कंधों में खिंचाव और सिर भारी लगने जैसी परेशानी महसूस होती है.
गर्दन पर पड़ता है ज्यादा दबाव
जब तकिए को मोड़कर बहुत ऊंचा कर लिया जाता है तो सोते समय गर्दन आगे की तरफ झुक जाती है. इस स्थिति में गर्दन की मांसपेशियों पर ज्यादा दबाव पड़ता है. अगर रोज इसी तरह सोया जाए तो सुबह उठने के बाद गर्दन में अकड़न और दर्द रहने लगता है. कई बार यह दर्द कंधों और पीठ तक भी पहुंच जाता है. खासकर पेट के बल सोने वाले लोगों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि इस स्थिति में गर्दन पहले ही एक तरफ मुड़ी रहती है. सही तकिया वही है जो सोते समय सिर और गर्दन को शरीर के बाकी हिस्से के साथ सीधी स्थिति में रखने में मदद करे.
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नींद भी हो सकती है खराब
तकिया बहुत ऊंचा होने पर शरीर को सोने के लिए सही स्थिति नहीं मिलती. इससे बार-बार करवट बदलने की जरूरत पड़ती है और नींद टूट सकती है. कुछ लोगों को सुबह उठने के बाद थकान भी महसूस होती है, भले ही उन्होंने कई घंटे सोया हो. अगर तकिया बहुत नरम है और सिर उसमें ज्यादा धंस जाता है, तब भी गर्दन की स्थिति बिगड़ सकती है. इसलिए तकिया चुनते समय केवल उसकी मोटाई नहीं, बल्कि आराम और गर्दन की सही स्थिति का भी ध्यान रखना चाहिए. हर व्यक्ति के लिए एक ही तरह का तकिया सही नहीं होता.
कैसे रखें तकिया सही
सोते समय तकिया इतना ऊंचा नहीं होना चाहिए कि सिर शरीर से बहुत ऊपर उठ जाए. करवट लेकर सोने वालों को ऐसा तकिया रखना चाहिए जो सिर और गर्दन के बीच की जगह को ठीक से भर सके. पीठ के बल सोने पर आमतौर पर बहुत ऊंचे तकिए की जरूरत नहीं होती. अगर तकिया मोड़कर सोने की आदत है, तो धीरे-धीरे उसकी ऊंचाई कम की जा सकती है. तकिया बदलने के बाद भी अगर गर्दन या कंधे में लगातार दर्द रहता है, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है. सही तरीके से सोना शरीर को आराम देने के साथ दिनभर की थकान कम करने में भी मदद करता है.
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 17:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>20&amp;30 की उम्र में भी कैंसर का खतरा, इन संकेतों को मामूली समझने की गलती न करें</title>
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        <description><![CDATA[ कैंसर का नाम सुनते ही अक्सर लोगों के मन में बुजुर्गों की बीमारी की तस्वीर आती है. इसी वजह से कम उम्र के लोग शरीर में होने वाले कई बदलावों को गंभीरता से नहीं लेते. 20 या 30 साल की उम्र में अगर लंबे समय तक कोई परेशानी बनी रहती है, तो उसे केवल तनाव, गैस, बवासीर या खराब दिनचर्या का असर मानना सही नहीं है. ज्यादातर ऐसे लक्षण किसी दूसरी बीमारी की वजह से भी होते हैं, लेकिन उनकी सही वजह जानने के लिए समय पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है.
उम्र कम है तो भी लक्षणों पर दें ध्यान
युवा होने पर लोग अक्सर मान लेते हैं कि उन्हें कोई बड़ी बीमारी नहीं हो सकती. इसी सोच के कारण शरीर में होने वाली परेशानी को कई दिनों तक टाला जाता है. उदाहरण के लिए, शौच के दौरान बार-बार खून आना बवासीर की वजह से हो सकता है, लेकिन हर बार इसे बवासीर मान लेना सही नहीं है. इसी तरह पेट में लगातार दर्द, शरीर में कोई गांठ या बिना वजह वजन कम होना भी कई अलग-अलग कारणों से हो सकता है. जरूरी बात यह है कि अगर कोई समस्या बार-बार हो रही है या लंबे समय से बनी हुई है, तो उसकी जांच कराई जाए. समय पर बीमारी का पता चलने से इलाज शुरू करने में आसानी होती है
तनाव और व्यस्त दिनचर्या के बीच सेहत न भूलें
आजकल युवाओं की दिनचर्या काफी व्यस्त रहती है. देर रात तक काम करना, नींद पूरी न होना, घंटों मोबाइल या लैपटॉप पर रहना और शारीरिक गतिविधि कम होना आम बात है. ऐसे में लोग कई बार शरीर के छोटे संकेतों पर ध्यान नहीं देते. तनाव और कम नींद को सीधे कैंसर की वजह नहीं माना जाता, लेकिन ऐसी दिनचर्या में अपनी सेहत को नजरअंदाज करना आसान हो जाता है. खान-पान भी सेहत पर असर डालता है. ज्यादा वजन, तंबाकू का इस्तेमाल, शराब, कम शारीरिक गतिविधि और फल-सब्जियां कम खाना कैंसर के कुछ जोखिमों से जुड़े हैं. इसलिए रोजमर्रा की आदतों पर ध्यान देना भी जरूरी है.
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कौन से बदलाव दिखें तो डॉक्टर से मिलें
शरीर में कोई गांठ लंबे समय तक बनी रहे, बिना वजह वजन कम होने लगे या बार-बार असामान्य खून आए, तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए. मुंह का छाला लंबे समय तक ठीक न होना, लगातार खांसी रहना, आवाज में बदलाव, शौच या पेशाब की आदत में अचानक बदलाव और ऐसा घाव जो ठीक न हो, इन संकेतों पर भी ध्यान देना जरूरी है. हालांकि, इनमें से किसी एक लक्षण का मतलब कैंसर होना नहीं है. इनकी वजह सामान्य बीमारी भी हो सकती है. लेकिन परेशानी लगातार बनी रहती है या बार-बार होती है, तो खुद से बीमारी तय करने के बजाय जांच कराना बेहतर रहता है. कैंसर की जांच हर व्यक्ति के लिए एक जैसी नहीं होती. यह उम्र, कैंसर के प्रकार और व्यक्ति के जोखिम पर निर्भर करती है. इसलिए युवा होने को सुरक्षा मानकर किसी लगातार बने लक्षण को टालना सही नहीं है. कैंसर को लेकर डरने की जरूरत नहीं है, लेकिन शरीर में लगातार होने वाले असामान्य बदलावों को नजरअंदाज भी नहीं करना चाहिए. समय पर डॉक्टर से सलाह लेना सबसे जरूरी कदम है.
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 17:30:02 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>IND vs AFG: आज 250 भी पड़ जाएंगे कम, अरुण जेटली स्टेडियम में बल्लेबाज मचाएंगे कोहराम</title>
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        <description><![CDATA[ अरुण जेटली स्टेडियम की बाउंड्री बहुत बड़ी नहीं हैं, इसलिए यहां विशालकाय स्कोर बनते रहे हैं. आज भारत और अफगानिस्तान का पहला टी20 इसी मैदान पर खेला जाएगा, जहां रनों का अंबार लग सकता है. इस मैदान के आंकड़े कुछ ऐसे हैं कि पहले बैटिंग करने वाली टीम 250 रन भी बना ले, तो वह टारगेट भी सुरक्षित नहीं होगा. आज वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा जैसे बल्लेबाजों को मौका मिला तो खूब सारे रन ठोक सकते हैं.
अंतर्राष्ट्रीय टी20 क्रिकेट की बात करें तो अरुण जेटली स्टेडियम पर सबसे बड़ा स्कोर भारत के नाम है, जिसने 2024 में बांग्लादेश के खिलाफ 221 रन बनाए थे. अंतर्राष्ट्रीय टी20 क्रिकेट में इस मैदान पर सबसे बड़ा रन चेज दक्षिण अफ्रीका के नाम है, जिसने साल 2022 में यहां 212 रनों का टारगेट चेज किया था.
250 भी पड़ जाएंगे कम
मगर इंडियन प्रीमियर लीग में इस मैदान पर बड़े-बड़े रिकॉर्ड टूटते रहे हैं. इसी मैदान पर IPL 2026 में पंजाब किंग्स ने दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ 265 रनों का लक्ष्य चेज कर दिया था. वह अलग बात है कि IPL की फ्लैट पिच बल्लेबाजों के लिए स्वर्ग कही जाती हैं, लेकिन इससे वह तथ्य नहीं बदल जाता कि यहां छोटी बाउंड्री का फायदा उठाकर बल्लेबाज बड़ा स्कोर खड़ा कर सकते हैं.
आईपीएल में अरुण जेटली स्टेडियम पर पांच बार 250 या उससे ज्यादा स्कोर बन चुका है. वहीं अंतर्राष्ट्रीय टी20 क्रिकेट में यहां पांच बार 200 या उससे बड़ा स्कोर बना है. ये आंकड़े इसे एक हाई-स्कोरिंग मैदान सिद्ध करते हैं.
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होम ग्राउंड समझकर खेलेगा अफगानिस्तान
इस सीरीज का मेजबान अफगानिस्तान है, लेकिन मुकाबले नई दिल्ली में खेले जाएंगे. दरअसल BCCI पिछले काफी समय से अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड को अपना समर्थन देता आ रहा है और वह अफगान टीम को यहां के मैदानों में अपने घरेलू मैच खेलने की अनुमति देता है.
अफगानिस्तान टीम ने यहां अब तक 2 मैच खेले हैं, जिनमें उसे एक जीत और एक बार हार मिली है. 2016 में उसे इंग्लैंड के हाथों 15 रन से हार मिली, जबकि 2026 में उसने यूएई को 5 विकेट से हराया था. हालांकि इस मैदान पर भारत और अफगानिस्तान की कभी टक्कर नहीं हुई है
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 16:30:10 +0530</pubDate>
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        <title>महिला एशिया कप: आज बदले की बारी, श्रीलंका को रौंद चैंपियन बनेगा भारत</title>
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        <description><![CDATA[ रविवार, 13 सितंबर को भारत की दो क्रिकेट टीम एक्शन में दिखेंगी. एक तरफ मेंस टी20 टीम अफगानिस्तान के साथ पहला टी20 मैच खेल रही होगी. दूसरी ओर रात 8 बजे से महिला एशिया कप शुरू होगा. खिताबी भिड़ंत में भारत और श्रीलंका आमने-सामने आएंगे. एशिया कप 2026 में टीम इंडिया अभी तक अजेय रही है. आज भारत के पास ना केवल आठवीं बार एशियाई चैंपियन बनने का मौका होगा, बल्कि 2 साल पुरानी हार का बदल पूरा करने का मौका भी होगा.
आज बदले की बारी
करीब 2 साल पहले 2024 का महिला एशिया कप श्रीलंका में खेला गया था. अपने घर पर खेल रही श्रीलंका ने इस समय फाइनल में भारत को 8 विकेट से हराकर एशिया कप का खिताब जीत लिया था. श्रीलंका पहली बार एशियाई चैंपियन बना था. चमारी अटापट्टू और हर्षिता समाराविक्रमा की दमदार बैटिंग के आगे भारतीय गेंदबाज बेबस नजर आए थे.
अब दो साल बाद एक बार फिर भारत और श्रीलंका आमने-सामने हैं. दोनों कप्तान हरमनप्रीत कौर और चमारी अटापट्टू एक बार फिर आमने-सामने होंगी, यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बार किस कप्तान की रणनीति बेहतर साबित होती है. 2024 के फाइनल में स्मृति मंधाना की अर्धशतकीय पारी (60 रन) के बावजूद भारत वह मुकाबला हार गया था.
2024 के फाइनल में श्रीलंका के लिए चमत्कारी पारी खेलने वाली अटापट्टू और समाराविक्रमा इस बार भी श्रीलंकाई टीम का हिस्सा हैं. अटापट्टू चाहे इस तौरनमेंटूर्नामेंट में बल्ले से ज्यादा प्रभावी ना रही हों, लेकिन गेंदबाजी में उन्होंने 4 मैचों में 11 विकेट चटकाए हैं.
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सातवीं बार भारत-श्रीलंका का फाइनल
महिला एशिया कप के इतिहास में कुल सातवीं बार भारत और श्रीलंका आमने-सामने आ रहे होंगे. ये दोनों टीम 2004, 2005-06, 2006, 2008, 2022, 2024 में फाइनल में खेल चुकी हैं और अब सातवीं बार महिला एशिया कप का फाइनल खेल रही होंगी. अब तक फाइनल में भारत ने श्रीलंका को 5 बार हराया है और श्रीलंका केवल एक बार जीत दर्ज कर सका है.
कितने बजे शुरू होगा फाइनल?
महिला एशिया कप 2026 में भारत और श्रीलंका का फाइनल मैच दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा. यह मैच भारतीय समयानुसार रात 8 बजे से शुरू होगा. स्मृति मंधाना से लेकर&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 16:30:09 +0530</pubDate>
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        <title>बांग्लादेशी कप्तान ने भारतीय कैप्टन से नहीं मिलाया हाथ, अब छिनेगी कमान</title>
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        <description><![CDATA[ बीते गुरुवार महिला एशिया कप में भारत और बांग्लादेश का सेमीफाइनल मैच खेला गया था. उस सेमीफाइनल मैच में टीम इंडिया ने 40 रनों की जीत दर्ज कर दसवीं बार एशिया कप के फाइनल में जगह बनाई थी. मगर उस मुकाबले से पूर्व टॉस के समय बांग्लादेशी कप्तान निगार सुल्ताना ने भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर से हाथ नहीं मिलाया था. यह फैसला सुल्ताना पर उल्टा पड़ता दिख रहा है, क्योंकि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने इस मामले में अपने हाथ पीछे खींच लिए हैं.
क्रिकेट में नो-हैंडशेक पॉलिसी भारत-पाकिस्तान मैचों के लिए चर्चा में आई है. पिछले करीब एक साल से अलग-अलग स्तर पर भारतीय टीम पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिला रही है. मगर जब सेमीफाइनल मुकाबले में बांग्लादेशी कप्तान निगर सुल्ताना ने ऐसा किया, तो यह तुरंत चर्चा का विषय बन गया. BCB ने साफ कर दिया है कि हाथ ना मिलाना पूरी तरह सुल्ताना का निजी फैसला था.
बीसीबी वीमेंस कमिटी के चेयरमैन रफिकुल इस्लाम बाबू ने कहा कि यह निगर सुल्ताना का निजी फैसला था. उन्होंने कहा, &quot;यह उनका (सुल्ताना) का निजी फैसला था. हम समझते हैं कि खेल दुनिया को एकसाथ लाने का काम करते हैं. हम केवल भारत नहीं बल्कि सभी देशों से दोस्ताना संबंध चाहते हैं. उन्होंने जो भी किया, वह उनका निजी फैसला था.&quot;
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BCB ने साफ तौर पर कहा कि निगार सुल्ताना के फैसले में बोर्ड किसी भी तरह से सम्मिलित नहीं था. बोर्ड ने इस मामले पर अब तक कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है, लेकिन बोर्ड ने यह भी साफ कर दिया है कि एशियन गेम्स के बाद सुल्ताना और अन्य मामलों पर चर्चा की जाएगी. रफिकुल इस्लाम बाबू ने कहा कि निगर सुल्ताना की शिकायत सामने आई है. पहले एशियन गेम्स के प्रदर्शन का आकलन किया जाएगा, फिर सुल्ताना की कप्तानी और अन्य फैसलों पर विचार किया जाएगा.
सेमीफाइनल मुकाबले की बात करें तो टीम इंडिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 149 रन बनाए थे, जिसके जवाब में बांग्लादेश की पूरी टीम निर्धारित 20 ओवरों में केवल 109 रन ही बना पाई. फाइनल मैच रविवार, 13 सितंबर को भारत और श्रीलंका के बीच खेला जाएगा.
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 16:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>भारत से डिफेंड नहीं हुए 212 रन, अफगानिस्तान ने मैच कराया टाई; फिर हुए 2 सुपर ओवर</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/भारत-से-डिफेंड-नहीं-हुए-212-रन-अफगानिस्तान-ने-मैच-कराया-टाई-फिर-हुए-2-सुपर-ओवर</link>
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        <description><![CDATA[ आज से भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज खेली जानी है. सीरीज का पहला मुकाबला आज शाम सात बजे से खेला जाएगा. इसके बाद दूसरा टी20 15 सितंबर को और तीसरा व अंतिम टी20 मैच 17 सितंबर को खेला जाएगा. सभी मैच दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले जाएंगे. भारत-अफगानिस्तान के पहले टी20 मैच से पहले सोशल मीडिया पर दोनों टीमों का 17 जनवरी 2024 को खेला गया मैच चर्चा में है. इस मैच का नतीजा 2 सुपर ओवर से निकला था.&amp;nbsp;
22 रनों पर 4 विकेट गिरने के बाद भी भारतीय टीम ने 20 ओवर में 212 रन बना डाले थे. हालांकि, अफगानिस्तान ने भी ठीक इतने ही रन बना दिए. फिर मैच का नतीजा सुपर ओवर से निकला.&amp;nbsp;
बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले गए इस मैच में भारतीय टीम पहले खेलने उतरी थी. टीम इंडिया की शुरुआत बेहद खराब रही थी. भारत ने सिर्फ 22 रनों पर 4 विकेट गंवा दिए थे. यशस्वी जायसवाल 04, विराट कोहली 00, शिवम दुबे 01 और संजू सैमसन 00 पर आउट हुए थे.&amp;nbsp;
रोहित और रिंकू ने की थी 180 रनों की साझेदारी&amp;nbsp;
22 रनों पर 4 विकेट गिरने के बाद भारत का कोई विकेट नहीं गिरा. रोहित शर्मा और रिंकू सिंह ने 190 रनों की नाबाद साझेदारी की. रोहित शर्मा ने 69 गेंद में नाबाद 121 रनों की पारी खेली. उन्होंने 11 चौके और 8 छक्के लगाए. वहीं रिंकू ने 39 गेंद में नाबाद 69 रन ठोके. उनके बल्ले से 2 चौके और 6 छक्के निकले.
अफगानिस्तान ने मैच कराया टाई, फिर हुए 2 सुपर ओवर&amp;nbsp;
213 रन चेज करने उतरी अफगानिस्तान की टीम ने तूफानी शुरुआत की. ओपनर इब्राहिम जादरान ने 41 गेंद में 50 और रहमानुल्लाह गुरबाज ने 32 गेंद में 50 रनों की पारी खेली. फिर तीन नंबर पर आए गुलबदीन नैब ने 23 गेंद में 55 रन ठोक दिए. अंत में मोहम्मद नबी ने सिर्फ 16 गेंद में 34 रन बना दिए. अफगानिस्तान ने 20 ओवर में 6 विकेट पर 212 रन बनाए, और मैच टाई रहा.&amp;nbsp;
पहले सुपर ओवर में अफगानिस्तान ने बनाए 16 रन&amp;nbsp;
मैच टाई होने पर सुपर ओवर हुआ. अफगानिस्तान ने 16 रन बना डाले. रोहित शर्मा और यशस्वी जायसवाल आए. भारत ने भी 6 गेंद में 16 रन ही बनाए. इस तरह पहला सुपर ओवर टाई रहा.&amp;nbsp;
दूसरे सुपर ओवर में भारत को मिली जीत&amp;nbsp;
पहला सुपर ओवर टाई होने के बाद टीम इंडिया दूसरे सुपर ओवर में पहले बैटिंग करने उतरी. इस बार भारत ने 11 रन बनाए. अब मैच जीतने के लिए अफगानिस्तान को 12 रन बनाने थे. रवि बिश्नोई को गेंद सौंपी गई. इस बार भारत ने आसानी से मैच जीत लिया.
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 16:30:06 +0530</pubDate>
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        <title>इन 3 &amp;apos;प्लेयर्स बैटल&amp;apos; पर रहेगी सबकी नजर, भारत बनाम अफगानिस्तान पहला T20 आज</title>
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        <description><![CDATA[ वैभव सूर्यवंशी आज भारत में अपना पहला टी20 इंटरनेशनल मैच खेलेंगे, जो अफगानिस्तान के साथ दिल्ली में है. वैभव पर सभी की नजर रहेंगी, वह हाल ही में रेड बॉल फॉर्मेट में लगातार 3 मैच खेलकर आ रहे हैं. अरुण जेटली स्टेडियम में होने वाले इस मुकाबले में 3 बड़ी प्लेयर्स बैटल कौन सी होंगी? आइए इसे जानते हैं.
भारत बनाम अफगानिस्तान पहला टी20 आज (13 सितंबर) दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से शुरू होगा. टॉस 7 बजे होगा, जिसे जीतने वाले कप्तान पहले गेंदबाजी करने का फैसला कर सकते हैं. दिल्ली में पिछले 2 दिन बारिश हुई थी, आज भी हो सकती है. हालांकि इतनी बारिश की संभावना नहीं है कि मैच रद्द होने का डर हो.
जसप्रीत बुमराह बनाम रहमानुल्लाह गुरबाज
भारतीय टीम की बल्लेबाजी काफी मजबूत है, ऐसे में अफगानिस्तान अगर पहले बल्लेबाजी करे या लक्ष्य का पीछा, उन्हें तेज शुरुआत चाहिए होगी. विकेटकीपर बल्लेबजा रहमानुल्लाह गुरबाज पर तेज शुरुआत की जिम्मेदारी रहती है, लेकिन उनके सामने होंगे जसप्रीत बुमराह. वह चोट से ठीक होकर वापसी कर रहे हैं, उन्होंने नेट में काफी प्रभावित किया और वैभव को भी तंग किया. पॉवरप्ले में ये बैटल देखने वाली होगी.
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वैभव सूर्यवंशी बनाम नवीन-उल-हक
वैभव सूर्यवंशी विस्फोटक बल्लेबाज हैं, जो पारी की शुरुआत करते हैं और पहली गेंद से प्रहार करते हैं. उनके समने नवीन-उल-हक चुनौती पेश करेंगे, वह पॉवरप्ले में गेंदबाजी कर सकते हैं. नवीन IPL में भी खेलेंगे, उन्हें भारत में खेलने का काफी अनुभव है. नवीन आज अपना 49वां टी20 इंटरनेशनल खेलेंगे, जिन्होंने अभी तक इस फॉर्मेट में 67 विकेट लिए हैं. हालांकि वैभव अलग हैं, उन्हें अनुभवी गेंदबाज को निशाना बनाना बहुत पसंद है.
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श्रेयस अय्यर बनाम राशिद खान
वैभव, ईशान, अभिषेक टॉप-3 बल्लेबाज हो सकते हैं, जो सभी विस्फोटक अंदाज में खेलते हैं. ऐसे में एक संभावना ये भी होती है कि भारत शुरूआती विकेट जल्दी गंवा दे, तब श्रेयस अय्यर की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है. उनके ऊपर पारी को संभालना, अंत तक टिकना और रनों की गति को भी कम नहीं होने देने की जिम्मेदारी होती है. उनकी बैटल लेग स्पिनर राशिद खान से होगी, जो ज्यादातर मिडिल ओवरों से गेंदबाजी में लगाए जाते हैं. अधिकतर वह डेथ ओवरों में भी गेंदबाजी करते हैं. ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 16:30:05 +0530</pubDate>
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        <title>स्मार्टवॉच की हरी लाइट का राज खुला! जानें हर वक्त जलती क्यों रहती है?</title>
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        <description><![CDATA[ अगर आपके पास स्मार्टवॉच या फिटनेस बैंड है तो आपने इसके पीछे लगी हरी रोशनी जरूर देखी होगी. कई बार ये लाइट लगातार जलती रहती है और देखकर लगता है कि आखिर इसका काम क्या है. क्या ये सिर्फ डिजाइन का हिस्सा है या फिर इसके पीछे कोई खास टेक्नोलॉजी काम करती है? आइए जानते हैं कि आखिर क्यों जलती रहती है ये लाइट.
हरी लाइट क्यों जलती है?
जानकारी के अनुसार, स्मार्टवॉच के पीछे लगी हरी LED मेन रूप से हार्ट रेट यानी दिल की धड़कन मापने के लिए इस्तेमाल होती है. इसके लिए घड़ी में एक टेक्नोलॉजी होती है जिसे फोटोपीथिस्मोग्राफी (PPG) कहा जाता है.
ये टेक्नोलॉजी आपकी स्किन पर रोशनी डालकर शरीर में बह रहे खून की मात्रा में होने वाले बदलावों को पहचानती है. जब दिल धड़कता है तो उस समय ब्लड का फ्लो थोड़ा बढ़ जाता है. इसी बदलाव को सेंसर लगातार रिकॉर्ड करता है और उसके आधार पर आपकी हार्ट रेट का अंदाजा लगाया जाता है.
हरी रोशनी ही क्यों होती है?
अब सवाल आता है कि स्मार्टवॉच में हरी LED ही क्यों लगाई जाती है? इसकी वजह हरी रोशनी का खून में मौजूद हीमोग्लोबिन के साथ खास तरह से इंटरैक्ट करना है. हरी रोशनी स्किन में प्रवेश करने के बाद ब्लड के फ्लो में होने वाले बदलाव को पहचानने में सेंसर की मदद करती है.
घड़ी की LED स्किन पर रोशनी डालती है और साथ मौजूद फोटोडायोड ये देखता है कि कितनी रोशनी वापस आ रही है. इस डेटा को सॉफ्टवेयर प्रोसेस करता है और उससे दिल की धड़कन की गणना की जाती है.
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हर वक्त क्यों जलती रहती है?
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आपको ये हरी लाइट हर समय जलती हुई इसलिए दिखाई देती है क्योंकि स्मार्टवॉच लगातार आपकी हार्ट रेट मॉनिटर कर रही होती है. खासकर जब आप वर्कआउट कर रहे हों, तब सेंसर ज्यादा एक्टिव हो जाता है.
कुछ स्मार्टवॉच आराम की कंडिशन में भी समय-समय पर हार्ट रेट चेक करती हैं. इस वजह से LED थोड़ी देर के लिए जलती और फिर बंद होती दिखाई दे सकती है. लगातार जलती हुई दिखने का मतलब ये जरूरी नहीं कि सेंसर में कोई खराबी है.
क्या इससे आंखों या स्किन को नुकसान होता है?
नॉर्मली स्मार्टवॉच में इस्तेमाल होने वाली ये LED कम पावर वाली होती है और नॉर्मल इस्तेमाल के लिए डिजाइन की जाती है. इसे सीधे आंखों में चमकाने के लिए नहीं बनाया गया है. हालांकि, अगर घड़ी पहनने पर स्किन में लगातार जलन, लालिमा या असहजता महसूस हो तो उसे कुछ समय के लिए उतार देना बेहतर है.
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 13:30:11 +0530</pubDate>
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        <title>यमन के आतंकियों ने AI से बनाई मिसाइल, Anthropic का चौंकाने वाला खुलासा</title>
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        <description><![CDATA[ तकनीक की दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला और डराने वाला मामला सामने आया है. अब तक हम सभी जानते थे कि एआई इंसानों के काम को आसान बना रहा है, लेकिन अब इसका इस्तेमाल खतरनाक हथियारों को बनाने में भी होने लगा है.
हाल ही में Anthropic ने अपनी एक रिपोर्ट में यह खुलासा किया है कि यमन के एक थ्रेट एक्टर यानी आतंकी गुट ने इंसानी सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स की जगह उनके एआई टूल Claude AI का इस्तेमाल करके मिसाइल प्रोग्राम के लिए सॉफ्टवेयर तैयार कर लिया. इस खबर के सामने आने के बाद पूरी दुनिया के सुरक्षा विशेषज्ञों और टेक जगत में खलबली मच गई है.
तीन बड़े मिसाइल प्रोजेक्ट्स पर चल रहा था काम
Anthropic की सुरक्षा रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तरी यमन के एक सक्रिय सेल ने क्लोड एआई का इस्तेमाल तीन अलग-अलग हथियारों के प्रोग्राम को एक साथ चलाने के लिए किया. यह गुट एक गाइडेड रॉकेट, 2,000 किलोमीटर से ज्यादा की मारक क्षमता वाली बैलिस्टिक मिसाइल और आर-2000 नाम की मिसाइल सीरीज पर काम कर रहा था, जिसमें एक हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल भी शामिल है. सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इस गुट ने किसी इंसानी सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मदद नहीं ली, बल्कि Claude AI के कई अकाउंट्स को एक साथ मिलाकर एक पूरी टीम की तरह काम पर लगा दिया.
एआई अकाउंट्स को बांट दी गई थी जिम्मेदारी
इस आतंकी सेल ने एआई का इस्तेमाल करने के लिए एक बेहद शातिर तरीका अपनाया. उन्होंने Claude AI के अलग-अलग अकाउंट को एक सीनियर इंजीनियर की तरह काम सौंप दिया. इनमें से एक एआई अकाउंट मिसाइल का कोड लिख रहा था, दूसरा अकाउंट जरूरी रिसर्च कर रहा था और तीसरा अकाउंट पहले अकाउंट द्वारा लिखे गए कोड की कमियों को चेक कर रहा था. इस तरह बिना किसी इंसानी दिमाग के ही एआई ने मिलकर मिसाइल की दिशा तय करने वाला बेहद जटिल सॉफ्टवेयर तैयार कर दिया.
चालाकी से बायपास किए गए सुरक्षा फीचर्स
हैरानी की बात यह है कि इस काम के लिए उन्होंने किसी बहुत महंगे कंप्यूटर का इस्तेमाल नहीं किया, बल्कि आम लोगों के काम आने वाले छोटे डिवाइस पर ही ओपन-सोर्स ऑटोपायलट सिस्टम को इंटीग्रेट करने के लिए क्लोड एआई की मदद ली. एआई ने न सिर्फ इस सिस्टम के लिए कोड लिखा, बल्कि उसकी सेटिंग्स तय कीं और कंप्यूटर के अंदर ही इसकी उड़ानों का डिजिटल ट्रायल यानी फ्लाइट सिमुलेशन भी करके देख लिया.&amp;nbsp;
कंपनी के सुरक्षा फिल्टर ने कई संदिग्ध रिक्वेस्ट को ब्लॉक भी किया, लेकिन इस गुट ने अपने असली मकसद को छुपाए रखा और काम को छोटे टुकड़ों में बांट दिया, जिससे एआई को कभी पता ही नहीं चल पाया कि उससे मिसाइल का सॉफ्टवेयर बनवाया जा रहा है..
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टेस्ट फेल होने पर पकड़ी गई आतंकियों की चालाकी
हालांकि, कंपनी का कहना है कि उनके पास इस बात का कोई सबूत नहीं है कि यह आतंकी गुट पूरी तरह से काम करने वाला हथियार जमीन पर तैयार कर पाया है. रिपोर्ट में बताया गया है कि इस गुट ने एक गाइडेड रॉकेट का फील्ड टेस्ट किया था जो पूरी तरह फेल हो गया.&amp;nbsp;इस टेस्ट के फेल होने के कुछ ही घंटों के भीतर यह गुट दोबारा क्लोड एआई के पास पहुंच गया और रॉकेट के फेल होने के बाद मिले डेटा को एआई के सामने रखकर खराबी का पता लगाने की कोशिश करने लगा. इसी हरकत की वजह से एंथ्रोपिक कंपनी को इस पूरे खेल की भनक लगी.
अकाउंट बैन होने पर भी कम नहीं हुआ खतरा
जैसे ही कंपनी को इस घटना का पता चला, उसने तुरंत कार्रवाई करते हुए उस सेल से जुड़े सभी क्लोड अकाउंट्स को हमेशा के लिए बैन कर दिया और इसकी जानकारी सुरक्षा एजेंसियों को बताई गई. लेकिन सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि बैन लगने से पहले ही इस गुट ने अपना काम काफी हद तक पूरा कर लिया था.&amp;nbsp;
उन्होंने मिसाइल सिस्टम का एक ऐसा डिजिटल मॉडल तैयार कर लिया है, जो अब बिना क्लोड एआई और बिना इंटरनेट के भी सीधे कंप्यूटर पर काम कर सकता है. इसका मतलब है कि एआई का एक्सेस छिन जाने के बाद भी वे इस मिसाइल प्रोग्राम पर आगे का काम जारी रख सकते हैं.
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 13:30:10 +0530</pubDate>
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        <title>iPhone 17 Pro पर बड़ा ऑफर, 69,990 में खरीदने का मौका</title>
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        <description><![CDATA[ Apple ने नई iPhone 18 Pro सीरीज हाल ही में लॉन्च कर दी है. इसके साथ ही पिछले साल के Pro मॉडल को लेकर भी लोगों की दिलचस्पी बढ़ गई है. आमतौर पर नया iPhone आने के बाद पुराने मॉडल की कीमत कम होने की उम्मीद रहती है, लेकिन इस बार थोड़ा अलग है. iPhone 17 Pro पर रिटेलर Croma ने ऐसा ऑफर दिया है , जिसमें अलग-अलग फायदे जोड़ने के बाद इसकी कीमत ₹69,990 तक पहुंच रही है. यानी अगर आपके पास एक्सचेंज करने के लिए अच्छा पुराना फोन है तो यह डील आपके लिए काफी फायदेमंद हो सकती है.
पुराने मॉडल पर क्यों आया इतना बड़ा फायदा?
नई iPhone सीरीज आने के बाद ग्राहक अक्सर पिछले मॉडल की कीमत कम होने का इंतजार करते हैं. iPhone 17 Pro के मामले में भी अब यही मौका देखने को मिल रहा है. Croma पर इसके 256GB मॉडल को अलग-अलग ऑफर्स के साथ कम कीमत में खरीदा जा सकता है. यानी जिन लोगों को Apple का Pro मॉडल चाहिए, लेकिन नया iPhone 18 Pro खरीदने के लिए करीब ₹1.65 लाख खर्च नहीं करना चाहते, उनके लिए पिछली सीरीज का फोन एक ऑप्शन बन सकता है.&amp;nbsp;
&amp;nbsp;69,990 की कीमत पर मिल रहा iPhone 17 Pro
Croma की डील में iPhone 17 Pro 256GB की कीमत ₹69,990 बताई गई है. इसके फोन को एक्सचेंज करना जरूरी है. उदाहरण के तौर पर कुछ पुराने iPhone मॉडल पर ₹44,500 तक की एक्सचेंज वैल्यू मिल सकती है. इसके ऊपर ₹12,000 तक का एक्सचेंज बोनस और कुछ कार्ड पर ₹4,000 तक का बैंक कैशबैक मिल सकता है. इन सभी फायदों को जोड़ने पर कीमत काफी नीचे आ जाती है. लेकिन आपके पुराने फोन की हालत, मॉडल और एक्सचेंज वैल्यू के हिसाब से अंतिम कीमत अलग हो सकती है.
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पुराना iPhone है तो डील और भी काम की
इस ऑफर का सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को हो सकता है जिनके पास पहले से कोई अच्छा पुराना iPhone है. मान लीजिए आपके पास ऐसा फोन है जिसकी एक्सचेंज वैल्यू अच्छी मिल रही है, तो नए iPhone के लिए अपनी जेब से देने वाले पैसे कम हो जाते है.&amp;nbsp; &amp;nbsp;फोन की कंडीशन, मॉडल और लागू ऑफर के हिसाब से मिलने वाली रकम बदल सकती है. इसलिए हर खरीदार के लिए ₹69,990 की कीमत एक जैसी नहीं होगी.
&amp;nbsp;iPhone 17 Pro अभी भी क्यों खरीदा जा सकता है?
अगर आपको सिर्फ नया मॉडल दिखाने के लिए फोन नहीं खरीदना है, तो iPhone 17 Pro अभी भी एक दमदार विकल्प है. इसमें Pro सीरीज वाला प्रीमियम हार्डवेयर और कैमरा सेटअप मिलता है. इसलिए कम कीमत पर मिलने की वजह से यह उन लोगों के लिए दिलचस्प हो सकता है जो Apple का Pro फोन चाहते हैं लेकिन नए मॉडल पर ज्यादा पैसा खर्च नहीं करना चाहते. वहीं अगर आपके लिए लेटेस्ट चिप, नए कैमरा सुधार और नए फीचर्स ज्यादा जरूरी हैं, तो iPhone 18 Pro पर जाना ज्यादा सही रहेगा. Apple के मुताबिक iPhone 18 Pro में A20 Pro चिप और नया vapor chamber भी दिया गया है.
&amp;nbsp;खरीदने से पहले बस ये हिसाब जरूर लगा लें
इस डील को लेने से पहले सबसे पहले अपने पुराने फोन की एक्सचेंज वैल्यू चेक करें. इसके बाद देखें कि आपके कार्ड पर बैंक कैशबैक लागू है या नहीं और एक्सचेंज बोनस की शर्तें क्या हैं. अगर इन सभी फायदों के बाद कीमत आपके बजट में आ रही है, तभी डील लेना फायदेमंद रहेगा. दूसरी तरफ अगर आपके पास एक्सचेंज करने के लिए फोन नहीं है, तो ₹69,990 वाली कीमत आपके लिए लागू नहीं होगी. ऐसे में iPhone 17 Pro और नए iPhone 18 Pro की कीमत और फीचर्स की तुलना करके फैसला लेना बेहतर रहेगा.
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&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 13:30:09 +0530</pubDate>
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        <title>iPhone Duo सबसे सस्ता कहां? जानें US और Dubai में भारत से कितना फर्क</title>
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        <description><![CDATA[ Apple ने आखिरकार अपना पहला फोल्डेबल iPhone लॉन्च कर दिया है. कंपनी ने इसे iPhone Duo नाम दिया है और इसके साथ Apple ने फोल्डेबल स्मार्टफोन की दुनिया में कदम रखा है. फोन की शुरुआती कीमत ने भारत में काफी चर्चा पैदा कर दी है. ऐसे में सवाल उठता है कि iPhone Duo को भारत, अमेरिका, दुबई और हांगकांग में से कहां खरीदना सबसे सस्ता पड़ेगा? आइए जानते हैं पूरा जोड-गणित.
अमेरिका में सबसे कम कीमत
आपको बता दें कि अमेरिका में iPhone Duo की शुरुआती कीमत 1,999 डॉलर है जो भारतीय रूपये में करीब 1.90 लाख रुपये होती है. हालांकि अमेरिका में Apple की बताई कीमत में लोकल सेल्स टैक्स शामिल नहीं होता है इसलिए खरीदारी के समय फाइनल पेमेंट राज्य के हिसाब से कुछ बढ़ सकती है. फिर भी भारतीय शुरुआती कीमत के मुकाबले में अमेरिका में यही मॉडल काफी सस्ता दिखाई देता है.
दुबई में भी मिल सकता है बड़ा फायदा
वहीं, दुबई यानी UAE की बात करें तो iPhone Duo के 256GB मॉडल की कीमत 8,499 UAE दिरहम बताई गई है. भारतीय रुपये में ये करीब 2.2 लाख रुपये होती है. यानी यहां भी फोन भारत की कीमत से काफी कम पड़ता है.
दुबई से iPhone खरीदने का एक फायदा ये भी है कि भारत के मुकाबले कई Apple डिवाइस वहां कम कीमत पर मिलते हैं. हालांकि विदेश से फोन लाने पर टैक्स और कस्टम नियमों को ध्यान में रखना जरूरी है.
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हांगकांग में कैसी है कीमत?
हांगकांग में 256GB iPhone Duo की कीमत 17,499 हांगकांग डॉलर बताई गई है जो भारतीय रुपये में करीब 2.12 लाख रुपये होती है. इस लिहाज से हांगकांग भी भारत के मुकाबले में ये फोन काफी सस्ते में बेच रहा है.
भारत में कितनी है iPhone Duo की कीमत
जानकारी के मुताबिक, भारत में iPhone Duo की शुरुआती कीमत 2,99,900 रुपये रखी गई है. ये कीमत 256GB स्टोरेज वाले मॉडल की है. वहीं, इसके 512GB वेरिएंट की कीमत 3,24,900, 1TB वेरिएंट की कीमत 3,74,900 और टॉप वेरिएंट 2TB की कीमत 4,49,900 रुपये रखी है. इसका मतलब साफ है कि भारतीय यूजर्स के लिए Apple का पहला फोल्डेबल फोन प्रीमियम स्मार्टफोन से कहीं आगे निकलकर लग्जरी सेगमेंट में पहुंच गया है.
तो सबसे सस्ता iPhone Duo कहां?
इस हिसाब से देखा जाए तो अमेरिका में iPhone Duo को सबसे कम कीमत में खरीदा जा सकता है. इसके बाद हांगकांग और दुबई जैसे बाजार आते हैं जबकि भारत में इसकी कीमत सबसे ज्यादा है. भारत और अमेरिका के बीच शुरुआती कीमत का अंतर करीब 1 लाख रुपये तक पहुंच जाता है.
हालांकि, आपको बता दें कि विदेश से फोन खरीदते समय केवल कीमत देखना काफी नहीं होता है. लोकल टैक्स, कस्टम ड्यूटी, वारंटी, नेटवर्क बैंड और SIM सपोर्ट जैसी चीजों को भी ध्यान में रखना चाहिए.
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 13:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>iPhone 18 Pro: हर टाइम जोन में कब शुरू होगा प्री&amp;ऑर्डर? यहां देखें पूरी लिस्ट</title>
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        <description><![CDATA[ स्मार्टफोन मार्केट में इस समय नए डिजाइन, कैमरा और नई टेक्नोलॉजी वाले फोन को लेकर काफी चर्चा है. Apple भी अपने नए iPhone मॉडल लगातार लांच कर रहा है. कंपनी ने अब iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max को लॉन्च कर दिया है, जिसके बाद लोगों की नजर इसकी बिक्री और प्री-ऑर्डर पर है. खास बात यह है कि अलग-अलग देशों में iPhone की बुकिंग एक ही समय पर शुरू होती है, लेकिन टाइम जोन अलग होने की वजह से वहां घड़ी में समय अलग दिखाई देता है. ऐसे में जानिए कि भारत में कितने बजे, अमेरिका में कितने बजे और दूसरे देशों में कब प्री-ऑर्डर शुरू होगा.
भारत में कब शुरू होगा प्री-ऑर्डर?
भारत में iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max के प्री-ऑर्डर 12 सितंबर 2026 को शाम 5:30 बजे से शुरू हो गए हैं. भारतीय ग्राहक Apple की वेबसाइट और Apple Store ऐप के जरिए फोन की बुकिंग कर सकेंगे. अगर आप नया iPhone खरीदने का प्लान बना रहे हैं तो प्री-ऑर्डर शुरू होने से पहले ही अपना Apple अकाउंट, पेमेंट और डिलीवरी से जुड़ी जानकारी तैयार रखना बेहतर रहेगा. इससे बुकिंग के समय ज्यादा परेशानी नहीं होगी और पसंद का मॉडल चुनना भी आसान रहेगा.
अमेरिका में सुबह अलग-अलग समय पर खुलेगी बुकिंग
अमेरिका में iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max प्री-ऑर्डर 12 सितंबर को सुबह 5 बजे Pacific Time से शुरू होगा। इसके बाद Mountain Time में सुबह 6 बजे, Central Time में सुबह 7 बजे और Eastern Time में सुबह 8 बजे बुकिंग खुलेगी. यानी अमेरिका के चार प्रमुख टाइम जोन में समय अलग रहेगा, लेकिन तारीख 12 सितंबर ही होगी.
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&amp;nbsp;UK, France और यूरोप में दोपहर में शुरू होगी बुकिंग
UK में iPhone 18 Pro का प्री-ऑर्डर दोपहर 1 बजे BST से शुरू होगा. France और Central European Time वाले देशों में करीब 2 बजे बुकिंग खुलेगी. वहीं Eastern European Time वाले कुछ देशों में यह समय करीब 3 बजे रहेगा. इसलिए यूरोप के हर देश में स्थानीय घड़ी का समय उसके टाइम जोन के हिसाब से अलग हो सकता है.
&amp;nbsp;China और Japan में शाम-रात को खुलेगा प्री-ऑर्डर
China और Hong Kong में प्री-ऑर्डर स्थानीय समय के हिसाब से करीब रात 8 बजे शुरू होगा, जबकि Japan में रात 9 बजे बुकिंग खुलेगी. यानी भारत में शाम 5:30 बजे शुरू होने वाली बुकिंग एशिया के दूसरे हिस्सों में शाम से रात के समय दिखाई देगी. इससे पता चलता है कि अलग-अलग देशों में एक ही ग्लोबल लॉन्च का समय स्थानीय टाइम जोन के कारण बदल जाता है.
&amp;nbsp;Australia में रात को बुकिंग, 18 सितंबर से बिक्री
Australia के कुछ प्रमुख शहरों में प्री-ऑर्डर स्थानीय समय के हिसाब से रात करीब 10 बजे या उसके आसपास शुरू हो सकता है. इसके बाद iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max की बिक्री 18 सितंबर 2026 से शुरू होगी. भारत में ग्राहक इसे सुबह 8 बजे से खरीद सकेंगे. यानी 12 सितंबर को अलग-अलग टाइम जोन में प्री-ऑर्डर खुलने के बाद 18 सितंबर से फोन की बिक्री शुरू होगी.
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&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 13:30:07 +0530</pubDate>
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        <title>आपकी मुस्कान बता सकती है ओरल हेल्थ का हाल, इसे कैसे ठीक करें?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/आपकी-मुस्कान-बता-सकती-है-ओरल-हेल्थ-का-हाल-इसे-कैसे-ठीक-करें</link>
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        <description><![CDATA[ सुबह उठकर ब्रश करना हमारी रोज की आदत है, लेकिन क्या हम अपने दांतों और मसूड़ों की सेहत पर उतना ही ध्यान देते हैं? अक्सर दांतों की सफाई को सिर्फ अच्छी स्माइल से जोड़कर देखा जाता है. जबकि ओरल हेल्थ का असर हमारे पूरे जीवन पर पड़ता है. दांतों में दर्द, बदबू या मसूड़ों की परेशानी की वजह से कई लोग लोगों के सामने खुलकर हंसने और बात करने से भी कतराते हैं. इसलिए दांतों की देखभाल सिर्फ दिखावे के लिए नहीं, बल्कि अच्छी सेहत और आत्मविश्वास के लिए भी जरूरी है.
दांतों को लेकर झिझक बदल सकती है आपकी सोशल लाइफ
कई लोगों को अपने दांतों का रंग, आकार या उनकी बनावट पसंद नहीं आती. इसका असर उनकी रोजमर्रा की बातचीत पर भी दिखाई देता है. कुछ लोग फोटो में कम मुस्कुराते हैं तो कुछ हंसते समय अपने मुंह पर हाथ रख लेते हैं. ऐसी छोटी-छोटी झिझक धीरे-धीरे कॉन्फिडेंस को प्रभावित करती है. दांतों से जुड़ी परेशानी होने पर डेंटिस्ट से सलाह लेकर उसकी वजह और सही इलाज का पता लगाया जाता है. जरूरत के अनुसार, दांतों की सफाई, अलाइनमेंट या दूसरे ट्रीटमेंट किए जाते हैं. लेकिन अच्छी स्माइल का मतलब बिल्कुल सफेद या फिल्मी सितारों जैसी स्माइल होना नहीं है. दांत साफ, मसूड़े स्वस्थ और मुस्कान नेचुरल हो, यही ज्यादा जरूरी है.
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मसूड़ों की परेशानी को हल्के में न लें
अगर ब्रश करते समय कभी-कभार मसूड़ों से खून आ जाए तो कई लोग इसे सामान्य समझकर छोड़ देते हैं. लेकिन अगर ऐसा बार-बार होता है, तो डेंटिस्ट से जांच करवाना जरूरी है. इसी तरह लंबे समय तक मुंह से बदबू आना, मसूड़ों में सूजन, दांतों में दर्द या ठंडा-गरम लगना भी ओरल हेल्थ से जुड़ी परेशानी का संकेत हो सकता है. मुंह की सेहत का संबंध शरीर की बाकी सेहत से भी देखा गया है. इसलिए दांतों की समस्या को केवल कॉस्मेटिक परेशानी समझना सही नहीं है. समय पर जांच और इलाज से कई समस्याओं को आगे बढ़ने से रोका जाता है.
रोज की आदतों से भी सुधरती है स्माइल
हेल्दी दांतों के लिए सबसे जरूरी चीज महंगा ट्रीटमेंट नहीं, बल्कि रोज की सही आदतें हैं. दिन में दो बार फ्लोराइड वाले टूथपेस्ट से ब्रश करें और दांतों के बीच जमा गंदगी की सफाई भी करें. बहुत ज्यादा मीठा खाने और दिनभर मीठे ड्रिंक्स पीने की आदत दांतों को नुकसान पहुंचाती है. खाने के बाद पानी पीना और समय-समय पर डेंटल चेकअप करवाना भी फायदेमंद रहता है. आज डेंटिस्ट दांतों की जांच और ट्रीटमेंट की प्लानिंग के लिए डिजिटल स्कैन जैसी नई तकनीकों का इस्तेमाल करते हैं. इससे इलाज को ज्यादा सही तरीके से प्लान किया जाता है. लेकिन आखिर में सबसे जरूरी बात यही है कि आपकी स्माइल सिर्फ देखने में अच्छी नहीं, बल्कि अंदर से भी हेल्दी हो. जब दांत और मसूड़े स्वस्थ होते हैं, तो मुस्कुराने में झिझक भी कम होती है.
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 13:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>आपकी, मुस्कान, बता, सकती, है, ओरल, हेल्थ, का, हाल, इसे, कैसे, ठीक, करें</media:keywords>
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        <title>Zomato पर खाना ऑर्डर करना हुआ और महंगा, कैश पेमेंट पर लगेगा एक्स्ट्रा चार्ज</title>
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        <description><![CDATA[ अगर आप भी Zomato से खाना ऑर्डर करते समय ऑनलाइन पेमेंट के बजाय कैश में पेमेंट करना पसंद करते हैं, तो अब आपको इसके लिए ज्यादा रकम देने पड़ सकते हैं. कंपनी ने कैश ऑन डिलीवरी यानी CoD से ऑर्डर करने वाले ग्राहकों से एक्स्ट्रा चार्ज लेना शुरू कर दिया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह चार्ज काम से कम 5 रुपए है, जबकि कुछ जगहों पर यह रकम करीब 20 रुपये तक पहुंच रही है. ऐसे में आइए जानते हैं Zomato के इस नए चार्ज से जुड़ी खास बातें.
कैश ऑन डिलीवरी पर कितना लगेगा चार्ज?
Zomato ने Cosh on Delivery (CoD) वाले कुछ ऑर्डर पर एक्स्ट्रा चार्ज लेना शुरू किया है. कई सोशल मीडिया यूजर्स ने इस चार्ज की जानकारी शेयर की है.इस चार्ज की शुरुआती कीमत काम से कम 5 रुपए बताया जा रहा है. वहीं कुछ ग्राहकों के मुताबिक, अलग-अलग जगहों पर यह चार्ज करीब 20 रुपए है. यानी ऑनलाइन पेमेंट के बजाय कैश में पेमेंट करना अब आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है.&amp;nbsp;
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खाने के ऑर्डर पर पहले से लगते हैं ये चार्ज
Zomato से खाना ऑर्डर करते समय सिर्फ खाने की कीमत ही नहीं चुकानी पड़ सकती है, बल्कि ऑर्डर के हिसाब से कई दूसरे चार्ज भी बिल में जुड़ सकते हैं.&amp;nbsp;

डिलीवरी चार्ज
प्लेटफॉर्म फीस
खाने के सामान पर GST
डिलीवरी पार्टनर फीस पर GST
प्लेटफॉर्म फीस पर GST
रेस्टोरेंट पैकिंग चार्ज
कैश ऑन डिलीवरी का एक्स्ट्रा चार्ज&amp;nbsp;

Zomato ने पहले भी बढ़ाई थी प्लेटफॉर्म फीस
दरअसल, Zomato ने अपनी कमाई बढ़ाने के लिए इस साल मार्च में प्लेटफॉर्म फीस में बढ़ोतरी की थी. यह चार्ज 12.50 रुपए से बढ़ाकर 14.90 रुपए कर दिया गया था. फिलहाल कंपनी के मोबाइल ऐप पर मौजूदा जानकारी के मुताबिक, प्लेटफॉर्म फीस 14.99 रुपये (GST को छोड़कर) दिखाई जा रही है.
Swiggy और Zepto पर क्या है हाल?
Zomato के मुकाबले Swiggy ने अभी तक कैश ऑन डिलीवरी ऑर्डर के लिए अलग से ऐसा चार्ज लगाने की शुरुआत नहीं की है. वहीं, क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म Zepto पे भी कुछ ग्राहकों ने कैश पेमेंट वाले ऑर्डर पर 25 रुपये तक अतिरिक्त चार्ज जोड़ने का आरोप लगाया है. हालांकि, इस नए CoD चार्ज को लेकर Zomato की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 12:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>आज कितने रुपए लीटर हुआ पेट्रोल और डीजल? देखें ताजा रेट लिस्ट</title>
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        <description><![CDATA[ देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर हर दिन लोगों की नजर बनी रहती है. खासकर गाड़ी चलाने वाले लोगों के लिए पेट्रोल-डीजल के दाम में होने वाला छोटा बदलाव भी बजट पर असर डालता है. ऐसे में अगर आप भी आज अपनी गाड़ी में पेट्रोल या डीजल भरवाने जा रहे हैं तो पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर जान लें.
आज 13 सितंबर 2026 को देश के खास- खास शहरों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई बदलाव देखने को नहीं मिला है. हालांकि अलग-अलग राज्यों में टैक्स और शुल्क के कारण ईंधन की कीमतें अलग रहती हैं.
दिल्ली में क्या है भाव?राजधानी दिल्ली में आज पेट्रोल की कीमत करीब 102.12 रुपए प्रति लीटर है. वहीं डीजल के लिए लोगों को करीब 95.20 रुपए प्रति लीटर चुकाने पड़ रहे हैं.
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मुंबई में कितना है दाम?मुंबई में पेट्रोल की कीमत दिल्ली के मुकाबले ज्यादा है. यहां आज पेट्रोल करीब 111.21 रुपए प्रति लीटर और डीजल करीब 97.83 प्रति लीटर बिक रहा है.
कोलकाता में आज का रेट क्या है?कोलकाता की बात करें तो यहां आज पेट्रोल करीब 113.51 रुपए प्रति लीटर है. वहीं डीजल की कीमत करीब 99.82 रुपए प्रति लीटर बनी हुई है.
चेन्नई में पेट्रोल-डीजल का भावचेन्नई में आज पेट्रोल करीब 107.77 रुपए प्रति लीटर और डीजल करीब 99.55 रुपए प्रति लीटर है.
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क्यों अलग-अलग होते हैं दाम?पेट्रोल और डीजल की कीमत हर शहर में एक जैसी नहीं होती है. इसके पीछे राज्य सरकारों के टैक्स, स्थानीय शुल्क, ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट और कच्चे तेल की कीमत जैसे कई कारण होते हैं. यही वजह है कि दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों में पेट्रोल-डीजल के रेट में अंतर देखने को मिलता है.
कैसे चेक कर सकते हैं पेट्रोल-डीजल का रेट?तेल कंपनियों की ओर से पेट्रोल और डीजल की कीमतों को रोज अपडेट किया जाता है. ऐसे में पेट्रोल और डीजल के ताजा दाम आप इंडियन ऑयल की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर या एक एसएमएस भेजकर चेक कर सकते हैं. ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 12:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>गैस सिलेंडर के दाम पर आज आया बड़ा अपडेट, जानें आपके शहर में LPG का नया रेट</title>
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        <description><![CDATA[ देशभर में करोड़ों परिवार खाना बनाने के लिए एलपीजी सिलेंडर का इस्तेमाल करते हैं. ऐसे में हर महीने गैस सिलेंडर के दाम में होने वाले बदलाव पर लोगों की नजर रहती है. अगर आप भी आज एलपीजी सिलेंडर बुक करने वाले हैं तो आपके लिए आज के रेट की पूरी जानकारी जरूरी है.
आज 13 सितंबर 2026 को घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई नया बदलाव नहीं हुआ है. यानी ग्राहकों को फिलहाल पिछले रेट पर ही 14.2 किलो का घरेलू गैस सिलेंडर मिल रहा है. नोएडा में आज घरेलू एलपीजी सिलेंडर का भाव 939.50 रुपए है.&amp;nbsp;
दिल्ली में आज गैस सिलेंडर कितने का है?राजधानी दिल्ली में आज 14.2 किलो घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 942 रुपए है. यानी दिल्ली में गैस सिलेंडर नोएडा के मुकाबले थोड़ा महंगा है. &amp;nbsp;
आज कितने रुपए लीटर हुआ पेट्रोल और डीजल? देखें ताजा रेट लिस्ट
नोएडा में आज एलपीजी सिलेंडर का रेटनोएडा में 14.2 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत आज 939.50 रुपए है. सितंबर महीने में अब तक इस कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ है. उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक 1 सितंबर से 12 सितंबर तक भी नोएडा में एलपीजी का रेट 939.50 रुपए ही रहा है. &amp;nbsp;
मुंबई में एलपीजी का आज का भावमुंबई में आज घरेलू एलपीजी सिलेंडर 941.50 रुपए में मिल रहा है. फिलहाल यहां भी घरेलू गैस की कीमत में कोई नया बदलाव नहीं हुआ है.
कोलकाता में एलपीजी सिलेंडर का रेटकोलकाता में 14.2 किलो घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत आज 968 रुपए है. ये दिल्ली और मुंबई के मुकाबले ज्यादा है. &amp;nbsp;
चेन्नई में आज एलपीजी का भावचेन्नई में घरेलू एलपीजी सिलेंडर आज 957.50 रुपए में मिल रहा है. यहां भी फिलहाल कीमत स्थिर बनी हुई है. &amp;nbsp;
Zomato पर खाना ऑर्डर करना हुआ और महंगा, कैश पेमेंट पर लगेगा एक्स्ट्रा चार्ज
क्या आज एलपीजी सिलेंडर सस्ता हुआ?आज घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम में कोई नई कटौती नहीं हुई है. इसलिए अगर आप 200 रुपए की कटौती वाली खबरें देख रहे हैं तो ये 19 किलो कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर से जुड़ी हो सकती हैं. अगस्त में कमर्शियल एलपीजी की कीमत में 200 रुपए से ज्यादा की कटौती हुई थी, लेकिन घरेलू एलपीजी के रेट में उस समय बदलाव नहीं किया गया था. &amp;nbsp;
 ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 12:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>सहारा अब किसके कब्जे में है, कौन लौटा रहा है निवेशकों के पैसे?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/सहारा-अब-किसके-कब्जे-में-है-कौन-लौटा-रहा-है-निवेशकों-के-पैसे</link>
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        <description><![CDATA[ एक समय था जब देश के घर-घर में सहारा इंडिया का नाम जाना जाता था. छोटे शहरों और गांवों के लाखों लोगों ने सहारा की अलग-अलग योजनाओं में अपना पैसा लगाया था. लोगों को उम्मीद थी कि जरूरत के समय उनका पैसा वापस मिल जाएगा.
लेकिन समय के साथ सहारा की मुश्किलें बढ़ती गईं. निवेशकों के पैसे को लेकर मामला अदालत तक पहुंचा और धीरे-धीरे कंपनी का कारोबार भी कमजोर होता चला गया. आज भी लाखों लोगों का पैसा सहारा से जुड़ा हुआ है और लोग ये जानना चाहते हैं कि आखिर उनका पैसा कब वापस मिलेगा. साथ ही सवाल ये भी है कि सुब्रत रॉय के जाने के बाद सहारा अब किसके पास है और निवेशकों को पैसा कौन लौटा रहा है?
सुब्रत रॉय के बाद सहारा का क्या हुआ?सहारा इंडिया के संस्थापक सुब्रत रॉय का नवंबर 2023 में निधन हो गया था. उनके जाने के बाद ये सवाल उठने लगा कि अब सहारा का क्या होगा. लेकिन ऐसा नहीं है कि सुब्रत रॉय के निधन के बाद पूरा सहारा किसी एक व्यक्ति या कंपनी के हाथ में चला गया है.
सहारा की अलग-अलग कंपनियां और उनकी संपत्तियां अलग-अलग कानूनी मामलों में हैं. यानी आज की तारीख में ऐसा नहीं कहा जा सकता है कि सहारा अब फलां व्यक्ति के कब्जे में है.&amp;nbsp;
गैस सिलेंडर के दाम पर आज आया बड़ा अपडेट, जानें आपके शहर में LPG का नया रेट
क्या अडाणी ने खरीद लिया पूरा सहारा?दरअसल साल 2025 में सहारा की तरफ से अपनी कुछ बड़ी संपत्तियों को अडाणी प्रॉपर्टीज को बेचने का प्रस्ताव सामने आया था. इसमें करीब 88 संपत्तियों की बात कही गई थी.
इन संपत्तियों में महाराष्ट्र की एंबी वैली और लखनऊ की सहारा सिटी जैसी बड़ी प्रॉपर्टी भी शामिल बताई गई थीं. कुछ संपत्तियों को बेचने का प्रस्ताव और पूरा सहारा ग्रुप खरीद लेना, दोनों अलग बातें हैं. तो हां, अडाणी ने सहारा नहीं खरीदा है.&amp;nbsp;
फिर निवेशकों का पैसा कौन लौटा रहा है?सहारा में जिन लोगों का पैसा फंसा है, उनके लिए रिफंड का प्रोसेस सरकार और अदालत के निर्देशों के अनुसार चल रहा है. खासकर सहारा की चार को-ऑपरेटिव सोसायटियों में पैसा लगाने वाले लोगों के लिए सरकार ने CRCS-सहारा रिफंड पोर्टल शुरू किया है. इस पोर्टल से जमाकर्ता अपने पैसे के लिए दावा कर सकते हैं. उनके डॉक्यूमेंट्स और रिकॉर्ड की जांच के बाद पैसा वापस कर दिया जाता है.
CRCS-सहारा रिफंड पोर्टल क्या है?सरकार ने जुलाई 2023 में CRCS-सहारा रिफंड पोर्टल शुरू किया था. इसका मकसद सहारा की चार को-ऑपरेटिव सोसायटियों में पैसा जमा करने वाले लोगों को उनका पैसा वापस दिलाना है.
चार को- ऑपरेटिव सोसायटियों ये हैं-

सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड
सहारायन यूनिवर्सल मल्टीपर्पज सोसायटी लिमिटेड&amp;nbsp;
हमारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड
स्टार्स मल्टीपरपज कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड

आज कितने रुपए लीटर हुआ पेट्रोल और डीजल? देखें ताजा रेट लिस्ट
क्या सहारा खुद पैसा लौटा रहा है?रिफंड की प्रोसेस ऐसा नहीं है कि सीधे सहारा कंपनी ने पैसे निकाले और लोगों को लौटा दिए. सहारा से जुड़े पैसों और संपत्तियों को लेकर अदालत और सरकारी एजेंसियों ने निगरानी रखी है. ऐसे में सारे जांच के बाद ही निवेशकों को पैसा वापस किया जा रहा है. यानी निवेशकों का पैसा वापस दिलाने में CRCS, SEBI और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों अहम किरदार निभा रहे हैं.
पैसा कब तक मिलेगा?रिफंड का प्रोसेस अभी चल ही रहा है और हर निवेशक को एक ही तारीख पर पूरा पैसा नहीं मिल सकता है. पहले ये देखा जाता है कि व्यक्ति का दावा सही है या नहीं, उसके डॉक्यूमेंट्स ठीक हैं या नहीं और वो रिफंड के नियम में आते हैं या नहीं. इसके बाद ही पेमेंट किया जाता है.
इसलिए अगर आपका पैसा सहारा में फंसा है तो सिर्फ सोशल मीडिया पर चल रही खबरों पर भरोसा करने के बजाय आधिकारिक रिफंड प्रोसेस की जानकारी लेना चाहिए.
 ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 12:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>सहारा, अब, किसके, कब्जे, में, है, कौन, लौटा, रहा, है, निवेशकों, के, पैसे</media:keywords>
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        <title>IAF अग्निवीर वायु सिटी स्लिप 2026 जारी,  22&amp;23 सितंबर को होगी परीक्षा</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/iaf-अग्निवीर-वायु-सिटी-स्लिप-2026-जारी-22-23-सितंबर-को-होगी-परीक्षा</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/iaf-अग्निवीर-वायु-सिटी-स्लिप-2026-जारी-22-23-सितंबर-को-होगी-परीक्षा</guid>
        <description><![CDATA[ भारतीय वायुसेना ने अग्निवीर वायु इनटेक 02/2027 और एयरमैन मेडिकल असिस्टेंट इनटेक 02/2027 के लिए एग्जाम सिटी इंटीमेशन स्लिप जारी कर दी है. जिन उम्मीदवारों ने इस भर्ती के लिए सफलतापूर्वक आवेदन किया था. वह अपने कैंडिडेट लॉगिन के जरिए परीक्षा शहर की जानकारी चेक कर सकते हैं. सिटी स्लिप भारतीय वायु सेना के आधिकारिक भर्ती पोर्टल पर उपलब्ध कराई गई है.
अग्निवीर वायु इनटेक 02/2027 की ऑनलाइन परीक्षा 22 और 23 सितंबर 2026 को आयोजित की जाएगी. वहीं उम्मीदवारों को यह भी जानना होगा कि सिटी इंटीमेशन स्लिप एडमिट कार्ड नहीं है. परीक्षा में शामिल होने के लिए एडमिट कार्ड अलग से जारी किया जाएगा.&amp;nbsp;
48 से 72 घंटे पहले जारी होगा एडमिट कार्ड&amp;nbsp;
भारतीय वायु सेना ने एडमिट कार्ड जारी करने की कोई अलग तारीख घोषित नहीं की है. ऑफिशियल पोर्टल पर दी गई जानकारी के अनुसार उम्मीदवारों के लिए एडमिट कार्ड परीक्षा की तारीख से 48 से 72 घंटे पहले कैंडिडेट लॉगिन के जरिए डाउनलोड करने के लिए उपलब्ध होगा. जिसका मतलब है कि 22 और 23 सितंबर को होने वाली परीक्षा के लिए उम्मीदवारों को परीक्षा से एक या दो दिन पहले अपने लॉगिन में जाकर एडमिट कार्ड डाउनलोड करना होगा.&amp;nbsp;
ऐसे डाउनलोड करें IAF अग्निवीर वायु सिटी स्लिप&amp;nbsp;

सिटी स्लिप डाउनलोड करने के लिए सबसे पहले भारतीय वायुसेना के भर्ती पोर्टल पर जाए.
इसके बाद वेबसाइट पर कैंडिडेट लॉगिन सेक्शन खोलें.
यहां अग्नि वीर वायु इनटेक 02/2027 के एग्जाम डेट और एग्जाम सिटी से संबंधित लिंक पर क्लिक करें.&amp;nbsp;
अब अपनी यूजर आईडी, पासवर्ड और जरूरत के अनुसार कैप्चा दर्ज करें.
लॉगिन करने के बाद एग्जाम सिटी स्लिप स्क्रीन पर दिखाई देगी, इसे डाउनलोड करके भविष्य के लिए सुरक्षित रख लें.

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क्या है परीक्षा पैटर्न?
अग्निवीर वायु भर्ती का पहला चरण ऑनलाइन टेस्ट है. इसमें ऑब्जेक्टिव टाइप सवाल पूछे जाएंगे. परीक्षा में अंग्रेजी को छोड़कर सवाल हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में होंगे. उम्मीदवारों को प्रत्येक पेपर में अलग-अलग क्वालीफाई करना होगा और इसके लिए नॉर्मलाइज्ड मार्क्स का इस्तेमाल किया जाएगा. साइंस सब्जेक्ट वाले उम्मीदवारों के लिए परीक्षा की अवधि 60 मिनट होगी. इसमें फिजिक्स, मैथमेटिक्स और इंग्लिश से प्रश्न होंगे. साइंस कैटेगरी के अलावा परीक्षा 45 मिनट की होगी और इसमें इंग्लिश, रीजनिंग और जनरल अवेयरनेस शामिल होंगे. वहीं साइंस और साइंस के अलावा दोनों विषयों के लिए परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों को 85 मिनट मिलेंगे. इसमें फिजिक्स, मैथमेटिक्स, इंग्लिश और रीजनिंग एंड जनरल अवेयरनेस के सवाल पूछे जाएंगे.
भर्ती में आगे क्या होगा?
अग्निवीर वायु भर्ती की चयन प्रक्रिया में ऑनलाइन सीबीटी के बाद फिजिकल फिटनेस टेस्ट, एडेप्टेबिलिटी टेस्ट, मेडिकल एग्जामिनेशन और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन शामिल है. यह अभियान में अग्निवीर इनटेक 02/2027 के तहत चलाया जा रहा है. वहीं उम्मीदवारों को आयोग ने यह भी सलाह दी कि सिटी स्लिप डाउनलोड करने के बाद उसमें दी गई परीक्षा के शहर की जानकारी देखें. जिससे उन्हें परीक्षा के लिए ट्रैवल करने से जुड़ी जरूरी जानकारी देखने में मदद मिलेगी.
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 06:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>IAF, अग्निवीर, वायु, सिटी, स्लिप, 2026, जारी,  22-23, सितंबर, को, होगी, परीक्षा</media:keywords>
    </item>
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        <title>किस राज्य में कितनी बढ़ीं MBBS की सीटें? जानें टॉप&amp;5 राज्यों के नाम</title>
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        <description><![CDATA[ नीट यूजी 2026 काउंसलिंग के बीच मेडिकल उम्मीदवारों के लिए एमबीबीएस सीटों को लेकर बाद अपडेट सामने आया है. नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने 2026-27 शैक्षणिक सत्र के लिए देशभर में 13,186 नई मेडिकल सीटों को मंजूरी दी है. इसके साथ ही देश में कुल स्वीकृत एमबीबीएस सीटों की संख्या बढ़कर 1,40,214 हो गई है. इससे पहले सीटों की संख्या 1,27,028 थी.
नई सीटों का फायदा देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में समान रूप से नहीं मिला है. कुल राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में से 27 में सीटें बढ़ाई गई है, जबकि 7 जगह पर सीटों की संख्या में कोई बदलाव नहीं हुआ. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि किस राज्य में कितनी एमबीबीएस सीटें बढ़ाई गई है और इनमें टॉप राज्य कौन से हैं.&amp;nbsp;
कर्नाटक में सबसे ज्यादा सीटों का इजाफा&amp;nbsp;
नई सीटों के मामले में कर्नाटक सबसे आगे हैं. यहां एमबीबीएस की 1,650 सीटें बढ़ाई गई है. इसके बाद राज्य में कुल एमबीबीएस सीटों की संख्या 15,745 हो गई. यह सीटें मेडिकल 76 कॉलेजों में है. कर्नाटक के बाद तमिलनाडु का नंबर आता है. राज्य में 1250 नहीं सीटें जोड़ी गई है और कुल सीटों की संख्या बढ़कर 14,299 हो गई. तीसरे स्थान पर बिहार है, जहां एमबीबीएस की 1240 सीटें बढ़ी है. इसके बाद राज्य में कुल 4,660 सीटें हो गई. वहीं उत्तर प्रदेश में एमबीबीएस की 1200 सीटों का इजाफा हुआ है. नई सीटों के बाद यूपी में एमबीबीएस सीटों की संख्या 14,400 हो गई है.&amp;nbsp;
टॉप 5 में राजस्थान भी शामिल&amp;nbsp;
एमबीबीएस सीटों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी वाले राज्यों की लिस्ट में राजस्थान पांचवें स्थान पर है. यहां 1,100 नई सीट जोड़ी गई है और कुल एमबीबीएस सीटों की संख्या 8,280 हो गई. इन पांच राज्यों को मिलकर ही कुल 6,440 नई एमबीबीएस सीटें जुड़ी है. वहीं कर्नाटक, तमिलनाडु, बिहार और उत्तर प्रदेश में अकेले 5,340 सीटों की बढ़ोतरी हुई है. इसके बाद तेलंगाना में 1,010, पश्चिम बंगाल में 975, महाराष्ट्र में 550, आंध्र प्रदेश में 525 और झारखंड तथा मध्य प्रदेश में 520-520 सीटें बढ़ाई गई है. हरियाणा में 350 और केरल में 300 सीटों को मंजूरी मिली है.&amp;nbsp;
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इन राज्यों में भी बढ़ी एमबीबीएस सीटें&amp;nbsp;
गुजरात में 250, पुडुचेरी और उत्तराखंड में 20- 200, जम्मू कश्मीर में 175 तथा असम, ओडिशा और सिक्किम में 100-100 सीटें बढ़ाई गई है. चंडीगढ़, गोवा, पंजाब और त्रिपुरा में 50-50 सीटों का इजाफा हुआ. मणिपुर में 25 और हिमाचल प्रदेश में केवल 1 सीट बढ़ाई गई है. वहीं दिल्ली, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश, अंडमान और निकोबार दीप समूह तथा दादरा और नगर हवेली में नई सीटों के बढ़ोतरी नहीं हुई है.
नई सीटों में प्राइवेट कॉलेजों की बड़ी हिस्सेदारी&amp;nbsp;
एनएमसी के अपडेटेड सीट मैट्रिक्स के अनुसार बढ़ाई गई 13,186 सीटों में से 10,400 सीटें प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में जोड़ी गई है, जबकि सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 2,786 सीटों की बढ़ोतरी हुई है. नई सीटों के बाद कुल एमबीबीएस सीटों की संख्या 1,40,214 हो गई है. एनएमसी ने काउंसलिंग अथॉरिटीज को यह भी निर्देश दिया है कि एडमिशन केवल स्वीकृत सीट मैट्रिक्स के अनुसार ही किया जाए. अगर सीट मैट्रिक्स में किसी तरह की गड़बड़ी या अंतर दिखता है तो मामला मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड के सामने रखा जाएगा &amp;zwnj;
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 06:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>UPSC में 212 पदों पर सीधी भर्ती, जानें कैसे करें आवेदन?</title>
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        <description><![CDATA[ यूपीएससी ने केंद्र सरकार के अलग-अलग मंत्रालयों, विभागों और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के प्रशासन के तहत अलग-अलग पदों पर सीधी भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. इस भर्ती के जरिए कुल 212 पदों को भरा जाना है. इनमें स्पेशलिस्ट ग्रेड 3, असिस्टेंट प्रोफेसर, असिस्टेंट एडिटर और स्पेशलिस्ट ग्रेड 2 जैसे कई पद शामिल है. इन पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया 12 सितंबर यानी आज से शुरू हो गई है.
उम्मीदवार यूपीएससी के ऑनलाइन पोर्टल के जरिए आवेदन कर सकते हैं. लद्दाख के पद को छोड़कर बाकी सभी पदों के लिए आवेदन की आखिरी तारीख के 2 अक्टूबर 2026 में शाम 6 बजे तक है. वहीं लद्दाख प्रशासन के तहत आने वाले पदों के लिए आवेदन करने की अंतिम तारीख 9 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है.
किन पदों के लिए कितनी वैकेंसी?
इस भर्ती अभियान के तहत कुल 7 अलग-अलग तरह के पदों पर नियुक्ति की जाएगी. स्पेशलिस्ट ग्रेड 3 असिस्टेंट प्रोफेसर के चार पद हैं. यह भर्ती स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के तहत होगी. इस भर्ती इस पद के लिए पे लेवल 11 के तहत एनपीए का प्रावधान है. &amp;nbsp;यूआर-ईडब्ल्यूएस उम्मीदवारों के लिए अधिकतम आयु 40 वर्ष और एससी उम्मीदवारों के लिए 45 वर्ष है. स्पेशलिस्ट ग्रेड 3 असिस्टेंट प्रोफेसर (जनरल मेडिसिन) के सबसे ज्यादा 60 पद है. इनमें पीडब्ल्यूबीडी कैटेगरी के लिए तीन पद आरक्षित है. वहीं असिस्टेंट एडिटर के 2 पद भारतीय खान ब्यूरो, खान मंत्रालय में है. इसके अलावा एनडीएमसी में स्पेशलिस्ट ग्रेड 2 (जूनियर स्केल) एनेस्थिसियोलॉजी और पेडियाट्रिक्स के एक-एक पद हैं. सबसे ज्यादा 140 पद असिस्टेंट पब्लिक प्रॉसिक्यूटर के हैं. यह पर दिल्ली सरकार के गृह विभाग के अभियोजन निदेशालय में है. वहीं लद्दाख प्रशासन के कानून एवं न्याय विभाग में पब्लिक लॉ ऑफिसर के 4 पद है. इस तरह सभी पदों को मिलाकर भर्ती में कुल 212 पद खाली है.
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कैसे करना होगा आवेदन?
आवेदन के लिए उम्मीदवारों को सबसे पहले यूपीएससी के ऑनलाइन पोर्टल and.nic.in पर जाना होगा. आवेदन करने से पहले वेबसाइट पर उपलब्ध जनरल इंस्ट्रक्शन, &amp;nbsp;प्रोफाइल-मॉड्यूल वाइस इंस्ट्रक्शन और डॉक्यूमेंट अपलोड करने से जुड़ी गाइडलाइन पढ़नी होगी. इसके बाद उम्मीदवारों को जरूरी व्यक्तिगत और शैक्षणिक जानकारी भरनी होगी. आवेदन प्रक्रिया में यूनिवर्सल रजिस्ट्रेशन नंबर, कॉमन एप्लीकेशन फॉर्म और संबंधित पद के लिए पोस्ट-वैकेंसी-स्पेसिफिक मॉड्यूल पूरा करना होगा. उम्मीदवारों को जन्म तिथि, कैटेगरी और शैक्षणिक योग्यता जैसे दावों से जुड़े जरूरी डॉक्यूमेंट भी निर्धारित तरीके से जमा करने होंगे.
डॉक्यूमेंट नहीं दिए तो रद्द हो सकती है उम्मीदवारी
यूपीएससी ने स्पष्ट किया है कि कॉमन एप्लीकेशन फॉर्म के साथ मांगी गई जरूरी जानकारी और डॉक्यूमेंट उपलब्ध नहीं कराने पर संबंधित पद के लिए उम्मीदवार की उम्मीदवारी रद्द की जा सकती है. हर पद के लिए शैक्षणिक योग्यता, एक्सपीरियंस, आयु सीमा, वेतन और आरक्षण से जुड़ी शर्तें अलग हो सकती है. इसलिए उम्मीदवारों का आवेदन करने से पहले संबंधित विज्ञापन में अपने पद की एलिजिबिलिटी और दूसरी शर्तों को देखना होगा.
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 06:30:02 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>UPSC, में, 212, पदों, पर, सीधी, भर्ती, जानें, कैसे, करें, आवेदन</media:keywords>
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        <title>Stainless Steel: बर्तन सूखते ही क्यों पड़ जाते हैं सफेद निशान? 2 मिनट में ऐसे चमकाएं</title>
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        <description><![CDATA[ How To Remove White Water Spots From Stainless Steel: स्टील के बर्तन धोने के बाद जब उन्हें देखते हैं तो कई बार उनकी चमक गायब सी लगती है. बर्तन अच्छी तरह धुले हुए होते हैं, फिर भी उन पर छोटे-छोटे गोल निशान, सफेद दाग या पानी की बूंदों के निशान दिखाई देते हैं. खासकर बर्तन सूखने के बाद ये निशान और साफ नजर आते हैं. अगर आपके स्टील के बर्तनों पर भी ऐसा होता है, तो जरूरी नहीं कि बर्तन खराब हो गए हों. अक्सर इसकी वजह पानी में मौजूद मिनरल और बर्तन को धोने या सुखाने का तरीका होता है.
स्टेनलेस स्टील मजबूत होता है और रोजाना इस्तेमाल के बाद भी लंबे समय तक चल सकता है. लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि इसकी सतह पर कभी दाग नहीं आएंगे. पानी सूखने के बाद उसमें मौजूद कुछ मिनरल स्टील की सतह पर रह जाते हैं और यही छोटे-छोटे गोल या सफेद निशान के रूप में दिखाई दे सकते हैं.
पानी सूखने के बाद क्यों बनते हैं गोल निशान?
अगर आपके घर में हार्ड वॉटर यानी ऐसा पानी आता है जिसमें कैल्शियम और दूसरे मिनरल की मात्रा ज्यादा है, तो बर्तन पर पानी के दाग बनने की संभावना अधिक होती है. जब बर्तन धोने के बाद उसकी सतह पर पानी की बूंदें रह जाती हैं और धीरे-धीरे सूखती हैं, तो पानी तो उड़ जाता है लेकिन उसमें मौजूद मिनरल पीछे रह जाते हैं. यही जमा हुआ मिनरल सफेद गोल निशान या हल्की परत जैसा दिखाई देता है. इसी वजह से कई बार बर्तन धोते समय बिल्कुल साफ दिखता है, लेकिन सूखने के कुछ देर बाद उस पर दाग नजर आने लगते हैं.

नमक भी छोड़ सकता है सफेद निशान
स्टील के बर्तन में खाना बनाते समय नमक डालने का तरीका भी फर्क डाल सकता है. अगर सूखे बर्तन में सीधे नमक डाल दिया जाए या ठंडे पानी में नमक डालकर उसे बिना घोले छोड़ दिया जाए, तो नमक बर्तन के नीचे चिपक सकता है और सफेद निशान बना सकता है. बहुत लंबे समय तक ऐसा होने पर स्टील की सतह पर छोटे-छोटे गड्ढे भी बन सकते हैं. इसलिए पानी उबलने के बाद नमक डालना और उसे अच्छी तरह घोलना बेहतर माना जाता है.

डिशवॉशिंग के बाद सफेद परत क्यों दिखती है?
अगर आप स्टील के बर्तनों को डिशवॉशर में साफ करते हैं, तो कभी-कभी उन पर हल्की सफेद या धुंधली परत दिखाई दे सकती है. इसकी वजह पानी में मौजूद मिनरल हो सकते हैं, जो बर्तन धोने और सुखाने के दौरान सतह पर जम जाते हैं.
हालांकि हाथ से बर्तन धोने पर भी ऐसा हो सकता है. अगर साबुन या डिशवॉशिंग लिक्विड पूरी तरह से साफ पानी से नहीं निकला, तो उसका थोड़ा सा हिस्सा स्टील पर रह सकता है. बर्तन सूखने के बाद यह परत चमक को कम कर सकती है और सतह पर दाग जैसी दिखाई दे सकती है. इसलिए बर्तन धोने के बाद सिर्फ पानी डाल देना काफी नहीं है. साबुन अच्छी तरह निकलने तक साफ पानी से धोना जरूरी है.
स्टील पर इंद्रधनुष जैसे निशान भी दिख सकते हैं
कभी-कभी स्टील के बर्तन पर सफेद दाग की जगह नीले, पीले या बैंगनी रंग की हल्की परत दिखाई देती है. यह आमतौर पर ज्यादा गर्मी की वजह से हो सकता है. अगर खाली स्टील के बर्तन को बहुत तेज आंच पर काफी देर तक गर्म किया जाए, तो उसकी सतह पर मौजूद क्रोमियम और ऑक्सीजन के बीच प्रतिक्रिया के कारण ऐसा रंग दिखाई दे सकता है. यह देखने में अजीब जरूर लगता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि बर्तन तुरंत खराब हो गया है.
इन पानी के निशानों को कैसे हटाएं?
अगर स्टील के बर्तन पर सफेद पानी के दाग जमा हो गए हैं, तो उन्हें हटाने के लिए घर में मौजूद सिरके का इस्तेमाल किया जा सकता है. एक बराबर मात्रा में सिरका और पानी लें और इसे बर्तन के उस हिस्से पर डालें जहां निशान हैं. इसे कुछ मिनट के लिए छोड़ दें. इसके बाद मुलायम स्पंज से हल्के हाथ से साफ करें. फिर बर्तन को सामान्य तरीके से धोकर अच्छी तरह सुखा लें. अगर निशान ज्यादा जिद्दी हैं, तो पानी और सिरके के मिश्रण को बर्तन में डालकर हल्का गर्म भी किया जा सकता है. मिश्रण को कुछ देर गर्म करने के बाद आंच बंद कर दें और बर्तन ठंडा होने दें. फिर इसे धोकर अच्छी तरह सुखाएं. स्टील की सतह पर बहुत खुरदुरे स्क्रबर का इस्तेमाल करने से बचें, क्योंकि इससे उस पर खरोंच पड़ सकती है.
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बर्तन पर पानी के दाग दोबारा न पड़ें, इसके लिए क्या करें?
सबसे आसान तरीका है कि बर्तन धोने के बाद उन्हें अपने आप हवा में सूखने के लिए न छोड़ें. साफ और मुलायम कपड़े से बर्तन को तुरंत पोंछकर सुखा दें. इससे पानी की बूंदें सतह पर सूखेंगी नहीं और उनके साथ मिनरल की परत जमने की संभावना भी कम होगी. खाना बनाते समय भी खाली स्टील के बर्तन को बहुत तेज आंच पर गर्म करने से बचें. अगर बर्तन में पानी उबाल रहे हैं, तो नमक पानी उबलने के बाद डालें और उसे अच्छी तरह घोलें. इसके साथ ही बर्तन धोते समय साबुन या क्लीनर की सही मात्रा इस्तेमाल करें और उसे साफ पानी से अच्छी तरह निकालें.
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 05:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Stainless, Steel:, बर्तन, सूखते, ही, क्यों, पड़, जाते, हैं, सफेद, निशान, मिनट, में, ऐसे, चमकाएं</media:keywords>
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        <title>Wall Paint: पेंट फूलकर पपड़ी बनकर गिर रहा है? तुरंत अपनाएं ये उपाय</title>
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        <description><![CDATA[ How To Fix Peeling Paint Due To Wall Moisture: क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि दीवार का ऊपर वाला हिस्सा ठीक रहता है, लेकिन नीचे की तरफ का पेंट जल्दी उखड़ने, फूलने या खराब होने लगता है? घर की सफाई करते समय या फर्नीचर हटाने पर नीचे की दीवार पर पेंट की हालत देखकर यह सवाल जरूर आता है कि आखिर ऐसा क्यों होता है. अगर आपके घर में भी दीवार के निचले हिस्से का पेंट बार-बार खराब हो रहा है, तो इसे सिर्फ पुराने पेंट की समस्या समझकर नजरअंदाज न करें. कई बार इसके पीछे दीवार में मौजूद नमी या सतह से जुड़ी कोई दूसरी समस्या हो सकती है.
पेंट का काम सिर्फ दीवार को सुंदर बनाना नहीं है. वह तभी लंबे समय तक टिका रहता है, जब दीवार की सतह सूखी, साफ और सही तरह से तैयार हो. नीचे के हिस्से में नमी और गंदगी का असर ज्यादा पड़ने की वजह से यहां पेंट ऊपर की तुलना में जल्दी खराब हो सकता है.
नीचे की दीवार में नमी ज्यादा क्यों रहती है?
दीवार के निचले हिस्से में पेंट खराब होने की सबसे आम वजह नमी हो सकती है. जमीन के पास होने के कारण नीचे की दीवार पानी और नमी के संपर्क में ज्यादा आ सकती है. अगर कहीं से पानी दीवार में धीरे-धीरे जा रहा है, तो उसका असर अक्सर निचले हिस्से पर पहले दिखाई देता है. बारिश के पानी का रिसाव, खराब वॉटरप्रूफिंग, बाथरूम या किचन की नमी और पाइप में छिपा हुआ लीकेज इसके पीछे वजह हो सकते हैं. नमी दीवार के अंदर पहुंचने के बाद पेंट की पकड़ कमजोर कर सकती है. धीरे-धीरे पेंट फूलने, उसमें बुलबुले बनने, दरार आने या परत उखड़ने जैसी समस्या दिखाई देने लगती है.

सिर्फ सीलन ही नहीं, पानी के दाग भी संकेत हैं
अगर दीवार के नीचे का पेंट बार-बार खराब हो रहा है, तो आसपास के हिस्से को ध्यान से देखें. क्या वहां दीवार ठंडी या नम महसूस होती है? क्या पेंट के नीचे गहरे रंग के दाग दिखाई दे रहे हैं? क्या सफेद पाउडर जैसी परत जमा हो रही है? ये संकेत बताते हैं कि दीवार के अंदर नमी हो सकती है. कई बार पानी के साथ दीवार में मौजूद लवण सतह तक आ जाते हैं और पानी सूखने के बाद सफेद पाउडर जैसा निशान छोड़ देते हैं. ऐसे में ऊपर से नया पेंट कर देने से समस्या खत्म नहीं होती. कुछ समय बाद पेंट फिर से खराब हो सकता है.
सफाई के दौरान भी नीचे का पेंट प्रभावित होता है
दीवार के निचले हिस्से पर घर की सफाई का असर भी ज्यादा पड़ता है. पोंछा लगाते समय पानी या क्लीनर दीवार के नीचे तक पहुंच सकता है. अगर यह नमी बार-बार बनी रहती है, तो समय के साथ पेंट की सतह कमजोर हो सकती है. इसी तरह बच्चों के हाथ, जूते, फर्नीचर या रोजमर्रा की आवाजाही से नीचे की दीवार पर गंदगी और रगड़ ज्यादा पड़ती है. अगर पहले से पेंट की पकड़ कमजोर है, तो यह छोटी-छोटी चीजें उसकी हालत और खराब कर सकती हैं.

पेंट लगाने से पहले तैयारी सही न हो तो भी समस्या होगी
कई बार पेंट जल्दी खराब होने की वजह पुराना पेंट नहीं, बल्कि पेंटिंग के समय की गई गलती होती है. अगर दीवार को ठीक से साफ किए बिना पेंट कर दिया गया, सतह पर धूल या तेल जमा था, प्लास्टर पूरी तरह सूखा नहीं था या प्राइमर का इस्तेमाल नहीं किया गया, तो नए पेंट की पकड़ कमजोर रह सकती है. खासकर नमी वाली दीवार पर सीधे पेंट कर देना सही तरीका नहीं है. पहले नमी की वजह खत्म करनी होगी. इसके बाद खराब और ढीली पेंट की परत हटाकर सतह को साफ और समतल करना चाहिए.
पुरानी पेंट की कई परतें भी बन सकती हैं वजह
अगर किसी दीवार पर सालों से बार-बार नया पेंट किया जाता रहा है, तो पुरानी परतों की संख्या बढ़ती जाती है. एक समय के बाद ये परतें आपस में अच्छी तरह चिपकी नहीं रहतीं. ऐसे में नीचे की कमजोर परत के साथ ऊपर का पेंट भी उखड़ने लग सकता है. अगर पेंट हाथ लगाने पर पहले से ढीला या फूला हुआ महसूस हो रहा है, तो उसके ऊपर नया पेंट करना समस्या को छिपाएगा, ठीक नहीं करेगा.
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खराब पेंट को सही तरीके से कैसे ठीक करें?
अगर नीचे की दीवार का पेंट उखड़ रहा है, तो सबसे पहले पूरी तरह ढीली और खराब परत को स्क्रेपर या पुट्टी नाइफ की मदद से हटा दें. इसके बाद सतह को हल्का सैंड करके किनारों को बराबर करें, ताकि नया पेंट लगाने के बाद ऊंच-नीच नजर न आए. जहां दरार या छोटे गड्ढे हों, वहां वॉल फिलर या पैचिंग कंपाउंड लगाया जा सकता है. उसके सूखने के बाद सतह को फिर से सैंड करें और धूल साफ कर लें. अगर समस्या नमी की वजह से है, तो प्राइमर और पेंट लगाने से पहले नमी के स्रोत को ठीक करना सबसे जरूरी है. जरूरत के हिसाब से नमी रोकने वाला या स्टेन-ब्लॉकिंग प्राइमर इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके बाद अच्छी क्वालिटी का पेंट लगाएं.
समस्या दोबारा न हो, इसके लिए क्या करें?
दीवार के निचले हिस्से को लंबे समय तक ठीक रखने के लिए सबसे पहले पानी और नमी पर नजर रखें. पाइप में लीकेज हो तो तुरंत ठीक करवाएं. बाथरूम और किचन में वेंटिलेशन सही रखें और सफाई करते समय दीवार के नीचे जरूरत से ज्यादा पानी न लगने दें. अगर बाहरी दीवार से पानी अंदर आ रहा है, तो वॉटरप्रूफिंग और दरारों की जांच करवाएं. फर्नीचर को दीवार से बिल्कुल चिपकाकर रखने के बजाय थोड़ा गैप रखें, ताकि हवा का आना-जाना बना रहे.
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 05:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>White Powder On Walls: दीवार पर जम गया है सफेद पाउडर? तुरंत जान लें सीलन की असली वजह</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/white-powder-on-walls-दीवार-पर-जम-गया-है-सफेद-पाउडर-तुरंत-जान-लें-सीलन-की-असली-वजह</link>
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        <description><![CDATA[ Why White Powder Appears On Interior Walls: क्या आपने कभी दीवार पर सफेद रंग का पाउडर या चॉक जैसा पदार्थ जमा हुआ देखा है? पहली नजर में यह धूल, फफूंदी या खराब हो रहा पेंट लग सकता है. लेकिन कई बार इसकी असली वजह कुछ और होती है. दीवार पर दिखाई देने वाली यह सफेद परत इस बात का संकेत हो सकती है कि दीवार के अंदर कहीं नमी मौजूद है और पानी धीरे-धीरे सतह की ओर आ रहा है.
इस सफेद जमाव को आमतौर पर एफ्लोरेसेंस कहा जाता है. यह तब बनता है जब पानी ईंट, सीमेंट, कंक्रीट या प्लास्टर जैसी छिद्र वाली सतह के अंदर से गुजरता है. इस दौरान पानी अपने साथ इन निर्माण सामग्री में मौजूद घुले हुए लवण यानी नमक को भी ऊपर ले आता है. जब पानी सतह पर पहुंचकर सूख जाता है, तो ये लवण पीछे सफेद पाउडर जैसी परत छोड़ देते हैं. सिर्फ इस सफेद परत को साफ कर देना समस्या का पूरा समाधान नहीं है. असली चिंता उस नमी की है, जिसकी वजह से यह परत बन रही है.
दीवार पर सफेद पाउडर क्यों जमता है?
एफ्लोरेसेंस बनने के लिए मुख्य रूप से तीन चीजों की जरूरत होती है- नमी, घुलनशील लवण और ऐसी निर्माण सामग्री जिसमें पानी अंदर जा सके. अगर ये तीनों चीजें एक साथ मौजूद हैं, तो दीवार पर सफेद दाग या पाउडर दिखाई देना शुरू हो सकता है. इसकी सबसे आम वजह दीवार में पानी का रिसाव हो सकता है. बारिश का पानी अगर बाहरी दीवार की दरारों या खराब हुई सतह से अंदर पहुंच रहा है, तो वह धीरे-धीरे दीवार के भीतर आगे बढ़ सकता है. इसी के साथ दीवार में मौजूद लवण भी सतह तक पहुंचते हैं और पानी सूखने के बाद सफेद निशान छोड़ जाते हैं.
खराब वॉटरप्रूफिंग भी हो सकती है वजह
अगर घर की वॉटरप्रूफिंग पुरानी हो गई है या कहीं से खराब हो चुकी है, तो नमी दीवार के अंदर प्रवेश कर सकती है. शुरुआत में यह समस्या सिर्फ सफेद पाउडर के रूप में दिखाई दे सकती है, लेकिन समय के साथ पेंट उखड़ने या दीवार पर नमी के दाग पड़ने जैसी समस्याएं भी नजर आ सकती हैं. बाथरूम, किचन या ऐसी जगहों पर भी यह समस्या हो सकती है जहां लगातार नमी रहती है.

पाइप में छिपा रिसाव भी जांचें
कभी-कभी दीवार के अंदर पानी की पाइप में छोटा सा रिसाव होता रहता है. बाहर से पानी दिखाई नहीं देता, लेकिन लगातार नमी बनी रहने के कारण दीवार पर सफेद परत बन सकती है.
अगर किसी खास हिस्से में सफेद पाउडर बार-बार वापस आ रहा है, तो वहां छिपे हुए पाइप लीकेज की जांच करवाना बेहतर है. नई बनी दीवारों में भी कभी-कभी ऐसी सफेद परत दिखाई दे सकती है. निर्माण के दौरान सीमेंट और प्लास्टर के अंदर मौजूद नमी जब धीरे-धीरे बाहर निकलती है, तो उसके साथ लवण सतह पर आ सकते हैं. हालांकि अगर समस्या लंबे समय तक बनी रहे या बार-बार लौटे, तो नमी के दूसरे स्रोत की जांच जरूरी हो सकती है.
क्या यह फफूंदी है?
हर सफेद परत को फफूंदी समझना सही नहीं है. एफ्लोरेसेंस आमतौर पर सफेद और पाउडर जैसा दिखाई देता है और इसमें फफूंदी जैसी गंध नहीं होती. यह खुद कोई फंगस नहीं है, बल्कि दीवार के अंदर से नमी के आने का संकेत है. हालांकि इसे नजरअंदाज भी नहीं करना चाहिए. असली समस्या सफेद पाउडर से ज्यादा उसके पीछे छिपी नमी हो सकती है. अगर दीवार लंबे समय तक नम रहती है, तो पेंट खराब हो सकता है, प्लास्टर कमजोर पड़ सकता है और कुछ मामलों में फफूंदी जैसी दूसरी समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं. इसलिए सफेद पाउडर को सिर्फ एक कॉस्मेटिक समस्या मानकर छोड़ देना ठीक नहीं है.

सिर्फ पेंट करने से समस्या नहीं जाएगी
अगर दीवार पर सफेद पाउडर जमा हो गया है, तो उसके ऊपर नया पेंट कर देना आसान उपाय जरूर लगता है, लेकिन इससे समस्या हमेशा के लिए खत्म नहीं होगी. अगर दीवार के अंदर नमी का स्रोत मौजूद है, तो सफेद परत दोबारा दिखाई दे सकती है और नया पेंट भी कुछ समय बाद उखड़ सकता है. पहले यह पता लगाना जरूरी है कि नमी कहां से आ रही है. जरूरत पड़ने पर दीवार की नमी की जांच, पाइप लीकेज की जांच और बाहरी दीवार, छत, खिड़कियों या बालकनी जैसी जगहों की जांच की जा सकती है.
सफेद परत को कैसे साफ करें?
अगर नमी की वजह पहले ही ठीक कर दी गई है, तो बची हुई सफेद परत को साफ किया जा सकता है. हल्की परत के लिए सूखे और मुलायम ब्रश से इसे हटाया जा सकता है. ढीले पाउडर को वैक्यूम से भी साफ किया जा सकता है. बहुत जिद्दी या बार-बार लौटने वाली परत के मामले में सही सफाई का तरीका सतह के प्रकार पर निर्भर करेगा. इसलिए जरूरत पड़ने पर किसी एक्सपर्ट की मदद लेना बेहतर है.
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आगे से कैसे बचें?
दीवारों को इस समस्या से बचाने का सबसे अच्छा तरीका नमी को अंदर जाने से रोकना है. दीवारों में आई दरारों को समय पर ठीक करें, खराब वॉटरप्रूफिंग की मरम्मत करवाएं और पाइप में किसी भी तरह के रिसाव को नजरअंदाज न करें. जहां नमी ज्यादा रहती है, वहां सही वेंटिलेशन रखना भी जरूरी है. साथ ही छत, बाहरी दीवारों और पानी की निकासी वाली जगहों की समय-समय पर जांच करते रहें.
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 05:30:04 +0530</pubDate>
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        <title>बाथरूम के नल पर सफेद परत जम गई, बिना मेहनत ऐसे करें साफ</title>
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        <description><![CDATA[ बाथरूम की सफाई करते समय हम फर्श, शीशे और वॉश बेसिन पर तो ध्यान देते हैं, लेकिन नल पर जमी सफेद परत अक्सर नजरअंदाज हो जाती है. कुछ समय बाद यह परत इतनी मोटी हो जाती है कि नल पुराना और गंदा दिखने लगता है. असल में यह परत पानी में मौजूद मिनरल्स की वजह से जमती है. खासकर जिस जगह पानी ज्यादा हार्ड होता है, वहां नल पर सफेद दाग जल्दी दिखाई देने लगते हैं. अच्छी बात यह है कि इसे साफ करने के लिए बहुत ज्यादा मेहनत करने की जरूरत नहीं होती. घर में रखी कुछ आसान चीजों से नल को फिर से साफ और चमकदार बनाया जा सकता है.
सिरके से आसानी से हटाएं सफेद परत
नल पर जमी सफेद परत साफ करने के लिए सफेद सिरका इस्तेमाल किया जाता है. एक कटोरी में थोड़ा सिरका लें और उसमें कपड़ा भिगो दें. अब इस कपड़े को नल के उस हिस्से पर कुछ देर के लिए लपेटकर रखें, जहां सफेद परत जमी है. करीब 15 से 20 मिनट बाद कपड़ा हटाकर नल को पुराने टूथब्रश या मुलायम स्क्रब से हल्के हाथ से रगड़ें. इसके बाद साफ पानी से नल धो लें और सूखे कपड़े से पोंछ दें. सिरका परत को ढीला करने में मदद करता है, जिससे सफाई आसान हो जाती है. अगर परत ज्यादा मोटी है तो इस प्रक्रिया को दोबारा किया जा सकता है.
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नींबू और बेकिंग सोडा भी आएगा काम
अगर घर में सिरका नहीं है तो नींबू और बेकिंग सोडा से भी सफाई की जा सकती है. पहले नल पर थोड़ा नींबू का रस लगाएं. इसके ऊपर हल्का सा बेकिंग सोडा डालकर कुछ मिनट के लिए छोड़ दें. इसके बाद मुलायम ब्रश से धीरे-धीरे रगड़ें. ज्यादा जोर से रगड़ने की जरूरत नहीं है, क्योंकि इससे नल की सतह पर खरोंच आ सकती है. सफाई के बाद नल को पानी से अच्छी तरह धोकर सूखे कपड़े से पोंछ दें. नींबू में मौजूद एसिड और बेकिंग सोडा जमी गंदगी को ढीला करने में मदद करते हैं. हालांकि, किसी भी नए मिश्रण को इस्तेमाल करने से पहले नल की सतह और निर्माता की सफाई संबंधी सलाह देखना बेहतर रहता है.
सफाई के बाद ऐसे रखें नल चमकदार
नल पर सफेद परत बार-बार न जमे, इसके लिए रोजाना की छोटी सी सफाई काफी मदद करती है. बाथरूम इस्तेमाल करने के बाद नल पर पानी की बूंदें ज्यादा देर तक न रहने दें. एक सूखे और मुलायम कपड़े से नल को पोंछ दें. इससे पानी के दाग जमने की संभावना कम होती है. हफ्ते में एक बार नल की अच्छी तरह सफाई भी की जा सकती है. अगर नल पर पहले से बहुत मोटी परत जम चुकी है तो उसे चाकू या किसी नुकीली चीज से खुरचने की कोशिश न करें. इससे नल पर खरोंच आ सकती है. हल्के हाथ से सफाई करना ही बेहतर रहता है. इस तरह थोड़ी सी नियमित सफाई से नल लंबे समय तक साफ और चमकदार दिखता है.
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 05:30:03 +0530</pubDate>
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        <title>Google पर 15 सितंबर भी खोज रहे लोग, आखिर गणेश चतुर्थी 14 को है या 15 को?</title>
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        <description><![CDATA[ Ganesh Chaturthi 2026 Date: गणेश चतुर्थी नजदीक आते ही गूगल पर इसकी सही तारीख को लेकर खोज बढ़ गई है. कोई 14 सितंबर बता रहा है तो कुछ वेबसाइट और ऑनलाइन कैलेंडर में 15 सितंबर लिखा दिखाई दे रहा है.
इससे सबसे बड़ा सवाल यही है कि गणपति की स्थापना सोमवार को की जाए या मंगलवार को. पंचांग की गणना समझें तो इस भ्रम का जवाब साफ है, साल 2026 में गणेश चतुर्थी 14 सितंबर, सोमवार को मनाई जाएगी.

15 सितंबर को लेकर भ्रम क्यों?
पंचांग के अनुसार भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि 14 सितंबर को सुबह 7:06 बजे शुरू होगी और 15 सितंबर को सुबह 7:44 बजे समाप्त होगी. यानी चतुर्थी तिथि अंग्रेजी कैलेंडर की दोनों तारीखों में मौजूद रहेगी.




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यही कारण है कि केवल चतुर्थी की समाप्ति का समय देखने वाले लोग 15 सितंबर को भी गणेश चतुर्थी मान रहे हैं. कुछ विदेशी वेबसाइट और डिजिटल कैलेंडर भी पर्व की तारीख 15 सितंबर दिखा रहे हैं. इसी वजह से गूगल पर Ganesh Chaturthi 2026 September 15 जैसी खोज दिखाई दे रही है.
लेकिन किसी पर्व की तारीख केवल यह देखकर तय नहीं होती कि तिथि किस अंग्रेजी तारीख तक मौजूद है. उस पर्व से जुड़े पूजा काल को भी देखा जाता है.
गणेश चतुर्थी 14 सितंबर को ही क्यों?
गणपति की स्थापना और मुख्य पूजा के लिए मध्याह्न काल को विशेष माना जाता है. 14 सितंबर को चतुर्थी तिथि सुबह 7:06 बजे शुरू होने के बाद पूरे मध्याह्न काल में मौजूद रहेगी. वहीं 15 सितंबर को यह तिथि सुबह 7:44 बजे ही समाप्त हो जाएगी. उस दिन मध्याह्न आने से काफी पहले चतुर्थी समाप्त हो चुकी होगी.
इसलिए मध्याह्नव्यापिनी चतुर्थी का नियम 14 सितंबर के पक्ष में जाता है. इसी आधार पर गणेश चतुर्थी और गणेशोत्सव की शुरुआत सोमवार, 14 सितंबर को मानी गई है.
गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त
नई दिल्ली के लिए गणपति स्थापना और मध्याह्न पूजा का शुभ समय 14 सितंबर को सुबह 11:02 बजे से दोपहर 1:31 बजे तक रहेगा. पूजा के लिए करीब 2 घंटे 28 मिनट का समय मिलेगा.
शहर बदलने के साथ सूर्योदय और मध्याह्न काल भी बदलता है. इसलिए मुंबई, पुणे, भोपाल, जयपुर, लखनऊ या किसी अन्य शहर में रहने वाले लोग अपने स्थान का पंचांग देखकर मुहूर्त तय करें. देशभर में मुख्य पर्व की तारीख 14 सितंबर ही रहेगी, लेकिन पूजा के समय में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है.
क्या 15 सितंबर को गणपति स्थापना कर सकते हैं?
गणेश चतुर्थी की मुख्य स्थापना 14 सितंबर को करना उचित रहेगा. 15 सितंबर को सुबह 7:44 बजे तक चतुर्थी तिथि जरूर रहेगी, लेकिन गणेश पूजा के लिए मान्य मध्याह्न काल उस दिन चतुर्थी में नहीं मिलेगा.
अगर बीमारी, यात्रा या किसी आपात स्थिति के कारण 14 सितंबर को पूजा संभव न हो तो अपनी पारिवारिक परंपरा और स्थानीय पुरोहित की सलाह लेना बेहतर होगा. केवल इंटरनेट कैलेंडर में 15 सितंबर की तारीख देखकर मुख्य स्थापना अगले दिन के लिए टालना सही नहीं होगा.
14 सितंबर को हरतालिका तीज भी
इस बार तारीख को लेकर भ्रम बढ़ने का एक कारण हरतालिका तीज भी है. तृतीया तिथि 13 सितंबर को शुरू होकर 14 सितंबर सुबह 7:06 बजे तक रहेगी. इसके तुरंत बाद चतुर्थी आरंभ हो जाएगी. इस कारण 14 सितंबर को सुबह हरतालिका तीज का व्रत और इसके बाद गणपति स्थापना की जाएगी.
दोनों पर्व एक ही अंग्रेजी तारीख पर हैं, लेकिन इनकी तिथियां और पूजा के समय अलग हैं. इसलिए हरतालिका पूजन और गणपति स्थापना को एक-दूसरे का विकल्प नहीं समझना चाहिए.
चंद्र दर्शन से कब बचें?
गणेश चतुर्थी पर चंद्र दर्शन से बचने की धार्मिक मान्यता है. नई दिल्ली के पंचांग के अनुसार 14 सितंबर को सुबह लगभग 9:06 बजे से रात 8:04 बजे तक चंद्र दर्शन से बचने का समय बताया गया है. स्थान के अनुसार इसमें बदलाव संभव है.
तारीख नोट कर लें

गणेश चतुर्थी: 14 सितंबर 2026, सोमवार
चतुर्थी आरंभ: 14 सितंबर, सुबह 7:06 बजे
चतुर्थी समाप्त: 15 सितंबर, सुबह 7:44 बजे
दिल्ली में पूजा मुहूर्त: सुबह 11:02 से दोपहर 1:31 बजे
मुख्य गणेश विसर्जन: 25 सितंबर 2026

इसलिए गूगल या किसी ऑनलाइन कैलेंडर में 15 सितंबर दिखाई देने पर भ्रमित न हों. चतुर्थी अगले दिन सुबह तक जरूर रहेगी, लेकिन बप्पा के स्वागत, स्थापना और गणेशोत्सव की शुरुआत की सही तारीख 14 सितंबर 2026 है. तारीख दो दिख सकती हैं, लेकिन गणपति स्थापना का दिन एक ही है.
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें. ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 04:30:11 +0530</pubDate>
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        <title>5:45 बजे PM मोदी से मिलेंगे Xi Jinping, सीमा पर बनेगी बात या चीन रखेगा शर्त? कुंडली का संकेत</title>
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        <description><![CDATA[ PM Modi Xi Jinping Meeting: दिल्ली में दोपहर ढल रही है. भारत मंडपम के भीतर एक के बाद एक बैठक हो रही है. मगर सबकी नजर शाम 5 बजकर 45 मिनट पर है. इसी समय PM नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग आमने-सामने बैठेंगे.
मेज पर सीमा, व्यापार और निवेश की बातें होंगी. पीछे दोनों देशों के झंडे होंगे. लेकिन उस कमरे में गलवान की याद भी मौजूद रहेगी. वह घटना, जिसने भारत और चीन के रिश्तों से भरोसा लगभग मिटा दिया था.

शी सात साल बाद भारत आए हैं. इसलिए सवाल उनके आने का नहीं है. असली सवाल यह है कि वह PM मोदी के सामने क्या रखेंगे.
सीमा पर राहत का प्रस्ताव या रिश्ते सुधारने के बदले कोई नई शर्त? आकाश के संकेत दिलचस्प हैं. बातचीत का दरवाजा खुलता दिखाई दे रहा है, लेकिन उसके ठीक पीछे एक कठिन सौदा भी खड़ा है.




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सात साल में बदल चुकी है पूरी तस्वीर
शी जिनपिंग पिछली बार अक्टूबर 2019 में भारत आए थे. महाबलीपुरम में PM मोदी के साथ उनकी मुलाकात हुई थी. समुद्र किनारे दोनों नेताओं की तस्वीरों को देखकर लगा था कि भारत और चीन पुराने विवाद पीछे छोड़ सकते हैं.
फिर जून 2020 की एक रात आई. गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिक भिड़ गए. जवानों की जान गई. सीमा पर सैन्य तैनाती बढ़ने लगी. भारत ने चीनी ऐप पर प्रतिबंध लगाया. चीनी निवेश की जांच कड़ी हुई. सीधी उड़ानें बंद हो गईं.
पहाड़ वही रहे, लेकिन उनके बीच अविश्वास की एक नई दीवार खड़ी हो गई. अब दोनों देश उसी दीवार में रास्ता तलाश रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट मुताबिक PM मोदी और शी जिनपिंग की बैठक शाम 5:45 बजे निर्धारित है.

#WATCH दिल्ली: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग BRICS समिट 2026 में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचे।आज प्रधानमंत्री मोदी की चीन के राष्ट्रपति के साथ द्विपक्षीय बैठक होगी।केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया। pic.twitter.com/0eMuXodMo2
&amp;mdash; ANI_HindiNews (@AHindinews) September 12, 2026



मुलाकात से पहले चीन ने खोला एक रास्ता
शी के दिल्ली पहुंचने से ठीक पहले China Southern Airlines ने Guangzhou-New Delhi की सीधी उड़ान फिर शुरू करने की घोषणा की. करीब छह साल से बंद यह सेवा 21 सितंबर से बहाल होगी.
खबर छोटी लग सकती है, लेकिन कूटनीति में ऐसे कदम बेवजह नहीं उठाए जाते. उड़ान शुरू होने से छात्रों, कारोबारियों और यात्रियों को राहत मिलेगी. दोनों देशों के बीच आवाजाही बढ़ेगी. माहौल पहले से सामान्य दिखेगा.
मगर उड़ान का रास्ता खुलना और सीमा की गांठ खुलना दो अलग बातें हैं. चीन अक्सर पहले एक छोटा कदम बढ़ाता है. फिर बड़े मुद्दे पर अपनी कीमत रखता है. इसलिए यह समझना जरूरी है कि सीमा पर नरमी दिखाने के बदले वह भारत से क्या मांग सकता है.
चीन की नजर कहां हो सकती है?
भारत में चीनी कंपनियों और निवेश के लिए नियम पहले से सख्त हैं. टेलीकॉम, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऐप, इलेक्ट्रिक वाहन और संवेदनशील तकनीक से जुड़े क्षेत्रों में सुरक्षा सबसे बड़ा प्रश्न है.
चीन चाहेगा कि भारत इनमें कुछ रास्ते खोले. वह चीनी कंपनियों के लिए आसान नियम, तेज मंजूरी और भारतीय बाजार में अधिक जगह मांग सकता है.
उसकी दूसरी चिंता अमेरिका है. भारत और अमेरिका के बीच रक्षा तथा तकनीक का सहयोग बढ़ रहा है. चीन चाहेगा कि यह साझेदारी उसके खिलाफ खुले मोर्चे में न बदले.
इसके बदले बीजिंग सीमा पर सैन्य तनाव कम करने, कमांडर स्तर की बैठकें बढ़ाने, वीजा आसान करने और यात्रियों की आवाजाही सामान्य करने का प्रस्ताव दे सकता है.
क्या PM मोदी यह सौदा स्वीकार करेंगे? यहीं से कुंडली की कहानी शुरू होती है.
भारत की वर्षकुंडली में सीधा रास्ता नहीं
भारत की मौजूदा वर्षकुंडली 15 अगस्त 2026 से शुरू हुई है. इसका लग्न सिंह है. वर्षकुंडली में लग्नेश सूर्य भारत की स्थिति दिखाता है. विदेश से बातचीत के लिए सातवें भाव और उसके स्वामी शनि को देखा जाता है. सूर्य बारहवें भाव में है, जबकि शनि आठवें भाव में बैठा है.
दोनों ही भाव पर्दे के पीछे चलने वाली गतिविधियों, दबाव, पुराने विवाद और गोपनीय शर्तों से जुड़े हैं.
इसका पहला संकेत साफ है. बैठक केवल उस एजेंडे तक सीमित नहीं रहेगी जो बाहर बताया जाएगा. कुछ कठिन बातें बंद कमरे में होंगी.
सूर्य और शनि के बीच ताजिक संबंध तो बन रहा है, लेकिन ग्रह एक-दूसरे के करीब आने के बजाय अलग होने की स्थिति में हैं. इसे इशराफ कहा जाता है.
आसान भाषा में कहें तो बात पहले से चल रही है, लेकिन मंजिल अभी हाथ नहीं आई.
भारत और चीन के सैन्य अधिकारी पहले भी कई दौर की बातचीत कर चुके हैं. तनाव कुछ जगह घटा है. फिर भी सीमा का अंतिम हल नहीं निकला. आज की बैठक उसी अधूरी कहानी का अगला हिस्सा हो सकती है.
नेताओं से शुरू हुई बात अधिकारी आगे बढ़ाएंगे
भारत की वर्षकुंडली में बुध की भूमिका सबसे दिलचस्प है. बुध बातचीत, दस्तावेज, व्यापार, तकनीक और अधिकारियों का ग्रह है. वह सूर्य तथा शनि के बीच संपर्क की कड़ी बनने की स्थिति में है. ताजिक ज्योतिष में इसे नक्त योग जैसी मध्यस्थ भूमिका माना जा सकता है.
इसका सीधा अर्थ समझिए. PM मोदी और शी राजनीतिक दिशा तय कर सकते हैं. लेकिन असली काम दोनों देशों के सैन्य अधिकारी, विशेष प्रतिनिधि, राजनयिक और व्यापार विशेषज्ञ करेंगे.
सीमा पर गश्त कैसे होगी. सैनिकों के आमने-सामने आने से कैसे बचा जाएगा. वीजा और उड़ानों की व्यवस्था क्या होगी. व्यापार की रुकावटें कैसे हटेंगी.
आज इन सवालों के अंतिम जवाब शायद न मिलें. मगर इन्हें हल करने के लिए अधिकारियों को नया काम मिल सकता है.
आज ही बड़ी डील क्यों मुश्किल है?
ताजिक वर्षफल में किसी काम के आसानी से पूरा होने के लिए लग्नेश और कार्येश के बीच मजबूत इत्थशाल देखा जाता है.  ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 04:30:10 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>5:45, बजे, मोदी, से, मिलेंगे, Jinping, सीमा, पर, बनेगी, बात, या, चीन, रखेगा, शर्त, कुंडली, का, संकेत</media:keywords>
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        <title>Kal Ka Rashifal 13 September: मेष और कन्या समेत इन राशियों पर बरसेगी सूर्य देव की कृपा, जानें 12 राशियों का राशिफल!</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/kal-ka-rashifal-13-september-मेष-और-कन्या-समेत-इन-राशियों-पर-बरसेगी-सूर्य-देव-की-कृपा-जानें-12-राशियों-का-राशिफल</link>
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        <description><![CDATA[ Kal Ka Rashifal, 13 September 2026 (कल का राशिफल): रविवार का दिन मेष से लेकर मीन राशि तक के सभी 12 जातकों के लिए ग्रह-नक्षत्रों के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण और फलदायी रहने वाला है. कल सुबह 07:09 बजे तक भाद्रपद शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि रहेगी, जिसके बाद तृतीया तिथि का आरंभ होगा. वहीं दोपहर 01:07 बजे तक हस्त नक्षत्र रहेगा, तत्पश्चात चित्रा नक्षत्र शुरू होगा. चंद्रमा मध्य रात्रि 01:26 बजे तक कन्या राशि में रहेंगे और उसके बाद तुला राशि में प्रवेश करेंगे.
रविवार को सूर्य देव की कृपा के साथ-साथ शुक्ल योग, सर्वाअमृत योग, बुधादित्य योग और विशिष्ट राशियों के लिए मालव्य व भद्र योग का महासंयोग बन रहा है. इसके शुभ प्रभाव से मेष, सिंह, कन्या और वृश्चिक राशि के जातकों को बड़ी व्यावसायिक डील, अटके कार्यों में सफलता और करियर में पद-प्रतिष्ठा के मजबूत योग हैं.

आइए जानते हैं भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास से 13 सितंबर का संपूर्ण पंचांग और विस्तृत भविष्यफल.
पंचांग (13 सितंबर 2026, रविवार)

तिथि: भाद्रपद शुक्ल पक्ष द्वितीया (सुबह 07:09 बजे तक), तत्पश्चात तृतीया
नक्षत्र: हस्त नक्षत्र (दोपहर 01:07 बजे तक), तत्पश्चात चित्रा
चन्द्र राशि: कन्या राशि (मध्य रात्रि 01:26 बजे तक), तत्पश्चात तुला राशि
शुभ योग: शुक्ल योग, सर्वाअमृत योग, बुधादित्य योग, वाशि योग, आनन्दादि योग, सुनफा योग (मेष, कर्क, तुला, मकर के लिए मालव्य योग व मिथुन, कन्या, धनु, मीन के लिए भद्र योग)
शुभ समय (चौघड़िया व मुहूर्त):
सुबह 10:15 से दोपहर 12:15 बजे तक (लाभ-अमृत का चौघड़िया)
दोपहर 02:00 से 03:00 बजे तक (शुभ का चौघड़िया)
राहुकाल (अशुभ समय): दोपहर 04:30 से शाम 06:00 बजे तक
दिशाशूल: पश्चिम दिशा की तरफ यात्रा करना शुभ रहेगा.

1. मेष राशि (Aries)
Business (व्यापार): शुक्ल व सर्वाअमृत योग के प्रभाव से मुनाफा कमाने के उत्तम योग हैं. कोई बड़ी व्यावसायिक डील फाइनल हो सकती है, जिससे आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी.
Career (करियर व शिक्षा): कार्यस्थल पर काम समय पर पूरे होंगे और सफलता मिलेगी. शिक्षा व प्रतियोगिता के क्षेत्र में प्रयासरत छात्रों को शुभ समाचार मिलेगा.
Love &amp;amp; Family (प्रेम व परिवार): दांपत्य जीवन में मधुरता रहेगी और गृह उपयोगी वस्तुओं में वृद्धि होगी. पारिवारिक शांति बनाए रखने के लिए विवाहेतर संबंधों से पूरी तरह दूर रहें.
Finance (आर्थिक स्थिति): आर्थिक पक्ष काफी मजबूत रहेगा. मार्केटिंग से जुड़े लोग बाहरी व्यक्तियों से बातचीत के दौरान वित्तीय गोपनीयता बनाए रखें.
Health (स्वास्थ्य): स्वास्थ्य उत्तम रहेगा. व्यवस्थित दिनचर्या और पौष्टिक खानपान से ऊर्जावान बने रहेंगे.
शुभ कलर: पर्पल | शुभ नंबर: 4 | अशुभ नंबर: 9
2. वृषभ राशि (Taurus)
Business (व्यापार): भावुकता के बजाय व्यावहारिक दृष्टिकोण रखें. व्यक्तित्व में अनुशासन बढ़ने से बाजार में अपनी छाप छोड़ने में सफल रहेंगे.
Career (करियर व शिक्षा): कार्यक्षेत्र में परफॉर्मेंस सराहनीय रहेगी. लेटलतीफी की आदत छोड़ें और सहकर्मियों के साथ शांत रहकर कार्य निपटाएं.
Love &amp;amp; Family (प्रेम व परिवार): परिवार के साथ संडे का दिन हंसी-खुशी बीतेगा. धर्म-कर्म और पूजा-पाठ में रुचि बढ़ेगी.
Finance (आर्थिक स्थिति): अचानक धन लाभ होने के योग बन रहे हैं. महत्वाकांक्षाएं पूरी होंगी और आर्थिक स्थिति में सुधार होगा.
Health (स्वास्थ्य): छात्र व युवा वर्ग भय और चिंता से मुक्ति पाने के लिए योग-ध्यान का सहारा लें.
शुभ कलर: व्हाइट | शुभ नंबर: 7 | अशुभ नंबर: 5
3. मिथुन राशि (Gemini)
Business (व्यापार): मीटिंग्स में बातचीत करते समय नकारात्मक शब्दों के प्रयोग से बचें. कड़वाहट से हाथ आया काम प्रभावित हो सकता है.
Career (करियर व शिक्षा): कार्यक्षेत्र में लापरवाही या आलस्य भारी पड़ सकता है, कार्यों को गंभीरता से लें. मार्केटिंग से जुड़े लोग गलतियों से बचें.
Love &amp;amp; Family (प्रेम व परिवार): घर की किसी महिला के स्वास्थ्य को लेकर चिंता रह सकती है. सामाजिक आयोजनों में रिश्तेदारों से वाद-विवाद से बचें.
Finance (आर्थिक स्थिति): बाजार में किसी पार्टी के साथ भुगतान को लेकर मनमुटाव हो सकता है. आर्थिक संतुलन बनाए रखें.
Health (स्वास्थ्य): शाम तक शारीरिक थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है. काम के बीच में आराम के लिए समय जरूर निकालें.
शुभ कलर: सिल्वर | शुभ नंबर: 5 | अशुभ नंबर: 4
4. कर्क राशि (Cancer)
Business (व्यापार): कार्यप्रणाली में बदलाव के लिए सुबह 10:15 से 12:15 या दोपहर 02:00 से 03:00 का समय श्रेष्ठ रहेगा. व्यापारियों की महत्वपूर्ण बैठकें सफल होंगी.
Career (करियर व शिक्षा): जिम्मेदारी से काम करने वाले जातकों के लिए दिन उत्कृष्ट रहेगा. मीडिया से जुड़े लोगों पर काम का दबाव अधिक रह सकता है.
Love &amp;amp; Family (प्रेम व परिवार): रिश्तेदारों से सहयोग प्राप्त होगा. पारिवारिक जीवन में किसी भी प्रकार की गलतफहमी या नोकझोंक को बातचीत से सुलझाएं.
Finance (आर्थिक स्थिति): व्यावसायिक यात्राओं से आर्थिक लाभ की पृष्ठभूमि तैयार होगी. वित्तीय मामलों में दिन सामान्य रहेगा.
Health (स्वास्थ्य): स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न बरतें. प्रतियोगी छात्र मन को एकाग्र रखने का प्रयास करें.
शुभ कलर: ऑरेंज | शुभ नंबर: 2 | अशुभ नंबर: 6
5. सिंह राशि (Leo)
Business (व्यापार): शुक्ल व सर्व अमृत योग से धन संबंधी कोई बहुत अच्छी खबर मिलेगी. सामाजिक दायित्वों को कुशलता से पूरा करेंगे.
Career (करियर व शिक्षा): नौकरीपेशा लोगों को आगे बढ़ने के बेहतरीन अवसर मिलेंगे. कार्यस्थल पर जूनियर्स व सहकर्मियों का भरपूर सहयोग मिलेगा.
Love &amp;amp; Family (प्रेम व परिवार): माता-पिता के आशीर्वाद से आत्मविश्वास में वृद्धि होगी. लव लाइफ में बातचीत के दौरान संयम बरतें.
Finance (आर्थिक स्थिति): धन लाभ के मजबूत योग हैं. अपने साहस और आत्मबल से आर्थिक जटिलत ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 04:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>टैरो राशिफल 13 सितंबर 2026: तुला राशि को पद&amp;प्रतिष्ठा का तोहफा, कर्क राशि को आकस्मिक धन लाभ; जानें मेष से मीन का भाग्य</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/टैरो-राशिफल-13-सितंबर-2026-तुला-राशि-को-पद-प्रतिष्ठा-का-तोहफा-कर्क-राशि-को-आकस्मिक-धन-लाभ-जानें-मेष-से-मीन-का-भाग्य</link>
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        <description><![CDATA[ Tarot Rashifal 13 September 2026: सितंबर महीने का यह रविवार सभी 12 राशियों के लिए पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि, आकस्मिक लाभ और व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण संकेत दे रहा है. आज ग्रहों की स्थिति और टैरो कार्ड्स आपके जीवन में क्या बड़े बदलाव लेकर आ रहे हैं, प्रसिद्ध टैरो कार्ड रीडर एवं ज्योतिषाचार्या नीतिका शर्मा (अजमेर) से.
आज तुला राशि के नौकरीपेशा जातकों को पद-प्रतिष्ठा और कर्क राशि वालों को आकस्मिक लाभ के अवसर मिलेंगे, वहीं सिंह राशि के जातकों को व्यापार में अजनबियों से और मेष राशि वालों को सहकर्मियों से व्यर्थ के विवादों से बचने की सख्त सलाह दी गई है. आइए विस्तार से जानते हैं कि मेष से लेकर मीन राशि तक के जातकों का आज का दिन कैसा बीतेगा.

मेष टैरो राशिफल&amp;nbsp;टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि मेष राशि के लोगों को फिलहाल, दैनिक मामलों में बेवजह की बहस सहयोगियों के साथ विवाद और झगड़े को जन्म दे सकती है. इस बात का ख्याल रखें की आप अपनी ही समस्याओं में उलझें न रहें वरना आप खुद को दूसरों की तुलना में पीछे महसूस करेंगे.
वृषभ टैरो राशिफल&amp;nbsp;टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि वृषभ राशिवाले आज महत्वाकांक्षा या काम पर दिशा की कमी महसूस कर सकते हैं. आपको फिलहाल, अपने काम पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है. अपनी बुरी आदतों पर भी थोड़ा कंट्रोल करें.
मिथुन टैरो राशिफल&amp;nbsp;टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि मिथुन राशिवालों के लिए आज का दिन कई समस्याओं को मतभेदों से आमना सामना करना वाला रहेगा. जिस वजह से आप थोड़ा असहज महसूस करेंगे. अनावश्यक वाद-विवाद से बचें.
कर्क टैरो राशिफल&amp;nbsp;टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि कर्क राशि के लोगों के लिए आज का दिन व्यस्त और खुशहाल रहने वाला है. नए अवसर आपके सामने आएंगे, की गयी यात्रा वांछित परिणाम लाएगी. आकस्मिक लाभ के अवसर मिल सकते हैं.
सिंह टैरो राशिफल&amp;nbsp;टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि सिंह राशिवालों के लिए आज का दिन किसी विशेष कार्य की चिंता रहेगी. व्यर्थ की प्रतिस्पर्धा न करें. अजनबियों से सावधान रहें. व्यापार में नुकसान हो सकता है.
कन्या टैरो राशिफल&amp;nbsp;टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि कन्या राशिवालों के लिए आज का दिन लोगों को संतान सुख प्राप्त होगा. इस राशिवालों को मित्र और रिश्तेदारों से अप्रत्याशित व्यवहार का सामना करना होगा. धार्मिक आस्था बढ़ेगी.
तुला टैरो राशिफल&amp;nbsp;टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि तुला राशि के नौकरीपेशा लोगों के लिए आज का दिन काफी अच्छा रहेगा. आज आपको पद प्रतिष्ठा आदि का लाभ होगा. कार्य व्यापार में वृद्धि व लगभग सभी तरह के कार्यां में सफलता प्राप्त होगी. नए कामों की शुरुआत संभव है.
वृश्चिक टैरो राशिफल&amp;nbsp;टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि वृश्चिक राशि के लोगों को सलाह है कि इस हफ्ते कोई भी काम करने से पहले अच्छी तरह से सोच विचार कर लें. साथ ही आपको अपनी सेहत का विशेष ख्याल रखने की आवश्यकता है. अपनी खानपान की आदतों पर काबू रखें.
धनु टैरो राशिफल&amp;nbsp;टैरो कार्ड्स बता रहे हैं कि धनु राशिवालों के लिए आज का दिन खास रहने वाला है. दरअसल, आज आप किसी नई योजना को लेकर विचारमग्न रहने वाले हैं. इतना ही नहीं आज आपको अपने आलोचना और अपने शुभचिंतकको के विरोध का सामना करना पड़ सकता है.
मकर टैरो राशिफल&amp;nbsp;टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि मकर राशि के लोगों को आज अपने दृष्टिकोण को थोड़ा व्यावहारिक बनाने की कोशिश करने की जरूरत है. आपकी उच्च महत्वाकांक्षा आपकी ऊंची प्रगति के लिए आपको प्रेरित करेगी.
कुंभ टैरो राशिफल&amp;nbsp;टैरो कार्ड्स बता रहे हैं कि कुंभ राशि के लोगों को आज अपने आलस्य को त्याग कर समय का उचित प्रयोग करने की जरूरत है. साथ ही आज आप अपने कार्यक्षेत्र और रचनात्मक क्षेत्र में सुर्खियां बटोरेंगे.
मीन टैरो राशिफल&amp;nbsp;टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि गणना बता रही है कि राजनीतिक क्षेत्र के व्यक्तियों के लिए लाभप्रद स्थितियों के आसार है. आप काफी आराम महसूस करेंगे और अपने कार्यक्षेत्र में प्रगति से संतुष्ट रहेंगे.
Google पर 15 सितंबर भी खोज रहे लोग, आखिर गणेश चतुर्थी 14 को है या 15 को?
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें. ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 04:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Tarot Weekly Rashifal: 13 से 19 सितंबर 2026, सिंह राशि के खुलेंगे आय के नए स्रोत, मिथुन के पुराने प्रयास दिलाएंगे बड़ी तरक्की; देखें कार्ड्स का इशारा</title>
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        <description><![CDATA[ Weekly Tarot Horoscope (13 to 19 September 2026): सितंबर 2026 का यह तीसरा सप्ताह सभी 12 राशियों के लिए करियर में पद-सम्मान, व्यापारिक समझौतों और रिश्तों की मजबूती के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण संकेत लेकर आया है. आने वाले 7 दिनों में टैरो कार्ड्स आपके भविष्य और ग्रह-नक्षत्रों की चाल के बारे में क्या संकेत दे रहे हैं, प्रसिद्ध टैरो कार्ड रीडर एवं ज्योतिषाचार्या नीतिका शर्मा (श्री लक्ष्मीनारायण एस्ट्रो सॉल्यूशन, अजमेर) से.
इस सप्ताह कुंभ राशि के जातकों को कार्यक्षेत्र में विशेष सम्मान और कन्या राशि वालों को नए व्यावसायिक सौदों का लाभ मिलेगा, वहीं कर्क राशि के लोगों को प्रॉपर्टी सौदों व यात्रा में और मेष राशि वालों को ससुराल पक्ष से जुड़े विवादों में बेहद संभलकर चलने की सलाह दी गई है. आइए विस्तार से जानते हैं कि मेष से लेकर मीन राशि तक के लिए यह पूरा सप्ताह कैसा साबित होगा.

मेष टैरो साप्ताहिक राशिफल&amp;nbsp;टैरो कार्ड्स की गणना के अनुसार, मेष राशि के लोगों के लिए यह सप्ताह कई तरह के उतार चढ़ाव लेकर आने वाला है. शादीशुदा लोगों के लिए ससुराल पक्ष से जुड़ा कोई विवाद आपके तनाव का कारण बन सकता है. आपको सलाह है कि इस हफ्ते अपनी सेहत का विशेष ख्याल रखें. क्योंकि पुरानी समस्या दोबारा उभर सकती है. यदि आपकी संतान वयस्क हो चुकी है तो उनके जीवन में अत्यधिक हस्तक्षेप करने से बचें.
वृषभ साप्ताहिक टैरो राशिफल&amp;nbsp;टैरो कार्ड्स की गणना के अनुसार, वृषभ राशि के लोगों को इस हफ्ते अपने पार्टनर से सहयोग की आवश्यकता महसूस होगी. आपको सलाह है कि अपने पार्टनर का पूरा समय दें और विवादों से दूरी बनाए रखें. इस राशि के व्यापारी वर्ग के लोगों के लिए हफ्ता नए अवसर दिलाने वाला साबित होगा. रिश्तों में मधुरता और प्रेम संबंधों में मजबूती आने के संकेत हैं.
मिथुन टैरो साप्ताहिक राशिफल&amp;nbsp;टैरो कार्ड्स बता रहे हैं कि मिथुन राशि के लोगों के लिए यह सप्ताह सफलता की ओर लेकर जाएगा. इस राशि के नौकरीपेशा वर्ग के लोगों को पहले किए गए प्रयास अब फल देंगे. लेकिन, आपको सेहत के कारण थोड़ा परेशान होना पड़ सकता है. जीवनसाथी के स्वास्थ्य पर भी आपको ध्यान देना होगा. इस हफ्ते आपके पार्टनर को आपकी समर्थन और मदद की जरूरत होगी.
कर्क साप्ताहिक टैरो राशिफल&amp;nbsp;टैरो कार्ड्स बता रहे हैं कि कर्क राशि के लोगों के लिए यह सप्ताह कामकाज में काफी अड़चनें लेकर आएगा. इसलिए आपको सलाह है कि संपत्ति या जायदाद से जुड़े मामलों में सावधानी बरतें. घर से बाहर यात्रा का विचार कर रहे हैं तो सुरक्षा का ध्यान रखें. परिवार में किसी सदस्य से मतभेद की स्थिति बन सकती है, ऐसे में संयम और धैर्य से काम करें तो आपके लिए अच्छा रहेगा.
सिंह टैरो साप्ताहिक राशिफलटैरो कार्ड्स बता रहे हैं कि सिंह राशि के लोगों के लिए आज का दिन स्वास्थ्य के मामले में थोड़ा कमजोर रह सकता है. आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और आय के नए स्रोत खुल सकते हैं. आपको सलाह है कि माता की सेहत को लेकर सतर्क रहें. किसी मित्र या परिचित से लाभ मिल सकता है. साथ ही कोई अप्रत्यक्ष सहयोग आपको भावुक कर सकता है.
कन्या टैरो साप्ताहिक राशिफल&amp;nbsp;टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि कन्या राशि के लोगों के लिए सप्ताह नए अवसर लेकर आएगा. लेकिन, आपको जल्दबाजी में निर्णय न लें. संतान पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होगी. व्यापार में नए अनुबंध या सौदे संभव हैं. कानूनी मामलों में लापरवाही से बचें. जीवनसाथी या प्रेमी के साथ छोटी यात्रा करने से आपको सुख मिलेगा. साथ ही पारिवारिक जीवन में सुख शांति बनाएंगे.
तुला साप्ताहिक टैरो राशिफल&amp;nbsp;टैरो कार्ड्स की गणना के अनुसार, तुला राशि के लोगों के लिए इस सप्ताह की शुरुआत परिवार में सौहार्द और खुशी से होगी. प्रेम संबंधों को लेकर कोई भी फैसला लेने से बचें. इसलिए सोच समझकर ही कदम बढ़ाएं. आर्थिक स्थिति सामान्य और संतुलित रहेगी. लेकिन, अनावश्यक खर्चों से बचें. वरना आपकी आर्थिक स्थिति बुरी तरह से प्रभावित हो जाएगी.
वृश्चिक टैरो साप्ताहिक राशिफल&amp;nbsp;टैरो कार्ड्स बता रहे हैं कि वृश्चिक राशि के लोगों के लिए यह सप्ताह अच्छा रहेगा. इस हफ्ते आप सामाजिक कार्यों में काफी ज्यादा व्यस्त रहने वाले हैं. आप समाज में मान-सम्मान प्राप्त करेंगे व्यापारिक सहयोगियों और मित्रों से संबंध मजबूत होंगे. लेकिन, आपकी लव लाइफ में काफी परेशानियां रह सकती हैं. ऐसे में धैर्य और संवाद से स्थितियों को संभालना होगा.
धनु टैरो साप्ताहिक राशिफल&amp;nbsp;टैरो कार्ड्स की गणना के अनुसार, धनु राशि के लोगों के लिए सप्ताह अच्छा रहेगा. इस हफ्ते आपकी सलाह और सहयोग दूसरों के लिए लाभकारी सिद्ध होंगे. धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी. इस हफ्ते किसी बात को लेकर आपको अपने भाई-बहनों या रिश्तेदारों से विचारों का टकराव संभव है. कार्यक्षेत्र में आपको सभी का सहयोग मिलेगा और सभी लोग आपकी बात का समर्थन करेंगे.
मकर टैरो साप्ताहिक राशिफल&amp;nbsp;टैरो कार्ड्स की गणना के अनुसार, मकर राशि के लोगों को इस हफ्ते आत्मबल की कमी महसूस हो सकती है. साथ ही निर्णय लेने में भी दुविधा महसूस हो सकती है. परिवार और करियर में आपके प्रभाव में थोड़ी कमी आएगी. किसी भी काम में शॉर्टकट अपनाने से बचें और सुरक्षित, व्यावहारिक मार्ग अपनाएं. ऐसा करने से सप्ताह के अंत में आपको इससे लाभ मिलेगा.
कुंभ टैरो साप्ताहिक राशिफल&amp;nbsp;टैरो कार्ड्स बता रहे हैं कि कुंभ राशि के लोगों के लिए सप्ताह बहुत कुछ नया सिखाने और लाभ दिलाने वाला साबित होगा. इस हफ्ते आपके व्यक्तित्व में आकर्षण और निखार आएगा. नए संबंध और संपर्क बनेंगे. नौकरीपेशा लोगों को पुरस्कार या सम्मान मिलने के योग हैं. परिवार के साथ आप किसी यात्रा पर जा सकते हैं. सत्ता और उच्च पदस्थ लोगों से संबंध मजबूत होंगे.
मीन टैरो साप्ताहिक राशिफल&amp;nbsp;टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि मीन राशि के लोगों का स्वभाव थोड़ा चिड़चिड़ा और असंतुष्ट रह सकता है.  ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 04:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>एशियन गेम्स में बदला टीम इंडिया के मैचों का टाइम, जानें क्या है नया अपडेट</title>
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        <description><![CDATA[ जापान के आइची-नागोया में होने वाले 2026 एशियन गेम्स में क्रिकेट मैचों की टाइमिंग पर बड़ा अपडेट सामने आया है. इवेंट में होने वाले कुछ नॉकआउट मैच 30 मिनट पहले से शुरू होंगे. नए शेड्यूल के अनुसार, दोपहर में होने वाले मेंस के मैच पहले तय किए गए वक्त (दोपहर 2 बजे) के बजाय अब दोपहर 1.30 बजे शुरू होंगे. दूसरी तरफ, महिलाओं के मैचों की टाइमिंग में कोई बदलाव नहीं हुआ है. एशियाई खेल 19 सितंबर से 04 अक्टूबर के बीच खेले जाएंगे.&amp;nbsp;
बता दें कि टीम इंडिया को डायरेक्ट क्वार्टर फाइनल में जगह मिली है. टीम का पहला मैच लोकल समय के अनुसार दोपहर 1:30 बजे शुरू होगा. जापान का वक्त भारत से 3 घंटे और 30 मिनट आगे है. लिहाजा टीम इंडिया का पहला मैच भारतीय समय के अनुसार, सुबह 10 बजे से शुरू होगा. एशियाई खेलों की आधिकारिक बेवसाइट पर लोकल टाइम दोपहर 1:30 बजे ही लिखा है. पुरुष टीम इंडिया का मुकाबला 28 सितंबर को होगा.&amp;nbsp;
दूसरा सेमीफाइनल और गोल्ड मेडल मैच (फाइनल) भी लोकल टाइम के हिसाब से दोपहर 1:30 से खेला जाएगा. क्रिकबज की रिपोर्ट में बताया गया कि टाइमिंग में हुए बदलाव की जानकारी अभी तक सभी टीमों को नहीं दी गई है. रिपोर्ट में बताया गया कि भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के अधिकारियों को भी बदलाव की जानकारी नहीं है.&amp;nbsp;
सुबह के मैचों का नहीं बदला टाइम
हालांकि सुबह के मैचों के समय में कोई बदलाव नहीं किया गया है. सुबह के मैच लोकल समय के अनुसार सुबह 9 बजे यानी भारतीय समय के अनुसार सुबह 5.30 बजे शुरू होंगे.&amp;nbsp;
टाइमिंग में क्यों हुआ बदलाव?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, टाइमिंग में बदलाव अंधेरे को ध्यान में रखते हुए किया गया है. जापान में अंधेरा जल्दी हो जाता है. मुकाबले कोरोगी एथलेटिक पार्क में खेले जाएंगे. मैदान पर फ्लड लाइट्स नहीं हैं. मैदान में लाइट नहीं होना भी कई बड़े सवाल खड़ा करता है.
&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 04:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>बारिश से रद्द होगा भारत&amp;अफगानिस्तान पहला टी20? दिल्ली के मौसम पर आया बड़ा अपडेट</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/बारिश-से-रद्द-होगा-भारत-अफगानिस्तान-पहला-टी20-दिल्ली-के-मौसम-पर-आया-बड़ा-अपडेट</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/बारिश-से-रद्द-होगा-भारत-अफगानिस्तान-पहला-टी20-दिल्ली-के-मौसम-पर-आया-बड़ा-अपडेट</guid>
        <description><![CDATA[ भारत और अफगानिस्तान के बीच रविवार, 13 सितंबर से तीन मैचों की टी20 सीरीज खेली जानी है. सभी मैच दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले जाएंगे. अफगानिस्तान इस सीरीज का मेजबान है. दरअसल, बीसीसीआई ने इस सीरीज के लिए अरुण जेटली स्टेडियम अफगानिस्तान को होमग्राउंड के तौर पर दिया है. क्रिकेट फैंस भारत-अफगानिस्तान पहले टी20 का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. हालांकि, बारिश फैंस का मजा किरकिरा कर सकती है.&amp;nbsp;
भारत और अफगानिस्तान के बीच साल 2010 से अब तक कुल 9 टी20 मैच खेले गए हैं, जिसमें 7 मैच टीम इंडिया ने जीते हैं. इसके अलावा, 1 मुकाबला टाई रहा, जिसे भारत ने सुपर ओवर में अपने नाम किया, जबकि एक मैच नो रिजल्ट रहा था.&amp;nbsp;
रविवार को कैसा रहेगा दिल्ली का मौसम? क्या रद्द होगा पहला टी20?
&#039;एक्यूवेदर&#039; के अनुसार, रविवार को दिन में दिल्ली में बारिश के 64 प्रतिशत चांस हैं. वहीं शाम में भी हल्की बारिश हो सकती है. ऐसे में मैच देरी से भी शुरू हो सकता है. शाम साढ़े 6 बजे मैच का टॉस होना है, और 7 बजे मैच शुरू होना है. मैच के समय बारिश की उम्मीद काफी कम है. हालांकि, आसमान में काले बादल छाए रहेंगे.&amp;nbsp;
दिल्ली में दोपहर 1 बजे के बाद बारिश के 50 प्रतिशत चांस हैं. वहीं शाम 6 बजे बारिश की आशंका 40 प्रतिशत, जबकि 7 बजे यह घटकर 37 प्रतिशत रह सकती है. अगले दो घंटों में बारिश की आशंका थोड़ी बढ़कर 40 प्रतिशत तक पहुंच सकती है. रात 10 बजे 37 प्रतिशत और 11 बजे 34 प्रतिशत हो सकती है. इसका मतलब है कि मैच के समय भी बारिश खलल डाल सकती है.
कहां देखें भारत और अफगानिस्तान का पहला टी20, लाइव टेलीकास्ट और स्ट्रीमिंग डिटेल्स?
भारत और अफगानिस्तान के पहले टी20 मैच का लाइव टेलीकास्ट आप सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर देख सकेंगे. वहीं लाइव स्ट्रीमिंग आप फैनकोड ऐप और वेबसाइट दोनों पर देख सकेंगे.
भारतीय टीम का फुल स्क्वाड-&amp;nbsp;श्रेयस अय्यर (कप्तान ), संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा,&amp;nbsp;नीतीश कुमार&amp;nbsp;रेड्डी, शिवम दुबे, वॉशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल,&amp;nbsp;जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, वैभव सूर्यवंशी, यश ठाकुर, वरुण चक्रवर्ती और रवि बिश्नोई.
अफगानिस्तान का स्क्वाड-&amp;nbsp;इब्राहिम जादरान (कप्तान), दारविश रसूली, नूर उल रहमान, रहमानुल्लाह गुरबाज (विकेटकीपर), सेदिकुल्लाह अटल, अजमतुल्लाह उमरजइ, राशिद खान, मोहम्मद नबी, गुलबदिन नायब, नांगेलिया खरोटे, अब्दुल्लाह अहमदजइ, फजलहक फारूकी, नवीनुल हक, मुजीबुर रहमान, नूर अहमद.
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 04:30:05 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>बारिश, से, रद्द, होगा, भारत-अफगानिस्तान, पहला, टी20, दिल्ली, के, मौसम, पर, आया, बड़ा, अपडेट</media:keywords>
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        <title>पहले टी20 में ऐसी होगी भारत&amp;अफगानिस्तान की प्लेइंग इलेवन, जानें पिच रिपोर्ट और मैच प्रिडिक्शन</title>
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        <description><![CDATA[ भारत और अफगानिस्तान के बीच संडे से तीन मैचों की टी20 सीरीज खेली जाएगी. बीसीसीआई ने दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम को अफगानिस्तान को होमग्राउंड के तौर पर दिया है. ऐसे में इस सीरीज में अफगानिस्तान मेजबान है. भारत और अफगानिस्तान के बीच पहला टी20 मैच रविवार, 13 सितंबर को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेला जाएगा. शाम साढ़े 6 बजे मैच का टॉस होगा, वहीं सात बजे से मैच की शुरुआत होगी. टीम इंडिया की कमान श्रेयस अय्यर के हाथों में है. वहीं इब्राहिम जादरान अफगानिस्तान टीम के कप्तान हैं.&amp;nbsp;
टीम इंडिया में युवा और सीनियर खिलाड़ियों का अच्छा मिश्रण है. श्रेयस अय्यर, ईशान किशन, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, अक्षर पटेल और तिलक वर्मा के साथ वैभव सूर्यवंशी, नितीश कुमार रेड्डी और यश ठाकुर जैसे खिलाड़ी एक्शन में दिखेंगे. वहीं अफगानिस्तान ने भी एक मजबूत टीम का चयन किया है.&amp;nbsp;
दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम की पिच रिपोर्ट
आमतौर पर दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम की पिच बल्लेबाजों के लिए मुफीद मानी जाती है. सपाट विकेट और छोटी बाउंड्री की वजह से यहां बल्लेबाज हावी रहते हैं, और बड़े-बड़े स्कोर देखने को मिलते हैं. हालांकि, रविवार को दिल्ली में बारिश की संभावना है. आसमान में बादल छाए रहेंगे. ऐसे में तेज गेंदबाजों को भी मदद मिलने की पूरी उम्मीद है. कुल मिलाकर एक रोमांचक मैच देखने को मिल सकता है.&amp;nbsp;
मैच प्रिडिक्शन&amp;nbsp;
अफगानिस्तान के पास कई टी20 स्पेशलिस्ट खिलाड़ी हैं, लेकिन जीत की दावेदार टीम इंडिया है. मुकाबला 80-20 का है. भारत का पलड़ा भारी है, लेकिन अफगान टीम उलटफेर करने में माहिर है. हमारा मैच प्रिडिक्शन मीटर कह रहा है कि इस मैच में टीम इंडिया की जीत होगी.&amp;nbsp;
भारत की संभावित प्लेइंग इलेवन- अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, ईशान किशन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा (उपकप्तान), नितीश कुमार रेड्डी, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, वरुण चक्रवर्ती, जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह&amp;nbsp;
अफगानिस्तान की संभावित प्लेइंग इलेवन- रहमानुल्लाह गुरबाज (विकेटकीपर), इब्राहिम जादरान (कप्तान), सेदिकुल्लाह अटल, दारविश रसूली, गुलबदीन नैब, मोहम्मद नबी, अजमतुल्लाह उमरजई, राशिद खान, नूर अहमद, नवीन-उल-हक और फजलहक फारूकी
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 04:30:05 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>पहले, टी20, में, ऐसी, होगी, भारत-अफगानिस्तान, की, प्लेइंग, इलेवन, जानें, पिच, रिपोर्ट, और, मैच, प्रिडिक्शन</media:keywords>
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        <title>&amp;apos;मोदी जी को सलाम&amp;apos;, BRICS समिट पर रवि शास्त्री का बड़ा बयान; जानें क्या कहा</title>
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        <description><![CDATA[ टीम इंडिया के पूर्व बल्लेबाज और कोच रवि शास्त्री ने दिल्ली में चल रही BRICS समिट को लेकर बात की. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की. पूर्व भारतीय खिलाड़ी ने एक खास तस्वीर साझा की, जिसमें पीएम मोदी के साथ रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग पौधे को पानी देते नजर आ रहे हैं.&amp;nbsp;
पौधरोपण पहल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी, अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नहयान, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन, इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबिय अहमद अली और ब्राजील के विदेश मंत्री माउरो विएरा ने हिस्सा लिया.
मोदी जी को सलाम&amp;nbsp;
शेयर की गई पोस्ट में रवि शास्त्री ने लिखा, &quot;एक भारतीय के तौर पर इससे ज्यादा गर्व कभी महसूस नहीं हुआ. राष्ट्रपति पुतिन, राष्ट्रपति शी और हमारे शानदार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत में एक साथ. ऐसी अंतरराष्ट्रीय कूटनीति जो पहले कभी नहीं देखी गई. मोदी जी आपको सलाम.&quot;

Never felt prouder as an Indian. President Putin. President Xi. And our Magnificent Prime Minister Narendra Modi together in Mother India. International diplomacy like never before. Take a Bow. Modi Ji pic.twitter.com/RfINH8SiAB
&amp;mdash; Ravi Shastri (@RaviShastriOfc) September 12, 2026



क्या बोले पीएम मोदी?
पीएम मोदी ने शनिवार को एक्स पर लिखा, &quot;2026 के ब्रिक्स दिल्ली शिखर सम्मेलन में सर्वसम्मति से अपनाई गई &#039;नई दिल्ली घोषणा&#039; एक ऐसे ब्रिक्स का आत्मविश्वास दिखाती है जिसकी पहुंच व्यापक है और जिसका उद्देश्य मजबूत है&quot;

The New Delhi Declaration, adopted unanimously at the 2026 BRICS Delhi Summit, reflects the confidence of a BRICS that is wider in reach and stronger in purpose. With a focus on innovation, sustainability, people-to-people ties and more, the endeavour is to make cooperation&amp;hellip; pic.twitter.com/MtqucBx9AY
&amp;mdash; Narendra Modi (@narendramodi) September 12, 2026



आगे लिखा, &quot;इनोवेशन, सस्टेनेबिलिटी, लोगों के बीच आपसी रिश्तों और अन्य मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करते हुए, इसका मकसद सहयोग को अधिक व्यावहारिक, विकास-उन्मुख और ब्रिक्स देशों की आकांक्षाओं के अनुरूप बनाना है. मैं इसे अपनाने के लिए ब्रिक्स के सभी सहयोगी देशों और उनके नेताओं का धन्यवाद करता हूं.&quot;
13 सितंबर को होगा BRICS का समापन&amp;nbsp;
बता दें कि भारत की राजधानी दिल्ली में आयोजित होने वाली BRICS समिट का समापन 13 सितंबर (रविवार) को होगा. इसकी शुरुआत 12 सितंबर (शनिवार) से हुई थी.&amp;nbsp;
&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 04:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा अर्धशतक लगाने वाले 10 बल्लेबाज, जो रूट नंबर&amp;1</title>
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        <description><![CDATA[ पाकिस्तान के खिलाफ तीसरे टेस्ट में अर्धशतक लगाकर इंग्लैंड के कप्तान जो रूट ने इतिहास रच दिया है. जो रूट अब टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में सबसे ज्यादा अर्धशतक (फिफ्टी) लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं. एजबेस्टन में खेले गए तीसरे टेस्ट की दूसरी पारी में रूट ने 9 चौकों की मदद से नाबाद 62 रनों की मैच विनिंग पारी खेली. यह टेस्ट में उनका 69वां अर्धशतक रहा.&amp;nbsp;
जो रूट बने टेस्ट में सबसे ज्यादा अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाज
जो रूट ने क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर के सबसे ज्यादा टेस्ट अर्धशतक के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है. सचिन के नाम टेस्ट में 68 अर्धशतक थे. अब रूट ने 69वां अर्धशतक लगाकर यह रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है. एक्टिव क्रिकेटरों में कोई भी जो रूट के आस-पास नहीं है.&amp;nbsp;
टेस्ट में सबसे ज्यादा अर्धशतक लगाने के मामले में जो रूट 69 फिफ्टी के साथ पहले नंबर पर आ गए हैं. 68 अर्धशतक लगाने वाले सचिन तेंदुलकर इस रिकॉर्ड लिस्ट में दूसरे नंबर पर हैं. वेस्टइंडीज के दिग्गज बल्लेबाज रहे&amp;nbsp; शिवनारायण चंद्रपॉल 66 अर्धशतक के साथ इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर हैं. चौथे नंबर पर एलन बॉर्डर और पांचवें नंबर के राहुल द्रविड़ के नाम 63-63 अर्धशतक हैं.&amp;nbsp;
टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा अर्धशतक लगाने वाले 10 बल्लेबाज&amp;nbsp;
1- जो रूट (इंग्लैंड): 69 अर्धशतक&amp;nbsp;2- सचिन तेंदुलकर (भारत): 68 अर्धशतक&amp;nbsp;3- शिवनारायण चंद्रपॉल (वेस्ट इंडीज): 66 अर्धशतक&amp;nbsp;4- एलन बॉर्डर (ऑस्ट्रेलिया): 63 अर्धशतक5- राहुल द्रविड़ (भारत): 63 अर्धशतक6- रिकी पोंटिंग (ऑस्ट्रेलिया): 62 अर्धशतक7- जैक्स कैलिस (दक्षिण अफ्रीका): 61 अर्धशतक &amp;nbsp;8- एलिस्टेयर कुक (इंग्लैंड): 57 अर्धशतक9- महेला जयवर्धने (श्रीलंका): 50 अर्धशतक10- इंजमाम-उल-हक (पाकिस्तान): 46 अर्धशतक
इंग्लैंड ने 8 विकेट से जीता तीसरा टेस्ट&amp;nbsp;
तीसरे टेस्ट में पाकिस्तान की टीम अपनी पहली पारी में सिर्फ 133 रन ही बना सकी थी. इसके बाद इंग्लैंड ने अपनी पहली पारी में 453 रन बनाकर विशाल बढ़त हासिल की. पहली पारी में इंग्लैंड को 320 रनों की मैच विनिंग बढ़त मिली थी. इसके बाद पाकिस्तान ने दूसरी पारी में 449 रन बना डाले, और इंग्लैंड के सामने 130 रनों का लक्ष्य रखा. इंग्लैंड ने 2 रन पर 2 विकेट गिर जाने के बाद भी 8 विकेट से यह टेस्ट मैच जीत लिया. इसके साथ ही तीन मैचों की सीरीज इंग्लैंड ने 3-0 से अपने नाम की.
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पहले टी20 में ऐसी होगी भारत-अफगानिस्तान की प्लेइंग इलेवन, जानें पिच रिपोर्ट और मैच प्रिडिक्शन ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 04:30:02 +0530</pubDate>
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        <title>‘...मेरा साया साथ होगा’, केन्द्र सरकार पर कांग्रेस का तंज, जानें क्या कहा?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/मेरा-साया-साथ-होगा-केन्द्र-सरकार-पर-कांग्रेस-का-तंज-जानें-क्या-कहा</link>
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        <description><![CDATA[ 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के पहले दिन शनिवार (12 सितंबर, 2026) को हुई बैठक के बाद ब्रिक्स के सदस्य देशों की तरफ से अपनाए गए दिल्ली डिक्लेरेशन 2026 यानी दिल्ली घोषणापत्र 2026 को लेकर देश की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तंज कसा है. कांग्रेस ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए तंज कसने के लिए बॉलीवुड के एक पुराने और मशहूर गाने &amp;lsquo;तू जहां-जहां चलेगा, मेरा साया साथ होगा&amp;rsquo; का इस्तेमाल किया.
दरअसल, कांग्रेस के संचार विभाग के इनचार्ज, महासचिव और सांसद जयराम रमेश ने दिल्ली घोषणापत्र 2026 को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर किया. उनके पोस्ट करने के पीछे का उद्देश्य पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की कूटनीतिक विरासत और 18वें ब्रिक्स समिट में अपनाए गए डिक्लेरेशन में उसकी मौजूदगी को प्रकाश में लाना था.
एक्स पोस्ट में क्या बोले कांग्रेस नेता?
कांग्रेस नेता ने अपने पोस्ट में दिल्ली डिक्लेरेशन 2026 की पैरा 16 के बारे में बताया, जिसमें इंडोनेशिया के बांडुंग में 1955 में हुए एशियन-अफ्रीकन कॉन्फ्रेंस और समानता, आजादी, नॉन-इंटरवेंशन और म्यूचुअल बेनिफिट्स के सिद्धांतों का जिक्र किया गया है.&amp;nbsp;

Para 16 of the New Delhi Declaration just adopted at the BRICS Summit says the following:16. We recall 1955 Asian-African Conference in Bandung, Indonesia that proclaimed general principles, including equality, independence, non-intervention, and mutual benefit. We stress that&amp;hellip; pic.twitter.com/iYaDPScZe5
&amp;mdash; Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) September 12, 2026



जयराम रमेश ने कहा, &amp;lsquo;अभी-अभी ब्रिक्स समिट में अपनाए गए नई दिल्ली घोषणापत्र के पैरा 16 में कहा गया है, &amp;lsquo;हम इंडोनेशिया के बांडुंग में 1955 में आयोजित एशियन-अफ्रीकन कॉन्फ्रेंस को याद करते हैं, जिसमें समानता, आजादी, नॉन-इंटरवेंशन और म्यूचुअल बेनिफिट्स के सिद्धांतों के साथ अन्य सामान्य सिद्धांतों की घोषणा की गई थी. हम इस बात पर जोर देते हैं कि ज्यादा न्यायपूर्ण, समावेशी और रिप्रेजेंटेटिव मल्टीलेटरल सिस्टम की दिशा में कोशिश करते वक्त बांडुंग स्पिरीट एक महत्वपूर्ण रेफ्रेंस का काम करती है.&amp;rsquo;
उन्होंने कहा, &amp;lsquo;यहां 22 अप्रैल, 1955 की दोपहर को उस ऐतिहासिक बैठक के दौरान जवाहर लाल नेहरू की तरफ से लिखे गए कुछ नोट्स हैं. विनीत ठाकुर ने हाल ही में बांडुंग में पंडित नेहरू की ओर से लिखे गए इन नोट्स के साथ अन्य नोट्स, डूडल्स और टिप्पणियों पर एक शानदार लेख लिखा है.&amp;rsquo; उन्होंने आगे कहा, &amp;lsquo;इस पुराने हिट गाने को याद कीजिए- तू जहां जहां चलेगा, मेरा साया साथ होगा.&amp;rsquo;&amp;nbsp;
यह भी पढ़ेंः Xप्लेन: BRICS समिट में पहले दिन क्या-क्या हुआ? जानिए एक-एक घटना का हिसाब ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 03:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>‘...मेरा, साया, साथ, होगा’, केन्द्र, सरकार, पर, कांग्रेस, का, तंज, जानें, क्या, कहा</media:keywords>
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        <title>दिल्ली में एअर इंडिया के पायलट की मौत, फ्लाइट उड़ाने के चंद घंटे पहले हुई घटना</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/दिल्ली-में-एअर-इंडिया-के-पायलट-की-मौत-फ्लाइट-उड़ाने-के-चंद-घंटे-पहले-हुई-घटना</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/दिल्ली-में-एअर-इंडिया-के-पायलट-की-मौत-फ्लाइट-उड़ाने-के-चंद-घंटे-पहले-हुई-घटना</guid>
        <description><![CDATA[ मुंबई के रहने वाले एअर इंडिया के एक पायलट की शनिवार (12 सितंबर, 2026) को दिल्ली में मौत की घटना सामने आई है. एयरलाइन ने इस घटना को लेकर कहा कि पायलट अपने लेओवर के दौरान दिल्ली के वसंत कुंज इलाके में स्थित एक होटल में ठहरे थे, जहां वह बेहोशी की हालत में मिले. इसके बाद उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
एअर इंडिया ने पायलट की मौत पर गहरा दुख जताया और कहा कि वह उनके परिवार के साथ लगातार संपर्क में है और एयरलाइन्स इस दुख के समय में मृतक के परिवार को हर संभव मदद दे रही है. एयरलाइन ने कहा कि पायलट को शुक्रवार (11 सितंबर, 2026) की शाम को बेहोशी की हालत में पाया गया था. इसके तुरंत बाद ही उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उसके पहले ही उनका निधन हो चुका था.
पायलट की मौत के पीछे क्या है कारण?
जानकारी के मुताबिक, पायलट की मौत के पीछे का संभावित कारण दिल का दौरा माना जा रहा है. पायलट दिल्ली से सियोल जाने वाली फ्लाइट को उड़ाने वाले थे. यह एअर इंडिया एयरलाइन के लिए उनक दूसरी फ्लाइट होने वाली थी, लेकिन इससे पहले ही उनकी मौत हो गई. इससे पहले वह एअर इंडिया एक्सप्रेस के साथ काम करते थे और करीब दो महीने पहले ही उन्होंने एअर इंडिया को जॉइन किया था और उन्हें शनिवार (12 सितंबर, 2026) की सुबह में दिल्ली से सियोल जाने वाली फ्लाइट को उड़ाना था.&amp;nbsp;

घटना के बारे में दिल्ली पुलिस ने क्या कहा?
न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने बताया कि उन्हें शुक्रवार (11 सितंबर, 2026) को वसंत कुंज इलाके के एक होटल में एक शख्स की तबीयत खराब होने की सूचना पर वसंत कुंज नॉर्थ थाने में पीसीआर कॉल मिली. जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो शख्स बेहोश था और कोई भी रेस्पॉन्स नहीं दे रहा था. इसके बाद उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
पुलिस ने कहा, &amp;lsquo;शुक्रवार (11 सितंबर) की मृतक के भाई ने होटल मैनेजर को कॉल किया था और बताया कि उनका भाई कॉल का जवाब नहीं दे रहा. इसके बाद मैनेजर कमरे में गए, पर कमरा अंदर से बंद था, इसलिए होटल की मास्टर चाबी से दरवाजा खोला गया. अंदर मृतक बेहोशी की हालत में मिले और कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहे थे.&amp;rsquo; दिल्ली पुलिस ने आगे कहा कि शनिवार को सफदरजंग अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया गया. मौत के कारण का पता रिपोर्ट के आने के बाद ही चलेगा. फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ेंः BRICS के प्रस्ताव से गदगद हुए सलमान खुर्शीद, &#039;कोई कारण नहीं दिखता कि...&#039; ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 03:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>दिल्ली, में, एअर, इंडिया, के, पायलट, की, मौत, फ्लाइट, उड़ाने, के, चंद, घंटे, पहले, हुई, घटना</media:keywords>
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        <title>नंदीग्राम उपचुनाव: ऋतब्रत बनर्जी का बड़ा बयान &amp; &amp;apos;अगर ममता बनर्जी...&amp;apos;</title>
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        <description><![CDATA[ टीएमसी सिंबल विवाद के बीच नंदीग्राम विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर टीएमसी के बागी गुट के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अगर ममता बनर्जी निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव &amp;nbsp;लड़ने की इच्छा जाहिर करती हैं तो हम उनके समर्थन में अपने उम्मीदवार का नाम वापस ले लेंगे.
पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने कहा, &#039;हमने अपने उम्मीदवार के बारे में लगभग फैसला कर लिया है, बस घोषणा होनी बाकी है. अगर घोषणा के बाद भी ममता बनर्जी निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर करती हैं, तो हम उनके समर्थन में अपना उम्मीदवार वापस ले लेंगे. हम चाहते हैं कि ममता बनर्जी विधानसभा का हिस्सा बनें.&#039;
उन्होंने आगे कहा, &#039;ममता बनर्जी ने कभी कोई सीधा विधानसभा चुनाव नहीं जीता है. हालांकि, वह उपचुनावों में बहुत असहज रहती हैं. 2021 में भी उपचुनाव ही हुआ था, क्योंकि वे नंदीग्राम में हार गई थीं, यहां तक कि उनके &#039;भतीजे&#039; और उनके घर के लोगों ने भी उन्हें वोट नहीं दिया था.&#039;
नंदीग्राम क्यों हॉटसीट?
नंदीग्राम राज्य की सबसे चर्चित सीटों में से एक है. यह वही सीट है, जहां 2021 में ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी के बीच कड़ा मुकाबला हुआ था. 2021 और 2026 में यह बीजेपी की मजबूत सीट बनकर उभरी. शुभेंदु अधिकारी ने यहां से पहले ममता बनर्जी को हराया तो इस बार पवित्र कर को शिकस्त दी थी.
TMC सिंबल विवाद: कल्याण बनर्जी बोले - &#039;चुनाव आयोग हमारे जवाब से...&#039;
6 अक्तूबर को होगी वोटिंग, 9 को रिजल्ट
चुनाव आयोग ने बंगाल की नंदीग्राम, रेजीनगर सीट पर उपचुनाव की तारीख का ऐलान कर दिया है. इन सीटों पर 6 अक्टूबर को वोट डाले जाएंगे और 9 अक्टूबर को नतीजे आएंगे. नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 16 सितंबर है. चुनाव से जुड़े जिलों में आचार संहिता लागू हो गई है. उधर कांग्रेस ने नंदीग्राम सीट से उम्मीदवार के नाम का ऐलान कर दिया है. पार्टी ने यहां से मिलन प्रधान को मैदान में उतारा है.
टीएमसी सिंबल विवाद पर क्या कहा?
उधर, टीएमसी सिंबल विवाद को लेकर इलेक्शन कमीशन के साथ हुई बैठक को लेकर ऋतब्रत बनर्जी ने कहा, &#039;मैं यह नहीं बता सकता कि क्या बातचीत हुई, लेकिन यह बहुत फायदेमंद रही. उनके कई सवाल थे, हमने उनके जवाब दिए और कुछ दस्तावेज दिखाए. चुनाव आयोग ने दस्तावेजों को जमा करने के लिए कहा था. हम ऐसा करेंगे, क्योंकि हम TMC हैं. हमें उम्मीद है कि एक लोकतांत्रिक पार्टी के तौर पर हमें उन सभी दस्तावेज़ों का पालन करना होगा जो हमने दिए हैं.&#039;
BRICS के प्रस्ताव से गदगद हुए सलमान खुर्शीद, &#039;कोई कारण नहीं दिखता कि...&#039;
&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 03:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>नंदीग्राम, उपचुनाव:, ऋतब्रत, बनर्जी, का, बड़ा, बयान, अगर, ममता, बनर्जी...</media:keywords>
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        <title>डॉलर के मुकाबले ब्रिक्स ला रहा अपनी करेंसी? जानें क्या है सच्चाई</title>
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        <description><![CDATA[ भारत में आयोजित 18वें ब्रिक्स समिट में न्यू दिल्ली डिक्लेरेशन को एकमत से लागू किया गया. ब्रिक्स देशों के नेताओं ने सदस्य देशों के बीच सीमा पार भुगतानों को अधिक तेज, सस्ता, पारदर्शी और सुरक्षित बनाने का आह्वान किया. वहीं इस बात की भी चर्चा तेज हो गई कि क्या डॉलर के मुकाबले ब्रिक्स अपनी करेंसी ला रहा, जिस पर विदेश मंत्रालय ने स्थिति साफ की है. MEA ने कहा कि फिलहाल कोई ब्रिक्स करेंसी शुरू करने का कोई प्रस्ताव नहीं है.
ब्रिक्स करेंसी शुरू करने का कोई प्रस्ताव नहीं: MEA
ब्रिक्स देशों के बीच स्थानीय मुद्राओं में व्यापार और भुगतान निपटान को बढ़ावा देने पर चर्चा लंबे समय से चल रही है और इसे द्विपक्षीय व्यापार की लागत कम करने का एक व्यावहारिक उपाय माना जा रहा है. ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान विदेश मंत्रालय में सचिव (आर्थिक संबंध) सुधाकर दलेला ने कहा कि वर्तमान में ब्रिक्स के भीतर किसी साझा मुद्रा को लेकर कोई औपचारिक प्रस्ताव मौजूद नहीं है. उन्होंने कहा कि स्थानीय मुद्रा में व्यापार निपटान का विषय नया नहीं है और इस पर पिछले एक दशक से अधिक समय से विचार-विमर्श हो रहा है.
लोकल करेंसी में व्यापार करने से फायदा
उन्होंने कहा कि लोकल करेंसी में व्यापार करने से द्विपक्षीय लेनदेन की लागत कम हो सकती है और यह वैश्विक भुगतान और निपटान व्यवस्था के पूरक के रूप में काम कर सकता है. उनका कहना था कि इसका उद्देश्य मौजूदा ग्लोबल फाइनेंशियल सिस्टम का विकल्प तैयार करना नहीं, बल्कि व्यापार को अधिक सुविधाजनक, किफायती और प्रभावी बनाना है. विदेश मंत्रालय के अनुसार, ब्रिक्स देशों के बीच चर्चा का मुख्य उद्देश्य कॉमन करेंसी बनाना नहीं, बल्कि अंतर-ब्रिक्स व्यापार को बढ़ाना, भुगतान प्रणालियों को बेहतर बनाना और कारोबारियों के लिए लेनदेन लागत कम करना है. दलेला ने कहा कि सदस्य देश द्विपक्षीय और बहुपक्षीय ढांचे के माध्यम से ऐसे तंत्र विकसित करने की कोशिश कर रहे हैं जो व्यापार और निवेश को आसान बना सकें.
भारत की अध्यक्षता के दौरान 350 से अधिक बैठकें
उन्होंने बताया कि लोकल करेंसी में व्यापार और भुगतान व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों के स्तर पर भी लगातार चर्चा हो रही है और इस दिशा में विभिन्न पहलुओं का स्टडी किया जा रहा है. दलेला ने कहा कि इस साल भारत की अध्यक्षता में हुए ब्रिक्स सहयोग के दौरान एमएसएमई सहयोग पोर्टल, ग्लोबल वैल्यू चेन सहयोग, लॉजिस्टिक्स फ्रेमवर्क, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (डीपीआई), विज्ञान और अनुसंधान रिपॉजिटरी और स्टार्टअप सहयोग जैसी पहलें प्रमुख उपलब्धियों के रूप में सामने आई हैं. उन्होंने बताया कि भारत की अध्यक्षता के दौरान 350 से अधिक बैठकें आयोजित की गईं और 30 से अधिक भारतीय शहरों में विभिन्न ब्रिक्स कार्यक्रम हुए. उन्होंने इसे पूरे देश का प्रयास बताया.
ब्रिक्स की अध्यक्षता से भारत को क्या फायदा हुआ?
सुधाकर दलेला ने आगे कहा कि भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स ने चार प्रमुख स्तंभों के तहत लगभग 150 व्यावहारिक परिणाम हासिल किए हैं. इनमें खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य सहयोग, इनोवेशन, सतत विकास और वैश्विक दक्षिण की प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने से जुड़े कई कदम शामिल हैं. विदेश मंत्रालय के सचिव ने कहा कि नई दिल्ली घोषणा पत्र में विकास-केंद्रित सहयोग को विशेष महत्व दिया गया है और यह एजेंडा अफ्रीका, एशिया और अन्य ग्लोबल साउथ देशों की प्राथमिकताओं के अनुरूप है. भारत ने अपने विकास अनुभवों और विशेषज्ञता को अन्य विकासशील देशों के साथ साझा करने के प्रयासों को भी आगे बढ़ाया है.
सुधाकर दलेला ने कहा कि ब्रिक्स के अंतर्गत 22 मंत्रीस्तरीय ट्रैक सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं और लगभग हर क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई है. उन्होंने कहा कि सभी बैठकों में सदस्य देशों की प्रभावी भागीदारी भारत पर उनके भरोसे को दर्शाती है. इस बीच, ब्रिक्स देशों ने सर्वसम्मति से नई दिल्ली घोषणा पत्र 2026 को अपनाया, जिसमें एकतरफा शुल्क (टैरिफ) और नॉन टैरिफ बैरियर पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई. सदस्य देशों ने कहा कि ऐसी नीतियां वैश्विक व्यापार को विकृत करती हैं और विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के नियमों के अनुरूप नहीं हैं. ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 03:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>&amp;apos;ख्वाब हो तुम या...&amp;apos;, मलेशियाई PM ने गाया बॉलीवुड गाना, वीडियो वायरल</title>
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        <description><![CDATA[ भारत की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए पहुंचे मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने शनिवार (12 सितंबर, 2026) को सभी को उस वक्त हैरान कर दिया, जब अचानक ही उन्होंने बॉलीवुड के एक पुराने लोकप्रिय गीत &amp;lsquo;ख्वाब हो तुम या कोई हकीकत&amp;rsquo; को हिंदी में गाया.
उन्होंने न सिर्फ प्यानो की धुन पर इस पुराने लोकप्रिय गीत को बहुत ही साफ हिंदी भाषा में गाया, बल्कि उन्होंने इसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने आधिकारिक हैंडल से शेयर किया. X पोस्ट में मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने कहा, &amp;lsquo;गुरुजी थोड़ी देर गाने की अनुमति मांग रहे हैं, ठीक है!&amp;rsquo;&amp;nbsp;

Guru mintak izin nyanyi kejap ok! pic.twitter.com/NzazFHV509
&amp;mdash; Anwar Ibrahim (@anwaribrahim) September 12, 2026



पीएम मोदी के साथ मलेशियाई प्रधानमंत्री की मुलाकात
नई दिल्ली पहुंचने के बाद मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हैदराबाद हाउस से पहले मुलाकात की और फिर दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय बैठक भी की. बैठक के दौरान भी मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने बेहद अनोखे ढंग से द्विपक्षीय बातचीत की शुरुआत करते हुए पीएम मोदी की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी मलेशिया में बहुत ही ज्यादा पॉपुलर हैं.
बैठक की शुरुआत में पीएम मोदी से हाथ मिलाने के बाद मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने उनकी तारीफ शुरू कर दी. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी इतने पॉपुलर हैं कि मुझे उन तक पहुंचाने के लिए काफी सारे संदेश मिले हैं.&amp;nbsp;

Saya kemudian langsung ke Hyderabad House untuk ketemu sahabat, Perdana Menteri @narendramodi. Saya zahirkan penghargaan atas layanan istimewa yang diberikan sejak delegasi Malaysia tiba di New Delhi malam tadi.Alhamdulillah, kami sepakat untuk meneruskan momentum hubungan erat&amp;hellip; pic.twitter.com/raY5f5P4Wn
&amp;mdash; Anwar Ibrahim (@anwaribrahim) September 12, 2026



पीएम मोदी से मिलने के बाद क्या बोले इब्राहिम?
राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक के बाद मलेशियाई पीएम अनवर इब्राहिम ने X प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट साझा किया. पोस्ट में उन्होंने कहा, &amp;lsquo;मैंने हैदराबाद हाउस में अपने प्रिय दोस्त और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. मैंने कल शुक्रवार (11 सितंबर) की रात नई दिल्ली पहुंचने के बाद से मलेशियाई प्रतिनिधिमंडल को मिले सेवा और सत्कार के लिए आभार भी जताया.&amp;rsquo;
उन्होंने कहा, &amp;lsquo;अल्हम्दुलिल्लाह, हमने मलेशिया और भारत के संबंधों में बनी नजदीकी की गति को आगे भी जारी रखने और दोनों देशों के लोगों के बीच लंबे समय से चले आ रहे ऐतिहासिक और गर्मजोशी भरे संबंधों पर आधारित दोस्ती को और भी ज्यादा मजबूत करने पर सहमति जताई है.&amp;rsquo;&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 03:30:04 +0530</pubDate>
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        <title>Meta के नए हेडसेट का लुक आया सामने, जानें खासियत</title>
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        <description><![CDATA[ Meta के अपकमिंग मिक्स्ड रियलिटी हेडसेट को लेकर एक बड़ा लीक सामने आया है. कंपनी के इस डिवाइस को फिलहाल Project Phoenix के कोडनेम से जाना जा रहा है. सामने आई तस्वीरों से यह साफ पता चलता है कि Meta इस बार अपने Quest सीरीज वाले भारी डिजाइन से अलग हटकर ज्यादा पतले और चश्मे जैसे डिजाइन पर काम कर रही है. हालांकि, Meta ने अभी तक इस डिवाइस को ऑफिशियली लॉन्च नहीं किया है. ऐसे में आइए जानते है क्या है Meta के नए हेडसेट की खासियत.
चश्मे जैसा डिजाइन देखने को मिला
लीक हुई तस्वीरों में Project Phoenix का डिजाइन सामान्य VR हेडसेट की तुलना में काफी अलग दिखाई दे रहा है. इसमें मोटे फेस कवर की जगह ग्लासेज जैसी फ्रेम नजर आ रही हैं. डिवाइस में अलग-अलग नोज पैड दिए गए हैं, जिससे यह चेहरे पर सामान्य चश्मे की तरह टिक सकता है. बताया जा रहा है कि इस डिजाइन की वजह से हेडसेट को हल्का और लंबे समय तक पहनने के लिए ज्यादा आरामदायक बनाना है.
हैंड और आई ट्रैकिंग पर जोर
लीक से यह भी संकेत मिलता है कि Meta इस डिवाइस में हैंड और आई ट्रैकिंग जैसी तकनीकों को अहम भूमिका दे रही है. इसका मतलब यह है कि यूजर को कई कामों के लिए पूराने कंट्रोलर की जरूरत कम पड़ सकती है. डिवाइस के किनारों और नीचे की तरफ सेंसर या कैमरा भी दिखाई दे रहा है. इनका इस्तेमाल ट्रैकिंग और मिक्स्ड रियलिटी अनुभव को बेहतर बनाने के लिए हो सकता है. हालांकि, इन सेंसर का सही काम Meta की ऑफिशियल घोषणा के बाद ही साफ होगा.
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प्रिस्क्रिप्शन लेंस का भी सपोर्ट
Project Phoenix से जुड़ी तस्वीरें Meta के HorizonOS के एक प्रिस्क्रिप्शन लेंस पैकेज में सामने आईं. इनमें अलग-अलग प्रिस्क्रिप्शन लेंस इंसर्ट्स को हेडसेट के ऑप्टिक्स के सामने फिट करते हुए दिखाया गया है. बताया जा रहा है कि मेटा के Horizon OS के प्रिस्क्रिप्शन लेंस पैकेज और सेटअप फाइल अपडेट के दौरान यह विजुअल्स लीक हो गए.
कब लॉन्च होगा हेडसेट?
अभी तक Meta ने Project Phoenix का ऑफिशियल नाम, कीमत और लॉन्च डेट की घोषणा नहीं की है. हालांकि कुछ रिपोर्ट्स में इसे 2027 में आने वाला प्रीमियम और अल्ट्रालाइट मिक्स्ड रियलिटी डिवाइस बताया जा रहा है. वहीं, Meta Connect 2026 इवेंट 23 सितंबर से शुरू होने वाला है, इसलिए आने वाले दिनों में कंपनी इस प्रोजेक्ट से जुड़ी अधिक जानकारी सामने ला सकती है.
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 01:30:12 +0530</pubDate>
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        <title>अब iPhone और AirPods बताएंगे जिम में आपकी हर एक्टिविटी का राज! जानें कैसे</title>
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        <description><![CDATA[ Apple में यूजर्स को GymKit नाम का एक फीचर देखने को मिल जाता है. बता दें कि कंपनी ने इसे पहली बार 2017 में पेश किया था. इसका मकसद Apple Watch और जिम में मौजूद एक्सरसाइज मशीन के बीच डेटा शेयर करना था. यूजर अपनी Apple Watch को मशीन के NFC सेंसर पर टैप करके कनेक्ट कर सकता था. इसके बाद मशीन और वॉच दोनों एक-दूसरे के साथ वर्कआउट से जुड़ी जानकारी शेयर करते थे.
हालांकि, GymKit को बड़े लेवल पर अपनाया नहीं जा सका. इसकी एक बड़ी वजह ये रही कि हर जिम मशीन इस टेक्नोलॉजी को सपोर्ट नहीं करती है. अब iOS 27 के साथ Apple ने इस सिस्टम को iPhone तक पहुंचा दिया है.
iPhone बनेगा वर्कआउट का कंट्रोल सेंटर
आपको बता दें कि iOS 27 में iPhone को GymKit से जोड़ने का तरीका काफी आसान है. अगर आपके जिम की मशीन GymKit सपोर्ट करती है तो iPhone को उसके NFC या GymKit कनेक्शन पॉइंट पर टैप करना होगा. इसके बाद वर्कआउट का टाइप चुनकर एक्सरसाइज शुरू की जा सकती है.
इस दौरान iPhone वर्कआउट से जुड़ा डेटा रिकॉर्ड करेगा और उसे Apple के Fitness ऐप में सेव किया जा सकेगा. यानी अब GymKit का इस्तेमाल करने के लिए हर बार Apple Watch पहनना जरूरी नहीं रहेगा.
ट्रेडमिल, एलिप्टिकल, इंडोर बाइक और सीढ़ियां चढ़ने वाली मशीन जैसे कार्डियो डिवाइस इसका हिस्सा होते हैं. हालांकि, इसका असली फायदा तभी मिलेगा जब उससे जुड़ी मशीन में Apple का GymKit सपोर्ट मौजूद हो.
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AirPods Pro 3 कैसे करेंगे मदद?
iOS 27 के इस सेटअप में AirPods Pro 3 भी अहम भूमिका निभाते हैं. अगर यूजर इन्हें पहनकर एक्सरसाइज करता है तो ईयरबड्स हार्ट रेट जैसी जानकारी उपलब्ध करा सकते हैं. ये डेटा iPhone तक पहुंचता है और फिर वर्कआउट मशीन के डेटा के साथ मिलकर Fitness ऐप में दर्ज होता है.
इस तरह पूरे प्रोसेस में तीन डिवाइस मिलकर काम करते हैं वर्कआउट मशीन अपने आंकड़े देती है, AirPods Pro 3 हार्ट रेट जैसी जानकारी उपलब्ध कराते हैं और iPhone इन सभी डेटा को संभालता है.
Apple के अनुसार, वर्कआउट खत्म होने के बाद कनेक्टेड मशीन से सेशन का डेटा हटा दिया जाता है. हालांकि, अगर यूजर ने उस मशीन में अलग से साइन-इन किया है तो कंडिशन अलग हो सकती है.
क्या Apple Watch की जरूरत खत्म हो गई?
जी नहीं, ऐसा बिलकुल भी नहीं है. iOS 27 का नया GymKit फीचर उन लोगों के लिए काम का साबित हो सकता है जो Apple Watch नहीं रखते या कभी-कभी वॉच घर पर भूल जाते हैं. अगर वॉच की बैटरी खत्म हो गई है, तब भी जिम मशीन, iPhone और AirPods Pro 3 की मदद से वर्कआउट रिकॉर्ड किया जा सकता है.
लेकिन Apple Watch अभी भी ज्यादा बेहतर हेल्थ और फिटनेस डिवाइस माना जाता है. ये सिर्फ वर्कआउट के दौरान ही नहीं बल्कि पूरे दिन और रात में भी कई तरह का डेटा रिकॉर्ड करती है. इसलिए iPhone और AirPods का नया सेटअप Apple Watch का पूरा ऑप्शन नहीं है.
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 01:30:11 +0530</pubDate>
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        <title>iPhone 18 Pro Max या Galaxy S26 Ultra! जानें दोनों में से किसे खरीदने में है फायदा</title>
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        <description><![CDATA[ Apple ने अपने नए फ्लैगशिप iPhone 18 Pro Max को प्रीमियम स्मार्टफोन सेगमेंट में उतारा है. फोन का डिजाइन देखने में पिछले मॉडल से बहुत अलग नहीं लगता है लेकिन इसके अंदर कई बड़े अपग्रेड देखने को मिलते हैं. दूसरी तरफ Samsung का Galaxy S26 Ultra पहले से ही हाई-एंड Android स्मार्टफोन के तौर पर अपनी जगह बना चुका है. ऐसे में दोनों फोन की तुलना होना लाजिमी है.
दोनों ही कंपनियों के ये सबसे पावरफुल नॉन-फोल्डेबल स्मार्टफोन हैं. इसलिए इनमें से किसी एक को चुनना सिर्फ स्पेसिफिकेशन पर निर्भर नहीं करता है बल्कि यूजर की जरूरत, ऑपरेटिंग सिस्टम और पसंद भी काफी मायने रखती है.
डिजाइन में किसका पलड़ा भारी?
आपको बता दें कि iPhone 18 Pro Max और Galaxy S26 Ultra दोनों ही बड़े स्क्रीन वाले ट्रेडिशनल स्मार्टफोन हैं. दोनों में 6.9 इंच का डिस्प्ले मिलता है. हालांकि, iPhone के किनारे और कॉर्नर थोड़े ज्यादा कर्व्ड हैं जबकि Samsung ने अपने इसस डिवाइस को सीधा और ज्यादा बॉक्सी डिजाइन दिया है.
बिल्ड क्वालिटी के मामले में भी दोनों प्रीमियम फील देते हैं. iPhone में एल्यूमिनियम और ग्लास का इस्तेमाल किया गया है जबकि Galaxy S26 Ultra में ग्लास बैक मिलता है.
वजन की बात करें तो Samsung यहां आगे निकलता है. Galaxy S26 Ultra का वजन करीब 214 ग्राम है जबकि iPhone 18 Pro Max करीब 249 ग्राम का है. लंबे समय तक फोन इस्तेमाल करने पर ये अंतर महसूस किया जा सकता है. Samsung का फोन 7.9mm पतला है, वहीं iPhone की मोटाई 8.75mm है.
दोनों के डिस्प्ले में कितना अंतर?
Apple ने iPhone 18 Pro Max में OLED पैनल दिया है जिसका रिजॉल्यूशन 2868x1320 पिक्सल है. इसमें 120Hz रिफ्रेश रेट मिलता है और स्क्रीन की पीक ब्राइटनेस 3,000 निट्स तक पहुंचती है. यानी तेज धूप में भी डिस्प्ले को देखने में काफी मदद मिल सकती है.
Galaxy S26 Ultra में 3120x1440 पिक्सल रिजॉल्यूशन वाला AMOLED डिस्प्ले दिया गया है. कागज पर Samsung की स्क्रीन ज्यादा रिजॉल्यूशन वाली है लेकिन रोजमर्रा के इस्तेमाल में दोनों के बीच अंतर आसानी से नजर नहीं आएगा. इसमें भी 120Hz रिफ्रेश रेट मिलता है जबकि पीक ब्राइटनेस 2,600 निट्स तक है.
Samsung का एक बड़ा फायदा S Pen है. इससे नोट्स लिखने, स्क्रीन पर ड्रॉ करने और कुछ खास काम करने में सुविधा मिलती है. Apple की तरफ से Pencil सपोर्ट चाहिए तो इसके लिए अलग और महंगे iPhone Duo की जरूरत पड़ती है.
कैमरा में सबसे बड़ा मुकाबला
कैमरा दोनों फ्लैगशिप फोन की सबसे बड़ी खासियतों में से एक है. iPhone 18 Pro Max में ट्रिपल रियर कैमरा सिस्टम दिया गया है. इसमें वाइड, अल्ट्रा-वाइड और टेलीफोटो कैमरा शामिल हैं और तीनों में 48MP सेंसर दिए गए हैं.
इस बार iPhone के मेन कैमरे में वेरिएबल अपर्चर इस डिवाइस को ज्यादा खास बनाता है. ज्यादातर स्मार्टफोन कैमरों में अपर्चर फिक्स रहता है लेकिन यहां यूजर जरूरत के हिसाब से इसे बदल सकता है. इससे अलग-अलग रोशनी की कंडिशन में फोटोग्राफी पर ज्यादा कंट्रोल मिलने के साथ-साथ क्रिएटिव शॉट्स लेने के ऑप्शन बढ़ जाते हैं.
Samsung Galaxy S26 Ultra कैमरा हार्डवेयर के मामले में अलग प्लानिंग अपनाता है. इसमें 200MP का मेन कैमरा है. हाई-रिजॉल्यूशन सेंसर की वजह से फोटो को क्रॉप करने पर भी ज्यादा डिटेल बच सकती हैं. फोन में 50MP अल्ट्रा-वाइड कैमरा भी मिलता है.
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बैटरी और चार्जिंग में मुकाबला बराबर
बैटरी क्षमता के मामले में दोनों फोन करीब 5,000mAh के आसपास हैं. नॉर्मल इस्तेमाल में दोनों से पूरे दिन की बैटरी लाइफ मिलने की उम्मीद की जा सकती है. चार्जिंग में भी इस बार दोनों फ्लैगशिप लगभग बराबरी पर हैं. 60W चार्जर की मदद से दोनों फोन करीब 15 मिनट में 0 से 50 प्रतिशत तक चार्ज हो सकते हैं. यानी जल्दी में फोन को चार्ज करने वाले यूजर्स के लिए दोनों ही ऑप्शन अच्छे हैं.
परफॉर्मेंस में Apple की नई छलांग
Galaxy S26 Ultra में 3nm प्रोसेस पर बना Snapdragon 8 Elite Gen 5 चिपसेट दिया गया है. ये बेहद शक्तिशाली प्रोसेसर है और कुछ टेस्ट में Apple के A19 Pro को भी पीछे छोड़ चुका है.
हालांकि, iPhone 18 Pro Max में Apple का नया A20 Pro चिपसेट मिलता है जिसे कंपनी ने 2nm प्रोसेस पर तैयार किया है. छोटे प्रोसेस नोड का फायदा बेहतर परफॉर्मेंस और पावर एफिशिएंसी के तौर पर मिल सकता है. हालांकि, असली इस्तेमाल में दोनों की क्षमता का सही अंदाजा लंबे समय के टेस्ट के बाद ही लगाया जा सकेगा.
RAM की बात करें तो Galaxy S26 Ultra में स्टोरेज वेरिएंट के हिसाब से 12GB और 16GB RAM मिलती है. iPhone 18 Pro Max में सभी कॉन्फिगरेशन में 12GB RAM दी गई है.
कीमत और किसके लिए कौन सा फोन?
अमेरिका में दोनों फोन की शुरुआती कीमत 256GB मॉडल के लिए करीब 1,299 डॉलर है. इसलिए कीमत के आधार पर इनके बीच बड़ा अंतर नहीं है. अगर आप Apple के दूसरे डिवाइस जैसे AirPods और Apple Watch इस्तेमाल करते हैं तो iPhone 18 Pro Max आपके लिए ज्यादा बेहतर ऑप्शन साबित हो सकता है. वहीं Android की आजादी, S Pen और ज्यादा जूम क्षमता पसंद करने वालों के लिए Galaxy S26 Ultra आकर्षक ऑप्शन हो सकता है.
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 01:30:09 +0530</pubDate>
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        <title>चार्जर पर बना Qi का निशान का क्या मतलब होता? जानिए वजह</title>
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        <description><![CDATA[ चार्जर पर बना Qi का निशान का क्या मतलब होता? जानिए वजह ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 01:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>Chrome में सेव पासवर्ड देखने का आसान तरीका, ऐसे करें चेक</title>
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        <description><![CDATA[ आज के समय में ज्यादातर लोग अलग-अलग वेबसाइट और ऐप्स के लिए अलग पासवर्ड इस्तेमाल करते हैं. इतने सारे पासवर्ड याद रखना किसी के लिए भी आसान नहीं होता. इसी वजह से Google Chrome का Password Manager काफी उपयोगी फीचर माना जाता है. Chrome में यूजर अपनी अनुमति से वेबसाइटों के पासवर्ड सेव कर सकता है और जरूरत पड़ने पर उन्हें दोबारा देख भी सकता है. ऐसे में अगर आप किसी वेबसाइट का पासवर्ड भूल गए हैं तो पहले से Chrome में सेव होने पर पासवर्ड को आसानी से चेक किया जा सकता है.
मोबाइल में ऐसे देखें सेव पासवर्ड
Android फोन में Chrome के जरिए सेव पासवर्ड देखने के लिए सबसे पहले Google Chrome खोलें. इसके बाद ऊपर दाईं तरफ दिखाई देने वाले तीन डॉट्स पर टैप करें. अब Settings में जाएं और Google Password Manager का विकल्प चुनें. यहां आपको उन वेबसाइट और ऐप्स की लिस्ट दिखाई देगी, जिनके लॉगिन डिटेल्स आपने Chrome में सेव किए हैं. आप जिस वेबसाइट का पासवर्ड देखना चाहते है, उसके ऊपर पर टैप करें. इसके बाद Chrome आपकी फोन की सुरक्षा जांच के लिए PIN, पैटर्न, पासवर्ड या फिंगरप्रिंट मांगेगा. वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद पासवर्ड के सामने मौजूद आंख के आइकन पर टैप करके आप पासवर्ड देख सकते हैं.
कंप्यूटर पर ऐसे चेक करें पासवर्ड
कंप्यूटर या लैपटॉप पर भी Chrome में सेव पासवर्ड देखना आसान है. इसके लिए Chrome ब्राउजर को ऑपन करें और ऊपर मौजूद तीन डॉट्स पर क्लिक करें. इसके बाद Settings में जा कर, Passwords and Autofill सेक्शन में जाएं और Google Password Manager को ऑपन करें. अब सेव किए गए अकाउंट्स की लिस्ट में उस वेबसाइट को चुनें, जिसका पासवर्ड आप देखना चाहते है. पासवर्ड देखने के लिए कंप्यूटर का PIN, पासवर्ड या अन्य स्क्रीन-लॉक वेरिफिकेशन मांगा जाता है. वेरिफिकेशन के बाद आंख के आइकन पर क्लिक करके आप पासवर्ड देख सकते हैं.
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Google Password Manager के फायदें
Google Password Manager का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह यूजर को हर वेबसाइट का पासवर्ड अलग से याद रखने की परेशानी से बचाता है. फिर भी पासवर्ड मैनेजर का इस्तेमाल करते समय सुरक्षा का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. फोन और कंप्यूटर में मजबूत स्क्रीन लॉक रखें और Google Account पर 2-Step Verification हमेशा चालू रखें. वहीं अपने पासवर्ड या OTP को कभी भी किसी के साथ शेयर न करें.
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 01:30:07 +0530</pubDate>
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        <title>मिर्गी के लंबे दौरे में क्लोबाजाम भी असरदार, AIIMS की स्टडी में खुलासा</title>
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        <description><![CDATA[ मिर्गी के मरीजों के लिए नई स्टडी उम्मीद जगाने वाली है. AIIMS नई दिल्ली और जीबी पंत इंस्टीट्यूट के शोधकर्ताओं ने पाया है कि मुंह में घुलने वाली क्लोबाजाम (Clobazam) लंबे समय तक चलने वाले मिर्गी के दौरे को रोकने में नाक से दी जाने वाली मिडाजोलम (Midazolam) जितनी असरदार हो सकती है.
स्टडी में दोनों दवाओं ने लंबे focal seizures को करीब एक मिनट में रोकने में असर दिखाया. शोधकर्ताओं ने इसके लिए मरीजों के दौरे के लक्षणों के साथ EEG में दिमाग की इलेक्ट्रिकल एक्टिविटी को भी देखा.
क्यों जरूरी है यह रिसर्च?
मिर्गी का दौरा अक्सर कुछ समय बाद अपने आप रुक सकता है, लेकिन अगर दौरा लगातार जारी रहे और लंबा हो जाए तो स्थिति गंभीर हो सकती है. ऐसे मामलों में डॉक्टर रेस्क्यू मेडिसिन का इस्तेमाल कर सकते हैं. इस रिसर्च में दो मिनट से ज्यादा चलने वाले focal seizures पर ध्यान दिया गया. रिसर्चर्स का मकसद यह पता लगाना था कि ऐसे लंबे दौरे को रोकने में मुंह में घुलने वाली क्लोबाजाम और नाक से दी जाने वाली मिडाजोलम में कितना अंतर है.
95 मरीजों पर हुई स्टडी
यह रिसर्च AIIMS दिल्ली की Epilepsy Monitoring Unit में की गई. इसमें ऐसे मरीजों को शामिल किया गया, जिन्हें ड्रग रेसिस्टेंट मिर्गी थी. इस दौरान कुल 165 मरीजों की जांच की गई, जिनमें 95 मरीज स्टडी में शामिल किए गए.
दो समूह में बांटे गए मरीज

47 मरीजों को नाक से मिडाजोलम दी गई.
48 मरीजों को मुंह में घुलने वाली क्लोबाजाम दी गई.

स्टडी के दौरान कुल 570 दौरे रिकॉर्ड किए गए. इनमें 52 ऐसे दौरे थे, जो दो मिनट से ज्यादा चले और जिनमें रेस्क्यू मेडिसिन की जरूरत पड़ी.
करीब एक मिनट में रुका लंबा दौरा
स्टडी का सबसे अहम नतीजा यह रहा कि दोनों दवाओं ने लंबे focal seizures को करीब एक मिनट में रोकने में असर दिखाया. रिसर्चर्स ने सिर्फ मरीज के शरीर में दिखाई देने वाले दौरे के लक्षणों को ही नहीं देखा, बल्कि EEG के जरिए दिमाग की इलेक्ट्रिकल एक्टिविटी की भी निगरानी की. आसान भाषा में कहें तो इस स्टडी के आधार पर यह नहीं कहा जा सकता कि मिडाजोलम या क्लोबाजाम में से कोई एक दवा दूसरी से स्पष्ट रूप से बेहतर है.
नाक में मिडाजोलम देने में क्या दिक्कत?
स्टडी में इस्तेमाल की गई मिडाजोलम नाक के जरिए दी गई. डॉ. मंजरी त्रिपाठी के मुताबिक, बच्चों में इसे कई पफ में देना पड़ सकता है, जबकि बड़ों में भी कई पफ की जरूरत पड़ती है. इस दौरान दवा के लीक होने की आशंका रहती है. उन्होंने बताया कि नाक से दी जाने वाली दवा हर जगह आसानी से उपलब्ध नहीं होती और इसकी कीमत भी एक चुनौती हो सकती है.
मुंह में घुलने वाली क्लोबाजाम अलग कैसे?
क्लोबाजाम के जिस फॉर्म को इस रिसर्च में देखा गया, उसे सामान्य गोली की तरह निगलने की जरूरत नहीं पड़ती. यह मुंह में घुल जाती है, जिससे ऐसे मरीजों में इसे देना आसान हो सकता है, जिन्हें दौरे के दौरान निगलने में परेशानी हो. डॉ. मंजरी त्रिपाठी के मुताबिक, अगर मरीज को दौरा आने से पहले चेतावनी के लक्षण महसूस हो जाएं तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार ऐसी रेस्क्यू दवा का इस्तेमाल दौरे को लंबा होने से रोकने के लिए किया जा सकता है. हालांकि, रेस्क्यू मेडिसिन का इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह और निर्धारित डोज के अनुसार ही किया जाना चाहिए.
दोनों दवाएं असरदार, लेकिन किसे चुनें?
इस रिसर्च का संदेश यह नहीं है कि अब मिडाजोलम की जगह हर मरीज को क्लोबाजाम दी जाएगी. स्टडी में दोनों दवाओं की तुलना की गई और दोनों ने लंबे दौरे रोकने में समान प्रभाव दिखाया. रिसर्चर्स के मुताबिक, क्लोबाजाम को मिडाजोलम के एक संभावित विकल्प के तौर पर देखने की दिशा में यह अध्ययन महत्वपूर्ण है. खासकर ऐसे मामलों में जहां नाक से दी जाने वाली दवा उपलब्ध न हो या उसके इस्तेमाल में व्यावहारिक दिक्कत हो.
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 01:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>शराब पीने के बाद उपद्रव क्यों करने लगते हैं लोग? जान लें वजह</title>
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        <description><![CDATA[ महाराष्ट्र के पुणे जिले में प्रशासन ने गणेशोत्सव के पावन त्योहार के मौके पर पूरे 12 दिनों के लिए शराब की बिक्री पर रोक लगाने का आदेश जारी किया था. हालांकि, बॉम्बे हाई कोर्ट ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए बहुत ही दिलचस्प टिप्पणी की. चीफ जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी की पीठ ने साफ कहा कि अगर त्योहार के दौरान कोई शराब पीकर उत्साह दिखाता है, तो आप यह नहीं कह सकते कि वह सड़कों पर उपद्रव या कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा करेगा.&amp;nbsp;
इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि इतने लंबे समय तक शराब पूरी तरह बंद करने से नियमित पीने वालों की तबीयत बिगड़ सकती है और अस्पताल भर जाएंगे. कोर्ट की फटकार के बाद प्रशासन को झुकना पड़ा और यह प्रतिबंध सिर्फ दो मुख्य दिनों तक सीमित कर दिया गया. हाई कोर्ट की इस टिप्पणी ने एक पुरानी बहस को दोबारा जिंदा कर दिया है. आखिर ऐसा क्यों होता है कि कुछ लोग शराब पीने के बाद बिल्कुल शांत रहते हैं, जबकि कुछ लोग भारी हंगामा और उपद्रव करने लगते हैं? इसके पीछे का वैज्ञानिक कारण और हमारे शरीर में निकलने वाले हार्मोन बहुत मायने रखते हैं.
दिमाग का कंट्रोल रूम कमजोर पड़ जाता है
हमारे दिमाग का एक हिस्सा होता है, जिसे प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स कहा जाता है. यही हिस्सा हमें सही-गलत का फैसला लेने, गुस्से को काबू करने और सोच-समझकर बोलने में मदद करता है. शराब सीधे इसी हिस्से पर असर डालती है और इसे सुस्त कर देती है. नतीजा यह होता है कि इंसान का आत्म-नियंत्रण कमजोर पड़ जाता है. जो बात नशे में न होने पर वह मन में ही दबा लेता, शराब पीने के बाद वही बात वह खुलकर बोलने या करने लगता है. यही वजह है कि शराब पीने के बाद लोग बिना सोचे-समझे झगड़ा, बहस या मारपीट तक कर बैठते हैं.
कौन से हार्मोन बढ़ा देते हैं गुस्सा?
शराब पीने के बाद शरीर में टेस्टोस्टेरोन नाम के हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है, जो आक्रामकता और गुस्से से जुड़ा माना जाता है. इसके साथ ही तनाव बढ़ाने वाला हार्मोन कॉर्टिसोल भी सक्रिय हो जाता है, जिससे इंसान चिड़चिड़ा और बेचैन महसूस करने लगता है. वहीं दिमाग को शांत रखने वाला हार्मोन सेरोटोनिन शराब के असर से कम हो जाता है.&amp;nbsp;
सेरोटोनिन की कमी की वजह से मूड बिगड़ने लगता है और छोटी-छोटी बातों पर भी गुस्सा आने लगता है. यानी एक तरफ शरीर में आक्रामकता बढ़ाने वाले हार्मोन ज्यादा सक्रिय हो जाते हैं, तो दूसरी तरफ शांत रखने वाला हार्मोन कमजोर पड़ जाता है, और यही मेल इंसान को उपद्रवी बना देता है.
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हर किसी पर असर एक जैसा क्यों नहीं होता?
यह जरूरी नहीं कि शराब पीने वाला हर इंसान हिंसक या उपद्रवी हो जाए. इसका असर व्यक्ति के स्वभाव, शराब की मात्रा, माहौल और पहले से मन में मौजूद तनाव पर भी निर्भर करता है. जो इंसान वैसे भी गुस्सैल स्वभाव का होता है या पहले से किसी बात को लेकर परेशान होता है, उसमें शराब का असर ज्यादा आक्रामक रूप में सामने आता है.&amp;nbsp;
वहीं भीड़ और शोर-शराबे वाले माहौल में भी लोग एक-दूसरे को देखकर जल्दी उत्तेजित हो जाते हैं, जिससे छोटी बहस भी बड़ी झड़प में बदल सकती है. यही वजह है कि त्योहारों और बड़े आयोजनों के दौरान प्रशासन भीड़भाड़ वाले इलाकों में शराब बिक्री पर खास नजर रखता है, ताकि जश्न किसी हंगामे में न बदल जाए.
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 01:30:03 +0530</pubDate>
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        <title>सस्ते सोलर सामान पर अमेरिका ने लगाया भारी टैक्स, अब महंगे होंगे पैनल</title>
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        <description><![CDATA[ अमेरिका ने भारत, इंडोनेशिया और लाओस से आने वाले सोलर सेल और पैनल पर बड़ा झटका दिया है. U.S. Department of Commerce ने इन देशों से होने वाले सोलर आयात पर भारी एंटी-डंपिंग ड्यूटी और काउंटरवेलिंग ड्यूटी लगाई है. भारत के सोलर उत्पादों पर 123.04 फीसदी का एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाया गया है.&amp;nbsp;
अमेरिका का कहना है कि इन देशों के निर्माता अमेरिकी बाजार में सोलर उत्पाद कम कीमत पर बेच रहे थे और उन्हें सरकारों से ऐसी सब्सिडी मिल रही थी जिससे अमेरिकी कंपनियों को नुकसान हो रहा था. इस फैसले के बाद अब भारतीय सोलर कंपनियों के लिए अमेरिका में अपने प्रोडक्ट बेचना महंगा हो जाएगा.&amp;nbsp;
सोलर पैनल पर कितना टैक्स लगा?भारतीय प्रोडक्ट्स के लिए 123.04 फीसदी एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाया गया है. इंडोनेशिया के लिए ये 94.36 फीसदी और लाओस के लिए 65.43 फीसदी है. इसके अलावा काउंटरवेलिंग ड्यूटी भी लागू होगा.&amp;nbsp;
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अमेरिका ने क्यों लिया ये फैसला?अमेरिका में कुछ घरेलू सोलर कंपनियों ने भारत समेत इन देशों से आने वाले सस्ते सोलर प्रोडक्ट्स को लेकर शिकायत की थी. अमेरिकी जांच में पाया गया कि इन देशों के निर्माता अपने प्रोडक्ट्स को अमेरिकी बाजार में बहुत कम कीमत पर बेच रहे थे. साथ ही, अमेरिका ने आरोप लगाया कि इन देशों की सरकारों की तरफ से मिलने वाली सब्सिडी से भी प्रोडक्ट को फायदा मिल रहा है.&amp;nbsp;
कंपनियों पर क्या असर होगा?इस फैसले का सबसे ज्यादा असर उन भारतीय कंपनियों पर पड़ेगा जो अमेरिकी बाजार में सोलर सेल और मॉड्यूल निर्यात करती हैं. अगर किसी कंपनी के उत्पाद पर 100 फीसदी से ज्यादा का शुल्क लगता है तो अमेरिकी बाजार में उसका दाम काफी बढ़ सकता है. कंपनियों के सामने अब दो ऑप्शन होंगे, या तो इस लागत का कुछ हिस्सा खुद उठाएं या फिर इसे अमेरिकी खरीदारों पर डालें.
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क्या भारत में सोलर पैनल महंगे होंगे?
अमेरिका का ये शुल्क सीधे भारत में बिकने वाले सोलर पैनल पर लागू नहीं होता है. यानी सिर्फ इस फैसले की वजह से भारत में घरेलू ग्राहकों के लिए सोलर पैनल की कीमत तुरंत बढ़ना जरूरी नहीं है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 00:30:09 +0530</pubDate>
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        <title>ATM से फटा या गंदा नोट निकला? समझें अपने अधिकार, RBI ने बनाए नियम</title>
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        <description><![CDATA[ आपने अक्सर यह देखा होगा कि कभी-कभी ATM से रकम निकालने के दौरान कटे-फटे नोट निकल जाते हैं. ऐसे में ज्यादातर लोगों को यह लगता है कि ATM से खराब नोट निकलने के बाद अब उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है. अगर ATM से पैसे निकालते समय आपके हाथ में भी कटे-फटे नोट या गंदे नोट आ जाएं, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है. क्योंकि इसके लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने नियम तय कर रखें. ऐसे नोट मिलने पर आप बैंक से संपर्क करके उन्हें बदलवा सकते हैं. लेकिन इसके लिए सही प्रोसेस जानना बेहद जरूरी है, ताकि बैंक में आपको किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े.&amp;nbsp;
ATM से खराब नोट निकले तो सबसे पहले क्या करें?
RBI के मुताबिक, सबसे पहले उस बैंक की शाखा से जल्द से जल्द संपर्क करें, जिस बैंक के ATM से आपने पैसे निकाले हैं. साथ ही इसके लिए बैंक को एक लिखित आवेदन देकर ATM से कैश निकालने की तारीख, समय,स्थान और निकाली गई रकम की जानकारी दें.
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अगर ATM से मिली ट्रांजैक्शन स्लिप आपके पास है, तो उसकी कॉपी या स्लिप आवेदन के साथ जमा करें. वहीं अगर आपके पास स्लिप मौजूद नहीं है, तो मोबाइल पर आया बैंक का SMS या ट्रांजैक्शन की जानकारी भी प्रमाण के तौर पर दिखाई जा सकती है.&amp;nbsp;
एक बार में कितने नोट बदलवा सकते हैं?
RBI के नियमों के मुताबिक, सामान्य तौर पर एक बार में आप अधिकतम 20 नोट बदलने के लिए बैंक में दे सकते हैं. लेकिन ध्यान रहें कि इन सभी नोटों की कुल कीमत 5,000 रुपये से ज्यादा न हो. ऐसे में अगर आपकी नोटों की संख्या या कुल रकम इससे ज्यादा है, तो बैंक के नियमों के मुताबिक अलग प्रोसेस अपनाई जा सकती है. इसलिए बैंक जाने से पहले नोटों की संख्या और उनकी कुल वैल्यू जरूर चेक करें.
नोट बदलने के लिए क्या देना होगा फीस?
फटे या गंदे को बदलने के लिए बैंक की ओर से आपसे अलग से कोई फीस नहीं लिया जाना चाहिए. इसलिए अगर कोई व्यक्ति इस सेवा के लिए आपसे एक्स्ट्रा पैसे मांगता है, तो इसकी जानकारी को लेकर आप शिकायत की जा सकती है.
बैंक नोट बदलने से मना करे तो क्या करें?
अगर आपने ATM से खराब नोट निकलने के बाद बैंक में शिकायत की है, लेकिन बैंक आपकी शिकायत पर कारवाई नहीं करता है या नोट बदलने से इनकार करता है, तो आप RBI के शिकायत निवारण सिस्टम के जरिए शिकायत दर्ज कर सकते हैं.
किन नोटों को बदलवाना मुश्किल हो सकता है?&amp;nbsp;
ध्यान रहें कि हर तरह के खराब नोट को सामान्य प्रोसेस के तहत बदलना मुमकिन नहीं है. अगर कोई नोट पूरी तरह टुकड़ों में बंट चुका है, बुरी तरह जल गया है या उसकी हालत इतनी खराब है कि उसे पहचान करना मुश्किल हो, तो बैंक उसे बदलने से इनकार कर सकता है. &amp;nbsp;
नोट बदलने से पहले इन बातों का रखें ध्यान&amp;nbsp;

नोट असली होना चाहिए.&amp;nbsp;
नोट पर सीरियल नंबर, महात्मा गांधी का वॉटरमार्क और गवर्नर के हस्ताक्षर जैसे सुरक्षा चिन्ह साफ दिखाई देने चाहिए.
फटे या गंदे नोट को बदलने के लिए बैंक को अलग से कोई फीस न दें.&amp;nbsp;
सबसे जरूरी बात यह है कि खराब नोट मिलने के बाद उसे फेंकने या किसी दूसरे व्यक्ति को देने के बजाय अपने पास संभालकर रखें.

9 अक्टूबर से शुरू होगी फ्लिपकार्ट सेल! बिग बिलियन डेज की तारीख लीक
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 00:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>ATM, से, फटा, या, गंदा, नोट, निकला, समझें, अपने, अधिकार, RBI, ने, बनाए, नियम</media:keywords>
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        <title>बहुत जल्द मिलेगी अच्छी खबर, कनाडा संग डील पर बोले ट्रंप, क्या थमने वाला है ट्रेड वॉर?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/बहुत-जल्द-मिलेगी-अच्छी-खबर-कनाडा-संग-डील-पर-बोले-ट्रंप-क्या-थमने-वाला-है-ट्रेड-वॉर</link>
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        <description><![CDATA[ भारत में ब्रिक्स सम्मेलन के आयोजन के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा को लेकर बड़ा ऐलान किया है. ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका और कनाडा के बीच जल्द ही ट्रेड डील होने वाली है. ट्रंप का यह बयान ऐसे समय सामने आया है, जब टैरिफ को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है. ट्रंप के बयान से सवाल उठता है कि क्या अब यूएस और कनाडा के बीच ट्रेड वॉर खत्म होने वाला है?
ट्रंप ने कनाडा के साथ डील को लेकर क्या कहा?
आयरलैंड में प्रधानमंत्री मिशेल मार्टिन के साथ मुलाकात के दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से कनाडा के साथ व्यापार समझौते को लेकर सवाल पूछा गया. जिसके बाद ट्रंप ने कहा कि कनाडा अमेरिका के साथ समझौता करना चाहता है और जल्द ही दोनों देशों के बीच डील देखने को मिल सकती है.
उन्होंने अमेरिकी किसानों के लिए बेहतर व्यापारिक शर्तों की भी मांग की है. वहीं, ट्रंप का कहना है कि कनाडा को अमेरिकी किसानों पर लगाए गए टैरिफ और दूसरे शुल्क को हटाने होंगे.&amp;nbsp;
ATM से फटा या गंदा नोट निकलने पर क्या है आपका अधिकार? जानें RBI का नियम
आखिर अमेरिका-कनाडा के बीच क्यों बढ़ा तनाव?
दरअसल, अमेरिका और कनाडा के बीच टैरिफ को लेकर काफी समय से तनाव चल रहा है, लेकिन यह विवाद सिर्फ टैरिफ तक ही सीमित नहीं रहा है. दोनों देशों के बीच बढ़ता तनाव ऑटोमोबाइल जैसे बड़े उद्योगों की सप्लाई चेन के लिए भी परेशानी की वजह बन गया है. इससे पहले अगस्त में दोनों देशों के बीच व्यापक व्यापार समझौते को लेकर बातचीत आखिरी समय नाकाम हो गई थी. जिसके बाद अमेरिका ने कनाडा के कई सामानों पर भारी शुल्क लगाने का रुख अपनाया.
इसके जवाब में कनाडा ने भी अमेरिकी सामान और स्टील उत्पादों पर टैरिफ बढ़ा दिया. यह मुद्दा यही तक खत्म नहीं हुआ, बल्कि इसके बाद दोनों तरफ से एक के बाद एक जवाबी कदम उठाए गए, जिससे यह व्यापारिक तनाव और ज्यादा गहरा गया. हालांकि, भारत में ब्रिक्स सम्मेलन के आयोजन के बीच ट्रंप के ताजा बयान से अब बातचीत और समझौते की उम्मीद एक बार फिर बनती हुई दिखाई दे रही है.
क्या थमने वाला है अमेरिका-कनाडा का ट्रेड वॉर?
ट्रंप के ताजा बयान से दोनों देशों के बीच विवाद सुलझने की एक उम्मीद जरूर जागी है, लेकिन फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि दोनों देशों के बीच ट्रेड वॉर पूरी तरह खत्म होने वाला है. ट्रंप ने डील को लेकर एक उम्मीद जरूर दिया है, लेकिन औपचारिक बातचीत और ट्रैफिक को लेकर किसी ठोस समझौते को साफ नहीं किया है.&amp;nbsp;
सस्ते सोलर सामान पर अमेरिका ने लगाया भारी टैक्स, अब महंगे होंगे पैनल
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 00:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>बैंकों के पास पैसों की भरमार, RBI बाजार से खींचेगा 1 लाख करोड़, लेकिन क्यों?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/बैंकों-के-पास-पैसों-की-भरमार-rbi-बाजार-से-खींचेगा-1-लाख-करोड़-लेकिन-क्यों</link>
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        <description><![CDATA[ भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकिंग सिस्टम में बढ़ी हुई नकदी को कम करने के लिए एक अहम कदम उठाया है. केंद्रीय बैंक ने सरकारी बॉन्ड की ओपन मार्केट बिक्री (OMO) के जरिए बाजार में कुल 1 लाख करोड़ रुपये की बिक्री करने का फैसला किया है. हालांकि, यह बिक्री सितंबर में तीन अलग-अलग चरणों में होगी.&amp;nbsp;
दरअसल, भारतीय बैंकिंग सिस्टम में इस वक्त जरूरत से पैसों की भरमार है. इससे रातोंरात मिलने वाली ब्याज दरें रेपो रेट से नीचे चली गई हैं. ऐसे में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अतिरिक्त पैसा को सिस्टम से बाहर निकालकर बाजार में ब्याज दरों को संतुलित रखना चाहता है.&amp;nbsp;
तीन किस्तों में होगी 1 लाख करोड़ के बॉन्ड की बिक्री
RBI के मुताबिक, सरकारी सिक्योरिटीज की OMO बिक्री तीन नीलामियों के जरिए की जाएगी.&amp;nbsp;

17 सितंबर 2026: 50,000 करोड़ रुपये
21 सितंबर 2026: 25,000 करोड़ रुपये
28 सितंबर 2026: 25,000 करोड़ रुपये

इन तीनों बिक्री को मिलाकर कुल रकम 1 लाख करोड़ रुपये होगी. वहीं इसकी नीलामी मल्टीपल-प्राइस मेथड के जरिए की जाएगी.
बहुत जल्द मिलेगी अच्छी खबर, कनाडा संग डील पर बोले ट्रंप, क्या थमने वाला है ट्रेड वॉर?
बैंकों में क्यों बढ़ गई इतनी ज्यादा रकम?
दरअसल, बैंकिंग सिस्टम में अचानक इतनी ज्यादा रकम बढ़ने की एक बड़ी वजह विदेशी मुद्रा का भारी प्रवाह भी है. विशेष फॉरेक्स स्कीम के तहत बैंकों ने उम्मीद से कहीं ज्यादा करीब 127 अरब डॉलर जुटाए. यानी भारतीय करेंसी में यह रकम करीब 12.16 करोड़ रुपए है. इससे RBI के विदेशी मुद्रा भंडार में भी बढ़ोतरी हुई और बैंकिंग सिस्टम में रुपये की लिक्विडिटी भी बढ़ गई.
इसका नतीजा यह हुआ कि इस सप्ताह बैंकिंग सिस्टम में सरप्लस लिक्विडिटी 10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रही. यानी इन दिनों बैंकों के पास उनकी जरूरत के हिसाब से काफी ज्यादा पैसे मौजूद है. &amp;nbsp;
RBI को ज्यादा रकम बाजार से क्यों निकालना पड़ रहा है?
RBI के मुताबिक, जब बैंकिंग सिस्टम में जरूरत से ज्यादा पैसा होता है, तो ऐसे में बैंक कम ब्याज दर पर भी पैसा उधार देने के लिए तैयार हो सकते हैं. जिसका सीधा असर शॉर्ट टर्म ब्याज दरों पर पड़ता है. यही वजह है कि मौजूदा स्थिति में ओवरनाइट ब्याज दरें RBI की पॉलिसी रेपो रेट से नीचे जाने लगी थीं. ऐसे में RBI ने अतिरिक्त नकदी को सिस्टम से बाहर निकालने का ऐलान किया है.&amp;nbsp;
OMO के जरिए पैसा कैसे निकलता है?
ओपन मार्केट ऑपरेशन (OMO) के जरिए RBI बाजार में सरकारी बॉन्ड खरीदता या बेचता है. ऐसे में जब RBI सरकारी बॉन्ड बेचता है, तो बैंक और दूसरे पात्र निवेशक उन्हें खरीदने के लिए पैसे देते हैं. यानी आम लफ्जों में समझें तो RBI जब बड़ी मात्रा में सरकारी बॉन्ड बाजार में बेचता है, तो बॉन्ड सप्लाई बढ़ती है.&amp;nbsp;
RBI के ऐलान का बॉन्ड बाजार पर क्या असर पड़ा?
RBI के OMO सेल के ऐलान के बाद इसका असर सरकारी बॉन्ड बाजार पर भी देखने को मिला. बॉन्ड यील्ड में तेजी आई और 10 साल के बेंचमार्क बॉन्ड की यील्ड बढ़कर 7.035% पहुंच गई. वहीं 5 साल के बॉन्ड की यील्ड भी बढ़कर 6.6222% हो गई.
ATM से फटा या गंदा नोट निकलने पर क्या है आपका अधिकार? जानें RBI का नियम
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        <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 00:30:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>बैंकों, के, पास, पैसों, की, भरमार, RBI, बाजार, से, खींचेगा, लाख, करोड़, लेकिन, क्यों</media:keywords>
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        <title>FMGE 2026: आज से शुरू हुए रजिस्ट्रेशन, 31 अक्टूबर को होगी परीक्षा</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/fmge-2026-आज-से-शुरू-हुए-रजिस्ट्रेशन-31-अक्टूबर-को-होगी-परीक्षा</link>
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        <description><![CDATA[ नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) FMGE अक्टूबर 2026 सेशन के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया आज से शुरू हो गई है. इच्छुक उम्मीदवार शाम 5 बजे से ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकेंगे. इस परीक्षा के जरिए विदेश से मेडिकल की डिग्री लेने वाले एलिजिबल भारतीय नागरिक और ओवरसीज इंडियन सिटीजन भारत में मेडिकल प्रैक्टिसेेज के लिए जरूरी स्क्रीनिंग टेस्ट दे सकते हैं. एनबीईएमएस की ओर से जारी शेड्यूल के अनुसार आवेदन की प्रक्रिया आज से शुरू हो गई और 25 सितंबर तक चलेगी. एफएमजीई अक्टूबर सेशन की परीक्षा 31 अक्टूबर 2026 को कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट मोड में देशभर के निर्धारित परीक्षा केंद्र पर आयोजित की जाएगी.&amp;nbsp;
FMGE 2026 के लिए जरूरी तारीखें&amp;nbsp;
एफएमजी अक्टूबर 2026 सेशन का डीटेल्ड इनफॉरमेशन बुलेटिन 11 सितंबर को जारी किया जाएगा. इसी दिन शाम 5 बजे से ऑनलाइन आवेदन भी शुरू होंगे. उम्मीदवारों को 25 सितंबर तक का अपना फॉर्म जमा करना होगा. इसके बाद 31 अक्टूबर को परीक्षा आयोजित की जाएगी. वहीं परीक्षा का रिजल्ट 30 नवंबर 2026 तक जारी किए जाने की संभावना है.&amp;nbsp;
ये भी पढ़ें-UGC NET जून 2026 री-एग्जाम की प्रोविजनल आंसर की जारी, 13 सितंबर तक दर्ज कराएं आपत्ति
300 सवालों का होगा कंप्यूटर बेस्ड एग्जाम&amp;nbsp;
एफएमजीई अक्टूबर 2026 में एक ही पेपर होगा, जिसमें 300 मल्टीपल चॉइस क्वेश्चन पूछे जाएंगे. परीक्षा कंप्यूटर नेटवर्क के माध्यम से होगी और प्रश्न केवल अंग्रेजी भाषा में होंगे. हर सवाल के चार ऑप्शन दिए जाएंगे, जिनमें से उम्मीदवार को सही उत्तर चुनना होगा. उम्मीदवार परीक्षा के दौरान सवालों को रिव्यू के लिए मार्क भी कर सकेंगे, ताकि समय रहते दोबारा उन प्रश्नों पर नजर डाल सके. इसके अलावा एफएमजीई अक्टूबर 2026 के लिए परीक्षा फीस 5,250 है. वहीं 945 जीएसटी देना होगा. इस तरह उम्मीदवार को कुल 6,195 रुपये का पेमेंट करना होगा.&amp;nbsp;
ऐसे करें एफएमजीई के लिए आवेदन&amp;nbsp;
रजिस्ट्रेशन लिंक एक्टिव होने के बाद उम्मीदवार एनबीईएमएस की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर एफएमजीई अक्टूबर 2026 का ऑप्शन चुन सकते हैं. इसके बाद पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करके लॉगिन करना होगा और आवेदन फॉर्म में मांगी गई जानकारी भरनी होगी. जरूरी डॉक्यूमेंट अपलोड करने के बाद परीक्षा फीस जमा कर फॉर्म सबमिट करना होगा. लास्ट में कंफर्मेशन पेज डाउनलोड करके सुरक्षित रख सकते हैं. वहीं उम्मीदवार काे ध्यान रखना होगा कि एफएमजीई 2026 के लिए सिर्फ एक आवेदन फॉर्म जमा किया जा सकता है. एक से ज्यादा आवेदन करने पर एनबीईएमएस उच्च एप्लीकेशन नंबर वाले फॉर्म का ही एडमिट कार्ड जारी कर सकता है और दूसरे आवेदन रद्द किए जा सकते हैं. ऐसे मामलों में जमा फीस भी जब्त हो सकती है.&amp;nbsp;
ये भी पढ़ें-CSIR UGC NET 2026 का रिजल्ट जारी, csirnet.nta.nic.in पर ऐसे चेक करें स्कोरकार्ड ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 16:30:24 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>FMGE, 2026:, आज, से, शुरू, हुए, रजिस्ट्रेशन, अक्टूबर, को, होगी, परीक्षा</media:keywords>
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        <title>राजस्थान से राष्ट्रपति भवन तक का सफर, मेजर नव्या शेखावत बनी पहली महिला आर्मी ADC</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/राजस्थान-से-राष्ट्रपति-भवन-तक-का-सफर-मेजर-नव्या-शेखावत-बनी-पहली-महिला-आर्मी-adc</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/राजस्थान-से-राष्ट्रपति-भवन-तक-का-सफर-मेजर-नव्या-शेखावत-बनी-पहली-महिला-आर्मी-adc</guid>
        <description><![CDATA[ राजस्थान से राष्ट्रपति भवन तक का सफर, मेजर नव्या शेखावत बनी पहली महिला आर्मी ADC ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 16:30:22 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>कौन&amp;सा है दुनिया का सबसे छोटा यूनिवर्सिटी कैंपस, जहां हैं सिर्फ 3 क्लासरूम?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/कौन-सा-है-दुनिया-का-सबसे-छोटा-यूनिवर्सिटी-कैंपस-जहां-हैं-सिर्फ-3-क्लासरूम</link>
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        <description><![CDATA[ यूनिवर्सिटी का नाम सुनते ही हमारे दिमाग में बड़ी-बड़ी बिल्डिंग और बहुत सारे क्लासरूम की तस्वीर आती है. लेकिन क्या आपने कभी ऐसी यूनिवर्सिटी देखी है, जहां सिर्फ 3 क्लासरूम हों? दरअसल, प्रशांत महासागर में मौजूद छोटे से देश तुवालु में यूनिवर्सिटी ऑफ द साउथ पैसिफिक का एक कैंपस है, जिसमें सिर्फ 3 क्लासरूम हैं. इस कैंपस को दुनिया का सबसे छोटा यूनिवर्सिटी कैंपस बताया जाता है. खास बात यह है कि जगह छोटी होने के बाद भी यहां सैकड़ों छात्र पढ़ाई से जुड़े हैं.
तुवालु में है यह छोटा कैंपस
यह कैंपस तुवालु की राजधानी फुनाफुटी में है. तुवालु प्रशांत महासागर में मौजूद एक छोटा सा द्वीपीय देश है. यहां का यह कैंपस यूनिवर्सिटी ऑफ द साउथ पैसिफिक यानी यूएसपी का हिस्सा है. यूएसपी का मुख्य कैंपस फिजी में है और इसके कई दूसरे कैंपस प्रशांत महासागर के अलग-अलग देशों में हैं. तुवालु के छात्रों को अपने देश में ही पढ़ाई का मौका मिले, इसलिए यहां भी यूनिवर्सिटी का कैंपस बनाया गया है. इससे छात्रों को पढ़ाई के लिए दूसरे देश जाने की जरूरत नहीं पड़ती.
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सिर्फ 3 क्लासरूम में होती है पढ़ाई
इस कैंपस की सबसे खास बात यहां के सिर्फ 3 क्लासरूम हैं. पूरी बिल्डिंग भी बहुत बड़ी नहीं है. इसमें क्लासरूम के अलावा कुछ ऑफिस और एक कॉन्फ्रेंस रूम भी है. रिपोर्ट के मुताबिक, हर सेमेस्टर करीब 330 छात्र इस कैंपस की सुविधाओं से जुड़े रहते हैं. इनमें से कुछ छात्र कैंपस में आकर पढ़ते हैं, जबकि दूर रहने वाले छात्रों के लिए ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा भी इस्तेमाल की जाती है. यानी जगह भले ही छोटी है, लेकिन छात्रों की संख्या और पढ़ाई का काम काफी बड़ा है.
छात्रों के लिए क्यों जरूरी है यह कैंपस
तुवालु में कई छोटे-छोटे द्वीप हैं और एक जगह से दूसरी जगह जाना आसान नहीं होता. ऐसे में वहां का यह कैंपस छात्रों के लिए काफी काम आता है. उन्हें उच्च शिक्षा के लिए अपना देश छोड़कर बाहर जाने की जरूरत कम पड़ती है. रिपोर्ट के मुताबिक, यह कैंपस 1980 के दशक की शुरुआत में एक एक्सटेंशन सेंटर के तौर पर शुरू हुआ था. बाद में यह यूनिवर्सिटी ऑफ द साउथ पैसिफिक के कैंपस का हिस्सा बन गया. आज यहां सीमित जगह में छात्रों को पढ़ाई से जुड़ी सुविधाएं दी जाती हैं.
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        <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 16:30:19 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>कौन-सा, है, दुनिया, का, सबसे, छोटा, यूनिवर्सिटी, कैंपस, जहां, हैं, सिर्फ, क्लासरूम</media:keywords>
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        <title>UP लेखपाल भर्ती का रिजल्ट जारी, 28409 उम्मीदवार हुए शॉर्टलिस्ट</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/up-लेखपाल-भर्ती-का-रिजल्ट-जारी-28409-उम्मीदवार-हुए-शॉर्टलिस्ट</link>
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        <description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने लेखपाल मुख्य परीक्षा 2025 का रिजल्ट जारी कर दिया है. परीक्षा में प्रदर्शन के आधार पर 28409 उम्मीदवारों को अगले चरण यानी एलिजिबिलिटी और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है. उम्मीदवार अपना रिजल्ट आयोग की ऑफिशियल वेबसाइट upsssc.gov.in पर देख सकते हैं. इस भर्ती के जरिए राजस्व विभाग में लेखपाल के 7,994 पदों पर नियुक्ति की जानी है. मुख्य परीक्षा 21 मई 2026 को आयोजित हुई थी. आयोग ने रिजल्ट के साथ अलग-अलग वर्गों के लिए कट ऑफ अंक भी जारी किए हैं.
किस कैटेगरी की कितनी रही कट ऑफ?
लिखित परीक्षा के आधार पर सामान्य वर्ग के लिए कटऑफ 58.75 प्रति अंक रही है. वहीं अनुसूचित जाति के लिए 51.25, अनुसूचित जनजाति के लिए 44, ओबीसी के लिए 55.75 और ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए 55.25 अंक कट ऑफ तय की गई है. क्षैतिज आरक्षण वाली कैटेगरी में भी अलग कटऑफ जारी हुई है. स्वतंत्रता सेनानियों के आश्रितों के लिए 34.25, महिलाओं के लिए 49.25 और पूर्व सैनिकों के लिए 30.50 अंक कट ऑफ रही. पीडब्ल्यूडी की अलग-अलग कैटेगरी के लिए भी आयोग ने कट ऑफ जारी की है, जबकि कुछ केटेगरी में प्रॉब्लम सीटों की सीमा तक पात्र उम्मीदवारों को शामिल किया गया है.&amp;nbsp;
28,409 उम्मीदवार अब देंगे डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन&amp;nbsp;
रिजल्ट में जगह बनाने वाले 28,409 उम्मीदवारों को अब डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन प्रक्रिया में शामिल होना होगा. आयोग की ओर से डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन से जुड़ी तारीख, डॉक्यूमेंट अपलोड करने की प्रक्रिया, जगह और दूसरे जरूरी निर्देश अलग से जारी किए जाएंगे. उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि आगे की प्रक्रिया के लिए सबसे पहले अपने जरूरी डॉक्यूमेंट तैयार रखें.&amp;nbsp;
रिजल्ट में क्या-क्या जानकारी मिलेगी?
यूपीएसएसएससी लेखपाल रिजल्ट में उम्मीदवारों का नाम, रोल नंबर, रजिस्ट्रेशन नंबर, कैटेगरी और क्वालीफाइंग स्टेटस जैसी जानकारी देखी जा सकेगी. इसके अलावा शॉर्ट लिस्टिंग और आगे होने वाले एलिजिबिलिटी या डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन से जुड़े निर्देश भी दिए जाएंगे.&amp;nbsp;
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ऐसे चेक करें यूपी लेखपाल रिजल्ट&amp;nbsp;

उम्मीदवार रिजल्ट देखने के लिए सबसे पहले यूपीएसएसएससी की ऑफिशियल वेबसाइट upsssc.gov.in &amp;nbsp;पर जाएं.&amp;nbsp;
इसके बाद होम पेज के नोटिस बोर्ड सेक्शन में लेखपाल मुख्य परीक्षा के रिजल्ट से संबंधित लिंक खोलें.&amp;nbsp;
अब मांगी गई जानकारी दर्ज करके सबमिट करें.
इसके बाद स्क्रीन पर अपना क्वालीफाइंग स्टेटस चेक करें और रिजल्ट डाउनलोड कर लें

लेखपाल रिजल्ट अंतिम चयन नहीं
आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह रिजल्ट अंतिम चयन लिस्ट नहीं है. 28,409 उम्मीदवारों को केवल एलिजिबिलिटी और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के अगले चरण के लिए योग्य माना गया है. रिजल्ट में नाम आने से किसी उम्मीदवार का लेखपाल पद पर अंतिम चयन का अधिकार तय नहीं होता.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 16:30:17 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>लेखपाल, भर्ती, का, रिजल्ट, जारी, 28409, उम्मीदवार, हुए, शॉर्टलिस्ट</media:keywords>
    </item>
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        <title>हिमाचल के स्कूलों में बदलेगा यूनिफॉर्म का रंग, टीचर्स के लिए भी नया ड्रेस कोड </title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/हिमाचल-के-स्कूलों-में-बदलेगा-यूनिफॉर्म-का-रंग-टीचर्स-के-लिए-भी-नया-ड्रेस-कोड</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/हिमाचल-के-स्कूलों-में-बदलेगा-यूनिफॉर्म-का-रंग-टीचर्स-के-लिए-भी-नया-ड्रेस-कोड</guid>
        <description><![CDATA[ हिमाचल प्रदेश के सीबीएसई स्कूलों में छात्रों और शिक्षकों के पहनावे के साथ-साथ स्कूलों की बिल्डिंग का रंग भी एक तय पैटर्न के अनुसार होगा. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग के बैठक हुई. जिसमें सीबीएसई स्कूलों के लिए यूनिफॉर्म, शिक्षकों की ड्रेस कोड और बिल्डिंग की कलर स्कीम को अंतिम रूप देने को लेकर फैसला लिया गया. सरकार का कहना है कि इन बदलाव के लिए जरिए स्कूलों को एक अलग और एक रूप पहचान देने के साथ छात्रों को बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जाएगा.&amp;nbsp;
छात्रों के लिए ग्रीन कलर की यूनिफॉर्म&amp;nbsp;
बैठक में बताया गया कि हिमाचल प्रदेश के सीबीएसई स्कूलों में छात्रों की यूनिफॉर्म ग्रीन कलर स्कीम पर आधारित होगी. यानी राज्य के इन स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए एक अलग और तय ड्रेस पैटर्न रखा जाएगा. इसके साथ स्कूलों की बिल्डिंग के लिए भी एक समान रंग तय किया गया है. सीबीएसई स्कूलों के भवनों को ओलिव ग्रीन और सैंड बैज रंगों में पेंट किया जाएगा. इससे अलग-अलग स्कूलों के प्रेशर में एक समान रंग संयोजन नजर आएगा.&amp;nbsp;
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महिला और पुरुष शिक्षकों के लिए भी अलग ड्रेस कोड&amp;nbsp;
छात्रों के साथ शिक्षकों के पहनावे को लेकर भी स्पष्ट ड्रेस कोड तय किया गया है. महिला शिक्षकों के लिए लाइट लिलैक पर्पल रंग की ड्रेस निर्धारित की गई है, &amp;nbsp;जबकि पुरुष शिक्षक लाइट ब्लू ट्राउजर और शर्ट पहनेंगे. सरकार ने शिक्षकों के ड्रेस कोड को साफ-सुथरा, फॉर्मल, शालीन और प्रोफेशनल रखने पर जोर दिया है. शिक्षकों को ड्यूटी के दौरान कम से कम एसेसरीज इस्तेमाल करने के लिए कहा गया है. इसके अलावा स्कूल में ड्यूटी के समय शिक्षकों के लिए अपना आईडी कार्ड पहनना भी जरूरी होगा, ताकि उनकी पहचान आसानी से की जा सके.&amp;nbsp;
सीबीएसई स्कूलों के लिए 80 करोड रुपये जारी&amp;nbsp;
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने और बच्चों को उनके घर के नजदीक बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है. इसी दिशा में सीबीएसई स्कूलों में जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने और छात्रों व शिक्षकों की सुविधाओं को मजबूत करने के लिए सरकार पहले ही 80 करोड़ रुपये जारी कर चुकी है. इसके अलावा इन स्कूलों के लिए 5 करोड़ रुपये और जारी किए जाएंगे. सरकार के अनुसार इस राशि का इस्तेमाल शैक्षणिक माहौल को बेहतर बनाने और विद्यार्थियों को उनके घर के पास गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में किया जाएगा.
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        <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 16:30:14 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Singh Rashifal 12 September 2026: 2रे चंद्रमा से फाइनेंस में बंपर लाभ, शुभ योग से मेहनत के अनुकूल परिणाम</title>
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        <description><![CDATA[ Singh Rashifal 12 September 2026: 12 सितंबर 2026, शनिवार के दिन सुबह 07:47 बजे तक भाद्रपद शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि रहेगी, जिसके बाद द्वितीया तिथि आरंभ होगी. प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित सुरेश श्रीमाली के पंचांगीय विश्लेषण के अनुसार आज दोपहर 12:55 बजे तक उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र रहेगा, उसके उपरांत हस्त नक्षत्र रहेगा. आज ग्रहों के गोचर से बनने वाले वाशि योग, आनन्दादि योग, सुनफा योग और विशेष रूप से शुभ योग का अत्यंत अनुकूल प्रभाव प्राप्त होगा. चंद्रमा आज पूरे दिन कन्या राशि में संचार करेंगे.
चंद्रमा आपकी राशि से 2रे भाव (द्वितीय भाव यानी धन, वाणी, संचित कोष, फाइनेंस, कुटुंब व आर्थिक लाभ स्थान) में गोचर कर रहे हैं. 2रे चंद्रमा के शुभ प्रभाव से आज आपको फाइनेंस और वित्तीय लेन-देन के मामलों में बड़ा आर्थिक लाभ होने के प्रबल संकेत हैं. आज शुभ व नए कार्यों के लिए दो शुभ मुहूर्त रहेंगे. पहला दोपहर 12:15 से 01:30 बजे तक अभिजीत मुहूर्त तथा दूसरा दोपहर 02:30 से 03:30 बजे तक लाभ-अमृत का चौघड़िया रहेगा. वहीं सुबह 09:00 से 10:30 बजे तक राहुकाल रहेगा. आज पूर्व दिशा की तरफ यात्रा करना शुभ रहेगा.

बिजनेस और फाइनेंस राशिफल (Business &amp;amp; Finance)
व्यापारिक दृष्टि से आज का दिन सिंह राशि के जातकों के लिए आर्थिक मजबूती, चिंताओं के खात्मे और अनुकूल परिणामों से भरा रहेगा. शुभ योग के प्रभाव से बिजनेस में आपको अपनी पूर्व में की गई कड़ी मेहनत के अनुसार पूरी तरह अनुकूल परिणाम हासिल होंगे, जिससे आपकी कार्य क्षमता और व्यावसायिक मनोबल दोनों में जबर्दस्त बढ़ोतरी होगी. बिजनेसमैन अपने व्यापार से जुड़ी पिछली तमाम चिंताओं को पूरी तरह किनारे करके अपनी निरंतर कोशिशों को सफलता के मुकाम तक पहुंचा कर ही दम लेंगे. अनुकूल ग्रह गोचर और आगामी फेस्टिवल सीजन की बंपर मांग के चलते व्यापारियों को अचानक भारी धन लाभ होने के मजबूत योग बन रहे हैं; संचित धन में अच्छी-खासी वृद्धि दर्ज की जाएगी.
करियर और जॉब राशिफल (Career &amp;amp; Job)
नौकरीपेशा जातकों के लिए आज का दिन अनुशासन की मिसाल पेश करने और ईगो क्लेश (Ego Clash) से दूर रहने का रहेगा. वर्कस्पेस पर एंप्लॉयड पर्सन को साथी को-वर्कर्स (सहकर्मियों) के साथ किसी भी प्रकार के अहंकार की लड़ाई या आपसी वर्चस्व की होड़ में उलझने से सख्त परहेज करना चाहिए; सहयोगात्मक रवैया ही आपको सुरक्षित रखेगा. ऑफिस में आपको अपनी कार्यशैली के साथ-साथ अपने व्यक्तिगत और पेशेवर अनुशासन को सिद्ध करने का एक बेहतरीन अवसर प्राप्त होगा; इस मौके का पूरा लाभ उठाकर आप प्रबंधन और वरिष्ठ अधिकारियों की नजरों में अपनी विश्वसनीयता कई गुना बढ़ा लेंगे.
लव, फैमिली और रिलेशनशिप (Love &amp;amp; Family)
पारिवारिक और व्यक्तिगत जीवन के लिहाज से आज का दिन घर में तालमेल बिठाने और स्वयं के विकास के लिए समय निकालने का रहेगा. पारिवारिक जिम्मेदारियों और रोजमर्रा के कामकाज को घर के सभी सदस्यों के बीच समझदारी से बांट लेने से आपके ऊपर से अनावश्यक दबाव कम होगा. इससे आप अपने खुद के व्यक्तिगत कार्यों और रुचियों के लिए पर्याप्त समय निकाल पाएंगे, जिससे आपके व्यक्तित्व (Personality) में और अधिक निखार व आत्मविश्वास देखने को मिलेगा. पारिवारिक वातावरण सुखद और आपसी सहयोग से भरा रहेगा.
शिक्षा, स्पोर्ट्स और आर्टिस्ट राशिफल (Education &amp;amp; Sports)
खिलाड़ियों (Sports Persons) के लिए आज का दिन एक नई शुरुआत और शारीरिक राहत लेकर आया है. लंबे समय से खेल में बाधा बन रही किसी पुरानी चोट (Old Injury) या शारीरिक दर्द से आज आपको उल्लेखनीय आराम मिलेगा. दर्द से मुक्ति मिलते ही खिलाड़ी पूरी ऊर्जा और ताजगी के साथ पुनः मैदान पर अपनी आगामी प्रतियोगिताओं की तैयारियों और अभ्यास में जी-जान से जुट जाएंगे.
स्वास्थ्य राशिफल (Health Horoscope)
द्वितीय भाव में चंद्रमा के संचरण से शारीरिक स्वास्थ्य कुल मिलाकर ठीक रहेगा, हालांकि खान-पान में अनियमितता के चलते दांत या गले में हल्का दर्द हो सकता है. कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों से अहंकार के टकराव से मानसिक तनाव न होने दें. शनिवार के दिन पौष्टिक, सात्विक व हल्का भोजन लें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, नियमित रूप से योग व ध्यान (Meditation) का अभ्यास करें और अपनी दिनचर्या को अनुशासित रखें.
शुभ रंग: ब्राउन (भूरा)
शुभ अंक: 4
अशुभ अंक: 9
आज का उपाय: शनिवार के पावन अवसर पर तांबे के लोटे में जल, रोली, अक्षत व पीले पुष्प डालकर &#039;ॐ घृणिः सूर्याय नमः&#039; मंत्र का जाप करते हुए भगवान सूर्य देव को अर्घ्य दें. शाम के समय पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का चौमुखा दीपक जलाएं और 7 बार परिक्रमा करें. हनुमान चालीसा का पाठ करें और सिंदूर व चमेली का तेल अर्पित करें. शिवलिंग पर जल में थोड़ा सा कच्चा दूध व काले तिल डालकर अभिषेक करें. किसी जरूरतमंद को फल, काले चने या भोजन का दान करें; इससे 2रे चंद्रमा का पूर्ण आर्थिक लाभ मिलेगा, शुभ योग से फेस्टिवल सीजन में धन वर्षा होगी, ऑफिस में अनुशासन की सराहना होगी और पुरानी चोट से मुक्ति मिलेगी.
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें. ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 14:30:19 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Singh, Rashifal, September, 2026:, 2रे, चंद्रमा, से, फाइनेंस, में, बंपर, लाभ, शुभ, योग, से, मेहनत, के, अनुकूल, परिणाम</media:keywords>
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        <title>Kanya Rashifal 12 September 2026: शुभ योग व भद्र योग से बिजनेस में बदलाव लाएगा सकारात्मक परिणाम, चापलूसों से रहें सावधान</title>
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        <description><![CDATA[ Aaj Ka Kanya Rashifal 12 Sepember 2026: 12 सितंबर 2026, शनिवार के दिन सुबह 07:47 बजे तक भाद्रपद शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि रहेगी, जिसके बाद द्वितीया तिथि आरंभ होगी. प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित सुरेश श्रीमाली के पंचांगीय विश्लेषण के अनुसार आज दोपहर 12:55 बजे तक उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र रहेगा, उसके उपरांत हस्त नक्षत्र रहेगा. आज ग्रहों के गोचर से बनने वाले वाशि योग, आनन्दादि योग, सुनफा योग, शुभ योग और आपकी राशि कन्या होने के कारण बुध के स्वराशि में होने से बनने वाले अत्यंत शुभ भद्र योग का विशेष प्रभाव मिलेगा.
चंद्रमा आज पूरे दिन आपकी ही राशि यानी कन्या राशि (प्रथम भाव यानी लग्न, आत्मभाव, मनःस्थिति, व्यक्तित्व व स्वभाव स्थान) में संचार करेंगे. लग्न में चंद्रमा के संचरण के कारण आज आपका मन कुछ विचलित, अशांत और अंदर से दुखी रह सकता है; ऐसे में नकारात्मक विचारों को खुद पर हावी न होने दें. आज शुभ कार्यों के लिए दो शुभ मुहूर्त रहेंगे, पहला दोपहर 12:15 से 01:30 बजे तक अभिजीत मुहूर्त तथा दूसरा दोपहर 02:30 से 03:30 बजे तक लाभ-अमृत का चौघड़िया रहेगा. वहीं सुबह 09:00 से 10:30 बजे तक राहुकाल रहेगा. आज पूर्व दिशा की तरफ यात्रा करना शुभ रहेगा.

बिजनेस और फाइनेंस राशिफल (Business &amp;amp; Finance)
व्यापारिक दृष्टि से आज का दिन कन्या राशि के जातकों के लिए कार्यप्रणाली में सुधार, पिता के मार्गदर्शन और बचत पर केंद्रित रहने का रहेगा. शुभ योग के प्रभाव से व्यवसाय की कार्यप्रणाली (Work System) में आपके द्वारा हाल ही में किए गए बदलावों के बहुत ही सकारात्मक और अनुकूल परिणाम देखने को मिलेंगे. बिजनेसमैन को अपनी टीम या दूसरों द्वारा की गई गलतियों और दोषों के लिए सुधारात्मक तरीके (Corrective Methods) खोजने होंगे; व्यापारिक पेचीदगियों को सुलझाने के लिए आपको अपने पिता से सलाह लेने के बारे में गंभीरता से सोचना चाहिए, उनका अनुभव आपके लिए अचूक साबित होगा. वित्तीय मोर्चे पर आज आप फिजूलखर्ची (Expenditure) करने के बजाय धन संचय (Wealth Accumulation) को लेकर काफी एक्टिव और गंभीर दिखेंगे; भविष्य की सुरक्षा के लिए कोई छोटा-मोटा सुरक्षित निवेश (Investment) भी कर सकते हैं.
करियर और जॉब राशिफल (Career &amp;amp; Job)
नौकरीपेशा जातकों के लिए आज का दिन चापलूसों से दूरी बनाने, लंबे कामकाजी घंटों और सुझावों की सराहना पाने का रहेगा. वर्कप्लेस पर एंप्लॉयड पर्सन को चापलूस और मतलबपरस्त लोगों के प्रभाव में कतई नहीं आना चाहिए; केवल अपने काम और कर्तव्यों पर ही ध्यान केंद्रित रखें. अपने करियर को संभालने और लक्ष्यों को हासिल करने के लिए आज आपके काम के घंटों की अवधि (Work Hours) बढ़ी हुई रहेगी, जिससे व्यस्तता चरम पर होगी. सुखद बात यह रहेगी कि वर्कप्लेस पर आपके द्वारा दिए गए किसी महत्वपूर्ण सुझाव या इनपुट को प्रबंधन द्वारा विशेष महत्व दिया जाएगा; इससे कार्यस्थल पर आपका मान-सम्मान काफी बढ़ेगा, जो आपके मन को गहरी प्रसन्नता और संतोष प्रदान करेगा.
लव, फैमिली और रिलेशनशिप (Love &amp;amp; Family)
पारिवारिक और दांपत्य जीवन के लिहाज से आज का दिन आत्म-नियंत्रण और मर्यादा बनाए रखने की सख्त चेतावनी दे रहा है. लग्न के चंद्रमा के प्रभाव से पति-पत्नी के आपसी रिश्ते में कुछ उदासीनता और नीरसता रह सकती है. ऐसे में किसी भी प्रकार के विवाहोत्तर प्रेम संबंधों (Extramarital Affairs) या बाहरी आकर्षण में रुचि बिल्कुल भी न लें; यह आपके बसे-बसाए घर को तहस-नहस कर सकता है. केवल अपने परिवार, जीवनसाथी और बच्चों पर ही पूरा ध्यान केंद्रित करें और आपसी संवाद से नीरसता को दूर करें.
शिक्षा, स्टूडेंट और करियर (Education &amp;amp; Students)
प्रतियोगी और सामान्य परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों (Competitive &amp;amp; General Students) के लिए आज का दिन सेहत के प्रति सचेत रहने का है. छात्रों को स्वास्थ्य संबंधी छोटी-मोटी मौसमी परेशानियां (जैसे सिरदर्द, थकान या पेट की गड़बड़ी) रह सकती हैं; अपनी दिनचर्या संतुलित रखें ताकि अध्ययन बाधित न हो.
स्वास्थ्य राशिफल (Health Horoscope)
लग्न में चंद्रमा के गोचर से मानसिक बेचैनी, मन का उचटना और उदासी महसूस हो सकती है. लंबे कामकाजी घंटों के चलते शारीरिक थकान और आंखों में तनाव रह सकता है. शनिवार के दिन पूर्ण सात्विक और हल्का आहार लें, प्रचुर मात्रा में पानी पिएं, नियमित रूप से योग व ध्यान (Meditation) का अभ्यास करें और नकारात्मक सोच से बचने के लिए कुछ समय शांत वातावरण में बिताएं.
शुभ रंग: पर्पल (बैंगनी)
शुभ अंक: 4
अशुभ अंक: 2
आज का उपाय: शनिवार के पावन अवसर पर शाम के समय पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का चौमुखा दीपक जलाएं और &#039;ॐ शं शनैश्चराय नमः&#039; मंत्र का जाप करें. हनुमान चालीसा का पाठ करें और सिंदूर अर्पित करें. मानसिक शांति और लग्न के चंद्रमा के कष्टों को दूर करने के लिए शिवलिंग पर जल में कच्चा दूध, काले तिल, गंगाजल व दूर्वा अर्पित कर &#039;ॐ नमः शिवाय&#039; और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें. किसी जरूरतमंद को फल, हरी मूंग, साबुत अनाज या भोजन का दान करें और पिता के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लें; इससे मन का विचलन शांत होगा, भद्र व शुभ योग से बिजनेस में लाभ मिलेगा, वर्कप्लेस पर सम्मान बढ़ेगा और दांपत्य जीवन सुरक्षित रहेगा.
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें. ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 14:30:18 +0530</pubDate>
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        <title>हरतालिका तीज पर मां पार्वती से कैसे लें सुहाग, इसके बिना अधूरी है पूजा</title>
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        <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 14:30:16 +0530</pubDate>
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        <title>Aaj Ka Rashifal: 12 सितंबर को कन्या राशि में चंद्रमा, जानें सभी 12 राशियों का &amp;apos;आज का राशिफल&amp;apos;</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/aaj-ka-rashifal-12-सितंबर-को-कन्या-राशि-में-चंद्रमा-जानें-सभी-12-राशियों-का-आज-का-राशिफल</link>
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        <description><![CDATA[ Aaj Ka Rashifal: 12 सितंबर को चंद्रमा कन्या राशि में उच्च के बुध के साथ रहेगा. इसलिए आज किए गए हिसाब-किताब, बातचीत और कागजी काम का असर लंबे समय तक दिखाई दे सकता है. किसी राशि के लिए पुराना भुगतान या अटका काम आगे बढ़ सकता है, जबकि किसी को खर्च, अनुबंध और रिश्तों में कही गई बात पर ध्यान देना होगा.
उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र दोपहर 12:55 बजे तक रहेगा. लेख में प्रयुक्त पंचांग गणना के अनुसार राहुकाल सुबह 9:10 से 10:44 बजे तक है. राहुकाल और दूसरे मुहूर्त शहर के अनुसार कुछ मिनट बदल सकते हैं. यह राशिफल चंद्र राशि पर आधारित है, आइए जानते हैं आपका आज का राशिफल.

मेष राशि दैनिक राशिफल: 12 सितंबर 2026 (शनिवार)
आज का दिन मेष राशि के जातकों के लिए कार्यक्षेत्र में विरोधियों पर पूर्ण नियंत्रण, लंबित मामलों के समाधान और दैनिक दिनचर्या को सुव्यवस्थित करने का रहेगा. चंद्रमा आज पूरे दिन आपकी राशि से छठे भाव (रोग, ऋण व शत्रु भाव - कन्या राशि) में अपनी उच्च राशि में विराजमान बुध के साथ गोचर कर रहे हैं. उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र (दोपहर 12:55 तक) और शुभ योग के प्रभाव से आपके व्यावहारिक निर्णयों को ठोस सफलता मिलेगी.
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करियर और व्यवसाय (Career &amp;amp; Business)छठे भाव में उच्च के बुध और चंद्रमा की युति आपके तार्किक विश्लेषण, समस्या-समाधान और कार्यकुशलता को शिखर पर रखेगी. लीगल, ऑडिट, आईटी, बैंकिंग, चिकित्सा, परामर्श और प्रशासनिक सेवाओं से जुड़े प्रोफेशनल्स के लिए आज का दिन विशेष उपलब्धियों भरा रहेगा. कार्यस्थल पर आपकी कार्यशैली के सामने विरोधी निष्प्रभावी रहेंगे. कारोबारियों को पुराने अटके हुए कानूनी मसलों, अनुबंधों की समीक्षा और आंतरिक कार्यप्रणाली को मजबूत करने में अच्छी सफलता मिलेगी.
आर्थिक स्थिति (Finance &amp;amp; Wealth)वित्तीय मोर्चे पर आज का दिन देनदारियों को निपटाने और आय के नियमित प्रवाह को संतुलित करने का है. छठे भाव में चंद्र-बुध की युति से बैंक लोन, टैक्स समाधान या पुराने बकाए की वसूली में अनुकूल परिणाम मिलेंगे. बिना सोचे-समझे उधारी देने से बचें और बजट के अनुसार ही खर्च करें. किसी भी बड़े वित्तीय समझौते, एग्रीमेंट या निवेश से जुड़े दस्तावेजों पर हस्ताक्षर दोपहर 11:52 से 12:42 के अभिजीत मुहूर्त में करना सर्वोत्तम रहेगा.
पारिवारिक और प्रेम जीवन (Love &amp;amp; Family)घर-परिवार में अनुशासन और शांति का वातावरण बना रहेगा. ननिहाल या मातृपक्ष से कोई सकारात्मक सहयोग मिल सकता है. दांपत्य जीवन में जीवनसाथी के साथ संवाद व्यावहारिक और सहयोगात्मक रहेगा; वे आपकी जिम्मेदारियों को संभालने में पूरा साथ देंगे. प्रेम संबंधों में किसी भी अनावश्यक गलतफहमी को बातचीत से सुलझाएं और रिश्ते में पारदर्शिता बनाए रखें.
स्वास्थ्य (Health &amp;amp; Wellness)शारीरिक ऊर्जा का स्तर अच्छा रहेगा, लेकिन छठे भाव के प्रभाव से पाचन तंत्र और आंतों के प्रति सजग रहने की जरूरत है. समय पर भोजन करें और बाहर के तैलीय व गरिष्ठ भोजन से परहेज करें. मानसिक शांति के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और दिनचर्या में नियमित प्राणायाम व हल्का व्यायाम शामिल करें.
महत्वपूर्ण समय और उपायआज पूर्व दिशा में दिशा शूल रहेगा. सुबह 09:10 से 10:44 तक राहुकाल रहने के कारण इस समय के दौरान किसी बड़े जोखिम भरे कार्य की शुरुआत न करें. शनिवार का दिन होने के कारण शाम के समय पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक प्रज्वलित करें और &#039;ॐ शं शनैश्चराय नमः&#039; मंत्र का जप करें. इसके साथ ही भगवान हनुमान को सिंदूर अर्पित करें, हनुमान चालीसा का पाठ करें और काले कुत्तों या पक्षियों को भोजन दें.
शुभ रंग: गहरा लाल और ग्रेशुभ अंक: 9
वृषभ राशि दैनिक राशिफल: 12 सितंबर 2026 (शनिवार)
आज का दिन वृषभ राशि के जातकों के लिए बौद्धिक विस्तार, रचनात्मक उपलब्धियों और रणनीतिक निर्णयों में सफलता का रहेगा. चंद्रमा आज पूरे दिन आपकी राशि से पंचम भाव (विद्या, बुद्धि व संतान भाव - कन्या राशि) में अपनी उच्च राशि में विराजमान बुध के साथ गोचर कर रहे हैं. उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र (दोपहर 12:55 तक) और शुभ योग के प्रभाव से आपकी सोच में दूरदर्शिता और सटीकता देखने को मिलेगी.
करियर और व्यवसाय (Career &amp;amp; Business)पंचम भाव में चंद्र और उच्च के बुध की युति शोध, डेटा एनालिसिस, कोडिंग, डिजाइनिंग, कंसल्टेंसी, स्टॉक एनालिसिस और उच्च शिक्षा से जुड़े प्रोफेशनल्स के लिए अत्यंत फलदायी साबित होगी. आपके नवोन्मेषी विचारों और बौद्धिक क्षमता को कार्यस्थल पर पहचान मिलेगी. कारोबारियों के लिए नई मार्केटिंग योजनाओं को धरातल पर उतारने, ब्रांड प्रमोशन और भविष्य की नई डील्स की रूपरेखा तय करने के लिहाज से दिन बेहद अनुकूल रहेगा.
आर्थिक स्थिति (Finance &amp;amp; Wealth)आर्थिक मोर्चे पर आज का दिन स्मार्ट निवेश और बौद्धिक कौशल से लाभ कमाने का है. पंचम भाव में ग्रहों का यह शुभ संयोग पूर्व में किए गए किसी वित्तीय सौदे या प्रतिभूतियों से अचानक लाभ के संकेत दे रहा है. अपने बजट और संचित धन का प्रबंधन बहुत सोच-समझकर करेंगे. किसी भी बड़े वित्तीय समझौते, एग्रीमेंट या निवेश से जुड़े पेपर्स पर हस्ताक्षर दोपहर 11:52 से 12:42 के अभिजीत मुहूर्त में संपन्न करना सर्वोत्तम रहेगा.
पारिवारिक और प्रेम जीवन (Love &amp;amp; Family)घर-परिवार में आत्मीय, सौहार्दपूर्ण और हल्का-फुल्का माहौल बना रहेगा. संतान की ओर से कोई सुखद समाचार मिल सकता है या उनकी पढ़ाई व प्रगति से मन प्रसन्न होगा. दांपत्य जीवन में जीवनसाथी के साथ सामंजस्य बेहतरीन रहेगा और आप दोनों मिलकर किसी मनोरंजक योजना पर विचार कर सकते हैं. प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी; पार्टनर के साथ खुलकर बातचीत होगी और रिश्ते में नई ताजगी महसूस होगी.
स्वास्थ्य (Health &amp;amp; Wellness)शारीरिक रूप से आप स्फूर्तिवान महसूस करेंगे और मानसिक स ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 14:30:14 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Sugar Price 2026: चीनी कब सस्ती होगी और दिवाली तक क्या रहेगा भाव?</title>
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        <description><![CDATA[ Sugar Price Prediction 2026: अगस्त में रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचने के बाद चीनी के दाम अब नीचे आने लगे हैं. सरकारी कार्रवाई के बाद एक्स-मिल कीमतों ने अपनी तेजी का बड़ा हिस्सा गंवा दिया है. खुदरा बाजार में भी सीमित राहत दिखाई देने लगी है. लेकिन क्या यह राहत 8 नवंबर की दिवाली तक बनी रहेगी?
ज्योतिषीय गणना में एक तारीख चौंकाती है. मिठास और सुख-सुविधाओं का कारक शुक्र 6 नवंबर को वापस अपनी नीच राशि कन्या में प्रवेश करेगा. इसके ठीक दो दिन बाद दिवाली है. यानी जब देश में मिठाई और चीनी की मांग सबसे ज्यादा होगी, उसी समय शुक्र की स्थिति दोबारा कमजोर हो चुकी होगी.

यह संयोग सवाल खड़ा करता है,क्या गणेश उत्सव पर मिली राहत दिवाली आते-आते समाप्त हो सकती है?
शुक्र के तुला में आते ही बदली तस्वीर
अगस्त में शुक्र कन्या राशि में था. वैदिक ज्योतिष में इसे शुक्र की नीच राशि माना जाता है. मेदिनी ज्योतिष में शुक्र चीनी, दूध, घी, मिठाई, सुगंधित वस्तुओं और उत्सवी खरीदारी का कारक है. कमजोर शुक्र के दौरान इन वस्तुओं की कीमत और उपलब्धता में असंतुलन देखा जा सकता है.
2 सितंबर 2026 को शुक्र कन्या से निकलकर अपनी राशि तुला में आया. इसी दौरान सरकारी कदमों के बाद चीनी के भाव नीचे आने लगे. यह कहना सही नहीं होगा कि कीमतें केवल ग्रह परिवर्तन से गिरीं. बाजार में गिरावट की वास्तविक वजह आयात की अनुमति, स्टॉक सीमा और सरकार की ओर से आपूर्ति बढ़ाने के कदम रहे. लेकिन घटना और शुक्र के मजबूत होने का समय एक-दूसरे से मेल जरूर खाता है.




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9 सितंबर को शुक्र तुला राशि में है. व्यापार का ग्रह बुध भी अपनी उच्च राशि कन्या में मजबूत है. दोनों ग्रहों की स्थिति गणेश चतुर्थी तक बाजार में राहत बनाए रखने का संकेत देती है.
अगस्त में कितनी महंगी हुई थी चीनी?
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, चीनी की औसत खुदरा कीमत 20 जुलाई को 48.18 रुपये प्रति किलो थी. 20 अगस्त को यह बढ़कर 55.70 रुपये हो गई. इसके बाद भी कई बाजारों में तेजी जारी रही. मुंबई के कुछ हिस्सों में चीनी 60 से 75 रुपये किलो के बीच बिकने लगी.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, कमजोर उत्पादन, कम होता शुरुआती भंडार और त्योहारों से पहले बढ़ी खरीद ने भाव चढ़ाए. उद्योग ने जमाखोरी और सट्टेबाजी को भी इस असामान्य तेजी की वजह बताया.
सरकार ने दस लाख टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति दी. बड़े खरीदारों पर स्टॉक सीमा लगाई गई और सितंबर से मिलों के बिक्री कोटे की समीक्षा हर 15 दिन में करने का फैसला हुआ. इसके बाद घरेलू कीमतों में इतनी तेज गिरावट आई कि विदेश से चीनी मंगाना कई आयातकों के लिए महंगा सौदा बन गया.
भारत की कुंडली क्या बता रही है?
भारत की प्रचलित स्वतंत्रता कुंडली वृषभ लग्न की है. वृषभ का स्वामी शुक्र है. इस कारण शुक्र की स्थिति देश के उपभोग, घरेलू बाजार और लोगों की खरीद क्षमता के लिए महत्वपूर्ण हो जाती है.
कुंडली के दूसरे भाव में मंगल है. यह भाव देश के खाद्य भंडार, आम जनता के बजट और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमत से जुड़ा है. सितंबर 2025 से भारत की कुंडली में मंगल की महादशा चल रही है. फरवरी 2026 से इसके भीतर राहु की अंतर्दशा शुरू हुई.
मंगल बाजार में अचानक तेजी पैदा करता है. राहु भ्रम, कमी का डर, जमाखोरी और सट्टेबाजी को बढ़ाता है. मंगल-राहु का यह मेल समझाता है कि पर्याप्त चीनी होने के दावों के बावजूद भाव इतनी तेजी से क्यों बढ़े.
भारत के 2026 के वर्षफल में भी दूसरे भाव का शुक्र कन्या राशि में नीच का है. वर्षफल का दूसरा भाव अन्न, धन और घरेलू खर्च से जुड़ा है. यहां कमजोर शुक्र पूरे वर्ष चीनी, दूध, घी और मिठाई जैसी वस्तुओं की कीमत में उतार-चढ़ाव का संकेत देता है.
गणेश चतुर्थी तक क्या होगा?
गणेश चतुर्थी 14 सितंबर को है. तुला राशि का शुक्र और उच्च का बुध संकेत देते हैं कि तब तक चीनी के भाव में अगस्त जैसी बेकाबू तेजी लौटने की आशंका कम है. बाजार में उपलब्धता बनी रह सकती है और सरकारी निगरानी भी भाव को नियंत्रित रखेगी.
हालांकि मोदक और दूसरी मिठाइयां तुरंत सस्ती हों, यह जरूरी नहीं है. इनकी लागत में चीनी के अलावा दूध, खोया, घी, मेवे, मजदूरी और पैकिंग भी शामिल हैं. कुछ मिठाई कारोबारियों ने फेस्टिव सीजन में कीमत 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ने की आशंका जताई है.
इसलिए चीनी की थोक कीमत गिरने के बाद भी गणेश उत्सव पर तैयार मोदक पिछले वर्ष से महंगा मिल सकता है.
18 सितंबर के बाद बढ़ सकती है हलचल
18 सितंबर को मंगल मिथुन से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश करेगा. भारत की जन्मकुंडली में कर्क राशि के भीतर चंद्रमा, बुध, शुक्र, शनि और सूर्य मौजूद हैं. मंगल का यहां पहुंचना जनता की जरूरत, खाद्य वस्तुओं और घरेलू खर्च से जुड़े मामलों को दोबारा गर्म कर सकता है.
इसी समय नवरात्रि, दशहरा और दिवाली के लिए कंपनियों तथा मिठाई कारोबारियों की अग्रिम खरीद शुरू होगी. इसलिए सितंबर के दूसरे हिस्से में चीनी के भाव स्थिर रहने के बजाय ऊपर-नीचे हो सकते हैं.
दिवाली से पहले क्यों बढ़ेगा खतरा?
3 अक्टूबर को शुक्र तुला राशि में वक्री होगा. वक्री शुक्र पुराने भाव लौटने, सौदों में बदलाव और उपभोक्ता बाजार में अस्थिरता का संकेत देता है. इसके बाद 6 नवंबर को शुक्र वापस कन्या राशि में चला जाएगा.
दिवाली 8 नवंबर को मनाई जाएगी. यानी दिवाली से ठीक दो दिन पहले चीनी और मिठाई का कारक शुक्र अपनी कमजोर राशि में पहुंच जाएगा. उस समय मिठाई की मांग भी चरम पर होगी.
इसका अर्थ चीन ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 14:30:12 +0530</pubDate>
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        <title>सबसे ज्यादा छक्के... पाकिस्तानी खिलाड़ी रजाउल्लाह ने डेब्यू मैच में बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड</title>
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        <description><![CDATA[ पाकिस्तान के तेज गेंदबाज रजाउल्लाह ने इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट में अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया, जिसमें उन्होंने वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया. कमाल की बात ये है कि उन्होंने ये उपलब्धि गेंदबाजी में नहीं बल्कि बल्लेबाजी में हासिल की. इसके आलावा वह अब टेस्ट डेब्यू में सबसे तेज अर्धशतक लगाने वाले पाकिस्तानी बन गए हैं, उन्होंने फहीम अशरफ का रिकॉर्ड तोड़ा.
दूसरी पारी में पाकिस्तान के 312 के स्कोर पर 7 विकेट गिर गए थे, तब रजाउल्लाह बल्लेबाजी करने आए थे. उन्होंने डिफेंसिव नहीं बल्कि आते ही अटैकिंग खेलना शुरू कर दिया. रजाउल्लाह ने 63 गेंदों में 81 रन बनाए, इस ऐतिहासिक पारी में उन्होंने 9 छक्के और 4 चौके लगाए. उनके रूप में पाकिस्तान का 10वां विकेट 449 के स्कोर पर गिरा. अब इंग्लैंड को जीतने के लिए 130 रन बनाने हैं.
रजाउल्लाह ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड
रजाउल्लाह टेस्ट डेब्यू मैच में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं. उन्होंने 9 छक्के लगाए. उनके आलावा सिर्फ टिम साउथी हैं, जिन्होंने टेस्ट डेब्यू में 9 छक्के लगाए.
पाकिस्तान के लिए सबसे तेज फिफ्टी!
रजाउल्लाह टेस्ट डेब्यू मैच में सबसे तेज अर्धशतक लगाने वाले पाकिस्तानी खिलाड़ी बन गए हैं, उन्होंने 43 गेंदों में अपनी फिफ्टी पूरी की थी. उन्होंने फहीम अशरफ का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 2018 में आयरलैंड के खिलाफ 52 गेंदों में अर्धशतक जड़ा था. दूसरी पारी में पकिस्तान ने 449 रन बनाए, इस पारी में कुल 12 छक्के लगे. रजाउल्लाह (9) के आलावा 2 छक्के मोहम्मद अब्बास और एक छक्का बाबर आजम ने लगाया.
यह भी पढ़ें- पाकिस्तान को हराकर फाइनल में श्रीलंका, रविवार को भारत से होगा महा-मुकाबला
पाकिस्तान द्वारा टेस्ट की एक पारी में सर्वाधिक छक्के

15 - बनाम न्यूजीलैंड (2002)
13 - बनाम जिम्बाब्वे (1996)
13 - बनाम इंग्लैंड (2005)
12 - बनाम भारत (2006)
12 - बनाम श्रीलंका (2009)
12 - बनाम इंग्लैंड (2026)*

यह भी पढ़ें- टूट गया 112 साल पुराना रिकॉर्ड, ओली रॉबिन्सन ने PAK टेस्ट में रचा इतिहास
जीत की दहलीज पर इंग्लैंड
बेशक पकिस्तान ने दूसरी पारी में 449 रनों का विशाल स्कोर बनाया, लेकिन पहली पारी में 133 रनों पर सिमटने के कारण मेहमान टीम हार की कगार पर कड़ी है. इंग्लैंड को अब जीतने के लिए 130 रनों का लक्ष्य मिला है. इंग्लैंड टेस्ट सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बनाए हुए हैं. ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 14:30:11 +0530</pubDate>
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        <title>रणजी ट्रॉफी के लिए कप्तान नियुक्त हुए मोहम्मद सिराज, HCA का एलान</title>
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        <description><![CDATA[ भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज रणजी ट्रॉफी 2026-27 में हैदराबाद टीम की कप्तानी करेंगे. हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन ने शुक्रवार को इसका आधिकारिक एलान किया. बता दें कि रणजी ट्रॉफी के ग्रुप स्टेज मुकाबले 11 अक्टूबर से शुरू होंगे, हैदराबाद का पहला मैच त्रिपुरा के साथ है.
हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन की सीनियर सिलेक्शन कमिटी ने शुक्रवार को रणजी ट्रॉफी 2026-27 सीजन के लिए कप्तान और उप-कप्तान के चयन के लिए बैठक की, जिसमें मोहम्मद सिराज को कप्तान और चामा मिलिंद को उपकप्तान बनाने पर फैसला हुआ.
बता दें कि सिराज ने अपना फर्स्ट क्लास डेब्यू हैदराबाद के लिए 2015-16 रणजी ट्रॉफी सीजन में किया था. अगले सीजन (2016-17) में शानदार गेंदबाजी कर वह छा गए थे, जिससे उन्हें पहचान मिली. उस सीजन उन्होंने 41 विकेट लिए थे, वह हैदराबाद टीम के हाईएस्ट विकेट टेकर थे. 32 वर्षीय सिराज भारत के लिए तीनों फॉर्मेट खेलते हैं.
यह भी पढ़ें- जसप्रीत बुमराह ने उगली आग, वैभव सूर्यवंशी का हुआ कड़ा इम्तिहान; टीम इंडिया तैयार&amp;nbsp;
सिराज भारत के लिए तीनों फॉर्मेट खेलते हैं, ऐसे में उनकी गैर-मौजूदगी में मिलिंद कमान संभालेंगे जो उपकप्तान नियुक्त हुए हैं. हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन ने अपने स्टेटमेंट में कहा, &quot;मोहम्मद सिराज की गैर-मौजूदगी में, चामा मिलिंद कप्तान की भूमिका निभाएंगे और संबंधित मैच/मैचों में हैदराबाद टीम की कप्तानी करेंगे. सीनियर सिलेक्शन कमिटी के सदस्यों ने सर्वसम्मति से यह फैसला लिया.&quot;
मोहम्मद सिराज ने हाल ही में साउथ जोन के लिए दलीप ट्रॉफी का फाइनल भी खेला था, जिसमें उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं था. उन्होंने दोनों पारियों में कुल 41 ओवर डाले लेकिन सिर्फ 1 विकेट ले पाए. उनकी टीम फाइनल हार गई. उन्होंने फाइनल के बाद कहा था कि श्रीलंका दौरे से पहले मिले लंबे ब्रेक ने उनके रन-अप की लय बिगाड़ दी. उन्होंने कहा कि मेरा शरीर लंबे ब्रेक को अच्छी तरह संभाल नहीं पाता.
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        <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 14:30:10 +0530</pubDate>
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        <title>दोनों पारियों में नहीं दिया 1 भी रन... मानव सुतार ने रचा इतिहास; 131 साल बाद हुआ ऐसा</title>
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        <description><![CDATA[ भारतीय स्पिनर मानव सुतार ने काउंटी चैंपियनशिप में ऐसा कुछ किया, जो सालों से देखने को नहीं मिला था. वॉरविकशायर के लिए खेल रहे सुतार श्रीलंका दौरे पर टीम इंडिया के साथ थे. आखिरी मैच के 3 दिन बाद वह इंग्लैंड चले गए थे. उन्होंने ग्लेमॉर्गन के खिलाफ हुए मैच की दोनों पारियों में विकेट लिए और दोनों पारियों में एक भी रन नहीं देकर इतिहास रच दिया.
कार्डिफ में खेले गए इस मैच में वॉरविकशायर ने ग्लेमॉर्गन को बुरी तरह हराया. ग्लेमॉर्गन की पहली पारी 69 रनों पर सिमट गई थी, सुतार ने इस पारी में 1 विकेट लिया था. वॉरविकशायर ने ग्लेमॉर्गन को दूसरी पारी में 65 रनों पर ऑल आउट कर पारी और 257 रनों के बड़े अंतर से इस मैच को जीत लिया. दूसरी पारी में सुतार ने 2 विकेट चटकाए.
मानव सुतार ने रचा इतिहास
ग्लेमॉर्गन की पहली पारी में सिर्फ एक बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा छू पाया था. मानव सुतार को 27वें ओवर में गेंदबाजी के लगाया गया था, तब तक 9 विकेट गिर चुके थे. अपनी तीसरी गेंद पर उन्होंने मीर हम्जा को बोल्ड किया.&amp;nbsp;
दूसरी पारी में सुतार को 24वें ओवर में गेंदबाजी के लिए लगाया गया, उन्होंने पहला ओवर मेडन डाला. अपने दूसरे ओवर में उन्होंने क्रिस कुक (9) और जेमी मैकआइरोय (0) को आउट किया, उन्होंने सभी बल्लेबाजों को बोल्ड किया. इस तरह सुतार ने मैच में 2.3 ओवर डाले और बिना एक भी रन दिए 3 विकेट लिए.

What a spell ???????? #YouBears pic.twitter.com/uEnQTrFixs
&amp;mdash; Bears (@WarwickshireCCC) September 9, 2026



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131 साल बाद हुआ ऐसा
फर्स्ट क्लास क्रिकेट के इतिहास में सिर्फ दूसरी बार है जब किसी गेंदबाज ने दोनों पारियों में विकेट लिए और एक भी रन नहीं दिया. इंग्लैंड के टॉम हेवर्ड ने साल 1895 में ऐसा किया तह. अब 131 साल बाद सुतार ने ऐसा कर इतिहास रच दिया.
यह भी पढ़ें- सबसे ज्यादा छक्के... पाकिस्तानी खिलाड़ी रजाउल्लाह ने डेब्यू मैच में बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 14:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>क्या CSK में हिस्सेदारी चाहते हैं धोनी? फ्रेंचाइजी ने बताया; कोच पर भी आया बड़ा अपडेट</title>
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        <description><![CDATA[ महेंद्र सिंह धोनी अभी अमेरिका में है, वह 22 सितंबर के आस पास भारत लौटेंगे. इसके बाद IPL 2027 के लिए होने वाले ऑक्शन को लेकर चेन्नई सुपर किंग्स ट्रांसफर और ट्रेड के लिए बैठक करेगा. हाल ही में एक रिपोर्ट में कहा गया था कि पूर्व कप्तान ने सीएसके में हिस्सेदारी खरीदने के लिए दिलचस्पी दिखाई है, लेकिन उनकी कुछ शर्तों पर मैनेजमेंट तैयार नहीं हुआ. क्रिकबज की रिपोर्ट के अनुसार फ्रेंचाइजी के एक बड़े अधिकारी ने इसका खंडन किया है
रिपोर्ट में सीएसके के एक बड़े अधिकारी के हवाले से बताया गया कि धोनी के साथ इस मुद्दे पर कोई बातचीत नहीं हुई है. उन्होंने कहा, &quot;उन्होंने हमसे कभी भी इस बारे में नहीं पूछा और न ही हमारे बीच इस मुद्दे को लेकर कोई चर्चा हुई. हमें इस बात की जानकारी नहीं है कि उन्होंने इस बारे में एन. श्रीनिवासन से कोई बात की है या नहीं.&quot;
रिपोर्ट के अनुसार सीएसके से मिली जानकारी के मुताबिक, धोनी ने कुछ शेयर तब खरीदे थे जब ये बिक्री के लिए उपलब्ध थे. सीएसके के शेयर प्राइवेट तौर पर खरीदे जा सकते हैं, क्योंकि ये खुले बाजार में ट्रेड नहीं होते. धोनी के पास एक लाख से ज्यादा शेयर की बात सामने आई है, लेकिन शेयरहोल्डिंग पैटर्न के बड़े नजरिए से यह बहुत छोटा हिस्सा है. श्रीनिवासन परिवार के पास फ्रेंचाइजी में 55 प्रतिशत से अधिक की कंट्रोलिंग हिस्सेदारी है.
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धोनी के लौटने पार होगा अगले कोच का फैसला
एमएस धोनी ने पिछले साल एक भी मैच नहीं खेला था, ऐसे में सवाल बना हुआ है कि वह IPL 2027 में खेलेंगे या उससे पहले संन्यास ले लेंगे. नए हेड कोच को फाइनल करने में धोनी अहम भूमिका निभाएंगे, जो अभी अमेरिका में हैं और उम्मीद है कि 22 सितंबर तक भारत लौटेंगे.
उनके लौटने के बाद सीएसके मैनेजमेंट अगले कोच पर फैसला लेंगे, इसके बाद IPL 2027 ऑक्शन को लेकर ट्रेड और ट्रांसफर पर चर्चा के लिए मीटिंग करेंगे. माना जा रहा है कि सीएसके विदेशी कोच को चुनेगी. ये भी खबर है कि कोच लगभग तय भी हो चुका है, लेकिन वह अभी दूसरी फ्रेंचाइजी के साथ भी बातचीत कर रहा है.
यह भी पढ़ें- रणजी ट्रॉफी के लिए कप्तान नियुक्त हुए मोहम्मद सिराज, HCA का एलान ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 14:30:06 +0530</pubDate>
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        <title>पूर्व क्रिकेटर एस श्रीसंथ पर टूटा दुखों का पहाड़, पिता का निधन</title>
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        <description><![CDATA[ एस श्रीसंत के पिता वी. शांताकुमारन नायर का शुक्रवार रात निधन हो गया. परिवार के सूत्रों के हवाले से पीटीआई ने इसकी पुष्टि की. पूर्व भारतीय क्रिकेटर श्रीसंत के पिता का लिसी अस्पताल में इलाज चल रहा था, वह 89 साल के थे. उनके पार्थिव शरीर को कोठामंगलम स्थित उनके पैतृक आवास ले जाया जाएगा.
परिवार से जुड़े सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में बताया गाय कि एस श्रीसंत के पिता के पार्थिव शरीर को फिलहाल शवगृह में रखा गया है. उनके परिजन अभी विदेश में हैं, जो लौटने के बाद पार्थिव शरीर को कोठामंगलम स्थित उनके पैतृक आवास लेकर जाएंगे. पूर्व क्रिकेटर के पिता नायर भारतीय जीवन बीमा निगम में क्षेत्रीय प्रबंधक के पद से सेवानिवृत्त हुए थे.
नायर के पार्थिव शरीर को रविवार सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा. शाम को 4 बजे अंतिम संस्कार किया जाएगा.
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43 वर्षीय एस श्रीसंत साल 2022 में क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास ले चुके हैं. उन्होंने भारत के लिए 27 टेस्ट, 53 वनडे और 10 टेस्ट मैच खेले हैं जिसमें उनके नाम क्रमश 87, 75 और 7 विकेट हैं.
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        <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 14:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>CJP नेता सौरव दास मोदी सरकार पर भड़के, बोले&amp; &amp;apos;इंस्टाग्राम पर मेरी...&amp;apos;</title>
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        <description><![CDATA[ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि मेटा इंस्टाग्राम पर मेरी पोस्ट्स को लगातार ब्लॉक कर रहा है. इसे लेकर उन्होंने मोदी सरकार पर निशाना साधा है. सौरव दास ने शनिवार (12 सितंबर) को एक्स पर पोस्ट कर कहा कि मेरे सोशल मीडिया अकाउंटस को लगातार टारगेट किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि किसी नय्यर गितेश ने अक्षत त्रिपाठी के साथ मेरे वीडियो की रिपोर्ट की. उन्होंने बताया कि अक्षत 20 साल का स्टूडेंट है, जिसके लिए ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने 5 लाख रुपये का बेल बॉन्ड जारी किया था.
इसके साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया कंपनी मेटा पर कई सवाल उठाए हैं. उन्होंने सोशल मीडिया अकाउंटस, अकाउंटस की रीच और ब्लॉक करने को लेकर सोशल मीडिया कंपनियों को भी घेरा है. उन्होंने एक्स पर किए पोस्ट में कहा कि क्या मेटा में कोई जांच-पड़ताल नहीं होती? इसकी वजह से मेरे अकाउंट की रीच कम हो रही है.&amp;nbsp;

Meta continues to block my posts on @instagram. Some Nayyar Gitesh reported my video with Akshat Tripathi, the 20 year old student who was issued a 5 Lakh bail bond by Greater Noida authorities.Does @Meta have no checks? This is leading to my account having restricted reach. I&amp;hellip; pic.twitter.com/MM7H8SB9mp
&amp;mdash; Saurav Das (@SauravDassss) September 12, 2026



सरकार को घेरामोदी सरकार पर निशाना साधते हुए सौरव दास ने कहा कि मैं सोशल मीडिया कंपनियों से फिर अपील करता हूं कि वे सरकार के दबाव में न आएं. सौरव दास ने अपनी पोस्ट के साथ ही अकाउंट का स्क्रीनशॉट भी शेयर किया है, जो कि कॉपीराइट वायलेशन को लेकर है. इसमें लिखा है कि योर कंटेंट इज ब्लॉकड. उनके 10 सितंबर को इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए कंटेंट को ब्लॉक किया गया है.
कौन हैं सौरव दाससीजेपी नेता और प्रवक्ता सौरव दास के लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक वो दिल्ली के ही निवासी हैं. सौरव खोजी पत्रकार भी हैं. सौरव ने जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन किया है. साल 2017 में 18 साल की उम्र में सौरव ने सूचना का अधिकार कानून (RTI) का इस्तेमाल करना शुरू किया और कई बड़े खुलासे किए थे.&amp;nbsp;
सौरव ने साल 2020 में एक पेशेवर पत्रकार के रूप में लिखना शुरू किया था. इस दौरान कानून, शासन, न्यायपालिका, अपराध और संस्थागत पारदर्शिता पर कई आर्टिकल लिखे. बता दें कि सीजेपी नेता सौरव दास के आर्टिकल द कारवां, अल जजीरा, द वायर और द हिंदू जैसे कई बड़े संस्थानों में भी प्रकाशित हुए हैं.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 13:30:16 +0530</pubDate>
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        <title>भारत पहुंचे शी जिनपिंग, BRICS में आज कब क्या होगा, जानें सब</title>
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        <description><![CDATA[ चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ब्रिक्स समिट में हिस्सा लेने शनिवार (12 सितंबर) को भारत पहुंच गए हैं. दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पर उनका विमान लैंड हुआ है. चीनी राष्ट्रपति एयरपोर्ट से सीधे अपने होटल जाएंगे. दोपहर 2 बजे के आस-पास शी जिनपिंग के अलावा ब्रिक्स मेंबर देशों के अन्य नेता भारत मंडपम पहुंचेंगे और दोपहर ढाई बजे से ब्रिक्स सम्मेलन की शुरुआत होगी.
दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ब्रिक्स समिट में शाम 5 बजे ब्रिक्स की फैमिली फोटो होगी. इसके बाद शाम साढ़े 5 बजे ब्रिक्स के नेता पौधारोपण करेंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शाम साढ़े 7 बजे विश्व नेताओं के लिए डिनर रखा है.&amp;nbsp;
गाला डिनर का आयोजनब्रिक्स समिट में दोपहर ढाई बजे &#039;समावेशी वैश्विक शासन और बहुपक्षवाद को मजबूत करना&#039; विषय पर चर्चा होगी. इसके बाद शाम 4.30 बजे ब्रिक्स देशों के नेता भारत इनोवेट्स प्रदर्शनी देखेंगे. भारत मंडपम के लॉन में शाम 5.30 बजे ब्रिक्स मेंबर देशों के नेता संयुक्त रूप से पौधारोपण करेंगे. इसके बाद भारत मंडपम के लेवल-3 में शाम साढ़े 7 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गाला डिनर का आयोजन किया जाएगा.&amp;nbsp;
पीएम मोदी की इथियोपिया और मलेशिया के नेताओं संग बैठक&amp;nbsp;इथियोपिया और मलेशिया के नेताओं के साथ आज पीएम मोदी ने बैठक की. द्विपक्षीय मुलाकातों ने भारत के उनके साथ संबंधों को एक नई दिशा दी है. भारत सरकार के सूत्रों के मुताबिक दोनों देशों ने भारत के साथ रक्षा सहयोग को और मजबूत करने में गहरी रुचि दिखाई है. पीएम मोदी संग बैठक में इथियोपिया और मलेशिया के नेताओं की संयुक्त रूप से कर्मियों के प्रशिक्षण और भारत से रक्षा उपकरणों की खरीद पर भी विस्तृत चर्चा हुई.
दोनों देशों ने भारतीय उद्योग और निवेश का स्वागत किया है. इथियोपिया ने विशेष रूप से भारतीय खनन कंपनियों का स्वागत किया. इसके अलावा मलेशिया के साथ सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में अवसरों पर भी चर्चा हुई है.
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Xप्लेन: ब्रिक्स समिट के बीच सऊदी की बढ़ी मुश्किलें, हूती हमलों के डर से मुख्य ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन बंद ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 13:30:14 +0530</pubDate>
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        <title>शी जिनपिंग ब्रिक्स के लिए दिल्ली पहुंचे, एयरपोर्ट पर किसने किया रिसीव?</title>
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        <description><![CDATA[ चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंच चुके हैं. उन्हें दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पर वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने रिसीव किया. शी जिनपिंग का ब्रिक्स सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्वीपक्षीय बातचीत का कार्यक्रम है. यह मुलाकात शाम 5.45 बजे होगी.
चीनी न्यूज एजेंसी &amp;lsquo;शिन्हुआ&amp;rsquo; की रिपोर्ट के मुताबिक, शी प्रधानमंत्री मोदी के निमंत्रण पर ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए शनिवार सुबह बीजिंग से नई दिल्ली के लिए रवाना हुए.

#WATCH | Delhi: Chinese President Xi Jinping arrives in Delhi to participate in the BRICS Summit 2026. PM Modi is scheduled to hold a bilateral meeting with the Chinese President later today. pic.twitter.com/mJk6YVYt5P
&amp;mdash; ANI (@ANI) September 12, 2026



बता दें कि ब्रिक्स सम्मेलन के लिए रूस के राष्ट्रपति राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान समेत कई दिग्गज दिल्ली में हैं. पुतिन जब 11 सितंबर को दिल्ली पहुंचे, तो केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने उनका स्वागत किया. वहीं पेजेशकियान को केंद्रीय राज्य मंत्री शंतनु ठाकुर ने रिसीव किया.&amp;nbsp;
किन मुद्दों पर होगी बात?पीएम मोदी और शी जिनपिंग के साथ बातचीत में कई मुद्दों पर चर्चा की उम्मीद है. इसमें भारत कई मुद्दों को उठा सकता है. ये हैं- कृषि क्षेत्र में चीन के बाजार में पहुंच, सप्लाई चेन राजनीतिक तनाव से बेअसर रहे, आर्थिक संतुलन के लिए संस्थागत व्यवस्था और तकनीक और आयात घटाने पर विचार.
वहीं चीन के मुद्दे की बात करें तो सीमा विवाद द्विपक्षीय रिश्ते से अलग रहे, व्यापार और दूसरे क्षेत्रों में संबंध बढ़ते रहें, एलएसी पर मजबूत सैन्य सुरक्षा तंत्र बने और दोनों ही देश व्यापार घाटे को कम करें.
शी जिनपिंग के साथ कौन कौन?
उनके प्रतिनिधिमंडल में उनके करीबी सहयोगी काई ची और चीन के विदेश मंत्री वांग यी भी शामिल हैं.&amp;nbsp;
काई चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) के राजनीतिक ब्यूरो की शक्तिशाली स्थायी समिति के सदस्य हैं. सीपीसी केंद्रीय समिति के जनरल ऑफिस के निदेशक भी हैं.
कब कब भारत आए शी?
राष्ट्रपति शी करीब सात साल बाद भारत की यात्रा पर आए हैं. राष्ट्रपति बनने के बाद उनकी पहली भारत यात्रा सितंबर 2014 में हुई थी. शी 2019 में चेन्नई के निकट मामल्लपुरम में पीएम मोदी के साथ शिखर वार्ता के लिए भारत आए थे. इससे पहले वो 2016 में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने गोवा आए थे.&amp;nbsp;
पीएम मोदी से मुलाकात को लेकर चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग से कहा था कि &amp;lsquo;&amp;lsquo;चीन दोनों नेताओं के रणनीतिक मार्गदर्शन के अनुरूप भारत के साथ मिलकर काम करेगा। हम द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक और दीर्घकालिक दृष्टिकोण से देखेंगे, संवाद बढ़ाएंगे, सहयोग मजबूत करेंगे, मतभेदों को उचित तरीके से सुलझाएंगे.&amp;rsquo;&amp;rsquo;&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 13:30:13 +0530</pubDate>
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        <title>Xप्लेन: ब्रिक्स में भारत की बढ़ती साख, इथियोपिया, मलेशिया और वियतनाम के साथ रणनीतिक संबंधों का नया अध्याय</title>
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        <description><![CDATA[ नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन का मंच केवल वैश्विक मुद्दों और बहुपक्षीय चर्चाओं तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि यह भारत की कूटनीति के लिए द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का एक स्वर्णिम अवसर भी साबित हो रहा है. इस ऐतिहासिक सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इथियोपिया और मलेशिया के शीर्ष नेतृत्व के साथ उच्च-स्तरीय द्विपक्षीय बैठकें कीं. इन बैठकों ने दोनों देशों के साथ भारत के कूटनीतिक, रक्षा और आर्थिक संबंधों को एक बिल्कुल नई दिशा और गति प्रदान की है.
वैश्विक राजनीति में आ रहे तेजी से बदलाव और सप्लाई चेन में विविधीकरण की मांग के बीच, भारत के साथ रक्षा सहयोग और आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने की इथियोपिया और मलेशिया दोनों देशों की इच्छा यह दर्शाती है कि भारत वैश्विक दक्षिण के एक भरोसेमंद और प्रमुख रणनीतिक साझीदार के रूप में अपनी स्थिति को और मजबूत कर रहा है.
रक्षा सहयोग और सुरक्षा साझेदारी: एक नई रूपरेखा
इथियोपिया और मलेशिया दोनों ने भारत के साथ अपने रक्षा संबंधों को अभूतपूर्व स्तर पर सुदृढ़ करने की गहरी इच्छा व्यक्त की है. प्रधानमंत्री मोदी के साथ हुई इन बैठकों में रक्षा सहयोग को रणनीतिक साझेदारी का मुख्य स्तंभ बनाने पर सहमति बनी.
संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण: दोनों देशों ने भारतीय रक्षा बलों के उच्च मानक प्रशिक्षण संस्थानों के साथ मिलकर काम करने में रुचि दिखाई है. भारतीय सैन्य अकादमियों में इथियोपियाई और मलेशियाई रक्षा कर्मियों के संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रमों को और विस्तार देने पर चर्चा हुई. आतंकवाद से निपटने, समुद्री सुरक्षा और रणनीतिक क्षमता निर्माण के क्षेत्र में यह प्रशिक्षण दोनों देशों के रक्षा बलों के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगा.
रक्षा उपकरणों की खरीद (डिफेंस प्रोक्योरमेंट): भारत की &#039;मेक इन इंडिया&#039; और &#039;आत्मनिर्भर भारत&#039; पहल के तहत विकसित आधुनिक रक्षा उपकरणों और हार्डवेयर के प्रति इन दोनों देशों ने बड़ा भरोसा जताया है. मलेशिया और इथियोपिया ने भारत से रक्षा उपकरणों की सीधी खरीद के रास्ते तलाशने पर सकारात्मक चर्चा की है, जिससे भारत के रक्षा निर्यात को एक बड़ा वैश्विक बाजार मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ है.
आर्थिक और औद्योगिक सहयोग: व्यापारिक रिश्तों को मजबूती
रक्षा क्षेत्र के अलावा, आर्थिक मोर्चे पर भी इन बैठकों के परिणाम बेहद दूरगामी और सकारात्मक रहे हैं. दोनों देशों ने भारतीय उद्योगों और निवेश का खुले दिल से स्वागत किया है, जिससे आने वाले समय में द्विपक्षीय व्यापार में भारी उछाल आने की उम्मीद है.
इथियोपिया और भारतीय खनन (Mining) कंपनियां: अफ्रीकी महाद्वीप के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण देश इथियोपिया ने विशेष रूप से भारतीय खनन कंपनियों को अपने यहां निवेश करने और संसाधनों के दोहन के लिए आमंत्रित किया है. इथियोपिया के खनिज संसाधनों और भारत की तकनीकी व वित्तीय क्षमताओं का यह मेल दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए पारस्परिक रूप से लाभकारी साबित होगा. इससे मिनरल्स और कच्चे माल की सप्लाई चेन को सुरक्षित करने में भी मदद मिलेगी.
मलेशिया और सेमीकंडक्टर सहयोग: प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में मलेशिया के साथ हुई चर्चा का मुख्य केंद्र &#039;सेमीकंडक्टर&#039; (चिप निर्माण) उद्योग रहा है. ग्लोबल सप्लाई चेन में चिप निर्माण की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए, भारत और मलेशिया ने सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम, रिसर्च एंड डेवलपमेंट, और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग में आपसी सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से मंथन किया है. यह कदम भारत के अपने घरेलू सेमीकंडक्टर मिशन को गति देने में मददगार साबित हो सकता है.
वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग के साथ बैठक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग के बीच हुई इस द्विपक्षीय बैठक में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय साझेदारी को और प्रगाढ़ करने पर मुख्य रूप से चर्चा हुई. बैठक के प्रमुख बिंदु रहे-
रक्षा और रणनीतिक सहयोग: इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता को बनाए रखने के लिए रक्षा संबंधों और समुद्री सुरक्षा को और मजबूत करने पर सहमति बनी.
आर्थिक और व्यापारिक साझेदारी: दोनों नेताओं ने आपसी व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग को नई ऊंचाइयां देने के उपायों पर विचार-विमर्श किया.
क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दे: क्षेत्रीय स्थिरता, समुद्री नौवहन की स्वतंत्रता और आपसी हितों से जुड़े अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी विस्तार से विचार साझा किए गए.
वैश्विक कूटनीति और भारत की बढ़ती साख
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ये द्विपक्षीय बैठकें इस बात का प्रमाण हैं कि भारत क्षेत्रीय सीमाओं से परे जाकर वैश्विक स्तर पर रिश्तों का एक मजबूत नेटवर्क तैयार कर रहा है. एक तरफ जहां ब्रिक्स मंच पर वैश्विक दक्षिण की आवाज को बुलंद किया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ इथियोपिया और मलेशिया जैसे महत्वपूर्ण देशों के साथ व्यक्तिगत और रणनीतिक संबंधों को प्रगाढ़ करके भारत ने यह साबित कर दिया है कि वह आर्थिक कूटनीति और क्षेत्रीय स्थिरता दोनों मोर्चों पर एक साथ नेतृत्व करने की पूरी क्षमता रखता है. ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 13:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Xप्लेन:, ब्रिक्स, में, भारत, की, बढ़ती, साख, इथियोपिया, मलेशिया, और, वियतनाम, के, साथ, रणनीतिक, संबंधों, का, नया, अध्याय</media:keywords>
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        <title>पुतिन ने BRICS में पश्चिमी देशों को धोया, बताया क्या है उनकी गलती</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/पुतिन-ने-brics-में-पश्चिमी-देशों-को-धोया-बताया-क्या-है-उनकी-गलती</link>
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        <description><![CDATA[ जर्मनी के सैक्सनी-एनहाल्ट राज्य में हुए चुनावों में दक्षिणपंथी &#039;ऑल्टरनेटिव फॉर जर्मनी&#039; (AfD) पार्टी के सबसे आगे रहने पर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रतिक्रिया दी है. ब्रिक्स समिट में शामिल होने से पहले उन्होंने कहा, &quot;मुझे लगता है कि आज पूरे यूरोप में जो कुछ भी हो रहा है, वह तथाकथित पश्चिम या साफ तौर पर कहें तो पश्चिम के ग्लोबलिस्ट्स की राजनीति, सुरक्षा और अर्थव्यवस्था के क्षेत्रों में सिस्टम की गलतियों का नतीजा है.&quot;
गलतियां सब करते हैं, लेकिन..
पुतिन ने यह भी कहा कि &quot;गलतियां तो हर कोई करता है, हमने भी कई गलतियां की हैं और बाकी दुनिया भी करती है. पश्चिम के ग्लोबलिस्ट्स के साथ समस्या यह है कि शीतयुद्ध खत्म होने और सोवियत संघ के टूटने के बाद उन्हें लगा कि वे &#039;सबसे ऊंचे मुकाम&#039; पर हैं. शायद उन्हें यह यकीन हो गया था कि उन्हें कुछ भी करने की छूट है और वे ऐसे लोग हैं, जिनसे कभी कोई गलती नहीं होती.&quot;
यूरोप को नहीं हैं रूस से खतरा&amp;nbsp;
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि &quot;यूरोप के देश अपने नागरिकों को रूस से युद्ध के नाम पर डरा रहे हैं, लेकिन उन पर ऐसा कोई खतरा नहीं है और न ही कभी था. हम यूरोपीय देशों को न तो धमका रहे हैं और न ही धमकाने वाले हैं. हम ऐसा क्यों करेंगे? किसी को यह ख्याल भी नहीं आता कि यूरोप के साथ हमारे किसी भी टकराव की कोई वजह नहीं है.&quot;
पुतिन का कहना है कि &quot;दूसरे विश्व युद्ध के बाद सभी मसले सुलझा लिए गए थे और बाद में सोवियत संघ के टूटने के बाद जो कुछ भी हुआ, वह सोवियत संघ के उत्तराधिकारी के तौर पर रूसी संघ की सहमति से हुआ. उन समझौतों के खिलाफ जो कुछ भी होता है, वह हमारे हितों के खिलाफ है और अंतर्राष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के बुनियादी सिद्धांतों के अनुरूप नहीं है.&quot;
यह भी पढ़ें :&amp;nbsp;BRICS में आज क्या? शी जिनपिंग समेत कब किस नेता से मिलेंगे PM मोदी, जानें ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 13:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Floor Cleaning: पोंछा लगाने के बाद भी बनी रहती है फर्श पर चिपचिप, जानें सही तरीका</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/floor-cleaning-पोंछा-लगाने-के-बाद-भी-बनी-रहती-है-फर्श-पर-चिपचिप-जानें-सही-तरीका</link>
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        <description><![CDATA[ How To Fix Sticky Residue On Tiled Floors: पोंछा लगाने के बाद जब फर्श साफ और चमकदार दिखे, साथ ही पैरों के नीचे एकदम साफ और चिकना महसूस हो, तो मन भी खुश हो जाता है. लेकिन कई घरों में ऐसा नहीं होता. फर्श को कोने-कोने तक साफ करने के बाद भी उस पर चिपचिपाहट बनी रहती है. कभी पैर रखने पर फर्श चिपचिपा महसूस होता है, तो कभी सूखने के बाद उस पर धूल और गंदगी जल्दी जमने लगती है.
अगर आपके घर में भी पोंछा लगाने के बाद फर्श ऐसा ही महसूस होता है, तो जरूरी नहीं कि वजह सिर्फ गंदगी हो. कई बार सफाई करने का तरीका ही फर्श पर ऐसी परत छोड़ देता है, जिसकी वजह से वह साफ होने के बावजूद चिपचिपा लगता है. अच्छी बात यह है कि इसकी वजह समझकर इस परेशानी को आसानी से कम किया जा सकता है.
पोंछा लगाने के बाद फर्श चिपचिपा क्यों हो जाता है?
सबसे आम वजह सफाई वाले प्रोडक्ट का बचा हुआ हिस्सा हो सकता है. कई फ्लोर क्लीनर में साबुन या वैक्स जैसी चीजें होती हैं. अगर पोंछा लगाने के बाद इनका हिस्सा फर्श से अच्छी तरह साफ नहीं होता, तो पानी सूखने के बाद इसकी एक हल्की परत सतह पर रह सकती है. यही परत फर्श को चिपचिपा बना सकती है. इतना ही नहीं, इस तरह की परत पर धूल और गंदगी भी जल्दी चिपकने लगती है. नतीजा यह होता है कि अगली बार पोंछा लगाने के बाद भी फर्श उतना साफ महसूस नहीं होता.

गंदे पानी से पोंछा लगाना भी बड़ी गलती है
अगर आप एक ही बाल्टी के पानी से पूरे घर का पोंछा लगाते हैं और पानी काफी गंदा होने के बाद भी उसे नहीं बदलते, तो आप अनजाने में गंदगी को फर्श पर दोबारा फैला सकते हैं. पोंछे में मौजूद मिट्टी, तेल और सफाई वाले प्रोडक्ट के अवशेष पानी में मिल जाते हैं. यही गंदा पानी जब बार-बार फर्श पर लगाया जाता है, तो साफ करने के बजाय वहां एक परत छोड़ सकता है. इसलिए पोंछा लगाते समय पानी को जरूरत के हिसाब से बदलते रहना जरूरी है.
पानी की वजह से भी हो सकती है परेशानी
हर जगह इस्तेमाल होने वाला पानी एक जैसा नहीं होता. कुछ जगहों पर पानी में कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे मिनरल ज्यादा होते हैं, जिसे हार्ड वॉटर कहा जाता है. ऐसे पानी में मौजूद मिनरल सफाई वाले प्रोडक्ट के साथ मिलकर फर्श पर हल्की परत छोड़ सकते हैं. पानी सूखने के बाद यह परत फर्श को चिपचिपा या मैला महसूस करा सकती है. अगर आपके घर में पोंछा लगाने के बाद बार-बार ऐसा होता है, तो पानी की गुणवत्ता भी इसकी एक वजह हो सकती है.

हर फर्श के लिए एक ही क्लीनर सही नहीं
एक और गलती यह है कि घर के हर तरह के फर्श पर एक ही क्लीनर इस्तेमाल किया जाता है. टाइल, पत्थर, लकड़ी या लैमिनेट जैसे अलग-अलग फर्श के लिए सफाई का तरीका अलग हो सकता है. गलत तरह का क्लीनर इस्तेमाल करने पर फर्श की ऊपरी परत प्रभावित हो सकती है और उस पर चिपचिपी परत बनने की समस्या बढ़ सकती है. इसलिए फर्श की सतह के हिसाब से सही क्लीनिंग प्रोडक्ट चुनना बेहतर रहता है.
चिपचिपे फर्श को साफ करने का सही तरीका
अगर पोंछा लगाने के बाद फर्श चिपचिपा महसूस हो रहा है, तो एक बार सिर्फ साफ पानी से पोंछा लगाने की कोशिश करें. पहले सामान्य तरीके से फ्लोर क्लीनर से पोंछा लगाएं. इसके बाद साफ पानी में साफ मॉप डुबोकर अच्छी तरह निचोड़ें और दोबारा फर्श पर लगाएं. इससे फर्श पर बचा हुआ क्लीनर हटाने में मदद मिल सकती है. साथ ही पोंछे का पानी ज्यादा गंदा होने का इंतजार न करें. पानी गंदा दिखने लगे या उसमें मिट्टी और गंदगी ज्यादा जमा हो जाए, तो उसे बदल दें. साफ पानी इस्तेमाल करने से गंदगी को दोबारा फर्श पर फैलाने से बचा जा सकता है.
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क्लीनर की मात्रा भी रखें सही
कई बार लोग यह सोचकर ज्यादा फ्लोर क्लीनर डाल देते हैं कि इससे फर्श ज्यादा साफ होगा. लेकिन जरूरत से ज्यादा क्लीनर इस्तेमाल करने पर उसका अवशेष फर्श पर रह सकता है. इसलिए हमेशा क्लीनर के लेबल पर दी गई मात्रा के हिसाब से उसे पानी में मिलाएं. अगर पोंछा लगाने के बाद हल्की परत या चिपचिपाहट महसूस हो, तो साफ पानी से दोबारा पोंछा लगाना मददगार हो सकता है.
पोंछा लगाने से पहले फर्श से सूखी धूल और मिट्टी हटाना भी जरूरी है. इसके लिए पहले झाड़ू या वैक्यूम का इस्तेमाल करें. इसके बाद पोंछा लगाएं. इससे मॉप के साथ मिट्टी इधर-उधर फैलने की समस्या कम होगी. आखिर में फर्श को साफ कपड़े या सूखे मॉप से सुखाना भी अच्छा रहता है. इससे पानी के निशान और मिनरल की परत बनने की संभावना कम हो सकती है.
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        <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 11:30:17 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Roti Making Tips: रोटी नहीं फूल रही, कहीं आटा गूंथने में ये गलती तो नहीं कर रहे?</title>
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        <description><![CDATA[ Why Rotis Do Not Puff Up On Tawa: रोटी का फूलना देखने में भले ही छोटी सी बात लगे, लेकिन जब रोटी तवे पर अच्छे से फूलकर गुब्बारे जैसी हो जाती है, तो समझ आता है कि आटा और उसे बनाने का तरीका सही रहा है. वहीं अगर रोटी बार-बार सपाट रह जाती है, सूखी या सख्त हो जाती है, तो इसकी वजह सिर्फ बेलने या तवे की गर्मी नहीं होती. कई बार गलती आटा गूंथते समय ही हो जाती है.
रोटी को अच्छा फूलाने के लिए आटे का सही होना सबसे जरूरी है. अगर आटा बहुत कड़ा है, बहुत ढीला है या ठीक से गूंथा नहीं गया है, तो बाद में कितनी भी सावधानी से रोटी बेल लें, उसके फूलने में परेशानी आ सकती है.
आटा न बहुत सख्त हो, न बहुत चिपचिपा
रोटी के लिए आटा नरम और मुलायम होना चाहिए. हाथ से छूने पर यह आसानी से दब जाए और बहुत ज्यादा चिपके भी नहीं. अगर आटा गूंथने के बाद कड़ा महसूस हो रहा है, तो संभव है कि उसमें पानी कम पड़ा हो. बहुत कम पानी डालने से आटा सूखा और सख्त हो सकता है. ऐसा आटा बेलते समय किनारों से फटने लगता है और इससे बनी रोटी भी नरम होने के बजाय कड़ी हो सकती है. दूसरी तरफ पानी बहुत ज्यादा पड़ जाए तो आटा चिपचिपा हो जाता है और उसे बेलना मुश्किल हो जाता है. इसलिए पानी एक साथ डालने के बजाय थोड़ा-थोड़ा करके डालें. लगभग एक कप आटे के लिए करीब 150 मिलीलीटर गुनगुना पानी इस्तेमाल किया जा सकता है. हालांकि पानी की सही मात्रा आटे की किस्म पर भी निर्भर करती है.

आटा गूंथते समय ये गलती न करें
कई लोग आटा नरम करने के चक्कर में उसे जरूरत से ज्यादा गूंथते रहते हैं. अच्छी रोटी के लिए आटे को ठीक से गूंथना जरूरी है, लेकिन बहुत ज्यादा गूंथने से हर बार बेहतर नतीजा नहीं मिलता. आटा इतना नरम होना चाहिए कि दबाने पर हल्का सा वापस अपनी जगह आ जाए. अगर यह बहुत कड़ा है और बेलते समय बार-बार सिकुड़ रहा है, तो सिर्फ जोर लगाकर गूंथते रहने के बजाय उसकी नमी पर ध्यान दें. आटा तैयार होने के बाद उसे तुरंत बेलना भी सही नहीं है. उसे कुछ समय आराम देना जरूरी है.
गूंथे हुए आटे को आराम जरूर दें
आटा गूंथने के बाद उसे ढककर करीब 20 से 30 मिनट के लिए छोड़ दें. इससे आटा सेट होता है और उसमें मौजूद ग्लूटेन को आराम मिलता है. इससे आटा ज्यादा आसानी से बेलने लायक बनता है और रोटी के फूलने में भी मदद मिलती है. अगर आटा बेलते समय बार-बार सिकुड़ रहा है, तो हो सकता है कि आपने उसे पर्याप्त समय आराम नहीं दिया हो. आटे को ढककर रखने से वह सूखता भी नहीं है. कुछ लोग आटा गूंथकर तुरंत लोइयां बनाकर बेलना शुरू कर देते हैं. जल्दबाजी में किया गया यह काम रोटी की बनावट पर असर डाल सकता है. इसलिए गूंथने के बाद थोड़ा इंतजार करना बेहतर है.

कौन सा आटा इस्तेमाल कर रहे हैं, यह भी मायने रखता है
रोटी बनाने के लिए गेहूं का आटा यानी अट्&amp;zwnj;टा इस्तेमाल करना बेहतर रहता है. आटे की किस्म बदलने पर पानी की जरूरत और उसकी बनावट भी बदल सकती है. इसलिए अगर आटा जरूरत से ज्यादा चिपक रहा है या बहुत सख्त हो रहा है, तो सिर्फ गूंथने के तरीके को दोष देने के बजाय आटे की किस्म पर भी ध्यान दें.
आटा सही है, फिर भी रोटी नहीं फूल रही?
अगर आटा नरम है, अच्छी तरह गूंथा गया है और उसे आराम भी दिया है, फिर भी रोटी नहीं फूल रही, तो अगली चीज बेलने का तरीका है. रोटी की मोटाई हर जगह लगभग बराबर रखें. कहीं बहुत मोटी और कहीं बहुत पतली रोटी होने पर वह एक जैसी नहीं पकती और भाप भी बराबर नहीं बन पाती. बहुत ज्यादा सूखा आटा लगाकर बेलने से भी रोटी सूखी और सख्त हो सकती है. बस हल्का सा सूखा आटा लगाएं और अतिरिक्त आटा झाड़ दें. रोटी को जितना हो सके गोल और बराबर मोटाई का बेलें. बेलते समय बहुत ज्यादा दबाव डालने की जरूरत नहीं है. हल्के और बराबर हाथ से बेलने की कोशिश करें.
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तवे की गर्मी को भी नजरअंदाज न करें
कभी-कभी आटा सही होने के बावजूद तवे की गर्मी रोटी को फूलने नहीं देती. तवा बहुत ठंडा होगा तो रोटी धीरे-धीरे सूखने लगेगी और फूलने से पहले ही सख्त हो सकती है. वहीं बहुत ज्यादा गर्म तवे पर रोटी बाहर से जल्दी पक या जल सकती है, जबकि अंदर ठीक से नहीं पकती. रोटी सेंकने से पहले तवे को अच्छी तरह गर्म करें. तवे पर पानी की कुछ बूंदें डालकर भी अंदाजा लगाया जा सकता है. पानी तुरंत चटककर जल्दी सूख जाए तो तवा काफी गर्म है. रोटी डालने के बाद उसे बार-बार पलटने की जरूरत नहीं है. जब हल्के बुलबुले दिखाई देने लगें, तब उसे पलटें. दूसरी तरफ हल्के भूरे निशान आने के बाद दोबारा पलटकर हल्के हाथ से दबाने पर रोटी फूल सकती है.
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        <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 11:30:16 +0530</pubDate>
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        <title>Squeaky Door: दरवाजे से आ रही चर्र&amp;चर्र की आवाज, बढ़ई बुलाए बिना करें ठीक</title>
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        <description><![CDATA[ Easy Ways To Stop Door Creaking Noise: दरवाजा खोलते या बंद करते ही अगर उसमें से चर्र-चर्र की आवाज आने लगे, तो यह आवाज धीरे-धीरे काफी परेशान करने वाली हो जाती है. खासकर सुबह या रात के समय जब घर में सन्नाटा हो, तब एक छोटी सी आवाज भी साफ सुनाई देती है. ऐसे में हर बार बढ़ई को बुलाने की जरूरत नहीं होती. कई बार दरवाजे की इस आवाज को घर पर ही कुछ आसान तरीकों से ठीक किया जा सकता है.
दरवाजे के चरमराने की वजह हमेशा सिर्फ कब्जे में तेल की कमी नहीं होती. कई बार दरवाजे के स्क्रू ढीले हो जाते हैं, कब्जे में जंग लग जाती है, दरवाजे का फ्रेम थोड़ा खिसक जाता है या पेंट की मोटी परत के कारण दरवाजा ठीक से नहीं बैठ पाता. इसलिए पहले आवाज की वजह समझना जरूरी है.
ढीले स्क्रू की वजह से तो नहीं आ रही आवाज?
समय के साथ लकड़ी के भारी दरवाजे का वजन कब्जों पर पड़ता रहता है. इससे कब्जे के स्क्रू धीरे-धीरे ढीले हो सकते हैं. जब ऐसा होता है तो दरवाजा थोड़ा नीचे की तरफ झुक सकता है और उसका किनारा फ्रेम से रगड़ खाने लगता है. इसी वजह से चर्र-चर्र की आवाज आ सकती है.

अगर कोई स्क्रू कसते समय घूमता ही रहे और लकड़ी में पकड़ न बनाए, तो हो सकता है कि उसका छेद ढीला हो गया हो. ऐसे में पुराने छेद में कुछ लकड़ी की माचिस की तीलियां डालकर उसे फिर से मजबूत किया जा सकता है. इसके लिए माचिस की तीली का ज्वलन वाला सिरा हटा दें और लकड़ी वाले हिस्से पर थोड़ा वुड ग्लू लगाकर उसे स्क्रू के छेद में डालें. सूखने के बाद अतिरिक्त हिस्सा हटा दें और वहां थोड़ा लंबा लकड़ी का स्क्रू लगा दें. इससे स्क्रू को लकड़ी में दोबारा अच्छी पकड़ मिल सकती है.
कब्जे में घर्षण है तो पिन निकालकर करें सफाई
अगर सारे स्क्रू अच्छी तरह कसे हुए हैं, लेकिन दरवाजा हिलाने पर फिर भी आवाज आती है, तो समस्या कब्जे के अंदर हो सकती है. दरवाजे के कब्जे में लगा पिन लगातार घूमता रहता है और समय के साथ वहां घर्षण बढ़ सकता है. दरवाजे को थोड़ा खोलकर उसके नीचे कोई मजबूत सहारा दें, ताकि पिन निकालते समय उसका वजन कब्जे पर न पड़े. इसके बाद पतली कील और हल्के हथौड़े की मदद से कब्जे के पिन को नीचे से धीरे-धीरे ऊपर की तरफ निकालें.

पिन बाहर आने के बाद उसके ऊपर पैराफिन वैक्स या साधारण मोम की हल्की परत लगा सकते हैं. ड्राई सिलिकॉन स्प्रे का भी इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके बाद पिन को वापस कब्जे में लगाकर अच्छी तरह बैठा दें. इससे धातु के हिस्सों के बीच घर्षण कम हो सकता है और आवाज भी कम हो सकती है.
पिन पर जंग लगी है तो पहले उसे हटाएं
कई बार नमी की वजह से कब्जे के अंदर लगे पिन पर हल्की जंग जम जाती है. देखने में जंग बहुत कम हो सकती है, लेकिन दरवाजा खुलने-बंद होने पर यही खुरदरी सतह आवाज पैदा कर सकती है. अगर पिन निकालने पर उस पर जंग, गंदगी या खुरदरापन दिखाई दे, तो उसके ऊपर सीधे लुब्रिकेंट लगाने के बजाय पहले उसे साफ करें. बारीक स्टील वूल से पिन को अच्छी तरह रगड़ें. इससे जंग और जमा गंदगी हटाने में मदद मिलेगी. इसके बाद सूखे माइक्रोफाइबर कपड़े से उसे साफ करके वापस कब्जे में लगा दें.
फ्रेम और कब्जे के बीच का तालमेल भी देखें
अगर दरवाजा बंद करते समय ही चर्र या टिक जैसी आवाज आती है, तो संभव है कि दरवाजा और उसका फ्रेम ठीक से अलाइन न हो. समय के साथ लकड़ी का फ्रेम थोड़ा खिसक सकता है और कब्जे के हिस्से एक-दूसरे पर दबाव डालने लगते हैं. ऐसे में कब्जे की प्लेट के पीछे पतले कार्डबोर्ड या खास हिंग शिम की बहुत पतली परत लगाई जा सकती है. इससे कब्जे की स्थिति थोड़ी बदलती है और दबाव वाले हिस्से को राहत मिल सकती है. हालांकि इसे करते समय स्क्रू और कब्जे को नुकसान न पहुंचे, इसका ध्यान रखें.
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पेंट की मोटी परत भी बन सकती है वजह
पुराने घरों में दरवाजे और कब्जों पर कई बार पेंट की एक के ऊपर एक परत चढ़ जाती है. अगर कब्जे के आसपास बहुत ज्यादा पेंट जमा हो गया है, तो कब्जे की प्लेट लकड़ी पर पूरी तरह सपाट नहीं बैठ पाती. इससे दरवाजा बंद करते समय रगड़ पैदा हो सकती है और आवाज आने लगती है. ऐसी स्थिति में तेज क्राफ्ट नाइफ या स्क्रेपर की मदद से पेंट की अतिरिक्त परत को सावधानी से हटाया जा सकता है. काम करते समय हाथ और लकड़ी दोनों को सुरक्षित रखें.
जरूरत पड़े तो कब्जे बदलना भी आसान उपाय है
अगर पुराने कब्जे बहुत ज्यादा घिस चुके हैं, टेढ़े हैं या लंबे समय से समस्या दे रहे हैं, तो उन्हें बदलना ज्यादा सही विकल्प हो सकता है. भारी लकड़ी के दरवाजों के लिए बॉल-बेयरिंग वाले कब्जे भी इस्तेमाल किए जाते हैं. इनमें घर्षण कम करने के लिए बेयरिंग होती है, जिससे दरवाजा ज्यादा आसानी से खुल और बंद हो सकता है.
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        <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 11:30:13 +0530</pubDate>
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        <title>पैसा वापस मिल गया, फिर भी नहीं बचेंगे विजय माल्या, ED ने ऐसा क्यों कहा?</title>
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        <description><![CDATA[ भगौड़े कारोबारी विजय माल्या का मनी लॉन्ड्रिंग का केस पिछले कई सालों से चल रहा है. मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में उन्हें भगौड़ा तक घोषित कर दिया गया है. हालांकि अब ईडी यानी प्रवर्तन निदेशालय ने पूरी रकम माल्या से रिकवर कर ली है, लेकिन फिर भी ईडी इस केस को बंद करने के लिए तैयार नहीं है. ईडी ने बॉम्बे हाईकोर्ट से साफ कह दिया है कि माल्या के ऊपर आपराधिक कार्यवाही खत्म नहीं की जाएगी.
ED ने हाईकोर्ट में क्या कहा?दरअसल विजाय माल्या का मनी लॉन्ड्रिंग का केस कई सालों से चल रहा है. इस केस के तहत हाल ही में सुनवाई हुई है. जिसमें बॉम्बे हाईकोर्ट ने माल्या कहा कि वो माल्या को आखिरी मौका दे रहे हैं ये साफ करने का कि क्या वो भारत लौटकर अदालत के अधिकार क्षेत्र में खुद को पेश करेंगे. इस दौरान ईडी में भी जवाब देते हुए अपनी बात रखी है.&amp;nbsp;
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सुनवाई के दौरान ईडी ने माल्या के भारत से बाहर रहने और खुद को अदालत में पेश न करने का मुद्दा उठाया. ईडी ने कहा कि, &#039;उनकी लगातार अनुपस्थिति और उनका आचरण मौजूदा कार्यवाही की पूरी पृष्ठभूमि में प्रासंगिक बने हुए हैं.&#039; इस तथ्य को सामने रखते हुए ईडी ने हाईकोर्ट से कहा है कि वो कोई भी फैसला इस पर विचार करते हुए ही करे.
&#039;ये कारोबारी विवाद नहीं&#039;ईडी ने साफ कर दिया है कि ये मामला कोई कारोबारी विवाद नहीं है. बल्कि ये एक आपराधिक मामाला है. इसलिए माल्या से पैसा रिकवर करने के बाद भी ईडी नहीं चाहती है कि ये केस बंद हो. ईडी ने कहा, &#039;PMLA की धारा 8(8) के तहत संपत्तियों की बहाली उस व्यक्ति को संपत्ति वापस देने की कानूनी प्रक्रिया है, जिसका उस संपत्ति पर वैध हित है. ये अपने आप में ये तय नहीं करती कि अपराध या मनी लॉन्ड्रिंग का अपराध हुआ है या नहीं.&#039;
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बता दें कि ईडी ने ये जवाब माल्या की उस याचिका पर आया है जिसमें उन्होंने मांग की है कि इस लंबे समय से लंबित मामले को खत्म कर दिया जाए. उन्होंने कहा है कि उनके पहले ही कर्ज से ज्यादा रकम वसूल की जा चुकी है, ऐसे में इस मामले को अब खत्म किया जाए और उन्हें भारत वापस लौटने दिया जाए.
गौरतलब है कि ये मामला कई सालों से चल रहा है. माल्या ने साल 2016 में भारच छोड़ दिया था, जिसके बाद से ही वो ब्रिटेन में रह रहे हैं. साल 2019 में उन्हें इस केस के चलते भगौड़ा घोषित कर दिया गया था.
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        <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 10:30:28 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>आसमान में छिड़ी लड़ाई, मुंबई से दिल्ली के सफर में कौन सी एयरलाइन है सबसे आगे?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/आसमान-में-छिड़ी-लड़ाई-मुंबई-से-दिल्ली-के-सफर-में-कौन-सी-एयरलाइन-है-सबसे-आगे</link>
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        <description><![CDATA[ मुंबई और दिल्ली के बीच का आसमानी रास्ता काफी व्यस्त रहता है. इन दोनों शहरों के बीच उड़ान को लेकर इन दिनों दो बड़ी एयरलाइंस के बीच कड़ी टक्कर भी देखने को मिल रही है. तो वहीं तीसरी एयरलाइन ने तो अपनी उड़ानें ही दोगुनी कर दी हैं.
इंडिगो- एयर इंडिया की जंगअप्रैल से सितंबर 2026 के बीच मुंबई-दिल्ली रूट पर इंडिगो के पास कुल सीटों का 42.8% हिस्सा था. वहीं एयर इंडिया ग्रुप (एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस) की हिस्सेदारी 41.9% रही. इसका मतलब है कि दोनों एयरलाइंस के बीच अंतर बहुत कम है.
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दिल्ली-मुंबई रूट क्यों है इतना जरूरी?मुंबई-दिल्ली देश के सबसे बड़े और कमाई वाले एयर रूट्स में से एक है. खास बात ये है कि जब देश के कई दूसरे जरूरी रूट्स पर सीटों की संख्या कम हो रही है, तब दिल्ली-मुंबई रूट पर सीट क्षमता बढ़ रही है. सितंबर में इस रूट पर करीब 6.77 लाख सीटें उपलब्ध थीं, जो पिछले साल की तुलना में 13.9% ज्यादा हैं. ये देश के किसी भी डोमेस्टिक एयर रूट पर सबसे ज्यादा सीट क्षमता है. इसके मुकाबले बेंगलुरु-दिल्ली रूट की सीट क्षमता 1.8%, मुंबई-चेन्नई 8.5% और मुंबई-हैदराबाद 9.5% घट गई है.
अकासा एयर की तेजी से बढ़ती हिस्सेदारीइस रूट पर सबसे ज्यादा ध्यान अकासा एयर की बढ़त पर है. पिछले साल अप्रैल-सितंबर में उसकी सीट हिस्सेदारी करीब 6% थी, जो इस साल बढ़कर 10.7% हो गई है. अकासा ने इस अवधि में मुंबई-दिल्ली के बीच अपनी उड़ानों की संख्या लगभग दोगुनी करके 1,176 कर दी. इसके साथ ही उसने स्पाइसजेट को पीछे छोड़ते हुए इस रूट की तीसरी सबसे बड़ी एयरलाइन की जगह हासिल कर ली है. स्पाइसजेट की सीट हिस्सेदारी सिर्फ 4.4% रह गई है.
बता दें कि कासा सिर्फ दिल्ली-मुंबई रूट पर ही विस्तार नहीं कर रही है. नवी मुंबई-दिल्ली रूट पर भी उसकी सीट हिस्सेदारी 9.5% हो गई है. वहीं, मुंबई-नोएडा रूट पर सितंबर में सिर्फ 30 उड़ानें चलाने के बावजूद अकासा की सीट हिस्सेदारी 51.2% रही, यानी इस रूट पर वो इंडिगो से भी आगे निकल गई है.
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        <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 10:30:26 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>आसमान, में, छिड़ी, लड़ाई, मुंबई, से, दिल्ली, के, सफर, में, कौन, सी, एयरलाइन, है, सबसे, आगे</media:keywords>
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        <title>महीने के 60 हजार कमाती है गुरुग्राम की नौकरानी, मनी मैनेजमेंट उड़ा देगा आपके होश</title>
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        <description><![CDATA[ दिल्ली से सटे हरियाणा के&amp;nbsp;गुरुग्राम में घरेलू काम करने वाली एक महिला की कमाई और पैसे संभालने के तरीके ने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच लिया है. गुरुग्राम में नौकरी करने वाले एक शख्स ने लिंक्डइन पर बताया कि उनके घर काम करने वाली महिला हर महीने करीब 60 हजार रुपए कमाती है और खूब बचत भी करती है.&amp;nbsp;
शख्स ने बताया कि घरेलू काम करने वाली&amp;nbsp;महिला पांच से छह घरों में काम करती हैं. वह महीने में तीन से चार छुट्टियां लेती हैं. वह सुबह सात बजे से पहले अपना काम शुरू कर देती हैं और आय का इस्तेमाल जरूरत पड़ने पर ही करती है.
कमाई से EMI भी भरती है महिला- शख्स
शख्स ने आगे बताया कि महिला हर महीने लगभग 10 हजार रुपये घर के किराए के रूप में देती हैं. इसके अलावा उनकी बेटी निजी स्कूल में पढ़ती है, जिसकी शिक्षा का खर्च भी वह संभालती हैं. वह अपने गांव में खरीदी गई छह लाख रुपये की जमीन की EMI भी नियमित रूप से चुका रही है.
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शख्स का कहना है कि महिला अपनी कमाई को दिखावे या गैर-जरूरी चीजों पर खर्च करने के बजाय परिवार के भविष्य को सुरक्षित करने पर ध्यान देती है. उनके मुताबिक, महिला के लिए बेटी की पढ़ाई और भविष्य की आर्थिक सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्य हैं. परिवार की जिम्मेदारियां भी समझदारी से ही पूरी करती है.
शख्स ने कॉर्पोरेट कर्मचारियों से की महिला की तुलना
शख्स ने नौकरानी की कमाई और बचत की तुलना&amp;nbsp;कॉर्पोरेट कर्मचारियों की खर्च करने की आदतों से की. शख्स ने कहा कि कई नौकरीपेशा लोग कार, महंगे गैजेट और जीवनशैली से जुड़ी चीजों के लिए EMI लेते हैं. दूसरी ओर महिला खर्च नियंत्रित करके भविष्य के लिए तैयारी कर रही है. महिला के पास कॉर्पोरेट कर्मचारियों की तरह स्वास्थ्य बीमा, कर्मचारी सुविधाएं या नौकरी से जुड़े दूसरे वित्तीय सुरक्षा साधन नहीं हैं. इसके बावजूद वह अपनी प्राथमिकताओं को लेकर स्पष्ट है.
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यह भी देखें-&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 10:30:25 +0530</pubDate>
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        <title>एशिया में नौकरी के लिए सबसे बेस्ट कंपनियां कौनसी हैं? टॉप 100 में भारत का जलवा</title>
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        <description><![CDATA[ दुनियाभर में कई सारी बड़ी- छोटी कंपनियां, जिनमें लोग काम करते हैं. लेकिन इनमें से कौन सी कंपनी सबसे ज्यादा बेस्ट है इसका पता कैसे लग पाएगा? इसका पता लगता है कुछ रिपोर्ट्स और स्टडीज से. जैसे हाल ही में ग्रेट प्लेस टू वर्क ने एशिया की उन कंपनियों की 2026 की लिस्ट जारी की है, जहां कर्मचारियों को काम करने का बेहतर माहौल मिलता है. ये रैंकिंग कर्मचारियों की राय के आधार पर तैयार की गई है.
इस स्टडी में एशिया और मिडिल ईस्ट के करीब 89 लाख कर्मचारियों के अनुभवों को शामिल किया गया है. कर्मचारियों से कंपनी में भरोसा, नेतृत्व, काम का माहौल, नए विचारों को बढ़ावा, कंपनी की वैल्यू और उनके कुल अनुभव के बारे में पूछा गया. इसी के आधार पर दुनिया से टॉप 100 कंपनियों की लिस्ट बनाई गई है.
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देखें इस लिस्ट से टॉप 10 कंपनियांग्रेट प्लेस टू वर्क के मुताबिक, इस लिस्ट में शामिल होने का आधार कंपनी का आकार या कमाई नहीं, बल्कि कर्मचारियों का वास्तविक अनुभव है. इस लिस्ट के मुताबिक बड़ी कंपनियों की कैटेगिरी मं ये 10 कंपनियां हैं:

हिलटन
मैरियोट इंटरनेशनल
सिस्को
एब्वी&amp;nbsp;
डीएचएल
इंटरकॉन्टिनेंटल होटल्स ग्रुप&amp;nbsp;
माइक्रो टेक्नोलॉजी
TP
एसेंचर
कैपेला

भारत की ये कंपनियां भी लिस्ट मेंइस पूरी रैंकिंग में भारत का प्रदर्शन भी काफी मजबूत रहा. बड़ी कंपनियों की टॉप-100 लिस्ट में 34 कंपनियां भारत की हैं. इसके अलावा छोटी और मध्यम कंपनियों की लिस्ट में 6 भारतीय कंपनियां शामिल हैं.
भारत से शामिल प्रमुख कंपनियों में फ्लिपकर्ट ग्रुप, इंफोसिस, HDFC लाइफ इंश्योरेंस, AU स्मॉल फाइनेंस बैंक, रिलायंस रिटेल, बजाज फाइनेंस, मैक्स हेल्थकेयर, Aye फाइनेंस, उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक, जेनसर टेक्नोलॉजीज, एक्सपीरियन, एडलवीज लाइफ और HP Inc का नाम शामिल है.
छोटी और मध्यम भारतीय कंपनियां भी शामिलइनके अलावा इस लिस्ट में भारत की 6 छोटी और मध्यम कंपनियों का नाम भी है. इनमें NIA इंस्टीट्यूशंस, वहदम इंडिया, चैलेट होटल्स, सेरेंटिका रिन्यूबल इंडिया, किम्बल और LMS (लॉर्ड महावीरा सर्विसेज इंडिया) का नाम शामिल हैं.
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क्या पसंद कर रहे कर्मचारी?इस लिस्ट में शामिल कंपनियों में करीब 93% कर्मचारियों ने कहा कि उनकी कंपनी काम करने के लिए एक बेहतरीन जगह है. वहीं, ट्रस्ट इंडेक्स का औसत स्कोर 91% रहा. कर्मचारियों ने खास तौर पर इन चीजों को लेकर सकारात्मक राय दी जैसे, ऑफिस में सुरक्षा का अच्छा माहौल, नए कर्मचारियों का स्वागत और अपनापन, सभी के साथ समान व्यवहार इन सभी क्षेत्रों में कम से कम 95% कर्मचारियों ने सकारात्मक राय दी.
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        <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 10:30:20 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>कैसे बनाएं अपने घर का डिजिपिन? ये टिप्स आएंगे आपके काम</title>
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        <description><![CDATA[ आज के समय में किसी को अपनी लोकेशन बताना हर बार आसान नहीं होता है. कई जगहों पर घर का नंबर, सड़क या गली का नाम साफ तौर पर पता नहीं होता है. गांवों और दूर-दराज के इलाकों में यह समस्या और ज्यादा देखने को मिलती है, जहां सही पता बताना मुश्किल हो जाता है. ऐसे में भारतीय डाक ने डिजिटल एड्रेसिंग को आसान बनाने के लिए DIGIPIN सिस्टम शुरू किया है, जो हर लोकेशन को 10 अक्षरों और अंकों का एक खास डिजिटल कोड देता है.
अब डाक विभाग ने अपना DIGIPIN जानें और अपना PIN Code जानें जैसी सुविधाएं भी शुरू की हैं, जिससे लोग अपनी लोकेशन और मौजूदा पिन कोड की जानकारी आसानी से हासिल कर सकते हैं. साथ ही DIGIPIN को लेकर जन-जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा. तो आइए जानते हैं कि अपने घर का डिजिपिन कैसे बनाएं.&amp;nbsp;
क्या है DIGIPIN?
DIGIPIN यानी Digital Postal Index Number भारतीय डाक विभाग की डिजिटल एड्रेसिंग व्यवस्था है. इसे डाक विभाग ने IIT हैदराबाद और इसरो के National Remote Sensing Centre (NRSC) के साथ मिलकर तैयार किया है. यह एक ओपन-सोर्स, जियो-कोडेड और ग्रिड आधारित सिस्टम है, जिसमें भारत के करीब 4 मीटर बाय 4 मीटर के हिस्से को एक यूनिक 10-अक्षर वाला अल्फान्यूमेरिक कोड दिया जाता है.
यह कोड किसी जगह के अक्षांश और देशांतर यानी latitude और longitude के आधार पर तैयार होता है. खास बात यह है कि DIGIPIN आपके मौजूदा पते या PIN Code को खत्म नहीं करता, बल्कि उसके साथ एक अतिरिक्त डिजिटल लेयर की तरह काम करता है.&amp;nbsp;
अपने घर का डिजिपिन कैसे बनाएं?
अपना DIGIPIN पता करना काफी आसान है. इसके लिए भारतीय डाक विभाग की अपना डिजिपिन जानें सुविधा पर जाना होगा. पोर्टल पर पहुंचने के बाद अपनी लोकेशन एक्सेस की अनुमति देनी होगी. इसके बाद स्क्रीन पर आपकी मौजूदा जगह का 10-अक्षर वाला DIGIPIN दिखाई देगा. अगर आप लोकेशन एक्सेस नहीं देना चाहते हैं, तो अक्षांश और देशांतर यानी latitude-longitude को मैन्युअली भी दर्ज कर सकते हैं. कोड मिलने के बाद इसे सेव या नोट करके रखा जा सकता है.&amp;nbsp;
DIGIPIN को ऐसे कर सकते हैं शेयर
DIGIPIN मिलने के बाद इसे किसी दोस्त या उस व्यक्ति के साथ शेयर किया जा सकता है, जिसे आपकी सही लोकेशन पर पहुंचना है. इसके साथ QR Code का ऑप्शन भी मिलता है. इसे Google Maps या Mappls Maps के जरिए खोला जा सकता है, जिससे लोकेशन तक पहुंचना आसान हो जाता है.&amp;nbsp;
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डिलीवरी और इमरजेंसी में आएगा काम
DIGIPIN का इस्तेमाल डाक और पार्सल डिलीवरी से लेकर ई-कॉमर्स और नेविगेशन तक में किया जा सकता है. खासकर ऐसे इलाकों में जहां घर का नंबर या सड़क की जानकारी साफ नहीं है, यह सही लोकेशन पहचानने में मदद कर सकता है. &amp;nbsp;एंबुलेंस, पुलिस, फायर ब्रिगेड और राहत टीमों के लिए भी यह यूजफुल हो सकता है.
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        <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 07:30:19 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>कैसे, बनाएं, अपने, घर, का, डिजिपिन, ये, टिप्स, आएंगे, आपके, काम</media:keywords>
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        <title>ये फोन यूज करते हैं तो सबसे सस्ता होगा रिचार्ज, देख लें पूरी लिस्ट</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/ये-फोन-यूज-करते-हैं-तो-सबसे-सस्ता-होगा-रिचार्ज-देख-लें-पूरी-लिस्ट</link>
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        <description><![CDATA[ आज के समय में मोबाइल नंबर को एक्टिव रखना भी एक खर्च बन गया है. पहले जहां छोटे से रिचार्ज से काम चल जाता था, वहीं अब ज्यादातर यूजर्स को नंबर की वैलिडिटी बनाए रखने के लिए एक तय रकम खर्च करनी पड़ती है. खासकर उन लोगों के लिए यह परेशानी ज्यादा है जो दूसरा SIM सिर्फ बैंक OTP, Aadhaar verification या कभी-कभार कॉल के लिए रखते हैं.
ऐसे में सबसे सस्ता रिचार्ज कौन सा है और किस नेटवर्क पर नंबर को कम खर्च में एक्टिव रखा जा सकता है, यह जानना जरूरी हो जाता है. तो आइए जानते हैं कि कौन-से फोन यूज पर सबसे सस्ता रिचार्ज होगा.&amp;nbsp;
2015 से 2026 तक कितना बदला रिचार्ज?
2015 में 10 रुपए का टॉप-अप भी काफी था. इससे पूरा टॉक टाइम मिलता था और इनकमिंग की वैलिडिटी बनी रहती थी. अब स्थिति काफी बदल चुकी है. 2026 में प्राइवेट टेलीकॉम कंपनियों के स्मार्टफोन यूजर्स के लिए कम कीमत वाले टॉकटाइम प्लान काफी सीमित हो गए हैं. अब Jio का न्यूनतम प्लान 189 रुपए , जबकि Airtel और Vi का शुरुआती प्लान 199 रुपए है.
कौन-से फोन यूज पर सबसे सस्ता रिचार्ज होगा?
सबसे सस्ता रिचार्ज फोन के ब्रांड से ज्यादा आपके नेटवर्क और प्लान पर निर्भर करता है. हालांकि 4G फीचर फोन-कीपैड फोन यूज करने वालों के लिए कुछ खास रिचार्ज प्लान सस्ते पड़ सकते हैं. खासकर Jio Phone, Jio Bharat, Lava, itel और Nokia के 4G फीचर फोन पर Jio के 123 रुपए, 234 रूपए, &amp;nbsp;369 रूपए और 1,234 रूपए वाले प्लान इस्तेमाल किए जा सकते हैं. वहीं सामान्य स्मार्टफोन यूजर्स के लिए Jio का 189 रुपए और BSNL का 107 रूपए वाला प्लान कम कीमत वाले ऑप्शन मे शामिल हैं.&amp;nbsp;
Jio का 189 रुपए वाला प्लान
Jio यूजर्स के लिए 189 रुपए का प्लान 28 दिनों की वैलिडिटी के साथ आता है. इसमें अनलिमिटेड वॉइस कॉलिंग, कुल 2GB डेटा और 300 SMS मिलते हैं. यह प्राइवेट नेटवर्क पर 4G और 5G स्मार्टफोन यूजर्स के लिए कम कीमत वाला एंट्री-लेवल ऑप्शन है. हालांकि, 4G फीचर फोन यूजर्स के लिए Jio के कुछ अलग प्लान भी उपलब्ध हैं. 123 रूपए वाले प्लान में 28 दिनों की वैलिडिटी के साथ अनलिमिटेड कॉलिंग, रोज 0.5GB डेटा और कुल 300 SMS मिलते हैं.&amp;nbsp;
234 और 369 रुपए वाले फीचर फोन प्लान
Jio का 234 रुपए &amp;nbsp;वाला प्लान 56 दिनों की वैलिडिटी देता है. इसमें रोज 0.5GB डेटा और अनलिमिटेड कॉलिंग मिलती है, जबकि 300 SMS का इस्तेमाल शुरुआती 28 दिनों तक किया जा सकता है. 369 रूपए &amp;nbsp;वाले प्लान की वैलिडिटी 84 दिन है. इसमें रोज 0.5GB डेटा, अनलिमिटेड कॉलिंग और 28 दिनों के लिए 300 SMS मिलते हैं.&amp;nbsp;
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1,234 रुपए वाला लंबी वैलिडिटी प्लान
Jio का 1,234 रुपए वाला प्लान 336 दिनों की वैलिडिटी के साथ आता है. इसमें पूरी वैलिडिटी के दौरान अनलिमिटेड कॉलिंग और रोज 0.5GB डेटा मिलता है. इस हिसाब से कुल 168GB 4G डेटा मिलता है. इन प्लान्स के साथ JioSaavn और JioTV का फ्री सब्सक्रिप्शन भी दिया जाता है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 07:30:17 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>iPhone Duo के कवर की कीमत ने चौंकाया,  इतने में आता है Android फोन</title>
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        <description><![CDATA[ Apple ने अपना पहला फोल्डेबल iPhone Duo लॉन्च कर दिया है. इसे कंपनी ने iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max के साथ पेश किया है. लंबे समय से जिस फोल्डेबल iPhone का इंतजार किया जा रहा था, उसके सामने आने के बाद अब सबसे ज्यादा चर्चा इसकी कीमत की हो रही है. भारत में iPhone Duo की शुरुआती कीमत 2,99,900 रुपये है, लेकिन बात सिर्फ फोन की कीमत तक सीमित नहीं है. Apple ने के पहले फोल्डेबल iPhone के साथ एक खास Folio कवर भी लॉन्च किया है, जिसकी कीमत इतनी है कि उस बजट में एक अच्छा Android फोन खरीदा जा सकता है. तो आइए जानते हैं कि इस कवर की कीमत कितनी है.&amp;nbsp;
iPhone Duo Folio कवर की कीमत कितनी है?
Apple ने इस कवर को iPhone Duo Folio नाम दिया है. इसकी कीमत 14,900 रुपए रखी गई है. कवर में बिल्ट-इन किकस्टैंड दिया गया है, जिससे फोन को अलग-अलग एंगल पर खड़ा किया जा सकता है. इसका इस्तेमाल वीडियो देखने, पढ़ने या FaceTime कॉल के दौरान किया जा सकता है. यह कवर दो कलर ऑप्शन Taupe और Navy Blue में मिलेगा. Apple के मुताबिक iPhone Duo Folio की बिक्री 16 अक्टूबर से शुरू होगी.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ें - AI से लेकर न्यू टेक तक, BRICS में बनेगी Tech Strategy
कैसा है iPhone Duo?
iPhone Duo Apple का पहला फोल्डेबल iPhone है, जिसे कंपनी ने iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max के साथ लॉन्च किया है. फोन को बंद करने पर 5.4 इंच की आउटर डिस्प्ले मिलती है, जबकि खोलने पर 7.6 इंच की इनर डिस्प्ले सामने आती है. इसमें Apple का नया A20 Pro चिपसेट दिया गया है.
फोन की दोनों डिस्प्ले ProMotion, Always-On और 3,000 निट्स तक पीक ब्राइटनेस सपोर्ट करती हैं. इसमें 48MP Fusion प्राइमरी और 48MP अल्ट्रा-वाइड कैमरा दिया गया है. सेल्फी के लिए 12MP सेंसर मिलता है. इसके अलावा फोल्डेबल डिजाइन के साथ Duo Preview और Split View जैसे मल्टीटास्किंग फीचर्स भी मिलते हैं.&amp;nbsp;
3 लाख से शुरू है iPhone Duo
भारत में iPhone Duo की शुरुआती कीमत 2,99,900 रुपए है. 256GB मॉडल की कीमत 2,99,900 रुपए , 512GB की₹3,24,900 रुपए , 1TB की 3,74,900 रुपए &amp;nbsp;और 2TB मॉडल की कीमत 4,49,900 रुपए है. फोन Star White और Night Sky कलर में आता है. अगर बेस मॉडल के साथ 14,900 का Folio कवर जोड़ दिया जाए, तो कुल कीमत 3,14,800 रुपए हो जाती है. अमेरिका में इसकी शुरुआती कीमत 1,999 डॉलर यानी करीब 1.90 लाख रुपए है.&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;यह भी पढ़ें - चांद की बर्फ और क्रेटर मैप करेगा IBM-NASA का AI, जानें कैसे? ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 07:30:15 +0530</pubDate>
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        <title>AI बना बड़ी मुसीबत! जानें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने क्यों दी चेतावनी?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/ai-बना-बड़ी-मुसीबत-जानें-वित्त-मंत्री-निर्मला-सीतारमण-ने-क्यों-दी-चेतावनी</link>
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        <description><![CDATA[ वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक टेक्नोलॉजी को लेकर एक बड़ा बयान दिया है. मुंबई में आयोजित ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक दोधारी तलवार की तरह है.&amp;nbsp;
उन्होंने आगाह किया कि जहां एक तरफ इस तकनीक की मदद से डिजिटल धोखाधड़ी और फ्रॉड को पकड़ा जा सकता है, वहीं दूसरी तरफ अपराधी इसका इस्तेमाल बड़े घोटालों को अंजाम देने के लिए भी कर रहे हैं. वित्त मंत्री ने टेक कंपनियों और फिनटेक सेक्टर को सलाह दी कि वे नई तकनीकों को इस तरह विकसित करें जिससे सिस्टम की कार्यकुशलता तो बढ़े, लेकिन उससे सुरक्षा को लेकर कोई नया खतरा पैदा न हो.
समाज और चुनावों को प्रभावित कर सकती है टेक्नोलॉजी
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने AI, लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स LLMs और साइबर स्पेस से जुड़े खतरों पर गहरी चिंता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि आज की आधुनिक तकनीक इतनी ताकतवर हो चुकी है कि यह न सिर्फ आम समाज को प्रभावित कर सकती है, बल्कि लोकतांत्रिक देशों में होने वाले चुनावों के नतीजों तक को बदल सकती है.
उन्होंने बताया कि आज के नए डिजिटल मॉडल्स जमीनी स्तर पर लोगों की राय और जनमत को इस तरह प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं, जिसके बारे में आम जनता को अंदाजा तक नहीं हो पाता. यही वजह है कि तकनीक के इन बढ़ते जोखिमों को समय रहते नियंत्रित करना बेहद जरूरी हो गया है.
रेगुलेशन और नई खोजों के बीच संतुलन जरूरी
ग्लोबल फिनटेक फेस्ट के मंच से वित्त मंत्री ने कहा कि सरकारों और केंद्रीय बैंक को एआई से जुड़े इन खतरों से निपटने के लिए सख्त कदम उठाने होंगे. हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि नियम ऐसे होने चाहिए जो बाजार में नई खोजों को बढ़ावा दें, न कि उन्हें दबाएं.
वित्त मंत्री ने बताया कि उन्होंने RBI के साथ इस विषय पर चर्चा की है. उन्होंने आरबीआई से सॉफ्ट-टच रेगुलेशन अपनाने की बात की है ताकि फिनटेक सेक्टर बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ सके. उन्होंने इस बात पर खुशी जताई कि हाल ही में आरबीआई ने फिनटेक सेक्टर के लिए यूनिफाइड फिनटेक फोरम को एक सेल्फ-रेगुलेटरी ऑर्गनाइजेशन के रूप में मान्यता दे दी है, जो इस बदलते दौर की बड़ी जरूरत थी.
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भारत की युवा आबादी और डिजिटल इकोनॉमी की तारीफ
अपने संबोधन के दौरान वित्त मंत्री ने भारत के युवाओं की क्षमता और देश के युवा आबादी के फायदे पर भी खुलकर बात की. उन्होंने उन लोगों को आड़े हाथों लिया जो भारत की युवा आबादी की ताकत पर संदेह करते हैं. उन्होंने कहा कि भारत की युवा पीढ़ी आज निराशा से आगे निकल चुकी है और देश के भविष्य का निर्माण कर रही है.
उन्होंने गर्व से कहा कि हमारे युवा आज कल के लिए कोडिंग लिख रहे हैं, बड़े और टिकाऊ बिजनेस खड़े कर रहे हैं. आज भारत की UPI जैसी डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर व्यवस्था पूरी दुनिया में सबसे ताकतवर बनकर उभरी है, जिसके जरिए हर महीने अरबों रुपयों का डिजिटल लेनदेन हो रहा है. इसके साथ ही भारत अंतरिक्ष क्षेत्र में नए मुकाम हासिल कर रहा है और दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है.
यह भी पढ़ें:&amp;nbsp;AI से लेकर न्यू टेक तक, BRICS में बनेगी Tech Strategy ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 07:30:13 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>बना, बड़ी, मुसीबत, जानें, वित्त, मंत्री, निर्मला, सीतारमण, ने, क्यों, दी, चेतावनी</media:keywords>
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        <title>स्विच दबाते ही दिखती है चिंगारी, कब सिर्फ ढीला कनेक्शन और कब खतरे का संकेत?</title>
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        <description><![CDATA[ घर में लाइट ऑन करने के लिए स्विच दबाना हमारी रोजमर्रा की आदत है, लेकिन अगर हर बार स्विच दबाते ही चिंगारी दिखाई दे, चटकने की आवाज आए या जलने जैसी गंध महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है. स्विच के अंदर बहुत छोटी इलेक्ट्रिक स्पार्किंग कई बार सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हो सकती है, लेकिन बाहर दिखाई देने वाली तेज चिंगारी या बार-बार होने वाली स्पार्किंग बिजली की समस्या का संकेत भी हो सकती है. ऐसे में यह समझना जरूरी है कि कौन-सी चिंगारी सामान्य है और कब सावधान होने की जरूरत है. तो आइए जानते हैं कि स्विच दबाते ही चिंगारी दिखती है तो कब सिर्फ ढीला कनेक्शन और कब खतरे का संकेत है.&amp;nbsp;
स्विच दबाते ही चिंगारी दिखती है तो कब सिर्फ ढीला कनेक्शन?
लाइट स्विच के कॉन्टैक्ट जब सर्किट को खोलते या बंद करते हैं, तो अंदर बहुत छोटे इलेक्ट्रिकल आर्क बन सकते हैं. आमतौर पर ये इतने छोटे होते हैं कि दिखाई भी नहीं देते है. कई लाइट बल्ब, पुराने इनकैंडेसेंट बल्ब, ज्यादा वाट वाले फिक्स्चर या लंबे लाइट सर्किट को कंट्रोल करने वाले स्विच में यह ज्यादा हो सकता है. हल्की क्लिक की आवाज भी सामान्य हो सकती है.&amp;nbsp;
कब चिंगारी खतरे का संकेत है?
अगर स्विच से साफ दिखाई देने वाली चमक निकल रही है, तेज चटकने या फूटने की आवाज आ रही है, जलने की गंध या धुआं दिखाई दे रहा है, या स्विच छूने पर गर्म लग रहा है, तो यह सामान्य नहीं है. ऐसे संकेत ढीली वायरिंग, खराब स्विच कॉन्टैक्ट, ओवरलोडेड सर्किट, खतरनाक वायरिंग या इलेक्ट्रिकल आर्क की ओर इशारा कर सकते हैं.&amp;nbsp;
स्पार्किंग के पीछे क्या वजह हो सकती है?
स्विच के पीछे ढीले तार या टर्मिनल कनेक्शन होने पर बिजली का प्रवाह प्रभावित हो सकता है और स्पार्किंग हो सकती है. समय के साथ स्विच के अंदर मौजूद मेटल कॉन्टैक्ट भी घिस सकते हैं, जिससे आर्क बढ़ सकता है. इसके अलावा ज्यादा बिजली का लोड, खराब वायरिंग और डिमर या स्मार्ट स्विच की गलत इंस्टॉलेशन भी समस्या पैदा कर सकती है.&amp;nbsp;
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चिंगारी दिखे तो क्या करें?
अगर स्विच से चिंगारी, धुआं या जलने की गंध आ रही है, तो सबसे पहले संबंधित सर्किट का ब्रेकर बंद करें और स्विच का इस्तेमाल न करें. बार-बार स्विच चलाकर जांच करने की कोशिश न करें. किसी स्विच को खोलने या तार छूने से पहले बिजली पूरी तरह बंद होना सुनिश्चित करना जरूरी है.&amp;nbsp;
इलेक्ट्रीशियन को कब बुलाएं?&amp;nbsp;अगर जले हुए तार दिखाई दें, ब्रेकर बार-बार ट्रिप हो, जलने की गंध आए या स्विच बदलने के बाद भी चिंगारी जारी रहे, तो लाइसेंस प्राप्त इलेक्ट्रीशियन की मदद लेना बेहतर है. खासकर दिखाई देने वाली चिंगारी, तेज आवाज और गर्म स्विच को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 07:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>यौन उत्पीड़न केस में टीचर को राहत, SC बोली&amp; &amp;apos;एक शिक्षक पर हमेशा के लिए..&amp;apos;</title>
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        <description><![CDATA[ शिक्षक को लेकर हुई एफआईआर पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज केस में सुनवाई हुई. इसमें आरोप लगाया गया था कि उसने क्लास में कई छात्राओं को गलत तरीके से छुआ था. इसमें पीठ पर हाथ रखना, कमर को टच करना जैसे गंभीर आरोप शामिल थे.
आरोप के सामने आने के बाद पुलिस ने टीचर्स के खिलाफ पॉक्सो एक्ट 2012 की धारा 10 के तहत केस दर्ज किया. इन्हीं आरोपों की लड़ाई में जुटे टीचर ने पहले हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, इसके बाद जब वहां से निराशा मिली तो वह सुप्रीम कोर्ट की चौखट पर न्याय की गुहार लगाने पहुंचे.&amp;nbsp;
मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा, &#039;शारीरिक सजा देने का उनका तरीका भले ही गलत और असंवेदनशील रहा हो, लेकिन इससे यौन मंशा का पता नहीं चलता है. कोर्ट ने कहा है कि बाद में बरी हो जाने पर भी मुकदमे से हुए नुकसान की भरपाई नहीं की जा सकती है. एक टीचर पर हमेशा के लिए दाग लग जाएगा.&#039;&amp;nbsp;
जस्टिस भुइयां और जस्टिस अतुल एस की बेंच ने की सुनवाई
इससे पहले कलकत्ता हाईकोर्ट ने उन्हें दोषी ठहराया था. सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उज्जवल भुइयां और जस्टिस अतुल एस चंदुरकर की बेंच इस मामले में सुनवाई कर रही थी. उनके तहत पॉक्सो की धारा 10 के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी. महिला टीचरों ने हेडमास्टर से टीचर की शिकायत की थी. तब आरोप लगाया था कि उन्होंने 10वीं कक्षा की कुछ छात्राओं के शरीर को छुआ. इसके बाद बाल जिला संरक्षण इकाई ने स्कूल का दौरा किया, और जांच रिपोर्ट बनाई. &amp;nbsp;फिर पूरे मामले में पुलिस ने संज्ञान लेते हुए, एफआईआर दर्ज की. शिक्षक ने हाईकोर्ट में इस FIR को रद्द करने की मांग की, और याचिका दाखिल की थी. लेकिन उसे कोर्ट ने अस्वीकार कर दिया. इसके बाद वह सुप्रीम कोर्ट पहुंचे, जहां माननीय सर्वोच्च अदालत ने रोक लगा दी. &amp;nbsp;
बाल संरक्षण इकाई ने क्या बताया?&amp;nbsp;
बाल संरक्षण इकाई ने बताया था कि छात्राओं ने कहा है कि जब वे क्लास में ध्यान नहीं देती थीं, तो टीचर उनकी पीठ के ऊपरी हिस्से पर मारते थे. ऐसे में वह जिस तरह से छूते थे, वह उनके Comfort स्थिति नहीं थी. इनके अलावा रिपोर्ट में बताया गया था कि छात्राओं की पीठ को रगड़ा जाता था, उनके कमर पर चुटकी काटते थे. एक दिन टीचर ने एक लड़की को मैप न लाने पर थप्पड़ मारा. उसकी गर्दन को गलत तरह से छुआ. अन्य स्टूडेंट्स ने शिकायत की कि भले ही टीचर ने छुआ नहीं, लेकिन वह इस तरह से देखते थे, जिससे उन्हें असहज महसूस होता था.&amp;nbsp;
इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कई तरह के प्रावधानों के बारे में पॉक्सो एक्ट के तहत बताया थआ. इसमें धारा 10 के तहत गंभीर यौन उत्पीड़न पांच से सात साल की कठोर सजा और जुर्माने का प्रावधान है. इस मामले में लागू धारा 9(f) में ऐसे लोग शामिल हैं, जो किसी भी तरह से टिचिंग प्रोफेशन से जुड़े हैं. कोर्ट ने माना है कि भले ही टीचर के तौर पर व्यवहार गलत था, लेकिन धारा 10 के दायरे में नहीं आता है.&amp;nbsp;
&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 01:30:11 +0530</pubDate>
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        <title>पश्चिमी एशिया तनाव पर पेजेश्कियान से बोले PM मोदी &amp; &amp;apos;भारत...&amp;apos;</title>
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        <description><![CDATA[ ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के साथ द्विपक्षीय बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिमी एशिया की मौजूद स्थिति पर भी चर्चा की. इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने दो टूक कहा कि भारत युद्ध की बजाय हमेशा बातचीत और शांति से हर समस्या को सुलझाने में भरोसा रखता है और अपनी इस बात पर हमेशा कायम रहता है. दोनों नेताओं की दो सप्ताह से भी कम समय में यह दूसरी मुलाकात है.
बतौर ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियान की यह पहली भारत यात्रा है. &amp;nbsp;पेजेश्कियान का यह दौरा इसलिए अहम है क्योंकि यह ऐसे समय में हो रहा है जब ईरान के खिलाफ अमेरिका की ओर से नए आर्थिक प्रतिबंध लागू किए जाने के बाद पश्चिम एशिया में तनाव फिर से बढ़ गया है.
ईरानी राष्ट्रपति से मीटिंग पर क्या बोले पीएम मोदी?
पेजेश्कियान से मुलाकात की जानकारी प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर दी. पीएम मोदी ने लिखा, &#039;बिश्केक से दिल्ली तक हमारी सार्थक बातचीत जारी है. ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेश्कियन से मिलकर बहुत खुशी हुई. यह दौरा इसलिए भी खास है क्योंकि यह उनकी भारत की पहली यात्रा है. हमने भारत और ईरान की दोस्ती पर बात की.&#039;
उन्होंने आगे लिखा, &#039;हमारा मानना है कि हमें लंबे समय तक चलने वाली और दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद रणनीति के साथ आगे बढ़ना चाहिए. बैठक में क्षेत्र के मौजूदा हालातों पर भी चर्चा हुई. भारत क्षेत्र में स्थाई शांति बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.&#039;
ब्रिक्स बिजनेस फोरम में हिस्सा लेने के लिए दिया धन्यवाद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद ब्रिक्स से संबंधित बैठकों में ईरान की नियमित और उच्च स्तरीय भागीदारी के लिए आभार जताया. उन्होंने वैश्विक दक्षिण के देशों के बीच सहयोग और स्थिरता को बढ़ावा देने में ब्रिक्स की क्षमता का जिक्र किया. उन्होंने ब्रिक्स बिजनेस फोरम में भाग लेने के लिए राष्ट्रपति पेजेश्कियान को भी धन्यवाद दिया.
बिजनेस फोरम में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा, आज के समय में दुनिया बेहद जटिल दौर से गुजर रही है. ऐसे में ब्रिक्स की भूमिका बेहद अहम हो जाती है. उन्होंने ब्रिक्स के आयोजन के लिए &amp;nbsp;भारत का धन्यवाद दिया. इससे पहले बिजनेस फोरम के दौरान एक तस्वीर सामने आई थी, जिसमें पीएम मोदी ईरानी राष्ट्रपति का हाथ थामे दिखाई दिए थे.
राष्ट्रपति पेजेश्कियान और पीएम मोदी के बीच द्विपक्षीय बैठक, जानें क्या हुई चर्चा
PM मोदी-पेजेश्कियान के बीच बैठक पर क्या बोले MEA?
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पीएम मोदी और पेजेश्कियान के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक को लेकर सोशल मीडिया पर कहा, &#039;भारत और ईरान के बीच सभ्यतागत संबंध हैं, जो मजबूत सांस्कृतिक और लोगों के बीच आपसी रिश्तों से जुड़े हैं. ब्रिक्स साझेदारों के तौर पर, दोनों देश मिलकर तरक्की और खुशहाली की दिशा में काम कर रहे हैं.&#039;
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        <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 01:30:09 +0530</pubDate>
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        <title>बैंक फ्रॉड मामले में ED की रेड, सिंगापुर खाते में 35.71 करोड़ की FD फ्रीज</title>
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        <description><![CDATA[ बैंक धोखाधड़ी और रकम की कथित हेराफेरी के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है. ईडी के मुंबई जोनल कार्यालय-II ने गजानन गंगामय इंडस्ट्री LLP (GGI LLP) और उससे जुड़े लोगों के छह आवासीय एवं व्यावसायिक परिसरों पर तलाशी ली. ये ठिकाने मुंबई और छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) में स्थित हैं. कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत की गई.
बैंक ऑफ इंडिया के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम से लिया था कर्ज
ईडी ने यह जांच पुणे की सीबीआई एसीबी द्वारा दर्ज एफआईआर और बाद में दाखिल चार्जशीट के आधार पर शुरू की. मामले में GGI LLP, उसके साझेदारों और अन्य लोगों पर धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और आपराधिक कदाचार के आरोप हैं. जांच के मुताबिक GGI LLP ने Bank of India के नेतृत्व वाले बैंकों के कंसोर्टियम से ऋण लिया था. बाद में यह कर्ज एनपीए में बदल गया और करीब 135 करोड़ रुपये की बकाया राशि को कंसोर्टियम बैंकों ने फ्रॉड घोषित किया.
पूर्व पार्टनर पर फंड डायवर्जन का आरोप
ईडी के अनुसार, GGI LLP के पूर्व पार्टनर नितिन रामचंद्र जाधव ने कथित तौर पर रकम को डायवर्ट और सिफन करने के लिए कई संस्थाओं का इस्तेमाल किया. जांच में सामने आया कि लोन की रकम को राउंड-ट्रिपिंग और डायवर्जन के जटिल नेटवर्क के जरिए घुमाया गया. इसके बाद रकम को कई कथित शेल कंपनियों और एंट्री प्रोवाइडरों के माध्यम से अलग-अलग खातों में भेजा गया.&amp;nbsp;
जांच एजेंसी के मुताबिक इस प्रक्रिया के बाद बड़ी मात्रा में नकद निकासी की गई, जिससे अपराध से अर्जित रकम के वास्तविक इस्तेमाल और लेन-देन को छिपाने की कोशिश की गई.
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सिंगापुर में 35.71 करोड़ की एफडी फ्रीज
ईडी की तलाशी कार्रवाई में बड़ी रकम से जुड़ी संपत्ति का भी पता चला. एजेंसी ने इंडियन बैंक की सिंगापुर शाखा में करीब 37 लाख अमेरिकी डॉलर (लगभग 35.71 करोड़ रुपये) के बैलेंस वाला फिक्स्ड डिपॉजिट खाता फ्रीज कर दिया है. &amp;nbsp;इसके अलावा तलाशी के दौरान BMW 320LD &amp;nbsp;ग्रैंड लग्जरी लाइन कार जब्त की गई. ईडी ने मामले से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस भी बरामद किए हैं, जिनमें कथित वित्तीय लेन-देन और फंड की आवाजाही से जुड़ी सामग्री मिली है.
यौन उत्पीड़न केस में टीचर को राहत, SC बोली- &#039;एक शिक्षक पर हमेशा के लिए..&#039; ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 01:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>बंगाल उपचुनाव: कांग्रेस ने नंदीग्राम और रेजीनगर सीट पर उतारे उम्मीदवार</title>
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        <description><![CDATA[ कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल में अगले महीने 6 अक्टूबर, 2026 को होने वाले विधानसभा उपचुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया है. पार्टी ने बताया है कि मोहम्मद अब्दुल्लाहिल काफी रेजीनगर सीट से चुनाव लड़ेंगे, जबकि कांग्रेस ने नंदीग्राम सीट से मिलन प्रधान उम्मीदवार बनाया है.&amp;nbsp;
&amp;nbsp;
(खबर अपडेट किया जा रहा है.) ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 01:30:07 +0530</pubDate>
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        <title>‘वैश्विक GDP का 40% हिस्सा BRICS देशों से’, राष्ट्रपति पुतिन ने जी&amp;7 पर कसा तंज</title>
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        <description><![CDATA[ रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार, बुनियादी ढांचे, लॉजिस्टिक्स और प्रौद्योगिकी से जुड़ी परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए एक नया निवेश मंच बनाने का प्रस्ताव रखा. उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों के बीच बढ़ता आर्थिक सहयोग किसी भी देश के खिलाफ नहीं है. ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले सदस्य देशों के उद्योग प्रमुखों की बैठक को संबोधित करते हुए पुतिन ने कहा कि प्रस्तावित निवेश मंच का आधार न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) हो सकता है. इसका उद्देश्य निजी क्षेत्र से वित्त जुटाकर ब्रिक्स देशों की अर्थव्यवस्थाओं को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाना है.
उन्होंने कहा, &quot;हमें वित्तपोषण की जरूरत है.&quot; साथ ही उम्मीद जताई कि ब्रिक्स के अन्य सदस्य देश भी इस पहल का समर्थन करेंगे. पुतिन ने कहा कि रूस आर्कटिक ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर और नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर सहित बुनियादी ढांचा और लॉजिस्टिक्स परियोजनाओं पर साझेदार देशों के साथ काम करने के लिए तैयार है.
ब्रिक्स देशों से वैश्विक जीडीपी का 40%
उन्होंने प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मानव रहित परिवहन, वित्त, पर्यटन और उद्योग जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया. पुतिन ने कहा कि ब्रिक्स दुनिया के साथ व्यापक सहयोग के लिए खुला है. उन्होंने कहा, &quot;हम किसी के खिलाफ नहीं हैं. हम अपने हितों के पक्ष में हैं.&quot; रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में 40 प्रतिशत से अधिक योगदान ब्रिक्स देशों का रहा है, जबकि जी-7 देशों की हिस्सेदारी 29 प्रतिशत रही. उन्होंने कहा कि इसी अवधि में वैश्विक आर्थिक वृद्धि में ब्रिक्स देशों का योगदान आधे से अधिक रहा है.
पुतिन के अनुसार, आर्थिक वृद्धि के पारंपरिक केंद्रों की जगह अब नए विकास केंद्र ले रहे हैं. उन्होंने कहा कि ब्रिक्स का बढ़ता आर्थिक सहयोग अन्य देशों को बाहर करने के बजाय सदस्य देशों के राष्ट्रीय हितों को आगे बढ़ाने के लिए है. सरकारों, कारोबार और शैक्षणिक जगत के बीच सहयोग के जरिए ब्रिक्स नवाचार और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के आधार पर वैश्विक वृद्धि का एक मजबूत मंच तैयार कर रहा है. उन्होंने कहा, &quot;इस वृद्धि के सबसे महत्वपूर्ण तत्व किसी पर बाहर से नहीं थोपे जा रहे हैं.&quot; पुतिन ने भारत की कंपनी महिंद्रा को ब्रिक्स की कारोबारी सफलता के उदाहरणों में शामिल किया.
एआई, डिजिटल प्लेटफॉर्म का जिक्र
उन्होंने चीन की हुआवेई, ब्राजील की एम्ब्रेयर, संयुक्त अरब अमीरात की टीपीओ और रूस की रोसाटॉम के साथ महिंद्रा द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और AI क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि इन कंपनियों की सफलता ब्रिक्स देशों के बड़े घरेलू बाजार, तेज शहरीकरण और बढ़ती तकनीकी क्षमताओं को दर्शाती है. पुतिन ने कहा कि रूस भी AI, स्वायत्त प्रणालियों, डिजिटल प्लेटफॉर्म और वित्तीय प्रौद्योगिकी समेत कई क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर तकनीकी नवाचार पर काम कर रहा है. उन्होंने इस धारणा को खारिज किया कि रूस या ब्रिक्स आर्थिक रूप से अलग-थलग होना चाहते हैं. पुतिन ने कहा कि रूस मौजूदा और नए, दोनों तरह के साझेदारों के साथ सहयोग के लिए तैयार है.
उन्होंने कहा, &quot;हम पूरी दुनिया के साथ काम करने के लिए तैयार हैं.&quot; पुतिन ने कहा कि ब्रिक्स व्यापार परिषद व्यापार और आर्थिक संबंधों को नई गति दे सकती है तथा बुनियादी ढांचे, लॉजिस्टिक्स, वित्त और प्रौद्योगिकी से जुड़ी परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में मदद कर सकती है. इसके साथ ही उन्होंने पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों और अन्य पाबंदियों की तीखी आलोचना की.
उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धा तेजी से ऐसे रूप ले रही है, जिनमें व्यापार प्रतिबंध, परिवहन मार्गों पर दबाव और द्वितीयक प्रतिबंध शामिल हैं. पुतिन ने कहा कि प्रतिस्पर्धा कंपनियों और देशों, दोनों स्तरों पर तेजी से &quot;बदरंग रूप&quot; ले रही है. उन्होंने दावा किया कि रूस को 30,000 से अधिक प्रतिबंधों का सामना करना पड़ा है. हालांकि, रूस ने अपने विदेशी व्यापार का दायरा बदलकर और अपनी अर्थव्यवस्था को अधिक मजबूत बनाकर इसका जवाब दिया है.
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        <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 01:30:05 +0530</pubDate>
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        <title>UGC NET जून 2026 री&amp;एग्जाम की प्रोविजनल आंसर की जारी, 13 सितंबर तक दर्ज कराएं आपत्ति</title>
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        <description><![CDATA[ एनटीए ने यूजीसी नेट जून 2026 के री-एग्जाम की प्रोविजनल आंसर की जारी कर दी है. यह आंसर की इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी विषयों के एग्जाम में शामिल हुए उम्मीदवारों के लिए जारी की गई है. उम्मीदवार अपनी आंसर की के साथ रिकॉर्डेड रिस्पांस भी देख सकते हैं. अगर किसी सवाल या उसके उत्तर को लेकर कोई आपत्ति है तो एनटीए की ओर से तय समय के अंदर ऑनलाइन आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है. री-एग्जाम में शामिल उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट ugcnet.nta.nic.in पर जाकर प्रोविजनल आंसर की और अपनी रिकॉर्डेड रिस्पांस सीट चेक कर सकते हैं.&amp;nbsp;
3 विषयों के लिए आयोजित हुआ था री-एग्जाम
यूजीसी नेट जून 2026 री-एग्जाम इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी विषयों के लिए 9 और 10 सितंबर 2026 को देश के अलग-अलग परीक्षा केंद्र पर आयोजित की गई थी. एनटीए ने यह परीक्षा प्रश्न पत्रों से जुड़ी शिकायतों की समीक्षा के बाद कराई थी. एक्सपर्ट समिति की जांच में प्रश्न पत्र को टाइपिंग संबंधी गलतियां, अनुवाद से जुड़ी दिक्कतें, कुछ नामों का छूट जाना, किताबों के नाम में गड़बड़ी और प्रश्नों की भाषा से संबंधित समस्याएं सामने आई थी. इसके बाद तीनों विषयों की परीक्षा दोबारा करने का निर्णय लिया गया था.&amp;nbsp;
13 सितंबर तक करा सकते हैं आपत्ति दर्ज&amp;nbsp;
अगर किसी उम्मीदवार को प्रोविजनल आंसर की में किसी उत्तर पर संदेह है, तो वह ऑनलाइन चैलेंज कर सकता है. प्रति प्रश्न पर आपत्ति के लिए 200 रुपये की प्रोसेसिंग फीस देनी होगी. फीस का पेमेंट ऑनलाइन किया जा सकता है. फीस जमा करने का समय भी 13 सितंबर रात 11:59 बजे तक है. एनटीए ने स्पष्ट किया है कि तय समय के बाद किसी भी तरह की आपत्ति को एक्सेप्ट नहीं किया जाएगा.&amp;nbsp;
कैसे दर्ज कराएं आपत्ति?

उम्मीदवार सबसे पहले यूजीसी नेट की ऑफिशियल वेबसाइट ugcnet.nta.nic.in पर जाएं.&amp;nbsp;
इसके बाद जून 2026 प्रोविजनल आंसर की से जुड़े लिंक पर क्लिक करें.
अब मांगी गई लॉगिन डिटेल्स, एप्लीकेशन नंबर और जन्म तिथि या पासवर्ड डालकर लॉगिन करें.&amp;nbsp;
इसके बाद स्क्रीन पर प्रोविजनल आंसर की, प्रश्न पत्र और रिकॉर्डेड रिस्पांस दिखाई देगा.&amp;nbsp;
उम्मीदवार अपने उत्तरों का मिलान करने के बाद जिस प्रश्न पर आपत्ति दर्ज करनी है उसे चुन सकते हैं.&amp;nbsp;
जरूरत पड़ने पर संबंधित प्रमाण पत्र या डॉक्यूमेंट भी अपलोड किया जा सकते हैं.&amp;nbsp;
इसके बाद 200 रुपये प्रति प्रश्न की फीस जमा करके आपत्ति सबमिट करनी होगी.&amp;nbsp;
वहीं आवेदन पूरा होने के बाद कंफर्मेशन पेज और पेमेंट रसीद को डाउनलोड करके रख लें.&amp;nbsp;

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एक्सपर्ट कमेटी करेगी आपत्तियों की जांच&amp;nbsp;
उम्मीदवारों की ओर से भेजी गई आपत्तियों की जांच एक्सपर्ट कमेटी करेगी. अगर किसी आपत्ती को सही पाया जाता है, तो प्रोविजनल आंसर की में जरूरी बदलाव किया जाएगा और सभी उम्मीदवारों के लिए उस विषय की आंसर की को इस आधार पर संशोधित किया जाएगा. ऐसी स्थिति में इस सवाल पर अलग-अलग उम्मीदवारों को दोबारा आपत्ति कराने की जरूरत नहीं होगी. वहीं एक्सेप्ट की गई आपत्ति के लिए जमा किए गए 200 रुपये की फीस वापस कर दी जाएगी. एनटीए के अनुसार अंतिम आंसर की को ही रिजल्ट तैयार करने का आधार बनाया जाएगा.
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        <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 00:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>UGC, NET, जून, 2026, री-एग्जाम, की, प्रोविजनल, आंसर, की, जारी, सितंबर, तक, दर्ज, कराएं, आपत्ति</media:keywords>
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        <title>NMC ने बढ़ाई MBBS सीटें, अब देशभर में 1.40 लाख से ज्यादा सीटों पर एडमिशन </title>
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        <description><![CDATA[ नीट यूजी 2026 के उम्मीदवारों के लिए मेडिकल एडमिशन से जुड़ी बड़ी जानकारी सामने आई है. नेशनल मेडिकल कमिशन (NMC) ने 2026-27 एकेडमी ईयर के लिए एमबीबीएस सीट मैट्रिक्स में बदलाव किया है. नए अपडेट के बाद देशभर में एमबीबीएस की कुल 1,40,214 सीटें हो गई. यह संख्या इंस्टीट्यूट ऑफ नेशनल इंर्पोटेंस कि सीटों को छोड़कर है.
इससे पहले जुलाई में जारी सीट मैट्रिक्स में कुल 1,36,939 एमबीबीएस सीटें थी. कुल 13,186 एमबीबीएस सीटें बढ़ाई गई हैं. सीटों में यह बदलाव नए मेडिकल कॉलेज की मंजूरी और पहले से संचालित कॉलेजों में एमबीबीएस की सीट बढ़ाने से हुआ है. एनएमसी के अनुसार संशोधित सीट मैट्रिक्स को मेडिकल एसेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड, एनएमसी की पहली अपील समिति और स्वास्थ्य एंव परिवार कल्याण मंत्रालय की दूसरी समिति के फैसलों के आधार पर तैयार किया गया है.&amp;nbsp;
सरकारी और प्राइवेट कॉलेज में कितनी सीटें?
संशोधित आंकड़ों के अनुसार सरकारी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 63,971 सीटें हो गई है. ये सीटें 445 सरकारी मेडिकल कॉलेज में है. वहीं प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में 76,243 एमबीबीएस सीटें हैं, जो 391 संस्थानों में उपलब्ध हैं. जुलाई के मुकाबले सरकारी कॉलेज में 2,786 और प्राइवेट कॉलेज में 10,400 सीटों में बढ़ोतरी हुई है. वहीं इस साल देश में मेडिकल कॉलेज की संख्या बढ़ी है जिसके बाद कुल कॉलेज की संख्या 836 हो गई है. इस वर्ष 38 में मेडिकल कॉलेज को मंजूरी दी गई है.&amp;nbsp;
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इन राज्यों में बढ़ी मेडिकल सीटें
सितंबर 2026 के आंकड़ों के अनुसार कर्नाटक में कुल 15,745 एमबीबीएस सीटें हैं. जबकि उत्तर प्रदेश में 14,400 और तमिलनाडु में 14,299 सीटें हैं. महाराष्ट्र में 13,249, तेलंगाना में 10,450 और राजस्थान में 8,280 सीटें हैं. नए सीट मैट्रिक्स के अनुसार बिहार में सरकारी मेडिकल कॉलेज की संख्या बढ़कर 14 हो गई. (दो नए सरकारी कॉलेज मंजूर हुए, श्री राम जानकी मेडिकल कॉलेज समस्तीपुर-50 सीटें और राजकीय मेडिकल कॉलेज छपरा सारण- 50 सीटें) वहीं सरकारी सीटें बिहार में 290 बढ़कर 1520 से 1810 हो गई. आंध्र प्रदेश में 19 सरकारी कॉलेज में 275 सीटें बढ़कर 3,290 से 3,565 हो गई. इसके अलावा असम के 16 सरकारी मेडिकल कॉलेज में 100 सीटें बढ़कर 1,875 से 1,975 हो गई.
क्या है नीट यूजी काउंसलिंग में सीट मैट्रिक्स का महत्व?
एनएमसी का संशोधित सीट मैट्रिक्स नीट यूजी 2026 काउंसलिंग के लिए जरूरी है. उम्मीदवारों को कॉलेज की चॉइस फिलिंग और सीटों की उपलब्धता देखते समय नई स्वीकृत सीटों की जानकारी देखनी होगी. एमसीसी और संबंधित राज्य काउंसलिंग समितियां को भी केवल एनएमसी से स्वीकृत सीटों के आधार पर ही एडमिशन प्रक्रिया करनी होगी. एनएमसी ने स्पष्ट किया है कि किसी मेडिकल कॉलेज में स्वीकृत संख्या से ज्यादा छात्रों को एडमिशन नहीं दिया जा सकता. निर्धारित सीटों से ज्यादा एडमिशन होने पर इसे एनएमसी एक्ट 2019 के प्रावधान का उल्लंघन माना जाएगा.
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        <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 00:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>IIT दिल्ली और IIT इंदौर में डायरेक्टर पद पर भर्ती, 2.25 लाख रुपये तक सैलरी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/iit-दिल्ली-और-iit-इंदौर-में-डायरेक्टर-पद-पर-भर्ती-225-लाख-रुपये-तक-सैलरी</link>
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        <description><![CDATA[ शिक्षा मंत्रालय ने आईआईटी दिल्ली और आईआईटी इंदौर में डायरेक्टर पद के लिए आवेदन मांगे हैं. इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग की ओर से अलग-अलग विज्ञापन जारी किए गए हैं. इसके बाद अब उम्मीदवार निर्धारित प्रारूप में आवेदन कर सकते हैं. आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर है. वहीं किसी भी आईआईटी में डायरेक्टर संस्थान के एकेडमिक और प्रशासनिक प्रमुख होते हैं. ऐसे में चयनित उम्मीदवारों को संस्थान के शैक्षणिक कामकाज के साथ-साथ प्रशासनिक जिम्मेदारियों का नेतृत्व भी करना होगा. इस पद के लिए मजबूत एकेडमिक रिकॉर्ड के साथ प्रशासन और नेतृत्व का एक्सपीरियंस भी मांगा गया है.&amp;nbsp;
&amp;nbsp;IIT डायरेक्टर के लिए कौन एलिजिबल?&amp;nbsp;
मंत्रालय के अनुसार उम्मीदवार के पास पीएचडी डिग्री होनी चाहिए और पिछली डिग्री में फर्स्ट क्लास या उसके समकक्ष योग्यता होनी चाहिए. इंजीनियरिंग बैकग्राउंड वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी. हालांकि अलग योग्यता रखने वाले साइंस, मैथमेटिक्स या मैनेजमेंट क्षेत्र के उम्मीदवारों पर भी विचार किया जा सकता है. आवेदक के पास किसी प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी संस्थान या यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर के तौर पर कम से कम 10 साल का एक्सपीरियंस होना चाहिए. इसके अलावा पीएचडी छात्रों को गाइड करने का एक्सपीरियंस भी जरूरी है. डायरेक्टर पद के लिए उम्मीदवार में संस्थान का नेतृत्व करने की क्षमता और कम से कम 5 साल का प्रशासनिक अनुभव होना चाहिए. इसके अलावा आवेदन की अंतिम तारीख तक उम्मीदवार की उम्र 60 साल से कम होना जरूरी है.
2.25 लाख रुपये होगी महीने की सैलरी&amp;nbsp;
आईआईटी डायरेक्टर के पद पर चयनित उम्मीदवारों को 2,25,000 रुपये प्रतिमाह सैलरी मिलेगी इसके अलावा सरकार के निर्धारित नियमों के अनुसार दूसरे भत्ते भी दिए जाएंगे. यह पद ऐसे उम्मीदवारों के लिए है, जिनके पास एकेडमिक और प्रशासनिक दोनों क्षेत्रों में मजबूत एक्सपीरियंस हो. आवेदन में उम्मीदवारों को अपनी उपलब्धियां और संस्थान के नेतृत्व से जुड़ी क्षमता को स्पष्ट करना होगा.&amp;nbsp;
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आवेदन के साथ यह जानकारी भी बतानी होगी&amp;nbsp;
इन पदों के लिए आवेदन निर्धारित प्रारूप में जमा करना होगा. इसमें रिसर्च, टीचिंग इंडस्ट्री, अकेडमिक सहयोग और प्रशासनिक एक्सपीरियंस से जुड़ी जरूरी जानकारी देनी होगी. इसके साथ उम्मीदवार को कम से कम दो पेज का जस्टिफिकेशन देना होगा, जिसमें बताना होगा कि वह डायरेक्टर पद के लिए सही क्यों है. वहीं आवेदक को संस्थान को अपने दो पेज का विजन स्टेटमेंट भी देना होगा. इसके अलावा कम से कम दो ऐसे प्रतिष्ठित व्यक्तियों की कांटेक्ट डिटेल देनी होगी, जो उम्मीदवार की योग्यता और एक्सपीरियंस को जानता हो.&amp;nbsp;
फिलहाल ये है &amp;nbsp;IIT दिल्ली और इंदौर के डायरेक्ट&amp;nbsp;
वर्तमान में आईआईटी दिल्ली के निदेशक रंगन बनर्जी है, जबकि सुहास एस जोशी आईआईटी इंदौर के निर्देश के रूप में कार्यरत हैं. वहीं पात्रता मानदंडों को पूरा करने वाले उम्मीदवार 31 अक्टूबर 2026 तक जरूरी डॉक्यूमेंट और जानकारी के साथ अपना आवेदन जमा कर सकते हैं. आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को &amp;nbsp;iits@gmail.com. पर अपना आवेदन भेजना होगा. इसके अलावा आपको बता दें कि यह भर्ती प्रक्रिया मंत्रालय की ओर से आईआईटी मंडी में नए निदेशक की खोज के साथ चल रही है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 00:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>IIT, दिल्ली, और, IIT, इंदौर, में, डायरेक्टर, पद, पर, भर्ती, 2.25, लाख, रुपये, तक, सैलरी</media:keywords>
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    <item>
        <title>स्टूडेंट्स को हर महीने मिलेंगे 7500 रुपये, यहां की सरकार दे रही स्कॉलरशिप</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/स्टूडेंट्स-को-हर-महीने-मिलेंगे-7500-रुपये-यहां-की-सरकार-दे-रही-स्कॉलरशिप</link>
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        <description><![CDATA[ मध्य प्रदेश सरकार राज्य के मजदूरों के मेधावी बच्चों के लिए नई छात्रवृत्ति योजना शुरू करने की तैयारी में है. इस योजना के तहत पढ़ाई में अच्छा प्रदर्शन करने वाले छात्रों को हर महीने 7,500 की आर्थिक सहायता दी जाएगी. खास बात यह है कि इस रकम का इस्तेमाल केवल सामान्य पढ़ाई के लिए ही नहीं, बल्कि नीट, जेईई और क्लेट जैसे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी किया जा सकेगा. सरकार ने इस योजना का ड्राफ्ट तैयार कर दिया है. इसे गजट नोटिफिकेशन के लिए भेजने की तैयारी है. श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल के अनुसार सरकार की योजना इसी सत्र से लागू करने की है. शुरुआत में सीमित संख्या में छात्रों को शामिल करके योजना की उपयोगिता देखी जाएगी.&amp;nbsp;
क्या है श्री मेधा छात्र उन्नयन योजना?&amp;nbsp;
मध्य प्रदेश में यह योजना भवन एवं अन्य सन्निर्माण श्रमिक श्री मेधावी छात उन्नयन योजना के नाम से लाई जा रही है. इसके तहत चयनित विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के दौरान हर महीने 7500 दिए जाएंगे. इस राशि का इस्तेमाल ट्यूशन फीस, किताबें, हॉस्टल, आने-जाने के खर्च और दूसरी शैक्षणिक जरूरतों के लिए किया जा सकेगा. इसके अलावा नीट, जेईई और क्लेट जैसी प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करने वाले संस्थानों की कोचिंग फीस भी इसी सहायता से दी जा सकेगी.&amp;nbsp;
पहले चरण में 600 बच्चों को मिलेगा लाभ&amp;nbsp;
योजना की शुरुआत में कुल 600 मेधावी विद्यार्थियों को सहायता देने की तैयारी में है. 100 बच्चे श्रमिक कल्याण बोर्ड से लिए जाएंगे. श्रम मंत्री के अनुसार यह शुरुआत एक प्रयोग के तौर पर की जा रही है. यदि योजना से विद्यार्थियों को बेहतर लाभ मिलता है, तो आगे चलकर लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने और कटऑफ में बदलाव पर विचार किया जाएगा.&amp;nbsp;
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10वीं में 80 फीसदी अंक जरूरी&amp;nbsp;
योजना का लाभ हर निर्माण श्रमिक के बच्चे को नहीं मिलेगा. इसके लिए विद्यार्थियों चयन नियमित छात्र होना जरूरी है. उसे 10वीं कक्षा में कम से कम 80 प्रतिशत अंक हासिल करने होंगे. छात्र मध्य प्रदेश बोर्ड या सीबीएसई से पढ़ाई कर रहा होना चाहिए. इसके साथ ही माता-पिता का संबंधित निर्माण श्रमिक बोर्ड में रजिस्ट्रेशन होना जरूरी है. रजिस्ट्रेशन निर्धारित अवधि का होना चाहिए और श्रमिक के 90 दिन तक काम करने की शर्त भी पूरी होनी चाहिए. योजना के लिए विद्यार्थी की उम्र 14 से 19 साल के बीच रखी गई है.&amp;nbsp;
मेरिट से होगा चयन छात्राओं के लिए 20% सीटें&amp;nbsp;
पात्र छात्रों में से चयन एमपी बोर्ड और सीबीएसई की संयुक्त मेरिट सूची के आधार पर किया जाएगा. शुरुआती प्रावधान के अनुसार हर साल अधिकतम 500 विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा. इनमें 20 प्रतिशत सीटें छात्राओं के लिए आरक्षित रहेंगी. वहीं सिर्फ 10वीं में 80 प्रतिशत अंक प्राप्त करना ही अनिवार्य नहीं होगा. योजना में चयन के बाद सहायता जारी रखने के लिए विद्यार्थियों को 12वीं में कम से कम 75 प्रतिशत अंक हासिल करने होंगे.
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        <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 00:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>एमपी पुलिस में खत्म किए जा रहे 63 पद, जानें क्यों लिया गया यह फैसला?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/एमपी-पुलिस-में-खत्म-किए-जा-रहे-63-पद-जानें-क्यों-लिया-गया-यह-फैसला</link>
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        <description><![CDATA[ मध्य प्रदेश पुलिस अपने प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है. पुलिस मुख्यालय की नीति निर्धारण समिति ने ऐसे 122 डीएसपी पदों की पहचान की है, जिनका मौजूदा व्यवस्था में उपयोग नहीं रह रहा है. इनमें से 63 पद खत्म करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है. इन पदों से मिलने वाले संसाधनों का इस्तेमाल अब साइबर अपराधों से निपटने और जिलों की पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने में किया जाएगा. पुलिस मुख्यालय की ओर से तैयार प्रस्ताव को प्रबंधन शाखा को भेजा गया है. परीक्षण के बाद इसे शासन की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा. इसके बाद ही पद खत्म करने का अंतिम फैसला लिया जाएगा.
15 साल से नहीं हुई एंटी डकैती डीएसपी की तैनाती&amp;nbsp;
पुराने ढांचे में मौजूद कुछ पद बदलती जरूरतों के बीच लगभग अप्रासंगिक हो चुके हैं. मध्य प्रदेश को डकैत मुक्त घोषित हुए 15 साल हो चुके हैं, लेकिन डीएसपी एंटी डकैती का पद अभी तक पुलिस के दस्तावेजों में मौजूद है. इस पद पर करीब डेढ़ दशक से किसी अधिकारी की तैनाती नहीं हुई. इस तरह डीएसपी लाइन और डीएसपी लीव रिजर्व जैसे पद भी मौजूदा जरूरतों के हिसाब से उपयोगी नहीं रह गए हैं. इसके अलावा कई जिलों में महिला अपराध और अजाक के लिए अलग-अलग डीएसपी पद है, जबकि पुलिस के आकलन के अनुसार दोनों जिम्मेदारियां एक अधिकारी को दी जा सकती हैं.&amp;nbsp;
साइबर विंग में बढ़ेंगे 115 पद&amp;nbsp;
63 पद खत्म करने के बाद तैयार होने वाले नए ढांचे में सबसे बड़ा हिस्सा साइबर विंग को देने का प्रस्ताव है. यहां डीएसपी से लेकर सिपाही तक कुल 115 नए पर जोड़ी जाएंगे. इनमें 8 डीएसपी पद शामिल है. साइबर विंग में 15 डीएसपी सेंटर के लिए 20 इंस्पेक्टर और 22 सब इंस्पेक्टर के पद बढ़ाने का प्रस्ताव है. 10 डीएसपी सेंटरों पर 20 हवलदार और 15 सेंटरों पर 45 सिपाही के पद भी जोड़े जाएंगे. इसका उद्देश्य साइबर अपराध से जुड़े मामलों की जांच के लिए फील्ड स्तर तक पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध करना है.
जिलों में भी बदलेगा पुलिस का ढांचा&amp;nbsp;
प्रस्ताव में जिलों की प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 40 नए डीएसपी हेडक्वार्टर पद बनाने की बात है. यह अधिकारी दफ्तर प्रबंधन के साथ ट्रैफिक से जुड़ी जानकारी भी देखेंगे. इसके अलावा 8 नए पुलिस सब डिवीजन बनाए जाने का प्रस्ताव है. जहां सीएसपी या एसडीओपी की तैनाती होगी. पुलिस मुख्यालय के लिए 4 नए डीएसपी पद और हाई कोर्ट समन्वय के लिए तीन नए डीएसपी पद भी प्रस्तावित है. चार नए जिलों में महिला अपराध और अजाक की जिम्मेदारी के लिए भी डीएसपी पद बनाए जाएंगे.&amp;nbsp;
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साइबर थानों को सीधी मिल सकेंगे जांच अधिकारी&amp;nbsp;
प्रस्ताव लागू होने के बाद 57 दिनों में प्रस्तावित साइबर थानाें को जांच अधिकारियों की उपलब्धता का फायदा मिलने की उम्मीद है. नई भर्ती का इंतजार किए बिना मौजूदा पदों के पुनर्गठन से स्टाफ उपलब्ध कराया जा सकेगा. इससे ऑनलाइन फ्रॉड जैसे मामलों में कार्रवाई तेजी से करने, रकम को समय रहते फ्रीज कराने और रिकवरी की प्रक्रिया आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है. वहीं 40 जिलों में डीएसपी हेड क्वार्टर की व्यवस्था होने से संबंधित मामलों और ट्रैफिक की निगरानी भी बेहतर हो सकेगी.&amp;nbsp;
अंतिम मंजूरी के बाद होगा फैसला&amp;nbsp;
मध्य प्रदेश पुलिस में डीएसपी स्तर के 1009 और एएसपी स्तर के 265 पद हैं. पुराने पदों के पुनर्गठन का प्रस्ताव भी शासन के पास मंजूरी की प्रक्रिया में जाएगा. मंजूरी मिलने के बाद ही नए पड़े को लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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        <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 00:30:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>एमपी, पुलिस, में, खत्म, किए, जा, रहे, पद, जानें, क्यों, लिया, गया, यह, फैसला</media:keywords>
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        <title>Lemon Juice Hack: नींबू से नहीं निकलता रस? काटने से पहले करें ये 1 काम, बहेगा रस</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/lemon-juice-hack-नींबू-से-नहीं-निकलता-रस-काटने-से-पहले-करें-ये-1-काम-बहेगा-रस</link>
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        <description><![CDATA[ Kitchen Hacks To Squeeze Extra Lemon Juice: कई बार खाना बनाते समय नींबू की जरूरत पड़ती है, लेकिन जैसे ही उसे काटकर निचोड़ते हैं, उम्मीद के मुताबिक रस नहीं निकलता. नींबू हाथ में ही रह जाता है और लगता है कि इसमें रस ही नहीं है. ऐसे में ज्यादातर लोग नींबू को और जोर से दबाने लगते हैं, जिससे हाथ भी चिपचिपे हो जाते हैं और बीज व गूदा भी रस में गिर जाता है.
अगर आपके साथ भी ऐसा होता है तो नींबू काटने से पहले एक छोटा सा तरीका आजमाकर देख सकते हैं. नींबू को सीधे काटकर निचोड़ने के बजाय पहले उसे हल्का सा रोल करने से अंदर मौजूद रस को बाहर निकालना आसान हो सकता है. यह तरीका बेहद आसान है और इसके लिए किसी खास उपकरण की भी जरूरत नहीं पड़ती.
नींबू काटने से पहले क्या करें?
सबसे पहले नींबू को हथेली के नीचे रखें और हल्के दबाव के साथ उसे किसी समतल सतह पर आगे-पीछे रोल करें. इसे बहुत ज्यादा दबाने की जरूरत नहीं है. कुछ सेकंड तक रोल करने के बाद नींबू को बीच से काट लें और फिर निचोड़ें. रोल करने के दौरान नींबू के अंदर मौजूद गूदे पर हल्का दबाव पड़ता है. इससे रस निकालने में आसानी हो सकती है और नींबू को निचोड़ने के लिए बहुत ज्यादा ताकत लगाने की जरूरत नहीं पड़ती. खासतौर पर जब नींबू थोड़ा सख्त हो, तब यह तरीका ज्यादा सुविधाजनक लग सकता है.

हालांकि, सिर्फ रोल करने से हर नींबू से अचानक बहुत ज्यादा रस निकलने लगेगा, ऐसा जरूरी नहीं है. नींबू का आकार, उसकी ताजगी और पकने की अवस्था भी इसमें बड़ी भूमिका निभाती है.
नींबू की ताजगी भी मायने रखती है
अच्छा रस पाने के लिए नींबू का सही होना भी जरूरी है. बहुत ज्यादा सख्त नींबू को निचोड़ना मुश्किल हो सकता है, जबकि हल्का नरम और पका हुआ नींबू आमतौर पर आसानी से दब जाता है. इसलिए बाजार से नींबू खरीदते समय ऐसे नींबू चुनें जो हाथ से हल्का दबाने पर थोड़ा नरम महसूस हों. बहुत सूखा या काफी समय से रखा हुआ नींबू बाहर से ठीक दिख सकता है, लेकिन उसके अंदर रस कम हो सकता है. ऐसे नींबू को चाहे जितना दबा लें, ज्यादा फायदा नहीं होगा.

अगर बीज और गूदा परेशान करते हैं तो ये तरीका अपनाएं
नींबू को हाथ से निचोड़ने पर अक्सर बीज और गूदे के छोटे टुकड़े भी रस में गिर जाते हैं. अगर आप नींबू का रस चाय, सलाद, शरबत या किसी डिश में डाल रहे हैं और उसमें बीज नहीं चाहते, तो रस को सीधे किसी छोटी छलनी से छान सकते हैं. एक और आसान तरीका है मैनुअल साइट्रस प्रेस का इस्तेमाल करना. इसमें नींबू को सिर्फ दो हिस्सों में काटकर प्रेस करना होता है. यह तरीका कम गंदगी करता है और बीज को रस से अलग रखने में भी मदद करता है. अगर आपके घर में अक्सर नींबू का इस्तेमाल होता है तो यह छोटा सा उपकरण काम आ सकता है.
एक और तरीका है बिना नींबू काटे रस निकालना
नींबू से रस निकालने का एक अलग तरीका भी है, जिसमें उसे पहले काटा नहीं जाता. इसमें नींबू के एक सिरे पर लकड़ी की सींक या मोटी स्ट्रॉ से छोटा सा छेद किया जाता है. इसके बाद नींबू को दबाने पर उसी छेद से रस निकाला जा सकता है.
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इस तरीके का फायदा यह है कि पूरा नींबू एक साथ काटना नहीं पड़ता. जितना रस चाहिए, उतना निकालकर बाकी नींबू को बाद में इस्तेमाल किया जा सकता है. हालांकि, इसके लिए नींबू का थोड़ा नरम और अच्छी तरह पका होना बेहतर रहता है. ज्यादा सख्त नींबू को दबाने पर छिलका फट सकता है और रस दूसरी तरफ से भी निकल सकता है, जिससे किचन में गंदगी फैल सकती है.
कितना रस मिलेगा, यह नींबू पर निर्भर करता है
यह ध्यान रखना जरूरी है कि किसी भी ट्रिक से हर नींबू से एक जैसी मात्रा में रस नहीं निकलेगा. आमतौर पर एक नींबू से करीब 2 से 3 बड़े चम्मच रस मिल सकता है, लेकिन आकार और पकने के हिसाब से यह मात्रा बदल सकती है. इसलिए अगली बार नींबू काटने से पहले उसे कुछ सेकंड हथेली के नीचे हल्के दबाव से रोल करके देखें. इसके बाद काटकर निचोड़ें. तरीका छोटा है, इसमें कोई अतिरिक्त सामान नहीं चाहिए और नींबू का रस निकालना थोड़ा आसान हो सकता है. अगर फिर भी रस कम निकल रहा है, तो समस्या आपके निचोड़ने के तरीके में नहीं बल्कि नींबू के सूखे या कम रसीले होने में हो सकती है.
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        <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 23:30:09 +0530</pubDate>
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        <title>Back Itching: पीठ की खुजली से हैं परेशान? बिना खुजलाए ऐसे पाएं तुरंत आराम</title>
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        <description><![CDATA[ How To Stop Back Itching Fast At Home: पीठ में खुजली होना काफी परेशान करने वाला हो सकता है, खासकर तब जब खुजली ऐसी जगह हो जहां हाथ आसानी से न पहुंच पाए. कई बार खुजलाने के बाद कुछ सेकंड के लिए आराम मिलता है, लेकिन थोड़ी देर बाद खुजली फिर शुरू हो जाती है और पहले से ज्यादा तेज महसूस होने लगती है. बार-बार खुजलाने से त्वचा में जलन, लालिमा और सूजन भी हो सकती है. अगर आपकी पीठ में भी खुजली हो रही है और खुजलाने वाला कोई नहीं है, तो कुछ आसान उपायों की मदद से खुजली की तलब को शांत किया जा सकता है.
क्या होता है कारण?
पीठ में खुजली के पीछे कई कारण हो सकते हैं. त्वचा का रूखा होना इसका एक आम कारण है. मौसम में बदलाव, ज्यादा गर्म पानी से नहाना या त्वचा की नमी कम होने पर पीठ में खुजली महसूस हो सकती है. इसके अलावा पसीना, धूल-मिट्टी, किसी साबुन या डिटर्जेंट से एलर्जी, कीड़े के काटने और त्वचा संबंधी समस्याओं के कारण भी खुजली हो सकती है. एक्जिमा और सोरायसिस जैसी कुछ त्वचा संबंधी स्थितियों में भी लंबे समय तक खुजली परेशान कर सकती है.

कैसे करें शांत
अगर पीठ में अचानक खुजली हो रही है, तो सबसे पहले ठंडी सिकाई करके राहत पाई जा सकती है. इसके लिए बर्फ के कुछ टुकड़ों को किसी साफ कपड़े में लपेटें और पीठ के खुजली वाले हिस्से पर हल्के हाथ से लगाएं. ठंडक त्वचा को शांत करने और जलन कम करने में मदद कर सकती है. बर्फ को सीधे त्वचा पर लगाने से बचें.
मॉइश्चराइजर भी फायदेमंद&amp;nbsp;
रूखी त्वचा की वजह से होने वाली खुजली में मॉइश्चराइजर लगाना फायदेमंद हो सकता है. नहाने के बाद त्वचा को पूरी तरह रगड़ने के बजाय हल्के हाथ से सुखाएं और पीठ पर अच्छी तरह मॉइश्चराइजर लगाएं. इससे त्वचा में नमी बनी रहती है और खुजली कम हो सकती है. अगर पीठ तक हाथ नहीं पहुंच रहा है, तो लंबे हैंडल वाले लोशन एप्लिकेटर की मदद से मॉइश्चराइजर लगाया जा सकता है.
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एलोवेरा जेल का यूज
एलोवेरा जेल भी त्वचा को ठंडक और आराम दे सकता है. आप साफ एलोवेरा जेल की एक पतली परत पीठ पर लगा सकते हैं. इससे खुजली और जलन में कुछ राहत मिल सकती है. इसी तरह कैलामाइन लोशन का इस्तेमाल भी खुजली वाली त्वचा को ठंडक देने के लिए किया जाता है. इसे लगाने से पहले दिए गए निर्देशों को जरूर पढ़ें. अगर गर्मी और पसीने के कारण पीठ में खुजली हो रही है, तो शरीर को ठंडा रखना जरूरी है. ठंडे या सामान्य तापमान के पानी से नहाएं और पसीना आने के बाद कपड़े बदल लें. बहुत ज्यादा टाइट और सिंथेटिक कपड़े पहनने से बचें, क्योंकि इनमें पसीना फंस सकता है और खुजली बढ़ सकती है. ढीले और आरामदायक कपड़े त्वचा को हवा लगने देते हैं.

इन चीजों से भी मिल सकती है राहत
ओटमील बाथ भी खुजली वाली त्वचा को आराम पहुंचा सकता है. नहाने के पानी में कोलॉइडल ओटमील मिलाकर कुछ देर उसमें रहने से त्वचा को राहत मिल सकती है. इसके अलावा, नहाने के लिए बहुत गर्म पानी का इस्तेमाल न करें. गर्म पानी त्वचा के प्राकृतिक तेल को कम कर सकता है, जिससे रूखापन और खुजली बढ़ सकती है. खुजली होने पर बार-बार नाखूनों से त्वचा को रगड़ना ठीक नहीं है. इससे त्वचा छिल सकती है और&amp;nbsp; का खतरा भी बढ़ सकता है. अगर खुजली की तलब बहुत तेज हो, तो खुजलाने की बजाय ठंडी सिकाई करें या प्रभावित जगह पर हल्के हाथ से थपथपाएं. नाखूनों को छोटा और साफ रखना भी बेहतर होता है. हालांकि, अगर पीठ में लगातार कई दिनों तक खुजली बनी रहे, त्वचा पर दाने, लाल चकत्ते, सूजन या घाव दिखाई दें, तो इसे नजरअंदाज न करें. कुछ मामलों में लगातार खुजली किसी त्वचा संबंधी समस्या या दूसरी स्वास्थ्य स्थिति का संकेत भी हो सकती है.
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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें. ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 23:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Tawa Cleaning: लोहे का तवा हमेशा रहेगा नए जैसा, साफ करने के बाद करें ये 1 काम</title>
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        <description><![CDATA[ Viral Salt Hack For Cleaning Iron Tawa: लोहे के तवे पर बनी रोटी, डोसा या पराठे का स्वाद ही अलग होता है. लेकिन जितना अच्छा खाना लोहे के तवे पर बनता है, उतनी ही परेशानी कई बार इसकी सफाई में होती है. लगातार इस्तेमाल के बाद तवे की सतह पर तेल, जले हुए खाने के अवशेष और काली परत जमने लगती है. इसे साफ करने के लिए लोग कई तरह के घरेलू नुस्खे आजमाते हैं. इन दिनों तवे की सफाई से जुड़ा एक हैक काफी वायरल है, जिसमें तवे पर नमक डालकर उसे साफ करने की बात कही जाती है.&amp;nbsp;
कई वीडियो में दिखाया जाता है कि नमक डालकर रगड़ने के बाद तवे का कालापन काफी हद तक हट जाता है. लेकिन आखिर ऐसा क्यों होता है? क्या नमक सच में तवे का कालापन गायब कर देता है या इसके पीछे कोई और वजह है?
नमक से तवे का कालापन क्यों कम होता है?
दरअसल, तवे पर जमा काली परत हमेशा तवे के लोहे का रंग नहीं होती. लंबे समय तक खाना बनाने के कारण उस पर तेल, चिकनाई और खाने के जले हुए छोटे-छोटे अवशेष चिपक सकते हैं. जब नमक को तवे की सतह पर डालकर रगड़ा जाता है तो उसके मोटे दाने एक तरह से स्क्रब की तरह काम करते हैं. रगड़ने से तवे पर चिपकी चिकनाई और खाने के अवशेष ढीले होकर निकलने लगते हैं. यही वजह है कि सफाई के बाद तवा पहले की तुलना में कम काला नजर आता है. यानी नमक कोई जादुई तरीके से लोहे का कालापन खत्म नहीं करता, बल्कि सतह पर जमी गंदगी और अवशेष को हटाने में मदद करता है.

नमक के साथ नींबू का इस्तेमाल क्यों किया जाता है?
कई घरेलू तरीकों में नमक के साथ नींबू का इस्तेमाल भी किया जाता है. इसके लिए तवे के थोड़ा ठंडा होने के बाद उस पर मोटा नमक फैलाया जाता है. फिर आधे कटे नींबू से तवे की सतह को हल्के हाथों से रगड़ा जाता है. नमक के दाने रगड़ने का काम करते हैं, जबकि नींबू की अम्लीय प्रकृति चिकनाई और कुछ तरह के अवशेषों को ढीला करने में मदद कर सकती है. साथ ही इससे तवे पर मौजूद खाने की गंध भी कम हो सकती है.
हालांकि, लोहे के तवे की सीजनिंग यानी उसकी बनी हुई सुरक्षात्मक तेल की परत को बचाना भी जरूरी है. इसलिए नींबू जैसी एसिडिक चीज का इस्तेमाल बहुत ज्यादा या बार-बार करने से बचना चाहिए, खासकर अगर तवे की सीजनिंग अच्छी तरह बनी हुई हो.
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तवे को साफ करने का सही तरीका क्या है?
अगर तवे पर खाना चिपका हुआ है तो उसे तुरंत तेज रगड़ने के बजाय कुछ देर के लिए हल्के गर्म पानी की मदद से ढीला किया जा सकता है. इसके बाद मोटे नमक से सतह को हल्के हाथों से रगड़ें. जरूरत हो तो नींबू का इस्तेमाल किया जा सकता है. सफाई के बाद तवे को पानी से धोकर तुरंत अच्छी तरह सुखाना बहुत जरूरी है. लोहे का तवा गीला छोड़ने पर उसमें जंग लगने का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए कपड़े से पोंछने के बाद उसे थोड़ी देर गर्म तवे पर रखकर बची हुई नमी भी खत्म की जा सकती है.

सफाई के बाद करें ये छोटा सा काम
लोहे के तवे को लंबे समय तक अच्छी हालत में रखने के लिए सफाई के बाद उस पर तेल की बहुत हल्की परत लगाना अच्छा रहता है. इसके लिए तवा सूखने के बाद थोड़ा सा तेल डालकर पूरे तवे पर पतली परत की तरह फैला दें. जरूरत से ज्यादा तेल लगाने की जरूरत नहीं है. इससे तवे की सीजनिंग बनी रहने में मदद मिलती है और जंग लगने का खतरा भी कम होता है. समय-समय पर तवे को दोबारा सीजन करना भी जरूरी हो सकता है, खासकर तब जब उसकी सतह ज्यादा सूखी या खुरदरी नजर आने लगे.
लोहे के तवे को साफ करते समय इन गलतियों से बचें
लोहे के तवे को लंबे समय तक पानी में भिगोकर नहीं रखना चाहिए. ऐसा करने से उसमें जंग लग सकती है. इसी तरह हर बार तेज साबुन या बहुत ज्यादा रगड़ने से उसकी सीजनिंग खराब हो सकती है. अगर तवे पर जंग लग गई है तो उसे हटाने के लिए सफेद सिरके की मदद ली जा सकती है. जंग वाली जगह पर सिरके में भिगोया हुआ कपड़ा करीब 30 मिनट तक रख सकते हैं.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 23:30:06 +0530</pubDate>
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        <title>Monsoon Home Tips: बरसात में बढ़ गया है मक्खी&amp;चींटी का आतंक? पोंछे में मिलाएं 1 चीज</title>
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        <description><![CDATA[ Salt Water Mopping Hacks For Ants And Insects: बारिश का मौसम आते ही जहां गर्मी से राहत मिलती है, वहीं घर में नमी और उमस बढ़ने लगती है. यही वजह है कि इस मौसम में मक्खी, चींटी, मच्छर, कॉकरोच और दूसरे छोटे कीड़े घर में ज्यादा नजर आने लगते हैं. खासकर किचन, सिंक, खिड़की-दरवाजों और घर के कोनों में इनका आना-जाना बढ़ जाता है.
ऐसे में लोग अक्सर कीड़ों को दूर रखने के लिए बाजार में मिलने वाले स्प्रे और पाउडर का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन अगर आप बिना ज्यादा खर्च के घर की सफाई के साथ इनसे बचाव करना चाहते हैं तो किचन में मौजूद कुछ चीजें काम आ सकती हैं. इनमें नमक एक आसान विकल्प है. पोंछे के पानी में इसकी थोड़ी मात्रा मिलाकर फर्श साफ करने से चींटियों के आने-जाने वाले रास्तों को प्रभावित करने में मदद मिल सकती है.
पोंछे के पानी में मिलाएं एक चुटकी नमक
फर्श पर पोंछा लगाते समय पानी में एक चुटकी सामान्य नमक मिलाया जा सकता है. नमक का इस्तेमाल घर की सफाई में लंबे समय से किया जाता रहा है और यह चींटियों जैसे छोटे कीड़ों के लिए एक तरह का रोकने में मदद कर सकता है. खासकर जहां से चींटियां बार-बार घर में आती हैं, वहां नियमित सफाई करने से उनके छोड़े हुए रास्ते और खाने के छोटे अवशेष हटाने में मदद मिलती है. हालांकि, सिर्फ नमक डालने से घर में मौजूद हर मक्खी या चींटी हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी, ऐसा मानना सही नहीं है. सफाई के साथ-साथ खाने की चीजों और नमी को नियंत्रित करना भी जरूरी है.

बारिश में क्यों बढ़ जाते हैं कीड़े?
मानसून में हवा में नमी बढ़ जाती है. घर के कोनों, सिंक के आसपास और ऐसी जगहों पर जहां पानी जमा रहता है, वहां कीड़ों के लिए अनुकूल माहौल बन सकता है. इसके अलावा खुले में रखे फल, सब्जियां, मीठी चीजें और खाने के छोटे टुकड़े मक्खियों और चींटियों को आसानी से आकर्षित करते हैं. इसलिए सिर्फ पोंछे के पानी में कोई चीज मिलाना ही काफी नहीं है. घर में खाने की चीजें खुली न छोड़ें और फर्श पर गिरे खाने के टुकड़ों को तुरंत साफ करें.
सिरका भी आ सकता है काम
चींटियों और फ्रूट फ्लाइज से बचने के लिए सफेद या एप्पल साइडर विनेगर का इस्तेमाल भी किया जाता है. चींटियों के रास्ते, दरवाजे और खिड़की की चौखट पर बराबर मात्रा में सिरका और पानी का मिश्रण स्प्रे करने से उनकी छोड़ी हुई गंध की राह को हटाने में मदद मिल सकती है. फ्रूट फ्लाइज के लिए एक छोटी कटोरी में एप्पल साइडर विनेगर और कुछ बूंदें लिक्विड डिश सोप की डालकर रख सकते हैं. इसकी गंध मक्खियों को आकर्षित कर सकती है, जबकि साबुन पानी की सतह के तनाव को कम करता है, जिससे वे उसमें फंस सकती हैं.

नींबू की खुशबू से भी दूरी बनाते हैं कुछ कीड़े
नींबू जैसी खट्टी चीजों की तेज खुशबू कई कीड़ों को पसंद नहीं आती. घर के दरवाजे, खिड़कियों और दूसरे प्रवेश वाले हिस्सों के आसपास नींबू के छिलके रखना एक आसान घरेलू उपाय हो सकता है. नींबू के छिलके को कूड़े में डालने के बजाय उन जगहों पर रखा जा सकता है जहां से कीड़े घर में आते हैं. हालांकि, छिलकों को लंबे समय तक पड़ा न रहने दें और खराब होने पर तुरंत हटा दें.
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लहसुन और पुदीना भी आजमा सकते हैं
लहसुन की तेज गंध भी कई कीड़ों को दूर रखने में मदद कर सकती है. कुछ लहसुन की कलियों को कुचलकर पानी में कुछ घंटे रखने के बाद पानी को छानकर प्रवेश वाले हिस्सों के आसपास इस्तेमाल किया जा सकता है. इसी तरह पुदीने की तेज खुशबू भी कुछ कीड़ों को पसंद नहीं आती. दरवाजे, खिड़की और पेंट्री के आसपास ताजा पुदीने की पत्तियां या पेपरमिंट ऑयल में भिगोई हुई कॉटन बॉल रखी जा सकती हैं.
दालचीनी और लौंग भी हैं आसान विकल्प
चींटियों के आने-जाने वाले रास्ते या दरवाजे की चौखट के आसपास थोड़ी सी दालचीनी रखने से भी उन्हें रोकने में मदद मिल सकती है. इसे किचन कैबिनेट और पेंट्री के आसपास भी रखा जा सकता है. लौंग की तेज खुशबू भी मक्खियों और मच्छरों को दूर रखने के लिए इस्तेमाल की जाती है. इन्हें छोटे कपड़े की पोटली में डालकर खिड़की या दरवाजे के पास लटकाया जा सकता है.
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        <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 23:30:04 +0530</pubDate>
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        <title>तेल $108 पार, सामने Putin&amp;क्या मोदी निकाल पाएंगे भारत को महंगाई से बचाने का रास्ता?</title>
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        <description><![CDATA[ दिल्ली में Vladimir Putin का विमान उतर चुका है. उसी सुबह बाजार की स्क्रीन पर एक दूसरा आंकड़ा चमक रहा था Brent Crude 108 डॉलर प्रति बैरल के पार. रुपया फिसला. शेयर बाजार तीन महीने के निचले स्तर तक पहुंच गया.
अब नजर उस कमरे पर है, जहां प्रधानमंत्री Narendra Modi और पुतिन आमने-सामने बैठेंगे.

सवाल यह नहीं कि इस मुलाकात के अगले दिन पेट्रोल सस्ता हो जाएगा या नहीं. असली सवाल बड़ा है. महंगे तेल और घटते रूसी उत्पादन के बीच क्या भारत अपने लिए सस्ती कीमत, सुरक्षित भुगतान और लगातार सप्लाई का रास्ता निकाल पाएगा?
भारत, रूस और पुतिन की कुंडलियां बातचीत की मजबूत जमीन दिखा रही हैं. लेकिन सितारे यह नहीं कहते कि मॉस्को अपनी कमाई छोड़कर भारत को खुली छूट दे देगा. रास्ता निकल सकता है, मगर उसकी शर्तें आसान नहीं होंगी.
यह भी पढ़ें- तेल 100 डॉलर के करीब और दिल्ली आ रहे Putin, क्या मोदी निकाल पाएंगे राहत का रास्ता?
बैठक से पहले बाजार ने बजा दी खतरे की घंटी
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और समुद्री रास्तों पर मंडराते खतरे के बीच 11 सितंबर को Brent Crude 108 डॉलर से ऊपर चला गया. एक सप्ताह में कच्चे तेल की कीमत करीब 13 प्रतिशत बढ़ी है.
इसका असर भारत पर तुरंत दिखा. Sensex और Nifty तीन महीने के निचले स्तर तक पहुंच गए. डॉलर के मुकाबले रुपया 95.79 तक कमजोर हुआ. मुद्रा बाजार के कारोबारियों के अनुसार रुपये को संभालने के लिए RBI को दखल देना पड़ा.
भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेश से खरीदता है. इसलिए महंगा तेल सिर्फ पेट्रोल पंप की समस्या नहीं है. इससे देश का Import Bill बढ़ता है. रुपया कमजोर होता है. माल ढोना महंगा पड़ता है. फिर यही बोझ खाने-पीने की चीजों और रोजमर्रा के सामान तक पहुंचता है.
इसीलिए आज की&amp;nbsp;मोदी-पुतिन मुलाकात BRICS की औपचारिक तस्वीर से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई है.
क्या Russian Oil अभी भी सस्ता है?
कहानी में असली मोड़ यहां आता है. रूस भारत को लगभग 25 से 26 लाख बैरल प्रतिदिन कच्चा तेल दे रहा है. लेकिन हाल की बाजार रिपोर्ट में Urals Crude को Brent के मुकाबले करीब एक डॉलर महंगा बताया गया है. यानी कभी भारत को बड़ा फायदा पहुंचाने वाला Russian Discount फिलहाल अपने पुराने रूप में दिखाई नहीं दे रहा.
इसलिए PM मोदी के सामने केवल ज्यादा तेल मांगने का सवाल नहीं होगा. असली बातचीत इन बातों पर टिक सकती है-

रूस कितने समय तक सप्लाई की गारंटी देगा?
तेल की कीमत किस Formula से तय होगी?
Shipping और Insurance का खर्च कितना पड़ेगा?
प्रतिबंधों के बीच भुगतान किस रास्ते से होगा?
क्या भारत को Long-term Contract पर बेहतर शर्त मिलेगी?

दोस्ती अपनी जगह है. तेल का हिसाब अलग है.
रूस के पास तेल है, लेकिन उत्पादन पर बढ़ रहा दबाव
कीमत ही अकेली मुश्किल नहीं है. रूस की सप्लाई पर भी दबाव बढ़ रहा है.
IEA ने 11 सितंबर को रूस के तेल उत्पादन का अनुमान फिर घटा दिया. अगस्त में रूसी उत्पादन करीब 83.6 लाख बैरल प्रतिदिन रहा. यह जुलाई से दो लाख बैरल और जनवरी से 9.4 लाख बैरल प्रतिदिन कम है.
IEA ने 2026 के लिए रूस के औसत उत्पादन का अनुमान 1.25 लाख बैरल प्रतिदिन घटाकर करीब 87 लाख बैरल कर दिया है. यूक्रेनी हमलों से रूसी Refinery और Energy Infrastructure को हुए नुकसान को इसके पीछे बड़ी वजह माना गया है.
इसका अर्थ साफ है. भारत को पुतिन से केवल बेहतर कीमत नहीं चाहिए. उसे यह भरोसा भी चाहिए कि अगले कई महीनों तक तेल बिना बड़ी रुकावट के मिलता रहेगा.
रूस के पास कच्चा तेल है, मगर उसका उत्पादन और Refining Network दबाव में है. इसलिए मॉस्को ऊंची कीमत का फायदा उठाना चाहेगा. साथ ही वह भारत जैसे बड़े और भरोसेमंद खरीदार को हाथ से भी नहीं जाने देना चाहेगा.
यही वह जगह है, जहां PM मोदी के लिए सौदे की गुंजाइश बनती है.
8 सितंबर को रूस की दशा में क्या बदला?
रूस की उपलब्ध कुंडली 12 जून 1990, दोपहर 1 बजकर 41 मिनट, मॉस्को की है. इसमें कन्या लग्न और मकर राशि का चंद्रमा है. जन्म नक्षत्र श्रवण है.
रूस पर गुरु की महादशा और शनि की अंतर्दशा का प्रभाव चल रहा है. यह मेल लंबे संघर्ष, प्रतिबंध, उत्पादन में रुकावट और आर्थिक दबाव की स्थिति दिखाता है.
लेकिन 8 सितंबर के बाद बुध की प्रत्यंतर दशा सक्रिय हुई है.
कन्या लग्न की कुंडली में बुध लग्न और दशम भाव का स्वामी है. जन्मकुंडली में वह नवम भाव में सूर्य के साथ बैठा है. मेदिनी ज्योतिष में बुध व्यापार, कीमत, समझौते, दस्तावेज, बैंकिंग और भुगतान का कारक माना जाता है.
शनि तेल उत्पादन पर दबाव और पुराने ढांचे की कमजोरी दिखा रहा है. उसके बीच सक्रिय हुआ बुध संकट को खत्म नहीं करता. वह उपलब्ध संसाधन को किसी नए Contract, Price Formula या Payment व्यवस्था से संभालने की कोशिश करता है.
रूस ने BRICS Summit से पहले यह भी कहा है कि वह किसी एक मुद्रा को हटाने की मुहिम नहीं चला रहा, लेकिन स्वीकार्य भुगतान तरीकों पर बातचीत के लिए तैयार है.
इसलिए कुंडली बड़ी छूट से ज्यादा एक व्यवस्थित और लंबी अवधि के सौदे की संभावना दिखाती है.
पुतिन सौदा करेंगे, लेकिन रूस का फायदा छोड़कर नहीं
पुतिन की कुंडली 7 अक्टूबर 1952, सुबह 9 बजकर 30 मिनट, सेंट पीटर्सबर्ग की है. इसमें तुला लग्न, वृषभ राशि और कृत्तिका नक्षत्र का चंद्रमा है.
इस समय उनकी बुध-शुक्र-शुक्र दशा चल रही है. वर्षफल में भी 29 अगस्त से 19 सितंबर तक शुक्र की मुद्दा दशा सक्रिय है.
यानी जन्मकुंडली और वर्षफल, दोनों में बुध और शुक्र बातचीत के केंद्र में हैं.
शुक्र पुतिन की राशि कुंडली में तुला लग्न में अपने ही घर का है. नवांश में शुक्र मीन राशि में उच्च का और बुध कन्या में मजबूत है. दशमांश में मंगल मकर में उच्च का, शनि मकर में अपने घर का और गुरु धनु में अपने घर का है.
सरल भाषा में इसका अर्थ है-पुतिन बातचीत करने आए हैं, लेकिन किसी मजबूरी में झुकने के लिए नहीं. उनके पीछे सत्ता, रणनीति और मोलभाव की मजबूत जमी ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 22:30:19 +0530</pubDate>
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        <title>टैरो राशिफल 12 सितंबर 2026: वृश्चिक को कर्ज से मुक्ति और कोर्ट&amp;कचहरी में जीत, मेष को सरकारी काम में लाभ; जानें 12 राशियों का भाग्य</title>
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        <description><![CDATA[ Tarot Rashifal 12 September 2026: सितंबर महीने का यह शनिवार सभी 12 राशियों के लिए कानूनी मामलों में विजय, पुराने कर्जों से मुक्ति और नए निवेश से लाभ के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण संकेत दे रहा है. आज ग्रहों की चाल और टैरो कार्ड्स आपके जीवन में क्या बड़े मोड़ लेकर आ रहे हैं, प्रसिद्ध टैरो कार्ड रीडर एवं ज्योतिषाचार्या नीतिका शर्मा (अजमेर) से.
आज वृश्चिक राशि वालों को पुराने कर्जों और कोर्ट-कचहरी के झंझटों से मुक्ति मिलेगी तथा मेष राशि को सरकारी कार्यों से बड़ा लाभ होगा, वहीं तुला राशि के लोगों को व्यावसायिक दस्तावेजों की जांच में और कुंभ राशि वालों को अपने क्रोध पर नियंत्रण रखने की सख्त सलाह दी गई है. आइए विस्तार से जानते हैं कि मेष से लेकर मीन राशि तक के जातकों का आज का दिन कैसा बीतेगा.

मेष टैरो राशिफलटैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि मेष राशि के लोगों के लिए आज का दिन आर्थिक कार्य निपटाना और नए निवेश से आपको लाभ हो सकता है. आजीविका के क्षेत्र में परिवर्तन भी देखने को मिलेगा. सरकारी कार्यों में लाभ होगा.
वृषभ टैरो राशिफल&amp;nbsp;टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि वृषभ राशि के लोग फिलहाल, समय प्रबंधन से आप कई रुके हुए काम कर सकते हैं, इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है. अनिश्चितता के कारण मानसिक तनाव की स्थितियां आएगी.
मिथुन टैरो राशिफल&amp;nbsp;टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि मिथुन राशिवालों को सहयोग और सहभागिता के साथ विरोधों का भी सामना करना पड़ सकता है. साथ ही आपको व्यवसाय में अत्यंत प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा.
कर्क टैरो राशिफल&amp;nbsp;टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि कर्क राशि के लोगों के अपनी मेहनत की सराहना मिलेगी. लेकिन साथ ही शत्रुओं का आपके प्रति वैमनस्य भी बढ़ेगा, तमाम कोशिशों के बावजूद आर्थिक स्थिति आपके पक्ष में नही होगी.
सिंह टैरो राशिफल&amp;nbsp;टैरो कार्ड्स के अनुसार, सिंह राशि के लोगों के लिए फिलहाल, कामयाबी के रास्ते खुलेंगे. इतना ही नहीं आपको नए संबंधों से फायदा होगा. आपका कार्य कौशल उभरकर सामने आयेगा. आपको वांछित सहयोग भी मिलेगा.
कन्या टैरो राशिफल&amp;nbsp;टैरो कार्ड्स बता रहे हैं कि कन्या राशिवालों के लिए आज कहीं बाहर जाने का कार्यक्रम बन सकता है. जीवन में कोई बड़ा परिवर्तन लाने के लिए आप किसी विशेष तकनीक का इस्तेमाल करेंगे जो कि भविष्य की योजनाओं लाभप्रद होगा.
तुला टैरो राशिफल&amp;nbsp;टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि तुला राशिवालों के लिए आज का दिन कोई नया सौदा करते समय कागजात की अच्छी तरह से जांच पड़ताल कर लें. आज कामकाज में अड़चनें आएंगी. आपको सलाह है कि जीवनसाथी की बातों पर भी ध्यान दें.
वृश्चिक टैरो राशिफल&amp;nbsp;टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि वृश्चिक राशि के लोगों के लिए आज का दिन कानूनी मामलों के लिए काफी अच्छा रहने वाला है. कानूनी मामलों का निपटान होगा, शत्रु पक्ष आपकी गतिविधियों व ऊर्जा को देखकर ही परास्त हो जाएगा. ऋणों का पुर्ण भुगतान भी होगा.
धनु टैरो राशिफल&amp;nbsp;टैरो कार्ड्स बता रहे हैं कि धनु राशि के लोगों के जीवन में आज तेजी से परिवर्तन देखने को मिलेगा. यदि आप नवीन कार्य योजना तैयार कर रहे हैं तो मित्रवर्ग आपकी सहायता के लिए खुलकर आगे आएगा.
मकर टैरो राशिफल&amp;nbsp;टैरो कार्ड्स बता रहे हैं कि मकर राशि के लोगों को आज अपनी आमदनी उच्च बनाने में समय लग सकता है. आर्थिक स्थिति कमजोर होते हुए भी काम चलता रहेगा. प्रेम संबंधों में मधुरता रहेगी.
कुंभ टैरो राशिफल&amp;nbsp;टैरो कार्ड्स बता रहे हैं कि कुंभ राशि के लोगों के मन में आज किसी न किसी बात को लेकर उत्साह का संचार रहेगा फिर भी यदा-कदा आशंकाएं बनी रहेंगी. आपका क्रोध बनी बनाई बात को बिगाड़ सकता है.
मीन टैरो राशिफल&amp;nbsp;टैरो कार्ड्स की गणना बता रही मीन राशि के लोगों को वर्तमान स्थिति अनुसार आपके व्यवसाय में उन्नति होते दिख रही है. इस दौरान आप खरीद फरोख्त कर सकते हैं. आपके आकर्षण से दूसरे प्रभावित होंगे.
Weekly Horoscope 13 to 19 September 2026: इन 4 राशियों के करियर में आएगा बड़ा उछाल, जानें मेष से मीन का साप्ताहिक राशिफल
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें. ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 22:30:18 +0530</pubDate>
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        <title>साप्ताहिक राशिफल 13 से 19 सितंबर 2026: मकर&amp;वृश्चिक राशि रहें सावधान, कुंभ&amp;तुला राशि को नए अवसर; पढ़ें 12 राशियों का हाल</title>
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        <description><![CDATA[ साप्ताहिक राशिफल 13 से 19 सितंबर 2026: मकर-वृश्चिक राशि रहें सावधान, कुंभ-तुला राशि को नए अवसर; पढ़ें 12 राशियों का हाल ]]></description>
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        <title>गणेश चतुर्थी पर अचानक दिखे चूहा तो न करें नजरअंदाज, गणपति से जुड़ा है खास संकेत</title>
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        <description><![CDATA[ गणेश चतुर्थी पर अचानक दिखे चूहा तो न करें नजरअंदाज, गणपति से जुड़ा है खास संकेत ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 22:30:15 +0530</pubDate>
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        <title>शुक्र की राहु के नक्षत्र में एंट्री, आज से 43 दिन इन राशियों के करियर में आएगा बड़ा उछाल</title>
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        <description><![CDATA[ Shukra Nakshatra Parivartan 2026: 11 सितंबर 2026 को स्वाति नक्षत्र में प्रवेश किया है और 24 अक्टूबर तक इसी नक्षत्र में रहेंगे. ज्योतिष में शुक्र को प्रेम, सौंदर्य, भौतिक सुख-सुविधा, कला, आकर्षण और वैभव का कारक ग्रह माना जाता है. शुक्र की स्थिति में होने वाला बदलाव व्यक्ति के रिश्तों, आर्थिक फैसलों और सुख-सुविधाओं से जुड़े मामलों पर प्रभाव डाल सकता है.&amp;nbsp;
स्वाति नक्षत्र के स्वामी राहु हैं. ऐसे में शुक्र का राहु के नक्षत्र में रहना ज्योतिषीय दृष्टि से एक दिलचस्प स्थिति बनाता है. इसका प्रभाव सभी राशियों पर अलग-अलग हो सकता है, लेकिन कुछ राशियों के लिए यह अवधि करियर, धन और निजी जीवन के लिहाज से बेहतर रह सकती है. आइए जानते हैं किन राशियों को फायदा मिल सकता है.

कर्क राशि

कर्क राशि वालों के लिए शुक्र का नक्षत्र परिवर्तन आर्थिक मामलों में राहत दे सकता है.
आय के नए स्रोत तलाशने में सफलता मिल सकती है और पहले से चल रहे काम से भी लाभ बढ़ने की संभावना है.
प्रॉपर्टी, वाहन या घर से जुड़ा कोई बड़ा फैसला लेने की योजना है तो इस अवधि में आपको कोई अच्छा विकल्प मिल सकता है.
रिश्तों की बात करें तो परिवार में माहौल सुखद रह सकता है और पार्टनर का सहयोग मिलेगा.

कुंभ राशि

किसी पुराने निवेश, अटके भुगतान या अतिरिक्त स्रोत से फायदा मिलने की संभावना बन सकती है.
व्यापारियों के लिए रुके हुए प्रोजेक्ट दोबारा शुरू करने का रास्ता खुल सकता है.
अगर लंबे समय से किसी आर्थिक दबाव से परेशान हैं तो उससे निकलने की योजना सफल हो सकती है. परिवार से जुड़ी कोई अच्छी खबर भी मिल सकती है.

तुला राशि

तुला राशि के लिए ये परिवर्तन व्यक्तित्व और सामाजिक प्रभाव को मजबूत कर सकता है.
लोगों के बीच आपकी पहचान और प्रभाव बढ़ सकता है.
करियर में अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने का मौका मिलेगा. नौकरी में नई जिम्मेदारी या व्यापार में विस्तार की योजना बन सकती है.
आर्थिक स्थिति पहले की तुलना में बेहतर होने के संकेत हैं. निजी जीवन में भी पार्टनर का साथ मिल सकता है.

वृषभ राशि

वृषभ राशि के स्वामी शुक्र ही हैं, ऐसे नौकरीपेशा जातकों को अपनी मेहनत का बेहतर परिणाम मिलने के संकेत हैं.
नई जिम्मेदारी या किसी महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में भूमिका मिल सकती है.
व्यापार करने वालों के लिए नए क्लाइंट और डील के रास्ते खुल सकते हैं.
साझेदारी में काम करने वालों को भी फायदा मिल सकता है. लंबे समय से अटके किसी काम को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा.

क्या ऑनलाइन गणपति खरीदना शास्त्रसम्मत है? मूर्ति घर लाने से लेकर स्थापना तक जानें नियम


Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि&amp;nbsp;ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें

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        <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 22:30:14 +0530</pubDate>
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        <title>इंग्लैंड गए एकनाथ शिंदे ने विराट कोहली से की मुलाकात, जानें क्या हुई बात</title>
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        <description><![CDATA[ महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे अभी लंदन में हैं, जहां उन्हें कई जनकल्याणकारी योजनाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए 3 अंतर्राष्ट्रीय अवार्ड्स से सम्मानित किया जा रहा है. उन्होंने शुक्रवार को विराट कोहली से मुलाकात की, जो इंग्लैंड में रहते हैं. एएनआई से बात करते हुए शिंदे ने बताया कि जब भारतीय क्रिकेटर को पता चला कि मैं यहां आया हुआ हूं, तो वे मुझसे मिलने आए. मुझे बहुत खुशी हुई कि इतने बड़े भारतीय क्रिकेटर इतने विनम्र हैं.&quot;
एकनाथ शिंदे ने बताया कि वह विराट कोहली से पहले भी मिल चुके हैं. उन्होंने कहा, &quot;हम पहले मिल चुके थे, लेकिन आज हमारी जो सीधी बातचीत हुई, उससे मुझे बहुत खुशी हुई. हमने मुझे मिले अवॉर्ड के बारे में भी बात की. मैंने उन्हें महाराष्ट्र की अलग-अलग कल्याणकारी योजनाओं के बारे में बताया. मैंने इंफ्रास्ट्रक्चर के बारे में बात की, और उन्होंने खुद कहा कि हाल के सालों में महाराष्ट्र में जो विकास हुआ है, वह अभूतपूर्व है.&quot;

#WATCH | Star Indian Cricketer Virat Kohli met Maharashtra Deputy Chief Minister Eknath Shinde in London.They discussed a range of issues, including sports and infrastructure. pic.twitter.com/JAxC4cuTdy
&amp;mdash; ANI (@ANI) September 11, 2026



शिंदे ने कहा कि उन्होंने विराट कोहली को उनकी सरकार के भविष्य के प्लान और अभी चल रहे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के बारे में भी बताया. उन्होंने कहा, &quot;एयरपोर्ट के पास &#039;थर्ड मुंबई&#039; का विकास, अटल सेतु, बालासाहेब ठाकरे समृद्धि महामार्ग, कोस्टल रोड, मेट्रो, और स्कूल व हेल्थकेयर से जुड़ी पहल आदि के बारे में उन्हें बताया. हमने इन सभी मुद्दों पर चर्चा की, और मैंने महाराष्ट्र में इंफ्रास्ट्रक्चर पर हो रहे कामों के बारे में बताया. राज्य अभी GDP, स्टार्टअप, इंफ्रास्ट्रक्चर और FDI के मामले में नंबर वन पर है.&quot;
विकास के बारे में सुनकर कोहली बहुत खुश- शिंदे
एकनाथ शिंदे ने आगे कहा, &quot;महाराष्ट्र में हो रहे बदलाव और विकास के बारे में सुनकर विराट कोहली को बहुत खुशी हुई. उन्होंने माना कि इन पहलों का लोगों की जिंदगी पर सकारात्मक असर पड़ेगा. मुझे मिला अवॉर्ड भी इन्हीं विषयों पर आधारित था. इंफ्रास्ट्रक्चर, विकास, &#039;लाडली बहना&#039; योजना और &#039;सरकार आपके द्वार&#039; पहल. हमने इन विषयों पर चर्चा की, और वे बहुत खुश हुए. मुझे भी उनसे मिलकर खुशी हुई. हमने इस बारे में बात की कि नई पीढ़ी को प्रतियोगिताओं में बेहतर करने में कैसे मदद की जाए और उनके टैलेंट को कैसे निखारा जाए. आखिरकार, युवा ही हमारे देश का भविष्य हैं. उन्होंने इस बारे में कुछ बहुत अच्छे सुझाव दिए, जिनसे निश्चित रूप से महाराष्ट्र और देश दोनों को फायदा होगा. ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 22:30:12 +0530</pubDate>
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        <title>टीम इंडिया में निकली नई नौकरी, आप भी कर सकते हैं अप्लाई; जानिए क्वालिफिकेशन</title>
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        <description><![CDATA[ टीम इंडिया में एक नई नौकरी निकली है. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी BCCI ने शुक्रवार (11 सितंबर) को नई नौकरी के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं. यह नौकरी &#039;सेंटर ऑफ एक्सीलेंस&#039; में &#039;हेड&amp;ndash; स्पोर्ट्स साइंस एंड मेडिसिन&#039; पद के लिए है. बोर्ड ने इस पद के लिए एक रिलीज जारी की है, जिसमें बताया कि इसके लिए कौन-कौन अप्लाई कर सकता है, क्या क्वालिफिकेशन चाहिए और क्या-क्या जिम्मेदारी होगी.&amp;nbsp;
रिलीज में लिखा गया कि चुने गए व्यक्ति को BCCI के एलीट क्रिकेट और CoE प्रोग्राम्स के तहत स्पोर्ट्स साइंस और मेडिसिन सेवाओं के लिए रणनीतिक और ऑपरेशनल लीडरशिप देनी होगी. इस भूमिका में उन्हें हेड ऑफ फिजियोथेरेपी (CoE), टीम इंडिया के हेड ऑफ फिजियोथेरेपी, हेड S&amp;amp;C (CoE) और टीम इंडिया के S&amp;amp;C की लाइन मैनेजमेंट भी संभालनी होगी. साथ ही, उन्हें भारतीय खिलाड़ियों के लिए इंटीग्रेटेड सपोर्ट प्रोग्राम्स देने के लिए नेशनल और CoE कोच, क्रिकेट एजुकेशन और अन्य परफॉर्मेंस स्पेशलिस्ट के साथ मिलकर काम करना होगा. इसके पद के लिए जरूरी क्वालिफिकेशन के साथ कोई भी अप्लाई कर सकता है.&amp;nbsp;

???? News ????BCCI invites applications for the position of Head &amp;ndash; Sports Science &amp;amp; Medicine at the Centre of Excellence.More Details ????https://t.co/6lKRGmlHKF
&amp;mdash; BCCI (@BCCI) September 11, 2026



इस पद पर खिलाड़ियों के वेलफेयर, चोट से बचाव और रिहैबिलिटेशन, शारीरिक विकास, रिसर्च, इनोवेशन और जरूरी टेक्नोलॉजी व सेवाओं को अपनाने पर मुख्य रूप से ध्यान दिया जाएगा.
क्या क्वालिफिकेशन चाहिए?

स्पोर्ट्स साइंस या उससे जुड़े किसी सब्जेक्ट में मास्टर्स डिग्री. डॉक्टरेट को प्राथमिकता दी जाएगी.&amp;nbsp;
अलग-अलग एरिया की परफॉर्मेंस वाली टीमों को मैनेज करने के लिए स्ट्रैटेजिक लीडरशिप रोल में कम से कम पांच साल का तजुर्बा.
प्रोफेशनल या ओलंपिक खेलों में हाई-परफॉर्मेंस टीमों के लिए रणनीतिक योजनाएं बनाने और उन्हें लागू करने, व स्पोर्ट्स साइंस या मेडिसिन से जुड़ी सहायता देने का लंबा तजुर्बा.&amp;nbsp;
स्पोर्ट्स साइंस या मेडिसिन के क्षेत्र में मौजूदा प्रोफेशनल एक्रेडिटेशन/लाइसेंस.&amp;nbsp;
परफॉर्मेंस पर केंद्रित रिसर्च का अनुभव और खिलाड़ियों के लंबे समय के शारीरिक विकास की समझ.&amp;nbsp;
रीजनल परफॉर्मेंस और स्पोर्ट्स संस्थानों के साथ काम करने का अनुभव इच्छित.
चीफ मेडिकल ऑफिसर या मेडिकल डायरेक्टर के तौर पर पिछला अनुभव, स्पोर्ट और एक्सरसाइज मेडिसिन में स्पेशलिस्ट के तौर पर पहचान और मेडिकल व क्लिनिकल गवर्नेंस में अनुभव को अच्छा माना जाएगा.

कब तक जमा कर सकते हैं आवेदन
इच्छुक उम्मीदवारों को 30 सितंबर को शाम 5:00 बजे तक अपने आवेदन बीसीसीआई की वेबसाइट के जरिए जमा करने होंगे.&amp;nbsp;
आवेदनों की स्क्रीनिंग और शॉर्टलिस्टिंग के बाद, शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को आगे के मूल्यांकन के लिए पर्सनल इंटरव्यू के लिए बुलाया जा सकता है.
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        <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 22:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>टीम, इंडिया, में, निकली, नई, नौकरी, आप, भी, कर, सकते, हैं, अप्लाई, जानिए, क्वालिफिकेशन</media:keywords>
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        <title>वैभव सूर्यवंशी का भविष्य में कप्तान बनना तय! जानें क्यों तेज हुई चर्चा</title>
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        <description><![CDATA[ वैभव सूर्यवंशी ने कम उम्र में ही क्रिकेट की दुनिया में अपनी अलग पहचान बना ली है. अब उनकी बल्लेबाजी के साथ-साथ कप्तानी की काबिलियत की भी चर्चा होने लगी है. &amp;nbsp;बीसीसीआई डोमेस्टिक के एक वीडियो में ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन उन्हें फ्यूचर कैप्टन कहते नजर आ रहे हैं. ईशान की यह बात सामने आने के बाद वैभव के भविष्य में कप्तानी संभालने को लेकर चर्चा और तेज हो गई है.
दलीप ट्रॉफी 2026 में वैभव सूर्यवंशी को ईस्ट जोन का उपकप्तान बनाया गया था. टीम की कमान ईशान किशन के हाथों में थी. लेकिन, सेमीफाइनल मुकाबले में ईशान के चोटिल होने के बाद वैभव को बीच मैच में टीम की कप्तानी संभालने का मौका मिला. महज 15 साल की उम्र में सीनियर घरेलू क्रिकेट में कप्तानी की जिम्मेदारी मिलना उनके लिए बड़ी उपलब्धि रही.

When the Captain and Vice-Captain meet, you can expect a whole lot of fun and banter! ????A wholesome chat between Ishan Kishan and Vaibhav Sooryavanshi post East Zone&#039;s memorable #DuleepTrophy triumph ???????? - By @jigsactin #EZvSZ | @ishankishan51 pic.twitter.com/3kRQC6pVT4
&amp;mdash; BCCI Domestic (@BCCIdomestic) September 11, 2026



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मैदान पर दिखी कप्तानी की काबिलियत&amp;nbsp;
वैभव ने सिर्फ कप्तानी की जिम्मेदारी ही नहीं संभाली, बल्कि मैदान पर अपनी क्रिकेट समझ भी दिखाई. दलीप ट्रॉफी के फाइनल में साउथ जोन के खिलाफ उन्होंने ईशान किशन को डीआरएस लेने की सलाह दी. ईशान ने उनकी बात मानी और रिव्यू के बाद रिकी भुई को आउट दिया गया. इस फैसले के बाद वैभव की समझ और फैसला लेने की क्षमता की तारीफ हुई.
ईशान किशन ने बताया फ्यूचर कैप्टन
इसी बीच बीसीसीआई डोमेस्टिक के वीडियो में ईशान किशन का वैभव को &amp;ldquo;फ्यूचर कैप्टन&amp;rdquo; कहना सबसे ज्यादा चर्चा में है. ईशान खुद वैभव के कप्तान रह चुके हैं और उनके साथ मैदान पर काफी समय बिताया है. ऐसे में उनका यह कहना युवा खिलाड़ी की कप्तानी के काबिलियत में भरोसा दिखाता है.
अभी लंबा सफर तय करना बाकी
इसका मतलब यह नहीं है कि वैभव की किसी टीम की भविष्य की कप्तानी अभी तय हो चुकी है. वह अभी अपने करियर के शुरुआती दौर में हैं और उन्हें आगे लगातार प्रदर्शन के साथ खुद को साबित करना होगा. लेकिन कम उम्र में उपकप्तानी, कप्तानी का अनुभव और मैदान पर लिए गए फैसले यह जरूर बताते हैं कि वैभव में भविष्य के लीडर की झलक दिखाई दे रही है.
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        <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 22:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>वैभव, सूर्यवंशी, का, भविष्य, में, कप्तान, बनना, तय, जानें, क्यों, तेज, हुई, चर्चा</media:keywords>
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        <title>मोहम्मद शमी ने खींची वैभव सूर्यवंशी की टांग, &amp;apos;तुम्हारी उम्र से बड़ा मेरा...&amp;apos;</title>
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        <description><![CDATA[ मोहम्मद शमी और युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के बीच दलीप ट्रॉफी के दौरान एक मजेदार बॉन्डिंग देखने को मिली. ईस्ट जोन की टीम में साथ खेलने वाले शमी ने वैभव की उम्र को लेकर ऐसा मजाक किया, जो अब चर्चा में है. शमी ने कहा कि टीम का यह युवा खिलाड़ी उनके क्रिकेटिंग करियर की उम्र से छोटा है.
दलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन के लिए खेलने के बाद शमी ने बातचीत के दौरान में वैभव का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि उन्हें टीम के इस युवा खिलाड़ी के साथ काफी मजा आया. शमी ने वैभव को लेकर कहा, द किड इन आवर टीम (वैभव सूर्यवंशी) इज लिटरली ऐज ओल्ड ऐज माय करियर. यानी मजाकिया अंदाज में उन्होंने कहा कि वैभव की उम्र उनके करियर से कम है. शमी का कहना था कि उनका करियर वैभव की उम्र से बड़ा है.
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वैभव के अंदाज से प्रभावित हैं शमी
शमी ने सिर्फ मजाक ही नहीं किया, बल्कि वैभव की तारीफ भी की. उन्होंने बताया कि वैभव में अभी भी युवा खिलाड़ियों वाली मासूमियत है. वो मजाक करना पसंद करते हैं और नई चीजों को जल्दी समझते हैं. शमी के मुताबिक, वैभव जैसे युवा खिलाड़ियों को आज के समय में काफी कम उम्र में ही बड़े लेवल की क्रिकेट खेलने का मौका मिल रहा है.
शमी का मानना है कि आज के युवा खिलाड़ी पहले की तुलना में जल्दी समझदार हो रहे हैं. IPL और दूसरी हाई-प्रेशर प्रतियोगिताओं में खेलने की वजह से उन्हें काफी अनुभव कम उम्र में ही मिल जाता है. इसलिए उन्हें जरूरत से ज्यादा कोचिंग देने की जरूरत नहीं है. लेकिन, जब मुकाबला मुश्किल हालात में पहुंचता है, तब अनुभवी खिलाड़ी की सलाह काफी काम आती है.
शमी के लिए भी खास रहा दलीप ट्रॉफी फाइनल
शमी के लिए यह दलीप ट्रॉफी फाइनल भी खास रहा. ईस्ट जोन ने खिताब अपने नाम किया और शमी ने अपने 100वें फर्स्ट-क्लास मैच में यह उपलब्धि हासिल की. उन्होंने फाइनल में दो अहम विकेट भी लिए. ऐसे में एक तरफ शमी ने अपने अनुभव से टीम को योगदान दिया, वहीं दूसरी तरफ वैभव जैसे युवा खिलाड़ी के साथ उनका यह मजेदार अंदाज भी देखने को मिला.
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        <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 22:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>रोहित शर्मा के शो में इन क्रिकेटरों की दिखेगी मस्ती, कोच भी शामिल</title>
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        <description><![CDATA[ भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और मौजूदा दिग्गज बल्लेबाज रोहित शर्मा का जल्द ही एक नया डेब्यू होने वाला है. 19 सितंबर से हिटमैन रियलिटी गेम शो &#039;फैमिली फुल हाउस&#039; में नजर आएंगे. सोनी पर प्रसारित होने वाले इस शो के एक बाद एक प्रोमो जारी हो रहे हैं. किसी वीडियो में हिटमैन के साथ उनके साथी क्रिकेटर नजर आ रहे हैं, तो किसी वीडियो में उनके साथ फिल्म और टीवी जगत के स्टार दिखे.&amp;nbsp;
एक बात तो साफ हो गई है कि रोहित के शो में उनके साथी क्रिकेटरों की मस्ती भी देखने को मिलेगी. क्रिकेटरों के साथ-साथ टीम इंडिया के पूर्व कोच भी नजर आए. तो आइए जानते हैं कि कौन-कौन से क्रिकेटर देखने को मिल सकते हैं.&amp;nbsp;



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रोहित के शो में कौन-कौन से क्रिकेटर आएंगे?
अब सामने आए वीडियो में हिटमैन के साथ उनके साथी क्रिकेटर श्रेयस अय्यर, शार्दुल ठाकुर और टीम इंडिया के पूर्व सहायक कोच अभिषेक नायर भी दिखे.&amp;nbsp;



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हिटमैन ने किया मशहूर &#039;सहरी बाबू&#039; डांस&amp;nbsp;
एक वीडियो में रोहित को मशहूर &#039;सहरी बाबू&#039; डांस करते हुए भी देखा गया. कुछ साल पहले सोशल मीडिया पर रोहित शर्मा, शार्दुल ठाकुर और श्रेयस अय्यर के डांस का एक वीडियो काफी वायरल हुआ था. तीनों क्रिकेटर मशहूर गाने &#039;कोई सहरी बाबू दिल लहरी बाबू&#039; पर डांस करते दिखे थे. शो में भी इस डांस को रीक्रिकेट किया गया. इस बार अभिषेक नायर भी उनके साथ दिखे.&amp;nbsp;



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यह भी पढ़ें: वैभव सूर्यवंशी का भविष्य में कप्तान बनना तय! जानें क्यों तेज हुई चर्चा
रोहित के लिए खास 19 सितंबर की तारीख
बता दें कि रोहित शर्मा के लिए 19 सितंबर की तारीख बहुत खास है. इसी तारीख को उन्होंने टी20 इंटरनेशनल डेब्यू किया था. अब इसी तारीख पर शो में डेब्यू करेंगे. हालांकि गौर करने वाली बात यह है कि रोहित टी20 इंटरनेशनल से संन्यास ले चुके हैं. उनकी कप्तानी में टीम इंडिया ने 2026 टी20 विश्व कप का खिताब जीता था. इसके बाद उन्होंने फॉर्मेट को अलविदा कह दिया था. रोहित ने करियर में कुल 159 टी20 अंतर्राष्ट्रीय मैच खेले, जिनकी 151 पारियों में बैटिंग करते हुए 32.05 की औसत और 140.89 के स्ट्राइक रेट से 4231 रन बना चुके हैं. इस दौरान उनके बल्ले से 5 शतक और 32 अर्धशतक निकले.&amp;nbsp;
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यह भी पढे़ं: मोहम्मद शमी ने खींची वैभव सूर्यवंशी की टांग, &#039;तुम्हारी उम्र से बड़ा मेरा...&#039; ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 22:30:02 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>रोहित, शर्मा, के, शो, में, इन, क्रिकेटरों, की, दिखेगी, मस्ती, कोच, भी, शामिल</media:keywords>
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        <title>Telegram के ये Bots बदल देंगे काम करने का तरीका, 2026 में जरूर आजमाएं</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/telegram-के-ये-bots-बदल-देंगे-काम-करने-का-तरीका-2026-में-जरूर-आजमाएं</link>
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        <description><![CDATA[ Telegram के ये Bots बदल देंगे काम करने का तरीका, 2026 में जरूर आजमाएं ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 19:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Telegram, के, ये, Bots, बदल, देंगे, काम, करने, का, तरीका, 2026, में, जरूर, आजमाएं</media:keywords>
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        <title>कहां बेचें अपना पुराना आईफोन? इन वेबसाइट्स पर मिलेगा अच्छा दाम</title>
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        <description><![CDATA[ नया iPhone खरीदने का मन है लेकिन पुराना फोन घर में पड़ा है तो उसे आप उसे बेचकर नए फोन का खर्च कम कर सकते हैं. खासकर अभी Apple ने iPhone 18 Pro, Pro Max और पहला फोल्डेबल iPhone Duo लॉन्च किया है, ऐसे में कई लोग अपना पुराना iPhone बेचकर नया मॉडल लेने की तैयारी कर सकते हैं. पुराना iPhone बेचने के लिए आज कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म मौजूद हैं, जहां फोन की जानकारी और हालत के आधार पर पुराने फोन की कीमत बताई जाती है. Cashify जैसे प्लेटफॉर्म पर फोन की डिटेल भरकर पुराने फोन की &amp;nbsp;कीमत का पता लगाया जा सकता है और कई वेबसाइट पर घर से फोन पिकउप की सुविधाएं भी मिलती है.
&amp;nbsp;Cashify पर बेच सकते हैं पुराना iPhone
पुराना iPhone बेचने के लिए Cashify &amp;nbsp;एक अच्छा ऑप्शन सकता है और यह काफी पुराना भी है. यहां आपको सबसे पहले अपने फोन का मॉडल, उसकी हालत कैसी है और फोन किस साल में खरीदा है उसकी जानकारी देनी होगी .इसके बाद Cashify &amp;nbsp;प्लेटफॉर्म उनके अनुमान के हिसाब से आपके फोन की कीमत बताता है. Cashify, फोन की जांच के बाद पिकअप की सुविधा और आपके डूरस्टेप पर पेमेंट का आप्शन भी मिलता है. अपना पुराना फोन बेचने से पहले अलग-अलग जगहों पर कीमत जरूर चेक कर लें.
&amp;nbsp;Flipkart पर भी मिल सकता है बेचने का विकल्प
Flipkart भी पुराने स्मार्टफोन के लिए buyback और sell करने से जुड़े ऑप्शन देता है. यहां अपने फोन की जानकारी देकर उसकी कीमत का अंदाजा आप लगा सकते हैं. कई बार पुराने फोन को नए फोन की खरीद के साथ एक्सचेंज करने पर अलग-अलग &amp;nbsp;ऑफर भी मिलते है. इसलिए अगर आप नया iPhone खरीदने वाले हैं तो एक्सचेंज और सीधे बेचने, दोनों ऑप्शन चेक करे.
यह भी पढ़ें :&amp;nbsp;iPhone के साथ Apple ने और क्या फोड़ा बम? पूरी लॉन्च लिस्ट देखें
&amp;nbsp;Apple का Trade-In भी देख सकते हैं
अगर आप सीधे नया iPhone खरीदना है तो Apple के Trade In के आप्शन को भी देख सकते हैं. इसमें पुराने फोन की अनुमानित कीमत नए Apple डिवाइस की खरीददारी में एडजस्ट किया जा सकता है.हालांकि हर पुराने iPhone की कीमत एक जैसी नहीं होती. मॉडल, स्टोरेज, फोन की हालत और दूसरी चीजों के आधार पर कीमत बदल सकती है. इसलिए पहले उसकी अनुमानित वैल्यू देखना जरूरी है.
Ovantica पर भी बेच सकते हैं पुराना iPhone
पुराना iPhone बेचने के लिए Ovantica भी एक अच्छा ऑप्शन है. यहां आप अपने फोन की जानकारी देकर उसकी कीमत का पता लगा सकते हैं. फोन का मॉडल, स्टोरेज और उसकी हालत जैसी चीजों के आधार पर कीमत तय होती है. अगर आपका iPhone अच्छी कंडीशन में है और उसमें कोई बड़ी खराबी नहीं है, तो आपको अच्छी कीमत मिलने की उम्मीद है. नया iPhone लेने से पहले Ovantica पर मिलने वाली कीमत की तुलना दूसरे प्लेटफॉर्म से जरूर कर लें, ताकि आपको बेहतर डील मिल सके.
&amp;nbsp;फोन की हालत से तय होती है कीमत
पुराना iPhone बेचते समय उसकी कीमत सिर्फ मॉडल से तय नहीं होती. फोन की स्क्रीन पर खरोंच है या नहीं, बॉडी की हालत कैसी है, कैमरा और स्पीकर ठीक काम कर रहे हैं या नहीं और बैटरी की स्थिति कैसी है, इन चीजों का भी असर पड़ सकता है. अगर फोन साफ-सुथरा है और उसमें कोई बड़ी खराबी नहीं है तो आपको बेहतर कीमत मिलने की उम्मीद रहती है.
यह भी पढ़ें :&amp;nbsp;Siri की आवाज से हो गए हैं बोर? सेकेंडों में ऐसे बदलें Voice! ये है तरीका ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 19:30:09 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>कहां, बेचें, अपना, पुराना, आईफोन, इन, वेबसाइट्स, पर, मिलेगा, अच्छा, दाम</media:keywords>
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        <title>चांद की बर्फ और क्रेटर मैप करेगा IBM&amp;NASA का AI, जानें कैसे?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/चांद-की-बर्फ-और-क्रेटर-मैप-करेगा-ibm-nasa-का-ai-जानें-कैसे</link>
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        <description><![CDATA[ चांद को समझने की कोशिश अब सिर्फ फोटो और पुराने मेप्स तक सीमित नहीं रहेगी. वैज्ञानिकों के पास चांद से जुड़ा दशकों का डेटा मौजूद है, लेकिन अलग-अलग मिशनों और डिवाइसों से मिले इस डेटा को समझना और उसका इस्तेमाल करना आसान नहीं है. इसी चुनौती को आसान बनाने के लिए IBM और NASA ने एक नया AI मॉडल पेश किया है.
इसे NASA-IBM Lunar Foundation Model नाम दिया गया है. यह एक ओपन-सोर्स AI मॉडल है, जिसे वैज्ञानिक चांद की सतह से जुड़े डेटा का विश्लेषण करने के लिए इस्तेमाल कर सकेंगे. तो आइए जानते हैंं कि NASA-IBM Lunar Foundation Model कैसे कम करेगा.&amp;nbsp;
NASA-IBM Lunar Foundation Model कैसे कम करेगा
रिपोर्ट के अनुसार, IBM और NASA ने 10 सितंबर 2026 को इस AI मॉडल को सार्वजनिक किया है. इसे चांद के अध्ययन के लिए तैयार किया गया है और इसकी ट्रेनिंग में NASA के चार मिशनों के नौ डिवाइसों से जुटाए गए डेटा की 30 से ज्यादा लेयर्स का इस्तेमाल हुआ है. इसमें Lunar Reconnaissance Orbiter (LRO) से मिला डेटा भी शामिल है. यह मॉडल IBM और NASA के ओपन फाउंडेशन मॉडल परिवार का हिस्सा है, जिसमें भू-स्थानिक और मौसम से जुड़े मॉडल भी शामिल हैं.&amp;nbsp;&amp;nbsp;चांद की बर्फ खोजने में मिलेगी मदद
NASA और IBM का यह मॉडल चांद के उन हिस्सों को समझने में मदद कर सकता है, जहां स्थायी रूप से छाया रहती है. वैज्ञानिक इन क्षेत्रों में संभावित बर्फ के भंडार की तलाश कर रहे हैं. चंद्रमा पर मौजूद बर्फ जरूरी मानी जाती है क्योंकि इससे पानी और ऑक्सीजन जैसे संसाधनों तक पहुंच मिल सकती है. फ्यूचर में इन्हीं संसाधनों का इस्तेमाल चांद पर मानव उपस्थिति और मंगल मिशनों के लिए रॉकेट ईंधन तैयार करने में किया जा सकता है.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ें - iPhone 18 Pro खरीदें या पैसे बचाएं, 17 Pro से कितना अपडेट?
क्रेटर की मैपिंग और लैंडिंग साइट की पहचान
AI मॉडल चांद की सतह पर मौजूद क्रेटर्स की पहचान और मैपिंग में भी मदद कर सकता है. इससे संभावित सुरक्षित लैंडिंग साइट चुनने में वैज्ञानिकों को मदद मिल सकती है. इसके अलावा, मॉडल चांद की ज्वालामुखीय विशेषताओं का अध्ययन करने में भी इस्तेमाल किया जा सकता है. NASA और IBM के मुताबिक, बेंचमार्क टेस्ट में इस मॉडल ने चांद की सतह की जरूरी विशेषताओं को आमतौर पर इस्तेमाल होने वाले मॉडल की तुलना में 23 प्रतिशत ज्यादा सटीकता से पहचाना है.&amp;nbsp;
2028 के Artemis मिशन के लिए जरूरी&amp;nbsp;
NASA का Artemis कार्यक्रम 2028 में अंतरिक्ष यात्रियों को फिर से चांद पर भेजने की योजना पर काम कर रहा है. इस कार्यक्रम का उद्देश्य चांद पर लंबे समय तक मानव मौजूदगी के लिए तकनीकों का परीक्षण करना और फ्यूचर के मंगल मिशनों की तैयारी करना है. ऐसे में NASA-IBM Lunar Foundation Model वैज्ञानिकों को चांद की सतह, संभावित बर्फ और क्रेटर्स से जुड़े बड़े डेटा को तेजी से समझने में मदद कर सकता है.
यह भी पढ़ें - Apple से Samsung तक, किस कंपनी का फोन सबसे महंगा? यहां देखें रेट लिस्ट ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 19:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>चांद, की, बर्फ, और, क्रेटर, मैप, करेगा, IBM-NASA, का, AI, जानें, कैसे</media:keywords>
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        <title>AI से लेकर न्यू टेक तक, BRICS में बनेगी Tech Strategy</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/ai-से-लेकर-न्यू-टेक-तक-brics-में-बनेगी-tech-strategy</link>
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        <description><![CDATA[ दुनिया की अर्थव्यवस्था तेजी से बदल रही है और इसी के साथ टेक्नोलॉजी भी ग्लोबल सहयोग का बड़ा हिस्सा बनती जा रही है. नई दिल्ली में हो रहे BRICS Summit 2026 में ट्रेड और निवेश के साथ AI, सेमीकंडक्टर, डिजिटल सर्विसेज और स्टार्टअप जैसे टेक सेक्टर्स पर भी खास फोकस देखने को मिल रहा है. भारत की BRICS अध्यक्षता में इन क्षेत्रों में सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है. ऐसे में यह समिट सिर्फ आर्थिक मुद्दों तक सीमित नहीं है, बल्कि नई टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में साथ मिलकर आगे बढ़ने की दिशा भी तय कर रहा है. &amp;nbsp;
AI और डिजिटल सर्विसेज पर बढ़ेगा सहयोग
जितिन प्रसाद ने AI और डिजिटल सर्विसेज को BRICS देशों के लिए नए अवसरों वाला सेक्टर बताया. उन्होंने कहा कि सदस्य देशों को एक-दूसरे के सहयोग से आगे बढ़ना चाहिए और ट्रेड साथ ही सर्विसेज में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की जरूरत है. डिजिटल सर्विसेज में नए मौके पैदा हो रहे हैं और AI के क्षेत्र में मिलकर काम करने से इसका फायदा उठाया जा सकता है. उन्होंने AI को ग्लोबल साउथ के लिए जरूरी टेक्नोलॉजी बताया.&amp;nbsp;
BRICS में Tech Strategy&amp;nbsp;
BRICS में Tech Strategy बनाने के लिए सदस्य देश AI, सेमीकंडक्टर, डिजिटल सर्विसेज, डेटा सेंटर और स्टार्टअप जैसे टेक क्षेत्रों में आपसी सहयोग बढ़ाने पर काम करेंगे. इसमें टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को शेयर करने, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और सदस्य देशों के बीच नई टेक पहल को जोड़ने पर जोर रहेगा. भारत अपनी BRICS अध्यक्षता में AI और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों को खास प्राथमिकता दे रहा है, जिससे सदस्य देश मिलकर टेक्नोलॉजी और डिजिटल इकोनॉमी में आगे बढ़ सकें.
BRICS में सेमीकंडक्टर भी एजेंडा
BRICS Summit में सेमीकंडक्टर सेक्टर को भी जरूरी माना गया है. भारत इस क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और Semiconductor Mission 2.0 की शुरुआत कर चुका है. भारत ने BRICS सदस्य देशों को इस सेक्टर में साथ जुड़ने के लिए आमंत्रित किया है. भारत अपनी सेमीकंडक्टर पहल को BRICS के सभी सदस्य देशों के साथ साझा करने के लिए तैयार है.&amp;nbsp;
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स्टार्टअप और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर
टेक्नोलॉजी के साथ स्टार्टअप और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर भी चर्चा के केंद्र में हैं. भारत ने Digital Public Infrastructure को बढ़ावा देने के लिए कई जरूरी कदम उठाए हैं. वहीं भारत की BRICS अध्यक्षता के दौरान BRICS Incubator Network और BRICS Startup Innovation Fund जैसे प्रस्ताव भी संभावित नतीजों में शामिल हैं. इनका उद्देश्य स्टार्टअप और इनोवेशन के लिए सहयोग का रास्ता मजबूत करना है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 19:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>iPhone Duo महंगा क्यों? Software में छिपा है असली खेल</title>
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        <description><![CDATA[ फोल्डेबल फोन की दुनिया में Apple की एंट्री भले देर से हुई हो, लेकिन iPhone Duo के साथ कंपनी ने एक ऐसा फोन पेश करने की कोशिश की है, जिसमें सिर्फ फोल्ड होने वाली स्क्रीन पर ध्यान नहीं दिया गया है. इसका डिजाइन और कई हार्डवेयर फीचर्स Android फोल्डेबल फोन में पहले से देखने को मिल चुके हैं. ऐसे में असली फर्क उस सॉफ्टवेयर एक्सपीरियंस का है, जिसे Apple ने खासतौर पर फोल्डेबल स्क्रीन के हिसाब से तैयार किया है.
भारत में iPhone Duo शुरुआती कीमत 2,99,900 रुपये है, ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर इस फोन की इतनी ज्यादा कीमत की वजह क्या है. तो आइए जानते हैं कि iPhone Duo इतना महंगा क्यों है.&amp;nbsp;
iPhone Duo के हार्डवेयर में क्या है खास?
iPhone Duo का डिजाइन चौड़ा और पासपोर्ट जैसा है, हालांकि Samsung, Huawei और Xiaomi जैसे ब्रांड इसी तरह के फोल्डेबल फोन पहले ही बाजार में ला चुके हैं. Apple ने डिस्प्ले की क्रीज को कम दिखाई देने वाली बनाने पर भी काफी काम किया है. इसमें 100 से ज्यादा कंपोनेंट वाला हिंज, खास एडहेसिव और मैट फिनिश का इस्तेमाल किया गया है. Duo में 5.4 इंच का बाहरी और 7.6 इंच का अंदरूनी Super Retina XDR डिस्प्ले मिलता है. वहीं दोनों स्क्रीन 120Hz ProMotion, Always-On Display और 3,000 निट्स तक की आउटडोर ब्राइटनेस सपोर्ट करती हैं. फोन में Grade 5 Titanium फ्रेम, Ceramic Shield 2 और IP68 रेटिंग भी है.&amp;nbsp;
iPhone Duo इतना महंगा क्यों है?
iPhone Duo की सबसे खास बात इसका सॉफ्टवेयर है. Apple ने iOS 27 को फोल्डेबल स्क्रीन के लिए अलग तरह से डिजाइन किया है. इंटरफेस में कंट्रोल और नेविगेशन को किनारे की तरफ ले जाया गया है, जिससे बड़ी स्क्रीन पर कंटेंट के लिए ज्यादा जगह मिलती है. फोन को खोलने पर बाहर और अंदर स्क्रीन के बीच बदलाव भी काफी सहज रखा गया है. Dynamic Island को भी दोनों डिस्प्ले के हिसाब से दोबारा डिजाइन किया गया है. स्क्रीन खुलते समय इंटरफेस में डायनेमिक ब्लर इफेक्ट दिखाई देता है, जिससे पूरा एक्सपीरियंस ज्यादा फ्लूइड लगता है.
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डेवलपर्स के लिए भी बड़ा बदलाव
Apple सिर्फ अपने सॉफ्टवेयर तक सीमित नहीं रहना चाहता है. कंपनी चाहती है कि डेवलपर्स भी Duo की फोल्डेबल स्क्रीन का पूरा फायदा उठाएं. Netflix, Slack और Zoom जैसे ऐप्स में Duo के लिए कस्टम सपोर्ट दिखाया गया है, जो फोन के हिंज के एंगल के हिसाब से भी बदल सकता है.&amp;nbsp;
कैमरा और बैटरी भी खास
Duo में 48MP का Dual Fusion कैमरा सिस्टम है. इसमें 48MP Fusion Main और 48MP Fusion Ultra Wide कैमरा मिलता है. बाहरी स्क्रीन रियर कैमरे से फोटो लेते समय लाइव प्रीव्यू की तरह काम कर सकती है. &amp;nbsp;फोन में Dual Battery Architecture दिया गया है. Apple के मुताबिक अंदरूनी स्क्रीन पर 31 घंटे और बाहरी स्क्रीन पर 44 घंटे तक वीडियो प्लेबैक मिल सकता है. A20 Pro चिप और C2 मॉडेम भी इसकी पावर एफिशिएंसी में मदद करते हैं.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 19:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>खाली होने पर गुड़गुड़ाता क्यों है पेट, क्या है इसकी वजह?</title>
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        <description><![CDATA[ पेट में गुड़गुड़ होना आम बात है. खासकर भूख लगने पर पेट में गुड़गुड़ होना एक आम समस्या है. हालांकि, पेट में गुड़गुड़ होने की अन्य वजह भी होती हैं, जैसे हमारे शरीर की पाचन क्रिया और आंतों का सिकुड़ना. कई बार यह आवाज इतनी तेज होती है कि आसपास बैठे लोगों को भी सुनाई देने लगती है. इसके पीछे पाचन तंत्र की सामान्य गतिविधियां जिम्मेदार होती हैं. ऐसे में आइए जानते हैं पेट में गुड़गुड़ होने की वजह और इसके समाधान.
पेट में गुड़गुड़ होने की वजह?
हमारे पाचन तंत्र में पेट और आंतें लगातार काम करती रहती हैं. जब भोजन पेट में मौजूद होता है, तब पाचन प्रक्रिया के दौरान मांसपेशियां भोजन और तरल पदार्थ को आगे बढ़ाती हैं. इस प्रक्रिया को पेरिस्टालसिस कहा जाता है. पेट खाली रहने पर भी पाचन तंत्र पूरी तरह शांत नहीं होता. पेट और छोटी आंत की मांसपेशियां समय-समय पर सिकुड़ती रहती हैं. इस दौरान गैस और तरल पदार्थ आंतों के भीतर आगे बढ़ते हैं. इन्हीं की हलचल से गुड़गुड़ जैसी आवाज पैदा होती है.
खाली पेट में आती है ज्यादा आवाज
खाली पेट होने पर आवाज ज्यादा साफ सुनाई देती है, क्योंकि पेट में भोजन की मात्रा कम होने के कारण आवाज को दबाने वाला पदार्थ मौजूद नहीं होता. इसलिए कई बार पेट की सामान्य गतिविधियां भी ज्यादा तेज महसूस या सुनाई देती हैं. भूख लगने पर शरीर में कुछ हार्मोनल बदलाव होते हैं, जो पाचन तंत्र की गतिविधि को प्रभावित करते हैं. इस वजह से कुछ लोगों को खाली पेट में अधिक हलचल महसूस होती है.
गैस भी हो सकती है वजह
पेट की गुड़गुड़ाहट का एक कारण गैस भी होती है. खाते या पीते समय हवा निगलना या जल्दी-जल्दी खाने से पेट में गैस बनती है. वहीं कुछ खाद्य पदार्थ भी पेट और आंतों में हवा की मात्रा बढ़ा देते हैं. जब यह गैस आंतों में घूमती है तो आवाज सुनाई देती है. इसके अलावा कब्ज, अपच या अचानक खान-पान में बदलाव के दौरान भी आंतों की गतिविधि बदल जाती है, जिसकी वजह से पेट में गुड़गुड़ होने लगती है.
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कब है चिंता की बात
सिर्फ पेट से आवाज आना आमतौर पर चिंता की बात नहीं होती लेकिन अगर गुड़गुड़ लगातार बनी रहती है और इसके साथ तेज पेट दर्द, लगातार उल्टी-दस्त जैसे लक्षण दिखाई दें, तो यह किसी बीमारी के संकेत हो सकते हैं. खासकर अगर पेट की आवाज के साथ दर्द बहुत ज्यादा हो या मल त्याग में परेशानी हो रही हो, तो इसे केवल भूख समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. ऐसा स्थिती में डॉक्टर की सलाह लेना चाहिए.
किन बातों का रखें ध्यान
खाने को हमेशा धीरे-धीरे और अच्छी तरह चबाकर खाना सही होता है. वहीं शरीर में पर्याप्त पानी होना भी जरूरी है. ऐसे में नियमित रूप से पानी पीते रहें. लंबे समय तक भूखे न रहे और संतुलित आहार खाएं. एक्टिव लाइफस्टाइल अपनाएं यह आपके शरीर को रोग मुक्त रखता है. किसी भी गंभीर समस्या या लक्षण के दिखने पर खुद से दवाई लेने के बजाय डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर होता है.
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        <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 19:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>ब्रिक्स समिट 2026: क्या दिल्ली&amp;NCR में बंद रहेंगी शराब की दुकानें?</title>
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        <description><![CDATA[ BRICS Summit 2026: क्या आप दिल्ली-NCR में रहते हैं और आज-कल में बाहर घूमने या फिर शॉपिंग करने की सोच रहे हैं तो यह जानकारी आपके काम की है. दिल्ली में 12-13 सितंबर 2026 को 18वें BRICS Summit के कारण कई अहम कदम उठाए गए है और 11 सितंबर से ही दिल्ली के कई इलाकों में ट्रैफिक व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. 11 सितंबर यानी आज स्कूल-कॉलेज और कोर्ट से लेकर सरकारी दफ्तर तक बंद है. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या ब्रिक्स समिट के कारण दिल्ली-एनसीआर में शराब की दुकानें भी बंद रहेंगी?
दिल्ली-NCR में बंद रहेंगी शराब की दुकानें?
ब्रिक्स समिट के चलते दिल्ली में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं, लेकिन फिलहाल दिल्ली-एनसीआर में शराब के ठेके बंद करने या फिर ड्राय डे घोषित करने की कोई जानकारी सामने नहीं आई है. यानी ब्रिक्स समिट के दौरान शराब की दुकानें या फिर सामान्य बाजारों को बंद करने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन ये जरूर है कि इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था के कारण किसी दूसरे इलाके में पहुंचने में आपको दिक्कत हो सकती है.
आज से ही लागू हैं ट्रैफिक पाबंदियां
बता दें कि आज यानी 11 सितंबर से ही शिखर सम्मेलन को देखते हुए दिल्ली में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है. इसका असर खासतौर पर सेंट्रल दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों पर पड़ सकता है. अगर आप सेंट्रल दिल्ली या उसके आसपास के इलाके में घूमने या फिर दूसरे कारण से जा रहे हैं तो इस समय ट्रैफिक पाबंदियों के चलते आपको परेशानी हो सकती है.
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ब्रिक्स समिट 12 &amp;nbsp;और 13 सितंबर को होगा&amp;nbsp;
इस साल भारत BRICS की अध्यक्षता कर रहा है. ये 18वां BRICS Summit 12 और 13 सितंबर 2026 को होने वाला है. अगर जगह की बात करें तो ये नई दिल्ली के भारत मंडपम प्रगति मैदान में आयोजित होगा. इसी के चलते दिल्ली में जरूरी सुरक्षा फैसले लिए गए हैं.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 18:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Stock Market: सेंसेक्स ने पलटी बाजी, निचले स्तर से 200 अंक चढ़ा; निफ्टी में भी सुधार</title>
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        <description><![CDATA[ आज 11 सितंबर, शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान भारी बिकवाली देखी गई, जिससे हड़कंप मच गया. कारोबार शुरू होने के कुछ ही मिनटों में सेंसेक्स 742 अंक तक टूटकर 74,160.80 के निचले स्तर पर आ गया, जबकि निफ्टी 250 से अधिक अंक फिसलकर 23,231 पर पहुंच गया.
कारोबार शुरू होने के कुछ ही मिनटों में सेंसेक्स 742 अंक तक टूटकर 74,160.80 के निचले स्तर पर आ गया, जबकि निफ्टी 250 से अधिक अंक फिसलकर 23,231 पर पहुंच गया. चंद मिनटों में आई इस गिरावट के चलते निवेशकों के देखते ही देखते 6 लाख करोड़ रुपये डूब गए.
हालांकि, शुरुआती कारोबार में भारी गिरावट के बाद बाजार ने अपनी दमदार वापसी की. सेंसेक्स अपने दिन के निचले स्तर से 200 अंक से अधिक रिकवरी की, जबकि निफ्टी भी सुधरकर 23,300 के स्तर के करीब पहुंच गया.&amp;nbsp;
बाजार को किसने दिया सहारा?
शेयर बाजार में गिरावट के बाद निचले स्तरों से &#039;वैल्यू बाइंग&#039; (सस्ते शेयरों की खरीदारी) देखने को मिली, जिससे सेंसेक्स दिन के निचले स्तर से 200 अंक ऊपर चढ़ गया और निफ्टी ने मनोवैज्ञानिक रूप से अहम 23,250 के स्तर को फिर से हासिल करने में कामयाब रहा. इसे आज आईटी शेयरों का सहारा मिला.
ट्रेडिंग के दौरान टीसीएस, इन्फोसिस और विप्रो जैसी बड़ी आईटी कंपनियों के शेयरों में निचले स्तरों पर आई खरीदारी से सूचकांकों का नुकसान काफी कम हो गया. मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि निफ्टी के लिए 23,200 से 23,250 का स्तर बेहद महत्वपूर्ण और एक मजबूत सपोर्ट जोन है. निफ्टी जैसे ही इस मनोवैज्ञानिक स्तर के करीब पहुंचा, वहां शॉर्ट-कवरिंग और मजबूत खरीदारी देखने को मिली, जिसने बाजार को और नीचे गिरने से रोक दिया.&amp;nbsp;
बाजार में आज क्यों आई गिरावट?
क्रूड ऑयल की कीमतों में रिकॉर्डतोड़ बढ़ोतरी से बाजार में डर का माहौल है. ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा यमन के मोखा बंदरगाह (Port of Mocha) पर कब्जा करने और रेड सी रूट पर बढ़ते तनाव के कारण ग्लोबल मार्केट में ब्रेंट क्रूड उछलकर 108 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया है. चूंकि भारत अपनी जरूरत का 80% से ज्यादा तेल आयात करता है इसलिए क्रूड महंगा होने से भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए महंगाई और चालू खाता घाटे (CAD) का बड़ा जोखिम पैदा हो जाता है.
मिडिल ईस्ट में तनाव का असर पूरी दुनिया के बाजारों में देखा गया. एशियाई बाजारों में भी भारी गिरावट देखी गई. जापान का निक्केई और दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) सुबह 1.5% से अधिक टूट गए. ग्लोबल मार्केट से मिले इन्हीं खराब संकेतों का असर आज भारतीय शेयर बाजार के शुरुआती कारोबार में देखने को मिला.&amp;nbsp;

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        <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 18:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>चांदनी चौक में ज्वैलरी की 56 दुकानें सील, अब अंदर रखे सोने&amp;चांदी का क्या होगा?</title>
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        <description><![CDATA[ अगर किसी व्यापारी की दुकान को सील कर दिया जाए तो उसके लिए ये एक सबसे बड़ी परेशानी की स्थिति है. कुछ ऐसा ही दिल्ली के चांदनी चौक में देखने को मिला है, यहां चांदनी चौक स्थित कूचा महाजनी के कारोबारियों के लिए 10 सितंबर का दिन मुसीबत भरा रहा, क्योंकि MCD ने इलाके की कई दुकानों को सील कर दिया.&amp;nbsp;
56 दुकानों को MCD ने किया सील
दरअसल, MCD ने गहनों और बुलियन का बिजनेस करने वाली 56 दुकानों को सील कर दिया. हैरानी की बात तो यह है कि दुकानों के अंदर करोड़ों रुपये के सोने-चांदी से लेकर दूसरी कीमती चीजें रखी हुई है, लेकिन MCD की कार्रवाई के बाद अब ये दुकानें बंद है. ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल ये उठता है कि दुकानों को सील करने के बाद जो सामान उसके अंदर है अब उसका आखिर क्या होगा?&amp;nbsp;
क्या होगा अंदर रखें सोने-चांदी का?
जानने वाली बात यह है कि अगर किसी दुकान को सील किया जाता है तो उसके अंदर रखें सामान को बाहर नहीं निकाला जा सकता. सीलिंग का मकसद ही दुकान के इस्तेमाल पर रोक लगाना है. इसी वजह से दुकानों के बाहर सरकारी सील लगाई गई है. ऐसे में जो सामान पहले से ही दुकान के अंदर है जैसे सोना-चांदी या दूसरे कीमती चीज तो वे दुकान के अंदर ही रहेगी, उसे बाहर नहीं निकाला जा सकता है. कारोबारियों के निजी सामान को जब्त करने का कानूनी अधिकार प्रशासन के पास नहीं है तो सामान दुकान के अंदर ही सुरक्षित रहेगा.
खुद से सामान बाहर निकालना पड़ेगा भारी
&amp;nbsp;कोई कारोबारी अपनी सील की गई दुकान से सामान नहीं निकाल सकता है. अगर कोई दुकानदार बिना परमिशन के सील तोड़ता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है. इसलिए बेहतर होगा कि कोई भी दुकानदार अपनी मर्जी से सील तोड़ने की कोशिश न करें.&amp;nbsp;
ब्रिक्स समिट: क्या दिल्ली-NCR में बंद रहेंगी शराब की दुकानें?
दुकानों पर क्यों लगाई गई सील?
6 सितंबर रविवार के दिन दिल्ली के सत्य निकेतन में एक कई साल पुरानी इमारत गिर गई थी, जिसमें कई लोगों की जान तक चली गई. इसके बाद से ही दिल्ली में MCD ने खतरनाक और अवैध इमारतों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी शुरू कर दी है और इसी अभियान के तहत ही चांदनी चौक के कूचा महाजनी इलाके में भी ये कार्रवाई की गई.&amp;nbsp;
बढ़ गया सोने का रेट, चांदी भी हुई महंगी; जानें आज 10 ग्राम का भाव
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        <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 18:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>चांदनी, चौक, में, ज्वैलरी, की, दुकानें, सील, अब, अंदर, रखे, सोने-चांदी, का, क्या, होगा</media:keywords>
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        <title>पैकेज्ड फूड में ज्यादा नमक&amp;चीनी पर SC सख्त, प्रोडक्ट पर लगेगा रेड वॉर्निंग लेबल</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/पैकेज्ड-फूड-में-ज्यादा-नमक-चीनी-पर-sc-सख्त-प्रोडक्ट-पर-लगेगा-रेड-वॉर्निंग-लेबल</link>
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        <description><![CDATA[ सुप्रीम कोर्ट ने पैकेज्ड फूड पर फ्रंट-ऑफ-पैक वार्निंग लेबल (FoPL) लगाने के मामले में FSSAI से यह साफ करने को कहा है कि पैकेज्ड फूड में चीनी, नमक, सोडियम, पोटैशियम या सैचुरेटेड फैट की वह निश्चित सीमा क्या होगी, जिसके पार जाते ही कंपनियों के लिए पैकेट पर लाल चेतावनी का निशान लगाना अनिवार्य हो जाएगा.
जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और के. विनोद चंद्रन की बेंच ने फ़ूड रेगुलेटर से पूछा कि क्या उसने यह तय करने के लिए कोई खास सीमा तय की है कि कोई प्रोडक्ट &#039;हाई शुगर&#039;, &#039;हाई साल्ट&#039; या &#039;हाई फैट&#039; जैसी वॉर्निंग्स के लायक कब माना जाएगा. कोर्ट ने प्रस्तावित सीमाओं के वैज्ञानिक आधार पर भी स्पष्टीकरण मांगा.&amp;nbsp;
क्या है मामला?
FSSAI ने शुरुआती प्रस्ताव में इसे दो चरणों में लागू करने की बात कही थी. पहले चरण में लाल रंग का हेक्सागोनल (छह कोनों वाला) चेतावनी लेबल केवल उन पैकेटों पर लगेगा, जिनमें चीनी, नमक या सैचुरेटेड फैट में से कम से कम दो तत्व तय सीमा से अधिक हों. सुप्रीम कोर्ट ने इस पर आपत्ति जताते हुए पूछा कि इसके लिए दो चरणों की क्या जरूरत है?
कोर्ट का कहना था कि अगर इन तीनों में से एक भी तत्व सीमा से अधिक है, तो भी पैकेट पर चेतावनी लगनी चाहिए. कोर्ट के सख्त रुख के बाद, FSSAI ने अदालत को भरोसा दिया है कि वह शुरुआत से ही सख्त नियम लागू करने और केवल एक घटक (चीनी, नमक या फैट) के ज्यादा होने पर भी लाल चेतावनी लेबल लगाने पर विचार करने के लिए तैयार है.
सीमा तय करने पर बहस
फूड मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (AIFPA) ने इस बात पर आपत्ति जताई है कि खतरे का आकलन 100 ग्राम या 100 मिलीलीटर के आधार पर क्यों किया जा रहा है.
कंपनियों का कहना है कि लोग अचार या सॉस जैसी चीजें एक बार में 100 ग्राम नहीं खाते, बल्कि केवल 5 ग्राम (सर्विंग साइज) ही लेते हैं इसलिए चेतावनी तय करते समय प्रति सर्विंग साइज को आधार बनाया जाना चाहिए. बता दें कि FSSAI के प्रस्तावित नियम में 100 ग्राम (ठोस खाद्य पदार्थों के लिए) और 100 मिलीलीटर (तरल पदार्थों के लिए) को ही आधार बनाया था.&amp;nbsp;
कोर्ट ने FSSAI से मांगा वैज्ञानिक आधार
कोर्ट ने रेगुलेटर से पूछा कि किस प्रोडक्ट में &#039;हाई शुगर&#039; या &#039;हाई साल्ट&#039; है, इसके लिए क्या दिशानिर्देश तय किए गए हैं? FSSAI ने बताया कि यह सीमा ICMR-National Institute of Nutrition (NIN) की डायटरी गाइडलाइन्स 2024 के आधार पर तय की जाएगी.
कोर्ट ने इस गाइडलाइन के तहत अलग-अलग प्रोसेस्ड फूड और स्वीटेंड बेवरेजेस के लिए तय की गई सीमाओं का पूरा ब्योरा मांगा है. ध्यान रखने वाली बात है कि यह पूरा विवाद भारत में पिछले कई सालों से चल रही फ्रंट-ऑफ-पैक लेबलिंग (FoPL) नीति में हो रही देरी से जुड़ा है.&amp;nbsp;
लाल रंग पर कन्फ्यूजन
FSSAI ने लाल रंग के छह कोनों वाले Hexagonal वार्निंग लेबल का प्रस्ताव दिया था. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि भारत में लोग लाल रंग को मांसाहारी (Non-Veg) और हरे रंग को शाकाहारी (Veg) से जोड़कर देखते हैं. ऐसे में लोग शाकाहारी जंक फूड पर &#039;लाल हेक्सागोन&#039; का निशान देखकर कन्फ्यूज हो सकते हैं इसलिए कोर्ट ने FSSAI से इस रंग के विकल्प पर दोबारा विचार करने को कहा है.

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        <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 18:30:06 +0530</pubDate>
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        <title>सिरहाने भूलकर भी ना रखें दवाईयां, वास्तु में बताया खतरनाक!</title>
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        <description><![CDATA[ Vastu Tips For Medicine: आजकल बहुत से लोग नियमित रूप से लेने वाली दवाइयों को सुविधा के लिए बेड के पास, तकिए के नीचे या बिस्तर के बॉक्स में रख देते हैं. रात में अचानक जरूरत पड़ने पर दवा आसानी से मिल जाए, यही इसकी सबसे बड़ी वजह होती है
लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार सोने की जगह को शरीर और मन के विश्राम से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है. ऐसे में दवाइयों को लगातार सिर के पास या बिस्तर के नीचे रखना उचित नहीं माना जाता.
कैसा होना चाहिए शयन कक्ष
वास्तु दृष्टि से शयन कक्ष ऐसा स्थान होना चाहिए जहां वातावरण साफ, व्यवस्थित और शांत हो. दवाइयां मूल रूप से रोग और उपचार से जुड़ी वस्तु हैं. आधुनिक वास्तु-व्याख्याओं में इन्हें बीमारी की स्मृति या स्वास्थ्य संबंधी चिंता से जुड़ी वस्तु माना जाता है. इसलिए ऐसी चीजों को सोने की जगह के बिल्कुल पास रखने से बचने की सलाह दी जाती है.
तकिए के नीचे दवाइयां रखना क्यों माना जाता है गलत?

तकिया सिर और मस्तिष्क के सबसे करीब होता है. वास्तु की मान्यताओं में शयन के समय व्यक्ति के आसपास का वातावरण उसकी मानसिक शांति से जुड़ा माना जाता है.
इसी वजह से दवाइयां, मेडिकल रिपोर्ट, बीमारी से जुड़ी फाइलें या अन्य स्वास्थ्य संबंधी सामान तकिए के नीचे रखने से बचने की सलाह दी जाती है.
वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार बार-बार दवा को अपने सिर के आसपास रखने से व्यक्ति का ध्यान अनजाने में बीमारी और स्वास्थ्य संबंधी चिंता की ओर बना रह सकता है.
इससे बेचैनी या नींद में बाधा जैसी समस्याएं बढ़ जाती है, नकारात्मक सोच में वृद्धि होती है, मानसिक तनाव बना रहता है.

बेड के नीचे दवाइयां रखना भी क्यों टालें?
वास्तु में बेड के नीचे की जगह को खाली और साफ रखने की सलाह दी जाती है. आधुनिक वास्तु लेखों में विशेष रूप से दवाइयों, पुराने सामान और अव्यवस्था को बिस्तर के नीचे रखने से बचने की बात कही गई है. माना जाता है कि सोने के स्थान के नीचे जमा वस्तुएं कमरे के ऊर्जा संतुलन और मानसिक शांति पर प्रभाव डालती है.
इसके पीछे एक व्यावहारिक कारण भी है. बेड के नीचे रखी दवाइयां धूल, नमी या गर्मी के संपर्क में आ सकती हैं. खासकर यदि दवा की पैकिंग लंबे समय तक खुली या असुरक्षित रहे तो उसकी गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है इसलिए मेडिकल दृष्टि से भी दवाइयों को सही तापमान और पैकिंग में रखना जरूरी है.
फिर दवाइयां कहां रखें?
वास्तु एक्सपर्ट संजीत कुमार मिश्रा के अनुसार दवाइयों को बेड से दूर किसी साफ, व्यवस्थित और बंद कैबिनेट या ड्रॉअर में रखने की सलाह देते हैं.
FAQs
1. तकिए के नीचे रखी दवा से वास्तु में किस चीज का संकेत माना जाता है?इसे स्वास्थ्य संबंधी चिंता और मानसिक अशांति से जोड़कर देखा जाता है, इसलिए दवा सिर के नीचे रखने से बचने की सलाह दी जाती है.
2. बेड के नीचे दवाइयां रखने से क्या बिगड़ सकता है?वास्तु मान्यता में बेड के नीचे अव्यवस्था को नकारात्मक माना जाता है. दवाइयां यहां रखना भी इसी वजह से टालने को कहा जाता है.
3. क्या दवा रखने की जगह भी घर की ऊर्जा पर असर डालती है?वास्तु के अनुसार शयन कक्ष का वातावरण शांत और व्यवस्थित होना चाहिए, इसलिए दवाइयों के लिए अलग और साफ जगह रखना बेहतर माना जाता है.
4. रात में तुरंत जरूरत हो तो दवा कहां रखें?दवा को तकिए के नीचे रखने के बजाय बेड के पास एक साफ, बंद और व्यवस्थित ड्रॉअर में रखना ज्यादा उचित विकल्प है.
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Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि&amp;nbsp;ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.
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        <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 10:30:26 +0530</pubDate>
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        <title>नीच राशि में जाएंगे मंगल, 18 सितंबर से इन राशियों की बढ़ेगी हर कदम पर मुश्किलें</title>
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        <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 10:30:25 +0530</pubDate>
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        <title>तेल 100 डॉलर के करीब और दिल्ली आ रहे Putin, क्या मोदी निकाल पाएंगे राहत का रास्ता?</title>
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        <description><![CDATA[ Brics Summit 2026: Putin के दिल्ली पहुंचने से पहले रूस की कुंडली में एक बड़ा बदलाव हो चुका होगा. 8 सितंबर तक रूस पर शनि का कठोर प्रभाव था. इसके बाद बुध ने कमान संभाल ली है.
यह शांति का सीधा संकेत नहीं है. यह युद्ध का मैदान छोड़कर मेज पर अपने फायदे की लड़ाई लड़ने का समय है.

इसके ठीक तीन दिन बाद 11 सितंबर को प्रधानमंत्री Narendra Modi और रूसी राष्ट्रपति Vladimir Putin आमने-सामने बैठेंगे. मुख्य BRICS Summit 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में होगा. लेकिन असली कहानी सम्मेलन शुरू होने से पहले ही लिखी जा सकती है.
सवाल है कि नौ महीने के भीतर दूसरी बार भारत आ रहे Putin इस बार दिल्ली को क्या देकर जाएंगे? सस्ते तेल का भरोसा, नई payment व्यवस्था या फिर केवल दोस्ती का एक और बयान?
रूस और Putin की कुंडली इस सवाल का एक दिलचस्प जवाब देती है.
Putin की इतनी जल्दी दूसरी भारत यात्रा क्यों अहम है?
Putin पिछली बार 4 और 5 दिसंबर 2025 को भारत आए थे. Ukraine War शुरू होने के बाद वह उनकी पहली भारत यात्रा थी. प्रधानमंत्री मोदी ने स्वयं एयरपोर्ट पहुंचकर उनका स्वागत किया था.
अब नौ महीने से कुछ अधिक समय के भीतर Putin फिर दिल्ली आ रहे हैं. इस बार हालात पहले से अधिक कठिन हैं.
मध्य पूर्व में तनाव के कारण Brent crude 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच चुका है. महंगे तेल ने रुपये पर दबाव बढ़ाया और 9 सितंबर को भारतीय मुद्रा 95 रुपये प्रति डॉलर के स्तर से नीचे चली गई.
इसलिए Putin की यात्रा केवल BRICS की तस्वीरों तक सीमित नहीं है. इसका संबंध भारत के आयात बिल, पेट्रोल-डीजल की कीमत और आने वाले महीनों की महंगाई से भी है.
8 सितंबर को रूस की कुंडली में क्या बदला?
रूस की उपलब्ध राष्ट्रीय कुंडली 12 जून 1990, दोपहर 1:41 बजे, मॉस्को के समय पर आधारित है. इसमें कन्या लग्न और मकर राशि बनती है.
8 सितंबर तक रूस पर गुरु की महादशा, शनि की अंतर्दशा और शनि की प्रत्यंतर दशा चल रही थी. अब शनि की जगह बुध की प्रत्यंतर दशा शुरू हुई है.
सामान्य ज्योतिष में इसे केवल शनि गया, बुध आया कह देना आसान है. लेकिन रूस की कुंडली में यह बदलाव इससे कहीं बड़ा है.
शनि पंचम और षष्ठ भाव का स्वामी है. वह अपनी मकर राशि में चंद्रमा और राहु के साथ बैठा है. षष्ठ भाव युद्ध, शत्रु, प्रतिबंध और संघर्ष दिखाता है. पंचम भाव रणनीति से जुड़ा है. शनि, राहु और चंद्रमा का यह मेल ऐसी लड़ाई का संकेत देता है जो जल्दी समाप्त नहीं होती. फैसले लंबी रणनीति के तहत लिए जाते हैं. दबाव बढ़ने पर भी सत्ता पीछे हटने से बचती है.
अब सक्रिय हुआ बुध रूस के लग्न और दशम भाव का स्वामी है. लग्न देश की दिशा बताता है. दशम भाव सरकार, प्रतिष्ठा और सत्ता के फैसले दिखाता है.
बुध जन्मकुंडली में वृषभ के नवम भाव में सूर्य के साथ बैठा है. नवम भाव विदेश नीति, अंतरराष्ट्रीय समझौते और दूरगामी रिश्तों का है. सूर्य सरकार और नेतृत्व का प्रतिनिधित्व करता है.
यानी रूस की दशा युद्ध समाप्त होने का वादा नहीं करती. वह तरीका बदलने का संकेत देती है. बंदूक का दबाव बना रह सकता है, लेकिन उसके साथ व्यापार, दस्तावेज, भुगतान और कूटनीति की चाल तेज होगी.
BRICS Summit इसी बदलाव के चार दिन बाद हो रहा है. यह संयोग साधारण नहीं है.
Putin की कुंडली में क्या चल रहा है?
Putin की कुंडली 7 अक्टूबर 1952, सुबह 9:30 बजे, सेंट पीटर्सबर्ग की है. इसमें तुला लग्न और वृषभ राशि बनती है.
फिलहाल Putin पर बुध की महादशा में शुक्र की अंतर्दशा और शुक्र की ही प्रत्यंतर दशा चल रही है. यह चरण 8 अक्टूबर तक रहेगा.
उनकी कुंडली में बुध नवम और द्वादश भाव का स्वामी होकर कन्या राशि के द्वादश भाव में मजबूत स्थिति में है. उसके साथ सूर्य और शनि भी हैं.
द्वादश भाव विदेश, गोपनीय बातचीत, प्रतिबंध, खर्च और पर्दे के पीछे तैयार की जाने वाली रणनीति से जुड़ा है. मजबूत बुध बताता है कि Putin विदेशी मंच पर शब्दों का चयन बेहद सावधानी से करेंगे. वह जो सार्वजनिक रूप से कहेंगे, उससे अधिक महत्वपूर्ण वह हो सकता है जो बैठक के कमरे में तय होगा.
शुक्र Putin के तुला लग्न का स्वामी है और अपनी ही राशि में बैठा है. वह उनकी negotiating position को मजबूत करता है. लेकिन शुक्र अष्टम भाव का स्वामी भी है. अष्टम भाव छिपी शर्तों, अचानक बदलाव और ऐसे समझौतों से जुड़ा है जिनकी पूरी तस्वीर शुरुआत में सामने नहीं आती.
यही संकेत बताता है कि Putin भारत को कोई आकर्षक प्रस्ताव दे सकते हैं, लेकिन उसके साथ ऐसी शर्तें भी हो सकती हैं जिन्हें साझा बयान में जगह न मिले.
बंद कमरे में क्या मांग सकता है रूस?
भारत रूस से बेहतर तेल discount और निर्बाध आपूर्ति चाहेगा. रूस बदले में लंबे समय का खरीद भरोसा, आसान भुगतान और भारतीय बाजार तक अधिक पहुंच मांग सकता है.
रक्षा क्षेत्र में Su-57 fighter jet, technology transfer और परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं पर चर्चा की संभावना बताई जा रही है. अमेरिकी प्रतिबंध और रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर बढ़ता दबाव भी बातचीत का हिस्सा बन सकता है.
रूस ने BRICS Summit से पहले यह भी साफ किया है कि वह औपचारिक रूप से de-dollarisation की मुहिम नहीं चला रहा. हालांकि वह उन सभी भुगतान तरीकों के लिए तैयार है जो दोनों पक्षों को स्वीकार हों.
इसका अर्थ है कि सम्मेलन में अचानक किसी BRICS Currency की घोषणा से अधिक संभावना रुपये-रूबल settlement, digital payments और बैंकों के बीच नया रास्ता बनाने की है.
यही बुध का क्षेत्र है. मुद्रा, बैंक, हिसाब और दस्तावेज.
भारत की कुंडली क्या कहती है?
भारत की 15 अगस्त 1947 की वृषभ लग्न कुंडली में तीसरा भाव बहुत मजबूत है. सूर्य, चंद्रमा, बुध, शुक्र और शनि कर्क राशि के तीसरे भाव में हैं.
मेदिनी ज्योतिष में तीसरा भाव पड़ोसी देशों, संचार, समझौते और सरकार की रणनीतिक पहल दिखाता है. भारत बात करेगा. रास्ता भी निकालेगा. लेकिन वृषभ लग्न बिना ठोस आर्थिक लाभ के जल्द फैसल ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 10:30:24 +0530</pubDate>
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        <title>आज का राशिफल 11 सितंबर 2026, वृषभ और तुला राशि रहें सावधान, कर्क&amp;कुंभ राशि को बंपर फायदा; पढ़ें 12 राशियों का हाल</title>
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        <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 10:30:23 +0530</pubDate>
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        <title>कहीं गौरी पूजन तो कहीं माटोली, भारत के इन राज्यों में ऐसे मनाते हैं गणेश चतुर्थी</title>
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        <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 10:30:19 +0530</pubDate>
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        <title>W, W... जीरो रन पर 2 विकेट, इंग्लैंड में फिर उछली पाकिस्तान की इज्जत; हार कंफर्म!</title>
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        <description><![CDATA[ बर्मिंघम के एजबेस्टन में इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच तीसरा टेस्ट खेला जा रहा है. यहां एक बार फिर पाकिस्तान की इज्जत उछली है. सिर्फ दूसरे दिन अपनी दूसरी पारी में बैटिंग के लिए उतरी पाकिस्तान की शुरुआत काफी खराब रही. टीम ने बगैर कोई रन बनाए शुरुआती 2 विकेट गंवा दिए. टीम ने पहला विकेट सैम अयूब के रूप में और दूसरा अब्दुल्लाह शफीक के रूप में खोया.&amp;nbsp;
गौर करने वाली बात यह है कि दोनों ही विकेट पहले ओवर में गिरे. इंग्लैंड के लिए यह ओवर ओली रॉबिन्सन ने फेंका. पहला विकेट तो पारी की पहली गेंद पर ही गिर गया. टीम को दूसरा झटका चौथी गेंद पर लगा. ओवर में कोई रन भी नहीं आया. मैच की पहली पारी में भी पाकिस्तान की तरफ से घटिया बल्लेबाज देखने को मिली थी.&amp;nbsp;
पहली पारी में 133 रन पर सिमटी टीम&amp;nbsp;
मैच की पहली और अपनी पहली पारी में बैटिंग के लिए उतरी पाकिस्तान सिर्फ 133 रन पर सिमट गई. टीम के लिए सऊद शकील ने सबसे बड़ी पारी खेलते हुए 43 रन बनाए, जिसमें 7 चौके शामिल रहे. इसके अलावा कोई भी दूसरा बल्लेबाज 25 रन का आंकड़ा नहीं छू सका. कुल 8 बल्लेबाज तो दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर सके.&amp;nbsp;
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पाकिस्तान की हार कंफर्म!
दूसरे दिन खराब स्थिति को देखकर तो ऐसा ही लग रहा है कि लगातार तीसरे मैच में भी पाकिस्तान की हार कंफर्म ही है. पहली पारी में 133 रन पर ऑलआउट होने के बाद टीम की तरफ से गेंदबाजी में भी घटिया प्रदर्शन देखने को मिला. इंग्लैंड ने अपनी पहली पारी में बैटिंग करते हुए 453/10 रन बोर्ड पर लगा दिए. इसके साथ इंग्लिश टीम ने 320 रनों की बढ़त हासिल कर ली. दूसरी पारी में पाकिस्तान की हालत खस्ता दिख रही है. इस तरह पाकिस्तान की हार कंफर्म नजर आने लगी है. शुरुआती 2 टेस्ट में हार के साथ पाकिस्तान पहले ही सीरीज गंवा चुका है. अब टीम के पास सिर्फ क्लीन स्वीप से बचने का रास्ता बचा है.&amp;nbsp;
&amp;nbsp;
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        <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 10:30:15 +0530</pubDate>
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        <title>नहीं बदलेगी तारीख, 13 सितंबर को ही होगा भारत&amp;अफगानिस्तान का पहला टी20</title>
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        <description><![CDATA[ भारत और अफगानिस्तान के बीच 13 सितंबर से तीन मैचों की टी20 सीरीज शुरू होगी. सभी मैच दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले जाने है. 11 से 13 सितंबर के बीच दिल्ली में BRICS समिट भी होनी है. इसको मद्दे नजर रखते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की तरफ से दिल्ली एंड डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन (DDCA) को 13 सितंबर को होने वाले पहले मैच की तारीख में बदलाव का निवेदन किया था. अब इस पर डीडीसीए ने गुरुवार (10 सितंबर) को फाइनल अपडेट जारी कर बताया कि तारीख में कोई बदलाव नहीं होगा.&amp;nbsp;
दिल्ली क्रिकेट बोर्ड ने मैच को लेकर सोशल मीडिया पर एक बयान जारी कर लिखा, &quot;भारत और अफगानिस्तान के बीच 13 सितंबर को अरुण जेटली स्टेडियम में होने वाला पहला टी20 मुकाबला तय शेड्यूल के मुताबिक ही होगा.&quot;

India&amp;ndash;Afghanistan 1st T20I on 13 September at Arun Jaitley Stadium will go ahead as scheduled.Following a meeting with Delhi Traffic Police, DDCA has been assured of all necessary support and arrangements.No postponement.????????????????????
&amp;mdash; DDCA (@delhi_cricket) September 10, 2026



दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने लिखा था लेटर&amp;nbsp;
बता दें कि दिल्ली की ट्रैफिक पुलिस ने DDCA को मैच की तारीख में बदलाव के निवेदन को लेकर एक पत्र लिखा था. इसमें BRICS समिट का जिक्र किया गया था, जिसके चलते व्यवस्थाएं ठीक तरह से नहीं होने का हवाला दिया गया था. अब DDCA ने बताया कि दिल्ली ट्रैफिक पुलिस से मीटिंग के बाद तमाम इंतजामों का भरोसा दिलाया गया है.&amp;nbsp;
दिल्ली क्रिकेट बोर्ड ने अपने बयान में आगे लिखा, &quot;दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के साथ मीटिंग के बाद, DDCA को सभी जरूरी मदद और इंतजामों का भरोसा दिलाया गया है.&quot;
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बीसीसीआई के तय शेड्यूल के अनुसार, टी20 सीरीज का पहला मैच 13 सितंबर को होगा. इसके बाद दूसरा मुकाबला 15 और तीसरा 17 सितंबर को खेला जाएगा. इस सीरीज में अफगानिस्तान मेजबान है, वो अलग बात की मैच भारत के स्टेडियम में खेले जाएंगे.&amp;nbsp;
अफगानिस्तान टी20 सीरीज के लिए भारत का स्क्वॉड&amp;nbsp;
श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, संजू सैमसन (विकेटकीपर), इशान किशन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा (उपकप्तान), शिवम दुबे, नितीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, वरुण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, यश ठाकुर.&amp;nbsp;
&amp;nbsp;
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        <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 10:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>नहीं, बदलेगी, तारीख, सितंबर, को, ही, होगा, भारत-अफगानिस्तान, का, पहला, टी20</media:keywords>
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        <title>10 वीं बार फाइनल में पहुंची टीम इंडिया, सेमीफाइनल में बांग्लादेश को चटाई धूल</title>
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        <description><![CDATA[ भारतीय टीम ने 2026 महिला एशिया कप के सेमीफाइनल में बांग्लादेश को 40 रन से हराकर फाइनल का टिकट कटवा लिया है. टीम 10वीं बार टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची है. गुरुवार (10 सितंबर) को दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में टीम इंडिया ने पहले बैटिंग करने के बाद 20 ओवर में 6 विकेट पर 149 रन बनाए. टीम के लिए शेफाली वर्मा ने सबसे बड़ी पारी खेलते हुए 40 गेंदों में 64 रन बनाए, जिसमें 7 चौके और 3 छक्के शामिल रहे. इस पारी में बांग्लादेश के लिए सुल्ताना खातून ने सबसे ज्यादा 2 विकेट अपने खाते में डाले.&amp;nbsp;
चेज के लिए उतरी बांग्लादेश की शुरुआत ज्यादा कुछ खास नहीं रही, लेकिन टीम का अंत और भी खराब हुआ. टीम 20 ओवर में 7 विकेट पर 109 रन ही बना सकी. टीम के लिए शोर्ना अख्तर सबसे बड़ी पारी खेलते हुए 22 रन बनाए. इस दौरान उनके बल्ले से 1 चौका और 1 छक्का निकला. मैच की दूसरी पारी में भारत के लिए दीप्ति शर्मा ने सबसे ज्यादा 3 विकेट लिए.&amp;nbsp;

Marching into the Final! ????????A dominant display by #TeamIndia as they win by 4️⃣0️⃣ runs to seal their spot in the Final of the #WomensAsiaCup ????Scorecard ▶️ https://t.co/6OyMx9q1ih#INDvBAN pic.twitter.com/MtVYlVDv8n
&amp;mdash; BCCI Women (@BCCIWomen) September 10, 2026



चेज में इस तरह फ्लॉप हुई बांग्लादेश&amp;nbsp;
रनों का पीछा करते हुए टीम को पहला झटका 26 रन पर जुवैरिया फिरदौस के रूप में लगा. इसके बाद टीम ने दूसरा विकेट 35 रन पर ही गंवा दिया. इसके बाद कुछ देर पारी संभली. फिर 66 रन पर टीम को तीसरा, 76 रन पर चौथा, 83 रन पर पांचवां, 109 रन पर छठा और 109 रन पर ही सातवां झटका लगा.
शोर्ना अख्तर के अलावा बांग्लादेश के लिए दिलारा अख्तर ने 21 रन, जुवैरिया फिरदौस ने 14 रन, शोभना मोस्तरी ने 18 रन, कप्तान निगरा सुल्तान ने 19 रन, शर्मिन अख्तर ने 01 रन और फातिमा खातून ने 14 रन बनाए. बाकी राबिया खान बिना खाता खोले ही पवेलियन लौट गईं.
ऐसा रहा भारतीय बल्लेबाजों का स्कोर
टीम इंडिया के लिए शेफाली वर्मा के अलावा बाकी बल्लेबाज लगभग फ्लॉप ही दिखीं. ओपनिंग पर उतरी स्मृति मंधाना सिर्फ 02 रन पर आउट हुईं. इसके अलावा प्रतिका रावल ने 20 रन, कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 24 रन, ऋचा घोष ने 21 रन और दीप्ति शर्मा ने 13 रन बनाए. भारती फुलमाली तो बिना खाता खोले ही रन आउट के जरिए पवेलियन लौटीं.
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यह भी पढ़ें: IND vs AFG T20I: दुबे-अभिषेक ने बरसाए छक्के, यॉर्कर पर अर्शदीप का खास जोर ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 10:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>वीं, बार, फाइनल, में, पहुंची, टीम, इंडिया, सेमीफाइनल, में, बांग्लादेश, को, चटाई, धूल</media:keywords>
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        <title>Watch: प्रैक्टिस के बाद अभिषेक ने उड़ाई तिरंगे वाली पतंग, दुबे ने भी अजमाया हाथ</title>
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        <description><![CDATA[ अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज से पहले भारतीय टीम ने गुरुवार को दिल्ली में जमकर अभ्यास किया. तेज धूप के बीच टीम इंडिया के विस्फोटक बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने नेट्स में करीब आधे घंटे तक बल्लेबाजी की.&amp;nbsp; हालांकि, प्रैक्टिस सेशन खत्म होने के बाद अभिषेक का एक अलग ही अंदाज देखने को मिला.&amp;nbsp; बल्ला छोड़ने के बाद वह हाथ में डोर थामकर तिरंगे वाली पतंग उड़ाते नजर आए. इसका वीडियो BCCI ने शेयर किया. आधे घंटे तक अभिषेक ने रेंज हिटिंग की.
अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम में हुए प्रैक्टिस सेशन के दौरान अभिषेक शर्मा ने अपनी पावर-हिटिंग पर खास ध्यान दिया. उन्होंने करीब आधे घंटे तक बल्लेबाजी का अभ्यास किया और इस दौरान स्पिन और तेज गेंदबाजी दोनों के खिलाफ खुद को परखा. अभिषेक का खास फोकस रेंज हिटिंग पर रहा. उन्होंने नेट्स में स्पिनर्स के खिलाफ कई लंबे-लंबे छक्के लगाए. इसके अलावा तेज गेंदबाजों के सामने भी उन्होंने आक्रामक शॉट खेलने का जमकर अभ्यास किया.

Abhishek Sharma ???? Shivam Dube ????Who wins the ???????????????????? ???????? ???????????? &#039;????????????????&#039; ????????????? ????#TeamIndia | @OfficialAbhi04 | @IamShivamDube pic.twitter.com/pnCK1gqx63
&amp;mdash; BCCI (@BCCI) September 10, 2026



प्रैक्टिस खत्म होते ही हाथ में थामी पतंग की डोर
टीम इंडिया का प्रैक्टिस सेशन खत्म होने के बाद मैदान पर दिलचस्प नजारा देखने को मिला. अभिषेक शर्मा मैदान के एक किनारे गए और वहां पतंग उड़ाने लगे. उनके साथ शिवम दुबे भी नजर आए. खास बात यह रही कि अभिषेक जिस पतंग को उड़ा रहे थे, वह तिरंगे के रंग में थी.&amp;nbsp; अभिषेक ने करीब 10 से 15 मिनट तक पतंगबाजी का लुत्फ उठाया. इस दौरान वह काफी सहज नजर आए. अभिषेक को यह पतंग कहां से मिली, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है.
यह भी पढ़े :IND vs AFG T20I: दुबे-अभिषेक ने बरसाए छक्के, यॉर्कर पर अर्शदीप का खास जोर
पतंगबाजी में भी माहिर दिखे अभिषेक
जिस अंदाज में अभिषेक शर्मा पतंग की डोर संभाल रहे थे, उसे देखकर ऐसा लग रहा था कि पतंगबाजी उनके लिए बिल्कुल नई चीज नहीं है. वह काफी सहजता के साथ पतंग को हवा में नियंत्रित करते नजर आए. उनके अंदाज से यह भी लगा कि उन्हें पतंग उड़ाना पसंद है और वह पहले भी पतंगबाजी करते रहे होंगे. नेट्स में लंबे-लंबे छक्के लगाने के बाद अभिषेक का यह हल्का-फुल्का अंदाज प्रैक्टिस सेशन का दिलचस्प पल रहा. पहले उन्होंने बल्ले से गेंदों को हवा में उड़ाया और अभ्यास खत्म होने के बाद दिल्ली के आसमान में तिरंगे वाली पतंग उड़ाते दिखाई दिए.
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        <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 10:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Watch:, प्रैक्टिस, के, बाद, अभिषेक, ने, उड़ाई, तिरंगे, वाली, पतंग, दुबे, ने, भी, अजमाया, हाथ</media:keywords>
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        <title>वैभव सूर्यवंशी ने मोहम्मद शमी को दिया खास तोहफा, वीडियो आपका भी जीत लेगा दिल</title>
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        <description><![CDATA[ जीत के बाद का जश्न अक्सर मैदान से ज्यादा दिल में याद रह जाता है. ईस्ट जोन के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ. 13 साल बाद दलीप ट्रॉफी जीतने के बाद टीम के हडल में कई खूबसूरत पल देखने को मिले. इनमें सबसे खास पल तब आया, जब वैभव सूर्यवंशी ने मोहम्मद शमी को साइन वाली एक टी-शर्ट दी. टी-शर्ट पर टीम के खिलाड़ियों के साइन नजर आ रहे हैं, जो इसे एक यादगार तोहफा बना रहे हैं.
वीडियो में वैभव सूर्यवंशी, मोहम्मद शमी को यह टी-शर्ट देते हुए नजर आते हैं. टी-शर्ट पर खिलाड़ियों के साइन हैं. शमी के लिए यह सिर्फ एक टी-शर्ट नहीं, बल्कि टीम के साथ बिताए इस खास सफर की याद जैसा नजर आता है.

A special tribute to @MdShami11 ✨Praise for Vaibhav Sooryavanshi ????A historic win after 13 years ????Two motivating speeches ????️???? Step inside the East Zone huddle to catch all the precious moments ????#DuleepTrophy | #EZvSZ pic.twitter.com/F0JSTEUrBq
&amp;mdash; BCCI Domestic (@BCCIdomestic) September 10, 2026



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यह भी पढ़े:Duleep Trophy 2026 Prize Money: चैंपियन ईस्ट जोन मालामाल, हारकर भी साउथ जोन पर हुई छप्परफाड़ पैसों की बरसात
वैभव की हुई जमकर तारीफ
ईस्ट जोन के टीम के बीच में वैभव सूर्यवंशी की भी तारीफ की गई. युवा खिलाड़ी के लिए टीम के बीच जिस तरह की बातें हुईं, उससे माहौल काफी खास नजर आया. जीत के बाद टीम के साथ वैभव का यह पल भी यादगार बन गया.
13 साल बाद मिली बड़ी खुशी
ईस्ट जोन ने 13 साल के लंबे इंतजार के बाद दलीप ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया हैं. इस ऐतिहासिक जीत के बाद खिलाड़ियों ने साथ मिलकर जश्न मनाया. इस दौरान टीम के खिलाड़ियों ने हौसला बढ़ाने वाली बातें भी कीं, जिसने जीत की खुशी को और खास बना दिया.
वीडियो में दिखे दिल छू लेने वाले पल
पूरे वीडियो में खिलाड़ियों के बीच की खुशी और आपसी सम्मान साफ दिखाई देता है. शमी को दी गई साइन वाली टी-शर्ट से लेकर वैभव की तारीफ और जीत के बाद के जश्न तक, ईस्ट जोन के हडल के ये पल काफी खास हैं. यही वजह है कि यह वीडियो फैंस को भी खूब पसंद आ रहा है.
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        <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 10:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>वैभव, सूर्यवंशी, ने, मोहम्मद, शमी, को, दिया, खास, तोहफा, वीडियो, आपका, भी, जीत, लेगा, दिल</media:keywords>
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        <title>बिल्डर&amp;फाइनेंशियल संस्थानों की सांठगांठ पर CBI का एक्शन, 12 ठिकानों पर छापे</title>
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        <description><![CDATA[ सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर देशभर में बिल्डरों और वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों के बीच कथित सांठगांठ की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने गुरुवार (10 सितंबर, 2026) को बड़ी कार्रवाई की है. एजेंसी ने बेंगलुरु, मुंबई और पुणे में कुल 12 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की. यह कार्रवाई पांच नए आपराधिक मामलों के सिलसिले में की गई है.
CBI के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बिल्डरों के खिलाफ पांच नए मामले दर्ज किए गए हैं, इनमें ओजोन ग्रुप और उससे जुड़ी कंपनियों के खिलाफ चार मामले हैं, जो बेंगलुरु और मुंबई की परियोजनाओं से संबंधित हैं. वहीं, पांचवां मामला बेंगलुरु की परियोजना से जुड़ी मे. विवांसा बाल्सम के खिलाफ दर्ज किया गया है. इन मामलों में विभिन्न वित्तीय संस्थानों के अज्ञात अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है.
होमबायर्स को धोखा देने का आरोप
जांच एजेंसी को शक है कि बिल्डरों और वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों के बीच कथित गठजोड़ के चलते बड़ी संख्या में घर खरीदारों के साथ धोखाधड़ी हुई. आरोपों में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों की ओर से आपराधिक कदाचार जैसे अपराध शामिल हैं.&amp;nbsp;
बताया गया कि कई होमबायर्स ने सालों से बिल्डरों की कथित धोखाधड़ी और परियोजनाओं से जुड़ी अनियमितताओं के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. घर खरीदने के लिए अपनी जीवनभर की कमाई लगाने वाले लोगों को लंबे समय तक राहत नहीं मिलने के बाद मामले की जांच का दायरा बढ़ाया गया है.&amp;nbsp;

फंड डायवर्जन और वित्तीय अनियमितताओं की जांच
CBI की कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य कथित फंड डायवर्जन, वित्तीय अनियमितताओं और रियल एस्टेट क्षेत्र में धोखाधड़ी के बड़े नेटवर्क का पता लगाना है. छापेमारी के दौरान जांच एजेंसी ने आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री जब्त की है. बरामद सामग्री की अब विस्तृत जांच की जा रही है.
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अब तक 55 केस
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में सीबीआई इससे पहले देशभर के अलग-अलग बिल्डरों के खिलाफ 50 मामले दर्ज कर चुकी थी. गुरुवार (10 सितंबर) को पांच नए मामले दर्ज होने के साथ ही सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर CBI की तरफ से दर्ज मामलों की कुल संख्या 55 हो गई है.
सीबीआई का कहना है कि इन मामलों की जांच तेजी और निष्पक्षता के साथ की जा रही है. एजेंसी का लक्ष्य उन लोगों की जवाबदेही तय करना है, जिन्होंने कानून और निर्धारित दिशा-निर्देशों का उल्लंघन कर कथित तौर पर निर्दोष होमबायर्स को आर्थिक नुकसान पहुंचाया.
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        <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 09:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>बिल्डर-फाइनेंशियल, संस्थानों, की, सांठगांठ, पर, CBI, का, एक्शन, ठिकानों, पर, छापे</media:keywords>
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        <title>BRICS के लिए दिल्ली पहुंचे पुतिन, आज PM मोदी संग मीटिंग, जानें क्या है शेड्यूल</title>
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        <description><![CDATA[ रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 18वें ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल होने के लिए शुक्रवार (11 सितंबर 2026) सुबह-सुबह 3 बजे भारत पहुंचे हैं. नई दिल्ली पहुंचने पर उनका भारतीय अधिकारियों की ओर से गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया. केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने पालम एयरपोर्ट पर रूसी राष्ट्रपति का स्वागत किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी अहम द्विपक्षीय बैठक होने वाली है. भारत और रूस के बीच रक्षा, ऊर्जा, व्यापार, तकनीक और रणनीतिक सहयोग से जुड़े मुद्दों पर इस बातचीत में चर्चा हो सकती है.
पुतिन के बाद चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी 12 सितंबर को भारत पहुंचेंगे. उनका यह भारत दौरा करीब 7 साल बाद हो रहा है. BRICS बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और शी जिनपिंग के बीच भी अलग से द्विपक्षीय बातचीत तय है. दोनों देशों के बीच व्यापार और सीमा से जुड़े मुद्दे इस बातचीत में अहम हो सकते हैं.

MEA Official Spokesperson Randhir Jaiswal tweets, &quot;Warmly welcome President Vladimir Putin of Russia for the 18th BRICS Summit. He was received by MoS and Gonda MP KV Singh at the airport. India and Russia share multifaceted and longstanding ties anchored in Special and&amp;hellip; pic.twitter.com/6JxIXcie5v
&amp;mdash; ANI (@ANI) September 10, 2026



मोदी-पुतिन बातचीत में रक्षा से लेकर ऊर्जा तक कई मुद्दे
प्रधानमंत्री मोदी और पुतिन की पिछली मुलाकात 31 अगस्त को बिश्केक में SCO शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी. उस बैठक में दोनों नेताओं ने भारत-रूस के राजनीतिक, आर्थिक, रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष और लोगों के बीच संपर्क समेत कई क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की थी. मोदी ने संघर्षों के समाधान के लिए बातचीत और कूटनीति को आगे बढ़ाने की बात भी कही थी. अब दिल्ली में होने वाली बातचीत में रक्षा सहयोग पर खास नजर रहेगी. ब्रह्मोस मिसाइल के संभावित अपग्रेड, रूस से S-400 की बाकी डिलीवरी और Su-57 लड़ाकू विमान से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा की संभावना है. इसके अलावा भारत में नए सिविल न्यूक्लियर रिएक्टर लगाने की योजना और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग भी बातचीत का हिस्सा हो सकता है.
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पुतिन BRICS के बिजनेस फोरम में भी होंगे शामिल
रूसी राष्ट्रपति BRICS शिखर सम्मेलन के अलावा बिजनेस फोरम से जुड़े कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेंगे. वह BRICS बिजनेस फोरम के प्लेनरी सत्र को संबोधित करेंगे. भारत और रूस के बीच कारोबार, निवेश और तकनीकी सहयोग बढ़ाने के रास्तों पर भी बातचीत होने की उम्मीद है. पुतिन के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी के साथ अन्य बैठकों के अलावा कई अंतरराष्ट्रीय नेताओं के साथ द्विपक्षीय मुलाकातें भी शामिल हैं. रूस के राष्ट्रपति की BRICS के दौरान दक्षिण अफ्रीका, मलेशिया और मिस्र समेत कई देशों के नेताओं से बातचीत हो सकती है.
7 साल बाद भारत आएंगे शी जिनपिंग
BRICS Summit 2026 की सबसे बड़ी कूटनीतिक घटनाओं में प्रधानमंत्री मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात भी शामिल है. शी जिनपिंग 12 सितंबर को दिल्ली पहुंचेंगे और शनिवार शाम प्रधानमंत्री मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की BRICS के दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के साथ भी बातचीत होने की संभावना है. पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े मुद्दे इस बातचीत के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकते हैं. BRICS में ईरान के शामिल होने के बाद संगठन की भूमिका पश्चिम एशिया के मुद्दों पर भी महत्वपूर्ण हो गई है. ऐसे में भारत के लिए ईरान के साथ संतुलित और रणनीतिक संबंधों पर बातचीत अहम रहेगी.

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        <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 09:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>BRICS, के, लिए, दिल्ली, पहुंचे, पुतिन, आज, मोदी, संग, मीटिंग, जानें, क्या, है, शेड्यूल</media:keywords>
    </item>
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        <title>Xप्लेन: आज भारत में देशव्यापी बैंक हड़ताल, ब्रिक्स सम्मेलन के बीच कर्मचारियों की क्या है मांग</title>
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        <description><![CDATA[ 

शुक्रवार को &#039;यूनाइटेड फोरम ऑफ़ बैंक यूनियंस&#039; (UFBU) के आह्वान पर 24 घंटे की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के कारण पूरे भारत में सार्वजनिक क्षेत्र की बैंकिंग सेवाएं गंभीर रूप से प्रभावित रहेगी. यह हड़ताल एक ऐसे समय पर हुई है, जब इसके तुरंत बाद महीने का दूसरा शनिवार, रविवार और गणेश चतुर्थी का त्योहार पड़ रहा है. इस तरह एक साथ लगातार चार दिनों तक देश के अधिकांश हिस्सों में बैंक शाखाओं के किवाड़ बंद रहने की स्थिति बन गई है. इस लंबी तालाबंदी के कारण रिटेल ग्राहकों, व्यापारियों और छोटे-बड़े उद्योगों को भारी वित्तीय असुविधा का सामना करना पड़ेगा.
ब्रिक्स सम्मेलन और सरकार की अपील
यह राष्ट्रव्यापी आंदोलन ऐसे संवेदनशील समय में हुआ है जब देश की राजधानी नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन का आयोजन हो रहा है. इस सम्मेलन में दुनिया भर के प्रमुख राष्ट्रों के शीर्ष नेता और अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल हिस्सा ले रहे हैं. वैश्विक स्तर पर भारत की साख और कूटनीतिक गतिविधियों को देखते हुए केंद्र सरकार और बैंक प्रबंधन ने यूनियनों से हड़ताल को टालने या बातचीत के माध्यम से रास्ता निकालने की सीधी अपील की थी. हालांकि, यूनियन नेताओं ने सरकार की इस अपील को खारिज कर दिया और लंबे समय से लंबित &#039;पांच दिन के कार्य सप्ताह&#039; को तुरंत अधिसूचित करने की अपनी मांग पर अड़े रहे.
सार्वजनिक बनाम निजी क्षेत्र के बैंक: असर का अंतर
हड़ताल का प्रभाव बैंकिंग क्षेत्र के अलग-अलग ढांचों पर अलग-अलग रूप में दिखाई दे रहा है, जिसने भारतीय वित्तीय प्रणाली के विभाजन को उजागर किया है:
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक (PSBs): स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), पंजाब नेशनल बैंक (PNB), बैंक ऑफ बड़ौदा और केनरा बैंक जैसे बड़े सरकारी बैंकों में कामकाज लगभग पूरी तरह ठप रहा. इन बैंकों के क्लर्क और अधिकारी वर्ग के कर्मचारियों में यूनियनों की मजबूत पकड़ के कारण शाखाओं में सन्नाटा पसरा रहा. नगद जमा और निकासी, ड्राफ्ट जारी करने, नए खाते खोलने, संस्थागत ट्रेड क्लीयरेंस और चेक ट्रंकेशन सिस्टम (CTS) जैसी शाखा-आधारित सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हैं.
-निजी और विदेशी बैंक: HDFC बैंक, ICICI बैंक और एक्सिस बैंक जैसे बड़े निजी बैंकों का कामकाज काफी हद तक सामान्य रूप से चलता रहा. इन बैंकों में कर्मचारियों की संगठित यूनियन न होने के कारण शाखाएं खुली रहीं और काउंटर सेवाएं चालू रहीं. हालांकि, सरकारी बैंकों में क्लियरिंग-हाउस बंद रहने और चेक प्रोसेसिंग की गति धीमी होने के कारण अंतर-बैंक लेन-देन और चेक सेटलमेंट की गति पर भी अप्रत्यक्ष असर देखने को मिला.
डिजिटल बैंकिंग ढांचा: शाखाओं में ताले लटके होने के बावजूद देश का डिजिटल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर सुचारू रूप से काम करता रहा. UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस), IMPS, NEFT/RTGS और नेट बैंकिंग सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहीं. इससे आम नागरिकों को रोजमर्रा की खरीदारी और ट्रांसफर में बड़ी राहत मिली, हालांकि शाखाओं के बंद रहने से कई एटीएम में कैश खत्म होने की शिकायतें सामने आईं.
5-दिन के कार्य सप्ताह की मांग का इतिहास और कानूनी गतिरोध
बैंक कर्मचारी पिछले दो सालों से 5-डे वर्क वीक लागू करने की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं. इस विवाद का मुख्य केंद्र मार्च 2024 में हुआ 12वां बाइपार्टाइट सेटलमेंट है.
इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और बैंक यूनियनों के बीच हुए इस ऐतिहासिक समझौते में सभी शनिवारों को आधिकारिक अवकाश घोषित करने पर सहमति बनी थी. इसके बदले में बैंक यूनियनें इस बात पर राजी हुई थीं कि कार्य दिवसों के नुकसान की भरपाई के लिए सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना कामकाज के घंटों में 40 मिनट की बढ़ोतरी की जाएगी.
IBA की स्पष्ट सिफारिश और सहमति के बावजूद, केंद्रीय वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग (DFS) द्वारा अभी तक इसकी अंतिम प्रशासनिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है. इस प्रशासनिक देरी के कारण बैंक कर्मचारी अब भी &#039;अल्टरनेट-सैटरडे&#039; के पुराने नियम के तहत काम करने के लिए मजबूर हैं. यह स्थिति तब है जब रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI), सूचना प्रौद्योगिकी (IT) सेक्टर, केंद्र सरकार के अधिकांश मंत्रालयों और अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों में 5-दिन का कार्य सप्ताह वर्षों से लागू है.
&#039;नो वर्क, नो पे&#039; का सिद्धांत: वित्तीय नुकसान के बावजूद कर्मचारियों का रुख
बैंकिंग सेवा नियमों और भारतीय श्रम कानूनों के अनुसार, हड़ताल पर जाने वाले कर्मचारियों पर &quot;काम नहीं तो वेतन नहीं&quot; का सिद्धांत सख्ती से लागू किया जाता है.
-वेतन कटौती: हड़ताल में भाग लेने वाले सभी बैंक कर्मचारियों के मासिक वेतन से एक दिन के मूल वेतन और महंगाई भत्ते (DA) की आनुपातिक कटौती की जाएगी.
-छुट्टियों का समायोजन नहीं: नियम के अनुसार, हड़ताल के दिन की अनुपस्थिति को कर्मचारी की अर्जित छुट्टी या आकस्मिक अवकाश में समायोजित करने की अनुमति नहीं होती है.
सीधे आर्थिक नुकसान के बावजूद, यूनियनों का मानना है कि कार्य-जीवन संतुलन (Work-Life Balance), मानसिक स्वास्थ्य में सुधार, और निष्पक्ष प्रदर्शन-आधारित प्रोत्साहन (PLI) ढांचे को लागू कराने के लिए यह वित्तीय त्याग और विरोध प्रदर्शन आवश्यक है.
ब्रिक्स सम्मेलन और हड़ताल का रणनीतिक संयोग
हालांकि UFBU के शीर्ष नेताओं का आधिकारिक बयान है कि मुख्य श्रम आयुक्त के साथ सुलह वार्ता विफल होने के बाद हड़ताल की तारीख तय की गई थी, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इस तारीख का चयन ब्रिक्स सम्मेलन के साथ मेल खाना एक सोची-समझी रणनीतिक चाल है.
जब दुनिया के शीर्ष नेता और अंतर्राष्ट्रीय मीडिया राजधानी नई दिल्ली में मौजूद हैं, तब देशव्यापी हड़ताल करने से बैंक यूनियनों की आवाज अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर जोर-शोर से गूंजी है. सरकार पर अधिकतम दबाव बनाने के उद्देश्य से उठाया गया यह कदम दिखाता है कि भारत की वैश्विक आर्थिक साख और उसके सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों की आंतरि ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 09:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>&amp;apos;लोगों में एक गलतफहमी...&amp;apos;, ब्रिक्स समिट 2026 से पहले क्या बोला भारत</title>
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        <description><![CDATA[ भारत में ब्रिक्स समिट 2026 का 12 और 13 सितंबर को आयोजन होना है. इसके लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन नई दिल्ली पहुंच चुके हैं. उनके साथ और भी दिग्गज आए हैं. इस बीच भारत की अहम प्रतिक्रिया सामने आई है. भारत ने डी-डॉलराइजेशन और ब्रिक्स पेमेंट सिस्टम को लेकर बात रखी है.&amp;nbsp;
ब्रिक्स इंटरनेशनल के चेयरमैन पवन जोशी ने कहा, &#039;ब्रिक्स इंटरनेशनल के तहत, हमारे पास अपने ब्रिक्स पेमेंट सिस्टम हैं. यह क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट सिस्टम, जिस पर हम काम कर रहे हैं, असल में अलग-अलग देशों में पहले से मौजूद सभी सिस्टम के बीच एक पुल का काम करेगा.&#039;&amp;nbsp;
उन्होंने कहा, &#039;यहां मुख्य फोकस संप्रभुता पर है. हमारा देश एक महान देश है और एक महान नेतृत्व के अधीन है. हमारा विजन अपने देश को पूरी तरह से संप्रभु व्यवस्था में लाना है. यह गठबंधन इसी पहलू पर है और हम इसी सिस्टम पर काम कर रहे हैं. हम किसी चीज को बदलने का दावा नहीं कर रहे हैं.&#039;&amp;nbsp;
डी-डॉलराइजेशन पर क्या बोला भारत
पवन जोशी ने कहा, &#039;डी-डॉलराइजेशन को लेकर लोगों में एक गलतफहमी है. मैं इसमें विश्वास नहीं करता. हम अपने पड़ोसियों और दुनिया भर में अपने सहयोगियों के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं. हम अपने नागरिकों, कंपनियों और व्यवसायों के लिए तेजी से लेन-देन की सुविधा देने के लिए मिलकर काम कर रहे.&#039;

पुतिन के बाद जिनपिंग भी आएंगे भारत
नई दिल्ली का भारत मंडपम इस हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम की मेजबानी के लिए तैयार गया है. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बाद चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और कई अन्य नेता समिट में शामिल होने के लिए भारतीय राजधानी आएंगे. जिनपिंग के शनिवार को पहुंचने की उम्मीद है.
यह भी पढ़ें : BRICS के लिए दिल्ली पहुंचे पुतिन, आज PM मोदी संग मीटिंग, जानें क्या है शेड्यूल ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 09:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>PM मोदी नहीं, फिर कौन पहुंचा &amp;apos;दोस्त&amp;apos; पुतिन को दिल्ली एयरपोर्ट लेने, जानें</title>
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        <description><![CDATA[ रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए शुक्रवार (11 सितंबर 2026) को नई दिल्ली पहुंच गए हैं. पुतिन के भारत दौरे को लेकर राजधानी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. वह ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक भी करेंगे.
पुतिन का विमान तड़के पालम एयरफोर्स स्टेशन पहुंचा. हालांकि, &amp;nbsp;एयरपोर्ट पर उनका स्वागत पीएम मोदी की गैर-मौजूदगी में केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने किया. पुतिन की यात्रा को भारत-रूस संबंधों के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है.

Warmly welcome President Vladimir Putin of Russia for the 18th BRICS Summit. He was received by MoS @KVSinghMPGonda at the airport.India and Russia share multifaceted and longstanding ties anchored in Special and Privileged Strategic Partnership.#BRICS2026 #BRICSIndia2026&amp;hellip; pic.twitter.com/pwxcO2aHLt
&amp;mdash; Randhir Jaiswal (@MEAIndia) September 10, 2026



ये भी पढ़ें: &#039;लोगों में एक गलतफहमी...&#039;, ब्रिक्स समिट 2026 से पहले क्या बोला भारत
आज मोदी-पुतिन की अहम मुलाकात
पुतिन और प्रधानमंत्री मोदी के बीच शुक्रवार को होने वाली बैठक पहले से तय थी. क्रेमलिन ने भी इसकी पुष्टि की थी. दोनों नेताओं की यह मुलाकात 12 और 13 सितंबर को होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से ठीक पहले हो रही है. इस बातचीत में दोनों देशों के बीच राजनीतिक, आर्थिक और रक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा हो सकती है. प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार मोदी और पुतिन पहले ही रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष, व्यापार और लोगों के बीच संपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा कर चुके हैं. दोनों देश अपनी &amp;lsquo;स्पेशल एंड प्रिविलेज्ड स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप&amp;rsquo; को और मजबूत करने पर भी सहमत हैं.
रक्षा क्षेत्र पर रहेगी खास नजर
मोदी-पुतिन बैठक में रक्षा सहयोग सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों में से एक हो सकता है. भारत और रूस के बीच लंबे समय से रक्षा क्षेत्र में मजबूत साझेदारी रही है. ब्रिक्स सम्मेलन से पहले सामने आई रिपोर्टों में S-400 एयर डिफेंस सिस्टम की अगली डिलीवरी और ब्रह्मोस मिसाइल से जुड़े सहयोग को भी बातचीत के संभावित मुद्दों में बताया गया है. इसके साथ ही दोनों देशों के बीच ऊर्जा, व्यापार और निवेश को बढ़ाने के रास्तों पर भी बातचीत हो सकती है. वैश्विक स्तर पर बदलते हालात के बीच भारत और रूस आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं.

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        <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 09:30:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>BRICS के चलते दिल्ली के स्कूल बंद, क्या पूरे NCR में भी रहेगी छुट्टी?</title>
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        <description><![CDATA[ दिल्ली में होने वाले 18वें BRICS Summit को लेकर राजधानी में सुरक्षा और ट्रैफिक की तैयारियां तेज हो गई हैं. इसी बीच दिल्ली के स्कूल के छात्रों को लेकर छुट्टी के लिए अपडेट सामने आया है. सरकार ने फैसला लिया है की 11 सितंबर 2026 यानी शुक्रवार को स्कूल बंद रहेंगे. BRICS Summit 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में होना है.
विदेशी मेहमानों और बड़े नेताओं की मौजूदगी को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा के साथ-साथ कई सड़कों पर ट्रैफिक की व्यवस्था भी बदली जाएगी. ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या दिल्ली के साथ-साथ नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे NCR के दूसरे शहरों में भी स्कूल बंद रहेंगे?
दिल्ली के सभी स्कूल 11 सितंबर को रहेंगे बंद
दिल्ली में 11 सितंबर को स्कूलों की छुट्टी रहेगी. शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी निर्देश के अनुसार इस दिन दिल्ली के सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त निजी स्कूल बंद रहेंगे. शिक्षा निदेशालय के अंतर्गत आने वाले कार्यालय भी इस दिन बंद रहेंगे. यानी दिल्ली में पढ़ने वाले छात्रों को शुक्रवार को स्कूल नहीं जाना होगा.
&amp;nbsp;BRICS Summit की वजह से लिया गया फैसला
दिल्ली में होने वाला Brics Summit 12 और 13 सितंबर को होने जा रहा है. इस दौरान कई देशों के बड़े नेता राजधानी में मौजूद रहेंगे. उनकी सुरक्षा के लिए दिल्ली में बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं और कई रूट पर ट्रैफिक में भी बदलाव किया है. रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में करीब 25 हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है. ऐसे स्तिथि में दिल्ली के स्कूल को बंद रखने का फैसला भीड़ और ट्रैफिक को कम रखने में मदद कर सकता है.
यह भी पढ़ें :&amp;nbsp;बड़ी खबर- वाराणसी में कल बंद रहेंगे स्कूल, मौसम के चलते लिया गया फैसला
&amp;nbsp;क्या पूरे NCR में भी स्कूल बंद रहेंगे?
दिल्ली में छुट्टी के आदेश को पूरे NCR पर लागू नहीं माना जाएगा. NCR में नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे शहर अलग-अलग राज्यों और जिला प्रशासन में आते हैं. इसलिए अगर वहां स्कूल बंद रहेंगे तो उसका फैसला वहां की राज्य सरकार या जिला प्रशासन ले सकते हैं.
नोएडा-गाजियाबाद के छात्रों को क्या करना चाहिए?
अगर बच्चा नोएडा या गाजियाबाद में पढ़ता है तो सिर्फ दिल्ली की छुट्टी देखकर स्कूल न जाने का फैसला न करें. अभी तक BRICS के नाम पर पूरे NCR के स्कूलों के लिए दिल्ली जैसा एक समान छुट्टी आदेश सामने नहीं आया है. खासकर नोएडा में 9 सितंबर को स्थानीय कार्यक्रम की वजह से स्कूल बंद थे, लेकिन उसे BRICS की छुट्टी से नहीं जोड़ा जा सकता है. इसलिए अपने स्कूल का नया नोटिस या जिला प्रशासन का आदेश जरूर देखें.
&amp;nbsp;11 से 13 सितंबर तक दिल्ली में ट्रैफिक भी प्रभावित रहेगा
स्कूल की छुट्टी के अलावा दिल्ली में 11 से 13 सितंबर तक ट्रैफिक पर भी असर पड़ सकता है. कई महत्वपूर्ण रास्तों पर सुरक्षा जांच और ट्रैफिक के डायवर्जन की व्यवस्था रहेगी. रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट जाने वाले लोगों को भी घर से थोड़ा पहले निकले तो उनके लिए सही होगा. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने यात्रियों को सफर की प्लानिंग पहले से बनाने और जरूरत पड़ने पर मेट्रो का इस्तेमाल करने की सलाह दी है.
यह भी पढ़ें :&amp;nbsp;PM ने किया रेलवे यूनिवर्सिटी का जिक्र, जानिए यहां कैसे मिलता है एडमिशन ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 08:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>जामिया में अब हर क्लास ग्रुप पर रहेगा एक शिक्षक, प्रशासन का बड़ा फैसला</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/जामिया-में-अब-हर-क्लास-ग्रुप-पर-रहेगा-एक-शिक्षक-प्रशासन-का-बड़ा-फैसला</link>
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        <description><![CDATA[ जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी ने छात्रों के बीच एकेडमी जानकारी शेयर करने को लेकर अपनी व्यवस्था को फिर से स्पष्ट किया है. यूनिवर्सिटी ने छात्रों को सोशल मीडिया पर बनाए गए अनौपचारिक क्लास ग्रुप से दूरी बनाने की सलाह भी दी है. साथ ही हर क्लास या बैच के लिए बनाए गए ऑफिशियल ग्रुप में यूनिवर्सिटी की ओर से नाम में दिए गए शिक्षक को शामिल करना अनिवार्य किया गया है. इन ग्रुप के जरिए ही छात्रों तक कक्षाओं पढ़ाई और दूसरी एकेडमी गतिविधियों से जुड़ी जानकारी पहुंचाई जाएगी.
यूनिवर्सिटी की ओर से सोमवार को जारी नोटिस में इस व्यवस्था को दोहराया गया है. पहले यह नीति पहली बार 15 सितंबर 2025 को लागू की गई थी. जामिया के अनुसार छात्रों की ओर से बनाए गए कुछ अनऑफिशियल ग्रुप में एकेडमिक चर्चा के अलावा दूसरी तरह की एक्टिविटी होने की शिकायतें सामने आई थी. कुछ मामलों में आपत्तिजनक और अश्लील सामग्री शेयर किए जाने के बात भी यूनिवर्सिटी ने कही थी.&amp;nbsp;
अब हर क्लास में बनेगा ऑफिशियल ग्रुप
नई व्यवस्था के तहत हर क्लास के लिए एक ऑफिशियल सोशल मीडिया ग्रुप बनाया जाएगा. इसमें संबंधित क्लास का प्रतिनिधि एडमिन की भूमिका निभाएगा. इसके साथ यूनिवर्सिटी की ओर से नामित एक फैकल्टी मेंबर भी ग्रुप में मौजूद रहेगा. शिक्षकों की जिम्मेदारी ग्रुप में शेयर किए जा रहे कंटेंट पर नजर रखने की होगी. यूनिवर्सिटी चाहता है कि इन ग्रुप का इस्तेमाल मुख्य रूप से पढ़ाई और दूसरी शैक्षणिक गतिविधियों से संबंधित जानकारी के लिए किया जाए. साथ ही आपत्तिजनक, अश्लील या अनुचित सामग्री के प्रसार को रोका जा सके.&amp;nbsp;
ये भी पढ़ें-दिल्ली में EWS एडमिशन का मौका, 20 सितंबर तक भरें फॉर्म
डीन और विभाग अध्यक्षों को दी गई जिम्मेदारी
जामिया ने भी सभी डीन विभाग अध्यक्षों और सेंटर डायरेक्टर्स से कहा कि वह अपनी अपनी कक्षाओं और बैच के लिए आधिकारिक ग्रुप बनवाना सुनिश्चित करें. इन ग्रुप में यूनिवर्सिटी की ओर से नामित शिक्षकों भी जोड़ा जाएगा. प्रशासन ने भी यह स्पष्ट किया है कि छात्रों को एकेडमी जानकारी ऑफिशियल ग्रुप के माध्यम से उपलब्ध कराई जाए. यानि पढ़ाई, क्लासरूम और दूसरी यूनिवर्सिटी से जुड़ी शैक्षणिक सूचनाओं के लिए छात्रों को अलग-अलग ऑफिशियल ग्रुप पर निर्भर नहीं रहना होगा.
2025 में भी जारी हुई थी यही नीति
यूनिवर्सिटी ने बताया कि यह कोई नई व्यवस्था नहीं है, बल्कि सितंबर 2025 में जारी किए गए निर्देश को ही दोबारा स्पष्ट किया गया है. उस समय भी छात्रों की ओर से बनाए गए, अनौपचारिक सोशल मीडिया ग्रुप को लेकर आपत्ति जताई गई थी. जामिया का कहना था कि कुछ ग्रुप एकेडमिक बातचीत के बजाय, पर्सनल मुद्दों और दूसरी एक्टिविटी के लिए इस्तेमाल किए जा रहे हैं. ऐसे में अब यूनिवर्सिटी ने ऑफिशियल ग्रुप में एक टीचर को जोड़ने का फैसला किया है.
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        <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 08:30:06 +0530</pubDate>
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        <title>क्रिकेटर्स के रिकॉर्ड का कौन रखता है लेखा&amp;जोखा, इसमें कैसे मिलती है नौकरी?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/क्रिकेटर्स-के-रिकॉर्ड-का-कौन-रखता-है-लेखा-जोखा-इसमें-कैसे-मिलती-है-नौकरी</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/क्रिकेटर्स-के-रिकॉर्ड-का-कौन-रखता-है-लेखा-जोखा-इसमें-कैसे-मिलती-है-नौकरी</guid>
        <description><![CDATA[ क्रिकेट के मैदान पर जब बल्लेबाज रन बनाता है, गेंदबाज जो विकेट लेता है या किसी ओवर में कोई खास घटना होती है, तो इन सभी चीजों का रिकॉर्ड रखा जाता है. टीवी पर मैच देखते समय हमारा ध्यान अक्सर खिलाड़ी और उनकी परफॉर्मेंस पर रहता है, लेकिन मैदान के बाहर और परदे के पीछे ऐसे कई लोग होते हैं, जो हर गेंद और हर रन का हिसाब संभालते हैं. इन्हीं में से एक अहम भूमिका क्रिकेट स्कोरर की होती है. क्रिकेट में बढ़ते डेटा के इस्तेमाल के साथ आज के समय में इन प्रोफेशनल्स की भूमिका भी बहुत जरूरी हो गई है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि क्रिकेटर्स के रिकॉर्ड का लेखा-जोखा कौन रखता है और इसमें नौकरी कैसे मिलती है.&amp;nbsp;
क्या करता है क्रिकेट स्कोरर?
क्रिकेट स्कोरर का मुख्य काम मैच के दौरान होने वाली हर जरूरी एक्टिविटी को रिकॉर्ड करना होता है. कौन सा बल्लेबाज कितने रन बना रहा है, किस गेंदबाज ने कितने विकेट लिए, ओवर में क्या हुआ और टीम का स्कोर किस स्थिति में है, इन सभी चीजों का हिसाब स्कोरर रखता है. इसके लिए स्कोरर को क्रिकेट के नियमों के साथ-साथ गणित और अंग्रेजी की अच्छी समझ होनी चाहिए. स्ट्राइक रेट, बैटिंग और बॉलिंग औसत, जरूरी रन और नेट रन रेट जैसी गणनाओं को समझना भी इस काम का हिस्सा है.&amp;nbsp;
कैसे बने ऑफिशियल स्कोरर?
क्रिकेट स्कोरिंग को करियर के तौर पर अपनाने के लिए स्थानीय क्रिकेट एसोसिएशन से जुड़ना एक शुरुआती रास्ता माना जाता है. यहां हर साल स्कोरर की परीक्षा आयोजित होती. स्थानीय स्तर की परीक्षा पास करने के बाद राज्य क्रिकेट एसोसिएशन की परीक्षा देनी होती है. राज्य क्रिकेट एसोसिएशन में 80 फीसदी अंक हासिल करने के बाद ही बीसीसीआई के स्कोरर एग्जाम में बैठने की एलिजिबिलिटी मिलती है. यानी इस क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए क्रिकेट की समझ के साथ परीक्षा और स्कोरिंग से जुड़ी जानकारी भी जरूरी है. बीसीसीआई के अलावा आईसीसी भी कई ट्रेनिंग प्रोग्राम कराता है. वहीं नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स से भी कोर्स कर सकते हैं. कई प्राइवेट जगहों से भी कोर्स किया जा सकता है. &amp;nbsp;
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स्कोरर की कितनी होती है कमाई?
स्कोरर को आमतौर पर मासिक वेतन के बजाय मैच या दिन के हिसाब से भी पेमेंट मिलता है. जानकारी के अनुसार बीसीसीआई के स्टेट पैनल स्कोर को एक मैच के लिए 3000 रुपये मिलते हैं. डोमेस्टिक मैच के लिए 15,000 रुपये रोजाना और टेस्ट मैच में भी 15,000 रुपये रोजाना का पेमेंट मिलता है. टेस्ट मैच अगर 5 दिन से पहले खत्म हो जाए, तब भी स्कोरर को 5 दिन के हिसाब से सैलरी दी जाती है. &amp;nbsp;इसके अलावा स्कोरर को डीए भी मिलता है.&amp;nbsp;
क्रिकेट में डेटा एनालिस्ट का भी बढ़ा रोल&amp;nbsp;
आज क्रिकेट सिर्फ मैदान पर प्रदर्शन का खेल नहीं रह गया है, टीमों के फैसले में डेटा का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है. आईपीएल जैसी प्रतियोगिता में खिलाड़ी के प्रदर्शन, बल्लेबाजी और गेंदबाजी की क्षमता विपक्षी टीम की कमजोरी और टीम संयोजन से जुड़े आंकड़ों का विश्लेषण किया जाता है. डेटा एनालिस्ट खिलाड़ी के प्रदर्शन के समय के साथ आने वाले बदलाव को समझने के साथ उसकी मजबूती और कमजोरी की पहचान करते हैं. खिलाड़ियों के वर्कलोड मूवमेंट और पुराने इंजरी रिकॉर्ड का विश्लेषण करके संभावित चोट के खतरे को समझने में भी डेटा का इस्तेमाल किया जाता है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 08:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>दिल्ली पुलिस CAPS में SI की 1871 वैकेंसी, 30 सितंबर तक आवेदन का मौका</title>
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        <description><![CDATA[ स्टाफ सेलेक्शन कमीशन (SSC) ने दिल्ली पुलिस और सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सज (CAPF) में सब इंस्पेक्टर के पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है. इस भर्ती प्रक्रिया के जरिए कुल 1,871 पद भरे जाएंगे. ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 10 सितंबर 2026 से शुरू हो गई है और इच्छुक उम्मीदवार 30 सितंबर तक का आवेदन कर सकते हैं. उम्मीदवारों का आवेदन एसएससी के ऑफिशियल वेबसाइट ssc.gov.in के जरिए करना होगा. आवेदन में किसी तरह का बदलाव करने के लिए करेक्शन विंडो 8 से 10 अक्टूबर तक खुली रहेंगी.&amp;nbsp;
दिल्ली पुलिस में 317 पद, CAPF में 1320 वैकेंसी&amp;nbsp;
कुल 1,871 रिक्तियों में दिल्ली पुलिस में सब-इंस्पेक्टर के 317 पद है. इनमें में पुरुष उम्मीदवारों के लिए 205 और महिला उम्मीदवारों के लिए 112 पद निर्धारित है. वहीं सीएपीएफ में सब इंस्पेक्टर के कुल 1,320 पद है. इसमें बीएसएफ में 457, सीआईएसएफ में 250, सीआरपीएफ में 254, आइटीबीपी में 187 और एसएसबी में 172 पद शामिल है. इसके अलावा सीआईएसएफ में सब इंस्पेक्टर के लिए पुरुष उम्मीदवारों के 234 पद रखे गए है. &amp;nbsp;इस तरह भर्ती में दिल्ली पुलिस, &amp;nbsp;सीएपीएफ और सीआईएसएफ फायर के पद शामिल है.&amp;nbsp;
किस पद पर कितनी मिलेगी सैलरी?
दिल्ली पुलिस में सब इंस्पेक्टर और सीएपीएफ में एसआई के पद लेवल 6 के है. इनकी सैलरी 35,400 रुपये से 1,12,400 रुपये है. वहीं सीएपीएफ में एसआई का पद ग्रुप बी नॉन गैजेटेड, नॉन मिनिस्ट्रियल कैटेगरी में आता है. सीआईएसएफ में एसआई का पद भी लेवल 6 का है और इसे ग्रुप बी नॉन गैजेटेड, नॉन मिनिस्ट्रियल पद के तौर पर वर्गीकृत किया गया है. दिल्ली पुलिस में एसआई का पद ग्रुप सी के तहत आता है.&amp;nbsp;
ग्रेजुएट उम्मीदवार कर सकते हैं आवेदन&amp;nbsp;
एसएससी सीपीओ भर्ती के लिए किसी भी विषय में ग्रेजुएशन की डिग्री रखने वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं. सामान्य एसआई के लिए आयु सीमा 20 से 25 वर्ष है, जबकि सीआईएसएफ में एसआई पद के लिए आयु सीमा 18 से 30 वर्ष निर्धारित है. भर्ती के लिए उम्मीदवारों काे एसएससी की ओर से निर्धारित दूसरी पात्रता और फिजिकल मानकों को भी पूरा करना होगा.&amp;nbsp;
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कई चरणों में होगा चयन&amp;nbsp;
एसएससी सीपीओ भर्ती में उम्मीदवारों का चयन एक से ज्यादा चरणों के जरिए किया जाएगा. पहले पेपर 1 सीबीटी मोड में होगी. इसके बाद फिजिकल दक्षता परीक्षा होगी. इन चरणों में सफल उम्मीदवार पेपर 2 में शामिल होंगे. इसके बाद मेडिकल जांच और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी.&amp;nbsp;
कैसे करें आवेदन?

उम्मीदवार को सबसे पहले ssc.gov.in पर जाकर एसएससी पोर्टल पर ओटीआर पूरा करना होगा.&amp;nbsp;
एसएससी वेबसाइट पर किया गया ओटीआर नए पोर्टल पर मान्य नहीं होगा.&amp;nbsp;
ओटीआर के बाद लॉगिन करके एसएससी सीपीओ 2026 आवेदन फॉर्म भरना होगा.&amp;nbsp;
फाॅर्म में व्यक्तिगत और शैक्षणिक जानकारी के साथ पद और फोर्स की प्राथमिकताएं भरनी होगी&amp;nbsp;
आवेदन प्रक्रिया में आधार आधारित प्रमाणीकरण की सुविधा भी उपलब्ध है.&amp;nbsp;
लास्ट में आवेदन फीस का पेमेंट करने के बाद सभी जानकारी जांच कर फॉर्म सबमिट करना होगा.&amp;nbsp;

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        <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 08:30:03 +0530</pubDate>
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        <title>कितना घातक है रूम फ्रेशनर स्प्रे? इससे कौनसी बीमारी की रहती है आशंका</title>
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        <description><![CDATA[ घर, ऑफिस और कार में अच्छी खुशबू के लिए लोग रूम फ्रेशनर का इस्तेमाल करते हैं. इसकी तेज खुशबू कुछ समय के लिए कमरे की बदबू को दूर कर देती है, लेकिन इसमें मौजूद कुछ कैमिकल शरीर के लिए परेशानी पैदा कर सकते हैं. खासकर बंद कमरे में इसका ज्यादा इस्तेमाल सांस लेने में दिक्कत और एलर्जी जैसी समस्या को बढ़ाती है. इसलिए रूम फ्रेशनर का इस्तेमाल करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है.
रूम फ्रेशनर में क्या होता है?&amp;nbsp;
रूम फ्रेशनर में खुशबू देने वाले कई तरह के कैमिकल इस्तेमाल किए जाते हैं. जैसे वाष्पशील कार्बनिक यौगिक जो हवा ताजा करने का काम करते हैं. इसके अलावा डाइक्लोरोबेंजीन जैसे और भी कई कैमिकल. रूम फ्रेशनर स्प्रे करने पर ये बहुत छोटे कणों के रूप में हवा में फैल जाते हैं और कुछ समय तक कमरे की हवा में मौजूद रहते हैं. जब हम सांस लेते हैं तो ये कण हमारे शरीर के अंदर जाते हैं. हर व्यक्ति पर इनका असर अलग-अलग होता है, लेकिन ज्यादा मात्रा में इनके संपर्क में आने से आंखों, नाक और गले में जलन हो सकती है. कुछ लोगों को सिरदर्द, चक्कर या बेचैनी भी महसूस होती है. बच्चों, बुजुर्गों और सांस से जुड़ी बीमारी वाले लोगों को तेज खुशबू वाले स्प्रे से ज्यादा परेशान कर सकते हैं.&amp;nbsp;
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ज्यादा इस्तेमाल से हो सकती है सांस की परेशानी
रूम फ्रेशनर का लगातार और ज्यादा इस्तेमाल करने से सांस से जुड़ी परेशानी बढ़ सकती है. जिन लोगों को पहले से अस्थमा या एलर्जी है, उनमें स्प्रे की तेज खुशबू खांसी, सीने में जकड़न और सांस लेने में परेशानी बढ़ा सकती है. कमरे में स्प्रे करने के तुरंत बाद वहां लंबे समय तक रहना भी ठीक नहीं माना जाता है. खासकर छोटे और बंद कमरे में स्प्रे करने से हवा में इसकी मात्रा ज्यादा देर तक बनी रहती है. इसलिए कमरे में रूम फ्रेशनर इस्तेमाल करने के बाद खिड़की या दरवाजा खोलकर हवा का रास्ता बनाना बेहतर माना जाता है. इससे कमरे की हवा बाहर निकलती है और ताजी हवा अंदर आती है.
इस्तेमाल करते समय इन बातों का रखें ध्यान
रूम फ्रेशनर को जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल करने से बचना चाहिए. इसे सीधे चेहरे, आंखों या त्वचा पर स्प्रे न करें. खाना बनाने वाली जगह और बच्चों के आसपास भी इसका इस्तेमाल सावधानी से करना चाहिए. अगर स्प्रे करने के बाद खांसी, आंखों में जलन, सिरदर्द या सांस लेने में परेशानी महसूस होती है तो इसका इस्तेमाल रोक देना बेहतर है. घर में खुशबू के लिए कमरे की सफाई और हवा का सही आना-जाना सबसे आसान तरीका है. खिड़कियां खोलने और कमरे को साफ रखने से बदबू कम करने में मदद मिलती है. अगर किसी व्यक्ति को रूम फ्रेशनर के इस्तेमाल के बाद बार-बार सांस की परेशानी होती है, तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए.
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        <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 07:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Ladies Business Ideas: सिलाई से लेकर पार्लर तक, घर से शुरू करें ये 5 लेडीज बिजनेस&amp; तगड़ी होगी कमाई</title>
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        <description><![CDATA[ Best Business Ideas For Women At Home: घर संभालने के साथ अगर आप अपना काम शुरू करना चाहती हैं, तो इसके लिए हमेशा बड़ी दुकान या भारी-भरकम निवेश की जरूरत नहीं होती. आपकी अपनी कोई कला, हुनर या पसंद ही कमाई का जरिया बन सकती है. आज के समय में कई महिलाएं घर से छोटे स्तर पर काम शुरू करके धीरे-धीरे उसे बिजनेस में बदल रही हैं. खास बात यह है कि ऐसे कामों में आप अपनी सुविधा के हिसाब से समय दे सकती हैं और शुरुआत भी सीमित बजट में की जा सकती है. अगर आपको सिलाई आती है, खाना बनाने का शौक है, मेकअप और ब्यूटी का काम पसंद है या हाथ से चीजें बनाने का हुनर है, तो आपके लिए कई विकल्प मौजूद हैं.&amp;nbsp;
सिलाई और बुटीक का काम
अगर आपको कपड़े सिलने और डिजाइन करने का शौक है, तो घर से सिलाई का काम शुरू करना अच्छा विकल्प हो सकता है. शुरुआत में आप आसपास की महिलाओं के कपड़े, ब्लाउज, सूट और बच्चों के कपड़े सिल सकती हैं. त्योहारों और शादी के सीजन में डिजाइनर ब्लाउज और खास कपड़ों की डिमांड भी बढ़ सकती है. धीरे-धीरे आप कस्टमाइज्ड कपड़ों का काम बढ़ा सकती हैं. ग्राहकों को अपनी पसंद का डिजाइन, फिटिंग और कपड़े के हिसाब से सिलाई की सुविधा देकर अलग पहचान बनाई जा सकती है. अपने काम की तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर करने से आसपास के इलाकों के बाहर भी ग्राहक मिल सकते हैं.

&amp;nbsp;घर से ब्यूटी पार्लर
ब्यूटी और मेकअप में रुचि रखने वाली महिलाओं के लिए घर से छोटा पार्लर शुरू करना एक विकल्प हो सकता है. इसके लिए शुरुआत में बहुत सारी सेवाएं देने के बजाय कुछ बेसिक सर्विस से शुरुआत की जा सकती है, जैसे फेशियल, वैक्सिंग, थ्रेडिंग, मेहंदी या बेसिक मेकअप.अगर आपके पास ट्रेनिंग और जरूरी अनुभव है, तो बाद में ब्राइडल मेकअप, हेयर स्टाइलिंग और अन्य सेवाएं भी जोड़ी जा सकती हैं. पार्लर को घर के एक छोटे से साफ-सुथरे हिस्से से शुरू किया जा सकता है. अच्छी सर्विस मिलने पर पुराने ग्राहक दोबारा आ सकते हैं और उनके जरिए नए ग्राहक भी बन सकते हैं.
&amp;nbsp;घर का टिफिन या कैटरिंग बिजनेस
खाना बनाना आपकी खासियत है तो इसे कमाई के काम में बदला जा सकता है. घर से टिफिन सर्विस शुरू करके आसपास रहने वाले ऑफिस कर्मचारियों, छात्रों या ऐसे परिवारों तक खाना पहुंचाया जा सकता है, जिन्हें रोज घर का खाना बनाने का समय नहीं मिलता. शुरुआत कुछ टिफिन से की जा सकती है. इसके बाद मांग बढ़ने पर छोटे फंक्शन, जन्मदिन या पारिवारिक कार्यक्रमों के लिए होम कैटरिंग का काम लिया जा सकता है. स्वाद, साफ-सफाई, समय पर डिलीवरी और एक जैसा अच्छा क्वालिटी बनाए रखना इस बिजनेस में काफी अहम है.

&amp;nbsp;होममेड प्रोडक्ट्स का बिजनेस
अगर आपको चीजें बनाना पसंद है, तो घर पर तैयार किए जाने वाले प्रोडक्ट्स भी कमाई का जरिया बन सकते हैं. महिलाएं अपनी रुचि और हुनर के हिसाब से सजावटी सामान, गिफ्ट आइटम, मोमबत्तियां, हैंडमेड ज्वेलरी, राखी या दूसरे क्राफ्ट प्रोडक्ट तैयार कर सकती हैं. इस तरह के बिजनेस की शुरुआत रिश्तेदारों, दोस्तों और आसपास के लोगों से ऑर्डर लेकर की जा सकती है. बाद में सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए ग्राहकों तक पहुंच बढ़ाई जा सकती है. खास मौकों जैसे त्योहार, शादी और बर्थडे के लिए कस्टमाइज्ड प्रोडक्ट बनाना भी एक अच्छा विकल्प हो सकता है.
&amp;nbsp;घर से मेहंदी और मेकअप सर्विस
अगर आपको मेहंदी लगाने या मेकअप करने का हुनर आता है, तो इसे भी घर से शुरू किया जा सकता है. शादी और त्योहारों के सीजन में मेहंदी आर्टिस्ट और मेकअप सर्विस की मांग बढ़ जाती है. शुरुआत में आप अपने आसपास की महिलाओं और रिश्तेदारों के लिए मेहंदी लगाने का काम कर सकती हैं. मेकअप में अच्छी ट्रेनिंग होने पर पार्टी मेकअप या छोटे फंक्शन के लिए सर्विस दी जा सकती है. बाद में ब्राइडल मेकअप जैसी सर्विस जोड़कर काम का दायरा बढ़ाया जा सकता है. अपने पुराने काम की तस्वीरें और ग्राहक की अनुमति से तैयार किए गए लुक सोशल मीडिया पर दिखाने से नए ऑर्डर पाने में मदद मिल सकती है.
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छोटे से शुरू करें, धीरे-धीरे बढ़ाएं काम
घर से बिजनेस शुरू करने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि शुरुआत अपनी क्षमता और बजट के हिसाब से की जा सकती है. जरूरी नहीं कि पहले दिन से ही बड़ी संख्या में ग्राहक मिल जाएं. शुरुआत में कम ऑर्डर लेकर क्वालिटी पर ध्यान देना ज्यादा बेहतर रहता है. सबसे पहले यह तय करें कि आपको कौन सा काम सबसे अच्छी तरह आता है और उसमें कितनी मांग हो सकती है. फिर जरूरी सामान, समय और खर्च का हिसाब लगाकर छोटा सेटअप तैयार करें. अपने काम की जानकारी आसपास के लोगों, WhatsApp और सोशल मीडिया के जरिए ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं.
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        <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 07:30:03 +0530</pubDate>
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        <title>Smelly Kitchen Mop: फर्श चमकाने वाला पोछा हो गया है मैला? ऐसे करें डीप क्लीन</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/smelly-kitchen-mop-फर्श-चमकाने-वाला-पोछा-हो-गया-है-मैला-ऐसे-करें-डीप-क्लीन</link>
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        <description><![CDATA[ Easy Ways To Disinfect Dirty Floor Mop At Home: घर की सफाई करते समय हम फर्श, किचन और बाथरूम को तो अच्छी तरह साफ कर लेते हैं, लेकिन जिस पोछे से ये सारी सफाई होती है, उसकी सफाई पर अक्सर ध्यान नहीं देते. यही गीला पोछा कुछ समय बाद घर में बदबू की वजह बन सकता है. खासकर किचन में इस्तेमाल होने वाले पोछे में तेल, खाने के छोटे कण, धूल और नमी जमा हो जाती है. अगर इसे धोने के बाद ठीक से सुखाया न जाए, तो इसमें बैक्टीरिया और फफूंद पनपने लग सकते हैं और तेज दुर्गंध आने लगती है.
कई बार लोग इस बदबू को दूर करने के लिए पोछे पर सीधे तेज केमिकल डाल देते हैं, लेकिन सही तरीके से सफाई करना ज्यादा जरूरी है. अच्छी बात यह है कि पोछे को साफ करने के लिए आपको हर बार कोई महंगा क्लीनर खरीदने की जरूरत नहीं है. घर में मौजूद कुछ सामान्य चीजों और सही तरीके से धोने से पोछे की गंदगी और बदबू काफी हद तक कम की जा सकती है.
सबसे पहले पोछे को अच्छी तरह धोएं
पोछा इस्तेमाल करने के तुरंत बाद उसकी सफाई करना सबसे जरूरी है. सबसे पहले उसे साफ बहते पानी में अच्छी तरह धोएं, ताकि उसमें फंसी धूल, मिट्टी, तेल और गंदगी निकल जाए. पानी तब तक बदलते रहें, जब तक पोछे से निकलने वाला पानी काफी हद तक साफ न दिखाई देने लगे. सिर्फ एक बार पानी में डुबोकर निचोड़ देना काफी नहीं है. अगर पोछे में किचन का तेल या चिपचिपी गंदगी लगी है, तो उसे अच्छी तरह रगड़कर साफ करना जरूरी है.

साबुन के पानी में भिगोकर रखें
एक बाल्टी में गुनगुना पानी लें और उसमें थोड़ा सा डिशवॉशिंग लिक्विड या हल्का क्लीनिंग सॉल्यूशन मिला दें. अब पोछे को इस पानी में करीब 20 से 30 मिनट के लिए भिगोकर रख दें. इससे पोछे के रेशों में जमा चिकनाई और गंदगी ढीली होने लगती है. इसके बाद पोछे को हाथ या किसी साफ ब्रश की मदद से हल्के हाथों से रगड़ें. खासतौर पर उन हिस्सों पर ध्यान दें जहां ज्यादा गंदगी जमा है.
इसके बाद साफ पानी से करें रिंस
सफाई के बाद पोछे को साफ पानी में अच्छी तरह धोना न भूलें. जब तक साबुन या क्लीनर पूरी तरह निकल न जाए, तब तक इसे पानी से धोते रहें. अगर पोछे में क्लीनर की परत रह गई, तो अगली बार फर्श पर पोछा लगाने के दौरान यह गंदगी के साथ फैल सकती है. अगर पोछे से काफी ज्यादा बदबू आ रही है, तो धोने के बाद उसे कुछ देर खुले और हवादार स्थान पर रखें. सबसे जरूरी बात है कि पोछा पूरी तरह सूख जाए.

पोछे को गीला छोड़ना सबसे बड़ी गलती
कई घरों में पोछा धोने के बाद उसे निचोड़कर किचन के किसी कोने में रख दिया जाता है. यही आदत बदबू को बढ़ा सकती है. नमी और बंद जगह बैक्टीरिया और फफूंद के लिए अनुकूल माहौल बना सकती है. इसलिए पोछे को धोने के बाद जितना संभव हो उतना पानी निचोड़ें और उसे किसी हवादार जगह पर लटकाकर सुखाएं. उसे फर्श पर या बंद बाल्टी के अंदर गीला छोड़ने से बचें.
अलग-अलग पोछे की सफाई का तरीका भी अलग
अगर आपके घर में कॉटन का पोछा है, तो उसे हर इस्तेमाल के बाद गुनगुने साबुन वाले पानी में धोना बेहतर रहता है. इसे अच्छी तरह निचोड़कर खुली हवा में सुखाएं. माइक्रोफाइबर पोछे के पैड को कई बार वॉशिंग मशीन में धोया जा सकता है, लेकिन उसे धोते समय फैब्रिक सॉफ्टनर का इस्तेमाल न करें, क्योंकि इससे उसके रेशों की सफाई क्षमता प्रभावित हो सकती है. निर्माता के निर्देशों के मुताबिक उसे धोना और सुखाना बेहतर है. स्पंज वाले पोछे को हर इस्तेमाल के बाद अच्छी तरह धोना चाहिए. अगर स्पंज पुराना, खराब या लगातार बदबूदार हो गया है, तो उसे बदल देना ज्यादा सही रहेगा.
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सिरका और बेकिंग सोडा साथ न मिलाएं
बदबू दूर करने के लिए कई लोग सिरका या बेकिंग सोडा का इस्तेमाल करते हैं. हालांकि, इन्हें एक साथ मिलाने की जरूरत नहीं है. एक समय में किसी एक तरीके का इस्तेमाल करना बेहतर है. सबसे जरूरी बात यह है कि सिरका या किसी दूसरे घरेलू क्लीनर को ब्लीच के साथ कभी न मिलाएं. कुछ क्लीनिंग प्रोडक्ट्स को मिलाने से खतरनाक गैस बन सकती है.
कब बदल दें पुराना पोछा?
अगर पोछे को अच्छी तरह धोने और सुखाने के बाद भी उसमें लगातार बदबू बनी रहती है, उसके रेशे खराब हो चुके हैं या वह फर्श पर गंदगी फैलाने लगा है, तो उसे बदल देना ही बेहतर है. बहुत पुराना पोछा साफ करने के बावजूद पूरी तरह स्वच्छ नहीं हो पाता.
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        <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 07:30:02 +0530</pubDate>
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        <title>iPhone 18 Pro में आया गजब का फीचर! अब Apple खुद बताएगा फोटो असली है या नकली</title>
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        <description><![CDATA[ iPhone 18 Pro में आया गजब का फीचर! अब Apple खुद बताएगा फोटो असली है या नकली ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 03:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>3 लाख वाला iPhone Duo खरीदना कितना सही, क्या यह दुनिया का सबसे महंगा फोन?</title>
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        <description><![CDATA[ Apple ने अपना पहला फोल्डेबल iPhone लॉन्च कर दिया है. कंपनी ने iPhone Duo को iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max के साथ पेश किया है. फोल्डेबल iPhone को लेकर लंबे समय से चर्चा थी, लेकिन लॉन्च के बाद अब सबसे ज्यादा बात इसके फीचर्स से ज्यादा इसकी कीमत को लेकर हो रही है. भारत में iPhone Duo की शुरुआती कीमत 2,99,900 रुपये है. iPhone Duo खरीदने के लिए आपको एक महंगी कार या किसी बड़े निवेश जितनी रकम खर्च करनी पड़ सकती है.
कई लोगों के लिए यह रकम पूरे साल की कमाई या सालभर के पैकेज के बराबर हो सकती है. ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि आखिर एक स्मार्टफोन पर इतने पैसे खर्च करना कितना सही है. खासकर जब iPhone Duo के टॉप वेरिएंट की कीमत 4,49,900 रुपये तक पहुंच जाती है. ऐसे में आइए जानते हैं कि 3 लाख वाला iPhone Duo खरीदना कितना सही है और क्या यह दुनिया का सबसे महंगा फोन है.&amp;nbsp;
iPhone Duo की कीमत कितनी है?
भारत में iPhone Duo चार स्टोरेज वेरिएंट में लॉन्च हुआ है. इसके 256GB मॉडल की कीमत 2,99,900 रुपये है. 512GB के लिए 3,24,900 रुपये, 1TB मॉडल के लिए 3,74,900 रुपये और 2TB वेरिएंट के लिए 4,49,900 रुपये देने होंगे. फोन स्टार व्हाइट और नाइट स्काई दो कलर ऑप्शन में उपलब्ध है. अमेरिका में इसकी शुरुआती कीमत 1,999 डॉलर यानी करीब 1.90 लाख रुपये बताई गई है. इस हिसाब से भारत में बेस मॉडल के लिए अमेरिकी कीमत की तुलना में करीब 1.09 लाख रुपये ज्यादा चुकाने पड़ते हैं.&amp;nbsp;
3 लाख वाला iPhone Duo खरीदना कितना सही है?
3 लाख रुपये वाला iPhone Duo खरीदना उन लोगों के लिए ही सही कहा जा सकता है जिन्हें फोल्डेबल डिजाइन, बड़ी इनर डिस्प्ले और Apple के नए फीचर्स की खास जरूरत है. अगर आपकी प्रिफरेंस सामान्य फोन, कैमरा, सोशल मीडिया और रोजमर्रा के काम तक सीमित है, तो इतनी रकम खर्च करने जरूरी नहीं है, लेकिन अगर आप Apple के पहले फोल्डेबल एक्सपीरियंस के लिए प्रीमियम कीमत देने को तैयार हैं, तो iPhone Duo अच्छा ऑप्शन हो सकता है.
यह भी पढ़ें - iPhone 18 Pro में ये 10 बड़े बदलाव, पुराने मॉडल से कितना एडवांस्ड?
क्या है iPhone Duo में खास?
iPhone Duo Apple का पहला फोल्डेबल iPhone है. फोल्ड होने पर इसमें 5.4 इंच की Super Retina XDR आउटर डिस्प्ले मिलती है, जबकि अनफोल्ड करने पर 7.6 इंच की बड़ी स्क्रीन मिलती है. इन दोनों डिस्प्ले ProMotion, Always-On और 3,000 निट्स तक पीक ब्राइटनेस सपोर्ट करती हैं. फोन में 48MP Fusion प्राइमरी और 48MP अल्ट्रा-वाइड कैमरा दिया गया है. सेल्फी के लिए 12MP सेंसर मिलता है. फोल्डेबल डिजाइन के साथ Duo Preview और Split View मल्टीटास्किंग जैसे फीचर्स भी दिए गए हैं.&amp;nbsp;
क्या यह दुनिया का सबसे महंगा फोन?
iPhone Duo दुनिया का सबसे महंगा फोन नहीं है. यह Apple का अब तक का सबसे महंगा iPhone जरूर है, जिसकी भारत में शुरुआती कीमत 2,99,900 रुपए और 2TB मॉडल की कीमत 4,49,900 रुपए तक है. हालांकि, दुनिया में कुछ ऐसे प्रीमियम और लग्जरी फोन भी मौजूद हैं जिनकी कीमत iPhone Duo से कहीं ज्यादा है.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ें - iPhone के साथ Apple ने और क्या फोड़ा बम? पूरी लॉन्च लिस्ट देखें ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 03:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Cloud के बिना चलेगा AI? Nvidia के नए सिस्टम ने चौंकाया</title>
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        <description><![CDATA[ AI के लिए हर बार Cloud का सहारा लेना जरूरी नहीं होगा. आपके घर में मौजूद अलग-अलग कंप्यूटर भी मिलकर AI के काम को संभाल सकते हैं. NVIDIA ने IFA 2026 में अपने नए Personal AI Router यानी PAIR का ऐलान किया है. खास बात यह है कि PAIR कोई Hardware Router नहीं, बल्कि एक Free और Open-Source Software है, जो घर के PCs को आपस में जोड़कर लोकल AI इंटरफेरेंस टास्क को पूरा करने में मदद करता है. यह Ollama और LM Studio जैसे टूल्स के साथ काम करता है. तो आइए जानते हैं कि NVIDIA PAIR कैसे काम करेगा.&amp;nbsp;
NVIDIA PAIR कैसे करेगा काम?
PAIR Local Network पर मौजूद कम्पेटेबल कंप्यूटर को अपने आप ढूंढता है और उन्हें AI वर्कलोड के लिए कनेक्ट करता है. इसकी खासियत यह है कि यह उन कंप्यूटर की प्रोसेसिंग पावर का इस्तेमाल करता है, जब किसी PC पर गेमिंग या दूसरा काम चल रहा है, तो PAIR दूसरे अवेलेबल सिस्टम पर AI का काम भेज सकता है.
Agentic AI में बड़े कामों को कई छोटे टास्क में बांटा जा सकता है. PAIR इन अलग-अलग टास्क को नेटवर्क पर मौजूद कंप्यूटर में डिस्ट्रिब्यूट कर सकता है, जिससे एक ही GPU पर सारा प्रोसेसिंग लोड नहीं पड़ता. NVIDIA के मुताबिक, डिवाइस नेटवर्क में जुड़ते या हटते रहें, PAIR उसके हिसाब से भी अडेप्ट कर सकता है.
किन कंप्यूटर पर चलेगा PAIR?
PAIR मुख्य रूप से NVIDIA GeForce RTX GPUs वाले सिस्टम के साथ काम करता है. इसमें RTX 20 Series और उसके बाद के GPUs, RTX Pro GPUs और DGX Spark Systems शामिल हैं. इसके अलावा Apple M4 या उससे नए चिप वाले सिस्टम भी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं. NVIDIA के मुताबिक, PAIR Beta Windows, Linux और macOS के लिए उपलब्ध है. इसे ग्राफिकल और टर्मिनल दोनों इंटरफेस के जरिए इस्तेमाल किया जा सकता है.
क्या PAIR सुरक्षित है?
NVIDIA ने PAIR में Devices को कनेक्ट करने के लिए &amp;nbsp;6 डिजिट पैरिंग कोड का इस्तेमाल किया है. इसके बाद कंप्यूटर के बीच कम्युनिकेशन को mTLS यानी Mutual Transport Layer Security के जरिए सिक्योर किया जाता है. इससे दोनों सिस्टम के बीच Encrypted Communication Channel तैयार होता है.
यह भी पढ़ें - YouTube Videos कैसे डाउनलोड करें? जानें कौन-सा तरीका है पूरी तरह Legal&amp;nbsp;Local AI को मिलेगा नया Boost
NVIDIA के मुताबिक, PAIR घर के Idle PCs की अनयूज्ड कंप्यूटर पावर को एक साथ जोड़कर लोकल AI टास्क को तेज करने में मदद करेगा. इसके साथ llama.cpp और vLLM के नए ऑप्टिमाइजेशन भी पेश किए गए हैं, जिससे लोकल AI इंफेरेंस की परफॉर्मेंस बेहतर हो सकती है. वहीं Hermes Agent, OpenClaw और Perplexity Portable Computer के लिए लोकल सेटअप को आसान बनाया गया है.
अक्टूबर में आएंगे RTX Spark PCs
NVIDIA के नए RTX Spark Windows PCs अक्टूबर 2026 में लॉन्च होंगे. कंपनी इन्हें AI Agents और Local AI Workloads के लिए तैयार कर रही है, जिससे यूजर्स को AI को अपने ही System पर चलाने के लिए नए ऑप्शन मिलेंगे.
यह भी पढ़ें - Meta Muse करेगा Email से Payment तक का काम, कैसे चलेगा AI Agent? ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 03:30:06 +0530</pubDate>
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        <title>Apple Wallet और Apple Pay में क्या है फर्क? कहीं आप भी तो नहीं कर रहे बड़ी गलती</title>
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        <description><![CDATA[ Apple Wallet और Apple Pay में क्या है फर्क? कहीं आप भी तो नहीं कर रहे बड़ी गलती ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 03:30:05 +0530</pubDate>
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        <title>Apple का Siri AI अब 3 लाख ऐप्स से जुड़ेगा, फोन का इस्तेमाल कैसे बदलेगा?</title>
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        <description><![CDATA[ Apple ने Siri को वॉयस असिस्टेंट से आगे ले जाने की तैयारी कर ली है. कंपनी का नया Siri AI अब यूजर्स की बात समझकर अलग-अलग ऐप्स के अंदर मौजूद जानकारी और फीचर्स के साथ काम कर सकेगा. Apple के मुताबिक, ये सिस्टम 3 लाख से ज्यादा ऐप्स के साथ काम करने की क्षमता रखता है. इससे iPhone इस्तेमाल करने का तरीका काफी बदल सकता है.
सिर्फ कमांड नहीं, काम भी करेगा Siri
आपको बता दें कि पुराने Siri में नॉर्मली अलार्म लगाने, मौसम पूछने या कॉल करने जैसे लिमिटेड काम किए जाते थे. नया Siri AI ज्यादा नैचुरल लैंग्वेज समझने के लिए डिजाइन किया गया है. यानी यूजर को किसी खास कमांड को याद रखने की जरूरत नहीं होगी.
Apple के मुताबिक Siri AI स्क्रीन पर मौजूद जानकारी को समझ सकता है, पर्सनल कॉन्टेक्स्ट के आधार पर जवाब दे सकता है और जरूरत पड़ने पर अलग-अलग ऐप्स में बदलाव भी कर सकता है.
ऐप खोलने की जरूरत होगी कम
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस बदलाव का सबसे बड़ा असर डेली के ऐप इस्तेमाल पर पड़ सकता है. जैसे यूजर Siri से कह सकता है कि किसी मैसेज के आधार पर रिमाइंडर बना दो या किसी फोटो को एडिट करके शेयर कर दो. Siri जरूरत के मुताबिक उस ऐप के फीचर तक खुद पहुंच सकती है.
Apple ने बताया है कि Siri AI Messages, Music, Reminders जैसे ऐप्स में एक्शन या बदलाव भी कर सकती है. बता दें कि कंपनी का गोल है कि यूजर को हर छोटे काम के लिए ऐप खोलकर अलग-अलग स्क्रीन पर जाने की जरूरत न पड़े.
यह भी पढ़ें: 9 सितंबर को लॉन्च हुआ iPhone, 18 सितंबर से क्यों बिकेगा? जानें वजह
3 लाख ऐप्स से जुड़ने का मतलब क्या है?
दरअसल, यहां 3 लाख ऐप्स का मतलब ये नहीं है कि Siri हर ऐप का हर काम अपने आप कर पाएगी. ऐप डेवलपर्स को अपने ऐप के कंटेंट और फीचर्स को Apple Intelligence के लिए उपलब्ध कराने के लिए App Intents और संबंधित स्कीमा का इस्तेमाल करना होगा. Apple के डेवलपर डॉक्यूमेंट के मुताबिक, इससे ऐप के डेटा और एक्शन Siri और Apple Intelligence के लिए खोजने योग्य बनते हैं. यानी धीरे-धीरे ज्यादा ऐप्स Siri के साथ गहराई से जुड़ेंगे और यूजर नैचुरल लैंग्वेज में उनसे जुड़े काम कर सकेगा.
एक ऐप से दूसरे ऐप तक पहुंचेगा AI
बताते चलें कि Siri AI का एक और बड़ा बदलाव है क्रॉस-ऐप काम करना. Apple Intelligence ऐप्स के डेटा और एक्शन को समझकर जरूरत के मुताबिक उन्हें एक साथ इस्तेमाल कर सकता है. जैसे Siri किसी जानकारी को एक ऐप से लेकर दूसरे ऐप में इस्तेमाल करने में मदद कर सकती है.
इससे iPhone केवल ऐप्स का कलेक्शन नहीं बल्कि एक ऐसा सिस्टम बन सकता है जहां यूजर काम बताएगा और Siri उसके लिए जरूरी ऐप्स को पीछे से इस्तेमाल करेगी.
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        <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 03:30:04 +0530</pubDate>
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        <title>घाटा Air India का, लेकिन बवाल विदेश में क्यों? TATA से क्या है सिंगापुर एयरलाइंस का कनेक्शन?</title>
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        <description><![CDATA[ Air India इन दिनों भारी घाटे से जूझ रही है और अपनी वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए ज्यादा पूंजी जुटाने की तैयारी कर रही है. एयरलाइन ने अपने प्रमोटर टाटा संस और साझेदार सिंगापूर एयरलाइंस से करीब 1.5 अरब डॉलर की मदद मांगी है. यह भारतीय करेंसी में करीब 14,262 करोड़ रुपए है. इसमें टाटा संस करीब 10,682 करोड़ रुपए और सिंगापुर एयरलाइंस करीब 3,580 करोड़ रुपए निवेश करेगी. ऐसे में यह सवाल उठता है कि एयर इंडिया के घाटे को लेकर सिंगापुर में चर्चा क्यों हो रही है और इसका टाटा ग्रुप से क्या कनेक्शन है?
Air India को पैसे की जरूरत क्यों पड़ी?
इस समय एयर इंडिया को बेड़े के विस्तार, विमानों की संख्या बढ़ाने और सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए बड़े निवेश की जरूरत है. कंपनी को हालिया वित्त वर्ष में करीब 2.33 अरब डॉलर का घाटा हुआ है, जो भारतीय मुद्रा के रूप में करीब 22,154 करोड़ रुपये है. यही वजह है कि एयरलाइन अपने मौजूदा शेयरधारकों से अतिरिक्त पैसा जुटा रही है.
5 साल में जब डब्बा बनेगा iPhone फोल्ड! 3 लाख म्यूचुअल फंड में कितना कमाकर देंगे?
सिंगापुर में Air India के निवेश पर क्यों मचा बवाल?
यह मामला इसलिए दिलचस्प है, क्योंकि सिंगापुर एयरलाइंस में सरकारी निवेश कंपनी टेमासेक की बड़ी हिस्सेदारी है. इसी वजह से सिंगापुर में विपक्ष ने यह सवाल उठाया कि कहीं सरकारी धन का इस्तेमाल एयर इंडिया में निवेश के लिए तो नहीं किया जा रहा है. यानी यह बवाल सीधे तौर पर एयर इंडिया को लेकर नहीं, बल्कि इस बात को लेकर है कि सिंगापुर एयरलाइंस के निवेश में राष्ट्रीय खजाने की कितनी भूमिका है.
हालांकि, सिंगापुर सरकार ने यह साफ किया है कि निवेश का फैसला सिंगापुर एयरलाइंस का बोर्ड करेगा और सरकार या टेमासेक सीधे एयर इंडिया को पैसे नहीं दे रहे हैं.&amp;nbsp;
TATA और Singapore Airlines का क्या है कनेक्शन?
टाटा और सिंगापुर एयरलाइंस का रिश्ता नया नहीं है, इसकी शुरुआत एक विस्तारा से हुई थी. साल 2013 में दोनों कंपनियों ने मिलकर भारत में विस्तारा (Vistara) नाम की फुल-सर्विस एयरलाइन शुरू की थी, जिसने जनवरी 2015 में अपनी उड़ान भरना शुरू किया. इस विस्तारा में टाटा की 51% और सिंगापुर एयरलाइंस की 49% हिस्सेदारी थी. बाद में टाटा समूह ने एयर इंडिया को भी अपने एविएशन कारोबार में शामिल कर लिया.
जब टाटा ने 2022 में एयर इंडिया को भारत सरकार से खरीदा, तब उसके एविएशन कारोबार में एयर इंडिया के साथ विस्तारा भी शामिल थी. इसके बाद टाटा ने दोनों एयरलाइंस को एक साथ लाने का फैसला किया. हालांकि, विस्तारा में सिंगापुर एयरलाइंस की 49% हिस्सेदारी थी, इसलिए विलय के बाद उसे एयर इंडिया समूह में भी हिस्सेदारी मिली.
वहीं सिंगापुर एयरलाइंस ने अतिरिक्त निवेश के जरिए एयर इंडिया समूह में 25.1% हिस्सेदारी हासिल की, जबकि बाकी 74.9% हिस्सेदारी टाटा के पास है. नवंबर 2024 में विस्तारा का एयर इंडिया में विलय पूरा हो गया. जिसके बाद विस्तारा की उड़ानें एयर इंडिया के तहत संचालित होने लगीं.
सिंगापुर एयरलाइंस&amp;nbsp;क्यों करना चाहती है Air India में निवेश?
सिंगापुर एयरलाइंस भारत को एविएशन के लिहाज से एक बड़ा और तेजी से बढ़ता बाजार मानती है. ऐसे में कंपनी की रणनीति भारत को अपने मल्टी-हब नेटवर्क का एक अहम हिस्सा बनाने की है. यही वजह है कि एयरलाइन लंबे समय के नजरिए से एयर इंडिया के साथ जुड़ी हुई है. भले ही एयर इंडिया को मौजूदा घाटे से बाहर आने में कई साल लग सकते हैं, लेकिन सिंगापुर एयरलाइंस भारतीय बाजार में अपनी मौजूदगी बनाए रखना चाहती है.&amp;nbsp;
दूध की फिर बढ़ी कीमत, लेकिन आपकी जेब से नहीं जाएगा पैसा; जानें मामला
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        <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 02:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>अंडा, चिकन और दूध क्यों हो रहे महंगे, जेब पर भारी दामों की असली वजह क्या?</title>
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        <description><![CDATA[ भारत में महंगाई पिछले कुछ समय से काफी तेजी से बढ़ रही है. हाल ही में दूध, अंडे और चिकन के दामों में बढ़ोतरी देखने को मिली है. खास बात ये है कि इनके उत्पादन की लागत भी तेजी से बढ़ रही है. लेकिन आखिर ऐसा क्यों हो रहा है? ये एक बड़ा सवाल है जो कई लोगों के मन में भी आ रहा है. आइये जानते हैं इसकी सबसे बड़ी वजह आखिर क्या है?
दरअसल इसकी सबसे बड़ी वजह पशुओं और मुर्गियों के चारे में इस्तेमाल होने वाले मक्का और सोयाबीन की महंगी कीमतें हैं. अगर आने वाले कुछ महीनों में मक्का और चारे की कीमतों में और बढ़ोतरी होती है, तो इसका असर आम उपभोक्ताओं की जेब पर भी पड़ सकता है.
तेजी से बढ़ा पशुधन क्षेत्र का महत्वभारत के पशुधन क्षेत्र का महत्व पिछले एक दशक में तेजी से बढ़ा है. साल 2013-14 में पशुधन से जुड़े कामों से आने वाली कीमतें फसल क्षेत्र की कीमतों से भी करीब 34% ज्यादा थी. साल 2023-24 में ये बढ़कर 57% हो गया है. इसका मतलब है कि दूध, अंडे, मांस और दूसरे पशु उत्पाद अब भारतीय कृषि अर्थव्यवस्था में पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण हो गए हैं.
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चारे की कीमत है चुनौतीमुर्गियों और दूसरे पशुओं के चारे में मक्का सबसे जरूरी भूमिका निभाता है. ब्रॉयलर मुर्गियों के चारे में करीब 55-65% मक्का होता है, जबकि अंडे देने वाली लेयर मुर्गियों के चारे में करीब 50-60% मक्का होता है. पशुओं के चारे में भी मक्के की हिस्सेदारी करीब 15-20% रहती है.
तो वहीं दूसरी तरफ, प्रोटीन की जरूरत पूरी करने के लिए सोयाबीन मील, सरसों, मूंगफली, सूरजमुखी और कपास के बीज से निकलने वाली खली का इस्तेमाल किया जाता है. ब्रॉयलर फीड में करीब 25-30% सोयाबीन मील और लेयर फीड में करीब 18-20% सोयाबीन मील होता है. ऐसे में इन कच्चे माल की कीमत बढ़ने का सीधा असर पशु चारे की लागत पर पड़ता है.
मक्का और सोयाबीन की कीमतें बढ़ींतमिलनाडु के इरोड जिले के अलंगेयम बाजार में मक्के की औसत कीमत अगस्त 2025 में 2,537 रुपये प्रति क्विंटल थी. अगस्त 2026 में ये बढ़कर 2,759 रुपये और अब करीब 2,810 रुपये प्रति क्विंटल हो गई है. सोयाबीन मील की कीमत में भी बड़ी तेजी देखी गई. मध्य प्रदेश के इंदौर में इसकी कीमत अगस्त 2025 में करीब 38,186 रुपये प्रति टन थी, जो अगस्त 2026 में बढ़कर 58,156 रुपये प्रति टन हो गई. हालांकि अब ये घटकर करीब 50 हजार रुपये प्रति टन रह गई है, फिर भी पिछले साल के मुकाबले ये काफी महंगी है.
अंडे की कीमत पर असरचारे की बढ़ती लागत का असर अंडे की कीमत में भी दिखाई दिया है. दिल्ली में अंडे की फार्मगेट कीमत करीब 600 रुपये प्रति 100 अंडे है, जबकि खुदरा बाजार में कीमत लगभग 7-9 रुपये प्रति अंडा है. जुलाई में अंडे की औसत कीमत करीब 670.50 रुपये प्रति 100 अंडे रही, जो पिछले साल के मुकाबले 38.7% ज्यादा थी. इस दौरान कीमत 725-730 रुपये प्रति 100 अंडे तक पहुंच गई थी.&amp;nbsp;
चिकन का उत्पादन भी हुआ महंगापिछले चार महीनों में लेयर मुर्गियों के चारे की कीमत 24-26 रुपये से बढ़कर 30-32 रुपये प्रति किलो हो गई है. ब्रॉयलर फीड भी करीब 40 रुपये से बढ़कर 46 रुपये प्रति किलो हो गया है. ब्रॉयलर मुर्गी करीब 35-42 दिनों में 2-2.5 किलो वजन तक पहुंच जाती है. इसलिए चारे की कीमत में छोटी बढ़ोतरी भी कुल उत्पादन लागत पर बड़ा असर डालती है. पोल्ट्री फेडरेशन ऑफ इंडिया के अनुसार ब्रॉयलर की उत्पादन लागत करीब 110 रुपये प्रति किलो है.
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आगे मक्का पर रहेगी नजरसोयाबीन मील की कीमत में कुछ कमी आई है और नई फसल आने के बाद इसकी उपलब्धता बेहतर होने की उम्मीद है. लेकिन मक्के को लेकर चिंता ज्यादा है. इस साल खरीफ में मक्के की बुआई का क्षेत्र करीब 4.1% कम बताया गया है. USDA ने 2026-27 में भारत का मक्का उत्पादन करीब 50 मिलियन टन रहने का अनुमान लगाया है, जबकि 2025-26 में उत्पादन रिकॉर्ड 58.1 मिलियन टन रहा था.
अगर मक्का महंगा होता है तो इसका असर चारे की कीमत पर पड़ेगा. इसके बाद चारा महंगा होगा, उत्पादन लागत बढ़ेगी और दूध, अंडे और चिकन की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है. इसके अलावा मक्के का इस्तेमाल एथेनॉल बनाने में भी होता है. इसलिए सरकार को एक तरफ ईंधन में एथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य और दूसरी तरफ पशु चारे की जरूरत दोनों के बीच संतुलन बनाना होगा.
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        <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 02:30:05 +0530</pubDate>
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        <title>अब आपकी जगह AI करेगा UPI पेमेंट, बिना पिन और OTP के होगा भुगतान</title>
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        <description><![CDATA[ अगर आप हर बार UPI से पेमेंट करते समय पिन डालने या लेनदेन को खुद मंजूरी देने से परेशान हैं, तो आने वाले समय में यह काम AI कर सकता है. भारत में UPI पेमेंट को पहले के मुकाबले और आसान बनाने के लिए ऐसे AI एजेंट्स पर काम हो रहा है, जो आपकी तरफ से खुद छोटे-मोटे पेमेंट कर सकेंगे. इसके लिए भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) एक ऐसी रजिस्ट्री तैयार कर रहा है, जिसमें UPI पर भुगतान करने वाले AI एजेंट्स की पहचान और निगरानी की जाएगी.
AI एजेंट कैसे कर सकेंगे UPI पेमेंट?
आने वाले समय में AI एजेंट यूजर की तरफ से कुछ तय तरीके से डिजिटल पेमेंट खुद कर सकेंग. यानी हर बार UPI ऐप खोलकर खुद पेमेंट करने की जरूरत कम हो सकती है. शुरुआत में किराने के सामान जैसी कम कीमतों वाली खरीदारी के लिए भी इसका इस्तेमाल किए जाने की उम्मीद है. इसकी सबसे खास बात यह है कि इसके हर छोटे ट्रांजैक्शन के लिए अलग से मंजूरी लेने की जरूरत नहीं होगी.
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बिना हर बार PIN और OTP के कैसे होगा पेमेंट?
इस नई व्यवस्था का खास मकसद यह है कि AI एजेंट यूजर की तरफ से तय नियमों के मुताबिक पेमेंट कर सकें. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि UPI पेमेंट में PIN और OTP की जरूरत हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी. इसके बजाय AI एजेंट की पहचान, यूजर की इजाजत, लेनदेन की सीमा और गालट पेमेंट की जानकारी जैसे मुद्दों के लिए सिस्टम तैयार किया जा रहा है.
बड़ी बात यह है कि इस नई व्यवस्था के जरिए आपको हर छोटे भुगतान पर खुद PIN या OTP डालने की जरूरत कम हो सकती है, लेकिन पेमेंट को सुरक्षित रखने के लिए एजेंट की पहचान और ऑथराइजेशन जरूरी होगा.
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        <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 02:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>अब मेहंदी लगाने की भी गई नौकरी, हथेली पर मशीनें बनाएंगी डिजाइन, देखें वीडियो</title>
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        <description><![CDATA[ मेहंदी लगाना वैसे तो एक आर्ट माना जाता है, जिसका हुनर हर किसी के हाथ में नहीं होता है. त्यौहारों के मौसम में लड़कियां या महिलाएं खूब मेहंदी लगवाती हैं. तो वहीं शादियोंमें तो मेहंदी आर्टिस्ट्स की जमकर कमाई होती है. लेकिन अब ऐसा लगता है कि आने वाले समय में मेहंदी लगाने वालों की नौकरी भी खतरे में है. ऐसा हम नहीं कह रहे हैं बल्कि बिजनेसमैन हर्ष गोयनका ने बताया है.
खतरे में मेहंदी आर्टिस्ट्स की जॉबदरअसल मशहूर उद्योगपति हर्ष गोयनका सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं. वो अक्सर अपने आधिकारिक X (पहले ट्विटर) अकाउंट के जरिए कई मजेदार वीडियोज और पोस्ट्स शेयर करते रहते हैं. हाल ही में उन्होंने एक वीडियो शेयर किया है. इस वीडियो में एक महिला के हाथ पर मशीन से मेहंदी लगाई जा रही है. इस वीडियो के शेयर होते ही ये सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो गया है. यहां देखें वीडियो:

Some more jobs gone ???? pic.twitter.com/jKiUzB8gOA
&amp;mdash; Harsh Goenka (@hvgoenka) September 9, 2026



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इस वीडियो को शेयर करते हुए हर्ष ने कैप्शन में लिखा, &#039;कुछ और नौकरियां जाने वाली हैं&#039;. तो वहीं इस वीडियो में नजर आ रहा है कि एक महिला अपना हाथ मशीन के अंदर रखती है. इसके बाद मशीन उसके हाथ पर एक डिजाइन बना देती है. खास बात ये है कि इस पूरे काम में इंसानी मदद बहुत कम दिखाई देती है.
मेहंदी आर्टिस्ट्स के लिए चिंताये वीडियो सामने आते ही सबसे बड़ी चिंता मेहंदी लगाने वाले आर्टिस्ट्स के लिए है. क्योंकि मेहंदी लगाना सिर्फ हाथ पर डिजाइन बनाने का काम नहीं है, बल्कि ये एक स्किल और कला है. शादी, त्योहार और दूसरे खास मौकों पर लोग प्रोफेशनल मेहंदी कलाकारों को बुलाते हैं. अगर मशीनें कम समय में और एक जैसी डिजाइन बना सकती हैं, तो कुछ जगहों पर लोग मशीन का इस्तेमाल करना पसंद कर सकते हैं. इससे मेहंदी लगाने वाले कलाकारों के काम पर असर पड़ने की आशंका है.
लोगों की आई मिली-जुली प्रतिक्रियाइस वीडिय पर जनता की मिली- जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है. कई लोगों का कहना है कि मेहंदी कलाकारों को मशीन से डरने की जरूरत नहीं है. कई यूजर्स का मानना है कि इससे मेहंदी कलाकारों की नौकरी पर कोई खतरा नहीं है. तो वहीं कई यूजर्स ये भी कह रहे हैं कि हाथ से बनाई गई मेहंदी की खूबसूरती को मशीन पूरी तरह नहीं दोहरा सकती. हाथ से बने डिजाइन में छोटी-छोटी कमियां भी उसकी खूबसूरती और इंसानी स्पर्श का हिस्सा होती हैं.
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        <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 02:30:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>CJP प्रोटेस्ट: स्वतंत्र भारद्वाज केस में CJI सख्त, &amp;apos;अगर असामाजिक तत्वों ने...&amp;apos;</title>
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        <description><![CDATA[ जुलाई में हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और छात्र प्रदर्शन का हिस्सा रही एक 14 साल की लड़की को धमकाने और उसके घर पर पथराव के आरोपों को सुप्रीम कोर्ट ने गंभीरता से लिया है. चीफ जस्टिस सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने उत्तर प्रदेश और दिल्ली से इस मामले में स्टेटस रिपोर्ट मांगी है.&amp;nbsp;
छात्र प्रदर्शन मामले से जुड़ी सुनवाई के दौरान एक वकील ने यह मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि हाल ही में एक व्यक्ति ने कुछ वीडियो में यह दावा किया कि उसने CJP के प्रदर्शन के दौरान लड़की के पिता पर हमला किया था. एफआईआर दर्ज होने के बाद उस व्यक्ति को गिरफ्तार भी किया गया है, लेकिन अब लड़की को धमकाया जा रहा है.
स्वतंत्र भारद्वाज ने किया था दावा
स्वतंत्र भारद्वाज नाम के शख्स ने एक पॉडकास्ट में दावा किया था कि उसने सीजेपी की कार्यकर्ता के पिता की पिटाई की थी. पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया. हालांकि सीजेपी के प्रोटेस्ट के बाद दिल्ली पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया और इस समय वो न्यायिक हिरासत में है.
वकील ने दावा किया कि लड़की के घर पर पथराव किए जाने के वीडियो भी मौजूद हैं. अगर उसे किसी तरह का नुकसान पहुंचता है तो बाद में उसकी भरपाई संभव नहीं होगी. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पथराव में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है. इसकी बजाय बच्ची और उसके परिवार के खिलाफ एक एफआईआर दर्ज की गई है.
मामले को रखते हुए वकील ने यह आरोप भी लगाया जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान जिन लोगों ने हमला किया, उन्हें बाद में 4 पुलिसकर्मियों के साथ देखा गया. इस बात के सबूत के तौर पर वीडियो उपलब्ध हैं.
सीजेआई की अहम टिप्पणी
इन आरोपों को सुनने के बाद चीफ जस्टिस (CJI) ने कहा कि बच्चा तो बच्चा ही है, उसकी सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए. चीफ जस्टिस ने कहा, &quot;अगर असामाजिक तत्वों ने बच्ची के खिलाफ हिंसा की है और वह अभी भी आज़ाद हैं, उसे डराने-धमकाने की कोशिश कर रहे हैं, तो यह गंभीर मामला है.&quot;
कोर्ट में &amp;nbsp;सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि उन्हें सोशल मीडिया पर लड़की की तरफ से किए गए पोस्ट के जरिए इस मामले की जानकारी मिली है. इसके बाद कोर्ट ने कहा कि बच्ची की तरफ से दर्ज एफआईआर में की गई कार्रवाई होनी चाहिए. उसकी और उसके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए. कोर्ट ने उत्तर प्रदेश और दिल्ली से मामले पर रिपोर्ट देने को कहा. ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 21:30:10 +0530</pubDate>
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        <title>गले में फंसा ट्रैक्टर का टायर, चाय बागान में भटकता दिखा जंगली हाथी</title>
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        <description><![CDATA[ असम के नुमलीगढ़ इलाके से वन्यजीवों के लिए बढ़ते खतरे की एक हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई है. बकियाल क्षेत्र में एक जंगली हाथी के गले में ट्रैक्टर का बड़ा टायर फंसा हुआ दिखाई दिया. हाथी को एक चाय बागान में घूमते हुए देखा गया, जिसके बाद स्थानीय लोगों के बीच चिंता बढ़ गई.
हाथी के गले में टायर कैसे फंसा, इसकी अभी स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है. स्थानीय लोगों का अनुमान है कि भोजन की तलाश में घूमते समय हाथी किसी जगह पड़े पुराने टायर के संपर्क में आया होगा और वह उसके गले में फंस गया. हालांकि, इस बात की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
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चाय बागान में घूमता दिखा हाथी
बकियाल इलाके में लोगों की नजर जब इस हाथी पर पड़ी तो उसके गले में टायर देखकर वे हैरान रह गए. हाथी चाय बागान के भीतर घूम रहा था. उसकी तस्वीर भी कैमरे में कैद हुई, जिसके बाद यह मामला चर्चा में आया. वन्यजीवों के विशेषज्ञों के लिए इस तरह की घटनाएं चिंता का विषय हैं, क्योंकि जंगलों और हाथियों के आने-जाने वाले इलाकों में फेंका गया कचरा जानवरों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है.
वन विभाग से निगरानी की मांग
घटना सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने वन विभाग से हाथी पर नजर रखने की अपील की है. लोगों का कहना है कि अगर टायर हाथी के गले में फंसा रहा तो उसके चलने, खाने और सामान्य गतिविधियों पर असर पड़ सकता है. स्थानीय स्तर पर यह भी मांग उठ रही है कि जरूरत पड़ने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर हाथी की स्थिति का आकलन करे और सुरक्षित तरीके से टायर निकालने के लिए जरूरी कदम उठाए.
जंगलों में कचरा वन्यजीवों के लिए बन रहा खतरा
इस घटना ने जंगल और वन्यजीवों के आसपास कचरा फेंकने की समस्या को भी सामने ला दिया है. पुराने टायर, प्लास्टिक और दूसरी चीजें जंगल में लंबे समय तक पड़ी रहती हैं और जानवर अनजाने में इनके संपर्क में आ सकते हैं. हाथियों जैसे बड़े वन्यजीव अक्सर भोजन और पानी की तलाश में जंगल से बाहर निकलकर चाय बागानों और आसपास के इलाकों तक पहुंचते हैं. ऐसे क्षेत्रों में पड़ा गैर-जरूरी सामान उनके लिए फंसने, घायल होने या अन्य तरह की परेशानी का कारण बन सकता है.

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        <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 21:30:09 +0530</pubDate>
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        <title>वंदे मातरम विवादः ‘छह अंतरे तभी गाए जाएंगे, जब...’, DKS सरकार का बड़ा फैसला</title>
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        <description><![CDATA[ कर्नाटक में मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने राष्ट्रगीत वंदे मातरम के अंतरों के गायन को लेकर गुरुवार (10 सितंबर, 2026) को बड़ा आदेश जारी किया है. इस आदेश में डीके शिवकुमार सरकार ने कहा है कि कर्नाटक राज्य के सरकारी कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत वंदे मातरम के सिर्फ पहले दो अंतरे ही गाए जाएंगे. हालांकि, राज्य सरकार की तरफ से वंदे मातरम के सभी छह अंतरों के गायन को लेकर भी निर्देश जारी किए हैं.
कर्नाटक की कांग्रेस सरकार की तरफ से यह फैसला ऐसे समय में किया गया है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (BJP) की केंद्र सरकार ने सभी सरकारी कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत वंदे मातरम के सभी छह अंतरे के गायन को अनिवार्य किया है.
किन कार्यक्रमों में गाए जाएंगे वंदे मातरम के सभी छह अंतरे?
हालांकि, कर्नाटक की डीके शिवकुमार सरकार के इस आदेश में राष्ट्रगीत वंदे मातरम के सभी छह अंतरों के गायन को पूरी तरह से प्रतिबंधित नहीं किया गया है. इस आदेश में एक ऐसा प्रावधान भी किया गया है, जिसके मुताबिक, जब किसी भी सरकारी कार्यक्रम में देश के राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री या राज्यपाल स्वयं मौजूद होंगे, तो सिर्फ उन्हीं कार्यक्रमों में हीं राष्ट्रगीत वंदे मातरम के सभी छह अंतरे गाए जाएंगे.&amp;nbsp;

इसके अलावा, राज्य सरकार के किसी भी कार्यक्रम में राष्ट्रगीत वंदे मातरम के सिर्फ पहले दो अंतरे ही गाए जाएंगे. मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की सरकार की तरफ से इस संबंध में आधिकारिक निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं.
देश में लागू हो गया वंदे मातरम कानून
उल्लेखनीय है कि मानसून सत्र के दौरान केंद्र की मोदी सरकार की तरफ से संसद में राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) अधिनियम, 2026, जिसे वंदे मातरम बिल भी कहा जाता है, को पेश किया गया था, जो संसद के दोनों सदनों- लोकसभा और राज्यसभा- से पारित हो चुका है. इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी इस बिल पर साइन करके इसे कानून में परिवर्तित कर दिया है. राष्ट्रपति से मंजूरी मिलने के बाद इस कानून को पूरे देश में लागू कर दिया गया है.
इस कानून के तहत अब राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम का अपमान करना या इसके गायन में किसी भी तरह से बाधा डालना एक दंडनीय अपराध बन गया है और इस अपराध के लिए दोषी को तीन साल तक की जेल की सजा, जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 21:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>स्क्रैप कारोबार पर दबदबा बनाने वाले ‘सुखा’ पर ED का एक्शन, 17 संपत्तियां अटैच</title>
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        <description><![CDATA[ केंद्र शासित प्रदेश दमन में स्क्रैप कारोबार और ट्रांसपोर्ट सेवाओं पर कथित तौर पर दबदबा कायम करने वाले सुरेश जगुभाई पटेल उर्फ &amp;lsquo;सुखा&amp;rsquo; के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है. ED के सूरत सब-जोनल कार्यालय ने मंगलवार (8 सितंबर, 2026) को मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट, 2002 के तहत दमन और गुजरात के वलसाड जिले में स्थित 17 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया है. इन संपत्तियों की कीमत करीब 6.52 करोड़ रुपये बताई गई है.
कई आपराधिक मामलों के आधार पर शुरू हुई जांच
ED ने दमन पुलिस, गुजरात पुलिस और मुंबई पुलिस की ओर से सुरेश पटेल उर्फ सुखा और उसके सहयोगियों के खिलाफ दर्ज FIR के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी. इन मामलों में भ्रष्टाचार, अवैध हथियार रखने, हत्या, जबरन वसूली, जालसाजी, पासपोर्ट में फर्जीवाड़ा और कॉपीराइट उल्लंघन जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं.
प्रतिद्वंद्वी कारोबारियों को हटाकर बनाया दबदबा&amp;nbsp;
जांच में ED को पता चला कि सुरेश जगुभाई पटेल ने कथित तौर पर धमकी, डराने-धमकाने, बाहुबल और अपने आपराधिक रिकॉर्ड से पैदा आतंक के जरिए दमन में स्क्रैप ट्रेडिंग और ट्रांसपोर्ट कारोबार पर एकाधिकार कायम किया. एजेंसी के मुताबिक, उसने अपने प्रतिद्वंद्वी कारोबारियों को रास्ते से हटाकर कारोबार में अपना दबदबा बनाया.&amp;nbsp;

2024 में दाखिल हो चुकी है अभियोजन शिकायत
इस मामले में ईडी ने 27 नवंबर, 2024 को दमन की विशेष PMLA अदालत में प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट नंबर 10/2024 दाखिल की थी. इसमें सुरेश जगुभाई पटेल, उसके सहयोगी महेश नंदा और अन्य को आरोपी बनाया गया था.
अब तक 13.85 करोड़ की संपत्ति पर कार्रवाई
ED के मुताबिक, इससे पहले जांच के दौरान 2.90 करोड़ रुपये की नकदी और बैंक बैलेंस जब्त/फ्रीज किए गए थे. इसके अलावा, दमन और मुंबई में स्थित 24 अचल संपत्तियां, जिनकी कीमत करीब 4.42 करोड़ रुपये है, अस्थायी रूप से अटैच की जा चुकी हैं और PMLA की निर्णायक प्राधिकरण (Adjudicating Authority), नई दिल्ली ने इन्हें पुष्टि भी कर दी है.
ताजा कार्रवाई के बाद इस मामले में अब तक कुल करीब 13.85 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियां जब्त, अटैच या फ्रीज की जा चुकी हैं. ईडी ने कहा है कि मामले में आगे की जांच जारी है.
यह भी पढ़ेंः वंदे मातरम विवादः &amp;lsquo;छह अंतरे तभी गाए जाएंगे, जब...&amp;rsquo;, DKS सरकार का बड़ा फैसला ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 21:30:06 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>स्क्रैप, कारोबार, पर, दबदबा, बनाने, वाले, ‘सुखा’, पर, का, एक्शन, संपत्तियां, अटैच</media:keywords>
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        <title>&amp;apos;e&amp;KYC हो और...&amp;apos;, बच्चों के सोशल मीडिया अकाउंट पर SC ने जारी किया नोटिस</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/e-kyc-हो-और-बच्चों-के-सोशल-मीडिया-अकाउंट-पर-sc-ने-जारी-किया-नोटिस</link>
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        <description><![CDATA[ 18 साल से कम उम्र के बच्चों का सोशल मीडिया अकाउंट खोलने के लिए हुए कांट्रेक्ट को अमान्य करार देने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया है. याचिका में यह मांग भी की गई है कि सोशल मीडिया अकाउंट बनाने से पहले माता-पिता या कानूनी अभिभावक की सहमति और ई-केवाईसी अनिवार्य की जाए.
गुरुवार, 10 सितंबर को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका को अहम माना. याचिकाकर्ता के लिए पेश वरिष्ठ वकील एच एस फुल्का की दलीलें थोड़ी देर सुनने के बाद चीफ जस्टिस सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली 3 जजों की बेंच ने केंद्र सरकार से जवाब मांग लिया.
भारतीय कानूनों का हवाला
बाल अधिकारों के लिए काम करने वाली संस्था &amp;lsquo;जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन एलायंस&amp;rsquo; (JRCA) की तरफ से दाखिल याचिका में कहा गया है कि भारत में मेजोरिटी एक्ट, 1875 वयस्क होने की उम्र 18 साल तय करता है. इंडियन कांट्रेक्ट एक्ट, 1872 के तहत भी नाबालिग व्यक्ति किसी कानूनी कांट्रेक्ट के लिए सक्षम नहीं है. इतना ही नहीं, 2023 का डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट भी बच्चों का सोशल मीडिया अकाउंट बनाने के लिए माता-पिता की सहमति को जरूरी बताता है.
अमेरिका में अलग कानून
याचिकाकर्ता ने बताया है कि तमाम भारतीय कानूनों के होते हुए डिजिटल प्लेटफॉर्म अमेरिकी कानून के हिसाब से सिर्फ 13 साल की उम्र से स्वतंत्र अकाउंट बनाने की अनुमति दे रहे हैं. इसमें मेटा, इंस्टाग्राम, यूट्यूब, स्नैपचैट जैसे तमाम डिजिटल प्लेटफॉर्म शामिल हैं. यह व्यवस्था बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से गंभीर समस्या है.
बच्चों की सुरक्षा का सवाल
संस्था ने कहा है कि बिना उम्र की जांच और अभिभावकों की निगरानी के सोशल मीडिया का इस्तेमाल बच्चों को ऑनलाइन ग्रूमिंग, मानव तस्करी, साइबर बुलिंग और यौन शोषण जैसे खतरों के सामने असुरक्षित खड़ा कर रहा है. कंपनियां सिर्फ जन्मतिथि पूछने के बजाय तकनीकी माध्यम से भी उम्र की पुष्टि करें. बच्चों के लिए अभिभावक की निगरानी वाली सुरक्षित डिजिटल व्यवस्था बनाई जाए.
कोरियन पॉप स्टार मामले का ज़िक्रसुनवाई के दौरान यह कहा गया कि बच्चों की तस्वीरों और निजी जानकारी का गलत इस्तेमाल कर उन्हें ब्लैकमेल भी किया जा सकता है. याचिका में एक मामले का उदाहरण देते हुए बताया गया है कि पॉप स्टार बनाने का झांसा देकर 2 नाबालिग लड़कियों को दक्षिण कोरिया भेजने के नाम पर घर से भगाया गया था, जिन्हें बाद में सिलीगुड़ी में बचाया गया.
याचिका में बच्चों पर सोशल मीडिया के मानसिक असर को लेकर भी चिंता जताई गई है. इसमें कहा गया है कि ज्यादा स्क्रीन टाइम, सोशल मीडिया की लत, डिप्रेशन, एकाग्रता में कमी और बच्चों को प्रभावित करने वाले एल्गोरिदम भी उनके लिए नुकसानदेह हो सकते हैं. ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 21:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>दिल्ली में EWS एडमिशन का मौका, 20 सितंबर तक भरें फॉर्म</title>
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        <description><![CDATA[ दिल्ली में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और फ्रीशिप कैटेगरी के तहत प्राइवेट स्कूलों में एडमिशन का इंतजार कर रहे पेरेंट्स के लिए जरूरी खबर है. दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 2 से आगे की कक्षाओं में खाली ईडब्ल्यूएस और फ्रीशिप सीटों पर एडमिशन की ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू कर दी है.
इच्छुक उम्मीदवार 20 सितंबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं. ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 8 सितंबर से शुरू हुई है. आवेदन पूरा होने के बाद खाली सीटों पर एडमिशन कंप्यूटरीकृत ड्राॅ ऑफ लॉट्स के जरिए किया जाएगा. डीओई के शेड्यूल के अनुसार ड्रॉ 24 सितंबर को आयोजित किए जाने की संभावना है.&amp;nbsp;
किन स्कूलों में मिलेगा एडमिशन?&amp;nbsp;
यह प्रक्रिया सरकारी और डीडीए की ओर आवंटित जमीन पर संचालित निजी गैर सहायता प्राप्त मान्यता प्राप्त स्कूलों में कक्षा 2 और उससे ऊपर की खाली ईडब्ल्यूएस फ्रीशिप सीटों के लिए है. इसमें अल्पसंख्यक संस्थान में शामिल नहीं होंगे. सीटों का आवंटन पेरेंट्स की ओर से चुने गए स्कूलों और उनके आवासीय एड्रेस के आधार पर कंप्यूटर ड्राॅ से होगा. डीओई ने स्पष्ट किया है कि एड्रेस की जानकारी सही होना जरूरी है. पसंद के स्कूल में एडमिशन पाने के लिए गलत लोकेलिटी या एड्रेस दर्ज करने पर नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है.&amp;nbsp;
EWS एडमिशन के लिए कौन कर सकते हैं आवेदन?
ईडब्ल्यूएस कैटेगरी में आवेदन करने वाले परिवार की सभी सोर्स से सालाना आय 5 लाख रुपये से कम होनी चाहिए. इसके लिए दिल्ली सरकार के राजस्व विभाग से जारी वैध आय प्रमाण पत्र जरूरी होगा. इसके अलावा बीपीएल, एएवाय राशन कार्ड या फूड सिक्योरिटी कार्ड रखने वाले परिवारों के बच्चे भी आवेदन कर सकते हैं. इस एडमिशन प्रक्रिया में आवेदन करने वाले का दिल्ली का निवासी होना अनिवार्य है.&amp;nbsp;
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कक्षा के हिसाब से तय है उम्र&amp;nbsp;
डीओई ने कक्षा 2 से 9 तक एडमिशन के लिए उम्र सीमा भी निर्धारित की है. 31 मार्च 2026 को कक्षा 2 में आवेदन करने वाले बच्चे की उम्र 6 साल उससे ज्यादा लेकिन 7 साल से कम होनी चाहिए. इसके बाद कक्षा तीन में एडमिशन लेने वाले की उम्र 7 साल या उससे ज्यादा लेकिन 8 साल से कम होनी चाहिए. वहीं कक्षा 4 में एडमिशन लेने वाले की उम्र 8 साल या उससे ज्यादा, लेकिन 9 साल से कम होनी चाहिए. ऐसे ही हर कक्षा के लिए उम्र सीमा 1 साल बढ़ती जाएगी.&amp;nbsp;
एक बच्चे के लिए सिर्फ एक आवेदन&amp;nbsp;
अभिभावकों को आवेदन करते समय खास सावधानी की जरूरत है. एक बच्चे के लिए केवल एक ही रजिस्ट्रेशन और आवेदन किया जा सकता है. आवेदन के लिए मोबाइल नंबर का इस्तेमाल किया जाएगा. एक ही बच्चे के लिए एक से ज्यादा आवेदन या एक ही परिवार की ओर से डुप्लीकेट आवेदन मिलने पर रजिस्ट्रेशन रद्द किया जा सकता है. ऑनलाइन फॉर्म भरते समय जन्म प्रमाण पत्र, एड्रेस प्रमाण पत्र, ईडब्ल्यूएस के लिए आय प्रमाण पत्र, लागू होने पर जाति प्रमाण पत्र, सीडब्ल्यूएसएन कैटेगरी के लिए दिव्यांग प्रमाण पत्र और हाल ही के पासपोर्ट साइज फोटो जैसे डॉक्यूमेंट तैयार होने जरूरी है.
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        <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 20:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>बिहार बोर्ड में टॉपर्स पर सरकार मेहरबान, 2 लाख रुपये का मिलेगा इनाम</title>
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        <description><![CDATA[ बिहार बोर्ड की 10वीं और 12वीं की वार्षिक परीक्षा 2026 में शानदार प्रदर्शन करने वाले छात्रों को राज्य सरकार ने सम्मानित किया है. पटना के नेक संवाद में आयोजित राज्य स्तरीय मेधावी छात्र सम्मान समारोह में मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षा के कुल 168 टॉपर को सम्मान दिया गया. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मेधावी विद्यार्थियों को मेडल और पुरस्कार राशि प्रदान की. समारोह में टॉपर्स के साथ उनके परिवार के सदस्य भी मौजूद रहे. सरकार ने छात्रों की उपलब्धि को सम्मान देने के साथ उन्हें आगे पढ़ाई के लिए आर्थिक मदद देने का भी ऐलान किया. पुरस्कार पाने वाले सभी 168 विद्यार्थियों को लैपटॉप खरीदने के लिए 51,000 की अतिरिक्त सहायता राशि दी जाएगी.&amp;nbsp;
पहले स्थान पर आने वाले को 2 लाख रुपये
बिहार बोर्ड मैट्रिक और इंटरमीडिएट टॉपर्स के लिए अलग-अलग रैंक के आधार पर पुरस्कार राशि तय की गई है. राज्य स्तर पर पहला स्थान हासिल करने वाले विद्यार्थी को 2 लाख रुपये दिए गए. दूसरे स्थान पर रहने वाले को 1.5 लाख रुपये और तीसरे स्थान वाले को 1 लाख की पुरस्कार राशि मिली. इंटरमीडिएट परीक्षा में चौथा और पांचवें स्थान पर आने वाले छात्रों को 30-30 हजार रुपये दिए गए. वहीं मैट्रिक में चौथे से 10वें स्थान पर रहने वाले विद्यार्थियों को 20-20 मिले. &amp;nbsp;इन पुरस्कारों के अलावा सभी सम्मानित छात्रों को लैपटॉप के लिए 51 हजार रुपये अलग से दिए जाएंगे.&amp;nbsp;
इंटर टॉपर्स को हर महीने मिलेगी स्कॉलरशिप&amp;nbsp;
सरकार की ओर से इंटरमीडिएट के मेधावी छात्रों के लिए स्कॉलरशिप का भी प्रावधान किया गया है. देश रत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेधा छात्रवृत्ति के तहत इंटर टॉपर्स को हर महीने 2500 रुपये दिए जाएंगे. नॉर्मल ग्रेजुएशन करने वाले छात्रों को यह छात्रवृत्ति 3 साल, टेक्निकल अंडर ग्रेजुएट डिग्री के लिए 4 साल और 5 वर्षीय इंटीग्रेटेड कोर्स के लिए 5 साल तक मिलेगी. टेक्निकल डिप्लोमा करने वाले विद्यार्थियों को कोर्स पूरा होने तक इसका लाभ दिया जाएगा. मैट्रिक परीक्षा में टॉप 10 में जगह बनाने वाले छात्रों को कक्षा 11वीं और 12वीं के दौरान 2 साल तक हर महीने 2000 रुपये की स्कॉलरशिप मिलेगी. टेक्निकल डिप्लोमा में एडमिशन लेने वाले छात्रों के लिए यह सहायता कोर्स पूरा होने तक जारी रहेगी.&amp;nbsp;
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इन छात्रों ने किया टॉप&amp;nbsp;
इंटरमीडिएट साइंस में समस्तीपुर के उच्च माध्यमिक विद्यालय पांड़ के आदित्य प्रकाश अमन ने पहला स्थान हासिल किया. सीतामढ़ी की साक्षी कुमारी और नागदा की सपना कुमारी संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर रही. आर्ट्स में गया कि यशवंत इंटर विद्यालय, खिजरसराय की निशु कुमारी टॉपर बनी. सीतामढ़ी की सिद्धि शिखा और लखीसराय के चंद्रदीप कुमार ने दूसरा स्थान हासिल किया. पूर्णिया के एमडी लकी अंसारी भी टॉपर में शामिल है. कॉमर्स में पटना के सेंट जेवियर्स हाई स्कूल की अदिति कुमारी पहले स्थान पर रही. पटना की माही कुमारी दूसरे और निशिका श्री तीसरे स्थान पर रही. वोकेशनल कोर्स में सारण के प्रियांशु राज ने टॉप किया, जबकि अनिका उपाध्याय दूसरे स्थान पर रही. इस साल पहली बार बिहार बोर्ड के सम्मान समारोह में वोकेशनल कोर्स के टॉपर को भी शामिल किया गया. मैट्रिक में जमुई के सिमुलतला आवासीय विद्यालय की पुष्पांजलि कुमारी और वैशाली की सबरीन परवीन ने संयुक्त रूप से पहला स्थान हासिल किया. दोनों ने 500 से 492 अंक यानी 98.4 प्रतिशत अंक हासिल किए. बेगूसराय की नाहिद सुल्तान दूसरे स्थान पर रही.&amp;nbsp;
CM ने कहा नौकरी लेने वाले नहीं देने वाले बनें
सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने छात्रों को आगे बढ़ाने और दूसरों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने की दिशा में काम करने की बात कही. उन्होंने कहा कि बिहार के युवाओं को केवल नौकरी तलाशने तक नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनने का टारगेट रखना चाहिए. सीएम ने यह भी घोषणा की कि अगले साल से बोर्ड टॉपर्स का सम्मान समारोह परीक्षा परिणाम जारी होने की एक महीने के अंदर आयोजित किया जाएगा, ताकि मेधावी विद्यार्थियों को उनकी सफलता के लिए समय पर प्रोत्साहन मिल सके.
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        <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 20:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>UPSSSC PET 2026 का शेड्यूल जारी, 23 अक्टूबर से होगा एग्जाम</title>
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        <description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने प्रारंभिक अर्हता परीक्षा 2026 की परीक्षा तारीख घोषित कर दी है. आयोग के शेड्यूल के अनुसार UPSSSC PET 2026 का आयोजन 23, 24 और 25 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा. परीक्षा तीन दिनों तक चलेगी और हर दिन दो शिफ्ट में उम्मीदवार परीक्षा देंगे. जिन उम्मीदवारों ने पीईटी 2026 के लिए आवेदन किया है, उन्हें अब परीक्षा की तैयारी पर जोर देना चाहिए. परीक्षा से जुड़ी तारीख, शिफ्ट और केंद्र की जानकारी एडमिट कार्ड के जरिए उम्मीदवारों को मिलेगी. वहीं आयोग ने अभी एडमिट कार्ड को लेकर तारीख की घोषणा नहीं की है.&amp;nbsp;
दो शिफ्टों में होगी PET 2026 की परीक्षा&amp;nbsp;
UPSSSC PET 2026 की परीक्षा तीन दिनों में आयोजित की जाएगी. पहली शिफ्ट सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगी, जबकि दूसरी शिफ्ट दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी. दोनों शिफ्ट में परीक्षा की अवधि 2 घंटे रहेगी. उम्मीदवारों को कौन सी तारीख, शिफ्ट और परीक्षा केंद्र आवंटित किया जाएगा, इसकी जानकारी उनके हॉल टिकट में दी जाएगी. एडमिट कार्ड में रिपोर्टिंग टाइम और परीक्षा केंद्र से जुड़े जरूरी निर्देश भी दर्ज होंगे.
कब तक जारी होगा एडमिट कार्ड?
UPSSSC ने अभी पीईटी 2026 के लिए एडमिट कार्ड की तारीख जारी नहीं की है. परीक्षा से पहले हॉल टिकट उपलब्ध कराया जाएगा. उम्मीदवारों को आयोग की ऑफिशियल वेबसाइट और नोटिस बोर्ड पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है. एडमिट कार्ड जारी होने के बाद उम्मीदवार वेबसाइट पर जाकर नोटिस बोर्ड सेक्शन में पीईटी एडमिट कार्ड का नोटिफिकेशन देख सकेंगे. लॉगिन डिटेल दर्ज करने के बाद हॉल टिकट डाउनलोड किया जा सकेगा. इसे डाउनलोड करने के बाद उसमें नाम, परीक्षा की तारीख, शिफ्ट और केंद्र की जानकारी जरूर देखनी होगी.&amp;nbsp;
100 सवाल, 100 नंबर का पेपर&amp;nbsp;
UPSSSC PET 2026 में कुल 100 एमसीक्यू प्रश्न पूछे जाएंगे और पेपर 100 अंकों का होगा. परीक्षा में भारतीय इतिहास, भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन, भूगोल, भारतीय अर्थव्यवस्था, भारतीय संविधान एवं लोक प्रशासन, सामान्य विज्ञान, प्रारंभिक अंकगणित, सामान्य हिंदी, सामान्य अंग्रेजी, रीजनिंग और सामान्य जागरूकता जैसे विषय शामिल होंगे. परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग भी होगी. प्रत्येक गलत उत्तर के लिए के लिए उस प्रश्न के निर्धारित अंक का एक चौथाई हिस्सा काटा जाएगा. ऐसे में उम्मीदवारों को सवाल हल करते समय अनुमान से जवाब देने से बचना होगा.&amp;nbsp;
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10वीं पास उम्मीदवार दे सकते हैं परीक्षा&amp;nbsp;
पीईटी 2026 के लिए किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से कक्षा 10वीं परीक्षा पास उम्मीदवार पात्र होंगे. इसके अलावा मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से इससे उच्च योग्यता रखने वाले उम्मीदवार भी आवेदन कर सकते हैं. आयु की बात करें तो 1 जुलाई 2026 को उम्मीदवार की उम्र कम से कम 18 और अधिकतम 40 वर्ष होनी चाहिए. आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों काे आयोग के नियमों के अनुसार छूट दी जाएगी.&amp;nbsp;
7 सितंबर को खत्म हो चुका है आवेदन&amp;nbsp;
UPSSSC PET 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 3 अगस्त 2026 से शुरू हुई थी. आवेदन करने के अंतिम तारीख 7 सितंबर 2026 निर्धारित की गई थी. परीक्षा फीस जमा करने की आखिरी तारीख भी 7 सितंबर थी, जबकि आवेदन में सुधार के लिए 8 सितंबर तक का समय दिया गया था. आवेदन फीस सामान्य और ओबीसी वर्ग के लिए 185 रुपये एससी, एसटी के लिए 95 रुपये और दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए 25 रुपये निर्धारित थी.
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        <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 20:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>उत्तराखंड में PCS में 67 पदों पर भर्ती, DSP और डिप्टी कलेक्टर बनने का मौका </title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/उत्तराखंड-में-pcs-में-67-पदों-पर-भर्ती-dsp-और-डिप्टी-कलेक्टर-बनने-का-मौका</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/उत्तराखंड-में-pcs-में-67-पदों-पर-भर्ती-dsp-और-डिप्टी-कलेक्टर-बनने-का-मौका</guid>
        <description><![CDATA[ उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (UKPSC) ने राज्य सिविल/प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा 2026 के लिए भर्ती विज्ञापन जारी कर दिया है. इस भर्ती के जरिए प्रदेश के अलग-अलग विभागों में ग्रुप बी के कुल 67 पदों को भरा जाएगा. इनमें डिप्टी कलेक्टर, पुलिस उपाधीक्षक, जिला कमांडेंट होमगार्ड, वित्त अधिकारी, ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर समेत कई दूसरे पद शामिल है. भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन के प्रक्रिया 9 सितंबर 2026 से शुरू हो चुकी है. योग्य एलिजिबल उम्मीदवार 29 सितंबर 2026 रात 11:59 बजे तक आयोग की वेबसाइट पर के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं. आवेदन फीस जमा करने की अंतिम तारीख भी 29 सितंबर ही है.&amp;nbsp;
DSP के हैं सबसे ज्यादा पद&amp;nbsp;
UKPSC की ओर से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार कुल 67 रिक्तियों में सबसे ज्यादा 14 पद पुलिस उपाधीक्षक के हैं. डिप्टी कलेक्टर के लिए 10 पद निर्धारित किए गए हैं. इसके अलावा सहायक निदेशक/लेखा परीक्षा अधिकारी के 8, ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर के 5 और सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी के 5 पद हैं. वहीं वित्त अधिकारी/कोषाधिकारी के 4, संस्कृत शिक्षा विभाग में सहायक निदेशक/उपसचिव के 4, जिला कमांडेंट होमगार्ड के 2 और सहायक निदेशक कारखाना/बॉयलर के 2 पद है. सहायक आयुक्त राज्य कर, सहायक नगर आयुक्त/अधिशासी अधिकारी कैटेगरी 1, उप शिक्षा अधिकारी/स्टाफ ऑफिसर/विधि अधिकारी, सहायक श्रम आयुक्त और उद्यान विकास अधिकारी कैटेगरी 2 के एक-एक पद रखे गए हैं. राज्य कर अधिकारी के 5 और महिला कल्याण विभाग में केस वर्कर के 3 पद भी भर्ती में शामिल है.&amp;nbsp;
67 पदों का कैटेगरी वाइज ब्यौरा
कुल 67 पदों में 37 पद सामान्य वर्ग के लिए है. अनुसूचित जाति के लिए 13, अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 11 और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 6 पद निर्धारित है. कुल पदों पर उत्तराखंड की महिलाओं और राज्य आंदोलनकारियों के लिए क्षैतिज आरक्षण भी लागू होगा.&amp;nbsp;
किस पद पर कितनी मिलेगी सैलरी?
भर्ती में शामिल अधिकांश पद लेवल 10 के हैं, जिनका सैलरी 56,100 रुपये से 1,77,500 रुपये तक है. राज्य कर अधिकारी का पद लेवल 7 में है, जिसकी सैलरी 44,900 से 1,42,400 रुपये है. वहीं केस वर्कर के लिए लेवल 6 के तहत 35,400 से 1,12,400 रुपये तक सैलरी निर्धारित है.
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कौन कर सकता है आवेदन?
ज्यादातर पदों के लिए मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन डिग्री जरूरी है. हालांकि कुछ पदों के लिए अलग-अलग शैक्षणिक योग्यता रखी गई है. सहायक निदेशक/लेखा परीक्षा अधिकारी के लिए कॉमर्स में ग्रेजुएशन की योग्यता चाहिए. उप शिक्षा अधिकारी/स्टाफ ऑफिसर/विधि अधिकारी के लिए पोस्ट ग्रेजुएशन निर्धारित है. सहायक श्रम आयुक्त के लिए अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र, कॉमर्स जैसे सब्जेक्ट में ग्रेजुएशन होना जरूरी है. वहीं संस्कृत शिक्षा विभाग के पद के लिए संस्कृत में पोस्ट ग्रेजुएशन या बीएड की योग्यता दी गई है. सहायक निदेशक कारखाना/बॉयलर के लिए मैकेनिक या इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिग्री, जबकि उद्यान विकास अधिकारी के लिए हॉर्टिकल्चर या कृषि से संबंधित डिग्री जरूरी होगी. वही केस वर्कर पद के लिए समाजशास्त्र, एप्लाइड सोशियोलॉजी या सोशल वर्क में पोस्ट ग्रेजुएशन जरूरी है.&amp;nbsp;
कितने चरणों में होगा चयन?
यूकेपीएससी की भर्ती प्रक्रिया के आवेदन 9 सितंबर से शुरू हो चुके हैं और 29 सितंबर तक आवेदन जारी रहेंगे. आवेदन में सुधार के लिए 7 से 16 अक्टूबर तक विंडो खुलेगी. वहीं उम्मीदवारों का चयन प्रारंभिक परीक्षा, लिखित परीक्षा, इंटरव्यू, मेडिकल जांच और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के चरणों के जरिए किया जाएगा. प्रारंभिक परीक्षा में जनरल स्टडीज और जनरल एप्टीट्यूड के पेपर होंगे, जबकि मुख्य परीक्षा में समान हिंदी निबंध और सामान्य अध्ययन के अलग-अलग पेपर शामिल है.
ये भी पढ़ें-रेलवे में पैरामेडिकल की 560 वैकेंसी, 15 सितंबर से शुरू होगा आवेदन ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 20:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>उत्तराखंड, में, PCS, में, पदों, पर, भर्ती, DSP, और, डिप्टी, कलेक्टर, बनने, का, मौका </media:keywords>
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        <title>पहले से टीईटी वाले शिक्षकों को दोबारा देना होगा स्पेशल TET, क्या बोला शिक्षा विभाग?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/पहले-से-टीईटी-वाले-शिक्षकों-को-दोबारा-देना-होगा-स्पेशल-tet-क्या-बोला-शिक्षा-विभाग</link>
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        <description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश में कार्यरत शिक्षकों और विशेष शिक्षकों के लिए आयोजित होने वाली स्पेशल टीईटी को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग ने स्थिति को स्पष्ट कर दिया है. विभाग ने बताया कि जिन शिक्षकों ने पहले ही टीईटी या सीटीईटी पास कर रखा है, उन्हें दोबारा स्पेशल टीईटी पास करने की जरूरत नहीं होगी. वहीं ऐसे शिक्षक, जिन्होंने अभी तक &amp;nbsp;टीईटी या सीटीईटी में सफलता हासिल नहीं की है उन्हें स्पेशल टीईटी के लिए आवेदन कर परीक्षा में शामिल होना होगा. बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने संबंध में निर्देश जारी किए हैं. शासन के निर्देश के बाद उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने स्पेशल टीईटी 2026 का विज्ञापन भी जारी कर दिया है. परीक्षा 3 नवंबर 2026 को आयोजित की जाएगी.&amp;nbsp;
किन शिक्षकों को मिलेगा स्पेशल TET का मौका?
स्पेशल टीईटी का आयोजन प्राथमिक और प्राथमिक स्तर पर काम कर रहे हैं, शिक्षकों तथा विशेष शिक्षकों के लिए किया जा रहा है. प्राथमिक स्तर पर कक्षा 1 से 5 तक पढ़ने वाले शिक्षक इसके दायरे में होंगे. इनमें बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों, स्थानीय निकायों के स्कूल, &amp;nbsp;राज्य सरकार या बेसिक शिक्षा परिषद से मान्यता अथवा संबंधित विद्यालयों और सहायता प्राप्त विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक शामिल है. प्राथमिक स्तर के स्पेशल टीचर भी परीक्षा में शामिल हो सकेंगे. इस तरह उच्च प्राथमिक स्तर पर कक्षा 6 से 8 तक पढ़ाने वाले एलिजिबल शिक्षक और स्पेशल टीचर को भी परीक्षा में शामिल होने का अवसर दिया जाएगा.&amp;nbsp;
TET और CTET में पास शिक्षकों के लिए राहत&amp;nbsp;
शिक्षा विभाग में सबसे जरूरी स्पष्टीकरण उन शिक्षकों को लेकर दिया है जो पहले से टेट या स्टेट उतरन कर चुके हैं ऐसे शिक्षकों के लिए स्पेशल ट दोबारा पास करना अनिवार्य या आवश्यक नहीं है वहीं जिन शिक्षकों ने अब तक या टेट पास नहीं किया उन्हें स्पेशलिटी के निर्धारित विज्ञापन के अनुसार रजिस्ट्रेशन कर आवेदन करना होगा और परीक्षा में शामिल होना होगा.&amp;nbsp;
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5 सितंबर से शुरू हुआ आवेदन&amp;nbsp;
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से स्पेशल टीईटी का विज्ञापन 3 सितंबर 2026 को जारी किया गया था. इसके लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और आवेदन की प्रक्रिया 5 सितंबर से शुरू हो चुकी है. आवेदन फीस जमा करने की अंतिम तारीख 4 अक्टूबर है. वहीं आवेदन फॉर्म में सुधार करने का मौका 8 अक्टूबर तक दिया जाएगा. इसके बाद 3 नवंबर 2026 को परीक्षा आयोजित की जाएगी.
सभी एलिजिबल शिक्षकों तक सूचना पहुंचाने के निर्देश&amp;nbsp;
बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिया गया है कि वे संबंधित शिक्षकों तक स्पेशल टीईटी से जुड़ी जानकारी पहुंचाएं, ताकि एलिजिबल उम्मीदवार समय सीमा के अंदर रजिस्ट्रेशन और आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर सकें. इस व्यवस्था के जरिए विभाग ने स्पेशल एजुकेटर और दूसरे कार्यरत शिक्षकों के लिए परीक्षा में शामिल होने की पात्रता और आवेदन से जुड़ी स्थिति को स्पष्ट किया है.
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        <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 20:30:05 +0530</pubDate>
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        <title>घर में कैसे बनाएं गोल्डन मोदक? कमाल की है यह रेसिपी</title>
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        <description><![CDATA[ गणेश जी को मोदक बहुत पसंद माने जाते हैं, इसलिए गणेश उत्सव के दौरान घरों में तरह-तरह के मोदक बनाए जाते हैं. आमतौर पर लोग स्टीम वाले मोदक या चॉकलेट मोदक बनाते हैं, लेकिन इस बार आप कुछ अलग ट्राई कर सकते हैं. गोल्डन मोदक देखने में काफी खूबसूरत लगते हैं और इन्हें घर पर आसानी से बनाया जा सकता है. खास बात यह है कि इसके लिए आपको बहुत ज्यादा सामान की जरूरत नहीं पड़ेगी. थोड़ी सी मेहनत और कुछ आसान सामग्री की मदद से आप घर पर ही स्वादिष्ट गोल्डन मोदक तैयार कर सकते हैं. आइए जानते हैं गोल्डन मोदक बनाने का आसान तरीका.
गोल्डन मोदक बनाने के लिए चाहिए ये सामान
गोल्डन मोदक बनाने के लिए आपको मावा, पिसी हुई चीनी, मिल्क पाउडर, इलायची पाउडर और थोड़े से ड्राई फ्रूट्स की जरूरत होगी। गोल्डन लुक देने के लिए खाने में इस्तेमाल होने वाला एडिबल गोल्ड डस्ट या गोल्ड फूड कलर इन मोदक में डाला जाता है. ध्यान रखें कि जो भी गोल्ड डस्ट इस्तेमाल करते वक़्त ध्यान रखें की &amp;nbsp;वह खाने के लिए सुरक्षित और फूड-ग्रेड हो.
सबसे पहले तैयार करें मोदक का मिश्रण
एक बड़े पैन में मावा डालकर धीमी व मध्यम आंच पर हल्का भून लें. जब मावा थोड़ा नरम और खुशबूदार हो जाए तो गैस की फ्लेम को बंद कर दें. अब इसमें पिसी हुई चीनी, मिल्क पाउडर, इलायची पाउडर और बारीक कटे ड्राई फ्रूट्स डालकर अच्छी तरह मिला लें. मिश्रण को थोड़ा ठंडा होने दें ताकि इसे आसानी से आकार दिया जा सके. अगर मिश्रण गर्म होगा तो आपके हाथ भी जल सकते हैं.
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अब मोदक को दें खास शेप
जब मिश्रण हाथ से छूने जैसा ठंडा हो जाए तो हाथों में थोड़ा घी लगाएं. अब मिश्रण की छोटी-छोटी लोइयां बनाकर उन्हें मोदक के सांचे में रखें. सांचे को हल्का दबाएं और मोदक को बाहर निकाल लें. इसी तरह सारे मोदक तैयार कर लें. अगर आपके पास मोदक का सांचा नहीं है तो हाथ से भी इसे मोदक जैसा आकार दिया जा सकता है.
ऐसे मिलेगा मोदक को गोल्डन लुक
अब तैयार मोदक को एक प्लेट में रखें और उन पर हल्का सा सुरक्षित फूड-ग्रेड और गोल्ड डस्ट लगाएं. इसे मोदक पर बहुत ज्यादा लगाने की जरूरत नहीं है. हल्की गोल्डन परत ही मोदक को सुंदर और चमकदार लुक देने के लिए काफी है. आप चाहें तो इसे सजाने के लिए इसके ऊपर से थोड़ा कटा हुआ पिस्ता या बादाम भी लगा सकते हैं.
तैयार हैं आपके गोल्डन मोदक
इसी इतने आसान तरीके से आपके गोल्डन मोदक तैयार हो जाएंगे. इन्हें कुछ देर फ्रिज में रखकर हल्का ठंडा कर लें और फिर गणेश जी को भोग में चढ़ाएं. देखने में ये बिल्कुल अलग और आकर्षक लगेंगे. घर आए मेहमानों को भी आप ये मोदक खिला सकते हैं. अगर आपको इस बार गणेश उत्सव पर कुछ नया बनाने का मन है तो यह रेसिपी जरूर ट्राई की जा सकती है.
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        <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 19:30:17 +0530</pubDate>
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        <title>ब्रेकअप से नहीं हो पा रहा Move on? इन तरीकों से मिलेगी राहत</title>
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        <description><![CDATA[ लंबे समय के बाद ब्रेकअप होना किसी भी व्यक्ति के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण हो सकता है. यह एक भावनात्मक स्थिती होती है, जिसमें व्यक्ति एक साथ कई इमोशन्स को फेस करता है. व्यक्ति इस दौरान अकेलापन, याद आना, चिड़चिड़ापन और उदासी जैसी परिस्थिती से गुजरता है. चाहें ब्रेकअप आपकी सहमति से ही क्यों न हुआ हो लेकिन थोड़े दिन तक उदासी होना आम समस्या होती है. ऐसे में उदास होने की बजाय धीरे-धीरे मूव ऑन करने की कोशिश करें. आइए जानते हैं मूव ऑन करने के लिए कुछ आसान और असरदार तरीकों के बारे में.
अपने आप को ब्लेम न करें
किसी भी रिश्ते में ब्रेकअप दो लोगों की सहमति से होता है. ऐसे में अपने आप को ब्लेम करने के बजाय अपने पसंद के कामों में ध्यान लगाएं. ऐसा करने से आपको खुशी मिलेगी और आप अच्छा महसूस करेंगे. कुछ लोग ब्रेकअप के बाद अपने आप को कमरे में बंद कर लेते हैं, ऐसा करने से व्यक्ति डिप्रेशन में जा सकता है. घर में रहने के बजाय दोस्तों और परिवार वालों से मिलने से मन हल्का होता है.
अपने एक्स की फोटो देखना बंद करें
कई लोग ब्रेकअप होने के बाद अपने एक्स के फोटोज देखते रहते हैं. ऐसा करने से आप कभी भी मूव ऑन कर नहीं पाएंगें. ब्रेकअप के बाद याद आना आम बात है लेकिन बार-बार एक्स की फोटो देखना, उनके सोशल मीडिया को चेंक करना सही नहीं है. यह आपको कमजोर कर देता है. ऐसे में नए लोगों से मिलना, घूमना और बाहर खाना खाना आपके लिए बेहतर हो सकता है.
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संतुलित आहार खाएं
कुछ लोग अक्सर स्ट्रेस इटिंग करते हैं. आप ऐसी गलती न करें स्ट्रेस इटिंग से आपकी सेहत पर बूरा असर पड़ सकता है. वहीं दुख की वजह से खाना छोड़ देना भी सही नहीं होता. अच्छा महसूस करने के लिए संतुलित आहार लेना सबसे जरूरी है. अच्छा और पोष्टिक खाना खाने से आप बेहतर महसूस करते हैं. पूरानी यादों को छोड़कर नई शुरूआत करें. जैसे एक्स के साथ बिताए पल याद आने पर उदास होने की बजाय किसी ओर काम में अपना मन लगाने की कोशिश करें. वहीं आप कुछ अच्छी फिल्म देखकर भी बेहतर महसूस कर सकते हैं.
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        <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 19:30:15 +0530</pubDate>
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        <title>Bag Cleaning Tips: स्कूल या ऑफिस बैग अंदर से क्यों होता है गंदा? ऐसे करें डीप क्लीन</title>
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        <description><![CDATA[ How To Clean School And Office Bags: स्कूल या ऑफिस बैग दिनभर हमारे साथ कई जगह जाता है. कभी बस या मेट्रो में, कभी ऑफिस की कुर्सी के नीचे, तो कभी किसी दुकान या रेस्टोरेंट में. ऐसे में बैग का बाहर से गंदा होना तो समझ आता है, लेकिन क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि उसका अंदरूनी हिस्सा भी बहुत जल्दी गंदा क्यों हो जाता है? कई बार बैग के अंदर धूल, कागज के छोटे टुकड़े, खाने के कण और दूसरी गंदगी जमा होती रहती है और हमें इसका पता तब चलता है, जब बैग से बदबू आने लगती है या अंदर की परत चिपचिपी महसूस होने लगती है.
दरअसल, बैग के अंदर रखी जाने वाली रोजमर्रा की चीजें ही इसकी गंदगी की बड़ी वजह बन सकती हैं. मोबाइल, चाबी, पर्स, टिफिन, पानी की बोतल, हेडफोन, कॉस्मेटिक्स और इस्तेमाल किए हुए टिश्यू जैसी चीजें बैग के अंदर लगातार आती-जाती रहती हैं. इनके साथ धूल और दूसरे कण भी अंदर पहुंच जाते हैं.
बैग का निचला हिस्सा सबसे ज्यादा गंदा हो सकता है
बैग का निचला हिस्सा अक्सर सबसे ज्यादा गंदगी जमा करने वाली जगह बन जाता है. हम बैग को कभी फर्श पर, कभी बस की सीट के नीचे और कभी ऑफिस या किसी सार्वजनिक जगह पर रख देते हैं. बाहर की सतह पर लगी धूल और गंदगी बैग के दूसरे हिस्सों के साथ अंदर तक पहुंच सकती है. बैग के हैंडल भी लगातार हाथों के संपर्क में रहते हैं. हाथों से मोबाइल, दरवाजे के हैंडल, रेलिंग और दूसरी सतहें छूने के बाद वही हाथ बैग को पकड़ते हैं. इस तरह बैग की सतह पर गंदगी और सूक्ष्मजीव जमा हो सकते हैं.

अंदर रखी चीजें भी बढ़ाती हैं गंदगी
कई बार समस्या बैग की नहीं, बल्कि उसके अंदर रखी चीजों की होती है. उदाहरण के लिए, फोन हम लगभग हर जगह ले जाते हैं और कई लोग इसे बाथरूम तक में इस्तेमाल करते हैं. चाबी भी लगातार अलग-अलग जगहों पर रखी जाती है. इन चीजों की सतह पर मौजूद गंदगी बैग के अंदर पहुंच सकती है. इसके अलावा टिफिन में बचा खाना, बिस्किट या स्नैक्स के टुकड़े और पानी या दूसरी चीजों का रिसाव भी बैग के अंदर गंदगी बढ़ा सकता है. अगर खाने के छोटे टुकड़े कई दिनों तक बैग में पड़े रहें, तो वहां बैक्टीरिया के बढ़ने के लिए अनुकूल माहौल बन सकता है.
इस्तेमाल किए हुए टिश्यू तुरंत निकालें
बैग के अंदर इस्तेमाल किए हुए टिश्यू पड़े रहना भी आम बात है. नाक या चेहरा साफ करने के बाद लोग कई बार टिश्यू को तुरंत डस्टबिन में डालने के बजाय बैग में रख देते हैं. इसी तरह अगर बैग में खाने के कण जमा होते रहते हैं और उसे लंबे समय तक साफ नहीं किया जाता, तो वह धीरे-धीरे अंदर से गंदा और बदबूदार हो सकता है. इसलिए बैग को अस्थायी डस्टबिन की तरह इस्तेमाल करने से बचना जरूरी है.

बैग कितने दिन में साफ करें?
बैग की सफाई कितनी बार करनी चाहिए, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप उसे कितनी बार इस्तेमाल करते हैं और वह किन जगहों पर जाता है. अगर स्कूल या ऑफिस बैग रोजाना इस्तेमाल होता है और सार्वजनिक परिवहन में भी साथ जाता है, तो उसे हर एक-दो हफ्ते में अच्छी तरह साफ करना बेहतर हो सकता है. जो बैग कभी-कभार इस्तेमाल होते हैं, उन्हें इस्तेमाल के बाद साफ करके रखने से गंदगी जमा होने से रोका जा सकता है. बैग के हैंडल और नीचे के हिस्से को हफ्ते में कुछ बार साफ करना भी उपयोगी हो सकता है.
ऐसे करें बैग की अंदर से सफाई
सबसे पहले बैग को पूरी तरह खाली कर दें. सभी जेबों को खोलकर देखें और उनमें जमा कागज के टुकड़े, धूल, खाने के कण या दूसरी गंदगी निकाल दें. इसके बाद माइक्रोफाइबर कपड़े को हल्के साबुन और पानी के पतले घोल से थोड़ा गीला करें और बैग के अंदर और बाहर की सतह को धीरे-धीरे पोंछें. बैग को जोर से रगड़ने के बजाय हल्के हाथ से साफ करें, खासकर अगर उसका मटेरियल नाजुक है.
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कपड़े के बैग को साफ करने का तरीका उसके मटेरियल पर निर्भर करता है. कुछ फैब्रिक बैग मशीन में हल्के और ठंडे वॉश साइकल पर धोए जा सकते हैं, लेकिन ऐसा करने से पहले बैग पर दिए गए केयर इंस्ट्रक्शन जरूर देख लें. सफाई के बाद बैग को पूरी तरह सूखने दें. उसे नमी के साथ बंद करके रखने से फफूंद और बदबू की समस्या हो सकती है.
बैग के अंदर रखने वाली चीजें भी साफ करें
सिर्फ बैग साफ कर देना काफी नहीं है. उसे दोबारा इस्तेमाल करने से पहले अंदर रखी जाने वाली चीजों को भी साफ कर लेना चाहिए. मोबाइल, चाबी, हेडफोन, मेकअप पाउच और दूसरी रोजाना इस्तेमाल होने वाली चीजों पर भी ध्यान दें. बैग में खाने की चीजें खुली न रखें और टिफिन या पानी की बोतल लीक होने पर तुरंत बैग साफ करें. इस्तेमाल किए हुए टिश्यू और कचरे को भी बैग में जमा न होने दें.
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        <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 19:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Ganesh Chaturthi: गणेश उत्सव से पहले ऐसे करें घर की सफाई, मिनटों में चमकेगा हर कोना</title>
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        <description><![CDATA[ Ganesh Puja Home Deep Cleaning Tips: गणेश पूजा आने वाली हो तो घर की साफ-सफाई की तैयारी भी शुरू हो जाती है. त्योहार पर घर में भगवान गणेश की स्थापना से लेकर पूजा की तैयारियों तक कई काम होते हैं. ऐसे में अगर सफाई का पूरा जिम्मा आखिरी दिन के लिए छोड़ दिया जाए, तो काम काफी थकाने वाला लग सकता है. ऊपर से त्योहार के दौरान रिश्तेदारों और दोस्तों का आना-जाना भी लगा रहता है.
लेकिन घर की सफाई के लिए जरूरी नहीं कि आप सुबह से शाम तक हर कोने की सफाई में लगी रहें. अगर थोड़ा स्मार्ट तरीका अपनाया जाए और काम को प्राथमिकता के हिसाब से बांटा जाए, तो कम मेहनत में भी घर को साफ और व्यवस्थित किया जा सकता है. गणेश पूजा से पहले घर की सफाई करते समय ये आसान ट्रिक्स आपके काम आ सकती हैं.
सबसे पहले सफाई का प्लान बनाएं
त्योहार से पहले सफाई शुरू करते समय बिना प्लान के एक कमरे से दूसरे कमरे में घूमते रहने से समय ज्यादा लग सकता है. इसलिए शुरुआत में ही तय कर लें कि किस जगह की सफाई पहले करनी है. घर के उन हिस्सों को सबसे पहले साफ करें जहां परिवार के लोग ज्यादा समय बिताते हैं या मेहमानों का आना-जाना ज्यादा होता है. जैसे ड्राइंग रूम, पूजा की जगह, प्रवेश द्वार और किचन. हर कोने को एक ही दिन में चमकाने के बजाय काम को छोटे हिस्सों में बांट लें.

&amp;nbsp;हर चीज को बराबर समय देने की जरूरत नहीं
सफाई करते समय सबसे जरूरी काम पहले करना काफी फायदेमंद रहता है. पंखे, लाइट, खिड़कियां, दरवाजे, फर्नीचर और ऐसी चीजें जिन पर धूल साफ नजर आती है, उन्हें प्राथमिकता दें. अगर घर में सामान बहुत ज्यादा फैला हुआ है, तो पहले उसे व्यवस्थित करें. बेकार या लंबे समय से इस्तेमाल न होने वाली चीजों को अलग कर दें. इससे सफाई करना भी आसान होगा और घर पहले से ज्यादा खुला-खुला नजर आएगा.

काम को कल पर टालने से बचें
अक्सर सफाई शुरू तो कर दी जाती है, लेकिन एक कमरे का आधा काम करके उसे अगले दिन के लिए छोड़ दिया जाता है. फिर दूसरे कामों के बीच वही सफाई पीछे छूट जाती है. त्योहार के समय ऐसा करने से आखिरी वक्त पर काम का बोझ बढ़ सकता है. इसलिए जिस हिस्से की सफाई शुरू करें, उसे अपनी क्षमता के अनुसार पूरा करके ही आगे बढ़ें. अगर पूरा घर एक दिन में साफ करना मुश्किल है, तो रोज एक या दो हिस्से तय करके काम पूरा करें. इससे धीरे-धीरे पूरा घर तैयार हो जाएगा.
हर काम के लिए समय तय करें
सफाई में सबसे ज्यादा समय कई बार इसलिए लग जाता है क्योंकि हम किसी एक काम में जरूरत से ज्यादा समय दे देते हैं. इससे बचने के लिए हर काम के लिए एक तय समय रखें. उदाहरण के लिए, पंखे और लाइट की सफाई के लिए अलग समय, खिड़कियों और दरवाजों के लिए अलग और फर्नीचर को व्यवस्थित करने के लिए अलग समय तय किया जा सकता है. समय तय होने से आपका ध्यान एक ही काम पर रहेगा और सफाई का काम ज्यादा व्यवस्थित तरीके से पूरा होगा.
&amp;nbsp;किचन की सफाई को बिल्कुल न छोड़ें
त्योहार के दौरान घर का किचन सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली जगहों में से एक होता है. पूजा और मेहमानों के लिए तरह-तरह के पकवान बनाए जाते हैं, इसलिए किचन साफ और व्यवस्थित होना जरूरी है. सबसे पहले किचन प्लेटफॉर्म से अतिरिक्त सामान हटा दें. गैस स्टोव, सिंक और आसपास की सतहों को अच्छी तरह साफ करें. जिन डिब्बों और सामान का रोज इस्तेमाल नहीं होता, उन्हें व्यवस्थित करके रखें. फ्रिज के बाहर और अंदर जहां जरूरत हो, वहां भी सफाई कर लें.
पूजा की जगह पर दें खास ध्यान
गणेश पूजा से पहले पूजा वाली जगह को साफ करना सबसे जरूरी कामों में शामिल है. वहां जमा धूल और अनावश्यक सामान हटा दें. पूजा की चौकी, आसपास की जगह और सजावट के लिए इस्तेमाल होने वाली चीजों को पहले से साफ करके रख लें. अगर पूजा की जगह पहले से साफ और व्यवस्थित होगी, तो त्योहार वाले दिन आपको ज्यादा भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी.
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सफाई के दौरान ये तरीका अपनाएं
एक साथ पूरा घर साफ करने के बजाय ऊपर से नीचे की तरफ सफाई करना बेहतर रहता है. पहले पंखे, लाइट और ऊंची जगहों की धूल साफ करें, फिर फर्नीचर और दूसरी सतहों की सफाई करें और आखिर में फर्श पर पोछा लगाएं. इससे ऊपर से गिरने वाली धूल दोबारा साफ किए गए फर्श को गंदा नहीं करेगी.
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        <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 19:30:09 +0530</pubDate>
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        <title>Desi Surma: घर पर कैसे बनाएं देसी सुरमा? आंखों को मिलेगी जबरदस्त ठंडक</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/desi-surma-घर-पर-कैसे-बनाएं-देसी-सुरमा-आंखों-को-मिलेगी-जबरदस्त-ठंडक</link>
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        <description><![CDATA[ Traditional Method To Prepare Almond Surma: आजकल लोग अपनी डाइट से लेकर स्किनकेयर और मेकअप तक, हर चीज में नेचुरल और घर पर तैयार किए गए विकल्पों को पसंद करने लगे हैं. यही वजह है कि पुराने समय में घरों में इस्तेमाल होने वाले देसी नुस्खे एक बार फिर लोगों का ध्यान खींच रहे हैं. सुरमा भी ऐसी ही पारंपरिक चीज है, जिसका इस्तेमाल लंबे समय से आंखों की खूबसूरती बढ़ाने के लिए किया जाता रहा है. कई परिवारों में इसे आंखों को ठंडक देने वाला माना जाता है और बच्चों से लेकर बड़ों तक की आंखों में लगाने की परंपरा रही है.
पहले के जमाने में बाजार से काजल या सुरमा खरीदने के बजाय इसे घर पर ही तैयार किया जाता था. इसे बनाने का तरीका भी बहुत मुश्किल नहीं था. घी, तेल, बादाम और अजवाइन जैसी चीजों की मदद से कालिख तैयार की जाती थी, जिसे बाद में सुरमे या काजल के रूप में इस्तेमाल किया जाता था. हालांकि, आंखें बेहद संवेदनशील होती हैं, इसलिए घर पर तैयार किसी भी चीज को आंखों के अंदर या वॉटरलाइन पर लगाने से पहले साफ-सफाई और सुरक्षा का खास ध्यान रखना जरूरी है.
घर पर देसी सुरमा बनाने का पारंपरिक तरीका
देसी सुरमा तैयार करने के लिए सबसे पहले एक छोटा मिट्टी या धातु का दीया लें. इसमें साफ और अच्छी क्वालिटी का अरंडी का तेल या शुद्ध घी डालकर बाती जलाएं. अब दीये को दो ईंटों या समान ऊंचाई वाले किसी मजबूत आधार के बीच रखें.

इसके ऊपर एक साफ और मोटी धातु की प्लेट इस तरह रखें कि दीये की लौ का ऊपरी हिस्सा प्लेट के निचले हिस्से को छू सके. ध्यान रखें कि दीया और प्लेट पूरी तरह स्थिर हों और आसपास कोई ज्वलनशील सामान न रखा हो. धीरे-धीरे जलने के दौरान दीये की लौ से निकलने वाली कालिख प्लेट की सतह पर जमा होने लगेगी. पारंपरिक तरीके में इसे करीब 40 से 50 मिनट तक जमा होने दिया जाता है. इसके बाद दीया बुझा दें और प्लेट को पूरी तरह ठंडा होने दें.
अब प्लेट पर जमा काली कालिख को साफ चम्मच या किसी साफ उपकरण की मदद से धीरे-धीरे खुरचकर एक साफ बर्तन में इकट्ठा करें. इस कालिख में थोड़ी मात्रा में शुद्ध घी मिलाकर पारंपरिक तरीके से गाढ़ा पेस्ट तैयार किया जाता है. अगर इसे सूखे सुरमे की तरह रखना चाहते हैं, तो घी की मात्रा बहुत कम रखी जाती है. तैयार मिश्रण को किसी साफ, सूखे और एयरटाइट छोटे कंटेनर में रखा जा सकता है. पुराने समय में इसी तरह तैयार कालिख को सुरमा या काजल के रूप में इस्तेमाल किया जाता था.

बादाम और अजवाइन वाला देसी तरीका
कुछ घरों में सुरमा तैयार करते समय बादाम और अजवाइन का भी इस्तेमाल किया जाता है. इसके लिए बादाम या अजवाइन को दीये की लौ के ऊपर इस तरह रखा जाता है कि उनसे निकलने वाली कालिख प्लेट पर जमा हो सके. बादाम से मिलने वाली कालिख सुरमे को गहरा काला रंग देने में मदद करती है, जबकि अजवाइन को पारंपरिक रूप से आंखों के लिए ठंडक देने वाली चीज माना जाता रहा है. यही वजह है कि देसी सुरमे को सिर्फ मेकअप का हिस्सा नहीं माना जाता था. दादी-नानी के समय में इसे आंखों की देखभाल से जोड़कर भी देखा जाता था. हालांकि, आंखों को ठंडक मिलने या संक्रमण से बचाने जैसे दावों के पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं. इसलिए इसे किसी आंख की बीमारी का इलाज समझकर इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.
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सुरमा लगाते समय इन बातों का रखें ध्यान
अगर सुरमा आंखों के आसपास मेकअप के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं, तो हमेशा साफ हाथ और साफ एप्लीकेटर का इस्तेमाल करें. किसी दूसरे व्यक्ति के साथ सुरमा या काजल शेयर न करें. कंटेनर को खुला छोड़ने से भी बचें, क्योंकि उसमें धूल और बैक्टीरिया पहुंच सकते हैं.
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        <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 19:30:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Desi, Surma:, घर, पर, कैसे, बनाएं, देसी, सुरमा, आंखों, को, मिलेगी, जबरदस्त, ठंडक</media:keywords>
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        <title>Aaj Ka Rashifal 10 September 2026: आज पैसा लगाने से पहले राशि देख लें, तीन ग्रहों की युति बदल सकती है फैसला</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/aaj-ka-rashifal-10-september-2026-आज-पैसा-लगाने-से-पहले-राशि-देख-लें-तीन-ग्रहों-की-युति-बदल-सकती-है-फैसला</link>
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        <description><![CDATA[ Aaj Ka Rashifal: 10 सितंबर 2026, गुरुवार को चंद्रमा सिंह राशि में गोचर करेंगे. यहां सूर्य और केतु पहले से मौजूद हैं. इस तरह सिंह राशि में सूर्य, चंद्रमा और केतु की युति बनेगी. दोपहर 2:05 बजे तक मघा नक्षत्र भी रहेगा.
ज्योतिष में सूर्य को अधिकार और आत्मसम्मान का कारक माना गया है. चंद्रमा मन और फैसलों से जुड़े हैं. केतु भ्रम, विरक्ति और अचानक बदलती सोच का संकेत देता है. इसलिए आज आत्मविश्वास और जल्दबाजी के बीच फर्क समझना जरूरी होगा.

कन्या राशि में उच्च के बुध स्थिति को कुछ हद तक संतुलित कर सकते हैं. बुध तर्क, हिसाब-किताब और संवाद के कारक हैं. हालांकि तीनों ग्रह हर राशि से अलग भाव में रहेंगे. इसलिए इनके परिणाम भी राशि के अनुसार बदलेंगे. इसी भावगत स्थिति के आधार पर मेष से मीन तक नौकरी, धन, प्रेम और स्वास्थ्य के संभावित संकेत दिए गए हैं.
मेष राशि दैनिक राशिफल: 10 सितंबर 2026 (गुरुवार)
आज का दिन मेष राशि के जातकों के लिए बौद्धिक चमक, निर्णय क्षमता में मजबूती और मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि का रहेगा. चंद्रमा आज आपकी राशि से पंचम भाव (सिंह राशि) में सूर्य और केतु के साथ गोचर कर रहे हैं. वहीं आपकी राशि के स्वामी मंगल तीसरे भाव में सक्रिय हैं और छठे भाव में उच्च के बुध आपके विरोधियों पर आपकी बढ़त बनाए रखेंगे. मघा नक्षत्र (दोपहर 02:05 तक) और सिद्ध योग के प्रभाव से आपके सोचे हुए कार्यों में गति आएगी.
करियर और व्यवसाय (Career &amp;amp; Business)कार्यक्षेत्र में आपकी रचनात्मक सोच और योजनाबद्ध रणनीति की सराहना होगी. शिक्षा, मीडिया, रिसर्च, डिजाइनिंग, कंसल्टेंसी और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े प्रोफेशनल्स के लिए आज का दिन शानदार परिणाम लेकर आएगा. दफ्तर में जटिल समस्याओं को सुलझाने में आपकी भूमिका मुख्य रहेगी. कारोबारियों को नए प्रोजेक्ट्स शुरू करने और नए क्लाइंट्स के साथ फायदेमंद सौदे फाइनल करने में सफलता मिलेगी.




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आर्थिक स्थिति (Finance &amp;amp; Wealth)वित्तीय दृष्टिकोण से आज का दिन लाभ और बचत को संतुलित रखने का है. पंचम भाव के प्रभाव से शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड या पूर्व में किए गए स्मार्ट निवेश से धन लाभ के योग बनेंगे. छठे भाव में उच्च के बुध के कारण अटके हुए भुगतानों की वसूली में आसानी होगी. किसी भी बड़े वित्तीय समझौते, एग्रीमेंट या निवेश से जुड़े पेपर्स पर हस्ताक्षर दोपहर 11:53 से 12:43 के अभिजीत मुहूर्त में करना सर्वोत्तम रहेगा.
पारिवारिक और प्रेम जीवन (Love &amp;amp; Family)घर-परिवार में सुखद और सकारात्मक वातावरण बना रहेगा. संतान पक्ष से कोई उत्साहवर्धक समाचार या उपलब्धि मिलने से मन प्रसन्न रहेगा. दांपत्य जीवन में जीवनसाथी के साथ आपसी समझ और सहयोग बना रहेगा. प्रेम संबंधों में नया उत्साह देखने को मिलेगा; पार्टनर के साथ खुलकर बातचीत होगी और भविष्य की योजनाओं पर सकारात्मक चर्चा संभव है.
स्वास्थ्य (Health &amp;amp; Wellness)शारीरिक ऊर्जा का स्तर अच्छा रहेगा और मानसिक रूप से आप सक्रिय महसूस करेंगे. हालांकि पंचम भाव में सूर्य-चंद्र के प्रभाव से पेट में हल्की गर्मी या एसिडिटी की समस्या हो सकती है. खान-पान में सात्विक और हल्का भोजन लें. दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और दिनचर्या में प्राणायाम व ध्यान को शामिल करें.
महत्वपूर्ण समय और उपायआज दक्षिण दिशा में दिशा शूल रहेगा. दोपहर 01:51 से 03:25 तक राहुकाल रहने के कारण इस समय के दौरान किसी बड़े जोखिम भरे काम से बचें. गुरुवार के दिन भगवान विष्णु को पीले पुष्प व तुलसी दल अर्पित करें और &#039;ॐ नमो भगवते वासुदेवाय&#039; मंत्र का जप करें. इसके साथ ही भगवान सूर्य को तांबे के लोटे से जल चढ़ाएं और गाय को भीगी हुई चना दाल या केला खिलाएं.
शुभ रंग: केसरिया और पीलाशुभ अंक: 9
वृषभ राशि दैनिक राशिफल: 10 सितंबर 2026 (गुरुवार)
आज का दिन वृषभ राशि के जातकों के लिए पारिवारिक जिम्मेदारियों को पूरा करने, गृहस्थी को व्यवस्थित करने और अचल संपत्ति के मामलों में प्रगति का रहेगा. चंद्रमा आज आपकी राशि से चतुर्थ भाव (सिंह राशि) में सूर्य और केतु के साथ गोचर कर रहे हैं. पंचम भाव में स्वराशि और उच्च के बुध आपकी तार्किक सूझबूझ को निरंतर धार दे रहे हैं, जबकि तीसरे भाव में उच्च के देवगुरु बृहस्पति आपके संपर्कों को मजबूती प्रदान करेंगे.
करियर और व्यवसाय (Career &amp;amp; Business)रियल एस्टेट, कंस्ट्रक्शन, ऑटोमोबाइल, आर्किटेक्चर, इंटीरियर डिजाइनिंग और एडमिनिस्ट्रेशन से जुड़े लोगों के लिए आज का दिन काफी उत्पादक रहेगा. कार्यक्षेत्र में आप व्यावहारिक और जमीनी स्तर पर काम करके मुश्किल प्रोजेक्ट्स को व्यवस्थित करेंगे. पंचम भाव में उच्च का बुध रणनीतिक योजनाओं में आपको बढ़त दिलाएगा. कारोबारियों को नए ऑफिस स्पेस, वेयरहाउस या बुनियादी ढांचे के विस्तार से जुड़े कार्यों में गति देखने को मिलेगी.
आर्थिक स्थिति (Finance &amp;amp; Wealth)वित्तीय मोर्चे पर आज का दिन संपत्ति निर्माण और दीर्घकालिक योजनाओं को गति देने का है. दूसरे भाव में मंगल और पंचम में उच्च के बुध के प्रभाव से धन की आमद बनी रहेगी. घर की साज-सज्जा या वाहन के रखरखाव पर समझदारी से खर्च हो सकता है. किसी भी बड़े वित्तीय समझौते, प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री या निवेश के दस्त ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 18:30:16 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Aaj, Rashifal, September, 2026:, आज, पैसा, लगाने, से, पहले, राशि, देख, लें, तीन, ग्रहों, की, युति, बदल, सकती, है, फैसला</media:keywords>
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        <title>Ganesh Chaturthi 2026: गणपति की मूर्ति उत्तर दिशा में रख सकते हैं? जानें सही वास्तु नियम</title>
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        <description><![CDATA[ Ganesh Chaturthi 2026: गणेश चतुर्थी पर बप्पा को घर लाने से पहले मूर्ति, चौकी और सजावट के साथ स्थापना की दिशा भी तय की जाती है. यहीं अक्सर एक सवाल सामने आता है, क्या गणपति की मूर्ति का मुख उत्तर दिशा में रखा जा सकता है? मोबाइल कंपास में मूर्ति के मुख की ओर 0&amp;deg; या North दिखाई दे तो क्या दिशा बदलनी चाहिए?
वास्तु की प्रचलित मान्यताओं के अनुसार गणपति की मूर्ति उत्तरमुखी रखी जा सकती है. इसे अशुभ दिशा नहीं माना गया है. हालांकि मंदिर किस दिशा में बना है, मूर्ति का मुख किस तरफ है और पूजा करने वाला किस ओर मुंह करके बैठेगा, ये तीनों अलग बातें हैं. सही स्थापना के लिए इस अंतर को समझना जरूरी है.
मोबाइल कंपास में 0&amp;deg; दिखने का क्या अर्थ है?
मोबाइल कंपास में 0&amp;deg; या 360&amp;deg; उत्तर दिशा को दिखाता है. यदि फोन का ऊपरी हिस्सा उसी ओर है, जिस तरफ गणपति का मुख रहेगा और स्क्रीन पर 0&amp;deg; N दिखाई दे रहा है, तो मूर्ति उत्तरमुखी होगी.
दिशा देखते समय फोन को सीधा और समतल रखें. लोहे की अलमारी, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण या किसी चुंबकीय वस्तु के पास कंपास की रीडिंग प्रभावित हो सकती है. इसलिए दो-तीन बार जांच करें. यदि रीडिंग 355&amp;deg; से 5&amp;deg; के बीच बनी रहती है, तो इसे उत्तर दिशा माना जाएगा.




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उत्तरमुखी गणपति रखना सही या गलत?
उत्तर दिशा का संबंध धन के देवता कुबेर से माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं में इस दिशा को हिमालय और कैलाश से भी जोड़ा गया है. इसी कारण कई वास्तु विशेषज्ञ घर में गणपति का मुख उत्तर दिशा की ओर रखने को स्वीकार्य मानते हैं.
इसका मतलब यह नहीं कि प्रत्येक घर में गणपति को उत्तरमुखी रखना ही अनिवार्य है. अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों की पूजा परंपराएं अलग हो सकती हैं. उत्तरमुखी गणपति को देखकर डरने, मूर्ति हटाने या इसे किसी अनिष्ट का संकेत मानने की जरूरत नहीं है.
मंदिर की जगह और मूर्ति का मुख अलग हैं
मान लीजिए मंदिर घर के उत्तर-पूर्वी हिस्से में बना है, लेकिन गणपति का मुख उत्तर की ओर है. ऐसे में मंदिर की जगह उत्तर-पूर्व में होगी, जबकि मूर्ति उत्तरमुखी कहलाएगी.
वास्तु में घर का उत्तर-पूर्वी भाग यानी ईशान कोण पूजा स्थल के लिए अच्छा माना जाता है. यहां मंदिर बनाना संभव न हो तो उत्तर या पूर्व के हिस्से को भी चुना जा सकता है. छोटे फ्लैट में हर वास्तु नियम का पालन संभव नहीं होता. ऐसी स्थिति में पूजा की सुविधा, साफ-सफाई, रोशनी और सम्मानजनक स्थान को प्राथमिकता देनी चाहिए.
उत्तरमुखी गणपति के सामने किस दिशा में बैठेंगे?
उत्तरमुखी गणपति के ठीक सामने बैठने पर पूजा करने वाले का मुख दक्षिण दिशा में होगा. यहीं एक व्यावहारिक उलझन पैदा होती है, क्योंकि पूजा करते समय पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करना अधिक प्रचलित माना जाता है.
यदि परिवार पूजा के समय पूर्वमुखी बैठना चाहता है, तो मूर्ति का मुख पश्चिम की ओर रखा जा सकता है. इसलिए केवल प्रतिमा की दिशा देखकर फैसला न करें. यह भी देखें कि आरती और पूजा के समय परिवार के सदस्य कहां बैठेंगे.
जगह की कमी के कारण ऐसा करना संभव न हो तो उत्तरमुखी गणपति रखने में कोई समस्या नहीं है. भक्ति और पूजा की नियमितता को केवल दिशा के कारण प्रभावित नहीं करना चाहिए.
किस दिशा से बचने की सलाह दी जाती है?
वास्तु की सामान्य मान्यता में गणपति सहित देवी-देवताओं की प्रतिमा का मुख दक्षिण दिशा में रखने से बचने की सलाह दी जाती है. दक्षिण को यम और पितरों की दिशा माना गया है. इसलिए घर के नियमित मंदिर में उत्तर, पूर्व या पश्चिममुखी व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाती है.
यदि घर में मूर्ति पहले से दक्षिणमुखी है तो घबराने की जरूरत नहीं है. कमरे की बनावट और पूजा की सुविधा देखकर शांतिपूर्वक दिशा बदली जा सकती है. इसे किसी निश्चित नुकसान या अनहोनी से जोड़ना उचित नहीं है.
स्थापना के समय इन बातों का ध्यान रखें
गणपति की मूर्ति को सीधे जमीन पर रखने के बजाय साफ चौकी या मंदिर में स्थापित करें. मंदिर को सीढ़ियों के नीचे, शौचालय के पास या गंदगी वाली जगह पर बनाने से बचें. खंडित मूर्ति की नियमित पूजा न करें. घर के लिए शांत और बैठी हुई मुद्रा वाले गणपति तथा बाईं ओर मुड़ी सूंड वाली प्रतिमा को सामान्यतः सहज माना जाता है.
अगर गणपति को मुख्य दरवाजे के पास रख रहे हैं तो उनका मुख घर के अंदर की ओर रखना बेहतर माना जाता है.
क्या करना चाहिए?
मोबाइल कंपास में गणपति के मुख की दिशा 0&amp;deg; North दिखाई दे रही है तो मूर्ति उत्तरमुखी है. वास्तु की प्रचलित मान्यताओं के अनुसार गणपति को इस दिशा में रखा जा सकता है. केवल इसके कारण मूर्ति का स्थान बदलना जरूरी नहीं है. स्थापना से पहले मंदिर की जगह, पूजा करने वाले की दिशा और परिवार की परंपरा, तीनों को ध्यान में रखकर निर्णय लें.
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें. ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 18:30:16 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Ganesh, Chaturthi, 2026:, गणपति, की, मूर्ति, उत्तर, दिशा, में, रख, सकते, हैं, जानें, सही, वास्तु, नियम</media:keywords>
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        <title>Kal Ka Rashifal 11 September: शुक्रवार को मेष और कुंभ समेत इन 3 राशियों पर बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा, जानें 12 राशियों का राशिफल!</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/kal-ka-rashifal-11-september-शुक्रवार-को-मेष-और-कुंभ-समेत-इन-3-राशियों-पर-बरसेगी-मां-लक्ष्मी-की-कृपा-जानें-12-राशियों-का-राशिफल</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/kal-ka-rashifal-11-september-शुक्रवार-को-मेष-और-कुंभ-समेत-इन-3-राशियों-पर-बरसेगी-मां-लक्ष्मी-की-कृपा-जानें-12-राशियों-का-राशिफल</guid>
        <description><![CDATA[ Kal Ka Rashifal, 11 September 2026 (कल का राशिफल): शुक्रवार का दिन मेष से लेकर मीन राशि तक के सभी 12 जातकों के लिए ग्रह-नक्षत्रों के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण और शुभ अवसर लेकर आ रहा है. कल सुबह 08:57 बजे तक भाद्रपद कृष्ण पक्ष की देवकार्य पिठोरी अमावस्या तिथि रहेगी, जिसके बाद प्रतिपदा तिथि का आरंभ होगा. वहीं दोपहर 01:16 बजे तक पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र रहेगा, तत्पश्चात उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र शुरू होगा. चंद्रमा शाम 07:08 बजे तक सिंह राशि में संचरण करेंगे और फिर कन्या राशि में प्रवेश करेंगे. ध्यान रहे कि शाम 07:08 बजे तक चंद्रमा-केतु का ग्रहण दोष रहेगा.
शुक्रवार को माता लक्ष्मी की कृपा के साथ-साथ साध्य योग, बुधादित्य योग और विशिष्ट राशियों के लिए मालव्य व भद्र योग का प्रभाव देखने को मिलेगा. इसके शुभ प्रभाव से मेष, कर्क, मकर और कुंभ राशि के जातकों को रुका हुआ धन वापस मिलने, नौकरी में नई जिम्मेदारी और व्यापार में अप्रत्याशित लाभ के मजबूत योग हैं.

आइए जानते हैं विख्यात भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्लेषक डा. अनीष व्यास से 11 सितंबर का संपूर्ण पंचांग और भविष्यफल.
पंचांग (11 सितंबर 2026, शुक्रवार, पिठोरी अमावस्या)

तिथि: भाद्रपद कृष्ण पक्ष अमावस्या (सुबह 08:57 बजे तक), तत्पश्चात प्रतिपदा
नक्षत्र: पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र (दोपहर 01:16 बजे तक), तत्पश्चात उत्तराफाल्गुनी
चन्द्र राशि: सिंह राशि (शाम 07:08 बजे तक), तत्पश्चात कन्या राशि
विशेष योग/दोष: शाम 07:08 बजे तक चंद्रमा-केतु का ग्रहण दोष | शुभ योग: साध्य योग, बुधादित्य योग, वाशि योग, आनन्दादि योग, सुनफा योग (मेष, कर्क, तुला, मकर के लिए मालव्य योग व मिथुन, कन्या, धनु, मीन के लिए भद्र योग)
शुभ समय (चौघड़िया मुहूर्त):
सुबह 08:15 से 10:15 बजे तक (लाभ-अमृत का चौघड़िया)
दोपहर 01:15 से 02:15 बजे तक (शुभ का चौघड़िया)
राहुकाल (अशुभ समय): सुबह 10:30 से दोपहर 12:00 बजे तक
दिशाशूल: पश्चिम दिशा की तरफ यात्रा करना शुभ रहेगा.

मेष, कल का राशिफल 11 सितंबर 2026 (Aries Horoscope)
पारिवारिक जीवन: दिन पारिवारिक जीवन के लिए अत्यंत शुभ है. परिवार में खुलकर संवाद करने से रिश्तों में मधुरता बढ़ेगी. मित्रों के साथ मिलकर किसी सामुदायिक कार्यक्रम की योजना भी बन सकती है. छोटी-छोटी बातों को लेकर मन में शिकायत न रखें, दिल की बातें साझा करने से घर का वातावरण खुशनुमा बनेगा.
व्यापार और नौकरी: व्यापार में अच्छे लाभ की प्रबल संभावना है. डिजिटल माध्यमों के अलावा प्रत्यक्ष ग्राहकों से जुड़ने का प्रयास लाभदायक रहेगा. ऑफलाइन मार्केटिंग से ग्राहकों की जरूरतें समझने में आसानी होगी, जिससे बिक्री बढ़ेगी.
करियर और शिक्षा: कार्यक्षेत्र में नए विचार लोगों को प्रभावित करेंगे. तकनीकी या रचनात्मक परियोजना में आपकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी. विद्यार्थी अपने लक्ष्य पर पूरा ध्यान केंद्रित करें. नए प्रयोग करने से पीछे न हटें, मेहनत को उचित पहचान मिलेगी.
स्वास्थ्य: स्वास्थ्य के प्रति पूरी तरह सचेत रहें. भागदौड़ भरी जिंदगी के बीच दिनचर्या को अनुशासित रखें. सुबह की सैर, हल्के व्यायाम, योग और ध्यान का सहारा लें; इससे मानसिक तनाव दूर होगा.
आर्थिक स्थिति: आर्थिक स्थिति मजबूत रहने वाली है और बचत में वृद्धि हो सकती है. कोई पुराना रुका हुआ धन या भुगतान वापस मिल सकता है, लेकिन जोखिम भरे निवेश से बचें.
प्रेम जीवन: प्रेम जीवन में रोमांस का अनूठा माहौल रहेगा. पार्टनर के साथ खुलकर बातचीत करें और उनकी भावनाओं का सम्मान करें. शाम को बाहर घूमने या डिनर की योजना से रिश्ते में नया उत्साह आएगा.
लकी अंक: 7 | लकी रंग: हल्का नीला
उपाय: सुबह उठकर किसी जरूरतमंद व्यक्ति को शुद्ध जल और दूध अर्पित करें.
वृषभ कल का राशिफल 11 सितंबर 2026 (Taurus Horoscope)
पारिवारिक जीवन: परिवार और सहयोगियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी. आपकी बातचीत करने की कला घर के पुराने व उलझे मामलों को सुलझाने में कारगर साबित होगी. परिवार के सदस्य आपके हर फैसले में साथ देंगे.
व्यापार और नौकरी: कार्यक्षेत्र में आपका संचार कौशल आपकी मजबूती बनेगा. मीटिंग या आधिकारिक बातचीत के दौरान आपकी बात असरदार रहेगी. व्यापारियों को नए संपर्कों से लाभ होगा. किसी भी दस्तावेज या समझौते पर हस्ताक्षर से पहले बारीकियों को जरूर जांच लें.
करियर और शिक्षा: नए और नवीन विचारों पर काम करना भविष्य के लिए लाभदायक सिद्ध होगा. किसी पुराने संपर्क या मित्र से मिलने वाली जानकारी करियर को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकती है.
स्वास्थ्य: अत्यधिक सोचने और तनाव लेने से मानसिक शांति भंग हो सकती है और ऊर्जा में कमी महसूस होगी. मोबाइल या कंप्यूटर स्क्रीन के अत्यधिक संपर्क से आंखों में तनाव बढ़ सकता है.
आर्थिक स्थिति: आमदनी के साधन बढ़ सकते हैं, लेकिन खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा. ऑनलाइन शॉपिंग या गैर-जरूरी वस्तुओं पर खर्च से बचें. पुराने आर्थिक मामलों को व्यवस्थित कर बचत बढ़ाने पर ध्यान दें.
प्रेम जीवन: प्रेम जीवन सुखद रहेगा. जीवनसाथी से खुलकर बातचीत करने पर पुरानी गलतफहमियां दूर होंगी और आत्मीयता बढ़ेगी. अविवाहितों के लिए किसी नए व्यक्ति से बातचीत शुरू हो सकती है.
लकी अंक: 3 | लकी रंग: पिस्ता हरा
उपाय: भगवान गणेश को दूर्वा घास अर्पित करें और जरूरतमंदों को हरी वस्तुओं का दान करें.
मिथुन कल का राशिफल 11 सितंबर 2026 (Gemini Horoscope)
पारिवारिक जीवन: परिवार का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा. किसी अनुभवी सदस्य की सलाह कारगर सिद्ध होगी, इसलिए उनकी बातों को गंभीरता से सुनें. घरेलू मामलों में अपनी बात जबरदस्ती मनवाने से बचें.
व्यापार और नौकरी: कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत रंग लाएगी. आपकी कार्यशैली से वरिष्ठ अधिकारी प्रभावित होंगे, जिससे नई जिम्मेदारी मिल सकती है. पुराने संपर्कों और मित्रों के जरिए व्यापारियों को आर्थिक लाभ मिल सकता है.
करियर और शिक्षा: करियर के लिहाज से सुखद परिणाम मिलेंगे. पिछले प्रयास ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 18:30:14 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Kal, Rashifal, September:, शुक्रवार, को, मेष, और, कुंभ, समेत, इन, राशियों, पर, बरसेगी, मां, लक्ष्मी, की, कृपा, जानें, राशियों, का, राशिफल</media:keywords>
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        <title>iPhone 18 लॉन्च के बाद सच निकले कुंडली के ये 5 संकेत, Boycott की चर्चा भी शुरू</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/iphone-18-लॉन्च-के-बाद-सच-निकले-कुंडली-के-ये-5-संकेत-boycott-की-चर्चा-भी-शुरू</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/iphone-18-लॉन्च-के-बाद-सच-निकले-कुंडली-के-ये-5-संकेत-boycott-की-चर्चा-भी-शुरू</guid>
        <description><![CDATA[ iPhone 18 Prediction: Apple के लॉन्च से पहले ABP Live ने कुंडली के आधार पर नए फॉर्म फैक्टर, पुराने फीचर की वापसी और सोशल मीडिया पर बंटी हुई प्रतिक्रिया के संकेत दिए थे. लॉन्च के बाद Touch ID की वापसी से लेकर Boycott iPhone 18 की चर्चा तक कई बातें सही दिखाई दे रही हैं.
Apple ने 9 सितंबर 2026 को iPhone 18 Pro, iPhone 18 Pro Max और अपना पहला फोल्डेबल फोन iPhone Duo पेश किया. लॉन्च के बाद डिजाइन, कीमत और AI फीचर्स की चर्चा तो हुई ही, सोशल मीडिया पर &#039;Boycott iPhone 18&#039; की आवाज भी उठने लगी.

खास बात यह है कि Apple की घोषणा से पहले ही ABP Live ने अपनी लॉन्च कुंडली पर आधारित विश्लेषण- iPhone 18 पर टिकी दुनिया की नजर, Apple जिस फीचर को बताएगा खास उसी पर क्यों उठ सकते हैं सवाल&amp;nbsp;में इन संभावनाओं के संकेत दिए थे. उस विश्लेषण में कहा गया था कि नया फॉर्म फैक्टर लॉन्च का सबसे बड़ा आकर्षण बनेगा, पुरानी पहचान लौट सकती है और सोशल मीडिया पर चर्चा बड़ी होगी, लेकिन जनता की राय एक जैसी नहीं रहेगी.
अब लॉचिंग के बाद ये पांच बातें सामने आई हैं-
1. फोल्डेबल डिजाइन बना लॉन्च का सबसे बड़ा आकर्षण
कुंडली में तुला लग्न और स्वराशि का शुक्र मालव्य महापुरुष योग बना रहा था. शुक्र डिजाइन, सुंदरता, स्क्रीन, रंग और लग्जरी उत्पादों का कारक माना जाता है. इसी आधार पर अनुमान लगाया गया था कि Apple का सबसे प्रभावशाली पक्ष फोन का लुक, डिस्प्ले या नया फॉर्म फैक्टर हो सकता है.
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लॉन्च में iPhone Duo ने सबसे अधिक ध्यान खींचा. किताब की तरह खुलने वाला डिजाइन, बड़ी अंदरूनी स्क्रीन और टाइटेनियम हिंज इवेंट के मुख्य आकर्षण बने. इस तरह मजबूत शुक्र से मिला पहला संकेत सही साबित हुआ.
2. पुराने Touch ID की वापसी ने चौंकाया
लॉन्च के समय चंद्रमा मघा नक्षत्र में था. ज्योतिष में मघा को विरासत, पुराने गौरव और स्थापित पहचान से जोड़ा जाता है. भविष्यवाणी में संभावना जताई गई थी कि Apple अपनी किसी लोकप्रिय पुरानी पहचान को नए रूप में पेश कर सकता है.
iPhone Duo में साइड बटन के भीतर Touch ID देकर Apple ने पुराने फिंगरप्रिंट अनलॉक फीचर की वापसी करा दी. वर्षों से प्रीमियम iPhone की पहचान Face ID रही है. ऐसे में फोल्डेबल फोन में Touch ID लौटना मघा नक्षत्र से निकले संकेत का सबसे स्पष्ट मिलान माना जा सकता है.
3. AI फीचर तुरंत और सभी को नहीं मिलेगा
कुंडली में बुध कन्या राशि में उच्च का था, लेकिन द्वादश भाव में अस्त होकर वक्री शनि की दृष्टि में था. इसका अर्थ तकनीक का कमजोर होना नहीं, बल्कि उसकी पूरी क्षमता शुरुआत में उपलब्ध न होना बताया गया था.
ABP Live के ज्योतिष आधारित विश्लेषण में संकेत दिया गया था कि कोई चर्चित AI या सॉफ्टवेयर फीचर चुनिंदा देशों और भाषाओं तक सीमित रह सकता है या बाद में अपडेट के जरिए मिल सकता है.
Apple की नई AI आधारित Siri शुरुआत में बीटा रूप में और अंग्रेजी में उपलब्ध होगी. दूसरी भाषाओं का सपोर्ट बाद में मिलेगा, जबकि कुछ क्षेत्रों में इसकी उपलब्धता सीमित रहेगी. इससे उच्च लेकिन बाधित बुध का संकेत भी सही दिखाई दिया.
4. कीमत और उपयोगिता पर शुरू हुए सवाल
पहले विश्लेषण का मुख्य सवाल था कि Apple जिस फीचर को सबसे खास बताएगा, क्या यूजर्स उसकी कीमत और रोजमर्रा की उपयोगिता से सहमत होंगे?
iPhone Duo को लॉन्च का सबसे बड़ा बदलाव बताया गया, लेकिन भारत में करीब 2,99,900 रुपये की शुरुआती कीमत ने बहस खड़ी कर दी. इसकी तुलना Samsung और दूसरे फोल्डेबल फोन से की जा रही है. यूजर्स पूछ रहे हैं कि क्या बड़ी फोल्डिंग स्क्रीन और मल्टीटास्किंग इतनी ऊंची कीमत को सही ठहराते हैं. यह वही कीमत और उपयोगिता वाली बहस है, जिसका संकेत पहले दिया गया था.
5. लॉन्च के साथ Boycott की चर्चा
कांगो के मुद्दों पर काम करने वाले Team Congo ने Instagram पर &#039;Why Boycott iPhone 18?&#039; नाम से पोस्ट शेयर की. जलवायु कार्यकर्ता Greta Thunberg ने इसे अपनी Instagram Story पर साझा किया. हालांकि उन्होंने Apple के खिलाफ अपनी ओर से कोई अलग बयान जारी नहीं किया.
Team Congo का आरोप है कि इलेक्ट्रॉनिक सामान में इस्तेमाल होने वाले खनिजों के गैरकानूनी कारोबार से कांगो में हथियारबंद गुटों को फायदा मिलता है. समूह लोगों से फोन लंबे समय तक इस्तेमाल करने और बिना जरूरत नया डिवाइस न खरीदने की अपील कर रहा है. Apple इन आरोपों से इनकार करता है.
लॉन्च कुंडली में जनता का कारक चंद्रमा केतु से केवल 20 कला की दूरी पर था. केतु दूरी, अस्वीकार और बहिष्कार का संकेत देता है. यह युति एकादश भाव में थी, जो समूहों, नेटवर्क और सोशल मीडिया अभियानों से जुड़ा है. यही भाव 9.13 रूप के साथ कुंडली में सबसे मजबूत भी था.
हालांकि विश्लेषण में किसी खास बॉयकॉट अभियान या Greta Thunberg का अनुमान नहीं लगाया गया था. लेकिन वैश्विक सोशल मीडिया शोर, संगठित विरोध और बंटी हुई जन-प्रतिक्रिया के जो संकेत दिए गए थे, &#039;Boycott iPhone 18&#039; की चर्चा उनसे स्पष्ट रूप से मेल खाती है.
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Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें. ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 18:30:13 +0530</pubDate>
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        <title>​&amp;apos;गांधारी&amp;apos; का नेटफ्लिक्स पर गदर, तापसी पन्नू के नाम दर्ज हुआ करियर का सबसे बड़ा रिकॉर्ड</title>
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        <description><![CDATA[ तापसी पन्नू की फिल्म &amp;lsquo;गंधारी&amp;rsquo; ने ओटीटी पर आते ही अच्छी पकड़ बना ली है. फिल्म नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई है. पहले ही हफ्ते में इसे बड़ी संख्या में लोगों ने देखा. इसके साथ ही फिल्म ने &amp;nbsp;नेटफ्लिक्स &amp;nbsp;पर तीन बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए हैं. नेटफ्लिक्स के 31 अगस्त से 6 सितंबर 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक, &amp;lsquo;गंधारी&amp;rsquo; को 59 लाख व्यूज मिले. फिल्म को कुल 11.5 मिलियन यानी करीब 1.15 करोड़ घंटे देखा गया.&amp;nbsp;
इस के साथ फिल्म नेटफ्लिक्स की ग्लोबल टॉप 10 नॉन-इंग्लिश फिल्मों में तीसरे नंबर पर रही. ये फिल्म सिर्फ भारत में ही नहीं चली, बल्कि 26 देशों में नेटफ्लिक्स की टॉप 10 नॉन-इंग्लिश फिल्मों में शामिल रही. भारत के अलावा ओमान और मलेशिया में भी फिल्म ने नंबर 1 पर जगह भी बनाई.
तापसी के करियर की सबसे बड़ी डिजिटल ओपनिंग
&amp;lsquo;गंधारी&amp;rsquo; तापसी पन्नू के डिजिटल करियर की सबसे बड़ी फिल्म बन गई है. इससे पहले यह रिकॉर्ड &amp;lsquo;फिर आई हसीन दिलरुबा&amp;rsquo; के नाम था. उस फिल्म को पहले हफ्ते में 37 लाख व्यूज मिले थे. अब &amp;lsquo;गंधारी&amp;rsquo; ने 59 लाख व्यूज के साथ तापसी ने नया रिकॉर्ज बनाया है. दिलचस्प बात यह है कि दोनों फिल्मों की कहानी लिखने वालीं कनिका ढिल्लों ही हैं.
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नेटफ्लिक्स पर पांचवीं सबसे बड़ी इंडियन फिल्म
2024 से 2026 के बीच &amp;nbsp;नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई भारतीय &amp;nbsp;फिल्मों में, पहले हफ्ते की व्यूअरशिप की बात करें तो फिल्म पांचवें नंबर पर पहुंच गई है. &amp;nbsp;गांधारी के 59 लाख व्यूज के चलते ये खिताब हासिल किया है.
इस लिस्ट में &amp;lsquo;ज्वेल थीफ&amp;rsquo; 78 लाख व्यूज के साथ सबसे ऊपर है. इसके बाद &amp;lsquo;धुरंधर&amp;rsquo; को 76 लाख और &amp;lsquo;अक्यूज्ड&amp;rsquo; को 75 लाख व्यूज मिले. वहीं &amp;lsquo;एनिमल&amp;rsquo; को 62 लाख व्यूज मिले थे. &amp;lsquo;गंधारी&amp;rsquo; के 59 लाख व्यूज &amp;lsquo;फाइटर&amp;rsquo; के बराबर हैं. फिल्म ने &amp;lsquo;पुष्पा 2&amp;rsquo;, &amp;lsquo;रेड 2&amp;rsquo;, &amp;lsquo;क्रू&amp;rsquo; और &amp;lsquo;महाराज&amp;rsquo; जैसी फिल्मों को पीछे छोड़ दिया है.
फीमेल लीड फिल्मों में भी बनाया रिकॉर्ड
&amp;lsquo;गंधारी&amp;rsquo; ने वुमन सेंटर्ड फिल्मों की लिस्ट में भी बड़ी जगह बनाई है. &amp;nbsp;नेटफ्लिक्स &amp;nbsp;पर 2024 के बाद रिलीज हुई फीमेल लीड फिल्मों में यह दूसरी सबसे बड़ी डेब्यू बनी है. इस लिस्ट में &amp;lsquo;अक्यूज्ड&amp;rsquo; 75 लाख व्यूज के साथ पहले नंबर पर है. &amp;lsquo;गंधारी&amp;rsquo; 59 लाख के साथ दूसरे नंबर पर है. इसके बाद &amp;lsquo;क्रू&amp;rsquo;, &amp;lsquo;दो पत्ती&amp;rsquo; और &amp;lsquo;मां बहन&amp;rsquo; जैसी फिल्में हैं.
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आपको बता दें कुछ दिनों पहले &amp;nbsp;एक इंटरव्यू में तापसी पन्नू ने कहा था कि &#039;अल्फा&#039; जैसी बड़ी फीमेल लेड फिल्म के फ्लॉप होने का असर बाकी वुमेन सेंटर्ड फिल्मों पर भी पड़ता है. इंवेस्टर्स दूसरी महिला केंद्रित फिल्मों पर भी पैसा नहीं लगाना चाहते. &amp;nbsp;ऐसे में &#039;गांधारी&#039; के ये रिकॉर्ड्स उनके लिए बहुत बड़ी जीत है.&amp;nbsp;

नेटफ्लिक्स ओरिजिनल में भी टॉप 3 में पहुंची
&amp;nbsp;नेटफ्लिक्स &amp;nbsp;की ओरिजिनल फिल्मों की बात करें तो &amp;lsquo;गंधारी&amp;rsquo; तीसरे नंबर पर है. इससे आगे &amp;lsquo;ज्वेल थीफ&amp;rsquo; और &amp;lsquo;अक्यूज्ड&amp;rsquo; हैं. &amp;lsquo;गंधारी&amp;rsquo; एक एक्शन-थ्रिलर फिल्म है. इसमें तापसी पन्नू एक मां के किरदार में नजर आती हैं. फिल्म की कहानी एक मां के मिशन के इर्द-गिर्द घूमती है. इस फिल्म की डायरेक्टर देवाशीष मखीजा हैं. वहीं कनिका ढिल्लों ने इसे लिखा और प्रोड्यूस किया है.
तापसी पन्नू पिछले कुछ समय से अलग तरह के रोल्स से फैंस को इंप्रेस कर रही हैं. &amp;lsquo;गंधारी&amp;rsquo; में भी उन्होंने एक दमदार और एक्शन रोल निभाया है. ये रिकॉर्ड्स इस बात की गवाही दे रहे हैं कि फैंस को उनका ये रोल कितना पसंद आ रहा है.&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 18:30:11 +0530</pubDate>
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        <title>सेमीफाइनल में बांग्लादेश को हराकर टीम इंडिया रचेगी इतिहास, एशिया कप में ऐसा कभी नहीं हुआ</title>
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        <description><![CDATA[ महिला एशिया कप 2026 के पहले सेमीफाइनल में भारतीय टीम का सामना बांग्लादेश से होगा. टीम इंडिया अभी तक पूरे टूर्नामेंट में अजेय रही है और ट्रॉफी जीतने की प्रबल दावेदार के रूप में देखी जा रही है. आज भारत और बांग्लादेश का सेमीफाइनल मुकाबला भारतीय समयानुसार रात 8 बजे से खेला जाएगा.
भारतीय टीम 7 बार की एशियाई चैंपियन है और अपने आठवें टाइटल का पीछा कर रही है. दूसरी ओर बांग्लादेश एक बार का चैंपियन है, उसने 2018 के फाइनल में भारत को हराकर ही एशिया कप जीता था. 2 पूर्व चैंपियन टीम आज आमने-सामने होंगी, जहां फाइनल का टिकट दांव पर लगा होगा. आज अगर टीम इंडिया, बांग्लादेश को हरा देती है तो वह एशिया कप के इतिहास में नया अध्याय जोड़ देगी.
टीम इंडिया रचेगी इतिहास
महिला क्रिकेट में एशिया कप की शुरुआत साल 2004 में हुई थी. यह टूर्नामेंट अब तक वनडे और टी20 फॉर्मेट में खेला जा चुका है. फॉर्मेट बदला, लेकिन टीम इंडिया की बादशाहत कोई खत्म नहीं कर पाया. भारतीय टीम 2 बार फाइनल मैच हारी भी है, लेकिन पिछले 22 साल के इतिहास में ऐसी कोई टीम नहीं, जिसने हर बार एशिया कप के फाइनल तक का सफर तय किया हो.
भारत इकलौती टीम है, जिसने एशिया कप में हर बार फाइनल तक का सफर तय किया है. आज बांग्लादेश पर जीत मिली, तो यह लगातार 10वीं बार होगा जब भारत एशिया कप के फाइनल में पहुंचेगा. महिला एशिया कप में सबसे ज्यादा बार फाइनल खेलने के मामले में दूसरे स्थान पर श्रीलंका है, जिसने 6 बार फाइनल खेला है, पाकिस्तान ने 2 बार और बांग्लादेश एक बार फाइनल खेला है.
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सबसे ज्यादा बार फाइनल खेलने वाली टीम (महिला एशिया कप)

9 बार - भारत
6 बार - श्रीलंका
2 बार - पाकिस्तान
1 बार - बांगलदेश

सिर्फ बांग्लादेश-श्रीलंका ने हराया
महिला एशिया कप के फाइनल में भारत को सिर्फ 2 देशों ने हराया है. बांग्लादेश ने 2018 के फाइनल में टीम इंडिया को 3 विकेट से हराकर इतिहास रचा था. वहीं 2024 में श्रीलंका ने भारतीय टीम को 8 विकेट से हराकर पहली बार एशिया कप का खिताब जीता था. पाकिस्तान और भारत भी 2 बार फाइनल में आमने-सामने आए हैं, लेकिन 2012 और 2016 में भारत ने पाकिस्तान को हराकर ट्रॉफी जीतने में सफलता पाई थी.
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        <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 18:30:10 +0530</pubDate>
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        <title>शूटिंग खत्म! अब नेट्स पर लौटे रोहित शर्मा, तस्वीर देख खुश हो जाएगा फैंस का दिल</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/शूटिंग-खत्म-अब-नेट्स-पर-लौटे-रोहित-शर्मा-तस्वीर-देख-खुश-हो-जाएगा-फैंस-का-दिल</link>
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        <description><![CDATA[ भारतीय फैंस को अब वनडे सीरीज का बेसब्री से इंतजार रहता है, क्योंकि अब रोहित शर्मा और विराट कोहली सिर्फ इसी फॉर्मेट में टीम इंडिया के लिए खेलते हैं. दोनों स्टार खिलाड़ियों ने एक ही दिन टी20 से और करीब एक हफ्ते के अंतराल पर टेस्ट से संन्यास लिया था. अगली सीरीज के लिए रोहित ने अभ्यास शुरू कर दिया है, जो इसी महीने से वेस्टइंडीज के खिलाफ होनी है.
39 साल की उम्र में रोहित शर्मा टीवी पर डेब्यू करने जा रहे हैं! दरअसल उनका सोनी टीवी पर एक शो आने वाला है, जिसकी शूटिंग में वह पिछले काफी दिनों से व्यस्त थे. शो के कई प्रोमो आए हैं, इसके आलावा खिलाड़ी के शूटिंग के दौरान के भी कई फोटो और वीडियो वायरल हुए.
रोहित शर्मा ने दिया अपडेट
रोहित शर्मा ने इंस्टाग्रम पर एक फोटो शेयर किया, जिसमें वह अपनी किट खोलते हुए नजर आ रहे हैं. ये फोटो नेट्स का है, जिससे साफ है कि उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज के लिए तैयारी शुरू कर दी है. माना जा सकता है कि अब उनके शो की शूटिंग भी पूरी हो चुकी होगी.

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रोहित शर्मा और विराट कोहली अगले साल होने वाले वनडे वर्ल्ड कप में खेलना चाहते हैं, हालांकि ये उनकी फिटनेस और फॉर्म पर निर्भर करेगा. रोहित को लेकर इंग्लैंड सीरीज में खबर आई थी कि लॉर्ड्स में उनका आखिरी वनडे हो सकता है. ये भी कहा गया था कि किसी अधिकारी ने रोहित को बता दिया है कि चयनकर्ता उन्हें वर्ल्ड कप स्क्वॉड में नहीं देख रहे. हालांकि बीसीसीआई ने इन ख़बरों का खंडन किया था, लेकिन ये नहीं कहा था कि रोहित वर्ल्ड कप में खेलेंगे.
रोहित शर्मा के लिए वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू सीरीज महत्वपूर्ण होगी, जिसमें अच्छा कर वह अपनी दावेदारी मजबूत कर सकते हैं. भारत की अगली वनडे सीरीज 27 सितंबर से वेस्टइंडीज के खिलाफ है. पहला मैच तिरुवनंतपुरम (ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम) में खेला जाएगा.
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        <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 18:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>भारत की बेटियों ने पाकिस्तान को चटाई धूल, हॉकी एशिया कप में 19&amp;0 से जीता मैच</title>
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        <description><![CDATA[ क्रिकेट के बाद हॉकी में भारत की बेटियों ने पाकिस्तान को बुरी तरह रौंद डाला है. मंगोलिया में खेले जा रहे महिला हॉकी जूनियर एशिया कप में भारत ने पाकिस्तान को 19-0 से बुरी तरह हरा दिया. यह क्वार्टरफाइनल मुकाबला 10 सितंबर को खेला गया, जहां टीम इंडिया ने हर क्षेत्र में पाकिस्तान को मात दी.
भारतीय टीम ने पहले क्वार्टर में पांच गोल दाग दिए और दूसरे क्वार्टर में भी 5 गोल हुए. इस तरह भारतीय टीम हाफ टाइम तक 10-0 की विशालकाय बढ़त ले चुकी थी. टीम इंडिया का यह दबदबा दूसरे हाफ में भी कायम रहा. तीसरे क्वार्टर में भारत की ओर से 3 गोल और अंतिम क्वार्टर में टीम इंडिया ने 6 गोल कर डाले. इस तरह भारत ने पूरी तरह दबदबा बनाते हुए पाकिस्तान टीम को 19-0 से मात दी, जो महिला हॉकी जूनियर एशिया कप टूर्नामेंट की सबसे बड़ी जीतों में से एक है.
इन 19 में से 11 फील्ड गोल रहे, यह बताता है कि पूरे मुकाबले में गेंद का नियंत्रण टीम इंडिया के पास रहा. 7 गोल पेनल्टी कॉर्नर और मैच के 13वें मिनट में ही भारत को पेनल्टी शूट आउट मिला था, जिसे टीम इंडिया ने गोल में तब्दील किया. कमाल की बात यह रही कि भारतीय टीम के 13 अलग-अलग खिलाड़ियों ने गोल किया.&amp;nbsp;पूजा मलिक ने मैच में तीन गोल करके हैट्रिक लगाई, जिन्होंने 27वें, 49वें और 51वें मिनट में गोल किया. उनके अलावा रोशनी, सनिका माने, मधू सिदार और सुप्रिया ने 2-2 गोल किए.
पाकिस्तान टीम इतनी बुरी तरह पिछड़ रही थी कि उसने मैच में एक गोल भी नहीं किया. एक गोल करना तो दूर की बात, वह एक पेनल्टी शूटआउट या पेनल्टी कॉर्नर भी नहीं बटोर पाया.
महिला हॉकी जूनियर एशिया कप के सेमीफाइनल में टीम इंडिया का सामना अब मलेशिया और दक्षिण कोरिया के बीच होने वाले चौथे क्वार्टरफाइनल मैच के विजेता से होगा. दक्षिण कोरिया और मलेशिया टूर्नामेंट के चौथे सेमीफाइनल में आमने-सामने आने वाले हैं. बता दें कि गोल्ड मेडल मैच 13 सितंबर को खेला जाएगा. भारत महिला हॉकी जूनियर एशिया कप में पिछली 2 बार का चैंपियन है और 2026 का खिताब जीतकर हैट्रिक पूरी करना चाहेगा.
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        <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 18:30:06 +0530</pubDate>
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        <title>ईशान किशन की ईस्ट जोन ने जीता दलीप ट्रॉफी का खिताब, मैच ड्रॉ होने पर क्यों मिली ट्रॉफी?</title>
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        <description><![CDATA[ ईशान किशन की कप्तानी वाली ईस्ट जोन ने 2026 दलीप ट्रॉफी का खिताब जीत लिया है. वेस्ट जोन के खिलाफ खेला गया मुकाबला पांचवें दिन (10 सितंबर) ड्रॉ पर समाप्त हुआ. लेकिन इसके बाद भी ईस्ट जोन की टीम को विनर घोषित किया गया. टीम के लिए दोनों पारियों में दमदार बैटिंग करने वाले ईशान किशन को &#039;प्लेयर ऑफ द मैच&#039; से नवाजा गया. पहली पहली पारी में ईशान ने 30 चौके और 7 छक्के लगाकर 270 रन बनाए थे. दूसरी पारी में उनके बल्ले से 80 रनों की पारी निकली थी, जिसमें 9 चौके और 3 छक्के शामिल रहे.&amp;nbsp;
मुकाबले में पूरी तरह से ईस्ट जोन का दबदबा देखने को मिला. टॉस जीतकर बैटिंग के लिए उतरी टीम ने पहली पारी में 708/10 रन बोर्ड पर लगाए. इस दौरान ईशान किशन ने 270 रनों की पारी खेली. इसके अलावा कुमार कुशाग्र ने शतकीय पारी खेलते हुए 8 चौके और 5 छक्के लगाकर 101 रन बनाए. बाकी नंबर तीन के शिखर मोहन ने 85 रन बनाए. इस दौरान साउथ जोन के लिए त्रिपुराना विजय ने सबसे ज्यादा 4 विकेट लिए.&amp;nbsp;

???????????????? ???????????????????????????? ???????????????????????????? ???? Congratulations to the Ishan Kishan-led East Zone on winning their third #DuleepTrophy title ????????#EZvSZ | @ishankishan51 pic.twitter.com/u6D4UvOTEp
&amp;mdash; BCCI Domestic (@BCCIdomestic) September 10, 2026






फिर अपनी पहली पारी में बैटिंग करते हुए साउथ जोन 336 रन पर ऑलआउट हुई. इस दौरान ईस्ट जोन के लिए मुकेश कुमार ने सबसे ज्यादा 3 विकेट लिए. बाकी मोहम्मद शमी, मोहम्मद कौनाइन कुरैशी और शिखर मोहन ने 2-2 विकेट अपने नाम खाते में डाले. इसके साथ ईस्ट जोन के पास 372 रनों की बढ़त रही. फिर अपनी दूसरी पारी में बैटिंग करते हुए ईस्ट जोन ने 7 विकेट पर 388 रन बनाकर मैच को समाप्त कर दिया. इसके बाद दोनों कप्तानों हाथ मिला लिए. साउथ जोन को दोबारा बैटिंग का मौका नहीं मिल सका.
मैच ड्रॉ होने पर ईस्ट जोन को क्यों मिली ट्रॉफी?
अगर आपके मन में भी यह सवाल उठ रहा है कि आखिर मैच ड्रॉ होने के बाद भी ट्रॉफी ईशान किशन की कप्तानी वाली ईस्ट जोन को क्यों दी गई? बीसीसीआई के नियम के मुताबिक, अगर नॉकआउट घरेलू रेड बॉल मैच ड्रॉ पर समाप्त होता है, तो पहली पारी में बढ़त हासिल करने वाली टीम को खिताब दिया जाता है. इसी नियम के तहत ईस्ट जोन को खिताब दिया गया. टीम ने पहली पारी के बाद 372 रनों की बढ़त हासिल की थी.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 18:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>ईशान, किशन, की, ईस्ट, जोन, ने, जीता, दलीप, ट्रॉफी, का, खिताब, मैच, ड्रॉ, होने, पर, क्यों, मिली, ट्रॉफी</media:keywords>
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        <title>Watch: जीत के जश्न में खूब नाचे वैभव सूर्यवंशी और ईशान किशन, किया भांगड़ा</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/watch-जीत-के-जश्न-में-खूब-नाचे-वैभव-सूर्यवंशी-और-ईशान-किशन-किया-भांगड़ा</link>
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        <description><![CDATA[ दलीप ट्रॉफी 2026 का फाइनल ड्रा होने के साथ ईस्ट जोन चैंपियन बन गई, जिन्होंने साउथ जोन के खिलाफ खिताबी मुकाबले की पहली पारी में 708 रन बनाए थे. चैंपियन बनने के बाद वैभव सूर्यवंशी ने कप्तान ईशान किशन के साथ ग्राउंड पर भांगड़ा किया, पूरी टीम जमकर नाची. बीसीसीआई ने जीत के जश्न का वीडियो शेयर किया.
चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले गए दलीप ट्रॉफी के फाइनल में पहले बल्लेबाजी करते हुए ईस्ट जोन ने 708 रन बनाए थे. वैभव सूर्यवंशी (44) ने अभिमन्यु ईश्वरन (72) के साथ मिलकर पहले विकेट के लिए शतकीय साझेदारी की थी. अच्छी शुरुआत के बाद ईशान किशन ने ऐतिहासिक पारी खेली, उन्होंने दोहरा शतक जड़ा. ईशान ने 270 रन बनाए, इस पारी में उन्होंने 7 छक्के और 30 चौके लगाए. साउथ जोन की पहली पारी 336 रनों पर सिमट गई, यहीं लगभग तय हो गया था कि ईस्ट जोन चैंपियन बनेगी.
चैंपियन बनने पर खूब नाचे वैभव-ईशान
बीसीसीआई ने जीत के जश्न का वीडियो शेयर किया. ईस्ट जोन की पूरी टीम ने ग्राउंड पर डांस किया. वैभव सूर्यवंशी और ईशान किशन इस दौरान जमकर नाचे, उन्होंने भांगड़ा किया. बता दें कि ईशान किशन को फाइनल का सर्वश्रेष्ठ प्लेयर चुना गया. उन्होंने पहली पारी में 270 और दूसरी पारी में 80 रन बनाए थे.

Handshakes in the middle to conclude a fantastic Final ????East Zone clinch the #DuleepTrophy 2026 title by virtue of first-innings lead ????#EZvSZ pic.twitter.com/4DJjNHkAHD
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फाइनल ड्रा होने पर ईस्ट जोन कैसे बनी चैंपियन?
पहली पारी में 372 रनों की बढ़त लेने के बाद ईस्ट जोन ने दूसरी पारी में 388 रन बनाए, चौथे दिन के अंत तक जब टीम ने अपनी दूसरी पारी घोषित नहीं की तब कई लोगों के मन में विचार आने लगा कि आखिर क्यों ये टीम जीतना नहीं चाहती. आपको बता दें कि रणजी ट्रॉफी या दलीप ट्रॉफी के फाइनल के लिए नियम है कि अगर ये ड्रा होता है तो जिस टीम के पहली पारी में ज्यादा रन होंगे, उसे चैंपियन घोषित किया जाएगा. यही वजह थी कि ईशान किशन एंड टीम ने चौथे दिन पारी घोषित नहीं की थी. दलीप ट्रॉफी 2026 फाइनल ड्रा पर समाप्त होते ही ईस्ट जोन चैंपियन बन गई.
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तिलक वर्मा बने प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट
फाइनल हारने वाली टीम साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा को दलीप ट्रॉफी 2026 का सर्वश्रेष्ठ प्लेयर चुना गया. उन्होंने सेमीफाइनल मैच की पहली पारी में नाबाद शतक (116) था, दूसरी पारी में 51 रन बनाकर नाबाद रहे थे. फाइनल की पहली पारी में उन्होंने शानदार पारी खेली, हालांकि उनकी किस्मत बुरी रही और वह अपने शतक से 1 रन से चूक गए. उन्होंने 3 पारियों में कुल 266 रन बनाए. ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 18:30:02 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Watch:, जीत, के, जश्न, में, खूब, नाचे, वैभव, सूर्यवंशी, और, ईशान, किशन, किया, भांगड़ा</media:keywords>
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        <title>रेलवे में पैरामेडिकल की 560 वैकेंसी, 15 सितंबर से शुरू होगा आवेदन</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/रेलवे-में-पैरामेडिकल-की-560-वैकेंसी-15-सितंबर-से-शुरू-होगा-आवेदन</link>
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        <description><![CDATA[ रेलवे में पैरामेडिकल पदों पर सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए अच्छी खबर है. रेलवे भर्ती बोर्ड ने पैरामेडिकल स्टाफ 2026 का शॉर्ट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. नोटिफिकेशन संख्या 05-2026 के तहत कुल 560 पदों पर भर्ती की जाएगी. इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 15 सितंबर 2026 से शुरू होगी और उम्मीदवार 14 अक्टूबर 2026 तक आवेदन कर सकेंगे. हालांकि अभी विस्तृत नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है, जिसमें पदों से जुड़ी पूरी जानकारी, परीक्षा पैटर्न और दूसरी शर्तें दी जाएगी.&amp;nbsp;
9 पैरामेडिकल कैटेगरी में होगी भर्ती&amp;nbsp;
आरआरबी की भर्ती के जरिए लेवल रेलवे में अलग-अलग पैरामेडिकल पदों को भरा जाएगा. शॉर्ट नोटिस में नर्सिंग सुपरीटेंडेंट, फार्मासिस्ट, हेल्थ एंड मलेरिया इंस्पेक्टर, लैब असिस्टेंट, रेडियोग्राफर-एक्स रे टेक्नीशियन, ईसीजी टेक्निशियन, डायलिसिस टेक्निशियन, ऑप्टोमेट्रिस्ट और ऑडियोलॉजिस्ट एंड स्पीच थेरेपिस्ट जैसे पद शामिल है. इन पदों का पे लेवल भी अलग-अलग है. नर्सिंग सुपरीटेंडेंट का लेवल-7, फार्मासिस्ट लेवल-5, हेल्थ एंड मलेरिया इंस्पेक्टर लेवल-6 और लैब असिस्टेंट लेवल-3 के पदों में शामिल है. रेडियोग्राफर-एक्स-रे टेक्निशियन लेवल-5, ईसीजी टेक्नीशियन और ऑप्टोमेट्रिस्ट लेवल-4 तथा डायलिसिस टेक्निशियन लेवल-6 में आते हैं.&amp;nbsp;
15 सितंबर से भर सकेंगे फॉर्म&amp;nbsp;
आरआरबी पैरामेडिकल रिक्रूटमेंट 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन 15 सितंबर से 14 अक्टूबर 2026 तक किए जा सकेंगे. आवेदन आरआरबी के ऑफिशियल आवेदन पोर्टल या संबंधित क्षेत्रीय आरआरबी वेबसाइट के जरिए किया जा सकेगा. उम्मीदवारों को आवेदन के दौरान व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक योग्यता और पद से संबंधित जानकारी भरनी होगी. इसके साथ ही निर्धारित फॉर्मेट में फोटो और सिग्नेचर समेत जरूरी डॉक्यूमेंट अपलोड करने होंगे. आवेदन फीस का पेमेंट भी ऑनलाइन माध्यम से किया जा सकेगा.
कितनी होगी आवेदन फीस?&amp;nbsp;
शॉर्ट नोटिस से जुड़ी उपलब्ध जानकारी के अनुसार ओबीसी और ईडब्ल्यूएस उम्मीदवारों के लिए आवेदन फीस 500 रुपये है. एससी, एसटी, ईबीसी, एक्स सर्विसमैन पीडब्ल्यूबीडी, महिला, ट्रांसजेंडर और माइनॉरिटी उम्मीदवारों के लिए फीस 250 रुपये रखी गई है. सीबीटी में शामिल होने के बाद निर्धारित शर्तों के अनुसार फीस का एक हिस्सा वापस किया जाएगा. जनरल, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस उम्मीदवारों के लिए 400 रुपये तक और दूसरी कैटेगरी के लिए 250 रुपये तक रिफंड का प्रावधान बताया है.&amp;nbsp;
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उम्र सीमा और शैक्षणिक योग्यता&amp;nbsp;
आरआरबी पैरामेडिकल भर्ती के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष है. आयु की गणना 1 जनवरी 2027 के आधार पर की जाएगी. आरक्षित वर्गों को नियमों के अनुसार छूट मिलेगी. वहीं नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट के लिए जीएनएम या बीएससी नर्सिंग, फार्मासिस्ट के लिए फार्मेसी में डिग्री या डिप्लोमा और रेडियोग्राफर-एक्स-रे टेक्नीशियन के लिए संबंधित विषय में डिप्लोमा मांगा गया है. हेल्थ एंड मलेरिया इंस्पेक्टर के लिए बीएससी के साथ केमिस्ट्री और 1 साल का हेल्थ-सेनेटरी इंस्पेक्टर डिप्लोमा, जबकि लैब असिस्टेंट के लिए मेडिकल लैबोरेट्री टेक्नोलॉजी में डिप्लोमा की योग्यता दी गई है.&amp;nbsp;
तीन चरणों में पूरी होगी चयन प्रक्रिया
पैरामेडिकल भर्ती में उम्मीदवारों का चयन कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और मेडिकल टेस्ट के जरिए किया जाएगा. अंतिम चयन मेरिट के आधार पर होगा. परीक्षा की तारीख अभी घोषित नहीं की गई है. इसके अलावा फिलहाल उम्मीदवारों को विस्तृत नोटिफिकेशन का भी इंतजार है.
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        <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 16:30:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>रेलवे, में, पैरामेडिकल, की, 560, वैकेंसी, सितंबर, से, शुरू, होगा, आवेदन</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>चेक कर लें आज गैस सिलेंडर की कीमत, कहीं आपके शहर में बढ़े तो नहीं दाम?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/चेक-कर-लें-आज-गैस-सिलेंडर-की-कीमत-कहीं-आपके-शहर-में-बढ़े-तो-नहीं-दाम</link>
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        <description><![CDATA[ आज, 10 सितंबर 2026 को भारत में घरेलू रसोई गैस (14.2 किलोग्राम) सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. हालांकि, महीने की शुरुआत में ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर के रेट में 9.50 से 11.50 रुपये प्रति सिलेंडर का मामूली इजाफा किया था. घरेलू एलपीजी (14.2 किलोग्राम) सिलेंडर के दाम आखिरी बार 7 जून 2026 को बढ़ाए गए थे. उसके बाद से कीमतें पूरी तरह से स्थिर हैं.&amp;nbsp;
शहरवार चेक करें कीमत



शहर&amp;nbsp;
घरेलू सिलेंडर (14.2 kg)
कमर्शियल सिलेंडर (19 kg)


दिल्ली
942.00
2,747.50


मुंबई
941.50
2,701.00


कोलकाता
968.00
2,884.00


चेन्नई
957.50
2,916.50


बेंगलुरु
955.50
2,831.00


हैदराबाद
994.00
2,996.00


पटना
1,031.50
3,029.00


नोएडा
939.50
2,747.50


गुरुग्राम
950.50
2,764.50



CEEW की रिपोर्ट का बड़ा खुलासा
भारत में LPG की पहुंच ज्यादा से ज्यादा घरों तक पहुंचाने की कोशिश तेज है, लेकिन &#039;काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वॉटर&#039; (CEEW) की एक नई स्टडी से पता चलता है कि उज्ज्वला योजना के 10 करोड़ से ज्यादा लाभार्थी आज भी चूल्हा फूंक रहे हैं.
CEEW के सर्वे के मुताबिक, प्रधानमंत्री उज्जवला योजना (PMUY) के तहत 10.5 करोड़ से अधिक मुफ्त एलपीजी कनेक्शन तो दिए जा चुके हैं, लेकिन केवल 23% ग्रामीण परिवार ही रसोई गैस का विशेष रूप से इस्तेमाल कर रहे हैं. &amp;nbsp;बाकी परिवार गैस के साथ-साथ पारंपरिक ईंधन का भी उपयोग करते हैं.
ये नतीजे असम, झारखंड, महाराष्ट्र, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के 2,222 ग्रामीण घरों में नवंबर 2024 और जनवरी 2025 के बीच किए गए सर्वे से मिले हैं. स्टडी में पाया गया कि 48% घर खाना पकाने के लिए मुख्य ईंधन के तौर पर LPG का इस्तेमाल करते हैं, जबकि 50% मुख्य रूप से लकड़ी पर निर्भर हैं.
पूरी तरह से गैस पर निर्भर रहने के लिए सालभर में कम से कम 7 से 8 सिलेंडर की जरूरत होती है, जबकि उज्ज्वला लाभार्थी औसतन साल में सिर्फ 4.8 सिलेंडर ही रिफिल करवा पा रहे हैं. CEEW की इस रिपोर्ट से साफ है कि भले ही कागजों पर एलपीजी की पहुंच लगभग 100% ग्रामीण परिवारों तक दिखाई जा रही हैं, लेकिन इसका वास्तविक इस्तेमाल अब भी बेहद कम है.&amp;nbsp;

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        <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 14:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>चेक, कर, लें, आज, गैस, सिलेंडर, की, कीमत, कहीं, आपके, शहर, में, बढ़े, तो, नहीं, दाम</media:keywords>
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        <title>78 दिनों का बोनस: रेलवे यूनियनों की बड़ी मांग, कहा&amp; 18,000 बेसिक पर हो कैलकुलेशन</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/78-दिनों-का-बोनस-रेलवे-यूनियनों-की-बड़ी-मांग-कहा-18000-बेसिक-पर-हो-कैलकुलेशन</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/78-दिनों-का-बोनस-रेलवे-यूनियनों-की-बड़ी-मांग-कहा-18000-बेसिक-पर-हो-कैलकुलेशन</guid>
        <description><![CDATA[ इंडियन रेलवे टेक्निकल सुपरवाइजर्स एसोसिएशन (IRTSA) ने वित्त मंत्री और रेल मंत्री को पत्र लिखकर नॉन-गजेटेड रेलवे कर्मचारियों के लिए प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (PLB) की वेतन सीमा बढ़ाने की मांग की है. &amp;nbsp;उनका कहना है कि दशहरे पर मिलने वाले बोनस कैलकुलेशन का आधार बढ़ाकर न्यूनतम 18,000 रुपये और महंगाई भत्ते (DA) किया जाए.&amp;nbsp;
यूनियनों की नई मांग
यूनियनों का तर्क है कि अभी 6वें वेतन आयोग (FY 2014-15) के समय तय की गई 7000 रुपये की सीलिंग के आधार पर 78 दिनों का बोनस तय होता है. इससे नॉन-गेजेटेड रेल कर्मचारी को अधिकतम 17,951 रुपया ही बोनस मिल पाता है. अब चूंकि 7वें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम मूल वेतन 18,000 रुपये हो चुका है इसलिए लेवल-1 कर्मचारियों के लिए बोनस की सीलिंग भी कम से कम 18,000 + 60% DA की जानी चाहिए.
एसोसिएशन की यह भी मांग है कि लेवल-2 और उससे ऊपर के कर्मचारियों के लिए उनकी सैलरी के अनुपात में बोनस सीलिंग को और अधिक बढ़ाया जाए. रेल यूनियनों का कहना है कि वें वेतन आयोग के लागू होने के बाद जब न्यूनतम वेतन बढ़कर 18,000 रुपये हो चुका है, तो बोनस की गणना पुराने 7,000 रुपये के आधार पर क्यों हो.
रेलवे कर्मचारियों को कितना होगा फायदा?
दशहरे से पहले केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में अगर उनकी यह मांग स्वीकार कर ली जाती है, तो इससे रेलवे कर्मचारियों को बंपर फायदा होगा. अगर सरकार बिना 60% DA के भी सिर्फ 18,000 बेसिक पे को आधार मानकर कैलकुलेशन करती है, तो 78 दिनों का बोनस 46,159 से अधिक बनेगा. अगर इसमें डीए को भी शामिल कर लिया जाता है, तो रकम 27,824 रुपये तक पहुंच सकती है. फिलहाल सबकी नजरें कैबिनेट के फैसले पर टिकी हैं.
IRTSA की यह मांग ऐसे समय में आई है, जब केंद्र सरकार के कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाली मुख्य संस्था- नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) ने सभी नॉन-गजेटेड कर्मचारियों के लिए PLB वेतन सीमा बढ़ाने की मांग की है. पिछले महीने, NC-JCM ने सरकार से वेतन सीमा को 7,000 रुपये से बढ़ाकर 21,000 रुपये करने का अनुरोध किया है.

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        <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 14:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>दिनों, का, बोनस:, रेलवे, यूनियनों, की, बड़ी, मांग, कहा-, 18, 000, बेसिक, पर, हो, कैलकुलेशन</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>अब गाड़ियों में 20% से ज्यादा डलेगा एथेनॉल, PM मोदी के सलाहकार ने की पुष्टि</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/अब-गाड़ियों-में-20-से-ज्यादा-डलेगा-एथेनॉल-pm-मोदी-के-सलाहकार-ने-की-पुष्टि</link>
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        <description><![CDATA[ सरकार फ्लेक्सी-फ्यूल वाहनों की मदद से मौजूदा E20 के लेवल से ज्यादा इथेनॉल ब्लेंडिंग की इजाजत देने की तैयारी कर रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सलाहकार तरुण कपूर ने बुधवार को इसकी जानकारी दी. सरकार का ऐसा मानना है कि चूंकि अब देश में इथेनॉल का उत्पादन हमारी मौजूदा जरूरतों से अधिक होने लगा है इसलिए अब E20 (20% इथेनॉल मिश्रण) की सीमा को पार कर आगे बढ़ने का सही समय आ गया है.
&#039;द इंडिया शुगर एंड बायो-एनर्जी कॉन्फ्रेंस 2026&#039; के चौथे एडिशन को वर्चुअली संबोधित करते हुए तरूण कपूर ने कहा कि E20 प्रोग्राम अब तक बहुत सफल रहा है और कई ऑटोमोबाइल कंपनियों ने जल्द ही फ्लेक्सी-फ्यूल गाड़ियां लॉन्च करने के अपने प्लान का जिक्र किया है. उन्होंने कहा, &quot;अब हमारा फोकस फ्लेक्सी-फ्यूल वाहनों को लाने और E20 से ज्यादा परसेंट तक ब्लेंडिंग की अनुमति देने पर है.&quot; उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे वाहनों के आने के साथ-साथ फ्यूल आउटलेट्स पर शुद्ध इथेनॉल की उपलब्धता भी बढ़ानी होगी.
सरकार की नई नीति का मकसद
पीएम मोदी के सलाहकार ने आगे यह भी कहा कि पश्चिम एशिया संकट के बीच बायोफ्यूल को बढ़ावा देना और भी जरूरी हो गया है. इस संकट ने सप्लाई को बाधित किया है और कच्चे तेल की कीमतों को लगभग 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचा दिया है, साथ ही इनके और बढ़ने की आशंका भी है.
चूंकि भारत अपनी जरूरत का करीब 80% से ज्यादा कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है इसलिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी भारत के लिए चिंताजनक है क्योंकि इससे इम्पोर्ट में खर्च ज्यादा आएगा, डॉलर अधिक खर्च होंगे और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ेगा.
अब जब इस बीच देश में चीनी और मक्के से बनने वाले इथेनॉल की उत्पादन क्षमता बढ़ी ही है, तो इस अतिरिक्त इथेनॉल का इस्तेमाल क्यों न किया जाए. इसे खपाने का सबसे बेहतरीन जरिया फ्लेक्सी-फ्यूल गाड़ियां हैं.&amp;nbsp;
फ्लेक्सी-फ्यूल गाड़ियां क्या हैं?
अभी सड़कों पर चल रही साधारण गाड़ियां अधिकतम E20 (20% इथेनॉल मिश्रण) तक का ही ईंधन झेल सकती हैं. इससे ज्यादा इथेनॉल डालने पर उनके इंजन के पार्ट्स खराब हो सकते हैं. इसके विपरीत, फ्लेक्सी-फ्यूल वाहन (Flex-Fuel Vehicles) में ऐसे इंजन लगे होते हैं, जो 20% से लेकर 85% या 100% (शुद्ध इथेनॉल) तक के मिश्रण पर आसानी से चल सकते हैं. इनमें लगे सेंसर खुद-ब-खुद ईंधन में इथेनॉल की मात्रा को पहचान कर इंजन की परफॉर्मेंस को एडजस्ट कर लेते हैं.
E20 ब्लेंडिंग को लेकर हाल ही में हुई आलोचना पर तरूण कपूर ने कहा कि इसमें से ज्यादातर या तो गलत जानकारी थी या किसी खास मकसद से इसकी आलोचना की गई होगी. उन्होंने कहा कि स्टडीज से पता चला है कि E20 अच्छा काम करता है और फ्यूल एफिशिएंसी में थोड़ी-बहुत कमी की भरपाई इसके ज्यादा ऑक्टेन कंटेंट से हो जाती है.
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        <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 14:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>अब, गाड़ियों, में, 20, से, ज्यादा, डलेगा, एथेनॉल, मोदी, के, सलाहकार, ने, की, पुष्टि</media:keywords>
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        <title>आज कितने में बिक रहा गोल्ड, चांदी की कितनी है कीमत? चेक करें रेट</title>
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        <description><![CDATA[ आज 10 सितंबर, बुधवार को सोने की कीमतों में गिरावट देखी जा रही है. गुडरिटर्न्स की रिपोर्ट के मुताबिक, आज 24 कैरेट सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम 1,54,300 रुपये है, जिसमें कल के मुकाबले मामूली 10 रुपये की गिरावट देखी जा रही है. इसी तरह से 22 कैरेट सोने की कीमत भी कल के मुकाबले 10 रुपये गिरकर आज 1,41,440 के स्तर पर आ गई है. 18 कैरेट सोने की कीमत आज प्रति 10 ग्राम 1,15,720 रुपये है. इसका भी रेट 10 रुपये गिरा है.&amp;nbsp;
शहरवार सोने की कीमत



शहर&amp;nbsp;
24 कैरेट सोने की कीमत (प्रति ग्राम)
18 कैरेट सोने की कीमत (प्रति ग्राम)


दिल्ली
15,445 रुपये
14,159 रुपये


मुंबई
15,430 रुपये&amp;nbsp;
14,144 रुपये


बेंगलुरु
15,430 रुपये
14,144 रुपये


चेन्नई
15,430 रुपये
14,144 रुपये


कोलकाता
15,430 रुपये
14,144 रुपये


पुणे
15,430 रुपये
14,144 रुपये


जयपुर
&amp;nbsp;15,556 रुपये
14,270 रुपये


लखनऊ
&amp;nbsp;15,556 रुपये
14,270 रुपये


पटना
15,556 रुपये
14,260 रुपये



क्यों आज गिरीं सोने की कीमतें?
अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मुनाफावसूली और बिकवाली बढ़ने से सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की जा रही. वैश्विक निवेशक इस समय बेहद सतर्क हैं क्योंकि अभी इनकी नजरें अमेरिकी फेडरल रिजर्व के द्वारा लिए जाने वाले ब्याज दरों के फैसले पर टिकी हुई हैं. ब्याज दरों में संभावित बदलाव की अनिश्चितता के कारण ट्रेडर्स सोने-चांदी से पैसा निकालकर सुरक्षित विकल्प तलाश रहे हैं. बता दें कि अमेरिकी फेड रिजर्व की अगली बैठक 15 और 16 सितंबर 2026 को होने जा रही है.
डॉलर इंडेक्स में मजबूती भी आज सोने की कीमतों में गिरावट की बड़ी वजह है. जब भी अमेरिकी डॉलर मजबूत होता है, तो वैश्विक बाजार में सोने और चांदी की कीमतें दबाव में आ जाती हैं. डॉलर मजबूत होने से दूसरी करेंसीज वालों के लिए इसे खरीदना महंगा हो जाता है, जिससे मांग में अस्थाई कमी आती है. इधर, डॉलर मजबूत होने पर निवेशक सोने से पैसा निकालने लगते हैं. चूंकि सोना एक नॉन-यील्डिंग एसेट है यानी इस पर बैंक एफडी या सरकारी बॉन्ड की तरह कोई तय ब्याज &amp;nbsp;या डिविडेंड नहीं मिलता इसलिए ब्याज दरें बढ़ने की संभावनाओं के बीच लोग इसे बेचकर अपना पैसा निकाल लेते हैं.
आज चांदी की कीमत?
आज भारत में चांदी की कीमत 249.90 रुपये प्रति ग्राम और 2,49,900 रुपये प्रति किलोग्राम है. इसमें प्रति ग्राम आज 0.10 पैसे की गिरावट आई है और इस हिसाब से 1 किलो की कीमत 100 रुपये कम हुई है. दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु, पुणे, वडोदरा, अहमदाबाद जैसे तमाम शहरों में आज चांदी की कीमत प्रति 10 ग्राम 2,499 रुपये है. वहीं, चेन्नई में कीमत थोड़ी ज्यादा 2,549 रुपये है.

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        <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 14:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>iPhone के साथ Apple ने और क्या फोड़ा बम? पूरी लॉन्च लिस्ट देखें</title>
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        <description><![CDATA[ Apple के Surprise and Shine इवेंट में इस बार सिर्फ नए iPhone की एंट्री नहीं हुई, बल्कि कंपनी ने अपनी iPhone लाइनअप में एक बड़ा बदलाव भी किया है. 9 सितंबर को हुए Apple Event में iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max के साथ कंपनी ने अपना पहला फोल्डेबल iPhone Duo भी पेश किया है. इसके अलावा नई जनरेशन के Apple Watch और AirPods भी लॉन्च किए गए हैं.
वहीं Apple ने नए AirPods 5 और Apple Watch Series 12 के साथ Watch Ultra 4 को भी लॉन्च किया है. &amp;nbsp;Apple का यह इवेंट एक साथ कई प्रोडक्ट कैटेगरी के लिए बड़ा अपडेट लेकर आया है. नए CEO John Ternus ने भी इवेंट में Apple के नए iPhone Duo और दूसरी डिवाइस को कंपनी के Intelligent Personal Hub के तौर पर पेश किया.&amp;nbsp;
iPhone 18 Pro और 18 Pro Max हुए लॉन्च
इवेंट की सबसे बड़ी लॉन्चिंग iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max रही. इन दोनों मॉडल में A20 Pro चिप दी गई है, जिसे Apple ने iPhone की अब तक की सबसे तेज चिप बताया है. कंपनी ने Intelligence, Performance, Battery और Camera में बड़े बदलाव किए हैं. iPhone 18 Pro चार कलर ऑप्शन Deep Black, Silver, Glacier और Burgundy में आया है.
A20 Pro चिप को मिला बड़ा अपग्रेड
iPhone 18 Pro में नई A20 Pro चिप दी गई है, जो 2nm Architecture पर आधारित है. इसमें 6-Core CPU, 7-Core GPU और 32-Core Neural Engine दिया गया है. Apple के मुताबिक नए Super Cores 20 प्रतिशत तक तेज हैं और GPU Performance में 40 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है. Neural Engine की Compute Power भी 2 गुना हुई है.&amp;nbsp;
AirPods 5 भी हुए लॉन्च
Apple ने AirPods 5 भी पेश किए हैं. इनमें Redesigned Open-Ear Design, नया Multi-Port Acoustic Architecture और Next-Generation Adaptive EQ दिया गया है. कंपनी के मुताबिक नए AirPods में Active Noise Cancellation के साथ पिछली पीढ़ी की तुलना में 50 प्रतिशत ज्यादा Noise Reduction मिलता है.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ें - Apple iPhone 18 Launch : कितनी फास्ट है Apple की नई A20 प्रो चिप, फोन को कितना करेगी तेज?
Apple का पहला फोल्डेबल iPhone Duo लॉन्च 
Apple ने आखिरकार अपना पहला फोल्डेबल iPhone, iPhone Duo लॉन्च कर दिया है. यह डिवाइस दो स्क्रीन के साथ पेश किया गया है और खुलने पर 7.6 इंच का बड़ा इनर डिस्प्ले देता है. इसका डिजाइन पासपोर्ट जैसा है, जबकि फोल्ड होने पर इसे आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है. Apple ने इसमें ऐसा फोल्डेबल डिजाइन दिया है, जिसमें डिस्प्ले को फ्लैट रखने और क्रीज को कम दिखाने पर खास फोकस किया गया है. iPhone Duo में डुअल रियर कैमरा सेटअप दिया गया है और यह Apple के नए चिपसेट के साथ आता है.&amp;nbsp;
Apple Watch Series 12 और Ultra 4 की एंट्री
इवेंट में Apple Watch Series 12 और Apple Watch Ultra 4 भी लॉन्च किए गए. इनमें नया Health Sensing System दिया गया है. Apple के मुताबिक अब Background Heart Rate Readings हर पांच सेकंड में ली जाएंगी. इसके साथ Heart Rate Variability यानी HRV को भी ज्यादा बार Sample किया जाएगा.
यह भी पढ़ें - iPhone 18 सीरीज से Foldable तक आज क्या होगा लॉन्च, कितनी होगी कीमत? ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 11:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Apple का पहला फोल्डेबल iPhone Duo लॉन्च! कीमत से फीचर्स तक जानें सबकुछ</title>
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        <description><![CDATA[ Apple का बहुप्रतिक्षित फोल्डेबल फोन आखिरकार लॉन्च हो गया है. हालांकि, इस फोन को लेकर कई सारी चर्चाएं चल रही थीं. लेकिन कंपनी ने अपने पहले फोल्डेबल फोन को iPhone Duo नाम से लॉन्च किया है. बता दें कि कंपनी ने इस फोन को इस तरह से डिजाइन किया है कि यूजर्स को बंद होने पर कॉम्पैक्ट iPhone का एक्सपीरिएंस मिले जबकि खोलने पर बड़ी स्क्रीन का फायदा मिल सके. कंपनी का कहना है कि ये फोन मल्टीटास्किंग, गेमिंग और वीडियो देखने के लिए यूजर्स को बेस्ट एक्सपीरिएंस देगा.
शानदार कैमरा सेटअप
इस फोन के कैमरा सेटअप पर नजर डालें तो इसमें कंपनी ने ट्रिपल कैमरा की जगह पर डुआल कैमरा सेटअप दिया है. इसमें 48 मेगापिक्सल का Fusion Main कैमरा है और 48MP का Fusion Ultra Wide कैमरा दिया गया है.
इसके अलावा फोन में Apple Intelligence और Siri AI का सपोर्ट भी मिलता है. इन फीचर्स के जरिए Apple यूजर्स को ज्यादा पर्सनलाइज्ड और स्मार्ट एक्सपीरिएंस देने की कोशिश कर रहा है.
मिले जबरदस्त फीचर्स

This is the iPhone Duo, starting at $1,999 #AppleEvent pic.twitter.com/5VithPkI5v
&amp;mdash; Apple Hub (@theapplehub) September 9, 2026



आपको बता दें कि iPhone Duo की सबसे बड़ी खासियत इसका फोल्डेबल डिस्प्ले है. इस फोन में कंपनी ने 7.6 इंच का Super Retina XDR डिस्प्ले उपलब्ध कराया है जो अब तक किसी भी आईफोन में नहीं दिया गया था. इसके अलावा इस फोन के बाहर में 5.4 इंच की डिस्प्ले दी गई है. दोनों डिस्प्ले में ProMotion, Always-On Display और आउटडोर में 3,000 निट्स तक की ब्राइटनेस का सपोर्ट मिल जाता है. इसके अलावा फोन में IP68 रेटिंग मिलती है जिसका मतलबब है कि ये फोल्डेबल फोन पानी और धूल से सुरक्षित रहेगा.
दमदार प्रोसेर
iPhone Duo में Apple का नया A20 Pro चिपसेट प्रोसेसर दिया गया है. इसके अलावा फोन में कस्टम वेपर चैंबर भी दिया गया है जो फोन को हीट होने से बचाने में मदद करता है. साथ ही फोन में डुअल-बैटरी सिस्टम मौजूद है. कंपनी का दावा है कि ये फोन यूजर्स को करीब 24 घंटों का जबरदस्त बैकअप देने में सक्षम होगा.
यह भी पढ़ें: Apple का AI अब सिर्फ iPhone में नहीं? Siri से लेकर Smart Home तक बड़ा प्लान
कितनी है iPhone Duo की कीमत
कंपनी ने भारत में Apple iPhone Duo की शुरुआती कीमत 2,99,900 रुपये रखी गई है. ये फोन 256GB से लेकर 2TB तक के स्टोरेज ऑप्शनों में उपलब्ध होगा. कंपनी ने इस फोन को Star White और Night Sky शेड में पेश किया है. इसके अलावा इस फोन के प्री-ऑर्डर 16 अक्टूबर से शुरू होंगे और इसकी बिक्री 23 अक्टूबर से शुरू होगी.
Apple का फोल्डेबल सेगमेंट में बड़ा कदम
बता दें कि iPhone Duo के साथ Apple ने फोल्डेबल स्मार्टफोन बाजार में अपनी पहली मौजूदगी दर्ज कराई है. बड़ी स्क्रीन, प्रीमियम डिजाइन, A20 Pro चिप और iOS 27 के नए फीचर्स इसे कंपनी के मौजूदा iPhone मॉडल्स से अलग बनाते हैं. अब देखना होगा कि करीब 3 लाख रुपये की शुरुआती कीमत वाला ये फोल्डेबल iPhone ग्राहकों के बीच कितना फेमश होता है.
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1199 डॉलर की कीमत के साथ लॉन्च हुआ iPhone 18 Pro और Pro Max! जानें फीचर्स ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 11:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>$1299 वाला iPhone 18 Pro Max भारत में कितने का मिलेगा? 4 साल के डेटा से समझें</title>
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        <description><![CDATA[ Apple ने iPhone 18 Pro Max को अमेरिका में 1,299 डॉलर की शुरुआती कीमत के साथ लॉन्च किया है. ये कीमत पिछले साल के iPhone 17 Pro Max के मुकाबले 100 डॉलर ज्यादा है. ऐसे में भारतीय ग्राहकों के मन में सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर ये फोन भारत में कितने रुपये का पड़ेगा? पिछले चार साल में iPhone Pro Max की अमेरिका और भारत की लॉन्च कीमतों को देखें तो इसका एक दिलचस्प पैटर्न सामने आता है.
चार साल में अमेरिका और भारत की कीमत का अंतर
अगर 2022 से 2025 तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो iPhone Pro Max की अमेरिकी शुरुआती कीमत और भारत में इसकी कीमत के बीच अच्छा-खासा अंतर रहा है. 2022 में iPhone 14 Pro Max की अमेरिकी कीमत 1,099 डॉलर थी जबकि भारत में इसका शुरुआती दाम 1,39,900 रुपये था.
2023 में Apple ने iPhone 15 Pro Max की अमेरिकी कीमत 1,199 डॉलर रखी. भारत में इसका 256GB मॉडल 1,59,900 रुपये में लॉन्च हुआ.
2024 में iPhone 16 Pro Max की अमेरिकी कीमत 1,199 डॉलर पर ही रही लेकिन भारत में शुरुआती कीमत घटकर 1,44,900 रुपये हो गई. ये 256GB मॉडल के लिए थी.
2025 में iPhone 17 Pro Max की अमेरिकी कीमत फिर 1,199 डॉलर रही जबकि भारत में इसका शुरुआती दाम 1,49,900 रुपये था.
यानी पिछले चार साल में भारत में Pro Max की शुरुआती कीमत 1,39,900 रुपये से बढ़कर 1,49,900 रुपये तक पहुंची है. बीच में 2024 में कीमत में कमी भी देखने को मिली.
अब 1,299 डॉलर की कीमत से कितना बढ़ेगा दाम?
iPhone 18 Pro Max के लिए कंडीशन थोड़ी अलग है. इस बार अमेरिका में ही Apple ने कीमत 100 डॉलर बढ़ाकर 1,299 डॉलर कर दी है. यानी सिर्फ डॉलर की कीमत में बदलाव नहीं हुआ है बल्कि भारत में भी इसका असर देखने को मिलेगा.
अगर पिछले वर्षों में अमेरिका और भारत के बीच बने कीमत के अंतर को आधार मानें तो 1,299 डॉलर वाले iPhone 18 Pro Max की भारतीय शुरुआती कीमत करीब 1,64,900 रुपये से 1,69,900 रुपये के बीच हो सकती है.
यह भी पढ़ें: 1199 डॉलर की कीमत के साथ लॉन्च हुआ iPhone 18 Pro और Pro Max! जानें फीचर्स
इसके अलावा अगर iPhone 17 Pro Max भारत में 1,49,900 रुपये से शुरू हुआ था. अगर Apple अमेरिकी कीमत में 100 डॉलर की बढ़ोतरी का एक बड़ा हिस्सा भारतीय कीमत में भी जोड़ता है तो करीब 10,000 से 15,000 रुपये की बढ़ोतरी संभव दिखाई देती है. इस हिसाब से कीमत लगभग 1,59,900 से 1,64,900 रुपये तक पहुंच सकती है.
1.7 लाख रुपये तक जा सकती है शुरुआती कीमत
हालांकि टैक्स, करेंसी एक्सचेंज रेट, भारत में Apple की प्राइसिंग प्लानिंग और इंपोर्ट/लोकल मैन्युफैक्चरिंग जैसे कारण डिवाइस की फाइनल कीमत पर असर डाल सकते हैं. दिलचस्प बात ये है कि लॉन्च से पहले कुछ रिपोर्ट्स में iPhone 18 Pro Max की भारत में कीमत करीब 1,59,900 रुपये बताई गई थी, जबकि कुछ अनुमानों में ये 1,69,900 रुपये तक जाने की बात कही गई.
भारत में कितनी बढ़ सकती है कीमत?
अगर पिछले चार साल के ट्रेंड और इस साल अमेरिका में हुई 100 डॉलर की बढ़ोतरी को मिलाकर देखें तो iPhone 18 Pro Max की भारत में शुरुआती कीमत लगभग 1.60 लाख से 1.70 लाख रुपये के बीच बैठ सकती है. यानी iPhone 17 Pro Max के 1,49,900 रुपये के मुकाबले करीब 10,000 से 20,000 रुपये तक की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है.
इसका मतलब है कि भारतीय ग्राहकों को इस बार Pro Max खरीदने के लिए पहले के मुकाबले ज्यादा बजट रखना पड़ सकता है. वहीं, 512GB और 1TB जैसे ज्यादा स्टोरेज वेरिएंट की कीमत इससे काफी ऊपर जा सकती है.
यह भी पढ़ें:&amp;nbsp;Apple का पहला फोल्डेबल iPhone Duo लॉन्च! कीमत से फीचर्स तक जानें सबकुछ ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 11:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Siri की आवाज से हो गए हैं बोर? सेकेंडों में ऐसे बदलें Voice! ये है तरीका</title>
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        <description><![CDATA[ अगर आप लंबे समय से iPhone इस्तेमाल कर रहे हैं और Siri की एक ही आवाज सुन-सुनकर बोर हो चुके हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है. Apple iPhone में Siri की आवाज बदलने का ऑप्शन देता है. इतना ही नहीं, आप उपलब्ध ऑप्शनों के अनुसार Siri की Voice और Language भी बदल सकते हैं. इसके लिए किसी थर्ड-पार्टी ऐप की जरूरत नहीं पड़ती है. आइए जानते हैं क्या है तरीका.
Siri की आवाज बदलना है बेहद आसान
Siri की आवाज बदलने का प्रोसेस काफी आसान है. इसके लिए सबसे पहले अपने iPhone में Settings ऐप खोलें. इसके बाद नीचे स्क्रॉल करके Siri या Apple Intelligence &amp;amp; Siri वाले ऑप्शन पर जाएं. iOS के वर्जन के हिसाब से इस सेटिंग का नाम थोड़ा अलग हो सकता है. अब यहां आपको Siri से जुड़ी कई सेटिंग्स दिखाई देंगी. इनमें Voice या Siri Voice का ऑप्शन सर्च करें और उस पर टैप करें.
कुछ सेकेंड में चुनें नई Voice
आपको बता दें कि Siri Voice के अंदर जाने के बाद आपको उपलब्ध अलग-अलग Voice ऑप्शन दिखाई दे सकते हैं. यहां किसी Voice पर टैप करके उसे चुना जा सकता है. कुछ ऑप्शनों में अलग-अलग Variety/Accent भी उपलब्ध होते हैं.
किसी Voice को चुनने के बाद iPhone उसे डाउनलोड कर सकता है. इसके लिए इंटरनेट कनेक्शन की जरूरत पड़ती है. डाउनलोड पूरा होने के बाद Siri आपकी चुनी हुई आवाज में जवाब देने लगेगी.
Language भी बदल सकते हैं
अगर आप Siri को किसी दूसरी लैंग्वेज में इस्तेमाल करना चाहते हैं तो ये ऑप्शन भी इसी सेटिंग सेक्शन में मिल जाएगा. Settings &gt; Siri/Apple Intelligence &amp;amp; Siri &gt; Language पर जाकर उपलब्ध भाषा में से अपनी पसंद की लैंग्वेज चुन सकते हैं.
यह भी पढ़ें: Foldable iPhone में नहीं मिलेंगे ये फीचर्स! Face ID भी हो सकता है गायब
Siri की आवाज बदलने से क्या बदलेगा?
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि Voice बदलने से आपके iPhone की बाकी आवाजों पर कोई असर नहीं पड़ता है. बदलाव मुख्य रूप से Siri के बोलने के तरीके और आवाज तक सीमित रहता है. यानी म्यूजिक, रिंगटोन, नोटिफिकेशन या दूसरे ऑडियो की आवाज पहले जैसी ही रहती है.
ये फीचर खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो रोजाना Siri का इस्तेमाल करते हैं और अपने iPhone के एक्सपीरिएंस में थोड़ा बदलाव चाहते हैं.
अगर Voice का ऑप्शन दिखाई न दे तो?
अगर आपके iPhone में Siri Voice का ऑप्शन नहीं दिख रहा है तो सबसे पहले iOS अपडेट चेक करें. साथ ही ये भी ध्यान रखें कि Siri की कुछ Voice और Language सभी देशों या क्षेत्रों में उपलब्ध नहीं होतीं हैं.
यह भी पढ़ें:&amp;nbsp;RAM और ROM में क्या अंतर, कौन-सी Memory फोन बंद होते ही भूल जाती है सब? ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 11:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>iPhone 18 Pro में ये 10 बड़े बदलाव, पुराने मॉडल से कितना एडवांस्ड?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/iphone-18-pro-में-ये-10-बड़े-बदलाव-पुराने-मॉडल-से-कितना-एडवांस्ड</link>
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        <description><![CDATA[ Apple ने आखिरकार अपने नए Pro iPhone से पर्दा उठा दिया है. कंपनी के Surprise and Shine इवेंट में iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max को लॉन्च किया गया. इस बार Apple ने सिर्फ डिजाइन या कैमरा पर ही फोकस नहीं किया, बल्कि नए A20 Pro चिप, ज्यादा पावरफुल AI, बेहतर कूलिंग और कैमरा कंट्रोल जैसे कई बड़े बदलाव किए हैं. खास बात यह है कि पहली बार iPhone 18 Pro को Apple के नए CEO John Ternus ने पेश किया. &amp;nbsp;वहीं, इस बार कंपनी ने रेगुलर iPhone 18 को लॉन्च नहीं किया है. ऐसे में आइए जानते हैं कि iPhone 18 Pro में कौन-से 10 बड़े बदलाव हुए और पुराने मॉडल से कितना एडवांस्ड है.&amp;nbsp;
iPhone 18 Pro में ये 10 बड़े बदलाव
1. नया 2nm A20 Pro चिप - iPhone 18 Pro सीरीज का सबसे बड़ा अपग्रेड इसका A20 Pro चिप है. यह 2nm टेक्नोलॉजी पर तैयार किया गया है. इसमें 6-कोर CPU है, जिसमें दो नए Super Cores और चार Efficiency Cores हैं. Apple के मुताबिक Super Cores 20 प्रतिशत तक तेज हैं.&amp;nbsp;
2. 7-कोर GPU और बेहतर AI - A20 Pro में 7-कोर GPU दिया गया है, जिससे ग्राफिक्स परफॉर्मेंस 40 प्रतिशत तक बढ़ सकती है. चिप में Neural Engine को भी बड़ा अपग्रेड मिला है. अब इसमें दूसरा Neural Engine भी है और कुल 32 कोर दिए गए हैं. इससे ऑन-डिवाइस AI प्रोसेसिंग को ज्यादा ताकत मिलती है.&amp;nbsp;
3. नया कूलिंग सिस्टम - पावरफुल चिप के साथ Apple ने फोन की थर्मल मैनेजमेंट पर भी काम किया है. iPhone 18 Pro में नया Vapour Chamber कूलिंग सिस्टम दिया गया है, जो पिछले मॉडल की तुलना में काफी बड़ा है. इसका मकसद गेमिंग और AI जैसे भारी काम के दौरान फोन को ज्यादा ठंडा रखना है.&amp;nbsp;
4. Dynamic Island - Dynamic Island अब पहले से छोटा है. Apple ने इसे ज्यादा यूजफुल बनाया है और यह एक साथ तीन Live Activities दिखा सकता है यानी फ्लाइट स्टेटस, Maps नेविगेशन और टाइमर जैसी अलग-अलग जानकारी एक साथ देखी जा सकती है.&amp;nbsp;
5. 48MP कैमरा - कैमरा सिस्टम में इस बार बड़ा बदलाव Variable Aperture का है. 48MP Fusion Main Camera में मैकेनिकल Variable Aperture दिया गया है. इससे लेंस में आने वाली रोशनी और Depth of Field पर ज्यादा कंट्रोल मिलता है.&amp;nbsp;
6. तीन 48MP रियर कैमरे - दोनों Pro मॉडल में Triple Rear Camera Setup मिलता है. इसमें 48MP Main, 48MP Telephoto और 48MP Ultra Wide कैमरा शामिल हैं. Apple का कहना है कि यह उसका सालों में सबसे बड़ा कैमरा अपग्रेड है.
7. AI वाला नया Siri - iPhone 18 Pro में iOS 27 के साथ नया Siri AI मिलता है. यह यूजर के Personal Context को समझकर ज्यादा Personal और Conversational तरीके से काम कर सकता है. Apple के अनुसार Siri AI 300,000 से ज्यादा ऐप्स के साथ काम कर सकता है.&amp;nbsp;
8. बैटरी - iPhone 18 Pro में 36 घंटे तक और iPhone 18 Pro Max में 45 घंटे तक वीडियो प्लेबैक का दावा किया गया है. Pro Max को Apple ने अब तक की सबसे बेहतर iPhone Battery Life वाला मॉडल बताया है.&amp;nbsp;
9. नया डिजाइन और रंग - फोन में Color-Matched Aluminum और Back Glass दिया गया है. नए Burgundy और Glacier रंग के साथ Black और Silver ऑप्शन भी मिलते हैं. साथ ही Dynamic Island को भी छोटा किया गया है.&amp;nbsp;
10. AI फोटो की पहचान - Apple ने AI से बनी या बदली गई तस्वीरों को लेकर भी नया फीचर पेश किया है. iPhone 18 Pro से क्लिक की गई तस्वीरों के लिए Apple Reference Image नाम का नया स्टैंडर्ड दिया गया है, जिससे फोटो की ऑथेंटिसिटी को पहचानने में मदद मिलेगी.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ें - iPhone के साथ Apple ने और क्या फोड़ा बम? पूरी लॉन्च लिस्ट देखें
iPhone 18 Pro और &amp;nbsp;Pro Max की कीमत
भारत में iPhone 18 Pro की शुरुआती कीमत 1,64,900 रुपए और iPhone 18 Pro Max की शुरुआती कीमत 1,79,900 रुपए है. इन दोनों मॉडल 256GB, 512GB, 1TB और 2TB स्टोरेज ऑप्शन में आते हैं. इनके प्री-ऑर्डर 12 सितंबर से शुरू होंगे और बिक्री 18 सितंबर से शुरू होगी.&amp;nbsp;
पुराने मॉडल से कितना एडवांस्ड है?
पुराने मॉडल के मुकाबले iPhone 18 Pro में A20 Pro चिप, बेहतर AI, Variable Aperture कैमरा, छोटा Dynamic Island और ज्यादा बैटरी लाइफ जैसे बड़े अपग्रेड मिले हैं. इसके साथ बेहतर कूलिंग भी दी गई है, जिससे यह परफॉर्मेंस और कैमरा के मामले में ज्यादा एडवांस्ड बनता है.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ें - Apple का पहला फोल्डेबल iPhone Duo लॉन्च! कीमत से फीचर्स तक जानें सबकुछ ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 11:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>iPhone, Pro, में, ये, बड़े, बदलाव, पुराने, मॉडल, से, कितना, एडवांस्ड</media:keywords>
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        <title>रेजीनगर उपचुनाव: हुमायूं कबीर ने चला दांव, गुलाम नबी आजाद को टिकट</title>
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        <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल की दो विधानसभा सीट रेजीनगर और नंदीग्राम के लिए उपचुनाव की घोषणा के बाद राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है. आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के संस्थापक हुमायूं कबीर (Humayun Kabir) ने इस सीट से बड़ा दांव चलते हुए अपने बेटे गुलाम नबी आजाद (Ghulam Nabi Azad) को चुनावी मैदान में उतारा है. मुर्शिदाबाद जिले की रेजीनगर विधानसभा सीट के उपचुनाव के लिए गुलाम नबी आजाद ने बुधवार (9 सितंबर 2026) को अपना नामांकन दाखिल किया. हुमायूं कबीर के रेजीनगर सीट से इस्तीफा देने और नवदा सीट अपने पास रखने का फैसला करने के बाद यहां उपचुनाव होना है.
गुलाम नबी आजाद ने भरा पर्चा
इस साल की शुरुआत में हुए विधानसभा चुनाव में उन्होंने दोनों सीट पर जीत हासिल की थी. रेजीनगर और नंदीग्राम सीट के लिए उपचुनाव छह अक्टूबर को होंगे और वोटों की गिनती नौ अक्टूबर को होगी. नामांकन दाखिल करते समय गुलाम नबी आजाद के साथ उनके पिता हुमांयू कबीर भी मौजूद थे. उन्होंने कहा कि कबीर की जीत के अंतर की बराबरी करना एक चुनौती होगी. उन्होंने कहा, &amp;lsquo;जाहिर है जिस अंतर से मेरे पिता ने इस सीट से चुनाव जीता था उसे हासिल करना एक चुनौती होगी.&amp;rsquo;
हुमायूं कबीर ने रेजीनगर में अपने निकटतम बीजेपी के प्रतिद्वंद्वी को लगभग 59,000 वोटों से हराया था. मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद जैसी मस्जिद की आधारशिला रखने को लेकर हुए विवाद के बाद तृणमूल कांग्रेस ने उन्हें पार्टी से निकाल दिया था. इसके उन्होंने दिसंबर 2025 में एजेयूपी बनाई थी.&amp;nbsp;
बंगाल की दो सीटों पर होंगे उपचुनाव
चुनाव आयोग ने सोमवार (7 सितंबर 2026) को पश्चिम बंगाल की दो विधानसभा सीट रेजीनगर और नंदीग्राम के लिए उपचुनाव की घोषणा की थी. मतदान छह अक्टूबर को होगा और मतगणना नौ अक्टूबर को होगी. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की ओर से नंदीग्राम और आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के संस्थापक हुमायूं कबीर ने रेजीनगर सीट छोड़ा था, जिसके बाद उपचुनाव कराने की जरूरत पड़ी है. चुनाव प्रक्रिया 9 सितंबर को गजट अधिसूचना जारी होने के साथ शुरू हो गई.
चुनाव आयोग ने बयान में कहा कि नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 16 सितंबर है. 17 सितंबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और उम्मीदवार 19 सितंबर तक अपना नामांकन वापस ले सकते हैं. चुनाव आयोग ने कहा कि पूरी चुनाव प्रक्रिया 11 अक्टूबर तक पूरी हो जाएगी. हुमायूं कबीर ने मुर्शिदाबाद में रेजीनगर और नौदा, दोनों सीट पर जीत हासिल की थी. वहीं शुभेंदु अधिकारी नंदीग्राम और भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्रों से विजयी हुए थे.&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 05:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>TMC पर ले सकता चुनाव आयोग बड़ा फैसला, ममता बनर्जी&amp;ऋतब्रत को बुलाया दिल्ली दफ्तर</title>
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        <description><![CDATA[ तृणमूल कांग्रेस में टूट के मामले और दो सीटों पर होने वाले उपचुनाव से पहले चुनाव आयोग ने कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों के नेताओं को अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए हैं. चुनाव आयोग ने बुधवार को टीएमसी के दोनों नेताओं ममता बनर्जी और ऋतब्रत बनर्जी (बागी गुट) को पत्र लिखा है. इसमें 12 सितंबर को सुबह 11 बजे और 12 बजे (अलग-अलग समय पर) 5-5 सदस्यों के साथ आयोग के समक्ष पक्ष रखने की कहा है.&amp;nbsp;
केंद्रीय चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी को लिखे लेटर में कहा, &#039;आयोग ने पश्चिम बंगाल, मेघालय, और त्रिपुरा में ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस से जुड़ी शिकायतों पर चर्चा के लिए पांच सदस्यी प्रतिनिधिमंडल के साथ मीटिंग करने का फैसला लिया है. यह मीटिंग 12 सितंबर को सुबह 11 बजे दिल्ली के द्वारका स्थित IIIDEM में होगी.&#039;&amp;nbsp;
इसके अलावा चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी के गुट को भी उसी दिन दोपहर 12 बजे दिल्ली में मीटिंग के लिए समय दिया है.&amp;nbsp;
नंदीग्राम और रेजीनगर में होना है उपचुनाव
इधर, पूरा मामला नंदीग्राम और रेजीनगर उपचुनाव से जुड़ा है. यह चुनाव टीएमसी के भविष्य को तय कर सकता है. माना जा रहा है कि इससे उनके चुनाव चिन्ह पर भी असर पड़ सकता है. आगामी नंदीग्राम और रेजीनगर उपचुनावों के लिए उम्मीदवारों के नामांकन की तारीख 16 सितंबर तय है. ऐसे में चुनाव आयोग के पास इस विवाद को सुलझाने के लिए काफी कम समय है. आयोग ने अभी टीएमसी का चुनाव चिन्ह और नाम फ्रीज नहीं किया है.&amp;nbsp;
इस पूरे मामले पर बागी टीएमसी के प्रवक्ता रिजु दत्ता ने न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए ममता बनर्जी को चुनौती देते हुए कहा कि अगर वह नंदीग्राम से चुनाव लड़ती हैं, तो बागी गुट उनके खिलाफ कोई उम्मीदवार नहीं उतारेगा. वहीं, चुनाव चिन्ह के बारे में दत्ता ने कहा, &#039;पार्टी को भारत निर्वाचन आयोग से चुनाव चिन्ह मिलने का भरोसा है. उसने सभी जरूरी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया है.&#039;&amp;nbsp;
महाराष्ट्र के मामले में ले चुकी EC ये फैसला
इससे पहले इसी तरह के महाराष्ट्र से जुड़े एक मामले में साल 2022 में अंधेरी ईस्ट उपचुनाव से पहले आयोग ने पार्टी के असली नाम और धनुष बाण चिन्ह दोनों को ही फ्रीज कर दिया था. तब आयोग की तरफ से दोनों गुटों को अस्थायी और अलग-अलग नाम और अंतरिम चिन्ह दिए थे. इसके अलावा साल 2023 और 2024 के एनसीपी से जुड़े मामले में ईसी ने तुरंत फ्रीज करने से परहेज किया था. बाद के अहम चुनावों से पहले गुटों को अलग-अलग नाम और चिन्ह के तहत चुनाव लड़ने का विकल्प दिया था. इधर, टीएमसी का मामला अदालत में है. ऐसे में अब देखना ये है कि क्या चुनाव आयोग नामांकन बंद होने से पहले टीएमसी के नाम और चिन्ह को फ्रीज करेगा, या अस्थायी पहचान देगा. या फिर अदालत के आदेश का इंतजार करेगा.&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 05:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>गांधीनगर में बड़ा हादसा, इमारत का एक हिस्सा ढहा, 10&amp;12 लोगों के फंसने की आशंका</title>
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        <description><![CDATA[ गुजरात के गांधीनगर के कुडासन इलाके में बन रही एक इमारत अचानक ढह गई, जिसमें कई लोगों फंसे हुए हैं. गांधीनगर फायर ऑफिस के राजेश पटेल ने बताया कि दमकल विभाग की टीमें अभी मौके पर बचाव कार्य में जुटी हुई है. इसमें 10-12 मजदूरों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है. डिप्टी सीएम हर्ष सांघवी घटनस्थल पर पहुंचे हैं. इस दौरान वह हालात का जायजा लेने फायर ब्रिगेड की गाड़ी पर चढ़ गए.&amp;nbsp;
कई मजदूरों के अंदर दबे होने की आशंका
यह हादसा रात 9:15 बजे के पास हुआ. &#039;बॉस्की द एम्पायर&#039; नाम के एक निर्माणाधीन कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में लोहे का एक भारी स्लैब अचानक ढह गया. इससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और कई मजदूरों के लोहे और मलबे के नीचे दबे होने की आशंका जताई जा रही है. गांधीनगर फायर ब्रिगेड की 5 से ज्यादा गाड़ियां और विशेष रेस्क्यू टीमें मौके पर मौजूद हैं. लोहे के भारी ढांचे और कंक्रीट को हटाकर फंसे हुए लोगों तक पहुंचने का काम तेजी से किया जा रहा है.

#WATCH | Gujarat | Visuals from the Kudasan area of ​​Gandhinagar where a portion of an under-construction building collapsed. Rescue operations are underway at the site. More details awaited pic.twitter.com/l8cAorX9g8
&amp;mdash; ANI (@ANI) September 9, 2026



कई घायलों को अस्पताल ले जाया गया
इस कॉम्प्लेक्स में दो यूनिटों के बीच बनाया जा रहा लोहे का स्ट्रक्चर तेज आवाज के साथ अचानक गिर गया. चश्मदीदों के मुताबिक, हादसे के वक्त मौके पर करीब 10 मजदूर काम कर रहे थे. धमाके जैसी आवाज सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत टीमों के आने से पहले ही लोगों को निकालने की कोशिश शुरू कर दी. घायलों को तुरंत इलाज देने और अस्पताल पहुंचाने के लिए एम्बुलेंस की कई गाड़ियां तैनात की गई हैं. कुछ घायलों को अस्पताल भेजा गया है.

Gandhinagar, Gujarat: A wall collapsed in Kudasan leaving around 10 people feared injured. The injured were admitted to Gandhinagar Civil Hospital for treatment,An Ambulance staff says, &quot;Eleven people have been transported... There were perhaps two women and the remaining nine&amp;hellip; pic.twitter.com/X0xckvQ0iy
&amp;mdash; IANS (@ians_india) September 9, 2026



एम्बुलेंस के एक कर्मचारी ने बताया, &#039;11 लोगों को अस्पताल ले जाया गया है. इनमें शायद दो महिलाएं और बाकी 9 पुरुष थे, कोई बच्चा नहीं था. वे सभी यहां काम करने वाले मजदूर थे.&#039; ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 05:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>गांधीनगर, में, बड़ा, हादसा, इमारत, का, एक, हिस्सा, ढहा, 10-12, लोगों, के, फंसने, की, आशंका</media:keywords>
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        <title>विधानसभा अध्यक्ष संग दुर्व्यवहार पर भड़के रेवंत रेड्डी, विधायकों को दी चेतावनी</title>
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        <description><![CDATA[ तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने बुधवार (9 सितंबर, 2026) को 6 सितंबर को हुई हिंसा से जुड़े विधानसभा अध्यक्ष जी. प्रसाद कुमार के कथित दुर्व्यवहार, बीआरएस विधायकों और पुलिसकर्मियों के बीच झड़प और अन्य घटनाओं की व्यापक जांच के आदेश जारी किए हैं. उन्होंने विधानसभा को संबोधित करते हुए कहा कि इन घटनाओं के लिए जो भी लोग जिम्मेदार होंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
इसके साथ ही, उन लोगों पर भी कार्रवाई होगी, जिन्होंने कथित तौर पर इन घटनाओं की साजिश रची, उन्हें समर्थन दिया या उन्हें अंजाम देने में मदद की. सीएम रेड्डी ने कहा कि जहां भी जरूरी होगा, संबंधित लोगों के पद या राजनीतिक ओहदे की परवाह किए बिना उनके खिलाफ जिन भी कानूनी धाराओं के तहत केस दर्ज हो सकेंगे, वो किए जाएंगे, इसमें SC/ST एक्ट भी शामिल है.
जमानत लेने वाले जनता के सवालों से नहीं बचेंगे- रेवंत&amp;nbsp;

तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी ने कथित दुर्व्यवहार की घटना के बाद विधानसभा अध्यक्ष के प्रति एकजुटता जताई और उनसे अपने संवैधानिक दायित्वों का पूरी तरह से निर्वहन करते हुए मजबूती से काम करते रहने की भी अपील की. उन्होंने चेतावनी दी कि कानूनी प्रावधानों का इस्तेमाल करके जमानत लेने की कोशिश करने वाले लोग भी जनता के सवालों से नहीं बच पाएंगे.&amp;nbsp;
कांग्रेस अध्यक्ष से जुड़े शुद्धिकरण मुद्दे पर बोले सीएम
इस दौरान मुख्यमंत्री रेड्डी ने बीआरएस प्रमुख के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) पर आरोप लगाया कि उन्होंने अपनी पार्टी के विधायकों को दलित नेताओं और विधानसभा अध्यक्ष को निशाना बनाने के लिए उकसाया था. इसके साथ ही, रेवंत रेड्डी ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से जुड़े शुद्धिकरण विवाद की भी निंदा की.
विधानसभा अध्यक्ष के साथ दुर्व्यवहार राज्य की जनता का अपमान- रेवंत
उन्होंने तेलंगाना विधानसभा के अध्यक्ष के दुर्व्यवहार को राज्य की जनता का अपमान बताया और आरोप लगाया कि बीआरएस के विधायकों ने एक दलित संवैधानिक पदाधिकारी के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार समाज में व्याप्त मनुवादी मानसिकता से सख्ती कार्रवाइयों के जरिए निपटेगी और यह आश्वासन भी दिया कि घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवई की जाएगी.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ेंः टैक्स चोरी-काले धन पर कांग्रेस का केंद्र और BJP पर हमला, जानें क्या कहा? ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 05:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>विधानसभा, अध्यक्ष, संग, दुर्व्यवहार, पर, भड़के, रेवंत, रेड्डी, विधायकों, को, दी, चेतावनी</media:keywords>
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        <title>रेड फोर्ट ब्लास्टः NIA चार्जशीट में ‘लोन मुजाहिद पॉकेट बुक’ का जिक्र, जानें क्या है?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/रेड-फोर्ट-ब्लास्टः-nia-चार्जशीट-में-लोन-मुजाहिद-पॉकेट-बुक-का-जिक्र-जानें-क्या-है</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/रेड-फोर्ट-ब्लास्टः-nia-चार्जशीट-में-लोन-मुजाहिद-पॉकेट-बुक-का-जिक्र-जानें-क्या-है</guid>
        <description><![CDATA[ लाल किला ब्लास्ट मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की चार्जशीट में कई चौंकाने वाले दावे सामने आए हैं. जांच एजेंसी ने &amp;lsquo;लोन मुजाहिद पॉकेट बुक (Lone Mujahid Pocket Book)&amp;rsquo; और &amp;lsquo;How to Become an Assassin&amp;rsquo; जैसे कथित मैनुअल का जिक्र करते हुए दावा किया है कि आरोपियों के पास मौजूद सामग्री सामान्य धार्मिक या शैक्षणिक साहित्य नहीं थी, बल्कि हिंसक और गैर-कानूनी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल की जा सकने वाली ट्रेनिंग सामग्री थी.
NIA के मुताबिक, इन दस्तावेजों में अकेले हमला करने वाले आतंकी के लिए कई तरह की जानकारी दी गई थी. एजेंसी का आरोप है कि आरोपी इस सामग्री के संपर्क में थे और कथित आतंकी गतिविधियों की तैयारी में इसका इस्तेमाल कर रहे थे.
एनआईए ने पॉकेट बुक को लेकर क्या कहा?
चार्जशीट में लोन मुजाहिद पॉकेट बुक को इंस्पायर मैगजीन (Inspire Magazine) में प्रकाशित सामग्री से जुड़ा बताया गया है. NIA के मुताबिक, इंस्पायर मैगजीन का संबंध अल-कायदा इन द अरबियन पेनिनसुला यानी AQAP के मीडिया नेटवर्क से रहा है.
जांच एजेंसी का दावा है कि इस सामग्री में अकेले काम करने वाले हमलावरों को ध्यान में रखकर ऑपरेशन और सुरक्षा से बचने जैसे विषयों पर जानकारी दी गई थी. चार्जशीट में हथियारों, गुप्त गतिविधियों, निगरानी से बचने और हमले की रणनीति जैसे विषयों का भी उल्लेख किया गया है.
चार्जशीट में किन-किन चीजों का जिक्र?&amp;nbsp;
NIA ने चार्जशीट में विस्फोटक और IED से जुड़ी गतिविधियों को भी जांच का अहम हिस्सा बताया है. एजेंसी का आरोप है कि आरोपियों ने विस्फोटक तैयार करने और IED बनाने से जुड़ी जानकारी हासिल की थी. चार्जशीट में TATP जैसे बेहद संवेदनशील विस्फोटक का भी उल्लेख किया गया है. NIA का दावा है कि आरोपियों के पास मौजूद सामग्री में विस्फोटकों से संबंधित जानकारी मिली थी और ये कथित तौर पर उनकी गतिविधियों से जुड़ी हुई थी.
जांच के दौरान आरोपियों के बीच बातचीत के लिए सिग्नल ऐप के इस्तेमाल की बात भी सामने आई है. चार्जशीट के मुताबिक, आरोपी इरफान अहमद सिग्नल पर Rauldatta नाम से संपर्क करता था.
आरोपियों के पास से कौन से दस्तावेज बरामद?
NIA ने आरोपियों के पास से कई ऐसे दस्तावेज मिलने का भी दावा किया है, जिनमें जिहाद और हिंसक गतिविधियों के समर्थन से जुड़ी विचारधारा का प्रचार किया गया था, इनमें &amp;lsquo;Definition of Jihad&amp;rsquo;, &amp;lsquo;Requirements of Jihad&amp;rsquo; और &amp;lsquo;21 Aims and Objectives of Jihad&amp;rsquo; जैसे दस्तावेज शामिल बताए गए हैं. चार्जशीट में &amp;lsquo;How to Become an Assassin &amp;ndash; The Propagation&amp;rsquo; नाम के कथित मैनुअल का भी उल्लेख है.&amp;nbsp;

दस्तावेजों में किन बातों के बारे में बताया गया?
NIA के मुताबिक, इसमें लड़ाई, हथियारों के इस्तेमाल, गुप्त गतिविधियों, निगरानी, सुरक्षा एजेंसियों से बचने और अन्य ऑपरेशनल गतिविधियों से जुड़ी सामग्री थी. जांच एजेंसी का कहना है कि इस दस्तावेज को सिर्फ पढ़ने की सामग्री नहीं माना जा सकता. उसके मुताबिक, इसे इस तरह तैयार किया गया था कि अलग-अलग तरह की हिंसक और गुप्त गतिविधियों के लिए प्रशिक्षण जैसी जानकारी मिल सके.
NIA ने चार्जशीट में घटनास्थल से मिले सामान यानी Scene of Crime की फॉरेंसिक और बायोलॉजिकल जांच को भी अहम सबूत बताया है. एजेंसी के मुताबिक, लाल किले के पास हुए विस्फोट में कई लोगों की मौत हुई और कई लोग घायल हुए. धमाके में वाहनों के अलावा, पुलिस पोस्ट और आसपास की संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचा.
चार्जशीट में सबूतों के तीन आधार क्या?
चार्जशीट को देखें, तो NIA ने अपना मामला मुख्य रूप से तीन तरह के सबूतों के आधार पर आगे बढ़ाया हैः

आरोपियों के पास से मिली आपत्तिजनक सामग्री और दस्तावेज
विस्फोटक और IED से जुड़ी कथित गतिविधियों के सबूत
घटनास्थल से मिले फॉरेंसिक और वैज्ञानिक साक्ष्य

एनआईए की जांच में क्या-क्या पता चला?
जांच एजेंसी का कहना है कि इन सभी कड़ियों को एक साथ देखने पर आरोपियों की कथित भूमिका सामने आती है. जांच के दौरान NIA ने कुछ आरोपियों का फॉरेंसिक साइकोलॉजिकल असेसमेंट और वॉयस लेयरिंग टेस्ट भी कराया. एजेंसी के मुताबिक, ये परीक्षण नेशनल फॉरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों की मदद से किए गए.
जिन आरोपियों के इन परीक्षणों से गुजरने की बात चार्जशीट में कही गई है, उनमें जासिर बिलाल वानी, मुजम्मिल शकील, आदिल अहमद राथर, शाहीन सईद, इरफान अहमद वागे, सोयाब और बिलाल नासिर शामिल है. NIA का आरोप है कि पूछताछ के दौरान इन आरोपियों ने मामले से जुड़ी वास्तविक जानकारी छिपाने की कोशिश की और जांचकर्ताओं को गुमराह करने वाले जवाब दिए. एजेंसी का दावा है कि पूछताछ और फॉरेंसिक परीक्षणों से उनकी कथित भूमिका के संकेत मिले.
NIA का दावा- महज किताबें नहीं, साजिश की कड़ी
चार्जशीट में NIA ने इन दस्तावेजों को सिर्फ धार्मिक या अकादमिक सामग्री मानने से इनकार किया है. जांच एजेंसी का कहना है कि दस्तावेजों में अलग-अलग तरह की ऐसी जानकारी थी, जिसका इस्तेमाल गुप्त अभियानों और हिंसक गतिविधियों में किया जा सकता था. NIA ने इन सामग्रियों को रेड फोर्ट ब्लास्ट की कथित साजिश और आरोपियों की गतिविधियों से जोड़ते हुए महत्वपूर्ण जांच साक्ष्य के तौर पर चार्जशीट में शामिल किया है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 05:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>यूपी बोर्ड परीक्षा की कॉपियों में मिले 500 के नोट, 12 स्कूलों के प्रिंसिपल तलब</title>
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        <description><![CDATA[ यूपी बोर्ड की 10वीं और 12वीं की कंपार्टमेंट परीक्षा 2026 के बाद मुजफ्फरपुर नगर में परीक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. परीक्षा की कॉपियां जांच के लिए दूसरे जिलों में पहुंचने के बाद कई कॉपियों में 500-500 के नोट बंधे हुए मिले. मामला सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने जांच शुरू कर दी है. अब परीक्षा केंद्र प्रभारी और उनके उन स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को भी जवाब देने के लिए तलब किया गया है, जिनके छात्रों की कॉपी में पैसे मिले थे.&amp;nbsp;
100 से ज्यादा बोर्ड कॉपी में मिले 500 के नोट&amp;nbsp;
मुजफ्फरनगर के राजकीय इंटर कॉलेज में जुलाई में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की कंपार्टमेंट व इंप्रूवमेंट परीक्षा आयोजित की गई थी. इसमें करीब 700 परीक्षार्थी शामिल हुए थे. परीक्षा के बाद जब उत्तर पुस्तिकाएं मूल्यांकन के लिए दूसरे जिले में भेजी गई, तो जांच के दौरान कॉपियों में नोट मिलने का मामला सामने आया. जानकारी के अनुसार 100 से ज्यादा बोर्ड कॉपी में 500 रुपये के नोट बंधे हुए मिले. यह कॉपियां 12 स्टूडेंट से संबंधित बताई गई. कॉपी में इस तरह धनराशि मिलने के बाद मामले को अनुचित साधनों के इस्तेमाल से जोड़कर देखा गया और इसकी जानकारी माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रयागराज के अधिकारियों तक पहुंचाई गई.&amp;nbsp;
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सामूहिक नकल की भी आशंका&amp;nbsp;
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए मुजफ्फरनगर के परीक्षा केंद्र प्रभारी और संबंधित विद्यालयों के प्रधानाचार्य को मेरिट स्थित क्षेत्रीय सचिव कार्यालय में सुनवाई के लिए बुलाया गया. मंगलवार को हुई सुनवाई में सभी 12 प्रधानाचार्य के साथ जीआईसी मुजफ्फरनगर के प्रधानाचार्य और परीक्षा केंद्र प्रभारी सुभाष चंद्र का भी पक्ष सुना गया. सुनवाई के दौरान क्षेत्रीय सचिव ज्योति प्रसाद ने प्रधानाचार्यों को फटकार लगाई. मामले में सामूहिक नकल कराई जाने के आशंका भी जताई गई. सुनवाई पूरी होने के बाद क्षेत्रीय कार्यालय की ओर से रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी गई. अब इस मामले में अंतिम निर्णय उच्च स्तर से लिया जाएगा.&amp;nbsp;
इन स्कूलों के प्रधानाचार्य हुए तलब&amp;nbsp;
मेरठ क्षेत्रीय कार्यालय में जिन विद्यालयों के प्रधानाचार्य को सुनवाई के लिए बुलाया गया, उनमें श्री कुंदकुंद जैन इंटर कॉलेज खतौली, जीआईसी बडसू, आदेश इंटर कॉलेज, श्री प्राणनाथ इंटर कॉलेज रतनपुरी, सर सैयद इंटर कॉलेज बुढ़ाना और एसडीएस इंटर कॉलेज तितावी शामिल है. इसके अलावा किसान मजदूर इंटर कॉलेज जसोई, जीआईसी कन्या इंटर कॉलेज सिसौली, एसडी इंटर कॉलेज, नेशनल इंटर कॉलेज दधेडू और भारत इंटर कॉलेज नंगला मंदौड़ के प्रधानाचार्यों को भी तलब किया गया.
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        <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 04:30:07 +0530</pubDate>
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        <title>कौन है अमृत सागर चोपड़ा? जो IIT को हर साल देंगे 1 करोड़?</title>
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        <description><![CDATA[ आईआईटी से पढ़ाई करने के बाद जब कोई छात्र अपने करियर में बड़ी सफलता हासिल करता है, तो उसके संस्थान के लिए इससे बड़ी खुशी शायद ही कुछ और हो. लेकिन कुछ पूर्व छात्र ऐसे भी होते हैं, जो सफलता के बाद अपने संस्थान को वापस कुछ देने का फैसला करते हैं. आईआईटी-आईएसएम धनबाद के पूर्व छात्र अमृत सागर चोपड़ा का नाम भी इसी कड़ी में चर्चा का विषय बन गया है. उन्होंने तय किया है कि वह अपने जीवन काल में हर साल आईआईटी धनबाद को एक करोड़ रुपये देंगे. इससे पहले भी वह संस्थान को 3 करोड़ रुपये का योगदान दे चुके हैं. चोपड़ा का यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब आईआईटी धनबाद अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे करने के मौके पर शताब्दी समारोह मना रहा है. वहीं संस्थान की ओर से 100 वर्ष 100 करोड़ रुपये का अभियान चलाया जा रहा है. जिसमें पूर्व छात्र बढ़-चढ़कर योगदान कर रहे हैं. ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं कि अमृत सागर चोपड़ा कौन है, जो आईआईटी धनबाद को हर साल एक करोड़ रुपये देंगे.
कौन है अमृत सागर चोपड़ा?
अमृत सागर चोपड़ा आईआईटी आईएसएम धनबाद के 1961 बैच से हैं. उस समय संस्थान को इंडियन स्कूल ऑफ माइंस यानी आईएसएम धनबाद के नाम से जाना जाता था. उन्होंने यहां माइनिंग इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और बाद में अपने करियर में कई अलग-अलग क्षेत्र में काम किया. माइनिंग सेक्टर में काम करने के बाद उन्होंने टेक्नोलॉजी की दुनिया में भी कदम रखा. एंड्रयू युले एंड कंपनी में कुलेरी मैनेजर के तौर पर काम करने के बाद वह आईबीएम, टीसीएस और टाटा एलेक्सी जैसी कंपनियों से जुड़े. इसके बाद 1982 में ओमान जाकर उन्होंने कंप्यूटर एजूकेशन और हेल्थकेयर सिस्टम से जुड़ा अपना संस्थान शुरू किया.&amp;nbsp;
मेडिकॉम सॉफ्टवेयर के मालिक है अमृत सागर चोपड़ा&amp;nbsp;
अमृत सागर चोपड़ा ने आगे चलकर अपनी कंपनी खड़ी की. उनकी कंपनी मेडिकॉम सॉफ्टवेयर का तैयार किया गया हॉस्पिटल मैनेजमेंट सिस्टम दुनिया के 150 से ज्यादा अस्पताल में इस्तेमाल किया जा रहा है. माइन वेंटिलेशन के विषय पर भी वह किताब लिख चुके हैं. &amp;nbsp;इसके अलावा उन्हें फर्स्ट क्लास माइन मैनेजर का सर्टिफिकेट मिला था. इनोवेशन, एंटरप्रेन्योरशिप और फिलांथ्रोपी के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए आईआईटी धनबाद ने उन्हें स्पेशल कंटेनेरी अवाॅर्ड 2026 से भी सम्मानित किया.&amp;nbsp;
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पहले 3 करोड़ रुपये दे चुके हैं चोपड़ा&amp;nbsp;
अपने करियर में मिली सफलता का श्रेय अमृत सागर चोपड़ा अपने संस्थान और वहां के शिक्षकों को भी देते हैं. यही वजह है कि उन्होंने आईआईटी धनबाद के विकास में आर्थिक योगदान देने का फैसला किया. आईआईटी शताब्दी भवन में प्रस्तावित कन्वेंशन हॉल के लिए उन्होंने शताब्दी फंड में पहले ही 3 करोड रुपये दिए थे. अब उन्होंने इससे आगे बढ़ते हुए अपने जीवनकाल तक हर साल एक करोड़ रुपये देने का संकल्प लिया है. उनका यह योगदान संस्थान के विकास और शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए होगा.&amp;nbsp;
कई पूर्व छात्र दे रहे हैं योगदान
आईआईटी धनबाद की शताब्दी अभियान में सिर्फ अमृत सागर चोपड़ा ही नहीं, बल्कि कई पूर्व छात्र भी योगदान कर रहे हैं. पेट्रोलियम इंजीनियरिंग के 1962 बैच के मोहिंदर सिंह गुलाटी ने 10 करोड़ रुपये दिए हैं. वहीं 1988 बैच के संतोष चंद्र ने शताब्दी एंडोमेंट के लिए 65.5 लाख रुपये का योगदान किया है. उन्होंने यह राशि अपने माता-पिता की स्मृति में दी है. इसके अलावा अविनाश आहूजा ने 84 लाख रुपये दिए हैं. इस तरह से कई दूसरे पूर्व छात्र भी आईआईटी के लिए योगदान दे रहे हैं.
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        <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 04:30:05 +0530</pubDate>
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        <title>46 लाख की नौकरी ठुकराई, 7 बार एसएसबी में फेल; फिर ऐसे आर्मी ऑफिसर बने शारदेंदु</title>
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        <description><![CDATA[ 46 लाख की नौकरी ठुकराई, 7 बार एसएसबी में फेल; फिर ऐसे आर्मी ऑफिसर बने शारदेंदु ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 04:30:04 +0530</pubDate>
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        <title>अगस्त में प्रोफेशनल जॉब्स में भर्ती 14 पर्सेंट बढ़ी... फ्रेशर्स हायरिंग में भी 15 पर्सेंट का इजाफा</title>
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        <description><![CDATA[ भारत के प्रोफेशनल जॉब मार्केट के लिए अगस्त का महीना राहत भरा रहा है. अलग-अलग सेक्टर में कंपनियों की ओर से भर्ती बढ़ी और नौकरी की तलाश कर रहे फ्रेशर्स के लिए भी अच्छी तस्वीर सामने आई. नौकरी जॉब स्पीक्स की ताजा रिपोर्ट के अनुसार अगस्त में देश में व्हाइट कॉलर हायरिंग पिछले साल के अगस्त महीने की तुलना में 14 फीसदी बढ़ी. इस दौरान ऑटो, हेल्थ केयर और रिटेल जैसे सेक्टरों में भर्ती ने रफ्तार पकड़ी. नौकरी जॉब स्पीक्स इंडेक्स अगस्त में 3,028 पर पहुंच गया, जबकि पिछले साल अगस्त में यह 2,664 था. हालांकि जुलाई के 3,227 के मुकाबले अगस्त का इंडेक्स 6 फरवरी कम रहा. रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि अगस्त के आंकड़ों को त्योहारी सीजन के बदलते समय के रूप में देखना जरूरी है. पिछले साल कई त्यौहार अगस्त में पड़ रहे थे, जबकि इस साल इसका ज्यादा असर सितंबर में दिखाई देगा.&amp;nbsp;
फ्रेशर्स के लिए भी बढ़े नौकरी के मौके
अगस्त में सिर्फ एक्सपीरियंस कर्मचारियों की मांग नहीं बढ़ी, बल्कि शुरुआती करियर वाले उम्मीदवारों के लिए भी हायरिंग में इजाफा हुआ. 3 साल तक के एक्सपीरियंस वाले उम्मीदवारों की भर्ती सालाना आधार पर 15 फीसदी बढ़ी. बीमा क्षेत्र में अकेले फ्रेशर हायरिंग 37 प्रतिशत बढ़ी. 4 से 7 साल के एक्सपीरियंस वाले प्रोफेशनल्स की भर्ती में 10 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई. वहीं 8 से 12 साल के एक्सपीरियंस वाले उम्मीदवारों की हायरिंग 16 फीसदी और 13 से 16 साल के एक्सपीरियंस वाले प्रोफेशनल की भर्ती 18 फीसदी बढ़ी. 16 साल से ज्यादा एक्सपीरियंस वाले उम्मीदवारों की मांग में भी 13 फीसदी का इजाफा हुआ.&amp;nbsp;
ऑटो, हेल्थकेयर और रिटेल में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी&amp;nbsp;
सेक्टर के हिसाब से देखें तो ऑटो और ऑटो एंसिलरी में हायरिंग 19 फीसदी बढ़ी. हेल्थ केयर में 16 फीसदी और रिटेल में 15 फीसदी की वृद्धि दर्ज हुई. इंश्योरेंस में 12 फीसदी और आईटी में 11 फीसदी के बढ़ोतरी रही. वहीं बैंकिंग और एफएमसीजी सेक्टर में भर्ती 10-10 फीसदी बढ़ी. बीपीओ-आईटीईएस, ऑयल एंड गैस और रियल एस्टेट में 8-8 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई. वहीं फार्मा और बायोटेक में भर्ती लगभग स्थिर रही. कुछ सेक्टरों में स्थिति इसके उलट &amp;nbsp;रही. हॉस्पिटैलिटी और ट्रैवल में हायरिंग 4 फीसदी घटी,जबकि एजुकेशन, टीचिंग और ट्रेनिंग में 8 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई. मीडिया, डॉट कॉम एंटरटेनमेंट में भी भर्ती 14 फीसदी कम रही.&amp;nbsp;
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AI और मशीन लर्निंग से जुड़े पदों में बढ़ी मांग&amp;nbsp;
टेक्नोलॉजी से जुड़ी नौकरियों में भी अगस्त के दौरान मांग बनी रही. एआई और मशीन लर्निंग से जुड़े पदों की हायरिंग में 31 फीसदी की सालाना वृद्धि हुई. आईटी और सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में कुल 11 फीसदी बढ़ी. आईटी सेक्टर के अंदर एआई-मशीन लर्निंग भूमिका में 12 फीसदी और आईटी व इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी में 32 फीसदी के वृद्धि दर्ज की गई. वहीं फंक्शन के आधार पर हेल्थ केयर एवं लाइफ साइंस में हायरिंग 34 फीसदी, मीडिया प्रोडक्शन एवं एंटरटेनमेंट में 33 फीसदी, इंजीनियरिंग हार्डवेयर एवं नेटवर्क में 30 फीसदी और बीएफएसआई, इन्वेस्टमेंट एवं ट्रेडिंग में 29 फीसदी बढ़ी. जीसीसीएस में भी भर्ती 10 फीसदी ऊपर रही.&amp;nbsp;
हैदराबाद और कोलकाता में हायरिंग की तेज रफ्तार&amp;nbsp;
बड़े शहरों की बात करें तो हैदराबाद 23 फीसदी की वृद्धि के साथ सबसे आगे रहा. इसके बाद कोलकाता में 22 फीसदी, चेन्नई में 20 फीसदी, बेंगलुरु और पुणे में 14-14 फीसदी, दिल्ली एनसीआर में 10 फीसदी और मुंबई में 7 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई. वहीं उभरते शहरों में भुवनेश्वर में हायरिंग 32 फीसदी बढ़ी, जबकि रायपुर में 23 फीसदी की वृद्धि रही. इसके अलावा सूरत और रांची में भी भर्ती के आंकड़ों में मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई.
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        <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 04:30:02 +0530</pubDate>
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        <title>Iodine Rich Foods: नमक के अलावा किन चीजों से पूरा होता है आयोडीन का कोटा? जान लें जवाब</title>
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        <description><![CDATA[ Best Iodine Rich Foods Besides Salt: शरीर को स्वस्थ रखने के लिए आयोडीन एक जरूरी खनिज है. आमतौर पर आयोडीन का नाम आते ही सबसे पहले आयोडीन युक्त नमक का ध्यान आता है, लेकिन क्या आपको पता है कि खाने की कई दूसरी चीजों से भी शरीर को आयोडीन मिल सकता है? दूध-दही से लेकर अंडे और कुछ तरह की मछलियों तक, कई खाद्य पदार्थ आयोडीन के अच्छे स्रोत माने जाते हैं.
हेल्थ के बारे में जानकारी देने वाली वेबसाइट healthline के अनुसार, वयस्कों के लिए रोजाना करीब 150 माइक्रोग्राम आयोडीन की जरूरत बताई जाती है. गर्भवती और ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली महिलाओं को इसकी ज्यादा जरूरत होती है. शरीर में आयोडीन की कमी होने पर थायरॉयड ग्रंथि से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं. इसलिए रोज के खाने में आयोडीन देने वाली चीजों को शामिल करना जरूरी है.
समुद्री साग सबसे अच्छे सोर्स में शामिल
समुद्री साग आयोडीन के सबसे अच्छे नेचुरल सोर्स में गिना जाता है. हालांकि इसमें आयोडीन की मात्रा हर तरह के समुद्री साग में एक जैसी नहीं होती. यह इस बात पर भी निर्भर करती है कि वह किस जगह उगा है और उसे किस तरह तैयार किया गया है. समुद्री साग की अलग-अलग किस्मों में कोम्बू में आयोडीन की मात्रा काफी अधिक पाई जा सकती है. वाकामे और नोरी में भी आयोडीन मिलता है, लेकिन इनकी मात्रा अलग-अलग होती है. खास बात यह है कि समुद्री साग में आयोडीन की मात्रा बहुत ज्यादा भी हो सकती है, इसलिए इसे जरूरत से ज्यादा खाना सही नहीं माना जाता.

कुछ मछलियों से भी मिलता है आयोडीन
मछली खाने वालों के लिए भी आयोडीन की जरूरत पूरी करने के कई विकल्प मौजूद हैं. कॉड जैसी कम वसा वाली मछलियां आयोडीन का अच्छा स्रोत हो सकती हैं. करीब 85 ग्राम कॉड में लगभग 63 से 99 माइक्रोग्राम आयोडीन पाया जा सकता है. हालांकि मछली में आयोडीन की मात्रा उसके प्रकार, उसे पालने या पकड़ने के तरीके और उसके क्षेत्र के अनुसार बदल सकती है. झींगा भी आयोडीन देने वाले समुद्री खाद्य पदार्थों में शामिल है. करीब 85 ग्राम झींगे में लगभग 35 माइक्रोग्राम आयोडीन मिल सकता है. समुद्री जीवों में आयोडीन होने की एक वजह यह भी है कि वे समुद्र में मौजूद आयोडीन का कुछ हिस्सा अपने शरीर में जमा करते हैं.
ट्यूना मछली में भी आयोडीन होता है, हालांकि इसकी मात्रा कम वसा वाली मछलियों की तुलना में कम हो सकती है. करीब 85 ग्राम ट्यूना से लगभग 17 माइक्रोग्राम आयोडीन मिल सकता है.

दूध और दही को न करें नजरअंदाज
अगर आप रोज दूध या दही लेते हैं, तो ये भी आयोडीन पाने के आसान खाद्य स्रोत हो सकते हैं. दूध में आयोडीन की मात्रा अलग-अलग हो सकती है और यह पशुओं के चारे तथा दूध निकालने के दौरान इस्तेमाल होने वाले आयोडीन वाले पदार्थों जैसे कई कारकों पर निर्भर करती है. दही भी आयोडीन का अच्छा स्रोत माना जाता है. एक कप सादा दही रोजाना जरूरी आयोडीन की मात्रा का करीब आधा हिस्सा दे सकता है. पनीर और दूसरे डेयरी उत्पादों में भी आयोडीन पाया जाता है, हालांकि इसकी मात्रा हर उत्पाद में अलग हो सकती है.
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अंडे का पीला हिस्सा भी है काम का
अंडा भी आयोडीन देने वाले खाद्य पदार्थों में शामिल है. खास बात यह है कि अंडे में मौजूद आयोडीन का बड़ा हिस्सा पीली जर्दी में पाया जाता है. एक बड़े अंडे में औसतन करीब 24 माइक्रोग्राम आयोडीन हो सकता है. हालांकि अंडे में आयोडीन की मात्रा मुर्गियों के चारे में मौजूद आयोडीन के आधार पर बदल सकती है. इसलिए हर अंडे में बिल्कुल समान मात्रा में आयोडीन मिले, यह जरूरी नहीं है.
सूखे आलूबुखारे भी दे सकते हैं आयोडीन
आयोडीन के लिए सिर्फ नमकीन या समुद्री खाद्य पदार्थों पर निर्भर रहना जरूरी नहीं है. सूखे आलूबुखारे यानी प्रून्स भी आयोडीन का एक शाकाहारी स्रोत हैं. करीब पांच सूखे आलूबुखारों से लगभग 13 माइक्रोग्राम आयोडीन मिल सकता है. इनमें रेशा, विटामिन और दूसरे पोषक तत्व भी पाए जाते हैं, इसलिए इन्हें संतुलित आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है.
लीमा बीन्स भी एक विकल्प
लीमा बीन्स में रेशा, मैग्नीशियम और फोलेट जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं और इनमें आयोडीन भी मौजूद होता है. एक कप पकी हुई लीमा बीन्स में औसतन करीब 16 माइक्रोग्राम आयोडीन पाया जा सकता है. हालांकि पौधों में आयोडीन की मात्रा मिट्टी, सिंचाई के पानी और खाद जैसे कई कारकों के कारण बदल सकती है. इसलिए अलग-अलग जगह उगाई गई एक ही खाद्य चीज में आयोडीन की मात्रा समान हो, यह जरूरी नहीं है.
सिर्फ एक चीज पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं
आयोडीन शरीर के लिए जरूरी है और इसे रोज के खाने के जरिए प्राप्त किया जा सकता है. नमक आयोडीन पाने का आसान जरिया है, लेकिन इसके अलावा दूध, दही, अंडे, कुछ मछलियां, झींगा, समुद्री साग और कुछ फलियां भी आहार में आयोडीन जोड़ सकती हैं.
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        <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 03:30:07 +0530</pubDate>
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        <title>Indore Jalebi Recipe: घर में कैसे बनाएं इंदौर की मशहूर जलेबी? इस आसान रेसिपी से मिलेगा गजब स्वाद</title>
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        <description><![CDATA[ How To Make Crispy Jalebi At Home: इंदौर में पोहा और जलेबी काफी फेमस है. अगर आपको इसको खाने का मन है तो हर बार बाजार जैसी पतली, कुरकुरी और रस से भरी जलेबी खाने के लिए हर बार मिठाई की दुकान जाने की जरूरत नहीं है. जलेबी घर पर भी बनाई जा सकती है और अगर घोल की सही गाढ़ापन और तेल का तापमान ठीक रखा जाए, तो इसका स्वाद काफी हद तक दुकान वाली जलेबी जैसा आ सकता है. खास बात यह है कि इस तरीके से बनाई गई जलेबी कुछ घंटों तक कुरकुरी रह सकती है और इसे गर्म दूध या मलाईदार रबड़ी के साथ खाने का मजा ही अलग है.
जलेबी का नाम आते ही कई लोगों को त्योहार, रविवार की सुबह और गर्मागर्म मिठाई की याद आ जाती है. उत्तर भारत में जलेबी को नाश्ते से लेकर मिठाई तक कई तरह से पसंद किया जाता है. हालांकि बाजार में तुरंत तैयार होने वाली जलेबी भी मिलती है, लेकिन पारंपरिक तरीके से तैयार जलेबी का स्वाद अलग होता है. घोल को कुछ घंटे खमीर उठने के लिए रखने से इसमें हल्की खटास आती है, जो जलेबी के स्वाद को खास बनाती है.
जलेबी बनाने के लिए क्या चाहिए?
घर पर जलेबी बनाने के लिए सबसे पहले मैदा, थोड़ा बेसन, दही, बेकिंग पाउडर और बेकिंग सोडा चाहिए. स्वाद के लिए इलायची पाउडर डाला जा सकता है और चाहें तो जलेबी को बाजार जैसा रंग देने के लिए थोड़ा खाने वाला रंग भी इस्तेमाल कर सकते हैं. चाशनी के लिए चीनी, पानी, इलायची, केसर और थोड़ा नींबू का रस चाहिए. जलेबी तलने के लिए तेल, घी या दोनों का मिश्रण इस्तेमाल किया जा सकता है.

सबसे जरूरी है जलेबी के घोल का सही गाढ़ापन
एक बड़े बर्तन में मैदा, बेसन, बेकिंग पाउडर और बेकिंग सोडा डालकर अच्छी तरह मिला लें. अब इसमें दही और इलायची पाउडर डालें. जरूरत के अनुसार पानी डालते हुए ऐसा घोल तैयार करें जो आसानी से बह सके, लेकिन बहुत पतला न हो. घोल इतना गाढ़ा भी नहीं होना चाहिए कि बोतल से बाहर ही न निकले. अगर घोल तेल में डालते ही फैलने लगे, तो समझिए कि यह बहुत पतला है. ऐसी स्थिति में थोड़ा मैदा मिलाया जा सकता है. वहीं अगर घोल को आसानी से दबाकर बाहर नहीं निकाल पा रहे हैं, तो थोड़ा पानी डालें. पानी हमेशा थोड़ी-थोड़ी मात्रा में डालें, ताकि घोल जरूरत से ज्यादा पतला न हो जाए.

घोल को कुछ घंटे रखें
अब घोल को ढककर गर्म जगह पर करीब 10 से 12 घंटे के लिए रख दें, ताकि उसमें खमीर उठ सके. ठंडे मौसम में इसमें ज्यादा समय लग सकता है. तैयार घोल की सतह पर छोटे-छोटे बुलबुले दिखाई देने लगें, तो समझ सकते हैं कि यह अच्छी तरह तैयार हो गया है. जलेबी बनाने से पहले घोल को हल्के हाथ से फेंट लें. अगर इस समय घोल ज्यादा गाढ़ा लग रहा हो, तो करीब एक बड़ा चम्मच पानी डालकर उसे सही बहने वाले गाढ़ेपन में ले आएं.
चाशनी बनाते समय रखें ध्यान
अब एक पैन में चीनी और पानी डालकर उबालें. उबाल आने के बाद इसमें इलायची पाउडर, केसर की कुछ किस्में और थोड़ा नींबू का रस डालें. चाशनी को तब तक पकाएं, जब तक वह हल्की चिपचिपी न हो जाए. अगर आप एक तार की चाशनी बनाना चाहते हैं, तो थोड़ी चाशनी अंगूठे और तर्जनी के बीच लेकर दोनों उंगलियों को अलग करें. अगर इनके बीच एक पतली तार जैसी लकीर बनने लगे, तो चाशनी तैयार है. चाशनी को गर्म रखें, लेकिन बहुत ज्यादा पकाकर गाढ़ा न करें.
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जलेबी का आकार बनाने का सही तरीका
तैयार घोल को किसी निचोड़ने वाली बोतल में भर लें. ऐसी बोतल चुनें जिसका मुंह बहुत चौड़ा न हो, क्योंकि पतली जलेबी के लिए छोटा मुंह बेहतर रहता है. अब कड़ाही में तेल या घी गर्म करें, लेकिन शुरुआत में आंच मध्यम से धीमी रखें. यही वह चरण है जहां थोड़ी सावधानी जरूरी है. अगर तेल बहुत ज्यादा गर्म होगा, तो घोल डालते ही फैल सकता है और जलेबी का सही आकार बनाना मुश्किल हो जाएगा. बोतल को दबाते हुए घोल को तेल में अंदर से बाहर की ओर गोल-गोल घुमाकर डालें. जब जलेबी का आकार बन जाए, तब आंच को मध्यम से तेज कर दें और दोनों तरफ से कुरकुरा होने तक तलें.
गर्म जलेबी को तुरंत चाशनी में डालें
जलेबी जब सुनहरी और कुरकुरी हो जाए, तो उसे तेल से निकालकर तुरंत गर्म चाशनी में डालें. दोनों तरफ कुछ सेकंड रखने के बाद जलेबी को बाहर निकाल लें. इसे बहुत देर तक चाशनी में रखने की जरूरत नहीं है, वरना कुरकुरापन कम हो सकता है. तैयार जलेबी को प्लेट में निकालें और चाहें तो ऊपर से कुछ कटे हुए मेवे डाल दें. इसे गर्म दूध या रबड़ी के साथ परोसें. घर पर जलेबी बनाते समय दो बातें सबसे ज्यादा ध्यान रखने वाली हैं,घोल न बहुत पतला हो और न बहुत गाढ़ा, और जलेबी का आकार बनाते समय तेल की आंच बहुत तेज न हो. इन दोनों बातों का ध्यान रखेंगे, तो पतली, कुरकुरी और रस से भरी जलेबी घर पर बनाना काफी आसान हो जाएगा.
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        <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 03:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Lentils Soaking Tips: 30 मिनट तक जरूर भिगोनी चाहिए ये दालें, वरना रह जाती हैं कच्ची</title>
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        <description><![CDATA[ Why Soaking Dal Before Cooking Is Important: दाल रोज के खाने का अहम हिस्सा है, लेकिन कई बार इसे बनाने के बाद भी दाल अच्छी तरह गलती नहीं है. कुछ दालें जल्दी पक जाती हैं, जबकि कुछ को पहले भिगोने पर ही बेहतर नतीजा मिलता है. खासकर साबुत दालों और कुछ मोटे दानों वाली दालों को सीधे पकाने के बजाय कुछ देर पानी में भिगोना फायदेमंद रहता है. इससे दाल को पकने में कम समय लग सकता है और वह ज्यादा आसानी से गल जाती है.
हालांकि, हर दाल को घंटों भिगोने की जरूरत नहीं होती. दाल किस तरह की है, इसके आधार पर भिगोने का समय तय करना चाहिए. कुछ फूटी हुई दालों के लिए 30 मिनट से 1 घंटे तक का समय पर्याप्त हो सकता है, जबकि साबुत दालों को इससे ज्यादा समय देना पड़ सकता है.
30 मिनट भिगोने से क्या फायदा होता है?
दाल को पानी में भिगोने से उसके दाने पानी सोखने लगते हैं. इससे दाल नरम होती है और पकाते समय पानी और गर्मी उसके अंदर तक आसानी से पहुंच पाती है. नतीजा यह होता है कि दाल अपेक्षाकृत जल्दी और समान रूप से पक सकती है. अगर आप फूटी हुई दाल को बिना भिगोए सीधे पकाते हैं, तो वह भी आमतौर पर पक जाती है, लेकिन थोड़ी देर भिगोने से पकाने की प्रक्रिया आसान हो सकती है. खासकर जब दाल पुरानी हो या उसके दाने थोड़े सख्त हों, तब भिगोना ज्यादा उपयोगी हो सकता है.

कौन-सी दालें 30 मिनट भिगो सकते हैं?
धुली और फूटी हुई दालों को आमतौर पर बहुत लंबे समय तक भिगोने की जरूरत नहीं होती. मूंग दाल जैसी कुछ जल्दी पकने वाली दालें बिना भिगोए भी आसानी से पक सकती हैं. लेकिन अगर आप इन्हें पहले से भिगोते हैं, तो 30 मिनट से 1 घंटे का समय काफी हो सकता है. मसूर दाल और दूसरी फूटी हुई दालों के मामले में भी जरूरत के अनुसार थोड़ी देर भिगोना उपयोगी हो सकता है. अगर दाल के दाने पुराने हैं या आपको लगता है कि वे जल्दी नहीं गलेंगे, तो भिगोने से फायदा मिल सकता है.
साबुत दालों को ज्यादा समय चाहिए
साबुत उड़द, साबुत मसूर या दूसरी साबुत दालों के दाने फूटी हुई दालों की तुलना में ज्यादा सख्त होते हैं. इसलिए इन्हें सिर्फ 30 मिनट भिगोना हमेशा पर्याप्त नहीं होगा. साबुत दालों को करीब 2 घंटे या उससे ज्यादा समय तक भिगोया जा सकता है. इससे दाने अच्छी तरह पानी सोखते हैं और पकने में आसानी होती है. राजमा, छोले और चने जैसी साबुत फलियों को तो आमतौर पर कई घंटे भिगोने की जरूरत होती है. इन्हें रातभर या करीब 8 से 12 घंटे तक भिगोना आम तरीका है. इसलिए इनके लिए 30 मिनट का समय पर्याप्त नहीं माना जाना चाहिए.

दाल भिगोने का सही तरीका क्या है?
सबसे पहले दाल को अच्छी तरह छांट लें और उसमें मौजूद कंकड़ या खराब दाने अलग कर दें. इसके बाद दाल को पानी से अच्छी तरह धोएं. पानी बदलकर दो-तीन बार हल्के हाथ से धोना बेहतर रहता है. अब दाल को एक साफ बर्तन में डालकर पर्याप्त पानी भर दें. ध्यान रखें कि दाल पानी सोखकर फूल सकती है, इसलिए पानी की मात्रा बहुत कम न रखें. फूटी हुई दाल के लिए करीब 30 मिनट से 1 घंटे तक भिगोना काफी हो सकता है, जबकि साबुत दाल को ज्यादा समय दिया जा सकता है. भिगोने के बाद पानी निकाल दें और दाल को एक बार फिर साफ पानी से धो लें.
भिगोया हुआ पानी क्यों फेंक देते हैं?
दाल और फलियों में कुछ ऐसे प्राकृतिक यौगिक होते हैं जो पाचन में परेशानी या गैस जैसी समस्या से जुड़े हो सकते हैं. भिगोने के दौरान इनमें से कुछ पानी में निकल सकते हैं. इसी वजह से कई लोग भिगोने के बाद उस पानी को फेंककर दाल को ताजे पानी से पकाते हैं. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि दाल को भिगोना हर व्यक्ति के लिए पाचन संबंधी समस्या का पक्का समाधान है. यह सिर्फ खाना तैयार करने का एक सामान्य तरीका है.
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ज्यादा देर तक भिगोने की भी जरूरत नहीं
दाल को जरूरत से ज्यादा समय तक पानी में छोड़ना जरूरी नहीं है. खासकर गर्म मौसम में बहुत लंबे समय तक भिगोकर रखने से दाल की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है. इसलिए मौसम और दाल के प्रकार के हिसाब से समय तय करें. अगर दाल जल्दी पकने वाली है, तो सिर्फ थोड़ी देर भिगोना पर्याप्त हो सकता है. वहीं साबुत दाल और चने जैसी फलियों को ज्यादा समय चाहिए.
अगर दाल फिर भी नहीं गल रही तो?
कई बार सही तरीके से भिगोने के बाद भी दाल देर से गलती है. इसकी एक वजह दाल का पुराना होना हो सकती है. पुरानी दाल के दाने ज्यादा सख्त हो सकते हैं और उन्हें पकने में अधिक समय लग सकता है. इसलिए दाल खरीदते समय बहुत पुराना स्टॉक लेने से बचें और उसे सूखी, साफ जगह पर अच्छी तरह बंद करके रखें.
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        <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 03:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Sweat Stains On Collar: धोने के बाद भी पीला रहता है कॉलर? 1 आसान ट्रिक से चमकाएं</title>
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        <description><![CDATA[ Why Shirt Collars Turn Yellow After Washing: कपड़े धोने के बाद शर्ट साफ तो दिखती है, लेकिन कॉलर पर पसीने के पीले या गहरे निशान फिर भी नजर आते हैं? कई बार ऐसा लगता है कि कपड़े को अच्छी तरह धोने के बावजूद कॉलर की सफाई पूरी नहीं हुई. दरअसल, कॉलर पर दिखाई देने वाले ये निशान सिर्फ पसीने की वजह से नहीं बनते. इसमें त्वचा का तेल, पसीना, धूल-मिट्टी और रोजाना इस्तेमाल होने वाले कई उत्पाद भी शामिल होते हैं. ये चीजें कपड़े के रेशों में धीरे-धीरे जमा होती रहती हैं और समय के साथ दाग गहरे दिखाई देने लगते हैं.
कॉलर पर ही ज्यादा निशान क्यों पड़ते हैं?
शर्ट का कॉलर लगातार गर्दन की त्वचा के संपर्क में रहता है. इसी वजह से यहां पसीना और त्वचा का प्राकृतिक तेल बाकी हिस्सों की तुलना में ज्यादा पहुंचता है. गर्दन और कॉलर के बीच होने वाला लगातार घर्षण भी इस समस्या को बढ़ा सकता है. जब आप शर्ट पहनते हैं, तो शरीर से निकलने वाला पसीना और त्वचा का तेल कॉलर के रेशों में पहुंच जाता है. शुरुआत में यह दिखाई नहीं देता, लेकिन बार-बार पहनने के बाद यही परत जमा होने लगती है. इसी कारण सफेद या हल्के रंग की शर्ट के कॉलर पर कुछ समय बाद पीले, भूरे या धूसर निशान नजर आने लगते हैं.
सिर्फ पसीना ही दाग की वजह नहीं है
पसीना मुख्य रूप से पानी होता है, लेकिन इसमें नमक, प्रोटीन और दूसरे पदार्थ भी मौजूद होते हैं. जब पसीना सूखता है, तो पानी तो उड़ जाता है, लेकिन ये पदार्थ कपड़े के रेशों पर रह जाते हैं. अगर शर्ट को बार-बार पहना जाए, तो पसीने के ये अवशेष लगातार जमा होते रहते हैं. ऊपर से शरीर का प्राकृतिक तेल इन अवशेषों को कपड़े पर और मजबूती से चिपकने में मदद कर सकता है. यही वजह है कि कई बार सामान्य धुलाई के बाद भी कॉलर पूरी तरह साफ नहीं लगता.

स्किन का तेल भी कर सकता है रंग खराब
हमारी त्वचा स्वाभाविक रूप से तेल बनाती है. यह त्वचा की सुरक्षा के लिए जरूरी है, लेकिन कॉलर के लिए यही तेल दाग की एक बड़ी वजह बन सकता है. गर्दन से निकलने वाला तेल सीधे कपड़े के संपर्क में आता है और रेशों में समा सकता है. तेल अपने साथ धूल और पसीने के अवशेषों को भी पकड़ सकता है. समय के साथ यह जमा परत कॉलर का रंग बदलने लगती है. इसी वजह से कुछ शर्ट के कॉलर धीरे-धीरे पीले या गहरे दिखाई देने लगते हैं.

डियोड्रेंट और दूसरे उत्पाद भी जिम्मेदार हो सकते हैं
कई बार दाग का कारण सिर्फ शरीर से निकलने वाला पसीना नहीं होता. डियोड्रेंट, परफ्यूम, आफ्टरशेव, बालों में लगाए जाने वाले उत्पाद, सनस्क्रीन या त्वचा पर लगाई जाने वाली क्रीम भी कॉलर पर लग सकती है. इन उत्पादों के कुछ घटक कपड़े के रेशों पर टिक सकते हैं. जब ये पसीने और त्वचा के तेल के साथ मिलते हैं, तो कॉलर पर जमा होने वाली परत और बढ़ सकती है. यही वजह है कि शर्ट धोने के बाद भी पुराने निशान पूरी तरह नहीं जाते.
कॉलर पीला क्यों पड़ जाता है?
पसीने और तेल के अवशेष जब लंबे समय तक कपड़े के रेशों में रहते हैं, तो हवा, गर्मी और समय के असर से उनका रंग बदल सकता है. इसी प्रक्रिया की वजह से सफेद शर्ट के कॉलर पर पीले निशान ज्यादा साफ दिखाई देते हैं. एक बार यह परत रेशों के अंदर तक पहुंच जाए, तो सिर्फ सामान्य मशीन वॉश से इसे पूरी तरह हटाना मुश्किल हो सकता है. ऊपर से बार-बार गर्म पानी या तेज तरीके से धोने की कोशिश करने से कपड़े को नुकसान भी पहुंच सकता है.
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सिर्फ कपड़े धोना हमेशा काफी क्यों नहीं होता?
सामान्य कपड़े धोने से सतह पर मौजूद गंदगी और पसीने के कुछ अवशेष निकल जाते हैं, लेकिन जो तेल और दूसरे पदार्थ रेशों के अंदर तक पहुंच चुके हैं, उन्हें हर बार पूरी तरह निकाल पाना आसान नहीं होता. इसीलिए ऐसा हो सकता है कि शर्ट धोने के तुरंत बाद साफ लगे, लेकिन पहनने और कुछ बार धोने के बाद कॉलर पर पुराने निशान फिर से नजर आने लगें. खासकर अगर हर बार कॉलर पर जमा होने वाली गंदगी को अलग से साफ नहीं किया जाता, तो धीरे-धीरे यह परत मोटी होती जाती है.
कपड़े का प्रकार भी डालता है असर
हर कपड़ा पसीने और तेल को एक तरह से नहीं सोखता. सूती जैसे कुछ प्राकृतिक रेशे नमी को अच्छी तरह सोखते हैं, इसलिए उनमें पसीने और त्वचा के तेल के अवशेष जमा हो सकते हैं. कॉलर का लगातार गर्दन से रगड़ना इस समस्या को और बढ़ा देता है. इसी वजह से सफेद सूती शर्ट के कॉलर पर दाग अपेक्षाकृत जल्दी नजर आ सकते हैं. हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि दूसरे कपड़ों पर निशान नहीं पड़ेंगे.
कॉलर को साफ रखने के लिए क्या करें?
अगर आपकी शर्ट के कॉलर पर बार-बार निशान पड़ते हैं, तो उन्हें बहुत पुराना होने का इंतजार न करें. शर्ट उतारने के बाद कॉलर की स्थिति देख लें और जरूरत हो तो उसे धोने से पहले अलग से साफ करें. पसीने वाले कपड़ों को लंबे समय तक गंदे कपड़ों के ढेर में छोड़ने से भी बचें. जितनी जल्दी पसीने और तेल के अवशेष साफ होंगे, उतना ही उनके कपड़े के रेशों में जमने की संभावना कम होगी. कपड़े पहनने से पहले गर्दन पर लगाए जाने वाले उत्पादों को पूरी तरह सूखने देना भी मदद कर सकता है. इससे गीले उत्पाद सीधे कॉलर पर लगने से बचेंगे.
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        <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 03:30:03 +0530</pubDate>
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        <title>विदाई में नहीं आ रहा रोना? इन हैक्स से आएंगे फेक आंसू&amp; दुल्हन के काम की खबर</title>
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        <description><![CDATA[ शादी का दिन दुल्हन के लिए जितना खास होता है, उतना ही मजेदार और भावुक भी होता है. शादी की सारी रस्में पूरी होने के बाद आखिर में आती है विदाई, जहां दुल्हन से लेकर परिवार के लोग तक इमोशनल हो जाते हैं. लेकिन कई बार ऐसा भी होता है कि दुल्हन के मन में इमोशन तो बहुत होते हैं, लेकिन आंखों से आंसू निकलने का नाम ही नहीं लेते. ऊपर से कैमरा लगातार सामने होता है और सबकी नजर दुल्हन पर रहती है. ऐसे में अगर आपको भी विदाई में रोना न आएं तो परेशानी हो जाती है. अगर विदाई में रोना नहीं आ रहा तो परेशान होने की जरूरत नहीं है. कुछ छोटे-छोटे आईडिया हैं, जिनसे आंखों में पानी आ सकता है और फोटो में भी थोड़ा इमोशनल लुक मिल सकेगा.
रोना नहीं आ रहा तो पुरानी बातें याद करें
अगर विदाई में आंखें सूखी की सूखी हैं तो सबसे पहले अपनी पुरानी यादों का सहारा लें. मम्मी-पापा के साथ बिताए बचपन के पल, भाई-बहन की शरारतें या घर में बिताया कोई खास दिन याद करिए.अगर आप चाहें तो शादी से पहले की कोई पुरानी फोटो भी देख सकती हैं. इन चीजों को याद करते-करते इमोशन अपने आप आंसू &amp;nbsp;आ सकते हैं. फिर कैमरे के सामने एक्सप्रेशन भी एकदम नेचुरल लगेगा.
एक बार उबासी लेकर देखिए
अगर भावुक होने के बाद भी आंसू नहीं निकल रहे हैं तो एक उबासी वाला आईडिया भी आजमा सकती हैं. कई लोगों की आंखों में उबासी लेते समय अपने आप पानी आ जाता है. इसलिए विदाई की फोटो या वीडियो से पहले एक-दो बार उबासी लेने की कोशिश की जा सकती है. बस ध्यान रहे कि कैमरे के सामने उबासी लेते हुए फोटो न खिंच जाए.
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थोड़ी देर पलकें कम झपकाएं
आंखों में हल्की नमी लाने के लिए कुछ सेकंड तक पलकें कम झपकाने का तरीका भी काम आ सकता है. जब आंखें कुछ देर तक कम झपकती हैं तो उनमें पानी आ सकता है. इसके बाद कैमरे की तरफ देखकर थोड़ा इमोशनल एक्सप्रेशन दे सकते हैं. हालांकि इसे ज्यादा देर तक करने की जरूरत नहीं है. आंखों में जलन या परेशानी लगे तो तुरंत सही तरीके तरीके से पलकें झपकाएं.
&amp;nbsp;प्याज वाला आईडिया अपनाने से बचें
अब कोई कहता है कि आंसू चाहिए तो प्याज काट लो. लेकिन विदाई के दिन ये आईडिया&amp;nbsp; उल्टा भी पड़ सकता है. आंखों में जलन होने से आंखें ज्यादा लाल हो सकती हैं और आपका मेकअप भी खराब हो सकता है. इसलिए प्याज, मिर्च, परफ्यूम या ऐसी किसी चीज का इस्तेमाल आंखों में जानबूझकर पानी लाने के लिए नहीं करना चाहिए. आखिर में अगर आंसू के चक्कर में पूरा मेकअप बह गया तो आपकी फोटोज भी अच्छी नही आएगी.
आंसू नहीं आए तो भी टेंशन नहीं
सबसे जरूरी बात ये है कि विदाई में रोना जरूरी नहीं है. हर दुल्हन का इमोशन दिखाने का तरीका अलग होता है. किसी की आंखों से खूब आंसू आते हैं तो कोई रोने की बजाय मुस्कुराती रहती है. अगर आपके आंसू नहीं आ रहे हैं तो जबरदस्ती रोने की जरूरत नहीं. परिवार के साथ उस पल को एंजॉय करें और कैमरे के सामने नेचुरल रहें. आखिर विदाई आपकी जिंदगी का खास पल है, सिर्फ फोटोज के लिए आंसू लाने की जरूरत नहीं लगती.
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        <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 03:30:02 +0530</pubDate>
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        <title>Kal Ka Rashifal 10 September 2026: मेष, कर्क, तुला और मकर राशि वालों पर मालव्य योग की कृपा, 10 सितंबर को करियर में मिलेगी नई उड़ान</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/kal-ka-rashifal-10-september-2026-मेष-कर्क-तुला-और-मकर-राशि-वालों-पर-मालव्य-योग-की-कृपा-10-सितंबर-को-करियर-में-मिलेगी-नई-उड़ान</link>
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        <description><![CDATA[ Kal Ka Rashifal: गुरुवार, 10 सितंबर 2026&amp;nbsp; ग्रहों और नक्षत्रों की चाल हर दिन हमारे जीवन को नए रूप में प्रभावित करती है. कल का राशिफल के माध्यम से आप अपने करियर, व्यापार, आर्थिक स्थिति, स्वास्थ्य और प्रेम जीवन से जुड़े उतार-चढ़ाव की पूर्व जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.
पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान, जयपुर-जोधपुर के प्रसिद्ध भविष्यवक्ता एवं कुण्डली विश्लेषक डा. अनीष व्यास के अनुसार, 10 सितंबर 2026 का दिन कई राशियों के लिए करियर में तरक्की और आर्थिक लाभ लेकर आ रहा है, वहीं कुछ राशियों को वाद-विवाद और स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने की आवश्यकता होगी.

आइए विस्तार से जानते हैं कल का दिन सभी 12 राशियों के लिए कैसा रहने वाला है.
मेष, कल का राशिफल (Aries Horoscope)
पारिवारिक जीवन: घर का वातावरण सौहार्द्रपूर्ण रहेगा. जीवनसाथी और परिवारजन का सहयोग मिलेगा. परिवार में किसी शुभ कार्य या खुशखबरी की संभावना है. किसी पारिवारिक मतभेद को सुलझाने में आपकी मध्यस्थता की सराहना होगी. बड़े सदस्यों की सलाह का सम्मान करें, इससे लाभ मिलेगा.
व्यापार और नौकरी: नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी या महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट मिल सकता है. वरिष्ठ अधिकारी आपके काम से प्रभावित होंगे और आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा. व्यापारियों को नए संपर्कों से फायदा होगा. किसी पुराने क्लाइंट से दोबारा काम मिलने की संभावना बन रही है. कार्यक्षेत्र में गुप्त विरोधी से सावधान रहें और अपनी योजनाएं सबके साथ साझा न करें.
करियर और शिक्षा: करियर में तेजी देखने को मिलेगी और आपकी नेतृत्व क्षमता सामने आएगी. छात्रों का ध्यान पढ़ाई में लगेगा. प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को अनुशासित दिनचर्या अपनानी चाहिए, ध्यान केंद्रित करने का समय अनुकूल रहेगा.
स्वास्थ्य: स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन काम की अधिकता से थकान महसूस हो सकती है. नींद पूरी न होने पर मानसिक तनाव बढ़ेगा. पर्याप्त पानी पिएं, संतुलित आहार लें और आराम के लिए समय निकालें. लगातार लंबे समय तक काम करने से बचें.
आर्थिक स्थिति: आर्थिक स्थिति अच्छी रहने के संकेत हैं. आय के साथ अतिरिक्त लाभ का अवसर मिलेगा. पुराने निवेश से फायदा होने की संभावना है. अनावश्यक खरीदारी और जल्दबाजी में लिए गए आर्थिक फैसलों से बचें. किसी बड़े निवेश से पहले जोखिम और भविष्य के लाभ को अच्छी तरह समझें.
प्रेम जीवन: प्रेम संबंधों में बातचीत बढ़ेगी और पुरानी गलतफहमियां दूर हो सकती हैं. पार्टनर का पूरा सहयोग मिलेगा. अविवाहित लोगों की किसी खास व्यक्ति से बातचीत शुरू हो सकती है. भावनाओं में जल्दबाजी करने के बजाय रिश्ते को धीरे-धीरे मजबूत करें.
लकी अंक: 7 | लकी रंग: कत्था
उपाय: भगवान विष्णु को पीले फूल अर्पित करें और पीला वस्त्र धारण करें.
वृषभ, कल का राशिफल (Taurus Horoscope)
पारिवारिक जीवन: परिवार में छोटी-मोटी बातों को लेकर बहस हो सकती है, इसलिए अपनी बात शांत और विनम्र तरीके से रखने की कोशिश करें. धैर्य रखने से घर में सुख-शांति बनी रहेगी. परिवार के किसी बुजुर्ग सदस्य की सलाह किसी महत्वपूर्ण निर्णय में मदद करेगी और आपकी योजनाओं को मजबूती मिलेगी.
व्यापार और नौकरी: आर्थिक मामलों में सकारात्मक अवसर मिल सकते हैं. रियल एस्टेट से जुड़ी कोई अच्छी खबर मिलने की संभावना है. बैंकिंग, वित्त और प्रॉपर्टी से जुड़े व्यापारियों के लिए दिन उत्तम रहेगा. नए सौदे करने से पहले पूरी जांच-परख करें.
करियर और शिक्षा: कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत और स्थिरता रंग लाएगी. पुराने प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा और किसी महत्वपूर्ण काम में आपकी भूमिका बढ़ सकती है. छात्रों की पढ़ाई में एकाग्रता बढ़ेगी और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में सफलता मिलेगी.
स्वास्थ्य: स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन खान-पान की लापरवाही से परेशानी हो सकती है. ज्यादा तला-भुना भोजन और बाहर का खाना खाने से बचें. पर्याप्त पानी पिएं, नियमित वॉक करें और काम के बीच छोटे ब्रेक लेना लाभकारी रहेगा.
आर्थिक स्थिति: धन संबंधी मामलों में लाभ के योग बन रहे हैं. पुराने निवेश से अच्छा रिटर्न मिल सकता है और अटका हुआ भुगतान वापस मिलने की संभावना है. प्रॉपर्टी से जुड़ी डील फायदेमंद साबित होगी. हालांकि किसी के कहने पर निवेश न करें और संपत्ति के दस्तावेजों को ध्यान से जांचें.
प्रेम जीवन: रिश्तों में भरोसा और स्थिरता बढ़ेगी. पार्टनर के साथ भविष्य की योजनाओं पर बातचीत हो सकती है. विवाहित जीवन में तालमेल अच्छा रहेगा. अविवाहित लोगों को परिवार या परिचितों के माध्यम से कोई अच्छा रिश्ता मिलने की संभावना बन सकती है.
लकी अंक: 4 | लकी रंग: क्रीम
उपाय: जरूरतमंदों को गेहूं या अन्न का दान करें. मां लक्ष्मी को शुद्ध घी का दीपक अर्पित करें.
मिथुन, कल का राशिफल (Gemini Horoscope)
पारिवारिक जीवन: घर का माहौल सामान्य रहेगा, लेकिन जल्दबाजी में कही गई बात किसी करीबी को ठेस पहुंचा सकती है, इसलिए वाणी पर नियंत्रण रखें. बच्चों की पढ़ाई या पारिवारिक निर्णयों को लेकर होने वाली चर्चा में आपकी राय अहम होगी. किसी भी मतभेद को शांत बातचीत से सुलझाना लाभदायक रहेगा.
व्यापार और नौकरी: व्यापारियों को नए क्लाइंट मिलने के योग बन रहे हैं. मीटिंग और डील के दौरान प्रभावशाली बातचीत आपके पक्ष में जाएगी. नौकरीपेशा लोगों को अपनी क्षमता दिखाने का मौका मिलेगा. नौकरी बदलने की योजना बना रहे हैं तो सभी विकल्पों की अच्छी तरह तुलना करके ही निर्णय लें. किसी पर आंख बंद करके भरोसा करने से बचें और हर जानकारी जांच-परख कर आगे बढ़ें.
करियर और शिक्षा: लेखन, मीडिया, शिक्षा और संचार क्षेत्र से जुड़े लोगों को विशेष लाभ मिलेगा. इंटरव्यू, मीटिंग या प्रेजेंटेशन में सफलता के संकेत हैं. छात्रों की एकाग्रता अच्छी रहेगी और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में उन्नति होगी.
स्वास्थ्य: मानसिक व्यस्तता के चलते थकान महसूस हो सकती है. लगातार काम करने से बचें और बीच-बीच में ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 02:30:18 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>Kal, Rashifal, September, 2026:, मेष, कर्क, तुला, और, मकर, राशि, वालों, पर, मालव्य, योग, की, कृपा, सितंबर, को, करियर, में, मिलेगी, नई, उड़ान</media:keywords>
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        <title>iPhone 18 और लॉन्च डेट दोनों में 9 नंबर, Apple के लिए शुभ या खतरे की घंटी?</title>
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        <description><![CDATA[ iPhone 18 Numerology: आज रात 10:30 बजे जैसे ही Apple का मेगा इवेंट शुरू होगा, दुनिया की नजर नए iPhone पर टिक जाएगी. चर्चा कैमरा, AI, डिजाइन और संभावित फोल्डेबल मॉडल की होगी. लेकिन iPhone 18 के नाम और इसकी लॉन्च डेट में अंकों का ऐसा मेल बन रहा है, जो पहली नजर में जितना ताकतवर लगता है, अंदर से उतना ही उलझा हुआ है.
अंक ज्योतिष के अनुसार iPhone 18 का जोड़ 9 आता है. तारीख 9 सितंबर है, यानी दिन और महीना भी 9-9. इस तरह मॉडल नंबर से लेकर लॉन्च डेट तक मंगल का अंक लगातार दिखाई दे रहा है. इससे भी दिलचस्प बात यह है कि 18 के भीतर सूर्य का 1 और शनि का 8 मौजूद है. ज्योतिष में सूर्य और शनि के संबंध सहज नहीं माने जाते. दोनों के टकराव से निकलने वाला अंतिम अंक 9 मंगल का है.

यानी नाम में नेतृत्व भी है, दबाव भी और बाजार में हलचल मचाने वाली आक्रामक ऊर्जा भी.




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18 केवल मॉडल नंबर नहीं, इसके भीतर दो विपरीत ताकतें
अंक ज्योतिष में किसी संख्या को केवल एक अंक में बदलकर देखना पूरा अध्ययन नहीं माना जाता. उसके भीतर मौजूद अंकों का स्वभाव भी समझना पड़ता है.
iPhone 18 में पहला अंक 1 है. इसका स्वामी सूर्य माना जाता है. सूर्य नेतृत्व, प्रतिष्ठा, अधिकार और सबसे आगे रहने की इच्छा का प्रतीक है. यह Apple की ब्रांड छवि से मेल खाता है. कंपनी आमतौर पर ऐसा प्रोडक्ट पेश करना चाहती है, जिसे बाकी बाजार फॉलो करे.
दूसरा अंक 8 है, जिसका स्वामी शनि है. शनि लागत, देरी, प्रतिबंध, कठिन परीक्षा और लंबे समय में मिलने वाले परिणाम से जुड़ा है. तकनीकी प्रोडक्ट के संदर्भ में यह ऊंची कीमत, सप्लाई की परेशानी, फीचर की सीमित उपलब्धता या यूजर्स की कड़ी समीक्षा की ओर संकेत कर सकता है.
सूर्य और शनि की यही खींचतान इस लॉन्च का सबसे रोचक हिस्सा है. Apple किसी फीचर को अपनी बड़ी उपलब्धि बनाकर पेश कर सकता है, लेकिन उसी की कीमत या वास्तविक उपयोगिता पर सवाल भी सबसे अधिक उठ सकते हैं.
1 और 8 के बाद मिलता है मंगल का अंक 9
जब 1 और 8 को जोड़ा जाता है तो अंक 9 मिलता है. नौ का स्वामी मंगल है. मंगल मशीनरी, इंजीनियरिंग, गति, जोखिम और मुकाबले का ग्रह है.
इसलिए iPhone 18 का अंक किसी शांत या मामूली अपडेट की ओर इशारा नहीं करता. यह ऐसा मॉडल हो सकता है जिसे Apple बाजार में बदलाव लाने वाले प्रोडक्ट के रूप में पेश करे. यदि फोल्डेबल iPhone सामने आता है तो कंपनी सीधे Samsung और दूसरे फोल्डेबल फोन निर्माताओं के क्षेत्र में उतरेगी.
लेकिन मंगल जितनी तेजी देता है, उतनी ही जल्दी विवाद भी खड़ा कर सकता है. नया डिजाइन नाजुक हुआ, बैटरी उम्मीद के मुताबिक नहीं चली या AI फीचर सभी देशों में उपलब्ध नहीं हुआ तो शुरुआती उत्साह तीखी आलोचना में बदल सकता है.
9 सितंबर यानी मंगल के अंक की दोहरी मौजूदगी
लॉन्च 9 सितंबर को है. दिन का अंक 9 और महीने का क्रम भी 9 है. इसके साथ iPhone 18 का मूल अंक भी 9 बन रहा है. अंक ज्योतिष के अनुसार किसी एक अंक का बार-बार आना उसके गुणों को अधिक स्पष्ट करता है.
इस 9-9-9 के मेल को केवल भाग्यशाली मानना सही नहीं होगा. इसका सकारात्मक पक्ष जबरदस्त ऊर्जा, वैश्विक चर्चा और प्रतिस्पर्धियों पर दबाव है. नकारात्मक पक्ष जल्दबाजी, जरूरत से ज्यादा प्रचार और यूजर्स की तीखी प्रतिक्रिया हो सकता है.
लॉन्च के बाद फोन की चर्चा होना लगभग तय है. असली परीक्षा यह होगी कि चर्चा तारीफ की होती है या लोग पूछते हैं, इतनी कीमत देने के बाद वास्तव में नया क्या मिला?
पूरी लॉन्च डेट का जोड़ बन रहा है 1
9 सितंबर 2026 की पूरी तारीख का जोड़ इस प्रकार है (9+9+2+0+2+6=28). इसके बाद (2+8=10) और (1+0=1) आता है. इस तारीख का अंतिम अंक 1 है, जिसका स्वामी सूर्य है. यह Apple को पूरे लॉन्च का केंद्र बनाने और बाजार में अपना नेतृत्व दिखाने का संकेत देता है. लेकिन यहां भी अंतिम अंक तक पहुंचने से पहले संख्या 28 आती है.
संख्या 28 में 2 चंद्रमा और 8 शनि का अंक है. चंद्रमा जनता की पसंद और भावनाओं का प्रतिनिधित्व करता है, जबकि शनि व्यावहारिकता और कीमत की परीक्षा लेता है. इसे इस तरह समझ सकते हैं, लोग फोन को देखकर प्रभावित हो सकते हैं, लेकिन खरीदने से पहले कीमत और उपयोगिता का हिसाब जरूर लगाएंगे.
बुधवार का बुध खोलेगा हर फीचर की परत
लॉन्च बुधवार को हो रहा है. बुधवार का स्वामी बुध है, जो तकनीक, सॉफ्टवेयर, कम्युनिकेशन, डेटा और व्यापार से जुड़ा है. घटना के समय बुध अपनी उच्च राशि कन्या में रहेगा.
यह तकनीकी प्रस्तुति को मजबूत बनाता है, लेकिन कन्या का बुध हर छोटी बात का हिसाब भी मांगता है. लॉन्च खत्म होते ही टेक एक्सपर्ट कैमरा, प्रोसेसर, AI, बैटरी, प्राइवेसी और कीमत की बारीकी से जांच करेंगे. प्रेजेंटेशन में चमकने वाला फीचर वास्तविक इस्तेमाल में कितना काम आता है, इसका फैसला समीक्षाएं करेंगी.
Apple के लिए शुभ या खतरे की घंटी?
अंक 9 Apple को चर्चा, गति और प्रतिस्पर्धा में बढ़त दिला सकता है. तारीख का अंक 1 कंपनी की नेतृत्व वाली छवि को मजबूत करता है. मगर 18 के भीतर सूर्य और शनि की खींचतान बता रही है कि रास्ता पूरी तरह आसान नहीं होगा.
इस संयोग का साफ संकेत है, लॉन्च बड़ा होगा, ध्यान भी खूब खींचेगा, लेकिन Apple जिस फीचर को अपनी सबसे बड़ी जीत बताएगा, वही कीमत, उपलब्धता या उपयोगिता की कसौटी पर घिर सकता है.
Apple ने अंक ज्योतिष देखकर मॉडल का नाम या लॉन्च डेट तय की है, इसका कोई प्रमाण नहीं है. लेकिन iPhone 18, तारीख 9 और सितंबर के नौवें महीने का यह मेल लॉन्च को अंक ज्योतिष की दृष्टि से जरूर रोचक बनाता है.
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर् ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 02:30:17 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>iPhone, और, लॉन्च, डेट, दोनों, में, नंबर, Apple, के, लिए, शुभ, या, खतरे, की, घंटी</media:keywords>
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        <title>कृष्ण छठी पर कान्हा को पालने में रखें या सिंहासन पर बैठाएं? जन्म के छठे दिन क्या बदलता है</title>
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        <description><![CDATA[ Krishna Chhathi 2026: जन्माष्टमी पर बाल गोपाल को फूलों से सजे पालने में बैठाकर झुलाया जाता है. छह दिन बाद जब कृष्ण छठी मनाई जाती है तो कई भक्तों के मन में सवाल आता है, क्या अब कान्हा को पालने से निकालकर सिंहासन पर बैठा देना चाहिए? क्या छठी के बाद पालने में रखना गलत माना जाएगा?
इसका सीधा जवाब है कि छठी के बाद पालना हटाना अनिवार्य नहीं है. धर्मग्रंथों में ऐसा कोई सर्वमान्य नियम नहीं मिलता कि छठी होते ही लड्डू गोपाल को पालने से निकालना आवश्यक है. यह व्यवस्था परिवार की परंपरा, मंदिर की पूजा-पद्धति और भक्त के सेवाभाव के अनुसार बदल सकती है.

पालने और सिंहासन का अलग अर्थ
जन्माष्टमी के समय पालना भगवान कृष्ण के नवजात स्वरूप का प्रतीक होता है. भक्त उन्हें नंदलाल मानकर झुलाते हैं, लोरी सुनाते हैं और बालक की तरह उनकी सेवा करते हैं. कृष्ण छठी तक यह जन्मोत्सव का भाव बना रहता है.
सिंहासन भगवान के पूजनीय और राजसी स्वरूप का प्रतीक है. इसलिए कई परिवारों में छठी की पूजा पूरी होने के बाद लड्डू गोपाल को उनके नियमित सिंहासन या चौकी पर विराजमान कर दिया जाता है. इसका अर्थ यह नहीं कि उनका बाल स्वरूप समाप्त हो गया. केवल जन्मोत्सव के लिए की गई विशेष व्यवस्था को अब नियमित सेवा में बदला जाता है.




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क्या छठी के दिन ही पालना हटा देना चाहिए?
कृष्ण छठी पर बाल गोपाल को स्नान कराने, साफ या नए वस्त्र पहनाने, तिलक लगाने और विशेष भोग अर्पित करने की परंपरा है. कढ़ी-चावल, माखन-मिश्री और मिठाई का भोग लगाया जाता है. कई स्थानों पर षष्ठी माता की पूजा तथा सोहर और बधाई गीत गाने की परंपरा भी है.
पूजा के बाद कान्हा को सिंहासन पर बैठाया जा सकता है. लेकिन यदि परिवार में कुछ दिन और पालने में झुलाने की परंपरा है तो पालना तुरंत हटाने की जरूरत नहीं है. ब्रज सहित अलग-अलग क्षेत्रों में जन्मोत्सव से जुड़ी परंपराएं एक जैसी नहीं होतीं. इसलिए अपने घर या गुरु परंपरा के अनुसार चलना अधिक उचित माना जाता है.
छठी के बाद क्या बदलता है?
छठी के बाद सबसे बड़ा बदलाव पूजा के भाव में आता है. जन्माष्टमी से छठी तक कान्हा के जन्म का उत्सव मनाया जाता है. इसके बाद लड्डू गोपाल की सामान्य दैनिक सेवा शुरू हो जाती है.
सुबह उन्हें जगाकर स्नान या मौसम के अनुसार स्वच्छता सेवा की जाती है. फिर साफ वस्त्र पहनाकर तिलक, फूल और भोग अर्पित किया जाता है. दिन में उन्हें सिंहासन पर विराजमान रखा जा सकता है. रात में शयन कराते समय छोटे पलंग, बिस्तर या पालने का इस्तेमाल किया जा सकता है.
इस प्रकार पालना केवल जन्माष्टमी की सजावट नहीं, शयन सेवा का हिस्सा भी बन सकता है. इसलिए छठी के बाद उसे घर के मंदिर से हटाना ही पड़ेगा, ऐसी बाध्यता नहीं है.
पालना हटाते समय क्या करें?
यदि पालना केवल जन्माष्टमी उत्सव के लिए सजाया गया था तो छठी की आरती और भोग के बाद उसे हटाया जा सकता है. पहले लड्डू गोपाल को साफ आसन या सिंहासन पर बैठाएं. इसके बाद पालने से फूल, कपड़ा और सजावट हटाएं.
सूखे फूलों को इधर-उधर फेंकने के बजाय किसी पेड़ की मिट्टी में रखा जा सकता है. साफ कपड़े और सजावटी सामान को अगले उत्सव के लिए संभालकर रखें. टूटे या खराब सामान को दोबारा मंदिर में इस्तेमाल न करें.
पालना नहीं है तो क्या छठी अधूरी रहेगी?
कृष्ण छठी मनाने के लिए पालना होना जरूरी नहीं है. लड्डू गोपाल को स्वच्छ चौकी या सिंहासन पर बैठाकर भी पूजा की जा सकती है. घर में प्रतिमा नहीं है तो भगवान कृष्ण की तस्वीर के सामने दीपक जलाकर, भोग लगाकर और आरती करके उत्सव मनाया जा सकता है.
भक्त को पालने और सिंहासन के चुनाव से अधिक स्वच्छता, नियमित सेवा और श्रद्धा का ध्यान रखना चाहिए. कान्हा को छठी के बाद सिंहासन पर बैठाएं या पालने में रखें, दोनों ही व्यवस्थाएं ठीक हैं. बस बाल गोपाल का स्थान साफ, सुरक्षित और सम्मानजनक होना चाहिए.
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें. ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 02:30:15 +0530</pubDate>
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        <title>टैरो राशिफल 10 सितंबर 2026: कर्क को स्थायी संपत्ति और सिंह को विदेशी व्यापार से लाभ, मकर रहें बेहद सतर्क; जानें 12 राशियों का भाग्य</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/टैरो-राशिफल-10-सितंबर-2026-कर्क-को-स्थायी-संपत्ति-और-सिंह-को-विदेशी-व्यापार-से-लाभ-मकर-रहें-बेहद-सतर्क-जानें-12-राशियों-का-भाग्य</link>
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        <description><![CDATA[ Tarot Rashifal 10 September 2026: सितंबर महीने का यह गुरुवार सभी 12 राशियों के लिए स्थायी संपत्ति के योग, विदेशी व्यापार में लाभ और वित्तीय मामलों में विवेकपूर्ण निर्णय लेने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण संकेत दे रहा है. आज ग्रहों की स्थिति और टैरो कार्ड्स आपके जीवन में क्या बड़े बदलाव लेकर आ रहे हैं, प्रसिद्ध टैरो कार्ड रीडर एवं ज्योतिषाचार्या नीतिका शर्मा (अजमेर) से.
आज कर्क राशि को स्थायी संपत्ति और सिंह को विदेशी व्यापार से बड़ा धन लाभ होगा, वहीं मकर राशि के जातकों को संपत्ति के सौदों में जल्दबाजी न करने और मीन राशि वालों को अपनी सेहत के प्रति पूरी तरह सतर्क रहने की सख्त जरूरत है. आइए विस्तार से जानते हैं कि मेष से लेकर मीन राशि तक के जातकों का आज का दिन कैसा बीतेगा.

मेष टैरो राशिफल&amp;nbsp;टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि मेष राशि के लोगों को आज धन संबंधित मामलों में कुछ बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है. साथ ही आज आपकी आर्थिक स्थिति पहले के मुकाबले कमजोर रहने वाली है हालांकि, मित्रों के सहयोग से समस्या का समाधान हो सकेगा.
वृषभ टैरो राशिफल&amp;nbsp;टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि वृषभ राशिवालों को जल्दबाजी में कोई भी काम न करें. साथ ही आज आप विपरीत लिंगी के प्रति आकर्षित हो सकते हैं. व्यापार में लाभकारी परिवर्तन हो सकते हैं.
मिथुन टैरो राशिफल&amp;nbsp;टैरो कार्ड्स की गणना के अनुसार, मिथुन राशिवालों को इस समय कड़ी मेहनत करनी पड़ सकती है. कठिन परिश्रम के बाद व्यापार अच्छा चलेगा. जीवनसाथी के व्यवहार में अनुकूलता रहेगी.
कर्क टैरो राशिफल&amp;nbsp;टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि कर्क राशिवालों को आज धन संबंधित मामलों में भाग्य का पूरा साथ मिलेगा. आज धनार्जन के अवसरों में वृद्धि होगी. साथ ही साथ एक से अधिक प्रेम संबंध स्थापित हो सकते हैं. स्थायी संपत्ति की प्राप्ति के भी योग हैं.
सिंह टैरो राशिफल&amp;nbsp;टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि सिंह राशि के जो लोग विदेशी व्यापार में कार्यरत हैं या विदेशी स्रोतों के द्वारा कार्य कर रहे हैं उनके लिए समय बहुत ही बेहतर रहने वाला है. पूर्ण रूप से यह समय आप के लिए एक भाग्यशाली अवधि है.
कन्या टैरो राशिफल&amp;nbsp;टैरो कार्ड्स की गणना के अनुसार, कन्या राशिवालों को लिए आज का दिन आर्थिक रूप से भाग्यशाली रहेगा. आज आप विभिन्न स्रोतों के माध्यम से पैसा कमा सकते हैं. साथ ही आज आपको अपना अटका हुआ धन प्राप्त होगा.
तुला टैरो राशिफल&amp;nbsp;टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि तुला राशिवालों के लिए आज का दिन किसी दोस्त या रिश्तेदार से मतभेद उत्पन्न हो सकता है. साथ ही आपको सलाह है कि अपनी बोलचाल में कटुता न आने दें.
वृश्चिक टैरो राशिफल&amp;nbsp;टैरो कार्ड्स की गणना के अनुसार, वृश्चिक राशिवालों के लिए आज का दिन प्रतिस्पर्धियों के साथ प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ सकता है. हालांकि, आज बुद्धि चातुर्य से अनेक कठिनाइयां दूर हो सकेंगी.
धनु टैरो राशिफल&amp;nbsp;टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि धनु राशिवालों को आज अपने काम के स्थान पर आदर और सम्मान प्राप्त कर सकेंगे. कार्य व्यवसाय में आशातीत सफलता मिल सकेगी.
मकर टैरो राशिफल&amp;nbsp;टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि मकर राशिवालों को आज बहुत ही संभलकर रहने की जरूरत है. आप किसी मुसीबत में फंस सकते हैं आपको विश्वासघात करने के कारण सजा भी मिल सकती है, स्थायी संपत्ति क्रय करने में जल्दी न करें., ध्यान रखे.
कुंभ टैरो राशिफल&amp;nbsp;टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि कुंभ राशिवालों को इस अवधि में कुछ यात्राएं करनी पड़ सकती हैं. जिसकी वजह से आपके स्वास्थ्य में गिरावट आ सकती है. कुछ लोग धार्मिक चर्चा में अपना समय व्यतीत करेंगे.
मीन टैरो राशिफल&amp;nbsp;टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि मीन राशिवालों के लिए आज का दिन स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. आपको सलाह है कि अपनी सेहत का ध्यान रखें. वरना आपकी तकलीफ बढ़ सकती है.
Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष कब से शुरू होंगे ? नोट करें श्राद्ध की तिथियां
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें. ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 02:30:14 +0530</pubDate>
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        <title>Numerology: क्या आपका जन्म किसी भी महीने की 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है? जानें शनि का आप पर क्या है गुप्त प्रभाव</title>
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        <description><![CDATA[ अगर आपका या आपके किसी अपने का जन्म महीने की 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो अंक ज्योतिष (Numerology) के अनुसार आपका मूलांक 8 बनता है. 17 (1+7=8) और 26 (2+6=8) का जोड़ भी आठ ही आता है. इस अंक के स्वामी न्यायप्रिय और कर्मफल दाता शनि देव हैं.
शनि का नाम सुनते ही अक्सर लोग डर जाते हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि शनि बिगाड़ते नहीं, बल्कि इंसान को तराशकर कुंदन बनाते हैं. आइए जानते हैं शनि देव का आपके जीवन पर क्या गुप्त असर पड़ता है.

बाहर से नारियल जैसे सख्त, अंदर से बेहद भावुक
मूलांक 8 के जातकों की सबसे बड़ी खासियत होती है इनका शांत और गंभीर स्वभाव. बाहर से देखने पर ये थोड़े सख्त, कम बोलने वाले और कभी-कभी घमंडी लग सकते हैं, लेकिन अंदर से ये बहुत नर्म दिल और संवेदनशील होते हैं. ये लोग &#039;शॉर्टकट&#039; के बजाय अपनी कड़ी मेहनत पर भरोसा करते हैं. इन्हें दिखावा और झूठी तारीफ बिल्कुल पसंद नहीं होती. इनकी भावनाएं समझना आसान नहीं होता, इसलिए इनके दोस्त कम होते हैं, पर जो होते हैं वे बेहद वफादार होते हैं.
शनि का सबसे बड़ा गुप्त असर, देर से लेकिन स्थायी कामयाबी
शनि को ज्योतिष में सबसे धीमी गति से चलने वाला ग्रह माना जाता है. यही वजह है कि 8, 17 या 26 तारीख को जन्मे लोगों के जीवन में सफलता देर से कदम चूमती है.
शुरुआती संघर्ष: 30 से 32 वर्ष की उम्र तक इन्हें हर कदम पर रुकावटों और चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. कई बार बनते काम अंतिम समय पर अटक जाते हैं.
35 के बाद चमकता है भाग्य: जैसे ही ये उम्र के 35वें पड़ाव को पार करते हैं, इनकी किस्मत तेजी से पलटी मारती है.
लंबी चलने वाली शोहरत: शनि जब देते हैं, तो छप्पर फाड़कर देते हैं. देर से मिलने के बावजूद इनकी पद-प्रतिष्ठा, पैसा और कामयाबी जिंदगी भर साथ निभाती है.
भूलकर भी न करें ये 3 गलतियां
शनि कर्म के देवता हैं, इसलिए इन तारीखों पर जन्मे लोगों को अपने आचरण पर खास ध्यान देना होता है:
शॉर्टकट और बेईमानी से दूरी: किसी के साथ धोखा, छल या किसी मजदूर/कमजोर का हक मारना इन्हें भारी नुकसान पहुंचा सकता है.
अकेलापन और ओवरथिंकिंग: जरूरत से ज्यादा सोचना इन्हें डिप्रेशन में डाल सकता है, इसलिए परिवार और दोस्तों से बातचीत बनाए रखें.
जिद्दी स्वभाव: अपने जिद्दीपन और गुस्से पर काबू रखें, वरना कई अच्छे रिश्ते टूट सकते हैं.
शनि कृपा पाने के बेहद आसान उपाय

अगर आपके जीवन में रुकावटें जरूरत से ज्यादा बढ़ रही हैं, तो कुछ आसान नियम अपनाएं:
हर शनिवार किसी असहाय या जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन कराएं या काले कंबल/छाते का दान करें.
शनिवार शाम पीपल के पेड़ के पास सरसों के तेल का दीपक जरूर जलाएं.
प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करें; इससे शनि से जुड़ी सारी नकारात्मक ऊर्जा खत्म हो जाती है.
अपने अधीन काम करने वाले कर्मचारियों और सफाईकर्मियों का हमेशा सम्मान करें.
शनि का प्रभाव आपको गिराने के लिए नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे मजबूत इंसानों में शामिल करने के लिए होता है.

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Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें. ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 02:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>दलीप ट्रॉफी 2026 की प्राइज मनी डिटेल, जीतने वाली टीम को मिलेंगे इतने करोड़</title>
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        <description><![CDATA[ दलीप ट्रॉफी में चैंपियन बनने के लिए ईस्ट जोन और साउथ जोन के बीच जोरदार मुकाबला चल रहा है. चेन्नई के एम. चिदंबरम स्टेडियम में दोनों टीमें 6 से 10 सितंबर तक फाइनल में आमने सामने हैं. मैदान पर खिलाड़ी ट्रॉफी के लिए पसीना बहा रहे हैं, तो वहीं फैंस के बीच इस बात को लेकर भी उत्सुकता है कि इस बार खिताब जीतने वाली टीम को इनाम के तौर पर कितनी रकम मिलेगी.
BCCI के क्रिकेट प्राइज मनी के मुताबिक दलीप ट्रॉफी की चैंपियन टीम को 1 करोड़ रुपये दिए जाएंगे फाइनल में हारने वाली टीम को भी खाली हाथ नहीं लौटना पड़ता. रनर-अप को पुरस्कार के तौर पर 50 लाख रुपये मिलेंगे.
लेकिन यहां एक बात साफ समझ लेना जरूरी है कि 1 करोड़ रुपये सिर्फ कप्तान या किसी एक खिलाड़ी को नहीं दिए जाते. यह पूरी विजेता टीम की पुरस्कार के पैसे होते है. इसके बाद खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के बीच रकम बांटने की अलग व्यवस्था होती है.
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तीन साल पहले हुआ था बड़ा बदलाव
दलीप ट्रॉफी की इनामी रकम पहले काफी कम थी. BCCI ने 2023 में घरेलू क्रिकेट की प्राइज मनी में बदलाव करते हुए विजेता की रकम को 40 लाख रुपये से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये कर दिया था. वहीं, रनर-अप के लिए मिलने वाला इनाम 20 लाख रुपये से बढ़कर 50 लाख रुपये हो गया था. यानी दोनों स्थानों के लिए मिलने वाली रकम में अच्छी खासी इजाफा की गई.
फाइनल में ईस्ट जोन की कमान ईशान किशन संभाल रहे हैं. कप्तानी के साथ उन्होंने बल्ले से भी अपनी टीम को मजबूत हालात में पहुंचाया. ईशान ने 334 गेंदों में 270 रन की शानदार पारी खेली. उनकी पारी में 30 चौके और 7 छक्के शामिल रहे. करीब दो दिन तक क्रीज पर डटे रहकर उन्होंने टीम के लिए अहम योगदान दिया.
ऐसे में अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि फाइनल का नतीजा क्या रहता है और दलीप ट्रॉफी 2026-27 की चमचमाती ट्रॉफी आखिर किस टीम के हाथ जाती है.
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        <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 02:30:11 +0530</pubDate>
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        <title>ICC टी20 रैंकिंग में वैभव सूर्यवंशी को हुआ नुकसान</title>
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        <description><![CDATA[ वैभव सूर्यवंशी अभी दलीप ट्रॉफी का फाइनल खेल रहे हैं, जिसके बाद वह तुरंत दिल्ली में भारतीय टीम के साथ जुड़ जाएंगे. दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में अफगानिस्तान बनाम भारत 3 मैचों की टी20 सीरीज होगी, जिसका पहला मैच 13 सितंबर को है. इससे पहले आईसीसी ने अपनी ताजा रैंकिंग जारी कर दी है, 15 वर्षीय बल्लेबाज को इसमें नुकसान हुआ है.
टॉप पर काबिज ईशान किशन
आईसीसी टी20 बल्लेबाजी रैंकिंग में ईशान किशन की बादशाहत कायम है, वह 910 रेटिंग के साथ इस पायदान पर बने हुए हैं. उन्हें फिलहाल अपनी पोजीशन खोने का कोई डर नहीं है, क्योंकि दूसरे स्थान पर मौजूद साहिबजादा फरहान के 848 रेटिंग पॉइंट्स हैं. अभिषेक शर्मा 819 रेटिंग के साथ तीसरे स्थान पर हैं.
टॉप-5 में एक बदलाव हुआ है, दक्षिण अफ्रीका के डेवाल्ड ब्रेविस 789 रेटिंग के साथ एक स्थान नीचे लुढ़ककर पांचवें नंबर पर आ गए हैं. इंग्लैंड के फिल साल्ट 799 रेटिंग के साथ पांचवें से चौथे स्थान पर पहुंच गए.
यह भी पढ़ें- एजबेस्टन टेस्ट में 133 पर ढ़ेर पाकिस्तान, इस देश के बोर्ड ने उड़ाया मजाक
कहां पहुंचे वैभव सूर्यवंशी?
आईसीसी टी20 बल्लेबाजी रैंकिंग में वैभव सूर्यवंशी को 2 पायदान का नुकसान हुआ है. वह लुढ़ककर अब 49वें स्थान पर आ गए हैं. हालांकि ये उनकी फॉर्म के कारण नहीं, बल्कि इस वजह से हुआ है कि टीम इंडिया अभी टी20 नहीं खेल रही थी. पूरा भरोसा है कि अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली टी20 सीरीज के बाद वैभव रैंकिंग में एक लंबी छलांग लगाएंगे.
15 वर्षीय वैभव ने इसी साल इंग्लैंड के खिलाफ अपना इंटरनेशनल डेब्यू मैच खेला था, इस दौरे पर उनका फॉर्म अच्छा नहीं रहा था. जिम्बाब्वे में उनका बल्ला खूब बरसा था, अब वह भारत में पहला इंटरनेशनल मैच खेलने के लिए तैयार हैं.
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दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाज ने लगाई लंबी छलांग
आईसीसी टी20 बल्लेबाजी रैंकिंग में दक्षिण अफ्रीका के लुआन-ड्रे प्रीटोरियस 61 पायदान ऊपर आकर 44वें स्थान पर पहुंच गए हैं. उन्होंने नामीबिया के खिलाफ पिछले हफ्ते 101 रनों की शानदार पारी खेली थी. उससे पिछले मैच में उन्होंने 94 रन बनाए थे. इन 2 पारियों का फायदा उन्हें रैंकिंग में भी हुआ. ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 02:30:09 +0530</pubDate>
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        <title>हर्षित राणा OUT? वाशिंगटन सुंदर IN, बुमराह&amp;रेड्डी पर भी आया अपडेट</title>
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        <description><![CDATA[ अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली 3 मैचों की टी20 सीरीज के लिए भारतीय स्क्वॉड में हर्षित राणा, जसप्रीत बुमराह समेत 4 खिलाड़ियों को सब्जेक्ट टू फिटनेस के तहत शामिल किया गया था. हर्षित को लेकर जो अपडेट सामने आया है, वो अच्छा नहीं है. उनका इस सीरीज के लिए फिट होना मुश्किल है. बीसीसीआई सूत्र ने सभी को लेकर अपडेट दिया है.
भारत और अफगानिस्तान के बीच टी20 सीरीज के तीनों मैच दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले जाएंगे. पहला मैच 13 सितंबर को होगा, जिसके लिए भारतीय प्लेयर्स दिल्ली पहुंचने लगे हैं. पीटीआई ने बीसीसीआई सूत्र के हवाले से जसप्रीत बुमराह, हर्षित राणा, नितीश कुमार रेड्डी और वाशिंगटन सुंदर पर अपडेट दिया है. बता दें कि बीसीसीआई ने इन चारों को स्क्वॉड में शामिल तो किया था लेकिन स्पष्ट किया था कि इन सभी का खेलना फिटनेस रिपोर्ट पर निर्भर करेगा.
हर्षित राणा का फिट होना मुश्किल
बीसीसीआई सूत्र ने हर्षित राणा को लेकर बताया कि वह पूरी तरह फिट नहीं हुए हैं. उनके बयान का मतलब है कि हर्षित इस सीरीज से बाहर हो गए हैं. उन्होंने कहा, &quot;वह अभी तक अपनी हैमस्ट्रिंग की चोट से पूरी तरह ठीक नहीं हुए हैं. उन्हें और समय चाहिए होगा.&quot; बता दें कि टी20 वर्ल्ड कप से पहले चोटिल हुए हर्षित ने इंग्लैंड दौरे पर वापसी की थी, लेकिन फिर चोटिल हो गए थे.
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वाशिंगटन सुंदर को अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए फिट माना गया है. जसप्रीत बुमराह और नितीश कुमार रेड्डी को लेकर भी बीसीसीआई सूत्र ने अपडेट दिया. बुमराह घुटने और रेड्डी क्वाड्रिसेप्स की चोट से जूझ रहे हैं.
बुमराह और रेड्डी को लेकर क्या आया अपडेट
सूत्र ने आगे कहा, &quot;जसप्रीत बुमराह और नितीश कुमार रेड्डी दोनों ही अपनी वापसी की राह पर हैं.&quot; बुमराह की बात करें तो वह जुलाई में इंग्लैंड के वनडे दौरे के बाद से बाएं घुटने की चोट के कारण खेल से बाहर हैं.
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        <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 02:30:07 +0530</pubDate>
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        <title>&amp;apos;मुझे पहले ही पता था&amp;apos;, 133 पर ऑल आउट होने के बाद पाकिस्तान टीम पर भड़के वसीम अकरम</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/मुझे-पहले-ही-पता-था-133-पर-ऑल-आउट-होने-के-बाद-पाकिस्तान-टीम-पर-भड़के-वसीम-अकरम</link>
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        <description><![CDATA[ पाकिस्तान क्रिकेट की मौजूदा हालत को लेकर दिग्गज वसीम अकरम ने जो कहा है, वह टीम के लिए परेशानी बढ़ाने वाला है. पूर्व कप्तान ने इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज शुरू होने से पहले ही 3-0 की हार की आशंका जताई थी. अकरम का कहना है कि पाकिस्तान की परेशानी सिर्फ मैदान पर खराब प्रदर्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी जड़ें पूरे क्रिकेट सिस्टम में काफी अंदर तक फैली हुई हैं. उन्होंने साफ कहा कि इन समस्याओं को वह भी अकेले ठीक नहीं कर सकते.
अकरम ने कहा कि उन्हें सीरीज शुरू होने से पहले ही पता था कि पाकिस्तान इंग्लैंड के खिलाफ 3-0 से हार जाएगा. उन्होंने टीम की बल्लेबाजी और गेंदबाजी में मौजूद बड़ी कमियों को इसकी वजह बताया. उनके मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय लेवल पर पाकिस्तान की कमजोरियां लगातार सामने आ रही हैं.
समस्या काफी ज्यादा गहरी है
वसीम अकरम ने बताया कि उनसे अक्सर पूछा जाता है कि क्या वो पाकिस्तान क्रिकेट की मदद के लिए कुछ कर सकते हैं. इस पर उन्होंने कहा कि समस्या काफी गहरी है. उनके मुताबिक, पाकिस्तान के मौजूदा टॉप खिलाड़ियों के नीचे ऐसा मजबूत सिस्टम नहीं है, जो लगातार अच्छे खिलाड़ियों को तैयार कर सके.
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पूर्व तेज गेंदबाज ने पाकिस्तान के फर्स्ट क्लास घरेलू क्रिकेट सिस्टम की भी आलोचना की. उन्होंने कहा कि इसमें स्थिरता और खिलाड़ियों को समय देने की कमी रही है. पिछले कुछ सालों में लगातार बदलावों के वजह घरेलू लेवल पर अच्छे खिलाड़ियों को तैयार करने में परेशानी हुई है.
तीनों विभागों पर अकरम ने साधा निशाना
अकरम ने पाकिस्तान की बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों पर नाराजगी जताई. उन्होंने कहा, हमारी बल्लेबाजी संघर्ष कर रही है, हमारी गेंदबाजी औसत से नीचे है और हमारी फील्डिंग उससे भी खराब है. टीम के प्रदर्शन में तालमेल की साफ कमी है.
अकरम ने क्रिकेट बोर्ड के फैसलों में लगातार बदलाव को भी मौजूदा हालात की एक बड़ी वजह बताया. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान क्रिकेट की परेशानियों के लिए किसी एक व्यक्ति या ग्रुप को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता. उनके मुताबिक, समस्या खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ से आगे पूरे क्रिकेट सिस्टम में फैली हुई है.
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        <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 02:30:06 +0530</pubDate>
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        <title>एशियन गेम्स के लिए भारतीय स्क्वॉड में बदलाव, स्टार खिलाड़ी बाहर</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/एशियन-गेम्स-के-लिए-भारतीय-स्क्वॉड-में-बदलाव-स्टार-खिलाड़ी-बाहर</link>
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        <description><![CDATA[ जेमिमा रॉड्रिग्स चोट के कारण एशियन गेम्स के स्क्वॉड से बाहर हो गई हैं. वह द हंड्रेड लीग में सदर्न ब्रेव के लिए खेलीं थी, जिसके बाद से वह क्रिकेट से दूर हैं. उन्हें चोट के कारण एशिया कप के स्क्वॉड से भी बाहर होना पड़ा था, जिस टूर्नामेंट में गुरुवार को भारत का सेमीफाइनल मैच बांग्लादेश के साथ है.
एशियन गेम्स में भारतीय महिला क्रिकेट टीम का पहला मैच 18 सितंबर को जापान के साथ है. ये क्वार्टर-फाइनल है, जिसे जीतकर भारतीय टीम सेमीफाइनल में पहुंचेगी. जापान के खिलाफ होने वाले इस मैच में भारत फेवरेट है. जेमिमा रॉड्रिग्स की जगह ऐसी खिलाड़ी को शामिल किया गया है, जिन्होंने अभी 3 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं.
प्रतिका रावल एशियन गेम्स स्क्वॉड में शामिल
एशियन गेम्स से बाहर हुई जेमिमा रॉड्रिग्स की जगह प्रतिका रावल को शामिल किया गया है, जिन्होंने एशिया कप के जारी संस्करण में टी20 इंटरनेशनल डेब्यू किया. हालांकि प्रतिका अभी तक कुछ खास नहीं कर पाई हैं. थाईलैंड के खिलाफ 22 रन बनाने वाली प्रतिका ने हांगकांग के खिलाफ 10 रन बनाए थे, पाकिस्तान के खिलाफ तो वह 4 रन बनाकर आउट हो गई थी.
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प्रतिका रावल एशिया कप में नंबर-3 पर खेल रही हैं. ये काफी महत्वपूर्ण पोजीशन है, जिसमें उन्हें अभी खुद को साबित करना बाकी है. गुरुवार को भारतीय महिला टीम सेमीफाइनल में बांग्लादेश से भिड़ेगी, जिसमें उनसे एक बड़ी पारी की उम्मीद होगी.
महिला एशियन गेम्स की शुरुआत क्वार्टर-फाइनल से होगी. पहले क्वार्टर-फाइनल में पाकिस्तान और थाईलैंड, दूसरे में बांग्लादेश और चीन, तीसरे में मलेशिया और श्रीलंका और चौथे में भारत और जापान आमने-सामने होगी.&amp;nbsp;
महिला एशियन गेम्स के लिए भारतीय स्क्वॉड
हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उपकप्तान), ऋचा घोष (विकेटकीपर), कमलिनी (विकेटकीपर), शेफाली वर्मा, दीप्ति शर्मा, प्रतिका रावल, भारती फुलमाली, श्री चरणी, रेणुका ठाकुर, क्रांति गौड़, अरुंधति रेड्डी, श्रेयंका पाटिल*, राधा यादव, नंदनी शर्मा.
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        <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 02:30:04 +0530</pubDate>
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        <title>SBI में 207 पदों पर भर्ती, शानदार सैलरी के साथ नौकरी का मौका</title>
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        <description><![CDATA[ स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने स्पेशलिस्ट केडर ऑफिसर के अलग-अलग पदों पर भर्ती निकाली है. यह भर्ती कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर की जाएगी. भर्ती नोटिफिकेशन के अनुसार कुल 207 पदों को भर जाना है. इच्छुक और योग्य उम्मीदवार एसबीआई के ऑफिशियल वेबसाइट के जरिए आवेदन कर सकते हैं. आवेदन करने की अंतिम तारीख 25 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है.&amp;nbsp;
कौन-कौन से पदों पर होगी भर्ती?&amp;nbsp;
एसबीआई स्पेशलिस्ट ऑफिसर रिक्रूटमेंट 2026 के तहत अलग-अलग स्पेशलिस्ट के पदों पर उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा. जोनल हेड रिटेल के लिए एमबीए में कम से कम 60 फीसदी अंकों के साथ सीएफपी, सीएफए वी-ए जैसी संबंधित योग्यता और 15 साल का एक्सपीरियंस मांगा गया है. इस पद के लिए उम्र सीमा 35 से 50 वर्ष है. रीजनल हेड के लिए बैंकिंग, फाइनेंस या मार्केटिंग में 60 फीसदी अंकों के साथ एमबीए और संबंधित सर्टिफिकेट के अलावा 12 साल का एक्सपीरियंस जरूरी है. इस पद के लिए भी आयु सीमा 35 से 50 वर्ष रखी गई है. वहीं रिलेशनशिप मैनेजर टीम- लीड के लिए किसी भी विषय में ग्रेजुएशन और कम से कम 8 साल का एक्सपीरियंस चाहिए. इन्वेस्टमेंट ऑफिसर (एसआई) के लिए संबंधित पद फाइनेंस और दूसरे विषयों में मास्टर्स डिग्री या सीएफए-सीए जैसी योग्यता और 6 साल का एक्सपीरियंस और उम्र सीमा 28 से 42 वर्ष रखी गई है. वहीं इन्वेस्टमेंट ऑफिसर के लिए भी 4 साल का एक्सपीरियंस और 28 से 40 वर्ष तक आयु सीमा होनी चाहिए.&amp;nbsp;
VP और AVP पदों के लिए भी मौका&amp;nbsp;
वाइस प्रेसिडेंट वेल्थ पद के लिए भी किसी मान्यता प्राप्त विषय में बैचलर डिग्री और कम से कम 6 साल का एक्सपीरियंस मांगा गया है. इसकी उम्र सीमा 26 से 42 साल है. असिस्टेंट वॉइस प्रेजिडेंट वेल्थ पद के लिए बैचलर डिग्री और कम से कम 3 साल का एक्सपीरियंस जरूरी है. इस पद के लिए उम्र सीमा 23 से 35 वर्ष है. सामान्य तौर पर भर्ती में पद के हिसाब से उम्मीदवारों के पास 3 से 15 साल का एक्सपीरियंस मांगा गया है. उम्र सीमा भी पद के अनुसार अलग-अलग है. जानकारी के अनुसार न्यूनतम उम्र 23 साल और अधिकतम 50 साल तक हैं.&amp;nbsp;
5 साल के कॉन्ट्रैक्ट पर होगी नियुक्ति&amp;nbsp;
चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति शुरुआती तौर पर 5 साल के कॉन्ट्रैक्ट पर की जाएगी. निर्धारित क्षेत्र के आधार पर बैंक इस समय को आगे तीन-चार साल तक बढ़ा सकता है. उम्मीदवार और बैंक के बीच इंटरव्यू के दौरान वेतन पर चर्चा होगी. अंतिम सीटीसी उम्मीदवार के अनुभव, मौजूद सैलरी और पोस्टिंग की जगह जैसे फैक्टर के आधार पर तय की जाएगी.&amp;nbsp;
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इंटरव्यू से होगा चयन&amp;nbsp;
एसबीआई स्पेशलिस्ट ऑफिसर भर्ती में उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किए जाने के बाद इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा. जरूरत के अनुसार 1 या 2 राउंड के इंटरव्यू हो सकते हैं. यह इंटरव्यू टेलीफोन या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी आयोजित किया जा सकता है. इंटरव्यू 100 अंकों का होगा, इनमें क्वालीफाइंग मार्क्स बैंक की ओर से तय किए जाएंगे. इंटरव्यू के दौरान सीटीसी पर भी चर्चा की जाएगी और क्वालीफाइंग मार्क्स को लेकर बैंक का फैसला अंतिम फैसला होगा.&amp;nbsp;
ऐसे करें SBI स्पेशलिस्ट ऑफिसर के लिए आवेदन&amp;nbsp;
उम्मीदवारों को एसबीआई की भर्ती वेबसाइट sbi.bank.in पर जाकर न्यू रजिस्ट्रेशन करना होगा. इसके बाद नाम और पासवर्ड की मदद से लॉगिन करके आवेदन फॉर्म भरना होगा. फॉर्म में व्यक्तिगत और शैक्षणिक जानकारी दर्ज करने के साथ पासपोर्ट साइज फोटो, सिग्नेचर और जरूरी डॉक्यूमेंट अपलोड करने होंगे. इसके बाद आवेदन फीस जमा करने के बाद फॉर्म को सबमिट करना होगा.
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        <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 00:30:03 +0530</pubDate>
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        <title>YouTube Videos कैसे डाउनलोड करें? जानें कौन&amp;सा तरीका है पूरी तरह Legal</title>
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        <description><![CDATA[ YouTube Videos कैसे डाउनलोड करें? जानें कौन-सा तरीका है पूरी तरह Legal ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 09 Sep 2026 23:30:13 +0530</pubDate>
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        <title>घर के Wi&amp;Fi की स्पीड कितनी होनी चाहिए? ऐसे फटाफट करें टेस्ट</title>
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        <description><![CDATA[ घर के लिए नया इंटरनेट कनेक्शन लेते समय सबसे बड़ा सवाल यही रहता है कि आखिर कितनी Mbps स्पीड काफी होगी. बहुत कम स्पीड वाला प्लान लेने पर डेली के कामों में परेशानी हो सकती है, वहीं जरूरत से ज्यादा स्पीड के लिए पैसे खर्च करने का भी कोई खास फायदा नहीं होता है. इसलिए प्लान चुनने से पहले ये समझना जरूरी है कि आपकी जरूरत के हिसाब से कितनी इंटरनेट स्पीड सही रहेगी.
इंटरनेट स्पीड में Download और Upload क्या है?
आपको बता दें कि इंटरनेट की स्पीड नॉर्मली दो चीजों से तय होती है एक Download Speed और दूसरी Upload Speed. Download का मतलब इंटरनेट से आपके फोन, लैपटॉप या दूसरे डिवाइस तक डेटा आने की रफ्तार है. वहीं Upload Speed बताती है कि आपके डिवाइस से इंटरनेट पर डेटा कितनी तेजी से भेजा जा सकता है.
इसे Mbps या Gbps में मापा जाता है. यहां ध्यान रखें कि Mbps में छोटा b का मतलब bits होता है जबकि फाइल का साइज MB यानी Megabytes में बताया जाता है.
Ping या Latency भी है बेहद जरूरी
बताते चलें कि सिर्फ Download और Upload Speed देखकर इंटरनेट कनेक्शन को अच्छा नहीं कहा जा सकता है. Ping या Latency भी जरूरी होते हैं. ये बताता है कि आपके डिवाइस से सर्वर तक डेटा पहुंचने और वापस आने में कितना समय लग रहा है.
इसे मिलीसेकंड यानी ms में मापा जाता है और नॉर्मली कम Ping बेहतर माना जाता है. खासकर ऑनलाइन गेमिंग, वीडियो कॉल और दूसरी रियल-टाइम एक्टिविटी में कम Latency का काफी अहम रोल होता है.
कितनी इंटरनेट स्पीड आपके लिए काफी है?
आपकी जरूरत इस बात पर निर्भर करती है कि घर में कितने लोग इंटरनेट इस्तेमाल करते हैं और उनका इस्तेमाल किस तरह का है. जैसे Netflix जैसी स्ट्रीमिंग सर्विसेज पर Full HD वीडियो के लिए करीब 5 Mbps और 4K वीडियो के लिए लगभग 15 Mbps की स्पीड काफी होती है. वीडियो कॉल के लिए भी बहुत ज्यादा स्पीड की जरूरत नहीं होती है.
लेकिन घर में एक साथ कई डिवाइस इंटरनेट इस्तेमाल कर रहे हों तो जरूरत तेजी से बढ़ जाती है. मसलन, एक व्यक्ति 4K वीडियो देख रहा है, दूसरा वीडियो कॉल पर है और तीसरा गेम डाउनलोड कर रहा है तो 50 Mbps कनेक्शन पर नेटवर्क स्लो महसूस होता है.
Fiber और Cable में क्या अंतर है?
जानकारी के लिए बता दें कि इंटरनेट की टेक्नोलॉजी भी स्पीड पर असर डालती है. Cable इंटरनेट में अक्सर Download Speed, Upload Speed से काफी ज्यादा होती है. वहीं Fiber इंटरनेट में दोनों डॉयरेक्शन में लगभग एक जैसी स्पीड मिलना आम बात है.
ग्रामीण या दूरदराज के क्षेत्रों में Fiber या Cable उपलब्ध नहीं होने पर 5G Home Internet या Satellite Internet ऑप्शन बेहतर साबित हो सकते हैं. इनकी स्पीड और Latency जगह और नेटवर्क की कंडिशन के अनुसार बदल सकती है. नया प्लान लेते समय ISP की स्पीड, Upload पावर और दूसरे डिटेल्स को ध्यान से देखना जरूरी है.
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इंटरनेट स्पीड कैसे टेस्ट करें?
अगर आपको अपनी मौजूदा इंटरनेट स्पीड का पता नहीं है तो सबसे पहले अपने Internet Service Provider के अकाउंट या प्लान की जानकारी देखें. इसके बाद ऑनलाइन Speed Test की मदद से असली स्पीड को चेक किया जा सकता है.
Speedtest.net जैसी सर्विसेज Download, Upload और Ping की जानकारी देती हैं. वहीं, Cloudflare का Speed Test कनेक्शन की स्थिरता, Jitter और Packet Loss जैसी एक्सट्रा जानकारी भी दिखा सकता है.
अगर आपका फोकस Gaming या दूसरे रियल-टाइम कामों पर है तो अलग-अलग सर्वर पर Ping चेक करना भी फायदेमंद रहेगा.
एक बार नहीं, कई बार करें स्पीड टेस्ट
इंटरनेट स्पीड हर समय एक जैसी नहीं रहती. दिन के व्यस्त समय में आपके इलाके में ज्यादा लोग इंटरनेट इस्तेमाल कर रहे हों तो स्पीड कम हो सकती है. इसलिए बेहतर रिजल्ट्स के लिए सुबह, दोपहर और शाम जैसे अलग-अलग समय पर कई बार टेस्ट करें और उनका औसत देखें. साथ ही टेस्ट के दौरान घर में कोई बड़ी फाइल डाउनलोड या अपलोड न कर रहा हो, इसका भी ध्यान रखें.
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        <pubDate>Wed, 09 Sep 2026 23:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>घर, के, Wi-Fi, की, स्पीड, कितनी, होनी, चाहिए, ऐसे, फटाफट, करें, टेस्ट</media:keywords>
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        <title>महंगा Mic खरीदने से पहले जानें, iPhone का ये Audio Feature</title>
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        <description><![CDATA[ वीडियो बनाते समय अक्सर लोग कैमरा क्वालिटी, लाइटिंग और फ्रेमिंग पर तो पूरा ध्यान देते हैं, लेकिन अच्छी वीडियो को बेहतर बनाने में ऑडियो का भी बड़ा रोल होता है. रील्स, व्लॉग, इंटरव्यू या किसी इवेंट की रिकॉर्डिंग के दौरान अगर आसपास ट्रैफिक, हवा या लोगों की बातचीत का शोर ज्यादा हो, तो आपकी आवाज साफ सुनाई नहीं देती है.
ऐसे में कई लोगों को लगता है कि बेहतर साउंड के लिए अलग से महंगा माइक्रोफोन खरीदना जरूरी है, हालांकि अगर आप iPhone से वीडियो रिकॉर्ड करते हैं, तो फोन में मौजूद कुछ ऑडियो फीचर्स आपकी आवाज को ज्यादा साफ रिकॉर्ड करने में मदद कर सकते हैं. तो आइए जानते हैं कौन-सी सेटिंग आपके काम आ सकती है.&amp;nbsp;
iPhone का ये Audio Feature सुधारेगा आवाज&amp;nbsp;
अगर आपका iPhone iOS 26 या उसके बाद के वर्जन पर चल रहा है, तो वीडियो रिकॉर्डिंग के दौरान Voice Isolation का इस्तेमाल किया जा सकता है. यह फीचर आपकी आवाज पर ज्यादा फोकस करता है और आसपास के शोर को कम करने की कोशिश करता है. इसे इस्तेमाल करने के लिए Camera ऐप खोलकर Video मोड चुनें और रिकॉर्डिंग शुरू करें. इसके बाद स्क्रीन के ऊपर से Control Center खोलें. यहां Audio Controls या Mic Mode पर टैप करें और Voice Isolation चुन लें. इसके बाद रिकॉर्डिंग के दौरान iPhone आपकी आवाज को प्रेफरेंस देगा.&amp;nbsp;
कौन-सा Mic Mode चुनें?
iPhone में रिकॉर्डिंग के लिए अलग-अलग माइक्रोफोन मोड मिलते हैं. Automatic मोड में iPhone खुद तय करता है कि कौन-सा मोड बेहतर रहेगा. Standard सामान्य ऑडियो रिकॉर्डिंग के लिए है, जबकि Voice Isolation बोलने वाली वीडियो में आवाज को साफ रखने और बैकग्राउंड नॉइस कम करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है. वहीं, Wide Spectrum आसपास की आवाजों को भी रिकॉर्ड करने के लिए यूजफुल है. इसका इस्तेमाल कॉन्सर्ट, लाइव इवेंट या नेचर साउंड रिकॉर्ड करते समय किया जा सकता है.&amp;nbsp;
रिकॉर्डिंग के बाद भी कैसे Audio सुधार सकते हैं?
अगर वीडियो पहले ही रिकॉर्ड हो चुकी है, तो Photos ऐप के ऑडिया मिक्स फीचर से ऑडियो को बेहतर करने की कोशिश की जा सकती है. इसके लिए Photos ऐप में वीडियो खोलें, एडिट पर जाएं और ऑडियो मिक्स में इन-फ्रेम, स्टूडियो या उपलब्ध दूसरे प्रोफाइल्स को आजमाएं.
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External Mic है तो ये सैटिंग्स देखें
अगर आप USB-C या किसी दूसरे External Mic का इस्तेमाल करते हैं, तो नए iOS वर्जन में इनपुट गेन को भी एडजस्ट किया जा सकता है. इससे माइक्रोफोन की सेंसिटिविटी बढ़ाई या घटाई जा सकती है. अगर एक से ज्यादा ऑडियो डिवाइस जुड़े हैं, तो कंट्रोल सेंटर से ऑडियो इनपुट बदलकर रिकॉर्डिंग के लिए माइक्रोफोन चुना जा सकता है.&amp;nbsp;
Stereo Audio को लेकर क्या करें?
Mono Audio को बैकग्राउंड नॉइस कम करने वाली सेटिंग नहीं समझना चाहिए. यह Accessibility फीचर है, जो लेफ्ट और राइट ऑडियो चैनल को एक साथ मिला देता है. वीडियो रिकॉर्डिंग के लिए Stereo Sound ऑन रखना बेहतर होता है, क्योंकि इससे ऑडियो ज्यादा नेचुरल रिकॉर्ड होती है. रिकॉर्डिंग के दौरान Mic को हाथ से न ढकें, तेज हवा में रिकॉर्डिंग से बचें या Wind Muff इस्तेमाल करें और कैमरे को अपनी आवाज के करीब रखें. प्रोफेशनल रिकॉर्डिंग के लिए External Mic का इस्तेमाल किया जा सकता है. रिकॉर्डिंग शुरू करने से पहले Mic Mode चेक करना भी न भूलें.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Wed, 09 Sep 2026 23:30:11 +0530</pubDate>
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        <title>AI से इंसानों के अस्तित्व पर खतरा? Anthropic रिसर्चर ने जताई बड़ी चिंता</title>
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        <description><![CDATA[ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI पूरी दुनिया में काफी तेजी से अपने पैर पसार रहा है. टेक कंपनियों से लेकर आम यूजर्स तक एआई का इस्तेमाल काफी तेजी से बढ़ा है. लेकिन अब एआई की सुरक्षा को लेकर भी कई सारे सवाल उठ रहे हैं. Anthropic के एक प्रमुख AI सेफ्टी रिसर्चर ने ऐसा दावा किया है जिसने टेक्नोलॉजी की दुनिया में नई बहस छेड़ दी है. उनका मानना है कि आने वाले दशक में AI के इतना शक्तिशाली हो जाने का खतरा है कि ये पूरी ह्यूमन प्रजाति के लिए गंभीर खतरा बन सकता है.
इंसानों को खत्म कर देगा AI?
दरअसल, Anthropic के AI Alignment रिसर्चर Evan Hubinger ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी चिंता जाहिर की है. उनके मुताबिक, फिलहाल जो मौजूदा AI मॉडल्स हैं उनसे इंसानों को ज्यादा खतरा नहीं है लेकिन आने वाले समय में अगर एआई अपने आप को बेहतर बना लेता है तो ये इंसानों के लिए खतरा साबित हो सकता है. Hubinger का अंदाजा है कि अगले 10 सालों में एआई के इंसानी सभ्यता को खत्म करने का प्रतिशत 10 फीसदी से भी ज्यादा हो सकता है. उनका मानना है कि अगर एआई अपनी ताकत को बढ़ा लेता है और अपने आप में सुधार लाता है तो ये इंसानों के लिए बहुत बड़ा खतरा बन सकता है.
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AI एजेंट्स के साइबर अटैक ने बढ़ाई चिंता
जानकारी के अनुसार, AI सेफ्टी को लेकर चिंता ऐसे समय बढ़ी है जब कई कंपनियों के AI सिस्टम से जुड़े साइबर सुरक्षा मामले सामने आए हैं. AI एजेंट्स ऐसे सिस्टम हैं जो इंसान के कमांड्स के बिना कई काम खुद करने में सक्षम होते हैं.
हाल के महीनों में OpenAI, Anthropic और Meta ने अपने AI टूल्स से जुड़े हैकिंग या साइबर एक्टिविटी के मामलों का खुलासा किया है.
क्या Superintelligence के लिए तैयार है हम?
आपको बता दें कि Hubinger ने ये भी कहा कि AI को इंसानों के इच्छाओं के अनुरूप बनाए रखने के लिए अभी जितने समाधान की जरूरत है उतने मौजूद नहीं हैं. इसे AI Alignment कहा जाता है जिसका मकसद ये सुनिश्चित करना है कि ज्यादा पावरफुल AI सिस्टम इंसानों के हितों के लिए काम करे न की उनके खिलाफ.
उनके अनुसार, AI कंपनियां सुरक्षा पर काम कर रही हैं लेकिन सुपरइंटेलिजेंस के सामने आने वाले खतरों को पूरी तरह कंट्रोल करने की क्लियर प्लानिंग फिलहाल तैयार नहीं है. इसीलिए हम अभी सुपरइंटेलिजेंस के लिए अच्छी तरह से तैयार नहीं हैं.
Anthropic की रिपोर्ट में भी चेतावनी
दरअसल, Anthropic ने अगस्त में जारी अपनी एक सेफ्टी रिपोर्ट जारी की थी जिसमें एआई को लेकर आगे आने वाले समय में खतरों के बारे में बताया गया था. इस रिपोर्ट में साफ बताया गया था कि अगर एआई अपने आप को ज्यादा पावरफुल बना लेता है तो ये इंसानों के लिए भविष्य में खतरा बन सकता है.
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        <pubDate>Wed, 09 Sep 2026 23:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Shopping के बाद Tracking आसान, Google Wallet दिखाएगा पूरा ऑर्डर स्टेटस</title>
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        <description><![CDATA[ ऑनलाइन Shopping करने के बाद सबसे ज्यादा झंझट ऑर्डर को Track करने में होती है. कभी Retailer की Website खोलनी पड़ती है, तो कभी कोरियर की App या फिर Gmail में आए Confirmation Email को ढूंढना पड़ता है. अलग-अलग जगहों पर ऑर्डर की जानकारी चेक करने की यह प्रक्रिया अब थोड़ी आसान हो सकती है.
Google Wallet में एक ऐसा फीचर आया है, जो Eligible Online ऑर्डर की रिसिप्ट , ट्रैकिंग नंबर और शिपिंग अपडेट्स को एक ही जगह दिखा सकता है. Google Wallet यह जानकारी Gmail से लेता है और App की होम स्क्रीन पर आने वाली Deliveries को दिखाता है. हालांकि फिलहाल यह सुविधा सिर्फ अमेरिका में उपलब्ध है और इसका इस्तेमाल करने के लिए Gmail की कुछ सेटिंग को On रखना जरूरी है.
Google Wallet में ऑर्डर Tracking कैसे शुरू करें?
1. इस फिचर को इस्तेमाल करने से पहले Gmail में कुछ जरूरी सैटिंग्स Enable करनी होंगी. इसके लिए Gmail App खोलें और सैटिंग्स में जाकर अपना Google Account Select करें.
2. यहां Package Tracking को On करें. इसके बाद स्मार्ट फीचर्स और पर्सनलाइजेशन को भी Enable करना होगा.
3. कुछ Google Products में इसे सिर्फ स्मार्ट फीचर्स के नाम से भी दिखाया जा सकता है.
4. इन सैटिंग्स को On करने के बाद Google Wallet में अलग से कोई सेटअप करने की जरूरत नहीं है. Wallet Gmail से Eligible ऑर्डर की जानकारी लेकर उसे अपने आप दिखा सकता है.
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Google Wallet में Online ऑर्डर कैसे देखें?
जब कोई Eligible Online Purchase किया जाता है और उसका Confirmation Email Gmail पर आता है, तो Google Wallet Delivery की जानकारी अपने आप Add कर सकता है. इसके लिए Wallet App खोलें. होम स्क्रीन पर अपकमिंग डिलीवरी दिखाई दे सकती हैं.
किसी ऑर्डर पर Tap करने के बाद उसकी रिसिप्ट , शिपिंग डिटेल्स और मौजूदा डिलीवरी स्टेटस देखा जा सकता है. अगर पुराने ऑर्डर देखने हैं, तो View More पर जाकर Eligible Online Purchases की लंबी हिस्ट्री देख सकते हैं. वहीं Track Package पर Tap करने से कोरियर की ऑफिशियल ट्रैकिंग पैज खुल जाएगी, जहां शिपमेंट से जुड़े ज्यादा डिटेल्स मिल सकते हैं.
किन बातों का रखना होगा ध्यान?
यह फीचर Gmail में आने वाले Eligible ऑर्डर Confirmation Emails को स्कैन करके उनमें मौजूद ट्रैकिंग की जानकारी निकालता है. अगर स्मार्ट फीचर्स और पर्सनलाइजेशन या पैकेज ट्रैकिंग इनेबल नहीं है, तो Google Wallet में डिलीवरी की जानकारी दिखाई नहीं देगी.
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        <pubDate>Wed, 09 Sep 2026 23:30:06 +0530</pubDate>
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        <title>क्या होती है पैसिव स्मोकिंग? सिगरेट न पीने वालों को भी जान का खतरा</title>
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        <description><![CDATA[ The Lancet के हालिया पब्लिश हुए एक अध्ययन में पता चला है कि सेंकडहैंड स्मोकिंग की वजह से हर साल लाखों लोगों की मौत होती है. यह बच्चों, महिलाओं और दिल के मरिजों के लिए सबसे बड़ा खतरा है. रिपोर्ट के मुताबिक भारत में पैसिव स्मोकिंग एक गंभीर समस्या बनकर उभर रहा है. वहीं भारत में साल 2023 में 3 लाख से अधिक लोगों की मौत की वजह सेंकडहैंड स्मोकिंग थी. यदि साल 1990 की तुलना में देखा जाए, तो इस आकड़े में 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. चीन के बाद भारत इस समस्या में दूसरे नंबर पर आता है. ऐसे में पैसिव स्मोकिंग के बढ़ते खतरे के बीच आइए जानते है कि यह क्या होती है और कैसे यह लोगों के स्वास्थ पर असर डालता है.
क्या होती है पैसिव स्मोकिंग?
धूम्रपान सेहत के लिए हानिकारक होता है, लेकिन धूम्रपान न करने वालों की सेहत पर भी इसका असर पड़ता है. धूम्रपान करने वाले खुद की जान को तो खतरे में डालते ही हैं साथ ही आस-पास वालों को इसके धुएं से प्रभावित करते हैं. पैसिव स्मोकिंग का मतलब होता है कि कोई व्यक्ति खुद धूम्रपान नहीं करता लेकिन आस-पास धूम्रपान करने वाले के छोड़े हुए धुंए को सांस के साथ अंदर लेता है, इसे सेंकडहैंड स्मोकिंग भी कहा जात है. जब कोई व्यक्ति स्मोकिंग करता है, तो वह हवा में दो प्रकार के धुएं को छोड़ता है. पहला सिगरेट से निकलने वाला धुआं और दूसरा स्मोकिंग के वक्त मुंह से छोड़ा जाने वाला धुआं.
किसे है खतरा?
रिपोर्ट बताती है कि साल 2023 में दुनियाभर में 80 लाख से ज्यादा लोगों की मौत केवल धूम्रपान और तंबाकू से जुड़ी समस्याओं की वजह से हुई. इनमें कई लोग तो ऐसे थे जिन्होनें कभी सिगरेट को हाथ भी नहीं लगाया. यानि कि लाखों मासूम लोग केवल पैसिव स्मोकिंग के शिकार हो जाने की वजह से अपनी जान खो बैठें. अध्ययन के मुताबिक इसका सबसे बड़ा खतरा बच्चों, महिलाओं और दिल के मरिजों को हैं. यह जहरीला धुआं सांस के साथ आपके शरीर में पहुंचता है और आपके शरीर को नुकसान पहुंचाता है.
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पैसिव स्मोकिंग से होने वाली बीमारियां
अगर आपके आस-पास कोई स्मोकिंग कर रहा है, तो कुछ समय के लिए आपको सांस लेने में परेशानी हो सकती है. वहीं कुछ लोगों को आंखों में जलन होने जैसी समस्या भी होती है. अगर प किसी स्मोकिंग करने वाले व्यक्ति के संपर्क में लगातार रहते हैं, तो इससे आपको सांस की गंभीर बीमारियां और संक्रमण होने का खतरा रहता है. पैसिव स्मोकिंग से होने वाली मौतों में सबसे ज्यादा हार्ट स्ट्रोक और फेफड़े के कैंसर वाले मामले सामने आए हैं.
घर को बनाएं स्मोक-फ्री जोन
पैसिव स्मोकिंग से बचने के लिए आप अपने घर को स्मोक-फ्री जोन बनाएं. वहीं पब्लिक प्लेसेस जैसे मॉल, ऑफिस और अन्य स्थान पर स्मोक करने वाले व्यक्ति से दूर रहें. अपने करीबियों को स्मोकिंग से जुड़ी स्वास्थ समस्याओं के प्रति जागरूक करें. अपने बच्चों का विशेष कर ध्यान रखें. एक्टिव लाइफस्टाइल अपनाएं और संतूलित भोजन के साथ शारीरिक गतिविधियों पर ध्यान दें.
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        <pubDate>Wed, 09 Sep 2026 23:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>रात को बीच में अचानक खुल रही नींद? इस बीमारी का है संकेत</title>
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        <description><![CDATA[ रात में नींद खुलना एक सामान्य समस्या है. रात में अक्सर कई लोगों की नींद खुलती है. हालांकि रात में बार-बार नींद खुलना, उठने के बाद नींद न आना और चिड़चिड़ापन होना किसी गंभीर बीमारी के लक्षण हो सकते हैं. ऐसे में इन्हें नजरअंदाज करने से अनिद्रा और स्लीप एपनिया जैसी बीमारी हो सकती है. सही समय पर पहचान करने से आप घर पर ही अपनी दैनिक जीवन की आदतों में बदलाव कर के इसका उपचार कर सकते हैं. ऐसे में आइए जानते हैं रात में नींद खुलने की वजह और समाधान.
रात में नींद खुलने की वजह
रात में अक्सर नींद खुलने की सबसे प्रमुख वजह तनाव और चिंता होती है. व्यक्ति तनाव की वजह से रात में सो नहीं पाता और नींद आने पर बार-बार टेंशन की वजह से उठ जाता है. वहीं कभी-कभी व्यक्ति गलत तकिया व जगह की वजह से भी सोने में असहज महसूस करता है. वहीं कुछ परिस्थितियों में रात में नींद अनिद्रा और स्लीप एपनिया की वजह से भी खुलती है.
क्या है अनिद्रा?
रात में बार-बार नींद खुलना, नींद खुलने के बाद नींद न आना, सुबह होने से पहले ही नींद खुल जाना या रात भर नींद ही न आना अनिद्रा की वजह से होता है. जिसकी वजह से व्यक्ति दिनभर थकान और चिड़चिड़ापन महसूस करता है.
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स्लीप एपनिया क्या है?
स्लीप एपनिया में व्यक्ति की सोते हुए सांस रूक जाना, खर्राटें लेना और घुटन होने जैसी समस्याएं होती है. कभी-कभी तो व्यक्ति को इस बारे में पता नहीं चलता. परिवार के लोग इस समस्या को पहचानते है. स्लीप एपनिया की वजह से व्यक्ति रात में अचानक उठ जाता है, या सांस रूकने की वजह से घबराहट के कारण नींद में परेशान होता है.
कैसे पाएं अच्छी नींद?
रात में अच्छी नींद लेने के लिए सबसे जरूरी है एक्टिव लाइफस्टाइल. दिनभर की दिनचर्या सही होने से व्यक्ति को रात में आसानी से नींद आ जाती है. सोने से पहले किसी भी गैजेट जैसे मोबाइल या लेपटॉप का उपयोग न करें, यह आपकी नींद को प्रभावित कर देता है. आप सोने से पहले किताब पढ़ सकते हैं, स्लो गाने सुन सकते हैं और अपने पसंद का कोई भी काम कर सकते हैं. वहीं सोने के लिए आपकी जगह भी सही होना जरूरी है. गलत तकिये व गद्दे की वजह से आपके शरीर को सोने में परेशानी हो सकती है. ऐसे में आरामदायक गद्दा और तकिये का चुनाव करना नींद के लिए बेहतर होता है.
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        <pubDate>Wed, 09 Sep 2026 23:30:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>अब सस्ती होगी चीनी, घरेलू बाजार में 2.5 लाख टन स्टॉक बेचेंगी रिफाइनरियां</title>
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        <description><![CDATA[ त्यौहारों के सीजन में जहां चीनी का सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है, उसी मौसम में चीनी की कीमतों ने होश उड़ा दिए हैं. चीनी की कीमतों में इजाफा होते देख कई लोगों को लग रहा था कि अब त्यौहारों की मिठास कम पड़ जाएगी. लेकिन सरकार और शुगर रिफाइनरीज मिलकर लोगों को थोड़ी राहत देने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं. इसी कड़ी में अब शुगर रिफाइनरीज घरेलू बाजार में कई लाख टन चीनी बेचने वाली है.
दरअसल हाल ही में श्री रेणुका शुगर्स के एमडी और सीईओ सुशील कुमार ने बताया है कि भारतीय रिफाइनरियां घरेलू बाजार में करीब ढाई लाख टन चीनी बेचने की प्लानिंग कर रही हैं. जिससे कि बाजार में चीनी के दामों पर लगाम लगाई जा सके.

News Alert ! Indian sugar refineries plan to sell around 2.5 lakh tonnes of refined sugar in domestic market: Shree Renuka Sugars MD &amp;amp; CEO Susheel Kumar.
&amp;mdash; Press Trust of India (@PTI_News) September 9, 2026



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क्यों की जा रही ये कवायद?सरकार और शुगर रिफाइनरीज चाहती हैं कि इस त्यौहरी सीजन में किसी के भी त्यौहार की मिाठास कम ना हो, ऐसे में उनसे जितना हो पा रहा है उस हिसाब से चीनी के दामों को कम करने की कोशिश की जा रही है. चीनी का ये ढाई लाख टन स्टॉक बेचने का फैसला भी इसी के चलते लिया गया है. हालांकि कुछ दिन पहले ही चीनी के दामों में गिरावट भी देखने को मिली थी. उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने ताजा आंकड़े पेश कर कुछ दिन पहले ही बताया था कि देश में चीनी का औसत खुदरा भाव पिछले हफ्ते के 65.08 रुपये से घटकर 62.57 प्रति किलो पर आया है.
जनता को नहीं मिली राहतहैरान करने वाली बात ये है कि चीनी के थोक रेट 17 रुपये प्रति किलो तक गिर गए हैं. लकिन फिर भी जनता को कोई राहत अब तक नहीं मिली है. मिल स्तर (Ex-mill) पर चीनी के दामों में 17 से 20 रुपये प्रति किलो तक की भारी गिरावट आई. बावजूद इसके गली-मोहल्ले में परचून की दुकानों पर आम आदमी को सिर्फ 2 से 3 रुपये कम रेट पर चीनी मिल रही है.
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हालांकि अब उम्मीद है कि आने वाले समय में जब शगर रिफाइनरीज घरेलू बाजार में इस स्टॉक को उतारेंगी, तब जाकर कुछ हद तक लोगों को चीनी के दामों में थोड़ी राहत मिल सके.
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        <pubDate>Wed, 09 Sep 2026 22:30:07 +0530</pubDate>
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        <title>8th Pay Commission: पेंशनर्स संगठन REWA की बड़ी मांग, ToR में करें बदलाव</title>
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        <description><![CDATA[ 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों का इंतजार कर्मचारियों और पेंशनर्स को बड़ी ही बेसब्री से हो रहा है. इसी बीच आयोग की बैठकों का दौर भी लगातार चल ही रहा है. हाल ही में चेन्नई में 7 और 8 सितंबर को 8वें वेतन आयोग की बैठक हुई है. इस बैठक में पेंशन एसोसिएशन ने भी अपनी मांग रखी है, जिसमें &amp;nbsp;ToR में बदलाव की मांग सबसे बड़ी बताई जा रही है.
क्या है पेंशन एसोसिएशन की मांग?दरअसल लाइव मिंट के मुताबिक कई पेंशन संगठनों जैसे रिटायर्ड एम्प्लॉयीज वेलफेयर एसोसिएशन (REWA) ने 8वें वेतन आयोग से मांग की है कि वो प्रमुख पेंशनभोगी संगठन, पेंशनभोगियों और उनके परिवारों की पेंशन और पारिवारिक पेंशन में संशोधन के लिए &#039;टर्म्स ऑफ रिफरेंस&#039; (ToR) में बदलाव करें. जिससे कि आने वाले समय में उन्हें इसके अच्छी तरह से लाभ मिल सके.
इसके लिए संगठन ने 7 सितंबर को देश के प्रधानमंत्री के नाम एक पत्र भी लिखा है. इस पत्र के जरिए उन्होंने ये भी कहा है कि वो इस संशोधन में 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर्ड हुए पेंशनभोगियों को भी शामिल करें.
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पेशनभोगियों की सरकार से प्रमुख मांगेंREWA यानी पेंशन संगठन ने सरकार से मांग की है कि, 8वें वेतन आयोग के ToR में बदलाव कर ये साफ किया जाए कि आयोग 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हुए सभी पेंशनर्स की पेंशन की समीक्षा करेगा. फैमिली पेंशनर्स की पेंशन में भी संशोधन की सिफारिश करेगा. तो वहीं इस मामले में जब तक नियमों में बदलाव नहीं होता, तब तक सरकार प्रेस नोट या आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी करे.
लाखों पेंशनर्स में असमंजसREWA के मुताबिक देश में करीब 69 लाख पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स हैं. इनमें इस बात को लेकर भ्रम है कि 8वां वेतन आयोग उनकी पेंशन और फैमिली पेंशन में संशोधन की सिफारिश करेगा या नहीं. इसका कारण ये है कि 8वें वेतन आयोग के ToR का एक प्रावधान है. इसमें पेंशन, ग्रेच्युटी और अलग-अलग पेंशन योजनाओं की समीक्षा की बात कही गई है, लेकिन 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हुए पेंशनर्स का साफतौर तौर पर जिक्र नहीं है.
REWA ने ये भी कहा कि पहले के वेतन आयोगों के नियमों में पेंशनर्स को लेकर ज्यादा स्पष्टता थी. संगठन के मुताबिक 5वें और 6वें वेतन आयोग के ToR में पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स का जिक्र था. वहीं 7वें वेतन आयोग में भी रिटायरमेंट बेनिफिट्स और पुरानी पेंशन में बदलाव की बात स्पष्ट रूप से कही गई थी.
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        <pubDate>Wed, 09 Sep 2026 22:30:06 +0530</pubDate>
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        <title>NSE IPO पर बड़ा अपडेट, OFS के जरिए 1.05 करोड़ शेयर बेचेगी न्यू इंडिया इंश्योरेंस</title>
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        <description><![CDATA[ न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी ने बुधवार, 9 सितंबर को घोषणा की है कि वो प्रस्तावित NSE IPO के जरिए नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (NSE) के 1.05 करोड़ शेयर बेचेगी. ये प्रस्तावित बिक्री, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया में कंपनी के पास मौजूद कुल शेयरों का 29.83% है.
NSE का ये आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) पर आधारित होगा, जिससे मिलने वाला पैसा कंपनी के बजाय सेलिंग शेयरधारकों के पास जाएगा.&amp;nbsp;
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कंपनी ने दी जानकारीकंपनी ने 9 सितंबर को शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि, वो NSE के 1,05,00,000 शेयर बेचेगी. ये संख्या न्यू इंडिया एश्योरेंस के NSE में मौजूद कुल शेयरों का करीब 29.83% है. कंपनी के मुताबिक यs बिक्री जरूरी नियामकीय मंजूरियां मिलने के बाद NSE के IPO के हिस्से के रूप में की जाएगी.
इस OFS प्रक्रिया के तहत न्यू इंडिया एश्योरेंस ने अपने NSE के शेयरों को 8 सितंबर 2026 को एस्क्रो अकाउंट में ट्रांसफर कर दिया है. इसका मतलब है कि IPO के दौरान इन शेयरों को बेचने की प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है.
खास है NSE का IPONSE का IPO भारतीय शेयर बाजार के सबसे बड़े IPO में से एक हो सकता है. मौजूदा रिपोर्ट्स के मुताबिक IPO का साइज करीब 24,000-30,000 करोड़ रुपये हो सकता है. ये IPO पूरी तरह OFS पर आधारित होगा, यानी NSE खुद नए शेयर जारी नहीं करेगा. मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा बेचेंगे और उससे मिलने वाला पैसा उन्हीं शेयरधारकों को जाएगा.
रिपोर्ट्स की मानें तो NSE IPO के लिए कीमत करीब 1,700-1,785 रुपये प्रति शेयर के दायरे में तय हो सकती है. हालांकि आखिरी प्राइस बैंड की आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है. IPO सितंबर में आने की उम्मीद है.
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और भी शेयर धारक बेच रहे हिस्सेदारीबता दें कि NSE के IPO में न्यू इंडिया एश्योरेंस के अलावा कई अन्य संस्थागत शेयरधारक भी अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं. ऐसे में NSE का IPO बाजार में निवेशकों के लिए इस साल के सबसे बड़े और चर्चित सार्वजनिक निर्गमों में से एक माना जा रहा है.
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        <pubDate>Wed, 09 Sep 2026 22:30:05 +0530</pubDate>
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        <title>अब सीधे ATM से निकलेगा नया डेबिट कार्ड, कैसे काम करेगी नई व्यवस्था?</title>
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        <description><![CDATA[ जब भी कोई व्यक्ति बैंक खाता खुलवाता है, तो उसके 1 हफ्ते बाद घर पर एटीएम कार्ड आ जाता है. हालांकि अब नई सर्विसेज के बाद एक दिन में भी कई मामलों में एटीएम मिल जाया करते हैं. लेकिन अब जल्दी ही सरकार एक नई सुविधा देने जा रही है. जिसके तहत अब डेबिट कार्ड सीधे एटीएम से मिल जाया करेंगे. आइये बताते हैं कि ये व्यवस्था कैसे काम करेगी.
दरअसल हाल ही में मुंबई में 8 से 11 सितंबर के बीच ग्लोबल फिटेक फेस्ट 2026 चलने वाला है. जिसके दूसरे दिन यानी आज 9 सितंबर की शाम को DFS सेक्रेटरी इस नई सुविधा को लॉन्च करने वाले हैं. ये नई सुविधा पुरानी डेबिट कार्ड इश्यूएंस की प्रोसेस को पूरी तरह से बदल देगा.
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इस नई सुविधा का उद्देश्य?इस नई सुविधा का मुख्य उद्देश्य डेबिट कार्ड जारी करने की जो प्रक्रिया अभी है, उसे आसान और तेज बनाना है. फिलहाल आमतौर पर नया डेबिट कार्ड लेने के लिए ग्राहक को बैंक शाखा में आवेदन करना पड़ता है. इसके बाद कार्ड जारी होने और ग्राहक तक पहुंचने में समय लग सकता है. लेकिन एटीएम वाली इस नई सुविधा से ग्राहकों को कार्ड जल्दी मिलने की उम्मीद है.
ब्रांच पर निर्भरता होगी कमइस व्यवस्था के शुरू होने के बाद ग्राहक बैंक की शाखा जाने की जगह एटीएम के जरिए भी डेबिट कार्ड पा सकेंगे. इससे कस्टमर्स के समय की बचत होगी और कार्ड जारी करने की प्रक्रिया भी ज्यादा सुविधाजनक बन सकती है. खासतौर पर उन ग्राहकों को इसका फायदा मिलने की उम्मीद है, जिन्हें तुरंत डेबिट कार्ड की जरूरत होती है.
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कैसे काम करेगी ये नई व्यवस्था?इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद बिना बैंक की शाखा में जाए ग्राहकों को डेबिट कार्ड मिल जाएगा. यदि आपका डेबिट कार्ड खो गया है, एक्सपायर हो गया है तो आप इस सुविधा का लाभ ले सकत हैं. इससे बार- बार शाखा में जाने का चक्कर खत्म होगा और आप करीबी एटीएम में जाकर डेबिट कार्ड के लिए अप्लाय कर पाएंगे.
इस कदम से बैंकिंग सेवाएं और आधुनिक हो जाएंगी. एटीएम आधारित डेबिट कार्ड जारी करने की सुविधा से ग्राहकों को मौके पर ही तेज सेवा मिल सकेगी. साथ ही बैंक शाखाओं पर काम का दबाव भी कम हो सकता है.
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        <pubDate>Wed, 09 Sep 2026 22:30:03 +0530</pubDate>
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        <title>आज का राशिफल 9 सितंबर 2026, वृश्चिक राशि रहें सतर्क, कुंभ और मकर को तगड़ा लाभ; पढ़ें 12 राशियों का हाल</title>
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        <description><![CDATA[ आज का राशिफल 9 सितंबर 2026, वृश्चिक राशि रहें सतर्क, कुंभ और मकर को तगड़ा लाभ; पढ़ें 12 राशियों का हाल ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 09 Sep 2026 18:30:09 +0530</pubDate>
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        <title>Aaj Ka Rashifal 9 September 2026: सुबह दिल की सुनेंगे, शाम को हावी होगा आत्मसम्मान; आपकी राशि क्या कहती है?</title>
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        <description><![CDATA[ Aaj Ka Rashifal 9 September 2026: वैदिक पंचांग के अनुसार आज बुधवार को भाद्रपद कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि दोपहर 12:32 बजे तक रहेगी. इसके बाद चतुर्दशी तिथि शुरू होगी. इसी कारण इस दिन मासिक शिवरात्रि का व्रत रखा जाएगा.
ज्योतिषीय गणना के अनुसार चंद्रमा दोपहर 3:15 बजे तक कर्क राशि में उच्च के बृहस्पति के साथ रहेंगे. इसके बाद चंद्रमा सिंह राशि में प्रवेश कर सूर्य के साथ युति बनाएंगे. कर्क राशि में गुरु-चंद्र की स्थिति भावनाओं, परिवार और आर्थिक सुरक्षा पर ध्यान बढ़ा सकती है. वहीं सिंह राशि में सूर्य-चंद्र की युति आत्मसम्मान, नेतृत्व और फैसलों में तेजी ला सकती है.

कन्या राशि में उच्च के बुध भी नौकरी, कारोबार, हिसाब-किताब और संवाद से जुड़े मामलों को प्रभावित करेंगे. हालांकि इसका फल सभी राशियों को एक जैसा नहीं मिलेगा. चंद्रमा और बुध आपकी राशि से किस भाव में हैं, उसी आधार पर करियर, धन, प्रेम और स्वास्थ्य से जुड़े संभावित संकेतों का आकलन किया गया है. व्यक्तिगत परिणाम जन्मकुंडली और दशा के अनुसार अलग हो सकते हैं.
मेष राशि दैनिक राशिफल: 9 सितंबर 2026 (बुधवार)
भाद्रपद कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि (दोपहर 12:32 तक) और मासिक शिवरात्रि के पावन पर्व के साथ आज का दिन मेष राशि के जातकों के लिए ऊर्जा, प्रभाव और रचनात्मक सफलता का संकेत दे रहा है. चंद्रमा दोपहर 03:15 तक आपकी राशि से चतुर्थ भाव (कर्क राशि) में उच्च के देवगुरु बृहस्पति के साथ रहकर मानसिक संतोष प्रदान करेंगे और उसके बाद पंचम भाव (सिंह राशि) में सूर्य के साथ युति करेंगे. छठे भाव में उच्च के बुध की स्थिति और तीसरे भाव में राशि स्वामी मंगल का गोचर आपको कार्यक्षेत्र में प्रतिस्पर्धियों पर बढ़त दिलाएगा.
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करियर और व्यवसाय (Career &amp;amp; Business)दोपहर 03:15 के बाद पंचम भाव में चंद्रमा का गोचर आपकी निर्णय क्षमता, नवाचार और बौद्धिक दक्षता को तेज करेगा. शिक्षा, मीडिया, रिसर्च, आईटी, डिजाइनिंग, कंसल्टेंसी और सरकारी क्षेत्र से जुड़े प्रोफेशनल्स के लिए आज का दिन अपनी प्रतिभा को साबित करने और नई पहचान बनाने का है. छठे भाव में उच्च के बुध के प्रभाव से कार्यस्थल की चुनौतियां और जटिल काम आसानी से सुलझेंगे. कारोबारियों को दोपहर बाद नए क्लाइंट्स से जुड़ने और अपनी व्यावसायिक योजनाओं को गति देने में सफलता मिलेगी.
आर्थिक स्थिति (Finance &amp;amp; Wealth)आर्थिक मोर्चे पर आज का दिन पिछले प्रयासों से लाभ कमाने और बजट को संतुलित करने का रहेगा. दोपहर तक चौथे भाव के शुभ प्रभाव से भूमि, वाहन या घरेलू संसाधनों से जुड़े मामलों में स्थिरता रहेगी. दोपहर बाद शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड या किसी बौद्धिक प्रोजेक्ट से धन लाभ के योग बनेंगे. मासिक शिवरात्रि के प्रभाव से धार्मिक कार्यों या दान-पुण्य पर खर्च हो सकता है. बुधवार होने के कारण आज कोई अभिजीत मुहूर्त नहीं है, इसलिए बड़े वित्तीय फैसलों और लेन-देन के लिए दोपहर 10:44 से 12:18 का गुलिक काल उपयुक्त रहेगा.
पारिवारिक और प्रेम जीवन (Love &amp;amp; Family)घर-परिवार में मासिक शिवरात्रि के पावन अवसर पर भक्तिमय और शांत वातावरण रहेगा. माताजी का सहयोग मिलेगा और दोपहर बाद बच्चों की किसी उपलब्धि या सुखद समाचार से मन प्रसन्न रहेगा. दांपत्य जीवन में जीवनसाथी के साथ आपसी तालमेल मधुर रहेगा और मिलकर किसी धार्मिक अनुष्ठान में भाग ले सकते हैं. प्रेम संबंधों में दोपहर बाद सकारात्मक बदलाव आएगा; पार्टनर के साथ खुलकर बातचीत होगी और रिश्ते में विश्वास बढ़ेगा.
स्वास्थ्य (Health &amp;amp; Wellness)शारीरिक रूप से आप सक्रिय महसूस करेंगे, हालांकि आश्लेषा नक्षत्र और दोपहर बाद चंद्र-गोचर के प्रभाव से खान-पान पर ध्यान देना जरूरी होगा. अधिक मसालेदार भोजन से बचें ताकि पेट में जलन या अपच की समस्या न हो. मानसिक ताजगी बनाए रखने के लिए ध्यान (Meditation) करें और पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं.
महत्वपूर्ण समय और उपायआज उत्तर दिशा में दिशा शूल रहेगा. दोपहर 12:18 से 01:52 तक राहुकाल रहने के कारण इस समय के दौरान किसी नए कार्य की शुरुआत या बड़ा जोखिम लेने से बचें. बुधवार और मासिक शिवरात्रि के शुभ संयोग पर भगवान शिव का गंगाजल व कच्चे दूध से अभिषेक करें तथा &#039;ॐ नमः शिवाय&#039; का जप करें. इसके साथ ही भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित करें और गाय को हरी घास या पालक खिलाएं.

शुभ रंग: लाल और हल्का नारंगी
शुभ अंक: 9





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वृषभ राशि दैनिक राशिफल: 9 सितंबर 2026 (बुधवार)
आज का दिन वृषभ राशि वालों के लिए सुख-सुविधाओं में इजाफा करने और अपनी प्राथमिकताओं को पुनर्व्यवस्थित करने का है. दोपहर 03:15 के बाद जब चंद्रमा आपकी राशि से चतुर्थ भाव (सिंह राशि) में प्रवेश करेंगे, तो आपका पूरा ध्यान गृहस्थी, अचल संपत्ति और कार्यक्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर रहेगा. वहीं पंचम भाव में स्वराशि और उच्च के बुध आपके तार्किक और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण को लगातार धार दे रहे हैं.
करियर और व्यवसाय (Career &amp;amp; Business)दफ्तर में आपकी व्यावहारिक समझ मुश्किल और पेचीदा प्रोजेक्ट्स को आसान बना देगी. रियल एस्टेट, ऑटोमोबाइल, आर्किटेक्चर, इंटीरियर डिजाइनिंग, शिक्षा और एडमिनिस्ट्रेशन से जुड़े प्रोफेशनल्स के लिए आज की ग्रह स्थिति नए अवसर लेकर आएगी. पंचम भाव में उच्च का बुध कार्यस्थल पर आपकी रणनीतिक योजना को मजबूत करेगा. कारोबारियों को अपनी प्रॉपर्ट ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 09 Sep 2026 18:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Aaj, Rashifal, September, 2026:, सुबह, दिल, की, सुनेंगे, शाम, को, हावी, होगा, आत्मसम्मान, आपकी, राशि, क्या, कहती, है</media:keywords>
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        <title>SSC CHSL भर्ती शुरू, 12वीं पास उम्मीदवारों को 92 हजार तक की सैलरी</title>
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        <description><![CDATA[ सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे 12वीं पास युवाओं के लिए कर्मचारी चयन आयोग (SSC में नौकरी का बड़ा मौका सामने आया है. आयोग ने कंबाइंड हायर सेकेंडरी, लेवल एग्जामिनेशन यानी SSC CHSL 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है. इस भर्ती के जरिए लोअर डिविजनल क्लर्क, जूनियर सेक्रेटेरिएट अस्सिटेंट और डेटा एंट्री ऑपरेटर के पदों पर करीब 2,536 उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा. इच्छुक उम्मीदवार 7 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. वहीं आवेदन की प्रक्रिया कल यानी 7 सितंबर से शुरू हो चुकी है.&amp;nbsp;
किन-किन पदों पर हो रही है भर्ती?
SSC CHSL 2026 के तहत LDC-JSA और DEO ग्रेड ए पदों पर भर्ती होगी. आयोग ने फिलहाल करीब 2,536 वैकेंसी बताई है. पद और कैटेगरी के अनुसार अंतिम वैकेंसी का डिटेल बाद में एसएससी की वेबसाइट पर जारी की जाएगी.&amp;nbsp;
12वीं पास कर सकते हैं आवेदन&amp;nbsp;
एलडीसी-जेएसए और अधिकांश डीईओ पदों के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं या पास होना जरूरी है. वहीं उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय, एससी और संस्कृति मंत्रालय में डीईओ- डीईओ ग्रेड ए पदों के लिए 12वीं में साइंस स्ट्रीम के साथ गणित विषय होना जरूरी है, जो उम्मीदवार 12वीं की परीक्षा दे चुके हैं, वह भी आवेदन कर सकते हैं. लेकिन उनकी आवश्यक योग्यता 7 अक्टूबर 2026 तक पूरी हो जानी चाहिए.&amp;nbsp;
आयु सीमा और सैलरी&amp;nbsp;
SSC CHSL 2026 के लिए उम्मीदवार की उम्र 18 से 27 वर्ष के बीच होनी चाहिए. जिसका मतलब है कि 2 अगस्त 1999 से पहले और 1 अगस्त 2008 के बाद जन्मे उम्मीदवार आवेदन नहीं कर सकते. वहीं आरक्षित वर्गों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु में छूट भी मिलेगी. इसके अलावा एसएससी सीएचएसएल में चयनित उम्मीदवारों को अलग-अलग पदों के अनुसार 7वें केंद्रीय वेतन आयोग के तहत सैलरी मिलेगी. एलडीसी-जीएसए पद के लिए पे लेवल-2 में 19,900 से 63,200 रुपये तक सैलरी मिलेगी. डीईओ पद पर पे लेवल-4 में 25,500 से 81,100 रुपये और पे लेवल-5 में 29,200 से 92,300 तक सैलरी दी जाएगी. डीईओ ग्रेड ए के लिए पे लेवल 4 के तहत 25,500 से 81,100 रुपये तक सैलरी मिलेगी.
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दो चरणों में होगी चयन प्रक्रिया
उम्मीदवारों का चयन टियर-1 और टियर-2 कंप्यूटर आधारित परीक्षा के जरिए किया जाएगा. टियर-1 में इंग्लिश, जनरल इंटेलिजेंस, क्वांटेटिव एप्टीट्यूड और जनरल अवेयरनेस से सवाल पूछे जाएंगे. परीक्षा में गलत उत्तर के लिए 0.50 अंक की निगेटिव मार्किंग होगी. टियर-2 में अलग-अलग सेक्शन के साथ कंप्यूटर नॉलेज टेस्ट और पद के अनुसार स्किल या टाइपिंग टेस्ट शामिल होगा. टियर-2 के दोनों सेशन एक ही दिन आयोजित किए जाएंगे&amp;nbsp;
ऐसे करें आवेदन&amp;nbsp;

इन पदों पर आवेदन करने के लिए सबसे पहले ssc.gov.in पर जाएं.&amp;nbsp;
इसके बाद वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन पूरा करके लोगिन करें.
अब SSC CHSL 2026 का ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरें.&amp;nbsp;
इसके बाद मांगी गई डिटेल भरकर डॉक्यूमेंट अपलोड करें.
डॉक्यूमेंट अपलोड करने के बाद ऑनलाइन फीस का पेमेंट करें.&amp;nbsp;
फीस पेमेंट करके फॉर्म को दोबारा अच्छे से जांच कर इसे सबमिट कर लें और कंफर्मेशन पेज डाउनलोड कर लें.

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        <pubDate>Wed, 09 Sep 2026 16:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>SSC, CHSL, भर्ती, शुरू, 12वीं, पास, उम्मीदवारों, को, हजार, तक, की, सैलरी</media:keywords>
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        <title>बॉम्बे हाईकोर्ट को कुक की जरूरत, 10वीं&amp;12वीं पास भी कर सकते हैं अप्लाई</title>
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        <description><![CDATA[ सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे उम्मीदवारों के लिए मुंबई हाईकोर्ट में नौकरी पाने का मौका है. मुंबई हाई कोर्ट की औरंगाबाद बेंच ने रसोइया के पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है. इस भर्ती के तहत कुल 18 पदों को भर जाना है. वहीं इस भर्ती की खास बात यह है कि इन पदों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता सिर्फ चौथी कक्षा पास रखी गई है. ऐसे में कक्षा 10वीं और 12वीं पास उम्मीदवार भी इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं. वहीं इन पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन नहीं, बल्कि ऑफलाइन रखी गई है. इन पदों के लिए उम्मीदवारों को फॉर्म भरकर स्पीड पोस्ट के जरिए भेजना होगा.&amp;nbsp;
कितनी है वैकेंसी और क्या है योग्यता?
मुंबई हाई कोर्ट के औरंगाबाद बेंच की ओर से जारी विज्ञापन के अनुसार कुल 18 पदों पर भर्ती की जानी है. इनमें एक पद दिव्यांग उम्मीदवार के लिए आरक्षित है. कुक पद के लिए उम्मीदवार का कम से कम चौथी कक्षा पास होना जरूरी है. जिन उम्मीदवारों ने 10वीं 12वीं या इससे ज्यादा पढ़ाई की है. वह भी आवेदन के योग्य है. अगर किसी उम्मीदवार के पास चौथी कक्षा की मार्कशीट नहीं है, तो आवेदन में चौथी कक्षा के लिए 50 प्रतिशत अंक का अनुमानित स्कोर दर्ज करने का प्रावधान है. इसके अलावा उम्मीदवार को हिंदी और मराठी दोनों भाषाओं में पढ़ने-लिखने और बोलने के ज्ञान होना चाहिए. वहीं उम्मीदवार को शाकाहारी और मांसाहारी दोनों तरह का खाना बनाना आना चाहिए.
52 हजार रुपये तक मिलेगी सैलरी&amp;nbsp;
बॉम्बे हाईकोर्ट में कुक के पद पर चयनित उम्मीदवारों को सातवें वेतन आयोग के तौर पर मैट्रिक्स लेवल एस 3 में सैलरी दी जाएगी. इन पदों पर सैलरी 16,600 से 52,400 तक मिलेगी. इसके अलावा नियमानुसार दूसरे सरकारी भत्ते भी मिलेंगे. वहीं इन पदों के लिए उम्मीदवारों की उम्र न्यूनतम 18 वर्ष और अधिकतम 38 वर्ष होनी चाहिए. पिछड़ा वर्ग के लिए अधिकतम आयु सीमा 23 वर्ष रखी गई है. वहीं कोर्ट या सरकारी कर्मचारी निर्धारित शर्तों के तहत आवेदन कर सकते हैं.&amp;nbsp;
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50 अंकों के आधार पर होगा चयन&amp;nbsp;
उम्मीदवारों का चयन कुल 50 अंकों की प्रक्रिया के आधार पर किया जाएगा. इसमें सबसे ज्यादा जरूरी कुकिंग प्रैक्टिकल टेस्ट का होगा. कुकिंग प्रैक्टिकल टेस्ट 30 अंकों का होगा. इसमें कम से कम 15 अंक हासिल करना जरूरी है. इसके बाद फिजिकल फिटनेस टेस्ट 10 अंकों का और ओरल इंटरव्यू 10 अंकों का होगा, जो उम्मीदवार प्रैक्टिकल कुकिंग टेस्ट में सफल नहीं होंगे वह आगे के प्रक्रिया में शामिल नहीं हो सकेंगे. वहीं अंतिम चरण तीनों चरणों में प्राप्त कुल अंकों के आधार पर मेरिट से किया जाएगा.&amp;nbsp;
ऐसे भेजना होगा आवेदन&amp;nbsp;
उम्मीदवारों को मुंबई हाई कोर्ट के ऑफिशियल वेबसाइट से निर्धारित आवेदन फॉर्म डाउनलोड करना होगा. फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारी सही तरीके से भरने के बाद फोटो लगानी होगी और जरूरी डॉक्यूमेंट की सेल्फ एसिस्टेड कॉपी जमा करनी होगी. आवेदन वाले लिफाफे पर एप्लीकेशन फॉर पोस्ट ऑफ स्वयंपाकी लिखना होगा. इसके बाद पूरा आवेदन केवल स्पीड पोस्ट के जरिए भेजना होगा. स्पीड पोस्ट पर एड्रेस प्रबंधक प्रशासन, मुंबई हाई कोर्ट, बेंच औरंगाबाद जालना रोड, छत्रपति संभाजी नगर-431009 पर 10 सितंबर शाम 5 बजे तक पहुंच जाना चाहिए. दूसरे किसी माध्यम से भेजे गए आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे. वहीं आवेदन जमा करते समय कोई फीस भी नहीं देनी होगी.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Wed, 09 Sep 2026 16:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>बॉम्बे, हाईकोर्ट, को, कुक, की, जरूरत, 10वीं-12वीं, पास, भी, कर, सकते, हैं, अप्लाई</media:keywords>
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        <title>नीट में 10 हजार से 1 लाख रैंक वालों को कहां मिलेगा एडमिशन? देखें ये 10 MBBS कॉलेज</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/नीट-में-10-हजार-से-1-लाख-रैंक-वालों-को-कहां-मिलेगा-एडमिशन-देखें-ये-10-mbbs-कॉलेज</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/नीट-में-10-हजार-से-1-लाख-रैंक-वालों-को-कहां-मिलेगा-एडमिशन-देखें-ये-10-mbbs-कॉलेज</guid>
        <description><![CDATA[ नीट यूजी 2026 में अच्छी रैंक पाने के बाद ज्यादातर छात्रों की कोशिश सरकारी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस सीट हासिल करने की होती है. लेकिन सिर्फ रैंक से यह तय नहीं होता कि किस कॉलेज में एडमिशन मिलेगा. कैंडिडेट की कैटेगरी, ऑल इंडिया कोटा, स्टेट कोटा, उपलब्धि सीटें और पिछले राउंड के क्लोजिंग रैंक जैसे कई फैक्टर सीट अलॉटमेंट में बड़ी भूमिका निभाते हैं. ऐसे में नीट यूजी 2026 के राउंड 1 काउंसलिंग का डेटा सामने आने के बाद अलग-अलग रैंक और कैटेगरी के हिसाब से सरकारी मेडिकल कॉलेज में एडमिशन की तस्वीर कुछ हद तक साफ हुई है. 10 हजार से 1 लाख तक रैंक वाले उम्मीदवारों के लिए भी सरकारी एमबीबीएस कॉलेज के ऑप्शन मौजूद है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि नीट में 10 हजार से 1 लाख रैंक वालों को कहां एडमिशन मिल सकता है.&amp;nbsp;
10 हजार से 1 लाख रैंक पर कॉलेज के ऑप्शन
सरकारी मेडिकल कॉलेज&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; कोटा&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; कैटेगरी&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; नीट रैंक&amp;nbsp;
सरकारी मेडिकल कॉलेज और सुपर फैसिलिटी हॉस्पिटल, आजमगढ़ &amp;nbsp; &amp;nbsp; ऑल इंडिया &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;ओबीसी&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;10,002&amp;nbsp;पं. रघुनाथ मुर्मू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, बारीपदा&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;ऑल इंडिया &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;ओपन जनरल&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;10,004&amp;nbsp;डॉ. वैशम्पायन मेमोरियल मेडिकल कॉलेज, सोलापुर&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; ऑल इंडिया&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; ओपन जनरल&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;10,561&amp;nbsp;सरकारी मेडिकल कॉलेज, अनंतनाग&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;ऑल इंडिया&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; ओपन जनरल&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;10,654&amp;nbsp;सरकारी मेडिकल कॉलेज, बारां&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; ऑल इंडिया &amp;nbsp; &amp;nbsp; ओपन जनरल&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; 12,759&amp;nbsp;स्टेट मेडिकल कॉलेज सोसाइटी, फतेहपुर&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; ऑल इंडिया&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; ओबीसी&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; 13,729&amp;nbsp;सरकारी मेडिकल कॉलेज, करौली&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; ऑल इंडिया&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;एससी&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; 63,909&amp;nbsp;अगरतला गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, अगरतला&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;ऑल इंडिया&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;एससी&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; 68,983&amp;nbsp;शेख-उल-हिंद मौलाना महमूद हसन मेडिकल कॉलेज, सहारनपुर&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; ऑल इंडिया&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;एसटी&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;87,624&amp;nbsp;मालदा मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल, मालदा&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; ऑल इंडिया&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;एससी&amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; 88,094&amp;nbsp;
ओपन जनरल कैटेगरी में 10 हजार के आसपास ऑप्शन&amp;nbsp;
ओपन जनरल कैटेगरी के उम्मीदवारों के लिए राउंड 1 डेटा में पं. रघुनाथ मुर्मू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, बारीपदा में 10,004 रैंक पर सीट अलॉट हुई. वहीं डॉ. वैशम्पायन मेमोरियल मेडिकल कॉलेज, सोलापुर में 10,561 और सरकारी मेडिकल कॉलेज, अनंतनाग में 10,654 रैंक पर सीट मिली. सरकारी मेडिकल कॉलेज, बारां में भी 12,759 रैंक पर ओपन जनरल कैटेगरी में सीट अलॉटमेंट हुआ है.&amp;nbsp;
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OBC उम्मीदवारों के लिए भी ऑप्शन&amp;nbsp;
ओबीसी कैटेगरी में सरकारी मेडिकल कॉलेज और सुपर फैसिलिटी हॉस्पिटल, आजमगढ़ में 10,002 रैंक पर सीट अलॉट हुई. इसके अलावा स्टेट मेडिकल कॉलेज सोसाइटी, फतेहपुर में 13,729 रैंक पर ओबीसी उम्मीदवार को सीट मिली.&amp;nbsp;
SC और ST कैटेगरी में 1 लाख के आसपास भी मौके&amp;nbsp;
एससी कैटेगरी में रैंक बढ़ने पर भी कुछ सरकारी मेडिकल कॉलेज ऑप्शन में आते हैं. क्लोजिंग रैंक डेटा के अनुसार ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज लुधियाना में 1,00,011 गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज नागौर में 1,00,025 और गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज बदायूं में 1,00,034 तक रैंक के ऑप्शन दिए गए हैं. इसके अलावा नालंदा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, पटना में 1,00,279 गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज बारां में 1,00,308 हजारीबाग मेडिकल कॉलेज में 1,00,310 और कर्नाटक इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज हुबली में 1,00,347 तक की क्लोजिंग रैंक दी गई थी.
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        <pubDate>Wed, 09 Sep 2026 16:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>नीट, में, हजार, से, लाख, रैंक, वालों, को, कहां, मिलेगा, एडमिशन, देखें, ये, MBBS, कॉलेज</media:keywords>
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        <title>DU के 91 में से 71 कॉलेजों में हॉस्टल नहीं, हजारों छात्रों को होती है परेशानी</title>
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        <description><![CDATA[ दिल्ली के सत्य निकेतन में पीजी बिल्डिंग गिरने की घटना ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के हजारों छात्रों के सामने रहने की जगह और सुरक्षा से जुड़ी मुश्किलों को एक बार फिर उजागर कर दिया है. यूनिवर्सिटी के पास सत्य निकेतन पीजी हादसे में सात लोगों की जान चली गई. इस घटना के बाद डीयू के उन छात्रों की भी चिंता सामने आई, जो कॉलेज हॉस्टल में जगह नहीं मिलने के कारण मजबूरी में महंगे और असुरक्षित पीजी या किराए के मकान में रहने को मजबूर हैं.
दरअसल, हर साल हजारों छात्रों को डीयू में एडमिशन मिलने के बाद उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती रहने की जगह की खड़ी हो जाती है. डीयू के ज्यादातर कॉलेजों में हॉस्टल की सुविधा उपलब्ध नहीं है और जिन कॉलेजों में हॉस्टल है, वहां भी सीटों की संख्या छात्रों की तुलना में बहुत कम है. ऐसे में दूसरे शहरों और राज्यों से आने वाले हजारों छात्रों को पीजी, प्राइवेट हॉस्टल या किराए के मकान का सहारा लेना पड़ता है.&amp;nbsp;
DU के 91 कॉलेज में सिर्फ 20 के पास हॉस्टल&amp;nbsp;
दिल्ली यूनिवर्सिटी में कुल 91 कॉलेज है, लेकिन इनमें से सिर्फ 20 कॉलेज में हॉस्टल की सुविधा है. यानी 71 कॉलेज ऐसे हैं, जहां छात्रों के लिए कॉलेज स्तर पर हॉस्टल उपलब्ध नहीं है. यूनिवर्सिटी के नॉर्थ और साउथ कैंपस में भी हॉस्टल की सुविधा मौजूद है, लेकिन कुल मिलाकर करीब 7000 ही हॉस्टल सीटें हैं. यह संख्या डीयू में पढ़ने वाले छात्रों की कुल संख्या के मुकाबले बहुत कम है. यूनिवर्सिटी की 2024-25 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार यहां करीब 2.1 लाख अंडरग्रेजुएट छात्र और 34,520 पोस्ट ग्रेजुएट छात्र है, जिनमें पीएचडी स्कॉलर भी शामिल है. इस तरह डीयू में कुल छात्र संख्या करीब 2.5 लाख पहुंचती है. &amp;zwnj;
2026-27 में करीब 71,600 नए UG छात्र&amp;nbsp;
छात्रों की संख्या और हॉस्टल सीटों के बीच अंतर एडमिशन के साथ ही जरूरी हो जाता है. 2026-27 एडमिशन सेशन में डीयू करीब 71,600 अंडर ग्रेजुएट छात्रों को एडमिशन दे रहा है. कॉलेजों के अनुमान के अनुसार यूनिवर्सिटी के करीब आधे छात्र दिल्ली से बाहर के इलाकों से आते हैं. ऐसे छात्रों के लिए एडमिशन मिलने के बाद रहने की व्यवस्था करना जरूरी हो जाता है. लेकिन सीमित हॉस्टल सीटों के कारण हर छात्र को कैंपस में कमरा मिलना संभव नहीं है.&amp;nbsp;
हॉस्टल वाले कॉलेजों में भी सीटों की भारी कमी&amp;nbsp;
जिन कॉलेजों में हॉस्टल मौजूद है, वहां भी स्थिति बहुत अलग नहीं है. उदाहरण के तौर पर मिरांडा हाउस में करीब 5,375 छात्र हैं, जबकि हॉस्टल में लगभग 370 छात्रों के रहने की क्षमता है. 2026-27 में फर्स्ट ईयर के छात्रों के लिए सिर्फ करीब 90 हॉस्टल सीटें उपलब्ध है.
इसी तरह श्री वेंकटेश्वर कॉलेज में लगभग 4,600 छात्र है, लेकिन हॉस्टल की क्षमता केवल 150 छात्रों की है. इनमें से फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट्स के लिए सिर्फ 50 सीटें उपलब्ध है. वही मिरांडा हाउस, किरोड़ी मल कॉलेज, हिंदू कॉलेज, एसआरसीसी और लेडी श्री राम कॉलेज को देखें तो करीब 24,350 छात्रों के मुकाबले हॉस्टल की कुल क्षमता 1,140 है. यानी इन कॉलेज में उनके हॉस्टल मिलाकर कुल छात्र संख्या के करीब 4.7 फीसदी को ही जगह दे पाते हैं.&amp;nbsp;
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हॉस्टल की कमी कोई नई समस्या नहीं&amp;nbsp;
डीयू में हॉस्टल की कमी कोई नई स्थिति नहीं है. नवंबर 2016 में राज्यसभा में दिए गए एक जवाब में यूनिवर्सिटी के हवाले से बताया गया था कि डीयू में 19 हॉस्टल थे, जिनकी कुल क्षमता 3,580 छात्रों की थी. कॉलेज की ओर से उपलब्ध कराए जाने वाले आवास को शामिल करने पर यह संख्या करीब 6000 सीटों तक पहुंचती थी. उस समय डीयू हर साल कम से कम 60 हजार छात्रों को एडमिशन दे रहा था. वहीं करीब एक दशक बाद भी छात्रों की संख्या और हॉस्टल क्षमता के बीच बड़ा अंतर बना हुआ है.
हॉस्टल नहीं मिलने पर PG और किराए का सहारा&amp;nbsp;
कैंपस में जगह नहीं मिलने के बाद छात्रों का रुख प्राइवेट आवास की और जाता है. नॉर्थ कैंपस के आसपास विजयनगर और मिलका गंज, जबकि साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन जैसे इलाकों में बड़ी संख्या में छात्र पीजी, प्राइवेट हॉस्टल और किराए के फ्लैट तलाशते हैं. हालांकि निजी आवास में भी छात्रों के सामने कई परेशानियां रहती है. ज्यादा किराया, सीमित जगह और कई बार खराब रखरखाव जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है. दूसरे राज्यों से दिल्ली आने वाले छात्रों के लिए एडमिशन के बाद रहने की व्यवस्था करना इसलिए एक बड़ी चुनौती बन जाता है.
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        <pubDate>Wed, 09 Sep 2026 16:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>हरियाणा में 5 लाख छात्रों को मिलेंगे डेटा सिम, पढ़ाई डिजिटल करने पर जोर</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/हरियाणा-में-5-लाख-छात्रों-को-मिलेंगे-डेटा-सिम-पढ़ाई-डिजिटल-करने-पर-जोर</link>
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        <description><![CDATA[ हरियाणा सरकार ने सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों की डिजिटल पढ़ाई को बढ़ावा देने के लिए बड़ा फैसला लिया है. राज्य में कक्षा 10वीं से 12वीं तक के छात्रों को दिए जाने वाले टैबलेट में इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने के लिए 5 लाख डेटा सिम खरीदने को मंजूरी दी है. इन सिम कार्ड की मदद से छात्र टैबलेट के जरिए ऑनलाइन पढ़ाई की सामग्री और दूसरे डिजिटल शैक्षणिक संसाधनों तक अपनी पहुंच आसान बना सकेंगे. यह फैसला मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई हाई पावर्ड परचेज कमेटी की बैठक में लिया गया. सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य छात्रों को तकनीकी आधारित शिक्षा से जोड़ने और उन्हें मौजूदा जरूरतों के अनुसार जरूरी कौशल विकसित करने में मदद करना है.&amp;nbsp;
5 लाख छात्रों को दिए जाएंगे टैबलेट&amp;nbsp;
हरियाणा सरकार ने कक्षा 10वीं से 12वीं के छात्रों के लिए 5 लाख टैबलेट उपलब्ध कराने की बात कही. इन्हीं टैबलेट के इस्तेमाल के लिए नए डेटा सिम कार्ड खरीदे जाएंगे. इंटरनेट कनेक्टिविटी मिलने से छात्र और डिवाइस का इस्तेमाल, डिजिटल स्टडी मैटेरियल और शैक्षणिक संसाधनों तक पहुंचने के लिए कर सकेंगे. यह पूरी पहल हरियाणा के ई-अधिगम कार्यक्रम का हिस्सा है. इस योजना के तहत सरकारी स्कूलों के छात्रों को टैबलेट आधारित पढ़ाई से जोड़ने और पर्सनलाइज्ड व एडाप्टिव लर्निंग को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है.&amp;nbsp;
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डिजिटल और तकनीकी शिक्षा पर फोकस&amp;nbsp;
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता छात्रों को गुणवत्तापूर्ण और तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराना है, ताकि वह वर्तमान समय की जरूरत के अनुसार अपने कौशल को विकसित कर सकें. सरकार की ओर से 5 लाख डेटा सिम कार्ड की खरीद को मंजूरी इसी दिशा में उठाया गया कदम है. टैबलेट के साथ इंटरनेट इस्तेमाल होने की सुविधा मिलने से सरकारी स्कूलों के छात्रों को डिजिटल संसाधनों का इस्तेमाल करने का बेहतर अवसर मिलेगा. मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि इससे पहले सरकार ने यह ई-अधिगम योजना के तहत कक्षा 10वीं से 12वीं के सरकारी स्कूल छात्रों को 5 लाख मुफ्त टैबलेट उपलब्ध कराए थे. अब नए डेटा सिम कार्ड इन डिवाइस के जरिए डिजिटल पढ़ाई को आगे बढ़ाने में मदद करेंगे.&amp;nbsp;
हरियाणा में सीएम श्री स्कूल की भी तैयारी&amp;nbsp;
हरियाणा सरकार के डेटा सिम के फैसले के अलावा राज्य के शिक्षा मंत्री महिपाल धांडा ने बताया कि पीएम श्री स्कूल की तर्ज पर हरियाणा में जल्दी ही सीएम श्री स्कूल शुरू किए जाएंगे. उन्होंने विधानसभा के बजट सत्र में एक सदस्य के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि सीएम श्री स्कूलों में सीबीएसई पैटर्न का पालन किया जाएगा.
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        <pubDate>Wed, 09 Sep 2026 16:30:02 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>दलीप ट्रॉफी: &amp;apos;फ्लैट पिच&amp;apos; पर मोहम्मद शमी का जलवा, 4 मेडन ओवर; चटकाए इतने विकेट</title>
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        <description><![CDATA[ चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में ईस्ट जोन और साउथ जोन के बीच 2026 दलीप ट्रॉफी का फाइनल खेला जा रहा है. पहली पारी में मैदान की पिच बिल्कुल फ्लैट नजर आई. ईस्ट जोन ने मुकाबले की पहली पारी में 708/10 रन बनाए. लेकिन इसी फ्लैट पिच पर मोहम्मद शमी का जलवा देखने को मिला. ईस्ट जोन के लिए खेल रहे शमी ने मैच के तीसरे दिन कमाल की गेंदबाजी की.&amp;nbsp;
मुकाबले के शुरुआती 2 दिन ईस्ट जोन ने बैटिंग की. तीसरे दिन साउथ जोन बैटिंग के लिए उतरी. इसी दौरान शमी का कहर देखने को मिला. उन्होंने दिन खत्म होने तक 11 ओवर फेंके, जिसमें 4 मेडन रहे. इस दौरान उन्होंने सिर्फ 17 रन खर्चे. वह 2 विकेट भी चटका चुके हैं. जहां चेपॉक की पिच पर साउथ जोन के गेंदबाज संघर्ष करते नजर आए, वहां शमी ने अपने गोल्डन आर्म से बल्लेबाजों को परेशान किया.&amp;nbsp;
तीसरा दिन खत्म होने तक साउथ जोन ने 6 विकेट पर 242 रन बना लिए हैं. टीम के लिए कप्तान तिलक वर्मा 56 रन पर और चामा वी मिलिंद 02 रन पर नाबाद पवेलियन लौटे. वहीं देवदत्त पडिक्कल ने अब तक टीम के लिए 62 रनों की सबसे बड़ी पारी खेली, जिसमें 4 चौके शामिल रहे. इसके साथ टीम 466 रन से पीछे है. अब देखना दिलचस्प होगा कि चौथे दिन टीम क्या करती है.&amp;nbsp;
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दलीप ट्रॉफी में शमी की शानदार गेंदबाजी जारी&amp;nbsp;
टूर्नामेंट में शमी की तरफ से लगातार शानदार गेंदबाजी देखने को मिल रही है. सेंट्रल जोन के खिलाफ खेले गए सेमीफाइनल में शमी ने 5 विकेट चटकाए थे. पहली पारी में उन्होंने 2 विकेट और दूसरी पारी में 3 विकेट लिए थे.&amp;nbsp;
इस प्रदर्शन के बाद एक बार फिर शमी को टीम इंडिया में वापस लाने की चर्चा तेज हो चुकी है. उन्होंने भारत के लिए पिछला मुकाबला 2025 चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल के रूप में खेला था. वहीं उन्होंने टेस्ट में पिछला मैच जून 2023 में खेला था. अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या शमी की दोबारा टीम इंडिया में वापसी होती या नहीं.&amp;nbsp;
&amp;nbsp;
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        <pubDate>Wed, 09 Sep 2026 14:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>दलीप, ट्रॉफी:, फ्लैट, पिच, पर, मोहम्मद, शमी, का, जलवा, मेडन, ओवर, चटकाए, इतने, विकेट</media:keywords>
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        <title>टीम इंडिया को नहीं मिलेगा VIP ट्रीटमेंट, एशियन गेम्स से आया अपडेट</title>
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        <description><![CDATA[ एशियन गेम्स 2026 की शुरुआत 19 सितंबर से हो रही है, जिनमें भाग लेने भारतीय क्रिकेट टीम भी जाएगी. आमतौर पर टीम इंडिया जब किसी टूर या इवेंट में भाग लेने जाती है तब उसके 5-स्टार होटल में ठहरने की व्यवस्था की जाती है. एशियाई खेलों का आयोजन जापान में होगा. बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने बताया कि एशियन गेम्स के आयोजक जैसी व्यवस्था करेंगे, भारतीय खिलाड़ियों को वही स्वीकार करना होगा.
नहीं मिलेगा 5 स्टार होटल
भारतीय दल की सेंड-ऑफ सेरेमनी के मौके पपर राजीव शुक्ला ने कहा, &quot;आयोजक जो कुछ भी उपलब्ध करवा रहे हैं, खिलाड़ी वहीं रहेंगे. हमने भी नजर बनाई हुई है कि वहां भारतीय खिलाड़ियों को कैसी व्यवस्था उपलब्ध करवाई जाएगी, जिससे हमारे खिलाड़ियों को कोई परेशानी ना हो. वे निश्चित रूप से 5-स्टार होटल तो नहीं हैं, लेकिन रहने के लिए अच्छी व्यवस्था की गई है.&quot;
एशियन गेम्स में महिला टीमों के क्रिकेट मैच 17 सितंबर से ही शुरू हो जाएंगे, जो 22 सितंबर तक खेले जाएंगे. वहीं पुरुष टीम 24 सितंबर-3 अक्टूबर तक एक्शन में दिखेंगी. भारतीय महिला टीम का क्वार्टरफाइनल मुकाबला 18 सितंबर को जापान के साथ होगा. वहीं मेंस टीम इंडिया 28 सितंबर को अपना पहला मैच खेलेगी.
राजीव शुक्ला ने आगे यह भी कहा, &quot;हमारे खिलाड़ियों के लिए जैसी भी व्यवस्था की गई है, उसकी हामारे पास तस्वीर और वीडियो हैं. मुझे लगता है कि वह अच्छी जगह है. हमारे खिलाड़ियों को वहीं रहना होगा, नहीं तो उनके लिए ओसाका या टोक्यो में रहने की व्यवस्था करनी पड़ती, जो नागोया से बहुत दूर हैं.
यह भी पढ़ें: BCCI ने कब-कब अफगानिस्तान की मदद की? कितनी बार भारत में दिया होमग्राउंड
किसने की व्यवस्था
राजीव शुक्ला ने यह भी बताया कि भारतीय खिलाड़ियों को अलग से कमरा दिया जाएगा, वे आपस में रूम शेयर नहीं करेंगे. इतिहास में ऐसा होता आया है कि 2 क्रिकेटर एक ही रूम शेयर करते थे. उन्होंने कहा कि एशियन गेम्स आयोजन समिति, भारतीय ओलंपिक संघ और जापान क्रिकेट एसोसिएशन ने मिलकर क्रिकेटरों के लिए ठहरने की व्यवस्था की है.
एशियन क्रिकेट काउंसिल ने पहले जापान का दौरा किया था. उस समय एसीसी अधिकारियों को ड्रेसिंग रूम, पिच और मैदान से भी आपत्ति थी. आयोजकों ने सुधार किया, जिसके बाद एशियन क्रिकेट काउंसिल सभी व्यवस्थाओं से संतुष्ट है.
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        <pubDate>Wed, 09 Sep 2026 14:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>बेटे अकाय को स्कूल छोड़ने निकले विराट&amp;अनुष्का! तस्वीर वायरल</title>
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        <description><![CDATA[ विराट कोहली और अनुष्का शर्मा लंदन की सड़कों पर एकसाथ घूमते नजर आए. उनका भारत आना-जाना लगा रहता है, इस बार उन्हें स्ट्रॉलर के साथ घूमते देखा गया. बताया जा रहा है विराट और अनुष्का अपने बेटे अकाय को स्कूल (डे नर्सरी) तक छोड़ने गए थे. हालांकि इसकी कोई पुष्टि नहीं हुई है, क्योंकि तस्वीरों में दूर-दूर तक अकाय कहीं नजर नहीं आ रहे हैं. विराट ने हरे रंग का स्वेटशर्ट पहना है, जबकि अनुष्का जैकेट, लेगिंग्स और सिर पर टोपी पहने नजर आईं.&amp;nbsp;
विराट और अनुष्का की ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही हैं. एक तस्वीर में विराट किसी महिला से बात करते दिखे और उनके साथ स्ट्रॉलर भी रखा था, लेकिन तस्वीरों में दूर-दूर तक अकाय कहीं नजर नहीं आए. इन्हीं में से एक तस्वीर में अनुष्का थोड़ी असहज नजर आ रही हैं और कैमरे की तरफ देख रही हैं.
अकाय और वामिका की इंटरनेट पर ज्यादा तस्वीरें उपलब्ध नहीं हैं, क्योंकि विराट और अनुष्का बेहद प्राइवेट लाइफ जीना पसंद करते हैं. दोनों भारत में बहुत लोकप्रिय हैं, लेकिन वे चाहते थे कि उनके बच्चे मीडिया की चकाचौंध से दूर रहें. यह एक मुख्य कारण था कि वे लंदन शिफ्ट हुए हैं. हालांकि फिर भी कैमरा उनका पीछा नहीं छोड़ता है.
दोनों अक्सर वृंदावन जाते रहते हैं, जहां वे प्रेमानन्द महाराज के दर्शन कैट हैं. हाल ही में उन्हें कैंची धाम में देखा गया, जहां नीम करौली बाबा का आश्रम स्थित है.

Virat Kohli And Anushka Sharma Spotted Outside A Cafe In London.????????....(1/2)....#Virushka #UK pic.twitter.com/kQimWKyyNn
&amp;mdash; virat_kohli_18_club (@KohliSensation) September 8, 2026



विराट कोहली की बात करें तो उन्हें आखिरी बार इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में खेलते देखा गया था, जहां उन्होंने आखिरी दोनों मैचों में अर्धशतक लगाया. वो अगली बार वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज में खेलते नजर आ सकते हैं, जिसकी शुरुआत 27 सितंबर से होगी.
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दूसरी ओर रिपोर्ट्स अनुसार अनुष्का शर्मा काफी समय के बाद बॉलीवुड में वापसी करने जा रही हैं. उनकी अगली फिल्म का नाम चकदा एक्सप्रेस है, जो भारतीय दिग्गज क्रिकेटर झूलन गोस्वामी के जीवन पर आधारित है. फिल्म की रिलीज डेट के बारे में अभी कोई जानकारी सामने नहीं आई है.

Virat Kohli and Anushka Sharma spotted together outside Akaay Kohli&amp;rsquo;s day nursery in London, waiting for him to return home. ❤️King Kohli enjoying his off time with his family. pic.twitter.com/bQMxPRR9m7
&amp;mdash; Sonu (@Cricket_live247) September 8, 2026



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        <pubDate>Wed, 09 Sep 2026 14:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>टी20 इंटरनेशनल में भारत के लिए सबसे तेज शतक, रोहित नंबर&amp;1</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/टी20-इंटरनेशनल-में-भारत-के-लिए-सबसे-तेज-शतक-रोहित-नंबर-1</link>
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        <description><![CDATA[ पिछले 2 दशकों में क्रिकेट का सबसे लोकप्रिय फॉर्मेट टी20 ही रहा है. आज दुनिया में लगभग हर महीने कोई ना कोई लीग खेली जा रही होती है. भारत से भी की धाकड़ बल्लेबाज निकल कर आए हैं, लेकिन टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में भारत के लिए सबसे तेज शतक वैभव सूर्यवंशी या अभिषेक शर्मा जैसे खूंखार बल्लेबाज के नाम नहीं है. यह रिकॉर्ड रोहित शर्मा के नाम है, जो 35 बॉल में शतक जड़ चुके हैं.
अब तक टी20 अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में ऐसे केवल 2 ही बल्लेबाज हुए हैं, जिन्होंने 40 से कम गेंदों में 100 रन पूरे किए हैं. रोहित शर्मा और अभिषेक शर्मा ने यह कमाल किया है. वहीं संजू सैमसन टीम इंडिया के लिए 40 बॉल में सेंचुरी लगा चुके हैं.
रोहित ने 35 गेंद में ठोंकी सेंचुरी
टी20 में भारत के लिए सबसे तेज शतक लगाने का रिकॉर्ड पिछले 9 साल से रोहित शर्मा के नाम है. उन्होंने 2017 में श्रीलंका के खिलाफ मैच में 35 बॉल में शतक पूरा किया था. फुल मेंबर देशों के आंकड़े उठाएं तो यह दुनिया में तीसरा सबसे तेज शतक है. रोहित से तेज सेंचुरी सिर्फ सिकंदर रजा (33 गेंद) और फिन एलन (33 गेंद) ने लगाई है.
श्रीलंका के खिलाफ 2017 के उस मैच में रोहित शर्मा ने 43 गेंद में 118 रन बनाए थे. इस पारी में उनके बल्ले से 12 चौके और 10 छक्के आए. उस मुकाबले में रोहित शर्मा और केएल राहुल ने पहले विकेट के लिए 12.4 ओवर में 165 रनों की ऐतिहासिक साझेदारी की थी. यह आज भी भारत के लिए टी20 में सबसे तेज शतक है.
अभिषेक शर्मा सबसे करीब आए
पिछले 9 साल में केवल अभिषेक शर्मा इस रिकॉर्ड को तोड़ने के सबसे करीब पहुंचे हैं. अभिषेक शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ 2025 में 37 गेंद में शतक पूरा किया था. उस मुकाबले में अभिषेक ने 54 गेंदों में 135 रन बनाए, जिनमें 7 चौके और 13 छक्के शामिल रहे. यह टी20 में टीम इंडिया के लिए सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी थी, आज भी यह रिकॉर्ड अभिषेक के ही नाम है.
संजू सैमसन ने 40 बॉल में शतक लगाया. तिलक वर्मा ने 41 बॉल और ईशान किशन ने 42 गेंद में सेंचुरी लगाई है. सूर्यकुमार यादव, केएल राहुल समेत की अन्य भारतीय बल्लेबाज 50 से कम गेंद में शतक लगा चुके हैं, लेकिन रोहित शर्मा का रिकॉर्ड आज तक नहीं टूट पाया है.
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भारत के लिए सबसे तेज शतक (टी20)

35 गेंद - रोहित शर्मा
37 गेंद - अभिषेक शर्मा
40 गेंद - संजू सैमसन
41 गेंद - तिलक वर्मा
42 गेंद - ईशान किशन

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        <pubDate>Wed, 09 Sep 2026 14:30:05 +0530</pubDate>
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        <title>पाकिस्तान टीम की मदद से वसीम अकरम ने साफ कर दिया मना, जानें वजह</title>
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        <description><![CDATA[ पाकिस्तान क्रिकेट टीम कितने बुरे हाल में है, वह किसी से छुपा नहीं है. इंग्लैंड टूर पर हाल देख लीजिए, जहां टीम 0-2 से पिछड़ रही है. स्टुअर्ट ब्रॉड तो पहले ही भविष्यवाणी कर चुके थे कि इंग्लैंड यह सीरीज 3-0 से जीतेगा. पाकिस्तान के दिग्गज खिलाड़ी वसीम अकरम भी इस बात से सहमति रखते हैं. उनसे कई बार पूछा गया है कि क्या वे पाकिस्तान क्रिकेट टीम की मदद के लिए कुछ नहीं करना चाहते. सबको चौंकाते हुए अकरम ने मना कर दिया.
वसीम अकरम का कहना है कि ताली 2 हाथों से बजती है. उन्होंने कहा कि यहां दिक्कत केवल खिलाड़ी और बोर्ड के साथ नहीं है बल्कि बुनियादी रूप से पाकिस्तान क्रिकेट बहुत कमजोर पड़ चुका है. पाक टीम को 9 सितंबर से इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज का तीसरा टेस्ट खेलना है, उसमें कई सारे खिलाड़ी अपना इंटरनेशनल डेब्यू कर सकते हैं.
अकरम ने मना कर दिया
द एथलेटिक के मुताबिक वसीम अकरम ने कहा, &quot;मुझसे अक्सर यह सवाल पूछा जाता है. &#039;क्या आप पाकिस्तान क्रिकेट में बदलाव के लिए कुछ करेंगे?&#039; लेकिन यहां दिक्कतों की जड़ें बहुत गहरी हैं. यहां सिर्फ टॉप खिलाड़ी हैं, उसके अलावा कुछ नहीं.&quot;
अकरम ने पाकिस्तान के डोमेस्टिक क्रिकेट सिस्टम पर भी सवाल उठाए. उन्होंने बताया कि पाकिस्तान में घरेलू क्रिकेट के फर्स्ट-क्लास स्ट्रक्चर में उतार-चढ़ाव देखे गए हैं. इसमें कोई निरंतरता नहीं है और ना ही कोई सब्र.
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फैंस पर भी साधा निशाना
दिग्गज गेंदबाज ने पाकिस्तानी फैंस को भी नहीं बख्शा. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान क्रिकेट के डाउनफॉल में फैंस का भी हाथ है. उनके अनुसार फैंस अपनी टीम को हारता देख तुरंत आलोचना करने लगते हैं.
वहाब रियाज महिला एशिया कप में पाकिस्तान टीम के मेंटॉर हैं. उनका एक वीडियो खूब वायरल हुआ, जिसमें पाकिस्तानी फैंस उनसे कहते दिखे कि उन्हें ट्रॉफी जीतने से फर्क नहीं पड़ता, उन्हें सिर्फ भारत को हारते देखना है. यह दर्शाता है कि वसीम अकरम का कहना गलत नहीं है, क्योंकि पाक फैंस अपनी ही टीम की धज्जियां उड़ाने में व्यस्त हैं.
पता था 3-0 से हारेंगे
वसीम अकरम को पाकिस्तान क्रिकेट टीम से सहानुभूति है, लेकिन वे मानते हैं कि टीम किसी भी क्षेत्र में अच्छा नहीं कर रही है. उन्होंने कहा, &quot;मुझे सीरीज से पहले ही अंदाजा था कि हम 0-3 से हारेंगे. हमारी बल्लेबाज संघर्ष कर रहे हैं, गेंदबाजी कमजोर है और फील्डिंग तो सबसे ज्यादा खराब है.&quot;
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        <pubDate>Wed, 09 Sep 2026 14:30:04 +0530</pubDate>
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        <title>PM मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 साल, नितिन नवीन ने कहा&amp; 2 अक्टूबर को...</title>
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        <description><![CDATA[ भारतीय जनता पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने पर कहा कि अगले महीने हम &#039;सेवा संकल्प अभियान&#039; आयोजित कर रहे हैं. पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन ने बुधवार (9 सितंबर) को कहा कि 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक इसका आयोजन किया जाएगा. उन्होंने इस दौरान पीएम मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने देश में कई बड़े काम किए, जो कि सालों से अटके थे.
नितिन नवीन ने कहा, &#039;7 अक्टूबर 2026 को प्रधानमंत्री के जनसेवा और समर्पण के 25 साल पूरा होने वाले हैं. पिछले 25 वर्षों में जनसेवा से राष्ट्र सेवा के मंत्र को पकड़ते हुए जनसेवा के कार्य को जारी रखा हुआ है. प्रधानमंत्री जी के मन में जो ध्येय वाक्य रहे उनको पूरा करने का काम किया.&#039;
पीएम मोदी ने 25 करोड़ लोगों को गरीबी से निकाला - नितिन नवीन
उन्होंने कहा, &#039;25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालना हो, कोविड की फ्री वैक्सीन, फ्री राशन देने का काम प्रधानमंत्री ने किया है. उनका सफर साधारण कार्यकर्ता के रूप में शुरू हुआ और देश के प्रधान सेवक के रूप में जो काम को आगे बढ़ाया वो उनके दृढ़ संकल्प के के चलते हुआ. जब उनको नेतृत्व संभाला तब अर्थव्यवस्था फ्रेजाइल फाइव में थी. आज सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था हमारे देश की है.&#039;

#WATCH | सेवा संकल्प अभियान... बीजेपी का प्लान@romanaisarkhan | https://t.co/SMm0dUypVm #BJP #NitinNabin #PressConference #PMModi #ABPNews pic.twitter.com/pti61wMC2y
&amp;mdash; ABP News (@ABPNews) September 9, 2026



भाजपा अध्यक्ष ने कहा, &#039;देशों ने प्रधानमंत्री को सम्मान दिया वो देश की 140 करोड़ जनता का सम्मान है. प्रधानमंत्री के नेतृत्व में बाहरी और आंतरिक सुरक्षा देने का काम किया. नक्सलवाद को समाप्त किया. विकास ही नहीं सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को भी मजबूत किया. राम मंदिर हो या &amp;nbsp;काशी विश्वनाथ, महाकाल कॉरिडोर इन सब विरासतों को सृजित करने का काम किया. युवाओं में जो निराशा का भाव था &amp;nbsp;उनमें आशा का संचार करने का काम किया. स्टार्ट अप के जरिए रोजगार देने वाला बनाया. गुजरात मॉडल सभी राज्यो के लिए मॉडल बना.&#039;
2 अक्टूबर को रखा जाएगा स्वच्छता अभियान
उन्होंने पीएम मोदी को लेकर कहा, ज्ञान( गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी) इनको आगे रखकर काम किया. 25 साल कार्यकाल बेदाग रहा. इस संदेश को जन जन तक पहुंचाना हमारा काम है. 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान चलाएंगे. 17 सितंबर को सेवा दिवस के रूप में मनाते है, इस बार भी मनाएंगे. रक्तदान शिविर लगाए जाएंगे. जो काम प्रधानमंत्री ने किए उनके प्रति आभार व्यक्त किया जायेगा. लाभार्थियों द्वारा दीप जलाए जायेंगे. 2 अक्टूबर को स्वच्छता अभियान रखा जाएगा.
अपडेट जारी है...
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        <pubDate>Wed, 09 Sep 2026 13:30:10 +0530</pubDate>
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        <title>आतंकी मसूद अजहर पर पाकिस्तान ने बोला झूठ, अब अफगानिस्तान ने खोली पोल</title>
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        <description><![CDATA[ भारत के मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल आतंकी मसूद अजहर पर पाकिस्तान के झूठ को अफगानिस्तान ने बेनकाब कर दिया है. अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि अजहर अफगानिस्तान में नहीं है. पाकिस्तान ने बार बार दावा किया है कि जैश-ए-मोहम्मद (JeM) का संस्थापक मसूद अजहर अफगानिस्तान से अपनी गतिविधियां चला रहा है.&amp;nbsp;
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, अफगानिस्तान ने दोहराया कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल किसी दूसरे देश के खिलाफ नहीं किया जाएगा. इस्लामाबाद लंबे समय से कहता रहा है कि अजहर अफगानिस्तान भाग गया था.&amp;nbsp;
पाकिस्तान क्यों बोलता है झूठ?
अफगानिस्तान का बयान ऐसे समय में आया है जब पेरिस स्थित फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) अपनी आगामी बैठक में पाकिस्तान के आतंकवाद-रोधी प्रयासों की समीक्षा करने वाली है. पाकिस्तान पर दबाव है कि वह आतंकी समूहों और उनके नेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे.&amp;nbsp;
मनी लॉन्ड्रिंग रोकने में कमियों और टेरर फंडिंग को रोकने में विफलता के कारण पाकिस्तान को 2018 और 2022 के बीच FATF की &#039;ग्रे लिस्ट&#039; में रखा गया था. ग्रे लिस्ट से बाहर निकलने के लिए, पाकिस्तान को कई कदम उठाने हैं. जिनमें JeM और LeT और उनके सहयोगी संगठनों पर प्रतिबंध लगाना और इन संगठनों के नेताओं को दोषी ठहराना शामिल है.
भारत का मोस्ट वांटेड मसूद अजहर
2022 में पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट से बाहर निकलने की इजाज़त इस शर्त पर दी गई थी कि APG (मनी लॉन्ड्रिंग पर एशिया/पैसिफिक ग्रुप) कुछ खास मुद्दों पर उसकी कोशिशों और परफॉर्मेंस की समीक्षा करता रहेगा. FATF के कहने पर APG जिन मुद्दों पर पाकिस्तान की समीक्षा कर रहा था, उनमें से एक मुद्दा अजहर को गिरफ्तार करने की उसकी कोशिशें थीं.
मसूद अजहर ने भारत में कई आतंकी हमलों को अंजाम दिया है. इनमें 2001 में संसद पर हमला, 2008 में मुंबई हमले, 2016 में पठानकोट एयरबेस पर हमला और 2019 में पुलवामा बम धमाका शामिल हैं. भारत लगातार दुनिया से इसपर एक्शन की मांग करता रहा है. मई 2019 में UN सिक्योरिटी काउंसिल ने मसूद अजहर को ग्लोबल टेररिस्ट घोषित किया था. ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 09 Sep 2026 13:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>&amp;apos;पंजाब में ड्रग्स माफिया सरकार चला रहे&amp;apos;, दलित की मौत पर राहुल का भगवंत मान पर तंज</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/पंजाब-में-ड्रग्स-माफिया-सरकार-चला-रहे-दलित-की-मौत-पर-राहुल-का-भगवंत-मान-पर-तंज</link>
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        <description><![CDATA[ पंजाब में बढ़ते नशे को लेकर लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सूबे की आम आदमी पार्टी की सरकार को घेरा है. उन्होंने कांग्रेस के सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो को रि-पोस्ट करते हुए कहा कि पंजाब की AAP सरकार में एक खतरनाक पैटर्न दिख रहा है. सरकारी नाकामी पर सवाल करोगे, तो जवाब धमकी और टॉर्चर से मिलेगा.
राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि अपने बेटे को नशे का शिकार बनते देखने वाले, दलित समुदाय से आने वाले गुलजार सिंह ने जब पंजाब के वित्त मंत्री से सिर्फ इतना पूछा कि सरकार ड्रग्स का कारोबार रोकने में इतनी बुरी तरह नाकाम क्यों है? तो बस इस बात पर उन्हें इतना प्रताड़ित और अपमानित किया गया, माफी मांगने के लिए इतना दबाव बनाया गया कि उन्होंने जहर खा लिया.
राहुल गांधी ने क्या कहाराहुल गांधी ने आगे कहा कि एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल में भटकते हुए इलाज के अभाव में आखिरकार वो ज़िंदगी की जंग हार गए. इसके अलावा राहुल गांधी ने ये भी बताया कि पिछले हफ्ते मैंने एक युवा मोहनजीत सिंह से भी बात की, जिन्हें मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ प्रदर्शन करने पर प्रताड़ित किया गया.

पंजाब की AAP सरकार में एक खतरनाक पैटर्न दिख रहा है - सरकारी नाकामी पर सवाल करोगे, तो जवाब धमकी और torture से मिलेगा।अपने बेटे को नशे का शिकार बनते देखने वाले, दलित समुदाय से आने वाले गुलज़ार सिंह जी ने वित्त मंत्री से सिर्फ़ इतना पूछा कि सरकार ड्रग्स का कारोबार रोकने में इतनी&amp;hellip; https://t.co/umImJz7GFm
&amp;mdash; Rahul Gandhi (@RahulGandhi) September 9, 2026



नेता विपक्ष ने साफ किया कि सरकार का काम जनता को जवाब देना है, सवाल पूछने वालों को कुचलना नहीं. उन्होंने आगे कहा कि गुलजार सिंह के परिवार को जल्द से जल्द न्याय मिले. मुख्यमंत्री मान तत्काल वित्त मंत्री का इस्तीफा लें और सुनिश्चित करें कि एक स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच हो, जिसकी FIR में उनका नाम दर्ज किया जाए.
&#039;पंजाब को नशे के दलदल में धकेला&#039;कांग्रेस ने एक्स पर एक वीडियो पोस्ट कर कहा कि पंजाब में गुलजार सिंह ने AAP सरकार के मंत्री हरपाल सिंह चीमा से नशे पर सवाल पूछा तो उन्हें डराया-धमकाया गया. उन पर इतना दबाव डाला गया कि उन्होंने अपनी जान दे दी. गुलजार ने AAP सरकार के मंत्री को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है.
पोस्ट में आगे कहा गया कि आम आदमी पार्टी ने पंजाब को नशे के दलदल में धकेल दिया है. ड्रग्स माफिया सरकार चला रहे हैं और उनके खिलाफ आवाज उठाने वालों को इतना प्रताड़ित किया जाता है कि वो जान देने को मजबूर हो जाते हैं. इस अपराध के लिए पंजाब की जनता आम आदमी पार्टी को कभी माफ नहीं करेगी.&amp;nbsp;ये भी पढ़ें
राहुल गांधी को हाई कोर्ट से झटका, PM मोदी के खिलाफ टिप्पणी से जुड़ा है केस ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 09 Sep 2026 13:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>पंजाब, में, ड्रग्स, माफिया, सरकार, चला, रहे, दलित, की, मौत, पर, राहुल, का, भगवंत, मान, पर, तंज</media:keywords>
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        <title>कोलकाता में 40 रेस्टोरेंट पर गिरी गाज! खराब खाने की शिकायत के बाद एक्शन</title>
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        <description><![CDATA[ लकाता जैसे शहर में जहां बाहर खाना लोगों की जीवनशैली का अहम हिस्सा है, वहां फूड सेफ्टी को लेकर हुई एक बड़ी कार्रवाई ने लोगों को अगली बार बाहर खाना खाने से पहले सोचने पर मजबूर कर दिया है. कोलकाता नगर निगम (KMC) ने एक सप्ताह तक चले फूड सेफ्टी अभियान के दौरान करीब 40 रेस्टोरेंट, खानपान प्रतिष्ठानों और मिठाई की दुकानों के खिलाफ कार्रवाई की है. जांच में साफ-सफाई, खाद्य पदार्थों के रखरखाव और अन्य खाद्य सुरक्षा नियमों से जुड़े उल्लंघन सामने आए. कार्रवाई की जद में नाजिम्स, करीम्स, शिमला बिरयानी और अरसलान के एक आउटलेट जैसे कई चर्चित नाम भी शामिल हैं.
यह कार्रवाई राज्य में चलाए गए स्पेशल फूड सेफ्टी वीक के तहत की गई. इस दौरान नगर निगम और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने रेस्टोरेंट की रसोई, खाद्य भंडारण वाले स्थानों, इस्तेमाल की जा रही सामग्री और लाइसेंस की जांच की. अधिकारियों का मकसद केवल ग्राहक की प्लेट तक पहुंचने वाले खाने की जांच करना नहीं था, बल्कि यह देखना भी था कि खाना तैयार होने से पहले उसे किस तरह रखा और संभाला जा रहा है.
रेस्टोरेंट, होटल, क्लब और बाजारों तक पहुंची जांच
KMC कमिश्नर स्मिता पांडे के मुताबिक अभियान के तहत शहर में खाद्य कारोबार से जुड़े लगभग सभी क्षेत्रों को कवर किया गया. इनमें होटल, क्लब, रेस्टोरेंट, बाजार और बाजारों के अन्य खाद्य प्रतिष्ठान शामिल थे. स्मिता पांडे ने कहा, &amp;ldquo;हमने लोगों को खाना उपलब्ध कराने वाले लगभग सभी क्षेत्रों को कवर किया, जिसमें होटल, क्लब, रेस्टोरेंट, बाजार और बाजार क्षेत्र शामिल हैं.&amp;rdquo;
एक्सपायर्ड सामान से लेकर गंदे किचन तक मिली गड़बड़ियां
अधिकारियों के मुताबिक जांच के दौरान कई प्रतिष्ठानों में एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री मिली. इसके अलावा रसोई में साफ-सफाई की खराब स्थिति, खाद्य पदार्थों के गलत तरीके से रखे जाने, कीड़े-मकौड़ों से जुड़ी समस्याएं और एक ही खाना पकाने वाले तेल को बार-बार इस्तेमाल करने जैसी गड़बड़ियां भी सामने आईं.
कुछ प्रतिष्ठानों में सड़ा हुआ खाना भी मिला. मिठाई की दुकानों की स्थिति ने खास तौर पर नगर निगम के अधिकारियों को चौंकाया. KMC कमिश्नर स्मिता पांडे ने कहा कि कई मिठाई की दुकानों में स्वच्छता के मानकों में सुधार की जरूरत है. उन्होंने यह भी बताया कि बंगाल की मिठाइयां राज्य की खाद्य संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं.
रिटेल लाइसेंस था, लेकिन मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस नहीं
जांच के दौरान कुछ ऐसे प्रतिष्ठान भी मिले, जिनके पास रिटेल लाइसेंस तो था, लेकिन जरूरी मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस नहीं था. यानी वे खाद्य सामग्री बेचने के लिए अधिकृत थे, लेकिन उसके निर्माण से जुड़े जरूरी लाइसेंस उनके पास नहीं थे. पूरे अभियान के तहत KMC अधिकारियों ने 1,224 किलो ऐसा खाना भी नष्ट कर दिया, जिसे अस्वच्छ और खाने के लिए अनुपयुक्त माना गया. नष्ट किए गए खाद्य स्टॉक में मांस और सीफूड की मात्रा काफी थी. जांच के दायरे में हॉग मार्केट, मणिकतला, पाटीपुकुर फिश मार्केट और टेंगरा जैसे प्रमुख बाजार भी शामिल रहे.
नाजिम्स, करीम्स और शिमला बिरयानी समेत कई नाम कार्रवाई की सूची में
खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन को लेकर कार्रवाई का सामना करने वाले प्रतिष्ठानों में कोलकाता के कई चर्चित नाम शामिल हैं. काठी रोल के लिए मशहूर नाजिम्स का नाम भी इस सूची में है. इसके अलावा रिपन स्ट्रीट स्थित करीम्स, ईस्टर्न मेट्रोपॉलिटन बाईपास स्थित शिमला बिरयानी और नागेरबाजार स्थित अरसलान का एक आउटलेट भी कार्रवाई की जद में आया है. इनके अलावा डॉन जियोवानी, बलराम मलिक एंड राधारमण मलिक, श्री हरि, बिग बॉस और करी पत्ता समेत अन्य प्रतिष्ठानों पर भी कार्रवाई की गई है.
नगर निगम ने दूसरे कई प्रतिष्ठानों को अलग-अलग तरह के नोटिस भी जारी किए हैं. करीब 89 प्रतिष्ठानों को शो-कॉज या रिफ्रेन नोटिस मिले हैं, जबकि 112 प्रतिष्ठानों को फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट की धारा 38 के तहत नोटिस जारी किए गए हैं.
क्या दोबारा खुल सकेंगे ये रेस्टोरेंट?
कार्रवाई का मतलब यह जरूरी नहीं है कि इन प्रतिष्ठानों को हमेशा के लिए बंद कर दिया गया है. जिन प्रतिष्ठानों पर निलंबन की कार्रवाई हुई है, उन्हें जांच के दौरान सामने आई कमियों को दूर करने और जरूरी खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता मानकों को पूरा करने के बाद दोबारा खोलने की अनुमति के लिए आवेदन करना होगा.
KMC ने प्रतिष्ठानों के दोबारा खुलने के लिए कोई निश्चित समय सीमा तय नहीं की है. इसका मतलब है कि अगर संबंधित प्रतिष्ठान जरूरी सुधार कर लेते हैं और आवश्यक मंजूरियां हासिल कर लेते हैं तो वे त्योहारी सीजन से पहले भी दोबारा कारोबार शुरू कर सकते हैं. इस कार्रवाई का समय भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि अक्टूबर में दुर्गा पूजा आने वाली है. यह कोलकाता का सबसे व्यस्त त्योहारी समय होता है और इस दौरान रेस्टोरेंट, मिठाई की दुकानों तथा अन्य खाद्य कारोबारों में ग्राहकों की संख्या काफी बढ़ जाती है.
सिर्फ कोलकाता तक सीमित नहीं था अभियान
कोलकाता में हुई यह कार्रवाई पश्चिम बंगाल में चलाए जा रहे व्यापक फूड सेफ्टी अभियान का हिस्सा है. राज्य के स्पेशल फूड सेफ्टी वीक के शुरुआती दो दिनों में ही अधिकारियों ने 1,730 फूड बिजनेस ऑपरेटरों का निरीक्षण किया. इनमें से 1,525 प्रतिष्ठानों में बड़ी अनियमितताएं सामने आईं, जबकि 1,517 मामलों में सुधारात्मक कार्रवाई की सलाह दी गई. अधिकारियों ने लैब जांच के लिए 901 खाद्य नमूने भी एकत्र किए. अभियान के शुरुआती चरण में 11 प्रतिष्ठानों में खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाई गई, जबकि पांच प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित या रद्द किए गए. इसके अलावा 13 परिसरों को बंद या सील किया गया.
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        <pubDate>Wed, 09 Sep 2026 13:30:06 +0530</pubDate>
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        <title>CJP प्रोटेस्ट: नोटिस पर CJI नाराज, पूछा&amp; &amp;apos;मजिस्ट्रेट कैसे जारी कर सकते हैं&amp;apos;</title>
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        <description><![CDATA[ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन के मामले में ग्रेटर नोएडा के मजिस्ट्रेट की तरफ से एक छात्र को नोटिस जारी करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सख्त नाराजगी जताई है.
एक वकील ने बुधवार को सीजेआई सूर्यकांत की अगुवाई वाली तीन सदस्यीय पीठ के समक्ष&amp;nbsp;बताया कि यह नोटिस पुलिस के अनुरोध पर जारी हुआ था. हालांकि, अब नोटिस को वापस ले लिया गया है, लेकिन इसका जारी होना साफ तौर पर छात्रों को डराने की कोशिश थी. यह 1 सितंबर को आए सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश के खिलाफ था जिसमें छात्रों पर दर्ज सभी एफआईआर में आगे की कार्रवाई रोकी गई थी.
मजिस्ट्रेट से स्पष्टीकरण की मांग
चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने इस पर सख्त नाराजगी जताते हुए कहा कि मजिस्ट्रेट से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा. उन्हें बताने दीजिए कि ऐसा क्यों किया गया. सीजेआई ने पूछा कि कार्यकारी मजिस्ट्रेट ऐसा नोटिस कैसे जारी कर सकते हैं, जबकि शीर्ष अदालत पहले ही निर्देश दे चुकी है कि छात्रों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी. पीठ में जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टि वी. मोहना भी शामिल थे.
सीजेआई ने कहा, &amp;lsquo;&amp;lsquo;हमें हैरानी है कि मजिस्ट्रेट नोटिस कैसे जारी कर सकते हैं, जबकि हमने पहले ही किसी भी छात्र के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का आदेश दिया है. यह बिल्कुल स्पष्ट आदेश था.&amp;rsquo;&amp;rsquo;&amp;nbsp;
क्या मामला है?अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय (जीबीयू) के छात्र अक्षत त्रिपाठी को जंतर-मंतर पर CJP की अगुवाई में हुए प्रदर्शन में शामिल होने के मामले में ग्रेटर नोएडा के कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने नोटिस जारी किया था. नोटिस में शांति बनाए रखने के लिए छात्र से पांच लाख रुपये का निजी मुचलका भरने को कहा गया था. बाद में यह आदेश वापस ले लिया गया.&amp;nbsp;
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने एक सितंबर को स्पेशल पावर वाले अनुच्छेद 142 का इस्तेमाल करते हुए सभी एफआईआर पर रोक लगा दी थी. इससे पहले केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से एफआईआर पर सुप्रीम कोर्ट से स्पेशल पावर का इस्तेमाल करने का अनुरोध किया था. ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 09 Sep 2026 13:30:04 +0530</pubDate>
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        <title>नींद&amp;डिप्रेशन की दवाएं बढ़ाती हैं बुजुर्गों में गिरने का खतरा, स्टडी में खुलासा</title>
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        <description><![CDATA[ उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं. इस दौरान नींद ठीक से न आना और डिप्रेशन जैसी परेशानियां भी आम हो जाती हैं. ऐसे में डॉक्टर कुछ लोगों को नींद या डिप्रेशन की दवाएं देते हैं. इन दवाओं से परेशानी कम करने में मदद मिलती है, लेकिन इनका असर हर व्यक्ति पर एक जैसा नहीं होता. खासकर बुजुर्गों में कुछ दवाओं से ज्यादा नींद, चक्कर या चलने में परेशानी हो सकती है. इससे उनके गिरने का खतरा बढ़ जाता है. कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी, सैन फ्रांसिस्को के डॉक्टरों की स्टडी में भी दवाओं और बुजुर्गों के गिरने के बीच संबंध सामने आया है.
दवा लेने के बाद क्यों बढ़ जाता है गिरने का खतरा?&amp;nbsp;
नींद की कुछ दवाएं दिमाग को शांत करती हैं और नींद लाने में मदद करती हैं. कई बार इनका असर सुबह उठने के बाद भी बना रहता है. बुजुर्गों को उठने के बाद सुस्ती, चक्कर या कमजोरी महसूस हो सकती है. इससे चलते समय शरीर का संतुलन बिगड़ जाता है. खासकर रात में बाथरूम जाने के लिए अचानक उठने पर गिरने का खतरा ज्यादा रहता है. डिप्रेशन के इलाज में इस्तेमाल होने वाली कुछ दवाएं भी चक्कर या नींद जैसी परेशानी पैदा कर सकती हैं. उम्र बढ़ने के साथ शरीर इन दवाओं को पहले की तुलना में धीरे-धीरे बाहर निकालता है. इसलिए बुजुर्गों में दवाओं का असर ज्यादा देर तक दिखता है.&amp;nbsp;
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स्टडी में क्या सामने आया?&amp;nbsp;
शोधकर्ताओं ने बड़ी संख्या में बुजुर्ग लोगों के स्वास्थ्य से जुड़े आंकड़ो को देखा. इसमें उन लोगों पर ध्यान दिया गया, जो नींद से जुड़ी परेशानी के लिए दवाएं ले रहे थे. स्टडी में पाया गया कि ऐसी दवाएं लेने वाले बुजुर्गों में गिरने का खतरा उन लोगों के मुकाबले ज्यादा था, जो ऐसी दवाएं नहीं ले रहे थे. इसमें नींद की दवाओं के साथ कुछ डिप्रेशन की दवाएं भी शामिल थीं. एक से ज्यादा ऐसी दवाएं लेने वाले लोगों में भी सावधानी की जरूरत ज्यादा बताई गई है. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि दवा लेने वाला हर बुजुर्ग&amp;nbsp; गिरेगा ही. दवा का असर व्यक्ति की उम्र, शरीर और दूसरी दवाओं पर भी निर्भर करता है.
दवा अपनी मर्जी से बंद न करें
अगर कोई बुजुर्ग नींद या डिप्रेशन की दवा ले रहा है तो उसे अपनी मर्जी से दवा बंद नहीं करनी चाहिए. दवा की मात्रा कम या ज्यादा करने का फैसला भी डॉक्टर की सलाह से ही किया जाना चाहिए. परिवार के लोगों को ध्यान रखना चाहिए कि दवा लेने के बाद बुजुर्ग को चक्कर, ज्यादा नींद या चलने में परेशानी तो नहीं हो रही है. घर में फर्श पर सामान न रखें और रात में बाथरूम जाने के रास्ते में पर्याप्त रोशनी रखें. इससे गिरने की आशंका कम की जा सकती है. नींद की परेशानी के लिए डॉक्टर दवा के अलावा नींद सुधारने के दूसरे तरीके भी बताते हैं जैसे व्यायाम, प्राणायाम ओर भी कई चीजे&amp;nbsp; .
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        <pubDate>Wed, 09 Sep 2026 11:30:11 +0530</pubDate>
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        <title>Switchboard Cleaning: सफेद से काले हो गए हैं घर के स्विच बोर्ड, इस तरीके से करें सफाई</title>
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        <description><![CDATA[ How To Clean Dirty Switchboards Safely: घर की सफाई करते समय हम फर्श, खिड़कियां, दरवाजे और फर्नीचर पर तो खूब ध्यान देते हैं, लेकिन स्विच बोर्ड अक्सर नजरअंदाज हो जाते हैं. रोजाना हाथ लगाने की वजह से इन पर उंगलियों के निशान, धूल और गंदगी जमती रहती है. धीरे-धीरे सफेद स्विच बोर्ड का रंग फीका पड़ने लगता है और कई बार वे इतने काले या मैले दिखने लगते हैं कि पूरा बोर्ड गंदा नजर आता है.
सिर्फ सामान्य सूखे कपड़े से पोंछने पर हर तरह के निशान साफ नहीं होते. ऐसे में कुछ आसान घरेलू तरीकों से स्विच बोर्ड की बाहरी सतह पर जमी गंदगी को हटाया जा सकता है. हालांकि, बिजली से जुड़े सामान की सफाई करते समय सबसे पहले सुरक्षा का ध्यान रखना जरूरी है.
सफाई शुरू करने से पहले बिजली बंद करें
स्विच बोर्ड साफ करने से पहले उस सर्किट की बिजली सप्लाई बंद कर दें. केवल स्विच को बंद करना पर्याप्त नहीं माना जाना चाहिए. मेन स्विच या संबंधित सर्किट ब्रेकर बंद करने के बाद ही सफाई शुरू करें. इसके अलावा, स्विच बोर्ड पर सीधे पानी, नींबू का रस या कोई दूसरा तरल न डालें. सफाई के दौरान बोर्ड और उसके आसपास की जगह सूखी होनी चाहिए. बिजली का कनेक्शन बंद होने के बाद भी किसी भी तरल पदार्थ को बोर्ड के अंदर जाने से बचाना जरूरी है.

टूथपेस्ट से हटाएं हल्की गंदगी
सफेद प्लेन टूथपेस्ट का इस्तेमाल कुछ प्लास्टिक सतहों पर जमी हल्की गंदगी और निशान हटाने के लिए किया जा सकता है. इसके लिए थोड़ी मात्रा में टूथपेस्ट किसी पुराने, मुलायम टूथब्रश पर लगाएं और स्विच बोर्ड की बाहरी सतह पर बहुत हल्के हाथ से रगड़ें. कोनों और किनारों पर खास ध्यान दें, क्योंकि वहां धूल ज्यादा जमा हो सकती है. सफाई के बाद सूखे और मुलायम कपड़े से टूथपेस्ट को अच्छी तरह हटा दें. ध्यान रखें कि हर स्विच बोर्ड की प्लास्टिक फिनिश एक जैसी नहीं होती. इसलिए पहले किसी छोटे और कम दिखाई देने वाले हिस्से पर इसे आजमाना बेहतर है.
नींबू और नमक का इस्तेमाल सावधानी से करें
नींबू और नमक का इस्तेमाल घर की कई चीजों की सफाई में किया जाता है. नींबू में मौजूद एसिडिक गुण गंदगी को ढीला करने में मदद कर सकते हैं, जबकि नमक हल्के घर्षण के जरिए निशान हटाने में मदद करता है. लेकिन स्विच बोर्ड बिजली से जुड़ा सामान है, इसलिए इस तरीके में अतिरिक्त सावधानी जरूरी है. नींबू या किसी भी तरल पदार्थ को सीधे बोर्ड पर न लगाएं. अगर बिजली पूरी तरह बंद है, तो भी बहुत कम मात्रा में नमी वाले कपड़े से केवल बाहरी प्लास्टिक सतह को साफ करें और तुरंत सूखे कपड़े से पोंछ दें. किसी भी तरल को स्विच, सॉकेट या किनारों के अंदर जाने न दें.

जिद्दी काले निशानों पर क्या करें?
कुछ स्विच बोर्ड पर लंबे समय से जमा गंदगी, स्याही या रगड़ के निशान सामान्य सफाई से नहीं निकलते. ऐसे निशानों के लिए तेज केमिकल का इस्तेमाल करने के बजाय पहले हल्के क्लीनिंग तरीके आजमाना बेहतर है.
नाखून साफ करने वाले रिमूवर जैसे सॉल्वेंट कुछ प्लास्टिक की सतह को नुकसान पहुंचा सकते हैं, उसका रंग बदल सकते हैं या चमकदार फिनिश खराब कर सकते हैं. इसलिए इन्हें स्विच बोर्ड पर इस्तेमाल करना सामान्य सफाई के लिए अच्छा विकल्प नहीं है. खासकर अगर बोर्ड पर प्रिंटेड निशान, पेंट या सजावटी कोटिंग हो, तो ऐसे केमिकल से बचें.
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सूखे कपड़े से नियमित सफाई करें
स्विच बोर्ड को बहुत ज्यादा काला होने से बचाने का सबसे आसान तरीका है कि उसकी नियमित सफाई की जाए. हफ्ते में एक बार सूखे माइक्रोफाइबर या मुलायम कपड़े से बाहरी सतह पोंछने से धूल और उंगलियों के निशान जमा होने कम किए जा सकते हैं. अगर बोर्ड पर सिर्फ हल्की गंदगी है, तो किसी भी तरह के तेज क्लीनर की जरूरत नहीं पड़ती. नियमित और हल्की सफाई ज्यादा सुरक्षित तरीका है.
सफाई करते समय इन गलतियों से बचें
स्विच बोर्ड पर पानी का छिड़काव न करें. गीले हाथों से उसे न छुएं और सफाई के दौरान गीले फर्श पर खड़े होकर काम न करें. किसी भी तरल क्लीनर को सीधे स्विच या सॉकेट में डालना खतरनाक हो सकता है. सफाई पूरी करने के बाद बोर्ड और आसपास की सतह पूरी तरह सूखने दें. इसके बाद ही बिजली की सप्लाई चालू करें. अगर स्विच बोर्ड ढीला है, टूटा हुआ है, उसमें जलने के निशान हैं या किसी सॉकेट से स्पार्किंग होती है, तो खुद सफाई या मरम्मत करने के बजाय किसी योग्य इलेक्ट्रीशियन की मदद लें.
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        <pubDate>Wed, 09 Sep 2026 11:30:09 +0530</pubDate>
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        <title>Salt Storage Tips: गैस चूल्हे के पास रखती हैं नमक? तुरंत बदलें ये 1 आदत</title>
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        <description><![CDATA[ Why You Should Not Keep Salt Near Gas Stove: रसोई में खाना बनाते समय नमक सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली चीजों में से एक है. इसलिए ज्यादातर लोग इसे ऐसी जगह रखना पसंद करते हैं, जहां हाथ बढ़ाते ही नमक आसानी से मिल जाए. कई घरों में नमक का डिब्बा गैस स्टोव के ठीक पास या उसके आसपास ही रखा रहता है. यह तरीका सुविधाजनक जरूर लगता है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि गैस के पास लगातार रखा नमक आपकी रोजमर्रा की कुकिंग में परेशानी पैदा कर सकता है?
नमक सामान्य तौर पर जल्दी खराब होने वाली चीज नहीं है. साधारण नमक यानी सोडियम क्लोराइड लंबे समय तक सुरक्षित रह सकता है. लेकिन नमक की एक खासियत है कि वह हवा में मौजूद नमी को सोख लेता है. यही वजह है कि सही तरीके से स्टोर न करने पर नमक में गांठें पड़ने लगती हैं और वह डिब्बे से आसानी से निकलना बंद कर देता है.
गैस के पास नमक रखने से क्या होता है?
खाना बनाते समय गैस के आसपास सिर्फ गर्मी ही नहीं होती, बल्कि भाप और नमी भी बनती है. जब पानी उबलता है या किसी बर्तन से भाप निकलती है, तो वह ऊपर उठकर आसपास की चीजों तक पहुंचती है. अगर नमक का डिब्बा लगातार गैस के पास रखा है, तो यह नमी उसके अंदर पहुंच सकती है. नमक हवा से नमी सोखता है. बार-बार ऐसा होने पर नमक के छोटे-छोटे दाने आपस में चिपकने लगते हैं और धीरे-धीरे उसमें कड़े गुच्छे बन सकते हैं. कुछ समय बाद नमक डिब्बे से निकालना मुश्किल हो जाता है और शेकर के छेद भी जाम हो सकते हैं.

इसका मतलब यह नहीं है कि गैस के पास रखा नमक तुरंत खराब हो जाएगा. समस्या मुख्य रूप से उसकी नमी और इस्तेमाल में आने वाली परेशानी की है. अगर डिब्बा खुला रहता है या ढक्कन ठीक से बंद नहीं होता, तो यह परेशानी और जल्दी हो सकती है.
सिंक के पास भी नमक रखने से बचें
सिर्फ गैस ही नहीं, रसोई का सिंक भी नमक रखने के लिए सही जगह नहीं है. सिंक के आसपास आमतौर पर नमी ज्यादा रहती है. बर्तन धोने, पानी के छींटे पड़ने और लगातार नमी रहने से नमक हवा से ज्यादा नमी खींच सकता है. इसलिए नमक को ऐसी जगह रखना बेहतर है जहां पानी, भाप और गर्मी का सीधा संपर्क कम हो. गैस स्टोव और सिंक से थोड़ी दूरी पर मौजूद सूखी कैबिनेट या किचन शेल्फ इसके लिए बेहतर जगह हो सकती है.

नमक को रखने के लिए कैसा डिब्बा सही है?
नमक को सूखा रखने के लिए ऐसा कंटेनर इस्तेमाल करें जिसका ढक्कन अच्छी तरह बंद हो. कांच, सिरेमिक या अच्छी क्वालिटी के फूड-ग्रेड प्लास्टिक के कंटेनर इसके लिए इस्तेमाल किए जा सकते हैं. अगर आप रोजाना खाना बनाते समय नमक शेकर में रखते हैं, तो कोशिश करें कि इस्तेमाल के बाद ढक्कन ठीक से बंद हो. नमक का डिब्बा खुला छोड़ने से रसोई की हवा की नमी आसानी से अंदर जा सकती है. नमक निकालते समय हमेशा सूखी चम्मच का इस्तेमाल करें. गीली चम्मच से नमक निकालने पर उसके अंदर सीधे नमी पहुंच सकती है और दाने तेजी से चिपकने लग सकते हैं.
नमक में गांठें पड़ जाएं तो क्या करें?
अगर नमक पहले ही गांठों में बदल गया है, तो सिर्फ इसकी वजह से उसे फेंकने की जरूरत नहीं है. अगर नमक साफ है और उसमें किसी तरह की गंदगी या दूसरी चीज नहीं मिली है, तो गांठों को चम्मच की मदद से तोड़ा जा सकता है. कुछ लोग नमक के डिब्बे में थोड़े सूखे चावल के दाने भी रखते हैं. इसका उद्देश्य अतिरिक्त नमी को सोखने में मदद करना है. हालांकि इससे भी ज्यादा जरूरी है कि नमक का कंटेनर सूखा रहे और उसका ढक्कन ठीक से बंद हो.
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क्या नमक को फ्रिज में रखना चाहिए?
नमक को फ्रिज में रखने की जरूरत नहीं होती. फ्रिज के अंदर भी नमी रहती है और बार-बार दरवाजा खुलने-बंद होने से तापमान और नमी में बदलाव होता रहता है. इससे नमक में गांठें पड़ने की समस्या बढ़ सकती है. नमक के लिए ठंडी, सूखी और रोशनी से दूर किचन कैबिनेट ज्यादा बेहतर जगह है. इसे ऐसी जगह रखें जहां गैस की गर्मी, भाप या सिंक के पानी का असर न हो.
आयोडीन वाले नमक का भी रखें ध्यान
अगर आप आयोडीन युक्त नमक इस्तेमाल करते हैं, तो उसे नमी, गर्मी और रोशनी से बचाकर रखना और भी जरूरी है. समय के साथ इसमें मौजूद आयोडीन की मात्रा कम हो सकती है, खासकर अगर नमक को गलत तरीके से स्टोर किया जाए. इसलिए नमक को गैस के पास रखने की आदत भले ही छोटी लगे, लेकिन रोजाना इस्तेमाल में इससे कई परेशानियां हो सकती हैं. डिब्बे को स्टोव से दूर, सूखी जगह पर रखें, ढक्कन हमेशा बंद रखें और नमक निकालने के लिए सूखी चम्मच का इस्तेमाल करें. इन छोटी-छोटी सावधानियों से नमक लंबे समय तक सूखा और आसानी से इस्तेमाल करने लायक बना रह सकता है.
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        <pubDate>Wed, 09 Sep 2026 11:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>Roti Storage Tips: रोटियों को लंबे समय तक रखना है नरम? तुरंत छोड़ें ये 1 आदत</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/roti-storage-tips-रोटियों-को-लंबे-समय-तक-रखना-है-नरम-तुरंत-छोड़ें-ये-1-आदत</link>
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        <description><![CDATA[ How To Store Cooked Rotis Fresh For Longer: गरमागरम रोटी खाना किसे पसंद नहीं होता? तवे से उतरती हुई नरम रोटी जब सीधे थाली में आती है, तो खाने का स्वाद ही अलग होता है. लेकिन रोटी बनाने के बाद उसे संभालकर रखने का तरीका भी उतना ही जरूरी है. खासकर अगर आप बची हुई रोटियां बाद में खाने के लिए रखते हैं या लंच बॉक्स में पैक करते हैं, तो एक छोटी-सी गलती उनकी क्वालिटी और ताजगी दोनों पर असर डाल सकती है.
अक्सर लोग तवे से रोटी उतारते ही उसे एक के ऊपर एक रखते हैं और तुरंत एयरटाइट डिब्बे का ढक्कन बंद कर देते हैं. इससे रोटी कुछ समय तक नरम जरूर रह सकती है, लेकिन ज्यादा देर तक गर्म और भाप से भरे माहौल में रखने पर यही तरीका रोटियों को चिपचिपा और नम बना सकता है. अगर इन्हें लंबे समय तक इसी तरह रखा जाए, तो नमी की वजह से रोटियां जल्दी खराब भी हो सकती हैं.
गर्म रोटी को तुरंत बंद डिब्बे में रखने पर क्या होता है?
ताजी रोटी में पकने के बाद भी काफी गर्मी और नमी रहती है. जब उसे तुरंत बंद डिब्बे में डाल दिया जाता है, तो यह भाप बाहर नहीं निकल पाती. धीरे-धीरे भाप डिब्बे की अंदरूनी सतह पर पानी की बूंदों में बदलने लगती है. यही नमी वापस रोटी की सतह पर आ जाती है. इससे रोटी नरम तो महसूस हो सकती है, लेकिन अगर डिब्बे में बहुत ज्यादा नमी जमा हो जाए और रोटियां लंबे समय तक कमरे के तापमान पर पड़ी रहें, तो यह बैक्टीरिया और फफूंद के बढ़ने के लिए अनुकूल माहौल बना सकती है. यही वजह है कि रोटियों को लंबे समय तक स्टोर करते समय सिर्फ एयरटाइट डिब्बे का इस्तेमाल करना ही काफी नहीं है.

रोटी को कैसे रखें ताकि वह ज्यादा देर तक अच्छी रहे?
अगर रोटियां कुछ घंटों के अंदर खानी हैं, तो उन्हें एक साफ सूती या मलमल के कपड़े में रखकर ढकना बेहतर तरीका हो सकता है. इससे अतिरिक्त भाप को निकलने की थोड़ी जगह मिलती है और रोटियां बहुत ज्यादा गीली भी नहीं होतीं. अगर आपका मकसद रोटियों को नरम रखना है, तो उन्हें तवे से उतरते ही बहुत देर तक खुले में छोड़ना भी सही नहीं है. रोटियों को थोड़ी देर भाप निकलने देने के बाद साफ कपड़े में लपेटकर कंटेनर में रखा जा सकता है. इस तरह रोटी की नमी काफी हद तक बनी रहती है, लेकिन डिब्बे के अंदर जरूरत से ज्यादा पानी जमा होने का खतरा कम होता है.
लंच बॉक्स के लिए खास ध्यान रखें
लंच बॉक्स में रोटी पैक करते समय भी यही बात ध्यान रखने वाली है. अगर बहुत गर्म रोटियां तुरंत पूरी तरह बंद डिब्बे में पैक कर दी जाएं, तो अंदर भाप फंस सकती है. कुछ समय बाद ढक्कन के अंदर नमी दिखाई देने लगती है और रोटियां गीली या चिपचिपी हो सकती हैं. इसलिए रोटियों को पैक करने से पहले थोड़ी देर भाप निकलने देना और फिर साफ कपड़े या पेपर टॉवल की मदद से पैक करना ज्यादा व्यावहारिक तरीका है. खासकर गर्म मौसम में रोटियों को लंबे समय तक कमरे के तापमान पर बंद डिब्बे में रखने से बचना चाहिए.

बची हुई रोटियों को लंबे समय के लिए कैसे रखें?
अगर रोटियां अगले दिन या उससे बाद में खानी हैं, तो उन्हें सिर्फ कमरे के तापमान पर बंद डिब्बे में रखकर छोड़ना सही तरीका नहीं है. पहले रोटियों को सामान्य तापमान तक आने दें और फिर उन्हें साफ, सूखे और ढक्कन वाले कंटेनर में रखकर फ्रिज में स्टोर करें. खाने के समय इन्हें दोबारा गर्म किया जा सकता है. अगर रोटी थोड़ी सख्त हो गई है, तो हल्की नमी के साथ गर्म करने से उसकी नरमी कुछ हद तक वापस आ सकती है.
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सिर्फ नरमी नहीं, सफाई भी जरूरी है
रोटियों को नरम रखने के चक्कर में सफाई और सही स्टोरेज को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. जिस कपड़े, डिब्बे या कंटेनर में रोटियां रखी जा रही हैं, वह पूरी तरह साफ और सूखा होना चाहिए. अगर रोटी में अजीब गंध आने लगे, उस पर फफूंद दिखाई दे या उसकी बनावट असामान्य लगे, तो उसे खाना सुरक्षित नहीं माना जाता. रोटी को लंबे समय तक ताजा रखने का मतलब सिर्फ उसे गर्म रखना नहीं है. सही तापमान, नमी और साफ-सफाई का संतुलन भी जरूरी है. इसलिए तवे से उतरी रोटियों को तुरंत भाप बंद करके रखने की आदत के बजाय, उन्हें थोड़ी देर भाप निकलने दें और फिर जरूरत के हिसाब से स्टोर करें. छोटी-सी सावधानी रोटी का स्वाद और टेक्सचर बनाए रखने के साथ-साथ उसे जल्दी खराब होने से बचाने में भी मदद कर सकती है.
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        <pubDate>Wed, 09 Sep 2026 11:30:06 +0530</pubDate>
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        <title>शरीर में कहां चाकू लगने से तुरंत हो जाती है मौत? यहां जानें</title>
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        <description><![CDATA[ चाकू किचन में सब्जियां और जिन चीजो के लिए बना है उनके लिए काम आए तो ठीक है, लेकिन आगे किसी को चोट पहुंचा दे तो यह गंभीर बात हो सकती है. हाल ही में जयपुर के आमेर में चाकू से हमले के बाद एक टूरिस्ट गाइड की मौत का मामला सामने आया है जिसमें इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. इस घटना के बाद आप सोच सकते हैं कि चाकू लगने के बाद मौत का खतरा भी रहता है. चाकू का लगना सिर्फ घाव की जगह पर निर्भर नहीं करता, बल्कि चोट कितनी गहरी है, अंदर कौन-सी नस या अंग पर लगी है. कितना खून बहा है, इन चीजों पर भी निर्भर करता है. इसलिए चाकू से लगी किसी भी गंभीर चोट में तुरंत डॉक्टर की &amp;nbsp;मदद लेना जरूरी होता है.
चाकू की चोट को हल्के में लेना पड़ सकता है भारी
चाकू से लगी चोट को सिर्फ बाहर दिखाई देने वाले घाव से नहीं पहचानना चाहिए. घाव छोटा होने के बावजूद अंदरूनी हिस्से में गंभीर नुकसान या ज्यादा खून बहा सकता है. चोट कितनी गहरी है और शरीर के अंदर कोनसा अंग प्रभावित हुआ है, ये चाकू लगने पर बाहरी चौट को देखने पर ध्यान नहीं पड़ती. इसलिए चाकू लगने के बाद &amp;nbsp;अगर व्यक्ति को चक्कर आए या असहज महसूस हो , तब चोट को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.
शरीर के इन हिस्सों में चोट लगना हो सकता है ज्यादा खतरनाक
चाकू की चोट का असर सिर, गर्दन, छाती और पेट जैसे हिस्सों पर ज्यादा होता है. और यहा गहरी चाकू की चोट खतरनाक हो सकती है, क्योंकि यहां शरीर की कई महत्वपूर्ण संरचनाएं और अंग होते हैं. ऐसी चोट में शरीर के अंदर ही खून बहना या दूसरे गंभीर नुकसान का खतरा हो सकती है. हालांकि सिर्फ चोट की जगह देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि मौत तुरंत होगी या नहीं, क्योंकि खतरा चोट की गहराई और अंदर हुए नुकसान पर भी निर्भर करता है.
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ऐसी चोट लगने पर क्या करना चाहिए?
अगर किसी व्यक्ति को चाकू लग जाए तो सबसे पहले उसे जल्द से जल्द मेडिकल मदद दिलानी चाहिए. बाहर से खून बह रहा हो तो साफ कपड़े या गॉज से घाव पर लगातार दबाव दे. अगर चाकू या कोई दूसरी चीज शरीर में फंसी हुई है तो उसे खुद निकालने की कोशिश नहीं करनी चाहिए. घायल व्यक्ति को कम से कम हिलाते हुए तुरंत अस्पताल पहुंचाना जरूरी है.
हर चाकू की चोट से नहीं होती मौत
चाकू लगने का मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति की मौत तुरंत हो जाएगी. ये शरीर के उस हिस्से पर निर्भर करता है की चौट कहां और कैसे लगी है. इसका असर चोट की गहराई, रक्तस्राव, अंदरूनी अंगों को हुए नुकसान और इलाज मिलने में लगे समय पर निर्भर करता है. कई मामलों में समय पर इलाज मिलने से व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है. इसलिए किसी भी गहरी या ज्यादा खून बहने वाली चोट को इमरजेंसी मानना चाहिए.
जयपुर के आमेर में क्या हुआ?
हाल ही में जयपुर के आमेर में 7 सितंबर 2026 चाकू से हमले का मामला सामने आया, जिसमें टूरिस्ट गाइड मनीष सोनी गंभीर रूप से घायल हो गए थे. रिपोर्टों के मुताबिक, वाहन को आमेर किले की ओर ले जाने को लेकर हुए विवाद के बाद उन पर हमला किया गया उन्हें 8 सितंबर 2026 &amp;nbsp;को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. घटना के बाद आमेर इलाके में लोगों ने विरोध जताया और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की.
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        <pubDate>Wed, 09 Sep 2026 11:30:03 +0530</pubDate>
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        <title>20% बोनस की कर लें तैयारी, 21000 सैलरी वालों को सीधा फायदा</title>
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        <description><![CDATA[ सरकारी कर्मचारियों के लिए एक खुशखबरी सामने आई है. अब नए लेबर कोड के तहत कर्मचारियों को करीब 20 प्रतिशत तक का बोनस मिल सकता है. इस बोनस का सीधा लाभ उन कर्मचारियों को मिलेगा जिनकी मासिक सैलरी 21 हजार रुपये तक है. ये स्टेट्यूटरी बोनस होगा, जो कर्मचारयों के हक में आएगा. हालांकि इसके लिए कर्मचारियों को कुछ नियम व शर्तें पूरी करना होंगी.
पात्र कर्मचारियों को मिलेगा बोनसदरअसल हाल ही में श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने एक अधिसूचना जारी कर इस बारे में बताया है. मंत्रालय ने बताया है कि 21 हजार रुपये तक मासिक सैलरी पाने वाले कर्मचारी नए लेबर कोड और वैधानिक नियमों के तहक बोनस पाने के हकदार हैं. इस अधिसूचना के मुताबिक यदि कर्मचारी पात्रता नियम पूरे करता है तो नियम के अनुसार, कम से कम 30 दिन काम करने वाले पात्र कर्मचारियों को मिनिमम 8.33% और अधिकतम 20% तक बोनस मिल सकता है.
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बोनस की गणना समझेंअगर कोई कंपनी या नियुक्ति देने वाला नियोक्ता अपने कर्मचारियों को अधिकतम 20 प्रतिशत बोनस देता है, तो उसकी गणना 7 हजार रुपये प्रति माह के आधार की जाती है. आइये यहां आपको बताते हैं कि इस गणना के आधार पर किस तरह से 20 प्रतिशत बोनस के आधार पर आपको बोनस मिलेगा.
उदाहरण के तौर पर मान लिया जाए कि किसी व्यक्ति का मासिक वेतन 7 हजार रुपये है, ऐसे में उस व्यक्ति का सालाना वेतन 84 हजार रुपये होगा. इस वेतन पर अधिकतम बोनस 20 प्रतिशत के आधार पर 16,800 रुपये होगा.
तो वहीं यदि बोनस को 8.33 प्रतिशत के आधार पर देखेंगे, तो मिनिमम बोनस 6,997 रुपयो मिलेगा.
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क्या होता है स्टैट्यूटरी बोनस?स्टैट्यूटरी बोनस को वैधानिक बोनस कहा जाता है. जो पेमेंट ऑफ बोनस एक्ट, 1965 के तहत पात्र कर्मचारियों को दिया जाता है. ये एक कानूनी और जरूरी बनस है जो हर साल कर्मचारियों को कंपनी के द्वारा मिलना जरूरी होता है.
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        <pubDate>Wed, 09 Sep 2026 10:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>आपका भी UPI अकाउंट हो सकता है फ्रीज, जानें क्या कहता है RBI</title>
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        <description><![CDATA[ आजकल पेमेंट के लिए अधिकतर लोग केवल यूपीआई का ही इस्तेमाल कर रहे हैं. यूपीआई के आने के बाद से तो जैसे कैश रखना लोगों ने लगभग बंद ही कर दिया है. इसी बीच अब कई मामले ऐसे भी सामने आ रहे हैं, जिनमें लोगों के यूपीआई अकाउंट फ्रीज भी हो रहे हैं. वो भी किसी स्कैम के चलते, इस बारे में हाल ही में केरल के एक व्यक्ति ने शिकायत की है.
क्या है पूरा मामला?दरअसल हाल ही में सोशल नेटवर्किंग साइट X (पहले ट्विटर) पर केरल के रहने वाले फुटुम्बाका सुमा ने एक पोस्ट शेयर की है. इस पोस्ट में उन्होंने बताया कि उनके खाते में दो बार किसी अनजान यूपीआई से कुछ रुपये आए, जिसके बाद HDFC बैंक ने बिना कोई नोटिस दिए उनका खाता ही फ्रीज कर दिया है. शख्स ने इस पोस्ट में केरल पुलिस को टैग करते हुए लिखा:
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&#039;मैं आपके ध्यान में ये बात लाना चाहता हूं कि 31 अगस्त और 4 अगस्त को मुझे UPI के जरिए दो अनजान पेमेंट मिले. मैंने उन्हें वापस नहीं भेजा क्योंकि मुझे लगा कि ये कोई स्कैम हो सकता है. जब भेजने वाले ने व्हॉट्सएप पर मुझसे संपर्क किया, तो मैंने जिम्मेदारी दिखाते हुए कहा कि वो अपने बैंक से संपर्क करें और मैं सही तरीके से पैसे वापस करवा दूंगा, क्योंकि मैं किसी स्कैम का हिस्सा नहीं बनना चाहता था. इसके बाद, HDFC ने उस रकम को रोक दिया और मेरा पूरा अकाउंट फ्रीज कर दिया.&#039;

@TheKeralaPolice I&amp;rsquo;d like to bring to your notice that on the 31st and 4th of August I received two unknown payments via UPI. I did not send it back as I thought it was some scam. When the sender reached out on WhatsApp I did the responsible thing of saying contact your bank and&amp;hellip; pic.twitter.com/q7DmCoJAXd
&amp;mdash; Alex (@verghesaurus) September 6, 2026



आगे उन्होंने लिखा, &#039;केरल हाई कोर्ट का एक फैसला है जिसके अनुसार बैंक सिर्फ विवादित रकम को ही फ़्रीज कर सकते हैं, पूरे अकाउंट को नहीं. मैं कैसे गुजारा करूं? मैं अपने पेमेंट कैसे करूं और कर्मचारियों को उनकी सैलरी कैसे दूं? मैंने साइबर सेल को ईमेल भी लिखा है. उनकी रिस्पॉन्स टीम बहुत अच्छी थी. मैं अभी जबड़े और रीढ़ की हड्डी की चोट से उबर रहा हूं. ऐसे में मुझसे ये उम्मीद कैसे की जा सकती है कि मैं इन छोटे-मोटे मामलों को सुलझाने के लिए बैंक जाऊं?&#039;
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क्या कहते हैं नियम?RBI और कोर्ट के नियमों के मुताबिक, कोई भी बैंक आपके पूरे खाते को फ्रीज नहीं कर सकता है. नियमों के अनुसार बैंक ऐसे मांलों में सिर्फ डिस्प्यूटेड अमाउंट पर ही होल्ड लगा सकता है. ना कि पूरे खाते को फ्रीज कर सकता है. जिससे यूजर बाकी की रकम का इस्तेमाल कर सके. यदि आपके खाते को कोई बैंक ऐसे ही किसी मामले में फ्रीज कर देता है, तो 24 घंटे के अंदर आपको बैंक को इस बारे में सूचित करना होगा. जिससे बैंक तत्काल इस मामले को सुलझा सके.
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        <pubDate>Wed, 09 Sep 2026 10:30:07 +0530</pubDate>
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        <title>Swiggy&amp;Zomato पर वार्निंग लेबल चाहते हैं कस्टमर्स, सर्वे में हुआ खुलासा</title>
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        <description><![CDATA[ क्या आप भी ज्यादा से ज्यादा ऑनलाइन फूड खरीदते हैं? अगर हां, तो कैसा रहेगा यदि फूड डिलीवरी एप्स पर आपको पहले से ही वॉर्निंग लेबल दिखने लगें? ये एक अच्छी पहल होगी. तभी तो उपभोक्ताओं ने इसकी मांग की है. हाल ही में एक सर्वे रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें उपभोक्ताओं ने मांग की है कि उन्हें फूड डिलीवरी एप्स पर नमक या सैचुरेटेड फैट वाले खाने पर वॉर्निंग लेबल दिखाया जाए.
सर्वे में क्या आया सामने?दरअसल हाल ही में लोकल सर्कल्स का एक देशव्यापी सर्वे हुआ है. इस सर्वे में सामने आया है कि भारत में करीब 9 में से 8 उपभोक्ता चाहते हैं कि उन्हें प्रोडक्ट्स पर वॉर्निंग दिखाई दै. ये सर्वे देश के 328 जिलों के घरेलू उपभोक्ताओं के बीच किया गया, जिसमें 1.08 लाख से ज्यादा लोगों ने जवाब दिया है.
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वॉर्निंग लेबल चाहते हैं कस्टमर्सइस सर्वे में 89% लोगों ने कहा है कि ई-कॉमर्स और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर प्रोडक्ट की लिस्टिंग और उसके डिटेल पेज, दोनों जगह चेतावनी साफ तौर पर दिखाई देना चाहिए. वहीं 2% लोगों ने केवल प्रोडक्ट के डिटेल पेज पर चेतावनी दिखाने का समर्थन किया. इस तरह कुल 91% उपभोक्ता ऑनलाइन चेतावनी के पक्ष में हैं. सिर्फ 7% लोगों का कहना था कि प्रोडक्ट की पैकेजिंग पर चेतावनी देना ही काफी है.
इतना ही नहीं बल्कि सर्वे में करीब 80% लोगों ने कहा कि अगर किसी पैकेज्ड फूड में चीनी, नमक या सैचुरेटेड फैट में से किसी एक की मात्रा भी ज्यादा है, तो पहले चरण से ही उस पर चेतावनी होनी चाहिए. तो वहीं 88% उपभोक्ताओं का कहना है कि चेतावनी का साइज बड़ा हो, वो साफ दिखाई दे और ग्राहक की नजर तुरंत उस पर जाए. इतनी ही संख्या में लोगों ने कहा कि नियम तय होने के 6 महीने के अंदर कंपनियों को इन्हें लागू कर देना चाहिए.
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क्यों हो रही ये मांग?बीते कई दिनों से FSSAI की कार्रवाई इन एप्स के स्टोर्स पर चल रही है, जिसमें इनके ब्लैक स्टोर में काफी गंदगी और हाईजीन की समस्या नजर आ रही है. इसको लेकर अब ग्राहक भी सचेत हो रहे हैं. ग्राहकों का मानना है कि यदि एप्स में ही इस तरह की वॉर्निंग होगी तो व्यक्ति खरीदने से पहले ही कई बार सोचेगा या नहीं खरीदेगा.
बता दें कि FSSAI पैकेज्ड फूड और ड्रिंक्स के लिए लाल रंग का हेक्सागोन यानी छह कोनों वाला चेतावनी लेबल लाने की तैयारी कर रहा है. इसमें हाई शुगर, हाई सॉल्ट, हाई फैट और हाईली स्वीटन्ड बेवरेज जैसी चेतावनियां शामिल हो सकती हैं.
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        <pubDate>Wed, 09 Sep 2026 10:30:06 +0530</pubDate>
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        <title>चंडीगढ़ में उबर और रैपिडो पर लगा बैन, 6 महीने के लिए लाइसेंस सस्पेंड</title>
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        <description><![CDATA[ यदि आप चंडीगढ़ में रहते हैं और कहीं आने- जाने के लिए कैब का इस्तेमाल करते हैं तो आपके लिए ये खबर अहम है. दरअसल चंडीगढ़ के स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (STA) ने दोनों कंपनियों के एग्रीगेटर लाइसेंस छह महीने के लिए निलंबित कर दिए हैं. यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है और मार्च 2027 तक जारी रहेगा.
क्यों लिया गया फैसला?चंडीगढ़ के स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी यानी STA ने उबर और रैपिडो के लाइसेंस छह महीने के लिए इसलिए निलंबित किए हैं, क्योंकि दोनों कंपनियां चंडीगढ़ एडमिनिस्ट्रेशन मोटर व्हीकल एग्रिगेटर्स नियन 2025 का लगातार उल्लंघन कर रही थीं. STA ने 8 सितंबर को ये आदेश जारी किया है.
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अधिकारियों का कहना है कि, &#039;कंपनियों को नियमों का पालन करने के लिए पर्याप्त समय और कई मौके दिए गए थे. लेकिन उन्होंने नियमों का पालन करने की जगह केंद्र सरकार की मोटर व्हीकल एग्रिगेटर गाइडलाइंस, 2025 को चंडीगढ़ में लागू करने की मांग की&#039;. इतना ही नहीं बल्कि जुलाई 2026 में कंपनियों की ओर से जमा की गई गाड़ियों की सूची में कुछ नॉन-कमर्शियल यानी निजी वाहन भी शामिल थे. चंडीगढ़ में कैब सेवा के लिए ऐसे वाहनों का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं है.
नियमों का हो रहा था उल्लंघनइतना ही नहीं STA के सचिव नितीश सिंगला ने बताया कि, उबर और रैपिडो को ड्राइवरों के हेल्थ चेकअप, टर्म इंश्योरेंस, ट्रेनिंग और तय किराए से जुड़े नियमों का पालन करने के लिए पर्याप्त समय दिया गया था. इसके बावजूद कंपनियों ने नियमों का पालन नहीं किया. साथ ही, इनके खिलाफ नियमों के उल्लंघन की कई शिकायतें भी मिली थीं. इसी वजह से STA ने दोनों कंपनियों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से छह महीने के लिए निलंबित कर दिया है.
ओला का लाइसेंस पहले से ही है रद्दइससे पहले चंडीगढ़ में ओला और inDrive के लाइसेंस को भी छह महीने के लिए सस्पेंड कर दिया जा चुका है. जिसके बाद अब उबर और रैपिडो का लाइसेंस भी रद्द हो जाने की वजह से यहां पर लोगों का काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा. देखा जाए तो अब चंडीगढ़ में चार बड़े कैब एग्रीगेटर औला, उबर, रैपिडो और inDrive पर रोक लग गई है.
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अब कैसे चलेगा ट्रांसपोर्ट?इन चारों मेजर कैब्स के सस्पेंड होने के बाद फिलहाल शहर में सहकारी टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड की भारत टैक्सी ही मुख्य कैब सेवा के रूप में उपलब्ध रेहगा. इससे रोजाना सफर करने वाले लोगों के पास अब ऑप्शन काफी कम हो गए हैं. ऐसे में अब शहर में लोकल ट्रांसपोर्ट को लोग ज्यादा तवज्जो देंगे.
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        <pubDate>Wed, 09 Sep 2026 10:30:05 +0530</pubDate>
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        <title>फोन में मौजूद ये फाइलें बन सकती हैं Hackers का आसान निशाना! जानें कैसे बचें</title>
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        <description><![CDATA[ आज स्मार्टफोन सिर्फ कॉल और मैसेज करने का जरिया बनकर नहीं रह गया है. इसमें हमारी पर्सनल फोटोज, वीडियो, बैंकिंग से जुड़े डॉक्यूमेंट्स, पासवर्ड, पहचान पत्र और कई जरूरी फाइलें सेव रहती हैं. यही वजह है कि अगर फोन की सुरक्षा में थोड़ी भी लापरवाही हो जाए तो साइबर अपराधियों के लिए पर्सनल डेटा तक पहुंचने का रास्ता आसान हो सकता है.
कौन-सी फाइलें ज्यादा संवेदनशील हैं?
जानकारी के अनुसार, फोन में मौजूद हर फाइल से एक जैसा खतरा नहीं रहता है. खासतौर पर PDF, डॉक्यूमेंट, ZIP फाइल, APK और डाउनलोड पर सावधानी बरतनी चाहिए. बैंक स्टेटमेंट, आधार या पैन कार्ड की कॉपी, पासपोर्ट, ऑफिस के डॉक्यूमेंट्स और पर्सनल फोटोज जैसी फाइलों में संवेदनशील जानकारी होती है.
इसके अलावा, अनजान सोर्स से मिली कोई APK फाइल भी खतरनाक साबित हो सकती है. इसे इंस्टॉल करने पर किसी संदिग्ध ऐप को फोन की जरूरी परमिशन मिल सकती है.
WhatsApp और ईमेल से आई फाइलों पर रहें सावधान
आपको बता दें कि Hackers अक्सर भरोसेमंद दिखने वाले मैसेज के जरिए फाइल भेजते हैं. जैसे कोई व्यक्ति बैंक, कुरियर, नौकरी, बिजली बिल या इनाम से जुड़ा PDF या लिंक भेज सकता है. फाइल खोलने या उसमें दिए लिंक पर क्लिक करने के बाद यूजर को फर्जी वेबसाइट पर ले जाया जाता है.
इसलिए अनजान नंबर या ईमेल से आई फाइल को बिना चेक किए नहीं खोलना चाहिए. सिर्फ इसलिए किसी फाइल पर भरोसा न करें क्योंकि उसे किसी परिचित के नाम या प्रोफाइल से भेजा गया है.
डाउनलोड फोल्डर भी करें चेक
कई बार हम इंटरनेट से कोई फाइल डाउनलोड करके भूल जाते हैं. फोन के Downloads फोल्डर में पुरानी और गैरजरूरी फाइलें लंबे समय तक पड़ी रहती हैं. इनमें कोई संदिग्ध फाइल मौजूद हो तो वह भविष्य में परेशानी का कारण बन सकती है. इसीलिए समय-समय पर Downloads, Documents और दूसरे फोल्डर को चेक करते रहना चाहिए और गैरजरूरी फाइलों को डिलीट कर दें.
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फाइलों को सुरक्षित रखने के आसान तरीके
सबसे पहले फोन में स्क्रीन लॉक जरूर लगाएं और मजबूत PIN या पासकोड का इस्तेमाल करें. ऑपरेटिंग सिस्टम और ऐप्स को भी समय पर अपडेट करते रहें क्योंकि अपडेट में सुरक्षा से जुड़े सुधार शामिल होते हैं.
अनजान वेबसाइट से APK या दूसरे ऐप डाउनलोड न करें. किसी फाइल को खोलने के लिए अगर वह अचानक पासवर्ड, परमिशन या किसी ऐप को इंस्टॉल करने के लिए कहे तो सावधान हो जाएं.
जरूरी डॉक्यूमेंट्स का बैकअप किसी भरोसेमंद और सुरक्षित क्लाउड स्टोरेज या दूसरे सुरक्षित माध्यम में रखें. साथ ही, संवेदनशील फाइलों को बिना जरूरत किसी के साथ शेयर न करें.
फोन में इन बातों का भी रखें ध्यान
किसी भी फाइल को खोलने से पहले उसके नाम, एक्सटेंशन और भेजने वाले व्यक्ति की जांच करें.
अगर फाइल का नाम अजीब है या उसमें ऐसा एक्सटेंशन है जिसकी आपको जानकारी नहीं है तो उसे खोलने से बचना चाहिए. साथ ही, फोन में मौजूद किसी भी ऐप को जरूरत से ज्यादा परमिशन न दें. खासकर फाइल, फोटो, माइक्रोफोन, कैमरा और कॉन्टैक्ट्स जैसी संवेदनशील परमिशन देने से पहले सोचें.
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        <pubDate>Wed, 09 Sep 2026 07:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>न OTP, न PIN, न CVC… फिर भी FD से निकल गए 5.99 लाख, जानें कैसे?</title>
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        <description><![CDATA[ साइबर ठगी के मामले अब सिर्फ बैंक अकाउंट या UPI तक सीमित नहीं रह गए हैं. ठग लोगों की जमा पूंजी तक पहुंचने के नए तरीके अपना रहे हैं. भोपाल में ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां 61 वर्षीय बुजुर्ग की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) से करीब 6 लाख रुपये निकाल लिए गए. रकम ट्रांसफर होने के दौरान व्यक्ति के मोबाइल पर कोई OTP नहीं आया. उन्होंने अपना पासवर्ड, PIN, CVC या बैंकिंग से जुड़ी कोई जानकारी भी किसी के साथ शेयर नहीं की थी. ऐसे में आइए जानते हैं कि आखिर FD से इतनी बड़ी रकम कैसे निकल गई.&amp;nbsp;&amp;nbsp;तीन ट्रांजेक्शन में निकले 5.99 लाख रुपये
पुलिस के मुताबिक, भोपाल की अफकार कॉलोनी निवासी 61 वर्षीय शरीफ अहमद कुरैशी का ICICI बैंक की अशोका गार्डन शाखा में सेविंग अकाउंट और FD है. 4 सितंबर को दोपहर 12 बजे से 12:30 बजे के बीच उनकी FD से नेट बैंकिंग के जरिए तीन ऑनलाइन ट्रांजेक्शन किए गए. इन ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 5,99,009.62 रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर कर दिए गए.
रकम निकलने की जानकारी मिलने के बाद शरीफ अहमद ने तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत की. इसके बाद साइबर सेल से मिली ई-जीरो FIR के आधार पर ऐशबाग पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.&amp;nbsp;एफडी खाते में नेटबैंकिंग नहीं होती तो ठगी कैसे हुई?&amp;nbsp;FD की अलग नेट बैंकिंग नहीं होती है, लेकिन वह बैंक के सेविंग अकाउंट से जुड़ी होती है. अगर FD मोबाइल बैंकिंग ऐप के जरिए बनाई गई है, तो उसे उसी ऐप से तोड़ा भी जा सकता है. ठग इसी प्रक्रिया का फायदा उठा सकते हैं. साइबर और बैंकिंग एक्सपर्ट्स के मुताबिक, जालसाज रिफंड या पैसे वापस दिलाने जैसे बहाने बनाकर ग्राहक को अपने जाल में फंसाते हैं. इसके बाद मोबाइल में स्क्रीन शेयरिंग या रिमोट एक्सेस ऐप डाउनलोड करवाते हैं और बैंकिंग ऐप खोलने के लिए कहते हैं.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ें - Apple का AI अब सिर्फ iPhone में नहीं? Siri से लेकर Smart Home तक बड़ा प्लान&amp;nbsp;ठगों को कैसे मिल रहा आपके मोबाइल ऐप का एक्सेस?&amp;nbsp;ठग आमतौर पर सीधे बैंकिंग ऐप का एक्सेस नहीं लेते, बल्कि ग्राहक को रिफंड, पैसे वापस दिलाने या किसी दूसरी वजह का झांसा देकर स्क्रीन शेयरिंग या रिमोट एक्सेस ऐप डाउनलोड करवाते हैं. इसके बाद ग्राहक से बैंकिंग ऐप खोलने और बताए गए स्टेप्स करने के लिए कहते हैं. स्क्रीन शेयर होने पर ठग मोबाइल पर दिखाई देने वाली बैंकिंग जानकारी देख सकते हैं, जिसमें खाते में मौजूद रकम और FD की जानकारी भी शामिल हो सकती है. इसके बाद इसी जानकारी का फायदा उठाकर FD तोड़ने और रकम को दूसरे खाते में ट्रांसफर करने की कोशिश करते हैं.&amp;nbsp;&amp;nbsp;साइबर ठगी से बचने के तरीके क्या हैं?
1. किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में कोई भी स्क्रीन शेयरिंग या रिमोट एक्सेस ऐप डाउनलोड न करें.
2. रिफंड के लिए इंटरनेट पर मिले किसी अनजान नंबर से संपर्क करने की जगह बैंक या कंपनी की ऑथोराइज्ड ऐप या वेबसाइट का इस्तेमाल करें.
3. किसी के कहने पर बैंकिंग ऐप खोलकर PIN भी न डालें.
4. अगर ठगी हो जाए तो तुरंत 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं और बैंक से संपर्क करें.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Wed, 09 Sep 2026 07:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>iPhone 18 Pro के रंग लीक, लॉन्च से पहले खुला बड़ा राज!</title>
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        <description><![CDATA[ Apple के नए iPhone को लेकर लॉन्च से पहले चर्चाएं तेज हैं. इस बार कंपनी के Pro मॉडल के रंगों ने लोगों का ध्यान खींच लिया है. iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max के लॉन्च से कुछ घंटे पहले एक छोटा वीडियो ऑनलाइन सामने आया है. इसमें कथित तौर पर दोनों फोन के रिटेल डेमो यूनिट दिखाई दे रहे हैं. वीडियो में iPhone 18 Pro Max बरगंडी शेड में नजर आ रहा है, जबकि iPhone 18 Pro को हल्के नीले रंग में देखा गया है. इसके सामने आने के बाद Apple के नए Pro मॉडल के कलर को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं.&amp;nbsp;
iPhone 18 Pro Max में दिखा Dark Cherry कलर
करीब 14 सेकंड का यह वीडियो दक्षिण कोरियाई ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म Naver पर सामने आया है. इसे टिप्स्टर yeux1122 ने शेयर किया है. वीडियो में कथित iPhone 18 Pro Max बरगंडी रंग में दिखाई देता है. इस शेड को पहले सामने आई रिपोर्ट्स में Dark Cherry बताया गया है. &amp;nbsp;वीडियो में खास बात यह है कि कथित iPhone 18 Pro Max के साथ iPhone 17 Pro Max का डार्क ब्लू मॉडल भी दिखाई देता है.&amp;nbsp;
iPhone 18 Pro में दिखा Sky Blue शेड
वीडियो में iPhone 18 Pro हल्के नीले रंग में नजर आ रहा है. इस कलर को लेकर पहले भी कई रिपोर्ट्स सामने आ चुकी हैं. माना जा रहा है कि यह रंग काफी हल्का हो सकता है और कुछ लाइटिंग कंडीशन में सिल्वर जैसा भी दिखाई दे सकता है.&amp;nbsp;

hands on video of iPhone 18 Pro and Pro Max demo units in Dark Cherry and Blue repectively#Apple #iPhone18 #iPhone18ProMax pic.twitter.com/nr008cEsFo
&amp;mdash; Piyush Bhasarkar (@TechKard) September 7, 2026



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Pro मॉडल में मिल सकते हैं तीन कलर
iPhone 18 Pro सीरीज के कलर को लेकर पहले सामने आए लीक्स में Dark Cherry और Sky Blue के अलावा तीसरे कलर का भी जिक्र किया गया है. एक लीक में कथित iPhone 18 Pro के सिम ट्रे दिखाई दिए थे, जिनसे Silver, Dark Cherry Red और Sky Blue कलर की ओर इशारा मिला था, हालांकि बाद की जानकारी में Silver की जगह Black कलर मिलने की बात कही गई है. Apple ने अभी तक इन कलर ऑप्शन की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.&amp;nbsp;
क्या सच में हैं ये रिटेल डेमो यूनिट?
इस वीडियो को पूरी तरह आधिकारिक नहीं माना जा सकता है. वीडियो में यह जानकारी नहीं दी गई है कि ये डिवाइस कहां से आए हैं, हालांकि Apple के 9 सितंबर के इवेंट से पहले रिटेलर्स को डेमो यूनिट मिलने की उम्मीद को देखते हुए इनके असली होने की अटकलें लगाई जा रही हैं.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Wed, 09 Sep 2026 07:30:05 +0530</pubDate>
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        <title>Galaxy Tab S10+ पर Samsung का फेस्टिव धमाका, मिल रहा ये खास ऑफर</title>
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        <description><![CDATA[ फेस्टिव सीजन शुरू होने से पहले Samsung ने अपने प्रीमियम टैबलेट Galaxy Tab S10+ पर खास ऑफर पेश किया है. कंपनी इस टैबलेट को काम, क्रिएटिविटी और स्मार्ट लाइफस्टाइल के लिए एक ऑल-राउंड डिवाइस के रूप में पेश कर रही है. बड़े Dynamic AMOLED 2X डिस्प्ले, AI फीचर्स और बॉक्स में मिलने वाले S Pen के साथ Galaxy Tab S10+ प्रोफेशनल्स, क्रिएटिव यूजर्स और टेक पसंद करने वाले लोगों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. तो आइए जानते हैं कि &amp;nbsp;Samsung के फेस्टिव ऑफर पर क्या खास मिल रहा है.&amp;nbsp;
Galaxy Tab S10+ में क्या खास है?
Galaxy Tab S10+ में 31.47 सेंटीमीटर का Dynamic AMOLED 2X डिस्प्ले दिया गया है. इसमें एंटी-रिफ्लेक्टिव टेक्नोलॉजी भी मौजूद है, जिससे स्क्रीन पर पड़ने वाली चमक कम होती है और विजुअल ज्यादा साफ दिखाई देते हैं. टैबलेट में क्वाड-स्पीकर सेटअप मिलता है, जिसे AI Dialogue Boost का सपोर्ट दिया गया है. इससे आवाज को ज्यादा साफ बनाने में मदद मिलती है. डिवाइस को IP68 रेटिंग मिली है, जबकि Armor Aluminium construction इसे मजबूती देने का काम करता है.&amp;nbsp;
फेस्टिव ऑफर में इतनी हुई कीमत
1. Samsung ने Galaxy Tab S10+ के दोनों वेरिएंट पर फेस्टिव कीमत पेश की है.12GB रैम और 256GB स्टोरेज वाला Wi-Fi मॉडल अब 1,05,999 रुपए की जगह 88,999 रुपए में मिल रहा है,
2. 5G वेरिएंट की कीमत 1,20,999 रुपए से घटाकर 1,03,999 रूपए कर दी गई है. इसके साथ कंपनी ने No-Cost EMI की सुविधा भी दी है.
3. Wi-Fi मॉडल को बैंक के जरिए 14,833 रूपए &amp;nbsp;प्रति महीने, NBFC के जरिए 7,417 रुपए &amp;nbsp;प्रति महीने और Samsung Finance+ के जरिए 6,877 रुपए प्रति महीने की EMI पर लिया जा सकता है.
4. Samsung Finance+ में 15 प्रतिशत डाउन पेमेंट देना होगा. वहीं, 5G मॉडल के लिए बैंक से 17,333, रूपए NBFC से 8,667 रुपए &amp;nbsp;और Samsung Finance+ के जरिए 8,036 रूपए &amp;nbsp;प्रति महीने की EMI उपलब्ध है. इस ऑप्शन में भी 15 प्रतिशत डाउन पेमेंट लागू है.&amp;nbsp;
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S Pen के साथ मिलेंगे AI वाले फीचर्स
Galaxy Tab S10+ के साथ S Pen भी मिलता है. इसकी मदद से यूजर्स को कई प्रोडक्टिवीटी फीचर्स मिलते हैं. इनमें नोटिड असिस्ट शामिल है, जो नोट्स को ट्रांसक्राइब करने और उनका सार तैयार करने में मदद करता है. इसके अलावा PDF Overlay Translation की मदद से अलग-अलग भाषाओं वाले डॉक्यूमेंट को समझना आसान होता है. Handwriting Help फीचर लिखे हुए नोट्स को व्यवस्थित करने में मदद करता है. टैबलेट में Circle to Search और Air Command जैसे AI-powered features भी दिए गए है. ये फीचर्स Samsung के Bixby और Google के Gemini के साथ काम करते हैं.
Galaxy Tab S10+ में &amp;nbsp;10090mAh बैटरी
परफॉर्मेंस के लिए टैबलेट में MediaTek Dimensity 9300+ प्रोसेसर दिया गया है. इसमें 12GB RAM और 256GB स्टोरेज मिलता है, जिसे बढ़ाया जा सकता है. पावर के लिए 10090mAh की बैटरी दी गई है, जो 45W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट करती है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Wed, 09 Sep 2026 07:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>UGC NET Re&amp;exam&amp; NTA की एडवाइजरी, इन बातों का रखें ध्यान</title>
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        <description><![CDATA[ एनटीए ने यूजीसी नेट जून 2026 के लिए एग्जाम में शामिल होने वाले उम्मीदवारों के लिए एडवाइजरी जारी की है. एनटीए ने खासतौर पर दिल्ली में परीक्षा केंद्र वाले उम्मीदवारों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है. अंग्रेजी, कॉमर्स और सोशियोलॉजी विषयों की दोबारा परीक्षा 9 और 10 सितंबर को आयोजित की जाएगी. इसी दौरान दिल्ली में 18वें ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था के चलते कई इलाकों में ट्रैफिक डायवर्जन और प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं. ऐसे में उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए पहले से अपनी यात्रा की योजना बनाने की सलाह दी गई है.
किस दिन किस विषय का होगा री-एग्जाम
यूजीसी नेट री एग्जाम 3 शिफ्ट में आयोजित किया जाएगा. 9 सितंबर को पहली शिफ्ट में इंग्लिश का पेपर होगा, जो यह पेपर सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगा. वहीं दूसरी शिफ्ट में कॉमर्स का पेपर होगा, जो इसी दिन दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक होगा. इसके अलावा दूसरे दिन 10 सितंबर को एक ही शिफ्ट में पेपर होगा, जिसमें एक ही शिफ्ट में सोशियोलॉजी का पेपर होगा. यह पेपर सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगा. उम्मीदवारों को अपने एडमिट कार्ड में दिए गए रिपोर्टिंग टाइम और दूसरे निर्देशों का पालन करना होगा. एनटीए ने यह भी स्पष्ट किया है कि इन तीनों विषयों की दोबारा परीक्षा के लिए उम्मीदवारों से कोई अतिरिक्त फीस नहीं ली गई है.
दिल्ली में एग्जाम देने वालों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी
एनटीए ने दिल्ली में परीक्षा देने जा रहे उम्मीदवारों से कहा है कि वह घर से निकलने से पहले अपना रूट चेक कर लें. संभावित ट्रैफिक प्रतिबंध और डायवर्जन को देखते हुए अतिरिक्त समय लेकर चले और परीक्षा केंद्र पर रिपोर्टिंग टाइम से बहुत पहले पहुंचने की कोशिश करें. उम्मीदवारों को दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और संबंधित अधिकारियों की ओर से जारी ट्रैफिक एडवाइजरी भी चेक करने की सलाह दी गई है. एनटीए के अनुसार 9 और 10 सितंबर को सुरक्षा व्यवस्था के कारण कुछ रास्तों पर सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा समय लग सकता है.
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एग्जाम सेंटर पर क्या लेकर जाए और क्या नहीं?
यूजीसी नेट री-एग्जाम में शामिल होने वाले उम्मीदवार परीक्षा केंद्र के अंदर मोबाइल फोन, स्मार्टफोन और ईयरफोन लेकर न जाए. कैलकुलेटर या दूसरे किसी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को भी परीक्षा हॉल में न ले जाएं. इसके अलावा पर्स, हैंडबैग और बड़े बैग परीक्षा केंद्र पर ले जाने से बचें. वहीं अनावश्यक स्टेशनरी या प्रतिबंधित सामान लेकर परीक्षा के अंदर पर न पहुंचे. उम्मीदवारों के ड्रेस कोड की बात करें तो पुरुष उम्मीदवारों को हल्के रंग की हाफ स्लीव्स वाली शर्ट या टी-शर्ट और सामान्य ट्राउजर पहनने की सलाह दी गई है. वहीं महिलाओं को भी ईयररिंग्स, अंगूठी, चैन, ब्रेसलेट, कंगन, बड़ी एंब्रॉयडरी वाले कपड़े, बड़े बटन या बहुत लेयर वाले आउटफिट पहनने से बचने की सलाह दी गई है.
एडमिट कार्ड भी जरूर करें चेक
परीक्षा के लिए निकलने से पहले उम्मीदवारों को अपना एडमिट कार्ड ध्यान से देखने की भी सलाह दी गई है. इसमें परीक्षा का केंद्र, शहर, समय, रिपोर्टिंग टाइम और दूसरे जरूरी निर्देश दिए गए हैं. परीक्षा केंद्र पर पहुंचने के दौरान उम्मीदवारों को एडमिट कार्ड में दिए गए सभी निर्देशों का पालन करना होगा. एनटीए ने उम्मीदवारों को सलाह दी है कि परीक्षा के दिन किसी तरह की जल्दबाजी से बचने के लिए ट्रैवल करने की तैयारी पहले ही कर लें. खासतौर पर दिल्ली में परीक्षा केंद्र वाले उम्मीदवार ट्रैफिक को ध्यान में रखकर निकले.
क्यों हो रहा है यूजीसी नेट का एग्जाम
यूजीसी नेट जून 2026 की परीक्षा 22 से 30 जून के बीच 87 विषयों के लिए आयोजित की गई थी. इसके बाद इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी के प्रश्न पत्र में गलतियों को लेकर शिकायतें सामने आई थी. एनटीए की ओर से बनाई गई समिति ने प्रश्न पत्रों की जांच में तथ्यात्मक, टाइपिंग, ट्रांसलेशन, ग्रामर और प्रश्नों से जुड़ी कई तरह की गलतियां सामने आई थी. वहीं समिति ने यह भी पाया था कि कुछ सवाल पहले की परीक्षा में दोहरा गए थे, इसके बाद तीनों विषयों की परीक्षा दोबारा कराने का एनटीए ने फैसला लिया था.
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        <pubDate>Wed, 09 Sep 2026 04:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>एमपी टीईटी 2026 का ऑफलाइन मोड पर फंसा पेच, ESB ने खींचे हाथ</title>
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        <description><![CDATA[ मध्य प्रदेश के करीब डेढ़ लाख से ज्यादा सेवारत शिक्षकों के लिए अनिवार्य शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर एक बार फिर पेच फंस गया है. शिक्षकों की मांग पर सरकार ने परीक्षा को ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन मोड में करने का फैसला किया था. लेकिन परीक्षा आयोजित कराने वाले मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ESB) ने ऑफलाइन परीक्षा कराने में असमर्थता जताई है. ऐसे में अब स्कूल शिक्षा विभाग के सामने परीक्षा के लिए दूसरी एजेंसी तलाशने की समस्या खड़ी हो गई है.&amp;nbsp;
CM ने की थी परीक्षा ऑफलाइन कराने की घोषणा&amp;nbsp;
दरअसल शिक्षक दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहनलाल यादव ने शिक्षकों की मांग को स्वीकार करते हुए टीईटी को ऑफलाइन मोड में भी कराने की घोषणा की थी. इसके बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने ईएसबी को ऑफलाइन मोड में भी कराने का प्रस्ताव भेजा था. लेकिन ईएसबी ने जवाब में कहा कि वह पिछले कई वर्षों से केवल ऑनलाइन परीक्षा आयोजित कर रहा है और ऑफलाइन परीक्षा कराने की व्यवस्था बंद कर दी गई है. इसलिए वह ऑनलाइन के अलावा किसी दूसरे मोड में परीक्षा कराने की स्थिति में नहीं है.&amp;nbsp;
अब नई एजेंसी के जरिए परीक्षा कराने की तैयारी
ईएसबी के इनकार के बाद अब स्कूल शिक्षा विभाग परीक्षा के लिए दूसरे ऑप्शन पर विचार कर रहा है. लोक शिक्षण संचालनालय के आयुक्त अभिषेक सिंह ने बताया कि ईएसबी ने फिलहाल सिर्फ ऑनलाइन परीक्षा कराने की इच्छा जताई है. ऐसे में अगर ऑफलाइन परीक्षा करानी है, तो दूसरी एजेंसी की व्यवस्था करनी होगी. वहीं नई परीक्षा एजेंसी कौन होगी, इसका फैसला शासन स्तर पर किया जाएगा. विभाग दूसरी एजेंसी के जरिए परीक्षा कराने के साथ ही टीईटी और इससे जुड़ी दूसरी प्रक्रियाओं को लेकर उपलब्ध दूसरे ऑप्शन भी पर भी विचार कर रहा है.&amp;nbsp;
मुख्यमंत्री के लौटने के बाद होगा फैसला&amp;nbsp;
डॉ. मोहन यादव इस समय दुबई में है और 9 सितंबर को भोपाल लौटेंगे. उनके लौटने के बाद स्कूल शिक्षा विभाग और स्कूल शिक्षा मंत्री के साथ चर्चा कर परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी को लेकर फैसला लिया जा सकता है. सरकार के सामने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग के जरिए परीक्षा कराने का ऑप्शन भी है. हालांकि पीएससी ने पहले शिक्षकों की पात्रता या भर्ती परीक्षा आयोजित नहीं की है. वह मुख्य रूप से वरिष्ठ पदों के लिए परीक्षा कराता है. ऐसे में अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री और स्कूल शिक्षा मंत्री की चर्चा के बाद होने की संभावना है.&amp;nbsp;
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12 अक्टूबर की परीक्षा पर भी संशय&amp;nbsp;
ईएसबी ने पहले टीईटी की परीक्षा 12 अक्टूबर से कराने की तैयारी की थी. लेकिन अब जब ऑफलाइन परीक्षा कराने के लिए दूसरी एजेंसी की तलाश की जा रही है, तो परीक्षा की तारीखों में बदलाव की संभावना बन गई है. नई एजेंसी तय होने के बाद उसकी परीक्षा व्यवस्था और उपलब्ध तारीख के अनुसार नई परीक्षा तिथि घोषित की जा सकती है. ऐसे में परीक्षा अक्टूबर के बजाय नवंबर या दिसंबर तक खिसक सकती है. हालांकि अभी इसे लेकर कोई घोषणा नहीं की गई है. वहीं आवेदन की अंतिम तारीख फिलहाल 18 सितंबर तक बढ़ाई गई है. जिन शिक्षकों ने पहले ही आवेदन कर दिया है, उन्हें दोबारा आवेदन करने की जरूरत नहीं है. अब तक 12,000 से ज्यादा शिक्षकों के आवेदन करने की बात भी सामने आई है.&amp;nbsp;
परीक्षा केंद्र बढ़ाने की मांग भी आई सामने&amp;nbsp;
ऑफलाइन परीक्षा को लेकर सिर्फ मोड ही नहीं, बल्कि परीक्षा केंद्रों को लेकर भी शिक्षकों की मांग सामने आई. फिलहाल भोपाल, इंदौर, जबलपुर, खंडवा, नीमच, रतलाम, रीवा, सागर, सतना, उज्जैन और सीधी में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं. सागर तथा चंबल-ग्वालियर क्षेत्र के जिलों को परीक्षा केंद्रों की सूची में शामिल नहीं किया गया है. शिक्षकों का कहना है कि परीक्षा केंद्र जिला और ब्लॉक स्तर पर बनाए जाने चाहिए, ताकि उन्हें परीक्षा देने के लिए दूर के शहरों में न जाना पड़े. नई परीक्षा एजेंसी तय होने के बाद केंद्रों की संख्या बढ़ाने और व्यवस्था में बदलाव पर भी विचार किया जा सकता है.
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        <pubDate>Wed, 09 Sep 2026 04:30:06 +0530</pubDate>
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        <title>PM ने किया रेलवे यूनिवर्सिटी का जिक्र, जानिए यहां कैसे मिलता है एडमिशन</title>
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        <description><![CDATA[ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के वड़ोदरा में एक बड़े कार्यक्रम के दौरान देश की इकलौती रेलवे यूनिवर्सिटी का विशेष रूप से जिक्र किया है. पीएम मोदी ने कहा कि वड़ोदरा अब देश में इंफ्रास्ट्रक्चर, ट्रांसपोर्टेशन और आधुनिक विकास का एक बड़ा केंद्र बन चुका है. इस यूनिवर्सिटी को पहले नेशनल रेल एंड ट्रांसपोर्टेशन इंस्टीट्यूट (NRTI) के नाम से जाना जाता था, लेकिन केंद्र सरकार ने इसका विस्तार करते हुए इसे अब एक केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दे दिया है, जिसका नाम गति शक्ति विश्वविद्यालय है.
यह भारत का पहला और इकलौता ऐसा विश्वविद्यालय है जो पूरी तरह से ट्रांसपोर्टेशन, लॉजिस्टिक्स और रेलवे सेक्टर की पढ़ाई के लिए समर्पित है. पीएम मोदी के भाषण के बाद से ही देश भर के युवाओं और छात्रों के बीच इस यूनिवर्सिटी को लेकर उत्सुकता काफी बढ़ गई है. हर कोई जानना चाहता है कि इस खास यूनिवर्सिटी में कौन-कौन से कोर्स कराए जाते हैं और यहां एडमिशन पाने की क्या प्रक्रिया है. आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं.
कौन-कौन से कोर्स कराए जाते हैं?
गति शक्ति विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट, दोनों क्षेत्रों से जुड़े कोर्स कराए जाते हैं. यहां बीटेक, बीबीए, एमबीए, एमटेक और पीएचडी जैसे कई प्रोग्राम उपलब्ध हैं. बीटेक में सिविल इंजीनियरिंग जैसी शाखाएं पढ़ाई जाती हैं, वहीं एमटेक में इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम, रेलवे इंजीनियरिंग, ब्रिज एंड टनल इंजीनियरिंग और रोड्स एंड हाईवे इंजीनियरिंग जैसे कोर्स शामिल हैं. एमबीए के अंतर्गत लॉजिस्टिक्स एंड सप्लाई चेन मैनेजमेंट, मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्टेशन, मेट्रो रेल मैनेजमेंट, एविएशन एंड ऑपरेशंस मैनेजमेंट और डिजिटल मैरीटाइम जैसे विशेष कोर्स भी कराए जाते हैं.
बीटेक में एडमिशन के लिए क्या है योग्यता?
अगर कोई छात्र गति शक्ति विश्वविद्यालय से बीटेक करना चाहता है, तो उसे 12वीं कक्षा फिजिक्स और मैथ्स विषयों के साथ पास करनी होगी, साथ ही केमिस्ट्री, बायोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी या टेक्निकल वोकेशनल विषयों में से कोई एक विषय भी होना जरूरी है. सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए 12वीं में कम से कम 75 फीसदी अंक या टॉप 20 पर्सेंटाइल जरूरी है, जबकि एससी-एसटी छात्रों के लिए यह सीमा 65 फीसदी रखी गई है. इसके साथ ही छात्रों को JEE Mains परीक्षा भी पास करनी होती है.
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एडमिशन प्रोसेस कैसे होता है?
बीटेक में एडमिशन के लिए सबसे पहले छात्रों को JEE Mains परीक्षा देनी होती है. इस परीक्षा में मिली रैंक के आधार पर छात्रों को JoSAA या CSAB काउंसलिंग में हिस्सा लेना होता है. इसके लिए सबसे पहले JoSAA या CSAB पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होता है, फिर अपनी पसंद के तौर पर गति शक्ति विश्वविद्यालय को चुनना होता है. इसके बाद रैंक और कैटेगरी के आधार पर सीट अलॉट की जाती है. सीट मिलने के बाद छात्रों को अपने दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करने होते हैं और एडमिशन व ट्यूशन फीस जमा करनी होती है. इसके बाद छात्रों को फिजिकल वेरिफिकेशन और ओरिएंटेशन के लिए वडोदरा कैंपस में रिपोर्ट करना होता है.
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        <pubDate>Wed, 09 Sep 2026 04:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>बड़ी खबर&amp; वाराणसी में कल बंद रहेंगे स्कूल, मौसम के चलते लिया गया फैसला</title>
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        <description><![CDATA[ वाराणसी में मौसम विभाग के भारी बारिश के अनुमान को देखते हुए प्रशासन ने स्कूलों को लेकर बड़ा फैसला लिया है. बुधवार 9 सितंबर को जिले में कक्षा 1 से 5 तक के सभी स्कूल बंद रहेंगे. वहीं कक्षा 6 से 12 तक की पढ़ाई के समय में भी बदलाव किया गया है. इन कक्षाओं की पढ़ाई अब सुबह 9 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक होगी. इस संबंध में बीएसए भूपेंद्र सिंह और डीआईओएस भोलेंद्र प्रताप सिंह ने संयुक्त आदेश जारी किया है. लगातार चौथी बार बारिश के चलते स्कूलों में छुट्टी की घोषणा हुई है. हालांकि इस बार छुट्टी कक्षा 1 से 5 तक ही सीमित रखी गई है.
जिले में लगातार तेज बारिश की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा के लिए एहतियाती कदम उठाया है. मौसम विभाग द्वारा जारी भारी बारिश की चेतावनी के आधार पर बुधवार (9 सितंबर) को पहली से पांचवीं कक्षा तक के सभी स्कूलों में अवकाश का फरमान जारी किया गया है.
वहीं, बड़ी कक्षाओं के छात्रों की पढ़ाई का नुकसान न हो, इसे ध्यान में रखते हुए कक्षा 6 से 12वीं तक के विद्यालयों के संचालन समय में फेरबदल किया गया है. अब ये कक्षाएं सुबह 9:00 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक संचालित की जाएंगी.
संयुक्त आदेश जारी, सभी बोर्डों पर होगा लागू
यह दिशा-निर्देश बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) भूपेंद्र सिंह और जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) भोलेंद्र प्रताप सिंह की ओर से संयुक्त रूप से जारी किए गए हैं. अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि समय सारणी और अवकाश का यह नियम किसी एक बोर्ड तक सीमित नहीं है. यह आदेश जिले के अंतर्गत आने वाले सभी परिषदीय, सरकारी, सहायता प्राप्त, निजी (प्राइवेट) स्कूलों के साथ-साथ सीबीएसई (CBSE) और आईसीएससी (ICSE) बोर्ड से संबद्ध सभी विद्यालयों पर पूरी तरह प्रभावी रहेगा.
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इस सत्र में चौथी बार लिया गया निर्णय
खराब मौसम और मूसलाधार बारिश की आशंका के चलते जिले में शैक्षणिक संस्थानों को बंद करने का निर्णय इस सत्र में चौथी बार लेना पड़ा है. हालांकि, इससे पहले जब भी ऐसा फैसला लिया गया था, तब कक्षा 8 तक के बच्चों को राहत दी जाती थी. इस बार प्रशासनिक स्तर पर थोड़ा बदलाव करते हुए अवकाश का दायरा केवल कक्षा 1 से 5 तक ही सीमित रखा गया है.
समय में किया गया यह बदलाव केवल बुधवार के दिन के लिए ही लागू रहेगा. अभिभावकों और विद्यार्थियों को सलाह दी गई है कि वे मौसम की स्थिति को देखते हुए ही घर से बाहर निकलें.
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        <pubDate>Wed, 09 Sep 2026 04:30:04 +0530</pubDate>
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        <title>राहत भरी खबर: यूपी में असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी</title>
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        <description><![CDATA[ प्रयागराज: उत्तर प्रदेश में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए राहत भरी खबर है. उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 1,936 पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी कर दिया है. आयोग के अनुसार भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 8 सितंबर 2026 से शुरू हो गई है. इच्छुक और पात्र अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे.
7 अक्टूबर तक जमा करना होगा आवेदन शुल्क
आयोग की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन और शुल्क जमा करने की अंतिम तारीख 7 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है. अभ्यर्थियों को आवेदन करते समय सभी जरूरी जानकारी सावधानी से भरने की सलाह दी गई है. आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अभ्यर्थियों को अपने फॉर्म में संशोधन का मौका भी दिया जाएगा. ऑनलाइन आवेदन में संशोधन की अंतिम तिथि 11 अक्टूबर 2026 तय की गई है.
सह-शिक्षा और महिला महाविद्यालयों में होगी नियुक्ति
यह भर्ती प्रदेश के अशासकीय अनुदानित सह-शिक्षा महाविद्यालयों और महिला महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के रिक्त पदों को भरने के लिए की जा रही है. भर्ती के लिए निर्धारित योग्यता और पात्रता रखने वाले उम्मीदवार ही आवेदन कर सकेंगे. आयोग ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि आवेदन करने से पहले भर्ती का विस्तृत विज्ञापन और उसमें दी गई सभी शर्तों को अच्छी तरह पढ़ लें.
पहले OTR पूरा करना जरूरी
असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को सबसे पहले वन टाइम रजिस्ट्रेशन यानी OTR की प्रक्रिया पूरी करनी होगी. इसके बाद ही वे भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन कर पाएंगे. आयोग ने स्पष्ट किया है कि विज्ञापित पदों के लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता और अन्य पात्रता पूरी करने वाले उम्मीदवार ही आवेदन करें. पात्रता से जुड़ी जानकारी को लेकर किसी तरह की गलती से बचने के लिए अभ्यर्थियों को आधिकारिक निर्देश पुस्तिका देखने की सलाह दी गई है.
नवंबर में होगी भर्ती परीक्षा
आयोग की ओर से असिस्टेंट प्रोफेसर पदों के लिए भर्ती परीक्षा की तारीख भी घोषित कर दी गई है. यह परीक्षा 19 और 20 नवंबर 2026 को आयोजित की जाएगी. परीक्षा से जुड़ी आगे की जानकारी, केंद्र, प्रवेश पत्र और अन्य जरूरी निर्देश आयोग की वेबसाइट पर समय-समय पर जारी किए जाएंगे.
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आयोग की वेबसाइट पर पूरा विवरण
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने भर्ती को लेकर जानकारी दी है. अभ्यर्थी आवेदन करने से पहले आयोग की वेबसाइट upessc.up.gov.in पर उपलब्ध विस्तृत विज्ञापन और निर्देश पुस्तिका जरूर देख लें. आवेदन की तारीख, शुल्क, पात्रता और परीक्षा से जुड़ी जानकारी के लिए उम्मीदवारों को आधिकारिक सूचना को ही अंतिम आधार मानना चाहिए.
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        <pubDate>Wed, 09 Sep 2026 04:30:03 +0530</pubDate>
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        <title>राजपाल यादव चेक बाउंस केस में सुप्रीम कोर्ट का आया फैसला, दी बड़ी राहत</title>
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        <description><![CDATA[ बॉलीवुड अभिनेता राजपाल नवरंग यादव को चेक बाउंस से जुड़े सात मामलों में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी अंतरिम राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें आत्मसमर्पण कर जेल जाने से अंतरिम छूट दी है. हालांकि, यह राहत एक शर्त के साथ मिली है. कोर्ट ने राजपाल को बुधवार तक अपनी रजिस्ट्री में 5 करोड़ रुपये जमा कराने का निर्देश दिया है. मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी.
चीफ जस्टिस सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली 3 जजों की बेंच ने राजपाल यादव की याचिका नोटिस भी जारी किया है. अभिनेता ने दिल्ली हाई कोर्ट के 10 जुलाई 2026 के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें उनकी सजा को बरकरार रखा गया था.
क्या है मामला?
पूरा विवाद 2010 का है. फिल्म अता पता लापता बनाने के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड ने राजपाल यादव, उनकी पत्नी और उनकी फिल्म निर्माण कंपनी को लगभग 5 करोड़ रुपये दिए थे. फिल्म की रिलीज में देरी के बाद रकम लौटाने को लेकर दोनों पक्षों के बीच कई समझौते हुए.
बाद में कंपनी को दिए गए सात चेक बैंक में बाउंस हो गए. इसके बाद मुरली प्रोजेक्ट्स ने नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत सात अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराईं.
हाई कोर्ट ने भी माना दोषी
ट्रायल कोर्ट ने अप्रैल 2018 में राजपाल यादव को सातों मामलों में दोषी ठहराया. 2024 में सेशन कोर्ट ने भी सजा बरकरार रखी. उन्हें तीन महीने की जेल और प्रत्येक मामले में 1 करोड़ 35 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई. इस साल 10 जुलाई 2026 को दिल्ली हाई कोर्ट ने सजा में दखल देने से इनकार कर दिया था. हाई कोर्ट ने कहा कि राजपाल ने कई बार भुगतान का भरोसा दिया, लेकिन उसे पूरा नहीं किया.
&#039;मुश्किल समय में भारत पर भरोसा बढ़ा&#039;, ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में बोले PM मोदी
सुप्रीम कोर्ट में क्या दलील दी गई?
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में राजपाल यादव की ओर से कहा गया है कि अप्रैल 2013 में दोनों पक्षों के बीच करीब 10 करोड़ 40 लाख रुपये का समझौता हो गया था. उस समझौते के बाद पुराने चेकों से जुड़ी शिकायतें जारी नहीं रह सकतीं. मंगलवार को अभिनेता के वकील की बातें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने 15 सितंबर को अगली सुनवाई की बात कही. फिलहाल 5 करोड़ रुपये जमा कराने की शर्त पूरी करने पर राजपाल यादव को अगली सुनवाई तक जेल जाने से अंतरिम राहत मिली रहेगी.
स्टालिन के जबड़े पर CM विजय का इशारा? विवाद बढ़ने पर बोले - &#039;ये सब...&#039; ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 09 Sep 2026 01:30:09 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>राजपाल, यादव, चेक, बाउंस, केस, में, सुप्रीम, कोर्ट, का, आया, फैसला, दी, बड़ी, राहत</media:keywords>
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        <title>मणिपुरी म्यूजिशियन हत्याकांड: PC में भावुक पत्नी बोली, &amp;apos;हमें बदला नहीं...&amp;apos;</title>
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        <description><![CDATA[ मणिपुर के म्यूजिशियन चोंगथम विक्रम सिंह की हत्या मामले में उनकी पत्नी जोशना चोंगथम ने भावुक बयान जारी किया है. उन्होंने कहा कि वह बदला नहीं बल्कि न्याय चाहती हैं. चोंगथम ने कहा, &#039;मैं अभी भी अपने पति की मौत के सदमे से उबरने की कोशिश कर रही हूं. उनकी अचानक मौत ने ऐसा दुख दिया है, जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है.
उन्होंने आगे कहा, &#039; वह मेरे पति, मेरे बच्चे के पिता, एक बेटे और भाई, एक संगीतकार और मेरे परिवार, दोस्तों और रिश्तेदारों के प्रिय व्यक्ति थे. इस कठिन समय में जिस तरह से परिवार, दोस्तों और देशभर के लोगों से मिले प्यार और सहानुभूति मिली है, उसके लिए हम तहे दिल से आभारी हैं. साथ ही दिल्ली पुलिस, नेताओं ने जिस तरह सहयोग दिया उसके लिए भी धन्यवाद देते हैं.&#039;
निष्पक्ष जांच की मांग की
चोंगथम ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि इस कठिन मय में उनके परिवार को शांति और एकांत में शोक मनाने दिया जाए. उन्होंने अधिकारियों से यह भी निवेदन किया कि मामले की जांच निष्पक्ष और न्यायपूर्ण की जाए और कानून के तहत सभी जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाए. उन्होंने कहा कि हम बदला नहीं चाहते हैं, हम न्याय चाहते हैं.
&#039;दोबारा किसी के साथ ऐसा न हो&#039;
चोंगथम विक्रम सिंह को याद करते हुए उन्होंने कहा, &#039;उनका एक नाम था, एक परिवार था और एक ऐसा जीवन था, जिसका महत्व था. हम केवल यही निवेदन करते हैं कि उनकी स्मृति का सम्मान किया जाए. हमारे शोक को गरिमा दी जाए और न्याय मिले और दोबारा किसी और के परिवार के साथ ऐसा न हो.&#039;
स्टालिन के जबड़े पर CM विजय का इशारा? विवाद बढ़ने पर बोले - &#039;ये सब...&#039;
54 वर्षीय मणिपुरी संगीतकार की मौत सोमवार (7 सितंबर) सुबह किलोकरी गांव में उनके अपार्टमेंट के बाहर हुई. आरोप है कि जब उन्होंने बाहर शोर मचाने और शराब पीने पर आपत्ति जताई तो डिलीवरी वर्कर्स और ढाबा स्टाफ के एक समूह ने उन पर हमला कर दिया. पुलिस ने इस मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है और एक नाबालिग को भी पकड़ा है.
राजपाल यादव चेक बाउंस केस में सुप्रीम कोर्ट का आया फैसला, दी बड़ी राहत
&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 09 Sep 2026 01:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>TMC MP पर ED का शिकंजा! अखबार से जुड़े 60 करोड़ के लेनदेन की जांच तेज</title>
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        <description><![CDATA[ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राज्यसभा सांसद नदिमुल हक से जुड़े एक उर्दू अखबार के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई में करीब 60 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन सामने आने का दावा किया गया है. एजेंसी ने इन लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों के मुताबिक, कई लेनदेन के संबंध में तत्काल संतोषजनक दस्तावेजी रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया जा सका.
ED ने 7 सितंबर की सुबह कोलकाता समेत कई ठिकानों पर तलाशी अभियान शुरू किया था. कार्रवाई 24 घंटे से ज्यादा समय तक चली और मंगलवार तड़के पूरी हुई. इस दौरान सांसद नदिमुल हक से कोलकाता स्थित उनके आवास और कार्यालय में पूछताछ भी की गई. एजेंसी ने वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेज और अन्य रिकॉर्ड खंगाले.
60 करोड़ के लेनदेन पर सवाल
जांच के दौरान करीब 60 करोड़ रुपये के लेनदेन में कथित विसंगतियां मिलने की बात सामने आई है. ED यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ये रकम अखबार के नियमित कारोबारी लेनदेन का हिस्सा थी या इसके पीछे कोई अन्य वित्तीय गतिविधि थी. अधिकारियों के मुताबिक, जिन लेनदेन का संतोषजनक रिकॉर्ड नहीं मिला, उनकी विस्तृत जांच की जा रही है.
हवाला एंगल भी जांच के दायरे में
ED अब यह भी पता लगा रही है कि संदिग्ध लेनदेन में कहीं हवाला या किसी अन्य अनौपचारिक माध्यम का इस्तेमाल तो नहीं हुआ. एजेंसी रकम के स्रोत, लेनदेन करने वाली इकाइयों और संबंधित बैंक खातों की कड़ियां खंगाल रही है. जांच के दौरान मिले दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी.
FIR के आधार पर शुरू हुई जांच
यह कार्रवाई उस मामले में की जा रही है जिसमें अखबार और उससे जुड़े लोगों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को आधार बनाकर ED ने मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू की जांच शुरू की है. एजेंसी कथित वित्तीय अनियमितताओं के साथ-साथ धन के वास्तविक इस्तेमाल और उसके अंतिम लाभार्थियों का पता लगाने में जुटी है.
सांसद से पूछताछ, आगे भी बढ़ सकती है कार्रवाई
ED अधिकारियों ने तलाशी और पूछताछ के दौरान मिले रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी है. जरूरत पड़ने पर मामले से जुड़े अन्य लोगों को भी पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है. हालांकि, 60 करोड़ रुपये के लेनदेन में कथित गड़बड़ी की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी. संबंधित पक्ष का पक्ष सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी.
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        <pubDate>Wed, 09 Sep 2026 01:30:07 +0530</pubDate>
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        <title>ओवैसी ने SIR पर उठाए सवाल, कहा &amp; &amp;apos;6 से ज्यादा बच्चों वाले वोटरों को...&amp;apos;</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/ओवैसी-ने-sir-पर-उठाए-सवाल-कहा-6-से-ज्यादा-बच्चों-वाले-वोटरों-को</link>
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        <description><![CDATA[ हैदराबाद के सांसद और एमआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने तेलंगाना में चल रहे एसआईआर को लेकर गंभीर चिंता जताई है. उन्होंने इस प्रक्रिया को दोषपूर्ण करार दिया है. साथ ही मांग करते हुए समय सीमा को 21 दिन से बढ़ाकर चार हफ्ते करने की मांग की है.&amp;nbsp;
ओवैसी ने कारवान विधानसभा इलाके में सात एसआईआर हियरिंग सेंटर्स का दौरा किया, इसके बाद उन्होंने भारी गड़बड़ियों की ओर इशारा किया है. उन्होंने कहा है कि अकेले कारवान में 59470 गड़बड़ियां और 40,750 नो मैपिंग मामले पाए गए हैं. उन्होंने कहा है कि जीवित वोटरों को मृत दिखाया जा रहा है. जो लोग अभी भी उसी एड्रेस पर रह रहे हैं, उन्हें शिफ्टेड के तौर पर लिस्ट किया जा रहा है. साथ ही उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि असली वोटर फाइनल लिस्ट से बाहर हो सकते हैं.
ओवैसी ने 6 से ज्यादा बच्चों वाले नियम पर जताई आपत्ति
इसके अलावा ओवैसी ने उस नियम की भी आलोचना की है, जिसमें 6 से ज्यादा बच्चों वाले वोटरों को नोटिस भेजे जा रहे है. इस एक बेहद ही अजीब मामला बताया है. उन्होंने कहा है कि बच्चों की संख्या सीमित करने वाला कोई कानून नहीं है. हियरिंग सेंटर्स पर ऐसे लोगों से कई शिकायतें मिल रही हैं. इन्हें इस आधार पर नोटिस मिले हैं, और वे इस तरह के मापदंड की कानूनी वैधता पर सवाल उठा रहे हैं.&amp;nbsp;
जीवित होने के बावजूद मृत घोषित किया: ओवैसी
ओवैसी ने कहा कि कुछ वोटरों को जीवित होने के बावजूद वोटर रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया गया है. उन्होंने इन गलतियों को परेशानी कहा है. साथ ही अधिकारियों से गड़बड़ियों को तुरंत ठीक करने की अपील की गई है. इसके अलावा जिन्हें नोटिस भेजे गए हैं, उन वोटर्स से अपील करते हुए कहा है कि वह वेरिफिकेशन प्रोसेस को पूरा करने के लिए आधार कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेजों के साथ अपने तय एसआईआर हियरिंग सेंटर्स पर तुरंत जाएं.
इसके अलावा उन्होंने कहा कि AIMIM ने हियरिंग सेंटर्स पर हेल्प डेस्क बनाए हैं, ताकि लोगों को नोटिस समझने और दस्तावेज तैयार करने में मदद मिल सके. &amp;nbsp;बता दें, हैदराबाद जिले में एसआईआर के तहत करीबन 6,72,700 वोटरों के मामले में गड़बड़ियां सामने आई है. इनमें 5,82,217 मामलों में नो मैपिंग की बात सामने आई है. वहीं पूरे जिले में 7.66 लाख से ज्यादा नोटिस अभी भी बांटे जाने बाकी है. अकेले कारवान में 1,00,223 नोटिस जारी किए गए हैं. इनमें से 51,352 अभी भी नहीं बांटे जा सके हैं.&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 09 Sep 2026 01:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>पानी के लिए पाकिस्तान सेना के जवानों में जमकर मार&amp;कुटाई, वीडियो वायरल</title>
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        <description><![CDATA[ पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वाह प्रांत के ऊपरी दक्षिण वजीरिस्तान जिले से सेना के जवानों के बीच मारपीट का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. रिपोर्ट के मुताबिक, आसमान मंजा इलाके में पानी भरने को लेकर पाकिस्तानी सेना के अलग-अलग दस्तों के जवानों और खुफिया विभाग से जुड़े अधिकारियों के बीच विवाद हो गया. देखते ही देखते मामला हाथापाई तक पहुंच गया.
बताया जा रहा है कि यह घटना आसमान मंज़ा ब्रिगेड के सरकारी मुख्यालय के पास हुई. यहां तैनात एसएसजी के जवान, फ्रंटियर कोर के जवान और सादे कपड़ों में मौजूद खुफिया विभाग के अधिकारियों के बीच पानी के टैंकर को लेकर विवाद शुरू हुआ था.
पानी के टैंकर को लेकर शुरू हुआ विवाद
आसमान मंज़ा इलाके में पानी की भारी कमी बताई जाती है. सैन्य और सरकारी प्रतिष्ठानों में भी पानी की जरूरत पूरी करने के लिए टैंकरों पर निर्भरता है. रिपोर्ट के अनुसार, जब पानी का टैंकर मुख्यालय पहुंचा तो सबसे पहले पानी भरने को लेकर एसएसजी जवानों और खुफिया विभाग के अधिकारियों के बीच बहस हुई. बहस बढ़ने के बाद दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई. कुछ ही देर में फ्रंटियर कोर के जवान भी इस विवाद में शामिल हो गए. इसके बाद मौके पर काफी देर तक अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही.

????INTERNAL COLLAPSE IN PAKISTAN ARMYElite SSG Commandos, Frontier Corps, and Intelligence officers engaged in a violent, multi-minute brawl inside the Asman Manza Brigade HQ in South Waziristan all over priority access to a daily water tanker.22 Personnel Injured: Fierce&amp;hellip; pic.twitter.com/lL7mcrRwpO
&amp;mdash; Shivank Mishra (@shivank_8mishra) September 8, 2026



वीडियो में लात-घूंसे चलाते दिखे जवान
घटना से जुड़ा एक वीडियो सामने आने का दावा किया जा रहा है. वीडियो में वर्दी पहने जवानों और सादे कपड़ों में मौजूद लोगों के बीच मारपीट होती दिखाई देती है. दोनों पक्ष एक-दूसरे पर लात और घूंसे चलाते नजर आ रहे हैं. बताया गया है कि झगड़ा केवल एक जगह तक सीमित नहीं रहा और मैदान से लेकर मुख्यालय के आसपास तक कुछ समय तक जारी रहा. इस कथित झड़प में करीब 22 जवानों के घायल होने की बात कही जा रही है. हालांकि, घायलों की स्थिति और घटना की पूरी जानकारी की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है.
इलाके में पानी की गंभीर समस्या
ऊपरी दक्षिण वजीरिस्तान लंबे समय से पानी की कमी से जूझ रहे इलाकों में शामिल है. स्थानीय स्तर पर पानी की आपूर्ति के लिए टैंकरों का इस्तेमाल किया जाता है. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, जिले के बड़े हिस्से में नियमित जलापूर्ति की कमी के कारण लोगों को टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ता है. इसी पानी की कमी के बीच सरकारी और सुरक्षा प्रतिष्ठानों में भी टैंकर से आने वाले पानी को लेकर दबाव रहता है. ऐसे में पानी पहले भरने को लेकर हुआ विवाद गंभीर झड़प में बदलने की बात सामने आई है.
पाकिस्तानी सेना की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार
फिलहाल इस घटना को लेकर पाकिस्तानी सेना की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. इसलिए जवानों के घायल होने और झड़प की पूरी परिस्थितियों से जुड़ी जानकारी को रिपोर्ट के स्तर पर ही देखा जाना चाहिए.
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        <pubDate>Wed, 09 Sep 2026 01:30:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Apple Watch Series 12 में क्या नया मिलेगा, क्या अल्ट्रा&amp;4 का डिजाइन बदलेगा?</title>
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        <description><![CDATA[ Apple के नए iPhone के साथ अब अगली जनरेशन की Apple Watch पर भी सबकी नजर है. Apple 9 सितंबर को होने वाले अपने Surprise and Shine इवेंट में Apple Watch Series 12 और Apple Watch Ultra 4 पेश कर सकता है, हालांकि कंपनी ने अभी तक नई Apple Watch को इस इवेंट में लॉन्च करने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन नई Apple Watch को लेकर सामने आई लीक और रिपोर्ट्स &amp;nbsp;से संकेत मिलता है कि इस साल Apple का फोकस बड़े डिजाइन बदलाव की जगह परफॉर्मेंस, हेल्थ ट्रैकिंग और वेलनेस एक्सपीरियंस को बेहतर करने पर हो सकता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि Apple Watch Series 12 में क्या नया मिलेगा और क्या अल्ट्रा-4 का डिजाइन बदलेगा.&amp;nbsp;
Apple Watch Series 12 में क्या नया मिलेगा?
1. नया और तेज चिप - Series 12 में S11 या उससे नई चिप मिलने की उम्मीद है, जिससे परफॉर्मेंस और पावर एफिशिएंसी बेहतर हो सकती है.&amp;nbsp;
2. हार्ट रेट ट्रैकिंग - Apple लगातार हार्ट रेट मॉनिटरिंग फीचर की टेस्टिंग कर रही है. इससे दिनभर हार्ट रेट का ज्यादा लगातार डेटा मिल सकता है.&amp;nbsp;
3. Ceramic केस की वापसी - Series 12 में सफेद और डार्क ग्रे कलर में Ceramic केस का ऑप्शन मिल सकता है.
4. हेल्थ और फिटनेस ऐप में बदलाव - वेलनेस से जुड़े ज्यादा मैट्रिक्स को बेहतर तरीके से दिखाने के लिए हेल्थ और फिटनेस ऐप्स में बदलाव की उम्मीद है.&amp;nbsp;
5. बैटरी और एफिशिएंसी में सुधार - नए चिप की बेहतर पावर एफिशिएंसी से बैटरी बैकअप में सुधार मिल सकता है, हालांकि बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है.&amp;nbsp;
6. नए बैंड और फिनिश - Apple Series 12 के साथ नए बैंड कलर और अलग-अलग कॉन्फिगरेशन पेश कर सकती है, जिससे यूजर्स को ज्यादा ऑप्शन मिलेंगे.&amp;nbsp;
क्या अल्ट्रा-4 का डिजाइन बदलेगा?
Apple Watch Ultra 4 के डिजाइन में इस बार कोई बड़ा बदलाव होने की उम्मीद नहीं है. रिपोर्ट्स के मुताबिक इसका लुक और मौजूदा Ultra मॉडल की मजबूत डिजाइन काफी हद तक बरकरार रह सकती है. Apple का फोकस इस साल बाहरी डिजाइन बदलने की जगह परफॉर्मेंस, हेल्थ और फिटनेस ट्रैकिंग जैसे इंटरनल अपग्रेड पर रहने की संभावना है. हालांकि छोटे-मोटे बदलाव या नए फिनिश देखने को मिल सकते हैं, लेकिन पूरी तरह नया डिजाइन या बड़ा रीडिजाइन फिलहाल उम्मीद में नहीं है.&amp;nbsp;
नया चिप बेहतर परफॉर्मेंस
Apple Watch Series 12 और Ultra 4 में नई पीढ़ी का चिप मिलने की उम्मीद है. इसका नाम S11 या इससे नया चिप हो सकता है. Series 11 और Ultra 3 में S10 चिप दिया गया है, जो इससे पहले Series 10 और Ultra 2 में भी इस्तेमाल हुआ था.&amp;nbsp;
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हेल्थ ट्रैकिंग पर रहेगा ज्यादा फोकस
नई Apple Watch में हेल्थ मॉनिटरिंग को पहले से ज्यादा यूजफुल बनाने की कोशिश की जा सकती है. रिपोर्ट्स के मुताबिक Apple लगातार हार्ट रेट मॉनिटरिंग की क्षमता का टेस्ट कर रहा है. इससे वॉच पूरे दिन हार्ट रेट से जुड़ा ज्यादा लगातार डेटा जुटा सकती है.&amp;nbsp;
Touch ID और SE 4 की उम्मीद कम
नई Apple Watch में Touch ID मिलने की संभावना फिलहाल कम बताई जा रही है. Apple Watch SE 4 के इस साल लॉन्च होने की उम्मीद भी नहीं है. Apple ब्लड-शुगर डिटेक्शन फीचर पर भी काम कर रहा है, जिसे 2030 तक पेश करने का लक्ष्य बताया गया है. वहीं Apple Watch का बड़ा डिजाइन बदलाव अभी डेवलपमेंट में है और इसे आने में एक या दो साल लग सकते हैं.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Tue, 08 Sep 2026 23:30:17 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Apple का AI अब सिर्फ iPhone में नहीं? Siri से लेकर Smart Home तक बड़ा प्लान</title>
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        <description><![CDATA[ Apple का AI प्लान अब सिर्फ iPhone तक सीमित नहीं रहना वाला है. कंपनी अपने स्मार्ट होम प्रोडक्ट्स में भी AI को बड़ी भूमिका देने की तैयारी में है. खासकर Siri AI के आने के बाद Apple के पुराने HomePod और Apple TV जैसे डिवाइसेज को नए तरीके से इस्तेमाल करने की उम्मीद बढ़ गई है. ऐसे में Apple के 9 सितंबर को होने वाले लॉन्च इवेंट Surprise and Shine &amp;nbsp;में नए स्मार्ट होम डिवाइसेज की एंट्री की चर्चा है, जबकि आगे चलकर Apple एक ऐसे स्मार्ट होम हब पर भी काम कर सकता है जो घर के अलग-अलग डिवाइसेज को एक ही जगह से कंट्रोल करने का काम करेगा.&amp;nbsp;
Siri से लेकर Smart Home तक बड़ा प्लान
रिपोर्ट्स के मुताबिक, Apple इसी सीजन में नए HomePod Mini और Apple TV 4K को लॉन्च कर सकता है. मौजूदा HomePod Mini और Apple TV कई साल पुराने हो चुके हैं और अब Siri AI के तैयार होने के बाद इनके नए वर्जन आने की उम्मीद है. नए HomePod Mini में S5 चिप की जगह S9 चिप मिल सकती है.
इसके साथ नए कलर ऑप्शन, नया वायरलेस चिप और बेहतर ऑडियो क्वालिटी मिलने की बात कही जा रही है. हालांकि सबसे बड़ा बदलाव Siri AI का सपोर्ट हो सकता है, जिससे HomePod Mini पहले के मुकाबले ज्यादा स्मार्ट तरीके से काम कर सकेगा. वहीं, नए Apple TV 4K में A15 Bionic की जगह A17 Pro चिप मिलने की उम्मीद है. इसके अलावा इसके रिमोट को भी नए डिजाइन और Siri AI से जुड़े फीचर्स के साथ अपडेट किया जा सकता है.
7 इंच स्क्रीन वाला स्मार्ट होम हब
Apple का स्मार्ट होम प्लान यहीं खत्म नहीं होता है. कंपनी एक नए स्मार्ट होम हब पर भी काम कर रही है. रिपोर्ट्स के अनुसार, इसके दो वर्जन हो सकते हैं. एक मॉडल स्क्रीन के साथ आएगा, जिसे मैग्नेटिक सिस्टम की मदद से दीवार पर लगाया जा सकेगा, जबकि दूसरे मॉडल में स्पीकर बेस दिया जा सकता है. इस डिवाइस में 7 इंच का स्क्वायर डिस्प्ले और homeOS नाम का नया ऑपरेटिंग सिस्टम मिलने की उम्मीद है. इसमें Siri AI से बातचीत, फेसटाइम कॉल और स्मार्ट होम डिवाइसेज को मैनेज करने जैसे काम किए जा सकते हैं. इसे HomePod नाम से भी पेश किए जाने की चर्चा है और इसमें A18 चिप मिलने की उम्मीद है.
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Siri AI बनेगा पूरे Home Ecosystem का हिस्सा
इस स्मार्ट होम हब का सबसे अहम हिस्सा इसका AI एक्सपीरियंस हो सकता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, डिवाइस में पर्सनल प्रोफाइल, फेशियल रिकग्निशन और प्रेजेंस डिटेक्शन जैसे फीचर्स भी मिल सकते हैं. इससे अलग-अलग यूजर्स को उनकी जरूरत के हिसाब से कैलेंडर, रिमाइंडर्स, फोटो और दूसरे विजेट्स दिखाए जा सकते हैं. इसके अलावा Widget Gallery और Smart Stack जैसे फीचर्स भी इसका हिस्सा हो सकते हैं.&amp;nbsp;
कैमरा और स्मार्ट डोरबेल भी आ सकते हैं
Apple के स्मार्ट होम प्लान में आगे सिक्योरिटी कैमरा और स्मार्ट डोरबेल जैसे प्रोडक्ट्स भी शामिल हो सकते हैं. इसके साथ स्मार्ट डिस्प्ले का एक एडवांस वर्जन भी आने की चर्चा है, जिसमें बड़ी 9 इंच स्क्रीन और रोबोटिक आर्म दिया जा सकता है.
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        <pubDate>Tue, 08 Sep 2026 23:30:16 +0530</pubDate>
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        <title>पुराना फोन फेंकने की गलती न करें! Google Store पर मिलेगी तगड़ी कीमत</title>
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        <description><![CDATA[ अगर आपके पास पुराना स्मार्टफोन पड़ा है और आपको लगता है कि अब इसकी कोई खास कीमत नहीं बची तो उसे फेंकने या कबाड़ में देने से पहले एक बार जरूर सोच लें. पुराने फोन से छुटकारा पाने के साथ-साथ आप उसकी अच्छी-खासी कीमत भी हासिल कर सकते हैं. Google अपने Google Store पर ट्रेड-इन सुविधा देता है जिसके जरिए पुराने डिवाइस को अच्छी कीमत पर एक्सचेंज किया जा सकता है. आइए जानते हैं कि कैसे आप इसका फायदा उठा सकते हैं.
पुराने फोन के बदले मिल सकता है अच्छा ऑफर
दरअसल, Google Store का ट्रेड-इन प्रोग्राम उन यूजर्स के लिए फायदेमंद होता है जो नया स्मार्टफोन खरीदना चाहते हैं. इसमें पुराने फोन की कंडिशन, मॉडल और दूसरी डिटेल्स के आधार पर उसकी कीमत तय की जाती है. खास बात ये है कि कुछ पुराने फोन उम्मीद से बेहतर वैल्यू हासिल कर सकते हैं. यानी ऐसा जरूरी नहीं कि कई साल पुराना स्मार्टफोन पूरी तरह बेकार हो चुका हो. अगर डिवाइस अच्छी कंडीशन में है तो उसकी कीमत आपके अनुमान से ज्यादा निकल सकती है.
कैसे काम करता है Google Store Trade-In?
जानकारी के अनुसार, ट्रेड-इन का प्रोसेस नॉर्मली काफी आसान होता है. नया डिवाइस खरीदते समय यूजर को अपने पुराने फोन की जानकारी देनी होती है. इसमें फोन का मॉडल, स्टोरेज और उसकी कंडिशन जैसी जानकारी शामिल है.
इसके बाद पुराने फोन की ट्रेड-इन वैल्यू दिखाई जाती है. अगर यूजर ऑफर एक्सेप्ट करता है तो पुराने डिवाइस को तय प्रोसेस के अनुसार जमा या शिप किया जाता है. फाइनल वैल्यू फोन की असली कंडिशन को चेक करने के बाद ही तय की जाती है.
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फोन की कंडिशन से तय होती है कीमत
आपको बता दें कि पुराने फोन की कीमत केवल उसके मॉडल से तय नहीं होती है. उसकी फिजिकल कंडीशन भी बहुत जरूरी होती है. स्क्रीन पर ज्यादा क्रैक, बॉडी पर डैमेज, खराब बटन या चार्जिंग से जुड़ी समस्या होने पर ट्रेड-इन वैल्यू कम हो जाती है. लेकिन अगर फोन साफ-सुथरी कंडिशन में मौजूद है और सही तरीके से काम करने वाला फोन है तो उसकी बेहतर कीमत मिल सकती है. इसलिए ट्रेड-इन से पहले फोन की कंडिशन को अच्छी तरह से चेक कर लेना चाहिए.
नया फोन खरीदने पर मिलेगा फायदा
ट्रेड-इन का सबसे बड़ा फायदा ये है कि पुराने फोन की वैल्यू को नए डिवाइस की खरीद के साथ जोड़ा जाता है. इससे नए फोन की कीमत कम हो जाती है. जैसे अगर आपके पुराने फोन की ट्रेड-इन वैल्यू अच्छी निकलती है तो आपको नए स्मार्टफोन के लिए अपनी जेब से कम पैसे खर्च करने पड़ेंगे. यही वजह है कि पुराना फोन सीधे बेचने या फेंकने से पहले ट्रेड-इन ऑप्शन को चेक करना फायदेमंद रहता है.
फोन देने से पहले ये काम जरूर करें
पुराना फोन ट्रेड-इन करने से पहले उसमें मौजूद पर्सनल जानकारी को सुरक्षित करना बेहद जरूरी होता है. फोटो, वीडियो, कॉन्टैक्ट और जरूरी फाइलों का बैकअप लें. इसके बाद अपने Google या दूसरे अकाउंट से साइन आउट करें और फोन को फैक्ट्री रीसेट करें.
साथ ही, ट्रेड-इन की शर्तों और फाइनल वैल्यू को ध्यान से पढ़ें. क्योंकि ऑनलाइन दिखाई गई कीमत और डिवाइस को चेक करने के बाद की कीमत अलग हो सकती है.
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        <pubDate>Tue, 08 Sep 2026 23:30:14 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>iPhone 17 Pro पर आया जबरदस्त Price Drop! यहां मिल रहा बेहद सस्ता</title>
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        <description><![CDATA[ iPhone 17 Pro पर आया जबरदस्त Price Drop! यहां मिल रहा बेहद सस्ता ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 08 Sep 2026 23:30:13 +0530</pubDate>
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        <title>बिना WhatsApp अकाउंट के भी कर सकेंगे कॉल! जल्द आ रहा है ये नया फीचर</title>
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        <description><![CDATA[ बिना WhatsApp अकाउंट के भी कर सकेंगे कॉल! जल्द आ रहा है ये नया फीचर ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 08 Sep 2026 23:30:11 +0530</pubDate>
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        <title>घर पर बनाएं बनारस की खास खस्ता कचौड़ी, छा जाएगा जादू</title>
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        <description><![CDATA[ बनारस का नाम आते ही वहां के स्वादिष्ट और चटपटे खाने की याद आ जाती है और यहां की कचौड़ी तो सुनके ही मुंह में पानी आ जाता है. और यहां की कचौड़ी काफी पसंद भी की जाती है. बाहर से कुरकुरी कचौड़ी और अंदर से मसालेदार भरावन वाली खस्ता कचौड़ी सुबह के नाश्ते या शाम की चाय के साथ खाने में मजा ही कुछ और है. अगर आपको भी बनारस की कचौड़ी का स्वाद पसंद है तो इसे घर पर बनाना काफी आसान है. बस आटा गूंथते समय और कचौड़ी तलते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है.आइए जानते हैं की आखिर घर पर कैसे बनाते है बनारस खास खस्ता कचौड़ी.
खस्ता कचौड़ी बनाने के लिए सामग्री
बनारसी खस्ता कचौड़ी बनाने के लिए सबसे पहले इसकी सामग्री तैयार कर लें. इसके लिए मैदा, मूंग या उड़द की दाल, तेल या घी, नमक, हींग, जीरा, सौंफ, धनिया पाउडर, लाल मिर्च, अमचूर और थोड़ा गरम मसाला चाहिए. आटा गूंथने से पहले उसमे मोईन डालने के लिए थोड़ा तेल या घी और फिर गूंथने के लिए पानी. कचौड़ियां &amp;nbsp;को तलने के लिए पर्याप्त तेल. अगर आपको कचौड़ी का स्वाद थोड़ा ज्यादा चटपटा पसंद है तो उसके मसालें में थोड़ी कसूरी मेथी भी डाल सकते हैं.
सबसे पहले तैयार करें मसालेदार भरावन
सबसे पहले उड़द या मूंग की दाल को कुछ घंटे के लिए पानी में भिगो दें. इसके बाद पानी निकालकर दाल को पीस ले ध्यान रखें की दाल पूरी तरह छोटी ना हो जाएं. अब कड़ाही में थोड़ा तेल गर्म करें और उसमें जीरा, सौंफ और हींग डालें. इसके बाद पिसी हुई दाल डालकर इसे अच्छी तरह भूनें. इसमें नमक, लाल मिर्च, धनिया पाउडर, अमचूर और गरम मसाला डालकर मिलाएं. भरावन को तब तक पकाएं, जब तक इसका पानी पूरी तरह सूख न जाए. इसके बाद इसे ठंडा होने के लिए रख दें.
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आटा गूंथते समय रखें खास ध्यान
अब कचौड़ी के लिए आटा तैयार करें. एक बड़े बर्तन में मैदा लें और इसमें थोड़ा नमक डालें. इसके बाद मोईन के लिए तेल या घी डालकर दोनों हाथों से अच्छी तरह मिलाएं. इसे इतना मिलाएं कि मैदा हाथ में दबाने पर हल्का लड्डू जैसा बंधने लगे. अब धीरे-धीरे पानी डालते हुए नरम आटा गूंथ लें. आटा न बहुत सख्त होना चाहिए और न ही बहुत ज्यादा नरम. अब इसे ढककर करीब 15 से 20 मिनट के लिए रख दें, इससे कचौड़ी बेलने में आसानी होगी.
कचौड़ी में भरें तैयार मसाला
आटा सेट होने के बाद इसकी छोटी-छोटी लोइयां बना लें. एक लोई को हाथ से थोड़ा फैलाएं और बीच में तैयार दाल की भरावन को भरें. अब किनारों को उठाकर मसाले को अच्छी तरह अंदर बंद कर दें. इसके बाद इसे हल्के हाथों से दबाकर कचौड़ी का आकार दें. कचौड़ी को बहुत पतला न करें, क्योंकि थोड़ी मोटी कचौड़ी ही तलने के बाद बाहर से खस्ता और अंदर से अच्छी बनती है. इसी तरह सारी कचौड़ियां तैयार कर लें.
धीमी आंच पर तलें कचौड़ी
अब कड़ाही में पर्याप्त तेल गर्म करें. तेल बहुत ज्यादा तेज गर्म न हो, वरना कचौड़ी ऊपर से जल्दी सुनहरी हो जाएगी लेकिन अंदर से ठीक से नहीं सिकेगी. कचौड़ियों को धीरे से तेल में डालें और धीमी आंच पर तलें. बीच-बीच में इन्हें पलटते रहें, ताकि दोनों तरफ से एक जैसा रंग आए और कचौड़ी अच्छी तरह कुरकुरी हो जाए. सुनहरी और खस्ता होने के बाद इन्हें निकालकर गरम आलू की सब्जी, हरी चटनी और अचार के साथ सर्व करें.
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        <pubDate>Tue, 08 Sep 2026 23:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Arhar Dal: भगोने में कैसे बनाएं अरहर की देसी स्टाइल वाली दाल? खुशबू से खिंचे चले आएंगे लोग</title>
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        <description><![CDATA[ How To Cook Arhar Dal Without Pressure Cooker: दाल भारतीय घरों के खाने का ऐसा हिस्सा है, जिसके बिना बहुत सी थालियां अधूरी लगती हैं. गरमा-गरम चावल के साथ हो या रोटी, पराठे या जीरा राइस के साथ, दाल का स्वाद हर बार खाने को पूरा कर देता है. अरहर की दाल यानी तूर दाल तो खासतौर पर ज्यादातर घरों में बनाई जाती है. इसका स्वाद हल्का होता है और अच्छी तरह पकने के बाद यह इतनी नरम और क्रीमी हो जाती है कि मसालों के साथ आसानी से घुल-मिल जाती है.
हालांकि, दाल बनाना आसान लगता है, लेकिन सही स्वाद और गाढ़ापन लाना हर बार आसान नहीं होता. कभी दाल बहुत पतली हो जाती है, तो कभी इतनी गाढ़ी कि चावल के साथ मिलाना मुश्किल लगे. कई बार दाल पक तो जाती है, लेकिन उसमें वो देसी स्वाद और खुशबू नहीं आती, जिसकी वजह से पूरा खाना फीका लगने लगता है. अगर आपके पास प्रेशर कुकर नहीं है या आप दाल को बिल्कुल देसी तरीके से भगोने में बनाना चाहते हैं, तो इसका तरीका काफी आसान है. बस दाल को सही तरह से भिगोने, पकाने और आखिर में तड़का लगाने पर थोड़ा ध्यान देना होगा.
अरहर की दाल के लिए चाहिए ये सामान
एक कप अरहर दाल, एक बारीक कटा प्याज, एक टमाटर, दो हरी मिर्च, 4 से 5 लहसुन की कलियां, आधा चम्मच हल्दी, लाल मिर्च पाउडर स्वाद के अनुसार, एक चम्मच जीरा, नमक, हरा धनिया, पानी और तड़के के लिए घी या तेल लें. देसी स्वाद के लिए घी का इस्तेमाल किया जाए तो दाल की खुशबू और स्वाद दोनों काफी बढ़ जाते हैं.

सबसे पहले दाल को भिगोएं
एक कप अरहर दाल को दो से तीन बार साफ पानी से अच्छी तरह धो लें. जब तक पानी काफी हद तक साफ न हो जाए, दाल को धोते रहें. इसके बाद दाल को करीब 20 से 30 मिनट के लिए पानी में भिगोकर रख दें. इस छोटे से स्टेप से दाल जल्दी गलती है और भगोने में पकाने का समय भी कुछ कम हो जाता है. साथ ही दाल पकने के बाद ज्यादा अच्छी तरह नरम होती है.
भगोने में ऐसे पकाएं दाल
अब एक भारी तले वाला भगोना लें और उसमें भीगी हुई दाल डाल दें. इसमें करीब 3 से 4 कप पानी, हल्दी और थोड़ा नमक डालें. भगोने को मध्यम आंच पर रखें और दाल को पकने दें. जब पानी में उबाल आने लगे, तो ऊपर जमा होने वाला झाग चम्मच से निकाल सकते हैं. अब आंच धीमी से मध्यम रखें और दाल को धीरे-धीरे पकने दें. बीच-बीच में इसे चलाते रहें, ताकि दाल नीचे से चिपके नहीं. भगोने में अरहर दाल को पूरी तरह नरम होने में आमतौर पर कुकर से ज्यादा समय लग सकता है, इसलिए इसे जल्दबाजी में तेज आंच पर पकाने के बजाय धीमी आंच पर पकाना बेहतर है.

जब दाल के दाने अच्छी तरह गल जाएं और आसानी से दबने लगें, तो चम्मच या दाल घोटने वाले उपकरण से इसे हल्का मैश कर दें. इससे दाल का टेक्सचर ज्यादा मलाईदार हो जाएगा. अगर दाल बहुत गाढ़ी लगे, तो थोड़ा गर्म पानी डालकर मनचाहा गाढ़ापन तैयार कर सकते हैं.
अब आएगा असली देसी स्वाद वाला तड़का
दाल का स्वाद बढ़ाने में तड़के का सबसे बड़ा हाथ होता है. इसके लिए एक छोटी कड़ाही गर्म करें और उसमें एक से दो चम्मच घी डालें. घी गर्म होने पर जीरा डालें. जीरा चटकने लगे तो बारीक कटा हुआ लहसुन और हरी मिर्च डाल दें. लहसुन को तब तक भूनें जब तक उसका रंग हल्का सुनहरा न हो जाए. इसके बाद कटा हुआ प्याज डालकर भूनें. प्याज के नरम और हल्के सुनहरे होने तक इसे पकाएं. अब इसमें कटे हुए टमाटर डालें और तब तक पकाएं जब तक टमाटर अच्छी तरह गलकर मसाले के साथ मिल न जाएं. अंत में लाल मिर्च पाउडर डालें और कुछ सेकंड के लिए भूनें. इस समय तड़के से आने वाली खुशबू ही बता देगी कि दाल में स्वाद आने वाला है.
दाल में तड़का मिलाकर ऐसे पकाएं
अब तैयार तड़के को भगोने में पक रही दाल में डाल दें और अच्छी तरह मिला दें. दाल को धीमी आंच पर करीब 5 से 7 मिनट और पकने दें. इससे तड़के का स्वाद दाल में अच्छी तरह घुल जाएगा और उसकी खुशबू भी और बढ़ जाएगी. अगर दाल ज्यादा गाढ़ी हो गई है, तो थोड़ा गर्म पानी डाल सकते हैं. वहीं अगर दाल बहुत पतली है, तो कुछ मिनट बिना ढके धीमी आंच पर पकाने से वह गाढ़ी हो जाएगी. आखिर में ऊपर से बारीक कटा हरा धनिया डालें और चाहें तो एक चम्मच घी भी डाल दें.
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दाल को किसके साथ परोसें?
गरमा-गरम देसी अरहर दाल को सादे चावल, जीरा राइस, रोटी, फुल्के या पराठे के साथ परोसा जा सकता है. साथ में पापड़, अचार, प्याज, सलाद और थोड़ा दही हो तो साधारण खाना भी पूरा देसी स्वाद देने लगता है. अगर आपको दाल में हल्की खटास पसंद है, तो परोसने से ठीक पहले थोड़ा नींबू का रस भी डाल सकते हैं.
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        <pubDate>Tue, 08 Sep 2026 23:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>सितंबर में घूमने के लिए ये हैं 7 जगहें, मानसून के बाद दिखती हैं खूबसूरत</title>
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        <description><![CDATA[ सितंबर यानी मानसून का सुहावना मौसम. यह मौसम घूमने के लिए काफी अच्छा माना जाता है. इस समय प्रकृति अपने चरम पर होती है. इस समय अगर आप भी घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो भारत की ये 7 जगहें आपकी ट्रिप को यादगार तो बनाएंगी , साथ ही आपके मन को प्राकृतिक सौंदर्य से तरोताजा कर देंगी. मानसून का मजा लेने के लिए आप अपनी ट्रिप में कूर्ग, मुन्नार और उदयपुर&amp;nbsp; जैसी 7 बेहतरीन जगहों को जोड़ सकते हैं.
कूर्ग और चिकमगलूर, कर्नाटक
कर्नाटक के कूर्ग और चिकमगलूर अपनी हरियाली, पहाड़ियों, कॉफी के बागानों और झरनों के लिए जाने जाते हैं. कूर्ग को भारत का स्कॉटलैंड भी कहा जाता है. सितंबर में बारिश के बाद यहां का नजारा और भी खूबसूरत हो जाता है. चारों तरफ फैले कॉफी के पौधे, ठंडी हवा और पहाड़ियों के बीच बहते झरने पर्यटकों को आकर्षित करते हैं. वहीं चिकमगलूर पश्चिमी घाट की पहाड़ियों के बीच बसा है. यहां कॉफी एस्टेट में घूमने के साथ प्रकृति के शांत वातावरण का आनंद लिया जा सकता है. फोटोग्राफी पसंद करने वालों के लिए भी दोनों जगहें काफी अच्छी हैं.
मुन्नार और वैली ऑफ फ्लावर्स
केरल का मुन्नार अपने हरे-भरे चाय के बागानों और धुंध से ढकी पहाड़ियों के लिए मशहूर है. सितंबर में बारिश के बाद यहां की हरियाली और भी निखर जाती है. पहाड़ियों के बीच घूमते समय बादलों और धुंध का खूबसूरत नजारा देखने को मिलता है. दूसरी ओर उत्तराखंड की वैली ऑफ फ्लावर्स प्रकृति प्रेमियों के लिए खास जगह है. यहां सितंबर में रंग-बिरंगे फूलों और हरी-भरी वादियों का सुंदर नजारा दिखाई देता है. पहाड़ों के बीच ट्रेकिंग करते हुए यहां की प्राकृतिक खूबसूरती को करीब से देखा जा सकता है.
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झीलों के किनारे बिताएं सुकून भरे पल
राजस्थान का उदयपुर सितंबर में घूमने के लिए अच्छा ऑप्सन है . बारिश के बाद शहर की झीलें और आसपास की हरियाली इसकी खूबसूरती बढ़ा देती है. झीलों के किनारे बैठकर शांत वातावरण का आनंद लिया जा सकता है. वहीं कश्मीर का श्रीनगर भी सितंबर में काफी आकर्षक नजर आता है. यहां डल झील में शिकारा की सवारी, पहाड़ों का नजारा और सुहावना मौसम यात्रा को यादगार बना देते हैं. अगर आपको झीलों और शांत वातावरण वाली जगहें पसंद हैं, तो उदयपुर और श्रीनगर दोनों अच्छे विकल्प हैं.
लैंसडाउन
उत्तराखंड का लैंसडाउन दिल्ली-एनसीआर से छोटी ट्रिप के लिए पसंद किया जाने वाला पहाड़ी जगह है . यहां देवदार के घने जंगल, पहाड़ और शांत वातावरण देखने को मिलता है. सितंबर में बारिश के बाद यहां की हरियाली और भी खूबसूरत नजर आती है. शहर की भागदौड़ से दूर कुछ समय सुकून से बिताने के लिए लैंसडाउन अच्छा ऑप्सन है. यहां पहाड़ी रास्तों पर घूमने, प्रकृति को देखने और खूबसूरत तस्वीरें खींचने का मजा लिया जा सकता है. सितंबर में इन सभी जगहों पर जाने से पहले मौसम और स्थानीय यात्रा से जुड़ी जानकारी जरूर जांच लें.
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&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 08 Sep 2026 23:30:06 +0530</pubDate>
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        <title>How To Sharpen Knife: किचन के चाकू की धार कम हो गई? घर पर ऐसे करें तेज</title>
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        <description><![CDATA[ How To Sharpen Kitchen Knife At Home: किचन में रोज सब्जियां, फल और दूसरी चीजें काटते-काटते चाकू की धार धीरे-धीरे कम हो जाती है. शुरुआत में इसका ज्यादा पता नहीं चलता, लेकिन कुछ समय बाद वही चाकू टमाटर या प्याज काटने में भी परेशानी करने लगता है. कई बार लोग धार कम होने पर चाकू बदलने या बाहर से शार्प करवाने के बारे में सोचते हैं. हालांकि, हर बार ऐसा करना जरूरी नहीं है. सही तरीका पता हो तो घर पर भी चाकू की धार को काफी हद तक बेहतर किया जा सकता है.
एक बात का ध्यान रखना जरूरी है कि कुंद चाकू हमेशा ज्यादा सुरक्षित नहीं होता. धार कम होने पर किसी चीज को काटने के लिए ज्यादा दबाव लगाना पड़ सकता है. दबाव बढ़ने से चाकू अचानक फिसल सकता है और हाथ या उंगलियों पर चोट लगने का खतरा बढ़ सकता है. इसलिए चाकू की धार को सही स्थिति में रखना सिर्फ सुविधा के लिए नहीं, बल्कि सुरक्षित तरीके से काम करने के लिए भी जरूरी है.
चाकू की धार आखिर कम क्यों होती है?
चाकू का इस्तेमाल लगातार करने से उसकी धार धीरे-धीरे घिसती है. लेकिन सिर्फ ज्यादा इस्तेमाल ही इसकी वजह नहीं है. अगर आप चाकू से कांच, पत्थर या मार्बल जैसी सख्त सतह पर काटते हैं, तो उसकी धार जल्दी खराब हो सकती है. चाकू को बिना किसी सुरक्षा के दूसरे बर्तनों के साथ दराज में रखने से भी ब्लेड पर असर पड़ सकता है. इसी तरह डिशवॉशर में धोने से गर्म पानी, तेज हलचल और दूसरे बर्तनों से टकराने के कारण चाकू की धार कमजोर हो सकती है.

व्हेटस्टोन से करें धार तेज
अगर चाकू काफी ज्यादा कुंद हो गया है, तो व्हेटस्टोन एक अच्छा विकल्प हो सकता है. इस्तेमाल से पहले स्टोन को निर्माता के निर्देश के अनुसार पानी में भिगोया जाता है. इसके बाद चाकू की धार को स्टोन पर लगभग 15 से 20 डिग्री के कोण पर रखते हुए धीरे-धीरे आगे की ओर चलाया जाता है.
इसी प्रक्रिया को ब्लेड के दोनों तरफ दोहराएं. इसमें थोड़ा समय और अभ्यास लग सकता है, लेकिन बहुत ज्यादा कुंद चाकू की धार सुधारने में यह तरीका प्रभावी हो सकता है. शुरुआती लोग चाकू को स्थिर रखने और सही कोण बनाए रखने पर खास ध्यान दें.

सिरेमिक मग का इस्तेमाल कर सकते हैं
अगर घर में शार्पनिंग स्टोन नहीं है, तो एक साधारण सिरेमिक मग कुछ हद तक मदद कर सकता है. मग को उल्टा करके उसके नीचे बने बिना ग्लेज वाले खुरदरे हिस्से को देखें. इस हिस्से पर चाकू की धार को हल्के हाथ से उसी तरह चलाया जा सकता है जैसे शार्पनिंग स्टोन पर चलाते हैं. हालांकि, इसे नियमित शार्पनिंग टूल का विकल्प नहीं समझना चाहिए. यह सिर्फ जरूरत पड़ने पर घरेलू उपाय के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है.
होनिंग रॉड से धार को सही रखें
होनिंग रॉड को अक्सर चाकू तेज करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन इसका काम थोड़ा अलग है. यह वास्तव में धातु को ज्यादा हटाकर नई धार नहीं बनाता, बल्कि चाकू की मौजूदा धार को सीधा और सही स्थिति में लाने में मदद करता है. अगर चाकू बहुत ज्यादा कुंद नहीं हुआ है और सिर्फ उसकी धार थोड़ी मुड़ गई है, तो होनिंग रॉड उपयोगी हो सकती है. रॉड को सीधा पकड़कर चाकू को हल्के दबाव के साथ एक समान कोण पर दोनों तरफ चलाएं.
सैंडपेपर भी हो सकता है विकल्प
जरूरत पड़ने पर बारीक सैंडपेपर का इस्तेमाल भी किया जा सकता है. लगभग 1000 से 2000 ग्रिट का सैंडपेपर किसी सपाट सतह पर रखें और ब्लेड को हल्के हाथ से एक समान कोण पर चलाएं. यह नियमित रूप से चाकू तेज करने का सबसे अच्छा तरीका नहीं है, लेकिन जब सही उपकरण उपलब्ध न हो, तब थोड़ी धार वापस लाने में मदद कर सकता है.
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चाकू की धार जल्दी खराब न हो, इसके लिए इन गलतियों से बचें
चाकू को तेज करने के बाद उसकी सही देखभाल करना भी जरूरी है. सब्जियां काटने के लिए कांच, मार्बल या पत्थर की सतह का इस्तेमाल न करें. लकड़ी या अच्छी क्वालिटी के प्लास्टिक का कटिंग बोर्ड बेहतर विकल्प हो सकता है. चाकू को दूसरे बर्तनों के साथ दराज में फेंककर रखने के बजाय नाइफ ब्लॉक या मैग्नेटिक स्ट्रिप जैसी सुरक्षित जगह पर रखें. चाकू को हाथ से धोकर तुरंत सुखाना भी उसकी धार और पूरी स्थिति को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकता है.
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        <pubDate>Tue, 08 Sep 2026 23:30:04 +0530</pubDate>
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        <title>How To Wash Rice: क्या है चावल धोने का सही तरीका, कहीं आप भी तो नहीं करतीं ये गलतियां?</title>
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        <description><![CDATA[ How To Wash Rice Properly Before Cooking: चावल बनाने से पहले उसे धोना ज्यादातर घरों में रोज की रसोई का हिस्सा है. लेकिन क्या आप वाकई चावल को सही तरीके से धोती हैं? कई लोग चावल को एक बार पानी डालकर तुरंत निकाल देते हैं, जबकि कुछ लोग इसे बार-बार इतनी जोर से रगड़ते हैं कि चावल की बनावट ही बदल जाती है. चावल धोने का सही तरीका पता हो, तो इसमें मौजूद धूल-मिट्टी और अतिरिक्त महीन अवशेष हटाने के साथ-साथ पकने के बाद चावल की बनावट भी बेहतर रखी जा सकती है.
चावल खेत से लेकर पैकेट और फिर हमारी रसोई तक पहुंचने के दौरान कई प्रक्रियाओं से गुजरता है. इस दौरान उसके साथ धूल या दूसरे छोटे कण आ सकते हैं. इसके अलावा पैकेट में रखे चावल के दानों के आपस में रगड़ने से उनकी सतह पर महीन स्टार्च पाउडर भी जमा हो सकता है. अगर इसे बिना धोए पकाया जाए, तो चावल जरूरत से ज्यादा चिपचिपा या भारी लग सकता है.
क्या हर तरह के चावल को धोना चाहिए?
आम तौर पर सफेद, ब्राउन, लंबे दाने वाले और छोटे दाने वाले चावल को पकाने से पहले धोया जा सकता है. चावल को धोने का मुख्य उद्देश्य उसकी सतह पर मौजूद धूल, छोटे अवशेष और अतिरिक्त महीन कणों को हटाना है. हालांकि, चावल को धोने से पानी में घुलने वाले कुछ पोषक तत्वों, खासकर कुछ बी विटामिन, की थोड़ी मात्रा कम हो सकती है. फोर्टिफाइड या विटामिन से समृद्ध चावल में यह असर ज्यादा महत्वपूर्ण हो सकता है. इसलिए चावल को बहुत ज्यादा देर तक पानी में भिगोकर या बार-बार जोर से रगड़ने की जरूरत नहीं है. सामान्य तरीके से अच्छी तरह धोना काफी है.

चावल धोते समय पानी साफ होने तक धोएं
चावल धोने का सबसे आसान तरीका है कि इसे किसी बर्तन या बड़े कटोरे में डालें और इतना पानी डालें कि सारे दाने उसमें डूब जाएं. अब हाथ से चावल को हल्के-हल्के घुमाएं. पानी तुरंत सफेद और धुंधला नजर आने लगेगा. उस पानी को निकाल दें और फिर साफ पानी डालें. यही प्रक्रिया तब तक दोहराएं जब तक पानी पहले की तुलना में काफी साफ नजर आने न लगे. इसका मतलब यह नहीं है कि पानी बिल्कुल कांच की तरह पारदर्शी होना ही चाहिए. चावल की किस्म के अनुसार पानी में थोड़ी धुंधलापन रह सकता है.
हाथ से धोने का तरीका क्यों आसान है?
कटोरे में चावल धोते समय हाथ से दानों को हल्के से घुमाने पर उनकी सतह पर मौजूद महीन पाउडर और अवशेष पानी में निकलने लगते हैं. इससे आपको यह समझने में भी आसानी होती है कि चावल कितना साफ हो चुका है. बस ध्यान रखें कि दानों को बहुत जोर से न रगड़ें. ज्यादा रगड़ने से चावल टूट सकते हैं और जरूरत से ज्यादा स्टार्च भी निकल सकता है. हल्के हाथ से कुछ बार घुमाना पर्याप्त है.

छलनी से भी धो सकते हैं चावल
अगर आप कटोरे में चावल धोना पसंद नहीं करतीं, तो बारीक जाली वाली छलनी का इस्तेमाल किया जा सकता है. चावल को छलनी में डालकर उसके ऊपर सामान्य या ठंडा पानी बहाएं. पानी तब तक डालें जब तक वह काफी साफ न दिखाई देने लगे. अगर बहते पानी की सफाई समझना मुश्किल हो, तो छलनी के नीचे निकलने वाले पानी को एक पारदर्शी गिलास में इकट्ठा करके देखा जा सकता है. इससे अंदाजा लगाना आसान होगा कि पानी में अभी कितनी धुंधलापन है.
चावल धोना और भिगोना एक जैसा नहीं है
एक आम गलती यह है कि लोग चावल धोने और भिगोने को एक ही प्रक्रिया समझ लेते हैं. दोनों का मकसद अलग है. चावल धोने से मुख्य रूप से सतह की धूल, अवशेष और अतिरिक्त महीन स्टार्च हटाने में मदद मिलती है, जबकि भिगोने का इस्तेमाल कुछ किस्म के चावल को जल्दी और समान रूप से पकाने के लिए किया जाता है. इसलिए सिर्फ चावल धोने के लिए उसे लंबे समय तक पानी में छोड़ना जरूरी नहीं है. अगर किसी खास रेसिपी में चावल भिगोने की जरूरत हो, तो उसके अनुसार अलग से ऐसा किया जा सकता है.
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क्या चावल धोने से आर्सेनिक निकल जाता है?
चावल में आर्सेनिक की मौजूदगी एक अलग विषय है. केवल सामान्य तरीके से चावल धोने से आर्सेनिक की मात्रा में बड़ी कमी नहीं आती. इसलिए चावल धोने को इसका पूरा समाधान नहीं समझना चाहिए. पकाने का तरीका इस मामले में ज्यादा महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.
इन गलतियों से बचें
चावल को सिर्फ एक बार पानी डालकर तुरंत निकाल देना सही सफाई नहीं देता. वहीं, उसे बहुत देर तक बहते पानी के नीचे रखने की भी जरूरत नहीं है. दानों को जोर से रगड़ने से बचें और धोने के लिए साफ पानी का इस्तेमाल करें. सबसे आसान तरीका यही है कि चावल को कटोरे में लें, पानी डालें, हाथ से हल्के से घुमाएं और धुंधला पानी निकाल दें. जरूरत के अनुसार यह प्रक्रिया दोहराएं. जब पानी काफी साफ दिखाई देने लगे, तो चावल पकाने के लिए तैयार है.
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        <pubDate>Tue, 08 Sep 2026 23:30:02 +0530</pubDate>
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        <title>हरतालिका तीज पर 4 महासंयोग, इन 4 राशियों की स्त्रियों के खुलेंगे सौभाग्य के द्वार!</title>
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        <description><![CDATA[ हरतालिका तीज पर 4 महासंयोग, इन 4 राशियों की स्त्रियों के खुलेंगे सौभाग्य के द्वार! ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 08 Sep 2026 22:30:18 +0530</pubDate>
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        <title>मोदी की रैली भी अब कॉन्सर्ट जैसी, बुध गोचर के बाद Gen Z पर क्यों बढ़ा फोकस?</title>
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        <description><![CDATA[ PM Modi Gen Z Event Astrology: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वडोदरा में होने वाला युवा कार्यक्रम किसी आम राजनीतिक सभा जैसा नहीं है. एंट्री के लिए BookMyShow पर रजिस्ट्रेशन, QR कोड से प्रवेश और 4K स्क्रीन पर लाइव प्रसारण जैसी तैयारियां इसे रैली से ज्यादा किसी बड़े कॉन्सर्ट जैसा बना रही हैं. इसी बीच 7 सितंबर को बुध ने कन्या राशि में प्रवेश किया है. मेदिनी ज्योतिष में यह बदलाव युवाओं, शिक्षा, तकनीक और संवाद के मामले में अहम माना जाता है.
ऐसे में सवाल है कि क्या राजनीति अब Gen Z से जुड़ने के लिए अपना पुराना तरीका बदल रही है? और भारत की कुंडली में इस बदलाव को लेकर क्या संकेत मिल रहे हैं?



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BookMyShow पर राजनीतिक कार्यक्रम, क्यों खास है प्रयोग?
वडोदरा की महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी में आयोजित &amp;lsquo;NaMo for Viksit Bharat&amp;rsquo; कार्यक्रम को युवाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. इसमें विद्यार्थियों के साथ युवा प्रोफेशनल और अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े लोग शामिल हो रहे हैं.
कार्यक्रम के लिए मुफ्त रजिस्ट्रेशन BookMyShow पर रखा गया. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उपलब्ध सीटें करीब एक घंटे में भर गईं और 42 हजार से ज्यादा लोग वेटिंग लिस्ट में पहुंच गए. आयोजन में 4K स्क्रीन और बड़े खेल आयोजनों जैसी प्रोडक्शन तकनीक इस्तेमाल किए जाने की भी बात कही गई है.




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इन चर्चाओं से एक बात साफ है, राजनीतिक कार्यक्रमों को पेश करने का तरीका बदल रहा है. मंच और भाषण के साथ अब डिजिटल रजिस्ट्रेशन, बेहतर स्क्रीन, संगीत और दर्शकों के अनुभव पर भी ध्यान दिया जा रहा है.
भारत की कुंडली में बुध का क्या संबंध?
इस ज्योतिषीय अध्ययन के लिए 15 अगस्त 1947, रात 12 बजे, नई दिल्ली की कुंडली को आधार बनाया गया है. इस कुंडली का लग्न वृषभ है और कन्या राशि पांचवें भाव में आती है.
मेदिनी ज्योतिष में पांचवां भाव केवल शिक्षा नहीं बताता. इससे देश के युवा, विद्यार्थी, नई सोच, रचनात्मकता और भविष्य की पीढ़ी को भी देखा जाता है. 7 सितंबर 2026 को बुध ने इसी कन्या राशि में प्रवेश किया है.
बुध यहां अपनी राशि में होने के साथ उच्च का भी माना जाता है. इसलिए संवाद, तकनीक, डेटा, सोशल मीडिया और युवाओं तक संदेश पहुंचाने के नए तरीकों में तेजी आ सकती है. BookMyShow से रजिस्ट्रेशन और कार्यक्रम को कॉन्सर्ट जैसा रूप देना इसी बदलते तरीके का एक उदाहरण माना जा सकता है.&amp;nbsp;
इसका अर्थ यह नहीं कि बुध के गोचर के कारण ही यह कार्यक्रम आयोजित हुआ है. लेकिन घटना का समय और ग्रहों का संकेत एक जैसे विषय, युवा, तकनीक और संवाद, की ओर जरूर इशारा करते हैं. इसलिए 8 सितंबर का दिन चुनना महज संयोग भी हो सकता है और एक सोची समझी रणनीति भी हो सकती है.
मजबूत बुध के सामने शनि की चुनौती
इस समय शनि मीन राशि में वक्री हैं और राशि के स्तर पर कन्या को अपनी सातवीं दृष्टि से देख रहे हैं. बुध तेजी, प्रयोग और नई भाषा का ग्रह है. शनि सवाल, जिम्मेदारी और परिणाम की मांग करता है.
इस मेल का सीधा संकेत है कि केवल चमकदार प्रस्तुति से काम नहीं चलेगा. युवा रोजगार, शिक्षा, परीक्षा, स्किल और अपने भविष्य से जुड़े सवालों के ठोस जवाब भी चाहेंगे.
Gen Z तक पहुंचना आसान हो सकता है, लेकिन उसका भरोसा जीतना कठिन रहेगा. यही इस समय बुध और शनि के बीच चल रही ज्योतिषीय खींचतान का व्यावहारिक अर्थ है.
मंगल-राहु की अवधि क्यों महत्वपूर्ण?
भारत की कुंडली में इस समय मंगल की महादशा और राहु की अंतरदशा मानी जा रही है. यह अवधि फरवरी 2027 तक प्रभावी रह सकती है.
मंगल बड़े अभियान, प्रतिस्पर्धा और आक्रामक प्रचार का संकेत देता है. राहु तकनीक, भीड़, कैमरा, डिजिटल प्लेटफॉर्म और परंपरा से हटकर किए गए प्रयोगों से जुड़ा है. इसलिए आने वाले महीनों में राजनीतिक दल युवाओं तक पहुंचने के लिए सोशल मीडिया, ऑनलाइन कम्युनिटी, बड़े इवेंट और नए डिजिटल प्लेटफॉर्म का ज्यादा इस्तेमाल कर सकते हैं.
आगे क्या बदल सकता है?
बुध का यह गोचर संकेत देता है कि राजनीति में केवल नेता का भाषण नहीं, उसे पेश करने का तरीका भी महत्वपूर्ण होने वाला है. कॉलेज कैंपस, डिजिटल टिकटिंग, लाइव स्क्रीन और छोटे वीडियो युवाओं तक पहुंचने के बड़े माध्यम बन सकते हैं.
लेकिन शनि की दृष्टि बताती है कि Gen Z केवल इवेंट देखकर प्रभावित नहीं होगी. वह पूछेगी कि पढ़ाई के बाद नौकरी कहां है, स्किल का फायदा कितना है और उसके भविष्य के लिए योजना क्या है.
वडोदरा का यह कार्यक्रम इसलिए अहम है क्योंकि यह केवल एक राजनीतिक सभा नहीं, बदलते राजनीतिक संवाद की झलक भी है. भारत की कुंडली में मजबूत बुध नए तरीके अपनाने का संकेत दे रहा है, जबकि शनि याद दिला रहा है, युवाओं का ध्यान तकनीक से खींचा जा सकता है, लेकिन उनका भरोसा जवाब और नतीजों से ही मिलेगा.
यह भी पढ़ें- Budh Gochar 2026: बुध का कन्या राशि में गोचर, 26 सितंबर तक ये 5 गलतियां पड़ सकती हैं भारी
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में ल ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 08 Sep 2026 22:30:17 +0530</pubDate>
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        <title>टैरो राशिफल 9 सितंबर 2026: मिथुन&amp;सिंह को निवेश में सफलता, मकर&amp;कर्क रखें ये सावधानी, जानें मेष से मीन का भाग्य</title>
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        <description><![CDATA[ Tarot Rashifal 9 September 2026: सितंबर महीने का ये बुधवार सभी 12 राशियों के लिए करियर में पद-प्रतिष्ठा, विदेश व निवेश से लाभ और गुप्त रणनीतियों के क्रियान्वयन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण संकेत दे रहा है. आज ग्रहों की स्थिति और टैरो कार्ड्स आपके जीवन में क्या बड़े बदलाव लेकर आ रहे हैं, प्रसिद्ध टैरो कार्ड रीडर एवं ज्योतिषाचार्या नीतिका शर्मा (अजमेर) से.
आज मेष को निवेश और विदेश से लाभ मिल सकता है. मिथुन को कामकाज और संतान से अच्छी खबर मिलेगी. सिंह के लिए नए काम की शुरुआत शुभ रहेगी. कन्या की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी. मीन को रोजगार में मदद मिलेगी. वहीं कर्क को निवेश में सावधानी रखनी होगी. वृश्चिक को पारिवारिक अशांति से बचना होगा. मकर को कानूनी विवाद परेशान कर सकता है. धनु और तुला को यात्रा से जुड़ी परेशानियां रह सकती हैं.

मेष टैरो राशिफल
मेष राशि के लोगों के लिए टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि आज का दिन निवेश व विदेश संदर्भों में अचानक ही कोई सफलता का समाचार प्राप्त होगा. आर्थिक सुविधाओं का उन्नयन होगा, सुख साधन में वृद्धि, वाह्य लोगों का भी समर्थन हासिल होगा.
वृषभ टैरो राशिफल
टैरो कार्ड्स के अनुसार, वृषभ राशिवालों को आज उच्च अधिकारियों के मध्य योजनाओं को गति देने की बैठक हो सकती हैं. भूमि भवन संबंधी कार्य व्यवसाय लाभदायक रहेगा. सामान्यतः स्वास्थ्य ठीक रहेगा.
मिथुन टैरो राशिफल
टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि मिथुन राशि के लोगों को आज कामकाज में वांछित गुणात्मक परिवर्तन देखने को मिलेगा. क्रीड़ा व शैक्षिक क्षेत्रों में किसी सफल शख्सियत से प्रभावित होंगे. संतान से खुशी का समाचार मिलेगा.
कर्क टैरो राशिफल
टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि कर्क राशिवालों को पूंजी निवेश करने से पहले कंपनी की वैधता निजी स्तर पर जांच करने की जरूरत है. वरना आपको हानि हो सकती है. व्यावसायिक ऊँच नीच, घरेलू कलह व सामंजस्यता की कमी के कारण मानसिक तनाव उत्पन्न होगा.
सिंह टैरो राशिफल
टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि सिंह राशि के लोगों के नए कार्य और व्यवसाय प्रारंभ करने के लिए दिन काफी अच्छा रहेगा. अपने सामाजिक जीवन में मित्रों के साथ निजी या गुप्त रहस्यों का हल निकाल सकते हैं.
कन्या टैरो राशिफल
टैरो कार्ड्स के अनुसार, कन्या राशिवालों के लिए आज का दिन आर्थिक मामलों में काफी अच्छा रहने वाला है. आज आपकी आय अच्छी बने रहने के आसार हैं. घर के बड़े बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर ध्यान दें. आध्यात्मिक उन्नति होगी.
तुला टैरो राशिफल
टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि तुला राशिवालों को आज नई सूचनाएं और संदेश आपकी महत्वाकांक्षाओं को नए पर लगा सकते हैं. फिलहाल, यात्राओं की अधिकता के कारण स्वास्थ्य कुछ नरम रहेगा.
वृश्चिक टैरो राशिफल
टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि वृश्चिक राशिवालों के जीवन में फिलहाल, किसी लापरवाही या गलती की वजह से परिवार में अशांति बढ़ सकती है. वित्तीय मामलों में अपको व्यस्तता बनी रहेगी. वैक्टीरिया/संक्रमित रोगो से बचना चाहिए.
धनु टैरो राशिफल
टैरो कार्ड्स के अनुसार, धनु राशि के लोगों को आज दिन काफी अच्छा साबित होगा. आज आप खुद को दूसरे लोगों के सामने आप अपने आपको बेहतर ढंग से अभिव्यक्त करेंगे. भूमि या भवन के विवाद के कारण मानसिक अशांति होगी.
मकर टैरो राशिफल
टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि मकर राशि के लोगों का आज सामान्य सी बात पर कानूनी विवाद उत्पन्न होगा. कागजी कामकाज और रोजमर्रा के कार्यों आप बेहतर ढंग से निपटाएंगे. यात्राओं का योग बन रहा है.
कुंभ टैरो राशिफल
टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि कुंभ राशि के लोगों को फिलहाल, इन दिनों काफी ऊंचे ख्यालों में खोये रहेंगे. कुछ कल्पनायें आपके मन को व्यथित कर सकती है. नई परियोजनाओं की शुरुआत करें और दूसरों का सहयोग लेने में हिचक न दिखाएं.
मीन टैरो राशिफल
टैरो कार्ड्स के अनुसार, मीन राशिवालों को इस समय कुछ अवरोधों का सामना करना पड़ सकता है. दांपत्य जीवन सामान्यतः ठीक रहेगा. नवीन रोजगार प्राप्ति में सहायता मिलेगी.
Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष कब से शुरू होंगे ? नोट करें श्राद्ध की तिथियां
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें. ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 08 Sep 2026 22:30:15 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>टैरो, राशिफल, सितंबर, 2026:, मिथुन-सिंह, को, निवेश, में, सफलता, मकर-कर्क, रखें, ये, सावधानी, जानें, मेष, से, मीन, का, भाग्य</media:keywords>
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        <title>iPhone 18 पर टिकी दुनिया की नजर, Apple जिस फीचर को बताएगा खास उसी पर क्यों उठ सकते हैं सवाल?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/iphone-18-पर-टिकी-दुनिया-की-नजर-apple-जिस-फीचर-को-बताएगा-खास-उसी-पर-क्यों-उठ-सकते-हैं-सवाल</link>
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        <description><![CDATA[ Apple का सालाना मेगा इवेंट कल यानी 9 सितंबर 2026 को कैलिफोर्निया के क्यूपर्टिनो में होने जा रहा है. भारतीय समय के अनुसार कार्यक्रम रात 10:30 बजे शुरू होगा. इवेंट में iPhone 18 Pro, iPhone 18 Pro Max और Apple के पहले फोल्डेबल फोन से पर्दा उठने की उम्मीद है. हालांकि कौन से मॉडल और फीचर पेश किए जाएंगे, इसका ऐलान तो इवेंट में ही होगा.
नए iPhone को लेकर कैमरा, डिजाइन और AI फीचर्स की चर्चा है. लेकिन लॉन्च के समय की ग्रह स्थिति एक दिलचस्प तस्वीर दिखा रही है. कुंडली में डिजाइन और प्रचार से जुड़े ग्रह मजबूत हैं, मगर जनता की प्रतिक्रिया बताने वाला चंद्रमा कमजोर होकर केतु के बेहद करीब है. ज्योतिषीय संकेत यह सवाल खड़ा करते हैं कि Apple जिस फीचर को इस लॉन्च की सबसे बड़ी खूबी बताएगा, क्या यूजर्स उसकी उपयोगिता से पूरी तरह सहमत होंगे?

क्यूपर्टिनो के समय से बनाई गई लॉन्च कुंडली
यह इवेंट कुंडली 9 सितंबर 2026 को सुबह 10:00 बजे, क्यूपर्टिनो के स्थानीय समय के अनुसार बनाई गई है. इसमें तुला लग्न उदित हो रहा है. लग्न 2 अंश 15 कला पर है और इसका स्वामी शुक्र अपनी ही राशि तुला में लग्न के करीब बैठा है.
केंद्र में स्वराशि का शुक्र मालव्य महापुरुष योग बना रहा है. ज्योतिष में शुक्र डिजाइन, सुंदरता, रंग, कैमरा, डिस्प्ले और लग्जरी उत्पादों का कारक माना जाता है. इससे इतना संकेत जरूर मिलता है कि Apple का सबसे असरदार पक्ष फोन का लुक, डिस्प्ले या नया फॉर्म फैक्टर हो सकता है.
लेकिन शुक्र का षड्बल अनुपात 1.06 है. यानी वह जरूरी शक्ति से थोड़ा ही ऊपर है. इसलिए मालव्य योग होने के बावजूद यह कहना जल्दबाजी होगी कि केवल डिजाइन के दम पर उत्पाद को एकतरफा सफलता मिल जाएगी.
उच्च का बुध, फिर तकनीकी फीचर पर सवाल क्यों?
बुध कन्या राशि में है, जो उसकी अपनी और उच्च राशि मानी जाती है. बुध तकनीक, कम्युनिकेशन, सॉफ्टवेयर, प्रोसेसर, गणना और व्यापार का कारक है. पहली नजर में यह स्थिति AI, कैमरा प्रोसेसिंग और नए चिप से जुड़े फीचर्स के लिए मजबूत दिखाई देती है.
तुला लग्न से बुध भाग्य और विदेश से जुड़े भावों का स्वामी है, लेकिन स्वयं द्वादश भाव में बैठा है. कुंडली में बुध अस्त भी है और मीन राशि में बैठा वक्री शनि उसे सातवीं दृष्टि से देख रहा है.
इसका सीधा अर्थ फीचर खराब होना नहीं है. संकेत यह है कि उसकी पूरी क्षमता शुरुआत में साफ दिखाई न दे. संभव है कि कोई चर्चित AI या सॉफ्टवेयर फीचर चुनिंदा देशों और भाषाओं तक सीमित रहे, बाद में अपडेट के जरिए मिले या उसके इस्तेमाल के लिए Apple के दूसरे डिवाइस और सेवाओं की जरूरत पड़े. यहीं से यूजर्स पूछ सकते हैं कि जिस फीचर के लिए ज्यादा कीमत ली जा रही है, उसका लाभ उन्हें तुरंत मिलेगा भी या नहीं.
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चंद्रमा-केतु की युति बनाएगी राय का अंतर
इस कुंडली की सबसे संवेदनशील स्थिति सिंह राशि में चंद्रमा और केतु की युति है. चंद्रमा 4 अंश 16 कला और केतु 4 अंश 36 कला पर है. दोनों के बीच करीब 20 कला का अंतर है, इसलिए इसका प्रभाव सामान्य युति से अधिक माना जाएगा.
चंद्रमा जनता, ग्राहकों की पसंद और बाजार के मूड का प्रतिनिधित्व करता है. उसका षड्बल 4.36 रूप है, जबकि आवश्यक बल 6 रूप माना गया है. इस गणना में चंद्रमा सात मुख्य ग्रहों में सबसे कमजोर है. कमजोर चंद्रमा पर केतु का प्रभाव किसी उत्पाद को लेकर भ्रम, अधूरी संतुष्टि या परस्पर विरोधी प्रतिक्रिया दे सकता है.
यही कारण है कि लॉन्च के बाद एक वर्ग Apple के नए फीचर को भविष्य की तकनीक बता सकता है, जबकि दूसरा उसकी जरूरत पर सवाल उठा सकता है. चर्चा बड़ी होगी, लेकिन राय एक जैसी नहीं रहेगी.
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मघा नक्षत्र से मिल रहा पुराने गौरव का संकेत
चंद्रमा मघा नक्षत्र में है और मघा का स्वामी केतु है. मघा को विरासत, प्रतिष्ठा और पुराने गौरव से जोड़ा जाता है. Apple अपने किसी पुराने सफल डिजाइन या लोकप्रिय पहचान को नए रूप में पेश कर सकता है. इसके उलट केतु पुरानी व्यवस्था से अचानक दूरी का भी संकेत देता है.
इसलिए कंपनी किसी परिचित फीचर को बदलती या हटाती है तो वही फैसला बहस का विषय बन सकता है. ज्योतिष से यह तय नहीं किया जा सकता कि वह कैमरा होगा, डिजाइन होगा या कोई AI सुविधा. वास्तविक फीचर की जानकारी Apple की घोषणा के बाद ही सामने आएगी.
प्रचार मजबूत, लेकिन सफलता का रास्ता आसान नहीं
राशि कुंडली में गुरु कर्क राशि में उच्च का होकर दशम भाव में दिखाई देता है. लेकिन भाव चलित में वह एकादश भाव में पहुंच जाता है. सूर्य भी राशि कुंडली के एकादश भाव से चलित में द्वादश भाव में चला जाता है.
भावबल की गणना इस अंतर को और स्पष्ट करती है. एकादश भाव 9.13 रूप के साथ मजबूत है, जबकि दशम भाव केवल 4.27 रूप लेकर सभी भावों में सबसे कमजोर है. इसका अर्थ यह निकलता है कि लॉन्च का प्रचार, वैश्विक चर्चा, सोशल मीडिया शोर और शुरुआती मांग बहुत मजबूत हो सकती है. इसके मुकाबले उत्पाद का लंबी अवधि का व्यावसायिक असर तुरंत तय नहीं होगा.
भाव चलित में मंगल दशम भाव में आता है. यह स्मार्टफोन बाजार में आक्रामक प्रतिस्पर्धा, तुलना और कीमत को लेकर तीखी बहस का संकेत देता है. Samsung, Google और दूसरे प्रीमियम फोन से इसकी तुलना भी तेजी से हो सकती है.
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किस फीचर पर उठ सकते हैं सवाल?
कुंडली में शुक्र और बुध की स्थिति देखकर डिजाइन, डिस्प्ले, कैमरा, AI और सॉफ्टवेयर से जुड़े बदलाव मुख्य आकर्षण बन सकते हैं. इनमें से जो सुविधा सबसे ज्यादा प्रचारित होगी, उसी की कीमत, उपलब्धता या रोजमर्रा की उपयोगिता पर सबसे अधिक सवाल उठने के संकेत हैं.
लॉन्च कुंडली कमजोर नहीं है. यह Apple को दुनिया का ध्यान खींचने औ ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 08 Sep 2026 22:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>iPhone, पर, टिकी, दुनिया, की, नजर, Apple, जिस, फीचर, को, बताएगा, खास, उसी, पर, क्यों, उठ, सकते, हैं, सवाल</media:keywords>
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        <title>शादी की तैयारी चल रही है तो पितृ पक्ष में खरीदारी करें या रुकें? जानें धार्मिक नियम</title>
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        <description><![CDATA[ शादी की तैयारी चल रही है तो पितृ पक्ष में खरीदारी करें या रुकें? जानें धार्मिक नियम ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 08 Sep 2026 22:30:12 +0530</pubDate>
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        <title>&amp;apos;मालदीव हॉलिडे भी पैकेज में है क्या?&amp;apos; ENG के मेंटर बने पीटरसन; केएल ने कसा तंज</title>
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        <description><![CDATA[ इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड ने बीते सोमवार (07 सितंबर) को एलान करते हुए बताया कि पूर्व कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज केविन पीटरसन अगले साल अफ्रीका में होने वाले 2027 पुरुष क्रिकेट वर्ल्ड कप की तैयारी के दौरान इंग्लिश मेन्स व्हाइट-बॉल टीमों के साथ एक स्पेशलिस्ट मेंटर के तौर पर जुड़ेंगे. इस दांव से इंग्लैंड को बड़ा फायदा पहुंच सकता है. लेकिन इसी बीच टीम इंडिया के स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज केएल राहुल ने पीटरसन पर तंज कसा. उन्होंने पीटरसन से पूछा कि क्या आपके पैकेज में मालदीव हॉलिडे भी शामिल है?
राहुल का यह कमेंट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. बता दें कि राहुल आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स का हिस्सा हैं. पीटरसन ने दिल्ली की फ्रेंचाइजी के लिए भी मेंटर की भूमिका निभाई है. राहुल और पीटरसन ने दोनों साथ में काम किया है. दोनों के बीच अच्छी बॉन्डिंग है. दरअसल, IPL 2025 सीजन के बीच में दिल्ली कैपिटल्स की टीम ने मालदीव में कुछ दिन बिताए थे, इस दौरान पीटरसन भी उनके साथ थे. इसी को मद्दे नजर रखते हुए राहुल ने कमेंट किया.
क्रिकेट इंग्लैंड और पीटरसन ने कोलैब करते हुए इंस्टाग्राम पर मेंटर बनने की खबर साझा की. इसी पोस्ट पर राहुल ने मजाकिया अंदाज में लिखा, &quot;क्या पैकेज में मालदीव हॉलिडे भी शामिल है?&quot; राहुल के इस कमेंट पर पीटरसन ने हंसने वाले इमोजी के साथ रिप्लाई किया. इसी के साथ दिल्ली कैपिटल्स की तरफ से भी पीटरसन की पोस्ट पर कमेंट किया गया. फ्रेंचाइजी ने लिखा, &quot;मेंटर क्या होता है?&quot; इसके आगे हंसने वाली इमोजी का इस्तेमाल किया गया. फैंस को यह टिप्पणी काफी पसंद आ रही है.&amp;nbsp;



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मेंटर बनने पर क्या बोले केविन पीटरसन?
पीटरसन ने मेंटर बनने पर कहा, &quot;हमारी व्हाइट-बॉल टीम में बहुत टैलेंटेड खिलाड़ी हैं और मैं इन खिलाड़ियों के हुनर को पूरी तरह से निखारने के लिए उनके साथ मिलकर कड़ी मेहनत करने को लेकर उत्साहित हूं. अगले 12 महीनों तक ब्रेंडन की कोर टीम का हिस्सा बनना एक शानदार मौका है और मैं काम शुरू करने के लिए बहुत उत्सुक हूं.&quot;
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        <pubDate>Tue, 08 Sep 2026 22:30:10 +0530</pubDate>
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        <title>डेविड वॉर्नर बने ऑस्ट्रेलिया टीम के कप्तान, WCL में रिकी पोंटिंग पर भी बड़ा एलान</title>
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        <description><![CDATA[ वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स का तीसरा सीजन 3 अक्टूबर से शुरू हो रहा है. डेविड वॉर्नर को ऑस्ट्रेलिया चैंपियंस का कप्तान नियुक्त किया गया है. इस टीम का सह-मालिकाना हक पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग के पास है. तीसरा सीजन शुरू होने में अभी करीब एक महीना बचा है, जिसे WCL इतिहास का सबसे बड़ा सीजन बताया जा रहा है. मंगलवार को मेलबर्न में ऑस्ट्रेलिया चैंपियंस की नई पहचान का अनावरण किया गया. WCL 3 अक्टूबर से 18 अक्टूबर तक यूएई में खेला जाएगा.
रिकी पोंटिंग आज तक वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स में बतौर खिलाड़ी नहीं खेले हैं, लेकिन एक टीम मालिक के रूप में आने से एक लीग के रूप में WCL का कद और लोकप्रियता बढ़ी है. रिकी पोंटिंग के अलावा डेविड वॉर्नर ने इस आगामी लीग को लेकर उत्साह दिखाया.
डेविड वॉर्नर बने कप्तान
डेविड वॉर्नर पहले कभी वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स में नहीं खेले हैं और अपने पहले ही सीजन में ऑस्ट्रेलियाई टीम की कप्तानी करते नजर आएंगे. टीम की कप्तानी मिलने पर वॉर्नर ने कहा, &quot;मैं WCL सीजन 3 में ऑस्ट्रेलिया चैंपियंस की कप्तानी करने को लेकर बहुत उत्साहित हूं. इससे बेहतर क्या होगा कि आप महान खिलाड़ियों के साथ मैदान पर वापसी करें और फैंस को जश्न मनाने के लिए कुछ यादगार पल दें.&quot;
वहीं ऑस्ट्रेलिया चैंपियंस के सह-मालिक पुनीत ने भी इस आगामी प्रोजेक्ट पर खुशी व्यक्त की. उन्होंने कहा कि यह ऑस्ट्रेलिया चैंपियंस की एक नई शुरुआत है. उन्होंने उत्साह दिखाया कि रिकी पोंटिंग और डेविड वॉर्नर का टीम से जुड़ना अपने आप में एक खास अनुभव होगा.
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कई दिग्गजों से सजा होगा WCL 3
WCL 3 में इस बार पहले से कहीं अधिक लीजेंड खिलाड़ी खेलते हुए नजर आएंगे. इस लीग में शाहिद अफरीदी, युवराज सिंह, डेविड वॉर्नर, एबी डिविलियर्स, मोईन अली, मोहम्मद महमूदुल्लाह और ड्वेन ब्रावो भी खेलते नजर आएंगे. बताते चलें कि यहां वही खिलाड़ी खेलते हैं, जिसमें अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके क्रिकेटर खेलते हुए दिखते हैं.&amp;nbsp;
अब तक भारत और दक्षिण अफ्रीका ने वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स का खिताब जीता है. पहले सीजन के फाइनल में इंडिया चैंपियंस ने पाकिस्तान चैंपियंस को 5 विकेट से हराकर खिताब जीता था. दूसरे सीजन की खिताबी भिड़ंत में दक्षिण अफ्रीका चैंपियंस ने पाकिस्तान चैंपियंस को 9 विकेट से हराया था.
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        <pubDate>Tue, 08 Sep 2026 22:30:08 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>डेविड, वॉर्नर, बने, ऑस्ट्रेलिया, टीम, के, कप्तान, WCL, में, रिकी, पोंटिंग, पर, भी, बड़ा, एलान</media:keywords>
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        <title>क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने बिग बैश लीग के निजीकरण को मंजूरी दी, मेलबर्न रेनेगेड्स की होगी बिक्री</title>
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        <description><![CDATA[ क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (CA) ने मंगलवार को बिग बैश लीग (BBL) में निजी निवेश करने को मंजूरी दे दी है जिसके बाद इस टी20 लीग की टीम मेलबर्न रेनेगेड्स की बिक्री का रास्ता साफ हो गया है. लेकिन देश के खिलाड़ियों के संघ ने कहा कि नई योजना में महत्वपूर्ण मुद्दे अभी भी अनसुलझे हैं. &amp;rsquo;सीए ने घोषणा की है कि वह मेलबर्न रेनेगेड्स में 100 प्रतिशत हिस्सेदारी के लिए निजी मालिकों से बोलियां आमंत्रित करेगा.
लेकिन ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर्स एसोसिएशन (ACA) के सीईओ पॉल मार्श ने कहा कि दोनों संस्थाएं अभी नए समझौते के करीब नहीं पहुंचे हैं, जिसमें खिलाड़ियों के साथ वेतन से जुड़ा समझौता भी शामिल है. क्रिकेट डॉट कॉम एयू की रिपोर्ट के अनुसार फ्रेंचाइजी का नया स्वामित्व 2027-28 के बिग बैश लीग और महिला बिग बैश लीग (WBBL) के लिए लागू रहेगा तथा बिक्री प्रक्रिया का बीबीएल और डब्ल्यूबीबीएल के आगामी सत्र पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा.
मेलबर्न रेनेगेड्स टीम का संचालन अभी क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया कर रहा है. रिपोर्ट में कहा गया है कि सीए अन्य क्लबों को भी बिक्री के लिए रखने पर भी विचार करेगा. होबार्ट हरिकेंस, पर्थ स्कॉर्चर्स और मेलबर्न स्टार्स अन्य क्लब हैं जिनके बारे में माना जाता है कि वे निजी निवेश में रुचि रखते हैं. लेकिन सिडनी सिक्सर्स, सिडनी थंडर, ब्रिस्बेन हीट और एडिलेड स्ट्राइकर्स जैसी अन्य टीम की फिलहाल निजी निवेश में दिलचस्पी नहीं है लेकिन भविष्य में इन टीमों के लिए बिक्री का विकल्प खुला रहेगा.
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क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के अध्यक्ष माइक बेयर्ड ने कहा कि सीए अंतरराष्ट्रीय मैचों के कार्यक्रम, खिलाड़ियों की उपलब्धता, वेतन सीमा के साथ-साथ मीडिया अधिकारों पर अपना नियंत्रण बनाए रखेगा. बेयर्ड ने आगे कहा, &quot;क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया बिग बैश लीग में निजी निवेश के द्वार खोलकर खेल के दीर्घकालिक भविष्य को मजबूत और सुरक्षित करने, विकास को गति देने और सामुदायिक क्रिकेट और जमीनी स्तर की भागीदारी, घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर तथा उच्च स्तरीय क्रिकेट में निवेश जारी रखने के लिए सुनियोजित कदम उठा रहा है.&quot;
एसीए के सीईओ मार्श ने कहा, &quot;खिलाड़ियों का संगठन निजी निवेश के प्रति खुले विचार रखता है, लेकिन नए समझौते और अनुबंध प्रणाली को लेकर चर्चा की जानी चाहिए, जिसमें संभवतः नए टीम मालिक भी शामिल होंगे. कई महत्वपूर्ण मुद्दे अभी भी अनसुलझे हैं और दोनों पक्ष फिलहाल नए समझौते से काफी दूर हैं.
यह भी पढ़ें:
&#039;मालदीव हॉलिडे भी पैकेज में है क्या?&#039; ENG के मेंटर बने पीटरसन; केएल ने कसा तंज ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 08 Sep 2026 22:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>क्रिकेट, ऑस्ट्रेलिया, ने, बिग, बैश, लीग, के, निजीकरण, को, मंजूरी, दी, मेलबर्न, रेनेगेड्स, की, होगी, बिक्री</media:keywords>
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        <title>वसीम अकरम ने खुलकर किया इमरान खान का समर्थन, बोले&amp; &amp;apos;उनके साथ जो हो रहा...&amp;apos;</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/वसीम-अकरम-ने-खुलकर-किया-इमरान-खान-का-समर्थन-बोले-उनके-साथ-जो-हो-रहा</link>
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        <description><![CDATA[ पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान इमरान खान को दुनियाभर से सपोर्ट मिल रहा है. हालांकि इमरान के लिए उनके देश पाकिस्तान से बहुत कम आवाज उठ रही है. लेकिन धीरे-धीरे पाकिस्तान के पूर्व खिलाड़ी उनके समर्थन में सामने आ रहे हैं. उनके साथ खेलने वाले पूर्व दिग्गज तेज गेंदबाज वसीम अकरम ने खुलकर उनका सपोर्ट किया. वसीम ने इमरान की हालत को लकेर बात की.
बता दें कि 73 साल के इमरान भ्रष्टाचार के मामलों में दोषी ठहराए जाने के बाद 2023 से रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं. उन्हें जेल में रखने और उनकी सेहत को लेकर लगातार चिंता जताई जा रही है. हाल ही में 21 पूर्व क्रिकेटरों ने इमरान की सेहत और उन्हें सही मेडिकल ट्रीटमेंट मिलने को लेकर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ को पत्र लिखा था.
क्या बोले वसीम अकरम?
Athletic से बात करते हुए वसीम ने कहा, &quot;इमरान खान मेरे मेंटर थे. वह मेरे दोस्त हैं, मैं उन्हें बहुत मिस करता हूं. मैंने तीन साल से उनसे बात नहीं की है. राजनीतिक नजरिए से उनके साथ जो हो रहा है, वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है. अदालत तो अदालत है, लेकिन जहां तक उनकी सेहत का सवाल है, उस पर कोई समझौता नहीं हो सकता.&quot;
अकरम ने इमरान बेटों कासिम और सुलेमान के उस इंटरव्यू पर भी बात की, जो इंग्लैंड टेस्ट के दौरान चलाया गया था. पीसीबी के चीफ मोहसिन नकवी की तरफ से इंटरव्यू को ऑन एयर करने के लिए मना किया गया था.&amp;nbsp;
इस इंटरव्यू पर वसीम अकरम ने कहा, &quot;इसके बाद यहां (पाकिस्तान में) थोड़ा हंगामा हुआ. फिर मैंने पढ़ा कि पाकिस्तानी सरकार की तरफ से इमरान के दौरों, फोन कॉल्स की पूरी जानकारी और आंकड़े जारी किए. लेकिन आप जानते ही हैं कि इस पर यकीन करना मुश्किल है और यह समझना भी मुश्किल है कि अभी किस बात पर भरोसा किया जाए.&quot;
मुझे क्या करना है, कोई नहीं बताएगा
अकरम ने कहा, &quot;ठीक है. जब तक मैं ज्यादा पॉलिटिक्स या कानूनी मामलों में नहीं पड़ता, मैं अपनी बात खुलकर कह सकता हूं. कोई मुझे यह नहीं बताएगा कि मुझे क्या करना है. मैं अभी आपसे बात कर रहा हूं, अपने मन की बात कह रहा हूं और यही मेरे मन में है. मैं पॉलिटिक्स में नहीं पड़ना चाहता, मैं कोई पॉलिटिशियन नहीं हूं.&quot;
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        <pubDate>Tue, 08 Sep 2026 22:30:05 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>वसीम, अकरम, ने, खुलकर, किया, इमरान, खान, का, समर्थन, बोले-, उनके, साथ, जो, हो, रहा...</media:keywords>
    </item>
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        <title>एक और PAK खिलाड़ी पर गिरी गाज, अंपायर के फैसले का किया विरोध; ICC ने दी सजा</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/एक-और-pak-खिलाड़ी-पर-गिरी-गाज-अंपायर-के-फैसले-का-किया-विरोध-icc-ने-दी-सजा</link>
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        <description><![CDATA[ इन दिनों खेले जा रहे 2026 महिला एशिया कप में पाकिस्तान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. 05 सितंबर को भारत के खिलाफ खेले गए मुकाबले में पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना ने शेफाली वर्मा को &#039;सेंड ऑफ&#039; का इशारा किया था. इस पर आईसीसी ने उन्हें कड़ी सजा सुनाई थी. अब दूसरी पाकिस्तानी खिलाड़ी गुल फिरोजा पर गाज गिरी. बीते सोमवार (07 सितंबर) को टूर्नामेंट में हांगकांग के खिलाफ खेले गए मुकाबले में फिरोजा ने अंपायर के फैसले का विरोध किया था. इस पर आईसीसी ने उन्हें सजा दी है.&amp;nbsp;
अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल ने एक रिलीज जारी कर बताया कि हांगकांग के खिलाफ महिला एशिया कप ग्रुप-ए के मैच के दौरान आईसीसी की आचार संहिता का उल्लंघन करने की वजह से पाकिस्तान की गुल फिरोजा पर उनकी मैच फीस का 10% जुर्माना लगाया गया है.
रिलीज में आगे लिखा गया, &quot;गुल को प्लेयर्स और प्लेयर सपोर्ट स्टाफ के लिए आईसीसी आचार संहिता के अनुच्छेद 2.8 का उल्लंघन करते हुए पाया गया, जो &#039;अंतर्राष्ट्रीय मैच के दौरान अंपायर के फैसले पर असहमति जताने से संबंधित है.&#039; जुर्माने के साथ उनके अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में एक डिमेरिट पॉइंट भी जोड़ा दिया गया है.&amp;nbsp;

Pakistan wicket-keeper has been fined for breaching the ICC Code of Conduct.More details ⬇️https://t.co/cLjk3Srhwg
&amp;mdash; ICC (@ICC) September 8, 2026



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यह 24 महीने के अंदर फिरोजा का दूसरा अपराध है, जिससे इस पीरियड में उनके कुल डिमेरिट पॉइंट 2 हो गए हैं. उन्हें मौजूदा साइकल में अपना पहला डिमेरिट पॉइंट 23 जून को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ महिला टी20 वर्ल्ड कप लीग मैच के दौरान किए गए अपराध के लिए मिला था.
कब हुई घटना?
मैच में पाकिस्तान की पारी के 5वें ओवर के दौरान गुल को LBW करार दिया गया. इसके बाद पाक खिलाड़ी ने ऑन-फील्ड अंपायर के फैसले पर असहमति जताई और बल्ले की ओर इशारा करके यह संकेत दिया कि गेंद उनके बल्ले के किनारे से लगी है.&amp;nbsp;
गुल ने अपना अपराध मान लिया और आईसीसी इंटरनेशनल पैनल ऑफ मैच रेफरी की सदस्य सुप्रिया रानी दास के जरिए दी गई सजा को स्वीकार कर लिया. इससे औपचारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Tue, 08 Sep 2026 22:30:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>एक, और, PAK, खिलाड़ी, पर, गिरी, गाज, अंपायर, के, फैसले, का, किया, विरोध, ICC, ने, दी, सजा</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>IIT Mandi में डायरेक्टर पद के लिए आवेदन शुरू, इतनी योग्यता जरूरी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/iit-mandi-में-डायरेक्टर-पद-के-लिए-आवेदन-शुरू-इतनी-योग्यता-जरूरी</link>
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        <description><![CDATA[ इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी मंडी में डायरेक्टर पद पर नियुक्ति के लिए शिक्षा मंत्रालय ने आवेदन मांगे हैं. इस पद के लिए पात्रता रखने वाले उम्मीदवारों को निर्धारित फॉर्मेट में आवेदन करना होगा. आवेदन पत्र डाक के साथ-साथ ईमेल के जरिए भी भेजना होगा. मंत्रालय के अनुसार संस्थान के डायरेक्टर की नियुक्ति सर्च-कम-सेलेक्शन कमेटी की सिफारिश के आधार पर की जाएगी. इसके लिए विज्ञापन के जवाब में प्राप्त आवेदन और नामांकन पर विचार होगा. वहीं आपको बता दें कि आईआईटी मंडी शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार से पूरी तरह वित्त पोषित एक स्वास्थ्य संस्थान है. ऐसे में डायरेक्टर की नियुक्ति शिक्षा मंत्रालय की ओर से की जाएगी.&amp;nbsp;
IIT मंडी डायरेक्टर पद के लिए क्या योग्यता चाहिए?&amp;nbsp;
डायरेक्टर पद के लिए उम्मीदवार के पास संबंधित क्षेत्र में मजबूत शैक्षणिक और प्रशासनिक एक्सपीरियंस होना जरूरी है. आवेदक के पास पीएचडी डिग्री होनी चाहिए और उससे पहले की डिग्री में फर्स्ट क्लास योग्यता होनी चाहिए. इंजीनियरिंग की किसी एक शाखा में पीएचडी को प्राथमिकता दी जाएगी. हालांकि साइंस, मैथमेटिक्स या मैनेजमेंट में डिग्री रखने वाले उम्मीदवारों पर भी विचार किया जा सकता है. वहीं उम्मीदवार के पास किसी प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर के तौर पर कम से कम 10 साल का एक्सपीरियंस भी होना चाहिए.&amp;nbsp;
प्रशासनिक अनुभव भी है जरूरी&amp;nbsp;
डायरेक्टर पद के लिए सिर्फ शैक्षणिक योग्यता ही पर्याप्त नहीं होगी. उम्मीदवार के पास कम से कम 5 साल का प्रशासनिक अनुभव और नेतृत्व क्षमता भी होनी चाहिए. उम्र की बात करें तो आवेदन की अंतिम तारीख तक उम्मीदवार की आयु 60 वर्ष से कम होना वरीयता के तौर पर बताया गया है. वहीं आईआईटी मंडी के डायरेक्टर पद पर चयनित उम्मीदवार को 2,25,000 प्रति माह तक संशोधित वेतन दिया जाएगा. इसके अलावा नियमों के अनुसार दूसरे भत्ते भी डायरेक्टर को मिलेंगे.&amp;nbsp;
आवेदन में देनी होगी यह जानकारी&amp;nbsp;
आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को निर्धारित फॉर्मेट में अपना रिज्यूम देना होगा. इसमें उम्मीदवार की रिसर्च, टीचिंग इंडस्ट्री, एकेडमी या कोलैबोरेशन और प्रशासनिक उपलब्धियों को स्पष्ट रूप से शामिल करना होगा. इसके साथ उम्मीदवारों को अपनी उम्मीदवारी के समर्थन में दो पेज का जस्टिफिकेशन और संस्थान के लिए दो पेज का विजन स्टेटमेंट भी देना होगा. आवेदन में कम से कम दो ऐसे प्रतिष्ठित व्यक्तियों के संपर्क के कांटेक्ट की डिटेल भी देनी होगी, जो उम्मीदवार के काम से अच्छी तरह परिचित हो.&amp;nbsp;
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31 अक्टूबर तक भेजना होगा आवेदन&amp;nbsp;
निर्धारित फॉर्मेट में तैयार आवेदन और जरूरी डॉक्यूमेंट रजिस्टर्ड पोस्ट या स्पीड पोस्ट के जरिए शिक्षा मंत्रालय को भेजने होंगे. आवेदन मंत्रालय तक 31 अक्टूबर 2026 तक पहुंच जाना चाहिए. सरकारी विभागों, स्वायत्त संस्थानों और पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग में काम कर रहे उम्मीदवारों को अपना आवेदन प्रॉपर चैनल से भेजना होगा. इसके साथ आवेदन की एक एडवांस कॉपी भी संबंधित पत्ते पर भेजनी होगी. आवेदन वाले लिफाफे के ऊपर मोटे अक्षरों में एप्लीकेशन फॉर द पोस्ट ऑफ डायरेक्टर आईआईटी मंडी लिखना होगा. आवेदन की एक कॉपी इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भी भेजनी होगी जिसे एमएस वर्ड फॉर्मेट में iits@gmail.com. मेल पर भेजने के लिए कहा गया है.&amp;nbsp;
मौजूदा डायरेक्टर का कार्यकाल होगा दिसंबर में पूरा&amp;nbsp;
वहीं आपको बता दें कि फिलहाल लक्ष्मी बेहरा आईआईटी मंडी के डायरेक्टर पद पर हैं. उनका कार्यकाल दिसंबर 2026 में पूरे होने वाला है. इसी को देखते हुए शिक्षा मंत्रालय की ओर से नए डायरेक्टर पद के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं.
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        <pubDate>Tue, 08 Sep 2026 20:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>IIT, Mandi, में, डायरेक्टर, पद, के, लिए, आवेदन, शुरू, इतनी, योग्यता, जरूरी</media:keywords>
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        <title>गट हेल्थ ठीक करनी है? नाश्ते में खाएं ये 5 चीजें</title>
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        <description><![CDATA[ आजकल लोग ज्यादातर जंक फूड ही खाते हैं और रोजाना हम जो खाना खाते है उसका असर हमारे पाचन पर पड़ता है. जिसे गट हेल्थ भी कहते है. हमारी आतों में कई तरह के बैक्टीरिया मौजूद होते है, जो पाचन को सही रखने में मदद करते हैं .जब गट हेल्थ ठीक रहती है तो खाना पचाने में आसानी होती है. और पेट से जुडी कुछ समस्याएं जैसे गैस और पेट फूलना भी गट हेल्थ &amp;nbsp;अच्छी के होने के कारण ठीक हो सकती है. इसलिए रोज डाइट में ऐसी चीजें शामिल करना जरूरी है. जो आंतो यानी गट हेल्थ के लिए अच्छी हो. सुबह के नाश्ते में पोष्टिक खाना खाने से पेट को अच्छा सपोर्ट मिल सकता है. आइए जानते हैं ऐसी 5 चीजों के बारे में जो आप नाश्ते में शामिल कर सकते हैं.
दही को नाश्ते में करें शामिल
दही गट हेल्थ के लिए एक अच्छा विकल्प है. इसमें प्रोबायोटिक्स पाए जाते हैं, जो आंतों में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया को सपोर्ट करने में मदद करते हैं. सुबह के नाश्ते में एक कटोरी दही किसी भी लिया जा सकता है आप इसे पोहा, पराठे या दूसरे नाश्ते के साथ भी खा सकते हैं. अगर दही आपको आसानी से पचता है तो इसे &amp;nbsp;आप इसे अपनी रोज की डाइट में भी शामिल कर सकते हैं.
ओट्स से करें दिन की शुरुआत
ओट्स में फाइबर &amp;nbsp;बहुत ही अच्छी मात्रा में पाया जाता है, जो पाचन तंत्र के लिए जरूरी है. सुबह नाश्ते में ओट्स खाने से गट हेल्थ पर भी अच्छा असर पड़ता है और डाइट में फाइबर बढ़ाने का आसान तरीका भी &amp;nbsp;मिल जाता है. इसे दूध या दही के साथ बनाकर इसमें केला, सेब या कुछ ड्राईफ्रूट्स भी मिला सकते हैं. इससे &amp;nbsp;आपका नाश्ता स्वादिष्ट होने के साथ ज्यादा पोष्टिक भी हो जाता है.
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दलिया है हेल्दी नाश्ते का विकल्प
दलिया भी गट हेल्थ के लिए अच्छा नाश्ता होता है. इसमें फाइबर पाया जाता है, जो पाचन को बेहतर रखने में मदद करता है. आप सुबह दूध वाला दलिया या फिर सब्जियों के साथ नमकीन दलिया बना सकते हैं. तो नाश्ते के लिए एक अच्छा आप्शन होगा. इसमें गाजर, मटर, बीन्स जैसी सब्जियां डालने से इसका पोषण और बढ़ जाता है. रोज की डाइट में फाइबर वाली चीजें शामिल करना पेट के लिए अच्छा होता है.
अंकुरित मूंग है अच्छा विकल्प
अंकुरित मूंग में फाइबर और प्रोटीन दोनों पाए जाते हैं, इसलिए यह एक पौष्टिक नाश्ता होता है. इसे सुबह सलाद की तरह खाया जा सकता है. इसमें खीरा, टमाटर, नींबू और थोड़े मसाले डालकर आप इसका स्वाद बढ़ा सकते हैं. फाइबर वाली चीजों को डाइट में शामिल करने से पाचन तंत्र को सही तरीके से काम करने में मदद मिलती है और गट हेल्थ भी अच्छी रहती है.
&amp;nbsp;केला भी डाइट में करें शामिल
केला आसानी से मिलने वाला फल है और इसमें फाइबर भी पाया जाता है. सुबह नाश्ते में केला खाने से कुछ समय तक पेट भरा हुआ महसूस होता है. इसे आप सीधे खा सकते हैं या फिर ओट्स और दही के साथ मिलाकर खा सकते हैं. अगर आप सुबह जल्दी में रहते हैं और कुछ आसान खाना चाहते हैं तो केला एक अच्छा आप्शन हो सकता है.
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        <pubDate>Tue, 08 Sep 2026 19:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>भारत में SAMSUNG ने की छंटनी की घोषणा, 10 दिनों में कई कंपनियों ने 6500 लोगों को निकाला</title>
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        <description><![CDATA[ नौकरी करने वालों के लिए सितंबर का महीना टेंशन के साथ शुरू हुआ है. दुनियाभर की कई बड़ी तकनीकी कंपनियों में कर्मचारियों की संख्या घटाई जा रही है. भारत में सैमसंग ने भी अपने टेलीविजन कारोबार से जुड़े करीब 80 से 100 अधिकारियों को हटा दिया है. ये छंटनी अलग-अलग स्टेज में की जा रही है और इसमें अलग-अलग पदों पर काम करने वाले कर्मचारी शामिल हैं. &amp;nbsp;
दूसरी ओर, सितंबर के शुरुआती 10 दिनों में दुनियाभर में 6,300 से ज्यादा तकनीकी नौकरियों में कटौती की खबर सामने आई है. उबर, पेपाल, जोमैटो, एप्पल और ओरेकल जैसी बड़ी कंपनियां कर्मचारियों की संख्या घटा रही हैं और जहां अभी तक छंटनी नहीं हुआ है वो भी अब तैयारी कर रही हैं.&amp;nbsp;
किन लोगों की गई नौकरी?भारत में सैमसंग में जो छंटनी हुई है वो टेलीविजन और घरेलू उपकरण वाले बिजनेस के डिपार्टमेंट से हुई है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने निदेशक स्तर के अधिकारियों, टीम प्रमुखों और प्रबंधक समेत कई पदों पर काम करने वाले लोगों को हटाने का आदेश दे दिया है.&amp;nbsp;
कंपनी में एक साथ सारे कर्मचारियों को नहीं हटाया जा रहा है. कर्मचारियों को अलग-अलग स्टेज में बाहर किया जा रहा है. कुछ कर्मचारियों को तो बिना नोटिस पीरियड पूरा किए बिना ही कंपनी छोड़ने के लिए कहा गया है.&amp;nbsp;
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कंपनी क्यों कर रही हैं छंटनी?इसके पीछे सबसे बड़ी वजह बढ़ता खर्च और कारोबार पर दबाव है. कंपनियां चाहती हैं कि कम खर्च में ज्यादा काम हो और मुनाफे पर दबाव कम किया जा सके. सैमसंग के मामले में मेमोरी चिप की कीमत काफी बढ़ गई है. इसके अलावा रुपये की कमजोरी और कच्चे माल की बढ़ती लागत ने भी कंपनी का खर्च बढ़ाया है. दूसरी तरफ, भारत में स्मार्टफोन की बिक्री में भी कमजोरी देखने को मिली है. &amp;nbsp;
कई बड़ी कंपनियां भी कर रहीं छंटनीसितंबर के शुरुआती 10 दिनों में दुनिया की कई बड़ी तकनीकी कंपनियों ने कर्मचारियों की संख्या घटाई है. उबर करीब 3,300 कर्मचारियों की नौकरी कम करने की योजना में है. यह उसके दुनियाभर के कर्मचारियों का करीब 10 प्रतिशत है.
&amp;nbsp;भारत में पेपाल अपने कर्मचारियों की संख्या में करीब 4 प्रतिशत की कमी करने वाला है. इससे करीब 220 कर्मचारियों पर असर पड़ सकता है. वहीं जोमैटो और एप्पल ने मिलकर करीब 250 पदों को खत्म किया है. ओरेकल में भी बड़े स्तर पर कर्मचारियों की संख्या घटाने की खबर है.&amp;nbsp;
AI भी बन रही है एक वजहकंपनियों की छंटनी का एक कारण बदलती तकनीक भी है. कंपनियां अब AI तकनीक पर ज्यादा पैसा खर्च कर रही हैं. इससे कुछ ऐसे काम कम हो रहे हैं जिन्हें पहले बड़ी संख्या में कर्मचारी करते थे. महामारी के दौरान जरूरत से ज्यादा कर्मचारियों की भर्ती हो गई थी, वो भी कंपनी ठीक कर रही हैं.&amp;nbsp;
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और छंटनी होगी?मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि दीपावली के बाद कर्मचारियों की संख्या को लेकर कंपनी एक बार फिर जांच कर सकती है. फिलहाल मोबाइल कारोबार में बड़ी छंटनी का प्लान नहीं बनाया गया है.
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        <pubDate>Tue, 08 Sep 2026 17:30:16 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>नई पेंशन स्कीम ला रही सरकार, जब पैसा हो तब जमा करें और मनचाही पेंशन पाएं</title>
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        <description><![CDATA[ श्रम मंत्रालय कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के तहत एक नई यूनिवर्सल पेंशन स्कीम (Universal Pension Scheme) लाने की तैयारी में है. इस स्कीम के तहत, सब्सक्राइबर्स रिटायरमेंट के शुरुआती सालों में अपनी बचत का कुछ हिस्सा निकालकर ज़्यादा पेंशन ले सकेंगे और बाद में पेंशन की रकम कम कर सकेंगे, ताकि बची हुई रकम पर ब्याज मिलता रहे.
आमतौर पर रिटायरमेंट के तुरंत बाद पैसों की तुरंत जरूरत पड़ती है. मेडिकल ट्रीटमेंट पर खर्च के अलावा पारिवारिक जिम्मेदारियां भी कई होती हैं जैसे कि बच्चों के हायर स्टडीज के लिए पैसे चाहिए होते हैं या शादी पर बड़े पैमाने पर खर्च होता है. इस दौरान सब्सक्राइबर अपने कुल जमा फंड (Corpus) से ज्यादा बड़ा हिस्सा निकाल सकेंगे. बाकी का जो पैसा रह जाएगा, वह EPFO के पास ही सुरक्षित रहेगा.
उस बची हुई रकम पर सरकार द्वारा तय वार्षिक ब्याज मिलता रहेगा, जिससे फंड पूरी तरह खत्म होने के बजाय बढ़ता रहेगा. इसमें उम्र बढ़ने के साथ जब वित्तीय आवश्यकताएं कम हो जाएंगी, तो सब्सक्राइबर अपनी मासिक पेंशन की राशि को कम कर सकेंगे ताकि उनका फंड लंबे समय या उम्र के आखिरी पड़ाव तक चलता रहे.&amp;nbsp;
पारंपरिक पेंशन से यह क्यों बेहतर?
फिलहाल नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) जैसी स्कीम्स में रिटायरमेंट के समय कम से कम 40% हिस्से से एन्युटी (Annuity) खरीदना अनिवार्य होता है, जिसका एक फिक्स्ड रिटर्न मिलता है और उसमें बदलाव नहीं किया जा सकता. लेकिन EPFO की इस नई योजना में अनिवार्य एन्युटी के बजाय सब्सक्राइबर को अपने ही पैसों पर पूरा कंट्रोल देने का प्रस्ताव है.
आसान भाषा में कहें, तो जीवन अक्षय या NPS के तहत मिलने वाली एन्युटी में एक बार पैसा जमा करने के बाद आपका फंड लॉक हो जाता है. इस पर आपको महीने का एक फिक्स्ड अमाउंट मिलता रहता है. अगर रिटायरमेंट के बाद आपको अचानक से इमरजेंसी में ज्यादा पैसों की जरूरत पड़े तो आप फंड के रूप में जमा रकम को निकाल नहीं सकते हैं. वहीं यूनिवर्सल पेंशन स्कीम में आपका पैसा EPFO के पास आपके ही खाते में रहता है. आप अपनी जरूरत के हिसाब से &amp;nbsp;सिस्टमैटिक विड्रॉल प्लान (SWP) की तरह पैसा निकाल सकेंगे. इमरजेंसी के वक्त आप अपनी मासिक निकासी को बढ़ा सकते हैं या जरूरत पड़ने पर फंड से बड़ी रकम भी निकाल सकते हैं.
टैक्स को लेकर क्या होंगे नियम?
श्रम मंत्रालय द्वारा प्रस्तावित यूनिवर्सल पेंशन स्कीम (EPFO 3.0) के लिए टैक्स के नियम मौजूदा EPFO मॉडल के समान रखने पर विचार किया जा रहा है. चूंकि यह योजना अभी ड्राफ्ट फेज में है इसलिए सरकार इसके अंतिम टैक्स नियमों को आधिकारिक लॉन्च के समय ही अधिसूचित करेगी.&amp;nbsp;

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        <pubDate>Tue, 08 Sep 2026 17:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>नई, पेंशन, स्कीम, ला, रही, सरकार, जब, पैसा, हो, तब, जमा, करें, और, मनचाही, पेंशन, पाएं</media:keywords>
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        <title>एलन मस्क की बड़ी जीत! स्टारलिंक के भारत आने का रास्ता साफ</title>
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        <description><![CDATA[ Starlink, Oneweb, Reliance Jio जैसी कंपनियों के सेटेलाइट ब्रॉडबैंड सेवाएं देने का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है. सूत्रों के मुताबिक, सचिवों के समूह ( inter ministerial panel) द्वारा स्पेक्ट्रम आवंटन की ट्राई की सिफारिशों को मंजूरी देने की जानकारी सामने आ रही है. बताया जा रहा है कि सचिवों के समूह ने ट्राई की सिफारिश को मंजूरी दे दी है. हालांकि, अभी तक इस बार कोई आधिकारिक तौर पर जानकारी सामने नहीं आई है माना यह जा रहा है कि सरकार आने वाले दिनों में कैबिनेट में इसको लेकर फैसला ले सकती है.&amp;nbsp;
कब तक लॉन्च होगी सर्विस?
सूत्रों के अनुसार, सचिवों के समूह से हरी झंडी मिलने के बाद अब इस प्रस्ताव को केंद्रीय कैबिनेट &amp;nbsp;के पास भेजा जाएगा. कैबिनेट की बैठक में अंतिम मंजूरी मिलते ही इसे देश में कानूनी तौर पर लागू कर दिया जाएगा. बता दें कि Starlink, OneWeb और Reliance Jio जैसी दिग्गज कंपनियों के पास पहले से ही GMPCS जैसे आवश्यक सैटेलाइट लाइसेंस मौजूद हैं. कैबिनेट से स्पेक्ट्रम आवंटन के नियमों और फीस पर अंतिम मुहर लगते ही ये कंपनियां देश में कमर्शियल सेवाएं लॉन्च करने के बेहद करीब पहुंच जाएंगी.&amp;nbsp;
5 साल के लिए मिलेगा स्पेक्ट्रम
TRAI की सिफारिशों के मुताबिक, शुरुआती तौर पर कंपनियों को सैटेलाइट ब्रॉडबैंड स्पेक्ट्रम 5 साल की अवधि के लिए आवंटित किया जा सकता है. बाजार की स्थितियों और कंपनियों के प्रदर्शन को देखते हुए सरकार इस अवधि को आगे 2 साल के लिए और बढ़ा सकती है. यानी कुल मिलाकर यह व्यवस्था अधिकतम 7 साल तक चल सकती है.
एलन मस्क की स्टारलिंक जैसी वैश्विक कंपनियां सामान्यतः 20 साल के लंबे लाइसेंस की मांग कर रही थीं, लेकिन TRAI ने एक नया और उभरता हुआ बाजार होने के कारण समय-सीमा को 5 साल तक सीमित रखने की सिफारिश की. इसके जरिए सरकार यह देखना चाहती है कि शुरुआत में बाजार कैसे काम करता है और सुरक्षा मानकों का पालन कितनी सटीकता से होता है.
चूंकि सैटेलाइट इंटरनेट एक तेजी से बदलती हुई तकनीक है इसलिए 7 साल की सीमा के दौरान सरकार भविष्य में आने वाली नई तकनीकों के हिसाब से नियमों को आसानी से अपग्रेड कर सकेगी. इस दौरान सरकार यह देख पाएगी कि विदेशी और घरेलू कंपनियां भारतीय सुरक्षा नियमों (Data Security) का कितनी गंभीरता से पालन कर रही हैं. 5 साल की इस अवधि के दौरान नियामक ने कंपनियों से उनके Adjusted Gross Revenue (AGR) का 4% से 5% हिस्सा स्पेक्ट्रम शुल्क के रूप में लेने का सुझाव दिया है.&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 08 Sep 2026 17:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>एलन, मस्क, की, बड़ी, जीत, स्टारलिंक, के, भारत, आने, का, रास्ता, साफ</media:keywords>
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        <title>20 करोड़ का तोहफा! कर्मचारियों को फ्री में मिलेंगे 3.43 लाख शेयर</title>
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        <description><![CDATA[ कूलर बनाने वाली मल्टीबैगर कंपनी सिम्फनी लिमिटेड (Symphony Limited) के शेयरों में आज जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है. मंगलवार को कारोबार के दौरान BSE में इसके शेयर 13% से ज्यादा उछलकर 652.25% के लेवल पर पहुंच गए. कंपनी के शेयरों में आज आई इस तेजी के पीछे एक बड़ा फैसला है.&amp;nbsp;
दरअसल, सिम्फनी लिमिटेड के फाउंडर प्रमोटर अचल अनिल बाकेरी अपने वर्कर्स को लगभग 3,43,000 इक्विटी शेयर गिफ्ट कर रहे हैं. ये शेयर कंपनी की कुल पूंजी का 0.5% हैं और इनकी कीमत लगभग 20 करोड़ रुपये है. यह तोहफा एक बार में नहीं, बल्कि अगले 4 साल के दौरान धीरे-धीरे कर्मचारियों को दिया जाएगा, जो उनका कर्मचारियों, पूर्व कर्मचारियों और उनके परिवारों के प्रति आभार व्यक्त करने का एक अनोखा तरीका है. इसका मकसद कंपनी के सफर में उनके योगदान को पहचानना और साझा मालिकाना हक की भावना को बढ़ावा देना है.
फ्री में मिलेंगे सारे शेयर
कंपनी के इस पहल की सबसे अच्छी बात यह है कि कर्मचारियों को इन शेयरों के बदले एक भी पैस अपनी जेब से नहीं देना होगा. इसे एक गिफ्ट के तौर पर ट्रांसफर किया जाएगा. इसका कंपनी के कैश फ्लो पर भी कोई असर नहीं पड़ेगा क्योंकि 3,43,000 शेयरों की कीमत लगभग 20 करोड़ के आसपास बैठती हो, लेकिन जैसे-जैसे कंपनी का बिजनेस बढ़ेगा, शेयरों की कीमत ऊपर जाएगी जैसे कि आज महज इसका ऐलान भर से शेयर 13% तक उछल गए.
अब AC भी बनाएगी कंपनी
कंपनी ने इस बीच अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो का विस्तार करने का भी फैसला लिया है. कंपनी आगे आने वाले समय में एयर कंडीशनर, एयर फ्यूरिफायर्स, BLDC सीलिंग फैन बाजार में उतारने का प्लान बना रही है. सिम्फनी का देश भर में डीलर्स और डिस्ट्रीब्यूटर्स का एक बहुत बड़ा नेटवर्क है. ऐसे में बाजार में लॉन्च होने वाले नए प्रोडक्ट्स का अपना एक मजबूत कन्ज्यूमर बेस होगा. कंपनी को ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचने में ज्यादा मशक्कत नहीं करनी होगी. इससे आने वाले समय में कंपनी के रेवेन्यू में सुधार आएगा और प्रॉफिट मार्जिन में बड़ी ग्रोथ देखी जा सकेगी, जिसका फायदा इसके लॉन्ग टर्म निवेशकों को मिल सकता है.

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        <pubDate>Tue, 08 Sep 2026 17:30:09 +0530</pubDate>
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        <title>बड़ी खबर&amp; यूपी टीईटी 2026 के सफल अभ्यर्थियों के प्रमाण&amp;पत्र जारी</title>
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        <description><![CDATA[ प्राथमिक स्तर के 5,71,435 और उच्च प्राथमिक स्तर के 7,59,513 अभ्यर्थी हुए हैं सफल घोषित. सफल अभ्यर्थी आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध लिंक के माध्यम से अपना अनुक्रमांक एवं जन्मतिथि दर्ज कर प्रमाण-पत्र डाउनलोड कर सकते हैं.
यूपी शिक्षा सेवा चयन आयोग से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है. आयोग ने यूपी टीईटी 2026 में सफल घोषित किए गए अभ्यर्थियों के प्रमाण-पत्र जारी कर दिए हैं. प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा में सफल अभ्यर्थी आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध लिंक के माध्यम से अपना प्रमाण-पत्र डाउनलोड कर सकते हैं. इसके लिए अभ्यर्थियों को अपना अनुक्रमांक और जन्मतिथि दर्ज करनी होगी. प्रमाण-पत्र जारी होने से सफल अभ्यर्थियों को इसे प्राप्त करने की सुविधा मिल गई है.
प्राथमिक स्तर पर 5,71,435 अभ्यर्थी सफल
UPTET-2026 के परिणाम में प्राथमिक स्तर यानी कक्षा 01 से 05 तक की परीक्षा में कुल 7,13,648 अभ्यर्थी सम्मिलित हुए थे. इनमें से 5,71,435 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया है. यह संख्या कुल शामिल अभ्यर्थियों की 80.07 प्रतिशत है. आयोग की ओर से अब सफल अभ्यर्थियों के प्रमाण-पत्र भी जारी कर दिए गए हैं, जिन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत डाउनलोड किया जा सकता है.
उच्च प्राथमिक स्तर पर 7,59,513 सफल
इसी तरह उच्च प्राथमिक स्तर यानी कक्षा 06 से 08 तक की परीक्षा में कुल 10,57,021 अभ्यर्थी सम्मिलित हुए थे. इनमें से 7,59,513 अभ्यर्थी सफल घोषित किए गए हैं. उच्च प्राथमिक स्तर पर सफल अभ्यर्थियों का प्रतिशत 71.85 रहा है. सफल अभ्यर्थी आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध लिंक के जरिए अनुक्रमांक और जन्मतिथि दर्ज कर अपना प्रमाण-पत्र डाउनलोड कर सकते हैं.
पांच पालियों में हुई थी UPTET-2026 परीक्षा
UPTET-2026 की लिखित परीक्षा 02 और 03 जुलाई 2026 को दो-दो पालियों तथा 04 जुलाई 2026 को एक पाली में आयोजित की गई थी. इस तरह परीक्षा कुल पांच पालियों में हुई थी. परीक्षा प्रदेश के 60 जनपदों के 955 परीक्षा केन्द्रों पर सकुशल सम्पन्न कराई गई थी. इनमें उच्च प्राथमिक स्तर की तीन पालियां और प्राथमिक स्तर की दो पालियां शामिल थीं.
26 अगस्त को घोषित हुआ था परीक्षा परिणाम
UPTET-2026 का परिणाम 26 अगस्त 2026 को घोषित किया गया था. अब सफल अभ्यर्थियों के प्रमाण-पत्र जारी कर दिए गए हैं. अभ्यर्थी आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध लिंक के माध्यम से इन्हें डाउनलोड कर सकते हैं. अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रमाण-पत्र जल्द ही डिजिलॉकर के माध्यम से भी उपलब्ध कराया जाएगा.
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आयोग अध्यक्ष ने दी सफल अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं
यूपी शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने UPTET-2026 में सफल घोषित किए गए सभी अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं दी हैं. प्रमाण-पत्र जारी होने के साथ सफल अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा से जुड़ी प्रक्रिया का यह महत्वपूर्ण चरण भी पूरा हो गया है.
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        <pubDate>Tue, 08 Sep 2026 11:30:10 +0530</pubDate>
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        <title>ऑस्ट्रेलिया में ग्रेजुएट डिप्लोमा कोर्स पर रोक, भारतीय छात्रों पर भी पड़ेगा असर </title>
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        <description><![CDATA[ ऑस्ट्रेलिया सरकार ने ग्रेजुएट डिप्लोमा ऑफ मैनेजमेंट कोर्स में विदेशी छात्रों के एडमिशन पर रोक लगाने का फैसला किया है. यह फैसला 5 अक्टूबर 2026 से लागू होगा. कोर्स का कोड बीएसबी 80120 है. इसका सीधा असर उन अंतरराष्ट्रीय छात्रों पर पड़ेगा जो आगे की पढ़ाई के लिए इस कोर्स में एडमिशन लेने की तैयारी कर रहे हैं. इनमें भारतीय छात्र भी शामिल हो सकते हैं. सरकार ने यह कदम कोर्स के इस्तेमाल को लेकर सामने आई चिंताओं के बाद उठाया है. ऑस्ट्रेलियाई सरकार के अनुसार कुछ छात्र इसका इस्तेमाल पढ़ाई के बजाय ऑस्ट्रेलिया में रहते हुए एक कोर्स से दूसरे कोर्स में ट्रांसफर की सुविधा के लिए कर रहे थे. इसके अलावा इस कोर्स से जुड़े विजा रिजेक्शन और कोर्स पूरा नहीं करने की दर भी ज्यादा पाई गई.&amp;nbsp;
5 अक्टूबर से नए छात्रों का एडमिशन बंद&amp;nbsp;
ऑस्ट्रेलिया के असिस्टेंट मिनिस्टर फॉर इंटरनेशनल एजुकेशन जूलियन हिल ने 4 सितंबर को इस फैसले की घोषणा की. सरकार के अनुसार यह पहली बार है जब नई कानूनी शक्तियों का इस्तेमाल किसी एक खास कोर्स के लिए के अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए रजिस्ट्रेशन को रोकने के लिए किया गया है. 5 अक्टूबर के बाद वीईटी संस्थान इस कोर्स में नई विदेशी छात्रों को एडमिशन नहीं दे सकेंगे, जिन छात्रों ने उसे तारीख से पहले कोर्स शुरू नहीं किया उनके संबंधित कन्फर्मेशन का एनरोलमेंट को भी रद्द किया जा सकता है.&amp;nbsp;
जो छात्र पहले से पढ़ रहे हैं उन्हें राहत&amp;nbsp;
इस फैसले का असर उन छात्रों पर नहीं पड़ेगा, जिन्होंने 5 अक्टूबर 2026 से पहले कोर्स शुरू कर दिया है. ऐसे छात्र अपने मौजूदा संस्थान में पढ़ाई जारी रख सकेंगे और कोर्स पूरा कर सकेंगे. सरकार के आंकड़ों के अनुसार ऑस्ट्रेलिया में 452 वीईटी प्रोवाइडर्स इस कोर्स अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए उपलब्ध करा रहे हैं. इसके अलावा इस कोर्स से जुड़े 41033 एक्टिव कन्फर्मेशन ऑफ एनरोलमेंट है, जिनमें 15,772 छात्र फिलहाल पढ़ाई कर रहे हैं. इन मौजूदा छात्रों को पढ़ाई बीच में छोड़ने और ऑस्ट्रेलिया छोड़ने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा.&amp;nbsp;
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क्यों लिया गया यह फैसला?
सरकार ने बताया कि कोर्स से जुड़े मामलों में बड़ी संख्या में ऐसे छात्र सामने आए हैं, जिनके बारे में माना गया है कि वह पढ़ाई के उद्देश्य से इस कोर्स में एडमिशन नहीं ले रहे थे. इसके साथ ही वीजा आवेदन खारिज होने और कोर्स पूरा नहीं करने के मामले ने भी सरकार की चिंता बढ़ाई. ऑस्ट्रेलिया सरकार ने कहा कि यह कार्रवाई सिर्फ ग्रेजुएट डिप्लोमा ऑफ मैनेजमेंट तक सीमित है. इसका मतलब यह नहीं है कि सभी ग्रेजुएट डिप्लोमा कोर्स पर रोक लगाई जा रही है.&amp;nbsp;
भारतीय छात्रों पर भी पड़ सकता है असर&amp;nbsp;
ऑस्ट्रेलिया सरकार के इस फैसले का असर भारतीय छात्रों पर भी पड़ सकता है. दरअसल हर साल हजारों छात्र भारत से पढ़ाई के लिए ऑस्ट्रेलिया जाते हैं, ऐसे में ऐसे छात्र जो अब इस कोर्स में एडमिशन लेने वाले थे उन पर भी इस फैसले का असर पड़ सकता है .&amp;nbsp;
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        <pubDate>Tue, 08 Sep 2026 11:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>भादों का पहला प्रदोष व्रत आज या कल ? प्रदोष काल पूजा मुहूर्त, पारण का समय देखें</title>
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        <description><![CDATA[ भादों का पहला प्रदोष व्रत आज या कल ? प्रदोष काल पूजा मुहूर्त, पारण का समय देखें ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 08 Sep 2026 09:30:18 +0530</pubDate>
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        <title>Aaj Ka Rashifal 8 September 2026: आज दोपहर 3:26 से पहले निपटा लें जरूरी काम? राशि देखकर बनाएं दिन का प्लान</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/aaj-ka-rashifal-8-september-2026-आज-दोपहर-326-से-पहले-निपटा-लें-जरूरी-काम-राशि-देखकर-बनाएं-दिन-का-प्लान</link>
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        <description><![CDATA[ Aaj Ka Rashifal: 8 सितंबर 2026 को चंद्रमा पूरे दिन कर्क राशि में रहेंगे. इसी राशि में बृहस्पति भी मौजूद हैं, इसलिए गुरु और चंद्रमा की युति बन रही है. ज्योतिष में इसे गजकेसरी योग से जोड़ा जाता है, लेकिन इसका फल हर व्यक्ति को एक जैसा नहीं मिलता.
यह देखना जरूरी है कि आपकी राशि से यह युति किस भाव में बन रही है. साथ ही कन्या राशि में बुध की मजबूत स्थिति कामकाज, हिसाब-किताब और बातचीत से जुड़े मामलों को प्रभावित करेगी. मंगलवार, द्वादशी तिथि और पुष्य नक्षत्र के बीच आपका दिन किस ओर जा सकता है, इसे राशि के अनुसार समझते हैं.

मेष राशि दैनिक राशिफल: 8 सितंबर 2026 (मंगलवार)
भाद्रपद कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि (दोपहर 02:44 तक) और पुष्य नक्षत्र (शाम 04:40 तक) के पावन प्रभाव के साथ आज का दिन मेष राशि के जातकों के लिए मानसिक संतोष और कार्यसिद्धि लेकर आया है. चंद्रमा आज आपकी राशि से चतुर्थ भाव (सुख भाव - कर्क राशि) में उच्च के देवगुरु बृहस्पति के साथ गजकेसरी योग का निर्माण कर रहे हैं. वहीं आपकी राशि के स्वामी मंगल तीसरे भाव में सक्रिय हैं और छठे भाव में उच्च के बुध आपके प्रतिद्वंद्वियों पर आपकी बढ़त बनाए रखेंगे. यह ग्रह स्थिति आपको कार्यक्षेत्र और परिवार दोनों जगह मजबूती प्रदान करेगी.
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करियर और व्यवसाय (Career &amp;amp; Business)कार्यस्थल पर आज आपकी नेतृत्व क्षमता और निर्णय शक्ति का सकारात्मक प्रभाव दिखेगा. चौथे भाव में चंद्रमा-गुरु की युति से मैनेजमेंट, रियल एस्टेट, शिक्षा, एडमिनिस्ट्रेशन, सरकारी प्रोजेक्ट्स और कंसल्टेंसी से जुड़े प्रोफेशनल्स को विशेष पहचान और सम्मान मिलेगा. दफ्तर में वरिष्ठ अधिकारियों और सहकर्मियों का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा. कारोबारियों को नई डील्स फाइनल करने, प्रॉपर्टी या ऑफिस रिनोवेशन से जुड़े मामलों में मनचाही सफलता मिलेगी.
आर्थिक स्थिति (Finance &amp;amp; Wealth)आर्थिक मोर्चे पर आज का दिन धन संचय और अचल संपत्ति से लाभ कमाने के संकेत दे रहा है. चतुर्थ भाव का गजकेसरी योग भूमि, भवन या वाहन की खरीद-बिक्री से बड़ा वित्तीय लाभ करा सकता है. पूर्व में किए गए स्मार्ट निवेशों से भी अच्छा रिटर्न मिलने के आसार हैं. छठे भाव में उच्च के बुध के प्रभाव से कर्ज या अटके हुए भुगतानों के निपटारे में मदद मिलेगी. बड़े वित्तीय सौदे, एग्रीमेंट या निवेश से जुड़े फैसले दोपहर 11:53 से 12:43 के अभिजीत मुहूर्त में संपन्न करना सर्वोत्तम रहेगा.
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पारिवारिक और प्रेम जीवन (Love &amp;amp; Family)घर-परिवार में सुख, शांति और आध्यात्मिक वातावरण बना रहेगा. माताजी का भरपूर स्नेह और आशीर्वाद आपको मानसिक शांति देगा तथा उनके स्वास्थ्य में भी सुधार देखने को मिलेगा. दांपत्य जीवन में जीवनसाथी के साथ तालमेल बहुत मधुर रहेगा और आप दोनों मिलकर घरेलू जिम्मेदारियों को अच्छे से निभाएंगे. प्रेम संबंधों में स्थिरता और भावनात्मक प्रगाढ़ता आएगी; पार्टनर के साथ सुखद समय बिताने का मौका मिलेगा.
स्वास्थ्य (Health &amp;amp; Wellness)शारीरिक ऊर्जा और मानसिक ताजगी का स्तर बहुत अच्छा रहेगा. पुष्य नक्षत्र और चंद्रमा-गुरु की युति पुरानी मानसिक बेचैनी और तनाव को दूर करेगी. फिर भी मौसमी बदलाव के कारण छाती में हल्का कफ या भारीपन न हो, इसके लिए गुनगुने पानी का सेवन करें. संतुलित दिनचर्या रखें और सुबह के समय हल्का व्यायाम व प्राणायाम जरूर करें.
महत्वपूर्ण समय और उपायआज उत्तर दिशा में दिशा शूल रहेगा. दोपहर 03:26 से शाम 05:01 तक राहुकाल रहने के कारण इस समय के दौरान किसी नए व बड़े काम की शुरुआत करने से बचें. मंगलवार का दिन और राशि स्वामी मंगल होने से हनुमान जी को सिंदूर या चमेली का तेल अर्पित करें और सुंदरकांड या हनुमान चालीसा का पाठ करें. पुष्य नक्षत्र के शुभ प्रभाव के लिए शिवलिंग पर कच्चा दूध चढ़ाएं और जरूरतमंदों को गुड़-चने का दान करें.

शुभ रंग: लाल और केसरिया
शुभ अंक: 9

वृषभ राशि दैनिक राशिफल: 8 सितंबर 2026 (मंगलवार)
भाद्रपद कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि (दोपहर 02:44 तक) और पुष्य नक्षत्र (शाम 04:40 तक) के प्रभाव के साथ आज का दिन वृषभ राशि के जातकों के लिए पराक्रम, प्रभाव और नए संपर्कों के विस्तार का रहेगा. चंद्रमा आज आपकी राशि से तीसरे भाव (पराक्रम व संचार भाव - कर्क राशि) में उच्च के देवगुरु बृहस्पति के साथ गजकेसरी योग बना रहे हैं. इसके साथ ही पंचम भाव में उच्च के बुध आपकी बौद्धिक क्षमता और रणनीतिक सोच को नई धार देंगे.
करियर और व्यवसाय (Career &amp;amp; Business)तीसरे भाव में चंद्रमा-गुरु की युति से आपकी संवाद शैली, नेटवर्किंग और प्रेजेंटेशन में जबर्दस्त निखार आएगा. मीडिया, पब्लिशिंग, डिजिटल मार्केटिंग, आईटी, सेल्स, लेखन और कंसल्टेंसी से जुड़े प्रोफेशनल्स के लिए आज का दिन शानदार उपलब्धियां लेकर आएगा. दफ्तर में आपके नए विचारों को सराहा जाएगा और सहकर्मियों का पूरा सहयोग मिलेगा. कारोबारियों को छोटी दूरी की व्यावसायिक यात्राओं या ऑनलाइन मीटिंग्स से बड़े क्लाइंट्स और नए प्रोजेक्ट्स हासिल करने में सफलता मिलेगी.
आर्थिक स्थिति (Finance &amp;amp; Wealth)आर्थिक मोर्चे पर आज का दिन स्वयं के प्रयासों और बौद्धिक सौदों से धन लाभ कमाने का है. पंचम भाव का उच्च बुध शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड या पूर्व में किए गए स्मार्ट निवेश से अप्रत्याशित मुनाफा करा सकता है. पुष्य नक्षत्र के पावन प्रभाव से अटके हुए भुगतानों की वसूली में गति आएगी. किसी भी नए अनुबंध, गैजेट खरीद या वित्तीय सौदे को अंतिम रूप देने के लिए दोपहर 11:53 से 12:43 के अभिजीत मुहूर्त का समय सबसे श्रेष्ठ रहेगा.
पारिवारिक और प्रेम जीवन (Love &amp;amp; Family)घर-परिवार में छोटे भाई-बहनों और मित्रों का भरपूर साथ मिलेगा, जिससे आपका मनोबल ऊंचा रहेगा. पुष्य नक्षत्र ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 08 Sep 2026 09:30:16 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>आज का राशिफल 8 सितंबर 2026, तुला और मीन फिजूलखर्ची से बचें, वृषभ&amp;मकर को लाभ; पढ़ें 12 राशियों का हाल</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/आज-का-राशिफल-8-सितंबर-2026-तुला-और-मीन-फिजूलखर्ची-से-बचें-वृषभ-मकर-को-लाभ-पढ़ें-12-राशियों-का-हाल</link>
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        <description><![CDATA[ आज का राशिफल 8 सितंबर 2026, तुला और मीन फिजूलखर्ची से बचें, वृषभ-मकर को लाभ; पढ़ें 12 राशियों का हाल ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 08 Sep 2026 09:30:15 +0530</pubDate>
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        <title>KKR के नए कप्तान पर लगी मुहर! मिस्टर IPL ने बताया नाम</title>
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        <description><![CDATA[ आईपीएल 2027 के लिए सभी टीमों ने तैयारी शुरू कर दी है. आप सोच रहे होंगे, ऐसा क्यों? आईपीएल का अगला सीजन तो अगले साल यानी मार्च 2027 में खेला जाना है. दरअसल, आईपीएल का अगला सीजन शुरू होने में काफी समय है, लेकिन आगामी सीजन की नीलामी इसी साल दिसंबर में होगी. वहीं नवंबर तक सभी 10 टीमों को अपने रिटेन और रिलीज खिलाड़ियों की लिस्ट जारी करनी होगी. इस बार कई टीमें नए कप्तान के साथ उतर सकती है. कोलकाता नाइट राइडर्स भी उन टीमों में शामिल है.&amp;nbsp;
केकेआर ने श्रेयस अय्यर के बाद अजिंक्य रहाणे को टीम का नया कप्तान बनाया था, लेकिन रहाणे की कप्तानी में टीम लगातार दो सीजन प्लेऑफ में क्वालीफाई नहीं कर सकी. टीम का प्रदर्शन भी काफी खराब रहा, और रहाणे खुद भी उम्मीद के मुताबिक रन नहीं बना सके. अब आईपीएल 2027 की नीलामी से पहले केकेआर रहाणे से कप्तानी लेकर किसी नए खिलाड़ी को कप्तान घोषित कर सकती है.&amp;nbsp;
मिस्टर आईपीएल ने बताया केकेआर के नए कप्तान का नाम&amp;nbsp;
मिस्टर आईपीएल के नाम से मशहूर पूर्व दिग्गज सुरेश रैना ने केकेआर को बड़ा और अहम सुझाव दिया है. रैना का मानना है कि केकेआर को रिंकू सिंह को कप्तान बना देना चाहिए. उनका कहना है कि रिंकू अगले कप्तान के लिए सबसे बेहतर विकल्प हैं. रिंकू सिंह ने यूपी टी20 लीग में अपनी कप्तानी का नमूना पेश किया है. उन्होंने अपनी दमदार कप्तानी से अपनी टीम मेरठ मारविक्स को चैंपियन बनाया. रिंकू की कप्तानी में मेरठ ने इस सीजन 10 मैचों में से 9 मुकाबलों में जीत दर्ज की.&amp;nbsp;
यूपी टी20 लीग के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जारी एक वीडियो में सुरेश रैना ने कहा, &quot;रिंकू सिंह की कप्तानी काबिल-ए-तारीफ. चौथा सीजन है, और चौथा फाइनल खेल रहे हैं. केकेआर नए कप्तान को ढूंढ़ रही है, लेकिन मुझे लगता है कि उन्हें कप्तान मिल गया है. केकेआर रिंकू सिंह पर थोड़ा निवेश कीजिए, और उन्हें कुछ मैच दीजिए. यू नेवर नो.&quot;
&amp;nbsp;यह भी पढ़ें-&amp;nbsp;
ईशान किशन ने 270 रन बनाकर तोड़े 3 रिकॉर्ड, कई दिग्गज छूटे पीछे ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 08 Sep 2026 09:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>पाकिस्तान का दौरा करेंगे भारतीय खिलाड़ी? इस्लामाबाद, लाहौर और पेशावर में होंगे गेम्स</title>
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        <description><![CDATA[ पाकिस्तान में अगले साल यानी साउथ एशियन फेडरेशन गेम्स होने हैं. इसको लेकर सामने आई रिपोर्ट में बताया कि भारत की तरफ से खेलों में हिस्सा लेने की सहमति दे दी गई है. यह खेल पाकिस्तान के तीन शहर इस्लामाबाद, लाहौर और पेशावर में आयोजित होंगे. इसमें क्रिकेट भी शामिल होगा. बीते कुछ वक्त में भारत की क्रिकेट टीम के अलावा कुछ अन्य खेलों की टीमों ने पाकिस्तान का दौरा किया है.&amp;nbsp;
पाकिस्तान मीडिया &#039;द न्यूज&#039; की रिपोर्ट में बताया गया कि साउथ एशियन ओलिंपिक एसोसिएशन की मीटिंग में भारत के प्रतिनिधियों ने इवेंट में शामिल होने का निमंत्रण स्वीकार लिया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान ओलंपिक एसोसिएशन के महासचिव खालिद महमूद ने बताया कि भारत की तरफ से मंजूरी मिल गई है, लेकिन अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि भारतीय दल में कौन-कौन से खिलाड़ी शामिल होंगे. इसकी तवील जानकारी जनवरी 2027 में दी जाएगी.&amp;nbsp;
अप्रैल में होने वाले दक्षिण एशियाई खेलों में कुल 28 खेलों को शामिल किया गया है. इसमें 15 खेलों की मेजबानी पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद को सौंपी गई है, जिसमें मार्शल आर्ट्स, टेनिस और स्क्वैश शामिल है. लाहौर में 10 खेल होंगे, जिसमें क्रिकेट भी शामिल होगा. बाकी तीन खेल पेशावर की मेजबानी में होंगे.
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यहां गौर करने वाली बात यह है कि भारत या पाकिस्तान के ओलंपिक एसोसिएशन की तरफ से पब्लिकली इस बारे में कोई एलान नहीं किया गया. भारत सरकार की तरफ से भी अभी कोई पुष्टि नहीं की गई है. कुछ वक्त पहले ही यह तय किया गया था कि पाकिस्तान में होने वाले किसी भी तरह के खेल आयोजनों के संबंध में भारत सरकार की नीति का पालन किया जाएगा.&amp;nbsp;
भारतीय क्रिकेट टीम का आखिरी पाकिस्तान दौरा 2008 में
भारतीय क्रिकेट टीम ने आखिरी बार 2008 में पाकिस्तान का दौरा किया था. लेकिन कई अन्य खेलों की भारतीय टीमों ने हाल ही में पाकिस्तान के कुछ दौरे किए हैं. इसमें टेनिस टीम शामिल है. डेविस कप के लिए भारतीय टेनिस टीम ने फरवरी 2024 में पाकिस्तान का दौरा किया था. अब देखना दिलचस्प होगा कि दक्षिण एशियाई खेलों को लिए भारत का अंतिम रुख क्या रहता है.
&amp;nbsp;
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        <pubDate>Tue, 08 Sep 2026 09:30:11 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>पाकिस्तान, का, दौरा, करेंगे, भारतीय, खिलाड़ी, इस्लामाबाद, लाहौर, और, पेशावर, में, होंगे, गेम्स</media:keywords>
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        <title>Watch: चैंपियन कप्तान रिंकू सिंह का घर पहुंचने पर ग्रैंड वेलकम, बहन ने दिया सरप्राइज</title>
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        <description><![CDATA[ भारत के स्टार बल्लेबाज रिंकू सिंह की कप्तानी वाली मेरठ मेवरिक्स ने बीते रविवार (06 सितंबर) लखनऊ फॉल्कंस को हराकर 2026 यूपी टी20 लीग का खिताब जीता. रिंकू की टीम ने 94 रन से जीत अपने नाम खाते में डाली. यह मेरठ के लिए दूसरा खिताब है. टाइटल जीतने के बाद चैंपियन कप्तान रिंकू अपने घर पर पहुंचे, जहां उनका ग्रांड वेलकम हुआ. बहन नेहा सिंह ने रिंकू को एक सरप्राइज भी दिया.&amp;nbsp;
नेहा ने इंस्टाग्राम पर भइया रिंकू के वेलकम का वीडियो शेयर किया. वीडियो में देखा जा सकता है कि बहन और मां रिंकू के लिए आरती की थाली लेकर आती हैं. रिंकू को टीका लगाया जाता है. इसके बाद उन्हें माला पहनाया जाता है.&amp;nbsp;



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वीडियो में आगे रिंकू के लिए आता है सरप्राइज. बहन नेहा उनकी आंखों पर हाथ रखकर उन्हें घर के दरवाजे तक लेकर जाती हैं. दरवाजे के पास पहुंचने के बाद नेहा आंखों से हाथ हटाती हैं. दरवाजे से पहले दहलीज पर फूलों से WLCOME लिखा होता है, जिसे देखकर रिंकू बड़ा ही प्यारा रिएक्शन देते हैं. इस तरह यह प्यारा वीडियो खत्म होता है. फैंस को यह वीडियो काफी पसंद आ रहा है. करीब 4 घंटे पहले पोस्ट किए वीडियो को अब तक 70 हजार से ज्यादा लोग लाइक कर चुके हैं. इसके अलावा सैकड़ों लोगों ने कमेंट के जरिए अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं.&amp;nbsp;
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एकतरफा फाइनल जीती रिंकू सिंह की टीम&amp;nbsp;
लखनऊ के इकाना स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में मेरठ ने पहले बैटिंग करने के बाद 20 ओवर में 7 विकेट पर 203 रन बनाए. टीम के लिए दिव्यांश जोशी ने सबसे बड़ी पारी खेलते हुए सिर्फ 40 गेंदों में 105 रन स्कोर किए, जिसमें 12 चौके और 7 छक्के शामिल रहे. इस पारी में दिव्यांश का स्ट्राइक रेट 262 का रहा. हालांकि उनके अलावा बाकी कोई बल्लेबाज ज्यादा बड़ी पारी नहीं खेल सका. इस दौरान लखनऊ फॉल्कंस के लिए अभिनंदन सिंह ने सबसे ज्यादा 3 विकेट लिए.
रन चेज के लिए मैदान पर उतरी लखनऊ फॉल्कंस बल्ले से पूरी तरह फ्लॉप रही. बड़ा टोटल चेज करते हुए टीम 16 ओवर में सिर्फ 109 रन पर ऑलआउट हो गई. अजीत वर्मा ने 24 गेंदों में 4 चौके और 2 छक्के लगाकर 39 रनों की सबसे बड़ी पारी खेली. इस पारी से सिर्फ जीत का अंतर ही कम हो सका. इस दौरान मेरठ के लिए विशाल चौधरी ने सबसे ज्यादा 4 विकेट लिए.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Tue, 08 Sep 2026 09:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>&amp;apos;ना ज्यादा सोचो, ना उम्मीद रखो, और...&amp;apos;, 270 रन बनाने के बाद क्या बोले ईशान किशन?</title>
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        <description><![CDATA[ दलीप ट्रॉफी के फाइनल में ईशान किशन ने इतिहास रच दिया. ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन ने साउथ जोन के खिलाफ 270 रनों की पारी खेली. इस ऐतिहासिक पारी के बाद उन्होंने बड़ा बयान दिया. ईशान ने कहा कि करियर के मुश्किल दौर ने उन्हें ज्यादा ना सोचने और खुद से अनावश्यक उम्मीदें रखने से दूर रहना सिखाया है. अब उनका पूरा ध्यान सिर्फ रन बनाने और टीम को जीत दिलाने पर है.
ईशान ने दूसरे दिन का खेल खत्म होने के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा, &quot;मैंने खुद को बदलने की कोई खास कोशिश नहीं की. यह बदलाव अपने आप हुआ. जब मैं भारतीय टीम से बाहर था, तब मुझे एहसास हुआ कि आखिरकार हमारे पास करने के लिए सिर्फ एक ही काम है और वह रन बनाना है. यही एक चीज है जो आपके करियर में आपकी मदद करती है. किसी दूसरी चीज के बारे में सोचना आपकी मानसिकता को प्रभावित करता है और बेवजह का दबाव बढ़ाता है. मुझे समझ आ गया कि इन अतिरिक्त विचारों की कोई जरूरत नहीं है. हमारा काम मैदान पर उतरना और टीम के लिए मैच जीतना है.&quot;
उन्होंने आगे कहा, &quot;आपको बस इसी चीज की परवाह करनी चाहिए. समय के साथ आप खुद को बेहतर तरीके से समझने और विकसित करने लगते हैं. मुझे लगता है कि जब आपका दिमाग स्पष्ट हो तो इस तरह खेलना काफी आसान हो जाता है.&quot;
ईशान 2023 में भारतीय टीम के तीनों फॉर्मेट में खेलने वाले खिलाड़ियों में शामिल थे, लेकिन कई अप्रत्याशित घटनाक्रमों के बाद उनका करियर मुश्किल दौर में पहुंच गया और उन्हें बीसीसीआई के केंद्रीय अनुबंध (सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट) से भी बाहर होना पड़ा. ईशान ने इसके बाद घरेलू क्रिकेट में जमकर मेहनत की. उन्होंने 2025-26 रणजी ट्रॉफी में शतक लगाए और झारखंड को उस सत्र की सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी जीतने में अहम योगदान दिया. उन्होंने टूर्नामेंट में 517 रन बनाए, जिसमें दो शतक शामिल थे.
किशन को जल्द ही बीसीसीआई का केंद्रीय अनुबंध वापस मिल गया और सफेद गेंद के प्रारूपों में भारतीय टीम में भी जगह मिल गई. अब वह अपने करियर के उस मुश्किल दौर को पीछे छोड़ चुके हैं. इस बारे में उन्होंने कहा, &quot;आजकल मैं जो सबसे अच्छी चीज कर रहा हूं, वह है किसी भी चीज के बारे में ज्यादा न सोचना. एक बल्लेबाज के तौर पर मेरा काम बस मैदान पर जा कर गेंद के मुताबिक प्रतिक्रिया देना है. मैं खुद से किसी तरह की उम्मीद नहीं रखता.&quot;
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        <pubDate>Tue, 08 Sep 2026 09:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>भारत के खिलाफ टी20 के लिए जापान तैयार, टीम का किया एलान; देखें कौन बना कप्तान</title>
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        <description><![CDATA[ जापान क्रिकेट एसोसिएशन ने सोमवार (07 सितंबर) को भारत के खिलाफ होने वाले इकलौते ऐतिहासिक टी20 मुकाबले के लिए 15 सदस्यीय टीम का एलान कर दिया है. यह पहला मौका होगा कि जब भारत और जापान के बीच टी20 इंटरनेशनल मुकाबला खेला जाएगा. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी BCCI ने 04 सितंबर को बताया था कि भारतीय टीम जापान के खिलाफ मुकाबला 22 सितंबर (मंगलवार) को खेलेगी.&amp;nbsp;
बीसीसीआई की रिलीज में बताया गया था कि भारत-जापान राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ के जश्न की शुरुआत के लिए दोनों देशों की पुरुष टीमें एक टी20 इंटरनेशनल मैच खेलेंगी. सुजुकी कप का मुकाबला तोचिगी प्रान्त के सानो इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड में खेला जाएगा. इस मैच के लिए जापान क्रिकेट ने केंडेल कादोवाकी-फ्लेमिंग को कप्तानी की जिम्मेदारी सौंपी है.

???????????? THE SQUAD IS HERE! ????????????日本 ???????? が、スズキカップでインド ???????? と対戦する歴史的な一戦に臨むメンバーを発表しました。#japancricket #クリケット #india #JPNvIND #SuzukiCup pic.twitter.com/DtbkXKCmt0
&amp;mdash; 一般社団法人 日本クリケット協会｜ JCA Japan Cricket Association (@CricketJapan) September 7, 2026



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भारत के खिलाफ टी20 मैच के लिए 15 सदस्यीय जापान की टीम
केंडेल कादोवाकी-फ्लेमिंग (कप्तान), चार्ली हारा-हिंज, बेंजामिन इटो-डेविस, कोहेई कुबोटा, वतरू मियाउची, रेओ सकुरानो-थॉमस, एलेक्स शिराई-पैटमोर, शोमा सुगाया-स्लेटर, डेक्लान सुजुकी, इब्राहिम ताकाहाशी, मकोतो तानियामा, लाचलान यामामोटो, एलेस्टर कादोवाकी-फ्लेमिंग, जेक कुसुदा-नायरन, त्सुयोशी तकादा.

???????????????????????????? ???????? ???????????? ????????????????????????!India???????? ???? Japan????????#TeamIndia set to play a historic T20I against Japan to launch the celebrations of the 7️⃣5️⃣th Anniversary of India-Japan Diplomatic Relations. ????????@CricketJapan All The Details ????https://t.co/vxdhuT1tgp pic.twitter.com/DQmPncvefH
&amp;mdash; BCCI (@BCCI) September 4, 2026



केंडेल कादोवाकी-फ्लेमिंग को 55 मैचों का अनुभव&amp;nbsp;
जापान के कप्तान केंडेल कादोवाकी-फ्लेमिंग अनुभवी खिलाड़ी हैं. उन्होंने अब तक अपने अंतर्राष्ट्रीय करियर में 55 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेल लिए हैं. इन मैचों की 54 पारियों में बैटिंग करते हुए उन्होंने 38.18 की औसत और 139.41 के स्ट्राइक रेट से 1871 रन बना लिए हैं. इस दौरान उनके बल्ले से 2 शतक और 12 अर्धशतक निकले हैं, जिसमें हाई स्कोर 114 रनों का रहा. अब देखना दिलचस्प होगा कि भारत के खिलाफ मैच में वह कैसा प्रदर्शन करते हैं.&amp;nbsp;
भारतीय बोर्ड की रिलीज में बताया गया कि मैच &#039;स्पोर्ट 75&#039; पहल का पहला कदम होगा. यह पहल जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची और भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई एक बैठक में हुए समझौते से शुरू हुई. इसका मकसद खेल के क्षेत्र में भारत और जापान के बीच लोगों के आपसी आदान-प्रदान और सहयोग को बढ़ावा देना और साथ ही 2036 में ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों की मेजबानी करने की भारत की महत्वाकांक्षा को भी ध्यान में रखना है.
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        <pubDate>Tue, 08 Sep 2026 09:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>सत्य निकेतन हादसा: 7 छात्रों की मौत के बाद जागा सिस्टम या अगली त्रासदी का इंतजार?</title>
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        <description><![CDATA[ दिल्ली के सत्य निकेतन में रविवार को गिरी एक इमारत ने सिर्फ सात लोगों की जान नहीं ली, बल्कि राजधानी में चल रहे अवैध निर्माण और जर्जर पीजी सिस्टम की भयावह सच्चाई भी उजागर कर दी. इस हादसे के बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने एमसीडी और दिल्ली सरकार से कड़े सवाल पूछे हैं. कोर्ट जानना चाहता है कि आखिर ऐसे खतरनाक ढांचों को लेकर प्रशासन कब जागेगा, क्योंकि जिस इमारत ने सात लोगों को मौत के मुंह में धकेला, उसके आसपास आज भी कई ऐसी इमारतें खड़ी हैं जो कभी भी अगला हादसा बन सकती हैं.
हादसे वाली बिल्डिंग के ठीक बगल में स्थित 12 और 13 नंबर की इमारतों को भी एमसीडी ने खतरनाक माना है. दोनों को तीन दिन का नोटिस जारी किया गया है. फिलहाल इन्हें लोहे के गार्डरों के सहारे टिकाया गया है. लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन को इन इमारतों की वास्तविक स्थिति अब पता चली है? क्या सात लोगों की मौत के बाद ही सिस्टम की नींद खुली है?
नींद से कब जागेगा सिस्टम?
सत्य निकेतन दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस का प्रमुख छात्र केंद्र है. यहां श्री वेंकटेश्वर कॉलेज, जीसस एंड मैरी कॉलेज, मैत्रेयी कॉलेज, आत्माराम सनातन धर्म कॉलेज, राम लाल आनंद कॉलेज, मोतीलाल नेहरू कॉलेज और आर्यभट्ट कॉलेज जैसे सात बड़े कॉलेज मौजूद हैं. लेकिन इन सात कॉलेजों में सिर्फ दो कॉलेजों में हॉस्टल की सुविधा है. वेंकटेश्वर कॉलेज में लगभग 175 सीटें हैं, जबकि मैत्रेयी कॉलेज में केवल 27 सीटें उपलब्ध हैं. ऐसे में हजारों छात्र मजबूरन निजी पीजी और हॉस्टलों में रहने को विवश हैं.
यही मजबूरी इलाके में पीजी कारोबार का सबसे बड़ा आधार बन चुकी है. इलाके के कई मकान मालिक खुद कहीं और शिफ्ट हो चुके हैं और अपने मकानों को पीजी में बदलकर मोटी कमाई कर रहे हैं. अनुमान है कि सत्य निकेतन और आसपास के इलाकों में 200 से ज्यादा पीजी और प्राइवेट हॉस्टल संचालित हो रहे हैं, जिनमें करीब 8 से 10 हजार छात्र रहते हैं.
लेकिन इन छात्रों को जिन इमारतों में रखा जा रहा है, उनकी हालत बेहद चिंताजनक है. संकरी गलियां, बेतरतीब निर्माण, एक-दूसरे से सटी हुई इमारतें और सुरक्षा मानकों की खुली अनदेखी यहां आम बात है. जहां चार मंजिल की अनुमति है, वहां पांच और छह मंजिल तक निर्माण खड़ा कर दिया गया है. रिहायशी इलाकों को व्यावसायिक केंद्रों में बदल दिया गया है और नियम-कानून केवल कागजों तक सीमित नजर आते हैं.
दरअसल, यह सिर्फ सत्य निकेतन की कहानी नहीं है, बल्कि उस व्यवस्था की तस्वीर है जहां हादसा होने तक सब कुछ चलता रहता है. फिर कोई इमारत गिरती है, कुछ लोगों की जान जाती है, कुछ अधिकारियों को निलंबित किया जाता है, कुछ नोटिस जारी होते हैं और फिर मामला धीरे-धीरे ठंडा पड़ जाता है.
हालांकि, इस बार दिल्ली सरकार ने कई सख्त कदमों की घोषणा की है. सरकार के मुताबिक, पांचवीं मंजिल वाले अवैध निर्माणों को तुरंत सील किया जाएगा. आसपास के पीजी और अन्य इमारतों की जांच होगी. सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी. इसके अलावा पीजी, नर्सिंग होम, स्कूल और अन्य सार्वजनिक गतिविधियों वाली इमारतों के लिए समय-समय पर स्ट्रक्चरल ऑडिट और बिल्डिंग सेफ्टी सर्टिफिकेट अनिवार्य करने की तैयारी की जा रही है. जर्जर इमारतों के मालिकों को उन्हें खुद गिराने का नोटिस दिया गया है, अन्यथा एमसीडी कार्रवाई कर खर्च की वसूली करेगी.
हादसे का कौन कसूरवार?
लेकिन इन घोषणाओं से उन परिवारों का दर्द कम नहीं होगा जिन्होंने अपने बच्चों को खो दिया है. इस हादसे में जान गंवाने वालों में अधिकांश छात्र थे. मध्य प्रदेश के कटनी निवासी अक्षत यादव, देवास के अर्पित जाज, छत्तीसगढ़ के दुर्ग के युवराज सोनी, उत्तर प्रदेश के सोनभद्र के अभिषेक और औरैया के पवन अपने परिवारों के सपनों को पूरा करने के लिए दिल्ली आए थे. लेकिन उन्हें यह अंदाजा नहीं था कि जिस इमारत में वे रह रहे हैं, वही एक दिन उनकी मौत का कारण बन जाएगी.
अर्पित जाज दिल्ली यूनिवर्सिटी के आत्माराम सनातन धर्म कॉलेज में बीकॉम द्वितीय वर्ष का छात्र था. हादसे के बाद उसका दोस्त उसे ढूंढ़ते हुए अस्पताल पहुंचा, लेकिन परिवार के दिल्ली पहुंचने तक आशंका हकीकत में बदल चुकी थी. वहीं अक्षत यादव और युवराज सोनी जैसे छात्र भी मलबे में दबकर हमेशा के लिए अपने परिवारों से बिछड़ गए. युवराज हादसे के वक्त अपने दोस्त से फोन पर बात कर रहा था, लेकिन इमारत गिरने के साथ ही उसकी आवाज हमेशा के लिए खामोश हो गई.
आज इन परिवारों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि उनके बच्चों की मौत का जिम्मेदार कौन है? बिल्डिंग मालिक, प्रशासन, एमसीडी या फिर वह पूरा सिस्टम जिसने वर्षों तक अवैध निर्माण को नजरअंदाज किया? दिल्ली में पिछले तीन वर्षों के दौरान इमारत गिरने की 1,133 घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें 98 लोगों की मौत हो चुकी है. ऐसे में सत्य निकेतन का हादसा कोई पहला मामला नहीं है. लेकिन सवाल यह है कि क्या यह आखिरी होगा?
अगर सात छात्रों की मौत के बाद भी अवैध निर्माण, जर्जर इमारतों और नियमों की अनदेखी पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होती, तो यह मानने में कोई हिचक नहीं होनी चाहिए कि राजधानी अगली त्रासदी का इंतजार कर रही है. और तब फिर वही सवाल गूंजेगा-आखिर जिम्मेदार कौन है? ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 08 Sep 2026 08:30:15 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>सत्य, निकेतन, हादसा:, छात्रों, की, मौत, के, बाद, जागा, सिस्टम, या, अगली, त्रासदी, का, इंतजार</media:keywords>
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        <title>&amp;apos;साजिश हो रही कि...&amp;apos; EC के SIR की डेडलाइन बढ़ाने पर भड़के तेलंगाना CM</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/साजिश-हो-रही-कि-ec-के-sir-की-डेडलाइन-बढ़ाने-पर-भड़के-तेलंगाना-cm</link>
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        <description><![CDATA[ तेलंगाना में एसआईआर की समय-सीमा बढ़ने का मुद्दा सियासी रंग लेता दिख रहा है. चुनाव आयोग के राज्य में एसआईआर के तहत दावों और आपत्तियों की समय सीमा बढ़ाने पर तेलंगाना सीएम ने सवाल खड़े करते हुए निशाना साधा है. मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने आरोप लगाया है कि SIR प्रक्रिया के जरिए तेलंगाना में मतदाता सूची से एक करोड़ वोट हटाने की साजिश रची जा रही है.
पूर्व प्रधानमंत्री पी.वी. नरसिम्हा राव की श्रद्धांजलि सभा में बोलते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रामीण मतदाताओं को भी निशाना बनाया जा रहा है. रेड्डी ने सवाल किया कि बीजेपी इस मुद्दे पर चुप क्यों है, आरोप लगाया कि बीजेपी उन्हीं तरीकों का इस्तेमाल करने की योजना बना रही है, जिनसे कथित तौर पर बिहार और पश्चिम बंगाल में चुनावी गड़बड़ी हुई थी. मुख्यमंत्री ने यह भी चेतावनी दी कि इन्हीं वोटों का इस्तेमाल 2029 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हराने के लिए किया जाएगा.
तेलंगाना सीएम ने लगाए ये आरोप
उन्होंने जनता से SIR प्रक्रिया को लेकर सतर्क और सावधान रहने की अपील की. रेड्डी ने बीजेपी पर SIR प्रक्रिया का इस्तेमाल करके उन मतदाताओं को हटाने का आरोप भी लगाया जो बीजेपी का विरोध कर सकते हैं और इसे देश के लिए एक खतरनाक रणनीति बताया.
&#039;कौन है ये मूर्ख...&#039;, बाबा बागेश्वर के &#039;नॉनवेज&#039; वाले बयान पर भड़की CPM
9 नवंबर को आएगी फाइनल वोटर लिस्ट
चुनाव आयोग ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुरोध पर तेलंगाना में मतदाता सूची के &#039;विशेष एकीकृत संशोधन&#039; (SIR) के तहत दावों और आपत्तियों पर कार्रवाई करने की समय-सीमा 7 अक्टूबर, 2026 तक बढ़ा दी है. अंतिम मतदाता सूची 9 नवंबर को प्रकाशित की जानी है. मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कम से कम तीन सप्ताह की समय-सीमा बढ़ाने का अनुरोध किया था. उन्होंने लगभग 92 लाख मतदाताओं को भेजे गए नोटिस और उनके जवाबों पर कार्रवाई करने की जरूरत का हवाला दिया था; नोटिस पाने वाले 47 लाख मतदाताओं में से अब तक केवल 9 लाख के ही जवाब मिले हैं.
सत्य निकेतन हादसा: 7 छात्रों की मौत के बाद जागा सिस्टम या अगली त्रासदी का इंतजार? ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 08 Sep 2026 08:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>साजिश, हो, रही, कि..., के, SIR, की, डेडलाइन, बढ़ाने, पर, भड़के, तेलंगाना</media:keywords>
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        <title>विधानसभा में हंगामे के बीच CM विजय ने किया कुछ ऐसा, हर तरफ हो रही तारीफ</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/विधानसभा-में-हंगामे-के-बीच-cm-विजय-ने-किया-कुछ-ऐसा-हर-तरफ-हो-रही-तारीफ</link>
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        <description><![CDATA[ तमिलनाडु विधानसभा में सोमवार (7 सितंबर) को उस समय एक अनोखा नजारा देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने विपक्षी पार्टी DMK के एक सीनियर विधायक की मदद के लिए हाथ बढ़ाया. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है.&amp;nbsp;
विधानसभा में मुख्यमंत्री विजय के भाषण का जवाब देने के लिए डीएमके के विधायक बोलने का मौका मांग रहे थे. जब स्पीकर ने उन्हें अनुमति नहीं दी, तो नाराज डीएमके विधायकों ने सदन से वॉकआउट (बाहर जाने) का फैसला किया.
जब सीट से नहीं उठ पाए विधायक, CM ने बढ़ाया मदद का हाथ
डीएमके के सभी विधायक बाहर जा रहे थे, लेकिन तिरुवैयारु से पार्टी के विधायक दुरई चंद्रशेखर अपनी ही जगह पर बैठे रहे. न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, जब मुख्यमंत्री विजय की नजर उन पर पड़ी, तो उन्होंने पूछा कि वह बाकी साथियों के साथ क्यों नहीं जा रहे? इसके बाद चंद्रशेखर ने बताया कि स्वास्थ्य या किसी समस्या के कारण वे अकेले खड़े नहीं हो पा रहे हैं. यह सुनते ही मुख्यमंत्री विजय अपनी सीट से उठे, चंद्रशेखर के पास पहुंचे और उन्हें सहारा देकर खड़ा किया.
सदन में बजीं तालियां
डीएमके विधायक चंद्रशेखर ने हाथ जोड़कर मुख्यमंत्री का शुक्रिया अदा किया और फिर सदन से बाहर गए. विधानसभा में मौजूद अन्य मंत्रियों और नेताओं ने मेज थपथपाकर मुख्यमंत्री विजय के इस कदम की सराहना की.&amp;nbsp;

pic.twitter.com/1Nrd9jRwLf
&amp;mdash; Laxmi Kanth (@iammoviebuff005) September 7, 2026



सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, हो रही तारीफ&amp;nbsp;
मुख्यमंत्री विजय के इस व्यवहार ने सदन में मौजूद प्रत्येक नेता और अन्य सदस्यों का ध्यान खींचा, जिन्होंने उनके इस सहयोग की सराहना करते हुए मेज पर जोरों से थाप दी. वहीं, सीएम विजय और डीएमके विधायक के इन छोटे से पलों का एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सामने आया, वो देखते ही देखते खूब वायरल हो गया. इस वीडियो पर लोग डीएमके विधायक चंद्रशेखर के उठने में मदद करने के लिए सीएम विजय की मदद पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं और तारीफ कर रहे हैं.&amp;nbsp;&amp;nbsp;
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        <pubDate>Tue, 08 Sep 2026 08:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>विधानसभा, में, हंगामे, के, बीच, विजय, ने, किया, कुछ, ऐसा, हर, तरफ, हो, रही, तारीफ</media:keywords>
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        <title>Xप्लेन: भारत में नकली रेबीज वैक्सीन का खौफ, मिलावटी दवाओं का बढ़ता कारोबार, कौन जिम्मेदार</title>
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        <description><![CDATA[ भारत में नकली दवाओं के बढ़ते नेटवर्क और अवैध निर्माण के केंद्र में इस बार रेबीज से बचाने वाली सबसे प्रमुख वैक्सीन आ गई है. जानलेवा संक्रमण से सुरक्षा देने के लिए बनाई गई वैक्सीन का नकली पाया जाना स्वास्थ्य व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है.
विवाद के केंद्र में &#039;अभयरेब&#039; (Abhayrab)
यह पूरा मामला भारत में रेबीज के इलाज के लिए सबसे ज़्यादा इस्तेमाल की जाने वाली वैक्सीन &#039;अभयरेब&#039; (Abhayrab) से जुड़ा है.
निर्माता: इसे इंडियन इम्यूनोलॉजिकल लिमिटेड (IIL) अपने &#039;ह्यूमन बायोलॉजिकल्स इंस्टीट्यूट&#039; के ज़रिए तैयार करती है.
बाजार में हिस्सेदारी: भारत के घरेलू रेबीज वैक्सीन बाजार में अकेले IIL की हिस्सेदारी लगभग 40 प्रतिशत है.
दिल्ली में कैसे हुआ मामले का खुलासा?
अवैध ठिकाने पर छापेमारी: 22 अप्रैल 2026 को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच और दिल्ली ड्रग्स कंट्रोल डिपार्टमेंट ने मुखर्जी नगर की एक बिना लाइसेंस वाली रिहायशी जगह पर छापेमारी की.
नकली शीशियां ज़ब्त: मौके से &#039;अभयरेब&#039; (Abhayrab) के लेबल और बैच नंबर KE25012 वाली कई शीशियां ज़ब्त की गईं. इस सिलसिले में चार लोगों को गिरफ्तार भी किया गया.
लैब टेस्ट में फेल: कसौली स्थित &#039;सेंट्रल ड्रग्स लेबोरेटरी&#039; (CDL) में जब ज़ब्त किए गए सैंपलों की जांच हुई, तो वे पोटेंसी (क्षमता) टेस्ट में फेल हो गए. सीडीएल ने इन्हें &quot;मानक गुणवत्ता के नहीं&quot; और गलत लेबल वाले घोषित कर दिया.
असली से कई अंतर: ज़ब्त शीशियों की पैकेजिंग, लेबलिंग, आर्टवर्क, QR-कोड वेरिफिकेशन, ढक्कन के रंग और लाइसेंस विवरण में असली शीशियों के मुकाबले कई खामियां पाई गईं.
निर्माता कंपनी IIL का पक्ष: क्या असली बैच खराब था?
IIL ने ज़ब्त की गई शीशियों को बनाने से साफ़ इनकार किया है. कंपनी के अनुसार, असली KE25012 बैच में 83,370 शीशियां शामिल थीं. सभी आवश्यक गुणवत्ता परीक्षणों के बाद इसे 7 नवंबर 2025 को अधिकृत डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के ज़रिए जारी किया गया था. CDSCO ने भी पुष्टि की है कि असली KE25012 बैच का कोई हिस्सा निर्यात (Export) नहीं किया गया था. जांच से यह स्पष्ट होता है कि असली IIL बैच खराब नहीं था, बल्कि असामाजिक तत्वों द्वारा असली बैच नंबर का इस्तेमाल कर नकली वैक्सीन तैयार की गई थी.
अंतर्राष्ट्रीय चेतावनी: ऑस्ट्रेलिया में भी मचा था हड़कंप
नकली &#039;अभयरेब&#039; की आपूर्ति का यह पहला मामला नहीं है
-दिसंबर 2025 (ऑस्ट्रेलिया): ऑस्ट्रेलिया के &#039;टेक्निकल एडवाइजरी ग्रुप ऑन इम्यूनाइजेशन&#039; (ATAGI) ने भारत में अभयरेब के एक और फर्जी बैच (KA24014) की रिपोर्ट मिलने पर अलर्ट जारी किया था.
-यात्रियों को सलाह: जिन यात्रियों ने नवंबर 2023 के बाद भारत में यह टीका लगवाया था, उन्हें ऑस्ट्रेलिया में एहतियातन रिप्लेसमेंट डोज लेने की सलाह दी गई थी.
मार्च 2025 (दिल्ली एडवाइजरी): भारत के बड़े शहरों में नकली डोज मिलने के बाद दिल्ली ड्रग्स कंट्रोल डिपार्टमेंट ने भी मार्च 2025 में एडवाइजरी जारी की थी.
नकली रेबीज वैक्सीन इतनी खतरनाक क्यों है?
100% जानलेवा बीमारी: रेबीज के लक्षण एक बार दिखाई देने के बाद यह बीमारी लगभग 100% जानलेवा साबित होती है.
कुत्ते व जानवरों के काटने के मामले: भारत में हर साल जानवरों के काटने के लगभग 90 से 91 लाख मामले सामने आते हैं और औसतन 5,726 लोगों की मौत रेबीज से होती है.
झूठी सुरक्षा का अहसास: यदि किसी मरीज को जानवर के काटने के बाद घटिया या पानी भरी नकली वैक्सीन लगा दी जाए, तो उसे लगता है कि वह सुरक्षित है, जबकि शरीर में एंटीबॉडी न बनने के कारण उसकी जान चली जाती है.
क्या वैक्सीन लगने के बाद हुई मौतें नकली टीके से जुड़ी हैं?
वैक्सीन लगवाने के बावजूद मौत होने के मामलों पर नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरोसाइंसेस (NIMHANS) के शोधकर्ताओं ने 89 मौतों की विस्तृत जांच की. जांच में पाया गया कि सिर्फ 3 मामलों में ही इलाज (वैक्सीन) फेल हुआ था. अधिकांश मौतों की वजह प्रोटोकॉल की लापरवाही थी जैसे घाव को तुरंत और ठीक से न धोना, वैक्सीन समय पर न लगाना या गंभीर मामलों में &#039;रेबीज इम्युनोग्लोबुलिन&#039; न देना.
इसका मतलब यह है कि सही और असली वैक्सीन के साथ-साथ पूरे इलाज प्रोटोकॉल का पालन होना भी उतना ही ज़रूरी है.
देश में नकली दवाओं का बढ़ता और संगठित कारोबार
&#039;अभयराब&#039; मामले ने भारत में पैर पसार रहे नकली दवाओं के सिंडिकेट को उजागर किया है:
ब्रांडेड व लाइफ-सेविंग दवाएं निशाने पर: इंडियन फार्मास्युटिकल एलायंस के अनुसार, अब नकली दवा माफिया सिर्फ सामान्य गोलियां ही नहीं, बल्कि कैंसर-रोधी दवाएं और रेबीज जैसी जीवनरक्षक वैक्सीन भी धड़ल्ले से बना रहा है.
हाई-टेक जालसाजी: जालसाज असली सप्लायर्स से पैकेजिंग मटीरियल और इंक हासिल कर लेते हैं, QR कोड की नकल करते हैं और होलोग्राफिक सील चुरा लेते हैं.
भारी डिस्काउंट का लालच: रिटेलर्स और डिस्ट्रीब्यूटर्स को 60 से 80 प्रतिशत तक का डिस्काउंट देकर नकली माल बाजार में खपाया जाता है.
बाजार में बढ़ता डर: ASPA-क्रिसिल इंटेलिजेंस की &#039;स्टेट ऑफ काउंटरफिटिंग इन इंडिया 2025&#039; रिपोर्ट के मुताबिक, उपभोक्ताओं का अनुमान है कि बाजार में बिकने वाली लगभग 28% दवाएं नकली या संदेहास्पद हो सकती हैं.
नकली रेबीज वैक्सीन का यह मामला महज एक वित्तीय या व्यापारिक अपराध नहीं है, बल्कि सीधे-सीधे मानव हत्या का प्रयास है. ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने सभी राज्यों को संदिग्ध बैच KE25012 की बिक्री पर सख्त निगरानी के निर्देश दिए हैं. हालांकि, जब तक नकली दवा माफिया के खिलाफ फास्ट-ट्रैक अदालतों के जरिए कठोर सजा और पूरी सप्लाई चेन का पारदर्शी ट्रैक-एंड-ट्रेस सिस्टम लागू नहीं किया जाता, तब तक आम जनता की जान इसी तरह जोखिम में बनी रहेगी. ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 08 Sep 2026 08:30:10 +0530</pubDate>
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        <title>संजय दत्त ने जेल में कैसे गुजारे दिन? जेलर बोली&amp; &amp;apos;मराठी नहीं सीख पाए, लेकिन...&amp;apos;</title>
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        <description><![CDATA[ महाराष्ट्र में मराठी भाषा बोलने को लेकर अक्सर विवाद रहता है. महाराष्ट्र में टैक्सी, कैब चालको और ऑटो चालकों को अपना काम चलाने के लिए मराठी सीखना जरुरी है. ऐसे में बॉलीवुड एक्टर संजय दत्त के एक बयान ने सभी को चौंका दिया है. मुंबई में एक दही हांडी कार्यक्रम में संजय दत्त राज्य परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक के साथ पहुंचे थे. इस दौरान संजय दत्त हिंदी में बोलने लगे जिस पर मंत्री ने उन्हें मराठी में बात करने के लिए टोका तो उन्होंने ऐसा करने से मना कर दिया. उन्होंने कहा कि मैं 5 साल तक जेल में रहा और मराठी नहीं सीख पाया. अब उनके जेल विभाग के पूर्व प्रमुख ने उनके जेल के दिनों को याद किया है.
6 साल की हुई थी सजासंजय दत्त को मुंबई की स्पेशल टाडा कोर्ट ने गैर-कानूनी तरीके से AK-47 राइफल रखने के लिए छह साल की सजा सुनाई थी. यह राइफल दाऊद इब्राहिम के गैंग की ओर से मुंबई भेजी गई खेप का हिस्सा थी. उन्हें सिर्फ आर्म्स एक्ट के तहत दोषी ठहराया गया था. संजय दत्त ने जेल में छह साल नहीं बिताए, जैसा कि वे दावा करते हैं.
सुप्रीम कोर्ट ने उनकी सजा घटाकर पांच साल कर दी थी और पैरोल, फर्लो और कानूनी रियायतों को ध्यान में रखते हुए, उन्होंने जेल में चार साल से कुछ ज़्यादा समय ही बिताया. हालांकि जेल में मराठी बोलने वाले कई कैदी थे और जेल का स्टाफ भी मराठी था, फिर भी वे उनसे हिंदी में बात करते थे.
जेल में नहीं सीख सके मराठीमहाराष्ट्र जेल विभाग की पूर्व डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (DIG) स्वाति साठे ने याद किया कि जेल में दत्त मराठी तो नहीं सीख पाए, लेकिन उन्होंने एक और भाषा जरूर सीख ली - डराने-धमकाने की भाषा. साठे ने बताया कि आर्म्स एक्ट के तहत दोषी ठहराए जाने के बाद दत्त सदमे में थे और जेल की जिंदगी को अपना नहीं पा रहे थे. कोर्ट के आदेश के बाद जब उन्हें पहली बार जेल लाया गया, तो उन्होंने जेल की यूनिफॉर्म पहनने से इनकार कर दिया. जेल वॉर्डन ने उनसे कैदियों के लिए बनी सफेद शर्ट पहनने का अनुरोध किया, लेकिन उन्होंने नखरे दिखाए और उनके साथ बदतमीजी से पेश आए.
जेल स्टाफ ने उनके व्यवहार के बारे में जेल सुपरिटेंडेंट स्वाति साठे को बताया. वह सख्त अनुशासन लागू करने और बिना किसी बकवास के काम करने के लिए जानी जाती थीं. जेल के नियमों का उल्लंघन करने पर खतरनाक गैंगस्टरों की बुरी तरह पिटाई करने के लिए उनकी ख्याति थी. उनकी छवि से हिरासत में मौजूद पक्के अपराधी भी डरते थे. दत्त के बुरे व्यवहार के बारे में सुनकर गुस्से में आईं साठे उनकी बैरक में पहुंचीं. अपनी लाठी उनकी ओर करते हुए उन्होंने चेतावनी दी, &quot;संजू, तू बातों की जबान समझेगा या लातों की?&quot;
चेंज कर ली यूनिफॉर्मसाठे के आक्रामक रवैये से दत्त डर गए और उनके आदेश का पालन करना ही बेहतर समझा. वह तुरंत चेंजिंग रूम में गए और जेल की यूनिफॉर्म पहन ली. डराने-धमकाने की भाषा काम कर गई और उस दिन के बाद दत्त ने जेल में कभी नखरे नहीं दिखाए. असल में, कुछ दिनों बाद दत्त के साठे और जेल के अन्य अधिकारियों के साथ अच्छे संबंध बन गए. उन्होंने जेल अधिकारियों को कई कार्यक्रम आयोजित करने में मदद की और अपनी फ़िल्म &quot;लगे रहो मुन्ना भाई&quot; से प्रेरित होकर जेल रेडियो भी चलाया.
15 अगस्त तक मराठी सीखने की डेडलाइन दीसंजय दत्त का ये बयान उस समय में आया है जब मंत्री प्रताप सरनाइक ने टैक्सी ड्राइवर्स को 15 अगस्त तक मराठी सीखने की डेडलाइन दी थी. उन्होंने कहा था कि अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो उनके परमिट सस्पेंड कर दिए जाएंगे.
महाराष्ट्र में हिंदी बोलने वाले लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस आदेश को एक साल के लिए टाल दिया. इससे सरनाइक और उनके नेता एकनाथ शिंदे &amp;ndash; जो डिप्टी सीएम भी हैं को शर्मिंदगी उठानी पड़ी.
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        <pubDate>Tue, 08 Sep 2026 08:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>HDFC ने घटाई लोन की ब्याज दरें, आपकी EMI पर कितना पड़ेगा असर?</title>
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        <description><![CDATA[ एचडीएफसी बैंक ने अपने ग्राहकों को एक बड़ा तोहफा दिया है. बैंक से लोन लेने वाले ग्राहकों के लिए ये खुशखबरी है. दरअसल बैंक ने कुछ अवधि वाले कर्ज पर अपनी MCLR यानी मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स-बेस्ड लेंडिंग रेट में 5 से 10 बेसिस पॉइंट (bps) तक की कटौती की है. ये नई दरें बैंक के द्वारा 7 सितंबर 2026 से लागू हो गई हैं. इससे MCLR से जुड़े कर्ज लेने वाले ग्राहकों को आने वाले समय में ब्याज का बोझ कम होने की उम्मीद है.
कितनी हुईं नई MCLR दरें?1 बेसिस पॉइंट यानी 0.01 प्रतिशत होता है. नई कटौती के बाद HDFC बैंक की MCLR दरें अब 7.90% से 8.60% के बीच हैं. इससे पहले ये दरें 8% से 8.65% तक थीं. आइये देखते हैं इस बदलाव के बाद अब कितनी ब्याज दरे हो गई हैं?

ओवरनाइट MCLR 8% से घटकर 7.90% हो गई हैं.
1 महीने की MCLR 8% से घटकर 7.90% हो गई हैं.
3 महीने की MCLR 8.15% से घटकर 8.05% हो गई हैं.
6 महीने की MCLR 8.30% से घटकर 8.25% हो गई हैं.
1 साल की MCLR 8.40% से घटकर 8.35% हो गई हैं.
2 साल की MCLR 8.55% से घटकर 8.45% हो गई हैं.
3 साल की MCLR 8.65% से घटकर 8.60% हो गई हैं.

इसका मतलब है कि बैंक ने सभी बताई गई अवधि की MCLR दरों में 5 से 10 bps की कमी की है.
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कर्जदारों पर क्या होगा असर?जिन ग्राहकों का लोन HDFC बैंक की MCLR से जुड़ा है, उन्हें ब्याज दर रीसेट होने के बाद कम ब्याज का फायदा मिल सकता है. लेकिन EMI तुरंत कम होगी, ये जरूरी नहीं है. इसका असर लोन की रीसेट अवधि, बैंक द्वारा लिए जाने वाले अतिरिक्त मार्जिन यानी स्प्रेड और लोन एग्रीमेंट पर निर्भर करेगा.
वहीं, जिन लोगों का लोन MCLR से जुड़ा नहीं है, उन पर इस बदलाव का सीधा असर नहीं पड़ेगा. नया लोन लेने वालों को ये भी ध्यान रखना चाहिए कि MCLR सिर्फ ब्याज दर तय करने का एक हिस्सा है. बैंक ग्राहक की प्रोफाइल और लोन के प्रकार के आधार पर अंतिम ब्याज दर तय करता है.
क्या है MCLR?बता दें कि MCLR वो मिनिमम ब्याज दर है, जिसके आधार पर बैंक MCLR से जुड़े कर्ज की ब्याज दर तय करता है. इसे RBI ने 2016 में शुरू किया था. MCLR मुख्य रूप से बैंक के लिए पैसा जुटाने की लागत और कुछ अन्य कारकों पर निर्भर करती है. MCLR से जुड़े कर्ज की ब्याज दर एक तय समय के बाद रीसेट होती है. इसलिए MCLR घटने का मतलब ये नहीं है कि हर ग्राहक की EMI तुरंत कम हो जाएगी. इसका असर ग्राहक के लोन की रीसेट डेट और लोन की शर्तों पर निर्भर करता है.
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        <pubDate>Tue, 08 Sep 2026 05:30:15 +0530</pubDate>
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        <title>सोने के बदले धड़ल्ले से मिल रहा कर्ज, NBFC ने बैंकों को पछाड़ा</title>
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        <description><![CDATA[ सोना अब सिर्फ गहनों की जरूरत नहीं, बल्कि मुश्किल समय में पैसों का सहारा भी बन रहा है. सोने के बदले कर्ज लेने वालों की संख्या तेजी से बढ़ी है. इसका सबसे ज्यादा फायदा गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों यानी NBFCs को मिला है. RBI के आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई 2026 में NBFCs का गोल्ड लोन एक साल में 68.5% बढ़ गया, जबकि जुलाई 2025 में इसकी ग्रोथ 43.9% थी. वहीं, बैंकों के गोल्ड लोन की रफ्तार 136.4% से घटकर 88.1% रह गई.
जुलाई के आखिर तक NBFCs के पास सोने के गहनों के बदले दिए गए करीब 3.54 लाख करोड़ रुपये के कर्ज थे. बैंकों का गोल्ड लोन करीब 5.52 लाख करोड़ रुपये रहा. NBFCs के रिटेल लोन में गोल्ड लोन सबसे तेजी से बढ़ने वाला हिस्सा रहा. इससे साफ है कि सोने के बदले जल्दी कर्ज लेने की मांग बढ़ी है.
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NBFCs का कुल कर्ज भी ज्यादा हुआ&amp;nbsp;
जुलाई में NBFCs का कुल कर्ज 14.9% ज्यादा होकर 59.89 लाख करोड़ रुपये हो गया. एक साल पहले इसकी ग्रोथ 10.6% थी. लेकिन, बैंकों के कुल कर्ज में 19.1% का इजाफा हुआ. NBFCs के रिटेल लोन में भी तेजी आई और इसकी ग्रोथ जुलाई में 21.4% रही, जो एक साल पहले 13.7% थी.
रिटेल लोन में हाउसिंग लोन 11.9% ज्यादा होकर 8.55 लाख करोड़ रुपये हो गया. गाड़ी के लोन की ग्रोथ 15.1% रही. वहीं, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स के लिए दिए गए कर्ज में 51.5% की इजाफा दर्ज की गई.
इंडस्ट्री और सर्विस सेक्टर की रफ्तार घटी
दूसरी तरफ, इंडस्ट्री को दिए जाने वाले कर्ज की ग्रोथ 9.3% से घटकर 7.4% रह गई. &amp;nbsp;इंफ्रास्ट्रक्चर लोन का इजाफा भी 8.1% से कम होकर 6.2% हो गई. पावर सेक्टर में कर्ज की ग्रोथ 12.3% से घटकर 6.9% रही.
सर्विस सेक्टर के कर्ज की ग्रोथ भी 24.5% से घटकर 15.2% रह गई. लेकिन, कमर्शियल रियल एस्टेट को दिए कर्ज में 22.3% की मजबूत बढ़ोतरी हुई. वहीं, ट्रेड से जुड़े कर्ज की ग्रोथ 14.7% और ट्रांसपोर्ट से जुड़े कर्ज की ग्रोथ 10.7% रही.
कृषि कर्ज में भी जोरदार इजाफा&amp;nbsp;
कृषि और उससे जुड़ी कामों के लिए कर्ज में अच्छी तेजी आई. जुलाई में इसकी ग्रोथ 18% रही, जबकि एक साल पहले ये सिर्फ 5.4% थी. इस सेक्टर पर कुल बकाया कर्ज 80,271 करोड़ रुपये रहा.
कुल मिलाकर, NBFCs में रिटेल लोन की मांग बढ़ी है और इसमें गोल्ड लोन सबसे तेजी से बढ़ रहा है. जुलाई में कुल रिटेल लोन 26.06 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि एक साल पहले ये 21.46 लाख करोड़ रुपये था.
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        <pubDate>Tue, 08 Sep 2026 05:30:14 +0530</pubDate>
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        <title>आपके सिलेंडर में है अमेरिका की गैस, देश में US से आ रही 50% LPG</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/आपके-सिलेंडर-में-है-अमेरिका-की-गैस-देश-में-us-से-आ-रही-50-lpg</link>
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        <description><![CDATA[ भारत में फरवरी के बाद से LPG को लेकर काफी कश्मकश रही है. कुछ समय सब ठीक चला लेकिन जैसे ही ईरान- यूएस के युद्ध के होर्मुज ब्लॉक हुआ और वहां से कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित हुई, तब देश में तेज- गैस की काफी कमी देखी गई. जिसके बाद इससे बचने के लिए सरकार ने अब अमेरिका पर LPG गैस को लकेर निर्भरता बढ़ा दी है. जिसके चलते अगस्त में भारत के LPG आयात में अमेरिका सबसे बड़ा सप्लायर बना रहा.
हालांकि, इस दौरान खाड़ी देशों से LPG की सप्लाई में तेज बढ़ोतरी हुई. ये जानकारी Kpler और पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालाइसिस सेल (PPAC) के आंकड़ों से सामने आई है.
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कितना रहा कुल LPG आयात?Kpler के मुताबिक अगस्त में भारत का कुल LPG आयात जुलाई के मुकाबले 14.5% बढ़ा. इस दौरान खाड़ी देशों से आने वाली LPG की मात्रा लगभग दोगुनी हो गई. इसके कारण भारत के कुल LPG आयात में खाड़ी देशों की हिस्सेदारी जुलाई के 16.4% से बढ़कर अगस्त में 29.7% हो गई.
अमेरिका बना सबसे बड़ा सप्लायरखाड़ी देशों से सप्लाई बढ़ने के बावजूद अमेरिका भारत के LPG आयात में सबसे आगे रहा. अगस्त में अमेरिका से भारत को 7,24,150 टन LPG मिली. हालांकि, ये जुलाई के मुकाबले 25.8% कम है. फिर भी भारत के कुल LPG आयात में अमेरिका की हिस्सेदारी 50% से ज्यादा रही.
UAE से सबसे ज्यादा बढ़ी सप्लाईखाड़ी देशों में UAE से LPG की सप्लाई सबसे ज्यादा बढ़ी. अगस्त में UAE ने भारत को 1,98,860 टन LPG भेजी, जो जुलाई के मुकाबले 94.9% ज्यादा है. वहीं, कुवैत से LPG आयात जुलाई के 44,230 टन से बढ़कर अगस्त में 1,14,580 टन हो गया. कतर से भी सप्लाई बढ़ी. वहां से भारत को अगस्त में 65,400 टन LPG मिली, जबकि जुलाई में ये मात्रा सिर्फ 19,320 टन थी.
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अगस्त में बढ़ी LPG की खपतबता दें कि अगस्त में भारत में LPG की खपत भी बढ़ी है. LPG की मांग जुलाई के मुकाबले 3.2% बढ़कर 24.2 लाख टन हो गई. ये पिछले 6 महीनों में सबसे ज्यादा खपत है. हालांकि, पिछले साल अगस्त की तुलना में LPG की मांग अभी भी 16% कम रही.
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        <pubDate>Tue, 08 Sep 2026 05:30:12 +0530</pubDate>
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        <title>8th Pay Commission: कम फिटमेंट फैक्टर के बाद भी बढ़ सकती है सैलरी, जानिए कैसे होगा फायदा</title>
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        <description><![CDATA[ 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों का इंतजार कर्मचारी वर्ग कर रहा है. इसको लेकर लगातार बैठकों का दौर चल रहा है. इसी बीच खबरें हैं कि फिटमेंट फैक्टर इस बार कम भी हो सकता है. लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि आपकी सैलरी कम बढ़ेगी. कर्मचारी संगठनों का मानना है कि इसका जवाब 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों में भी मिलेगा. अगर इस बार फिटमेंट फैक्टर 3% से बढ़ाकर 5% से 7% किया जाता है, तो लंबे समय में बेसिक सैलरी पर इसका बड़ा असर पड़ सकता है.
इसी मुद्दे को लेकर 8वें वेतन आयोग की दो दिन की सलाह मशविरा बैठक 7 सितंबर से चेन्नई में शुरू हुई है. इसमें केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के वेतन, पेंशन और काम करने की स्थितियों पर चर्चा हो रही है. इसके बाद 9 सितंबर को पुडुचेरी में भी बैठक होगी.
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5% से 7% इजाफा की मांग
कई कर्मचारी संगठनों ने साल के इजाफा की दर बढ़ाने की मांग की है. नेशनल काउंसिल ऑफ जेसीएम, ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉइज फेडरेशन और फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गनाइजेशन्स ने 6% साल का इजाफा मांगा है. ऑल इंडिया न्यू पेंशन स्कीम एम्प्लॉइज फेडरेशन ने 7% की मांग रखी है. वहीं इंडियन रेलवे टेक्निकल सुपरवाइजर्स एसोसिएशन ने 5% इजाफा के साथ 4.0 तक फिटमेंट फैक्टर की मांग की है.
मान लीजिए किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 30,000 रुपये है. 2.15 फिटमेंट फैक्टर और 3% साल का इंक्रीमेंट के हिसाब से पहले साल बेसिक पे करीब 66,435 रुपये हो सकती है. 5वें साल ये 74,773 रुपये और 10वें साल 86,683 रुपये तक पहुंच सकती है.
वहीं बिना फिटमेंट फैक्टर के 5% साला के बढ़ोतरी पर 10 साल बाद बेसिक सैलरी करीब 48,867 रुपये, 7% पर 59,015 रुपये और 10% पर 77,812 रुपये हो सकती है.
35 और 40 हजार की बेसिक सैलरी का हिसाब
35,000 रुपये की बेसिक सैलरी पर 2.15 फिटमेंट फैक्टर के साथ 10वें साल बेसिक पे करीब 1,01,130 रुपये हो सकती है. 40,000 रुपये की बेसिक सैलरी के मामले में ये करीब 1,15,577 रुपये हो सकती है. बिना फिटमेंट फैक्टर के 10% साल के बढ़ोतरी पर ये रकम 90,781 रुपये और 1,03,750 रुपये होगी.
लेकिन, असली सैलरी 8वें वेतन आयोग की आखरी सिफारिशों में तय होने वाले फिटमेंट फैक्टर और साल के इजाफे पर डिपेंड करेगी.
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        <pubDate>Tue, 08 Sep 2026 05:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>साहित्य अकादमी में ड्राइवर से क्लर्क तक की वैकेंसी, फटाफट करें अप्लाई</title>
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        <description><![CDATA[ साहित्य अकादमी के बारे में तो आपने सुना ही होगा. भारत की राष्ट्रीय साहित्य अकादमी देश में साहित्य और भाषाओं को बढ़ावा देने का काम करती है. हाल ही में साहित्य अकादमी में अलग-अलग पदों के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है. इस भर्ती में कुल 30 पद हैं, यानी अलग-अलग योग्यता वाले उम्मीदवारों के पास सरकारी संस्थान में नौकरी पाने का मौका है. साहित्य अकादमी की आधिकारिक वेबसाइट पर भर्ती का नया नोटिस जारी किया गया है.
साहित्य अकादमी में 30 पदों पर भर्ती
साहित्य अकादमी की इस भर्ती में कुल 30 पद शामिल हैं. इनमें डिप्टी सेक्रेटरी, असिस्टेंट एडिटर, सीनियर लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन असिस्टेंट, जूनियर ट्रांसलेशन ऑफिसर, टेक्निकल असिस्टेंट, प्रोग्राम असिस्टेंट और पब्लिकेशन असिस्टेंट जैसे पद शामिल हैं. इसके अलावा प्रूफ रीडर, स्टेनोग्राफर, मैसेंजर कम राइडर, वैन ड्राइवर, जूनियर क्लर्क और MTS के पद भी &amp;nbsp;इसमें शामिल किए गए हैं.
आवेदन कैसे करना होगा?
साहित्य अकादमी की भर्ती में आवेदन ऑनलाइन नहीं, बल्कि निर्धारित फॉर्म के जरिए पोस्ट ऑफिस&amp;nbsp; से करना है. उम्मीदवारों को आवेदन फॉर्म भरकर जरूरी दस्तावेज और हाल की फोटो लगानी होगी. इसके बाद फॉर्म को स्पीड पोस्ट या रजिस्टर्ड पोस्ट से साहित्य अकादमी के पते पर भेजना होगा. आधिकारिक नोटिस के मुताबिक आवेदन की आखिरी तारीख 21 अक्टूबर 2026 है. अलग-अलग पद के लिए अलग आवेदन फॉर्म देना होगा.
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&amp;nbsp;10वीं और 12वीं पास के लिए भी मौका
अगर आपने 10वीं या 12वीं तक पढ़ाई की है तो भी इस भर्ती में आप आवेदन कर सकते है. वैन ड्राइवर और MTS के लिए 10वीं या 12वीं पास उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं. इसके साथ वैध ड्राइविंग लाइसेंस और कम से कम तीन साल का ड्राइविंग अनुभव जरूरी है. वहीं जूनियर क्लर्क और स्टेनोग्राफर ग्रेड II के लिए 12वीं पास होना जरूरी है. इस पद के लिए अंग्रेजी में 80 शब्द प्रति मिनट और जूनियर क्लर्क के लिए हिंदी में 35 शब्द प्रति मिनट की टाइपिंग स्पीड और कंप्यूटर की जानकारी भी जरूरी है. इन पदों की अधिक उम्र सीमा 50 वर्ष है, हालांकि आरक्षित वर्गों को नियम के अनुसार छूट मिल सकती है.
कितनी मिलेगी सैलरी?
साहित्य अकादमी में पद के हिसाब से सैलरी अलग है. नोटिफिकेशन के आधार पर &amp;nbsp;डिप्टी सेक्रेटरी को ₹56,100 से ₹1,77,500, असिस्टेंट एडिटर और जूनियर ट्रांसलेशन ऑफिसर को ₹35,400 से ₹1,12,400, जबकि टेक्निकल असिस्टेंट, प्रोग्राम असिस्टेंट और पब्लिकेशन असिस्टेंट को ₹29,200 से ₹92,300 तक मिलेंगे. प्रूफ रीडर और स्टेनोग्राफर की सैलरी ₹25,500 से ₹81,100, ड्राइवर और जूनियर क्लर्क की ₹19,900 से ₹63,200 और MTS की ₹18,000 से ₹56,900 तक होगी.
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        <pubDate>Tue, 08 Sep 2026 03:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>वंदे भारत कवच ब्रेकिंग सिस्टम से लैस, 160 की स्पीड में खुद कैसे रुकेगी ट्रेन?</title>
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        <description><![CDATA[ वंदे भारत ट्रेनें अब 160 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से दौड़ने लगी हैं और इसी के साथ भारतीय रेलवे ने अपना स्वदेशी सुरक्षा कवच सिस्टम भी और मजबूत कर दिया है. यह सिस्टम अब इतना तेज और भरोसेमंद बना दिया गया है कि तेज रफ्तार में भी अगर कोई खतरा दिखे तो ट्रेन खुद ही ब्रेक लगा लेगी, चाहे ड्राइवर समय पर प्रतिक्रिया दे या नहीं.
हाल ही में रेलवे ने इसका एक बड़ा और सफल ट्रायल पूरा किया है, जिसमें ट्रेन ने एक नया रिकॉर्ड बनाया. आइए जानते हैं कि यह तकनीक क्या है, यह कैसे काम करती है और इसके आने से रेल यात्रियों का सफर कितना सुरक्षित होने वाला है.
कवच सिस्टम आखिर है क्या?
कवच भारतीय रेलवे का बनाया हुआ ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन यानी ATP सिस्टम है. इसे रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गेनाइजेशन (RDSO) ने भारतीय कंपनियों के साथ मिलकर तैयार किया है. इसका मकसद ट्रेन हादसों को कम से कम करना है. खासकर सिग्नल पार करने की गलती और तय सीमा से ज्यादा स्पीड की वजह से होने वाले हादसों को कम रोकना. अब इसका नया वर्जन कवच 4.0 तैयार किया गया है, जो खासतौर पर हाई स्पीड ट्रेनों के लिए बनाया गया है.&amp;nbsp;
160 की स्पीड में कैसे लगेगा ब्रेक?
कवच सिस्टम ट्रेन, पटरी और सिग्नल के बीच लगातार डिजिटल तरीके से जानकारी का आदान-प्रदान करता है. अगर कोई ट्रेन तय स्पीड से ज्यादा तेज चल रही हो, या खतरे वाले सिग्नल के पास पहुंच रही हो और ड्राइवर ने समय पर ब्रेक नहीं लगाया, तो यह सिस्टम खुद-ब-खुद ट्रेन की ब्रेक प्रणाली को सक्रिय कर देता है. यानी 160 किलोमीटर प्रति घंटे जैसी तेज रफ्तार में भी अगर इंसानी चूक हो जाए तो मशीन खुद संभाल लेती है और ट्रेन को सुरक्षित रूप से रोक देती है.&amp;nbsp;
टक्कर रोकने की तकनीक कैसे काम करती है?
इस सिस्टम को काम करने के लिए पटरियों पर हजारों की संख्या में RFID टैग लगाए जाते हैं. साथ ही टावर, ऑप्टिकल फाइबर केबल और खास कवच हट भी बनाई जाती हैं. ट्रेन में लगा उपकरण अल्ट्रा हाई फ्रिक्वेंसी रेडियो के जरिए पटरी और सिग्नल सिस्टम से लगातार जुड़ा रहता है. इससे यह पता चलता रहता है कि आगे या पीछे कोई दूसरी ट्रेन तो नहीं आ रही. इसी वजह से यह सिस्टम आमने-सामने की टक्कर और पीछे से होने वाली टक्कर, दोनों तरह के हादसों को रोकने में सक्षम है.&amp;nbsp;
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कितना भरोसेमंद है यह सिस्टम
कवच को सेफ्टी इंटीग्रिटी लेवल-4 यानी SIL-4 मानक पर बनाया गया है. इसका मतलब है कि इस सिस्टम में गलती होने की संभावना 10,000 साल में सिर्फ एक बार जितनी कम है. यह दुनिया के सबसे ऊंचे सुरक्षा मानकों में गिना जाता है. इसके अलावा यह सिस्टम रेलवे कंट्रोल रूम को हर ट्रेन की लाइव लोकेशन और स्पीड की जानकारी भी लगातार भेजता रहता है, जिससे पूरे नेटवर्क की निगरानी करना आसान हो जाता है.
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        <pubDate>Tue, 08 Sep 2026 02:30:11 +0530</pubDate>
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        <title>4 साल में बदल गया टीवी देखने का तरीका, इस फॉर्मेट में बढ़े 3 गुना व्यूअर्स</title>
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        <description><![CDATA[ भारत में Connected TV (CTV) और Free Ad-Supported Streaming Television (FAST) का दायरा लगातार बढ़ रहा है. देश में डिजिटल वीडियो और टीवी काफी तेजी से मजबूत हो रहा है. लेकिन अब इनको संचालित करने के लिए एक संस्था की जरूरत हो रही है. WPP Media और The Trade Desk की Ormax Media के साथ की गई रिसर्च के मुताबिक, भारत में CTV की पहुंच करीब 207 मिलियन दर्शकों तक हो चुकी है. ये संख्या लगभग 6.2 करोड़ से 6.5 करोड़ घरों से जुड़ी है.
रिपोर्ट के अनुसार 2022 के मुकाबले CTV ऑडियंस करीब तीन गुना बढ़े हैं. भारत में लोग औसतन रोजाना 2.9 घंटे CTV पर वीडियो कंटेंट देखते हैं. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि बड़ी स्क्रीन पर इंटरनेट बेस्ड कंटेंट देखने का चलन कितनी तेजी से बढ़ रहा है.
ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ रहा क्रेज
रिपोर्ट के मुताबिक, देश में कनेक्टेड टीवी के यूजर्स करीब तीन गुना बढ़ चुके हैं, वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले कुछ सालों में सीटीवी के यूजर्स दोगुना हो चुके हैं. ये बढ़ोतरी मैट्रो शहरों के मुकाबले ग्रामीण एरिया में ज्यादा देखने को मिल रही है. इसके अलावा एडवर्टाइजर्स के लिए भी ये एक अहम बढ़ोतरी है. इसका ये मतलब नहीं है कि लोग लीनियर टीवी को छोड़ते जा रहे हैं बल्कि अब लोग कनेक्टेड टीवी को भी अपनाने लगे हैं.
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रोज करीब 3 घंटे बड़ी स्क्रीन पर कंटेंट
रिपोर्ट के अनुसार CTV दर्शक औसतन 2.9 घंटे प्रतिदिन बड़ी स्क्रीन पर कंटेंट देखते हैं. वेब सीरीज सबसे फेमश कंटेंट फॉर्मेट है जिसे 69 फीसदी दर्शक पसंद करते हैं. इसके बाद क्रिकेट 64 फीसदी और थिएट्रिकल फिल्में 63 फीसदी दर्शकों की पसंद हैं. रिपोर्ट के मुताबिक CTV पर क्रिकेट देखने वाले 84 फीसदी मामलों में को-व्यूइंग यानी एक से ज्यादा लोग साथ बैठकर मैच देखते हैं.
युवाओं में भी बढ़ रहा क्रेज
अक्सर लोग कहते हैं कि युवा पीढ़ी बड़ी स्क्रीन से दूर हो चुकी है लेकिन ऐसा बिलकुल भी नहीं है. रिपोर्ट के मुताबिक Gen Z यूजर्स औसतन 3.1 घंटे रोज CTV पर बिताते हैं. इनमें 46 फीसदी ने पिछले एक साल में अपना CTV इस्तेमाल बढ़ाया है. वहीं 77 फीसदी Gen Z यूजर्स परिवार या दोस्तों के साथ CTV देखते हैं. ऐसे में अब एडवर्टाइजर्स के लिए मोबाइल और सोशल मीडिया के साथ Smart TV को भी युवाओं तक पहुंचने का एक जरूरी जरिया बन चुका है.
FAST प्लेटफॉर्म क्या है
आपको बता दें कि CTV इकोसिस्टम में FAST यानी Free Ad-Supported Streaming TV भी तेजी से जरूरी हो रहा है. करीब एक-तिहाई CTV दर्शक FAST के बारे में जानते हैं जबकि हर पांच में से एक दर्शक इसका इस्तेमाल करता है. FAST यूजर्स औसतन 3.4 घंटे रोज CTV पर बिताते हैं जो पूरे CTV दर्शकों के 2.9 घंटे के औसत से ज्यादा है.
ऐसे में 20.7 करोड़ दर्शकों तक पहुंच चुका CTV भारत के TV और advertising ecosystem को नई दिशा दे रहा है. खासकर ये ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा है, परिवार के साथ देखने की आदत और OTT कंटेंट भी फेमश हो रहे हैं जो ये संकेत दे रहा है कि आगे आने वाले समय में टीवी की परिभाषा सिर्फ पुराने चैनलों तक सीमित नहीं रहने वाली है.
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        <pubDate>Tue, 08 Sep 2026 02:30:10 +0530</pubDate>
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        <title>Web Cookies कितने समय तक रहती हैं? जानें लॉगआउट के बाद भी क्यों बना रहता है खतरा</title>
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        <description><![CDATA[ आज के समय में इंटरनेट का इस्तेमाल करते हुए हम लगभग हर वेबसाइट पर लॉगिन करते हैं. बैंकिंग से लेकर सोशल मीडिया और शॉपिंग वेबसाइट तक, कई सर्विसेज हमें पहचानने के लिए Web Cookies का इस्तेमाल करती हैं. नॉर्मली लगता है कि किसी वेबसाइट से लॉगआउट करते ही अकाउंट पूरी तरह सुरक्षित हो गया है लेकिन कहानी इतनी सीधी नहीं है. कुछ Cookies लंबे समय तक आपके ब्राउजर में मौजूद रहते हैं और यही बात प्राइवेसी व सिक्योरिटी के लिए चिंता बढ़ाती है.
क्या होती हैं Web Cookies?
जानकारी के अनुसार, Web Cookies छोटी-छोटी डेटा फाइलें होती हैं जिन्हें वेबसाइट आपके ब्राउजर में सेव करती हैं. इनका इस्तेमाल वेबसाइट को आपकी पहचान याद रखने, आपकी पसंद सेव करने, शॉपिंग कार्ट बनाए रखने और लॉगिन सेशन को मैनेज करने के लिए किया जाता है.
हर Cookie एक जैसी नहीं होती. कुछ Cookies ब्राउजर बंद करते ही हट जाती हैं जबकि कुछ को एक समय तक स्टोर किया जाता है. इन्हें आमतौर पर Persistent Cookies कहा जाता है.
सालों तक कैसे रह सकती हैं Cookies?
आपको बता दें कि किसी Cookie की लाइफ इस बात पर निर्भर करती है कि वेबसाइट ने उसे कितने समय के लिए सेट किया है. अगर उसकी Expiration Date काफी आगे की रखी गई है तो वह लंबे समय तक ब्राउजर में मौजूद रहती है.
लेकिन कई वेबसाइटें सुरक्षा के लिए पुराने Session या Authentication Cookies को समय-समय पर खत्म कर देती हैं. फिर भी लंबे समय तक रहने वाली पहचान या ट्रैकिंग Cookies आपकी ऑनलाइन एक्टिविटी और प्राइवेसी से जुड़ी जानकारी के लिए जरूरी होती हैं.
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सिर्फ Logout करना हमेशा काफी क्यों नहीं?
जब आप किसी वेबसाइट से लॉगआउट करते हैं तो नॉर्मली वेबसाइट आपके मौजूदा लॉगिन सेशन को खत्म कर देती है. लेकिन इसका मतलब ये जरूरी नहीं कि ब्राउजर में मौजूद हर Cookie तुरंत डिलीट हो जाए. कुछ Cookies केवल वेबसाइट को आपकी पसंद या पहचान याद रखने के लिए होती हैं. वहीं अगर किसी हमलावर के हाथ कोई वैध Authentication Token लग जाए और वह अभी भी एक्टिव हो तो स्थिति गंभीर हो सकती है. हालांकि सुरक्षित वेबसाइटें ऐसे जोखिम को कम करने के लिए Logout के समय Session Token को सर्वर पर खत्म कर देती हैं.
असली खतरा कब बढ़ता है?
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सबसे बड़ा खतरा तब होता है जब आपके डिवाइस या ब्राउजर तक किसी दूसरे व्यक्ति की पहुंच हो या कोई सॉफ्टवेयर आपके ब्राउजर डेटा तक पहुंच जाए. खास तौर पर पब्लिक या शेयर्ड कंप्यूटर पर लॉगिन करना खतरनाक साबित हो सकता है. ऐसे डिवाइस पर ब्राउजर में सेव Cookies और दूसरे डेटा आपकी प्राइवेसी को प्रभावित कर सकते हैं.
खुद को कैसे रखें सुरक्षित?
सुरक्षा के लिए समय-समय पर ब्राउजर की Cookies और Site Data साफ करें. संवेदनशील वेबसाइटों पर काम करने के बाद Logout जरूर करें और पब्लिक कंप्यूटर पर अपने पासवर्ड सेव न करें. ब्राउजर और ऑपरेटिंग सिस्टम को अपडेट रखना भी जरूरी है. इसके अलावा Two-Factor Authentication (2FA) या Passkeys जैसे सेफ्टी फीचर्स का इस्तेमाल करें. अगर किसी अकाउंट में Log out of all devices या Sign out everywhere ऑप्शन उपलब्ध है तो कुछ कंडिशन में उसका इस्तेमाल करना चाहिए.
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        <pubDate>Tue, 08 Sep 2026 02:30:09 +0530</pubDate>
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        <title>Smartwatch के हेल्थ नंबर कितने सही हैं? क्या हर आंकड़ा होता है सही, जानें सच्चाई</title>
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        <description><![CDATA[ आज स्मार्टवॉच सिर्फ समय देखने वाली डिवाइस नहीं रह गई है. एडवांस स्मार्टवॉच में कई सारे फीचर्स देखने को मिल जाते हैं जो यूजर्स के लिए काफी फायदेमंद साबित होते हैं. हार्ट रेट, कदमों की संख्या, नींद, एक्सरसाइज, कैलोरी और यहां तक कि रिकवरी जैसी कई जानकारियां भी ये आपकी कलाई पर दिखाती है. लेकिन स्क्रीन पर दिखाई देने वाला हर नंबर शरीर से सीधे मापा गया आंकड़ा हो ये जरूरी नहीं होता है.
कई आंकड़े होते हैं सिर्फ अनुमान
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन के शोधकर्ताओं के मुताबिक, स्मार्टवॉच से मिलने वाले कई हेल्थ डेटा असली में सेंसर से मिले संकेतों और कंप्यूटर एल्गोरिदम की मदद से तैयार किया गया अंदाजा होता है.
वैज्ञानिकों ने बताया कि लोगों को ये समझना जरूरी है कि घड़ी कौन-सी चीज सीधे माप रही है और किन रिजल्ट्स को अलग-अलग डेटा के आधार पर कैलकुलेट किया जा रहा है. इस स्टडी का कंल्यूजन Sensors जर्नल में पब्लिश हुए हैं.
सेंसर कैसे जुटाते हैं जानकारी?
आपको बता दें कि स्मार्टवॉच में मौजूद अलग-अलग सेंसर शरीर और आसपास के वातावरण से संकेत लेते हैं. जैसे ऑप्टिकल सेंसर स्किन पर रोशनी डालकर कलाई में ब्लड फ्लो से जुड़े बदलावों को पहचानते हैं. इसी डेटा के आधार पर हार्ट रेट का अनुमान लगाया जाता है.
इसी तरह मोशन सेंसर शरीर की एक्टिविटी को पहचानते हैं जबकि GPS बाहर चलते या दौड़ते समय दूरी, स्थान और स्पीड जैसी जानकारी देता है. इसके बाद घड़ी का सॉफ्टवेयर इन संकेतों को प्रोसेस करके स्क्रीन पर अलग-अलग आंकड़े दिखाता है.
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कौन-से आंकड़ों पर ज्यादा भरोसा?
हर स्मार्टवॉच फीचर की सटीकता एक जैसी नहीं होती है. नॉर्मली यूजर के आराम करने की कंडिशन में हार्ट रेट, लगातार एक्सरसाइज के दौरान हार्ट रेट, स्टेप काउंट और बाहर की एक्टिविटी की स्पीड जैसे सरल आंकड़े ज्यादा भरोसेमंद हो सकते हैं.
इसके मुकाबले कैलोरी बर्न, नींद के अलग-अलग लेवल, शरीर में पानी की मात्रा, रिकवरी और बॉडी कंपोजिशन जैसे मुश्किल रिजल्ट्स कई तरह के डेटा और अनुमान पर निर्भर करते हैं. इसलिए इन्हें बिल्कुल सटीक मान लेना सही नहीं होता है.
एक ही व्यक्ति को अलग-अलग नंबर क्यों मिलते हैं?
दरअसल, स्मार्टवॉच की रीडिंग पर कई बाहरी चीजों का असर पड़ सकता है. घड़ी का ढीला होना, ज्यादा हाथ हिलाना, पसीना, टेंपरेचर, टैटू, स्किन का रंग और शरीर की बनावट जैसी परिस्थितियां सेंसर के रिजल्ट्स को प्रभावित कर सकती हैं.
इसके अलावा अलग-अलग कंपनियां अलग सेंसर, टेक्नोलॉजी और अपने पर्सनल एल्गोरिदम इस्तेमाल करती हैं. इसी वजह से दो ब्रांड की घड़ियां एक ही व्यक्ति के लिए अलग-अलग आंकड़े दिखा सकती हैं.
ट्रेंड पर रखनी चाहिए नजर
वैज्ञानिकों के अनुसार, स्मार्टवॉच का सबसे अच्छा इस्तेमाल लंबे समय के बदलावों को समझने के लिए किया जाता है. जैसे एक दिन हार्ट रेट नॉर्मल से थोड़ा अलग दिखने के बजाय कई दिनों या हफ्तों में लगातार हो रहा बदलाव ज्यादा जरूरी होता है. इसी तरह नींद, रोजाना की एक्टिविटी या आराम की कंडिशन में हार्ट रेट के पैटर्न को लंबे समय तक देखना ज्यादा कारगर साबित होता है.
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        <pubDate>Tue, 08 Sep 2026 02:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>AI Search और Google Search में क्या अंतर, किस सवाल के लिए कौन बेहतर?</title>
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        <description><![CDATA[ पिछले 25 साल से इंटरनेट पर कुछ भी खोजने का मतलब था- गूगल खोलना, कीवर्ड टाइप करना और नीचे लिंक्स की लिस्ट में से जवाब ढूंढना. अब यह तरीका बदल रहा है. लोग सवाल पूछकर सीधे जवाब पाना चाहते हैं और यही काम AI सर्च टूल्स जैसे ChatGPT, Perplexity और Google के अपने AI Overviews कर रहे हैं. दोनों तरीके आज साथ-साथ इस्तेमाल हो रहे हैं, लेकिन इनका काम करने का ढंग बिल्कुल अलग है.
गूगल सर्च कैसे काम करता है?
गूगल सर्च एक कीवर्ड-बेस्ड सिस्टम है. जब कोई सवाल टाइप किया जाता है तो गूगल उससे मिलते-जुलते शब्दों वाले लाखों वेब पेज खोजता है और उन्हें रैंकिंग के हिसाब से लिस्ट में दिखाता है. यूजर को खुद अलग-अलग लिंक खोलकर, पढ़कर और तुलना करके अपना जवाब निकालना पड़ता है. यानी गूगल जवाब नहीं, बल्कि जवाब तक पहुंचने के रास्ते दिखाता है.
AI सर्च कैसे अलग तरीके से काम करता है?
AI सर्च टूल्स बड़े लैंग्वेज मॉडल यानी LLM पर चलते हैं. ये सवाल के पीछे की मंशा समझने की कोशिश करते हैं, इंटरनेट से जुड़ी जानकारी इकट्ठा करते हैं और फिर उसे एक सीधे, आसान जवाब में बदलकर पेश कर देते हैं. यूजर को अलग-अलग वेबसाइट खोलने की जरूरत नहीं पड़ती. कई बार जवाब के साथ सोर्स लिंक भी दिए जाते हैं, ताकि यूजर चाहे तो असली जानकारी वहां जाकर जांच सके.
लिंक की लिस्ट बनाम सीधा जवाब
यही दोनों में सबसे बड़ा फर्क है. गूगल सर्च संभावित जवाब वाले पेज दिखाता है, जबकि AI सर्च सीधे तैयार जवाब देता है. सीधी और आसान जानकारी के लिए, जैसे किसी शहर का मौसम या किसी शब्द का मतलब, दोनों तरीके तेजी से काम करते हैं. लेकिन जब सवाल जटिल हो और कई पहलुओं को जोड़कर समझना हो, तो AI सर्च का जवाब ज्यादा व्यवस्थित और पढ़ने में आसान होता है.
सावधानी है जरूरी
AI सर्च का एक बड़ा जोखिम भी है. कई बार AI मॉडल गलत या भ्रामक जानकारी को भी उतने ही भरोसेमंद अंदाज में पेश कर देते हैं, जितना सही जानकारी को. इसे तकनीकी भाषा में हैलुसिनेशन कहा जाता है. वहीं गूगल सर्च में यूजर खुद अलग-अलग स्रोतों को देखकर तय कर सकता है कि कौन सी जानकारी भरोसेमंद है. इसलिए जरूरी और संवेदनशील मामलों में, जैसे सेहत, पैसा या कानून से जुड़े सवाल, जवाब को एक से ज्यादा जगह जांचना समझदारी है.
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कौन सा है बेहतर?
रोजमर्रा के छोटे-मोटे सवालों, जैसे किसी जगह का पता, किसी दुकान का समय या किसी वेबसाइट का लिंक ढूंढने के लिए गूगल सर्च तेज और भरोसेमंद है. वहीं रिसर्च, तुलना करने वाले सवाल, या ऐसे मुद्दे जिनमें कई जानकारियों को जोड़कर समझना हो, जैसे किसी नौकरी को चुनना चाहिए या नहीं या दो प्रोडक्ट्स में क्या फर्क है, वहां AI सर्च ज्यादा उपयोगी साबित होता है. ताजा खबरों और ठीक इसी वक्त की जानकारी के लिए अब भी पारंपरिक सर्च इंजन और सीधे न्यूज वेबसाइट ज्यादा भरोसेमंद माने जाते हैं.
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        <pubDate>Tue, 08 Sep 2026 02:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>CJI सूर्यकांत की सख्ती, कहा&amp; &amp;apos;...आप मेरे रिटायरमेंट का इंतजार कर रहे हैं&amp;apos;</title>
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        <description><![CDATA[ अरावली पहाड़ियों की परिभाषा तय करने के लिए गठित &#039;हाई-पावर्ड कमेटी&#039; को ज्यादा वक्त देने से सुप्रीम कोर्ट ने मना कर दिया है. कमेटी ने 28 फरवरी 2027 तक का समय मांगा था. चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने सख्त रुख अपनाते हुए 30 नवंबर 2026 तक हर हाल में रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है.
चीफ जस्टिस ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि कमेटी ने काम शुरू करते ही छह महीने का अतिरिक्त समय मांग लिया. ऐसा लगता है जैसे कमेटी उनके रिटायरमेंट का इंतजार कर रही हो. उन्होंने साफ किया कि कमेटी को किसी भी तरह का एक्सटेंशन नहीं मिलेगा. वह दिन-रात काम करे और तय समय सीमा में रिपोर्ट दे. इस मामले पर अगली सुनवाई 2 दिसंबर 2026 को होगी. CJI ने कहा, &quot;अगर वे दो महीने में ऐसा नहीं कर पाते हैं, तो हम पूरे पैनल का पुनर्गठन करेंगे.&quot;&amp;nbsp;
अरावली को लेकर क्या है विवाद?
पिछले साल नवंबर में सुप्रीम कोर्ट ने एक विशेषज्ञ कमेटी की रिपोर्ट स्वीकार की थी. इसमें 100 मीटर से कम ऊंचाई वाली पहाड़ी को अरावली की परिभाषा से बाहर किया गया था. पर्यावरणविदों ने इसका विरोध करते हुए कहा कि इससे छोटी पहाड़ियां और आसपास का ईको-सिस्टम संरक्षण से बाहर हो जाएगा और वहां अवैध खनन बढ़ जाएगा.
पर्यावरण कार्यकर्ताओं के विरोध के बाद 29 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश पर रोक लगा दी थी. कोर्ट ने मामले की समीक्षा के लिए इस साल मई में 5 सदस्यीय कमेटी बनाई. कमेटी को यह तय करना है कि पूरे अरावली क्षेत्र की सुरक्षा कैसे हो. उसे राजस्थान और गुजरात के आदिवासियों, किसानों और पर्यावरण विशेषज्ञों की बात सुनकर रिपोर्ट तैयार करनी है.
सियासी दलों ने विशेषज्ञ कमेटी की रिपोर्ट के बाद आंदोलन का ऐलान किया. इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा. सुप्रीम कोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए हाई-पावर्ड कमेटी को वक्त देने से इनकार कर दिया है. ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 19:30:19 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>DU के दिमागी एलुमनाई अब क्यों नहीं…, सत्य निकेतन हादसे पर महुआ ने कसा तंज</title>
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        <description><![CDATA[ दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत के ढहने की घटना को लेकर देश में राजनीति गरमाई हुई है. विपक्ष इसे लेकर केंद्र और दिल्ली सरकार पर हमलावर है. इस बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि दिल्ली यूनिवर्सिटी के दिमागी Alumnus छात्रों की दुखद मौतों के बारे में आवाज क्यों नहीं उठाते. उन्होंने पूछा कि पेरिस के एक मंदिर का उद्घाटन करने को इससे ज्यादा अहमियत क्यों दी जाती है?&amp;nbsp;
महुआ ने क्यों किया पेरिस के मंदिर का जिक्र?
हाल ही में पेरिस में बने बीएपीएस (BAPS) स्वामीनारायण मंदिर का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए किया. उन्होंने कहा कि यह भव्य स्वामीनारायण मंदिर भारत और फ्रांस के बीच सांस्कृतिक संबंधों का नया युग स्तंभ है. पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें ऐसे धार्मिक अवसरों से जुड़ने का निरंतर अवसर मिलता रहता है. इसी वजह से महुआ मोइत्रा ने पेरिस के मंदिर का जिक्र किया.
सत्य निकेतन हादसे में 7 की मौत
सत्य निकेतन इलाके में हुए हादसे में अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है. मरने वाले अधिकतर छात्र बताए गए हैं, जो दूरदराज से अपनी जिंदगी और परिवार की स्थिति को बदलने का ख्वाब लेकर दिल्ली आए थे. दिल्ली में इमारत गिरने की यह कोई अकेली घटना नहीं है. बीते दो वर्षों में रोहिणी, साकेत, वेलकम, करोल बाग, पहाड़गंज और मुस्तफाबाद के अलावा दिल्ली के कई अन्य इलाकों में इमारत गिरने की घटनाएं हुईं. इस साल मई में साकेत मेट्रो स्टेशन के पास एक पांच मंजिला इमारत गिरने से छह लोगों की मौत हुई, जबकि जुलाई में रोहिणी सेक्टर-16 में ऐसी ही घटना में तीन मजदूर मलबे में दबकर मर गए.
दिल्ली हाई कोर्ट ने नोटिस जारी किया
इस मामले पर दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार, केंद्र, MCD, पुलिस, DU और NHRC को नोटिस जारी किया. कोर्ट ने डीयू से बाहर से आने वाले कितने स्टूडेंट्स उसके कॉलेजों में पढ़ते हैं और यूनिवर्सिटी या कॉलेजों की ओर से कितने हॉस्टल चलाए जा रहे हैं, इसका डेटा मांगा है. मामले में अगली सुनवाई 25 तारीख को होगी. ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 19:30:16 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>रक्षा क्षेत्र में बड़ा कदम, 1.10 लाख करोड़ के खरीद प्रस्ताव को DAC की मंजूरी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/रक्षा-क्षेत्र-में-बड़ा-कदम-110-लाख-करोड़-के-खरीद-प्रस्ताव-को-dac-की-मंजूरी</link>
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        <description><![CDATA[ रक्षा खरीद परिषद ने करीब 1.10 लाख करोड़ रुपये के पूंजीगत खरीद प्रस्तावों को मंजूरी दी है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा अधिग्रहण परिषद यानी डीएसी ने सोमवार को रक्षा बलों के अधिग्रहण प्रस्तावों के लिए करीब 1.10 लाख करोड़ रुपये की अनुमानित लागत पर &#039;आवश्यकता की स्वीकृति&#039; (AoN) यानी सैद्धांतिक प्रशासनिक मंजूरी दी. 
भारतीय सेना के लिए केमिकल बायोलॉजिकल रेडियोलॉजिकल एंड न्यूक्लियर (CBRN) रेकी वाहनों, हाई मोबिलिटी वाहनों (HMV), सेल्फ-प्रोपेल्ड मैकेनिकल माइन लेयर्स (MML), एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टरों (ALH), ट्रॉवेल टैंकों और &#039;सर्वत्र&#039; ब्रिज सिस्टम की खरीद को मंजूरी दी गई.&amp;nbsp; 
रक्षा आधुनिकीकरण की दिशा में बड़ा कदम&amp;nbsp; 
CBRN रेकी वाहन: ये वाहन CBRN एजेंटों से दूषित क्षेत्रों का पता लगाने, उनकी पहचान करने, निगरानी करने और उन्हें चिह्नित करने में सक्षम होंगे. HMV: ये कठिन क्षेत्रों में परिचालन क्षमताओं, तार्किक सहायता और गतिशीलता को बढ़ाएंगे. MML: इनसे कठिन क्षेत्रों में त्वरित और उत्तरदायी बारूदी सुरंग बिछाने में मदद मिलेगी. ALH: ये हेलीकॉप्टर भारतीय सेना और भारतीय वायु सेना के लिए सभी क्षेत्रों व परिचालन स्थितियों में जटिल मिशनों को अंजाम देंगे. 
ट्रॉवेल टैंक और ब्रिज सिस्टम: इनका उपयोग विभिन्न क्षेत्रों में अभियानों के दौरान लड़ाकू टुकड़ियों को रास्ता (कम्पोजिट क्रॉसिंग) प्रदान करने के लिए किया जाएगा. नौसेना के लिए अरुधरा (Arudhra) रडार की खरीद और मरीन गैस टर्बाइन (MGT) के डिजाइन, विकास व बाद की खरीद के लिए AoN दिया गया. अरुधरा रडार: यह विभिन्न नौसेना हवाई स्टेशनों पर मौजूदा एयर रूट सर्विलांस रडार की जगह लेगा.
&#039;आत्मनिर्भर भारत&#039; पर जोर
मरीन गैस टर्बाइन (MGT): युद्धपोत प्रणोदन प्रणाली (Propulsion System) के रूप में यह विदेशी विक्रेताओं पर निर्भरता को कम करेगा. वायु सेना के लड़ाकू विमानों, परिवहन विमानों और हेलीकॉप्टरों की युद्ध क्षमता को बढ़ाने वाले विभिन्न प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. 
इसके अलावा: ग्राउंड-बेस्ड मल्टी-पर्पज जैमर (GBMPJ): यह विरोधियों के रडार के खिलाफ प्रभावी जैमिंग होगा.&amp;nbsp; DEFSAC सिस्टम: डिफेंस फोर्सेज सिक्योर एक्सेस कार्ड (DEFSAC) सिस्टम मौजूदा कागज आधारित पहचान पत्रों/पासों/परमिटों को एक इंटरऑपरेबल रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) आधारित स्मार्ट कार्ड सिस्टम से बदलेगा. स्वीकृत किए गए कुल AoNs में से लगभग 98% खरीद भारतीय उद्योगों से की जाएगी.&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 19:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>रक्षा, क्षेत्र, में, बड़ा, कदम, 1.10, लाख, करोड़, के, खरीद, प्रस्ताव, को, DAC, की, मंजूरी</media:keywords>
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        <title>Xप्लेन: क्या J&amp;amp;K&amp;लद्दाख पर भारत पीछे हटा? UN के नए नक्शे में दुनिया कितनी अलग</title>
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        <description><![CDATA[ अमेरिका के न्यूयॉर्क में यूनाइटेड नेशंस (UN) महासभा का हॉल गूंज उठा क्योंकि 164 देशों ने हाथ उठाकर ऐतिहासिक प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी. अब 500 साल से स्कूलों, किताबों, न्यूजरूम और दफ्तरों में दिखने वाला दुनिया का नक्शा बदल रहा है. इसमें 6 देशों ने वोटिंग से किनारा कर लिया, जबकि सिर्फ अमेरिका विरोध में अकेला खड़ा रहा. भारत ने 164 देशों के साथ &#039;हां&#039; कहा, लेकिन 48 घंटों में बड़ी चेतावनी दे दी. आखिर भारत ने समर्थन देकर हाथ क्यों खींच लिए और क्या नक्शा बदलने से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख बदल जाएगा...
दुनिया का नक्शा बदलने का पूरा मामला क्या है?
4 सितंबर 2026 को UN ने दुनिया के नक्शे को बनाने के तरीके को बदलने का फैसला किया है. अब तक दुनिया में &#039;मर्केटर प्रोजेक्शन&#039; नाम का नक्शा इस्तेमाल होता था. इसे 1569 में बनाया गया था. इस नक्शे की सबसे बड़ी खामी यह है कि यह अफ्रीका को बहुत छोटा दिखाता है, जबकि यूरोप और उत्तरी अमेरिका को बहुत बड़ा. असल में अफ्रीका ग्रीनलैंड से 14 गुना बड़ा है, लेकिन पुराने नक्शे में दोनों एक जैसे दिखते हैं.
UN ने अब &#039;इक्वल अर्थ प्रोजेक्शन&#039; को अपनाने का फैसला किया है, जो 2018 में विकसित किया गया था. यह नया नक्शा महाद्वीपों को उनके मौजूदा आकार के करीब दिखाता है. इसमें अफ्रीका बड़ा दिखेगा, जबकि यूरोप और उत्तरी अमेरिका छोटे.

UN महासभा की वोटिंग में क्या हुआ?
यह प्रस्ताव अफ्रीकी देश टोगो ने पेश किया था और अफ्रीकी संघ ने इसका समर्थन किया था. UN महासभा में हुई वोटिंग में:

164 देशों ने इसके पक्ष में वोट किया.
एस्टोनिया, जॉर्जिया, लिथुआनिया, मोल्दोवा, सर्बिया और यूक्रेन ने वोटिंग से परहेज किया.
सिर्फ अमेरिका ने इसके खिलाफ वोट किया.

नए नक्शे का समर्थन भारत ने क्यों किया?
भारत ने इस प्रस्ताव के पक्ष में वोट किया. इसके पीछे मुख्य वजह यह है कि भारत लंबे समय से दुनिया के नक्शों में अफ्रीका और दक्षिणी गोलार्ध के देशों की सही लीडरशिप की मांग करता रहा है. पुराने नक्शे में ये देश छोटे दिखाए जाते थे, जो उनकी मौजूदा अहमियत को कम करता था. भारत ने &#039;समान क्षेत्रफल वाले मानचित्र प्रक्षेपण&#039; (Equal-Area Map Projection) के सिद्धांत का समर्थन किया.
भारत ने साफ किया कि उसका समर्थन किसी खास नक्शे या सीमा बनाने के लिए नहीं है , बल्कि यह सिर्फ नक्शा बनाने के बेहतर तरीके के लिए है.
तो क्या भारत लाल रेखा खींचकर पीछे हटा?
यहां &#039;पीछे हटना&#039; सही शब्द नहीं है. भारत ने समर्थन तो किया, लेकिन एक सख्त शर्त रखी. भारत को डर था कि कहीं नए नक्शे में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को गलत तरीके से या पाकिस्तान के दावे के मुताबिक न दिखा दिया जाए. इस वजह से वोट करने के दो दिन बाद यानी 6 सितंबर 2026 को भारत ने साफ कर दिया.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, &#039;भारत का संप्रभु क्षेत्र, जिसमें जम्मू-कश्मीर और लद्दाख शामिल हैं, भारत के आधिकारिक नक्शे के मुताबिक ही दिखाया जाना चाहिए. कोई भी गलत या भ्रामक जानकारी नहीं होगी. भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता पर उसका रुख मोलभाव करने वाला नहीं है.&#039;
क्या UN का नया नक्शा भारत की सीमाओं को बदलेगा?
बिल्कुल नहीं! यह समझना सबसे जरूरी है. UN का यह प्रस्ताव सिर्फ नक्शा बनाने के तरीके को बदलने के लिए है. यह किसी भी देश की सीमाओं, विवादित क्षेत्रों या जगहों के नाम में कोई बदलाव नहीं करता. यानी गोल पृथ्वी को चपटे कागज पर कैसे उतारा जाए, इसकी तकनीक के बारे में काम होगा.
UN ने भी साफ कहा है कि यह प्रस्ताव किसी खास नक्शे या सीमा बनाने का समर्थन नहीं करता. यानी, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की स्थिति पर इसका कोई असर नहीं पड़ता. भारत ने बस अपनी सीमाओं के सही मैप दिखाने की मांग की, ताकि कोई गलतफहमी न हो.
&amp;nbsp;

UN के प्रस्ताव में कोई कानूनी बंधन नहीं है.

आखिर दुनिया का मैप बदलने से क्या बदलेगा?
असल में बदलाव हमारी नजर में आएगा भूगोल में नहीं...

अब तक दुनिया में &#039;मर्केटर प्रोजेक्शन&#039; नाम का नक्शा इस्तेमाल होता था, जिसे 1569 में नाविकों के लिए बनाया गया था. इसकी सबसे बड़ी खामी है कि भूमध्य रेखा (equator) के पास के इलाकों को छोटा और ध्रुवों के पास के इलाकों को बड़ा दिखाता है. यह गोल पृथ्वी को चपटे नक्शे में उतारने की चुनौती की वजह से हुआ.
पुराने नक्शे में दोनों एक जैसे दिखते हैं, जबकि असल में अफ्रीका ग्रीनलैंड से 14 गुना बड़ा है. अफ्रीका का क्षेत्रफल 3.03 करोड़ वर्ग किमी है, जबकि ग्रीनलैंड 21.6 लाख वर्ग किमी. UN ने अब 2018 में बने &#039;इक्वल अर्थ प्रोजेक्शन&#039; को अपनाने का फैसला किया है. इसमें महाद्वीपों का सापेक्ष क्षेत्रफल सही दिखता है, हालांकि दूरी नापने में यह पुराने जितना सटीक नहीं.
UN के प्रस्ताव में कोई कानूनी बंधन नहीं है. कोई भी देश या संस्था पुराना नक्शा बदलने के लिए मजबूर नहीं है. लेकिन मर्केटर नक्शा स्कूलों, टेक्नोलॉजी और सरकारी नक्शों में गहराई से बैठा हुआ है, इसलिए UN के इस समर्थन से धीरे-धीरे बदलाव आएगा.
फ्रांस ने पहले ही ऐलान कर दिया है कि वह मर्केटर प्रोजेक्शन छोड़ेगा.
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        <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 19:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Xप्लेन:, क्या, J&amp;K-लद्दाख, पर, भारत, पीछे, हटा, के, नए, नक्शे, में, दुनिया, कितनी, अलग</media:keywords>
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        <title>ISRO निजीकरण विवाद: असली तस्वीर क्या है और इसके क्या मायने हैं?</title>
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        <description><![CDATA[ भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम को लेकर इस समय एक अहम बहस खड़ी हो गई है. क्या ISRO धीरे-धीरे निजीकरण की ओर बढ़ रहा है? यह सवाल अचानक नहीं उठा. 4 सितंबर 2026 को ISRO के नौ कर्मचारी संगठनों ने अंतरिक्ष क्षेत्र में बढ़ती निजी भागीदारी और खास तौर पर लॉन्च व्हीकल के निर्माण को निजी क्षेत्र या PSU को सौंपे जाने की दिशा पर लिखित स्पष्टीकरण मांगा.
कर्मचारी संगठनों की चिंता की एक बड़ी वजह IN-SPACe के चेयरमैन पवन गोयनका का वह बयान था, जिसमें उन्होंने कहा था कि भविष्य में ISRO लॉन्च व्हीकल नहीं बनाएगा. इसके बाद ISRO चेयरमैन वी. नारायणन ने कर्मचारियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि ISRO का निजीकरण नहीं हुआ है और कर्मचारियों को अपने रोजगार और भविष्य को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है.
उन्होंने साफ किया कि निजी क्षेत्र को आगे लाने का उद्देश्य ISRO की भूमिका कम करना नहीं, बल्कि भारत के पूरे स्पेस इकोसिस्टम की क्षमता को कई गुना बढ़ाना है. यहीं से इस पूरे विवाद को समझने की शुरुआत होती है.
पहला सवाल, क्या ISRO का सचमुच निजीकरण हो रहा है?
सीधा जवाब है मौजूदा घोषित नीति के आधार पर इसे ISRO का निजीकरण कहना सही नहीं होगा. निजीकरण का सामान्य अर्थ किसी सरकारी संस्था के स्वामित्व, नियंत्रण या मूल संचालन को निजी हाथों में देना होता है. अभी ऐसा कोई घोषित फैसला सामने नहीं है जिसमें ISRO को निजी संस्था बनाने या उसका सरकारी नियंत्रण खत्म करने की बात हो. बल्कि सरकार की मौजूदा नीति का जोर Space Sector Reforms के तहत निजी कंपनियों और Non-Government Entities यानी NGEs को अंतरिक्ष क्षेत्र की पूरी वैल्यू चेन में प्रवेश देने पर है.
इसलिए मौजूदा बदलाव को ज्यादा सटीक तरीके से ऐसे समझा जा सकता है, ISRO खत्म नहीं हो रहा है, बल्कि ISRO की पारंपरिक भूमिका का पुनर्गठन हो रहा है. और यही बदलाव आज की पूरी बहस का केंद्र है.&amp;nbsp;

ISRO चेयरमैन ने क्या कहा?
ISRO चेयरमैन वी. नारायणन ने कहा कि निजी प्लेयर्स को आगे लाने का मकसद देश की अंतरिक्ष क्षमता का विस्तार करना है. वी. नारायणन के मुताबिक, भारत का स्पेस प्रोग्राम करीब 64 साल पुराना है और फिलहाल भारत के पास अंतरिक्ष में 56 स्पेस एसेट्स हैं, जो देश के आम लोगों की सेवाओं में काम कर रहे हैं. लेकिन भविष्य की जरूरत इससे कहीं बड़ी है.
उन्होंने कहा, देश की ज़रूरत हर साल लगभग 50 लॉन्च व्हीकल्स की है, और हमें आगे बढ़ना है. यानी सरकार और ISRO के सामने चुनौती सिर्फ यह नहीं है कि भारत कितने रॉकेट बना सकता है, बल्कि यह है कि भारत अपनी कुल लॉन्च क्षमता को कितने बड़े स्तर तक ले जा सकता है.
वी. नारायणन ने निजी क्षेत्र की बढ़ती भूमिका को लेकर सबसे महत्वपूर्ण बात साफ शब्दों में कही, ISRO का प्राइवेटाइज़ेशन नहीं हुआ है. ISRO एक सरकारी संगठन है. उन्होंने कहा कि सरकारी निवेश के साथ ISRO अपनी भूमिका निभा रहा है. साथ ही देश में स्पेस इकोसिस्टम और स्पेस इकोनॉमी को बढ़ाने के लिए IN-SPACe, ISRO और NSIL को मिलकर काम करना है. यानी नई व्यवस्था में निजी क्षेत्र को आगे लाना ISRO को replace करने के बजाय उसकी क्षमता के साथ जोड़ने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है.

क्या सवाल उठ रहे?
ISRO चेयरमैन ने कर्मचारी संगठनों की चिंताओं को पूरी तरह खारिज नहीं किया. उन्होंने माना कि कर्मचारियों की चिंताएं जायज़ हैं और उन्हें दूर करना ISRO की जिम्मेदारी है. यह महत्वपूर्ण है क्योंकि कर्मचारी संगठनों की चिंता केवल नौकरी जाने की नहीं है. उनका सवाल है कि अगर ISRO धीरे-धीरे लॉन्च व्हीकल निर्माण, इंटीग्रेशन, टेस्टिंग और दूसरी operational activities से पीछे हटता है तो
1. मौजूदा कर्मचारियों की भूमिका क्या होगी?2. इन-हाउस काम कितना बचेगा?3. भर्ती का क्या होगा?4. प्रमोशन और स्किल डेवलपमेंट के अवसरों पर क्या असर पड़ेगा?5. वैज्ञानिक और तकनीकी विशेषज्ञता ISRO के भीतर किस तरह बनी रहेगी?
क्या ISRO के सारे रॉकेट अब निजी कंपनियां बनाएंगी? यही वह बिंदु है जहां पवन गोयनका के बयान और कर्मचारी संगठनों की चिंता को समझना जरूरी है.
पवन गोयनका ने ISRO के सामने मौजूद बड़े मिशनों का जिक्र करते हुए कहा, &#039;&#039;चंद्रयान सीरीज़, गगनयान, भारतीय स्पेस स्टेशन, चांद पर भारतीय का जाना, शुक्र और मंगल मिशन, दोबारा इस्तेमाल होने वाला भारी पेलोड ले जाने वाला व्हीकल, NavIC को मज़बूत करना और SPS सीरीज़ के सैटेलाइट्स मुझे नहीं लगता कि ISRO के पास कभी इतना सारा काम एक साथ रहा है.&#039;&#039;
गोयनका ने आगे ISRO को इन सभी कार्यक्रमों की रीढ़ की हड्डी और मज़बूत आधार बताया. उन्होंने कहा कि जो लोग यह सोच रहे हैं कि निजी क्षेत्र की बढ़ती भूमिका से ISRO की भूमिका कम हो जाएगी, उन्हें फिर से सोचना चाहिए.
उनके मुताबिक, हममें से हर किसी की अपनी भूमिका है. पूरी व्यवस्था तभी आगे बढ़ती है जब हम सब मिलकर काम करते हैं. यानी उनका तर्क है कि स्पेस इकोसिस्टम में ISRO, निजी कंपनियां, स्टार्टअप्स और अकादमिक संस्थान अलग-अलग भूमिकाओं में काम करेंगे.
दशकों तक भारत का स्पेस प्रोग्राम मुख्य रूप से एक सरकारी मॉडल पर चला. ISRO, रॉकेट डिजाइन करता था, बनाता था, टेस्ट करता था, लॉन्च करता था. सैटेलाइट डिजाइन और निर्माण से लेकर मिशन ऑपरेशन और नई तकनीक के विकास तक बड़ी जिम्मेदारी ISRO के पास थी. निजी उद्योग मुख्य रूप से ISRO की supply chain का हिस्सा था. अब मॉडल बदल रहा है. सरकार का विचार है कि जो technologies mature हो चुकी हैं और जिन्हें commercial scale पर बनाया जा सकता है, उनका Productionisation और Commercialisation Industry के जरिए किया जाए-
वहीं ISRO ज्यादा फोकस करे1. Frontier R&amp;amp;D2. नई पीढ़ी के लॉन्च व्हीकल3. Reusable Launch Vehicles4. Advanced Propulsion5. Human Spaceflight6. Gaganyaan7. Bharatiya Antariksh Station8. Moon और Planetary Missions9. Space Science10. Strategic और critical space capabilities
यानी सवाल यह न ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 19:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>ISRO, निजीकरण, विवाद:, असली, तस्वीर, क्या, है, और, इसके, क्या, मायने, हैं</media:keywords>
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        <title>बैंक ऑफ बड़ौदा में 1100 पदों पर भर्ती, जानें कैसे मिलेगी नौकरी?</title>
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        <description><![CDATA[ बैंकिंग क्षेत्र में सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए एक शानदार अवसर सामने आया है। बैंक ऑफ बड़ौदा ने नियमित आधार पर कुल 1,100 पदों पर भर्ती के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. इस भर्ती अभियान के तहत वेल्थ एग्जीक्यूटिव और क्रेडिट एनालिस्ट के पदों को भरा जाएगा.
योग्य और इच्छुक उम्मीदवार बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. इस भर्ती के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 4 सितंबर 2026 से शुरू हो चुकी है. उम्मीदवारों के पास आवेदन करने और फीस जमा करने के लिए 24 सितंबर 2026 तक का समय है. बैंक ने उम्मीदवारों को सलाह दी है कि वे आखिरी तारीख का इंतजार किए बिना समय से पहले अपनी आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें.
पदों का विवरण और आयु सीमा&amp;nbsp;
बैंक ऑफ बड़ौदा ने इस भर्ती को दो अलग-अलग विभागों में बांटा है.
वेल्थ एग्जीक्यूटिव- इस पद के लिए कुल 1,000 वैकेंसी निकाली गई हैं. यह पद वेल्थ मैनेजमेंट सर्विसेज विभाग के तहत आता है. इसके लिए उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 22 वर्ष और अधिकतम आयु 32 वर्ष होनी चाहिए.
क्रेडिट एनालिस्ट- कॉर्पोरेट एंड इंस्टीट्यूशनल क्रेडिट विभाग के तहत इस पद के लिए कुल 100 वैकेंसी हैं. इस पद के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की आयु 21 वर्ष से 33 वर्ष के बीच होनी चाहिए.
शैक्षणिक योग्यता और अनुभव
दोनों ही पदों के लिए अलग-अलग शैक्षणिक योग्यता और कार्य अनुभव अनिवार्य किया गया है.
वेल्थ एग्जीक्यूटिव के लिए उम्मीदवार के पास किसी भी मान्यता प्राप्त विषय में ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए. इसके साथ ही इंश्योरेंस इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया का IC 38 सर्टिफिकेट या NISM के तय सर्टिफिकेट में से कोई एक वैध सर्टिफिकेट होना जरूरी है. मैनेजमेंट में पोस्ट ग्रेजुएशन या फाइनेंस, मार्केटिंग, बैंकिंग में MBA करने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी.&amp;nbsp;
क्रेडिट एनालिस्ट के लिए उम्मीदवार का ग्रेजुएट होने के साथ-साथ चार्टर्ड अकाउंटेंट की योग्यता रखना अनिवार्य है. इसके साथ ही किसी भी शेड्यूल्ड कमर्शियल बैंक में कम से कम 1 साल का बैंकिंग अनुभव होना आवश्यक है.&amp;nbsp;
आवेदन फीस
आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को ऑनलाइन माध्यम से फीस का भुगतान करना होगा. सामान्य, EWS और OBC वर्ग के लिए आवेदन फीस 850 रुपये तय की गई है. वहीं SC, ST और महिला उम्मीदवार आवेदन फीस मात्र 175रुपये रखी गई है.&amp;nbsp;
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कैसे करें ऑनलाइन आवेदन?
सबसे पहले बैंक ऑफ बड़ौदा की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं. इसके बाद वेबसाइट के होमपेज पर दिए गए Careers सेक्शन के अंदर Current Opportunities पेज पर क्लिक करें. फिर यहां संबंधित भर्ती के लिंक पर क्लिक करके अपना रजिस्ट्रेशन करें. इसके बाद अपनी पासपोर्ट साइज फोटो, सिग्नेचर और रिज्यूम को स्कैन करके अपलोड करें. अंत में अपनी कैटेगरी के अनुसार ऑनलाइन फीस का भुगतान करें और फॉर्म को सबमिट कर दें.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 18:30:14 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>सिक्किम में JEE&amp;NEET की फ्री कोचिंग, सिर्फ इन छात्रों को ही मिलेगा फायदा</title>
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        <description><![CDATA[ सिक्किम में जेईई और नीट की तैयारी करने वाले आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए सरकार ने बड़ा ऐलान किया है. मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने शिक्षक दिवस के मौके पर सीएम-साथी पहल शुरू करने की घोषणा की है. इस योजना का मकसद ऐसे छात्रों को अच्छी कोचिंग देना है, जो इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करना चाहते हैं. लेकिन महंगे कॉलेज का खर्च उठाने में सक्षम नहीं है. ऐसे में सिक्किम के सीएम ने जेईई-नीट की फ्री कोचिंग का ऐलान किया है &amp;zwnj;
IIT कानपुर के साथ मिलकर शुरू होगी कोचिंग
सीएम-साथी योजना सिक्किम सरकार ने आईआईटी कानपुर के सहयोग से शुरू की है. इसके तहत गरीब परिवारों से आने वाले जेईई और नीट उम्मीदवारों को 2 महीने का क्रैश कोर्स कराया जाएगा. योजना के प्रस्ताव को राज्य कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में ऐसे बहुत से छात्र हैं, जो जेईई और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होकर आगे बढ़ना चाहते हैं, लेकिन उचित कोचिंग की फीस उनके लिए बड़ी बाधा बन जाती है. सीएम-साथी के जरिए ऐसे छात्रों को इस समस्या से राहत देने की कोशिश की गई है.&amp;nbsp;
केंद्र की परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी आर्थिक मदद&amp;nbsp;
शिक्षा के अलावा सिक्किम सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं के लिए लॉन्च पैड योजना का भी ऐलान किया. इसके तहत आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों, दिव्यांगों और अनाथ युवाओं को केंद्र सरकार और पीएसयू की परीक्षाओं की आर्थिक की तैयारी के लिए एक बार अधिकतम 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी. इस सहायता का इस्तेमाल स्टडी मैटेरियल, यात्रा और तैयारी से जुड़े दूसरे खर्चों के लिए किया जा सकेगा.&amp;nbsp;
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शिक्षा पर खर्च को बताया सबसे बड़ा निवेश&amp;nbsp;
सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने कहा कि उनकी सरकार शिक्षा को खर्च नहीं बल्कि सबसे जरूरी निवेश मानती है. 2025-26 में राज्य के कुल खर्च का करीब 15 प्रतिशत हिस्सा शिक्षा पर लगाया गया है. उन्होंने यह भी कहा कि सिक्किम को शिक्षा हब बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि सिक्किम को 27 मई 2026 को फुली लिटरेट स्टेट घोषित किया गया था. अब सरकार का फोकस शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने से आगे बढ़कर उसकी गुणवत्ता और उत्कृष्टता पर है.&amp;nbsp;
2035 तक सिक्किम को शिक्षा हब बनाने का टारगेट&amp;nbsp;
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का टारगेट है कि 2035 तक सिक्किम के छात्रों को अच्छे शिक्षा के लिए राज्य से बाहर जाने की जरूरत ना पड़े. इसके बजाय देश के दूसरे हिस्सों से छात्र बेहतर, समावेशी और भविष्य के लिए तैयार शिक्षा हासिल करने के लिए सिक्किम आए. सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए शिक्षकों के नियमितीकरण और भर्ती के साथ कई दूसरी योजनाओं पर भी काम कर रही है. राज्य में सिक्किम लाइफ स्किल्स करिकुलम शुरू करने की तैयारी है, जिसमें छात्रों को सीपीआर फर्स्ट एड फायर सेफ्टी और आपदा से निपटने जैसी चीज सिखाई जाएगी.
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        <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 18:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>सिक्किम, में, JEE-NEET, की, फ्री, कोचिंग, सिर्फ, इन, छात्रों, को, ही, मिलेगा, फायदा</media:keywords>
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        <title>SBI में बंपर भर्ती की तैयारी, 2027 में जुड़ेंगे 12000 नए कर्मचारी</title>
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        <description><![CDATA[ देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया वित्त वर्ष 2026-27 में करीब 12 हजार नए कर्मचारियों की भर्ती करने की तैयारी में है. एसबीआई चेयरमैन सीएस सेट्टी ने बताया कि इस साल बैंक का क्लेरिकल और ऑफिसर कैडर में करीब 11,000 से 12,000 नियुक्तियां कर सकता है. हालांकि इन नियुक्तियों की फाइनल संख्या रिटायरमेंट और बैंक की जरूरतों के आधार पर बदल भी सकती है. सीएस सेट्टी का कहना है कि बैंक को उम्मीद है कि वित्त वर्ष के अंत तक करीब 12,000 भर्तियां पूरी हो जाएगी. पिछले वित्त वर्ष में एसबीआई ने बड़े स्तर पर नियुक्तियां की थी, जिसमें करीब 1,500 स्पेशलिस्ट आईटी ऑफिसर्स भी शामिल थे. इस बार आईटी क्षेत्र में इतनी बड़ी संख्या में भर्ती की जरूरत नहीं है.
SBI में 2.45 लाख से ज्यादा कर्मचारी&amp;nbsp;
मार्च 2026 तक एसबीआई के कर्मचारियों की संख्या 2.45 लाख से ज्यादा थी. बैंक के फाइनेंशियल ईयर 2026 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में एसबीआई ने कुल 25,633 लोगों की भर्ती की थी. इनमें 4,640 ऑफिसर्स 19,340 एसोसिएट्स और 1,653 कॉन्ट्रैक्चुअल कर्मचारी थे. इस साल भर्ती का फोकस मुख्य रूप से क्लेरिकल और ऑफिसर कैडर पर रहने की उम्मीद है. हालांकि कितने पद किस कैडर में होंगे, इसकी अंतिम जानकारी बैंक की ओर से शेयर नहीं की गई है.&amp;nbsp;
SBI के नेटवर्क से जुड़ेंगी 250 नई ब्रांच&amp;nbsp;
कर्मचारियों की भर्ती के साथ एसबीआई अपने ब्रांच नेटवर्क का भी विस्तार करेगा. बैंक वित्त वर्ष 2026-27 में करीब 200 से 2500 नई शाखाएं नेट आधार पर जोड़ने की योजना बना रहा है. सीएस सेट्टी के अनुसार एसबीआई का नेटवर्क पहले से काफी बड़ा है, लेकिन अभी भी कहीं इलाकों में बैंक की मौजूदगी बढ़ाने की गुंजाइश है. नई कॉलोनियों के विकसित होने और व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ाने वाले जिलों में बैंक अपनी पहुंच मजबूत करना चाहता है. इसके साथ ही कुछ शाखों के युक्तिकरण पर भी काम किया जा रहा है.&amp;nbsp;
ये भी पढ़ें-IIM बैंगलोर दे रहा 5 लाख जीतने का मौका, 7 सितंबर तक करें आवेदन
NSE IPO में SBI बचेगा करीब 1% हिस्सेदारी&amp;nbsp;
एसबीआई चेयरमैन ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के प्रस्तावित आईपीओ को लेकर भी जानकारी दी है. एसबीआई और उसकी सहायक कंपनी एसबीआई कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड मिलकर एनएसई में अपनी करीब 1 प्रतिशत तक हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रही है. इसमें एसबीआई करीब 0.65 प्रतिशत और एसबीआई कैपिटल मार्केट करीब 0.35 प्रतिशत हिस्सेदारी भेज सकती है. हालांकि दूसरे शेयरधारकों के शामिल होने की स्थिति में यह हिस्सेदारी कम भी हो सकती है. फिलहाल एसबीआई के पास एनएसई में 3.23 प्रतिशत और एसबीआई कैपिटल मार्केट्स के पास 4.33 प्रतिशत हिस्सेदारी है. एनएसई को 30,000 करोड़ के प्रस्तावित आईपीओ के लिए नियामकीय मंजूरी मिल चुकी है. यह आईपीओ भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ बनने की संभावना रखता है. इसकी तुलना हुंडई मोटर इंडिया के 27,858.75 करोड़ एलआईसी के 20,557.23 करोड़ पेटीएम के 18,300 करोड़ टाटा कैपिटल के 15,511.87 करोड़ और लोन कॉल इंडिया के 15,200 करोड़ के इश्यू से की गई है.
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        <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 18:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>जम्मू&amp;कश्मीर बना पूर्ण साक्षर, 98.43 प्रतिशत पहुंची लिटरेसी रेट</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/जम्मू-कश्मीर-बना-पूर्ण-साक्षर-9843-प्रतिशत-पहुंची-लिटरेसी-रेट</link>
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        <description><![CDATA[ जम्मू कश्मीर ने हाल ही में साक्षरता के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. केंद्र सरकार के उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत जम्मू कश्मीर को अब पूर्ण साक्षर केंद्र शासित प्रदेश घोषित किया गया है. यहां की साक्षरता दर बढ़कर 98.43 प्रतिशत हो गई है. जम्मू कश्मीर की शिक्षा मंत्री सकीना इट्टू ने इस उपलब्धि की जानकारी देते हुए इसे पूरे जम्मू कश्मीर के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया है.
जम्मू कश्मीर की शिक्षा मंत्री ने सोशल मीडिया पर इसे लेकर पोस्ट शेयर करते हुए शिक्षकों, शिक्षा स्वयंसेवकों, अधिकारियों और उन सभी स्टूडेंट को क्रेडिट दिया है, जिन्होंने साक्षरता अभियान को अलग-अलग समुदायों तक पहुंचाने में योगदान दिया है. उन्होंने कहा कि कश्मीर के पहाड़ी इलाकों से लेकर जम्मू के मैदानी क्षेत्रों तक शिक्षा की पहुंच बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए हैं.
घर-घर सर्वे से चिन्हित किए गए लोग
शिक्षा विभाग के एक अधिकारी के अनुसार 2023 से 2026 के बीच 7.58 लाख गैर साक्षर लोगों की पहचान की गई है. इसके लिए जम्मू कश्मीर में घर-घर सर्वे, सामुदायिक जागरूकता अभियान, लोगों को जोड़ने के प्रयास और दूसरी आउटरीच एक्टिविटी चलाई गई है. इस अभियान का उद्देश्य उन लोगों तक पहुंचाना था, जो पहले किसी वजह से औपचारिक शिक्षा व्यवस्था से बाहर हो गए थे और जिन्हें बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मकता की जरूरत थी.
5.53 लाख शिक्षार्थियों ने पास किया FLNAT
अधिकारियों के अनुसार 2023 से 2026 के बीच 5.84 लाख लोगों ने फाऊंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमैरिक असेसमेंट टेस्ट की तैयारी की. इनमें से 5.53 लाख शिक्षार्थी परीक्षा में सफल रहे. उल्लास के तहत शिक्षार्थियों को सीखने के लिए जरूरी सहायता दी गई और उन्हें FLNAT में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया गया. 2025-26 में शिक्षा विभाग और शिक्षार्थियों के प्रयासों के चलते FLNAT का आयोजन दो बार किया गया. इस दौरान 3,16,883 उम्मीदवारों ने परीक्षा पास की.
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उल्लास के जरिए वयस्क शिक्षा पर फोकस
जम्मू कश्मीर की इस उपलब्धि में उल्लास यानी अंडरस्टैंडिंग ऑफ लाइफ लोंग लर्निंग फॉर ऑल इन सोसाइटी पहल की बड़ी भूमिका रही है. कार्यक्रम उन वयस्कों तक शिक्षा पहुंचाने पर केंद्रित है, जो किसी कारण शिक्षा प्राप्त नहीं कर सके. उल्लास नव भारत कार्यक्रम को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप चलाया जा रहा है. इसका उद्देश्य हर गैर साक्षर व्यक्ति को बुनियादी साक्षरता हासिल करने का मौका देना है.
शिक्षा मंत्री बोली, यह अंत नहीं शुरुआत है
जम्मू कश्मीर की शिक्षा मंत्री सकीना इट्टू ने कहा कि जम्मू कश्मीर का पूर्ण साक्षर होना शिक्षा की यात्रा का अंत नहीं है, बल्कि एक नए अध्याय की शुरुआत है. उन्होंने शिक्षा को शांति, प्रगति, सम्मान, समानता और समृद्धि से जोड़ते हुए कहा कि आगे भी साक्षरता अभियान से हासिल उपलब्धियां को बनाए रखना जरूरी होगा. उन्होंने इस उपलब्धि को लोगों की सामूहिक जीत बताया है और कहां है कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक विरासत और उपहार है.
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        <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 18:30:09 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>जम्मू-कश्मीर, बना, पूर्ण, साक्षर, 98.43, प्रतिशत, पहुंची, लिटरेसी, रेट</media:keywords>
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        <title>क्या 11 सितंबर को रहेगी स्कूलों की छुट्टी, क्या ऑनलाइन होगी पढ़ाई?</title>
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        <description><![CDATA[ ब्रिक्स सम्मेलन के चलते दिल्ली सरकार ने 11 सितंबर 2026 को स्कूलों में छुट्टी घोषित की है. यह छुट्टी सिर्फ सरकारी स्कूलों में ही नहीं, बल्कि सरकारी सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूलों पर भी लागू होगी. शिक्षा निदेशालय ने इस संबंध में आदेश जारी कर सभी संबंधित स्कूलों और अपने अधीन आने वाले कार्यालय को 11 सितंबर को बंद रखने को कहा है. यह फैसला राजधानी में ब्रिक्स सम्मेलन से जुड़े सुरक्षा, ट्रैफिक और दूसरे इंतजामों को देखते हुए लिया गया है.&amp;nbsp;
18वें ब्रिक्स समिट के चलते बंद रहेंगे स्कूल&amp;nbsp;
दिल्ली में 18वां ब्रिक्स लीडर्स समिट आयोजित किया जा रहा है. कार्यक्रम से जुड़े इंतजामों के कारण राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है और कई इलाकों में वाहनों की आवाजाही को कंट्रोल किया गया है. &amp;nbsp;इस वजह से 11 सितंबर को दिल्ली सरकार के ऑफिसेज के साथ शिक्षा निदेशालय के अधीन आने वाले स्कूलों में भी छुट्टी घोषित की गई है. शिक्षा निदेशालय के आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूल 11 सितंबर को बंद रहेंगे.&amp;nbsp;
क्या ऑनलाइन होगी पढ़ाई?&amp;nbsp;
11 सितंबर को स्कूल बंद रखने का आदेश तो जारी हो गया है, लेकिन आधिकारिक आदेशों में ऑनलाइन क्लास संचालित करने को लेकर कोई निर्देश नहीं दिया गया है. इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि उस दिन ऑनलाइन पढ़ाई कराई जाएगी या नहीं. छात्रों और पेरेंट्स को ऑनलाइन क्लास के संबंध में अपने स्कूल की ओर से जारी होने वाले अलग निर्देश का इंतजार करना होगा, जबकि 11 सितंबर को ऑनलाइन रूप से स्कूल बंद रहेंगे.&amp;nbsp;
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ब्रिक्स समिट के चलते ट्रैफिक पर भी असर&amp;nbsp;
दिल्ली सबमिट के दौरान दिल्ली की सड़कों पर भी ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित होने की संभावना है. ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए 22 डायवर्जन पॉइंट बनाए गए हैं और 35 से ज्यादा सड़कों पर आवाजाही को कंट्रोल किया जा सकता है. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने मोटरकेड की आवाज को देखते हुए रूट डायवर्जेंट की तैयारी की है. प्रमुख चौराहों और सड़कों पर ट्रैफिक की निगरानी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल भी किया जा रहा है. इससे अधिकारियों को जाम की स्थिति पहचानने और जरूरत के अनुसार ट्रैफिक व्यवस्था बदलने में मदद मिलेगी.&amp;nbsp;
12 और 13 सितंबर को भी स्कूल बंद&amp;nbsp;
11 सितंबर के बाद 12 और 13 सितंबर को शनिवार और रविवार पड़ रहा है. इसलिए सामान्य साप्ताहिक अवकाश भी रहेगा. हालांकि ब्रिक्स समिट से जुड़े ट्रैफिक और सुरक्षा प्रतिबंध इस दौरान भी कुछ इलाकों में लागू रह सकते हैं. वहीं 11 सितंबर को स्कूल की छुट्टी को लेकर स्थिति साफ है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 18:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>भगत सिंह की मार्कशीट वायरल, देखें किस सब्जेक्ट में कितने नंबर? </title>
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        <description><![CDATA[ महान क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानी शहीद भगत सिंह की कक्षा 10वीं की मार्कशीट सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है. वायरल हो रही इस मार्कशीट में उनके स्कूल के दिनों के परीक्षा रिजल्ट और अलग-अलग विषय में मिले नंबर दर्ज हैं. 1923 की इस मार्कशीट के अनुसार, भगत सिंह ने मैट्रिकुलेशन एग्जामिनेशन में शानदार प्रदर्शन किया था और 950 में से 903 अंक हासिल कर फर्स्ट डिवीजन पास हुए थे. ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं कि वायरल हो रही भगत सिंह की मार्कशीट में महान स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह को कौन से सब्जेक्ट में कितने नंबर मिले थे.&amp;nbsp;
सोशल मीडिया पर वायरल हुई भगत सिंह की मार्कशीट&amp;nbsp;
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम और फेसबुक दोनों ही जगह भगत सिंह की यह मार्कशीट वायरल हो रही है. भगत सिंह की इस मार्कशीट में गवर्नमेंट हाई स्कूल लाहौर अनडिवाइडेड इंडिया लिखा हुआ है. इस मार्कशीट के अनुसार, यह मैट्रिकुलेशन परीक्षा 1923 की मार्कशीट है. इसमें स्टूडेंट के नाम वाले कॉलम में भगत सिंह का नाम दर्ज है, इसके अलावा उनके पिता का नाम सरदार किशन सिंह, रेजिडेंस लाहौर, एप्लीकेशन नंबर 246 और जन्म तारीख 28 सितंबर 1907 भी दर्ज है. यह मार्कशीट उनकी कक्षा 10वीं की मार्कशीट है.&amp;nbsp;
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किस विषय में कितने नंबर मिले थे?
वायरल मार्कशीट के अनुसार, भगत सिंह ने अलग-अलग विषयों में अच्छे अंक हासिल किए थे. उन्हें अंग्रेजी में 100 में से 83 अंक मिले थे, जबकि उर्दू में 100 में से 88 अंक मिले थे. वहीं पंजाबी में 100 में से 92, हिस्ट्री में 100 में से 95 अंक मिले थे. इसके अलावा ज्योग्राफी में 100 में से 90, मैथमेटिक्स में 100 में से 81 अंक, &amp;nbsp;साइंस में 100 में से 87, ऐसे राइटिंग में से 100 में से 93, फिजिकल ट्रेनिंग में 50 में से 46 और कंडक्ट एग्जाम में 50 में से 48 नंबर हासिल किए थे. &amp;zwnj;
टोटल 950 में से हासिल किए थे 903 अंक&amp;nbsp;
मार्कशीट में सभी सब्जेक्ट के अंक जोड़ने पर भगत सिंह के कुल 903 अंक दर्ज हैं. वहीं परीक्षा कुल 950 नंबर की थी. इस तरह उन्होंने करीब 95 प्रतिशत अंक हासिल करते हुए फर्स्ट डिवीजन से पास हुए थे. वहीं इस मार्कशीट की तारीख के अनुसार यह मार्कशीट 15 अप्रैल 1923 को जारी की गई थी. आपको बता दें कि भगत सिंह के 10वीं कक्षा के यह नंबर सिर्फ सोशल मीडिया पर वायरल हो रही मार्कशीट के अनुसार है. एबीपी न्यूज इस मार्कशीट की पुष्टि नहीं करता है.
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        <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 18:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>केवल रेगिस्तान ही नहीं, हरियाली से लदे हैं राजस्थान के ये 5 शहर</title>
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        <description><![CDATA[ राजस्थान भारत का ऐसा राज्य है जिसे लोग अक्सर रेगिस्तान से जोड़कर देखते हैं. जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर जैसे इलाकों में दूर-दूर तक फैली रेत और रेगिस्तानी नजारे देखने को मिलते हैं. लेकिन राजस्थान की पहचान सिर्फ रेगिस्तान तक सीमित नहीं है. राज्य के कई हिस्सों में घने पेड़, पहाड़, झीलें और हरियाली भी देखने को मिलती है. कुछ शहर तो अपनी हरियाली और प्राकृतिक खूबसूरती के लिए खास तौर पर जाने जाते हैं. अगर आप राजस्थान घूमने का प्लान बना रहे हैं और रेगिस्तान से अलग कुछ देखना चाहते हैं तो इन 5 शहरों को अपनी लिस्ट में शामिल कर सकते हैं.
उदयपुर
उदयपुर को राजस्थान के सबसे खूबसूरत शहरों में गिना जाता है. यहां कई झीलें, पहाड़ और पेड़ों से घिरे इलाके देखने को मिलते हैं. पिछोला झील और फतेह सागर झील के आसपास का नजारा शहर की खूबसूरती को और बढ़ाता है. अरावली की पहाड़ियों के बीच बसे उदयपुर में आपको राजस्थान का एक ऐसा रूप देखने को मिलता है, जो रेगिस्तान से बिल्कुल अलग है. बारिश के मौसम में आसपास की हरियाली और भी ज्यादा खूबसूरत नजर आती है.
माउंट आबू
राजस्थान में अगर किसी जगह को हरियाली और पहाड़ों के लिए जाना जाता है तो माउंट आबू का नाम सबसे पहले आता है. यह राज्य का एकमात्र प्रमुख हिल स्टेशन है और यहां का मौसम भी राजस्थान के दूसरे इलाकों से काफी अलग महसूस होता है. चारों तरफ पहाड़, पेड़ और हरियाली इस जगह को खास बनाते हैं. नक्की झील के आसपास घूमना और पहाड़ी रास्तों पर प्राकृतिक नजारों का आनंद लेना यहां की ट्रिप का खास हिस्सा हो सकता है.
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अलवर
अलवर भी राजस्थान के उन शहरों में शामिल है जहां प्रकृति और हरियाली के साथ घूमने का मौका मिलता है. शहर के आसपास अरावली की पहाड़ियां और वन क्षेत्र हैं. सरिस्का टाइगर रिजर्व अलवर जिले की सबसे खास जगहों में से एक है, जहां जंगल और वन्यजीवों को देखा जा सकता है. इसके अलावा सिलिसेढ़ झील के आसपास का इलाका भी हरियाली और शांत माहौल के लिए जाना जाता है. इसलिए प्रकृति पसंद करने वालों के लिए अलवर अच्छा विकल्प हो सकता है.
कोटा
चंबल नदी के किनारे बसा कोटा सिर्फ शिक्षा के लिए ही मशहूर नहीं है. शहर और उसके आसपास कई हरे-भरे इलाके और प्राकृतिक जगहें भी हैं. चंबल नदी के किनारे का क्षेत्र, चंबल गार्डन और आसपास के पार्क शहर को एक अलग रूप देते हैं. मानसून के दौरान यहां की हरियाली और भी बढ़ जाती है. अगर राजस्थान में किसी ऐसे शहर की तलाश है जहां शहरी सुविधाओं के साथ नदी और हरियाली का नजारा भी मिल सके तो कोटा को देखा जा सकता है.
जयपुर
राजस्थान की राजधानी जयपुर को भले ही किले, महलों और गुलाबी रंग की इमारतों के लिए जाना जाता है, लेकिन यहां भी कई हरे-भरे स्थान हैं. शहर में सेंट्रल पार्क जैसे बड़े हरियाली वाले क्षेत्र हैं. इसके अलावा जयपुर के आसपास अरावली की पहाड़ियां और कई प्राकृतिक जगहें देखने को मिलती हैं. मानसून के समय पहाड़ियों और आसपास के इलाकों में हरियाली बढ़ जाती है. इसलिए जयपुर घूमने पर सिर्फ ऐतिहासिक इमारतें ही नहीं, बल्कि शहर का हरियाली वाला हिस्सा भी देखा जा सकता है.
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        <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 17:30:11 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>केवल, रेगिस्तान, ही, नहीं, हरियाली, से, लदे, हैं, राजस्थान, के, ये, शहर</media:keywords>
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        <title>Flour Bugs: आटे में कीड़े और घुन से हैं परेशान? 1 ट्रिक से पाएं छुटकारा</title>
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        <description><![CDATA[ Pantry Pests And Flour Weevils Prevention Tips: रसोई में कुछ बनाने के लिए जैसे ही आप आटे की डिब्बी खोलते हैं और उसके आसपास छोटे-छोटे कीड़े दिखाई देने लगते हैं, तो सबसे पहले यही ख्याल आता है कि कहीं पूरा आटा खराब तो नहीं हो गया. कई बार आटे में सचमुच छोटे कीड़े या उनके लार्वा दिखाई दे सकते हैं. लेकिन ऐसा होने का मतलब यह नहीं है कि घर गंदा है या आपने आटे को सही तरीके से नहीं रखा था.
दरअसल, आटा और दूसरे सूखे खाद्य पदार्थों में कुछ ऐसे कीट लग सकते हैं जिन्हें पैंट्री पेस्ट कहा जाता है. ये कीड़े घर के साफ-सुथरे किचन में भी पहुंच सकते हैं. कई बार इनके अंडे या लार्वा पहले से ही किसी खाद्य पैकेट में मौजूद होते हैं और सामान खरीदकर घर लाने के बाद इनकी संख्या बढ़ने लगती है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, आटे के अलावा ये कीड़े सूजी, बेसन, कॉर्नमील, ओट्स, चावल, दाल, अनाज, पास्ता, सीरियल, मसाले, मेवे, ड्राई फ्रूट्स, बिस्किट, केक मिक्स, चॉकलेट और पालतू जानवरों के खाने जैसी चीजों में भी मिल सकते हैं. इसलिए अगर एक पैकेट में कीड़े दिखाई दें, तो आसपास रखे दूसरे सामान को भी जरूर चेक करना चाहिए.
आटे में दिखने वाले ये छोटे कीड़े कौन से होते हैं?
पैंट्री में मिलने वाले कीट आमतौर पर दो तरह के होते हैं. इनमें एक तरफ छोटे बीटल यानी भृंग होते हैं और दूसरी तरफ पतंगे. आटे में मिलने वाले बीटल लाल-भूरे से लेकर काले रंग के हो सकते हैं और इनका आकार काफी छोटा होता है. दूसरी ओर, अगर आपको आटे या उसके आसपास छोटे सफेद या क्रीम रंग के कीड़े रेंगते दिखाई दें, तो ये किसी पतंगे के लार्वा हो सकते हैं.

कई बार पतंगों के लार्वा के अलावा उनकी चिपचिपी जाली जैसी संरचना भी दिखाई देती है. ये जालियां डिब्बे, पैकेट, शेल्फ या कैबिनेट के कोनों में भी मिल सकती हैं. कुछ मामलों में बड़े कीड़े दिखाई नहीं देते, लेकिन उनके अंडे या लार्वा खाद्य पदार्थ में मौजूद हो सकते हैं.
आटे में कीड़े दिखें तो सबसे पहले क्या करें?
सबसे पहले उस आटे को अलग कर दें जिसमें कीड़े दिखाई दिए हैं. अगर उसमें कीड़े, लार्वा या जाले साफ नजर आ रहे हैं, तो उसे इस्तेमाल करने के बजाय एक बैग में अच्छी तरह बंद करके घर के बाहर रखे कूड़ेदान में फेंकना बेहतर है. इसके बाद सिर्फ उसी डिब्बे को साफ करके रुक न जाएं. जिस जगह आटा रखा था, उसके आसपास मौजूद सभी पैकेट और डिब्बों को ध्यान से देखें. चावल, दाल, सूजी, मसाले, पास्ता, बिस्किट और दूसरे सूखे सामान में भी किसी तरह के कीड़े, लार्वा या जाले तो नहीं हैं, यह जरूर चेक करें. रसोई की दूसरी अलमारियों और मसालों वाली जगह को भी नजरअंदाज न करें. पैंट्री पेस्ट एक खाद्य पदार्थ से दूसरे तक पहुंच सकते हैं, इसलिए पूरी स्टोरेज एरिया की जांच करना जरूरी है.

इसके बाद शेल्फ, कैबिनेट के कोनों और दरारों को अच्छी तरह वैक्यूम करें. खासतौर पर जहां शेल्फ और दीवार मिलती है, वहां आटा या अनाज के छोटे कण जमा हो सकते हैं. इन्हीं जगहों पर कुछ कीट अंडे भी छोड़ सकते हैं. अगर कहीं चिपचिपी जाली या कीड़ों के खोल दिखाई दें, तो उन्हें हटाकर तुरंत फेंक दें. सिर्फ ऊपर से कपड़ा फेर देने से समस्या पूरी तरह खत्म नहीं होगी.
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सिर्फ तेजपत्ता रखने से समस्या खत्म नहीं होगी
आटे में कीड़े दिखाई देने पर कई लोग डिब्बे में तेजपत्ता, नींबू का तेल या दूसरे घरेलू उपाय इस्तेमाल करने लगते हैं. लेकिन इन उपायों के प्रभावी होने के पर्याप्त साइंटफिक कारण नहीं हैं. इसलिए संक्रमित आटे में कोई घरेलू चीज डालकर उसे बचाने की कोशिश करने के बजाय पहले संक्रमण के सोर्स को ढूंढना ज्यादा जरूरी है. एक बार सफाई करने के बाद करीब दो हफ्ते बाद रसोई की दोबारा जांच करें. अगर कई हफ्तों तक सफाई और जांच के बावजूद कीड़े लगातार नजर आते रहें, तो पेस्ट कंट्रोल प्रोफेशनल की मदद लेना बेहतर रहेगा.
आगे से आटे में कीड़े न पड़ें, इसके लिए क्या करें?
आटा, अनाज और दूसरे सूखे खाद्य पदार्थों को उनकी खुली पैकिंग में रखने के बजाय एयरटाइट कंटेनर में रखना बेहतर है. कांच के जार या अच्छी तरह सील होने वाले कंटेनर इसके लिए इस्तेमाल किए जा सकते हैं. सामान खरीदते समय पैकेट को ध्यान से देखें. फटे, खुले या क्षतिग्रस्त पैकेट लेने से बचें. पुराने आटे और अनाज को पहले इस्तेमाल करें और संभव हो तो आटे जैसे कुछ खाद्य पदार्थों को लंबे समय तक रखने के लिए फ्रिज या फ्रीजर का इस्तेमाल किया जा सकता है. रसोई में आटा, चावल या दूसरे अनाज गिर जाएं तो उन्हें तुरंत साफ करें. अलमारियों और उनके कोनों की समय-समय पर सफाई और वैक्यूमिंग भी जरूरी है.
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        <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 17:30:10 +0530</pubDate>
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        <title>Pressure Cooker Rubber: कुकर की रबर ढीली हो गई, जानें इसे सही करने का तरीका</title>
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        <description><![CDATA[ How To Fix Loose Pressure Cooker Rubber: प्रेशर कुकर रोजमर्रा की रसोई का ऐसा बर्तन है, जिसका इस्तेमाल दाल और सब्जियां बनाने से लेकर कई चीजों को जल्दी पकाने तक किया जाता है. इसमें खाना कम समय में तैयार हो जाता है, इसलिए ज्यादातर घरों में यह रोजाना इस्तेमाल होने वाले बर्तनों में शामिल है. लेकिन प्रेशर कुकर का इस्तेमाल करते समय थोड़ी-सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है. खासकर कुकर के ढक्कन में लगी रबर यानी गैसकेट को लेकर सावधानी बरतना बेहद जरूरी है.
कुकर की रबर ढक्कन को ठीक से बंद रखने और अंदर दबाव बनने में अहम भूमिका निभाती है. अगर यह रबर ढीली हो जाए, अपनी जगह से निकलने लगे या ठीक से फिट न बैठे, तो कुकर में दबाव बनने में परेशानी हो सकती है. ऐसे में कई लोग घर पर ही रबर को दोबारा कसने के तरीके खोजने लगते हैं. लेकिन यहां सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि खराब या ढीली गैसकेट को किसी अस्थायी जुगाड़ से ठीक करके कुकर चलाना सही तरीका नहीं है.
सबसे पहले रबर की हालत जरूर जांचें
अगर कुकर की रबर पहले की तुलना में ढीली महसूस हो रही है, तो उसे ध्यान से देखें. रबर में दरार, कट, ज्यादा खिंचाव, कठोरपन या किसी हिस्से में असमानता दिखाई दे तो उसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. लंबे समय तक इस्तेमाल होने के बाद गैसकेट अपना लचीलापन खो सकती है और ढक्कन में सही तरह से फिट नहीं बैठती. ऐसी स्थिति में सिर्फ रबर को ठंडा करके या किसी तरीके से सिकोड़कर दोबारा इस्तेमाल करने की कोशिश करने के बजाय उसे बदलना बेहतर है. कुकर के मॉडल के अनुसार सही आकार और निर्माता द्वारा बताए गए गैसकेट का ही इस्तेमाल करना चाहिए.

ठंडा करने से रबर कुछ समय के लिए कस सकती है
दिए गए स्रोत में ढीली रबर को ठंडा करने का तरीका बताया गया है. इसमें रबर पर ठंडा पानी डालने या कुछ समय के लिए ठंडी जगह पर रखने की बात कही गई है, जिससे वह थोड़ी सिकुड़ सकती है और ढक्कन में आसानी से फिट हो सकती है. हालांकि यह स्थायी समाधान नहीं माना जाना चाहिए. अगर रबर बार-बार ढीली हो रही है, तो यह इस बात का संकेत हो सकता है कि गैसकेट बदलने का समय आ गया है. कुकर में दबाव बनने के दौरान ढक्कन को हाथ से पकड़कर रखने जैसे उपाय भी नहीं करने चाहिए. दबाव वाले कुकर को जबरदस्ती बंद रखने या अस्थायी तरीके से सील करने की कोशिश जोखिम भरी हो सकती है.
आटे या टेप से सील करने का जुगाड़ न करें
दिए गए कंटेंट में ढक्कन के आसपास आटा लगाने और रबर पर टेप चिपकाने जैसे घरेलू उपायों का भी जिक्र है. लेकिन प्रेशर कुकर के मामले में ऐसे जुगाड़ से बचना ही समझदारी है. कुकर के अंदर दबाव बनता है और उसकी सीलिंग प्रणाली किसी अस्थायी सामग्री पर निर्भर करने के लिए नहीं बनाई जाती. आटा या चिपकने वाला टेप रबर का सही विकल्प नहीं है. इससे ढक्कन की सीलिंग, कुकर के दबाव और सुरक्षा पर असर पड़ सकता है. इसलिए अगर रबर ठीक से फिट नहीं हो रही है, तो कुकर को चलाने के बजाय पहले समस्या को ठीक करना जरूरी है.

कुकर को हमेशा समतल जगह पर रखें. प्रेशर कुकर का इस्तेमाल करते समय उसे सीधी और स्थिर सतह पर रखना चाहिए. इससे खाना बनाते समय कुकर सही स्थिति में रहता है और ढक्कन तथा गैसकेट पर अनावश्यक दबाव पड़ने की संभावना कम होती है. इसके अलावा कुकर को जरूरत से ज्यादा गर्म करने या खाली कुकर चलाने जैसी गलतियों से भी बचना चाहिए.
हर इस्तेमाल के बाद रबर की सफाई करें
खाना बनाने के बाद कुकर की रबर को निकालकर अच्छी तरह धोना जरूरी है. इसमें दाल, मसाले, तेल या खाने के छोटे कण फंस सकते हैं. अगर इन्हें लंबे समय तक साफ न किया जाए, तो रबर पर गंदगी जम सकती है और उसकी हालत खराब हो सकती है. रबर को धोने के बाद उसे अच्छी तरह सुखाकर ही दोबारा लगाएं. दिए गए स्रोत में इसे डिशवॉशर में न डालने की सलाह भी दी गई है. बेहतर होगा कि गैसकेट की सफाई और देखभाल के लिए अपने कुकर के निर्माता द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करें.
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ढीली रबर को नजरअंदाज करना सही नहीं
अगर कुकर की रबर ढीली हो गई है और बार-बार अपनी जगह से निकल रही है, तो इसे छोटी समस्या समझकर कोई घरेलू जुगाड़ करने के बजाय बदल देना सबसे सुरक्षित विकल्प है. खासकर अगर रबर पुरानी, फटी हुई या कठोर हो चुकी है, तो उसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. प्रेशर कुकर में सुविधा के साथ सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है. इसलिए रबर ढीली होने पर उसे किसी टेप, आटे या दूसरे अस्थायी तरीके से कसने के बजाय सही गैसकेट लगाएं. इससे कुकर का ढक्कन ठीक तरह से फिट रहेगा और खाना बनाते समय अनावश्यक जोखिम से भी बचा जा सकेगा.
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        <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 17:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>Musty Smell in Home: बारिश के बाद घर में सीलन की बदबू, जानें इसे दूर करने का तरीका</title>
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        <description><![CDATA[ How To Remove Musty Damp Smell From House: बारिश का मौसम गर्मी से राहत जरूर देता है, लेकिन इसके साथ घर में नमी और सीलन की समस्या भी बढ़ जाती है. बारिश रुकने के बाद जब आप घर के किसी कमरे में जाते हैं और वहां गीले कपड़े या नम तौलिये जैसी अजीब सी गंध महसूस होती है, तो इसकी वजह सिर्फ बंद कमरा नहीं होती. लगातार बढ़ी हुई नमी, गीली सतहों और हवा का ठीक से आवागमन न होने के कारण घर में ऐसी बदबू टिकने लगती है. अच्छी बात यह है कि कुछ आसान सावधानियों और सही देखभाल से इस समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है.
बारिश के बाद घर में सीलन की बदबू क्यों आती है?
बारिश के दिनों में हवा में नमी काफी बढ़ जाती है. यह नमी दीवारों, कालीन, फर्नीचर और घर के दूसरे सामान में भी समा सकती है. जब घर के अंदर की सतहें लंबे समय तक नम रहती हैं, तो वहां फफूंद और मिल्ड्यू पनपने का खतरा बढ़ जाता है. इन्हीं की वजह से घर में एक खास तरह की बासी और सीलन भरी गंध आने लगती है. इसके अलावा, घर के आसपास जमा पानी, बंद नालियां, गीले कपड़े, जूते और छाते भी इस बदबू को बढ़ा सकते हैं. बारिश के दौरान खिड़कियां और दरवाजे लंबे समय तक बंद रखने से ताजी हवा अंदर नहीं आ पाती और पहले से मौजूद गंध कमरे में ही बनी रहती है.

घर में नमी को जमा न होने दें
सीलन की बदबू को दूर करने का सबसे जरूरी तरीका है कि नमी को ज्यादा देर तक टिकने न दिया जाए. बारिश के बाद घर की दीवारों, फर्श और दूसरी गीली सतहों को अच्छी तरह पोंछकर सुखाएं. अगर किसी दीवार या कोने में पानी रिसने की समस्या दिखाई दे रही है, तो उसे नजरअंदाज न करें. अलमारियों और ऐसे कोनों पर भी ध्यान दें जहां हवा कम पहुंचती है. जिन जगहों पर बार-बार नमी जमा होती है, वहां नमी सोखने वाले उत्पाद रखे जा सकते हैं. इससे बंद जगहों में अतिरिक्त नमी को कम करने में मदद मिल सकती है और सीलन की गंध बढ़ने की संभावना भी कम होती है.
बारिश रुकते ही घर में हवा आने दें
बारिश के दौरान खिड़कियां बंद रखना जरूरी हो सकता है, लेकिन बारिश रुकने के बाद घर को लंबे समय तक बंद न रखें. जब बाहर का मौसम ठीक हो, तो खिड़कियां और दरवाजे खोल दें ताकि ताजी हवा घर के अंदर आ सके. अगर घर में आमने-सामने की खिड़कियां या दरवाजे हैं, तो उन्हें खोलने से हवा का बेहतर प्रवाह हो सकता है. अच्छा वेंटिलेशन घर के अंदर जमा नमी को कम करने में मदद करता है. इससे फफूंद और मिल्ड्यू के बढ़ने की संभावना भी घटती है और धीरे-धीरे बासी गंध कम होने लगती है.

अगर किसी कमरे में हवा का आवागमन कम है और वहां नमी लगातार बनी रहती है, तो नमी कम करने वाली मशीन यानी डीह्यूमिडिफायर उपयोगी हो सकता है. यह हवा में मौजूद अतिरिक्त नमी को खींचने में मदद करता है. बारिश के मौसम में इसका इस्तेमाल घर के अंदर का वातावरण ज्यादा आरामदायक रखने और नमी से जुड़ी समस्याओं को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है.
घर के अंदर पौधे लगाते समय रखें ध्यान
कुछ पौधे घर के वातावरण को बेहतर बनाने और हवा में मौजूद नमी को संतुलित करने में मदद कर सकते हैं. पीस लिली, फर्न और इंग्लिश आइवी जैसे पौधे घर की सजावट भी बढ़ाते हैं. हालांकि सिर्फ पौधे रखने से सीलन की समस्या खत्म नहीं होगी. अगर घर में नमी बहुत ज्यादा है, तो उसके मुख्य कारण जैसे रिसाव और खराब वेंटिलेशन को ठीक करना भी जरूरी है.
बदबू कम करने के लिए आजमाएं ये घरेलू तरीके
अगर कमरे में सीलन की गंध बनी हुई है, तो सफेद सिरके को एक खुले कटोरे में रखकर कुछ समय के लिए कमरे में रखा जा सकता है. यह बंद कमरों और बाथरूम जैसी जगहों में मौजूद बासी गंध को कम करने में मदद कर सकता है. इसी तरह कालीन या कपड़े के सोफे जैसी सतहों पर बेकिंग सोडा छिड़ककर करीब 30 मिनट के लिए छोड़ सकते हैं. इसके बाद उसे अच्छी तरह वैक्यूम कर दें. इन तरीकों का इस्तेमाल करने से पहले यह देखना जरूरी है कि जिस जगह पर सफाई की जा रही है, वहां नमी या फफूंद की असली समस्या तो नहीं है. सिर्फ बदबू को दबाने से समस्या पूरी तरह खत्म नहीं होती.
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गीले कपड़े और जूते घर में न छोड़ें
बारिश के मौसम में गीले कपड़े, जूते और छाते घर के अंदर रखने से नमी तेजी से बढ़ सकती है. कोशिश करें कि कपड़ों को अच्छी तरह हवा वाली जगह पर सुखाया जाए. अगर बाहर सुखाना संभव न हो, तो उन्हें ऐसे कमरे में रखें जहां पर्याप्त हवा आती-जाती हो. गीले जूतों और छातों को भी इस्तेमाल के बाद अच्छी तरह सुखाना जरूरी है, वरना उनकी नमी पूरे कमरे में सीलन जैसी गंध फैला सकती है.
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        <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 17:30:07 +0530</pubDate>
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        <title>Iodine Deficiency: आयोडीन की कमी से हैं परेशान? डाइट में शामिल करें ये 4 चीजें</title>
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        <description><![CDATA[ Why Iodine Is Essential For Thyroid Health: आयोडीन शरीर के लिए जरूरी खनिजों में से एक है, जिसकी मात्रा भले ही कम चाहिए होती है, लेकिन इसकी भूमिका काफी महत्वपूर्ण होती है. यह शरीर में थायरॉइड हार्मोन बनाने में मदद करता है. ये हार्मोन मेटाबॉलिज्म, एनर्जी के स्तर और शरीर की सामान्य वृद्धि जैसे कई जरूरी कामों को प्रभावित करते हैं. खासकर बच्चों के ब्रेन विकास और सीखने-समझने की क्षमता के लिए पर्याप्त आयोडीन जरूरी माना जाता है. गर्भावस्था के दौरान भी आयोडीन की जरूरत पर खास ध्यान देना चाहिए, क्योंकि यह भ्रूण के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.
हेल्थ के बारे में जानकारी देने वाली संस्था clevelandclinic के अनुसार, शरीर में आयोडीन की कमी लंबे समय तक बनी रहे तो इसका असर स्वास्थ्य पर अलग-अलग तरीकों से दिखाई दे सकता है. आयोडीन की कमी से गले में थायरॉइड ग्रंथि बढ़ने की समस्या हो सकती है, जिसे घेंघा कहा जाता है. इसके अलावा थायरॉइड हार्मोन का स्तर कम होने से थकान, वजन बढ़ना और ठंड ज्यादा महसूस होना जैसी परेशानियां हो सकती हैं. बच्चों में इसकी कमी विकास और मानसिक क्षमता को भी प्रभावित कर सकती है. एकाग्रता और याददाश्त से जुड़ी दिक्कतें भी आयोडीन की कमी से जुड़ी हो सकती हैं. गर्भावस्था में पर्याप्त आयोडीन न मिलना भी चिंता का विषय हो सकता है.
आयोडीन शरीर के लिए क्यों है इतना जरूरी?
आयोडीन का सबसे अहम काम थायरॉइड हार्मोन के निर्माण में मदद करना है. ये हार्मोन शरीर के मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करने के साथ ऊर्जा के इस्तेमाल और सामान्य विकास में भी भूमिका निभाते हैं. बच्चों के विकास के दौरान इसका महत्व और बढ़ जाता है. गर्भावस्था में पर्याप्त आयोडीन भ्रूण के स्वस्थ विकास के लिए जरूरी होता है. इसलिए रोजाना के भोजन में आयोडीन के पर्याप्त सोर्स शामिल करना जरूरी है.

आयोडीन की कमी से बचने के लिए क्या खाएं?
आयोडीन पाने का सबसे आसान तरीका आयोडीन युक्त नमक का इस्तेमाल करना है. रोजाना खाना बनाते समय सामान्य नमक की जगह आयोडीन युक्त नमक चुनकर शरीर की जरूरत पूरी करने में मदद मिल सकती है. हालांकि नमक का इस्तेमाल जरूरत से ज्यादा करना सही नहीं है, इसलिए आयोडीन पाने के लिए नमक की मात्रा बढ़ाने के बजाय सही प्रकार का नमक चुनना बेहतर तरीका है.
समुद्री खाद्य पदार्थ भी आयोडीन के अच्छे स्रोतों में शामिल हैं. समुद्री शैवाल में प्राकृतिक रूप से आयोडीन की मात्रा काफी अधिक हो सकती है. मछली और दूसरे समुद्री खाद्य पदार्थों से भी आयोडीन मिल सकता है. इन्हें अपनी सामान्य खानपान की आदतों और उपलब्धता के अनुसार आहार में शामिल किया जा सकता है.

दूध और उससे बने उत्पाद भी आयोडीन देने वाले खाद्य पदार्थों में शामिल हैं. दूध, दही और चीज जैसे डेयरी उत्पादों को संतुलित आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है. अंडे भी आयोडीन का एक अच्छा सोर्स हैं और इनमें प्रोटीन भी मिलता है, इसलिए इन्हें भोजन में शामिल करना एक उपयोगी विकल्प हो सकता है.
आलू में भी कुछ मात्रा में आयोडीन पाया जाता है. हालांकि किसी एक खाद्य पदार्थ पर निर्भर रहने के बजाय अलग-अलग खाद्य स्रोतों को मिलाकर संतुलित आहार लेना बेहतर रहता है. इनके साथ ही अंडे भी आयोडीन का अच्छा सोर्स माने जाते हैं. अंडे में आयोडीन के अलावा प्रोटीन भी मिलता है, इसलिए यह रोजाना के संतुलित आहार में उपयोगी विकल्प हो सकता है.
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आयोडीन युक्त नमक को कैसे रखें सुरक्षित?
आयोडीन युक्त नमक का इस्तेमाल करना जितना जरूरी है, उसे सही तरीके से रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है. आयोडीन नमी, गर्मी और लंबे समय तक रोशनी के संपर्क में रहने से कम हो सकता है. इसलिए नमक को खुले बर्तन में रखने के बजाय सूखे और अच्छी तरह बंद डिब्बे में रखना बेहतर है. खाना बनाते समय भी नमक को जरूरत से बहुत पहले डालने के बजाय खाना लगभग तैयार होने के आसपास डालना आयोडीन को बनाए रखने में मदद कर सकता है.
कुछ खाद्य पदार्थों को लेकर क्यों बरतें सावधानी?
कुछ खाद्य पदार्थों को गोइट्रोजेनिक खाद्य पदार्थ कहा जाता है, जो थायरॉइड से जुड़ी प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं. इनमें पत्तागोभी, फूलगोभी और सोयाबीन जैसी चीजें शामिल हैं. इसका मतलब यह नहीं है कि इन्हें पूरी तरह खाना बंद कर देना चाहिए. संतुलित मात्रा में इनका सेवन सामान्य आहार का हिस्सा हो सकता है, लेकिन आयोडीन की कमी से जूझ रहे लोगों को अपने खानपान को लेकर एक्सपर्ट की सलाह लेना उपयोगी हो सकता है.
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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें. ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 17:30:06 +0530</pubDate>
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        <title>उत्तर भारत में संगठन विस्तार को मिलेगी नई रफ्तार, दिनेश कुमार जी ने संभाली महत्वपूर्ण जिम्मेदारी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/Organizational-expansion-in-North-India-is-set-to-gain-new-momentum-as-Shri-Dinesh-Kumar-Ji-takes-on-an-important-responsibility.</link>
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        <description><![CDATA[  ]]></description>
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        <title>18 सितंबर को मंगल बनाएंगे नीचभंग राजयोग, क्या है ये योग, 4 राशियों के जीवन में आएगा बड़ा ट्विस्ट</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/18-सितंबर-को-मंगल-बनाएंगे-नीचभंग-राजयोग-क्या-है-ये-योग-4-राशियों-के-जीवन-में-आएगा-बड़ा-ट्विस्ट</link>
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        <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 16:30:19 +0530</pubDate>
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        <title>Budh Gochar 2026: बुध का कन्या राशि में प्रवेश आज, 26 सितंबर तक ये 5 गलतियां पड़ सकती हैं भारी</title>
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        <description><![CDATA[ Budh Gochar 2026: बुध 7 सितंबर 2026 दोपहर को अपनी उच्च और स्वराशि कन्या में प्रवेश कर रहे हैं. इस राशि में बुध 26 सितंबर तक रहेंगे. मजबूत बुध जहां कामकाज, कारोबार और पढ़ाई में आगे बढ़ने का अवसर देंगे, वहीं छोटी-सी चूक बड़ा नुकसान भी करा सकती है. जानें इस दौरान किन राशियों को किस बात से सावधान रहना होगा.
किसी जरूरी ईमेल में गलत अटैचमेंट भेज देना, बिना पढ़े किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर कर देना या डिजिटल पेमेंट करते समय एक अंक गलत लिख देना, ये ऐसी छोटी गलतियां हैं जिन्हें अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है. लेकिन ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार 7 सितंबर से शुरू हो रहा बुध का गोचर इन्हीं छोटी चूकों को महत्वपूर्ण बना सकता है.

बुद्धि, वाणी, गणना, व्यापार और संचार के कारक बुध 7 सितंबर 2026 को सिंह राशि से निकलकर कन्या राशि में प्रवेश कर रहे हैं. कन्या बुध की अपनी राशि होने के साथ उनकी उच्च राशि भी मानी जाती है. बुध 26 सितंबर तक इसी राशि में रहेंगे. इसलिए आने वाले करीब 19 दिन केवल आर्थिक लाभ के लिहाज से ही नहीं, बल्कि काम में सटीकता और सही निर्णय लेने की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण रहेंगे.
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कन्या राशि में बुध का गोचर क्यों है खास?
ज्योतिष शास्त्र में कन्या राशि का संबंध व्यवस्था, हिसाब-किताब, विश्लेषण, स्वास्थ्य, सेवा और छोटी बातों पर ध्यान देने से माना गया है. वहीं बुध बुद्धि, तर्क, संवाद, लेखन, बैंकिंग, कारोबार और तकनीक के कारक हैं. ऐसे में कन्या राशि में बुध की स्थिति व्यक्ति को व्यावहारिक और विश्लेषणात्मक बना सकती है.
हालांकि मजबूत बुध का अर्थ यह नहीं है कि प्रत्येक व्यक्ति को बिना प्रयास के धन या सफलता मिल जाएगी. यह गोचर अवसरों के साथ काम की कमियां भी सामने ला सकता है. खासकर वे गलतियां, जिनका संबंध दस्तावेज, संवाद, पैसे और आंकड़ों से है.
कन्या राशि में बुध होने से भद्र महापुरुष योग की चर्चा भी की जाती है. लेकिन प्रत्येक व्यक्ति की कुंडली में केवल इस गोचर से पूर्ण भद्र महापुरुष योग नहीं बनेगा. इसके लिए लग्न, बुध का भाव, जन्मकुंडली में उनकी स्थिति और चल रही दशा-अंतर्दशा देखना जरूरी होता है.
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26 सितंबर तक किन 5 गलतियों से बचना चाहिए?
1. बिना पढ़े दस्तावेज पर हस्ताक्षर करना
नौकरी का ऑफर लेटर, प्रॉपर्टी पेपर, बैंक फॉर्म, बीमा दस्तावेज या कारोबारी समझौता हस्ताक्षर करने से पहले दोबारा पढ़ें. मजबूत बुध जल्द समझने की क्षमता देते हैं, लेकिन अत्यधिक आत्मविश्वास के कारण व्यक्ति जरूरी शर्त नजरअंदाज भी कर सकता है.
वृषभ, सिंह, धनु और कुंभ राशि के लोग कागजी काम में विशेष सावधानी रखें.
2. जल्दबाजी में ईमेल या मैसेज भेजना
बुध वाणी के साथ लिखित और डिजिटल संचार के भी कारक माने जाते हैं. गलत व्यक्ति को मैसेज भेजना, अधूरी जानकारी शेयर करना या गुस्से में जवाब देना ऑफिस और रिश्तों दोनों में परेशानी पैदा कर सकता है.
मेष, मिथुन, कन्या और वृश्चिक राशि को कोई महत्वपूर्ण मैसेज भेजने से पहले एक बार पढ़ लेना चाहिए.
3. हिसाब-किताब जांचे बिना भुगतान करना
व्यापारियों और नौकरीपेशा लोगों को बिल, इनवॉइस, सैलरी स्लिप और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन ध्यान से जांचने चाहिए. किसी पुराने भुगतान या उधार का हिसाब भी दोबारा सामने आ सकता है.
कर्क, सिंह, तुला और मकर राशि धन संबंधी आंकड़ों में लापरवाही न करें.
4. हर बात में कमी निकालना
कन्या राशि का बुध विश्लेषण करने की क्षमता बढ़ाता है, लेकिन इसका नकारात्मक रूप अत्यधिक आलोचना के रूप में दिखाई दे सकता है. बार-बार दूसरों की गलती निकालने से कार्यस्थल और परिवार में तनाव बढ़ सकता है.
मिथुन, कन्या, धनु और मीन राशि को अपनी बात रखने के तरीके पर ध्यान देना होगा.
5. कई काम एक साथ शुरू करना
तेज बुध एक साथ कई विचार दे सकते हैं. इससे व्यक्ति नई योजनाएं तो बना लेता है, लेकिन उन्हें पूरा करना कठिन हो सकता है. 26 सितंबर तक प्राथमिकता तय करके काम करना अधिक उपयोगी रहेगा.
मेष, तुला, कुंभ और मीन राशि नई योजना शुरू करने से पहले पुराने अधूरे कामों की सूची देखें.
12 राशियों पर बुध गोचर का प्रभाव

मेष राशि: नौकरी में प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है. ईमेल, रिपोर्ट और दैनिक काम में छोटी भूल से बचें.
वृषभ राशि: रचनात्मक काम और पढ़ाई में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं. निवेश या प्रेम संबंध में जल्द निष्कर्ष न निकालें.
मिथुन राशि: घर, संपत्ति और नौकरी से जुड़ा निर्णय सामने आ सकता है. परिवार की बात पूरी सुने बिना प्रतिक्रिया न दें.
कर्क राशि: संपर्क और संवाद का दायरा बढ़ेगा. किसी महत्वपूर्ण जानकारी या दस्तावेज को बिना जांचे आगे न भेजें.
सिंह राशि: धन और वाणी पर बुध का प्रभाव रहेगा. बजट, भुगतान और बैंक से जुड़े आंकड़े दोबारा जांचें.
कन्या राशि: बुध का गोचर व्यक्तित्व और निर्णय क्षमता को प्रभावित करेगा. आत्मविश्वास बढ़ेगा, लेकिन अत्यधिक आलोचनात्मक होने से बचें.
तुला राशि: खर्च और विदेश से जुड़े मामलों में सक्रियता बढ़ सकती है. गोपनीय जानकारी और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन को लेकर सतर्क रहें.
वृश्चिक राशि: आय और नेटवर्किंग के अवसर मिल सकते हैं. किसी मित्र या सहकर्मी के मौखिक आश्वासन पर निर्भर न रहें.
धनु राशि: करियर में नई जिम्मेदारी मिल सकती है. वरिष्ठ अधिकारियों से बात करते समय शब्दों का चयन सावधानी से करें.
मकर राशि: पढ़ाई, यात्रा और कानूनी दस्तावेजों से जुड़े काम आगे बढ़ सकते हैं. आवेदन भरते समय जानकारी जांच लें.
कुंभ राशि: अचानक खर्च या पुराने आर्थिक मामले सामने आ सकते हैं. पासवर्ड और बैंकिंग डिटेल सुरक्षित रखें.
मीन राशि: साझेदारी और संबंधों में बातचीत महत्वपूर्ण रहेगी. किसी सम ]]></description>
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        <title>Kal Ka Rashifal 8 September 2026: मंगलवार को हनुमान जी की कृपा से इन राशियों को मिलेगा अटका धन, जानें मेष से मीन कल का राशिफल</title>
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        <description><![CDATA[ Kal Ka Rashifal: मंगलवार, 8 सितंबर 2026 का दिन मेष से लेकर मीन राशि तक के सभी 12 जातकों के लिए ग्रह-नक्षत्रों के दृष्टिकोण से विशेष फलदायी और महत्वपूर्ण रहने वाला है. कल भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि दोपहर 02:44:47 बजे तक रहेगी, जिसके बाद त्रयोदशी तिथि का आरंभ होगा. वहीं नक्षत्रों का राजा माना जाने वाला पुष्य नक्षत्र शाम 04:40:11 बजे तक प्रभावी रहेगा, तत्पश्चात अश्लेषा नक्षत्र शुरू होगा. योग की बात करें तो देर रात 24:40:22 (तड़के 12:40 बजे) तक परिघ योग रहेगा, जिसके बाद शिव योग का आरंभ होगा.
मंगलवार का पावन दिन संकटमोचन हनुमान जी की पूजा-अर्चना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है. पुष्य नक्षत्र और द्वादशी तिथि के शुभ प्रभाव से कई राशियों के जातकों को करियर में नए अवसर, रुका हुआ धन वापस मिलने, व्यापार में बड़ा विस्तार और कोर्ट-कचहरी के मामलों में विजय मिलने के प्रबल योग बन रहे हैं.
पंचांग (8 सितंबर 2026, मंगलवार)

तिथि: भाद्रपद कृष्ण पक्ष द्वादशी (दोपहर 14:44:47 बजे तक), तत्पश्चात त्रयोदशी
नक्षत्र: पुष्य नक्षत्र (शाम 16:40:11 बजे तक), तत्पश्चात अश्लेषा
करण: तैतिल (दोपहर 14:44:47 बजे तक), तत्पश्चात गर (देर रात 25:37:11 बजे तक)
पक्ष: कृष्ण पक्ष
योग: परिघ योग (देर रात 24:40:22 बजे तक), तत्पश्चात शिव योग
वार: मंगलवार (संकटमोचन हनुमान जी की उपासना का दिन)

आइए जानते हैं विख्यात भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्लेषक डा. अनीष व्यास से 8 सितंबर का संपूर्ण पंचांग और दैनिक राशिफल.
मेष राशि (Aries)
Business (व्यापार): पुराने रुके हुए कामों में गति आएगी. काम का दबाव अचानक बढ़ सकता है, लेकिन आपका आत्मविश्वास सही निर्णय लेने में मदद करेगा.
Career (करियर व शिक्षा): महत्वपूर्ण कार्यों की समय-सीमा नजदीक आ सकती है, इसलिए प्राथमिकताओं के अनुसार काम निपटाएं. प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को सफलता मिल सकती है.
Love &amp;amp; Family (प्रेम व परिवार): घर का वातावरण सामान्य रहेगा. जीवनसाथी से स्पष्ट बातचीत पुरानी गलतफहमियों को दूर करेगी. बच्चों से जुड़ी कोई अच्छी खबर मिल सकती है.
Finance (आर्थिक स्थिति): पुराना अटका भुगतान मिलने से राहत मिलेगी. अचानक खर्च सामने आ सकते हैं, इसलिए गैर-जरूरी खरीदारी से बचें.
Health (स्वास्थ्य): लगातार काम करने से थकान और मानसिक तनाव रह सकता है. पर्याप्त जल पिएं और थोड़ी देर विश्राम अवश्य करें.
लकी अंक: 7 | लकी रंग: पिंक
अचूक उपाय: हनुमान जी को सिंदूर अर्पित करें और हनुमान चालीसा का पाठ करें.
वृषभ राशि (Taurus)
Business (व्यापार): व्यवस्थित कार्यशैली से नया ऑर्डर या अनुबंध मिल सकता है. उधारी के लेन-देन में विशेष सतर्कता बरतें.
Career (करियर व शिक्षा): कानूनी, प्रशासनिक या जमीन-जायदाद से जुड़े कार्यों में प्रगति होगी. दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने से पहले जांच अवश्य कर लें.
Love &amp;amp; Family (प्रेम व परिवार): घरेलू जीवन में व्यवस्था अच्छी रहेगी. प्रेम संबंधों में संवाद बढ़ने से गलतफहमियां दूर होंगी. अविवाहितों के लिए रिश्ते की बात चल सकती है.
Finance (आर्थिक स्थिति): रुका हुआ भुगतान मिलने से वित्तीय स्थिति स्थिर होगी. बजट बनाकर चलें और जल्दबाजी में कोई बड़ा निवेश न करें.
Health (स्वास्थ्य): दिनभर की व्यस्तता से शरीर में भारीपन या आलस्य महसूस हो सकता है. तले-भुने भोजन से परहेज करें.
लकी अंक: 6 | लकी रंग: सफेद
अचूक उपाय: कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें और जरूरतमंद व्यक्ति को अन्न का दान करें.
मिथुन राशि (Gemini)
Business (व्यापार): मीटिंग्स और क्लाइंट डीलिंग में आपकी बातचीत का गहरा प्रभाव रहेगा. नए संपर्क भविष्य में बड़ा लाभ दिलाएंगे.
Career (करियर व शिक्षा): कार्यस्थल पर नई जिम्मेदारी मिल सकती है. छात्रों को गुरुजनों से महत्वपूर्ण मार्गदर्शन मिलेगा. प्राथमिकताएं तय करके काम करें.
Love &amp;amp; Family (प्रेम व परिवार): घर में आपकी बात को महत्व मिलेगा. काम और परिवार के बीच संतुलन बनाएं ताकि जीवनसाथी से अनबन न हो.
Finance (आर्थिक स्थिति): पैसों के लेन-देन में सतर्कता जरूरी है. किसी परिचित को उधार देने से पहले विचार करें और छोटे-छोटे अनावश्यक खर्चों पर रोक लगाएं.
Health (स्वास्थ्य): स्क्रीन पर लगातार समय बिताने से बचें; आंखों और गर्दन को आराम दें. सुबह की सैर और योग लाभकारी रहेगा.
लकी अंक: 29 | लकी रंग: हरा
अचूक उपाय: गणेश जी को हरी दूर्वा अर्पित करें और &#039;ॐ गं गणपतये नमः&#039; मंत्र का जाप करें.
कर्क राशि (Cancer)
Business (व्यापार): कार्यक्षेत्र की स्थितियां धीरे-धीरे आपके पक्ष में आएंगी. व्यापार में साझेदारी से जुड़े फैसले सोच-समझकर ही लें.
Career (करियर व शिक्षा): वरिष्ठ अधिकारियों का मार्गदर्शन मिलेगा. पुराने प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे जिससे भरोसा मजबूत होगा.
Love &amp;amp; Family (प्रेम व परिवार): परिवार का पूरा भावनात्मक सहयोग प्राप्त होगा. जीवनसाथी के साथ भविष्य की योजनाओं पर गंभीर चर्चा होगी.
Finance (आर्थिक स्थिति): घरेलू जरूरतों पर खर्च बढ़ सकता है, इसलिए बचत को प्राथमिकता दें. पुराने निवेश से सामान्य लाभ मिलेगा.
Health (स्वास्थ्य): मानसिक तनाव और चिंता से ऊर्जा प्रभावित हो सकती है. पर्याप्त विश्राम लें और मन को शांत रखने का प्रयास करें.
लकी अंक: 8 | लकी रंग: लैवेंडर
अचूक उपाय: शिवलिंग पर शुद्ध जल और कच्चा दूध अर्पित करें.
सिंह राशि (Leo)
Business (व्यापार): कार्यक्षेत्र की बाधाएं दूर होंगी. पुराने कारोबारी संपर्कों से बड़ा आर्थिक लाभ होने के योग हैं.
Career (करियर व शिक्षा): रुके हुए प्रोजेक्ट्स गति पकड़ेंगे और नेतृत्व क्षमता दिखाने का मौका मिलेगा. ऑफिस में सहकर्मियों की बात को नजरअंदाज न करें.
Love &amp;amp; Family (प्रेम व परिवार): घर में आपकी राय का सम्मान होगा. साथी आपकी उपलब्धियों से प्रसन्न रहेगा; अहंकार से पूरी तरह दूर रहें.
Finance (आर्थिक  ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 16:30:17 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Kal, Rashifal, September, 2026:, मंगलवार, को, हनुमान, जी, की, कृपा, से, इन, राशियों, को, मिलेगा, अटका, धन, जानें, मेष, से, मीन, कल, का, राशिफल</media:keywords>
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    <item>
        <title>Surya Gochar 2026: 17 सितंबर को सूर्य करेंगे कन्या राशि में गोचर, जानें किन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत और किसे रहना होगा सतर्क</title>
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        <description><![CDATA[ पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान के निदेशक ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास के अनुसार, ग्रहों के राजा सूर्य देव सिंह राशि से निकलकर मित्र ग्रह की राशि कन्या में प्रवेश करेंगे. इसका प्रभाव सभी 12 राशियों पर दिखेगा.
ज्योतिष शास्त्र में सूर्य का विशेष स्थान है. सूर्य देव को सभी ग्रहों का राजा कहा जाता है. वे हर महीने राशि परिवर्तन करते हैं. इस गोचर का सभी राशियों पर प्रभाव पड़ता है. पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर-जोधपुर के निदेशक ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया कि सूर्य देव 17 सितंबर को कन्या राशि में गोचर करेंगे. सूर्य देव 17 सितंबर को सिंह राशि से निकलकर कन्या राशि में गोचर करेंगे. इस राशि में सूर्य देव 17 अक्टूबर तक रहेंगे. खास बात ये है कि ये सूर्य देव के मित्र ग्रह की राशि है.
व्यक्ति की कुंडली में सूर्य अच्छे स्वास्थ्य, प्रसिद्धि, नाम, सरकारी नौकरी, सफलता, उच्च पद के कारक होते हैं. ये हर राशि में लगभग एक महीने तक विराजमान रहते हैं. ज्योतिषशास्त्र में ग्रहों के राशि परिवर्तन का विशेष महत्व होता है. जब भी कोई ग्रह किसी एक राशि में मौजूद होता है फिर किसी निश्चित समय में दूसरी राशि में परिवर्तन करता है तो इसका प्रभाव सभी जातकों पर शुभ और अशुभ दोनों तरह का होता है. ज्योतिष शास्त्र के नजरिए से सूर्य हर एक महीने में राशि परिवर्तन करते हैं. कुंडली में सूर्य के शुभ भाव में होने पर व्यक्ति को नौकरी, मान-सम्मान और धन लाभ होता है.
ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया कि ज्योतिष में सूर्य को तेज, मान-सम्मान और यश, उच्च पद-प्रतिष्ठा आदि का कारक ग्रह माना जाता है. ज्योतिष के अनुसार सूर्य का राशि परिवर्तन एक महत्वपूर्ण घटना मानी जाती है, जिसका प्रभाव सभी राशि के जातकों पर पड़ता है. सिंह राशि के स्वामी सूर्य तुला राशि में नीच राशिगत तथा मेष राशि में उच्च राशिगत संज्ञक माने गए हैं. उच्च भाव में ग्रह अधिक मजबूत और बलशाली होते हैं, जबकि नीच राशि में ये कमजोर हो जाते हैं.
सूर्य का शुभ-अशुभ प्रभाव
भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्लेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि सूर्य के शुभ प्रभाव से जॉब और बिजनेस में तरक्की के योग बनते हैं और लीडरशिप करने का मौका भी मिलता है. ज्योतिष में सूर्य को आत्माकारक ग्रह कहा गया है. इसके प्रभाव से आत्मविश्वास बढ़ता है. पिता, अधिकारी और शासकीय मामलों में सफलता भी सूर्य के शुभ प्रभाव से मिलती है.
वहीं सूर्य का अशुभ प्रभाव असफलता देता है, जिसके कारण कामकाज में रुकावटें और परेशानियां बढ़ती हैं. धन हानि और स्थान परिवर्तन भी सूर्य के कारण होता है. सूर्य के अशुभ प्रभाव से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां भी होती हैं.
4 राशियों के लिए शुभ
भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्लेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि वृष, कन्या, वृश्चिक और मकर राशि वाले लोगों के लिए समय अच्छा रहेगा:
इन राशि वाले लोगों को जॉब और बिजनेस में तरक्की मिल सकती है.
प्रॉपर्टी और आर्थिक मामलों में फायदा मिल सकता है.
सेहत के लिए समय अच्छा रहेगा और किस्मत का साथ मिल सकता है.
पारिवारिक मामलों के लिए भी समय शुभ कहा जा सकता है. इन 4 राशि वालों पर मौजूदा अशुभ ग्रह स्थिति का प्रभाव नहीं पड़ेगा.
4 राशियों के लिए मिला-जुला समय
भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्लेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि मेष, मिथुन, सिंह और धनु राशि वाले लोगों के लिए मिला-जुला समय रहेगा:
इन राशि वाले लोगों को धन लाभ तो होगा, लेकिन खर्चा भी बढ़ जाएगा.
कुछ मामलों में सितारों का साथ मिलेगा, वहीं कामकाज में रुकावटें, तनाव और विवाद होने की भी आशंका है.
सेहत संबंधी परेशानी भी हो सकती है.
4 राशियों को रहना होगा संभलकर
भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्लेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि कर्क, तुला, कुंभ और मीन राशि वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं:
इन 4 राशि वाले लोगों को विशेष रूप से संभलकर रहना होगा.
कामकाज में रुकावटें आ सकती हैं और विवाद होने की आशंका है.
धन हानि और सेहत संबंधी परेशानियां भी हो सकती हैं.
नए काम की शुरुआत करने से बचना होगा, कर्जा न लें और कामकाज में लापरवाही या जल्दबाजी करने से बचें.
सूर्य गोचर के उपाय
कुण्डली विश्लेषक डा. अनीष व्यास के अनुसार अशुभ प्रभावों से बचने और शुभ फलों की प्राप्ति के लिए ये उपाय करें:

भगवान श्री विष्णु की नियमित उपासना करें.
बंदर, पहाड़ी गाय या कपिला गाय को भोजन कराएं.
रोज उगते सूर्य को तांबे के लोटे से अर्घ्य देना शुरू करें.
रविवार के दिन उपवास रखें.
रोज गुड़ या मिश्री खाकर और पानी पीकर ही घर से निकलें.
जन्मदाता पिता का सम्मान करें, प्रतिदिन उनके चरण छूकर आशीर्वाद लें.
भगवान सूर्य की स्तुति के लिए &#039;आदित्य हृदय स्तोत्र&#039; का पाठ करें.

Ganesh Chaturthi: घर और ऑफिस की गणेश स्थापना में क्या है बड़ा अंतर? बप्पा को दफ्तर लाते वक्त ध्यान रखें ये जरूरी बातें
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि&amp;nbsp;ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 16:30:16 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Surya, Gochar, 2026:, सितंबर, को, सूर्य, करेंगे, कन्या, राशि, में, गोचर, जानें, किन, राशियों, की, चमकेगी, किस्मत, और, किसे, रहना, होगा, सतर्क</media:keywords>
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        <title>साप्ताहिक राशिफल: नौकरी, पैसा, बिजनेस और प्रेम में कैसा रहेगा 6 से 12 सितंबर 2026 का सप्ताह?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/साप्ताहिक-राशिफल-नौकरी-पैसा-बिजनेस-और-प्रेम-में-कैसा-रहेगा-6-से-12-सितंबर-2026-का-सप्ताह</link>
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        <description><![CDATA[ साप्ताहिक राशिफल: नौकरी, पैसा, बिजनेस और प्रेम में कैसा रहेगा 6 से 12 सितंबर 2026 का सप्ताह? ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 16:30:14 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>साप्ताहिक, राशिफल:, नौकरी, पैसा, बिजनेस, और, प्रेम, में, कैसा, रहेगा, से, सितंबर, 2026, का, सप्ताह</media:keywords>
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        <title>दलीप ट्रॉफी फाइनल में ईशान किशन का दोहरा शतक, बदल दिया ईस्ट जोन का पूरा इतिहास</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/दलीप-ट्रॉफी-फाइनल-में-ईशान-किशन-का-दोहरा-शतक-बदल-दिया-ईस्ट-जोन-का-पूरा-इतिहास</link>
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        <description><![CDATA[ ईस्ट जोन और साउथ जोन के बीच खेले जा रहे दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में ईशान किशन ने दोहरा शतक लगा दिया है. उन्होंने फाइनल में 270 गेंदों में अपनी डबल सेंचुरी पूरी की. ईशान ईस्ट जोन टीम के ऐसे पहले खिलाड़ी बन गए हैं, जिन्होंने दलीप ट्रॉफी के फाइनल में दोहरा शतक लगाया है. बताते चलें कि यह ईशान किशन के फर्स्ट-क्लास करियर का सबसे पहला दोहरा शतक भी है.
ईशान किशन ने फाइनल मुकाबले के दूसरे दिन 200 रनों का आंकड़ा छुआ. ईशान पहले दिन स्टंप्स तक 111 रन बना चुके थे, दूसरे दिन उन्होंने तेजी से रन बनाए और 270 गेंद में चौका लगाकर 200 रन पूरे किए.&amp;nbsp;
बदल दिया ईस्ट जोन का इतिहास
दलीप ट्रॉफी के 65 साल के इतिहास में अब तक ईस्ट जोन का एक भी खिलाड़ी ऐसा नहीं था, जिसने फाइनल में डबल सेंचुरी लगाई हो. ईशान किशन दलीप ट्रॉफी फाइनल में ईस्ट जोन के लिए शतक ठोकने वाले सबसे पहले बल्लेबाज हैं. उनसे पहले फाइनल में ईस्ट जोन के लिए सबसे बड़ी पारी खेलने वाले खिलाड़ी ऋद्धिमान साहा थे, जिन्होंने 2012 के फाइनल में 170 रन की पारी खेली थी.
हालांकि दलीप ट्रॉफी के इतिहास में ईस्ट जोन के लिए सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर अरुण लाल के नाम है. अरुण लाल ने 1986 दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल में वेस्ट जोन के खिलाफ 287 रन की पारी खेली थी.&amp;nbsp;
दलीप ट्रॉफी में सबसे बड़ी पारी (ईस्ट जोन के लिए)

287 रन - अरुण लाल
200+ रन - ईशान किशन
214 रन - अरुण लाल
200 रन - सबा करीम

यह भी पढ़ें: IPL 2027 में किसे मिलनी चाहिए KKR की कप्तानी? सुरेश रैना ने बताया सबसे बढ़िया नाम
दलीप ट्रॉफी फाइनल में दोहरा शतक लगाने वाले बल्लेबाज
दलीप ट्रॉफी के फाइनल में दोहरा शतक लगाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट बहुत ज्यादा लंबी नहीं है. अब तक रमन लांबा, अंशुमन गायकवाड़, चेतेश्वर पुजारा और यशस्वी जायसवाल ही ऐसा कर पाए हैं. रमन लांबा ने 1987 के फाइनल में नॉर्थ जोन के लिए खेलते हुए 320 रन बनाए थे. अंशुमन गायकवाड़ ने भी उसी सीजन वेस्ट जोन के लिए खेलते हुए 216 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली थी.
वहीं चेतेश्वर पुजारा ने 2016 के फाइनल में इंडिया ब्लू के लिए खेलते हुए नाबाद 256 रनों की पारी खेली थी. जायसवाल 2022 दलीप ट्रॉफी के फाइनल में डबल सेंचुरी लगा चुके हैं. उन्होंने वेस्ट जोन के लिए 265 रन बनाए थे.

320 रन - रमन लांबा
216 रन - अंशुमन गायकवाड़
256 रन - चेतेश्वर पुजारा
265 रन - यशस्वी जायसवाल

यह भी पढ़ें:
भारत-जापान के ऐतिहासिक मैच पर बोले BCCI सचिव देवजीत सैकिया, कहा- यह हमारी जिम्मेदारी... ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 16:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>दलीप, ट्रॉफी, फाइनल, में, ईशान, किशन, का, दोहरा, शतक, बदल, दिया, ईस्ट, जोन, का, पूरा, इतिहास</media:keywords>
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        <title>वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज नहीं खेलेंगे श्रेयस अय्यर, ये धाकड़ बल्लेबाज लेगा जगह</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/वेस्टइंडीज-के-खिलाफ-वनडे-सीरीज-नहीं-खेलेंगे-श्रेयस-अय्यर-ये-धाकड़-बल्लेबाज-लेगा-जगह</link>
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        <description><![CDATA[ भारतीय टीम को 27 सितंबर से वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज खेलनी है. इस सीरीज में टीम इंडिया के मध्यक्रम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. नियमित तौर पर नंबर चार पर बल्लेबाजी करने वाले श्रेयस अय्यर इस सीरीज के लिए उपलब्ध नहीं रह सकते हैं और उनकी जगह युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा को मौका मिलने की संभावना है. इतना ही नहीं, तिलक को नंबर चार की अहम जिम्मेदारी भी सौंपी जा सकती है.
दरअसल, 19 सितंबर से जापान में एशियन गेम्स खेले जाने हैं और श्रेयस अय्यर वहां भारतीय क्रिकेट टीम की कप्तानी करते हुए नजर आएंगे. ऐसे में उनका वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज में खेल पाना संभव नहीं होगा. श्रेयस पिछले काफी समय से वनडे क्रिकेट में भारत के नियमित नंबर चार बल्लेबाज रहे हैं, लिहाजा उनकी गैरमौजूदगी में चयनकर्ताओं के सामने सबसे बड़ा सवाल यही होगा कि इस महत्वपूर्ण स्थान पर किसे मौका दिया जाए.
तिलक वर्मा बन सकते हैं नंबर चार का विकल्प
इस रेस में तिलक वर्मा की दावेदारी काफी मजबूत मानी जा रही है. तिलक मध्यक्रम में बल्लेबाजी करने के साथ-साथ बाएं हाथ के बल्लेबाज भी हैं और यही बात उनके पक्ष में जा सकती है. अगर वेस्टइंडीज सीरीज के लिए रोहित शर्मा का चयन होता है तो भारत का टॉप ऑर्डर काफी हद तक तय नजर आता है. रोहित शर्मा और शुभमन गिल ओपनिंग कर सकते हैं, जबकि विराट कोहली नंबर तीन पर उतरेंगे. ये तीनों दाएं हाथ के बल्लेबाज हैं.
ऐसे में नंबर चार पर बाएं हाथ के तिलक वर्मा को उतारने से भारतीय बल्लेबाजी क्रम में लेफ्ट-राइट कॉम्बिनेशन बनाया जा सकता है. इसके बाद नंबर पांच पर केएल राहुल की मौजूदगी टीम के मध्यक्रम को और संतुलित कर सकती है. तिलक की खासियत यह भी है कि वह परिस्थितियों के मुताबिक अपनी बल्लेबाजी की रफ्तार बदल सकते हैं. जरूरत पड़ने पर पारी संभालने के साथ-साथ तेजी से रन बनाने की क्षमता भी रखते हैं. ऐसे में वनडे में नंबर चार पर उन्हें आजमाना टीम मैनेजमेंट के लिए एक अहम विकल्प हो सकता है.
एक साल बाद होगी वापसी
तिलक वर्मा भारत के लिए पांच वनडे मुकाबले खेल चुके हैं, जिनमें उन्होंने 68 रन बनाए हैं. उन्होंने अपना पिछला वनडे 6 दिसंबर 2025 को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेला था, हालांकि उस मुकाबले में उन्हें बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला था.
ऋतुराज गायकवाड़ भी रेस में
हालांकि श्रेयस अय्यर की जगह के लिए तिलक वर्मा अकेले दावेदार नहीं हैं. रुतुराज गायकवाड़ का नाम भी इस रेस में शामिल है और उनकी दावेदारी को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. चयनकर्ताओं के सामने यह फैसला करना होगा कि वे अनुभव और मौजूदा फॉर्म के आधार पर किस खिलाड़ी को वेस्टइंडीज सीरीज में मौका देते हैं.
तिलक वर्मा फिलहाल दलीप ट्रॉफी में साउथ जोन की कप्तानी कर रहे हैं. ऐसे में घरेलू क्रिकेट में उनका प्रदर्शन भी चयनकर्ताओं की नजर में रहेगा. यदि वह यहां बल्ले से प्रभाव छोड़ने में सफल रहते हैं तो वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे टीम में जगह बनाने का उनका दावा और मजबूत हो सकता है.
लेफ्ट हैंडेड होने का मिलेगा फायदा&amp;nbsp;
अब निगाहें चयन समिति की बैठक पर रहेंगी. श्रेयस अय्यर की गैरमौजूदगी में टीम इंडिया नंबर चार के लिए किस खिलाड़ी पर भरोसा जताती है, यह वेस्टइंडीज सीरीज के लिए टीम के ऐलान के साथ साफ हो जाएगा. फिलहाल तिलक वर्मा इस स्थान के लिए मजबूत दावेदार नजर आ रहे हैं और उनका बाएं हाथ का बल्लेबाज होना उनके पक्ष में एक बड़ा फैक्टर साबित हो सकता है. ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 16:30:11 +0530</pubDate>
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        <title>PAK दिग्गज ने बताया पाकिस्तान क्रिकेट की बर्बादी का कारण, कहा&amp; भारत से जीत जिम्मेदार</title>
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        <description><![CDATA[ पाकिस्तान क्रिकेट इस समय अपने सबसे खराब दौर में है. तीनों फॉर्मेट में टीम लगातार खराब प्रदर्शन कर रही है. मौजूदा WTC प्वाइंट्स टेबल में पाकिस्तान की टीम सबसे निचले स्थान पर है. टेस्ट में पाकिस्तान की टीम आईसीसी रैंकिंग में आठवें नंबर पर है. टी20 इंटरनेशनल में छठे और वनडे क्रिकेट में पांचवें नंबर पर है. टेस्ट क्रिकेट में पाकिस्तान की टीम की हालत सबसे खराब है. हर कोई पाकिस्तान टीम की आलोचना कर रहा है. इस बीच पूर्व दिग्गज मोहम्मद यूसुफ ने पाकिस्तान क्रिकेट की बदहाली की वजह बताई है. उन्होंने कहा कि 2021 टी20 वर्ल्ड कप में भारत से मिली जीत इसकी जिम्मेदार है.&amp;nbsp;
2021 टी20 वर्ल्ड कप में बाबर आजम की कप्तानी में पाकिस्तान ने भारत को 10 विकेट से हराया था. यह किसी भी वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ पाकिस्तान की पहली जीत थी. इस मैच में बाबर आजम और मोहम्मद रिजवान, दोनों ने अर्धशतक जड़े थे. पाकिस्तान ने इस जीत का बहुत जश्न मनाया था, और यहीं से बाबर आजम को पाकिस्तानी किंग कहने लगे थे.&amp;nbsp;
क्या बोले पूर्व दिग्गज मोहम्मद यूसुफ?
समा टीवी पर पूर्व कप्तान और दिग्गज मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज रहे मोहम्मद यूसुफ ने कहा, &quot;2021 टी20 वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ जीत ने हमें बहुत नुकसान पहुंचाया. इस जीत से खिलाड़ियों को लगा कि उन्होंने कुछ बड़ा हासिल कर लिया है. जब आप अच्छा करें तो विनम्र रहना चाहिए. आप कॉलर उठाकर बिहेव करेंगे और बदतमीजी करेंगे, तो फिर समस्याएं आएंगी. पाकिस्तान क्रिकेट में ऐसी बहुत सारी समस्याएं आ चुकी हैं.&quot;
उन्होंने आगे कहा, &quot;टीम में मौजूद हर खिलाड़ी कप्तान बनना चाहता है. इसका नतीजा पाकिस्तान क्रिकेट को भुगतना पड़ रहा है. पिछले 4-5 सालों में पाकिस्तान ने जितना भी क्रिकेट खेला है, वो सब बहुत खराब रहा है. चाहे टी20 वर्ल्ड कप देखिए, वनडे वर्ल्ड कप, एशिया कप या चैंपियंस ट्रॉफी. पीसीबी ने बहुत सारे प्रयास किए. कई कोच आए और गए, लेकिन किसी भी खिलाड़ी ने खड़े होकर जिम्मेदारी नहीं ली. आखिरकार पीसीबी को कड़े फैसले लेने पड़े. मैं पीसीबी के काम का समर्थन करता हूं.&quot;
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        <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 16:30:09 +0530</pubDate>
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        <title>&amp;apos;तिहरे शतक&amp;apos; शतक से पहले ईशान किशन क्यों लौटे पवेलियन? 250 रन पर रुकी पारी</title>
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        <description><![CDATA[ ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन सोमवार (07 सितंबर) को 2026 दलीप ट्रॉफी के फाइनल में तिहरा शतक पूरा करने से पहले ही पवेलियन लौट गए. उनकी पारी 250 रन पर रुक गई. इस दौरान उनके बल्ले से 27 चौके और 7 चौके निकल चुके हैं. अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर ईशान को ट्रिपल सेंचुरी के आंकड़े से पहले पवेलियन क्यों लौटना पड़ा? दरअसल ईशान को कुछ दिक्कत हुई, जिसके चलते उन्हें वापस लौटना पड़ा.&amp;nbsp;
क्रिकबज के मुताबिक, थकावट के चलते ईस्ट जोन के कप्तान ने मैदान पर फिजियो को बुलाया. कुछ देर उन्होंने फिजियो से बात की और अंतत: पवेलियन वापस लौट गए. वह बहुत थके हुए नजर आ रहे थे. पवेलियन वापस जाते वक्त ड्रेसिंग रूम में मौजूद खिलाड़ियों ने तालियां बजाकर उनकी सरहाना की. वह पारी में दोबारा बैटिंग के लिए लौट सकते हैं. अब देखना दिलचस्प होगा कि दोबारा लौटने पर क्या फैसला करते हैं.&amp;nbsp;
फाइनल में 65 साल बाद ईस्ट जोन के लिए दोहरा शतक&amp;nbsp;
दलीप ट्रॉफी के 65 साल के इतिहास में ईशान किशन फाइनल में ईस्ट जोन के लिए दोहरा शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज बने. इससे पहले टीम के लिए फाइनल में सबसे बड़ी पारी खेलने का रिकॉर्ड ऋद्धिमान साहा के नाम पर था, जिन्होंने 2012 के फाइनल में 170 रन स्कोर किए थे.&amp;nbsp;
टीम ने पार किया 600 रन का आकंड़ा
रविवार से शुरू हुए मुकाबले में पहले बैटिंग के लिए उतरी ईस्ट जोन ने दिन समाप्त होने तक 4 विकेट पर 385 रन बना लिए थे. अब दूसरे टीम ने 600 रन का आंकड़ा पार कर लिया है. अब देखना दिलचस्प होगा कि टीम कितने टोटल तक पहुंचती है. इस खबर को लिखे जाने तक पारी चल रही है.&amp;nbsp;
यहां देखने वाली बात यह भी होगी कि मुकाबला किस तरफ जाता है. क्या साउथ जोन इस बड़े टोटल को झेल पाती या नहीं. बड़े स्कोर के साथ मैच काफी दिलचस्प होगा गया है.&amp;nbsp;
&amp;nbsp;
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        <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 16:30:07 +0530</pubDate>
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        <title>इंग्लैंड टीम में हुई केविन पीटरसन की एंट्री, मिली बहुत बड़ी जिम्मेदारी</title>
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        <description><![CDATA[ इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने एक बड़ा फैसला लिया है. बोर्ड ने पूर्व कप्तान व दिग्गज बल्लेबाज केविन पीटरसन को वनडे और टी20 इंटरनेशनल फॉर्मेट में पुरुष टीम का विशेषज्ञ मेंटर नियुक्त किया है. पीटरसन को यह जिम्मेदारी 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक मिली है. उनका पहला असाइनमेंट ऑस्ट्रेलिया का व्हाइट-बॉल दौरा होगा, जिसके बाद वे दक्षिण अफ्रीका जाएंगे.
अपडेट जारी है... ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 16:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>अब फोन से निकालकर चलाएं Action Camera, RugOne का अनोखा स्मार्टफोन</title>
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        <description><![CDATA[ RugOne ने बर्लिन में आयोजित IFA 2026 में अपना नया Xsnap 7 Pro पेश किया है. यह एक अनोखा स्मार्टफोन है, जिसमें फोन के साथ अलग से इस्तेमाल किया जा सकने वाला Modular Action Camera दिया गया है. RugOne का Xsnap 7 कैमरा मॉड्यूल सिर्फ 39 ग्राम का है और यह मैग्नेट की मदद से सीधे फोन से जुड़ जाता है. जरूरत पड़ने पर इसे फोन से अलग करके भी कैमरे की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है. कंपनी का कहना है कि यह मोबाइल फोटोग्राफी के एक्सपीरियंस को एक नया अंदाज देने वाला है.&amp;nbsp;
फोन से कैसे अलग हो जाएगा Action Camera?
RugOne Xsnap 7 Pro का सबसे खास फीचर इसका Magnetic Camera Module है. करीब 39 ग्राम वजन वाला यह छोटा मॉड्यूल फोन से आसानी से अलग किया जा सकता है. इसे हेलमेट, बाइक या दूसरे गियर पर भी लगाया जा सकता है. कंपनी ने इसे all-weather, all-terrain imaging system के तौर पर पेश किया है. कैमरा बिना किसी एक्स्ट्रा केसिंग के 5 मीटर तक पानी के अंदर भी काम कर सकता है.&amp;nbsp;
यह कैमरा 30fps पर 2.7K तक वीडियो रिकॉर्डिंग कर सकता है. इसमें 133 डिग्री का फील्ड ऑफ व्यू मिलता है. साथ ही SteadyX Stabilization, Horizon Lock, Timelapse और HDR Photo जैसे फीचर्स दिए गए हैं. हालांकि इसमें RAW फाइल सपोर्ट नहीं मिलता और वीडियो MP4 फॉर्मेट में रिकॉर्ड होता है.
40 मिनट तक अलग से चलेगा कैमरा
Xsnap 7 Camera Module में 64GB की Built-in Storage दी गई है. यह फोन से अलग होकर करीब 40 मिनट तक काम कर सकता है और जरूरत पड़ने पर फोन से ही रिचार्ज हो जाता है. इसके अलावा Xsnap Go App की मदद से कैमरे को 50 मीटर तक की दूरी से रिमोट तरीके से कंट्रोल किया जा सकता है.
Rugged Smartphone में भी दमदार फीचर्स
Xsnap 7 Pro में 6.67 इंच की 1.5K AMOLED डिस्पले दी गई है. फोन MediaTek Dimensity 8400 5G चिपसेट पर चलता है और इसमें 512GB स्टोरेज मिलती है. यह फोन 2 मीटर गहरे पानी में 30 मिनट तक रह सकता है और 1.5 मीटर की ऊंचाई से गिरने के बाद भी टिकने के लिए बनाया गया है. डिस्पले पर Corning Gorilla Glass Victus की प्रोटेक्शन दी गई है.
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50MP और 64MP कैमरा सेटअप
फोन में 50MP का मेन कैमरा दिया गया है, जिसमें Samsung GN9 Sensor मिलता है. इसके साथ 64MP का इंफेयर्ड नाइट विजन कैमरा भी है, जो OV64B1B सेंसर के साथ आता है. फोन Android 16 पर चलता है और इसमें Google Gemini AI के साथ RugOne के अपने AI Tools भी शामिल हैं.
Rugged Smartphone की कीमत
Xsnap 7 Pro को 7 सितंबर से Kickstarter पर Early-Bird Price में करीब 76,000 रुपए में खरीदा जा सकेगा. इसका Global Launch अक्टूबर में होगा. यूरोप में फोन की रिटेल कीमत करीब रुपए 1 लाख और अमेरिका में इसकी कीमत करीब 84,000 रुपए रखी गई है.
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        <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 13:30:15 +0530</pubDate>
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        <title>UPI Payment करते हैं? ये 6 Security Tips जरूर जानें</title>
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        <description><![CDATA[ UPI Payment करते हैं? ये 6 Security Tips जरूर जानें ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 13:30:14 +0530</pubDate>
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        <title>क्या है Hugging Face Hack जिसने बढ़ा दी चिंता? आपका डेटा भी है खतरे में</title>
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        <description><![CDATA[ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का इस्तेमाल पूरी दुनिया में तेजी से बढ़ रहा है. Chatbot से लेकर कोडिंग, रिसर्च और कंटेंट क्रिएशन तक, आज लाखों लोग AI टूल्स पर निर्भर हैं. ऐसे में AI से जुड़ी किसी बड़ी कंपनी या प्लेटफॉर्म पर साइबर हमला सिर्फ एक वेबसाइट की समस्या नहीं रह जाता बल्कि इसका असर पूरी AI इंडस्ट्री पर पड़ता है. हाल ही में Hugging Face से जुड़ी हैकिंग की घटना ने इसी चिंता को फिर से सामने ला दिया है. आइए जानते हैं आखिर ये है क्या.
क्या है Hugging Face?
जानकारी के अनुसार, Hugging Face को AI और मशीन लर्निंग की दुनिया के सबसे जरूरी प्लेटफॉर्म्स में गिना जाता है. यहां डेवलपर्स और रिसर्चर्स हजारों AI मॉडल, डेटासेट और दूसरी मशीन लर्निंग संसाधनों को शेयर और इस्तेमाल करते हैं.
खास बात ये है कि ओपन-सोर्स AI इकोसिस्टम में Hugging Face की बड़ी भूमिका है. यानी यहां मौजूद किसी मॉडल या सॉफ्टवेयर में छेड़छाड़ होने पर उसका असर सिर्फ प्लेटफॉर्म तक सीमित नहीं रहता है बल्कि उन प्रोजेक्ट्स तक भी पहुंच सकता है जो इन संसाधनों पर निर्भर हैं.
हैक के बाद क्यों बढ़ी चिंता?
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की सबसे बड़ी चिंता ये है कि AI इकोसिस्टम एक-दूसरे से काफी जुड़ा हुआ है. डेवलपर किसी मॉडल को डाउनलोड करके अपने सर्वर या ऐप में इस्तेमाल कर सकता है. ऐसे में अगर किसी भरोसेमंद सोर्स से मिलने वाली फाइल या मॉडल में बदलाव कर दिया जाए तो यूजर अनजाने में जोखिम वाला कोड अपने सिस्टम में पहुंचा सकता है. यही वजह है कि Hugging Face जैसी सर्विस होने वाली सुरक्षा घटना को नॉर्मल डेटा चोरी की घटना से अलग नजर से देखा जा रहा है.
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AI मॉडल भी बन सकते हैं साइबर हमले का रास्ता
आपको बता दें कि नॉर्मली साइबर हमले में वेबसाइट, पासवर्ड या सर्वर को निशाना बनाया जाता है. लेकिन AI की दुनिया में खतरा थोड़ा अलग है. यहां मॉडल और डेटा खुद सॉफ्टवेयर सप्लाई चेन का हिस्सा बन चुके हैं.
अगर हमलावर किसी फेमश AI मॉडल, पैकेज या डेटासेट के साथ छेड़छाड़ करने में सफल हो जाए तो वह उन डेवलपर्स तक पहुंचने की कोशिश करता है जो उस संसाधन को अपने प्रोजेक्ट में इस्तेमाल करते हैं. इसे AI सप्लाई-चेन सुरक्षा की बड़ी चुनौती माना जा रहा है.
क्या आपका AI डेटा भी खतरे में है?
इसका मतलब ये नहीं है कि Hugging Face इस्तेमाल करने वाला हर व्यक्ति तुरंत खतरे में है. किसी सुरक्षा घटना में असली जोखिम इस बात पर निर्भर करता है कि कौन-सा सिस्टम प्रभावित हुआ, किस तरह की जानकारी तक पहुंच बनी और सुरक्षा तरीके कितने मजबूत थे.
ऐसे में AI टूल्स पर आंख बंद करके भरोसा करना सही नहीं माना जाता है. खासकर कंपनियों और डेवलपर्स को थर्ड-पार्टी मॉडल, पैकेज और डेटासेट इस्तेमाल करते समय उनकी सुरक्षा को जरूर चेक करना चाहिए.
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        <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 13:30:13 +0530</pubDate>
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        <title>Fold नहीं, अब Roll होगी लैपटॉप स्क्रीन! Lenovo ने दिखाया नया टेक कमाल</title>
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        <description><![CDATA[ लैपटॉप की स्क्रीन को अब तक आपने खुलते और बंद होते ही देखा होगा, लेकिन Lenovo ने इसके डिजाइन को एक कदम आगे ले जाने की कोशिश की है. कंपनी ने IFA 2026 में Project Swan नाम का एक नया प्रोटोटाइप लैपटॉप दिखाया है, जिसकी स्क्रीन मुड़ने की जगह रोल होकर बड़ी हो जाती है. ऐसे में जरूरत के हिसाब से एक ही लैपटॉप की स्क्रीन का साइज बढ़ाया जा सकता है. इस कॉन्सेप्ट की मदद से आने वाले समय में लैपटॉप का डिजाइन सिर्फ पतला और हल्का होने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि स्क्रीन का साइज भी जरूरत के हिसाब से बदला जा सकेगा. तो आइए जानते हैं कि इसमें क्या खास होगा.&amp;nbsp;
14 इंच की स्क्रीन बन जाएगी 17 इंच
Lenovo का Project Swan फिलहाल एक प्रोटोटाइप है. इसमें 14 इंच की स्क्रीन को रोल करके 17 इंच तक बढ़ाया जा सकता है. इसमें 16:9 आस्पेक्ट रेशियो दिया गया है, जिससे स्क्रीन पारंपरिक वाइडस्क्रीन लैपटॉप जैसी दिखाई देती है. Lenovo के मुताबिक, स्क्रीन 2,258 बाय 1,672 पिक्सल से बढ़कर 2,850 बाय 1,672 पिक्सल तक पहुंचती है. कंपनी ने इसे लगभग 4K डिस्प्ले बताया है. यह कॉन्सेप्ट Lenovo के पिछले ThinkBook Plus Rollable से अलग है. पिछले मॉडल में स्क्रीन ऊपर की तरफ बढ़कर 14 इंच से 16.7 इंच हो जाती थी. वहीं Project Swan में स्क्रीन की चौड़ाई बढ़ाई जाती है.
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कैसा है इसका डिजाइन?
Lenovo इससे पहले CES 2026 में Legion Pro Rollable भी दिखा चुकी है. उस मॉडल में स्क्रीन 16 इंच से 21.5 इंच और फिर 23.8 इंच तक बढ़ती थी. &amp;nbsp;Project Swan का डिजाइन आसान इस्तेमाल और बेहतर काम के लिए बनाया गया है. इसके फंक्शन भी कीबोर्ड के ऊपर दिए गए फंक्शन बटन से कंट्रोल किए जाते हैं. Lenovo के अनुसार, वाइडस्क्रीन डिजाइन लैपटॉप को ज्यादा बैलेंस और कंर्फटेबल बनाता है और पारंपरिक लैपटॉप के साइज को भी बनाए रखता है.&amp;nbsp;
कीमत और लॉन्च कितनी हो सकती है?
Project Swan अभी सिर्फ एक प्रोटोटाइप कॉन्सेप्ट है. कंपनी ने इसकी कीमत, कॉन्फिगरेशन और बाजार में उपलब्ध होने की तारीख की जानकारी नहीं दी है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 13:30:11 +0530</pubDate>
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        <title>IFA 2026 के Top Gadgets, Laptop से Robot तक सब खास</title>
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        <description><![CDATA[ IFA 2026 में इस बार टेक्नोलॉजी का काफी अलग और नया अंदाज देखने को मिल रहा है. बर्लिन में चल रहे इस बड़े टेक शो में रोबोट, लैपटॉप, स्मार्ट लाइट, सिक्योरिटी कैमरा, प्रोजेक्टर और कई तरह के नए गैजेट्स लोगों का ध्यान खींच रहे हैं. शो में अगली पीढ़ी के ऑटोनॉमस फ्लोर क्लीनर से लेकर ह्यूमनॉइड रोबोट और नए कंप्यूटिंग हार्डवेयर तक कई दिलचस्प टेक्नोलॉजी पेश की जा रही हैं. कुछ गैजेट्स अपने अनोखे डिजाइन की वजह से चर्चा में हैं, तो कुछ नई टेक्नोलॉजी और खास फीचर्स के कारण सुर्खियां बटोर रहे हैं. IFA 2026 में नजर आ रहे इन खास गैजेट्स में से कुछ ऐसे हैं, जो आने वाले समय की टेक्नोलॉजी की झलक दिखाते हैं. तो आइए जानते हैं कि IFA 2026 के Top Gadgets क्या है.&amp;nbsp;
iRobot Roomba Max 875
iRobot Roomba Max 875 एक ऐसा रोबोट क्लीनर है, जो ऑटोमैटिक सफाई के साथ गहरी क्लीनिंग पर फोकस करता है. इसमें SealForce टेक्नोलॉजी है, जो कारपेट पर सफाई करते समय नीचे से एक सील बनाकर सक्शन को सीधे फाइबर तक पहुंचाती है. इसमें सेल्फ-क्लीनिंग रोलर मॉप, दाग ढीले करने वाला स्टीम नोजल और ऐसा बेस भी है जो डस्टबिन खाली करने के साथ मॉप को धोकर सुखाता है.. इसकी कीमत 1,199 डॉलर है.&amp;nbsp;
Philips Hue Liane 360
स्मार्ट लाइटिंग में Philips Hue Liane 360 ने अलग डिजाइन पेश किया. यह रोप लाइट OmniGlow टेक्नोलॉजी के जरिए चारों तरफ एक जैसी रोशनी देती है. इसे मोड़ा, लटकाया या अलग-अलग जगहों पर लगाया जा सकता है. यह 1.6 करोड़ रंग दिखा सकती है और Hue ऐप से इसकी ब्राइटनेस और कलर कंट्रोल किए जा सकते हैं.&amp;nbsp;
PrimeBOT Prime Q1
PrimeBOT Prime Q1 एक छोटा ह्यूमनॉइड रोबोट है, जिसकी लंबाई करीब 3 फीट है. यह चल सकता है, घूम सकता है, डांस कर सकता है और 10 से ज्यादा मार्शल आर्ट मूवमेंट कर सकता है. इसमें 22 डिग्री ऑफ फ्रीडम दिए गए हैं और इसके लुक को 3D प्रिंटिंग व मॉड्यूलर हेड से बदला जा सकता है.&amp;nbsp;
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Lenovo Project AeroBlade
लैपटॉप की दुनिया में Lenovo Project AeroBlade खास रहा. यह सिर्फ 10mm मोटा और करीब 1.85 पाउंड वजन वाला फैन लेस लैपटॉप प्रोटोटाइप है. इसमें Frore Systems की AirJet टेक्नोलॉजी इस्तेमाल की गई है, जो फैन की जगह अल्ट्रासोनिक वाइब्रेशन से हवा को मूव करती है.&amp;nbsp;
Lenovo Project Swan
Lenovo Project Swan में 14 इंच की स्क्रीन है, जो बटन दबाने पर साइड की तरफ खुलकर 17 इंच की हो जाती है. इसमें 16:9 आस्पेक्ट रेशियो दिया गया है. इसका मकसद लैपटॉप को कॉम्पैक्ट रखते हुए ज्यादा स्क्रीन स्पेस देना है.&amp;nbsp;
दूसरे खास गैजेट्स
IFA 2026 में Reolink OMVI 2i Ultra सिक्योरिटी कैमरा भी खास रह. इसमें 8MP वाइड कैमरा और 5MP पैन-टिल्ट कैमरा है, जो किसी ऑब्जेक्ट को पहचानने पर उस पर ऑटोमेटिक जूम कर सकता है. वहीं DJI Osmo 360 II 8K वीडियो के साथ आया है. Acer Predator Atlas 7 में 7 इंच का फॉर्म फैक्टर और Intel Arc G3 Extreme प्रोसेसर दिया गया है. इसके अलावा Lexar Muse Ultra-Slim Portable SSD सिर्फ 3.8mm तक पतला है, जबकि Oukitel RG14-P लैपटॉप के ढक्कन पर लगे सोलर पैनल से 10W तक चार्जिंग कर सकता है.
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        <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 13:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>IFA, 2026, के, Top, Gadgets, Laptop, से, Robot, तक, सब, खास</media:keywords>
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        <title>घर बैठे ऐसे करें अपने फेफड़ों को डिटॉक्स, रोज पिएं ये ड्रिंक</title>
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        <description><![CDATA[ आज के जीवन में धूल, धुआं, प्रदूषण और सिगरेट का धुआं काफी आम बात है. और इनके कारण शरीर के और अंगो के साथ फेफड़ों की सेहत पर भी असर पड़ता है. ऐसे में कई लोग फेफड़ों को डिटॉक्स करने के लिए अलग-अलग तरह की ड्रिंक पीने लगते हैं. हालांकि, शरीर में फेफड़ों को साफ करने का काम किसी एक ड्रिंक से नहीं होता.
यह मददगार तो होता है पर हमारे फेफड़े खुद एक प्राकृतिक सफाई प्रक्रिया के जरिए धूल और दूसरी चीजों को बाहर निकालते हैं. लेकिन पर्याप्त पानी पीना और पौष्टिक चीजों को डाइट में शामिल करना शरीर और सांस की सेहत के लिए अच्छा हो सकता है. अगर आप घर पर फेफड़ों को देतोक्स करने के लिए कोई आसान ड्रिंक लेना चाहते हैं तो कुछ ड्रिंक्स के विकल्प रोज की डाइट का हिस्सा बन सकते हैं.
गुनगुना पानी फेफड़ों को हाइड्रेट रखने में सहायक
गुनगुना पानी पीना शरीर को हाइड्रेट रखने के साथ फेफड़ों और सांस की नली में मौजूद चिपचिपे पदार्थ को पतला रखने में मदद करता है. इससे बलगम को बाहर निकालना आसान हो सकता है और सांस की नली साफ रखने में मदद मिलती है. रोज पर्याप्त मात्रा में पानी पीना फेफड़ों की प्राकृतिक सफाई प्रक्रिया को सपोर्ट करने वाली आसान आदत है.
अदरक की ड्रिंक
अदरक में मौजूद प्राकृतिक तत्व शरीर में सूजन कम करने में मदद करते हैं. अदरक को गुनगुने पानी में डालकर पीने से गले को आराम मिलता है और सांस से जुड़ी हल्की परेशानी में भी राहत मिल सकती है. और यह &amp;nbsp;अदरक वाली ड्रिंक फेफड़ों की सेहत को सपोर्ट करने वाली&amp;nbsp; आसान डाइट का हिस्सा बन&amp;nbsp; क्र फेफड़ो को डिटॉक्स करने में भी मदद क्र सकती है.
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नींबू पानी
नींबू में विटामिन C पाया जाता है, जो शरीर के इम्यून सिस्टम को सपोर्ट करता है. नींबू पानी शरीर में पानी की कमी पूरी करने का भी आसान तरीका है. अच्छी हाइड्रेशन शरीर की प्राकृतिक सफाई प्रक्रिया में मदद करती है, इसलिए नींबू पानी को फेफड़ों की सेहत के लिए फायदेमंद ड्रिंक में भी गिना जाता है.
भाप फेफड़ों से बलगम निकालने में सहायक
गर्म पानी की भाप सांस की नली में जमा बलगम को कमजोर करने में मदद करती है. &amp;nbsp;इससे बलगम बाहर निकालना आसान होता है और बंद नाक या गले की परेशानी में राहत मिलती है. फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए भाप को एक आसान घरेलू उपाय मान कर अपनाया जा सकता है.
फेफड़ों के डिटॉक्स के लिए धुएं से रहें दूर
फेफड़ों की प्राकृतिक सफाई को बेहतर रखने के लिए सबसे जरूरी है कि उन्हें नुकसान पहुंचाने वाली चीजों से बचाया जाए. सिगरेट और तंबाकू के धुएं से दूरी रखें और ज्यादा प्रदूषण वाली जगहों पर मास्क का इस्तेमाल करें. इसके साथ रोज थोड़ी शारीरिक गतिविधि करें पर्याप्त पानी और पौष्टिक खाना फेफड़ों को लंबे समय तक स्वस्थ रखने में मदद करता है.
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        <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 13:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>घर, बैठे, ऐसे, करें, अपने, फेफड़ों, को, डिटॉक्स, रोज, पिएं, ये, ड्रिंक</media:keywords>
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        <title>बैंक से चोरी हुआ गिरवी सोना तो कैसे मिलेगा मुआवजा और ब्याज?</title>
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        <description><![CDATA[ अक्सर सोने का लोन लेते समय उसके बदले बैंक या लोन देने वाले कंपनी के पास गहने गिरवी रखने पड़ते हैं. ऐसे में अगर कर्ज चुकाने से पहले बैंक की कस्टडी में रखे गहने चोरी या गायब हो जाएं, तो यह सवाल उठता है कि नुकसान की भरपाई कौन करेगा और मुआवजा कैसे मिलेगा. हालांकि, इस मामले में बैंक की जिम्मेदारी और मुआवजे की रकम कई बातों पर निर्भर करता है.&amp;nbsp;
गिरवी रखा सोना चोरी होने पर क्या करें?
अगर आपको पता चलता है कि आपके गिरवी रखे सोने चोरी हो गए हैं, तो तुरंत बैंक को इसके बारे में जानकारी दें. साथ ही बैंक से घटना की लिखित जानकारी और पुलिस में दर्ज शिकायत या FIR की कॉपी मांगे. बैंक के साथ हुई बातचीत और सभी डॉक्युमेंट्स को अपने पास सुरक्षित रखें. बातचीत के दौरान बैंक से लिखित तौर पर पूछें कि किस स्थिति में चोरी हुए और नुकसान की भरपाई के लिए क्या प्रोसेस अपनाई जा रही है.&amp;nbsp;
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मुआवजा पाने के लिए रखें ये डॉक्युमेंट
सोना जमा करते समय मिले गिरवी रसीद, गोल्ड लोन एग्रीमेंट और गहनों की वैल्यूएशन रिपोर्ट जैसी डॉक्युमेंट को अपने पास संभाल कर रखें. इन डॉक्युमेंट के जरिए यह साबित किया जा सकता है कि बैंक के पास कौन-से गहने जमा किए गए थे और उनका वजन और कीमत कितनी थी. इसके अलावा उन सोने का फोटो और खरीदारी की बिल को भी महफूज रखें.&amp;nbsp;
क्या बैंक को ब्याज समेत पैसा देना होगा?
आमतौर पर चोरी होने मुआवजे की रकम और उस पर ब्याज का फैसला मामले की परिस्थितियों, बैंक की जिम्मेदारी, अनुबंध, बीमा और लागू कानून के मुताबिक तय की जाती है. ऐसे में फिलहाल यह कहना सही नहीं है कि हर मामले में सोना की पूरी कीमत या ब्याज अपने आप मिल जाएगा.&amp;nbsp;
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 ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 12:30:14 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>बैंक, से, चोरी, हुआ, गिरवी, सोना, तो, कैसे, मिलेगा, मुआवजा, और, ब्याज</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>7 सितंबर को कितने रुपए लीटर मिल रहा है पेट्रोल&amp;डीजल, जानें अपने शहर तक का ताजा भाव</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/7-सितंबर-को-कितने-रुपए-लीटर-मिल-रहा-है-पेट्रोल-डीजल-जानें-अपने-शहर-तक-का-ताजा-भाव</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/7-सितंबर-को-कितने-रुपए-लीटर-मिल-रहा-है-पेट्रोल-डीजल-जानें-अपने-शहर-तक-का-ताजा-भाव</guid>
        <description><![CDATA[ अगर आप आज अपनी गाड़ी में पेट्रोल या डीजल भरवाने जा रहे हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है. 7 सितंबर 2026 को पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है, यानी राजधानी दिल्ली में आज भी पेट्रोल और डीजल पुराने दाम पर ही मिल रहा है. दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपए प्रति लीटर, जबकि डीजल 95.20 रुपए प्रति लीटर है. ऐसे में गाड़ी चलाने वालों की नजर अब इस बात पर है कि आने वाले दिनों में तेल कंपनियां कीमतों में कोई बदलाव करती हैं या नहीं.
शहर अनुसार पेट्रोल के भाव-&amp;nbsp;



शहर का नाम
पेट्रोल की कीमत (प्रति लीटर)


दिल्ली
&amp;nbsp;102.12 रुपए


मुंबई
111.31 रुपए


कोलकाता
113.51 रुपए


चेन्नई&amp;nbsp;
107.78 रुपए


बरेली
102.25 रुपए


पटना
113.35 रुपए


रांची
106.12 रुपए


आगरा
101.90 रुपए


ग्वालियर
114.30 रुपए



बैंक से चोरी हुआ गिरवी सोना तो कैसे मिलेगा मुआवजा और ब्याज?
शहर अनुसार डीजल का भाव-&amp;nbsp;



शहर का नाम
डीजल की कीमत (प्रति लीटर)


दिल्ली
95.20 रुपए


मुंबई
97.97 रुपए


कोलकाता
99.82 रुपए


चेन्नई&amp;nbsp;
99.56 रुपए


बरेली
95.46 रुपए


पटना
99.36 रुपए


रांची
100.49 रुपए


आगरा
95.02 रुपए


ग्वालियर
99.35 रुपए



क्यों नहीं बदले पेट्रोल-डीजल के दाम?
पेट्रोल और डीजल की कीमत कई चीजों पर निर्भर करती है. इनमें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत, रुपए और डॉलर की विनिमय दर, टैक्स और अन्य लागत शामिल हैं. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में बदलाव का असर घरेलू ईंधन की कीमतों पर भी पड़ सकता है. हालांकि, किसी दिन कीमत स्थिर रहने का मतलब यह नहीं है कि आगे भी यही रेट बने रहेंगे. तेल कंपनियां बाजार की परिस्थितियों के हिसाब से कीमतों में बदलाव कर सकती हैं.
कैसे चेक करें पेट्रोल-डीजल का रेट?&amp;nbsp;
अगर आप अपने शहर का पेट्रोल-डीजल का ताजा रेट जानना चाहते हैं, तो घर से निकलने से पहले ताजा रेट चेक कर सकते हैं. इसके लिए एसएमएस (92249 92249) पर RSP और डीलर कोड लिखकर भेज सकते हैं. बता दें कि अलग-अलग शहरों में स्थानीय टैक्स और अन्य कारणों से पेट्रोल-डीजल की कीमत अलग हो सकती है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 12:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>सितंबर, को, कितने, रुपए, लीटर, मिल, रहा, है, पेट्रोल-डीजल, जानें, अपने, शहर, तक, का, ताजा, भाव</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>आज कितनी महंगी हुई रसोई गैस, जानें 14 और 19 किलो LPG सिलेंडर कितने का मिलेगा</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/आज-कितनी-महंगी-हुई-रसोई-गैस-जानें-14-और-19-किलो-lpg-सिलेंडर-कितने-का-मिलेगा</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/आज-कितनी-महंगी-हुई-रसोई-गैस-जानें-14-और-19-किलो-lpg-सिलेंडर-कितने-का-मिलेगा</guid>
        <description><![CDATA[ रसोई गैस सिलेंडर इस्तेमाल करने वाले परिवारों के लिए आज राहत की खबर है. 7 सितंबर 2026 को घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ है. दिल्ली में 14.2 किलो का घरेलू गैस सिलेंडर आज भी 942 रुपए में मिल रहा है.
महीने की शुरुआत में गैस सिलेंडर के दाम में बदलाव होता है या नहीं, इस पर आम लोगों की नजर रहती है. खासकर घर का बजट संभालने वाले परिवारों के लिए रसोई गैस का खर्च हर महीने के जरूरी खर्चों में शामिल होता है. ऐसे में कीमत स्थिर रहने से फिलहाल लोगों को एक्स्ट्रा बोझ नहीं उठाना पड़ेगा.
शहर अनुसार, घरेलू गैस सिलेंडर का दाम-&amp;nbsp;



शहर
घरेलू सिलेंडर की कीमत


दिल्ली
942.00 रुपए प्रति 14.2 किलोग्राम


मुंबई
941.50 रुपए प्रति 14.2 किलोग्राम


कोलकाता
968.00 रुपए प्रति 14.2 किलोग्राम


चेन्नई
957.50 रुपए प्रति 14.2 किलोग्राम


बेंगलुरु
944.50 रुपए प्रति 14.2 किलोग्राम


लखनऊ
942.50 रुपए प्रति 14.2 किलोग्राम


नोएडा&amp;nbsp;
942.80 रुपए प्रति 14.2 किलोग्राम


वाराणसी
943.10 रुपए प्रति 14.2 किलोग्राम


रांची
999.50 रुपए प्रति 14.2 किलोग्राम



7 सितंबर को कितने रुपए लीटर मिल रहा है पेट्रोल-डीजल, जानें अपने शहर तक का ताजा भाव
शहर अनुसार, कमर्शियल गैस सिलेंडर का दाम-&amp;nbsp;



शहर
कमर्शियल सिलेंडर की कीमत


दिल्ली
2,747.50 रुपए प्रति 19 किलोग्राम


मुंबई
2,701.00 रुपए प्रति 19 किलोग्राम


कोलकाता
2,884.00 रुपए प्रति 19 किलोग्राम


चेन्नई
2,916.50 रुपए प्रति 19 किलोग्राम


बेंगलुरु
2,831.00 रुपए प्रति 19 किलोग्राम


लखनऊ
2755.00 रुपए प्रति 19 किलोग्राम


नोएडा&amp;nbsp;
2760.00 रुपए प्रति 19 किलोग्राम


वाराणसी
2757.00 रुपए प्रति 19 किलोग्राम


रांची
2,933.00 रुपए प्रति 19 किलोग्राम



कमर्शियल सिलेंडर हुआ कितना महंगा?घरेलू गैस सिलेंडर के दाम भले ही स्थिर हैं, लेकिन होटल, रेस्तरां, ढाबे और दूसरे कारोबारी इस्तेमाल के लिए लिए जाने वाले गैस सिलेंडर की कीमत में बढ़ोतरी हुई है. दिल्ली में 19 किलो के कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत 2747.50 रुपए हो गई है. पिछले महीने यह सिलेंडर 2738 रुपए में मिल रहा था, यानी इसकी कीमत में 9.50 रुपए प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी हुई है.
कमर्शियल गैस सिलेंडर महंगा होने का असर होटल और खाने-पीने से जुड़े कारोबार के खर्च पर पड़ सकता है. कारोबारियों के लिए ईंधन की लागत बढ़ने से कुल खर्च भी बढ़ सकता है.
बैंक से चोरी हुआ गिरवी सोना तो कैसे मिलेगा मुआवजा और ब्याज?
 ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 12:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>आज, कितनी, महंगी, हुई, रसोई, गैस, जानें, और, किलो, LPG, सिलेंडर, कितने, का, मिलेगा</media:keywords>
    </item>
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        <title>अमेरिका को पछाड़ने वाला है भारत, 2 साल में बनेगा दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मेट्रो रेल नेटवर्क</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/अमेरिका-को-पछाड़ने-वाला-है-भारत-2-साल-में-बनेगा-दुनिया-का-दूसरा-सबसे-बड़ा-मेट्रो-रेल-नेटवर्क</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/अमेरिका-को-पछाड़ने-वाला-है-भारत-2-साल-में-बनेगा-दुनिया-का-दूसरा-सबसे-बड़ा-मेट्रो-रेल-नेटवर्क</guid>
        <description><![CDATA[ देश में लगातार नए मेट्रो मार्ग शुरू किए जा रहे हैं और पुराने रास्तों का तेजी से विस्तार किया जा रहा है. इसी का नतीजा है कि भारत में मेट्रो रेल नेटवर्क की टोटल लंबाई अब 1170 किलोमीटर पहुंच गई है.&amp;nbsp;
&amp;nbsp;सरकार का अनुमान है कि जिस रफ्तार से देश में मेट्रो रेल का विस्तार हो रहा है, उसे देखते हुए अगले दो साल में भारत मेट्रो रेल नेटवर्क की लंबाई के मामले में अमेरिका को पीछे छोड़ सकता है. ऐसा हुआ तो चीन के बाद भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मेट्रो रेल नेटवर्क वाला देश बन जाएगा.&amp;nbsp;
अमेरिका और भारत के बीच कितना अंतर?केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल के मुताबिक, अमेरिका में इस समय करीब 1386 किलोमीटर लंबा मेट्रो रेल नेटवर्क है. वहीं भारत में इसकी लंबाई 1170 किलोमीटर हो चुकी है.
इस हिसाब से दोनों देशों के बीच करीब 216 किलोमीटर का अंतर बचा है. भारत में जिस तेजी से नए मार्ग बनाए जा रहे हैं, उसे देखते हुए सरकार को उम्मीद है कि ये अंतर अगले दो साल में ही खत्म किया जा सकता है.
आज कितना महंगा हुआ रसोई गैस, जानें 14 और 19 किलो LPG सिलेंडर कितने का मिलेगा
2014 से अबतक कितना बढ़ा मेट्रो नेटवर्क?
भारत में मेट्रो रेल का विस्तार पिछले कुछ सालों में काफी तेजी से हुआ है. साल 2014 में देश के केवल 5 शहरों में करीब 245 किलोमीटर लंबा मेट्रो रेल नेटवर्क था. अब मेट्रो रेल का विस्तार 26 शहरों तक हो चुका है और नेटवर्क की टोटल लंबाई 1170 किलोमीटर पहुंच गई है. यानी करीब एक दशक में देश में मेट्रो रेल की पहुंच और लंबाई दोनों में बड़ा इजाफा हुआ है.
कौन सबसे आगे?मेट्रो रेल नेटवर्क की लंबाई के मामले में चीन अभी दुनिया में सबसे आगे है. चीन में करीब 8000 किलोमीटर लंबा मेट्रो रेल नेटवर्क है. इसके बाद अमेरिका और भारत का नंबर आता है.
भारत का टार्गेट अब सिर्फ बड़े महानगरों तक मेट्रो रेल नेटवर्क देने का नहीं है. देश के कई दूसरे शहरों में भी मेट्रो रेल परियोजनाओं पर काम चल रहा है. नए रास्ते तैयार होने से भारत के मेट्रो नेटवर्क की लंबाई और बढ़ेगी.
7 सितंबर को कितने रुपए लीटर मिल रहा है पेट्रोल-डीजल, जानें अपने शहर तक का ताजा भाव
इंदौर में कैसे हैं हालात?मेट्रो रेल के बढ़ते नेटवर्क में मध्य प्रदेश का इंदौर भी शामिल हो गया है. यहां मेट्रो रेल सेवा के नए मार्ग का हाल ही में उद्घाटन किया गया. इसके बाद इंदौर में मेट्रो रेल करीब 17 किलोमीटर लंबे मार्ग पर हो गया है, जिसमें नए मार्ग में 16 स्टेशन शामिल हैं.&amp;nbsp;
 ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 12:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>अमेरिका, को, पछाड़ने, वाला, है, भारत, साल, में, बनेगा, दुनिया, का, दूसरा, सबसे, बड़ा, मेट्रो, रेल, नेटवर्क</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>अब हिंदी मीडियम से करें बीटेक, MP में शुरू हुआ इंजीनियरिंग कोर्स</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/अब-हिंदी-मीडियम-से-करें-बीटेक-mp-में-शुरू-हुआ-इंजीनियरिंग-कोर्स</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/अब-हिंदी-मीडियम-से-करें-बीटेक-mp-में-शुरू-हुआ-इंजीनियरिंग-कोर्स</guid>
        <description><![CDATA[ मध्य प्रदेश में हिंदी माध्यम से पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी है. इंदौर के श्री जीएस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस SGSITS ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से बीटेक सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई हिंदी माध्यम में शुरू कर दी है. यह मध्य प्रदेश में इस तरह की पहली पहल मानी जा रही है, जिससे उन छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी जो अंग्रेजी में इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने में झिझकते थे.
क्यों लिया गया यह फैसला?
इंजीनियरिंग की पढ़ाई में ज्यादातर तकनीकी शब्द अंग्रेजी में होते हैं. इस वजह से कई छात्रों को शुरुआत में कॉन्सेप्ट समझने में दिक्कत होती है. भाषा की यह परेशानी कई बार पढ़ाई पर भी असर डालती है और कुछ छात्र तो बीच में ही कोर्स छोड़ने का फैसला कर लेते हैं. इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए संस्थान ने सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई हिंदी माध्यम में शुरू करने का फैसला किया.
छात्रों को मिलेगी प्रोत्साहन राशि
यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति NEP 2020 की सोच के मुताबिक उठाया गया है. NEP में मातृभाषा और क्षेत्रीय भाषाओं में शिक्षा देने पर खास जोर दिया गया है, ताकि छात्र अपनी भाषा में पढ़कर विषयों को बेहतर तरीके से समझ सकें. इसी सोच के तहत ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन AICTE ने साल 2021-22 से ही हिंदी सहित कई भारतीय भाषाओं में तकनीकी शिक्षा शुरू करने की पहल की थी.
पहले भी हो चुकी है शुरुआत
AICTE के मुताबिक साल 2021-22 में ही करीब 20 संस्थानों ने हिंदी, मराठी, तेलुगु, कन्नड़ और तमिल जैसी छह भाषाओं में इंजीनियरिंग कोर्स शुरू किए थे, जिनमें उस समय करीब 255 छात्रों ने दाखिला लिया था. इसके अलावा AICTE ने इंजीनियरिंग की किताबों को 12 भारतीय भाषाओं में अनुवाद कराने का भी बड़ा प्रोजेक्ट शुरू किया है, ताकि छात्रों को अपनी भाषा में पढ़ाई की पूरी सामग्री मिल सके.
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अब सिविल इंजीनियरिंग से हुई शुरुआत
फिलहाल SGSITS में यह कोर्स सिविल इंजीनियरिंग शाखा में ही शुरू किया गया है. आने वाले समय में अगर यह प्रयोग सफल रहता है, तो इसे मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और कंप्यूटर साइंस जैसी अन्य शाखाओं में भी लागू किया जा सकता है. इससे मध्य प्रदेश के उन हजारों छात्रों को फायदा मिलेगा जो गांव-कस्बों से आते हैं और हिंदी माध्यम से ही पढ़ाई करते आए हैं.
कितनी सीटें और कितने छात्रों ने लिया दाखिला
इस खास बैच के लिए कॉलेज ने 30 सीटें तय की हैं. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस कोर्स में करीब 20 छात्रों ने दाखिला ले लिया है. यानी हिंदी माध्यम से इंजीनियरिंग पढ़ने के इच्छुक छात्रों की संख्या अच्छी खासी रही, जिससे यह साफ होता है कि यह पहल छात्रों को पसंद आ रही है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 06:30:07 +0530</pubDate>
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        <title>CTET परीक्षा की नई तारीख पर बड़ा अपडेट, जल्द जारी होगा रिवाइज्ड शेड्यूल</title>
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        <description><![CDATA[ CBSE के स्कूलों में शिक्षक बनने का सपना देख रहे उम्मीदवारों के लिए एक जरूरी अपडेट आया है. सीबीएसई जल्द ही केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा CTET सितंबर 2026 की संशोधित परीक्षा तिथि घोषित करने जा रहा है. परीक्षा की नई तारीखें बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट ctet.nic.in पर जारी की जाएंगी.
संशोधित परीक्षा कार्यक्रम जारी होने के बाद, बोर्ड उम्मीदवारों के लिए एग्जाम सिटी स्लिप और एडमिट कार्ड भी जारी करेगा. एग्जाम सिटी स्लिप से उम्मीदवारों को यह पता चल सकेगा कि उनकी परीक्षा किस शहर में आयोजित होने वाली है.
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद दोबारा खुली थी Application Window
CTET परीक्षा के शेड्यूल में बदलाव की एक मुख्य वजह आवेदन प्रक्रिया का दोबारा शुरू होना है. सुप्रीम कोर्ट के एक महत्वपूर्ण फैसले के बाद, सीबीएसई को CTET सितंबर 2026 की Application Window को फिर से खोलना पड़ा था. उम्मीदवार 25 अगस्त से 1 सितंबर 2026 तक इस परीक्षा के लिए दोबारा आवेदन कर सकते थे. आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब बोर्ड परीक्षा की 22nd edition के लिए नया शेड्यूल तैयार करने में जुटा है, जिसे बहुत जल्द सार्वजनिक कर दिया जाएगा.
कैसा होगा परीक्षा का पैटर्न?
CTET 2026 परीक्षा ऑफलाइन मोड में आयोजित की जाएगी. परीक्षा को हल करने के लिए उम्मीदवारों को कुल 2 घंटे 30 मिनट का समय मिलेगा. CTET के प्रत्येक पेपर में कुल 150 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे, जो कुल 150 अंकों के होंगे. &amp;nbsp;साथ ही पेपर 1 में पांच और पेपर 2 में चार अलग-अलग सेक्शन शामिल होंगे. परीक्षा को पास करने के लिए उम्मीदवारों को न्यूनतम 90 अंक हासिल करना अनिवार्य है.
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पेपर 1 और पेपर 2 में क्या अंतर है?
पेपर 1- यह परीक्षा उन उम्मीदवारों के लिए होती है जो कक्षा 1 से कक्षा 5 तक के प्राथमिक शिक्षक बनना चाहते हैं.
पेपर 2- यह परीक्षा उन उम्मीदवारों के लिए आयोजित की जाती है जो कक्षा 6 से कक्षा 8 तक के उच्च प्राथमिक शिक्षक बनना चाहते हैं.&amp;nbsp;
यह परीक्षा उन सभी लोगों के लिए आवश्यक पात्रता परीक्षा Eligibility Test है जो केंद्र सरकार के स्कूलों और विभिन्न राज्यों द्वारा संचालित सरकारी स्कूलों में शिक्षक की नौकरी पाना चाहते हैं.
सीबीएसई ने साफ किया है कि सभी श्रेणियों के उम्मीदवारों के लिए CTET सर्टिफिकेट की वैधता अब आजीवन रहेगी. यानी एक बार परीक्षा पास करने के बाद यह प्रमाणपत्र हमेशा के लिए मान्य होगा. उम्मीदवारों को एडमिट कार्ड जारी होने के बाद उसे डाउनलोड करके परीक्षा केंद्र पर ले जाना होगा, क्योंकि बिना इसके परीक्षा हॉल में प्रवेश नहीं दिया जाएगा.
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        <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 06:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>खुशखबरी: KVS&amp;NVS शिक्षक भर्ती टियर&amp;2 का रिजल्ट जारी, ऐसे करें चेक</title>
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        <description><![CDATA[ केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड CBSE ने केंद्रीय विद्यालय संगठन KVS और नवोदय विद्यालय समिति NVS में शिक्षक भर्ती को लेकर एक बड़ा अपडेट जारी किया है. CBSE ने पोस्ट ग्रेजुएट टीचर हिंदी और ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर हिंदी के पदों के लिए आयोजित हुई टियर-2 भर्ती परीक्षा का रिजल्ट घोषित कर दिया है. यह परीक्षा परिणाम 5 सितंबर 2026 की शाम को आधिकारिक तौर पर घोषित किया गया है. जो उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल हुए थे, वे अब बोर्ड के आधिकारिक भर्ती पोर्टल पर जाकर अपना शॉर्टलिस्टिंग स्टेटस देख सकते हैं.&amp;nbsp;
पोर्टल पर चुन सकेंगे अपनी पसंद
CBSE द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, जिन पदों के लिए उम्मीदवारों से पोस्ट प्रेफरेंस मांगी गई है, वे इस विकल्प को पोर्टल के माध्यम से सबमिट कर सकते हैं. इसके लिए बोर्ड ने एक निश्चित समयसीमा तय की है, जिसके भीतर ही उम्मीदवारों को अपनी पसंद दर्ज करनी होगी. बोर्ड ने उम्मीदवारों को यह भी सलाह दी है कि वे अपनी प्राथमिकता सबमिट करने से पहले अपने लॉगिन अकाउंट में दिखाए जा रहे निर्देशों को बहुत ध्यान से पढ़ लें ताकि सबमिशन के दौरान कोई गलती न हो.
इसके बाद क्या होगी आगे की प्रक्रिया?
टियर-2 परीक्षा का रिजल्ट आने के बाद अब आगे की चयन प्रक्रिया अलग-अलग पदों के आधार पर तय की जाएगी.
Interview वाले पदों के लिए- जिन शिक्षण पदों के चयन में Interview शामिल है, उनके लिए यह टियर-2 का रिजल्ट केवल शॉर्टलिस्टिंग का काम करेगा. यानी जिन उम्मीदवारों का नाम इस लिस्ट में आया है, उन्हें अब अगले चरण में इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा. इन उम्मीदवारों की फाइनल मार्कशीट अभी जारी नहीं की जाएगी. Interview की पूरी प्रक्रिया समाप्त होने और अंतिम परिणाम घोषित होने के 15 दिनों के भीतर उनकी मार्कशीट पोर्टल पर अपलोड की जाएगी.&amp;nbsp;
बिना Interview वाले पदों के लिए- जिन पदों के लिए चयन प्रक्रिया में कोई Interview नहीं होना है, उनके टियर-2 के Marks उम्मीदवारों के लॉगिन अकाउंट में रिजल्ट के साथ ही तुरंत उपलब्ध करा दिए गए हैं.
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एडमिट कार्ड और Interview शेड्यूल
जिन उम्मीदवारों के पदों के लिए आगे Interview या स्किल टेस्ट आयोजित किया जाना है, वे इससे जुड़ा पूरा शेड्यूल और अपना कॉल लेटर अपने कैंडिडेट लॉगिन के माध्यम से ही एक्सेस कर पाएंगे. बोर्ड जैसे ही Interview की तारीखें फाइनल कर लेगा, वैसे ही कैंडिडेट लॉगिन में कॉल लेटर डाउनलोड करने का लिंक एक्टिव कर दिया जाएगा.
अन्य पदों के परिणाम भी जल्द होंगे जारी
आपको बता दें कि पीजीटी और टीजीटी हिंदी शिक्षकों के इस रिजल्ट से पहले, सीबीएसई ने 3 सितंबर 2026 को केवीएस और एनवीएस में प्रिंसिपल पद के लिए भी टियर-2 का रिजल्ट जारी किया था. बोर्ड का कहना है कि बाकी बचे हुए अन्य पदों के परीक्षा परिणाम भी अंतिम चरण में हैं और उन्हें भी बहुत जल्द अलग-अलग चरणों में घोषित किया जाएगा.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 06:30:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>लकड़ी के चॉपिंग बोर्ड से आ रही है बदबू, ऐसे करें डीप क्लीन</title>
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        <description><![CDATA[ लकड़ी का चॉपिंग बोर्ड लगभग हर किचन में रोजाना इस्तेमाल होने वाली चीज है. इसका इस्तेमाल सब्जियों और खाना बनाने वाली अन्य सामग्रियों को काटने में होता है. चॉपिंग बोर्ड किचन में देखने में जितना सुंदर लगता है उसे साफ करना उतना ही मुश्किल है. बार-बार इस्तेमाल और सही तरीके से सफाई न होने पर लकड़ी के बोर्ड में खाने की गंध और नमी रह जाती है, कुछ समय बाद यही वजह बोर्ड से बदबू आने का कारण बन जाती है. ऐसे में बोर्ड की डीप क्लीनिंग करना जरूरी है. कुछ आसान घरेलू तरीकों से आप लकड़ी के चॉपिंग बोर्ड को साफ कर सकते हैं और उसमें फंसी पुरानी गंध को कम कर सकते हैं.
पहले बोर्ड को अच्छी तरह साफ करें
सबसे पहले चॉपिंग बोर्ड पर लगे खाने के छोटे टुकड़ों को हटा दें. इसके बाद हल्के डिश सोप और गुनगुने पानी की मदद से दोनों तरफ से बोर्ड को साफ करें. साफ करने के लिए नरम स्क्रबर या स्पंज इस्तेमाल करें. बहुत ज्यादा पानी में लकड़ी के बोर्ड को भिगोकर न रखें, क्योंकि लकड़ी पानी सोख लेती है. और बाद में उसमें नमी रह जाती है. सफाई के बाद बोर्ड को साफ कपड़े से पोंछ दें.
नमक और नींबू से हटाएं गंध
बोर्ड की बदबू कम करने के लिए नमक और नींबू का इस्तेमाल किया जाता है. बोर्ड की सतह पर थोड़ा नमक फैलाएं और फिर आधे नींबू से पूरी सतह को हल्के हाथ से रगड़ें. खासकर उन जगहों पर थोड़ा ध्यान दें जहां प्याज, लहसुन या मसाले काटे गए हों. कुछ मिनट बाद बोर्ड को साफ पानी से धो लें. इसके बाद इसे तुरंत सुखाना जरूरी है.
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बेकिंग सोडा से करें डीप क्लीन
अगर बोर्ड में काफी समय से बदबू बनी हुई है तो बेकिंग सोडा भी इस्तेमाल कर सकते हैं. थोड़ा बेकिंग सोडा लेकर उसमें पानी की कुछ बूंदें मिलाकर गाढ़ा पेस्ट बना लें. इस पेस्ट को बोर्ड पर लगाकर कुछ मिनट के लिए छोड़ दें और फिर नरम स्पंज से हल्के हाथ से साफ करें. इसके बाद बोर्ड को अच्छी तरह धोकर साफ कपड़े से पोंछें. ध्यान रखें कि सफाई के बाद बोर्ड को गीला छोड़ना नहीं है.
बोर्ड को धूप और हवा में सुखाएं
लकड़ी के चॉपिंग बोर्ड को साफ करने के बाद उसे तुरंत बंद जगह पर ना रखें. बोर्ड को ऐसी जगह रखें जहां हवा अच्छी तरह आती हो और वह पूरी तरह सूख सके. हल्की धूप में कुछ समय रखना भी रख सकते हैं. बोर्ड को दोनों तरफ से अच्छी तरह सुखाना जरूरी है, क्योंकि अंदर नमी रहने पर बदबू फिर से आती है. पूरी तरह सूखने के बाद ही इसे किचन में इसकी जगह रखें.
लंबे समय तक बोर्ड को सही रखने का तरीका
चॉपिंग बोर्ड की बदबू को बार-बार आने से रोकने के लिए हर इस्तेमाल के बाद उसकी सफाई करें और उसे अच्छी तरह सुखाएं. कच्चे मांस या मछली के लिए इस्तेमाल किए गए बोर्ड को सब्जियों और फलों के लिए इस्तेमाल न करें. अगर बोर्ड पर बहुत गहरी दरारें या कट के निशान बन गए हैं और उन्हें साफ करना मुश्किल हो रहा है, तो बोर्ड बदल देना चाहिए. लकड़ी के बोर्ड को लंबे समय तक पानी में भिगोने और डिशवॉशर में भी नहीं डालना चाहिए. इससे चॉपिंग बोर्ड में नमी आ जाती है.
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        <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 05:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>घर में कैसे बनाएं अचारी चिकन? देखें ये आसान रेसिपी</title>
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        <description><![CDATA[ अगर आपको चिकन की अलग-अलग रेसिपी ट्राई करना पसंद है तो इस बार अचारी चिकन बना सकते हैं. इसमें चिकन का स्वाद अचार के मसालों के साथ मिलकर काफी अलग हो जाता है. इसे बनाने के लिए बहुत ज्यादा सामान की जरूरत भी नहीं पड़ती. घर में मौजूद मसालों से ही इसका मसाला तैयार किया जा सकता है. अचारी चिकन को रोटी, नान, पराठे या चावल के साथ खाया जा सकता है. अगर आप घर पर रेस्टोरेंट जैसा स्वाद पाना चाहते हैं तो इस आसान रेसिपी को ट्राई कर सकते हैं.
अचारी चिकन बनाने के लिए सामग्री
इसके लिए करीब 500 ग्राम चिकन, 2 बड़े चम्मच सरसों का तेल, 1 प्याज, 2 टमाटर, 2-3 हरी मिर्च और थोड़ा अदरक-लहसुन चाहिए. मसालों में हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर, नमक और थोड़ा गरम मसाला लें. अचारी स्वाद के लिए सौंफ, राई, मेथी दाना, कलौंजी और जीरा लिया जा सकता है. आप चाहें तो स्वाद बढ़ाने के लिए थोड़ा नींबू का रस या अमचूर भी डाल सकते हैं.
सबसे पहले चिकन को करें मैरिनेट
चिकन को अच्छी तरह धोकर एक बर्तन में लें. इसमें दही, हल्दी, लाल मिर्च, नमक, थोड़ा अदरक-लहसुन का पेस्ट और नींबू का रस डालकर अच्छी तरह मिलाएं। इसे कम से कम 30 मिनट के लिए रख दें। अगर आपके पास समय है तो चिकन को 1-2 घंटे मैरिनेट करने से मसालों का स्वाद इसमें अच्छी तरह आ सकता है.
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&amp;nbsp;तैयार करें अचारी मसाला
अब एक कड़ाही में सरसों का तेल गर्म करें. इसमें जीरा, राई, सौंफ, मेथी दाना और कलौंजी डालकर हल्का भूनें। मसालों को ज्यादा देर तक न भूनें, वरना मेथी दाना कड़वा हो सकता है। इसके बाद प्याज डालकर सुनहरा होने तक भूनें. फिर अदरक-लहसुन और हरी मिर्च डालें। टमाटर डालकर तब तक पकाएं जब तक मसाला अच्छी तरह नरम होकर तेल छोड़ने न लगे।
अब इसमें मैरिनेट किया हुआ चिकन डालें
मसाला तैयार होने के बाद इसमें मैरिनेट किया हुआ चिकन डालकर तेज आंच पर कुछ मिनट अच्छी तरह भूनें. इसके बाद आंच मध्यम कर दें और चिकन को मसाले के साथ पकने दें. जरूरत के हिसाब से थोड़ा पानी डालकर कड़ाही को ढक दें। चिकन को बीच-बीच में चलाते रहें, ताकि वह नीचे चिपके नहीं और मसाला अच्छी तरह मिल जाए.
ऐसे तैयार होगा स्वादिष्ट अचारी चिकन
जब चिकन अच्छी तरह पक जाए और मसाला गाढ़ा हो जाए तो इसमें थोड़ा गरम मसाला और अमचूर या नींबू का रस डाल सकते हैं। ऊपर से थोड़ा हरा धनिया डालकर गैस बंद कर दें. तैयार अचारी चिकन को गरमागरम रोटी, नान, पराठे या चावल के साथ सर्व करें। सरसों के तेल और अचार वाले मसालों की खुशबू इस डिश को खास स्वाद देती है.
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        <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 05:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>रिटायरमेंट के बाद कैसे जिएं अपनी जिंदगी, इन 5 तरीकों से मिलेगी मन को शांति</title>
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        <description><![CDATA[ रिटायरमेंट को अक्सर जिंदगी का ऐसा पड़ाव माना जाता है, जहां नौकरी की जिम्मेदारियां खत्म होने के साथ जीवन में खालीपन आने लगता है. रोज सुबह ऑफिस जाने की आदत, अपने साथियों से बातचीत और काम से जुड़ी व्यस्तता अचानक खत्म हो जाती है. ऐसे में अक्सर लोगों को यह समझ नहीं आत कि अब अपना समय कैसे बिताएं. इस दौर में सबसे जरूरी यह है कि व्यक्ति अपनी दिनचर्या को व्यवस्थित रखे और उन चीजों के लिए समय निकाले, जिन्हें नौकरी के दौरान वह समय नहीं दे पाता था. अगर आप भी रिटायरमेंट के बाद सुकून और खुशी से जिंदगी जीना चाहते हैं, तो इन 5 तरीकों को अपनाकर आप मन की शांति पा सकते हैं.
अपनी पसंद के काम करें
नौकरी के दौरान हमें अक्सर जिम्मेदारियों के कारण अपने शौक पूरे करने का समय नहीं मिल पाता. रिटायरमेंट के बाद आप पढ़ना, लिखना, संगीत सुनना, बागवानी, खाना बनाना या अपनी पसंद की कोई भी आदत शुरू कर सकते हैं. अपने पुराने शौक को फिर से अपनाने से मन व्यस्त रहता है और खालीप कम हो जाता है. अगर आप कोई नया हुनर सीखने की इच्छा रखते हैं, तो यह उसके लिए भी अच्छा समय है.
परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताएं
रिटायरमेंट के बाद लोगों से जुड़ाव बनाए रखना बेहद जरूरी है. परिवार के साथ समय बिताने के अलावा पुराने दोस्तों और रिश्तेदारों से मिलते रहें. आप चाहें तो अपने आसपास के लोगों के साथ सुबह की सैर या शाम की छोटी-सी बैठक को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना सकते हैं. दूसरों से बातचीत करने और अपने अनुभव शेयर करने से अकेलापन कम महसूस होता है.
सेहत को भी दें समय
रिटायरमेंट के बाद अपनी सेहत पर ध्यान देना सबसे महत्वपूर्ण चीजों में से एक होता है. अपनी सेहत के अनुसार रोजाना टहलना, योग या हल्की एक्सरसाइज करना फायदेमंद होता है. साथ ही खान-पान को संतुलित रखें और नियमित स्वास्थ्य जांच करवाते रहें. अच्छी सेहत आपको अपने पसंद के कामों का आनंद लेने में मदद करेग.
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खर्च पर दें ध्यान
रिटायरमेंट के बाद नियमित वेतन बंद हो जाता है, इसलिए खर्च और बचत को लेकर पहले से योजना बनाना जरूरी है. अपनी मासिक जरूरतो, मेडिकल खर्च और दूसरी आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर बजट बनाएं. बिना जरूरत बड़े खर्च करने से बचें.
समाज और नई गतिविधियों से जुड़ें
रिटायरमेंट के बाद खुद को पूरी तरह घर तक सीमित न करें. आप अपनी रुचि के अनुसार किसी सामाजिक संस्था, क्लब, धार्मिक-सांस्कृतिक गतिविधि या कम्युनिटी ग्रूप से जुड़ सकते हैं. अगर आपके पास किसी क्षेत्र का लंबा अनुभव है, तो उसे दूसरों के साथ शेयर कर के भी अपना समय व्यतित कर सकते हैं. जैसे बच्चों को पढ़ाना, किसी सामाजिक काम में मदद करना या जरूरतमंदों के लिए समय देना जीवन में खालीपन को कम करता है.
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        <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 05:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>गणेश चतुर्थी पर घर पर ही बनाएं ये स्वादिष्ट मोदक, जानें आसान रेसिपी</title>
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        <description><![CDATA[ Ganesh Chaturthi 2026 Modak: गणेश चतुर्थी का त्योहार देशभर में बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है. इस दिन भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करने के साथ उन्हें उनके प्रिय भोग भी अर्पित किए जाते हैं. इन भोगों में मोदक का विशेष महत्व होता है. मान्यता है कि मोदक भगवान गणेश को बेहद प्रिय होते है. बाजार के मोदक स्वादिष्ट तो होते हैं, लेकिन यदि आप भगवान गणेश को अपने हाथों से बना भोग लगाना चाहते हैं, तो आप घर पर आसान तरीके से स्वादिष्ट मोदक बना सकते हैं. मोदक कई तरह से बनाए जाते हैं, लेकिन पारंपरिक उकडीचे मोदक अपनी खास मिठास, मुलायम बाहरी परत और स्वादिष्ट नारियल-गुड़ की भरावन के कारण बेहद लोकप्रिय होते हैं. अगर आप भी इस गणेश चतुर्थी पर घर में मोदक बनाना चाहते हैं, तो यह आसान रेसिपी आपके लिए ह.
भरावन को करें तैयार
सबसे पहले एक पैन में थोड़ा घी गर्म करें और उसमें कद्दूकस किया हुआ नारियल डालकर थोड़ी देर तक भूनें. अब इसमें गुड़ डालकर धीमी आंच पर तब तक पकाएं, जब तक गुड़ अच्छी तरह पिघलकर नारियल के साथ मिल न जाए. अब इसमें इलायची पाउडर और कटे हुए मेवे डालें. ध्यान रहे है कि मिश्रण ज्यादा न पके, वरना भरावन बहुत सूखी हो सकती है. तैयार मिश्रण को ठंडा होने के लिए अलग रख दें.
मोदक बनेंगे सोफ्ट
अब मोदक की बाहरी परत तैयार करने के लिए एक पैन में पानी, घी और एक चुटकी नमक डालकर उबालें. पानी में उबाल आने पर गैस धीमी करें और धीरे-धीरे चावल का आटा डालते हुए लगातार चलाएं. ध्यान रखें कि इसमें गांठें न पड़ें. अब गैस बंद करके मिश्रण को कुछ मिनट ढककर रख दें. जब मिश्रण हल्का ठंडा हो जाए और हाथ से संभालने लायक हो, तब इसे अच्छी तरह गूंदकर मलायम आटा तैयार कर लें. आप जरूरत पड़ने पर हाथों पर थोड़ा घी या पानी भी लगा सकते हैं.
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सुंदर दिखेंगे मोदक
अब आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाएं. एक लोई को हथेली पर रखें और उंगलियों की मदद से इसे कटोरी का आकार दें. इसके बीच में तैयार नारियल-गुड़ की भरावन को रखें. अब किनारों पर छोटी-छोटी पंखुड़ियां बनाते हुए उन्हें ऊपर की ओर मोड़ें और सभी किनारों को जोड़कर मोदक का आकार दें. इसी तरह सभी मोदक तैयार कर लें. यदि आपके पास मोदक बनाने का सांचा है, तो आप उसका उपयोग भी कर सकते हैं.
मोदक को स्टीम करें
अब इन्हें स्टीमर में रखें और करीब 10 से 15 मिनट तक भाप में पकाएं. जब मोदक की बाहरी परत थोड़ी चमकदार और मुलायम दिखाई देने लगे, तो समझिए मोदक तैयार हैं. तैयार मोदक पर थोड़ा घी लगाएं. आप चाहें तो ऊपर से केसर या थोड़े से सूखे मेवे से भी इन्हें सजा सकते हैं. घर पर बने ताजे मोदक न केवल स्वादिष्ट होते हैं, बल्कि त्योहार की खुशी और पारिवारिक माहौल को भी खास बना देते हैं.
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        <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 05:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Ganesh Chaturthi: घर और ऑफिस की गणेश स्थापना में क्या है बड़ा अंतर? बप्पा को दफ्तर लाते वक्त ध्यान रखें ये जरूरी बातें</title>
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        <description><![CDATA[ गणेश चतुर्थी की रौनक अब सिर्फ घरों तक सीमित नहीं रही, कॉर्पोरेट केबिन और स्टार्टअप्स में भी बप्पा का स्वागत पूरे उत्साह के साथ हो रहा है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि घर और ऑफिस में गणपति विराजने के नियम एक जैसे नहीं होते? वास्तु और धर्मशास्त्र के मुताबिक, कार्यस्थल पर बप्पा की स्थापना के कायदे पूरी तरह अलग हैं.
अगर आप भी इस बार ऑफिस में विघ्नहर्ता को लाने की तैयारी कर रहे हैं, तो ये जरूरी बातें अनदेखी न करें.
घर और ऑफिस की स्थापना में 3 अंतर

मूर्ति का स्वरूप: घर में आमतौर पर संतान रूप, क्रीड़ा करते हुए या थोड़े चंचल भाव वाले बप्पा की प्रतिमा लाई जाती है. वहीं ऑफिस या दुकान के लिए हमेशा शांत, गंभीर और पद्मासन (बैठी मुद्रा) में विराजमान गणेश जी की मूर्ति सबसे उत्तम मानी जाती है.
संकल्प और उद्देश्य: घर की पूजा का मुख्य उद्देश्य परिवार में सुख, शांति, स्वास्थ्य और आपसी प्रेम होता है. इसके उलट, ऑफिस में पूजा का संकल्प आर्थिक स्थिरता, व्यापारिक वृद्धि, अटके प्रोजेक्ट्स को पूरा करने और टीम के बीच तालमेल बढ़ाने के लिए लिया जाता है.
सेवा और अनुशासन: घर में खान-पान और साफ-सफाई पर पूरा नियंत्रण रहता है. ऑफिस में कई लोग आते-जाते हैं, इसलिए कार्यस्थल पर मर्यादा, पवित्रता और समय की पाबंदी का विशेष ध्यान रखना पड़ता है.

दफ्तर में बप्पा को लाते वक्त इन बातों का रखें ध्यान
सही दिशा का चुनाव: ऑफिस में गणेश जी की चौकी हमेशा उत्तर-पूर्व कोण (ईशान कोण) या पूर्व दिशा में ही स्थापित करें. यह दिशा नए अवसरों और सकारात्मक ऊर्जा का केंद्र होती है. ध्यान रखें कि मूर्ति की पीठ कभी भी ऑफिस के मुख्य हॉल या केबिन के अंदर की तरफ न हो.
सूंड की दिशा पर दें ध्यान: कार्यस्थल के लिए हमेशा बाईं ओर मुड़ी हुई सूंड (वाममुखी) वाले गणपति की प्रतिमा ही चुनें. दाईं ओर सूंड वाले बप्पा (सिद्धिविनायक) की पूजा में बेहद कड़े और सटीक नियमों का पालन करना पड़ता है, जो एक व्यस्त दफ्तर के माहौल में संभव नहीं हो पाता.
बीम और वॉशरूम से बनाएं दूरी: चौकी लगाने से पहले जगह का चयन सावधानी से करें. मूर्ति को कभी भी छत की भारी बीम के नीचे, सीढ़ियों के नीचे या वॉशरूम की दीवार से सटाकर न रखें.
21 दूर्वा जरूर चढ़ाएं: कामकाज में आ रही अड़चनों को दूर करने के लिए बप्पा को दूर्वा (दूब घास) की 21 गांठें अर्पित करना बेहद फलदायी माना जाता है. साथ ही मोदक या बेसन के लड्डू का भोग लगाएं.
टीम के साथ आरती का समय तय करें: दफ्तर में सुबह काम शुरू होने से ठीक पहले और शाम को काम खत्म होने के बाद पूरी टीम के साथ एक संक्षिप्त आरती जरूर करें. इससे कार्यस्थल पर तनाव घटता है और एक सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है.
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Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें. ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 04:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Ganesh, Chaturthi:, घर, और, ऑफिस, की, गणेश, स्थापना, में, क्या, है, बड़ा, अंतर, बप्पा, को, दफ्तर, लाते, वक्त, ध्यान, रखें, ये, जरूरी, बातें</media:keywords>
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        <title>Kal Ka Rashifal 7 September 2026: अजा एकादशी पर गजकेसरी व सर्वार्थ सिद्धि योग से 4 राशियों की खुलेगी किस्मत, जानें मेष से मीन कल का राशिफल</title>
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        <description><![CDATA[ Kal Ka Rashifal, 7 September 2026 (कल का राशिफल): सोमवार का दिन मेष से लेकर मीन राशि तक के सभी 12 जातकों के लिए भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की पावन अजा एकादशी के साथ-साथ ग्रह-नक्षत्रों के दृष्टिकोण से अत्यंत मंगलकारी रहने वाला है. कल शाम 05:05 बजे तक अजा एकादशी तिथि रहेगी, जिसके बाद द्वादशी तिथि का आरंभ होगा. वहीं शाम 06:14 बजे तक पुनर्वसु नक्षत्र रहेगा, तत्पश्चात पुष्य नक्षत्र शुरू होगा. चंद्रमा दोपहर 12:38 बजे के बाद अपनी स्वराशि कर्क में प्रवेश करेंगे, जबकि बुध दोपहर 01:32 बजे अपनी उच्च राशि कन्या में गोचर करेंगे.
सोमवार को भगवान श्री हरि विष्णु और देवों के देव महादेव की कृपा के साथ-साथ गजकेसरी योग, सर्वार्थ सिद्धि योग, वरियान योग और राशियों के अनुसार मालव्य व भद्र योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है. इसके शुभ प्रभाव से वृषभ, कर्क, कन्या और मीन राशि के जातकों को व्यापार में भारी मुनाफा, अटके हुए कार्यों में गति और नौकरी में पद-प्रतिष्ठा के मजबूत योग हैं.

आइए जानते हैं विख्यात भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्लेषक डा. अनीष व्यास से 7 सितंबर का संपूर्ण पंचांग और 5 मुख्य क्षेत्रों में विस्तृत दैनिक राशिफल.
पंचांग (7 सितंबर 2026, सोमवार, अजा एकादशी)

तिथि: भाद्रपद कृष्ण पक्ष अजा एकादशी (शाम 05:05 बजे तक), तत्पश्चात द्वादशी
नक्षत्र: पुनर्वसु नक्षत्र (शाम 06:14 बजे तक), तत्पश्चात पुष्य
चन्द्र राशि: मिथुन (दोपहर 12:38 बजे तक), तत्पश्चात कर्क राशि
शुभ योग: गजकेसरी योग, सर्वार्थ सिद्धि योग, वरियान योग, वाशि योग, आनन्दादि योग, सुनफा योग (मेष, कर्क, तुला, मकर के लिए मालव्य योग व मिथुन, कन्या, धनु, मीन के लिए भद्र योग)
शुभ समय (चौघड़िया मुहूर्त):
सुबह 10:15 से 11:15 बजे तक (शुभ का चौघड़िया)
दोपहर 04:00 से शाम 06:00 बजे तक (लाभ-अमृत का चौघड़िया)
राहुकाल (अशुभ समय): सुबह 07:30 से 09:00 बजे तक
दिशाशूल: पूर्व दिशा की तरफ यात्रा करना शुभ रहेगा.

1. मेष राशि (Aries)
Business (व्यापार): कोई भी ऐसा काम न करें जिससे ब्रांड इमेज खराब हो. गैर-कानूनी गतिविधियों से पूरी तरह दूर रहें और वित्तीय मामलों में धैर्य बनाए रखें.
Career (करियर व शिक्षा): ऑफिस में वर्कलोड अधिक रहने से ओवरटाइम करना पड़ सकता है. प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र भटकाव से बचें.
Love &amp;amp; Family (प्रेम व परिवार): पारिवारिक जीवन में तालमेल बनाकर रखें. प्रेम संबंधों में कड़वाहट न आने दें और एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करें.
Finance (आर्थिक स्थिति): आर्थिक स्थिति थोड़ी कमजोर रह सकती है. अनचाहे खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा.
Health (स्वास्थ्य): काम की अधिकता और मानसिक तनाव से चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है. योग-ध्यान का सहारा लें.
शुभ कलर: नेवी ब्लू | शुभ नंबर: 4 | अशुभ नंबर: 6
2. वृषभ राशि (Taurus)
Business (व्यापार): वरियान व सर्वार्थ सिद्धि योग से व्यापारिक संपर्कों में विस्तार होगा. आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए मुनाफे के बेहतरीन अवसर मिलेंगे.
Career (करियर व शिक्षा): कार्यक्षेत्र में आपके बेहतरीन प्रदर्शन से सीनियर और विरोधी दोनों आपकी तारीफ करेंगे. टारगेट बेस्ड काम करने वालों को बड़ी सफलता मिलेगी.
Love &amp;amp; Family (प्रेम व परिवार): पारिवारिक जीवन उत्तम रहेगा. किसी भी संवेदनशील मुद्दे पर व्यर्थ बहस करने से बचें.
Finance (आर्थिक स्थिति): आर्थिक स्थिति काफी मजबूत होगी. मेहनत का पूरा वित्तीय लाभ मिलने का समय आ गया है.
Health (स्वास्थ्य): स्वास्थ्य अच्छा रहेगा. खिलाड़ी और छात्र अपनी ऊर्जा से नए मुकाम हासिल करेंगे.
शुभ कलर: ब्राउन | शुभ नंबर: 7 | अशुभ नंबर: 1
3. मिथुन राशि (Gemini)
Business (व्यापार): मार्केट से पेमेंट निकालने में थोड़ी मशक्कत करनी पड़ सकती है. दोपहर बाद आलस्य के कारण किसी बड़ी डील को हाथ से न जाने दें.
Career (करियर व शिक्षा): कार्यस्थल पर अपनी बुद्धिमत्ता से कठिन समस्याओं को सुलझा लेंगे. सरकारी कर्मचारियों पर काम का दबाव बना रहेगा.
Love &amp;amp; Family (प्रेम व परिवार): संतान की ओर से सुखद समाचार मिलेगा जिससे घर में शांति रहेगी. व्यर्थ की बातों में समय नष्ट न करें.
Finance (आर्थिक स्थिति): धन संचय की क्षमता बढ़ेगी. कार्यप्रणाली में बिना सोचे-समझे बदलाव करने से बचें.
Health (स्वास्थ्य): स्वास्थ्य सामान्य रहेगा. दिनचर्या व्यवस्थित रखें और काम पर फोकस करें.
शुभ कलर: व्हाइट | शुभ नंबर: 9 | अशुभ नंबर: 3
4. कर्क राशि (Cancer)
Business (व्यापार): गजकेसरी और सर्वार्थ सिद्धि योग से रुके हुए काम रफ्तार पकड़ेंगे. पैतृक कारोबार में जीवनसाथी के सहयोग से भारी मुनाफा होगा.
Career (करियर व शिक्षा): कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी और नई नौकरी तलाश रहे लोगों को अच्छी खबर मिल सकती है. मार्केटिंग से जुड़े जातकों को नया टारगेट मिलेगा.
Love &amp;amp; Family (प्रेम व परिवार): वैवाहिक जीवन अत्यंत सुखद रहेगा. जीवनसाथी और लव पार्टनर के साथ आपसी स्नेह व तालमेल मजबूत होगा.
Finance (आर्थिक स्थिति): धन लाभ के प्रबल योग हैं. सामाजिक संपर्कों और वरिष्ठ लोगों के सहयोग से आर्थिक मजबूती आएगी.
Health (स्वास्थ्य): स्वास्थ्य उत्तम बना रहेगा, जिससे छात्र अपने पाठ्यक्रम पर पूरा ध्यान दे पाएंगे.
शुभ कलर: ग्रीन | शुभ नंबर: 2 | अशुभ नंबर: 5
5. सिंह राशि (Leo)
Business (व्यापार): जोखिम भरे कार्यों से बचें क्योंकि लाभ के साथ नुकसान की भी आशंका है. विरोधी सक्रिय रहेंगे, इसलिए हर लेन-देन में सजग रहें.
Career (करियर व शिक्षा): ऑफिस में गपशप और विवादित बयानों से दूर रहें. नियमित कार्यों में अतिरिक्त परिश्रम करने की आवश्यकता होगी.
Love &amp;amp; Family (प्रेम व परिवार): प्रेम संबंधों में थोड़ी खटास आ सकती है. जीवनसाथी पर क्रोध करने के बजाय शांत मन से बातचीत करें.
Finance (आर्थिक स्थिति): हड़बड़ाहट में कोई बड़ा निवेश न करें. कानूनी अड़चनों से बचने के लिए स ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 04:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Kal, Rashifal, September, 2026:, अजा, एकादशी, पर, गजकेसरी, व, सर्वार्थ, सिद्धि, योग, से, राशियों, की, खुलेगी, किस्मत, जानें, मेष, से, मीन, कल, का, राशिफल</media:keywords>
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        <title>Budh Gochar 2026: बुध का बड़ा राशि परिवर्तन 7 सितंबर 2026 को व्यापार, करियर और शिक्षा में किसे मिलेगा सबसे बड़ा फायदा?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/budh-gochar-2026-बुध-का-बड़ा-राशि-परिवर्तन-7-सितंबर-2026-को-व्यापार-करियर-और-शिक्षा-में-किसे-मिलेगा-सबसे-बड़ा-फायदा</link>
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        <description><![CDATA[ Budh Gochar 2026: वैदिक ज्योतिष में बुध ग्रह को एक शुभ ग्रह माना जाता है. बुध मिथुन एवं कन्या राशि के स्वामी हैं. यह सूर्य और शुक्र के साथ मित्र भाव, चंद्रमा से शत्रुतापूर्ण और अन्य ग्रहों के प्रति तटस्थ रहते हैं. वैदिक ज्योतिष में बुध देव को वाणी, बुद्धि और व्यापार का दाता कहा जाता है. मान्यता है कि जिन लोगों की कुंडली में बुध देव की स्थिति सकारात्मक होती है, वह जातक को व्यावहारिक और वाक्पटु बनाती है, जिससे जीवन में शुभ परिणाम मिलते हैं.
पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर-जोधपुर के निदेशक ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास के अनुसार, बुध ग्रह 7 सितंबर को दोपहर 1:33 बजे सिंह राशि की यात्रा समाप्त करके अपनी स्वराशि और उच्च राशि कन्या में प्रवेश करेंगे. यहां बुध 26 सितंबर तक रहेंगे और इसके बाद तुला राशि में गोचर कर जाएंगे.

गोचर का समय और स्वरूप

गोचर तिथि व समय: 7 सितंबर, दोपहर 1:33 बजे
अवधि: 7 सितंबर से 26 सितंबर तक कन्या राशि में
विशेष स्थिति: बुध अपनी उच्च राशि में रहेंगे, जिसका प्रभाव युवाओं, बैंकिंग सेक्टर और थोक व्यापार पर सबसे अधिक देखने को मिलेगा.

बुध सौरमंडल में सूर्य के सबसे निकटतम और छोटे ग्रह हैं. यह व्यक्ति में बुद्धि, विवेक, हाज़िरजवाबी और हास्य-विनोद का प्रतिनिधित्व करते हैं. इनके अधिदेवता भगवान विष्णु हैं और इन्हें व्यापारियों का रक्षक माना जाता है.
देश-दुनिया और बाजार पर असर
भविष्यवक्ता और कुंडली विश्लेषक डा. अनीष व्यास के अनुसार, बुध के इस राशि परिवर्तन से निम्नलिखित प्रभाव देखने को मिलेंगे:
व्यापार व अर्थव्यवस्था: बिजनेस करने वाले लोगों के लिए समय अच्छा रहेगा. बड़े देशों के बीच आयात-निर्यात बढ़ेगा और नए व्यापारिक समझौते हो सकते हैं. कुछ देशों की करेंसी मजबूत होगी.
बाजार व महंगाई: शेयर बाजार में स्थिरता आएगी, खाद्यान्न वस्तुओं के भाव नियंत्रित होंगे और मूल्य वृद्धि पर रोक लगेगी.
शिक्षा व करियर: विद्यार्थियों के लिए यह समय अध्ययन की दृष्टि से उत्तम रहेगा. शिक्षा क्षेत्र की कमियों को दूर करने के प्रयास होंगे. वकालत और मीडिया से जुड़े लोगों के लिए अनुकूल समय रहेगा.
कृषि व उद्योग: दूध उत्पादन और सब्जियों की पैदावार बढ़ने से किसानों को लाभ होगा. औद्योगिक उत्पादन में वृद्धि से कीमतों में स्थिरता आएगी.
बुध के अचूक उपाय
कुंडली में बुध कमजोर या पीड़ित स्थिति में हो, तो इन उपायों को करने की सलाह दी जाती है:

मां दुर्गा की नियमित आराधना करें.
बुधवार के दिन गाय को हरा चारा खिलाएं और साबुत हरे मूंग का दान करें.
बुधवार को भगवान गणेश को सिंदूर और दूर्वा अर्पित करें (11 या 21 गांठ चढ़ाना फलदायी माना गया है).
पालक का दान करें.
बुधवार को कन्या पूजा कर हरी वस्तुओं का दान करें.

सभी 12 राशियों का राशिफल
मेष राशि: यात्रा-देशाटन का लाभ मिलेगा. लिए गए निर्णयों और कार्यों की सराहना होगी. विदेश में पढ़ाई के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए समय अनुकूल है. षड्यंत्रों से सावधान रहें.
वृषभ राशि: संतान के दायित्व की पूर्ति होगी. प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी और प्रेम विवाह के योग बनेंगे. ट्रेडिंग से जुड़े लोगों को सफलता मिलेगी. सरकारी कार्यों की अड़चनें दूर होंगी.
मिथुन राशि: मित्रों और संबंधियों से सुखद समाचार प्राप्त होगा. नए अनुबंध पर हस्ताक्षर करने या नया व्यापार शुरू करने के लिए समय अत्यंत अनुकूल है.
कर्क राशि: धर्म और आध्यात्म के प्रति रुचि बढ़ेगी. धार्मिक और सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे. चुनाव संबंधी निर्णय लेने के लिए समय उपयुक्त है.
सिंह राशि: अपनी वाक्पटुता से कठिन परिस्थितियों को संभाल लेंगे. स्वास्थ्य का ध्यान रखें और कार्यक्षेत्र में गुप्त शत्रुओं से बचें. परिवार में नए मेहमान के आगमन से माहौल खुशनुमा रहेगा.
कन्या राशि: शासन-सत्ता का पूर्ण सहयोग मिलेगा और उच्चाधिकारियों से संबंध मजबूत होंगे. सामाजिक पद-प्रतिष्ठा बढ़ेगी. प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए समय अनुकूल रहेगा.
तुला राशि: धार्मिक कार्यों और तीर्थयात्रा का योग बनेगा. इस अवधि में किसी को भी बड़ा कर्ज देने से बचें. वाद-विवाद और कोर्ट-कचहरी के मामलों को बाहर ही सुलझाने का प्रयास करें.
वृश्चिक राशि: सरकारी विभागों में रुके हुए कार्यों का निपटारा होगा. संतान सुख के योग हैं. विदेश में उच्च शिक्षा के लिए प्रयासरत छात्रों को सफलता मिल सकती है.
धनु राशि: माता-पिता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें. सरकारी टेंडर के आवेदन के लिए समय अनुकूल है. जमीन-जायदाद से जुड़े मामलों का समाधान होगा और नया वाहन खरीद सकते हैं.
मकर राशि: धर्म और सामाजिक कार्यों में रुचि रहेगी. परिवार में मांगलिक कार्यों का आयोजन होगा. विवाह संबंधी बातचीत सफल होगी और नवदंपति को संतान प्राप्ति के योग बनेंगे.
कुंभ राशि: कार्यक्षेत्र में सतर्क रहें, विरोधी नीचा दिखाने की कोशिश कर सकते हैं. अपनी रणनीतियों को गोपनीय रखें. विपरीत परिस्थितियों के बावजूद सामाजिक सम्मान या पुरस्कार मिलने के योग हैं.
मीन राशि: वैवाहिक जीवन की बाधाएं दूर होंगी और ससुराल पक्ष से संबंध मधुर रहेंगे. साझा व्यापार करने से बचें. सरकारी टेंडर और वाहन खरीद के लिए योग अनुकूल है.
करियर-रिश्तों की उलझन में कृष्ण को क्यों खोज रही Gen Z?
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि&amp;nbsp;ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 04:30:11 +0530</pubDate>
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        <title>टैरो राशिफल 7 सितंबर 2026: धनु को विदेश से खुशखबरी, वृश्चिक को पद&amp;प्रतिष्ठा का लाभ; जानें मेष से मीन का भाग्य</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/टैरो-राशिफल-7-सितंबर-2026-धनु-को-विदेश-से-खुशखबरी-वृश्चिक-को-पद-प्रतिष्ठा-का-लाभ-जानें-मेष-से-मीन-का-भाग्य</link>
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        <description><![CDATA[ Tarot Rashifal 7 September 2026: सितंबर महीने का यह सोमवार सभी 12 राशियों के लिए करियर में पद-प्रतिष्ठा, विदेश व निवेश से लाभ और गुप्त रणनीतियों के क्रियान्वयन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण संकेत दे रहा है. आज ग्रहों की स्थिति और टैरो कार्ड्स आपके जीवन में क्या बड़े बदलाव लेकर आ रहे हैं, प्रसिद्ध टैरो कार्ड रीडर एवं ज्योतिषाचार्या नीतिका शर्मा (अजमेर) से.
आज धनु राशि को विदेश से शुभ समाचार और वृश्चिक राशि के जातकों को पद-प्रतिष्ठा का बड़ा लाभ मिलेगा, वहीं मीन राशि वालों को किसी भी निवेश से पहले कंपनी की सत्यता जांचने और सिंह राशि के जातकों को अपनी योजनाएं पूरी तरह गोपनीय रखने की सख्त जरूरत है. आइए विस्तार से जानते हैं कि मेष से लेकर मीन राशि तक के जातकों का आज का दिन कैसा बीतेगा.

मेष टैरो राशिफल&amp;nbsp;टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि मेष राशि के लोगों के लिए शत्रुओं से परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. सोच समझकर कार्य की रूपरेखा तय करें. साथ ही आपको करीबी व्यक्ति के सहयोग से मांगलिक कार्य संपन्न होंगे.
वृषभ टैरो राशिफल&amp;nbsp;टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि वृषभ राशिवालों को पारिवारिक वृद्धि के संकेत मिलेंगे. साथ ही आपको सरकारी कार्यों में सफलता मिलेगी. आज दोपहर एक के बाद एक नई-नई कठिनाइयों के कारण परेशानी होगी.
मिथुन टैरो राशिफल&amp;nbsp;टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि मिथुन राशिवालों को विदेश और निवेश संदर्भों में अचानक ही लाभ होगा. तमाम परेशानियों के बावजूद भी आपके मित्र आपका साथ देंगे. उदर विकार, कमर दर्द से प्रभावित रहेंगे.
कर्क टैरो राशिफल&amp;nbsp;टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि कर्क राशिवालों को आजीविका संबंधी मूलभूत समस्या या स्थायी समाधान मिलना संभव है. जीवन साथी के प्रति कुछ उदासीनता के भाव उत्पन्न हो सकते है.
सिंह टैरो राशिफल&amp;nbsp;टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि सिंह राशि के लोगों को आज कोशिश करनी है कि वह अपने कामकाज से संबंधित जो भी योजना बनाएं उसको फिलहाल, गुप्त रखना अति आवश्यक है. खर्च की अधिकता के कारण मानसिक तनाव होगा. स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें.
कन्या टैरो राशिफल&amp;nbsp;टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि कन्या राशिवालें आज रचनात्मक क्रिया कलापों में हिस्सा लेंगे. साथ ही आज आपकी जान पहचान कुछ नए लोगों के साथ होगी जो आपको आने वाले दिनों में बड़ा लाभ करा सकते हैं. यह लोग आगामी समय में ये लोग आपके काम आ सकते है.
तुला टैरो राशिफल&amp;nbsp;टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि तुला राशिवालों के लिए आज आर्थिक स्थिति में वृद्धि और रुके कार्यों में प्रगति होगी. जीवनसाथी से बनाया हुआ तालमेल ही आपको वांछित सम्भल देगा. हो सकता है कि आज आपको किसी से कर्जा लेने पड़ सकता है.
वृश्चिक टैरो राशिफल&amp;nbsp;टैरो कार्ड्स के अनुसार, वृश्चिक राशिवालों नौकरीपेशा लोगों को पद प्रतिष्ठा आदि का लाभ मिलेगा. यदि आप व्यवसायी है तो समय अनुकूल है, कार्य व्यवसाय को गति दे तो वांछित लाभ होगा.
धनु टैरो राशिफल&amp;nbsp;टैरो कार्ड्स के अनुसार, धनु राशिवालों को निवेश और विदेश संदर्भों में अचानक ही कोई सफलता का समाचार प्राप्त होगा. साथ ही आपकी आर्थिक सुविधाओं का उन्नयन होगा, सुख साधन में वृद्धि, वाह्य लोगों का भी समर्थन हासिल होगा.
मकर टैरो राशिफल&amp;nbsp;टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि मकर राशिवालों को उच्चाधिकारियों के मध्य योजनाओं को गति देने की बैठक हो सकती हैं. भूमि भवन संबंधी कार्य व्यवसाय लाभदायक रहेगा. स्वास्थ्य के लिहाज से दिन ठीक रहेगा.
कुंभ टैरो राशिफल&amp;nbsp;टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि कुंभ राशिवालों को कामकाज में वांछित गुणात्मक परिवर्तन देखने को मिलेगा. खेल कूद और शिक्षा के क्षेत्रों में आप किसी सफल शख्सियत से प्रभावित होंगे. संतान से खुशी का समाचार मिलेगा.
मीन टैरो राशिफल&amp;nbsp;टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि मीन राशिवालों को पूंजी निवेश से पहले कंपनी की वैधता निजी स्तर पर जांच लें. वरना आपको हानि हो सकती है. बार बार के व्यावसायिक ऊंच नीच, घरेलू कलह व सामंजस्यता की कमी के कारण मानसिक तनाव उत्पन्न होगा.
Kal Ka Rashifal 7 September 2026: अजा एकादशी पर गजकेसरी व सर्वार्थ सिद्धि योग से 4 राशियों की खुलेगी किस्मत, जानें मेष से मीन कल का राशिफल
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें. ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 04:30:10 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>टैरो, राशिफल, सितंबर, 2026:, धनु, को, विदेश, से, खुशखबरी, वृश्चिक, को, पद-प्रतिष्ठा, का, लाभ, जानें, मेष, से, मीन, का, भाग्य</media:keywords>
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        <title>Aja Ekadashi 2026: सुबह ऑफिस भी जाना है, राहुकाल भी 7:36 से, अजा एकादशी की पूजा कब करें?</title>
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        <description><![CDATA[ Aja Ekadashi 2026: अजा एकादशी का व्रत 7 सितंबर 2026, सोमवार को रखा जाएगा. व्रत रखने वाले नौकरीपेशा लोगों के सामने इस बार समय को लेकर एक व्यावहारिक सवाल है. सुबह ऑफिस भी पहुंचना है और दिल्ली के पंचांग के अनुसार राहुकाल सुबह 7:36 से 9:10 बजे तक रहेगा. ऐसे में भगवान विष्णु की पूजा राहुकाल से पहले करनी चाहिए या समय न मिलने पर बाद में भी पूजा की जा सकती है?
पंचांग के अनुसार अजा एकादशी तिथि 6 सितंबर की शाम 7:29 बजे शुरू होकर 7 सितंबर की शाम 5:03 बजे तक रहेगी. इसलिए व्रत 7 सितंबर को रखा जाएगा. अजा एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित है. इस दिन व्रत, विष्णु पूजा, मंत्र-जप और व्रत कथा पढ़ने की परंपरा है.

ऑफिस जाने वाले कब करें अजा एकादशी की पूजा?
दिल्ली और आसपास रहने वाले नौकरीपेशा भक्तों के लिए सुबह 6:10 से 7:16 बजे के बीच पूजा करना सुविधाजनक रहेगा. 7 सितंबर को प्रातः संध्या का समय सुबह 6:10 से 7:16 बजे तक बताया गया है. यह समय राहुकाल शुरू होने से पहले समाप्त हो जाएगा.
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भक्त सुबह स्नान करने के बाद भगवान विष्णु के सामने दीपक जला सकते हैं. इसके बाद जल, पीले फूल, फल और तुलसी दल अर्पित करके अजा एकादशी व्रत का संकल्प लें. विष्णु मंत्र का जाप करें और संभव हो तो संक्षिप्त रूप में अजा एकादशी व्रत कथा पढ़ें. इस तरह लगभग 15 से 20 मिनट में सुबह की पूजा पूरी की जा सकती है.
ऑफिस जाने से पहले ऐसे कर लें पूजा:

सुबह 5:45 से 6:05 बजे तक स्नान और पूजा की तैयारी.
सुबह 6:10 बजे भगवान विष्णु के सामने दीपक जलाएं.
जल, फूल, फल और तुलसी दल अर्पित करें.
अजा एकादशी व्रत का संकल्प लें.
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें.
सुबह 7:16 बजे से पहले पूजा पूर्ण कर लें.

क्या राहुकाल में भगवान विष्णु की पूजा नहीं कर सकते?
राहुकाल को सामान्यतः नया और मांगलिक कार्य शुरू करने के लिए अनुकूल नहीं माना जाता. विवाह, गृह प्रवेश, नया कारोबार, संपत्ति की खरीद या किसी महत्वपूर्ण काम की शुरुआत करते समय राहुकाल से बचने की परंपरा है.
लेकिन नित्य पूजा, पहले से चल रहा व्रत, नाम-जप और भगवान का स्मरण बंद नहीं किया जाता. इसलिए किसी कारण से सुबह 7:36 बजे से पहले पूजा नहीं हो पाए तो भक्त केवल राहुकाल के डर से भगवान विष्णु की उपासना न छोड़ें. घर में की जाने वाली नियमित पूजा, मंत्र-जप और व्रत का संकल्प श्रद्धा के साथ किया जा सकता है.
हालांकि परिवार की परंपरा में राहुकाल के दौरान विशेष पूजा न करने का नियम हो तो सुबह 7:36 बजे से पहले पूजा कर लें या राहुकाल समाप्त होने के बाद सुबह 9:10 बजे पूजा करें.
सुबह जल्दी समय न मिले तो क्या करें?
ऑफिस के कारण सुबह विस्तृत पूजा संभव न हो तो भक्त संक्षिप्त पूजा कर सकते हैं. स्नान के बाद भगवान विष्णु के सामने दीपक जलाएं, तुलसी दल और फल अर्पित करें तथा व्रत का संकल्प लें. इसके बाद दिन में समय मिलने पर विष्णु सहस्रनाम, अजा एकादशी की कथा या भगवान विष्णु के मंत्र का पाठ किया जा सकता है.
सुबह घर से निकलने से पहले पूजा का संकल्प करना महत्वपूर्ण है. व्रत कथा और विस्तृत आरती शाम को घर लौटने के बाद भी की जा सकती है. एकादशी तिथि 7 सितंबर को शाम 5:03 बजे समाप्त हो जाएगी, लेकिन तिथि समाप्त हो जाने से व्रत उसी समय नहीं खोला जाएगा.
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क्या शाम 5:03 बजे के बाद व्रत खोल सकते हैं?
नहीं, एकादशी तिथि शाम 5:03 बजे समाप्त होने के बावजूद अजा एकादशी व्रत का पारण 8 सितंबर को द्वादशी तिथि में किया जाएगा. एकादशी तिथि समाप्त होना और व्रत का पारण करना दो अलग बातें हैं.
पंचांग के अनुसार एकादशी व्रत का पारण अगले दिन सूर्योदय के बाद और द्वादशी तिथि के भीतर किया जाता है. दिल्ली के लिए अजा एकादशी पारण का निर्धारित समय 8 सितंबर की सुबह लगभग 6:02 से 8:33 बजे तक बताया गया है. स्थान बदलने पर सूर्योदय और पारण के समय में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है.
शाम की पूजा किस समय करें?
ऑफिस से लौटने के बाद भक्त भगवान विष्णु की सामान्य संध्या आरती कर सकते हैं. यदि संभव हो तो एकादशी तिथि समाप्त होने से पहले यानी शाम 5:03 बजे तक व्रत कथा या विशेष पूजा पूरी कर लें. ऐसा संभव न हो तो तिथि समाप्त होने के बाद भी भगवान का स्मरण, मंत्र-जप और आरती करने में कोई बाधा नहीं है.
रात में जागरण करना प्रत्येक व्यक्ति के लिए अनिवार्य नहीं है. भक्त अपनी क्षमता और पारिवारिक परंपरा के अनुसार भजन, मंत्र-जप या विष्णु सहस्रनाम का पाठ कर सकते हैं.
अजा एकादशी की पूजा में क्या अर्पित करें?
भगवान विष्णु की पूजा में पीले फूल, फल, चंदन, धूप, दीप और तुलसी दल अर्पित किए जा सकते हैं. धार्मिक परंपरा में भगवान विष्णु के भोग में तुलसी का विशेष महत्व माना गया है. यदि तुलसी का पौधा घर में है तो एकादशी के दिन पत्ते तोड़ने के बजाय पहले से रखे गए स्वच्छ तुलसी दल का प्रयोग किया जा सकता है.
भोग में फल, मखाना, दूध या व्रत में इस्तेमाल होने वाली सात्विक सामग्री रखी जा सकती है. व्रत की पद्धति परिवार, संप्रदाय और स्वास्थ्य के अनुसार अलग हो सकती है. इसलिए फलाहार या निर्जल व्रत का निर्णय अपनी क्षमता को ध्यान में रखकर करना चाहिए.
अजा एकादशी पर ऑफिस जाने वालों के लिए सीधा जवाब
यदि सुबह ऑफिस जाना है तो 6:10 से 7:16 बजे के बीच पूजा पूरी कर लें. इस समय पूजा संभव न हो तो नियमित विष्णु पूजा छोड़ने की आवश्यकता नहीं है. राहुकाल मुख्य रूप से नए शुभ कार्य आरंभ करने के संदर्भ में देखा जाता है. सुबह संक्षिप्त पूजा करके व्रत का संकल ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 04:30:09 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>Aja, Ekadashi, 2026:, सुबह, ऑफिस, भी, जाना, है, राहुकाल, भी, 7:36, से, अजा, एकादशी, की, पूजा, कब, करें</media:keywords>
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        <title>वैभव सूर्यवंशी से देवदत्त पडिक्कल, टीम इंडिया के इतने खिलाड़ी खेल रहे दलीप ट्रॉफी फाइनल</title>
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        <description><![CDATA[ चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम यानी चेपॉक में 2026 दलीप ट्रॉफी का फाइनल मुकाबला खेला जा रहा है. खिताबी मैच में ईस्ट जोन और साउथ जोन की टीमें आमने-सामने हैं. ईस्ट जोन के कप्तान हैं ईशान किशन और साउथ जोन को लीड कर रहे हैं तिलक वर्मा. फाइनल मैच में टीम इंडिया के कई स्टार खिलाड़ी खेल रहे हैं.&amp;nbsp;
ईस्ट जोन में कप्तान ईशान किशन के अलावा 15 साल के स्टार वैभव सूर्यवंशी भी हैं. साथ ही तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी और मुकेश कुमार भी ईस्ट जोन की टीम का हिस्सा हैं. इस टीम में अनुकूल रॉय और अभिमन्यु ईश्वरन भी बड़ा चेहरा हैं. अनुकूल रॉय आईपीएल में केकेआर के लिए खेलते हैं. वहीं अभिमन्यु ईश्वरन कई बार टीम इंडिया में सेलेक्ट हो चुके हैं, लेकिन अब तक उन्हें डेब्यू का मौका नहीं मिला है.&amp;nbsp;
साउथ जोन की बात करें तो टीम की कमान तिलक वर्मा के हाथों में है. वहीं टीम में देवदत्त पडिक्कल और स्टार तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज भी हैं. टीम में इंटरनेशनल क्रिकेट खेले सिर्फ तीन ही खिलाड़ी हैं. वहीं सालों आईपीएल में खेले लेग स्पिनर श्रेयस गोपाल भी साउथ जोन की टीम का हिस्सा हैं.&amp;nbsp;
पहले दिन ईस्ट जोन ने बनाए 385-4 रन, ईशान किशन ने जड़ा शतक
चेपॉक में खेले जा रहे फाइनल मैच में पहले दिन का खेल खत्म होने तक ईस्ट जोन ने 4 विकेट खोकर 385 रन बना लिए हैं. स्टम्प्स के समय ईशान किशन 135 गेंद में 111 रनों पर हैं. वह 14 चौके और 2 छक्के जड़ चुके हैं. कुमार कुशाग्र 75 गेंद में 63 रनों पर नाबाद हैं. वह 4 चौके और 5 छक्के लगा चुके हैं. दोनों के बीच 160 गेंद में 144 रनों की साझेदारी हो चुकी है. इससे पहले वैभव सूर्यवंशी 37 गेंद में 44 रन बनाकर आउट हुए. अभिमन्यू ईश्वरन ने 86 गेंद में 72 रनों की पारी खेली. वहीं शिखर मोहन ने 120 गेंद में 85 रन बनाए. &amp;nbsp;
ईस्ट जोन की प्लेइंग इलेवन- अभिमन्यु ईश्वरन, वैभव सूर्यवंशी, कुमार कुशाग्र, सुदीप कुमार घरामी, शिखर मोहन, ईशान किशन (कप्तान/विकेट कीपर), मोहम्मद कौनैन कुरैशी, अनुकूल रॉय, मोहम्मद शमी, अभिजीत सरकार और मुकेश कुमार
साउथ जोन की प्लेइंग इलेवन- रिकी भुई, नारायण जगदीसन (विकेटकीपर), देवदत्त पडिक्कल, शेख रशीद, तिलक वर्मा (कप्तान), स्मरण रविचंद्रन, श्रेयस गोपाल, त्रिपुराना विजय, मोहम्मद सिराज, चामा वी मिलिंद और एमडी निधिश
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दलीप ट्रॉफी के फाइनल में ईशान किशन ने जड़ा शतक, ठोकी 10वीं सेंचुरी ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 04:30:08 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>वैभव, सूर्यवंशी, से, देवदत्त, पडिक्कल, टीम, इंडिया, के, इतने, खिलाड़ी, खेल, रहे, दलीप, ट्रॉफी, फाइनल</media:keywords>
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        <title>&amp;apos;PCB ने अपना मजाक उड़वाया&amp;apos;, लॉर्ड्स टेस्ट &amp;apos;विवाद&amp;apos; पर बोले इमरान खान के बेटे</title>
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        <description><![CDATA[ पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड पर पूर्व कप्तान इमरान खान के बेटों ने &#039;विवादित&#039; बयान दिया है. इमरान खान जो पाकिस्तान के पूर्व कप्तान रहे और अपने देश के प्रधानमंत्री भी रहे, फिलहाल कई सालों से जेल में बंद हैं.हाल ही में पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच लॉर्ड्स में खेले गए दूसरे टेस्ट में उनके बेटों का इंटरव्यू प्रसारित हुआ था, जिसके बाद काफी बवाल मचा था. अब इमरान के बेटों ने पीसीबी की कड़ी आलोचना की है. उनका कहना है कि इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स टेस्ट को छोड़ने की धमकी देकर पीसीबी ने खुद का मजाक बनवाया है.&amp;nbsp;
यह पूरा मामला लॉर्ड्स में खेले गए दूसरे टेस्ट का है, जब &#039;स्काई स्पोर्ट्स&#039; पर इमरान खान के बेटों का इंटरव्यू प्रसारित हुआ. यह इंटरव्यू इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल एथर्टन ने लिया था. इंटरव्यू में इमरान के दोनों बेटों ने जेल में बंद अपने पिता की बिगड़ती सेहत और पाकिस्तान की जेल की स्थितियों के बारे में बात की थी. इसके बाद कई मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि पीसीबी ने धमकी दी थी कि अगर इंटरव्यू का प्रसारण रद्द नहीं किया गया तो वे पहले दिन लंच के बाद मैदान पर नहीं उतरेंगे.&amp;nbsp;
इमरान के बेटे कासिम ने रविवार को &#039;द टेलीग्राफ&#039; से कहा, &quot;उन्होंने खुद का मजाक बनवाया.&quot; दूसरे बेटे सुलेमान ने इंटरव्यू पर पीसीबी की प्रतिक्रिया पर हैरानी जताते हुए कहा, &quot;मुझे किसी तरह की प्रतिक्रिया की उम्मीद थी, लेकिन मैंने नहीं सोचा था कि वे इतने नासमझ होंगे कि मैदान पर न उतरने की धमकी देंगे. पाकिस्तान के पूर्व खिलाड़ी, जो 22 साल तक इंग्लैंड में रहे, उनके बारे में हुए इंटरव्यू को हटवाने की मांग करना पीसीबी के अधिकार क्षेत्र में नहीं होना चाहिए. यह राजनीति के बारे में नहीं, बल्कि मानवीय स्थिति और उनकी सेहत के बारे में था.&quot;
कासिम और सुलेमान ने इमरान खान को कैद में रखने को लेकर सुरक्षा संबंधी गंभीर चिंताएं जताई हैं. उन्होंने कहा, &quot;वे स्पष्टतौर पर उन्हें वहां मार डालने की उम्मीद कर रहे हैं. वे उन्हें चुप कराना चाहते हैं और धीरे-धीरे उन्हें खत्म कर देना चाहते हैं. पाकिस्तान में इस समय सबसे लोकप्रिय व्यक्ति के साथ ऐसा करना बहुत मुश्किल काम है. जब भी हम बात करते हैं, तो उनकी रणनीति यही होती है कि सब कुछ ठंडा पड़ जाए और फिर और भी कठोर प्रतिबंध लगा दिए जाएं, जिससे उनके लिए जीवित रहना और भी मुश्किल हो जाए.&quot;
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        <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 04:30:07 +0530</pubDate>
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        <title>सत्य निकेतन हादसे से टूटे शिखर धवन, बोले&amp; &amp;apos;जिन परिवारों ने अपनों को खोया...&amp;apos;</title>
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        <description><![CDATA[ भारत की राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार (06 सितंबर) को 50 साल पुरानी पांच मंजिला इमारत के गिरने से बड़ा हादसा हुआ. लड़कों की पीजी (पेइंग गेस्ट) के रूप में इस्तेमाल हो रही इमारत के गिरने से कुछ लोगों की जान चली गई, जबकि कई घायल हुए हैं. इस घटना ने पूरे देश को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर इतनी बड़ी लापरवाही कैसे बरती जा सकती है? इस हादसे पर सभी अपना-अपना दुख जाहिर कर रहे हैं. टीम इंडिया के पूर्व खिलाड़ी शिखर धवन ने भी इस घटना पर दुख जताया.&amp;nbsp;
धवन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस घटना को लेकर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की. उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवार के लिए हिम्मत की प्रार्थना की, जबकि मलवे में फंसे लोगों के सुरक्षित निकले की कामना की.&amp;nbsp;
धवन ने लिखा, &quot;सत्य निकेतन से आई खबर से बहुत दुख हुआ है. जिन परिवारों ने अपने प्यारों को खोया, उनके लिए हिम्मत की प्रार्थना कर रहा हूं और जो लोग अभी भी फंसे हुए हैं, उनके सुरक्षित बचाव की भी कामना करता हूं.&quot;

⁠Deeply saddened by the news from Satya Niketan. Praying for strength for the families who have lost loved ones, and the safe rescue of everyone still trapped. ????
&amp;mdash; Shikhar Dhawan (@SDhawan25) September 6, 2026



5 लोगों के मरने की खबर&amp;nbsp;
इस खबर को लिखे जाने तक हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की संख्या 5 पर पहुंच गई है. जेपीएन एपेक्स ट्रॉमा सेंटर (AIIMS) में इस घटना के 10 मरीज पहुंचे थे. इसमें 4 मृत अवस्था में थे. बाकी 1 ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. इस तरह 5 लोगों की जान जा चुकी है. बाकी 5 घायलों में एक को मामूली चोटें लगी थीं, जिसे देखरेख के बाद छुट्टी दे दी गई. वहीं एक मरीज के अंगों की सर्जरी की भी खबर है.&amp;nbsp;
चल रहा था मरम्मत का काम, बेसमेंट में भरा पानी
इमारत के बेसमेंट में मरम्मत का काम हो रहा था, तभी दोपहर करीब 1:30 बजे बिल्डिंग ढह गई. इस इमारत के ढहने से आसपास मौजूद कई वाहन भी मलबे की चपेट में आ गए. स्थानीय लोगों ने दावा किया कि कुछ दिनों से बारिश होने के कारण बेसमेंट में पानी जमा होने लगा था, जिससे इसकी नींव कमजोर हो गई थी. इसे ही इमारत के ढहने की वजह बताया गया. दिल्ली में शुक्रवार से काफी बारिश हुई थी.
&amp;nbsp;
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        <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 04:30:06 +0530</pubDate>
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        <title>नाइजीरिया ने टी20 वर्ल्ड में बनाई जगह, जिम्बाब्वे को हराकर किया कमाल</title>
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        <description><![CDATA[ नाइजीरिया ने आईसीसी अंडर-19 महिला टी20 वर्ल्ड कप अफ्रीका क्वालिफायर में जिम्बाब्वे को हराकर अगले साल होने वाले अंडर महिला टी20 वर्ल्ड कप में जगह पक्की कर ली है. 2027 के इस टूर्नामेंट की मेजबानी बांग्लादेश और नेपाल करेगा. नाइजीरिया ने फाइनल में जिम्बाब्वे को 4 रन से शिकस्त दी. टीम ने टूर्नामेंट में कोई भी मुकाबला नहीं गंवाया.&amp;nbsp;
मुकाबले में नाइजीरिया ने पहले बैटिंग करने के बाद 98 रन बोर्ड पर लगाए. इस टोटल को देखकर लगा कि जिम्बाब्वे आसानी से जीत हासिल कर लेगी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका. नाइजीरिया की तरफ से शानदार गेंदबाजी देखने को मिली. टीम ने जिम्बाब्वे को सिर्फ 94 रन पर ऑलआउट कर दिया. मैच खत्म होने में सिर्फ एक गेंद बाकी थी, जब टीम ने जीत हासिल की. वे टूर्नामेंट में दक्षिण अफ्रीका के साथ मिलकर महाद्वीप का प्रतिनिधित्व करेंगे.&amp;nbsp;
नाइजीरिया के लिए कप्तान क्रिस्टाबेल चुक्वुओन्ये की 21 रनों की पारी खेली. इससे टीम को 98 रन के टोटल तक पहुंचने में मदद मिली. इसके अलावा ब्यूटी ओगुआई (19) और जेसिका बिएनी (15) ने भी बल्ले से अहम योगदान दिया. जिम्बाब्वे के लिए क्रिस्टीन मुतासा ने 2 विकेट लिए, जबकि तादिवानाशे गारुत्सा ने 1 विकेट हासिल अपने नाम किया.&amp;nbsp;
इसके जवाब में, जिम्बाब्वे के लिए सलेम मुसेका (27), बेथेल जिन्यामा (21) और निकोलेट न्यिका (18) ने अहम पारियां खेलीं. लेकिन ये तमाम बल्लेबाज सिर्फ जीत का अंतर ही कम कर सकीं. अंतत: टीम 04 रन से पीछे रह गई. नाइजीरिया के लिए उसेन पीस ने 3 विकेट चटकाए, जबकि जेनिफर गॉडविन और एनॉइंटेड अखिग्बे ने 2-2 विकेट अपने नाम किए.&amp;nbsp;

Nigeria punch their tickets for next year&#039;s Women&#039;s #U19WorldCup with victory over Zimbabwe in the Africa Qualifier Final ????https://t.co/Fds8yCgwQW
&amp;mdash; ICC (@ICC) September 6, 2026



जीत पर भावुक हुईं नाइजीरिया की कप्तान&amp;nbsp;
नाइजीरिया की कप्तान क्रिस्टाबेल चुक्वुओन्ये जीत पर काफी भावुक नजर आईं. उन्होंने मैच के बाद कहा, &quot;जब मैच खत्म हुआ तो मैं सच में रो पड़ी क्योंकि मैं अपनी भावनाओं को ठीक से जाहिर नहीं कर पा रही थी. अगला चरण तो बस शुरुआत है और हमें पता है कि यह और भी कठिन होगा. मेरी टीम सच में बेस्ट है.&quot;
&amp;nbsp;
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        <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 04:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>नाइजीरिया, ने, टी20, वर्ल्ड, में, बनाई, जगह, जिम्बाब्वे, को, हराकर, किया, कमाल</media:keywords>
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        <title>ईशान किशन के शतक पर गर्लफ्रेंड अदिति की प्रतिक्रिया वायरल, 3 शब्दों से लूटी महफिल</title>
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        <description><![CDATA[ चेपॉक में दलीप ट्रॉफी का फाइनल मुकाबला खेला जा रहा है. इस खिताबी मैच में ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन ने शानदार शतक लगाया. ईशान के शतक से उनकी रूमर्ड गर्लफ्रेंड अदिति हुंडिया काफी खुश हुईं. उनका रिएक्शन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. अदिति ने तीन शब्दों के रिएक्शन से महफिल लूट ली.&amp;nbsp;
दलीप ट्रॉफी फाइनल के पहले दिन ईशान किशन ने 122 गेंद में शतक पूरा किया. यह फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनकी 10वीं सेंचुरी रही. पहले दिन का खेल खत्म होने के समय वह 111 रनों पर नाबाद रहे. ईशान के शतक पर उनकी रूमर्ड गर्लफ्रेंड अदिति हुंडिया ने इंस्टाग्राम पर स्टोरी लगाई, जिसमें उन्होंने ईशान की तारीफ की, और जमकर प्यार लुटाया.&amp;nbsp;
अदिति हुंडिया ने ईशान किशन के शतक के सेलिब्रेशन की तस्वीर इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर की, और लिखा- एक शानदार शतक, जो आपने कमाई है. &amp;nbsp;

Ishan Kishan Girlfriend Instagram Story. pic.twitter.com/jeUoyrQfuT
&amp;mdash; Sahil (@SahilSinghadiya) September 6, 2026



चेपॉक में खेले जा रहे फाइनल मैच में ईशान किशन ने 122 गेंद में शतक पूरा किया. इस दौरान उनके बल्ले से 12 चौके और दो छक्के निकले. पहले दिन का खेल खत्म होने तक उनकी टीम ईस्ट जोन ने 4 विकेट खोकर 385 रन बना लिए हैं. स्टम्प्स के समय ईशान किशन 135 गेंद में 111 रनों पर हैं. वह 14 चौके और 2 छक्के जड़ चुके हैं. कुमार कुशाग्र 75 गेंद में 63 रनों पर नाबाद हैं. वह 4 चौके और 5 छक्के लगा चुके हैं. दोनों के बीच 160 गेंद में 144 रनों की साझेदारी हो चुकी है.&amp;nbsp;
ईस्ट जोन की प्लेइंग इलेवन-&amp;nbsp;अभिमन्यु ईश्वरन, वैभव सूर्यवंशी, कुमार कुशाग्र, सुदीप कुमार घरामी, शिखर मोहन, ईशान किशन (कप्तान/विकेट कीपर), मोहम्मद कौनैन कुरैशी, अनुकूल रॉय, मोहम्मद शमी, अभिजीत सरकार और मुकेश कुमार
साउथ जोन की प्लेइंग इलेवन:&amp;nbsp;रिकी भुई, नारायण जगदीसन (विकेटकीपर), देवदत्त पडिक्कल, शेख रशीद, तिलक वर्मा (कप्तान), स्मरण रविचंद्रन, श्रेयस गोपाल, त्रिपुराना विजय, मोहम्मद सिराज, चामा वी मिलिंद और एमडी निधिश
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&#039;PCB ने अपना मजाक उड़वाया&#039;, लॉर्ड्स टेस्ट &#039;विवाद&#039; पर बोले इमरान खान के बेटे ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 04:30:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>ईशान, किशन, के, शतक, पर, गर्लफ्रेंड, अदिति, की, प्रतिक्रिया, वायरल, शब्दों, से, लूटी, महफिल</media:keywords>
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        <title>‘विजय&amp;तृशा कृष्णन पर किया था आपत्तिजनक पोस्ट’, IGI एयरपोर्ट पर उद्यमी गिरफ्तार</title>
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        <description><![CDATA[ चेन्नई की साइबर क्राइम पुलिस ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय और अभिनेत्री तृशा कृष्णन को लेकर एक आपत्तिजनक पोस्ट करने के आरोप में राज्य के एक उद्यमी प्रवीण गणेशन को गिरफ्तार किया है. दरअसल, 35 वर्षीय प्रवीण गणेशन हांगकांग से यात्रा कर रहे थे, इसी दौरान उन्हें राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हिरासत में ले लिया गया.
यह पूरा घटनाक्रम शनिवार (5 सितंबर, 2026) को सामने आया, जब प्रवीण गणेशन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए बताया कि उन्हें चेन्नई साइबर क्राइम पुलिस की तरफ से जारी लुक आउट सर्कुलर (LOC) की वजह से इमिग्रेशन विभाग ने उन्हें हिरासत में ले लिया है.
X पोस्ट में क्या बोले प्रवीण गणेशन?
गणेशन ने अपने पोस्ट में कहा, &amp;lsquo;जून महीने में किए गए एक एक्स पोस्ट को लेकर चेन्नई साइबर क्राइम और तमिलनाडु पुलिस की तरफ से जारी लुकआउट सर्कुलर (LOC) की वजह से मुझे दिल्ली IGI एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन डिपार्टमेंट ने हिरासत में ले लिया है, जिसे हटाया जा चुका है. हमें दिल्ली/एनसीआर में एक ऐसे आपराधिक वकील की जरूरत है, जो तुरंत IGI एयरपोर्ट पुलिस स्टेशन या पटियाला हाउस कोर्ट पहुंचकर स्थिति को संभाल सके. इसके अलावा, आगामी ट्रांजिट रिमांड का विरोध कर सके.&amp;rsquo;
उन्होंने अपने पोस्ट में आगे कहा, &amp;lsquo;प्लीज इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा लोगों के साथ शेयर करें और उपलब्ध आपराधिक वकीलों या लीगल एड नेटवर्क्स को टैग करें.&amp;rsquo;
तमिलनाडु के उद्यमी के हिरासत पर बोले अधिकारी&amp;nbsp;

इसके बाद प्रवीण गणेशन को दिल्ली पुलिस के IGI अधिकारियों को सौंप दिया गया. इस बारे में दिल्ली पुलिस के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (IGI) विचित्र वीर ने द प्रिंट से बातचीत में कहा, &amp;lsquo;शनिवार (5 सितंबर को चेन्नई साइबर क्राइम की टीम को पहुंचने में समय लग रहा था, इसलिए दिल्ली पुलिस की IGI विंग ने गणेशन को हिरासत में ले लिया. हालांकि, बाद में उसे चेन्नई की टीम को सौंप दिया गया.&amp;rsquo;
क्या है पूरा घटनाक्रम?
इसके अलावा, एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ट्रेडिंग कंपनी विनट्रैक के सीईओ गणेशन को सीएम विजय और तृशा के बारे में कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. उन्होंने कहा, &amp;lsquo;गणेशन ने जून महीने में तमिलनाडु के सीएम के बारे में एक X पोस्ट में आपत्तिजनक बातें कही थी. हालांकि, बाद में वो पोस्ट हटा दिया गया, लेकिन एक सामाजिक कार्यकर्ता की शिकायत के बाद चेन्नई के साउथ जोन साइबर क्राइम यूनिट ने गणेशन के खिलाफ LOC जारी कर दिया.&amp;rsquo;
अधिकारी ने कहा, &amp;ldquo;गणेशन ने जून में मुख्यमंत्री के बारे में मानहानिकारक बयान पोस्ट किए थे. हालांकि बाद में वह पोस्ट हटा दी गई, लेकिन एक सामाजिक कार्यकर्ता की शिकायत के बाद चेन्नई के साउथ जोन साइबर क्राइम यूनिट ने उनके खिलाफ LOC जारी कर दिया.&amp;rdquo; उन्होंने यह भी कहा कि शिकायतकर्ता ने सोशल मीडिया पोस्ट के स्क्रीनशॉट और उसके URL सेव करने के बाद पुलिस से संपर्क किया था.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ेंः PM मोदी के &amp;lsquo;नाराज फूफा&amp;rsquo; वाले बयान पर खरगे का रिएक्शन, कहा - &#039;अफसोस है कि...&#039; ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 03:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>‘विजय-तृशा, कृष्णन, पर, किया, था, आपत्तिजनक, पोस्ट’, IGI, एयरपोर्ट, पर, उद्यमी, गिरफ्तार</media:keywords>
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        <title>दिल्ली हादसा: विपक्ष पर निशिकांत दुबे का पलटवार, बोले&amp; &amp;apos;लोगों को पब्लिसिटी...&amp;apos;</title>
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        <description><![CDATA[ साउथ दिल्ली में सत्य निकेतन इलाके में रविवार को हुए बिल्डिंग हादसे पर विपक्ष के पीएम मोदी को लेकर लगाए जा रहे आरोप पर बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने पलटवार करते हुए कहा है कि वह एल्गोरिदम के चक्कर में पीएम मोदी पर निशाना साध रहे हैं. हमने विकास किया है, हमें नेतागिरी से ज्यादा मतलब नहीं है.
अबतक हादसे में तीन लोगों की मौत हो चुकी है, वहां कई लोगों का रेस्क्यू कर लिया गया है. हादसे के बाद से एनडीए सरकार को विपक्ष के नेता लगातार कटघरे में खड़ा कर रहे है.

#WATCH | Delhi | Satya Niketan building collapse | BJP MP Nishikant Dubey says, &quot;...Whatever the problem is, be it a house collapsing or something else, our government is concerned about it. We have come to the program today, but Chief Minister Rekha Gupta has not come. They are&amp;hellip; pic.twitter.com/IJXoCc7v8I
&amp;mdash; ANI (@ANI) September 6, 2026



लोगों को पब्लिसिटी चाहिए: निशिकांत दुबे
बीजेपी सांसद ने मीडिया से बात करते हुए कहा, &#039;देखिए क्या है कि लोगों को पब्लिसिटी चाहिए. राहुल गांधी को कोई सीरियसली लेता नहीं है. कांग्रेस पार्टी को कोई सीरियसली लेता नहीं है. कांग्रेस पॉलिटिकल पार्टी को कोई सीरियसली लेता नहीं है, दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता कौन है? नरेंद्र मोदी जी हैं, उन्होंने 12 साल में विकास करके दिखाया है. विकसित भारत 2047 का सपना उन्होंने दिखाया है.&#039;
दुबे ने आगे कहा, &#039;जब कामता प्रसाद जी एक गुरु हुआ करते थे, जिन्होंने हिंदी व्याकरण लिखा है, उनकी एक लाइन फेमस है, कि निशाने से ऊपर मारो नहीं तो वार खाली जाएगा, तो ये सभी मोदी जी पर अटैक करते हैं, जिससे उनका कोई न कोई ट्रैक्शन हो जाए, एल्गोरिदम में जो है, मोदी जी को गाली देने वाला कोई आदमी पैदा हो गया, इस तरह से करके, अपनी, केवल वो जो, कमी है, उसको छुपाने की कोशिश है. मोदी जी को गाली देने से कुछ नहीं होगा, मोदी जी ने यहां विकास किया है, जनता का उनपर विश्वास है, और जो भी समस्याएं हैं, चाहे मकान गिरने का हो, आपको पता है, जिस कार्यक्रम में आए, वहां रेखा गुप्ता जी नहीं आईं, वह मौके पर खड़ी हुई हैं. हम काम करके दिखाते हैं, हमें नेतागिरी से कोई मतलब नहीं.&#039; ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 03:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>दिल्ली, हादसा:, विपक्ष, पर, निशिकांत, दुबे, का, पलटवार, बोले-, लोगों, को, पब्लिसिटी...</media:keywords>
    </item>
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        <title>निजीकरण की खबरों पर ISRO का आया रिएक्शन, कहा &amp; &amp;apos;यह पूरी तरह से...&amp;apos;</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/निजीकरण-की-खबरों-पर-isro-का-आया-रिएक्शन-कहा-यह-पूरी-तरह-से</link>
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        <description><![CDATA[ भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने हाल ही में स्पेस सेक्टर में सुधारों, निजीकरण और ISRO की भूमिका को लेकर जारी अटकलों पर रविवार (6 सितंबर, 2026) को अपना रिएक्शन दिया है. इसरो ने कहा कि ऐसे दावे पूरी तरह से निराधार और गलत हैं. हम स्पष्ट तौर पर कहना चाहते हैं कि ISRO का न तो निजीकरण किया जाएगा और न ही उसके महत्व को कम किया जाएगा. &amp;nbsp;
संगठन ने कहा कि ISRO एडवांस स्पेस रिसर्च और तकनीकी विकास, राष्ट्रीय और स्ट्रैटेजिक मिशनों, स्पेस साइंज एंड एक्सप्लोरेशन और महत्वपूर्ण और अत्याधुनिक अंतरिक्ष क्षमताओं के लिए भारत की प्रमुख संस्था बनी रहेगी.&amp;nbsp;
स्पेस सेक्टर में निजी क्षेत्र की भागीदारी पर ISRO ने क्या कहा?
ISRO ने कहा, &amp;lsquo;स्पेस सेक्टर में निजी क्षेत्र की भागीदारी का उद्देश्य किसी भी तरह से इसरो की भूमिका को कम करना नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य इसरो को भारत के स्पेस प्रोग्राम की अगली पीढ़ी पर और ज्यादा मजबूती से फोकस करने में सक्षम बनाना है, जबकि इंडस्ट्री मैच्योर टेक्नोलॉजिज और क्षमताओं को बड़े पैमाने पर विकसित करेगा.&amp;rsquo;
संगठन ने कहा कि जो भी कुछ बदलाव हो रहा है वो ISRO के लिए महत्व में नहीं हो रहा, बल्कि भारत के स्पेस इकोसिस्टम के स्ट्र्क्चर और स्केल में हो रहा है.

ISRO posts clarification regarding media reports on concerns relating to Space Sector Reforms and the role of ISROISRO tweets, &quot;There has been considerable reporting in parts of the media around the future role of ISRO including speculations and misinformation that there is an&amp;hellip; https://t.co/awcIDTNYv1 pic.twitter.com/yWQGDgbXni
&amp;mdash; ANI (@ANI) September 6, 2026



ISRO के नेतृत्व में स्पेस इकोसिस्टम
निजीकरण की अटकलों को लेकर अंतरिक्ष संगठन ISRO ने रविवार (6 सितंबर) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपना स्पष्टीकरण दिया. संगठन ने कहा, &amp;lsquo;साल 2020 में शुरू किए गए स्पेस सेक्टर के सुधारों और इंडियन स्पेस पॉलिसी, 2023 के जरिए उन्हें संस्थागत रूप देने के साथ-साथ FDI पॉलिसी में प्रोग्रेसिव लिबरलाइजेशन का उद्देश्य भारत में एक बड़ा, मजबूत और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी स्पेस इकोसिस्टम तैयार करना है.&amp;rsquo;
इसरो ने कहा, &amp;lsquo;इंडस्ट्री, स्टार्टअप और एकेडमिक जगत को स्पेस की पूरी वैल्यू चेन में भागीदारी के लिए सक्षम बनाया जा रहा है, जिससे इसरो की क्षमताओं को विस्तार मिल सके. इसलिए इन सुधारों को निजीकरण के रूप में नहीं, बल्कि इकोसिस्टम और क्षमताओं के विस्तार के तौर पर देखा जाना चाहिए.&amp;rsquo;
बदलाव नेशनल स्पेस इकोसिस्टम की दिशा में- ISRO
ISRO ने कहा, &amp;lsquo;क्योंकि भारत की औद्योगिक और तकनीकी क्षमताएं बढ़ी हैं, ऐसे में अब मैच्योर और बड़े पैमाने पर किए जाने वाले भारतीय इंडस्ट्री की तरफ से किए जा सकते हैं. इसरो पहले ही कई टेक्नोलॉजिज को ट्रांसफर कर चुका है. किसी भी मैच्योर टेक्नोलॉजी को ट्रांसफर करने का मतलब यह बिल्कुल भी नहीं है कि इसरो उस सेक्टर से अब पीछे हट रहा है.&amp;rsquo;
संगठन ने कहा, &amp;rsquo;इससे लार्ज-स्केल प्रोडक्शन, कमर्शियलाइजेशन, इनोवेशन और वैश्विक बाजार तक पहुंच संभव होती है. इसके साथ ही, इसरो के वैज्ञानिक और तकनीकी मैनपावर को एडवांस रिसर्च, नेक्स्ट-जेनरेशन टेक्नोलॉजिज और कॉम्प्लेक्स नेशनल मिशनों पर फोकस करने का मौका मिलता है. इसलिए यह बदलाव इसरो के नेतृत्व वाले नेशनल स्पेस इकोसिस्टम की दिशा में है.&amp;rsquo;&amp;nbsp;
यह भी पढ़ेंः &#039;आतंक से नक्सलवाद तक कसी नकेल&#039;, शाह ने बताया कैसे मजबूत हुई आंतरिक सुरक्षा ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 03:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>सिगरेट नहीं दी तो मार डाला, चेन्नई में 4 नशेड़ियों ने की मजदूर की हत्या</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/सिगरेट-नहीं-दी-तो-मार-डाला-चेन्नई-में-4-नशेड़ियों-ने-की-मजदूर-की-हत्या</link>
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        <description><![CDATA[ तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई के पास नोलांबुर इलाके में शनिवार (5 सितंबर, 2026) की रात मामूली विवाद के बाद चार लोगों के एक गिरोह ने 62 वर्षीय प्रवासी मजदूर की पीट-पीटकर हत्या कर दी. मृतक की पहचान पश्चिम बंगाल के रहने वाले एन. अभिजीत मंडल के रूप में हुई है.
पुलिस के मुताबिक, मृतक अभिजीत मंडल नोलांबुर के गजलक्ष्मी नगर में एक निर्माणाधीन साइट पर काम कर रहे थे. शनिवार की रात करीब 10:15 बजे उसी इलाके के चार युवक, जो कथित तौर पर नशे में धूत थे, उनके पास पहुंचे और सिगरेट मांगी. मंडल ने सिगरेट देने से इनकार किया, तो दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई. आरोप है कि इसके बाद युवकों ने जमीन पर पड़ा एक डंडा उठाया और मंडल पर हमला कर दिया. नशेड़ियों के हमले में 62 वर्षीय अभिजीत मंडल के सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं.
मामले की जांच में जुटी पुलिस
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने घायल प्रवासी मजदूर अभिजीत मंडल को सरकारी किलपॉक मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया, लेकिन रविवार (6 सितंबर, 2026) की सुबह इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. मामले में नोलांबुर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.&amp;nbsp;

जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान वी. वसीगरन, आर. अजय, एस. गोकुल राज और आर. सबरी के रूप में हुई है. इन चारों आरोपियों में से तीन वसीगरन, अजय और गोकुल राज की उम्र 18 वर्ष बताई जा रही है. फिलहाल, पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है.&amp;nbsp;
घटना का वीडियो आया सामने
घटना के सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे नशे में धूत चारों लड़के बुजुर्ग मजदूर पर लात-घूसों, डंडा और पटरे से हमला किया. यहां तक की एक नशेड़ी ने सड़क पार खड़ी एक साइकिल को उठाकर भी बुजुर्ग मजदूर के ऊपर फेंक कर हमला किया. इसके बाद नशेड़ी कुछ मिनटों के लिए वहां पर से गायब हो गए और जब वे फिर लौटे तब उन्होंने एक बार फिर से बुजुर्ग मजदूर पर हमला किया. इसके बाद खून से लथपथ मजदूर को सड़क पर पड़ा हुआ छोड़कर भाग गए.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ेंः राहुल या विजय, कौन होगा INDIA गठबंधन का चेहरा? KC वेणुगोपाल ने कर दिया साफ ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 03:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>राहुल या विजय, कौन होगा INDIA गठबंधन का चेहरा? KC वेणुगोपाल ने कर दिया साफ</title>
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        <description><![CDATA[ कांग्रेस के संगठन महासचिव और लोकसभा सांसद केसी वेणुगोपाल ने 2029 के लोकसभा चुनाव में विपक्षी इंडिया गठबंधन के नेतृत्व और प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार को लेकर रविवार (6 सितंबर, 2026) को बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ही 2029 के लोकसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन का नेतृत्व करेंगे.
इसके साथ ही, उन्होंने उन सभी खबरों को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें टीवीके ने अपने नेता और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय को गठबंधन की तरफ से पीएम पद का उम्मीदवार बनाने का प्रस्ताव दिया है.
TVK चीफ विजय की उम्मीदवारी पर बोले वेणुगोपाल
न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, केरलम में त्रिशूर में पत्रकारों से बातचीत में जब कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल से टीवीके प्रमुख के पीएम उम्मीदवारी को लेकर सवाल किया गया, तब उन्होंने कहा, &amp;lsquo;टीवीके ने ऐसी कोई मांग नहीं की है. किसी को भी इस तरह का भ्रम पैदा नहीं करना चाहिए. राहुल गांधी ही इंडिया गठबंधन का चेहरा होंगे.&amp;rsquo;&amp;nbsp;

उन्होंने कहा, &amp;lsquo;छात्रों, किसानों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर राहुल गांधी के राजनीतिक अभियानों को पूरे देश में व्यापक ध्यान मिला है. आज भारत मे सबसे ज्यादा चर्चा उसी लड़ाई की हो रही है, जिसका नेतृत्व राहुल गांधी कर रहे हैं. चाहे वह छात्रों, किसानों या युवाओं के लिए हो, सभी ने इसे स्वीकार किया है.&amp;rsquo;
हर कोई राहुल के काम पर ध्यान दे रहा- केसी वेणुगोपाल
वहीं, जब राहुल गांधी के अगले आम चुनाव में नेतृत्व को लेकर सवाल किया गया, तब उन्होंने कहा, &amp;lsquo;निश्चित रूप से राहुल गांधी ही विपक्षी इंडिया गठबंधन का नेतृत्व करेंगे. राहुल गांधी आज भारत की जनता के सबसे प्रमुख और लोकप्रिय नेताओं में से एक हैं. हर कोई राहुल गांधी के फैसलों और उनके कामों पर बहुत ध्यान दे रहा है.&amp;rsquo;
उन्होंने कहा, &amp;lsquo;कुछ राज्यों में गठबंधन के घटक दलों के बीच मतभेद होने के बावजूद इंडिया गठबंधन मजबूत बना हुआ है. इंडिया गठबंधन आगे बढ़ रहा है. कुछ राज्यों में ऐसे मुद्दे हैं, जहां हम एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं. इसके बावजूद गठबंधन ही आगे बढ़ रहा है. यही सच है.&amp;rsquo;&amp;nbsp;
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        <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 03:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>राहुल, या, विजय, कौन, होगा, INDIA, गठबंधन, का, चेहरा, वेणुगोपाल, ने, कर, दिया, साफ</media:keywords>
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        <title>इस राज्य में निकली 45000 शिक्षक भर्ती, जानें डिटेल्स</title>
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        <description><![CDATA[ ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने राज्य में बड़े पैमाने पर शिक्षक भर्ती करने का ऐतिहासिक ऐलान किया है. राज्य सरकार अगले 3 सालों के भीतर स्कूलों में खाली पड़े शिक्षकों के 45,000 पदों को भरने जा रही है. मुख्यमंत्री ने यह महत्वपूर्ण घोषणा कटक के सेकेंडरी बोर्ड हाई स्कूल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान की.
सरकार का यह फैसला राज्य की स्कूली शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और युवाओं को रोजगार देने की दिशा में एक गेम-चेंजर साबित होने वाला है. इस मेगा भर्ती अभियान की पूरी रूपरेखा तैयार कर ली गई है और जल्द ही इसके लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन भी जारी किए जाएंगे.
कब आएगा भर्ती का नोटिफिकेशन
फिलहाल मुख्यमंत्री की तरफ से सिर्फ यह घोषणा की गई है कि अगले तीन सालों में 45,000 शिक्षकों की भर्ती होगी. भर्ती से जुड़ा आधिकारिक नोटिफिकेशन, आवेदन प्रक्रिया, योग्यता और परीक्षा पैटर्न जैसी जानकारी अभी सामने नहीं आई है. जो भी उम्मीदवार इस भर्ती में शामिल होना चाहते हैं, उन्हें ओडिशा स्कूल एंड मास एजुकेशन डिपार्टमेंट की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखनी चाहिए, ताकि आगे की जानकारी समय पर मिल सके.
छात्रों को दी यह सलाह
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने छात्रों से सोशल मीडिया पर ज्यादा समय बिताने से बचने की अपील भी की. उन्होंने कहा कि छात्रों को अपना ध्यान पढ़ाई और करियर की तैयारी पर लगाना चाहिए. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि शिक्षा केवल जानकारी देने भर का काम नहीं करती, बल्कि यह लोगों की जिंदगी और उनके भविष्य को दिशा देने का भी बड़ा जरिया है.
KG से PG तक मुफ्त शिक्षा की योजना
अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की शिक्षा से जुड़ी कई योजनाओं का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि ओडिशा देश का पहला राज्य बन गया है जिसने किंडरगार्टन से लेकर पोस्ट ग्रेजुएशन तक पूरी तरह मुफ्त शिक्षा देने की योजना शुरू की है. इसका मकसद है कि पैसों की कमी किसी भी बच्चे की पढ़ाई में रुकावट न बने.
2,200 मॉडल स्कूल होंगे तैयार
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार करीब 12,000 करोड़ रुपये की लागत से 2,200 गोदावरीश मिश्र आदर्श प्राथमिक विद्यालयों को वर्ल्ड-क्लास मॉडल स्कूलों के रूप में विकसित कर रही है. इसके अलावा छोटे बच्चों की शुरुआती देखभाल और पढ़ाई के लिए राज्य में 45,000 नर्सरी स्कूल भी खोले जा चुके हैं. सरकार ने कक्षा 9वीं और 10वीं के छात्रों को मिड-डे मील और मुफ्त पाठ्यपुस्तकें देने की योजना को भी आगे जारी रखने की बात कही है.
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आदिवासी छात्रों के लिए खास योजना
राज्य सरकार ने आदिवासी क्षेत्रों में स्कूल छोड़ने वाले छात्रों की संख्या घटाने के लिए शहीद माधो सिंह हाथ खर्चा योजना भी शुरू की है. इस योजना के जरिए आदिवासी छात्रों को आर्थिक मदद दी जाती है, ताकि वे बीच में पढ़ाई छोड़ने के बजाय अपनी स्कूली शिक्षा पूरी कर सकें.
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        <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 22:30:05 +0530</pubDate>
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        <title>Laptop में Screenshot लेने के 8 प्रो तरीके, नहीं जानते होंगे</title>
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        <description><![CDATA[ Laptop में Screenshot लेने के 8 प्रो तरीके, नहीं जानते होंगे ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 21:30:14 +0530</pubDate>
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        <title>क्या Router के पास सबसे तेज इंटरनेट चलता है? जानिए क्या है सच्चाई</title>
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        <description><![CDATA[ अक्सर आपने सुना होगा कि Wi-Fi Router के जितना पास बैठेंगे, इंटरनेट उतना ही तेज चलेगा. यही वजह है कि जब घर में इंटरनेट धीमा होता है तो लोग Router के पास जाकर बैठ जाते हैं. लेकिन क्या वाकई Router के बिल्कुल पास इंटरनेट की स्पीड सबसे ज्यादा होती है? इसका जवाब थोड़ा दिलचस्प है. दरअसल, दूरी का असर जरूर पड़ता है लेकिन सिर्फ Router के पास होना ही तेज इंटरनेट की गारंटी नहीं है.
Router से दूरी का क्या है कनेक्शन?
Wi-Fi Router रेडियो सिग्नल के जरिए आपके फोन, लैपटॉप, स्मार्ट टीवी और दूसरे डिवाइस को इंटरनेट से जोड़ता है. जैसे-जैसे आप Router से दूर जाते हैं, Wi-Fi सिग्नल की ताकत आमतौर पर कम होती जाती है. दीवारें, दरवाजे, फर्नीचर और दूसरी इलेक्ट्रॉनिक चीजें भी सिग्नल को प्रभावित कर सकती हैं.
इसलिए अगर आपका फोन Router से काफी दूर है तो कमजोर सिग्नल के कारण स्पीड कम और कनेक्शन अनस्टेबल हो सकता है. खासकर बड़े घरों या कई कमरों वाले फ्लैट में ये समस्या ज्यादा दिखाई देती है.
क्या बिल्कुल Router के पास बैठने से सबसे ज्यादा स्पीड मिलेगी?
ऐसा जरूरी नहीं है. दरअसल, Router के ठीक बगल में बैठने से सिग्नल बहुत मजबूत मिल सकता है लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि इंटरनेट की असली स्पीड हमेशा वहीं सबसे ज्यादा होगी. आपकी इंटरनेट स्पीड आपके ब्रॉडबैंड प्लान, Router की क्षमता, Wi-Fi बैंड, नेटवर्क ट्रैफिक और सर्वर जैसे कई फैक्टर पर निर्भर करती है. जैसे अगर आपका प्लान 100 Mbps का है तो Router के पास बैठने से वह अचानक 500 Mbps नहीं हो जाएगा. इसके अलावा कुछ Router के बिल्कुल नजदीक होने पर भी परफॉर्मेंस में खास फायदा नहीं मिलता है.
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2.4GHz और 5GHz में भी है फर्क
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि Wi-Fi Router में इस्तेमाल होने वाला बैंड भी काफी जरूरी है. नॉर्मली 2.4GHz Wi-Fi ज्यादा दूरी तक पहुंच सकता है और दीवारों को बेहतर तरीके से पार करता है लेकिन इसमें भीड़ और interference ज्यादा हो सकती है. वहीं 5GHz Wi-Fi ज्यादा स्पीड दे सकता है लेकिन इसकी रेंज कम होती है और दीवारों से गुजरते समय सिग्नल ज्यादा कमजोर हो जाता है. यानी Router से कुछ दूरी पर 5GHz की स्पीड घट सकती है जबकि 2.4GHz उसी जगह ज्यादा स्टेबल कनेक्शन दे सकता है.
Router कहां रखना सबसे बेहतर है?
Router को घर के किसी एक कोने में रखने के बजाय घर के बीच के हिस्से में, थोड़ी ऊंचाई पर और खुले स्थान में रखना बेहतर होता है. उसे अलमारी के अंदर, टीवी के पीछे या जमीन पर रखने से Wi-Fi सिग्नल प्रभावित हो सकता है. अगर घर बड़ा है और कुछ कमरों में Wi-Fi कमजोर रहता ह तो Wi-Fi Mesh System या Range Extender जैसे ऑप्शन भी मदद कर सकते हैं.
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        <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 21:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>कौन सा App खत्म कर रहा iPhone की Battery? चुटकियों में ऐसे करें पता</title>
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        <description><![CDATA[ अगर आपके iPhone की बैटरी पहले के मुकाबले तेजी से खत्म हो रही है तो हर बार इसकी वजह खराब बैटरी नहीं होती. कई बार कुछ ऐप्स बैकग्राउंड में लगातार एक्टिव रहते हैं और चुपचाप काफी बैटरी खर्च करते रहते हैं. अच्छी बात ये है कि iPhone में ऐसा फीचर मौजूद है जिससे आप आसानी से पता लगा सकते हैं कि कौन-सा ऐप सबसे ज्यादा बैटरी खा रहा है.
Battery खाने वाले ऐप की ऐसे करें पहचान
सबसे पहले अपने iPhone में Settings ऐप खोलें. इसके बाद नीचे स्क्रॉल करके Battery ऑप्शन पर टैप करें. यहां आपको पिछले 24 घंटे या पिछले कई दिनों में बैटरी इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी दिखाई देगी.
इस स्क्रीन पर ऐप्स की एक लिस्ट भी मिलती है. हर ऐप के सामने ये जानकारी होती है कि उसने कुल बैटरी खपत में कितने प्रतिशत का इस्तेमाल किया. जिस ऐप का प्रतिशत ज्यादा है, वह आपकी बैटरी पर ज्यादा असर डाल रहा हो सकता है.
सिर्फ Percentage देखकर फैसला न करें
आपको बता दें कि ये जरूरी नहीं कि सबसे ज्यादा Battery इस्तेमाल करने वाला ऐप हमेशा खराब या बेकार ही हो. जैसे अगर आपने लंबे समय तक YouTube पर वीडियो देखे हैं तो उसका बैटरी इस्तेमाल ज्यादा होना नॉर्मल है. इसी तरह गेमिंग ऐप्स, कैमरा और वीडियो एडिटिंग ऐप्स भी ज्यादा पावर ले सकते हैं क्योंकि वे प्रोसेसर, डिस्प्ले और दूसरे हार्डवेयर का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं. इसलिए Battery सेक्शन में दिखाई देने वाले आंकड़ों को आपके इस्तेमाल के हिसाब से समझना जरूरी है.
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Screen और Background Activity पर दें ध्यान
iPhone की Battery सेटिंग्स में आपको ये भी देखने को मिल सकता है कि कोई ऐप स्क्रीन पर इस्तेमाल होने के दौरान कितनी बैटरी ले रहा है और बैकग्राउंड में कितना एक्टिव था.
अगर कोई ऐप आपने बहुत कम इस्तेमाल किया लेकिन फिर भी उसका बैकग्राउंड बैटरी इस्तेमाल काफी ज्यादा दिखाई दे रहा है तो उस पर ध्यान देना चाहिए. हो सकता है वह बैकग्राउंड में लोकेशन, सिंकिंग या दूसरी एक्टिविटी कर रहा हो.
ज्यादा Battery खाने वाले ऐप के साथ क्या करें?
अगर कोई ऐप जरूरत से ज्यादा बैटरी इस्तेमाल कर रहा है तो सबसे पहले उसे अपडेट करें. कई बार ऐप के नए वर्जन में बैटरी से जुड़ी समस्याओं को ठीक किया जाता है. जरूरत न होने पर आप उस ऐप की Background App Refresh सेटिंग को भी लिमिटेड कर सकते हैं.
इसके अलावा जिन ऐप्स को लगातार आपकी लोकेशन की जरूरत नहीं है, उनके Location Access को भी सीमित करना मददगार साबित हो सकता है. अगर कोई ऐप बेहद ज्यादा बैटरी खर्च कर रहा है और आपको उसकी जरूरत भी नहीं है तो उसे हटाना एक आसान ऑप्शन हो सकता है.
Battery Health भी जरूर चेक करें
अगर सभी ऐप्स का इस्तेमाल नॉर्मल है फिर भी iPhone की बैटरी बहुत तेजी से खत्म हो रही है तो Settings में जाकर Battery ऑप्शन में जाएं और यहां पर Battery Health में जाकर बैटरी की कंडिशन को चेक करें. पुरानी या कमजोर बैटरी होने पर फोन का बैकअप कम हो जाता है.
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        <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 21:30:12 +0530</pubDate>
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        <title>2,666 रुपए की EMI में 12GB RAM वाला फोन, फीचर्स जानकर चौंक जाएंगे!</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/2666-रुपए-की-emi-में-12gb-ram-वाला-फोन-फीचर्स-जानकर-चौंक-जाएंगे</link>
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        <description><![CDATA[ Tecno ने पिछले महीने भारतीय बाजार में Tecno Spark Go 3 Pro लॉन्च किया था. अब 4 सितंबर से यह फोन बिक्री के लिए उपलब्ध हो गया है. कंपनी ने इसे 15,999 रुपए की शुरुआती कीमत में पेश किया है. इसे सिर्फ 2,666 रुपए प्रति महीने की किस्त देकर फोन खरीदा जा सकता है. फोन में 4GB RAM के साथ 8GB Extended RAM का सपोर्ट मिलता है, जिससे कुल 12GB RAM की ताकत मिलती है. इसके अलावा इसमें 5200mAh की Battery और 120Hz Display जैसे फीचर्स भी दिए गए हैं.&amp;nbsp;
Tecno Spark Go 3 Pro की कीमत
Tecno Spark Go 3 Pro के 4GB RAM + 64GB Storage वेरिएंट की कीमत 15,999 रुपए है. वहीं 4GB RAM + 128GB Storage मॉडल को 16,999 रुपए के लॉन्च प्राइस में लाया गया है. फोन खरीदने वालों के लिए कंपनी 6 महीने की No Cost EMI भी दे रही है. इसके तहत सिर्फ 2,666 रुपए प्रति महीने की किस्त देकर फोन खरीदा जा सकता है.
ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों जगह सेल
यह 4G स्मार्टफोन Amazon और Flipkart जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के साथ ऑफलाइन रिटेल स्टोर्स पर भी उपलब्ध होगा. फोन को बरगंडी रेड, एक्लिप्स ब्लैक, बेसाल्ट टाइटेनियम और सनराइज ऑरेंज कलर में खरीदा जा सकता है. इसके साथ 1 साल की मेन्यू फैक्चर वारंटी भी मिलेगी.
Tecno Spark Go 3 Pro फीचर्स&amp;nbsp;
फोन में 1526 बाय 720 पिक्सल रेजोल्यूशन वाली 6.78 इंच की HD+ IPS LCD डिस्पले दी गई है. इसमें वॉटर ड्रॉप नोच स्टाइल के साथ 120Hz रिफ्रेश रेट, 240Hz &amp;nbsp;टच सैम्पलिंग रेट और 580 निट्स की हाई ब्राइटनेस मिलती है. फोन को IP68 + IP69 रेटिंग भी मिली है, जो इसे डस्ट और वॉटर प्रोटेक्शन देती है.&amp;nbsp;
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इसका प्रोसेसर भी है खास&amp;nbsp;
परफॉर्मेंस के लिए फोन में MediaTek Helio G81 चिपसेट दिया गया है. यह 12nm तकनीक से तैयार ऑक्टा-कोर प्रोसेसर है, जिसकी क्लोक स्पीड 1.8GHz से 2.0GHz तक है. 91Mobiles की टेस्टिंग में फोन ने 3,71,151 का स्कोर हासिल किया है. ग्राफिक्स के लिए ARM Mali-G52 MC2 GPU दिया गया है.
5200mAh बैटरी और 13MP कैमरा
पावर बैकअप के लिए फोन में 5200mAh बैटरी दी गई है, जिसे 10W फास्ट चार्जिंग का सपोर्ट मिलता है. इसमें OTG, Wi-Fi, Bluetooth और Infrared Sensor भी दिया गया है, जिससे फोन को TV रिमोट की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है.
कैमरे में पीछे LED फ्लैश के साथ 13MP का f1.8 मेन कैमरा मिलता है, जो ऑटोफोकस सपोर्ट करता है. वहीं सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए 8MP का f2.0 फ्रंट कैमरा दिया गया है. सिक्योरिटी के लिए फोन में Side-Mounted Fingerprint Sensor भी मौजूद है.
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        <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 21:30:12 +0530</pubDate>
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        <title>GPT&amp;6 vs Claude vs Gemini : Context Window से Price तक, जानें कौन&amp;सा AI बेस्ट?</title>
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        <description><![CDATA[ AI अब हमारी डेली लाइफ का हिस्सा बन चुका है. जैसे-जैसे इसका यूज बढ़ रहा है, वैसे-वैसे AI कंपनियां भी अपने मॉडल्स को ज्यादा बेहतर बनाने पर काम कर रही हैं. इसी कड़ी में OpenAI ने अपना नया AI मॉडल GPT-6 लॉन्च किया है. कंपनी के मुताबिक, यह दुनिया का सबसे इंटेलिजेंट और अलाइंड मॉडल है. GPT-6 के आने के बाद AI की दुनिया में इसकी तुलना Claude Fable 5.1 और Gemini 3.8 Flash जैसे मॉडल्स से की जा रही है. यह तीनों मॉडल अपने-अपने खास फीचर्स के साथ आते हैं, लेकिन Context Window, Output Capacity, Benchmark Performance और Pricing के मामले में इनमें अंतर है. ऐसे में आइए जानते हैं GPT-6, Claude Fable 5.1 और Gemini 3.8 Flash में क्या फर्क है.
Context Window में कौन आगे?
AI का Context Window उसकी Short-Term Memory की तरह काम करता है. यह बताता है कि AI एक समय में कितना टेक्सट पढ़, याद और समझ सकता है. GPT-6 में 1,050,000 टोकन का Context Window दिया गया है. वहीं Gemini 3.8 Flash में 1,048,576 &amp;nbsp;टोकन और Claude Fable 5.1 में 1,000,000 &amp;nbsp;टोकन का Context Window मिलता है. इस मामले में GPT-6 सबसे आगे है.
Output और Knowledge Cutoff
एक रिस्पॉन्स में कितना Output जनरेट किया जा सकता है, इस मामले में GPT-6 और Claude Fable 5.1 बराबरी पर हैं. दोनों मॉडल 128,000 टोकन तक Output जनरेट कर सकते हैं. वहीं Gemini 3.8 Flash 65,536 टोक्नस यानी करीब 66K &amp;nbsp;टोकन तक Output दे सकता है. GPT-6 और Claude Fable 5.1, Gemini 3.8 Flash की तुलना में करीब दोगुना Output एक रिस्पॉन्स में जनरेट कर सकते हैं.
वहीं Knowledge Cutoff की बात करें तो GPT-6 का Cutoff 30 अप्रैल 2026 तक है. Claude Fable 5.1 का Knowledge Cutoff जून 2026 और Gemini 3.8 Flash का मार्च 2026 तक है. हालांकि Google का कहना है कि कुछ क्षेत्रों में जानकारी जनवरी 2025 तक ही हो सकती है.
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Benchmark Scores में कौन-सा AI बेस्ट?
1. OpenAI के मुताबिक GPT-6 ने ARC-AGI-2 में 95.0 प्रतिशत , ARC-AGI-3 में 99.9 प्रतिशत और अपने साइबर सिक्योरिटी टेस्ट एक्सप्लॉइट बेंच में 100 प्रतिशत स्कोर किया है. एजेंट्स लास्ट एग्जाम में इसका स्कोर 59.3 प्रतिशत बताया गया है, जबकि पुराने GPT-5.6 Sol का स्कोर 53.6 प्रतिशत था.
2. Anthropic के अनुसार Claude Fable 5.1 ने Terminal-Bench 4.0 में 55.8 प्रतिशत और CursorBench 3.2.0 में 73.4 प्रतिशत स्कोर किया है. Humanity लास्ट एग्जाम &amp;nbsp;में इसका स्कोर बिना Tools के 60.9 प्रतिशत और Tools के साथ 65 प्रतिशत बताया गया है.
3. Google के मुताबिक Gemini 3.8 Flash ने Terminal-Bench 2.1 में 90.8 प्रतिशत स्कोर हासिल किया है, जबकि पिछले फ्लैश मॉडल का स्कोर 81.6 प्रतिशत था. HLE-Verified में इसका स्कोर 54.9 प्रतिशत रहा.
AI मॉडल की कीमत
इन तीनों मॉडल अपने-अपने सब्सक्रिप्शन प्लान के जरिए इस्तेमाल किए जा सकते हैं. भारत में GPT-6 को ChatGPT Plus Plan के साथ इस्तेमाल किया जा सकता है, जिसकी कीमत 1,999 रुपए प्रति महीने से शुरू होती है. Claude Fable 5.1 के लिए Claude Pro Plan की कीमत 2,399 रुपए प्रति महीना है. वहीं Gemini 3.8 Flash Google AI Pro Plan के साथ उपलब्ध है, जिसकी कीमत भारत में 1,950 रुपए प्रति महीना है.
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        <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 21:30:11 +0530</pubDate>
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        <title>इंसान के शरीर में सूअर की किडनी, इससे कितने दिन बच सकती है जान?</title>
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        <description><![CDATA[ चिकित्सा विज्ञान के इतिहास में एक ऐसा अनोखा कारनामा हुआ है, जिसने दुनिया भर के डॉक्टरों और किडनी के मरीजों को एक नई उम्मीद दी है. अमेरिका में डॉक्टरों ने एक 66 वर्षीय मरीज टिम एंड्रयूज के शरीर में सूअर की किडनी का सफल ट्रांसप्लांट किया था. इस सूअर की किडनी ने मरीज के शरीर में रिकॉर्ड 271 दिनों तक सफलता के साथ काम किया.
चिकित्सा इतिहास में किसी जानवर के अंग का इंसान के शरीर में इतने लंबे समय तक काम करने का यह अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है. इस पूरी प्रक्रिया और इसके नतीजों से जुड़ी रिपोर्ट मशहूर मेडिकल जर्नल द लैंसेट में प्रकाशित हुई है.
टिम एंड्रयूज को डायलिसिस से मिली 9 महीने की आजादी
मरीज टिम एंड्रयूज टाइप-2 डायबिटीज से पीड़ित थे, जिसके कारण उनकी दोनों किडनियां पूरी तरह खराब हो चुकी थीं. डॉक्टरों ने उन्हें बताया था कि उन्हें एक इंसानी किडनी मिलने में कम से कम 7 साल तक का लंबा इंतजार करना पड़ सकता है. आमतौर पर डायलिसिस पर रहने वाले मरीज इतना लंबा इंतजार नहीं कर पाते हैं.&amp;nbsp;
ऐसे मुश्किल समय में मैसाचुसेट्स जनरल हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने उन्हें जेनोट्रांसप्लांटेशन यानी जानवर के अंग को इंसान में लगाने की सलाह दी. 25 जनवरी 2025 को डॉक्टरों ने टिम के शरीर में सूअर की किडनी ट्रांसप्लांट की. इस ट्रांसप्लांट के बाद टिम को कई महीनों तक अस्पताल जाकर डायलिसिस मशीन से खून साफ कराने की जरूरत नहीं पड़ी और उन्होंने एक सामान्य जीवन जिया.
क्या है जेनोट्रांसप्लांटेशन
जब किसी जानवर के अंग, कोशिका या टिश्यू को इंसान के शरीर में ट्रांसप्लांट किया जाता है, तो इस पूरी चिकित्सा प्रक्रिया को विज्ञान की भाषा में जेनोट्रांसप्लांटेशन कहा जाता है. डॉक्टरों का कहना है कि इंसानी अंगों की बनावट से मेल खाने के कारण सूअर को इस प्रक्रिया के लिए सबसे सही जानवर माना जाता है.
सूअर की किडनी ही क्यों ट्रांसप्लांट की जा सकती है?
जेनोट्रांसप्लांटेशन के लिए सूअर को सबसे बेहतर जानवर माना जाता है. क्योंकि उसके अंगों का आकार काफी हद तक सही है और उन्हें पालने का इंसानों के पास कई सालों का अनुभव भी है. लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि आप सीधे किसी फार्म पर जाएं, सूअर की किडनी निकालकर उसे किसी इंसान के शरीर में लगा दें. ऐसा करने पर इंसान का इम्यून सिस्टम तुरंत उस बाहरी अंग पर हमला कर उसे कुछ ही मिनटों में नष्ट कर देता है.
&amp;nbsp;
इसी समस्या से बचने के लिए वैज्ञानिकों ने विशेष रूप से युकाटन मिनिएचर पिग विकसित किए. डॉक्टरों ने इस सूअर की किडनी के जीन में 69 खास तरह के जेनेटिक बदलाव किए. इन बदलावों के जरिए सूअर की कोशिकाओं से उन चीजों को हटाया गया जिन पर इंसान का इम्यून सिस्टम हमला करता है.&amp;nbsp;
&amp;nbsp;
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किडनी को 271 दिनों के बाद क्यों निकालना पड़ा?
ट्रांसप्लांट के बाद शुरुआती महीनों में टिम का शरीर बिल्कुल स्वस्थ था. शुरुआत में जब इम्यून सिस्टम ने अंग को अस्वीकार करने की कोशिश की, तो डॉक्टरों ने दवाइयों में बदलाव करके स्थिति को संभाल लिया. लेकिन लगभग 6 महीने बीत जाने के बाद, सूअर की किडनी की रक्त वाहिकाएं धीरे-धीरे क्षतिग्रस्त होने लगीं, जिससे अंग में सूजन आ गई. अक्टूबर 2025 में इस किडनी ने काम करना बंद कर दिया, जिसके बाद डॉक्टरों को सर्जरी करके इस किडनी को बाहर निकालना पड़ा.
सूअर के अंग ने किया &#039;ब्रिज&#039; का काम
मास जनरल ब्रिघम के सेंटर फॉर ट्रांसप्लांटेशन साइंसेज के डॉक्टर लियोनार्डो रिएला ने बताया कि सूअर की इस किडनी ने मरीज के लिए एक ब्रिज के रूप में काम किया. सूअर की किडनी निकालने के बाद टिम को सिर्फ 82 दिनों तक दोबारा डायलिसिस पर रहना पड़ा. इसके ठीक बाद जनवरी 2026 में उन्हें एक मृत डोनर से इंसानी किडनी मिल गई. डॉक्टरों के मुताबिक, टिम एंड्रयूज के शरीर में अब वह इंसानी किडनी अच्छी तरह काम कर रही है.
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        <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 21:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>बाजार में मिली नकली रेबीज वैक्सीन की खेप! लोगों में मचा हड़कंप&amp; ऐसे हुआ खुलासा</title>
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        <description><![CDATA[ भारत में इस्तेमाल होने वाली रेबीज वैक्सीन Abhayrab के एक बैच को लेकर ड्रग रेगुलेटर ने राज्यों को सतर्क किया है. जांच में इस बैच का एक सैंपल जरूरी potency test में फेल पाया गया. इसके बाद इसे Not of Standard Quality यानी तय गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरने वाला बताया गया है. साथ ही, इसके नकली होने की भी जांच की जा रही है.&amp;nbsp;
मामला Abhayrab के बैच नंबर KE25012 से जुड़ा है. अधिकारियों के मुताबिक, इस बैच के कुछ वाइल्स&amp;nbsp;दिल्ली के मुखर्जी नगर स्थित एक बिना लाइसेंस वाले परिसर से बरामद किए गए थे. इसके बाद इन सैंपल को जांच के लिए सरकारी प्रयोगशाला भेजा गया. केंद्रीय औषधि प्रयोगशाला, कसौली में किए गए परीक्षण में सैंपल potency की जरूरी शर्तों को पूरा नहीं कर पाया.
कंपनी ने कहा- ये वैक्सीन हमने नहीं बनाई
Abhayrab बनाने वाली कंपनी Indian Immunologicals Limited ने साफ किया है कि जांच में मिले वाइल्स&amp;nbsp;उसकी ओर से तैयार नहीं किए गए थे. कंपनी के मुताबिक, बरामद वायल पर Abhayrab का नाम और KE25012 बैच नंबर लिखा था, लेकिन जब इन्हें कंपनी के रिकॉर्ड और सुरक्षित रखे गए असली सैंपल से मिलाया गया तो कई अंतर सामने आए.
कंपनी ने बताया कि लेबल, पैकेजिंग, QR कोड, कैप के रंग, लाइसेंस से जुड़ी जानकारी और पैकेज पर लिखे विवरण में अंतर मिला हैं. कंपनी के अनुसार, जांच में कुल 17 अंतर सामने आए हैं. इसी वजह से इस बात की जांच की जा रही है कि बरामद वैक्सीन नकली तरीके से तैयार कर बाजार में तो नहीं पहुंचाई गई.
DCGI ने राज्यों को निगरानी के निर्देश दिए
मामले को देखते हुए Drugs Controller General of India ने राज्यों के ड्रग कंट्रोलर्स को Abhayrab के बैच KE25012 की बिक्री और वितरण पर कड़ी नजर रखने को कहा है. अधिकारियों को जरूरत के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं.
CDSCO के मुताबिक, इस मामले में दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि ये वाइल्स&amp;nbsp;कहां से आए और इन्हें कहां-कहां पहुंचाया गया.
कंपनी के मुताबिक अधिकृत सप्लाई प्रभावित नहीं
Indian Immunologicals ने कहा है कि उसके अधिकृत चैनल से सप्लाई की गई Abhayrab वैक्सीन इस मामले से प्रभावित नहीं है. कंपनी के अनुसार हर बैच को बाजार में भेजे जाने से पहले सरकारी स्तर पर भी जांच से गुजरना होता है.
कंपनी ने यह भी कहा कि KE25012 के मूल बैच में 83,370 वायल थे, जिन्हें अधिकृत चैनलों के जरिए वितरित किया गया था. हालांकि, सरकार की ओर से अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि जांच के दायरे में आए वाइल्स&amp;nbsp;की कुल संख्या कितनी थी और इनमें से कितने बाजार तक पहुंचे.
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दो साल में दूसरी बार सामने आया ऐसा मामला
Abhayrab को लेकर यह पहली बार नहीं है जब नकली वैक्सीन की चिंता सामने आई है. जनवरी 2025 में भी कंपनी ने ड्रग रेगुलेटर को एक दूसरे बैच KA24014 के नाम से नकली Abhayrab बाजार में आने की जानकारी दी थी. इसके बाद अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया समेत कुछ देशों के स्वास्थ्य अधिकारियों ने भारत से लौटने वाले यात्रियों को लेकर अलर्ट जारी किया था.
भारत में रेबीज के कारण हर साल हजारों लोगों की मौत होती है. 2024 के एक रिसर्च के मुताबिक देश में हर साल करीब 5,726 लोगों की मौत रेबीज से होती है. ऐसे में संक्रमित जानवर के काटने के बाद प्रभावी वैक्सीन की उपलब्धता बेहद जरूरी मानी जाती है. Abhayrab का इस्तेमाल रेबीज से बचाव के लिए एक्सपोजर से पहले और एक्सपोजर के बाद दोनों स्थितियों में किया जाता है.
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        <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 21:30:07 +0530</pubDate>
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        <title>कम से कम 58,000 पेंशन की उम्मीद, कल 8वें वेतन आयोग की एक और बड़ी बैठक</title>
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        <description><![CDATA[ 8वें वेतन आयोग के लिए बातचीत की अगली बैठकें 7 सितंबर को चेन्नई में शुरू हो रही हैं. दो दिनों तक चलने वाली इन बैठकों में केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के संगठनों के प्रतिनिधि तथा अन्य संबंधित पक्ष वेतन, पेंशन और भत्तों में बदलाव से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेंगे. हाल ही में जयपुर में हुई दो दिवसीय बैठक के बाद चेन्नई की यह बैठक केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की मांगों के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है.&amp;nbsp;
चेन्नई में किन मुद्दों पर छिड़ेगी बहस?&amp;nbsp;
पिछली बार की तरह इस बार भी बैठक में सबसे बड़ा मुद्दा सालाना सैलरी इंक्रीमेंट का होगा. कर्मचारी संगठनों का कहना है कि बढ़ती महंगाई के बीच मौजूदा 3% का इंक्रीमेंट नाकाफी है. ऐसे में अब यूनियनों ने इसे बढ़ाकर 5% से 7% करने की मांग रखी है, जिससे बेसिक सैलरी में इजाफा हो.&amp;nbsp;
कर्मचारी संगठन 7वें वेतन आयोग के 2.57 फिटमेंट फैक्टर के मुकाबले 8वें वेतन आयोग में इसे बढ़ाने की मांग कर रहे हैं ताकि मिनिमम बेसिक पे को 18,000 से बढ़ाया जा सके. इस बैठक में पेंशनर संगठनों की ओर से पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने की मांग के साथ-साथ लेवल 4 से 7 तक के सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन दरों को बेहतर करने पर गहन चर्चा होगी. बैठक में लॉजिस्टिक्स से संबंधित उन समस्याओं पर भी चर्चा करेंगे जिनका सामना केंद्र सरकार के कई कर्मचारियों को अपनी पोस्टिंग और ट्रांसफर के दौरान करना पड़ता है.&amp;nbsp;
मिनिमम पेंशन में भी हो बढ़ोतरी
8वें वेतन आयोग के तहत पेंशनर्स के लिए पेंशन अमाउंट में भी बढ़ोतरी की मांग है. उनकी मांग है कि नए वेतन आयोग के लागू होने के बाद लेवल 7 के कर्मचारियों को रिटायरमेंट पर 58,000 या उससे भी अधिक की बेसिक पेंशन मिल सके. इकोनॉमिक टाइम्स की हालिया रिपोर्ट और पेंशन कैलकुलेशन के फॉर्मूले के अनुसार, यह आंकड़ा पूरी तरह इस बात पर निर्भर करेगा कि सरकार अंतिम रूप से कौन सा फिटमेंट फैक्टर तय करती है और कर्मचारी रिटायरमेंट के समय पे-मैट्रिक्स के किस स्टेज पर है. 7वें वेतन आयोग के तहत लेवल 7 (ग्रेड पे 4600 रुपये) की शुरुआती बेसिक सैलरी 44,900 से लेकर अधिकतम 1,42,400 रुपये तक होती है.&amp;nbsp;
सितंबर में बैठकों का पूरा शेड्यूल
7-8 सितंबर 2026- चेन्नई में दक्षिण भारत के कर्मचारी और पेंशनर संगठनों से बातचीत
9 सितंबर 2026- पुडुचेरी में स्थानीय केंद्र शासित प्रदेश के यूनियनों के साथ परामर्श
16-18 सितंबर 2026- चंडीगढ़ में पंजाब, हरियाणा, हिमाचल और चंडीगढ़ के हितधारकों से चर्चा
7-8 अक्टूबर 2026- बेंगलुरु में कर्नाटक क्षेत्र के संगठनों के साथ बैठक

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        <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 20:30:15 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>कम, से, कम, 58, 000, पेंशन, की, उम्मीद, कल, 8वें, वेतन, आयोग, की, एक, और, बड़ी, बैठक</media:keywords>
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        <title>सस्ती मिल रही प्याज, इन 17 शहरों में 4000 टन बफर स्टॉक लाई सरकार</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/सस्ती-मिल-रही-प्याज-इन-17-शहरों-में-4000-टन-बफर-स्टॉक-लाई-सरकार</link>
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        <description><![CDATA[ प्याज की बढ़ती कीमतों से परेशान लोगों के लिए अब राहत की खबर है. केंद्र सरकार ने बाजार में प्याज की कीमतों पर लगाम लगाने के लिए अपने बफर स्टॉक से प्याज की रियायती बिक्री शुरू कर दी है. सरकार की ओर से 17 शहरों में अब तक करीब 4,000 टन बफर बेचा जा चुका है. बड़ी बात यह है कि चुनिंदा शहरों में ग्राहकों को प्याज 35 रुपये प्रति किलो की रियायती कीमत पर दिया जा रहा है.&amp;nbsp;
सरकार का कहना है कि इस कदम का असर अब बाजार में भी दिखाई देने लगा है और प्याज की कीमतों में कुछ कमी आई है. ऐसे में आने वाले दिनों में नई खरीफ फसल की अवाक शुरू होने के बाद कीमतों में और राहत मिलनी की उम्मीद है.&amp;nbsp;
सरकार ने कितना प्याज स्टॉक कर रखा है?
केंद्र सरकार ने साल 2026 के लिए करीब 1.21 लाख टन प्याज का बफर स्टॉक तैयार कर रखा है. ऐसे में इस प्याज को जरूरत के हिसाब से अलग-अलग राज्यों और शहरों में भेजा जा रहा है. सरकार अपनी एजेंसियों NCCF और NAFED स्टॉक के जरिए बाजार में प्याज की सप्लाई कर रही है.
प्याज को उत्पादक राज्यों से बड़े शहरों तक पहुंचाने के लिए ट्रकों के अलावा &#039;कंडा एक्सप्रेस&#039; जैसी स्पेशल ट्रेन का इस्तेमाल किया जा रहा है. हालांकि दिल्ली और चेन्नई तक बड़ी मात्रा में प्याज पहुंचाया जा चुका है. अब गुवाहाटी के लिए भी प्याज भेजने की तैयारी की जा रही है.
कम से कम 58,000 पेंशन की उम्मीद, कल 8वें वेतन आयोग की एक और बड़ी बैठक
35 रुपये किलो में कहां मिल रहा प्याज?
सरकार ने कुछ ऐसे शहरों को चुना है जहां प्याज की कीमतें काफी ज्यादा थी. सरकार की ओर से इन जगहों पर बफर स्टॉक का प्याज 35 रुपये प्रति किलो की रियायती कीमत पर बेचा जा रहा है. NCCF के मुताबिक अब तक करीब 1,500 टन प्याज खुदरा बिक्री के जरिए बेचा जा चुका है.&amp;nbsp;
किन राज्यों में हो रही बफर प्याज की बिक्री?

दिल्ली-एनसीआर
तमिलनाडु
उत्तर प्रदेश
केरल
राजस्थान
पंजाब
ओडिशा

सरकार के कदम से कितनी गिरी प्याज की कीमत?
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, रियायती बिक्री शुरू होने से पहले 28 अगस्त को प्याज का आखिल भारतीय औसत खुदरा भाव 48.50 रुपये प्रति किलो था. वहीं 5 सितंबर को यह कीमत बढ़कर करीब 50.79 रुपये प्रति किलो हो गया था. वहीं अलग-अलग शहरों में 5 सितंबर को प्याज के दाम इस तरह रहे हैं.&amp;nbsp;

दिल्ली: 58 रुपये प्रति किलो
मुंबई: 53 रुपये प्रति किलो
चेन्नई: 63 रुपये प्रति किलो
रांची: 40 रुपये प्रति किलो
औसत थोक कीमत: 42.79 रुपये प्रति किलो

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        <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 20:30:14 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>सस्ती, मिल, रही, प्याज, इन, शहरों, में, 4000, टन, बफर, स्टॉक, लाई, सरकार</media:keywords>
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        <title>DA Hike: त्योहारों से पहले बरसेगा पैसा, 1 से लागू होगा नया महंगाई भत्ता</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/da-hike-त्योहारों-से-पहले-बरसेगा-पैसा-1-से-लागू-होगा-नया-महंगाई-भत्ता</link>
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        <description><![CDATA[ अगर आप भी केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स है, तो यह जानकारी आपके काम की है. हाल ही में केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए महंगाई भत्ते को लेकर एक बार फिर बड़ी अपडेट सामने आई है. जुलाई 2026 का AICPI-IW इंडेक्स जारी किया जा चुका है, जिसमें पिछले महीने के मुकाबले 1.3 अंक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इस आंकड़े को देखते हुए अब कर्मचारियों की नजर अगले DA संशोधन पर है. उम्मीद है कि त्योहारों से पहले सरकार महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का ऐलान कर सकरी है.&amp;nbsp;
श्रम ब्यूरो के आंकड़ों के मुताबिक जुलाई 2026 में AICPI-IW इंडेक्स 1.3 अंक से बढ़कर 153.2 पर पहुंच गया. वहीं, जुलाई2026 में खुदरा महंगाई की सालाना दर 4.57% हो गई, जबकि एक साल पहले जुलाई 2025 में यह 2.66% थी. ऐसे में आने वाले समय में महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी पर कर्मचारियों की नजर बनी हुई है.&amp;nbsp;
क्या होता है AICPI-IW इंडेक्स?
AICPI-IW यानी ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स हर महीने जारी किया जाता है. इसके जरिए औद्योगिक कर्मचारियों के रोजमर्रा के इस्तेमाल वाली चीजों और सेवाओं की कीमतों में होने वाले बदलाव का पता लगाया जाता है. हालांकि इस साल की शुरुआती महीनों में भी इंडेक्स में लगातार बढ़ोतरी देखनी को मिली है.
सस्ती मिल रही प्याज, इन 17 शहरों में 4000 टन बफर स्टॉक लाई सरकार

मार्च 2026 में AICPI-IW 149.1 रहा.&amp;nbsp;
अप्रैल 2026 में यह बढ़कर 149.9 हुआ.
मई में इंडेक्स 150.8 पहुंचा.&amp;nbsp;
जून में यह 151.9 रहा.
जुलाई 2026 में इंडेक्स 153.2 रहा.

यह आंकड़ा देश के 88 प्रमुख औद्योगिक केंद्रों के 317 बाजारों से जुटाई गई खुदरा दामों के आधार पर तैयार किया जाता है.
कर्मचारियों के लिए क्यों अहम है ये इंडेक्स?
AICPI-IW में होने वाली हलचल पर केंद्रीय कर्मचारी इसलिए नजर रखते हैं क्योंकि इसका असर उनके DA और पेंशनभोगियों के DR पर पड़ता है. 7वें वेतन आयोग के तहत DA में संशोधन 12 महीने के औसत AICPI-IW के आधार पर की जाती है, यानी साल में दो बार किया जाता है. आमतौर पर इसका ऐलान मार्च और अक्टूबर के आसपास होता है.
कितना बढ़ सकता है महंगाई भत्ता (DA)?
AICPI-IW के हालिया आंकड़ों को देखते हुए इस बार कर्मचारियों को DA में करीब 3% से 4% तक की बढ़ोतरी की उम्मीद है. हालांकि, यह सिर्फ एक अनुमान है. असल बढ़ोतरी AICPI-IW की बाकी आंकड़ों और केंद्र सरकार की आखिरी मंजूरी के बाद तय होगी.
कम से कम 58,000 पेंशन की उम्मीद, कल 8वें वेतन आयोग की एक और बड़ी बैठक
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        <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 20:30:13 +0530</pubDate>
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        <title>Old Monk की बोतल में कितने फीसदी Rum होती है? कोर्ट में बड़ा खुलासा</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/old-monk-की-बोतल-में-कितने-फीसदी-rum-होती-है-कोर्ट-में-बड़ा-खुलासा</link>
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        <description><![CDATA[ अगर आप भी Old Monk की बोतल को Rum समझकर खरीदते हैं, तो इन दिनों इससे जुड़ी एक अहम जानकारी सामने आई है. महाराष्ट्र के बॉम्बे हाईकोर्ट में इसकी बिक्री को लेकर चल रही सुनवाई के दौरान इसके तैयार होने के तरीके को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है. भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने अदालत में बताया कि जिस प्रॉडएक्ट को Rum के नाम से बेचा जा रहा है, उसमें असली Rum की मात्रा बहुत कम है. यही वजह है कि महाराष्ट्र में इसकी बिक्री को लेकर विवाद खड़ा हुआ है.&amp;nbsp;
दरअसल, यह मामला Old Monk के निर्माता मोहन रॉकी स्प्रिंगवॉटर प्राइवेट लिमिटेड की याचिका से जुड़ा है. कंपनी ने महाराष्ट्र में बिक्री पर रोक लगाने वाले FSSAI के आदेश के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया है. कंपनी के खोपोली प्लांट के निरीक्षण के बाद यह कारवाई की गई थी.&amp;nbsp;
Old Monk में कितनी असली Rum होने का दावा?
FSSAI की ओर से अदालत में यह दावा किया गया कि इसमें करीब 95% एक्स्ट्रा-न्यूट्रल स्पिरिट (ENA) और 5% से कम असली रम है. इसके साथ ही एजेंसी ने बोतल पर लिखे &amp;lsquo;7 साल पुरानी ब्लेंडेड रम&amp;rsquo; जैसे दावे पर भी सवाल उठाया. FSSAI का तर्क है कि न्यूट्रल स्पिरिट में Rum फ्लेवर मिलाकर तैयार किए गए प्रॉडक्ट को सिर्फ &#039;Rum&#039; के तौर पर बेचना नियमों के मुताबिक सही नहीं है.&amp;nbsp;
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कंपनी ने कोर्ट में क्या कहा?
मामले की सुनवाई के दौरान कंपनी ने अपने पैकेजिंग लेबल में बदलाव करने की बात कही. नए लेबल पर &amp;lsquo;Added Flavour&amp;rsquo; को प्रमुखता से दिखाने और &amp;lsquo;7 साल पुरानी ब्लेंडेड रम&amp;rsquo; लेबल को हटाने पर भी सहमति जताई. हालांकि, कंपनी ने गुरुवार को संशोधित लेबल अदालत के सामने भी पेश कर दिए है.&amp;nbsp;
कोर्ट ने Old Monk के पुराने स्टॉक पर क्या कहा?
अदालत ने कहा कि अभी पुराने स्टॉक की बिक्री की इजाजत देना करीब आखिरी राहत देने जैसा होगा. ऐसे में अगर कोर्ट यह तय करता है कि बिक्री की इजाजत नहीं दी जाती है, तो स्थिति मुश्किल हो सकती है. वहीं बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस मामले की सुनवाई 8 सितंबर तक टाल दी है.
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        <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 20:30:11 +0530</pubDate>
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        <title>क्या थम गई है सोने की रफ्तार या कीमतों पर लगा मामूली सा ब्रेक, रिपोर्ट में खुलासा</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/क्या-थम-गई-है-सोने-की-रफ्तार-या-कीमतों-पर-लगा-मामूली-सा-ब्रेक-रिपोर्ट-में-खुलासा</link>
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        <description><![CDATA[ सोने की कीमतों में हाल के दिनों में भले ही उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा हो, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि गोल्ड का बुल रन खत्म हो गया. गोल्डमैन सैक्स से जुड़े टोनी किम के मुताबिक, फेडरल रिजर्व की नीतियों को लेकर अनिश्चितता और अमेरिका-ईरान तनाव के कारण फिलहाल गोल्ड की डिमांड में कमी आई है. हालांकि, आने वाले समय में इसमें फिर तेजी लौट सकती है.
इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह दुनियाभर के केंद्रीय बैंकों की लगातार सोने की खरीदारी को मानी जा रही है. ऐसे में मौजूदा दबाव को स्थायी गिरावट मानना जल्दबाजी होगी. टोनी किम का कहना है कि एक बार बाजार में अनिश्चितता कम होने के बाद गोल्ड में फिर से तेज उछाल देखनी को मिल सकता है.&amp;nbsp;
किस भाव पर सोने में निवेश का मौका?
टोनी किम के मुताबिक, अगर सोने की कीमत करीब 4,000 डॉलर प्रति औंस (Dollar Per Ounce) तक आती है, तो निवेशकों के लिए खरीदारी का बेहतर मौका बन सकता है. भारतीय मुद्रा में यह कीमत करीब 1.34 लाख रुपये प्रति औंस के आसपास बैठती है. फिलहाल इस समय गोल्ड का रेट करीब 4,479 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है.
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सोने की तेजी पर क्यों लगा है ब्रेक?
जनवरी में रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद सोने की कीमतों में कुछ कमजोरी देखने को मिली है. टोनी किम के मुताबिक, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से आगे क्या रुख अपनाया जाएगा, इसे लेकर बाजार में काफी अनिश्चितता बनी हुई है. इसके अलावा अमेरिका-ईरान तनाव और युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी ने बाजार पर भी काफी दबाव डाला है. अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड और डॉलर में मजबूती आने से भी सोने पर असर पड़ा है.
1 सितंबर को सोने की कीमत में करीब 2% की गिरावट देखने को मिली थी. इस दौरान अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड और डॉलर में मजबूती आने से भी सोने पर असर पड़ा है. वहीं स्पॉट गोल्ड का रेट करीब 2.4% से गिरकर 4242.20 डॉलर प्रति औंस पर आ गया था.
Old Monk की बोतल में कितने फीसदी Rum होती है? कोर्ट में बड़ा खुलासा
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        <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 20:30:09 +0530</pubDate>
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        <title>PM मोदी ने मेट्रो में किया सफर, बच्चों से की बात, काशी को क्यों किया याद</title>
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        <description><![CDATA[ दिल्ली मेट्रो में शनिवार (5 सितंबर 2026) की शाम उस समय यात्रियों की नजरें ठहर गईं, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आम यात्रियों के साथ ट्रेन में सफर करते दिखाई दिए. उस दौरान पीएम मोदी ने बच्चों के साथ बात करते हुए नजर आए. इससे जुड़ा वीडियो पीएम मोदी ने अपने एक्स अकाउंट पर शेयर किया. उन्होंने लिखा कि मेट्रो मोमेंट्स कल शाम SRCC तक और वापस आने के सफ़र के दौरान की बातचीत की.
PM मोदी ने सफर के दौरान एक बच्ची से पूछा भी क्या नाम है तुम कहां जा रही हो. इसके अलावा एक अन्य बच्चे ने कहा कि 5 सितंबर को हमलोग टीचर डे मनाते हैं. हमारे साथ सर्वपल्ली राधाकृष्णन नहीं है, जिन्होंने ढेर सारे स्टूडेंट को प्रेरित किया था, लेकिन आज हमारे आप (पीएम मोदी) है जो सारे स्टूडेंट को प्रेरित करते हैं. इसके लिए मैं आपको बहुत धन्यवाद करता हूं.

Metro moments&amp;hellip;Conversations during last evening&amp;rsquo;s journey to SRCC and back. pic.twitter.com/GHIuPqYAKI
&amp;mdash; Narendra Modi (@narendramodi) September 6, 2026



पीएम मोदी ने किताबें पढ़ने की सलाह दी
पीएम मोदी ने बच्चों को किताबें पढ़ने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि हमें स्कूल की किताबों के अलावा भी बाहर की किताबें पढ़ने चाहिए खासकर ऑटोबायोग्राफी चाहे वो किसी खिलाड़ी की हो कलाकार, वैज्ञानिक की भी हो सकती है. मेट्रो में सफर करने के दौरान पीएम मोदी ने काशी को भी याद किया, जो उनका संसदीय क्षेत्र है. पीएम मोदी ने एक लड़की से पूछा कि काशी के लोग खुश है. वहां विकास का काम हो रहा है.
SRCC का शताब्दी समारोह&amp;nbsp;
पीएम मोदी दिल्ली विश्वविद्यालय के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) के शताब्दी समारोह में शामिल होने के लिए जा रहे थे. इसी दौरान उन्होंने दिल्ली मेट्रो से सफर किया. मेट्रो में प्रधानमंत्री को अपने बीच देखकर यात्रियों में भी उत्साह देखने को मिला. बच्चों के साथ बातचीत करते हुए पीएम मोदी का सहज अंदाज वीडियो में नजर आया, जिसके बाद उनकी यह यात्रा चर्चा में आ गई.
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        <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 15:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>दिनेश शर्मा बने अंडमान के उपराज्यपाल, पत्नी ने बताया क्या सबसे बड़ी चुनौती</title>
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        <description><![CDATA[ भाजपा के राज्यसभा सांसद और उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है. उनकी नियुक्ति पर पत्नी जयलक्ष्मी शर्मा ने खुशी जताई है. उन्होंने कहा कि दिनेश शर्मा ने अब तक अपनी सभी जिम्मेदारियों को पूरी मेहनत और ईमानदारी से निभाया है. उन्हें उम्मीद है कि नई जिम्मेदारी को भी वह इसी तरह पूरी मेहनत, जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ निभाएंगे.
परिवार ने साथ मिलकर मनाई खुशी
जयलक्ष्मी शर्मा ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा, &amp;ldquo;वो अपनी जिम्मेदारियों को हमेशा से बहुत अच्छे से निभाते रहे हैं और मुझे उम्मीद है कि वो उतनी ही मेहनत, जिम्मेदारी से, ईमानदारी से इस पद के लिए भी काम करेंगे. बहुत खुशी का माहौल है. पूरा परिवार रात में इकट्ठा हुआ और हम सबने खूब एन्जॉय किया.&amp;rdquo;
उन्होंने आगे कहा कि नई जिम्मेदारी के साथ कई चुनौतियां भी सामने हैं. उन्होंने कहा, &amp;ldquo;ये जिम्मेदारी और चुनौतियां हम दोनों के ही सामने हैं.&amp;rdquo;

#WATCH | Lucknow: On BJP MP Dr Dinesh Sharma being appointed as the Lieutenant Governor of the Andaman and Nicobar Islands, his wife Jayalakshmi Sharma says, &quot;He has always fulfilled his responsibilities exceptionally well, and I am confident that he will work in this role with&amp;hellip; pic.twitter.com/KJKlgqSha3
&amp;mdash; ANI (@ANI) September 6, 2026



राष्ट्रपति भवन से जारी हुई नियुक्ति की अधिसूचना
शनिवार देर रात राष्ट्रपति भवन की ओर से दिनेश शर्मा की नियुक्ति की अधिसूचना जारी की गई. दिनेश शर्मा वर्ष 2023 में राज्यसभा सदस्य चुने गए थे. इससे पहले वह मार्च 2017 से वर्ष 2022 तक उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री रहे.
लखनऊ विश्वविद्यालय में रहे वाणिज्य के प्रोफेसर
दिनेश शर्मा लखनऊ विश्वविद्यालय में वाणिज्य के प्रोफेसर रह चुके हैं. उन्हें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से लंबे समय से जुड़े और मिलनसार राजनेता के रूप में जाना जाता है. वह दो बार लखनऊ के महापौर भी चुने गए.
पहली बार नवंबर 2006 में उन्होंने लखनऊ के महापौर का चुनाव जीता था. इसके बाद जुलाई 2012 में वह दोबारा इस पद पर चुने गए.
1988 से लखनऊ विश्वविद्यालय में पढ़ा रहे थे
दिनेश शर्मा ने वर्ष 1988 में लखनऊ विश्वविद्यालय में अध्यापन शुरू किया था. उनका अपना शिक्षण संस्थान भी है. उनका राजनीतिक सफर आरएसएस की छात्र शाखा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से शुरू हुआ था.
लखनऊ का महापौर बनने से पहले वह भाजपा की युवा शाखा भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं.
भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी रहे
अगस्त 2014 में दिनेश शर्मा को भाजपा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया था. इसके बाद उन्हें गुजरात का प्रभारी बनाया गया. वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा की जीत के बाद शुरू किए गए सदस्यता अभियान की जिम्मेदारी भी उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर दी गई थी.
दिनेश शर्मा को भाजपा के मौजूदा नेतृत्व के करीबी नेताओं में गिना जाता है. राज्यसभा सांसद और उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री के रूप में राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव के बाद अब उन्हें अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपाल की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
यह भी पढ़िएः गोवा दौरे पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, BJP क्या कर रही प्लानिंग?
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        <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 15:30:12 +0530</pubDate>
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        <title>&amp;apos;अपनी कमियां छिपाने के लिए विपक्ष पर सवाल&amp;apos;, खरगे ने PM मोदी पर कसा तंज</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/अपनी-कमियां-छिपाने-के-लिए-विपक्ष-पर-सवाल-खरगे-ने-pm-मोदी-पर-कसा-तंज</link>
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        <description><![CDATA[ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार (5 सितंबर 2026) को दिल्ली विश्वविद्यालय के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स यानी SRCC के शताब्दी समारोह में शामिल हुए. इस कार्यक्रम में उन्होंने कई मुद्दों पर अपनी बात रखी और विपक्ष पर भी निशाना साधा. अब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री के भाषण को लेकर प्रतिक्रिया दी है.
खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि SRCC में प्रधानमंत्री का जाना युवाओं, शिक्षा और उनके भविष्य से जुड़े मुद्दों पर बातचीत का अच्छा मौका था, लेकिन उनके मुताबिक, युवाओं के सवालों पर चर्चा करने के बजाय कार्यक्रम का भाषण राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित हो गया.

.@narendramodi जी कल दिल्ली विश्वविद्यालय के SRCC में गए. यह देश के युवाओं, शिक्षा और उनके भविष्य पर संवाद का अवसर था. लेकिन अफसोस, युवाओं के सवालों का सामना करने के बजाय भाषण फिर एक राजनीतिक प्रचार में बदल गया.मोदी जी की Modus Operandi &amp;mdash; लोकतंत्र में सवालों को दबाने के लिए&amp;hellip;
&amp;mdash; Mallikarjun Kharge (@kharge) September 6, 2026



विपक्ष को नए-नए नाम देना सरकार की रणनीति-खरगे
मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष पर अलग-अलग तरह के विशेषण लगाए जाते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी कथित नाकामियों से ध्यान हटाने के लिए हर साल विपक्ष के लिए नए नाम इस्तेमाल करती है. खरगे ने अपनी पोस्ट में &amp;lsquo;नाराज़ फूफा&amp;rsquo;, &amp;lsquo;दिमाग़ी नक्सल&amp;rsquo;, &amp;lsquo;अर्बन नक्सल&amp;rsquo;, &amp;lsquo;खान मार्केट गैंग&amp;rsquo;, &amp;lsquo;आंदोलनजीवी&amp;rsquo; और &amp;lsquo;परजीवी&amp;rsquo; जैसे शब्दों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि नाम और विशेषण बदल सकते हैं, लेकिन उनके अनुसार मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियों में बदलाव नहीं आया है.
आउट रीच तभी करनी पड़ती है, जब आप आउट ऑफ रीच हो जाते हैं
कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री की युवाओं तक पहुंच बनाने की कोशिश पर भी तंज कसा. उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति लोगों से दूर हो जाता है, तभी उसे दोबारा लोगों तक पहुंच बनाने की जरूरत महसूस होती है. खरगे ने प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में दिखाए गए &amp;lsquo;रिपोर्ट कार्ड&amp;rsquo; का जिक्र करते हुए कहा कि देश का युवा भी अपना रिपोर्ट कार्ड लेकर खड़ा है. उनके मुताबिक युवाओं के सामने बेरोजगारी, सरकारी नौकरियों की लंबित भर्तियां और परीक्षा में पेपर लीक जैसी समस्याएं हैं.
शिक्षा और छात्रवृत्ति को लेकर भी कांग्रेस का हमला
खरगे ने अपनी पोस्ट में शिक्षा से जुड़े कई मुद्दे उठाए. उन्होंने कहा कि छात्रों के सामने महंगी होती शिक्षा और छात्रवृत्ति के सीमित होते अवसर जैसी चुनौतियां हैं. इसके साथ ही उन्होंने विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता को लेकर भी चिंता जताई. कांग्रेस अध्यक्ष ने युवाओं से जुड़े इन मुद्दों को #ChhatronKiGoonj के साथ उठाते हुए कहा कि इन सवालों पर ध्यान देने की जरूरत है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि केवल दूसरी बातों की ओर ध्यान खींचने से समस्याओं का समाधान नहीं होगा. इस तरह SRCC के शताब्दी समारोह में प्रधानमंत्री मोदी के भाषण के बाद कांग्रेस की ओर से तीखी राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आई है. खरगे ने अपने बयान के जरिए बेरोजगारी, भर्ती, पेपर लीक और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को केंद्र में रखते हुए सरकार से जवाब मांगा है.
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        <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 15:30:10 +0530</pubDate>
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        <title>अरूणाचल में भारत&amp;चीन कोर कमांडर की पहली बड़ी बैठक, क्या है एजेंडा</title>
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        <description><![CDATA[ अरूणाचल प्रदेश में भारत और चीन के कोर कमांडर के बीच पहली बड़ी बीपीएम मीटिंग का आयोजन होगा. चीन सीमा पर किबिथू के करीब वाचा-डमई बॉर्डर पर्सनैल मीटिंग (बीपीएम) पॉइंट पर रविवार (6 सितंबर) को मीटिंग होगी. पिछले एक महीने से भारत और चीन की सेनाओं के बीच अपर सुबानसरी इलाके में तनातनी चल रही है. हालांकि भारतीय सेना की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.
सूत्रों ने बताया कि पूर्वी सेक्टर में कोर कमांडर स्तर के अधिकारियों के बीच आज पहली बैठक होगी. इस बैठक से इलाके में चल रहे मुद्दों को सुलझाने में मदद मिलेगी. बता दें कि ये बैठक भारतीय पक्ष की ओर से वाचा बॉर्डर मीटिंग पॉइंट पर आयोजित होगी.
लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल&amp;nbsp;चीनी कमांडरों के साथ बैठक में भारतीय पक्ष का प्रतिनिधित्व 3 कोर कमांडर करेंगे. अरुणाचल प्रदेश में चीन के साथ लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल की देखरेख भारतीय सेना के 2 कोर फॉर्मेशन करते हैं, जिनमें तेजपुर स्थित 4 कोर और रंगापहार स्थित 3 कोर शामिल हैं. सूत्रों के मुताबिक भारतीय सेना ने उस इलाके में चीनी सैनिकों के रुख से निपटने के लिए बहुत ही सख्त रवैया अपनाया है.
गलवान झड़प&amp;nbsp;एक्सपर्ट के मुताबिक भारत और चीन की अपनी-अपनी सीमाओं में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल को लेकर अलग-अलग समझ है. कभी-कभी इससे जमीनी स्तर पर समस्याएं पैदा हो जाती हैं. 2020 में गलवान झड़प में दोनों ही पक्षों को काफी नुकसान उठाना पड़ा था. इसके बाद से भारत और चीन लद्दाख सेक्टर में चुशुल-मोल्डो बॉर्डर मीटिंग पॉइंट पर LAC के मुद्दों को सुलझाने के लिए कोर कमांडर स्तर की बैठकें करते हैं.
अजीत डोभाल की चीन यात्रा&amp;nbsp;बता दें कि ये बैठक राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल की चीन यात्रा के बाद हो रही हैं. इसके बाद दोनों पक्षों ने लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए कई उपायों की घोषणा की. सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने भी हाल ही में 3 कोर मुख्यालय का दौरा किया था.&amp;nbsp;
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अमेरिका में दर्दनाक हादसा, रनवे पर लैंडिंग से पहले क्रैश हुआ प्लेन, 2 की मौत ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 15:30:07 +0530</pubDate>
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        <title>&amp;apos;वरना न्याय मिलने तक ये...&amp;apos;, महाराष्ट्र में छात्रों के प्रदर्शन पर राहुल की सरकार को चेतावनी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/वरना-न्याय-मिलने-तक-ये-महाराष्ट्र-में-छात्रों-के-प्रदर्शन-पर-राहुल-की-सरकार-को-चेतावनी</link>
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        <description><![CDATA[ महाराष्ट्र में लोक सेवा आयोग (MPSC) की परीक्षाओं के पैटर्न में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का विरोध तेज हो गया है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने छात्रों के आंदोलन का समर्थन करते हुए केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में हजारों छात्र सड़कों पर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं. यह नाराजगी सिर्फ किसी एक परीक्षा या भर्ती को लेकर नहीं है, बल्कि पूरे सिस्टम से टूटे भरोसे का नतीजा है.
राहुल गांधी ने एक्स पर सरकार को घेरा
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि चाहे केंद्र की सरकार हो या राज्य की, भाजपा सरकार से छात्र परेशान हैं. उन्होंने पेपर लीक, भर्तियां रुके होने, शिक्षा की बढ़ती लागत, हॉस्टल की खराब व्यवस्था, खराब गुणवत्ता वाले भोजन और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) में धोखाधड़ी जैसे मुद्दों का जिक्र किया.
उन्होंने आगे कहा कि अब MPSC जैसी संवैधानिक संस्था पर कब्जा कर उसकी विश्वसनीयता को भी नुकसान पहुंचाया गया है.
राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों के सफल भविष्य से जुड़ी उनकी हर मांग जायज है. सरकार को छात्रों की आवाज सुनकर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो न्याय मिलने तक छात्रों की आवाज और तेज होती जाएगी.

महाराष्ट्र में हजारों छात्र सड़कों पर हैं, शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलनरत हैं - इसकी वजह सिर्फ एक परीक्षा या भर्ती नहीं, पूरे सिस्टम से टूट चुका भरोसा है।चाहे वो केंद्र की हो या राज्य की, BJP सरकार से हर छात्र त्रस्त है। पेपर लीक, रुकी हुई भर्तियां, शिक्षा की असहनीय लागत, हॉस्टल&amp;hellip;
&amp;mdash; Rahul Gandhi (@RahulGandhi) September 6, 2026



चार सितंबर को बारिश में भी छात्रों का प्रदर्शन
अपने अधिकारों की मांग को लेकर चार सितंबर को बड़ी संख्या में युवा सड़कों पर उतरे. बारिश के बीच भी छात्रों ने अपना विरोध जारी रखा. प्रदर्शनकारियों ने जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर &amp;lsquo;आक्रोश मोर्चा&amp;rsquo; निकाला.
इसके बाद जिला कलेक्टर के माध्यम से सरकार को ज्ञापन सौंपा गया. इस दौरान कलेक्टर कार्यालय का पूरा परिसर छात्रों और युवाओं के जोरदार नारों से गूंज उठा.&amp;nbsp;
नासिक में आदिवासी छात्रों का आंदोलन जारी
इधर, महाराष्ट्र के सरकारी सहायता प्राप्त आश्रम स्कूलों की बदहाल स्थिति, सुरक्षा व्यवस्था और छात्रों की मौत के मुद्दे को लेकर नासिक में आदिवासी छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है.
नासिक के ईदगाह मैदान में 100 से अधिक आदिवासी छात्र आंदोलन कर रहे हैं. प्रदर्शनकारी आश्रम स्कूलों की व्यवस्था, छात्रों की सुरक्षा और उनकी मौत से जुड़े मामलों को लेकर सरकार से जवाब और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.
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        <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 15:30:06 +0530</pubDate>
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        <title>NTA की तर्ज पर राजस्थान में बनेगी STA, कई बड़ी परीक्षाएं कराएगी एजेंसी</title>
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        <description><![CDATA[ राजस्थान में प्रवेश और पात्रता परीक्षाओं को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है. उच्च शिक्षा विभाग में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की तर्ज पर स्टेटस टेस्टिंग एजेंसी (STA) बनाने का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है. विभाग की टीम ने NTA का दौरा कर परीक्षा संचालन व्यवस्था का अध्ययन किया और संबंधित विभागों से सुझाव लेने के बाद एसटीए का प्रारूप तैयार किया है. प्रस्तावित एजेंसी के जरिए राजस्थान में यूनिवर्सिटी के एंट्रेंस एग्जाम से लेकर PTET, REET, SET और दूसरी परीक्षा कराने की तैयारी है. यह परीक्षाएं CBT मोड में कराई जाएगी और इसके लिए जिला मुख्यालय पर परीक्षा केंद्र बनाए जाने का प्रस्ताव है.&amp;nbsp;
यूनिवर्सिटी एंट्रेंस से PTET तक होगी परीक्षाएं&amp;nbsp;
STA के ड्राफ्ट के अनुसार यूनिवर्सिटी के यूजी-पीजी एंट्रेंस टेस्ट, स्टेट एलिजिबिलिटी टेस्ट, रीट, पीटीईटी और प्री पीएचडी परीक्षा को इसके तहत कराया जा सकता है. इसके अलावा बीएसटीसी, एग्रीकल्चर जॉइंट एंट्रेंस टेस्ट, फार्मेसी एंट्रेंस टेस्ट (यूजी), टेक्निकल व पॉलिटेक्निक कॉलेज के एंट्रेंस एग्जाम भी प्रस्तावित एजेंसी के जरिए कराए जाने हैं. राजस्थान में हर साल करीब 18 लाख विद्यार्थी यूनिवर्सिटी और अलग-अलग प्रवेश एवं पात्रता परीक्षाओं में शामिल होते हैं. अभी इनमें से कई परीक्षा अलग-अलग यूनिवर्सिटी और संस्थाओं की ओर से कराई जाती है.&amp;nbsp;
CBT मोड में होगी परीक्षा&amp;nbsp;
नई व्यवस्था के तहत परीक्षाओं को कंप्यूटर आधारित करने की तैयारी है. इसके लिए प्रदेश के जिला मुख्यालय पर परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे. इससे अलग-अलग परीक्षाओं की आयोजन की प्रक्रियाओं को एक समान तरीके से संचालित किया जाए सकेगा. एक एजेंसी के जरिए परीक्षा करने से आयोजन और मूल्यांकन की प्रक्रिया व्यवस्थित होने के साथ परिणाम भी समय पर जारी करने में मदद मिलने की उम्मीद लगाई जा रही है.&amp;nbsp;
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पेपर लीक पर भी लग सकता है अंकुश&amp;nbsp;
एसटीए के गठन के पीछे परीक्षा व्यवस्था को ज्यादा पारदर्शी और सुरक्षित बनाने का उद्देश्य भी बताया जा रहा है. एक्सपर्ट्स के अनुसार पीटीईटी और D.EI.Ed जैसी परीक्षाएं जब अलग-अलग यूनिवर्सिटी के बजाय एक एजेंसी कराएगी, तो पेपर लीक जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी. पूर्व वीसी, वीएमओयू &amp;nbsp;प्रो. कैलाश सोढ़ानी ने कहा कि एजेंसी की ओर से प्रवेश परीक्षाएं कराने से पेपर लीक पर रोक लगाने में मदद मिलेगी. साथ ही परीक्षाएं समय पर होगी और जल्द रिजल्ट भी जारी किए जाएंगे.&amp;nbsp;
अभी मंजूरी का है इंतजार
उच्च शिक्षा विभाग राजस्थान की टीम ने एनटीए की परीक्षा संचालन व्यवस्था का अध्ययन करने के लिए उसका दौरा किया था. इसके बाद संबंधित विभागों से सुझाव लेकर एसटीए का ड्राफ्ट तैयार किया गया. उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव डॉ. मुकेश कुमार शर्मा ने भी ड्राफ्ट तैयार होने की पुष्टि की है. फिलहाल एसटीए का प्रस्ताव ड्राफ्ट स्तर पर है. सरकार की ओर से अंतिम निर्णय और नियम जारी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कौन-कौन सी परीक्षाएं आधिकारिक तौर पर एसटीए के तहत कराई जाएगी और यह नई व्यवस्था कब से लागू होगी.
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        <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 14:30:23 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>सेना में जाने का जुनून ऐसा, लाखों का पैकेज छोड़ स्पर्श छेत्री ने चुनी वर्दी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/सेना-में-जाने-का-जुनून-ऐसा-लाखों-का-पैकेज-छोड़-स्पर्श-छेत्री-ने-चुनी-वर्दी</link>
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        <description><![CDATA[ सेना में जाने का जुनून ऐसा, लाखों का पैकेज छोड़ स्पर्श छेत्री ने चुनी वर्दी ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 14:30:21 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>यूके में पढ़ाई होगी महंगी? स्टूडेंट वीजा के लिए बढ़ी फंड की डिमांड</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/यूके-में-पढ़ाई-होगी-महंगी-स्टूडेंट-वीजा-के-लिए-बढ़ी-फंड-की-डिमांड</link>
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        <description><![CDATA[ यूके जाकर पढ़ाई करने की तैयारी करने वाले भारतीय छात्रों के लिए एक जरूरी बदलाव से जुड़ा अपडेट आया है. दरअसल 30 नवंबर 2026 से यूके के स्टूडेंट वीजा के लिए आवेदन करने वाले अंतरराष्ट्रीय छात्रों को पहले के मुकाबले ज्यादा रकम का इंतजाम दिखाना होगा. यूके होम ऑफिस में 3 सितंबर 2026 को इमीग्रेशन रूल में बदलाव किए हैं, जिसके तहत छात्रों के लिए जरूरी मेंटेनेंस फंड बढ़ाए जाएंगे.
इस बदलाव का असर उन छात्रों पर भी पड़ेगा, जो यूके में पढ़ाई के लिए स्टूडेंट वीजा के लिए आवेदन करेंगे. हालांकि यह रकम छात्रों को यूके सरकार को जमा नहीं करनी होगी, उन्हें यह साबित करना होगा कि पढ़ाई के दौरान अपने रहने और रोजमर्रा के खर्चों को पूरा करने के लिए उनके पास पर्याप्त पैसा उपलब्ध है. यह राशि ट्यूशन फीस से अलग होगी.&amp;nbsp;
लंदन में पढ़ाई के लिए कितनी रकम दिखानी होगी?&amp;nbsp;
नए नियम लागू होने के बाद लंदन में पढ़ाई करने वाले छात्रों को हर महीने 1,570 ब्रिटिश पाउंड यानी करीब 2.01 लाख रुपये का मेंटेनेंस फंड दिखाना होगा. अभी यह रकम 1,529 ब्रिटिश पाउंड यानी करीब 1.95 लाख रुपये है. वहीं छात्रों को अधिकतम 9 महीने की रहने का खर्च दिखाना होता है. ऐसे में लंदन के लिए अधिकतम राशि 14,130 ब्रिटिश डॉलर है, जो भारतीय रुपये में 18.06 लाख रुपये के बराबर हो जाएगी. अभी 9 महीने के लिए यह रकम 13,761 ब्रिटिश पाउंड है.
लंदन के बाहर पढ़ाई करने वालों के लिए भी बढ़ी रकम&amp;nbsp;
यूके के लंदन के बाहर पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए भी मेंटेनेंस रिक्वायरमेंट बढ़ाई गई है. अभी हर महीने 1,171 ब्रिटिश पाउंड की राशि दिखानी होती है, जो 30 नवंबर से बढ़कर 1,203 ब्रिटिश पाउंड हो जाएगी. 9 महीने के हिसाब से अधिकतम रकम 10,827 ब्रिटिश पाउंड होगी. मौजूदा नियमों में यह राशि 10,539 ब्रिटिश पाउंड है. यानी 9 महीने के लिए 288 ब्रिटिश पाउंड की बढ़ोतरी होगी.&amp;nbsp;
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ट्यूशन फीस से अलग होगा यह फंड&amp;nbsp;
स्टूडेंट वीजा के तहत मेंटेनेंस फंड का उद्देश्य यह दिखाना है कि छात्र यूके में रहते हुए अपना खर्च उठा सकता है. यह रकम ट्यूशन फीस, वीजा फीस और इमीग्रेशन हेल्थ चार्ट से अलग होगी. छात्रों को आमतौर पर अपने कोर्स की अवधि के हिसाब से रहने का खर्च दिखाना होता है, लेकिन इसकी अधिकतम सीमा 9 महीने है. अगर कोई कोर्स 9 महीने से कम का है, तो संबंधित अवधि के लिए रकम दिखानी होगी. कुछ मामलों में कंफर्मेशन और एक्सेप्टेंस फॉर स्टडीज में बकाया ट्यूशन फीस के लिए भी राशि दिखानी पड़ सकती है.&amp;nbsp;
30 नवंबर की तारीख है जरूरी&amp;nbsp;
नए और पुराने नियमों के बीच तारीख का अंतर जरूरी है. 30 नवंबर 2026 को पहले जमा किए गए आवेदन 29 नवंबर को लागू इमीग्रेशन रूल के तहत देखे जाएंगे. वहीं 30 नवंबर या उसके बाद किए गए आवेदन पर नए मेंटेनेंस रिक्वायरमेंट लागू होगी. यूके होम ऑफिस के अनुसार यह बढ़ोतरी 2026-27 के लिए यूके के घरेलू छात्रों को उपलब्ध मेंटेनेंस लोन के स्तर के अनुरूप की गई है. इस राशि की सालाना समीक्षा डिपार्टमेंट फॉर एजुकेशन करता है. होम ऑफिस ने कहा कि यह वार्षिक बढ़ोतरी पहले ही तय किए गए उन उपायों का हिस्सा थी, जिनका उद्देश्य स्टूडेंट रूट के दुरुपयोग से निपटना है.
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        <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 14:30:20 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>जानिए 125 साल पुराने बिहार के उस स्कूल के बारे में, जहां से पढ़े हैं कई MP&amp;MLAs</title>
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        <description><![CDATA[ जानिए 125 साल पुराने बिहार के उस स्कूल के बारे में, जहां से पढ़े हैं कई MP-MLAs ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 14:30:18 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>बिहार में MBBS की 100 सीटें बढ़ीं, इन 2 मेडिकल कॉलेजों को मिली मंजूरी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/बिहार-में-mbbs-की-100-सीटें-बढ़ीं-इन-2-मेडिकल-कॉलेजों-को-मिली-मंजूरी</link>
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        <description><![CDATA[ बिहार में मेडिकल की पढ़ाई करने की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए अच्छी खबर सामने आई है. राज्य में MBBS की 100 नई सीटें जुड़ने जा रही हैं. नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने बिहार के दो नए मेडिकल कॉलेजों को MBBS कोर्स शुरू करने की मंजूरी दी है. इन दोनों कॉलेजों में फिलहाल 50-50 सीटों पर एडमिशन&amp;nbsp; दिया जाएगा. इससे बिहार में मेडिकल की पढ़ाई के लिए छात्रों के पास पहले के मुकाबले ज्यादा विकल्प होंगे. खासकर छपरा और समस्तीपुर के आसपास के छात्रों को इसका फायदा मिल सकता है.
छपरा और समस्तीपुर में खुलेगा MBBS का रास्ता
NMC ने सरकारी मेडिकल कॉलेज, छपरा और श्री राम जानकी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, समस्तीपुर को MBBS की पढ़ाई शुरू करने की अनुमति दी है. दोनों संस्थानों में शुरुआती तौर पर 50-50 सीटें रखी गई हैं. यानी दोनों कॉलेज मिलकर इस सत्र में कुल 100 छात्रों को MBBS में दाखिला दे सकेंगे. नए कॉलेजों के शुरू होने से बिहार में मेडिकल शिक्षा का दायरा और बढ़ेगा.
&amp;nbsp;2026-27 सत्र से मिलेगा दाखिला
इन दोनों कॉलेजों में 2026-27 शैक्षणिक सत्र से MBBS की पढ़ाई शुरू करने की योजना है. मेडिकल में दाखिला लेने वाले छात्रों को इन सीटों का फायदा NEET UG के बाद होने वाली काउंसलिंग में मिलेगा. हालांकि किस कॉलेज में कितनी सीटें उपलब्ध होंगी और काउंसलिंग का पूरा प्रोसेस क्या रहेगा, इसकी जानकारी संबंधित आधिकारिक प्रक्रिया के दौरान सामने आएगी.
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&amp;nbsp;पहले 100 सीटों की मांगी गई थी अनुमति
दोनों मेडिकल कॉलेजों की ओर से 100-100 MBBS सीटों के लिए अनुमति मांगी गई थी. फिलहाल NMC ने दोनों को 50-50 सीटों के साथ शुरुआत करने की मंजूरी दी है. इसका मतलब है कि आगे कॉलेजों में सुविधाएं और जरूरी मानक पूरे होने पर सीटों की संख्या बढ़ाने का रास्ता खुल सकता है. अभी छात्रों के लिए सबसे अहम बात यही है कि दोनों जगह MBBS की 50-50 सीटें उपलब्ध होंगी.
छात्रों को क्या फायदा होगा?
मेडिकल की सीट बढ़ने का सीधा फायदा उन छात्रों को मिल सकता है जो NEET UG के जरिए MBBS में जगह बनाने की कोशिश कर रहे हैं. बिहार के छात्रों को अब राज्य में ही मेडिकल कॉलेजों के ज्यादा विकल्प मिलेंगे. इसके अलावा नए कॉलेजों में पढ़ाई और अस्पताल की सुविधाएं विकसित होने से आसपास के क्षेत्रों में इलाज की सुविधा भी बेहतर हो सकती है. इससे मेडिकल शिक्षा के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को भी बढ़ावा मिलेगा.
बिहार में मेडिकल शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा
नए मेडिकल कॉलेज शुरू होने से सिर्फ 100 छात्रों को MBBS पढ़ने का मौका नहीं मिलेगा, बल्कि आने वाले समय में इन संस्थानों का विस्तार भी हो सकता है. मेडिकल कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्र आगे चलकर डॉक्टर बनकर स्वास्थ्य सेवाओं का हिस्सा बनेंगे. ऐसे में बिहार में नए मेडिकल कॉलेजों की शुरुआत राज्य की मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था दोनों के लिए महत्वपूर्ण कदम मानी जा सकती है. फिलहाल छपरा और समस्तीपुर में 100 नई MBBS सीटों की मंजूरी इस दिशा में एक बड़ा अपडेट है.
यह भी पढ़े :&amp;nbsp;इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में PhD एडमिशन शुरू, 959 सीटों के लिए 25 सितंबर तक आवेदन ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 14:30:15 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Roti Dough: आटा गूंथकर फ्रिज में रखते हैं, कितने घंटे बाद तक इस्तेमाल करना सही?</title>
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        <description><![CDATA[ How To Store Kneaded Dough In Fridge: भारतीय घरों में आटा पहले से गूंथकर फ्रिज में रख देना कोई नई बात नहीं है. खासकर सुबह के समय जल्दी होती है, तो रात में आटा गूंथकर रख देने से रोटी या पराठे बनाना काफी आसान हो जाता है. इससे समय भी बचता है और सुबह-सुबह आटा गूंथने की मेहनत भी नहीं करनी पड़ती.
लेकिन अक्सर लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि फ्रिज में रखा हुआ गूंथा आटा आखिर कितने समय तक इस्तेमाल करना सही है. क्या रात में गूंथा हुआ आटा अगली सुबह तक ठीक रहता है या इसे कुछ घंटों के अंदर ही इस्तेमाल कर लेना चाहिए? साथ ही, क्या फ्रिज में रखने से आटे की ताजगी या क्वालिटी पर असर पड़ता है? अगर आप भी आटा पहले से गूंथकर रखते हैं, तो इसे सही तरीके से स्टोर करना और इस्तेमाल करने से पहले उसकी स्थिति जांचना जरूरी है.
क्या गूंथा हुआ आटा फ्रिज में रखना सही है?
गूंथे हुए आटे को फ्रिज में रखा जा सकता है. इसे फ्रिज में रखने से खराब होने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है और आटा कुछ समय तक इस्तेमाल करने लायक बना रहता है. हालांकि, आटे को बिना ढके या खुले बर्तन में फ्रिज में रखना सही तरीका नहीं है. इससे आटे की ऊपरी सतह सूख सकती है और उसमें फ्रिज में रखी दूसरी चीजों की गंध भी आ सकती है. अगर आपने रात में आटा गूंथकर फ्रिज में रखा है, तो आमतौर पर अगले दिन इस्तेमाल किया जा सकता है. लेकिन अगर आटा 24 घंटे से ज्यादा पुराना हो गया है, तो इस्तेमाल करने से पहले उसकी गंध, रंग और बनावट जरूर जांच लें.

फ्रिज से निकालते ही रोटी न बनाएं
फ्रिज में रखा आटा ठंडा और थोड़ा सख्त हो जाता है. इसलिए इसे निकालते ही बेलने की कोशिश करने पर आटा आसानी से नहीं फैलेगा और रोटी बनाने में ज्यादा मेहनत लग सकती है. बेहतर होगा कि आटे को रोटी बनाने से करीब 15 से 20 मिनट पहले फ्रिज से निकालकर सामान्य तापमान पर आने दें. इससे आटा थोड़ा नरम हो जाएगा और उसे बेलना आसान रहेगा.
कैसे पहचानें कि आटा खराब हो गया है?
अगर गूंथा हुआ आटा 24 घंटे से ज्यादा समय से फ्रिज में रखा है, तो इस्तेमाल करने से पहले उसे ध्यान से जांचना जरूरी है. सबसे पहले आटे को थोड़ा हाथ से दबाकर देखें. अगर उसकी बनावट सामान्य है और वह जरूरत से ज्यादा चिपचिपा या लिसलिसा नहीं हुआ है, तो यह एक अच्छा संकेत है. लेकिन अगर आटा बहुत ज्यादा चिपचिपा या स्लाइमी महसूस हो, तो उसे इस्तेमाल करने से बचें. इसके बाद आटे को सूंघकर देखें. अगर उसमें सामान्य आटे जैसी गंध के बजाय खट्टी या अजीब गंध आ रही है, तो उसे फेंक देना बेहतर है.

आटे पर काले, हरे या सफेद रंग के फफूंद जैसे धब्बे दिखाई दें, तो इसे बिल्कुल इस्तेमाल न करें. इसी तरह आटे को खींचने पर अगर उसमें असामान्य रूप से पतले धागे जैसी लचक दिखाई दे, तो यह भी खराब होने का संकेत हो सकता है. ऐसी स्थिति में सिर्फ ऊपर का हिस्सा हटाकर नीचे का आटा इस्तेमाल करने की कोशिश न करें.
आटा ज्यादा समय तक फ्रेश रखने के लिए ये तरीके अपनाएं
गूंथते समय आटे में थोड़ा तेल या घी मिला सकते हैं. इससे आटा नरम बना रहता है और फ्रिज में रखने के बाद बहुत जल्दी सूखता नहीं है. आटा गूंथने के बाद उसे किसी एयरटाइट कंटेनर में रखें. अगर कंटेनर इस्तेमाल नहीं करना चाहते हैं, तो आटे को अच्छी तरह फूड रैप या एल्युमिनियम फॉयल से ढक सकते हैं. ध्यान रखें कि आटे की सतह हवा के सीधे संपर्क में न रहे.
आप चाहें तो जिप लॉक बैग का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. आटे को बैग में डालने के बाद जितनी हो सके उतनी अतिरिक्त हवा निकालकर बैग को अच्छी तरह बंद कर दें. इससे आटा सूखने से बच सकता है. अगर आटे को कंटेनर में रख रहे हैं, तो ढक्कन अच्छी तरह बंद होना चाहिए. आटे को खुले कटोरे में रखकर फ्रिज में रखने से उसकी सतह जल्दी सख्त हो सकती है.
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कितने घंटे के अंदर इस्तेमाल करना बेहतर है?
अगर आप सुविधा के लिए रात में आटा गूंथकर अगले दिन सुबह रोटियां बनाते हैं, तो इसे फ्रिज में सही तरीके से ढककर रखना एक आसान तरीका है. सामान्य तौर पर 24 घंटे के अंदर इस्तेमाल करना बेहतर माना जाता है. लेकिन सिर्फ समय देखकर यह तय नहीं करना चाहिए कि आटा खाने लायक है या नहीं. फ्रिज का तापमान, आटे को कितनी साफ-सफाई से तैयार किया गया था और उसे किस तरह स्टोर किया गया, इन सभी चीजों का असर पड़ता है.
इसलिए 24 घंटे के बाद आटा इस्तेमाल करने से पहले उसकी गंध, रंग और बनावट जरूर जांचें. अगर इनमें कोई असामान्य बदलाव नजर आए, तो जोखिम लेने के बजाय उसे फेंक देना ही बेहतर है. सबसे आसान तरीका यही है कि जरूरत के हिसाब से आटा गूंथें और अगर पहले से तैयार करना हो, तो उसे अच्छी तरह ढककर तुरंत फ्रिज में रखें. इस तरह अगली सुबह रोटी या पराठे बनाना भी आसान रहेगा और आटे की क्वालिटी भी बेहतर बनी रहेगी.
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        <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 13:30:13 +0530</pubDate>
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        <title>Coconut Storage Tips: काटा हुआ नारियल महीनों नहीं होगा खराब! जान लें स्टोर करने का तरीका</title>
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        <description><![CDATA[ Easy Ways To Keep Cut Coconut Fresh For Days: नारियल का इस्तेमाल मिठाई से लेकर सब्जी, चटनी और कई तरह की डिशेज में किया जाता है. ताजा नारियल स्वाद के साथ-साथ नारियल पानी और कई पोषक तत्वों के लिए भी पसंद किया जाता है. लेकिन इसकी एक परेशानी यह है कि नारियल काटने के बाद ज्यादा दिनों तक फ्रेश रखना आसान नहीं होता. कुछ ही समय में इसका स्वाद और खुशबू बदलने लगती है और सही तरीके से स्टोर न किया जाए तो यह खराब भी हो सकता है.
दरअसल, ताजे नारियल में पानी और प्राकृतिक शुगर की मात्रा काफी होती है. काटने के बाद जब इसका अंदरूनी हिस्सा हवा के संपर्क में आता है, तो इसमें ऑक्सीडेशन शुरू हो सकता है और गर्म वातावरण में बैक्टीरिया तेजी से बढ़ सकते हैं. यही वजह है कि पूरा नारियल और काटा हुआ नारियल अलग-अलग तरीके से स्टोर करना चाहिए. अगर आप नारियल को एक बार काटने के बाद कई दिनों तक इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो इन आसान तरीकों को आजमा सकते हैं.
पूरा नारियल कैसे रखें?
अगर नारियल अभी तक काटा नहीं गया है, तो इसे कुछ समय तक कमरे के तापमान पर भी रखा जा सकता है. इसके लिए नारियल को ऐसी जगह रखें जो ठंडी, सूखी और हवादार हो. इसे सीधे धूप या ज्यादा नमी वाली जगह पर रखने से बचें. ठंडे मौसम में पूरा नारियल करीब एक से दो हफ्ते तक ठीक रह सकता है, जबकि गर्म या उमस वाले मौसम में इसकी शेल्फ लाइफ कम हो सकती है.

अगर आप इसे ज्यादा समय तक रखना चाहते हैं, तो फ्रिज बेहतर विकल्प है. पूरे नारियल को फ्रिज के क्रिस्पर ड्रॉअर में रखा जा सकता है. ठंडा तापमान इसके खराब होने की प्रक्रिया को धीमा करने में मदद करता है और यह कई हफ्तों तक चल सकता है. एक आसान तरीका यह भी है कि नारियल खरीदते समय या स्टोर करने से पहले उसे हल्का हिलाकर देखें. अगर अंदर नारियल पानी की आवाज सुनाई देती है, तो यह ताजगी का एक संकेत हो सकता है.
काटे हुए नारियल को ऐसे रखें
एक बार नारियल काट दिया जाए, तो उसे बाहर रखने के बजाय जल्द से जल्द फ्रिज में रखना बेहतर है. सबसे पहले नारियल के सफेद गूदे को खोल से अलग कर लें. अगर उसे धोना जरूरी हो, तो साफ पानी से जल्दी से धोकर अच्छी तरह सुखा लें. इसके बाद नारियल के टुकड़ों को एक साफ और एयरटाइट कंटेनर में रखें और कंटेनर को तुरंत फ्रिज में रख दें. नारियल को खुला छोड़ने से उसमें मौजूद नमी और हवा के संपर्क की वजह से वह जल्दी खराब हो सकता है. सही तरीके से पैक करके रखा गया काटा हुआ नारियल आमतौर पर कुछ दिनों तक इस्तेमाल किया जा सकता है. हालांकि, इस्तेमाल करने से पहले उसकी गंध, रंग और बनावट जरूर जांच लें.

नारियल पानी को भी ऐसे बचाएं
अगर नारियल काटने के बाद उसका पानी बच गया है, तो उसे भी कमरे के तापमान पर छोड़ना ठीक नहीं है. नारियल पानी को किसी साफ, ढक्कन वाले कांच के बोतल या कंटेनर में डालकर तुरंत फ्रिज में रखें. इसे ज्यादा दिनों तक स्टोर करने के बजाय जल्द इस्तेमाल करना बेहतर है. अगर नारियल पानी में खट्टी या अजीब गंध आने लगे या उसमें बुलबुले और फिजी जैसा टेक्सचर दिखाई दे, तो इसे पीने से बचें. ये खराब होने के संकेत हो सकते हैं.
ज्यादा दिनों के लिए फ्रीजर का इस्तेमाल करें
अगर आपके पास नारियल ज्यादा मात्रा में है और आप उसे लंबे समय तक बचाकर रखना चाहते हैं, तो फ्रीज करना सबसे आसान विकल्पों में से एक है. नारियल के सफेद गूदे को छोटे टुकड़ों में काट लें या कद्दूकस कर लें. फिर इसे फ्रीजर-सेफ बैग या एयरटाइट कंटेनर में डालें. कोशिश करें कि पैकेट में ज्यादा हवा न रहे. बैग या कंटेनर पर स्टोरेज की तारीख लिखना भी अच्छा रहेगा.
फ्रीजर में रखा नारियल कई महीनों तक इस्तेमाल किया जा सकता है. हालांकि, फ्रीज करने के बाद इसके स्वाद और टेक्सचर में थोड़ा बदलाव आ सकता है. कद्दूकस किया हुआ नारियल स्मूदी, मिठाई और खाना बनाने में आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है. नारियल पानी को भी आइस क्यूब ट्रे में डालकर फ्रीज किया जा सकता है. जमने के बाद इन क्यूब्स को सीलबंद फ्रीजर बैग में रख दें. ये स्मूदी या खाना बनाने के लिए काम आ सकते हैं.
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खराब नारियल की पहचान कैसे करें?
स्टोर करने के बाद नारियल इस्तेमाल करने से पहले उसे ध्यान से देख लें. अगर उसमें खट्टी या सड़ी हुई गंध आ रही है, गूदा चिपचिपा या बहुत नरम हो गया है, रंग पीला, ग्रे या काला पड़ने लगा है या कहीं फफूंद दिखाई दे रही है, तो उसे इस्तेमाल न करें. कड़वा या अजीब स्वाद भी खराब होने का संकेत हो सकता है. ऐसे नारियल को बचाने या उसका खराब हिस्सा हटाकर बाकी खाने की कोशिश करने के बजाय पूरा नारियल फेंक देना बेहतर है.
ये गलतियां न करें
काटे हुए नारियल को कई घंटों तक कमरे के तापमान पर छोड़ना, कंटेनर को ठीक से बंद न करना, गंदे चम्मच या चाकू का इस्तेमाल करना और काटने के बाद फ्रिज में रखने में देर करना इसकी ताजगी जल्दी खत्म कर सकता है. नारियल को दूसरी खराब हो चुकी चीजों के साथ रखने से भी बचें. साथ ही, इसे तेज गंध वाली चीजों से दूर रखें, क्योंकि नारियल आसपास के खाने की गंध आसानी से सोख सकता है.
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        <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 13:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>वियतनाम का Love Market, साल में एक बार &amp;apos;एक्स&amp;apos; से मिलने आते हैं बिछड़े प्रेमी</title>
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        <description><![CDATA[ दुनिया में प्यार को लेकर अलग-अलग तरह की परंपराएं देखने को मिलती हैं, लेकिन वियतनाम का खाऊ वाई लव मार्केट अपनी अनोखी पहचान के लिए जाना जाता है. यह कोई सामान्य बाजार नहीं, जहां लोग सामान खरीदारी के लिए पहुंचते हों. यहां भावनाएं, पुरानी यादें और स्थानीय संस्कृति एक साथ दिखाई देती हैं. साल में एक बार होने वाले इस आयोजन में ऐसे लोग भी पहुंचते हैं, जिनके रास्ते कभी अलग हो चुके हैं.
यह अनोखा आयोजन उत्तरी वियतनाम के हा जियांग क्षेत्र में होता है. यहां अलग-अलग स्थानीय समुदायों के लोग जुटते हैं. इस जगह की सबसे खास बात यह है कि यहां पुराने प्रेमी एक-दूसरे से मुलाकात करते हैं, बातचीत करते हैं और बीते रिश्ते की यादों को साझा करते हैं. वियतनाम में इस मुलाकात को सामाजिक और सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा माना जाता है.
एक अधूरी प्रेम कहानी से शुरू हुई परंपरा
खाऊ वाई लव मार्केट के पीछे एक पुरानी लोककथा बताई जाती है. कहानी दो अलग जातीय समुदायों से जुड़े युवक-युवती की है, जिनके बीच प्रेम तो हुआ, लेकिन पारिवारिक और सामाजिक परिस्थितियों के कारण उनका विवाह नहीं हो सका. कहा जाता है कि अलग होने से पहले दोनों ने तय किया कि वे साल में एक दिन खाऊ वाई में जरूर मिलेंगे. आज भी इस कहानी को इस आयोजन की सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ा जाता है.
यहां सिर्फ पुराने प्रेमी ही नहीं आते
जगह का नाम भले ही Love Market है, लेकिन यहा केवल पूर्व प्रेमी जोड़े नहीं आते बल्कि विवाहित लोग भी संभावित जीवनसाथी की तलाश में पहुंचते हैं. कई विवाहित लोग और परिवार भी उत्सव में हिस्सा लेते हैं. यानी यह आयोजन रिश्तों की एक ही परिभाषा तक सीमित नहीं है. किसी के लिए यह पुराने साथी से मिलने का अवसर है, तो किसी के लिए नए रिश्ते की शुरुआत की जगह. वहीं स्थानीय लोगों के लिए यह उनकी सांस्कृतिक पहचान और सामुदायिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है.
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कब होता है आयोजन?
यह आयोजन चंद्र कैलेंडर के अनुसार तीसरे चंद्र महीने की 27वीं तारीख को आयोजित किया जाता है, जो आमतौर पर अप्रैल या मई के आसपास आती है. तारीख हर साल सामान्य कैलेंडर में बदलती है. यहां मुलाकात का मकसद जरूरी नहीं कि पुराने रिश्ते को फिर से शुरू करना हो. कई लोगों के लिए यह अतीत को स्वीकार करने, पुरानी यादों को सम्मान देने और फिर अपनी जिंदगी में लौट जाने का अवसर माना जाता है.
2021 में मिली सांस्कृतिक पहचान
खाऊ वाई की इस परंपरा को 2021 में वियतनाम के संस्कृति मंत्रालय की ओर से राष्ट्रीय अमूर्त सांस्कृतिक विरासत के रूप में मान्यता दी गई. इससे इस आयोजन की सांस्कृतिक अहमियत को आधिकारिक पहचान मिली. खाऊ वाई लव मार्केट की परंपरा यह दिखाती है कि किसी पुराने रिश्ते को याद करना हमेशा उसे वापस पाने की कोशिश नहीं होता. कभी-कभी अतीत से मिलना सिर्फ उसे स्वीकार करने और मुस्कुराकर आगे बढ़ने का तरीका भी होता है.
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        <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 13:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Kumbh Rashifal 6 September 2026: 5वें चंद्रमा से पढ़ाई में तेज होगी स्मरण शक्ति, सिद्धि व लक्ष्मी योग से कुंभ राशि की बढ़ेगी पैसों की आवक</title>
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        <description><![CDATA[ Aaj Ka Kumbh Rashifal 6 September 2026: 6 सितंबर 2026, रविवार के दिन शाम 07:30 बजे तक भाद्रपद कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि रहेगी, जिसके बाद एकादशी तिथि आरंभ होगी. प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित सुरेश श्रीमाली के पंचांगीय विश्लेषण के अनुसार आज शाम 07:53 बजे तक आर्द्रा नक्षत्र रहेगा, उसके उपरांत पुनर्वसु नक्षत्र आरंभ होगा. आज ग्रहों के गोचर से बनने वाले वाशि योग, आनन्दादि योग, सुनफा योग, बुधादित्य योग, लक्ष्मी योग और सिद्धि योग का विशेष शुभ प्रभाव मिलेगा.
चंद्रमा आज पूरे दिन आपकी राशि से 5वें भाव (पंचम भाव यानी तीव्र बुद्धि, स्मरण शक्ति, संतान, शोध, रचनात्मक प्रतिभा व आकस्मिक धन लाभ स्थान) में संचार करेंगे (मिथुन राशि में गोचर करेंगे). 5वें चंद्रमा के शुभ प्रभाव से आज विद्यार्थियों की स्मरण शक्ति (Memory Power) अत्यंत प्रखर रहेगी, जिससे पढ़ाई-लिखाई और प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतरीन प्रदर्शन देखने को मिलेगा. आज शुभ कार्यों के लिए दो शुभ मुहूर्त रहेंगे, पहला सुबह 10:15 से 12:15 बजे तक लाभ-अमृत का चौघड़िया तथा दूसरा दोपहर 02:00 से 03:00 बजे तक शुभ का चौघड़िया रहेगा. वहीं दोपहर 04:30 से 06:00 बजे तक राहुकाल रहेगा. आज पश्चिम दिशा की तरफ यात्रा करना शुभ रहेगा.
बिजनेस और फाइनेंस राशिफल (Business &amp;amp; Finance)
व्यापारिक दृष्टि से आज का दिन कुंभ राशि के जातकों के लिए धन प्रवाह बढ़ाने और भविष्य के लिए सुरक्षित निवेश की नींव रखने का रहेगा. सिद्धि योग और लक्ष्मी योग के शुभ निर्माण से बिजनेस में पैसों की आवक निरंतर बढ़ती हुई नजर आ रही है. आपकी कुल आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार होने की पूरी संभावना है. आपके द्वारा नए और सुरक्षित माध्यमों में पूंजी निवेश (Investment) करने के प्रयास तेज किए जाएंगे; इस निवेश के दम पर आप खुद को आर्थिक रूप से दीर्घकाल तक स्थिर और मजबूत बनाने में सफल होंगे. हालांकि, जो जातक विदेशी व्यापार, इंपोर्ट-एक्सपोर्ट या फॉरेन डीलिंग (Foreign Business) से जुड़े हैं, उन्हें संबंधित देशों की बदलती विदेश नीतियों, नियमों या टैरिफ के चलते कुछ तकनीकी परेशानियों और अड़चनों का सामना करना पड़ सकता है; इसलिए अंतरराष्ट्रीय सौदों में फूंक-फूंक कर कदम रखें.
करियर और जॉब राशिफल (Career &amp;amp; Job)
नौकरीपेशा जातकों के लिए आज का दिन शोधपरक जिम्मेदारियों को संभालने और करियर में नई गति पाने का रहेगा. आप ऑफिस की मुख्य गतिविधियों के प्रति स्वाभाविक रूप से आकर्षित होंगे और प्रबंधन द्वारा आपको कुछ नई व महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां भी सौंपी जा सकती हैं. वर्कप्लेस पर पिछले कुछ समय से आ रही अड़चनें, उलझनें और मुश्किलें अब धीरे-धीरे दूर होने लगेंगी. व्यर्थ की चिंताओं में सोचने और समय गंवाने के बजाय केवल अपने कर्म और काम पर अधिक ध्यान केंद्रित करें; स्थितियां स्वतः ही आपके पक्ष में मुड़ जाएंगी. आपकी विश्लेषण क्षमता को देखते हुए बॉस द्वारा आपको किसी नए प्रोजेक्ट के रिसर्च (अनुसंधान) या डेटा एनालिसिस के काम में लगाया जा सकता है, जिसे आप सफलतापूर्वक पूरा करेंगे.
लव, फैमिली और रिलेशनशिप (Love &amp;amp; Family)
पारिवारिक और प्रेम जीवन के लिहाज से आज का दिन मिले-जुले प्रभाव वाला रहेगा. आपका पारिवारिक जीवन कुल मिलाकर शांतिपूर्ण, स्थिर और सौहार्दपूर्ण बना रहेगा. हालांकि, लव लाइफ में साथी के साथ किसी बात को लेकर हल्के तनाव या मतभेद की कुछ संभावना बन सकती है; शांत रहकर बातचीत से स्थिति संभालें. इसके साथ ही, परिवार में किसी बेहद खास सदस्य की सेहत में अचानक गिरावट आ सकती है, इसलिए उनकी सेहत का पूरा ध्यान रखना और डॉक्टरी परामर्श लेना आपकी प्राथमिकता होनी चाहिए.
शिक्षा, स्पोर्ट्स और आर्टिस्ट राशिफल (Education &amp;amp; Sports)
कलाकारों, खिलाड़ियों और विद्यार्थियों (Artists, Sports Persons &amp;amp; Students) के लिए आज का दिन पूरी तरह एक सकारात्मक और प्रेरणादायी दिन सिद्ध होगा. 5वें चंद्रमा के कारण छात्रों की याददाश्त तेज रहेगी, जिससे जटिल विषय भी आसानी से कंठस्थ हो जाएंगे. कलाकार अपनी नई कृतियों में मौलिकता लाएंगे और खिलाड़ी अपने अभ्यास में सकारात्मक प्रगति दर्ज करेंगे.
स्वास्थ्य राशिफल (Health Horoscope)
पंचम भाव में चंद्रमा के संचरण से आपकी मानसिक एकाग्रता और बौद्धिक ऊर्जा उच्च स्तर पर रहेगी. लव लाइफ का तनाव या परिवार के किसी सदस्य की बीमारी के कारण मन में हल्की चिंता रह सकती है. मानसिक शांति के लिए ध्यान (Meditation) करें, भरपूर मात्रा में पानी पिएं, नियमित रूप से योग व प्राणायाम का अभ्यास करें और हल्का व सुपाच्य भोजन ग्रहण करें.
शुभ रंग: ग्रे (स्लेटी)
शुभ अंक: 2
अशुभ अंक: 7
आज का उपाय: रविवार के पावन अवसर पर तांबे के लोटे में शुद्ध जल, अक्षत, रोली और लाल पुष्प डालकर &#039;ॐ घृणिः सूर्याय नमः&#039; और &#039;ॐ आदित्याय नमः&#039; मंत्र का जाप करते हुए भगवान सूर्य देव को अर्घ्य दें. शिवलिंग पर जल में कच्चा दूध, काले तिल, शहद व गंगाजल मिलाकर &#039;ॐ नमः शिवाय&#039; और &#039;ॐ शं शनैश्चराय नमः&#039; मंत्र का जाप करते हुए अभिषेक करें. पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक प्रज्वलित करें. किसी जरूरतमंद को फल, भोजन या अन्न का दान करें; इससे 5वें चंद्रमा का पूर्ण शुभ फल मिलेगा, सिद्धि व लक्ष्मी योग से पैसों की आवक बढ़ेगी, रिसर्च कार्यों में सफलता मिलेगी और स्मरण शक्ति प्रखर होगी.
FAQs&amp;nbsp;
Q1. 6 सितंबर 2026 को कुंभ राशि के कारोबारियों को सिद्धि व लक्ष्मी योग से क्या आर्थिक लाभ होगा? Ans. बिजनेस में पैसों की आवक बढ़ेगी, आर्थिक स्थिति सुधरेगी और पूंजी निवेश के प्रयासों से भविष्य में वित्तीय स्थिरता हासिल होगी.
Q2. आज कुंभ राशि के नौकरीपेशा लोगों को दफ्तर में क्या नई भूमिका मिल सकती है? Ans. वर्कप्लेस की रुकावटें दूर होंगी, नई जिम्मेदारियां मिलेंगी और बॉस द्वारा किसी महत्वपूर्ण रिसर्च या एनालिसिस के कार्य में लगाया जा सकता है.
Q3. आज कुंभ राशि के विद्यार्थियों के लिए 5वें भाव का चंद्रमा  ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 12:30:19 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Kumbh, Rashifal, September, 2026:, 5वें, चंद्रमा, से, पढ़ाई, में, तेज, होगी, स्मरण, शक्ति, सिद्धि, व, लक्ष्मी, योग, से, कुंभ, राशि, की, बढ़ेगी, पैसों, की, आवक</media:keywords>
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        <title>Meen Rashifal 6 September 2026: 4थे चंद्रमा से माता से अनबन से बचें, वर्कप्लेस पर करीबी डाल सकते हैं बाधा, आलस्य से टलेंगे ऑर्डर्स</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/meen-rashifal-6-september-2026-4थे-चंद्रमा-से-माता-से-अनबन-से-बचें-वर्कप्लेस-पर-करीबी-डाल-सकते-हैं-बाधा-आलस्य-से-टलेंगे-ऑर्डर्स</link>
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        <description><![CDATA[ Aaj Ka Meen Rashifal 6 September 2026: 6 सितंबर 2026, रविवार के दिन शाम 07:30 बजे तक भाद्रपद कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि रहेगी, जिसके बाद एकादशी तिथि आरंभ होगी. प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित सुरेश श्रीमाली के पंचांगीय विश्लेषण के अनुसार आज शाम 07:53 बजे तक आर्द्रा नक्षत्र रहेगा, उसके उपरांत पुनर्वसु नक्षत्र आरंभ होगा. आज ग्रहों के गोचर से बनने वाले वाशि योग, आनन्दादि योग, सुनफा योग, बुधादित्य योग, लक्ष्मी योग और सिद्धि योग का प्रभाव रहेगा.
चंद्रमा आज पूरे दिन आपकी राशि से 4थे भाव (चतुर्थ भाव यानी माता, घरेलू सुख-शांति, आंतरिक मन, कार्यस्थल की नींव व मानसिक स्थिरता स्थान) में संचार करेंगे (मिथुन राशि में गोचर करेंगे). 4थे चंद्रमा के प्रभाव से आज घरेलू मोर्चे पर विशेषकर माता के साथ किसी बात को लेकर अनबन या वैचारिक मतभेद होने की आशंका है, इसलिए वाणी में अत्यधिक विनम्रता रखें. आज शुभ कार्यों के लिए दो शुभ मुहूर्त रहेंगे, पहला सुबह 10:15 से 12:15 बजे तक लाभ-अमृत का चौघड़िया तथा दूसरा दोपहर 02:00 से 03:00 बजे तक शुभ का चौघड़िया रहेगा. वहीं दोपहर 04:30 से 06:00 बजे तक राहुकाल रहेगा. आज पश्चिम दिशा की तरफ यात्रा करना शुभ रहेगा.
बिजनेस और फाइनेंस राशिफल (Business &amp;amp; Finance)
व्यापारिक दृष्टि से आज मीन राशि के जातकों को बहुत संभलकर चलने, आलस्य त्यागने और विवादों से दूर रहने की आवश्यकता है. बिजनेसमैन अपने व्यापार के हितों को ध्यान में रखते हुए मार्केट में बिना मतलब किसी से भी न उलझें; व्यर्थ की कहासुनी आपकी साख बिगाड़ सकती है. किसी भी क्लाइंट या पार्टनर के साथ मीटिंग के दौरान अपने स्वभाव में पूर्ण सौम्यता और ठहराव रखें, क्योंकि कार्यस्थल आपकी कर्मभूमि है और वहां का अनुशासन ही आपको आगे बढ़ाएगा. ग्रह गोचर विपरीत होने के कारण बिजनेसमैन पर अचानक आलस्य और सुस्ती हावी होने की संभावना है, जिससे आपके महत्वपूर्ण ऑर्डर्स डिले (लेट) हो सकते हैं. कर्मचारियों (Staff/Employees) की अचानक बढ़ती मांगों या असंतोष के चलते काम समय पर पूरा न हो पाने से आपको आर्थिक नुकसान (Loss) का सामना करना पड़ सकता है.
करियर और जॉब राशिफल (Career &amp;amp; Job)
नौकरीपेशा जातकों और अधिकारियों के लिए आज का दिन चुनौतियों और सतर्कता भरा रहेगा. वर्कप्लेस पर आपके अपने ही नजदीकी लोग आपके काम में गुप्त रूप से बाधा डाल सकते हैं, जिससे आप दिनभर मानसिक तनाव और उलझन में रहेंगे. कार्यक्षेत्र में कामकाज में असफलता या देरी मिलने के योग बन रहे हैं; विशेष रूप से प्रशासनिक पदों पर आसीन अधिकारियों (Administrative Officers) के लिए यह दिन कुछ अशुभ या परेशानी भरा रह सकता है, इसलिए किसी भी आधिकारिक फाइल पर बिना पूरी जांच-पड़ताल के हस्ताक्षर न करें.
लव, फैमिली और रिलेशनशिप (Love &amp;amp; Family)
पारिवारिक और प्रेम जीवन के लिहाज से 4थे चंद्रमा का गोचर भावनात्मक खालीपन दर्शा रहा है. दांपत्य जीवन में आप अपने जीवनसाथी (Life Partner) की दिल से मिलने वाली संगति और आत्मीयता की कमी महसूस करेंगे, जिससे मन थोड़ा उदास रह सकता है. एक कड़वा सच यह भी समझें कि आपके सभी करीबी वास्तव में दिल से आपके सच्चे दोस्त नहीं हैं; इसलिए किसी पर भी आंख मूंदकर विश्वास न करें, अच्छी तरह सोच-विचार के बाद ही किसी पर भरोसा करें. माता के साथ विवाद टालें और उनके स्वास्थ्य का ध्यान रखें.
शिक्षा, स्टूडेंट और करियर (Education &amp;amp; Students)
विद्यार्थियों (Students) के लिए आज का दिन स्वास्थ्य के लिहाज से अनुकूल नहीं है. छात्रों की सेहत अचानक गड़बड़ा सकती है; मौसमी बीमारियां, सिरदर्द या पेट की तकलीफ आपकी पढ़ाई में रुकावट डाल सकती है. अध्ययन के साथ-साथ अपने शरीर और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें.
स्वास्थ्य राशिफल (Health Horoscope)
चतुर्थ भाव में चंद्रमा के संचरण, पारिवारिक अनबन और कार्यस्थल की रुकावटों के कारण सीने में भारीपन, ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव या सिरदर्द हो सकता है. तनाव को खुद पर हावी न होने दें. नियमित रूप से प्राणायाम करें, भरपूर मात्रा में पानी पिएं, बाहर के खान-पान से पूरी तरह परहेज करें और हल्का व सुपाच्य सात्विक भोजन लें.
शुभ रंग: ब्राउन (भूरा)
शुभ अंक: 1
अशुभ अंक: 4
आज का उपाय: रविवार के पावन अवसर पर तांबे के लोटे में जल, अक्षत, रोली, लाल पुष्प व गुड़ डालकर &#039;ॐ घृणिः सूर्याय नमः&#039; और &#039;ॐ आदित्याय नमः&#039; मंत्र का जाप करते हुए भगवान सूर्य नारायण को अर्घ्य दें. शिवलिंग पर कच्चा दूध, शहद व गंगाजल मिलाकर &#039;ॐ नमः शिवाय&#039; और &#039;ॐ बृं बृहस्पतये नमः&#039; मंत्र का जाप करते हुए अभिषेक करें. माता के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद लें और किसी जरूरतमंद को फल, चने की दाल या भोजन का दान करें; इससे 4थे चंद्रमा के अशुभ प्रभाव शांत होंगे, माता से रिश्ते सुधरेंगे, वर्कप्लेस के अवरोध दूर होंगे और स्वास्थ्य में सुधार आएगा.
FAQs&amp;nbsp;
Q1. 6 सितंबर 2026 को मीन राशि के कारोबारियों को नुकसान से बचने के लिए क्या करना चाहिए? Ans. आलस्य का तुरंत त्याग करें ताकि ऑर्डर्स लेट न हों, बाजार में किसी से न उलझें और मीटिंग्स में सौम्यता बनाए रखें.
Q2. आज मीन राशि के प्रशासनिक अधिकारियों और नौकरीपेशा लोगों को क्या सावधानी रखनी है? Ans. अपने करीबी सहकर्मियों के अवरोधों से सावधान रहें, फाइलों की जांच गंभीरता से करें और तनाव से बचकर संयम से काम निपटाएं.
Q3. आज मीन राशि के विद्यार्थियों को किस बात पर विशेष ध्यान देना होगा? Ans. सेहत में अचानक गिरावट आने की संभावना है, इसलिए खान-पान और दिनचर्या पर सख्त ध्यान दें ताकि पढ़ाई प्रभावित न हो.
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें. ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 12:30:18 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>Meen, Rashifal, September, 2026:, 4थे, चंद्रमा, से, माता, से, अनबन, से, बचें, वर्कप्लेस, पर, करीबी, डाल, सकते, हैं, बाधा, आलस्य, से, टलेंगे, ऑर्डर्स</media:keywords>
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        <title>आज का राशिफल 6 सितंबर 2026: रविवार को चंद्रमा&amp;मंगल साथ, किसकी कमाई बढ़ेगी और किसका बजट बिगड़ेगा?</title>
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        <description><![CDATA[ Aaj Ka Rashifal: वैदिक पंचांग के अनुसार 6 सितंबर 2026, रविवार को भाद्रपद कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि है. चंद्रमा मिथुन राशि और आर्द्रा नक्षत्र में गोचर करेंगे, जहां मंगल के साथ उनकी युति बनेगी. ज्योतिष में चंद्रमा को मन और भावनाओं, मंगल को साहस एवं त्वरित कार्रवाई तथा मिथुन राशि को संवाद और व्यावसायिक समझ का कारक माना जाता है.
इसलिए इस संयोग का प्रभाव निर्णय लेने, बातचीत, लेन-देन और कार्यक्षेत्र की सक्रियता पर पड़ सकता है. हालांकि प्रत्येक राशि के लिए परिणाम एक जैसे नहीं होंगे, क्योंकि चंद्रमा-मंगल की यह युति अलग-अलग भावों में बनेगी.

मेष से मीन तक जानें 6 सितंबर का राशिफल, जिसमें करियर, आर्थिक स्थिति, पारिवारिक जीवन और स्वास्थ्य से जुड़े संभावित संकेतों का भावगत विश्लेषण किया गया है.
मेष राशि दैनिक राशिफल: 6 सितंबर 2026 (रविवार)
भाद्रपद कृष्ण पक्ष, दशमी तिथि को चंद्रमा का गोचर आपकी राशि से तीसरे भाव (मिथुन राशि) में लग्नेश मंगल के साथ हो रहा है. इसके प्रभाव से आपके साहस, निर्णय क्षमता और पराक्रम में वृद्धि होगी.
करियर और व्यवसाय (Career &amp;amp; Business)कार्यक्षेत्र में आपकी सक्रियता और संवाद शैली की सराहना होगी. मीडिया, आईटी, मार्केटिंग, डिजिटल कंटेंट और नेटवर्किंग से जुड़े जातकों के लिए आज का दिन विशेष रूप से उत्पादक रहेगा. सहकर्मियों का पूरा सहयोग मिलेगा तथा व्यापार के सिलसिले में की गई छोटी दूरी की यात्राएं नए अवसर लेकर आ सकती हैं.
यह भी पढ़ें- 6 सितंबर की रात 7:29 बजे लग जाएगी एकादशी, क्या उसी समय छोड़ना होगा अन्न?
आर्थिक स्थिति (Finance &amp;amp; Wealth)आर्थिक दृष्टिकोण से दिन संतुलित और सकारात्मक रहेगा. पुराने संपर्कों या पिछले किसी प्रयास के माध्यम से आकस्मिक लाभ के योग हैं. मंगल के प्रभाव से अति-उत्साह में आकर किसी जोखिम भरे निवेश या लेन-देन में जल्दबाजी न दिखाएं. वित्तीय मामलों में जरूरी निर्णय दोपहर 11:54 से 12:44 के अभिजीत मुहूर्त में लेना लाभकारी रहेगा.
पारिवारिक और प्रेम जीवन (Love &amp;amp; Family)छोटे भाई-बहनों और मित्रों के साथ संबंध मजबूत होंगे और उनकी ओर से कोई उत्साहजनक सहयोग मिल सकता है. वैवाहिक जीवन और प्रेम संबंधों में आपसी तालमेल बनाए रखने के लिए अपनी वाणी में सौम्यता रखें तथा किसी भी छोटी बात पर गलतफहमी पैदा होने से बचाएं.
स्वास्थ्य (Health &amp;amp; Wellness)शारीरिक ऊर्जा और स्फूर्ति का स्तर अच्छा बना रहेगा. दिनभर की अत्यधिक भागदौड़ और काम के दबाव की वजह से शाम के समय कंधों या गर्दन में हल्का खिंचाव महसूस हो सकता है, इसलिए पर्याप्त आराम लें और खान-पान में हल्का भोजन शामिल करें.
महत्वपूर्ण समय और उपायआज पश्चिम दिशा में दिशा शूल रहेगा. शाम 05:03 से 06:37 तक राहुकाल रहने के कारण इस दौरान कोई बड़ा नया कार्य शुरू करने से बचें. रविवार का दिन होने से तांबे के पात्र में रोली और अक्षत डालकर सूर्य देव को अर्घ्य देना विशेष फलदायी रहेगा.
शुभ रंग: गहरा लाल और केसरियाशुभ अंक: 9
वृषभ राशि दैनिक राशिफल: 6 सितंबर 2026 (रविवार)
भाद्रपद कृष्ण पक्ष, दशमी तिथि को चंद्रमा का गोचर आपकी राशि से द्वितीय भाव (धन व वाणी भाव - मिथुन राशि) में मंगल के साथ हो रहा है. इसके प्रभाव से आपके धन संचय और पारिवारिक प्रभाव में वृद्धि होगी.
करियर और व्यवसाय (Career &amp;amp; Business)कार्यक्षेत्र में आपकी बातचीत की शैली और वित्तीय समझ का सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा. बैंकिंग, फाइनेंस, कंसल्टिंग, खाद्य कारोबार और रियल एस्टेट से जुड़े जातकों के लिए आज का दिन काफी लाभकारी साबित होगा. वरिष्ठ अधिकारियों और सहयोगियों के साथ संवाद स्पष्ट रखें, नई योजनाओं पर ठोस प्रगति संभव है.
आर्थिक स्थिति (Finance &amp;amp; Wealth)आर्थिक मोर्चे पर आज का दिन धन लाभ और बचत के लिहाज से मजबूत रहेगा. रुका हुआ पैसा वापस मिलने या पुराने निवेश से अच्छा रिटर्न मिलने के योग हैं. हालांकि, दूसरे भाव में मंगल के प्रभाव से परिवार या सुख-सुविधाओं पर अनावश्यक खर्च बढ़ सकता है, इसलिए बजट का ध्यान रखें. महत्वपूर्ण वित्तीय निर्णय अभिजीत मुहूर्त (11:54 AM से 12:44 PM) में लेना शुभ रहेगा.
पारिवारिक और प्रेम जीवन (Love &amp;amp; Family)परिवार में आपका प्रभाव और मान-सम्मान बढ़ेगा. घर-परिवार के सदस्यों के साथ बैठकर किसी महत्वपूर्ण विषय पर सकारात्मक चर्चा हो सकती है. प्रेम संबंधों और दांपत्य जीवन में अपनी वाणी पर थोड़ा नियंत्रण रखें; आर्द्रा नक्षत्र के प्रभाव से सीधे या तीखे शब्दों के प्रयोग से जीवनसाथी के साथ हल्की नोकझोंक हो सकती है.
स्वास्थ्य (Health &amp;amp; Wellness)सेहत के मामले में दिन सामान्य रहेगा, लेकिन खान-पान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है. तला-भुना या अत्यधिक मसालेदार भोजन करने से पेट में जलन या गले व दांतों से जुड़ी हल्की समस्या हो सकती है. दिनभर पर्याप्त पानी पिएं और संतुलित दिनचर्या बनाए रखें.
महत्वपूर्ण समय और उपायआज पश्चिम दिशा में दिशा शूल रहेगा. शाम 05:03 से 06:37 तक राहुकाल रहने के कारण इस समय किसी नए निवेश या बड़े सौदे से बचें. रविवार का दिन होने से सफेद गाय को हरा चारा या गुड़-रोटी खिलाना और सूर्य देव को जल अर्पित करना विशेष रूप से फलदायी रहेगा.
शुभ रंग: सफेद और चमकीला गुलाबीशुभ अंक: 6
मिथुन राशि दैनिक राशिफल: 6 सितंबर 2026 (रविवार)
भाद्रपद कृष्ण पक्ष, दशमी तिथि को चंद्रमा का गोचर आपकी ही राशि (प्रथम भाव/लग्न भाव) में मंगल के साथ हो रहा है. इसके प्रभाव से आपके भीतर नई ऊर्जा, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का संचार होगा.
करियर और व्यवसाय (Career &amp;amp; Business)कार्यक्षेत्र में आपकी निर्णय लेने की गति तेज रहेगी और आप पूरी एकाग्रता के साथ काम निपटाएंगे. मीडिया, आईटी, लेखन, जनसंपर्क और रिसर्च से जुड़े जातकों के लिए आज का दिन काफी शानदार रहने वाला है. कार्यस्थल पर आपकी पहल को सराहा जाएगा. साझेदारी के व्यवसाय में पारदर्शिता बनाए रखें और किसी भी नए अनुबंध  ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 12:30:15 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Weekly Love Horoscope: इस हफ्ते किन राशियों की लव लाइफ में आएगा नया मोड़? पढ़ें 6 से 12 सितंबर 2026 का साप्ताहिक लव राशिफल</title>
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        <description><![CDATA[ Weekly Love Horoscope: सितंबर 2026 का यह नया सप्ताह (6 से 12 सितंबर) आपके निजी और दांपत्य जीवन में क्या नए मोड़ लेकर आने वाला है? ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, इस सप्ताह ग्रहों और नक्षत्रों की चाल सभी 12 राशियों के प्रेम संबंधों, पारिवारिक सौहार्द और वैवाहिक जीवन पर गहरा प्रभाव डालने जा रही है. जहां कुछ राशियों के लिए यह समय पुराने विवादों को सुलझाकर रिश्तों में नई मिठास घोलने का रहेगा, वहीं कुछ जातकों को संवाद और समझदारी से काम लेने की सलाह दी गई है.
प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा के अनुसार, जानिए मेष से लेकर मीन तक का संपूर्ण साप्ताहिक लव राशिफल, लकी अंक, शुभ रंग और रिश्तों को मजबूत बनाने के आसान ज्योतिषीय उपाय.
मेष राशि
इस सप्ताह पारिवारिक जीवन में सुख-शांति का माहौल रहेगा और पुराने पारिवारिक विवादों के सुलझने के योग बनेंगे. शादीशुदा लोगों के लिए समय अनुकूल है; आपसी समझ बढ़ेगी, लेकिन बातचीत के दौरान एक-दूसरे की कमियां निकालने से बचें. अविवाहित जातकों की किसी खास व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है, हालांकि रिश्ते को आगे बढ़ाने में जल्दबाजी न करें. प्रेमी जोड़ों के बीच तालमेल मजबूत होगा, संवाद बनाए रखें और साथी को कोई उपहार देकर प्रसन्न करें. इस हफ्ते आपका लकी अंक 9 और लकी रंग लाल रहेगा. अनुकूलता के लिए प्रतिदिन 19 बार &quot;ॐ भौमाय नमः&quot; का जप करें.
वृषभ राशि
प्रेम संबंधों में कुछ निराशा हाथ लग सकती है, फिर भी धैर्य बनाए रखें. पारिवारिक जीवन सामान्य रहेगा, लेकिन मनमुटाव से बचने के लिए परिजनों से खुलकर बात करें और बच्चों की भावनाओं का आदर करें. दांपत्य जीवन में शब्दों के चयन में सावधानी बरतें, अन्यथा जीवनसाथी की नाराजगी झेलनी पड़ सकती है. सिंगल्स को अपेक्षा के विपरीत प्रतिक्रिया मिलने से हताश होने की बजाय खुद पर ध्यान देना चाहिए. रिश्ते में अहंकार और ईर्ष्या को स्थान न दें. आपका लकी अंक 3 और लकी रंग पीला है. प्रतिदिन &quot;श्री ललिता सहस्रनाम&quot; का पाठ करना लाभकारी रहेगा.
मिथुन राशि
कामकाज की व्यस्तता के कारण आप परिवार को पर्याप्त समय नहीं दे पाएंगे, जिससे अपनों की शिकायतें सुननी पड़ सकती हैं. वैवाहिक जीवन में बातचीत की कमी के चलते भावनात्मक दूरी और अकेलापन महसूस हो सकता है, इसलिए साथी से दिल की बात साझा करें. सिंगल जातकों को अभी सही जीवनसाथी के लिए थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है; करियर और निजी जीवन में संतुलन बनाएं. प्रेमीजन के लिए नियमित रूप से समय निकालना जरूरी है. आपका लकी अंक 7 और लकी रंग मैजेंटा रहेगा. मानसिक शांति और संबंधों की मजबूती के लिए प्रतिदिन 41 बार &quot;ॐ नमो नारायण&quot; का जाप करें.
कर्क राशि
पारिवारिक जीवन में छोटी-मोटी बहस संभव है, जिसे बड़ों की सलाह और समझदारी से सुलझाया जा सकता है. दांपत्य जीवन में साथी की अनुचित मांगों पर विवाद करने के बजाय शांत रहकर संवाद करें, ताकि बात मायके जाने जैसी स्थिति तक न पहुंचे. अविवाहित जातकों के लिए आकर्षण तो बढ़ेगा, लेकिन किसी पर आंख मूंदकर भरोसा करने से बचें. प्रेम संबंधों में मतभेद होने पर शांति से समाधान निकालें. इस सप्ताह आपका लकी अंक 2 और लकी रंग पीकॉक ब्लू है. शुभ फलों के लिए प्रतिदिन 11 बार &quot;ॐ चंद्राय नमः&quot; का जप करें और सोमवार को शिवलिंग पर जल चढ़ाएं.
सिंह राशि
परिवार में मांगलिक कार्यों की तैयारी शुरू हो सकती है और बड़े-बुजुर्गों का पूरा सहयोग मिलेगा. लंबे समय की गलतफहमियों के बाद जीवनसाथी के साथ नजदीकी और प्रेम बढ़ेगा, जिससे रिश्ता मजबूत होगा. सिंगल्स अपनी निजी बातें हर किसी से साझा न करें और नए संपर्कों में जल्दबाजी से बचें. प्रेमी के साथ तनाव से बचने के लिए रिश्ते की बातें दूसरों से न कहें और साथ में यात्रा की योजना बनाएं. आपका लकी अंक 1 और लकी रंग नारंगी रहेगा. कष्टों से राहत के लिए प्रतिदिन 11 बार &quot;ॐ भास्कराय नमः&quot; का जप करें और रविवार को सूर्य को जल अर्पित करें.
कन्या राशि
घर-परिवार में सामंजस्य बना रहेगा और बड़ों का स्नेह प्राप्त होगा. दांपत्य जीवन में रोमांस भरपूर रहेगा, लेकिन विलासिता के कारण अपनी जरूरी जिम्मेदारियों को टालने से बचें. अविवाहित लोगों के जीवन में किसी नए व्यक्ति से बातचीत आगे बढ़ सकती है, हालांकि रिश्ते को स्वीकारने से पहले भरोसा कायम करें. यदि प्रियजन नाराज हैं, तो प्यार भरे शब्दों और उपहार से उन्हें मनाएं. इस हफ्ते आपका लकी अंक 7 और लकी रंग लेमन यलो है. संबंधों में मिठास के लिए रोजाना 41 बार &quot;ॐ नमो नारायणाय&quot; का जप करें.
तुला राशि
पारिवारिक वातावरण में मधुरता और सकारात्मकता बनी रहेगी, किसी मांगलिक आयोजन की चर्चा हो सकती है. वैवाहिक जीवन अत्यंत सुखद और रोमांटिक रहेगा; जीवनसाथी की ओर से कोई खास सरप्राइज मिल सकता है जो रिश्ते को नई ऊर्जा देगा. सिंगल्स की किसी सामाजिक कार्यक्रम में खास व्यक्ति से मुलाकात संभव है, जो भविष्य में जीवनसाथी बन सकता है. प्रेम संबंधों में साथी के विचारों का सम्मान करें और छोटी गलतियों को नजरअंदाज करें. आपका लकी अंक 9 और लकी रंग गुलाबी रहेगा. प्रतिदिन 33 बार &quot;ॐ भार्गवाय नमः&quot; का जप करना शुभ रहेगा.
वृश्चिक राशि
परिवार में सुख-शांति और आपसी सहयोग बना रहेगा, जिससे मानसिक शांति प्राप्त होगी. जीवनसाथी से भावनात्मक और आर्थिक सहयोग मिलेगा, जिससे पुराना तनाव मिट जाएगा और दांपत्य जीवन का सुख चरम पर रहेगा. सिंगल्स के लिए समय अनुकूल है, लेकिन व्यवहार में विनम्रता बनाए रखें और कोई भी फैसला हड़बड़ाहट में न लें. प्रेमी जोड़े पुरानी बातों को भुलाकर नई शुरुआत करें. इस सप्ताह आपका लकी अंक 5 और लकी रंग लाल है. शुभता के लिए मंगलवार को हनुमान चालीसा का पाठ करें और चोला अर्पित करें.
धनु राशि
घर के सदस्यों के साथ सद्भाव रहेगा और बड़े-बुजुर्ग महत्वपूर्ण मार्गदर्शन करेंगे. दांपत्य जीवन में साथी से कोई महत्वपूर्ण बात न छिपाएं, अन्यथा किसी तीसरे के माध्यम से पता चलने पर अविश्वास पनप सकता है. प्रेम संबंधों को फिलहाल परिजनों  ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 12:30:14 +0530</pubDate>
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        <title>&amp;apos;बिग बॉस 20&amp;apos; में रीति तिवारी की धमाकेदार एंट्री, बेटी को छोड़ने पहुंचे मनोज तिवारी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/बिग-बॉस-20-में-रीति-तिवारी-की-धमाकेदार-एंट्री-बेटी-को-छोड़ने-पहुंचे-मनोज-तिवारी</link>
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        <description><![CDATA[ सलमान खान का सबसे पॉपुलर और विवादित रियलिटी शो &#039;बिग बॉस&#039; अपने 20वें सीजन के साथ एक बार फिर दर्शकों को एंटरटेन करने के लिए लौट रहा है. शो का ग्रैंड प्रीमियर 6 सितंबर को कलर्स टीवी और जियो हॉटस्टार पर होगा. इससे पहले मेकर्स एक-एक करके शो के कंटेस्टेंट्स के नाम रिवील कर रहे हैं. अब &#039;बिग बॉस 20&#039; में भोजपुरी सुपरस्टार और बीजेपी नेता मनोज तिवारी की बेटी रीति तिवारी की धमाकेदार एंट्री हो गई है.
रीति तिवारी का नाम कंफर्महाल ही में खबरें आई थीं कि मनोज तिवारी की बेटी और सिंगर रीति तिवारी &#039;बिग बॉस 20&#039; में नजर आ सकती हैं. अब मेकर्स ने खुद उनके नाम पर मुहर लगा दी है और शो में उनकी एंट्री कंफर्म हो गई है. दिलचस्प बात ये है कि मनोज तिवारी &#039;बिग बॉस&#039; के चौथे सीजन में नजर आ चुके हैं. इस सीजन को भी सलमान खान ने ही होस्ट किया था. इस दौरान डॉली बिंद्रा के साथ उनका &#039;अंडा विवाद&#039; काफी चर्चा में रहा था.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ें:&amp;nbsp;&#039;मिर्जापुर द मूवी&#039; बनी 2026 की तीसरी बिगेस्ट ओपनर, &#039;आवारापन 2&#039; समेत तोड़े 8 फिल्मों के रिकॉर्ड
बेटी रीति को छोड़ने पहुंचे मनोज तिवारीजियो हॉटस्टार ने &#039;बिग बॉस 20&#039; का नया प्रोमो शेयर किया है, जिसमें मनोज तिवारी अपनी बेटी को बिग बॉस के घर तक छोड़ने पहुंचे हैं. वो &#039;रिंकिया के पापा&#039; गाना गाते हुए धमाकेदार एंट्री लेते हैं. इसके बाद सलमान खान कहते हैं, &#039;मैंने इस बार तथास्तु बोला तो आपने सोचा इस शो में दो-दो बार आ सकते हैं.&#039; इसके जवाब में मनोज कहते हैं, &#039;मैं अपनी बेटी को बिग बॉस के घर तक छोड़ने आया हूं.&#039;&amp;nbsp;



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सलमान खान ने दी ये सलाहइसके बाद रीति तिवारी की एंट्री होती है. स्टेज पर आते ही वो अपनी सिंगिंग से जलवा बिखेरती हैं. इसके बाद सलमान खान मजाकिया अंदाज में उन्हें सलाह देते हैं कि शो के अंदर अंडे को लेकर कभी लड़ाई मत करना और बाप पर मत जाना. इसका जवाब रीति तिवारी हंसते हुए देती हैं और कहती हैं, &#039;बाप पर तो जाना नहीं.&#039; बता दें कि रीति एक पॉपुलर सिंगर, सॉन्गराइटर और कंपोजर हैं. वो लगातार म्यूजिक बना रही हैं, जिसमें कवर सॉन्ग्स के साथ-साथ उनके ओरिजिनल गाने भी शामिल हैं. साल 2024 में उन्होंने बीजेपी में शामिल होकर पॉलिटिक्स में भी कदम रखा.
कब और कहां देखें &#039;बिग बॉस 20&#039;?रीति तिवारी के अलावा &#039;बिग बॉस 20&#039; में मैरी कॉम, माही विज, फैजल खान, काजी तौकीर, कुशाल तंवर उर्फ गुल्लू, आम्रपाली दुबे, कनिका मान, ईशा रिखी, खुशी दुबे, अमन गांधी, अर्शिफा खान, उदिति सिंह, शौविक चक्रवर्ती और गीता बसरा जैसे सेलेब्स नजर आएंगे. &#039;बिग बॉस 20&#039; का ग्रैंड प्रीमियर 6 सितंबर 2026 को रात 9 बजे होगा. शो को जियो हॉटस्टार और कलर्स टीवी पर देखा जा सकेगा.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ें:&amp;nbsp;निरहुआ ने रानी चटर्जी का कहा- &#039;मंथरा&#039; तो एक्ट्रेस ने किया पलटवार ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 12:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>बिग, बॉस, 20, में, रीति, तिवारी, की, धमाकेदार, एंट्री, बेटी, को, छोड़ने, पहुंचे, मनोज, तिवारी</media:keywords>
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        <title>पाकिस्तान को रौंदने के बाद हरमनप्रीत कौर ने दिया ऐसा बयान, पड़ोसियों को लगेगी मिर्ची</title>
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        <description><![CDATA[ महिला एशिया कप में शनिवार को हुए मुकाबले में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने पाकिस्तान को 7 विकेट से बुरी तरह हराया. इस जीत के बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर ने कहा कि अभी 2 मैच बाकी हैं, उम्मीद है उनमें भी अच्छा प्रदर्शन जारी रखेंगे. इस बयान से साफ है कि भारतीय प्लेयर्स को पूरा भरोसा है कि वे सेमीफाइनल आराम से जीत जाएंगे और फाइनल में पहुंचकर ट्रॉफी भी उठाएंगे. जानिए कौर ने और क्या कुछ कहा.
दुबई में खेले गए इस मैच में पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था. भारतीय गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन से पूरी पाकिस्तान की टीम 55 रनों पर ऑलआउट हो गई. श्री चरणी और प्रेमा रावत ने 3-3 विकेट चटकाए. भारत ने लक्ष्य को 9वें ओवर में हासिल कर 7 विकेट से बड़ी जीत दर्ज की. चरणी को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया. हरमनप्रीत कौर का ये बतौर कप्तान 150वां टी20 मैच था, वह इस मुकाम तक पहुंचने वाली दुनिया की पहली खिलाड़ी (पुरुष और महिला) बन गई हैं.
जीत के बाद क्या बोली कौर
भारतीय कप्तान कौर ने कहा, &quot;यह जीत हमारे लिए बहुत अहम है. आज सभी प्लेयर्स के प्रदर्शन से मैं खुश हूं. हम हमेशा आक्रामक खेल दिखाने की बात करते हैं. सभी बॉलर्स ने कमाल का प्रदर्शन किया है. अपनी योजनाओं के अनुसार गेंदबाजी करना, उस पर टिके रहना और पिच को समझना, यही सबसे जरूरी है. उन्होंने कुछ अच्छी गेंदें भी डालीं, लेकिन अहम बात थी कि हम बल्लेबाजी जारी रखें और मैच को जीत के साथ खत्म करें.&quot;
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कौर ने आगे कहा, &quot;अपने स्टैंडर्ड को ऊंचा बनाए रखना जरूरी है.&quot; इसके बाद कौर ने जो कहा उसे सुनकर पड़ोसियों को मिर्ची लग जाएगी. उन्होंने कहा कि अभी 2 मैच और हैं. इससे साफ है कि महिला टीम को खुद पर पूरा भरोसा है कि सेमीफाइनल आराम से जीत जाएंगे और फाइनल खेलेंगे.
हरमनप्रीत कौर ने कहा, &quot;अभी दो और मैच बाकी हैं, उम्मीद है कि हम अच्छा क्रिकेट खेलते रहेंगे. मैं आभारी हूं और उम्मीद करती हूं कि मुझे आगे भी ऐसा ही सपोर्ट मिलता रहेगा. खेल के बिना मेरा कोई वजूद नहीं है.&quot;
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        <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 12:30:11 +0530</pubDate>
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        <title>आज से शुरू दलीप ट्रॉफी का फाइनल, देखें LIVE प्रसारण और स्ट्रीमिंग डिटेल्स</title>
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        <description><![CDATA[ दलीप ट्रॉफी 2026 का फाइनल आज से शुरू है. खिताबी भिड़ंत ईस्ट जोन और साउथ जोन के बीच है. वैभव सूर्यवंशी और मोहम्मद सिराज के बीच होने वाली टक्कर को देखने के लिए फैंस काफी उत्साहित हैं. बता दें कि सिराज और देवदत्त पडिक्कल को फाइनल के लिए साउथ जोन में शामिल किया गया. पडिक्कल शानदार फॉर्म में हैं, जिन्होंने हाल में श्रीलंका दौरे पर 2 शतक लगाकर प्लेयर ऑफ द सीरीज अवार्ड जीता था. जानिए आज से शुरू हो रहे फाइनल का लाइव प्रसारण और लाइव स्ट्रीमिंग डिटेल.
तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज अनुभवी हैं, जो नई गेंद से कहर बरपा सकते हैं. दूसरी तरह ईस्ट जोन में वैभव सूर्यवंशी हैं, जो पारी की शुरुआत करते हैं. 15 वर्षीय बल्लेबाज को इसलिए पहचाना जाता है कि वह बड़े नाम वाले गेंदबाजों को टारगेट करने से नहीं डरते, ऐसे में सिराज बनाम वैभव टक्कर देखना रोमांचक होगा.&amp;nbsp;
ईस्ट जोन में अनुभवी गेंदबाज मोहम्मद शमी हैं, जिन्होंने सेमीफाइनल में शानदार गेंदबाजी की थी. देवदत्त पडिक्कल शानदार फॉर्म में हैं, उनके सामने शमी क्या प्लान करते हैं? ये देखना दिलचस्प होगा.
साउथ जोन पिछले साल रनर-अप थी, फाइनल में सेंट्रल जोन से हार गई थी. फाइनलिस्ट होने के चलते इस सीजन साउथ को सीधे सेमीफाइनल में एंट्री मिली, जबकि ईस्ट जोन लगातार 2 मैच (क्वार्टर-फाइनल और सेमीफाइनल) जीतकर फाइनल में पहुंची है.
दलीप ट्रॉफी 2026 फाइनल डिटेल
ईस्ट जोन बनाम साउथ जोन दलीप ट्रॉफी फाइनल चेन्नई के एम ए चिदंबरम स्टेडियम में है. मैच 9:30 बजे शुरू होगा. 9 बजे टॉस होगा.
दलीप ट्रॉफी फाइनल का लाइव प्रसारण किस चैनल पर होगा?
ईस्ट जोन बनाम साउथ जोन दलीप ट्रॉफी फाइनल का लाइव प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क के चैनल पर होगा.
दलीप ट्रॉफी फाइनल की लाइव स्ट्रीमिंग किस एप पर होगी?
ईस्ट जोन बनाम साउथ जोन दलीप ट्रॉफी फाइनल की लाइव स्ट्रीमिंग जियोहॉटस्टार एप और वेबसाइट पर होगी.
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ईस्ट जोन स्क्वॉड
ईशान किशन (कप्तान और विकेटकीपर), वैभव सूर्यवंशी (उपकप्तान), शाहबाज अहमद, अभिजीत सरकार, अभिमन्यु ईश्वरन, मोहम्मद शमी, विराट सिंह, मुकेश कुमार, सुभ्रांशु सेनापति, अनुकूल रॉय, सुदीप कुमार घरामी, कुमार कुशाग्र (विकेटकीपर), शिखर मोहन, सूरज जायसवाल, डेनिश दास, कुनैन कुरैशी.
साउथ जोन स्क्वॉड
तिलक वर्मा (कप्तान), तनय त्यागराजन, श्रेयस गोपाल, करुण नायर, रिकी भुई (विकेटकीपर), एमडी निधीश, मोहम्मद सिराज, नारायण जगदीसन (विकेटकीपर), देवदत्त पडिक्कल, अमन हाकिम खान, विध्वथ कावेरप्पा, स्मरण रविचंद्रन, शाइक रशीद, त्रिपुराना विजय, के हिमतेजा, अभिनव तेजराणा, कवुरी साईटीजा.
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        <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 12:30:09 +0530</pubDate>
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        <title>PCB ने कब्जे में लिए पाकिस्तानी खिलाड़ियों के फोन, मैच फिक्सिंग की लगी भनक? उठे सवाल</title>
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        <description><![CDATA[ पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने पिछले दिनों कुछ ऐसे फैसले लिए, जिससे पूरी दुनिया में उनका मजाक बन रहा है. अब इंग्लैंड दौरे पर एक और अजीब चीज हुई है. पीसीबी ने नेशनल टीम के खिलाड़ियों के फोन जब्त कर लिए हैं. इसने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. क्या बोर्ड को किसी बड़े करप्शन या मैच फिक्सिंग की भनक लगी है.
पाकिस्तानी पत्रकार अंबर अली ने खुलासा किया है पाकिस्तानी खिलाड़ियों के फोन पीसीबी ने अपने कब्जे में ले लिए हैं. इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी टेस्ट खत्म होने तक ये बोर्ड के पास ही रहेंगे. हालांकि अभी तक ये पता नहीं चला है कि पीसीबी ने किन-किन खिलाड़ियों के फोन लिए हैं, या सभी प्लेयर्स के मोबाइल जब्त किए हैं. बोर्ड ने भी इसको लेकर आधिकारिक रूप से नहीं बताया कि आखिर इस कदम के पीछे क्या वजह है.
इंटरनेशनल क्रिकेट में मैच के दौरान कई इलाकों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल की इजाजत नहीं होती, इसको लेकर आईसीसी ने नियम भी बना रखे हैं. नियम के मुताबिक प्रतिबंधित इलाकों में जैसे ड्रेसिंग रूम, मैच के दौरान ग्राउंड पर, में खिलाड़ियों और स्पोर्ट स्टाफ के सदस्यों को मोबाइल फोन या दूसरे कम्युनिकेशन डिवाइस के इस्तेमाल की इजाजत नहीं होती. प्रतिबंधित इलाकों में जाने से पहले खिलाड़ी अपने फोन को सुरक्षित जगह पर रखते हैं. इन नियमों के बनाने के पीछे का उद्देश्य खेल की निष्पक्षता बनाए रखना, मैचों के दौरान बातचीत रोकना, मैच फिक्सिंग की संभावनाओं को कम करना होता है. हालांकि पीसीबी द्वारा खिलाड़ियों से मोबाइल फोन लेना, इस नियम से अलग है.
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PCB ने क्यों किए पाकिस्तानी खिलाड़ियों के मोबाइल जब्त?
इंग्लैंड दौरे में आखिरी टेस्ट से पहले पाकिस्तानी खिलाड़ियों के मोबाइल जब्त करने की खबर ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. क्या पीसीबी को किसी बड़े करप्शन, मैच फिक्सिंग की खबर लगी है? क्या सभी खिलाड़ियों के फोन जब्त किए गए हैं या कुछ के? पीसीबी क्या जांच कर रही है?
बता दें कि ICC के भ्रष्टाचार-रोधी कोड के तहत, अगर अधिकारी के पास ठोस वजह हो कि कोई सामग्री जांच के लिए अहम हो सकती है, तो वह लिखित आदेश जारी कर किसी प्रतिभागी से मोबाइल डिवाइस सौंपने या जांचकर्ताओं को जानकारी कॉपी या डाउनलोड करने की इजाजत देने के लिए कह सकता है.
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        <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 12:30:08 +0530</pubDate>
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        <title>कौन सा नशा करते हो... पाकिस्तान की शर्मनाक हार के बाद मेंटोर ने ऐसा बयान देकर उड़वाया मजाक</title>
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        <description><![CDATA[ पाकिस्तान महिला क्रिकेट टीम के मेंटोर वहाब रियाज ने उनकी टीम को महिला एशिया कप 2026 की सबसे अच्छी टीम बताया. किसी और दिन ये बयान आता तो भी ये ठीक था, लेकिन उन्होंने ये बात शनिवार को उस मैच के बाद कही जिसमें भारत ने उन्हें सिर्फ 55 रनों पर ढेर कर दिया था. दुबई में खेले गए इस मैच में टॉस जीतकर पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी चुनी थी. 27 रन पर उनका कोई विकेट नहीं गिरा था, इसके बाद पूरी टीम सिर्फ 28 रन और जोड़ सकी. वहाब के बयान का मजाक बन रहा है.
ग्राउंड पर पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने भी ऐसा किया, जिसके लिए उन्हें शर्म आनी चाहिए. शेफाली वर्मा को आउट कर फातिमा सना ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया, ऐसे सेलिब्रेट किया जैसे पाकिस्तान जीत रही हो जबकि इससे पहले उनकी टीम 55 रनों पर ढेर हो गई थी. भारत ने लक्ष्य को 9वें ओवर में हासिल कर 7 विकेट से बड़ी जीत दर्ज की. इस शर्मनाक हार के बाद पाकिस्तान के मेंटोर वहाब रियाज ने कहा कि वह अभी भी मानते हैं कि उनकी टीम एशिया कप 2026 की सबसे अच्छी टीम है. एक हार से जज नहीं किया जाना चाहिए.
क्या बोले वहाब रियाज
मेरा तो यही भरोसा है कि ये लड़कियां हैं जो बहुत स्किलफुल हैं. उन्हें खुद पर भरोसा करने की जरुरत है. अब हांगकांग से मैच हैं. कोशिश करेंगे कि जो गलतियां हमने की वो अगले मैच में न दोहराएं. मैं अभी भी मानता हूं कि पाकिस्तान एशिया कप 2026 की सबसे अच्छी टीम है. हम ट्रॉफी भी उठाएंगे, क्योंकि जो कंडीशन हैं वो बहुत ज्यादा पाकिस्तान को फेवर करती है.&quot;
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???? Pakistan Women&#039;s Head Coach Wahab Riaz said ????️&quot;I believe Pakistan Womens are the best side in the Asia Cup to lift the trophy. One bad match won&amp;rsquo;t change the reality.&quot;BTW, even Pakistani fans are shocked by this statement ????#INDvsPAK pic.twitter.com/qJ2PAXdZdL
&amp;mdash; Ajay Jadeja (@AjayJadeja171) September 6, 2026



उड़ा मजाक
वहाब के इस बयान ने सोशल मीडिया पर उनका मजाक बना दिया है, पाकिस्तान के लोग भी मजाक उड़ा रहे हैं. एक यूजर ने लिखा, &quot;ये तो बहुत फेक है, अपने पद पर बने रहने के लिए पीतल को सोना बोल रहा है.&quot; एक अन्य यूजर ने लिखा, &quot;कौन सा नशा करते हो भाई.&quot; एक यूजर ने लिखा, &quot;लगता है भाई माइक के सामने बैठने से पहले स्कोरकार्ड देखना भूल गए.&quot; एक अन्य यूजर ने लिखा, &quot;यही ओवरकॉन्फिडेंस पाकिस्तान को खा रहा है.&quot;
यह भी पढ़ें- PCB ने कब्जे में लिए पाकिस्तानी खिलाड़ियों के फोन, मैच फिक्सिंग की लगी भनक? उठे सवाल ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 12:30:07 +0530</pubDate>
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        <title>मोहम्मद शमी की वनडे टीम में हो सकती है वापसी, दिलीप ट्रॉफी फाइनल पर चयनकर्ताओं की नजर</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/मोहम्मद-शमी-की-वनडे-टीम-में-हो-सकती-है-वापसी-दिलीप-ट्रॉफी-फाइनल-पर-चयनकर्ताओं-की-नजर</link>
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        <description><![CDATA[ भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की वनडे टीम में वापसी का रास्ता खुल सकता है. भारत को 27 सितंबर से वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज खेलनी है और इस सीरीज के लिए टीम चयन के दौरान शमी के नाम पर भी चर्चा हो सकती है. इसकी बड़ी वजह भारत के कई प्रमुख तेज गेंदबाजों का उस समय एशियन गेम्स के लिए जापान में होना है.
एशियन गेम्स में होंगे भारत के प्रमुख तेज गेंदबाज
जापान में 19 सितंबर से एशियन गेम्स शुरू होने हैं. इसी दौरान भारतीय टी20 टीम इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेगी. भारत के प्रमुख तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह और हर्षित राणा एशियन गेम्स की टीम का हिस्सा होंगे. वहीं 27 सितंबर से भारत और वेस्टइंडीज के बीच वनडे सीरीज शुरू होनी है. ऐसे में बुमराह, अर्शदीप और हर्षित के वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे टीम का हिस्सा बनने की संभावना नहीं है. इससे चयनकर्ताओं को तेज गेंदबाजी विभाग में दूसरे विकल्पों की तरफ देखना होगा.
सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और गुरनूर बरार रेस में
वेस्टइंडीज सीरीज के लिए तेज गेंदबाजों में मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और गुरनूर बरार का नाम सामने आ रहा है. हालांकि चयनकर्ता अगर टीम में चार तेज गेंदबाज रखना चाहते हैं तो मोहम्मद शमी एक मजबूत विकल्प बन सकते हैं. शमी के पक्ष में सबसे बड़ी बात उनका अनुभव है. बुमराह की गैरमौजूदगी में भारतीय टीम के पास तेज गेंदबाजी विभाग में अनुभव के ज्यादा विकल्प मौजूद नहीं होंगे. ऐसे में शमी की वापसी टीम के पेस अटैक को मजबूती दे सकती है.
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शमी ने फिटनेस को लेकर दिया जवाब
मोहम्मद शमी पिछले कुछ समय से अपनी फिटनेस को लेकर सवालों के घेरे में रहे हैं. मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर भी उनकी फिटनेस को लेकर बयान दे चुके हैं. अगरकर ने शमी के लंबे प्रारूप के लिए पूरी तरह तैयार होने को लेकर सवाल उठाए थे. हालांकि दिलीप ट्रॉफी में शमी के प्रदर्शन ने काफी हद तक इन सवालों का जवाब दिया है. चार दिवसीय मुकाबलों में शमी लगातार गेंदबाजी करते नजर आए हैं. उन्होंने दो मुकाबले खेलकर अपनी फिटनेस साबित करने के साथ गेंद से भी प्रभावित किया है.
दिलीप ट्रॉफी का फाइनल बन सकता है शमी के लिए &#039;ब्रेकथ्रू&#039;
मोहम्मद शमी के लिए अब सबसे अहम मुकाबला दिलीप ट्रॉफी का फाइनल हो सकता है. ईस्ट जोन की तरफ से खेल रहे शमी 6 सितंबर से 10 सितंबर तक होने वाले फाइनल मुकाबले में मैदान पर उतरेंगे और इस मैच में उनके प्रदर्शन पर चयनकर्ताओं की पैनी नजर रहने की उम्मीद है. यह मुकाबला शमी की टीम इंडिया में वापसी के लिहाज से &#039;ब्रेकथ्रू मैच&#039; साबित हो सकता है. शमी पहले ही दिलीप ट्रॉफी के दो मुकाबले खेलकर अपनी मैच फिटनेस का संकेत दे चुके हैं. अब अगर वह फाइनल जैसे बड़े मुकाबले में भी प्रभावशाली गेंदबाजी करते हैं और लंबे स्पेल डालकर अपनी फिटनेस साबित करते हैं तो वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए उनकी दावेदारी काफी मजबूत हो सकती है.
खास तौर पर चयनकर्ताओं के लिए शमी के प्रदर्शन को नजरअंदाज करना मुश्किल हो सकता है. अगर अनुभवी तेज गेंदबाज दिलीप ट्रॉफी के फाइनल में विकेट निकालने के साथ अपने वर्कलोड को भी अच्छी तरह संभालते हैं तो उनके चयन को लेकर चयन समिति पर दबाव बढ़ सकता है. ऐसी स्थिति में शमी के वनडे टीम में लौटने की संभावनाएं पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हो जाएंगी.
अनुभव बन सकता है शमी की वापसी का रास्ता
वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज ऐसे समय पर हो रही है जब भारतीय टीम के कई नियमित तेज गेंदबाज उपलब्ध नहीं होंगे. ऐसे में चयनकर्ताओं के सामने अनुभव और युवा गेंदबाजों के बीच संतुलन बनाने की चुनौती होगी. मोहम्मद सिराज भारतीय पेस अटैक का नेतृत्व कर सकते हैं, जबकि प्रसिद्ध कृष्णा और गुरनूर बरार भी चयन की रेस में हैं. चौथे तेज गेंदबाज के विकल्प के तौर पर शमी का नाम चयनकर्ताओं के सामने आ सकता है.
शमी के पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का लंबा अनुभव है और वह बड़े मुकाबलों में भारत के लिए मैच विनर साबित हो चुके हैं. दिलीप ट्रॉफी में उनकी मौजूदा फिटनेस और फॉर्म को देखते हुए अब उनके लिए वनडे टीम का दरवाजा दोबारा खुल सकता है. ऐसे में 6 से 10 सितंबर के बीच होने वाला दिलीप ट्रॉफी फाइनल सिर्फ ईस्ट जोन के लिए ही अहम नहीं होगा, बल्कि मोहम्मद शमी के अंतरराष्ट्रीय करियर के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है. अगर शमी फाइनल में दमदार प्रदर्शन करते हैं तो वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए उनकी टीम इंडिया में वापसी का दावा और मजबूत हो जाएगा.
यह भी पढ़ें- PCB ने कब्जे में लिए पाकिस्तानी खिलाड़ियों के फोन, मैच फिक्सिंग की लगी भनक? उठे सवाल ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 12:30:05 +0530</pubDate>
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        <title>Windows PC की Storage हो रही है फुल? जानें कौन सी Files खा रहीं सारी जगह</title>
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        <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 09:30:12 +0530</pubDate>
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        <title>WhatsApp पर अपनी प्रोफाइल फोटो किससे छिपाएं, ये प्राइवेसी सेटिंग काम आएगी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/whatsapp-पर-अपनी-प्रोफाइल-फोटो-किससे-छिपाएं-ये-प्राइवेसी-सेटिंग-काम-आएगी</link>
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        <description><![CDATA[ WhatsApp का इस्तेमाल आज लगभग हर कोई करता है. यहां लोग दोस्तों और परिवार के साथ चैट करने के अलावा अपनी फोटो भी प्रोफाइल पर लगाते हैं. लेकिन जरूरी नहीं कि आप अपनी प्रोफाइल फोटो हर WhatsApp कांटेक्ट को दिखाना चाहें. अगर आप चाहते हैं कि आपके द्वारा चुने हुए खास लोग ही आपकी फोटो देख पाएं, तो WhatsApp में इसके लिए एक आसान प्राइवेसी सेटिंग दी गई है. इसकी मदद से आप अपनी प्रोफाइल फोटो को अपनी पसंद के लोगों से छिपा सकते हैं और कुछ पसंद लोगों को दिखा सकते हैं.
WhatsApp में प्रोफाइल फोटो छिपाने की सेटिंग&amp;nbsp;
WhatsApp में प्रोफाइल फोटो की प्राइवेसी बदलने का विकल्प मिलता है. इसमें आप खुद तय कर सकते हैं कि आपकी प्रोफाइल फोटो कौन देख सकता है और कौन नहीं . अगर आप फोटो को कुछ खास लोगों से छिपाना चाहते हैं, तो इसके लिए My Contacts Except का विकल्प काम आता है. इस सेटिंग को चुनने के बाद आपकी कॉन्टैक्ट लिस्ट में मौजूद जिन लोगों को आप चुनेंगे, उन्हें आपकी प्रोफाइल फोटो दिखाई नहीं देगी.
यह भी पढ़े :&amp;nbsp;अब WhatsApp से भरें बिजली-पानी का Bill, नया फीचर लॉन्च
ऐसे छिपाएं प्रोफाइल फोटो
इसके लिए सबसे पहले WhatsApp खोलें और सेटिंग्स में जाएं और इसके बाद WhatsApp में सबसे ऊपर कोने में एक तीन डॉट वाला विकल्प दिखेगा. उसमें&amp;nbsp; Privacy वाले विकल्प पर टैप करें. यहां आपको Profile Photo का ऑप्शन दिखाई देगा. अब Profile Photo पर टैप करने के बाद My Contacts Except... चुनें. इसके बाद उन लोगों को सिलेक्ट कर दें, जिनसे आप अपनी प्रोफाइल फोटो छिपाना चाहते हैं. लोगों को चुनने के बाद सेटिंग सेव कर दें.अब जिन लोगों को आपने चुना है, वे आपकी WhatsApp प्रोफाइल फोटो नहीं देख पाएंगे.
फोटो सभी से छिपानी हो तो क्या करें?
अगर आप अपनी प्रोफाइल फोटो किसी को भी नहीं दिखाना चाहते तो Nobody विकल्प चुन सकते हैं. इसके बाद आपकी प्रोफाइल फोटो किसी भी WhatsApp यूजर को दिखाई नहीं देगी. वहीं, अगर आप चाहते हैं कि सिर्फ आपके सेव किए हुए कॉन्टैक्ट्स ही फोटो देखें तो My Contacts विकल्प चुन सकते हैं. इस तरह WhatsApp आपको प्रोफाइल फोटो की प्राइवेसी अपनी जरूरत के हिसाब से बदलने की सुविधा देता है.
प्राइवेसी के लिए काम की है ये सेटिंग
कई बार हम ऐसे लोगों का नंबर सेव कर लेते हैं जिनसे ज्यादा बात नहीं होती, लेकिन हम नहीं चाहते कि वे हमारी फोटो देखें. ऐसे में सभी कॉन्टैक्ट्स से फोटो छिपाने की जरूरत नहीं है. My Contacts Except... विकल्प से आप सिर्फ कुछ लोगों को चुनकर अपनी फोटो उनसे छिपा सकते हैं. इसलिए अगर आप WhatsApp पर अपनी प्रोफाइल फोटो को लेकर ज्यादा प्राइवेसी रखना चाहते हैं, तो यह छोटी सी सेटिंग आपके काफी काम आ सकती है.
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&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 09:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>WhatsApp, पर, अपनी, प्रोफाइल, फोटो, किससे, छिपाएं, ये, प्राइवेसी, सेटिंग, काम, आएगी</media:keywords>
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        <title>गाड़ी कहां पार्क है? भूल जाते हैं तो ऑन कर लें Google Map की ये सेटिंग</title>
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        <description><![CDATA[ बड़े मॉल, एयरपोर्ट, मेट्रो स्टेशन या किसी बड़े इवेंट की पार्किंग में अक्सर लोग अपनी गाड़ी पार्क करके भूल जाते हैं कि वे किस फ्लोर या किस लाइन में खड़ी की थी. बाद में गाड़ी ढूंढने में काफी समय बर्बाद हो जाता है. इस दिक्कत को दूर करने के लिए गूगल मैप्स में एक बेहद काम का फीचर दिया गया है, जिसकी मदद से पार्किंग की सही लोकेशन सेव की जा सकती है और बाद में आसानी से गाड़ी तक पहुंचा जा सकता है.
मैन्युअली पार्किंग लोकेशन कैसे सेव करें
इस फीचर को इस्तेमाल करने के लिए सबसे पहले फोन में लोकेशन सर्विस ऑन करनी होती है. इसके बाद गूगल मैप्स ऐप खोलें, जहां मैप पर आपकी मौजूदा लोकेशन एक नीली बिंदी के रूप में दिखाई देती है. इस नीली बिंदी पर टैप करते ही कुछ ऑप्शन खुलते हैं, जिनमें से पार्किंग सेव करें या सेट एज पार्किंग लोकेशन पर टैप करना होता है. ऐसा करते ही उस जगह पर एक छोटा सा &#039;P&#039; आइकन दिखने लगता है, जो बताता है कि गाड़ी वहां खड़ी है.
अपने आप सेव हो जाएगी पार्किंग लोकेशन
अगर बार-बार मैन्युअली सेव करना झंझट लगता है, तो एंड्रॉयड फोन में एक ऑटोमैटिक सेटिंग भी मौजूद है. इसके लिए मैप्स ऐप में प्रोफाइल फोटो पर टैप करके सेटिंग्स में जाएं, वहां नेविगेशन ऑप्शन चुनें और ऑटोमैटिकली सेव पार्किंग को ऑन कर दें. इसके बाद गूगल मैप्स फोन के मोशन सेंसर या गाड़ी के ब्लूटूथ कनेक्शन की मदद से खुद समझ जाता है कि आप कब गाड़ी चलाना बंद करके पार्क कर चुके हैं, और अपने आप उस जगह को आपने यहां पार्क किया के तौर पर मार्क कर देता है.
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फोटो, नोट और टाइमर जोड़ने की सुविधा
पार्किंग लोकेशन सेव करने के बाद गूगल मैप्स कुछ और भी सुविधाएं देता है। सेव की गई जगह पर टैप करके more info में जाकर पार्किंग स्पॉट की एक फोटो खींची जा सकती है, ताकि आसपास की पहचान याद रहे. इसके अलावा फ्लोर नंबर, गाड़ी की जगह या किसी खास पहचान का नोट भी लिखा जा सकता है. अगर पेड पार्किंग में गाड़ी खड़ी की है, तो वहां टाइमर भी सेट किया जा सकता है, जिससे तय समय खत्म होने से पहले फोन पर याद दिलाने वाला नोटिफिकेशन आ जाता है.
गाड़ी तक वापस कैसे पहुंचें
गाड़ी की तरफ लौटते समय बस मैप्स के सर्च बार में जाकर सेव की गई पार्किंग लोकेशन पर टैप करना होता है. इसके बाद हाउ टू गेट देयर ऑप्शन पर टैप करने से पैदल चलने का पूरा रास्ता और अनुमानित समय दिखने लगता है, जिससे बड़ी और भीड़भाड़ वाली पार्किंग में भी आसानी से गाड़ी तक पहुंचा जा सकता है.
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        <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 09:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>कैमरा लवर्स के लिए बेस्ट! 200MP वाले 6 नए स्मार्टफोन, जानें पूरी लिस्ट</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/कैमरा-लवर्स-के-लिए-बेस्ट-200mp-वाले-6-नए-स्मार्टफोन-जानें-पूरी-लिस्ट</link>
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        <description><![CDATA[ स्मार्टफोन कैमरे काफी आगे बढ़ चुके हैं, लेकिन 200MP सेंसर की डिमांड अब भी बनी हुई है. कंपनियां इसे हाई-एंड कैमरा एक्सपीरिएंस के तौर पर पेश कर रही हैं 2026 में कई कंपनियां 200MP सेंसर वाले स्मार्टफोन लेकर आई हैं. खास बात यह है कि इस सेगमेंट में सिर्फ प्रीमियम फ्लैगशिप ही नहीं, बल्कि मिड-रेंज और किफायती फोन भी शामिल हैं. अगर आप नया कैमरा फोन खरीदने का सोच रहे हैं, तो 200MP कैमरे वाले इन स्मार्टफोन्स पर नजर डाल सकते हैं.&amp;nbsp;
Xiaomi 17 Ultra
Xiaomi 17 Ultra में 200MP टेलीफोटो कैमरा मिलता है. इसके साथ 50MP मेन और 50MP अल्ट्रा वाइड कैमरा दिया गया है. फोन में 50MP फ्रंट कैमरा, Snapdragon 8 Elite Gen 5 चिपसेट, 6.9 इंच OLED डिस्प्ले, 6,000mAh बैटरी और 90W Hyper Charging सपोर्ट है.
Oppo Reno 15 Pro
Oppo Reno 15 Pro में 200MP मेन कैमरे के साथ 50MP पेरिस्कोप और 50MP टेलीफोटो कैमरा दिया गया है. फ्रंट में 50MP कैमरा मिलता है.इसमें MediaTek Dimensity 8450 प्रोसेसर, 6.78 इंच LTPO AMOLED डिस्प्ले, 6,500mAh बैटरी और 80W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट है.
Samsung Galaxy Z Fold 8 Ultra
फोल्डेबल फोन में 200MP कैमरा चाहने वालों के लिए Samsung Galaxy Z Fold 8 Ultra एक ऑप्शन है. इसमें 200MP मेन कैमरा के साथ 50MP और 10MP के दो अन्य रियर कैमरे मिलते हैं. फोन में 8 इंच Dynamic AMOLED 2X मेन डिस्प्ले, Snapdragon 8 Elite Gen 5 for Galaxy चिपसेट, 5,000mAh बैटरी और 45W चार्जिंग है.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ें - iPhone 18 Pro का कैमरा कितना दमदार होगा? जान लें एक-एक डिटेल
Vivo X300 Ultra
Vivo X300 Ultra में 200MP मेन और 200MP टेलीफोटो कैमरा दिया गया है. इसके अलावा 50MP का तीसरा सेंसर और 50MP फ्रंट कैमरा मिलता है. फोन में Snapdragon 8 Elite Gen 5 प्रोसेसर, 6.82 इंच AMOLED डिस्प्ले, 6,600mAh बैटरी और 100W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट है.&amp;nbsp;
Samsung Galaxy S26 Ultra
Samsung Galaxy S26 Ultra 2026 के प्रीमियम 200MP कैमरा फोन में शामिल है. इसमें 200MP मेन कैमरे के साथ 50MP अल्ट्रा वाइड, 50MP टेलीफोटो और 10MP टेलीफोटो कैमरा मिलता है. फोन में 6.9 इंच का Dynamic AMOLED 2X डिस्प्ले, Snapdragon 8 Elite Gen 5 चिपसेट, 5,000mAh बैटरी और 60W फास्ट चार्जिंग दी गई है.
Oppo Find X9 Ultra
Oppo Find X9 Ultra की सबसे खास बात इसका डुअल 200MP कैमरा सेटअप है. इसमें 200MP मेन और 200MP टेलीफोटो कैमरा के साथ 50MP अल्ट्रा वाइड और 50MP टेलीफोटो सेंसर मिलता है. फोन में 6.82 इंच LTPO AMOLED डिस्प्ले, Snapdragon 8 Elite Gen 5 चिपसेट और 7,050mAh बैटरी है, जो 100W SuperVOOC चार्जिंग सपोर्ट करती है. इसके अलावा Oppo Reno 15 Pro Mini, Realme 16 Pro+, Realme 16 Pro, Redmi Note 15 Pro और Vivo V70 FE भी 200MP कैमरा वाले 2026 के मॉडल्स में शामिल हैं. इनमें अलग-अलग कीमत और फीचर्स के साथ 200MP मेन कैमरा दिया गया है.&amp;nbsp;
यह भी पढ़ें - OpenAI ने शुरू किया GPT-6 Astra का रोलआउट! जानें कितना ताकतवर है ये नया मॉडल ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 09:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>कैमरा, लवर्स, के, लिए, बेस्ट, 200MP, वाले, नए, स्मार्टफोन, जानें, पूरी, लिस्ट</media:keywords>
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        <title>फोन नहीं हो रहा ऑन? इन 6 तरीकों से करें Fix</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/फोन-नहीं-हो-रहा-ऑन-इन-6-तरीकों-से-करें-fix</link>
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        <description><![CDATA[ फोन नहीं हो रहा ऑन? इन 6 तरीकों से करें Fix ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 09:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>फोन, नहीं, हो, रहा, ऑन, इन, तरीकों, से, करें, Fix</media:keywords>
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        <title>एंटीलिया में जन्माष्टमी की धूम, कृष्ण भजनों पर झूम उठीं नीता अंबानी संग बहुएं</title>
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        <description><![CDATA[ बिजनसमैन मुकेश अंबानी का परिवार अपनी लग्जरी लाइफस्टाइल के साथ-साथ त्योहारों को पारंपरिक अंदाज में मनाने के लिए भी मशहूर है. हर साल की तरह इस बार भी मुंबई स्थित अपने आलीशान घर एंटीलिया (Antilia) में अंबानी परिवार ने जन्माष्टमी का त्योहार बेहद खास अंदाज में मनाया है. एंटीलिया में हुए इस सेलिब्रेशन की कुछ झलकियां अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, जिनमें परिवार की महिलाएं भगवान कृष्ण भक्ति में डूबी हुई नजर आ रही हैं.
दरअसल, जन्माष्टमी के इस खास मौके पर नीता अंबानी अपनी बेटी ईशा अंबानी और बहुओं श्लोका मेहता व राधिका मर्चेंट के साथ भक्ति गीतों पर नृत्य करती काफी खूबसूरत अंदाज में दिखाई दे रही है. लेकिन पूजा के लिए तैयार नीता अंबानी हमेशा की तरह अपने खूबसूरत ट्रेडिशनल लुक के कारण लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रही है.&amp;nbsp;
कृष्ण भजनों पर साथ झूमीं अंबानी परिवार की महिलाएं
जन्माष्टमी सेलिब्रेशन के मौके पर अंबानी परिवार की महिलाओं ने कृष्ण भक्ति में काफी रंग जमाया. वहीं वीडियो में नीता अंबानी भगवान कृष्ण की पूजा करती दिखाई दे रही हैं, जबकि ईशा अंबानी, श्लोका मेहता और राधिका मर्चेंट &amp;nbsp;भी भक्ति के रंग में रंगी हुई नजर आई.&amp;nbsp;
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एक्वा-ब्लू बांधनी साड़ी में दिखा नीता अंबानी का रॉयल अंदाज
जन्माष्टमी के इस खास मौके पर नीता अंबानी ने एक्वा-ब्लू रंग की बेहद खूबसूरत बांधनी साड़ी पहनी. साड़ी पर गोल्डन जरी का बारीक वर्क और गुलाबी बॉर्डर इसकी खूबसूरती को और खास बना रहा था. ट्रेडिशनल गुजराती स्टाइल में साड़ी का फ्रंट पल्लू कैरी किया गया था, जिससे उनका पूरा लुक बेहद एलिगेंट नजर आया.&amp;nbsp;
साड़ी के साथ मैचिंग ब्लाउज ने उनके एथनिक लुक को और ज्यादा निखार दिया. ब्लाउज में स्कूप नेकलाइन और हाल्फ स्लीव्स का डिजाइन देखने को मिला. हालांकि नीता अंबानी ने अपने लुक को डायमंड नेकलेस, मैचिंग ईयररिंग्स और मांग टीके से पूरा किया.
फूलों और रोशनी से सजा एंटीलिया
जन्माष्टमी के मौके पर अंबानी परिवार के घर एंटीलिया को भी खास तरीके से सजाया गया. घर के अंदर भगवान कृष्ण की पूजा के लिए विशेष व्यवस्था की गई. सजावट में फूलों, दीयों और रोशनी का इस्तेमाल किया गया, जिससे पूरा माहौल बेहद भक्तिमय नजर आया.
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 ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 08:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>एंटीलिया, में, जन्माष्टमी, की, धूम, कृष्ण, भजनों, पर, झूम, उठीं, नीता, अंबानी, संग, बहुएं</media:keywords>
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        <title>RBI ने 5 कंपनियों पर ठोका 27 लाख का जुर्माना, नियम ताक पर रखना पड़ा भारी</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/rbi-ने-5-कंपनियों-पर-ठोका-27-लाख-का-जुर्माना-नियम-ताक-पर-रखना-पड़ा-भारी</link>
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        <description><![CDATA[ भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने हाल ही में रेगुलेटरी नियमों का पालन नहीं करने पर 5 कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है. केंद्रीय बैंक ने अलग-अलग मामलों में इन कंपनियों पर कुल करीब 45 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. हालांकि, इस लिस्ट में ट्रांसयूनियन सिबिल, CRIF हाई मार्क क्रेडिट इन्फॉर्मेशन सर्विसेज, इक्विफैक्स क्रेडिट इन्फॉर्मेशन सर्विसेज, सम्मान फिनसर्व और हिंदुजा लीलैंड फाइनेंस शामिल किए गए हैं.&amp;nbsp;
RBI की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, इस मामले में अलग-अलग नियमों की अनदेखी पाए जाने के कारण ही यह कारवाई की गई है. इसमें कुछ कंपनियों की ओर से रेगुलेटरी जरूरतों को पूरा करने में कुछ खमियां सामने आई थीं, जिसके बाद ही इस पर मौद्रिक जुर्माना के तौर पर लगाया गया.&amp;nbsp;
किस कंपनी पर कितना जुर्माना लगा?
RBI की इस कारवाई में अलग-अलग कंपनियों पर अलग-अलग रकम का जुर्माना लगाया है.

ट्रांसयूनियन सिबिल पर 26,82,800 रुपये&amp;nbsp;
CRIF हाई मार्क क्रेडिट इन्फॉर्मेशन सर्विसेज पर 6,89,600 रुपये&amp;nbsp;
इक्विफैक्स क्रेडिट इन्फॉर्मेशन सर्विसेज पर 1,19,400 रुपये
&amp;nbsp;सम्मान फिनसर्व पर 4.20 लाख रुपये&amp;nbsp;
हिंदुजा लीलैंड फाइनेंस पर 6.20 लाख रुपये

एंटीलिया में जन्माष्टमी की धूम, कृष्ण भजनों पर झूम उठीं नीता अंबानी संग बहुएं
क्रेडिट ब्यूरो पर क्यों हुई RBI की कार्रवाई?
RBI के मुताबिक, ट्रांसयूनियन सिबिल, CRIF हाई मार्क और इक्विफैक्स क्रेडिट इंफॉर्मेशन सर्विसेज जैसी ये तीन कंपनियां कुछ शिकायतकर्ताओं को तय समय के भीतर मुआवजा की रकम देने में नाकाम रही थीं. यही वजह है कि RBI ने इन पर मौद्रिक जुर्माना लगाया है.
बाकी दो कंपनियों से क्या हुई गलती?
RBI का कहना है कि बाकी दो कंपनियां से क्रेडिट रिपोर्टिंग और लोन प्राइसिंग से जुड़े नियमों में चूक हुई थी.
सम्मान फिनसर्व ने अपने एक कर्जदार से जुड़ी क्रेडिट जानकारी को Central Repository of Information on Large Credits (CRILC) में रिपोर्ट नहीं किया था. वहीं, हिंदुजा लीलैंड फाइनेंस के मामले में माइक्रोफाइनेंस लोन की कीमत तय करने से जुड़ी बोर्ड से मंजूर नीति को सही तरीके से लागू नहीं किया गया था. इसी नियम के उल्लंघन पर कंपनी के खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई की गई.
RBI ने जुर्माने को लेकर क्या कहा?
RBI के मुताबिक, यह कारवाई कंपनियों की ओर से रेगुलेटरी नियमों के पालन में मिली खामियों के आधार पर की गई है. हालांकि, इस जुर्माने का मतलब यह नहीं है कि RBI ने कंपनियों और उनके ग्रहकों के बीच हुए किसी लेन-देन या समझौते की वैधता पर कई टिप्पणी की है.&amp;nbsp;
मेड इन इंडिया हथियारों का दुनिया में जलवा! फिर भी क्यों पाकिस्तान से पीछे भारत?
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        <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 08:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>RBI, ने, कंपनियों, पर, ठोका, लाख, का, जुर्माना, नियम, ताक, पर, रखना, पड़ा, भारी</media:keywords>
    </item>
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        <title>घर संभालने के लिए पत्नी को सैलरी, पति के फैसले से इंटरनेट पर तहलका</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/घर-संभालने-के-लिए-पत्नी-को-सैलरी-पति-के-फैसले-से-इंटरनेट-पर-तहलका</link>
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        <description><![CDATA[ शादी के बाद घर संभालने की जिम्मेदारी अक्सर परिवार में किसी एक सदस्य, खासकर पत्नी के हिस्से में आती है. ऐसे में घर का खाना बनाना, सफाई करना, घर के सदस्यों की जरूरतों का ध्यान रखना और रोजमर्रा के काम संभालना किसी भी पत्नी के लिए आसान नहीं होता. हालांकि, इन कामों के बदले आमतौर पर कोई तय रकम नहीं मिलती. लेकिन क्या घर संभालने और परिवार की जिम्मेदारियां उठाने वाले काम की भी कोई आर्थिक कीमत होनी चाहिए? इस सवाल पर सोशल मीडिया पर तहलका मच गया है.&amp;nbsp;
पति-पत्नी के रिश्ते में घर के खर्च और पैसों को लेकर अक्सर अलग-अलग तरीके अपनाए जाते हैं. लेकिन इन दिनों सोशल मीडिया पर सामने आई एक अनोखी कहानी ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया, जिसमें एक पति अपनी हाउसवाइफ को घर संभालने के बदले हर महीने एक तय रकम देता है. बड़ी बात यह है कि वह पैसा पत्नी अपनी मर्जी से खर्च या सेव कर सकती है.&amp;nbsp;
क्या है पूरा वाक्य?
दरअसल, रेडिट पर एक यूजर ने अपने बड़े भाई और भाभी से जुड़ी इस कपल की अनोखी व्यवस्था के बारे में बताया. रेडिट पर शेयर की गई पोस्ट के मुताबिक, इस कपल में पति सरकारी अधिकारी हैं, जबकि उनकी पत्नी घर का पूरा काम संभालती हैं. पत्नी खाना बनाने, साफ सफाई और घर के रोजमर्रा के कामों की देखभाल करती हैं, जिसके बदले पति उन्हें हर महीने एक तय रकम देते हैं. वहीं पति किराना, बिजली बिल और के दूसरे जरूरी खर्चों की जिम्मेदारी अलग से उठाते हैं.
एंटीलिया में जन्माष्टमी की धूम, कृष्ण भजनों पर झूम उठीं नीता अंबानी संग बहुएं
घर के काम को दी आर्थिक मान्यता
यूजर ने बताया कि उनके भाई का मानना है कि घर संभालना भी काफी मेहनत वाला काम है. अगर इन्हीं जिम्मेदारियों के लिए बाहर से किसी कूक, सफाईकर्मी या हाउस मैनेजर रखा जाए, तो परिवार को इसके लिए पैसे खर्च करने पड़ेंगे. ऐसे में पत्नी द्वारा किए जाने वाले कामों को सिर्फ इसलिए बिना मूल्य का नहीं माना जानया चाहिए कि वह घर के अंदर किया जा रहा है.
इसलिए पत्नी को मिलने वाला यह रकम पूरी तरह उनका अपना होता है. वह इसे अपनी जरूरतों के मुताबिक खर्च कर सकती हैं, बचा सकती हैं या अपने माता-पिता को मदद के लिए भेज दसकती हैं. इसके लिए उन्हें पति से इजाजत लेने की जरूरत नहीं होनी चाहिए.
रेडिट पर लोगों ने क्या कहा?
इस पोस्ट के सामने के बाद कई यूजर्स ने इस व्यवस्था का समर्थन किया. कुछ लोगों का कहना है कि हाउसवाइफ के पास भी अपनी जरूरतों के स्वतंत्र रकम होना बेहद जरूरी है. वहीं, कुछ यूजर्स ने कहा कि घरेलू काम को अक्सर इसलिए नजरअंदाज कर दिया जाता है क्योंकि इसके बदले सीधे सैलरी नहीं मिलती.
RBI ने 5 कंपनियों पर ठोका 27 लाख का जुर्माना, नियम ताक पर रखना पड़ा भारी
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        <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 08:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>घर, संभालने, के, लिए, पत्नी, को, सैलरी, पति, के, फैसले, से, इंटरनेट, पर, तहलका</media:keywords>
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        <title>Apple के नए CEO को कितनी मिल रही सैलरी, टॉप&amp;5 सीईओ से कितनी कम?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/apple-के-नए-ceo-को-कितनी-मिल-रही-सैलरी-टॉप-5-सीईओ-से-कितनी-कम</link>
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        <description><![CDATA[ Apple में लंबे समय से टिम कुक की जगह लेने की चर्चा चल रही थी, और अब कंपनी ने आधिकारिक तौर पर अपने नए सीईओ का ऐलान कर दिया है. जॉन टर्नस ने टिम कुक की जगह कंपनी की कमान संभाल ली है. टिम कुक अब कंपनी के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन की भूमिका में आ गए हैं. इसके साथ ही एप्पल ने अमेरिकी बाजार नियामक SEC के पास दाखिल फाइलिंग में दोनों के नए वेतन पैकेज की जानकारी भी सार्वजनिक कर दी है.
नए CEO जॉन टर्नस की सैलरी
जॉन टर्नस को कुल मिलाकर करीब 58 मिलियन डॉलर, यानी लगभग 551 करोड़ रुपये का सालाना पैकेज दिया गया है. इसमें उनकी बेसिक सैलरी 3 मिलियन डॉलर सालाना रखी गई है. इसके अलावा उन्हें 2026 के बचे हुए महीनों के लिए 2.5 मिलियन डॉलर का स्टॉक अवॉर्ड मिलेगा, क्योंकि वे साल के बीच में सीईओ बने हैं.
वित्त वर्ष 2027 के लिए उनका इक्विटी अवॉर्ड 55 मिलियन डॉलर के लक्ष्य पर तय किया गया है. इस इक्विटी का 75 फीसदी हिस्सा कंपनी के प्रदर्शन से जुड़ा है, यानी यह इस बात पर निर्भर करेगा कि एप्पल के शेयर एस एंड पी 500 की दूसरी बड़ी कंपनियों की तुलना में कैसा प्रदर्शन करते हैं. बाकी 25 फीसदी हिस्सा अगले चार साल में हर छह महीने में बराबर किस्तों में मिलेगा.
पूर्व बॉस टिम कुक की अब कितनी है सैलरी?
वहीं टिम कुक, जो अब एग्जीक्यूटिव चेयरमैन बन गए हैं, उन्हें 2 मिलियन डॉलर सालाना सैलरी के साथ 45 मिलियन डॉलर का इक्विटी अवॉर्ड मिलेगा. नई भूमिका में टिम कुक का ज्यादातर समय दुनियाभर की सरकारों और नीति-निर्माताओं के साथ एप्पल के रिश्तों को संभालने में जाएगा. इससे पहले वित्त वर्ष 2025 में सीईओ के तौर पर टिम कुक का कुल वेतन पैकेज करीब 74.3 मिलियन डॉलर था.
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दुनिया के टॉप-5 सीईओ से कितनी कम है टर्नस की सैलरी?
भले ही टर्नस एप्पल जैसी दिग्गज कंपनी को संभाल रहे हैं, लेकिन जब बात दुनिया के सबसे महंगे सीईओ से तुलना की आती है, तो उनका पैकेज काफी पीछे रह जाता है. टेक और ऑटो जगत के टॉप-5 सीईओ के सामने एप्पल के नए बॉस की सैलरी काफी कम दिखती है.
एलोन मस्क (Tesla)- टेस्ला के मालिक और सीईओ एलोन मस्क का पे-पैकेज दुनिया में सबसे बड़ा है. उनका 56 बिलियन डॉलर करीब 4.7 लाख करोड़ रुपये का स्टॉक पैकेज चर्चाओं में रहा है.
सुंदर पिचाई (Google)- गूगल के भारतीय मूल के सीईओ सुंदर पिचाई का सालाना पैकेज अक्सर 200 मिलियन डॉलर करीब 1,600 से 1,800 करोड़ रुपये के पार चला जाता है. सुंदर पिचाई की तुलना में टर्नस की सैलरी करीब तीन से चार गुना कम है.
सत्या नडेला (Microsoft)- माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला का सालाना पैकेज 50 से 70 मिलियन डॉलर के बीच रहता है, लेकिन कुछ खास वर्षों में बोनस मिलाकर यह टर्नस के मुकाबले काफी ज्यादा हो जाता है.&amp;nbsp;
सफरा कैट्स (Oracle) और निकेश अरोड़ा (Palo Alto Networks)- दुनिया के सबसे अमीर सीईओ की सूची में शामिल इन दिग्गजों का कुल सालाना पैकेज शेयर और इंसेंटिव को मिलाकर आसानी से 100 मिलियन डॉलर करीब 840 करोड़ रुपये से ऊपर निकल जाता है, जो टर्नस के 58 मिलियन डॉलर से लगभग दोगुना है.&amp;nbsp;
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        <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 02:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>कमर्शियल पायलट या फाइटर पायलट... किसकी सैलरी ज्यादा, जानें कमाई?</title>
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        <description><![CDATA[ 2019 में पाकिस्तान के एफ 16 लड़ाकू विमान को मार गिराने के बाद पूरी दुनिया में चर्चा में आए भारतीय वायु सेना के पूर्व फाइटर पायलट अभिनंदन वर्धमान अब अपने करियर की नई पारी शुरू कर चुके हैं. 22 साल तक भारतीय वायुसेना में सेवा देने वाले पूर्व ग्रुप कैप्टन और वीर चक्र से सम्मानित अभिनंदन ने 31 मार्च 2026 को समय से पहले रिटायरमेंट लिया और अब गोवा की क्षेत्रीय एयरलाइन FLY91 के कमर्शियल पायलट के तौर पर जुड़ गए हैं.
अगस्त 2026 में FLY91 से जुड़ने के बाद अभिनंदन फिलहाल कमर्शियल पायलट की ट्रेनिंग ले रहे हैं. फाइटर जेट के कॉकपिट से एयरलाइंस के कॉकपिट तक का यह बदलाव उनके करियर का एक बड़ा मोड़ रहा है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि कमर्शियल पायलट या फाइटर पायलट किसकी सैलरी ज्यादा होती है.&amp;nbsp;
कैसे तय होती है एयरफोर्स पायलट की सैलरी?
एयरफोर्स पायलट की सैलरी एक्सपीरियंस और जिम्मेदारी के आधार पर तय होती है. इसमें अलग-अलग भत्ते भी शामिल होते हैं. वहीं करियर की शुरुआत में सैलरी इसमें कम होती है, लेकिन एक्सपीरियंस बढ़ने के साथ इसमें सैलरी में लगातार बढ़ोतरी होती रहती है.&amp;nbsp;
IAF में ग्रुप कैप्टन की कितनी होती है सैलरी?&amp;nbsp;
भारतीय वायु सेना में ग्रुप कैप्टन का एक वरिष्ठ अधिकारी का पद होता है. इस पद पर अधिकारियों को हर महीने करीब 1,30,600 रुपये से 2,15,900 तक सैलरी मिलती है. हालांकि, एयरफोर्स अधिकारी की कमाई केवल बेसिक सैलरी तक सीमित नहीं होती. पद, एक्सपीरियंस और जिम्मेदारियों के आधार पर अलग-अलग भत्ते भी इसमें मिलते हैं. इनमें महंगाई भत्ता, मकान या HRA ट्रांसपोर्ट और दूसरे भत्ते शामिल हैं. इसके अलावा मेडिकल सुविधा पेंशन और रिटायरमेंट से जुड़े दूसरे लाभ भी इसमें मिलते हैं.&amp;nbsp;
कैसी होती है कमर्शियल पायलट की सैलरी?&amp;nbsp;
वहीं, एयरफोर्स के विपरीत कमर्शियल पायलट की सैलरी इस बात पर निर्भर करती है कि वह किस एयरलाइन में काम कर रहा है. इसके अलावा उसने कितने फ्लाइंग ऑवर पूरे कर लिए हैं और उसका पद क्या है. इन चीजों के आधार पर कमर्शियल पायलट की सैलरी अलग-अलग होती है.
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कमर्शियल पायलट की शुरुआती सैलरी&amp;nbsp;
कमर्शियल एविएशन में पायलट की कमाई उसके पद और एक्सपीरियंस के अनुसार बढ़ती जाती है. एयरलाइन में शामिल होने के बाद पायलट को शुरुआत में ट्रेनिंग से गुजरना पड़ता है. इस दौरान आमतौर पर 63,000 से 65,000 प्रतिमाह तक सैलरी मिलती है. ट्रेनिंग के बाद जब पायलट जूनियर फर्स्ट ऑफिसर के तौर पर काम शुरू करता है, तो उसकी महीने की सैलरी 1 लाख से डेढ़ लाख रुपये होती है. वहीं यह सैलरी अलग-अलग एयरलाइन के हिसाब से कम या ज्यादा भी हो सकती है. वहीं प्रमोशन के साथ ही कमर्शियल पायलट की सैलरी में भी बढ़ोतरी होती है.&amp;nbsp;
कैप्टन बनने के बाद लाखों में पहुंचती है सैलरी&amp;nbsp;
कमर्शियल पायलट के करियर में कैप्टन का पद महत्वपूर्ण माना जाता है. कैप्टन के पास विमान के साथ यात्रियों और पूरी उड़ान की जिम्मेदारी होती है. भारत में कई कैप्टन की महीने की सैलरी करीब 6 लाख से 12 लाख रुपये से भी ज्यादा होती है.
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        <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 02:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>टेक्नोलॉजी के दौर में बिना AI और गैजेट्स के पढ़ाई, University of Chicago ने बदले नियम</title>
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        <description><![CDATA[ आज के समय में जब पढ़ाई से लेकर असाइनमेंट और रिसर्च तक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल डिवाइस का इस्तेमाल बढ़ता जा रहा है, अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो ने इससे अलग रास्ता अपनाने का फैसला किया है. यूनिवर्सिटी के सोशल साइंस के छात्रों के लिए अब क्लासरूम का माहौल बहुत अलग होगा. 2026-27 के शैक्षणिक सत्र से सोशल साइंस कोर की क्लासेस को बड़े स्तर पर एनालॉग तरीके से चलाया जाएगा.
यानी छात्रों को क्लास के दौरान लैपटॉप, मोबाइल फोन और दूसरे पर्सनल गैजेट्स से दूरी रखनी होगी. इस व्यवस्था में पढ़ाई के लिए डिजिटल स्क्रीन की जगह मुख्य रूप से कागज पर उपलब्ध टेक्स्ट और आमने-सामने की बातचीत पर जोर दिया जाएगा.&amp;nbsp;
सोशल साइंस की कक्षा में नहीं चलेगा एआई&amp;nbsp;
यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो के सोशल साइंस कॉलेज डिवीजन की ओर से जारी नई गाइडलाइन के अनुसार सोशल साइंस कोर के छात्रों को आमतौर पर क्लास में व्यक्तिगत डिवाइस का इस्तेमाल नहीं करना होगा. इनमें लैपटॉप, मोबाइल फोन और वियरेबल डिवाइस भी शामिल है. बताया जा रहा है कि इन बदलावों से छात्रा कागज पर उपलब्ध टेक्स्ट के साथ पढ़ाई करेंगे और बिना किसी डिवाइस के क्लास रूम के डिस्कशन में हिस्सा लेंगे. वहीं असाइनमेंट पूरा करने में भी छात्रों को एआई की सहायता नहीं लेनी होगी.&amp;nbsp;
पढ़ाई में एनालॉग मॉडल पर जोर&amp;nbsp;
यूनिवर्सिटी की नई व्यवस्था का मकसद टेक्नोलॉजी को क्लास से बाहर करना नहीं है. सोशल साइंस कोर में चर्चा आधारित पढ़ाई होती है और यहां आमने-सामने संवाद को जरूरी माना जाता है. इस वजह से इन कोर्सेज को एआई और गैजेट्स से मुक्त वातावरण में पढ़ाने की दिशा में कदम उठाया गया है. एसएससीसीडी के अनुसार फैकल्टी के बीच इस बात पर मजबूत सहमति बनी है कि सोशल साइंस कोर को एआई के बिना पढ़ाया जाना बेहतर होगा.&amp;nbsp;
शिक्षकों के लिए एआई ग्रेडिंग पर रोक
नई नीति केवल छात्रों तक सीमित नहीं है. शिक्षकों के लिए भी एआई के इस्तेमाल को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं. इंस्ट्रक्टर को छात्रों की ग्रेडिंग के लिए एआई का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं होगी. इसके अलावा सोशल साइंस कोर्स के सिलेबस, एक्सपर्ट्स की ओर से तैयार कराए जाएंगे. जिसका मतलब है कि कोर्स में मानवीय एक्सपर्ट्स को प्राथमिकता दी जाएगी. &amp;nbsp;
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टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल की कुछ छूट भी मिलेगी&amp;nbsp;
यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो ने टेक्नोलॉजी पर पूरी तरह रोक नहीं लगाई. कुछ विशेष अकेडमिक की जरूरतों के लिए शिक्षक टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल की अनुमति मांग सकते हैं. डेटा सेट की जांच कोड में आ रही समस्याओं को दूर करने, टेक्स्ट में बदलाव करने या लाइब्रेरी संसाधनों तक पहुंचने जैसे खास एकेडमी कामों के लिए टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल की नौकरी की जा सकती है. इस तरह छात्रों को दिव्यांगता से जुड़ी सुविधाओं के तहत डिवाइस की जरूरत है, उन्हें भी इससे छूट दी जाएगी.&amp;nbsp;
क्या है सोशल साइंस कोर?
यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो का सोशल साइंस कोर उसके अंडर ग्रेजुएट जनरल एजुकेशन प्रोग्राम का हिस्सा है. छात्रों को अपने कोर रिक्वायरमेंट के तहत आमतौर पर सोशल साइंस की तीन कोर्स की एक सीक्वेंस पूरी करनी होती है. इन कक्षाओं को नए एनालॉग मॉडल के तहत पढ़ाने की दिशा में यूनिवर्सिटी आगे बढ़ रही है.
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        <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 02:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>MCD स्कूलों में शिक्षा और खेल का नया मॉडल: 24 स्कूल बनेंगे ‘निगमश्री’</title>
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        <description><![CDATA[ दिल्ली नगर निगम के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की पढ़ाई और खेल प्रतिभा को बढ़ावा देने के लिए अब स्कूलों के साथ-साथ पैरेंट्स की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है. नगर निगम की तरफ से सामने आई जानकारी के अनुसार तीन नई पहल शुरू करने की तैयारी है. &amp;nbsp;इनमें प्री प्राइमरी बच्चों की पढ़ाई में माता-पिता को जोड़ने की योजना, 12 जोन में 24 बेहतर प्रदर्शन करने वाले स्कूलों को निगमश्री स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करना और अंडर 9, अंडर 11 बच्चों के लिए मिनी स्पोर्ट्स लीग आयोजित करना शामिल है. निगम के अनुसार इन योजनाओं का उद्देश्य केवल स्कूलों की सुविधाओं में सुधार करना नहीं, बल्कि स्कूल, शिक्षक, पेरेंट्स और समुदाय के बीच बेहतर तालमेल बनाकर बच्चों के समग्र विकास को बढ़ावा देना है.&amp;nbsp;
प्रतिभागिता से घर तक पहुंचेगी पढ़ाई&amp;nbsp;
दरअसल MCD शिक्षा विभाग प्रतिभागिता नाम से पहले शुरू कर रहा है. इसके लिए रॉकेट लर्निंग नाम के एनजीओ के साथ सहयोग किया गया है. इस योजना में तकनीकी के जरिए अभिभावकों तक बच्चों की पढ़ाई से जुड़ी सामग्री, जरूरी सूचनाएं और शिक्षा में उनकी भागीदारी बढ़ाने वाले मैसेज भेजे जाएंगे. प्राइमरी बच्चों के माता-पिता को घर पर बच्चों के साथ कराई जाने वाली खेल आधारित एक्टिविटी भेजी जाएगी. ऑडियो-वीडियो के जरिए माता-पिता को बताया जाएगा बच्चों की शुरुआती शिक्षा में वह किस तरह मदद कर सकते हैं. वहीं स्कूल की एक्टिविटी और विभागीय योजनाओं की जानकारी भी नियमित रूप से पेरेंट्स तक पहुंचाई जाएगी. इसमें बच्चों से जुड़ी जरूरी सूचनाएं पेरेंट्स को दी जाएगी. MCD की योजनाओं और स्कूल से जुड़े अपडेट शेयर किए जाएंगे. इसके अलावा नियमित संवाद के जरिए स्कूल और परिवार के बीच संबंध मजबूत करने पर भी जोर रहेगा.&amp;nbsp;
12 जोन में बनेंगे 24 निगमश्री स्कूल&amp;nbsp;
MCD &amp;nbsp;के करीब 7 लाख बच्चों वाले शहरी प्राथमिक शिक्षा तंत्र में गुणवत्ता सुधार के लिए 24 निगमश्री स्कूल ऑफ एक्सीलेंस विकसित किए जाएंगे. एमसीडी के 12 जोन में से प्रत्येक जोन से दो बेहतर प्रदर्शन करने वाले स्कूल इसमें चुने जाएंगे. इन स्कूलों को दूसरे स्कूलों के लिए मॉडल के रूप में भी विकसित किया जाएगा. &amp;nbsp;
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चुने गए स्कूलों की यह होगी खासियत
हर एक चुने गए निगमश्री स्कूल को आसपास के 3 से 5 MCD &amp;nbsp;स्कूलों के लिए अकेडमिक सहयोगी केंद्र के रूप में भी विकसित किया जाएगा. यहां एक्टिविटी आधारित पढ़ाई पर जोर होगा और कक्षा 3 तक बच्चों में पढ़ने-लिखने और गणित की बुनियादी क्षमता मजबूत करने का टारगेट रखा गया है. हर निगम श्री स्कूल में कम से कम दो स्मार्ट क्लासरूम, बेहतर लाइब्रेरी और खेल सुविधाएं विकसित की जाएगी. इसके अलावा परिसर को बच्चों के अनुकूल और हरा भरा बनाने के साथ दिव्यांग बच्चों के लिए रैंप जैसी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर रहेगा. वहीं प्रिंसिपल और शिक्षकों के लिए नियमित ट्रेनिंग की व्यवस्था होगी. शिक्षकों को हर साल कम से कम 50 घंटे का प्रोफेशनल डेवलपमेंट की ट्रेनिंग दी जाएगी. पेरेंट्स, पूर्व छात्रों और समुदाय को जोड़ने के लिए विद्यांजलि जैसे प्लेटफार्म का इस्तेमाल भी किया जाएगा.&amp;nbsp;
अंडर 9 और अंडर 11 बच्चों के लिए मिनी स्पोर्ट्स लीग&amp;nbsp;
शिक्षा के साथ खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए MCD मिनी लीग भी शुरू करेगा. शुरुआत में अंडर 9 और अंडर 11 आयु वर्ग के बच्चों पर फोकस रहेगा. इसके लिए स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर और टैलेंट डेवलपमेंट सोसाइटी के साथ साझेदारी की जा रही है. लीग में फुटबॉल और क्रिकेट प्रतियोगिता के साथ बच्चों की शारीरिक फिटनेस का आकलन भी किया जाएगा. मैच और खिलाड़ियों के प्रदर्शन का डिजिटल रिकॉर्ड भी तैयार होगा और बच्चों को डिजिटल प्रमाण पत्र दिए जाएंगे. MCD &amp;nbsp;के शारीरिक शिक्षा शिक्षक और नोडल शिक्षक स्थानीय कोच और तकनीकी सहयोगी के तौर पर जुड़ेंगे.
इसके लिए मौजूदा MCD &amp;nbsp;खेल मैदान का इस्तेमाल किया जाएगा. सीएसआर के जरिए खेल किट, डिवाइस और छात्रवृत्ति जुटाने की योजना भी है. निगम के अनुसार इस पहल के तहत 1400 से ज्यादा MCD &amp;nbsp;छात्रों को दिल्ली एनसीआर की खेल अकादमियों के 4500 से ज्यादा बच्चों के साथ कंपटीशन करने का मौका मिलेगा. वहीं इससे खिलाड़ियों के प्रदर्शन और फिटनेस से जुड़ा डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जाएगा, जिससे फ्यूचर में प्रतिभाशाली बच्चों की पहचान और उनकी प्रगति पर नजर रखना आसान होगा.
ये भी पढ़ें-टेक्नोलॉजी के दौर में बिना AI और गैजेट्स के पढ़ाई, University of Chicago ने बदले नियम ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 02:30:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>ऑनलाइन Grocery खरीदते हैं? अब हर सामान पर दिखेगी ‘Best Before’ डेट</title>
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        <description><![CDATA[ आजकल घर बैठे Grocery मंगाना लोगों के लिए बेहद आसान हो गया है. आटा, दाल और तेल से लेकर दूध, बिस्किट तक सभी चीजें कुछ ही मिनटों में घर आ जाती हैं. लेकिन अक्सर ऑनलाइन खरीदारी में लोगों को एक समस्या होती है कि उन्हें सामान खरीदने से पहले यह पता नहीं चलता कि उसकी Best Before या Use By Date क्या है.
ऐसे में सरकार ने ऑनलाइन Grocery और Quick Commerce प्लेटफॉर्म पर बिकने वाले खाद्य उत्पादों की तारीख से जुड़ी जानकारी ग्राहकों को आसानी से उपलब्ध कराने की दिशा में कदम बढ़ाया है. इसका उदेश्य ग्राहकों को सामान ऑर्डर करने से पहले ही उसकी इस्तेमाल की अवधि के बारे में बताना है.
अब तक क्या हो रहा था?
दुकान से सामान खरीदते समय ग्राहक पैकेट उठाकर उसकी तारीख देख सकता है. अगर किसी बिस्किट, दूध या दूसरे पैकेज्ड फूड की Best Before Date बहुत करीब है तो वह दूसरा पैकेट चुन लेता है. लेकिन ऑनलाइन खरीदारी में ग्राहक के पास ऐसा विकल्प नहीं होता. स्क्रीन पर प्रोडक्ट की फोटो और दूसरी अन्य जानकारी दिखाई देती है, लेकिन कई मामलों में पैकेट पर छपी जरूरी तारीख साफतौर पर उपलब्ध नहीं होती. यही वजह है कि ग्राहक को कई बार सामान घर पहुंचने के बाद ही पता चलता है कि उसकी Best Before Date काफी नजदीक है.
सरकार क्यों कर रही है यह बदलाव?
हाल ही में इस मुद्दे को लेकर उपभोक्ता संगठन LocalCircles ने एक सर्वे किया था. सर्वे में बड़ी संख्या में ऑनलाइन Grocery खरीदने वाले लोगों ने बताया कि उन्हें प्लेटफॉर्म पर प्रोडक्ट की Best Before Date पहले से दिखाई नहीं देती. रिपोर्ट के मुताबिक, जून 2026 में आठ बड़े ऑनलाइन Grocery प्लेटफॉर्म की जांच की गई थी. इनमें से पांच प्लेटफॉर्म पर Best Before Date से जुड़ी जानकारी को लेकर कमी पाई गई. FSSAI के नियमों में ऑनलाइन बेचे जाने वाले खाद्य उत्पादों के लिए कम से कम 30 प्रतिशत Shelf Life या 45 दिन की बची अवधि बताने का प्रावधान है.
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Best Before और Use By में क्या अंतर होता है?
ग्राहकों के लिए इन दोनों शब्दों को समझना भी जरूरी है. Best Before आमतौर पर उस समय को बताता है जब तक किसी उत्पाद की गुणवत्ता बेहतर रहने की उम्मीद होती है. वहीं Use By/Expiry तारीख उत्पाद की निर्धारित उपयोग अवधि से जुड़ी होती है. इसलिए ऑनलाइन खरीदारी करते समय सिर्फ प्रोडक्ट का नाम, कीमत या डिस्काउंट देखना काफी नहीं है. तारीख और Shelf Life की जानकारी देखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है.
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        <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 01:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Suhagrat Paan Tradition: सुहागरात पर क्यों खिलाया जाता है पान? जानें असली वजह</title>
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        <description><![CDATA[ Why Eating Paan On Wedding Night: भारत में पान खाने का चलन प्राचीन समय से रहा है. पहले के दौर में घर-घर में पान रखा जाता था और मेहमानों को भी पान खिलाकर उनका स्वागत किया जाता था. समय बदला तो रोजाना पान खाने वालों की संख्या कम होती गई, लेकिन शादी-विवाह जैसे खास मौकों पर पान की परंपरा आज भी बनी हुई है. खासकर नवविवाहित जोड़ों से जुड़ी रस्मों में पान का अपना अलग महत्व माना जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर सुहाग रात के दिन पान क्यों खाया या खिलाया जाता है? इसके पीछे सिर्फ एक नहीं बल्कि परंपरा और मान्यताओं से जुड़े कई कारण बताए जाते हैं.
शादी की रस्मों में क्यों शामिल है पान?
भारतीय कल्चर में पान को शुभ माना जाता है. पूजा-पाठ से लेकर शादी-विवाह तक कई रस्मों में पान के पत्ते का इस्तेमाल किया जाता है. मेहमानों को भोजन के बाद पान खिलाने की भी पुरानी परंपरा रही है. शादी के बाद नवविवाहित जोड़े को पान देना भी कई जगहों की परंपरा का हिस्सा है. सुहाग रात के मौके पर पान को प्रेम और दांपत्य जीवन की नई शुरुआत से जोड़कर देखा जाता है. पुराने समय में यह माना जाता था कि पान नवविवाहित जोड़े के बीच प्रेम और अपनापन बढ़ाने का प्रतीक है. हालांकि, हर जगह सुहाग रात में पान खिलाने की एक जैसी रस्म नहीं होती. अलग-अलग राज्यों और परिवारों में इसे लेकर अपनी-अपनी परंपराएं हैं.

क्या कामेच्छा बढ़ाने के लिए खिलाया जाता है पान?
पारंपरिक मान्यताओं में पान को कामेच्छा से भी जोड़कर देखा जाता रहा है. यही वजह है कि सुहाग रात में पान खिलाने के पीछे यह कारण भी बताया जाता है. पुराने समय में लोगों का मानना था कि पान खाने से शरीर में ताजगी आती है और यह दांपत्य जीवन की शुरुआत के लिए अच्छा माना जाता है. हालांकि, पान खाने से कामेच्छा बढ़ती है, इस बात के पर्याप्त साइंटफिक प्रमाण मौजूद नहीं हैं. सुहाग रात में पान खाने की परंपरा को मुख्य रूप से पुरानी मान्यताओं और सांस्कृतिक रस्मों से जोड़कर देखा जाता है.
मुंह की ताजगी के लिए भी खाया जाता है पान
पान खाने की एक बड़ी वजह मुंह में ताजगी महसूस होना भी है. खासतौर पर मीठे पान में सौंफ, इलायची, नारियल और गुलकंद जैसी चीजें डाली जाती हैं. ये चीजें पान के स्वाद और खुशबू को बढ़ाने का काम करती हैं. इलायची और सौंफ की खुशबू के कारण पान खाने के बाद मुंह में ताजगी महसूस हो सकती है. यही कारण है कि पहले भोजन के बाद पान खाने का चलन काफी आम था. शादी-ब्याह के दौरान भी दावत के बाद मेहमानों को पान दिया जाता था. सुहाग रात में भी पान को इसी तरह ताजगी और खास मौके से जोड़कर देखा जाता है.

आयुर्वेद में भी होता है पान के पत्ते का इस्तेमाल
पान के पत्ते का इस्तेमाल लंबे समय से पारंपरिक और आयुर्वेदिक तरीकों में किया जाता रहा है. पान के पत्तों में कई तरह के प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं, इसलिए अलग-अलग घरेलू नुस्खों में भी इसका उपयोग किया जाता रहा है. हालांकि, किसी बीमारी के इलाज के लिए सिर्फ पान के पत्ते पर निर्भर रहना सही नहीं है. मस्सों और त्वचा से जुड़ी समस्याओं के लिए भी पान के पत्ते के इस्तेमाल से जुड़े कई पारंपरिक नुस्खे प्रचलित हैं. इसी तरह फोड़े-फुंसियों के लिए पान के पत्ते को गर्म करके लगाने की सलाह भी पुराने घरेलू नुस्खों में दी जाती रही है. लेकिन इंफेक्शन त्वचा की गंभीर समस्या होने पर डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है.
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पान खाते समय इन बातों का रखें ध्यान
सुहागरात हो या कोई दूसरा खास मौका, पान खाते समय यह जानना जरूरी है कि हर तरह का पान सेहत के लिए फायदेमंद नहीं होता. तंबाकू, गुटखा और ज्यादा सुपारी वाले पान से बचना चाहिए. ये चीजें मुंह के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकती हैं और गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ा सकती हैं.
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        <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 01:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>बुखार उतर गया, लेकिन सीने की जकड़न नहीं गई? लक्षणों को न करें नजरअंदाज</title>
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        <description><![CDATA[ बुखार अक्सर संक्रमण के दौरान शरीर की एक सामान्य प्रतिक्रिया के रूप में आता है और कुछ दिनों में दवा लेने और आराम करने से ठीक भी हो जाता है. लेकिन अगर आपको बुखार उतरने के बाद भी सीने में जकड़न, भारीपन, खांसी या सांस लेने में परेशानी बनी रहती है तो ऐसे लक्षणों को केवल बुखार के बाद होने वाली कमजोरी मानना सही नहीं है.
सीने में जकड़न कई कारणों से हो सकते हैं. वायरल या बैक्टीरियल संक्रमण के बाद श्वसन तंत्र में सूजन और बलगम जमा होने से सांस लेने में असहजता महसूस होती है. वहीं कुछ लोगों में संक्रमण के बाद लंबे समय तक खांसी या छाती में भारीपन भी बना रहता है.
निमोनिया के हो सकते हैं लक्षण
फ्लू, वायरल संक्रमण या अन्य श्वसन संक्रमण के दौरान फेफड़ों और सांस की नलियों पर असर पड़ता है. कभी-कभी संक्रमण कम होने के बाद भी सूजन कुछ समय तक बनी रहती है, जिसकी वजह से छाती में जकड़न, सांस फूलना या खांसी की शिकायत रहती है. ऐसी स्थिति में कुछ मामलों में ब्रोंकाइटिस या निमोनिया जैसी समस्या भी हो सकती है. खासकर यदि बुखार दोबारा आने लगे, खांसी बढ़ रही हो या सांस लेने में परेशानी पहले से ज्यादा हो रही हो तो डॉक्टर से सलाह लेने में देरी नहीं करनी चाहिए.
किन लक्षणों पर तुरंत ध्यान दें?
अगर सीने में जकड़न के साथ सांस लेने में ज्यादा परेशानी, तेज सीने का दर्द, होंठ या चेहरा नीला पड़ना, बेहोशी, अत्यधिक कमजोरी या खून वाली खांसी जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं. इसी तरह, यदि बुखार उतरने के बाद फिर से तेज बुखार आता है, सांस लेने में तकलीफ बढ़ती है या सामान्य गतिविधियों के दौरान भी सांस फूलने लगती है तो इसे नजरअंदाज करना ठीक नहीं है.
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किन बातों का ध्यान रखें?
पर्याप्त आराम और पानी पीना रिकवरी में मदद करता है. बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक या स्टेरॉयड जैसी दवाएं शुरू न करें. संतुलित आहार खाएं और एक्टिव लाइफस्टाइल को अपनाएं. आज के समय में काम की वजह से लोगों को स्ट्रेस भी होता है. ऐसे में शारीरिक गतिविधि पर ध्यान दें और समय मिलने पर बाहर घूमने जाएं. वहीं बुखार उतरने के बाद भी अगर कोई गंभीर संक्रमण दिखाई दे रहे हैं, तो डॉक्टर से जरूर संपर्क करें.
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        <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 01:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>Gas Stove Flame: नीली से पीली हो गई गैस चूल्हे की लौ, न करें नजरअंदाज</title>
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        <description><![CDATA[ Why Gas Stove Flame Turns Yellow Or Red: गैस चूल्हे पर खाना बनाते समय अगर आपने कभी ध्यान दिया हो कि उसकी लौ पहले नीली थी, लेकिन अब पीली या लाल दिखाई देने लगी है, तो इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज न करें. गैस की लौ का रंग सिर्फ चूल्हे की सफाई या उसकी खूबसूरती से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि यह इस बात का संकेत भी हो सकता है कि गैस सही तरीके से नहीं जल रही.
आमतौर पर LPG गैस साफ और सही तरीके से जलती है, तो लौ नीली दिखाई देती है. इसका मतलब है कि गैस को जलने के लिए पर्याप्त ऑक्सीजन मिल रही है और दहन ठीक तरह से हो रहा है. वहीं, पीली या लाल लौ इस बात का संकेत हो सकती है कि गैस पूरी तरह नहीं जल रही है. ऐसी स्थिति में चूल्हे को लगातार इस्तेमाल करते रहना ठीक नहीं है, क्योंकि अधूरा दहन कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी खतरनाक गैस पैदा कर सकता है. इसके अलावा, पीली लौ से बर्तन के नीचे कालिख भी जम सकती है और गैस की खपत बढ़ सकती है.

गैस की लौ पीली क्यों हो जाती है?
गैस चूल्हे की लौ का रंग बदलने के पीछे कई कारण हो सकते हैं. सबसे आम वजह बर्नर में जमा गंदगी होती है. खाना बनाते समय तेल, मसाले, धूल और खाने के छोटे कण बर्नर के छोटे-छोटे छेदों में जमा हो सकते हैं. इससे गैस और हवा का सही मिश्रण प्रभावित होता है और लौ नीली के बजाय पीली दिखाई देने लगती है. कई बार गैस और हवा का अनुपात सही न होने पर भी ऐसा हो सकता है. गैस को पूरी तरह जलने के लिए पर्याप्त ऑक्सीजन चाहिए. अगर हवा कम मिल रही है, तो दहन अधूरा रह सकता है. गैस का कम दबाव, गैस की सप्लाई में किसी तरह की समस्या या चूल्हे के किसी हिस्से की गलत फिटिंग भी लौ का रंग बदल सकती है.

पीली लौ से कालिख क्यों जमती है?
अगर चूल्हे की लौ पीली है और कुछ समय बाद बर्तन के नीचे काले निशान दिखाई देने लगें, तो इसे भी चेतावनी के तौर पर लें. अधूरे दहन से कालिख बन सकती है, जो बर्तन के नीचे जमा होती है. कालिख सिर्फ बर्तनों को गंदा नहीं करती, बल्कि यह संकेत देती है कि गैस ठीक तरह से नहीं जल रही. ऐसी स्थिति में चूल्हे की कार्यक्षमता भी प्रभावित हो सकती है और सामान्य से ज्यादा गैस खर्च हो सकती है.
सबसे पहले बर्नर की सफाई करें
अगर लौ का रंग अचानक बदल गया है, तो सबसे पहले गैस बंद करें और चूल्हे को पूरी तरह ठंडा होने दें. इसके बाद बर्नर के हटाए जा सकने वाले हिस्सों को निकालकर साफ करें. गर्म पानी और हल्के साबुन की मदद से जमा तेल और गंदगी हटाई जा सकती है. बर्नर के छोटे छेदों में गंदगी फंसी हो, तो उन्हें सावधानी से साफ करें. किसी नुकीली चीज से छेद को बड़ा या नुकसान न पहुंचाएं. सफाई के बाद सभी हिस्सों को अच्छी तरह सुखाना जरूरी है. बर्नर में पानी या नमी रह जाने पर गैस जलाने में परेशानी हो सकती है.
गैस की सप्लाई और रेगुलेटर भी जांचें
अगर बर्नर साफ करने के बाद भी लौ पीली या लाल बनी हुई है, तो समस्या सिर्फ बर्नर में नहीं हो सकती. गैस का दबाव या सप्लाई भी इसकी वजह हो सकती है. ऐसी स्थिति में गैस की पाइप, रेगुलेटर और दूसरे कनेक्शन को खुद खोलकर या उनमें बदलाव करने के बजाय किसी योग्य गैस तकनीशियन से जांच करवाना बेहतर है. गैस से जुड़े हिस्सों के साथ प्रयोग करना जोखिम भरा हो सकता है.
चूल्हे के आसपास हवा का ध्यान रखें
गैस की लौ पर तेज हवा का असर भी पड़ सकता है. अगर चूल्हा खिड़की, दरवाजे या तेज हवा आने वाली जगह के पास रखा है, तो लौ अस्थिर हो सकती है. इसके साथ ही, खाना बनाते समय रसोई में पर्याप्त वेंटिलेशन होना जरूरी है. हवा आने-जाने के रास्ते बंद न रखें, ताकि दहन के दौरान पर्याप्त ऑक्सीजन मिलती रहे.
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कब एक्सपर्ट की मदद लें?
अगर बर्नर साफ करने के बाद भी लौ लगातार पीली या लाल दिखाई दे, बर्तन के नीचे कालिख जमती रहे या गैस जलने की स्थिति सामान्य न लगे, तो चूल्हे का इस्तेमाल जारी न रखें और योग्य तकनीशियन से जांच करवाएं. खासकर अगर गैस की गंध भी महसूस हो रही हो, तो इसे बिल्कुल नजरअंदाज न करें. गैस की सप्लाई बंद करके सुरक्षित तरीके से बाहर निकलें और जरूरत पड़ने पर संबंधित गैस सेवा या प्रशिक्षित तकनीशियन से मदद लें.
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        <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 01:30:06 +0530</pubDate>
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        <title>मसूड़ों की बीमारी से हो सकता है अल्जाइमर; नई रिसर्च में चौंकाने वाला दावा</title>
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        <description><![CDATA[ मशहूर साइंस जर्नल साइंस एडवांसेज में छपी एक रिसर्च ने पूरी दुनिया के डॉक्टरों और वैज्ञानिकों को हैरान कर दिया है. इस स्टडी के मुताबिक, मसूड़ों की गंभीर बीमारी पैदा करने वाला एक बैक्टीरिया अल्जाइमर यानी भूलने की बीमारी से पीड़ित मरीजों के दिमाग में पाया गया है. इस खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या मसूड़ों की बीमारी ही अल्जाइमर की मुख्य वजह है? आइए जानते हैं कि इस पूरी रिसर्च का सच क्या है और वैज्ञानिकों का इस पर क्या कहना है.
मसूड़ों के बैक्टीरिया का दिमाग से क्या है कनेक्शन?
इस पूरी रिसर्च के केंद्र में पोर्फिरोमोनस जिंजिवैलिस नाम का एक खतरनाक बैक्टीरिया है. यह बैक्टीरिया मसूड़ों की एक गंभीर और पुरानी बीमारी पीरियडोन्टाइटिस के लिए जिम्मेदार होता है. वैज्ञानिकों ने जब अल्जाइमर से मरने वाले लोगों के दिमाग के टिश्यूज की जांच की, तो उन्हें चौंकाने वाले नतीजे मिले. अल्जाइमर के करीब 96 प्रतिशत ब्रेन सैंपल्स में इस बैक्टीरिया द्वारा पैदा किए जाने वाले जहरीले एंजाइम्स मौजूद थे. इसके अलावा, कुछ जीवित मरीजों के ब्रेन फ्लूइड में भी इस बैक्टीरिया के डीएनए के अंश पाए गए हैं.
मुंह का बैक्टीरिया दिमाग तक पहुंचता कैसे है?
डॉक्टरों का कहना है कि जब हमारे मसूड़ों में गंभीर सूजन या संक्रमण होता है, तो वहां की महीन रक्त वाहिकाएं कमजोर हो जाती हैं. ब्रश करते समय या खाना चबाते समय ये बैक्टीरिया खून के बहाव में शामिल हो जाते हैं. खून के जरिए तैरते हुए ये बैक्टीरिया शरीर के बाकी हिस्सों और आखिरकार हमारे दिमाग तक पहुंच जाते हैं. दिमाग में पहुंचकर ये जहरीले एंजाइम्स न्यूरॉन्स को नुकसान पहुंचाते हैं और सूजन पैदा करते हैं, जिससे याददाश्त कमजोर होने का खतरा बढ़ जाता है.
चूहों पर किए गए प्रयोग में क्या दिखा?
वैज्ञानिकों ने इस थ्योरी को जांचने के लिए चूहों पर भी एक एक्सपेरिमेंट किया. जब चूहों के मुंह में इस बैक्टीरिया का इन्फेक्शन फैलाया गया, तो कुछ समय बाद यह बैक्टीरिया उनके दिमाग तक पहुंच गया. चूहों के दिमाग में जाते ही इसने एमाइलॉयड बीटा नाम के एक खराब प्रोटीन का निर्माण तेज कर दिया. बता दें कि यही वह प्रोटीन है जो अल्जाइमर के मरीजों के दिमाग में गुच्छे या प्लाक बनाता है. हालांकि, जब चूहों को इस एंजाइम को ब्लॉक करने वाली दवाएं दी गईं, तो उनके दिमाग में सूजन कम हो गई और कोशिकाएं सुरक्षित रहीं.
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क्या मसूड़ों की बीमारी ही अल्जाइमर का असली कारण है?
रिसर्च के ये आंकड़े सुनकर ऐसा लग सकता है कि दांत साफ न रखने से अल्जाइमर हो जाता है, लेकिन वैज्ञानिकों ने साफ किया है कि ऐसा बिल्कुल नहीं है. मसूड़ों के बैक्टीरिया और अल्जाइमर के बीच एक संबंध जरूर मिला है, लेकिन यह साबित नहीं हुआ है कि यही अल्जाइमर की मुख्य या इकलौती वजह है.&amp;nbsp;
अल्जाइमर एक बेहद जटिल बीमारी है, जो बुढ़ापे, हाई ब्लड प्रेशर और दिमाग में प्रोटीन का संतुलन बिगड़ने जैसे कई कारणों से मिलकर होती है. इंसानों पर किए गए बड़े क्लिनिकल ट्रायल में इस बैक्टीरिया को मारने वाली दवाएं अल्जाइमर के मरीजों को पूरी तरह ठीक करने में पूरी तरह सफल नहीं हो पाईं.
क्यों महत्वपूर्ण है यह नई रिसर्च?
भले ही यह सीधे तौर पर मुख्य कारण न हो, लेकिन इस रिसर्च ने मेडिकल साइंस के लिए एक नया रास्ता खोल दिया है. अब वैज्ञानिक इस बात की गहराई से जांच कर रहे हैं कि क्या शरीर के अंदरूनी इन्फेक्शन और सूजन को कंट्रोल करके दिमाग की सेहत को बेहतर रखा जा सकता है.
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        <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 01:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>6 सितंबर की रात 7:29 बजे लग जाएगी एकादशी, क्या उसी समय छोड़ना होगा अन्न?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/6-सितंबर-की-रात-729-बजे-लग-जाएगी-एकादशी-क्या-उसी-समय-छोड़ना-होगा-अन्न</link>
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        <description><![CDATA[ Aja Ekadashi 2026: अजा एकादशी का व्रत 7 सितंबर 2026, सोमवार को रखा जाएगा. पंचांग के अनुसार एकादशी तिथि 6 सितंबर की शाम 7:29 बजे शुरू होगी और 7 सितंबर की शाम करीब 5:03 बजे समाप्त होगी. ऐसे में बड़ा सवाल है कि क्या रविवार को रात का खाना खाया जा सकता है या शाम 7:29 बजे से पहले ही अन्न छोड़ना होगा?
इसका सीधा जवाब है, अगर अजा एकादशी का व्रत पूरे धार्मिक नियम से रखना है तो भोजन छोड़ने के लिए रात 7:29 बजे का इंतजार नहीं करना चाहिए. दशमी के दिन सूर्यास्त से पहले हल्का और सात्विक भोजन करना श्रेष्ठ माना गया है. हालांकि सामान्य रूप से केवल एकादशी के दिन अन्न न खाने का नियम मानने वाले लोग 6 सितंबर को तिथि शुरू होने से पहले भोजन कर सकते हैं.
&amp;nbsp;7 सितंबर को ही क्यों रखा जाएगा अजा एकादशी व्रत?
एकादशी तिथि 6 सितंबर की शाम से शुरू हो रही है, लेकिन उस दिन सूर्योदय के समय दशमी तिथि रहेगी. 7 सितंबर को सूर्योदय एकादशी तिथि में होगा. सनातन परंपरा में अधिकांश व्रत उदया तिथि के आधार पर रखे जाते हैं. इसलिए अजा एकादशी का मुख्य व्रत 7 सितंबर को किया जाएगा.
यह भी पढें- Aja Ekadashi 2026: एकादशी व्रत 24 घंटे के लिए क्यों रखते हैं, शास्त्रों से जानें इसका असली महत्व
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प्रचलित पंचांग गणना के अनुसार एकादशी तिथि 6 सितंबर को शाम 7:29 बजे से 7 सितंबर को शाम करीब 5:03 बजे तक रहेगी. पंचांग और शहर के अनुसार समय में कुछ मिनट का अंतर संभव है.
क्या 6 सितंबर को रात का खाना खा सकते हैं?
यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप व्रत किस स्तर पर रखते हैं.
धार्मिक विधि से पूर्ण एकादशी व्रत रखने वाले व्यक्ति को दशमी यानी 6 सितंबर को सूर्यास्त से पहले केवल एक बार सात्विक भोजन कर लेना चाहिए. इसे &amp;lsquo;दशमी का एकभुक्त भोजन&amp;rsquo; कहा जाता है. भोजन हल्का हो और उसमें प्याज, लहसुन, मांस-मदिरा तथा अधिक मसालेदार चीजें न हों. सूर्यास्त के बाद अन्न न लेना श्रेष्ठ माना गया है. पारंपरिक रूप से एकादशी का अनुशासन दशमी से शुरू होकर द्वादशी के पारण तक चलता है.
इस हिसाब से व्रती को यह नहीं सोचना चाहिए कि 7:29 बजे तक भरपेट भोजन किया जा सकता है. 6 सितंबर को सूर्यास्त से पहले हल्का सात्विक भोजन करना अधिक उचित होगा.
जो व्यक्ति पूर्ण उपवास नहीं रखता और केवल एकादशी तिथि में अन्न छोड़ता है, वह अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार शाम 7:29 बजे से पहले भोजन समाप्त कर सकता है. तिथि शुरू होने के बाद चावल, गेहूं, दाल और दूसरे अनाज छोड़ देने चाहिए. इसके बाद जरूरत होने पर फल, दूध या व्रत में मान्य चीजें ली जा सकती हैं.
क्या केवल चावल छोड़ना पर्याप्त होगा?
एकादशी पर केवल चावल न खाने का नियम सबसे अधिक प्रचलित है, लेकिन व्रत का व्यापक नियम सभी प्रकार के अन्न और दालों का त्याग करना है. इसमें चावल के साथ गेहूं, आटा, सूजी, मैदा, जौ, मक्का, बाजरा और सामान्य दालें भी शामिल होती हैं.
फलाहार करने वाले लोग फल, दूध, मखाना, साबूदाना, कुट्टू, सिंघाड़े का आटा, आलू और सेंधा नमक ले सकते हैं. भोजन बनाने में इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि बर्तन या तेल में पहले से आटे अथवा सामान्य नमक का अंश न मिला हो. वैष्णव परंपरा में एकादशी के दिन अनाज और दालों से पूरी तरह परहेज किया जाता है.
व्रत का संकल्प 6 सितंबर की रात लें या 7 सितंबर की सुबह?
व्रत की तैयारी 6 सितंबर की दशमी से शुरू हो जाएगी, लेकिन अजा एकादशी व्रत का औपचारिक संकल्प 7 सितंबर की सुबह स्नान करने के बाद लिया जा सकता है. भगवान विष्णु के सामने जल, पुष्प या तुलसी दल लेकर अपनी क्षमता के अनुसार निर्जल, फलाहार अथवा केवल अन्न त्याग का संकल्प करें.
संकल्प करते समय यह कहना पर्याप्त है कि आप भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने के लिए अजा एकादशी व्रत का पालन करेंगे और द्वादशी को विधिपूर्वक पारण करेंगे. अपनी क्षमता से अधिक कठोर व्रत का संकल्प नहीं लेना चाहिए.
6 सितंबर की शाम क्या करें?
रविवार को सूर्यास्त से पहले हल्का सात्विक भोजन कर लें. भोजन में अधिक तेल, मिर्च और तली हुई चीजें न रखें. संभव हो तो उस दिन एक ही बार अन्न ग्रहण करें. शाम 7:29 बजे एकादशी तिथि शुरू होने के बाद भगवान विष्णु के सामने घी का दीपक जलाएं और &amp;lsquo;ॐ नमो भगवते वासुदेवाय&amp;rsquo; मंत्र का जाप करें.
अगर पारिवारिक परंपरा में दशमी की रात भोजन करने की अनुमति है तो खाना तिथि शुरू होने से पहले समाप्त कर लें. इसके बाद अन्न और दाल न लें. यहां घड़ी देखकर ठीक 7:29 बजे थाली छोड़ना उचित तरीका नहीं है. भोजन पहले ही पूरा कर लेना बेहतर होगा.
बीमारी में जबरन निर्जला व्रत न रखें
एकादशी का उद्देश्य शरीर को कष्ट देना नहीं, बल्कि संयम और भगवान विष्णु का स्मरण करना है. बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं, बीमार व्यक्ति या नियमित दवा लेने वाले लोग निर्जला व्रत करने की जिद न करें. वे चिकित्सकीय जरूरत और पारिवारिक परंपरा के अनुसार फलाहार या केवल अन्न त्याग कर सकते हैं.
आखिर क्या है सही नियम?
अजा एकादशी का व्रत 7 सितंबर को रखा जाएगा, लेकिन इसका अनुशासन 6 सितंबर की दशमी से शुरू हो जाएगा. पूरे विधि-विधान से व्रत रखने वालों के लिए सूर्यास्त से पहले एक बार सात्विक भोजन करना श्रेष्ठ है.
सामान्य रूप से अन्न त्याग करने वाले लोग अधिकतम शाम 7:29 बजे से पहले भोजन समाप्त कर सकते हैं. एकादशी लगने के बाद केवल चावल ही नहीं, बल्कि सभी अनाज और दालों से बचना चाहिए. व्रत का संकल्प 7 सितंबर की सुबह लिया जाएगा और पारण 8 सितंबर को स्थानीय पंचांग में दिए गए समय के अनुसार किया जाएगा.
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें. ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 00:30:15 +0530</pubDate>
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        <title>Kal Ka Rashifal 6 September 2026: धनु और कुंभ समेत इन राशियों पर बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा, जानें 12 राशियों का कल का भविष्यफल!</title>
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        <description><![CDATA[ Kal Ka Rashifal, 6 September 2026 (कल का राशिफल): रविवार का दिन मेष से लेकर मीन राशि तक के सभी 12 जातकों के लिए ग्रह-नक्षत्रों के दृष्टिकोण से अत्यंत शुभ और नए अवसर लेकर आ रहा है. कल शाम 07:30 बजे तक भाद्रपद कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि रहेगी, जिसके बाद एकादशी तिथि का आरंभ होगा. वहीं शाम 07:53 बजे तक आर्द्रा नक्षत्र रहेगा, तत्पश्चात पुनर्वसु नक्षत्र शुरू होगा. चंद्रमा पूरे दिन मिथुन राशि में संचरण करेंगे.
रविवार को ग्रहों से बनने वाले लक्ष्मी योग, सिद्धि योग, बुधादित्य योग और विशिष्ट राशियों के लिए मालव्य योग का महासंयोग रहेगा. इसके शुभ प्रभाव से मेष, मिथुन, धनु और कुंभ राशि के जातकों को व्यापार में सामान्य से अधिक लाभ, अटके हुए प्रोजेक्ट्स में गति और करियर में पद-प्रतिष्ठा मिलने के प्रबल योग हैं.

आइए जानते हैं विख्यात भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्लेषक डा. अनीष व्यास&amp;nbsp;से 6 सितंबर का संपूर्ण पंचांग और 5 मुख्य क्षेत्रों में विस्तृत भविष्यफल.
पंचांग (6 सितंबर 2026, रविवार)

तिथि: भाद्रपद कृष्ण पक्ष दशमी (शाम 07:30 बजे तक), तत्पश्चात एकादशी
नक्षत्र: आर्द्रा नक्षत्र (शाम 07:53 बजे तक), तत्पश्चात पुनर्वसु
चन्द्र राशि: मिथुन राशि
शुभ योग: लक्ष्मी योग, सिद्धि योग, बुधादित्य योग, वाशि योग, आनन्दादि योग, सुनफा योग (मेष, कर्क, तुला व मकर के लिए मालव्य योग)
शुभ समय (चौघड़िया मुहूर्त):
सुबह 10:15 से दोपहर 12:15 बजे तक (लाभ-अमृत का चौघड़िया)
दोपहर 02:00 से 03:00 बजे तक (शुभ का चौघड़िया)
राहुकाल (अशुभ समय): दोपहर 04:30 से शाम 06:00 बजे तक
दिशाशूल: पश्चिम दिशा की तरफ यात्रा करना शुभ रहेगा.

1. मेष राशि (Aries)
Business (व्यापार): सिद्धि व लक्ष्मी योग से सामान्य से अधिक लाभ होगा. डीलरों के साथ तालमेल बेहतर होगा और आगामी त्योहारों को देखते हुए निर्णय क्षमता मजबूत रहेगी.
Career (करियर व शिक्षा): कार्यक्षेत्र में अतिरिक्त जिम्मेदारियां निभानी पड़ सकती हैं. संडे के दिन सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा और दोपहर बाद छात्रों के लिए समय अनुकूल रहेगा.
Love &amp;amp; Family (प्रेम व परिवार): विपरीत लिंगी मित्र के सहयोग से प्रेम संबंध पुनः पटरी पर आएंगे. पारिवारिक वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहेगी.
Finance (आर्थिक स्थिति): लाभ के अच्छे अवसर मिलेंगे. गैर-कानूनी या प्रलोभन देने वाले प्रस्तावों से पूरी तरह दूर रहें.
Health (स्वास्थ्य): स्वास्थ्य सामान्य रहेगा. मानसिक मजबूती के लिए नकारात्मक बातों पर ध्यान न दें.
शुभ कलर: येलो | शुभ नंबर: 4 | अशुभ नंबर: 2
2. वृषभ राशि (Taurus)
Business (व्यापार): अचानक कोई बड़ा कारोबारी सौदा हाथ लग सकता है. नया कार्य सुबह 10:15 से 12:15 या दोपहर 02:00 से 03:00 के बीच शुरू करना शुभ रहेगा.
Career (करियर व शिक्षा): ऑफिस में सीनियर्स और जूनियर्स के साथ खुशनुमा माहौल रहेगा. छात्रों को छोटे भाई-बहनों से सहयोग मिलेगा.
Love &amp;amp; Family (प्रेम व परिवार): मधुर वाणी से पैतृक संपत्ति के मामले सुलझेंगे. लव लाइफ में साथी के साथ सुखद समय बीतेगा.
Finance (आर्थिक स्थिति): टेक टीम अपग्रेड करने पर खर्च होगा लेकिन भविष्य में यह बड़ा मुनाफा देगा. वित्तीय स्थिति स्थिर रहेगी.
Health (स्वास्थ्य): वाहन चलाते समय सतर्कता बरतें और किसी भी तरह के जोखिम से बचें.
शुभ कलर: ऑरेंज | शुभ नंबर: 2 | अशुभ नंबर: 8
3. मिथुन राशि (Gemini)
Business (व्यापार): आर्थिक गतिविधियों में किए गए प्रयास सफल होंगे. कानूनी या कोर्ट-कचहरी के मामलों में अनुभवी वकील से सलाह फायदेमंद रहेगी.
Career (करियर व शिक्षा): सिद्धि व लक्ष्मी योग से कामकाज समय पर पूरे होंगे. अधिकारियों से मतभेद दूर होंगे और नई नौकरी के प्रयास सफल होंगे.
Love &amp;amp; Family (प्रेम व परिवार): दांपत्य जीवन सुखद बना रहेगा. प्रेम संबंधों में थोड़ा संभलकर चलने की आवश्यकता है.
Finance (आर्थिक स्थिति): आय के नए स्रोत बनेंगे जिससे आर्थिक दबाव काफी हद तक कम होगा.
Health (स्वास्थ्य): मानसिक संवेदनशीलता रहेगी. योग और ध्यान का सहारा लेकर खुद को शांत रखें.
शुभ कलर: सिल्वर | शुभ नंबर: 5 | अशुभ नंबर: 1
4. कर्क राशि (Cancer)
Business (व्यापार): अनुभवी व्यक्ति की सलाह से ही निर्णय लें. अचानक खर्च बढ़ने और कर्ज की स्थिति से बचने के लिए बजट बनाकर चलना जरूरी है.
Career (करियर व शिक्षा): ऑफिस में सहकर्मियों का सहयोग न मिलने से वर्कलोड बढ़ेगा. बिना अनुभव के कोई भी नया काम हाथ में न लें.
Love &amp;amp; Family (प्रेम व परिवार): अहंकारी व्यवहार के कारण जीवनसाथी से अनबन हो सकती है, वाणी में मधुरता रखें.
Finance (आर्थिक स्थिति): वित्तीय मामलों में सावधानी बरतें. अचानक आर्थिक हानि से बचने के लिए निवेश टाल दें.
Health (स्वास्थ्य): अत्यधिक कार्यभार के कारण थकान और आक्रामकता महसूस हो सकती है. पर्याप्त आराम लें.
शुभ कलर: ग्रीन | शुभ नंबर: 7 | अशुभ नंबर: 9
5. सिंह राशि (Leo)
Business (व्यापार): बिजनेस में कार्यप्रणाली बेहतर होने से ऑर्डर्स समय पर पूरे होंगे. पैतृक व्यवसाय में परिजनों के सहयोग से मुनाफा बढ़ेगा.
Career (करियर व शिक्षा): कार्यक्षेत्र में सीनियर्स के साथ संबंध मजबूत होंगे. निर्णय लेते समय भावुक होने से बचें और आत्मविश्वास बनाए रखें.
Love &amp;amp; Family (प्रेम व परिवार): वरिष्ठ परिजनों के साथ संबंध सौहार्दपूर्ण रहेंगे. परिवार के साथ दिल खोलकर अपनी भावनाएं साझा करेंगे.
Finance (आर्थिक स्थिति): मजबूत इच्छाशक्ति से आय के कई स्रोत बनेंगे. कोई बड़ा वित्तीय नुकसान नहीं होगा.
Health (स्वास्थ्य): बीच-बीच में ऊर्जा में कमी महसूस हो सकती है, इसलिए पौष्टिक आहार और जल की मात्रा बढ़ाएं.
शुभ कलर: व्हाइट | शुभ नंबर: 3 | अशुभ नंबर: 7
6. कन्या राशि (Virgo)
Business (व्यापार): ग्रह स्थिति अनुकूल रहने से दिन बेहतरीन रहेगा. नया व्यवसाय शुरू करने से पहले उससे जुड़ी पूरी जानकारी जुटा लें.
Care ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 00:30:14 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>Kal, Rashifal, September, 2026:, धनु, और, कुंभ, समेत, इन, राशियों, पर, बरसेगी, मां, लक्ष्मी, की, कृपा, जानें, राशियों, का, कल, का, भविष्यफल</media:keywords>
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        <title>छोटे शहरों में 95% बढ़ीं Tech Jobs, क्या मंगल&amp;राहु बदल रहे रोजगार की तस्वीर?</title>
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        <description><![CDATA[ Tech Jobs: इंदौर, कोच्चि, अहमदाबाद और कोयंबटूर जैसे शहरों में टेक नौकरियां तेजी से बढ़ी हैं. क्या आने वाले समय में नौकरी के लिए बेंगलुरु, दिल्ली या हैदराबाद जाना जरूरी नहीं रहेगा? भारत की कुंडली में चल रही मंगल-राहु की दशा इस बदलाव के पीछे बड़ा संकेत दे रही है.
अच्छी टेक नौकरी चाहिए तो घर छोड़कर बेंगलुरु या हैदराबाद जाइए, अब तक ज्यादातर युवाओं को यही सलाह मिलती थी. लेकिन नई रिपोर्ट और भारत की कुंडली, दोनों इस पुराने रास्ते में बदलाव का संकेत दे रहे हैं.

टियर-2 और टियर-3 शहरों में टेक नौकरियां एक साल में करीब 95 प्रतिशत बढ़ी हैं. इसी समय भारत की कुंडली में मंगल की महादशा और राहु की अंतर्दशा चल रही है. ज्योतिष में मंगल को मशीन, इंजीनियरिंग और नए निर्माण से जोड़ा जाता है, जबकि राहु तकनीक, इंटरनेट, AI, विदेशी कंपनियों और अचानक होने वाले बदलाव का कारक माना जाता है.
यह भी पढ़ें- सरकार के लिए आसान नहीं सितंबर, क्या फिर बनेगी जुलाई के जंतर-मंतर आंदोलन जैसी स्थिति?
यानी रिपोर्ट में दिखाई दे रहा बदलाव केवल नौकरियों की संख्या तक सीमित नहीं है. यह संकेत हो सकता है कि आने वाले महीनों में देश का टेक जॉब मार्केट बड़े शहरों से निकलकर कई छोटे शहरों में फैलने वाला है.
लेकिन इसमें एक चेतावनी भी छिपी है. नौकरियां बढ़ सकती हैं, पर हर नौकरी स्थायी, ज्यादा वेतन वाली या सुरक्षित हो, यह जरूरी नहीं.




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21 हजार से 41 हजार हुईं टेक नौकरियां
स्टाफिंग कंपनी Xpheno के आंकड़ों के अनुसार, सितंबर 2025 में टियर-2 और टियर-3 शहरों में करीब 21 हजार सक्रिय टेक नौकरियां थीं. सितंबर 2026 में इनकी संख्या बढ़कर लगभग 41 हजार हो गई. यानी एक साल में करीब 95 प्रतिशत की तेजी.
देश में कुल सक्रिय टेक नौकरियां लगभग 1.17 लाख तक पहुंची हैं. इनमें करीब 90 हजार फुल-टाइम पद बताए गए हैं.
आंकड़ा उत्साहित करता है, लेकिन इसे सही संदर्भ में समझना जरूरी है. 95 प्रतिशत की बढ़ोतरी 21 हजार जैसे छोटे आधार पर हुई है. छोटे शहर अभी भी कुल टेक नौकरियों में महानगरों से पीछे हैं.
फिर भी यह सामान्य बढ़ोतरी नहीं है. कंपनियां अब केवल बेंगलुरु, दिल्ली, मुंबई, पुणे, चेन्नई और हैदराबाद पर निर्भर नहीं रहना चाहतीं. अहमदाबाद, इंदौर, कोच्चि और कोयंबटूर जैसे शहर नए विकल्प बन रहे हैं.
कुंडली में छोटे शहरों तक नौकरी पहुंचने का संकेत कैसे?
भारत की उपलब्ध कुंडली 15 अगस्त 1947, रात 12 बजे और नई दिल्ली के समय पर आधारित है. इसमें वृषभ लग्न है. नौकरी, कामकाज और देश की उत्पादन व्यवस्था का दसवां भाव कुंभ राशि में आता है.
कुंभ को तकनीक, नेटवर्क, बड़े समूह और पुराने ढांचे से अलग व्यवस्था बनाने वाली राशि माना जाता है. इसलिए भारत में तकनीक से चलने वाली नौकरियों का तेजी से बढ़ना इस कुंडली के मूल स्वभाव से मेल खाता है.
दसवें भाव का स्वामी शनि तीसरे भाव में है. मेदिनी ज्योतिष में तीसरा भाव संचार, छोटे रास्तों, पड़ोसी क्षेत्रों, स्थानीय नेटवर्क और कामकाजी कौशल से जुड़ा होता है.
सरल शब्दों में समझें तो नौकरी का केंद्र केवल कुछ बड़े शहरों में बंद नहीं रहेगा. इंटरनेट, बेहतर सड़कें, नए ऑफिस और डिजिटल संपर्क के कारण काम छोटे शहरों तक पहुंच सकता है.
शनि के साथ बुध, सूर्य, चंद्रमा और शुक्र का संबंध इस बदलाव को और खास बनाता है. बुध डेटा, कंप्यूटर, शिक्षा और व्यापार का संकेतक है. शनि बड़े कर्मचारी वर्ग और लंबे समय में तैयार होने वाली व्यवस्था को दिखाता है.
यही योग स्थानीय युवाओं, डिजिटल काम और नए जॉब सेंटर के बढ़ने की संभावना बनाता है.
मंगल-राहु की दशा क्यों बदल सकती है नौकरी का नक्शा?
भारत की कुंडली में 12 सितंबर 2025 से मंगल की महादशा शुरू हुई है. इसके अंदर 9 फरवरी 2026 से 27 फरवरी 2027 तक राहु की अंतर्दशा चलेगी.
मंगल तेज फैसलों, इंजीनियरिंग, मशीन और बुनियादी ढांचे को दिखाता है. राहु नई तकनीक, AI, इंटरनेट, विदेशी निवेश और ऐसी जगहों को आगे ला सकता है, जिन पर पहले ज्यादा ध्यान नहीं दिया गया.
मंगल-राहु का यह समय कंपनियों को तेजी से नए शहरों में जाने के लिए प्रेरित कर सकता है. कम किराया, सस्ता संचालन, स्थानीय कर्मचारी और राज्य सरकारों की सुविधाएं इस बदलाव को जमीन पर आगे बढ़ा सकती हैं.
लेकिन राहु के समय संख्या तेजी से बढ़ती है और तस्वीर उतनी साफ नहीं रहती. इसलिए 95 प्रतिशत बढ़ोतरी देखकर यह मान लेना ठीक नहीं होगा कि छोटे शहरों में हर युवा को तुरंत ऊंचे वेतन वाली नौकरी मिल जाएगी.
नई भर्ती में सपोर्ट, सर्विस डिलीवरी, कॉल सेंटर, डेटा प्रोसेसिंग, साइबर मॉनिटरिंग और ऑपरेशन से जुड़े पद ज्यादा हो सकते हैं. हाई सैलरी वाली रिसर्च, प्रोडक्ट और लीडरशिप भूमिकाएं अभी भी बड़े शहरों में रह सकती हैं.
दशम भाव की कमजोरी क्या चेतावनी दे रही है?
कुंडली की भावबल तालिका में नौकरी से जुड़ा दशम भाव सबसे कमजोर दिखाई देता है. इसका भावबल करीब 4.29 रूप है और बारह भावों में इसका स्थान अंतिम है.
इसका मतलब नौकरी खत्म होना नहीं है. इसका संकेत यह है कि रोजगार की संख्या बढ़ने के बाद भी उसकी गुणवत्ता और स्थिरता बड़ी चुनौती बनी रह सकती है.
किसी शहर में हजारों नौकरियां खुल सकती हैं, लेकिन वेतन कम हो सकता है. कंपनी भर्ती कर सकती है, पर कुछ महीनों बाद प्रोजेक्ट बंद हो सकता है. पद उपलब्ध हो सकता है, लेकिन मांगी गई तकनीकी योग्यता स्थान ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 00:30:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>17 सितंबर से इन 5 राशियों की बदलेगी किस्मत, सूर्य का कन्या में गोचर दिलाएगा तरक्की!</title>
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        <description><![CDATA[ 17 सितंबर से इन 5 राशियों की बदलेगी किस्मत, सूर्य का कन्या में गोचर दिलाएगा तरक्की! ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 00:30:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>टैरो राशिफल 6 सितंबर 2026: मीन राशि को पद&amp;प्रतिष्ठा का लाभ, धनु को आकस्मिक धन लाभ; जानें मेष से मीन का भाग्य</title>
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        <description><![CDATA[ Tarot Rashifal 6 September 2026: सितंबर महीने का यह रविवार सभी 12 राशियों के लिए पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि, आकस्मिक धन लाभ और कार्यस्थल पर करीबी संपर्कों से सतर्क रहने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण संकेत दे रहा है. आज ग्रहों की स्थिति और टैरो कार्ड्स आपके जीवन में क्या बड़े बदलाव लेकर आ रहे हैं, प्रसिद्ध टैरो कार्ड रीडर एवं ज्योतिषाचार्या नीतिका शर्मा (अजमेर) से.
आज मीन राशि के नौकरीपेशा जातकों को पद-प्रतिष्ठा व कार्यों में सफलता मिलेगी और धनु राशि को आकस्मिक लाभ के अवसर मिलेंगे, वहीं मेष और वृषभ राशि वालों को सहयोगियों से जुड़े विवादों और मकर राशि को व्यापारिक नुकसान से सावधान रहने की सख्त जरूरत है. आइए विस्तार से जानते हैं कि मेष से लेकर मीन राशि तक के जातकों का आज का दिन कैसा बीतेगा.
मेष टैरो राशिफल&amp;nbsp;टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि मेष राशि के लोगों को आज कोई भी ऐसा काम करने से बचने की जरूरत है जो आपको बोझ लगे. आज किसी बात पर आपका किसी के साथ अनावश्यक विवाद हो सकता है. आप अपने किसी नजदीकी सहयोगी के कारण परेशानी में पड़ सकते है, ध्यान रखे.
वृषभ टैरो राशिफल&amp;nbsp;टैरो कार्ड्स के अनुसार, वृषभ राशि के लोगों को आज अनावश्यक विवाद हो सकता है. आप अपने किसी नजदीकी सहयोगी के कारण परेशानी में पड़ सकते है, इसलिए थोड़ा ध्यान रखे.
मिथुन टैरो राशिफल&amp;nbsp;टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि मिथुन राशि के लोगों को आज अपने परिचितों के साथ लेन-देन में सावधानी बरतें वरना बाद में संबंधों में गिरावट आ सकती है, मकान वाहन पर खर्च के योग बन रहे है.
कर्क टैरो राशिफल&amp;nbsp;टैरो कार्ड्स के अनुसार, कर्क राशिवालों को नौकरी, व्यवसाय में लेन-देन पर अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी. कार्यस्थल में साथियों के सहयोग से बिगड़े काम बनेंगे. परेशानियों को धीरज और अपने व्यवहार में सुधार करके हल किया जा सकता है.
सिंह टैरो राशिफल&amp;nbsp;टैरो कार्ड्स के अनुसार, सिंह राशि के लोगों को शिक्षा प्रतियोगिता और संतान की ओर से संतोषजनक परिणाम प्राप्त हो सकेंगे. हालांकि, आज आपका पारिवारिक जीवन थोड़ा तनावपूर्ण रह सकता है. परिवार में किसी के प्रति अकारण क्रोध आ सकता है.
कन्या टैरो राशिफल&amp;nbsp;टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि कन्या राशिवालों को दैनिक मामलों में थोड़ा संभलकर रहने की जरूरत है. आपको सलाह है कि दैनिक मामलों में बेवजह की बहस सहयोगियों के साथ विवादों और झगड़े को जन्म दे सकती है, धन रहे जो लोग समय के साथ चलते है, उन्हें समस्यायें उलझाती नहीं है.
तुला टैरो राशिफल&amp;nbsp;टैरो कार्ड्स के अनुसार, तुला राशि वाले महत्वाकांक्षा या काम पर दिशा की कमी महसूस कर सकते हैं. आपको ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है. साथ ही आपको अपने व्यसनों पर नियंत्रण रखना होगा.
वृश्चिक टैरो राशिफल&amp;nbsp;टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि वृश्चिक राशिवालों को कई समस्याओं और मतभेदों का आमना-सामना करना पड़ सकता है. जिस वजह से आप थोड़ा असहज महसूस कर सकते हैं. आपको सलाह है कि आज किसी के भी साथ अनावश्यक वाद विवाद करने से बचें.
धनु टैरो राशिफल&amp;nbsp;टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि धनु राशि के लोगों को लिए आज का दिन व्यस्त और खुशहाल दोनों रहने वाला है. आज आपके सामने कई सारे नए अवसर आएंगे. इतना ही नहीं आज की गई यात्राएं आपको अच्छे परिणाम देंगे. साथ ही आपको आकस्मिक लाभ के अवसर मिल सकते हैं.
मकर टैरो राशिफल&amp;nbsp;टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि मकर राशि के लोगों को आज किसी विशेष कार्य की चिंता रहने वाली है. आपको सलाह है कि फिलहाल, व्यर्थ की प्रतिस्पर्धा न करें. अजनबियों से सावधान रहें. व्यापार में नुकसान हो सकता है.
कुंभ टैरो राशिफल&amp;nbsp;टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि कुंभ राशिवाले कुछ जातकों को आज संतान सुख प्राप्त हो सकता है. इस राशि वालों को मित्रों और रिश्तेदारों से अप्रत्याशित व्यवहार का सामना करना होगा. साथ ही आपकी धार्मिक आस्था बढ़ेगी.
मीन टैरो राशिफल&amp;nbsp;टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि मीन राशि के नौकरीपेशा लोगों को पद प्रतिष्ठा आदि का लाभ होगा. कार्य व्यापार में वृद्धि व लगभग सभी तरह के कार्यां में सफलता प्राप्त होगी. नए कामों की शुरुआत संभव है.
Kal Ka Rashifal 6 September 2026: धनु और कुंभ समेत इन राशियों पर बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा, जानें 12 राशियों का कल का भविष्यफल!
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें. ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 00:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>टैरो, राशिफल, सितंबर, 2026:, मीन, राशि, को, पद-प्रतिष्ठा, का, लाभ, धनु, को, आकस्मिक, धन, लाभ, जानें, मेष, से, मीन, का, भाग्य</media:keywords>
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        <title>काउंटी में मानव सुथार का कमाल, 7 विकेट लेकर टीम को दिलाई बड़ी जीत</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/काउंटी-में-मानव-सुथार-का-कमाल-7-विकेट-लेकर-टीम-को-दिलाई-बड़ी-जीत</link>
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        <description><![CDATA[ काउंटी चैंपियनशिप में वारविकशायर ने हैम्पशायर को एक पारी और 129 रनों के बड़े अंतर से हराया. भारतीय स्पिनर मानव सुथार वारविकशायर के लिए खेल रहे हैं, जिन्होंने इस जीत में अहम रोल निभाया. उन्होंने कुल 7 विकेट चटकाए. सुथार ने जून में अफगानिस्तान के खिलाफ हुए एकमात्र टेस्ट में डेब्यू किया था, वह हाल ही में खत्म हुई श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज का भी हिस्सा थे.
श्रीलंका दौरे के बाद मानव सुथार काउंटी चैंपियनशिप खेलने के लिए इंग्लैंड चले गए, वह वारविकशायर टीम में शामिल हैं. हैम्पशायर के खिलाफ पहली पारी में उन्होंने 16 ओवरों में 42 रन देकर 3 विकेट चटकाए थे. उन्होंने ओपनर निक गबिंस को बोल्ड किया. इसके बाद एडी जैक्स और जेम्स फुलर को एलबीडबल्यू आउट किया.
इससे पहले वारविकशायर ने पहली पारी में 398 रन बनाए थे. सुतार ने बल्ले से 9 रन बनाए थे. हैम्पशायर की पहली पारी 115 रनों पर सिमट गई थी. टीम को फॉलोऑन मिला और हैम्पशायर को लगातार दूसरी पारी शुरू करनी पड़ी.
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Manav Suthar returns to County cricket after srilanka tour42/3 in first innings52/4 in second innings pic.twitter.com/L1l0Zy8zEC
&amp;mdash; Sawai96 (@Aspirant_9457) September 5, 2026



दूसरी पारी में सुतार ने लिए 4 विकेट
दूसरी पारी में मानव सुथार ने वारविकशायर के लिए सर्वाधिक 4 विकेट लिए. उन्होंने टोबी अल्बर्ट, बेन मेयस, जेम्स फुलर और काइल एबोट को अपना शिकार बनाया. इस तरह उन्होंने इस मैच में कुल 7 विकेट लिए. हैम्पशायर की दूसरी पारी 154 रनों पर सिमट गई और इस तरह वारविकशायर ने इस मैच को एक पारी और 129 रन से जीत लिया.
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इंटरनेशनल क्रिकेट करियर
हाल ही में हुए श्रीलंका दौरे पर मानव सुथार ने दोनों टेस्ट खेले थे, वह गॉल में हुए पहले टेस्ट के प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए थे. उन्होंने गॉल में कुल 10 विकेट लिए थे. पहली पारी में 4 विकेट लेने वाले सुथार ने दूसरी पारी में 6 विकेट लिए थे. उन्होंने कोलंबो में खेले गए दूसरे टेस्ट में भी 6 विकेट (पहली पारी में 3 और दूसरी पारी में 3) लिए थे. अभी तक खेल चुके 3 टेस्ट की 6 पारियों में मानव ने कुल 23 विकेट लिए हैं. ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 00:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>काउंटी, में, मानव, सुथार, का, कमाल, विकेट, लेकर, टीम, को, दिलाई, बड़ी, जीत</media:keywords>
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        <title>ब्रायन लारा ने भी इमरान खान के लिए उठाई आवाज, बोले&amp; &amp;apos;उन्हें सम्मान नहीं...&amp;apos;</title>
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        <description><![CDATA[ वेस्टइंडीज के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज ब्रायन लारा ने भी पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान इमरान खान के लिए अपनी आवाज बुलंद की. लारा ने भी बाकियों की तरह इमरान के लिए ठीक मेडिकल ट्रीटमेंट और सम्मान की बात कही. इसके अलावा भी दिग्गज लारा ने कई बातें लिखीं.&amp;nbsp;
कुछ दिन पहले ही क्रिकेट जगत के 21 पूर्व खिलाड़ियों ने इमरान खान के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को पत्र लिखा था. लेटर में मांग की गई थी कि पाकिस्तान के पूर्व कप्तान मानवीय व्यवहार और उचित इलाज हो. इन दिग्गजों में भारत के कपिल देव, सुनील गावस्कर और दिलीप वेंगसरकर भी शामिल थे.&amp;nbsp;
ब्रायन लारा ने इंस्टाग्राम पर लिखी पोस्ट&amp;nbsp;
लारा ने इंस्टाग्राम पर इमरान खान को लेकर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, &quot;मैंने और इमरान खान मैदान पर कुछ ही बार आमने-सामने आए हैं, लेकिन उनके लिए मेरे दिल में तुरंत और लंबे समय तक चलने वाला सम्मान है.&quot;



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उन्होंने आगे लिखा, &quot;मुझे यह समझने में दिक्कत हो रही है कि जो व्यक्ति कभी अपने देश के लिए उम्मीद, गर्व और प्रेरणा का स्रोत था और अपने खेल करियर के शिखर पर था, वह आज ऐसी हालत में कैसे पहुंच गया है जहां उसकी देखभाल नहीं हो रही है और न ही उसे वह सम्मान और सहानुभूति मिल रही है, जिसका वह हकदार है.&quot;
&#039;यह राजनीति नहीं&#039;
आगे अपना साथ देते हुए लारा ने लिखा, &quot;मैं अपने पूर्व कप्तानों के साथ मिलकर यह मांग करता हूं कि उन्हें उचित और स्वतंत्र मेडिकल देखभाल मिले और हर इंसान की तरह उन्हें सम्मान मिले.&quot; उन्होंने आगे लिखा, &quot;यह राजनीति नहीं है. यह हमारे खेल के दिग्गज के लिए जरूरी इंसानियत है.&quot;
सुप्रीम कोर्ट की तीन-सदस्यीय बेंच ने 18 अगस्त को अदियाला जेल अधिकारियों को आदेश दिया कि इमरान खान को मेडिकल जांच और इलाज के लिए दो दिनों के भीतर शिफा अस्पताल भेजने का आदेश दिया था. बता दें कि वह कई मामलों में दोषी ठहराए जाने के बाद अगस्त 2023 से जेल में हैं.
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यह भी पढ़ें: मोहम्मद शमी की टीम इंडिया में वापसी पर बोले ईशान किशन, &#039;उनके अंदर भूख...&#039; ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 00:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>पाकिस्तान ने जीता टॉस, भारत करेगा गेंदबाजी; देखें कितनी बदली दोनों की प्लेइंग 11</title>
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        <description><![CDATA[ महिला एशिया कप 2026 में आज भारत और पाकिस्तान का मुकाबला है. पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया है. भारतीय कप्तान स्मृति मंधाना ने आज टॉस पर आते ही एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली. ये उनका बतौर कप्तान 150वां टी20 इंटरनेशनल मैच है. देखें इस मुकाबले के लिए दोनों टीमें किस प्लेइंग 11 के साथ उतरी है.
भारतीय महिला बनाम पाकिस्तान महिला मैच दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जा रहा है. शुरूआती दोनों मुकाबले जीतकर टीम इंडिया महिला एशिया 2026 सेमीफाइनल में पहुंच गई है, आज उनके ग्रुप स्टेज का आखिरी मैच है. भारत और पाकिस्तान ने अपनी प्लेइंग 11 में कोई बदलाव नहीं किया है.
भारत की प्लेइंग 11&amp;nbsp;
स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, प्रतीका रावल, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), भारती फूलमाली, ऋचा घोष (विकेटकीपर), दीप्ति शर्मा, प्रेमा रावत, श्री चरणी, क्रांति गौड़, नंदनी शर्मा.
पाकिस्तान की प्लेइंग 11
मुनीबा अली (विकेटकीपर), शवल जुल्फिकार, गल फिरोजा, आयशा जफर, सदाफ शम्स, फातिमा सना (कप्तान), एयमन फातिमा, उम्मे हनी, तुबा हसन, नाशरा संधू, सादिया इकबाल.
हरमनप्रीत कौर ने रचा इतिहास
हरमनप्रीत कौर ने टॉस पर आते ही इतिहास रच दिया. वह बतौर कप्तान 150वां टी20 इंटरनेशनल मैच खेल रही हैं. वह ऐसा करने वाली पहली कप्तान बन गई हैं. इससे पहले पुरुष क्रिकेट में भी कोई इस मुकाम पर नहीं पहुंच पाया है.
यह भी पढ़ें- काउंटी में मानव सुथार का कमाल, 7 विकेट लेकर टीम को दिलाई बड़ी जीत
भारतीय महिला बनाम पाकिस्तान महिला हेड टू हेड (टी20 में)
टी20 इंटरनेशनल में भारतीय महिला और पाकिस्तान महिला 17 बार भिड़ी हैं. इसमें टीम इंडिया का पलड़ा भारी रहा है. भारत ने 14 मैच जीते हैं जबकि पाकिस्तान सिर्फ 3 बार ही भारत को हरा पाई है. आखिरी बार 2022 में पाकिस्तान ने भारत को हराया था, इसके बाद टीम इंडिया लगातार 4 मैच उनके खिलाफ जीत चुकी है.
भारतीय स्क्वॉड
हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना, दीप्ति शर्मा, राधा यादव, अरुंधति रेड्डी, भारती फूलमाली, रेणुका सिंह, शेफाली वर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), कमालिनी (विकेटकीपर), नंदनी शर्मा, प्रतीक रावल, क्रांति गौड़, श्री चरणी, प्रेमा रावत.
यह भी पढ़ें- मोहम्मद शमी का &#039;शतक&#039;, CAB से मिला खास सम्मान; वैभव-ईशान भी रहे मौजूद
पाकिस्तान स्क्वॉड
फातिमा सना (कप्तान), आयशा जफर, नाशरा संधू, गल फिरोजा (विकेटकीपर), मुनीबा अली (विकेटकीपर), वहीदा अख्तर, तुबा हसन, सादिया इकबाल, उम्मे हनी, सदाफ शम्स, मोमिना रियासत, एयमन फातिमा, सायरा जबीन, शैवाल जुल्फिकार, ईमान नसीर. ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 00:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>पाकिस्तान, ने, जीता, टॉस, भारत, करेगा, गेंदबाजी, देखें, कितनी, बदली, दोनों, की, प्लेइंग</media:keywords>
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        <title>हरमनप्रीत कौर का PAK के खिलाफ वर्ल्ड रिकॉर्ड, 150वां टी20 खेलने वाली बनी पहली कप्तान</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/हरमनप्रीत-कौर-का-pak-के-खिलाफ-वर्ल्ड-रिकॉर्ड-150वां-टी20-खेलने-वाली-बनी-पहली-कप्तान</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/हरमनप्रीत-कौर-का-pak-के-खिलाफ-वर्ल्ड-रिकॉर्ड-150वां-टी20-खेलने-वाली-बनी-पहली-कप्तान</guid>
        <description><![CDATA[ भारत की महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने कप्तान के रूप में सबसे ज्यादा टी20 इंटरनेशनल मैच खेलने का वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया. इन दिनों खेले जा रहे 2026 महिला एशिया कप का 9वां मुकाबला भारत और पाकिस्तान के बीच दुबई के दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जा रहा है. मैच के लिए हरमनप्रीत टॉस पर आईं. इसके साथ वह दुनिया की पहली ऐसी खिलाड़ी (महिला और पुरुष दोनों में) बन गई, जिन्होंने सिर्फ कप्तानी करते हुए 150 मैच खेल लिए.&amp;nbsp;
इस लिस्ट में श्रीलंका की चमारी अथापथु दूसरे पायदान पर हैं, जिन्होंने कप्तान के रूप में 121 टी20 खेले हैं. पुरुष क्रिकेट में कप्तान के रूप में सबसे ज्यादा टी20 इटंरनेशनल मुकाबले खेलने का रिकॉर्ड नामीबिया के गेरहार्ड इरास्मस के नाम पर दर्ज है. उन्होंने कप्तान के रूप में 91 टी20 इंटरनेशनल मैच खेल लिए हैं. बता दें कि खिलाड़ी के रूप में यह हरमनप्रीत के लिए 165वां टी20 इंटरनेशनल मुकाबला है.

???? ???????????????????????????????????? ????????????????????????, ???????????????????????????????????????? ???????????????????????? ????Harmanpreet Kaur becomes the first cricketer to captain a side in 1️⃣5️⃣0️⃣ T20Is. ???? ????Updates ▶️ https://t.co/1WHHWPMe2o#TeamIndia | #WomensAsiaCup | @ImHarmanpreet pic.twitter.com/WrdFlp7kcH
&amp;mdash; BCCI Women (@BCCIWomen) September 5, 2026



सबसे ज्यादा महिला टी20 इंटरनेशनल मैच (कप्तान के रूप में)
150* मैच - हरमनप्रीत कौर (भारत)121 मैच - चमारी अथापथु (श्रीलंका)100 मैच - मेग लैनिंग (ऑस्ट्रेलियाई)96 मैच - हीदर नाइट (इंग्लैंड)96 मैच - डायने बिमेनीमाना (रवांडा)
ऐतिहासिक 150वें मैच पर क्या बोली हरमनप्रीत कौर?
कप्तान के रूप में 150वां टी20 खेलने पर हरमनप्रीत कौर ने कहा, &quot;महान उपलब्धि है. लेकिन सबसे जरूरी बात यह है कि मैदान पर खुद का आनंद लेते रहें, और यही वह कुंजी है जिसे मैं बनाए रखने की कोशिश करती हूं.&quot;
पाकिस्तान ने टॉस जीतकर चुनी बैटिंग&amp;nbsp;
मुकाबले में पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने का फैसला किया. भारतीय टीम पहले गेंदबाजी के लिए मैदान पर है. यह टीम इंडिया के लिए ग्रुप चरण का आखिरी मैच है. शुरुआती 2 मैच जीतकर टीम इंडिया सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई कर चुकी है. वहीं पाकिस्तान ग्रुप स्टेज का दूसरा मुकाबला खेल रही है.&amp;nbsp;
मुकाबले के लिए टीम इंडिया की प्लेइंग 11&amp;nbsp;
स्मृति मंधाना, शैफाली वर्मा, प्रतिका रावल, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), भारती फुलमाली, ऋचा घोष (डब्ल्यू), दीप्ति शर्मा, प्रेमा रावत, नंदनी शर्मा, श्री चरणी, क्रांति गौड़.&amp;nbsp;
मुकाबले के लिए पाकिस्तान की प्लेइंग 11
मुनीबा अली (विकेटकीपर), शवाल जुल्फिकार, गुल फिरोजा, आयशा जफर, सदफ शमास, फातिमा सना (कप्तान), उम्म-ए-हानी, एयमान फातिमा, तूबा हसन, नशरा संधू, सादिया इकबाल.
&amp;nbsp;
यह भी पढ़ें: मोहम्मद शमी की टीम इंडिया में वापसी पर बोले ईशान किशन, &#039;उनके अंदर भूख...&#039; ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 00:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>हरमनप्रीत, कौर, का, PAK, के, खिलाफ, वर्ल्ड, रिकॉर्ड, 150वां, टी20, खेलने, वाली, बनी, पहली, कप्तान</media:keywords>
    </item>
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        <title>CPL 2026 में बना बड़ा रिकॉर्ड, एक सीजन में लगे सबसे ज्यादा शतक</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/cpl-2026-में-बना-बड़ा-रिकॉर्ड-एक-सीजन-में-लगे-सबसे-ज्यादा-शतक</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/cpl-2026-में-बना-बड़ा-रिकॉर्ड-एक-सीजन-में-लगे-सबसे-ज्यादा-शतक</guid>
        <description><![CDATA[ सीपीएल 2026 अभी जारी है और एक सीजन में सबसे ज्यादा शतक लगने का रिकॉर्ड बन भी चुका है, जबकि अभी 13 मुकाबले और होने बाकी हैं. कैरेबियन प्रीमियर लीग के 14वें संस्करण में 5 बल्लेबाज सेंचुरी लगा चुके हैं, इसमें 2 एशियाई बल्लेबाज हैं. श्रीलंका के बल्लेबाज अभी तक सर्वाधिक रनों की पारी खेलने वाले बल्लेबाज हैं, एक पाकिस्तानी बल्लेबाज भी इस लिस्ट में शामिल है.
सीपीएल 2026 सयुंक्त रूप से सबसे ज्यादा शतक लगने वाला संस्करण बन गया है. इसके आलावा सिर्फ 2023 में एक सीजन में 5 शतक लगे थे. खास बात ये हैं कि जारी सीजन में अभी सिर्फ 26 मैच ही हुए हैं, जबकि कुल 39 मैच होने हैं. यानी 13 मुकाबले बाकी हैं, एक और शतक लगते ही इतिहास बन जाएगा.
CPL 2026 में इन 5&amp;nbsp;बल्लेबाजों ने लगाए शतक
कैरेबियन प्रीमियर लीग 2026 में 5 बल्लेबाजों ने शतक लगाए हैं, सभी अलग-अलग फ्रेंचाइजी के हैं. सबसे बड़ी पारी खेलने वाले श्रीलंका के डसून शनका हैं. सेंट किट्स एंड नेविस पैट्रियट्स के लिए खेल रहे शनका ने 3 सितंबर को सेंट लुसिया किंग्स के खिलाफ 121 रनों की नाबाद पारी खेली थी.
यह भी पढ़ें- मोहम्मद शमी का &#039;शतक&#039;, CAB से मिला खास सम्मान; वैभव-ईशान भी रहे मौजूद
उनके आलावा शिमरोन हेटमायर, क्विंटन डिकॉक, टिम सेफर्ट और पाकिस्तान के सैम अयूब ने शतक लगाया है. अमेजन वॉरियर्स के लिए खेल रहे हेटमायर ने 111 रन बनाए. बारबाडोस रॉयल्स के लिए खेल रहे डिकॉक ने 106 रन बनाए.
टिम सेफर्ट सेंट लूसिया किंग्स के लिए खेल रहे हैं, जिन्होंने जारी सीजन शतक जड़ा था. उन्होंने नाबाद 105 रन बनाए थे. पाकिस्तान के सैम अयूब जमैका किंग्समैन के लिए खेल रहे हैं, जिन्होंने इस सीजन 102 रनों की पारी खेली थी.
यह भी पढ़ें- काउंटी में मानव सुथार का कमाल, 7 विकेट लेकर टीम को दिलाई बड़ी जीत
सीपीएल 2023 की बात करें तो उस सीजन भी 5 बल्लेबाजों ने शतक लगाए थे. तब एलेक्स हेल्स (जमैका तैलवाह), शाई होप (अमेजन वॉरियर्स), रहकेम कॉर्नवाल (बारबाडोस रॉयल्स), निकोलस पूरन (त्रिनबागो नाइट राइडर्स) और मार्टिन गुप्टिल (त्रिनबागो नाइट राइडर्स) ने शतक लगाया था. ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 00:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>CPL, 2026, में, बना, बड़ा, रिकॉर्ड, एक, सीजन, में, लगे, सबसे, ज्यादा, शतक</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>PM मोदी GenZ स्टाइल में बोले &amp; &amp;apos;यहां के एल्युमिनाई OG हैं&amp;apos;, लगे ठहाके</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/pm-मोदी-genz-स्टाइल-में-बोले-यहां-के-एल्युमिनाई-og-हैं-लगे-ठहाके</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/pm-मोदी-genz-स्टाइल-में-बोले-यहां-के-एल्युमिनाई-og-हैं-लगे-ठहाके</guid>
        <description><![CDATA[ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) के शताब्दी समारोह में भाग लेने पहुंचे. जहां उन्होंने जेन जी के स्टाइल में कहा कि यहां के एल्युमिनाई OG हैं. पीएम मोदी के ऐसा बोलने पर जोरदार ठहाके लगे. पीएम मोदी ने कहा कि सौ से अधिक साल से श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) ने छात्रों की पीढ़ियों को सीखने, आगे बढ़ने और बदलाव लाने का अवसर प्रदान किया है.
पीएम मोदी ने कहा, साल 2013 में घोटाले चरम पर थे. देश निराशा के दलदल में था. निराशाजनक खबरें आती रहती थी. बता दें कि साल 2013 में देश में कांग्रेस की सरकार थी.

#WATCH | Delhi: At the centenary celebrations of Shri Ram College of Commerce (SRCC), Prime Minister Narendra Modi says, &quot;The alumni of SRCC have also been very special. In your language, I would say the alumni here are the OGs. They have taken the name of SRCC across the world&amp;hellip; pic.twitter.com/MvPvz2kGNi
&amp;mdash; ANI (@ANI) September 5, 2026






कॉलेज के शताब्दी समारोह में पीएम मोदी का भाषण
प्रधानमंत्री मोदी ने कॉलेज के शताब्दी समारोह में कहा, &#039;&#039;SRCC के छात्र अपने कॉलेज की प्रसिद्धि को वैश्विक स्तर पर ले गये. मैं जब 2013 में SRCC में पहुंचा था तब मैं प्रतिपक्ष का प्रतिनिधित्व कर रहा था, किंतु इसके बावजूद मैंने इस मंच का इस्तेमाल तत्कालीन सरकार की आलोचना करने के लिए नहीं किया.SRCC में 2013 में दिया गया मेरा भाषण एक &amp;lsquo;वेब&amp;rsquo; बन गया था और आज 13-14 साल बाद भी उस भाषण का असर बरकरार है. नीतिगत पंगुता से नीतिगत गतिशीलता तक, भारत ने एक लंबा सफर तय किया है.&#039;&#039; PM मोदी ने मौजूदा जीडीपी पर भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया. उन्होंने कहा कि वैश्विक अनिश्चितता के बीच भारत की 7.8 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि दर उसकी आर्थिक मजबूती को दर्शाती है.
&#039;मेड इन इंडिया&#039; से लेकर आज तक का जिक्र
PM मोदी ने अपने 2013 के भाषण में &amp;lsquo;मेड इन इंडिया&amp;rsquo; की जरूरत बताए जाने का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि उस समय कुछ लोगों को यह विचार मुश्किल या असंभव लगता था, लेकिन आज भारत में बने उत्पादों और देश की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता की पहचान बढ़ी है. प्रधानमंत्री ने कहा कि वह SRCC में अपना &amp;lsquo;रिपोर्ट कार्ड&amp;rsquo; लेकर आए हैं. उनके भाषण का मुख्य संदेश यही रहा कि 2013 में जिस बदलाव और आत्मनिर्भरता की बात उन्होंने की थी, उसके बाद भारत की अर्थव्यवस्था और शासन व्यवस्था में कई बदलाव हुए हैं.

&amp;nbsp; ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 05 Sep 2026 23:30:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>मोदी, GenZ, स्टाइल, में, बोले, यहां, के, एल्युमिनाई, हैं, लगे, ठहाके</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>‘2013 में देश निराशा के दलदल में था’, SRCC में PM मोदी का कांग्रेस पर हमला</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/2013-में-देश-निराशा-के-दलदल-में-था-srcc-में-pm-मोदी-का-कांग्रेस-पर-हमला</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/2013-में-देश-निराशा-के-दलदल-में-था-srcc-में-pm-मोदी-का-कांग्रेस-पर-हमला</guid>
        <description><![CDATA[ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) के शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर भी निशाना साधा है. उन्होंने देश में कांग्रेस के शासन का जिक्र करते हुए कहा कि साल 2013 में देश निराशा के दलदल में धंसा हुआ था. विकास फर्स पर थी और महंगाई अर्स पर थी. घोटाले चरम पर थे और भ्रष्टाचारी बेखौफ घूमते थे. अर्थव्यवस्था बेहाल थी, चारों तरफ पॉलिसी पैरालिसिस की चर्चा थी. दुनिया भारत को फ्रेजाइल-5 में गिन रही थी, आतंकी बेलगाम थे और पाकिस्तान बेकाबू था. यानी तब निराशा और हताशा के अलावा कुछ नहीं था.&amp;nbsp;&amp;nbsp;
पुराने संबोधन का जिक्र कर बोले पीएम मोदी
2013 में SRCC में दिए अपने संबोधन के बारे में जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, &amp;lsquo;2013 में मैं मुख्यमंत्री तो था, लेकिन देश की मुख्य विपक्षी पार्टी का एक सदस्य भी था, लेकिन विपक्ष में होने के बाद भी, तत्कालीन सरकार का आलोचक होने के बावजूद मैंने इस मंच का वो इस्तेमाल नहीं किया था. मैंने एक विजन रखा, सकारात्मक बाते कहीं. मैंने तब जो कुछ कहा वो मेरा Conviction था. उसको मैं जीता रहा और रास्ते पर चलता रहा.&amp;rsquo;
उन्होंने कहा, &amp;lsquo;मैंने उस दिन पानी के ग्लास का उदाहरण दिया था. मैंने बताया कि पानी के आधे भरे ग्लास के देखने के तीन नजरिए क्या होते हैं- पहला आधा भरा दिखता है, दूसरा आधा खाली दिखता है और तीसरा जिनको पूरा भरा हुआ दिखता है, वो आधा पानी और आधा हवा से भरा हुआ. ये वो समय था जब देश निराशा के दलदल में धंसा हुआ था. मैंने तब भी कहा था कि मैंने ग्लास को पूरा भरा हुआ देखता हूं.

BREAKING | &#039;2013 में देश निराशा के दलदल में था&#039; - PM मोदीhttps://t.co/SMm0dUypVm #Delhi #SRCC #PMModi #ABPNews pic.twitter.com/us8wKoclaG
&amp;mdash; ABP News (@ABPNews) September 5, 2026



पीएम मोदी ने छात्रों को कांग्रेस शासन की घटनाएं बताईं
उन्होंने कहा, &amp;lsquo;आप जब 2013 के आसपास की खबरें पढ़ेंगे और देखेंगे कि स्थिति क्या थी, उस समय जो हेडलाइन हुआ करती थी, मैं आज आपको उस समय के हेडलाइन दिखाता हूं &amp;ndash; &amp;lsquo;LOC पर भारतीय सैनिकों की हत्या&amp;rsquo;, &amp;lsquo;वर्ल्ड बैंक ने जीडीपी ग्रोथ रेट का अनुमान घटाया&amp;rsquo;, &amp;lsquo;करंट अकाउंट डेफिसिट ऑल टाइम हाई&amp;rsquo;, &amp;lsquo;हेलीकॉप्टर के सौदे में घूसखोरी का पर्दाफाश&amp;rsquo;, &amp;lsquo;महंगाई दर करीब 10 प्रतिशत के दर पर&amp;rsquo;, &amp;lsquo;इंडस्ट्रियल सेक्टर मंदी की चपेट में&amp;rsquo;, &amp;lsquo;हैदराबाद में बम ब्लास्ट&amp;rsquo;&amp;mdash; ये सभी उस वक्त की हेड लाइन्स थी.&amp;rsquo;
यह भी पढ़ेंः PM मोदी का राहुल गांधी पर हमला, &#039;सच की हुंकार के आगे झूठ की गूंज नहीं टिकेगी&#039; ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 05 Sep 2026 23:30:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>‘2013, में, देश, निराशा, के, दलदल, में, था’, SRCC, में, मोदी, का, कांग्रेस, पर, हमला</media:keywords>
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        <title>कांग्रेस संगठन में बड़ा फेरबदल, पंजाब से गुजरात तक बदले प्रभारी</title>
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        <description><![CDATA[ कांग्रेस संगठन में बड़ा फेरबदल देखने को मिला है. पार्टी ने गुजरात से पंजाब तक अपने प्रभारी बदले हैं. भूपेश बघेल को पंजाब प्रभारी से हटकर असम का प्रभारी महासचिव बनाया गया. सचिन पायलट को पंजाब की जिम्मेदारी दी गई.&amp;nbsp; सुखदेव भगत को छत्तीसगढ़ का इंचार्ज बनाया गया. रणदीप सुरजेवाला को प्रभारी महासचिव गुजरात बनाया गया.
कांग्रेस की तरफ से प्रेस रिलीज में बताया गया है कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पार्टी संगठन में AICC के जनरल सेक्रेटरी / इंचार्ज का कुछ राज्यों में फेरबदल किया गया है.&amp;nbsp;
पार्टी ने प्रेस रिलीज में बताया,&#039; भूपेश बघेल को असम का प्रभारी महासिचव बनाया गया है. उनकी जगह पंजाब में सचिन पायलट को प्रभारी महासिचव की जिम्मेदारी सौंपी गई है. इसके अलावा रणदीप सिंह सुरजेवाला को गुजरात का प्रभारी महासिचव नियुक्त किया गया है. वहीं, सुखदेव भगत को छत्तीसगढ़, डॉ. सिरीवेल्ला प्रसाद को महाराष्ट्र और पीवी मोहन को आंध्र प्रदेश का प्रभारी नियुक्त किया गया है.&#039;
रणदीप सुरजेवाला को अतिरिक्त जिम्मेदारी
इसके अलावा ब्रीफिंग में कहा गया है कि रणदीप सुरजेवाला कर्नाटक के महासविच प्रभारी की जिम्मेदारी भी संभालेंगे. इसके अलावा श्री मुकुल वासनिक AICC के महासचिव पद पर बने रहेंगे.&amp;nbsp;
पार्टी ने की निवर्तमान प्रभारियों की सराहना
इसके अलावा पार्टी की तरफ से जानकारी देते हुए कहा गया है कि पार्टी निवर्तमान महासचिव प्रभारियों के योगदान की सरहाना करता है. इनमें जितेंद्र सिंह, रमेश चेन्निथला और मणिकम टैगोर शामिल हैं. कांग्रेस ने इन बदलावों के जरिए राज्यों में संगठनात्म जिम्मेदारियों का बंटवारा किया है. इस प्रेस रिलीज में संगठन के महासचिव केसी वेणुगोपाल के साइन हैं. सभी नियुक्तियों के तत्काल प्रभाव से लागू करने का निर्देश दिया गया है.&amp;nbsp;
पंजाब चुनाव से पहले कांग्रेस की बड़ी रणनीतिपंजाब और गुजरात में आगामी चुनाव को देखते हुए पार्टी की तरफ से इस फेरबदल को माना जा रहा है. पार्टी ने पंजाब की बड़ी जिम्मेदारी सचिन पायलट को सौंपी है. वह एक युवा चेहरा भी हैं. वहीं, भूपेश बघेल को यहां से हटाकर असम भेज दिया गया है. ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 05 Sep 2026 23:30:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>PM मोदी का राहुल गांधी पर हमला, &amp;apos;सच की हुंकार के आगे झूठ की गूंज नहीं टिकेगी&amp;apos;</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/pm-मोदी-का-राहुल-गांधी-पर-हमला-सच-की-हुंकार-के-आगे-झूठ-की-गूंज-नहीं-टिकेगी</link>
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        <description><![CDATA[ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (5 सितंबर, 2026) को श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) में संबोधन के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर हमला किया. उन्होंने कहा कि उन लोगों के बारे में सोचिए जो करोड़ों लोगों को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ने की कोशिशों का भी विरोध कर रहे थे. असल में, ऐसे लोगों को ग्लास आधा भरा हुआ देखने में मजा आता है, ताकि देश के आम गरीब लोग उन पर निर्भर रहें. यही &amp;lsquo;माई-बाप&amp;rsquo; कल्चर है, जो वे दशकों से चला रहे हैं. मैं जानता हूं कि सच की हुंकार के आगे झूठ की गूंज टिक नहीं पाएगी. कहा- &#039;ये मोदी है, ये &#039;माई-बाप&#039; कल्चर को सपोर्ट करने वालों के सामने चट्टान की तरह खड़ा रहता है.&#039;&amp;nbsp;&amp;nbsp;
उन्होंने कहा, &amp;lsquo;जिन लोगों ने लंबे समय तक देश पर राज किया, उनका एक खास स्टाइल था, आग लगने पर ही जागना और सूखा पड़ने पर ही कुआं खोदना. मैंने इस अप्रोच को बदलने की बात कही थी और 2014 में हमारी सरकार बनने के बाद हमने उस बदलाव को असलियत में करके दिखाया.&amp;rsquo;
जो मजाक उड़ाते थे, वो आज मेक इन इंडिया की ब्रांड वैल्यू देखें- PM मोदी&amp;nbsp;
पीएम मोदी ने कहा, &amp;lsquo;मुझमें हिम्मत है, इसीलिए मैं आपको याद दिला रहा हूं कि मैंने उस दिन क्या कहा था. मैं अपना रिपोर्ट कार्ड लेकर आपके सामने आया हूं. 2013 में इसी प्रोग्राम में, जब मैंने कहा था कि हमें &amp;lsquo;मेड इन इंडिया&amp;rsquo; की तरफ काम करने की जरूरत है, तो उस समय के इकोसिस्टम के लोग इसे समझ ही नहीं पाए थे. उन्हें लगता था कि उस निराशा के दौर में मेड इन इंडिया नामुमकिन है और जो लोग उस सोच के साथ पले-बढ़े हैं, वे आज भी मेड इन इंडिया का मजाक उड़ाते हैं, लेकिन आज आप मेक इन इंडिया की ब्रांड वैल्यू देख सकते हैं.&amp;rsquo;&amp;nbsp;
पीएम मोदी की विपक्ष पर तीखी टिप्पणी

#WATCH | Delhi: At the centenary celebrations of Shri Ram College of Commerce (SRCC), PM Narendra Modi says, &quot;You will meet two kinds of people. One kind transforms the strength of society into the strength of the nation. The other becomes &#039;Naraz Fufa&#039; whenever any work is&amp;hellip; https://t.co/f8QqVjsyXk pic.twitter.com/4lz2FNWgFR
&amp;mdash; ANI (@ANI) September 5, 2026



इसके अलावा, पीएम मोदी ने इशारों-इशारों में विपक्ष पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, &amp;lsquo;देश में अलग-अलग प्रजाति के लोग हैं. एक वो लोग हैं, जो पॉजिटिव तरीके से समाज की शक्ति को राष्ट्र की शक्ति में बदलते हैं, जबकि दूसरे वो लोग हैं, जो हर चीज में नाराज फूफा बन जाते हैं. उनका एक ही डायलॉग है- &amp;lsquo;इसकी क्या जरूरत है!&amp;rsquo;
पीएम मोदी ने कहा, &amp;lsquo;जब हम दुनिया का सबसे बड़ा स्टैच्यू बना रहे थे, तब उन्होंने कहा कि इसकी क्या जरूरत है. इन्होंने बुलेट ट्रेन, UPI, चिप और नई संसद पर भी ऐसा ही कहा. जब हमने हमारे वीर सेना नायकों का मेमोरियल बनाया, तो फूफा फिर मैदान में आ गए, बोले- इसकी क्या जरूरत थी, लेकिन भारत ने ऐसे सारे फूफाओं को जवाब दिया कि जो देश के लिए जरूरी है, वो भारत को करने से कोई रोक नहीं सकता.&amp;rsquo;&amp;nbsp;
यह भी पढे़ंः &amp;lsquo;2013 में देश निराशा के दलदल में था&amp;rsquo;, SRCC में PM मोदी का कांग्रेस पर हमला ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 05 Sep 2026 23:30:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>मोदी, का, राहुल, गांधी, पर, हमला, सच, की, हुंकार, के, आगे, झूठ, की, गूंज, नहीं, टिकेगी</media:keywords>
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        <title>सहारनपुर मस्जिद टूटने पर भड़के अरशद मदनी! बोले&amp; &amp;apos;संविधान और समान कानून...&amp;apos;</title>
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        <description><![CDATA[ सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित एक प्राचीन मस्जिद को तोड़े जाने के मामले ने अब राजनीतिक और सामाजिक बहस को तेज कर दिया है. जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष अरशद मदनी ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे बेहद दुखद बताया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि इस घटना से संविधान, कानून और धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर कई सवाल खड़े होते हैं.
मदनी ने कहा कि अगर देश में कानून सभी लोगों और समुदायों के लिए बराबर है तो उसके इस्तेमाल में अलग-अलग मापदंड नहीं होने चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि बुलडोजर की कार्रवाई कई मामलों में न्याय से ज्यादा बदले और भेदभाव की राजनीति जैसी दिखाई देने लगी है.

सहारनपुर कलेक्ट्रेट में स्थित प्राचीन मस्जिद का ध्वस्तीकरण अत्यंत अफसोसजनक है। इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह बुनियादी सवाल खड़ा कर दिया है कि अगर संविधान और कानून सभी के लिए समान हैं तो उनके लागू करने में दोहरा मापदंड क्यों दिखाई देता है? आज बुलडोजर न्याय की निशानी कम और बदले,&amp;hellip;
&amp;mdash; Arshad Madani (@ArshadMadani007) September 5, 2026



मस्जिद के रिकॉर्ड और जमीन को लेकर क्या दावा है?
अरशद मदनी ने अपने बयान में दावा किया कि संबंधित मस्जिद वक्फ बोर्ड में दर्ज है और उसका वक्फ नंबर 451 है. उन्होंने यह भी कहा कि पुराने जमीन रिकॉर्ड में याकूब खान और वहीद खान के नाम दर्ज बताए जाते हैं. मदनी के मुताबिक, मस्जिद कमेटी ने अदालत के सामने 1911 से जुड़े दस्तावेज, नगरपालिका रिकॉर्ड और पुराने राजस्व अभिलेख भी पेश किए थे. उनका कहना है कि इतने पुराने दस्तावेजों और कानूनी दावों के बावजूद मस्जिद को गिराए जाने की कार्रवाई पर सवाल उठना स्वाभाविक है. हालांकि, इन रिकॉर्ड और कानूनी दावों की अंतिम स्थिति संबंधित न्यायिक और प्रशासनिक रिकॉर्ड से ही स्पष्ट होगी.
प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट का भी किया जिक्र
अरशद मदनी ने अपने बयान में 1991 के Places of Worship Act का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि यह कानून अभी भी लागू है. साथ ही उन्होंने नए वक्फ कानून में &amp;lsquo;वक्फ बाई यूजर&amp;rsquo; से जुड़े प्रावधान का हवाला देते हुए कहा कि धार्मिक स्थलों से जुड़े पुराने इस्तेमाल और रिकॉर्ड को भी कानूनी प्रक्रिया में महत्व दिया जाना चाहिए. उनका तर्क है कि किसी धार्मिक स्थल को लेकर विवाद होने पर कार्रवाई से पहले उपलब्ध दस्तावेजों और कानूनी दावों की पूरी तरह जांच होनी चाहिए.
अतिक्रमण पर कार्रवाई हो तो नियम सभी के लिए बराबर हों
मदनी ने अपने बयान में यह भी सवाल उठाया कि अगर सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा या अतिक्रमण कार्रवाई का आधार है तो यही नियम हर धर्म और समुदाय के धार्मिक निर्माण पर समान रूप से लागू होना चाहिए. उन्होंने कहा कि सरकारी जमीन, सड़क या सार्वजनिक स्थानों पर लंबे समय से मौजूद किसी भी धार्मिक निर्माण के मामले में प्रशासन को एक जैसे नियम अपनाने चाहिए. उनके मुताबिक, किसी एक समुदाय के धार्मिक स्थल पर ज्यादा सख्ती और दूसरे मामलों में अलग रवैया समान न्याय की भावना पर सवाल खड़ा कर सकता है.
&#039;समान न्याय चाहते हैं, कोई विशेष रियायत नहीं&#039;
जमीयत अध्यक्ष ने कहा कि भारत सभी धर्मों के लोगों का साझा देश है और संविधान किसी नागरिक को दूसरे से कम या ज्यादा अधिकार नहीं देता. उन्होंने हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई समेत सभी समुदायों के लिए समान संवैधानिक अधिकारों की बात कही. मदनी ने कहा कि उनकी मांग किसी विशेष रियायत की नहीं बल्कि समान न्याय की है. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर कानून सभी धार्मिक स्थलों के लिए समान है तो उसके लागू होने का तरीका भी सभी के लिए एक जैसा क्यों नहीं होना चाहिए.
 ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 05 Sep 2026 23:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
        <media:keywords>सहारनपुर, मस्जिद, टूटने, पर, भड़के, अरशद, मदनी, बोले-, संविधान, और, समान, कानून...</media:keywords>
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        <title>UP में 4 महीनों में होंगी 7 बड़ी परीक्षाएं, जानें कौन&amp;से एग्जाम लिस्ट में?</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/up-में-4-महीनों-में-होंगी-7-बड़ी-परीक्षाएं-जानें-कौन-से-एग्जाम-लिस्ट-में</link>
        <guid>https://hindi.attentionindia.com/up-में-4-महीनों-में-होंगी-7-बड़ी-परीक्षाएं-जानें-कौन-से-एग्जाम-लिस्ट-में</guid>
        <description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश में सरकारी शिक्षक और उच्च शिक्षा से जुड़ी भर्तियों का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों के लिए आने वाले 4 महीने बहुत अहम रहने वाले हैं. उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने दिसंबर तक 7 बड़ी परीक्षाएं कराने की तैयारी की है. इनमें अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालय में प्राचार्य और असिस्टेंट प्रोफेसर, एडेड माध्यमिक विद्यालय में प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक, पीजीटी, प्रशिक्षित स्नातक टीचर यानी टीजीटी, स्पेशल टीईटी और परिषदीय प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापकों की भर्ती के लिए होने वाली परीक्षाएं सुपर टीईटी शामिल है. इनमें कुछ परीक्षाओं की तारीख तय हो चुकी है, जबकि कहीं भर्तियों के विज्ञापन और आवेदन प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार है.&amp;nbsp;
24 सितंबर को प्राचार्य पदों की लिखित परीक्षा&amp;nbsp;
इन सात बड़ी परीक्षाओं में सबसे पहले अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालय में प्राचार्य के पदों पर भर्ती की लिखित परीक्षा होगी. प्राचार्य के 111 पदों पर लिखित परीक्षा 24 सितंबर 2026 को कराई जाएगी. इस भर्ती की चयन प्रक्रिया पहले से चल रही है और आयोग अब परीक्षा आयोजित करने की तैयारी में जुटा है.&amp;nbsp;
स्पेशल TET 3 नवंबर को होगी
परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पहले से कार्यरत शिक्षकों के लिए स्पेशल टीईटी भी इसी भर्ती परीक्षा कैलेंडर का अहम हिस्सा है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कार्यरत शिक्षकों के लिए यह विशेष परीक्षा कराई जा रही है. स्पेशल टीईटी के लिए आवेदन 5 सितंबर 2026 से शुरू हो गए हैं और उम्मीदवार 4 अक्टूबर तक आवेदन कर सकेंगे. आवेदन में संशोधन की अंतिम तारीख 8 अक्टूबर रखी गई है. परीक्षा 3 नवंबर को आयोजित कराई जाएगी. आपको बता दें कि यह सामान्य टीईटी से अलग परीक्षा है और खासतौर पर उन कार्यरत शिक्षकों को मौका देने के लिए आयोजित की जा रही है, जिन्हें टीईटी की अनिवार्यता पूरी करनी है.&amp;nbsp;
PGT के 2615 पदों पर भर्ती
एडेड माध्यमिक विद्यालयों में प्रवक्ता यानी पीजीटी के 2,615 पदों पर भर्ती की तैयारी भी चल रही है. इसके लिए शैक्षिक अर्हता में बदलाव किया गया है. पीजीटी के लिए उम्मीदवारों को परास्नातक में कम से कम 50 फीसदी अंक होना जरूरी होगा. शिक्षा निदेशालय ने नियमावली में संशोधन का प्रस्ताव शासन को भेजा था. नियमावली में संशोधन के प्रक्रिया पूरी होने के बाद भर्ती का विज्ञापन जारी होगा. इसके अलावा असिस्टेंट प्रोफेसर के 1,936 पदों पर भर्ती की भी सरकार तैयारी कर रही है.&amp;nbsp;
प्रधानाचार्य के 1475 और प्रधानाध्यापक के 1172 पद
एडेड इंटर कॉलेजों और हाईस्कूलों में भी बड़े पैमाने पर भर्ती होने वाली है. शिक्षा निदेशालय ने इंटर कॉलेजों में प्रधानाचार्य के 1,475 और हाई स्कूलों में प्रधानाध्यापक की 1,172 पद की जानकारी शिक्षा सेवा चयन आयोग को भेजी है. इसके बाद अब जल्द ही विज्ञापन जारी होगा.&amp;nbsp;
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TGT के 17740 पदों पर भर्ती का इंतजार
टीजीटी के 17,740 पदों पर भर्ती की तैयारी भी चल रही है. इन पदों के लिए अहर्ता संशोधन का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है. मंजूरी मिलने के बाद आवेदन शुरू किए जाएंगे. टीजीटी भर्ती में टीईटी को अनिवार्य करने का प्रस्ताव भी शासन को भेजा गया. इसमें ग्रेजुएशन में न्यूनतम 50 फीसदी अंक की शर्त रहेगी. वहीं उम्मीदवारों ने टीजीटी का विज्ञापन 15 सितंबर तक जारी करने की मांग की है.&amp;nbsp;
प्राथमिक स्कूलों में 11508 सहायक अध्यापकों की भर्ती
परिषदीय प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापकों की भर्ती भी आयोग की बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल है. इसके लिए 11,508 पदों पर अधियाचन चयन आयोग पर अपलोड किया जा चुका है. अब इन पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी करने की तैयारी चल रही है.
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        <pubDate>Sat, 05 Sep 2026 18:30:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>UPSSSC में कंप्यूटर ऑपरेटर की भर्ती, 28 सितंबर तक करें आवेदन</title>
        <link>https://hindi.attentionindia.com/upsssc-में-कंप्यूटर-ऑपरेटर-की-भर्ती-28-सितंबर-तक-करें-आवेदन</link>
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        <description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश में कंप्यूटर से जुड़ी सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए नई भर्ती का रास्ता खुल गया है. उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने महाधिवक्ता कार्यालय के कंप्यूटर संवर्ग में कंप्यूटर ऑपरेटर ग्रेड और सहायक कंप्यूटर ऑपरेटर की कुल 12 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है. इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 7 सितंबर 2026 से शुरू होगी, जबकि उम्मीदवार 28 सितंबर 2026 तक फॉर्म भर सकेंगे. यह भर्ती विज्ञापन संख्या 20-परीक्षा/2026 के तहत निकाली गई है. खास बात यह है कि इसमें सभी उम्मीदवार सीधे आवेदन नहीं कर सकेंगे.&amp;nbsp;
कंप्यूटर ऑपरेटर के कैटेगरी वाइज पद&amp;nbsp;
UPSSSC की इस भर्ती में कंप्यूटर संवर्ग के तहत कुल 12 रिक्तियां हैं. इनमें सबसे ज्यादा कंप्यूटर ऑपरेटर ग्रेड ए के हैं. कंप्यूटर ऑपरेटर ग्रेड ए के 11 पद हैं, वही सहायक कंप्यूटर ऑपरेटर का 1 पद है. कंप्यूटर ऑपरेटर ग्रेड ए के 11 पदों में 5 जनरल, 2 ओबीसी, 1 ईडब्ल्यूएस और 3 एससी पद है. एसटी के लिए कोई पद नहीं है, वहीं सहायक कंप्यूटर ऑपरेटर का एक पद जनरल कैटेगरी में है.&amp;nbsp;
पीईटी 2025 पास होना जरूरी&amp;nbsp;
यह सामान्य ओपन भर्ती नहीं है. इस भर्ती में आवेदन के लिए अभ्यर्थी का UPSSSC पीईटी 2026 परीक्षा में शामिल होना और उसका स्कोर कार्ड प्राप्त होना जरूरी है. आयोग पीईटी 2025 के नॉर्मलाइज्ड स्कोर के आधार पर उम्मीदवार को कंप्यूटर ऑपरेटर की मुख्य परीक्षा के लिए शाॅर्ट लिस्ट करेगा. रिक्तियों की संख्या के 15 गुना तक अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए चुना जाएगा. शॉर्टलिस्टिंग संबंधित कैटेगरी में उपलब्ध पदों और पीईटी 2025 के नॉर्मलाइज्ड स्कोर के आधार पर होगी. अगर किसी उम्मीदवार का पीईटी 2025 में नॉर्मलाइज्ड स्कोर जीरो या नेगेटिव है, तो उन्हें इस मुख्य परीक्षा के लिए शॉर्टलिस्ट नहीं किया जाएगा. वहीं अंडर इन्वेस्टिगेशन या प्रोविजनल कैटेगरी वाले उम्मीदवारों के आवेदन आयोग के अंतिम निर्णय के अधीन स्वीकार किए जाएंगे.&amp;nbsp;
कंप्यूटर ऑपरेटर ग्रेड ए के लिए योग्यता&amp;nbsp;
कंप्यूटर ऑपरेटर ग्रेड ए के पद पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों के पास मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए. उसके साथ उम्मीदवारों के पास मान्यता प्राप्त संस्थान से कंप्यूटर साइंस में डिप्लोमा होना चाहिए. केवल इस पद के लिए कंप्यूटर एप्लीकेशन के क्षेत्र में कम से कम 3 साल का एक्सपीरियंस भी मांगा गया है. वहीं सहायक कंप्यूटर ऑपरेटर के एक पद के लिए भी उम्मीदवार के पास के मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन डिग्री या डिप्लोमा होना चाहिए.&amp;nbsp;
कितनी मिलेगी कंप्यूटर ऑपरेटर को सैलरी?
चयनित उम्मीदवारों को पद के अनुसार अलग-अलग सैलरी मिलेगी. कंप्यूटर ऑपरेटर ग्रेड ए का पद लेवल 4 में है, जिनमें वेतनमान 25,500 से 83,100 रुपये हैं. वहीं सहायक कंप्यूटर ऑपरेटर का पद लेवल 2 में है, इसका वेतनमान 19,900 से 63,200 रुपये हैं. बेसिक वेतन के अलावा पदों के अनुसार मिलने वाले वेतन भत्ते और सुविधाएं भी लागू होगी.&amp;nbsp;
28 सितंबर तक भरना होगा फॉर्म&amp;nbsp;
UPSSSC कंप्यूटर ऑपरेटर रिक्रूटमेंट 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन 7 सितंबर 2026 से शुरू होंगे. आवेदन करने की अंतिम तारीख 28 सितंबर है. आवेदन फीस का पेमेंट और फॉर्म में निर्धारित संशोधन की अंतिम तारीख 5 अक्टूबर 2026 रखी गई है. वहीं मुख्य परीक्षा की तारीख अभी घोषित नहीं की गई है.&amp;nbsp;
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कैसे होगा चयन?
इस भर्ती में पहले पीईटी 2025 के नॉर्मलाइज्ड स्कोर के आधार पर शॉर्ट लिस्टिंग की जाएगी. इसके बाद चयनित उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा में शामिल होने का मौका मिलेगा. मुख्य परीक्षा के बाद डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी होगी. पीईटी स्कोर के आधार पर शॉर्ट लिस्टिंग होने के कारण उम्मीदवारों के लिए पीईटी 2025 की जानकारी और स्कोर से जुड़े विवरण जरूरी होंगे.&amp;nbsp;
कैसे भरे UPSSSC कंप्यूटर ऑपरेटर का फॉर्म?&amp;nbsp;

कंप्यूटर ऑपरेटर का फॉर्म भरने के लिए सबसे पहले UPSSSC की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं.&amp;nbsp;
इसके बाद लाइव एडवर्टाइजमेंट सेक्शन खोलें.
अब विज्ञापन संख्या 20-परीक्षा/ 2026 के संबंधित भर्ती लिंक पर जाएं.&amp;nbsp;
यहां पीईटी 2025 से संबंधित रजिस्ट्रेशन नंबर और जरूरी लॉगिन डिटेल दर्ज करें.
आवेदन फार्म में पर्सनल, एजुकेशनल, कैटेगरी और दूसरी जरूरी जानकारी भरें.
अब मांगे गए डॉक्यूमेंट, फोटो और सिग्नेचर आदि अपलोड करें.&amp;nbsp;
इसके बाद भरी गई जानकारी को ध्यान से जांचे और निर्धारित 25 रुपये ऑनलाइन फीस का पेमेंट करें.
लास्ट में आवेदन को एक बार फिर चेक करके सबमिट कर कंफर्मेशन पेज डाउनलोड कर लें.

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        <pubDate>Sat, 05 Sep 2026 18:30:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>iPhone 18 Pro का कैमरा कितना दमदार होगा? जान लें एक&amp;एक डिटेल</title>
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        <description><![CDATA[ Apple 9 सितंबर 2026 को अपना बड़ा इवेंट आयोजित करने जा रहा है. जहां iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max पेश किए जाने की उम्मीद है, वहीं&amp;nbsp; iPhone 18 Pro को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा इसके कैमरा अपग्रेड्स की हो रही है. Apple के नए Pro मॉडल्स में इस बार कैमरा सिर्फ ज्यादा मेगापिक्सल तक सीमित नहीं रहने वाला है. इस बार फोटोग्राफी को ज्यादा कंट्रोल देने वाली तकनीक भी देखने को मिल सकती है.
खासतौर पर Variable Aperture को लेकर कई रिपोर्ट्स सामने आई हैं. इसके अलावा Telephoto Camera में सुधार, बेहतर लो-लाइट फोटोग्राफी, पोर्ट्रेट फोटोग्राफी और Pro यूजर्स के लिए नए सॉफ्टवेयर फीचर्स मिलने की उम्मीद है. हालांकि इन कैमरा फीचर्स को लेकर अभी तक Apple की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. तो आइए जानते हैं कि iPhone 18 Pro का कैमरा कितना दमदार होगा.&amp;nbsp;
iPhone 18 Pro का कैमरा कितना दमदार होगा.
1. Variable Aperture कैमरा - iPhone 18 Pro सीरीज के कैमरे में Variable Aperture सबसे बड़ा अपग्रेड हो सकता है. 48MP Main Camera के साथ इस तकनीक के मिलने की चर्चा है. Variable Aperture लेंस में जाने वाली रोशनी को जरूरत के हिसाब से कम या ज्यादा करने में मदद करता है. इससे अलग-अलग शूटिंग कंडीशन में कैमरे को ज्यादा कंट्रोल मिल सकता है.&amp;nbsp;
2. &amp;nbsp;पोर्ट्रेट फोटोग्राफी बेहतर - Variable Aperture का फायदा पोर्ट्रेट फोटो में भी देखने को मिल सकता है. यूजर फोकस और Depth of Field को अपनी जरूरत के अनुसार एडजस्ट कर सकेगा. इससे सब्जेक्ट और बैकग्राउंड के बीच बेहतर सेप्रेशन मिल सकता है और बैकग्राउंड ब्लर ज्यादा नेचुरल दिखाई देने की उम्मीद है.&amp;nbsp;
3. लो-लाइट फोटोग्राफी - कम रोशनी में फोटोग्राफी के दौरान Variable Aperture कैमरे में आने वाली रोशनी को कंट्रोल करने में मदद कर सकता है. इससे लो-लाइट फोटो में बेहतर परिणाम मिलने की उम्मीद है. खासतौर पर ऐसे सीन में यह फीचर यूजफुल हो सकता है, जहां सही रोशनी उपलब्ध नहीं होती है.&amp;nbsp;
Telephoto Camera में भी हो सकता है बड़ा सुधार
iPhone 18 Pro में Telephoto Camera को भी अपग्रेड किए जाने की उम्मीद है. रिपोर्ट्स के अनुसार इसमें ज्यादा Wide Aperture दिया जा सकता है. इससे कैमरा सेंसर तक ज्यादा रोशनी पहुंच सकती है और कम रोशनी में जूम करते समय बेहतर फोटो लेने में मदद मिल सकती है. Pro मॉडल्स में 48MP Telephoto Camera की चर्चा है, जबकि Optical Zoom को 5x से 6x तक बढ़ाए जाने की संभावना बताई जा रही है. Pro Max में 6x Optical Zoom मिलने की चर्चा है.&amp;nbsp;
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Pro यूजर्स को मिल सकते हैं नए कैमरा कंट्रोल
Apple iPhone 18 Pro में नए Pro-focused Software Features भी दे सकता है. कैमरा ऐप के अंदर ज्यादा एडवांस कंट्रोल मिलने की उम्मीद है, जिससे यूजर्स को शूटिंग के दौरान कैमरे पर ज्यादा कंट्रोल मिल सकेगा. iOS 27 में Camera Interface को भी आसान बनाने की बात सामने आई है.
बड़ा हो सकता है Camera Module
इन सभी संभावित कैमरा अपग्रेड्स का असर फोन के Camera Module पर भी दिखाई दे सकता है. रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि Pro मॉडल का Camera Bump करीब 2mm तक बड़ा हो सकता है.
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        <pubDate>Sat, 05 Sep 2026 17:30:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Attention Desk</dc:creator>
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        <title>iPhone Ultra को टक्कर देने आ रहा Xiaomi 18 Fold! इस दिन होगा लॉन्च, जानें फीचर्स</title>
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        <description><![CDATA[ स्मार्टफोन मार्केट में बहुत ही जल्द एक नया डिवाइस लॉन्च होने वाला है. दरअसल, 9 सितंबर को एप्पल अपना डिवाइस लॉन्च करने की तैयारी में है लेकिन उससे पहले ही 7 सितंबर को शाओमी अपना एक फोल्डेबल स्मार्टफोन मार्केट में उतारने वाली है. माना जा रहा है कि कंपनी का ये नया फोन आईफोन अल्ट्रा को सीधी टक्कर देने में भी सक्षम होगा. हालांकि, इस फोन को 7 सितंबर को चीन में लॉन्च किया जाएगा. आइए जानते हैं कि इसमें कौन से फीचर्स मिलेंगे.
कैसे होगा डिजाइन
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, Xiaomi 18 Fold का डिजाइन इसे दूसरे बड़े फोल्डेबल फोन से अलग बनाता है. कंपनी के मुताबिक, फोल्ड होने के बाद इसका साइज लगभग एक पासपोर्ट जितना हो जाएगा. इसका फायदा ये है कि फोन को जेब या बैग में रखना आसान रहेगा और रोजमर्रा के कामों के लिए एक हाथ से भी इस्तेमाल किया जा सकेगा.
इसके अलावा इस फोन में बाहर की तरफ 5.38 इंच का कवर डिस्प्ले दिए जाने की संभावना है वहीं, इसके अंदर 7.58 इंच की बड़ी इनर स्क्रीन देखने को मिल सकती है. इस बड़े डिस्प्ले का इस्तेमाल मल्टीटास्किंग, वीडियो देखने, गेमिंग और दूसरे कामों के लिए किया जा सकता है.
मिलेगी दमदार बैटरी
लीक्स के मुताबिक, Xiaomi 18 Fold में 6,000mAh की बैटरी देखने को मिल सकती है जो 67W के वायर्ड और 50W के वायरलेस चार्जिंग को भी सपोर्ट करेगी. अगर ये आंकड़े सही होते हैं तो बड़ी स्क्रीन वाले फोल्डेबल फोन के लिए ये एक मजबूत बैटरी पैकेज हो सकता है.
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कैमरा सेटअप
Xiaomi 18 Fold में मिलने वाले कैमरा सेटअप की बात करें तो इस डिवाइस में ट्रिपल कैमरा सेटअप देखने को मिल जाएगा जिसमें एक LED फ्लैश मिलेगा. माना जा रहा है कि इस फोन में 200 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा देखने को मिलेगा. इसके अलावा कैमरा सेटअप के लिए Xiaomi ने Leica के साथ साझेदारी की है.
इतना ही नहीं, माना जा रहा है कि Xiaomi 18 Fold के अंदर कंपनी का नया Xring O3 फ्लैगशिप प्रोसेसर दिया जाएगा. ये Xiaomi के लिए बड़ा बदलाव माना जा रहा है क्योंकि उसके पुराने Mix Fold मॉडल्स में Qualcomm Snapdragon चिपसेट का इस्तेमाल किया गया था.
कितनी होगी कीमत
आपको बता दें कि फिलहाल कंपनी की ओर से इसकी कीमत को लेकर कोई आधिकारीक जानकारी सामने नहीं आई है लेकिन टिप्स्टर Digital Chat Station के मुताबिक, फोन को कंपनी 10,000 चीनी युआन से ज्यादा कीमत में उतार सकती है. ये कीमत भारतीय रुपये में करीब 1.40 लाख रुपये होता है.
iPhone Ultra को मिलेगी टक्कर
1 सितंबर 2026 से John Ternus ने Apple के नए CEO के रूप में कमान संभाली है. इसी कड़ी में बता दें कि एप्पल का पहला फोल्डेबल फोन आईफोन अल्ट्रा को लेकर काफी समय से लीक्स सामने आ रही है. बताया जा रहा है कि कंपनी इसे भी अपने नए फोन के साथ लॉन्च कर सकती है. लेकिन कुछ रिपोर्ट्स का मानना है कि इस फोन को कंपनी अगले साल पेश कर सकती है. हालांकि, लीक्स में इस फोन को लेकर कई सारी जानकारी सामने आई हैं जैसे माना जा रहा है कि इसकी अमेरिका में कीमत 2000 डॉलर से 2500 डॉलर के बीच हो सकती है. इसके अलावा इसमें दमदार बैटरी और पावरफुल प्रोसेसर भी देखने को मिल सकता है. ऐसे में शाओमी का ये नया फोन iPhone Ultra के लिए एक चुनौती जरूर बन सकता है.
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        <pubDate>Sat, 05 Sep 2026 17:30:10 +0530</pubDate>
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