RIL पर $1.55 Billion की Gas चोरी का आरोप! Bombay HC ने CBI जांच का notice जारी| Paisa Live

भारत की बड़ी Energy Company Reliance Industries (RIL) पर Allegation लगा है कि उन्होंने ONGC की गैस चोरी की, जिसकी कीमत लगभग $1.55 बिलियन है। Bombay High Court ने इस मामले में नोटिस जारी किया है और CBI से पूरी जांच करने का निर्देश देने पर विचार कर रहा है। Petition के अनुसार, 2004 से 2013-14 तक RIL ने KG-D6 block में ऐसी drilling की कि gas sideways ONGC के Northern Block से RIL के ब्लॉक में चली गई। अनुमानित नुकसान ₹13,000–14,000 करोड़ है, साथ ही $174.9 मिलियन का interest भी। Petitioner चाहते हैं कि RIL और उनके directors पर theft, fraud और breach of trust के criminal charges लगाए जाएं। RIL का कहना है कि गैस naturally migratory होती है और यह कोई नया criminal मामला नहीं, बल्कि पुराना civil-arbitration dispute है। Energy consultancy D&M ने भी कहा कि गैस extraction हुआ था, पर legal interpretation पर मतभेद है। Court का नोटिस यह तय नहीं करता कि RIL guilty है। यह सिर्फ शुरुआती कदम है—Court पूछ रहा है: – क्या CBI को पूरी जांच करनी चाहिए? – क्या FIR दर्ज होनी चाहिए? – क्या contracts और drilling data seize किए जाएं? अगर CBI जांच शुरू होती है, तो यह Corporate India के लिए बड़ा precedent बन सकता है। Market sentiment, RIL के shares और policy-making पर भी असर पड़ सकता है|

Nov 15, 2025 - 18:30
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RIL पर $1.55 Billion की Gas चोरी का आरोप! Bombay HC ने CBI जांच का notice जारी| Paisa Live

भारत की बड़ी Energy Company Reliance Industries (RIL) पर Allegation लगा है कि उन्होंने ONGC की गैस चोरी की, जिसकी कीमत लगभग $1.55 बिलियन है। Bombay High Court ने इस मामले में नोटिस जारी किया है और CBI से पूरी जांच करने का निर्देश देने पर विचार कर रहा है। Petition के अनुसार, 2004 से 2013-14 तक RIL ने KG-D6 block में ऐसी drilling की कि gas sideways ONGC के Northern Block से RIL के ब्लॉक में चली गई। अनुमानित नुकसान ₹13,000–14,000 करोड़ है, साथ ही $174.9 मिलियन का interest भी। Petitioner चाहते हैं कि RIL और उनके directors पर theft, fraud और breach of trust के criminal charges लगाए जाएं। RIL का कहना है कि गैस naturally migratory होती है और यह कोई नया criminal मामला नहीं, बल्कि पुराना civil-arbitration dispute है। Energy consultancy D&M ने भी कहा कि गैस extraction हुआ था, पर legal interpretation पर मतभेद है। Court का नोटिस यह तय नहीं करता कि RIL guilty है। यह सिर्फ शुरुआती कदम है—Court पूछ रहा है: – क्या CBI को पूरी जांच करनी चाहिए? – क्या FIR दर्ज होनी चाहिए? – क्या contracts और drilling data seize किए जाएं? अगर CBI जांच शुरू होती है, तो यह Corporate India के लिए बड़ा precedent बन सकता है। Market sentiment, RIL के shares और policy-making पर भी असर पड़ सकता है|

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