RBI का केंद्र को तोहफा, क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों के बीच मंजूर किया 2.87 लाख करोड़ का लाभांश

RBI Dividend: ईरान और इजरायल- अमेरिका के बीच फरवरी से ही युद्ध चल रहा है. जिसके कारण वैश्विक स्तर पर क्रूड ऑयल की कीमतें लगातार बढ़ती ही जा रही हैं. जिसकी वजह से भारत पर आर्थिक रूप से काफी दबाव भी बढ़ रहा है. ऐसे में अब आरबीआई ने भारत की केंद्र सरकार को थोड़ी राहत की सांस दी है. जिससे अब क्रूड ऑयल की कीमतों के बढ़ने से भी सरकार को खासा फर्क नहीं पड़ेगा. आरबीआई का केंद्र को तोहफादरअसल रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने FY25-26 के लिए केंद्र सरकार को एक बड़ा तोहफा दिया है. क्रूड ऑइल की बढ़ती कीमतों के बीच RBI ने 2.87 लाख करोड़ रुपये सरकार को देने की मंजूरी दे दी है. ये पैसा RBI अपने मुनाफे में से सरकार को देता है, जिसे लाभांश (डिविडेंड) कहा जाता है. RBI की तरफ से मिली जानकारीइस बारे में आरबीआी ने खुद एक प्रेस रिलीज जारी कर बताया है. जिसमें उन्होंने बताया कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की 623वीं मीटिंग के दौरान ये फैसला किया गया है. ये मीटिंग आज यानी शुक्रवार 22 मई को मुंबई में हुई, जिसमें आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा भी शामिल हुए. पिछले साल की रकम से भी ज्यादा दी गईइसमें ये भी बताया गया कि ये रकम पिछले साल के 2.69 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है. इससे पहले RBI ने 2023-24 में 2.1 लाख करोड़ रुपये और 2022-23 में 87,416 करोड़ रुपये सरकार को दिए थे. RBI ने बताया कि 2025-26 में उसकी कुल शुद्ध आय बढ़कर करीब 3.96 लाख करोड़ रुपये हो गई, जबकि पिछले साल ये 3.13 लाख करोड़ रुपये थी. अर्थव्यवस्था संभालने में मिलेगी मददइसके अलावा, RBI की कुल संपत्ति यानी बही-खाता भी 20.61% बढ़कर लगभग 92 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई. आसान शब्दों में कहें तो RBI को इस साल ज्यादा मुनाफा हुआ है, इसलिए वो सरकार को रिकॉर्ड रकम दे रहा है. इससे सरकार को खर्च चलाने और अर्थव्यवस्था संभालने में मदद मिलेगी. इस समय देश के जो हालात हैं उन्हें देखा जाए तो ये रकम सरकार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. फिलहाल महंगाई के दौर को देखते हुए ये एक बड़ा तोहफा ही माना जाएगा.

May 23, 2026 - 00:31
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RBI का केंद्र को तोहफा, क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों के बीच मंजूर किया 2.87 लाख करोड़ का लाभांश

RBI Dividend: ईरान और इजरायल- अमेरिका के बीच फरवरी से ही युद्ध चल रहा है. जिसके कारण वैश्विक स्तर पर क्रूड ऑयल की कीमतें लगातार बढ़ती ही जा रही हैं. जिसकी वजह से भारत पर आर्थिक रूप से काफी दबाव भी बढ़ रहा है. ऐसे में अब आरबीआई ने भारत की केंद्र सरकार को थोड़ी राहत की सांस दी है. जिससे अब क्रूड ऑयल की कीमतों के बढ़ने से भी सरकार को खासा फर्क नहीं पड़ेगा.

आरबीआई का केंद्र को तोहफा
दरअसल रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने FY25-26 के लिए केंद्र सरकार को एक बड़ा तोहफा दिया है. क्रूड ऑइल की बढ़ती कीमतों के बीच RBI ने 2.87 लाख करोड़ रुपये सरकार को देने की मंजूरी दे दी है. ये पैसा RBI अपने मुनाफे में से सरकार को देता है, जिसे लाभांश (डिविडेंड) कहा जाता है.

RBI की तरफ से मिली जानकारी
इस बारे में आरबीआी ने खुद एक प्रेस रिलीज जारी कर बताया है. जिसमें उन्होंने बताया कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की 623वीं मीटिंग के दौरान ये फैसला किया गया है. ये मीटिंग आज यानी शुक्रवार 22 मई को मुंबई में हुई, जिसमें आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा भी शामिल हुए.

पिछले साल की रकम से भी ज्यादा दी गई
इसमें ये भी बताया गया कि ये रकम पिछले साल के 2.69 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है. इससे पहले RBI ने 2023-24 में 2.1 लाख करोड़ रुपये और 2022-23 में 87,416 करोड़ रुपये सरकार को दिए थे. RBI ने बताया कि 2025-26 में उसकी कुल शुद्ध आय बढ़कर करीब 3.96 लाख करोड़ रुपये हो गई, जबकि पिछले साल ये 3.13 लाख करोड़ रुपये थी.

अर्थव्यवस्था संभालने में मिलेगी मदद
इसके अलावा, RBI की कुल संपत्ति यानी बही-खाता भी 20.61% बढ़कर लगभग 92 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई. आसान शब्दों में कहें तो RBI को इस साल ज्यादा मुनाफा हुआ है, इसलिए वो सरकार को रिकॉर्ड रकम दे रहा है. इससे सरकार को खर्च चलाने और अर्थव्यवस्था संभालने में मदद मिलेगी. इस समय देश के जो हालात हैं उन्हें देखा जाए तो ये रकम सरकार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. फिलहाल महंगाई के दौर को देखते हुए ये एक बड़ा तोहफा ही माना जाएगा.

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