Rahu-Ketu Transit 2026: राहु-केतु की चाल बदलेगी देश-दुनिया का हाल, कर्क और कुंभ समेत इन राशियों के लिए है चेतावनी
Rahu-Ketu Transit 2026: ज्योतिष शास्त्र में राहु और केतु को छाया ग्रह माना गया है, जो हमेशा वक्री (उल्टी) चाल चलते हैं. जब भी ये दोनों ग्रह अपनी राशि बदलते हैं, तो देश-दुनिया और सभी 12 राशियों के जीवन में व्यापक उथल-पुथल मचती है. साल 2026 के अंत में एक ऐसा ही सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण राशि परिवर्तन होने जा रहा है, जिसे ज्योतिषीय भाषा में 'महा-गोचर' कहा जा रहा है. आगामी 5 दिसंबर 2026 को राहु और केतु पूरे 18 महीने बाद अपनी राशि बदलने जा रहे हैं. वर्तमान में केतु सिंह राशि में और राहु कुंभ राशि में गोचर कर रहे हैं. 5 दिसंबर को राहु निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे, वहीं केतु सिंह राशि से निकलकर कर्क राशि में कदम रखेंगे. कर्क राशि का स्वामी चंद्रमा होता है, जिसे ज्योतिष में मन और भावनाओं का कारक माना गया है. केतु का यह प्रवेश कई राशियों के लिए मानसिक और भावनात्मक रूप से बेहद कष्टदायक साबित हो सकता है. यह भी पढ़ें- मैं भी कॉकरोच' आंदोलन: क्या कहती है इस डिजिटल पार्टी की कुंडली? क्या 2029 में सरकार के लिए बनेगी चुनौती इन राशियों पर टूट सकता है दुखों का पहाड़! दिसंबर 2026 में होने वाला यह महा-गोचर कुछ चुनिंदा राशियों के लिए जीवन की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक साबित हो सकता है. ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, निम्नलिखित राशियों को इस अवधि में विशेष सावधानी बरतनी होगी: कर्क राशि (Cancer): केतु का प्रवेश आपकी ही राशि में होने जा रहा है. चंद्रमा की राशि में केतु का आना 'ग्रहण दोष' जैसी स्थिति पैदा करता है. इस वजह से आपको अत्यधिक मानसिक तनाव, अज्ञात भय और डिप्रेशन का सामना करना पड़ सकता है. प्रेम संबंधों में गलतफहमियां बढ़ेंगी और ब्रेकअप के योग बन सकते हैं. कुंभ राशि (Aquarius): कुंभ राशि के जातकों पर पहले से ही शनि की साढ़ेसाती का अंतिम और सबसे भारी चरण चल रहा है. इस गोचर के बाद आपको आर्थिक मोर्चे पर बड़ा झटका लग सकता है. नौकरीपेशा लोगों को कार्यस्थल पर भारी विवाद या नौकरी छूटने जैसी स्थिति का सामना करना पड़ सकता है. कन्या और मीन राशि (Virgo & Pisces): इन दोनों राशियों के लिए यह गोचर पारिवारिक कलह और स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं लेकर आ सकता है. विशेष रूप से घर की माताओं के स्वास्थ्य को लेकर बड़ी चिंताएं सामने आ सकती हैं. कोई भी नया व्यापार या बड़ा निवेश करने से इस दौरान पूरी तरह बचें. देश-दुनिया पर असर: कर्क राशि में केतु के जाने से सामाजिक स्तर पर असंतोष बढ़ेगा. सरकार की किसी नई नीति या कानून के खिलाफ जनता में भारी विरोध प्रदर्शन और उग्र आंदोलन देखने को मिल सकते हैं. अशुभ प्रभावों से बचने के अचूक उपाय आपकी राशि पर इस गोचर का नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है, तो डरने के बजाय समय रहते ज्योतिषीय उपाय शुरू कर दें: महा रुद्राभिषेक: 5 दिसंबर को होने वाले इस गोचर के ठीक पहले या बाद में भगवान शिव का रुद्राभिषेक अवश्य करवाएं. महादेव की पूजा से राहु-केतु के अशुभ फल पूरी तरह शांत हो जाते हैं. महामृत्युंजय मंत्र का जाप: नियमित रूप से प्रतिदिन सुबह या शाम को महामृत्युंजय मंत्र की कम से कम एक माला (108 बार) का जाप करें. यह आपके मानसिक तनाव को दूर कर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेगा. शनिवार का दान: शनिवार के दिन जरूरतमंदों या कुष्ठ रोगियों को समोसे, काले तिल या कंबल का दान करें. इससे शनि और राहु-केतु दोनों की क्रूर दृष्टि से राहत मिलती है. Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.
Rahu-Ketu Transit 2026: ज्योतिष शास्त्र में राहु और केतु को छाया ग्रह माना गया है, जो हमेशा वक्री (उल्टी) चाल चलते हैं. जब भी ये दोनों ग्रह अपनी राशि बदलते हैं, तो देश-दुनिया और सभी 12 राशियों के जीवन में व्यापक उथल-पुथल मचती है. साल 2026 के अंत में एक ऐसा ही सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण राशि परिवर्तन होने जा रहा है, जिसे ज्योतिषीय भाषा में 'महा-गोचर' कहा जा रहा है.
आगामी 5 दिसंबर 2026 को राहु और केतु पूरे 18 महीने बाद अपनी राशि बदलने जा रहे हैं. वर्तमान में केतु सिंह राशि में और राहु कुंभ राशि में गोचर कर रहे हैं. 5 दिसंबर को राहु निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे, वहीं केतु सिंह राशि से निकलकर कर्क राशि में कदम रखेंगे. कर्क राशि का स्वामी चंद्रमा होता है, जिसे ज्योतिष में मन और भावनाओं का कारक माना गया है. केतु का यह प्रवेश कई राशियों के लिए मानसिक और भावनात्मक रूप से बेहद कष्टदायक साबित हो सकता है.
यह भी पढ़ें- मैं भी कॉकरोच' आंदोलन: क्या कहती है इस डिजिटल पार्टी की कुंडली? क्या 2029 में सरकार के लिए बनेगी चुनौती
इन राशियों पर टूट सकता है दुखों का पहाड़!
दिसंबर 2026 में होने वाला यह महा-गोचर कुछ चुनिंदा राशियों के लिए जीवन की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक साबित हो सकता है. ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, निम्नलिखित राशियों को इस अवधि में विशेष सावधानी बरतनी होगी:
कर्क राशि (Cancer): केतु का प्रवेश आपकी ही राशि में होने जा रहा है. चंद्रमा की राशि में केतु का आना 'ग्रहण दोष' जैसी स्थिति पैदा करता है. इस वजह से आपको अत्यधिक मानसिक तनाव, अज्ञात भय और डिप्रेशन का सामना करना पड़ सकता है. प्रेम संबंधों में गलतफहमियां बढ़ेंगी और ब्रेकअप के योग बन सकते हैं.
कुंभ राशि (Aquarius): कुंभ राशि के जातकों पर पहले से ही शनि की साढ़ेसाती का अंतिम और सबसे भारी चरण चल रहा है. इस गोचर के बाद आपको आर्थिक मोर्चे पर बड़ा झटका लग सकता है. नौकरीपेशा लोगों को कार्यस्थल पर भारी विवाद या नौकरी छूटने जैसी स्थिति का सामना करना पड़ सकता है.
कन्या और मीन राशि (Virgo & Pisces): इन दोनों राशियों के लिए यह गोचर पारिवारिक कलह और स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं लेकर आ सकता है. विशेष रूप से घर की माताओं के स्वास्थ्य को लेकर बड़ी चिंताएं सामने आ सकती हैं. कोई भी नया व्यापार या बड़ा निवेश करने से इस दौरान पूरी तरह बचें.
देश-दुनिया पर असर: कर्क राशि में केतु के जाने से सामाजिक स्तर पर असंतोष बढ़ेगा. सरकार की किसी नई नीति या कानून के खिलाफ जनता में भारी विरोध प्रदर्शन और उग्र आंदोलन देखने को मिल सकते हैं.
अशुभ प्रभावों से बचने के अचूक उपाय
आपकी राशि पर इस गोचर का नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है, तो डरने के बजाय समय रहते ज्योतिषीय उपाय शुरू कर दें:
- महा रुद्राभिषेक: 5 दिसंबर को होने वाले इस गोचर के ठीक पहले या बाद में भगवान शिव का रुद्राभिषेक अवश्य करवाएं. महादेव की पूजा से राहु-केतु के अशुभ फल पूरी तरह शांत हो जाते हैं.
- महामृत्युंजय मंत्र का जाप: नियमित रूप से प्रतिदिन सुबह या शाम को महामृत्युंजय मंत्र की कम से कम एक माला (108 बार) का जाप करें. यह आपके मानसिक तनाव को दूर कर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेगा.
- शनिवार का दान: शनिवार के दिन जरूरतमंदों या कुष्ठ रोगियों को समोसे, काले तिल या कंबल का दान करें. इससे शनि और राहु-केतु दोनों की क्रूर दृष्टि से राहत मिलती है.
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.
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