Pulsatile Tinnitus: क्या आपको भी कानों में सुनाई देती है सरसराहट की आवाज, क्या यह पल्सेटाइल टिनिटस का सिग्नल?

हम सभी को अपने कानों में अक्सर या कभी-कभी एक सरसराहट या “हूश-हूश” जैसी आवाज सुनाई देती है. यह आवाज हमेशा नहीं होती, बल्कि जब आसपास का वातावरण शांत होता है या उस जगह पर शांति होती है जहां हम मौजूद होते हैं, तब कानों में ऐसी आवाज सुनाई देती है. यह आवाज उन आवाजों से अलग होती है, जो हमें कान में पानी जाने के बाद या बहुत तेज आवाज सुनने के बाद सुनाई देती हैं. इसी वजह से लोगों को इस सरसराहट या “हूश-हूश” जैसी आवाज से ज्यादा तकलीफ होती है. डॉक्टर्स के अनुसार, यह आवाज हमारी सेहत और शरीर के लिए एक गंभीर खतरे का संकेत हो सकती है. डॉक्टर्स ने पाया है कि इन आवाजों का मुख्य कारण शरीर में ब्लड सर्कुलेशन या दिमाग से जुड़ी किसी समस्या या बीमारी का संकेत हो सकता है. कानों की आवाज का दिमाग और ब्लड सर्कुलेशन से संबंध जब डॉक्टर्स ने इस आवाज की गहराई से जांच की, तो उन्हें पता चला कि जो आवाज आपको कान में सुनाई देती है, असल में उसका जुड़ाव खून की नसों में बहते ब्लड और दिमाग की कार्यप्रणाली से होता है, जिसे लोग अक्सर कानों की समस्या समझ लेते हैं. नसों में खून का तेज या असामान्य तरीके से बहना इस समस्या की जड़ हो सकता है. पल्सेटाइल टिनिटस क्या है? अगर आपके कानों में रशिंग, व्होशिंग, धक-धक या “हूश-हूश” जैसी आवाजें सुनाई देती हैं, तो आपको पल्सेटाइल टिनिटस नाम की समस्या हो सकती है, जिसमें व्यक्ति को कानों में ऐसी आवाज सुनाई देती है जो बिल्कुल दिल की धड़कन के साथ सुनाई देती है. यह आवाज सामान्य टिनिटस की तरह सीटी जैसी नहीं होती, बल्कि इससे अलग होती है और यह आवाज व्यक्ति को तब ज्यादा साफ सुनाई देती है जब आसपास शांत माहौल हो या व्यक्ति लेटा हुआ हो. पल्सेटाइल टिनिटस होने का बड़ा कारण पल्सेटाइल टिनिटस होने का एक बड़ा कारण तब होता है जब कान या गर्दन की नसों के अंदर प्लाक, जिसे हम गंदा पदार्थ भी कहते हैं, जमा होने लगता है. इससे नसें पतली हो जाती हैं और खून का बहाव सही तरीके से नहीं हो पाता. ऐसे में खून के बहने की आवाज कान तक पहुंच सकती है. इस प्रक्रिया को एथेरोस्क्लेरोसिस कहा जाता है. पल्सेटाइल टिनिटस ज्यादातर तब होता है जब कान या गर्दन के आसपास की नसों में कोई गड़बड़ी आ जाती है. जब ये नसें सामान्य तरीके से खून नहीं बहा पातीं, तो खून के बहने की आवाज कान तक पहुंचने लगती है. इसी वजह से व्यक्ति को दिल की धड़कन जैसी आवाज सुनाई देती है. जब शरीर में ब्लड प्रेशर ज्यादा या सामान्य से अधिक हो जाता है, तो पल्सेटाइल टिनिटस की समस्या हो सकती है क्योंकि गर्दन में मौजूद कैरोटिड आर्टरी से जब खून तेजी से बहता है, तो उसका बहाव उथल-पुथल वाला हो सकता है. इसी उथल-पुथल के कारण कान तक धड़कन जैसी आवाज पहुंचने लगती है. कानों में रशिंग, व्होशिंग, धक-धक या “हूश-हूश” जैसी आवाजें सुनाई देने का एक कारण यह भी हो सकता है कि शरीर की नसों के आसपास मौजूद टिश्यू में किसी तरह का बदलाव हो रहा हो. ऐसे में खून के बहने की गति बदल जाती है और कभी-कभी ऐसी आवाजें पैदा होती हैं, जिन्हें हम कानों के अंदर सुन पाते हैं. यह भी पढ़ें: युवाओं के लिए अलर्ट, 20s में की गई ये 5 गलतियां बढ़ा सकती है कैंसर का खतरा

Dec 22, 2025 - 09:30
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Pulsatile Tinnitus: क्या आपको भी कानों में सुनाई देती है सरसराहट की आवाज, क्या यह पल्सेटाइल टिनिटस का सिग्नल?

हम सभी को अपने कानों में अक्सर या कभी-कभी एक सरसराहट या “हूश-हूश” जैसी आवाज सुनाई देती है. यह आवाज हमेशा नहीं होती, बल्कि जब आसपास का वातावरण शांत होता है या उस जगह पर शांति होती है जहां हम मौजूद होते हैं, तब कानों में ऐसी आवाज सुनाई देती है. यह आवाज उन आवाजों से अलग होती है, जो हमें कान में पानी जाने के बाद या बहुत तेज आवाज सुनने के बाद सुनाई देती हैं. इसी वजह से लोगों को इस सरसराहट या “हूश-हूश” जैसी आवाज से ज्यादा तकलीफ होती है. डॉक्टर्स के अनुसार, यह आवाज हमारी सेहत और शरीर के लिए एक गंभीर खतरे का संकेत हो सकती है. डॉक्टर्स ने पाया है कि इन आवाजों का मुख्य कारण शरीर में ब्लड सर्कुलेशन या दिमाग से जुड़ी किसी समस्या या बीमारी का संकेत हो सकता है.

कानों की आवाज का दिमाग और ब्लड सर्कुलेशन से संबंध

जब डॉक्टर्स ने इस आवाज की गहराई से जांच की, तो उन्हें पता चला कि जो आवाज आपको कान में सुनाई देती है, असल में उसका जुड़ाव खून की नसों में बहते ब्लड और दिमाग की कार्यप्रणाली से होता है, जिसे लोग अक्सर कानों की समस्या समझ लेते हैं. नसों में खून का तेज या असामान्य तरीके से बहना इस समस्या की जड़ हो सकता है.

पल्सेटाइल टिनिटस क्या है?

अगर आपके कानों में रशिंग, व्होशिंग, धक-धक या “हूश-हूश” जैसी आवाजें सुनाई देती हैं, तो आपको पल्सेटाइल टिनिटस नाम की समस्या हो सकती है, जिसमें व्यक्ति को कानों में ऐसी आवाज सुनाई देती है जो बिल्कुल दिल की धड़कन के साथ सुनाई देती है. यह आवाज सामान्य टिनिटस की तरह सीटी जैसी नहीं होती, बल्कि इससे अलग होती है और यह आवाज व्यक्ति को तब ज्यादा साफ सुनाई देती है जब आसपास शांत माहौल हो या व्यक्ति लेटा हुआ हो.

पल्सेटाइल टिनिटस होने का बड़ा कारण

  • पल्सेटाइल टिनिटस होने का एक बड़ा कारण तब होता है जब कान या गर्दन की नसों के अंदर प्लाक, जिसे हम गंदा पदार्थ भी कहते हैं, जमा होने लगता है. इससे नसें पतली हो जाती हैं और खून का बहाव सही तरीके से नहीं हो पाता. ऐसे में खून के बहने की आवाज कान तक पहुंच सकती है. इस प्रक्रिया को एथेरोस्क्लेरोसिस कहा जाता है.

  • पल्सेटाइल टिनिटस ज्यादातर तब होता है जब कान या गर्दन के आसपास की नसों में कोई गड़बड़ी आ जाती है. जब ये नसें सामान्य तरीके से खून नहीं बहा पातीं, तो खून के बहने की आवाज कान तक पहुंचने लगती है. इसी वजह से व्यक्ति को दिल की धड़कन जैसी आवाज सुनाई देती है.

  • जब शरीर में ब्लड प्रेशर ज्यादा या सामान्य से अधिक हो जाता है, तो पल्सेटाइल टिनिटस की समस्या हो सकती है क्योंकि गर्दन में मौजूद कैरोटिड आर्टरी से जब खून तेजी से बहता है, तो उसका बहाव उथल-पुथल वाला हो सकता है. इसी उथल-पुथल के कारण कान तक धड़कन जैसी आवाज पहुंचने लगती है.

  • कानों में रशिंग, व्होशिंग, धक-धक या “हूश-हूश” जैसी आवाजें सुनाई देने का एक कारण यह भी हो सकता है कि शरीर की नसों के आसपास मौजूद टिश्यू में किसी तरह का बदलाव हो रहा हो. ऐसे में खून के बहने की गति बदल जाती है और कभी-कभी ऐसी आवाजें पैदा होती हैं, जिन्हें हम कानों के अंदर सुन पाते हैं.

यह भी पढ़ें: युवाओं के लिए अलर्ट, 20s में की गई ये 5 गलतियां बढ़ा सकती है कैंसर का खतरा

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