President Droupadi Murmu: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राफेल से उड़ान भरकर रचा इतिहास, अंबाला एयरबेस पर जवानों ने दिया 'गार्ड ऑफ ऑनर'

भारत की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने एक बार फिर देश का गौरव बढ़ाते हुए भारतीय वायुसेना के राफेल लड़ाकू विमान में उड़ान भरी. यह ऐतिहासिक क्षण हरियाणा के अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर दर्ज हुआ, जहां राष्ट्रपति ने खुद भारतीय वायुसेना के फाइटर जेट के साथ उड़ान भरी. इस उड़ान के साथ, राष्ट्रपति मुर्मू ने न केवल तीनों सेनाओं की सर्वोच्च कमांडर के रूप में अपनी भूमिका का प्रदर्शन किया, बल्कि देश की रक्षा क्षमता, तकनीकी प्रगति और आत्मनिर्भर भारत के विजन को भी एक नया आयाम दिया. राफेल उड़ान से पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं, जहां उनका स्वागत भारतीय वायुसेना प्रमुख, एयर चीफ मार्शल अमरप्रीत सिंह ने किया. वायुसेना के जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया, जो इस मौके की औपचारिकता और सम्मान का प्रतीक है. अंबाला एयरबेस को राफेल स्क्वाड्रन का मुख्य संचालन केंद्र माना जाता है. Ambala, Haryana: President Droupadi Murmu is set to take a sortie in the Rafale fighter jet shortly at Ambala Air Force Station. pic.twitter.com/x9k4lTcan1 — IANS (@ians_india) October 29, 2025 सबसे एडवांस राफेल फाइटरयहां No.17 Golden Arrows स्क्वाड्रन तैनात है, जो भारत की हवाई सीमाओं की सुरक्षा के लिए सबसे एडवांस राफेल फाइटर जेट संचालित करती है. इस एयरबेस की रणनीतिक स्थिति उत्तर भारत की सीमाओं के निकट इसे भारतीय वायुसेना की सबसे महत्वपूर्ण चौकियों में शामिल करती है. राष्ट्रपति को उड़ान से पहले विमान की सिस्टम, सुरक्षा उपकरणों और उड़ान योजना के बारे में विस्तार से बताया गया. उन्हें स्पेशल फ्लाइट सूट और सुरक्षा गियर भी पहनाया गया, जैसा कि किसी भी फाइटर मिशन में होता है. सुखोई से राफेल तक राष्ट्रपति का आसमानी सफरयह पहली बार नहीं है, जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किसी लड़ाकू विमान में उड़ान भरी हो. इससे पहले उन्होंने 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर वायुसेना स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर जेट में उड़ान भरी थी. उस उड़ान के बाद राष्ट्रपति ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा था कि भारतीय वायुसेना के पायलटों की दक्षता, अनुशासन और निष्ठा देश के लिए गर्व की बात है. उन्हें देखकर हर भारतीय का सिर ऊंचा हो जाता है. अब राफेल उड़ान के साथ राष्ट्रपति मुर्मू भारत की उन गिनी-चुनी नेताओं में शामिल हो गई हैं, जिन्होंने दो अलग-अलग अत्याधुनिक फाइटर जेट्स में उड़ान भरी है. यह न केवल उनकी साहसिकता को दर्शाता है, बल्कि भारतीय महिलाओं के सशक्तिकरण का भी एक प्रेरणादायक उदाहरण है. ये भी पढ़ें: कनाडा में भारतीय कारोबारी दर्शन सिंह की हत्या, अपराधियों ने गोलियों से भूना, वारदात के पीछे किसका हाथ?

Oct 29, 2025 - 13:30
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President Droupadi Murmu: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राफेल से उड़ान भरकर रचा इतिहास, अंबाला एयरबेस पर जवानों ने दिया 'गार्ड ऑफ ऑनर'

भारत की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने एक बार फिर देश का गौरव बढ़ाते हुए भारतीय वायुसेना के राफेल लड़ाकू विमान में उड़ान भरी. यह ऐतिहासिक क्षण हरियाणा के अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर दर्ज हुआ, जहां राष्ट्रपति ने खुद भारतीय वायुसेना के फाइटर जेट के साथ उड़ान भरी. इस उड़ान के साथ, राष्ट्रपति मुर्मू ने न केवल तीनों सेनाओं की सर्वोच्च कमांडर के रूप में अपनी भूमिका का प्रदर्शन किया, बल्कि देश की रक्षा क्षमता, तकनीकी प्रगति और आत्मनिर्भर भारत के विजन को भी एक नया आयाम दिया.

राफेल उड़ान से पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं, जहां उनका स्वागत भारतीय वायुसेना प्रमुख, एयर चीफ मार्शल अमरप्रीत सिंह ने किया. वायुसेना के जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया, जो इस मौके की औपचारिकता और सम्मान का प्रतीक है. अंबाला एयरबेस को राफेल स्क्वाड्रन का मुख्य संचालन केंद्र माना जाता है.

सबसे एडवांस राफेल फाइटर
यहां No.17 Golden Arrows स्क्वाड्रन तैनात है, जो भारत की हवाई सीमाओं की सुरक्षा के लिए सबसे एडवांस राफेल फाइटर जेट संचालित करती है. इस एयरबेस की रणनीतिक स्थिति उत्तर भारत की सीमाओं के निकट इसे भारतीय वायुसेना की सबसे महत्वपूर्ण चौकियों में शामिल करती है. राष्ट्रपति को उड़ान से पहले विमान की सिस्टम, सुरक्षा उपकरणों और उड़ान योजना के बारे में विस्तार से बताया गया. उन्हें स्पेशल फ्लाइट सूट और सुरक्षा गियर भी पहनाया गया, जैसा कि किसी भी फाइटर मिशन में होता है.

सुखोई से राफेल तक राष्ट्रपति का आसमानी सफर
यह पहली बार नहीं है, जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किसी लड़ाकू विमान में उड़ान भरी हो. इससे पहले उन्होंने 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर वायुसेना स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर जेट में उड़ान भरी थी. उस उड़ान के बाद राष्ट्रपति ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा था कि भारतीय वायुसेना के पायलटों की दक्षता, अनुशासन और निष्ठा देश के लिए गर्व की बात है. उन्हें देखकर हर भारतीय का सिर ऊंचा हो जाता है. अब राफेल उड़ान के साथ राष्ट्रपति मुर्मू भारत की उन गिनी-चुनी नेताओं में शामिल हो गई हैं, जिन्होंने दो अलग-अलग अत्याधुनिक फाइटर जेट्स में उड़ान भरी है. यह न केवल उनकी साहसिकता को दर्शाता है, बल्कि भारतीय महिलाओं के सशक्तिकरण का भी एक प्रेरणादायक उदाहरण है.

ये भी पढ़ें: कनाडा में भारतीय कारोबारी दर्शन सिंह की हत्या, अपराधियों ने गोलियों से भूना, वारदात के पीछे किसका हाथ?

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