Praveen Togadia on Bangladesh Violence: 'सेना भेजकर मोहम्मद यूनुस को उठवा लेना चाहिए', बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या पर फायर हुए तोगड़िया
अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के अध्यक्ष डॉ. प्रवीण तोगड़िया ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार को लेकर केंद्र सरकार से कड़ा रुख अपनाने की मांग की है. बिजनौर में मंगलवार (6 जनवरी) को डॉ. तोगड़िया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं को लगातार निशाना बनाया जा रहा है. जिस तरह अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति को उठवाया उसी तरह भारत सरकार को भी सेना भेजकर हिंदुओं पर अत्याचार कराने वाले मोहम्मद यूनुस को उठवा लेना चाहिए. तोगड़िया ने कहा कि भारत की सेना 1971 में बांग्लादेश में अपना पराक्रम दिखा चुकी है. जरूरत पड़ी तो एक बार फिर हिंदुओं की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए. उन्होंने जोर देकर कहा कि देश में हिंदू तभी सुरक्षित रह सकते हैं, जब वे बहुसंख्यक बने रहेंगे. तोगड़िया ने जनसंख्या नियंत्रण को लेकर भी बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि हिंदुओं को सुरक्षित बनाए रखने के लिए सख्त कानून बनाए जाने की जरूरत है. कम हो रही हिंदुओं की आबादी- तोगड़िया उन्होंने कहा कि तीन से अधिक बच्चे होने पर किसी परिवार को सरकारी स्कूलों में प्रवेश, सरकारी अस्पतालों में इलाज, सरकारी नौकरी, राशन और अन्य सरकारी सुविधाओं का लाभ नहीं मिलनी चाहिए. इतना ही नहीं ऐसे लोगों के मतदान का अधिकार भी समाप्त कर दिया जाना चाहिए. तोगड़िया ने दावा किया कि बिजनौर, रामपुर और सहारनपुर में हिंदुओं की आबादी लगातार कम हो रही है. 'जनसंख्या नियंत्रण कानून लागू किया जाएगा'प्रवीण तोगड़िया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से हमारे पुराने पारिवारिक संबंध हैं. हमें उम्मीद है कि हमारी मांग पर जल्द ही जनसंख्या नियंत्रण कानून लागू किया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को केवल बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की ही नहीं, बल्कि वहां रह रहे हिंदुओं की भी चिंता है. लव जिहाद पर क्या बोले तोगड़ियासहारनपुर से मुरादाबाद जाने के क्रम में डॉ. तोगड़िया मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहे पर कुछ देर रुके. यहां उन्होंने लव जिहाद को सामाजिक कैंसर बताते हुए कहा कि इस बीमारी का इलाज डॉक्टरों से नहीं, बल्कि कानून और सख्त कार्रवाई से ही संभव है. उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद जनसंख्या नियंत्रण के लिए ऐसे कानून की दिशा में काम कर रही है, जिसमें दो से अधिक बच्चे होने पर कठोर दंडात्मक प्रावधान हो. ये भी पढ़ें सुप्रीम कोर्ट ने सार्वजनिक इमारतों और सड़कों से कुत्तों को हटाने पर एक बार फिर दिया जोर, कहा- कुत्ता काटेगा या नहीं, इसे कोई कैसे समझ सकता है?
अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के अध्यक्ष डॉ. प्रवीण तोगड़िया ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार को लेकर केंद्र सरकार से कड़ा रुख अपनाने की मांग की है. बिजनौर में मंगलवार (6 जनवरी) को डॉ. तोगड़िया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं को लगातार निशाना बनाया जा रहा है. जिस तरह अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति को उठवाया उसी तरह भारत सरकार को भी सेना भेजकर हिंदुओं पर अत्याचार कराने वाले मोहम्मद यूनुस को उठवा लेना चाहिए.
तोगड़िया ने कहा कि भारत की सेना 1971 में बांग्लादेश में अपना पराक्रम दिखा चुकी है. जरूरत पड़ी तो एक बार फिर हिंदुओं की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए. उन्होंने जोर देकर कहा कि देश में हिंदू तभी सुरक्षित रह सकते हैं, जब वे बहुसंख्यक बने रहेंगे. तोगड़िया ने जनसंख्या नियंत्रण को लेकर भी बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि हिंदुओं को सुरक्षित बनाए रखने के लिए सख्त कानून बनाए जाने की जरूरत है.
कम हो रही हिंदुओं की आबादी- तोगड़िया
उन्होंने कहा कि तीन से अधिक बच्चे होने पर किसी परिवार को सरकारी स्कूलों में प्रवेश, सरकारी अस्पतालों में इलाज, सरकारी नौकरी, राशन और अन्य सरकारी सुविधाओं का लाभ नहीं मिलनी चाहिए. इतना ही नहीं ऐसे लोगों के मतदान का अधिकार भी समाप्त कर दिया जाना चाहिए. तोगड़िया ने दावा किया कि बिजनौर, रामपुर और सहारनपुर में हिंदुओं की आबादी लगातार कम हो रही है.
'जनसंख्या नियंत्रण कानून लागू किया जाएगा'
प्रवीण तोगड़िया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से हमारे पुराने पारिवारिक संबंध हैं. हमें उम्मीद है कि हमारी मांग पर जल्द ही जनसंख्या नियंत्रण कानून लागू किया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को केवल बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की ही नहीं, बल्कि वहां रह रहे हिंदुओं की भी चिंता है.
लव जिहाद पर क्या बोले तोगड़िया
सहारनपुर से मुरादाबाद जाने के क्रम में डॉ. तोगड़िया मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहे पर कुछ देर रुके. यहां उन्होंने लव जिहाद को सामाजिक कैंसर बताते हुए कहा कि इस बीमारी का इलाज डॉक्टरों से नहीं, बल्कि कानून और सख्त कार्रवाई से ही संभव है. उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद जनसंख्या नियंत्रण के लिए ऐसे कानून की दिशा में काम कर रही है, जिसमें दो से अधिक बच्चे होने पर कठोर दंडात्मक प्रावधान हो.
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