Prateek Yadav Death Case: प्रतीक यादव की मौत के मामले में NHRC की एंट्री, कौन पहुंचा मानवाधिकार आयोग? रखीं ये 3 डिमांड

प्रतीक यादव की संदिग्ध मौत का मामला अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) तक पहुंच गया है. मानवाधिकार के लिए काम करने वाली NGO DK Foundation ने इस मामले में शिकायत दर्ज कराई है और मौत को संदिग्ध बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है. संस्था ने अपनी शिकायत में कहा है कि शुरुआती जानकारी में मृत्यु का कारण कार्डियोरेस्पिरेटरी कोलैप्स यानी हार्ट और सांस लेने का प्रोसेस एक साथ बंद होना बताया गया है, लेकिन मृतक के शरीर पर मिले कथित चोट के निशान और घटना की परिस्थितियां कई गंभीर सवाल खड़े करती हैं. शिकायत में कहा गया है कि प्रतीक यादव हेल्दी लाइफस्टाइल के लिए जाने जाते थे. ऐसे में उनकी अचानक मौत और शरीर पर मौजूद संदिग्ध निशानों की गहराई से जांच जरूरी है. NGO ने NHRC से मामले में स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. इसके तहत तीन प्रमुख मांगें रखी गई हैं.   ये भी पढ़ें: वीडी सतीशन होंगे केरल के अगले मुख्यमंत्री, कांग्रेस ने 10 दिन बाद CM के नाम का किया ऐलान SIT का गठन किए जाने की मांगपहली मांग में कहा गया है कि मामले की जांच के लिए तुरंत एक विशेष जांच दल यानी SIT का गठन किया जाए. दूसरी मांग में लखनऊ के सिविल अस्पताल और घटना से जुड़े रास्तों के CCTV फुटेज को सुरक्षित रखने और न्यायिक अभिरक्षा में लेने की बात कही गई है, ताकि सबूतों से छेड़छाड़ न हो सके. तीसरी मांग में कहा गया है कि फॉरेंसिक जांच राज्य सरकार के प्रभाव से बाहर रखी जाए और इसकी जांच केंद्रीय फॉरेंसिक लैब यानी CFSL से कराई जाए. फिलहाल NHRC की ओर से इस शिकायत पर क्या कार्रवाई होगी, इसको लेकर आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. वहीं मामले को लेकर लोगों के बीच भी कई सवाल उठ रहे हैं. ये भी पढ़ें: West Bengal Politics: बंगाल के नए CM सुवेंदु अधिकारी ने पहले दिन ही किया ये बड़ा फैसला, ममता बनर्जी ने लगा रखी थी रोक

May 14, 2026 - 14:30
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Prateek Yadav Death Case: प्रतीक यादव की मौत के मामले में NHRC की एंट्री, कौन पहुंचा मानवाधिकार आयोग? रखीं ये 3 डिमांड

प्रतीक यादव की संदिग्ध मौत का मामला अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) तक पहुंच गया है. मानवाधिकार के लिए काम करने वाली NGO DK Foundation ने इस मामले में शिकायत दर्ज कराई है और मौत को संदिग्ध बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है. संस्था ने अपनी शिकायत में कहा है कि शुरुआती जानकारी में मृत्यु का कारण कार्डियोरेस्पिरेटरी कोलैप्स यानी हार्ट और सांस लेने का प्रोसेस एक साथ बंद होना बताया गया है, लेकिन मृतक के शरीर पर मिले कथित चोट के निशान और घटना की परिस्थितियां कई गंभीर सवाल खड़े करती हैं.

शिकायत में कहा गया है कि प्रतीक यादव हेल्दी लाइफस्टाइल के लिए जाने जाते थे. ऐसे में उनकी अचानक मौत और शरीर पर मौजूद संदिग्ध निशानों की गहराई से जांच जरूरी है. NGO ने NHRC से मामले में स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. इसके तहत तीन प्रमुख मांगें रखी गई हैं.

 

ये भी पढ़ें: वीडी सतीशन होंगे केरल के अगले मुख्यमंत्री, कांग्रेस ने 10 दिन बाद CM के नाम का किया ऐलान

SIT का गठन किए जाने की मांग
पहली मांग में कहा गया है कि मामले की जांच के लिए तुरंत एक विशेष जांच दल यानी SIT का गठन किया जाए. दूसरी मांग में लखनऊ के सिविल अस्पताल और घटना से जुड़े रास्तों के CCTV फुटेज को सुरक्षित रखने और न्यायिक अभिरक्षा में लेने की बात कही गई है, ताकि सबूतों से छेड़छाड़ न हो सके. तीसरी मांग में कहा गया है कि फॉरेंसिक जांच राज्य सरकार के प्रभाव से बाहर रखी जाए और इसकी जांच केंद्रीय फॉरेंसिक लैब यानी CFSL से कराई जाए. फिलहाल NHRC की ओर से इस शिकायत पर क्या कार्रवाई होगी, इसको लेकर आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. वहीं मामले को लेकर लोगों के बीच भी कई सवाल उठ रहे हैं.

ये भी पढ़ें: West Bengal Politics: बंगाल के नए CM सुवेंदु अधिकारी ने पहले दिन ही किया ये बड़ा फैसला, ममता बनर्जी ने लगा रखी थी रोक

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