PM मोदी-शाह पर खरगे के बयान पर शिवराज का पलटवार - 'कांग्रेस की यह...'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को लेकर की गई टिप्पणी पर कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को लेकर प्रतिक्रिया दी है. कांग्रेस अध्यक्ष की उस टिप्पणी पर केंद्रीय मंत्री ने पलटवार किया है, जिसमें उन्होंने पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को 'गैरकानूनी' कहा था.  शिवराज ने कहा, 'यह टिप्पणी संवैधानिक संस्थाओं और जनता के जनादेश का अपमान है. विपक्ष के नेता राहुल गांधी के कहने पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का यह बयान उनकी हताशा, हार वाली मानसिकता और संवैधानिक संस्थाओं पर हमला करने की कांग्रेस पार्टी की पुरानी आदत का एक और उदाहरण है.' कर्नाटक में बोलते हुए खरगे ने लोकसभा और राज्य विधानसभाओं को भंग करने की मांग की थी. साथ ही कहा था कि सभी चुनाव गैर कानूनी थे. मोदी शाह और सभी राज्यों के मुख्यमंत्री गैर कानूनी हैं. उन्होंने बैलेट पेपर के जरिए नए चुनाव कराने की भी मांग की.  कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बयान में कहा था, 'पूरा देश एक गैर कानूनी चुनाव के आधार पर चलाया जा रहा है. मोदी एक गैर कानूनी प्रधानमंत्री हैं. अमित शाह एक गैर कानूनी गृहमंत्री हैं. हाल ही में शपथ लेने वाले सभी बीजेपी के मुख्यमंत्री गैर कानूनी हैं.' खरगे ने अपने बयान में और क्या कहा था?  खरगे ने कहा था, 'देश में जो एसआईआर का मूमेंट चला, इसमें बहुत सी गलतियां, सरकार कर रही है. इसलिए मैंने एक इंडिया गठबंधन की मीटिंग बुलाई. सभी गठबंधन के 20 पार्टी के मेंबर, इसमें लीगल सेल के लोग कपिल सिब्बल को भी हमने बुलाया था. सभी की राय ली, सभी ने माना, कि एसआईआर देश के लिए गलत हो रहा है. और गरीब लोगों के लिए और जो अनपढ़ हैं, मजदूर हैं, खासकर अल्पसंख्यक के लोगों को ये लोग निकाल रहे हैं.' एक बूथ पर 5-5 सौ वोट निकालते हैं: खरगे उन्होंने कहा था, 'एक बूथ पर अगर हम पांच-पांच सौ वोट निकालते हैं, तो कौन-सा फ्री फेयर इलेक्शन होता है. दूसरा जोड़ने की कोशिश अब चल रही है. बहुत से लोग खासकर बीजेपी और आरएसएस के लोग क्या कर रहे हैं, कि उन्हें जिन पंचायत, ब्लॉक और वार्ड में वोट निकालना है, वहां पर वो लोग जाकर फॉर्म भर रहे हैं. यानी इतना गलत चीज है, आजतक डेमोक्रेसी में नेहरू जी थे, इंदिरा गांधी थे, लालबहादुर शास्त्री थे, सभी नेता, नरसिंम्हा राव जी थे, राजीव गांधी थे. जिसका नुकसान आप कर रहे हो, उसकी मार गरीबों, वंचितों पर हो रहा है. एक कुछ गड़बड़ हुआ, गरीब को अपना काम छोड़कर जाना पड़ता है. इसलिए डेमोके्रेसी को खत्म कर रहे हैं, मोदी जी. कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा था, 'अमित शाह और मोदी जी देश को बर्बाद करने का कानून लाए. पहले तो उन्होंने कमिटी का गठबंधन अलग ढंग से कर दिया, जिस कमिटी में पहले, सीजेआई, नेता प्रतिपक्ष और पीएम रहते थे, इन्होंने कानून लाकर 2023 में सीजेआई को निकाला, और मिनिस्टर का डाला. कल के दिन सीजेआई उनकी बात नहीं मानता है, तो उनको कानून पास करने का होता नहीं. सीईसी का गठन नहीं होता. इसके लिए उन्होंने ऐसा कानून ही लाया और जो सीईसी हैं, वो कुछ भी गलती करें, उसकी जांच नहीं होना. मरने तक उनपर केस नहीं किया जा सकता है. ऐसे लोकतंत्र को खत्म कर रहे हैं. और अगर ऐसी चीजें आ गईं, तो मनमानी इलेक्शन कर रहे है. ईवीएम का मिस यूज हो रहा, वैलेट पर हो चुनाव: खरगे खरगे ने दो अन्य चुनाव आयुक्तों का जिक्र करते हुए कहा, 'उनके दो सदस्य बोले हम 14 बार लिखे, लेकिन सीईसी पर कोई असर नहीं हुआ. तो इसलिए वह बाहर नहीं बोल सकते हैं. पूरा देश जो चल रहा है, पूरा गैरकानूनी तरीके से चल रहा है. वैलेट पर इलेक्शन होना चाहिए, ईवीएम का मिस यूज हो रहा है.'

Oct 4, 2026 - 07:30
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PM मोदी-शाह पर खरगे के बयान पर शिवराज का पलटवार - 'कांग्रेस की यह...'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को लेकर की गई टिप्पणी पर कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को लेकर प्रतिक्रिया दी है. कांग्रेस अध्यक्ष की उस टिप्पणी पर केंद्रीय मंत्री ने पलटवार किया है, जिसमें उन्होंने पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को 'गैरकानूनी' कहा था. 

शिवराज ने कहा, 'यह टिप्पणी संवैधानिक संस्थाओं और जनता के जनादेश का अपमान है. विपक्ष के नेता राहुल गांधी के कहने पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का यह बयान उनकी हताशा, हार वाली मानसिकता और संवैधानिक संस्थाओं पर हमला करने की कांग्रेस पार्टी की पुरानी आदत का एक और उदाहरण है.'

कर्नाटक में बोलते हुए खरगे ने लोकसभा और राज्य विधानसभाओं को भंग करने की मांग की थी. साथ ही कहा था कि सभी चुनाव गैर कानूनी थे. मोदी शाह और सभी राज्यों के मुख्यमंत्री गैर कानूनी हैं. उन्होंने बैलेट पेपर के जरिए नए चुनाव कराने की भी मांग की. 

कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बयान में कहा था, 'पूरा देश एक गैर कानूनी चुनाव के आधार पर चलाया जा रहा है. मोदी एक गैर कानूनी प्रधानमंत्री हैं. अमित शाह एक गैर कानूनी गृहमंत्री हैं. हाल ही में शपथ लेने वाले सभी बीजेपी के मुख्यमंत्री गैर कानूनी हैं.'

खरगे ने अपने बयान में और क्या कहा था? 

खरगे ने कहा था, 'देश में जो एसआईआर का मूमेंट चला, इसमें बहुत सी गलतियां, सरकार कर रही है. इसलिए मैंने एक इंडिया गठबंधन की मीटिंग बुलाई. सभी गठबंधन के 20 पार्टी के मेंबर, इसमें लीगल सेल के लोग कपिल सिब्बल को भी हमने बुलाया था. सभी की राय ली, सभी ने माना, कि एसआईआर देश के लिए गलत हो रहा है. और गरीब लोगों के लिए और जो अनपढ़ हैं, मजदूर हैं, खासकर अल्पसंख्यक के लोगों को ये लोग निकाल रहे हैं.'

एक बूथ पर 5-5 सौ वोट निकालते हैं: खरगे

उन्होंने कहा था, 'एक बूथ पर अगर हम पांच-पांच सौ वोट निकालते हैं, तो कौन-सा फ्री फेयर इलेक्शन होता है. दूसरा जोड़ने की कोशिश अब चल रही है. बहुत से लोग खासकर बीजेपी और आरएसएस के लोग क्या कर रहे हैं, कि उन्हें जिन पंचायत, ब्लॉक और वार्ड में वोट निकालना है, वहां पर वो लोग जाकर फॉर्म भर रहे हैं. यानी इतना गलत चीज है, आजतक डेमोक्रेसी में नेहरू जी थे, इंदिरा गांधी थे, लालबहादुर शास्त्री थे, सभी नेता, नरसिंम्हा राव जी थे, राजीव गांधी थे. जिसका नुकसान आप कर रहे हो, उसकी मार गरीबों, वंचितों पर हो रहा है. एक कुछ गड़बड़ हुआ, गरीब को अपना काम छोड़कर जाना पड़ता है. इसलिए डेमोके्रेसी को खत्म कर रहे हैं, मोदी जी.

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा था, 'अमित शाह और मोदी जी देश को बर्बाद करने का कानून लाए. पहले तो उन्होंने कमिटी का गठबंधन अलग ढंग से कर दिया, जिस कमिटी में पहले, सीजेआई, नेता प्रतिपक्ष और पीएम रहते थे, इन्होंने कानून लाकर 2023 में सीजेआई को निकाला, और मिनिस्टर का डाला. कल के दिन सीजेआई उनकी बात नहीं मानता है, तो उनको कानून पास करने का होता नहीं. सीईसी का गठन नहीं होता. इसके लिए उन्होंने ऐसा कानून ही लाया और जो सीईसी हैं, वो कुछ भी गलती करें, उसकी जांच नहीं होना. मरने तक उनपर केस नहीं किया जा सकता है. ऐसे लोकतंत्र को खत्म कर रहे हैं. और अगर ऐसी चीजें आ गईं, तो मनमानी इलेक्शन कर रहे है.

ईवीएम का मिस यूज हो रहा, वैलेट पर हो चुनाव: खरगे

खरगे ने दो अन्य चुनाव आयुक्तों का जिक्र करते हुए कहा, 'उनके दो सदस्य बोले हम 14 बार लिखे, लेकिन सीईसी पर कोई असर नहीं हुआ. तो इसलिए वह बाहर नहीं बोल सकते हैं. पूरा देश जो चल रहा है, पूरा गैरकानूनी तरीके से चल रहा है. वैलेट पर इलेक्शन होना चाहिए, ईवीएम का मिस यूज हो रहा है.'

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