PACL घोटाले में ईडी ने अटैच की 762 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी, ऑस्ट्रेलिया तक फैली थी संपत्तियां
ED की दिल्ली जोनल टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए PACL Ltd. उसके डायरेक्टर्स, प्रमोटर्स और जुड़ी हुई कंपनियों के खिलाफ जांच के दौरान करीब 762.47 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी अटैच की है. ये प्रॉपर्टीज पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, महाराष्ट्र और ऑस्ट्रेलिया में स्थित है. PACL एक ऐसी कंपनी थी, जिसने कलेक्टिव इनवेस्टमेंट स्कीम के नाम पर देशभर के लाखों लोगों से जमीन दिलवाने के नाम पर पैसे इकट्ठा किए थे, लेकिन असल में ये एक बड़ा चिटफंड स्कैम निकला. करोड़ों निवेशकों को कर रहा था गुमराह इस मामले में पहले CBI ने मामला दर्ज किया था. CBI ने PACL Ltd. PGF Limited, और प्रमोटर स्वर्गीय न‍िर्मल सिंह भंगू के खिलाफ दर्ज की गई थी, जिसमें करोड़ों निवेशकों को गुमराह कर उनके पैसे हड़प लिए गए. CBI की FIR को आधार बना कर ED ने PMLA के तहत इस मामले की जांच शुरू की थी. जांच में हुआ बड़ा खुलासा ED की जांच में सामने आया कि PACL कंपनी और उसके डायरेक्टर्स ने लोगों से लगभग 48,000 करोड़ रुपये जुटाए और उसे अपने निजी फायदे के लिए इस्तेमाल किया. ये पैसा कई लेयर में घुमाकर और ट्रांजैक्शन्स के जरिए छुपाकर, अलग-अलग नामों से 68 प्रॉपर्टीज खरीदी गई, जिनकी मौजूदा वैल्यू करीब 762.47 करोड़ रुपये है. अवैध पैसों को लीगल प्रॉपर्टी दिखाना था मकसद ये प्रॉपर्टी प्रमोटर न‍िर्मल सिंह भंगू, उनके परिवार के सदस्यों, और PACL से जुड़ी कंपनियों के नाम पर खरीदी गई थी. मकसद था इन अवैध रूप से जुटाए गए पैसों को लीगल प्रॉपर्टी की तरह दिखाना, ताकि उन्हें प्रोसिड ऑफ क्राइम साबित ना किया जा सके. ED के अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में जांच अब भी चल रही है और आने वाले दिनों में और भी खुलासे हो सकते है. ये भी पढ़ें:- केरल में स्कूलों का टाइम बदलने से मुस्लिम संगठन नाराज, बोले- 'क्या सोने के समय चलाएं मदरसे?'
ED की दिल्ली जोनल टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए PACL Ltd. उसके डायरेक्टर्स, प्रमोटर्स और जुड़ी हुई कंपनियों के खिलाफ जांच के दौरान करीब 762.47 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी अटैच की है. ये प्रॉपर्टीज पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, महाराष्ट्र और ऑस्ट्रेलिया में स्थित है.
PACL एक ऐसी कंपनी थी, जिसने कलेक्टिव इनवेस्टमेंट स्कीम के नाम पर देशभर के लाखों लोगों से जमीन दिलवाने के नाम पर पैसे इकट्ठा किए थे, लेकिन असल में ये एक बड़ा चिटफंड स्कैम निकला.
करोड़ों निवेशकों को कर रहा था गुमराह
इस मामले में पहले CBI ने मामला दर्ज किया था. CBI ने PACL Ltd. PGF Limited, और प्रमोटर स्वर्गीय निर्मल सिंह भंगू के खिलाफ दर्ज की गई थी, जिसमें करोड़ों निवेशकों को गुमराह कर उनके पैसे हड़प लिए गए. CBI की FIR को आधार बना कर ED ने PMLA के तहत इस मामले की जांच शुरू की थी.
जांच में हुआ बड़ा खुलासा
ED की जांच में सामने आया कि PACL कंपनी और उसके डायरेक्टर्स ने लोगों से लगभग 48,000 करोड़ रुपये जुटाए और उसे अपने निजी फायदे के लिए इस्तेमाल किया. ये पैसा कई लेयर में घुमाकर और ट्रांजैक्शन्स के जरिए छुपाकर, अलग-अलग नामों से 68 प्रॉपर्टीज खरीदी गई, जिनकी मौजूदा वैल्यू करीब 762.47 करोड़ रुपये है.
अवैध पैसों को लीगल प्रॉपर्टी दिखाना था मकसद
ये प्रॉपर्टी प्रमोटर निर्मल सिंह भंगू, उनके परिवार के सदस्यों, और PACL से जुड़ी कंपनियों के नाम पर खरीदी गई थी. मकसद था इन अवैध रूप से जुटाए गए पैसों को लीगल प्रॉपर्टी की तरह दिखाना, ताकि उन्हें प्रोसिड ऑफ क्राइम साबित ना किया जा सके. ED के अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में जांच अब भी चल रही है और आने वाले दिनों में और भी खुलासे हो सकते है.
ये भी पढ़ें:- केरल में स्कूलों का टाइम बदलने से मुस्लिम संगठन नाराज, बोले- 'क्या सोने के समय चलाएं मदरसे?'
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