PACL फ्रॉड केस: ED ने 696 करोड़ की प्रॉपर्टी की अटैच, निरमल सिंह भंगू और उनकी सहयोगी कंपनियों पर दर्ज हैं कई केस

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए हरियाणा के पंचकूला में करीब 696.21 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी अटैच की है. ये कार्रवाई एक बड़े PACL घोटाले से जुड़ी जांच का हिस्सा बताई जा रही है. केंद्रीय जांच एजेंसी के मुताबिक PACL लिमिटेड और इससे जुड़े लोगों ने फर्जी निवेश स्कीम चलाकर लोगों से करीब 48,000 करोड़ रुपये की भारी-भरकम रकम जमा कर ली थी. कंपनी ने लाखों लोगों को जमीन और अच्छे रिटर्न का लालच देकर पैसा लिया, लेकिन बाद में इस पैसे को इधर-उधर घुमा दिया और अपनी मनचाही प्रॉपर्टी में लगा दिया. ED की जांच में क्या-क्या पता चलाईडी की जांच में पता चला है कि कंपनी ने पैसे को छुपाने और वैध दिखाने के लिए कई कंपनियों के जरिए लेन-देन किया और बाद में इन्हीं पैसों से 11 बड़ी प्रॉपर्टीज खरीदी गई, जिनकी कीमत 696 करोड़ रुपये से भी ज्यादा है. ईडी की जांच के मुताबिक ये प्रॉपर्टी अलग-अलग कंपनियों के नाम पर ली गई थी, जिनमें M/s DSS Megacity Pvt. Ltd., M/s Saramati Realtors Pvt. Ltd., M/s Shiv Megacity Project Pvt. Ltd. और M/s Roseco Builders Pvt. Ltd. शामिल हैं. अब तक केंद्रीय जांच एजेंसी इस केस में कुल 2165 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी अटैच कर चुकी है.  निरमल सिंह भंगू और उनकी सहयोगी कंपनियों पर दर्ज हैं केस ED द्वारा अटैच की गई प्रॉपर्टी में देश-विदेश की चल और अचल संपत्तियां शामिल हैं. एजेंसी ने इस केस में एक चार्जशीट और दो सप्लीमेंट्री चार्जशीट भी दाखिल की हैं. दरअसल ये मामला 2014 में CBI की तरफ से दर्ज FIR के आधार पर शुरू हुआ था. इसमें कंपनी के फाउंडर निरमल सिंह भंगू और उनकी सहयोगी कंपनियों पर धोखाधड़ी और साजिश का केस दर्ज किया गया था. ED का कहना है कि इस घोटाले में और भी कई लेन-देन और की जांच होना बाकी है. ये भी पढ़ें पुडुचेरी सेंट्रल जेल समेत 4 जगह NIA की छापेमारी, 2 आरोपियों को किया गिरफ्तार, क्या है पूरा मामला

Sep 19, 2025 - 12:30
 0
PACL फ्रॉड केस: ED ने 696 करोड़ की प्रॉपर्टी की अटैच, निरमल सिंह भंगू और उनकी सहयोगी कंपनियों पर दर्ज हैं कई केस

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए हरियाणा के पंचकूला में करीब 696.21 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी अटैच की है. ये कार्रवाई एक बड़े PACL घोटाले से जुड़ी जांच का हिस्सा बताई जा रही है.

केंद्रीय जांच एजेंसी के मुताबिक PACL लिमिटेड और इससे जुड़े लोगों ने फर्जी निवेश स्कीम चलाकर लोगों से करीब 48,000 करोड़ रुपये की भारी-भरकम रकम जमा कर ली थी. कंपनी ने लाखों लोगों को जमीन और अच्छे रिटर्न का लालच देकर पैसा लिया, लेकिन बाद में इस पैसे को इधर-उधर घुमा दिया और अपनी मनचाही प्रॉपर्टी में लगा दिया.

ED की जांच में क्या-क्या पता चला
ईडी की जांच में पता चला है कि कंपनी ने पैसे को छुपाने और वैध दिखाने के लिए कई कंपनियों के जरिए लेन-देन किया और बाद में इन्हीं पैसों से 11 बड़ी प्रॉपर्टीज खरीदी गई, जिनकी कीमत 696 करोड़ रुपये से भी ज्यादा है.

ईडी की जांच के मुताबिक ये प्रॉपर्टी अलग-अलग कंपनियों के नाम पर ली गई थी, जिनमें M/s DSS Megacity Pvt. Ltd., M/s Saramati Realtors Pvt. Ltd., M/s Shiv Megacity Project Pvt. Ltd. और M/s Roseco Builders Pvt. Ltd. शामिल हैं. अब तक केंद्रीय जांच एजेंसी इस केस में कुल 2165 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी अटैच कर चुकी है. 

निरमल सिंह भंगू और उनकी सहयोगी कंपनियों पर दर्ज हैं केस 
ED द्वारा अटैच की गई प्रॉपर्टी में देश-विदेश की चल और अचल संपत्तियां शामिल हैं. एजेंसी ने इस केस में एक चार्जशीट और दो सप्लीमेंट्री चार्जशीट भी दाखिल की हैं. दरअसल ये मामला 2014 में CBI की तरफ से दर्ज FIR के आधार पर शुरू हुआ था. इसमें कंपनी के फाउंडर निरमल सिंह भंगू और उनकी सहयोगी कंपनियों पर धोखाधड़ी और साजिश का केस दर्ज किया गया था. ED का कहना है कि इस घोटाले में और भी कई लेन-देन और की जांच होना बाकी है.

ये भी पढ़ें

पुडुचेरी सेंट्रल जेल समेत 4 जगह NIA की छापेमारी, 2 आरोपियों को किया गिरफ्तार, क्या है पूरा मामला

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow