OpenAI के CEO सैम ने बदला अपना नाम, रखा 'RAM' ऑल्टमैन

पिछले कुछ दिनों से 'राम' नाम पर काफी बवाल चल रहा है. इसी बीच OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन ने इस विवाद को और ज्यादा हाईलाइट कर दिया है. वो ऐसे कि उन्होंने अपना सोशल मीडिया पर डिस्प्ले नेम Sam Altman से बदलकर Ram Altman कर दिया है. अब ये नाम 'राम' ऑल्टमैन कहलाएगा या कुछ और ये तो आने वाला वक्त बताएगा. लेकिन फिलहाल इस नाम पर सैम काफी चर्चा में आ गए हैं. दरअसल सैम में सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म X पर अपना नाम बदलकर 'Ram Altman' रख लिया है. हालांकि ये नाम उन्होंने कंप्यूटर की RAM को लेकर दिए गए बयान के बाद रखा है. क्या है पूरा मामला?दरअसल सैम ऑल्टमैन हाल ही में 'Cheeky Pint' नाम के पॉडकास्ट में शामिल हुए थे. इस दौरान उन्होंने कंप्यूटर की RAM को लेकर अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि दुनिया में RAM की उपलब्धता सीमित है. ऐसे में लोगों के निजी कंप्यूटरों में बड़ी मात्रा में RAM का होना, जिसका इस्तेमाल बहुत कम समय के लिए होता है, संसाधनों का सही इस्तेमाल नहीं है. ऑल्टमैन के मुताबिक कंप्यूटर की RAM का इस्तेमाल क्लाउड डेटा सेंटर में ज्यादा बेहतर तरीके से किया जा सकता है. उनका कहना था कि जब लोगों के कंप्यूटर में लगी RAM का इस्तेमाल केवल करीब 5 प्रतिशत समय होता है, तो दुनिया के सीमित संसाधनों का इस तरह इस्तेमाल करना सही नहीं है. यूजर्स ने दी थी नाम बदलने की सलाहऑल्टमैन के बयान के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने उन्हें नाम बदलने का सुझाव दिया, जिसे उन्होंने मान लिया. उनके बयान के बाद लोगों का कहना था कि अगर किसी ने अपने पैसे से कंप्यूटर खरीदा है, तो उसे अपनी जरूरत के हिसाब से RAM लगाने का पूरा अधिकार है.  कई लोगों ने ये भी कहा कि बड़ी टेक कंपनियां AI के लिए भारी मात्रा में कंप्यूटर चिप और RAM खरीद रही हैं. इससे बाजार में RAM की कमी हो रही है और आम लोगों के लिए कंप्यूटर खरीदना महंगा हो सकता है. ऐसे में लोगों को ये बात पसंद नहीं आई कि निजी कंप्यूटर में ज्यादा RAM रखने को गैर-जरूरी बताया जा रहा है. People should always be in control of the future. OpenAI is against the notion that it would be acceptable for people to be relegated to a role of doing things that “AI systems think makes sense to reward in humans”. People should not cede control of the future to superintelligence, and that requirement should ultimately constrain AI progress. — Ram Altman (@sama) November 4, 2026 सैम ऑल्टमैन ने दी सफाईनाम बदलने के बाद ऑल्टमैन ने अपने बयान पर सफाई भी दी. उन्होंने कहा कि उनकी बात को गलत समझा गया. उन्होंने कहा कि वो चाहते हैं कि दुनिया में RAM का उत्पादन बढ़े, ताकि लोग अपने कंप्यूटर में जरूरत के हिसाब से जितनी चाहें RAM लगा सकें. उन्होंने ये भी कहा कि वह लंबे समय से दुनिया में RAM का उत्पादन बढ़ाने की बात कर रहे हैं. ये भी पढ़ें: चीनी 4 रुपए किलो महंगी, दिवाली से पहले 70 तक पहुंचे दाम

Nov 5, 2026 - 08:30
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OpenAI के CEO सैम ने बदला अपना नाम, रखा 'RAM' ऑल्टमैन

पिछले कुछ दिनों से 'राम' नाम पर काफी बवाल चल रहा है. इसी बीच OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन ने इस विवाद को और ज्यादा हाईलाइट कर दिया है. वो ऐसे कि उन्होंने अपना सोशल मीडिया पर डिस्प्ले नेम Sam Altman से बदलकर Ram Altman कर दिया है. अब ये नाम 'राम' ऑल्टमैन कहलाएगा या कुछ और ये तो आने वाला वक्त बताएगा.

लेकिन फिलहाल इस नाम पर सैम काफी चर्चा में आ गए हैं. दरअसल सैम में सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म X पर अपना नाम बदलकर 'Ram Altman' रख लिया है. हालांकि ये नाम उन्होंने कंप्यूटर की RAM को लेकर दिए गए बयान के बाद रखा है.

क्या है पूरा मामला?
दरअसल सैम ऑल्टमैन हाल ही में 'Cheeky Pint' नाम के पॉडकास्ट में शामिल हुए थे. इस दौरान उन्होंने कंप्यूटर की RAM को लेकर अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि दुनिया में RAM की उपलब्धता सीमित है. ऐसे में लोगों के निजी कंप्यूटरों में बड़ी मात्रा में RAM का होना, जिसका इस्तेमाल बहुत कम समय के लिए होता है, संसाधनों का सही इस्तेमाल नहीं है.

ऑल्टमैन के मुताबिक कंप्यूटर की RAM का इस्तेमाल क्लाउड डेटा सेंटर में ज्यादा बेहतर तरीके से किया जा सकता है. उनका कहना था कि जब लोगों के कंप्यूटर में लगी RAM का इस्तेमाल केवल करीब 5 प्रतिशत समय होता है, तो दुनिया के सीमित संसाधनों का इस तरह इस्तेमाल करना सही नहीं है.

यूजर्स ने दी थी नाम बदलने की सलाह
ऑल्टमैन के बयान के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने उन्हें नाम बदलने का सुझाव दिया, जिसे उन्होंने मान लिया. उनके बयान के बाद लोगों का कहना था कि अगर किसी ने अपने पैसे से कंप्यूटर खरीदा है, तो उसे अपनी जरूरत के हिसाब से RAM लगाने का पूरा अधिकार है. 

कई लोगों ने ये भी कहा कि बड़ी टेक कंपनियां AI के लिए भारी मात्रा में कंप्यूटर चिप और RAM खरीद रही हैं. इससे बाजार में RAM की कमी हो रही है और आम लोगों के लिए कंप्यूटर खरीदना महंगा हो सकता है. ऐसे में लोगों को ये बात पसंद नहीं आई कि निजी कंप्यूटर में ज्यादा RAM रखने को गैर-जरूरी बताया जा रहा है.

सैम ऑल्टमैन ने दी सफाई
नाम बदलने के बाद ऑल्टमैन ने अपने बयान पर सफाई भी दी. उन्होंने कहा कि उनकी बात को गलत समझा गया. उन्होंने कहा कि वो चाहते हैं कि दुनिया में RAM का उत्पादन बढ़े, ताकि लोग अपने कंप्यूटर में जरूरत के हिसाब से जितनी चाहें RAM लगा सकें. उन्होंने ये भी कहा कि वह लंबे समय से दुनिया में RAM का उत्पादन बढ़ाने की बात कर रहे हैं.

ये भी पढ़ें: चीनी 4 रुपए किलो महंगी, दिवाली से पहले 70 तक पहुंचे दाम

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