Nose Health Facts: इंसान की नाक से कैसे पता लगाते हैं उसकी जिंदगी की हकीकत? जान लें बेहद आसान तरीका
Cold Nose Stress Signal: अक्सर आप यह जानना चाहें कि सामने वाले की जिंदगी में क्या चल रहा है. सब ठीक चल रहा है या फिर नहीं चल रहा, तो आप उससे पूछे बिना उसके चेहरे को देखकर पता लगा सकते हैं. इंसान के चेहरे की बनावट उसके स्वभाव और उसके साथ क्या चल रहा है, इसके बारे में बहुत कुछ बता देती है. हाल ही में एक नई स्टडी में इसको लेकर खुलासा किया गया है, जिसमें यह निकला है कि अगर इंसान के ब्लड सर्कुलेशन में बदलाव आता है, तो इसका असर उसकी नाक पर देखने को मिलता है. चलिए आपको बताते हैं कि कैसे किसी इंसान की नाक देखकर आप उसकी जिंदगी की हकीकत को जान सकते हैं. हेल्थ का आईना नाक सिर्फ सांस लेने का साधन नहीं है बल्कि यह हमारे स्वास्थ्य का भी आईना है. ब्रिटिश स्किन फाउंडेशन के अनुसार, रोजेसिया नामक त्वचा रोग से पीड़ित लोगों में समय के साथ नाक पर लालिमा, सूजन और मोटापन दिखाई देने लगता है, जिसे राइनोफाइमा कहा जाता है. यह स्थिति अक्सर पुरुषों में ज्यााद देखी जाती है. यह ज्यादा शराब पीने का नतीजा नहीं बल्कि एक तरह की स्किन डिजीज का हिस्सा है. नाक में छेद होना कई लोगों की नाक में तमाम कारणों के चलते छेद बन जाते हैं. मेयो क्लिनिक और क्लीवलैंड क्लिनिक के मुताबिक, नाक के बीच की सेप्टम में छेद होना कई कारणों से हो सकता है, जैसे लगातार नाक स्प्रे का इस्तेमाल, ऑटोइम्यून बीमारियां, या नशीली दवाओं का सेवन. अमेरिकन जर्नल ऑफ मेडिकल जेनेटिक्स के अनुसार, नाक का आकार और बनावट जेनेटिक और पर्यावरण के कारणों से तय होती है. आपकी टेंशन का हाल हाल ही में जो रिसर्च पब्लिश हुई है, उसके अनुसार जब हमारा ब्रेन किसी परेशानी या कोई दिक्कत में होता है, तो नाक तुरंत अलर्ट हो जाती है. इस दौरान ब्लड फ्लो शरीर के जरूरी अंगों जैसे हार्ट और ब्रेन की तरफ बढ़ता है. यही कारण है कि इस दौरान नाक पहले से ठंडी नजर आती है. हालांकि, जैसे ही स्थिति ठीक होती है नाक फिर से सामान्य हो जाती है. इंसानों के साथ-साथ यह कई जानवरों पर भी लागू होता है. इस तकनीक से आप उन लोगों के बारे में ज्यादा जान सकते हैं, जो अपनी फीलिंग्स को एक्सप्रेस नहीं करते और अंदर ही अंदर घुट कर रहते हैं. आप बिना बताए यह जान सकते हैं कि सामने वाले की जिंदगी में सब कुछ ठीक चल रहा है या फिर नही. इसे भी पढ़ें: Firecrackers and Hearing Loss: पटाखों की तेज आवाज से हो सकती है कानों की यह बीमारी, इन बातों का रखें ध्यान Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
Cold Nose Stress Signal: अक्सर आप यह जानना चाहें कि सामने वाले की जिंदगी में क्या चल रहा है. सब ठीक चल रहा है या फिर नहीं चल रहा, तो आप उससे पूछे बिना उसके चेहरे को देखकर पता लगा सकते हैं. इंसान के चेहरे की बनावट उसके स्वभाव और उसके साथ क्या चल रहा है, इसके बारे में बहुत कुछ बता देती है. हाल ही में एक नई स्टडी में इसको लेकर खुलासा किया गया है, जिसमें यह निकला है कि अगर इंसान के ब्लड सर्कुलेशन में बदलाव आता है, तो इसका असर उसकी नाक पर देखने को मिलता है. चलिए आपको बताते हैं कि कैसे किसी इंसान की नाक देखकर आप उसकी जिंदगी की हकीकत को जान सकते हैं.
हेल्थ का आईना
नाक सिर्फ सांस लेने का साधन नहीं है बल्कि यह हमारे स्वास्थ्य का भी आईना है. ब्रिटिश स्किन फाउंडेशन के अनुसार, रोजेसिया नामक त्वचा रोग से पीड़ित लोगों में समय के साथ नाक पर लालिमा, सूजन और मोटापन दिखाई देने लगता है, जिसे राइनोफाइमा कहा जाता है. यह स्थिति अक्सर पुरुषों में ज्यााद देखी जाती है. यह ज्यादा शराब पीने का नतीजा नहीं बल्कि एक तरह की स्किन डिजीज का हिस्सा है.
नाक में छेद होना
कई लोगों की नाक में तमाम कारणों के चलते छेद बन जाते हैं. मेयो क्लिनिक और क्लीवलैंड क्लिनिक के मुताबिक, नाक के बीच की सेप्टम में छेद होना कई कारणों से हो सकता है, जैसे लगातार नाक स्प्रे का इस्तेमाल, ऑटोइम्यून बीमारियां, या नशीली दवाओं का सेवन. अमेरिकन जर्नल ऑफ मेडिकल जेनेटिक्स के अनुसार, नाक का आकार और बनावट जेनेटिक और पर्यावरण के कारणों से तय होती है.
आपकी टेंशन का हाल
हाल ही में जो रिसर्च पब्लिश हुई है, उसके अनुसार जब हमारा ब्रेन किसी परेशानी या कोई दिक्कत में होता है, तो नाक तुरंत अलर्ट हो जाती है. इस दौरान ब्लड फ्लो शरीर के जरूरी अंगों जैसे हार्ट और ब्रेन की तरफ बढ़ता है. यही कारण है कि इस दौरान नाक पहले से ठंडी नजर आती है. हालांकि, जैसे ही स्थिति ठीक होती है नाक फिर से सामान्य हो जाती है. इंसानों के साथ-साथ यह कई जानवरों पर भी लागू होता है. इस तकनीक से आप उन लोगों के बारे में ज्यादा जान सकते हैं, जो अपनी फीलिंग्स को एक्सप्रेस नहीं करते और अंदर ही अंदर घुट कर रहते हैं. आप बिना बताए यह जान सकते हैं कि सामने वाले की जिंदगी में सब कुछ ठीक चल रहा है या फिर नही.
इसे भी पढ़ें: Firecrackers and Hearing Loss: पटाखों की तेज आवाज से हो सकती है कानों की यह बीमारी, इन बातों का रखें ध्यान
Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
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