Nipah Virus: केरल में दूसरी मौत से मचा हड़कंप, मंडरा रहा निपाह वायरस का खतरा
Nipah Virus Death: केरल एक बार फिर निपाह वायरस के खतरे की चपेट में है. एक ऐसा वायरस जो ना केवल जानलेवा है, बल्कि इसकी पहचान और नियंत्रण भी बेहद चुनौतीपूर्ण होता है. आमतौर पर मानसून के समय जब संक्रमण फैलने की आशंका बढ़ जाती है, तब निपाह जैसी गंभीर बीमारी का सामने आना सभी के लिए चेतावनी से कम नहीं है. हाल ही में केरल के पलक्कड़ जिले से एक 58 साल के व्यक्ति की मौत हो गई है. हालांकि सरकार ने तुरंत कांटैक्ट ट्रेसिंग और फील्ड लेवल सर्विलांस को तेज कर दिया है. कुछ दिन पहले इस बीमारी के चलते मलप्पुरम जिले में एक 18 साल के बच्चे की मौत हुई थी। बता दें, केरल के पलक्कड़ जिले के रहने वाले 57 वर्षीय व्यक्ति की 12 जुलाई को मृत्यु हुई थी. उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती किया गया था, जहां इलाज के दौरान निपाह वायरस से संक्रमित होने का संदेह बताया गया था. वहीं स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज के अनुसार, मरीज के सैंपल मंजेरी मेडिकल कॉलेज में जांच के लिए भेजे गए थे, जहां निपाह पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई. लेकिन सरकार अब भी पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी से अंतिम पुष्टि का इंतजार कर रही है. इसके अलावा स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि, कई टीमें मजबूत की गई हैं और डेटा का विश्लेषण किया जा रहा है. पुणे से रिपोर्ट आने के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी. ये भी पढ़े- मानसून में गर्भवती महिलाओं का स्वास्थ, डाइट और सुरक्षा, जानिए कैसे करें सरकार ने लोगों से की अपील मलप्पुरम और पलक्कड़ जिले के लोगों से बिना आवश्यकता अस्पताल न जाने की अपील की गई है. साथ ही अस्पताल जाने वाले मरीजों और हेल्थ वर्कर्स के लिए मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है. इतना ही नहीं स्वास्थ्य विभाग ने पलक्कड़, मलप्पुरम, कोझिकोड, कन्नूर, वायनाड और त्रिशूर जिलों में स्थित अस्पतालों को विशेष निपाह अलर्ट जारी किया है। सभी मेडिकल संस्थानों को निर्देश दिया गया है कि, तेज बुखार और सिरदर्द जैसे लक्षणों वाले मरीजों की तुरंत सूचना दी जाए. निपाह वायरस क्या है? विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, निपाह वायरस एक ज़ूनोटिक बीमारी है जो जानवरों से इंसानों में फैलती है. यह संक्रमित भोजन, जानवरों या सीधा मानव-से-मानव संपर्क से भी फैल सकता है. इसके लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, सांस लेने में तकलीफ, और न्यूरोलॉजिकल समस्याएं शामिल हैं. ये भी पढ़ें: जरा-सा कुछ लगते ही निकल जाती है चीख, जानें किस बीमारी से पैरों में होती है यह तकलीफ Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
Nipah Virus Death: केरल एक बार फिर निपाह वायरस के खतरे की चपेट में है. एक ऐसा वायरस जो ना केवल जानलेवा है, बल्कि इसकी पहचान और नियंत्रण भी बेहद चुनौतीपूर्ण होता है. आमतौर पर मानसून के समय जब संक्रमण फैलने की आशंका बढ़ जाती है, तब निपाह जैसी गंभीर बीमारी का सामने आना सभी के लिए चेतावनी से कम नहीं है. हाल ही में केरल के पलक्कड़ जिले से एक 58 साल के व्यक्ति की मौत हो गई है. हालांकि सरकार ने तुरंत कांटैक्ट ट्रेसिंग और फील्ड लेवल सर्विलांस को तेज कर दिया है. कुछ दिन पहले इस बीमारी के चलते मलप्पुरम जिले में एक 18 साल के बच्चे की मौत हुई थी।
बता दें, केरल के पलक्कड़ जिले के रहने वाले 57 वर्षीय व्यक्ति की 12 जुलाई को मृत्यु हुई थी. उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती किया गया था, जहां इलाज के दौरान निपाह वायरस से संक्रमित होने का संदेह बताया गया था. वहीं स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज के अनुसार, मरीज के सैंपल मंजेरी मेडिकल कॉलेज में जांच के लिए भेजे गए थे, जहां निपाह पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई. लेकिन सरकार अब भी पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी से अंतिम पुष्टि का इंतजार कर रही है. इसके अलावा स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि, कई टीमें मजबूत की गई हैं और डेटा का विश्लेषण किया जा रहा है. पुणे से रिपोर्ट आने के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी.
ये भी पढ़े- मानसून में गर्भवती महिलाओं का स्वास्थ, डाइट और सुरक्षा, जानिए कैसे करें
सरकार ने लोगों से की अपील
मलप्पुरम और पलक्कड़ जिले के लोगों से बिना आवश्यकता अस्पताल न जाने की अपील की गई है. साथ ही अस्पताल जाने वाले मरीजों और हेल्थ वर्कर्स के लिए मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है. इतना ही नहीं स्वास्थ्य विभाग ने पलक्कड़, मलप्पुरम, कोझिकोड, कन्नूर, वायनाड और त्रिशूर जिलों में स्थित अस्पतालों को विशेष निपाह अलर्ट जारी किया है। सभी मेडिकल संस्थानों को निर्देश दिया गया है कि, तेज बुखार और सिरदर्द जैसे लक्षणों वाले मरीजों की तुरंत सूचना दी जाए.
निपाह वायरस क्या है?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, निपाह वायरस एक ज़ूनोटिक बीमारी है जो जानवरों से इंसानों में फैलती है. यह संक्रमित भोजन, जानवरों या सीधा मानव-से-मानव संपर्क से भी फैल सकता है. इसके लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, सांस लेने में तकलीफ, और न्यूरोलॉजिकल समस्याएं शामिल हैं.
ये भी पढ़ें: जरा-सा कुछ लगते ही निकल जाती है चीख, जानें किस बीमारी से पैरों में होती है यह तकलीफ
Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
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