Navratri 2025: नवरात्रि के दौरान गर्भवती महिलाओं को क्या करना चाहिए और क्या नहीं, इस तरह रखें खुद को सुरक्षित

Navratri 2025: नवरात्रि का पर्व भक्ति और उल्लास का त्योहार है, लेकिन जब गर्भ में एक नन्हा सा जीवन पल रहा हो तो इस पावन अवसर पर विशेष सावधानियां बरतनी आवश्यक हो जाती है. गर्भावस्था वह समय होती है जब माँ और बच्चे दोनों की सेहत का विशेष ध्यान रखने की जरूरत होती है. नवरात्रि में गर्भवती महिलाएं भक्ति में डूबें, लेकिन अपनी और अपने आने वाले बच्चे की सुरक्षा को प्राथमिकता दें. उपवास के दौरान बरतें सावधानी गर्भवती महिलाओं को नवरात्रि के दौरान उपवास रखने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए. अगर डॉक्टर उपवास रखने की अनुमति दी है, तो भी पूरा दिन भूखे रहने के जगह फल और दूध जैसे हल्के आहार लें. ये भी पढ़े- Calcium Deficiency Effects: कैल्शियम नहीं खाएंगे तो शरीर में होंगे 5 बदलाव, कमजोर हड्डियों से लेकर इन समस्याओं से करना पड़ेगा सामना पोषक तत्वों का रखें खास ख्याल उपवास के दौरान भी आहार में पोषक तत्वों की पर्याप्त मात्रा सुनिश्चित करें. प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन और फोलिक एसिड जैसी चीजों को कम न होने दें. फल, सूखे मेवे, दूध, दही और पनीर आपको खाना चाहिए. यह आपके और आपके बच्चे के विकास के लिए बहुत जरूरी है. शारीरिक गतिविधियों में रखें संतुलन नवरात्रि के दौरान गरबा और डांडिया जैसी गतिविधियों में भाग लेने से पहले अपका स्वस्थ होना जरूरी है. गर्भावस्था के पहले पहले 3 महीने में हल्की गतिविधियां कर सकती हैं, लेकिन दूसरे और तीसरे trimester में ज्यादा नहीं करना चाहिए. धार्मिक रस्मों को करें सरल नवरात्रि के दौरान कलश स्थापना, हवन और पूजा-पाठ जैसी धार्मिक रस्मों में भाग लेते समय सुरक्षा का ध्यान रखें. भारी कलश उठाने या लंबे समय तक खड़े रहने से बचें. धूप से बचाव के लिए छाता या सिर पर कपड़ा डालें और भीड़-भाड़ वाली जगहों से दूर रहें. आराम और नींद पर दें विशेष ध्यान गर्भावस्था के दौरान सोना बहुत महत्वपूर्ण होता है. नवरात्रि के उत्सव में उलझकर अपनी नींद से समझौता न करें. रोजाना कम से कम 8 घंटे की नींद लें और दिन में भी थोड़ा आराम करें. थकान महसूस होने पर तुरंत आराम करें. नवरात्रि का यह पावन पर्व आपके लिए सुरक्षित और आनंददायक हो, इसके लिए अपनी सेहत का ध्यान रखें. क्योंकि एक स्वस्थ मां ही एक स्वस्थ समाज की नींव होती है. मां दुर्गा आपकी और आपके आने वाले बच्चे की रक्षा करेंगी, लेकिन सबसे पहले आपको अपनी रक्षा खुद करनी होगी. इसे भी पढ़ें- Earphone Side Effects: क्या दिनभर लगाएं रहते हैं ईयरफोन? धीरे-धीरे घट रही आपकी सुनने की क्षमता Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गति

Sep 24, 2025 - 18:30
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Navratri 2025: नवरात्रि के दौरान गर्भवती महिलाओं को क्या करना चाहिए और क्या नहीं, इस तरह रखें खुद को सुरक्षित

Navratri 2025: नवरात्रि का पर्व भक्ति और उल्लास का त्योहार है, लेकिन जब गर्भ में एक नन्हा सा जीवन पल रहा हो तो इस पावन अवसर पर विशेष सावधानियां बरतनी आवश्यक हो जाती है. गर्भावस्था वह समय होती है जब माँ और बच्चे दोनों की सेहत का विशेष ध्यान रखने की जरूरत होती है. नवरात्रि में गर्भवती महिलाएं भक्ति में डूबें, लेकिन अपनी और अपने आने वाले बच्चे की सुरक्षा को प्राथमिकता दें.

उपवास के दौरान बरतें सावधानी

गर्भवती महिलाओं को नवरात्रि के दौरान उपवास रखने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए. अगर डॉक्टर उपवास रखने की अनुमति दी है, तो भी पूरा दिन भूखे रहने के जगह फल और दूध जैसे हल्के आहार लें.

ये भी पढ़े- Calcium Deficiency Effects: कैल्शियम नहीं खाएंगे तो शरीर में होंगे 5 बदलाव, कमजोर हड्डियों से लेकर इन समस्याओं से करना पड़ेगा सामना

पोषक तत्वों का रखें खास ख्याल

उपवास के दौरान भी आहार में पोषक तत्वों की पर्याप्त मात्रा सुनिश्चित करें. प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन और फोलिक एसिड जैसी चीजों को कम न होने दें. फल, सूखे मेवे, दूध, दही और पनीर आपको खाना चाहिए. यह आपके और आपके बच्चे के विकास के लिए बहुत जरूरी है.

शारीरिक गतिविधियों में रखें संतुलन

नवरात्रि के दौरान गरबा और डांडिया जैसी गतिविधियों में भाग लेने से पहले अपका स्वस्थ होना जरूरी है. गर्भावस्था के पहले पहले 3 महीने में हल्की गतिविधियां कर सकती हैं, लेकिन दूसरे और तीसरे trimester में ज्यादा नहीं करना चाहिए.

धार्मिक रस्मों को करें सरल

नवरात्रि के दौरान कलश स्थापना, हवन और पूजा-पाठ जैसी धार्मिक रस्मों में भाग लेते समय सुरक्षा का ध्यान रखें. भारी कलश उठाने या लंबे समय तक खड़े रहने से बचें. धूप से बचाव के लिए छाता या सिर पर कपड़ा डालें और भीड़-भाड़ वाली जगहों से दूर रहें.

आराम और नींद पर दें विशेष ध्यान

गर्भावस्था के दौरान सोना बहुत महत्वपूर्ण होता है. नवरात्रि के उत्सव में उलझकर अपनी नींद से समझौता न करें. रोजाना कम से कम 8 घंटे की नींद लें और दिन में भी थोड़ा आराम करें. थकान महसूस होने पर तुरंत आराम करें.

नवरात्रि का यह पावन पर्व आपके लिए सुरक्षित और आनंददायक हो, इसके लिए अपनी सेहत का ध्यान रखें. क्योंकि एक स्वस्थ मां ही एक स्वस्थ समाज की नींव होती है. मां दुर्गा आपकी और आपके आने वाले बच्चे की रक्षा करेंगी, लेकिन सबसे पहले आपको अपनी रक्षा खुद करनी होगी.

इसे भी पढ़ें- Earphone Side Effects: क्या दिनभर लगाएं रहते हैं ईयरफोन? धीरे-धीरे घट रही आपकी सुनने की क्षमता

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गति

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