MP News: भोपाल में ED का बड़ा एक्शन, डॉ. अमरनाथ मित्तल की 9 करोड़ से अधिक की प्रॉपर्टी अटैच
ED ने मध्य प्रदेश में बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य सरकार के तत्कालीन स्वास्थ्य सेवाएं संचालक (Director of Health Services) रहे डॉ. अमरनाथ मित्तल और उनकी पत्नी अलका मित्तल की करीब 9.79 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियों को प्रोविजनली अटैच कर लिया है. लोकायुक्त पुलिस की शिकायत पर हुई कार्रवाई ED ने ये जांच लोकायुक्त पुलिस भोपाल द्वारा दर्ज FIR के आधार पर शुरू की थी. ये FIR भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(1)(b) और 13(2) के तहत दर्ज की गई थी. आरोप था कि डॉ. अमरनाथ मित्तल ने अपनी ज्ञात आय से कहीं ज्यादा संपत्ति जमा की है. जांच में क्या आया सामने? जांच में सामने आया कि तय चेक पीरियड के दौरान डॉ. मित्तल की कानूनी आय करीब 60 लाख रुपये थी, जबकि इस दौरान उन्होंने जो संपत्तियां खरीदीं और खर्च किया, उसकी कुल कीमत लगभग 2.98 करोड़ रुपये निकली. यानी करीब 2.38 करोड़ रुपये की संपत्ति आय से अधिक पाई गई. ED की जांच में ये भी खुलासा हुआ कि डॉ. मित्तल ने कई संपत्तियां अपने नाम, पत्नी अलका मित्तल के नाम और A N Mittal HUF के नाम पर खरीदी. एजेंसी का आरोप है कि ऐसा संपत्तियों के असली मालिकाना हक को छिपाने और काले धन के स्रोत को वैध दिखाने के लिए किया गया. जांच में बिना हिसाब का कैश, अनएक्सप्लेंड बैंक डिपॉजिट, और लेयरिंग वाले फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन सामने आए है. इसके अलावा, निजी और घरेलू खर्चों में भी बड़ी रकम खर्च की गई, जिनका कोई ठोस हिसाब नहीं मिला. ED का कहना है कि अवैध कमाई को वैध दिखाने के लिए इसे सीमित कानूनी आय और पत्नी की आय के साथ मिक्स किया गया. FIR दर्ज होने के बाद खरीदी-बेची प्रॉपर्टी ED के मुताबिक, FIR दर्ज होने के बाद भी आरोपी ने पहले खरीदी गई संपत्तियां बेचकर उससे मिली रकम से नई चल-अचल संपत्तियां खरीदी. एजेंसी का कहना है कि ये आपराधिक आय को छिपाने, घुमाने और साफ दिखाने का साफ मामला है. इसी वजह से पुरानी संपत्तियों की बिक्री से खरीदी गई नई संपत्तियां भी जब्ती के दायरे में लाई गई है. ED ने जिन संपत्तियों को अटैच किया है, उनमें शामिल है- लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन बॉन्ड्स, रिहायशी जमीन और मकान, कृषि भूमि, ये सभी संपत्तियां भोपाल और रायसेन जिलों में स्थित है. ED ने साफ किया है कि इस मामले में आगे की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और भी खुलासे हो सकते है.
ED ने मध्य प्रदेश में बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य सरकार के तत्कालीन स्वास्थ्य सेवाएं संचालक (Director of Health Services) रहे डॉ. अमरनाथ मित्तल और उनकी पत्नी अलका मित्तल की करीब 9.79 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियों को प्रोविजनली अटैच कर लिया है.
लोकायुक्त पुलिस की शिकायत पर हुई कार्रवाई
ED ने ये जांच लोकायुक्त पुलिस भोपाल द्वारा दर्ज FIR के आधार पर शुरू की थी. ये FIR भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(1)(b) और 13(2) के तहत दर्ज की गई थी. आरोप था कि डॉ. अमरनाथ मित्तल ने अपनी ज्ञात आय से कहीं ज्यादा संपत्ति जमा की है.
जांच में क्या आया सामने?
जांच में सामने आया कि तय चेक पीरियड के दौरान डॉ. मित्तल की कानूनी आय करीब 60 लाख रुपये थी, जबकि इस दौरान उन्होंने जो संपत्तियां खरीदीं और खर्च किया, उसकी कुल कीमत लगभग 2.98 करोड़ रुपये निकली. यानी करीब 2.38 करोड़ रुपये की संपत्ति आय से अधिक पाई गई.
ED की जांच में ये भी खुलासा हुआ कि डॉ. मित्तल ने कई संपत्तियां अपने नाम, पत्नी अलका मित्तल के नाम और A N Mittal HUF के नाम पर खरीदी. एजेंसी का आरोप है कि ऐसा संपत्तियों के असली मालिकाना हक को छिपाने और काले धन के स्रोत को वैध दिखाने के लिए किया गया.
जांच में बिना हिसाब का कैश, अनएक्सप्लेंड बैंक डिपॉजिट, और लेयरिंग वाले फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन सामने आए है. इसके अलावा, निजी और घरेलू खर्चों में भी बड़ी रकम खर्च की गई, जिनका कोई ठोस हिसाब नहीं मिला. ED का कहना है कि अवैध कमाई को वैध दिखाने के लिए इसे सीमित कानूनी आय और पत्नी की आय के साथ मिक्स किया गया.
FIR दर्ज होने के बाद खरीदी-बेची प्रॉपर्टी
ED के मुताबिक, FIR दर्ज होने के बाद भी आरोपी ने पहले खरीदी गई संपत्तियां बेचकर उससे मिली रकम से नई चल-अचल संपत्तियां खरीदी. एजेंसी का कहना है कि ये आपराधिक आय को छिपाने, घुमाने और साफ दिखाने का साफ मामला है. इसी वजह से पुरानी संपत्तियों की बिक्री से खरीदी गई नई संपत्तियां भी जब्ती के दायरे में लाई गई है.
ED ने जिन संपत्तियों को अटैच किया है, उनमें शामिल है- लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन बॉन्ड्स, रिहायशी जमीन और मकान, कृषि भूमि, ये सभी संपत्तियां भोपाल और रायसेन जिलों में स्थित है. ED ने साफ किया है कि इस मामले में आगे की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और भी खुलासे हो सकते है.
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