Motherhood Age In India: भारत में किस उम्र की महिलाएं ज्यादा बन रहीं मां, किस ऐज ग्रुप की महिलाएं कब ले रहीं यह फैसला?
At What Age Indian Women Become Mothers: पिछले करीब पांच दशकों में भारत में परिवारों का आकार तेजी से छोटा हुआ है. यह बदलाव सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया के कई देशों में देखा गया. जैसे-जैसे महिलाओं की आय बढ़ी, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच बेहतर हुई, वैसे-वैसे बच्चों की संख्या को लेकर फैसले भी बदलते गए. इसी बदलाव का असर इस बात पर भी पड़ा है कि भारतीय महिलाएं किस उम्र में बच्चे पैदा कर रही हैं. भारत में घट रही है टोटल फर्टिलिटी रेट भारत में टोटल फर्टिलिटी रेट , जो यह बताता है कि एक महिला अपने जीवन में औसतन कितने बच्चों को जन्म देगी, अब घटकर 1.9 रह गया है. यानी औसतन एक महिला दो से भी कम बच्चों को जन्म दे रही है. ग्रामीण इलाकों में यह दर शहरी क्षेत्रों से थोड़ी ज्यादा जरूर है, लेकिन वहां भी अब प्रजनन दर लगभग रिप्लेसमेंट लेवल तक पहुंच चुकी है. डेमोग्राफर एक्सपर्ट के मुताबिक, जब किसी देश का TFR 2.1 तक आ जाता है, तो उसे रिप्लेसमेंट फर्टिलिटी कहा जाता है. इसका मतलब होता है कि आबादी लंबे समय में बढ़ना बंद कर देती है और सिर्फ खुद को रिप्लेस करती है. भारत में यह दर इससे भी नीचे चली गई है, जिसका संकेत है कि आने वाले वर्षों में देश की जनसंख्या बढ़ने के बजाय धीरे-धीरे स्थिर या घटने की ओर जा सकती है. दुनियाभर में दिखा है ट्रेंड फर्टिलिटी में गिरावट देश के लगभग हर हिस्से में देखने को मिली है. उत्तर और पूर्वी भारत के वे राज्य, जहां पहले बच्चों की संख्या ज्यादा हुआ करती थी, वहां भी अब परिवार छोटे हो रहे हैं. दक्षिण और पश्चिम भारत में तो यह बदलाव पहले ही आ चुका था. यहां तक कि बिहार जैसे राज्य में भी, जिसे लंबे समय तक सबसे ज्यादा फर्टिलिटी वाला राज्य माना जाता रहा है, औसतन बच्चों की संख्या अब तीन से नीचे आ चुकी है. किस उम्र में मां बन रही हैं भारतीय महिलाएं? National Family Health Survey की रिपोर्ट के अनुसार, महिलाएं अब कम बच्चे पैदा कर रही हैं, लेकिन वे बहुत ज्यादा देर से मां नहीं बन रहीं. पिछले 20 सालों में पहली बार मां बनने की औसत उम्र में सिर्फ मामूली बढ़ोतरी हुई है. आज भारत में एक महिला औसतन 21 साल से थोड़ी ज्यादा उम्र में पहला बच्चा पैदा कर रही है. यह बदलाव शादी की उम्र में हुए बदलाव के साथ ही चलता है। Dataforindia की रिपोर्ट के अनुसार, सबसे बड़ा फर्क इस बात में आया है कि महिलाएं आखिरी बच्चा किस उम्र में पैदा कर रही हैं, पहले महिलाएं लंबे समय तक, 30 के आखिरी वर्षों तक बच्चों को जन्म देती थीं. लेकिन अब, जैसे-जैसे परिवार छोटे हो रहे हैं, महिलाएं अपनी सारी प्रेग्नेंसी 20 की उम्र के आखिरी हिस्से या 30 की शुरुआत में ही पूरी कर ले रही हैं. इसी वजह से आखिरी बच्चे के जन्म की औसत उम्र में पांच साल से ज्यादा की गिरावट आई है. यह भी पढ़ें - सिर्फ सुबह-सुबह टहलने से नहीं सुधरेगी हार्ट हेल्थ, जानें क्या-क्या है जरूरी? Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें
At What Age Indian Women Become Mothers: पिछले करीब पांच दशकों में भारत में परिवारों का आकार तेजी से छोटा हुआ है. यह बदलाव सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया के कई देशों में देखा गया. जैसे-जैसे महिलाओं की आय बढ़ी, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच बेहतर हुई, वैसे-वैसे बच्चों की संख्या को लेकर फैसले भी बदलते गए. इसी बदलाव का असर इस बात पर भी पड़ा है कि भारतीय महिलाएं किस उम्र में बच्चे पैदा कर रही हैं.
भारत में घट रही है टोटल फर्टिलिटी रेट
भारत में टोटल फर्टिलिटी रेट , जो यह बताता है कि एक महिला अपने जीवन में औसतन कितने बच्चों को जन्म देगी, अब घटकर 1.9 रह गया है. यानी औसतन एक महिला दो से भी कम बच्चों को जन्म दे रही है. ग्रामीण इलाकों में यह दर शहरी क्षेत्रों से थोड़ी ज्यादा जरूर है, लेकिन वहां भी अब प्रजनन दर लगभग रिप्लेसमेंट लेवल तक पहुंच चुकी है.
डेमोग्राफर एक्सपर्ट के मुताबिक, जब किसी देश का TFR 2.1 तक आ जाता है, तो उसे रिप्लेसमेंट फर्टिलिटी कहा जाता है. इसका मतलब होता है कि आबादी लंबे समय में बढ़ना बंद कर देती है और सिर्फ खुद को रिप्लेस करती है. भारत में यह दर इससे भी नीचे चली गई है, जिसका संकेत है कि आने वाले वर्षों में देश की जनसंख्या बढ़ने के बजाय धीरे-धीरे स्थिर या घटने की ओर जा सकती है.
दुनियाभर में दिखा है ट्रेंड
फर्टिलिटी में गिरावट देश के लगभग हर हिस्से में देखने को मिली है. उत्तर और पूर्वी भारत के वे राज्य, जहां पहले बच्चों की संख्या ज्यादा हुआ करती थी, वहां भी अब परिवार छोटे हो रहे हैं. दक्षिण और पश्चिम भारत में तो यह बदलाव पहले ही आ चुका था. यहां तक कि बिहार जैसे राज्य में भी, जिसे लंबे समय तक सबसे ज्यादा फर्टिलिटी वाला राज्य माना जाता रहा है, औसतन बच्चों की संख्या अब तीन से नीचे आ चुकी है.
किस उम्र में मां बन रही हैं भारतीय महिलाएं?
National Family Health Survey की रिपोर्ट के अनुसार, महिलाएं अब कम बच्चे पैदा कर रही हैं, लेकिन वे बहुत ज्यादा देर से मां नहीं बन रहीं. पिछले 20 सालों में पहली बार मां बनने की औसत उम्र में सिर्फ मामूली बढ़ोतरी हुई है. आज भारत में एक महिला औसतन 21 साल से थोड़ी ज्यादा उम्र में पहला बच्चा पैदा कर रही है. यह बदलाव शादी की उम्र में हुए बदलाव के साथ ही चलता है।
Dataforindia की रिपोर्ट के अनुसार, सबसे बड़ा फर्क इस बात में आया है कि महिलाएं आखिरी बच्चा किस उम्र में पैदा कर रही हैं, पहले महिलाएं लंबे समय तक, 30 के आखिरी वर्षों तक बच्चों को जन्म देती थीं. लेकिन अब, जैसे-जैसे परिवार छोटे हो रहे हैं, महिलाएं अपनी सारी प्रेग्नेंसी 20 की उम्र के आखिरी हिस्से या 30 की शुरुआत में ही पूरी कर ले रही हैं. इसी वजह से आखिरी बच्चे के जन्म की औसत उम्र में पांच साल से ज्यादा की गिरावट आई है.
यह भी पढ़ें - सिर्फ सुबह-सुबह टहलने से नहीं सुधरेगी हार्ट हेल्थ, जानें क्या-क्या है जरूरी?
Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें
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