Monsoon Window Open Or Closed: पंखा चलाते समय खिड़की खोलें या बंद रखें, मानसून सीजन में क्या है सही तरीका?
Monsoon Window Open Or Closed: मानसून के मौसम में एक सवाल हर घर में बार बार उठता है, पंखा चलाते वक्त खिड़की खोलकर रखें या बंद. ज्यादातर लोग बारिश के डर से खिड़कियां बंद रखना ज्यादा सुरक्षित समझते हैं, लेकिन असल में यही आदत घर में नमी और सीलन बढ़ाने की सबसे बड़ी वजह बन सकती है. बंद खिड़कियां बढ़ाती हैं नमी घर के अंदर की हवा जब लगातार बंद रहती है, तो नमी बाहर नहीं निकल पाती और धीरे धीरे दीवारों, अलमारी और सोफे के आसपास सीलन जमा होने लगती है. मानसून में भारत के कई हिस्सों में घर के अंदर नमी का स्तर 70 से 80 फीसदी तक पहुंच जाता है, जो फफूंद और बैक्टीरिया पनपने के लिए एकदम अनुकूल माहौल बना देता है. मौसम साफ हो, तभी खोल दें खिड़की एक्सपर्ट्स की सलाह है कि जब भी बारिश थम जाए तो और मौसम साफ हो, तब कुछ घंटों के लिए खिड़की और दरवाजे जरूर खोलने चाहिए. इससे ताजी हवा अंदर आती है और नमी बाहर निकलती है, जो फफूंद बनने की प्रक्रिया को रोकने में मदद करती है. सिर्फ पंखा चलाते रहने से घर के अंदर की सीली हवा वापस उसी में घूमती रहती है, जिससे असल समस्या हल नहीं होती. यह भी पढ़ें: Room Freshener कितने सेफ, कहीं सेहत से खिलवाड़ तो नहीं कर रहे? तेज बारिश के दौरान रखें बंद हालांकि जब बारिश तेज हो या तूफान जैसी स्थिति बन रही हो, तब खिड़कियां खोलना सही नहीं, क्योंकि इससे सीधे कमरे में पानी आ सकता है. ऐसे समय में खिड़की बंद रखकर सिर्फ एग्जॉस्ट फैन या सीलिंग फैन का इस्तेमाल करना बेहतर रहता है, ताकि हवा का हल्का सर्कुलेशन बना रहे. रसोई और बाथरूम पर दें खास ध्यान खाना बनाते वक्त एग्जॉस्ट फैन जरूर चलाएं और जहां तक संभव हो, किचन को हवादार बनाए रखें. इसी तरह नहाने के बाद बाथरूम की खिड़की खोलकर या एग्जॉस्ट फैन चलाकर भाप को बाहर निकालना जरूरी है, क्योंकि यही दो जगहें घर में सबसे ज्यादा नमी पैदा करती हैं. फर्नीचर और दीवारों का भी रखें ख्याल अलमारी, सोफा और बड़े फर्नीचर को दीवार से बिल्कुल सटाकर न रखें, इससे हवा का आवागमन रुक जाता है, और नमी वहीं जमा होने लगती है. दीवार और फर्नीचर के बीच कुछ इंच की जगह छोड़ना बेहतर रहता है, ताकि हवा आसानी से आती जाती रहे. संतुलन ही है सही तरीका कुल मिलाकर न हमेशा खिड़की बंद रखना सही है, न हर वक्त खुली छोड़ना. मौसम के हिसाब से संतुलन बनाना ही मानसून में घर को नमी, सीलन और फफूंद से बचाने का सबसे कारगर तरीका है. यह भी पढ़ें: पानी पीने के बाद भी प्यास लग रही, ये दिक्कत तो नहीं?
Monsoon Window Open Or Closed: मानसून के मौसम में एक सवाल हर घर में बार बार उठता है, पंखा चलाते वक्त खिड़की खोलकर रखें या बंद. ज्यादातर लोग बारिश के डर से खिड़कियां बंद रखना ज्यादा सुरक्षित समझते हैं, लेकिन असल में यही आदत घर में नमी और सीलन बढ़ाने की सबसे बड़ी वजह बन सकती है.
बंद खिड़कियां बढ़ाती हैं नमी
घर के अंदर की हवा जब लगातार बंद रहती है, तो नमी बाहर नहीं निकल पाती और धीरे धीरे दीवारों, अलमारी और सोफे के आसपास सीलन जमा होने लगती है. मानसून में भारत के कई हिस्सों में घर के अंदर नमी का स्तर 70 से 80 फीसदी तक पहुंच जाता है, जो फफूंद और बैक्टीरिया पनपने के लिए एकदम अनुकूल माहौल बना देता है.
मौसम साफ हो, तभी खोल दें खिड़की
एक्सपर्ट्स की सलाह है कि जब भी बारिश थम जाए तो और मौसम साफ हो, तब कुछ घंटों के लिए खिड़की और दरवाजे जरूर खोलने चाहिए. इससे ताजी हवा अंदर आती है और नमी बाहर निकलती है, जो फफूंद बनने की प्रक्रिया को रोकने में मदद करती है. सिर्फ पंखा चलाते रहने से घर के अंदर की सीली हवा वापस उसी में घूमती रहती है, जिससे असल समस्या हल नहीं होती.
यह भी पढ़ें: Room Freshener कितने सेफ, कहीं सेहत से खिलवाड़ तो नहीं कर रहे?
तेज बारिश के दौरान रखें बंद
हालांकि जब बारिश तेज हो या तूफान जैसी स्थिति बन रही हो, तब खिड़कियां खोलना सही नहीं, क्योंकि इससे सीधे कमरे में पानी आ सकता है. ऐसे समय में खिड़की बंद रखकर सिर्फ एग्जॉस्ट फैन या सीलिंग फैन का इस्तेमाल करना बेहतर रहता है, ताकि हवा का हल्का सर्कुलेशन बना रहे.
रसोई और बाथरूम पर दें खास ध्यान
खाना बनाते वक्त एग्जॉस्ट फैन जरूर चलाएं और जहां तक संभव हो, किचन को हवादार बनाए रखें. इसी तरह नहाने के बाद बाथरूम की खिड़की खोलकर या एग्जॉस्ट फैन चलाकर भाप को बाहर निकालना जरूरी है, क्योंकि यही दो जगहें घर में सबसे ज्यादा नमी पैदा करती हैं.
फर्नीचर और दीवारों का भी रखें ख्याल
अलमारी, सोफा और बड़े फर्नीचर को दीवार से बिल्कुल सटाकर न रखें, इससे हवा का आवागमन रुक जाता है, और नमी वहीं जमा होने लगती है. दीवार और फर्नीचर के बीच कुछ इंच की जगह छोड़ना बेहतर रहता है, ताकि हवा आसानी से आती जाती रहे.
संतुलन ही है सही तरीका
कुल मिलाकर न हमेशा खिड़की बंद रखना सही है, न हर वक्त खुली छोड़ना. मौसम के हिसाब से संतुलन बनाना ही मानसून में घर को नमी, सीलन और फफूंद से बचाने का सबसे कारगर तरीका है.
यह भी पढ़ें: पानी पीने के बाद भी प्यास लग रही, ये दिक्कत तो नहीं?
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