Mathura Holi 2026: होली पर मथुरा-वृंदावन जा रहे हैं, तो जानें यहां रंगों की होली 3 या 4 मार्च कब खेली जाएगी
Mathura Holi 2026: ब्रज में रंगोत्सव 24 फरवरी से शुरू होकर 12 मार्च तक चलेगा. ब्रज में होली एक बहुत ही खास और अनोखा त्यौहार है. यहां सिर्फ रंगों से नहीं बल्कि फूलों, लाठी, लड्डुओं से भी होली खेली जाती है. यही वजह है कि हर बार होली पर ब्रज में देश-विदेश से आने वाली की संख्या बढ़ जाती है. भगवान श्री कृष्ण के समय से चली आ रही होली की तमाम परंपरा को आज भी ब्रज के लोग उसी तरह निभाते हैं. इस साल होलिका दहन और रंगों की होली की डेट को लेकर कंफ्यूजन बना हुआ है. ऐसे में अगर आप भी मथुरा या वृंदावन जाने वाले हैं तो जान लें यहां रंगों की होली कब खेली जाएगी. मथुरा-वृंदावन में होली 2026 कब इस साल होली पर चंद्र ग्रहण के कारण होलिका दहन और रंगों की होली में एक दिन का गैप आ रहा है. भारत में अन्य जगह पर होलिका दहन 2 मार्च को रात में किया जाएगा लेकिन मथुरा-वृंदावन और समस्त ब्रज क्षेत्र में में होलिका दहन 3 मार्च 2026 को होगा. यहां रंगों की होली यानी धुलंडी 4 मार्च को खेली जाएगी. रंग, फूल, लड्डू की होली ब्रज का फाग उत्सव करीब 40 दिन तक चलता है. यहां होली की शुरुआत मथुरा के मुख्य द्वारकाधीश मंदिर में भगवान को गुलाल और टेसू के रंग लगाने के साथ होती है. इससे पहले बरसाना की महिलाएं राधा रानी का प्रतिनिधित्व करते हुए लट्ठ से पुरुषों को मारती हैं, जबकि पुरुष (हुरियारे) कृष्ण का प्रतिनिधित्व करते हैं और गुलाल से होली खेलते हैं. वहीं बरसाना में लठमार से पहले लड्डू होली खेली जाती है, जहाँ पुजारी भक्तों पर लड्डू बरसाते हैं. वृंदावन में बांके बिहारी मंदिर में होली के दिन हवा में गुलाल उड़ता है, भजनों और रसिया गायन के साथ मंदिर का प्रांगण भक्तिमय रंगों में रंग जाता है. Vivah Muhurat March 2026: मार्च 2026 में विवाह के सिर्फ 8 शुभ मुहूर्त, नोट करें डेट, इस महीने लग रहा है खरमास Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.
Mathura Holi 2026: ब्रज में रंगोत्सव 24 फरवरी से शुरू होकर 12 मार्च तक चलेगा. ब्रज में होली एक बहुत ही खास और अनोखा त्यौहार है. यहां सिर्फ रंगों से नहीं बल्कि फूलों, लाठी, लड्डुओं से भी होली खेली जाती है. यही वजह है कि हर बार होली पर ब्रज में देश-विदेश से आने वाली की संख्या बढ़ जाती है.
भगवान श्री कृष्ण के समय से चली आ रही होली की तमाम परंपरा को आज भी ब्रज के लोग उसी तरह निभाते हैं. इस साल होलिका दहन और रंगों की होली की डेट को लेकर कंफ्यूजन बना हुआ है. ऐसे में अगर आप भी मथुरा या वृंदावन जाने वाले हैं तो जान लें यहां रंगों की होली कब खेली जाएगी.
मथुरा-वृंदावन में होली 2026 कब
इस साल होली पर चंद्र ग्रहण के कारण होलिका दहन और रंगों की होली में एक दिन का गैप आ रहा है. भारत में अन्य जगह पर होलिका दहन 2 मार्च को रात में किया जाएगा लेकिन मथुरा-वृंदावन और समस्त ब्रज क्षेत्र में में होलिका दहन 3 मार्च 2026 को होगा. यहां रंगों की होली यानी धुलंडी 4 मार्च को खेली जाएगी.
रंग, फूल, लड्डू की होली
- ब्रज का फाग उत्सव करीब 40 दिन तक चलता है. यहां होली की शुरुआत मथुरा के मुख्य द्वारकाधीश मंदिर में भगवान को गुलाल और टेसू के रंग लगाने के साथ होती है.
- इससे पहले बरसाना की महिलाएं राधा रानी का प्रतिनिधित्व करते हुए लट्ठ से पुरुषों को मारती हैं, जबकि पुरुष (हुरियारे) कृष्ण का प्रतिनिधित्व करते हैं और गुलाल से होली खेलते हैं.
- वहीं बरसाना में लठमार से पहले लड्डू होली खेली जाती है, जहाँ पुजारी भक्तों पर लड्डू बरसाते हैं.
- वृंदावन में बांके बिहारी मंदिर में होली के दिन हवा में गुलाल उड़ता है, भजनों और रसिया गायन के साथ मंदिर का प्रांगण भक्तिमय रंगों में रंग जाता है.
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.
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