Mars in 12 houses: कुंडली के 12 भावों में मंगल का प्रभाव, जानें साहस, रिश्तों और करियर पर क्या होगा असर?
Kundli: वैदिक ज्योतिष में बुध ग्रह का संबंध बुद्धि, वाणी, गणना, व्यापार और संवाद से होता है. कुंडली के 12 भावों में बुध की स्थिति व्यक्ति के विचार, तर्कशक्ति, शिक्षा और व्यवहार पर प्रभाव डालता है. बुध ग्रह एक ओर चतुराई और विवेक प्रदान करता है तो वहीं दूसरी तरफ व्यापारिक सफलता और संबंधों में सामंजस्य स्थापित करने में भी अहम भूमिका निभाता है. आइए जानते हैं 12 भावों में बुध का क्या प्रभाव पड़ता है. प्रथम भाव में मंगलप्रथम भाव में मंगल होने से व्यक्ति स्वाभाविक रूप से साहसी, निडर, ऊर्जावान और आत्मविश्वासी होते हैं. ये लोग किसी भी काम में देरी पसंद नहीं करते हैं. ऐसे लोग खुद का ध्यान रखने वाले, बातचीत में स्पष्ट और नेतृत्वकर्ता होते हैं. हालांकि इन लोगों को चिढ़ाना काफी सरल होता है, जिसके कारण कभी कभी ये आक्रामक भी हो सकते हैं. दूसरे भाव में मंगलजब मंगल ग्रह कुंडली के दूसरे भाव में होता है तो व्यक्ति को आर्थिक स्थिरता और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए काफी मेहनत करनी पड़ सकती है. ऐसे लोगों को गुस्सा जल्दी आ जाता है. इन लोगों में लंबे समय तक जीने की इच्छा होती है और वे शारीरिक परिश्रम और कड़ी मेहनत से धन कमा सकते हैं. वे अपने मूल्यों के प्रति काफी भावुक होते हैं. तीसरे घर में मंगलकुंडली के तीसरे भाव में मंगल होने से व्यक्ति संवाद और विचारों में साहसी बनता है. इनकी वाणी, बुद्धि और सीखने की कला हर किसी को प्रभावित करती है. ये लोग अक्सर बहस कर सकते हैं, लेकिन जो भी बोलते हैं जोश से बोलते हैं. ये भाई-बहन का ख्याल रखता है. व्यक्तिगत जीवन में हाथों और औजारों का इस्तेमाल करना अच्छे से जानते हैं. चौथे भाव में मंगल चतुर्थ भाव में मंगल कुंडली के चतुर्थ भाव में बुध के होने से लोग काफी ज्यादा भावुक होते हैं. कभी-कभी इन्हें बेचैनी और क्रोध का सामना करना पड़ सकता है. यह लोग अपनी चीजों को व्यवस्थित करने के लिए जुनूनी होते हैं. ऐसे व्यक्ति पारिवारिक बंधनों के मामले में संयम से काम लेते हैं. लेकिन निजी जीवन में इन्हें चिड़चिड़ापन का सामना करना पड़ सकता है. पांचवें घर में मंगलकुंडली के पांचवें घर में मंगल के होने से व्यक्ति साहसी, रोमांटिक और रचनात्मक ऊर्जा से भरा होता है. ऐसे लोग प्रेम जीवन में रोमांस का आनंद लेने में माहिर होते हैं. ऐसे लोग मौज-मस्ती के साथ साहसी और खेलों में सबसे ज्यादा भाग लेते हैं. ये लोग जुआ खेलने के भी शौकीन हो सकते हैं. इनको जीवन में जोखिम उठाना काफी पसंद होता है. इनका जुनून लोगों को काफी प्रेरित करता है. छठे भाव में मंगलजब मंगल कुंडली के छठे भाव में होता है तो व्यक्ति को दैनिक जीवन में काफी मेहनत करना पड़ सकता है. ऐसे लोग बाधाओं का डटकर सामना करते हैं. ऐसे लोग अपने स्वास्थ्य के प्रति काफी गंभीर होते हैं. वे खुद पर काम करना पसंद करते हैं. ये लोग अपनी ऊर्जा का इस्तेमाल सेवा और समर्पण के लिए करते हैं. सातवें घर में मंगलसातवें घर में मंगल के होने से रिश्तों में जोश और प्रगाढ़ता आती है. ऐसे लोग दृढ़ इच्छाशक्ति वाले होते हैं, जो लोगों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं. अक्सर वैवाहिक जीवन में इन्हें पार्टनर के साथ तनाव का सामना करना पड़ सकता है. कभी-कभी इनका रिश्ता युद्ध का मैदान लग सकता है, जिसमें जोश, प्रतिस्पर्धा और कभी कभी संघर्षों से भरा हुआ. ये लोग अपने प्रियजनों की सुरक्षा के लिए संवेदनशील हो सकते हैं. मंगल आठवें घर मेंअष्टम भाव में मंगल के होने से व्यक्ति में गहरी भावनात्मक शक्ति होती है. ऐसे लोगों का जीवन औरों के लिए रहस्यों से भरा हो सकता है. उनकी यौन ऊर्जा तीव्र होने के साथ परिवर्तनकारी भी होती है. इन लोगों में गुस्सा सहन करने की क्षमता होती है, लेकिन एक सीमा के बाद जब इनका गुस्सा फूटता है तो काफी तीव्र होता है. ये लोग कठिन समय भी साहसी होते हैं. ये लोग परिस्थितियों से लड़ने में माहिर होते हैं. मंगल नवम भाव मेंनवम भाव में मंगल के होने से व्यक्ति सत्य,ज्ञान और साहसी प्रवृत्ति का होता है. ये अपने दर्शन में दृढ़ विश्वास रखते हैं. ऐसे व्यक्ति को यात्रा करना काफी पसंद होता है. ये लोग अपने विचारों को साफतौर पर रखने में माहिर होते हैं. इनकी साहसिक भावनाएं इन्हें आंतरिक रूप से मजबूती प्रदान करती है. ये लोग हमेशा दूसरों को प्रेरित करने के लिए काम करता है. मंगल दसवें भाव मेंमंगल दसवें भाव में हो तो व्यक्ति काफी ज्यादा महत्वाकांक्षी और करियर पर ध्यान देने वाला होता है. ऐसे लोग कार्यस्थल पर जिम्मेदारी से काम लेते हैं. इन्हें किसी पर हुक्म चलाना पसंद नहीं होता है. अपने पेशेवर जीवन में ये लोग काफी ज्यादा प्रतिस्पर्धी और महत्वाकांक्षी किस्म के होते हैं. ऐसे लोग साहसिक कार्यों और नेतृत्व क्षमता के लिए जाने जाते हैं. ग्यारहवें घर में मंगलग्यारहवें घर में मंगल के होने से व्यक्ति अपने लक्ष्यों के प्रति महत्वाकांक्षी होता है. ये लोग अक्सर समुदायों का नेतृत्व करना पसंद करते हैं. ये लोग अक्सर दूसरों को प्रेरणास्पद करने का काम करते हैं. इन्हें समूह में काम करना काफी पसंद होता है. मंगल बारहवें भाव में मंगल बारहवें भाव में हो तो ऊर्जा और उत्साह का हमेशा संचार होता है. ऐसे लोग किसी पर खुलकर गुस्सा करने की बजाए उसे अपने अंदर ही दबा लेते हैं. ऐसे लोग एकांत में रहकर काम करना पसंद करते हैं. इन्हें आध्यात्मिक ऊर्जा से जुड़ना पसंद होता है. ऐसे लोग बाहर से शांत दिखाई देते हैं. Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

Kundli: वैदिक ज्योतिष में बुध ग्रह का संबंध बुद्धि, वाणी, गणना, व्यापार और संवाद से होता है. कुंडली के 12 भावों में बुध की स्थिति व्यक्ति के विचार, तर्कशक्ति, शिक्षा और व्यवहार पर प्रभाव डालता है.
बुध ग्रह एक ओर चतुराई और विवेक प्रदान करता है तो वहीं दूसरी तरफ व्यापारिक सफलता और संबंधों में सामंजस्य स्थापित करने में भी अहम भूमिका निभाता है. आइए जानते हैं 12 भावों में बुध का क्या प्रभाव पड़ता है.
प्रथम भाव में मंगल
प्रथम भाव में मंगल होने से व्यक्ति स्वाभाविक रूप से साहसी, निडर, ऊर्जावान और आत्मविश्वासी होते हैं. ये लोग किसी भी काम में देरी पसंद नहीं करते हैं. ऐसे लोग खुद का ध्यान रखने वाले, बातचीत में स्पष्ट और नेतृत्वकर्ता होते हैं. हालांकि इन लोगों को चिढ़ाना काफी सरल होता है, जिसके कारण कभी कभी ये आक्रामक भी हो सकते हैं.
दूसरे भाव में मंगल
जब मंगल ग्रह कुंडली के दूसरे भाव में होता है तो व्यक्ति को आर्थिक स्थिरता और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए काफी मेहनत करनी पड़ सकती है. ऐसे लोगों को गुस्सा जल्दी आ जाता है. इन लोगों में लंबे समय तक जीने की इच्छा होती है और वे शारीरिक परिश्रम और कड़ी मेहनत से धन कमा सकते हैं. वे अपने मूल्यों के प्रति काफी भावुक होते हैं.
तीसरे घर में मंगल
कुंडली के तीसरे भाव में मंगल होने से व्यक्ति संवाद और विचारों में साहसी बनता है. इनकी वाणी, बुद्धि और सीखने की कला हर किसी को प्रभावित करती है. ये लोग अक्सर बहस कर सकते हैं, लेकिन जो भी बोलते हैं जोश से बोलते हैं.
ये भाई-बहन का ख्याल रखता है. व्यक्तिगत जीवन में हाथों और औजारों का इस्तेमाल करना अच्छे से जानते हैं.
चौथे भाव में मंगल
चतुर्थ भाव में मंगल
कुंडली के चतुर्थ भाव में बुध के होने से लोग काफी ज्यादा भावुक होते हैं. कभी-कभी इन्हें बेचैनी और क्रोध का सामना करना पड़ सकता है. यह लोग अपनी चीजों को व्यवस्थित करने के लिए जुनूनी होते हैं. ऐसे व्यक्ति पारिवारिक बंधनों के मामले में संयम से काम लेते हैं. लेकिन निजी जीवन में इन्हें चिड़चिड़ापन का सामना करना पड़ सकता है.
पांचवें घर में मंगल
कुंडली के पांचवें घर में मंगल के होने से व्यक्ति साहसी, रोमांटिक और रचनात्मक ऊर्जा से भरा होता है. ऐसे लोग प्रेम जीवन में रोमांस का आनंद लेने में माहिर होते हैं. ऐसे लोग मौज-मस्ती के साथ साहसी और खेलों में सबसे ज्यादा भाग लेते हैं. ये लोग जुआ खेलने के भी शौकीन हो सकते हैं.
इनको जीवन में जोखिम उठाना काफी पसंद होता है. इनका जुनून लोगों को काफी प्रेरित करता है.
छठे भाव में मंगल
जब मंगल कुंडली के छठे भाव में होता है तो व्यक्ति को दैनिक जीवन में काफी मेहनत करना पड़ सकता है. ऐसे लोग बाधाओं का डटकर सामना करते हैं. ऐसे लोग अपने स्वास्थ्य के प्रति काफी गंभीर होते हैं. वे खुद पर काम करना पसंद करते हैं. ये लोग अपनी ऊर्जा का इस्तेमाल सेवा और समर्पण के लिए करते हैं.
सातवें घर में मंगल
सातवें घर में मंगल के होने से रिश्तों में जोश और प्रगाढ़ता आती है. ऐसे लोग दृढ़ इच्छाशक्ति वाले होते हैं, जो लोगों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं. अक्सर वैवाहिक जीवन में इन्हें पार्टनर के साथ तनाव का सामना करना पड़ सकता है.
कभी-कभी इनका रिश्ता युद्ध का मैदान लग सकता है, जिसमें जोश, प्रतिस्पर्धा और कभी कभी संघर्षों से भरा हुआ. ये लोग अपने प्रियजनों की सुरक्षा के लिए संवेदनशील हो सकते हैं.
मंगल आठवें घर में
अष्टम भाव में मंगल के होने से व्यक्ति में गहरी भावनात्मक शक्ति होती है. ऐसे लोगों का जीवन औरों के लिए रहस्यों से भरा हो सकता है. उनकी यौन ऊर्जा तीव्र होने के साथ परिवर्तनकारी भी होती है. इन लोगों में गुस्सा सहन करने की क्षमता होती है, लेकिन एक सीमा के बाद जब इनका गुस्सा फूटता है तो काफी तीव्र होता है. ये लोग कठिन समय भी साहसी होते हैं. ये लोग परिस्थितियों से लड़ने में माहिर होते हैं.
मंगल नवम भाव में
नवम भाव में मंगल के होने से व्यक्ति सत्य,ज्ञान और साहसी प्रवृत्ति का होता है. ये अपने दर्शन में दृढ़ विश्वास रखते हैं. ऐसे व्यक्ति को यात्रा करना काफी पसंद होता है. ये लोग अपने विचारों को साफतौर पर रखने में माहिर होते हैं.
इनकी साहसिक भावनाएं इन्हें आंतरिक रूप से मजबूती प्रदान करती है. ये लोग हमेशा दूसरों को प्रेरित करने के लिए काम करता है.
मंगल दसवें भाव में
मंगल दसवें भाव में हो तो व्यक्ति काफी ज्यादा महत्वाकांक्षी और करियर पर ध्यान देने वाला होता है. ऐसे लोग कार्यस्थल पर जिम्मेदारी से काम लेते हैं. इन्हें किसी पर हुक्म चलाना पसंद नहीं होता है. अपने पेशेवर जीवन में ये लोग काफी ज्यादा प्रतिस्पर्धी और महत्वाकांक्षी किस्म के होते हैं. ऐसे लोग साहसिक कार्यों और नेतृत्व क्षमता के लिए जाने जाते हैं.
ग्यारहवें घर में मंगल
ग्यारहवें घर में मंगल के होने से व्यक्ति अपने लक्ष्यों के प्रति महत्वाकांक्षी होता है. ये लोग अक्सर समुदायों का नेतृत्व करना पसंद करते हैं. ये लोग अक्सर दूसरों को प्रेरणास्पद करने का काम करते हैं. इन्हें समूह में काम करना काफी पसंद होता है.
मंगल बारहवें भाव में
मंगल बारहवें भाव में हो तो ऊर्जा और उत्साह का हमेशा संचार होता है. ऐसे लोग किसी पर खुलकर गुस्सा करने की बजाए उसे अपने अंदर ही दबा लेते हैं. ऐसे लोग एकांत में रहकर काम करना पसंद करते हैं. इन्हें आध्यात्मिक ऊर्जा से जुड़ना पसंद होता है. ऐसे लोग बाहर से शांत दिखाई देते हैं.
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.
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