Manipur News: मणिपुर के मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के पास गोलीबारी में एक व्यक्ति घायल, जानें क्या है पूरा मामला

मणिपुर के थौबल जिले में मंगलवार को मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह के कार्यक्रम स्थल की ओर बढ़ रही भीड़ पर सुरक्षा बलों द्वारा कथित तौर पर गोलीबारी किए जाने से एक व्यक्ति घायल हो गया. पुलिस ने यह जानकारी दी. यह घटना उस समय हुई जब मुख्यमंत्री वांगजिंग टेंथा में नए ब्लॉक विकास कार्यालय (बीडीओ) के उद्घाटन के लिए पहुंचे थे. पुलिस के बयान के मुताबिक, पत्थरों और गुलेल से लैस बड़ी संख्या में लोग भवन में तोड़फोड़ करने के इरादे से कार्यक्रम स्थल की ओर बढ़ रहे थे. बयान में कहा गया, 'पुलिस द्वारा बार-बार चेतावनी और अपील के बावजूद भीड़ आक्रामक रूप से आगे बढ़ती रही, जिससे सार्वजनिक संपत्ति, उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों और कानून-व्यवस्था को गंभीर खतरा पैदा हो गया.' पुलिस ने बताया कि शुरुआत में न्यूनतम आवश्यक बल का प्रयोग किया गया और स्थिति बिगड़ने पर प्रोटोकॉल के तहत अंतिम विकल्प के रूप में नियंत्रित तरीके से गोलीबारी की गई. इस दौरान हीरोक पार्ट-2 एलंगबाम लेइराक निवासी और वर्तमान में विलेज डिफेंस फोर्स के सदस्य एलंगबाम नंदबीर सिंह (40) घायल हो गए. पुलिस के बयान में कहा गया, 'स्थिति को बाद में नियंत्रण में ले लिया गया और सभी की सुरक्षा सुनिश्चित की गई.' घाटी जिले में विरोध को लेकर क्या बोले सीएम मुख्यमंत्री ने वांगजिंग टेंथा में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा के दौरान उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा, लेकिन घाटी जिले में उनके दौरे का विरोध देख वह हैरान हैं. उन्होंने कहा, 'मैं हाल ही में कई पहाड़ी जिलों में गया, वहां मेरे दौरे का कोई विरोध नहीं हुआ लेकिन थौबल जिले में हो रहे विरोध से मैं हैरान हूं.' उन्होंने कहा कि मतभेद बातचीत के जरिए सुलझाए जा सकते हैं. बिष्णुपुर जिले के त्रोंग्लाओबी में सात अप्रैल को दो बच्चों की मौत की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद स्थानीय लोगों द्वारा गठित संयुक्त कार्रवाई समिति (जेएसी) की सभी मांगों को पूरा किया जाएगा. उन्होंने कहा, “सरकार पीड़ितों के माता-पिता के लिए उपयुक्त सरकारी नौकरियों की व्यवस्था करने पर भी विचार कर रही है.” घटना के विरोध में कुछ समूहों द्वारा बुलाए गए पांच दिवसीय पूर्ण बंद पर नाराजगी जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी अनावश्यक गतिविधियां लोगों के बीच भ्रम पैदा करती हैं और कभी-कभी सरकार को भी ऐसी स्थिति पर खेद होता है. यह भी पढ़ें : 387 कमरों का होटल, 2 करोड़ रोजाना खर्च और ‘मंडप’ बना सेरेना… फिर भी नहीं आ रहा ईरान!

Apr 22, 2026 - 10:30
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Manipur News: मणिपुर के मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के पास गोलीबारी में एक व्यक्ति घायल, जानें क्या है पूरा मामला

मणिपुर के थौबल जिले में मंगलवार को मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह के कार्यक्रम स्थल की ओर बढ़ रही भीड़ पर सुरक्षा बलों द्वारा कथित तौर पर गोलीबारी किए जाने से एक व्यक्ति घायल हो गया. पुलिस ने यह जानकारी दी. यह घटना उस समय हुई जब मुख्यमंत्री वांगजिंग टेंथा में नए ब्लॉक विकास कार्यालय (बीडीओ) के उद्घाटन के लिए पहुंचे थे.

पुलिस के बयान के मुताबिक, पत्थरों और गुलेल से लैस बड़ी संख्या में लोग भवन में तोड़फोड़ करने के इरादे से कार्यक्रम स्थल की ओर बढ़ रहे थे. बयान में कहा गया, 'पुलिस द्वारा बार-बार चेतावनी और अपील के बावजूद भीड़ आक्रामक रूप से आगे बढ़ती रही, जिससे सार्वजनिक संपत्ति, उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों और कानून-व्यवस्था को गंभीर खतरा पैदा हो गया.'

पुलिस ने बताया कि शुरुआत में न्यूनतम आवश्यक बल का प्रयोग किया गया और स्थिति बिगड़ने पर प्रोटोकॉल के तहत अंतिम विकल्प के रूप में नियंत्रित तरीके से गोलीबारी की गई. इस दौरान हीरोक पार्ट-2 एलंगबाम लेइराक निवासी और वर्तमान में विलेज डिफेंस फोर्स के सदस्य एलंगबाम नंदबीर सिंह (40) घायल हो गए. पुलिस के बयान में कहा गया, 'स्थिति को बाद में नियंत्रण में ले लिया गया और सभी की सुरक्षा सुनिश्चित की गई.'

घाटी जिले में विरोध को लेकर क्या बोले सीएम

मुख्यमंत्री ने वांगजिंग टेंथा में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा के दौरान उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा, लेकिन घाटी जिले में उनके दौरे का विरोध देख वह हैरान हैं. उन्होंने कहा, 'मैं हाल ही में कई पहाड़ी जिलों में गया, वहां मेरे दौरे का कोई विरोध नहीं हुआ लेकिन थौबल जिले में हो रहे विरोध से मैं हैरान हूं.'

उन्होंने कहा कि मतभेद बातचीत के जरिए सुलझाए जा सकते हैं.

बिष्णुपुर जिले के त्रोंग्लाओबी में सात अप्रैल को दो बच्चों की मौत की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद स्थानीय लोगों द्वारा गठित संयुक्त कार्रवाई समिति (जेएसी) की सभी मांगों को पूरा किया जाएगा. उन्होंने कहा, “सरकार पीड़ितों के माता-पिता के लिए उपयुक्त सरकारी नौकरियों की व्यवस्था करने पर भी विचार कर रही है.”

घटना के विरोध में कुछ समूहों द्वारा बुलाए गए पांच दिवसीय पूर्ण बंद पर नाराजगी जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी अनावश्यक गतिविधियां लोगों के बीच भ्रम पैदा करती हैं और कभी-कभी सरकार को भी ऐसी स्थिति पर खेद होता है.

यह भी पढ़ें : 387 कमरों का होटल, 2 करोड़ रोजाना खर्च और ‘मंडप’ बना सेरेना… फिर भी नहीं आ रहा ईरान!

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