Mallikarjun Kharge: मल्लिकार्जुन खरगे की मुश्किलें हुईं कम, कोर्ट ने रद्द की आपराधिक शिकायतें, जानें क्या है पूरा मामला
दिल्ली की तीस हजारी अदालत ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को बड़ी राहत देते हुए उस आपराधिक शिकायत याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की मांग की गई थी.शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि खरगे ने कर्नाटक के नारेगल में अप्रैल 2023 की एक चुनावी रैली के दौरान अभद्र भाषा का प्रयोग किया था, जिससे एक समुदाय की भावनाएं आहत हुईं. यह विवाद अप्रैल 2023 का है, जब कर्नाटक चुनाव प्रचार अपने चरम पर था. नारेगल (कर्नाटक) में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए मल्लिकार्जुन खरगे ने अपनी राजनीतिक टिप्पणी के दौरान कुछ ऐसे कथन कहे, जिन्हें एक आरएसएस सदस्य ने अभद्र और अपमानजनक बताते हुए कोर्ट में आपराधिक शिकायत दायर कर दी थी. बिहार में कांग्रेस का लगातार कमजोर प्रदर्शनकांग्रेस पिछले कई चुनावों से बिहार में एक स्थायी स्थान बनाने में संघर्ष कर रही है. नतीजे बताते हैं कि पार्टी का संगठन कमजोर है, स्थानीय नेतृत्व में ऊर्जा का अभाव है और महागठबंधन के भीतर भी उसकी भूमिका स्पष्ट नहीं हो पाती. इस बीच चुनावी नतीजों के बाद कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का बयान सामने आया. उन्होंने X (पूर्व ट्विटर) पर लिखा कि हम बिहार की जनता के फैसले का सम्मान करते हुए, ऐसी ताक़तों के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे, जो संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर लोकतंत्र को कमजोर करने में जुटी हैं. चुनावी आंकड़ों ने खोलीं कई परतेंबिहार में इस बार भाजपा सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी, जबकि महागठबंधन अपेक्षा से बहुत नीचे चला गया। महागठबंधन की कमजोरी के मुख्य कारणों में शामिल हैं. विपक्षी दलों के बीच एकजुट रणनीति की कमी. सीटों पर गलत समीकरण. स्थानीय मुद्दों को लेकर प्रभावी कैंपेन की कमी. युवा और महिला वोटरों पर प्रभाव न डाल पाना. ये भी पढ़ें: Bihar Election Result 2025: 'हमारी लड़ाई जारी रहेगी...', बिहार में हार के बाद मल्लिकार्जुन खरगे का आया पहला रिएक्शन
दिल्ली की तीस हजारी अदालत ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को बड़ी राहत देते हुए उस आपराधिक शिकायत याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की मांग की गई थी.शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि खरगे ने कर्नाटक के नारेगल में अप्रैल 2023 की एक चुनावी रैली के दौरान अभद्र भाषा का प्रयोग किया था, जिससे एक समुदाय की भावनाएं आहत हुईं.
यह विवाद अप्रैल 2023 का है, जब कर्नाटक चुनाव प्रचार अपने चरम पर था. नारेगल (कर्नाटक) में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए मल्लिकार्जुन खरगे ने अपनी राजनीतिक टिप्पणी के दौरान कुछ ऐसे कथन कहे, जिन्हें एक आरएसएस सदस्य ने अभद्र और अपमानजनक बताते हुए कोर्ट में आपराधिक शिकायत दायर कर दी थी.
बिहार में कांग्रेस का लगातार कमजोर प्रदर्शन
कांग्रेस पिछले कई चुनावों से बिहार में एक स्थायी स्थान बनाने में संघर्ष कर रही है. नतीजे बताते हैं कि पार्टी का संगठन कमजोर है, स्थानीय नेतृत्व में ऊर्जा का अभाव है और महागठबंधन के भीतर भी उसकी भूमिका स्पष्ट नहीं हो पाती. इस बीच चुनावी नतीजों के बाद कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का बयान सामने आया. उन्होंने X (पूर्व ट्विटर) पर लिखा कि हम बिहार की जनता के फैसले का सम्मान करते हुए, ऐसी ताक़तों के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे, जो संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर लोकतंत्र को कमजोर करने में जुटी हैं.
चुनावी आंकड़ों ने खोलीं कई परतें
बिहार में इस बार भाजपा सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी, जबकि महागठबंधन अपेक्षा से बहुत नीचे चला गया। महागठबंधन की कमजोरी के मुख्य कारणों में शामिल हैं. विपक्षी दलों के बीच एकजुट रणनीति की कमी. सीटों पर गलत समीकरण. स्थानीय मुद्दों को लेकर प्रभावी कैंपेन की कमी. युवा और महिला वोटरों पर प्रभाव न डाल पाना.
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