Mahashivratri 2026 Bhandara Benefits: महाशिवरात्रि पर भंडारा कराने के लाभ, कर सकते हैं ये भी काम

Mahashivratri 2026 Bhandara Benefits: रविवार 15 फरवरी 2026 को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जा रहा है. शिव पूजन के लिए यह तिथि सबसे महत्वपूर्ण मानी गई है. इस दिन लोग परोपकार से जुड़े कार्य जैसे दान-दक्षिणा आदि भी करते हैं. महाशिवरात्रि पर भंडारा कराना भी शुभ होता है. भंडारा कराने के लाभ विशेष तिथियों या पर्व-त्योहारों पर सामर्थ्यनुसार भंडारा कराने से पुण्यफल प्राप्त होते हैं. भंडारा ऐसा पुण्य कार्य है, जिससे आप धार्मिक, आध्यात्मिक और सामाजिक लाभ के भागीदार बन सकते हैं. महाशिवरात्रि पर भंडारा कराने से शिव कृपा भी प्राप्त होती है. भंडारा के माध्यम से व्यक्ति में सेवा भाव जागृत होता है और आत्मिक शांति की प्राप्ति होती है. शास्त्रों में भी भंडारा कराने को पुण्य का कार्य कहा गया है. महाशिवरात्रि के दिन आप स्नान और भगवान शिव की पूजा के बाद भंडारे का आयोजन कर सकते हैं. हर व्यक्ति को अपने जीवन में समय-समय पर भंडारा या फिर अन्न का दान जरूर करना चाहिए. भंडारा या अन्न दान का पुण्य केवल इस जन्म में नहीं बल्कि मृत्यु के बाद भी मिलता है. कैसे हुई भंडारे की शुरुआत- पौराणिक कथा के अनुसार, विदर्भ के राजा स्वेत जब परलोक गए तो उन्हें बहुत भूख लगी. लेकिन खाने के लिए कुछ भी नहीं मिला. उन्होंने ब्रह्मा से पूछा कि उन्हें भोजन क्यों नहीं दिया जा रहा. तब ब्रह्मा जी बोले, आपने अपने जीवन में कभी भी अन्न का दान नहीं किया. इसके बाद राजा स्वेत ने सपने में अपने वंश को अन्न का दान करने को कहा. ऐसी मान्यता है कि, इसके बाद से ही भंडारे की शुरुआत हुई. भंडारा कराने में सामार्थ्य नहीं तो क्या करें? भंडारा कराने के लिए अधिक धन की आवश्यकता पड़ सकती है. जो लोग आर्थिक रूप से सक्षम नहीं हैं, वे विशाल भंडारे का आयोजन न करके अपनी क्षमता अनुसार सेवाभाव या लघु दान से भी पुण्य प्राप्त कर सकते हैं. आप आज घर पर कुछ सात्विक भोजन बना लें और 2-4 जरूरतमंदों को खिलाएं. या फिर मंदिर में प्रसाद चढ़ाएं, पक्षियों को दाना डालें, बंदरों को चने या केला खिलाएं, या फिर कहीं भंडारा हो रहा हो तो आप उसमें अपनी सेवा देकर भी पुण्य के भागीदार बन सकते हैं. ये भी पढ़ें: Mahashivratri 2026: ईशा फाउंडेशन में रातभर चलेगा महाशिवरात्रि उत्सव, यहां देखें समय-सारणी, जानें कैसे जुड़ें Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

Feb 15, 2026 - 14:30
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Mahashivratri 2026 Bhandara Benefits: महाशिवरात्रि पर भंडारा कराने के लाभ, कर सकते हैं ये भी काम

Mahashivratri 2026 Bhandara Benefits: रविवार 15 फरवरी 2026 को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जा रहा है. शिव पूजन के लिए यह तिथि सबसे महत्वपूर्ण मानी गई है. इस दिन लोग परोपकार से जुड़े कार्य जैसे दान-दक्षिणा आदि भी करते हैं. महाशिवरात्रि पर भंडारा कराना भी शुभ होता है.

भंडारा कराने के लाभ

विशेष तिथियों या पर्व-त्योहारों पर सामर्थ्यनुसार भंडारा कराने से पुण्यफल प्राप्त होते हैं. भंडारा ऐसा पुण्य कार्य है, जिससे आप धार्मिक, आध्यात्मिक और सामाजिक लाभ के भागीदार बन सकते हैं. महाशिवरात्रि पर भंडारा कराने से शिव कृपा भी प्राप्त होती है. भंडारा के माध्यम से व्यक्ति में सेवा भाव जागृत होता है और आत्मिक शांति की प्राप्ति होती है. शास्त्रों में भी भंडारा कराने को पुण्य का कार्य कहा गया है.

महाशिवरात्रि के दिन आप स्नान और भगवान शिव की पूजा के बाद भंडारे का आयोजन कर सकते हैं. हर व्यक्ति को अपने जीवन में समय-समय पर भंडारा या फिर अन्न का दान जरूर करना चाहिए. भंडारा या अन्न दान का पुण्य केवल इस जन्म में नहीं बल्कि मृत्यु के बाद भी मिलता है.

कैसे हुई भंडारे की शुरुआत- पौराणिक कथा के अनुसार, विदर्भ के राजा स्वेत जब परलोक गए तो उन्हें बहुत भूख लगी. लेकिन खाने के लिए कुछ भी नहीं मिला. उन्होंने ब्रह्मा से पूछा कि उन्हें भोजन क्यों नहीं दिया जा रहा. तब ब्रह्मा जी बोले, आपने अपने जीवन में कभी भी अन्न का दान नहीं किया. इसके बाद राजा स्वेत ने सपने में अपने वंश को अन्न का दान करने को कहा. ऐसी मान्यता है कि, इसके बाद से ही भंडारे की शुरुआत हुई.

भंडारा कराने में सामार्थ्य नहीं तो क्या करें?

भंडारा कराने के लिए अधिक धन की आवश्यकता पड़ सकती है. जो लोग आर्थिक रूप से सक्षम नहीं हैं, वे विशाल भंडारे का आयोजन न करके अपनी क्षमता अनुसार सेवाभाव या लघु दान से भी पुण्य प्राप्त कर सकते हैं. आप आज घर पर कुछ सात्विक भोजन बना लें और 2-4 जरूरतमंदों को खिलाएं. या फिर मंदिर में प्रसाद चढ़ाएं, पक्षियों को दाना डालें, बंदरों को चने या केला खिलाएं, या फिर कहीं भंडारा हो रहा हो तो आप उसमें अपनी सेवा देकर भी पुण्य के भागीदार बन सकते हैं.

ये भी पढ़ें: Mahashivratri 2026: ईशा फाउंडेशन में रातभर चलेगा महाशिवरात्रि उत्सव, यहां देखें समय-सारणी, जानें कैसे जुड़ें

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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