Kidney Disease Symptoms: पेशाब में झाग से लेकर सांस फूलने तक… किडनी की बीमारी के ये संकेत भूलकर भी न करें नजरअंदाज
Nighttime Urination Kidney Problem: अगर यूरिन में झाग दिखाई दे रहा है, तो यह सामान्य बात नहीं हो सकती. आमतौर पर यूरिन करने के बाद पानी डालने पर झाग अपने आप खत्म हो जाना चाहिए. अगर झाग बना रहता है, तो यह यूरिन में प्रोटीन लीक होने यानी प्रोटीनयूरिया का संकेत हो सकता है. वहीं, पर्याप्त पानी पीने के बावजूद यूरिन कम आना इस बात की ओर इशारा करता है कि किडनी ठीक से फिल्ट्रेशन नहीं कर पा रही हैं. दिन में बार-बार यूरिन आना भी किडनी की बीमारी का एक लक्षण हो सकता है. रात में यूरिन के लिए बार-बार उठना खतरनाक डॉ. नवीन रेड्डी अवुला, कंसल्टेंट नेफ्रोलॉजिस्ट, एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ नेफ्रोलॉजी एंड यूरोलॉजी का TOI में छपे एक लेख के अनुसार, में रात में बार-बार यूरिन के लिए उठनाबिल्कुल भी सामान्य नहीं माना जाता और इसे गंभीरता से लेना चाहिए. इसी तरह यूरिन में खून आना किडनी स्टोन, यूरिन इंफेक्शन या फिर यूरिन मार्ग और किडनी से जुड़ी गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकता है. ऐसे सभी लक्षणों में जांच कराना बेहद जरूरी है. अगर पूरे शरीर में लगातार खुजली बनी रहती है, तो यह यूरिमिया का संकेत हो सकता है. यूरिमिया की स्थिति तब होती है, जब खून में यूरिया और दूसरे अपशिष्ट पदार्थ बढ़ जाते हैं. ऐसी खुजली को हल्के में नहीं लेना चाहिए. इसके साथ ही बिना ज्यादा मेहनत के चलने में सांस फूलने लगना या सीढ़ियां चढ़ते समय परेशानी होना भी किडनी की समस्या से जुड़ा हो सकता है. शरीर में अतिरिक्त पानी जमा होने से फेफड़ों पर दबाव पड़ता है, जिससे सांस लेने में दिक्कत आने लगती है. कई बार खाने-पीने की चीजों का स्वाद अजीब या धातु जैसा लगने लगता है, या मुंह से लगातार बदबू आने लगती है. स्वाद में ऐसा बदलाव भी किडनी की बीमारी का संकेत हो सकता है, जिसे अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं. कैसे कर सकते हैं रोकथाम? किडनी की बीमारी में समय पर पहचान बेहद जरूरी होती है, क्योंकि इससे इलाज और आगे की स्थिति दोनों बेहतर हो सकती हैं. अच्छी बात यह है कि किडनी की जांच कुछ आसान टेस्ट से की जा सकती है, जैसे कि - ब्लड टेस्ट (सीरम क्रिएटिनिन) यूरिन टेस्ट (यूरिन एनालिसिस और एल्ब्यूमिन-टू-क्रिएटिनिन रेशियो) कुछ लोगों को नियमित रूप से किडनी की जांच कराते रहना चाहिए. इनमें वे लोग शामिल हैं, जिन्हें डायबिटीज है, हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है, परिवार में किसी को किडनी की बीमारी रही हो, या जो लंबे समय से पेन किलर दवाओं या कुछ खास मेडिसिन्स का ज्यादा इस्तेमाल करते रहे हैं. इसे भी पढ़ें: सोने से कितनी देर पहले खा लेना चाहिए खाना, आयुर्वेद और डॉक्टर्स क्या कहते हैं? Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
Nighttime Urination Kidney Problem: अगर यूरिन में झाग दिखाई दे रहा है, तो यह सामान्य बात नहीं हो सकती. आमतौर पर यूरिन करने के बाद पानी डालने पर झाग अपने आप खत्म हो जाना चाहिए. अगर झाग बना रहता है, तो यह यूरिन में प्रोटीन लीक होने यानी प्रोटीनयूरिया का संकेत हो सकता है. वहीं, पर्याप्त पानी पीने के बावजूद यूरिन कम आना इस बात की ओर इशारा करता है कि किडनी ठीक से फिल्ट्रेशन नहीं कर पा रही हैं. दिन में बार-बार यूरिन आना भी किडनी की बीमारी का एक लक्षण हो सकता है.
रात में यूरिन के लिए बार-बार उठना खतरनाक
डॉ. नवीन रेड्डी अवुला, कंसल्टेंट नेफ्रोलॉजिस्ट, एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ नेफ्रोलॉजी एंड यूरोलॉजी का TOI में छपे एक लेख के अनुसार, में रात में बार-बार यूरिन के लिए उठनाबिल्कुल भी सामान्य नहीं माना जाता और इसे गंभीरता से लेना चाहिए. इसी तरह यूरिन में खून आना किडनी स्टोन, यूरिन इंफेक्शन या फिर यूरिन मार्ग और किडनी से जुड़ी गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकता है. ऐसे सभी लक्षणों में जांच कराना बेहद जरूरी है. अगर पूरे शरीर में लगातार खुजली बनी रहती है, तो यह यूरिमिया का संकेत हो सकता है. यूरिमिया की स्थिति तब होती है, जब खून में यूरिया और दूसरे अपशिष्ट पदार्थ बढ़ जाते हैं. ऐसी खुजली को हल्के में नहीं लेना चाहिए. इसके साथ ही बिना ज्यादा मेहनत के चलने में सांस फूलने लगना या सीढ़ियां चढ़ते समय परेशानी होना भी किडनी की समस्या से जुड़ा हो सकता है. शरीर में अतिरिक्त पानी जमा होने से फेफड़ों पर दबाव पड़ता है, जिससे सांस लेने में दिक्कत आने लगती है. कई बार खाने-पीने की चीजों का स्वाद अजीब या धातु जैसा लगने लगता है, या मुंह से लगातार बदबू आने लगती है. स्वाद में ऐसा बदलाव भी किडनी की बीमारी का संकेत हो सकता है, जिसे अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं.
कैसे कर सकते हैं रोकथाम?
किडनी की बीमारी में समय पर पहचान बेहद जरूरी होती है, क्योंकि इससे इलाज और आगे की स्थिति दोनों बेहतर हो सकती हैं. अच्छी बात यह है कि किडनी की जांच कुछ आसान टेस्ट से की जा सकती है, जैसे कि -
- ब्लड टेस्ट (सीरम क्रिएटिनिन)
- यूरिन टेस्ट (यूरिन एनालिसिस और एल्ब्यूमिन-टू-क्रिएटिनिन रेशियो)
कुछ लोगों को नियमित रूप से किडनी की जांच कराते रहना चाहिए. इनमें वे लोग शामिल हैं, जिन्हें डायबिटीज है, हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है, परिवार में किसी को किडनी की बीमारी रही हो, या जो लंबे समय से पेन किलर दवाओं या कुछ खास मेडिसिन्स का ज्यादा इस्तेमाल करते रहे हैं.
इसे भी पढ़ें: सोने से कितनी देर पहले खा लेना चाहिए खाना, आयुर्वेद और डॉक्टर्स क्या कहते हैं?
Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
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