Karthigai Deepam 2026 Date: जानें तिथि, पूजा विधि, महत्व और तिरुवन्नमलाई के महादीपम की खासियत?

Karthigai Deepam festival 2026: सोमवार, 23 फरवरी 2026 को कार्तिगई नक्षत्र से जुड़ा एक खास त्योहार मनाया जाएगा, जो भक्तों, खासतौर पर तमिल हिंदु समुदायों के लिए एक गहरा आध्यात्मिक महत्व रखता है. इस माह यह पर्व 23 फरवरी यानी सोमवार के दिन पड़ रहा है. मासिक कार्तिकेई नक्षत्र कृत्तिका नक्ष6 के प्रभावों में मनाया जाता है और यह भगवान शिव की पूजा के लिए समर्पित है. साल के सभी कार्तिगई पर्वों में सबसे खास कार्तिगई दीपम है, जो भक्त और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया जाने वाला प्रकाश का एक भव्य उत्सव है.  यह प्राचीन हिंदू त्योहार तमिल परंपरा के बेहद प्राचीन सांस्कृतिक उत्सवों में से एक है. घर, मंदिरों और सड़कों को तेल के दीयों से रोशन किया जाता है, जो अंधकार पर दिव्य प्रकाश की विजय का प्रतीक है.  Holashtak 2026: होलाष्टक में शादी करने की भूल न करें, जीवनभर पति-पत्नी को सहना पड़ती है ये पीड़ा कार्तिगई नक्षत्र क्या है? कृतिका नक्षत्र जिसे आमतौर पर कार्तिगई नक्षत्र के नाम से जाना जाता है. हिंदू ज्योतिष में 27 चंद्र नक्षत्रों में से एक है. जब यह नक्षत्र चंद्र दिवस के साथ मेल खाता है, तो भक्त अपने घरों और दुकानों के बाहर दीपक जलाकर भगवान शिव की प्रार्थना करते हुए कार्तिगई पर्व मनाते हैं.  मासिक अनुष्ठानों में आध्यात्मिक पुण्य होता है, लेकिन तमिल महीने कार्तिगई में पड़ने वाला कार्तिगई त्योहार जो सौर माह वृश्चिका के अनुरूप है, और अत्यंत शुभ माना जाता है.  कार्तिगई दीपम त्योहार का महत्व कार्तिगई दीपम त्योहार मुख्य रूप से भगवान शिव को समर्पित पर्व है. पवित्र हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार भगवान शिव ने इस दिन विष्णु और ब्रह्मा के सामने अपनी सर्वोच्चता प्रदर्शित करने का सुनहरा मौका है.  दीपम शब्द का अर्थ दीपक, इस दिन घरों और मंदिरों में दिव्य आशीर्वाद और सकारात्मक ऊर्जा को आमंत्रित करने के लिए तेल के दीयों की कतारें जलाई जाती हैं.  नीम करोली बाबा की तस्वीर से बदला Julia Roberts का नजरिया, प्रोडक्शन हाउस का नाम रखा ‘ओम’ तिरुवन्नमलाई में कार्तिगई दीपम का भव्य अनुष्ठान यह पर्व तिरुवमलाई में अपने चरम पर होता है, जहां पवित्र अन्नमलैयार मंदिर श्रद्धा और पवित्रता का केंद्र होता है. इस दिन तिरुवनमलाई पहाड़ी की चोटी पर महादीपम नामक एक विशाल दीपक प्रज्वलित किया जाता है. इसकी लौ कई किलोमीटर तक दिखाई देती है और भगवान शिव के अनंत प्रकाश स्वरूप का प्रतीक माने जाते हैं. हजारों भक्त इस भव्य अनुष्ठान को देखने और गहरी श्रद्धा के साथ प्रार्थना करने के लिए इक्ट्ठा होते हैं.  तमिल हिंदू परंपरा में महादीपम प्रज्वलित करना सबसे आध्यात्मिक रूप से उत्थानकारी क्षणों में से एक माना जाता है.  मासिक कार्तिगई 2026 क्यों हैं खास? कार्तिक नक्षत्र हर महीने कृत्तिका नक्षत्र के पड़ने पर मनाया जाता है, लेकिन भक्त हर मासिक कार्तिक नक्षत्र को शांति, समृद्धि और आध्यात्मिक विकास के लिए आशीर्वाद प्राप्त करने के मौके के रूप में देखते हैं. Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

Feb 22, 2026 - 13:30
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Karthigai Deepam 2026 Date: जानें तिथि, पूजा विधि, महत्व और तिरुवन्नमलाई के महादीपम की खासियत?

Karthigai Deepam festival 2026: सोमवार, 23 फरवरी 2026 को कार्तिगई नक्षत्र से जुड़ा एक खास त्योहार मनाया जाएगा, जो भक्तों, खासतौर पर तमिल हिंदु समुदायों के लिए एक गहरा आध्यात्मिक महत्व रखता है. इस माह यह पर्व 23 फरवरी यानी सोमवार के दिन पड़ रहा है.

मासिक कार्तिकेई नक्षत्र कृत्तिका नक्ष6 के प्रभावों में मनाया जाता है और यह भगवान शिव की पूजा के लिए समर्पित है. साल के सभी कार्तिगई पर्वों में सबसे खास कार्तिगई दीपम है, जो भक्त और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया जाने वाला प्रकाश का एक भव्य उत्सव है. 

यह प्राचीन हिंदू त्योहार तमिल परंपरा के बेहद प्राचीन सांस्कृतिक उत्सवों में से एक है. घर, मंदिरों और सड़कों को तेल के दीयों से रोशन किया जाता है, जो अंधकार पर दिव्य प्रकाश की विजय का प्रतीक है. 

Holashtak 2026: होलाष्टक में शादी करने की भूल न करें, जीवनभर पति-पत्नी को सहना पड़ती है ये पीड़ा

कार्तिगई नक्षत्र क्या है?

कृतिका नक्षत्र जिसे आमतौर पर कार्तिगई नक्षत्र के नाम से जाना जाता है. हिंदू ज्योतिष में 27 चंद्र नक्षत्रों में से एक है. जब यह नक्षत्र चंद्र दिवस के साथ मेल खाता है, तो भक्त अपने घरों और दुकानों के बाहर दीपक जलाकर भगवान शिव की प्रार्थना करते हुए कार्तिगई पर्व मनाते हैं. 

मासिक अनुष्ठानों में आध्यात्मिक पुण्य होता है, लेकिन तमिल महीने कार्तिगई में पड़ने वाला कार्तिगई त्योहार जो सौर माह वृश्चिका के अनुरूप है, और अत्यंत शुभ माना जाता है. 

कार्तिगई दीपम त्योहार का महत्व

कार्तिगई दीपम त्योहार मुख्य रूप से भगवान शिव को समर्पित पर्व है. पवित्र हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार भगवान शिव ने इस दिन विष्णु और ब्रह्मा के सामने अपनी सर्वोच्चता प्रदर्शित करने का सुनहरा मौका है. 

दीपम शब्द का अर्थ दीपक, इस दिन घरों और मंदिरों में दिव्य आशीर्वाद और सकारात्मक ऊर्जा को आमंत्रित करने के लिए तेल के दीयों की कतारें जलाई जाती हैं. 

नीम करोली बाबा की तस्वीर से बदला Julia Roberts का नजरिया, प्रोडक्शन हाउस का नाम रखा ‘ओम’

तिरुवन्नमलाई में कार्तिगई दीपम का भव्य अनुष्ठान

यह पर्व तिरुवमलाई में अपने चरम पर होता है, जहां पवित्र अन्नमलैयार मंदिर श्रद्धा और पवित्रता का केंद्र होता है. इस दिन तिरुवनमलाई पहाड़ी की चोटी पर महादीपम नामक एक विशाल दीपक प्रज्वलित किया जाता है.

इसकी लौ कई किलोमीटर तक दिखाई देती है और भगवान शिव के अनंत प्रकाश स्वरूप का प्रतीक माने जाते हैं. हजारों भक्त इस भव्य अनुष्ठान को देखने और गहरी श्रद्धा के साथ प्रार्थना करने के लिए इक्ट्ठा होते हैं. 

तमिल हिंदू परंपरा में महादीपम प्रज्वलित करना सबसे आध्यात्मिक रूप से उत्थानकारी क्षणों में से एक माना जाता है. 

मासिक कार्तिगई 2026 क्यों हैं खास?

कार्तिक नक्षत्र हर महीने कृत्तिका नक्षत्र के पड़ने पर मनाया जाता है, लेकिन भक्त हर मासिक कार्तिक नक्षत्र को शांति, समृद्धि और आध्यात्मिक विकास के लिए आशीर्वाद प्राप्त करने के मौके के रूप में देखते हैं.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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