Indira Ekadashi Vrat 2025 Paran: आज इंदिरा एकादशी, व्रत पारण से पहले करें ये काम, तभी फलित होती है पूजा

Indira Ekadashi Vrat 2025 Paran: आज 17 सितंबर को इंदिरा एकादशी का व्रत है. परिवार की खुशहाली, पितरों की शांति और मोक्ष प्राप्ति के लिए इंदिरा एकादशी व्रत बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. इस दिन पितरों का तर्पण, श्राद्ध और दान करने का महत्व है इसलिए इसे श्राद्ध एकादशी भी कहा जाता है. एकादशी व्रत तभी पूरा होता है जब इसका पारण सही समय और विधि से किया जाए. जानें इंदिरा एकादशी व्रत पारण का मुहूर्त और नियम. इंदिरा एकादशी व्रत पारण समय इंदिरा एकादशी का व्रत पारण 18 सितंबर को सुबह 6 बजकर 07 मिनट से शुरू होकर सुबह 8 बजकर 34 मिनट पर किया जाएगा. पारण तिथि के दिन द्वादशी समाप्त होने का समय रात 11:24 है. इंदिरा एकादशी व्रत पारण विधि इंदिरा एकादशी के अगले दिन द्वादशी तिथि पर व्रती को सबसे पहले प्रातः स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण करने चाहिए. इसके बाद भगवान श्रीहरि विष्णु की पूजा करनी चाहिए. पूजा में पीले पुष्प, चंदन, तुलसी पत्र, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित करें. ॐ नारायणाय नमः या ॐ विष्णवे नमः मंत्र का जप करें. पूजन के बाद मंदिर में पुजारी या किसी ब्राह्मण को अन्न, पीले वस्त्र, दक्षिणा या फल आदि दान करना चाहिए. फिर जल के साथ तुलसी ग्रहण करें. ध्यान रखें कि इस दिन भोजन द्वादशी तिथि में, सूर्योदय के बाद और मध्याह्न 12 बजे से पहले करना चाहिए, नहीं तो दोष लगता है. पारण में तला-भुन, तामसिक भोजन न करें. दान देने के बाद ही व्रत खोलना चाहिए. इसके बाद एकादशी के दिन पूजा में चढ़ाए गए प्रसाद और तुलसी से व्रत खोलें, साथ ही व्रती को एकादशी व्रत खोलते समय चावल अवश्य खाना चाहिए, इसे शुभ माना जाता है. Diwali Pushya Nakshatra 2025: दिवाली से पहले पुष्य नक्षत्र 2025 में कब ? वाहन, सोना, संपत्ति खरीदी का मुहूर्त जानें Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें. 

Sep 17, 2025 - 10:30
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Indira Ekadashi Vrat 2025 Paran: आज इंदिरा एकादशी, व्रत पारण से पहले करें ये काम, तभी फलित होती है पूजा

Indira Ekadashi Vrat 2025 Paran: आज 17 सितंबर को इंदिरा एकादशी का व्रत है. परिवार की खुशहाली, पितरों की शांति और मोक्ष प्राप्ति के लिए इंदिरा एकादशी व्रत बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. इस दिन पितरों का तर्पण, श्राद्ध और दान करने का महत्व है इसलिए इसे श्राद्ध एकादशी भी कहा जाता है.

एकादशी व्रत तभी पूरा होता है जब इसका पारण सही समय और विधि से किया जाए. जानें इंदिरा एकादशी व्रत पारण का मुहूर्त और नियम.

इंदिरा एकादशी व्रत पारण समय

इंदिरा एकादशी का व्रत पारण 18 सितंबर को सुबह 6 बजकर 07 मिनट से शुरू होकर सुबह 8 बजकर 34 मिनट पर किया जाएगा. पारण तिथि के दिन द्वादशी समाप्त होने का समय रात 11:24 है.

इंदिरा एकादशी व्रत पारण विधि

  • इंदिरा एकादशी के अगले दिन द्वादशी तिथि पर व्रती को सबसे पहले प्रातः स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण करने चाहिए. इसके बाद भगवान श्रीहरि विष्णु की पूजा करनी चाहिए.
  • पूजा में पीले पुष्प, चंदन, तुलसी पत्र, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित करें.
  • ॐ नारायणाय नमः या ॐ विष्णवे नमः मंत्र का जप करें.
  • पूजन के बाद मंदिर में पुजारी या किसी ब्राह्मण को अन्न, पीले वस्त्र, दक्षिणा या फल आदि दान करना चाहिए. फिर जल के साथ तुलसी ग्रहण करें.
  • ध्यान रखें कि इस दिन भोजन द्वादशी तिथि में, सूर्योदय के बाद और मध्याह्न 12 बजे से पहले करना चाहिए, नहीं तो दोष लगता है.
  • पारण में तला-भुन, तामसिक भोजन न करें.
  • दान देने के बाद ही व्रत खोलना चाहिए.
  • इसके बाद एकादशी के दिन पूजा में चढ़ाए गए प्रसाद और तुलसी से व्रत खोलें, साथ ही व्रती को एकादशी व्रत खोलते समय चावल अवश्य खाना चाहिए, इसे शुभ माना जाता है.

Diwali Pushya Nakshatra 2025: दिवाली से पहले पुष्य नक्षत्र 2025 में कब ? वाहन, सोना, संपत्ति खरीदी का मुहूर्त जानें

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें. 

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