India-Turkey: तुर्किए को पंगा पड़ा महंगा! भारत के इस फैसले ने एर्दोगन की बेटी को कहीं का नहीं छोड़ा, एक दिन में 2500 करोड़ स्वाहा
India-Turkey Dispute: तुर्किए की एक प्रमुख ग्राउंड हैंडलिंग कंपनी सेलेबी, जिसने भारत में वर्षों से सेवाएं दे रखी थीं,अब विवाद का केंद्र बन चुकी है. भारत सरकार ने इस कंपनी की सेवाएं राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर रद्द कर दीं. तुर्किए ने भारत में एयरपोर्ट संचालन में भारी निवेश किया था. भारत सरकार के एक निर्णायक फैसले से दो दिनों में ही कंपनी को ₹2,500 करोड़ का नुकसान हो गया. बता दें कि सेलेबी ने तुर्किए के राष्ट्रपति एर्दोगन की बेटी सुमैया एर्दोगन की भी हिस्सेदारी है. इस तरह से उनकी बेटी को भी जोर का झटका लगा है. इस फैसले के बाद तुर्किए स्टॉक मार्केट में कंपनी के शेयरों में लगभग 20 फीसदी की गिरावट देखने को मिली. इस्तांबुल एक्सचेंज में यह कंपनी 2,224 तुर्किए लीरा पर बंद हुई, जोकि पिछले रिकॉर्ड से लगभग 10 फीसदी की गिरावट थी. इससे यह स्पष्ट हो गया कि भारत में इस कंपनी की निर्भरता कितनी अधिक थी. दिल्ली हाई कोर्ट में पहुंचा मामलाकंपनी ने भारत सरकार के फैसले को अदालत में चुनौती दी और दिल्ली हाई कोर्ट में एक याचिका दाखिल की. सुनवाई के दौरान सरकारी वकील तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि यह फैसला भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है. अदालत ने यह स्पष्ट किया कि देश की सुरक्षा सर्वोपरि है और कोर्ट ऐसा कोई आदेश नहीं दे सकती जिससे सुरक्षा से समझौता हो. भारत की वैकल्पिक रणनीतिसेवा स्थगन के बाद भारत के एयरपोर्ट्स अब Air India Sats और TATA समूह जैसी घरेलू कंपनियों की ओर रुख कर रहे हैं. इससे भारतीय कंपनियों को न सिर्फ लाभ मिला है, बल्कि आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी माना जा रहा है. भारत की अंतरराष्ट्रीय रणनीतिभारत ने यह स्पष्ट किया कि वह तुर्किए से व्यापारिक संबंधों को सीमित कर रहा है और यही संदेश उसने अपने रणनीतिक साझेदारों जैसे फ्रांस को भी दिया है. उल्लेखनीय है कि हाल ही में फ्रांसीसी राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों और तुर्किए के संबंधों की एक प्रतीकात्मक घटना ने भी मीडिया में सुर्खियां बटोरीं. भारत-पाकिस्तान तनाव बनी वजहभारत-पाकिस्तान तनाव के बीच तुर्किए ने पाकिस्तान का खुला समर्थन किया था. उसने पड़ोसी मुल्क का भारत के खिलाफ हमला करने के लिए ड्रोन दिए थे. इसके अलावा तुर्किए नेवी भी पाकिस्तान के सपोर्ट में अपने जंगी जहाज तक भेज दिए थे. हालांकि, 4 दिन तक चले सैन्य संर्घष के बाद सीजफायर की घोषणा कर दी गई, जिसके बाद तुर्किए को भारत ने पूरी तरह से बॉयकॉट करने का फैसला ले लिया. इसके तहत भारतीय व्यापारियों ने मार्बल, सेब जैसी चीजों को तुर्किए से न मांगने का फैसला लिया. इसके अलावा भारतीय पर्यटकों ने तुर्किए जाने का प्लान भी कैंसिल कर दिया.
India-Turkey Dispute: तुर्किए की एक प्रमुख ग्राउंड हैंडलिंग कंपनी सेलेबी, जिसने भारत में वर्षों से सेवाएं दे रखी थीं,अब विवाद का केंद्र बन चुकी है. भारत सरकार ने इस कंपनी की सेवाएं राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर रद्द कर दीं. तुर्किए ने भारत में एयरपोर्ट संचालन में भारी निवेश किया था. भारत सरकार के एक निर्णायक फैसले से दो दिनों में ही कंपनी को ₹2,500 करोड़ का नुकसान हो गया. बता दें कि सेलेबी ने तुर्किए के राष्ट्रपति एर्दोगन की बेटी सुमैया एर्दोगन की भी हिस्सेदारी है. इस तरह से उनकी बेटी को भी जोर का झटका लगा है.
इस फैसले के बाद तुर्किए स्टॉक मार्केट में कंपनी के शेयरों में लगभग 20 फीसदी की गिरावट देखने को मिली. इस्तांबुल एक्सचेंज में यह कंपनी 2,224 तुर्किए लीरा पर बंद हुई, जोकि पिछले रिकॉर्ड से लगभग 10 फीसदी की गिरावट थी. इससे यह स्पष्ट हो गया कि भारत में इस कंपनी की निर्भरता कितनी अधिक थी.
दिल्ली हाई कोर्ट में पहुंचा मामला
कंपनी ने भारत सरकार के फैसले को अदालत में चुनौती दी और दिल्ली हाई कोर्ट में एक याचिका दाखिल की. सुनवाई के दौरान सरकारी वकील तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि यह फैसला भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है. अदालत ने यह स्पष्ट किया कि देश की सुरक्षा सर्वोपरि है और कोर्ट ऐसा कोई आदेश नहीं दे सकती जिससे सुरक्षा से समझौता हो.
भारत की वैकल्पिक रणनीति
सेवा स्थगन के बाद भारत के एयरपोर्ट्स अब Air India Sats और TATA समूह जैसी घरेलू कंपनियों की ओर रुख कर रहे हैं. इससे भारतीय कंपनियों को न सिर्फ लाभ मिला है, बल्कि आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी माना जा रहा है.
भारत की अंतरराष्ट्रीय रणनीति
भारत ने यह स्पष्ट किया कि वह तुर्किए से व्यापारिक संबंधों को सीमित कर रहा है और यही संदेश उसने अपने रणनीतिक साझेदारों जैसे फ्रांस को भी दिया है. उल्लेखनीय है कि हाल ही में फ्रांसीसी राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों और तुर्किए के संबंधों की एक प्रतीकात्मक घटना ने भी मीडिया में सुर्खियां बटोरीं.
भारत-पाकिस्तान तनाव बनी वजह
भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच तुर्किए ने पाकिस्तान का खुला समर्थन किया था. उसने पड़ोसी मुल्क का भारत के खिलाफ हमला करने के लिए ड्रोन दिए थे. इसके अलावा तुर्किए नेवी भी पाकिस्तान के सपोर्ट में अपने जंगी जहाज तक भेज दिए थे. हालांकि, 4 दिन तक चले सैन्य संर्घष के बाद सीजफायर की घोषणा कर दी गई, जिसके बाद तुर्किए को भारत ने पूरी तरह से बॉयकॉट करने का फैसला ले लिया. इसके तहत भारतीय व्यापारियों ने मार्बल, सेब जैसी चीजों को तुर्किए से न मांगने का फैसला लिया. इसके अलावा भारतीय पर्यटकों ने तुर्किए जाने का प्लान भी कैंसिल कर दिया.
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