IIT दिल्ली में शुरू होगा नया डिप्लोमा कोर्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल की होगी पढ़ाई
भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की मांग लगातार बढ़ रही है और सरकार ने 2030 तक 30% इलेक्ट्रिक मोबिलिटी अपनाने का लक्ष्य रखा है. इसी दिशा में अब देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली ने बड़ा कदम उठाया है. आईआईटी दिल्ली ने अपने ऑटोमोटिव रिसर्च एंड ट्राइबोलॉजी केंद्र (CART) के माध्यम से एक अनोखा कोर्स शुरू किया है. इलेक्ट्रिक वाहन (EV) टेक्नोलॉजी में ऑनलाइन स्नातकोत्तर डिप्लोमा. एक साल का होगा कोर्स यह कोर्स एक साल का होगा और खासतौर पर उन इंजीनियरों, शोधकर्ताओं, उद्यमियों और पेशेवरों के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो भारत के ईवी सेक्टर के विकास और बदलाव में योगदान करना चाहते हैं. खास बात यह है कि यह डिप्लोमा ऑनलाइन होगा, जिससे कैंडिडेट्स अपने काम या करियर को रोके बिना पढ़ाई जारी रख सकते हैं. क्या-क्या सीख पाएंगे स्टूडेंट्स बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम पावर इलेक्ट्रॉनिक्स पावरट्रेन डिजाइन चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर सुरक्षा प्रणालियां क्लासरूम और कैंपस दोनों का अनुभव आईआईटी दिल्ली का यह डिप्लोमा केवल ऑनलाइन क्लासेस तक सीमित नहीं रहेगा. इसमें छात्रों को लाइव ऑनलाइन लेक्चर के साथ-साथ कैंपस इमर्शन मॉड्यूल का भी अनुभव मिलेगा. इस मॉड्यूल के दौरान स्टूडेंट्स को आईआईटी दिल्ली की लैब्स में रिसर्च प्रोजेक्ट्स और प्रैक्टिकल अनुभव हासिल करने का मौका मिलेगा. यह भी पढ़ें : पटना हाई कोर्ट में स्टेनोग्राफर बनने का सुनहरा मौका, 111 पदों पर निकली भर्ती रिसर्च और प्रोजेक्ट पर जोर इस कोर्स की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें सिर्फ पढ़ाई ही नहीं बल्कि रिसर्च, केस स्टडी, सिमुलेशन और कैपस्टोन प्रोजेक्ट्स पर भी काम किया जाएगा. आईआईटी दिल्ली की फैकल्टी के मार्गदर्शन में स्टूडेंट्स वास्तविक चुनौतियों और समस्याओं पर रिसर्च करेंगे और उनके समाधान तलाशेंगे. डिप्लोमा के साथ मिलेगा बड़ा फायदा कोर्स पूरा करने के बाद छात्रों को आईआईटी दिल्ली का आधिकारिक स्नातकोत्तर डिप्लोमा सर्टिफिकेट मिलेगा. इसके साथ ही वे संस्थान के एल्युमनाई नेटवर्क का हिस्सा भी बन जाएंगे, जो करियर ग्रोथ और नए अवसरों की दृष्टि से बेहद लाभदायक साबित हो सकता है. किन-किन क्षेत्रों में खुलेंगे अवसर ईवी डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग रिसर्च एंड डेवलपमेंट चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर फ्लीट विद्युतीकरण पॉलिसी मेकिंग भारत की दिशा बदल सकता है यह कोर्स भारत धीरे-धीरे पेट्रोल-डीजल वाहनों से इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बढ़ रहा है. ऐसे में विशेषज्ञों की जरूरत तेजी से बढ़ रही है. आईआईटी दिल्ली का यह कोर्स न केवल युवाओं के लिए नए करियर विकल्प खोलेगा बल्कि देश की ईवी इंडस्ट्री को मजबूत करने में भी अहम योगदान देगा. यह भी पढ़ें : देशभर में हर तीसरा छात्र ले रहा प्राइवेट कोचिंग, शहरी इलाकों में खर्च ज्यादा: शिक्षा सर्वे

भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की मांग लगातार बढ़ रही है और सरकार ने 2030 तक 30% इलेक्ट्रिक मोबिलिटी अपनाने का लक्ष्य रखा है. इसी दिशा में अब देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली ने बड़ा कदम उठाया है. आईआईटी दिल्ली ने अपने ऑटोमोटिव रिसर्च एंड ट्राइबोलॉजी केंद्र (CART) के माध्यम से एक अनोखा कोर्स शुरू किया है. इलेक्ट्रिक वाहन (EV) टेक्नोलॉजी में ऑनलाइन स्नातकोत्तर डिप्लोमा.
एक साल का होगा कोर्स
यह कोर्स एक साल का होगा और खासतौर पर उन इंजीनियरों, शोधकर्ताओं, उद्यमियों और पेशेवरों के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो भारत के ईवी सेक्टर के विकास और बदलाव में योगदान करना चाहते हैं. खास बात यह है कि यह डिप्लोमा ऑनलाइन होगा, जिससे कैंडिडेट्स अपने काम या करियर को रोके बिना पढ़ाई जारी रख सकते हैं.
क्या-क्या सीख पाएंगे स्टूडेंट्स
- बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम
- पावर इलेक्ट्रॉनिक्स
- पावरट्रेन डिजाइन
- चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर
- सुरक्षा प्रणालियां
क्लासरूम और कैंपस दोनों का अनुभव
आईआईटी दिल्ली का यह डिप्लोमा केवल ऑनलाइन क्लासेस तक सीमित नहीं रहेगा. इसमें छात्रों को लाइव ऑनलाइन लेक्चर के साथ-साथ कैंपस इमर्शन मॉड्यूल का भी अनुभव मिलेगा. इस मॉड्यूल के दौरान स्टूडेंट्स को आईआईटी दिल्ली की लैब्स में रिसर्च प्रोजेक्ट्स और प्रैक्टिकल अनुभव हासिल करने का मौका मिलेगा.
रिसर्च और प्रोजेक्ट पर जोर
इस कोर्स की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें सिर्फ पढ़ाई ही नहीं बल्कि रिसर्च, केस स्टडी, सिमुलेशन और कैपस्टोन प्रोजेक्ट्स पर भी काम किया जाएगा. आईआईटी दिल्ली की फैकल्टी के मार्गदर्शन में स्टूडेंट्स वास्तविक चुनौतियों और समस्याओं पर रिसर्च करेंगे और उनके समाधान तलाशेंगे.
डिप्लोमा के साथ मिलेगा बड़ा फायदा
कोर्स पूरा करने के बाद छात्रों को आईआईटी दिल्ली का आधिकारिक स्नातकोत्तर डिप्लोमा सर्टिफिकेट मिलेगा. इसके साथ ही वे संस्थान के एल्युमनाई नेटवर्क का हिस्सा भी बन जाएंगे, जो करियर ग्रोथ और नए अवसरों की दृष्टि से बेहद लाभदायक साबित हो सकता है.
किन-किन क्षेत्रों में खुलेंगे अवसर
- ईवी डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग
- रिसर्च एंड डेवलपमेंट
- चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर
- फ्लीट विद्युतीकरण
- पॉलिसी मेकिंग
भारत की दिशा बदल सकता है यह कोर्स
भारत धीरे-धीरे पेट्रोल-डीजल वाहनों से इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बढ़ रहा है. ऐसे में विशेषज्ञों की जरूरत तेजी से बढ़ रही है. आईआईटी दिल्ली का यह कोर्स न केवल युवाओं के लिए नए करियर विकल्प खोलेगा बल्कि देश की ईवी इंडस्ट्री को मजबूत करने में भी अहम योगदान देगा.
यह भी पढ़ें : देशभर में हर तीसरा छात्र ले रहा प्राइवेट कोचिंग, शहरी इलाकों में खर्च ज्यादा: शिक्षा सर्वे
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